किसान की पशुशाला से गाय को उठाकर ले गया बाघ

किसान की पशुशाला से गाय को उठाकर ले गया बाघ

बिजनौर। बढ़ापुर वन रेंज के आरक्षित वन क्षेत्र के समीप डेरा डालकर कृषि करने वाले एक किसान की पशुशाला से बाघ किसान की गाय को उठाकर ले गया। पास ही जंगल मे ले जाकर गाय को अपना निवाला बना लिया। सवेरे किसान जब डेरे पर पहुँचा तो देखा कि पशुशाला से दो गाय गायब थी। आसपास तलाश करने पर एक गाय का शव मिला परन्तु एक गाय का कुछ पता नही चल पाया है। किसान द्वारा घटना की सूचना वन विभाग सहित राजस्व विभाग को दे दी गई है।

नगर के मोहल्ला फूलबाग निवासी नसीम पुत्र अ० रहमान की नकटा नदी के समीप बढ़ापुर वन रेंज के आरक्षित वन क्षेत्र से सटे मौजा सेलापानी में कृषि भूमि है। जहां पर दशकों से नसीम के परिजनों द्वारा कृषि भूमि पर डेरा डालकर निवास किया जाता रहा है। उक्त डेरे पर ही पशुओं के लिये कच्ची पशुशाला भी बनाई हुई है, जिसमें करीब दर्जन भर पशुओं का पालन होता है। शुक्रवार को नसीम जुमे की नमाज पढ़ने के लिए नगर में गए था, जहां पर नसीम अपने परिजनों के कहने पर रात में नगर में वहीं रुक गया था। सवेरे जब नसीम अपने डेरे पर पहुँचा तो देखा कि पशुशाला से दो गाय गायब थी। आसपास देखने पर नसीम ने पाया कि गाय को बाघ उठाकर ले गया है। इसके बाद नसीम ने पासपड़ोस के किसानों के साथ आसपास के जंगल में तलाश किया तो डेरे से कुछ दूर जंगल में एक गाय मृत पड़ी हुई मिली। उसका पिछला हिस्सा बाघ द्वारा खाया जा चुका था। गाय के गले पर बाघ के पकड़ने के निशान भी मौजूद थे। आसपास में देखने पर कच्चे रास्ते पर बाघ के पदचिन्ह भी मिले, जिन्हें देखकर किसानों ने बाघ की पुष्टि की है। किसान नसीम द्वारा बताया गया कि उसके द्वारा इस बाबत वन विभाग व राजस्व विभाग को सूचना दे दी गई है। सूचना पर हलका लेखपाल प्रमोद कुमार ने जांच कर उचित कार्यवाही की बात कही है। बढ़ापुर वन रेंज के रेंजर कपिल कुमार से मोबाइल फोन पर संपर्क नहीं हो सका।

ढाई वर्षीय बच्ची को उठाकर ले गया गुलदार, गंभीर

ढाई वर्षीय बच्ची को उठाकर ले गया गुलदार, गंभीर हालत में भर्ती

ग्रामीणों द्वारा गुलदार का पीछा करने पर मासूम बालिका को छोड़कर भागा

पिंजरा लगाने के बाद भी आज तक पकड़ा नहीं जा सका गुलदार

बिजनौर। ग्राम मौसमपुर में खेत पर काम करने गई एक महिला की ढाई वर्षीय पुत्री को गुलदार उठाकर ले गया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर गुलदार बच्ची को छोड़कर भाग गया। बच्ची को गंभीर घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया। बच्ची को काफी चोटें आई हैं। उसे बिजनौर अस्पताल रेफर किया गया है।

देहात क्षेत्रों में गुलदार का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मासूम बालिका की मां गीता ने बताया कि उसके पति होशियार सिंह मजदूरी का कार्य करते हैं। गुरुवार को दोपहर के समय वह खुद खेत पर काम करने गई थी। इसी दौरान गुलदार उसकी मासूम पुत्री पर हमला कर उसे उठाकर ले गया। वह पीछे काफी दूर तक दौड़ी लेकिन गुलदार ने बच्ची को नहीं छोड़ा। महिला के शोर मचाने पर मौके पर इकट्ठे हुए ग्रामीणों द्वारा गुलदार का पीछा करने पर वह मासूम बालिका को छोड़कर भाग गया। तब तक उसने काफी हद तक अपने पंजों से मासूम बालिका की गर्दन को जख्मी कर दिया। ग्रामीण बालिका को नगीना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे बिजनौर रेफर कर दिया गया।
ग्राम प्रधान मोहम्मद असलम ने बताया कि गांव में गुलदार का आतंक बना हुआ है। पिंजरा लगाने के बाद भी गुलदार आज तक पकड़ा नहीं जा सका है।

वर्चस्व की जंग में फिर एक और हाथी की मौत

वर्चस्व की जंग में फिर एक और हाथी की मौत
बढ़ापुर रेंज मे फिर एक और हाथी ने गंवाई जान

बढ़ापुर/बिजनौर। वन प्रभाग नजीबाबाद की बढ़ापुर रेंज मे एक हाथी की मौत से वन विभाग में हड़कंप मच गया। मृत नर हाथी के शरीर पर चोट के गहरे निशान है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि हाथियों में वर्चस्व को लेकर हुए खूनी संघर्ष में उसकी मौत हुई है। हाथी के शव का पोस्टमार्टम करने के लिए इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट बरेली से डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंच गई है। बता दें कि इससे पहले हाल ही में साहुवाला वन रेंज में भी एक नर हाथी की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। एक के बाद एक नर हाथी की मौत वन विभाग पर सवालिया निशान लगा रही है।
बताया जाता है कि वन क्षेत्राधिकारी बढ़ापुर कपिल कुमार को बुधवार को बढ़ापुर रेंज के कक्ष संख्या एक मे एक नर हाथी का शव पड़ा होने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे रेंजर द्वारा घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई थी। जिसके बाद डीएफओ नजीबाबाद डॉक्टर मनोज शुक्ला ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया था।रेंजर कपिल कुमार के अनुसार आरक्षित वन क्षेत्र के कक्ष संख्या एक में जिस स्थान पर हाथी का शव पड़ा है उसके आसपास अन्य हाथियों के पद-चिन्हों के अलावा भारी मात्रा मे खून बिखरा पड़ा हुआ है। घटनास्थल का नजारा देखने से प्रतीत होता है कि हाथी की मौत से पहले हाथियों के बीच जमकर खूनी संघर्ष हुआ है। हाथी के शव और घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद वन अधिकारी प्रथम दृष्टया हाथी की मौत को हाथियों के बीच वर्चस्व के लिए हुए आपसी संघर्ष ही मान रहे है।मृत हाथी के पेट पर दाई और आघा दर्जन के करीब बड़े और गहरे घाव नजर आ रहे हैं। पेट पर दिखाई दे रहे गहरे घाव अन्य हाथी के दांतों द्वारा किये गए प्रहार से होने का अंदाजा लगाया जा रहा है। वन अधिकारियो द्वारा आंशका व्यक्त की जा रही है कि किसी बडे ताकतवर हाथी ने अपने दांतो से प्रहार कर युवा नर हाथी को मौत के घाट उतारा है। मृत हाथी की आयु 15 वर्ष के करीब होना बताई जा रही है।
घटनास्थल के समीप बगनला गांव के ग्रामीणों का कहना है कि मंगलवार/ बुधवार की रात्रि जंगल से हाथियों के चिंघाड़ की आवाज़ सुनाई पड़ रही थी। हाथियों के बीच हुए खूनी संघर्ष में किसी अन्य हाथी के घायल होने का पता लगाने के लिए वन कर्मचारी जंगल में कांबिंग भी कर रहे हैं। बहरहाल हाथी की मौत क्यों ? और कैसे हुई ? इसका पता लगाने के लिए इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टिट्यूट (आईवीआरआई ) बरेली से डॉक्टरों की टीम हाथी के शव का पोस्टमार्टम करने के लिए गुरुवार को बढ़ापुर रेंज पहुंच गई है। इस घटना से 20 दिन पूर्व नजीबाबाद वन प्रभाग की साहूवाला रेंज के कक्ष संख्या पांच राजगढ़ में जंगल के बीच से गुजर रही विद्युत हाईटेंशन लाइन की चपेट मे आने से एक युवा नर हाथी की मौत हो गई थी।

अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी का शुभारंभ

अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी का शुभारंभ

टाइगर रिजर्व न्यू जिम कॉर्बेट के रूप में जाना जाएगा जंगल अमानगढ़

सफारी प्रारंभ होने से क्षेत्र का विकास होगा व ईको पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा: सुशांत सिंह

पर्यटकों को सुख मिले, उनके साथ अच्छा व्यवहार हो व उन्हें सुरक्षित माहौल मिले: विधायक बढ़ापुर

बिजनौर। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व के हरिपुर वन परिसर में मंगलवार को जंगल सफारी का शुभारंभ विधायक बढ़ापुर सुशांत सिंह ने किया। उन्होंने इस अवसर पर पर्यटक पंजीकरण कक्ष व कैंटीन/टिकट घर का फीता काटा। साथ ही जंगल सफारी जिप्सी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विधायक ने जंगल सफारी करते हुए कहा कि यह क्षेत्र न्यू जिम कॉर्बेट के रूप में जाना जाएगा। इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक ने हाथी की प्रतिमा भेंट की गई। किन्हीं कारणों से जिलाधिकारी उमेश मिश्रा कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके।

शुभारंभ करते हुए विधायक बढ़ापुर ने कहा कि यहां आने वाले पर्यटकों को सुख मिले उनके साथ अच्छा व्यवहार हो व उन्हें सुरक्षित माहौल मिले। उन्होंने सभी से इसमें सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जंगल सफारी प्रारंभ होने से सभी वन क्षेत्रों का विकास होगा व इको पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
सुशांत सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि उनके प्रयासों से व दूरगामी सोच से इको पर्यटन को प्रदेश में बढ़ावा दिया जा रहा है। विधायक ने कहा कि पहले की सरकारों में व्यक्तिगत लाभ को प्राथमिकता दी जाती थी। वर्तमान सरकार ने प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाया और प्रदेश का विकास किया। उन्होंने कहा कि यहां आकर अच्छा लगा। अमानगढ़ वन क्षेत्र में जंगल सफारी प्रारंभ होने से रामनगर की तरह यहां का विकास होगा। जिम कॉर्बेट में देश-विदेश के पर्यटक आते हैं। ऐसे ही यहां भी उनका आगमन होगा, क्षेत्र का विकास होगा, यहां होटल रिसोर्ट आदि खुलेंगे और जनपद की आर्थिक उन्नति होगी।

मुख्य वन संरक्षक ने कहा कि जंगल सफारी प्रारंभ होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, क्षेत्र का चहुंमुखी विकास होगा। इको विकास समिति इसका संचालन करेगी। अमानगढ़ फॉरेस्ट रिजर्व फाउंडेशन का गठन हो गया है। यह फाउंडेशन व इको विकास समिति जंगल सफारी व पंजीकरण कक्ष आदि का संचालन करेंगी तथा इसमें वन विभाग का सहयोग रहेगा। जिला वन अधिकारी ने कहा कि विधायक ने जंगल सफारी की परिकल्पना देखी, जिसको आज मूर्त रूप दिया जा रहा है। इससे क्षेत्र का विकास होगा, आगे चलकर इसे कालागढ़ व अन्य रिजर्व क्षेत्रों से भी जोड़ा जाएगा। यह आगाज है, अभी आगे और जाना है।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार सिंह, मुख्य वन संरक्षक मुरादाबाद, जिला वन अधिकारी अनिल कुमार पटेल, एसडीओ फॉरेस्ट सहित अन्य पुलिस प्रशासनिक अधिकारी व बड़ी संख्या में आमजन आदि उपस्थित रहे। उप जिलाधिकारी धामपुर मनोज कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। किन्हीं कारणों से जिलाधिकारी उमेश मिश्रा कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके।

आकर्षण का केंद्र हैं 27 बाघ और सौ से ज्यादा हाथी~
हजारों रुपए खर्च कर कार्बेट पार्क जाने वालों के लिए अमानगढ़ वन रेंज में हर वो वन्य जीव मौजूद हैं, जिसे देखने की उन्हें लालसा रहती है। यहां पर 27 बाघ और सौ से ज्यादा हाथी हैं। इसके अलावा भालू, गुलदार, पैंगोलिन, अजगर जैसे जीव भी दिखाई देते हैं। चीतल, हिरण के दर्जनों की संख्या में झुंड दिखाई पड़ते हैं।

वन विभाग से लिए गए आंकड़ों के अनुसार अमानगढ़ में मौजूद वन्यजीव

बाघ 27
गुलदार 45
चिकारा 06
काला हिरन 50
सांभर 226
बारहसिंगा 37
भालू 9
मोर 1074

साहूवाला रेंज में मिला हाथी का शव, मीडिया से छुपाने में लगे रहे अधिकारी

साहूवाला रेंज में मिला युवा हाथी का शव, घटना को मीडिया से छुपाने में लगे रहे अधिकारी

साहूवाला रेंज में मिला हाथी का शव, विभाग में मचा हड़कंप। घटना को मीडिया से छुपाने में लगे रहे वन अधिकारी।

बढ़ापुर (बिजनौर)। साहूवाला वन रेंज में एक युवा नर हाथी का शव बरामद किया गया है। मामले की जानकारी मिलने पर वन विभाग में हड़कंप मच गया। मृत हाथी के दोनों दांत सुरक्षित हैं। डीएफओ नजीबाबाद तथा वन संरक्षक मुरादाबाद ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।

जानकारी के अनुसार साहूवाला रेंज के कंपार्ट नंबर~5 राजगढ़ में वन क्षेत्र के समीप कृषि करने वाले किसानों ने शनिवार सुबह एक हाथी को मृत अवस्था में पड़े देखा। डीएफओ मनोज शुक्ला के अनुसार जब आसपास के किसान अपने खेतों से बंदरों को भगाते हुए खेतों के समीप ही जंगल में पहुंचे तो उन्होंने एक युवा हाथी मृत अवस्था में पड़ा देखा। किसानों से घटना की सूचना मिलने के बाद डीएफओ नजीबाबाद ने रेंजर को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। साथ ही घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी। सूचना मिलने के बाद रविवार को मुरादाबाद वन संरक्षक रमेश चंद्रा ने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का निरीक्षण किया।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मृत हाथी की आयु लगभग 10 से 15 वर्ष के बीच है। उसके दोनों दांत सुरक्षित हैं। हाथी के शव से दुर्गंध निकल रही थी, जिससे अनुमान लगाया जा रहे है कि कम से कम 3 दिन पहले उसकी मौत हुई होगी। हाथी के शव के पास ब्लड जैसा पदार्थ निकला पड़ा था और उसके शव से रिस रहा था। वन अधिकारियों ने उसके शरीर से सड़ने के बाद निकलने वाला पदार्थ बताया। जिस स्थान पर पड़ा हाथी का शव था, उसके ठीक ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। उक्त हाईटेंशन लाइन वन क्षेत्र के बीच से गुजर कर आसपास के किसानों के खेतों पर जा रही है। संभावना व्यक्त की जा रही है कि करंट लगने से ही हाथी की मौत हुई है। वन अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले कुछ नहीं कहा जा सकता कि हाथी की मृत्यु कब और किन कारणों से हुई।
रविवार को दोपहर बाद मथुरा से डॉक्टरों की टीम पहुंचने के बाद मृत हाथी के शव का पोस्टमार्टम शुरू हुआ।

मीडिया से छुपाए रखा मामला~ शनिवार को वन क्षेत्र में मृत हाथी का शव पड़ा होने की सूचना मिलने के बाद वन अधिकारियों ने घटना को मीडिया से पूरी तरह छुपा कर रखा। रविवार को भी घटना को पूरी तरह से छिपाने के प्रयास किए जा रहे थे। वन क्षेत्र से हाई टेंशन लाइन बिल्कुल घटनास्थल के पास नीचे झुकी हुई है। संभावना व्यक्त की जा रही है कि शायद इसी कारण वन अधिकारी घटना को मीडिया से छिपाकर चल रहे थे।

गुलदार के हमले में 10 साल का बालक गंभीर घायल

नगीना में गुलदार ने किया 10 वर्षीय बालक पर हमला

बिजनौर। नगीना थाना क्षेत्र के ग्राम कुतुबपुर में शनिवार सुबह परिजनों के साथ खेत गए 10 वर्षीय बालक पर गुलदार ने हमला कर दिया।

नगीना थाना क्षेत्र के ग्राम कुतुबपुर में शनिवार सुबह डालचंद का पूरा परिवार खेत में गन्ना काटने गया हुआ था। डालचंद का छोटा पुत्र अमन (10 वर्ष) भी वहां पर मौजूद था। अचानक ईख में से निकल कर गुलदार ने अमन पर हमला बोल दिया और उसे खींचकर ले जाने लगा। चीख-पुकार सुनकर परिवार वालों ने शोर मचा कर गुलदार से अमन को छुड़ाया। तब तक अमन बुरी तरह जख्मी हो गया था। परिजन तत्काल अमन को नगीना सीएससी लेकर गए, लेकिन उसकी हालत को गंभीर देखते हुए डॉक्टर ने तुरंत बिजनौर रेफर कर दिया। यहां अमन की हालत चिंताजनक बनी हुई है।

कार्बेट पार्क में बाघ के दीदार को उत्सुक रहे पर्यटक

कार्बेट पार्क में बाघ के दीदार को उत्सुक रहे पर्यटक। बिजरानी जोन में पर्यटन हुआ शुरू। पर्यटकों के घूमने को उपलब्ध कराई 60 जिप्सी

फाइल फोटो

कालागढ़। कार्बेट टाइगर रिजर्व/नेशनल पार्क में पर्यटन शुरू हो गया है। पहले दिन 60 जिप्सी पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराई गईं। पर्यटकों में कार्बेट पार्क के लिए खासा उत्साह नजर आया।

कार्बेट टाइगर रिजर्व/नेशनल पार्क का बिजरानी पर्यटन जोन शनिवार से खोल दिया गया। रामनगर मुख्यालय से आमडंडा गेट से पर्यटकों को पार्क में प्रवेश दिया गया। पार्क के निदेशक एवं मुख्य वन संरक्षक डा. धीरज पांडेय ने बताया कि पहले ही दिन पर्यटकों ने उत्साह के साथ प्रकृति के नजारों से दो चार हुए। पर्यटकों को वनों में किसी प्रकार की समस्या न हो इसके लिए सुरक्षा के लिए अधिकारियों को पहले ही निर्देशित किया गया है।

फाइल फोटो

बरसात के दौरान बिजरानी व ढिकाला में पर्यटन बंद रहता है। अब बरसात न होने पर पर्यटन खोल दिया गया है। ढिकाला पर्यटन जोन अभी बंद है। वहां के रास्ते आदि तैयार किए जा रहे हैं। बिजरानी में भी अभी केवल दिवस भ्रमण को ही अनुमति दी गई हैं।

फाइल फोटो

बिजरानी जोन में सबसे अधिक पर्यटकों का आकर्षण वनों में बाघ का खोजना रहा। पार्क वार्डन अमित ग्वासाकोटि ने बताया कि सुबह से पर्यटक वनों में जाने को लेकर उत्साहित थे। आनलाइन बुकिंग की गई। दोनो ही पारियों मे पर्यटक वनों मे गए। बाघ व एशियाई हाथी पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र होते हैं। यहां चीतलों के झुंड भी नजर आते हैं।

अब सड़क पर दिनदहाड़े घूम रहा गुलदार

खेतों से निकलकर सड़क पर दिखाई दिया गुलदार। गुलदार की दस्तक से रास्ता हुआ जाम। क्षेत्र में गुलदार के तांडव से दहशत में है ग्रामीण। सड़क पर गुलदार दिखाई देने से राहगीरों में मचा हड़कंप। सड़क से गुजर रही रिक्शा चालक पर गुलदार ने किया हमला। घटना की वीडियो राहगीरों ने कैमरे में की कैद। बिजनौर नगीना मार्ग बढ़ापुर थाना क्षेत्र का मामला।

बिजनौर। नगीना मार्ग बढ़ापुर थाना क्षेत्र में खेत से निकलकर गुलदार सड़क पर आ गया। उसने सड़क से गुजर रही ईरिक्शा चालक पर हमला कर दिया। गुलदार की दस्तक से रास्ता जाम हो गया। क्षेत्र में गुलदार के तांडव से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गई है। सड़क पर गुलदार दिखाई देने से राहगीरों में हड़कंप मचा हुआ है। राहगीरों ने घटना की वीडियो कैमरे में की कैद कर ली है। ग्रामीणों में वन विभाग के अधिकारियों के प्रति गुस्सा उत्पन्न हो गया है।

तस्करी कर ले जाए जा रहे 27 तोते बरामद, नाबालिग समेत 2 गिरफ्तार

तस्करी कर ले जाए जा रहे 27 तोते बरामद, नाबालिग समेत 2 गिरफ्तार

बिजनौर। सेंक्चुरी क्षेत्र से पकड़कर मुरादाबाद के बाजार में बिक्री हेतु ले जाये जा रहे 27 जीवित पैराक़ीट्स के दो वन्य जीव तस्करों को वन विभाग की टीम ने गिरप्तार कर जेल भेजा है।


प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग बिजनौर द्वारा चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत वन्य जीव तस्करी की सूचना पर उप प्रभागीय वनाधिकारी बिजनौर/नजीबाबाद के दिशा निर्देशों के क्रम में नगीना रेंज के अंतर्गत दो वन्य जीव तस्करों को पकड़ा गया। उनके कब्जे से 27 जीवित अलेक्जेंडर पैराकीट (तोता) बरामद किए गए। इन्हें वन्य जीव तस्करों द्वारा सैंचुरी एरिया से पकड़कर डीसीएम संख्या- यूपी76एच/8462 के द्वारा अवैध रूप से मुरादाबाद के बाज़ार में ले जाया जा रहा था। उक्त पक्षी वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची 4 में संरक्षित हैं। बताया गया कि हरिद्वार- काशीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ग्राम ग़ोसपुर के निकट वन विभाग की टीम द्वारा वन्य जीव तस्करों ज़ाहिद पुत्र कालू खां निवासी ग्राम मंझोली थाना कुंदरकी ज़िला मुरादाबाद तथा एक नाबालिग अभियुक्त उम्र 14 वर्ष को गिरफ़्तार किया गया है। टीम ने संरक्षित वन्य जीव 27 जीवित तोता तथा वन्य जीव तस्करी में उपयोग की जा रही डीसीएम को सीज कर दिया गया।

डीएफओ अनिल पटेल ने बताया कि प्रकरण की जाँच की जा रही है। अभियुक्त के खिलाफ वन अपराध की धारा 2,9,27,29,39,44,51 वन्य जंतु संरक्षण अधिनियम 1972,41/42 आईएफए 1927,7/55 जैव विविधता अधिनियम 2002 के तहत कार्रवाई की गई है। इस प्रकार के वन अपराधों के विरूद्ध अभियान और तेज किया जाएगा। गिरफ़्तार किए गए अभियुक्तों को 14 दिवस की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

अम्बिका देवी मंदिर में रोपा गया रुद्राक्ष का पौधा

माँ गंगा को स्वच्छ रखने में सहयोग करने की अपील। वन विभाग की ओर से रोपे गए पौधे। बिजनौर रेंज के मिर्जापुर गांव में नेहरु युवा केन्द्र के सहयोग से नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत हुआ जागरूकता गोष्ठी का आयोजन।

बिजनौर। वन विभाग की ओर से बिजनौर रेंज के मिर्जापुर गांव में नेहरु युवा केन्द्र के सहयोग से नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत एक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में युवाओं को मुख्यतः जागरूक करके माँ गंगा को स्वच्छ रखने में सहयोग करने की अपील की गई। नेहरु युवा केन्द्र द्वारा गंगा दूत चिन्हित कर उनको प्रशिक्षित किया गया है, जो इस कार्यक्रम में अपनी प्रतिभा गंगा नदी के संरक्षण एवं पर्यावरण के संरक्षण के प्रति दिखाए। सभी गंगा दूतों को प्रशस्ति पत्र भी दिया गया। सभी उपस्थित लोगों को नदी संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं वन्यजीवों के प्रति दया भाव रखने एवं उनको संरक्षित रखने के लिए प्रेरित किया गया।इसके अतिरिक्त अम्बिका देवी मंदिर के परिसर में एक रुद्राक्ष के पौधे का रोपड़ भी किया गया। इस अवसर पर डीएफओ अनिल पटेल समेत वन विभाग व नेहरु युवा केन्द्र के अधिकारी, पदाधिकारी उपस्थित रहे।

पर्यावरण की रक्षा के लिए जन सहयोग बेहद जरूरी-DFO

बिजनौर। पर्यावरण की रक्षा के लिए जन सहयोग बेहद जरूरी है। बिना जन आंदोलन के यह कार्य बेहद मुश्किल है। यह बात डीएफओ डा. अनिल कुमार पटेल ने सोमवार सुबह शहर के नूरपुर मार्ग स्थित चक्कर रोड चौराहे पर वृक्षारोपण करते हुए कही।

व्यापारी सुरक्षा फोरम एवं डिसेंट पब्लिक स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की स्मृति में शिक्षक दिवस पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि श्री पटेल ने कहा कि वर्तमान में तापमान काफी बढ़ रहा है। अगर यही स्थिति रही, तो भविष्य में इसके भयंकर परिणाम होंगे। आने वाली पीढ़ी को शुद्ध हवा व ऑक्सीजन देने के लिए प्रत्येक नागरिक को समय-समय पर वृक्षारोपण करना चाहिए। इसके लिए हमें निरंतर प्रयास करने होंगे, क्योंकि एक पौधे को वृक्ष बनने में सात से आठ वर्ष लगते हैं।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार अवनीश गौड़ ने कहा कि वृक्ष न केवल मनुष्य जाति के लिए बल्कि जीव-जंतुओं एवं प्राकृतिक संतुलन के लिहाज से अति आवश्यक हैं। बिना प्राकृति के धरती पर जीवन संभव ही नहीं है। अगर सरल शब्दों में कहा जाए तो सम्पूर्ण धरती को जीवित रखने के लिए पर्यावरण संरक्षण जरूरी है। किन्तु आज इंसान आधुनिकता की दौड़ में प्राकृतिक संसाधनों का बेहिसाब दोहन कर रहा है। बड़ी-बड़ी इमारतें बनाने के लिए वृक्षों का कटान किया जा रहा है जिसके परिणाम हाल ही के दिनों में हमें देखने को मिले हैं। बिना बारिश के पूरी बरसात निकल गई। तापमान 40 डिग्री से बढ़कर 45 डिग्री तक पहुंच गया है। अगर आने वाले दिनों में यह हाल रहा, तो इसे 50 डिग्री होने में ज्यादा देर नहीं लेगी। व्यापारी सुरक्षा फोरम के जिलाध्यक्ष राजकुमार गोयल ने कहा कि हमारे द्वारा लगाए गए पौधे कल वृक्ष बनकर आने वाली पीढ़ी को जीवन दान देंगे। डिसेंट पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या मेघना शर्मा ने कहा कि हर नागरिक की जिम्मेदारी बनती है कि वह प्राकृतिक संतुलन एवं नई पीढ़ी को शुद्धि ऑक्सीन देने के लिए वृक्ष अवश्य लगाए।

इस मौके पर जिला मंत्री राहुल वर्मा, जिला संगठन मंत्री प्रदीप कुमार अग्रवाल, नगर अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, नगर मंत्री खगेश शर्मा, इकाई अध्यक्ष बह्मपाल सिंह, इकाई मंत्री सुनील अग्निहोत्री, इकाई उपाध्यक्ष वासुदेव, इकाई उपाध्यक्ष संजू शर्मा, राहुल राणा राजपूत, प्रशांत चौधरी आदि उपस्थित रहे।

इंसानों की तरह जीवों में भी भावनाएं एवं संवेदनाएं: प्रधान मुख्य वन संरक्षक

वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए भी जनसहभागिता के साथ पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ करने होंगे प्रयास। धरती की जीविता को सुरक्षित बनाए रखने के लिए वन्यजीवों की सुरक्षा जरूरी: डीएम। बिजनौर में पर्यटन के विकास हेतु अमानगढ़ रेंज को खुलवाने के लिए डीएम ने किया प्रधान मुख्य वन संरक्षक से अनुरोध।

बिजनौर। वन्यजीव संरक्षण केवल शब्द नहीं बल्कि जीवन का आधार है, इंसानों की तरह जीवों में भी भावनाएं एवं संवेदनाएं पाई जाती हैं। प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्य जीव के0पी0 दूबे ने कहा कि धरती की जीविता को सुरक्षित बनाए रखने के लिए वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए भी जनसहभागिता के साथ पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ प्रयास करने होंगे। बिजनौर जिला वन्य बाहुल्य क्षेत्र है और प्राकृतिक सम्पदाओं और सौंदर्य से परिपूर्ण होने के कारण यहां कृषि वानिकी एवं ईको टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। मत्स्य, कृषि एवं वन विभाग के समन्वय से जिले को कृषि वानिकी के रूप में विकसित कर देश एवं प्रदेश में एक मॉडल के तौर पेश किया जा सकता है।

लोनिवि, परिवहन, विद्युत अधिकारियों को निर्देश
प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव के0पी0 दूबे गुरुवार दोपहर कलक्ट्रेट सभागार मानव जीव संगर्ष एवं इको टूरिज़्म से संबंधित आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि बिजनौर जिला वन्य बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण यहां मानव-जीव संघर्ष की अधिक संभावनाएं हैं, जिसके दृष्टिगत दोनों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक उपाय सुनिश्चित करने होंगे ताकि मानव सुरक्षा के साथ वन्यजीव भी सुरक्षित रह सकें। उन्होंने अधिशासी अभियंता लोनिवि एवं उप संभागीय अधिकारी परिवहन को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय-राज्य राजमार्गाें तथा वन्य क्षेत्र से गुजरने वाले मार्गाें पर ग्लो साईन बोर्ड एवं वन्यजीवों के चित्र के साथ रिफिलैक्टर लागवाएं, ताकि वाहन चालक सचेत और संयमित होकर ड्राइविंग करें। उन्होंने कहा कि वन्यजीव बिना छेड़छाड़ किए किसी भी मानव पर हमला नहीं करते, यदि मार्ग अथवा खेत आदि में कोई जीव नजर आए तो कतई न घबराएं और जाने के लिए उसको रास्ता दें तथा तत्काल उसकी सूचना जिला प्रशासन या वन विभाग के अधिकारी को दें। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को इस प्रकार की सूचना मिलने पर तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

वन्यजीव मानव जीवन का एक हिस्सा: डीएम उमेश मिश्रा
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि वन्यजीव मानव जीवन का एक हिस्सा बन चुके हैं, इसलिए उनके साथ जीवनयापन की राह तलाश करनी होगी। बाघ के प्रवास का प्रिय स्थल गन्ने के खेत हैं, जिसके दृष्टिगत उन्होंने जिला गन्ना अधिकारी को निर्देश दिए किसान बंधुओं को खेतों में अकेले न जाने और आवश्यक सावधानी बरते के लिए नियमित रूप से बल्क मैसेज किए जाएं। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए वन्यजीव के संरक्षण के लिए “संकल्प संदेश“ का आलेख तैयार करा कर सभी ग्राम पंचायतों में जनसामान्य में जागरूकता और उनके प्रति संवेदनशीलता उत्पन्न करने के लिए सामूहिक रूप से शपथ ग्रहण कार्यक्रमों का आयोजन कराएं तथा खेतों में जो कुएं निष्क्रिय अवस्था में मौजूद हैं, उनपर लोहे का जाल लगाना सुनिश्चित करें ताकि कोई वन्यजीव उसमें न गिर सके। इसी क्रम में उन्होंने अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देशित किया कि वन्यक्षेत्र में कोई भी विद्युत तार लटके हुए तथा नंगी अवस्था में न पाए जाएं और जिन स्थाानों पर ट्रांसफार्मर नीचे स्थानों पर रखे हुए हैं, तत्काल उन्हें ऊंचे स्थान पर स्थापित कराना सुनिश्चित करें।

अमानगढ़ रेंज को पयर्टकों के लिए खुलवाने का अनुरोध
जिलाधकारी ने अधिशासी अभियंता लोनिवि को निर्देश दिए कि बादीगढ़ मार्ग के चौड़ीकरण के लिए कार्ययोजना बना कर उनके स्तर से पत्र शासन को प्रेषित करें ताकि उसका डिवाइडर के साथ डबल रास्ते का निर्माण किया जा सके। इसी के साथ उन्होंने अपर मुख्य अधिकारी को निर्देश दिए कि पर्यटकों के प्रवास के लिए गैस्टहाउस का निर्माण कराएं और साथ ही आधुनिक शौचालय बनवाना भी सुनिश्चित करें। इसी क्रम में उन्होंने अधिशासी अभियंता सिंचाई खण्ड को विभागीय गैस्ट हाउस का रिनोवेशन कराने के लिए भी आदेशित किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्य जीव के0पी0 दूबे से अमानगढ़ रेंज को पयर्टकों के लिए खुलवाने का अनुरोध किया ताकि वन्यजीवों एवं प्राकृतिक वातावरण के प्रेमी आकर्षित होकर इधर का रूख़ करने के लिए ललायित हो सकें।

इस अवसर पर वन संरक्षक मुरादाबाद विजय सिंह, डीएफओ बिजनौर एवं नजीबाबाद, जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरण यादव के अलाव अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

ग्लोबल वार्मिंग से जूझ रहा विश्व, जरूरी है वृहद स्तर पर पौधारोपण

ग्लोबल वार्मिंग से जूझते विश्व में वृहद स्तर पर पौधारोपण आवश्यक। राम व पर्यावरण संरक्षण ने कराया वृहद पौधारोपण कार्यक्रम।  नहर पटरी, साहू जैन कॉलेज, आकाशवाणी परिसर में लगाए पांच सौ पौधे।


बिजनौर। राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता मंच (राम) व पर्यावरण संरक्षण गतिविधियां बिजनौर विभाग मेरठ प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में वन महोत्सव कार्यक्रम 2022 मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत बड़े स्तर पर कराए जा रहे पौधारोपण के अवसर पर प्रांत प्रचारक राम अवतार ने कहा कि आज सम्पूर्ण विश्व ग्लोबल वार्मिंग से जूझ रहा है।बइस विश्व व्यापी समस्या से लड़ने को हमें वृहद स्तर पर पौधारोपण कराना होगा और अन्य लोगों को भी इस आंदोलन से जुड़ने के लिए प्रेरित करना होगा।

बुधवार को वृहद पौधारोपण कार्यक्रम के अंतर्गत दोनों संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में नजीबाबाद के समीपुर-हरिद्वार नहर मार्ग पर आईटीआई कालेज के निकट एवं साहू जैन डिग्री कॉलेज, आकाशवाणी नजीबाबाद परिसर में पीपल, पाकड़, बरगद, सहजन, जामुन, आंवला, अमरुद, अर्जुन, जामुन, नींबू, कटहल आदि के लगभग 500 पेड़ रोपित कराए गए। इस अवसर पर प्रांत प्रचार प्रमुख हिमांशु गोयल ने कहा कि ग्लोबल वॉर्मिंग के दो कारण प्राकृतिक एवं मानव निर्मित हैं। इनमें प्राकृतिक निर्मित ग्रीनहाउस गैस, ज्वालामुखी विस्फोट, मीथेन गैस का अत्यधिक उत्पादन, मानव निर्मित में अवैध खनन एवं वनों की कटाई, मवेशी पालन, जीवाश्म ईंधन जलाना है। उन्होंने कहा कि पौधारोपण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को बिजनौर निवासी विक्रांत शर्मा, दानापानी नजीबाबाद के सुशील राजपूत एवं रविंद्र काकरान जैसा बनना होगा। जो अपनी नौकरी, व्यवसाय को भली-भांति करते हुए पौधारोपण कार्यक्रम से जुड़े और स्वयं बड़े स्तर पर पेड़ तैयार कर उन्हें अन्य लोगों को भी उपलब्ध करा रहे हैं।

इस अवसर पर बिजनौर निवासी विक्रांत शर्मा द्वारा उपलब्ध कराए गए हरी शंकरी (पीपल, बरगद, पाकड़) आकाशवाणी नजीबाबाद परिसर में लगाए गए। उन्होंने जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र सिंह व अवनीश अग्रवाल टांडे वाले, तरुण अग्रवाल को भी धन्यवाद ज्ञापित किया, जिन्होंने इस महान यज्ञ में पौधों को उपलब्ध कराकर आहुति दीं व अन्य संसाधन उपलब्ध कराए, जिस कारण बड़े स्तर पर पौधारोपण कार्यक्रम धरातल पर उतर सका।

कार्यक्रम के दौरान साहनपुर रेंज के डिप्टी रेंजर विशेष कुमार, वन रक्षक रघुवीर, साहू जैन डिग्री कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अभय मित्तल, डॉ. श्रीमती दिव्या बाला पाठक, आकाशवाणी नजीबाबाद के इंजीनियर हेड इंजी. दिनेश चंद्रा, प्रोग्राम हेड अमर सिंह, नवीन जोशी, बलराम सिंह, स्वदेशी जागरण मंच के जिला सह प्रचार प्रमुख पुनीत गोयल, अरहान अहमद, पूर्व सभासद राजीव टंडन, वृक्षारोपण कार्यक्रम की सह संयोजक श्रीमति शैली शर्मा, सुशील राजपूत, डॉ भूपेंद्र सिंह, संजय अग्रवाल, विचित्र रस्तौगी मेरठ आदि मौजूद रहे।

पर्यावरण की सुरक्षा के लिए वृक्षारोपण जरूरी- अशोक राणा

पर्यावरण की सुरक्षा को करें वृक्षारोपण-अशोक राणा अभी तक हो चुका लगभग एक लाख पौधारोपण

बिजनौर। धामपुर विधायक अशोक कुमार राणा ने मंगलवार को स्योहारा क्षेत्र के गांव गेंडाजुड़ व महमूदपुर में पौधारोपण करते हुए कहा कि बिगड़ते पर्यावरण से धरती का तापमान लगातार बढ़ रहा है। इस कारण मानव जीवन जीव-जंतु व पेड़ पौधों पर बुरा असर पड़ रहा है। हम सभी को अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए ताकि पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम द्वारा ब्लॉक के तीन ग्राम पंचायतों में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। बुढ़नपुर विकास खंड के ग्राम पंचायत महमूदपुर व गेंडाजुड़ में मंगलवार को पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि धामपुर विधायक अशोक कुमार राणा ने पौधरोपण करने के बाद कहा कि आज के बदलते परिवेश में सभी लोगों को पुनीत कार्य पौधरोपण में बढ़-चढ़ कर अपनी भूमिका निभानी चाहिए। बीडीओ ऋषि पाल सिंह ने बताया कि पूरे ब्लॉक में 1 लाख 33 हजार नौ सौ पैतीस पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अभी तक लगभग एक लाख पौधारोपण किया जा चुका है।


इस मौके पर धामपुर विधायक अशोक कुमार राणा, ब्लॉक प्रमुख उज्जवल चौहान, बीडीओ ऋषि पाल सिंह व दोनों ग्राम के प्रधान व ग्रामीण मौजूद रहे।

तहसील धामपुर में हुआ वृक्षारोपण


उप जिलाधिकारी धामपुर की अध्यक्षता में तहसील धामपुर में हुआ वृक्षारोपण कार्यक्रम सम्पन्न

बिजनौर। तहसील धामपुर परिसर में उपजिलाधिकारी धामपुर मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में वन विभाग के अधिकारियों द्वारा वृक्षारोपण का कार्यक्रम संपन्न किया गया।

इस अवसर पर तहसीलदार धामपुर गोपेश तिवारी, नायब तहसीलदार शुभम कुमार तथा तहसील परिसर धामपुर के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।

वृहद वृक्षारोपण सफल बनाने को जुटा प्रशासनिक अमला

बिजनौर। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश के अनुपालन में वृहद वृक्षारोपण को सफल बनाने के लिए प्रशासनिक अमला जुटा हुआ है। इसी क्रम में एसडीएम सदर मोहित कुमार ने तहसीलदार अनुराग सिंह के साथ ग्राम कादरपुर जसवंत में वृहद वृक्षारोपण के स्थल का निरीक्षण किया।

इसके लिए भूमि के चयन, समतलीकरण, गड्ढा खुदवाने की कार्रवाई और सुरक्षा के दृष्टिगत खाई खुदवाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को स्थल को सेक्टर एवं जोन में बांटकर अधिकारी नामित करने और वृक्षारोपण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए निर्देश दिए।

डीएम एसपी ने सम्पूर्ण समाधान दिवस” पर किया पौधारोपण

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा व पुलिस अधीक्षक डॉ0 धर्मवीर सिंह द्वारा तहसील नजीबाबाद प्रांगण में वृक्षारोपण किया गया।

इस दौरान सम्बन्धित विभागों के अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

इसी के साथ जिलाधिकारी उमेश मिश्रा व पुलिस अधीक्षक डॉ0 धर्मवीर सिंह की उपस्थिति में “सम्पूर्ण समाधान दिवस” का आयोजन किया गया।

अधिकारियों ने तहसील नजीबाबाद में जनसमस्याओं को सुनकर जनशिकायतों के अतिशीघ्र एवं गुणवत्तापरक निस्तारण हेतु सम्बन्धित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान सम्बन्धित विभागों के अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

वन विभाग ही दे रहा कटान माफिया को संजीवनी!

बिजनौर। पर्यावरण की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वन विभाग के कंधों पर है, उसी विभाग के अफसरों को उन पेड़ों की पहचान नहीं है। जिन्हें 10 साल का बच्चा भी पहचान ले। …या यह कहें कि वन माफियाओं को संरक्षण देने के लिए वन अफसर इन पेड़ों की पहचान नहीं करना चाहते। ऐसा ही नजारा उस समय देखने को मिला जब माफियाओं ने आम व शीशम के हरे-भरे पेड़ काट डाले। मामले ने तूल पकड़ा तो वन दरोगा को मौके पर भेजा गया लेकिन वहां कटे पड़े आम व शीशम के पेड़ों को यूकेलिप्टिस व सिम्बल के पेड़ बताकर माफियाओं को संजीवनी दी जाने लगी। अब देखने वाली बात होगी कि जिला स्तर के अधिकारी इन पेड़ों की पहचान कर पाते हैं या नहीं।


शेरकोट में थाने से चंद दूरी पर ईदगाह के निकट एक आम का बाग है। इसमें शीशम, जामुन आदि के पेड़ भी खड़े हैं।  बताया जाता है कि धामपुर निवासी एक माफिया ने आम के इस हरे भरे बाग पर आरी चलवा दी। सूत्रों का कहना है कि लगभग 50 आम व शीशम आदि के पेड़ों को काटा जा चुका है। इनमें से कुछ पेड़ तो ढो लिए लेकिन कई पेड़ अभी भी मौके पर ही पड़े हुए हैं। शुरूआत में तो वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को इस बारे में कुछ पता नहीं चल सका या यह कहें कि जानकर अंजान बने रहे लेकिन जब मामले ने तूल पकड़ा तो वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि तब तक पेड़ काटने व कटवाने वाले तो चंपत हो चुके थे लेकिन कटे हुए पेड़ मौके पर थे।

वन दरोगा का दावा आम व शीशम नहीं- वन विभाग इस मामले में माफियाओं पर क्या कठोर कार्यवाही करेगा, जब इस संबंध में रेंजर से बात की गई तो लोगों का वो अंदेशा बिल्कुल सच साबित होता दिखा, जिसमें यह कटान का कार्य माफियाओं और वन अफसरों की मिली भगत से होना जताया जा रहा था। रेंजर का दावा है कि मौके पर वन दरोगा लक्ष्मीचंद को भेजा गया था। उनके मुताबिक आम व शीशम नहीं बल्कि यूकेलिप्टिस और सिम्बल के पेड़ों को काटा गया है।

जिस जगह से आम व अन्य कई प्रजातियों के पेड़ काटे गए हैं, वह शमशान घाट की भूमि है। सरकारी भूमि से पेड़ काटने से पहले वन विभाग की ओर से मूल्यांकन कराया जाता है और उसके बाद नीलामी प्रक्रिया पूरी कर पेड़ काटे जाते हैं। इन पेड़ों को काटने से पहले ऐसा कुछ नहीं किया गया। सरकारी भूमि पर पेड़ काटने से पहले ऐसा कुछ नहीं किया गया जिस कारण यह कटान पूरी तरह अवैध है। अगर यह भूमि ग्राम पंचायत के अधीन आती है तो ग्राम प्रधान और अगर नगरीय क्षेत्र में आती है तो ईओ इस संबंध में एफआईआर दर्ज कराएंगे।
डा. अनिल कुमार पटेल
डीएफओ बिजनौर

मेरी प्यारी गौरैया: परवान चढ़ती एक मुहिम

लखनऊ। विश्व पार्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर मेरी प्यारी गौरैया मुहिम व लखनऊ वन रेंज अवध वन प्रभाग के संयुक्त तत्वावधान में रेंज परिसर में गोष्ठी आयोजित की गई।

इस अवसर पर उपस्थित सभी गणमान्य लोगों को पक्षी प्रेमी महेश साहू ने चांदनी, नींबू, मेंहदी, कनेर के पौधे व नन्ही गौरैया के पानी के लिए मिट्टी का पात्र व काकून के पैकेट वितरित किए।


इस मौके पर पूर्व ब्लाक प्रमुख काकोरी कुंवर रामविलास, बाबू त्रिलोकी सिंह इंटर कालेज के प्रधानाचार्य निर्मल श्रीवास्तव, श्री बुद्धेश्वर उधोग व्यापार मंडल पूर्व अध्यक्ष हिमांशु गुप्ता, सेवाभारती मनीष गुप्ता व पत्रकार सीमा मौर्या, रचित मौर्या, रेंजर शिवाकांत शर्मा, डिप्टी रेंजर मनीष कनौजिया, वन दरोगा शिवम यादव, वन रक्षक दीपक कनौजिया, मंगटू प्रसाद, शैलेन्द्र सिंह लोधी, प्रीति पाण्डेय, शिल्पी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

तीन युवक गंगा में डूबे, तलाश जारी

बिजनौर। बास्टा के मोहल्ला बेनियोवाला निवासी एक ही परिवार के तीन युवक गंगा नदी पर बने पुल के पास नहाते समय डूब गए। सूचना पर पुलिस व सैकड़ों लोग गंगा पर एकत्र हो गए।


जलीलपुर क्षेत्र में गंगा पुल के सहारे नहाने को उतरे बास्टा के चार युवक डूब गये। एक युवक को बचा लिया गया, जबकि तीन पानी में समा गये। डूबे युवकों की तलाश में स्थानीय गोताखोर तलाश में जूट गए।

सूचना पर पहुंची  हस्तिनापुर पुलिस व पांडव नगर पुलिस ने बचाव कार्य शुरू कर दिया।
बताया गया है कि फारूख पुत्र नसीम (18 वर्ष) वाजिद पुत्र तौला (21 वर्ष) एवं फुरकान पुत्र शामीम (17 वर्ष) मोबाइल फोन से सेल्फी ले रहे थे। उसी समय ये हादसा हो गया।


इनमें से फारूख व फुरकान ‌दिल्ली में वैल्डिंग रंग पेंटर तथा वाजिद एक फाइनेंस कंपनी में काम करता था। तीनों आपस में तहेरे चचेरे भाई बताए गए हैं।

एक दिन पहले कोटद्वार की खोह नदी में डूबने से हुई चार की मौत

इससे एक दिन पहले उत्तराखंड में पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार में जिला बिजनौर के सराय नगीना निवासी चार युवकों की खोह नदी में कोटद्वार-दुगड्डा मार्ग के बीच डूबकर मौत हो गई। मौके पर पहुंची कोटद्वार पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर बेस अस्पताल कोटद्वार भेज दिया।  कोटद्वार कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह ने बताया कि घटना शाम 5 बजे कोटद्वार दुगड्डा मार्ग पर दुर्गा देवी मंदिर के समीप हुईं।

दो की हालत गंभीर
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि, आसपास के लोगों ने इसकी सूचना 112 पर दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने 6 लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला। इस घटना में 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 2 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इनके साथ दो बच्चे भी थे जो नहा नहीं रहे थे। घटना में नदीम (42) पुत्र अनीश, जेब (29) पुत्र शाहिद, गुड्डू (24) पुत्र शाहिद निवासी निकट पुलिस चौकी नगीना बिजनौर यूपी और गालिब (15) पुत्र खालिद निवासी सीसी सराय नगीना बिजनौर यूपी की मौके पर मौत हो गई।

पहले भी डूब चुके हैं लोग
वन विभाग और पुलिस लगातार खोह नदी में लोगों को नहाने और आखेट को लेकर चेतावनी जारी करते रहते हैं लेकिन लोगों पर चेतावनी का फर्क नहीं पड़ता और इस तरह के हादसे होते जाते हैं। जानकारों का मानना है कि खोह नदी में स्थान-स्थान पर भंवर हैं, जिनमें फंसकर इससे पहले भी लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

न्याय के लिए किसानों का डीएफओ कार्यालय गेट पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन

बिजनौर। गंगोड़ा जट में गुलदार की मौत के मामले में एक किसान को जेल भेजने व कई किसानों को झूठे मुकदमे में फसाने से आक्रोषित भाकियू पदाधिकारियों ने गन्ना समिति बिजनौर में इक्कट्ठा होकर मासिक पंचायत की और जिला अध्यक्ष चौधरी कुलदीप सिंह के नेतृत्व में सभी किसान जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए डीएफओ ऑफिस पहुंचे और डीएफओ ऑफिस के गेट के बाहर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरना प्रदर्शन में किसानों के साथ काफी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रही।

भाकियू जिला अध्यक्ष चौधरी कुलदीप सिंह ने धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि किसान के खेत में कोई जाल लगा जाए और उसमे गुलदार फंस जाए और किसान उस गुलदार को पकड़ कर वन व पुलिस विभाग को जिंदा सौप दे फिर में वन विभाग अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए किसानों के खिलाफ मुकदमा लिखाए और एक बेकसूर किसान को जेल भेजकर जिला प्रशासन इस मामले में इति श्री कर ले ऐसा भाकियू कतई बर्दास्त नही करेगी उन्होंने कहा कि वन विभाग व पुलिस किसानों के घर दबिश देने की आड़ में खुले आम घर में घुस जाते हैं और एक किसान की मोटर साइकिल चोरी कर लाए ये कौन से कानून की किताब में लिखा हैं कि किसान का सामान चोरी करने वाले के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होती और गंगोडा जट में एक गुलदार की मौत के मामले में एक मुकदमा हल्दौर थाने में और एक मुकदमा अपने विभाग में दर्ज कर बेकसूर किसानों का शोषण किया जा रहा है और प्रशासन आंखे मूंद कर बैठा है।

किसानों के धरना प्रदर्शन के बीच डीएफओ के न आने से आक्रोषित भाकियू जिला अध्यक्ष के आदेश पर भाकियू पदाधिकारी ऑफिस में बैठे सहायक वन संरक्षक डॉक्टर हरेन्द्र सिंह को उठाकर मीटिंग में ले आए और खूब खरी खोटी सुनाई और अपने बीच ही बैठा लिया। भाकियू जिला अध्यक्ष चौधरी कुलदीप सिंह ने कहा कि भाकियू ने जिला प्रशासन को एक महीने का टाइम दे दिया कि प्रशासन मामले की सही जांच कर जाल लगाने वाले शिकारी और गुलदार को नशे की ओवर डोज देकर मौत के घाट उतारने वाले वन कर्मियों के खिलाफ कारवाही करे परन्तु जिला प्रशासन इस मामले में आंख मूंद कर बैठ गया है इसलिए आज किसान वन विभाग की आंखे खोलने के लिए धरना प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।

धरना प्रदर्शन का नेतृत्व भाकियू प्रदेश महासचिव ठाकुर रामौतार सिंह, प्रांतीय नेता बाबूराम तोमर, राष्ट्रीय प्रचार मंत्री होशियार सिंह, पूर्व मंडल महासचिव सुरपाल सिंह, जिला महासचिव नरदेव सिंह, जिला मिडिया प्रभारी संदीप त्यागी, ब्लॉक अध्यक्ष मोहम्मदपुर देवमल चौधरी विजय सिंह, स्योहारा ब्लॉक अध्यक्ष गजेंद्र टिकैत, अल्लेहार पुर ब्लॉक अध्यक्ष कविराज सिंह, जलीलपुर ब्लॉक अध्यक्ष महिपाल सिंह, लक्ष्मी नारायण सिंह, अशोक कुमार, लुद्धियांन सिंह, जय सिंह, संजीव कुमार, सत्यपाल सिंह, अनुज चौधरी, मुकेश कुमार, सोनू विर्क, रवि शेखर तोमर, देवेश चौधरी, हरिओम यादव, संदीप सिंह, विकास कुमार, मुनेश कुमार, कल्याण सिंह, अजय वालियान, श्रीशपाल सिंह, अवनीश कुमार, बलजीत सिंह, पंकज सहरावत, मास्टर महेंद्र सिंह, दलेल सिंह, मोनू चौधरी, किसान यूनियन नेत्री रानी, ममता, बाला, मुनिया, राजो, पिंकी, उषा आदि सकड़ो महिला पुरुष पदाधिकारी मौजूद रहे।

हाथी का शव पड़ा मिलने से वन विभाग में हड़कंप


बिजनौर। गांव केहरीपुर जंगल के सीमावर्ती क्षेत्र में हाथी का शव पड़ा मिला है। घटना से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। सूचना पर वन विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और हाथी के शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया। बाद में हाथी के शव को दफना दिया गया।

फाइल फोटो


जनपद बिजनौर के गाँव केहरीपुर जंगल के सीमावर्ती अमानगढ़ टाइगर रिजर्व रेंज के जसपुर कक्ष संख्या ग्यारह में गश्ती दल को एक मृत हाथी मिला। हाथी का श्रव मिलने से वन महकमे में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना पर वन विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। रेंजर राकेश कुमार शर्मा ने बताया की बीट इंचार्ज वन दरोगा भोपाल सिंह, वन रक्षक नईम अहमद वन क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान अमानगढ़ रेंज के जसपुर कक्ष संख्या 11 मे मृत अवस्था में हाथी पड़ा मिला। घटना की सूचना अधिकारियों को दे दी गयी हैं। प्रथम दृष्टया हाथी की मौत का कारण किसानों के खेतों में करंट लगने से होना प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद हाथी की मौत का कारण स्पष्ट हो पायेगा।

जंगली हाथी ने हमला कर राजगीर को उतारा मौत के घाट

कालागढ़ में सनसनीखेज घटना। जंगली हाथी ने हमला कर राजगीर को उतारा मौत के घाट।


बिजनौर। कालागढ़ में जंगली हाथी ने हमला कर राजगीर को मौत के घाट उतार दिया। घटना के समय वह बाजार से घर वापस लौट रहा था। परिजनों ने वन विभाग के अधिकारियों से अधिक से अधिक मुआवजा और एक सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की है।

मानव एवं वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। वन्य जीवों के हमले में पहले भी कई लोगों की जान जा चुकी हैं। एक और मामला कालागढ़ से सामने आया है। यहां बाजार से वापस घर जाते समय एक व्यक्ति पर हाथी ने हमला कर दिया, जिससे व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।


जानकारी के अनुसार कालागढ़ कालोनी निवासी सुरेश कुमार राजगीर का कार्य करता है। वह बाजार से घर वापस जा रहा था। रास्ते मे शिव मंदिर के पास झाड़ियों से हाथी निकला और सुरेश पर हमला कर दिया। मौके से गुजर रहे लोगों द्वारा हल्ला मचाने पर हाथी वहां से जंगल की ओर भाग गया। गंभीर रूप से घायल सुरेश को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। सुरेश की मौत से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है।
वहीं परिजनों ने वन विभाग के अधिकारियों से अधिक से अधिक मुआवजा और एक सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की है। कालागढ़ थाना इंचार्ज उमेश कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति की हाथी के हमले से मौत हो गई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भर कर  पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है; अन्य जांच पड़ताल कराई जा रही है।

हस्तिनापुर सैंक्चुरी में अब हो सकेंगे विकास कार्य, लगेंगे उद्योग

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 25 हजार हेक्टेयर रकबा अपने नियंत्रण क्षेत्र से किया बाहर। हस्तिनापुर सैंक्चुरी में अब रह गया 25,900 हेक्टेयर रकबा। लगेंगे उद्योग और हो सकेंगे विकास कार्य। एनजीटी से जिले के उद्यमी कई साल से लगातार कर रहे थे मांग।

बिजनौर। हस्तिनापुर सैंक्चुरी का रकबा अब 25,900 हेक्टेयर रह गया है। एनजीटी ने बिजनौर और चांदपुर तहसील का 25 हजार हेक्टेयर रकबा अपने नियंत्रण क्षेत्र से बाहर कर दिया है। जिले के उद्यमी कई साल से लगातार हस्तिनापुर सैंक्चुरी का दायरा कम करने की मांग कर रहे थे।

विदित हो कि वन्य जीवों की सुरक्षा को देखते हुए हस्तिनापुर सैंक्चुरी क्षेत्र में निर्माण कार्य व नए उद्योग जैसे विकास कार्य पर पाबंदी लगी हुई थी। जिले के उद्यमी विकास कार्य एवं नए उद्योग लगाने के लिए कई साल से लगातार हस्तिनापुर सैंक्चुरी का दायरा कम करने की मांग एनजीटी से कर रहे थे। अब एनजीटी के आदेश पर बिजनौर और चांदपुर तहसील अंतर्गत हस्तिनापुर सेंक्चुरी का करीब 25 हजार हेक्टेयर रकबा बाहर कर दिया गया है। इस कारण अब इस क्षेत्र में न सिर्फ नए उद्योग लग सकेंगे बल्कि विकास कार्य भी हो सकेंगे। एनजीटी की इस कार्यवाही के बाद अब जो रकबा बचा है, उसमें जंगल की भूमि, ग्राम समाज की भूमि, सिंचाई की जमीन आदि है। डीएफओ डॉ. अनिल कुमार पटेल का कहना है कि यह प्रक्रिया पिछले कई सालों से चल रही थी। हस्तिनापुर सैंक्चुरी का रकबा अब 25,900 हेक्टेयर रह गया है।

वन विभाग में कायम जंगल राज!

वन विभाग में कायम जंगल राज!

बिजनौर। वन विभाग में जंगल राज का बोलबाला हो गया है! दो महिला विभागीय कर्मियों ने एक रेंजर के खिलाफ शारीरिक व मानसिक शोषण की शिकायत डीएफओ से की है! नजीबाबाद रेंज के इस मामले ने विभाग की कलई खोल कर रख दी है।

बताया गया है कि डीएफओ एम. सैमरान ने शिकायत मिलने के बाद संबंधित रेंजर को नोटिस जारी किया है। आरोप है कि उक्त महिला कर्मचारी काफी समय से रेंजर की करतूतों को बर्दाश्त कर रही थीं। अब, जब पानी सिर के ऊपर पहुंच गया तो शिकायत की गई।

रंगीला रेंजर- बताया जाता है कि उक्त रेंजर आशिक मिजाज है। जंगल में मंगल मनाना उसके खानदानी शौक में शामिल है। जंगल में लकड़ी बीनने आने वाली आसपास के गांवों की लड़कियों व महिलाओं से अभद्रता जगजाहिर है!

डीएफओ का कहना- डीएफओ ने बताया कि इस मामले में संबंधित रेंजर को नोटिस दिया गया है। जवाब मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

प्रतिबन्धित लकड़ी की अवैध तस्करी, 2 गिरफ्तार

लखनऊ। वन अधिकारी रवि कुमार सिंह के नेतृत्व में अवैध कटान व अवैध अभिवहन पर प्रभावी नियंत्रण लगाने को लेकर नियमित रूप से रात्रि गश्त की जा रही है। इसका खासा असर भी देखा जा रहा है। शुक्रवार सुबह तड़के करीब छह बजे दुबग्गा तिराहे के पास पिकअप वाहन संख्या-यूपी-30-टी-8433 को वन सुरक्षा बल की टीम द्वारा रोककर चेक किया गया। इस दौरान देखा गया कि प्रतिबन्धित प्रजाति आम प्रकाष्ठ की अवैध तस्करी की जा रही थी। इसके बाद वन सुरक्षा बल की टीम ने उक्त वाहन को विभागीय अभिरक्षा में लेते हुए ग्राम बहेलिया, थाना मलिहाबाद निवासी अभियुक्त सोनू और ग्राम जेठईपारा, थाना महिलाबाद निवासी रामचन्दर के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही करते हुए सीजर रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल कर दी। इस पूरी कार्यवाही में वन सुरक्षा बल टीम प्रभारी सतीश चन्द्र वर्मा, उप क्षेत्रीय वन अधिकारी, अमित सिंह, वन दरोगा, राजकुमार, वन रक्षक व मुकद्दर अली, वन रक्षक शामिल रहे।

इसके साथ ही सुबह 9 बजे के करीब एस0के0 शर्मा, क्षेत्रीय वन अधिकारी, लखनऊ व रेंज वन कर्मियों द्वारा औचक छापामार कार्यवाही करते हुए ग्राम कठिंघरा व खालिसपुर में आम वृक्षों के प्रकरण में ग्राम कठिंघरा में मेराज व भद्रपाल को पकड़ा गया और उन दोनों पर वैधानिक कार्यवाही की गई।

इसके अलावा ग्राम खालिसपुर में राजेन्द्र मौर्या के बाग में भी छापेमारी करते हुए कार्यवाही की गयी। इस दौरान 2 आम वृक्षों का अवैध कटान करते हुए पकड़ा गया। इस अवैध कटान में भी क्षेत्रीय वन अधिकारी, लखनऊ द्वारा वैधानिक कार्यवाही करते हुए रेंज केस इजरा किया गया। उक्त कार्यवाही में क्षेत्रीय वन अधिकारी, लखनऊ एस0के0शर्मा एवं श्री अमित सिंह, वन दरोगा तथा श्री दीपक कनौजिया, वन रक्षक व श्री मंगतू प्रसाद,वन रक्षक लखनऊ रेंज सम्मिलित रहे।

स्वामी ओमवेश मुस्लिम समाज के खैरख्वाह तो हो सकते हैं लेकिन मुस्लिम प्रतिनिधि नहीं!

🙏बुरा मानो या भला 🙏

स्वामी ओमवेश मुस्लिम समाज के खैरख्वाह तो हो सकते हैं लेकिन मुस्लिम प्रतिनिधि नहीं —मनोज चतुर्वेदी “शास्त्री”

स्वामी ओमवेश

उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आते जा रहे हैं, वैसे-वैसे गली-नुक्कड़ों और चौपालों पर चाय की चुस्कियों के साथ राजनीतिक चर्चाओं का दौर जारी है।
जिला बिजनौर की चांदपुर विधानसभा-23 में भी आजकल विभिन्न दलों के भावी उम्मीदवारों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व गन्ना मंत्री स्वामी ओमवेश पर विभिन्न राजनीतिक पंडित अपना-अपना गणित लगा रहे हैं।

शेरबाज पठान


स्वामी ओमवेश अवसरवादी राजनीति के एक माहिर खिलाड़ी हैं। 1993 में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष पद से राजनीतिक गलियारों में चर्चा में आये स्वामी जी ने 1996 में पहली बार निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर विधानसभा चुनाव लड़ा था। जिसमें वह 54,124 वोट लेकर वह विधानसभा पहुंचे थे। जिसमें सबसे बड़ा योगदान मुस्लिम समाज का था। 2002 में उन्होंने टिकट प्राप्ति हेतु राष्ट्रीय लोकदल का दामन थाम लिया और रालोद उम्मीदवार के रूप में वह 60, 595 वोट लेकर पुनः विधानसभा पहुंचे। इस बार वह लोकनिर्माण मंत्री बने लेकिन बाद में गठबंधन टूट गया और सपा-रालोद ने मिलकर सरकार बनाई जिसमें वह गन्ना राज्यमंत्री बन गए। इस दौरान उनका राजनीतिक कद और लोकप्रियता बहुत अधिक बढ़ गई थी। लेकिन 2007 और 2012 में उन्हें लगातार दो बार हार का मुहं देखना पड़ा था। इसके बाद वह सरदार बीएम सिंह की पार्टी “राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन” में प्रदेशाध्यक्ष के पद पर शामिल हो गए लेकिन यह साथ भी ज़्यादा समय नहीं चल सका और उन्होंने कुछ समय के लिए स्वामी रामदेव का दामन थाम लिया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि स्वामी रामदेव का साथ केवल दिखावा था जबकि सच यह है कि स्वामी ओमवेश बैकडोर से भाजपा के टिकट की तैयारी में थे, लेकिन यहाँ भी बात नहीं बन पाई और अंततः स्वामी जी ने समाजवादी पार्टी में पुनर्वापसी कर ली। और आजकल वह समाजवादी पार्टी के टिकट के सबसे सशक्त दावेदार माने जा रहे हैं।
एक समय था जब स्वामी ओमवेश को मुस्लिम समाज का मज़बूत समर्थन हासिल था और 1996 में मुस्लिम मतों के बलबूते पर ही वह चुनाव जीत पाए थे। लेकिन 2002 में मौहम्मद इक़बाल के राजनीति में प्रवेश के पश्चात स्वामी जी की मुस्लिम समाज में पकड़ थोड़ी कमज़ोर हो गई।

मौहम्मद इक़बाल

2007 में मौहम्मद इक़बाल की जीत के बाद तो चांदपुर विधानसभा की मुस्लिम राजनीति में मौहम्मद इक़बाल का एकछत्र राज हो गया। और इसी बीच 2012 विधानसभा चुनाव में सपा प्रत्याशी के रूप में शेरबाज पठान के आगमन के बाद क्षेत्र की मुस्लिम राजनीति में स्वामी जी का नाम लगभग गायब सा हो गया। इसके बाद 2017 में मौहम्मद अरशद ने सपा का टिकट लेकर मुस्लिम राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ा लेकिन अब एक बार फिर से चांदपुर क्षेत्र के मुस्लिम समाज में स्वामी जी का नाम सामने आ रहा है। लेकिन इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि मुस्लिम समाज के सामने अभी तक कोई दूसरा मज़बूत विकल्प नहीं है। यहां यह भी स्पष्ट करना चाहेंगे कि मुस्लिम समाज स्वामी ओमवेश को अपना हमदर्द तो मानता है, लेकिन प्रतिनिधि नहीं मान सकता। दूसरे शब्दों में कहें तो स्वामी ओमवेश मुस्लिम समाज के खैरख्वाह तो हो सकते हैं लेकिन मुस्लिम प्रतिनिधि कभी नहीं बन सकते। वर्तमान में मुस्लिम प्रतिनिधि में मौहम्मद इक़बाल, शेरबाज पठान और कुछ हद तक मौहम्मद अरशद और डॉ. शकील हाशमी का नाम भी लिया जा सकता है।
इसलिए जो लोग यह शोर मचाते घूम रहे हैं कि मुस्लिम समाज का एकमुश्त समर्थन स्वामी ओमवेश को ही मिलेगा, वह यह भूल रहे हैं कि सही मायने में अभी तक किसी मज़बूत मुस्लिम उम्मीदवार ने ताल नहीं ठोंकी है। इसलिए स्वामी ओमवेश सबकी आंख का तारा बने हुए हैं।
मुस्लिम समाज का वास्तविक रुख़ तब सामने आएगा जब मौहम्मद इक़बाल या शेरबाज पठान जैसे सलामी बल्लेबाज मैदान में बल्ला लेकर उतरेंगे। अभी तो तेल देखो, और तेल की धार देखो।

🖋️ मनोज चतुर्वेदी “शास्त्री”
समाचार सम्पादक- उगता भारत हिंदी समाचार-
(नोएडा से प्रकाशित एक राष्ट्रवादी समाचार-पत्र)

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कालेज के पास चार शावक छोड़ गई गुलदार

बिजनौर। एसएसडी कालेज से सटे खेत में एक मादा गुलदार अपने चार बच्चों को छोड़, दीवार फांद कर चली गयी। कालेज प्रशासन को सीसीटीवी में कैद तस्वीरों से गुलदार के होने की जानकारी मिली। सूचना पर वन विभाग के सामाजिक वानिकी के अधिकारी व कर्मचारी शावकों को रेस्क्यु करने में जुट गए हैं।

शुक्रवार की सुबह ग्राम गढ़मलपुर स्थित एसएसडी डिग्री कॉलेज के सीसीटीवी कैमरों में स्कूल परिसर से सटे खेत में गुलदार के शावकों के होने की तस्वीरें कैद हो गईं। इस पर कालेज प्रबंधक ने वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। सामाजिक वानिकी के रेंज अधिकारी व वन कर्मियों ने खेत में छिपे गुलदार के चार शावकों को रेस्क्यु करने की तैयारी शुरु कर दी। टीम ने चारों शावकों को पकड़े जाने के बाद जंगल में ले जाकर छोडऩे की बात कही। इसके अलावा वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रात होने के बाद मादा गुलदार अपने शावकों को अपने साथ ले जा सकती है। सभी को खेत से दूर रहने की हिदायत दी गई है। वन विभाग की टीम रेस्क्यु कर रही है। अनुमान लगाया गया कि मादा गुलदार ने कालेज परिसर के निकट खेत में ही शावकों को जन्म दिया होगा। मादा गुलार भोजन की तलाश में शिकार के लिए दीवार फांदकर निकल गयी, जबकि शावक छोटे होने के चलते दीवार नहीं फांद सके।

इस बीच मादा गुलदार की उपस्थिति से निकटवर्ती गढ़मलपुर व जहानाबाद आदि के ग्रामीणों में गुलदार की दहशत व्याप्त है। ग्रामीणों ने गुलदार को पकड़ कर जंगल में छुड़वाने की मांग की है।

जंगल के आसपास गुलदार का होना स्वाभाविक बात है। धान के खेत में शावकों को छोड़ कर मादा गुलदार शायद भोजन की तलाश में गई होगी। हमारी टीम रेस्क्यु में लगी है। इस दौरान वहां से लोगों को दूर रहने को कहा गया है। -अरविन्द श्रीवास्तव, रेंजर सामाजकिक वानिकी, नजीबाबाद

प्रतिबन्धित प्रजाति के 8 सर्प बरामद, एक गिरफ्तार

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। डीएफओ लखनऊ की टीम ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर प्रतिबंधित प्रजाति के 8 सर्प बरामद किए हैं। संबंधित के खिलाफ थाना ठाकुरगंज में मुकदमा दर्ज कराया गया है। उल्लेखनीय है कि अभियुक्त से बरामद प्रतिबन्धित प्रजाति के सर्प दुर्लभ श्रेणी के वन्य जीव हैं, जो वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के अन्तर्गत सूचीबद्ध हैं।

वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो, नई दिल्ली के क्षेत्रीय उप निदेशक, उत्तरी क्षेत्र अरविन्द चौरसिया द्वारा प्रभागीय वनाधिकारी, अवध वन प्रभाग, लखनऊ को सूचना दी गयी कि कुछ व्यक्ति प्रतिबन्धित प्रजाति के सर्प अवैध व्यापार के लिए रखे हुए हैं। उक्त सूचना पर
डीएफओ लखनऊ डा. रवि कुमार सिंह द्वारा विनीत प्रकाश श्रीवास्तव उप क्षेत्रीय वन अधिकारी के नेतृत्व में लखनऊ रेंज एवं शहरी रेंज तथा वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो नई दिल्ली के सदस्यों के साथ संयुक्त टीम गठित करते हुए वन्य जीव अपराध में संदिग्ध व्यक्तियों को डील करने हेतु एक निश्चित स्थान पर बुलाया गया। मंगलवार अपरान्ह लगभग 12:30 बजे टीम द्वारा बुलाये गये स्थान पर मो. हसन पुत्र मो. सरताज उर्फ जान, निवासी 444/32, बर्फखाना लखनऊ नामक व्यक्ति स्कूटी संख्या-यूपी-32-ईक्यू-8225 से पहुंचा। संयुक्त टीम द्वारा उक्त संदिग्ध व्यक्ति की जामा तलाशी ली गयी। उसके पास एक पिट्ठू बैग से 02 धामिन सर्प, 06 दुमुँहा सर्प बरामद किये गये। उल्लेखनीय है कि अभियुक्त से बरामद प्रतिबन्धित प्रजाति के सर्प दुर्लभ श्रेणी के वन्य जीव हैं, जो वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के अन्तर्गत सूचीबद्ध हैं।
उक्त प्रतिबन्धित प्रजाति के वन्य जीव को टीम द्वारा विभागीय अभिरक्षा में लेते हुए अभियुक्त को पुलिस सुपुर्दगी में दे दिया गया। इसी के साथ थाना ठाकुरगंज में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 में निहित प्राविधानों के अन्तर्गत मुकदमा पंजीकृत कराया गया। वन विभाग की टीम में विनीत प्रकाश श्रीवास्तव उप क्षेत्रीय वन अधिकारी, मनीष कनौजिया वन दरोगा, दिनेश कुमार सिंह वन दरोगा, राजेश वन दरोगा, अमित सिंह वन दरोगा, मंगतू प्रसाद वन रक्षक व दीपक कनौजिया वन रक्षक सम्मिलित रहे।

केदारनाथ धाम की ब्रह्म वाटिका में खिलने लगे ब्रह्म कमल

केदारनाथ धाम में हिमालयी जड़ी बूटियों और फूलों के संरक्षण की मंशा से तैयार की गयी ब्रह्म वाटिका। अब खिलने लगे राज्य पुष्प ब्रह्म कमल।

(एकलव्य बाण समाचार)

 केदारनाथ धाम में हिमालयी जड़ी बूटियों और फूलों के संरक्षण की मंशा से तैयार की गयी ब्रहम वाटिका में खिलने लगे ब्रह्म कमल

गोपेश्वर / चमोली। केदारनाथ वन प्रभाग की ओर से केदारनाथ धाम में हिमालयी जड़ी बूटियों और फूलों के संरक्षण की मंशा से तैयार ब्रह्म वाटिका में ब्रह्म कमल खिलने लगे हैं। इससे वन प्रभाग के अधिकारी उत्साहित हैं। अधिकारियों का कहना है कि केदारनाथ धाम में बनाई गई ब्रह्म वाटिका में ब्रह्म कमल खिलने से अब पूजा अर्चना के लिये उच्च हिमालयी क्षेत्रों में इसके दोहन पर प्रभावी रोक लग सकेगी।

केदारनाथ वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी अमित कंवर ने बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में उगने वाली जड़ी-बूटियों के संरक्षण और सवर्द्धन के लिये विभाग द्वारा केदारनाथ धाम में भैरव मंदिर, मोदी ध्यान गुफा और ध्यान गुफा के समीप 1-1 हैक्टेयर वन भूमि पर ब्रह्म वाटिका का निर्माण किया। इसमें विभाग द्वारा सभी स्थानों पर 200 ब्रह्म कमल, 1740 कुटकी, 200 बज्रदंती, 35 भूतकेश, 10 नैरपाती, 18 आरचू 14 कूथ के पौधों का रोपण किया गया था। इनमें से सभी स्थानों राज्य पुष्प ब्रह्म कमल की पौध तेजी से विकासित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि वाटिका में इन दिनों ब्रह्म कमल के पुष्प भी खिलने लगे हैं। कहा कि केदारनाथ में ब्रह्म कमल के खिलने से जहां तीर्थयात्री सुगमता से राज्य पुष्प का दीदार कर सकेंगे। वहीं पूजाओं में उपयोग आने वाले पुष्पों के दोहन के लिये स्थानीय लोगों को उच्च हिमालयी क्षेत्रों में नहीं जाना होगा। इस कारण उच्च हिमलायी क्षेत्रों में ब्रह्म कमल के दोहन से पड़ रहे दबाव पर भी प्रभावी रोक लग सकेगी।

क्या है ब्रह्म कमल-

उत्तरांखड में ब्रह्म कमल का पुष्प आधात्मिक महत्व का पुष्प माना जाता है। जहां शिव धामों के साथ ही माँ नंदा की पूजा में इसका विशेष रुप से उपयोग किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उत्पत्ति के देवता ब्रह्मा जी के नाम से ही इसे ब्रह्म कमल नाम मिला है। उत्तराखंड राज्य निर्माण के बाद ब्रह्म कमल को राज्य पुष्प का सम्मान भी प्राप्त है, जिसके चलते इसके संरक्षण और संवर्द्धन को लेकर वन विभाग की ओर से विभिन्न प्रकार से प्रयास किये जा रहे हैं।

कहां होता है ब्रह्म कमल-

ब्रह्मकमल उत्तराखंड का राज्य पुष्प है। यह हिमालय की 11 हजार से 17 हजार फीट की ऊँचाई में पाया जाता है। राज्य में यह पुष्प पिंडारी से लेकर चिलफा, नंदीकुंड, सप्तकुंड, हेमकुंड, ब्रजगंगा, फूलों की घाटी और केदारनाथ के आसपास जुलाई से सितम्बर के मध्य खिलता है। वनस्पति विज्ञानियों के अनुसार ब्रह्म कमल को खिलता देखना स्वयं के स्वप्न देखने जैसा है, क्योंकि यह पुष्प मध्य रात्रि में खिलता है। इसकी सुंगध, रंग और आकार आकर्षक होने के चलते इसे विशिष्ट पुष्प मानते हुए विशेष पूजाओं में उपयोग किया जाता है।

कण्व आश्रम: पैराग्लाइडिंग नौकायन की योजना

कण्व आश्रम के सौंदर्यीकरण में तेजी। डीएम ने लिया जायजा। पैराग्लाइडिंग की संभावनाओं की तलाश। जलीय क्षेत्र में नौकायन के लिए भी कार्य योजना।

कण्व आश्रम के विकास एवं सौंदर्यकरण के लिए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा आश्रम का किया गया स्थलीय निरीक्षण, आश्रम स्थल पर कण्व आश्रम से संबंधित अभिलेखों, सामग्री तथा अन्य जानकारियों के संलकन के लिए स्मारिका बनाने के दिए निर्देश।

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। जिलाधिकरी उमेश मिश्रा ने ग्राम रावली क्षेत्र स्थित कण्व आश्रम का निरीक्षण करते हुए वहां के विकास और उसके सौंदर्यीकरण करने का जायजा लिया। जिलाधिकारी श्री मिश्रा ने उप जिलाधिकारी सदर को निर्देश दिए कि कण्व आश्रम की भूमि पर स्मारिका भवन, तालाब और वृक्षारोपण का कार्य कराएं तथा आश्रम को प्रभावित करने वाली नदियों का पानी रोकने के लिए मालन एवं गंगा के तट पर बांध का निर्माण कराएं ताकि आश्रम में पानी का भराव न होने पाए।

उन्होंने खण्ड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि कण्व आश्रम स्थल पर होने वाले निर्माण कार्य मनरेगा से कराएं ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार भी प्राप्त हो सके। अधिशासी अभियन्ता लोनिवि को निर्देश दिए कि दूर तक फैले रेतीले मैदान में पैराग्लाइडिंग की संभावनाओं को तलाश करें और जलीय क्षेत्र में नौका क्रीड़ा के लिए भी कार्य योजना बनाएं ताकि स्थानीय एवं बाहर से आने वाले पर्यटकों को मनोरंजन एवं आनन्द की सभी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

उप जिलाधिकारी सदर को निर्देशित किया कि कण्व आश्रम के नजदीक जमीन का भराव कराते हुए उस पर स्मारिका का निर्माण कराएं और भवन में पौराणिक धरोहरों को संकलित करने की कार्यवाही करें तथा उसके आसपास जानकारी पर आधारित पट्टिकाएं भी लगाई जाएं ताकि आगंतुकों को इस स्थान की प्राचीनता और उसके इतिहास का ज्ञान हो सके।

इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर विक्रमादित्य सिंह मलिक, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट/खण्ड विकास अधिकारी मुहम्मदपुर देवमल मोहित कुमार, अधिशासी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग सुनील कुमार, तहसीलदार सदर प्रीति सिंह के अलावा अन्य अधिकारी तथा ग्रामीण क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद थे।

अपने खाली भूभाग पर जरूर करें पौधारोपण: कपिल देव अग्रवाल

पर्यावरण संरक्षण का विकल्प वृक्षारोपण: कपिल देव अग्रवाल
गंगा बैराज पर वृहद स्तर पर पौधारोपणमंडलायुक्त मुरादाबाद मण्डल अनन्जय कुमार सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष बाल्मिकी द्वारा भी किया गया पौधारोपण।

रामनाथ सिंह

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार) राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग उत्तर प्रदेश/प्रभारी जिला मंत्री बिजनौर कपिल देव अग्रवाल द्वारा राज्य स्तर पर आयोजित होने वाले वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के अंतर्गत गंगा बैराज स्थित भूभाग पर पौधे रोपित किए गए।

इस अवसर पर मंडलायुक्त मुरादाबाद मण्डल अनन्जय कुमार सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष बाल्मिकी द्वारा भी पौध रोपित कर वृक्षारोपण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया गया तदोपरांत उनके द्वारा गंगा में दूध अर्पित कर पूजा अर्चना की गई।

प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि बढ़ते जलवायु प्रदूषण पर समुचित नियंत्रण स्थापित करने और वातावरण में प्रचुर मात्रा में ऑक्सीजन लेविल बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण ही एक मात्र विकल्प है।

उन्होंने डीएफओ को निर्देश दिए कि जिले के वृक्षारोपण कार्यक्रम में सबसे अधिक लक्ष्य वन विभाग का है, अत: लक्ष्य के सापेक्ष पौधों का रोपण सुनिश्चित करते हुए उनके संरक्षण का भी पुख्ता इंतजाम करें ताकि कोई भी पौधा खराब न होने पाए।

उन्होंने कहा कि जीवन में वृक्ष का बहुत ही अहम महत्व है, वृक्ष जहां हमें ऑक्सीजन देते हैं, वहीं वातावरण में मौजूद कार्बनडाई ऑक्साईड जैसी हानिकारक गैस को एब्जार्ब करते हैं और वृक्षों से ही हमें फल, फूल, औषधी प्राप्त होती है। उन्होंने जन सामान्य का आह्वान किया कि अपने खाली भूभाग पर वृक्षारोपण जरूर करें और अन्य लोगों को भी इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए प्रेरित करें ताकि जलवायु प्रदूषण के शुद्विकरण में अपना योगदान अदा कर सकें।

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन भगवानशरण दास, डीएफओ बिजनौर एम सिम्मरन, उप जिलाधिकारी सदर विक्रमादित्य सिंह मलिक, चांदपुर कुवंर वीरेन्द्र प्रताप सिंह, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट मोहित कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार, तहसीलदार सदर श्रीमती प्रीति सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी, जन प्रतिनिधि एवं एनरसीसी कैडेट्स मौजूद थे।

मुख्य सचिव ने पत्नी समेत किया पौधारोपण

पौधारोपण करते मुख्य सचिव, उप्र.शासन राजेन्द्र कुमार तिवारी एवं उनकी धर्मपत्नी डा० अर्चना तिवारी

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। वृक्षारोपण जन आन्दोलन 2021 के अन्तर्गत रविवार को जनपद लखनऊ के सभी रेंज क्षेत्रों व विकास खंडो में प्रातः 06:00 बजे से वृहद वृक्षारोपण अभियान कार्यक्रम संचालित किया गया। इसी क्रम में मोहनलालगंज रेंज के पुरसैनी वन ब्लाक में रविवार को मुख्य सचिव, उप्र.शासन राजेन्द्र कुमार तिवारी एवं उनकी धर्मपत्नी डा० अर्चना तिवारी द्वारा पीपल व कचनार वृक्ष का रोपण किया गया। इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में मुख्य सचिव, उप्र, शासन के स्टॉफ आफिसर अनिल कुमार तथा आशीष तिवारी, सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, उप्र, शासन व आदित्य कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन, उप्र एवं आरके सिंह, मुख्य वन संरक्षक, लखनऊ मण्डल, लखनऊ सहित डा रवि कुमार सिंह (डीएफओ) प्रभागीय वनाधिकारी, अवध वन प्रभाग, लखनऊ द्वारा भी वृक्षारोपण किया गया।

दूसरी ओर पूर्वान्ह 11:00 बजे मोहनलालगंज संसदीय क्षेत्र के सांसद कौशल किशोर द्वारा भी पुरसैनी वन ब्लाक में नीम का वृक्ष रोपित किया गया। इसके अतिरिक्त बीकेटी रेंज के अन्तर्गत इटौंजा-माल मार्ग पर विधायक, बीकेटी अविनाश त्रिवेदी द्वारा पीपल व पाकड़ वृक्ष का रोपण किया गया। वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान आम-जनमानस सहित पर्यावरण प्रेमियों ने भी भाग लिया।

पर्यावरण संरक्षण को दिव्यांग बच्चों ने किया पौधारोपण

पर्यावरण संरक्षण को दिव्यांग बच्चों ने किया पौधारोपण।
महर्षि दयानंद विकलांग विद्यालय मुस्सेपुर में मनाया वन महोत्सव।
वन विभाग अधिकारियों ने प्रबंधिका को किया पुष्प गुच्छ भेंट।

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। वन विभाग की ओर से आर्य सुगंध संस्थान मुस्सेपुर नजीबाबाद के महर्षि दयानंद विकलांग विद्यालय में वन महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान दिव्यांग बच्चों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। वन विभाग अधिकारियों ने संस्थान की प्रबंधिका को उनकी सेवा के लिए पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया।
शुक्रवार को वन विभाग की ओर से नजीबाबाद-हरिद्वार मार्ग पर ग्राम मुस्सेपुर स्थित आर्य सुगंध संस्थान के महर्षि दयानंद विकलांग विद्यालय में वन महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में काफी संख्या में क्षेत्र के लोग भी मौजूद रहे। वन महोत्सव कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के दिव्यांग बच्चों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। दिव्यांग बच्चों  ने अमरूद, आम, अशोक, सिल्वर माक व बोतल ब्रुश के पौधे रोपें। अंत में मास्क वितरण किए गए। वन विभाग के अधिकारियों ने दिव्यांग बच्चो की सेवा करने को लेकर संस्थान की प्रबंधिका श्रीमति कमलेश आर्य को पुष्प गुच्छ भेंटकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में प्रधान बलबीर सिंह, वीर सिंह, अब्दुल रहमान अल्वी उर्फ भूरा, ओमकार सिंह, विनोद सिंह, धर्मपाल सिंह, मुकेश कुमार, जयपाल सिंह तथा विद्यालय का स्टाफ शामिल रहा।

ऑक्सीजन के लिए अधिक संख्या में करें पौधारोपण: बोहरा

वन क्षेत्र अधिकारी नगीना ने किया ऑक्सीजन के लिए अधिक संख्या में पौधे लगाने का आह्वान

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। नगीना वन क्षेत्र अधिकारी ने ऑक्सीजन की कमी पूरी करने के लिए लोगों से अधिक से अधिक पौधारोपण करते रहने का आह्वान किया।

शुक्रवार को वन क्षेत्र अधिकारी विरेन्द्र सिंह बोहरा ने नगीना बढ़ापुर मार्ग पर पौधरोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वृक्ष हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। इसलिए वृक्षों का होना बहुत आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आह्वान किया, जिससे भविष्य में ऑक्सीजन की कमी ना हो सके। इस अवसर पर वन दरोगा धर्मेंद्र सिंह , रेंजर सचिन, रुचित चौधरी व वनरक्षक सोनम सहित वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के अतिरिक्त गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

महात्मा विदुर की तपस्थली से वन महोत्सव का शुभारंभ

बिजनौर। 01 से 07 जुलाई,21 तक संचालित वन महोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ महात्मा विदुर की तपस्थली में पौध रोपित कर किया गया। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों व मीडिया कर्मियों ने पौध रोपण किया।

महात्मा विदुर की तपस्थली से पौधारोपण शुरू करने का उद्देश्य- कार्यक्रम का शुभारम्भ महात्मा विदुर की तपस्थली से करने का उद्देश्य यह है कि यह कार्य पूरी सफलता के साथ सम्पन्न हो और जिले के आम नागरिकों सहित पर्यावरण की सुरक्षा के दृष्टिगत सभी जीव-जंतुओं को भी इसका लाभ प्राप्त हो। भारत सरकार द्वारा इस तपस्थली की पौराणिक एवं धार्मिक महत्ता को दृष्टिगत रखते हुए विदुर कुटी को राष्ट्र के शीर्ष स्थलों में घोषित करते हुए उसके संरक्षण एवं विकास के लिए निर्देशित किया गया है। विदुर कुटी गंगा के किनारे स्थित होने के कारण इसका धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है। इस क्षेत्र में पानी और वन सम्पदा होने के कारण वृक्षारोपण कार्यक्रम की सफलता की प्रबल सम्भावना है। बिजनौर में मनोरंजन के हर वह अवसर मौजूद हैं, जिनके दर्शन और उनका आनन्द लेने के लिए लोग हजारों मील का सफर करते हैं, इसके अलावा यहां वुडन हैण्डीक्राफट, मूढ़ा, ब्रश, कपड़ा, बर्तन आदि का उत्पादन किया जाता है। इसमें पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण होता है। वन्य जीवों एवं सौंदर्य के दर्शन के लिए अमानगढ़ रेंज में प्राकृतिक अवसर उपलब्ध हैं। जन सहभागिता के साथ यदि इस जिले को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए सार्थक प्रयास किए जाएं तो निकट भविष्य में इस सपने का मूर्त रूप प्रदान किया जा सकता है।

इस अवसर पर मंत्री अशोक कटारिया, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन भगवान शरण दास, उप संभागीय निदेशक वानिकी एम सिम्मरन, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट संगीता, तहसीलदार सदर श्रीमती प्रीति सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं जन प्रतिनिधि तथा पत्रकार बन्धु मौजूद थे।

लखनऊ में वृक्षारोपण को लेकर गहन मंथन

कलक्ट्रेट सभागार, लखनऊ में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में”जिला वृक्षारोपण समिति”, “जिला गंगा समिति की बैठक हुई संपन्न।

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। आगामी 30 करोड़ वृक्षारोपण लक्ष्य अंतर्गत लखनऊ जनपद की समीक्षा जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में की गई।

बैठक में जनपद के 28 विभागों के विभागाध्यक्ष, वन विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, राजस्व विभाग, पंचायती राज विभाग, पर्यावरण विभाग, लोक निर्माण विभाग आदि उपस्थित रहे। जनपद का कुल लक्ष्य 20 लाख वृक्षारोपण समस्त विभागों द्वारा व 11 लाख वृक्षारोपण वन विभाग अनुमोदित कार्ययोजना के अनुसार कराये जाएंगे। इसमें समस्त विभागों की कार्ययोजना, गढ्ढा खुदान, इण्डेंड जनरेशन व पौध ढुलान की व्यक्तिगत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप पर विभागवार आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष दैनिक प्रगति अपलोड किये जाने के निर्देश दिये गये।

बैठक का संचालन सदस्य सचिव/प्रभागीय वनाधिकारी, लखनऊ डा0 रवि कुमार सिंह द्वारा किया गया। समस्त विभागों को 01 जुलाई से 31 जुलाई 2021 के मध्य वृक्षारोपण व 04 जुलाई, 2021 को वृहद स्तर पर राज्य के 25 करोड़ वृक्षारोपण का लक्ष्य प्राप्त करने हेतु अपने विभागों की पूर्ति के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिये गये। साथ ही जनपद के सभी विभागों को वन विभाग की नर्सरियों से तत्काल पौध उठान कराने के निर्देश दिये गए।

स्वजनों की स्मृति में वृक्षारोपण- प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में कोविड स्मृति वाटिका की स्थापना कुकरैल रेंज के सूगामऊ वन ब्लाक में की जा रही है, जिसमें सभी जनसामान्य अपने स्वजनों की स्मृति में वृक्षारोपण कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त सूगामऊ वन ब्लाक कुकरैल में 10 हेक्टेयर वृहद क्षेत्र में कुल 11,000 वृक्षों का रोपण कर ऑक्सीजन वन की स्थापना वन विभाग द्वारा की जाएगी, जिसमें औषधीय वृक्ष भी सम्मिलित हैं। जिलाधिकारी द्वारा लखनऊ विकास प्राधिकरण को जनेश्वर मिश्र पार्क में एक वृहद वृक्षारोपण (कुल संख्या 31,000 पौध) किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिए गये कि विगत वर्षों में वन विभाग द्वारा कुकरैल में तीन स्थलों पर तीन मॉडल "मियावाकी वृक्षारोपण कराये गये हैं। इसका अनुश्रवण करते हुए समस्त विभाग शहरी क्षेत्र में वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करें। उक्त कार्य के अनुश्रवण के लिए प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय में एक कमाण्ड सेन्टर की स्थापना की गई है। उक्त के अतिरिक्त जिलाधिकारी द्वारा जिला गंगा समिति की भी समीक्षा की गई।

अब बनेंगे स्मृति वन, पूर्वजों की स्मृति में कर सकेंगे पौधों का रोपण

जिले के नगर निकाय क्षेत्रों में बनेंगे स्मृति वन, आम आदमी अपने पूर्वजों की स्मृति में वहां करेंगे पौधों का रोपण, ग्रामीण क्षेत्रों में वृक्षारोपण कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने पर ग्राम प्रधानों को किया जाएगा पुरूस्कृत तथा उपलब्ध कराए जाएंगे प्रशस्ति पत्र-जिलाधिकारी उमेश मिश्रा

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कलक्ट्रेट सभागार में वृक्षारोपण कार्य  से संबंधित आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए वन विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, राजस्व विभाग, पंचायती राज विभाग, आवास विकास, औद्योगिक विकास विभाग, नगर विकास, लोक  निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, रेशम विभाग, कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, सहकारिता सहित अन्य सम्बन्धित विभागों को निर्देश दिए कि जिन विभागों को वृक्षारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उसे शत प्रतिशत पूरा करना सुनिश्चित करें। साथ ही रोपित पौधों की समुचित हिफाजत और उनकी देखरेख की व्यवस्था भी करें ताकि रोपे गए पौधों का अपेक्षित लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा ग्रामीण क्षेत्रों में वृक्षारोपण कार्यक्रम में सराहनीय कार्य करने वाले ग्राम प्रधानों को जिला प्रशासन की ओर से पुरूस्कृत एवं प्रशस्ति पत्र दे कर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने सभी नगर निकाय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक नगरीय क्षेत्र में स्मृति वन स्थापित करते हुए उनमें जन सामान्य के माध्यम से अधिक से अधिक पौध रोपित कराना सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी श्री मिश्रा मंगलवार अपरान्ह 12ः30 बजे कलक्ट्रेट सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने निर्देश दिए कि रोपित किए जाने वाले पौधों को वन एवं उद्यान विभाग की नर्सरी से ही खरीदा जाए ताकि अच्छे और सस्ते पौधे प्राप्त हो सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने-अपने लक्ष्य को निर्धारित समय सीमा से पहले पूरा करने का प्रयास करें तथा जो भी पौधे रोपण का कार्य किया जाए, उसे जीओ टैग निश्चित रूप से कराएं। उन्होंने प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी को निर्देश दिये कि विभागीय नर्सरी में मांग के अनुसार पौधों की उपलब्धता का कार्य विभाग के दायित्व में शामिल है अतः उक्त कार्य पूरे मानक के अनुरूप अंजाम दें। बताया कि माह जुलाई, 21 में आयोजित होने वाले वृहद्व वृ़क्षारोपण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में विभिन्न विभागों के माध्यम से 62,89,969 पौधों के रोपित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें सबसे अधिक वन विभाग द्वारा 24,66,200 पौधे रापित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कण्वाश्रम, विदुर कुटी तथा विदुर कुटी मार्ग के किनारों पर भी वृक्ष रोपित किए जाएंगें।
इस अवसर पर डीएफओ बिजनौर, नजीबाबाद मनोज कुमार शुक्ला, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी विक्रमादित्य सिंह मलिक, जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार, जिला कृषि अधिकारी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

हस्तिनापुर वन्य जीव बिहार की सीमा के सुव्यवस्थितकरण की कार्यवाही जारी

हस्तिनापुर वन्य जीव बिहार की सीमा के सुव्यवस्थितकरण की कार्यवाही की जारी, घोषणा की तिथि से 2 माह की अवधि के भीतर में जिलाधिकारी बिजनौर के समक्ष निर्धारित प्रपत्र में की जा सकती है आपत्ति-डीएफओ बिजनौर

बिजनौर। प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी विभाग, बिजनौर ने प्रमुख सचिव, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन अनुभाग 4, उत्तर प्रदेश शासन के पत्र के हवाले से जानकारी देते हुए बताया कि हस्तिनापुर वन्य जीव बिहार की सीमा के सुव्यवस्थितकरण की कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने बताया कि उक्त कार्यवाही के लिए सीमा सुव्यवस्थितकरण के संबंध में उद्घोषणा निर्गत कर प्रस्तावित अभयारण्य के सुव्यवस्थितकरण की सीमा के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में, किसी को कोई आपत्ति या किसी का कोई स्वाधिकार या अवधान अंतर्निहित होता है, तो घोषणा की तिथि से 2 माह की अवधि के भीतर में जिलाधिकारी बिजनौर के समक्ष निर्धारित प्रपत्र में आपत्ती की जा सकती है।