वन अप मोटर्स इंडिया प्रा. लि. ने चलाया यातायात जागरूकता अभियान

सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा।

लखनऊ। जैसा कि आप अवगत है कि चतुर्थ सड़क सुरक्षा सप्ताह (दिनांक 18.04.2021 से 24.04. 2022 तक) मनाया जा रहा है।

जनपद लखनऊ में सड़क सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम का शुभारम्भ परिवहन मंत्री के कर कमलों द्वारा दिनांक 18-04-2022 को 1090 चौराहे पर किया गया है।

इस दौरान उनके द्वारा सप्ताह भर वृहद जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाने संबंधी निर्देश दिए गए।

निर्देश का पालन करते हुए वन अप मोटर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और वहां के सेल्स मैनेजर सौरभ सिंह व अन्य कर्मचारियों द्वारा यह अभियान बड़े ही जागरूकता पूर्वक मनाया गया।

मलिहाबाद तहसील, मिर्जागंज चौराहा, मोहान रोड, मॉल रोड और अन्य जगहों पर जनता को बैनर और जागरूकता पत्रक के मध्यम से अवगत कराया गया और उनको सुरक्षा नियमों के बारे में बताया गया ।

सड़क हादसे में नूरपुर के दो युवकों की दर्दनाक मौत, एक गंभीर घायल

सड़क दुर्घटना में नूरपुर के दो युवकों की दर्दनाक मौत, एक गंभीर घायल। हीमपुर बुजुर्ग गांव के पास हुआ सड़क हादसा।


नूरपुर/बिजनौर। मंगलवार की देर शाम करीब 7 बजे नूरपुर चांदपुर रोड पर हीमपुर बुजुर्ग गांव के पास हुए सड़क हादसे में कस्बे के दो युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना में एक युवक गंभीर रुप से घायल हो गया। परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।


जानकारी के अनुसार कस्बे के मोहल्ला इस्लामनगर निवासी सुल्तान पुत्र चन्नू (22 वर्ष), सारिक पुत्र नईम अहमद (23 वर्ष) एवं फैजान पुत्र नसीम (22 वर्ष) मंगलवार की शाम करीब सात बजे बाईक द्वारा चांदपुर से घर लौट रहे थे। बताया जाता है कि नूरपुर चांदपुर मार्ग पर गांव हीमपुर बुजुर्ग के पास तेज रफ्तार से आ रहे ट्रक ने बाईक को चपेट में ले लिया। परिणामस्वरूप सुल्तान और सारिक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि फैजान गंभीर रुप से घायल हो गया। सूचना पर चांदपुर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल भिजवाया। चिकित्सकों ने उसकी हालत नाजुक देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रैफर कर दिया। उधर, घटना की खबर मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया तथा परिजन और मोहल्लावासी घटनास्थल की दौड पड़े। घटना से क्षेत्र में गम का माहौल है।

बाइक पर सवारी के बदले नियम

बाइक की सवारी करने के नियम केंद्र सरकार ने बदले। बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं से निपटने की कवायद।

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए दोपहिया वाहनों के डिजाइन और पीछे बैठने के नियमों में बदलाव कर दिया है। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर कुछ नए नियम लागू किए हैं। बाइक चलाने वाले के पीछे बैठने वाले लोगों को इनका पालन करना होगा।

बाइक राइडर और पीछे की सीट के बीच हैंड होल्ड – सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के नए नियमों के मुताबिक, अब बाइक के पीछे की सीट के दोनों तरफ हैंड होल्ड जरूरी है। हैंड होल्ड पीछे बैठे सवारी की सुरक्षा के लिए है। बाइक ड्राइवर के अचानक ब्रेक लगाने पर हैंड होल्ड सवारी के लिए काफी मददगार साबित होता है। अभी तक अधिकतर बाइक में ये सुविधा नहीं होती थी। इसके साथ ही बाइक के पीछे बैठने वाले के लिए दोनों तरफ पायदान अनिवार्य कर दिया गया है. इसके अलावा बाइक के पिछले पहिये के बाएं हिस्से का कम से कम आधा हिस्सा सुरक्षित तरीके से कवर होगा ताकि पीछे बैठने वाले के कपड़े पिछले पहिये में ना उलझे।

पुष्पक एक्सप्रेस की स्पीड से गिर गया रेलवे का चांदनी स्टेशन

बुरहानपुर/नेपानगर। तेज रफ्तार पुष्पक एक्सप्रेस के गुजरने के दौरान चांदनी स्टेशन का आरसीसी भवन का अगला हिस्सा बुधवार शाम साढ़े चार से पांच बजे के बीच भरभरा कर गिर गया। बताया जा रहा है कि पुष्पक एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाने के लिए एएसएम प्रदीप पवार बाहर निकले थे। तभी भवन का बड़ा हिस्सा भरभरा कर गिरा। इस कारण शाम सवा सात बजे तक करीब दर्जनभर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ। वहीं क्षतिग्रस्त भवन को तोड़ने का काम भी शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक तत्काल नए भवन का निर्माण शुरू कराया जा रहा है।

हादसे में स्टेशन अधीक्षक कक्ष की खिड़कियों के कांच फूट गए और बोर्ड गिर गए। भवन के अगले हिस्से का मलबा स्टेशन परिसर पर बिखर गया। इस दौरान चार और कर्मचारी भवन में बैठकर काम कर रहे थे। भवन गिरता देख बाहर की ओर भागे और जान बचाई। घटना की सूचना मिलते ही एडीआरएम मनोज सिन्हा सहित कई अधिकारी भुसावल से सड़क मार्ग के जरिए मौके पर पहुंचे, जबकि कुछ अधिकारी खंडवा से भी आए। वहीं अप और डाउन ट्रेक से आने-जाने वाली हर गाड़ी को आउटर अथवा अन्य स्टेशनों पर रोक कर लूप लाइन से आगे रवाना किया गया।

रेलवे के इतिहास में संभवत: यह पहला मामला होगा, जबकि किसी स्टेशन की बिल्डिंग इस तरह भरभरा कर गिरी है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक इस भवन का निर्माण करीब चौदह साल पहले 2007 में हुआ था। इसके अलावा कुछ हिस्सा बाद में भी बनाया गया था। स्टेशन परिसर में बिखरे मलबे में पिलर का मलबा नहीं पाए जाने से माना जा रहा है कि संबंधित ठेकेदार ने बिना पिलर के ही भवन खड़ा कर दिया था। संभवत: यही वजह है कि यह भवन ट्रेनों के गुजरने से होने वाला कंपन ज्यादा समय तक नहीं झेल पाया। हादसे के बाद ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई थी और स्टेशन में घंटों तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। इस दौरान आंधी का मौसम भी बन गया था। गनीमत यह थी कि हादसे के दौरान स्टेशन परिसर में यात्री नहीं थे अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। रेलवे अफसरों के अनुसार मौके पर पहुंचे रेलवे के इंजीनियरों ने स्टेशन के आसपास के ट्रेक की भी जांच की है। हादसे की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। (साभार-नईदुनिया)

सड़क दुर्घटनाएं रोकने की कवायद शुरू

बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अपेक्षित नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से आईआरएडी परियोजना सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार एवं राज्य सरकार के पुलिस परिवहन स्वास्थ्य एनआईसी राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के द्वारा संयुक्त रुप से संचालित, दुर्घटनाओं के कारण का अध्ययन कर उनके निवारण का किया जाएगा समुचित प्रयास

बिजनौर। गंज रोड पर इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस परियोजना (आईआरएडी) का ड्राई रन कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान एसपी सिटी प्रवीण रंजन सिंह, वरिष्ठ तकनीकी निदेशक/जिला सूचना विज्ञान अधिकारी एनआईसी नंदकिशोर, क्षेत्राधिकारी नगर कुलदीप सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

सूचना विज्ञान अधिकारी नंदकिशोर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि ड्राई रन कार्यक्रम के दौरान सड़क दुर्घटना के काल्पनिक दृश्य को कैप्चर कर आईआरएडी परियोजना के मोबाइल एप पर सूचना अपलोड की गई। उन्होंने बताया कि उक्त dry-run कार्यक्रम में थाना बिजनौर कोतवाली एवं थाना हीमपुर दीपा के प्रभारी राजेश सोलंकी एवं नेमचंद शर्मा तथा उक्त दोनों थानों के फील्ड अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना को रोकने तथा दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से मोबाइल ऐप में आंकड़े एकत्र किए जाएंगे तथा दुर्घटना के कारणों अध्ययन करते हुए, उसे रोकने के लिए प्रभावी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं अपेक्षित नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से आई आर ए डी परियोजना सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार एवं राज्य सरकार के पुलिस परिवहन स्वास्थ्य एनआईसी राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के द्वारा संयुक्त रुप से चलाया जा रहा है। परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए श्रीमती आंचल राजपूत द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया।

सौजन्य से-Kridha’s icecream parlour Neelkamal Road civil lines Bijnor

मथुरा में भीषण हादसा: तेज रफ्तार कार ट्रक में घुसी, चार की मौत


ट्रक में घुसी तेज रफ्तार कार, 4 लोगों की दर्दनाक मौत, चालक समेत 3 घायल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के जनपद मथुरा में शनिवार तड़के भीषण हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। थाना राया इलाके में कोयल रेलवे फाटक के पास ट्रक में पीछे से कार जा घुसी। हादसे में तीन लोग घायल भी हुए हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। साथ ही हादसे की सूचना मृतकों व घायलों के परिजनों को दी।

जानकारी के अनुसार बदायूं के कार सवार चार लोग राजस्थान के मेहंदीपुर बालाजी दर्शन करने जा रहे थे। अलीगढ़-मथुरा रोड पर कोयल रेलवे फाटक के पास इनकी कार सामने चल रहे ट्रक से टकरा गई। हादसे में कार सवार रोहित (18 वर्ष), सिमरन (20 वर्ष), काजल (15 वर्ष) और मनीष की मौके पर ही मौत हो गई। दूसरी ओर नीलम, प्रभाकर और कार चालक अमरपाल सिंह घायल हो गए। हादसे के बाद लगी राहगीरों की भीड़ ने पुलिस कन्ट्रोल रूम को सूचना दी। राया थाना पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवा दिया। पुलिस ने बताया कि मृतकों के परिजनों के सूचना दे दी है। ट्रक को कब्जे में लिया है। जांच पड़ताल की जा रही है।

कच्चे मकान की दीवार गिरी, दबकर बच्ची की मौत


बिजनौर। राजा का ताजपुर के निकटवर्ती ग्राम गुनिया खेड़ी में कच्चे मकान की दीवार गिरने से दबी बच्ची की मौत हो गई। घटना में एक राजमिस्त्री गंभीर घायल है। कच्चे मकान की जगह पीएम आवास योजना के तहत उसे पक्का करने का काम चल रहा था।

जानकारी के अनुसार नूरपुर थाना अंतर्गत राजा का ताजपुर के निकटवर्ती ग्राम गुनिया खेड़ी में लोकेश कुमार का प्रधानमंत्री योजना के तहत आवास आया था। नवनिर्माण के स्थान पर पहले कच्चा मकान बना हुआ था। राजमिस्त्री नए मकान की नींव भर रहे थे। तभी कच्ची दीवार भरभरा कर गिर पड़ी, जिसमें लोकेश कुमार की 8 वर्षीय पुत्री पलक और मिस्त्री दीवार के नीचे दब गए। वहां खड़े ग्रामीणों ने मलबे को हटा कर बच्ची व मिस्त्री को दीवार के नीचे से बाहर निकाला। घायल पलक को लेकर ताजपुर के निजी अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। वहीं गंभीर रूप से घायल राजमिस्त्री विपिन कुमार पुत्र मूलचंद का उपचार चल रहा है।

अज्ञात वाहन की टक्कर से युवक की मौत, साथी घायल

बिजनौर। बेनीपुर-हरेवली मार्ग पर अज्ञात वाहन की टक्कर से बढ़ापुर के गांव कुंजैटा निवासी एक 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना में उसका साथी युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। घटना की सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

जानकारी के अनुसार बढ़ापुर के गांव कुंजैटा निवासी ललित कुमार (22 वर्ष) अपने मित्र के साथ बाइक संख्या UP20 BQ 1593 से कहीं जा रहा था। बेनीपुर-हरेवली मार्ग पर किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आकर ललित की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों की सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक आशुतोष कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। वहीं घायल को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। दोनों के परिजनों को घटना की सूचना दी गई। सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी है।

देश का पहला सड़क सुरक्षा माह

देश के पहले सड़क सुरक्षा माह की शुरूआत

नई दिल्ली। भारत में लोगों को सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूक करने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से सोमवार को देश के पहले सड़क सुरक्षा माह का उद्घाटन किया गया। पिछले कुछ वर्षों से लगातार सड़क सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा था, लेकिन मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, इस साल जागरूकता अभियान का आयोजन महीनेभर तक करने की योजना बनाई गई है। केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और एमएसएमई मंत्री नितिन गटकरी ने उद्घाटन कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. वीके सिंह और नीति आयोग के सीईओ श्री अमिताभ कांत भी मौजूद थे। इस दौरान अमृतसर से कन्याकुमारी तक एक राष्ट्रीय चैम्पियनशिप “सेफ स्पीड चैलेंज” को हरी झंडी दिखाने और सड़क सुरक्षा के लिए पुरस्कार प्रदान करने के अलावा, सड़क सुरक्षा पर एक फिल्म भी लॉन्च की गई। राज्य सरकारों, पीएसयू और बीमा कंपनियों ने भी विभिन्न गतिविधियों, सेमिनार, वॉकाथॉन और पोस्टर बनाओ प्रतियोगिता के जरिए इस जागरूरता अभियान में भाग लिया।

इस अवसर पर अपने विचार रखते हुए केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा में सड़क जागरूकता भी शामिल है। देशभर में सड़क हादसों के कारणों और उन्हें रोकने के बारे में चालकों के साथ-साथ राहगीरों को भी अपनी ज़िम्मेदारियों का एहसास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में होने वाली क्षति केवल एक परिवार को दुःख नहीं देती, बल्कि देश के संसाधनों के लिए भी यह एक बड़ा नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा जागरूरता को जन-जन तक पहुँचाकर हम जीडीपी को हेने वाले करीब 3 फीसदी नुकसान को बचा सकते हैं। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार जीतने वाले विजेताओं को बधाई दी। इनमें सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाला राज्य, मुसीबत में मदद करने वाले व्यक्ति के लिए पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ राज्य परिवहन निगम, सुरक्षित राजमार्ग निर्माण में श्रेष्ठ काम करने वाले के लिए पुरस्कार, असाधारण काम करने वाला फील्ड अधिकारी और सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ काम करने वाला एनजीओ जैसी श्रेणियाँ शामिल हैं। जिन्हें आज पुरस्कार नहीं मिला, ऐसे सभी संगठनों और हितधारकों का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के सड़क सुरक्षा अभियान में इनका योगदान और मेहनत भी सराहनीय है, जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।

प्रतिवर्ष सड़क दुर्घटना में जाती है 1.5 लाख लोगों की जान-श्री गडकरी ने बताया कि भारत में प्रतिवर्ष सड़क दुर्घटना में करीब 1.5 लाख लोगों की मौत होती है, जबकि 4.5 लाख लोग घायल होते हैं। आप ये जानकर हैरान होंगे कि इन सड़क दुर्घटनाओं में मरने वाले लोगों से हमारे देश को जीडीपी के 3.14 फीसदी के बराबर सामाजिक-आर्थिक नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले 70 फीसदी लोग 18-45 वर्ष के आयु वर्ग में आते हैं, अर्थात् भारत में प्रतिदिन इस आयु वर्ग के 415 लोगों की मौत होती है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों और क्षति को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। विभिन्न प्रयासों, नीतिगत सुधारों और सुरक्षित प्रणाली को अपनाकर वर्ष 2030 तक भारतीय सड़कों पर सड़क दुर्घटनाओं को शून्य करने की दिशा में सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लक्ष्य को हासिल करने में सरकार ‘जन-भागीदारी’ और ‘जन-सहभाग’ जैसे जन आंदोलन के माध्यम से ही कामयाब हो सकती है। इस  ‘जन-सहभाग’ को सफल बनाने के लिए सरकारों को केन्द्रीय, राज्य और नगर निकायों के स्तर पर एक सकारात्मक सहयोगी की भूमिका निभानी चाहिए। श्री गडकरी ने सुझाव दिया कि सभी सांसदों, विधायकों और अन्य जन प्रतिनिधियों को जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति के माध्यम से एक मंच प्रदान करना चाहिए और अपने चुनावी क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के लिए पुलिस, डॉक्टर्स, पैरामेडिकल पेशेवर, एनजीओ, विद्यार्थी और अन्य लोगों को इसमें शामिल करना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस सड़क सुरक्षा माह के दौरान राज्य सरकारों/केन्द्र शासित प्रदेशों, एनएचएआई, एनएचआईडीसीएल, ओईएम और एनजीओ के सहयोग से देशभर में व्यापक स्तर पर विभिन्न गतिविधियों को आयोजित करने के लिए पहले ही योजना बना ली गई है। मंत्री ने बताया कि सड़क सुरक्षा के 4ई के पुनर्गठन और उसे मज़बूत करने सड़क सुरक्षा को कम करने दी दिशा में विभिन्न महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। ये 4ई हैं- इंजीनियरिंग, एजुकेशन, इंफोर्समेंट और इमरजेंसी केयर सर्विस।

केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. वीके सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल महीनेभर चलने वाला कार्यक्रम नहीं है, बल्कि जीवनभर जारी रहने वाला कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि सड़क पर प्रत्येक व्यक्ति को खुद वाहन चलाते समय और दूसरे वाहनों के चालकों से भी सतर्क रहना होगा। उन्होंने सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में सभी को जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें एक ऐसे माहौल को पैदा करने की ज़रूरत है, जहाँ लोग केवल अपनी जान की परवाह नहीं, बल्कि दूसरों की जान की परवाह भी करें। नीति आयोग के सीईओ श्री अमिताभ कांत ने सड़क सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पिछले कुछ सालों के दौरान सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में सरकार ने कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। उन्होंने सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में देश के मानकों को वैश्विक स्तर पर ले जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रौद्योगिकी को निगरानी व्यवस्था के साथ एकीकृत करने की आवश्यकता है।   ****

एक्सप्रेस-वे हादसा!पत्रकार मुरली की मौत दुर्घटना में नहीं, हत्या: आचार्य डॉ प्रदीप द्विवेदी

एक्सप्रेस-वे हादसा
पत्रकार मुरली की दुर्घटना में मौत नहीं, हत्या हुई: आचार्य डॉ प्रदीप द्विवेदी

लखनऊ। वरिष्ठ पत्रकार आचार्य डॉ प्रदीप द्विवेदी ने कहा कि बेहद दर्दनाक और पीड़ा देने वाले एक हादसे में छोटे भाई और साथी पत्रकार मुरली मनोहर सरोज की, उनकी पत्नी, चचेरी बहन, सास व कार चालक की मृत्यु हो गयी। पत्नी का इलाज करवाने के लिए मुरली, सड़क मार्ग से दिल्ली जा रहे थे कि गलत दिशा से आ रहे एक कंटेनर ने उनकी कार में टक्कर मार दी। गाड़ी ने तत्काल आग पकड़ ली और सभी लोग उसमें ज़िन्दा जलकर राख हो गए। मैं अपनी व्यक्तिगत पीड़ा बयान नहीं कर सकता कि किस कदर दुःख है मुझे अपने भाई और उसके परिवारीजनों का, इस तरह सड़क पर दर्दनाक तरह से जलकर मरने का! यदि मुरली का अधजला मतदाता पहचान पत्र न मिलता तो शायद हमें पता भी न चलता कि मौत किनकी हुई!

अक्षम्य लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त-
आचार्य डॉ प्रदीप द्विवेदी ने कहा कि इसके लिए दोषी पुलिस कर्मियों, एक्सप्रेस-वे के कर्मचारियों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएग। आखिर कैसे एक्सप्रेस-वे पर एक डीज़ल से भरा कन्टेनर गलत दिशा से आया ? उसे किसी ने रोका क्यों नहीं ?


मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाएंगे मामला-
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में ये प्रकरण लाया जाएगा और मुआवजे की मांग भी समस्त मृत परिवार के आश्रितों और पत्रकार मुरली मनोहर सरोज के बच्चों के लिए तो की ही जाएगी। मगर इसे यहीं तक नहीं छोड़ दिया जाएगा और हम दोषियो को छोड़ेंगे किसी सूरत में नहीं। ये सड़को पर प्रशासनिक, शासनिक व हाईवे निर्माण और देखरेख में लगी संस्थाओ द्वारा की गई हत्या है न कोई हादसा।
उन्होंने कहा कि ‘मैं अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अपने मित्र उसके परिवार और सभी मृत लोगों को अर्पित करता हूँ। बहुत कष्ट दे गया ये हादसा’।

गौरतलब है कि हादसा आगरा के थाना खंदौली क्षेत्र में तड़के तकरीबन 4.30 बजे हुआ। आगरा से नोएडा की ओर जा रही कार से सभी लोग यूपी से दिल्ली की तरफ जा रहे थे। गलत दिशा से आ रहे नागालैंड नंबर के कंटेनर की वजह से यह हादसा हुआ। टक्कर के बाद कंटेनर में भी आग लग गई।

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यमुना एक्सप्रेस-वे पर कंटेनर से टकरा कर लगी कार में आग, 5 जिंदा जले

Agra: यमुना एक्सप्रेसवे पर कंटेनर से टकरा कर कार में आग, जिंदा जलकर पांच की मौत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आगरा में यमुना एक्सप्रेस वे पर कार की कंटेनर से टक्कर हो गई। कार में सवार सभी 5 लोगों की जिंदा जल कर मौत हो गई। कार लखनऊ की थी, जिसका नंबर UP 32 KW 6788 था। ये सभी लोग यूपी से दिल्ली की तरफ जा रहे थे। नागालैंड नंबर के कंटेनर में भी टक्कर के बाद आग लग गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतकों की अभी पहचान नहीं हुई है।

हादसा थाना खंदौली क्षेत्र में आज तड़के तकरीबन 4.30 बजे हुआ। आगरा से नोएडा की ओर जा रही कार आगे जा रहे कंटेनर के डीजल टैंक से टकरा गई। टक्कर के बाद कार में आग लग गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि इसमें सवार लोगों को बाहर निकलने का भी मौका नहीं मिला। कार में सवार पांच लोग जिंदा जल गए।
सूचना मिलने के बाद पुलिस और दमकल की गाड़ी घटनास्थल पर पहुंच गई। किसी तरह आग बुझाई गई। तब तक कार में सभी सवार लोगाें की मौत हो चुकी थी। बताया गया है कि कंटेनर चालक ने कंटेनर को अचानक मोड़ दिया। पीछे से आ रही कार तेज रफ्तार में थी। इससे कार अनियंत्रित होकर कंटेनर के डीजल टैंक से जा टकराई।
हादसे के बाद कार सेंट्रल लॉक हो जाने के कारण उसमें सवार लोग दरवाजा नहीं खोल सके। यमुना एक्सप्रेस के बूथ के कर्मचारी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तब तक चालक कंटेनर छोड़कर भाग चुका था।

टक्कर लगते ही कार बन गई आग का गोला

बताया गया है कि कार में सवार लोगों को बाहर निकलने का भी मौका नहीं मिला। आग लगते ही कार आग का गोला बन गई, वहां मौजूद लोग भी उन्हें बचाने में बेबस थे। पुलिस का कहना है कि जिंदा जलने वालों में एक बच्चा, एक महिला और तीन पुरुष लग रहे हैं। शवों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। कार नंबर लखनऊ जिले का UP 32 KW 6788 राजकुमार का पता चला है और उन्नाव के लोग सवार थे। इसी के जरिये शिनाख्त की कोशिश की जा रही है।

ओवरस्पीड बनी हादसे की वजह

इसी हफ्ते कोहरे के कारण यमुना एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की स्पीड कम की गई है। यमुना एक्सप्रेसवे पर अधिकतम गति सीमा 100 थी, जिसे 15 दिसंबर से घटाकर 80 किया गया है। यह फैसला एक्सप्रेसवे पर हादसे बचाने के लिए किया गया है। यमुना अथॉरिटी ने एक्सप्रेस-वे का संचालन देख रही जेपी इंफ्राटेक और पुलिस को स्पीड से जुड़े नए नियम का पालन कराने को कहा है। एक्सप्रेस-वे के एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर फॉग लाइट लगाई गई हैं। अथॉरिटी के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि कोहरे के कारण एक्सप्रेसवे पर हादसों की आशंका रहती है। इसे देखते हुए वाहनों की अधिकतम गति सीमा को कम किया गया है।

अब भारी वाहनों की गति 60 किमी प्रति घंटा-
यमुना एक्सप्रेसवे पर चलने वाले हल्के वाहन 80 और भारी वाहन 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ही चल सकते हैं। इससे पहले हल्के वाहनों की गति 100 और भारी वाहनों की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित थी।

एंट्री-एग्जिट पर बांट रहे चेतावनी पर्चे-
एक्सप्रेस-वे पर ग्रेटर नोएडा से आगरा तक जगह-जगह पर गति सीमा बताते बोर्ड लगाए गए हैं। एक्सप्रेसवे के एंट्री और एग्जिट पॉइंट, टोल प्लाजा और हाइवे के किनारे बनी सुविधाओं पर वाहन चालकों कों इस बारे में पर्चे भी बांटे जा रहे हैं। हर टोल प्लाजा पर गति सीमा और कोहरे के दौरान सावधानी बरतने के लिए अनाउंसमेंट किए जा रहे हैं। एक्सप्रेस-वे के किनारे नए रिफ्लेकिटव टेप भी लगाए गए हैं।
काटे जा रहे चालान-
यमुना अथॉरिटी के अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन न करने वाले वाहन चालकों के चालान काटे जा रहे हैं। कोहरा की वजह से विजिबिलिटी कम होने पर हादसे होने का खतरा बना रहता है। इसे देखते हुए वाहनों की गति कम करने का फैसला लिया गया है।

DM-SSP ने घटना स्थल का लिया जायजा-
हादसे की जानकारी मिलते ही आगरा DM प्रभु एन सिंह और SSP बबलू कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। सीओ अर्चना सिंह के मुताबिक, टैंकर का फ्यूल टैंक फटने के कारण कार में आग लगी। मृतकों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। कार के नंबर के आधार पर उसके मालिक से जानकारी ली जा रही है।

एक हफ्ते पहले भी हुआ था हादसा-
16 दिसंबर को संभल जिले में एक तेज रफ्तार रोडवेज बस और टैंकर की भीषण टक्कर हुई थी। इसमें बस में सवार 8 लोगों की मौत हो गई। हादसा घने कोहरे की वजह से हुआ। बताया गया कि मानकपुर की मढ़इयां गांव के पास गन्ने से लदी ट्रैक्टर ट्राली खड़ी थी। टैंकर ने इसे ओवरटेक किया, तभी बस सामने आ गई। बस में करीब 45 लोग सवार थे।—–

घने कोहरे में भिड़े टैंकर-रोडवेज बस, 8 की मौत, 25 यात्री घायल

UP: संभल में घने कोहरे के कारण टैंकर से टकराई रोडवेज बस, 8 यात्रियों की मौत, 25 घायल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में कोहरे के कारण बुधवार सुबह एक तेज रफ्तार रोडवेज बस और टैंकर की भीषण भिड़ंत हो गई। भिड़ंत में रोडवेज का आधा हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर रोड पर बिखर गया। हादसे में अब तक मृत 8 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं, हालांकि मौत का आंकड़ा अभी बढ़ सकता है। 25 से ज्यादा लोगों के घायल होने की सूचना है। मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। CM योगी ने हादसे पर दुख जाहिर किया है। उन्होंने अफसरों को पीड़ितों की हर संभव मदद करने का निर्देश दिया है।

अलीगढ़ डिपो की थी रोडवेज बस

जानकारी के अनुसार, अलीगढ़ डिपो की बस बुधवार तड़के चंदौसी से यात्रियों को लेकर अलीगढ़ जा रही थी। धनारी थाना क्षेत्र में मुरादाबाद-आगरा नेशनल हाईवे पर घने कोहरे के कारण टैंकर से टक्कर हो गई। हादसे का शोर सुनकर स्थानीय लोग मौके पर राहत कार्य में जुटे। सूचना पाकर प्रशासनिक अधिकारी और इलाकाई पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद बस में सवार मृतकों व घायलों को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया।

राहत कार्य जारी

SP चक्रेश मिश्रा ने बताया कि 8 लोगों के मौत की पुष्टि हुई है। मौत का आंकड़ा अभी बढ़ सकता है। घने कोहरे के कारण यह हादसा हुआ है। हाइवे से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाया जा रहा है।

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