बेसिक शिक्षा विभाग में स्थानांतरण की नई नीति को मंजूरी

बेसिक शिक्षा विभाग के स्थानांतरण नीति को CM योगी ने बदलाव के साथ दी मंजूरी

तबादला नीति के मुताबिक नि:शुल्क एवं अन‍िवार्य बाल श‍िक्षा का अध‍िकार अध‍िनियम 2009 के मानकों के आधार पर अध‍िक टीचर्स संख्या वाले स्कूल और अध्यापक की जरूरत वाले विद्यालय मानव संपदा पोर्टल पर 30 अप्रैल 2022 को उपलब्ध छात्र संख्या के आधार पर चिह्न‍ित किया जाएगा।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को बेसिक शिक्षा विभाग के स्थानांतरण नीति को मंजूरी दे दी। इस बार की ट्रांसफर पालिसी में विशेष ध्यान आकांशी जनपदों का रखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश में 8 आकांशी जनपद है, जिनमें बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, सिद्धार्थनगर, चंदौली,सोनभद्र, फतेहपुर और चित्रकूट शामिल हैं। पूर्व में इन जनपदों को ट्रांसफर पालिसी से बाहर रखा जाता था। इस बार विभाग ने ऑनलाइन मोड पर इन जनपदों को भी ट्रांसफर नीति में शामिल किया है।

ट्रांसफर पालिसी में ये हुए अहम बदलाव….

बेसिक शिक्षा मंत्री ने बताया; हमारी यह कोशिश हैं कि अभी तक ग्राम और नगर के ट्रांसफर अलग थे। गांव से नगर में ट्रांसफर नहीं हो सकता था। वहीं नगर से गांव में नहीं हो सकता था। हमने इस बार नीति में इस विकल्प को खोला है कि ग्रामीण क्षेत्र में जो शिक्षक अच्छा काम कर रहे हैं, उनको भी शहर में आने का मौका दिया जाए। नगरों में स्कूल में शिक्षकों की कमी को भी पूरा करने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में बड़े हद तक शिक्षकों को भी इस निति से विशेषकर आकांशी जनपदों और ग्रामीण क्षेत्र फायदा मिलता दिख रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बहुप्रतीक्षित बेसिक शिक्षा विभाग की स्थान्नतरण नीति को मंजूरी मिलने से प्राथमिक विद्यालयों के सभी शिक्षकों में खुशी की लहर है। शिक्षक अभी से अपने सभी प्रपत्रों को एकत्र करके आवेदन की तिथि का इंतजार कर रहे हैं। कई शिक्षकों व शिक्षिकाओं ने इस स्थानांतरण नीति को महिलाओं के लिए सही ठहराया है, साथ ही साथ इतनी जल्दी इसको पारदर्शी ढंग से लागू करने के लिए मुख्यमंत्री व विभगीय मंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

वरीयता के होंगे अलग-अलग पैमाने

ऑनलाइन मोड से पारदर्शी ढंग से पूरा ट्रांसफर विभाग द्वारा किया जायेगा। यानि कि विभाग के ऑनलाइन ट्रांसफर का एक पूरा फॉर्मेट बनाया गया है, जो ऑनलाइन शिक्षकों का आवेदन स्वीकार करेगा। उसमें कुछ कैटेगरी हैं, जिन को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। जिनका सेवाकाल लंबा है, जो ज्यादा दिनों से नौकरी कर रहे हैं; उनको विभाग प्राथमिकता के अंक देगा। सभी वर्ग को अलग-अलग अंक दिए जायेंगे। सैनिकों व अर्धसैनिक बलों के परिवार के लोगों, पति या पत्नी में से कोई अगर शिक्षक है और दूसरा सैनिक है अथवा सैनिक बल में है, तो उनको वरीयता दी जाएगी। जो शिक्षक स्वयं गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं या जिनके परिवार से कोई बीमारी से ग्रस्त हो अथवा उनको देखभाल की आवश्यकता है, उनको भी वरीयता दी जाएगी। जो पति- पत्नी एक दूसरे के कार्यस्थल पर जाना चाहते हैं, पति के कार्यस्थल पर पत्नी या पत्नी के कार्यस्थल पर पति, उनको भी वरीयता दी जाएगी। जो पुरस्कार प्राप्त शिक्षक यानि राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त या राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक को भी वरीयता दी जाएगी। विभाग द्वारा इस तरह के कई मानक तय किये गए हैं, जिनके अनुसार अंक को दिया जायेगा। शिक्षकों को ऑनलाइन अप्लाई करना होगा वो जिस कैटेगरी में आएंगे, उनको उसी के अनुरूप अंक मिलेंगे।

वरीयता तय करने के मानक

सेवा के लिए एक अंक-अधिकतम 10 अंक

असाध्य या गंभीर रोग (स्वयं, जीवनसाथी या बच्चे) -15 अंक

दिव्यांग अध्यापक (स्वयं, जीवनसाथी या बच्चे) -10 अंक

सरकारी नौकरी करने वाले पति या पत्नी के जिले में-10 अंक

एकल अभिभावक-10 अंक

महिला अध्यापिका-10 अंक

राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त-5 अंक

राज्य पुरस्कार प्राप्त -3 अंक

25 स्कूलों का देना होगा विकल्प- सरकारी प्राइमरी व जूनियर स्कूलों के शिक्षकों का जिलों के अंदर तबादला / समायोजन ऑनलाइन किया जाएगा। समायोजन के लिए अध्यापकों को 25 स्कूलों का विकल्प देना होगा। बेसिक शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव दीपक कुमार ने समायोजन, तबादले नीति जारी कर दी है। 10 दिन के अंदर इसका पोर्टल खोल दिया जाएगा।

गड़बड़ी के लिए बीएसए होंगे जिम्मेदार- तबादले में किसी भी तरह की गड़बड़ी के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जिम्मेदार होंगे। जिन शिक्षकों के रिटायर होने को दो साल बचे हैं, उन्हें समायोजन प्रक्रिया से अलग रखा जाएगा हालांकि वे चाहें तो आवेदन कर सकेंगे। यदि सरप्लस शिक्षकों में दिव्यांग, असाध्य या गंभीर रोग से ग्रसित, एकल अभिभावक हैं तो उन्हें छोड़ते हुए वरिष्ठता के आधार पर समायोजन किया जाएगा।

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति निबंध प्रतियोगिता

भारत व अमेरिका में आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति – निबंध प्रतियोगिता का आयोजन। ज़ूम के माध्यम से किया जाएगा कार्यक्रम का आयोजन।


लखनऊ। हमारी भाषा हिंदी तथा आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की भारत एवं अमेरिका इकाई द्वारा आयोजित ‘आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति निबंध प्रतियोगिता’ में भाग लेने के लिए भारत एवं अमेरिका के 12 से 18 वर्ष की उम्र के सभी छात्रों का स्वागत है। यह जानकारी देते हुए आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी समिति अमेरिका की अध्यक्ष मंजू मिश्रा ने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन ज़ूम के माध्यम से किया जाएगा तथा इसका लाइव प्रसारण हमारी भाषा हिंदी के फ़ेसबुक पेज से किया जाएगा।

Program Details / कार्यक्रम का समय :

21 मई, 2022 शाम 7.30 बजे PST (कैलिफ़ोर्निया समय)
22 मई, 2022 प्रात: 8.00 बजे IST (भारतीय समय)

इच्छुक प्रतिभागी इस गूगल फॅार्म में प्रतिभागिता आवेदन के साथ सूची में दिए गए विषयों में से किसी एक विषय पर 250 – 300 शब्दों का निबंध 15 मई, 2022 तक जमा कर दें। विजेताओं को पुरस्कार के साथ कार्यक्रम में अपने निबंध पढ़ कर सुनाने का अवसर भी प्रदान किया जाएगा। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा ।पुरस्कृत निबंध आचार्य पथ स्मारिका में भी प्रकाशित किए जाएंगे।


https://forms.gle/qTcWbdb7o9jm9fMTA

कार्यक्रम का आयोजन ज़ूम के माध्यम से किया जाएगा तथा इसका लाइव प्रसारण हमारी भाषा हिंदी के फ़ेसबुक पेज से किया जाएगा। आवेदन करने वाले सभी प्रतिभागियों ज़ूम लिंक तथा अन्य आवश्यक सूचना ईमेल के द्वारा भेजी जाएगी।

Essay Topics / निबंध के विषय :

  1. वर्तमान समय में आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के विचारों की प्रासंगिकता
  2. युवा वर्ग में हिंदी को कैसे लोकप्रिय बनाया जाए
  3. विदेशों मे हिंदी की गूंज

Competition Rules / प्रातिभागिता के नियम :

  1. निबंध भेजने की अंतिम तिथि – 15 मई, 2022
  2. आयु सीमा : 12 से 18 वर्ष
  3. शब्द सीमा 250 – 300 ( 300 शब्दों से अधिक होने पर निबंध पर विचार नहीं किया जाएगा)

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी समिति अमेरिका की अध्यक्ष मंजू मिश्रा ने अनुरोध किया है कि यह संदेश ज्यादा से ज्यादा लोगों तक प्रसारित करने में अपना सहयोग प्रदान करें।

आज से 31 मई तक परीक्षा पर्व-4.0 मनाएगा NCPCR

एनसीपीसीआर 11 अप्रैल से लेकर 31 मई, 2022 तक परीक्षा पर्व 4.0 मनाएगा

नई दिल्ली (PIB)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम से प्रेरणा लेते हुए और परीक्षाओं को एक आनंददायक गतिविधि बनाने की दिशा में अपने प्रयास को जारी रखते हुए, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) 11 अप्रैल, 2022 से लेकर 31 मई, 2022 तक परीक्षा पर्व- 4.0 मनाएगा। एनसीपीसीआर 2019 से अपने अभियान ‘परीक्षा पर्व’ के साथ परीक्षा का जश्न मना रहा है, जिसका उद्देश्य एक मंच पर परीक्षा के कारण होने वाले तनाव के प्रति बच्चों के दृष्टिकोण में बदलाव लाना और परीक्षा परिणाम से पहले उनकी चिंता को दूर करना है।

परीक्षा पर्व 4.0 छात्रों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को अपने विचार साझा करने और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन एवं महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त करने के लिए मंच प्रदान करने का एक प्रयास है। तनावपूर्ण समय में, असहज एवं भ्रमित करने वाले विचारों के बारे में बात करने और उन्हें साझा करने से छात्रों के तनाव एवं चिंता को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी।

इस वर्ष बच्चों के अलावा शिक्षकों और अभिभावकों तक पहुंचने के उद्देश्य से एक बहुआयामी दृष्टिकोण को अपनाया जाएगा। परीक्षा पर्व4.0 में निम्नलिखित गतिविधियां शामिल होंगी:

i)      परीक्षा परिणाम से पहले छात्रों को परीक्षा के कारण होने वाले तनाव और चिंता को कम करने के लिए विशेषज्ञों के साथ बातचीत करने में समर्थ बनाने के लिए 11 अप्रैल, 2022 से लेकर 31 मई, 2022 तक एनसीपीसीआर के फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब और दूरदर्शन नेशनल एवं न्यू इंडिया जंक्शन के यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीमिंग सत्र।

ii)  संवेदना-(1800-121-2830) कोविड से संबंधित तनाव से निपटने के लिए प्रशिक्षित परामर्शदाताओं द्वारा चलाई जाने वाली एनसीपीसीआर की एक टोल-फ्री टेली परामर्श सेवा है। इस परामर्श सेवा का विस्तार अब छात्रों के लिए परीक्षा तथा परिणाम संबंधी प्रश्नों, तनाव और चिंता से निपटने के उद्देश्य से किया जाएगा।

ब्लॉक स्तरीय संगोष्ठी एवं उन्मुखीकरण में बच्चों ने मोहा सबका मन

लखनऊ। विकासखंड काकोरी के प्रधानों शिक्षकों एवं एसएमसी अध्यक्ष की संयुक्त बैठक का आयोजन सरदार भगत सिंह डिग्री कॉलेज मोहान रोड पर किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मलिहाबाद विधायक जय देवी कौशल ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

कार्यक्रम की शुरुआत में खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी राममूर्ति यादव ने उपस्थित समस्त प्रधानों, विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं प्रधानाध्यापकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रबंध समिति के सहयोग से सरकारी विद्यालयों का कायाकल्प हुआ है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालय; बाउंड्री वाल, टाइल्स पीने के पानी की व्यवस्था, शौचालय आदि से संतृप्त हो रहे हैं। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र छात्राओं को यूनिफॉर्म स्वेटर जूता मोजा खरीदने के लिए सरकार द्वारा अभिभावकों के खाते में धनराशि सीधे भेजी जा रही है। विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्षों ने विद्यालय की साज-सज्जा विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था और विद्यालय में छात्र संख्या को बढ़ाने में अपना भरपूर सहयोग किया है। साथ ही ग्राम प्रधानों ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की कायाकल्प करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी ने सबको धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मलिहाबाद विधायक जयदेवी कौशल ने बच्चों द्वारा किए गए स्वागत गीत सरस्वती वंदना, कठपुतली नाटक और इंग्लिश स्पीकिंग क्लास का मंचन देख कर उपस्थित सभी अध्यापकों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आज सरकारी विद्यालय के बच्चे प्राइवेट स्कूलों के बच्चों से कम नहीं हैं। सरकार द्वारा सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा के लिए लगातार अच्छे कदम उठाए जा रहे हैं। उन्हीं का परिणाम है कि कायाकल्प योजना शिक्षकों की ट्रेनिंग आज विस्तृत रूप से चल रही है। कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राओं ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। काकोरी ब्लाक के एआरपी मुकुल चंद्र पांडे, चैताली यादव, टीपी द्विवेदी, राजेश कुमार और मनीषा बाजपेई ने मिशन प्रेरणा के अंतर्गत आने वाले समस्त पहलुओं की विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुए ग्राम प्रधानों और विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्षों को विद्यालय में चल रहे शिक्षण कार्य एवं उनकी गुणवत्ता की जानकारी दी।

ग्राम पंचायत थावर की प्रधान माधुरी सिंह एवं पूर्व प्रधान थावर अतुल कुमार सिंह ने संबोधित करते हुए प्राथमिक शिक्षकों की उपलब्धियों के बारे में और उनकी मेहनत की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन करते हुए एआरपी डा. चैताली यादव ने शारदा कार्यक्रम को विस्तार से समझाया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री वीरेंद्र सिंह, शिक्षामित्र संघ के प्रदेश महामंत्री सुशील कुमार यादव, एसआरपी काकोरी हादी हसन, संजय पांडे, संजय सिंह, अमोल सरल, मोहम्मद उमर, मोनिका गुप्ता, ललिता दीक्षित, महिमा सक्सेना, कविता छावड़ा, बिनीश, फातिम, सुबुही सिद्दीकी, रागिनी, विवेक त्रिपाठी, गीतांजलि शाक्य, सुनीता, कविता, अभिषेक शुक्ला, मोहित पाल, देशराज, विजय बहादुर, राजकिशोर, वीना मीरपुरी, हूरजहां, मोहम्मद अरशद, वाली उदय सहित काकोरी ब्लाक के समस्त प्रधानाध्यापक प्रधान विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष उपस्थित रहे।

किसी से कम नहीं हैं परिषदीय विद्यालय: विकास किशोर

लखनऊ। खण्ड शिक्षा अधिकारी के संयोजन में ब्लॉक संसाधन केंद्र पर ब्लॉक स्तरीय ग्राम प्रधान विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष प्रधानाध्यकों की संगोष्ठी एवं उन्मुखीकरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ विधायक प्रतिनिधि विकास किशोर ब्लाक ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि प्रधान संघ अध्यक्ष प्रतिनिधि अखिलेश सिंह अंजू की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विकास किशोर ने बताया कि आज हमारे परिषदीय विद्यालय किसी से कम नहीं हैं। प्रधान और शिक्षक प्रबंध समिति के सहयोग से अब हमारे सरकारी विद्यालयों का कायाकल्प हुआ है। प्रदेश सरकार अभिभावकों के खाते में यूनिफार्म के लिए सीधे खाते में ग्यारह सौ रूपए दे रही है। एडी बेसिक लखनऊ पीएन सिंह ने शिक्षा की गुणवत्ता; किस प्रकार और बेहतर करने के विषय पर विस्तार से चर्चा की। खंड शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि प्रधान और शिक्षकों के बेहतर समन्वय से विद्यालयों की स्तिथि बेहतर हो गई है। साथ ही ग्रामीण अपने बच्चों को परिषदीय विद्यालयों में एडमिशन करवा रहे हैं। कार्यक्रम में पूर्व माध्यमिक विद्यालय गढ़ी संजर खा की छात्रा आयुषि ने देश भक्ति का गीत गाकर उपस्थित जन को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। मुजासा विद्यालय की छात्राओं ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एडी बेसिक पीएन सिंह, बीइओ मुख्यालय राजेश सिंह, महामंत्री नवीन यादव, पूर्व प्रधान जितेंद्र शुक्ल, एआरपी सत्य प्रकाश पांडेय, शिक्षक संघ के अध्यक्ष अवधेश कुमार, मंत्री फहीम बेग, विमला चंद्रा, मंजू चौधरी, एआरपी संजय मौर्या सहित बड़ी संख्या में प्रधान विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष और विद्यालयों के प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे।

शिक्षामित्रों के मानदेय वृद्धि को छोड़कर अन्य समस्याओं के  समाधान को बनी सहमति

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश चंद्र द्विवेदी की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ एवं अन्य संघ के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में कई  महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
इनमें महिला शिक्षा मित्रों को उनकी ससुराल के निकट के विद्यालय में स्थानांतरित एवं पुरूष शिक्षा मित्रों को मूल विद्यालय में वापसी के लिए एक अवसर देने के साथ ही  शिक्षामित्रों को शिक्षकों की भांति बीमा योजना में लाभान्वित किया जाना शामिल है। इसके अलावा चंदौली और फर्रुखाबाद के शिक्षामित्रों का बकाया मानदेय जारी करने। शिक्षामित्रों के आकस्मिक अवकाश शिक्षकों की भांति 1 जनवरी से 31 दिसंबर तक मान्य करने। शिक्षामित्रों को शिक्षकों की भांति मेडिकल सुविधा देने। शिक्षामित्रों को शिक्षक छात्र अनुपात में गणना करने। बारह माह एवं मानदेय वृद्धि के लिए मुख्यमंत्री से वार्ता कर पुनः बैठक करने का आश्वासन मंत्री एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा दिया गया है।

आज की बैठक में महानिदेशक स्कूल शिक्षा अनामिका सिंह, निदेशक बेसिक शिक्षा सर्वेंद्र विक्रम सिंह, अपर निदेशक श्रीमती ललिता प्रदीप, विशेष सचिव एवं संयुक्त निदेशक गणेश कुमार के साथ साथ संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला प्रदेश कोषाध्यक्ष रमेश मिश्रा प्रदेश संगठन मंत्री राम द्विवेदी के साथ अन्य संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

खालसा इंटर कालेज में हुआ मतदाता शिक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रम

मतदाता शिक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
नोडल केंद्र खालसा इंटर कालेज में हुआ कार्यक्रम


नूरपुर (बिजनौर)। मुख्य विकास अधिकारी/ नोडल अधिकारी स्वीप केपी सिंह द्वारा खालसा इंटर कॉलेज को ब्लॉक नोडल केंद्र स्वीप बनाया गया है।
बुधवार को विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य/ ब्लॉक नोडल अधिकारी स्वीप के निर्देशन में मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत स्कूल के छात्र छात्राओं ने आसमान में गुब्बारे उड़ाकर मतदाता जागरूकता अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया। प्रधानाचार्य सुनीत प्रकाश त्यागी ने स्वीप के बारे में बताया कि भारत में मतदाता शिक्षा, मतदाता जागरूकता का प्रचार-प्रसार करने एवं मतदाता की जानकारी बढ़ाने के लिए एक प्रमुख कार्यक्रम है। उन्होंने स्वच्छ लोकतंत्र के गठन के लिए मतदान करने और मताधिकार के प्रति अपने आसपास के लोगों को जागरूक करने और 18 वर्ष की उम्र पार कर चुके युवक युवतियों को अपना मत बनवाने के प्रति प्रेरित करने को कहा। कार्यक्रम में प्रदीप राणा, नरदेव सिंह, हरजीत सिंह, जनमेजय सिंह, मधुबाला आदि शिक्षक स्टाफ उपस्थित रहे।

केंद्रीय मंत्री ने रखी वेद पाठशाला और गौशाला की आधारशिला

मलिहाबाद, लखनऊ। जेहटा काकोरी में शुक्रवार को 100 वर्ष प्राचीन श्री ठाकुर जी महाराज मंदिर के तत्वावधान में श्री विश्वनाथ गौशाला एवं वेद पाठशाला की आधारशिला रखी गई।

यह कार्य प्रबंधक डॉ योगेश व्यास व समिति के लोगों के द्वारा संपादित हुआ। नैमिषारण्य से पधारे अध्यात्म साधना पीठाधीश्वर स्वामी विद्यानंद सरस्वती महाराज तथा केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद कौशल किशोर, पूर्व महामंत्री भाजपा युवा मोर्चा अभिजात मिश्र, प्रान्त गौसंवर्धन प्रमुख उमाकान्त गुप्ता, पूर्व प्रधान मुनेश्वर सिंह, पूर्व प्रधान लखन, प्रदीप कुमार सिंह सहित सैकड़ो लोगों की उपस्थिति में हवन पूजन एवं वेद पाठ के साथ यह कार्य संपन्न हुआ। प्रबंधक डॉ योगेश व्यास ने बताया हमारे समाज को संस्कार की जरूरत और संस्कार की जननी वेद पाठशाला में हमारे समाज के युवा अध्ययन कर वेद पाठी समाज की आधारशिला को मजबूत करेंगे। इसके परिणाम स्वरूप हमारा समाज संस्कार से ओतप्रोत रहेगा और हमारे आसपास का वातावरण भी वेद पाठ के माध्यम से शुद्ध हो जाएगा। युवा पीढ़ी को सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए आगे निकल कर आना होगा, जिससे हम अपनी संस्कृति को संजो सकें।

नवनिर्मित पॉलिटेक्निक में शिक्षण कार्य शुरू करवाने की कवायद

बिजनौर। निवर्तमान सांसद राजा भारतेन्द्र सिंह ने प्रावैधिक शिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार जितिन प्रसाद से मिल कर नजीबाबाद विधानसभा क्षेत्र के गांव राहतपुर में नवनिर्मित पॉलिटेक्निक स्कूल में शिक्षण कार्य शुरू करवाने के लिए उन्हें पत्र सौंपा।

इस पर मंत्री ने संयुक्त निदेशक प्रावैधिक शिक्षा ज्योति लाल वर्मा से जानकारी प्राप्त की। संयुक्त निदेशक ने बताया कि उक्त स्कूल को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप माडल में भेज दिया गया है। निवर्तमान सांसद राजा भारतेन्द्र सिंह ने मंत्री को बताया कि जमीन और भवन में सरकारी करोड़ों रुपए लगा है। इस स्कूल में सरकार शीघ्र ही अनुदेशकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति करे, जिससे रोजगारपरक प्रशिक्षण प्राप्त कर युवाओं और आम जनमानस को इसका लाभ मिल सके। इस पर प्रावैधिक शिक्षा मंत्री ने राजा भारतेन्द्र सिंह को आश्वस्त किया कि वह इस संबंध में शीघ्र पूर्ण जानकारी प्राप्त कर शीघ्र अतिशीघ्र स्कूल में शिक्षण कार्य शुरू करवाने का प्रयास करेंगे।

बिजनेस बन जायेगा चिकित्सा शिक्षा के लिए एक त्रासदी: सुप्रीम कोर्ट

बिजनेस बन चुकी है चिकित्सा शिक्षाः सुप्रीम कोर्ट

बिजनेस बन चुकी है चिकित्सा शिक्षाः सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली (एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा-सुपर स्पेशियलिटी (नीट-एसएस) 2021 पैटर्न में बदलाव पर केंद्र की खिंचाई करते हुए कहा कि देश में चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा नियमन एक व्यवसाय बन गया है और प्रतीत होता है कि सारी जल्दबाजी खाली सीटों को भरने के लिए है। न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ ने कहा, हमें यह धारणा मिलती है कि चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा विनियमन एक व्यवसाय बन गए हैं। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्न की पीठ ने कहा कि यह देश में चिकित्सा शिक्षा के लिए एक त्रासदी बन जाएगा।

पीठ ने केंद्र के वकील से कहा, यदि आपकी ओर से अभद्रता है, तो इसे रोकने के लिए कानून के हथियार काफी लंबे हैं। पीठ ने कहा, आमतौर पर सरकारी कॉलेजों में सीटें खाली नहीं होती हैं, बल्कि यह हमेशा निजी कॉलेज होते हैं। हमारा अनुमान है कि सरकारी कॉलेजों में सीटें खाली नहीं पड़ी हैं। यह एक उचित अनुमान है। ऐसा प्रतीत होता है कि पूरी जल्दबाजी खाली सीटों को भरने के लिए है। दो घंटे से अधिक लंबी सुनवाई में पीठ ने जोर देकर कहा कि छात्रों की रुचि संस्थानों और निजी संस्थानों की तुलना में कहीं अधिक है और इस परिदृश्य में संतुलन बनाने की जरूरत है। पीठ ने कहा, अब सभी प्रश्न सामान्य चिकित्सा से हैं। क्या यह उन छात्रों को विशेषाधिकार देता है, जिन्होंने अन्य सभी फीडर विशिष्टताओं की कीमत पर सामान्य चिकित्सा की पढ़ाई की है?

पाठ्यक्रम में बदलाव के पहलू पर पीठ ने राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (एनबीई) के वकील से कहा, जल्दबाजी क्या थी? आपके पास परीक्षा पैटर्न है जो 2018 से 2020 तक चल रहा था..। पीठ ने केंद्र से पुराने पाठ्यक्रम को बहाल करने और अगले साल से बदलाव लाने पर विचार करने को कहा और केंद्र के वकील को एक दिन का समय दिया। केंद्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी और एनबीई की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह पेश हुए। पीठ बुधवार को भी मामले की सुनवाई जारी रखेगी। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि उसने फैसला किया है कि 2021 के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) सुपर स्पेशियलिटी परीक्षा दो महीने की अवधि के लिए टाल दी जाए और 10-11 जनवरी, 2022 को आयोजित की जाए।

संयुक्त निदेशक एससीईआरटी लखनऊ ने किया निरीक्षण

लखनऊ। मलिहाबाद विकास खण्ड के परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण अनिल भूषण चतुर्वेदी संयुक्त निदेशक एससीईआरटी (State Council of Educational Research and Training.) लखनऊ द्वारा किया गया। खण्ड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय राजेश सिंह, खण्ड शिक्षा अधिकारी मलिहाबाद संतोष कुमार मिश्रा भी निरीक्षण के समय उनके साथ रहे। अनिल भूषण चतुर्वेदी द्वारा द्वारा विकास खण्ड़ के पांच विद्यालयों तथा खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण किया गया।

अनिल भूषण चतुर्वेदी ने सबसे पहले प्राथमिक विद्यालय सहिलामऊ का निरीक्षण किया। वह विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं से पूर्णतया लैस एवं शैक्षिक सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध देख खुश हुए। उनके द्वारा बच्चों के पठन-पाठन में गुणवत्ता लाने के लिए विद्यालय के समस्त स्टाफ को मूल मंत्र दिए गए।

तत्पश्चात वह प्राथमिक विद्यालय नई बस्ती धनेवा एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुजासा गए, जहां उनके द्वारा बच्चों से सौर ऊर्जा, मानव पाचन तंत्र एवं अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई, जिसमें अत्याधुनिक संसाधनों का भी प्रयोग किया गया। उसके बाद प्राथमिक विद्यालय पुरवा फिर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का भी निरीक्षण किया, जहां उन्होंने विद्यालय स्टाफ एवं विद्यार्थियों को कोविड-19 प्रोटोकॉल के संबंध में शासन द्वारा निर्देशों को पालन करने हेतु प्रेरित किया। साथ ही जीवन में सफलता प्राप्त करने हेतु मूल मंत्र प्रदान किए गए। उन्होंने बच्चों में शिक्षा के प्रति एक नई ऊर्जा प्रदान की। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण किया। विकासखंड को प्रेरक ब्लॉक बनाने के संबंध में कार्य योजना की समीक्षा की। विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने हेतु निर्देशित किया गया एवं समस्त स्टाफ को अपने कार्य दायित्वों का पालन करने हेतु आदेशित किया।

प्राइवेट शिक्षकों को भी वेतन का भुगतान अब उनके बैंक खाते में

लखनऊ (एजेंसी)। यूपी में सरकारी शिक्षकों की तरह ही प्राइवेट शिक्षकों को भी वेतन का भुगतान अब उनके बैंक खाते में कराया जाएगा। डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने रविवार को शिक्षक दिवस के मौके पर यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रबंध तंत्र द्वारा उन्हें कम वेतन दिए जाने की शिकायतों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

डॉ. शर्मा गोमती नगर स्थित सिटी मांटेसरी स्कूल के सभागार में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्रदेश के दो शिक्षकों, वर्ष 2019 में राज्य अध्यापक पुरस्कार व मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार प्राप्त करने वाले 17 शिक्षकों तथा उत्कृष्ट शिक्षक के रूप में चयनित जिले के 75 शिक्षकों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि वित्त विहीन विद्यालयों में फीस से होने वाली आय का 80 फीसदी हिस्सा वेतन मद में व्यय किए जाने की व्यवस्था है। अक्सर ऐसी शिकायतें मिलती हैं कि इन विद्यालयों के शिक्षकों को कम वेतन दिया जाता है और नियमित रूप से नहीं दिया जाता है। खाते में वेतन भुगतान की व्यवस्था होने से इस समस्या का समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से मृत वित्त विहीन विद्यालयों के शिक्षकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने पर भी विचार किया जा रहा है। जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।

अवकाश लेने की प्रक्रिया ऑनलाइन- डिप्टी सीएम ने कहा कि सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को पदोन्नति देने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही उनकी अवकाश लेने की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है। ऐसे सभी शिक्षक अब अवकाश के लिए मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से आवेदन करेंगे। संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों को अब भी राजकीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों की तरह सुविधाएं दी जाएंगी।

सेवाकाल में दिवंगत होने पर उसके आश्रित को नौकरी- शिक्षक के सेवाकाल में दिवंगत होने पर उसके आश्रित को नौकरी दी जाएगी। यह सुविधा पहले नहीं थी। संस्कृत विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पद भी भरे जा रहे हैं। कोरोना काल में ऑनलाइन शिक्षण के लिए शिक्षकों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने साढ़े चार में अपनी सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। इससे पहले माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने भी शिक्षकों को संबोधित किया। समारोह में आए शिक्षकों का स्वागत विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा शंभु कुमार ने किया।

अध्यक्ष जियाउद्दीन अल्वी व उपाध्यक्ष बने इफ्तेखार अहमद कुरैशी

बिजनौर। एमएम इंटर कालेज चांदपुर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पद पर जियाउद्दीन अल्वी एवं उपाध्यक्ष इफ्तेखार अहमद कुरैशी चुने गए हैं।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय मॉडल इंटर कालेज नगीना के प्रधानाचार्य अनिल कुमार चुनाव अधिकारी की देखरेख में एमएम इंटर कालेज चांदपुर की प्रबंधन समिति का चुनाव शांति पूर्वक सम्पन्न हुआ। कमेटी द्वारा जियाउद्दीन अल्वी को अध्यक्ष और इफ्तेखार अहमद कुरैशी को उपाध्यक्ष चुना गया। इनके अलावा मुमताज़ अहमद सचिव, शमीम अहमद उपसचिव तथा राफीउज्जमा सर्वसम्मति से कोषाध्यक्ष चुने गए। चुनाव के समय प्रधानाचार्य मोहम्मद ताहिर उपस्थित रहे।

एक दूसरे को बधाई- बताया गया है कि चुनाव पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कराया गया। इसमें पूर्व कमेटी को कोई आपत्ति नहीं हुई । चुनाव परिणाम आने के बाद सभी ने एक दूसरे को बधाई दी ।

बनाए रखेंगे गरिमा- उपाध्यक्ष पद पर चुने जाने के बाद इफ्तेखार अहमद कुरैशी ने कहा कि कमेटी द्वारा जो सम्मान मुझे दिया गया है, मैं इस गरिमा को अपने कार्यकाल तक बनाए रखूंगा। उन्होंने कहा कि कॉलेज के स्टूडेंट्स या स्टाफ में यदि कोई समस्या आती है तो उसका समाधान कमेटी द्वारा किया जाएगा।

कॉस्मिक किरणों की वजह से मोबाइल फ़ोन ऑफ रखने वाली खबर फर्जी है

FACT CHECK: कॉस्मिक किरणों की वजह से मोबाइल फ़ोन ऑफ रखने वाली खबर फर्जी है
  • By Vishvas News
  • Updated: June 26, 2019

नई दिल्ली (विश्वास टीम)। सोशल मीडिया पर कुछ समय से एक खबर वायरल हो रही है, जिसमें कहा गया है कि आज रात 12:30 बजे से 3:30 बजे तक पृथ्वी के पास से कुछ कॉस्मिक किरणें गुज़रेंगीं जिस दौरान अपने फोन को स्विच ऑफ रखने की सलाह दी गई है वरना यह शरीर के लिए हानिकारक होगा। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि यह दावा गलत है। इसरो ने हमसे बातचीत में साफ करा कि यह फेक न्यूज़ है।

CLAIM

पोस्ट में क्लेम किया गया है, “आज रात 12:30 से 3:30 बजे तक अपने फोन और बाकी सभी गैजेट्स को बंद रखें और अपने शरीर से दूर रखें। सिंगापुर टीवी ने यह घोषणा की है। कृपया अपने परिवार और दोस्तों को बताएं। हमारे ग्रह के करीब से आज रात 12:30 बजे से 3:30 बजे तक कुछ कॉस्मिक किरणें गुज़रेंगीं। यह कॉस्मिक किरणें पृथ्वी के करीब से गुजरेंगीं इसलिए कृपया अपना सेल फोन बंद कर दें। अपनी मोबाइल डिवाइस को अपने शरीर के करीब मत छोड़े। यह आपको भयानक नुकसान पहुंचा सकता है। “

FACT CHECK

इस पोस्ट की पड़ताल करने के लिए हमें सबसे पहले जानना था कि आखिर कॉस्मिक किरणें होती क्या हैं। हमने जांच की तो पाया कि कॉस्मिक किरणें असल में उच्च ऊर्जा अभिकरण है जो मुख्य रूप से सौरमंडल के बाहर पैदा होती हैं। पृथ्वी लगातार कॉस्मिक किरणों के संपर्क में आती रहती है पर वायुमंडल और पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र ज्यादातर कॉस्मिक किरणों को अपनी सतह से ही बाहर भेज देते हैं और एक सुरक्षा कवच के रूप में काम करते हैं। हालांकि, कॉस्मिक किरणों के सीधे तौर पर संपर्क में आने पर आपको नुकसान हो सकता है पर अर्थ की एटमॉस्फेरिक लेयर्स आपको इन रेज़ से प्रोटेक्ट करती हैं। और आपको किसी भी तरह के खतरे से बचाती हैं। अंतरिक्ष में काम कर रहे एस्ट्रोनॉट्स के लिए यह किरणें हानिकारक हो सकती है इसलिए इसरो और नासा जैसी एजेंसियां लगातार इन किरणों पर नजर रखती हैं पर उस केस में भी बचाव के बहुत सारे तरीके होते हैं।

पोस्ट में सिंगापुर टीवी का ज़िक्र है। हमने जाँच की तो पाया कि ऐसा कोई चैनल नहीं है।

ज़्यादा पुष्टि के लिए हमने भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO में बात की तो हमें बताया गया कि यह खबर गलत है। पृथ्वी पर लोग और मशीनें कॉस्मिक किरणों से सुरक्षित हैं।

इस पोस्ट को Ravindra Kumar Singh नाम के एक फेसबुक यूजर ने शेयर किया था।

निष्कर्ष: हमने अपनी पड़ताल में पाया कि यह दावा गलत है। इसरो ने हमसे बातचीत में साफ करा कि यह फेक न्यूज़ है। पृथ्वी लगातार कॉस्मिक किरणों के संपर्क में आती रहती है पर वायुमंडल और पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र ज्यादातर कॉस्मिक किरणों को अपनी सतह से ही बाहर भेज देते हैं, और एक सुरक्षा कवच के रूप में काम करते हैं। (साभार)

मई के पहले सप्ताह से हो सकती हैं बोर्ड परीक्षाएं!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं 24 अप्रैल से 12 मई तक कराने की तैयारियां चल रही थीं। वहीं राज्य निर्वाचन आयोग भी 23 अप्रैल तक चार चरणों में मतदान प्रक्रिया पूरी करने को तत्पर था। इस बीच हाईकोर्ट द्वारा फिर से आरक्षण कराने के निर्देश पर राज्य सरकार ने नए सिरे से आरक्षण प्रक्रिया शुरू कराई। अब 27 मार्च को आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के साथ आयोग भी चुनाव की अधिसूचना जारी करने की तैयारी में है।

चुनाव प्रक्रिया को चाहिए 42 दिन: राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों का कहना है कि होली से ठीक पहले 27 मार्च को अधिसूचना जारी होने से उसे विधिवत चुनाव कराने के लिए 42 दिन चाहिए। चार चरण में जिलेवार सभी पदों का एक साथ चुनाव कराने के लिए 42 दिन का समय होने पर प्रत्येक चरण में प्रचार के लिए एक सप्ताह का समय दिया जा सकेगा। ऐसे में आयोग चाहता है कि यूपी बोर्ड की परीक्षाएं मई के पहले सप्ताह तक टल जाएं ताकि मतगणना आदि भी उससे पहले करा ली जाए।

पहले पंचायत चुनाव, फिर बोर्ड परीक्षाएं: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा का भी दायित्व संभाल रहे उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा का कहना है कि पंचायत चुनाव के बाद ही बोर्ड परीक्षाएं कराई जाएंगी। ऐसे में बोर्ड परीक्षाएं 24 अप्रैल से तो नहीं होंगी। वहीं सूत्रों का कहना है कि माध्यमिक शिक्षा विभाग बोर्ड परीक्षाएं और टालने के पक्ष में नहीं हैं। अधिकारी 10 जून के आसपास नतीजे घोषित करना चाहते हैं। इधर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की परीक्षाएं चार मई से शुरू होने के कारण सम्भावना है कि यूपी बोर्ड की परीक्षाएं भी तीन-चार मई से शुरू कराई जाएं।

बोर्ड परीक्षाएं एक सप्ताह आगे बढ़ाने पर विचार: अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह का कहना है कि पंचायत चुनाव के मद्देनजर बोर्ड परीक्षाएं एक सप्ताह आगे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। आयोग के सूत्रों का कहना है कि 30 अप्रैल तक का भी समय मिल जाने पर चार चरणों में मतदान की प्रक्रिया तो पूरी ही कर ही ली जाएगी। मतगणना तीन-चार मई को कराई जा सकती है। हाईकोर्ट के आदेशानुसार आयोग को जनता से चुने जाने वाले पंचायतों के चारों पदों का चुनाव 10 मई तक कराना है।

LPS के स्टूडेंट्स को IFS श्रद्धा यादव ने बताए करियर टिप्स

कॅरियर टॉक सीरीज, एपिसोड – 4 में IFS श्रद्धा यादव ने दिये टिप्स
लखनऊ। एलपीएस डायरेक्टर हर्षित सिंह द्वारा आयोजित वेबिनार-कॅरियर टॉक सीरीज, एपिसोड – 4, टॉपिक: ‘वेज टू करियर बिल्डिंग’ में बलिया की डीएफओ श्रद्धा यादव (आईएफएस) ने कक्षा 9 से 12 तक के स्टूडेंट्स को अखिल भारतीय सेवाओं में करियर बनाने के टिप्स दिये। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के शुरुआती दौर से यदि रणनीति बनाकर प्रयास किया जाए तो कम समय में ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। सिविल सर्विसेज़ की परीक्षाओं का दायरा बहुत बड़ा होता है, इसलिए रणनीति बनाया जाना बहुत जरूरी होता है। टाइम मैनेजमेंट के साथ पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों की तैयारी करना आवश्यक होता है। इस प्रकार से अध्ययन करने से तैयारी करने वालों में आत्मविश्वास जागता है, जो तैयारी करने में काम आता है। आजकल सूचनायें बहुत ज्यादा हैं। इसके लिए अध्ययन सामग्री का सही चयन भी सिविल सर्विसेज़ की तैयारी में अहम भूमिका निभाता है। आपकी नियमित पढाई ही काम आती है। अनुशासित होना जरुरी है। अपने मन में अपने उद्देश्य को सोचते रहिये और लगातार काम करते रहिये। सफलता निश्चित है।

मिशन प्रेरणा के अंतर्गत संकुल प्रमुखों की कार्यशाला का आयोजन

मिशन प्रेरणा के अंतर्गत संकुल प्रमुखों की कार्यशाला का आयोजन

डिजिटल माध्यम का उपयोग कर गढ़े शिक्षा के नए आयाम

लखनऊ। मिशन प्रेरणा के अंतर्गत प्रधानाध्यापकों एवं संकुल प्रमुखों की ब्लॉक स्तरीय कार्यशाला एवं प्रदर्शनी का आयोजन गया प्रसाद इंस्टीट्यूट मलिहाबाद में किया गया। खण्ड शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार मिश्र के संयोजन में आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि उप निदेशक /डायट प्राचार्य पवन कुमार सचान तथा विशिष्ठ अतिथि बीएसए दिनेश कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

मुख्य अतिथि पवन कुमार ने इस अवसर पर कहा कि हम “मिशन प्रेरणा” के तहत शासन द्वारा दिए गए प्रेरणा लक्ष्य को तय समय सीमा से पहले प्राप्त करेंगे। हमारे शिक्षक शिक्षिकाएं इस मिशन को पूर्ण करने के लिए काफी मेहनत कर रहे हैं। ब्लॉक के कई विद्यालयों के शिक्षक शिक्षिकाओं द्वारा विद्यालयों में किये गए कार्यों को पावर प्वाइंट के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। यह देखकर डायट प्राचार्य बहुत खुश हुए। बीएसए दिनेश कुमार ने कहा लखनऊ भी जल्द ही प्रदेश के प्रेरक जिलों में शामिल होगा। उन्होंने तैयारियों को देख खंड शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार मिश्र की तारीफ की साथ ही एआरपी सत्य प्रकाश पांडेय, यादवेंद्र पांडेय, शिक्षक अवधेश कुमार के कार्यो को सराहा। ब्लॉक की ग्यारह न्याय पंचायतों द्वारा इस अवसर पर टीएलएम मेला भी लगाया गया। मेले का अवलोकन पवन कुमार और दिनेश कुमार द्वारा किया गया। मेले में बच्चों को पढ़ाने से सम्बंधित टीएलएम देखकर शिक्षकों की काफी सराहना की गई। संचालक अवधेश कुमार सहायक अध्यापक रसूलपुर ने बताया की ब्लॉक को प्रेरक बनाने के लिए हम सभी शिक्षक मेहनत कर मलिहाबाद को प्रेरक ब्लॉक बनाएंगे। शशि, पूजा, अंजुम, सुनीता, नगमा, रूचि व पूनम आदि द्वारा बनाई गयी मनमोहक रंगोली को लोगों ने काफी सराहा। इस अवसर पर प्रदीप द्विवेदी, फहीम बेग, संजय मौर्य,स्वतंत्र कुमार, पंकज सोनी, आनंद वर्मा, शहला मेहंदी सहित मलिहाबाद ब्लॉक के सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक इंचार्ज सहित संकुल शिक्षक उपस्थित रहे।

“आपरेशन कायाकल्प” के अन्तर्गत सभी विद्यालयों में मानक अनुरूप हो काम: DM

जिन प्राथमिक विद्यालयों में अभी तक सबमर्सिबल टयूबवेल, मल्टी हैण्डवाश और शौचालयों के मरम्मत का कार्य पूर्ण नहीं हुआ है, वे 15फरवरी, 2021 तक “आपरेशन कायाकल्प” के अन्तर्गत सभी मानकों को पूर्ण करना सुनिश्चित कराएं बीएसए- जिलाधिकारी रमाकान्त पाण्डेय

बिजनौर। जिलाधिकारी रमाकान्त पाण्डेय ने समस्त एडीओ पंचायत और समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिन प्राथमिक विद्यालयों में अभी तक सबमर्सिबल टयूबवेल, मल्टी हैण्डवाश और शौचालयों के मरम्मत का कार्य पूर्ण नहीं हुआ है, वे 15फरवरी, 2021 तक आपरेशन कायाकल्प के अन्तर्गत सभी मानकों को पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि प्राथमिक विद्यालयों के विद्युत बिलों का भुगतान पंचायत द्वारा समय से कराना सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी रमाकान्त पाण्डेय विकास भवन सभागार में “आॅपरेशन कायाकल्प” के अंतर्गत परिषदीय विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं की समीक्षा एवं अनुश्रवण समिति की मासिक समीक्षा के दौरान उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दे रहे थे।
जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित  जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित समस्त अपर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी/एडीओ पंचायत आदि को निर्देशित करते हुए कहा कि “आॅपरेशन कायाकल्प” के अंतर्गत परिषदीय विद्यालयों में अवस्थापना  सुविधाओं, जैसे शुद्व एवं सुरक्षित पेयजल, बालक एवं बालिका शौचालय यूनिट, ब्लैक बोर्ड, हैण्ड वाशिंग यूनिट, बालक एवं बालिका मूत्रालय, विद्युतिकरण एवं उपकरण, शौचालय एवं रसोईघर का टाईलीकरण, विद्यालयों की समुचित रंगाई पुताई, विद्यालय परिसर में दिव्यांग सुलभ रैम्प एवं रेलिंग, फर्नीचर की व्यवस्था, विद्यालय का विद्युत संयोजन, विद्यालय परिसर में फोर्सलिफट अथवा सबमर्सिबल से नल-जल आपूर्ति आदि का कार्य समयानुसार जल्द से जल्द पूरा कराना सुनिश्चिित करें। उन्होंने समस्त एडीओ पंचायत और समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि शौचालयों और मल्टी हैण्डवाशों की गुणवत्ता जांच सुनिश्चित कर ली जाये ताकि विद्यालय खुलने के समय बच्चों को उनका लाभ प्राप्त हो सके। बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि जिन विद्यालयों में विंकलांग बच्चों के लिए शौचालय आदि सुविधाओं की आवश्यकता है उनमें भी प्राथमिकता के आधार पर कार्य को जल्दी पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित करें। समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका एवं नगर पंचायतों को निर्देश देते हुए कहा कि “आपरेशन कायाकल्प” के अन्तर्गत विद्यालयों के कार्य को समय से पूरी गुणवत्ता के आधार पर पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित करें। 
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी कामता प्रसाद सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए विजय प्रकाश श्रीवास्तव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी महेश चन्द, जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित समस्त अपर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी/एडीओ पंचायत व सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

”कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम” पर LU में कार्यशाला

लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में हुआ ”कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न आधिनियम” कार्यशाला का आयोजन

लखनऊ। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रेखा शर्मा की अध्यक्षता में लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में ”कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न ( निवारण, प्रतिषेध, और प्रतितोष) अधिनियम, 2013” के अंतर्गत गठित स्थानीय परिवाद समिति की कार्यशाला का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में राज्य महिला आयोग उत्तर प्रदेश की उपाध्यक्ष श्रीमती सुषमा सिंह, लखनऊ विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति की अध्यक्ष प्रोफ़ेसर शीला मिश्रा की देखरेख में कार्यशाला का आयोजन किया गया। उन्होंने आंतरिक समिति की कार्यप्रणाली, उसके महत्त्व पर प्रकाश डालने के साथ ही संस्थानों में लैंगिक समता/ समानता का माहौल व्याप्त करने में इसकी भूमिका एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्त्री सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता को ध्यान में रखते हुए शुरू किये गए अभियान ‘मिशन शक्ति’ के सुदृढ़ीकरण में आंतरिक शिकायत समिति किस प्रकार एक सकारात्मक भूमिका निभा सकती है, से भी अवगत कराया व सभी मुख्य अतिथियों एव वक्ताओं का स्वागत किया।

कार्यशाला में समस्त राज्य विश्वविद्यालयों के आईसी अध्यक्ष एवं सदस्यों के साथ ही मिशन शक्ति समूह के सदस्यों ने प्रतिभाग किया। पुलिस प्रशासन की ओर से दो विषय विशेषज्ञ डिप्टी एसपी सुश्री मोनिका यादव व विधिक सलाहकार सुश्री अंचल गुप्ता नामित किए गए। उनके द्वारा ऐक्ट के नियमानुसार विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यशाला में उपस्थित नव्या एनजीओ से दिलीप हर्षवर्धन ने POSH अधिनियम के विषय में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रतिभागी सभी सदस्यों के साथ परस्पर संवाद के माध्यम से उनके प्रश्नों को सुनकर विधिक विशेषज्ञों द्वारा उनका यथोचित समाधान किया गया तथा उनके अनुभव साझा किए गए। सभागार में उपस्थिति सभी सदस्यों को आंतरिक समिति की कार्यप्रणाली, शिकायत निस्तारण प्रक्रिया से अवगत कराया गया। समापन समारोह में मिशन शक्ति लखनऊ विश्वविद्यालय की टीम द्वारा सभी सदस्यों को महिला सुरक्षा की शपथ भी दिलाई गई। आंतरिक शिकायत समिति की सदस्य डॉ कुसुम यादव ने कार्यशाला में प्रतिभागी सभी सदस्यों को सहृदय धन्यवाद ज्ञापित किया। महिला कल्याण विभाग के डिप्टी डायरेक्टर सर्वेश कुमार पांडे, वन स्टॉप केंद्र लखनऊ की केंद्र प्रबंधक अर्चना सिंह, आंतरिक समिति लखनऊ विश्वविद्यालय की सदस्य डॉ श्रद्धा, डॉ. अमर कुमार सिंह, डॉ. कुसुम यादव, अदिति कुमारी, मिशन शक्ति समूह से शिवांगी श्रीवास्तव, नीति कुशवाहा, मनीष, प्रियंका वर्मा, उत्कर्ष मिश्रा, अविनाश कुमार, महिला आयोग से वैयक्तिक सहायक प्रिया सिंह आदि उपस्थित रहे।

LPCPS ने मनाया ओरिएंटेशन डे

एलपीसीपीएस ने मनाया ओरिएंटेशन डे

लखनऊ। गोमती नगर स्थित लखनऊ पब्लिक कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज में ओरिएंटेशन प्रोग्राम का आयोजन किया गया। मुख्य रूप से संस्थापक प्रबन्धक डाॅ0 एसपी सिंह, डायरेक्टर गरिमा सिंह, डायरेक्टर हर्षित सिंह और कॉलेज के डीन एकेडमिक्स डाॅ0 एलएस अवस्थी उपस्थित रहे। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ कॉलेज की तमाम योजनाओं से छात्रों को रूबरू कराया गया। डाॅ0 एसपी सिंह ने बताया कि किस तरह लखनऊ पब्लिक कॉलेज आफ प्रोफेशनल स्टडीज लगातार अपनी गुणवत्ता में सुधार के नए आयाम रच रहा है, और उत्तर प्रदेश के शीर्ष शिक्षण संस्थानों की दौड़ में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कॉलेज का अगला कदम नैक की ए ग्रेड कॉलेज श्रेणी में प्रवेश करना है और हम कोरोना की चुनौती से उबर करके वापस अपनी नई रफ्तार पकड़ने के लिए कार्यरत हैं।

कॉलेज के डीन एकेडमिक्स डाॅ0 एलएस अवस्थी ने कहा कि आज हमारे कॉलेज के पढ़े हुए बच्चे विश्व भर में अपनी सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। हमारा कॉलेज सभी छात्र-छात्राओं को अच्छी शिक्षा व उच्च स्तरीय प्लेटफॉर्म्स मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

स्टाफ नदारद: प्राथमिक विद्यालय चंदनपुरा चला रही रसोइया!

अवकाश पर थे सहायक अध्यापक, मुख्य अध्यापक स्कूल खुला छोड़ गए ED से मिलने
पर्यवेक्षण को पहुंचे शिक्षक संकुल तो हुआ खुलासा

बिजनौर (मुरादाबाद): शिक्षा का मंदिर कहे जाने वाले विद्यालय के पुजारी शिक्षक अपने कर्तव्य के प्रति कितने समर्पित हैं, इसकी बानगी मंगलवार को हल्दौर को विकास खंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय चंदनपुरा में देखने को मिली!

बताया जाता है कि खंड शिक्षा अधिकारी के निर्देश के अनुपालन में शिक्षक संकुल डॉ अजय कुमार शाही पर्यवेक्षण करने के लिए प्राथमिक विद्यालय चंदनपुरा पहुंचे। पूरा स्कूल खुला हुआ था लेकिन स्टाफ के नाम पर केवल रसोईया सुनीता उपस्थित थी। पूरे स्कूल में भ्रमण के बावजूद जब वहां पर एक भी शिक्षक नहीं मिले तो श्री शाही ने इस संबंध में जानकारी ली। पता चला कि विद्यालय की सहायक अध्यापिका रूपा देवी 6 माह के मातृत्व अवकाश पर हैं। शिक्षण कार्य बाधित न हो, इसके लिए गांवड़ी बुजुर्ग से सहायक अध्यापक मौ. जावेद को इस विद्यालय में तैनात कर रखा है। मौ. जावेद ने मंगलवार का आकस्मिक अवकाश ले रखा था, जो कि विभागीय अधिकारियों द्वारा स्वीकृत भी किया जा चुका था। इस कारण वह विद्यालय नहीं आए। उनकी गैरमौजूदगी में विद्यालय की समस्त जिम्मेदारी मुख्य अध्यापक राजीव कुमार के कंधों पर थी। बताया जाता है कि विद्यालय में न मिलने पर संकुल शिक्षक ने मुख्य अध्यापक से फोन पर वार्ता करने का प्रयास भी किया, लेकिन बात नहीं हो सकी। रसोईया द्वारा दिखाए गए पत्र व्यवहार पंजिका में राजीव कुमार को एडी बेसिक की जांच में जाना दर्शाया गया।

जवाबदेही किसकी ?
उधर लोगों का मानना है कि विद्यालय में अत्यंत महत्वपूर्ण अभिलेख तथा सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई हजारों रुपए की सामग्री प्रत्येक समय रहती है। विद्यालय को बिना किसी समुचित व्यवस्था के छोड़कर जाना घोर लापरवाही है। एडी बेसिक शाम तक क्षेत्र में रहे। मुख्य अध्यापक को उनके पास जाना भी था, तो विद्यालय समय अवधि समाप्त होने के बाद जा सकते थे और यदि उससे पहले भी जाना था तो उन्हें कोई अन्य व्यवस्था करनी चाहिए थी, ताकि विद्यालय में कुछ भी अप्रिय घटना घटित होने पर संबंधित की जवाबदेही बन सकती। सवाल यह है कि अगर प्राथमिक विद्यालय चंदनपुरा से कोई अभिलेख अथवा सरकारी सामग्री गायब हो जाए तो जिम्मेदार कौन होगा। वहीं कोई अभिभावक आदि शिक्षण संबंधी कार्य के लिए विद्यालय में पहुंचे तो वहां पर किस से वार्ता करता ?

फिलहाल संकुल शिक्षक ने अपने पर्यवेक्षण की रिपोर्ट खंड शिक्षा अधिकारी को सौंप दी है। अब देखने वाली बात होगी कि खंड शिक्षा अधिकारी इस मामले में कोई ठोस कार्यवाही करेंगे अथवा इस ओर से नजरें फेर लेंगे क्योंकि शिक्षक के खिलाफ कार्यवाही करने पर उन्हें पहले ही शिक्षक संघठनों ने घेर रखा है। ऐसे में खंड शिक्षा अधिकारी अगर इस मामले में मुख्य अध्यापक के खिलाफ कोई कार्यवाही करते हैं तो शिक्षक नेताओं को मोर्चा खोलने के लिए एक और मुद्दा मिल जाएगा!

कामधेनु गौ-विज्ञान प्रचार-प्रसार परीक्षा की घोषणा

25 फरवरी, 2021 को देश भर में ऑनलाइन परीक्षा

राष्‍ट्रीय कामधेनु आयोग ने की कामधेनु गौ-विज्ञान प्रचार-प्रसार परीक्षा की घोषणा

नई दिल्ली। कामधेनु गौ-विज्ञान प्रचार-प्रसार परीक्षा देश भर में 25 फरवरी, 2021 को देश भर में ऑनलाइन आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के प्रस्तावित विवरण बहुत जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर डाल दिए जाएंगे। वेबसाइट है-http://kamdhenu.gov.in और http:// kamdhenu.blog.http: // kamdhenu.blog परीक्षा चार श्रेणियों में आयोजित की जाएगी (1) प्राथमिक स्तर से 8वीं कक्षा तक (2) माध्यमिक स्तर (कक्षा 9वीं से कक्षा 12वीं तक) (3) कॉलेज स्तर (12वीं के बाद) (4) आम जनता के लिए।

हिंदी, अंग्रेजी और 12 क्षेत्रीय भाषाओ में होगी परीक्षा-
कामधेनु गौ-विज्ञान प्रचार-प्रसार परीक्षा 100 अंकों की होगी और हिंदी, अंग्रेजी और 12 क्षेत्रीय भाषाओं के लिए एक घंटे की अवधि होगी। परीक्षा के लिए कोई शुल्क नहीं है। परीक्षा टिक-मार्क ऑब्‍जेक्टिव टाइप प्रश्न-उत्तर (एमसीक्‍यू) होगी। पाठ्यक्रम के साथ-साथ गायों पर अन्य साहित्य और संदर्भ पुस्तकें, जो राष्ट्रीय कार्यमधेनु आयोग की वेबसाइट पर अनुशंसित की जाएंगी, परीक्षार्थियों की परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगी। ब्लॉग, वीडियो और अन्य चयनित पठन सामग्री को आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। वैज्ञानिक, उद्यमी, गौ सेवक, किसान, युवा और महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक सक्रिय रूप से इस जबरदस्‍त कार्यक्रम को एक शानदार सफलता बनाने के लिए काम करेंगे।

नहीं चल सकेगी कोई भी तिकड़म-
परीक्षा पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जाएगी। प्रश्न इस तरह से सेट किए जाएंगे कि ऑनलाइन परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की तिकड़म नहीं चलेगी। परिणाम तुरंत आरकेए की वेबसाइट पर घोषित किया जाएगा। सभी को प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। सफल मेधावी उम्मीदवारों को बाद में पुरस्कार और प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। इस परीक्षा के आयोजन में मदद करने वाले सभी लोगों को प्रशंसा पत्र जारी किए जाएंगे।

इस ऑनलाइन परीक्षा के लिए पंजीकरण लिंक राष्‍ट्रीय कामधेनु आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा, जो “kamdhenu.gov.in” / “kamdhenu.blog” है। इस आयोजन को एक शानदार सफलता बनाने के लिए, केन्‍द्रीय शिक्षा मंत्रियों / मुख्यमंत्रियों / राज्य के शिक्षा मंत्रियों / सभी राज्‍यों/जिलों के गौ सेवा आयोगों के अध्‍यक्ष, सभी राज्‍यों के शिक्षा अधिकारी/ सभी स्‍कूलों के प्रधानाचार्य/ प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, गैर सरकारी संगठन और गौ दानकर्ता इस जबरदस्‍त कार्यक्रम में शामिल होंगे। कामधेनु गौ-विज्ञान प्रचार-प्रसार परीक्षा भविष्‍य में राष्‍ट्रीय कामधेनु आयोग का वार्षिक आयोजन बन जाएगा। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्‍मनिर्भर भारत/ वोकल फॉर लोकल/ ग्रीन इंडिया / डिजिटल इंडिया / स्वच्छ भारत / स्वस्थ भारत / मेक इन इंडियाके उद्देश्‍यों को भी पूरा करेगा। कामधेनु गौ-विज्ञान प्रचार-प्रसार परीक्षा से संबंधित अधिक जानकारी के लिए, आरकेए की वेबसाइट है- “kamdhenu.gov.in” / “kamdhenu

सिर्फ दूध देने वाला पशु नहीं है गाय-
आरकेए देश भर में यह संदेश देने में सफल रहा है कि गाय सिर्फ दूध देने वाला पशु नहीं है, बल्कि इसके पर्यावरण, स्वास्थ्य और आर्थिक फायदे बहुत हैं यदि इसका ठीक तरह से उपयोग किया जाए। इसके तथाकथित अपशिष्ट उत्पाद जैसे गाय-गोबर और गौमूत्र, जो सस्ते और प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं, स्‍वाभाविक तरीके से सड़नशील और पर्यावरण के अनुकूल हैं। इसलिए, गाय पालन को टिकाऊ बनाने के लिए गाय उद्यमियों द्वारा इनका लाभ उठाया जा सकता है, जो बदले में देश की आर्थिक वृद्धि में योगदान कर सकते हैं। इस वर्ष आरकेए के कुछ अभियानों अर्थात गौमाया गणेश अभियान, कामधेनु दीपावली अभियान, कामधेनु देव दीपावली और सेमिनारों और वेबिनारों की एक श्रृंखला ने गाय के गोबर और गोमूत्र के अन्य उपयोगों का संदेश बहुत प्रभावी ढंग से दिया है।

राष्‍ट्रीय कामधेनु आयोग (आरकेए) का गठन भारत सरकार द्वारा गायों और उनकी संतानों के संरक्षण, उनके पालन, सुरक्षा और विकास के लिए और पशु विकास कार्यक्रमों के लिए दिशा निर्देश देने के लिए किया गया है। आरकेए नीतियों को तैयार करने और मवेशियों से संबंधित योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए दिशा-निर्देश प्रदान करने के लिए एक उच्च अधिकार प्राप्‍त स्थायी निकाय है ताकि छोटे और सीमांत किसानों, महिलाओं और युवा उद्यमियों के लिए आजीविका उत्पादन पर अधिक जोर दिया जा सके।

गौरतलब है कि देश भर के सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में कामधेनु चेयर या कामधेनु अध्ययन केन्‍द्र या कामधेनु अनुसंधान केन्‍द्र की स्थापना की सभी ने सराहना की है और इसे पूरे देश में गति मिल रही है। देसी गायों के बारे में युवा छात्रों और प्रत्‍येक नागरिक में जन जागरूकता बढ़ाने के लिए, राष्‍ट्रीय कामधेनु आयोग (आरकेए) गाय विज्ञान के बारे में अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने और “कामधेनु गौ-विज्ञान प्रचार-प्रसार परीक्षा” आयोजित करने की एक शानदार पहल के साथ आया है। इससे गायों के बारे में सभी भारतीयों में जिज्ञासा बढ़ेगी, और उन्हें एक ऐसी संभावना और व्यवसाय के अवसर से अवगत कराया जा सकेगा, जिसके बारे में विस्‍तार से चर्चा नहीं की गई है, यहां तक कि यदि गाय दूध देना बंद कर देती है।

CBSE बोर्ड परीक्षा-2021: तारीखों की घोषणा आज

CBSE बोर्ड परीक्षा-2021: तारीखों की घोषणा आज
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ 31 दिसंबर को शाम 6 बजे सीबीएसई बोर्ड परीक्षा-2021 के प्रारंभ होने की तारीखों की घोषणा करेंगे। श्री निशंक ने यह जानकारी अपने ट्विटर अकाउंट पर दी है।

इससे पहले, शिक्षकों के साथ वर्चुअल माध्यम से बातचीत के दौरान, श्री पोखरियाल ने बताया कि सीबीएसई छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों द्वारा दिए गए सुझावों को ध्यान में रखते हुए 2021 की बोर्ड परीक्षा आयोजित करने के लिए आवश्यक तैयारी में जुटा है।

Dear students & parents!
I will announce the date of commencement for #CBSE board exams 2021 on Dec 31.
Stay tuned.

-Dr. Ramesh Pokhriyal Nishank
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SC छात्रों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 59 हजार करोड़ रुपए मंजूर

SC छात्रों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 59 हजार करोड़ रुपए की मंजूरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) के छात्रों को अगले पांच साल में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 59 हजार करोड़ रुपए की मंजूरी दी है, जिससे तकरीबन चार करोड़ छात्रों को लाभ होगा और उनके जीवन में बदलाव आएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि यह राशि कुल 59048 हजार करोड़ रुपए की होगी और इससे एससी वर्ग के छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 35 हजार 534 करोड़ रुपए होगी और शेष राज्य सरकारें वहन करेगी। उन्होंने बताया कि इस राशि का वितरण 2021-22 से आरंभ हो जाएगा और छात्रों को उनके बैंक खातों में धन दिया जाएगा।