नया गांव हत्याकांड में सभी 8 आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी

बिजनौर। लगभग साढ़े 5 साल पूर्व नया गांव के बहुचर्चित विशाल हत्याकाण्ड के सभी 8 आरोपियों को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।

जानकारी के अनुसार 10 जनवरी 2017 को ग्राम कच्छपुरा व नया गांव के बीच स्थित सरकारी ट्यूबवैल पर नया गांव निवासी संजय के पुत्र विशाल की अज्ञात लोगों ने चाकू से गोदकर व गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना में पेदा निवासी प्रधान अनीस, पूर्व प्रधान इकबाल तथा शमीम, हनीफ, नफीस, इस्तखार, फुरकान व अकबर को नामजद किया गया था। विशाल की हत्या वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान बिजनौर में हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी सभा के दिन ही सभा के थोड़ी देर बाद हुई थी। इस हत्याकाण्ड को राजनीतिक रूप व काफी तूल दिया गया था। तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। मामले की विवेचना सीबीसीआईडी बरेली जोन को दी गई थी। सीबीसीआईडी ने सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की और सभी अभियुक्तों को जेल जाना पड़ा। अभियुक्त इकबाल, हनीफ और फुरकान करीब तीन साल से जेल में थे।

इस मुकदमे का विचारण अपर जिला सत्र न्यायाधीश डॉ. विजय कुमार के न्यायालय में हुआ। न्यायालय ने आरोपियों के जेल में अधिक समय से होने के कारण त्वरित गति से सुनवाई की। अभियोजन पक्ष के मौके के सभी गवाहों की गवाही के साथ पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर के बयान भी कराये गए। सबूत पक्ष के सभी कागजातों की औपचारिकता को बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं द्वारा स्वीकार कर लेने के बाद अभियोजन के गवाहों व अभियुक्तों के बयान तथा बहस सुनकर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. विजय कुमार ने साक्ष्य के अभाव में सभी अभियुक्तों को निर्दोष मानते हुए बरी कर दिया। अभियुक्तों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र कुमार पूर्व अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन तथा जकावत हुसैन एड. ने पैरवी की।

…और लाइन में लग कर हेल्थ मिनिस्टर ने जाना महकमे का स्वास्थ्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में डिप्टी सीएम एवं चिकित्सा शिक्षा तथा स्वास्थ्य मंत्री का कार्यभार संभालने वाले कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक ने केजीएमयू पहुंचकर वहां मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का निरीक्षण किया। मास्क लगाकर डिप्टी सीएम खुद लाइन में लगे और मरीजों से बातचीत कर वहां मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। हालांकि तमाम चौकसी के बावजूद स्वास्थ्य कर्मी डिप्टी सीएम को पहचान गए और अस्पताल की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुट गए।

मंगलवार को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक अचानक केजीएमयू अस्पताल पहुंच गए और वहां पर खुद मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का निरीक्षण किया। मास्क लगाकर खुद लाइन में लगे डिप्टी सीएम ने मरीजों से बातचीत कर वहां मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जाना। निरीक्षण के दौरान ओपीडी में मिली बदइंतजामी पर डिप्टी सीएम ने गहरी नाराजगी जताई। वहीं पंजीकरण के लिए केजीएमयू के नंबर पर फोन करने वाले मरीजों की कॉल रिसीव नहीं होने पर उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों की जमकर क्लास लगाई।

चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री ने अगले 24 घंटे के भीतर अस्पताल की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किए जाने की चेतावनी दी। कैबिनेट मंत्री ने निरीक्षण के दौरान कई बार पंजीकरण के लिए दिए गए नंबर पर अपने फोन से कॉल की, परंतु हर बार नंबर बिजी बताता रहा, इससे नाराज होकर वह प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक्सचेंज में पहुंच गए। वहां सिर्फ दो लाइन पर बात हो रही थी। बाकी 10 लाइनें खाली पड़ी हुई थी। इस पर डिप्टी सीएम का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने एजेंसी को हटाने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अब एजेंसी को प्रति कॉल रिसीव करने के हिसाब से भुगतान किया जाए। ओपीडी में कुर्सियों पर मिली गंदगी और उनके टूटे होने पर भी उन्होंने गहरी नाराजगी जताई।

काशीपुर-धामपुर के बीच चलेगी छुक छुक रेलगाड़ी!

काशीपुर-धामपुर नई रेल लाइन परीक्षण को केंद्रीय रेल मंत्री के निर्देश। पूर्व विधायक डॉक्टर इंद्रदेव सिंह ने की थी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से मांग।


धामपुर (बिजनौर)। काशीपुर से लेकर धामपुर तक नई रेल लाइन बिछाने की कड़ी में अब गति आने की उम्मीद जाग रही है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने रेल मंत्रालय के अधिकारियों को नई रेल लाइन बिछाने को परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। पूर्व विधायक डॉक्टर इंद्रदेव सिंह ने यूपी उत्तराखंड निवासी हजारों लोगों के लाभ के लिए पिछले दिनों उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से मिलकर इस संबंध में मांग की थी।

लगातार उठ रही थी मांग-
धामपुर से लेकर काशीपुर तक नई रेल लाइन बिछाने के लिए पिछले काफी समय से लगातार मांग उठाई जा रही है। इसी कड़ी में पिछले दिनों पूर्व भाजपा विधायक डॉक्टर इंद्रदेव सिंह ने अक्टूबर माह में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलकर यूपी, उत्तराखंड को जोडऩे वाले इस कार्य में गति दिलाने की मांग की थी। पूर्व विधायक की मांग के बाद उन्होंने इसके लिए जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। बताया जाता है कि
केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने धामपुर-काशीपुर नई रेल लाईन के परीक्षण कराने के लिए अब रेल मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देशित किया है।

दोनों प्रदेशों की जनता को होगा लाभ- पूर्व विधायक डा.इंद्रदेव सिंह ने धामपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में जनसंपर्क करते हुए इस बात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नई रेल लाइन बनने से दोनों ही प्रदेशों को लाभ होगा। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार की उपलब्धियां भी गिनाई। कई लोगों ने उनको प्रशासनिक स्तर पर आ रही समस्याओं से भी अवगत कराया, जिस पर उन्होंने निराकरण कराने का आश्वासन दिया।

पीएम मोदी ने दी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को जन्मदिन की बधाई

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी समृद्ध अंतर्दृष्टि और नीतिगत मामलों की समझदारी राष्ट्र के लिए बहुत बड़ी अमानत है। वह कमजोरों की सेवा करने के प्रति बेहद दयालु हैं।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
  • पीएम ने राष्ट्रपति को दी जन्मदिन की बधाई
  • ‘कमजोरों की सेवा करने को लेकर बेहद दयालु’
  • राष्ट्रपति के अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी समृद्ध अंतर्दृष्टि और नीतिगत मामलों की समझदारी राष्ट्र के लिए बहुत बड़ी अमानत है। वह कमजोरों की सेवा करने के प्रति बेहद दयालु हैं।

पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ‘राष्ट्रपति जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। उनकी समृद्ध अंतर्दृष्टि और नीतिगत मामलों की समझदारी हमारे राष्ट्र के लिए बहुत बड़ी संपत्ति है। वह कमजोरों की सेवा करने को लेकर बेहद दयालु हैं। मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबे जीवन के लिए प्रार्थना करता हूं।

आत्मीय बधाई: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने राष्ट्रपति को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विनम्र और स्नेहिल व्यक्तित्व के धनी राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद जी को जन्मदिन की आत्मीय बधाई व शुभकामनाएं। प्रभु श्रीराम जी से प्रार्थना है कि आप स्वस्थ और दीर्घायु हों व आपके कुशल मार्गदर्शन में राष्ट्र इसी प्रकार प्रगति के नित नए आयाम स्थापित करता रहें।

सर्वोच्च पद पर पहले स्वयंसेवक: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कठिन संघर्ष से देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचे हैं। रामनाथ कोविंद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक रहे। ऐसा पहली बार हुआ है, जब कोई स्वयंसेवक देश का राष्ट्रपति बना। उन्होंने कई तरह की भूमिका निभाई। इन्होंने एक समाज सेवी, एक वकील और एक राज्यसभा सांसद के तौर पर काम किया, लेकिन इनकी पिछली पृष्ठभूमि में जाएं तो वो एक बहुत ही साधारण इंसान हैं।

PM की कोवैक्सीन को लेकर कांग्रेस हमलावर, गए कैसे अमेरिका?

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पीएम नरेंद्र मोदी को कोवैक्सीन लगवाने के बाद भी अमेरिका में एंट्री मिलने को लेकर सवाल उठाया है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि इस वैक्सीन को अमेरिका ने अपनी लिस्ट में शामिल नहीं किया है। ऐसे में इस टीके को लगवाने के बाद भी पीएम नरेंद्र मोदी को एंट्री कैसे मिली है? दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया, ‘यदि मुझे सही से याद है, तो पीएम नरेंद्र मोदी ने कोवैक्सीन ली थी, जिसे अमेरिका की ओर से मंजूरी नहीं मिली है। …या फिर उन्होंने इसके अलावा कोई और वैक्सीन भी ली है या अमेरिका के प्रशासन ने उन्हें छूट दी है? देश यह जानना चाहता है।

दिग्विजय सिंह के अलावा कांग्रेस की सीनियर नेता मारग्रेट अल्वा के बेटे निखिल अल्वा ने भी इस पर सवाल उठाया है। उन्होंने खुद भी कोवैक्सीन ही लगवाई है। निखिल अल्वा ने ट्वीट किया, ‘अपने प्रधानमंत्री की तरह मैंने भी आत्मनिर्भर कोवैक्सीन लगवाई है। अब मैं ईरान, नेपाल और कुछ अन्य देशों को छोड़कर दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में नहीं जा सकता।…लेकिन मुझे यह जानकर हैरानी हो रही है कि पीएम नरेंद्र मोदी को अमेरिका जाने की अनुमति मिल गई है, जो कोवैक्सीन को मान्यता ही नहीं देता है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि वास्तव में उन्होंने कौन सी वैक्सीन ली थी।

विदित हो कि पीएम नरेंद्र मोदी ने 1 मार्च को दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में जाकर कोरोना वैक्सीन का पहला टीका लगवाया था। उन्होंने भारत में ही बनी कोवैक्सीन की डोज ली थी। वहीं कोवैक्सीन को अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रे्लिया समेत दुनिया के कई बड़े देशों की ओर से मान्यता नहीं दी गई है। हालांकि कोविशील्ड को इस सूची में शामिल किया गया है।

जल्दी ही बिजनौर आएंगे कैप्टन विकास गुप्ता

बिजनौर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री मुकुल अग्रवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री (दर्जा प्राप्त) कैप्टन विकास गुप्ता अध्यक्ष/चेयरमैन, उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद से उनके आवास वैशाली गाजियाबाद में भेट की।

साथ ही उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए व्यापारी समाज में सरकार की उचित भागेदारी की मांग की। पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री मुकुल अग्रवाल ने बताया कि शीघ्र ही विकास गुप्ता जी को बिजनौर बुलाया जायेगा। इस अवसर पर दीपक गर्ग मोनू (प्रदेश उपाध्यक्ष) बिजनौर, अतुल आनंद गुप्ता, गाजियाबाद, अरुण गुप्ता गाज़ियाबाद, प्रशांत विश्नोई बिजनौर, सुबोध गुप्ता मेरठ, अरविंद गुप्ता गाजियाबाद, विपुल सिंघल मेरठ उपस्थित थे।

दिवंगत मुख्यमंत्री को भावभीनी श्रद्धांजलि

बिजनौर। पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस नजीबाबाद में नवनियुक्त विधानसभा प्रभारी धनौरा चेयरमैन राजेश सैनी की अगुवाई में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन पर शोक सभा का आयोजन किया गया।

शोकसभा में वक्ताओं ने दिवंगत मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। साथ ही देश, समाज व पार्टी के लिए किये गए उनके कार्यों को याद किया। सभी ने एक स्वर से उनके निधन को पार्टी के लिये अपूर्णीय क्षति बताया। इस अवसर पर दो मिनट का मौन रख दिवंगत आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की गई।

शोक सभा में जिला मंत्री बलराज त्यागी, जिला मंन्त्री तरुण राजपूत, जिला मंत्री राजन टंडन गोल्डी,
जिला सह मीडिया प्रभारी विक्रांत चौधरी,
विपिन राज चौहान, नगर अध्यक्ष मुकुल रंजन दीक्षित, मंडल अध्यक्ष जुगनेश कुमार, मंडल अध्यक्ष आर्य वीरेंद्र शर्मा, मंडल अध्यक्ष राजकुमार प्रजापति,
प्रांतीय पार्षद लीना सिंघल, कमल सैनी, पूर्व नगर अध्यक्ष आशु अग्रवाल, नकुल अग्रवाल, लवी अग्रवाल, अशोक राजपूत, राकेश चौधरी, शोभित चौधरी, शिवम चौहान, अंकित शर्मा उपस्थित रहे।

जहर पिया कल्याण ने बीजेपी ने अमृत

लखनऊ। जब ढांचा टूट रहा था तब कल्याण सिंह 5 कालिदास मार्ग… मुख्यमंत्री आवास की छत पर आराम से जाड़े की धूप सेंक रहे थे… अगर तब कल्याण सिंह नहीं होते तो आज भूमिपूजन भी नहीं होता।

  • एक छोटे कद का आदमी… जो दिखने में बहुत सुंदर नहीं था… काला रंग…चेहरे पर दाग… लेकिन संघर्षों में तपा हुआ व्यक्तित्व… ऐसी पर्सनेलिटी की जहां वो पहुंच जाए वहां बड़े से बड़े नेता का कद छोटा हो जाए । व्यक्तित्व की धमक ऐसी बड़े बड़े किरदार बौने दिखने लगें… ऐसे थे कल्याण सिंह
  • कल्याण सिंह ऐसे इसलिए थे क्योंकि उनकी कथनी और करनी में कोई फर्क नहीं था… उनके दिल और दिमाग में कोई अंतर नहीं था… उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा उसूल था… भगवान राम की भक्ति… भगवान राम के प्रति के समर्पण को लेकर उन्होंने कभी कोई समझौता नहीं किया
  • 1990 में लाल कृष्ण आडवाणी ने राम मंदिर निर्माण के लिए जनसमर्थन इकट्ठा करने का लक्ष्य लेकर राम रथयात्रा निकाली । बिहार में तब लालू यादव मुख्यमंत्री थे और उन्होंने आडवाणी को गिरफ्तार कर लिया । जिसके बाद राम राथ यात्रा को भारी मात्रा में जनसमर्थन मिल गया और उत्तर प्रदेश में पहली बार बीजेपी की सरकार चुन ली गई जिसके मुख्यमंत्री कल्याण सिंह चुने गए
  • जून 1991 में कल्याण सिंह मुख्यमंत्री बने और इसके बाद राम मंदिर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे विश्व हिंदू परिषद में उत्साह की लहर दौड़ गई और उसने ये घोषणा कर दी कि 6 दिसंबर 1992 को राम मंदिर का निर्माण आरंभ किया जाएगा
  • वीएचपी की घोषणा के वक्त मुख्यमंत्री के पद पर कल्याण सिंह थे और प्रदेश की कानून व्यवस्था को संभालने का पूरा जिम्मा कल्याण सिंह पर था । वीएचपी की घोषणा के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव के कान खड़े हो गए और उन्होंने बातचीत के लिए कल्याण सिंह को दिल्ली बुलाया
  • कल्याण सिंह से पी वी नरसिम्हा राव ने कहा कि इस मामले को सुप्रीम कोर्ट पर छोड़ दीजिए लेकिन कल्याण सिंह ने साफ जवाब दिया कि विवाद का एक ही हल है और वो ये कि बाबरी मस्जिद की जमीन हिंदुओं को सौंप दी जाए । इस तरह बात नहीं बनी और केंद्र – राज्य के बीच टकराव तय हो गया

-नरसिम्हा राव ने ऐहतियात बरतते हुए पहले ही केंद्रीय सुरक्षा बल अयोध्या रवाना कर दिए… केंद्रीय सुरक्षा बल अयोध्या के चारों तरफ फैला दिए गए

  • 6 दिसंबर तक अयोध्या में राम जन्मभूमि के आस पास 3 लाख कारसेवक इकट्ठे हो गए थे… ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन के पास पूरी ताकत थी कि वो कारसेवकों पर गोली चला सकती थी… इससे पहले भी जब मुलायम सिंह यादव की सरकार थी तब मुलायम सिंह यादव ने कारसेवकों पर गोली चलवाई थी
  • कल्याण सिंह को इस बात का अंदेशा लग गया था कि 6 दिसंबर को कारसेवकों को कंट्रोल करने के लिए उनपर फायरिंग का आदेश कोई भी अधिकारी दे सकता है । इसलिए कल्याण सिंह ने 5 दिसंबर की शाम को ही समस्त अधिकारियों को एक लिखित आदेश जारी किया था और वो ये था कि कोई भी कारसेवकों पर गोली नहीं चलाएगा ।
  • ये फैसला लेना… संवैधानिक पद पर बैठे हुए किसी व्यक्ति के लिए आसान नहीं था । कल्याण सिंह इस बात को जानते थे कि जब वो ये फैसला ले रहे हैं तो अगर अयोध्या में कुछ हो जाता है तो इससे उनकी कुर्सी चली जाएगी… सारी दुनिया उन पर आरोप लगाएगी… ये कहा जाएगा कि कल्याण सिंह एक अराजक मुख्यमंत्री हैं… ये आरोप ही मंदिर आंदोलन का वो विष था… जिसे कल्याण सिंह ने अमृत मानकर पी लिया ।

-आखिर वही हुआ 6 दिसंबर 1992 को दोपहर साढ़े 11 बजे कारसेवक ढांचे को तोड़ने लगे… कल्याण सिंह को पल पल की खबर मिल रही थी…. लेकिन वो आराम से अपने मुख्यमंत्री आवास पर जाड़े की धूप सेंक रहे थे… दिल्ली से फोन घनघना रहे थे लेकिन कल्याण सिंह ने राम भक्ति को प्राथमिकता दी और किसी की कोई बात नहीं सुनी

  • केंद्र से गृहमंत्री चव्हाण का फोन आया और उन्होंने कहा कि कल्याण जी मैंने ये सुना है कि कारसेवक ढांचे पर चढ गए हैं तब कल्याण सिंह ने जवाब दिया कि मेरे पास आगे की खबर है और वो ये है कि कारसेवकों ने ढांचा तोड़ना शुरू भी कर दिया है लेकिन ये जान लो कि मैं गोली नहीं चलाऊंगा गोली नहीं चलाऊंगा गोली नहीं चलाऊंगा
  • कल्याण सिंह के पूरे व्यक्तित्व और महानता का दर्शन सिर्फ इसी एक लाइन से हो जाता है… कि मैं गोली नहीं चलाऊंगा… मैं गोली नहीं चलाऊँगा… मैं गोली नहीं चलाऊंगा । ढांचा टूट रहा था और केंद्रीय सुरक्षा बल विवादित स्थल पर आने की कोशिश कर रहे थे लेकिन कल्याण सिंह ने ऐसी व्यवस्था करवा दी कि केंद्रीय सुरक्षा बल भी ढांचे तक नहीं पहुंच सके और आखिरकार ढांचा टूट गया… वो कलंक… वो छाती का शूल… वो बलात्कार अनाचार का दुर्दम्य प्रतीक भारत मां की छाती से हटा दिया गया… चारों तरफ हर्ष फैल गया… जन्मभूमि मुक्त हो गई
  • नरसिम्हा राव अब कल्याण सिंह की सरकार को बर्खास्त करने का फैसला लेने जा रहे थे लेकिन उससे पहले ही शाम साढे 5 बजे कल्याण सिंह राजभवन गए राज्यपाल से मिले और अपना इस्तीफा सौंप दिया… यानी कुर्सी छोड़ दी लेकिन गोली नहीं चलाई… सिंहासन को लात मार दिया और श्री राम की गोद में बैठ गए… श्रीराम के प्यारे भक्त बन गए । ऐसे थे हमारे कल्याण सिंह
  • अगर कल्याण सिंह नहीं होते तो शायद किसी और मुख्यमंत्री में ये फैसला लेने की ताकत नहीं होती । कल्याण सिंह ने इसलिए भी गोली ना चलाने का लिखित आदेश दिया ताकि कल को कोई अफसरों को जिम्मेदार नहीं ठहराए । कल्याण सिंह ने कहा कि सारी जिम्मेदारी मेरी है जो करना है वो मेरे साथ करो । सजा मुझे दो ।
  • अगर कल्याण सिंह नहीं होते तो बाबरी नहीं गिरती… अगर बाबरी की दीवारें नहीं गिरतीं तो पुरातत्विक सर्वेक्षण नहीं होता… बाबरी की दीवार के नीचे मौजूद मंदिर की दीवार नहीं मिलती… कोर्ट में ये साबित नहीं हो पाता कि यही रामजन्मभूमि है ।
  • उस कलंक के मिटने का जो शुभ कार्य हुआ…. उसका श्रेय स्वर्गीय कल्याण सिंह जी को है… 6 दिसंबर कल्याण सिंह के पॉलिटिकल करियर को कालसर्प की तरह डस गया लेकिन कल्याण सिंह का यश दिग दिगंत में फैल गया ।
  • सबसे जरूरी बात अगर कल्याण सिंह ने गोली चलवा दी होती तो बीजेपी और एसपी में कोई फर्क नहीं रह जाता और आज मोदी प्रधानमंत्री भी नहीं होते इसीलिए ये सत्य है कि जहर पिया कल्याण ने अमृत पिया बीजेपी ने ।

मैं उस पुण्य आत्मा को अपने हृदय और आत्मा में मौजूद समस्त ऊर्जा के साथ नमन करता हूं… प्रणाम करता हूं… ईश्वर आपको मोक्ष दे

ये लेख अपने बच्चों को पढ़ाना… हर ग्रुप में शेयर कर देना, जय श्री राम

(नोट- मेरे कई मित्र ऐसे हैं जिन्होंने मेरा नंबर 7011795136 को दिलीप नाम से सेव तो कर लिया है लेकिन मिस्ड कॉल नहीं की है… जो मित्र मुझे मिस्ड कॉल भी करेंगे और मेरा नंबर भी सेव करेंगे… यानी ये दोनों काम करेंगे सिर्फ उनको ही मेरे लेख सीधे व्हाट्सएप पर मिल पाएंगे… व्हाट्सएप स्टेटस पर भी आर्टिकल के लिंक होते हैं) साभार

विज्ञापन के ₹20 हजार हजम कर गए नेता जी!

लखनऊ। अखबार में छपे विज्ञापनों के ₹20 हजार हजम कर गए नेता जी। …जी हां, आश्चर्यजनक किंतु सत्य! जनपद बिजनौर के भाजपा नेता का चिट्ठा अब खोला जाना है। उनके द्वारा दिये गए विज्ञापन दैनिक जागरण नंबर-1, सान्ध्य दैनिक प्रयाण व साप्ताहिक युगदीप टाइम्स में प्रकाशित हुए। तीनों ही अखबार में विज्ञापन की रकम इन पंक्तियों के लेखक द्वारा अपनी खून पसीने की तनख्वाह से जमा की जा चुकी है।

सर्वविदित है कि अखबारों में मौखिक रूप से अनुमति लेकर विज्ञापन प्रकाशित कर दिये जाते हैं। सरकारी विज्ञापनों के लिए रिलीज ऑर्डर लिया जाता है। बड़ा नेता बनने के बाद इन भाजपा नेता को RO (रिलीज ऑर्डर) का जादुई शब्द पता लग गया। कभी फोन रिसीव भी कर लिया तो RO की बात पूछा करते। दैनिक जागरण के धामपुर इंचार्ज रहते इनका विज्ञापन छापने का ₹ 10 हजार का पेमेंट मांगने पर पहले तो वह करीब 2 साल तक टहलाते रहे। कभी किसी ठेकेदार से, तो कभी किसी अधिकारी से पेमेंट कराने की बात कहते रहे। …लेकिन पेमेंट आज तक नहीं हुआ। उसके बावजूद इस समाचार के लेखक ने सांध्य दैनिक प्रयाण और अपने बड़े भाई समान रविन्द्र भटनागर जी के साप्ताहिक अखबार युगदीप टाइम्स में इन्हीं नेता जी से मोबाइल फोन पर पूछ कर ₹ 5-5 हजार के विज्ञापन प्रकाशित करा दिए। कारण ये था कि तब मंत्री जी सिर्फ छोटे से नेता थे, जिला स्तर के। धामपुर दैनिक जागरण के कार्यालय में इंचार्ज संजय सक्सेना के पास आकर घंटों बैठक करते, चाय नाश्ता करते। विभिन्न प्रकार के मामलों पर चर्चा भी करते। इस कारण विश्वास था कि आज नहीं तो कल, कल नहीं तो परसों विज्ञापन का भुगतान वो कर, या करा ही देंगे। लेकिन पद मिलते ही नजर और मंशा बदल गईं! वो यह भी भुला बैठे कि जिस को वो इतने साल से टहला रहे हैं, वो वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के कॉलेज के दिनों का साथी है। उरई जालौन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का नगर मंत्री, भाजपा युवा मोर्चा और हिंदू जागरण मंच के जिला प्रवक्ता का पद संभालने के बावजूद पत्रकारिता का क्षेत्र चुना। वहीं स्वतंत्र देव उर्फ कांग्रेस सिंह जी ने राजनीति चुन ली। अब क्योंकि काम अपना है तो प्रदेश अध्यक्ष के सामने ये मामला ले जाना भी उचित नहीं लगता।

…हालांकि रकम केवल ₹ 20 हजार की है, लेकिन उनकी मंशा नहीं थी और न है भुगतान करने की। इस मामले को तकरीबन 10 साल हो गए। अब वो फोन रिसीव नहीं करते। तीनों ही अखबार में विज्ञापन की रकम इन पंक्तियों के लेखक द्वारा अपनी खून पसीने की तनख्वाह से जमा की जा चुकी है।

खतरा है, लेकिन no problem- नेता जी का नाम औऱ फोटो अतिशीघ्र दी जाएगी। अब वो इतने बड़े पद पर हैं कि इन पंक्तियों के लेखक को किसी भी फर्जी मामले में फ़ांस सकते हैं, या फंसवा भी सकते हैं। एक वजह ये भी है कि चाटुकार पत्रकारों की फौज भी अब जुड़ी है उनके साथ।…लेकिन हम भी डरने वाले नहीं, उरई जालौन में मशहूर है, अपना एक ही नारा… हिंदी है मजबूत, गणित कमजोर! मतलब समझ ही गए होंगे! क्योंकि हम हैं बुंदेलखंडी।

अयोध्या समेत 5 जिलों में होगा ‘कल्याण सिंह’ मार्ग

कल्याण सिंह के नाम पर होगी राम मंदिर तक जाने वाली सड़क। अयोध्या समेत 5 जिलों में होगा ‘कल्याण सिंह’ मार्ग।

कल्याण सिंह के नाम पर होगी राम मंदिर तक जाने वाली सड़क, अयोध्या समेत 5 जिलों में होगा ‘कल्याण सिंह’ मार्ग 

लखनऊ (एजेंसी)। अयोध्या में भव्य राम मंदिर देखने का सपना लेकर दुनिया को अलविदा कहने वाले उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के नाम पर रामनगरी समेत पांच जिलों में सड़क का नामकरण किया जाएगा। सूबे के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को ट्वीट कर कहा “ राम भक्त स्वर्गीय कल्याण सिंह बाबू जी के नाम पर अयोध्या, अलीगढ़, एटा, बुलंदशहर और प्रयागराज में एक-एक मार्ग होगा। बाबू जी ने राम मंदिर के लिए सत्ता छोड़ दी परंतु कारसेवकों पर गोली नहीं चलाई। अधिकारियों को जल्द प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश।”

Deputy CM Keshav Prasad Maurya coming to Kanpur

मौर्य ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर तक जाने वाली सड़क का नाम कल्याण सिंह मार्ग रखा जायेगा। इस सिलसिले में लोक निर्माण विभाग को औपचारिक कार्यवाही किये जाने के निर्देश दे दिये गये हैं। सिंह राम भक्तों के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगे। उनका निधन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिये अपूरणीय क्षति है।

राम लला के कल्याण सिंह का निधन

Kalyan singh died: गांव की पगडंडी से राजनीति के ‘सिंह’ बने कल्याण, बाल स्‍वयंसेवक से UP के CM तक का सफर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का 89 साल की उम्र में शनिवार शाम निधन हो गया। वह कई दिनों से बीमार चल रहे थे। कल्याण सिंह की सेहत को देखते हुए सबसे पहले उन्हें लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बीते 4 जुलाई को उनकी हालत फिर से बिगड़ने पर उन्‍हें यहां से उन्हें पीजीआई में शिफ्ट किया गया था। कल्याण सिंह का अंतिम संस्कार कल यानि सोमवार 23 अगस्त को अलीगढ़ में किया जाएगा। कल सार्वजनिक अवकाश रहेगा।  

पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह पार्थिक शरीर शाम पांच बजे अलीगढ़ पहुंच गया। एअर एंबुलेंस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी मौजूद रहे। पार्थिव शरीर को सबसे पहले पैतृक गांव मढौली ले जाया जाएगा। अलीगढ़ के धनीपुर हवाई पट्टी से उनका पार्थिव शरीर जिला स्पोट्र्स स्टेडियम लाया गया। यहां पर पंडाल के नीचे पूर्व सीएम का शव रखा गया है, जहां आम जनता श्रद्धांजलि अर्पित कर रही है। राजस्थान सरकार ने पूर्व राज्यपाल दिवंगत कल्याण सिंह के सम्मान में दो दिन के राजकीय शोक और 23 अगस्त (सोमवार) को राजकीय अवकाश की घोषणा की है।

भावुक हुए राजवीर- पिता को श्रद्धांजलि देते वक्त भावुक हुए कल्याण सिंह के बेटे राजवीर सिंह। उन्होंने कहा कि बाबू जी का जन्म राम मंदिर के लिए ही हुआ था। वो भगवान राम की शरण में चले गए हैं। वहीं सीएम योगी ने खुद कल्याण सिंह की अंतिम यात्रा की कमान संभाली। उन्होंने मंत्रियों की ड्यूटी लगा दी।  अलीगढ़ में गन्ना मंत्री सुरेश राणा और कल्याण सिंह के पैतृक गांव अतरौली में परिवहन मंत्री अशोक कटारिया मौजूद रहे।  साथ ही प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डॉक्टर दिनेश  शर्मा, प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल सहित कई केंद्रीय राज्य के मंत्री, पार्टी पदाधिकारी व भारी संख्या में कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय मौजूद।

इससे पहले भाजपा कार्यालय में कल्याण सिंह को  अनुप्रिया ने श्रद्धांजलि दी। साथ ही विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद समेत कई नेताओं ने  श्रद्धांजलि दी।अंतिम दर्शन के लिए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ पहुंचे, श्रद्धाजंलि दी।

बाबू जी के जाने के गम को शब्दों में नही बांधा जा सकता है, जब राम मंदिर निर्माण का फैसला आया था तो बाबू जी ने कहा था अब संसार को सुकून से त्याग सकता हूँ: केशव प्रसाद मौर्य

कल्याण सिंह का निधन देश की क्षति, राम जन्म भूमि के जन नायक को नमन करती हूँ, कल्याण सिंह का जाना मेरी व्यक्तिगत नुकसान, वो रिश्तों को निभाने वाले व्यक्ति थे: संयुक्ता भाटिया

पीएम मोदी बोले, कल्याण सिंह के सपनों को पूरा करने में कोई कमी ना रखें। कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि देकर बोले, प्रभु श्रीराम अपने चरनों में स्थान दें, देश ने मूल्यवान, सामर्थ्यवान नेता खो दिया। कल्याण सिंह जनकल्याण के लिए जीए।

कल्याण से ये लोग मिले

1 अगस्त: गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
21 जुलाई: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह।
8 जुलाई: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा।
20 जुलाई: राज्यपाल आनंदी बेन पटेल।
4, 8, 18 जुलाई, 1अगस्त, 20 और 21 अगस्त: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
28 जुलाई: मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती
12 जुलाई: कैबिनेट मंत्री स्मृति ईरानी।ब
22 जुलाई: विधान सभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षितब
9 जुलाई: भाजपा के वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन।

संपूर्ण राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति : योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल्याण सिंह के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि समाज, कल्याण सिंह को उनके युगांतरकारी निर्णयों, कर्तव्यनिष्ठा व शुचितापूर्ण जीवन के लिए सदियों तक स्मरण करते हुए प्रेरित होता रहेगा। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोक-संतप्त परिजनों को दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करें। राजनीति में शुचिता, पारदर्शिता व जन सेवा के पर्याय, अप्रतिम संगठनकर्ता एवं लोकप्रिय जननेता आदरणीय कल्याण सिंह का देहावसान संपूर्ण राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जननेता के तौर पर उन्होंने आदर्श प्रस्तुत किया। राम मंदिर आंदोलन के वह अग्रणी नेता थे। उन्होंने हाशिए पर खड़े समाज के करोडों लोगों को आवाज दी।

योगी मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं नए चेहरे

योगी कैबिनेट का जल्‍द विस्‍तार संभव। लक्ष्‍मीकांत वाजपेयी, जितिन प्रसाद, निषाद पार्टी के अध्‍यक्ष संजय निषाद, विद्यासागर सोनकर को मिल सकती है जगह।

योगी कैबिनेट का जल्‍द विस्‍तार संभव, इन नए चेहरों को मिल सकती है जगह

लखनऊ। योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल का जल्द  विस्‍तार हो सकता है। गुरुवार को नई दिल्‍ली में गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा के साथ हुई सीएम योगी की मुलाकात के बाद संभावना जताई जा रही है कि रक्षाबंधन के बाद कभी भी इसकी तारीख तय हो सकती है। नए कैबिनेट विस्‍तार में पांच से छह नए चेहरों को शामिल करने की उम्मीद है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नए मंत्री बनने की दौड़ में पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्‍यक्ष लक्ष्‍मीकांत वाजपेयी, हाल में कांग्रेस से भाजपा में आए जितिन प्रसाद, निषाद पार्टी के अध्‍यक्ष संजय निषाद और एमएलसी विद्यासागर सोनकर समेत एक-दो और नाम शामिल हैं।

गुरुवार को दिल्‍ली में गृहमंत्री से उनके आवास पर निषाद पार्टी के अध्‍यक्ष संजय निषाद ने भी मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद उन्‍होंने मीडिया से बातचीत में यह जरूर कहा कि निषाद आरक्षण लागू करने, निषाद आरक्षण आंदोलन के दौरान पिछली सरकारों द्वारा किए गए राजनैतिक मुकदमों की वापसी सहित कई मुद्दों पर उनकी बातचीत हुई है। बैठक में अमित शाह के अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, केंद्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष भी मौजूद रहे। संजय निषाद ने बताया कि पिछली सरकारों के द्वारा मछुआरों के जीवकोपार्जन के संसाधन ताल, झील, जलाशय, पोखरों को काला कानून बनाकर निषादों से छिनने वाले कानून को समाप्त करने की मांग प्रदेश सरकार से की गई। इन तालाब के पट्टे फिर से निषादों को आवंटित होने का शासनादेश जारी हो इसके लिए सार्थक बात हुई। उन्होंने बताया कि आगामी विधानसभा में निषाद पार्टी की हिस्सेदारी के साथ ही निषाद बाहुल्य सीटों पर चर्चा हुई। जिससे आने वाले समय में निषाद समाज का भविष्य उज्जवल हो।

योगी मंत्रिमंडल में हैं कुल 53 मंत्री

योगी मंत्रिमंडल में अभी कुल 53 मंत्री हैं। इनमें 23 कैबिनेट, नौ राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 21 राज्यमंत्री हैं। बताया जा रहा है मानक के अनुसार कुल 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। इस लिहाज से अभी सात और मंत्री बनाए जा सकते है। उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब कुछ महीने ही बचे हैं। योगी सरकार और भाजपा इस समय पूरी तरह चुनावी तैयारी में जुटी है। इसी के तहत जातीय और अन्‍य समीकरण साधने के लिए मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी चल रही है। बताया जा रहा है कि बैठक में प्रदेश में होने वाले चार एमएलसी के मनोनयन पर भी चर्चा की गई।

शेरकोट में हुआ भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष का स्वागत

बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष खेल सिंह का शेरकोट मंडल में पहुँचने पर वरिष्ठ नेता कामेश्वर राजपूत के निवास पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत किया गया। जिलाध्यक्ष ने पार्टी के आगामी कार्यक्रमों के विषय में जानकारी देते हुए आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाने का आह्वान किया। इस अवसर पर हरकेश चौहान, अमित रुहेला, नितिन सैनी, अंचल चौहान, पुनीत वर्मा, दौलत पाल, छोटू कारीगर, पुरूषोत्तम शर्मा, मनोज त्यागी, राजीव त्यागी, विजयभान सिंह, जगदीश, कलवा प्रजापति, कोकिल, मुनीम जी, पंकज कुमार, प्रेरित राजपूत, धनराज चौधरी, निपेन्द्र कुमार आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

माफियाओं से खाली कराई जमीन पर गरीबों के लिए आवास

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सरकारी भत्ता

एक करोड़ युवाओं को स्मार्टफोन देगी सरकार

सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता। वकीलों की सुरक्षा निधि में इजाफा।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी विधानसभा में अनुपूरक बजट भाषण के दौरान 5 बड़े ऐलान किए। इनमें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सरकारी भत्ता, 1 करोड़ युवाओं को स्मार्टफोन, माफियाओं से खाली कराई जमीन पर गरीबों के लिए आवास, सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता, वकीलों की सुरक्षा निधि में इजाफा शामिल है। इस दौरान सदन में मुख्यमंत्री ने नौजवानों के लिए कविता भी पढ़ी। मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कुछ लोग बेशर्मी के साथ तालिबान का समर्थन कर रहे हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम माफियाओं को ढोकर नहीं चलते। ऐसे लोग पूरे प्रदेश का परसेप्शन खराब कर रहे हमने माफियाओं पर बुलडोजर चलवाया और अवैध कब्जा खाली करवाया। अब वहीं कोई दलित रहेगा, कोई गरीब रहेगा। ये होता है सामाजिक न्याय। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में माफियाओं की जब्त की गई जमीनों पर गरीबों और दलितों के लिए मकान बनेंगे। 1 जुलाई 2021 से सभी सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता दिया जाएगा। सामाजिक दिया जाएगा। सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत अधिवक्ताओं की सुरक्षा निधि को डेढ़ लाख से बढ़ाकर 5 लाख करने का ऐलान किया। सीएम योगी ने नौजवानों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि किसी भी 3 प्रतियोगी परीक्षा के लिए तैयारी करने वाले नौजवानों को सरकार की तरफ से भत्ता दिया जाएगा। इसके अलावा 1 करोड़ युवाओं को स्मार्टफोन दिया जाएगा। इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में प्रति व्यक्ति आय भी दोगुनी हुई। प्रदेश की विकास यात्रा में हम प्रति व्यक्ति आय को दोगुना होने में सफल हुए। पहले प्रदेश दंगे और भ्रष्टाचार में एक नम्बर पर था। विकास में सबसे पीछे था। हमें निवेशकों को यूपी बुलाया। इज ऑफ डूइंग बिजनेस में यूपी 15 नम्बर पर था, आज दूसरे नम्बर पर बस अपने नाम पर स्मारक बन गए। काशी विश्वनाथ के जरिए यूपी अपने पौराणिक स्थान को पाने जा रहा है। ब्रज क्षेत्र का विकास हो रहा है। ये लोग भी कर सकते थे, लेकिन उनके लिए राम और कृष्ण को संप्रदायिकता का प्रतीक मानते थे। सीएम योगी ने कहा कि जो लोग राम को नकारते थे, वो आज बताने में लगे हैं कि वो बड़े भक्त है। कर तो वो भी सकते थे, लेकिन सोच नहीं थी। प्रयागराज के कुम्भ की चर्चा वैश्विक स्तर पर हुई। आज पर्यटन में यूपी नम्बर 1 पर है। पहले चौथे पांचवे – नम्बर पर था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेता विरोधी दल को गरीबों को अनाज बांटना अच्छा नहीं लग रहा है। साथ में बैग दिया जा रहा है, वो तो बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा है। 1 लाख 52000 कन्याओं का सामूहिक विवाह के जरिए विवाह करवाया गया है। नेता प्रतिपक्ष जमीन पर चलने के आदी नहीं हैं।

भाजपा किसान मोर्चा के नव निर्वाचित जिलाध्यक्ष खेल सिंह राजपूत का भव्य स्वागत

बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के नव निर्वाचित जिलाध्यक्ष खेल सिंह राजपूत का भाजपा की प्रांतीय पार्षद श्रीमती लीना सिंघल के कोतवाली रोड स्थित कार्यालय पर भव्य स्वागत किया गया।
इस अवसर पर लीना सिंघल ने भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता खेल सिंह को जिलाध्यक्ष मनोनीत होने की बधाई देते हुए प्रदेश एवं जिला नेतृत्व का आभार जताया और आशा व्यक्त की, कि उनके नेतृत्व में किसान मोर्चा मजबूती से कार्य करेगा।

कार्यकर्तायों के द्वारा भव्य स्वागत से अभिभूत खेल सिंह राजपूत ने प्रदेश नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए सभी कार्यकर्तायों को साथ लेकर चलने की बात कही। साथ ही सभी से आगामी विधानसभा चुनाव में जुट जाने का आह्वान किया। स्वागत करने वालो में जिला मंत्री बलराज त्यागी, पूर्व अध्यक्ष कमल सैनी, मंडल महामंत्री शिवम चौहान, पूर्व अध्यक्ष ज्ञानेंद्र ठाकुर, समर सिंह, प्रधान हिमांशु राजपूत आदि भी शामिल थे।
प्रांतीय पार्षद लीना सिंघल के नेतृत्व में नगर अध्यक्ष मुकुल रंजन दीक्षित, किसान नेता नितिन त्यागी, पिछड़ा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष रितेश सैन, ग्राम प्रधान राकेश चौधरी, शिव कुमार जोशी, देवेंद्र जोशी, रिंकू चौहान, रामपाल सिंह, सोशल मीडिया विधानसभा प्रभारी आशीष वर्मा, विपिन कुमार शर्मा, सुधीर भुइयार, उमापति गर्ग, पूर्व प्रधान गरीब सिंह, सुमित जोशी, मलखान सिंह, शोभित चौधरी आदि ने भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के नव निर्वाचित जिलाध्यक्ष खेल सिंह राजपूत का जोरदार नारेबाजी से स्वागत किया।

नम आंखों से याद किये गए पूर्व पीएम

मलिहाबाद,लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के पुरोधा संस्थापक भारत रत्न पंडित अटल बिहारी बाजपेयी की पुण्यतिथि परम शिवाला में भाजपा मंडल कार्यालय पर श्रदांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। क्षेत्रीय विधायक जयदेवी कौशल ने दीप प्रज्वलित कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अटल बिहारी बाजपेयी के चित्र पर माल्यार्पण किया।कार्यक्रम में उपस्थित मंडल अध्यक्ष जितेंद्र अवस्थी, जिला उपाध्यक्ष रामविलास रावत, जिला संयोजक पंकज गुप्ता, भाजपा महामंत्री आशीष द्विवेदी, प्रमोद पाठक, राजेश लोधी, मूलचंद यादव, भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष अरविंद शर्मा, वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता खलील अहमद, मारूफ अंसारी, प्रधान प्रतिनिधि पुरवा अंजू सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भाजपा नेताओं ने पंडित अटल बिहारी बाजपेयी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए देश और पार्टी के प्रति किये योगदान से सीख लेकर उनके विचारों को और आगे बढ़ाने का सभी कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया।

कानून व्यवस्था में यूपी की अलग पहचान: योगी

विधानसभा पर तिरंगा फहराने के बाद सीएम योगी बोले, कानून व्यवस्था में यूपी की अलग पहचान

विधानसभा पर तिरंगा फहराने के बाद सीएम योगी बोले, कानून व्यवस्था में यूपी की अलग पहचान

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता दिवस पर विधानभवन में ध्वजारोहण किया और समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि अमृत महोत्सव का साक्षी बनने का अवसर हम सबको मिल रहा है। अनगिनत बलिदानों के बाद देश स्वतंत्र हुआ था। स्वाधीनता आंदोलन से जुड़े सभी स्मारक इस बात का गवाह है। 1857 से प्रारम्भ हुई स्वाधीनता की लड़ाई ने अंग्रेजी हुकूमत को ताकत का एहसास करवाया था। सीएम योगी ने कहा कि देश के अंदर सबको वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए मुफ्त वैक्सीनेशन का प्रोग्राम चल रहा है, जिसमें उत्तर प्रदेश सबसे अधिक वैक्सीन देने वाला राज्य बन चुका है।

उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश का नागरिक पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने लग जाए तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना अपने देश को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की, आत्मनिर्भर बनाने की, स्वावलंबी बनाने की परिकल्पना को जल्दी पूरा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को दो अलग अलग वैक्सीन देकर सुरक्षा कवच प्रदान करने का काम किया है। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश देश की छठी अर्थव्यवस्था के रूप में था लेकिन आज अर्थव्यवस्था के मामले में उत्तरप्रदेश, देश में दूसरे स्थान पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम कहते थे कि संख्या के आधार पर उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है लेकिन अर्थव्यवस्था के मामले में और कानून व्यवस्था के मामले में सबसे पिछड़ा हुआ था लेकिन आज कानून व्यवस्था और अर्थव्यवस्था के मामले में उत्तर प्रदेश ने अपनी अलग पहचान बनाई है। 2017 के बाद से प्रदेश के अंदर एक भी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों ने देश की आजादी की इस लड़ाई को नई ऊंचाई पर पहुंचाया। ये वर्ष चौरीचोरा की घटना का शताब्दी वर्ष भी है।
उन्होंने कहा कि देश की स्वाधीनता के बाद देश की आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ बनाए रखने भारत के नागरिकों को एक सुरक्षित माहौल प्रदान करने वाले भारत के सभी वीर जवानों को, जिन्होंने देश के लिए अपने आप को बलिदान कर दिया, देश की सुरक्षा को बनाए रखने के लिए जिन्होंने अपनी आहुति दी, उन सभी जवानों को मैं अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
 

संगठन की मजबूती के लिए भाजपा की तैयारी जोरों पर

मलिहाबाद में भाजपा का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

मलिहाबाद, लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी द्वारा क्षेत्र में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर कार्यकर्ताओं को शपथ दिलवाकर अपना वोट डालकर आएंगे और अपना बूथ सबसे मजबूत उद्देश्य को लेकर मंडल अध्यक्ष जितेंद्र अवस्थी ने शपथ दिलवाई।

इस एक दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ पूर्व चेयरमैन काकोरी सुशील लोधी और सत्र समापन कुँवर जितेंद्र सिंह पूर्व जिलाध्यक्ष द्वारा, धन्यवाद प्रस्ताव जितेंद्र अवस्थी और समापन विधायक जयदेवी कौशल द्वारा किया गया। इस दौरान भाजपा सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए जनता तक पहुचाने की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं को सौंपी गई। साथ ही कार्यकर्त्ता द्वारा अपने बूथ पर नए लोगों को पार्टी से जोड़ने सहित भाजपा संगठन पर विचार विमर्श किया गया। उत्तर प्रदेश में आगामी विधान सभा चुनावों में प्रचंड जीत के लिए बूथ स्तर पर पूरे मनोयोग और मजबूती के साथ तैयारी करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में जिला कोषाध्यक्ष दयाराम कश्यप, पूर्व मंडल अध्यक्ष अरविंद शर्मा, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा विकास किशोर, नीरज मौर्य, आशीष द्विवेदी, दिनेश मौर्य, मिथलेश यादव सहित वरिष्ठ भाजपा नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

पंजाब के सबसे सुरक्षित दुर्ग को बनाये रखने में कांग्रेस हाईकमान का छूट रहा पसीना

पंजाब के सबसे सुरक्षित दुर्ग को बनाये रखने में कांग्रेस हाईकमान का छूट रहा पसीना

मोदी के अश्वमेघ यज्ञ के घोड़े को अभी तक सबसे मजबूती से पंजाब ने रोका


नरेन्द्र मोदी के अश्वमेघ यज्ञ के घोड़े को अभी तक सबसे मजबूती से पंजाब ने रोका है। देश का यह सीमावर्ती राज्य नरेन्द्र मोदी के तूफान के आगे शुरू से कांग्रेस के सबसे सुरक्षित द्वीप के रूप में कायम बना हुआ है। लेकिन क्या यहां कांग्रेस का रूतबा अगले चुनाव के बाद भी बना रहेगा या इस राज्य में पार्टी की अंदरूनी खींचतान उसकी नैया ले डूबेगी यह सवाल इसके बावजूद भी बना हुआ है कि अकाली दल से गठबंधन टूटने के बाद भाजपा यहां मुकाबले से बाहर हो चुकी है और अकाली दल भी अलग होने के बावजूद कृषि कानूनों को पारित कराने में भाजपा की सहयोगी रहने के पाप से जनमानस की निगाह में बरी नहीं हो पा रही है। वजह यह है कि इस घटनाक्रम के कारण राज्य में कांग्रेस की मुख्य प्रतिद्वंदी बनकर उभरी आम आदमी पार्टी कांग्रेस के जरा से चूकने पर हाथ मारकर सत्ता हथिया ले जाने में सफल हो सकती है। फिलहाल कांग्रेस हाईकमान ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के लाख सिर पटकने के बावजूद उनके और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच युद्ध विराम का फार्मूला तय करते हुए राज्य में पार्टी की बागडोर सिद्धू को सौंप डाली है। संयोग यह है कि अमरिंदर सिंह और सिद्धू न केवल एक ही जिले पटियाला के निवासी हैं बल्कि दोनों के गोत्र भी समान यानी सिद्धू ही हैं। सिद्धुओं की यह लड़ाई शेरों की लड़ाई में तब्दील हो चुकी थी। लेकिन नवजोत मनमाफिक हैसियत मिल जाने के बावजूद कैप्टन को उखाड़ने से बाज नहीं आ रहे और उन्हें आशीर्वाद दे देने के बावजूद कैप्टन भी हार मानने को तैयार नहीं है। अब देखना है कि दोनों के बीच शह और मात के इस खेल की नाव किस ठोर लगेगी।

नया विकल्प तलाशना कांग्रेस के लिए लाजिमी-
वैसे पंजाब में कांग्रेस को पुर्नस्थापित करने का श्रेय तो कैप्टन अमरिंदर सिंह को ही है लेकिन पार्टी क्या करे। कैप्टन की उम्र 79 वर्ष की हो चुकी है इसलिए स्वाभाविक है कि कांग्रेस आगे के लिए उनके भरोसे नहीं रह सकती। नया विकल्प तलाशना उसके लिए लाजिमी है। कांग्रेस हाईकमान की यह इमेज भी बनती जा रही थी कि पार्टी के लगातार चुनाव हारने से वह पंगु हो चुका है और क्षेत्रीय क्षत्रपों से उलझना उसके बूते की बात नहीं रह गई है। इसलिए पार्टी हाईकमान ने जब कैप्टन की नाराजगी के बावजूद नवजोत को राज्य में पार्टी की बागडोर सौंपने का एलान किया उस समय अपनी हनक क्षत्रपों पर फिर से कायम करने का उसका इरादा भी निश्चित रूप से काम कर रहा होगा।

अति महत्वाकांक्षी होने के कारण छोड़नी पड़ी थी BJP-
नवजोत सिंह सिद्धू को अति महत्वाकांक्षी माना जाता है। 2016 में उनको इसी कारण भाजपा छोड़नी पड़ी। कांग्रेस में आकर शुरू से उनकी निगाह मुख्यमंत्री पद पर थी लेकिन जब इसका फैसला अमरिंदर सिंह के हक में चला गया तो उन्होंने उनके मंत्रिमंडल में उपमुख्यमंत्री पद पाने की लाबिंग की। कैप्टन ने इसे मंजूर नहीं किया हालांकि अपने मंत्रिमंडल में स्थान दे दिया। लेकिन नवजोत सिंह अपनी ब्राडिंग मजबूत करने के लिए कुछ न कुछ ऐसा करते रहे जो अमरिंदर सिंह के लिए नागवार था। करतारपुर साहब गलियारे के उदघाटन में उनके पाकिस्तान जाने पर जब कैप्टन ने एतराज जताया तो उन्होंने कह दिया कि मेरे कैप्टन तो राहुल गांधी हैं। कैप्टन इससे बुरी तरह चिढ़ गये। बाद में मामला यहां तक पहुंच गया कि कैप्टन ने उनको मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के लिए बाध्य कर दिया। कांग्रेस हाईकमान ने कई बार चाहा कि कैप्टन नवजोत को कहीं न कहीं एडजस्ट कर लें लेकिन कैप्टन को यह बिल्कुल भी मंजूर नहीं था। हाईकमान भी अपनी देश भर में कमजोर स्थिति के कारण बेचारगी का शिकार था। इसलिए कैप्टन पर ज्यादा दबाव बनाना उसके बस में नहीं था।

कैप्टन का बौखला जाना लाजिमी-
इस जद्दोजहद के बीच अब जब विधानसभा के चुनाव के लिए कुछ महीने का समय रह गया है तो नवजोत अधीर हो उठे और उन्होंने सोशल मीडिया पर कैप्टन की सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने ऐसे मुद्दे उठाये जो कार्यकर्ताओं और आम जनमानस को छू रहे थे। जैसे उन्होंने 2015 में फिरोजपुर में अकाली सरकार के समय गुरूग्रंथ साहब की बेअदबी के मामले में कार्यवाही में सरकार की ढ़ील पोल को आड़े हाथों लिया। वायदे के मुताबिक बादल परिवार के खिलाफ कार्रवाई न कर नरम रवैये बरतने का आरोप लगाया। सबसे बड़ी बात यह है कि उन्होंने सरकार को भ्रष्ट साबित करने में यह कहकर कसर नहीं छोड़ी कि कैप्टन की सरकार प्रापर्टी माफिया, खनन माफिया और ड्रग माफिया को संरक्षण दे रही है। इस पर कैप्टन का बौखला जाना लाजिमी था।
इस बीच कांग्रेस हाईकमान सक्रिय हुआ कि राज्य में पार्टी की इस अंदरूनी लड़ाई को चुनाव के समय कैसे रोका जाये। खुद राहुल और प्रियंका ने नवजोत सिंह सिद्धू से बात की तो सोनिया गांधी ने कैप्टन का पक्ष सुना। विवाद सुलझाने के लिए राज्य सभा में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई जिसमें राज्य के प्रभारी हरीश रावत और जेपी अग्रवाल शामिल थे। इस कमेटी ने मंथन के बाद पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को रिपोर्ट सौंपकर चुनाव तक कैप्टन को ही मुख्यमंत्री बनाये रखने की सिफारिश तो की लेकिन उनके समानान्तर सिद्धू को पार्टी का अध्यक्ष बनाने का सुझाव भी दे दिया। लाजिमी है कि कैप्टन को यह हजम नहीं हुआ। इस कारण एक बार फिर सिद्धू को अध्यक्ष बनाने की घोषणा टल गई तो सिद्धू ने आम आदमी पार्टी की तारीफ करने का पैंतरा खेल दिया जिसे लेकर कांग्रेस हाईकमान को चेताया गया कि अगर सिद्धू का चेहरा आम आदमी पार्टी को मिल गया तो विधानसभा चुनाव में उसके मुकाबले कांग्रेस को सत्ता गंवानी पड़ सकती है।
अंततोगत्वा 18 जुलाई को कांग्रेस हाईकमान ने सुनील जाखड़ की जगह नवजोत सिंह सिद्धू को राज्य में पार्टी का अध्यक्ष बनाने की घोषणा कर दी लेकिन इसमें फिर पेंच फंस गया। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कह दिया कि वे तब तक सिद्धू को स्वीकार नहीं करेंगे जब तक कि उनकी सरकार के खिलाफ अपमानजनक ट्वीट करने के लिए सिद्धू माफी नहीं मांगते। उन्होंने और सांसद मनीष तिवारी ने यह मुद्दा भी उठाया कि पंजाब के मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष दोनों ही सिख नहीं होने चाहिए। इससे गलत संदेश जायेगा। कैप्टन ने अपने मंत्रियों और समर्थक सांसदों से अनुशासनहीनता के कारण सिद्धू को पार्टी से निकालने की मांग भी उठवा दी। अब बाजी पलटने की जिम्मेदारी सिद्धू की थी। अध्यक्ष के रूप में अपनी नियुक्ति पर मोहर लगते ही सिद्धू ने इस दिशा में जोरदार कोशिशें करके रूख बदल दिया। कैप्टन के पक्ष के तमाम विधायक उनकी आलोचना छोड़कर सिद्धू में ही अपना भविष्य देखने की वजह से पलट गये। सिद्धू ने अमृतसर में स्वर्ण मंदिर में मत्था टेकने के अवसर पर शक्ति प्रदर्शन किया जिसमें पार्टी के 80 में से 62 विधायक उनके पक्ष में खड़े दिखाई दिये। इससे कैप्टन के हौसले पस्त हो गये। 23 जुलाई को जब सिद्धू का पदभार ग्रहण कार्यक्रम था प्रियंका का भी फोन कैप्टन के पास आ गया जिसमें उनसे इस कार्यक्रम में उपस्थित होकर सिद्धू को आशीर्वाद देने की गुजारिश की गई। अब कैप्टन के लिए मान जाने में ही गनीमत थी उन्होंने सिद्धू के पदभार ग्रहण के कार्यक्रम में उन्हें आशीर्वाद भी दिया और उनके साथ अपने पुराने संबंधों की चर्चा भी की। दूसरी ओर सिद्धू ने अपने भाषण में उनका नाम भी नहीं लिया और इस तरह भाषण किया जैसे पंजाब में अभी कांग्रेस की सरकार न हो और चुनाव बाद उनके द्वारा सरकार संभाले जाने की संभावना हो जिसके लिए उनके संकल्प क्या-क्या हैं यह गिनाये।
फिलहाल तो समाधान के फार्मूले में पार्टी के लिए जितनी भी आशंकायें थी सभी के निराकरण का प्रयास कांग्रेस हाईकमान ने किया है जिसमें बड़ी भूमिका प्रशांत किशोर की रही है। नवजोत सिंह सिद्धू के साथ चार कार्यवाहक प्रमुख बनाये गये हैं ताकि अनुसूचित जातियों और गैर सिखों को संतुष्ट किया जा सके। कैप्टन को मंत्रिमंडल में फ्री हैंड होकर विस्तार करने की हरी झंडी दे दी गई है जिसे लेकर उनको आश्वस्त किया गया है कि सिद्धू इसमें कोई दखल नहीं करेंगे। निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ को राष्ट्रीय जिम्मेदारी देने का संकेत दिया गया है लेकिन अभी भी कुछ मसले अनसुलझे हैं। अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद समितियों का गठन होना है जिसमें घोषणा पत्र समिति मुख्य है। सिद्धू आरोप लगाते रहे हैं कि कैप्टन सरकार ने चुनावी घोषणाओं को पूरा नहीं किया है इसलिए अगर उनके आदमी को इस समिति की बागडोर मिलती है तो वह कैप्टन के लिए मुश्किल पैदा करेगा। नतीजतन कैप्टन चाहेंगे कि घोषणा पत्र समिति का अध्यक्ष उनकी पसंद का हो। राज्य के प्रभारी हरीश रावत को उत्तराखंड के लिए चेहरा घोषित कर दिया गया है इसलिए उन्हें उत्तराखंड में पूरा समय देने को राष्ट्रीय जिम्मेदारी से मुक्त किया जाना अनिवार्य है। ऐसे में प्रदेश का प्रभारी अपनी-अपनी सुविधा के अनुकूल नेता को बनवाने के लिए भी दोनों में खींचतान होगी। नवजोत सिंह सिद्धू अगले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद के लिए अपने को चेहरा मान रहे हैं इसलिए वे यह भी चाहेंगे कि ज्यादा से ज्यादा टिकट उनके लोगों के हों जबकि कैप्टन को यह भी स्वीकार नहीं होगा। इसलिए टकराव बरकरार रहने का एक मोर्चा यह भी है।

कहीं हिल न जाए कांग्रेस का अजेय दुर्ग!
राज्य के अगले चेहरे को लेकर कैप्टन के मन में क्या है यह तो स्पष्ट नहीं है लेकिन अभी वे अपने ऊपर सिद्धू को कतई हावी नहीं होने देना चाहते। राज्य में बिजली महंगी होने को लेकर सिद्धू ने उनके सामने आने का उपक्रम किया तो कैप्टन ने इसकी हवा निकालने के लिए निजी थर्मल और सोलर प्लांट कंपनियों के साथ बिजली खरीद का प्रस्ताव रद्द कर दिया। इसी तरह सिद्धू ने अनुसूचित जाति के विधायकों की बैठक बुलाई लेकिन उसके शुरू होने के पहले ही कैप्टन ने एससी वेलफेयर बिल को मंजूरी दे डाली। जाहिर है कि समाधान फार्मूले के बाद भी दोनों में निभने वाली नहीं है ऐसे में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का यह अजेय दुर्ग कहीं हिलने पर न पहुंच जाये।

केपी सिंह वरिष्ठ पत्रकार

अब हर ग्राम पंचायत में होंगे दो जनसेवा केन्द्र

आय, जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अब हर ग्राम पंचायत में होंगे दो जनसेवा केन्द्र

लखनऊ। प्रदेश के गांवों में रहने वाले लोगों को आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। अब उन्हें सिर्फ अपनी ग्राम पंचायत में स्थापित जन सेवा केन्द्रों तक पहुंचना होगा। वहां आवेदन देने के बाद बहुत आसानी से उनके प्रमाण पत्र बन जाएंगे। साथ में डिजिटल पेंमेंट के माध्यम से इन सुविधाओं की फीस जमा हो सकेगी। सरकारी योजनाओं का लाभ भी इन जन सेवा केन्द्रों पर तत्काल मिलेगा।

प्रति आवेदन 30 रुपए तय- प्रदेश के इतिहास में पहली बार राज्य सरकार यूपी में हर ग्राम पंचायत में दो जनसेवा केंद्र स्थापित करने जा रही है। इसकी कार्यवाही शुरू हो चुकी है। 16 नवम्बर 2020 से शुरू की गई सीएससी 3.0 योजना से अब तक प्रदेश में 1,52,830 जन सेवा केन्द्र स्थापित करा दिए गए हैं। इन जनसेवा केन्द्रों में डिजिटल पेमेन्ट को बढ़ावा देने के लिए भीम एप से एकीकृत किया गया है। साथ में आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र आदि का शुल्क प्रति आवेदन 30 रुपए तय कर दिया गया है। 

संचालकों का लाभ भी बढ़ाया-
जन सेवा केन्द्र संचालकों को पहले की तुलना में अब प्रति आवेदन मिलने वाले शुल्क में भी वृद्धि की गई है। कोविड-19 के दौरान सरकार की ओर से की गई शुरुआत का लाभ गांव के लोगों को अधिक मिला है। ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल से जुड़े केन्द्रों पर 59, 639 लोग आज तक कोविड टीकाकरण के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। 

ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल से 24.50 करोड़ लोगों को मिला लाभ- सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक प्रदेश सरकार ने ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से 36 विभागों की 267 शासकीय सेवाओं को जन सुविधा केन्द्रों और सीधे इंटरनेट से जोड़ा है। इस सुविधा से राज्य सरकार की योजनाओं का 24.50 करोड़ लोग लाभ उठा चुके हैं। 

डिजी लॉकर पर 10 करोड़ से अधिक प्रमाण-पत्र कराए उपलब्ध- डिजिटल लॉकर योजना के तहत प्रदेश में 30.84 लाख से अधिक डिजिटल लॉकर खोले जा चुके हैं। प्रदेश में व्यवसायिक शिक्षा (आईटीआई), माध्यमिक शिक्षा (यूपी बोर्ड), प्राविधिक शिक्षा (डिप्लोमा) द्वारा जारी मार्कशीट एवं प्रमाण-पत्रों का डिजीलॉकर से इन्टीग्रेशन भी पूरा कर लिया गया है। 

दीपक गर्ग मोनू ने बांटा मुफ्त राशन

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। वार्ड नंबर 7 के सभासद एवं भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी दीपक गर्ग मोनू ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत मुफ्त राशन प्रति व्यक्ति प्रतिमाह गेहूं एवं चावल का वितरण करवाया। यह राशन प्रधानमंत्री द्वारा 80 करोड़ जनता को उपलब्ध कराया जा रहा है।

श्री दीपक ने कहा कि मोदी जी ने यह ठाना है कोरोना काल में किसी भी व्यक्ति को भूखा नहीं सोने देंगे और ना ही मरने देंगे। जिला मीडिया प्रभारी दीपक गर्ग उर्फ मोनू ने बताया यह पहली ऐसी योजना है कि हिंदुस्तान की 80 करोड़ जनता को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। कार्यक्रम में राजेंद्र सिंह मंडल अध्यक्ष, दुष्यंत सिंह जिला मंत्री अनुसूचित मोर्चा, संदीप शर्मा मंडल मंत्री, गार्गी अग्रवाल जिला उपाध्यक्ष महिला मोर्चा, पिंटू सिंह मंडल मंत्री, सुभाष कुमार ,सुरेश, दिनेश, कपिल, अमित, सोहेल, नदीम, आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।

कार्यकर्ता निष्ठ पार्टी है भाजपा -कमल कश्यप

नजीबाबाद (एकलव्य बाण समाचार)। भागूवाला मंडल की कार्यसमिति की बैठक का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक कार्यकर्ता आधारित राजनीतिक दल है। हिंदुस्तान में एकमात्र राजनीतिक दल भाजपा ही है।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि क्षेत्रीय मंत्री पिछडा मोर्चा कमल कश्यप ने भारत माता के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर मंडल प्रभारी पूर्व जिला महामंत्री विकास अग्रवाल ने भाजपा कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर पार्टी के कार्य में लगने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष राजकुमार प्रजापति एवं संचालन वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह ने किया। मंडल कार्यसमिति की इस बैठक में पूर्व मंडल अध्यक्ष कमल सैनी, सुदेश गुप्ता, योगाचार्य अरुण राजपूत, पूर्व जिला मंत्री ओंकार सिंह, अशोक राजपूत नरपाल सिंह, भंवर सिंह, तारा सिंह, रेशम सिंह, कालूराम भारती, कोषाध्यक्ष गुलशन प्रजापति, उपाध्यक्ष अशोक राजपूत, महामंत्री मुकेश अग्रवाल, मनीष पाल सिंह, मयंक चौहान, कपिल राजपूत, जगबीर सिंह, राजेंद्र सिंह, नरेश शर्मा, हरपाल सिंह सैनी, नरवीर सिंह पाल आदि ने भाग लिया।

भाजपा की नीतियों को जन जन तक पहुंचाने का आह्वान

बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी, मौहम्मद पुर देवमल मण्डल की कार्यशाला का आयोजन यशपाल आर्य सरस्वति विद्या मन्दिर, मंडावर रोड, जमालपुर पठानी में किया गया। अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह भुईय्यार ने की।

प्रथम सत्र में क्षेत्रीय मंत्री अनूप बाल्मीकि के द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के सम्बंध में विस्तार से चर्चा की गई।

इसी के साथ सभी कार्यकर्ताओं से उन योजनाओं को जन जन तक प्रसारित करने का आह्वान किया गया।


कार्यशाला के द्वितीय सत्र में जिला महामंत्री विनय राणा जीवन ने केंद्र सरकार द्वारा संचालित एवं पोषित गरीब कल्याण मुफ्त खाद्यान्न योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए दिनांक 05-08-2021 को क्षेत्र की सभी सरकारी राशन की दुकानों पर राशन वितरण के समय भाजपा कार्यकर्ताओं को उपस्थित रहकर अपने सामने राशन वितरण कराने एवं इस योजना का प्रचार और प्रसार करने का आह्वान किया।


इस कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह भुईय्यार, जिला मीडिया प्रभारी दीपक गर्ग मोनू, पूर्व मंडल अध्यक्ष विष्णु पद, सेक्टर प्रभारी महेंद्र सिंह राजपूत, मंडल कोषाध्यक्ष ऋषि पाल सिंह, भीष्म राजपूत, विजेन्द्र सिंह, अमर सिंह, शिवराम शर्मा, छोटे लाल सैनी, जितेन्द्र पाल सिंह, संदीप कुमार शर्मा, दुष्यंत सिंह, श्रीमती मीनम शर्मा, दिनेश शर्मा, विपिन, पिंटू, अवनीश अग्रवाल, आदि उपस्थित रहे।

योगी व उनकी टीम ने दंगाग्रस्त यूपी में स्थापित किया कानून का राज: अमित शाह

सीएम योगी और उनकी टीम ने दंगाग्रस्त यूपी में स्थापित किया कानून का राज: अमित शाह 

पूर्व CM कल्याण सिंह का हालचाल लेने पीजीआई पहुंचे अमित शाह

लखनऊ। 2022 विधानसभा चुनाव की तैयारियां को लेकर बड़े नेताओं ने यूपी में दौरा शुरू कर दिया है। रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लखनऊ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव आने के बाद सक्रिय होने वाले नेताओं की सबसे ज्‍यादा संख्‍या यूपी में है। उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर आए शाह ने राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर यह बात कही। पूर्ववर्ती सरकारों से तुलना करते हुए उन्होंने कहा, आज मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी टीम ने दंगाग्रस्त उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था का राज स्थापित किया है।

गृह मंत्री ने रविवार को लखनऊ के पिपरसंड, सरोजनी नगर में ‘उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज’ की आधारशिला रखने के बाद आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा, अखबारों को पढ़ता रहता हूं, रोज बयान आते हैं और चुनाव आने के बाद सक्रिय होने वाले नेताओं की सबसे ज्यादा संख्या यूपी में है। राज्य में अगले वर्ष की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होना है। शाह ने विपक्षी दलों के नेताओं खासतौर से समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाना बनाते हुए कहा, बाढ़ आने पर कोरोना के संकट के वक्त, किसानों के भूख से मरने पर ये लोग दिखाई नहीं पड़ते। जब किसानों के कर्ज माफ करने थे तो आप मौज-मस्ती में व्‍यस्‍त थे लेकिन चुनाव नजदीक आएगा तब आप जरूर दिखेंगे। 

BJP ने उखाड़ फेंका परिवारवाद- उन्होंने कहा, परिवारवाद को उखाड़ फेंकने का काम भारतीय जनता पार्टी ने किया है और उप्र की जनता से निवेदन है कि चहुंमुखी विकास को देखिए और उसका समर्थन करिए। पूर्ववर्ती सपा सरकार की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, पहले पश्चिम से लोग घर छोड़कर भाग रहे थे, महिलाएं असुरक्षित थी, दिनदहाड़े गोलियां चलती थीं लेकिन 2017 में भाजपा ने एक वादा किया था कि उप्र को कानून-व्यवस्था की दृष्टि से ठीक बनाएंगे और विकसित राज्य बनाएंगे और आज 2021 में गर्व के साथ कह सकता हूं कि योगी आदित्यनाथ और उनकी टीम ने दंगाग्रस्त उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था का राज स्थापित किया है।

44 योजनाओं में UP देश में अव्वल- उन्होंने दावा किया, विकास की 44 योजनाओं में देश में उप्र सबसे आगे हैं। योगी और उनकी टीम ने देश की 44 योजनाओं में सर्वप्रथम स्‍थान प्राप्‍त किया है। उप्र ने हर क्षेत्र में विकास किया है, चाहे औद्योगिक निवेश की बात हो, चाहे कानून व्यवस्था ठीक करने की बात हो, गरीब किसान के खाते में धन देने की, शौचालय बनाने की, सिलेंडर देने या बिजली पहुंचाने या भ्रष्‍टाचार को खत्म कर भ्रष्टाचारियों में भय पैदा करने की बात हो, हर क्षेत्र में योगी के नेतृत्व में उत्‍कृष्‍ट कार्य किया गया है।

यूपी में फिर महागठबंधन चाहते हैं अखिलेश!

यूपी में फिर महागठबंधन चाहते हैं अखिलेश? कहा- BJP से लड़ना है या समाजवादी पार्टी से, तय कर लें BSP-कांग्रेस

लखनऊ (PTI)। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने रविवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव से पहले उनकी पार्टी के दरवाजे सभी छोटे दलों के लिए खुले हुए हैं और बीजेपी को हराने के लिए वे ऐसी सभी पार्टियों को साथ लाने की कोशिश करेंगे। पिछले चुनावों में गठबंधन सहयोगी रहीं पार्टियों कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की ओर एक बार फिर हाथ बढ़ाते हुए उन्होंने यह तय करने को कहा है कि वह किस पक्ष में हैं। 

पूछा कि लड़ाई किससे है?- अखिलेश यादव ने कहा, ”इन पार्टियों (बीएसप-कांग्रेस) को तय करना चाहिए कि उनकी लड़ाई बीजेपी से है या समाजवादी पार्टी से?” आगमी चुनाव में गठबंधन की संभावनाओं को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने कहा, ”सभी छोटे दलों के लिए दरवाजे खुले हुए हैं। कई छोटे दल हमारे साथ पहले से हैं और हमारे साथ आएंगी।” 

भाजपा को हराने के लिए एकजुटता- यह पूछे जाने पर कि उनके चाचा शिवपाल यादव की पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी भी सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है? अखिलेश यादव ने कहा, ”हम कोशिश करेंगे कि सभी पार्टियां बीजेपी को हराने के लिए एकजुट हो जाएं।” ओम प्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एबीएसपी) की अगुआई वाली भागीदारी मोर्चा, जिसमें असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम भी शामिल हैं, से जुड़े सवाल पर अखिलेश ने कहा, ”अभी तक उनसे कोई बातचीत नहीं हुई है।” एसपी अध्यक्ष ने बीएसपी और कांग्रेस जैसी बीजेपी की विरोधी पार्टियों से भी यह तय करने को कहा है कि वे किस पक्ष में हैं और उनकी लड़ाई किस पार्टी से है। उन्होंने कहा, ”इन पार्टियों को तय करना चाहिए कि उनकी लड़ाई किससे है।”

पेगासस जासूसी कांड को लेकर साधा निशाना- अखिलेश यादव ने पेगासस जासूसी को लेकर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ”एनडीए के पास लोकसभा में 350 सीटें हैं। कई राज्यों में बीजेपी की सरकार है। क्यों और क्या सरकार जासूसी से निकालना चाहती है? इसके जरिए वे विदेशी ताकतों की मदद कर रहे हैं।” 

खतौली विधायक विक्रम सिंह ने फिर दिया विवादित बयान

मुजफ्फरनगर (एकलव्य बाण समाचार)। खतौली विधायक विक्रम सिंह विवादित बयान देकर फिर से चर्चा में आ गए हैं। शनिवार को सफेदा रोड पर मान्या फार्म हाउस में एक अभिनंदन कार्यक्रम में उन्होंने खुले मंच से किसान आंदोलन पर बैठे लोगों को नकली किसान ठहरा दिया। ब्लाक प्रमुख संजो देवी ने ग्राम प्रधानों व बीडीसी सदस्यों के अभिनन्दन कार्यक्रम का आयोजन किया था। खतौली विधायक विक्रम सैनी कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे।

बताया गया है कि विधायक विक्रम सैनी ने कहा कि बॉर्डर पर अगर असली किसान होते तो गत 26 जनवरी को लालकिले पर उपद्रव नहीं करते। इस दौरान उन्होंने उग्र शब्दों का भी प्रयोग किया। लखनऊ में धरने को लेकर विधायक का कहना है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं और उनके राज्य में अगर किसी ने फन उठाने का प्रयास किया तो उसको कुचल दिया गया। कार्यक्रम का संचालन ग्राम सचिव विजय शेखर ने किया। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी, गौतम सिंह, यशपाल प्रधान,अनिल पुण्डीर आदि उपस्थित रहे।

पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने लिया राजनीति से संन्यास

पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने लिया राजनीति से संन्यास, फेसबुक पोस्ट में लिखी मन की बात

कोलकाता (एजेंसियां)। आसनसोल से भाजपा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की है। अपने फेसबुक पेज पर लिखी पोस्ट में अपने ‘मन की बात’ साझा करते हुए लिखा कि अलविदा। मैं किसी राजनीतिक दल में नहीं जा रहा हूं। टीएमसी, कांग्रेस, सीपीआई (एम) में से किसी ने मुझे नहीं बुलाया है, मैं कहीं नहीं जा रहा हूं। सामाजिक कार्य करने के लिए राजनीति में होने की आवश्यकता नहीं है। मैं राजनीति से दूर रहकर भी अपना मकसद पूरा कर सकता हूं।

उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि मैं हमेशा एक टीम का खिलाड़ी रहा हूं। हमेशा एक टीम को सपोर्ट किया है- मोहनबागान। एक ही पार्टी का समर्थन किया है- भाजपा। कुछ दिनों से बाबुल सुप्रियो की चुप्पी और बीजेपी में उनकी कम होती भूमिका पर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे थे। अटकलें थी कि बाबुल कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। अब अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन तमाम विवादों पर भी बाबुल ने विस्तार से बात की है। उन्होंने कहा है कि पार्टी संग मेरे कुछ मतभेद थे, वो बातें चुनाव से पहले ही सभी के सामने आ चुकी थीं, हार के लिए मैं भी जिम्मेदारी लेता हूं,लेकिन दूसरे नेता भी जिम्मेदार हैं। 

काकोरी ब्लाक प्रमुख नीतू यादव ने किया जनप्रतिनिधियों एवं मीडिया कर्मियों का सम्मान

काकोरी ब्लाक प्रमुख नीतू यादव ने किया जनप्रतिनिधियों एवं मीडियाकर्मियो को सम्मानित

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। मलिहाबाद विधानसभा क्षेत्र के काकोरी ब्लाक के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों व क्षेत्र पंचायत सदस्यों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं तथा क्षेत्र के गणमान्य लोगों का स्वागत समारोह गुरुवार को किया गया। ब्लाक प्रमुख नीतू यादव पत्नी बीजेपी नेता लल्लू यादव पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने काकोरी के डीके लॉन में सम्मिलित सभी नवनिर्वाचित जन प्रतिनिधियों का माल्यार्पण एवं पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। सभी को यशस्वी कार्यकाल होने की सभी ने बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।

जन समूह को सम्बोधित करते हुए जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण लोधी ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हमारा संकल्प होना चाहिए।

सभी को अंगवस्त्र भेंट- आयोजक बीजेपी नेता लल्लू यादव ने सभी ग्राम प्रधानों, बीडीसी सदस्यों, मीडियाकर्मियों एवं पूर्व जनप्रतिनिधियों को अंग वस्त्र एवं रामचरित्र मानस की पुस्तक व डायरी देते हुए सभी का माल्यार्पण कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों ने बीजेपी नेता लल्लू यादव के आवाह्न पर 2022 ने भाजपा की पूर्ण बहुमत से उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर प्रभारी खण्ड विकास अधिकारी मलिक मकसूद अख्तर, विधायक जयदेवी कौशल, जिला उपाध्यक्ष हंसराज लोधी, महामंत्री विजय मौर्या,मण्डल अध्यक्ष रविराज लोधी, महामंत्री गोपी राजपूत, कपिल कुमार, उपाध्यक्ष कौशिक राजपूत, नीलम श्रीवास्तव, विनय निगम,सभासद मनीष गुप्ता, शिवहरि द्विवेदी, शिशिर यादव, प्रमोद गुप्ता, गुड़िया भारती, देशराज यादव, मनोज यादव, अनिल कश्यप, पुत्तीलाल, मूलचन्द्र यादव, यदुनाथ गौतम,सुनील यादव,आदेश यादव, शिशिर यादव, शिवकुमार यादव, सतीश रावत, केशरी राव धारा सिंह यादव, मिट्ठू लाल, पूनम यादव, अनुज यादव, रामदीन, लीलावती, अमर सिंह चौहान, रिजवान, उत्तम यादव, राजू यादव, सुमित कनौजिया, गरिमा सिंह, शशिकांत तिवारी, सुनीता प्रजापति, कांति शर्मा, मतीन अहमद, दिलीप मौर्य, पुतान सिंह, राजेश यादव, योगेंद्र लोधी, मलिक मकसूद अख्तर वीडियो, राम प्रसाद मौर्य, शिव कुमार लोधी, सत्येंद्र सिंह यादव, सुधीर पाल सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

UP में लगवाएंगे विकास दुबे और श्री प्रकाश शुक्ला की प्रतिमा!

यूपी में फूलन देवी की प्रतिमा लग सकती है तो विकास दुबे और श्रीप्रकाश शुक्ला की प्रतिमा भी लगवाऊंगा, ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष का ऐलान

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। यूपी की सियासत में इस समय ब्राह्मण को रिझाने और अपने पाले में लाने की हर संभव कोशिश हो रही है। बहुजन समाज पार्टी के अयोध्या में ब्राह्मण सम्मेलन के बाद सपा ने पूर्वांचल में ब्राह्मण सभा की घोषणा कर नई टीम बना दी है।

भाजपा भी चलाएगी ब्राह्मण ब्रह्मास्त्र- सूत्रों का दावा है कि अब भाजपा सरकार भी अपने मंत्रिमंडल विस्तार में ब्राह्मण ब्रह्मास्त्र चला सकती है। यूपी के सियासी दंगल के बीच अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने एक बयान देकर नई सनसनी मचा दी है। उन्होंने कहा है कि यदि फूलन देवी की प्रतिमा लग सकती है तो ब्राह्मणों के महापुरुष विकास दूबे और श्रीप्रकाश शुक्ला की प्रतिमा भी लगेगी।

डकैतों की मूर्ति लगेंगी, तो महापुरुषों की क्यों नहीं- पिछले दिनों कानपुर के चौबेपुर स्थित ग्राम बरुआ में भगवान परशुराम मंदिर के भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. राजेंद्र नाथ त्रिपाठी पहुंचे थे। उन्होंने मंच से घोषणा की थी, कि ब्राह्मण महासभा यूपी में प्रकाश शुक्ला और विकास दुबे की प्रतिमा स्थापित कराएगी। उन्होंने कहा कि जब फूलन देवी डकैत और ददुआ डकैत की प्रतिमा उनका समाज लगाता है, जो घोषित डकैत थे, तो जो ब्राह्मणों के महापुरुष और वीरता के प्रेरणा स्रोत हैं, उनकी प्रतिमा क्यों नहीं लग सकती है। पूरा ब्राह्मण समाज इसका समर्थन करता है। 

विकास दूबे और श्रीप्रकाश शुक्ला के साथ हुआ अन्याय- राजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने कहा कि विकास दूबे और श्रीप्रकाश शुक्ला के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर वे गुनाहगार थे, तो उन्हें न्यायालय सजा देता। सरकार कौन होती है, सजा देने वाली? उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज को आने वाले विधानसभा चुनाव 2022 में फिर से छला जाएगा। समाज के लोगों को पूछना चाहिए अभी तक वो कहां थे, जब ब्राह्मणों के साथ अन्याय किया जा रहा था। 

खुशी दुबे का क्या दोष? राजेंद्र नाथ ने सरकार से सवाल किया कि क्या दोष है खुशी दुबे का? सिर्फ इसलिए कि वह अपराधी की पत्नी है। तीन दिन भी नहीं रही ससुराल में, आज निर्दोष ब्राह्मण की बेटी सलाखों के पीछे से न्याय मांग रही है। उन्होंने कहा कि अब ब्राह्मण समाज को ठगने नहीं दिया जाएगा। 

प्रदेश भाजपा की वर्चुअल बैठक

लखनऊ/बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। प्रदेश भाजपा कार्यालय पर प्रदेश पदाधिकारी बैठक का वर्चुअल माध्यम से आयोजन किया गया। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश प्रभारी राधा मोहन, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही, प्रदेश सह संगठन महामंत्री कर्मवीर, प्रदेश सह प्रभारी संजीव चौरसिया, सत्य कुमार, राष्ट्रीय मंत्री हरीश द्विवेदी मौजूद रहे।

दिल्ली से राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जुड़े। केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, स्मृति ईरानी व राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह भी मंच पर मौजूद रहे। दिल्ली से प्रदेश कार्यसमिति बैठक में हरदीप पुरी, मुख्तार अब्बास नकवी, वीके सिंह, केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, कौशल किशोर अजय मिश्र टेनी, राजेश अग्रवाल एसपी बघेल, अनिल जैन, सुधांशु त्रिवेदी, गौरव भाटिया भी जुड़े।

बिजनौर स्थित कार्यालय जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि के नेतृत्व में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कविता चौधरी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य निवर्तमान सांसद डॉ. यशवंत सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पूर्व सांसद यशवीर सिंह धोबी, निवर्तमान जिला अध्यक्ष / जिला प्रभारी रामपुर राजीव सिसोदिया, एवं आईटी विभाग जिला संयोजक विपुल शर्मा, प्रदेश कार्यसमिति बैठक में उपस्थित रहे।

प्रथम सत्र, उद्घाटन सत्र को राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संबोधित किया। द्वितीय सत्र में शोक प्रस्तावना के तहत अध्यक्ष स्वतंत्र देव ने 2 मिनट का मौन रखते हुए शोक प्रस्ताव रख कोरोना महामारी के दौरान जो भी जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मृत्यु के काल में समाए हैं उनके लिए शोक संदेश प्रसारित किया। तृतीय सत्र में लक्ष्मण आचार्य ने संबोधित करते हुए आगामी कार्यक्रम/अभियान एवं राजनैतिक प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन विधायक पंकज सिंह जी ने किया।

एकलव्य बाण समाचार

ऊर्जा राज्य मंत्री ने जन्मदिन के मौके पर पौधे रोप कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

ऊर्जा राज्यमंत्री ने पौधे रोपकर जन्मदिन के मौके पर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

पर्यावरण बचाने के संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया जन्मदिन

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। ऊर्जा राज्यमंत्री रामाशंकर सिंह पटेल के जन्मदिन को अनूठे रूप से मनाने के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों आदि ने एक नई मुहिम छेड़ी।

इसके चलते उनके जन्मदिन के अवसर पर 51-51 पौधरोपण किया गया। साथ ही वृक्ष बचाने का संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत उनके सरकारी आवास से हुई। वहां पर आकाश अम्बर, रंजीत यादव, पंचदेव यादव आनंद सिंह, राजू यादव द्वारा पौधरोपण किया गया। श्री पटेल ने कहा कि वे बचपन से ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति काफी संजीदा रहे हैं।

इसी के मद्देनजर उन्होंने अपने पैतृक गांव को भी सतत विकास के सिद्धान्तों के अनुरूप विकशित किया। इसी के साथ ही दिन भर भाजपा कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों की शुभकामनाएं उन्हें मिलती रहीं।

एकलव्य बाण समाचार

नवनिर्वाचित ब्लाक प्रमुखों का सम्मान स्वागत

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। भारतीय जनता पार्टी कार्यालय पर एक समारोह में नवनिर्वाचित ब्लाक प्रमुखों का सम्मान किया गया।

समारोह की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि ने की तथा संचालन जिला महामंत्री विवेक कर्णवाल ने किया। कार्यक्रम में जिला प्रभारी /राज्यसभा सांसद विजयपाल सिंह तोमर, मुख्य अतिथि क्षेत्रीय उपाध्यक्ष प्रदीप सैनी उपस्थित रहे।

उन्होंने नवनिर्वाचित ब्लाक प्रमुख विजेंद्र सिंह (हल्दौर), ममता सिंह (मोहम्मदपुर देवमल), तृप्ति राजपूत (कोतवाली), राकेश कुमार (आंकु), अंकित चौधरी (किरतपुर), प्रदीप बबली (अफजलगढ़), आकांक्षा चौहान (नूरपुर), कुंतेश देवी (जलीलपुर), उज्जवल चौहान (स्योहारा), हेमलता चौहान (अल्हैपुर) को शुभकामनाएं प्रदान करते हुए उज्ज्वल कार्यकाल के लिए कामना की।

साथ ही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ऐतिहासिक सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की राष्ट्र हितैषी योजनाओं, नीतियों की जीत बताया।

इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह, नि. सांसद राजा भरतेंद्र सिंह, डॉ. यशवंत सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष राजीव सिसोदिया,
क्षेत्रीय मंत्री अनूप बाल्मीकि, क्षेत्रीय मंत्री हरजिंदर कौर, जिला महामंत्री विनय राणा, भूपेंद्र चौहान बॉबी, मुकेन्द्र त्यागी, विवेक कर्णवाल, जिला उपाध्यक्ष
प्रमोद चौहान, वेद प्रकाश विश्वकर्मा, सुभाष चौहान, दिनेश सैनी, पूनम गोयल, संगीता अग्रवाल, अरविंद गहलौत,

जिला मंत्री नरेश भाटी, राजन टन्डन गोल्डी, बलराज त्यागी, तरुण राजपूत, पुष्कर सिंह, अभिषेक उपमन्यु, माया पाल, जिला कोषाध्यक्ष केके रवि, मीडिया प्रभारी दीपक गर्ग मोनू, जिला सह मीडिया प्रभारी विक्रांत चौधरी, जिला संयोजक आईटी विभाग विपुल शर्मा, रश्मी रावल, अनिता चौहान, संजय त्यागी, रुस्तम यादव, मोनिका यादव, अवनीश चौहान, नरेंद्र पहलवान, भारती गौड़, मण्डल अध्यक्ष वीरेंद्र शर्मा, नीरज विश्नोई, मनोज बालियान, राजेंद्र भुइयार, देवेन्द्र मलिक समेत अन्य वरिष्ठ भाजपा नेता कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

एकलव्य बाण समाचार

नवनिर्वाचित ब्लाक प्रमुखों का सम्मान स्वागत

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। भारतीय जनता पार्टी कार्यालय पर एक समारोह में नवनिर्वाचित ब्लाक प्रमुखों का सम्मान किया गया।

समारोह की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि ने की तथा संचालन जिला महामंत्री विवेक कर्णवाल ने किया। कार्यक्रम में जिला प्रभारी /राज्यसभा सांसद विजयपाल सिंह तोमर, मुख्य अतिथि क्षेत्रीय उपाध्यक्ष प्रदीप सैनी उपस्थित रहे।

उन्होंने नवनिर्वाचित ब्लाक प्रमुख विजेंद्र सिंह (हल्दौर), ममता सिंह (मोहम्मदपुर देवमल), कृति राजपूत (कोतवाली), राकेश कुमार (आंकु), अंकित चौधरी (किरतपुर), प्रदीप बबली (अफजलगढ़), आकांक्षा चौहान (नूरपुर), कुंतेश देवी (जलीलपुर), उज्जवल चौहान (स्योहारा), हेमलता चौहान (अल्हैपुर) को शुभकामनाएं प्रदान करते हुए उज्ज्वल कार्यकाल के लिए कामना की।

साथ ही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ऐतिहासिक सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की राष्ट्र हितैषी योजनाओं, नीतियों की जीत बताया।

इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह, नि. सांसद राजा भरतेंद्र सिंह, डॉ. यशवंत सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष राजीव सिसोदिया,
क्षेत्रीय मंत्री अनूप बाल्मीकि, क्षेत्रीय मंत्री हरजिंदर कौर, जिला महामंत्री विनय राणा, भूपेंद्र चौहान बॉबी, मुकेन्द्र त्यागी, विवेक कर्णवाल, जिला उपाध्यक्ष
प्रमोद चौहान, वेद प्रकाश विश्वकर्मा, सुभाष चौहान, दिनेश सैनी, पूनम गोयल, संगीता अग्रवाल, अरविंद गहलौत,

जिला मंत्री नरेश भाटी, राजन टन्डन गोल्डी, बलराज त्यागी, तरुण राजपूत, पुष्कर सिंह, अभिषेक उपमन्यु, माया पाल, जिला कोषाध्यक्ष केके रवि, मीडिया प्रभारी दीपक गर्ग मोनू, जिला सह मीडिया प्रभारी विक्रांत चौधरी, जिला संयोजक आईटी विभाग विपुल शर्मा, रश्मी रावल, अनिता चौहान, संजय त्यागी, रुस्तम यादव, मोनिका यादव, अवनीश चौहान, नरेंद्र पहलवान, भारती गौड़, मण्डल अध्यक्ष वीरेंद्र शर्मा, नीरज विश्नोई, मनोज बालियान, राजेंद्र भुइयार, देवेन्द्र मलिक समेत अन्य वरिष्ठ भाजपा नेता कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

एकलव्य बाण समाचार

नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष ने किया हिन्दू सभ्यता को तार तार

नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष ने किया हिन्दू सभ्यता को तार तार

  • हिन्दू धर्म के पुरोधा भी नहीं रख सके हिन्दू संस्कृति की लाज।
  • सत्ता के मद में खोई प्रभु राम की विचारधारा।
  • शिक्षक से जि.प. अध्यक्ष बने जेपी अनुरागी ने जूता पहनकर किया दीप प्रज्वलित।
  • जब शिक्षक का आचरण ही है अमर्यादित, तो आने वाले देश के भविष्य कैसे लेंगे हिन्दू सभ्यता का ज्ञान।

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। प्रदेश, देश के अलावा विश्व भर में योगी और मोदी का डंका बज रहा है, इतना ही नहीं प्रभु श्री राम की उपासक विश्व हिंदू परिषद की भारतीय जनता पार्टी वर्तमान में अपने कुशल नेतृत्व और नीतियों से सबसे बड़ी पार्टी बनकर खड़ी है लेकिन बुंदेलखंड के महोबा में इसके उलट हिन्दू सभ्यता का घोर अपमान देखने को मिला। ये तब हुआ जब भारतीय जनता पार्टी से नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष ने देवी मां सरस्वती और अग्नि देव का जूते पहनकर आह्वान किया। इतना ही नहीं इनके साथ पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत और जिला सहकारी बैंक हमीरपुर महोबा के चेयरमैन चक्रपाणि त्रिपाठी इनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर डटे रहे।

गौरतलब हो कि शिक्षक से राजनीति का सफर तय करके जिला पंचायत अध्यक्ष बने जेपी अनुरागी ने सत्ता की हनक में मां सरस्वती की वंदना और अग्नि देवता का आह्वान करने से पहले भारतीय संस्कृति के साथ-साथ हिंदू सभ्यता और मर्यादा के अलावा प्रभु श्री राम की विचारधारा को तार तार कर दिया। देवी मां सरस्वती और अग्नि देव का भी घोर अपमान करने में जिले के प्रथम नागरिक बने जेपी अनुरागी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इनका सहयोग कर रहे पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत और जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन चक्रपाणि त्रिपाठी भी बिल्कुल पीछे नहीं रहे।

जेपी अनुरागी भारतीय जनता पार्टी के टिकट से जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव जीते थे। उनकी शपथ ग्रहण के दौरान जिलाधिकारी, सदर विधायक, जिला पंचायत सदस्यों और पत्रकारों के सामने जनपद में यह पहला मामला प्रकाश में आया है जहां नवनिर्वाचित अध्यक्ष जिला पंचायत के साथ ही जिला सहकारी बैंक महोबा हमीरपुर के चेयरमैन चक्रपाणि त्रिपाठी और पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने जूते पहन कर दीप प्रज्वलित कर दिया। अमर्यादित ढंग से दीप प्रज्वलित करने पर हिंदू संगठनों में भारी रोष व्याप्त हो गया है। वहीं सदर विधायक राकेश गोस्वामी और भाजापा जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह सेंगर मर्यादित तरीके से मां सरस्वती का वंदन अभिनंदन करते नजर आए तो दूसरी ओर शिक्षक से जिला पंचायत अध्यक्ष बने जेपी अनुरागी की शहर भर में निंदा हो रही है। लोग कह रहे हैं कि जब शिक्षक ही अपनी मर्यादा भूल जाएंगे तो उनके द्वारा पढ़ाए गए विद्यार्थियों में भारतीय सभ्यता के साथ-साथ हिंदू धर्म की संस्कृति और संस्कार कहां से आएंगे.?

अब देखने वाली बात यह होगी कि हिंदू संस्कृति को ठेस पहुंचाने वालों पर हिंदुत्व की रक्षा करने वाली भारतीय जनता पार्टी और हिंदू संगठन क्या कार्यवाही करते हैं…….?

बिहारी लाल गाडगे बुंदेलखंड प्रभारी- गाडगे संदेश (लखनऊ से प्रकाशित राष्ट्रीय साप्ताहिक समाचार पत्र)

शपथ ग्रहण के साथ जिला पंचायत का कामकाज शुरू

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह और सदस्यों का कार्यकाल शपथ ग्रहण के साथ ही शुरू हो गया। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह को शपथ ग्रहण कराई। इस दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया गया।

सोमवार को जिला पंचायत कार्यालय में शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डीएम उमेश मिश्रा ने जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह को पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण कराई। उसके बाद अध्यक्ष ने सभी जिला पंचायत सदस्यों को शपथ ग्रहण कराई। कार्यक्रम में भाजपा सदर विधायक सुचि मौसम चौधरी, चांदपुर विधायक कमलेश सैनी, धामपुर विधायक अशोक राणा, पूर्व सांसद भारतेन्द्र सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा सुभाष वाल्मीकि सहित भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता के अलावा कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन एएमए श्याम बहादुर ने किया।

बड़े वाहनों को नो एंट्री- कार्यक्रम के दौरान कलक्ट्रेट में भारी पुलिस बल तैनात रहा। विकास भवन व नुमाईश ग्राउंड पर बेरीकेडिंग लगाई गई। लोगों की आवाजाही बहुत कम रही। बडे़ वाहनों को कलक्ट्रेट की ओर नहीं आने दिया गया।

पहली बैठक में प्रस्ताव पास- शपथ ग्रहण के बाद जिला पंचायत बोर्ड की पहली बैठक में चार प्रस्ताव हुए। सर्वप्रथम गत वर्ष की बैठक की कार्ययोजना की पुष्टि हुई। सभी छह समितियों के गठन का अधिकार जिला पंचायत अध्यक्ष को दिया गया। कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी सुधीर कुमार शर्मा के पदोन्नति की कार्रवाई को बोर्ड ने स्वीकृति प्रदान कर दी। शासकीय अनुदान से होने वाले कार्यो का प्रस्ताव बनाकर जिला पंचायत सदस्य 15 दिन में अध्यक्ष या फिर कार्यालय को देंगे। उसके बाद कार्ययोजना बनाकर जनपद में विकास के कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।

जनसंख्या नियंत्रण कानून के लिए बिल लाने की तैयारी में केंद्र सरकार

मोदी सरकार जनसंख्या नियंत्रण कानून के लिए बिल लाने की तैयारी में, 6 अगस्त को हो सकती है चर्चा

जनसंख्या नियंत्रणः कानून के लिए बिल लाने की तैयारी में मोदी सरकार, 6 अगस्त को हो सकती है चर्चा

नई दिल्ली (एकलव्य बाण समाचार)। बीजेपी सांसद राकेश सिन्हा के जनसंख्या नियंत्रण को लेकर प्राइवेट मेंबर बिल पर चर्चा हो सकती है। वहीं, इसी बारे में राज्यसभा सदस्य अनिल अग्रवाल का प्राइवेट मेंबर बिल भी दिया गया है। बताया जा रहा है कि इसी सत्र में लोकसभा के आधा दर्जन सांसद भी प्राइवेट मेंबर बिल ला सकते हैं। 

राज्यसभा में बिल भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी, हरनाथ सिंह यादव और अनिल अग्रवाल ने पेश किया है। बताया गया है कि जल्दी ही शुरु होने वाले मानसून सत्र में इस बिल पर चर्चा होगी। इसके लिए छह अगस्त का दिन तय किया गया है। इस पर वोटिंग भी कराई जा सकती है। जानकारों का कहना है कि कानून मंत्रालय या गृह मंत्रालय कोई बिल लाए या प्राइवेट मेंबर बिल इसमें कोई अंतर नहीं आता।  

सूत्रों का कहना है कि जनसंख्या नियंत्रण को लेकर कानून बनाना अब सरकार के एजेंडे में सबसे ऊपर है। इसलिए, बेशक यह प्राइवेट मेंबर बिल है लेकिन सरकार की योजना इस विधयेक को राज्यसभा से पारित कराने की है और इसके लिए विपक्षी दलों से भी समर्थन जुटाने की कवायद चल रही है। उत्तर प्रदेश सरकार की जनसंख्या नियंत्रण नीति को समर्थन देने के राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार के बयान को भी इसी संदर्भ में देख जा रहा है। किसी भी बिल का संसद के दोनों सदनों से पारित होना जरुरी है।

जनसंख्या नीति पर गौ रक्षा वाहिनी गौसेवा संघ ने योगी को दी बधाई

गौ रक्षा वाहिनी गौसेवा संघ के प्रतिनिधि मण्डल ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में मुख्य मंत्री से की मुलाका

जनसंख्या नीति पर संजीव सिंह सेंगर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कृतज्ञता व्यक्त कर मुख्य मंत्री का दी बधाई

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। योगी आदित्य नाथ, मुख्य मंत्री उत्तर प्रदेश से राष्ट्रीय गौरक्षा वाहिनी गौसेवा संघ का उच्च प्रतिनिधि मंडल ने मुलाकात कर संगठन समेत अनेक मुद्दों पर चर्चा की।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी, गौ सेवा संघ (भारत) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव सिंह सेंगर, उ प्र संरक्षक मंडल के प्रमुख सलाहकार ब्रजेश शुक्ला , संरक्षक मंडल के डॉ. कमल टावरी एवं डॉ. बीजी सिंह तथा रूरल बिजनेस हब के गौरव गुप्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचारिक भेंट कर राष्ट्रीय गौरक्षा वाहिनी गौसेवा संगठन द्वारा चलाये जा रहे देश भर में गौ मिशन कार्यक्रम के बारे में विस्तृत चर्चा की। खास तौर पर उ. प्र में गौ वंशों की स्थिति पर गहन विचार विमर्श हुआ। राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव सिंह सेंगर ने मुख्यमंत्री को जनसंख्या नीति का ऐलान करने के लिए कृतज्ञता प्रकट कर उन्हें बहुत बहुत बधाई दी। संस्था की ओर से ब्रजेश शुक्ला के द्वारा गाय, गांव, किसान पर आधारित कमल टावरी जी द्वारा लिखित पुस्तक भी भेंट की गई।

उक्त आशय की जानकारी देते हुए दिवाकर सिंह, राष्ट्रीय मंत्री (मीडिया प्रभार), राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी, गौ सेवा संघ ने बताया कि मुख्य मंत्री जी ने संगठन के उच्च प्रतिनिधि मण्डल द्वारा गौ माता के लिए किये जा रहे कार्य एवं प्रयास को निरन्तर आगे बढ़ाने के लिए उत्साह वर्धन करते हुए, आने वाली समस्याओं का सरकार द्वारा निराकरण करने का आश्वासन दिया। इस दौरान वैश्विक महामारी कोविड-19 के गाइड लाइन का विशेष पालन किया गया।

मीरापुर में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मनोज पोसवाल का भव्य स्वागत

अमित कश्यप (एकलव्य बाण समाचार)

मुज़फ्फरनगर। मीरापुर क्षेत्र में पहुंचे भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मनोज पोसवाल का सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मालाएं पहना कर जोरदार स्वागत किया। इस दौरान क्षेत्रीय उपाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनाव में जुट जाने का आह्वान किया।

भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मनोज पोसवाल के जन संपर्क के दौरान रामराज से लेकर मीरापुर देवल में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने फूल मालाएं पहना कर जोरदार स्वागत किया। श्री पोसवाल ने पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से संपर्क भी किया।

स्वागत करने वालों में अमरदीप गुज्जर, गौरव त्यागी, संजय फूलवाले, विकास फूलवाले, अमित कश्यप देवल, जयपाल कश्यप, प्रताप कश्यप, मिंटू कश्यप, मांगेराम कश्यप, विनोद गुज्जर, राजू सैनी, रजतपाल, मनीष पाल, रकम चौहान, सुंदरलाल प्रधान, रवि चौहान, पूर्व प्रधान राजपाल, गोपाल प्रधान, जीवनपुरी हराजेश, जोनी कश्यप, मुकुल कश्यप, मोनू कश्यप, डॉ. सौरज सिंह, हरदीप कुमार, सन्दीप चौहान, टोनी वाल्मीकि, सोमपाल आदि शामिल रहे।

बिजनौर भाजपा: विनाश काले विपरीत बुद्धि….

बिजनौर। कहते हैं विनाश काले विपरीत बुद्धि। कुछ यही सटीक बैठ रहा है जनपद बिजनौर के भाजपा नेताओं पर। उन्हें समय नहीं है किसी से बात करने का। अपनी मर्जी, अपनी धुन में रमे हुए हैं। लगभग हर विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों की कार्यप्रणाली से त्रस्त हो चुकी है जनता। उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। हाल ही की सबसे बड़ी समस्या अंधाधुंध बिजली कटौती है। जिले की जनता खून के आंसू रो रही है, लेकिन भाजपा नेता अपने मजे में हैं। कोरोना की तरह …लहर बार बार नहीं आती, अगर इनका यही रवैया रहा तो आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। जनता की विभिन्न समस्याओं को लेकर विपक्षी पार्टियों के नेता ही कुछ कर रहे हैं।

राष्ट्रीय अध्यक्ष से भी बड़े!- बिजनौर भारतीय जनता पार्टी के छोटे-छोटे नेताओं का हाल ये है कि वो स्वयं को राष्ट्रीय अध्यक्ष से भी कम नहीं समझते। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में एक नेता जी को मीडिया को विज्ञापन देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बताया गया है कि वो मीडिया को छोटा और बड़ा में वर्गीकृत करते हैं। वो ये भूल जाते हैं कि उनके कार्यकाल के मामले तलाश कर जब बखिया उधेड़ी जाएगी तो क्या मंजर होगा! ये भी भूल जाते हैं कि अभी भी इतने बड़े नेता नहीं बन सके हैं कि सभी को तिरस्कृत कर आगामी राजनीतिक सफर तय कर सकेंगे। यही नहीं, वो ये भी भूल जाते हैं कि छोटे से नेता से अब वो मात्र कुछ बड़े स्तर पर आ सके हैं, अभी भी जिला स्तर पर नहीं। …बाकी अगली पोस्ट में….

मनोज पोसवाल के गृह जनपद में प्रथम आगमन पर भव्य स्वागत


बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)) भारतीय जनता पार्टी के नव मनोनीत क्षेत्रीय उपाध्यक्ष पश्चिम क्षेत्र मनोज पोसवाल के गृह जनपद बिजनौर में प्रथम आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। बिजनौर सीमा में प्रवेश करते ही गंगा बैराज एवं उसके बाद बिजनौर क्लब के सामने (निकट शक्ति चौक) भाजपा नेताओं कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया।

नजीबाबाद में सांसद गिरीशचंद्र ने किया दो सड़कों का उद्घाटन


सांसद ने किया दो सड़कों का उद्घाटन
नजीबाबाद-बिजौरी-जट्टीवाला नौ किलोमीटर मार्ग है निर्माणाधीन
ग्राम कामराजपुर पहुंचकर सड़क के चौड़ीकरण कार्य का किया उद्घाटन
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्माणाधीन सड़कों का किया उद्घाटन

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। राष्ट्रीय राजमार्ग-74 से दोयज वाली होते हुए वाया पुरनपुर-बिजौरी ग्राम जट्टीवाला मार्ग की चौड़ीकरण कराते हुए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्माणाधीन सड़क का नगीना सांसद गिरीशचन्द ने उद्घाटन किया। साथ ही उन्होंने ग्राम कामराजपुर को राष्ट्रीय राजमार्ग-74 से जोडऩे वाली निर्माणाधीन सड़क का भी उद्घाटन किया।
रविवार को क्षेत्रीय सांसद गिरीश चंद ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नजीबाबाद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जट्टीवाला से राष्ट्रीय राजमार्ग-74 स्थित  दोयज वाली मंदिर को जोडऩे वाली निर्माणाधीन सड़क का उद्घाटन किया। उक्त मार्ग को पूरनपुर, बिजौरी होते हुए चौड़ीकरण कर ग्राम जट्टी वाला तक बनाया जा रहा है। जिसकी लम्बाई करीब नौ किलोमीटर तथा अनुमानित लागत लगभग सात करोड़ 84 लाख, 42 हजार रूपए है।
इस अवसर पर सहायक अभियंता आरसी वर्मा, बसपा के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी इंजीनियर मुअज़्जम, बसपा जिला अध्यक्ष जितेंद्र सागर, जोनल कोआर्डिनेटर अखिलेश हितैषी, धनीराम सैनी, विधानसभा अध्यक्ष नजीबाबाद सुरेश रवि, इरशाद अहमद, हरज्ञान प्रजापति आदि मौजूद रहे। इसके साथ-साथ सांसद ने ग्राम कामराजपुर को राष्ट्रीय राजमार्ग-74 से जोडऩे वाली निर्माणाधीन सड़क का भी सांसद ने उद्घाटन किया। इस अवसर पर राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी भी मौजूद रहे। सांसद ने कहा कि लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता पर निस्तारण कराने की उनकी मंशा रही है। समस्याओं को दूर करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।

अपने खाली भूभाग पर जरूर करें पौधारोपण: कपिल देव अग्रवाल

पर्यावरण संरक्षण का विकल्प वृक्षारोपण: कपिल देव अग्रवाल
गंगा बैराज पर वृहद स्तर पर पौधारोपणमंडलायुक्त मुरादाबाद मण्डल अनन्जय कुमार सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष बाल्मिकी द्वारा भी किया गया पौधारोपण।

रामनाथ सिंह

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार) राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग उत्तर प्रदेश/प्रभारी जिला मंत्री बिजनौर कपिल देव अग्रवाल द्वारा राज्य स्तर पर आयोजित होने वाले वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के अंतर्गत गंगा बैराज स्थित भूभाग पर पौधे रोपित किए गए।

इस अवसर पर मंडलायुक्त मुरादाबाद मण्डल अनन्जय कुमार सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष बाल्मिकी द्वारा भी पौध रोपित कर वृक्षारोपण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया गया तदोपरांत उनके द्वारा गंगा में दूध अर्पित कर पूजा अर्चना की गई।

प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि बढ़ते जलवायु प्रदूषण पर समुचित नियंत्रण स्थापित करने और वातावरण में प्रचुर मात्रा में ऑक्सीजन लेविल बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण ही एक मात्र विकल्प है।

उन्होंने डीएफओ को निर्देश दिए कि जिले के वृक्षारोपण कार्यक्रम में सबसे अधिक लक्ष्य वन विभाग का है, अत: लक्ष्य के सापेक्ष पौधों का रोपण सुनिश्चित करते हुए उनके संरक्षण का भी पुख्ता इंतजाम करें ताकि कोई भी पौधा खराब न होने पाए।

उन्होंने कहा कि जीवन में वृक्ष का बहुत ही अहम महत्व है, वृक्ष जहां हमें ऑक्सीजन देते हैं, वहीं वातावरण में मौजूद कार्बनडाई ऑक्साईड जैसी हानिकारक गैस को एब्जार्ब करते हैं और वृक्षों से ही हमें फल, फूल, औषधी प्राप्त होती है। उन्होंने जन सामान्य का आह्वान किया कि अपने खाली भूभाग पर वृक्षारोपण जरूर करें और अन्य लोगों को भी इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए प्रेरित करें ताकि जलवायु प्रदूषण के शुद्विकरण में अपना योगदान अदा कर सकें।

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन भगवानशरण दास, डीएफओ बिजनौर एम सिम्मरन, उप जिलाधिकारी सदर विक्रमादित्य सिंह मलिक, चांदपुर कुवंर वीरेन्द्र प्रताप सिंह, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट मोहित कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार, तहसीलदार सदर श्रीमती प्रीति सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी, जन प्रतिनिधि एवं एनरसीसी कैडेट्स मौजूद थे।

जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर फिर साकेन्द्र काबिज

साकेंद्र प्रताप दुबारा बने जिला पंचायत अध्यक्ष। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच हुआ मतदान 

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी के साकेंद्र प्रताप सिंह ने विजय हासिल की है। उन्होंने एक मात्र प्रतिद्वंदी सपा रालोद की संयुक्त प्रत्याशी चरनजीत कौर को पांच मतों से पराजित किया। मतदान कार्य कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच संपन्न हुआ। इस दौरान कलक्ट्रेट परिसर व आसपास के इलाके में चप्पे चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके का जायजा लेते रहे। इस बीच दिन भर दोनों उम्मीदवारों के समर्थक अपनी अपनी जीत का कयास लगाते रहे।

शनिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए मतदान समयानुसार संपन्न हो गया। शुरुआत में ही जिला पंचायत अध्यक्ष पद की विपक्ष से उम्मीदवार चरणजीत कौर और भारतीय किसान यूनियन के दो जिला पंचायत सदस्यों ने अपना वोट डाल दिया। करीब 11 बजे अध्यक्ष पद के भाजपा उम्मीदवार साकेंद्र प्रताप सिंह के खेमे से जिला पंचायत सदस्य वोट डालने के लिए कलक्ट्रेट पहुंचे।

केवल वोटर को ही मिला प्रवेश- कलक्ट्रेट के गेट से केवल वोटर्स को ही अंदर जाने दिया गया। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चुनाव संपन्न कराया गया। पुलिस ने नुमाइश ग्राउंड पर बैरिकेडिंग करते हुए आवाजाही बंद कर दी थी। उधर दूसरी ओर विकास भवन के सामने बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस ने लोगों को कलक्ट्रेट की तरफ नहीं बढऩे दिया। सुरक्षा इंतजामों को मजबूत करने के लिए भारी पुलिस फोर्स तैनात रही।

रिजल्ट आते ही भाजपाई खेमे में जोश- मतगणना परिणाम आते ही भाजपाई खेमे में जोश छा गया और वह एक दूसरे को बधाईयां देेने लगे। भाजपा के साकेंद्र चौधरी को 30 जबकि गठबंधन प्रत्याशी चरनजीत कौर को 25 मत हासिल हुए। कुल 56 वोट में से एक वोट नहीं पड़ सका। 

सत्ता और प्रशासन का दबाव– रालोेद जिलाध्यक्ष राहुल सिंह ने कहा कि जयचंदों की वजह से चुनाव हारे हैं। ये आश्वासन देते रहे। इन लोगों ने सत्ता और प्रशासन के दबाव में आकर भाजपा के प्रत्याशी को वोट किया है। यही हमारे प्रत्याशी की हार का कारण बना।

शासन प्रशासन की नहीं ली मदद- भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि ने कहा कि जिला पंचायत सदस्यों ने भाजपा की नीतियों से खुश होकर भाजपा प्रत्याशी को वोट दिया है। भाजपा ने चुनाव जीतने के लिए शासन प्रशासन किसी की मदद नहीं ली है। यह नेताओं का चुनाव था। जिन्होंने अपनी मर्जी से भाजपा प्रत्याशी को वोट दिए।

निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं भाजपा की ममता यादव

खन्ना की कुशल रणनीति के आगे सपाई हुए ढेर। शाहजहांपुर में निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं भाजपा प्रत्याशी ममता यादव।

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। यूपी सरकार के सबसे अनुभवी कैविनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने एक बार फिर साबित कर दिया वह राजनीति के चाणक्य है। शाहजहांपुर में उनकी कुशल रणनीति में फंसकर एक बार फिर से सपाई चारों खाने चित्त हो गए।
वर्ष 2016 में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में जब सपा सत्ता में थी, उसके पास 38 सदस्यों का समर्थन प्राप्त था। उस समय भी सुरेश खन्ना की कुशल राजनीति के दम पर विपक्षी पार्टी भाजपा ने अजय प्रताप सिंह यादव को जिला पंचायत अध्यक्ष बनवा दिया। इस बार भी उन्होंने ठानी और निवर्तमान अध्यक्ष की पत्नी ममता यादव को निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बनवा दिया। भाजपा के 12 सदस्य ही जीतकर आये थे। सपा ने भी अपना प्रत्याशी मैदान में उतारा, लेकिन कैविनेट मंत्री सुरेश खन्ना की कुशल राजनीति के आगे सपाई चारों खाने चित्त हो गए और पूरे उत्तर प्रदेश में ऐसा कारनामा नहीं हुआ होगा जो शाहजहांपुर में हो गया। भाजपाइयों ने सपा प्रत्याशी को ही तोड़कर अपने खेमे में शामिल कर लिया और नामांकन से नाम वापसी करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव निर्विरोध अपने नाम कर लिया।

प्रसाद भवन से शुरू हुई निर्विरोध की पटकथा- भारतीय जनता पार्टी के जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी को विजय दिलाने में सभी भाजपाई जी जान से जुटे हुए थे। इसी क्रम में नए नए भाजपाई बने जितिन प्रसाद भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने भी पार्टी प्रत्याशी को विजय दिलाने को लामबंदी शुरू कर दी। उन्होंने अपनी टीम को लगा दिया। सपा ने वीनू सिंह को प्रत्याशी बनाया। वह जितिन के करीबी भन्नु सिंह की मौसेरी भाभी हैं। जितिन प्रसाद ने भन्नु को वीनू सिंह को अपने खेमे में लाने के लिए भेजा और उनका तीर सही निशाने पर लगा। वीनू सिंह भाजपाई हो गईं, जिससे भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव निर्विरोध जीत गई।

साकेंद्र प्रताप सिंह के नामांकन कार्यक्रम में जुटे भाजपा के दिग्गज

नामांकन पत्र दाखिल करते भाजपा प्रत्याशी चौधरी साकेंद्र प्रताप सिंह

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार) भारतीय जनता पार्टी के जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी चौधरी साकेंद्र प्रताप सिंह के नामांकन कार्यक्रम का आयोजन काकरान वाटिका में किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि एवं संचालन जिला महामंत्री विनय राणा ने किया। कार्यक्रम में नामांकन प्रभारी के रूप में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल उपस्थित रहे। परिवहन मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार अशोक कटारिया, निवर्तमान सांसद राजा भरतेंद्र सिंह, डॉ. यशवंत सिंह,
विधायकगण ओम कुमार, कमलेश सैनी, अशोक राणा, कुंवर सुशांत एवं विधायक पति ऐश्वर्य चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रत्याशी चौधरी साकेंद्र प्रताप सिंह को जीत की शुभकामनाएं प्रदान की।

क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल ने कहा कि साकेंद्र प्रताप सिंह की जीत निश्चित है। जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि ने उपस्थित सभी पार्टी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, जिला पंचायत सदस्य गण एवं शुभचिंतकों का हार्दिक आभार करते हुए चौ. साकेन्द्र प्रताप सिंह को आशीर्वचन द्वारा जीत की शुभकामनाएं प्रदान कीं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से क्षेत्रीय महामंत्री क्षेत्रीय मंत्री हरजिंदर कौर, अनूप बाल्मीकि,
नगरपालिका चेयरमैन धामपुर राजू गुप्ता,
जिला पंचायत चुनाव प्रभारी महेंद्र सिंह धनौरिया, सहकारिता प्रकोष्ठ क्षेत्रीय संयोजक डॉ. बीरबल सिंह, सैनिक प्रकोष्ठ संयोजक सीताराम राणा, जिला पंचायत सदस्य आयुष राणा, संजीव मलिक, रमा चौधरी, जिला महामंत्री विनय राणा, भूपेंद्र चौहान बॉबी, मुकेंद्र त्यागी, विवेक कर्णवाल,
जिला उपाध्यक्ष प्रमोद चौहान, वेद प्रकाश विश्वकर्मा, पूनम गोयल, दिनेश सैनी, संगीता अग्रवाल, सुभाष चौहान, जिला मंत्री बलराज त्यागी, अभिषेक उपमन्यु, माया पाल, पुष्कर सिंह, जिला मीडिया प्रभारी दीपक गर्ग मोनू, जिला सह मीडिया प्रभारी विक्रान्त चौधरी,
जिला संयोजक आईटी विभाग विपुल शर्मा, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष रवि चौधरी, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष चौधरी अवनीश निर्वाल, मास्टर रमेश सिंह, संजय त्यागी, रुस्तम यादव, मोनिका यादव, रजनी कालरा, विनोद मलिक, नगर अध्यक्ष संजीव गुप्ता, राजीव राजपूत, राजेंद्र भुइयार, ललित चौधरी, नीरज चौधरी, आर्य वीरेंद्र शर्मा, अंकित राजपूत, पूर्व नगर अध्यक्ष नीरज शर्मा, विशाल शर्मा, हिमांशु शर्मा, नेहा शर्मा एवं अन्य कार्यकर्ता, शुभचिंतक उपस्थित रहे।

पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी को पुष्पांजलि अर्पित

भारतीय जनता पार्टी कार्यालय पर पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की गई।
जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि ने पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जीवन शैली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे भारतीय जनसंघ के संस्थापक, राष्ट्रवादी चिंतक, महान सुधारक एवं महान शिक्षाविद रहे हैं। हम सभी को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर उनकी जीवनशैली के अनुसार चलना चाहिए।
कार्यक्रम में जिला महामंत्री विनय राणा, विवेक कर्णवाल, जिला उपाध्यक्ष संगीता अग्रवाल, हल्दौर चेयरमैन अमर सिंह पम्मी, विकास अग्रवाल, माया पाल, अवनीश निगम, नगर अध्यक्ष संजीव गुप्ता, निशांत राठौड़, दीपक गर्ग, विपुल शर्मा, कमल चौहान, आभ्रा पाठक आदि उपस्थित रहे।


वहीं नजीबाबाद में जिला सह मीडिया प्रभारी व सेक्टर-2,संतोमालन के संयोजक विक्रांत चौधरी के कार्यालय पर पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान दिवस पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में संदीप तायल, अंकित राजपूत, पंकज शर्मा, आशीष राजपूत, रुस्तम यादव, संजय सैनी, नितिन, सरीन, राजीव प्रजापति, प्रफुल्ल वशिष्ठ, हिमांशु, पायल, अभिषेक यादव आदि सेक्टरों पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी को शत शत नमन

साभार- 6 जुलाई 1901 को कलकत्ता के अत्यन्त प्रतिष्ठित परिवार में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी जी का जन्म हुआ। उनके पिता सर आशुतोष मुखर्जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे एवं शिक्षाविद् के रूप में विख्यात थे। डॉ॰ मुखर्जी ने 1917 में मैट्रिक किया तथा 1921 में बी०ए० की उपाधि प्राप्त की। 1923 में लॉ की उपाधि अर्जित करने के पश्चात् वे विदेश चले गये और 1926 में इंग्लैण्ड से बैरिस्टर बनकर स्वदेश लौटे। अपने पिता का अनुसरण करते हुए उन्होंने भी अल्पायु में ही विद्याध्ययन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलताएँ अर्जित कर ली थीं। 33 वर्ष की अल्पायु में वे कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति बने। इस पद पर नियुक्ति पाने वाले वे सबसे कम आयु के कुलपति थे। एक विचारक तथा प्रखर शिक्षाविद् के रूप में उनकी उपलब्धि तथा ख्याति निरन्तर आगे बढ़ती गयी।

राजनीति में प्रवेश- डॉ॰ श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने स्वेच्छा से अलख जगाने के उद्देश्य से राजनीति में प्रवेश किया। डॉ॰ मुखर्जी सच्चे अर्थों में मानवता के उपासक और सिद्धान्तवादी थे। उन्होने बहुत से गैर कांग्रेसी हिन्दुओं की मदद से कृषक प्रजा पार्टी से मिलकर प्रगतिशील गठबन्धन का निर्माण किया। इस सरकार में वे वित्तमन्त्री बने। इसी समय वे सावरकर के राष्ट्रवाद के प्रति आकर्षित हुए और हिन्दू महासभा में सम्मिलित हुए।

मुस्लिम लीग के प्रयासों को किया नाकाम- मुस्लिम लीग की राजनीति से बंगाल का वातावरण दूषित हो रहा था। वहाँ साम्प्रदायिक विभाजन की नौबत आ रही थी। साम्प्रदायिक लोगों को ब्रिटिश सरकार प्रोत्साहित कर रही थी। ऐसी विषम परिस्थितियों में उन्होंने यह सुनिश्चित करने का बीड़ा उठाया कि बंगाल के हिन्दुओं की उपेक्षा न हो। अपनी विशिष्ट रणनीति से उन्होंने बंगाल के विभाजन के मुस्लिम लीग के प्रयासों को पूरी तरह से नाकाम कर दिया। 1942 में ब्रिटिश सरकार ने विभिन्न राजनैतिक दलों के छोटे-बड़े सभी नेताओं को जेलों में डाल दिया।

विभाजन के कट्टर विरोधी- डॉ॰ मुखर्जी इस धारणा के प्रबल समर्थक थे कि सांस्कृतिक दृष्टि से हम सब एक हैं। इसलिए धर्म के आधार पर वे विभाजन के कट्टर विरोधी थे। वे मानते थे कि विभाजन सम्बन्धी उत्पन्न हुई परिस्थिति ऐतिहासिक और सामाजिक कारणों से थी। वे मानते थे कि आधारभूत सत्य यह है कि हम सब एक हैं। हममें कोई अन्तर नहीं है। हम सब एक ही रक्त के हैं। एक ही भाषा, एक ही संस्कृति और एक ही हमारी विरासत है। परन्तु उनके इन विचारों को अन्य राजनैतिक दल के तत्कालीन नेताओं ने अन्यथा रूप से प्रचारित-प्रसारित किया। बावजूद इसके लोगों के दिलों में उनके प्रति अथाह प्यार और समर्थन बढ़ता गया। अगस्त, 1946 में मुस्लिम लीग ने जंग की राह पकड़ ली और कलकत्ता में भयंकर बर्बरतापूर्वक अमानवीय मारकाट हुई। उस समय कांग्रेस का नेतृत्व सामूहिक रूप से आतंकित था।

ब्रिटिश सरकार की भारत विभाजन की गुप्त योजना और षड्यन्त्र को एक कांग्रेस के नेताओं ने अखण्ड भारत सम्बन्धी अपने वादों को ताक पर रखकर स्वीकार कर लिया। उस समय डॉ. मुखर्जी ने बंगाल और पंजाब के विभाजन की माँग उठाकर प्रस्तावित पाकिस्तान का विभाजन कराया और आधा बंगाल और आधा पंजाब खण्डित भारत के लिए बचा लिया। गान्धी जी और सरदार पटेल के अनुरोध पर वे भारत के पहले मन्त्रिमण्डल में शामिल हुए। उन्हें उद्योग जैसे महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गयी। संविधान सभा और प्रान्तीय संसद के सदस्य और केन्द्रीय मन्त्री के नाते उन्होंने शीघ्र ही अपना विशिष्ट स्थान बना लिया, किन्तु उनके राष्ट्रवादी चिन्तन के चलते अन्य नेताओं से मतभेद बराबर बने रहे। फलत: राष्ट्रीय हितों की प्रतिबद्धता को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानने के कारण उन्होंने मन्त्रिमण्डल से त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने एक नई पार्टी बनायी जो उस समय विरोधी पक्ष के रूप में सबसे बड़ा दल था। अक्टूबर, 1951 में भारतीय जनसंघ का उद्भव हुआ।

डॉ. मुखर्जी जम्मू कश्मीर को भारत का पूर्ण और अभिन्न अंग बनाना चाहते थे। उस समय जम्मू कश्मीर का अलग झण्डा और अलग संविधान था। वहाँ का मुख्यमन्त्री (वजीरे-आज़म) अर्थात् प्रधानमन्त्री कहलाता था। संसद में अपने भाषण में डॉ॰ मुखर्जी ने धारा-370 को समाप्त करने की भी जोरदार वकालत की। अगस्त 1952 में जम्मू की विशाल रैली में उन्होंने अपना संकल्प व्यक्त किया था कि या तो मैं आपको भारतीय संविधान प्राप्त कराऊँगा या फिर इस उद्देश्य की पूर्ति के लिये अपना जीवन बलिदान कर दूँगा। उन्होंने तात्कालिन नेहरू सरकार को चुनौती दी तथा अपने दृढ़ निश्चय पर अटल रहे। अपने संकल्प को पूरा करने के लिये वे 1953 में बिना परमिट लिये जम्मू कश्मीर की यात्रा पर निकल पड़े। वहाँ पहुँचते ही उन्हें गिरफ्तार कर नज़रबन्द कर लिया गया। 23 जून 1953 को रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गयी।

राहुल गांधी का हृदय से आभार व्यक्त करे भाजपा

🙏बुरा मानो या भला🙏

भाजपा को राहुल गांधी का हृदय से आभार व्यक्त करना चाहिए-मनोज चतुर्वेदी

आज श्री राहुल गांधी का जन्मदिन है, सबसे पहले राहुल जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं।ईश्वर श्री राहुल गांधी को दीर्घायु करे।

आज इस देश में जो राष्ट्रवादी सरकार और युगपुरुष श्री नरेन्द्र मोदी जी प्रधानमंत्री बने हैं उसका सबसे पहला श्रेय श्री राहुल गांधी और राहुलभक्तों की टीम को जाता है। यह कड़वा सच है कि यदि श्री राहुल गांधी और राहुलभक्त टीम ने प्रयास न किये होते तो श्री नरेन्द्र मोदी इस देश के प्रधानमंत्री नहीं होते। इसके लिए प्रत्येक राष्ट्रभक्त को राहुल जी और राहुलभक्तों का हृदय से आभार व्यक्त करना चाहिए।

कितने सौभाग्य की बात है कि अपने को दत्तात्रेय गोत्र का ब्राह्मण बताने वाले श्री राहुल गांधी गले में जेएनयू धारण करके किसी भी प्रकार के हिंदुत्व को न मानने का दम भरते हैं। यह कम गर्व की बात है कि जिस चीन ने हमें कोरोना जैसी महामारी दी, उसी चीन से राहुल जी चंदा लेकर आ गए। राहुल गांधी जी के संस्कार देखिये कि वह हाफिज सईद जैसे आतंकियों के नाम के आगे भी “जी” लगाकर सम्मान देते हैं। आतंकियों से बेपनाह मौहब्बत और उनके प्रति सम्मान देने की शिक्षा तो राहुल जी को विरासत में मिली है। उनकी पूज्य माताजी भी आतंकियों की मौत पर रात-रात भर रोती रही हैं। उनकी बहनजी तो उपद्रवियों और पत्थरबाजों के घरों पर जाकर अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि देती रहती हैं। यही उनकी मानवता है, यह और बात है कि सेना के वीर जवानों की शहादत पर उनके परिवार वालों के लिए बहनजी के मुखारविंद से सांत्वना का एक शब्द नहीं निकलता।

राहुल गांधी जी की दूरदर्शिता देखिये कि वह पाकिस्तान जैसे दुश्मन देश से भी राजनीति की शिक्षा लेते हुए अपने ही देश के प्रधानमंत्री को हराने का फार्मूला पूछते हैं। बहुमुखी प्रतिभा के धनी श्री राहुल गांधी जी एक प्रतिभाशाली वैज्ञानिक बनकर देश को कथित तौर पर आलू से सोना बनाने की विधि भी बता चुके हैं, यह और बात है कि अभी तक भी भारत सरकार ने उनकी इस महान खोज को गम्भीरता से नहीं लिया है।

श्री राहुल गांधी जी का प्रभु पर अटूट विश्वास है, इसीलिए वह देश-विदेश के मंदिरों में माथा टेकते घूमते हैं और वहां लड़कियां छेड़ने वालों पर भी निगाह रखते हैं। यह और बात है कि प्रभु के प्रति उनका भक्तिभाव केवल चुनावों के समय ही प्रबल होता है।

श्री राहुल गांधी इस देश के सबसे युवा बेरोजगार माने जा सकते हैं क्योंकि उन्हें अभी तक भी मनचाहा रोज़गार नहीं मिला है। पिछले काफी समय से बेरोजगार रहने के कारण उन्हें हर चीज़ मंहगी दिखाई देने लगी है। वह पेट्रोल-डीज़ल पर हुई तथाकथित महंगाई को रोकने के लिए महंगी से महंगी गाड़ियों से प्रदर्शन करते हैं।

वैसे आजकल वह भविष्यवक्ता बन गए हैं और कोरोना पर लगातार भविष्यवाणी कर रहे हैं, जिसका सीधा फायदा भाजपा और मोदी सरकार ले रही है।

श्री राहुल गांधी जी को शायद भगवा रंग पसंद नहीं है इसीलिए भगवा रंग से हमेशा दूरी बनाये रखते हैं। रोजा अफ्तारी करने और कराने में राहुल जी को विशेष आनन्द आता है लेकिन नवरात्रि में कन्याओं को जिमाना उनको पसंद नहीं है। दीपावली औऱ होली पर भले ही वह बधाई न दें लेकिन ईद पर बधाई देना वह कभी नहीं चूकते हैं।श्री राहुल गांधी अपने भक्तों को कभी नाराज़ और निराश नहीं करते हैं।

मोदीभक्त अपनी जीत पर ताली-थाली बजाते हैं, और राहुलभक्त गाली खाते हैं। मोदीभक्त जीत की खुशी में जब दिए जलाते हैं तब जिन्नाभक्तों के दिल जलते हैं।

हमारा तो मानना है कि श्री राहुल गांधी और राहुलभक्तों का यह मज़बूत गठबंधन श्री नरेन्द्र मोदी को कभी हारने नहीं देगा।

ईश्वर श्री राहुल गांधी और राहुलभक्तों को हमेशा ऐसे ही स्वस्थ और प्रसन्न रखे।

🖋️ मनोज चतुर्वेदी “शास्त्री”
समाचार सम्पादक- उगता भारत हिंदी समाचार-
(नोएडा से प्रकाशित एक राष्ट्रवादी समाचार-पत्र)

विशेष नोट- उपरोक्त विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं। उगता भारत समाचार पत्र के सम्पादक मंडल का उनसे सहमत होना न होना आवश्यक नहीं है।

साकेंद्र के पक्ष में सदस्यों को पढ़ाया एकजुटता का पाठ

बिजनौर जिला प्रभारी, राज्यसभा सांसद विजय पाल सिंह तोमर ने सदस्यों को पढ़ाया एकजुटता का पाठ। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के संबंध में बैठक।

बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष की अध्यक्षता एवं जिला महामंत्री के संचालन में आयोजित बैठक का आयोजन किया गया। 

जिला प्रभारी, राज्यसभा सांसद विजय पाल सिंह तोमर ने भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों का स्वागत कर सभी को एकजुट होकर पार्टी द्वारा घोषित प्रत्याशी चौ. साकेंद्र प्रताप सिंह को विजयी बनाने का आह्वान किया, साथ ही पंचायत चुनाव संबंधी कोर कमेटी  की बैठक को संबोधित करते सभी को मार्गदर्शन कराया। 

बैठक में मुख्य रूप से निवर्तमान सांसद डॉ. यशवंत सिंह,  विधायकगण ओम  कुमार,  कमलेश सैनी, अशोक राणा, श्रीमती सूची चौधरी, क्षेत्रीय मंत्री हरजिंदर कौर, क्षेत्रीय मंत्री अनूप बाल्मीकि, पूर्व जिलाध्यक्ष राजीव सिसोदिया, जिला महामंत्री विनय राणा, मुकेन्द्र त्यागी, भूपेंद्र चौहान बॉबी, विवेक कर्णवाल ,  जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी चौ. साकेंद्र प्रताप सिंह, जिला पंचायत सदस्य सुभाष चौहान,  आयुष चौहान, संजीव मलिक, मनोज कुमार, कमल कश्यप, एडवोकेट चंद्रशेखर, प्रजापति, श्रीमति केलो श्रीमति रूपा आदि उपस्थित रहे।

लालपुर मान में सीसी रोड का कार्य प्रारंभ, ग्रामीण प्रसन्न

बिजनौर। नांगल सोती नजीबाबाद क्षेत्र के ग्राम पंचायत लालपुर मान में सीसी रोड का कार्य प्रारंभ हुआ। शुभारंभ वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह, शिव ध्यान सिंह, अरविन्द विश्वकर्मा ने किया। इस सड़क के बनने से ग्राम वासियों, क्षेत्र वासियों को बहुत लाभ होगा।

गौरतलब है कि लालपुर मान, दिनौडी संपर्क मार्ग में गांव के बीच में अभी तक खड़ंजा लगा हुआ था, जिस पर आने जाने में क्षेत्रवासियों को भारी दिक्कत आ रही थी। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता चौधरी ईशम सिंह, राष्टीय स्वयं सेवक संघ से शिव ध्यान सिंह, अरविंद विश्वकर्मा, विधान सभा प्रभारी किसान मोर्चा मा. रमेश सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार के उप मुख्यमंत्री लोक निर्माण मंत्री केशव प्रसाद मौर्य से इस सड़क को बनवाने हेतु प्रयास किया।

भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रयास से सीसी रोड का कार्य प्रारंभ हो गया। शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शिवध्यान सिंह, चौधरी ईशम सिंह, अरविंद शर्मा, पुष्पेंद्र शर्मा मयंक गौड, डॉ. दिनेश कश्यप, विक्की, मोहित कुमार, अरुण कुमार, मुनेश कुमार फौजी, प्रशांत कुमार, परविंदर सिंह, मुन्ना सिंह, पूर्व प्रधान भोलू ठेकेदार, ठेकेदार उसमान अहमद आदि की उपस्थिति में मशीन में प्रसाद चढ़ाकर इस सड़क का शुभारंभ किया गया। सभी ग्राम वासियों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ, पीडब्ल्यूडी मंत्री उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं भाजपा कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।

स्वर्गीय भाजपा नेता की पुत्री को आशीर्वाद

BJP अल्पसंख्यक मोर्चा लखनऊ के दिवंगत जिलाध्यक्ष की बेटी हैं जैनब।

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा लखनऊ के जिलाध्यक्ष के अलावा पार्टी में विभिन्न पदों पर कार्य कर चुके और पार्टी द्वारा समय समय पर दी जाने वाली जिम्मेदारियों को बखूबी निभाने वाले कर्मठ व जुझारू कार्यकर्ता के रूप में जाने जाने वाले मोहनलागंज के मऊ निवासी मोहम्मद अली शाह का पिछले दिनों कोरोना से निधन हो गया था।

शुक्रवार को उनकी पुत्री जैनब बानो का विवाह संस्कार सम्पन्न हुआ, जिसमें लखनऊ के पूर्व अध्यक्ष व भाजपा उत्तर प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य रामनिवास यादव, पूर्व जिला अध्यक्ष वीरेन्द्र प्रताप सिंह, जिला उपाध्यक्ष अरविन्द यादव, पूर्व जिला महामंत्री वीरेन्द्र रावत, बलीराम वर्मा, राजकुमार पांडे, शम्भू नाथ पांडे उमेश कनौजिया मण्डल अध्यक्ष सुधांशु सिंह, मनीष तिवारी सहित अन्य कई कार्यकर्ताओं ने स्वर्गीय अली शाह के घर बेटी की शादी में पहुंचकर वर वधू को आशीर्वाद दिया। सभी ने यथासंभव सहयोग किया। शादी कार्यक्रम में पहुँचे राम निवास यादव ने कहा कि हम लोग स्व. शाह की कमी तो पूरी नही कर सकते हैं किन्तु पूरा प्रयास करेंगे कि उनकी बेटी व परिजनों को कोई दिक्कत न उठानी पड़ी क्योंकि विपरीत परिस्थितियों में भी स्व. शाह ने कभी भी भाजपा का साथ नही छोड़ा और हम लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते रहे।

यूपी में कांग्रेस का बड़ा पेड़ गिरा, गांधी परिवार की हिली जमीन

यूपी में कांग्रेस का बड़ा पेड़ गिर गया… गांधी परिवार की जमीन हिल गई

  • जितिन प्रसाद… कभी कभी ऐसा होता है कि जब कोई हीरे जैसी चमकती हुई चीज कबाड़खाने में पड़ी हो तो उसकी कोई कीमत ही नहीं रह जाती है.. ठीक ऐसा ही हुआ था जितिन प्रसाद के साथ… एक ऐसा मजबूत नेता जो कांग्रेस में पड़ा पड़ा जंग खा रहा था।
  • जितिन प्रसाद का यूपी चुनाव के ठीक पहले बीजेपी में शामिल होना… बीजेपी के लिए बहुत बड़ी कामयाबी है… क्योंकि जितिन प्रसाद कांग्रेस की तरफ से ब्राह्मण चेहरा थे… ना सिर्फ ब्राह्मण चेहरा थे… बल्कि ये वो नेता हैं जिन्होंने पूरे यूपी में तमाम ब्राह्मण संगठन खड़े किए थे… और ना सिर्फ ब्राह्मणों के संगठन ही खड़े किए… बल्कि योगी को सुनियोजित तरीके से बदनाम करने की कोशिश भी की थी कि योगी जी ब्राह्मणों के विरोधी हैं…।
  • …लेकिन अब जब ब्राह्मण विरोध का प्रोपागेंडा चलने वाले जितिन प्रसाद ही बीजेपी के साथ और योगी जी के साथ खड़े हो गए हैं तो अब योगी जी के खिलाफ एंटी ब्राह्मण का एजेंडा चलाने वालों का मनोबल पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है । कल आज तक न्यूज चैनल ने भी अपने कार्यक्रम का नाम रखा था… ब्राह्मण शंख बजाएंगे… योगी बढ़ते जाएंगे…
  • जब आपको जितिन प्रसाद के बैकग्राउंड के बारे में पता चलेगा तो आप ये बात समझ पाएंगे कि कांग्रेस को कितना बड़ा थप्पड़ नसीब हुआ है ।
  • जितिन प्रसाद की दादी का नाम था पूर्णिमा देवी… जो रबींद्र नाथ टैगोर के भाई की बेटी थीं… जितिन प्रसाद के पिता जीतेंद्र प्रसाद 4 बार सांसद रह चुके हैं। जितिन प्रसाद खुद यूपीए की सरकार में सबसे युवा केंद्रीय राज्य मंत्री के तौर पर पद ग्रहण कर चुके हैं… जितेंद्र प्रसाद के दादा ज्योति प्रसाद का भी समाज में अच्छा कद रहा है। यानी ये वाकई में कांग्रेस पार्टी का एक ऐसा वट वृक्ष थे जो कि प्रियंका और राहुल को यूपी में छाया दे रहा था… लेकिन अब ये छाया उनसे छिन चुकी है।
  • कुल मिलाकर यूपी चुनाव का शुभारंभ हो चुका है और इस शुभारंभ की लॉन्चिंग में भी बीजेपी ने अपनी लकीर बहुत ऊंची कर ली है।
  • कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि जितिन प्रसाद का बीजेपी में चले जाने कांग्रेस पार्टी को बहुत बड़ा थप्पड़ है… दूसरी तरफ रायबरेली से कांग्रेस की बागी विधायक अदिति सिंह ने भी कहा है कि कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए कि आखिर बड़े बड़े नेता कांग्रेस पार्टी क्यों छोड़ रहे हैं ? ज्योतिरादित्य सिंधिया के बाद अब जितिन प्रसाद भी बीजेपी के साथ कंधा से कंधा मिलाकर चलेंगे और हिंदुत्व को मजबूत करेंगे ठीक वैसे ही जैसे हिमंत बिस्व सर्मा का काम अब पूरे देश में काफी पसंद किया जा रहा है ।

बड़े मंगल पर माल कस्बे में विशाल भंडारा

लखनऊ। बड़े मंगल के अवसर पर माल कस्बे में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में सांसद कौशल किशोर परिवार के साथ पहुंच कर प्रसाद ग्रहण किया।
जेष्ठ मास के बड़े मंगल के शुभ अवसर पर कस्बा माल निवासी योगेंद्र सिंह द्वारा उनके बंगले पर आयोजित विशाल भंडारे में जनप्रतिनिधियों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुये बाबा का प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में सांसद कौशल किशोर, विधायक जयदेवी कौशल व पुत्र विकास किशोर उर्फ आशू , कुँवर माधवेन्द्र देव सिंह, राजकुमार सिंह, रजनीश सिंह माल प्रधान सोनू चौरसिया, भाष्कर सिंह, अनुराग सिंह, पूर्व प्रधान विशम्भरनाथ, रामनरेश यादव सहित बड़ी संख्या में बीडीसी सदस्य व ग्राम प्रधानों सहित सैकड़ों की संख्या में लोग गणमान्य लोग व ग्रामीण मौजूद थे।

साकेन्द्र की दुबारा ताजपोशी को एकजुटता

बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी कार्यालय पर जिला पंचायत चुनाव तैयारी एवं नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों के स्वागत हेतु एक बैठक का आयोजन जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि की अध्यक्षता एवं जिला महामंत्री विनय राणा के संचालन में किया गया।

बैठक में मुख्य अतिथि क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल की उपस्थिति में नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों का स्वागत एवं विचार परिवार के जिला पंचायत सदस्य जगबीर सिंह, रमा चौधरी, श्रीमती रीता, श्रीमती कैलो को पार्टी में ज्वाइनिंग कराई गई। साथ ही सभी जिला पंचायत सदस्यों ने भाजपा प्रत्याशी को अपना समर्थन देकर जिताने का संकल्प लिया।

मुख्य अतिथि मोहित बेनीवाल ने भारतीय जनता पार्टी की नीतियों से अवगत कराते हुए बताया कि भारतीय जनता पार्टी कोरोना काल में भी सेवा कार्य में अग्रणी रही है। पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता सेवा कार्य के रूप में अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहा। उन्होंने सभी से टीकाकरण अवश्य कराने का आह्वान किया, ताकि देश को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाया जा सके। बताया कि पंचायत चुनाव में पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सबसे बड़े दल के रूप में उभरकर आई है। उपस्थित सभी जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारियों को भाजपा प्रत्याशी चौधरी साकेंद्र प्रताप सिंह को जिताने का संकल्प कराया।

बैठक को प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल  एवं परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने भी संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी चौ. साकेंद्र प्रताप सिंह को जिताने का आह्वान किया। जिलाध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि ने उपस्थित सभी का आभार व्यक्त किया।

बैठक में मुख्य रूप से विधायकगण ओम कुमार,  श्रीमती शुचि चौधरी, कमलेश सैनी, अशोक राणा, कुंवर सुशांत, निवर्तमान सांसद डॉ. यशवंत सिंह, पूर्व सांसद यशवीर सिंह, जिला पंचायत सदस्य चौ. साकेंद्र प्रताप सिंह, आयुष चौहान, संजीव मलिक, मोनिका कश्यप, मीनू बाल्मीकि, एडवोकेट चंद्रशेखर, रूपा रानी, जिला संयोजक पंचायत चुनाव महेंद्र धनौरिया, मुकेन्द्र त्यागी, भूपेंद्र चौहान बॉबी, विवेक कर्णवाल,  प्रमोद चौहान, केके रवि, विक्रान्त चौधरी, विपुल शर्मा संजीव गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

भाजपा की सम्भावित प्रत्याशी नीतू यादव व कमलेश यादव के बीच कड़ी टक्कर

रोचक हुआ काकोरी ब्लाक प्रमुख चुनाव

भाजपा की सम्भावित प्रत्याशी नीतू यादव व कमलेश यादव के बीच कड़ी टक्कर।

नीतू यादव

लखनऊ। विकास खंड काकोरी में ब्लाक प्रमुख चुनाव पद पर मुकाबला दिन प्रति दिन लगातार रोमांचक होता जा रहा है। काकोरी ब्लाक प्रमुख पद के लिए मुख्य रूप से तीन प्रत्याशी मैदान ए जंग में है। काकोरी ब्लॉक प्रमुख का पद इस बार पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित है।ब्लॉक में कुल 56 क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। जीत के लिए 29 क्षेत्र पंचायत सदस्यों का समर्थन चाहिए, जिसके पास यह संख्या पूरी होगी उसकी विजय सुनिश्चित है।
समाजवादी पार्टी ने रेखा यादव को चुनावी मैदान में उतारा है। कांग्रेस और बसपा ने किसी को अपना प्रत्याशी नहीं बनाया है। वहीं भाजपा से टिकट की रेस में दो दावेदार है। इनमें पूर्व जिला पंचायत सदस्य लल्लू यादव की पत्नी पूर्व ब्लाक प्रमुख नीतू यादव और पूर्व ग्राम प्रधान रमेश चंद्र यादव की पत्नी कमलेश यादव शामिल है।

कमलेश यादव

कमलेश यादव काकोरी के पूर्व जेष्ठ उप प्रमुख एवं पूर्व सपा के जिला उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह यादव की माता हैं। कमलेश यादव पिछली बार सपा से जिला पंचायत सदस्य बनी थी और इस बार भाजपा के जिला उपाध्यक्ष हंसराज लोधी की पत्नी को चुनाव हराकर क्षेत्र पंचायत सदस्य बनी हैं।कमलेश यादव की बहू रेनू यादव भी भाजपा नेता की पत्नी को चुनाव हराकर बीडीसी सदस्य बनी हैं। सपा सरकार में कमलेश यादव के बेटे धर्मेन्द्र सिंह का क्षेत्र में जलजला था और सरकारी गनर लेकर चलते थे।

रेखा यादव

वहीं नीतू यादव इससे पहले बीएसपी सरकार में निर्विरोध निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ब्लाक प्रमुख बनी थीं। उस समय की वर्तमान ब्लाक प्रमुख सुमन यादव के पति पूर्व ब्लाक प्रमुख रूप नारायण यादव को बसपा ने प्रत्याशी बनाया था, लेकिन रूप नारायण यादव ने अपना नामांकन नहीं किया था। इस कारण नीतू यादव निर्विरोध ब्लाक प्रमुख बन गईं थीं। बताया जाता है कि सपा प्रत्याशी रेखा यादव क्षेत्र में कहीं भी जनसंपर्क करती नजर नहीं आ रही हैं। वह सिर्फ कागजों पर चुनाव लड़ती नजर आती हैं, जबकि भाजपा से दावेदारी करने वाली नीतू यादव और कमलेश यादव के पक्ष में अधिकांश नवनिर्वाचित क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं प्रधान चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं।राजनीति के जानकारों की मानें तो काकोरी ब्लाक प्रमुख का चुनाव पूर्व ब्लाक प्रमुख नीतू यादव के पक्ष में इस बार भी जाता दिख रहा है, क्योंकि नीतू यादव के पति ने एमएलसी, लोकसभा व विधानसभा चुनावों में भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में खुलकर चुनाव प्रचार किया है। इस वजह से अधिकांश क्षेत्रीय एवं जिला स्तरीय भाजपा संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता नीतू यादव के पक्ष में खड़े दिखाई दे रहे हैं। बताया गया है कि नीतू यादव ने अपने चुनाव की कमान एक षड्यंत्र के तहत पति के जेल जाने के बाद सम्भाल ली है। साथ ही उनके चुनाव की कमान भाजपा नेता काकोरी के पूर्व ब्लाक प्रमुख कुँवर रामविलास रावत, भाजपा सांसद कौशल किशोर के अति करीबी भाजपा नेता पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजेश कुमार यादव, पूर्व जिला पंचायत सदस्य लल्लू यादव आदि चुनाव का नेतृत्व कर रहे हैं। वहीं कमलेश यादव के चुनाव की कमान उनके बेटे पूर्व जेष्ठ उप ब्लाक प्रमुख धर्मेन्द्र सिंह यादव, पूर्व जिला मंत्री भाजपा ज्ञानेंद्र सिंह चौहान उर्फ ज्ञान सिंह, भारतीय किसान यूनियन लोकतांत्रिक (राजनैतिक) के प्रदेश अध्यक्ष मनीष यादव सहित आदि ने सम्भाल रखी हैं।

कुल मिलाकर भाजपा नीतू यादव व कमलेश यादव में से किसको अपना प्रत्याशी बनाती है, यह अभी भविष्य के गर्भ में हैं, लेकिन काकोरी ब्लाक प्रमुख का चुनाव रोचक होता जा रहा है। चुनाव भी इन्हीं दोनों प्रत्याशियों के मध्य सिमट चुका है, लेकिन यहां के चुनाव पर हर एक की नजर गड़ी हुई हैं।

कमलेश या नीतू पर बीजेपी खेल सकती है दांव

भाजपा की संभावित प्रत्याशी हो सकती है कमलेश यादव या नीतू यादव

लखनऊ। विकासखंड काकोरी में होने वाले ब्लॉक प्रमुख चुनाव में दिन-प्रतिदिन कमलेश यादव की लोकप्रियता बढ़ती नजर आ रही है।
विकासखंड काकोरी में ब्लॉक प्रमुख पद के मुख्य रूप से तीन प्रत्याशी चुनावी रण में अपना दांव आजमाते दिख रहे हैं।

यहां पर यह जान लेना भी आवश्यक है कि कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी ने किसी को अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। वहीं बात समाजवादी पार्टी की की जाए तो सपा ने रेखा यादव को इस चुनावी रण में अपना प्रत्याशी घोषित किया है।

जानकारों का मानना है कि कमलेश यादव निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य रही हैं। 2017 में हुए विधानसभा व 2019 में लोकसभा के चुनाव में कमलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी का समर्थन किया था। राजनीतिक जानकार बताते हैं कि 2017 के विधानसभा चुनाव में नीतू यादव के पति ने खुलेआम समाजवादी पार्टी का समर्थन किया और 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में अपने निजी स्वार्थ के चलते भारतीय जनता पार्टी की मदद की थी।

हाल में हुए पंचायत चुनाव में क्षेत्र पंचायत सदस्य व प्रधान पद के प्रत्याशियों के लिए भारतीय जनता पार्टी ने किसी को भी अपना समर्थित प्रत्याशी घोषित नहीं किया था। भारतीय जनता पार्टी का कहना था भाजपा के जो भी कार्यकर्ता चुनाव लड़ रहे हैं उसमें से विजयश्री जिसको भी हासिल होगी उसको भारतीय जनता पार्टी का ही कार्यकर्ता माना जाएगा ।

इसी घटनाक्रम को देखते हुए विकासखंड काकोरी में ब्लॉक प्रमुख पद की प्रत्याशी कमलेश यादव को विकासखंड काकोरी ब्लॉक प्रमुख चुनाव का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। अब देखना यह है कि विकासखंड काकोरी में होने वाले ब्लॉक प्रमुख चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी अपने किस उम्मीदवार को चुनावी रण में अपना समर्थित प्रत्याशी बनाकर उतारती है।

WB में लोकतंत्र के गिरते स्तर की पराकाष्ठा

शुभेंदु अधिकारी और उनके भाई के खिलाफ राहत सामग्री चुराने के आरोप में FIR, सहयोगी राखल बेरा को कोलकाता पुलिस ने किया गिरफ्तार

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के कांथी में बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी और उनके भाई के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। यह केस टीएमसी की उस शिकायत के बाद दर्ज किया गया है जिसमें पार्टी ने आरोप लगाया है कि अधिकारी व उनके भाई ने नगरपालिका से राहत सामग्री की चोरी की है। दरअसल, पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के समय से ही विरोधी पार्टी बीजेपी और सत्ताधारी टीएमसी के बीच तनातनी बढ़ गई है। चुनाव से पहले अधिकारी टीएमसी को छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे। उन्होंने नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को करारी मात दी थी।

विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद राज्य और केंद्र के बीच मतभेद साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। चक्रवात तूफान यास को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक में ममता शामिल नहीं हुई थीं। इस बैठक के बाद केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव रहे अलपन बंदोपाध्याय का दिल्ली ट्रांसफर कर दिया था। हालांकि, दिल्ली जाने से पहले ही अलपन ने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद ममता ने एक और दांव चलते हुए अलपन को अपना मुख्य सलाहकार बना दिया।

पश्चिम बंगाल: शुभेंदु अधिकारी और उनके भाई के खिलाफ FIR हुई दर्ज, TMC ने लगाया चोरी का आरोप

बीते गुरुवार को शुभेंदु अधिकारी और उनके पिता शिशिर अधिकारी पर तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि पूर्व मेदिनीपुर में तटबंधों के निर्माण के लिए आवंटित धन का “दुरुपयोग” किया गया। यहां हाल ही में चक्रवात ‘यास’ की वजह से आई बाढ़ के कारण लोग बेघर हो गए थे। कांथी से लोकसभा सांसद शिशिर अधिकारी ने हालांकि दावा किया कि दीघा-शंकरपुर विकास प्राधिकरण (DSDA) के अध्यक्ष के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान लगभग 90 प्रतिशत काम किया गया था और बाकी को आने वाले सर्दी के मौसम के अंत तक पूरा किया जाना था।

अधिकारी को इस साल की शुरुआत में टीएमसी ने पद से हटा दिया था और कुछ ही समय बाद वे अपने बेटे के नक्शेकदम पर चलते हुए भाजपा में शामिल हो गए। टीएमसी सांसद ने पिता-पुत्र का नाम लिए बिना कहा कि यह स्पष्ट रूप से जाहिर है कि जब समुद्र के किनारे सड़क का निर्माण हुआ उस वक्त डीएसडीए का प्रबंधन किसके पास था। उन्होंने कहा कि लोग यह भी अच्छी तरह से जानते हैं कि सिंचाई विभाग का प्रभारी कौन था, जिसने समुद्र के पानी को बहने से रोकने के लिए तट के किनारे सुरक्षा दीवार बनाई और तटबंधों को बनाया।

वहीं कोलकाता पुलिस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेन्दु अधिकारी के करीबी राखल बेरा को गिरफ्तार कर लिया है। बेरा को धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। शुभेन्दु के करीबी की गिरफ्तारी ऐसे वक्त हुई है, जब पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र सरकार के बीच विधानसभा चुनाव के बाद विभिन्न मुद्दों पर तनाव बना हुआ है। बेरा पर 2019 के दौरान सिंचाईं एवं जलमार्ग मंत्रालय में नौकरी दिलाने के फर्जी वादा करके लोगों को धोखा देने का आरोप है। ऐसी शिकायत मिलने के बाद कोलकाता पुलिस ने जांच के दौरान उनकी गिरफ्तारी की है। बेरा की गिरफ्तारी बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद से गरमाई सियासत में नया तूफान ला सकती है।

हर्षोल्लास के साथ मनाया योगी आदित्यनाथ का जन्मदिवस

हर्षोल्लास के साथ मनाया महंत योगी आदित्यनाथ का 49 वां जन्मदिवस पौधारोपण के साथ ही किया हवन यज्ञ 

बिजनौर। मंडल मुरादाबाद के हिन्दू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने हिन्दू युवा वाहिनी के संस्थापक व संरक्षक गौरक्षपीठाधीश्वर, महंत योगी आदित्यनाथ का 49 वां जन्मदिवस बड़े हर्षोल्लास व उत्साह के साथ मनाया। कोविड-19 की गाइड लाइन का पूर्ण अनुपालन करते हुए शनिवार को श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, श्रीराम पुरम (पीपलसाना) धामपुर जनपद बिजनौर में मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ का 49 वां जन्मदिवस मनाया गया।

कार्यक्रम में मुरादाबाद मंडल के मंडल प्रभारी डॉक्टर एनपी सिंह, जिला संरक्षक अनिल कुमार, हिन्दू युवा वाहिनी के जिला अध्यक्ष व जिला पंचायत सदस्य भारतीय जनता पार्टी बिजनौर संजीव मलिक, जिला संयोजक संकित राठी, जिला मंत्री दुष्यंत चौहान, नगर अध्यक्ष मनोज चौहान, नगर प्रभारी सुशील, तहसील प्रभारी हिमांशु प्रजापति, शीशपाल, जगराम सैनी, हिन्दू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने महाराज जी के उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु के लिए  हवन यज्ञ कर पौधारोपण किया व शीतल पेय वितरण के कई कार्यक्रम आयोजित किए।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया पौधारोपण 

बिजनौर। विश्व पर्यावरण दिवस पर भारतीय जनता पार्टी नगर बिजनौर द्वारा सेंट मैरिज स्कूल बिजनौर व नई बस्ती समेत विभिन्न स्थानों पर पीपल, नीम व अन्य छायादार वृक्षों की पौध का रोपण किया गया। नगर अध्यक्ष संजीव गुप्ता ने सभी से छायादार व अधिक ऑक्सीजन देने वाले पेड़ लगाने का आह्वान किया। लगाए जाने वाले सभी पौधों की देखभाल करने की जिम्मेदारी भी सौपी गयी। मानव सचदेवा, मनदीप चौधरी, राजवीर सिंह, इन्द्रराज गौड़, मुकेश अग्रवाल, आशीष अग्रवाल, अंकुर गौतम, राधेश्याम, विशाल शर्मा, रविराज खन्ना, अनूप खन्ना, कुलदीप राजवंश, ललित सैनी, अवनीश निगम, हिमांशु शर्मा आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

लाहक खुर्द में 99 ग्रामीणों ने लगवाया टीका

बिजनौर। नजीबाबाद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत लाहक खुर्द में कोरोना वायरस से बचाव हेतु टीकाकरण कराया गया। इस ग्राम पंचायत में 45 वर्ष से ऊपर के नागरिकों का टीकाकरण किया गया। ग्राम पंचायत में 99 ग्रामवासियों ने टीका लगवाया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से आई हुई टीम ने वैक्सीनेशन का कार्य किया।

उनके सहयोग हेतु ग्राम प्रधान राकेश कुमार, वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल सागर कुमार, सहदेव प्रजापति भाजपा के बूथ अध्यक्ष राजू गुप्ता, शिवराज सिंह प्राथमिक विद्यालय के मुख्याध्यापक मा दिलशाद अहमद, महिपाल सिंह, आंगनवाड़ी भारती देवी, अंजू गुप्ता, आशा सोनाली सिंह, बबली प्रजापति, राशन डीलर मो. यासीन,कमरुद्दीन आदि का विशेष योगदान रहा।

गांव गांव जा कर भाजपा करेगी सेवा कार्य

बिजनौर। मोदी सरकार के 7 वर्ष पूर्ण होने पर
“सेवा ही संगठन है” के अंतर्गत “सेवा कार्य” हेतु भारतीय जनता पार्टी बिजनौर द्वारा वर्चुअल जिला बैठक का आयोजन जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि की अध्यक्षता तथा जिला महामंत्री विनय राणा के संचालन में किया गया।
मुख्य वक्ता, जिला प्रभारी विजयपाल तोमर (राज्यसभा सांसद) ने कहा कि मोदी सरकार के सफलतम 7 वर्ष पूर्ण होने पर पार्टी द्वारा निर्धारित आगामी कार्यक्रमों को सेवा कार्य के रूप में कोरोना गाइडलाइंस का पालन करते हुए करना है। साथ ही बताया कि 28, 29 व 30 मई को गठित मोर्चों द्वारा “रक्तदान शिविर” का आयोजन किया जाना है, जिसमें पार्टी व सामाजिक कार्यकर्ताओं को जागरूक कर रक्तदान कराना है, ताकि जरूरतमंदों को लाभ मिल सके। सेवा के कार्यों हेतु गांवों को चिन्हित कर काढ़ा वितरण, मास्क व सैनिटाइजर वितरण, शरीर का तापमान, ऑक्सीजन लेवल चेक करना, वैक्सीनेशन के लिए जागरूकता आदि सेवा कार्य करने हैं। उन्होंने अन्य आगामी कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा की।
जिला अध्यक्ष ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए सभी को सचेत किया कि कोरोना अभी गया नहीं है। इसीलिए सभी को सतर्क रहना है और कोरोना से बचाव के लिए अन्यों को भी जागरूक करते रहना है। संगठन द्वारा निर्धारित आगामी कार्यक्रमों को बताते हुए सभी को निर्देशित किया कि आप सभी कार्यक्रमों की चिंता कर सहयोग करते हुए सफल कराने में योगदान करें।

बैठक में मुख्य रूप से पूर्व मंत्री/ मंडल प्रभारी महावीर सिंह, क्षेत्रीय मंत्री अनूप बाल्मीकि, क्षेत्रीय मंत्री हरजिंदर कौर, भूपेंद्र चौहान बॉबी, मुकेन्द्र त्यागी, विवेक कर्णवाल, जिला उपाध्यक्ष वेदप्रकाश विश्वकर्मा, प्रमोद चौहान, दिनेश सैनी, पूनम गोयल, संगीता अग्रवाल, अरविंद गहलौत, सुभाष चौहान, जिला मंत्री नरेश भाटी, राजन टन्डन गोल्डी, बलराज त्यागी, तरुण राजपूत, पुष्कर सिंह, अभिषेक उपमन्यु, माया पाल, जिला कोषाध्यक्ष केके रवि, जिला मीडिया प्रभारी दीपक गर्ग, जिला सह मीडिया प्रभारी विक्रांत चौधरी, जिला संयोजक आईटी विभाग विपुल शर्मा, राजीव प्रजापति, मंडल प्रभारी महेंद्र धनौरिया, कविता चौधरी, सुमन त्यागी, राजीव सिसोदिया, नीरज शर्मा, डॉ. रश्मि रावल, डॉ. बीरबल सिंह, डॉ. नवनीत गर्ग, अमित चौधरी, राम मोहन अग्रवाल, नीरजा सिंह, विनीता शर्मा, शोभित त्यागी, चौ. धीर सिंह, रामेंद्र सिंह, मोनिका यादव, मोर्चा के जिला अध्यक्ष रवि चौधरी, करण सिंह सैनी, अवनीश निर्वाल, मनोज हिटलर, मंडल अध्यक्ष आर्य वीरेंद्र शर्मा, पंकज शर्मा, राजीव राजपूत, योगेंद्र राजपूत, ललित चौधरी, संजीव गुप्ता, देवेंद्र मलिक, नीरज विश्नोई, सुनील सैनी, जुगनेश, राजकुमार, देशराज, धर्मेन्द्र जोशी, पुखराज, सिद्धांत जैन, दिनेश त्यागी आदि उपस्थित रहे।

ARTO ने DM व CMO को भेजी एंबुलेंस की सूची

एआरटीओ ने एंबुलेंस की सूची डीएम व सीएमओ को भेजी। जनपद के एंबुलेंस की सूची जारी होने से आमजन को होगी सुविधा। आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा ने मुख्यमंत्री से की थी मांग।

बिजनौर। वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौर में एंबुलेंस की जानकारी न होने के अभाव में रोगियों को बाहर ले जाने को लेकर हो रही परेशानी से आमजन को काफी राहत मिलने वाली है। इसका कारण आरटीआई कार्यकर्ता की ओर से मुख्यमंत्री से की गयी मांग पर एआरटीओ कार्यालय की ओर से जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी बिजनौर को जनपद भर की एंबुलेंस की सूची बनाकर भेज दी गयी है। इसके जल्द सार्वजनिक होने की उम्मीद जतायी जा रही है।

नजीबाबाद के आदर्श नगर निवासी मनोज शर्मा (आरटीआई कार्यकर्ता) ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए जनपद बिजनौर में पंजीकृत एंबुलेंस संचालकों की सूची मोबाइल नंबर सहित जारी करने की मांग की थी। इस पर मामला परिवहन निगम को जानकारी देने के लिए भेज दिया गया। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक बिजनौर डिपो ने मामला अपने कार्यालय से सम्बन्धित न होना बताते हुए विभाग को पत्र भेेज दिया था। हालांकि मांगकर्ता मनोज शर्मा ने एआरएम बिजनौर से उक्त पत्र को पूर्व में ही उप संभागीय परिवहन अधिकारी बिजनौर को हस्तानांतरित किए जाने की मांग की थी। परिवहन विभाग के पल्ला झाडऩे के बाद इस सम्बन्ध में मनोज शर्मा की ओर से प्रधानमंत्री कार्यालय को अवगत कराया गया। इस पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को कार्रवाई के दिशा निर्देश जारी किए। उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त सचिव भास्कर पांडे ने उप संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) बिजनौर को कार्रवाई के दिशा निर्देश जारी किए। वहीं अब उप संभागीय परिवहन कार्यालय बिजनौर ने जनपद के समस्त एंबुलेंस संचालकों की सूची जिलाधिकारी कार्यालय और मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को सौंप दी हैं।

अब देखना यह है कि कितने दिनों में जनहित में लोगों की सुविधा के लिए यह सूची जारी हो पााएगी? माना जाता है कि जनपद भर में संचालित एंबुलेंस की सूची जारी होने से आमजन को इसका लाभ मिलेगा। आवश्यकता होने पर कोई भी व्यक्ति एंबुलेंस चालकों से संपर्क कर एंबुलेंस सेवा का समय रहते लाभ ले सकेगा। साथ ही इस सूची के जारी होने के बाद जनपद में अपंजीकृत रूप से संचालित की जा रही एंबुलेंस का भी पर्दाफाश हो सकेगा।

मंत्रियों ने भी कर दिया था अनसुना- शिकायतकर्ता मनोज शर्मा ने जनपद भर में संचालित एंबुलेंस की सूची जनहित में सार्वजनिक करने के लिए जिले के प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल तथा जनपद से नाता रखने वाले प्रदेश के परिवहन मंत्री अशोक कटारिया से भी आग्रह किया था। उनकी ओर से भी मनोज शर्मा की मांग को अनुसुना कर दिया गया था। दोनों मंत्रियों की ओर से सहयोग न मिल पाने पर मनोज शर्मा ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर कार्रवाई किए जाने की मांग की थी।

पूर्व में करा चुके हैं एंबुलेंस की दरें निर्धारित- वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण के तेजी से फैलने के दिनों में एंबुलेंस संचालकों की ओर से रोगियों को अस्पताल पहुंचाने के लिए तीमारदारों से मनमाना किराया वसूले जाने के मामले प्रकाश में आने के बाद मनोज शर्मा ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए प्रदेश भर में एंबुलेंस की दरें तय किए जाने की मांग की थी। इस पर प्रदेश भर में जिला स्तरों पर किराया तय किया गया था। उत्तर प्रदेश में एबुंलेंस के लिए तय की गयी किराए की दरें पड़ोसी प्रदेश बिहार की दरों से काफी महंगी तय होना बताई जा रही हैं। 

विधायक जयदेवी कौशल ने बांटा निःशुल्क राशन

लखनऊ। विधायक जयदेवी कौशल ने उपजिलाधिकारी अजय कुमार राय, बीडीओ संस्कृता मिश्रा की मौजूदगी में मलिहाबाद ब्लॉक की कसमंडी खुर्द गांव में सोमवार को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत कार्डधारकों में नि:शुल्क राशन वितरण किया।
केंद्र सरकार ने तीन माह तक अंत्योदय व पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को प्रति यूनिट पांच किग्रा राशन प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 20 मई से 30 मई तक देने का निर्णय लिया है। कोरोना संक्रमण की जंग में क‌र्फ्यू के दौरान जिन दैनिक मजदूरों व गरीब असहाय लोगों के सामने आजीविका का संकट खड़ा है, उनके जीविकोपार्जन को लेकर इन्हें नि:शुल्क राशन वितरण किया जा रहा है। इससे इनको राहत मिलेगी। विधायक जयदेवी कौशल ने कार्डधारकों से कहा कि आप घर से निकलते समय मास्क जरूर लगाएं। हाथों को सैनिटाइज करने व शारीरिक दूरी का ध्यान दें। उन्होंने कहा कि कोरोना से जंग में वैक्सीनेशन महत्वपूर्ण कड़ी है। वैक्सीनेशन कराकर खुद के साथ घर व आस-पास के लोगों को सुरक्षित कर सकते हैं।

विधायक व एसडीएम अजय कुमार राय तथा बीडीओ संस्कृता मिश्रा ने कसमंडी खुर्द गांव के निगरानी समिति के सदस्यों से बातचीत कर टेस्टिग, दवा किट के वितरण व सैनिटाइजेशन आदि का जायजा भी लिया। इस मौके पर ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सेवक व गांव की निगरानी समिति सहित ग्रामीण भी मौजूद रहे।

कॉकटेल पार्टी: BJP नेता व 10 पत्रकारों पर केस

लखनऊ। हापुड़ नगर के एक प्लाजा में कोविड-19 के चलते लाकडाउन के बावजूद कॉकटेल पार्टी कर रहे लोगों पर सिटी कोतवाली पुलिस ने कार्यवाही की है। पुलिस ने होटल मालिक सहित 10 पत्रकार व कुछ अन्य अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार सिटी कोतवाली क्षेत्र के रेलवे रोड स्थित आरके प्लाज़ा में रविवार रात एक बीजेपी नेता ने कोविड महामारी के नियमों को ताक पर रखकर पत्रकारों को कॉकटेल पार्टी के लिए निमंत्रण दिया था। इस पार्टी से संबंधित वीडियो दिनभर सोशल मीडिया पर घूमते रहे।

पुलिस ने बताया कि यह आयोजन सुयांश वशिष्ठ ने किया था। होटल मालिक अजय कंसल हैं। महामारी के चलते सोशल डिस्टेंसिंग कानून लागू होने के बावजूद होटल में आयोजन कैसे करवा दिया गया।पुलिस ने होटल मालिक अजय कंसल व 10 पत्रकारों व अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है। इस मामले में बीजेपी नेता सुयांश वशिष्ठ ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपो को निराधार बताते हुए साजिश के तहत फ़ंसाए जाने का जवाबी आरोप लगाया है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अध्यक्ष शक्ति ठाकुर ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। कोरोना महामारी में पार्टी करना व कोविड-19 के नियमों का उल्लंघन करना गलत है।उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर कार्यवाही न कर कार्यक्रम का आयोजन करने वाले व होटल मालिक पर सख्त कार्यवाही करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पत्रकारों को प्रेस कॉन्फ्रेंस की सूचना देकर बुलाया गया था। हापुड़ एसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि कोरोना महामारी में पार्टी करने वाले लोगों पर कार्यवाही की जाएगी। मामले की पुलिस जांच कर रही है। निर्दोष लोगों पर कार्यवाही नहीं होगी। कोविड-19 महामारी नियम तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगो को चिन्हित कर पुलिस कार्यवाही करेगी।

सरकार क्यों टाल रही जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव!

लखनऊ। कोरोना संक्रमण के जोखिम के बीच सम्पन्न चुनाव में ग्राम प्रधान, जिला पंचायत और ब्लॉक के सदस्य चुन लिए गए। योगी सरकार अब निर्वाचित प्रतिनिधियों को शपथ नहीं दिला रही है। बहाना कोविड संक्रमण का फैलाव है। जानकारों का कहना है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में उम्मीद के मुताबिक सफलता न मिलने की वजह से भाजपा संगठन के कहने पर सरकार अभी न तो जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव चाहती है न ही निर्वाचित प्रतिनिधियों को शपथ दिलाने में कोई जल्दबाजी। भाजपा अभी समीकरण दुरुस्त करने में जुटी है। जब उसे विश्वास हो जाएगा कि उसके कम से कम 60 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष चुन लिए जाएंगे तब वह एक साथ दोनों काम करेगी। निर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह और जिला पंचायत अध्यक्षों का निर्वाचन।

20 से 25 जिलों में भाजपा का बहुमत
यूपी के 75 जिलों में से सिर्फ 20 से 25 जिले ही ऐसे हैं जहां भाजपा के जिला पंचायत सदस्यों का बहुमत है। यहां भाजपा अध्यक्ष बन सकते हैं, जबकि 50 जिलों में निर्दलीयों और सपा का बहुमत है। भाजपा की मंशा कम से कम 60 से 65 जिलों में अपना जिला अध्यक्ष बनवाना है। यही हाल ब्लॉक प्रमुखों का भी है। भाजपा अभी आधे से कम ब्लॉक प्रमुख अपने बूते बना पाने की स्थिति में है। इसलिए जिलों में भाजपा सांसदों और विधायकों को समीकरण सही करने में जुटाया गया है। बागियों और निर्दलीयों को मनाया जा रहा है। उन्हें तरह-तरह के प्रलोभन दिए जा रहे हैं। अपने पाले में लाने के लिए हर जतन किए जा रहे हैं।

तो अध्यक्ष बनने के लिए चुकाने होंगे 23 करोड़
पंचायत अध्यक्ष के लिए जोड़-तोड़ में सभी दल जुटे हैं। इस चुनाव में निर्दलीयों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। कहा तो यह भी जा रहा है कि एक वोट की कीमत इस बार एक करोड़ तक जा सकती है। जिला पंचायत सदस्य यानी डीडीसी को अध्यक्ष पद के दावेदार 50 लाख से लेकर एक करोड़ तक का ऑफर कर रहे हैं। इसी तरह ब्लॉक प्रमुख के लिए एक वोट की कीमत तीन से पांच लाख आंकी गयी है। 2015 में सपा की सरकार में 62 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष सपाई थे। तब जिला पंचायत सदस्यों को एक वोट के बदले एक स्कॉर्पियो देने की चर्चा आम थी। लेकिन इस साल यह रेट बढ़ गया है। अमूमन एक जिले में कम से कम 45 डीडीसी हैं। अध्यक्ष बनने के लिए इस तरह कम से कम 23 सदस्यों का वोट चाहिए। एक करोड़ का गणित मानें तो एक अध्यक्ष बनने के लिए कम से कम 23 करोड़ की कीमत चुकानी होगी।

तत्काल चुनाव कराने की बाध्यता नहीं
निर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल 12 जनवरी और ब्लॉक प्रमुख का कार्यकाल 21 मार्च को समाप्त हुआ था। बाद में सरकार ने इन पदों पर प्रशासक नियुक्ति कर दिया था। इसके बाद अब जिपं के लिए 12 जुलाई और ब्लॉक प्रमुख के लिए 21 सितंबर तक चुनाव करा लेना जरूरी होगा।

निर्वाचित सदस्यों में अकुलाहट
शपथ ग्रहण न होने से नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों में अकुलाहट है। जोखिम में चुनाव लड़कर जीत जाने के बाद भी अभी वे विधिवत प्रतिनिधि नहीं बने हैं। इसलिए जिलों में इन्हें अधिकारी समुचित सम्मान नहीं दे रहे हैं। पंचायतों के पास खूब फंड है ग्राम प्रधान इसका इस्तेमाल भी नहीं कर पा रहे हैं।

निराशाजनक रहा भाजपा समर्थित प्रत्याशियों का प्रदर्शन

बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी समर्थित जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशियों का प्रदर्शन अपेक्षानुसार निराशाजनक रहा। कुल 56 वार्ड में से बीजेपी ने 55 पर समर्थन किया था। मतगणना पूरी होने के बाद भाजपा के खाते में मात्र 7 सीट ही आ सकी हैं।

बीजेपी प्रवक्ता द्वारा जारी विजयी प्रत्याशियों की सूची

भाजपा समर्थित प्रत्याशी निम्न सीट पर चुनाव जीते हैं- वार्ड 18 किरतपुर चतुर्थ से संजीव मलिक, वार्ड 20 मोहम्मदपुर देवमल द्वितीय से श्रीमती रुपा रानी, वार्ड 24 हल्दौर द्वितीय से चन्द्रशेखर एडवोकेट, वार्ड 26 हल्दौर तृतीय से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह, वार्ड 29 जलीलपुर द्वितीय से श्रीमती मोनिका कश्यप, वार्ड 46 धामपुर चतुर्थ से श्रीमती शशीबाला तथा वार्ड 50 स्योहारा तृतीय से आयुष चौहान ने विजय प्राप्त की है।

वहीं रालोद, बसपा और सपा को बढ़त मिली है। सपा जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन ने बताया कि जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में सपा समर्थित 20 प्रत्याशी चुनाव जीते हैं। रालोद जिलाध्यक्ष राहुल सिंह के अनुसार 11 प्रत्याशी में से 4 चुनाव जीते हैं। बसपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार ने बताया कि चुनाव में 52 प्रत्याशी उतारे थे, जिसमें 10 प्रत्याशी चुनाव जीते हैं। भाकियू के युवा के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगम्बर सिंह की पत्नी निगम चौधरी भी चुनाव जीत कर जिला पंचायत सदस्य बन गई है।