दो बोतल दारू क्यों नहीं चढ़ी, गृह मंत्री से शिकायत

Viral News: दो बोतल शराब पीने के बाद भी जब नहीं चढ़ा नशा, गृह मंत्री को भेजी शिकायत

पीड़ित शख्स ने बताया कि दो बोतल शराब पीने के बाद भी उसको नशा नहीं हुआ। इस बात से वो नाराज था। वह चाहता है कि ऐसी धोखाधड़ी किसी और कस्टमर के साथ नहीं हो।

उज्जैन। एक तरफ शिवराज सिंह चौहान की सरकार मिलावटखोरी के खिलाफ माफिया पर बुलडोजर चलाने जैसी कड़ी कार्रवाई कर रही है तो वहीं अब मध्य प्रदेश में शराब में मिलावट की बात भी सामने आई है। दरअसल मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक शराबी ने राज्य के गृह मंत्री को शिकायत भेजी है। वह सबूत के तौर पर आबकारी थाने में शराब की दो बोतलें लेकर भी पहुंचा।

हैरान रह गए आबकारी अधिकारी

लोकेंद्र सेठिया को आबकारी थाने में देख आबकारी अधिकारी भी हैरान रह गए। बाद में अधिकारी ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। पीड़ित ने बताया कि उसने 2 बोतल शराब पी लेकिन, फिर भी उसको नशा नहीं हुआ। उसने कहा कि ये शराब कैसी है, नशा नहीं हो रहा है? ठेकेदार पानी मिलाकर दे रहे हैं; ठेकेदारों पर कार्रवाई करो।

शराबी ने की ये मांग

दरअसल, लोकेंद्र सेठिया 12 अप्रैल को देशी शराब की दो बोतल पीने के बाद आबकारी विभाग में शिकायत करने पहुंचे थे। उसने शिकायत की थी कि इसमें नशा नहीं है, इसमें तो पानी मिला हुआ है। वह सबूत के तौर पर शराब की दो बोतलें लेकर भी पहुंचा था। उसने कहा कि यकीन नहीं हो तो शराब की जांच कर लें। ठेकेदार की तरफ से की गई इस धोखाधड़ी को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करो।

साभार – राहुल सिंह राठौड़: जी न्यूज़ डेस्क

…तो फ्री राशन के बदले देनी पड़ेगी 27 रुपए किलो के हिसाब से पेनाल्टी

अगर आपके घर में है ये 6 चीजें…तो नहीं मिलेगा फ्री राशन और देनी पड़ेगी 27 रुपए किलो के हिसाब से पेनाल्टी।

ration card

नई दिल्ली (एजेंसी)। यदि आपने भी नियमों की धज्जियाँ उड़ाई है तो आपके पास राशन कार्ड सरेंडर करने का मौका है। केन्द्र और राज्य की सरकारों द्वारा दिया जाने वाला फ्री राशन आपके लिए बंद हो सकता है।

बताया गया है कि सरकार द्वारा 27 रूपए किलो के हिसाब से गेहूं की पेनल्टी लगाई जाती है। यह पेनल्टी तब से लागू होती है, जब से आपने राशन लेना शुरू किया था। राशन कार्ड बनवाने के नियमों में भी रसद विभाग ने बड़ा बदलाव किया है। सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद परिवार फ्री राशन ले रहा है तो आपको जेल भी हो सकती है।


इन परिस्थितयों में राशन कार्ड को करें सरेंडर
-गरीबी रेखा के मापदंडों में नहीं आने पर
-घर में तमाम सुख सुविधा होने बावजूद भी राशन लेने पर
-परिवार का सदस्य सरकारी सेवा में होने पर
-पारिवारिक आय मासिक 3000 हजार रुपए से ज्यादा होने पर
-APL के लिए पारिवारिक आय 10 हजार रुपए मासिक से ज्यादा होने पर -एक से अधिक जगह राशन कार्ड होने पर

क्या है पूरा मामला! दरअसल वर्ष 2020 में कोरोना की शुरूआत में केन्द्र सरकार ने बहुत बड़ी संख्या में राशन कार्ड जारी किए थे। इन राशन कार्ड के जरिए लोगों को राशन, अनाज, तेल, चीनी आदि उपलब्ध करवाए गए थे। उस दौरान बहुत से अपात्र लोगों ने भी कार्ड बनवा लिए थे और योजना का गलत तरीके से लाभ उठाया था। परन्तु अब सरकार चाहती है अपात्र लोगों को इस योजना से बाहर किया जाए। इसके लिए सरकार उन सभी लोगों को अपना राशन कार्ड सरेंडर करने का अंतिम अवसर दे रही हैं। यदि अपात्र होने के बावजूद भी किसी ने राशन कार्ड सरेंडर नहीं किए तो उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी औऱ उन्हें दिए गए राशन के बदले भुगतान की वसूली भी की जाएगी।

इन लोगों को माना गया है राशन कार्ड बनवाने के लिए अपात्र
ऐसे नागरिकों को इस योजना के लिए अपात्र माना गया है जिनके पास…


1. 100 वर्ग मीटर से अधिक का प्लॉट, मकान या फ्लैट है,
2. जिनके पास गाड़ी, ट्रैक्टर है,
3. जिनके पास एयरकंडीशनर है,
4. जिनकी गांवों में दो लाख रुपए व शहर में तीन लाख रुपए से अधिक की पारिवारिक आय है,
5. जिनके पास 5 किलोवाट की क्षमता का जनरेटर हो या,
6. जिनके पास एक या एक से अधिक हथियार के लाइसेंस हों।
उपरोक्त में से यदि एक भी वस्तु जिनके पास है, वे सभी नए नियमों के अनुसार योजना के लिए अपात्र माने गए हैं। उन लोगों के अपील की गई है कि वे अपना राशन कार्ड तहसील अथवा डीएसओ कार्यालय में सरेंडर कर दें। बाद में यदि जांच में उन्हें अपात्र पाया गया तो उनका राशन कार्ड निरस्त कर दिया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी।
केवल इनको मिल सकेगा Ration Card
1. ऐसे सभी परिवार जिनके पास खुद का पक्का मकान नहीं है या झुग्गी-झोपड़ियों में रहते हैं।
2. भीख मांगने वाले
3. दिहाड़ी मजदूर या कामगार
4. घरेलू काम-काज कर अपनी आजीविका चलाने वाले श्रमिक
5. ड्राईवर तथा कुली व बोझा उठाने वाले श्रमिक
6. भूमिहीन किसान
7. कूड़ा-करकट बीनने वाले
8. राज्य सरकार द्वारा चिन्हित पात्र परिवार
9. वर्ष 2011 में हुई आर्थिक जनगणना में चिन्हित किए गए गरीब परिवार

बिना कार्ड के निकालें ATM से रुपए

नई दिल्ली (एजेंसी)। एटीएम से पैसा निकालने वालों के लिए बहुत खास खबर है। अब बिना एटीएम कार्ड के ही आप पैसे निकाल सकते हैं। दरअसल, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति समीक्षा के फैसलों को जारी किया। इस मौके पर आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने ऐलान किया है कि अब बिना डेबिट कार्ड के एटीएम से पैसा निकालने की सुविधा सभी बैंकों में दी जाएगी। इसके पीछे डेबिट-एटीएम कार्ड के इस्तेमाल को कम करने और डिजिटल इकोनॉमी को आगे बढ़ाने का विचार प्रमुख है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि अब बिना डेबिट कार्ड के एटीएम से पैसा निकालने की सुविधा सभी बैंकों में दी जाएगी। अभी तक सिर्फ कुछ ही बैंकों में बिना कार्ड के एटीएम से पैसे निकालने की सुविधा थी। उन्होंने बताया कि UPI के जरिए एटीएम से पैसा निकाला जा सकेगा।

कम होंगे कार्ड क्लोन के फ्रॉड
RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास के मुताबिक इस कदम से कार्ड क्लोन करके पैसे निकालने के फ्रॉड भी कम होंगे। बता दें कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को मॉनिटरी पॉलिसी का ऐलान किया।

अधिकारियों की चौकड़ी ने किया झालू समिति के धन का गबन!

बिजनौर। झालू जाटान सेवा सहकारी समिति के अपदस्थ अध्यक्ष पति मोहम्मद अकबर ने कहा कि अधिकारियों की चौकड़ी ने समिति धन का गबन; मिसयूज करने के अपने उद्देश्य में बाधक समिति सभापति सहित बोर्ड के निर्वाचित 6 संचालकों की सदस्यता खत्म करने में षड्यंत्र के तहत एक राय होकर सबसे अहम भूमिका निभाई है। अपदस्थ किए गए सभापति, संचालकों को 1 वर्ष बीत जाने के बाद भी जांच रिपोर्ट, आर्डर शीट व अन्य सूचना प्राप्त नहीं कराई गई है।

मोहल्ला पीरजादगान स्थित अपने आवास पर मोहम्मद अकबर ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि पूर्व सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता बिजनौर अमित कुमार त्यागी, एडीसीओ सुनील कुमार सैनी, एडीओ जयवीर सिंह, पूर्व एमडी धर्मपाल सिंह व वर्तमान एमडी शिव बहादुर की केमिस्ट्री ने एक राय होकर समिति के धन का गबन; मिसयूज करने के अपने उद्देश्य में बाधक समिति सभापति सहित बोर्ड के निर्वाचित 6 संचालकों की सदस्यता से संबंधित मूल दस्तावेजों सदस्यता प्रार्थना पत्र, घोषणापत्र, सदस्यता रजिस्टर्ड, कार्यवाही रजिस्टर, कैश बुक, लेजर आदि को षड्यंत्र के तहत बदल कर सदस्यता समाप्त कराने में सबसे अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि अपदस्थ किए गए सभापति संचालकों को 1 वर्ष बीत जाने के बाद भी कार्यालय सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता बिजनौर ने सदस्यता के संबंध में कराई गई जांच की जांच रिपोर्ट, आर्डर शीट व अन्य सूचनाएं प्राप्त नहीं कराई हैं। दस्तावेज उपलब्ध न कराने का कारण स्पष्ट है कि उनकी सदस्यता से संबंधित दस्तावेजों को बदल दिया एवं नष्ट कर दिया गया है, जो कृत्य झालू समिति में हुआ है ऐसा सहकारिता विभाग उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ कि किसी भी समिति के 9 में से 6 निर्वाचित संचालक को षड्यंत्र के तहत हटा दिया गया हो। झालू समिति में उत्तर प्रदेश सहकारी अधिनियम नियमावली उपलब्धियां लागू नहीं होती है, वहां तो पूर्व सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता बिजनौर अमित कुमार त्यागी, एडीसीओ सुनील कुमार सैनी, एडीओ जयवीर सिंह, पूर्व एमडी धर्मपाल सिंह व एमडी शिव बहादुर की चौकड़ी के निर्मित कायदे कानून चलते हैं। उन्होंने कहा कि उक्त चौकड़ी द्वारा एक और षडयंत्र रचा गया है कि गैर कृषक ₹100 से वाले सदस्यों की सदस्यता भी समाप्त की जाए, जिसके क्रियान्वयन को एमडी शिव बहादुर अंतिम रूप देने में लगे हैं। उनका हौसला सातवें आसमान पर है क्योंकि जब उन्होंने निर्वाचित संचालकों के सदस्यता से संबंधित दस्तावेजों को नष्ट एवं बदलकर अपदस्थ करा दिया तो उनके लिए गैर कृषक ₹100 हिस्सा वाले सदस्यों की सदस्यता समाप्त करना कोई मायने नहीं रखता है।

उन्होंने कहा कि उक्त अधिकारियों की चौकड़ी झालू समिति के निर्वाचित बोर्ड को भंग कराकर उसके स्थान पर प्रशासनिक कमेटी का गठन कराकर समिति के धन का भरपूर गबन व मिस यूज कर रही है और अब गैर कृषक ₹100 का वाले सदस्यों की सदस्यता समाप्त कराकर आगामी चुनाव में समिति के परिसीमन को बिगाड़ना एवं अपनी कठपुतली वाले बोर्ड का गठन करना चाहते हैं, ताकि आगे भी समिति के धन का गबन, मिसयूज सुचारू रूप से जारी रहे। उन्होंने दो टूक कहा कि मेरे ऊपर 40 वर्ष के कार्यकाल में ₹1 का गबन भी सिद्ध कर दे तो मैं 10 गुना देने को तैयार हूं। मोहम्मद अकबर ने जनपद बिजनौर के तेजतर्रार एवं ईमानदार छवि के जिलाधिकारी उमेश मिश्रा से उक्त अधिकारियों के कृत्य की जांच कराकर न्याय दिलाने की मांग की है। उधर इस संबंध में पक्ष जानने को संबंधित अधिकारियों से मोबाइल संपर्क नहीं हो सका।

ठगी गई रकम वापस मिलने पर एसपी व साइबर सैल सम्मानित

बिजनौर। शहर के एक वरिष्ठ चिकित्सक से इंश्योरेंस कंपनी का मैनेजर बनकर लाखों की ठगी करने के मामले में एसपी की साइबर सैल ने कार्यवाही करते हुए पैसे वापस करा दिए। इस पर चिकित्सक ने पुलिस अधीक्षक व उनकी टीम को सम्मानित किया।

वरिष्ठ चिकित्सक डा. नीरज चौधरी कुछ दिन पूर्व ठगी का शिकार हो गए थे। ठगी करने वाले ने अपने को एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस का मैनेजर बताकर पॉलिसी मैच्योर प्रीमियम जमा कराने के नाम पर 3 लाख 50 हजार रूपए ठग लिए थे। इसके बाद डा. नीरज चौधरी ने अपने साथ हुई ठगी की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की थी। पुलिस अधीक्षक ने कार्यवाही के लिए साइबर सैल को निर्देशित किया था। साइबर सैल ने कार्यवाही करते हुए ठगी किए गए 3 लाख 50 हजार रुपए की धनराशि को वापस करा दिया। पैसे वापस आने पर डा. नीरज चौधरी पुलिस अधीक्षक के कार्यालय पहुंचे और उन्होंने पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह, साइबर सैल के प्रभारी पंकज तोमर व उनकी टीम में शामिल विवेक तोमर, नवनीत झा तथा जितेंद्र कुमार का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें सम्मानित किया।

अशोक चोटिया से आनंद गिरि तक की पूरी कहानी!

12 साल की उम्र में छोड़ा था घर। अशोक चोटिया से आनंद गिरि तक की पूरी कहानी

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी थी। पुलिस को मौके पर कथित सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था। सुसाइड नोट में आनंद गिरि पर कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। नरेंद्र गिरि ने कथित सुसाइड नोट में लिखा था कि आनंद गिरि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। पुलिस ने इसके आधार पर आनंद गिरि को पहले हिरासत में लिया और फिर गिरफ्तार कर लिया था।आनंद गिरि को शिक्षा महंत नरेंद्र गिरि ने ही दी थी। कुछ विवाद होने के बाद आनंद गिरि को अखाड़े से बाहर कर दिया गया था।

अशोक चोटिया से लेकर आनंद गिरि बनने तक की कहानी

प्रयागराज बाघंबरी मठ के महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों हुई मौत के मामले में गिरफ्तार आनंद गिरि का नाता राजस्थान के भीलवाड़ा से है।आनंद का असली नाम अशोक चोटिया है। खुद को घुमंतू योगी बताने वाले आनंद गिरि का राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के आसींद तहसील में ब्राह्मणों के गांव सरेरी में पैतृक आवास है। आनंद की शुरुआती पढ़ाई भीलवाड़ा में ही हुई थी। आनंद के परिवार में पिता रामेश्वरलाल किसान, तीन बड़े भाई और एक छोटी बहन है। आनंद की मां नानू देवी का निधन हो चुका है। पिता गांव में ही खेती करते हैं। एक भाई सरेरी गांव में ही सब्जी का ठेला लगाते हैं और दो भाई सूरत में कबाड़ का काम करते हैं। सरेरी गांव आनंद को एक अच्छे संत के रूप में जानता है और शांत और शालीन स्वभाव का बताया जाता है। आनंद के पैतृक आवास के पास ही एक चारभुजा मंदिर है। बचपन से ही आनंद इस मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए जाया करते थे। सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले आनंद 1996 में 12 साल की उम्र में घर बार छोड़छाड़ कर हरिद्वार चले गए थे।
आनंद की एक संत के जरिए पहली बार नरेंद्र गिरि से मुलाकात हुई थी। नरेंद्र गिरि ने अशोक को अपना शिष्य बना लिया था और साल 2000 में अशोक ने संन्यास लेने का फैसला किया था। इसके बाद आनंद ने बाघंबरी मठ को ही अपना ठिकाना बना लिया और नरेंद्र गिरि को अपना गुरु।
परिवार वालों को इसकी जानकारी भी नहीं थी कि वो आखिर कहां गए। बाद में परिजनों को जानकारी मिली कि वो हरिद्वार हैं। उनके पिता वहां पहुंचे, लेकिन तब तक आनंद नरेंद्र गिरि के आश्रम में पहुंच कर उनके शिष्य बन गए थे। 2012 में महंत नरेंद्र गिरि के साथ अपने गांव भी आए थे। नरेंद्र गिरि ने उनको परिवार के सामने दीक्षा दिलाई और वो अशोक चोटिया से आनंद गिरि बन गए। आनंद संत बनने के बाद दो बार गांव गए। पहली बार दीक्षा लेने के लिए और इसके बाद पांच महीने पहले, जब उनकी मां का निधन हो गया था। इस दौरान गांव के लोगों ने आनंद की काफी सेवा की थी। अचानक से महंत नरेंद्र गिरि की मौत के बाद उन पर लगे आरोपों से पूरा सरेरी गांव सकते में है।

आनंद शक के दायरे में इसलिए हैं, क्योंकि नरेंद्र गिरि से उनका विवाद काफी पुराना था। इसकी वजह बाघंबरी गद्दी की 300 साल पुरानी वसीयत है, जिसे नरेंद्र गिरि संभाल रहे थे। कुछ साल पहले आनंद गिरि ने नरेंद्र गिरि पर गद्दी की आठ बीघा जमीन 40 करोड़ में बेचने का आरोप लगाया था। इसके बाद विवाद गहरा गया था। आनंद ने नरेंद्र पर अखाड़े के सचिव की हत्या करवाने का आरोप भी लगाया था। (साभार)

एशियन पेंट की नकली फैक्ट्री पकड़ी, एक गिरफ्तार

बाजार से भी कम कीमत पर लोगों को बेचा जा रहा था पेंट। नकली पेंट की 38 बाल्टियां, 124 लीटर नकली पेंट के डिब्बे, 73 खाली बाल्टियां आदि बरामद।

गाजियाबाद (एजेंसी)। देश की नामचीन एशियन पेंट कंपनी के नाम पर नकली रंग रोगन बनाने वाली नकली पेंट फैक्ट्री का भंडाफोड़ पुलिस ने किया है। इस मामले में एक व्यक्ति को तब गिरफ्तार किया गया, जब पेंट को बाजार से भी कम कीमत पर लोगों को बेचा जा रहा था।

दिल्ली के मयूर विहार से एशियन पेंट्स कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि पंकज सिंह ने गाजियाबाद के नंदग्राम थाना पुलिस को इलाके में नकली पेंट बनाए जाने का इनपुट दिया था। इसके बाद कंपनी के प्रतिनिधि और पुलिस ने मंगलवार अपरान्ह संयुक्त रूप से गाजियाबाद के मोरटा स्थित एक मकान पर छापा मारा। यहां से फैक्ट्री मालिक राकेश कुमार को गिरफ्तार किया गया। इंस्पेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि लोकल पेंट को नकली पेंट फैक्ट्री में ब्रांडेड का रूप दिया जा रहा था। पुलिस को मौके से भारी संख्या में एशियन पेंट्स नाम से छपे हुए डिब्बे और बाल्टियां बरामद हुई हैं। नकली पेंट को इन डिब्बों में भरकर बाजार में ऊंचे दाम पर बेच दिया जाता था। कंपनी प्रतिनिधि को उस समय शक हुआ जब बाजार में अधिकृत रेट से भी कम पर पेंट्स बिकने की जानकारी मिली। कंपनी के रेट और मार्केट के रेट में भारी अंतर देख उन्होंने जांच की तो पता चला कि एशियन पेंट्स के नाम पर नकली पेंट बनाकर बाजार में बेचा जा रहा है। इसके बाद पूरी तरह से रेकी करके छापामार कार्रवाई की गई। फैक्ट्री से नकली पेंट की 38 बाल्टियां, 124 लीटर नकली पेंट के डिब्बे, 73 खाली बाल्टियां आदि सामान बरामद हुआ है। पुलिस ने सारे सामान को जब्त करते हुए सील कर दिया है।

विज्ञापन के ₹20 हजार हजम कर गए नेता जी!

लखनऊ। अखबार में छपे विज्ञापनों के ₹20 हजार हजम कर गए नेता जी। …जी हां, आश्चर्यजनक किंतु सत्य! जनपद बिजनौर के भाजपा नेता का चिट्ठा अब खोला जाना है। उनके द्वारा दिये गए विज्ञापन दैनिक जागरण नंबर-1, सान्ध्य दैनिक प्रयाण व साप्ताहिक युगदीप टाइम्स में प्रकाशित हुए। तीनों ही अखबार में विज्ञापन की रकम इन पंक्तियों के लेखक द्वारा अपनी खून पसीने की तनख्वाह से जमा की जा चुकी है।

सर्वविदित है कि अखबारों में मौखिक रूप से अनुमति लेकर विज्ञापन प्रकाशित कर दिये जाते हैं। सरकारी विज्ञापनों के लिए रिलीज ऑर्डर लिया जाता है। बड़ा नेता बनने के बाद इन भाजपा नेता को RO (रिलीज ऑर्डर) का जादुई शब्द पता लग गया। कभी फोन रिसीव भी कर लिया तो RO की बात पूछा करते। दैनिक जागरण के धामपुर इंचार्ज रहते इनका विज्ञापन छापने का ₹ 10 हजार का पेमेंट मांगने पर पहले तो वह करीब 2 साल तक टहलाते रहे। कभी किसी ठेकेदार से, तो कभी किसी अधिकारी से पेमेंट कराने की बात कहते रहे। …लेकिन पेमेंट आज तक नहीं हुआ। उसके बावजूद इस समाचार के लेखक ने सांध्य दैनिक प्रयाण और अपने बड़े भाई समान रविन्द्र भटनागर जी के साप्ताहिक अखबार युगदीप टाइम्स में इन्हीं नेता जी से मोबाइल फोन पर पूछ कर ₹ 5-5 हजार के विज्ञापन प्रकाशित करा दिए। कारण ये था कि तब मंत्री जी सिर्फ छोटे से नेता थे, जिला स्तर के। धामपुर दैनिक जागरण के कार्यालय में इंचार्ज संजय सक्सेना के पास आकर घंटों बैठक करते, चाय नाश्ता करते। विभिन्न प्रकार के मामलों पर चर्चा भी करते। इस कारण विश्वास था कि आज नहीं तो कल, कल नहीं तो परसों विज्ञापन का भुगतान वो कर, या करा ही देंगे। लेकिन पद मिलते ही नजर और मंशा बदल गईं! वो यह भी भुला बैठे कि जिस को वो इतने साल से टहला रहे हैं, वो वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के कॉलेज के दिनों का साथी है। उरई जालौन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का नगर मंत्री, भाजपा युवा मोर्चा और हिंदू जागरण मंच के जिला प्रवक्ता का पद संभालने के बावजूद पत्रकारिता का क्षेत्र चुना। वहीं स्वतंत्र देव उर्फ कांग्रेस सिंह जी ने राजनीति चुन ली। अब क्योंकि काम अपना है तो प्रदेश अध्यक्ष के सामने ये मामला ले जाना भी उचित नहीं लगता।

…हालांकि रकम केवल ₹ 20 हजार की है, लेकिन उनकी मंशा नहीं थी और न है भुगतान करने की। इस मामले को तकरीबन 10 साल हो गए। अब वो फोन रिसीव नहीं करते। तीनों ही अखबार में विज्ञापन की रकम इन पंक्तियों के लेखक द्वारा अपनी खून पसीने की तनख्वाह से जमा की जा चुकी है।

खतरा है, लेकिन no problem- नेता जी का नाम औऱ फोटो अतिशीघ्र दी जाएगी। अब वो इतने बड़े पद पर हैं कि इन पंक्तियों के लेखक को किसी भी फर्जी मामले में फ़ांस सकते हैं, या फंसवा भी सकते हैं। एक वजह ये भी है कि चाटुकार पत्रकारों की फौज भी अब जुड़ी है उनके साथ।…लेकिन हम भी डरने वाले नहीं, उरई जालौन में मशहूर है, अपना एक ही नारा… हिंदी है मजबूत, गणित कमजोर! मतलब समझ ही गए होंगे! क्योंकि हम हैं बुंदेलखंडी।

आखिरकार बिक ही गया विजय माल्या का kingfisher house

आखिरकार बिक ही गई विजय माल्या की प्रापर्टी, 8 बार नीलामी फेल होने के बाद 52 करोड़ रुपये में बिका Kingfisher House

आखिरकार बिक ही गई विजय माल्या की प्रापर्टी, 8 बार नीलामी फेल होने के बाद 52 करोड़ रुपये में बिका Kingfisher House

नई दिल्ली (एजेंसी)। भगोड़े कारोबारी विजय माल्या का किंगफिशर हाउस आखिरकार बिक ही गया। किंगफिशर हाउस को 52 करोड़ रुपये में हैदराबाद स्थित एक डेवलपर को बेचा गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हैदराबाद स्थित Saturn Realtors ने इस प्रॉपर्टी को ऑरिजनल आस्किंग प्राइस से बहुत कम भाव पर खरीदा है। बिक्री भाव अपने रिजर्व प्राइस 135 करोड़ रुपए का लगभग एक तिहाई है।

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विजय माल्या की प्रॉपर्टीज को नीलाम करने में कारोबारियों को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। बैंकों की तरफ से माल्या की प्रॉपर्टीज का जो वैल्युएशन किया जा रहा है, उस दाम पर कोई प्रॉपर्टी खरीद ही नहीं रहा। किंगफिशर हाउस की प्रॉपर्टी की नीलामी भी 8 बार फेल हुई थी। मार्च 2016 में बैंकों ने इस बिल्डिंग का रिजर्व प्राइस 150 करोड़ रुपये रखा था। यही वजह है कि ये बिल्डिंग अब तक बिक नहीं पाई थी।

फर्जी लूट दर्ज कराने के 3 आरोपी गिरफ्तार, दो फरार

लखनऊ। स्वयं लूट कराकर पुलिस को गुमराह करने हेतु लूट का अभियोग पंजीकृत कराने के आरोपी को उसके दो साथियों समेत थाना चिनहट पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 2 तमंचा, 2 जिन्दा कारतूस, 04 मोबाइल फोन, मोटर साइकिल व लूट के 213200/ रुपये बरामद किये गए हैं। दो अन्य अभियुक्तों की तलाश पुलिस कर रही है।

जानकारी के अनुसार दिनांक 28 जुलाई, 2021 को पुलिस टीम चिनहट द्वारा तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इनके द्वारा स्वयं लूट करवाकर अभियोग पंजीकृत कराया जाता था।

अपराध का संक्षिप्त विवरण-

पुलिस आयुक्त महानगरीय क्षेत्र लखनऊ डीके ठाकुर के निर्देशानुसार पुलिस उपायुक्त पूर्वी संजीव सुमन के निर्देशन, उप पुलिस आयुक्त पूर्वी सैय्यद कासिम आब्दी के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त विभूति खण्ड अनूप कुमार सिंह के कुशल नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक थाना चिनहट घनश्याम मणि त्रिपाठी की टीम का गठन किया गया था। दिनाँक 28.07.2021 को मुखबिर की सूचना के आधार पर निरीक्षक अजय शुक्ला मय हमराही अधि० / कर्मचारीगण लखनऊ फैजाबाद मार्ग ग्राम अनौरा से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें विकास रावत उर्फ गब्बर उर्फ लम्बू पुत्र एवं रवि वर्मा उर्फ देवा शामिल हैं। बाद में इनसे पूछताछ के आधार पर तीसरे  अभियुक्त शशांक जायसवाल को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि उक्त अभियुक्तों द्वारा स्वयं लूट करवाना व बाद में पुलिस को गुमराह करने हेतु अभियोग पंजीकृत करा दिया जाता था। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत अभियोग विधिक कार्यवाही अमल में लायी जा रही है। गिरफ्तार करने वाली टीम को 25,000/- रुपये से पुलिस उपायुक्त पूर्वी द्वारा पुरस्कृत किया गया।

अपराध करने का तरिका-

गिरफ्तार अभियुक्तों द्वारा स्वयं लूट कराई जाती थी। बाद में पुलिस को गुमराह कर अभियोग पंजीकृत करा दिया जाता था। साथ ही पूर्व में निर्धारित हिस्से के अनुसार लुटे हुए माल का बंटवारा कर लिया जाता था। इस सम्बन्ध में दिनांक 21.7.2021 को शशांक जायसवाल पुत्र ओम प्रकाश जायसवाल नि० गुडम्बा स्पोर्ट कालेज के पास थाना गुडम्बा जनपद लखनऊ (23 वर्ष) द्वारा अपने साथ हुई लूट सम्बन्ध में थाना पर पंजीकृत कराया गया था।

नाम पता गिरफ्तार अभियुक्त-

1. विकास रावत उर्फ गब्बर उर्फ लम्बू पुत्र जितेन्द्र कुमार रावत उर्फ चुन्नीलाल ग्राम अतरौली थाना गुडम्बा जनपद-लखनऊ (उम्र करीब 23 वर्ष)

2. रवि वर्मा उर्फ देवा पुत्र राजू वर्मा निवासी चौधरी पुरवा मड़ियाव गांव थाना जानकीपुरम लखनऊ  (उम्र करीब 20 वर्ष)

3. शशांक जायसवाल पुत्र ओम प्रकाश जायसवाल नि० गुडम्बा स्पोर्ट कालेज के पास थाना गुडम्बा जनपद लखनऊ (उम्र करीब 23 वर्ष)

नाम पता वांछित अभियुक्त-

1. विशाल सिंह पुत्र शम्भू नाथ सिंह सी-7/105 डीएस कालोनी अलीगंज थाना अलीगंज लखनऊ (उम्र करीब 28 वर्ष)

2. अंकुर निवासी बेहटा रसौली थाना विकास नगर लखनऊ

अनावरित अभियोग का विवरण-

1. मु०अ०सं० 519/2021 धारा 392/411/195/420/505 (1) (b) /120B भादवि कोतवाली चिनहट महानगरीय क्षेत्र लखनऊ

पंजीकृत अभियोग का विवरण-

1 मु0अ0सं0 534/2021 धारा 3/25 आर्मस एक्ट कोतवाली चिनहट महानगरीय क्षेत्र लखनऊ 2-मु0अ0सं0 535/2021 धारा 3/25 आर्मस एक्ट कोतवाली चिनहट महानगरीय क्षेत्र लखनऊ

बरामदगी का विवरण-

1. अभियुक्त विकास रावत उर्फ गब्बर उर्फ लम्बू के पास से 315 बोर का एक तंमचा, एक जिन्दा कारतूस व एक खोखा कारतूस के अलावा 70,000/- रुपये नगद व 2 टच स्क्रीन के मोबाइल।

2. अभियुक्त रवि वर्मा उर्फ देवा के पास से 315 बोर का एक तमंचा, एक जिन्दा कारतूस, एक खोखा कारतूस व 53200/- रुपये नगद के अलावा घटना में प्रयुक्त एक मोटर साइकिल न० यू पी 32 जेएच 2430 (हीरो सुपर स्पेलण्डर तथा एक टच स्क्रीन मोबाइल फोन।

3. शशांक जयसवाल के पास से 90,000/- रुपया नकद व एक टच स्क्रीन मोबाइल।

कर चोरी के शक में दैनिक भास्कर के दफ्तरों पर आयकर विभाग के छापे

कर चोरी की सूचना पर मीडिया ग्रुप दैनिक भास्कर के दफ्तरों पर आयकर विभाग की रेड

मीडिया ग्रुप दैनिक भास्कर के दफ्तरों पर आयकर विभाग की रेड, कर चोरी की सूचना पर कार्रवाई

नई दिल्ली। आयकर विभाग द्वारा देश भर में दैनिक भास्कर समूह के कई कार्यालयों पर छापे मारे जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार अधिकारी नई दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में दैनिक भास्कर के परिसरों की तलाशी ले रहे हैं। 

आयकर अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि मीडिया समूह दैनिक भास्कर के भोपाल, जयपुर और अन्य स्थानों पर स्थित कई परिसरों में छापे मारे गए हैं।

सूत्रों के अनुसार मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत इंदौर में भी अखबार के दफ्तरों पर छापे मारे जा रहे हैं। इनके अलावा आयकर विभाग के अधिकारी अखबार समूह के प्रमोटरों के आवास की भी तलाशी ले रहे हैं। आयकर विभाग के सूत्रों का कहना है कि समूह द्वारा कर चोरी की सूचना के बाद ये छापेमारी की जा रही है।

विदित हो कि दैनिक भास्कर का मध्य प्रदेश में मुख्यालय है। यह समूह देश के सबसे बड़े मीडिया समूह में से एक है, जिसके एक दर्जन से अधिक राज्यों में 60 से अधिक संस्करण अलग-अलग भाषाओं में प्रकाशित होते हैं।

मोदीनगर में अतिक्रमण कर प्लाटिंग का कार्य जोरों पर

प्रतीकात्मक तस्वीर

भू- स्वामियों व भू माफियाओं द्वारा कादराबाद की भूमि पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर प्लाटिंग काटने का कार्य जोरों पर

मोदी नगर । मेरठ से गाजियाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित ग्राम कादराबाद परगना जलालाबाद तहसील मोदी नगर जनपद गाजियाबाद पर गोल्डन पैलेस वैंकट हाल के निकट खसरा संख्या 612 मि, क्षेत्रफल है0 , क्रमशः 1,4130 – 0,02366- 0, 0180 जो कि धर्मवीर/ दीन दयाल, अजय कुमार/ शौदान व राजवीर निवासी कादराबाद तहसील मोदी नगर जनपद गाजियाबाद की मोदी नगर तहसील रिकार्ड में श्रेणी: 1-क में भू- स्वामियों के नाम दर्ज है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

आरोप है कि भू- स्वामियों ने भू- माफियाओं से सांठ- गांठ कर ली है और अपने दम पर अवैध एवं अनाधिकृत तरीके से बिना मानचित्र स्वीकृत कराये प्लाटिंग कर रहे हैं। जब कि अभी तक भू- स्वामी द्वारा उक्त भूमि का भू- परिवर्तन उपयोग नहीं करवाया गया है। भू- स्वामियों द्वारा गाजियाबाद विकास प्राधिकरण गाजियाबाद विकास क्षेत्र मोदी नगर के मास्टर प्लान 2021के नियमानुसार ग्रीन बैल्ट भूमि में आती है, ग्रीन बैल्ट भूमि पर भी हरित पट्टी के बजाय उस पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर निर्माण कर लिया है। भू- स्वामियों द्वारा ग्रीन बैल्ट भूमि के नियमों का पालन नहीं किया गया है, जिससे गाजियाबाद विकास प्राधिकरण गाजियाबाद को भू- परिवर्तन उपयोग शुल्क, विकास शुल्क, ग्रीन बैल्ट भूमि उपयोग शुल्क की राजस्व क्षति पहुँचाने का अपराध किया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण गाजियाबाद विकास क्षेत्र मोदी नगर जोन- 2 के अधिकारी द्वारा उक्त भूमि पर स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया था । फिर भी भू- स्वामी व भू- माफिया आखिरकार किसके दम पर उक्त अवैध रूप से अतिक्रमण व प्लाटिंग कर रहे हैं, जिससे उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास अधिनियम- 1973 का धड़ले से उल्लंघन हो रहा है?

नकली सीमेंट निर्माण: मुकदमा दर्ज, आरोपी फरार

उपजिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
कापी राइट एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा हुआ दर्ज


बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। अल्ट्राटैक कंपनी के अधिकारियों की शिकायत पर उपजिलाधिकारी नजीबाबाद के नेतृत्व में पहुंची पुलिस के छापे में भारी संख्या में नकली सीमेंट, खाली बोरे व उपकरण आदि पकड़े जाने के मामले में स्थानीय पुलिस ने आरोपी फर्म स्वामी के खिलाफ कापी राइट एक्ट, ट्रेडमार्क एक्ट तथा विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि पुलिस ने छापामारी के दौरान अन्य कंपनियों के मिले नकली सीमेंट का जिक्र दर्ज मुकदमे में नहीं किया है।  
थाना कोतवाली नजीबाबाद पर कमल सिंह पुत्र रूप सिंह निवासी आईआईआरएस कन्सटिंग प्राइवेट लिमिटेड यूनिट 55 सनसिटी सक्सेस टावर, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड, सैक्टर-65 गुरुग्राम हरियाणा तथा हरजीत सिंह पुत्र भजन सिंह निवासी मोहनगढ़ उत्तम नगर नई दिल्ली की ओर से नकली अल्ट्राटैक सीमेंट बनाकर उसकी बिक्री किए जाने के मामले में विभिन्न धाराओं  में मुकद्दमा दर्ज किया गया है। अल्ट्राटैक कंपनी के उक्त अधिकारियों की ओर से की गयी शिकायत पर मंगलवार को उपजिलाधिकारी परमानंद झा के निर्देशन में तथा थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक दिनेश गौड़ नेतृत्व में स्थानीय पुलिस ने थाना कोतवाली नजीबाबाद की चौकी आदर्श नगर क्षेत्र में नजीबाबाद-कोतवाली मार्ग स्थित दयावती एन्टरप्राइजेज व ओम ट्रेडर्स पर छापेमारी करते हुए चैकिंग की। इस दौरान दुकान व फर्म स्वामी अखिलेश उर्फ निखिलेश पुत्र ओमप्रकाश निवासी आदर्श नगर थाना नजीबाबाद फरार हो गया। पुलिस को छापामारी के दौरान भारी मात्रा में सिद्धबली सीमेंट, बर्जर सीमेंट तथा अल्ट्राटेक सीमेंट के कट्टों में मिलावटी सीमेंट भरा हुआ मिला था। पुलिस ने अल्ट्राटैक कंपनी के अधिकारियों की तहरीर के आधार पर फर्म स्वामी अखिलेश उर्फ निखिलेश के खिलाफ धोखाधडी कर नकली सीमेन्ट बनाने, नकली नानट्रेड मार्क बनाना व अधिकृत कम्पनी अल्ट्राटैक के नाम से नकली सीमेन्ट अल्ट्राटैक की नकली बोरी छपवाकर उसमें नकली सीमेन्ट भरकर लोहे की कीपनुमा कुप्पी लगाकर भरने तथा अल्ट्राटेक कम्पनी का सीमेन्ट बताकर बेचते पाए जाने व मौके से खाली अल्ट्राटैक के नकली पीले बोरे 1971, अल्ट्राटैक के सरकारी निर्माण कार्य में प्रयोग किए जाने वाले खाली नकली नानट्रेड के सफेद बोरे 300, अल्ट्राटैक के नकली सीमेंट के भरे हुए बोरे 58, एक छलना, एक लोहे की कुप्पी, दो तसले बरामद होने तथा अभियुक्त अखिलेश के मौके से फरार हो जाने को लेकर मुकदमा अपराध संख्या 361/2021 धारा 63/65 कापी राइट एक्ट व धारा 102/113 ट्रेडमार्क एक्ट व धारा 420, 482, 483 आईपीसी बनाम अखिलेश पुत्र ओमप्रकाश निवासी आदर्श नगर थाना नजीबाबाद जिला विजनौर पंजीकृत किया गया है। पुलिस मामले में आवश्यक कार्यवाही कर रही है। छापामारी के दौरान पुलिस टीम में उपनिरीक्षक आशीष कुमार, कांस्टेबिल जियाउल हक, कांस्टेबिल मोहित कुमार आदि शामिल रहे थे। उधर कोतवाल दिनेश गौड़ का कहना है कि आरोपी अखिलेश उर्फ निखिलेश के खिलाफ अल्ट्राटैक कंपनी के प्रतिनिधियों की ओर से दी गयी तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है। जिन अन्य कंपनियों, सिद्धबली सीमेंट व बर्जर सीमेंट का माल छापामारी में बरामद हुआ है। उनकी ओर से तहरीर मिलने पर आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सीमेंट के सफेद बोरों की भी होगी जांच: एसडीएम
नजीबाबाद-कोतवाली मार्ग स्थित दयावती एंटरप्राइजेज तथा ओम ट्रेडर्स पर की गयी छापेमारी के दौरान वहां से बरामद किए गए सीमेंट के सफेद रंग के कट्टों की भी जांच करायी जाएगी। इसका कारण यह है कि सफेद रंग के कट्टे सरकारी निर्माण कार्य में लगने वाले सीमेंट के लिए प्रयोग में लाए जाते हैं।


आखिर कैसे आए सीमेंट के सफेद कट्टे?
छापेमारी के दौरान पकड़े गए सफेद रंग के सीमेंट के कट्टों को लेकर चर्चा बनी हुई है कि हो सकता है उक्त व्यापारी की ओर से मनरेगा आदि सरकारी कामों में नकली सीमेंट की सप्लाई की जाती रही हो अथवा मनरेगा आदि सरकारी निर्माण कार्य स्थलों से उक्त कट्टे चोरी कर गोदाम तक लाए गए हो? हालांकि यह जांच के बाद ही सामने आ पाएगा कि सरकारी निर्माण कार्य में प्रयोग में लाए जाने वाले सफेद रंग के सीमेंट के कट्टे नकली सीमेंट का निर्माण कर विभिन्न कंपनियों के नाम से नकली सीमेंट की बिक्री करने वाले व्यक्ति के गोदाम तक कैसे पहुंचे?

एकलव्य बाण समाचार

डॉक्टर ने खाली कर दिया मरीज का बैंक अकाउंट

साईबर क्राइम: डॉक्टर ने Paytm से खाली कर दिया पेशेंट का बैंक अकाउंट

 साईबर क्राइम : डॉक्टर ने Paytm से खाली कर दिया पेशेंट का बैंक अकाउंट

देहरादून (एकलव्य बाण समाचार)। उत्तराखंड के अधोईवाला में महिला के बैंक खाते से डाॅक्टर ने एक लाख की रकम पार कर दी। महिला उक्त डॉक्टर के पास इलाज कराने जाती थी। इस दौरान डॉक्टर ने महिला के नंबर से अपने मोबाइल में पेटीएम अकाउंट बना लिया। डॉक्टर तब तक महिला के खाते से खरीदारी करता रहा, जब तक महिला का खाता खाली नहीं हो गया। महिला का आरोप है कि उनके खाते में एक लाख रुपए से ज्यादा थे। मामले में रायपुर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शिकायत कुशुम डबराल निवासी अधोईवाला ने दर्ज कराई है।

एसओ दिलबर सिंह नेगी ने बताया कि कुशुम डबराल के घर डॉ. अनुराग सिंह का आना जाना था। बीते दिनों महिला खाते से पैसे निकालने गई तो पता चला कि उनका खाता तो खाली हो चुका है। जबकि, उनके खाते में एक लाख रुपए थे। उन्होंने पुलिस से शिकायत की। जांच में पता चला कि यह पैसा डॉ. अनुराग सिंह ने अपने मोबाइल में पेटीएम चलाकर खर्च किया है। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

एकलव्य बाण समाचार

कारगिल से डेढ़ सौ किमी ऊपर 30 मजदूरों को छोड़ भागा ठेकेदार

परिजनों की पीड़ा सुन व्यथित हुए सदर विधायक पति चौधरी मौसम एडवोकेट। मजदूरों को वापस लाने के प्रयास में जुटे। जिला प्रशासन से हस्तक्षेप के लिए डीएम से की बात। टूर एंड ट्रेवल एजेंसियों से भी संपर्क साधा।

सदर विधायक पति ऐश्वर्य चौधरी मौसम एडवोकेट के आवास पर पहुंच कर अपनी व्यथा सुनाते ग्रामीण
ग्रामीणों को दिलासा देते सदर विधायक पति ऐश्वर्य चौधरी मौसम एडवोकेट

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। ग्राम रावली के 30 व्यक्तियों को जम्मू में मजदूरी कराने का झांसा देकर ठेकेदार अपने साथ ले गया और कारगिल से 150 किलोमीटर ऊपर किसी पावर प्लांट में छोड़ कर भाग गया। मामले का खुलासा तब हुआ जब मजदूरों के परिजनों ने सदर विधायक पति ऐश्वर्य चौधरी मौसम एडवोकेट के आवास पर पहुंच कर अपनी व्यथा सुनाई।

सदर विधायक सुचि चौधरी के पति मौसम एडवोकेट ने बताया कि मंगलवार को उनके विधानसभा क्षेत्र बिजनौर अंतर्गत ग्राम रावली के कई ग्रामीण उनके आवास पर पहुंचे। उन्होंने अवगत कराया गया कि 30 व्यक्तियों को जम्मू में मजदूरी का कार्य बता कर ठेकेदार धोखा देकर अपने साथ ले गया। आरोप लगाया कि ठेकेदार सभी व्यक्तियों को कश्मीर से लेह -लद्दाख होते हुए कारगिल से 150 किलोमीटर ऊपर किसी पावर प्लांट में छोड़ कर भाग गया है। सभी लोग भूखे प्यासे हैं। वहां ऑक्सीजन की कमी के कारण काफी लोगों की तबीयत खराब है। उनमें 60 वर्ष से अधिक आयु के भी कुछ लोग शामिल हैं।

ग्रामीणों ने अपने परिजनों के फोटो एडवोकेट मौसम चौधरी को दिखाए और रोते बिलखते हुए वापस लाने के प्रबंध करने की अपील की। सदर विधायक पति ने सभी को दिलासा देते हुए कुर्सियों पर बैठा कर पानी पिलाया।

सदर विधायक पति ने बताया कि उन्हें वहां से निकालने के लिए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा से वार्ता की गई है कि संबंधित जिला प्रशासन से संपर्क कर पीड़ितों की मदद की जाए। साथ ही उक्त क्षेत्र में टूर एंड ट्रेवल का काम कर रही एजेंसियों से संपर्क साध कर पीड़ितों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि उनमें से कुछ लोगों ने मेरे फोन पर संपर्क साध कर आपबीती बताई। उनकी व्यथा सुनकर मन बहुत ज्यादा दु:खी हुआ। उन्होंने सभी क्षेत्र वासियों से अपील की है कि इस तरह के ठेकेदार एवं प्रलोभन देने वाले व्यक्तियों से सावधान रहें।

देवर के खाते से उड़ाए ₹74 हजार

महिला ने धोखा देकर देवर के खाते से उड़ाई रकम। खाताधारक की शक्ल मिलते व्यक्ति से कराया आहरण। सोमवार तक धन वापस देने के आश्वासन पर नहीं कराई रिपोर्ट।

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार) मंडावली स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक में एक व्यक्ति के खाते से 74 हजार रुपए निकाले जाने पर हड़कंप मच गया। बैंक में पहुंचने पर खाताधारक को पता चला कि रिश्ते की भाभी ने ही उसकी शक्ल से मिलते-जुलते चेहरे वाले व्यक्ति के माध्यम से खाते से रूपए निकाले हैं। बैंक सहायक प्रबंधक ने आरोपियों की ओर से सोमवार तकं निकाला गया धन वापस करने के आश्वासन पर मामला थाने में दर्ज नहीं कराया है। 

मंडावली थाना क्षेत्र के ग्राम सिकरौड़ा निवासी चंद्रपाल सिंह के सर्व यूपी ग्रामीण बैंक मंडावली शाखा के खाते से 74 हजार रुपए निकाल लिए गए। बैंक पहुंचने पर उसे पता चला कि उसके खाते से 27 जनवरी को 49 हजार रुपए व 19 फरवरी को 25 हजार रुपए निकाले गए हैं। यह सुनकर वह काफी परेशान हो गया। बैंक के असिस्टेंट मैनेजर सौरभ ने जांच पड़ताल के बाद बताया कि चंद्रपाल के खाते से एक महिला, ग्रामीण सुक्खे सिंह के साथ बैंक की पासबुक लेकर बैंक पहुंची थी। सुक्खे सिंह ने अपना अंगूठा लगाकर 49 हजार रुपए व 19 फरवरी को 25 हजार रुपए निकाले थे। असिस्टेंट मैनेजर सौरभ ने बताया कि चंद्रपाल व सुक्खे सिंह की शक्ल आपस में काफी मिलती है। इसलिए रुपए आहरण करने के दौरान उस पर शक नहीं हो पाया। उक्त महिला ने सुक्खे सिंह की मदद से बैककर्मियों के सामने रुपए निकालने की बात स्वीकार कर ली है। साथ ही सोमवार तक रकम बैंक को वापस करने का आश्वासन देने पर बैंक के असिस्टेंट मैनेजर की ओर से उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की गयी है। उन्होंने बताया कि सोमवार तक पैसे न मिलने पर महिला व उसके साथी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।