डग्गामार वाहन चालकों की पौ बारह, ई~रिक्शा चालकों पर सितम

डग्गामार वाहन चालकों की पौ बारह, ई~रिक्शा चालकों पर सितम

ई~रिक्शा (मिनी मेट्रो) को पंजीकरण कराने के लिए मांगा समय

पुरानी मॉडल रिक्शा (मिनी मेट्रो) के पंजीकरण कम शुल्क में कराने की मांग

मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा

बिजनौर। एक तरफ शहर बिजनौर ही नहीं बल्कि पूरे जिले में डग्गामार वाहनों से राजस्व को लाखों करोड़ों रुपए का चूना लगाया जा रहा है वहीं ई रिक्शा चला कर अपना और अपने परिवार का पेट भरने वाले गरीबों पर जुल्म ढाया जा रहा है। हाल ही में अभियान चला कर ई~रिक्शा (मिनी मेट्रो) चालकों को रजिस्ट्रेशन के लिए मजबूर किया जा रहा है। इसी कारण बिना पंजीकरण के ई~रिक्शा (मिनी मेट्रो) को पंजीकरण कराने के लिए समय प्रदान करने तथा पुरानी मॉडल रिक्शा (मिनी मेट्रो) के पंजीकरण कम शुल्क में कराने के लिए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन मुख्यमंत्री को संबोधित है।

ई~रिक्शा (मिनी मेट्रो) चालकों वहाजुद्दीन, इमरान अहमद, शरीफ अहमद, शमशेर आदि ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। अवगत कराया कि वह लोग रिक्शा मिनी मेट्रो चलाकर अपना व अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। उनके पास जो भी पुराने मॉडल के रिक्शा हैं, उन का पंजीकरण नहीं कराया जा रहा है। गरीब होने के कारण नई रिक्शा खरीदने में असमर्थ हैं। उनके रिक्शा पुलिस द्वारा सीज किये जा रहे हैं, जिससे उनको अपना व अपने परिवार का पालन पोषण करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है और जीवन यापन करना कठिन हो गया है। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमन्त्री से निवेदन किया कि पुराने मॉडल के रिक्शा के रजिस्ट्रशन हेतु कोई सरल प्रकिया अपनाने के लिए सम्बन्धित अधिकारी को आदेशित करें। इससे पहले 27 नवंबर को सीओ चांदपुर को भी ज्ञापन सौंपा गया था।

सात नवंबर को राज्य कर्मचारियों का एक दिवसीय धरना

सात नवंबर को राज्य कर्मचारियों का एक दिवसीय धरना बिजनौर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश के प्रांतीय आह्वान पर दिनांक 7 नवंबर 2022 को प्रातः 10:00 से 4:00 तक एक दिवसीय धरना कार्यक्रम राज्य कर्मचारियों की मांगों के संबंध में कलक्ट्रेट प्रांगण बिजनौर में किया जाएगा। इसी के साथ मांगों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद शाखा बिजनौर के जिला अध्यक्ष देशराज सिंह, जिला मंत्री क्रांति कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष शूरवीर सिंह, कार्यालय सचिव भंवर सिंह, आईटीआई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष करतार सिंह के नेतृत्व में उप संभागीय परिवहन कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष सत्यप्रकाश, जिला मंत्री लालाराम यादव तथा अधीनस्थ कृषि सेवा संघ के प्रांतीय संरक्षक योगेंद्र पाल सिंह योगी, जिला अध्यक्ष नीरज चौहान को साथ लेकर उप संभागीय परिवहन कार्यालय एवं कृषि विभाग बिजनौर कार्यालयों में गेट मीटिंग की गई।
गेट मीटिंग में कर्मचारी साथियों को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष देशराज सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की मुख्य मांगों में कैशलेस चिकित्सा को मूल रूप में लागू करने, पुरानी पेंशन बहाल करने, विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियां दूर करने, पूर्व में बंद किए गए भत्तों की बहाली करने, मुख्य सचिव के आदेशों के परिपालन में जनपदीय कार्यालयाध्यक्षों के साथ जनपदीय संगठनों के पदाधिकारियों की वार्ता हेतु प्रतिमाह एक दिन सुनिश्चित करने आदि मांगे प्रमुख हैं।

गेट मीटिंग में नीरज कुमार, हरेंद्र कुमार, यशपाल सिंह, ओमेंद्र सिंह, गजेन्द्र कुमार,अनिल कुमार, कुलदीप सिंह, कावेंद्र सिंह, नरेश सैनी, राजीव कुमार, अमित कुमार एवं एआरटीओ कार्यालय से  रामगोपाल सिंह, ऋषि पाल सिंह, शैलेंद्र प्रकाश, सोहनलाल, रामकुमार, आदि उपस्थित रहे। 

राष्ट्रीय डाक सप्ताह: मनाया गया डाक जीवन बीमा दिवस

‘राष्ट्रीय डाक सप्ताह’ के तहत मनाया गया डाक जीवन बीमा दिवस, पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने वितरित किये पॉलिसी बांड

डाक जीवन बीमा दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मियों को पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने किया सम्मानित

वाराणसी। डाक विभाग, जीवन बीमा के क्षेत्र में भी एक लम्बे समय से कार्यरत है। 1 फरवरी 1884 को आरंभ ‘डाक जीवन बीमा’ भारत में सरकारी व अर्द्ध सरकारी कर्मचारियों के लिए सबसे पुरानी बीमा योजना है, जिसका लाभ अब निजी क्षेत्र के प्रोफेशनल्स भी उठा सकते हैं। उक्त उद्गार वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने ‘राष्ट्रीय डाक सप्ताह’ के अंतर्गत ‘डाक जीवन बीमा दिवस’ पर व्यक्त किये। क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी में आयोजित सम्मान समारोह में ‘फील्ड ऑफिसर’ श्रेणी में पूरे उत्तर प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु श्री आर.बी.मौर्या एवं श्री बी.बी. मिश्रा को क्रमशः प्रथम व तृतीय स्थान प्राप्त होने पर पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने चीफ पोस्टमास्टर जनरल उत्तर प्रदेश की तरफ से प्रमाण पत्र व नकद राशि प्रदान कर सम्मानित किया। डाक जीवन बीमा दिवस के अवसर पर वाराणसी परिक्षेत्र के अधीन 6 जनपदों के 62 स्थानों पर आयोजित मेले में 2500 से ज्यादा लोगों ने डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा पॉलिसी ली और बीमाधारकों को पॉलिसी बांड सौंपकर उनके सुखी भविष्य की कामना की गई।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि बीमा के क्षेत्र में भी डाक विभाग नित नये आयाम स्थापित कर रहा है। डाकघरों में लोगों की आयु और आवश्यकता के हिसाब से जीवन बीमा की तमाम योजनायें हैं, जिनमें सुरक्षा, संतोष, सुविधा, युगल सुरक्षा, सुमंगल व चिल्ड्रेन पालिसी शामिल हैं। वाराणसी परिक्षेत्र में डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा में वर्तमान में कुल 1.38 लाख से ज्यादा पॉलिसियाँ संचालित हैं। कोरोना महामारी के दौर में इस वित्तीय वर्ष में 6 हजार से ज्यादा पॉलिसियाँ जारी की गईं। कोरोना महामारी की भयावहता को देखते हुए आज के दौर में जीवन बीमा एक अभिन्न आवश्यकता बन गया है, जिससे भारत सरकार के 100 प्रतिशत स्वामित्व वाले डाक जीवन बीमा की मांग बढती जा रही है। एक अभिनव पहल करते हुए वाराणसी परिक्षेत्र के 205 गाँवों में सभी योग्य लोगों का बीमा करते हुए इन्हें ‘सम्पूर्ण बीमा ग्राम’ बना दिया गया है।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग ने नवीन टेक्नालॉजी अपनाते हुए कोर इंश्योरेंस सर्विस के तहत मैककेमिश सॉफ्टवेयर के माध्यम से बीमा सेवाओं को भी ऑनलाइन बनाया है। अब प्रीमियम की राशि ऑनलाइन जमा की जा सकती है।

डाक जीवन बीमा के अन्तर्गत लाभों की चर्चा करते हुए प्रवर अधीक्षक डाकघर वाराणसी पूर्वी मंडल श्री राजन ने कहा कि निवेश की सुरक्षा पर सरकार की गांरटी, धारा 80 के तहत आयकर में छूट, कम प्रीमियम व अधिक बोनस, पालिसी पर लोन की सुविधा, ऑनलाइन प्रीमियम जमा करने की सुविधा, देश के किसी भी डाकघर में प्रीमियम जमा करने की सुविधा और अग्रिम प्रीमियम पर छूट दी जाती है।

सहायक निदेशक श्री राम मिलन ने बताया कि डाक जीवन बीमा में अधिकतम बीमित सीमा 50 लाख और ग्रामीण डाक जीवन बीमा में 10 लाख है। वाराणसी परिक्षेत्र में 62 विभिन्न जगहों पर डाक बीमा मेले लगाकर ‘डाक जीवन बीमा दिवस’ मनाया गया, जिसमें लोगों को इसके बारे में जागरूक किया गया और लोगों का बीमा भी किया गया।

इस अवसर पर प्रवर डाक अधीक्षक राजन, सहायक निदेशक राममिलन, अधीक्षक डाकघर वाराणसी पश्चिम मंडल संजय वर्मा, लेखा अधिकारी एमपी वर्मा, सहायक लेखा अधिकारी संतोषी राय, सहायक डाक अधीक्षक अजय कुमार मौर्या, डाक निरीक्षक श्रीकांत पाल, विशम्भर नाथ द्विवेदी, श्री प्रकाश गुप्ता, राजेन्द्र यादव सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

अवैध रूप से चलती मिलीं छह बस सीज

एआरटीओ की कार्रवाई से अवैध बस संचालकों में हडकंप

रुद्रपुर। कुमाऊँ से दिल्ली के लिए बिना परमिट व अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज के बिना संचालित हो रहे वाहनों, चालकों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। एआरटीओ (ई) बीके सिंह अपने दस्ते के साथ सड़कों पर वाहनों की चेकिंग के लिए सड़कों पर उतरे। इस दौरान उन्हें छह बस बिना वैध परमिट और बिना टैक्स जमा किये चलती हुए मिली। परिवहन विभाग की टीम ने सभी 6 बसों को जब्त कर लिया है और उनके विरुद्ध एमवी एक्ट 192 ए का उल्लंघन करने पर चालान किया गया है।
एआरटीओ बीके सिंह ने बताया कि डग्गामार वाहनों की रोकने के लिये सघन चैकिंग अभियान चलाया जा रह है। ऐसे अवैध और डग्गामार वाहनों को सड़कों पर नहीं चलने दिया जायेगा। यातायात नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जायेगी। गौरतलब है कि नियमों को धत्ता बताकर जिले से बडे पैमाने पर डग्गामार बसें दिल्ली के लिए आवाजाही करती हैं। साथ ही दिल्ली से बसोंं में बिना टैक्स चुकाए लाखों का सामान ढोया जा रहा है। हैरानी वाली बात यह है कि अवैध रुप से संचालित इन बसोंं को न तो बार्डर पर रोका जाता है और न ही पुलिस कभी इनको रोकती है। फिलहाल एआरटीओ की कार्रवाई से अवैध बस संचालकों में हडकंप मचा हुआ है।

परिवहन विभाग मना रहा सड़क सुरक्षा सप्ताह

दिनांक 22.07.2021 से शुरू सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जाएगा 28.07.2021 तक। सड़क दुर्घटनाओं के दौरान मौत व घायलों में कमी लाए जाने हेतु मार्ग पर चलते समय बरती जाने सावधानियों से कराया गया अवगत। उप बस, ट्रक, ऑटो, ई-रिक्शा तथा टैक्सी चालकों की यूनियन के पदाधिकारी रहे मौजूद।

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। परिवहन विभाग, बिजनौर द्वारा दिनांक 22.07.2021 से 28.07.2021 तक तिथिवार कार्यक्रम के अनुसार प्रथम सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है।

इसके अन्तर्गत सम्भागीय परिवहन कार्यालय, बिजनौर में सभी उप बस, ट्रक, ऑटो, ई-रिक्शा तथा टैक्सी चालकों की यूनियन के पदाधिकारियों के साथ सड़क सुरक्षा पर जागरूक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में कमल किशोर, यातायात निरीक्षक ने सड़क दुर्घटनाओं मृत व घायलों में कमी लाए जाने हेतु मार्ग पर चलते समय बरती जाने सावधानियों से अवगत कराया। कार्यक्रम में कार्यालय के समस्त कर्मचारियों सहित लगभग 150 व्यक्तियों द्वारा प्रतिभाग किया गया ।

ARTO ने DM व CMO को भेजी एंबुलेंस की सूची

एआरटीओ ने एंबुलेंस की सूची डीएम व सीएमओ को भेजी। जनपद के एंबुलेंस की सूची जारी होने से आमजन को होगी सुविधा। आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा ने मुख्यमंत्री से की थी मांग।

बिजनौर। वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौर में एंबुलेंस की जानकारी न होने के अभाव में रोगियों को बाहर ले जाने को लेकर हो रही परेशानी से आमजन को काफी राहत मिलने वाली है। इसका कारण आरटीआई कार्यकर्ता की ओर से मुख्यमंत्री से की गयी मांग पर एआरटीओ कार्यालय की ओर से जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी बिजनौर को जनपद भर की एंबुलेंस की सूची बनाकर भेज दी गयी है। इसके जल्द सार्वजनिक होने की उम्मीद जतायी जा रही है।

नजीबाबाद के आदर्श नगर निवासी मनोज शर्मा (आरटीआई कार्यकर्ता) ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए जनपद बिजनौर में पंजीकृत एंबुलेंस संचालकों की सूची मोबाइल नंबर सहित जारी करने की मांग की थी। इस पर मामला परिवहन निगम को जानकारी देने के लिए भेज दिया गया। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक बिजनौर डिपो ने मामला अपने कार्यालय से सम्बन्धित न होना बताते हुए विभाग को पत्र भेेज दिया था। हालांकि मांगकर्ता मनोज शर्मा ने एआरएम बिजनौर से उक्त पत्र को पूर्व में ही उप संभागीय परिवहन अधिकारी बिजनौर को हस्तानांतरित किए जाने की मांग की थी। परिवहन विभाग के पल्ला झाडऩे के बाद इस सम्बन्ध में मनोज शर्मा की ओर से प्रधानमंत्री कार्यालय को अवगत कराया गया। इस पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को कार्रवाई के दिशा निर्देश जारी किए। उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त सचिव भास्कर पांडे ने उप संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) बिजनौर को कार्रवाई के दिशा निर्देश जारी किए। वहीं अब उप संभागीय परिवहन कार्यालय बिजनौर ने जनपद के समस्त एंबुलेंस संचालकों की सूची जिलाधिकारी कार्यालय और मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को सौंप दी हैं।

अब देखना यह है कि कितने दिनों में जनहित में लोगों की सुविधा के लिए यह सूची जारी हो पााएगी? माना जाता है कि जनपद भर में संचालित एंबुलेंस की सूची जारी होने से आमजन को इसका लाभ मिलेगा। आवश्यकता होने पर कोई भी व्यक्ति एंबुलेंस चालकों से संपर्क कर एंबुलेंस सेवा का समय रहते लाभ ले सकेगा। साथ ही इस सूची के जारी होने के बाद जनपद में अपंजीकृत रूप से संचालित की जा रही एंबुलेंस का भी पर्दाफाश हो सकेगा।

मंत्रियों ने भी कर दिया था अनसुना- शिकायतकर्ता मनोज शर्मा ने जनपद भर में संचालित एंबुलेंस की सूची जनहित में सार्वजनिक करने के लिए जिले के प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल तथा जनपद से नाता रखने वाले प्रदेश के परिवहन मंत्री अशोक कटारिया से भी आग्रह किया था। उनकी ओर से भी मनोज शर्मा की मांग को अनुसुना कर दिया गया था। दोनों मंत्रियों की ओर से सहयोग न मिल पाने पर मनोज शर्मा ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर कार्रवाई किए जाने की मांग की थी।

पूर्व में करा चुके हैं एंबुलेंस की दरें निर्धारित- वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण के तेजी से फैलने के दिनों में एंबुलेंस संचालकों की ओर से रोगियों को अस्पताल पहुंचाने के लिए तीमारदारों से मनमाना किराया वसूले जाने के मामले प्रकाश में आने के बाद मनोज शर्मा ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए प्रदेश भर में एंबुलेंस की दरें तय किए जाने की मांग की थी। इस पर प्रदेश भर में जिला स्तरों पर किराया तय किया गया था। उत्तर प्रदेश में एबुंलेंस के लिए तय की गयी किराए की दरें पड़ोसी प्रदेश बिहार की दरों से काफी महंगी तय होना बताई जा रही हैं।