चप्पल पहनकर बाइक चलाई तो कटेगा चालान

कुछ यातायात नियम ऐसे हैं, जिनके बारे में ज्यादातर लोगों को जानकारी नहीं है। वाहन चालक को लगता है कि वह सभी नियमों का पालन करते हुए सफर कर रहे हैं। उन्हें पता नहीं होता कि वह यातायात नियम का उल्लंघन कर रहे हैं।

नई दिल्ली। मोटर वाहन चलाने वालों को यातायात से जुड़े सभी जरूरी नियमों का पालन करना चाहिए। इससे दो फायदे होंगे, पहला यह कि सुरक्षित यातायात का माहौल बन सकेगा और दूसरा यह कि पुलिस आपका चालान नहीं काटेगी। यातायात से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस द्वारा चालान काटा जाता है, जुर्माना काफी ज्यादा भी हो सकता है। इसके अलावा कुछ मामलों में जेल भी जाना पड़ सकता है। ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि आपका चालान ना कटे तो यातायात नियमों का पालन करें।

चप्पल पहनकर नहीं चला सकते टू-व्हीलर

मौजूदा यातायात नियमों के अनुसार, स्लीपर्स या ‘चप्पल’ पहनकर टू-व्हीलर चलाने की इजाजत नहीं है। इस बारे में शायद बहुत ही कम लोगों को पता है। इसके पीछे कारण यह है कि इस तरह के फुटवियर की वजह पकड़ कमजोर होती है और पैर फिसल सकते हैं। इसके अलावा मोटरसाइकिल पर गियर शिफ्ट करते समय, इस बात की पूरी संभावना है कि इस तरह के फुटवियर से पैर फिसल सकता है और दुर्घटना हो सकती है। इसलिए टू-व्हीलर चलाते समय पूरी तरह से बंद जूते पहनने जरूरी हैं। ऐसा नहीं करने पर 1000 रुपए का जुर्माना लग सकता है।

टू व्हीलर चलाते समय पर ड्रेस कोड
टू व्हीलर चलाते समय ड्राइवर को प्रॉपर ड्रेस कोड का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। जैसे मोटरसाइकिल चलाते वक्त पैंट, शर्ट या टीशर्ट पहनना चाहिए। ये शरीर को पूरी तरह से कवर कर देते हैं। किसी भी हादसे की स्थिति में ये कपड़े शरीर को कुछ हद सुरक्षित रख सकते हैं। अगर आप इस नियम की अनदेखी करते हैं तो आपका 2000 रुपए तक चालान कट सकता है। इसलिए बाइक चलाते वक्त इस नियम का पालन जरूर करें। इसके अलावा, अगर सामान्य नियमों की बात करें तो बाइक पर हेलमेट न पहनने को लेकर 1000 रुपए का जुर्माना लगता है। वहीं, बाइक से जुड़े दस्तावेज नहीं होने पर भी हजारों रुपए का जुर्माना लग सकता है।

उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन पर ध्यान दें किसान- डीएम

डीएम ने की किसानों से उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन पर चर्चा। किसानों ने भी दिये महत्वपूर्ण सुझाव। कृषि विकास में पीएनबी अपनी भागीदारी अवश्य सुनिश्चित करेगासर्किल हेड संजीव मक्कड़

बिजनौर। जनपद के अग्रणी/प्रगतिशील एवं नवोन्मेशी कार्य कर रहे कृषकों एवं कृषक उत्पादक संगठनों के साथ परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन जिलाधकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में किया गया। परिचर्चा कार्यक्रम में विभिन्न किसानों द्वारा किए जा रहे नवोन्मेशी कार्य के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, साथ ही यह भी अवगत कराया गया कि हमारे द्वारा तैयार उत्पादों के विपणन में समस्याएं आ रही है और व्यक्तिगत रूप से उत्पादक किसान उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन करने में सक्षम नहीं है।

कार्यक्रम के दौरान किसानों द्वारा सुझाव दिया गया कि सभी नवोन्मेशी कार्य किसान एक प्लेटफार्म पर आकर आपसी सहयोग एवं समन्वय से तैयार उत्पादों की वैल्यू एडिशन प्रोसेसिंग ग्रेडिंग पैकेजिंग ब्रांडिंग आदि तकनीक को अपनाकर एक दूसरे के उत्पादों का प्रचार प्रसार करते हुए मांग जनरेट करें तथा आपूर्ति एवं विपणन में भी एक दूसरे का सहयोग करें। जिलाधिकारी ने समस्त उपस्थित किसान भाइयों से आह्वान किया कि उपरोक्त समस्या का समाधान क्लस्टर अथवा सामूहिक खेती है और जब हमारे पास कोई भी उत्पाद अधिक मात्रा में होगा तो खरीददार स्वयं हमारे पास आएंगे और दर निर्धारण की हमारी शक्ति भी बढ़ेगी। आप यदि अपने उत्पादों को सीधे ना भेज कर उसकी प्रोसेसिंग व वैल्यू एडिशन करें और साथ ही उसकी अच्छी पैकेजिंग व ब्रांडिंग विपणन करेंगे तो निश्चित रूप से हमें अच्छी व लाभकारी कीमत प्राप्त होगी, परंतु इसके लिए आवश्यक है कि किसानों को एकत्रित होकर क्लस्टर अप्रोच के माध्यम से बड़े क्षेत्र में उत्पाद विशेष का उत्पादन करते हुए इसकी प्रोसेसिंग एवं वैल्यू एडिशन की आधारभूत सुविधाओं को विकसित करने की आवश्यकता है। इसके लिए जो भी आर्थिक मदद अथवा ऋण उपलब्ध कराने की आवश्यकता होगी उसके लिए जिला प्रशासन संबंधित विभाग हमेशा तैयार एवं तत्पर है।

परिचर्चा के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि जनपद में यहां की जलवायु मृदा एवं भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कृषि विकास हेतु क्लस्टर एवं फार्मिंग सिस्टम अप्रोच के आधार पर मॉडल तैयार करने हेतु नवोंमेशी कार्य कर रहे कृषकों की एक कोर कमेटी बनाई जाए, जिनके द्वारा नवोंमेशी कार्य कर रहे कृषकों का डाटा एकत्रित कर तदनुसार जनपद के लिए उपयुक्त मॉडल एवं आवश्यक सुविधाओं की रूपरेखा तैयार कर प्रस्तुत करेंगे।

परिचर्चा कार्यक्रम में पंजाब नेशनल बैंक के सर्किल हेड संजीव मक्कड़ द्वारा भी प्रतिभाग किया गया और आश्वस्त किया गया कि जनपद के कृषि विकास में बैंक अपनी भागीदारी अवश्य सुनिश्चित करेगा और किसानों की हर संभव मदद करने की कोशिश करेगा। कार्यक्रम में जिलाधिकारी द्वारा 30 किसानों को तोरिया बीज के मिनीकिट का नि:शुल्क वितरण भी किया गया।

कार्यक्रम में उप कृषि निदेशक गिरीश चंद, जिला कृषि अधिकारी डॉ अवधेश मिश्र, जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ विजेंद्र सिंह, जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक वीके बंसल, जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड, जिला परियोजना समन्वयक डास्प डॉ. कर्मवीर सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ पिंटू कुमार, विषय वस्तु विशेषज्ञ योगेंद्र पाल सिंह योगी सहित जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 200 प्रगतिशील कृषक व कृषक उत्पादक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

हाथ में लगा हो सैनिटाइजर, तो आरती की थाली से बना कर रखें दूरी

चिकित्सकों का कहना हाथ में लगा हो सैनिटाइजर, तो दूरी बना कर रखें आरती की थाली से

लखनऊ (शैली सक्सेना)। भगवान गणपति बप्पा का उत्सव पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ बुधवार को प्रारंभ हो गया है। हर हिन्दू के हृदय में प्रथम पूज्य श्री गणेशजी के प्रति अगाध श्रद्धा और प्रेम भी है। वहीं कोरोना काल के दौरान जारी कुछ दिशा निर्देश पर आज भी बहुत से लोगों द्वारा पालन किया जा रहा है। बदलते मौसम में आज संक्रामक बीमारियों से बचाव में उक्त सावधानियां बेहद जरूरी भी हैं।ऐसे में हर व्यक्ति को इस बेहद खास बात का ध्यान रखना आवश्यक है कि यदि हाथ में सैनिटाइजर लगा हो, तो आरती की थाली से दूरी बना कर रखें। पूजन की समाप्ति पर आरती की थाली घुमाने की परंपरा है। चिकित्सकों का कहना है कि सैनिटाइजर अत्यधिक ज्वलनशील तरल पदार्थों में से एक है। इसलिए आरती करने या लेने से पहले भले ही अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह से धो लें, लेकिन सैनिटाइजर से दूरी ही बनाए रखना ही समझदारी है। इस छोटी सी बात पर ध्यान नहीं दिया तो कोई बड़ी अनहोनी भी हो सकती है। …और हां कोरोना गाइडलाइंस का पालन करना आप, समाज व देश हित में आवश्यक है।

20 सेकेंड साबुन से धोएं हाथ- यूं तो 20 सेकेंड तक साबुन से हाथ धोने की सलाह डॉक्‍टर्स ने दी है। इसके बावजूद सैनिटाइजर का यूज खूब होता है। इससे हाथ को डिसइंफेक्‍ट करना आसान तो हो जाता है मगर सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, लोगों को अल्‍कोहल-बेस्‍ड हैंड सैनिटाइजर यूज करने चाहिए। इनमें कम से कम 60% अल्‍कोहल होना चाहिए।

सैनिटाइजर से खतरा?
कम से कम 60 पर्सेंट अल्‍कोहल होने के कारण हैंड सैनिटाइजर्स बेहद ज्‍वलनशील होते हैं, अर्थात उनमें बड़ी तेजी से आग लगती है। डॉक्‍टर्स सलाह देते हैं कि सैनिटाइजर्स को ऐसी जगह के पास इस्‍तेमाल ना करें जहां आग लगने की संभावना हो जैसे- रसोई गैस, लाइटर, माचिस आदि। सैनिटाइजर्स को पर्याप्‍त मात्रा में इस्‍तेमाल करें और फिर उसे सूख जाने दें।

इस्‍तेमाल का तरीका-
अगर आपके हाथ गंदे हों तो पहले साबुन और पानी से हाथ धो लें। हैंड सैनिटाइजर में मौजूद अल्‍कोहल तभी काम करता है जब आपके हाथ सूखे हों। ऐसे में सैनिटाइजर की दो-तीन बूंद लेकर अपने हाथों पर रगड़ें। उंगलियों के बीच में सफाई करने के साथ ही हथेलियों के पीछे भी लगाएं। सूखने से पहले सैनिटाजर को ना पोछें, ना ही धोएं।

साबुन है सैनिटाइजर से बेहतर– 
जहां साबुन और पानी न हो सैनिटाइजर का इस्तेमाल वहीं करें। घर पर रहने के दौरान चार से पांच बार साबुन से 20 सेकंड तक हाथ धोना चाहिए। घर से बाहर निकलने पर सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना चाहिए। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च बताती है कि सैनिटाइजर कोरोना वायरस से लड़ने में साबुन जितना कारगर नहीं है। कोरोना वायरस से लड़ने के लिए वही सैनिटाइजर असरदार होगा जिसमें अल्कोहल की मात्रा अधिक होगी। घरों में इस्तेमाल होने वाला साबुन सैनिटाइजर के मुकाबले ज्यादा असरदार है।

श्रम विभाग में नियुक्ति घोटाले के सूत्रधार सपा विधायक?

माननीय के दबाव में हुआ श्रम विभाग का नियुक्ति घोटाला! श्रमिक मृत्यु अंत्येष्टि व विकलांग सहायता योजना में हुआ था घोटाला। बाद में आउटसोर्सिंग पर नियुक्त 12 लड़कों को धमका कर लिया इस्तीफा। उनकी जगह की गईं नियम विरुद्ध नई नियुक्तियां। एक माननीय के दबाव में रचा गया पूरा खेल!

बिजनौर। श्रम विभाग बिजनौर में एक और घोटाला हो गया। श्रमिक मृत्यु अंत्येष्टि व विकलांग सहायता योजना में हुए घोटाले के बाद इसी अगली कड़ी में विभाग द्वारा आउटसोर्सिंग पर की गई नियुक्ति में खेल किये जाने के संकेत मिले हैं। इस मामले का मुख्य सूत्रधार वर्तमान सपा विधायक एवं एक बोर्ड के तत्कालीन सदस्य को बताया जा रहा है!

धमका कर ले लिया 13 कर्मचारियों का इस्तीफा-
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस विभाग में 2015-16 में आउटसोर्सिंग से कुल 13 नियुक्ति की गई थी,  जिसमें से अत्यधिक दबाव व किसी भी मामले में फंसाने की धमकी मिलने के बाद 12 ने 7-1-19 में इस्तीफा दे दिया था। यहाँ गौर करने वाली बात है कि आज की बेरोजगारी में युवा संविदा में जहाँ भर्ती के लिए लाइन में लग जाते हैं ऐसे में श्रम विभाग में चार वर्ष तक आजीविका पर जमे 12 लड़कों को स्वयं इस्तीफा देकर नौकरी छोड़नी पड़ी।

हैरत में डालने वाली कहानी- इस्तीफा दिये जाने की कहानी भी हैरत में डालने वाली है, इस विभाग में पूर्व में कार्यरत रह चुके तथा वर्तमान में सपा के टिकट से विधायक बने एक माननीय को बताया जा रहा है। इस्तीफा दे चुके युवाओं ने बताया कि उस समय श्रम मन्त्री के काफी नजदीक रहे रामौतार सैनी उ० प्र० भवन एवं सह निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के सदस्य पद पर नियुक्त थे। पहले इस विभाग में कार्यरत रहने के कारण यहाँ की उपयोगिता को जानते भी थे। इसलिए रामौतार सैनी ने इन लड़कों पर झूठी शिकायतें करवा कर उच्च स्तर पर दबाव बनाते हुए इस्तीफा देने को मजबूर किया ताकि इनकी इच्छा अनुसार इनके रिश्तेदार व निकटतम को विभाग में रक्खा जा सके। चूंकि रामौतार सैनी प्रदेश में विभाग के प्रतिष्ठित व प्रभावी पद पर आसीन थे, इन युवाओं पर दबाव बनाने में सफल रहे। नाम न बताने की शर्त पर कुछ युवाओं ने दावा किया कि अगर हम इस्तीफा नहीं देते तो हमें किसी भी झूठे मामलों में फंसाया जा सकता था।

तुरंत ही नौकरी पर रख लिये विधायक के रिश्तेदार- गौरतलब है कि इन बारह युवाओं के इस्तीफा देने के बाद ही रामौतार सैनी के भांजे राजवीर सैनी को रख लिया गया। इनके अलावा मेघनाथ सैनी, हिमांशु सैनी, रामौतार सैनी के ड्राइवर के भाई अंकुल व राहुल भारती भी नौकरी हासिल करने वालों में शामिल हैं। इन सभी को जनवरी में पुराने लड़कों के इस्तीफा देने के बाद इसी महीने में रख लिया गया।

मिला था प्रशस्ति पत्र- गौरतलब है कि जिन बारह लड़कों को हटाया गया, उन पर चार वर्षों में कभी कोई आरोप नहीं लगा, न किसी घपले में शामिल रहे। इस बात की पुष्टि में निवर्तमान सहायक श्रम आयुक्त सरजीत सिंह द्वारा इन सभी को सन्तोषजनक कार्य व ईमानदारी से करने के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाना है। इन सभी लड़कों को निवर्तमान सहायक श्रम आयुक्त घनश्याम सिंह के समय हटाया गया था, जो वर्तमान में मेरठ में हैं तथा बातचीत में यह स्वीकार करते हैं कि रामौतार सैनी के दबाव के चलते इन लड़कों को हटाने के लिए इस्तीफे लिए गए थे। घनश्याम सिंह का कहना है कि रामौतार सैनी के दबाव में ही तीन लड़कों सिद्दार्थ चौहान, हेमंत व अभिषेक वालिया के विरुद्ध योजनाओं में अनियमितता बरतने के बारे में शिकायत उच्च स्तर पर की गई थी, जबकि सिद्दार्थ चौहान जो कि अनुसेवक के पद पर कार्यरत् था, उसका किसी योजना से दूर तक कोई लेना देना नहीं था। इन बारह लड़कों  के इस्तीफा देने के बाद एक हफ्ते में ही पहले से तय लड़कों को रख लिया गया। इसके लिए विभाग ने नियुक्ति के लिए किसी समाचारपत्र में न कोई विज्ञप्ति जारी की, न ही कोई नोटिस कार्यालय पर चस्पा किया। रखे गए लड़कों के टाइपिंग टैस्ट तक लिया जाना जरुरी नहीं समझा गया। इस मामले में सपा विधायक का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

डेंगू से सावधानी व सतर्कता बनाए रखने को डीएम की अपील

डेंगू एक गम्भीर रोग, सावधानी व सतर्कता बनाए रखें-जिलाधिकारी। लक्षण दिखने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल में चिकित्सीय परामर्श लें व जांच कराएं। दायित्वों के निर्वहन में यदि शिथिलता या लापरवाही बरती जाती है तो दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध की जायेगी कार्यवाही।

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने शासन स्तर से समय-समय पर कराये गये दिशा-निर्देशों के क्रम में आमजन को अवगत कराते हुए कहा कि डेंगू रोग एक गम्भीर रोग है जो मादा एडीज इजिप्टाई मच्छर के काटने से फैलता है। उन्होंने कहा कि सावधानी व सर्तकता बनायें रखें। लक्षण दिखने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल में चिकित्सीय परामर्श लें व जांच करायें। उन्होंने अधिकारियों के दायित्व निर्धारित करते हुए कहा कि शिथिलता या लापरवाही बरती जाती है तो दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध कार्यवाही करने के साथ ही शासन को सूचित कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि जनपद बिजनौर मे मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिजनौर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गयाहै।

जिलाधकारी ने बताया कि इस रोग का प्रसार अधिकतर माह जुलाई से माह नवम्बर के मध्य होता है। यह मच्छर घर के अन्दर व उसके आस-पास के वातावरण में रहता है और पलता है तथा केवल दिन के समय में काटता है और रात को विश्राम करता है। डेंगू बुखार का वायरस (विषाणु) इन मच्छरों के द्वारा एक प्रभावित व्यक्ति से दूसरे स्वस्थ व्यक्ति में फैलता है। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि डेंगू के नियन्त्रण हेतु विभिन्न कार्यवाहियाँ सुनिश्चित करायी जायें जिसमें प्रत्येक जिला स्तरीय चिकित्सालय में डेंगू के रोगियों के लिये एक पृथक वार्ड चिन्हित किया जाये। प्रत्येक बैड पर रोगी के लिए मच्छरदानी की व्यवस्था हो, सम्भावित डेंगू रोग के सभी रोगियों का चिकित्सालय में भर्ती कर निःशुल्क उपचार किया जाये। इन रोगियों के रोग की पुष्टि हेतु सीरम का जॉच एलाइजा/रेपिड टेस्ट द्वारा कराई जाये। सभी रोगियों का टूर्निकेट टेस्ट तथा प्लेटलेट काउन्ट कराया जाये।
उन्होंने निर्देशित किया कि चिकित्सालय एवं रोगियों के निवास स्थान के क्षेत्र में एडिज इजिप्टाई मच्छर के घनत्व का नियमित अनुश्रवण किया जाये। कन्टेनर इन्डेक्स एवं हाउस इन्डेक्स के माध्यम से एडिज इजिप्टाई मच्छर के लार्वा की जानकारी नियमित रूप से कराई जाये। वाहक मच्छर पर नियन्त्रण हेतु घर के बर्तनों, कूलरों, घड़े, पानी की टंकी में एकत्रित पानी एक सप्ताह के अन्दर अवश्य बदल दें। बहुमंजिली इमारत में वाहक मच्छर की वृद्धि को रोकने के लिये उनके प्रबन्धकों के स्तर से यह सुनिश्चित करा लें कि उनकी इमारतों कूलर, पानी की टंकी आदि दशा में बदल दिया जाये। प्रत्येक व्यक्ति शरीर को अधिक से अधिक ढकने के लिये उपयुक्त कपड़े पहने। मच्छरदानी एवं अन्य उपाय जैसे- मैटस, अगरबत्ती, क्रीम इत्यादि का प्रयोग करे। समस्त स्कूल/कालेज में बच्चों में मच्छर के काटने बचाने की पूरी बॉह के कपडे तथा पैरों में लम्बे मोजे/सलवार इत्यादि पहनने की सलाह दें।

चिकनगुनिया रोग पर भी रखें नजर- उन्होंने कहा कि चिकनगुनिया रोग भी एक वायरस के कारण होता है। इसका प्रसार भी डेंगू के समान एडिज इजिप्टाई मच्छर द्वारा होता है। इस रोग के मुख्य लक्षण भी डेंगू की तरह तेज बुखार के साथ शरीर के सभी जोड़ों में असहनीय दर्द तथा शरीर में दाने होना होता है। इस रोग से बचाव हेतु उपरोक्तानुसार डेंगू के समान सभी उपाय कराये जाएं। रोग की पुष्टि हेतु चिकनगुनिया रोग के सम्भावित रोगियों के सीरम की जाँच एन०सी०डी०सी०, 22 शाम नाथ मार्ग, दिल्ली (भारत सरकार) में भेजकर कराई जाये।

हाई कोर्ट ने तय की जिम्मेदारी- जिलाधकारी ने बताया कि उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा पारित आदेश के द्वारा नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी एवं नगर निगमों व नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी व चेयरमैन अपने क्षेत्र में सामान्य सफाई के लिए उत्तरदायी होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत राज अधिकारी सफाई के लिए उत्तरदायी होगे। निजी नर्सिंग होम के मालिक व्यवस्थापक एवं प्रभारी अपने जनपद के जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी को डेंगू से पीड़ित व्यक्ति की पॉजिटिव रिपोर्ट होने पर अनिवार्य रूप से सूचित करेगें। राज्य सरकार रोग से बचाव हेतु किये जाने वाले उपायों की जनसामान्य में जानकारी हेतु व्यापक प्रचार- प्रसार करेगी।

सीएमओ बनाए गए नोडल अधिकारी- डीएम ने कहा कि उपरोक्त निर्देशों का कड़ाई के साथ अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु जनपद बिजनौर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिजनौर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्वयं यह सुनिश्चित करेंगे कि निर्धारित प्रारूप पर सूचना शासन को प्रत्येक दिन समय से प्राप्त होती रहे। कोविड-19 महामारी को दृष्टिगत रखते हुए सोशल डिस्टेसिंग व व्यक्तिगत स्वच्छता/सेनिटाईजेशन को अपनाते हुए समस्त विभागाध्यक्ष अपने से सम्बन्धित कार्याे/निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराना सुनिश्चित करें।

अब माह के प्रथम व तृतीय बुधवार को होगा “ब्लाक दिवस” का आयोजन

थाना व तहसील दिवस की तरह एक नई कवायद। प्रदेश के समस्त विकास खण्डों में माह के प्रथम एवं तृतीय बुधवार को “ब्लाक दिवस” का होगा आयोजन। अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने किया इस बाबत शासनादेश जारी।

लखनऊ। तहसीलों पर आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस व थानों पर आयोजित समाधान दिवस की तर्ज पर अब ब्लाक दिवस भी आयोजित किये जायेंगे। ग्रामीण क्षेत्र की बिजली, पानी, सड़क, आवास, पेंशन, शौचालय आदि समस्याओं का निदान ब्लाक मुख्यालयों पर किया जायेगा। संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रत्येक समस्या सुनने के बाद उसकी जांच कराकर निराकरण किया जायेगा।

अपर मुख्य सचिव ग्राम विकास विभाग मनोज कुमार सिंह ने इस बाबत शासनादेश जारी करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की जन – समस्याओं / शिकायतों के प्रभावी निस्तारण हेतु यह आवश्यक है कि ग्राम्य जन अपनी समस्याओं / शिकायतों के संबंध में विकास खण्डों में तैनात खण्ड विकास अधिकारियों से माह में कम से कम 02 दिन निर्धारित दिवस को सीधे संवाद कर सकें।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि जन सामान्य की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के दृष्टिगत प्रदेश के प्रत्येक विकास खण्ड मुख्यालयों पर माह के प्रथम एवं तृतीय “बुधवार” को “ब्लाक दिवस” का प्रातः 10 बजे से 2.00 बजे तक आयोजन कराये जाने का निर्णय लिया गया है। “ब्लाक दिवस” में विकास खण्ड में कार्यरत समस्त अधिकारियों / कर्मचारियों यथा खण्ड विकास अधिकारी, संयुक्त खण्ड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी आदि द्वारा प्रतिभाग किया जायेगा। विकास खण्डों में आयोजित “ब्लाक दिवस” के सफलता पूर्वक आयोजन कराये जाने हेतु संबधित विकास खण्ड के खण्ड विकास अधिकारी प्रभारी / नोडल अधिकारी होंगे।

अनु सचिव उमाकान्त सिंह ने उत्तर प्रदेश के समस्त मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, ब्लाक प्रमुख, जिला विकास अधिकारी / परियोजना निदेशक / उपायुक्त ( श्रम रोजागार / स्वतः रोजगार) द्वारा जिलाधिकारी / मुख्य विकास अधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी, निदेशक, पंचायतीराज, खण्ड विकास अधिकारी द्वारा संबंधित जिलाधिकारी को आदेश की प्रतिलिपि सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की है। उपर्युक्त निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।

त्योहारों को लेकर एसपी सिटी ने शहर में की पैदल गश्त

बिजनौर। आगामी त्योहारों को सकुशल सम्पन्न कराने एवं जनपद की कानून व्यवस्था को सुदृढ करने हेतु पुलिस प्रशासन बेहद सतर्कता बरत रहा है। इसी के साथ ही आमजन को सुरक्षा का अहसास कराने के लिए सक्रिय भी है। इसी क्रम में गुरुवार को अपर पलिस अधीक्षक नगर डॉ प्रवीण रंजन सिंह द्वारा थाना कोतवाली शहर क्षेत्रान्तर्गत पुलिस फोर्स के साथ पैदल गश्त की गई।

स्कूली वाहनों में सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन यन्त्र लगवाने के निर्देश

स्कूली वाहनों के फिटनेस व अन्य मानक पूर्ण करने की चेतावनी

बिजनौर। तहसील सदर बिजनौर के सभागार में उप जिलाधिकारी, सदर बिजनौर की अध्यक्षता में ’’विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति’’ के सम्बन्ध में बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान तहसील बिजनौर के जिन माध्यमिक विद्यालयों, डिग्री कालेजों/तकनीकी संस्थानों में स्कूली बसों व अन्य स्कूली वाहन उपलब्ध हैं अथवा अनुबन्धित वाहन हैं, के संस्थाधिकारियों को बुलाया गया था। बैठक में शैक्षणिक संस्थाओं के संस्थाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, बिजनौर, सह जिला विद्यालय निरीक्षक, बिजनौर एवं खण्ड शिक्षा अधिकारी, मौ0पुर देवमल/हल्दौर आदि उपस्थित रहे।

बैठक में सह जिला विद्यालय निरीक्षक, बिजनौर द्वारा उत्तर प्रदेश मोटर यान (छब्बीसवॉं संशोधन) नियमावली, 2019 में दिये गये दिशा निर्देशों के सम्बन्ध में जानकारी दी गयी।
जिला विद्यालय निरीक्षक, बिजनौर द्वारा विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति के गठन एवं मानकानुसार स्कूली वाहनों की फिटनेस, ड्राईवरों/परिचर का स्वास्थ्य परीक्षण आदि कराये जाने के निर्देश दिये गये।

गठित कर लें विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति’’- उप जिलाधिकारी, बिजनौर द्वारा निर्देशित किया गया कि सम्बन्धित समस्त शिक्षण संस्थाएं ’’विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति’’ गठित कर लें तथा विद्यालय परिवहन समिति की बैठक नियमानुसार वर्ष में 04 बार करायें। स्कूली वाहन हेतु शासनादेशानुसार फीस का निर्धारण कर लें। स्कूली वाहनों की सहायक सम्भागीय परिवहन कार्यालय से मानकानुसार फिटनेस कराकर ही मार्ग पर संचालित किये जायं। ड्राईवरों व परिचर की मानकानुसार ड्रेस निर्धारित की जाए तथा पुलिस के द्वारा उनके चरित्र के बारे में सत्यापन अवश्य करा लिया जाए एवं ड्राईवर व परिचर का स्वास्थ्य परीक्षण, विशेषतया नेत्र परीक्षण करा लिया जाए। छात्रों के परिवहन करने वाली स्कूली वाहन मानक के अनुरूप हो तथा वैध फिटनेस, वैध परमिट, वैध बीमा कर जमा युक्त हों। स्कूली वाहनों में सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन यन्त्र तथा यथासम्भव जीपीएस लगवाये जाएं। स्कूली वाहनों पर संस्था, पुलिस हेल्पलाइन आदि का मोबाईल नम्बर अंकित करा लिया जाए। छात्र-छात्राओं की संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए, छात्र-छात्राओं को स्कूली वाहन से लाने एवं ले जाने वाले वाहनों में विद्यालय के शिक्षक को उनके साथ अवश्य भेजा जाए। ड्राईवरों एवं परिचर के पास संस्था का परिचय-पत्र होना आवश्यक है।
निर्देशित किया गया कि कोई भी वाहन अवैध रूप से एवं बिना मानक पूर्ण किये संचालित न किये जाएं। समस्त संस्थाएं विद्यालय सुरक्षा समिति के दायित्वों को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करायेंगे। किसी प्रकार की अनियमितता एवं निर्देशों की अवहेलना के लिए शिक्षण संस्थाएं किसी भी कार्यवाही के लिए स्वयं उत्तरदायी होंगी।

फिटनेस के लिए पुलिस कर्मियों से लगवाई दौड़

बिजनौर। अपर पुलिस अधीक्षक नगर डा. प्रवीन रंजन सिंह ने रिजर्व पुलिस लाइन में परेड की सलामी लेने के साथ ही शारीरिक व मानसिक रूप से फिट रहने के लिए पुलिस कर्मियों से दौड़ लगवाई।

एएसपी नगर डा. प्रवीन रंजन सिंह ने मंगलवार को रिजर्व पुलिस लाइन्स में परेड की सलामी ली। परेड का निरीक्षण करने के उपरांत सभी पुलिसकर्मियों को दौड़ लगवाकर तथा व्यायाम के माध्यम से शारीरिक एवं मानसिक रूप से फिट रहने के लिये प्रेरित किया। रिजर्व पुलिस लाइन्स के भ्रमण/ निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुलिस सब्सिडियरी कैंटीन, पीआरवी गाड़ियों के रख-रखाव एवं फिटनेस को चैक किया। इसके अलावा पुलिस मैस में भोजन की गुणवत्ता को चैक कर साफ-सफाई तथा खाने की उच्च गुणवत्ता बनाये रखने के लिये प्रतिसार निरीक्षक व सम्बंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान सर्वम सिंह पुलिस उपाधीक्षक (प्रशिक्षु), शिवबालक वर्मा प्रतिसार निरीक्षक तथा अन्य पुलिस अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

अब दिन रात कभी भी फहरा सकेंगे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने “भारतीय झंडा संहिता” में संशोधन किया है। जिसके अंतर्गत अब राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा को दिन में और रात में फहरा सकते हैं। नये नियम के अनुसार अब पोलिस्टर एवं मशीन के द्वारा बनाए गए तिरंगे का भी उपयोग किया जा सकेगा।

इस बार सरकार आजादी के पर्व को एक अलग ही अंदाज में मनाने जा रही है। आपको बता दें कि इस बार आजादी के अमृत महोत्सव’ के तहत सरकार 13 से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम की शुरुआत करने जा रही है। इस कार्यक्रम की सफलता के लिए शासन प्रशासन पूरी लगन के साथ जुटा है।

सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सचिवों को लिखे एक पत्र में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का प्रदर्शन, फहराना और उपयोग भारतीय झंडा संहिता, 2002 और राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत आता है। जिसके अनुसार भारतीय झंडा संहिता, 2002 में 20 जुलाई, 2022 के एक आदेश के जरिए संशोधन किया गया है।

अब भारतीय झंडा संहिता, 2002 के भाग-दो के पैरा 2.2 के खंड (11) को अब इस तरह पढ़ा जाएगा- ‘जहां झंडा खुले में प्रदर्शित किया जाता है या किसी नागरिक के घर पर प्रदर्शित किया जाता है, इसे दिन-रात फहराया जा सकता है। इससे पहले, तिरंगे को केवल सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराने की अनुमति थी। झंडा संहिता के बदले गए प्रावधान में अब  ‘राष्ट्रीय ध्वज हाथ से काता और हाथ से बुना हुआ या मशीन से बना हुआ/कपास/पॉलिएस्टर/ऊन/ रेशमी खादी से बना होगा। इससे पहले, मशीन से बने और पॉलिएस्टर से बने राष्ट्रीय ध्वज के उपयोग की अनुमति नहीं थी।

राहत: बिना पैकिंग के आटा दाल लस्सी बेचने पर GST नहीं

नई दिल्ली (एजेंसी)। हाल ही में देश में कई चीजों के दाम बढ़ गए हैं। इस बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक लिस्ट शेयर करते हुए कहा कि लिस्ट में मौजूद 14 चीजों को यदि खुला (Loose) बेचा जाएगा, अर्थात बिना पैकिंग के बेचा जाएगा तो उन पर जीएसटी की कोई भी दर लागू नहीं होगी। इस लिस्ट में दाल, गेहूं, बाजरा, चावल, सूजी और दही/लस्सी जैसी रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली महत्वपूर्ण चीजें शामिल हैं अनाज, चावल, आटा और दही जैसी चीजों पर 5 फीसदी GST के सरकार के फैसले का बचाव करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह जीएसटी केवल उन्हीं उत्पादों पर लागू है जो प्री-पैक्ड और लेबल्ड हैं। विदित हो कि पिछले महीने जीएसटी परिषद की चंडीगढ़ में हुई 47वीं बैठक में ये फैसले लिए गए थे।

GST को लेकर फैली हैं गलतफहमियां
निर्मला सीतारमण ने आगे बताया कि, ‘हाल ही में, जीएसटी परिषद ने अपनी 47 वीं बैठक में दाल, अनाज, आटा जैसे विशिष्ट खाद्य पदार्थों पर जीएसटी लगाने के फैसले पर पुनर्विचार करने की सिफारिश की है। हालांकि काफी गलतफहमियां फैली है, यहां तथ्यों को सामने लाने की कोशिश है।’ “क्या यह पहली बार है; जब इस तरह के खाद्य पदार्थों पर कर लगाया जा रहा है? नहीं, राज्य सरकारें जीएसटी से पहले की व्यवस्था में खाद्यान्न से काफी राजस्व एकत्र कर रहे थे। अकेले पंजाब ने पर्चेज टैक्स के रूप में खाद्यान्न पर 2,000 करोड़ रुपए से अधिक का संग्रह किया। यूपी ने ₹700 करोड़ जुटाए।

“सेवा मित्र” एप से घर बैठे पाएं विभिन्न सेवाएं

घर बैठे सेवाएं पाने के लिये डाउनलोड करें सेवा मित्र एप 

बिजनौर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सेवामित्र पोर्टल एप विकसित किया गया है। इसे प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है, जिले के कई सेवाप्रदाता इससे जुड़े हैं। 0

जिला सेवायोजन अधिकारी ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्र में कुशल युवा सेवामित्र पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इस पोर्टल पर एसी सर्विस एण्ड रिपेयर, कारपेन्टर, आई0 टी0 हार्डवेयर एण्ड सर्विसेज, मैन पावर सर्विस, प्रिंटिंग सर्विस, आर०ओ० रिपेयर, सैलून, वैल्डिंग, स्वास्थ्य आदि सेवाएं उपलब्ध हैं, जो ग्राहकों को घर बैठे सेवाएं प्रदान कर रही हैं। इसके जरिये कुशल युवाओं को भी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। सभी सरकारी कार्यालयों को भी निर्देश दिये गये हैं कि इस एप से ही सेवाएं ली जायें।

जुड़ने के लिए कोई भी करा सकता है रजिस्ट्रेशन-
जिला सेवायोजन अधिकारी ने बताया कि सेवामित्र पोर्टल से जुड़ने के लिये कोई भी कम्पनी या कुशल युवा अपना पंजीकरण कराकर सेवाप्रदाता बन सकते हैं। कम्पनियों को पंजीकरण करने के लिये सभी प्रमाण पत्रों की जाँच की जाती है, इसके बाद ऑनबोर्ड करने से पहले कम्पनी और सेवायोजन विभाग के बीच एक एमओयू भी साइन किया जाता है। कुशल कामगार (स्किल्ड वर्कर) को पंजीकृत होने के लिये किसी मान्यता प्राप्त संस्था से सर्टिफाइड होना आवश्यक है। पंजीकरण करने वाले के पास आई०टी०आई० या अन्य किसी मान्यता प्राप्त संस्थान का प्रमाण पत्र होना चाहिए।

20 जुलाई को महिला जन सुनवाई एवं जागरूकता चौपाल

विकास भवन बिजनौर में 20 जुलाई को महिला जन सुनवाई एवं जागरूकता चौपाल। राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती अवनी सिंह की अध्यक्षता में किया जाएगा आयोजन।

बिजनौर। महिलाओं की समस्याओं के निस्तारण, उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी व लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से 20 जुलाई को पूर्वाहन 11ः30 बजे विकास भवन सभागार बिजनौर में महिला जनसुनवाई एवं जागरूकता चौपाल का आयोजन किया गया है। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जन सामान्य को सूचित करते हुए बताया कि कार्यक्रम का आयोजन राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती अवनी सिंह की अध्यक्षता में किया जाएगा।


उन्होंने जनसुनवाई के सफल आयोजन व अधतन आख्या के लिए पुलिस अधिकारियों व मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र भी प्रेषित किया है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वह अपनी समस्याओं को सदस्य राज्य महिला आयोग के समक्ष रख सकती हैं, जिसका गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश की प्राथमिकताओं में आमजन व महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण कराना है। उन्होंने बताया कि विकास खंड नूरपुर व स्योहारा मे राज्य महिला आयोग की  सदस्य श्रीमती अवनी सिंह की अध्यक्षता में जन सुनवाई जन जागरूकता चौपाल व शिविर का आयोजन भी किया जाएगा।

कांवड़ यात्रा को लेकर गोष्ठी में एसपी ग्रामीण ने दिये व्यापक दिशा निर्देश

औचक निरीक्षण को पहुंचे थाना नगीना देहात 

बिजनौर। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री राम अर्ज ने थाना नगीना देहात का आकस्मिक निरीक्षण किया।

इस दौरान उन्होंने महिला हेल्प डेस्क, सीसीटीएनएस, थाना कार्यालय, शस्त्रागार आदि को चैक किया तथा संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

बाद में थाना प्रांगण में कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले थाना क्षेत्र के डीजे संचालकों व ग्राम प्रधानों के साथ गोष्ठी आयोजित कर कांवड़ के सम्बन्ध में शासन के दिशा-निर्देशों से अवगत कराया गया।

एसपी ग्रामीण ने सभी से कांवड़ यात्रा सकुशल संपन्न कराने हेतु पुलिस का सहयोग करने की अपील की।

उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों व गोदामों में आकस्मिक छापों से हड़कंप

बिजनौर। शासन के निर्देश एवं जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों व गोदामों में आकस्मिक छापामार कार्यवाही से हड़कंप मच गया।

छापामार कार्यवाही उप क़ृषि निदेशक गिरीश चन्द्र, जिला गन्ना अधिकारी प्रभू नाथ सिंह, जिला क़ृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्र, सहायक आयुक्त/सहायक निबंधक (सहकारिता) प्रदीप कुमार सिंह, उप संभागीय क़ृषि प्रसार अधिकारी सदर मनोज रावत, जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र कुमार की संयुक्त टीमों द्वारा की गयी। इस दौरान बिक्री केंद्रों के अभिलेखों एवं स्टॉक की जाँच की गई और सभी उर्वरकों, विशेषकर यूरिया उर्वरक की पॉस मशीन में उपलब्ध स्टॉक का मिलान गोदाम में रखे गए भौतिक स्टॉक से किया गया। इस छापामार कार्यवाही के दौरान कुल 59 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और 29 उर्वरक के नमूने लिए गए।

दुकानें बंद कर भागे; 10 को नोटिस- इस दौरान 10 प्रतिष्ठानों यथा मै. खान खाद भंडार, किरतपुर, मै. शिव किसान सेवा केंद्र से स्याऊ रोड मुकरपुर गुर्जर, मै. कृषि केंद्र (एग्री जक्शन) वन स्टॉप शॉप छाछरी मोड़, मै. दीप इंटरप्राइजेज हीमपुर दीपा, मै.महावीर इंटरप्राइजेज रावटी, मै. चौधरी फर्टिलाइजर रावटी, मै. किसान सेवा केंद्र रावटी, मै. महलके कृषि सेवा केंद्र रौनिया, मै. कृषि सेवा केंद्र रौनिया एवं मै. बालाजी बीज भंडार चांदपुर के द्वारा प्रतिष्ठान बंद कर भाग जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उर्वरक प्राधिकार पत्र को निलंबित किया गया है।

नहीं मिली कोई गड़बड़ी- छापामार कार्यवाही के समय ओवर रेटिंग, कालाबाज़ारी, टैगिंग आदि का कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया। छापामार कार्रवाई के दौरान समस्त विक्रेताओं को सचेत करते हुए निर्देशित किया गया कि उर्वरकों का वितरण किसानों की कृषि योग्य भूमि और बोई गई फसल के सापेक्ष तत्कालीन आवश्यकता के अनुसार पॉस मशीन से ही किया जाए तथा स्टॉक एवं वितरण पंजिका के साथ-साथ कृषकों द्वारा क्रय किए गए उर्वरकों का विवरण एक पृथक पंजिका में भी अनिवार्य रूप से रखा जाए, जिसमें कृषक का नाम, पिता का नाम और पूर्ण पता, आधार नंबर, मोबाइल नंबर एवं क्रय किए गए उर्वरक का प्रकार व मात्रा, कृषि योग्य भूमि और बोई गई फसल आदि का विवरण अनिवार्य रूप से अंकित किया जाए। किसी भी दशा में यूरिया एवं अन्य मुख्य उर्वरकों की बिक्री बल्क में ना किए जाने के निर्देश दिए गए। उक्त कार्रवाई के दौरान पॉस मशीन के स्टॉक एवं गोदाम में भंडारित स्टाक में कोई अंतर नहीं पाया गया।

मुख्य उर्वरक के साथ कोई अन्य उर्वरक अथवा कीटनाशी रसायन नहीं- निरीक्षण के दौरान सभी उर्वरक विक्रेताओं को हिदायत दी गयी कि सभी उर्वरक की बिक्री निर्धारित मूल्य पर ही की जाए तथा मुख्य उर्वरक के साथ किसी अन्य उर्वरक अथवा कीटनाशी रसायन आदि की टैगिंग किसी भी दशा में न की जाए, अन्यथा की दशा में उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि क्रेता किसानों को क्रय किए गए उर्वरक एवं कीटनाशक रसायनों की कैश मेमो रसीद अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।

डाक विभाग के इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में ₹299 में होगा 10 लाख का बीमा – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

डाक विभाग के इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में ₹299 में होगा 10 लाख का बीमा – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

लखनऊ। महंगे प्रीमियम पर बीमा करवाने में असमर्थ लोगों के लिए डाक विभाग का इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक एक विशेष सामूहिक दुर्घटना सुरक्षा बीमा लेकर आया है, जिसमें वर्ष में महज 299 और 399 रुपए के प्रीमियम के साथ लाभार्थी का 10 लाख रुपए का बीमा होगा। एक साल खत्म होने के बाद अगले साल यह बीमा रिन्यू करवाना होगा। इसके लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में लाभार्थी का खाता होना अनिवार्य है। उक्त जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने दी।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और टाटा ए.आई.जी के मध्य हुए एक एग्रीमेंट के तहत 18 से 65 वर्ष आयु के लोगों को यह सामूहिक दुर्घटना बीमा सुरक्षा मिलेगी। इसके तहत, दोनों प्रकार के बीमा कवर में दुर्घटना से मृत्यु, स्थाई या आंशिक पूर्ण अपंगता, अंग विच्छेद या पैरालाइज्ड होने पर 10 लाख रुपए का कवर मिलेगा। साथ ही साथ इस बीमा में दुर्घटना से हॉस्पिटल में भर्ती रहने के दौरान इलाज हेतु 60,000 रुपए तक का आई.पी.डी खर्च और ओ.पी.डी में 30,000 रुपए तक का क्लेम मिलेगा। वहीं, 399 रुपए के प्रीमियम बीमा में उपरोक्त सभी लाभों के अलावा दो बच्चों की पढ़ाई के लिए एक लाख तक का खर्च, दस दिन अस्पताल में रोजाना का एक हजार खर्च, किसी अन्य शहर में रह रहे परिवार हेतु ट्रांसपोर्ट का 25,000 रूपए तक का खर्च और मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए 5,000 तक का खर्च मिलेगा।

इस बीमा सुविधा में पंजीकरण के लिए लोग अपने नजदीकी डाकघर में संपर्क कर सकते हैं। इसके तहत ज्यादा से ज्यादा लोगों को कवर करने हेतु डाक विभाग द्वारा ‘मिशन सुरक्षा’ अभियान 15 अगस्त तक चलाया जा रहा है।

अब डाकघरों में भी मिलेगी एन.ई.एफ.टी सुविधा

डाकघरों में भी आरम्भ हुई एन.ई.एफ.टी सुविधा, बैंक और पोस्ट ऑफिस के बीच लेनदेन हुआ आसान

एन.ई.एफ.टी सुविधा हेतु पोस्टऑफिस का आई.एफ.एस.सी कोड  IPOS0000DOP – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

लखनऊ। भारत सरकार ने डाकघर के बचत खाताधारकों के लिए भी इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (एन.ई.एफ.टी) की सुविधा आरम्भ कर दी है। इससे किसी भी बैंक के खाते से डाकघर खाते में और डाकघर खाते से बैंक खाते में राशि ऑनलाइन ट्रांसफर हो सकेगी। डाकघर काउण्टर्स, इंटरनेट बैंकिंग अथवा मोबाइल बैंकिंग के जरिए इस सुविधा का लाभ उठाया जा सकता है। काउंटर्स के माध्यम से इस सेवा का लाभ लेने के लिए ग्राहकों का डाकघर में बचत खाता होना चाहिए तथा एन.ई.एफ.टी द्वारा राशि ट्रांसफर के लिए ग्राहकों को एक मैंडेट फॉर्म भरकर काउंटर पर देना होगा। उक्त जानकारी देते हुए वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाकघर खातों में धनराशि के ट्रांसफर के लिए देश के सभी डाकघरों के लिए केवल एक ही आई.एफ.एस.सी कोड  IPOS0000DOP होगा। पूरे भारत के सभी डाकघरों का एक ही आई.एफ.एस.सी कोड होने से ग्राहकों को प्रत्येक डाकघर का अलग से आई.एफ.एस.सी कोड नहीं ढूँढना पड़ेगा।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर की सुविधा से लोगों को काफी सहूलियत होगी। डाकघरों के लोक भविष्य निधि (पी.पी.एफ) व सुकन्या समृद्धि योजना के खाताधारक अपने इन खातों में बैंक के जरिये एन.ई.एफ.टी द्वारा घर बैठे राशि जमा कर सकते हैं। एन.ई.एफ.टी में राशि ट्रांसफर करने की न्यूनतम सीमा 1 रुपये तथा अधिकतम सीमा 15 लाख है। इंटरनेट बैंकिंग अथवा मोबाइल बैंकिंग के तहत एक दिन में अधिकतम 5 ट्रांजैक्शन तथा प्रति ट्रांजैक्शन अधिकतम 2 लाख रुपए एवं प्रतिदिन 10 लाख रुपए एन.ई.एफ.टी किये जा सकते हैं। पोस्टमास्टर जनरल श्री यादव ने आगे बताया कि दस हजार रुपए तक की एन.ई.एफ.टी के लिए खाताधारकों को 2.50 रुपए व जी.एस.टी देना होगा। दस हजार से एक लाख रुपए तक के लिए यह चार्ज बढकर पाँच रुपए व जी.एस.टी होगा। इसके अलावा एक लाख से दो लाख रुपए तक के लिए 15 रुपए व जी.एस.टी और 2 लाख से अधिक की रकम के लिए 25 रुपए व जी.एस.टी देना होगा। इंटरनेट बैंकिंग अथवा मोबाइल बैंकिंग के तहत यह सुविधा 24 घण्टे मुफ्त में उपलब्ध है।

गौरतलब है कि वित्तीय समावेशन में डाकघरों की अहम भूमिका है। ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी अधिकांश लोगों के खाते डाकघरों में खुले हुए हैं। ऐसे में भारत सरकार द्वारा पोस्ट ऑफिस में भी एन.ई.एफ.टी सुविधा आरम्भ करने से लोगों को काफी सहूलियत होगी। 

सरकारी स्कूलों में अब होगी तिमाही परीक्षा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब तिमाही परीक्षा की शुरुआत की जाएगी, यानी हर तीन महीने पर स्टूडेंट्स को परीक्षा देनी होगी. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बेसिक शिक्षा विभाग में ये बदलाव किया जा रहा है।  दरअसल बेसिक शिक्षा विभाग के नए सत्र की शुरुआत 1 अप्रैल 2022 से हुई है और 16 जून तक बच्चों के गर्मी की छुट्टी खत्म खोने के बाद स्कूल खोल दिए गए हैं। अप्रैल से शुरू हुए सेशन में जून तक 3 महीने कि पढ़ाई पूरी हो गई है इसीलिए जुलाई के अंत में अब इन स्कूलों में परीक्षाएं करवाई जाएंगी। इस तरह से पहली परीक्षा जुलाई, फिर अक्टूबर और जनवरी में परीक्षा कराने की तैयारी की जा रही है।

हर तीन महीने में परीक्षा

बेसिक शिक्षा विभाग कि ओर से हर जिले में तिमाही परीक्षा करवाने के निर्देश दे दिए गए हैं। विभागीय सूत्रों ने बताया कि शिक्षा विभाग ने तिमाही परीक्षा करवाने के निर्देश दिए हैं।  परीक्षा का परिणाम एक हफ्ते में आएगा, इन परीक्षाओं से स्टूडेंट्स और टीचर दोनों को फायदा होगा क्योंकि टीचर्स आसानी से पता लगा सकेंगे कि बच्चों ने उनके पढ़ाए हुए सिलेबस को कितना समझा है। इसके साथ ही बच्चों पर भी एकसाथ बोझ नहीं पड़ेगा और वो थोड़ी-थोड़ी तैयारी करते रहेंगे।

पढ़ाई में मिलेगी बच्चों को मद

दरअसल तिमाही परीक्षा के निर्णय से पहले राज्य सरकार ने साल में 2 बार मिशन प्रेरणा के तहत परीक्षा का निर्णय लिया था, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से ये नही हो पाया। वहीं तिमाही परीक्षा को लेकर शिक्षा विभाग का कहना है कि उससे बच्चों की पढ़ाई और बेहतर होगी क्योंकि समय समय पर उनका आंकलन हो सकेगा। बच्चे जिस सब्जेक्ट में कमज़ोर होंगे, उन्हें उस हिसाब से पढ़ाई करवाई जाएगी। जिन बच्चों के अच्छे अंक नहीं आएंगे, उन्हें रेडमीडियल टीचिंग के तहत पढ़ाया जाएगा और फिर जो अगला एग्जाम होगा उसमें चेक किया जाएगा कि टीचिंग तकनीक से बच्चों को कितना फायदा हुआ है।

आर्टीफिशियल इंटैलीजेंस टेक्निक से चेक होंगी कॉपियां

योगी सरकार ने रिजल्ट जल्दी और आसानी से तैयार करने के लिए एक ऐप तैयार किया है। आर्टीफिशियल इंटैलीजेंस टेक्निक से कॉपियों की चेकिंग होगी। इस ऐप की टेस्टिंग लखनऊ में हुई थी, लेकिन प्रदेश स्तर पर इसका इस्तेमाल नहीं किया गया है। उम्मीद है इस ऐप का इस्तेमाल जल्द की जाए। हाल ही में सरकार ने यूपी के स्कूलों एग्जाम पैटर्न में बदलाव किया था। नई शिक्षा नीति के तहत बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए यूपी शिक्षा विभाग ने कई बदलाव किए हैं।

मृतक आश्रित को सौंपा रुपए दो लाख का चैक

हमारी प्रतिबद्धता ग्रामीण विकास

मुरादाबाद। हमारी प्रतिबद्धता ग्रामीण विकास के नारे को चरितार्थ करते हुए प्रथमा यू.पी. ग्रामीण बैंक और फ्यूचर जनरली इण्डिया इन्शोरेंस कम्पनी ने मृतक आश्रित को रूपए 2,00,000/- की राशि के बीमे का चैक प्रदान किया।

शाखा असालतपुर जारई, सम्भल में मृतक खातेदार प्रेम पाल के परिजनों को बीमा राशि का चैक सौंपा गया।

अब नहीं हो सकेगी “गुड हेल्थ” कैप्सूल की बिक्री

आयुर्वेदिक औषधि “गुड हेल्थ” नामक कैप्सूल पर लगा प्रतिबंध। मेडिकल स्टोर स्वामियों को उक्त औषधि की बिक्री न करने के दिए गए निर्देश।

बिजनौर। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी बिजनौर डॉ प्रमोद कुमार ने लाइसेंस अधिकारी/निदेशक आयुर्वेद सेवाएं उत्तर प्रदेश, लखनऊ के पत्र के क्रम में निर्देश जारी किए हैं। इसके अनुसार जिले के सभी मेडिकल स्टोर स्वामी को निर्देशित किया है कि जिला बिजनौर में अगर किसी मेडिकल स्टोर पर “गुड हेल्थ” नामक कैप्सूल, जो कि आयुर्वेदिक औषधि है, की बिक्री की जा रही है, तो उसे तत्काल प्रभाव से बंद कर दें। उन्होंने बताया कि उक्त औषधि में परीक्षण के बाद स्ट्राइड की मात्रा पाई गई है जो जन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

यूपी के 10 विभागों में सैकड़ों अधिकारियों कर्मचारियों के तबादले

लखनऊ। विभिन्न विभागों में अफसरों के ताबड़तोड़ तबादले गुरुवार को कर दिए गए। 30 जून को तबादला नीति की मियाद खत्म होने के मद्देनजर विभागों में देर रात तक स्थानांतरण आदेश जारी करने का सिलसिला चलता रहा। इनमें स्वास्थ्य, सिंचाई, बिजली, राजस्व, पंचायती राज, ग्राम्य विकास, श्रम, खाद्य एवं रसद, परिवहन, लोक निर्माण, आवास, नगर विकास, होमगार्ड, बाल विकास एवं पुष्टाहार, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा आदि प्रमुख हैं। कई विभागों में तबादला आदेश बाकायदा जारी कर दिए गए हैं जबकि कई विभागों में इसे गोपनीय रखा गया है। इतने बड़े स्तर पर तबादले की खबर से अफसरों और कर्मचारियों में खलबली मची हुई है।

सिंचाई विभाग में 185 जेई का तबादला

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में 185 जूनियर इंजीनियरों का तबादला किया गया है। यह सभी सिविल इंजीनियर हैं। इन्हें एक सप्ताह में नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के आदेश दिए गए हैं। विभाग के मुख्य अभियंता (कार्मिक) हर प्रसाद ने गुरुवार को इनका तबादला आदेश जारी कर दिया।

डेढ़ दर्जन जिला खाद्य विपणन अधिकारियों के तबादले

खाद्य व रसद विभाग में डेढ़ दर्जन जिला खाद्य विपणन अधिकारियों के तबादले कर दिए गए। संजय कुमार पाण्डेय को सोनभद्र से बस्ती, अरुण कुमार त्रिपाठी को वाराणसी से शाहजहांपुर, अनूप श्रीवास्तव को चंदौली से कन्नौज, अमित कुमार चौधरी को सोनभद्र, प्रिंस चौधरी को पीलीभीत से गाजियाबाद, विवेक सिंह को फर्रुखाबाद से महाराजगंज, गोरखनाथ को बस्ती से फर्रुखाबाद, सौरभ यादव को चंदौली, सुनील भारती को बरेली से वाराणसी, विकास चन्द्र तिवारी को जालौन से पीलीभीत, अविनाश झा को फतेहपुर से चित्रकूट, संजय श्रीवास्तव को चित्रकूट से फतेहपुर, गोविंद उपाध्याय को आजमगढ़ से जालौन, कमलेश पाण्डेय को शाहजहांपुर से बरेली और समरेन्द्र प्रताप को कन्नौज से हापुड़, जिला खाद्य विपणन अधिकारी संतोष कुमार पटेल को इटावा से खीरी और लालमणि पाण्डे को खीरी से इटावा भेजा गया है।

खाद्य व रसद विभाग: एक दर्जन जिला पूर्ति अधिकारियों के तबादले

खाद्य व रसद विभाग में भारी संख्या में तबादले किए गए।  46 विपणन निरीक्षकों, 43 पूर्ति निरीक्षकों, 40 क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों और 40 क्षेत्रीय विपणन अधिकारियों के तबादले किए गए। खाद्य व रसद विभाग में 13 जिला पूर्ति अधिकारियों के तबादले कर दिए। अंजनी कुमार सिंह को फतेहपुर से लखीमपुर खीरी, विजय प्रताप सिंह को खीरी से बिजनौर, बृजेश कुमार शुक्ला को मुख्यालय से हमीरपुर, अभय सिंह को सुलतानपुर से फतेहपुर, राजेश कुमार सिंह को मुख्यालय से अमेठी, विनय कुमार सिंह को देवरिया से मेरठ, जीवेश कुमार मौर्या को फर्रुखाबाद से सुलतानपुर, सुरेन्द्र यादव को गोण्डा से फर्रुखाबाद, ध्रुवराज यादव को बिजनौर से हाथरस, राघवेन्द्र कुमार सिंह को मेरठ से मुजफ्फरनगर, कृष्ण गोपाल पाण्डेय को एटा से देवरिया, रामजतन यादव को हमीरपुर से बलिया भेजा गया है।

30 राजकीय पॉलिटेक्निकों के प्रधानाचार्यों का तबादला

प्रदेश की 30 सरकारी पॉलिटेक्निकों के प्रधानाचार्यों का  तबादला कर दिया गया है। प्राविधिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव सुनील कुमार चौधरी ने आदेश जारी कर दिया है। आशीष गुप्ता को बांदा से कानपुर, बसंत लाल को वाराणसी से मिर्जापुर, ज्ञानेन्द्र बहादुर सिंह को देवरिया से हापुड़, राकेश वर्मा को मिर्जापुर से लखनऊ, लवकुश सिंह को संत कबीर नगर से मिर्जापुर भेजा गया है।

दो उप परिवहन आयुक्त, नौ आरटीओ व 33 एआरटीओ के तबादले

यूपी सरकार ने बुधवार को दो परिवहन आयुक्तों, नौ संभागीय परिवहन अधिकारियों (आरटीओ) और 33 सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों (एआरटीओ) का तबादला कर दिया। प्रमुख सचिव एल. वेंकटेश्वर लू की तरफ से जारी आदेश के अनुसार उप परिवहन आयुक्त नगरीय परिवहन लखनऊ सुनीता वर्मा को उप परिवहन आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र तथा उप परिवहन आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र राजीव श्रीवास्तव को उनकी जगह उप परिवहन आयुक्त नगरीय परिवहन लखनऊ के पद पर स्थानान्तरित किया गया है। इसके अलावा आरटीओ प्रवर्तन प्रयागराज राजकुमार सिंह को आरटीओ प्रवर्तन मेरठ, आरटीओ प्रवर्तन गाजियाबाद विजय कुमार सिंह को आरटीओ प्रवर्तन गोरखपुर, आरटीओ प्रवर्तन अयोध्या शिखर ओझा को आरटीओ प्रशासन वाराणसी, सहायक परिवहन आयुक्त प्रशासन मुख्यालय ऋतु सिंह को आरटीओ प्रवर्तन अयोध्या, अपर सचिव राज्य परिवहन प्राधिकरण विदिशा सिंह को आरटीओ प्रवर्तन कानपुर, आरटीओ प्रशासन अलीगढ़ केडी सिंह गौर को आरटीओ प्रवर्तन गाजियाबाद, आरटीओ प्रशासन प्रशासन हरिशंकर सिंह को आरटीओ अलीगढ़, उप निदेशक राजस्व एवं विशिष्ट अभिसूचना संजीव कुमार गुप्ता को आरटीओ प्रवर्तन प्रयागराज तथा आरटीओ मुख्यालय मयंक ज्योति को अपर सचिव राज्य परिवहन प्राधिकरण के पद पर स्थानान्तरित किया गया है।

33 एआरटीओ के तबादले

एआरटीओ प्रशासन गौतमबुद्धनगर अरुणेन्द्र कुमार पांडेय को एआरटीओ प्रवर्तन प्रथम दल मेरठ, एआरटीओ प्रशासन शामली मुंशी लाल को एआरटीओ प्रर्वतन द्वितीय दल बुलंदशहर, एआरटीओ प्रशासन बुलंदशहर मो. कय्यूम को एआरटीओ प्रवर्तन इटावा, एआरटीओ प्रशासन अलीगढ़ रंजीत सिंह को एआरटीओ प्रवर्तन रामपुर, एआरटीओ प्रर्वतन द्वितीय दल बुलंदशहर आनंद निर्मल को एआरटीओ प्रवर्तन प्रथम दल मुरादाबाद, एआरटीओ प्रशासन देवरिया राजीव को एआरटीओ प्रशासन प्रयागराज, एआरटीओ प्रशासन एटा हेमचंद्र गौतम को एआरटीओ प्रवर्तन प्रथम दल झांसी, एआरटीओ प्रशासन सिद्धार्थनगर आशुतोष शुक्ला को एआरटीओ प्रशासन देवरिया, एआरटीओ प्रशासन कन्नौज संजय कुमार झा को एआरटीओ प्रशासन गोरखपुर, एआरटीओ प्रशासन बाराबंकी पंकज सिंह को एआरटीओ प्रशासन बस्ती, एआरटीओ प्रवर्तन पीलीभीत अमिताभ राय को एआरटीओ प्रवर्तन प्रथम दल हमीरपुर, एआरटीओ प्रशासन प्रयागराज सियाराम वर्मा को एआरटीओ प्रशासन गौतमबुद्धनगर, एआरटीओ प्रशासन बस्ती अरुण प्रकाश चौबे को एआरटीओ प्रशासन सिद्धार्थनगर, एआरटीओ प्रवर्तन बागपत सुभाष चंद्र को एआरटीओ प्रवर्तन फर्रुखाबाद, एआरटीओ प्रवर्तन द्वितीय दल अलीगढ़ अमिताभ चतुर्वेदी को एआरटीओ प्रवर्तन प्रथम दल वाराणसी, एआरटीओ प्रवर्तन हापुड़ महेश चंद्र शर्मा को एआरटीओ प्रवर्तन अमरोहा, एआरटीओ प्रवर्तन प्रथम दल मिर्जापुर को एआरटीओ प्रवर्तन चित्रकूट, एआरटीओ प्रशासन फतेहपुर अरविंद कुमार त्रिवेदी को एआरटीओ प्रवर्तन अमेठी, एआरटीओ प्रवर्तन अमेठी पुष्पांजलि मित्रा गौतम को एआरटीओ प्रशासन फतेहपुर, एआरटीओ प्रशासन गोरखपुर श्याम लाल राम को एआरटीओ प्रर्वतन द्वितीय दल वाराणसी, एआरटीओ प्रशासन चंदौली दिलीप कुमार गुप्ता को एआरटीओ प्रवर्तन प्रतापगढ़, एआरटीओ प्रवर्तन अमरोहा एके राजपूत को एआरटीओ प्रवर्तन बागपत, एआरटीओ प्रवर्तन प्रथम दल लखनऊ अंकिता शुक्ला को एआरटीओ प्रशासन बाराबंकी, एआरटीओ प्रशासन विस्तार पटल लखनऊ बृजेश कुमार अस्थाना को एआरटीओ-सहायता अधिकारी मुख्यालय, एआरटीओ प्रवर्तन तृतीय दल गाजियाबाद प्रणव झा को एआरटीओ प्रशासन चंदौली, एआरटीओ प्रवर्तन द्वितीय दल बाराबंकी राहुल कुमार श्रीवास्तव को एआरटीओ प्रशासन गाजियाबाद, एआरटीओ प्रवर्तन आजमगढ़ संतोष कुमार सिंह को एआरटीओ प्रशासन मिर्जापुर तथा एआरटीओ प्रशासन मैनपुरी संजय कुमार गुप्ता को एआरटीओ प्रवर्तन द्वितीय दल सीतापुर के पद पर स्थानान्तरित किया गया है।

28 स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारियों, 172 एएनएम का तबादला

स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न संवर्ग में दर्जनों तबादले किए गए हैं। बुधवार को संयुक्त निदेशक प्रशासन विमल कुमार बैसवार द्वारा 28 स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारियों का तबादला किया गया है। इसके अलावा 172 महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (एएनएम) के भी तबादले किए गए हैं। संयुक्त निदेशक मातृ एवं शिशु कल्याण द्वारा इनका तबादला आदेश जारी किया गया है।

छह मंडलीय कमाण्डेंट होमगार्ड्स के तबादले

होमगार्ड्स मुख्यालय ने छह मंडलीय कमाण्डेंट होमगार्ड्स का तबादला कर दिया। मंडलीय कमाण्डेंट प्रशिक्षण अयोध्या धर्मदेव मौर्य को मंडलीय कमाण्डेंट होमगार्ड्स प्रयागराज, मंडलीय कमाण्डेंट होमगार्ड्स मुरादाबाद पीयूष कांत को मंडलीय कमाण्डेंट होमगार्ड्स झांसी, मंडलीय कमाण्डेंट होमगार्ड्स गोण्डा प्रमोद कुमार को मंडलीय कमाण्डेंट होमगार्ड्स बरेली, वरिष्ठ स्टाफ अधिकारी होमगार्ड्स मुख्यालय लखनऊ सुनील कुमार को मंडलीय कमाण्डेंट होमगार्ड्स गोण्डा, मंडलीय कमाण्डेंट होमगार्ड्स झांसी राजकुमार आजाद को वरिष्ठ स्टाफ अधिकारी होमगार्ड्स मुख्यालय लखनऊ तथा मंडलीय कमाण्डेंट होमगार्ड्स आजमगढ़ सुधाकराचार्य पांडेय को मंडलीय कमाण्डेंट होमगार्ड्स मिर्जापुर के पद पर स्थानान्तरित किया गया है।

राजकीय महाविद्यालयों के ढाई दर्जन प्रवक्ताओं का तबादला

राजकीय महाविद्यालयों के ढाई दर्जन एसोसिएट प्रोफेसरों / प्रवक्ताओं का तबादला कर दिया गया है। इसमें भदोही के इतिहास के प्रवक्ता डा. अवधेश कुमार को प्रयागराज के हेमवती नंदन बहुगुणा कॉलेज, बस्ती में तैनात भूगोल के प्रवक्ता अशोक कुमार गुप्ता को महाराजगंज, अलीगढ़ में तैनात गणित के प्रवक्ता नीरज उपाध्याय को हाथरस, उन्नाव में अंग्रेजी के राजीव यादव को लखनऊ में तैनाती दी गई है। सभी स्थानांतरित प्रवक्ताओं को अतिशीघ्र कार्यभार ग्रहण करना है। स्थानांतरण अवधि का कोई अवकाश देय नही होगा। उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव श्रवण कुमार सिंह ने आदेश जारी किया है।

नोएडा, आगरा, कानपुर, प्रयागराज सहित 10 उपश्रमायुक्त बदले

उपश्रमायुक्त पंकज सिंह राना को कानपुर मुख्यालय से मिर्जापुर क्षेत्र, पिपरी सोनभद्र, अनुभव वर्मा को मुख्यालय से देवीपाटन मंडल, गोंडा स्थानांतरित किया गया है। गौतमबुद्धनगर से हटाकर वंदना को प्रशासनिक आधार पर कानपुर मुख्यालय संबद्ध किया गया था। अब उन्हें वहीं तैनाती दे दी गई है। आगरा के उपश्रमायुक्त धर्मेंद्र कुमार सिंह को इसी पद पर नोएडा भेजा गया है। अपर श्रमायुक्त सरजूराम की लखनऊ से संबद्धता खत्म कर दी गई है। प्रयागराज के उपश्रमायुक्त राकेश द्विवेदी को लखनऊ में अपर श्रमायुक्त की जिम्मेदारी दी गई है। बस्ती के उपश्रमायुक्त दिव्य प्रताप सिंह को इसी पद पर बरेली और मुख्यालय से राजेश मिश्रा को उपश्रमायुक्त प्रयागराज के पद पर ट्रांसफर किया गया है। शक्तिसेन मौर्य को सहारनपुर से कानपुर मुख्यालय, अनुपमा गौतम को बरेली से सहारनपुर, दीप्तिमान भट्ट को कानपुर मुख्यालय से उपश्रमायुक्त आगरा बनाया गया है।

फर्जी मैसेज फारवर्ड न करें…

नई दिल्ली। नए आईटी नियम माह मई के अंतिम सप्ताह से प्रभावी हो चुके हैं। इसमें केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया मंच पर जारी होने वाली सामग्री के प्रति कंपनियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की है। हालांकि, नए नियमों को लेकर केंद्र सरकार और सोशल मीडिया कंपनियों में तकरार शुरू हो गई। इस बीच सोशल मीडिया पर एक दावा किया जा रहा है कि सरकार नए नियमों के जरिए सोशल मीडिया पोस्ट और फोन कॉल्स पर नजर रखेगी। क्या वाकई सरकार ने सोशल मीडिया को को मॉनिटर करने के लिए यह नया नियम बनाया है? जानिए इसकी सच्चाई….

दरअसल, एक वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार द्वारा अब ‘नए संचार नियम’ के तहत सोशल मीडिया और फोन कॉल की निगरानी रखी जाएगी। इस दावे पर केंद्र ने कहा कि उसने लोगों के सोशल मीडिया पोस्ट या फोन कॉल पर नजर रखने के अधिकार वाला कोई नया नियम नहीं बनाया है। सोशल मीडिया संबंधी नये नियमों को लेकर सरकार और ट्विटर के बीच चल रही तनातनी तथा दिल्ली पुलिस के ट्विटर इंडिया के दफ्तर पहुंचने के बीच यह बयान आया है।

वहीं, वायरल मैसेज के दावे को गलत बताते हुए पीआईबी फैक्ट चैक ने ट्विटर पर एक पोस्ट में लिखा, ‘एक वायरल संदेश में दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार नये संचार नियमों के तहत अब सोशल मीडिया और फोन कॉल पर निगरानी रखेगी।’ इसमें स्पष्ट किया गया, ‘यह दावा फर्जी है। भारत सरकार ने ऐसा कोई नियम लागू नहीं किया है। ऐसी किसी फर्जी या अपुष्ट सूचना को आगे नहीं बढ़ाएं।’

भारत में कौन कितना लोकप्रिय
-व्हॉट्सएप : 53 करोड़
-यूट्यूब : 44.8 करोड़
-फेसबुक : 41 करोड़
-इंस्टाग्राम : 21 करोड़
-ट्विटर : 1.75 करोड़
-कू : 60 लाख

रविशंकर प्रसाद का संदेश?

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने Koo पर एक पोस्ट कर सोशल मीडिया कंपनियों के लेकर बनाए गए नए नियमों पर सरकार का पक्ष रखा। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नए नियम सिर्फ सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए ही बनाए गए हैं। बता दें कि, सोशल मीडिया कंपनियों ने नए नियमों को लेकर प्रश्न उठाया था और कहा था कि इससे निजता खत्म होगी। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नए नियमों का पूरा मकसद यह पता करना है कि असल में पहली बार विवादित मैसेज का पोस्ट किसने किया था, जिसकी वजह से अपराध होते हैं।

1 जुलाई 2022 से चिन्हित एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं पर प्रतिबंध


प्रतिबंधित एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं के अवैध निर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री और उपयोग पर रोक लगाने के लिए राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जायेंगे

सभी हितधारकों द्वारा प्रभावी भागीदारी और ठोस कार्रवाई के माध्यम से ही इस प्रतिबंध की सफलता संभव है

एकल उपयोग वाली प्लास्टिक (एसयूपी) पर प्रतिबंध लगाने में जनभागीदारी महत्वपूर्णPosted Date:- Jun 28, 2022

नई दिल्ली (PIB)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2022 तक एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं को समाप्त करने के लिए दिए गए स्पष्ट आह्वान के अनुरूप, भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 12 अगस्त 2021 को प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन संशोधन नियम, 2021 को अधिसूचित किया। ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ की भावना को आगे बढ़ाते हुए, देश द्वारा कूड़े एवं अप्रबंधित प्लास्टिक कचरे से होने वाले प्रदूषण को रोकने के उद्देश्य से एक निर्णायक कदम उठाया जा रहा है। भारत 1 जुलाई, 2022 से पूरे देश में चिन्हित एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं, जिनकी उपयोगिता कम और प्रदूषण क्षमता अधिक है, के निर्माण, आयात, भंडारण,  वितरण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाएगा।

समुद्री पर्यावरण सहित स्थलीय और जलीय इकोसिस्टम पर एकल उपयोग वाली प्लास्टिक  वस्तुओं के प्रतिकूल प्रभावों को वैश्विक स्तर पर पहचाना गया है। एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं के कारण होने वाले प्रदूषण को दूर करना सभी देशों के लिए एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय चुनौती बन गया है।

2019 में आयोजित चौथी संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सभा में, भारत ने एकल उपयोग वाले प्लास्टिक उत्पादों के प्रदूषण से निपटने के लिए एक प्रस्ताव रखा था, जिसमें वैश्विक समुदाय द्वारा इस बहुत महत्वपूर्ण मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करने की तत्काल आवश्यकता को स्वीकार किया गया था। यूएनईए 4 में इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया जाना एक महत्वपूर्ण कदम था। मार्च 2022 में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सभा के हाल ही में संपन्न पांचवें सत्र में, भारत प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ वैश्विक स्तर पर कार्रवाई शुरू करने के संकल्प पर आम सहमति विकसित करने के लिए सभी सदस्य देशों के साथ रचनात्मक रूप से जुड़ा।

भारत सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक से उत्पन्न कचरे से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची में ये वस्तुएं शामिल हैं- प्लास्टिक स्टिक वाले ईयर बड, गुब्बारों के लिए प्लास्टिक स्टिक, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्रीम स्टिक, सजावट के लिए पॉलीस्टाइनिन (थर्मोकोल), प्लास्टिक की प्लेट, कप, गिलास, कटलरी, कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, ट्रे, मिठाई के डिब्बों को रैप या पैक करने वाली फिल्म, निमंत्रण कार्ड, सिगरेट के पैकेट, 100 माइक्रोन से कम के प्लास्टिक या पीवीसी बैनर, स्टिरर।

प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन संशोधन नियम 2021 के अंतर्गत 75 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक कैरी बैग के निर्माण, आयात, संग्रहण, वितरण, बिक्री और उपयोग पर 30 सितंबर 2021 से और 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले इस सामान पर 31 दिसंबर, 2022 से प्रतिबंध लगाया गया है

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 16 फरवरी, 2022 को प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन संशोधन नियम, 2022 के रूप में प्लास्टिक पैकेजिंग पर विस्तारित उत्पादकों की जिम्मेदारी पर दिशा-निर्देशों को भी अधिसूचित किया है। विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (ईपीआर) दरअसल उत्पाद की शुरुआत से अंत तक उसके पर्यावरण की दृष्टि से बेहतर प्रबंधन के लिए एक उत्पादक की जिम्मेदारी होती है। ये दिशा-निर्देश प्लास्टिक पैकेजिंग कचरे की चक्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, प्लास्टिक पैकेजिंग के नए विकल्पों के विकास को बढ़ावा देने और कारोबारी जगत द्वारा टिकाऊ प्लास्टिक पैकेजिंग के विकास की दिशा में कदम बढ़ाने से संबंधित रूपरेखा मुहैया कराएंगे।

एमएसएमई इकाइयों के लिए क्षमता निर्माण कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है,  ताकि उन्हें सीपीसीबी/एसपीसीबी/पीसीसी के साथ-साथ लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्यम मंत्रालय तथा केंद्रीय पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग संस्थान (सीआईपीईटी) और उनके राज्य-केन्द्रों की भागीदारी के साथ प्रतिबंधित एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं के विकल्प के निर्माण के लिए तकनीकी सहायता प्रदान की जा सके। ऐसे उद्यमों को प्रतिबंधित एकल उपयोग वाली प्लास्टिक के निर्माण को बंद करने में सहायता करने के भी प्रावधान किये गए हैं।

भारत सरकार ने नवाचार को बढ़ावा देने और पूरे देश में त्वरित पहुंच और विकल्पों की उपलब्धता के लिए एक इकोसिस्टम प्रदान करने के उद्देश्य से भी कदम उठाए हैं।

1 जुलाई 2022 से चिन्हित एसयूपी वस्तुओं पर प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किये जायेंगे तथा प्रतिबंधित एकल उपयोग प्लास्टिक के अवैध निर्माण, आयात, भंडारण,  वितरण, बिक्री एवं उपयोग की निगरानी के लिए विशेष प्रवर्तन दल गठित किये जायेंगे। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को किसी भी प्रतिबंधित एकल उपयोग वाली प्लास्टिक की वस्तुओं के अंतर-राज्य परिवहन को रोकने के लिए सीमा जांच केंद्र स्थापित करने के लिए कहा गया है।

सीपीसीबी शिकायत निवारण ऐप, नागरिकों को प्लास्टिक से जुड़ी समस्या से निपटने में मदद हेतु सशक्त बनाने के लिए शुरू किया गया है। जनता तक व्यापक पहुंच बनाने के लिए प्रकृति नाम के शुभंकर की भी 5 अप्रैल को शुरुआत की गई।

सरकार एकल उपयोग वाली प्लास्टिक को समाप्त करने के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न उपाय कर रही है। जागरूकता अभियान में उद्यमियों और स्टार्ट अप्स, उद्योग,  केंद्रीय, राज्य और स्थानीय सरकारों नियामक निकायों,  विशेषज्ञों, नागरिक संगठनों, अनुसंधान एवं विकास और अकादमिक संस्थानों को एकजुट किया गया है। मंत्रालय का विश्वास है कि इस पाबंदी की सफलता तभी संभव है, जबकि सभी हितधारकों और उत्साही जन भागीदारों को इसमें प्रभावी रूप से शामिल किया जाए और वे सम्मिलित रूप से प्रयास करें।

गांवों का भ्रमण कर DM ने जाना जनता का हाल


जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा दूरस्थ ग्रामों का भ्रमण कर ग्रामवासियों की सुनी गईं समस्याएं, विभागीय अधिकारियों को उक्त ग्रामों में शासकीय योजनाओं से संतृप्त करने के लिए कैम्पों का आयोजन कर उन्हें लाभान्वित करने तथा उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार निस्तारण करने के दिए निर्देश

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने ग्राम तेलीपाड़ा, मोटाढाक, रामपुर चाठा सहित विभिन्न ग्रामों का निरीक्षण करते हुए स्थानीय लोगों की समस्याओं को सुना और प्राथामिकता के आधार पर उनके निराकरण के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, उप जिलाधिकारी के अलावा अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।


निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी श्री मिश्रा सर्वप्रथम ग्राम तेलीपुरा पहुंचे और वहां पर ग्रामवासियों की समस्याओं को सुना। इस अवसर पर ग्रामवासियों द्वारा बताया गया कि गांव में विद्युत रोस्टर का पता न होने के कारण मालूम नहीं होता कि बिजली के आने-जाने का समय किया है, उक्त संबंध में शेड्यूल से अवगत कराने और हाई टेनशन विद्युत लाईन को हटाने के लिए अनुरोध किया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देश दिए कि ग्राम के मुख्य स्थान पर विद्युत रोस्टर को प्रदर्शित कराएं और गांव के ऊपर से गुजरने वाली हाईटेंशन विद्युत लाईन को हटाना सुनिश्चित करें। ग्रामवासियों ने इस अवसर पर जिलाधिकारी से आवारा पशुओं की समस्या का निदान कराने, लिंक रोड बनवाने तथा गांव में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता के लिए पाईप पेयजल योजना के अंतर्गत पानी की टंकी बनवाने की मांग भी की। इस पर उन्होंने आवारा पशुओं को पशु आश्रय स्थल में पहुंचाने के लिए उपजिलाधिकारी तथा अधिशासी अभियंता जल निगम को गांव में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता के लिए पाईप लाइन योजना से आच्छादित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर ग्रामवासियों द्वारा शमशान घाट विकसित करने की भी मांग की गई।


तदुपरांत ग्राम मथुरापुर मोर पहुंचे जिलाधिकारी श्री मिश्रा को ग्रामवासियों द्वारा बताया गया कि गांव के ऊपर 11 हजार पावर की विद्युत लाईन गुजरने से हर समय किसी भी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है, यदि केबिल लाईन का प्रयोग किया जाए तो इस समस्या का स्थायी समाधान सम्भव हो सकता है। इस पर उन्होंने अधिशासी अभियंता को उक्त सम्बन्ध में तत्काल आवश्यक करते हुए समस्या के समाधान करने के निर्देश दिए।

ग्राम चंदनपुरा के भ्रमण के दौरान ग्रामवासियों ने गांव में आंगनबाड़ी केन्द्र की स्थापना तथा डेढ़ किमी लंबाई के संपर्क निर्माण की मांग की। इस पर अधिशासी अभियंता लोनिवि द्वारा बताया कि उक्त सड़के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है और अनुमति प्राप्त होते ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा। युवाओं के लिए खेल के मेदान की मांग करने पर उन्होंने उप जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि ग्राम समाज की भूमि का चिन्हिकरण कर ग्राम के युवा/युवतियों के लिए खेल के मेदान का निर्माण कराएं।


ग्राम मोटाढाक के निरीक्षण के दौरान ग्रामवासियों द्वारा ग्राम को बाढ़ से सुरक्षित रखने के लिए तटबंध बनाने तथा ट्यूबवेल लगवाने की मांग की गई, जिस पर जिलाधिकारी द्वारा सिंचाई विभाग के अधिकारियों को उक्त सम्बन्ध में तटबांध बनाने के लिए मौके का स्थलीय निरीक्षण करने तथा सिंचाई के लिए एक ट्यूबवेल लगाने के निर्देश दिए गए।

ग्राम रामपुर चाठा में गंगा द्वारा कटान रोकने के लिए अधिशासी अभियंता अफ़ज़लगढ़ सिंचाई खण्ड को निर्देश दिए कि उक्त समस्या के स्थायी निराकरण के लिए परियोजना बना कर शासन को प्रेषित करें और तत्काल अस्थाई रूप से कटान को रोकने के लिए आवश्यक कार्यवाही अमल में लाएं। सड़क निर्माण की मांग पर उन्होंने अधिशासी अभियंता लोनिवि को निर्देश दिए कि संबंधित सड़क के निर्माण के लिए प्रस्ताव पास कराने तथा सोलर पैनल द्वारा विद्युत सुविधा के अलावा विद्युत की लाइन से ग्राम को आच्छादित करने की मांग पर उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारी को उक्त संबंध में तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।


जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने विद्युत, सड़क, सिंचाई तथा अन्य जन कल्याणकारी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि उक्त ग्रामों सहित अन्य दूरस्थ ग्रामों में ग्रामवासियों को शासकीय योजनाओं से संतृप्त करने के लिए कैम्पों का आयोजन कराएं और उन्हें लाभान्वित करना सुनिश्चित करें।

योग भारत की धरती से पूरे विश्व को एक बहुत बड़ी देन- मण्डलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह


आठवें अंतर्राष्ट्रीय योगा दिवस पर मंडलायुक्त मुरादाबाद मंडल आन्जनेय कुमार सिंह की अध्यक्षता में नेहरू स्टेडियम बिजनौर में हुआ सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम

जनपद में अष्टम अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित हुए कार्यक्रम

योग को बनाएं जीवन का हिस्सा, नियमित योग अभ्यास रोग दूर करने में सहायक- मण्डलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह

कोई भी देश, समाज व विश्व बिना स्वस्थ नागरिकों के विकास नहीं कर सकता- मण्डलायुक्त

योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थय की कुंजी -जिलाधिकारी

योग जीवन को स्वस्थ व निरोग रखने में सहायक- जिलाधिकारी उमेश मिश्रा

देश हमें देता है सब कुछ हम भी तो कुछ देना सीखें।।

बिजनौर। जनपद मे आज अष्टम अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर मुख्य कार्यक्रम का आयोजन नेहरू स्टेडियम व गंगा बैराज घाट पर किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि आयुक्त मुरादाबाद मण्डल, पूर्व सांसद व जिलाधिकारी ने दीप प्रज्जवलन कर किया। मण्डलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि आज योग दिवस पूरे विश्व मे मनाया जा रहा है। योग भारत की धरती से पूरे विश्व को एक बहुत बडी देन है। गंगा बैराज घाट पर मां गंगा को दूध व पुष्प अर्पित कर मां गंगा की आरती की गयी। सभी अधिकारियों कर्मचारियों व आमजन ने योगाभ्यास में प्रतिभाग किया।

आयुक्त श्री सिंह ने कहा कि किसी भी देश के लिए उसकी सबसे महत्वपूर्ण संपदा उसकी मानव संपदा होती है। आज योग दिवस पूरे विश्व में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दक्ष मानव संपदा है तो बेहतर है लेकिन उसके साथ-साथ स्वस्थ मानव संपदा का होना अत्यन्त आवश्यक है। मनुष्य का शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ होना आवश्यक है। शारीरिक स्वास्थय के साथ-साथ मन का स्वस्थ होना भी आवश्यक है। योग के माध्यम से मानसिक स्वास्थय का व शारीरिक स्वास्थय दोनो को ठीक रखा जा सकता है।

आयुक्त ने कहा कि योग हमारे शारीरिक व मन को स्वस्थ रखने मे सहायक होता है और अगर हम शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ है तो देश व समाज के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं। हमारे प्रधानमंत्री ने योग को आगे बढाया और आज पूरा विश्व इसे स्वीकार कर रहा है। योग भारत की धरती से पूरे विश्व को एक बहुत बडी देन है। योग एक बहुत बडी संपदा है जो हमारे पूर्वजो, ऋषियों व मुनियों ने हमें सौंपी है। योग को स्वीकार व अंगीकार करते हुए अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। कोई भी देश समाज व विश्व बिना अपने स्वस्थ नागरिकों के विकास नहीं कर सकता। नियमित योग अभ्यास रोग दूर करने मे सहायक होता है। योग पांचवी चिकित्सीय परामर्श के रूप मे माना जाने लगा है।

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थय की कुंजी है। उन्होंने आमजन से योग अपनाने की अपील की। योग जीवन को स्वस्थ व निरोग रखने मे सहायक होता है। उन्होंने बताया कि आठवें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2022 की थीम मानवता के लिए योग घोषित की गयी है।

नेहरू स्टेडियम मे आयोजित कार्यक्रम में प्रशांत महर्षि ने योगाभ्यास सिखाया और भारती गौड व विनोद गोस्वामी का सहयोग रहा। वहीं गंगा बैराज घाट पर आयोजित कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक तिलकराम ने योगाभ्यास सिखाया और सदभावना, हिमानी आदि का सहयोग रहा।

योग दिवस पर आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रम में योग प्रशिक्षकों द्वारा प्राणायाम, भ्रामरी, शीतली प्राणायाम, कपाल भाती, अनुलोम विलोम सहित करीब 35 योगा आसन सिखाये गए। योग प्रशिक्षकों ने कहा कि योेग हमें अनुशासन सिखाता है। इस अवसर पर ब्रहम कुमारी ने मण्डलायुक्त को पुस्तिका भेंट की।

इस अवसर पर पूर्व सांसद भारतेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक डा0 धर्मवीर सिंह, जिला वन अधिकारी डा0 अनिल पटेल, मुख्य विकास अधिकारी केपी0 सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, पीडी डीआरडीए ज्ञानेश्वर तिवारी सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी, क्रीडा भारती के सदस्य व बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

अग्निपथ योजना: फेक न्यूज चलाने वाले 35 व्हाट्सएप ग्रुप पर बैन

अग्निपथ योजना को लेकर सोशल मीडिया पर फेक न्यूज चलाने वाले 35 व्हाट्सएप ग्रुप पर बैन।

नई दिल्ली। केंद्र की सैन्य भर्ती प्रक्रिया को लेकर नई योजना ‘अग्निपथ’ के बारे में कथित तौर पर फर्जी खबरें फैलाने वाले 35 व्हाट्सएप समूहों पर रविवार को सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। कुछ दिन पहले इस योजना की घोषणा के बाद से देश के विभिन्न हिस्सों में इसके खिलाफ हिंसक विरोध के बीच यह कदम उठाया गया है। सरकारी अधिकारियों ने कहा कि ‘अग्निपथ’ योजना के बारे में कथित रूप से फर्जी खबरें फैलाने के लिए सरकार द्वारा 35 व्हाट्सएप समूहों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

हालांकि, इन समूहों के बारे में या उनके एडमिनिस्ट्रेटर के खिलाफ कोई कार्रवाई शुरू की गई है या नहीं, इसकी तत्काल जानकारी नहीं मिल सकी है। व्यापक प्रदर्शन के बावजूद अग्निपथ भर्ती योजना वापस लेने से इनकार करते हुए सेना, नौसेना और वायुसेना ने नयी नीति के तहत भर्ती के लिए रविवार को विस्तृत कार्यक्रम प्रस्तुत किया और इस बात पर जोर दिया कि सशस्त्र बलों में उम्र संबंधी प्रोफाइल को घटाने के लिए इसे लागू किया जा रहा है।

गौरतलब है कि देश के कई हिस्सों में युवा विवादास्पद रक्षा भर्ती योजना का विरोध कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में, विभिन्न शहरों और कस्बों से प्रदर्शनकारियों द्वारा रेलवे स्टेशन पर तोड़फोड़ किए जाने, रेलगाड़ियों में आग लगाने और सड़कों तथा रेलवे पटरियों को अवरुद्ध करने की घटनाएं सामने आई हैं। गत शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन के तहत तेलंगाना के सिकंदराबाद में पुलिस की गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। आक्रोशित युवाओं के प्रदर्शन के दौरान कई ट्रेनों में आग लगा दी गई थी, निजी, सार्वजनिक वाहनों, रेलवे स्टेशन में तोड़फोड़ की गई और राजमार्गों तथा रेलवे लाइन को अवरुद्ध कर दिया गया था।

विदित हो कि गत 14 जून को घोषित अग्निपथ योजना में साढ़े सत्रह साल से 21 वर्ष की आयु के युवाओं को केवल चार साल के लिए भर्ती करने का प्रावधान है, जिसमें से 25 प्रतिशत को 15 और वर्षों तक बनाए रखने का प्रावधान है। बाद में, सरकार ने 2022 में भर्ती के लिए ऊपरी आयु सीमा को 23 वर्ष तक बढ़ा दिया था। नई योजना के तहत भर्ती किए जाने वाले कर्मियों को अग्निवीर के रूप में जाना जाएगा। इस योजना का एक प्रमुख उद्देश्य सैन्य कर्मियों की औसत आयु को कम करना और बढ़ते वेतन एवं पेंशन भुगतान में कटौती करना है।

भारत से पहले कई देशों में भी लागू है सेना में “टूर ऑफ ड्यूटी” सिस्टम, अग्निवीरों के लिए CAPFs और असम राइफल्स में भर्ती के लिए आरक्षण

भारत से पहले निम्नलिखित देशों में भी लागू है – सेना में “टूर ऑफ ड्यूटी” सिस्टम, लेकिन इन देशों में अनिवार्य है, भारत में इसे स्वेच्छिक रखा गया है

अग्निवीरों के लिए CAPFs और असम राइफल्स में भर्ती के लिए आरक्षण

नई दिल्ली: अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) के तहत भर्ती होने वाले युवाओं की अधिकतम उम्र की सीमा को 21 साल से बढ़ाकर 23 वर्ष करने के फैसले के एक दिन बाद केंद्र सरकार ने शनिवार को एक और बड़ा एलान किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (HMO India) ने अपने नए आदेश में अग्निवीरों के लिए CAPFs और असम राइफल्स में भर्ती के लिए 10% रिक्तियों को आरक्षित करने का निर्णय लिया है। दो बलों में भर्ती के लिए अग्निवीरों को ऊपरी आयु सीमा से 3 वर्ष की छूट दी गई। अग्निवीर के पहले बैच के लिए आयु में अधिकतम आयु सीमा से 5 वर्ष की छूट होगी। गृह मंत्रालय ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।

इजरायल : टूर ऑफ ड्यूटी के मामले में इजरायल सबसे सख्त देश है, यहां इजरायली रक्षा बल में पुरुषों को तीन साल और महिलाओं को दो साल अनिवार्य सेवा देनी होती है. कुछ धार्मिक और स्वास्थ्य के आधार पर तथा गर्भवती महिलाओं को इससे छूट दी जाती है. इसे सेवा और सम्मान का जरिया माना जाता है.

चीन : चीन में आम नागरिकों को जबरन सेना में भर्ती किया जाता है. चीन में हर नागरिक के लिए 18 से 22 वर्ष की आयु के बीच दो साल की सैन्य सेवाएं देना अनिवार्य हैं. यानी चीन का कोई युवा चाहता हो या ना चाहता हो, उसे सेना में भर्ती होना ही पड़ता है. चीन की सेना में करीब 35 प्रतिशत ऐसे युवा हैं, जिन्हें मजबूर करके सैनिक बनाया जाता है.

नार्वे : नार्वे में सभी पुरुषों और महिलाओं के लिए टूर ऑफ ड्यूटी अनिवार्य है. यहां 19 से 44 साल की उम्र के बीच कभी भी पंजीकरण कराया जा सकता है. महिलाओं के लिए ये नियम 2016 में अनिवार्य किया गया, ताकि उन्हें भी पुरुषों के बराबर हक मिल सके.

स्विटजरलैंड : यहां पर 18 से 34 साल तक युवाओं के लिए सेना में ड्यूटी देना अनिवार्य है, इसके लिए इन्हें 21 सप्ताह की बेसिक ट्रेनिंग दी जाती है. महिलाओं के लिए ये अनिवार्य नहीं है, यह उनकी स्वेच्छा पर निर्भर करता है.

तुर्की : यहां वे युवा जो 20 साल से ज्यादा उम्र के हैं उनके लिए मिलिट्री सर्विस अनिवार्य है. यहां उन लोगों को छूट मिल सकती है जो तीन साल या उससे अधिक समय से विदेश में हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें एक निश्चित राशि अदा करनी होती है. महिलाओं के लिए ये नियम अनिवार्य नहीं है.

ब्राज़ील : ब्राजील में 18 से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए टूर ऑफ ड्यूटी अनिवार्य है. इसकी समय सीमा 10 से 12 माह के लिए होती है. यहां थोड़े समय के लिए भी सेना ज्वाइन करने वालों का मेडिकल टेस्ट होता है, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर इन्हें परमानेंट किया जा सके.

उत्तर कोरिया : विश्व के लिए सनसनी बनने वाले उत्तर कोरिया में भी टूर ऑफ ड्यूटी अनिवार्य है, खास बात ये है कि यहां पर पुरुषों को तीनों सेनाओं में ड्यूटी करनी पड़ती है, इसके लिए 23 माह नेवी में, 24 माह वायुसेना में और 21 माह थल सेना में काम करना पड़ता है.

दक्षिण कोरिया : उत्तर कोरिया की तरह ही यहां पर भी तीनों सेनाओं में टूर ऑफ ड्यूटी करना अनिवार्य है, इसमें नौसेना में 23 माह, थल सेना में 21 माह और वायुसेना में 24 माह सर्विस देनी होती है.

रूस : रूस में 18 से 27 साल की उम्र के बीच में कभी भी टूर ऑफ ड्यूटी की जा सकती है, कम से कम 12 माह सैन्य सेवा करना अनिवार्य है.

यूक्रेन: यूक्रेन में भी युवाओं के लिए सैन्य सेवा अनिवार्य है, हालांकि इसके लिए कोई उम्र और न्यूनतम सीमा तय नहीं है, हालिया युद्ध में टूर ऑफ ड्यूटी के तहत कई लोगों ने हथियार उठाकर युद्ध में हिस्सा लिया और रूस जैसे ताकतवर देश को टक्कर देने में सफल रहे.

इसके अलावा ग्रीस में 19 वर्ष की उम्र वाले युवकों को कम से कम 9 माह, ईरान में 24 माह टूर ऑफ ड्यूटी करनी होती है. (एजेंसियां)

किसानों को 6 हजार सालाना देने के खिलाफ उतरे ताकतवर देश

किसानों को 6 हजार सालाना देने के खिलाफ उतरे ताकतवर देश, भारत ने दिया मुंहतोड़ जवाब

नई दिल्ली (एजेंसी)। वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन यानी WTO की बैठक जेनेवा में हुई। इसमें अमेरिका और यूरोपीय देशों ने मोदी सरकार द्वारा भारतीय किसानों को दी जाने वाली एग्रीकल्चरल सब्सिडी का विरोध किया। किसानों को सालाना दिये जाने वाले रुपए 6000 रुपए भी एग्रीकल्चरल सब्सिडी में शामिल है। ऐसे में इसे रोकने के लिए अमेरिका और यूरोप ने पूरी ताकत झोंक दी है। भारत ने भी इस मुद्दे पर ताकतवर देशों के आगे झुकने से इनकार कर दिया है।

12 जून से 15 जून 2022 तक जेनेवा में WTO की बैठक का आयोजन हुआ। बैठक में 164 सदस्य देशों वाले WTO के G-33 ग्रुप के 47 देशों के मंत्रियों ने हिस्सा लिया। भारत की ओर से केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल शामिल हुए। इस साल होने वाली WTO की बैठक में इन 3 अहम मुद्दों पर प्रस्ताव लाने की तैयारी की गई…1. कृषि सब्सिडी को खत्म करने के लिए. 2. मछली पकड़ने पर अंतरराष्ट्रीय कानून बनाने के लिए 3. कोविड वैक्सीन पेटेंट पर नए नियम लाने के लिए। अमेरिका, यूरोप और दूसरे ताकतवर देश इन तीनों ही मुद्दों पर लाए जाने वाले प्रस्ताव के समर्थन में थे, जबकि भारत ने इन तीनों ही प्रस्ताव पर ताकतवर देशों का जमकर विरोध किया। भारत ने ताकतवर देशों के दबाव के बावजूद एग्रीकल्चरल सब्सिडी को खत्म करने से इनकार कर दिया है। वहीं अब इस मामले में भारत को WTO के 80 देशों का साथ मिला है।

अमेरिका और यूरोप चाहते हैं कि भारत अपने यहां किसानों को दी जाने वाली हर तरह की एग्रीकल्चरल सब्सिडी को खत्म करे. इसमें ये सारे एग्रीकल्चरल सब्सिडी में शामिल हैं- PM किसान सम्मान निधि के तहत दिए जाने वाले सालाना 6 हजार रुपए, यूरिया, खाद और बिजली पर दी जाने वाली सब्सिडी। अनाज पर MSP के रूप में दी जाने वाली सब्सिडी। अमेरिका जैसे ताकतवर देशों का मानना है कि सब्सिडी की वजह से भारतीय किसान चावल और गेहूं का भरपूर उत्पादन करते हैं।बइसकी वजह से भारत का अनाज दुनिया भर के बाजार में कम कीमत में मिल जाता है। अमेरिका और यूरोपीय देशों के अनाज की कीमत ज्यादा होने की वजह से विकासशील देशों में इसकी बिक्री कम होती है। यही वजह है कि दुनिया के अनाज बाजार में दबदबा कायम करने के लिए ताकतवर देश भारत को एग्रीकल्चरल सब्सिडी देने से रोकना चाहते हैं। भारत इसे मानने के लिए तैयार नहीं है। WTO में भले ही अमेरिका और दूसरे ताकतवर देश विकासशील देशों के किसानों को सब्सिडी देने से मना करते हों, लेकिन खुद अमेरिका अपने देश के समृद्ध किसानों को सब्सिडी देने में दूसरे देशों से कहीं आगे है, वो भी तब, जब अमेरिकी किसानों की सालाना आय भारतीय किसानों से 52 गुना ज्यादा है।

रोड पर गलत तरीके से खड़े वाहन की फोटो खींच कर पाओ इनाम

नई दिल्ली (एजेंसी)। सड़क पर गलत तरीके से खड़े किए गए वाहन की तस्वीर भेजने वाले को उसे 500 रुपए का इनाम दिया जाएगा। वहीं गलत तरीके से पार्किंग करने वाले वाहन मालिक से 1,000 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा। सरकार जल्द इस तरह का एक कानून लाने जा रही है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि वह सड़क पर गलत तरीके से वाहन खड़ा करने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए एक कानून लाने पर विचार कर रहे हैं। गडकरी ने कहा, ‘‘मैं एक कानून लाने वाला हूं कि रोड पर जो वाहन खड़ा करेगा, उसपर 1,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं गलत तरीके से वाहन खड़ा करने वाले की तस्वीर खींचकर भेजने वाले को इसमें से 500 रुपए दिए जाएंगे।’’ मंत्री ने इस बात पर क्षोभ जताया कि लोग अपने वाहनों के लिए पार्किंग की जगह नहीं बनाते हैं। इसके बजाय वे अपना वाहन सड़क पर खड़ा करते हैं।

उन्होंने कहा, नागपुर में मेरे रसोइये के पास भी दो सेकेंड हैंड वाहन हैं। आज चार सदस्यों के परिवार के पास छह कारें होती हैं। ऐसा लगता है कि दिल्ली के लोग भाग्यशाली हैं। हमने उनका वाहन खड़ा करने के लिए सड़क बनाई है।

रोड पर गलत तरीके से खड़े वाहन की फोटो खींच कर पाओ इनाम

नई दिल्ली (एजेंसी)। सड़क पर गलत तरीके से खड़े किए गए वाहन की तस्वीर भेजने वाले को उसे 500 रुपए का इनाम दिया जाएगा। वहीं गलत तरीके से पार्किंग करने वाले वाहन मालिक से 1,000 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा। सरकार जल्द इस तरह का एक कानून लाने जा रही है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि वह सड़क पर गलत तरीके से वाहन खड़ा करने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए एक कानून लाने पर विचार कर रहे हैं। गडकरी ने कहा, ‘‘मैं एक कानून लाने वाला हूं कि रोड पर जो वाहन खड़ा करेगा, उसपर 1,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं गलत तरीके से वाहन खड़ा करने वाले की तस्वीर खींचकर भेजने वाले को इसमें से 500 रुपए दिए जाएंगे।’’ मंत्री ने इस बात पर क्षोभ जताया कि लोग अपने वाहनों के लिए पार्किंग की जगह नहीं बनाते हैं। इसके बजाय वे अपना वाहन सड़क पर खड़ा करते हैं।

उन्होंने कहा, नागपुर में मेरे रसोइये के पास भी दो सेकेंड हैंड वाहन हैं। आज चार सदस्यों के परिवार के पास छह कारें होती हैं। ऐसा लगता है कि दिल्ली के लोग भाग्यशाली हैं। हमने उनका वाहन खड़ा करने के लिए सड़क बनाई है।

पीएम आवास योजना में 1.6 करोड़ के गबन की सुगबुगाहट! 

पीएम आवास योजना में 1.6 करोड़ का गबन! 
332 लाभार्थियों के खाते में सीएलटीसी ने डाल दी अतिरिक्त किश्त

बिजनौर। जरूरतमंदों को आशियाना देने के लिए संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना भ्रष्टाचारियों के बदौलत मखौल बन कर रह गई है। 332 लाभार्थियों के खाते में रूपए 50000 के अतिरिक्त किश्त डालकर सीएलटीसी पर 1.6 करोड़ के गबन का आरोप लगाया गया है। एडीएम से मामले की शिकायत करते हुए कार्यवाही की मांग की गई है।

तीन की जगह डालीं 4 किश्तें-
प्रधानमंत्री आवास योजना में मानकों को ताक पर रखकर अपात्रों को लाभ और लाभार्थियों को दरकिनार करने के मामले समय-समय पर सामने आते रहते हैं। इस बार बिल्कुल अलग ही मामला प्रकाश में आया है। दरअसल कुछ सभासदों व जागरूक लोगों ने एडीएम से शिकायत कर डूडा में सीएलटीसी के पद पर तैनात चंद्रकांत पर आरोप लगाया कि उन्होंने 332 लाभार्थियों के खाते में 4 किश्तें डलवा दी हैं, जबकि लाभार्थियों को तीन किश्त देने का प्रावधान है। सीएलटीसी पर आरोप है कि उन्होंने लाभार्थियों से हमसाज होकर जिस योजना के करीब ढाई लाख रुपए देने थे उसमें रुपए 50000 की एक अतिरिक्त किश्त देकर एक करोड़ 60 लाख से ज्यादा सरकारी रुपए ठिकाने लगा दिए। इतना ही नहीं शिकायतकर्ताओ ने यह भी आरोप लगाया कि सीएलटीसी चंद्रकांत रिश्वत लेकर गलत जियो टैग करा कर अथवा बिना मकान तैयार कराए ही लाभार्थियों के खाते में पैसे डलवा देते हैं। शिकायतकर्ताओं ने आरोपी को पद से हटाने तथा आरोपों की जांच कर कार्यवाही करने की मांग की है। वहीं संबंधित विभाग के अधिकारी का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।

पीएम के खिलाफ फेसबुक पर अभद्र पोस्ट डालने वाला गिरफ्तार

बिजनौर। सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आपत्तिजनक फोटो तथा पाकिस्तान से प्रेम सम्बन्धी फोटो पोस्ट करने के आरोपी को मंडावर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया पर किसी फैजान नामक व्यक्ति द्वारा अपनी फेसबुक आईडी से प्रधानमंत्री, भारत सरकार नरेन्द्र मोदी के आपत्तिजनक फोटो तथा विरोधी देश (पाकिस्तान) से प्रेम सम्बन्धी फोटो पोस्ट किये गये थे। सोशल मीडिया सेल द्वारा सोशल मीडिया पर सतर्क दृष्टि रखते हुए इसका तत्काल संज्ञान लिया गया। उक्त फेसबुक आईडी की जाँच की गई, जो फैजान राणा निवासी थाना मण्डावर जनपद बिजनौर की पाई गयी। थाना मण्डावर पुलिस को उक्त अभियुक्त की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु निर्देशित किया गया। इसी क्रम में थाना मण्डावर पुलिस द्वारा बुधवार दिनांक 15.06.2022 को अभियुक्त फैजान राणा पुत्र हफीज निवासी मौ० शाहविलायत कस्बा व थाना मण्डावर जनपद बिजनौर को गिरफ्तार किया गया। इस सम्बन्ध में फैजान राणा के विरुद्ध थाना मण्डावर पर मु0अ0सं0 138/22 धारा 505 (2) भादवि व 67 आईटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

गौरतलब है कि पुलिस अधीक्षक, जनपद बिजनौर द्वारा वर्तमान परिवेश के दृष्टिगत सौहार्द बनाये रखने के उद्देश्य से जनपदीय सोशल मीडिया सेल को मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म पर सतर्क दृष्टि बनाए रखने, सूचनाओं का खण्डन करने एवं आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया है। 

निगहबानी में जुटा है सोशल मीडिया सेल- एसपी डॉ धर्मवीर सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया सेल द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म यथा फेसबुक, व्हाट्सएप्प, ट्वीटर, इंस्टाग्राम, कू, आदि अन्य सभी सोशल मीडिया साइट्स पर 24 घंटे सतर्क दृष्टि रखी जा रही है। उन्होंने सभी से अनुरोध किया है कि सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफार्म पर अफवाह / भ्रामक सूचनाओं का प्रसारण, आपत्तिजनक पोस्ट/फोटो/टिप्पणी / दुर्भावनापूर्ण वीडियो, जिससे दो वर्गों/सम्प्रदाय के लोगों के बीच वैमनस्यता बढ़े आदि का समर्थन न करें तथा ऐसी पोस्ट पर कमेंट / लाइक शेयर आदि न करें। ऐसा करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत कर कड़ी कार्यवाही की जायेगी। बिजनौर पुलिस जनपद की कानून व्यवस्था तथा सांप्रदायिक सौहार्द बनाये रखने के लिये प्रतिबद्ध है।

एकमुश्त समाधान योजना में अब अनिवार्य नहीं रजिस्ट्रेशन

एकमुश्त समाधान योजना: अब रजिस्ट्रेशन अनिवार्य नहीं

बिजनौर। बिजली विभाग की एकमुश्त समाधान योजना अंतर्गत इस बार विद्युत उपभोक्ताओं को अपने बिलों के समाधान के लिए पंजीकरण नहीं कराना पड़ेगा। इस पर सरकार की ओर से बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

बिजनौर विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता एके पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि शासन की ओर से अक्सर विद्युत उपभोक्ताओं को एकमुश्त समाधान योजना का लाभ उठाने का अवसर दिया जाता रहा है। सरकार इस योजना के तहत अब तक बिजली उपभोक्ताओं को लाभ उठाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होता था, लेकिन इस बार सरकार ने योजना का लाभ उठाने वाले उपभोक्ताओं को रजिस्ट्रेशन नहीं कराने की छूट दी है। कोई भी उपभोक्ता सीधे तौर पर इस योजना के तहत अपने विद्युत बिल का एकमुश्त समाधान करा सकता है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि उनके विभाग में 47449 उपभोक्ता हैं जिनमें घरेलू व्यवसाय व ट्यूबवेल के उपभोक्ता शामिल हैं इन उपभोक्ताओं पर 4118.44 लाख रुपए की बक़या है। एक मुश्त समाधान योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं क़ो 1074. 30 लाख रुपए का लाभ होना है। सरकार की इस कल्याणकारी योजना का लाभ उपभोक्ता एक जून से 30 जून तक प्राप्त कर सकते हैं।

चूहों को बिल्ली से भी ज्यादा इस फल से लगता है डर…

ओटावा (एजेंसी)। चूहों को लेकर आपने सुना होगा कि वह बिल्ली से डरते हैं, लेकिन शोधकर्ताओं ने चूहों के डर से जुड़ी एक अबीजोगरीब खोज की है। उन्होंने पता लगाया है कि चूहा केले से डरता है। 

Research on Rat: चूहों पर हाल ही में एक ऐसी रिसर्च हुई है जिसे जानकर आप काफी हैरान होंगे. दरअसल वैज्ञानिकों से अनजाने में हुए इस रिसर्च में सामने आया है कि चूहे बिल्ली से ज्यादा केले से डरते हैं. उन्होंने इसके पीछे की वजह भी निकाली. आइए जानते हैं क्या है रिसर्च….

Latest Viral News: अगर कोई आपसे ये पूछे कि चूहे सबसे ज्यादा किससे डरते हैं, तो शायद आप जवाब देंगे कि बिल्ली से. लेकिन ऐसा नहीं है, चूहे बिल्ली से भी ज्यादा ऐसी चीज से डरते हैं जिसकी कल्पना शायद आप न कर पाएं. हैरानी की बात ये है कि ये कोई जीव नहीं, बल्कि फल है. हाल ही में एक रिसर्च में खुलासा हुआ है कि चूहों को केले से बहुत डर लगता है. हालांकि यह खोज प्लानिंग के तहत नहीं, बल्कि अनजाने में हुई है, लेकिन अब इसकी खूब चर्चा हो रही है.

क्या है पूरी रिसर्च

साइंस एडवांस में छपी इस स्टडी रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने बताया है कि, ‘नर चूहों में केले को देखने के बाद तनाव ज्यादा मिला. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मॉन्ट्रियल में मैगकिल यूनिवर्सिटी की रिसर्च टीम गर्भवती और स्तनपान कराने वाली मादा चूहों पर रिसर्च कर रही थी. इस दौरान दिखा कि अजनबी नर चूहों को कैसे मादा चूहे आक्रामकता दिखा रही हैं. आक्रमकता दिखाने के दौरान मादा चूहों ने मूत्र चिह्न के साथ रिएक्ट किया. यह रिएक्शन अजनबी नर चूहों को भगाने और उन्हें चेतावनी देने के लिए दिया गया था, लेकिन टीम यह देखकर हैरान हो गई कि जो नर चूहे अपनी आक्रमकता के लिए जाने जाते हैं, वो मादा चूहों के रसायन से कैसे भाग गए.

मूत्र को सूंघते ही भाग गया चूहा

इसके बाद टीम ने इस पर रिसर्च शुरू किया. इस स्टडी में शामिल प्रोफेसर जेफरी मोगिल ने बताया कि, चूहे और दूसरे स्तनधारी अपनी सूंघने की शक्तियों को यूज करते हैं. इन सबके लिए अलग-अलग समय पर यूरिन की गंध के अलग-अलग मतलब होते हैं. सूंघने वाले संकेत आमतौर पर नर किसी मादा को भेजते हैं, लेकिन यहां बिल्कुल उल्टा हुआ. इस रिसर्च में मादा चूहे ने नर चूहे को सूंघने वाला संकेत भेजा. इससे साफ हुआ कि मादा चूहा अजनबी नर चूहे को दूर रहने के लिए कह रही है.

ये है केले की थियोरी

अब रिसर्च टीम को ये पता करना था कि माद चूहे ने जो मूत्र चिह्न छोड़ा है उसमें ऐसा क्या था जिसे देखकर नर चूहे को भागना पड़ा. टीम ने जब इस पर काम किया तो पता चला कि स्तनपान कराने वाली मादा चूहों के मूत्र में एन-पेंटाइल एसीटेट (N-Pentyl Acetate) नाम का एक यौगिक था. यह केले समेत कई दूसरे बड़े फलों में मिलने वाले यौगिक के समान होता है. वैज्ञानिकों ने बताया कि केले का अर्क बनाने के लिए इसे फल से निकालते हैं. इस रसायन से नर चूहों में हार्मोन में परिवर्तन होने लगता है. इसके बाद टीम ने अलग से इस थ्योरी पर काम करने की योजना बनाई. उन्होंने केले के अर्क को नर चूहों के पिंजरे में डाल दिया. इसके बाद नतीजा देखकर वह हैरान हो गए. दरअसल केले के अर्क को देखने के बाद चूहों में तनाव अधिक बढ़ गया था. ये तनाव बिल्कुल उतना ही था, जितना दूसरे चूहों से लड़ाई के दौरान उनमें होता है.

देशभर में सिंगल यूज प्लास्टिक होने वाली है पूरी तरह बैन

अब पानी पी कर की फेंक नहीं पाएंगे बोतल, देशभर में सिंगल यूज प्लास्टिक हो जाएगी पूरी तरह बैन

विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण को बचाने के लिए केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. एक तरफ जहां दुनिया को बचाने की मुहिम में भारत पूरी मुस्तैदी से अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है, वहीं अब इस सिलसिले में केंद्र सरकार देशभर में सिंगल यूज प्लास्टिक बैन करने की तैयारी में है.

सिंगल यूज प्‍लास्टिक पर पूरी तरह बैन की तैयारी

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक खासकर पिन्नियों और पानी की बोतलों से पर्यावरण को हो रहे नुकसान को रोकने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है. दरअसल केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी करते हुए सिंगल-यूज प्लास्टिक (Single-Use Plastic) को चरणबद्ध तरीके से बंद करने की सलाह दी है. केंद्र ने कहा है कि इससे ‘स्वच्छ और हरित’ पर्यावरण को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. सरकार का कहना है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यावरण मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक देश के 4,704 में से 2,591 शहरी स्थानीय निकायों ने सिंगल-यूज प्लास्टिक को पहले से प्रतिबंधित (Ban) कर रखा है. ऐसे में अब सभी राज्यों (States) और केंद्र शासित प्रदेश (UT’s) मिलकर ये सुनिश्चित करें कि बाकी बचे 2,100 से अधिक निकाय भी 30 जून, 2022 तक हर हाल में इसे प्रतिबंधित कर दे.

#WorldEnvironmentDay2022: Centre writes to states to phase out Single Use Plastic #WorldEnvironmentDay https://t.co/cSFvL7ffOS— Zee News English (@ZeeNewsEnglish) June 5, 2022

बड़े पैमाने पर चलेगा अभियान

जारी की गई सरकारी एडवायजरी में पर्यावरण बचाने को लेकर भारत की प्रतिबद्धता के तहत केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 30 जून तक जिन आदेशों को पूरा करने के लिए कई गतिविधियां शुरू करने को कहा गया है. इसमें खासकर प्लास्टिक की पन्नी और पानी की बोतलों वाले कचरे की सफाई के लिए बड़े पैमाने पर सफाई और ‘प्लॉगिंग’ अभियान चलाने को कहा गया है. बता दें कि फिलहाल स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय जो काम कर रहे हैं उसमें प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन और एसयूपी का उन्मूलन भी शामिल है. 

गलती करने वालों पर लगेगा जुर्माना

रिपोर्ट के अनुसार केंद्र की एडवायजरी में ये भी कहा गया है कि सफाई के काम में तेजी के लिए यूएलबी को एसयूपी ‘हॉटस्पॉट’ की पहचान करने और उन्हें नष्ट करने की जरूरत होगी. इस सलाह में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों की कार्रवाई का लाभ उठाने के साथ कुछ और विशेष प्रवर्तन दस्तों का गठन करने को कहा गया है. इसी तरह तय लक्ष्य को पूरा करने के लिए एजेंसियों को औचक निरीक्षण बढ़ाने को कहा गया है. इसी तरह SUP प्रतिबंधों को लागू करने के लिए गलती करने वालों पर भारी जुर्माना यानी कठोर अर्थदंड लगाने की सलाह दी गई है.

प्रतिबंध के बाद भी हो रहा प्रयोग

गौरतलब है कि प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधन) नियम, 2021 के मुताबिक, 75 माइक्रोन यानि 0.075 मिमी मोटाई से कम के प्लास्टिक से बने कैरी बैग के निर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री और किसी भी तरह के उपयोग पर 30 सितंबर, 2021 से प्रतिबंध लगा हुआ है. ऐसे में बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद अपेक्षित सफलता नहीं मिलने की वजह से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम कर रहे संगठन सरकार से कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं.

डाकघरों में अब मिल सकेगा ट्रेन का टिकट

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय रेलवे ने देशभर में 45,000 डाकघरों में टिकट बुकिंग की व्यवस्था की तैयारी कर ली है। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों को ध्यान में रखकर ये फैसल लिया गया है।

इसके लिए रेलवे ने 45,000 डाकघरों में टिकटिंग की व्यवस्था की है। यात्री बिना किसी परेशानी के यहां से टिकट ले सकते हैं। पिछले दिनों खजुराहो में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी घोषणा करते हुए यह भी बताया था कि अब रेल टिकट लेने में यात्रियों को परेशानी नहीं होगी। इसके साथ ही खजुराहो और दिल्ली के बीच वंदेभारत ट्रेन पर अपडेट देते हुए रेल मंत्री ने बताया था कि इस रूट पर अगस्त तक इलेक्ट्रिफिकेशन का काम पूरा हो जाएगा। तब तक वंदे भारत ट्रेन भी चलने लगेगी। अर्थात अगस्त के बाद कभी भी मध्य प्रदेश को वंदे भारत ट्रेन की सौगात मिल सकती है, जिसके लिए डाकघर से ही टिकट बुक हो सकता है।

गौरतलब है कि स्टेशन से दूर दराज में रहने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डाक घरों में रेल आरक्षण कराने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है ताकि रेल रिजर्वेशन के लिए लोगों को भटकना न पड़े। इन डाक घरों में रेल आरक्षण बुकिंग का कार्य डाक घर के प्रशिक्षित कर्मचारियों द्वारा किया जाता है। रेलवे द्वारा नेटवर्क कनेक्टिविटी के साथ हार्डवेयर उपलब्ध कराया गया है। इस योजना से शहर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को आस पास के डाकघरों से अपनी ट्रेनों के लिए रिजर्वेशन कराने की सुविधा मिलेगी। रेलवे ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वर्तमान में रेलवे द्वारा डाक घरों में प्रदत्त कराई गई रेल आरक्षण बुकिंग की सुविधा का लाभ उठाएं।

ऑटोमेटिक टिकट वेंडिग मशीन- इससे पहले भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए उन्हें वेटिंग और लम्बी कतारों से मुक्ति देते हुए ई-टिकटिग की नई सुविधा भी शुरू की है। इसके तहत रेल यात्री अब यात्रा टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट और मंथली पास के नवीकरण के लिए ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन पर पेटीएम, फोनपे, फ्रीचार्ज जैसे यूपीआई बेस्ड मोबाइल ऐप से क्यूआर कोड स्कैन कर डिजीटल पेमेंट कर सकेंगे। इस सुविधा में यात्री ऑटोमेटिक टिकट वेंडिग मशीन से मिलने वाली सुविधाओं के लिए डिजिटिल ट्रांजेक्शन से भी भुगतान कर सकेंगे। यात्री इसके जरिये एटीवीएम स्मार्ट कार्ड को भी रिचार्ज करा सकते हैं। क्यूआर कोड को स्कैन कर यात्री फोन के माध्यम से डिजीटल भुगतान कर टिकट प्राप्त कर सकते हैं।

इसे स्कैन करने और पेमेंट करने के बाद यात्रियों को तुरन्त अपने गंतव्य का टिकट मिल जाएगा। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा डिजीटल मोड में पेमेंट करें और लंबी लाइन से छुटकारा पाएं।

गौरतलब है कि रेलवे बोर्ड को ऐसे स्टेशनों पर अक्सर यात्रियों की तरफ से घंटों लाइन में लग कर टिकट लेने की शिकायत मिली थी। कई बार स्टेशनों पर लंबी-लंबी लाइन में लगने से यात्रियों की ट्रेन छूट जाती है। लेकिन अब टिकट बिक्री के विकेंद्रीकरण के बाद यात्रियों को घंटों लंबी कतारों में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। शहरी और ग्रामीण दोनों तरह के यात्रियों को ध्यान में रखकर दो अगल-अलग सुविधाओं के बेहतर किया गया है।

ट्रेन में सोइए चद्दर तान के, अब नहीं छूटेगा आपका स्टेशन

नई दिल्ली (एजेंसी)। स्टेशन छूटने की चिंता अब यात्रियों के लिए पुरानी बात हो जाएगी। अब वह निश्चिंत होकर ट्रेन में चद्दर तान के सोएं या घोड़े बेच के! कुल मिला कर अब वे पूरे इत्मीनान से नींद ले सकेंगे। लंबी दूरी वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने वेकअप एलर्ट सुविधा शुरू की है। इसके तहत डेस्टिनेशन स्टेशन आने से 20 मिनट पहले अब यात्री को इसकी जानकारी दी जायेगी। भारतीय रेल ने अपने यात्रियों की सेवाओं में एक और इजाफा करते हुए, डेस्टिनेशन अलर्ट वेकअप अलार्म सुविधा शुरू की है।

कई बार यात्रा के समय नींद में या किसी और वजह से यात्रियों का स्टेशन पीछे छूट जाता है या जम्प हो जाता है। रात के सफर के दौरान ऐसा ज्यादा होता है। इसलिए रेलवे ने अब डेस्टिनेशन अलर्ट वेकअप अलार्म सुविधा शुरू की है।

दरअसल रेलवे की तरफ से 139 नंबर की पूछताछ सेवा पर आईवीआरएस के माध्यम से अलार्म सेवा शुरू की गई है। यात्री अब 139 नंबर के इन्क्वायरी सिस्टम पर अलर्ट की सुविधा मांग सकते हैं। इस सुविधा को लेने वाले यात्री को 20 मिनट पहले फोन कर उसके गंतव्य स्टेशन के बारे में बताया जाता है।

रेलवे के अनुसार इसके लिए यात्री को सबसे पहले भारतीय रेल के सहयोगी उपक्रम आईआरसीटीसी के 139 नंबर पर मोबाइल से कॉल या मैसेज करना होगा। कॉल रिसीव होने पर भाषा का चयन करना होगा। उसके बाद डेस्टिनेशन अलर्ट के लिए पहले 7 नंबर और फिर 2 नंबर दबाना होगा। इसके बाद यात्री से 10 अंकों का पीएनआर नंबर पूछा जाएगा जिसके बाद पीएनआर नम्बर डायल करने के बाद कन्फर्म करने के लिए 1 डायल करना होगा।

इस प्रक्रिया के बाद सिस्टम पीएनआर नंबर का सत्यापन कर गंतव्य स्टेशन के लिए वेक अप अलर्ट फीड कर देगा। इसके बाद मोबाइल पर कंफर्मेशन का एसएमएस मिलेगा। जिसके तहत गंतव्य स्टेशन आने से 20 मिनट पहले मोबाइल पर वेक अप कॉल आएगी। इस सुविधा को लेने के लिए यात्री को प्रति अलर्ट 3 रुपये एसएमएस चार्ज लगेगा। गौरतलब है कि आईआरसीटीसी ने फिलहाल ये सुविधा रात 11 बजे से सुबह 7 बजे तक के लिए उपलब्ध कराई है।

आरजेपी स्काउट ने राहगीरों को पिलाया शरबत

बिजनौर। आरजेपी इंटर कॉलेज बिजनौर के छात्रों ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर शरबत शिविर का आयोजन किया। इस दौरान मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों को शरबत पिलाया गया। लोगों ने छात्रों के इस कार्य की भरपूर सराहना की।

समाजसेविका स्वाति वीरा ने फीता काटकर शिविर का उदघाटन किया। प्रधानाचार्य कैप्टन बिशनलाल के निर्देशन में स्काउट्स एवं एनसीसी कैडेट्स ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर शरबत शिविर लगाकर हजारों राहगीरों को रूह अफ़जा़ का ठंडा शरबत पिलाया। शिविर में उमड़ी भीड़ में लोगों ने शरबत पीकर बच्चों के इस प्रयास की सराहना की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि स्वाति वीरा ने कहा कि ऐसी भीषण गर्मी में राहगीरों को शरबत पिलाने का विद्यालय के छात्रों का यह कार्यक्रम नि:संदेह पुण्य का कार्य है और ऐसे आयोजन विद्यालय के द्वारा समय-समय पर किए जाते रहने चाहिए। शिविर के आयोजन में एनसीसी अधिकारी सुभाष बाबू राजपूत, तेजपाल सिंह तथा स्काउट डीओसी चंद्रहास सिंह, मुख्य लिपिक राजेंद्र सिंह आदि का विशेष योगदान रहा। प्रधानाचार्य कैप्टन बिशनलाल ने बताया कि प्रबंध समिति के निर्देशन पर इस प्रकार के आयोजन विद्यालय के द्वारा समाज तथा राष्ट्रहित में समय-समय पर किए जाते रहते हैं और भविष्य में भी किए जाते रहेंगे। शिविर के आयोजन में कला प्रवक्ता सुधीर कुमार ने सुंदर स्वागतम रंगोली बनाकर कार्यक्रम को और आकर्षक बनाया। कार्यक्रम का संचालन कृषि प्रवक्ता मनोज कुमार यादव ने किया। इस अवसर पर उप प्रधानाचार्य ग़य्यूर आसिफ़, विधु शेखर चौहान, सुधांशु कुमार, सुधीर कुमार राजपूत, बृजेश कुमार, तेजपाल सिंह, अतुल रस्तोगी, भूपेंद्र पाल सिंह, लक्षेश कुमार, रश्मि चौहान, अलका अग्रवाल, नरेश कुमार आदि शिक्षक उपस्थित रहे।

हालात नहीं सुधरे तो सड़क पर उतरेंगे छात्रः अर्जुन मिश्र

एक सप्ताह में बिजली आपूर्ति सुधारने का अल्टीमेटम

अतर्रा/बांदा, के एस दुबे (AMJA) लगातार विद्युत कटौती से आजिज छात्रों व अन्य जागरूक युवाओं ने बिजली विभाग के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है। इसी क्रम में उपखण्ड कार्यालय पहुंच कर उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। साथ ही हालात ठीक न होने पर उग्र आन्दोलन की चेतावनी भी दी है।

बिजली की लगातार आंख मिचौली से लोगों का ग़ुस्सा फूटने लगा है। छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन मिश्र (मुन्ना) की अगुवाई में एक दर्जन से अधिक युवाओं ने विद्युत उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए एक सप्ताह में बिजली सुधारने का अल्टीमेटम दिया। श्री मिश्र ने कहा कि बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के छात्रों की परीक्षाएं चल रही हैं, बिजली की लगातार कटौती से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। गर्मी अपने चरम पर है, ऐसी स्थिति में व्यापारी, छात्र आदि किसी भी वर्ग की चिंता सरकार को नहीं है।

सुदूर गांवों के गरीब छात्र कमरा लेकर रहते हैं। बिजली गुल होने पर पढ़ने कहां जाएं। इससे आम उपभोक्ताओं में भी भारी आक्रोश है। स्थानीय निवासियों रमाकांत अवस्थी, प्रकाश त्रिवेदी, आदित्य तिवारी, अमित गुप्ता आदि ने भी नाराज़गी व्यक्त की है। कांग्रेस नेता साकेत बिहारी मिश्र, सूरज बाजपेई, रमेश कोरी, विक्की गुप्ता, सपा नेता नीरज द्विवेदी, विवेक बिन्दु तिवारी, दिनेश गुप्ता एवं व्यापारी नेता उमाशंकर गुप्ता, श्रवण गुप्ता आदि ने भी बिजली कटौती पर अपना आक्रोश दर्ज कराया है। सौंपे गए ज्ञापन में बिजली व्यवस्था न सुधरने पर आन्दोलन की चेतावनी दी गई है।ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अर्जुन मिश्र, कांग्रेस के युवा नेता अविरल पाण्डेय, शिवा सिंह, दिनेश कुमार, मोहम्मद नसीम, आशीष गुप्ता, सत्यम सोनी, नवल रैकवार आदि शामिल रहे।

कोरोना में अनाथ हुए बच्चों को शासन से सहायता


कोविड काल में अपने माता-पिता खो चुके अनाथ बच्चों की हर संभव सहायता के लिए अभिभावक के रूप में वे स्वयं हर समय तत्पर हैं, उनकी किसी भी समस्या को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाएगा, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने बच्चों को किया आश्वस्त

बिजनौर। जिलाधिकरी उमेश मिश्रा ने कोविड काल में अपने माता-पिता खो चुके अनाथ बच्चों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी हर सहायता के लिए अभिभावक के रूप में वे स्वयं हर समय तत्पर हैं, उनकी किसी भी समस्या को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाएगा तथा उनकी हर संभव सहायता की जाएगी। उन्होंने कहा कि उनके भविष्य को उज्जवल और उनके जीवन को सफल बनाने के लिए पूरा देश उनके साथ खड़ा है। उन्होंने बताया कि कोविड काल में अनाथ बच्चों के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य और पालन-पोषण के लिए न केवल उनकी आर्थिक मदद की बल्कि उनके मनोबल को बढ़ाने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए उनकी काउन्सिलिंग की व्यवस्था भी की गई है, ताकि वे बिना किसी मानिसक एवं शारीरिक बाधा के जीवन में सफलता की उॅंचाई पर पहुंच सकें।
इस अवसर पर पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के अंतर्गत एनआईसी बिजनौर में प्रधानमंत्री भारत सरकार के द्वारा ऐसे सभी बच्चे जिनके माता-पिता अर्थात एक की मृत्यू पूर्व में हो गई हो तथा दूसरे की मृत्यू 11 मार्च,20 से 31 दिसम्बर,21 के बीच कोविड से ग्रस्त होने के कारण हुई हो या कानूनी अभिभावक/दत्तक माता-पिता/एकल दत्तक माता-पिता 11 मार्च,20 से 31 दिसम्बर,21 के बीच कोविड-19 से हुई हो, ऐसे बच्चों को सभी आवश्यक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से विगत 29 मई,21 को लांच की गई योजनातंर्गत जिले के 09 बच्चों को दस्तावेज प्रदान की गईं।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत उक्त योजना के लाभ के हकदार बच्चों के माता-पिता दोनों या जीवित माता/पिता या कानूनी अभिभावक/दत्तक माता-पिता/एकल दत्तक माता-पिता जैसी भी स्थिति हो, की मृत्यु के दिनांक को बच्चे की आयु 18 वर्ष पूरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पी० एम० केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना के अन्तर्गत अनाथ बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ, बीमा आदि हेतु रू0 10 लाख (दस लाख) की कार्पस फण्ड के रूप में सहायता प्रदान किये जाने का प्रावधान किया गया है। पी० एम० केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना के अन्तर्गत जिले में कुल 09 अनाथ बच्चों को पात्रता के आधार पर लाभान्वित किया है।
जिलाधिकारी श्री मिश्रा द्वारा उक्त योजना के तहत अनाथ बच्चों को आयुष्मान भारत- प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना(आयुष्मान कार्ड) के द्वारा लाभान्वित जिसके अन्तर्गत रू० 05 लाख का स्वास्थ्य बीमा वार्षिक से लाभान्वित कराये जाने संबंधी प्रपत्र, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अन्तर्गत रू० 4 हजार प्रति माह की दर से लाभान्वित होने, रू0 10 लाख कार्पस फण्ड के रूप में पी० एम० केयर्स योजना के अन्तर्गत बच्चों के खातों में पी0 एफ0 एम० एस० के माध्यम से अन्तरित किए जाने तथा पी० एम० केयर्स योजना के अन्तर्गत कक्षा 01 से कक्षा 12 तक स्कूल जाने वाले लाभार्थी बच्चों को रू० 20000 की वार्षिक छात्रवत्ति (स्कॉलरशिप फॉर पी० एम० केयर्स फॉर चिल्ड्रेन) से प्रदान किये जाने की व्यवस्था है, जिसमें रू0 1000/प्रति माह एक वर्ष तक कुल रू0 12000/- तथा रू0 8000/- बच्चे की किताबें, वर्दी, जूते एवं शिक्षा से सम्बन्धित अन्य सामग्री दिये जाने का प्रावधान है, सम्बन्धित दस्तावेज उपलब्ध कराए गए।
दस्तावेज वितरण से पहले प्रधानमंत्री का संम्बोधन किया गया, जिसमें बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा गया कि हर बड़े व्यक्ति जिसका नाम इतिहास में दर्ज है, का जीवन संघर्षपूर्ण और विभिन्न कठिनाईयों से झूझते हुए गुजरा है, परन्तु उन्होंने हार नहीं मानी और जीवन में सफलता की चरम सीमा पर पहुंचे और आमलोगों के मार्गदर्शक बने। उन्होंने बच्चों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आप लोग संघर्ष करें पूरा देश आपको सहयोग, सहायता और मार्गदर्शन करने के लिए तत्पर है।
इस अवसर पर पूर्व सांसद भारतेन्द्र सिंह, जिला प्रोवेशन अधिकारी के अलावा अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।

आधार कार्ड की कॉपी देते समय न बरतें लापरवाही

आधार कार्ड की कॉपी देते समय रहें सावधान, न बरतें लापरवाही, हो सकता है गलत इस्तेमाल, केंद्र सरकार ने जारी की एडवाइजर

  • जानें क्या होता है मास्कड आधार
  • गैर-लाइसेंसी नहीं रख सकते आधार
  • साइबर कैफे से नहीं करें डाउनलोड
सोच-समझकर शेयर करें आधार

नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्र सरकार ने आधार कार्ड को लेकर एक ए़डवाइजरी जारी की है। सरकार ने नागरिकों से कहा है कि वे दुरुपयोग को रोकने के लिए अपने आधार कार्ड की केवल नकाबपोश प्रतियां ही किसी के साथ साझा करें। रविवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में सरकार ने कहा कि अपने आधार की फोटोकॉपी किसी व्यक्ति या संस्थान के साथ धड़ल्ले से साझा न करें क्योंकि इसका दुरुपयोग किया जा सकता है।

सरकार ने इसका विकल्प बताते हुए सिर्फ नकाबपोश (मास्कड) आधार ही साझा करने की सलाह दी है। इस पर सिर्फ अंतिम चार अंक दर्ज होते हैं। इसके अलावा केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि गैर-लाइसेंसी प्राइवेट इकाइयां आपका आधार कलेक्ट नहीं कर सकती हैं, ना ही उसे अपने पास रख सकती हैं। इसमें बिना लाइसेंस वाले होटल और सिनेमा हॉल शामिल हैं। सरकार ने कहा कि केवल वे संगठन जिन्होंने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण से उपयोगकर्ता लाइसेंस प्राप्त किया है, वे ही किसी व्यक्ति की पहचान स्थापित करने के लिए आधार का उपयोग कर सकते हैं।

सरकार ने नागरिकों से अपने आधार कार्ड साझा करने से पहले यह सत्यापित करने के लिए कहा कि किसी संगठन के पास यूआईडीएआई से वैध उपयोगकर्ता लाइसेंस है। इसके अतिरिक्त सरकार ने लोगों को अपने आधार कार्ड डाउनलोड करने के लिए इंटरनेट कैफे में सार्वजनिक कंप्यूटर का उपयोग नहीं करने की चेतावनी दी है। सरकार ने अपनी सलाह में कहा है कि यदि आप ऐसा करते हैं तो कृपया सुनिश्चित करें कि आप उस कंप्यूटर से ई-आधार की सभी डाउनलोड की गई प्रतियों को स्थायी रूप से हटा दें।

आधार कार्ड (Aadhaar Card) को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण जारी करता है। ये एक 12 डिजिट का एक न्यूमेरिक कोड होता है, जिसे आधार संख्या कहा जाता है बये मूलत: आपकी बायोमीट्रिक पहचान सुनिश्चित करने के लिए उपयोग किया जाता है।

क्या होता है मास्क्ड आधार
मास्क्ड आधार में आपकी 12 डिजिट की पूरी आधार संख्या नहीं दिखाई देती है, बल्कि इसमें आधार संख्या के सिर्फ आखिरी चार अंक ही दिखाई देते हैं। इसे ऑनलाइन भी प्राप्त किया जा सकता है।

Masked Aadhaar डाऊनलोड करने का तरीका
अगर आप मास्क्ड आधार डाउनलोड करना चाहते हैं, तो आप UIDAI की वेबसाइट पर जाकर  ‘ Do You Want a Masked Aadhaar’ का विकल्प चुन सकते हैं। यहां जरूरी डिटेल भरकर मास्क्ड आधार डाउनलोड किया जा सकता है। इसके अलावा Digi Locker और mAadhaar का भी विकल्प है।

mAadhaar है सुरक्षित विकल्प
UIDAI ने स्मार्टफोन यूजर्स के लिए एक नई मोबाइल ऐप mAadhaar लॉन्च किया हुआ है। इसे एंड्राइड के प्ले स्टोर और एपल के ऐप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। आपके आधार से जुड़ी जानकारी सुरक्षित रहे, इसलिए इसमें एक विशेष फीचर जोड़ा गया है। एक आधार संख्या से ये ऐप एक बार में एक ही फोन डिवाइस पर एक्टिव रहती है। ऐसे में यदि आप अपना फोन बदलते हैं तो नए डिवाइस पर ऐप के एक्टिव होते ही ये पुराने डिवाइस पर खुदबखुद डिएक्टिवेट हो जाएगी।

गर्मियों की छुट्टियों में रेल यात्रियों को मिला तोहफा

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारी भीड़ वाले रेलवे रूट्स पर यात्रियों को टिकट बुक कराने यात्रा करने में अत्याधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए रेलवे ने दिल्ली, मुंबई, गोरखपुर और हावड़ा रूट पर यात्रियों को राहत देने का फैसला किया है। अब इस रुट के रेल यात्रियों को वेटिंग की दिक्कतों से नहीं गुजरना पड़ेगा।

गर्मी में यात्रियों को राहत देने के लिए रेलवे ने अगल-अलग रूट पर आधा दर्जन ट्रेनें चलाने का फैसला किया है।दरअसल रेलवे बोर्ड भारी भीड़ वाले रूट्स के बीच आधा दर्जन ट्रेनें चलाने की तैयारी में है। इसकी घोषणा जल्द होने की उम्मीद की जा रही है।

रेलवे अधिकारी के मुताबिक दिल्ली से हावड़ा, गोरखपुर से मुंबई और लखनऊ ये नई ट्रेनें चलाई जाएगी, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इन ट्रेनों की घोषणा की जाएगी।

हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया था कि भारत सरकार दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा रेलवे कॉरिडोर पर चलने वाली रेल गाड़ियों को किसी भी एक्सीडेंट की आशंका से बचने के लिए ‘कवच’ का इस्तेमाल भी किया जायेगा। पश्चिमी रेलवे ने एसी लोकल ट्रेनों में इजाफा करने का फैसला किया था। वहीं गर्मियों की छुट्टियों को देखते हुए उत्तरी रेलवे ने 72 ट्रेनों के लिए ये बड़ा फैसला लिया था।

डिप्टी सीएम ने छापा मारकर पकड़ीं साढ़े 16 करोड़ की एक्सपायरी दवाएं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण के क्रम में शुक्रवार को डिप्टी सीएम डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मेडिसिन सप्लाई कार्पोरेशन के गोदाम पर छापा मारा। इस दौरान लगभग साढ़े 16 करोड़ रुपए की एक्सपायरी दवाईंयां मिलीं। इस पर उन्होंने फटकार लगाते हुए तीन दिन के अंदर संबंधित से रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

गौरतलब है कि डिप्टी सीएम डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक प्रदेश के अस्पतालों में औचक निरीक्षण कर रहे हैं। अस्पतालों में मिल रही अव्यवस्थाओं पर वो जिम्मेदारों को फटकार लगा रहे हैं। इसके साथ ही व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने के निर्देश दे रहे हैं।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने ट्वीट कर कहा है कि, ‘उत्तर प्रदेश मेडिसिन सप्लाई कार्पोरेशन, गोदाम पहुंचकर वहां मानक अनुरूप दवाइयों की उपलब्धता व सप्लाई रिपोर्ट का औचक निरीक्षण कर प्रथम दृष्टया 16,40,33,033 रुपये की एक्सपायरी दवाएं पाई गईं। इसकी जांच हेतु समिति को जांच रिपोर्ट 3 दिनों में प्रस्तुत करने संबंधी आदेश दे दिए गए हैं।’

विदित हो कि, इससे पहले लोहिया अस्पताल में डिप्टी सीएम ने छापेमारी की थी, जहां पर लाखों रुपये की एक्सपायरी डेट की दवाईंया मिलीं थीं, जिसमें उन्होंने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए थे।

तीन दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का डीआईजी ने किया उद्घाटन

बिजनौर। रिजर्व पुलिस लाइन्स में दिनांक 19.05.2022 से 21.05.2022 तक आयोजित होने वाली अन्तरजनपदीय पुलिस वालीबॉल, बास्केटबॉल, हैण्डबॉल, सेपक टकरा एवं योगा प्रतियोगिता वर्ष-2022 व सडक सुरक्षा जागरुकता अभियान का शुभारम्भ शलभ माथुर, पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र मुरादाबाद द्वारा किया गया।

रिजर्व पुलिस लाइन में शलभ माथुर, पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र मुरादाबाद द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर लिया गया। उनके द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर देने वाली गार्द को उत्साहवर्धन हेतु पुरस्कृत किया गया। इसके पश्चात पुलिस लाइन्स के ग्राउण्ड में बरेली जोन, बरेली की दिनांक 19.05.2022 से 21.05.2022 तक आयोजित होने वाली अन्तरजनपदीय पुलिस वालीबॉल, बास्केटबॉल, हैण्डबॉल, सेपक टकरा एवं योगा प्रतियोगिता वर्ष-2022 का उदघाटन किया गया। उक्त प्रतियोगिता में बरेली जोन के सभी 09 जनपदों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। पुलिस उपमहानिरीक्षक ने सभी प्रतिभागी खिलाडियों से हाथ मिलाकर उनका परिचय लिया तथा खेल भावना के उददेश्य से खेलने की अपील करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया गया।
तदोपरान्त पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र मुरादाबाद श्री माथुर द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन्स प्रांगण में एनसीसी कैडेट्स को सडक सुरक्षा के बारे में जागरुक किया गया। उनको बताया गया कि सड़क पर सभी को अपने बाँये तरफ चलना चाहिए खासतौर से चालक को और दूसरी तरफ से आ रहे वाहन को जाने देना चाहिये। चालक को सड़क पर गाड़ी घुमाते समय गति धीमी रखनी चाहिये। अधिक व्यस्त सड़कों और रोड जंक्शन पर चलते समय ज्यादा सावधानी बरतें। दोपहिया वाहन चालकों को अच्छी गुणवत्ता वाले हेलमेट पहनने चाहिये नहीं तो उन्हें बिना हेलमेट के रोड पर नहीं आना चाहिये। गाड़ी की गति निर्धारित सीमा तक ही रखें खासतौर से स्कूल, हॉस्पिटल, कॉलोनी आदि क्षेत्रों में। सभी वाहनों को दूसरे वाहनों से निश्चित दूरी बनाकर रखनी चाहिये। सड़कों पर चलने वाले सभी लोगों को रोड पर बने निशान और नियमों की अच्छे से जानकारी हो। यात्रा के दौरान सड़क सुरक्षा के नियम-कानूनों को दिमाग में रखें।

एनसीसी कैडेट्स की जागरुकता रैली- इसी के साथ ही एनसीसी कैडेट्स के साथ प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर जागरुकता रैली को रवाना किया गया एवं आमजन मानस को यातायात नियमों से अवगत कराया गया। इस दौरान जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ0 धर्मवीर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ0 प्रवीन रंजन सिंह, आरटीओ शिव शंकर, एआरटीओ राकेश मोहन, क्षेत्राधिकारी नगर कुलदीप गुप्ता, उ0नि0 यातायात बलराम सिंह व अन्य पुलिस अधिकारीगण मौजूद रहे।


इसके बाद पुलिस उपमहानिरीक्षक द्वारा स्कूली वैन बस एवं एंबुलेंस का फिटनेस चेक कर वाहन से सम्बन्धित जानकारी ली गई तथा सम्बन्धित को इस सम्बन्ध में डाटाबेस बनाकर रखने हेतु निर्देशित किया गया। वाहन स्वामी को बताया गया कि स्कूली वाहनों में सभी मानकों को हमेशा पूरा रखा जाए तथा वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने हेतु निर्देशित किया गया।

ग्राम प्रहरियों को वर्दी किट-
डीआईजी ने रिजर्व पुलिस लाइन्स प्रांगण में नगर सर्किल के ग्राम प्रहरियों को जर्सी, साफा, जीन कोट, बेल्ट, जूता, धोती (कुल 06) सामानों का वितरण किया गया। ग्राम प्रहरियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी पुलिस विभाग मे एक मजबूत कडी है जो अपने आसपास की गतिविधियों पर सतर्क नजर रखते हैं, जिससे किसी घटना को घटित होने से रोका जा सकता है। उनके द्वारा सभी को समय से सूचना देने व अपने दायित्वों का अच्छी तरह से निर्वहन करने हेतु प्रेरित किया गया। सभी ग्राम प्रहरियों को अपनी डयूटी को सतर्कता पूर्वक करने व किसी भी प्रकार की कोई भी सूचना तत्काल थाना प्रभारी को देने हेतु बताया गया। पुलिस उपमहानिरीक्षक शलभ माथुर द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन्स प्रांगण में आयोजित नेत्र शिविर का निरीक्षण किया गया। शिविर में वाहन चालक अपनी ऑखों का इलाज, शुगर, ब्लड प्रेशर आदि की जाँच करा रहे थे। डीआईजी द्वारा सभी चालकों को यातायात नियमों का पालन करने, वाहन चलाते समय किसी भी नशे का सेवन न करने हेतु बताया गया तथा सभी को समय-समय पर अपनी जाँच कराने हेतु प्रेरित किया गया। शिविर में नेत्र रोग विशेषज्ञ, शुगर रोग विशेषज्ञ व अन्य स्पेशलिस्ट डॉक्टर मौजूद रहे।

GGIC में सड़क सुरक्षा से संबंधित जागरूक शपथ दिलाई- उन्होंने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बिजनौर में पहुंच कर स्कूलों के बच्चों के साथ सडक सुरक्षा सप्ताह के तहत सड़क सुरक्षा से संबंधित जागरूक शपथ दिलाई तथा सभी को सडक सुरक्षा में जागरुक करते हुए बताया गया कि

1- ट्रैफिक सिग्नल का अर्थ समझना ।
2- रुको, देखो फिर सड़क पार करो ।
3- ध्वनि पर ध्यान दें ।
4- सड़क पर दौड़ें नहीं ।
5- फुटपाथ का उपयोग करें ।
6- पेडेस्ट्रियन से करें सड़क पार ।
7- वाहन के बाहर हाथ न निकालें ।
8- मोड़ से सड़क पार न करें ।
9- ड्राइविंग के नियमों का पालन करे ।
10- चलते वाहन में सुरक्षित बैठना ।
11- वाहन के रुकने के बाद ही चढ़ना और उतरना ।
12- हमेशा किनारे पर ही उतरें ।
13- स्कूल बस का इस्तेमाल हमेशा लाइन में रहकर करें ।
14- उतरने वाले यात्रियों को पहले अवसर दें ।
15- हाथ का इशारा दें ।

इस दौरान जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य पुलिस अधिकारी एवं स्कूल का स्टाफ उपस्थित रहा।

व्हाट्सएप्प ग्रुप के जरिये समस्या सुलझाएंगे बिजली अधिकारी


राज्यमंत्री ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग उत्तर प्रदेश सोमेंद्र तोमर ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को विधानसभावार व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर उसमें जन प्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से शामिल करने तथा ग्रुप पर प्राप्त होने वाली जन शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने एवं जनप्रतिनिधियों से नियमित रूप से संपर्क एवं समन्वय बनाए रखने के दिए निर्देश

बिजनौर। राज्यमंत्री ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग उत्तर प्रदेश सोमेंद्र तोमर ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन प्रतिनिधियों के साथ नियमित रूप से समन्वय बनाए रखें और विद्युत चोरी रोकने तथा विद्युत देयकों के भुगतान जैसे अहम कार्यों में उनका सहयोग प्राप्त करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जन सामान्य की विद्युत से संबंधित समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ निस्तारण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि पूर्ण गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निचले स्तर पर ही समस्या का निराकरण कर दिया जाए तो समस्या विकराल रूप धारण नहीं कर सकती। उन्होंने सभी अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देश दिए कि विधानसभावार व्हाट्सएप ग्रुप बनाएं और उसमें जन प्रतिनिधियों को भी अनिवार्य रूप से शामिल करें। विद्युत विभाग के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि विद्युत देय के बड़े बक़ायादारों की सूची बना कर उनसे वसूली के लिए गंभीरतापूर्वक प्रयास करें।


राज्यमंत्री श्री तोमर कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित विद्युत विभाग के कार्याें की प्रगति से संबंधित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के नागरिकों को हर सम्भव राहत और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्व है और उसमें ज्यादा से ज्यादा सुधार के लिए प्रयासरत भी है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में निर्धारित रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति करना सुनिश्चित करें तथा किसी कारणवश विद्युत आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होती है तो उसकी सूचना संबंधित क्षेत्र के आम नागरिकों को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कार्य में पारदर्शिता लाने के लिए निर्देशित किया कि सभी अधिशासी अभियन्ता विधानसभावार व्हाट्सअप ग्रुप बनाएं और उसमें क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से शामिल करते हुए महत्वपूर्ण कार्य की सूचना उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वाहट्सअप ग्रुप पर आने वाली समस्याओं का निस्तारण भी पूर्ण गंभीरता और तत्परता के साथ करें ताकि उक्त समस्या इसी स्तर पर निस्तारित हो सके।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ऊर्जा के क्षेत्र में नए प्रयास किए जा रहे हैं, जिसमें उपभोक्ताओं को विद्युत ऊर्जा के अलावा वैकल्पिक ऊर्जा के तौर पर सौर ऊर्जा के साथ-साथ पवन ऊर्जा भी उपलब्ध कराई जाएगी। भविष्य में वैकल्पिक ऊर्जा अपना महत्वपूर्ण स्थान ग्रहण करेगी, जिससे आम नागरिकों को सस्ती ऊर्जा के साथ ही स्वच्छ पर्यावरण का लाभ भी प्राप्त होगा।

अब सोलर ऊर्जा के साथ उपभोक्ताओं को मिलेगी पवन ऊर्जा- जिले के दौरे पर आए राज्यमंत्री ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग सोमेंद्र तोमर ने कहा कि बिजली ही नहीं अब सोलर ऊर्जा के साथ उपभोक्ताओं को पवन ऊर्जा भी उपलब्ध कराने की दिशा में सार्थक प्रयास चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यूपी के कुछ जिलों में ही बिजली पहुंच पाती थी। आज सभी जिलों में एकरूपता के आधार पर बिजली दी जा रही है। 2017 के बाद उत्तर प्रदेश विकास के पथ पर और संस्कृति में भी आगे बढ़ा है। पहले उत्तर प्रदेश बीमार राज्य कहा जाता था, आज 40 स्थानों में उत्तर प्रदेश नंबर एक पर है। उन्होंने आश्रवस्त करते हुए कहा कि कुछ समय पहले विद्युत आपूर्ति के सम्बन्ध में कुछ कारणों से थोड़ी समस्या उत्पन्न हुई थी, लेकिन वर्तमान में उसमें सुधार कर लिया गया है और आगे भी निरन्तर रूप से सुधार किया जाएगा। वर्तमान में बिजली की आपूर्ति पहले से बेहतर है।
श्री तोमर ने यह भी बताया कि सरकार प्रयास कर रही है कि सभी सरकारी दफ्तरों पर सोलर एनर्जी से कनैक्शन दिये जायें, जिसके अंतर्गत वैकल्पिक ऊर्जा स्त्रोतों के दोहन कर कुछ जगह सरकारी संस्थाओं में इसकी शुरुआत भी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए प्रदेश में विद्युत नेटवर्क को बेहतर व आधुनिक बनाने के क्षेत्र में लगातार सार्थक रूप से प्रयास किए जा रहे हैं ताकि आमजन और उद्योगों को भरपूर बिजली मिले।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक नहटौर ओम कुमार, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, अधीक्षण अभियंता विद्युत के अलावा विद्युत विभाग के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

राज्यपाल ने किया सखी वन स्टॉप सेंटर का लोकार्पण

राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा जिला संयुक्त चिकित्सालय स्थित महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का लोकार्पण किया गया, अधिकारियों से महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न इत्यादि मामलों के बारे में चर्चा की और मामलों को शीघ्र निस्तारित करने तथा वन स्टाप सेंटर के तहत सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को अधिकतम पांच दिन तक अस्थायी आश्रय, पुलिस-डेस्क, विधि सहायता, चिकित्सा एवं काउंसिलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

बिजनौर। राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा जिला बिजनौर भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का लोकार्पण किया गया। कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग बिजनौर द्वारा निर्मित किए जाने वाले सखी वन स्टॉप सेंटर को रुपए 24,34,686 की लागत से तैयार किया गया है।
One Stop Center Helpline- महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित वन स्टाप सेंटर योजना (सखी) महिलाओं के लिए मददगार साबित हो रही है। किसी महिला के साथ मारपीट, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न या अन्य कोई घटना होती है तो वन स्टाप सेंटर के माध्यम से पीड़ित को न्याय दिलाया जाता हैै।


राज्यपाल ने जिला अस्पताल में विभागीय अधिकारियों से महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न इत्यादि मामलों के बारे में चर्चा की और मामलों को शीघ्र निस्तारित करने तथा वन स्टाप सेंटर के तहत सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को अधिकतम पांच दिन तक अस्थायी आश्रय, पुलिस-डेस्क, विधि सहायता, चिकित्सा एवं काउंसिलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि महिला उत्पीडन से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता के लिए वन स्टाप सेंटर हेल्पलाइन नंबर पर सहायता के संपर्क स्थापित किया जा सकता है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉक्टर प्रवीन रंजन, संजय कुमार यादव के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

4 महीने राशन कार्ड धारकों को नहीं मिलेगा मुफ्त गेहूं

राशन कार्ड धारकों को जून से सितंबर तक मुफ्त गेहूं नहीं मिलेगा। गेहूं की खरीद न होने से भारत सरकार ने लिया निर्णय। कार्डधारकों को गेहूं के स्थान पर चावल देने का फैसला। अब उनको मिलेगा प्रति यूनिट पर सीधे पांच किलो चावल!

लखनऊ। राशन कार्ड धारकों के लिए खास खबर है। मुफ्त में राशन कार्ड पर प्रति माह दो बार मिलने वाला गेहूं चार माह तक नहीं मिलेगा। यानी जून से लेकर सितंबर माह तक राशन कार्ड पर लोग नि:शुल्‍क गेहूं नहीं ले सकेंगे। इसका कारण ये है कि इस बार क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद धीमी हो रही है।

गौरतलब है कि शासन से महीने में दो बार में कार्डधारकों को राशन मिलता है। इसमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत माह के पहले सप्ताह व प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में माह के 15 तारीख के बाद राशन का वितरण होता है। लेकिन इस बार गेहूं की खरीद कम होने से शासन स्तर से इसके आवंटन पर रोक दिया गया है। गेहूं की खरीद न होने से भारत सरकार ने कार्डधारकों को गेहूं के स्थान पर चावल देने का फैसला लिया है। अब उनको प्रति यूनिट पर सीधे पांच किलो चावल मिलेगा। बाकी खाद्य सामग्री जैसे तेल आदि मिलेगा, यानी अब जून से लेकर सितंबर तक गेहूं नहीं मिलेगा। इसके बाद फिर से पीएमजीकेवाइ में गेहूं मिलने लगेगा।

नमक न आने से वितरण पर रोक : विपणन गोदामों में नमक न आने से राशन का वितरण कोटेदार नहीं कर रहे हैं। खासकर शहर की कई दुकानों पर कार्डधारक राशन लेने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन कोटेदार नमक का उठान न किए जाने की बात कहकर उनको वापस कर दे रहे हैं। यह भी बता रहे हैं कि अभी तक राशन का उठान नहीं किया है। एक विभागीय अधिकारी ने बताया कि नमक आने के बाद ही कोटेदार वितरण करेंगे।

गेहूं आवंटन के कोटे में संशोधन के तहत बिहार, केरल और उत्तर प्रदेश को पीएमजीकेएवाई योजना के तहत गेहूं नहीं दिया गया है। इसकी भरपाई चावल से की जाएगी। यूपी में मौजूद गेहूं के स्टॉक को देखते हुए राज्य सरकार एक किलो गेहूं के साथ चार किलो चावल दे सकती है या फिर पूरा पांच किलो चावल ही दिया जाए, इस पर विचार चल रहा है।  

केंद्र सरकार की तरफ से सितम्बर महीने तक के लिए यह संशोधन किया गया है। प्रदेश के करीब 15 करोड़ से अधिक लाभार्थियों पर इसका असर पड़ेगा। वहीं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के तहत दिए जाने वाले राशन पर अभी बातचीत चल रही है कि इसमें गेहूं की जगह चावल दिया जाए या फिर कोटे में थोड़ा संशोधन किया जाए। 

घायल को अस्पताल पहुंचाओ, 5000 रुपए ले जाओ

पुलिस के डर से लोग नहीं करते पीड़ितों की सहायता। इसी कारण केंद्र सरकार ने की है इसके लिए एक अनूठी पहल। राष्ट्रीय स्तर पर 10 सबसे नेक मददगारों को दिया जाएगा एक-एक लाख रुपए का पुरस्कार

नई दिल्ली (PTI)। पुलिस के चक्कर में कौन पड़ेगा? कहीं हम ही न फंस जाएं! अस्पताल और पुलिसवाले हमें ही परेशान करेंगे! ये कुछ ऐसे वाक्य हैं, जो सड़क पर एक्सीडेंट के बाद घायल अवस्था में पड़े दर्द से कराह रहे व्यक्ति की मदद करने से हम सभी को रोकते हैं. पुलिस और सरकारें बार-बार कहती हैं कि एक्सीडेंट में घायल व्यक्ति की मदद करना मानवता की सेवा है और ऐसा करने पर आपको पुलिस परेशान नहीं करेगी. इसके बावजूद आम लोग डर के मारे घायल को अस्पताल पहुंचाने में कतराते हैं. अब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने इसके लिए एक अनूठी पहल की है.

सड़क मंत्रालय ने बताया कि उसने सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को गंभीर चोट लगने के एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाने वाले मददगारों के लिए एक खास योजना शुरू की है. मंत्रालय ने बताया कि सड़क हादसे में घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 5000 रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा.

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रधान सचिवों और परिवहन सचिवों को लिखे पत्र में कहा कि यह योजना 15 अक्टूबर 2021 से 31 मार्च 2026 तक प्रभावी होगी. मंत्रालय ने नेक मददगार को पुरस्कार देने की योजना’ के लिए दिशानिर्देश जारी किए.

मंत्रालय ने कहा कि इस योजना का मकसद आपात स्थिति में सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने के लिए आम जनता को प्रेरित करना है. नकद पुरस्कार के साथ एक प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा. मंत्रालय ने कहा कि इस पुरस्कार के अलावा राष्ट्रीय स्तर पर 10 सबसे नेक मददगारों को एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा.

क्या होता है गोल्डन आवर?
स्वर्ण घंटे (गोल्डन आवर) पर बताया गया है कि मोटर वाहन अधिनियम के धारा 2 (12ए) के अनुसार स्वर्ण घंटे का मतलब वह एक घंटे का समय है, जो व्यक्ति को दर्दनाक चोट लगने के बाद का एक घंटा होता है. इस एक घंटे के दौरान घायल या घायलों को शीघ्र अस्पताल पहुंचाया जाता है ताकि उसकी जान बच सके या बचने की संभावना होती है.

वहीं बिजनौर के पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने गुड सेमरिटन योजना की जानकारी देते हुए बताया कि योजना के तहत घायलों को निकटतम अस्पताल में पहुंचाने पर किसी भी नागरिक को 5000 रुपए का पुरस्कार दिया जाता है। सभी थाना क्षेत्रों में योजना का प्रचार-प्रसार किया गया है। बताया कि अभी तक कोई भी इसके लिये आगे नहीं आया है।

अधिकारी प्राथमिकता से करें आम नागरिक की समस्या का निस्तारण-संदीप सिंह


विकास एवं जन कल्याणकारी योजनाओं में अनियमितता एवं लाभार्थी को किसी भी प्रकार से प्रताड़ित किए जाने का मामला प्रकाश में आने पर संबंधित विभागीय अधिकारी के विरूद्व जीरो टॉलरेन्स के आधार पर कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए तथा सभी अधिकारी अपने पास आने वाले आम नागरिक की समस्या का पूर्ण मानक और गुणवत्ता के आधार पर निस्तारण करना सुनिश्चित करें- राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा विभाग उ0प्र0 सरकार संदीप सिंह

बिजनौर। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा विभाग उ0प्र0 सरकार संदीप सिंह ने स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों की गुणवत्ता के प्रति अति संवेदनशील और गंभीर है और प्रयासरत है कि विकास एवं जन कल्याणकारी योजनाओं का भरपूर लाभ प्रदेश के सभी नागरिकों को प्राप्त हो तथा शासकीय योजनाओं को पूर्ण मानक एवं गुणवत्ता के साथ क्रियान्वित किया जाए और उनका लाभ पंक्ति के अन्त में खड़े व्यक्ति को भी निश्चित रूप से पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि विकास एवं जन कल्याणकारी योजनाओं में अनियमितता एवं लाभार्थी को किसी भी प्रकार से प्रताड़ित किए जाने का मामला प्रकाश में आने पर संबंधित विभागीय अधिकारी के विरूद्व कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने पास आने वाले आम नागरिक की समस्या का पूर्ण मानक और गुणवत्ता के आधार पर निस्तारण करना सुनिश्चित करें और यदि कार्य किया जाना सम्भव न हो तो संबंधित व्यक्ति को उसका कारण बताया जाए ताकि वह संतुष्ट हो सके।
राज्य मंत्री शाम 04ः00 बजे विकास भवन के सभागार में अपराध/कानून व्यवस्था एवं विकास कार्याें की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने सभी अधिकारियों को शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति अद्यतन रखने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी योजनाओं के गुणवत्तापरक क्रियान्वयन और उनका लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाए जाने के कार्य की उच्च स्तर पर भी समीक्षा की जाएगी। अतः सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा एवं निष्पक्षता के साथ करना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट करते हुए कहा कि शासन की मंशा इसके अलावा और कुछ नहीं है कि शासकीय योजनाओं को पूर्ण मानक एवं गुणवत्ता के साथ क्रियान्वित किया जाए और उनका लाभ पंक्ति के अन्त में खड़े व्यक्ति को भी निश्चित रूप से पहुंचे।

डीएम ने उपलब्ध कराई प्रगति आख्या-
इस अवसर पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जिले में शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार में जानकारी उपलब्ध कराई और बताया कि लगभग सभी योजनाओं में जिले को सम्मानजनक स्थान प्राप्त है तथा एनआरएलएम में जिला कई वर्षाें से प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। उन्होंने बताया कि महिला सशक्तिकरण एवं उन्हें स्वालम्बी बनाने के लिए जिले में विशिष्ठ कार्य किए जा रहे हैं, जिनके सुपरिणाम महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के रूप में सामने आ रहे हैं। उन्होंने मंत्री से धामपुर में 100 बेड के तैयार अस्पताल के लिए चिकित्सक, मेडिकल एवं पेरा मेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराने का अनुरोध करते हुए उक्त अस्पताल के संचालन से स्थानीय और आसपास के लोगों को भारी स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने नगर क्षेत्र चांदपुर, किरतपुर एवं हल्दौर में जर्जर भवनों के लिए शासन से धनराशि उपलब्ध कराने तथा नजीबाबाद-बालावाली-लक्सर मार्ग पर गंगा नदी के सेतु के पहुंच मार्ग निर्माण एवं सुरक्षात्मक कार्याें के लिए भी शासन से आलोच्य वित्तीय वर्ष में एक मुश्त समुचित धनराशि उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया। उन्होंने राज्य मंत्री को विश्वास दिलाते हुए कहा कि उनके द्वारा दिये गये निर्देशों का अक्षरत पालन सुनिश्चित किया जाएगा और शासन की मंशा और भावना के अनुरूप शासकीय कार्यक्रमों एवं योजनाओं को पूर्ण गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ सम्पन्न कराया जाएगा।

इस अवसर पर विधायक बिजनौर सूची चौधरी, नहटौर ओमकुमार, बढापुर सुशांत सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ0 धर्मवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी कामता प्रसाद सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी, जिला विकास अधिकारी, उपजिलाधिकारी सदर, अर्थ एवं संख्या अधिकारी के साथ ही अन्य प्रशासनिक तथा जिला स्तरीय अधिकारी व भाजपा जिलाध्यक्ष मौजूद थे।

मीडिया के सवालों से विचलित हो उठे मंत्री जी! बैठक के उपरांत मंत्री द्वारा स्थानीय पत्रकार बंधुओं के साथ प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान पत्रकार बंधुओं ने जनता की विभिन्न प्रकार की समस्याओं से अवगत कराया। वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र मारवाड़ी ने जनपद में बांटे जा रहे राशन में प्रति उपभोक्ता आधा किलो घटतौली का मुद्दा उठाया। वहीं संजीव शर्मा ने पूछ लिया कि उनके ग्राम धर्मनगरी में जान चौपाल कार्यक्रम के दौरान कुछ फरियादियों को दुत्कार कर भगा क्यों दिया गया? इनके अलावा अवनीश त्यागी ने नमामि गंगे व पौधरोपण कार्यक्रम में शासकीय धन के दुरुपयोग का मामला उठाया। मंत्री ने पत्रकारों द्वारा अवगत कराई गई शिकायतों की जांच व कार्रवाई के निर्देश जिलाधिकारी को दिये। हालांकि पत्रकार वार्ता के बीच में ही सवालों से विचलित मंत्री उठकर मुख्य विकास अधिकारी के कार्यालय में जा बैठे।

गौरैया संरक्षण को लेकर बच्चों में दिखा उत्साह

गौरैया संरक्षण को लेकर हुई प्रतियोगिता

प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को प्रमाण पत्र व पुरस्कार देकर किया सम्मानित।

लखनऊ। राजधानी में गौरैया संरक्षण को लेकर गुरुवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय बंशीगढ़ी व भरोसा में मेरी प्यारी गौरैया मुहिम व अवध वन प्रभाग की ओर से चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बच्चों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को प्रमाण पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। उच्च प्राथमिक विद्यालय वंशी गढ़ी की विभा शर्मा, पूर्वी शर्मा, विशाल, तुसार व उच्च प्राथमिक विद्यालय भरोसा की सोनालिका, नेहा सिंह, जाईना को प्रमाण पत्र व उपहार देकर सम्मानित किया गया।

इस मौके पर मुहिम संचालक व पक्षी प्रेमी महेश साहू ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नन्ही गौरैया के संरक्षण के लिए हम सबको आगे आना होगा क्योंकि नन्ही गौरैया की प्रजाति पर संकट मंडरा रहा है। इस तपती गर्मी में नन्ही गौरैया व अन्य पक्षियों के लिए दाना पानी रखने व कृत्रिम घोंसले लगाने की अपील की। वहीं रेंजर शिवाकांत शर्मा ने प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को शुभकामनाएं दी और सभी छात्र छात्राओं को नन्ही गौरैया संरक्षण की शपथ दिलाई। इस मौके पर समाजसेवी हिमांशु गुप्ता, विद्यालय के प्रधानाचार्या वीरेंद्र यादव, प्रीति त्रिवेदी, वन दरोगा शिवम यादव, अमित सिंह वन रक्षक दीपक कनौजिया, मंगटू प्रसाद, शैलेन्द्र सिंह लोधी सहित कई लोग मौजूद रहे।

अब आसानी से जानिए आधार की सत्यता

यूआईडीएआई ने बताए आधार की सत्यता स्थापित करने के तरीके। ऑनलाइन और ऑफलाइन की जा सकती है जांच।

नई दिल्ली (एजेंसी)। आधार कार्ड की असलियत को कैसे सत्यापित किया जाए, आमतौर पर किसी संस्‍थान के सामने सवाल तब पैदा होता है जब कोई व्‍यक्ति अपनी पहचान के प्रमाण के तौर पर आधार कार्ड प्रस्तुत करता है।

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने कहा है कि आधार की सत्यता को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आसानी से इस प्रकार स्थापित किया जा सकता है:

  • ऑनलाइन माध्‍यम– आधार धारक के आयु वर्ग, लिंग, राज्य और मोबाइल के अंतिम 3 अंकों को https://myaadhaar.uidai.gov.in/verifyAadhaar पर जाकर आधार नंबर फीड करके सत्यापित किया जा सकता है।
  • ऑफलाइन माध्‍यम– प्रत्येक आधार कार्ड/ आधार पत्र/ ई आधार पर एक सुरक्षित क्यूआर कोड मुद्रित होता है जिसमें जनसांख्यिकीय विवरण (नाम, लिंग, जन्म तिथि और पता) के साथ-साथ आधार कार्ड धारक की तस्वीर भी होती है।

भले ही आधार कार्ड पर तस्‍वीर की जगह फोटोशॉप के जरिये किसी अन्य व्यक्ति की तस्वीर लगाकर आधार कार्ड के साथ छेड़छाड़ की गई हो लेकिन क्यूआर कोड में दी गई जानकारी सुरक्षित होती है और उससे छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है क्योंकि यह यूआईडीएआई द्वारा डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित है। क्यूआर कोड को प्ले स्टोर और ऐप स्टोर पर उपलब्ध ‘आधार क्यूआर स्कैनर’ ऐप द्वारा पढ़ा जा सकता है।

यूआईडीएआई निवासियों के लिए अतिरिक्त जांच के तौर पर ‘आधार’ को सत्यापित करने का सुझाव देता है। उदाहरण के लिए, किसी कर्मचारी, घरेलू नौकर, ड्राइवर आदि को काम पर रखने या मकान किराये पर देते समय किरायेदार के आधार कार्ड की असलियत की जांच की जा सकती है। आम लोग भी किसी भी समय किसी व्यक्ति की पृष्ठभूमि की जांच के तौर पर उसके आधार को सत्यापित कर सकते हैं।

दिल्ली में बारिश के साथ पड़े ओले; मौसम हुआ सुहाना

दिल्ली में बारिश के साथ ओले पड़ने से मौसम सुहाना हो गया। साथ ही झुलसती गर्मी से लोगों को राहत भी मिली। आने वाले कुछ दिनों के लिए IMD ने संकेत दिए हैं।

नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में बुधवार को ओलावृष्टि और हल्की बारिश होने से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। नोएडा और गाजियाबाद समेत दिल्ली के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने दिल्ली में अगले तीन दिन तक बादल छाए रहने का अनुमान जतायाहै।

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तर-पश्चिम भारत में यह स्थिति उत्पन्न हुई है। अगले छह दिनों में पारा चार से पांच डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने के आसार हैं, हालांकि लू नहीं चलेगी। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस अधिक है।

इससे पहले मौसम विभाग ने कहा था कि दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अधिकांश स्थानों (लोनी देहात, हिंडन एएफ स्टेशन, बहादुरगढ़, गाजियाबाद, इंदिरापुरम, छपरौला), नोएडा, दादरी, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम के आसपास के क्षेत्रों में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चलेगी और हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है।

…तो फ्री राशन के बदले देनी पड़ेगी 27 रुपए किलो के हिसाब से पेनाल्टी

अगर आपके घर में है ये 6 चीजें…तो नहीं मिलेगा फ्री राशन और देनी पड़ेगी 27 रुपए किलो के हिसाब से पेनाल्टी।

ration card

नई दिल्ली (एजेंसी)। यदि आपने भी नियमों की धज्जियाँ उड़ाई है तो आपके पास राशन कार्ड सरेंडर करने का मौका है। केन्द्र और राज्य की सरकारों द्वारा दिया जाने वाला फ्री राशन आपके लिए बंद हो सकता है।

बताया गया है कि सरकार द्वारा 27 रूपए किलो के हिसाब से गेहूं की पेनल्टी लगाई जाती है। यह पेनल्टी तब से लागू होती है, जब से आपने राशन लेना शुरू किया था। राशन कार्ड बनवाने के नियमों में भी रसद विभाग ने बड़ा बदलाव किया है। सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद परिवार फ्री राशन ले रहा है तो आपको जेल भी हो सकती है।


इन परिस्थितयों में राशन कार्ड को करें सरेंडर
-गरीबी रेखा के मापदंडों में नहीं आने पर
-घर में तमाम सुख सुविधा होने बावजूद भी राशन लेने पर
-परिवार का सदस्य सरकारी सेवा में होने पर
-पारिवारिक आय मासिक 3000 हजार रुपए से ज्यादा होने पर
-APL के लिए पारिवारिक आय 10 हजार रुपए मासिक से ज्यादा होने पर -एक से अधिक जगह राशन कार्ड होने पर

क्या है पूरा मामला! दरअसल वर्ष 2020 में कोरोना की शुरूआत में केन्द्र सरकार ने बहुत बड़ी संख्या में राशन कार्ड जारी किए थे। इन राशन कार्ड के जरिए लोगों को राशन, अनाज, तेल, चीनी आदि उपलब्ध करवाए गए थे। उस दौरान बहुत से अपात्र लोगों ने भी कार्ड बनवा लिए थे और योजना का गलत तरीके से लाभ उठाया था। परन्तु अब सरकार चाहती है अपात्र लोगों को इस योजना से बाहर किया जाए। इसके लिए सरकार उन सभी लोगों को अपना राशन कार्ड सरेंडर करने का अंतिम अवसर दे रही हैं। यदि अपात्र होने के बावजूद भी किसी ने राशन कार्ड सरेंडर नहीं किए तो उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी औऱ उन्हें दिए गए राशन के बदले भुगतान की वसूली भी की जाएगी।

इन लोगों को माना गया है राशन कार्ड बनवाने के लिए अपात्र
ऐसे नागरिकों को इस योजना के लिए अपात्र माना गया है जिनके पास…


1. 100 वर्ग मीटर से अधिक का प्लॉट, मकान या फ्लैट है,
2. जिनके पास गाड़ी, ट्रैक्टर है,
3. जिनके पास एयरकंडीशनर है,
4. जिनकी गांवों में दो लाख रुपए व शहर में तीन लाख रुपए से अधिक की पारिवारिक आय है,
5. जिनके पास 5 किलोवाट की क्षमता का जनरेटर हो या,
6. जिनके पास एक या एक से अधिक हथियार के लाइसेंस हों।
उपरोक्त में से यदि एक भी वस्तु जिनके पास है, वे सभी नए नियमों के अनुसार योजना के लिए अपात्र माने गए हैं। उन लोगों के अपील की गई है कि वे अपना राशन कार्ड तहसील अथवा डीएसओ कार्यालय में सरेंडर कर दें। बाद में यदि जांच में उन्हें अपात्र पाया गया तो उनका राशन कार्ड निरस्त कर दिया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी।
केवल इनको मिल सकेगा Ration Card
1. ऐसे सभी परिवार जिनके पास खुद का पक्का मकान नहीं है या झुग्गी-झोपड़ियों में रहते हैं।
2. भीख मांगने वाले
3. दिहाड़ी मजदूर या कामगार
4. घरेलू काम-काज कर अपनी आजीविका चलाने वाले श्रमिक
5. ड्राईवर तथा कुली व बोझा उठाने वाले श्रमिक
6. भूमिहीन किसान
7. कूड़ा-करकट बीनने वाले
8. राज्य सरकार द्वारा चिन्हित पात्र परिवार
9. वर्ष 2011 में हुई आर्थिक जनगणना में चिन्हित किए गए गरीब परिवार

अब जितने किलोमीटर, उतना ही टोल टैक्स

नई दिल्ली (एजेंसी)। टैक्स वसूलने के लिए अब सरकार नया हाईटेक सिस्टम लाने की तैयारी में है। इसके बाद फास्टैग सिस्टम को खत्म कर दिया जाएगा। नया सिस्टम सेटेलाइट नेविगेशन सिस्टम पर आधारित होगा।

किलोमीटर के हिसाब से लगेगा पैसा
सूत्रों के मुताबिक नए सिस्टम पर काम शुरू हो गया है और इसका पायलट प्रोजेक्ट भी लॉन्च हो चुका है। इसे हरी झंडी मिलते ही फास्टैग की जगह पर नेविगेशन सिस्टम से टोल वसूली का काम शुरू कर दिया जाएगा। नए सिस्टम में किलोमीटर के हिसाब से या तय की गई दूरी के हिसाब से टोल टैक्स लिया जाएगा। अभी फास्टैग में एक बार टोल टैक्स काटने का नियम है। अगर किसी हाइवे पर गाड़ी चलती है तो टोल प्लाजा पर एक निश्चित राशि फास्टैग अकाउंट से काट ली जाती है। इस राशि का सफर की दूरी या किलोमीटर से कोई वास्ता नहीं होता। नेविगेशन सिस्टम में किलोमीटर के हिसाब से पैसा लिया जाएगा। नए सिस्टम में हाइवे या एक्सप्रेसवे पर जितने किलोमीटर का सफर तय होगा, उतने किलोमीटर का टोल टैक्स देना होगा।

क्या होगा नए सिस्टम में
किसी हाईवे या एक्सप्रेसवे पर जैसे ही गाड़ी चलनी शुरू होगी, उसके टोल का मीटर ऑन हो जाएगा। अपना सफर खत्म करने के बाद गाड़ी जैसे ही हाइवे से स्लिप रोड या किसी सामान्य सड़क पर उतरेगी, तय दूरी के हिसाब से नेविगेशन सिस्टम पैसा काट लेगा। यह नया सिस्टम भी फास्टैग की तरह होगा, लेकिन पैसा उतना ही लगेगा जितना फासला तय होगा। अभी भारत में तकरीबन 97 फीसदी गाड़ियों में फास्टैग लगा है जिससे टोल वसूली होती है।   

आ गया पोस्ट ऑफिस का भी IFSC कोड ! बिना पोस्ट ऑफिस जाए, कहीं से भी भेज सकेंगे पैसे

Post Office IFSC Code – आ गया पोस्ट ऑफिस का भी IFSC कोड ! कहीं से भी भेज सकेंगे पैसे, पोस्ट ऑफिस जाने की जरुरत नहीं ! – Career Bhaskar

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Post Office IFSC Code – अगर आपका पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट है तो आपको कई बार बैंक जाना पड़ता रहा होगा, क्यूंकि पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट का IFSC कोड नहीं होता है, जिसके कारण आप NEFT/RTGS जैसी सुविधा का लाभ नहीं ले पाते है, और कोई भी काम करने के लिये आपको बार बार पोस्ट ऑफिस जाना पड़ता रहा होगा। …पर अब आपको बार बार पोस्ट ऑफिस नहीं जाना पड़ेगा।

आ गया Post Office Saving Account का IFSC कोड –

जिनका भी पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट है, उन सब के लिये एक अच्छी अपडेट आई है। पोस्ट ऑफिस ने हाल ही में अपना IFSC कोड जारी किया है, यह IFSC कोड IPOS0000DOP है। पोस्ट ऑफिस ने यह एक ही IFSC कोड जारी किया है, जो सभी ब्रांच के लिये काम करेगा। पहले पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट का IFSC कोड नहीं था, जिसके कारण NEFT/RTGS जैसी सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता था, लेकिन अब IFSC कोड आ गया है, अब सभी लोग NEFT/RTGS जैसी सुविधा का लाभ ले सकेंगे।

Post Office Saving Account और IPPB में है अंतर

पोस्ट ऑफिस में आपके दो प्रकार के अकाउंट ओपन होते है। एक होता है Post Office Saving Account जो कि पासबुक वाला होता है, और इसे पोस्ट ऑफिस द्वारा 500 रूपये में खुलवाया जाता है। और दूसरा होता है IP (India Post Payment Bank) अकाउंट, जिसे Zero Balance के साथ भी खोला जा सकता है। इसे आप Online खुद से ही या पोस्ट ऑफिस से भी खोल सकते हैं। India Post Payment Bank में आपको पहले से NEFT/RTGS, UPI जैसी सर्विस मिलती है, पर Post Office Saving Account में आपको ये सर्विस नहीं मिलती है।

इन दिन से लागु हो जायेंगा यह IFSC कोड –

IPOS0000DOP ये जो Post Office Saving Account का IFSC कोड है, यह 1 मई 2022 के बाद में एक्टिवट होगा जबकि IPPB के IFSC कोड पहले से चल रहे हैं। यदि आप गूगल पर Post Office Saving Account का IFSC कोड सर्च करते हैं तो वहां पर आपको यह IPOS0000001 IFSC कोड दिखाई दे सकता है, तो आपको कंफ्यूज नहीं होना है, यह IFSC कोड IPPB का है, जिसका यूज आपको तब ही करना है, जब आपका अकाउंट IPPB में होता है।

IFSC कोड डालते वक्त इस बात का रखे ख्याल –

IFSC कोड को लेकर बहुत झंझट होता है, पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट और IPPB दोनों प्रकार के अकाउंट के लिये अलग अलग IFSC कोड है, यदि आप पोस्ट ऑफिस के खाता नंबर में IPPB का IFSC कोड दाल देंते हैं, तो आपका पैसा फस सकता है या आपका पैसा गलत खाते में जा सकता है। तो यदि आपका अकाउंट IPPB में है, तो वहां पर आपको IFSC Code – IPOS0000001 लगाना है, और अगर आपका अकाउंट Post Office Saving Account में है, तब आपको IPOS0000DOP IFSC कोड लगाना है।

इलेक्ट्रिक स्कूटरों की गहन जांच कराएगी ओला वापस मंगाए 1,441 यूनिट्स

इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग की घटनाओं पर ओला गंभीर। गहन जांच को वापस मंगाए 1,441 स्कूटर

इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग की घटना: ओला ने 1,441 स्कूटर वापस मंगाए, होगी गहन जांच

नई दिल्ली (एजेंसी) इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाओं के मद्देनजर ओला ने अपने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की 1,441 यूनिट को वापस मंगाया है। कंपनी ने कहा है कि पुणे में 26 मार्च को हुई आग की घटना की जांच जारी है और प्रारंभिक मूल्यांकन में पाया गया कि यह एक अलग घटना थी।

आग लगने के सही कारण और इसमें बेहतर क्या किया जा सकता है; इसे लेकर जांच की जा रही है। ओला इलेक्ट्रिक की तरफ से कहा गया है कि इन स्कूटरों का हमारे सर्विस इंजीनियरों द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। इसके तहत सभी बैटरी सिस्टम, थर्मल सिस्टम के साथ-साथ सुरक्षा प्रणालियों की जांच की जाएगी। इससे पहले इलेक्ट्रिक स्कूटर मेकर ओकिनावा ऑटोटेक ने भी अपने 3215 व्हीकल्स को आग लगने की घटनाओं के बाद वापस ले लिया था।

विदित हो कि हाल ही में देश के विभिन्न हिस्सों में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों में आग लगने की व्यापक घटनाएं हुई हैं। इसे लेकर भारत सरकार भी सख्त है और उसने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं।

वन अप मोटर्स इंडिया प्रा. लि. ने चलाया यातायात जागरूकता अभियान

सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा।

लखनऊ। जैसा कि आप अवगत है कि चतुर्थ सड़क सुरक्षा सप्ताह (दिनांक 18.04.2021 से 24.04. 2022 तक) मनाया जा रहा है।

जनपद लखनऊ में सड़क सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम का शुभारम्भ परिवहन मंत्री के कर कमलों द्वारा दिनांक 18-04-2022 को 1090 चौराहे पर किया गया है।

इस दौरान उनके द्वारा सप्ताह भर वृहद जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाने संबंधी निर्देश दिए गए।

निर्देश का पालन करते हुए वन अप मोटर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और वहां के सेल्स मैनेजर सौरभ सिंह व अन्य कर्मचारियों द्वारा यह अभियान बड़े ही जागरूकता पूर्वक मनाया गया।

मलिहाबाद तहसील, मिर्जागंज चौराहा, मोहान रोड, मॉल रोड और अन्य जगहों पर जनता को बैनर और जागरूकता पत्रक के मध्यम से अवगत कराया गया और उनको सुरक्षा नियमों के बारे में बताया गया ।

सत्संग भवन पर 24 अप्रैल को रक्तदान शिविर

मनाया जायेगा मानव एकता दिवस। कोरोना गाइड लाइन का पूर्णत: पालन करने की अपील की।

बिजनौर। आगामी 24 अप्रैल (रविवार) को झालू रोड स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन पर सदगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के आदेशानुसार बाबा गुरुबचन सिंह जी की याद में मानव एकता दिवस मनाया जायेगा। यह जानकारी संत निरंकारी मण्डल, ब्रांच बिजनौर के संयोजक महात्मा बाबूराम निरंकारी व मीडिया प्रभारी भूपेन्द्र कुमार ने एक प्रेस नोट के माध्यम से दी।

उन्होंने बताया कि इस अवसर पर प्रातः 9 से एक बजे तक एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जायेगा। इस दौरान जनपद की अन्य ब्रांचों के मुखी महात्मा भी उपस्थित रहेंगे। संयोजक महात्मा बानूराम निरंकारी ने सभी संतों महापुरुषों, सेवादल के पदाधिकारियों व समस्त सदस्यों से कोरोना गाइड लाइन का पूर्णत: पालन करते हुए मॉस्क लगाकर आने की अपील की है। इस अवसर पर साध संगत का आयोजन भी किया जायेगा।

शराब छुड़वाने के 5 अचूक टोटके और मंत्र, मात्र 10 दिन में छूट जाएगी शराब की लत

भोपाल (पत्रिका)। ये बात तो सभी जानते हैं कि शराब सेहत के लिए हानिकारक होती है। ये इंसान को अन्दर से खोखला कर देती है। वहीं यह एक तरीके से सामाजिक बुराई भी है। शराब की बुरी लत न सिर्फ इंसान को बुरा बनाती है बल्कि उसके पूरे परिवार को भी नष्ट कर देती है। शहर के ज्योतिषाचार्य पंडित जगदीश शर्मा बताते हैं कि अगर आपके घर में भी कोई ऐसा है, जो शराब की लत का लती है तो कुछ टोटकों को अपनाकर आप इस लत को दूर कर सकते हैं। तंत्र शास्त्र के अतंर्गत ऐसे कई टोटके हैं, जिनसे शराब की लत को छुड़वाया जा सकता है। कई ऐसे उपाय बताए गए हैं, जो बिल्कुल ही साधारण हैं परन्तु जिनका असर तुरंत और बेहद प्रभावशाली होता है। जानिए क्या हैं वे उपाय…

-शराब को छुड़ाने के लिए सवा मीटर काला कपड़ा और सवा मीटर नीला कपड़ा लेकर इन दोनों को एक-दूसरे के ऊपर रख दें। इस पर 800 ग्राम कच्चे कोयले, 800 ग्राम काली साबूत उड़द, 800 ग्राम जौ एवं काले तिल, 8 बड़ी कीलें तथा 8 सिक्के रखकर एक पोटली बांध लें। फिर जिस व्यक्ति की शराब छुड़वाना हो, उसकी लंबाई से आठ गुना अधिक काला धागा लेकर एक जटा वाले नारियल पर लपेट दें। इस नारियल को काजल का तिलक लगाकर धूप-दीप अर्पित करके शराब पीने की आदत छुड़ाने का निवेदन करें। फिर यह सारी सामग्री किसी नदी में प्रवाहित कर दें। जब सामग्री दूर चली जाए तो घर वापस आ जाएं। इस दौरान पीछे मुड़कर न देखें। घर में प्रवेश करने से पहले हाथ-पैर धोएं। शाम को किसी पीपल के वृक्ष के नीचे जाकर तिल के तेल का दीपक लगाएं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि इस टोटके के बारे में किसी को कुछ न बताएं। कुछ ही समय में आप देखेंगे कि जो व्यक्ति शराब का आदी था, वह शराब छोड़ देगा।।

-आप कहीं से जंगली कौवे के पंख मंगवाए, फिर इन पंख को एक गिलास पानी में अच्छे से हिलाकर उस पानी को जो व्यक्ति शराब पीता है उसे पिला दें। यह छोटा सा टोटका शराब की लत छुड़ा देता है। 

-अगर आपका पति शराब का लती है तो एक शराब की बोतल लाए, ध्यान रहे कि यह बोतल उसी ब्रांड की होनी चाहिए, जिसका आपके पति प्रयोग करते हैं। इस बोतल को रविवार के ही दिन अपने निकट के किसी भी भैरव बाबा के मंदिर में चढ़ा दें और पुजारी को कुछ रुपए देकर उससे वह बोतल वापिस खरीद लें। पति के सोते समय अथवा जब वह नशे में हो, उस पूरी बोतल को उनके ऊपर 21 बार उसारते हुए “ॐ नमः भैरवाय” मंत्र का जाप करें। इसके बाद शाम को उस बोतल को किसी भी पीपल के पेड़ के नीचे छोड़ आएं। इस उपाय से कुछ ही दिनों में शराबी की शराब पूरी तरह से छूट जाएगी। 

-शराब छुड़ाने के लिए एक शराब की बोतल खरीद कर लाएं और शराब के लती परिजन को सोते समय उन पर से 21 बार उसार लें। इसके बाद एक अन्य बोतल में आठ सौ ग्राम सरसों का तेल लें और दोनों को आपस में मिला लें। दोनों बोतलों के ढक्कन बंद कर किसी ऐसे स्थान पर उल्टा गाढ़ दें जहां से पानी बहता हो ताकि दोनों बोतलों के ऊपर से जल लगातार बहता रहे। इस उपाय को करने के कुछ ही दिनों में व्यक्ति को शराब से घृणा हो जाती है और वह शराब पीना छोड़ देता है।

आज से 31 मई तक परीक्षा पर्व-4.0 मनाएगा NCPCR

एनसीपीसीआर 11 अप्रैल से लेकर 31 मई, 2022 तक परीक्षा पर्व 4.0 मनाएगा

नई दिल्ली (PIB)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम से प्रेरणा लेते हुए और परीक्षाओं को एक आनंददायक गतिविधि बनाने की दिशा में अपने प्रयास को जारी रखते हुए, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) 11 अप्रैल, 2022 से लेकर 31 मई, 2022 तक परीक्षा पर्व- 4.0 मनाएगा। एनसीपीसीआर 2019 से अपने अभियान ‘परीक्षा पर्व’ के साथ परीक्षा का जश्न मना रहा है, जिसका उद्देश्य एक मंच पर परीक्षा के कारण होने वाले तनाव के प्रति बच्चों के दृष्टिकोण में बदलाव लाना और परीक्षा परिणाम से पहले उनकी चिंता को दूर करना है।

परीक्षा पर्व 4.0 छात्रों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को अपने विचार साझा करने और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन एवं महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त करने के लिए मंच प्रदान करने का एक प्रयास है। तनावपूर्ण समय में, असहज एवं भ्रमित करने वाले विचारों के बारे में बात करने और उन्हें साझा करने से छात्रों के तनाव एवं चिंता को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी।

इस वर्ष बच्चों के अलावा शिक्षकों और अभिभावकों तक पहुंचने के उद्देश्य से एक बहुआयामी दृष्टिकोण को अपनाया जाएगा। परीक्षा पर्व4.0 में निम्नलिखित गतिविधियां शामिल होंगी:

i)      परीक्षा परिणाम से पहले छात्रों को परीक्षा के कारण होने वाले तनाव और चिंता को कम करने के लिए विशेषज्ञों के साथ बातचीत करने में समर्थ बनाने के लिए 11 अप्रैल, 2022 से लेकर 31 मई, 2022 तक एनसीपीसीआर के फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब और दूरदर्शन नेशनल एवं न्यू इंडिया जंक्शन के यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीमिंग सत्र।

ii)  संवेदना-(1800-121-2830) कोविड से संबंधित तनाव से निपटने के लिए प्रशिक्षित परामर्शदाताओं द्वारा चलाई जाने वाली एनसीपीसीआर की एक टोल-फ्री टेली परामर्श सेवा है। इस परामर्श सेवा का विस्तार अब छात्रों के लिए परीक्षा तथा परिणाम संबंधी प्रश्नों, तनाव और चिंता से निपटने के उद्देश्य से किया जाएगा।

रोडवेज बसों में यात्रियों से खुलेआम लूट !

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम की बसों में सफर करना यात्रियों के लिए बहुत बड़ी सिरदर्दी बनता जा रहा है। रोडवेज की बसों से प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्री आते और जाते हैं। स्थिति यह है कि बसों के ठहरने से पहले ही पानी की बोतलें, चाय, जूस, ठंडा आदि बेचने वाले किशोर और युवक बसों में चढ़ जाते हैं। कई बार तो वह यात्रियों को उतरने तक नहीं देते। इस कारण यात्रियों को असुविधा होती है, खासतौर पर महिलाओं और युवतियों को सर्वाधिक परेशानी उठानी पड़ती है।

प्रतीकात्मक फोटो

भुक्तभोगियों के अनुसार यह किशोर और युवक बसों में धक्का-मुक्की करने से भी पीछे नहीं रहते। इस कारण दिन में कई बार कहासुनी होना आम बात हो गई है। इसके बावजूद रोडवेज के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे इनके हौसले बुलंद हैं।

रोडवेज के मुख्य प्रबंधक से करनी चाहिए शिकायत
रोडवेज के मुख्य प्रबंधक को पत्र लिखकर बस स्टैंड पर संचालित दुकानदारों की ओर से अवैध रूप से बसों के अंदर खाद्य सामग्री बेचने वाले पर रोक लगाने की मांग की जानी चाहिए। रोडवेज को आय देने वाले यात्री; बस के इंतजार में खड़े रहते हैं और बसों में सामान बेचने वाले कुर्सियों पर बैठे रहते हैं। यही नहीं यात्रियों द्वारा उन्हें उठाने पर ये लोग मारपीट और गाली-गलोंज पर उतर जाते हैं।

यह है मुख्य नियम
– कैंटीन/स्टॉलधारी अपने व्यवसाय का सामान अपनी शॉप के अंदर ही रखेगा।

किसी भी कैंटीन, स्टॉलधारी का प्रतिनिधि, वेण्डर हॉकर  सामान का विक्रय निगम वाहनों में घुसकर एवं प्लेटफार्म पर घूमकर नहीं करेगा। सामान का विक्रय स्टॉलधारी अपनी शॉप परिधि के अंदर ही कर सकेगा। उल्लंघन करने पर अनुबंध निरस्त कर दिया जाएगा।
– स्थान प्रभारी द्वारा दिए गए निर्देशों की पालन पूर्ण रूप से करना होगा।

…और बेचेंगे भी महंगा- हालात इस कदर खराब हैं कि रोडवेज बसों में यात्रियों को हर सामान दोगुना तक कीमत अदा कर खरीदना पड़ता है। पानी की बोतल हो या चिप्स आदि सामान, सभी लगभग दोगुना दाम पर बेचे जाते हैं। मेरठ से बिजनौर की इस नंबर की बस में भी यही हुआ। नामी गिरामी कंपनी हल्दीराम के चिप्स के इस पैकेट पर निर्माण तिथि, मूल्य, बैच नंबर आदि कुछ भी नहीं लिखा हुआ है। ₹ 10 वाला ये पैकेट ₹20 का है।

ऑरेंज अलर्ट: गर्मी ने तोड़ डाला 72 साल का रिकॉर्ड

नई दिल्ली (एजेंसी) दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे उत्तर भारत में इस समय गर्मी कहर बरपा रही है। अप्रैल के शुरूआती दिनों में ही तामपान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से बढ़ती गर्मी को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया है। विभाग ने कहा कि 72 साल में पहली बार दिल्ली में अप्रैल के पहले सप्ताह में इतना अधिक तापमान दर्ज किया गया। आईएमडी ने रविवार को भी दिल्ली में बेहद गर्म हवा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पालावत ने कहा कि यह असामान्य है कि अप्रैल के पहले 10 दिन में उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। ऐसे में स्थिति आगे और भयंकर हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार अभी कई दिन तक गर्मी से राहत मिलने की बिलकुल भी संभावना नहीं है। 

बिना कार्ड के निकालें ATM से रुपए

नई दिल्ली (एजेंसी)। एटीएम से पैसा निकालने वालों के लिए बहुत खास खबर है। अब बिना एटीएम कार्ड के ही आप पैसे निकाल सकते हैं। दरअसल, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति समीक्षा के फैसलों को जारी किया। इस मौके पर आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने ऐलान किया है कि अब बिना डेबिट कार्ड के एटीएम से पैसा निकालने की सुविधा सभी बैंकों में दी जाएगी। इसके पीछे डेबिट-एटीएम कार्ड के इस्तेमाल को कम करने और डिजिटल इकोनॉमी को आगे बढ़ाने का विचार प्रमुख है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि अब बिना डेबिट कार्ड के एटीएम से पैसा निकालने की सुविधा सभी बैंकों में दी जाएगी। अभी तक सिर्फ कुछ ही बैंकों में बिना कार्ड के एटीएम से पैसे निकालने की सुविधा थी। उन्होंने बताया कि UPI के जरिए एटीएम से पैसा निकाला जा सकेगा।

कम होंगे कार्ड क्लोन के फ्रॉड
RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास के मुताबिक इस कदम से कार्ड क्लोन करके पैसे निकालने के फ्रॉड भी कम होंगे। बता दें कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को मॉनिटरी पॉलिसी का ऐलान किया।

सिंगल नर्सरी की विशेषताओं को समझाया

बिजनौर। अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव झाड़पुरा में महिला समूह द्वारा तैयार सिंगल नर्सरी के वितरण का जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह द्वारा मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया। इस दौरान गांव में ही एक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक विश्वमित्र पाठक, सचिव साहब सिंह सत्यार्थी, चीनी मिल अफजलगढ़ के प्रधान प्रबंधक एसपी सिंह, गन्ना महाप्रबंधक अजय कुमार ढाका, चीनी मिल फील्ड कर्मचारी मनोज कुमार, गन्ना पर्यवेक्षक प्रमोद कुमार सिंह उपस्थित रहे।

गांव झाड़पुरा में ग्राम प्रधान कपिल कुमार के आवास पर गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने बताया कि महिला स्वावलंबन के दृष्टिगत विभाग द्वारा ग्रामीण महिलाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा सिंगल बड़ व बडचिप पद्धति से पौध तैयार करने पर विभाग द्वारा 1.30 व रू० 1.50 की दर से अनुदान दिया जाता है। इस पद्धति से तैयार पौध को लगाने में जहां आय में बढ़ोतरी होती है, वहीं गन्ने का जमाव इस विधि से 95% तक देखा जा रहा है। नैनो यूरिया को स्प्रे के माध्यम से फसलों में प्रयोग किया जाता है; जिसे पौधे द्वारा अपने स्टूमेटा द्वारा अवशोषित कर उपयोग कर लिया जाता है।

महिला ग्रुप के किये गये कार्यों के निरीक्षण के पश्चात ग्राम झाड़पुरा मे कृषक गोष्ठी की गयी। कृषक गोष्ठी में नैनो यूरिया के संबंध में कृषकों को जानकारी दी गई। गोष्ठी में सचिव साहब सिंह द्वारा नैनो यूरिया के महत्व एवं उपयोग पर बल दिया गया। साथ ही अवगत कराया गया कि नैनो यूरिया समिति के सभी गोदामों पर रू० 240 प्रति 500 मि० ली० की दर पर उपलब्ध है। इस अवसर पर गोष्ठी में ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक विश्वमित्र पाठक द्वारा नैनो यूरिया के संबंध में बताया गया कि परम्परागत यूरिया से नैनो यूरिया सही व इसकी उपयोगिता 90% तक है जबकि परम्परागत यूरिया मात्र 30% तक ही पौधे इस्तेमाल कर पाते हैं 70% भाग का प्रयोग पौधे नहीं कर पाते। इस अवसर पर ग्राम प्रधान कपिल कुमार के अलावा बलेश कुमार, नन्हे सिंह, रामपाल सिंह, सूरज पाल सिंह, शक्ति स्वरूप, राजपाल सिंह, महेंद्र सिंह, ऋषि पाल सिंह तथा अजीत सिंह आदि उपस्थित रहे।

…और लाइन में लग कर हेल्थ मिनिस्टर ने जाना महकमे का स्वास्थ्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में डिप्टी सीएम एवं चिकित्सा शिक्षा तथा स्वास्थ्य मंत्री का कार्यभार संभालने वाले कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक ने केजीएमयू पहुंचकर वहां मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का निरीक्षण किया। मास्क लगाकर डिप्टी सीएम खुद लाइन में लगे और मरीजों से बातचीत कर वहां मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। हालांकि तमाम चौकसी के बावजूद स्वास्थ्य कर्मी डिप्टी सीएम को पहचान गए और अस्पताल की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुट गए।

मंगलवार को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक अचानक केजीएमयू अस्पताल पहुंच गए और वहां पर खुद मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का निरीक्षण किया। मास्क लगाकर खुद लाइन में लगे डिप्टी सीएम ने मरीजों से बातचीत कर वहां मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जाना। निरीक्षण के दौरान ओपीडी में मिली बदइंतजामी पर डिप्टी सीएम ने गहरी नाराजगी जताई। वहीं पंजीकरण के लिए केजीएमयू के नंबर पर फोन करने वाले मरीजों की कॉल रिसीव नहीं होने पर उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों की जमकर क्लास लगाई।

चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री ने अगले 24 घंटे के भीतर अस्पताल की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किए जाने की चेतावनी दी। कैबिनेट मंत्री ने निरीक्षण के दौरान कई बार पंजीकरण के लिए दिए गए नंबर पर अपने फोन से कॉल की, परंतु हर बार नंबर बिजी बताता रहा, इससे नाराज होकर वह प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक्सचेंज में पहुंच गए। वहां सिर्फ दो लाइन पर बात हो रही थी। बाकी 10 लाइनें खाली पड़ी हुई थी। इस पर डिप्टी सीएम का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने एजेंसी को हटाने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अब एजेंसी को प्रति कॉल रिसीव करने के हिसाब से भुगतान किया जाए। ओपीडी में कुर्सियों पर मिली गंदगी और उनके टूटे होने पर भी उन्होंने गहरी नाराजगी जताई।

एसपी सिटी ने चौपाल लगाकर दी ग्राम वासियों को विभाग की जानकारियां


एसपी सिटी ने लगाई चौपाल। ग्राम वासियों को दी विभाग की जानकारियां।


नजीबाबाद (बिजनौर)। एसपी सिटी डॉ प्रवीण रंजन सिंह ने ग्राम तिसोतरा के कन्या पाठशाला में एक ग्राम चौपाल आयोजित की। इस दौरान ग्राम वासियों को सरकार, पुलिस विभाग द्वारा दी जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारियां दी। इस अवसर पर उन्होंने 1090 और 112 के विषय में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस और पब्लिक एक दूसरे के पूरक हैं।पुलिस बिना पब्लिक के कुछ नहीं कर सकती है। अपराधों पर अकुश लगाने के लिए जनता से सहयोग करने की अपील करते हुए सभी ग्राम वासियों का आभार प्रकट किया। एसपी सिटी डॉक्टर प्रवीण रंजन सिंह ने कहा पुलिस और नागरिकों के बीच संवादहीनता से अपराध बढ़ते हैं। उन्होंने जनता से पुलिस का संदेशवाहक बनने की अपील की।

थानाध्यक्ष नांगल रविंद्र कुमार सिंह ने सभी स्थानीय ग्राम वासियों से कहा कि पुलिस और आम जनता में विश्वास जागरूक करके ही हम सब क्षेत्र में शांति व्यवस्था एवं कानून का राज स्थापित कर सकते हैं। इसलिए पुलिस भी समाज का एक अंग है। सभी सम्मानित नागरिकों को पुलिस का सहयोग करना चाहिए।
कार्यक्रम में ग्राम प्रधान अविनाश कुमार, पूर्व प्रधान रोहताश सिंह, सूरत पाल सिंह, इरफान अहमद पूर्व प्रधान बाबू सिंह, पूर्व सदस्य जिला पंचायत सरदार बुध सिंह, रुकन राजपूत आदि बड़ी संख्या में ग्राम वासी उपस्थित रहे।

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4 अप्रैल को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 40-40 पैसे/लीटर का इजाफा किया गया

पेट्रोल और डीजल के दामों में अब तक 14 में से 12 दिन बढ़ोतरी

नई दिल्ली (एजेंसी)। पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol-Diesel Price) में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। मंगलवार, 5 अप्रैल को सुबह 6 बजे से दो ईंधनों के दाम (Fuel Price) में एक बार फिर 80 पैसे प्रति लीटर का इजाफा कर दिया गया है। बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत (Petrol Price) 104.61 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत (Diesel Price) 95.87 रुपए प्रति लीटर हो गई है।

देश में 137 दिनों के विराम के बाद 22 मार्च 2022 से पेट्रोल और डीजल के दाम में वृद्धि का सिलसिला शुरू हुआ। तब से पेट्रोल और डीजल के दामों में अब तक 14 में से 12 दिन बढ़ोतरी हुई है। पेट्रोल-डीजल की महंगाई से हाल-फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। इसकी वजह है कि ऑयल कंपनियां, 137 दिनों के विराम के दौरान हुए भारी नुकसान की भरपाई करने में लगी हुई हैं। उस दौरान कच्चे तेल के दाम (Crude Oil Price) बहुत उच्च बने रहे और देश में 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों व कुछ अन्य कारणों से फ्यूल के दाम नहीं बढ़े। तो अब कंपनियां घाटा पूरा करने की कोशिश कर रही हैं।

अभी टंकी फुल कराई तो कैसे होगी बचत– क्रिसिल रिसर्च की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के नुकसान की भरपाई के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमत में 15 से 20 रुपए तक का इजाफा करना होगा। 22 मार्च से शुरू हुई दाम वृद्धि के चलते अब तक 13 किस्तों में पेट्रोल और डीजल दोनों ही 9.20 रुपए प्रति लीटर महंगे हो चुके हैं। पेट्रोल की कीमत में 13 किस्तों में क्रमशः 80, 80, 80, 80, 50, 30, 80, 80, 80, 80, 80, 40 व 80 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। अगर मान लें कि पेट्रोल की कीमत में अभी 12 दिन और बढ़ोतरी होगी और यह 80 पैसे के हिसाब से होगी तो अगले 12 दिन में पेट्रोल लगभग 10 रुपए और महंगा हो जाएगा। ऐसे में 12 दिन बाद आपको 40 लीटर टैंक कैपेसिटी वाली गाड़ी की टंकी में फुल कराने के लिए लगभग 400 रुपए एक्स्ट्रा देने होंगे। यानी अगर आप अभी कार की टंकी फुल कराते हैं तो आपको 400 रुपए की बचत होगी।

तेल कंपनियों के नुकसान का आंकड़ा मूडीज की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्यूल कीमतों में 4 नवंबर 2021 से लेकर 21 मार्च 2022 यानी 137 दिन तक कोई वृद्धि न किए जाने से पेट्रोलियम कंपनियों इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल को 19,000 करोड़ रुपए का नुकसान झेलना पड़ा है। इंडियन ऑयल को 1 अरब से लेकर 1.1 अरब डॉलर, बीपीसीएल और एचपीसीएल प्रत्येक को 55 से लेकर 65 करोड़ डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा।

कच्चे तेल की कीमतें कहां- आज यानी 5 अप्रैल को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 80-80 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। इसके बाद दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत (Petrol Price) 104.61 रुपए प्रति लीटर और डीजल का दाम (Diesel Price) 95.87 रुपए प्रति लीटर हो गया है। जहां तक कच्चे तेल की कीमतों की बात है तो सोमवार को इसमें तेजी दर्ज की गई। अंतररराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 3.12 डॉलर प्रति बैरल की छलांग लगा कर 107.52 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इसी तरह डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 4.03 डॉलर प्रति बैरल की छलांग लगा कर 103.30 डॉलर पर पहुंच गया।

सावधान: भारत में हीट वेव की चेतावनी

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने हीट वेव की चेतावनी जारी की है। उत्तर भारत में पारा तेजी से ऊपर जा रहा है। कई राज्यों में लू की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने जम्मू, हिमाचल प्रदेश, विदर्भ और गुजरात में हीट वेव की संभावना जताई है। इसके अलावा 06 अप्रैल के दौरान राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली एनसीआर और मध्य प्रदेश में भी लू चलेगी। IMD के अनुसार, दिल्ली में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस जबकि अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इसके साथ ही हीट वेव का असर दिखाई देने लगेगा।  

Weather Update: उत्तर भारत में फिलहाल गर्मी से नहीं मिलेगी राहत, इन राज्यों  में भारी बारिश की चेतावनी - weather update heat wave spell likely to  continue heavy rain likely in north

वहीं उत्तर-पूर्वी बिहार में लोग बढ़ते पारे से थोड़ी राहत की उम्मीद कर सकते हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक पूर्वोत्तर बिहार और आंतरिक तमिलनाडु में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, झारखंड में पिछले कई दिनों से अधिकतम तापमान में हो रही वृद्धि और लू से लोगों को आज यानी 3 अप्रैल को मामूली राहत मिलने की संभावना है।

40 डिग्री तक बढ़ेगा तापमान

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जानकारी दी है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने कहा कि तापमान 39 डिग्री तक बढ़ने वाला है, जो 40 डिग्री तक भी पहुंच सकता है। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में आईएमडी के अधिकारी आरके जेनामणि ने बताया कि तापमान 39 डिग्री तक बढ़ने वाला है, यह 40 डिग्री तक भी पहुंच सकता है।

नेत्रा आई केयर ने लगाया निःशुल्क नेत्र शिविर

नि:शुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का हुआ आयोजन। मीरमपुर बेगा में ग्राम प्रधान के कार्यालय पर वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह ने किया शिविर का शुभारंभ। ग्राम वासियों ने लिया सुविधा का लाभ।

बिजनौर। मंडावली क्षेत्र के ग्राम पंचायत मीरमपुर बेगा में ग्राम प्रधान साजिद हुसैन के कार्यालय पर नेत्रा आई केयर सेंट मेरिज हॉस्पिटल नजीबाबाद की ओर से नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया।

ग्राम प्रधान साजिद हुसैन के सौजन्य से हुए नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर का शुभारंभ वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह ने किया। शिविर में ग्रामीणों ने अपनी आंखों की जांच कराई। जांच करने वाली टीम में डॉ राम अवतार, सोनी एवं रवि कुमार शामिल रहे। इस दौरान ग्रामीणों को उनकी आंखों की देखभाल के लिए उचित टिप्स भी दिए गए। ग्राम प्रधान साजिद हुसैन ने बताया कि यह नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर उनके द्वारा ग्रामीणों की आंखों की जांच के लिए लगवाया गया है। ग्रामीणों ने नेत्रा आई केयर सेंट मैरी हॉस्पिटल नजीबाबाद की टीम और ग्राम प्रधान का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान दिलीप कुमार, जोगराज सिंह, सचिन कुमार आदि उपस्थित रहे।

UP के 28 लाख पेंशनरों को मिलेगा 34 % DA, DR का लाभ!

लखनऊ। प्रदेश के करीब 16 लाख कर्मचारियों और 12 लाख पेंशनरों को जल्द ही महंगाई भत्ते और महंगाई राहत बढ़ोतरी का लाभ मिल सकता है। उम्मीद है कि मई में मिलने वाले अप्रैल के वेतन के साथ बढ़े हुए डीए व डीआर का भुगतान भी होगा। प्रदेश का वित्त विभाग इसके लिए तैयारियां कर रहा है।

केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों व पेंशनरों के लिए तीन फीसदी महंगाई भत्ता (डीए) व महंगाई राहत (डीआर) की घोषणा केंद्रीय कैबिनेट ने कर दी है। केंद्र के आदेश के बाद ही यूपी में भी बढ़ा डीए व डीआर दिया जाता है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक, प्रदेश में तीन फीसदी वृद्धि होने पर कर्मचारियों और पेंशनरों का डीए व डीआर 34 फीसदी हो जाएगा। अभी 31 फीसदी मिल रहा है। तीन फीसदी डीए के थाना पिल का लाभ दिए जाने पर सालाना 1000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आएगा।

FASTER सिस्टम से अब जमानत मिलने के बाद कैदियों की रिहाई प्रक्रिया होगी और तेज

नई दिल्ली (एजेंसी) देश में अब जमानत मिलने के बाद कैदियों की रिहाई प्रक्रिया और तेज हो जाएगी। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट मुख्य न्यायधीश एनवी रमणा आज फास्ट एंड सिक्योर ट्रांसमिशन आफ इलेक्ट्रानिक रिका‌र्ड्स को लॉन्च करेंगे। बताया गया है कि मुख्य न्यायाधीश FASTER सॉफ्टवेयर को वर्चुअली लॉन्च करेंगे। कार्यक्रम में CJI समेत सुप्रीम कोर्ट के अन्य जज और सभी हाईकोर्ट के जज शामिल होंगे। इस सिस्टम के आने के बाद कैदियों को जमानत के दस्तावेजों की हार्ड कॉपी के जेल प्रशासन तक पहुंचने का इंतजार नहीं करना होगा।

सितंबर 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अपने आदेशों को संबंधित पक्षों तक पहुंचाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन के सिस्टम को लागू करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने आदेश देते समय जमानत मिलने के बावजूद कैदियों को जेल से रिहाई में होने वाली देरी पर चिंता जताई थी। FASTER के जरिए अदालत के फैसलों की तेजी से जानकारी मिल सकेगी और उस पर तेजी से आगे की कार्यवाही संभव हो सकेगी।

इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स या फास्टर का तेज और सुरक्षित ट्रांसमिशन जेलों में ड्यूटी-होल्डर्स को अंतरिम आदेशों, जमानत आदेशों, स्थगन आदेशों और कार्यवाही के रिकॉर्ड की ई-प्रमाणित प्रतियों को भेजने में मदद करेगा, ताकि एक सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन चैनल के माध्यम से अनुपालन और उचित निष्पादन हो सके। पिछले साल मुख्य न्यायाधीश एनवी रमणा, न्यायमूर्ति नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की तीन सदस्यीय पीठ ने राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों, जेल विभागों और अन्य संबंधित अधिकारियों को ई-प्रमाणित प्रतियों को स्वीकार करने के लिए जेलों में व्यवस्था करने का निर्देश दिया था।

गंगा बैराज पर डीपीआरओ ने चलाया सफाई अभियान

बिजनौर। स्वच्छता अभियान के तहत गंगा बैराज पुल पर  डीपीआरओ सतीश कुमार ने विशेष सफाई अभियान चलाया। इसके लिए वह स्वयं सहायक विकास अधिकारी पंचायत अनिल कुमार एवं रविकान्त को साथ लेकर टीम के साथ प्रातः 7 बजे गंगा बैराज पर पहुंचे एवं विशेष सफाई अभियान के तहत गंगा घाट की सफाई कराई। उन्होंने वहां पड़ी पॉलिथीन व कचरे को इकट्ठा करवाकर खड़ी झाड़ियों की कटाई कराई।

इस दौरान उन्होंने कहा कि गंगा मैया में लोगों की आस्था है, इसीलिए गंगा बैराज पर इसी तरह से समय समय पर विशेष सफाई अभियान चलाया जाए। गंगा बैराज पर साफ़-सफाई होना बहुत आवश्यक है।

डीपीआरओ बिजनौर सतीश कुमार

डीपीआरओ ने कहा कि गंदगी की वजह से लोगों को समस्या ना हो इसीलिए गंगा बैराज पर सफ़ाई कार्य के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। वह सभी गम्भीरता के साथ प्रतिदिन सफ़ाई करें। स्वच्छता में लापरवाही हरगिज़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिर भी यदि गंगा बैराज पर गंदगी मिलती है तो यहाँ नियुक्त कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही अमल में लायी जाएगी। इस संबंध में सहायक विकास अधिकारी पंचायत देवमल को कड़े निर्देश भी दिए गए।

एफपीओ द्वारा ग्राम अगरी में मृदा परीक्षण की अभिनव पहल

एफ.पी.ओ. द्वारा ग्राम अगरी में मृदा परीक्षण की अभिनव पहल

बिजनौर। ग्राम अगरी में कृषक उत्पादक संगठन “हल्दौर फेड फारमर्स प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड” द्वारा एक मृदा परीक्षण लैब स्थापित की जा रही है।

एफ.पी.ओ. के सीईओ विकास कुमार ने बताया कि इस प्रयोगशाला में कृषक नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, पीएच, ईसी,सल्फर, जिंक, बोरोन, कापर, जीवांश कार्बन आदि की जांच करा सकते हैं। एक मृदा नमूना के सभी तत्वों की टेस्टिंग की फीस 400 रूपये निर्धारित की गयी है। इसके साथ ही यदि कोई कृषक कुछ चुनिंदा तत्वों की जांच कराना चाहता है तो इसकी फीस तुलनात्मक रूप से उसी तरह से कम हो जाएगी। नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश में से किसी एक तत्व की जांच के लिए ₹28 देने होंगे। पीएच मान की जांच के लिए ₹48 तथा ऑर्गेनिक कार्बन के लिए 65 रुपए का शुल्क देय होगा। एक मृदा नमूने के संपूर्ण तत्वों की जांच के लिए लगभग 1 घंटे का समय लगता है। कृषक उत्पादक संगठन के चेयरमैन ब्रह्मपाल सिंह द्वारा बताया गया कि जनपद बिजनौर में किसी भी एफपीओ द्वारा यह अनूठी पहल है तथा संतुलित उर्वरक प्रयोग हेतु यह प्रयोगशाला मील का पत्थर साबित होगी।
स्थापित की जाने वाली प्रयोगशाला का निरीक्षण उप कृषि निदेशक गिरीश चन्द्र द्वारा किया गया। मौके पर उपस्थित कृषकों को उप कृषि निदेशक द्वारा जानकारी दी गई कि मृदा परीक्षण से भूमि में उपलब्ध पोषक तत्वों के स्तर की जानकारी होगी तथा आगामी मौसम में बोई जाने वाली फसल के लिए पोषक तत्वों की सही आवश्यकता की जानकारी से संतुलित उर्वरकों का प्रयोग कर सकेंगे, जिससे उत्पादन लागत में कमी आएगी। इस अवसर पर उनके साथ उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी बिजनौर व आत्मा प्रभारी योगेन्द्र पाल सिंह योगी उपस्थित रहे। आत्मा प्रभारी द्वारा उपस्थित कृषकों से परिचर्चा में जैविक कृषि अपनाए जाने पर बल दिया गया।

WhatsApp Tricks – इस सेटिंग को कर दें On ! नहीं होंगी सेंड की हुई फोटो की क्वालिटी कम !

साभार- In Hindi Hub

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WhatsApp Tricks

WhatsApp Tricks – WhatsApp का यूज आज के समय में ज्यादातर लोग करते हैं। इस लोकप्रिय इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप में कई सारे फीचर्स मिलते हैं। इनकी मदद से चैटिंग करने के अलावा यूजर्स अपने दोस्तों के साथ वॉइस और वीडियो कॉल भी कर सकते हैं। इतना ही नहीं, यहां से लोगों को फोटो, डॉक्यूमेंट भी भेज सकते हैं।

फोटो भेजने पर क्वालिटी कम हो जाती है –

WhatsApp से फोटो भेजने पर फोटो की क्वालिटी कम हो जाती है। पर अगर आप चाहे तो लोगो को WhatsApp के जरिये ही हाई क्वालिटी में भी फोटो सेंड कर सकते है। WhatsApp से हाई क्वालिटी में फोटो शेयर करने के 2 तरीके हैं। पहला तरीका है, यूजर सेटिंग में बदलाव करके और दूसरा तरीका है, फोटो को डॉक्यूमेंट के तौर पर भेजकर। तो चलिए आइये जानते है, कैसे आप WhatsApp के जरिये हाई क्वालिटी में फोटो सेंड कर सकते है।

Whatsapp की इस सेटिंग में बदलाव करें –

  • पहला तरीका सेटिंग में बदलाव करना है। इसके लिए सबसे पहले अपने डिवाइस पर WhatsApp ओपन करें।
  • उसके बाद होम पेज पर राइट साइड में सबसे ऊपर बने तीन डॉट आइकन पर क्लिक कर दें।
  • फिर सेटिंग के ऑप्शन को सिलेक्ट करें।
  • अब Storage and Data पर क्लिक करें।
  • यहां पर आपको सबसे नीचे Photo Upload Quality का ऑप्शन दिखाई देगा। उस पर क्लिक करें।
  • फिर स्क्रीन पर आ रहे 3 ऑप्शन Auto, Best Quality और Data Saver में से Best Quality को सिलेक्ट कर लें।

WhatsApp में फोटो को डॉक्यूमेंट में भेजें –

  • WhatsApp में डॉक्यूमेंट के जरिये फोटो भेजना। यह हाई क्वालिटी फोटो सेंड करने का यह सबसे आसान और अच्छा तरीका है।
  • इसके लिए WhatsApp ओपन करें और फिर कोई भी चैट ओपन कर लें।
  • अब नीचे मैसेज बार में दिए गए पेपर क्लिप आइकन पर क्लिक करें।
  • यहां आपको Document पर क्लिक करना होगा।
  • अब आप जो फोटो भेजना चाहते हैं, उसे सिलेक्ट करके डॉक्यूमेंट के तौर पर भेज दें।

इन दो तरीके से आप WhatsApp के जरिये High Quality में फोटो भेज सकते हैं।

नि:शुल्क रिफाइंड तेल, नमक व चना वितरण की डेट बढ़ी

लखनऊ। नि:शुल्क रिफाइंड तेल, नमक व चना का वितरण अब 28 मार्च तक होगा। तमाम कोटे की दुकानों तक चना, तेल व नमक न पहुंच पाने के कारण सरकार ने वितरण की तारीख को दूसरी बार पांच दिनों के लिए और बढ़ा दिया है। अभी तक राशन का वितरण 23 मार्च तक निर्धारित था। 

सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक होगा वितरण 

डीएसओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि राशन का वितरण सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक चलेगा। अंत्योदय कार्डधारकों को 35 किलो राशन (15 किलो चावल व 20 किलो गेहूं) और पात्र गृहस्थी को प्रति यूनिट पांच किलो राशन फ्री में वितरित किया जाएगा। साथ ही एक लीटर तेल, एक किलो नमक व एक किलो चना भी नि:शुल्क वितरित होगा।

नि:शुल्क तेल, नमक व चना का अंतिम माह 

नि:शुल्क तेल, नमक व चना के वितरण का यह अंतिम माह है। सरकार प्रदेश भर के सभी अंत्योदय व पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को दिसम्बर 2021 से नि:शुल्क तेल, नमक ,चना व राशन उपलब्ध करा रही है। राशन व तेल, नमक, चना के नि:शुल्क वितरण का समय इस माह पूरा हो रहा है।  

28 को भी ओटीपी से राशन वितरण  

वितरण की तारीख दोबारा बढ़ने के बाद अब 28 मार्च को भी ओटीपी के जरिए राशन मिलेगा। ऐसे कार्डधारक जिनका ईपॉश मशीन पर उंगलियों के निशान का मिलान नहीं हो पाता है, ऐसे कार्डधारकों को ओटीपी सत्यापन के जरिए राशन दिया जाता है।  

बैंकों में चार दिन लटके रहेंगे ताले, सिर्फ खुलेगा SBI

नई दिल्ली (एजेंसी)। दो दिवसीय औद्योगिक हड़ताल में बैंक की कई यूनियनें शामिल होंगी लेकिन आल इंडिया बैंक आफिसर कंफेडरेशन (All India Bank Officer Confederation) इससे दूर रहेगा। असर यह होगा कि भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) का शटर नहीं गिरेगा। इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। 28 एवं 29 मार्च को औद्योगिक हड़ताल प्रस्तावित है। इसमें आल इंडिया बैंक इम्पलाईज एसोसिएशन, आल इंडिया बैंक आफिसर्स एसोसिएशन, बेफी आदि यूनियनों ने शामिल होने का निर्णय किया है।

हड़ताल के दौरान भी खुले रहेंगे sbi शाखाएं और एटीएम 

आल इंडिया बैंक आफिसर्स कंफेडरेशन इस हड़ताल में शामिल नहीं है। एसबीआइ में यह यूनियन प्रभावी है। भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संघ के महासचिव अजीत मिश्रा ने कहा कि एसबीआइ में हड़ताल का असर नहीं होगा क्योंकि आल इंडिया बैंक आफिसर्स कंफेडरेशन से ही जुड़े अधिक सदस्य हैं। हड़ताल के दौरान शाखाएं और एटीएम खुले रहेंगे। दो दिवसीय बैंक हड़ताल के साथ शनिवार और रविवार की साप्ताहिक छुट्टी भी है। इस वजह से बैैंक 26 से 29 मार्च तक लगातार चार दिनों तक बंद रहेंगे। 

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अन्‍य बैंकों में चार दिनों तक लटके रहेंगे ताले 

विदित हो कि बैंकों में हड़ताल और साप्‍ताहिक छुट्टी के कारण चार दिनों तक बैंकिंग सेवाएंं प्रभावित रहेंगी। लेकिन स्‍टेट बैंक की इसमें सहभागिता नहीं होगी तो लोगों को बड़ी सहूलियत होगी। लोगों को चिंता सता रही थी कि मार्च के अंतिम सप्‍ताह में बैंकिंग की समस्‍या होगी लेकिन इसमें थोड़ी राहत मिलती दिख रही है। मार्च क्‍लोजिंग के समय की यह हड़ताल प्रभाव तो डालेगी ही। बता दें कि इस महीने होली की छुट्टी भी हो गई। इसके अलावा बिहार दिवस, हड़ताल, साप्‍ताहिक छुट्टी के कारण भी बैंकों में कामकाज प्रभावित रहा है। आल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव डीएन त्रिवेदी ने कहा है कि बैंकिंग उद्योग के दो प्रमुख संगठनों एआइबीईए, एआइबीओए और बेफी ने हड़ताल का आह्वान किया है।  

शेखपुरा आलम में पशुपालन विभाग ने लगाया निःशुल्क पशु आरोग्य शिविर


पशुपालन विभाग ने किया किसान गोष्ठी एवं नि:शुल्क पशु स्वास्थ्य शिविर का आयोजन। गौ पूजन के साथ हुआ शुभारंभ

बिजनौर। नजीबाबाद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत शेखपुरा आलम में पशुपालन विभाग द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु आरोग्य शिविर लगाया गया। शुभारंभ नजीबाबाद के ब्लाक प्रमुख तपराज सिंह देशवाल, वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह, मंडल अध्यक्ष भाजपा जुगनेश कुमार ने संयुक्त रुप से गौ पूजन तथा मुख्य द्वार पर बंधा फीता काटकर किया।

इस अवसर पर उप जिला मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ विनोद कुमार ने विस्तार से पशुपालन विभाग की योजनाओं के बारे में शिविर में उपस्थित किसानों एवं पशुपालकों को बताया। उन्होंने कहा कि सरकार अनेक योजनाएं चलाकर किसानों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए कार्य कर रही है जिसमें पशुपालन विभाग पशुओं के लिए नि:शुल्क दवाइयां नि:शुल्क उपचार टीकाकरण आदि की व्यवस्था कर रहा है। अपने संबोधन में पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ कर्मवीर सिंह एवं डा अंकित चौधरी ने कहा कि पशुओं की किसी भी समस्या के लिए हम सब तत्पर हैं। हर समय जो भी समस्या किसी को होती है, वह किसान भाई संपर्क कर सकते हैं।

ब्लाक प्रमुख तपराज सिंह देशवाल ने कहा कि पशुपालन विभाग द्वारा दी जा रही योजनाओं का समुचित प्रचार-प्रसार ना होने के कारण क्षेत्र के किसान भाई सरकारी योजनाओं से अनभिज्ञ रह जाते हैं। उन्होंने अधिकारियों से अधिक से अधिक प्रचार प्रसार का आह्वान करते हुए सभी किसान भाइयों से आग्रह किया कि सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

अपने संबोधन में वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह ने कहा कि सरकार सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास के आधार पर विकास योजनाएं चलाकर जनता के विकास का कार्य कर रही है। इसमें पशुपालन विभाग पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु आरोग्य शिविर लगाकर घर-घर तक विभागीय योजनाओं का लाभ किसान भाइयों, पशुपालकों तक पहुंचने का कार्य कर रही है। यह विभाग का सराहनीय कार्य है। उन्होंने सभी से उन सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। इस अवसर पर ग्राम प्रधान भागीरथ सिंह की अध्यक्षता एवं अनुज कुमार के संचालन में किसान गोष्ठी एवं पशु आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य रूप से ब्लाक प्रमुख तपराज सिंह देशवाल, चौधरी ईशम सिंह, गजेंद्र सिंह, अनुज कुमार, चमन सिंह सैनी, राम कुमार सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य अतर सिंह चौहान, ओमप्रकाश सिंह, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ अंकित कुमार, पैरावेट जुगनेश कुमार, युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष अभय रघुवंशी, सुधीर चौधरी चंदोक सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर पशु आरोग्य शिविर में 406 पशुओं का पंजीकरण हुआ, जिसमें 404 बड़े पशु एवं दो छोटे पशु शामिल हैं। शिविर में 104 पशुओं की सामान्य चिकित्सा की गई। कृमि नाशक दवाइयों का वितरण 404 पशुओं के लिए किया गया, बांझपन चिकित्सा 32, पशुओं की गर्भधान 12, बधियाकरण दो, टीकाकरण 300, पशुओं का किया गया, उक्त सभी कार्य नि:शुल्क किए गए।

सीआरसी लखनऊ एवं डॉ. रेड्डी फाउण्डेशन ने आयोजित किया दिव्यांगजन रोज़गार मेला

लखनऊ सी.आर.सी. लखनऊ के प्रांगण में स्थित पुनर्वास एवं छात्रावास भवन में डॉक्टर रेड्डी फ़ाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में रोज़गार मेले का आयोजन किया गया।

उत्तर प्रदेश के भिन्न-भिन्न जिलों एवं अन्य प्रदेशों के दिव्यांग प्रतिभागियों ने रोज़गार मेले में प्रतिभाग किया। डॉ. रेड्डी फाउण्डेशन एवं सी.आर.सी. लखनऊ की ओर से कुल 18 कम्पनियों (रिलायंस ट्रेंड्स, क्वीस क्वार्प लिमिटेड, अदान सॉल्यूशन प्राईवेट लिमिटेड, प्रणव एसोसिएट्स, जी.वी.के.ई.एम.आर.आई., स्टारटेक, वॉव मोमोज़, होटल कम्फर्ट विस्टा, डायल 112 टेक महिन्द्रा, होटल लेमन ट्री, सिटी कार्ट, सॉपर्स स्टॉप, टाटा क्रोमा, टेक्नो टास्क, बिजनेस सॉल्यूशन, बजाज कैपिटल, के.एफ.सी., इम्रोल्ड मैनेजमेन्ट सर्विस प्राईवेट लिमिटेड एवं बिग बास्केट) ने 250 से अधिक दिव्यांगजनों का साक्षात्कार किया तथा उनमें से लगभग 150 से अधिक दिव्यांगजनों को रोज़गार के अवसर प्रदान किये गये।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रमेश पाण्डेय, निदेशक सी.आर.सी. लखनऊ ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण एवं सामाजिक भागीदारी हेतु अत्यन्त ही आवश्यक हैं। सी.आर.सी. लखनऊ नित-नवीन गतिविधियों के माध्यम से दिव्यांगजनों के कुशल संवर्द्धन एवं सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुये समाज में दिव्यांगजनों की महत्ता को स्थापित कर रहा है। इस अवसर पर डॉ. रेड्डी फाउण्डेशन की ओर से  कौशल कुशवाहा ने आये हुए सभी दिव्यांगजनों, कम्पनियों के प्रतिनिधियों एवं सी.आर.सी. लखनऊ के समस्त कर्मचारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि भविष्य में भी सी.आर.सी. लखनऊ के अभिनव प्रयासों के साथ मिलकर दिव्यांगजनों के हितार्थ क्रियाकलापों का क्रियान्वयन करते रहेंगे।

गरीबों ने उठाया फ्री मेडिकल कैम्प का फायदा

चेयरपर्सन पति शमशाद अंसारी के प्रयासों से किया गया फ्री मेडिकल कैंप का आयोजन। उपलब्ध रही मेन्टोल हॉस्पिटल के चिकित्सकों की टीम। गरीब असहाय लोगों को मिली मुफ्त में इलाज व जांच की सुविधा।


बिजनौर। मेन्टोल हॉस्पिटल की ओर से मोहल्ला खत्रियान में एक फ्री कैंप का आयोजन किया गया। इसमें सभी गरीब असहाय लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा प्रदान की गई और मुफ्त में कई बीमारियों की जांच भी की गई। कैम्प का लाभ उठा कर गरीब असहाय लोगों ने काफी राहत महसूस की।
बिजनौर के नजीबाबाद मार्ग स्थित स्वयंवर बैंक्विट हॉल के पास मेन्टोल हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर जुबेर व डॉक्टर अयूब के नेतृत्व में शहर के मोहल्ला खत्रियान में नगरपालिका चेयरपर्सन पति शमशाद अंसारी के कैंप कार्यालय पर एक फ्री मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। कैम्प में आसपास क्षेत्रों से आए गरीब मरीजों का मुफ्त में इलाज कराया गया। बता दें कि मेन्टोल हॉस्पिटल की ओर से लगातार गरीबों को सस्ता और अच्छा इलाज मुहैया कराने की कवायद की जा रही है, ताकि गरीब लोग इसका फायदा उठा सकें। कैंप में सैकड़ों की संख्या में गरीब लोगों का मुफ्त में इलाज कराया गया।

क्षय रोगियों के बेहतर इलाज के लिये कटिबद्धता जताई

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने बताया कि भारत सरकार के आह्वान पर प्रदेश सरकार का यह संकल्प है कि उत्तर प्रदेश को क्षय रोग से पूरी तरह मुक्त किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इसके लिये क्षय रोगियों के चिन्हॉकन के पश्चात उनकी चिकित्सा नियमित रूप से सुनिश्चित की जा रही है ताकि कोई भी व्यक्ति इस बीमारी के समुचित इलाज से वंचित न रहने पाए और स्वास्थ्य लाभ हासिल कर स्वस्थ समाज का हिस्सा बने। उन्होंने चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि पूरी गहनता और गंभीरता के साथ क्षय रोगियों के चिन्हिीकरण का कार्य करें और जो भी रोगी पाया जाए उसके समुचित इलाज की व्यवस्था के साथ-साथ चिकित्सा की अवधि में उत्तम पोषण उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे पूर्णरूप से स्वस्थ हो सके। जिलाधिकारी श्री मिश्रा कल देर शाम विकास भवन के सभागार में आगामी 24 मार्च 2022 को आयोजित होने वाले विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर सम्पन्न होने वाले कार्यक्रमों से संबंधित बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दे रहे थे। उन्होंने नोडल अधिकारी क्षय रोग को निर्देश दिए कि जिले में सुनियोजित एवं सुव्यस्थित रूप से क्षय रोगियों का चिन्हिकरण का कार्य कराएं और एक भी क्षय रोगी इलाज से वंचित न रहने पाए। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर जिले में भिन्न-भिन्न श्रेणी के क्षय रोगियों को विभिन्न समाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों / शैक्षणिक संस्थानों एवं अधिकारियों को गोद लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है ताकि जनसहयोग के साथ इस बीमारी से जिला बिजनौर को मुक्त किया जाना सम्भव हो सके।

इसी क्रम में जनपद बिजनौर में उक्त दिवस पर अधिक से अधिक मरीजों को गोद लिया जायेगा। उन्होंने सभी चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि उनकी संज्ञान में कोई ऐसा व्यक्ति आए जिसे दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रही है, तो तत्काल उसकी जांच कराना सुनिश्चित करें तथा सभी शैक्षिक संस्थाओं के व्यवस्थापकों एंव अध्यापकगणों को भी सूचित करें कि यदि कोई विद्यार्थी दो हफतों से अधिक खांसी से पीड़ित है तो उसको भी तत्काल जांच के लिए चिकित्सालय भेजना सुनिश्तिच करें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. विजय कुमार गोयल, सभी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, प्राईवेट चिकित्सक, नर्सिंग होम संचालक, समस्त स्कूल प्रधानाचार्य तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी मौजूद थे।

अक्तूबर 2023 में दुहाई से मेरठ दक्षिण तक चलेगी रैपिड रेल

गाजियाबाद: अक्तूबर 2023 में दुहाई से मेरठ दक्षिण तक दौड़ेगी रैपिड रेल, डिपो में हुआ कोच का अनावरण

रैपिड रेल

गाजियाबाद (एजेंसी)। दुहाई डिपो में पहुंचे रैपिड रेल के मॉडल कोच में हवाई जहाज और शताब्दी ट्रेन सरीखी सुविधाओं की पहली झलक देखने को मिली। रैपिड रेल में यात्रियों को मेट्रो से अधिक सुविधाएं मिलेंगी। साहिबाबाद से दुहाई तक पहले प्राथमिकता वाले खंड पर रैपिड रेल मार्च 2023 में दौड़ने लगेगी।

पहले खंड में निर्माण संबंधी 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। दुहाई से मेरठ दक्षिण तक 20 किमी लंबे कॉरिडोर पर अक्तूबर 2023 में ट्रेन का संचालन शुरू होगा। आपात चिकित्सा की स्थिति में रैपिड रेल का इस्तेमाल ग्रीन कॉरिडोर की तरह हो सकेगा। इसी को देखते हुए कोच में स्ट्रेचर ले जाने के लिए विशेष स्थान निर्धारित किया है। इमरजेंसी की स्थिति में मरीज को मेरठ से दिल्ली तक 55 मिनट में पहुंचाया जा सकेगा।

मई में आएगी पहली छह कोच की रेल, जुलाई से ट्रायल

प्रबंध निदेशक विनय कुमार सिंह ने बताया कि गुजरात के सावली स्थित प्लांट में छह कोच की पहली रैपिड रेल सेट का निर्माण आखिरी चरण में है। यह ट्रेन मई में दुहाई डिपो में पहुंचेगी। करीब एक से डेढ़ माह तक ट्रेन के तकनीकी परीक्षण के बाद जुलाई से ट्रायल रन की शुरुआत होगी। पहले खंड पर ट्रायल रन दिसंबर 2022 तक चलेगा।

हर छह माह में 20 किमी का सेक्शन खुलेगा

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिड कॉरिडोर 82 किमी लंबा है। मार्च 2023 में पहले खंड के बाद हर छह माह में 20 किमी का कॉरिडोर खोला जाएगा। पहले खंड के बाद दूसरा सेक्शन दुहाई से मेरठ दक्षिण का खुलेगा। फिर साहिबाबाद से दिल्ली और आखिर में मेरठ दक्षिण से मेरठ के मोदीपुरम का सेक्शन शुरू होगा।

हर ट्रेन में चार स्टैंडर्ड, एक प्रीमियम व एक महिला कोच

छह कोच की ट्रेन में चार कोच स्टैंडर्ड श्रेणी, एक कोच महिला और एक कोच प्रीमियम क्लास का होगा। स्टैंडर्ड कोच में एक ओर तीन दरवाजे और प्रीमियम कोच में दो दरवाजे होंगे। प्रीमियम कोच का किराया स्टैंडर्ड से अधिक होगा। किराए को अंतिम रूप देने के लिए एनसीआरटीसी स्तर पर मंथन जारी है।

पुलिस करे जनता के साथ अच्छा व्यवहार: एसपी

हल्दौर (बिजनौर)। पुलिस अधीक्षक डाॅ धर्मवीर सिंह ने थाना हल्दौर का वार्षिक निरीक्षण किया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक सर्वप्रथम सलामी ली गई व सलामी गार्द का निरीक्षण किया गया, जिसके पश्चात थाना परिसर की साफ-सफाई, कार्यालय अभिलेख, बन्दी गृह, मैस, बैरक, हवालात, महिला हेल्प डेस्क, सीसीटीएनएस कार्यालय इत्यादि का निरीक्षण किया गया। थाने पर गठित महिला हेल्प डेस्क को प्राथमिकता के आधार पर फरियादियों की शिकायत सुनकर, इन्द्राज कर प्रकरणों में विशेष रूचि लेकर कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया।

थाना प्रभारी हल्दौर को अपने थाना क्षेत्र के दूरस्थ गाँवो में जाकर महिला एवं बच्चों सम्बन्धी अपराधों, साईबर अपराधों के सम्बन्ध में सम्बन्धित गांवों के व्यक्तियों को जागरूक करने हेतु निर्देशित किया गया। पुलिस कार्मिको को जनता के साथ अच्छा व्यवहार करने तथा बीट आरक्षी को बीट क्षेत्र की सम्पूर्ण जानकारी के साथ-साथ आमजन के साथ बेहतर समन्वय बनाये रखने हेतु निर्देशित किया। थाना कार्यालयों में रखे अभिलेखों को चेक कर अभिलेखों का सही ढ़ग से रखरखाव एवं लम्बित विवेचनाओं का शीघ्र निस्तारण करने हेतु निर्देशित किया गया। बैरक, मेस, कम्प्यूटर कक्ष, सीसीटीएनएस, सीसीटीवी कैमरे, कम्प्यूटर उपकरणों आदि का निरीक्षण कर उपकरणों का रखरखाव उचित तरीके से करने हेतु निर्देशित किया गया। थाने के अधि0/कर्म0 से शस्त्राभ्यास तथा आपदा प्रबन्धन हेतु उपलब्ध कराई सामग्री को चैक करते हुए उनकी उपयोगिता के बारे में जानकारी ली गई।

पुलिस अधीक्षक द्वारा थाने में नियुक्त समस्त कार्मिकों का सम्मेलन लेकर उनकी समस्याओं की जानकारी लेकर सम्बन्धित प्रभारियों को निराकरण करने हेतु निर्देशित किया गया। अनुशासित बल होने के कारण पुलिस कर्मिकों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से मजबूत रहने के लिये स्वास्थ्य के दृष्टिगत योगा व पीटी व परेड नियमित रूप से करने के लिये प्रेरित किया गया साथ ही आगामी त्योहार होली व शब-ए-बारात के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। वार्षिक निरीक्षण में क्षेत्राधिकारी नजीबाबाद व थाना प्रभारी हल्दौर मौजूद रहे।

रूस के आफर से भारत में सस्ते हो सकते हैं पेट्रोल-डीजल, यूरिया

नई दिल्ली (एजेंसी)। रूस और यूक्रेन के युद्ध के चलते महंगाई बढ़ने की आशंका के बीच रूस ने भारत को सस्ता पेट्रोल डीजल और यूरिया खरीदने की आफर दिया है। ऐसा अमेरिका द्वारा रूस से तेल के इम्पोर्ट पर रोक लगाने से हुआ है। ऐसी स्थिति में रूस अपने क्रूड आयल एवं अन्य सामान को पूरी दुनिया में बेचने की जुगत में है। इसी कारण रूस ने अपने मित्र राष्ट्र भारत से संपर्क किया है। अतः भारत सरकार, रूस से डिस्काउंट प्राइस पर क्रूड ऑयल एवं अन्य चीजों को खरीदने के बारे में विचार कर रही है, ऐसा भारतीय अधिकारियों का कहना है।

गौरतलब है कि भारत अपनी जरूरतों का 80 फीसदी ऑयल इम्पोर्ट करता है। भारत करीब 2-3 फीसदी तेल रूस से खरीदता है, चूंकि अभी कच्चा तेल की कीमतें 40 फीसदी ऊपर जा चुकी हैं, भारत सरकार इम्पोर्ट बिल कम करने के लिए विकल्पों की तलाश कर रही है। क्रूड की कीमतें बढ़ने से अगले वित्त वर्ष में भारत का इम्पोर्ट बिल 50 बिलियन डॉलर तक बढ़ सकता है। इस कारण सरकार सस्ते तेल के साथ ही रूस और बेलारूस से यूरिया जैसे फर्टिलाइजर्स का सस्ता कच्चा माल भी खरीदने पर गौर कर रही है। इससे सरकार को खाद सब्सिडी के मोर्चे पर बड़ी राहत मिलने की संभावना है।

सैकड़ों लोगों ने उठाया योग एवं नेचुरोपैथी कैंप का लाभ


बिजनौर। इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन इकाई बिजनौर के संरक्षक एसके बबली द्वारा अपने आवास पर योग एवं नेचुरोपैथी का कैंप का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न रोगों की आहार द्वारा चिकित्सा, मिट्टी के द्वारा चिकित्सा, जल द्वारा चिकित्सा, वायु द्वारा चिकित्सा, उपवास द्वारा चिकित्सा, योग द्वारा चिकित्सा के बारे में बताया गया।

कैम्प में ओपी शर्मा ने मंत्रों द्वारा चिकित्सा, राम सिंह पाल प्रभारी जिला ने यज्ञ द्वारा चिकित्सा, बीआर पाल ने आसनों के बारे में बताया। डॉक्टर सुनील राजपूत ने भ्रामरी प्राणायाम के लाभ बताए। डॉ कैलाश ने फलों से चिकित्सा, डॉक्टर ओपी राणा ने अनुलोम विलोम के बारे में लाभ बताए। डॉ. राकेश कुमार ने मिट्टी चिकित्सा, डॉ लीना तोमर ने प्राकृतिक चिकित्सा से रोगों को ठीक करने के बारे में बताया। राजवीर एडवोकेट ने आधुनिक विज्ञान के दवाइयों के अवगुण बताए, विनोद एडवोकेट ने बिना दवाई के स्वस्थ रहने के उपाय बताए। डॉक्टर जावेद ने प्रकृति से ताल में बनाए रखने के लिए कहा। डॉ राहत ने स्त्री रोगों के बारे में बताया, बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ की संरक्षक ने गर्भ में पल रहे बच्चे के संस्कार, कुसुम लता ने नारी के उत्थान के बारे में बताया। मीनू गोयल ने नारी एकता पर बल दिया, डॉ रामकुमार ने प्राकृतिक चिकित्सा को सेमिनार के माध्यम से घर-घर पहुंचाने के लिए कह। हुक्का बिजनौरी ने कविता पाठ किया। फारुख बिजनौरी ने होली पर मिट्टी द्वारा चिकित्सा के लाभ बताए। योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के अध्यक्ष योगेश कुमार द्वारा एक्यूप्रेशर चिकित्सा की गई।

कार्यक्रम का संचालन ओपी शर्मा ने किया। मुख्य अतिथि एवं इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन के जिला कोऑर्डिनेटर जिला जेलर शैलेंद्र प्रताप सिंह एवं पूर्व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके बबली रहे।

जिला बार एसोसिएशन के शिव कुमार गुप्ता, संजीव राजन, लकी चोपड़ा एडवोकेट, सुरेंद्र कपूर एडवोकेट, देवेंद्र पाल चौहान एडवोकेट, प्रशांत गोयल एडवोकेट, नईम अहमद एडवोकेट, फारुख बिजनौरी, देवेंद्र कुमार, मुकेश चौधरी, श्रीमती नीता अग्रवाल बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ अध्यक्ष कुसुम लता, मीनू गोयल, अनिल शर्मा, जसवीर सिंह, रंजीत सिंह एडवोकेट, सुरेश कश्यप प्रभारी जजी, इंतजार चौधरी एडवोकेट, महेंद्र सिंह एडवोकेट, राकेश कुमार एवं जिला जेल से आए कर्मचारी जजी से आए एडवोकेट ने अपने अपने विचार रखे।

आईएनओ संगठन बिजनौर अधिवक्ता संगठन बिजनौर ने साथ मिलकर सेमिनार को चार चांद लगा दिया। बाद में होली मिलन कार्यक्रम हुआ। संरक्षक एसके बबली द्वारा आए हुए लगभग 300 लोगों को भोजन जलपान कराया गया। जिला जेलर शैलेंद्र प्रताप एसके बबली का आईएनओ संगठन के द्वारा धन्यवाद दिया गया। कार्यक्रम के अंत में डॉक्टर नरेंद्र सिंह जिला अध्यक्ष इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन यूनिक बिजनौर ने प्रकृति से तालमेल बनाए रखने के लिए बताते हुए कहा कि हम प्राकृतिक चिकित्सा को भारत के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाकर ही दम लेंगे। हम घर घर जाकर योग और प्राकृतिक चिकित्सा स्टैमिना लगाएंगे। प्रत्येक नागरिक का स्वस्थ होना अति आवश्यक है। इस अवसर पर मानव के कल्याण के लिए तथा राष्ट्र के निर्माण के लिए सभी के स्वस्थ रहने के लिए कामना की गई और सभी का धन्यवाद किया गया।

अंत में होली मिलन कार्यक्रम हुआ। साथ ही जिला जेलर शैलेंद्र प्रताप को योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा हेतु कार्य करने के लिए प्रमाण पत्र डॉक्टर नरेंद्र सिंह, एसके बबली एवं संगठन के पदाधिकारियों द्वारा दिया गया और इसी प्रकार सहयोग करने की अपेक्षा की गई।

कोरोना से मौत: मुआवजे के फर्जी दावों पर सुप्रीम कोर्ट चिंतित

नई दिल्ली (एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कोविड से हुई मौत के संबंध में मुआवजे के फर्जी दावों पर अपनी चिंता जताई और कहा कि वह इस मामले में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) को जांच का निर्देश दे सकता है। शीर्ष अदालत ने सुझाव दिया कि कथित फर्जी मौत के दावों की जांच महालेखा परीक्षक कार्यालय को सौंपी जा सकती है।

न्यायमूर्ति एम.आर. शाह और न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना की पीठ ने कहा: हमने कभी नहीं सोचा था कि इस तरह के फर्जी दावे आ सकते हैं। हमने कभी नहीं सोचा था कि इस योजना का दुरुपयोग किया जा सकता है। पीठ ने कहा कि अगर इसमें कुछ अधिकारी भी शामिल हैं तो यह बहुत गंभीर है। अधिवक्ता गौरव कुमार बंसल ने आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 52 की ओर इशारा किया, जो इस तरह की चिंताओं को दूर करता है। न्यायमूर्ति शाह ने कहा, हमें शिकायत दर्ज करने के लिए किसी की आवश्यकता है।

एक वकील ने राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरणों द्वारा मुआवजे के दावों की रैंडम जांच करने का सुझाव दिया। बच्चों को मुआवजे के पहलू पर, शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि उसके द्वारा आदेशित 50,000 रुपये का अनुग्रह भुगतान, कोविड -19 के कारण प्रत्येक मृत्यु के लिए किया जाना है, न कि प्रभावित परिवार के प्रत्येक बच्चे को। 7 मार्च को, सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों द्वारा कोविड की मौतों के लिए अनुग्रह मुआवजे का दावा करने के लिए लोगों को नकली चिकित्सा प्रमाण पत्र जारी करने पर चिंता व्यक्त की, और कहा कि वह इस मामले की जांच का आदेश दे सकता है।

UPI 123Pay – बिना इंटरनेट के भी कर पायेंगे बैंकिंग के सभी काम ! वो भी कीपैड मोबाइल से ! ऐसे यूज करें UPI 123Pay

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UPI 123Pay – बिना इंटरनेट के भी कर पायेंगे Phone Pe के सभी काम ! वो भी कीपैड मोबाइल से ! ऐसे यूज करे UPI 123Pay साभार-Career Bhaskar

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UPI 123Pay – UPI के जरिये पैसे लेना भेजना बहुत ही आसान और सुविधाजनक है। लेकिन आज भी ऐसे कई लोग है, जो UPI पेमेंट सर्विस का यूज नहीं कर पा रहे है। और इसका कारण है, लोगों के पास स्मार्टफोन न होना। तो इसी को देखते हुए RBI ने UPI 123Pay सर्विस शुरू की है। इस सर्विस के जरिये अब कोई भी बिना इंटरनेट और स्मार्टफोन के UPI पेमेंट कर पायेंगे।

RBI ने शुरू की नयी सर्विस –

भारत में लगभग 40 करोड़ से भी ज्यादा फीचर फ़ोन (कीपैड मोबाइल) उपयोगकर्ता है। …और ये सभी फीचर फ़ोन उपयोगकर्ता डिजिटल पेमेंट करने में असमर्थ है। इसी को देखते हुए RBI ने एक नई पेमेंट सर्विस शुरू की है, इस नई पेमेंट सर्विस का नाम UPI 123Pay है।

बिना इंटरनेट कर पायेंगे यह सभी काम –

UPI 123Pay पेमेंट सर्विस के जरिये आप किसी भी व्यक्ति को UPI और Bank Account से पैसे भेज पायेंगे इसके अलावा आप इस सर्विस के जरिये बैंक बैलेंस चेक, Mobile रिचार्ज, DTH रिचार्ज, LPG Gas Refill, EMI Repayment आदि काम भी कर पायेंगे।

कीपैड मोबाइल में भी चला सकते है UPI 123Pay

अगर आपके पास कीपैड मोबाइल है, या आप ऐसे इलाके में रहते है, जहाँ अच्छे से इंटरनेट नहीं चलता है जिसके कारण आप डिजिटल पेमेंट नहीं कर पा रहे थे। तो अब परेशान होने वाली कोई बात नहीं है, क्यूंकि इस नई पेमेंट सर्विस के जरिये यूजर्स बिना इंटरनेट की सहायता से सिर्फ कीपैड मोबाइल के जरिये ही डिजिटल पेमेंट कर पायेंगे।

ऐसे करे UPI 123Pay का यूज –

इस सर्विस का यूज आप 4 तरीके से कर सकते है। …पर इस पोस्ट में हम आपको Call के जरिये UPI पेमेंट कैसे करते हैं ?, इसके बारे में बतायेंगे। अगर आप इस नई पेमेंट सर्विस का यूज करना चाहते है, या जानना चाहते है, कि UPI 123Pay सर्विस कैसे काम करती है? तो आप नीचे दिया वीडियो देख सकते हैं। वीडियो में call के जरिये UPI 123Pay कैसे यूज करते हैं, इसका लाइव डेमो बताया है।

यूपी: सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी बुजुर्ग महिलाएं; सर्वे पूरा, आज भेजी जाएगी रिपोर्ट

लखनऊ। शासन ने 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को बसों में मुफ्त सफर कराने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) ने सफर करने वाली इस आयु वर्ग की महिलाओं का सर्वे करने का निर्देश दिया है। क्षेत्रीय प्रबंधकों से रिपोर्ट मांगी गई है कि उनकी बसों में रोजाना कितने यात्री सफर करते हैं? उनमें सीनियर सिटीजन महिलाओं की संख्या कितनी होती है? क्षेत्रीय प्रबंधक आज सोमवार को यह रिपोर्ट मुख्यालय को भेजेंगे।

₹99: महीने में चाहे जितनी बार करें सफर-
प्रमुख सचिव (परिवहन) राजेश कुमार सिंह ने बीते शुक्रवार को अफसरों के साथ बैठक कर सीनियर सिटीजन महिलाओं को मुफ्त बस सफर कराने का निर्देश दिया था। मुफ्त सफर कराने पर शासन से प्रतिपूर्ति हासिल करने का भी सुझाव तैयार किया है। इसके तहत बुजुर्ग महिलाओं को मुफ्त सफर कराने के एवज में प्रति माह 99 रुपये का भुगतान करने पर उस महीने में जितनी बार चाहे, बस सफर की सुविधा दी जा सकती है। परिवहन निगम ने राजस्थान की तर्ज पर मुफ्त बस सफर कराने की तैयारी शुरू की है।

समाज कल्याण विभाग से मंगाया पेंशनर्स का ब्योरा-
प्रबंध निदेशक, परिवहन निगम राजेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश में 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं की संख्या के लिए समाज कल्याण विभाग से पेंशनर्स का ब्योरा मंगाया गया है। बुजुर्ग महिलाएं साधारण बस ही नहीं, एसी सेवा में भी मुफ्त सफर की सुविधा पाएंगी। यानी वे वॉल्वो, स्कैनिया, जनरथ, महिला स्पेशल पिंक स्पेशल, शताब्दी में सफर कर सकेंगी। साथ ही, सीनियर सिटीजन महिलाओं को बस अड्डे अन्य सहूलियतें दी जाएंगी। इन महिलाओं को मुफ्त सफर कराने पर शासन से प्रतिपूर्ति हासिल करने का भी सुझाव तैयार किया है। इसके तहत बुजुर्ग महिलाओं को मुफ्त सफर कराने के एवज में प्रति माह 99 रुपये का भुगतान करने पर उस महीने में जितनी बार चाहे, बस सफर की सुविधा दी जा सकती है।

होली पर गड़बड़ी की तो सात पुश्तें रखेंगी याद-ओमवीर सिंह

बिजनौर। अफजलगढ़ कोतवाली प्रांगण में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। मुख्य अतिथि एसपी पूर्वी ओमवीर सिंह, सीओ सुनीता दहिया ने सभी लोगों से होली का त्योहार शांति पूर्वक मनाने की अपील की।

मुख्य अतिथि एसपी पूर्वी ओमवीर सिंह ने कहा कि किसी तरह की कोई भी गड़बड़ी करेंगे तो उसकी सात पुश्तें याद रखेंगी। कोई नई परम्परा शुरू नहीं की जायेगी, उन्होंने सभी लोगों से सहयोग का आह्वान किया। इस अवसर पर कोतवाल मनोज कुमार सिंह के अलावा एसएसआई दिनेश कुमार शर्मा, कस्बा इंचार्ज टेकराम सिंह, एसआई अनोखेलाल गंगवार, एसआई विनित कुमार, एसआई सुनील कुमार, चेयरपर्सन पति सलीम अंसारी एडवोकेट, जिलाध्यक्ष खेल सिंह राजपूत, पूर्व चेयरमैन जावेद विकार, भाजपा नगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा, भीम सिंह रावत, रईस वकील, वसीम अंसारी, तेजपाल सिंह चौहान, ठाकुर रामबीर सिंह, सौरभ गहलौत, प्रधान कपिल कुमार, शरद कर्णवाल, महेश चौहान, देवराज सिंह चौहान, सभासद कलवा कुरैशी, प्रधान सुरेंद्र सिंह, प्रधान कैलाशचंद चौधरी, सरदार गुरविंदर सिंह, मुफ्ती सईदुर्रहमान, नफीस अहमद, पूर्व प्रधान श्याम लाल भारद्वाज, मौलाना मुख्तार अहमद, सभासद अफजाल अंसारी एडवोकेट, शेख मौहम्मद जैद, दानिश, तसव्वर कुरैशी, पूर्व प्रधान राजपाल सिंह, आदित्य चौहान, सभासद आकाश अग्रवाल, प्रधान गुरूवचन सिंह, आदेश पंवार, रियाज अहमद उर्फ राजू, ईश्वर सिंह उर्फ बोबी आदि उपस्थित रहे।

(सच/झूठ) प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना 2021: ऑनलाइन आवेदन | एप्लीकेशन फॉर्म

साभार 12th March 2022 by Madhuri

आज के दौर में हमारा देश डिजिटलीकरण की तरफ बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में सभी प्रकार की प्रक्रियाएं ऑनलाइन हो रही है। सरकार द्वारा भी विभिन्न प्रकार की योजनाएं समय-समय पर आरंभ की जाती है। जिसके अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। ऐसे में कई बार ऐसा होता है कि कुछ गलत सूत्रों से ऐसी योजनाओं की जानकारी फैल जाती है जो सरकार द्वारा आरंभ ही नहीं की गई हो। आज हम आपको ऐसी ही एक योजना से संबंधित जानकारी प्रदान करने जा रहे हैं जिसका नाम प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना है। इस लेख को पढ़कर आपको पता चलेगा यह योजना सच है या झूठ। तो दोस्तों यदि आप Pradhanmantri Ramban Suraksha Yojana की विश्वसनीयता की जांच करना चाहते हैं तो आपसे निवेदन है कि आप हमारे इस लेख को अंत तक पढ़े।

Fake Pradhanmantri Ramban Suraksha Yojana

विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन एवं ऑफलाइन सूत्रों से यह दावा किया जा रहा है कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना का शुभारंभ किया गया है। इस योजना के माध्यम से देश के सभी युवाओं को कोरोनावायरस के नि:शुल्क इलाज के लिए ₹4000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। वायरल मैसेज में यह भी दावा किया जा रहा है कि इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने की अंतिम तिथि 18 अगस्त 2021 है। यदि आप इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तो आपको मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करके अपना फॉर्म भरना होगा। आपको बता दें सरकार द्वारा ऐसी कोई भी योजना नहीं संचालित की जा रही है। सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पीआईबी फैक्ट चेक द्वारा प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना को फेक बताया गया है। आपसे निवेदन है कि आप ऐसी किसी भी योजना के अंतर्गत आवेदन ना करें। यदि सरकार द्वारा ऐसी कोई भी योजना लागू की जाएगी तो हम आपको योजना से संबंधित संपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे। लेकिन अभी सरकार द्वारा ऐसी कोई योजना संचालित नहीं की जा रही है।

फ़र्ज़ी प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना

यदि आपके पास भी Pradhan Mantri Ramban Suraksha Yojana के आरम्भ होने से सम्बन्धित जानकारी सांझा की गयी है तो आपको बता दे पीएम रामबाण सुरक्षा योजना पूरी तरह से झूठी, भ्रामक और फ़र्ज़ी योजना है | पीआईबी द्वारा इस फ़र्ज़ी प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना का खंडन करते हुए बताया कि इस प्रकार कि कोई भी योजना नहीं है और न ही सरकार द्वारा कोई आवेदन इस गलत भ्रामक रामबाण सुरक्षा योजना के अंतर्गत मांगे गए है | कृपया इस प्रकार कि गलत झूठी फेक योजना के झांसे में न आये और अपनी कोई भी जानकारी किसी से भी शेयर न करे | इस प्रकार के धोखे (Fraud Pradhan Mantri Ramban Suraksha Yojana ) से खुद को बचाकर रखे और किसी भी योजना पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता कि जांच कर ले

झूठ प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना का उद्देश्य

यह दावा किया जा रहा है कि Pradhanmantri Ramban Suraksha Yojana का मुख्य उद्देश्य कोरोनावायरस के इलाज के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है। यह आर्थिक सहायता ₹4000 की होगी। इस योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता भारत सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। लेकिन आपको बता दें की यह दावा पूरी तरह से झूठ है। सरकार द्वारा ऐसी कोई भी योजना नहीं संचालित की जा रही है। कोरोनावायरस के इलाज के लिए सरकार द्वारा कई अन्य योजनाएं संचालित की जा रही है। लेकिन Pradhanmantri Ramban Suraksha Yojana नाम की कोई योजना सरकार द्वारा नहीं संचालित की जा रही है। जैसे ही सरकार द्वारा ऐसी कोई भी योजना संचालित की जाएगी हम आपको जरूर सूचित करेंगे।

वायरल मैसेज के दावे के अनुसार प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना के निम्नलिखित लाभ एवं विशेषताएं हैं।

  • विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन ऑफलाइन सूत्रों से यह दावा किया जा रहा है की हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना का शुभारंभ किया गया है।
  • इस योजना के माध्यम से देश के युवाओं को कोरोनावायरस के इलाज ने ₹4000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
  • इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने की अंतिम तिथि 18 अगस्त 2021 वायरस मैसेज के अनुसार बताई जा रही है।
  • मैसेज में इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने के लिए एक लिंक भी दी गई है।
  • इस लिंक पर क्लिक करके फॉर्म भरने पर यह दावा किया जा रहा है कि आप इस योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकेंगे।
  • आपको बता दें सरकार द्वारा ऐसी कोई भी योजना नहीं संचालित की जा रही है।
  • सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पीआईबी फैक्ट पैक चेक पर इस योजना को फेंक बताया गया है।
  • आपसे निवेदन है कि आप ऐसी किसी भी योजना के अंतर्गत आवेदन ना करें।

गलत रामबाण सुरक्षा योजना पात्रता तथा महत्वपूर्ण दस्तावेज

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