आधार कार्ड की कॉपी देते समय न बरतें लापरवाही

आधार कार्ड की कॉपी देते समय रहें सावधान, न बरतें लापरवाही, हो सकता है गलत इस्तेमाल, केंद्र सरकार ने जारी की एडवाइजर

  • जानें क्या होता है मास्कड आधार
  • गैर-लाइसेंसी नहीं रख सकते आधार
  • साइबर कैफे से नहीं करें डाउनलोड
सोच-समझकर शेयर करें आधार

नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्र सरकार ने आधार कार्ड को लेकर एक ए़डवाइजरी जारी की है। सरकार ने नागरिकों से कहा है कि वे दुरुपयोग को रोकने के लिए अपने आधार कार्ड की केवल नकाबपोश प्रतियां ही किसी के साथ साझा करें। रविवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में सरकार ने कहा कि अपने आधार की फोटोकॉपी किसी व्यक्ति या संस्थान के साथ धड़ल्ले से साझा न करें क्योंकि इसका दुरुपयोग किया जा सकता है।

सरकार ने इसका विकल्प बताते हुए सिर्फ नकाबपोश (मास्कड) आधार ही साझा करने की सलाह दी है। इस पर सिर्फ अंतिम चार अंक दर्ज होते हैं। इसके अलावा केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि गैर-लाइसेंसी प्राइवेट इकाइयां आपका आधार कलेक्ट नहीं कर सकती हैं, ना ही उसे अपने पास रख सकती हैं। इसमें बिना लाइसेंस वाले होटल और सिनेमा हॉल शामिल हैं। सरकार ने कहा कि केवल वे संगठन जिन्होंने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण से उपयोगकर्ता लाइसेंस प्राप्त किया है, वे ही किसी व्यक्ति की पहचान स्थापित करने के लिए आधार का उपयोग कर सकते हैं।

सरकार ने नागरिकों से अपने आधार कार्ड साझा करने से पहले यह सत्यापित करने के लिए कहा कि किसी संगठन के पास यूआईडीएआई से वैध उपयोगकर्ता लाइसेंस है। इसके अतिरिक्त सरकार ने लोगों को अपने आधार कार्ड डाउनलोड करने के लिए इंटरनेट कैफे में सार्वजनिक कंप्यूटर का उपयोग नहीं करने की चेतावनी दी है। सरकार ने अपनी सलाह में कहा है कि यदि आप ऐसा करते हैं तो कृपया सुनिश्चित करें कि आप उस कंप्यूटर से ई-आधार की सभी डाउनलोड की गई प्रतियों को स्थायी रूप से हटा दें।

आधार कार्ड (Aadhaar Card) को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण जारी करता है। ये एक 12 डिजिट का एक न्यूमेरिक कोड होता है, जिसे आधार संख्या कहा जाता है बये मूलत: आपकी बायोमीट्रिक पहचान सुनिश्चित करने के लिए उपयोग किया जाता है।

क्या होता है मास्क्ड आधार
मास्क्ड आधार में आपकी 12 डिजिट की पूरी आधार संख्या नहीं दिखाई देती है, बल्कि इसमें आधार संख्या के सिर्फ आखिरी चार अंक ही दिखाई देते हैं। इसे ऑनलाइन भी प्राप्त किया जा सकता है।

Masked Aadhaar डाऊनलोड करने का तरीका
अगर आप मास्क्ड आधार डाउनलोड करना चाहते हैं, तो आप UIDAI की वेबसाइट पर जाकर  ‘ Do You Want a Masked Aadhaar’ का विकल्प चुन सकते हैं। यहां जरूरी डिटेल भरकर मास्क्ड आधार डाउनलोड किया जा सकता है। इसके अलावा Digi Locker और mAadhaar का भी विकल्प है।

mAadhaar है सुरक्षित विकल्प
UIDAI ने स्मार्टफोन यूजर्स के लिए एक नई मोबाइल ऐप mAadhaar लॉन्च किया हुआ है। इसे एंड्राइड के प्ले स्टोर और एपल के ऐप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। आपके आधार से जुड़ी जानकारी सुरक्षित रहे, इसलिए इसमें एक विशेष फीचर जोड़ा गया है। एक आधार संख्या से ये ऐप एक बार में एक ही फोन डिवाइस पर एक्टिव रहती है। ऐसे में यदि आप अपना फोन बदलते हैं तो नए डिवाइस पर ऐप के एक्टिव होते ही ये पुराने डिवाइस पर खुदबखुद डिएक्टिवेट हो जाएगी।

घर बैठे आधार कार्ड में कर सकते हैं बदलाव

नई दिल्ली (एजेंसी)। अब आप घर बैठे खुद ही अपने आधार कार्ड में बदलाव कर सकते हैं। इस संबंध में आधिकारिक वेबसाइट uidai.gov.in के अनुसार अगर आप अपने आधार में कुछ करेक्शन करना चाहते हैं तो आपको इसके लिए दो चांस मिलेंगे, लेकिन इसमें भी कुछ निय़म और शर्तें लागू होती हैं। वैसे UIDAI ने हाल ही में एक और अपग्रेड किया है, जिसके चलते आप अब अलग-अलग क्षेत्रीय भाषाओं में अपना आधार जनरेट कर सकेंगे। लेटेस्ट अपडेट के अनुसार, आधार कार्ड अब पंजाबी, तमिल, तेलुगु, उर्दू, हिंदी, बंगाली, गुजराती, मलयालम, मराठी, उड़िया और कन्नड़ में उपलब्ध होगा। अगर आप अपने आधार कार्ड की भाषा बदलना चाहते हैं, तो आप ऑनलाइन फॉर्म भरकर ऐसा कर सकते हैं। आप आधार सेवा केंद्र पर जाकर या ऑनलाइन आवेदन करके अपने आधार नंबर में बदलाव का अनुरोध कर सकते हैं। वैसे पता (Address), फोटो (Photo) और मोबाइल नंबर (Mobile No.) बदलाव में कोई सीमा तय नहीं है। 

1. सबसे पहले uidai.gov.in पर जाएं और ‘MY Aadhaar’ सेक्शन में जाकर ‘Update Your Aadhaar’ पर जाएं। 
3. इसके बाद ‘Update your Demographics Data Online’ पर क्लिक करें।
4.  यहां क्लिक करते ही आप UIDAI की सेल्फ सर्विस अपडेट पोर्टल की ऑफिशियल वेबसाइट ssup.uidai.gov.in पर पहुंच जाएंगे।
5. आप डायरेक्ट https://ssup.uidai.gov.in/ssup/ पर भी विजिट कर सकते हैं।
6. अब यहां आप ‘प्रोसीड टू अपडेट आधार’ पर क्लिक करें।7. नए खुले पेज पर 12 डिजिट के आधार नंबर से लॉग-इन करना होगा।
8. इसके बाद स्क्रीन पर दिया गया कैप्चा फिल करें और Send OTP पर क्लिक करें. जिसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी पहुंच जाएगा।
9.  रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को निर्धारित स्पेस में डालकर सबमिट करें।
10.  अब नए खुले पेज पर आपको दो ऑप्शन मिलेंगे। सपोर्टिंग डॉक्युमेंट प्रूफ के साथ एड्रेस समेत डेमोग्राफिक डिटेल्स का अपडेशन और एड्रेस वैलिडेशन लेटर के जरिए एड्रेस अपडेट।
11. नाम, जन्मतिथि, लिंग, पते में से किसी को डॉक्युमेंट प्रूफ के साथ अपडेट करने के लिए ‘अपडेट डेमोग्राफिक्स डेटा’ पर क्लिक करना होगा।
12. इसके बाद आपको जिस डिटेल को अपडेट करना है, उसका चुनाव करना होगा।
13. सारे डीटेल्स फीड करने के बाद आपके नंबर पर एक वेरिफिकेशन ओटीपी आयेगा और उसे आपको वेरीफाई करना होगा। इसके बाद सेव चेंज कर देना है।

रुद्रप्रयाग जिले के 14 शिक्षकों के खिलाफ FIR

देहरादून (एकलव्य बाण समाचार)। राज्य में लंबे समय से फर्जी डिग्री के आधार शिक्षक बनने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख सचिव गृह के आदेश के बाद अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था आदेशानुसार बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत फर्जी शिक्षकों व अन्य समस्त शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच अपर पुलिस अधीक्षक/सैक्टर अधिकारी के निर्देशन में सीआइडी सैक्टर देहरादून कर रहा था।

जांच के लिए गठित एसआईटी की ओर से चलाये जा रहे अभियान के अन्तर्गत जनपद रूद्रप्रयाग के 25 शिक्षकों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही करने हेतु रिपोर्ट महानिदेशक, विद्यालयी शिक्षा, उत्तराखण्ड को विभिन्न तिथियों को प्रेषित की गई थी। सैक्टर अधिकारी द्वारा महानिदेशक, विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड से पत्राचार करने पर 14 अन्य निम्न शिक्षकों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

आरोपी शिक्षकों के नाम 👇

  1. कान्ति प्रसाद, सहायक अध्यापक राप्रावि जैली ब्लॉक जखोली जनपद रूदप्रयाग।
  2. संगीता बिष्ट, सहायक अध्यापिका राप्रावि कैलाशनगर ब्लॉक जखोली जनपद रूदप्रयाग।
  3. मोहन लाल, सहायक अध्यापक, राप्रावि सारी, ब्लॉक ऊखीमठ, जनपद रूदप्रयाग।
  4. महेन्द्र सिंह, सहायक अध्यापक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय लुखन्द्री, ब्लॉक जखोली, जनपद रूदप्रयाग।
  5. राकेश सिंह, सहायक अध्यापक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय धारतोन्दला, ब्लॉक अगस्तमुनि, जनपद रूदप्रयाग।
  6. माया सिंह, सहायक अध्यापिका, राप्रावि जयकण्डी ब्लॉक अगस्तमुनि जनपद रूदप्रयाग।
  7. विरेन्द्र सिंह, सहायक अध्यापक, जनता जूनियर हाई स्कूल, जखन्याल गांव, ब्लॉक जखोली, जनपद रूदप्रयाग
  8. विजय सिंह, सहायक अध्यापक, राप्रावि भुनालगांव, ब्लॉक जखोली, जनपद रूदप्रयाग।
  9. जगदीश लाल. सहायक अध्यापक, राप्रावि जौला, ब्लॉक अगस्तमुनि, जनपद रूदप्रयाग
  10. राजू लाल सअ राप्रावि जग्गीबगवान लॉक ऊखीमठ जनपद रूद्रप्रयाग।
  11. संग्राम सिह. राअ, राप्रावि स्यूर बरसाल, ब्लॉक जखोली जनपद रूद्रप्रयाग।
  12. सहायक अध्यापक मलकराज पुत्र शौला लाल राप्रावि जगोठ, ब्लॉक अगस्तमुनि, जनपद रूदप्रयाग
  13. सहायक अध्यापक रघुवीर सिंह पुत्र भरत सिंह जनता जूनियर हाईस्कूल जखन्याल गांव, ब्लॉक जखोली, जनपद रूदप्रयाग
  14. अध्यापक श्री महेन्द्र सिंह पुत्र रणबीर सिंह राप्रावि रायडी, ब्लॉक जखोली, जनपद रूदप्रयाग

अब तक की कार्यवाही- एसआईटी द्वारा अब तक फर्जी शिक्षकों के विरूद्ध विधिक कार्यवाही करने हेतु 120 रिपोर्ट महानिदेशक, विद्यालयी शिक्षा, उत्तराखण्ड को प्रेषित की गई है, जिनमें से 68 अभियोग 80 शिक्षकों के विरूद्ध एफआईआर पंजीकृत की जा चुकी है। वर्ष 2012 से 2016 तक में नियुक्त कुल 9602 शिक्षक जोकि जांच के दायरे में हैं, उनके नियुक्ति सम्बन्धी कुल अभिलेख 64641 हैं। इनमें से 35722 अभिलेखो का सत्यापन कराया जा चुका है। शेष 28919 अभिलेखों के सत्यापन की कार्यवाही प्रचलित है। वर्तमान में एसआइटी में लोकजीत सिंह के निर्देशन में 8 निरीक्षक (4 देहरादून सैक्टर में तथा 04 हल्द्वानी सैक्टर में) नियुक्त हैं।

गैर-मुस्लिमों को मिलेगी भारत की नागरिकता, गृह मंत्रालय ने मांगे शरणार्थियों से आवेदन

नई दिल्ली। केंद्र ने देश के 13 जिलों में रह रहे अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश से आए गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने का फैसला किया है। इसके लिए इन लोगों से आवेदन मंगाए गए हैं। इस गैजेट में गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा और पंजाब के 13 जिलों में रह रहे हिंदू, सिख, जैन और बौद्धों जैसे गैर मुस्लिमों से नागरिकता के लिए आवेदन मांगे गए हैं।

जानकारी के अनुसार गृह मंत्रालय ने नागरिकता कानून-1955 और उसके तहत 2009 में बनाए गए नियमों के अंतर्गत इस निर्देश के तत्काल क्रियान्वयन के लिए अधिसूचना जारी की है। विदित हो कि केंद्र सरकार ने 2019 में अमल में आए नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के तहत अभी नियम-कायदे तय नहीं किए हैं। इस कानून का देश के कई हिस्सों में जबरदस्त विरोध हुआ था। केंद्र सरकार ने 28 मई को यह आवेदन मंगवाने शुरू किए हैं। 

प्रवासी अपने आप भारतीय नागरिक नहीं बन जाएंगे : गृह मंत्रालय सूत्र Migrants  will not automatically become Indian citizens: Home Ministry sources

गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि नागरिकता कानून-1955 की धारा-16 में दिए गए अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार ने पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों को धारा-5 के तहत भारतीय नागरिक के तौर पर पंजीकृत करने या धारा-6 के अंतर्गत भारतीय नागरिकता का प्रमाणपत्र देने का फैसला किया है। मोरबी, राजकोट, पाटन, वडोडरा (गुजरात), दुर्ग और बलोदाबाजार (छत्तीसगढ़), जालौर, उदयपुर, पाली, बाड़मेर, सिरोही (राजस्थान), फरीदाबाद (हरियाणा) तथा जालंधर (पंजाब) में रह रहे पाकिस्तान, अफगानिस्तान व बांग्लादेश के गैर-मुस्लिम इसके तहत भारतीय नागरिकता के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के पात्र हैं।

गौरतलब है कि 2019 में CAA कानून बनाया गया था, तो देश के विभिन्न हिस्सों में इसके खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे। यहां तक कि इन विरोधों के मद्देनजर 2020 की शुरुआत में राजधानी दिल्ली में दंगे भी हुए थे। इसके बाद ही यह कानून अभी तक ठंडे बस्ते में है। सीएए के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में उत्पीड़न के शिकार उन हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान किया गया है, जो 31 दिसंबर 2014 तक भारत आ गए थे।

गृह मंत्रालय ने कहा कि शरणार्थियों के आवेदन का सत्यापन राज्य के सचिव या जिले के डीएम द्वारा किया जा सकेगा। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल होंगे। इसके अलावा डीएम या राज्य के गृह सचिव केंद्र के नियमों के अनुसार एक ऑनलाइन और लिखित रजिस्टर बनाएंगे, जिसमें भारत के नागरिक के रूप में शरणार्थियों के पंजीकरण की जानकारी होगी। इसकी एक प्रति सात दिन के अंदर केंद्र सरकार को भेजनी होगी।

देश में पहली बार सूचना विभाग UP की डिजिटल डायरी

कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल में प्ले स्टोर से UPIDINFO एप को नि:शुल्क डाउनलोड कर सकता है। मैनुअल होने के नाते सूचना विभाग की डायरी सभी को नहीं मिल पाती थी लेकिन एप के रूप में इसकी पहुंच सभी तक हो जाएगी। इसमें सभी जनप्रतिनिधियों, विभागों, अधिकारियों और मीडिया के लोगों के नाम, फोन नम्बर और ईमेल एड्रेस दर्ज हैं। सर्च ऑप्शन में जाकर किसी के बारे में पता किया जा सकता है।

लखनऊ। अब मोबाइल ही डायरी होगी। लोग सूचना विभाग के नि:शुल्क एप को अपने मोबाइल में डाउनलोड कर राज्य के हर विभाग से संपर्क स्थापित कर सकेंगे। इससे राज्य के जनप्रतिनिधियों, विभागों और अधिकारियों तक जन-जन की पहुंच और आसान हो सकेगी। इस डायरी में इन सबका नाम, पता, पद और मोबाइल नंबर होगा। केंद्रीय मंत्रियों के बारे में भी जानकारी होगी। विदित हो कि मकर संक्रांति के पावन पर्व पर शिवावतारी गुरु गोरक्षनाथ की तपोस्थली गोरखनाथ मन्दिर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूचना विभाग की डिजिटल डायरी और एप का लोकार्पण किया था। गोरखनाथ मन्दिर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज जमाना तकनीकी का है। इसके प्रयोग से हम हर क्षेत्र में व्यापक सुधार ला सकते हैं। अच्छी बात यह है कि हम भी जमाने के साथ बदल रहे हैं। सूचना विभाग ने डिजिटल डायरी-एप के जरिये एक अभिनव पहल की है। सीएम योगी ने कहा कि तकनीकी के माध्यम से ही हम कोरोना संक्रमण के दौर में आमजन को बेहतरीन सेवाएं देने में सफल हो सके। जनधन खातों में सहायता राशि, पेंशन, भरण पोषण भत्ता, छात्रवृत्ति आदि लोगों को घर बैठे मिल सकी। तकनीकी के जरिये ही 2.35 करोड़ किसानों के खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और 44 लाख प्रवासियों को भरण पोषण भत्ता दिया जा सका। इस सबके पीछे पर पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मार्गदर्शन था।  

अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल ने सूचना विभाग की डिजिटल डायरी-एप के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना काल में इसकी प्रेरणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ही दी। देश मे सूचना विभाग की पहली बार इस तरह की डिजिटल डायरी बनी है। कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल में प्ले स्टोर से UPIDINFO एप को नि:शुल्क डाउनलोड कर सकता है। अभी तक मैनुअल होने के नाते सूचना विभाग की डायरी सभी को नहीं मिल पाती थी लेकिन एप के रूप में इसकी पहुंच सभी तक हो जाएगी। इसमें सभी जनप्रतिनिधियों, विभागों, अधिकारियों और मीडिया के लोगों के नाम, फोन नम्बर और ईमेल एड्रेस दर्ज हैं। सर्च ऑप्शन में जाकर किसी के बारे में पता किया जा सकता है।

31 मार्च 2023 तक लें प्रधानमंत्री वय वंदना योजना का लाभ

LIC प्रधानमंत्री वय वंदना योजना में ले सकते हैं प्रतिमाह ₹10000

Recap-

नई दिल्ली। भारत सरकार ने LIC वय वंदना योजना का लाभ उठाने की डेटलाइन बढ़ाकर 31 मार्च 2023 कर दी है। इस योजना में एक बार निवेश करने पर हर महीने एक निश्चित राशि पेंशन के रूप मिलती रहेगी। न्यूनतम पेंशन ₹ एक हजार व अधिकतम ₹10,000 है।

प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को मासिक पेंशन का विकल्प चुनने पर 10 साल तक एक तय दर से पेंशन मिलती है। इसमें किये गये निवेश पर सुनिश्चित रिटर्न के आधार पर पेंशन मिलती है।

प्रधानमंत्री वय वंदना योजना में निवेश करने की न्‍यूनतम उम्र 60 साल है जबकि अधिकतम उम्र की कोई सीमा नहीं है। इसमें अधिकतम 15 लाख रुपए तक निवेश किया जा सकता है। इसमें सालाना ब्याज दर 8- 8.30 फीसद तक का रिटर्न मिलता है और रिटर्न इस बात पर निर्भर करता है कि पेंशन का भुगतान मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना होगा।

वय वंदना योजना के अंतर्गत पेंशन के रूप में ब्याज की ही रकम मिलती है। वरिष्ठ नागरिकों को न्यूनतम 12,000 रुपए प्रति वर्ष की पेंशन के लिए 1,56,658 रुपए और 1000 रुपए प्रति माह न्यूनतम पेंशन राशि प्राप्त करने के लिए 1,62,162 रुपए का निवेश करना होगा।

प्रति माह कैसे मिलेंगे ₹
किसी व्यक्ति ने 15 लाख रुपए जमा किये हैं, तो 8 % की दर से इस पर साल का 1 लाख 20 हजार रुपए ब्याज मिलेगा। ब्याज की यह रकम मासिक तौर पर 10 हजार रुपए, हर तिमाही में 30000 रुपए और हर छमाही पर 60000 रुपए के तौर पर मिलेगी या फिर साल में एक बार 1,20,000 रुपए करके दी जाएगी। इस योजना के तहत अगर आप पॉलिसी लेते हैं तो 10 वर्ष के पालिसी टर्म तक पेंशनर के जिन्दा रहने पर जमा धनराशि के साथ-साथ पेंशन भी दी जाएगी और किसी कारण से पेंशनर की मृत्यु हो जाती है तो पालिसी टर्म के 10 वर्षो के अधीन जमा राशि नॉमिनी को वापस कर दी जाएगी।


योजना के दस्तावेज-
1. आधार कार्ड
2. पैन कार्ड
3. बैंक खाता की पासबुक
4. पासपोर्ट साइज फोटो
5. मोबाइल नंबर
कैसे करें आवेदन ?
इस योजना के तहत लाभ लेने के लिए नजदीकी एलआईसी ऑफिस में जाकर फॉर्म भरने के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज अटैच कर के प्रीमियम राशि को जमा कर अपना अकाउंट खुलवाया जा सकता है।

ऑनलाइन माध्यम से उठाने के लिए एलआईसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा या डायरेक्ट लिंक पर क्लिक कर सकते हैं https://eterm.licindia.in/onlinePlansIndex/pmvvymain.do

इस लिंक पर क्लिक करने के बाद LIC Vaya Vandana Yojana के विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके बाद आवेदन फॉर्म खुल जाएगा। इसमें पूछी गईं सभी जानकारी को सही-सही भरने के बाद सभी दस्तावेज़ों को अपलोड करना होगा। उसके बाद सबमिट के बटन पर क्लिक करना होगा। इस प्रकार प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के तहत ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा हो जाएगा |

CBDT पोर्टल पर कीजिए कर चोरी की शिकायत

कर चोरी/बेनामी संपत्तियों/विदेशी अघोषित परिसंपत्तियों के बारे में शिकायत दर्ज करने के लिए सीबीडीटी का ई-पोर्टल लांच

नई दिल्ली। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने कर चोरी, विदेशी अघोषित परिसंपत्तियों के साथ-साथ बेनामी संपत्तियों/ के बारे में शिकायतों को दर्ज करते हुए प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई करने के लिए विभाग की ई-फाईलिंग वेबसाइट पर ई-पोर्टल का शुभारंभ किया है। इस पोर्टल का उद्देश्य कर चोरी को रोकने के लिए ई-गवर्नेंस की ओर एक और कदम बढ़ाते हुए और इस दिशा में नागरिकों की हितधारक के रूप में भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

अब आमजन विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट https://www.incometaxindiaefiling.gov.in/ पर एक लिंक के माध्यम से “कर चोरी/अघोषित विदेशी संपत्ति/बेनामी संपत्ति की शिकायत दर्जं करें” शीर्षक के अंतर्गत कर चोरी की शिकायत दर्जं करा सकते हैं। शिकायत दर्ज करने के लिए इस सुविधा का उपयोग मौजूदा पैन/आधार कार्ड धारकों के साथ-साथ ऐसे व्यक्ति भी कर सकते हैं, जिनके पास पैन/आधार कार्ड नहीं है। इस पोर्टल पर ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण की एक प्रक्रिया (मोबाइल और/या ईमेल) के बाद, शिकायतकर्ता इस उद्देश्य के लिए आयकर अधिनियम, 1961 के उल्लंघन, काला धन (अघोषित विदेशी संपत्ति और आय) कर अधिरोपण अधिनियम, 1961 और बेनामी लेनदेन (निषेध) संशोधन अधिनियम के तहत निर्धारित किए गए तीन फॉर्मों में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। सफलतापूर्वक शिकायत के दर्ज होने के पश्चात, विभाग प्रत्येक शिकायत के लिए प्रत्येक शिकायतकर्ता को एक विशिष्ट नंबर देता है और इसके माध्यम से शिकायतकर्ता विभाग की वेबसाइट पर शिकायत की स्थिति देख सकता है। ई-गवर्नेंस के प्रति अपने संकल्प को मजबूत करते हुए, विभाग के साथ परस्पर वार्तालाप में आसानी को बढ़ाने के लिए यह ई-पोर्टल आयकर विभाग की एक और पहल है। **************

DL, RC, परमिट जैसे व्हीकल डॉक्युमेंट अभी रहेंगे वैध

एक बार फिर बढ़ी DL, RC, परमिट जैसे व्हीकल डॉक्युमेंट की वैधता

नई दिल्ली (धारा न्यूज): ड्राइविंग लाइसेंस (DL), रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), परमिट, वाहन फिटनेस सर्टिफिकेट आदि अभी valid बने रहेंगे। परिवहन मंत्रालय ने इनकी वैधता अवधि को 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दिया है। मतलब जिन डॉक्यूमेंट्स की वैधता खत्म हो गई है, वे अब वैध रहेंगे।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 30 मार्च और 9 जून को आदेश जारी कर मोटर व्हीकल डॉक्युमेंट्स की वैधता अवधि बढ़ाई थी। 9 जून को जारी आदेश में इसे बढ़ाकर 30 सितंबर 2020 कर दिया गया था और उसके बाद 24 अगस्त 2020 में जारी आदेश में अवधि 31 दिसंबर 2020 तक बढ़ाई गई। कहा गया था कि वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट, सभी प्रकार के परमिट, लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन या कोई भी अन्य व्हीकुलर डॉक्युमेंट 31 दिसंबर 2020 तक मान्य माना जाए।

राज्यों व केन्द्र शासित प्रशासनों को एडवायजरी जारी

मंत्रालय ने राज्यों व केन्द्र शासित प्रशासनों को इस बारे में निर्देश जारी कर दिया है। एडवायजरी में कहा गया है कि कोविड-19 के फैलाव को रोकने की जरूरत को ध्यान में रखते हुए यह निर्देश दिया जाता है कि “मोटर व्हीकल्स एक्ट 1988 और सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स 1989 से संबंधित डॉक्युमेंट्स को 31 मार्च 2021 तक मान्य माना जाए। इसमें वे सभी डॉक्युमेंट कवर होंगे, जिनकी वैधता 1 फरवरी 2020 के बाद समाप्त हो चुकी है या 31 मार्च 2021 तक समाप्त होने वाली है।” देशभर में कोरोना के प्रसार की रोकथाम के लिए आवश्यक शर्तों के कारण और अभी तक मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया है।
——-