चाय के साथ आप भी खाते हैं ब्रेड तो हो जाएं सतर्क

इन 5 खतरों से बचना होगा मुश्किल, चाय के साथ आप भी खाते हैं ब्रेड तो हो जाएं सतर्क

नई दिल्ली। भारत में ऐसे लोगों की तादाद काफी ज्यादा है, जिनके लिए चाय सिर्फ एक ड्रिंक नहीं बल्कि एक इमोशन है. इस देश में पानी के बाद सबसे ज्यादा पिया जाने वाला पदार्थ चाय ही है. सुबह के नाश्ते से लेकर शाम के फ्री टाइम में लोग इसकी चुस्कियां लेना पसंद करते हैं. चाय के साथ बिस्किट जैसे स्नैक्स खाना आम बात है, लेकिन कई लोग नाश्ते में चाय और ब्रेड मिलाकर सेवन करते हैं. हलांकि चाय खुद में एक नुकसानदेह चीज है और फिर इसके साथ ब्रेड मिलाने से प्रॉब्लम और भी ज्यादा बढ़ सकती है क्योंकि इससे कई गंभीर बीमारियों का खतरा पैदा हो जाएगा.

1. जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) की शिकायत है उन्हें चाय और ब्रेड मिलाकर नहीं खाना चाहिए क्योंकि ये बीपी को बढ़ा देता है। इससे दूसरी परेशानिया पैदा हो सकती हैं.

2. चाय और ब्रेड मिलाकर खाने से पेट में छाले (Peptic Ulcer) हो सकते हैं, इसलिए दोनों को मिक्स करके कभी सेवन न करें. कुछ लोगों को ऐसा करने से एसिडिटी की भी शिकायत हो सकती है.

3. अगर आप चाय के साथ ब्रेड खाने का शौक रखते हैं तो ऐसा करने से मोटापा तेजी से बढ़ेगा, क्योंकि व्हाइट ब्रेड में प्रिजर्विटिव्स मिलाए जाते हैं ताकि इसे कई दिनों तक खाया जा सके, लेकिन ये हमारी सेहत के लिए हानिकारक होते हैं, जिससे पेट पर बुरा असर पड़ सकता है.

4. चाय और ब्रेड का कॉम्बिनेशन दिल की बीमारियों के खतरे को बढ़ा देता क्योंकि ये खून में बैड कोलेस्ट्रॉल का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है. कुछ लोगों को हार्ट अटैक भी आ सकता है. इसलिए इससे परहेज करने की कोशिश करें.

5. डायबिटीज के मरीजों (Diabetic Patient) के लिए भी चाय और ब्रेड (Tea With Bread) एकसाथ खाना सही नहीं है क्योंकि इससे इंसुलिन (Insulin) पर बुरा असर पड़ता है और ब्लड शुगर लेवल (Blood Sugar Level) भी तेजी से बढ़ सकता है.


(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. इसे अपनाने से पहले चिकित्सीय सलाह जरूर लें. jannews इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

NEWS SOURCE : zeenews

बड़े काम का है लीची का छिलका

लीची का लुत्फ उठाएं, लेकिन इसके छिलके को कूड़ेदान में न फेंके; फायदों को जानकर रह जाएंगे दंग

Lychee Peel Benefits: लीची का लुत्फ उठाएं, लेकिन इसके छिलके को कूड़ेदान में न फेंके; इन फायदों से रह जाएंगे महरूम

Lychee Peel For Home Remedies: लीची के फायदों के बारे में हम सभी वाकिफ हैं, लेकिन क्या आप इसके छिलके के फायदों के बारे में आप जानते हैं?

Importance Of Lychee Peel: आजकल फल के बाजार लीची से भरे पड़े हैं, ये एक ऐसा फ्रूट है जिसकी पैदावार बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में सबसे ज्यादा होती है, लेकिन पूरे भारत में इसके शौकीनों की कोई कमी नहीं है, हालांकि लीची खाने के बाद इसके छिलके को हम अक्सर कूड़ेदान में फेंक देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि छिलकों के भी कई फायदे हैं

लीची से मिलने वाले न्यूट्रिएंट्स

लीची (Lychee) में विटामिन सी, फोलेट, नियासिन, राइबोफ्लेविन, बीटा कैरोटीन और फोलेट जैसे अहम न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं. इससे हमारे शरीर को कई तरीके से फायदे पहुंच सकते हैं. 

लीची खाने के 5 फायदे

1. शरीर रहता है हाइड्रेट
2. मोटापा होगा कम
3. डाइजेशन रहेगा दुरुस्त
4. गले की खराश से मिलेगी निजात
5. गर्भवती महिलाओं के लिए फायदे


लीची के ज्यादातर फायदों के बारे में हम जरूर जानते होंगे, लेकिन इसके छिलके को हम हमेशा कूड़ेदान में फेंक देते है, लेकिन ये जानकर हैरानी होगी कि इसके लीची के छिलके भी कम लाभकारी नहीं है. 

लीची के छिलकों के फायदे 

-लीची के छिलकों को फेस स्क्रब (Lychee Face Scrub) के रूप उपयोग किया जा सकता है. इसके लिए छिलके को मिक्सर ग्राइंडर डालकर चावल का आटा, एलोवेरा जेल और गुलाब जल पीस लें. इसे अपने चेहरे को मसाज देकर साफ पानी से धो लें. इससे आपका चेहरा निखार आ जाएगा.

– लीची के छिलके से गर्दन पर पड़ी मैल भी ठीक हो सकती है, इसके लिए छिलके को पीसकर नींबू का रस, नारियल तेल, हल्दी मिलाकर पेस्ट तैयार करना है. इस गर्दन की डेड सेल्स निकल जाएगी.

– एड़ियों की गंदगी साफ करने के लीची के छिलका बेहद मददगार है. इसके लिए छिलके को दरदरा पीसकर मुल्तानी मिट्टी, सेब का सिरका, खाने का सोडा मिक्स कर लें. इससे एड़ियों पर लगाकर 20 मिनट तक छोड़ दें. इसके बाद पानी से साफ कर लें.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. इसे अपनाने से पहले चिकित्सीय सलाह जरूर लें. ZEE NEWS इसकी पुष्टि नहीं करता है.) साभार- zee news desk

आसमान छू रहे निम्बू के दाम

नई दिल्ली। एक महीने में ही नींबू 70 रुपए से 400 रुपए तक पहुंच गया है। सब्जी बेचने वाले 10 रुपए में 1 नींबू दे रहे हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार आने वालों दिनों में इसकी कीमत कम होने के आसार नहीं दिख रहे।

बताया जा रहा है कि इस बार फसल कम होने के साथ ही आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से आने वाले नींबू की महंगाई के लिए डीजल के भाव भी काफी हद तक जिम्मेदार हैं। डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से माल भाड़े में भी 15% की बढ़ोतरी हो गई है। इससे नींबू की कीमत पर दोगुना असर हुआ है।

सेब, अंगूर व अनार से भी महंगा बिक रहा नींबू- नींबू के दाम बढ़ने से अब घरों के अलावा होटल व ढाबों से भी नींबू गायब हो गया है। स्थिति ये है कि घर, होटल व ढाबों पर भी सलाद से नींबू (जायका) कम हो गया है। होटल व ढाबा संचालक भी सलाद में नींबू का इस्तेमाल कम ही कर रहे हैं। वहीं गन्ने के रस, शिंकजी व सब्जियों में भी नींबू का उपयोग कम मात्रा में कर रहे हैं। इन दिनों नींबू सेब, अंगूर व अनार से भी महंगा बिक रहा है।

बेमौसम बारिश से खराब हुई फसल- मद्रास, महाराष्ट्र और गुजरात समेत देशभर के कई इलाकों में बेमौसम बारिश से नींबू की फसल को काफी नुकसान हुआ है। जरूरत के मुकाबले उत्पादन कम हुआ है, इसलिए कीमतें रिकॉर्ड तोड़ बढ़ी हैं।

नवरात्र और रमजान- इस समय नवरात्र चल रहे हैं और रमजान का महीना है। व्रत और रोजे के दौरान भी नींबू का इस्तेमाल ज्यादा होता है। इस समय उत्पादन कम है और डिमांड ज्यादा है।

महंगा ईंधन- पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने के साथ ही माल भाड़ा भी बढ़ गया है। इसका असर नींबू सहित सभी फल-सब्जियों की कीमतों में देखने का मिल रहा है।

खेतों से सीधे फैक्ट्रियों मेंसॉफ्ट ड्रिंक के साथ ही कई दवाइयों और फूड प्रोडक्ट में नींबू इस्तेमाल किया जाता है। खेतों से नींबू सीधा फैक्ट्रियों में पहुंच रहा है। इस वजह से भी आम जरूरत के मुताबिक नींबू बाजार तक नहीं पहुंच रहा है।

LPG सिलेंडर ₹250 महंगा!

नए वित्त वर्ष के पहले ही दिन महंगाई की मार, 250 रुपए बढ़े LPG सिलेंडर के दाम

नई दिल्ली (एजेंसी) नए वित्त वर्ष के पहले ही दिन आज 1 अप्रैल को महंगाई का जोरदार झटका लगा है। नए वित्त वर्ष 2022-23 की शुरुआत के साथ ही एलपीजी गैस सिलेंडर की नई कीमतें जारी हो गई हैं। सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में 250 रुपए की बढ़ोतरी की है। हालांकि यह बढ़ोतरी घरेलू रसोई गैस सिलेंडर में नहीं बल्कि कामर्शियल गैस सिलेंडर में हुई है। घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। पिछले महीने 22 मार्च को रसोई गैस सिलेंडर के दाम 50 रुपए बढ़े थे, जबकि कमर्शियल गैस सिलेंडर सस्ता हुआ था।

नए वित्त वर्ष के पहले दिन घरेलू रसोई गैस की कीमतें नहीं बढ़ाए जाने से आम आदमी को थोड़ी राहत मिली है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले 14.2 किग्रा गैस सिलेंडर के दाम 949.5 रुपए हैं। कोलकाता में 976 रुपए, मुंबई में 949.50 रुपए और चेन्नई में बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत अब 965.50 रुपए है।

कामर्शियल सिलेंडर महंगा होने से अब बाहर खाना महंगा हो सकता है। दिल्ली में 19 किलो वाला कामर्शियल सिलेंडर एक मार्च को दिल्ली में 2012 रुपए में रीफिल हो रहा था। 22 मार्च को इसकी कीमत घटकर 2003 रुपए पर आ गई थी, लेकिन आज इसमें फिर से बढ़ोतरी कर दी गई है। दिल्ली में इसे रीफिल करवाने के लिए 2253 रुपए खर्च करने होंगे। वहीं मुंबई में अब यह 1955 रुपए की जगह 2205 रुपए में मिलेगा। कोलकाता में इसकी कीमत 2,087 रुपए के बढ़कर 2351 रुपए हो गई है जबकि चेन्नई में इसके लिए अब 2,138 रुपए के बजाय 2,406 रुपए खर्च करने होंगे। पिछले दो महीने में 19 किलो वाले एलपीजी गैस सिलेंडर में 346 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। एक मार्च को 19 किलो वाले कामर्शियल सिलेंडर के रेट में 105 रुपए का इजाफा हुआ था जबकि 22 मार्च को 9 रुपए सस्ता हुआ।

नि:शुल्क रिफाइंड तेल, नमक व चना वितरण की डेट बढ़ी

लखनऊ। नि:शुल्क रिफाइंड तेल, नमक व चना का वितरण अब 28 मार्च तक होगा। तमाम कोटे की दुकानों तक चना, तेल व नमक न पहुंच पाने के कारण सरकार ने वितरण की तारीख को दूसरी बार पांच दिनों के लिए और बढ़ा दिया है। अभी तक राशन का वितरण 23 मार्च तक निर्धारित था। 

सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक होगा वितरण 

डीएसओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि राशन का वितरण सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक चलेगा। अंत्योदय कार्डधारकों को 35 किलो राशन (15 किलो चावल व 20 किलो गेहूं) और पात्र गृहस्थी को प्रति यूनिट पांच किलो राशन फ्री में वितरित किया जाएगा। साथ ही एक लीटर तेल, एक किलो नमक व एक किलो चना भी नि:शुल्क वितरित होगा।

नि:शुल्क तेल, नमक व चना का अंतिम माह 

नि:शुल्क तेल, नमक व चना के वितरण का यह अंतिम माह है। सरकार प्रदेश भर के सभी अंत्योदय व पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को दिसम्बर 2021 से नि:शुल्क तेल, नमक ,चना व राशन उपलब्ध करा रही है। राशन व तेल, नमक, चना के नि:शुल्क वितरण का समय इस माह पूरा हो रहा है।  

28 को भी ओटीपी से राशन वितरण  

वितरण की तारीख दोबारा बढ़ने के बाद अब 28 मार्च को भी ओटीपी के जरिए राशन मिलेगा। ऐसे कार्डधारक जिनका ईपॉश मशीन पर उंगलियों के निशान का मिलान नहीं हो पाता है, ऐसे कार्डधारकों को ओटीपी सत्यापन के जरिए राशन दिया जाता है।  

अब इन लोगों के खाते में आयेंगे गैस Subsidy के पैसे

958 रूपये पहुंचा गैस सिलेंडर का दाम, सरकार ने शुरू की सब्सिडी, अब इन लोगों के खाते में आयेंगे Subsidy के पैसे

LPG Subsidy: घरेलू गैस सिलेंडर की महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। इसको लेकर आम आदमियों को बहुत ही दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने एक आंतरिक मूल्यांकन किया था जिसके परिणाम मिले थे कि उपभोक्ता एक सिलेंडर के लिए ₹1000 तक दे सकता है। घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर सरकार ने एक नया प्लान बनाया है।

इस प्लान के अंतर्गत सरकार बिना सब्सिडी के सभी उपभोक्ताओं को सिलेंडर देगी या चुने हुए उपभोक्ताओं को सरकार सब्सिडी का लाभ देगी। घरेलू गैस सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं इसको लेकर सरकार नए से नए प्लान बना कर उन पर अमल करना चाह रही है।

सरकार ने दिया नया प्लान

घरेलू गैस सिलेंडर की बढ़ती महंगाई को देखते हुए सरकार ने सब्सिडी देने के बारे में अभी तक कुछ स्पष्ट नहीं किया है। कई लोगों का मानना है कि 10 लाख रुपए इंकम का नियम सरकार जारी रखेगी। इसके अलावा सरकार उज्जवला योजना के उपभोक्ताओं की सब्सिडी लागू रखेगी। वहीं अन्य उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ बंद किया जा सकता है। सरकार ने पिछले कई महीनों से घरेलू गैस सिलेंडर पर सब्सिडी चालू कर दी थी।

आसमान छू रही घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत

पिछले कुछ सालों से घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसके अलावा पिछले साल यानी कि 2021 से गैस सिलेंडरों की कीमत में कुछ ज्यादा ही उछाल दर्ज की गई है। इस कारण आम आदमियों की दिक्कत बढ़ती जा रही है। आम आदमी को घरेलू गैस सिलेंडर खरीदने के लिए बहुत ही ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के कारण घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में और ज्यादा उछाल आने की संभावना जताई जा रही है। इससे आम आदमियों पर बहुत ज्यादा असर पड़ेगा।

जोर का झटका: ₹50 महंगी हो गई रसोई गैस

एक झटके में 50 रुपये महंगी हो गई रसोई गैस, पटना में 1000 रुपये से महंगा हुआ सिलेंडर

दिल्ली में रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 949.50 रुपये हुई

दिल्ली में रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 949.50 रुपये हुई

नई दिल्ली (एजेंसी)। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने मंगलवार को रसोई गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए. इसकी कीमत में पिछले साल अक्टूबर से कोई बदलाव नहीं हुआ था।

  • दिल्ली में 949.50 रुपये हुई रसोई गैस की कीमत
  • 6 अक्टूबर से कीमतों में नहीं हुआ था बदलाव

रसोई गैस उपभोक्ताओं को मंगलवार को बड़ा झटका लगा। इसकी वजह ये है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने मंगलवार को एक झटके में 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर के दाम में 50 रुपये का इजाफा कर दिया। इसके बाद बिहार की राजधानी पटना में रसोई गैस की कीमत 1,047.50 रुपये हो गई। इसी तरह देश के अधिकतर प्रमुख शहरों में एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1,000 रुपये के करीब पहुंच गई है।

दिल्ली, मुबंई में एलपीजी सिलेंडर के दाम

देश में 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर के दाम में 6 अक्टूबर, 2021 के बाद से कोई बदलाव नहीं हुआ था, लेकिन अब रेट अचानक से 50 रुपये बढ़ गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) का दाम 899.50 रुपये से बढ़कर 949.50 रुपये हो गया है। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में भी एलपीजी सिलेंडर का मूल्य 949.50 रुपये हो गया है। मायानगरी में भी मंगलवार से पहले रसोई गैस सिलेंडर का भाव 899.50 रुपये पर था।

कोलकाता, चेन्नई में इतने हो गए हैं दाम

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर का मूल्य बढ़कर 965.50 रुपये हो गया है। वहीं, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में LPG Cylinder लेने के लिए अब 976 रुपये का भुगतान करना होगा। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़कर 987.5 रुपये हो गई है।

कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 19 किलोग्राम के कॉमर्शियल गैस सिलेंडर का दाम 2,003.5 रुपये पर है। वहीं, चेन्नई में इसकी कीमत 2,137.50 रुपये पर है. मुंबई में कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1954.50 रुपये पर आ गई है।

रेट बढ़ने की वजह

रूस और यूक्रेन के बीच जंग की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत में 40 फीसद तक की तेजी देखने को मिली है। इस वजह से घरेलू स्तर पर एलपीजी सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोत्तरी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के लिए जरूरी हो गया था।

बेटियों को बनाया अतिथि, नई परंपरा से कराया Cafe D का उद्धघाटन

बेटियों को बनाया अतिथि, नई परंपरा से कराया उद्धघाटन

बिजनौर। दिल्ली की चाय, मुंबई की कॉफी, मेरठ का छोला भटूरा और पंजाब का पराठा, लखनऊ का कटलेट समेत कई लजीज आइटम अब अपने बिजनौर में मिल सकेंगे। यह सब आइटम कैफे डी पर उपलब्ध रहेंगे। इसकी शुरुआत बिजनौर शहर के प्रसिद्ध शॉपर्स प्राइड मॉल में रविवार सुबह नए अंदाज में हुई। कैफे डी का उद्घाटन बेटी पढ़ाओ, बेटी पढ़ाओ की तर्ज पर हुआ। इसी को लेकर कैफे डी का उद्घाटन, कार्यक्रम में आई बिटिया और बच्चों से कराया गया। इस नई शुरुआत की लोगों ने काफी तारीफ की। कैफे डी का उद्घाटन रेस्टोरेंट व्यवसायी दुष्यंत चौधरी की बेटी सुहानी चौधरी और मां श्रीमती उर्मिला देवी के साथ भतीजी रोली त्यागी, एनी चौधरी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि डॉक्टर बागेश सिंह, डॉक्टर दीपेन्द्र सिंह, डॉ. रेनू चौधरी, डॉक्टर हिमांशु राठी, व्यवसायी पंकज चौधरी, भाजपा नेता विजयदीप चौधरी उर्फ बबलू भाई, समाजसेवी केके अग्रवाल, रिटायर्ड सहायक सांख्यिकी अधिकारी यशपाल सिंह, वरिष्ठ पत्रकार अनुज चौधरी, रजनीश त्यागी, मनोज त्यागी, राइफल शूटिंग कोच शमीम अहमद, शॉपर्स प्राईड मॉल मैनेजर केडी सिंह समेत शहर के काफी संख्या में प्रमुख लोग मौजूद रहे।

Cafe D, शॉपर्स प्राइड मॉल, बिजनौर

विधायक जयदेवी कौशल ने बांटा निःशुल्क राशन

लखनऊ। विधायक जयदेवी कौशल ने उपजिलाधिकारी अजय कुमार राय, बीडीओ संस्कृता मिश्रा की मौजूदगी में मलिहाबाद ब्लॉक की कसमंडी खुर्द गांव में सोमवार को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत कार्डधारकों में नि:शुल्क राशन वितरण किया।
केंद्र सरकार ने तीन माह तक अंत्योदय व पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को प्रति यूनिट पांच किग्रा राशन प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 20 मई से 30 मई तक देने का निर्णय लिया है। कोरोना संक्रमण की जंग में क‌र्फ्यू के दौरान जिन दैनिक मजदूरों व गरीब असहाय लोगों के सामने आजीविका का संकट खड़ा है, उनके जीविकोपार्जन को लेकर इन्हें नि:शुल्क राशन वितरण किया जा रहा है। इससे इनको राहत मिलेगी। विधायक जयदेवी कौशल ने कार्डधारकों से कहा कि आप घर से निकलते समय मास्क जरूर लगाएं। हाथों को सैनिटाइज करने व शारीरिक दूरी का ध्यान दें। उन्होंने कहा कि कोरोना से जंग में वैक्सीनेशन महत्वपूर्ण कड़ी है। वैक्सीनेशन कराकर खुद के साथ घर व आस-पास के लोगों को सुरक्षित कर सकते हैं।

विधायक व एसडीएम अजय कुमार राय तथा बीडीओ संस्कृता मिश्रा ने कसमंडी खुर्द गांव के निगरानी समिति के सदस्यों से बातचीत कर टेस्टिग, दवा किट के वितरण व सैनिटाइजेशन आदि का जायजा भी लिया। इस मौके पर ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सेवक व गांव की निगरानी समिति सहित ग्रामीण भी मौजूद रहे।

थोक व फुटकर सब्जी विक्रेताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त

थोक व फुटकर सब्जी विक्रेताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त। सुबह से फिर हो जाएगा कामकाज शुरु।

बिजनौर। आढ़त एसोसिएशन धामपुर थोक एवं फुटकर विक्रेताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त हो गई है। स्थानीय प्रशासन ने 24 मई से रात्रि 3 बजे से सुबह 7 बजे तक बड़ी मण्डी में सब्जी व्यापार करने का आदेश जारी कर दिया है। इस कारण सब्जी आढ़त एसोसिएशन ने स्थानीय प्रशासन का आदेश मानकर हड़ताल खत्म कर सब्जी व्यापार सुचारू रूप से शुरु करने की घोषणा कर दी।

विदित हो कि कोरोना महामारी के चलते बड़ी मंडी क्षेत्र में नितिन शर्मा (40 वर्ष), गौरव अग्रवाल (35 वर्ष), श्रीमती यशोदा मोदी (70 वर्ष), श्रीमती सारिका गुप्ता (50 वर्ष), दिनेश कुमार अग्रवाल (60 वर्ष) की मौत हो चुकी है और इस क्षेत्र में काफी लोग बीमारी से ग्रस्त है। इस मामले में क्षेत्र के लोगों द्वारा की गयी शिकायत के बाद स्थानीय प्रशासन ने बड़ी मण्डी में संचालित थोक एवं फुटकर व्यापार को पिछले साल की भांति केएम इंटर कालेज के मैदान ले जाने का आदेश जारी कर दिया था। इसके बाद गत 21 मई से सब्जी थोक एवं फुटकर विक्रेताओं ने अनिश्चितकालीन बन्द करने की घोषणा कर दी थी। लगातार तीन दिन से सब्जी आढ़त एसोसिएशन से जुड़े थोक एवं फुटकर विक्रेता हड़ताल पर चल रहे थे। इस कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना उठाना पड़ रहा था। स्थानीय प्रशासन ने काफी कोशिश की, कि बड़ी मण्डी से सब्जी व्यापार बाहर ले जाए पर कामयाबी नहीं मिली। आखिरकार स्थानीय प्रशासन ने सब्जी आढ़त एसोसिएशन धामपुर से जुड़े थोक एवं फुटकर विक्रेताओं को 24 मई से रात्रि 3 बजे से सुबह 7 बजे तक सब्जी कार्य बड़ी मण्डी में करने की इजाजत दे दी। यह जानकारी सब्जी आढ़त एसोसिएशन धामपुर के अध्यक्ष खुशीराम सैनी, हैदर अली आढ़ती, अबरार अहमद ने देते हुए बताया कि हड़ताल वापिस ले ली है, क्योंकि स्थानीय प्रशासन ने हमें उसी स्थान पर सब्जी व्यापार करने की इजाजत दे दी है। बस समय में परिवर्तन किया गया है। उन्होंने सभी नगरवासियों से संयम बरतने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

सुबह 7 से 11 मिलेगी सब्जी धामपुर बड़ी मण्डी में थोक सब्जी व्यापार का समय निर्धारित होने के बाद 24 मई से फुटकर सब्जी विके्रताओं का भी समय निर्धारित कर दिया गया है, जो प्रतिदिन सुबह 7 बजे से पूर्वान्ह 11 बजे तक रहेगा। नगर की जनता उक्त निर्धारित समयावधि में फुटकर विक्रेताओं से सब्जी की खरीदारी कर सकती है। 

कोरोना काल में आरसी फाउंडेशन और एसजी किचेन द्वारा संचालित कम्युनिटी किचन बना गरीबों का सहारा,

कोरोना काल में आरसी फाउंडेशन और एसजी किचेन द्वारा संचालित कम्युनिटी किचन बना गरीबों का सहारा

लखनऊ। लॉकडाउन में गरीब लोगों को खाने-पीने की दिक्कत को देखते हुए आरसी फाउंडेशन और एसजी किचेन द्वारा संयुक्त रूप से कम्युनिटी किचन चलाया गया। कम्युनिटी किचन में बनाके गए खाने को लंच पैकेट में पैक कर हजारों लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।

एसजी किचन के हाजी सैफ ने बताया कि हमारे यहां कम्युनिटी किचन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए भोजन का निर्माण कराकर लंच पैकेट पैक करके विभिन्न जगहों पर जरूरतमंदों को बांटा जाता है।

विगत 15 दिन से भवानीगंज, ऐशबाग, राजाजीपुरम, चारबाग, आलमबाग, गोमती नगर, 1090 चौराहा, शाहमीना शाह चौक, कैरियर मेडिकल कॉलेज, एरा मेडिकल कॉलेज, वसंत कुंज योजना की दलित बस्ती और दुबग्गा में टीम के विभिन्न सदस्यों द्वारा बांटा जाता है ।

सामाजिक संस्था द आरसी फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह यादव ने बताया कि आरसी फाउंडेशन की टीम इस उद्देश्य के साथ काम कर रही है कि कोई भी व्यक्ति भूखा ना सोए। हमारी संयुक्त कम्युनिटी किचन में लोगों के लिए रोज खाना बनता है।

एसजी ग्रुप के अध्यक्ष सैफ हसनैन, सौरभ श्रीवास्तव, उसामा खान, शानू, पप्पू और आरसी फाउंडेशन के संरक्षक शिव कुमार यादव, अमर सिंह यादव, पुष्पा यादव, शालू यादव, सूर्यांश यादव, उज्जवल यादव पूर्व पार्षद प्रत्याशी, जीशान, शफीक, राहुल यादव आदि के सहयोग से यह कार्यक्रम लगातार चलाया जा रहा है।

जल्दी ही सस्ता हो सकता है खाने का तेल!

नई दिल्ली। खाद्य तेलों की खुदरा में एक साल में 55.55 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अब बंदरगाह पर फंसे तेल के बाजार में आने के बाद कीमतें नरम पड़ने की उम्मीद की जा रही है। कोविड-19 महामारी से उत्पन्न संकट का सामना कर रहे उपभोक्ता की परेशानी और बढ़ी है।

केंद्र ने उम्मीद जताई है कि बंदरगाह पर मंजूरी मिलने के इंतजार में फंसे आयातित स्टॉक के जारी होने के बाद खाद्य तेलों की खुदरा कीमतें नरम पड़ जायेंगी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, खाद्य तेलों की खुदरा कीमतों में एक साल में 55.55 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके कारण पहले से ही कोविड-19 महामारी से उत्पन्न संकट का सामना कर रहे उपभोक्ता की परेशानी और बढ़ी है।
खाद्य सचिव सुधांशु पांडे के अनुसार सरकार कीमतों पर करीबी से नजर रखे हुए है। तेल उद्योग ने हाल ही में इसका जिक्र किया है कि कोविड स्थिति के मद्देनजर सामान्य जोखिम विश्लेषण के रूप में विभिन्न एजेंसियों द्वारा किए जा रहे परीक्षणों से संबंधित मंजूरी में देरी के कारण कांडला और मुंद्रा बंदरगाहों पर कुछ स्टॉक फंसा है।
उन्होंने एक आभासी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ” इस समस्या का सीमा शुल्क और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के साथ मिलकर समाधान किया गया है और जैसे ही यह स्टॉक को बाजार में जारी होगा, हमें खाद्य तेलों के दाम पर इसका असर होने की उम्मीद है।’’
सचिव ने कहा कि खाद्य तेल की कमी को पूरा करने के लिए देश आयात पर निर्भर है। सालाना, देश में 75,000 करोड़ रुपये के खाद्य तेलों का आयात होता है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल आठ मई को वनस्पति की खुदरा कीमत 55.55 प्रतिशत बढ़कर 140 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है, जो एक साल पहले इसी अवधि में 90 रुपए प्रति किलोग्राम थी।
इसी तरह पाम ऑयल का खुदरा मूल्य 51.54 प्रतिशत बढ़कर 132.6 रुपए प्रति किलोग्राम हो गया है, जो पहले 87.5 रुपए प्रति किलोग्राम था, सोया तेल का 50 प्रतिशत बढ़कर 158 रुपए प्रति किलोग्राम हो गया जो पहले 105 रुपए प्रति किलोग्राम था, जबकि सरसों का तेल 49 प्रतिशत बढ़कर 163.5 रुपए प्रति किलोग्राम हो गया जो पहले 110 रुपए प्रति किलोग्राम पर था।
उक्त अवधि में सोयाबीन तेल की खुदरा कीमत भी 37 प्रतिशत बढ़कर 132.6 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है जो पहले 87.5 रुपए किलो थी, जबकि मूंगफली तेल 38 प्रतिशत बढ़कर 180 रुपए प्रति किलोग्राम हो गया जो पहले 130 रुपए प्रति किलोग्राम पर था।

हल्के से मध्यम कोविड-19 संक्रमण के उपचार में ‘आयुष 64’ उपयोगी- केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान परिषद

हल्के से मध्यम कोविड-19 संक्रमण के उपचार में ‘आयुष 64’ उपयोगी- केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान परिषद

नई दिल्ली। कोविड-19 महामारी के विश्वव्यापी कहर के बीच ‘आयुष 64’ दवा हल्के और मध्यम कोविड-19 संक्रमण के रोगियों के लिए आशा की एक किरण के रूप में उभरी है। देश के प्रतिष्ठित अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिकों ने पाया है कि आयुष मंत्रालय की केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान परिषद (CCRAS) द्वारा विकसित एक पॉली हर्बल फॉर्मूला आयुष 64, लक्षणविहीन, हल्के और मध्यम कोविड-19 संक्रमण के लिए मानक उपचार की सहयोगी (adjunct to standard care) के तौर पर लाभकारी है। उल्लेखनीय है कि आयुष 64 मूल रूप से मलेरिया की दवा के रूप में वर्ष 1980 में विकसित की गई थी तथा कोविड 19 संक्रमण हेतु पुनरुद्देशित (repurpose) की गई है।

हाल ही में आयुष मंत्रालय तथा-सीएसआईआर द्वारा हल्के से मध्यम कोविड-19 संक्रमण के प्रबंधन में आयुष 64 की प्रभावकारिता और इसके सुरक्षित होने का मूल्यांकन करने के लिए एक व्यापक और गहन बहु-केंद्र नैदानिक (क्लीनिकल) परीक्षण पूरा किया गया है।

आयुष 64, सप्तपर्ण (Alstonia scholaris), कुटकी (Picrorhiza kurroa), चिरायता (Swertia chirata) एवं कुबेराक्ष (Caesalpinia crista) औषधियों से बनी है। यह व्यापक वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर बनाई गयी है और सुरक्षित तथा प्रभावी आयुर्वेदिक दवा है। इस दवाई को लेने की सलाह आयुर्वेद एवं योग आधारित नेशनल क्लीनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकॉल (National Clinical Management Protocol based on Ayurveda and Yoga)’ द्वारा भी दी गयी है जो कि आईसीएमआर की कोविड प्रबंधन पर राष्ट्रीय टास्क फोर्स (National Task Force on COVID Management) के निरीक्षण के बाद जारी किया गया था।

पुणे के सेंटर फॉर रूमेटिक डिसीज के निदेशक और आयुष मंत्रालय के ‘आयुष मंत्रालय-सीएसआईआर सहयोग’ के मानद मुख्य नैदानिक समन्वयक डॉ. अरविंद चोपड़ा ने बताया कि परीक्षण तीन केंद्रों पर आयोजित किया गया था। इसमें KGMU लखनऊ, DMIMS, वर्धा और BMC कोविड केंद्र मुंबई शामिल रहे तथा प्रत्येक केंद्र में 70 प्रतिभागी शामिल रहे। डॉ. चोपड़ा ने कहा कि आयुष 64 ने मानक चिकित्सा (Standard of Care यानी एसओसी) के एक सहायक के रूप में महत्वपूर्ण सुधार प्रदर्शित किया और इस तरह इसे एसओसी के साथ लेने पर अकेले एसओसी की तुलना में अस्पताल में भर्ती होने की अवधि भी कम देखी गई।

उन्होंने यह भी साझा किया कि सामान्य स्वास्थ्य, थकान, चिंता, तनाव, भूख, सामान्य हर्ष और नींद पर आयुष 64 के कई महत्वपूर्ण, लाभकारी प्रभाव भी देखे गए। निष्कर्ष रूप में डॉ. चोपड़ा ने कहा कि इस तरह के ‘नियंत्रित दवा परीक्षण अध्ययन’ ने स्पष्ट सबूत दिए हैं कि आयुष 64 को कोविड -19 के हल्के से मध्यम मामलों का उपचार करने के लिए मानक चिकित्सा के सहायक के रूप में प्रभावी और सुरक्षित दवा के रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि जो रोगी आयुष 64 ले रहे हैं, उनकी निगरानी की अभी भी आवश्यकता होगी ताकि अगर बीमारी और बिगड़ने की स्थिति हो तो उसमें अस्पताल में भर्ती होने के दौरान ऑक्सीजन और अन्य उपचार उपायों के साथ अधिक गहन चिकित्सा की आवश्यकता की पहचान की जा सके।

आयुष नेशनल रिसर्च प्रोफेसर तथा कोविड-19 पर अंतर-विषयक आयुष अनुसंधान और विकास कार्य बल (Inter-disciplinary Ayush Research and Development Task Force on COVID-19) के अध्यक्ष डॉ. भूषण पटवर्धन ने कहा कि आयुष 64 पर हुए इस अध्ययन के परिणाम अत्यधिक उत्साहजनक हैं और आपदा की इस कठिन घड़ी में ज़रूरतमंद मरीज़ों आयुष 64 का फायदा मिलना ही चाहिए। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आयुष-सीएसआईआर संयुक्त निगरानी समिति (Ayush-CSIR Joint Monitoring Committee) ने इस बहु-केंद्रीय परीक्षण की निगरानी की थी। स्वास्थ्य शोध विभाग के पूर्व सचिव तथा आईसीएमआर के पूर्व महानिदेशक डॉ. वी एम कटोच इस समिति के अध्यक्ष हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आयुष 64 पर हुए इन नैदानिक अध्ययनों (clinical studies) की समय-समय पर एक स्वतंत्र संस्था ‘डेटा और सुरक्षा प्रबंधन बोर्ड’ (Data and Safety Management Board यानी डीएसएमबी) द्वारा समीक्षा की जाती थी।

डॉ. पटवर्धन के दावे की पुष्टि करते हुए आयुष-सीएसआईआर संयुक्त निगरानी समिति के अध्यक्ष डॉ वीएम कटोच ने बताया कि समिति ने आयुष 64 के अध्ययन के परिणामों की गहन समीक्षा की है। उन्होंने कोविड-19 के लक्षणविहीन संक्रमण, हल्के तथा मध्यम संक्रमण के प्रबंधन के लिए इसके उपयोग की संस्तुति की। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि इस निगरानी समिति ने आयुष मंत्रालय से सिफारिश की है कि वह राज्यों के लाइसेंसिंग अधिकारियों / नियामकों (Regulators) को आयुष 64 के इस नये उपयोग (Repurposing) के अनुरूप इसे हल्के और मध्यम स्तर के कोविड-19 संक्रमण के प्रबंधन में उपयोगी के तौर पर सूचित करे।

केंद्रीय आयुर्वेदीय अनुसन्धान संस्थान (CCRAS) के महानिदेशक डॉ. एन. श्रीकांत ने विस्तार से बताया कि CSIR-IIIM, DBT-THSTI, ICMR-NIN, AIIMS जोधपुर और मेडिकल कॉलेजों सहित पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, चंडीगढ़; किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ; गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, नागपुर; दत्ता मेघे इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, नागपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में आयुष 64 पर अध्ययन जारी हैं। अब तक मिले परिणामों ने हल्के और मध्यम कोविड-19 संक्रमणों से निबटने में इसकी भूमिका स्पष्ट तौर पर जाहिर की है। उन्होंने यह भी बताया कि सात नैदानिक (क्लीनिकल) अध्ययनों के परिणाम से पता चला है कि आयुष 64 के उपयोग से संक्रमण के जल्दी ठीक होने (Early clinical recovery) और बीमारी के गंभीर होने से बचने के संकेत मिले हैं।

लगभग 20,000 परिवारों को आयुष काढ़ा के 50 ग्राम के 20,880 पैकैटों का वितरण किया गया- लखनऊ। अपर मुख्य सचिव प्रशान्त त्रिवेदी ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में आम जनता को कोविड-19 के संक्रमण से बचाने के लिए आयुष विभाग तेजी से काम कर रहा है। आयुर्वेद विभाग के चिकित्साधिकारियों और कर्मचारियों ने कुल 43,474 आयुर्वेद कोविड-19 किट का वितरण प्रदेश के 91,692 लोगों को किया है। इसमें संशमनी वटी, आयुष-64, अगस्त्य हरीतकी और अणु तैल है। इसके अलावा आयुर्वेद विधा से लगभग 20,000 परिवारों को आयुष काढ़ा के 50 ग्राम के 20,880 पैकैटों का वितरण किया गया है। साथ ही होम्योपैथिक चिकित्साधिकारियों द्वारा 6,28,300 आर्सेनिक एलबम की शीशियां जिलों में कोविड की रोकथाम और बचाव के लिए दी जा रही हैं। यूनानी चिकित्सकों ने बहीदाना, सपिस्ता, उन्नाब और अर्क अजीब नामक यूनानी औषधियों को करीब 3198 लोगों को दिया है।

जनता की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा की औषधियां रामबाण बनी हैं। कोरोना के उपचार में भी आयुर्वेद काफी कारगर साबित हो रहा है। इसको देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आयुष अधिकारियों से कहा है कि वे घरेलू बगीचे में पाए जाने वाली गुणकारी औषधियों की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाएं। घर की रसोई में पाए जाने वाली औषधियों के गुण और मसालों के रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले गुणों की भी जानकारी लोगों को अवश्य दें।

बिजनौर में लाखों का नकली दूध बरामद, पिता पुत्र गिरफ्तार

छापामारी में लाखों का मिलावटी दूध बरामद, पिता-पुत्र गिरफ्तार। दुग्ध निर्माता कंपनी अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन को साथ लेकर मारा छापा। एसडीएम नजीबाबाद के नेतृत्व में व्यापारी के प्रतिष्ठान के बाद आवास पर पहुंची टीम-टीम ने मिलावटी दूध तैयार करने को रखी सामग्री तब्जे में लेकर की सील।

बिजनौर। एक दुग्ध निर्माता कंपनी के अधिकारी व अधिवक्ता की शिकायत पर उपजिलाधिकारी नजीबाबाद के नेतृत्व में खाद्य निरीक्षकों और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक व्यापारी के प्रतिष्ठान व आवास पर छापा मारकर लाखों रुपए का दुग्ध पाउडर, दूध पाउडर बनाने के लिए मिलाई जाने वाली सामग्री तथा रैपर आदि जब्त कर सील कर दिए। टीम ने नकली दुग्ध पाउडर निर्माण व बिक्री करने के मामले में पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है।

बुधवार दोपहर उपजिलाधिकारी नजीबाबाद परमानंद झा के नेतृत्व में खाद्य निरीक्षकों और पुलिस की टीम ने बाजार कल्लूगंज मोरी क्षेत्र में एक दुकान पर छापा मारा। इस दौरान दुकान पर विशाल गुप्ता पुत्र विजय गुप्ता निवासी मोहल्ला सब्नीग्रान मौजूद था। टीम के साथ पहुंचे मधुसूदन दुग्ध पाउडर निर्माता कंपनी के नोएडा से आए सेल्स एक्ज्यूकेटिव जितेन्द्र सिंह तथा कंपनी के अधिवक्ता नीरज पाल ने दुकानदार विशाल गुप्ता से दूध पाउडर की बड़ी खेप खरीदने की बात की। इस पर उसने बताया कि बड़ी सप्लाई का काम वह घर से करते हैं। इसके बाद उक्त टीम व्यापारी के पुत्र को साथ लेकर मोहल्ला सब्नीग्रान स्थित विजय गुप्ता पुत्र राम निवास के आवास पर पहुंच गयी। जहां छापामार टीम को जानकारी हुई कि व्यापारी पारस दूध पाउडर के पैकेट को नीचे की ओर से काटकर उसमें माल्टर नाम का कैमिकल तथा मक्की का आटा मिलाकर पुन: पारस व मधुसूदन कंपनी के दूध पाउडरों के पाउच में पैक कर बेच देते थे। व्यापारी के यहां से काफी मात्रा में मधुसूदन दूध पाउडर के खाली रैपर, 85 कट्टे कैमिकल, 365 कट्टे पारस मिल्क पाउडर तथा खुले हुए पाउच मिले। टीम ने घंटों की छानबीन के बाद 28 लाख 27 हजार रुपए के माल व कैमिकल के बिल मिलने की बात कही है।

मिल्क पाउडर निर्माता मघुसूदन कंपनी के अधिकारी ने कहा कि कंपनी के नाम से नकली दूध पाउडर बेचे जाने की सूचना के आधार पर करीब एक सप्ताह पूर्व उन्होंने उक्त व्यापारी से अपनी कंपनी के दूध पाउडर के कुछ पाउच खरीदे थे, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। जांच में उक्त पाउच में मिलावटी मिल्क पाउडर होना पाया गया। इस आधार पर कंपनी ने प्रशासनिक उच्चाधिकारियों से शिकायत कर कार्यवाही किए जाने की मांग की थी। उक्त टीम ने छापामारी में मिले सभी सामान को सील कर दिया। साथ ही व्यापारी विजय गुप्ता व उसके पुत्र विशाल गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। छापामारी करने वाली टीम में पुलिस क्षेत्राधिकारी गजेन्द्र पाल सिंह, नायब तहसीलदार राजीव यादव, कोतवाल सत्य प्रकाश सिंह, खाद्य निरीक्षक रामवीर सिंह व पंकज कुमार तथा बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे।   

आधार आधारित खाद्यान्न वितरण अब 22 तक

आधार आधारित खाद्यान्न वितरण की अन्तिम तिथि बढ़ी
बिजनौर। नियमित योजना के कराये जा रहे आधार आधारित खाद्यान्न वितरण की अन्तिम तिथि बढ़ाकर 22 मार्च, 2021 निर्धारित कर दी गई है। कोविड के दृष्टिगत उचित दर दुकान पर अधिक संख्या में एकत्रित न होने तथा हाथ धोने के बाद ही ईपॉस मशीन पर अंगूठा निशानी से मिलान करने का डीएसओ ने आह्वान किया है।
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि माह मार्च 2021 के नियमित योजना के कराये जा रहे वितरण से आधार आधारित वितरण की अन्तिम तिथि बढाकर 22 मार्च, 2021 निर्धारित कर दी गयी है। मोबाइल ओटीपी  वेरिफिकेशन के माध्यम से वितरण की तिथि पूर्व निर्धारित 18 मार्च, 2021 ही रहेगी। उन्होंने बताया कि समस्त कार्ड धारक 22 मार्च, 2021 तक उपरोक्तानुसार खाद्यान्न प्राप्त कर लें। उन्होंने कहा कि उचित दर दुकान पर अधिक संख्या में एकत्रित न हों तथा हाथ धोने के बाद ही ईपॉस मशीन पर अंगूठा निशानी से मिलान करें। वितरण कार्य में विक्रता तथा नोडल अधिकारी को पूर्ण सहयोग प्रदान करें। किसी उपभोक्ता को कोई समस्या हो तो जिला पूर्ति कार्यालय बिजनौर के कन्ट्रोल रूम नं0 7895379933 पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

गैस में लगी आग: आम आदमी को फिर तगड़ा झटका

गैस में लगी आग: आम आदमी को फिर लगा तगड़ा झटका
25 रुपए महंगा हुआ रसोई गैस सिलेंडर
नई दिल्ली। मार्च के पहले दिन फिर से एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में 25 रुपए का इजाफा हुआ है। फरवरी के महीने में गैस सिलेंडर की कीमत में 100 रुपए का उछाल आया था।
इससे पहले 25 फरवरी को कीमत में उछाल आया था। पहले, 4 फरवरी को 25 रुपए, 14 फरवरी को 50 रुपए की बढ़ोतरी हुई थी। वहीं 25 फरवरी को इसमें 25 रुपए का इजाफा हुआ था। फरवरी महीने में रसोई गैस का दाम 100 रुपए बढ़ गया। पिछले एक महीने में कीमत में चौथी बार तेजी आई है और अब तक 125 रुपए बढ़ गए हैं। इसी के साथ कीमत में बढ़ोतरी के बाद अब दिल्ली में घरेलू गैस का रेट 794 से बढ़कर 819 रुपए हो गया है।

इन चार महानगरों में लेटेस्ट प्राइस-
-दिल्ली में नई कीमत 819 रुपए
-मुंबई में नई कीमत 819 रुपए
-कोलकाता में नई कीमत 845.50 रुपए
-चेन्नई में नई कीमत 835 रुपए

19 किलोग्राम वाले सिलेंडर का रेट
वैसे हर महीने की पहली तरीख को एलपीजी के दाम में बदलाव होते हैं। 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 90.50 रुपए का उछाल आया है। अब दिल्ली में इस सिलेंडर की कीमत 1614 रुपए हो गई है। उसी तरह मुंबई का रेट अब 1563.50 रुपए प्रति सिलेंडर हो गया है। कोलकाता में यह कीमत 1681.50 रुपए और चेन्नई का रेट 1730.5 रुपए हो गया है। इससे पहले राजधानी में 19 किलो वाले सिलेंडर का भाव 1533.00 रुपए, कोलकाता में 1598.50 रुपए, मुंबई में 1482.50 रुपए और चेन्नई में 1649.00 रुपए था।

ऐसे चेक करें एलपीजी की कीमत-
रसोई गैस सिलेंडर की कीमत चेक करने के लिए सरकारी तेल कंपनी की वेबसाइट खोलनी होगी। यहां पर कंपनियां हर महीने नए रेट्स जारी करती हैं। (https://iocl.com/Products/IndaneGas.aspx) इस लिंक पर आप अपने शहर के गैस सिलिंडर के दाम चेक कर सकते हैं।

एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड (ONORC) मिशन ने पकड़ी रफ्तार

एक राष्ट्र एक राशन कार्ड (ओएनओआरसी) मिशन ने रफ्तार पकड़ी

खाद्य और सार्वजनिक वितरण (डीएफपीडी) सचिव ने राज्यों से सभी लाभार्थियों के आधार को लिंक करने, इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (ईपीओएस) डिवाइस की स्थापना, पीडीएस लेन-देन और पोर्टेबिलिटी लेन-देन के बायोमीट्रिक सत्यापन को आगे बढ़ाने के लिए कहा

खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव ने ‘एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना’ की समीक्षा की

डीएफपीडी सचिव ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से ओएनओआरसी के तहत अतिरिक्त अधिग्रहण के लिए अपना प्रस्ताव प्रस्तुत करने का आग्रह किया

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा 32 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में एक राष्ट्र एक राशन कार्ड (ओएनओआरसी) योजना के कार्यान्वन से संबंधित बजट 2021 के हालिया भाषण का अनुसरण करते हुए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ एक बैठक की और इस योजना की प्रगति की समीक्षा की।

बैठक में खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव ने सभी राज्यों से इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (ईपीओएस) डिवाइसों की स्थापना करने, सभी लाभार्थियों के आधार लिंक, पीडीएस लेन-देन और पोर्टेबिलिटी लेन-देन के बायोमीट्रिक सत्यापन (दोनों अंतरराज्यीय और राज्यांतरिक) की प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए कहा।

खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव ने बैठक में एक राष्ट्र एक राशन कार्ड परियोजना के कार्यान्वन अर्थात इस राज्य आधारित विशिष्ट सुधार के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में जमीनी स्तर पर इसके कार्यान्वन, जागरुकता योजनाओं और संचार रणनीतियों की प्रगति और जीएसडीपी के 0.25% के अतिरिक्त अधिग्रहण के दावे के लिए उनके प्रस्तावों की स्थिति की समीक्षा की।

सचिव (डीएफपीडी) ने सभी संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से ओएनओआरसी के तहत अतिरिक्त अधिग्रहण के लिए आवश्यक प्रस्ताव अपने विभाग में 15 फरवरी 2021 तक जमा कराने का आग्रह किया।

ओएनओआरसी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (एनएफएसए) के अधीन राशन कार्ड की राष्ट्रव्यापी पोर्टेबिलिटी की शुरुआत के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, भारत सरकार का एक प्रयास और महात्वाकांक्षी योजना है। इसका उद्देश्य सभी प्रवासी लाभार्थियों को देश में कहीं भी अपने एनएफएसए खाद्यान्न/लाभों तक पहुंच के लिए सशक्त बनाना है। वर्तमान में, यह प्रणाली 32 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में मूल रूप से लागू है और इन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 69 करोड़ लाभार्थी (86% एनएफएसए आबादी) को कवर करती है।

LPG सिलेंडर, Petrol-Diesel फिर हुए महंगे

महंगाई का दोहरा झटका, कंपनियों ने बढ़ाए LPG सिलेंडर, Petrol-Diesel के दाम
नई दिल्ली। सरकारी तेल कंपनियों ने केंद्र के बजट के बाद आज आम जनता को दोहरा झटका दिया है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी के साथ ही एलपीजी रसोई गैस सिलेंडर के दाम भी बढ़ाए गए हैं। तेल कंपनियां हर महीने एलपीजी सिलेंडर के दामों की समीक्षा करती हैं। हर राज्य में टैक्स अलग-अलग होने के हिसाब से एलपीजी के दामों में अंतर होता है। उपभोक्ता को आज से 14.2 किलोग्राम के बगैर सब्सिडी वाले एलपीजी रसोई गैस सिलेंडर के लिए ज्यादा कीमत चुकानी होगी।

सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोत्तरी कर दी है। पिछले एक साल के मुकाबले पेट्रोल 13.55 पैसा महंगा हुआ है। 02 फरवरी 2020 को राजधानी दिल्ली में पेट्रोल का भाव 73.10 रुपए प्रति लीटर और एक लीटर डीजल का भाव 66.14 रुपए लीटर था। वहीं आज दिल्ली में पेट्रोल 86.65 रुपए प्रति लीटर एवं डीजल 76.83 रुपए लीटर है। लगातार हो रही बढ़ोत्तरी से पेट्रोल-डीजल के कीमत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। ईंधन की कीमतों में वृद्धि के कारण बढ़ने वाली महंगाई का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पढ़ता है।

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) की वेबसाइट के अनुसार, 14.2 किलोग्राम वाला गैर-सब्सिडी एलपीजी सिलिंडर 25 रुपए महंगा हुआ है। दिल्ली और मुंबई में यह 694 रुपये से बढ़कर अब 719 रुपए का हो गया है। कोलकाता में इसका दाम 720.50 रुपए था, जो अब 745.50 रुपए हो गया है और चेन्नई में यह 710 रुपए से बढ़कर 735 रुपए का हो गया है। इससे पहले 15 दिसंबर को भी इसकी कीमतों में 50 रुपए का इजाफा किया गया था।

किस शहर में कितने रुपए लीटर बिक रहा पेट्रोल डीजल-

-दिल्ली में पेट्रोल 86.65 रुपए और डीजल 76.83 रुपए प्रति लीटर
– मुंबई में पेट्रोल 93.20 रुपए और डीजल 83.73 रुपए प्रति लीटर
– कोलकाता में पेट्रोल 88.01 रुपए और डीजल 80.41 रुपए प्रति लीटर
-चेन्नई में पेट्रोल 89.13 रुपए और डीजल 82.04 रुपए प्रति लीटर
-बैंगलूरु में पेट्रोल 89.54 रुपए और डीजल 81.44 रुपए प्रति लीटर
-नोएडा में पेट्रोल 85.91 रुपए और डीजल 77.24 रुपए प्रति लीटर
-गुरुग्राम में पेट्रोल 84.72 रुपए और डीजल 77.39 रुपए प्रति लीटर