नवंबर तक शुरू हो जायेगा कानपुर व आगरा मेट्रो का संचालन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इसी साल नवम्बर तक कानपुर और आगरा में मेट्रो रेल का संचालन शुरू कर दिया जायेगा। योगी ने सोशल मीडिया वार्तालाप कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के चार महानगरों में मेट्रो रेल सेवाएं संचालित की जा रही हैं। नवम्बर तक कानपुर और आगरा मेट्रो रेल का संचालन शुरू हो जाएगा। मेरठ और दिल्ली के बीच आरआरटीएस का विकास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ​प्रदेश के विकास के लिए अवस्थापना सुविधाओं का विकास अत्यन्त आवश्यक है। इस पर फोकस करते हुए राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में एक्सप्रेस-वेज का संजाल बिछाया जा रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे लगभग पूरा हो चुका है और अगले माह किसी समय इसका लोकार्पण सम्भावित है। इसी प्रकार बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य बहुत तेजी से चल रहा है। इसका लोकार्पण भी दिसम्बर, 2021 तक सम्भावित है। मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नारे ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ पर चलते हुए प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में निरन्तर कार्य करते हुए तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का ​लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने का है। इसके लिए सारे प्रयास किए जा रहे हैं।  

दिल्ली मेट्रो के MD को तीसरी बार मिला सेवा विस्तार

बिजनौर। केन्द्र सरकार ने दिल्ली मेट्रो कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक नजीबाबाद निवासी मंगू सिंह के कार्यकाल में छह माह का और इजाफा कर दिया है। 2016 में सेवानिवृति के बाद यह तीसरा मौका है, जब सरकार की ओर से उन्हें सेवा विस्तार मिला है।

भारत सरकार ने पश्चिम उत्तर प्रदेश के मंडल मुरादाबाद अंतर्गत जिला बिजनौर की नजीबाबाद के ग्राम अलावलपुर नैनू निवासी मंगू सिंह को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं को देखते एक बार फिर छह माह के लिए कार्यकाल बढ़ाते हुए सेवा का अवसर प्रदान किया है। मंगू सिंह दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन में प्रबंध निदेशक पद पर वर्ष 2011 से कार्यरत हैं। मंगू सिंह वर्ष 2016 में सेवानिवृत हो गए थे, परन्तु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चार वर्ष के लिए सेवाकाल बढ़ा दिया था। 31 दिसंबर 2020 को सरकार ने फिर से तीन माह के लिए मंगू सिंह को पद पर बने रहने की जिम्मेदारी दी थी। एमडी मंगू सिंह के निर्देशन में हाल ही में दिल्ली मैट्रो रेल कार्पोरेशन ने मजेंटा लाइन पर पूरी तरह स्वचालित देश की पहली मेट्रो ट्रेन संचालित की  गई थी। प्रधानमंत्री ने ट्रेन का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया था। दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन में उत्कृष्ट पहचान रखने वाले एमडी मंगू सिंह का बढ़ाया गया कार्यकाल 31 मार्च 21 को पूरा हो रहा है। केन्द्र सरकार ने दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह का कार्यकाल एक बार फिर छह माह के लिए बढ़ा दिया है। वह अब 30 सितंबर 2021 तक कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक पद पर बने रहेंगे।

3 करोड़ पहुंची लखनऊ मेट्रो की राइडरशिप

लखनऊ मेट्रो की एक और उपलब्धि- यात्री सेवा की शुरुआत से अब तक की कुल राइडरशिप पहुंची 3 करोड़

लखनऊ। मेट्रो ने एक और उपलब्धि प्राप्त की है। 5 सितंबर, 2017 से प्रारंभ हुई लखनऊ मेट्रो सेवा ने आज अपनी अब तक की यात्रा में तीन करोड़ की राइडरशिप (यात्री संख्या) को पार कर लिया। यह महत्तवपूर्ण उपलब्धि इसलिए भी ख़ास है क्योंकि तब से अब तक अपनी कार्य पद्धति और समपिंत यात्री सेवा से लखनऊ मेट्रो ने शहरवासियों के दिलों में अहम जगह बनाई है और उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुकी है।

इस उपलब्धि के मौके पर उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने यूपीएमआरसी की पूरी टीम के साथ लखनऊ की जनता को भी बधाई दी है। उन्होंने कहा कि ‘‘निश्चित तौर पर लखनऊ मेट्रो के लिए यह क्षण ऐतिहासिक और गर्व की अनुभूति कराने वाला है। हमने तमाम बाधाओं को पार कर लखनऊ के लोगों के लिए जिस आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का संकल्प लिया था, आज वह यात्रियों से मिल रहे निरंतर समर्थन और भरोसे की वजह से एक मुकाम तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। हम इसके लिए लखनऊवासियों के आभारी हैं और उन्हें विश्वास दिलाते हैं कि भविष्य में भी इसी कर्मठता और समर्पण के साथ उनकी सेवा के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।”

वर्तमान में कोविड के मद्देनज़र मेट्रो स्टेशनों और मेट्रो ट्रेनों पर सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किए गए तमाम प्रबंध जारी हैं। सुरक्षित और सुगम यात्रा के लिए सैनिटाइजेशन और शारीरिक दूरी का विशेष ख्याल रखा जा रहा है। इस साल की शुरुआत से अल्ट्रावायलेट किरणों से मेट्रो ट्रेनों के कोच को सैनिटाइज करने वाली लखनऊ मेट्रो देश की पहली मेट्रो सेवा बन गई है। हमारे इन प्रयासों का नतीजा है कि पिछले साल कोविड के बाद अनलॉक में 7 सितंबर 2020 से मेट्रो सेवा के पुनः आरंभ होने के बाद से मेट्रो की यात्री संख्या में लगातार सुधार हुआ है। लखनऊ मेट्रो 42 हजार यात्री संख्या के साथ कोरोना पूर्व की राइडरशिप का 65 प्रतिशत पहले ही हासिल कर चुकी है। हालांकि इसी वक्त में अन्य राज्यों की मेट्रो सेवाओं की राइडरशिप रिकवरी काफी कम है।

लखनऊ में सीसीएस एयरपोर्ट से मुंशीपुलिया के बीच 23 किलोमीटर उत्तर दक्षिण कोरिडोर में मेट्रो ट्रेन प्रतिदिनि 343 फेरे लगाती है। मेट्रो की ये सार्वजनिक परिवहन प्राणाली सुरक्षित होने के साथ साथ पर्यावरण के अनुकूल तो है ही साथ ही सवारी के कई माध्यमों से सस्ती भी है। यहां विशेष यात्रियों और महिलाओं की सहूलियत का भी पूरा ध्यान रखा जाता है। लखनऊ मेट्रो की लॉस्ट एंड फाउंड पॉलिसी के तहत यात्रियों का अब तक स्टेशनों और ट्रेनों में छूटा करीब साढ़े सात लाख रुपया और कीमती साजोसामान लौटाया गया है जिसने यात्रियों के दिल में इस सेवा के प्रति एक अटूट भरोसा भी पैदा किया है। लखनऊ मेट्रो की प्रतिबद्धता है कि वो इसी तरह यात्रियों की सेवा में सदैव तत्पर रहेगी।

बेंगलुरु मेट्रो की दक्षिणी विस्तार लाइन का शुभारंभ

बेंगलुरू मेट्रो के चरण-2 का उद्घाटन-तेज आवागमन और स्मार्ट मोबिलिटी विकल्पों को सक्षम बनाने के लिए बेंगलुरू मिशन 2022 के लक्ष्यों की दिशा में उठाया गया कदम चरण-2 में 74 किलोमीटर लंबे रूट पर 62 स्टेशन के साथ चरण-1 में चारों दिशाओं में 34 किलोमीटर लंबाई में दोनों बैंगनी व हरी लाइनों और दो नई लाइनों का विस्तार शामिल है।

बेंगलुरू। आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी, केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री सदानंद गौड़ा और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने येलाचेनाहल्ली से सिल्क इंस्टीट्यूट मेट्रो स्टेशनों तक ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर नम्मा मेट्रो के चरण-2 के अंतर्गत 6 किलोमीटर लंबी दक्षिणी विस्तार लाइन का शुभारम्भ किया। मेट्रो विस्तार लाइन और एफओबी का उद्घाटन शहर में तेज आवागमन और स्मार्ट मोबिलिटी के विकल्पों को सक्षम बनाने के लिए बेंगलुरू मिशन, 2022 के लक्ष्यों की दिशा में एक कदम है। बेंगलुरू मेट्रो रेल परियोजना चरण-2 के तहत 74 किलोमीटर लंबे रूट पर 62 स्टेशन आते हैं और इसमें चारों दिशाओं में कुल 34 किलोमीटर में चरण-1 की बैंगनी और हरी दोनों लाइनों का विस्तार और दो नई लाइनें शामिल हैं। इन दो लाइनों में 21 किलोमीटर लंबा गोतीगेरे-नागावाड़ा रूट और 19 किलोमीटर लंबा आरवी रोड- बोम्मासैंड्रा रूट शामिल है। इस परियोजना को 30,695 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जा रहा है। वर्तमान में परिचालन लाइन पर येलाचेनाहल्ली मेट्रो स्टेशन से आगे 5 नए स्टेशन कोननकुंटे क्रॉस, दोदोकल्लासैंड्र, वाजारहल्ली, थालाघट्टापुरा और सिल्क इंस्टीट्यूट शामिल हैं। विस्तार में वर्तमान में परिचालित 24.2 किलोमीटर लंबी हरी (उत्तर-दक्षिण) लाइन के दक्षिणी किनारे पर 6 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड मेट्रो शामिल है। इस विस्तार के साथ, एन-एस कॉरिडोर 30.2 किलोमीटर लंबा हो जाएगा। एलिवेटेड भाग में 213 स्पैन (पुल) शामिल हैं। इस काम में सुपरस्ट्रक्चर के लिए 1032 पाइल, 223 पियर्स और 1998 सेगमेंट व स्टेशनों में 665 गिरडर शामिल हैं। इसमें 2,10,965 कम कंक्रीट और 20,500 मीट्रिक टन स्टील इस्तेमाल किए गए हैं। ‘स्टेट ऑफ आर्ट इक्विपमेंट’ के अलावा बिजली से जुड़े कार्यों, सिग्नलिंग और दूरसंचार के लिए विभिन्न आकारों के 765 किलोमीटर केबल और तार बिछाए गए हैं।

मेट्रो की कुछ विशेषताएं: यात्रियों की सुविधा के लिए हर स्टेशन पर 8 एस्केलेटर और 4 एलिवेटर लगाए गए हैं, जिससे कुल 40 एस्केलेटर और 20 एलिवेटर हो गए हैं। इस विस्तार लाइन के सभी 5 स्टेशनों पर कुल 1.2 मेगावाट क्षमता के रूफ टॉप सौर उपकरण लगाए जा रहे हैं। सौर ऊर्जा संयंत्रों को मार्च, 2021 तकलगाने का लक्ष्य है। बेंगलुरू मेट्रो में ऐसा पहली बार है कि यहां सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जा रहे हैं। सभी 5 स्टेशनों को ऊर्जा दक्ष एलईडी लाइट उपलब्ध कराई गई हैं। सभी स्टेशनों पर नई सर्विस रोड पर प्रवेश/निकासी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सर्विस रोड पर बस गलियारा, टैक्सी और ऑटो के लिए पिकअप व ड्रॉप एरिया निर्धारित किया गया है। शारीरिक दिव्यांग और नेत्रहीन लोगों के लिए रैम्प, लिफ्ट, अलग शौचालय, स्पर्श मार्ग व ट्रेनों में निश्चित स्थान जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मल्टी मॉडल इंटीग्रेशन बस अड्डों का पता लगाने के लिए 5 स्टेशनों के दोनों तरफ विशेष मोड बदलाव सेवा लेन बनाई गई हैं और मध्यवर्ती सार्वजनिक परिवहन (आईपीटी) के लिए स्थान उपलब्ध कराया गया है।

एक देश एक कार्ड-बेंगलुरू मेट्रो ने स्वचालित किराया संग्रह (एएफसी) प्रणाली के लिए विशेष तकनीक का उपयोग किया है, जो उद्घाटन के साथ वन लूप एनसीएमसी ‘एक देश एक कार्ड’ के उपयोग से यात्रा में सहायक होता है। एनसीएमसी के लिए वर्तमान में परिचालित 42 किलोमीटर लंबे नेटवर्क के 40 स्टेशनों पर एएफसी प्रणाली को भी अपग्रेड किया जा रहा है। चरण-1 की लाइनों सहित सभी लाइनों पर एनसीएमसी आधारित टिकट सेवा 15 अगस्त, 2021 से पहले यात्रा के लिए उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इसके बाद, बेंगलुरू में पश्चिमी विस्तार सहित 55 किलोमीटर लंबे पूरे मेट्रो नेटवर्क में यात्री अपनी यात्रा के लिए भुगतान करने के लिए रूपे कार्ड या कोई अन्य एनसीएमसी अनुपालित बैंक कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं।

यू.पी. मेट्रो और रेड ब्रिगेड की टीम ने दी ‘निर्भया‘ को श्रद्धांजलि

यू.पी. मेट्रो और रेड ब्रिगेड की टीम ने दी ‘निर्भया‘ को श्रद्धांजलि

नुक्कड़ नाटक के बाद जलाए एक हजार दिये

लखनऊ। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल काॅर्पोरेशन ने वर्ष 2012 में ‘निर्भया‘ के साथ हुई वीभत्स हिंसा के विरूद्व, महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को समर्पित, ‘रात का उजाला‘ नाम सेे एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। हजरतगंज मेट्रो स्टेशन पर आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना था। इस अवसर पर ‘रेड ब्रिगेड‘ एनजीओ के कार्यकर्ताओं ने समाज में महिलाओं के प्रति हो रहे भेदभाव और हिंसा के बारे में लोगों को संवेदनशील और जागरूक बनाने के लिए नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। निर्भया की याद में श्रद्धाजंलि स्वरूप एक हजार दिये जलाए गए। महिला सशक्तिकरण को समर्पित विशेष संवाद का भी आयोजन किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल काॅर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक कुमार केशव; निदेशक, परिचालन, सुशील कुमार, रेड ब्रिगेड की संस्थापक सुश्री उषा विश्वकर्मा एवं मेट्रो के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

सबकी सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतज़ाम: कुमार केशव

यू.पी. मेट्रो के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने इस अवसर पर देश और समाज की उन्नति में महिलाओं की अहम भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि; ‘‘आधी आबादी की चिंता और परेशानी को दूर किए बिना हम बेहतर समाज के निर्माण की कल्पना भी नहीं कर सकते। मेट्रो में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। देर रात भी महिलाएं निश्चिंत हो मेट्रो से सफ़र करती हैं, क्योंकि यहां सबकी सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतज़ाम किए गए हैं। मेट्रो ट्रेनों और स्टेशनों पर सब तरफ़ सी.सी.टी.वी. लगाए गए हैं। स्टेशनों पर महिला गार्ड्स को भी नियुक्त किया गया है। यू.पी. मेट्रो में मेट्रो स्टेशन से लेकर मेट्रो ट्रेनों के संचालन में भी महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।”

सबको आना होगा साथ: ऊषा विश्वकर्मा

महिला सुरक्षा पर आधारित संवाद कार्यक्रम में रेड ब्रिगेड की संस्थापक सुश्री ऊषा विश्वकर्मा ने महिलाओं के विरूद्व हो रही हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने के लिए सबको साथ आने का़ आह्वान किया। हाई कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता सुश्री अंजू अग्रवाल ने इस अवसर पर मेट्रो से यात्रा के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार लखनऊ मेट्रो से यात्रा के दौरान छूट गए उनकेे कीमती सामान को मेट्रो द्वारा वापस लौटाया गया। उन्होंने कहा, यू.पी. मेट्रो यात्रियों के जानमाल की सुरक्षा के प्रति समर्पण और निष्ठा की अद्भुत मिसाल पेश कर रहा है।

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