अग्निपथ और बेरोजगारी के खिलाफ बिगुल फूंक गए जयंत चौधरी

अग्निपथ और बेरोजगारी के खिलाफ जयंत ने फूंका बिगुल। बिजनौर की युवा पंचायत में पहुंचे रालोद मुखिया। केंद्र सरकार को सेना और बेरोजगारी के मुद्दे पर घेरा।

बिजनौर। सेना में अग्निपथ योजना सरकार से वापस लेने के मकसद से रालोद के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने पश्चिमी यूपी के 11 ज़िलों में युवा पंचायत करके मुहिम छेड़ दी है। बिजनौर पहुँचे जयंत चौधरी का नौ जवान युवकों ने गर्मजोशी के साथ स्वागत करते हुए पुशअप लगाए। मंच व मीडिया से मुखातिब होते हुए जयंत ने कहा सरकार हर घर मे एक को नौकरी देने की बात कह कर लोगों को गुमराही की तरफ धकेल रही है।


रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने सेना में अग्निपथ योजना व व्यापक बेरोजगारी को लेकर युवा पंचायत का ऐलान करते हुए 28 जून से 16 जुलाई तक पश्चिमी यूपी के 11 ज़िलों में युवा पंचायत की शुरुआत की है। इसी क्रम में सोमवार को देर से बिजनौर पहुंचे जयंत चौधरी का युवाओं व रालोद के कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। जयंत ने कहा कि  सेना भर्ती में अग्निपथ योजना युवाओं के लिए सही नहीं है।

उन्होंने कहा कि भारतीय सेना को अग्निवीर मत बनाओ, अग्निपथ योजना वापस लो। पहले 15-17 साल नौकरी करता था जवान,  पेंशन भी मिलती थी, सारी सुविधाएं मिलती थीं, आप उस पर कैंची चला रहे हो, सुविधाएं काट रहे हो और फिर उसे बताना चाह रहे हो। हमने अच्छा काम किया है। छह महीने की सेना की ट्रेनिंग पर्याप्त नहीं होती। बीजेपी ने अपने मेनू फेस -टू में कहा कि हमने नौ जवान को 3 करोड़ रोजगार व स्वरोजगार दे दिया है और अब वो ही आंकड़ा 5 करोड़ का बता रहे हैं। देश की आबादी 24 से 25 करोड़ है, ये झूठ का पुलंदा है, सबको मालूम है।

जैद बने रालोद अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय महासचिव

बिजनौर। नहटौर नगर पालिका परिषद के पूर्व चेयरमैन स्वर्गीय रशीद अहमद छिद्दू के पुत्र मोहम्मद जैद को राष्ट्रीय लोक दल अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। इस मौके पर पार्टी के जिला अध्यक्ष अली अदनान और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष गौहर इकबाल एडवोकेट ने मोहम्मद जैद का स्वागत किया।
स्थानीय फुरकान बाग कॉलोनी स्थित मोहम्मद जैद के आवास पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष गौहर इकबाल एडवोकेट ने मोहम्मद जैद का फूल माला पहनाकर स्वागत किया और उन से उम्मीद जताते हुए कहा कि मोहम्मद जैद के जुड़ने से संगठन को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमारा संगठन मजबूत हुआ है और आगे इसे मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य चलते रहेंगे। इस मौके पर पार्टी के जिला अध्यक्ष अली अदनान ने मोहम्मद जैद का स्वागत किया और उन्होंने कहा कि मोहम्मद जैद स्वर्गीय रशीद अहमद छिद्दू की विरासत को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। उन्होंने बताया कि रशीद अहमद छिद्दू भी राष्ट्रीय लोक दल के जिला अध्यक्ष रह चुके हैं और पहली बार राष्ट्रीय लोक दल में रहते हुए चुनाव लड़ा और नगर पालिका के चेयरमैन बने। इस मौके पर अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के नवनियुक्त राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद जैद ने कहा कि वह पिछले एक साल से निरंतर पार्टी के लिए काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी द्वारा जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है, उसको वह पूरी ईमानदारी के साथ निभाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हमेशा से मैं राष्ट्रीय लोकदल की नीतियों से प्रभावित रहा हूं। इस मौके पर नहटौर नगर अध्यक्ष महफूज उर्फ गुड्डा, मोबिन अहमद, शजर हुसैन, दुलारे भाई, इकरार अहमद, मुनव्वर सरताज, आतिफ खान आदि मौजूद रहे।

सदर विधानसभा सीट पर चुनाव दिलचस्प होने के आसार

बिजनौर। सदर विधानसभा सीट पर चुनाव दिलचस्प होने के आसार बढ़ गए हैं। जानकारों के अनुसार भाजपा प्रत्याशी सूची मौसम चौधरी की राह इस बार आसान नजर नहीं आ रही। चुनाव में उन्हें जहां सपा रालोद गठबंधन से कड़ी टक्कर मिल रही है, वहीं बसपा प्रत्याशी रूचि वीरा भी पूरी ताकत से चुनाव प्रचार में लगी हुई हैं। आम आदमी पार्टी प्रत्याशी विनीत शर्मा ने भी धुआंधार प्रचार कर अपने चुनाव को मजबूत बना लिया है। उस पर मतदाताओं की चुप्पी से सभी प्रत्यशियों की नींद उड़ी हुई है।

सपा रालोद गठबंधन प्रत्याशी डॉ नीरज चौधरी

चुनावी समीक्षकों के मुताबिक 389356 मतदाताओं वाली बिजनौर सदर सीट पर भाजपा ने इस बार भी अपनी निवर्तमान विधायक सूची मौसम चौधरी को प्रत्याशी बनाया है। सपा रालोद गठबंधन से वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ नीरज चौधरी चुनाव मैदान में हैं। वहीं बसपा के टिकट पर पूर्व सदर विधायक रुचि वीरा भी पूरी ताकत के साथ डटी हुई है। इस चुनाव में पहली बार आम आदमी पार्टी के टिकट पर पढ़े लिखे नौजवान विनीत शर्मा शिक्षा, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा किसानो के गन्ना भुगतान जैसे मुद्दों के साथ चुनाव मैदान में उतरे हैं।

भाजपा प्रत्याशी सूची चौधरी

जातीय समीकरण के लिहाज से इस सीट पर लगभग एक लाख 40 हजार मुस्लिम, 45 हजार जाट, 48 हजार अनुसूचित जाति 40 हजार सैनी, 14 हजार पाल 12 हजार कश्यप, 10 हजार राजपूत, 10 हजार वैश्य, 8 हजार बंगाली, 5 हजार ब्राह्मण व शेष अन्य जातियों के मतदाता हैं।

बसपा प्रत्याशी रुचि वीरा

जाट मतदाता का रुझान स्पष्ट नहीं- 13 महीने चले किसान आंदोलन को लेकर भाजपा से नाराजगी के चलते जाटों का रुझान किसी एक पार्टी की तरफ होता दिखाई नहीं दे रहा है। हालांकि रालोद प्रत्याशी डॉक्टर नीरज चौधरी बिरादरी के दिग्गजों के साथ घर घर जाकर भाईचारे व विकास के वादे कर रहे हैं।

भाजपा के पास भी है जाट समुदाय- किसान आंदोलन को लेकर जाटों के भाजपा से नाराज होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। इसके बावजूद, इन दावों में कोई ख़ासा दम नहीं दिखता। पश्चिम उत्तर प्रदेश में बीजेपी के मंत्री, विधायक से लेकर कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी जाट हैं। सभी ने सुशासन, विकास, सुरक्षा आदि मुद्दों को लेकर अपनी बिरादरी में खासी पैठ बना रखी है।

मुस्लिम मतदाता भी साधे है चुप्पी- पूर्व सदर विधायक रुचि वीरा इस बार बसपा के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। विधानसभा क्षेत्र के ग्रम पेदा में एक वर्ग विशेष के तीन लोगों की हत्या के बाद अल्पसंख्यक समुदाय का उनके प्रति झुकाव तो हुआ लेकिन 2017 के विधानसभा चुनाव में अल्पसंख्यक मतदाताओं का उनके पक्ष में ध्रुवीकरण होने के बावजूद चुनाव हार गई थी। इस बार रुचि वीरा दलित व मुस्लिम गठजोड़ के सहारे चुनावी वैतरणी पार करना चाहती हैं। जानकारों का कहना है कि इस बार के चुनाव में मुस्लिम समाज पूरी तरह से एकजुट होता नजर नहीं आ रहा है। समाजवादी पार्टी और रालोद गठबंधन के चलते डॉ नीरज चौधरी को भी इस वर्ग के वोट मिलना तय है।

ठिठका हुआ है मुस्लिम वोटर- बताया जाता है कि बसपा सुप्रीमो मायावती के कथित बयान कि “चाहे भाजपा को वोट देना पड़े, समाजवादी पार्टी का प्रत्याशी नहीं जीतना चाहिए!” इसके बाद मुस्लिम मतदाता एक तरह से ठिठक सा गया है। जानकारों के अनुसार इस वर्ग के मतदाताओं के मन में संशय है कि यदि वो बसपा को वोट देते भी हैं, तो वह भाजपा के खाते में ही जाना है। इसलिए वह पशोपेश में है।

आप प्रत्याशी विनीत शर्मा

आम आदमी पार्टी ने इस बार बिजनौर सदर सीट से युवा व पढ़े-लिखे विदित शर्मा को चुनाव मैदान में उतारा है। उनके धुआंधार चुनाव प्रचार, दिल्ली के विकास मॉडल, किसानों की कर्ज माफी, महिला सुरक्षा, रोजगार, शिक्षा तथा स्वास्थ्य जैसे वादों के बाद आप संयोजक अरविंद केजरीवाल की उनके समर्थन में वीडियो संदेश जनता के बीच पहुंचाए जाने के बाद चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में आप प्रत्याशी की स्थिति मजबूत होती दिखाई दी। क्षेत्र की चुनावी समीक्षा के बाद बिजनौर सदर सीट पर इस बार मुकाबला दिलचस्प होने के आसार बढ़ गए हैं। चुनावी ऊंट किस करवट बैठेगा, ये तो आने वाली 10 मार्च को मतगणना के बाद ही पता चल पाएगा, किंतु दूसरे चरण में 14 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए मतदाताओं में काफी उत्साह दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद जनता अपने पत्ते खोलने को तैयार नहीं है।

डॉ नीरज के समर्थन में उतरे अधिवक्ता

रालोद सपा गठबंधन प्रत्याशी डॉक्टर नीरज चौधरी

बिजनौर। रालोद सपा गठबंधन प्रत्याशी डॉक्टर नीरज चौधरी के समर्थन में जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर विवादित वीडियो में छेड़छाड़ करने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसपी को दिए ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा कि बिजनौर विधानसभा क्षेत्र से सपा-रालोद गठबंधन प्रत्याशी डॉ. नीरज चौधरी के विरुद्ध थाना शहर कोतवाली में धारा 188,171 एच, 269, 270,290,124, 153, 295ए, आईपीसी 51 बी आपदा प्रबंधन अधिनियम 2003 महामारी अधिनियम 1857 में पंजीकृत किया गया है। जिस वीडियो के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है, उसमें एडिटिंग करके छेड़छाड़ की गई है। डा. नीरज व उनके समर्थकों द्वारा देश विरोधी गतिविधि एवं नारेबाजी नहीं की गई है। उन्होंने मामले की जांच कराने तथा वीडियो के साथ छेड़छाड़ करने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की। ज्ञापन देने वालों में रमेश, शेर सिंह, विनीत राणा, मनोज, ललित चौधरी, जावेद अहमद आदि अधिवक्ता मौजूद थे।

प्रशासन कर रहा एकतरफा कार्यवाही: डॉक्टर नीरज चौधरी

बौखलाहट में भाजपा को नहीं दिख रहा आकिब व पाकिस्तान में फर्क


बिजनौर। डॉक्टर नीरज चौधरी ने कहा कि भाजपा नेताओं को बौखलाहट में आकिब की जगह पाकिस्तान दिख रहा है।
दरसल मामला बीती रात का है, जब मोहल्ला जुलाहान निवासी सभासद आकिब अंसारी के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में डॉ नीरज चौधरी पहुंचे। उनके समर्थकों ने डॉक्टर नीरज चौधरी जिंदाबाद व आकिब भाई जिंदाबाद के नारे लगाए। इस दौरान युवाओं ने उस नारेबाजी सहित कार्यक्रम की वीडियो बनाई।

भाजपा आईटी सेल पर आरोप
डॉक्टर नीरज चौधरी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि उस वीडियो को भाजपा का आईटी सेल गलत तरीके से वायरल कर रहा है। भाजपा आईटी सेल के लोग सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं कि उक्त वीडियो में आकिब भाई जिंदाबाद की जगह पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाया जा है। डॉक्टर नीरज चौधरी ने कहा कि भाजपा अपनी हार की बौखलाहट में यह सब कर रही है। जब वह किसी गांव में जाते हैं तो उनके पीछे पुलिस की गाड़ियां लगा दी जाती है। उनके खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन के भी दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

भाजपा नेता कर रहे उत्पीड़न- भाजपा नेता गठबंधन प्रत्याशी का उत्पीड़न कर रहे हैं। वह हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई आपसी भाईचारे पर चुनाव लड़ रहे हैं। उनका मुद्दा भाईचारा कायम रखना है, जबकि दूसरे दल हिंदू मुस्लिम की राजनीति करते हैं। उन्होंने पूरे जिले का माहौल खराब कर रखा है, लेकिन वह बिजनौर में भाईचारा कायम करके ही दम लेंगे। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन एकतरफा कार्यवाही कर रहा है, इसीलिए वीडियो की बिना जांच किए उनके व उनके समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया। इस प्रकरण में डॉक्टर नीरज चौधरी ने मामले की शिकायत ऑब्जर्वर व डीएम से की है।

BJP पर मेहरबान प्रशासन- डॉक्टर नीरज चौधरी ने यह भी कहा कि भाजपा नेता की वीडियो वायरल हो रही है, जिसमें वह हमारे मुस्लिम भाइयों से कुरान पर हाथ रखकर कसम खाने की बात करते हुए उन्हें प्रलोभन दे रहे हैं; जो सीधा सीधा आचार संहिता का उल्लंघन है, लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। पुलिस प्रशासन एकतरफा गठबंधन प्रत्याशी के खिलाफ लगातार कार्यवाही कर रहा है, जिससे लोगों में रोष है।

आयोजक ने दी तहरीर- उधर बीती रात हुए कार्यक्रम के आयोजक सभासद आकिब अंसारी ने थाना कोतवाली शहर में तहरीर देकर शहर की फिजा बिगाड़ने की कोशिश करने वाले व वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

भाजपा प्रत्याशी के भाई भतीजे गठबंधन को लड़ा रहे चुनाव!

साहनपुर सल्तनत में सेंध लगा कर भाजपा को सपा रालोद गठबंधन ने दिया तगड़ा झटका। भाजपा प्रत्याशी राजा भारतेन्द्र के भाई भतीजे की सपा प्रत्याशी हाजी तसलीम अहमद का चुनाव तन मन धन से लड़ाने की घोषणा।

बिजनौर। नजीबाबाद विधान सभा क्षेत्र का चुनावी माहौल बेहद दिलचस्प हो गया है। सपा-रालोद गठबंधन ने साहनपुर सल्तनत में सेंध लगा कर भारतीय जनता पार्टी को तगड़ा झटका धीरे से दिया है। दरअसल भाजपा प्रत्याशी राजा भारतेन्द्र के भाई भतीजे द्वारा सपा प्रत्याशी हाजी तसलीम अहमद का चुनाव तन मन धन से लड़ाने की घोषणा की गई है।

नजीबाबाद विधान सभा से भाजपा प्रत्याशी राजा भारतेन्द्र के भाई के सपा प्रत्याशी हाजी तसलीम अहमद का चुनाव तन मन धन से लड़ाने की घोषणा से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। भाजपा प्रत्याशी भारतेन्द्र के भाई द्वारा हाजी तसलीम अहमद के स्वागत की खबर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। साहनपुर रियासत के कुंवर रविराज; भाजपा प्रत्याशी राजा भारतेन्द्र के भाई हैं। उनके पुत्र धुवराज सिंह ने सपा प्रत्याशी विधायक हाजी तसलीम अहमद को समर्थन देने के साथ ही पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ाने की घोषणा कर दी है। भाजपा प्रत्याशी के चचेरे भाई के द्वारा लिये गये इस निर्णय से राजनीति के गलियारों में हड़कंप मच गया है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कुंवर घराने में सेंधमारी करना कोई मामूली बात नहीं है। कुंवर ध्रुवराज का साथ मिलने से सपा प्रत्याशी हाजी तसलीम अहमद को इसका लाभ जरूर मिलेगा।

लोकदल का सिपाही हूं- कुंवर ध्रुवराज ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि वह लोकदल के सिपाही हैं; लोकदल का सपा से गठबंधन है। इसलिए उन्होंने सपा प्रत्याशी हाजी तसलीम अहमद को चुनाव लड़ाने की घोषणा की है। वह पूरी ताकत के साथ सपा प्रत्याशी को चुनाव लड़ा रहे हैं।

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कमलेश सैनी की खिलाफत पर पनपा आक्रोश

बिजनौर। चांदपुर विधायक व भाजपा प्रत्याशी कमलेश सैनी के प्रचार प्रसार के दौरान बागड़पुर में जयंत चौधरी जिंदाबाद के नारे लगाने से बिजनौर विधानसभा के सैनी समाज के लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया है। सैनी समाज के लोगों का कहना है कि चुनाव में हार जीत लगी रहती है,  लेकिन इस तरीके की हरकतों से भावनाओं को ठेस पहुंचती है।


अमन शांति जनकल्याण सोसायटी अध्यक्ष अनिल सैनी ने कहा कि यह घटिया राजनीति है। सैनी एकता सेवा समिति के अध्यक्ष कन्हैया सैनी ने कहा कि सैनी एकता सेवा समिति के कार्यकर्ता डोर टू डोर जाकर प्रचार प्रसार करेंगे। हमारे समाज के किसी भी प्रत्याशी के साथ अभद्र व्यवहार किया जाएगा तो संगठन के कार्यकर्ता घर घर जाकर अपना अलग प्रचार प्रसार करेंगे, जिसका खामियाजा जाट समुदाय के प्रत्याशी को उठाना पड़ सकता है।

वहीं राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जिले की अन्य सीटों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। गौरतलब है कि एक दिन पूर्व चांदपुर विधायक एवं भाजपा प्रत्याशी कमलेश सैनी प्रचार अभियान के दौरान ग्राम बागड़पुर पहुंची थीं। इस दौरान राष्ट्रीय लोकदल के समर्थक  उनकी कार के सामने रालोद का झण्डा लहराते हुए नारेबाजी करने लगे। यही नहीं कईयों ने तो दौड़ लगा कर कार का पीछा भी किया। हालांकि गाड़ी रुकी नहीं।

विदित हो कि चांदपुर सीट से गठबंधन के तहत रालोद ने पहले रफी सैफी को प्रत्याशी घोषित किया था। नाटकीय घटनाक्रम के बाद सैफी के स्थान पर स्वामी ओमवेश को टिकट दिया गया है। बहुजन समाज पार्टी से डॉ शकील हाशमी चुनावी मैदान में हैं। वहीं पड़ोसी विधानसभा सीट नूरपुर से सपा रालोद गठबंधन प्रत्याशी के तौर पर रामअवतार सैनी चुनाव लड़ रहे हैं।

अंततः डॉ. रमेश तोमर ने नहीं कराया नामांकन

बिजनौर। समाजवादी पार्टी से बिजनौर विस क्षेत्र का सिंबल मिलने के बाद प्रचार में जुटे डॉ. रमेश तोमर ने नामांकन नहीं कराया। उन्होंने अचानक पत्रकार वार्ता बुलाकर साफ कर दिया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आदेश पर वह अपना नामाकंन नहीं करा रहे हैं। वह गठबंधन के प्रत्याशी को ही चुनाव लड़ायेंगे। 28 जनवरी शुक्रवार को नामांकन की अंतिम तारीख थी। यहां से रालोद के प्रत्याशी डॉ. नीरज चौधरी पूर्व में ही नामांकन कर चुके हैं।

पत्रकार वार्ता के दौरान डॉ. रमेश तोमर ने कहा कि सपा का सिबंल मिलने के बाद वह प्रचार कर रहे थे और उन्हें हर वर्ग समुदाय का अपार समर्थन मिल रहा था। उन्होंने कहा कि आज सपा मुखिया अखिलेश यादव का उन्हें मैसेज मिला कि नामांकन नहीं कराना है। उनके आदेश का पालन करते हुए वह नामांकन नहीं करा रहे हैं। पार्टी के आदेश पर वह गठबंधन प्रत्याशी का ही चुनाव लड़ायेंगे।

इस अवसर पर मौजूद सपा जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन ने कहा कि तोमर पिछले दो वर्षों से क्षेत्र में काफी मेहनत कर रहे थे। गठबंधन के तहत ये सीट रालोद के खाते में चली गई, जिस कारण ये फैसला लिया गया है। खुद अखिलेश यादव की इच्छा थी कि तोमर ही बिजनौर से चुनाव लड़ें, परंतु अब गठबंधन प्रत्याशी डॉ. नीरज चौधरी का ही चुनाव लड़ायेंगे। इस अवसर पर वीरेन्द्र सिंह, चेयरपर्सन पति शमशाद अहमद, अखलाक पप्पू, डॉ. जमीरूद्दीन उस्मानी आदि उपस्थित थे।

गौरतलब है कि रालोद प्रत्याशी के तौर पर डॉ. नीरज चौधरी का नामांकन होने के बाद सपा से डॉ. रमेश तोमर के भी नामांकन कराने की घोषणा से स्थिति असहज हो गई थी।

गठबंधन प्रत्याशी डॉ. रमेश तोमर का तूफानी प्रचार अभियान

गठबंधन के लिए डॉ रमेश तोमर ने किया 50 से अधिक गांवों में डोर टू डोर संपर्क। लोगों ने दिया पूरा समर्थन देकर तन, मन और धन से चुनाव लड़ाने का भरोसा।


बिजनौर। समाजवादी पार्टी गठबंधन के प्रत्याशी डॉ. रमेश तोमर ने 22 बिजनौर विधानसभा के गांवों में अपना चुनावी अभियान तेज कर दिया है। पिछले कई दिनों से अपनी विधानसभा क्षेत्र के 50 से अधिक गांव में डोर टू डोर संपर्क कर गठबंधन के लिए समर्थन जुटाया। उन्होंने ग्रामीणों को युवा किसान छात्र महिलाओं और व्यापारियों को मिलने वाले लाभ की जानकारी दी, साथ ही गठबंधन की सरकार बनने पर 300 यूनिट फ्री होने का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराने की जानकारी दी।


उन्होंने 26 जनवरी को कई गांवों का दौरा किया, गांव के तमाम जिम्मेदार लोगों व प्रधानों ने डॉ. रमेश तोमर का जोरदार स्वागत किया और अपना पूरा समर्थन देकर तन, मन और धन से चुनाव लड़ाने का भरोसा दिया। डॉ. रमेश तोमर ने चुनावी नुकड़ सभाओं को सम्बोधित करते हुए कहा की प्रदेश में अखिलेश यादव की लहर है। आपकी सरकार बनने जा रही है, आप का पूरा सम्मान होगा। गावों में सड़कें और तमाम योजनाओं का आपको लाभ मिलेगा। इस दौरान गांव काजीवाला, चन्दपुरी, धारुवाला, मंडावाली, जमालपुर, नयागांव, पैदा, आदमपुर, भोगी, गढ़ी, स्वाहेड़ी आदि में हर समाज के लोगों ने एक जुट होकर आने वाली 14 फरवरी को साईकिल के सामने वाला बटन दबाने की अपील की।

गठबंधन प्रत्याशी डॉ. रमेश तोमर करेंगे नामांकन

बिजनौर। गठबंधन के तहत सपा प्रत्याशी के तौर पर डॉ रमेश तोमर 25 जनवरी 2022 दिन मंगलवार की सुबह 11 बजे बिजनौर (विधानसभा क्षेत्र 22) सदर सीट से अपना नामांकन दाखिल करेंगे।

इसके बाद दोपहर 12 बजे बुद्धा हॉस्पिटल सिविल लाइन बिजनौर पर प्रेस वार्ता में अपनी आगामी चुनावी रणनीति बताएंगे। सपा प्रत्याशी डॉ रमेश तोमर ने बताया कि नामांकन पत्र में शामिल करने वाले कागजातों में कुछ देरी होने के कारण अधिक समय लग गया; इसके चलते सोमवार को नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया।

असपा को छोड़ नबील अहमद ने थामा रालोद का दामन

नहटौर (बिजनौर)। आजाद समाज पार्टी के नगर अध्यक्ष एवं पालिका सभासद नबील अहमद ने असपा से नाता तोड़ कर राष्ट्रीय लोकदल का दामन थाम लिया है। जिलाध्यक्ष अली अदनान ने उन्हें रालोद का जिला सचिव नियुक्त किया है। नवनियुक्त जिला सचिव नबील अहमद ने कहा कि जो जिम्मेदारी पार्टी ने उन्हें सौंपी है, वह उसे पूरी ईमानदारी के साथ निभाने का काम करेंगे।

डॉ. रमेश तोमर को टिकट मिलने पर किसानों व जाट समाज के लोगों ने बांटी मिठाई

बिजनौर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा पार्टी के वरिष्ठ व पुराने नेता डॉ. रमेश तोमर को बिजनौर सदर सीट से गठबंधन प्रत्याशी बनाए जाने पर जहां कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं। वहीं किसानों व जाट समाज के लोगों ने डॉ रमेश तोमर को प्रत्याशी बनाए जाने की खुशी में मिठाई बांटकर उन्हें तन मन धन से चुनाव लड़ाए जाने का संकल्प लिया। इसके अलावा मौलाना अनवार ने भी उन्हें वोट का हकदार बताते हुए अपनी दुआओं से नवाजा है।

सपा महिला सभा की जिलाध्यक्ष प्रभा चौधरी के नेतृत्व में महिलाओं ने सपा प्रत्याशी डॉ रमेश तोमर को उम्मीदवार बनाए जाने पर गठबंधन यादव का आभार व्यक्त करते हुए उनके समर्थन में चुनाव अभियान शुरू कर दिया है। शनिवार की सुबह लगभग 10:00 बजे सपा रालोद गठबंधन प्रत्याशी डॉ रमेश तोमर के आवास पर एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सभी समाज के लोगों ने बिजनौर सदर विधानसभा सीट से सपा रालोद गठबंधन के लोक प्रिय प्रत्याशी डॉ रमेश तोमर को अपना पूर्ण समर्थन दिया। बैठक में कश्यप समाज के अध्यक्ष ओमपाल सिंह कश्यप, रवा राजपूत के अध्यक्ष शिव कुमार राजपूत, क्षत्रिय कल्याण सभा के अध्यक्ष देवराज सिंह प्रधान, अवनीश चौहान, सैनी समाज के पूर्व अध्यक्ष उधम सिंह सैनी एडवोकेट, अलग-अलग गांव से जाट समाज के लगभग 20 वर्तमान ग्राम प्रधान, पूर्व प्रधान संयुक्त दर्जनों लोगों ने अपना समर्थन दिया। दलित समाज से पूर्व जिलाध्यक्ष सतपाल सिंह, वीरेंद्र प्रधान, रागिनी सिंह भुईयार, पूर्व प्रधान कृष्ण कुमार सेठ, नगर पंचायत मंडावर के पूर्व चेयरमैन मौ.आसिफ उर्फ शान, चेयर पर्सन पति शमशाद अंसारी, सपा जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन व उनके साथ अनेक सर्व समाज के लोग मौजूद रहे।

इसके साथ ही मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना अनवर ने डॉ रमेश तोमर को गठबंधन प्रत्याशी बजाए जाने की सराहना करते हुए उन्हे योग्य उम्मीदवार बताया। उन्होंने गठबंधन नेताओं का आभार व्यक्त करते हुए डॉ रमेश तोमर को जीत के लिए अपनी दुआओं से नवाजा। इसके अलावा सपा महिला सभा की जिला अध्यक्ष प्रभा चौधरी के नेतृत्व में सालमाबाद भरेरा के ग्राम प्रधान अंकुर चौधरी, कृष्ण कुमार चौधरी, गुड्डू चौधरी, संजय चौधरी, पिंकू चौधरी, सोहन सिंह चौधरी आदि ने मिठाई बांटकर सपा प्रत्याशी डॉक्टर रमेश तोमर को चुनाव लड़ाने व जिताने का संकल्प लिया।

चांदपुर विधानसभा सीट पर बदला प्रत्याशी, स्वामी ओमवेश लड़ेंगे चुनाव

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चांदपुर विधानसभा सीट पर बदला प्रत्याशी, स्वामी ओमवेश को दिया टिकट। रफी सैफी को टिकट का हो रहा था भारी विरोध।



बिजनौर। सपा रालोद गठबंधन ने बिजनौर की चांदपुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बदल दिया है। रफी सैफी के स्थान पर अब स्वामी ओमवेश को टिकट दिया गया है। वहीं
सपा-रालोद गठबंधन में बिजनौर सदर सीट को लेकर खींचतान नजर आ रही है। जहां रालोद से डॉ. नीरज चौधरी सिंबल लेकर आए हैं, वहीं डॉ. रमेश तोमर को सपा ने सिंबल दे दिया है। दोनों प्रत्याशियों ने अपनी-अपनी पार्टी के जिलाध्यक्षों के साथ पत्रकारों से वार्ता कर खुद के बिजनौर सदर सीट से प्रत्याशी होने का दावा किया। दोनों ने ही नामांकन के लिए पर्चे भी ले लिए हैं। पार्टी सूत्रों की माने तो अगले दो दिनों में दोनों में से एक प्रत्याशी को सिंबल वापिस करना पड़ सकता है।


बिजनौर जिले की सात विधानसभा सीटों पर लंबे इंतजार के बाद टिकटों की घोषणा हुई तो सदर सीट पर असमंजस की स्थिति बन गई। नूरपुर, धामपुर, नगीना, नजीबाबाद, बढ़ापुर और बिजनौर सदर सीट पर सिंबल बांट दिए। इनमें बाकी सीटों तो पहले ही सपा के खाते में थी, लेकिन बिजनौर पर रालोद का दावा चला आ रहा था।
बिजनौर सदर से रालोद से डॉ. नीरज चौधरी को सिंबल दे दिया गया। सपा से सिंबल लेकर आए डॉ. रमेश तोमर ने कहा कि मुझे पार्टी ने सिंबल लेकर चुनाव की तैयारी करने के लिए कहा है। मैं नामांकन की तैयारी कर रहा हूं। उधर रालोद से सिंबल लेकर आए डॉ. नीरज चौधरी ने भी पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ने और नामांकन कराने की तैयारी का दावा किया।


जो भी पार्टी हाईकमान का आदेश होगा, उसी के अनुसार चुनाव लड़वाया जाएगा। फिलहाल सपा से डॉ. रमेश तोमर को सिंबल मिला है, उन्हीं को चुनाव की तैयारी करा रहे हैं। -राशिद हुसैन, सपा जिलाध्यक्ष


पार्टी ने डॉ. नीरज चौधरी को सिंबल दिया है। हम पार्टी हाईकमान से आदेश का पालन करते हुए उन्हें चुनाव की तैयारी करा रहे हैं। सिंबल का मामला एक से दो दिन में सुलझ जाएगा। -अली अदनान, रालोद जिलाध्यक्ष


कुछ ने लखनऊ तो कई ने दिल्ली में डाला डेरा
बिजनौर जिले में टिकट मिलते ही पार्टी से जुड़े पुराने नेताओं ने विरोध भी शुरू कर दिया है। सूत्रों की मानें तो सपा के कई कार्यकर्ता और नेताओं ने लखनऊ में डेरा डाल लिया है और कुछ टिकटों पर आपत्ति जताई है। वहीं रालोद से भी कई नेता और कार्यकर्ताओं ने दिल्ली पहुंचकर विरोध जताया है। अब किसका विरोध कितना काम आएगा और परिवर्तन करा सकेगा, यह तो अगले दो दिन में साफ हो जाएगा।

पश्चिम UP के सपा-रालोद प्रत्याशी घोषित

लखनऊ। विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने गठबंधन के तहत पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 29 विधानसभा सीटों के लिये उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है।

सपा की ओर से जारी बयान के अनुसार सूची में 20 विधानसभा सीटों पर रालोद और नाै सीटों पर सपा के उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे। उम्मीदवारों में कैराना से नाहिद हसन (सपा), शामली से प्रसन्न चौधरी (रालोद), चरथावल से पंकज मलिक (सपा), पुरकाजी से अनिल कुमार (रालोद), खतौली से राजपाल सिंह सैनी (रालोद), नहटौर से मुंशी राम (रालोद), किठौर से शाहिद मंजूर (सपा), मेरठ से रफीक अंसार (सपा), बागपत से अहमद हमीद (रालोद), लोनी से मदन भैया (रालोद), साहिबाबाद से अमर पाल शर्मा (सपा), मोदीनगर से सुरेश शर्मा (रालोद), धौलाना से असलम चौधरी (सपा), हापुड़ से गजराज सिंह (रालोद), जेवर से अवतार सिंह भड़ाना (रालोद), बुलंदशहर से हाजी यूनुस (रालोद), स्याना से दिलनवाज खान (रालोद), खैर से भगवती प्रसाद सूर्यवंशी (रालोद), कोल से सलमान सईद (सपा), अलीगढ़ से जफर आलम (सपा), सादाबाद से प्रदीप चौधरी गुड्ड (रालोद), छाता से तेजपाल सिंह (रालोद), गोवर्धन से प्रीतम सिंह (रालोद), बल्देव से बबीता देवी (रालोद), आगरा कैंट से कुंअर सिंह वकील (सपा), आगरा देहात से महेश कुमार जाटव (रालोद) फतेहपुर सीकरी से ब्रिजेश चाहर (रालोद), खैरागढ़ से रौतान सिंह (रालोद) और बाह से मधुसूदन शर्मा (सपा) शामिल हैं। विदित हो कि इन सीटों पर पहले चरण में 10 फरवरी को मतदान होना है। इस चरण के लिये चुनाव आयोग द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है।

रालोद से हो सकता है गठबंधन का प्रत्याशी!


बिजनौर। विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल के गठबंधन के बाद नूरपुर सीट से रालोद का प्रत्याशी होना लगभग तय लग रहा है। यह जानकारी रालोद नेता अजयवीर चौधरी के पास पहुंची तो पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता सक्रिय हो गए और नूरपुर विधानसभा सीट पर आरएलडी से चुनाव लडऩे के लिए अपनी-अपनी दावेदारी पेश करने लगे। इनमें अल्पसंख्यक प्रदेश अध्यक्ष लोकदल नेता गौहर इकबाल भी हैं।

अभी फिलहाल दो ही नेताओं की दावेदारी सामने आई है, जिसमें लोकदल नेता अजयवीर चौधरी व गौहर इकबाल शामिल हैं। दोनों ही लोकदल नेताओं से नूरपुर विधानसभा की जनता खुश है क्योंकि अजयवीर चौधरी प्रारंभ से ही लोक दल के नेता हैं और किसानों को एकजुट करने का काम बखूबी करते आए हैं। साथ ही लोकदल अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष गौहर इकबाल पहले भी दो बार नूरपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन कामयाब नहीं हुए थे। बताया गया है कि रालोद से टिकट के दावेदार अजय वीर चौधरी व गौहर इक़बाल लखनऊ कूच कर चुके हैं। अजय ने हमेशा किसानों के हित में लड़ाई लड़ी है, जिसके चलते किसान उनका टिकट पक्का मान रहे हैं और कंधे से कन्धा मिलाकर साथ चल रहे हैं। कई संगठनों में कार्यरत अजयवीर चौधरी को व्यापार मंडल में भी व्यापारियों का स्नेह भी मिलता रहता है। दोनों ही नेताओं के समर्थकों में भी खुशी की लहर है।

रालोद शहर अध्यक्ष ने बांटे गरीबों को कंबल

बिजनौर। …कहते हैं कि नर सेवा ही नारायण सेवा। कुछ इसी तर्ज पर राष्ट्रीय लोक दल के शहर अध्यक्ष यादराम सिंह चंदेल चल पड़े हैं। सर्दियों के मौसम को देखते हुए उन्होंने अपने आवास पर गरीबों को कंबल वितरित किए।

कड़ाके की सर्दी ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। गरीबों, बेसहारा लोगों के लिए एक ओर जहां प्रशासनिक स्तर से विभिन्न स्थानों पर अलाव जलवाने की व्यवस्था की जा रही है। वहीं रैन बसेरों के जरिए उनके विश्राम का भी खासा खयाल रखा जा रहा है।

ऐसे में विभिन्न राजनैतिक दलों व सामाजिक संगठनों का भी कर्तव्य बनता है कि समाज हित में कुछ करें। इसी क्रम में वरिष्ठ समाजसेवी एवं राष्ट्रीय लोक दल के शहर अध्यक्ष यादराम सिंह चंदेल ने अपने आवास पर गरीबों को कंबल वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सामाजिक हित के कार्य करने से उन्हें आत्मसंतुष्टि मिलती है। वह कभी भी गरीबों की सेवा करने से पीछे नहीं हटे और न ही हटेंगे। कंबल प्राप्त करने के बाद लाभान्वित लोगों ने उन्हें भरपूर आशीर्वाद दिया।

अंजार उर्फ अबरु बने रालोद अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के मुरादाबाद बरेली मंडल कोआर्डिनेटर


नूरपुर/बिजनौर. रालोद अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष गौहर इकबाल एडवोकेट ने राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश जैन की संस्तुति पर नूरपुर के मोहल्ला मौहम्मद नगर निवासी अंजार अहमद उर्फ अबरु को रुहेलखण्ड क्षेत्र मुरादाबाद व बरेली मंडल का क्षेत्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपते हुए पार्टी की नीतियों को जन जन तक पहुंचाने की अपेक्षा की है।

36 सीटों से कि‍तनी मजबूत होगी रालोद?

अखिलेश के आवास पर जयंत मंगलवार को पहुंचे और दोनों के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत हुई। सूत्रों के अनुसार जयंत चौधरी का दावा 45 सीटों पर था। उन्होंने तर्क रखा कि यूपी की 45 सीटों पर उनकी मजबूत पकड़ है। इस लिहाज से उन्हें इतनी सीटें दी जानी चाहिए। बैठक के बाद रालोद को 36 सीटें देने पर सहमति बनने की बात कही जा रही है।

लखनऊ। ताजा हालात के अनुसार 36 सीटों के अलावा जहां रालोद की स्थिति मजबूत होगी, वहां पर उसके सिंबल पर सपा अपना उम्मीदवार उतारेगी। सपा मुखिया अखिलेश यादव और रालोद प्रमुख जयंत चौधरी के बीच उनके आवास पर करीब दो घंटे चली बैठक में यह सहमति बनी। अखिलेश ने जयंत चौधरी के साथ फोटो ट्वीट कर गठबंधन पर मुहर लगा दी।

जैसा कि समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल के बीच गठबंधन की सहमति हो चुकी है। दोनों पार्टियों में हुए समझौते के मुताबिक सपा रालोद को विधानसभा की करीब 36 सीटें देगी। इनमें से जयंत 30 सीटों पर रालोद और छह सीटों पर सपा के सिंबल पर अपने उम्मीदवार उतारेंगे।

अखिलेश यादव ने पहले ही साफ कर दिया था कि इस बार वह बड़े दलों से गठबंधन नहीं करेंगे। रालोद से गठबंधन से पहले अखिलेश ने केशव देव मौर्य के महान दल, डा. संजय सिंह चौहान की जनवादी पार्टी (सोशलिस्ट), शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और ओमप्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी से गठबंधन किया है। ओमप्रकाश राजभर वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ थे। ओमप्रकाश राजभर गाजीपुर के हैं और आसपास के जिलों में राजभर जाति का अच्छा वोट बैंक है। जाहिर है, छोटे दलों से गठबंधन के पीछे अखिलेश की जातीय समीकरणों को साधने की रणनीति है, जिसकी सफलता की कसौटी अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के परिणाम होंगे। जहां तक रालोद का सवाल है तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कुछ सीटों पर उसका प्रभाव है। रालोद से दोस्ती कर अखिलेश की मंशा पश्चिम की जाट बेल्ट में स्थिति मजबूत करने की है।

2019 के लोस चुनाव में भी हुआ था सपा-रालाेद गठबंधन

समाजवादी पार्टी और रालोद के बीच पहला गठबंधन लोकसभा चुनाव वर्ष 2019 में हुआ। वैसे तो इस चुनाव में मुख्य गठबंधन सपा और बसपा के बीच हुआ, लेकिन अखिलेश ने अपने कोटे की तीन सीटें बागपत, मुजफ्फरनगर और मथुरा रालोद को देकर इसकी शुरुआत की। लोकसभा चुनाव में करारी हार और बसपा से गठबंधन तोड़ने के बाद भी अखिलेश ने रालोद का साथ नहीं छोड़ा। यह भी सर्वविदित है कि विधानसभा चुनाव-2022 के लिए रालोद मुखिया जयंत चौधरी पर भले ही अन्य दलों ने डोरे डाले हों मगर उन्होंने सपा के साथ ही जाना मुनासिब समझा। सपा और रालोद के बीच चुनाव से पहले यह तीसरा गठबंधन है।

विधानसभा चुनाव के लिए जब पार्टियां एक-दूसरे के संपर्क में थी तब जयंत चौधरी और प्रियंका गांधी की मुलाकात चर्चाओं में रही। कांग्रेस और रालोद के गठबंधन को लेकर भी कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन अखिलेश और जयंत की मंगलवार को हुई मीटिंग ने साफ कर दिया कि दोनों पार्टियां 2022 के चुनाव में भी साथ-साथ रहेंगी।

बोले रालोद नेता; किसान विरोधी है भाजपा सरकार

बिजनौर/मंडावर। राष्ट्रीय लोकदल के आह्वान पर बिजनौर विधान सभा के गांव दयालवाला में भाईचारा जनसम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने भाजपा सरकार को किसान विरोधी की संज्ञा दी। कार्यक्रम में अच्छी काफी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। रालोद नेताओ ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये कार्यक्रम के आयोजक की भरपूर  प्रशंसा की।

बिजनौर विधान सभा में राष्ट्रीय लोकदल के आह्वान पर गांव दयालवाला में गन्ना क्रेशर के मैदान में भाईचारा जनसम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को पूर्व कमिश्नर एसके वर्मा, धनौरा के  पूर्व विधायक हरपाल सिह, महिला मोर्चा की पूनम चौधरी, पूर्व जिला अध्यक्ष महावीर सिंह, चौधरी बंटी, रितुल ढ़ाका, अली नवाज, अली सलमान, पूर्व ब्लाक अध्यक्ष कामेन्द्र चौधरी आदि वक्ताओं ने सम्बोधित किया। वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए सरकार को व्यापारियों की सरकार बताते हुए  किसान विरोधी ठहराया। वहीं कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिये आयोजक राजेन्द्र चौधरी जाफरपुर वालों की सराहना की।

कार्यक्रम जिलाध्यक्ष रालोद अली अदनान की अध्यक्षता व कुलदीप चिकारा के संचालन में हुआ। मुख्य अतिथि क्षेत्रीय अध्यक्ष रूहेलखंड़ व पूर्व विधायक अशफाक अली रहे। कार्यक्रम के आयोजक चौधरी राजेन्द्र सिंह जाफरपुर ने मंचासीन नेताओं को शाल ओढ़ा कर कर उनका सम्मान किया।

रालोद का अस्तित्व बचा पाएंगे छोटे चौधरी?

जयंत के सामने रालोद का अस्तित्व बचाने की चुनौती।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आ रहे हैं, प्रदेश की सभी पार्टियाँ कमर कसती नज़र आ रही हैं। लेकिन इन पार्टियों को इस बार के चुनाव में कड़ी चुनौती किसान, ख़ासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाट किसान दे रहे हैं। यही वजह है कि सभी पार्टियाँ अपना-अपना अस्तित्व बचाने की चिन्ता सताने लगी है।

राजनीतिक जानकारों का दावा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सिर्फ़ जाट ही नहीं, दूसरी जाति के किसान भी भाजपा से सख़्त नाराज़ हैं। यही कारण है कि जाटों के साथ-साथ इन मतदाताओं के बीच अपनी पैठ बनाने में छोटे चौधरी यानी चौधरी जयंत सिंह जुट गए हैं। उन्हें किसान आन्दोलन के चलते बल मिला है, लेकिन उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि उन्हें अपने पिता चौधरी अजित सिंह के गुजर जाने के बाद पिछले कई चुनावों में बुरी तरह कमज़ोर पड़ चुकी अपनी पार्टी की साख और उसके अस्तित्व को बचाना होगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव जयंत के लिए स्वर्णिम अवसर के रूप में सामने हैं, जिन्हें उन्हें अपने राजनीतिक विवेक से जनता में एक नया जोश और विश्वास पैदा करके हर हाल में हासिल करना होगा, अन्यथा अगर यह अवसर उन्होंने गँवा दिया, तो उन्हें भविष्य में राजनीति में अपना क़द और पार्टी का अस्तित्व बचाये रखने की चुनौती हमेशा रहेगी। इसके लिए भले ही वह सपा से गठबन्धन कर लें; लेकिन अपना क़द छोटा करके समझौता न करें।

बताया गया है कि रालोद के लिए उन्होंने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से 40 सीटों की माँग की थी, इसमें 32 सीटें मिलने पर सहमति बनने की संभावना बन रही है। 21 नवंबर को मुलायम सिंह के जन्मदिन पर कार्यक्रम के दौरान सपा के रालोद से गठबन्धन की औपचारिक घोषणा हो सकती है। रालोद कार्यकर्ताओं का मानना है कि उससे कम में उन्हें किसी हाल में नहीं मानना है, भले ही यह गठबन्धन हो या न हो। हालाँकि अभी तक तो यही बात सामने आ रही है कि जयंत को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाट बेल्ट की 32 सीटें सपा छोड़ रही है, जिसका उन्हें राजनीतिक फ़ायदा मिल सकता है। क्योंकि कृषि क़ानूनों के विरोध में आन्दोलन कर रहे किसानों, जिनमें जाट भी शामिल हैं; ने उन्हें रस्म पगड़ी के दौरान जो ज़िम्मेदारी दी है, उससे यह साफ़ है कि जाट मतदाता चौधरी जयंत सिंह की तरफ जाटों के नेतृत्व करने वाले नेता की नज़र से देख रहे हैं, जिनसे जाट किसानों को बड़ी उम्मीदें हैं।

अध्यक्ष के तौर पर पहला बड़ा इम्तिहान- ज़ाहिर है कि रालोद की ज़िम्मेदारी अब पूरी तरह चौधरी जयंत सिंह पर आ चुकी है और पार्टी अध्यक्ष के तौर पर यह उनका पहला बड़ा इम्तिहान जिसमें जाटों के साथ-साथ मुस्लिम मत भी रालोद के खाते में जाएँ, तो उनकी जीत पक्की है। ऐसा माना जा रहा है, जिसके बग़ैर जाटलैंड में किसी भी पार्टी की जीत सम्भव नहीं है। इसके अलावा अगर दलित वोट का भी कुछ प्रतिशत वोट रालोद को मिल गया, तो फिर उसे अच्छी ख़ासी सीटों पर आसानी से जीत हासिल हो सकती है। केवल जाटों के दम पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 20-22 फ़ीसदी सीटें तो जीती जा सकती हैं; लेकिन 100 फ़ीसदी तो क़तई नहीं।

अभी पूरी तरह ख़त्म नहीं हुआ जाटों का भाजपा प्रेम- राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अधिकतर जाटों का भाजपा प्रेम अभी पूरी तरह ख़त्म नहीं हुआ है, जिसकी वजह भाजपा में जाट नेताओं का होना भी है। अगर जाट नेता भाजपा का दामन छोड़ दें, तो बचे-खुचे भाजपा समर्थक जाटों का भी भाजपा से मोह भंग हो जाएगा और इससे भाजपा को उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में ही नहीं, बल्कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भी तगड़ा झटका लग सकता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय लोकदल का गढ़ माना जाता रहा है। किसान मसीहा चौधरी चरणसिंह से लेकर जयंत चौधरी तक छपरौली, बाग़पत सीना ताने खड़े रहे हैं। तमाम नाराजगी और रूठने मनाने के बावजूद छपरौली ने कभी भी इन परम्परागत सियासतदानों का सिर नीचा नहीं होने दिया। लेकिन सन् 2013 के मुज़फ़्फ़रनगर दंगे और टिकट के ग़लत बँटवारे के चलते रालोद की नाव डूब गयी। स्थिति यहाँ तक आ पहुँची कि रालोद सन् 2017 के विधानसभा चुनाव में एकमात्र छपरौली की सीट बचा पायी, लेकिन अब रालोद को एक बेहतरीन मौक़ा मिला है, जिसे चौधरी जयंत सिंह को बचाना है, जो कि थोड़ा मुश्किल भले है, लेकिन नामुमकिन नहीं। इसके लिए जयंत को खुलकर किसान आन्दोलन के साथ डटकर खड़े रहना होगा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मतदाताओं में एक विश्वास जगाना होगा। हालाँकि यह भी सच है कि किसान आन्दोलन के दौरान जयंत ने किसानों का समर्थन देकर कार्यकर्ताओं में जोश डालने का कार्य किया है। इस दौरान की गयी मेहनत और हाथरस के लाठीचार्ज के परिणामस्वरूप ही वह लोगों में चर्चा का विषय भी बने। लेकिन उन्हें पार्टी को वन मैन आर्मी के तंत्र (मॉडल) से बाहर निकाल कर असलियत में लोकतांत्रिक बनाना होगा। फ़िलहाल सवाल यही है कि क्या रालोद का अस्तित्व बचा पाएँगे चौधरी जयंत सिंह ?

केपी मलिक (लेखक दैनिक भास्कर के राजनीतिक संपादक हैं।) tehelkaletters@gmail.com

गांवों में रालोद के बहुजन उदय अभियान का प्रचार

गांवों में रालोद के बहुजन उदय अभियान का प्रचार शुरू
नूरपुर (बिजनौर)। राष्ट्रीय लोक दल के बहुजन उदय अभियान को सफल बनाने के लिए गांवों का दौरा कार्यक्रम शुरू हो गया है।

इसी क्रम में राष्ट्रीय लोकदल के क्षेत्रीय महामंत्री व जिला महासचिव चौधरी अजयवीर सिंह एडवोकेट ने मुस्तफा अंसारी देवेंद्र सिंह, अमरपाल सिंह, भावेश कुमार आदि पदाधिकारियों के साथ नूरपुर के मोहल्ला रविदास नगर के अलावा गांव पीपला जागीर, नाहर सिंह, तंगरोली, छज्जूपुरा आदि गांवों का दौरा कर राष्ट्रीय लोकदल के 2022 के 22 संकल्पों और बहुजन उदय अभियान से संबंधित जानकारी से ग्रामीणों को जागरूक किया।

जिला पंचायत सदस्य डा. मुकेश ने सैकड़ों दलितों संग थामा रालोद का दामन

डा.मुकेश का स्वागत करते जिलाध्यक्ष

जिला पंचायत सदस्य डा.मुकेश ने सैकड़ों दलितों संग रालोद का दामन थामा


नूरपुर (बिजनौर)। क्षेत्र के गांव बलदाना शफीपुर के प्रमुख चिकित्सक मुकेश कुमार ने बसपा से किनारा कर लिया है। सैकड़ों दलितों और समर्थकों के संग रालोद का दामन थामकर उन्होंने बसपा को भारी झटका दिया है।
नहटौर में आयोजित रालोद के सदस्यता समारोह में प्रदेश महासचिव नगीना के पूर्व सांसद मुंशीराम पाल एवं जिलाध्यक्ष मोहम्मद अदनान ने उन्हें समर्थकों सहित सदस्यता ग्रहण कराते हुए माला पहनाकर जोरदार स्वागत किया।
संगठन की सदस्यता ग्रहण कर डा. मुकेश ने संगठन के पदाधिकारियों और समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए संगठन की नीतियों को जन जन तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया। इस दौरान उनके साथ मास्टर हेम सिंह चौधरी, आशीष सैनी, नवनीत कुमार, रिआसत अली, आबिद खां, राहत अली, सचिन चौधरी, नुज चौधरी सहित बड़ी संख्या में समर्थक शामिल रहे।

अब सत्ता परिवर्तन चाहती है जनता: जयंत चौधरी

रिपोर्ट:- सत्येंद्र सिंह

बिजनौर। आरएलडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी आशीर्वाद पथ रैली के तहत बिजनौर की चांदपुर विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे। जनसभा में हजारों की तादाद में जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिसे देख जयंत चौधरी भी स्टेज पर हैरान रह गए। उन्होंने लगभग 20 मिनट जनसभा को संबोधित किया।

आगामी विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही बिजनौर जिले में भी चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी को लेकर निकाली जा रही आशीर्वाद पथ रैली में राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी चांदपुर पहुंचे। हिंदू इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में जयंत को सुनने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। जयंत चौधरी ने कहा कि जिस तरह से जनसभा में भीड़ इकट्ठा हुई है, यह भीड़ अब सत्ता परिवर्तन चाहती है।

जयंत चौधरी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हमारा चुनाव औरंगजेब या पाकिस्तान क्रिकेट टीम के साथ नहीं है। ये चुनाव परिवर्तन और विकास कराने के उद्देश्य से लड़ा जा रहा है।

गठबंधन पर बोलते हुए कहा कि पिछली बार भी साथ मे चुनाव लड़ा था। अभी बातचीत चल रही है जो भी होगा मीडिया को बता दिया जाएगा।

राष्ट्रीय लोक दल ने निकाला मशाल जुलूस

बिजनौर। राष्ट्रीय लोकदल शहर बिजनौर के अध्यक्ष धनगर यादराम सिंह चंदेल के नेतृत्व में मशाल जुलूस निकाला गया।

जुलूस राष्ट्रीय लोक दल के कार्यालय से प्रारंभ होकर रामलीला मैदान गांधी मूर्ति पर समाप्त किया गया। मशाल जुलूस में राष्ट्रीय लोक दल के बूथ कमेटी  अध्यक्ष आचार्य नरेंद्र सिंह, चौधरी राम सिंह, छात्र सभा के जिलाध्यक्ष अभिनव चौधरी हिमांशु चौधरी,  राष्ट्रीय लोक दल के जिला महासचिव हिमांशु अनुज डबास, परितोष कुमार चंदेल, जुनेद आलम, अदनान आलम, नमन कुमार, सोनू धनगर, विपुल कुमार, विनय कुमार, भूपेंद्र सिंह, आर्यन सिंह, गौरव कुमार, राज आर्यन आदि ने भाग लिया। इस दौरान मनीष गुप्ता के हत्यारों को फांसी दो, राष्ट्रीय लोकदल जिंदाबाद, जयंत चौधरी जिंदाबाद, योगी सरकार की पुलिस मुर्दाबाद आदि नारे लगाए गए। गांधी जी की मूर्ति पर समापन के समय रघुपति राघव राजा राम पतित पावन सीता राम ईश्वर अल्लाह तेरे नाम योगी, मोदी को सद्बुद्धि दे भगवान, की प्रार्थना की गई|

चंद महीनों के संविदा कार्यकाल पर है झूठे विज्ञापन के सहारे चलने वाली बीजेपी सरकार: प्रशांत कन्नौजिया

झूठे विज्ञापन के सहारे चलने वाली बीजेपी सरकार चंद महीनों के संविदा कार्यकाल पर है –प्रशांत कन्नौजिया

लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ने लगी हैं। सभी राजनीतिक पार्टियों में आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। दलित व पिछड़ा वोट बैंक के खातिर आपसी खींचतान शुरू हो चुका है। हाल में ही राष्ट्रीय लोक दल ने पत्रकार व एक्टिविस्ट प्रशांत कन्नौजिया को एससी एसटी विंग का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया है।

जानकारों का मानना है कि यूपी में दलित समाज से आने वाले प्रशांत कनौजिया को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर उत्तर प्रदेश की दलित वोटबैंक की राजनीति करने वाले के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।

आरएलडी राष्ट्रीय अध्यक्ष (एससी एसटी विंग) प्रशांत कन्नौजिया से हमारे संवाददाता मधुसूदन की बातचीत के अंश…

1. सरकार के खिलाफ लगातार बोलने वाले पत्रकार ने राजनीति का रास्ता क्यूं चुना?

भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था पतन की ओर है। पत्रकारिता के दौरान सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ बोलने पर मुझे जेल में डाल दिया। जेल में मुझे प्रताड़ित किया गया। बाबा साहेब ने कहा था राजनीति हर मुश्किलों की कुंजी है।
आरएलडी सामाजिक न्याय की बात करती है। इसी कारण आरएलडी को चुना।

2. आगामी यूपी विधानसभा चुनाव आरएलडी किन मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी?

आरएलडी का मुद्दा जनता के लिए कमाई, दवाई, सिंचाई, पढ़ाई व सामाजिक न्याय है। योगी सरकार में दलित, पिछड़ों व किसानों का जीना मुश्किल है। बेरोजगारी, महंगाई, बहुजन व महिलओं के प्रति बढ़ते अपराध ने जनता का जीना मुश्किल कर दिया है।

3. सरकार कहती है कि पिछली सरकार के तुलना में यूपी में अपराध घटा है?

जब जनपद बिजनौर में नेशनल खोखो प्लेयर की सरेआम हत्या कर दी जाती है, इसी से अंदाजा लगा लीजिए कि कानून व्यवस्था का क्या हाल है? बीजेपी, आरएसएस के लोग दलित समाज को टारगेट कर मनोबल तोड़ने का कार्य करते हैं। वहीं गोदी मीडिया सुशांत सिंह राजपूत केस पर खूब छिलती है और खोखो प्लेयर की हत्या पर चुप्पी साध लेती है।

4. वर्तमान सरकार को आप रोजगार सृजन के मामले में कितना सफल मानते हैं?

योगी आदित्यनाथ केवल फीता काटने वाले मुख्यमंत्री हैं। सारी भर्ती व काम अखिलेश यादव की देन हैं। दो करोड़ रोजगार देने का वादा करने वाले केवल झूठे विज्ञापन में मात्र चार लाख रोजगार दे पाए। इससे बड़ी शर्म की बात क्या हो सकती है? प्रतियोगी छात्रों को लखनऊ में पुलिस का डंडा खा रहा है। राजा अपने महल में मस्त है।

5. किसान आंदोलन आगामी यूपी चुनाव में कितना असर डालेगा?

किसान आंदोलन में पिछले 6 महीनों से सड़क पर अपना हक मांग रहा है, लेकिन 300 किसानों की मौत पर चुप्पी साधने वाली सरकार अल्लाह हू अकबर, हर हर महादेव के एकता वाले नारे से तुरंत एक्टिव हो जाती है, क्योंकि आरएसएस केवल तोड़ने व विध्वंसकारी राह की राजनीति करती है। किसान बीजेपी के ताबूत पर आखिरी कील ठोकेगा। बीजेपी बहुजन मुस्लिम की एकता से डरती है।

6. आरएलडी द्वारा आयोजित न्याय यात्रा के पीछे क्या मकसद है?

बीजेपी सरकार में दलितों पिछड़ों के ऊपर हो रहे अत्याचार के खिलाफ ये लड़ाई है। दलित व महिलाओं के प्रति अपराध को 2022 में सरकार बनाने के बाद इसका हिसाब करेंगे। बहुजन आने वाले समय में बीजेपी की ईट से ईट बजा देगा। यह न्याय यात्रा सहारनपुर से शुरू होकर पूरे यूपी में होगी। इसका समापन 9 अक्टूबर को राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी आगरा में करेंगे।

7. आरएलडी का जातीय जनगणना पर क्या मानना है?

बीजेपी जातिगत जनगणना से इसलिए डर रही है क्योंकि इनका झूठा गुब्बारा फूट जायेगा और बहुजन को अपनी असली ताकत का एहसास हो जायेगा। जितनी जिसकी संख्या भारी, उतनी उसकी हिस्सेदारी। बहुजन समाज के बनने वाली योजनाओं के खातिर जातीय जनगणना का होना जरूरी है।

चांदपुर विधानसभा क्षेत्र के कई सम्मानित लोग RLD में शामिल

RLD मिशन 2022, जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी ने जताया आभार

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी के नेतृत्व में आस्था जताते हुए चांदपुर विधानसभा क्षेत्र के कई सम्मानित लोगों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है।

शहर चांदपुर के मोहल्ला शाहचंदन में वार्ड मेंबर नगर पालिका चांदपुर अख्तर अंसारी एवं मोहम्मद मुफ्ती साहब, शहाबुद्दीन अंसारी ने साथियों के साथ राष्ट्रीय लोकदल में आस्था जताई। इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी ने कहा कि मैं क्षेत्र वासियों का आभारी रहूंगा, उनके प्यार, सहयोग एवं सम्मान के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष शीशपाल राठी, जिला महासचिव डॉ. विपिन तोमर, ब्लाक अध्यक्ष चौधरी योगेंद्र सिंह, चौधरी पीतम सिंह, युवा नेता चौधरी अंकुश काकरान आदि मौजूद रहे।

जाट मुस्लिम समीकरण बढ़ाएगा भाजपा की मुश्किलें!

पश्चिम उत्तर प्रदेश में भाजपा की जमीन पर वोटों की फसल उगाने की तैयारी में रालोद। विधानसभा चुनाव के पहले घेराबंदी की कवायद।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव नजदीक आ रहा है। सभी राजनीतिक दलों में उठापटक भी शुरू हो गई है। हर दल सत्तारूढ़ भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने की जुगत में है। इसके लिए जहां एक ओर सभी विपक्षी दल भाजपा सरकार की नाकामियों को उजागर कर जनता का ध्यान अपनी ओर करने का अभियान चलाए हुए हैं, वहीं चुनाव के बाद सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर आने की रणनीति पर भी काम कर रहे हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय लोकदल ने जाट-मुस्लिम समीकरण को अमलीजामा पहनाने की मुहिम शुरू कर दी है। हाल ही में पश्चिम उत्तर प्रदेश के दो बड़े मुस्लिम चेहरों का रालोद में शामिल होना इसी मुहिम का हिस्सा माना जा रहा है। खास बात यह है कि यह दोनों ही बहुजन समाज पार्टी के मुस्लिम चेहरे के रूप में पहचाने जाते रहे हैं। ये हैं पश्चिम उत्तर प्रदेश के कद्दावर मुस्लिम नेता पूर्व राज्यसभा सांसद वरिष्ठ पत्रकार शाहिद सिद्दीकी और पश्चिम उत्तर प्रदेश में कई साल तक बसपा की मुस्लिम भाईचारा कमेटी के लिए कई मंडलों में काम करने वाले गौहर इकबाल।

आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पश्चिम उत्तर प्रदेश में एक बड़ा सियासी बदलाव सामने रहा है। किसान आंदोलन के चलते जाट मुस्लिम समीकरण बड़ी तेजी से परवान चढ़ रहे हैं। हाल ही में पश्चिम उत्तर प्रदेश के कद्दावर मुस्लिम नेता पूर्व राज्यसभा सांसद शाहिद सिद्दीकी के रालोद का दामन थामने से मुस्लिम जाट समीकरण को और ताकत मिलती दिख रही है। कभी गांधी परिवार के करीब रहे शाहिद सिद्दीकी का शुमार देश के राष्ट्रीय नेताओं में होता है। वह अपने 24 साल के राजनीतिक सफर में भाजपा को छोड़कर उत्तर प्रदेश के सभी प्रमुख दलों का हिस्सा रह चुके हैं।

इसी तरह गौहर इकबाल भी बसपा में एक मजबूत मुस्लिम चेहरा थे। उन्होंने बिजनौर जिले से लेकर पश्चिम उत्तर प्रदेश तक में बसपा में रहकर कई मंडलों में काम किया। मुस्लिम भाईचारा कमेटी में कई साल तक बसपा को मजबूत करने का काम किया। वहीं 2012 में महान दल से विधानसभा का चुनाव लड़ा। उसके बाद बसपा में शामिल हुए और 2017 में नूरपुर विधानसभा से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, मगर बदकिस्मती से चुनाव हार गए।

राजनैतिक जानकारों का कहना है कि शाहिद सिद्दीकी और गौहर इकबाल के राष्ट्रीय लोकदल में शामिल होने से पश्चिम उत्तर प्रदेश में जाट मुस्लिम समीकरण को ताकत मिलेगी। इस मजबूत समीकरण से भारतीय जनता पार्टी की जमीन उखड़ सकती है, अगर ये समीकरण आगामी विधानसभा चुनाव में परवान चढ़ा तो पश्चिम उत्तर प्रदेश में एक बड़ा सियासी बदलाव नजर आएगा। रालोद में मुस्लिम नेताओं का शामिल होना इस बात का संकेत दे रहा है कि पश्चिम उत्तर प्रदेश में अपने पुराने मतभेद भुलाकर जाटलैंड पर मुस्लिम खेती करने को तैयार नज़र आ रहा है।

मुस्लिम जाटों की नज़दीकियां से जमीन खिसकती देख भाजपा का शीर्ष नेतृत्व खासा परेशान नज़र आ रहा है। यह तय है कि इस समीकरण से उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

बसपा के कद्दावर नेता गौहर इकबाल ने थामा रालोद का दामन

बसपा के कद्दावर नेता गौहर इकबाल ने छोड़ा बसपा का साथ। थामा रालोद का दामन। पैसे लेकर टिकट बांटने का लगाया आरोप।

बिजनौर। विधानसभा क्षेत्र नूरपुर के गांव मझोला बिल्लौच निवासी बसपा के कद्दावर नेता एवं पूर्व बसपा प्रत्याशी गौहर इकबाल ने बहुजन समाज पार्टी को अलविदा कह दिया है। गौहर इकबाल ने राष्ट्रीय लोक दल का दामन थाम लिया है। गौहर इक़बाल ने बहुजन समाज पार्टी पर इल्जाम लगाते हुए कहा कि बसपा पैसे लेकर टिकट देने का काम कर रही है। इसलिए पार्टी का जनाधार लगातार घटता जा रहा है।

बसपा ने खोया मजबूत मुस्लिम चेहरा- गौहर इकबाल बसपा में एक मजबूत मुस्लिम चेहरा थे। उन्होंने जिले से लेकर पश्चिम उत्तर प्रदेश तक में बसपा में रहकर कई मंडलों में काम किया। मुस्लिम भाईचारा कमेटी में कई साल तक बसपा को मजबूत करने का काम किया। वहीं 2012 में महान दल से विधानसभा का चुनाव लड़ा। उसके बाद बसपा में शामिल हुए और 2017 में नूरपुर विधानसभा से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, मगर बदकिस्मती से चुनाव हार गए। तब से वह लगातार बसपा के लिए दिन रात काम करते रहे। आरोप है कि पार्टी के बड़े नेता हर मोड़ पर गौहर इकबाल इकबाल को नजरअंदाज करते हुए नजर आए। काफी दिनों से बसपा की जिला कमेटी की बैठक में उनकी गैरमौजूदगी देखने को मिली। वह लगातार बसपा में घुटन महसूस करते नजर आ रहे थे।

बड़े नेता लगातार बना रहे दूरी- राजनैतिक जानकारों का कहना है कि 2017 के चुनाव के बाद से बसपा में लगातार बड़े नेताओं का पार्टी से दूरी बनाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार पार्टी टूटती हुई नजर आ रही है। वहीं जिला पंचायत चुनाव में बसपा पूरे जिले में सिर्फ और सिर्फ पांच प्रत्याशी जिताने में कामयाब हो सकी। संभवत: कुछ इन्हीं कारणों से गौहर इकबाल ने बसपा को अलविदा कहते हुए किसानों के मसीहा स्वर्गीय चौधरी अजीत सिंह की पार्टी राष्ट्रीय लोक दल का दामन थाम लिया।

रालोद को मिलेगी मजबूती: जयंत चौधरी- रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने गौहर इकबाल को पार्टी की सदस्यता दिलाई। जयंत चौधरी ने कहा कि पश्चिम उत्तर प्रदेश में गौहर इकबाल के आने से रालोद को मजबूती मिलेगी। विश्वास दिलाते हुए कहा कि पार्टी में पूरी तरह से मान सम्मान दिलाने का काम किया जाएगा, क्योंकि राष्ट्रीय लोक दल गरीबों, किसानों, सर्व समाज की पार्टी है। किसी के साथ भेदभाव, जाति बिरादरी, हिंदू मुसलमानों की राजनीति नहीं करती। जिले में रालोद को पहले से भी ज्यादा मजबूत किया जाएगा। आने वाली 21 तारीख को उनके निवास पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय लोकदल की सदस्यता दिलाई जाएगी।