Attention plz- 3 दिन बंद रहेंगे बैंक

3 दिन बंद रहेंगे बैंक। शनिवार और रविवार का अवकाश, सोमवार को बैंककर्मी हड़ताल पर रहेंगे

नई दिल्ली। अगर आपको बैंक में जरूरी काम है तो शुक्रवार तक निपटा लें। क्योंकि 3 दिन बैंक बंद रहेंगे। शनिवार और रविवार का अवकाश रहेगा। सोमवार को हड़ताल होने के कारण बैंक बंद रहेंगे।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर 27 जून को हड़ताल है। हड़ताल के चलते बैंकों पर ताला रहेगा। इधर सोमवार से पहले रविवार और शनिवार का अवकाश रहेगा। अगर किसी को बैंक से संबंधित काम है तो वह 24 जून तक निपटा लें। 24 जून के बाद एटीएम भी खाली रह सकते हैं। हड़ताल का दिन सोमवार भी रणनीति के तहत चुना गया है, जिससे 3 दिन तक ग्राहकों को परेशानी हो।

बैंक कर्मियों ने अपनी प्रमुख मांगों को लेकर फिर से 27 जून को अखिल भारतीय बैंक हड़ताल का एलान कर दिया है। बैंक यूनियंस द्वारा हड़ताल की तिथि ऐसी तय की गई है कि उससे पूर्व भी दो दिन तक बैंक नहीं खुलेंगे। इस बार फिर से रणनीति के तहत हड़ताल का दिन प्रस्तावित होने के कारण बैंकों में लेनदेन सहित अन्य कार्य प्रभावित होंगे। यहां तक कि एटीएम भी धोखा दे सकते हैं।

24 जून को बैंकिंग सेवा पूर्व समय तक खुलेगी। ऐसे में बैंक उपभोक्ता जरूरत के काम निपटा लें ताकि किसी भी तरह की समस्या न हो। हड़ताल को लेकर बैंक भी पहले से उपभोक्ताओं को जागरूक कर रही हैं। उधर प्रस्तावित हड़ताल को लेकर भी तैयारी शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश बैंक एंप्लाइज यूनियन के सहायक सचिव एटा यूनिट के जिला सचिव उमेश यादव ने बताया है कि 27 जून की प्रस्तावित हड़ताल पांच प्रमुख समस्याओं को लेकर है।

बैंक कर्मियों का कहना है कि हमारी मांगों पर लंबे समय से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसमें पांच दिवसीय बैंकिंग, पेंशन का फिर से निर्धारण, नई पेंशन योजना की समाप्ति एवं पुरानी पेंशन योजना को लागू करना और बैंककर्मियों की लंबित मांगों को पूरा करने समेत कई मांगें हैं।

आम जवानों जैसी सहूलियत, एक करोड़ का बीमा

अग्निपथ पर चले अग्निवीरों को आम जवानों जैसी सहूलियत, एक करोड़ का बीमा

नई दिल्ली। अग्निपथ योजना के विरोध में चल रहे प्रदर्शन से निपटने के लिए बैठकों का दौर लगातार जारी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तीनों सेनाओं के प्रमुख दृढ़ता से डटे हुए हैं। रविवार को रक्षा मंत्रालय ने एक अहम प्रेस कांफ्रेंस में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि अग्निपथ स्कीम रोलबैक नहीं होगी। यह भी बताया कि अग्निवीर के जरिए भारतीय सेना में किस तरह से जोश और होश का संतुलन बनाने की योजना है।

अब सभी रिक्रूटमेंट केवल अग्निवीर से- प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मौजूद वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि सेना में अब सभी रिक्रूटमेंट केवल अग्निवीर के तहत ही होंगे। उन्होंने कहा कि जिन्होंने पहले अप्लाई किया था, उनके लिए एज लिमिट बढ़ा दी गई है। सभी को नए सिरे से अप्लाई करना होगा। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि वैकल्पिक भर्ती की कोई योजना नहीं है ।

सैन्य मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अरुण पुरी ने कहा कि यह योजना काफी विचार-विमर्श करके लाई गई है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं के जोश-होश के बीच तालमेल बनाना है। उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना युवाओं के लिए फायदेमंद है। सभी अग्निवीरों को आम जवानों की तरह फायदे मिलेंगे। उन्होंने कहा कि आज की तुलना में अग्निवीरों को ज्यादा अलाउंस मिलेगा। उन्होंने कहा कि दो साल से इस योजना पर चर्चा चल रही थी। अरुण पुरी ने कहा कि हर साल लगभग 17,600 लोग तीनों सेवाओं से समय से पहले सेवानिवृत्ति ले रहे हैं। किसी ने कभी उनसे यह पूछने की कोशिश नहीं की कि वे सेवानिवृत्ति के बाद क्या करेंगे? उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं के भविष्य के लिए सोच-समझकर उठाया गया कदम है। इन सब के बीच भारतीय वायुसेना ने अग्निपथ योजना के तहत भर्ती करने के लिए विवरण जारी किया है। इस विवरण में वायुसेना ने बताया है कि अग्निपथ सशस्त्र बलों के लिए एक नई मानव संसाधन प्रबंधन योजना है। इस योजना के माध्यम से शामिल किए गए उम्मीदवारों को अग्निवीर कहा जाएगा। इनकी भर्ती वायुसेना अधिनियम 1950 के तहत चार वर्षों के लिए की जाएगा।

अभी है योजना की शुरुआत

लेफ्टिनेंट जनरल पुरी ने कहा कि अभी योजना के शुरू में 46000 अग्निवीरों की भर्ती की जा रही है, यह क्षमता अभी और बढ़ेगी। अगले 4-5 सालों में यह संख्या 50,000-60,000 होगी और फिर इसे 90 हजार से बढ़ाकर एक लाख किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सेना की योजना में 1.25 लाख तक अग्निवीरों की भर्ती की जाएगी। इस प्रकार से यदि 25 फीसदी को परमानेंट रखा जाएगा तो ऑटोमैटिकली 46,000 अग्निवीर परमानेंट रूप से भर्ती होंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई अग्निवीर देशसेवा के दौरान शहीद होता है उसे एक करोड़ रुपए की आर्थिक मदद मिलेगी।

FIR है दर्ज तो नहीं बन सकेंगे अग्निवीर

केंद्र सरकार की ओर से तीनों सेनाओं में भर्ती के लिए लाई गई अग्निपथ योजना के विरोध के बीच सेना की ओर से उम्मीदवारों को साफतौर पर चेतावनी देते हुए कहा गया है कि अगर उनके खिलाफ FIR दर्ज होती है तो वह ‘अग्निवीर’ नहीं बन सकेंगे। सेना ने कहा कि भर्ती में शामिल होने वाले हर उम्मीदवार को लिखित में यह बताना होगा कि वो अग्निपथ योजना के विरोध के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ करने वालों में शामिल नहीं थे। सैन्य मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि उम्मीदवारों को एक लिखित प्रमाण पत्र देना होगा कि वे विरोध या तोड़फोड़ का हिस्सा नहीं थे। पुरी ने कहा कि भारतीय सेना की नींव में अनुशासन है। आगजनी या तोड़फोड़ के लिए कोई जगह नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति को एक प्रमाण पत्र देना होगा कि वे विरोध या तोड़फोड़ का हिस्सा नहीं थे। पुलिस सत्यापन अनिवार्य है, इसके बिना कोई भी शामिल नहीं हो सकता है।

सेना में अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं

लेफ्टिनेंट जनरल पुरी ने आगे कहा अगर किसी उम्मीदवार के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज की जाती है तो वे सेना में शामिल नहीं हो सकते। सशस्त्र बलों में अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं है। केंद्र सरकार की ओर से मंगलवार को योजना के ऐलान के बाद बुधवार को बिहार में अग्निपथ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था।

वायुसेना में कब से शुरू होगी Agniveer भर्ती ?

एयर मार्शल एसके झा ने बताया कि पहले बैच के अग्निवीर भर्ती के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 24 जून 2022 से शुरू से होगी। इस बैच के लिए फेज-1 की ऑनलाइन परीक्षा 24 जुलाई से शुरू होगी। वहीं पहले बैच की ट्रेनिंग के लिए रजिस्ट्रेशन दिसंबर में शुरू होंगे और इस प्रक्रिया को 30 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।

नौसेना में Agniveer भर्ती के आवेदन 21 नवंबर से वाइस एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि पहले नवल अग्निवीर 21 नवंबर 2022 से ओडिशा स्थिति आईएनएस चिल्का में ट्रेनिंग के लिए पहुंचना शुरू कर देंगे। नौसेना में महिला और पुरुष दोनों अग्निवीरों की भर्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि नौसेना में पहले से ही विभिन्न जहाजों में 30 महिला अधिकारी तैनात हैं। ऐसे में नौसेना ने अग्निपथ योजना के तहत भी महिला अग्निवीरों की भर्ती का फैसला किया है।

किसानों को 6 हजार सालाना देने के खिलाफ उतरे ताकतवर देश

किसानों को 6 हजार सालाना देने के खिलाफ उतरे ताकतवर देश, भारत ने दिया मुंहतोड़ जवाब

नई दिल्ली (एजेंसी)। वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन यानी WTO की बैठक जेनेवा में हुई। इसमें अमेरिका और यूरोपीय देशों ने मोदी सरकार द्वारा भारतीय किसानों को दी जाने वाली एग्रीकल्चरल सब्सिडी का विरोध किया। किसानों को सालाना दिये जाने वाले रुपए 6000 रुपए भी एग्रीकल्चरल सब्सिडी में शामिल है। ऐसे में इसे रोकने के लिए अमेरिका और यूरोप ने पूरी ताकत झोंक दी है। भारत ने भी इस मुद्दे पर ताकतवर देशों के आगे झुकने से इनकार कर दिया है।

12 जून से 15 जून 2022 तक जेनेवा में WTO की बैठक का आयोजन हुआ। बैठक में 164 सदस्य देशों वाले WTO के G-33 ग्रुप के 47 देशों के मंत्रियों ने हिस्सा लिया। भारत की ओर से केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल शामिल हुए। इस साल होने वाली WTO की बैठक में इन 3 अहम मुद्दों पर प्रस्ताव लाने की तैयारी की गई…1. कृषि सब्सिडी को खत्म करने के लिए. 2. मछली पकड़ने पर अंतरराष्ट्रीय कानून बनाने के लिए 3. कोविड वैक्सीन पेटेंट पर नए नियम लाने के लिए। अमेरिका, यूरोप और दूसरे ताकतवर देश इन तीनों ही मुद्दों पर लाए जाने वाले प्रस्ताव के समर्थन में थे, जबकि भारत ने इन तीनों ही प्रस्ताव पर ताकतवर देशों का जमकर विरोध किया। भारत ने ताकतवर देशों के दबाव के बावजूद एग्रीकल्चरल सब्सिडी को खत्म करने से इनकार कर दिया है। वहीं अब इस मामले में भारत को WTO के 80 देशों का साथ मिला है।

अमेरिका और यूरोप चाहते हैं कि भारत अपने यहां किसानों को दी जाने वाली हर तरह की एग्रीकल्चरल सब्सिडी को खत्म करे. इसमें ये सारे एग्रीकल्चरल सब्सिडी में शामिल हैं- PM किसान सम्मान निधि के तहत दिए जाने वाले सालाना 6 हजार रुपए, यूरिया, खाद और बिजली पर दी जाने वाली सब्सिडी। अनाज पर MSP के रूप में दी जाने वाली सब्सिडी। अमेरिका जैसे ताकतवर देशों का मानना है कि सब्सिडी की वजह से भारतीय किसान चावल और गेहूं का भरपूर उत्पादन करते हैं।बइसकी वजह से भारत का अनाज दुनिया भर के बाजार में कम कीमत में मिल जाता है। अमेरिका और यूरोपीय देशों के अनाज की कीमत ज्यादा होने की वजह से विकासशील देशों में इसकी बिक्री कम होती है। यही वजह है कि दुनिया के अनाज बाजार में दबदबा कायम करने के लिए ताकतवर देश भारत को एग्रीकल्चरल सब्सिडी देने से रोकना चाहते हैं। भारत इसे मानने के लिए तैयार नहीं है। WTO में भले ही अमेरिका और दूसरे ताकतवर देश विकासशील देशों के किसानों को सब्सिडी देने से मना करते हों, लेकिन खुद अमेरिका अपने देश के समृद्ध किसानों को सब्सिडी देने में दूसरे देशों से कहीं आगे है, वो भी तब, जब अमेरिकी किसानों की सालाना आय भारतीय किसानों से 52 गुना ज्यादा है।

रोड पर गलत तरीके से खड़े वाहन की फोटो खींच कर पाओ इनाम

नई दिल्ली (एजेंसी)। सड़क पर गलत तरीके से खड़े किए गए वाहन की तस्वीर भेजने वाले को उसे 500 रुपए का इनाम दिया जाएगा। वहीं गलत तरीके से पार्किंग करने वाले वाहन मालिक से 1,000 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा। सरकार जल्द इस तरह का एक कानून लाने जा रही है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि वह सड़क पर गलत तरीके से वाहन खड़ा करने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए एक कानून लाने पर विचार कर रहे हैं। गडकरी ने कहा, ‘‘मैं एक कानून लाने वाला हूं कि रोड पर जो वाहन खड़ा करेगा, उसपर 1,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं गलत तरीके से वाहन खड़ा करने वाले की तस्वीर खींचकर भेजने वाले को इसमें से 500 रुपए दिए जाएंगे।’’ मंत्री ने इस बात पर क्षोभ जताया कि लोग अपने वाहनों के लिए पार्किंग की जगह नहीं बनाते हैं। इसके बजाय वे अपना वाहन सड़क पर खड़ा करते हैं।

उन्होंने कहा, नागपुर में मेरे रसोइये के पास भी दो सेकेंड हैंड वाहन हैं। आज चार सदस्यों के परिवार के पास छह कारें होती हैं। ऐसा लगता है कि दिल्ली के लोग भाग्यशाली हैं। हमने उनका वाहन खड़ा करने के लिए सड़क बनाई है।

रोड पर गलत तरीके से खड़े वाहन की फोटो खींच कर पाओ इनाम

नई दिल्ली (एजेंसी)। सड़क पर गलत तरीके से खड़े किए गए वाहन की तस्वीर भेजने वाले को उसे 500 रुपए का इनाम दिया जाएगा। वहीं गलत तरीके से पार्किंग करने वाले वाहन मालिक से 1,000 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा। सरकार जल्द इस तरह का एक कानून लाने जा रही है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि वह सड़क पर गलत तरीके से वाहन खड़ा करने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए एक कानून लाने पर विचार कर रहे हैं। गडकरी ने कहा, ‘‘मैं एक कानून लाने वाला हूं कि रोड पर जो वाहन खड़ा करेगा, उसपर 1,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं गलत तरीके से वाहन खड़ा करने वाले की तस्वीर खींचकर भेजने वाले को इसमें से 500 रुपए दिए जाएंगे।’’ मंत्री ने इस बात पर क्षोभ जताया कि लोग अपने वाहनों के लिए पार्किंग की जगह नहीं बनाते हैं। इसके बजाय वे अपना वाहन सड़क पर खड़ा करते हैं।

उन्होंने कहा, नागपुर में मेरे रसोइये के पास भी दो सेकेंड हैंड वाहन हैं। आज चार सदस्यों के परिवार के पास छह कारें होती हैं। ऐसा लगता है कि दिल्ली के लोग भाग्यशाली हैं। हमने उनका वाहन खड़ा करने के लिए सड़क बनाई है।

डाकघरों में अब मिल सकेगा ट्रेन का टिकट

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय रेलवे ने देशभर में 45,000 डाकघरों में टिकट बुकिंग की व्यवस्था की तैयारी कर ली है। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों को ध्यान में रखकर ये फैसल लिया गया है।

इसके लिए रेलवे ने 45,000 डाकघरों में टिकटिंग की व्यवस्था की है। यात्री बिना किसी परेशानी के यहां से टिकट ले सकते हैं। पिछले दिनों खजुराहो में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी घोषणा करते हुए यह भी बताया था कि अब रेल टिकट लेने में यात्रियों को परेशानी नहीं होगी। इसके साथ ही खजुराहो और दिल्ली के बीच वंदेभारत ट्रेन पर अपडेट देते हुए रेल मंत्री ने बताया था कि इस रूट पर अगस्त तक इलेक्ट्रिफिकेशन का काम पूरा हो जाएगा। तब तक वंदे भारत ट्रेन भी चलने लगेगी। अर्थात अगस्त के बाद कभी भी मध्य प्रदेश को वंदे भारत ट्रेन की सौगात मिल सकती है, जिसके लिए डाकघर से ही टिकट बुक हो सकता है।

गौरतलब है कि स्टेशन से दूर दराज में रहने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डाक घरों में रेल आरक्षण कराने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है ताकि रेल रिजर्वेशन के लिए लोगों को भटकना न पड़े। इन डाक घरों में रेल आरक्षण बुकिंग का कार्य डाक घर के प्रशिक्षित कर्मचारियों द्वारा किया जाता है। रेलवे द्वारा नेटवर्क कनेक्टिविटी के साथ हार्डवेयर उपलब्ध कराया गया है। इस योजना से शहर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को आस पास के डाकघरों से अपनी ट्रेनों के लिए रिजर्वेशन कराने की सुविधा मिलेगी। रेलवे ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वर्तमान में रेलवे द्वारा डाक घरों में प्रदत्त कराई गई रेल आरक्षण बुकिंग की सुविधा का लाभ उठाएं।

ऑटोमेटिक टिकट वेंडिग मशीन- इससे पहले भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए उन्हें वेटिंग और लम्बी कतारों से मुक्ति देते हुए ई-टिकटिग की नई सुविधा भी शुरू की है। इसके तहत रेल यात्री अब यात्रा टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट और मंथली पास के नवीकरण के लिए ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन पर पेटीएम, फोनपे, फ्रीचार्ज जैसे यूपीआई बेस्ड मोबाइल ऐप से क्यूआर कोड स्कैन कर डिजीटल पेमेंट कर सकेंगे। इस सुविधा में यात्री ऑटोमेटिक टिकट वेंडिग मशीन से मिलने वाली सुविधाओं के लिए डिजिटिल ट्रांजेक्शन से भी भुगतान कर सकेंगे। यात्री इसके जरिये एटीवीएम स्मार्ट कार्ड को भी रिचार्ज करा सकते हैं। क्यूआर कोड को स्कैन कर यात्री फोन के माध्यम से डिजीटल भुगतान कर टिकट प्राप्त कर सकते हैं।

इसे स्कैन करने और पेमेंट करने के बाद यात्रियों को तुरन्त अपने गंतव्य का टिकट मिल जाएगा। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा डिजीटल मोड में पेमेंट करें और लंबी लाइन से छुटकारा पाएं।

गौरतलब है कि रेलवे बोर्ड को ऐसे स्टेशनों पर अक्सर यात्रियों की तरफ से घंटों लाइन में लग कर टिकट लेने की शिकायत मिली थी। कई बार स्टेशनों पर लंबी-लंबी लाइन में लगने से यात्रियों की ट्रेन छूट जाती है। लेकिन अब टिकट बिक्री के विकेंद्रीकरण के बाद यात्रियों को घंटों लंबी कतारों में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। शहरी और ग्रामीण दोनों तरह के यात्रियों को ध्यान में रखकर दो अगल-अलग सुविधाओं के बेहतर किया गया है।

…तो फ्री राशन के बदले देनी पड़ेगी 27 रुपए किलो के हिसाब से पेनाल्टी

अगर आपके घर में है ये 6 चीजें…तो नहीं मिलेगा फ्री राशन और देनी पड़ेगी 27 रुपए किलो के हिसाब से पेनाल्टी।

ration card

नई दिल्ली (एजेंसी)। यदि आपने भी नियमों की धज्जियाँ उड़ाई है तो आपके पास राशन कार्ड सरेंडर करने का मौका है। केन्द्र और राज्य की सरकारों द्वारा दिया जाने वाला फ्री राशन आपके लिए बंद हो सकता है।

बताया गया है कि सरकार द्वारा 27 रूपए किलो के हिसाब से गेहूं की पेनल्टी लगाई जाती है। यह पेनल्टी तब से लागू होती है, जब से आपने राशन लेना शुरू किया था। राशन कार्ड बनवाने के नियमों में भी रसद विभाग ने बड़ा बदलाव किया है। सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद परिवार फ्री राशन ले रहा है तो आपको जेल भी हो सकती है।


इन परिस्थितयों में राशन कार्ड को करें सरेंडर
-गरीबी रेखा के मापदंडों में नहीं आने पर
-घर में तमाम सुख सुविधा होने बावजूद भी राशन लेने पर
-परिवार का सदस्य सरकारी सेवा में होने पर
-पारिवारिक आय मासिक 3000 हजार रुपए से ज्यादा होने पर
-APL के लिए पारिवारिक आय 10 हजार रुपए मासिक से ज्यादा होने पर -एक से अधिक जगह राशन कार्ड होने पर

क्या है पूरा मामला! दरअसल वर्ष 2020 में कोरोना की शुरूआत में केन्द्र सरकार ने बहुत बड़ी संख्या में राशन कार्ड जारी किए थे। इन राशन कार्ड के जरिए लोगों को राशन, अनाज, तेल, चीनी आदि उपलब्ध करवाए गए थे। उस दौरान बहुत से अपात्र लोगों ने भी कार्ड बनवा लिए थे और योजना का गलत तरीके से लाभ उठाया था। परन्तु अब सरकार चाहती है अपात्र लोगों को इस योजना से बाहर किया जाए। इसके लिए सरकार उन सभी लोगों को अपना राशन कार्ड सरेंडर करने का अंतिम अवसर दे रही हैं। यदि अपात्र होने के बावजूद भी किसी ने राशन कार्ड सरेंडर नहीं किए तो उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी औऱ उन्हें दिए गए राशन के बदले भुगतान की वसूली भी की जाएगी।

इन लोगों को माना गया है राशन कार्ड बनवाने के लिए अपात्र
ऐसे नागरिकों को इस योजना के लिए अपात्र माना गया है जिनके पास…


1. 100 वर्ग मीटर से अधिक का प्लॉट, मकान या फ्लैट है,
2. जिनके पास गाड़ी, ट्रैक्टर है,
3. जिनके पास एयरकंडीशनर है,
4. जिनकी गांवों में दो लाख रुपए व शहर में तीन लाख रुपए से अधिक की पारिवारिक आय है,
5. जिनके पास 5 किलोवाट की क्षमता का जनरेटर हो या,
6. जिनके पास एक या एक से अधिक हथियार के लाइसेंस हों।
उपरोक्त में से यदि एक भी वस्तु जिनके पास है, वे सभी नए नियमों के अनुसार योजना के लिए अपात्र माने गए हैं। उन लोगों के अपील की गई है कि वे अपना राशन कार्ड तहसील अथवा डीएसओ कार्यालय में सरेंडर कर दें। बाद में यदि जांच में उन्हें अपात्र पाया गया तो उनका राशन कार्ड निरस्त कर दिया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी।
केवल इनको मिल सकेगा Ration Card
1. ऐसे सभी परिवार जिनके पास खुद का पक्का मकान नहीं है या झुग्गी-झोपड़ियों में रहते हैं।
2. भीख मांगने वाले
3. दिहाड़ी मजदूर या कामगार
4. घरेलू काम-काज कर अपनी आजीविका चलाने वाले श्रमिक
5. ड्राईवर तथा कुली व बोझा उठाने वाले श्रमिक
6. भूमिहीन किसान
7. कूड़ा-करकट बीनने वाले
8. राज्य सरकार द्वारा चिन्हित पात्र परिवार
9. वर्ष 2011 में हुई आर्थिक जनगणना में चिन्हित किए गए गरीब परिवार

अब जितने किलोमीटर, उतना ही टोल टैक्स

नई दिल्ली (एजेंसी)। टैक्स वसूलने के लिए अब सरकार नया हाईटेक सिस्टम लाने की तैयारी में है। इसके बाद फास्टैग सिस्टम को खत्म कर दिया जाएगा। नया सिस्टम सेटेलाइट नेविगेशन सिस्टम पर आधारित होगा।

किलोमीटर के हिसाब से लगेगा पैसा
सूत्रों के मुताबिक नए सिस्टम पर काम शुरू हो गया है और इसका पायलट प्रोजेक्ट भी लॉन्च हो चुका है। इसे हरी झंडी मिलते ही फास्टैग की जगह पर नेविगेशन सिस्टम से टोल वसूली का काम शुरू कर दिया जाएगा। नए सिस्टम में किलोमीटर के हिसाब से या तय की गई दूरी के हिसाब से टोल टैक्स लिया जाएगा। अभी फास्टैग में एक बार टोल टैक्स काटने का नियम है। अगर किसी हाइवे पर गाड़ी चलती है तो टोल प्लाजा पर एक निश्चित राशि फास्टैग अकाउंट से काट ली जाती है। इस राशि का सफर की दूरी या किलोमीटर से कोई वास्ता नहीं होता। नेविगेशन सिस्टम में किलोमीटर के हिसाब से पैसा लिया जाएगा। नए सिस्टम में हाइवे या एक्सप्रेसवे पर जितने किलोमीटर का सफर तय होगा, उतने किलोमीटर का टोल टैक्स देना होगा।

क्या होगा नए सिस्टम में
किसी हाईवे या एक्सप्रेसवे पर जैसे ही गाड़ी चलनी शुरू होगी, उसके टोल का मीटर ऑन हो जाएगा। अपना सफर खत्म करने के बाद गाड़ी जैसे ही हाइवे से स्लिप रोड या किसी सामान्य सड़क पर उतरेगी, तय दूरी के हिसाब से नेविगेशन सिस्टम पैसा काट लेगा। यह नया सिस्टम भी फास्टैग की तरह होगा, लेकिन पैसा उतना ही लगेगा जितना फासला तय होगा। अभी भारत में तकरीबन 97 फीसदी गाड़ियों में फास्टैग लगा है जिससे टोल वसूली होती है।   

अब नहीं कर सकेंगे Truecaller से कॉल रिकॉर्डिंग

नई दिल्ली (एजेंसी)। मोबाइल नंबरों की पहचान कराने वाले पॉपुलर ऐप Truecaller ने कॉल रिकॉर्डिंग सर्विस बंद करने का ऐलान किया है। अब आप 11 मई से ट्रूकॉलर ऐप के माध्यम से कॉल की रिकॉर्डिंग नहीं कर पाएंगे। Truecaller ने गूगल की नई पॉलिसी के तहत यह फैसला किया है। गूगल ने 11 मई से API का एक्सेस बंद करने की बात कही है और तमाम कॉल रिकॉर्डिंग ऐप्स रिकॉर्डिंग के लिए API का ही इस्तेमाल करते रहे हैं।

गूगल के एक्शन के बाद Truecaller कॉल रिकॉर्डिंग फीचर को अपने ऐप से हटाने की बात कही है.

गूगल के इस एक्शन के बाद Truecaller कॉल रिकॉर्डिंग फीचर को अपने ऐप से हटाने की बात कही है। ट्रूकॉलर की ओर से कहा गया है कि Google की नई डेवलपर प्रोग्राम पॉलिसी के मुताबिक, अब कॉल रिकॉर्डिंग की सुविधा नहीं दे पाएंगे। ट्रूकॉलर का कहना है कि उसने यूजर्स की मांग के आधार पर सभी एंड्रॉयड स्मार्टफोन के लिए कॉल रिकॉर्डिंग की शुरुआत की थी। ट्रूकॉलर पर कॉल रिकॉर्डिंग सभी के लिए फ्री थी।

15 अप्रैल से महंगा हो सकता है ट्रेन का सफर

नई दिल्ली (एजेंसी)। डीजल इंजनों से चलने वाली ट्रेनों से लम्बी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों से अब अधिक किराया वसूला जा सकता है। ये अतिरिक्त शुल्क 15 अप्रैल से टिकट बुकिंग के समय रेल यात्रा में स्वत: जुड़ जाएगा। दरअसल, रेलवे बोर्ड डीजल इंजनों से चलने वाली ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों पर 10 रुपये से 50 रुपये के बीच हाइड्रोकार्बन सरचार्ज (एचसीएस) या ‘डीजल कर’ लगाने की योजना बना रहा है। यह सरचार्ज उन ट्रेनों पर लागू होगा जो डीजल इंजनों का उपयोग कर आधी से अधिक दूरी तक चलेंगी। यह ईंधन आयात के प्रभाव को कम करने के लिए किया जा रहा है, जो तेल की बढ़ती लागत से गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। एसी क्लास के लिए 50 रुपए, स्लीपर क्लास के लिए 25 रुपए और अनारक्षित क्लास के लिए न्यूनतम 10 रुपए फीस तीन कैटेगरी के तहत ली जाएगी।

Additional charges on a railway journey from 15 April , Delhi News in Hindi  - www.khaskhabar.com

उपनगरीय रेल यात्रा टिकटों पर ऐसा कोई अधिभार नहीं लगाया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनों को उन ट्रेनों की पहचान करने का निर्देश दिया है जो निर्धारित दूरी का 50 प्रतिशत डीजल से चलती हैं। इस सूची को हर तीन महीने में संशोधित किया जाना है। हालांकि 15 अप्रैल से पहले बुक किए गए टिकटों पर सरचार्ज लगाने के बारे में अभी कोई स्पष्टता नहीं है। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष के साथ-साथ सऊदी अरब और यमन के बीच झड़प के कारण वैश्विक तेल की कीमतें वर्तमान में रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच चुकी हैं। भारत द्वारा रूस से रियायती कीमतों पर तेल आयात करने के बावजूद, आपूर्ति की कमी है। देश में ईंधन की कीमतों में लगातार 12 दिनों तक बढ़ोतरी के साथ उपभोक्ता ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। एचसीएस सरचार्ज का इस्तेमाल भारतीय रेलवे के चालू विद्युत अभियान के लिए भी किया जाएगा। रेलवे राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर ‘मिशन 100 प्रतिशत विद्युतीकरण – नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन’ योजना के तहत जनता को पर्यावरण के अनुकूल, हरित और स्वच्छ परिवहन प्रदान करने के लिए अपने पूरे ब्रॉड गेज नेटवर्क को विद्युतीकृत करने के लिए एक मिशन मोड पर है। उपयोगकर्ता शुल्क में इस बढ़ोत्तरी का मतलब होगा कि ट्रेन का अंतिम किराया बढ़ जाएगा। रेलवे बोर्ड सरचार्ज जोड़कर, रियायतों में कटौती कर या मूल किराए को छुए बिना आराम व सुविधाओं को कम कर कुल किराया बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

UP के 28 लाख पेंशनरों को मिलेगा 34 % DA, DR का लाभ!

लखनऊ। प्रदेश के करीब 16 लाख कर्मचारियों और 12 लाख पेंशनरों को जल्द ही महंगाई भत्ते और महंगाई राहत बढ़ोतरी का लाभ मिल सकता है। उम्मीद है कि मई में मिलने वाले अप्रैल के वेतन के साथ बढ़े हुए डीए व डीआर का भुगतान भी होगा। प्रदेश का वित्त विभाग इसके लिए तैयारियां कर रहा है।

केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों व पेंशनरों के लिए तीन फीसदी महंगाई भत्ता (डीए) व महंगाई राहत (डीआर) की घोषणा केंद्रीय कैबिनेट ने कर दी है। केंद्र के आदेश के बाद ही यूपी में भी बढ़ा डीए व डीआर दिया जाता है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक, प्रदेश में तीन फीसदी वृद्धि होने पर कर्मचारियों और पेंशनरों का डीए व डीआर 34 फीसदी हो जाएगा। अभी 31 फीसदी मिल रहा है। तीन फीसदी डीए के थाना पिल का लाभ दिए जाने पर सालाना 1000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आएगा।

FASTER सिस्टम से अब जमानत मिलने के बाद कैदियों की रिहाई प्रक्रिया होगी और तेज

नई दिल्ली (एजेंसी) देश में अब जमानत मिलने के बाद कैदियों की रिहाई प्रक्रिया और तेज हो जाएगी। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट मुख्य न्यायधीश एनवी रमणा आज फास्ट एंड सिक्योर ट्रांसमिशन आफ इलेक्ट्रानिक रिका‌र्ड्स को लॉन्च करेंगे। बताया गया है कि मुख्य न्यायाधीश FASTER सॉफ्टवेयर को वर्चुअली लॉन्च करेंगे। कार्यक्रम में CJI समेत सुप्रीम कोर्ट के अन्य जज और सभी हाईकोर्ट के जज शामिल होंगे। इस सिस्टम के आने के बाद कैदियों को जमानत के दस्तावेजों की हार्ड कॉपी के जेल प्रशासन तक पहुंचने का इंतजार नहीं करना होगा।

सितंबर 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अपने आदेशों को संबंधित पक्षों तक पहुंचाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन के सिस्टम को लागू करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने आदेश देते समय जमानत मिलने के बावजूद कैदियों को जेल से रिहाई में होने वाली देरी पर चिंता जताई थी। FASTER के जरिए अदालत के फैसलों की तेजी से जानकारी मिल सकेगी और उस पर तेजी से आगे की कार्यवाही संभव हो सकेगी।

इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स या फास्टर का तेज और सुरक्षित ट्रांसमिशन जेलों में ड्यूटी-होल्डर्स को अंतरिम आदेशों, जमानत आदेशों, स्थगन आदेशों और कार्यवाही के रिकॉर्ड की ई-प्रमाणित प्रतियों को भेजने में मदद करेगा, ताकि एक सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन चैनल के माध्यम से अनुपालन और उचित निष्पादन हो सके। पिछले साल मुख्य न्यायाधीश एनवी रमणा, न्यायमूर्ति नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की तीन सदस्यीय पीठ ने राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों, जेल विभागों और अन्य संबंधित अधिकारियों को ई-प्रमाणित प्रतियों को स्वीकार करने के लिए जेलों में व्यवस्था करने का निर्देश दिया था।

केले, बांस व फूलों की खेती संवारेंगी कृषकों की किस्मत


बिजनौर। हल्दौर फेड फारमर्स प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड, ग्राम अगरी विकास खंड हलदौर के कार्यालय परिसर में एक कृषक गोष्ठी का आयोजन आत्मा योजना प्रभारी योगेन्द्र पाल सिंह योगी के संचालन में किया गया। इस अवसर पर किसान पाठशाला के संचालक राहुल चौधरी ने केले एवं बांस की व्यावसायिक खेती के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि जनपद की भूमि दोनों फसलों की खेती के लिए अनकूल है, जिसे अपनाकर कम लागत में भी कृषक गन्ना से दोगुना आय प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही फसलों पर मिट्टी के घोल का छिड़काव के महत्व से अवगत कराते हुए फसलों के पोषण प्रबंधन एवं कीट रोग नियंत्रण के बारे में बताया गया।


जिला कृषि अधिकारी डा अवधेश मिश्रा द्वारा कृषकों के विकास में एफपीओ की भूमिका की जानकारी देते हुए उपस्थित कृषकों से आवाहन किया गया कि अपने विकास खण्ड में गठित एफपीओ से जुड़े और सामूहिक रूप से इस प्रकार कृषि गतिविधियों का समावेश करें, जिससे प्रत्येक माह आय प्राप्त होती रहे। प्रदेश सरकार एवं भारत सरकार द्वारा गठित व्यक्तियों को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी ग।


इससे पूर्व उप कृषि निदेशक गिरीश चन्द्र द्वारा हल्दौर फेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा स्थापित आधुनिक डिजिटल भूमि परीक्षण प्रयोगशाला का फीता काट कर शुभारम्भ किया गया। उदघाटन के अवसर पर उप कृषि निदेशक द्वारा अपने उदबोधन के माध्यम से अवगत कराया गया कि यह प्रयोगशाला किसानों के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध होगी। भूमि स्वास्थ्य के वर्तमान परिवेश के दृष्टिगत सभी किसानों के लिए यह आवश्यक है कि वे अपने अपने खेत की मिट्टी का भूमि परीक्षण अवश्य करा लें, जिससे उनको यह पता लग सके कि उनके भूमि में किन किन पोषक तत्वों की कमी है और तदनुसार उन तत्वों की पूर्ति करते हुए ना केवल वे अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं बल्कि अनावश्यक उर्वरकों के प्रयोग से भी बच सकते हैं। इससे परोक्ष रूप से जहां कृषि लागत में कमी होगी, वहीं अपरोक्ष रूप से कृषि उत्पाद, भूमि और जल की गुणवत्ता में वृद्धि भी होगी।


जिला उद्यान अधिकारी जीतेंद्र कुमार के द्वारा पॉलीहाउस के माध्यम से फूलों की खेती के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। ग्राम अगरी के अग्रणी कृषक अखिलेश कुमार के द्वारा पाली हाउस के माध्यम से की जा रही फूलों की खेती की जानकारी दी गई।


हल्दौर फेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड अगरी के संरक्षक ब्रह्म पाल सिंह ने बताया कि उनके यहां जैविक जामुन व गन्ना का जैविक सिरका, गुड़, शक्कर, खाण्ड, हल्दी, गेहूं व चावल बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। कृषक उत्पादक संगठन के निदेशक मंडल एवं सदस्यों तथा उपस्थित कृषकों के साथ श्री अखिलेश कुमार के प्रक्षेत्र पर पाली हाउस में उत्पादित किए जा रहे फूलों की खेती का भ्रमण भी किया गया।
इस अवसर पर पूर्व ब्लाक प्रमुख डॉ धर्मवीर सिंह, समर पाल सिंह, शूरवीर सिंह, डा धर्मवीर सिंह, विकास कुमार, धीर सिंह, ओम प्रकाश आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस कार्यक्रम में उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी सदर मनोज रावत, विषय वस्तु विशेषज्ञ मुकेश पाराशर एवं कुलदीप, सहायक विकास अधिकारी कृषि कमल सिंह आदि उपस्थित रहे।

पीएम की इस योजना के तहत पाएं फ्री सिलाई मशीन

पीएम की इस योजना के तहत पाएं फ्री सिलाई मशीन, नहीं करना पड़ेगा एक भी रुपया खर्च

पीएम की इस योजना के तहत पाएं फ्री सिलाई मशीन, नहीं करना पड़ेगा एक भी रुपया खर्च

नई दिल्ली (एजेंसी)। महिलाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पीएम फ्री सिलाई मशीन योजना 2022 के तहत 20 से 40 साल की उम्र की महिलाओं को सिलाई मशीन लेने के लिए एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ेगा।

पीएम फ्री सिलाई मशीन योजना 2022 के तहत महिलाओं को बस एक आवेदन करने की जरूरत है। ये योजना हर एक राज्य की 50,000 महिलाओं की सुविधा के लिए बनाई गई है।

महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने का मौका

पीएम फ्री सिलाई मशीन योजना देश की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने का मौका देगी। भारत की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ये एक अच्छा कदम साबित हो सकता है। पीएम फ्री सिलाई मशीन योजना 2022 के तहत 20 से 40 साल की उम्र की महिलाओं को सिलाई मशीन लेने के लिए एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ेगा।

नि:शुल्क रिफाइंड तेल, नमक व चना वितरण की डेट बढ़ी

लखनऊ। नि:शुल्क रिफाइंड तेल, नमक व चना का वितरण अब 28 मार्च तक होगा। तमाम कोटे की दुकानों तक चना, तेल व नमक न पहुंच पाने के कारण सरकार ने वितरण की तारीख को दूसरी बार पांच दिनों के लिए और बढ़ा दिया है। अभी तक राशन का वितरण 23 मार्च तक निर्धारित था। 

सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक होगा वितरण 

डीएसओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि राशन का वितरण सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक चलेगा। अंत्योदय कार्डधारकों को 35 किलो राशन (15 किलो चावल व 20 किलो गेहूं) और पात्र गृहस्थी को प्रति यूनिट पांच किलो राशन फ्री में वितरित किया जाएगा। साथ ही एक लीटर तेल, एक किलो नमक व एक किलो चना भी नि:शुल्क वितरित होगा।

नि:शुल्क तेल, नमक व चना का अंतिम माह 

नि:शुल्क तेल, नमक व चना के वितरण का यह अंतिम माह है। सरकार प्रदेश भर के सभी अंत्योदय व पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को दिसम्बर 2021 से नि:शुल्क तेल, नमक ,चना व राशन उपलब्ध करा रही है। राशन व तेल, नमक, चना के नि:शुल्क वितरण का समय इस माह पूरा हो रहा है।  

28 को भी ओटीपी से राशन वितरण  

वितरण की तारीख दोबारा बढ़ने के बाद अब 28 मार्च को भी ओटीपी के जरिए राशन मिलेगा। ऐसे कार्डधारक जिनका ईपॉश मशीन पर उंगलियों के निशान का मिलान नहीं हो पाता है, ऐसे कार्डधारकों को ओटीपी सत्यापन के जरिए राशन दिया जाता है।  

अक्तूबर 2023 में दुहाई से मेरठ दक्षिण तक चलेगी रैपिड रेल

गाजियाबाद: अक्तूबर 2023 में दुहाई से मेरठ दक्षिण तक दौड़ेगी रैपिड रेल, डिपो में हुआ कोच का अनावरण

रैपिड रेल

गाजियाबाद (एजेंसी)। दुहाई डिपो में पहुंचे रैपिड रेल के मॉडल कोच में हवाई जहाज और शताब्दी ट्रेन सरीखी सुविधाओं की पहली झलक देखने को मिली। रैपिड रेल में यात्रियों को मेट्रो से अधिक सुविधाएं मिलेंगी। साहिबाबाद से दुहाई तक पहले प्राथमिकता वाले खंड पर रैपिड रेल मार्च 2023 में दौड़ने लगेगी।

पहले खंड में निर्माण संबंधी 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। दुहाई से मेरठ दक्षिण तक 20 किमी लंबे कॉरिडोर पर अक्तूबर 2023 में ट्रेन का संचालन शुरू होगा। आपात चिकित्सा की स्थिति में रैपिड रेल का इस्तेमाल ग्रीन कॉरिडोर की तरह हो सकेगा। इसी को देखते हुए कोच में स्ट्रेचर ले जाने के लिए विशेष स्थान निर्धारित किया है। इमरजेंसी की स्थिति में मरीज को मेरठ से दिल्ली तक 55 मिनट में पहुंचाया जा सकेगा।

मई में आएगी पहली छह कोच की रेल, जुलाई से ट्रायल

प्रबंध निदेशक विनय कुमार सिंह ने बताया कि गुजरात के सावली स्थित प्लांट में छह कोच की पहली रैपिड रेल सेट का निर्माण आखिरी चरण में है। यह ट्रेन मई में दुहाई डिपो में पहुंचेगी। करीब एक से डेढ़ माह तक ट्रेन के तकनीकी परीक्षण के बाद जुलाई से ट्रायल रन की शुरुआत होगी। पहले खंड पर ट्रायल रन दिसंबर 2022 तक चलेगा।

हर छह माह में 20 किमी का सेक्शन खुलेगा

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिड कॉरिडोर 82 किमी लंबा है। मार्च 2023 में पहले खंड के बाद हर छह माह में 20 किमी का कॉरिडोर खोला जाएगा। पहले खंड के बाद दूसरा सेक्शन दुहाई से मेरठ दक्षिण का खुलेगा। फिर साहिबाबाद से दिल्ली और आखिर में मेरठ दक्षिण से मेरठ के मोदीपुरम का सेक्शन शुरू होगा।

हर ट्रेन में चार स्टैंडर्ड, एक प्रीमियम व एक महिला कोच

छह कोच की ट्रेन में चार कोच स्टैंडर्ड श्रेणी, एक कोच महिला और एक कोच प्रीमियम क्लास का होगा। स्टैंडर्ड कोच में एक ओर तीन दरवाजे और प्रीमियम कोच में दो दरवाजे होंगे। प्रीमियम कोच का किराया स्टैंडर्ड से अधिक होगा। किराए को अंतिम रूप देने के लिए एनसीआरटीसी स्तर पर मंथन जारी है।

नई पेंशन योजना लाने की तैयारी में सरकार

देश के करोड़ों कर्मचारियों के काम की खबर, नई पेंशन योजना लाने की तैयारी में सरकार

नई दिल्ली (एजेंसी)। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) संगठित क्षेत्र के 15,000 रुपये से अधिक का मूल वेतन पाने वाले तथा कर्मचारी पेंशन योजना-1995 (ईपीएस-95) के तहत अनिवार्य रूप से नहीं आने वाले कर्मचारियों के लिए एक नई पेंशन योजना लाने पर विचार कर रहा है। वर्तमान में संगठित क्षेत्र के वे कर्मचारी जिनका मूल वेतन (मूल वेतन और महंगाई भत्ता) 15,000 रुपये तक है, अनिवार्य रूप से ईपीएस-95 के तहत आते हैं। एक सूत्र ने कहा, ‘‘ईपीएफओ के सदस्यों के बीच ऊंचे योगदान पर अधिक पेंशन की मांग की गई है। अगर इस तरह का फैसला लिया जाता है तो देश के करोडो़ं कर्मचारियों को फायदा हो सकता है। इस प्रकार उन लोगों के लिए एक नया पेंशन उत्पाद या योजना लाने के लिए सक्रिय रूप से विचार किया जा रहा है, जिनका मासिक मूल वेतन 15,000 रुपये से अधिक है।’’



सूत्र के अनुसार, इस नए पेंशन उत्पाद पर प्रस्ताव 11 और 12 मार्च को गुवाहाटी में ईपीएफओ के निर्णय लेने वाले शीर्ष निकाय केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की बैठक में आ सकता है। बैठक के दौरान सीबीटी द्वारा नवंबर, 2021 में पेंशन संबंधी मुद्दों पर गठित एक उप-समिति भी अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। सूत्र ने बताया कि ऐसे ईपीएफओ अंशधारक हैं जिन्हें 15,000 रुपये से अधिक का मासिक मूल वेतन मिल रहा है, लेकिन वे ईपीएस-95 के तहत 8.33 प्रतिशत की कम दर से ही योगदान कर पाते हैं। इस तरह उन्हें कम पेंशन मिलती है। ईपीएफओ ने 2014 में मासिक पेंशन योग्य मूल वेतन को 15,000 रुपये तक सीमित करने के लिए योजना में संशोधन किया था। 15,000 रुपये की सीमा केवल सेवा में शामिल होने के समय लागू होती है। संगठित क्षेत्र में वेतन संशोधन और मूल्यवृद्धि की वजह से इसे एक सितंबर, 2014 से 6,500 रुपये से ऊपर संशोधित किया गया था। बाद में मासिक मूल वेतन की सीमा को बढ़ाकर 25,000 रुपये करने की मांग हुई और उसपर विचार-विमर्श किया गया, लेकिन प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल पाई।




उद्योग के अनुमान के अनुसार, पेंशन योग्य वेतन बढ़ाने से संगठित क्षेत्र के 50 लाख और कर्मचारी ईपीएस-95 के दायरे में आ सकते हैं। पूर्व श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने दिसंबर, 2016 में लोकसभा में एक लिखित जवाब में कहा था, ‘‘कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के तहत ‘कवरेज’ के लिए वेतन सीमा 15,000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 25,000 रुपये मासिक करने का प्रस्ताव ईपीएफओ ने पेश किया था, लेकिन इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ। सूत्र ने कहा कि उन लोगों के लिए एक नए पेंशन उत्पाद की आवश्यकता है जो या तो कम योगदान करने के लिए मजबूर हैं या जो इस योजना की सदस्यता नहीं ले सके हैं, क्योंकि सेवा में शामिल होने के समय उनका मासिक मूल वेतन 15,000 रुपये से अधिक था।

100 प्रत‍िशत कंफर्म सीट देने की तैयारी कर रहा है रेलवे

Indian Railway : Good News! Gift to Passengers on Holi, Railways Took This  Big Decision For the Convenience of The People - discountwalas

नई द‍िल्‍ली (एजेंसी)। अगर आप होली पर घर कहीं जाने का प्‍लान बना रहे हैं तो आपके लिए खास खबर है, क्योंकि इस बार होली पर घर जाने की प्‍लान‍िंग करने वालों को रेलवे 100 प्रत‍िशत कंफर्म सीट देने की तैयारी कर रहा है। वहीँ, इसके ल‍िए पहले से तैयार‍ियां शुरू कर दी गई हैं। बता दें कि होली या अन्‍य क‍िसी त्‍योहार पर हर बार रेलवे अध‍िकतर रूट पर स्‍पेशल ट्रेनों का संचालन करता है। ऐसे में ज‍िन रूट पर कम भीड़ होती है, वहां ट्रेनों में सीट खाली रह जाती थीं और यूपी-ब‍िहार के रूट पर यात्र‍ियों का ट‍िकट कंफर्म नहीं हो पाता। लेक‍िन इस बार ऐसा न हो इसके ल‍िए रेलवे उन रूट पर स्‍पेशल ट्रेनें चलाएगा, जहां यात्र‍ियों की संख्‍या ज्‍यादा होती है। रेलवे से जुड़े सूत्रों से मिली  जानकारी के मुताबिक मार्च के पहले हफ्ते से ही ‘होली स्पेशल ट्रेन’ चलाई जाएंगी। इनमें एक्‍सप्रेस और सुपरफास्ट दोनों तरह की ट्रेनें होंगी।

एक्सट्रा बोगी जोड़ने का प्‍लान

स्‍पेशल ट्रेनों के अलावा यात्रियों की संख्या बढ़ने पर रेलवे की तरफ से ट्रेनों में एक्सट्रा बोगी जोड़ने का प्‍लान है। इससे ट्रेन में तय क्षमता से ज्‍यादा यात्री सफर कर सकेंगे। वहीँ, कई ट्रेनों में ट‍िकट बुक‍िंग फुल हो गई है, ऐसे में एक्‍सट्रा कोच लगाकर सभी यात्र‍ियों का ट‍िकट कंफर्म करने का प्रयास क‍िया जाएगा।

GST में सबसे बड़े बदलाव की तैयारी; होंगे सिर्फ 3 टैक्स स्लैब

नई दिल्ली (एजेंसी)। GST व्यवस्था में व्यापक बदलाव की तैयारी हो रही है, इसके तहत 5%, 12%, 18% और 28% के मौजूदा चार टैक्स स्लैब को घटाकर तीन टैक्स स्लैब में बदला जा सकता है।

GST में अब तक के सबसे बड़े बदलाव की तैयारी; सिर्फ 3 टैक्स स्लैब होंगे, कई आइटम्स से हटेगा टैक्स छूट

गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) व्यवस्था में जल्द ही अब तक का सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके तहत जीएसटी की दरों को सरल बनाया जा सकता है और राज्यों की आमदनी बढ़ाने की भी कोशिश की जा सकती है। जीएसटी व्यवस्था 2017 में लागू हुई थी, जिसके बाद राज्यों को टैक्स रेवेन्यू के नुकसान में हुए भरपाई के लिए केंद्र सरकार की तरफ से मुआवजा दिया जाता था। राज्यों को दिया जाने वाला यह जीएसटी मुआवजा इस साल जून में खत्म हो रहा है।

लाइवमिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक जीएसटी के नई बदलावों को चरणों में लागू किया जाता है। इन बदलावों में टैक्स छूट में कटौती, जीएसटी टैक्स स्लैब के तहत सिर्फ तीन दरों को लागू करना और कच्चे माल व इंटरमीडियरीज पर टैक्स से जुड़ी विसंगतियों को दूर करना शामिल है। केंद्र और राज्य सरकारें इन प्रस्तावित सुधारों को चरणबद्ध तरीके से लागू कर सकती हैं, ताकि टैक्स में बदलावों को असर वस्तुओं के खपत पर कम से कम पड़ें।

इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की अगुआई वाला मंत्रियों का एक समूह (GoM) के जल्द ही इन बदलावों से जुड़े सिफारिशों को अंतिम रूप देने के लिए बैठक करने वाला है। अंतिम सिफारिशें आगामी जीएसटी काउंसिल की बैठक में ली जाएंगी।

इन संशोधनों में टेक्सटाइल इंडस्ट्री के टैक्स रेट में बढ़ोतरी भी शामिल है, जो इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर की खामियों को दूर करेगा। इससे पहले 31 दिसंबर को हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में टेक्सटाइल और अपैरल इंडस्ट्री के कई आइटम्स पर जीएसटी दर 5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करने के फैसले को टाल दिया गया था।

1 जुलाई को मौजूदा GST व्यवस्था के पांच साल पूरे होने पर राज्यों को दिया जाने वाला मुआवजा खत्म हो जाएगा। यह राज्यों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है, लेकिन यह जीएसटी में ढांचागत बदलाव की राह भी खोलेगा। जीएसटी मुआवजा खत्म होने से राज्यों के बजट, खासतौर से बड़े अर्थव्यवस्था वाले राज्यों के बजट पर असर पड़ेगा। इसके चलते राज्यों को विभिन्न आइटम पर टैक्स छूट हटाकर और स्लैब की संख्या को कम करके राजस्व बढ़ाने के नए तरीके खोजने होंगे।

निरस्त होंगे दशकों पुराने चाय, कॉफी, मसाला कानून

दशकों पुराने चाय, कॉफी, मसाला कानूनों को निरस्त करने की तैयारी में मोदी सरकार

कारोबार पर फोकसः दशकों पुराने चाय, कॉफी, मसाला कानूनों को निरस्त करने की तैयारी में मोदी सरकार

नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्र सरकार चाय, कॉफी, मसालों और रबड़ से संबंधित दशकों पुराने कानूनों को खत्म करने पर विचार कर रही है। सरकार का इरादा इनके स्थान पर नए अधिनियम लाने का है, जिससे इन क्षेत्रों की वृद्धि को प्रोत्साहन देने के साथ ही कारोबार के लिए अनुकूल माहौल बनाया जा सके।

वाणिज्य मंत्रालय ने मसाला (संवर्द्धन एवं विकास) विधेयक 2022, रबड़ (संवर्धन एवं विकास) विधेयक, 2022, कॉफी (संवर्द्धन और विकास) विधेयक, 2022, चाय (संवर्द्धन और विकास) विधेयक, 2022 के मसौदे पर हितधारकों से विचार मांगे हैं। जनता/हितधारक इन चार विधेयकों के मसौदे पर नौ फरवरी तक अपनी टिप्पणियां भेज सकते हैं। चार अलग-अलग कार्यालय ज्ञापनों में वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि वह चाय अधिनियम-1953, मसाला बोर्ड अधिनियम-1986, रबड़ अधिनियम-1947 और कॉफी अधिनियम-1942 को निरस्त करने का प्रस्ताव रखता है। मंत्रालय की वेबसाइट पर डाले गए मसौदे के अनुसार, ‘‘इन कानूनों को निरस्त करने और नए अधिनियम लाने का प्रस्ताव मौजूदा जरूरतों और उद्देश्यों के अनुरूप है।’’ इसके मुताबिक, चाय अधिनियम को निरस्त करने की मुख्य वजह यह है कि हाल के दशक में चाय उत्पादन, विपणन और उपभोग करने के तरीके में बदलाव आया है। ऐसे में मौजूदा अधिनियम में संशोधन करने की जरूरत है। 

मंत्रालय ने कहा कि चाय बोर्ड के मौजूदा आधुनिक कामकाज मसलन उत्पादन को समर्थन, गुणवत्ता में सुधार, चाय के प्रसार और चाय उत्पादकों के कौशल विकास के लिए वर्तमान कानूनी ढांचे को अनुकूल बनाने की जरूरत है। मसाला (संवर्द्धन और विकास) विधेयक-2022 के मसौदे के अनुसार, मसाला बोर्ड को मसालों की पूरी आपूर्ति श्रृंखला पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम बनाने की आवश्यकता है। इसी तरह रबड़ कानून के बारे में कहा गया है कि हाल के बरसों में रबड़ और संबद्ध क्षेत्रों से संबंधित औद्योगिक और आर्थिक परिदृश्य में व्यापक बदलाव हुए हैं। वहीं कॉफी (संवर्द्धन और विकास) विधेयक-2022 में कहा गया है कि मौजूदा अधिनियम का काफी हिस्सा आज के समय में बेकार हो चुका है, लिहाजा इसमें भी बदलाव की जरूरत है।

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सरकारी कर्मचारियों का वर्क फ्रॉम होम खत्म, जाना होगा ऑफिस

लखनऊ। यूपी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए नई कोरोना गाइडलाइन के निर्देश दिए हैं। अब सूबे के सभी कर्मचारियों को दफ्तर आना होगा। इनमें से सिर्फ गर्भवती महिलाओं व दिव्यांग कर्मचारियों को ही दफ्तर आने से छूट मिलेगी।

मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा की ओर से आदेश जारी कर वर्क फ्राम होम की व्यवस्था खत्म कर दी गई। उत्तर प्रदेश शासन ने मंगलवार को सूबे में कोरोना वायरस के आंकड़े जारी किए हैं। अब प्रदेश में कोरोना के 86563 एक्टिव केस हैं। प्रदेश में सोमवार को एक लाख 99,290 सैंपल की टेस्टिंग में 11,583 नए संक्रमित मिले हैं।

आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि सरकारी दफ्तरों में कोरोना संक्रमण का प्रसार रोकने के लिये दिव्यांग कर्मचारियों एवं गर्भवती महिला कर्मियों को वर्क फ्राम होम और फोन अथवा इलेक्ट्रानिक माध्यम से अपने आफिस के संपर्क में रहने के इंतजाम किये गये हैं। उन्होंने बताया कि सभी सरकारी कार्यालयों में समूह ‘ख’, समूह ‘ग’ और समूह ‘घ’ के कर्मचारियों की 50 फीसदी उपस्थिति के लिए 13 जनवरी को जारी आदेश फिलहाल यथावत रखा गया है।

पियक्कड़ों के लिए खुशखबरी! साल में अब सिर्फ 3 ड्राई-डे

शराबियों के लिए खुशखबरी! अब सालभर में 21 की बजाय सिर्फ 3 ड्राई डे 

नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली में शराब पीने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली सरकार ने अपनी नयी आबकारी नीति के तहत मद्य निषेध दिवसों (ड्राई डे) की संख्या घटाकर सिर्फ तीन कर दी है जो पिछले साल 21 दिन थी। यह जानकारी सोमवार को जारी एक आधिकारिक आदेश से मिली। इसे लेकर नया नियम लागू कर दिया गया है। इससे जाम छलकाने वालों में खुशी की लहर है। 

दिल्ली सरकार की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि लाइसेंस प्राप्त शराब और अफीम की दुकानें गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) और गांधी जयंती 2 अक्टूबर को बंद रहेंगी। 

दिल्ली आबकारी नियम 2010 (52) के प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में वर्ष 2022 में 26 जनवरी, 15 अगस्त और 2 अक्टूबर को शराब की बिक्री की अनुमति नहीं होगी। साथ ही आबकारी विभाग ने कहा कि ड्राई-डे के दौरान एल-15 लाइसेंस वाले होटल संचालक अपने कमरों में मेहमानों को शराब परोस सकेंगे। हालांकि आदेश में ये भी कहा गया है कि सरकार इन तीन ड्राई-डे के अलावा साल में किसी भी दिन को समय-समय पर ‘ड्राई-डे ‘ घोषित कर सकती है। 

बता दें कि दिल्ली सरकार ने बीते साल नवंबर में नई आबकारी नीति को मंजूरी दी थी। जो 17 नवंबर से लागू हो है। न्यू एक्साइज पॉलिसी में कई नियमों में बदलाव किया गया है। सरकार की नई एक्साइज पॉलिसी के तहत हर वार्ड में तीन से चार शराब की दुकानें खुल रही हैं। पहले 79 ऐसे वार्ड थे, जहां एक भी शराब की दुकानें नहीं थी।

गौरतलब है कि बीते साल तक होली, दीवाली, जन्माष्टमी, मुहर्रम, ईद-उल-जुहा (बकरीद), गुड फ्राइडे, राम नवमी, महावीर जयंती, बुद्ध पूर्णिमा, महर्षि वाल्मीकि जयंती, गुरु नानक जयंती, दशहरा समेत अन्य त्योहारों पर ड्राई-डे रहता था।

दिल्ली सरकार के इस फैसले का दिल्ली में पर्टयन उद्योग ने स्वागत किया है। नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष कबीर सूरी ने कहा कि हम इस कदम का स्वागत करते हैं। क्योंकि इससे कस्टमर और व्यापारियों दोनों को फायदा होगा। यह हमें उस नुकसान से बचाएगा, जो पहले ड्राई-डे के कारण होता था। 

वहीं दिल्ली सरकार के इस फैसले पर भाजपा और कांग्रेस की प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है। दोनों पार्टियों ने अरविंद केजरीवाल सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि इस कदम का उद्देश्य राजधानी में शराब को बढ़ावा देना है। दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि दिल्ली में ड्राई-डे को 21 से घटाकर तीन दिन करने से अरविंद केजरीवाल सरकार की मंशा युवाओं में नशे के प्रमोटर के रूप में उजागर हुई है। वहीं दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष मुदित अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस निश्चित रूप से इस कदम का विरोध करेगी और सरकार को मनमाने ढंग से काम नहीं करने देगी। 

फिलीपींस के साथ ब्रह्मोस्त्र के सौदे की दूर तक जाती गूंज


फिलीपींस को ब्रह्मोस्त्र मिसाइल बेचने का सौदा करने भारत दुनिया के उन चंद देशों के सूची में आ गया जो दूसरे देशों को शस्त्र बेचते हैं। यह भारत की बड़ी उपलब्धि है। ये खबर दुनिया भर की मीडिया में चर्चा बनी। संपादकीय लिखे गए। ब्रह्मोस्त्र की बिक्री का यह शोर इस बात का नहीं है कि भारत ने 375 मिलियन डॉलर के हथियार बेचे हैं बल्कि यह शोर इसलिए है कि देखो, दुनिया की हथियार बाजार में एक और नया बेचने वाला देश आ गया है।
ब्रह्मोस मिसाइल के लिए ये पहला विदेशी ऑर्डर है।फिलीपींस को 36 ब्रह्मोस्त्र बेची जानी है। रिपोर्टों के मुताबिक ब्रह्मोस्त्र को लेकर दक्षिण पूर्व एशिया के कुछ और देशों के साथ बातचीत की जा रही है। हम शस्त्र काफी समय से निर्यात कर रहे हैं। ब्रह्मोस्त्र को लेकर चर्चा में इसलिए आए कि यह दुनिया की आधुनिकतम मिसाइल है। चीन इसके निर्माण और टैस्टिंग को लेकर कई बार आपत्ति दर्ज करा चुका है। अभी हिंदुस्तान एयरनोटिक्स का मारीशस को एडवास लाइस् हैलिकाप्टर (एएचएल एम के −3) की एक यूनिट देने का सौदा हुआ है। मारीशस पहले भी इस कंपनी के हैलिकाप्टर प्रयोग कर रहा है। भारत ने वियतनाम के साथ भी 100 मिलियन डॉलर यानि 750 करोड़ रुपये का रक्षा समझौता किया है, जिसमें वियतनाम को भारत में बनी 12 हाई स्पीड गार्ड बोट दी जाएंगी। भारत अर्मेनिया को 280 करोड़ की रडार प्रणाली निर्यात कर रहा है। भारत 100 से ज्यादा देशों को राष्ट्रीय मानक की बुलेटप्रूफ जैकेट का निर्यात शुरू कर रहा है। भारत की मानक संस्था ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआईएस) के मुताबिक, बुलेटप्रूफ जैकेट खरीददारों में कई यूरोपीय देश भी शामिल हैं। अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी के बाद भारत चौथा देश है, जो राष्ट्रीय मानकों पर ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की बुलेटप्रूफ जैकेट बनाता है। भारत में बनी बुलेटप्रूफ जैकेट की खूबी है कि ये 360 डिग्री सुरक्षा के लिए जानी जाती है।


42 देश भारत से हथियार खरीद रहे हैं। इनमें से बहुत सारे देश वो हैं, जो चीन से परेशान हैं और अब भारत हथियार देकर उनकी मदद कर रहा है।
वर्तमान भारत सरकार रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने पर ज़ोर देती रही है। इसके लिए कई वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध भी लगाया है। भारत रक्षा क्षेत्र में निर्यात बढ़ाने का लक्ष्य लेकर भी चल रहा है। पिछले साल दिसंबर में रक्षा मंत्रालय ने संसद में एक सवाल के जवाब में बताया कि 2014-15 में भारत का रक्षा क्षेत्र में निर्यात 1940.64 करोड़ रुपये था । 2020-21 में ये बढ़कर 8,435.84 करोड़ रुपये हो गया।साल 2019 में प्रधानमंत्री ने रक्षा उपकरणों से जुड़ी भारतीय कंपनियों को साल 2025 तक पांच अरब डॉलर तक के निर्यात का लक्ष्य दिया।
सुपरसोनिक मिसाइल। रैडार सिस्टम । और भी बहुत कुछ।इनकी बिक्री के लिए आज बहुत बड़ा बाजार मौजूद है और सब हमारे बड़े शत्रु चीन पैदाकर रहा है। चीन के अपनी सीमा से सटे देशों से ही नहीं सुदूरवर्ती देशों से विवाद है। साउथ चाइना-सी में चीन की बढ़ती दादागिरी से फिलीपींस सहित दक्षिणी पूर्वी एशियाई देश परेशान हैं। दक्षिणी पूर्वी एशियाई देशों ने चीन को जवाब देने की ठानी है। पांच देश- फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ब्रूनेई और इंडोनेशिया का मिलकर एक गठबंधन बनाने की बात चल रही है। ये गठबंधन साउथ चाइना-सी में आक्रमक चीन को जवाब देने के लिए है और इनके लिए भारत एक बढ़िया और सस्ता शस्त्र विक्रेता हो सकता है।
पिछले दो दशकों में चीन ने बांग्लादेश, म्यांमार, पाकिस्तान, श्रीलंका और अफगानिस्तान जैसे देशों को आधुनिक हथियार बेचे। चीन ऐसा करके भारत को घेरना चाहता है। अब चीन के खिलाफ भारत ने भी इसी रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। भारत ने चीन के शत्रु देशों से दोस्ती और उन्हे मजबूत करने की नीति पर तेजी से आगे बढ़ना प्रारंभ कर दिया।

आधुनिक शस्त्र का निर्यात ये रक्षा क्षेत्र के विकास की कहानी है, जबकि हमने कई क्षेत्र में अच्छा कार्य किया है।कोराना महामारी के आने से पहले हम इसके बचाव के लिए प्रयोग होने वाला कोई उपकरण नही बनाते थे। अब हम मास्क , पीइपी किट, वैंटीलेटर के साथ कोराना की वैक्सीन भी बना रहे हैं। अपने देश के 150 करोड़ से ज्यादा नागरिकों को तो वैक्सीन लगी ही,दुनिया के कई देशों को हमने वैक्सीन मुक्त दी। आज कई देशों में इसकी मांग हैं।
देश बदल रहा है। तेजी से बदल रहा है।कुछ समय पूर्व तक वह अपनी जरूरतों के दूसरे देशपर निर्भर था। सेना की जरूरत के लिए दूसरे बड़े देश के आगे हाथ फैलाने पड़ते थे अब यह गर्व की बात है कि वह दूसरे देशों को अन्य सामान ही नहीं शस्त्र बेचने लगा है।
मुझे याद आता है 1965 का भारत− पाकिस्तान युद्ध का समय।उस समय हम अपनी जरूरत का गेंहू और अन्य अनाज भी पैदा नही कर पाते थे।अमेरिका अपना घटिया लाल गेंहू हमें बेचता था। ये देश में राशान की दुकानों से जनता को बांटा जाता था। 1965 के पाकिस्तान युद्ध के समय अमेरिका ने देश के प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री को धमकाया था कि वह युद्ध रोंके नहीं तो हम भारत को गेंहू की आपूर्ति बंद कर देंगें। भारत के देशवासी भूखे मरने लगेंगे। शास्त्री जी ने उसकी बात को नजर अंदाज कर दिया था।उन्होंने देशवासियों से अपील की थी कि अनाज के संकट को देखते हुए सप्ताह में एक दिन उपवास रखें।उसी के साथ हमने मेहनत की। उत्पादन बढ़ाया।कल− कारखाने लगाए। आज हम काफी आत्म निर्भर हो गये। दुनियाभर में भारत की प्रतिभा का आज डंका बजा है। देश के वैज्ञानिक और तकनीकि विशेषज्ञ दुनिया के प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवा दे रहे हैं। भारतीय उत्पादों की दुनिया में मांग हैं। हम विकास और निर्माण के नए आयाम बना रहे हैं।


अशोक मधुप
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)
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E-Shram Card: खाते में जल्द आ सकते हैं ₹1000

श्रमिकों के खाते में जल्द आ सकते हैं बकाया 1000 रुपए

लखनऊ। योगी सरकार ने ई-श्रम पोर्टल के तहत श्रमिकों को 500 रुपए महीना देने का ऐलान किया था। पिछले महीने सरकार ने इस स्कीम के तहत 1000 रुपए की राशि करीब 2 करोड़ श्रमिकों के खाते में ट्रांसफर की थी। इसकी अगली किश्त जल्दी ही खाते में ट्रांसफर हो सकती है।

ट्रांसफर किए हैं अबतक 1000 रुपए – ई-श्रम पोर्टल पर अब तक 22 करोड़ से ज्‍यादा कामगरों ने रज‍िस्‍ट्रेशन कराया है। वहीं, यूपी में रजिस्ट्रेशन कराने वालों की संख्या करीब 8 करोड़ हो गई है। यूपी की योगी सरकार ने पिछले महीने इन श्रमिकों के खाते में 1000 रुपए की किश्त ट्रांसफर की थी।

2000 रुपए देना था भत्ता – इस पोर्टल के तहत रजिस्ट्रेशन कराने वालों को कुल 2000 रुपए भत्ता दिया जाना था, लेकिन अभी तक 1000 रुपए ही ट्रांसफर किए गए हैं। जल्द ही सरकार बकाया 1000 रुपए भी लोगों के खाते में ट्रांसफर कर देगी। इस समय सभी लोग अगली किश्त का इंतजार कर रहे हैं।

नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती से होगी गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत

अब हर साल 23 जनवरी से शुरू होगा गणतंत्र दिवस, नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती भी समारोह में होगी शामिल

अब हर साल 23 जनवरी से शुरू होगा गणतंत्र दिवस, नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती भी समारोह में होगी शामिल

नई दिल्ली (एजेंसी)। गणतंत्र दिवस समारोह अब 24 जनवरी के बजाए हर साल 23 जनवरी से शुरू होगा। ऐसा सुभाष चंद्र बोस की जयंती को शामिल करने के लिए किया गया है। पहले गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत 24 जनवरी से होती थी। अब मोदी सरकार ने इसमें बदलाव कर दिया है।  

जानकारी के अनुसार गणतंत्र दिवस का समारोह अब हर साल 23 जनवरी से शुरू होगा। नेताजी सुभाषचंद्र बोस के जन्मदिन को गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल करने के लिए ये बड़ा फैसला लिया गया है। मोदी सरकार ने इससे पहले सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की थी। 

विदित हो कि मोदी सरकार आने के बाद हर साल कई और दिन भी मनाए जाने लगे हैं जो इस प्रकार हैः-

14 अगस्त – विभाजन भयावह स्मृति दिवस।
31 अक्टूबर- एकता दिवस-राष्ट्रीय एकता दिवस (सरदार पटेल की जयंती)।
15 नवंबर – जनजातीय गौरव दिवस (भगवान बिरसा मुंडा का जन्मदिन)।
26 नवंबर – संविधान दिवस।
26 दिसंबर- वीर बाल दिवस (4 साहिबजादों को श्रद्धांजलि)।

सात चरणों में हो सकता है UP चुनाव!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव सात चरणों में हो सकता है। चुनाव आयोग की ओर से इसकी तैयारियां तेज हो गई हैं। वोटर लिस्ट के प्रकाशन के साथ ही प्रदेश में विधानसभा चुनाव की विधिवत तैयारी शुरू हो गई है। किसी भी समय आयोग की ओर से तारीखों की घोषणा की जा सकती है।

प्रदेश में वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव आठ चरणों में कराए गए थे। उस समय प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए राजनीतिक दलों की ओर से भी चुनाव को अधिक चरणों में संपादित करने का अनुरोध किया गया था। इस बार कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए चरणों की संख्या में कम हो सकती है।

कोरोना और ओमीक्रोन पर इनपुट ले चुका है आयोग
कोरोना संक्रमण की दर देश में लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए आयोग की ओर से चुनावी राज्यों में कोरोना और ओमीक्रोन के बढ़ते मामलों पर काफी नजदीक से नजर रखी जा रही है। इसको देखते हुए आयोग ने स्वास्थ्य मंत्रालय से संपर्क साध रखा है।

चुनाव तारीखों पर आयोग ले चुका है फैसला

चुनाव आयोग प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर फैसला ले चुका है। सूत्रों के अनुसार, विधानसभा चुनाव को 6 से 7 चरणों में संपादित करने का निर्णय लिया जा सकता है। प्रदेश में करीब एक माह विधानसभा चुनाव की गहमा-गहमी रहने की उम्मीद है। 17-18 फरवरी से चुनाव प्रदेश में हो सकते हैं। वहीं, इसके मार्च के तीसरे सप्ताह तक पूरा होने की संभावना है। 25 मार्च तक यूपी विधानसभा चुनाव के रिजल्ट आने की उम्मीद की जा रही है। माना जा रहा है कि इस सप्ताह के अंत या फिर अगले सप्ताह के शुरुआत में आयोग चुनाव तारीखों की घोषणा कर सकता है।

12981 करोड़ रुपए से बनेंगे 572 किलोमीटर लंबे 15 राष्ट्रीय राजमार्ग

लखनऊ। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तर प्रदेश के कौशांबी, अयोध्या और बस्ती में 12981 करोड़ रुपये की लागत वाली 572 किलोमीटर लंबी राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। 

श्री गडकरी ने कौशांबी में 2659 करोड़ रुपये की लागत वाली 6 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने अयोध्या में 8,698 करोड़ रुपये की लागत वाली 6 एनएच परियोजनाओं की आधारशिला रखी और बस्ती में मंत्री महोदय ने 1,624 करोड़ रुपये की लागत वाली 3 एनएच परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

बताया गया है कि अयोध्या में 84 कोसी परिक्रमा मार्ग बन जाने से श्रद्धालुओं को काफी सुविधा होगी और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। अयोध्या रिंग रोड बनने से ट्रैफिक जाम की समस्या दूर हो जाएगी। भगवान श्री राम वन गमन मार्ग के निर्माण से महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल प्रयागराज, चित्रकूट, कौशांबी और श्रृंगवेरपुर धाम जुड़ जाएंगे। एनएच-233 के निर्माण से लुम्बिनी स्थित भगवान बुद्ध की जन्मस्थली वाराणसी और सारनाथ से जुड़ जाएगी।

फिट इंडिया – फिट रहो

फिट इंडिया लोगो
स्कूल-सप्ताह-प्रमाण पत्र

फिट इंडिया मूवमेंट के बारे में

फिट इंडिया मूवमेंट 29 अगस्त, 2019 को प्रधान मंत्री द्वारा फिटनेस को हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने की दृष्टि से शुरू किया गया था। आंदोलन का मिशन व्यवहार में बदलाव लाना और अधिक शारीरिक रूप से सक्रिय जीवन शैली की ओर बढ़ना है। इस मिशन को प्राप्त करने की दिशा में, फिट इंडिया निम्नलिखित उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए विभिन्न पहल करने और कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव करता है:

  • फिटनेस को आसान, मजेदार और मुफ्त के रूप में बढ़ावा देना।
  • फिटनेस और विभिन्न शारीरिक गतिविधियों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए जो केंद्रित अभियानों के माध्यम से फिटनेस को बढ़ावा देते हैं।
  • स्वदेशी खेलों को बढ़ावा देना।
  • फिटनेस को हर स्कूल, कॉलेज/विश्वविद्यालय, पंचायत/गांव आदि तक पहुंचाने के लिए।
  • भारत के नागरिकों के लिए जानकारी साझा करने, जागरूकता बढ़ाने और व्यक्तिगत फिटनेस कहानियों को साझा करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एक मंच तैयार करना।

अपने फिटनेस स्तर की जांच करें, अपने कदमों को ट्रैक करें। अपनी नींद को ट्रैक करें, अपने कैलोरी सेवन को ट्रैक करें, फिट इंडिया इवेंट्स का हिस्सा बनें, अनुकूलित डाइट प्लान प्राप्त करें आयु-वार फिटनेस स्तर फिटनेस मंत्र फिट इंडिया मिशन लोगों को अपने दैनिक जीवन में कम से कम 30-60 मिनट की शारीरिक गतिविधियों को शामिल करके फिट इंडिया मूवमेंट का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित करता है।आंदोलन का मिशन व्यवहार में बदलाव लाना और अधिक शारीरिक रूप से सक्रिय जीवन शैली की ओर बढ़ना है।

फिटनेस की खुराक आधा घंटा रोज- इनसाइट्स फिट इंडिया ने फिटनेस के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने और फैलाने के लिए कई अभियान शुरू किए हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए गतिविधियां शुरू की जा सकती हैं कि फिटनेस हर स्कूल, कॉलेज / विश्वविद्यालय, पंचायत / गांव आदि तक पहुंचे।

सीएम ने वितरित किए विद्यार्थियों को स्मार्टफोन व टैबलेट

आरबीडी बिजनौर में स्मार्टफोन वितरण का हुआ सजीव प्रसारण। कृष्णा कॉलेज के 200 विद्यार्थियों को टैबलेट एवं स्मार्टफोन प्राप्त हुए।

लखनऊ। प्रदेश में स्नातक, स्नातकोत्तर, मेडिकल, इंजीनियरिंग और कौशल विकास प्रशिक्षण से जुड़े विद्यार्थियों को मुफ्त टैबलेट और स्मार्टफोन वितरण की योजना का आगाज हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ के इकाना स्टेडियम में प्रतीकात्मक रूप से कुल 26 छात्रों को टैबलेट और स्मार्टफोन दिया। इसके बाद स्टेडियम में मौजूद 60 हजार विद्यार्थियों में टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ओलंपिक खेलों में रजत पदक जीतने वाली मणिपुर की मीराबाई चानू को 1.50 करोड़ और उनके कोच विजय शर्मा को 10 लाख की सम्मान राशि देकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती 25 दिसंबर को ‘सुशासन दिवस’ के अवसर पर राजधानी लखनऊ के इकाना स्टेडियम में योजना का शुभारंभ करते हुए उनके व्यक्तित्व, कृतित्व एवं सिद्धांतों की चर्चा की। जनपद बिजनौर में जनसमूह ने इसका सजीव प्रसारण देखा। टेबलेट, स्मार्टफोन वितरण अभियान के नोडल अधिकारी मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि योजना के अंतर्गत जनपद बिजनौर के कृष्णा कॉलेज के 200 विद्यार्थियों को टैबलेट एवं स्मार्टफोन प्राप्त हुए। इस योजना का मूल उद्देश्य युवाओं को तकनीकी रूप से अपडेट करना है इस स्मार्टफोन और टेबलेट में ना सिर्फ पढ़ाई के लिए ऑनलाइन पाठ्य सामग्री मिलेगी बल्कि रोजगार से संबंधित जानकारियां भी मिलेंगी। शासन की रोजगार परक योजनाओं की जानकारी भी प्राप्त होगी। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पाठयसामग्री मिलेगी। कार्यक्रम को जनपद के सभी डिग्री कॉलेजो के छात्र छात्राओं ने सजीव प्रसारण देखा। इस अवसर पर संबंधित डिग्री कॉलेज के प्रधानाचार्य, राजकीय महामाया गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज क प्रभारी प्राचार्य विशाल दुबे, नोडल अधिकारी तथा समस्त प्रवक्ता एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थी।

आरबीडी में स्मार्टफोन वितरण का सजीव प्रसारण

लखनऊ से सजीव प्रसारण का आरंभ होते ही आरबीडी डिग्री कालेज की प्राचार्या डा.पारूल त्यागी के दिशा निर्देशन में दिए गए लिंक पर क्लिक कर के छात्राओं को प्रसारण दिखाया गया। छात्राओं ने उत्साह से सजीव प्रसारण को
देखा एवं सुना। कालेज की 488 छात्राएं उपस्थित रहीं। डा.जकिया रफत, डा.सविता मिश्रा, डा.मंजु अरोड़ा, डा.आबिदा, डा.मृदुल, डा. सुष्मिता, डा.सुनिता आर्य, शिखा मालवीय, नाजमीन, डा.रेनु, नवा आदि उपस्थित रहे।
तकनीकी व्यवस्था को तौफीक अहमद एवं सीमा ने सुचारू रखा।

आपको बता दें कि सीएम योगी ने 19 अगस्त 2021 को फ्री टेबलेट/स्मार्टफोन योजना का शुभारंभ किया था। इस योजना के माध्यम से करीब एक करोड़ युवाओं को टेबलेट या स्मार्ट फोन दिये जाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार द्वारा इस योजना का संचालन करने के लिए 3000 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, टेक्निकल और डिप्लोमा में अध्ययनरत छात्र यूपी फ्री टेबलेट स्मार्टफोन योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

योजना का लाभ प्रदान करने के लिए डीजी शक्ति पोर्टल फ्री टेबलेट स्मार्टफोन योजना के प्रबंधन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा डीजी शक्ति पोर्टल लांच किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से विश्वविद्यालयों द्वारा छात्रों का डाटा फीड किया जा रहा है, इसके पश्चात छात्रों को योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा। महाविद्यालय छात्रों का डाटा विश्वविद्यालय को देंगे। विश्वविद्यालयों द्वारा यह डाटा पोर्टल पर फीड किया जाएगा, फिर छात्रों को योजना का लाभ प्राप्त होगा।

  • इस योजना के अंतर्गत पंजीकरण करने वाला आवेदक उत्तर प्रदेश का ही मूल निवासी होना चाहिए।
  • फ्री टेबलेट योजना में लाभान्वित होने के लिए विद्यार्थी को सरकारी स्कूल में शिक्षा ग्रहण करना अनिवार्य है।
  • विद्यार्थी की पारिवारिक आय 2 लाख रुपए प्रति वर्ष से ज्यादा नहीं होनी चाहिए तभी वह इस योजना में आवेदन भरने योग्य होगा।
  • किसी भी बैकलॉग वाले छात्र को इस योजना का लाभ प्राप्त नहीं होगा पिछली सभी कक्षाओं में अच्छे मार्क्स के साथ उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।

आवश्यक दस्तावेज- फ्री टेबलेट योजना में पंजीकरण के लिए कुछ दस्तावेजों की आवश्यकता भी होगी जो इस प्रकार है –

  • विद्यार्थी का आधार कार्ड
  • सरकारी स्कूल का आईडी कार्ड
  • यूपी के मूल निवासी की पहचान करने के लिए आवासीय प्रमाण पत्र
  • विद्यार्थी एवं अभिभावक का मोबाइल नंबर
  • नवीनतम पासपोर्ट आकार फोटो

यूपी फ्री टैबलेट स्मार्टफोन योजना के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया

  • सर्वप्रथम आपको उत्तर प्रदेश चीफ मिनिस्टर ऑफिस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
  • होम पेज पर आपको यूपी फ्री टेबलेट/स्मार्टफोन योजना अप्लाई ऑनलाइन के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इसके पश्चात आपके सामने आवेदन पत्र खुलकर आएगा।
  • आप को आवेदन पत्र में पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे कि आपका नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि दर्ज करना होगा।
  • अब आपको सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपलोड करना होगा।
  • इसके पश्चात आपको सबमिट के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इस प्रकार आप यूपी फ्री टेबलेट/स्मार्टफोन योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकेंगे।

फ्री टैबलेट स्मार्टफोन योजना लिस्ट देखने की प्रक्रिया

  • सबसे पहले आपको उत्तर प्रदेश चीफ मिनिस्टर ऑफिस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • अब आपके सामने होम पेज खुलकर आएगा।
  • इसके पश्चात आपको यूपी फ्री टेबलेट/स्मार्टफोन योजना के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • अब आपको यूपी फ्री टेबलेट/स्मार्ट फोन योजना लिस्ट के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद आपके सामने एक नया पेज खोलकर आएगा।
  • इस पेज पर आपको अपने जिले का चयन करना होगा।
  • अब आपको अपने ब्लॉक का चयन करना होगा।
  • इसके बाद आपको व्यू लिस्ट के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • आपके सामने यूपी फ्री टेबलेट/स्मार्ट फोन योजना लिस्ट खुलकर आ जाएगी।

38 लाख युवाओं को हुआ पंजीकरण- पहले चरण में एमए, बीए, बीएससी, आईटीआई, एमबीबीएस, एमडी, बीटेक, एमटेक, पीएचडी, एमएसएमई और स्किल डिवेलपमेंट आदि के अंतिम वर्ष के छात्रों को प्राथमिकता मिलेगी। इसके लिए अब तक डीजी शक्ति पोर्टल पर 38 लाख से अधिक युवाओं का रजिस्ट्रेशन हो चुका है।

घर बैठे आधार कार्ड में कर सकते हैं बदलाव

नई दिल्ली (एजेंसी)। अब आप घर बैठे खुद ही अपने आधार कार्ड में बदलाव कर सकते हैं। इस संबंध में आधिकारिक वेबसाइट uidai.gov.in के अनुसार अगर आप अपने आधार में कुछ करेक्शन करना चाहते हैं तो आपको इसके लिए दो चांस मिलेंगे, लेकिन इसमें भी कुछ निय़म और शर्तें लागू होती हैं। वैसे UIDAI ने हाल ही में एक और अपग्रेड किया है, जिसके चलते आप अब अलग-अलग क्षेत्रीय भाषाओं में अपना आधार जनरेट कर सकेंगे। लेटेस्ट अपडेट के अनुसार, आधार कार्ड अब पंजाबी, तमिल, तेलुगु, उर्दू, हिंदी, बंगाली, गुजराती, मलयालम, मराठी, उड़िया और कन्नड़ में उपलब्ध होगा। अगर आप अपने आधार कार्ड की भाषा बदलना चाहते हैं, तो आप ऑनलाइन फॉर्म भरकर ऐसा कर सकते हैं। आप आधार सेवा केंद्र पर जाकर या ऑनलाइन आवेदन करके अपने आधार नंबर में बदलाव का अनुरोध कर सकते हैं। वैसे पता (Address), फोटो (Photo) और मोबाइल नंबर (Mobile No.) बदलाव में कोई सीमा तय नहीं है। 

1. सबसे पहले uidai.gov.in पर जाएं और ‘MY Aadhaar’ सेक्शन में जाकर ‘Update Your Aadhaar’ पर जाएं। 
3. इसके बाद ‘Update your Demographics Data Online’ पर क्लिक करें।
4.  यहां क्लिक करते ही आप UIDAI की सेल्फ सर्विस अपडेट पोर्टल की ऑफिशियल वेबसाइट ssup.uidai.gov.in पर पहुंच जाएंगे।
5. आप डायरेक्ट https://ssup.uidai.gov.in/ssup/ पर भी विजिट कर सकते हैं।
6. अब यहां आप ‘प्रोसीड टू अपडेट आधार’ पर क्लिक करें।7. नए खुले पेज पर 12 डिजिट के आधार नंबर से लॉग-इन करना होगा।
8. इसके बाद स्क्रीन पर दिया गया कैप्चा फिल करें और Send OTP पर क्लिक करें. जिसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी पहुंच जाएगा।
9.  रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को निर्धारित स्पेस में डालकर सबमिट करें।
10.  अब नए खुले पेज पर आपको दो ऑप्शन मिलेंगे। सपोर्टिंग डॉक्युमेंट प्रूफ के साथ एड्रेस समेत डेमोग्राफिक डिटेल्स का अपडेशन और एड्रेस वैलिडेशन लेटर के जरिए एड्रेस अपडेट।
11. नाम, जन्मतिथि, लिंग, पते में से किसी को डॉक्युमेंट प्रूफ के साथ अपडेट करने के लिए ‘अपडेट डेमोग्राफिक्स डेटा’ पर क्लिक करना होगा।
12. इसके बाद आपको जिस डिटेल को अपडेट करना है, उसका चुनाव करना होगा।
13. सारे डीटेल्स फीड करने के बाद आपके नंबर पर एक वेरिफिकेशन ओटीपी आयेगा और उसे आपको वेरीफाई करना होगा। इसके बाद सेव चेंज कर देना है।

फर्जी मतदान रोकने को आधार से जुड़ेगा वोटर आईडी कार्ड

घर बैठे आधार कार्ड में कर सकते हैं बदलाव, आधार कार्ड को भी वोटर आईडी से जोड़ा जाएगा
  • चुनाव सुधार को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया
  • अब साल में चार बार मिलेगा नामांकन का मौका

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चुनाव सुधारों को लेकर एक अहम फैसला लिया है. इसमें बुधवार को एक विधेयक को मंजूरी दी गई, जिसमें फर्जी मतदान और वोटर लिस्ट में दोहराव को रोकने के लिए मतदाता पहचान पत्र को आधार कार्ड से जोड़ने, एक ही मतदाता सूची तैयार करने जैसे फैसले शामिल हैं। मंत्रिमंडल की ओर से मंजूर किए गए विधेयक में सर्विस वोटर्स के लिए चुनावी कानून को ‘जेंडर न्यूट्रल’ भी बनाया जाएगा। विधेयक में यह प्रावधान भी किया गया है कि अब एक साल में चार अलग-अलग तारीखों पर मतदाता के रूप में युवा नामांकन कर सकेंगे।

वर्तमान में यह व्यवस्था थी कि एक जनवरी को कट ऑफ की तारीख होने के कारण मतदाता सूची से कई युवा वंचित रह जाते थे। मसलन एक कट ऑफ तिथि होने की वजह से 2 जनवरी को युवा 18 साल की आयु पूरी होने के बाद भी पंजीकरण नहीं करा पाता थे। ऐसे में उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब विधेयक में सुधार के बाद अब उन्हें साल में चार बार नामांकन करने का मौका मिल सकेगा।

कट ऑफ तिथि होंगी साल में चार- कानून मंत्रालय से सेवा मतदाताओं से संबंधित लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधान में ‘पत्नी’ शब्द को ‘पति/पत्नी’ से बदलने के लिए कहा था। साथ ही चुनाव आयोग (ECI) पंजीकरण करने की अनुमति देने के लिए कई कट-ऑफ तारीखों पर जोर दे रहा था। विधि एवं न्याय मंत्रालय ने हाल ही में संसद की एक समिति को बताया था कि उसका जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 14 बी में संशोधन का प्रस्ताव है, ताकि पंजीकरण के लिए हर वर्ष चार कट ऑफ तिथि एक जनवरी, एक अप्रैल, एक जुलाई तथा एक अक्टूबर शामिल किया जा सके।

सामान्यतः लोग अपने गांव के साथ उन शहर या महानगर में भी वोट डाल देते हैं, जहां वो कामकाज करते हैं। ऐसे में मतदाता सूची में कई जगह नाम शामिल हो जाता है, लेकिन आधार से जुड़ने के बाद कोई भी नागरिक सिर्फ एक जगह ही वोट डाल पाएगा। हालांकि सरकार की ओर से जो सुधार किया गया है, उसके तहत स्वैच्छिक आधार पर मतदाता सूची को आधार से जोड़ा जा सकेगा।

पत्नी की जगह लिखा जाएगा जीवन साथी

इस विधेयक में चुनाव संबंधी कानून को सैन्य मतदाताओं के मामले में लैंगिक तौर पर निरपेक्ष बनाने का प्रावधान है।  मौजूदा चुनावी कानून इसमें भेदभाव करता है। मसलन पुरुष फौजी की पत्नी को सैन्य मतदाता के रूप में अपना पंजीकरण कराने की सुविधा मौजूदा कानून में है, लेकिन महिला फौजी के पति को ऐसी कोई सुविधा नहीं है। निर्वाचन आयोग ने कानून मंत्रालय से सिफारिश की थी कि चुनाव कानून में पत्नी शब्द की जगह जीवन साथी यानी वाइफ की जगह स्पाउस लिख दिया जाए, तो समस्या हल हो सकती है।

कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में विभिन्न मामलों पर हुई चर्चा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने बुधवार दिनांक-15 दिसम्बर, 2021 से प्रारम्भ हो रहे 2021-22 के चतुर्थ सत्र के द्वितीय अनुपूरक अनुदानों की मांगों एवं वित्तीय वर्ष 2022-23 का आय-व्ययक (अन्तरिम) तथा उसके एक भाग के लिए लेखानुदान को सदन में प्रस्तुत किये जाने पर विचार-विमर्श किया।

अध्यक्ष ने बताया कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में विभिन्न मामलों पर चर्चा हुई। दिनांक-15 दिसम्बर को विधान सभा के पूर्व अध्यक्ष सुखदेव राजभर एवं सीडीएस बिपिन रावत एवं उनके सहयोगियों के असामायिक निधन पर शोक व्यक्त किया जाएगा। दिनांक-16 दिसम्बर को 11ः00 बजे द्वितीय अनुपूरक मांगों एवं वित्तीय वर्ष 2022-23 के आय-व्ययक (अन्तरिम) तथा उसके एक भाग के लिए लेखानुदान प्रस्तुत किया जायेगा। बजट प्रस्तुतीकरण के उपरांत प्रश्न लिये जायेंगे। उसके उपरांत सदन के एजेण्डा के अनुसार सामान्य कार्यक्रम सम्पन्न होगा। इसी दिन 04.30 बजे विधान सभा के सभी सदस्यों का फोटो ग्रुप का आयोजन होगा। दिनांक-17 दिसम्बर को सदन में द्वितीय अनुपूरक मांगों पर चर्चा एवं पारण किया जायेगा।
बैठक में उपाध्यक्ष नितिन अग्रवाल, विधान सभा उत्तर प्रदेश एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, नेता विरोधी दल रामगोविन्द चौधरी, बहुजन समाज पार्टी के नेता उमाशंकर सिंह और अपना दल एस के नेता नील रतन पटेल के स्थान पर हरिराम ने भाग लिया। कांग्रेस विधान मण्डल दल की नेता श्रीमती आराधना मिश्रा ‘मोना’ अपरिहार्य कारणों से सम्मिलित नहीं हो पायी। बैठक में सर्वश्री स्वामी प्रसाद मौर्या, मंत्री रमापति शास्त्री, श्रीमती गुलाब देवी, राज्यमंत्री फतेह बहादुर सिंह, सदस्य विधान सभा ने भाग लिया।
उत्तर प्रदेश विधान सभा के प्रमुख सचिव, प्रदीप कुमार दुबे एवं प्रमुख सचिव संसदीय कार्य, जेपी सिंह व अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

दुनिया का तीसरा और भारत का पहला पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे वाराणसी में

वाराणसी (एजेंसी)। दुनिया का तीसरा और भारत का पहला पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में चलेगा। शहर में यातायात के दबाव व पर्यटकों की सुविधा के लिए कैंट रेलवे स्टेशन (वाराणसी जंक्शन ) से गिरजाघर चौराहे (गोदौलिया ) तक 4.2 किलोमीटर में रोपवे का निर्माण किया जाएगा। इससे काशी विश्वनाथ मंदिर व दशाश्वमेध घाट तक पहुंच आसान हो जाएगी। इस 424 करोड़ की परियोजना पर जल्द काम शुरू हो जाएगा। इसमें 80 फीसद केंद्र सरकार व 20 फीसद राज्य सरकार खर्च करेगी।

पीएम मोदी करेंगे शिलान्यास- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 से 15 दिसंबर तक काशी में प्रवास करेंगे। 13 दिसंबर को वह काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण करेंगे। इसी दिन वह रोपवे का शिलान्यास कर सकते हैं।

भीड़-भाड़ वाले इलाके में होगा इस्तेमाल- नेशनल हाईवे, रिंग रोड, फ्लाइओवर, आरओबी के बाद अब वाराणसी के भीड़-भाड़ वाले इलाके में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए रोपवे का इस्तेमाल होगा। पूर्वी भारत का गेटवे कहे जाने वाले वाराणसी आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी। दरअसल, बनारस के पुराने इलाकों की संकरी सड़कें व ट्रैफिक का दबाव निरंतर बढऩे से अक्सर जाम की स्थिति रहती है। रोपवे बनने से इससे निजात मिल जाएगी।

पायलट प्रोजेक्ट- वाराणसी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष ईशा दुहन के अनुसार बोलीविया देश के लापाज और मैक्सिको शहर के बाद विश्व में भारत तीसरा देश और वाराणसी पहला शहर होगा, जहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए रोपवे का इस्तेमाल किया जाएगा। ये पायलट प्रोजेक्ट है। काशी के मूल स्वरूप को कायम रखते हुए जापान के क्योटो के तर्ज पर अत्याधुनिक तरीके से इसे विकसित किया जाएगा।

चार स्टेशन और मिनट सिर्फ 15- वाराणसी कैंट स्टेशन से शुरू होकर गिरजाघर चौराहे तक कुल चार स्टेशन होंगे। इसमे कैंट रेलवे स्टेशन, साजन तिराहा, रथयात्रा और गिरजाघर चौराहे पर स्टेशन बनाया जाएगा। रोपवे की कुल दूरी 4.2 किलोमीटर है जो करीब 15 मिनट में तय होगी। करीब 45 मीटर की ऊंचाई पर ट्राली कार चलेगी। इसमें 220 ट्राली होंगी। एक ट्राली में 10 पैसेंजर सवार हो सकते हैं। हर डेढ़ से दो मिनट के अंतराल में यात्रियों को ट्राली उपलब्ध रहेगी। एक दिशा में एक बार में 4000 लोग यात्रा कर सकेंगे। यानी 8000 लोग दोनों दिशा से एक बार में आ जा सकेंगे। रोपवे रात में भी चलेगा।

झलकेगी बनारस की संस्कृति- रोपवे के लिए बनने वाले सभी स्टेशन पर काशी की कला-संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। ट्राली पर भी काशी की थाती परिलक्षित होगी। कैंट रेलवे स्टेशन के पास ही रोडवेज है। इसलिए कैंट स्टेशन पर रोपवे स्टेशन बनने से ट्रेन और बस से यात्रियों को सुविधा होगी।

फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार- वैपकास कंपनी ने सर्वे पूरा करने के बाद फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर स्थानीय प्रशासन को भेजी थी, जिसे शासन को भेजदिया गया। पूरा प्रोजेक्ट पीपीपी मॉडल पर ही बनाकर संचालित किया जाना है ।

रोपवे योजना के पीछे कारण-

वाराणसी मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि, शहर वासियों को सार्वजनिक परिवहन सेवा की आवश्यकता थी, इसलिए व्यापक गतिशीलता योजना के अनुसार, यातायात में सुधार के लिए रोपवे प्रणाली एक व्यवहार्य विकल्प थी। वहीं कमिश्नर दीपक अग्रवाल की अध्यक्षता में पिछले दिनों हुई बैठक में प्री-बिड में शामिल ईसीएल मैनेजमेंट एसडीएचडीएचडी, डोपल्मेयर, एफआईएल, पोमा, एक्रान इंफ्रा, एजीस इंडिया और कन्वेयर एंड रोप-वे सिस्टम फर्मों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। इनमें से ईसीएल, डोपल्मेयर, एफआईएल व पोमा फर्मों ने लिखित रूप से रोप-वे निर्माण की इच्छा जताई है। बैठक में प्रमुख सचिव आवास, वित्त विभाग, राजस्व विभाग एवं नियोजन विभाग के अलावा परियोजना सलाहकार वैपकॉस के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में वीसी ईशा दुहन के अलावा वीडीए के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

  • ईसीएल मेनेजमेंट एसडीएनडीएचडी
  • डोपल्मेयर
  • एफ़आईएल
  • पोमा


एक नजर में प्रस्तावित रोप-वे परियोजना-
गोदोलिया से कैंट रेलवे स्टेशन के मध्य (रथयात्रा एवं साजन तिराहा होते हुए)।
लंबाई 4.02 किलोमीटर।
यात्रा समय (एंड-टू-एंड) 15 मिनट।
केबल कार संख्या एवं विवरण – 220 केबल कार।
प्रत्येक 10 व्यक्तियों की क्षमतायुक्त, प्रत्येक 90 से 120 सेकेंड के अंतराल पर।
एक तरफ से एक समय में 4000 व्यक्तियों को यात्रा की सुविधा।
कुल प्रस्तावित स्टेशन पांच।
जमीन से 11 मीटर ऊंचाई पर होगा रोप-वे।
प्रत्येक स्टेशन काशी की थीम एवं संस्कृति पर आधारित होगा।
कुल परियोजना लागत 410.30 करोड़।

देश नहीं बिकने देंगे; हुंकार के साथ पहुंचे दिल्ली के जंतर मंतर

आल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफेडरेशन द्वारा बैंकों के निजीकरण के खिलाफ चल रही मुहिम ‘बैंक बचाओ देश बचाओ’ भारत यात्रा का समापन दिल्ली के जन्तर मंतर पर रैली के रूप में हुआ।

बैंक बचाओ देश बचाओ भारत यात्रा, कोलकाता और मुम्बई से चलकर पहुँची दिल्ली। बैंकों के निजीकण के खिलाफ चल रहे आंदोलन में दिल्ली के जंतर मंतर पर शामिल हुए NMOPS व अटेवा के अध्यक्ष विजय कुमार 'बन्धु'*

लखनऊ। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन द्वारा देश के सरकारी बैंकों के निजीकरण के विरोध में जो यात्रा 24 नवंबर को कोलकाता व मुम्बई से प्रारम्भ की थी, वह आज दिल्ली जन्तर मंतर पहुँची। सार्वजनिक सेक्टर को बैंकों के निजीकरण के खिलाफ जन्तर मंतर पर हुए इस आंदोलन में बैंक कर्मियों के अतिरिक्त बड़ी संख्या में शिक्षक, नर्सेज, डॉक्टर्स, मजदुर, किसान, छात्र व नौजवान शामिल हुए। सभी का यह मानना है कि सार्वजनिक क्षेत्र भारत का गौरव हैं, इनका निजीकरण देश के साथ गद्दारी है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए जितना भी लंबा और कड़ा संघर्ष करना पड़ेगा हम सब मिलकर करेंगे, लेकिन देश को किसी भी हाल में बिकने नहीं देंगे।

रैली को कई वरिष्ठ वक्ताओं ने संबोधित किया, सभी ने इस मुहिम को सराहनीय बताया और देश व बैंक बचाने की इस मुहिम में साथ देने का भरोसा दिलाया। वक्ताओं में प्रमुख रूप से पूर्व सांसद तपन सिन्हा, महाराष्ट्र के सांसद, आईटी सीटू की अध्यक्ष अमृत कौर, कन्हैया कुमार, प्रोफेसर ऋतु सहित तमाम शिक्षक, कर्मचारी, किसान, मजदूर व छात्र संगठनों ने संबोधित किया। उत्तर प्रदेश से ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन के वरिष्ठ नेतागण सौरभ श्रीवास्तव, पवन कुमार, बीपी सिंह सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे।

ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव सौम्य दत्ता ने कहा बैंकों का निजीकण बर्दास्त नहीं किया जाएगा, आज जन्तर मंतर पर हमने अपनी एकता का एक ट्रेलर दिखाया है। इस तानाशाह सरकार के खिलाफ हम अंतिम क्षण तक लड़ेंगे लेकिन बैंकिंग अमेंडमेंट बिल संसद में पास नहीं होने देंगे। बैंकों के निजीकरण के खिलाफ चल रही इस मुह में NMOPS के राष्ट्रीय अध्यक्ष व अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार 'बन्धु' ने कहा कि आज निजीकरण देश की बहुत बड़ी समस्या है, इससे केवल सरकारी कर्मचारी ही नहीं बल्कि देश का प्रत्येक नागरिक प्रभावित होगा। आने वाले समय में निजीकरण के कारण देश विभिन्न समस्याओं का सामना करेगा। अमीरों और गरीबों के बीच की खाईं और बढ़ेगी। NPS तो निजीकरण का एक छोटा सा भाग है, जिससे आज देश के लाखों लोगों का शोषण हो रहा है। अगर सब कुछ निजी हाथों में चला गया तो आप उसकी भयावहता के बारे में अंदाजा लगा सकते हैं। राजकीय नर्सेज संघ उत्तर प्रदेश के महामंत्री व चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ के प्रधान महासचिव अशोक कुमार ने कहा निजीकण इस समय पूरे देश में सभी विभागों की समस्या है, यह आम जनमानस की लड़ाई है। बैंक बचाओ देश बचाओ अभियान को हमारा पूरा समर्थन हैं, हम इस मुहिम की हर सम्भव मदद करेंगे, लेकिन देश की राष्ट्रीय संपत्तियों को बिकने नहीं देंगे। अगर यह सरकार अड़ियल रुख अपनाते हुए बैंकों के निजीकरण पर अड़ी रहती है तो हम भी चुप बैठने वाले नहीं हैं। आने वाले पाँच राज्यों के चुनाव में हम अपनी एकता दिखाएंगे, इन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएँगे। अभियान में जन्तर मंतर पर NMOPS व अटेवा के पदाधिकारी व सहयोगी संगठन भी शामिल रहे। इनमें दिल्ली NMOPS के प्रदेश अध्यक्ष मंजीत पटेल, जावेद अख्तर, अटेवा उत्तर प्रदेश के प्रदेश महामंत्री डॉ. नीरजपति त्रिपाठी, प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रहास सिंह, प्रदेश संगठन मंत्री रजत प्रकाश, रजनीश कुमार, शिव शंकर यादव, गर्वित चौधरी, आकिल अख्तर, राजस्थान से सुरेंद्र बेनीवाल, केआर सियाग, जगदीश प्रसाद यादव, मेरठ नर्सेज संघ की शर्ली भण्डारी उपाध्यक्ष राजकीय नर्सेज संघ उत्तर प्रदेश, शिवानी चौधरी, सुशीला, मंजू, पवन मिश्रा, कौंसल्या गौतम, विक्टोरिया NMOPS उत्तराखण्ड से रोहित शर्मा सहित सैकड़ों साथी अटेवा के साथी बैंक कर्मियों के इस आंदोलन में शामिल रहे और सभी ने बैंक व देश बचाने की इस मुहिम को अंजाम तक पहुंचाने का प्रण लिया।

एयरटेल के प्रीपेड ग्राहकों को तगड़ा झटका!

नई दिल्ली (एजेंसी)। देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी एयरटेल ने 26 नवंबर से अपने प्रीपेड टैरिफ को संशोधित करने का फैसला किया है। एयरटेल ने प्रीपेड प्लान्स पर टैरिफ दरों में 25 फीसदी का इजाफा किया है। एयरटेल की ओर से घोषित की गई नई टैरिफ दरें 26 नवंबर से लागू होंगी।

कंपनी ने कहा कि भारती एयरटेल ने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि प्रति यूजर मोबाइल एवरेज रेवेन्यू (ARPU) 200 रुपये होना चाहिए। अब यह 300 पर होना चाहिए ताकि कैपटिल पर उचित रिटर्न प्रदान किया जा सके जो वित्तीय रूप से स्वस्थ व्यापार मॉडल की अनुमति देता है।

Tariff Hike: प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज कराना इस दिन से हो जाएगा महंगा, Airtel  ने टैरिफ में की बढ़ोतरी, चेक करें नई दरें - The Financial Express

हम यह भी मानते हैं कि एआरपीयू का यह स्तर नेटवर्क और स्पेक्ट्रम में आवश्यक पर्याप्त निवेश को सक्षम करेगा। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह एयरटेल को भारत में 5G को रोल आउट करने में मदद मिलेगी। इसलिए, पहले कदम के रूप में हम नवंबर के महीने के दौरान अपने टैरिफ को रिबैलेंसिंग करने का बीड़ा उठा रहे हैं। नीचे बताए गए हमारे नए टैरिफ 26 नवंबर से प्रभावी होंगे।

एंट्री-लेवल टैरिफ वॉयस प्लान में लगभग 25 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है, जबकि अनलिमिटेड वॉयस बंडल के लिए ज्यादातर मामलों में बढ़ोतरी लगभग 20 फीसदी है। सभी प्रीपेड पैक के नए टैरिफ 26 नवंबर, 2021 से http://www.airtel.in पर उपलब्ध होंगे।

भारती एयरटेल ने प्रीपेड प्लान्स पर टैरिफ दरों में बदलाव का ऐलान किया है। इसके साथ, 28 दिनों की वैधता अवधि के साथ 75 रुपये के मौजूदा टैरिफ को बढ़ाकर 99 रुपये कर दिया जाएगा, जबकि 149 रुपये के मौजूदा टैरिफ को 28 दिनों की वैधता अवधि के साथ बढ़ाकर 179 रुपये कर दिया जाएगा।

Airtel Has Increased Its tariff Plans For Its Prepaid Users Airtel के  ग्राहकों को बड़ा झटका, 26 नवंबर से प्रीपेड प्लान्स होंगे महंगे, ये है नए  टैरिफ

जिन अन्य प्लान्स में बढ़ोतरी की गई है, उनमें 28 दिनों की वैधता के साथ 219 रुपये की मौजूदा टैरिफ प्लान शामिल है, जिसे बढ़ाकर 265 रुपये कर दिया गया है। वहीं, 28 दिनों की वैधता के साथ 249 रुपये के प्लान को बढ़ाकर 299 रुपये कर दिया गया है।

28 दिनों की वैधता के साथ 298 रुपये के मौजूदा टैरिफ को बढ़ाकर 359 रुपये कर दिया गया था. वहीं, 365 दिनों की वैधता अवधि के साथ 2,498 रुपये की मौजूदा टैरिफ प्लान को बढ़ाकर 2,999 रुपये कर दिया गया।

अब होंगे नए तरह के युद्ध: सीमा पर नहीं, शहरों में होगी जंग


दुनिया के देश आधुनिक युद्धास्त्र बनाने में लगे हैं।परमाणु बम, हाइड्रोजन बम के आगे के विनाशक बम पर काम चल रहा है। सुपर सोनिक मिसाइल बन रही हैं, किंतु लगता है कि आधुनिक युद्ध इन सबसे अलग तरह के अस्त्र−शस्त्रों के लड़ा जाएगा। अलग तरह के युद्ध होंगे। आने वाले युद्ध सीमा पर नहीं, शहरों में लड़े जाएगे। घरों में लड़े जाएगे। गली–मुहल्लों में लड़े जाएंगे। अभी से हमें इसके लिए सोचना और तैयार होना होगा।
पुणे इंटरनेशनल सेंटर द्वारा आयोजित ‘पुणे डॉयलॉग’ में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा कि भविष्य में खतरनाक जैविक हथियार दुनिया के लिए गंभीर परिणाम साबित हो सकता है। दुनिया के लिए किसी भी जानलेवा वायरस को हथियार बनाकर इस्तेमाल करना गंभीर बात है। एनएसए डोभाल ने अपने बयान में कोरोना वायरस का उदाहरण देते हुए जैविक हथियारों का मुद्दा उठाया। ‘आपदा एवं महामारी के युग में राष्ट्रीय सुरक्षा की तैयारियों ’ पर बोलते हुए अजीत डोभाल ने कहा कि आपदा और महामारी का खतरा किसी सीमा के अंदर तक सीमित नहीं रहता और उससे अकेले नहीं निपटा जा सकता। इससे होने वाले नुकसान को घटाने की जरूरत है।
अभी तक पूरी दुनिया इस खतरे से जूझ रही है कि परमाणु बम किसी आतंकवादी संगठन के हाथ न लग जाए। उनके हाथ में जाने से इसे किस तरह रोका जाएॽ उधर आतंकवादी नए तरह के हथियार प्रयोग कर रहे हैं। शिक्षा बढ़ी है तो सबका सोच बढ़ा है। दुनिया के सुरक्षा संगठन समाज का सुरक्षित माहौल देने का प्रयास कर रहे हैं।आंतकवादी घटनाएं कैसे रोकी जाएं, ययोजनाएं बना रहे हैं। आंतकवादी इनमें से निकलने के रास्ते खोज रहे हैं। वे नए−नए हथियार बना रहे हैं। अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सैंटर पर हमले से पहले कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था कि विमान को भी घातक हथियार के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। इसमें विमानों को बम की तरह इस्तेमाल किया गया। माचिस की तिल्ली आग जलाने के लिए काम आती है। बिजनौर में कुछ आंतकवादी इन माचिस की तिल्लियों का मसाला उतार कर उसे गैस के सिलेंडर में भर कर बम बनाते विस्फोट हो जाने से घायल हुए थे।
हम विज्ञान और कम्यूटर की ओर गए। हमारे युद्धास्त्र कम्यूटरीकृत हो रहे हैं। उधर शत्रु इस सिस्टम को हैक करने के उपाए खोज रहा है। लेजर बम बन रहे हैं। हो सकता है कि हैकर शस्त्रों के सिस्टम हैक करके उनका प्रयोग मानवता के विनाश के लिए कर बैठें। बनाने वालों के निर्दे कोड से बने बनाए शस्त्र हैकर के इशारे पर चलने लगें।
रोगों के निदान के लिए वैज्ञानिक वायरस पर खोज रहे हैं। उनके टीके बना रहे हैं। दवा विकसित कर रहे हैं, तो कुछ वैज्ञानिक इस वायरस को शस्त्र के रूप में प्रयोग कर रहे हैं।
साल 1763 में ब्रिटिश सेना ने अमेरिकियों पर चेचक के वायरस का इस्तेमाल हथियार की तरह किया। 1940 में जापान की वायुसेना ने चीन के एक क्षेत्र में बम के जरिये प्लेग फैलाया था। 1942 में जापान के 10 हजार सैनिक अपने ही जैविक हथियारों का शिकार हो गए थे। हाल ही के दिनों में आतंकी गतिविधियों के लिए जैविक हथियार के इस्तेमाल की बात सामने आई है। इससे हमें सचेत रहना होगा। सीमाओं की सुरक्षा के साथ इन जैविक शास्त्रों से निपटने के उपाए खोजने होंगे। चीन की लैब में विकसित हो रहा कोरोना का वायरस अगर लीक न होता तो आने वाले समय में उसके किस विरोधी देश में फैलता यह नहीं समझा जा सकता, क्योंकि आज चीन की एक–दो देश छोड़ पूरी दुनिया से लड़ाई है।
लगता है कि आधुनिक युद्ध कोरोना की तरह शहरों में, गलियों में और भीड वाली जगह में लड़ा जाएगा। किसी विषाक्त वाररस से हमें कारोना के बचाव की तरह जूझना होगा।
बुजुर्ग कहते आए हैं कि ईश्वर जो करता है, अच्छा करता है। हर मुसीबत में कोई संदेश, कोई भविष्य के लिए तैयारी होती है। ऐसा ही शायद कोरोना महामारी के बारे में माना और समझा जा सकता है। जब यह महामारी फैली तो इसके लिए पूरा विश्व तैयार नहीं था। इसके फैलने पर सब आश्चर्यचकित से हो गए किसी की समझ नहीं आया। आज डेढ़ साल से ज्यादा हो गया, इसकी दुष्ट छाया से हमें मुक्ति नहीं मिली।आंकड़ों के अनुसार इस दौरान पूरी दुनिया में 50 लाख से ज्यादा मौत हुईं हैं।
जब यह महामारी आई तो किसी को न इसके बारे में पता था, न ही इसके लिए कोई तैयार था। आज डेढ़ साल के समय में दुनिया ने इसके अनुरूप अपने को तैयार कर लिया। वैक्सीन बनाई ही नहीं, तेजी से लगाई भी जा रही है। ये सब जानते हैं कि कोराना अभी गया नहीं, फिर भी अधिकतर लोग लापरवाह हो गए हैं। इसके प्रति बरते जाने वाले सुरक्षा उपाए करने छोड़ दिए। हमने इसके साथ जीना सीखा लिया।
आज पूरी दुनिया कोरोना वायरस की मार झेल रही है। भविष्य के जैविक हथियारों के खिलाफ सुरक्षा रणनीति को लेकर अजीत डोभाल ने कहा कि देश को अब नई रणनीति बनाने की जरूरत है। चीन का नाम लिए बिना अजीत डोभाल ने कहा कि बायोलॉजिकल रिसर्च करना बेहद जरूरी है। लेकिन इसकी आड़ में इसका दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि ऐसी रणनीति बनाई जाए जो हमारे मकसद को पूरा करे और हमारा नुकसान कम से कम हो।
कोरोना से युद्ध के बाद देश चिकित्सा सुविधा का विस्तार कर रहा है। कोरोना की दूसरी लहर में आक्सीजन की मारामारी मची। आज हम जिला स्तर पर सरकारी अस्पताल में अक्सीजन बनाने के संयंत्र लगा चुके हैं। जिला स्तर तक मेडिकल कॉलेज बनाना शायद इसी रणनीति का भाग है। जगह –जगह आधुनिक अस्पताल बन रहे हैं। वैक्सीन विकास का काम भी इसी की कड़ी का एक हिस्सा है। प्रकृति के दोहन के दुष्परिणाम से होने वाली आपदाएं हमें झेलनी होंगी। उसके लिए तैयार होना होगा और काम करना होगा। चिकित्सा सुविधाएं गांव−गांव तक पहुंचानी होंगी। स्वास्थ्य वर्कर गांव–गांव तक तैयार करने होंगे। आपदा नियंत्रण के लिए जन चेतना पैदा करने के लिए गांव−गांव तक वालियंटर बनाने और उन्हें प्रशिक्षित करना होगा। हमला किस तरह का होगा, उसका रूप क्या होगा, नहीं कहा जा सकता। बस नए हालात और परिस्थिति के लिए हम अपने और अपने समाज को तैयार कर सकतें हैं।


अशोक मधुप (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

18 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस मनाएगा इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन

18 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस मनाएगा इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन

बिजनौर। 18 नवंबर 2021 को इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन अंतरराष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस मनाने जा रहा है।

आईएनओ यूनिट बिजनौर के अध्यक्ष डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने इस संबंध में बताया कि इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाईजेशन यूनिट बिजनौर 2021 से 2023 तक के लिए जनपद बिजनौर के पदाधिकारियों का पुनः मनोनयन होना है। इसके लिए पदाधिकारियों की तीन मीटिंग होनी हैं। जो 3 मीटिंग में नहीं आते, उन्हें स्वयं ही निष्क्रिय माना जाएगा।

दुबई के साथ हुए कश्मीर में विकास के समझाैते पर चुप्पी क्योंॽ

दुबई की सरकार ने जम्मू−कश्मीर में विकास का बड़ा ढांचा तैयार करने का बहुत बड़ा निर्णय लिया है। इसके लिए उसने जम्मू−कश्मीर सरकार से एमओयू (समझौता) किया है। पिछले हफ्ते हुआ यह समझौता देश और दुनिया के लिए बड़ी खबर था, पर देश की राजनीति और अखबारी दुनिया में ये समाचार दम तोड़ कर रह गया। हालत यह है कि इस बड़े कार्य के लिए देश की पीठ थपथपाने वाले भारत के अखबार− पत्रकार और नेता चुप हैं, जबकि इस समझौते को लेकर पाकिस्तान में हलचल है।

जम्मू −कश्मीर के विपक्षी नेताओं से इस समझौते पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं थी। उनके लिए तो ये खबर पेट में दर्द करने वाली ज्यादा है। हाल में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने जम्मू−कश्मीर में बाहरी व्यक्तियों की मौत पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने ये भी कहा था कि अनुच्छेद 370 हटाने का क्या लाभ हुआॽ जब लाभ हुआ तो उनकी बोलती बंद है।

दुनिया के अधिकांश देश जम्मू− कश्मीर को विवादास्पद क्षेत्र मानते रहे हैं। पाकिस्तान जम्मू− कश्मीर विवाद को प्रत्येक मंच पर उठाकार भारत को बदनाम करने की कोशिश करता रहा है। इस सबके बावजूद ये समझौता भारत सरकार की बड़ी उपलब्धि है।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस बारे में बताया कि दुबई सरकार और जम्मू-कश्मीर सरकार ने एक समझौता किया है। दुबई से समझौते में औद्योगिक पार्क, आईटी टावर, बहुउद्देश्यीय टावर, रसद केंद्र, एक मेडिकल कॉलेज और एक स्पेशलिटी हॉस्पिटल सहित बुनियादी ढांचे का निर्माण होना शामिल है। दुबई और जम्मू-कश्मीर प्रशासन के साथ यह समझौता इस क्षेत्र में (केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद) किसी विदेशी सरकार की ओर से पहला निवेश समझौता है। यह समझौता आत्मानिर्भर जम्मू-कश्मीर बनाने की हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

केंद्रीय एवं वाणिज्य उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को एक प्रेस रिलीज़ में बताया था कि इस समझौते के तहत दुबई की सरकार जम्मू-कश्मीर में रियल एस्टेट में निवेश करेगी, जिनमें इंडस्ट्रियल पार्क, आईटी टावर्स, मल्टीपर्पस टावर, लॉजिस्टिक्स, मेडिकल कॉलेज, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल शामिल हैं। ये तो नहीं बताया गया कि दुबई की सरकार कितना निवेश करेगी, पर यदि वह यहां एक भी रूपया लगाता है तो ये देश की बड़ी उपलब्धि है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद दुबई दुनिया का पहला देश है, जो जम्मू कश्मीर के विकास में निवेश करने जा रहा है। ये समझौता ऐसे समय में हुआ है जब घाटी में आतंकियों ने मासूम नागरिकों, खासतौर पर गैर-मुस्लिमों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।

भारत की मीडिया और नेता देश की उपलब्धि पर भले ही चुप हों, पर पाकिस्तान में हलचल है। इस मुद्दे पर पाकिस्‍तान के पूर्व राजनयिक अब्‍दुल बासित ने इसको भारत की बड़ी जीत बताया है। अब्‍दुल बासित पाकिस्‍तान के भारत में राजदूत रह चुके हैं। बासित ने यहां तक कहा है कि इस एमओयू के साइन होने के बाद ये बात साफ होने लगी है कि अब कश्‍मीर का मुद्दा पाकिस्‍तान के हाथों से निकलता जा रहा है। उन्‍होंने कश्‍मीर मुद्दे के फिसलने को मौजूदा इमरान सरकार की कमजोरी बताया है। उन्‍होंने ये भी कहा कि नवाज शरीफ सरकार में भी कश्‍मीर के मुद्दे को कमजोर ही किया गया। बासित के मुताबिक दुबई और भारत के बीच हुए इस सहयोग के बाद निश्‍चित तौर पर ये भारत की बड़ी जीत है।
पाकिस्‍तान के राजनयिक के मुताबिक दुबई की इस्‍लामिक सहयोग संगठन में काफी अहम भूमिका है। इस नाते भी ये करार काफी अहमियत रखता है।बासित ने कहा है कि अब ये हाल हो गया है कि एक मुस्लिम देश भारत के जम्मू−कश्मीर में निवेश के लिए एमओयू साइन कर रहा है। बासित ने ये भी कहा कि आने वाले दिनों में ये भी हो सकता है कि ईरान और यूएई जम्‍मू कश्‍मीर में अपने काउंसलेट खोल दें। उन्‍होंने कहा कि हाल के कुछ समय में पाकिस्‍तान को कश्‍मीर के मुद्दे पर मुंह की खानी पड़ी है। इस मुद्दे पर वो पूरी तरह से अलग-थलग पड़ चुका है।

छोटी−मोटी बात पर सरकार की आलोचना करने वाला देश का विपक्ष आज इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर चुप्पी साध जाए, मीडिया में खबर को जगह न मिले, इस पर संपादकीय न लिखे जाएं, तो यह आपकी सोच को बताता है। इतिहास सबके कारनामें नोट कर रहा है। वह किसी को माफ नहीं करता। किसी को माफ नहीं करेगा।

अशोक मधुप (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

अधिकारियों कर्मचारियों का हर मूवमेंट ट्रैक करने को Smart Watch अनिवार्य!

सरकार का नया फरमान- सभी कर्मचारी पहनेंगे Smart Watch, ट्रैक की जाएगी हर मूवमेंट  

चंडीगढ़ (एजेंसी)। हरियाणा में सभी सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों को स्मार्ट वॉच पहनना जरूरी होगा, जिससे ड्यूटी के दौरान उनकी लोकेशन को ट्रैक किया जा सके। इसके अलावा वह इस वॉच से ही अपनी हाजिरी लगाएंगे।

इससे पहले सरकारी कर्मचारियों के ड्यूटी टाइम और आवाजाही की निगरानी के लिए पहले बायोमेट्रिक मशीनें लगाई गई थीं, लेकिन कोरोना काल में बीमारी के संक्रमण के डर से इसे बंद कर दिया गया। अब स्मार्ट वॉच को दूसरे विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।

Haryana: CM खट्टर का फरमान- सभी सरकारी कर्मचारी पहनेंगे स्मार्ट वॉच, उसी से लगेगी अटेंडेंस और रखी जाएगी नजर

हरियाणा के सोहना के सर्माथला गांव में एक विकास रैली को संबोधित करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उक्त जानकारी दी। साथ ही उन्होंने विकास घोषणाओं का पिटारा भी खोल दिया। उन्होंने लगभग 50 विकास योजनाओं की मंजूरी दे दी। इन सभी योजनाओं के ऊपर 125 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सोहना में किसी भी लेवल पर विकास की कमी नहीं दिखाई देगी।

गौरतलब है कि इसी महीने सरकारी कर्मचारियों के लिए ही एक ऐलान में खट्टर सरकार ने 1967 और 1980 के दो आदेश वापस ले लिए थे। इन आदेशों में कर्मचारियों को आरएसएस (RSS) की गतिविधियों में भाग लेने पर रोक लगाई गई थी। हालांकि खट्टर के इस फैसले पर कांग्रेस भड़क गई थी। इसको लेकर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने एक ट्वीट किया था और इसमें लिखा था- ‘अब हरियाणा के कर्मचारीयों को “संघ” की शाखाओं में भाग लेने की छूट। सरकार चला रहे हैं या भाजपा- आरएसएस की पाठशाला!’

अब गांवों के चारागाह से मिलेगी जीवनदायिनी ऑक्सीजन

चारागाहों में लगेंगे ऑक्सीजन प्लांट। रोपे जाएंगे पीपल के पौधे। ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल की छह ग्राम पंचायत चयनित। 205 बीघा भूमि पर मनरेगा के तहत होगा कार्य

बिजनौर। अब ग्राम पंचायतों में खाली पड़ी चारागाह की भूमि जीवनदायिनी ऑक्सीजन का मुख्य स्रोत बनेगी। दरअसल पंचायत में कार्यों के प्राक्कलन में समतलीकरण, मेढबन्दी तथा वृक्षारोपण को सम्मिलित करते हुए योजना तैयार कर कार्य प्रारम्भ कराने के निर्देश दिये गए हैं। कार्य पूर्ण होते ही यहां पीपल के पौधे रोपे जाएंगे। ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल की छह ग्राम पंचायत अंतर्गत पड़ने वाली 205 बीघा चारागाहों की भूमि निकट भविष्य में नवजीवन का रूप लेने वाली है।

जीवनदायिनी ऑक्सीजन को प्रचुरता से प्राप्त करने के उपायों के तहत उपायुक्त (श्रम रोजगार) संयुक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक बिजनौर ने 07 अक्टूबर 2021 को आदेश जारी किया। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजनान्तर्गत कार्य कराने के सम्बंध में उन्होंने कार्यक्रम अधिकारी/खंड विकास अधिकारी मोहम्मदपुर देवमल को निर्देश दिये हैं कि उक्त पंचायत में कार्यों के प्राक्कलन में समतलीकरण, मेढबन्दी तथा वृक्षारोपण को सम्मिलित करते हुए योजना तैयार कर एक सप्ताह में कार्य प्रारम्भ कराएं। उक्त कार्य के पूरा होने के बाद यहां पीपल की पौध लगा दी जाएगी। बीडीओ को निर्देश हैं कि तकनीकी सहायकों द्वारा प्राक्कलन दिनेश कुमार अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (जनपद स्तर) के पर्यवेक्षण में तैयार किये जाने हेतु निर्देशित करना सुनिश्चित करें।
कार्यक्रम अधिकारी/खंड विकास अधिकारी मोहम्मदपुर देवमल को विकास खण्ड के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजनान्तर्गत कराये जाने वाले कार्यों का विवरण भी दिया गया है। बताया गया है कि शासन की ओर से 1500 मानव दिवस एवं 1500 से अधिक मानव दिवस सृजन करने वाले कार्यों को कराये जाने के निर्देश दिये गये है।

कोरोना के काल में सभी लोग ऑक्सीजन का महत्व समझ चुके हैं। यह भी सर्वविदित है कि पीपल का वृक्ष हमें 24 घंटे ऑक्सीजन देता है। इसका धार्मिक महत्व भी है। पर्यावरण को शुद्ध रखने के साथ स्वच्छ हवा की जरूरत को पूरा करने के लिए पीपल के पौधों के रोपण की जरूरत बताई गई है। पीपल के पेड़ को अश्वत्ता का पेड़ भी कहते हैं। भारतीय धर्मशास्त्रों में पीपल में भगवान विष्णु का वास माना गया है। बौद्ध और जैन धर्म में भी इसका खासा महत्व है। ये ऑक्सीजन का बड़ा अच्छा स्रोत है। इसके अलवा अस्थमा, डायबिटीज और डायरिया जैसी बीमारियों में भी पीपल काफी लाभकारी है।

जमीन विवादों को जड़ से ही खत्म करने की योजना

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने गांवों में जमीन विवादों को जड़ से ही खत्म करने की योजना बनाई है। गाटे के सह खातेदारों के बीच अपने-अपने हिस्से की जमीन के बंटवारे के लिए अब मुकदमेबाजी की नौबत नहीं आएगी। सह खातेदारों के बीच हिस्से का बंटवारा अब पंचायत स्तर पर ही हो जाएगा। राजस्व परिषद ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिन राजस्व गांवों में खतौनी का पुनरीक्षण और अंश निर्धारण का काम पूरा किया जा चुका है, वहां सह खातेदारों के बीच गाटों के भौतिक विभाजन की योजना तैयार कर उसे अमली जामा पहनाया जाए।

गांवों में अक्सर मिनजुमला यानी मिले-जुले खातेदारों वाले गाटे होते हैं। एक ही गाटे में कई सह खातेदार होते हैं लेकिन यह निश्चित नहीं होता है कि इसमें किसका हिस्सा किस तरफ है। इससे जमीन के बंटवारे को लेकर आए दिन विवाद होते हैं। दिक्कत यह भी आती है कि यदि कोई अपना हिस्सा बेचना चाहे तो यह तय नहीं हो पाता कि वह किस तरफ की जमीन बेचे। ऐसा ही असमंजस जमीन खरीदने वाले के सामने भी होता है।

यदि उसने किसी व्यक्ति से कोई जमीन खरीदी तो बाद में उस गाटे का कोई अन्य सह खातेदार यह दावा कर सकता है कि वह भूमि तो उसके हिस्से की थी। सह खातेदारों के बीच जमीन के बंटवारे के लिए अभी एसडीएम के यहां मुकदमा दर्ज कराना पड़ता है। राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार प्रदेश में मिनजुमला गाटों की जमीन के बंटवारे से जुड़े तकरीबन 20 हजार मुकदमे लंबित हैं।

उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता में सह खातेदारों के बीच गाटे के भौतिक विभाजन की व्यवस्था है। इसमें कहा गया है कि मिनजुमला गाटों का निर्धारित तरीके से भौतिक विभाजन किया जाएगा और मानचित्र व खसरा सहित राजस्व अभिलेखों को उसके मुताबिक संशोधित किया जाएगा। राजस्व संहिता नियमावली में इसका तरीका भी बताया गया है लेकिन इसे अब तक प्रदेश में लागू नहीं किया जा सका है।

प्रदेश में राजस्व गांवों की खतौनियों के पुनरीक्षण और गाटों में अंश निर्धारण का काम वर्ष 2017 से लगातार जारी है। लिहाजा आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद मनीषा त्रिघाटिया ने अब जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिन गांवों में खतौनी पुनरीक्षण व अंश निर्धारण का काम पूरा कर लिया गया है, प्राथमिकता के आधार पर उन गांवों में मिनजुमला गाटों के भौतिक विभाजन की योजना तैयार कराते हुए उसके अनुसार राजस्व अभिलेखों को संशोधित कराया जाए। भविष्य में भी जिन गांवों में खतौनी पुनरीक्षण व अंश निर्धारण का कार्य पूरा होता जाए, वहां भी ऐसा किया जाए।

रोजमर्रा के कई नियमों में आज से बदलाव

नई दिल्ली (एजेंसी)। बैंक से लेकर रोजमर्रा से जुड़े कई नियम आज 1 अक्टूबर से बदल गए हैं। इन बदलावों का असर आम आदमी से लेकर खास तक के जीवन पर होगा। कई बैंकों के चेक बुक, ऑटो डेबिट भुगतान, एलपीजी सिलेंडर के दाम और पेंशन से जुड़े नियम इसमें मुख्य हैं।

खाने के बिल पर FSSAI रजिस्ट्रेशन नंबर जरूरी: फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया FSSAI ने एक अक्टूबर तक खाद्य पदार्थों से जुड़े सभी दुकानदारों को रजिस्ट्रेशन कराने का निर्देश दिया था। आज से खाद्य पदार्थों से जुड़े दुकानदारों को सामान के बिल पर FSSAI का रजिस्ट्रेशन नंबर लिखना अनिवार्य हो गया है। अब  दुकान से लेकर रेस्टोरेंट को डिस्प्ले में बताना होगा कि वह किन खाद्य पदार्थों का उपयोग कर रहे हैं। ग्राहकों को बिल पर FSSAI का रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं देंने पर दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई होगी, जिसमें जेल जाने तक की सजा है।

पेंशन नियम में बदलाव: डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र से जुड़ा नियम बदल गया है। देश के सभी बुजुर्ग पेंशनर्स जिनकी उम्र 80 साल या उससे ज्यादा है, वो देश के सभी प्रधान डाकघर के जीवन प्रमाण सेंटर में डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकेंगे। इसके लिए 30 नवंबर तक का समय दिया गया है।

पुरानी चेक बुक खत्म: ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी), यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) और इलाहाबाद बैंक की पुरानी चेकबुक काम नहीं करेंगे। इन बैंकों का विलय दूसरे बैंकों में हो चुका है, इसके बाद खाताधारकों के खाता नंबर, चेक बुक, आईएफएससी व एमआईसीआर कोड बदल गए। अब तक ग्राहक पुराने चेक बुक का इस्तमाल कर ले रहे थे। आज से वो ऐसा नहीं कर पाएंगे। खाताधारकों को नए चेकबुक लेनी होगी।

LPG सिलेंडर महंगा: आज से एलपीजी सिलेंडर करीब 36 रुपये महंगा हो गया है। राहत की बात यह है कि यह बढ़ोतरी 19 किलो वाले कामर्शियल सिलेंडर में हुई है। दिल्ली में नॉन-सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत अभी भी 884.50 रुपये ही है।

दिल्ली में प्राइवेट शराब की दुकानें बंद: दिल्ली में निजी शराब की दुकानें आज से 16 नवंबर, 2021 तक बंद रहेंगी। तब तक सिर्फ सरकारी दुकानें खुलेंगी। यह बदलाव लाइसेंस के अलॉटमेंट को लेकर किया गया है। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के अनुसार नई एक्साइज पॉलिसी राजधानी को 32 जोन में बांटेगी। नई गाइडलाइन के मुताबिक 17 नवंबर से नई नीति के तहत आने वाली दुकानें ही संचालित हो सकेंगी।

बदलेगा ऑटो डेबिट भुगतान का तरीका: क्रेडिट-डेबिट कार्ड के पेमेंट से जुड़े नियम में बदलाव हो गया है। आज से क्रेडिट/डेबिट कार्ड से होने वाले ऑटो भुगतान का नया नियम लागू किया गया है, जिसके तहत बिना ग्राहक को जानकारी दिए बैंक आपके खाते से पैसा नहीं काट सकेंगे। इसके लिए बैंक आपको पूर्व जानकारी देगा, तभी पेमेंट आपके बैंक से कटेगी। बैंक उपभोक्ता के खाते से पैसा तभी डेबिट होगा, जब वह इसके लिए अनुमति देगा।

निष्क्रिय होगा डीमैट अकाउंट: सेबी ने डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट रखने वाले लोगों को 30 सितंबर 2021 से पहले केवाईसी डिटेल्स अपडेट करने के लिए कहा था। अगर अब तक डीमैट अकाउंट में केवाईसी अपडेट नहीं किया है तो आपका डीमैट अकाउंट सस्पेंड हो जाएगा और आप बाजार में ट्रेडिंग नहीं कर पाएंगे। यह तब तक चालू नहीं होगा, जब तक आप केवाईसी अपडेट नहीं कर लेते।

म्यूचुअल फंड निवेश में बदलाव: बाजार नियामक सेबी ने म्यूचुअल फंड निवेश के नियम में बदलाव किया है। नए नियम के मुताबिक एसेट अंडर मैनेजमेंट, म्यूचुअल फंड हाउस में काम करने वाले जूनियर कर्मचारियों पर लागू होगा। 1 अक्टूबर 2021 से एमएससी कंपनियों के जूनियर कर्मचारियों को अपनी सैलरी का 10 फीसदी हिस्सा म्यूचुअल फंड के यूनिट्स में निवेश करना होगा, जबकि 1 अक्टूबर 2023 तक फेज वाइज यह सैलरी का 20 फीसदी हो जाएगा।

प्रधानमंत्री ने विशेष गुणों वाली फसलों की 35 किस्में कीं राष्ट्र को समर्पित


राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान, रायपुर का नवनिर्मित परिसर राष्ट्र को समर्पित।

कृषि विश्वविद्यालयों को ग्रीन कैंपस अवार्ड भी वितरित।

“जब भी किसानों और कृषि को सुरक्षा कवच मिलता है, उनका तेजी से विकास होता है”- मोदी

“हमारी प्राचीन कृषि परंपराओं के साथ-साथ भविष्य की ओर आगे बढ़ना भी समान रूप से महत्वपूर्ण है”

नई दिल्ली (PMO)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विशेष गुणों वाली फसलों की 35 किस्में राष्ट्र को समर्पित कीं। उन्होंने राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान, रायपुर का नवनिर्मित परिसर भी राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कृषि विश्वविद्यालयों को ग्रीन कैंपस अवार्ड वितरित किये। उन्होंने उन किसानों के साथ बातचीत की, जो नवोन्मेषी तरीकों का उपयोग करते हैं तथा सभा को भी संबोधित किया।  

प्रधानमंत्री ने जम्मू और कश्मीर के गांदरबल की श्रीमती जैतून बेगम, बुलंदशहर उत्तर प्रदेश के किसान और बीज उत्पादक श्री कुलवंत सिंह, बारदेज, गोवा की रहने वाली श्रीमती दर्शना पेडनेकर, मणिपुर के श्री थोइबा सिंह व उधम सिंह नगर, उत्तराखंड के निवासी श्री सुरेश राणा से उनके क्षेत्र व कार्य से संबंधित बातचीत की।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले छह-सात वर्षों में कृषि से संबंधित चुनौतियों के समाधान के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी का प्राथमिकता के आधार पर उपयोग किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारा सबसे ज्यादा ध्यान अधिक पौष्टिक बीजों पर है, जो खासकर बदलते मौसम में, नई परिस्थितियों के अनुकूल हैं।”

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि जब भी किसानों और कृषि को सुरक्षा कवच मिलता है तो उनका विकास तेजी से होता है। उन्होंने बताया कि भूमि के संरक्षण के लिए 11 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए गए हैं। प्रधानमंत्री ने सरकार की किसान-हितैषी पहलों के बारे में बताया, जैसे – किसानों को जल सुरक्षा प्रदान करने के लिए लगभग 100 लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए अभियान, फसलों को बीमारियों से बचाने के लिए किसानों को नई किस्मों के बीज उपलब्ध कराना और इस प्रकार अधिक उपज प्राप्त करना। उन्होंने कहा कि एमएसपी बढ़ाने के साथ-साथ खरीद प्रक्रिया में भी सुधार किया गया ताकि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके। रबी सीजन में 430 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद की गई है और किसानों को 85 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। महामारी के दौरान गेहूं खरीद केंद्रों की संख्‍या को तीन गुना से अधिक बढ़ाया गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों को तकनीक से जोड़कर हमने उनके लिए बैंकों से मदद लेना आसान बना दिया है। आज किसानों को मौसम की जानकारी बेहतर तरीके से मिल रही है। हाल ही में 2 करोड़ से अधिक किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्‍ध कराए गए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण जो नए प्रकार के कीट, नई बीमारियां, महामारियां आ रही हैं, इससे इंसान और पशुधन के स्वास्थ्य पर भी बहुत बड़ा संकट आ रहा है और फसलें भी प्रभावित हो रही है। इन पहलुओं पर गहन रिसर्च निरंतर जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब साइंस, सरकार और सोसायटी मिलकर काम करेंगे तो उसके नतीजे और बेहतर आएंगे। किसानों और वैज्ञानिकों का ऐसा गठजोड़, नई चुनौतियों से निपटने में देश की ताकत बढ़ाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसान को सिर्फ फसल आधारित इनकम सिस्टम से बाहर निकालकर, उन्हें वैल्यू एडिशन और खेती के अन्य विकल्पों के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि साइंस और रिसर्च के समाधानों से अब मोटे अनाजों सहित अन्य अनाजों को और विकसित करना ज़रूरी है। उन्‍होंने कहा इसका मकसद ये कि देश के अलग-अलग हिस्सों में, अलग-अलग ज़रूरतों के हिसाब से इन्हें उगाया जा सके। उन्होंने लोगों से कहा कि वे संयुक्त राष्ट्र द्वारा आगामी वर्ष को मिलेट वर्ष घोषित किए जाने के फलस्‍वरूप उपलब्‍ध होने वाले अवसरों का उपयोग करने के लिए तैयार रहें।

बीते 6-7 सालों में साइंस और टेक्नॉलॉजी को खेती से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए प्राथमिकता के आधार पर उपयोग किया जा रहा है।

विशेष रूप से बदलते हुए मौसम में, नई परिस्थितियों के अनुकूल, अधिक पोषण युक्त बीजों पर हमारा फोकस बहुत अधिक है: PM @narendramodi— PMO India (@PMOIndia) September 28, 2021

पिछले वर्ष ही कोरोना से लड़ाई के बीच में हमने देखा है कि कैसे टिड्डी दल ने भी अनेक राज्यों में बड़ा हमला कर दिया था।

भारत ने बहुत प्रयास करके तब इस हमले को रोका था, किसानों का ज्यादा नुकसान होने से बचाया था: PM @narendramodi— PMO India (@PMOIndia) September 28, 2021

किसानों को पानी की सुरक्षा देने के लिए, हमने सिंचाई परियोजनाएं शुरू कीं, दशकों से लटकी करीब-करीब 100 सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने का अभियान चलाया।

फसलों को रोगों से बचाने के लिए, ज्यादा उपज के लिए किसानों को नई वैरायटी के बीज दिए गए: PM @narendramodi— PMO India (@PMOIndia) September 28, 2021

MSP में बढ़ोत्तरी के साथ-साथ हमने खरीद प्रक्रिया में भी सुधार किया ताकि अधिक-से-अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके।

रबी सीजन में 430 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेंहूं खरीदा गया है।

इसके लिए किसानों को 85 हजार से अधिक का भुगतान किया गया है: PM @narendramodi— PMO India (@PMOIndia) September 28, 2021

किसानों को टेक्नोलॉजी से जोड़ने के लिए हमने उन्हें बैंकों से मदद को और आसान बनाया गया है।

आज किसानों को और बेहतर तरीके से मौसम की जानकारी मिल रही है।

हाल ही में अभियान चलाकर 2 करोड़ से ज्यादा किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड दिए गए हैं: PM @narendramodi— PMO India (@PMOIndia) September 28, 2021

जलवायु परिवर्तन के कारण जो नए प्रकार के कीट, नई बीमारियां, महामारियां आ रही हैं, इससे इंसान और पशुधन के स्वास्थ्य पर भी बहुत बड़ा संकट आ रहा है और फसलें भी प्रभावित हो रही है।

इन पहलुओं पर गहन रिसर्च निरंतर ज़रूरी है: PM @narendramodi— PMO India (@PMOIndia) September 28, 2021

जब साइंस, सरकार और सोसायटी मिलकर काम करेंगे तो उसके नतीजे और बेहतर आएंगे।

किसानों और वैज्ञानिकों का ऐसा गठजोड़, नई चुनौतियों से निपटने में देश की ताकत बढ़ाएगा: PM @narendramodi— PMO India (@PMOIndia) September 28, 2021

किसान को सिर्फ फसल आधारित इनकम सिस्टम से बाहर निकालकर, उन्हें वैल्यू एडिशन और खेती के अन्य विकल्पों के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है: PM @narendramodi— PMO India (@PMOIndia) September 28, 2021

साइंस और रिसर्च के समाधानों से अब मिलेट्स और अन्य अनाजों को और विकसित करना ज़रूरी है।

मकसद ये कि देश के अलग-अलग हिस्सों में, अलग-अलग ज़रूरतों के हिसाब से इन्हें उगाया जा सके: PM @narendramodi— PMO India (@PMOIndia) September 28, 2021

Cafe D, शॉपर्स प्राइड मॉल, बिजनौर

यूपी में अब खुली जगह पर हो सकेंगे शादी समारोह व अन्य कार्यक्रम

लखनऊ (ANI)। यूपी में अब खुली जगह पर शादी समारोह और अन्य कार्यक्रम आयोजित किये जा सकेंगे। योगी सरकार ने इसकी अनुमति दे दी है। आदेश में कहा गया है कि समारोह में शामिल होने वाले लोगों की संख्या क्षेत्र पर निर्भर करेगी। इसके साथ ही कोविड (COVID) प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। मास्क और दो गज दूरी का ध्यान दिया जाए। प्रवेश द्वार पर हेल्प डेस्क की स्थापना अनिवार्य है।

केस घटे, सतर्कता जरूरी- यूपी में 24 घंटे में हुई 01 लाख 69 हजार 500 सैम्पल की टेस्टिंग में 71 जिलों में संक्रमण का एक भी नया केस नहीं पाया गया। मात्र 04 जनपदों में 07 नए संक्रमित मरीज पाए गए। इसी अवधि में 06 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए। वर्तमान में प्रदेश में एक्टिव कोविड केस की संख्या 176 रह गई है। 16 लाख 86 हजार 712 प्रदेशवासी कोरोना संक्रमण से मुक्त होकर स्वस्थ हो चुके हैं। यह सतर्कता और सावधानी बरतने का समय है। थोड़ी सी लापरवाही संक्रमण को बढ़ाने का कारक बन सकती है। ऐसे में दूसरे प्रदेशों से उत्तर प्रदेश आ रहे लोगों की कोविड जांच सुनिश्चित कराने के निर्देश हैं। कोविड से बचाव के लिए प्रदेश में टीकाकरण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। 55 फीसदी से अधिक लोगों ने वैक्सीन की पहली डोज प्राप्त कर ली है। दूसरी डोज लगाने के लिए विशेष अभियान की जरूरत है।

त्योहारों के मद्देनजर- आदेश में कहा गया है कि नवरात्र, दशहरा व दीपावली का पर्व समीप है। रामलीला कमेटियों की तैयारियां प्रारंभ हो रही हैं। लोगों की सांस्कृतिक-धार्मिक भावनाओं का पूरा सम्मान किया जाए। कमेटियों से संपर्क-संवाद स्थापित करते हुए उन्हें कोरोना प्रोटोकॉल का अनुपालन के लिए प्रेरित करें। रामलीला आयोजन खुले मैदान में हो। मैदान की क्षमता के अनुरूप दर्शकों को सहभाग करने की अनुमति दी जाए।

अशोक चोटिया से आनंद गिरि तक की पूरी कहानी!

12 साल की उम्र में छोड़ा था घर। अशोक चोटिया से आनंद गिरि तक की पूरी कहानी

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी थी। पुलिस को मौके पर कथित सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था। सुसाइड नोट में आनंद गिरि पर कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। नरेंद्र गिरि ने कथित सुसाइड नोट में लिखा था कि आनंद गिरि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। पुलिस ने इसके आधार पर आनंद गिरि को पहले हिरासत में लिया और फिर गिरफ्तार कर लिया था।आनंद गिरि को शिक्षा महंत नरेंद्र गिरि ने ही दी थी। कुछ विवाद होने के बाद आनंद गिरि को अखाड़े से बाहर कर दिया गया था।

अशोक चोटिया से लेकर आनंद गिरि बनने तक की कहानी

प्रयागराज बाघंबरी मठ के महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों हुई मौत के मामले में गिरफ्तार आनंद गिरि का नाता राजस्थान के भीलवाड़ा से है।आनंद का असली नाम अशोक चोटिया है। खुद को घुमंतू योगी बताने वाले आनंद गिरि का राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के आसींद तहसील में ब्राह्मणों के गांव सरेरी में पैतृक आवास है। आनंद की शुरुआती पढ़ाई भीलवाड़ा में ही हुई थी। आनंद के परिवार में पिता रामेश्वरलाल किसान, तीन बड़े भाई और एक छोटी बहन है। आनंद की मां नानू देवी का निधन हो चुका है। पिता गांव में ही खेती करते हैं। एक भाई सरेरी गांव में ही सब्जी का ठेला लगाते हैं और दो भाई सूरत में कबाड़ का काम करते हैं। सरेरी गांव आनंद को एक अच्छे संत के रूप में जानता है और शांत और शालीन स्वभाव का बताया जाता है। आनंद के पैतृक आवास के पास ही एक चारभुजा मंदिर है। बचपन से ही आनंद इस मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए जाया करते थे। सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले आनंद 1996 में 12 साल की उम्र में घर बार छोड़छाड़ कर हरिद्वार चले गए थे।
आनंद की एक संत के जरिए पहली बार नरेंद्र गिरि से मुलाकात हुई थी। नरेंद्र गिरि ने अशोक को अपना शिष्य बना लिया था और साल 2000 में अशोक ने संन्यास लेने का फैसला किया था। इसके बाद आनंद ने बाघंबरी मठ को ही अपना ठिकाना बना लिया और नरेंद्र गिरि को अपना गुरु।
परिवार वालों को इसकी जानकारी भी नहीं थी कि वो आखिर कहां गए। बाद में परिजनों को जानकारी मिली कि वो हरिद्वार हैं। उनके पिता वहां पहुंचे, लेकिन तब तक आनंद नरेंद्र गिरि के आश्रम में पहुंच कर उनके शिष्य बन गए थे। 2012 में महंत नरेंद्र गिरि के साथ अपने गांव भी आए थे। नरेंद्र गिरि ने उनको परिवार के सामने दीक्षा दिलाई और वो अशोक चोटिया से आनंद गिरि बन गए। आनंद संत बनने के बाद दो बार गांव गए। पहली बार दीक्षा लेने के लिए और इसके बाद पांच महीने पहले, जब उनकी मां का निधन हो गया था। इस दौरान गांव के लोगों ने आनंद की काफी सेवा की थी। अचानक से महंत नरेंद्र गिरि की मौत के बाद उन पर लगे आरोपों से पूरा सरेरी गांव सकते में है।

आनंद शक के दायरे में इसलिए हैं, क्योंकि नरेंद्र गिरि से उनका विवाद काफी पुराना था। इसकी वजह बाघंबरी गद्दी की 300 साल पुरानी वसीयत है, जिसे नरेंद्र गिरि संभाल रहे थे। कुछ साल पहले आनंद गिरि ने नरेंद्र गिरि पर गद्दी की आठ बीघा जमीन 40 करोड़ में बेचने का आरोप लगाया था। इसके बाद विवाद गहरा गया था। आनंद ने नरेंद्र पर अखाड़े के सचिव की हत्या करवाने का आरोप भी लगाया था। (साभार)

जल्द ही एक नई सहकारिता नीति लेकर आएगा केंद्र: अमित शाह

नई दिल्ली। केंद्र जल्द ही एक नई सहकारिता नीति लेकर आएगा और सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के लिए राज्यों के साथ मिलकर काम करेगा। केंद्रीय सहकारिता मंत्री व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यह भी घोषणा करते हुए कहा कि अगले पांच वर्ष में प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पीएसी) की संख्या बढ़ाकर तीन लाख की जाएगी। अभी पीएसी की संख्या लगभग 65,000 है। वह यहां पहले सहकारिता सम्मेलन या राष्ट्रीय सहकारी सम्मेलन में बोल रहे थे।

सहकारिता मंत्रालय का गठन इसी साल जुलाई में किया गया था। विभिन्न सहकारी समितियों के 2,100 से अधिक प्रतिनिधियों और लगभग छह करोड़ ऑनलाइन प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि कुछ लोगों को आश्चर्य है कि केंद्र ने यह नया मंत्रालय क्यों बनाया क्योंकि सहकारिता राज्य का विषय है। शाह ने कहा कि इस पर कानूनी प्रतिक्रिया हो सकती है, लेकिन वह इस तर्क में नहीं पड़ना चाहते। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र राज्यों के साथ सहयोग करेगा और ‘कोई टकराव नहीं होगा’। उन्होंने कहा, ‘‘सहकारिता आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए हम सभी राज्यों के साथ मिलकर काम करेंगे।”

उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया है। प्रस्तावित नयी सहकारी नीति पर शाह ने कहा कि वर्ष 2002 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा एक नीति लाई गई थी, और अब नरेंद्र मोदी सरकार एक नयी नीति पर काम शुरू करेगी। सहकारिता आंदोलन को पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक बताते हुए शाह ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र देश के विकास में बहुत योगदान दे सकता है। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियां भारत को 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। कराधान के मोर्चे और अन्य मुद्दों पर सहकारिता के सामने आने वाली समस्याओं का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि उन्हें इन चिंताओं की जानकारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सहकारिता क्षेत्र के साथ कोई अन्याय नहीं होगा।

दिल्ली सरकार बेच देगी 25 ₹ किलो में आपका वाहन


15 साल पुराने वाहन घर से उठाकर कबाड़ करेगी दिल्ली सरकार। पहले डीजल गाड़ियों पर कार्रवाई का
आदेश जारी।

राहत: कोई जुर्माना नहीं- परिवहन विभाग के मुताबिक सरकार वाहनों को घरों से टो करने के लिए कोई जुर्माना नहीं लगाएगी। वाहन की हालत के हिसाब से उसे प्रति किलो अधिकतम 25 रुपए के हिसाब से भुगतान होगा।

अनुमान: कितना मिलेगा- महिन्द्रा कंपनी वाहन कबाड़ भी करती है। उसके प्रतिनिधि के मुताबिक 8000 से लेकर इनोवा वाहन पर 80 हजार रुपए तक मिल जाते हैं। हर वाहन के दाम उसकी सेहत देखकर लगते हैं।

नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली में अब घरों में खड़े 15 साल पुराने वाहनों को सरकार जब्त करके सीधे कबाड़ (स्क्रैप) कराएगी। पहले चरण में सिर्फ डीजल वाहनों पर कार्रवाई होगी। उसके बाद पेट्रोल और दुपहिया वाहनों पर यह अभियान आगे बढ़ाया जाएगा। परिवहन विभाग ने इसे लेकर आदेश जारी कर दिया है। कबाड़ कराने के बाद जो पैसा मिलेगा उससे टो शुल्क काटकर बाकी पैसा वाहन मालिक को दे दिया जाएगा।

पहले चरण में 1.5 लाख वाहन दायरे में: पहले चरण में डीजल के 15 साल पुराने 1.5 लाख वाहन इस अभियान के दायरे में आएंगे। वाहनों को कबाड़ करने के लिए परिवहन विभाग ने सात कंपनियों को भी चिन्हित कर लिया है। परिवहन विभाग की ओर से जारी आदेश में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यून (एनजीटी) के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया है कि दिल्ली में 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल वाहन नहीं चल सकते है। पहले चरण में 10 से 15 साल के बीच के डीजल वाहनों को छूट रहेगी। इसके बाद इन्हें भी कबाड़ किया जाएगा।

पुराने पेट्रोल वाहन 38 लाख: दिल्ली में 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों की संख्या 38 लाख से अधिक है, जबकि 15 साल पुराने डीजल वाहनों की संख्या 1.5 लाख है। इसके अलावा 10 से 15 साल पुराने डीजल वाहनों की संख्या 7700 है, जिसे दिल्ली में चलने की अनुमति नहीं है। इस संबंध में परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक हमारा मकसद लोगों को डराना नहीं है बल्कि उन्हें जागरूक करना है, जिससे लोग खुद ऐसे वाहनों को कबाड़ कराने के लिए आगे आएं।

विदित हो कि दिल्ली सरकार ने अखबारों में विज्ञापन देकर पुरानी गाड़ियों को चलाने पर रोक लगाने की बात कही है। यह निर्देश दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग की ओर से जारी किया गया है। इस निर्देश में सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रायब्यूनल के आदेश का हवाला दिया गया है। आदेश के मुताबिक 10 साल पुरानी डीजल गाड़ियां और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों को दिल्ली की सड़कों पर नहीं चलने देना है।

पिछले आदेशों का हवाला- आदेश में नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल की ओर से 07 अप्रैल 2015 को जारी आदेश के बारे में बताया गया है। इसी संदर्भ में 29 अक्टूबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी एक आदेश का भी जिक्र किया गया है, जो एमसी मेहता बनाम भारत सरकार एवं अन्य से संबंधित है। इन दोनों आदेशों को देखते हुए 10 साल पुरानी डीजल गाड़ियों और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में चलाने पर अब रोक होगी।

पॉलिसी के तहत निजी गाड़ी 20 साल बाद और कमर्शियल गाड़ी को 15 साल बाद ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्ट कराना होगा। इस टेस्ट को पास न करने वाले वाहनों को चलाने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही ऐसे वाहनों को जब्त किया जाएगा, जो गाड़ियां फिटनेस टेस्ट पास करेंगी, उन गाड़ियों को चलाने की अनुमति दी जाएगी। अनफिट गाड़ियों को स्क्रेपेज पॉलिसी के तहत कबाड़ में भेज दिया जाएगा। पूर्व में दिल्ली परिवहन विभाग ऐलान कर चुका है कि 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल वाहनों या 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों का इस्तेमाल करने वाले लोगों पर 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।

स्क्रेपर की लिस्ट- परिवहन विभाग ने ऑथराइज्ड स्क्रेपर की लिस्ट बनाई है, जहां गाड़ियों को स्क्रेप कराया जा सकता है। दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने स्क्रेपर की लिस्ट www.http://transport.delhi.gov.in पर जारी की है, जहां डिटेल सूची देखा जा सकता है। जो वाहन मालिक इस आदेश का पालन नहीं करेंगे, उनकी गाड़ियों को जब्द किया जाएगा और मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

क्या हैं नियम?- फिटनेस टेस्ट में जो गाड़ी पास हो जाएगी, उसके लिए दुबारा रजिस्ट्रेशन कराना होगा। लेकिन री-रजिस्ट्रेशन की फीस अभी के मुकाबले 10 गुना तक ज्यादा देनी होगी। अगर गाड़ी फिटनेस टेस्ट में पास नहीं होती तो उसे स्क्रेप कराना होगा। एक आंकड़े के मुताबिक देश भर में लगभग 1 करोड़ गाड़ियां ऐसी हैं जो अनफिट हैं और उनका रजिस्ट्रेशन खत्म हो चुका है। इन 1 करोड़ गाड़ियों को सड़क से हटाया जाए तो 15-20 परसेंट तक प्रदूषण में कमी आएगी।

मंत्रालय की गाइडलाइंस लागू होंगी या फिर कोर्ट के पुराने आदेश!

सूत्रों का कहना है कि दिल्ली को लेकर स्थिति बड़ी अजीब है और लोगों में यही कन्फ्यूजन है कि मंत्रालय की गाइडलाइंस लागू होंगी या फिर कोर्ट के पुराने आदेश लागू रहेंगे। वहीं परिवहन मंत्री ने विभाग को आदेश दिया है कि इस मसले पर आम लोगों के सवालों को ध्यान में रखते हुए ऐप्लीकेशन फाइल करने का फैसला किया जाए। उसके बाद कोर्ट और एनजीटी, केंद्रीय गाइडलाइंस के हिसाब से अपने आदेशों को रिव्यू करने के बारे में फैसला ले सकते हैं। परिवहन विभाग के पास लोगों के लगातार सवाल आ रहे हैं कि क्या केंद्रीय गाइडलाइंस दिल्ली में भी लागू होंगी।

पुराने वाहनों को लेकर केंद्र सरकार की पॉलिसी

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के पुरानी गाड़ियों को लेकर तैयार किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, 1 अप्रैल 2022 से 15 साल पुराने सरकारी वाहनों का रजिस्ट्रेशन रिन्यू नहीं होगा। इस प्रस्ताव पर ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर सभी हितधारकों के सुझाव मांगे गए थे। मालूम हो कि सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 के केंद्रीय बजट में वॉलेंट्री व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी लाने की घोषणा की है। इस पॉलिसी के तहत पर्सनल की 20 साल बाद और कमर्शियल व्हीकल्स को 15 साल बाद ऑटोमेटिड फिटनेस टेस्ट कराना होगा। इस टेस्ट को पास ना करने वाले वाहनों को चलाने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही ऐसे वाहनों को जब्त किया जाएगा।

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गन्ना किसानों को बुआई और बीमारियों से बचाव की दी जानकारी

बिजनौर (दीपक कुमार)। सहकारी गन्ना विकास समिति में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गन्ना किसानों को गन्ने की बुआई और बीमारियों से बचाव के बारे में जानकारी दी गई।

गन्ना किसान संस्थान प्रशिक्षण केंद्र मुरादाबाद के तत्वावधान में आयोजित शिविर में किसानों को गन्ने की फसल संबंधी विभिन्न जानकारी दी गई। इसके अलावा सहफसली खेती पर भी जोर दिया गया। कृषि वैज्ञानिक डॉ. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि किसानों को गन्ने की अच्छी पैदावार लेने के लिए अच्छे बीज की बुआई करनी चाहिए। उर्वरकों का प्रयोग भी संतुलित मात्रा में करना चाहिए।

ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक दलेश्वर मिश्र ने बताया की वैज्ञानिक विधि से गन्ने की खेती करने से और भी अच्छी पैदावार होती है। उन्होंने फसल को लगने वाली बीमारियों व उसके बचाव के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सामान्य गन्ने की बुवाई से जमीन मजबूत होती है। प्रत्येक किसान को चाहिए की एक बीघा में पांच कुंतल गन्ने की बुवाई करें। किसानों को गन्ने की पैदावार लेने के लिए अच्छे बीज की बुवाई करनी चाहिए तथा उर्वरकों का प्रयोग भी संतुलित मात्रा में करना चाहिए।

डिफेंस एक्सपो में शामिल होगी राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन

लखनऊ। राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के अध्यक्ष राम निवास यादव ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 26 सितम्बर2021 को डिफेंस एक्सपो वृन्दावन योजना लखनऊ उत्तर प्रदेश में किसान कल्याण सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में हमारी राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन ने सम्मिलित होने का निर्णय लिया है। यह कार्यक्रम देश एवं प्रदेश के किसानों के कल्याण के लिए किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में प्रदेश की अन्य किसान यूनियन भी सम्मिलित हो रही है एवं भारी संख्या में प्रदेश भर के किसान भाई सम्मिलित हो रहे है।

यूनियन के अध्यक्ष राम निवास यादव ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार एवं प्रदेश की योगी सरकार किसान भाईयों की आय बढाने हेतु लगातार कार्य कर रही है लेकिन कुछ कथित किसान यूनियन नेता राजनैतिक कारणों से कृषि बिल का विरोध कर रहे हैं। ऐसे कथित किसान नेताओं की कड़ी आलोचना करते हुए राम निवास यादव ने कहा कि आज पूरे देश का किसान नये कृषि बिलों का स्वागत एवं समर्थन करते हुए बिल के साथ है तो वहीं कुछ तथाकथित किसान नेता कुछ राजनैतिक दलों से साँठ-गाँठ कर किसान भाईयों के कृषि बिलों का विरोध कर भ्रमित कर रहे हैं जबकि इनका उद्देश्य किसान हित न होकर अपनी-अपनी राजनैतिक जमीन बनाना है।

इन कथित किसान नेताओं की करतूते पूरे देश का किसान अच्छी तरह देख एवं समझ रहा है। देश का असली किसान इन कथित किसान नेताओं का साथ नहीं दे रहा है, जिससे यह बौखलाकर बिचौलियों एवं कुछ राजनैतिक दलों के साथ साँठ-गाँठ करके मोदी सरकार को बदनाम करने की नीयत से आन्दोलन को चला रहे हैं, जबकि किसान मसीहा स्व0 महेन्द्र सिंह टिकैत ने सबसे पहले किसानों की इन्ही मांगों को लेकर आन्दोलन किया था, जिसको पूर्ववर्ती सरकारें लागू करने का साहस नहीं दिखा पायी थीं। किसानों को बिचौलियों से मुक्त किया जाये तथा देश के किसानों को अपनी फसल को अपने दामों में प्रदेश एवं देश में कही भी बेचने की अनुमति दी जाये। इसके साथ ही खेती एवं कृषि यंत्रों में भी अन्य उद्योगों की तरह सहूलियतें दी जाये। इसको मोदी सरकार ने कृषि बिलों के माध्यम से लागू किया है। राम निवास यादव ने कहा कि आज जब मोदी सरकार ने किसानों की समस्याओं को देखते हुए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार किसान हितों के लिए कृषि बिल लागू किया है तो कुछ कथित किसान नेता इन बिलों का विरोध करने लगे हैं, ऐसे किसान नेताओं का हमारी राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन घोर विरोध एवं निन्दा करती है।

बच्चों पर कोरोना वैक्सीन का परीक्षण पूरा, कंपनी DCGI को सौंपेगी रिपोर्ट

COVID-19 Vaccine | DCGI Approves Phase II/III Clinical Trial Of Covaxin On  2-18 Year-olds

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत बायोटेक ने अठारह वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर कोवाक्सिन टीके के दूसरे और तीसरे चरण का परीक्षण पूरा कर लिया है। कंपनी परीक्षण से जुड़े आंकड़े अगले सप्ताह ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) को सौंप सकती है।

परीक्षण में शामिल थे एक हजार बच्चे- भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक डॉ. कृष्णा एला ने ये जानकारी देते हुए बताया कि पीडियाट्रिक कोवाक्सिन के दूसरे और तीसरे चरण का परीक्षण पूरा हो गया है। डाटा का अध्ययन जारी है। अगले सप्ताह हम परीक्षण के जुड़े आंकड़े को दवा नियंत्रक को सौंप सकते हैं। परीक्षण में करीब एक हजार बच्चों को शामिल किया गया था।

Bharat Biotech's Covaxin gets DCGI nod to conduct clinical trials on  children - Coronavirus Outbreak News

नाक के जरिये टीका– डॉ. कृष्णा एला ने बताया कि इंट्रानेजल वैक्सीन का भी परीक्षण दूसरे चरण में हैं। उम्मीद है कि अगले माह इसका परीक्षण पूरा हो जाएगा। टीके से नाक के भीतर वायरस के खिलाफ इम्युन रिसपॉन्स बनता है। वायरस जब नाक के जरिए प्रवेश करता है तो ये वायरस को वहीं पर नष्ट कर सकती है। इस टीके का परीक्षण 650 लोगों पर किया गया है।

देश के बाद विदेश- भारत बायोटेक ने ये भी स्पष्ट किया है कि कंपनी दूसरे देशों को भी टीका निर्यात करने को तैयार है। डॉ. एला ने कहा कि अभी हमारी कोशिश देश में टीके की जरूरत को पूरा करना है। देश में टीकाकरण लगभग पूरा हो जाएगा तब आगे इस पर विचार किया जा सकता है।

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पायलट के समान तय होंगे ट्रक चालकों के घंटे!

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वाणिज्यिक वाहनों के ट्रक चालकों के लिए वाहन चलाने के घंटे तय करने पर जोर दिया। यूरोपीय मानकों के अनुरूप नीति बनाने का आह्वान।

नई दिल्ली (PIB)। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने थकान की वजह से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए पायलटों के समान वाणिज्यिक वाहनों के ट्रक चालकों के लिए वाहन चलाने (ड्राइविंग) के घंटे तय करने पर जोर दिया है।

गैर-सरकारी सह-चयनित व्यक्तिगत सदस्यों के साथ राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद (एनआरएससी) की बैठक में उन्होंने अधिकारियों को यूरोपीय मानकों के अनुरूप वाणिज्यिक वाहनों में ऑन-बोर्ड स्लीप डिटेक्शन सेंसर लगाने की नीति पर काम करने का निर्देश दिया। मंत्री ने परिषद को हर दो महीने में बैठक करने और अपने अपडेट साझा करने का निर्देश दिया। श्री गडकरी ने कहा कि वह जिला सड़क समिति की बैठकें नियमित रूप से सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्रियों और जिलाधिकारियों को पत्र भी लिखेंगे।

मंत्रालय द्वारा 28.07.2021 को नए एनआरएससी का गठन किया गया था। बैठक में सभी 13 गैर-सरकारी सह-चयनित व्यक्तिगत सदस्यों ने भाग लिया। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया। बैठक के दौरान सदस्यों ने सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

मंत्री ने सभी सदस्यों को सड़क सुरक्षा के विविध क्षेत्रों में काम करने की सलाह दी ताकि सड़कों पर लोगों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके और सदस्यों से एक दूसरे के साथ अपने अनुभव साझा करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने मंत्रालय के अधिकारियों को एनआरएससी सदस्यों के साथ करीबी समन्वय में काम करने और उनके सुझावों को प्राथमिकता से लागू करने का भी निर्देश दिया। सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में प्राप्त उपलब्धियों को एक मासिक पत्रिका में पेश किया जाएगा।

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अधीनस्थ कृषि सेवा संघ के आह्वान पर 22 को देंगे ज्ञापन

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बिजनौर। अधीनस्थ कृषि सेवा संघ के प्रांतीय आह्वान पर जनपद बिजनौर के प्राविधिक दिनांक 22 सितंबर को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन देंगे। गौरतलब है कि अधीनस्थ कृषि सेवा संघ के चरणबद्ध आंदोलन के अन्तर्गत प्रथम चरण में दिनांक 13 से 15 सितंबर तक कृषि प्राविधिकों काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया गया था।
संघ के प्रांतीय संरक्षक योगेंद्र पाल सिंह योगी द्वारा बताया गया कि पदोन्नति वेतन विसंगति चयनित प्राविधिकों की नियुक्ति, अवशेष बीज के निस्तारण आदि समस्याओं को लेकर प्रदेश में अधीनस्थ कृषि सेवा संघ द्वारा प्रथम चरण में दिनांक 13 से 15 सितंबर आंदोलन किया गया था। इस दौरान कृषि प्राविधिकों द्वारा काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करते हुए कार्य किया गया था। प्रदेश संरक्षक द्वारा संघ के सदस्यों से धरना प्रदर्शन को सफल बनाने की अपील की गई है।

बाबू त्रिलोकी सिंह इंटर कॉलेज काकोरी में दो दिवसीय मूर्तिकला कार्यशाला

बाबू त्रिलोकी सिंह इंटर कॉलेज काकोरी में दो दिवसीय मूर्तिकला कार्यशाला

लखनऊ। नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन तथा छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ साथ व्यवसायिक शिक्षा की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए बाबू त्रिलोकी सिंह इंटर कॉलेज काकोरी में सोमवार को दो दिवसीय मूर्तिकला कार्यशाला का उद्घाटन हुआ।

विद्यालय के प्रधानाचार्य राजकुमार सिंह द्वारा मां सरस्वती के चरणों में दीप प्रज्वलित कर किया गया। विद्यालय के राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कला शिक्षक एवं  राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश के सदस्य अमित कुमार के निर्देशन में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त मूर्तिकार दिनेश सोनकर तथा शनि केसरी, विद्यालय के लगभग 50 छात्रों को मूर्तिकला की विधा में पारंगत करेंगे।

उद्घाटन सत्र के दौरान विद्यालय के प्रवक्ता सुनील और जेएन पांडे एवं प्रदीप कुमार बाजपेई उपस्थित थे। कल मंगलवार को समय 2:00 बजे विद्यालय में छात्रों के द्वारा बनाई गई मूर्तियों का प्रदर्शन एसीपी काकोरी आशुतोष कुमार, खंड विकास अधिकारी काकोरी विनायक सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी श्रीमती  लक्ष्मी सिंह की उपस्थिति में किया जाएगा।

राम मंदिर: तिरुपति देवस्थानम की तर्ज पर होगी दर्शन व्यवस्था

अयोध्या (एजेंसी)। रामजन्मभूमि में निर्माणाधीन भगवान राम मंदिर में कई तरह की विशिष्टताएं शामिल होंगी। मंदिर के वैज्ञानिक पद्धति से निर्माण के अलावा तिरुपति देवस्थानम की तर्ज पर ही दर्शन व्यवस्था लागू की जाएगी। हर आम और खास एक साथ दर्शन कर सकेंगे। सुरक्षा के कारणों से आम दर्शनार्थियों को रोकने के बजाय गैलरियां अलग-अलग कर दी जाएंगी। इसके अतिरिक्त दर्शन की ऐसी व्यवस्था रहेगी कि रामलला की परिक्रमा करते हुए श्रद्धालु 24 घंटे परिसर में व्यतीत कर सकेंगे।

रोपी जाएंगी रामायणकालीन वनस्पतियों की पांच सौ प्रजातियां- रामजन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का कहना है कि परिसर का अधिकांश भाग खुला होगा। पर्यावरण को स्वच्छ और हरियाली से भरपूर रखने के लिए यहां मौजूदा वृक्षों को काटा नहीं जाएगा बल्कि उन्हें जड़ों के साथ निर्धारित स्थान पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। इसके साथ रामायणकालीन वनस्पतियों की पांच सौ प्रजातियों को रोपित किया जाएगा। बताया गया कि रामजन्मभूमि परिसर में कूड़ा निस्तारण के लिए सालिड वेस्ट मैनेजमेंट, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता के लिए वाटर प्लांट एवं सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किया जाएगा।

वाहन पार्किंग व यात्री सुविधाओं के लिए व्यवस्था

रामजन्मभूमि ट्रस्ट महासचिव के अनुसार राम मंदिर का निर्माण भले ही तीन एकड़ में होगा लेकिन इसका परिसर दस एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में होगा। उन्होंने बताया कि राम मंदिर के बाहर साढ़े छह एकड़ की परिधि में परकोटे का निर्माण होगा। यह परकोटा जोधपुर के पत्थरों से निर्मित होगा। इसके बाहर रिटेनिंग वॉल का निर्माण किया जाएगा। रिटेनिंग वॉल का निर्माण सुपर स्ट्रक्चर के तीन तरफ अर्थात पश्चिम दिशा के अलावा उत्तर व दक्षिण में भी होगा। पूरे राम मंदिर के स्ट्रक्चर में अकेले रिटेनिंग वॉल में ही लोहे का उपयोग किया जाएगा। लोहे का जाल बनाकर कांक्रीटिंग की जाएगी।

नवंबर तक शुरू हो जायेगा कानपुर व आगरा मेट्रो का संचालन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इसी साल नवम्बर तक कानपुर और आगरा में मेट्रो रेल का संचालन शुरू कर दिया जायेगा। योगी ने सोशल मीडिया वार्तालाप कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के चार महानगरों में मेट्रो रेल सेवाएं संचालित की जा रही हैं। नवम्बर तक कानपुर और आगरा मेट्रो रेल का संचालन शुरू हो जाएगा। मेरठ और दिल्ली के बीच आरआरटीएस का विकास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ​प्रदेश के विकास के लिए अवस्थापना सुविधाओं का विकास अत्यन्त आवश्यक है। इस पर फोकस करते हुए राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में एक्सप्रेस-वेज का संजाल बिछाया जा रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे लगभग पूरा हो चुका है और अगले माह किसी समय इसका लोकार्पण सम्भावित है। इसी प्रकार बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य बहुत तेजी से चल रहा है। इसका लोकार्पण भी दिसम्बर, 2021 तक सम्भावित है। मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नारे ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ पर चलते हुए प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में निरन्तर कार्य करते हुए तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का ​लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने का है। इसके लिए सारे प्रयास किए जा रहे हैं।  

ई-कॉमर्स वेबसाइट्स के नियमों में हुआ बदलाव

अब बदल जाएगा आपका शॉपिंग करने का तरीका, ई-कॉमर्स वेबसाइट्स के नियमों में हुआ बदलाव

काम की खबर: अब बदल जाएगा आपका शॉपिंग करने का तरीका, ई-कॉमर्स वेबसाइट्स के नियमों में हुआ बदलाव 

नई दिल्ली (एजेंसी)। पिछले कुछ दिनों से कयास लगाए जा रहे थे कि ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर खरीदारी के लिए एक जनवरी 2022 देश में डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर हर बार कार्ड के 16 डिजिट वाले नंबर को डालना होगा। लेकिन अब कार्ड का पूरा विवरण देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आरबीआई का डाटा सिक्योरिटी नियम लागू होने के बाद भी ग्राहकों को ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर अपने क्रेडिट कार्ड के विवरण को डालने की जरूरत नहीं होगी।

केंद्रीय बैंक की कार्ड-ऑन-फाइल टोकनाइजेशन की अनुमति के साथ फास्ट चेकआउट जारी रखा जा सकता है। इससे ग्राहक अपने बैंकों से ऑनलाइन कंपनी को कार्ड विवरण के स्थान पर टोकन जारी करने के लिए कह सकते हैं। इसके जरिए ग्राहक कार्ड का विवरण दिए बिना ही भुगतान कर सकेंगे। मौजूदा समय में किसी ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट्स पर अगर आपने एक बार आपके डेबिट या क्रेडिट कार्ड का ब्योरा भर दिया तो खरीदी के वक्त भुगतान करने के लिए आपको सिर्फ सीवीवी (कार्ड वेरिफिकेशन वैल्यू) और ओटीपी (वन-टाइम पासवर्ड) ही डालना पड़ता है। कार्ड डाटा को टोकन के रूप में जारी करने की सुविधा एक ही टोकन सर्विस प्रोवाइडर के साथ होगी। कार्ड डाटा को टोकन के रूप में जारी करने का काम ग्राहक की सहमति से ही किया जाएगा। 

e-commerce: ई-कॉमर्सः अब न जल्दी डिलिवरी और न सस्ता सामान - e-commerce  delivery will now take 4-7 days | Navbharat Times

अब नए पेमेंट एग्रीगेटर/पेमेंट गेटवे (पीए/पीजी) नियम के अनुसार प्रत्येक ऑनलाइन मर्चेंट प्रोसेसिंग ट्रांजेक्शन की एक ‘टोकनयुक्त की’ देंगे। ई-कॉमर्स कंपनी को कार्ड नेटवर्क के साथ इसके लिए गठबंधन करना पड़ेगा। ये टोकन प्रत्येक कार्ड नंबर के साथ लिंक होंगे। इस टोकन नंबर का इस्तेमाल दूसरा कोई नहीं कर सकेगा। 

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रिजर्व बैंक विभिन्न कार्ड्स से किए जाने वाले भुगतान को और मालवेयर वायरस अटैक से सुरक्षित करना चाहता है। टोकन व्यवस्था में आपको भुगतान के लिए अपने कार्ड का पूरा विवरण नहीं देना होगा, बल्कि इसके लिए एक विशेष टोकन देना होगा। यह टोकन एक यूनिक कोड होगा। यह आपके कार्ड, टोकन मांगने वाले स्टोर और डिवाइस जिससे टोकन भेजा जा रहा है, तीनों से मिलकर बना होगा।

एक अक्टूबर से काम के घंटे होंगे 12

नई दिल्ली (एजेंसी)। नौकरीपेशा लोगों का ऑफिस टाइम अगले माह अक्टूबर से बढ़ सकता है। केंद्र सरकार, एक अक्टूबर से श्रम कानून के नियमों (New Wage Code) में परिवर्तन करने का विचार कर रही है। नए श्रम कानून में 12 घंटे काम करने का प्रावधान है। इसके साथ ही आपकी इन हैंड सैलरी पर भी इस कानून का प्रभाव पड़ेगा।

1 अक्टूबर से अब 12 घंटे करना होगा काम, बढ़ेगा PF, जानिए क्या होंगे बदलाव...

केंद्र सरकार, नए लेबर कोड में नियमों को 1 अप्रैल, 2021 से प्रभाव में लाना चाहती थी, मगर राज्यों की तैयारी न होने और कंपनियों को HR पॉलिसी बदलने के लिए अधिक समय देने की वजह से इन्हें टाल दिया गया। लेबर मिनिस्ट्री लेबर कोड के नियमों को 1 जुलाई से नोटिफाई करना चाहती थी, किन्तु राज्यों ने इन नियमों को लागू करने के लिए और वक़्त मांगा जिसके कारण इन्हें 1 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दिया गया। अब श्रम मंत्रालय और मोदी सरकार लेबर कोड के नियमों को 1 अक्टूबर तक नोटिफाई करना चाहती है। संसद ने अगस्त 2019 को तीन लेबर कोड इंडस्ट्रियल रिलेशन, काम की सुरक्षा, स्वास्थ्य और वर्किंग कंडीशन और सोशल सिक्योरिटी से संबंधित नियमों में परिवर्तन किया था। ये नियम सितंबर 2020 को पास हो गए थे।

15 से 30 मिनट का काम भी ओवर टाइम

नए ड्राफ्ट में कामकाज के अधिकतम घंटों को बढ़ाकर 12 करने का प्रस्ताव पेश किया गया है। हालांकि, लेबर यूनियन इसके पक्ष में नहीं हैं और वो इसके विरोध में खड़ी हैं। कोड के ड्राफ्ट नियमों में 15 से 30 मिनट के बीच के अतिरिक्त कामकाज को भी 30 मिनट गिना जाएगा और इसे ओवरटाइम में शामिल करने का प्रावधान है। मौजूदा समय में 30 मिनट से कम समय को ओवरटाइम योग्य नहीं माना जाता है।

आधे घंटे का रैस्ट…

ड्राफ्ट नियमों के अनुसार किसी भी कर्मचारी से 5 घंटे से ज्यादा लगातार काम कराने को नहीं कहा गया है। कर्मचारियों को हर पांच घंटे के बाद आधा घंटे का रैस्ट देना जरूरी होगा।

PF भी बढ़ेगा…

नए ड्राफ्ट नियम के मुताबिक, मूल वेतन कुल वेतन का 50% या अधिक होना चाहिए। इससे ज्यादातर कर्मचारियों की वेतन स्ट्रक्चर में बदलाव नजर आयेगा। बेसिक सैलरी बढ़ने से PF और ग्रेच्युटी के लिए कटने वाला पैसा बढ़ता नजर आएगा। इसमें जाने वाला पैसा बेसिक सैलरी के अनुपात में होता है। इसके लागू होने से आपको मिलने वाली सैलरी घटेगी, जबकि रिटायरमेंट पर मिलने वाला PF और ग्रेच्युटी का पैसा बढ़ जाएगा।

जीवन रक्षक 39 दवाओं के दाम कम करने की तैयारी में सरकार

नई दिल्ली। व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली कुछ आवश्यक दवाओं की कीमतों में कमी लाने की तैयारी सरकार कर रही है। सूत्रों ने कहा है कि सरकार ने आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची में संशोधन किया है और प्रस्तावित मूल्य सीमा के लिए सूची के तहत 39 नए नाम जोड़े गए हैं। जिन दवाइयों के नाम सूची में जोड़े गए हैं उनमें कुछ एंटीवायरल के अलावा कैंसर, मधुमेह, टीवी और एचआईवी से लड़ने वाली दवाएं शामिल हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने मौजूदा सूची से 16 दवाओं को हटा दिया है। अब इस लिस्ट में 399 आवश्यक दवाएं शामिल हैं, जिनके दाम सरकार के द्वारा घटाए गए हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के तहत विशेषज्ञ समिति द्वारा तैयार की गई संशोधित सूची गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को सौंपी गई। जब स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सूची को जारी किया जाता है, तो इसका मूल्यांकन दवाओं और स्वास्थ्य उत्पादों की स्थायी समिति द्वारा किया जाता है। इसमें यह देखा जाता है कि किन दवाओं की कीमत को कम करने की अधिक आवश्यकता है। अंतिम मूल्य निर्धारण नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल की अध्यक्षता में SCAMHP की सिफारिशों के आधार पर राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल मूल्य निर्धारण प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा।

बदला नहीं बदलाव के लिए काम करेंगे गोसाईगंज के प्रधान

बदला नहीं बदलाव के लिए काम करेंगे गोसाईगंज के प्रधान
विकास के लिए ज्ञान,विज्ञान और संज्ञान के फार्मूले पर हुई चर्चा
जितेन्द्र को बनाया गया लखनऊ जिले का वरिष्ठ उपाध्यक्ष

लखनऊ। गोसाईगंज के प्रधानों ने संकल्प लिया है कि वह बदला लेने के बजाय बदलाव लाने का काम करेंगे। विकास खण्ड कार्यालय स्थित सभागार में आयोजित सम्मान समागम में यह प्रस्ताव एक स्वर में पारित किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन प्रधान संगठन की ब्लाक इकाई द्वारा किया गया था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय पंचायतीराज ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष तथा लखनऊ मण्डल के प्रभारी डॉ अखिलेश सिंह थे। उन्होंने प्रधानों का आह्वान किया कि वह बदला लेने के बजाय बदलाव के वाहक बनें। उनके इस प्रस्ताव को ब्लाक संगठन ने एक स्वर में स्वीकार किया। डॉ सिंह ने प्रधानों से कहा कि उन्हें ज्ञान, विज्ञान और संज्ञान के फार्मूले पर काम करना चाहिए। प्रधान के रूप में अपने अधिकारों का उन्हें ज्ञान होना चाहिए। विज्ञान की विधियों के अनुरूप अधिकारों का उपयोग कर आधुनिकता के साथ विकास किया जा सकता है। अपने आसपास की गतिविधियों पर संज्ञान लेकर उनमें सहभागिता और समाधान की रणनीति से नेतृत्व को अपने आप तराशने का आह्वान भी उन्होंने किया।

जीतू बने लखनऊ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष-
गोसाईगंज प्रधान संघ के अध्यक्ष जीतेन्द्र कुमार जीतू को लखनऊ जनपद का वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोनीत करते हुए उनसे और अधिक सक्रियता की अपील की गयी। प्रधानों ने स्थानीय समस्याओं के समाधान की मांग की। सम्मान समागम में जिला महासचिव मोहम्मद रिजवान सहित ब्लाक इकाई के पदाधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

तहसील स्तर पर होगी अवैध शराब की धरपकड़

लखनऊ। अवैध शराब पर अंकुश लगाने के लिए अब तहसील स्तर पर निगरानी की जाएगी। इसके लिए आबकारी विभाग द्वारा नई कार्ययोजना तैयार की जा रही है। पिछले दिनों आगरा में जहरीली शराब कांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन मामलों को सख्ती से रोकने के लिए आबकारी प्रवर्तन इकाइयों को मजबूत बनाने और स्थानीय स्तर पर उन्हें सक्रिय करने के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए थे।

इंस्पेक्टर समेत सात की तैनाती– आबकारी विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय आर.भूसरेड्डी ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि अब मानकों के आधार पर तहसील स्तर पर एक इंस्पेक्टर, चार सिपाही और दो हेड कांस्टेबिल तैनात किये जायेंगे। तहसील स्तर पर अवैध शराब बनाने और बेचने वालों की धरपकड़ के लिए प्रवर्तन इकाई को वाहन भी उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके अलावा जिन सिपाहियों के पास रायफल नहीं हैं, उन्हें रायफल उपलब्ध करवाई जाएंगी। फिलहाल हर जिला आबकारी कार्यालय में दो वाहन उपलब्ध हैं, जिनमें से एक वाहन जिला आबकारी अधिकारी के पास रहता है और दूसरा किराये पर अनुबंधित वाहन प्रवर्तन इकाई के लिए होता है, जो पूरे जिले में शराब माफिया से निबटने के लिए नाकाफी है।

36 हजार करोड़ रुपए के राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य- अपर मुख्य सचिव ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष के लिए आबकारी विभाग से 36000 हजार करोड़ रुपए के राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखा गया है। अवैध शराब बनाने, बेचने वालों के खिलाफ प्रभावी अंकुश के लिए विभाग की प्रवर्तन इकाइयों को मजबूत बनाने, उन्हें जरूरी संसाधनों से युक्त करने के लिए 200 से 300 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। हाल ही में नियुक्त किये गए 142 नए आबकारी निरीक्षक में से 130 की संस्तुति होने के बाद 80 की ट्रेनिंग शुरू हो गई है। इन्हें सीयूजी मोबाईल फोन, पिस्टल और एक्साइज मैनुअल उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।

जनधन खाताधारकों के लिए खुशखबरी

लखनऊ (एजेंसी)। प्रधानमंत्री जनधन योजना के सभी खाताधारकों को भी जीवन बीमा और दुर्घटना कवर का लाभ मिल सकता है। केंद्र सरकार प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा के जरिए बीमा कवर देने पर विचार कर रही है। शनिवार को वित्त मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि बैंकों को इस बारे में पहले ही सूचित जारी किया जा चुका है।

विदित हो कि केंद्र सरकार ने अपने सामाजिक-सुरक्षा अभियान के तहत दो स्कीमें लॉन्च की थी। पहली प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना और दूसरी प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना के तहत 2 लाख रुपए तक का जीवन बीमा दिया जाता है। इसके लिए सालाना प्रीमियम 330 रुपए देना होता है। वहीं, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत आकस्मिक मृत्यु और पूर्ण विकलांगता की स्थिति में 2 लाख रुपए तक का कवर दिया जाता है। इसके अलावा आंशिक विकलांगता के लिए 1 लाख रुपए मिलते हैं। इसके लिए सालाना 12 रुपये का प्रीमियम देना होता है। प्रधानमंत्री जन-धन योजना के बैंक खाताधारकों की संख्या बढ़कर 43 करोड़ से ज्यादा हो गई है यानी सरकार जनधन खाताधारकों को जीवन बीमा और दुर्घटना कवर का लाभ देने की पहल करती है, तो 43 करोड़ लोगों को इसका फायदा मिलेगा।

गौरतलब है कि जनधन योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में की थी। इस योजना के जरिए सरकार की कोशिश नए बैंक खाते खोलने के साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंचाने की थी। अब तक इन खातों में जमा धनराशि बढ़कर 1.46 लाख करोड़ रुपए हो गई है। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक अर्द्ध-शहरी और ग्रामीण इलाकों में जन-धन खाताधारकों की कुल संख्या 18 अगस्त, 2021 तक 43.04 करोड़ हो गई है। इनमें से 23.87 करोड़ खाताधारक महिलाएं और 28.70 करोड़ खाताधारक पुरुष हैं।

1 सितंबर से बदल जायेगा चेक से पैसे निकालने का नियम

दिल्ली। अगर आप भी चेक से पैसे भेज रहे हैं या चेक पेमेंट करते हैं। तो आपके लिए बेहद काम की खबर है। अब 1 सितंबर से 50,000 रुपये से अधिक का चेक जारी करना आपके लिए दिक्कत भरा हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि बैंकों ने अब पॉजिटिव पे सिस्टम को लागू करना शुरू कर दिया है। ज्यादातर बैंक 1 सितंबर से PPS को लागू करने जा रहे हैं।

एक्सिस बैंक (Axis Bank) अगले महीने से पॉजिटिव पे सिस्टम की शुरुआत कर रहा है। बैंक ने अपने करोड़ों ग्राहकों को SMS के जरिए इसकी जानकारी दी है। अब नए नियम के मुताबिक, 1 सितंबर से चेक जारी करने से पहले आपको पूरी डिटेल्स देनी होगी। वरना आपका चेक कैंसिल कर दिया जाएगा और आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है। एक्सिस बैंक के अलावा अन्य बैंक भी पॉजिटिव पे को लागू कर सकती है।

इन बैंकों ने लागू किए नियम: एक्सिस बैंक (Axis Bank) समेत कुछ बैंकों ने PPS को अनिवार्य कर दिया है, जिसके तहत ग्राहकों को बैंक को नेट/मोबाइल बैंकिंग या शाखा में जाकर चेक डिटेल्स देनी होगी। पॉजिटिव पे सिस्टम 50,000 या इससे बड़ी रकम के बैंक चेक पेमेंट पर लागू किया जाएगा। भारतीय स्टेट बैंक (SBI), कोटक महिंद्रा बैंक ने भी पॉजिटिव पे सिस्टम को 50 हजार रुपये से ज्यादा वाले चेक के लिए लागू कर दिया है।

First Uttar Pradesh News
साभार फर्स्ट उत्तर प्रदेश

अब मंडरा रहा कोरोना की तीसरी लहर का खतरा!

देश में अब मंडरा रहा है कोरोना की तीसरी लहर का खतरा। बच्चों पर असर को लेकर NIDM ने बताया खतरनाक।

देश में अब मंडरा रहा कोरोना की तीसरी लहर का खतरा, बच्चों पर असर को लेकर NIDM ने बताया खतरनाक

नई दिल्ली (एजेंसी): राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (NIDM) के तहत गठित विशेषज्ञों की एक समिति ने कोरोना की तीसरी लहर की चेतावनी दी है।

कोरोना की दूसरी लहर के खतरनाक समय से बाहर निकलने के बाद अब तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है। तीसरी लहर को लेकर अब तक कई स्टडी हो चुकी हैं। केंद्र सरकार की भी कोशिश जारी है ताकि कोरोना एक बार फिर देश में हाहाकार न मचा सके। इस बीच विशेषज्ञों का अनुमान है कि कोरोना की तीसरी लहर अक्टूबर के आसपास चरम पर पहुंच सकती है और यह बच्चों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। 

PMO को चेतावनी: प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी गई इस रिपोर्ट में अक्टूबर में कोरोना के फिर से पीक पर होने की आशंका जाहिर की गई है और इसको लेकर केंद्र को चेताया भी गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस स्थिति में देश में मेडिकल स्टाफ, डॉक्टर्स, नर्सेस, एम्बुलेंस, ऑक्सीजन के साथ ही दवाओं और मेडिकल उपकरणों की किस तरह व्यवस्था करना होगी। साथ ही सलाह दी गई है कि देश में अब बच्चों के टीकाकरण पर तेजी से काम शुरू किया जाना चाहिए।

अगले महीने रोजाना 4-5 लाख केस: सितंबर में रोजाना आ सकते हैं 4 से 5 लाख केस 
नीति आयोग ने कोरोना की तीसरी लहर को लेकर चेतावनी जारी की है। आयोग ने आशंका जताई है कि सितंबर में 4 से 5 लाख कोरोना केस रोजाना आ सकते हैं। हर 100 कोरोना मामलों में से 23 मामलों को अस्‍पताल में भर्ती कराने की व्‍यवस्‍‍था करनी पड़ सकती है। ऐसे में पहले से ही 2 लाख आईसीयू बैड्स तैयार रखने की आवश्यकता है।

लखनऊ के बन्धन इंफ्रास्टेट ग्रुप को मिला बेस्ट बिजनेस अवार्ड

लखनऊ के बन्धन इंफ्रास्टेट ग्रुप को मिला बेस्ट बिजनेस अवार्ड

लखनऊ (पंचदेव यादव)। रीयल स्टेट के क्षेत्र में तहलका मचाने वाले बन्धन इंफ्रास्टेट ग्रुप ने एक और धमाका करते हुए यूपी की सबसे तेज बिजनेस करने वाली कम्पनी का दर्जा अपने नाम कर लिया है। बन्धन ग्रुप की इस कामयाबी की राजधानी लखनऊ वासियों ने प्रशंसा की तथा उसे और तेजी से बढ़ने का आशीर्वाद दिया।

बन्धन ग्रुप ने दिल्ली में आयोजित एक पुरस्कार वितरण समारोह में भारत का सबसे भरोसेमंद और प्रतिष्ठित पुरस्कार (राजीव गांधी एक्सीलेंस ग्लोबल अवार्ड) प्राप्त किया है। दिल्ली के “द-पार्क” होटल में राजीव गांधी फाउंडेशन की तरफ से पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया था। इसमें कॉरपोरेट सेक्टर में साम्प्रदायिक सद्भाव और मानवता के साथ यूपी में तेजी से आगे बढ़ने वाली कम्पनी बन्धन इंफ्रास्टेट के सीएमडी अनित सिंह, एमडी प्रमोद कुमार, विपिन कुमार तथा अजय यादव को समारोह में बतौर मुख्यातिथि उपस्थित फ़िल्म जगत के जाने माने अभिनेता रजा मुराद, बागवान फ़िल्म के अभिनेता अमन वर्मा तथा करणवीर बोहरा ने यह पुरस्कार दिया। बहुत कम समय में इस अवार्ड तक पहुंचने पर कम्पनी के सीएमडी अनित सिंह ने कहा कि यह सब हमारी टीम की मेहनत का नतीजा है। उन्होंने कहा कम्पनी शुरू करने के दिन से ही हमारे बिजनेस गुरु अवधेश नारायण पांडेय व सीबी सिंह का आशीर्वाद साथ रहा। उन्होंने एवं उनके पार्टनर प्रमोद पांडेय, विपिन कुमार, अजय यादव के साथ साथ कम्पनी के सहयोगी साथी सत्यम साहू, विमलेश साहू, अंकित पांडेय, अखिलेश यादव सहित सैकड़ों साथियों ने एक परिवार की तरह रहकर काम किया है, जिसका नतीजा है कि आज हम इस मुकाम पर पहुच सके हैं। हम अपने कस्टमर्स को भी एक कम्पनी का हिस्सा मानते हैं और सदैव उनके साथ खड़े रहते हैं और आगे भी खड़े रहेंगे।

कृषकों को अनुदान पर कृषि यंत्रों की सुविधा


बिजनौर। प्रदेश सरकार द्वारा अनुदान पर दिए जाने वाले यंत्रों एवं कस्टम हायरिंग सेंटर हेतु पंजीकरण करने की तिथियों की घोषणा कर दी गई है ।
यह जानकारी देते हुए उप कृषि निदेशक गिरीश चन्द्र ने अवगत कराया की प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्रों को कृषकों को अनुदान पर उपलब्ध कराया जाता है। वर्ष 2021-22 में पंजीकरण पर दिए जाने वाले यंत्रों व कस्टम हायरिंग सेंटर के पंजीकरण कृषि विभाग की बेबसाइट पर दिनांक 23 अगस्त से कृषि यंत्रों के लिए एवं कस्टम हायरिंग सेंटर मिनी गोदाम व थ्रेसिंग फ्लोर का पंजीकरण दिनांक 25 अगस्त से सायं तीन बजे से प्रारंभ होंगे। अनुदान पर कृषि यंत्र प्राप्त करने की पात्रता पहले आओ, पहले पाओ के सिद्धांत पर है।

एकजुट विपक्ष मोदी सरकार से देश की जनता को दिलाएगा मुक्ति!

मोदी सरकार को घेरने के लिए सोनिया गांधी ने की 19 विपक्षी दलों के साथ बैठक। एकजुटता से चुनाव 2024 की तैयारी करने का आह्वान।

मोदी सरकार को घेरने के लिए सोनिया गांधी ने की 19 विपक्षी दलों के साथ बैठक, एकजुटता से चुनाव 2024 की तैयारी करने का आह्वान

नई दिल्ली (एजेंसियां) कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने विपक्ष के 19 दलों के नेताओं को संबोधित करते हुए आज कहा कि देश की जनता मोदी शासन से मुक्ति चाहती है। इसलिए विपक्षी दलों को एकजुट होकर 2024 के लोकसभा चुनाव पर फोकस करना है।

श्रीमती गांधी ने विपक्ष के प्रमुख नेताओं और मुख्यमंत्रियों को वर्चुअल बैठक के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि विपक्षी दलों को 2024 के लोकसभा चुनाव की योजना पर व्यवस्थित रूप से और एकमात्र एजेंडे के तौर पर काम करना है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों की अपनी कुछ बाध्यताएँ हो सकती हैं लेकिन चुनौती लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना की है और इस चुनौती से निपटने के लिए सब को एकजुट होकर के काम करना है तथा मिलकर मोदी सरकार से देश की जनता को मुक्ति दिलाना है। श्रीमती गांधी ने कहा कि विपक्षी दलों को एकजुटता से बहुत बड़ा राजनीतिक युद्ध लड़ना है। संसद सत्र के दौरान जिस तरह से सभी ने एक होकर एकता का परिचय दिया है उसी एकजुटता से संसद के बाहर भी इस सरकार की नीतियों के खिलाफ लड़ना है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की एकता के कारण ही संसद के मानसून सत्र में संविधान संशोधन विधेयक पारित हो सका है।

यूपी में रविवार की साप्ताहिक बंदी खत्म

उत्तर प्रदेश में अभी जारी रहेगा नाइट कर्फ्यू। रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक लागू रहेगा रात्रिकालीन कर्फ्यू।

यूपी में अभी जारी रहेगा नाइट कर्फ्यू, जानिए सोमवार से रविवार तक क्या रहेगी टाइमिंग 

लखनऊ (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति में सुधार के 22 अगस्त से रविवार की बंदी समाप्त करने का आदेश जारी किया गया है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने शुक्रवार को प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों तथा अन्य मंडलीय अधिकारियों को भेजे गये पत्र में कहा है कि सरकार के निर्देशानुसार 22 अगस्त से रविवार की साप्ताहिक बंदी खत्म की जाती है और अब प्रत्येक सोमवार से रविवार तक प्रात: छह बजे से रात्रि 10 बजे तक मास्क, दो गज की दूरी व सेनिटाइजर के प्रयोग जरूरी करने के साथ गतिविधियां शुरू किए जाने की अनुमति होगी। रात्रिकालीन कर्फ्यू रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक लागू रहेगा।

अब पूर्व में निर्धारित साप्ताहिक बंदी यथावत: उन्होंने कहा कि प्रत्येक बाजार की पूर्व में निर्धारित साप्ताहिक बंदी यथावत लागू रहेगी। इससे पहले प्रदेश में कोरोना की स्थिति में सुधार के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से रविवार की साप्ताहिक बंदी समाप्त करने पर विचार करने को कहा था। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया था, प्रदेश में कोविड की बेहतर होती स्थिति के दृष्टिगत रविवार की प्रदेशव्यापी साप्ताहिक बंदी की व्यवस्था को समाप्त किया जा सकता है। अब से सभी शहरों/बाजारों/उद्योगों/कारखानों में, कोविड काल से पूर्व में प्रभावी रही साप्ताहिक बंदी की तिथि पर अवकाश लागू किया जाए। इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिया जाए। इससे पहले 11 अगस्त को शनिवार की बंदी खत्म करने का निर्देश जारी किया गया था।

15 जिलों में कोविड का एक भी मरीज नहीं- गौरतलब है कि जुलाई में, राज्य सरकार ने कोविड प्रोटोकॉल जारी किया था जिसके तहत सोमवार से शुक्रवार तक बाजार, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक काम करने की अनुमति दी गई थी, जबकि शनिवार और रविवार साप्ताहिक बंदी रखा गया था। बयान में कहा गया कि सतत प्रयासों से कोरोना की दूसरी लहर पर बने प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ जनजीवन तेजी से सामान्य हो रहा है। आज प्रदेश के 15 जनपदों (अलीगढ़, अमेठी, बदायूं, बस्ती, देवरिया फर्रुखाबाद, हमीरपुर, हरदोई, हाथरस, कासगंज, महोबा, मिर्जापुर, संतकबीर नगर, श्रावस्ती और शामली) में फिलहाल कोविड का एक भी मरीज नहीं है।

तालिबान को खुला चैलेंज देने वाली लेडी गवर्नर कैद

तालिबान को खुला चैलेंज देने वाली लेडी गवर्नर हुईं कैद, महिला एंकर पर बैन शुरू

आखिरी उम्मीद भी खत्म: तालिबान को खुला चैलेंज देने वाली लेडी गवर्नर हुईं कैद, महिला एंकरों पर बैन लगाना शुरू

काबुल : अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान एक तरफ सरकार बनाने में जुटा है। दूसरी ओर वॉरलॉर्ड्स को ढूंढ-ढूंढकर पकड़ रहा है। पहले तालिबान ने वॉरलॉर्ड्स इस्माइल खान को पकड़ा था। अब इसके लड़ाकों ने अफगानिस्तान की पहली महिला गवर्नर सलीमा मजारी को पकड़ लिया है। मजारी बल्ख प्रांत की चारकिंत जिले की गवर्नर हैं। तालिबान से लड़ने के लिए उन्होंने अपनी आर्मी बनाई थी और खुद भी हथियार उठाए थे। सलीमा आखिरी वक्त तक तालिबान का सामना करती रहीं।विज्ञापन

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हजारा समुदाय के सूत्रों इस बात की पुष्टि की है कि अफगानिस्तान की लेडी गवर्नर सलीमा मजारी अब तालिबान के हाथों पकड़ी जा चुकी हैं। अफगानिस्तान की सलीमा मजारी बल्ख प्रांत की चारकिंत ज़िले की महिला गर्वनर हैं, जो बीते कुछ दिनों से तालिबान से लोहा लेने के लिए अपनी सेना बना रही थीं। यह घटना ऐसे वक्त में सामने आई है, जब तालिबान ने सभी अफगान सरकारी अधिकारियों के लिए “सामान्य माफी” की घोषणा की और उनसे काम पर लौटने का आग्रह किया, जिसमें शरिया कानून के अनुरूप महिलाएं भी शामिल थीं।अंतर्राष्ट्रीय :

अफगानिस्तान की पहली महिला गवर्नरो में से एक सलीमा मजारी को तालिबान ने कैद किया।

जब अफगानिस्तान में तालिबान कत्लेआम मचा रहा था और बाकी के नेता देश छोड़कर भाग रहे थे या फिर सरेंडर कर रहे थे, तब अपने लोगों को बचाने के लिए महिला गवर्नर सलीमा मजारी अपनी सेना खड़ी कर रही थीं और लोगों को साथ आऩे की अपील कर रही थीं। सलीमा ने अपने लोगों को बचाने के लिए तालिबान से डंटकर मुकाबला किया और पकड़े जाने से पहले तक बंदूक उठाकर अपने लोगों की रक्षा की। उनकी फौज में शामिल लोग अपनी जमीन और मवेशी बेच कर हथियार खरीद रहे थे और उनकी सेना में शामिल हो रहे थे। सलीमा मजारी खुद पिकअप की फ्रंट सीट पर बैठती थीं और जगह-जगह जाकर लोगों से अपनी सेना में शामिल होने को कहती थीं। 

अफगानिस्तान मूल की सलीमा माजरी का जन्म 1980 में एक रिफ्यूजी के तौर पर ईरान में हुआ, जब उनका परिवार सोवियत युद्ध से भाग गया था। उनकी पढ़ाई-लिखाई ईरान में ही हुई है। तेहरान विश्वविद्यालय से स्नातक होने के बाद उन्होंने दशकों पहले अपने माता-पिता को छोड़कर देश (अफगानिस्तान) जाने का फैसला करने से पहले विश्वविद्यालयों और अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन में विभिन्न भूमिकाएं निभाईं।  2018 में उन्हें पता चला कि चारकिंत जिला के गवर्नर पद की वैकेंसी आई है। यह उनकी पुश्तैनी मातृभूमि थी, इसिलए उन्होंने इस पद के लिए आवेदन भर दिया। इसके बाद वह गवर्नर के लिए चुनी गईं। तालिबान के खतरे को देखते हुए और जिले को सुरक्षित करने के लिए उन्होंने सिक्योरिटी कमिशन की स्थापना की थी, जो स्थानीय सेना में भर्ती का काम देखता था। हिरासत में होने से पहले सलीमा अपने कार्यकाल में तालिबानियों के नाक में दम कर चुकी हैं।

तालिबान ने मंगलवार को पूरे अफगानिस्तान में ‘आम माफी’ की घोषणा की और महिलाओं से उसकी सरकार में शामिल होने का आह्वान किया। इसके साथ ही तालिबान ने लोगों की आशंका दूर करने की कोशिश की, जो एक दिन पहले उसके शासन से बचने के लिए काबुल छोड़कर भागने की कोशिश करते दिखे थे और जिसकी वजह से हवाई अड्डे पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा होने के बाद कई लोग मारे गए थे। अफगानिस्तान पर कब्जा करने वाला और कई शहरों को बिना लड़ाई जीतने वाला तालिबान वर्ष 1990 के क्रूर शासन के उलट खुद को अधिक उदार दिखाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन कई अफगान अब भी आशंकित हैं।

बाइक पर सवारी के बदले नियम

बाइक की सवारी करने के नियम केंद्र सरकार ने बदले। बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं से निपटने की कवायद।

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए दोपहिया वाहनों के डिजाइन और पीछे बैठने के नियमों में बदलाव कर दिया है। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर कुछ नए नियम लागू किए हैं। बाइक चलाने वाले के पीछे बैठने वाले लोगों को इनका पालन करना होगा।

बाइक राइडर और पीछे की सीट के बीच हैंड होल्ड – सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के नए नियमों के मुताबिक, अब बाइक के पीछे की सीट के दोनों तरफ हैंड होल्ड जरूरी है। हैंड होल्ड पीछे बैठे सवारी की सुरक्षा के लिए है। बाइक ड्राइवर के अचानक ब्रेक लगाने पर हैंड होल्ड सवारी के लिए काफी मददगार साबित होता है। अभी तक अधिकतर बाइक में ये सुविधा नहीं होती थी। इसके साथ ही बाइक के पीछे बैठने वाले के लिए दोनों तरफ पायदान अनिवार्य कर दिया गया है. इसके अलावा बाइक के पिछले पहिये के बाएं हिस्से का कम से कम आधा हिस्सा सुरक्षित तरीके से कवर होगा ताकि पीछे बैठने वाले के कपड़े पिछले पहिये में ना उलझे।

बरेली से बेंगलुरु पहुंचिए मात्र 2 घंटे 27 मिनट में

इंडिगो ने यात्रियों को दिया स्वतंत्रता दिवस का तोहफा। बेंगलुरु से बरेली का सफर तय होगा अब केवल 2 घंटे 27 मिनट में।

इंडिगो ने यात्रियों को दिया स्वतंत्रता दिवस का तोहफा, अब केवल 2 घंटे 27 मिनट में तय होगा बेंगलुरु से बरेली का सफर

बरेली (एकलव्य बाण समाचार)। दिल्ली-मुंबई के बाद शनिवार को बरेली-बेंगलुरु की उड़ान सेवा शुरू हो गई। स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन से ठीक पहले इंडिगो ने बरेली-बेंगलुरु की फ्लाइट शुरू कर दी। 2 घंटा 27 मिनट में बेंगलुरु से बरेली एयरबस पहुंची। पहली फ्लाइट में 155 यात्री बेंगलुरु से बरेली आए। सुबह 8.52 पर फ्लाइट बेंगलुरु से बरेली के लिए रवाना हुई। 11:19 बजे एयरबस बरेली पहुंच गई। 1:10 घंटे रुकने के बाद एयरबस ने 125 यात्रियों के साथ बेंगलुरु की उड़ान भरी। 

इंडिगो ने 12 अगस्त को बरेली-मुंबई का हवाई सफर शुरू किया। दो दिन बाद बरेली-बेंगलुरू की उड़ान भी शुरू कर दी। शनिवार को एयरफोर्स के रनवे पर इंडिगो की एयरबस यात्रियों को लेकर पहुंची। यात्रियों को एयरफोर्स के एप्रेन से एयरपोर्ट तक बस के जरिए लाया गया।

केक काटकर स्वागत- पहली फ्लाइट का इंडिगो की टीम ने केक काटकर स्वागत किया। बरेली से बेंगलुरु की फ्लाइट सप्ताह में तीन दिन, सोमवार, बुधवार और शनिवार को होगी। विदित हो कि 12 अगस्त को बरेली-मुंबई फ्लाइट के उद्घाटन के मौके पर नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बरेली-बेंगलुरु फ्लाइट के लिए भी बरेली वालों को शुभकामनाएं दी थीं।

बरेली-बेंगलुरु की उड़ान ने रुहेलखंड और उत्तराखंड को सीधे दक्षिण भारत से जोड़ दिया। रुहेलखंड के साथ उत्तराखंड के विकास में बरेली-बेंगलुरु की फ्लाइट अहम भूमिका निभाएगी। शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में विकास होगा। युवाओं को रोजगार को नए मौके पर मिलेंगे।

सीधी ट्रेन तक नहीं थी- फ्लाइट तो दूर की बात, दक्षिण भारत के लिए रुहेलखंड और उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल से कोई ट्रेन नहीं थी। दिल्ली और दूसरे शहरों से लोग ट्रेन के जरिए किसी तरह बेंगलुरु पहुंच पाते थे। इसमें 40 से 50 घंटे का समय लगता था। बेंगलुरु और दक्षिण भारत के दूसरे शहरों में डाक्टर-इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट को खासी दिक्कत होती थी। अब यह आसान हो गया। इंडिगो के अधिकारी यात्री के रेस्पांस को देखते हुए फ्लाइट की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं।

लेट हुए तो फौजी की छूटी फ्लाइट- बरेली में तैनात बेंगलुरु के फौजी सतीश की फ्लाइट छूट गई। 11:30 बजे के बाद इंडिगो के अधिकारियों ने एंट्री बंद कर दी। सतीश 11:40 बजे एंट्री प्वाइंट पर पहुंच सके।शनिवार दोपहर को 12:30 बजे बरेली से बेंगलुरु की पहली फ्लाइट ने उड़ान भरी। हवाई यात्रा के नियमों के मुताबिक एयरपोर्ट के अंदर कम से कम एक घंटे पहले एंट्री करनी होती है। यात्रियों के दस्तावेज चेक करने के बाद एंट्री दी गई। 11:30 बजे तक यात्रियों की एंट्री कराई गई। सतीश 11:40 बजे पहुंच सके। सिक्योरिटी में तैनात जवानों ने सतीश को रोक दिया। इंडिगो के अधिकारियों से काफी देर तक बात की गई। बावजूद इसके सतीश को बोर्डिंग पास नहीं दिया गया। 

घर जाने के पहले कोरोना जांच- बेंगलुरु से आने वाले प्रत्येक यात्री की कोरोना जांच रिपोर्ट और वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र देखे गए। जिनके दोनों टीके नहीं लगे या कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट नहीं थी उनके सैंपल लिए। उसके बाद घर भेजा गया। हालांकि ज्यादातर यात्रियों के पास जांच रिपोर्ट थी।

मोदी ने फहराया लाल किले के प्राचीर से 8वीं बार तिरंगा

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 75वें स्तवंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले के प्राचीर से आज 8वीं बार तिरंगा फहराया। लाल किले से अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास के साथ सबका प्रयास को जोड़ा। उनके भाषण में बंटवारे का दर्द भी छलका, साथ ही आतंकवाद और विस्तारवाद का जिक्र कर परोक्ष रूप से पाकिस्तान और चीन पर निशाना साधा। पीएम मोदी ने अपने भाषण में ऐलान किया कि सरकार ने बेटियों के लिए सैनिक स्कूल के दरवाजे खोल दिए हैं।

चीन और पाक को कड़ा संदेश
पीएम मोदी ने अपने भाषण में आतंकवाद और विस्तारवाद का जिक्र कर परोक्ष रूप से पाकिस्तान और चीन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज दुनिया, भारत को एक नई दृष्टि से देख रही है और इस दृष्टि के दो महत्वपूर्ण पहलू हैं। एक आतंकवाद और दूसरा विस्तारवाद। भारत इन दोनों ही चुनौतियों से लड़ रहा है और सधे हुए तरीके से बड़े हिम्मत के साथ जवाब भी दे रहा है। 

सभी सैनिक स्कूलों के दरवाजे बेटियों के लिए खुलेंगे: मोदी
सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए देश के सभी सैनिक स्कूलों के दरवाजे अब लड़कियों के लिए खोल दिये हैं, जिससे सभी स्कूलों में अब लड़कों के साथ साथ लड़कियों को भी प्रवेश दिया जायेगा। प्रधानमंत्री  मोदी ने कहा कि भारत की बेटियां देश में हर क्षेत्र में अपनी जगह बनाने में लगी है और इसलिए अब सरकार ने निर्णय लिया है कि सभी सैनिक स्कूलों में लड़कों के साथ साथ लड़कियों को भी प्रवेश दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि आज मैं एक खुशी देशवासियों से साझा कर रहा हूं। मुझे लाखों बेटियों के संदेश मिलते थे कि वो भी सैनिक स्कूल में पढ़ना चाहती हैं, उनके लिए भी सैनिक स्कूलों के दरवाजे खोले जाएं। आज भारत की बेटियां अपना स्पेस लेने के लिए आतुर हैं। दो-ढाई साल पहले मिजोरम के सैनिक स्कूल में पहली बार बेटियों को प्रवेश देने का प्रयोग किया गया था। अब सरकार ने तय किया है कि देश के सभी सैनिक स्कूलों को देश की बेटियों के लिए भी खोल दिया जाएगा। विदित हो कि सरकार ने दिसम्बर 2019 में देश के पांच सैनिक स्कूलों के दरवाजे लड़कियों के लिए खोले थे लेकिन आज प्रधानमंत्री ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए कहा कि सभी सैनिक स्कूलों में अब लड़कियों को प्रवेश दिया जायेगा।

केसरिया साफा पहन पीएम मोदी ने फहराया तिरंगा, 88 मिनट तक का संबोधन, जानें कब-कब बनाया रिकॉर्ड

राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को अगले 25 वर्षों में एनर्जी को लेकर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन की घोषणा की। पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज जो भी कार्य कर रहा है, उसमें सबसे बड़ा लक्ष्य है, जो भारत को क्वांटम जंप देने वाला है- वो है  ग्रीन हाइड्रोजन का क्षेत्र। मैं आज तिरंगे को  साक्षी मानते हुए राष्ट्रीय हाड्रोजन मिशन की घोषणा कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति के लिए, आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए भारत को एनजीर् के मामले में आत्मनिर्भर होना अनिवार्य है। इसलिए आज भारत को संकल्प लेना होगा कि हमें आजादी के 100 साल होने से पहले देश को एनर्जी  के मामले में आत्मनिर्भर बनाना होगा। 

लाल किले से पीएम मोदी का ऐलान-  75 सप्ताह में 75 वंदेभारत ट्रेनें देश के हर कोने को जोड़ेंगी

बंटवारे का दर्द हिन्दुस्तान के सीने को छलनी करता है
पीएम मोदी ने कहा कि हम आजादी का जश्न मनाते हैं, मगर बंटवारे का दर्द आज भी हिंदुस्तान के सीने को छलनी करता है। यह पिछली शताब्दी की सबसे बड़ी त्रासदी में से एक है। कल ही देश ने भावुक निर्णय लिया है। अब से 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में याद किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी देशवासियों को 75वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव का यह वर्ष देशवासियों में नई ऊर्जा और नवचेतना का संचार करे।

जम्मू एवं कश्मीर में विधानसभा चुनाव की तैयारी चल रही है: प्रधानमंत्री
सभी के सामर्थ्य को उचित अवसर देने को लोकतंत्र की असली भावना करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में परिसीमन आयोग का गठन हो चुका है और वहां विधानसभा चुनाव की तैयार चल रही है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि हिमालयी, तटीय और आदिवासी क्षेत्र भविष्य में भारत के विकास का ”बड़ा आधार बनेंगे। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में भारत को नयी ऊंचाई पर पहुंचाने के लिए भारत के सामर्थ्य का सही और पूरा इस्तेमाल जरूरी है और इसके लिए जो वर्ग या क्षेत्र पीछे छूट गए हैं उन्हें आगे बढ़ाना ही होगा। उन्होंने कहा कि हमारा पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख सहित पूरा हिमालय का क्षेत्र हो या हमारा तटीय क्षेत्र या फिर आदिवासी अंचल हो, यह भविष्य में भारत के विकास का बड़ा आधार बनेंगे। सभी के सामर्थ्य को उचित अवसर देना ही ”लोकतंत्र की असली भावना है।

नयी शिक्षा नीति देश की जरूरतें पूरी करने वाली: मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति देश की 21वीं सदी की जरूरतों को पूरा करने वाली है। राष्ट्रीय नई शिक्षा नीति से अब हमारे बच्चे ना ही कौशल के कारण रुकेंगे और ना ही भाषा के सीमा में बंधेंगे। दुभार्ग्य है कि हमारे देश में भाषा को लेकर एक विभाजन पैदा हो गया है। भाषा की वजह से हमने देश के बहुत बड़ी प्रतिभाओं को पिंजड़े में बांध दिया है। मातृभाषा में पढ़े हुए लोग आगे आएंगे तो उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। जब गरीब की बेटी और बेटा मातृभाषा में पढ़कर आगे बढ़ेंगे तो उनके सामर्थ्य के साथ न्याय होगा। नई शिक्षा नीति में गरीबी के खिलाफ लड़ाई का साधन भाषा है। नई शिक्षा नीति गरीबी के खिलाफ लड़ाई का शस्त्र के रूप में काम आने वाली है। गरीबी के खिलाफ जंग जीतने का माध्यम भी मातृभाषा है। खेल के मैदान में भाषा बाधा नहीं है जिसका परिणाम देखा है, अब युवा खेल भी रहे हैं और खिल भी रहे। अब ऐसा ही जीवन के अन्य मैदानों में होगा। 

छोटे किसान बने देश की शान: मोदी
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि ‘छोटा किसान बने देश की शान’ यह हमारा सपना है । देश के 80 प्रतिशत से अधिक किसानों के पास दो हेक्टेयर से कम जमीन है। पहले की नीतियों में इन छोटे किसानों को प्राथमिकता नहीं दी गयी। अब इन्ही किसानों को ध्यान में रखकर निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन किसानों को ध्यान में रखकर फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया  रहा है, फसल बीमा योजना शुरू की गयी, सौर ऊर्जा पर जोर दिया जा रहा है और किसान उत्पादक समूह आदि का गठन किया जा रहा है। इससे किसानों की ताकत बढ़ेगी। ब्लॉक स्तर पर वेयरहाउस के निर्माण के लिए अभियान चलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत दस करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खाते में डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई है। आने वाले समय में सामूहिक शक्ति बढ़ानी होगी और नई सुविधाएं देनी होगी। 

प्रधानमंत्री ने भारत के ओलंपिक दल की सराहना की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के ओलंपिक दल की सराहना करते हुए कहा कि हाल में संपन्न हुए तोक्यो खेलों में उनके प्रदर्शन ने देश के युवाओं को प्रोत्साहित किया है। इस बार ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ी स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लाल किले पर मौजूद हैं। इस अवसर पर राष्ट्र को संबोधित कर रहे मोदी और लाल किले पर मौजूद अन्य लोगों ने तोक्यो में हाल में आयोजित ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाले दल के लिए तालियां बजाईं।

ओबीसी से लेकर वंदेभारत ट्रेनों का जिक्र
मूलभूत जरूरतों की चिंता के साथ दलितों, पिछड़ों, आदिवासी वर्ग, सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। संसद में कानून बनाकर OBC से जुड़ी सूची बनाने का अधिकार राज्यों को दे दिया गया है। पीएम मोदी ने कहा कि देश ने बहुत अहम फैसला लिया है। आजादी के अमृत महोत्सव के 75 सप्ताह में, 75 वंदे भारत ट्रेनें देश के हर कोने को जोड़ेंगी।आज जिस गति से देश में नए एयरपोर्ट्स का निर्माण हो रहा है, उड़ान योजना दूर-दराज के इलाकों को जोड़ रही है, वो भी अभूतपूर्व है।

बंगाली समाज के लोगों ने मनाई स्वामी विवेकानन्द जयंती

बिजनौर। धर्मनगरी बंगाली कालोनी बिजनौर के मंदिर प्रांगण में बंगाली समाज के लोगों ने युग प्रवर्तक स्वामी विवेकानन्द की जयंती पर उन्हें याद किया। इस अवसर पर नमन करते हुए उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए गए। गांव के छोटे छोटे बच्चों ने भी उनकी फोटो पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

अखिल भारतीय बंगाली एकता मंच उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष दीपक मण्डल, नीलमणि पाल, सुमित बढ़ई, श्यामसुन्दर विश्वास और उपस्थित सभी बुजुर्गो, माताओं, बहनों एवं युवाओं ने स्वामी विवेकानन्द जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत स्वामी विवेकानन्द जी की जयन्ती पर युवाओं ने मिलकर पूरे गांव की सफाई की। साथ ही छोटे-छोटे बच्चों के लिए विभिन्न खेलों का आयोजन कर विजेताओं को पुरस्कार वितरित किये गए। इस अवसर पर श्री दुर्गा विद्या मन्दिर स्कूल के समस्त स्टाफ सहित श्री हरविलास चौकीदार, रवि राय, सत्यरंजन वाला, सुषैण वाला, रमेश विश्वास, सत्यरंजन विश्वास, रथेन्दर विश्वास, नीलकमल मिस्त्री, निरंजन कविराज, अधीर मण्डल, अनिल, सुबोध, प्रदीप, सूरज, तरूण, कल्याण, सुबल, विकास, प्रताप, जगदीश, शान्तानु, मृणाल, संजय, सुधीर, विश्वजीत, सिद्धिश्वर, समीर, गौतम, जयदेव, प्रणव, कमल, जीवन, सुखलाल, भुजन, मनोज, पलाश, अनिमेष, मुकुल, नृपेन्द्र, विराट, मोहन, देवाशीष, सुमित, असीम, इन्द्रजीत, परितोष, तनमय, परिमल, श्यामल हल्दार, सपन, आनन्द, अशोक, तापस, चिन्मय, विपुल, फेलुशाह, अनूप, केशव, नन्दलाल, परेश महाजन, नीरज, आलोक, निताई, गोकुल, श्रीवास, दिलीप, अनुराग, अंकित, गुरूवेद, मिलन, रणजीत, सुखदेव, सुजल, बंकिम, उज्ज्वल, सुकुमार, अक्षय, दशरथ, विष्णु, महादेव, राजकुमार, दिनेश, अखिल, विनय, निखिल, विमल एवं दीपक मंडल आदि बंगाली समाज के लोग मौजूद रहे।

यात्रीगण कृपया ध्यान दें-पटरी पर लौटीं अनरिजर्व्ड ट्रेन

यात्रियों के लिए खुशखबरी, पटरी पर लौटीं अनरिजर्व्ड ट्रेन

यात्रियों के लिए खुशखबरी, आज से पटरी पर लौटीं अनरिजर्व्ड ट्रेनें- देखें पूरी List

नई दिल्ली (एजेंसी) उत्तर रेलवे ने कई पूरी तरह से रिजर्व्ड मेल या एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेनों को अनरिजर्व्ड स्पेशल ट्रेन में बदलने का फैसला किया है। ये परिवर्तित अनरिजर्व्ड ट्रेनें भारतीय रेलवे नेटवर्क पर चलना शुरू हो गई हैं।

सभी रेल यात्रियों को हेल्पलाइन नंबर 139 या एनटीईएस ऐप (NTES App) के माध्यम से इन विशेष ट्रेन सेवाओं की विस्तृत टाइम टेबल की जांच करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, यात्री इन विशेष ट्रेनों के विवरण की जांच के लिए भारतीय रेलवे की वेबसाइट पर भी जा सकते हैं। हालांकि भारतीय रेलवे ने कहा कि सभी यात्रियों को केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकार के सभी कोविड संबंधित नॉर्म्स को सुनिश्चित करना चाहिए।

जानिए किन ट्रेन को मिली हरी झंडी👇

– ट्रेन संख्या 04640 फिरोजपुर कैंट रेलवे स्टेशन से साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) रेलवे स्टेशन प्रतिदिन चलेगी।
– ट्रेन संख्या 04639 साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) रेलवे स्टेशन से फिरोजपुर कैंट रेलवे स्टेशन प्रतिदिन चलेगी।
– ट्रेन संख्या 04488 फिरोजपुर कैंट रेलवे स्टेशन से चंडीगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन तक प्रतिदिन चलेगी।
– ट्रेन संख्या 04487 चंडीगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन से फिरोजपुर कैंट रेलवे स्टेशन तक प्रतिदिन चलेगी।
– ट्रेन संख्या 04669 फिरोजपुर कैंट रेलवे स्टेशन से हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन तक प्रतिदिन चलेगी।
– ट्रेन संख्या 04670 हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन से फिरोजपुर कैंट रेलवे स्टेशन तक प्रतिदिन चलेगी।
– ट्रेन संख्या 04538 नंगल डैम रेलवे स्टेशन से अमृतसर जंक्शन रेलवे स्टेशन तक प्रतिदिन चलेगी।
– ट्रेन संख्या 04537 अमृतसर जंक्शन रेलवे स्टेशन से नंगल डैम रेलवे स्टेशन तक प्रतिदिन चलेगी।
– ट्रेन संख्या 04489 अमृतसर जंक्शन रेलवे स्टेशन से पठानकोट जंक्शन रेलवे स्टेशन तक प्रतिदिन चलेगी।
– ट्रेन संख्या 04490 पठानकोट जंक्शन रेलवे स्टेशन से अमृतसर जंक्शन रेलवे स्टेशन तक प्रतिदिन चलेगी।

डीजीपी ने मेरठ पहुंच कर लिया कानून व्यवस्था का जायजा

डीजीपी मुकुल गोयल का मेरठ दौरा। साइबर क्राइम के नियंत्रण पर जोर। किसान आंदोलन पर गंभीरता से नजर रखने के निर्देश।

मेरठ। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल ने जोन के पुलिस अधिकारियों की मीटिंग के दौरान अपराध की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण ख़ासकर साइबर क्राइम के नियंत्रण पर जोर दें। उन्होंने किसानों की समस्या और आंदोलन पर गंभीरता से नजर रखने के निर्देश दिए।

डीजीपी मुकुल गोयल ने कहा कि बागपत और शामली को जल्द ही पुलिस लाइन मिलेंगी। जिला बनने के बाद अभी तक पुलिस कर्मियों के लिए लाइन की व्यवस्था नहीं हुई थी। जल्दी ही दोनों जिलों में पुलिस लाइन बनाई जाएगी। शामली के लिए भूमि भी चिन्हित कर ली गई है। कहा कि समय के साथ क्राइम का तरीका बदल गया है। पहले फिरौती के लिए अपहरण होता था, अब सीधे खाते खाली हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस समय साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है और हमारे दरोगा इसकी विवेचना उतनी सही नहीं कर पाते है। इसके चलते दरोगाओं को साइबर अपराध की ट्रेनिंग दी जाएगी।

दिल्ली और पूरे यूपी को प्रभावित करता है वेस्ट का अपराध: डीजीपी ने कहा कि वेस्ट यूपी अपराध की दृष्टि से बहुत ही संवेदनशील है। यहां का अपराध दिल्ली और पूरे प्रदेश को प्रभावित करता है।

बैठक में एडीजी मेरठ जोन राजीव सभरवाल, आईजी प्रवीण कुमार, एसएसपी मेरठ प्रभाकर चौधरी के साथ हापुड़, बुलंदशहर, सहारनपुर, शामली, बागपत व गाजियाबाद के डीएम, एसएसपी मौजूद रहे। समीक्षा के बाद 15 अगस्त पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने के निर्देश दिए। सभी कप्तानों और कमिश्नर से पुलिस की बेहतरी के लिए सुझाव मांगे, ताकि उन पर काम हो सके। डीजीपी ने बताया कि 15 अगस्त को लेकर सभी जनपदों में कड़ी सुरक्षा की जा रही है। एडीजी और आईजी खुद सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेंगे।

भाजपा विधायक दिनेश खटीक, जितेंद्र सटवाई, सत्यवीर त्यागी, सत्य प्रकाश अग्रवाल, पूर्व विधायक हरपाल सैनी और पूर्व मंत्री डा. मेराजुद्दीन समेत तमाम लोगों ने डीजीपी मुकुल गोयल से मुलाकात की।

जश्न- ए-आजादी पर राजधानी में पौधारोपण

जश्न- ए-आजादी ट्रस्ट के तत्वाधान में टीम केयर इंडिया और शराबबंदी संघर्ष समिति ने शहर के विभिन्न स्थानों पर किया पौधारोपण

लखनऊ। जश्न- ए-आजादी ट्रस्ट के तत्वाधान में टीम केयर इंडिया औऱ शराबबंदी संघर्ष समिति ने इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के परिसर में विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं की मौजूदगी में 75 नीम, पीपल व आम इत्यादि के पौधे रोपित किए। इस अवसर पर मौलाना खालिद रशीद, राजेन्द्र सिंह बग्गा, मुरलीधर आहूजा, निगहत खान, मुर्तुजा अली, शहजादे कलीम, अब्दुल वहीद, जुबैर अहमद, वामिक खान, योग गुरु कृष्ण दत्त मिश्रा, संजय सिंह, एसएम पारी, नजम अहसन, तौसीफ हुसैन, सरदार बलवीर सिंह, आराधना सिकरवार, मौलाना मुश्ताक, शाहिद सिद्दीक, मीनाक्षी त्रिपाठी, संतराम यादव, इमरान कुरैशी, सहाबुद्दीन कुरैशी, भानु प्रताप सिंह आदि मौजूद थे।
स्वतंत्रता दिवस उत्सव पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रंखला में जश्न -ए -आजादी ट्रस्ट के पदाधिकारियों द्वारा शहर के गऊघाट, दुबग्गा, विकासनगर, टीले वाली मस्जिद के पीछे, एनजीएस सिटी, बरावन कला, आशियाना, 1090 चौराहे पर पौध रोपण किया गया।इस मौके पर मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली और राजेन्द्र सिंह बग्गा ने सभी शहर वासियों से अपील की है स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सभी लोग एक पौधा रोपण जरूर करें।

स्कूल में पढ़ाया जाएगा कोरोना का पाठ

लखनऊ। घर पर रहकर छात्र-छात्राओं ने लॉकडाउन काल में केवल पढ़ाई की या फिर खेले हैं। उनको ये ताे जानकारी हुई कि कोविड-19 नाम का वायरस फैला हुआ है, जो लोगों को बीमार कर रहा है और घातक स्थिति में होने पर उनकी जान भी ले रहा है। मगर कोरोना के बारे में विस्तृत जानकारी करने में विद्यार्थियों ने रुचि नहीं दिखाई। अब जब माध्यमिक विद्यालय खुलेंगे तो उनको कोविड-19 के बारे में विस्तार से जानकारी कराई जाएगी। कोरोना वायरस के दुष्प्रभाव, इसके फैलने के तरीके, इससे बचने के उपाय, सावधानियां आदि के बारे में बताया जाएगा। वहीं इससे जुड़ी जानकारियां जैसे किस देश में कितना संक्रमण रहा, कितने लोगों की जान गई आदि के बारे में भी तथ्यात्मक ज्ञान कराया जाएगा।स्कूल में

स्‍कूल में उपलब्ध होंगे सैनिटाइजर व साबुन- विद्यालय खुलने पर विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सैनिटाइजर व साबुन भी उपलब्ध कराया जाएगा। विद्यालय की ओर से विद्यार्थी को साबुन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए बजट की व्यवस्था विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को विद्यालय फंड से ही करनी होगी। माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को कोरोना संक्रमण से बचाने को साबुन का वितरण किए जाने के निर्देश शासन स्तर से जारी किए गए हैं। विद्यार्थियों को हाथ धाेने व संक्रमण से बचने के लिए प्रेरित किया जाएगा। हालांकि साबुन वितरण का काम प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देशन में कराया जाएगा। इसकी तैयारी भी कर ली गई है।

डीआइओएस के सूत्रों ने बताया कि, विद्यार्थियों को समय-समय पर हाथ धोने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से साबुन वितरण की योजना शासन की ओर से बनाई गई है। माध्यमिक विद्यालयों के लिए जितने साबुन वितरण करने के आदेश होंगे व साबुन उपलब्ध कराए जाएंगे, उनका वितरण कराया जाएगा। अभी नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थी स्कूल-कालेज आएंगे। उनको ही साबुन वितरण कराया जाएगा। प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वो विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को सुरक्षा उपायों के पालन के लिए प्रेरित करने का प्रयास करें।

समस्याओं को लेकर एकजुट हुए राशन डीलर

राशन डीलरों ने की समस्याओं पर चर्चा। कमीशन बढ़ाने की मांग। राशन कमीशन में बढ़ोतरी अति आवश्यक।

बिजनौर। धामपुर तहसील के नहटौर में डीलर एसोसिएशन की बैठक में राशन डीलरों की समस्याओं पर चर्चा की गई। राशन डीलरों ने अन्य राज्यों की तरह कमीशन बढ़ाने की मांग की।

ब्लॉक के डबाकरा हॉल में आयोजित राशन डीलर एसोसिएशन की बैठक में राशन डीलरों ने तीन माह से गल्ला उठाने के बाद भी जमा पैसा वापस नहीं मिलने पर रोष जताया। बैठक में राशन डीलर एसोसिएशन ने सरकार से महंगाई के हिसाब से कमीशन बढ़ाने की मांग की। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि राशन डीलर को जो कमीशन मिलता है उससे अधिक मजदूर की मजदूरी होती है।

वक्ताओं ने कहा कि समीपवर्ती राज्यों द्वारा राशन डीलरों का कमीशन बढ़ाया गया है। बैठक में राशन डीलरों ने एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही साथ शासन की गाइडलाइन का पालन करते हुए राशन वितरण करने पर सहमति जताई। राशन डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव कुमार की अध्यक्षता एवं अली हसन के संचालन में आयोजित बैठक में इमरान अहमद, मुकेश कुमार, ऋषिपाल सिंह, सरवर खान, अनिल कुमार, अशोक कुमार, वीरेंद्र सिंह, तोताराम, विनय त्यागी, डालचंद, आदेश त्यागी, सोनू कुमार, गजराज सिंह, जाकिर हुसैन आदि थे।

भारत में हाड्रोजन ईंधन से चलेंगीं ट्रेन

भारतीय रेलवे वैकल्पिक ईंधन संगठन (आईआरओएएफ) ने हरित रेलवे के लिए एक मिशन मोड पर, भारतीय रेलवे नेटवर्क पर हाइड्रोजन ईंधन सेल आधारित रेलगाड़ियों के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। देश में इस परियोजना से हाइड्रोजन परिवहन की अवधारणा की शुरुआत होगी। आरंभ में, उत्तर रेलवे के 89 किलोमीटर लम्बे सोनीपत-जींद खंड के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। शुरूआत में, 2 डीईएमयू रैक को परिवर्तित किया जाएगा और उसके बाद, 2 हाइब्रिड इंजनों को हाइड्रोजन ईंधन सेल ऊर्जा परिवहन के आधार पर परिवर्तित किया जाएगा। इस परियोजना से प्रतिवर्ष 2.3 करोड़ रुपए की बचत होगी।

नई दिल्ली। भारत में अब जल्द ही हाइड्रोजन पर आधारित तकनीक से चलने वाली ट्रेनों की शुरुआत की जा सकती है। इस तकनीक को सबसे पहले जींद और सोनीपत के बीच 89 किमी ट्रैक पर चलने वाली विकसित किया जाएगा। अगर ये तकनीक भारत में सफल होती है, तो दुनिया में भारत तीसरा ऐसा देश बन जाएगा, जहां ग्रीन एनर्जी का उपयोग किया जाएगा।

Ministry of Railways की प्रेस Release में बताया गया है कि “उन्नत रसायन सेल (एसीसी) बैटरी” और “राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन” भारत सरकार के दो प्रमुख कार्यक्रम हैं। इसके तहत पेरिस जलवायु समझौते 2015 और 2030 तक “मिशन नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन रेलवे” के तहत ग्रीन हाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन को कम करने के लक्ष्यों को पूरा किया जा सकेगा। इसके अनुसार, देश में हाइड्रोजन परिवहन की अवधारणा को शुरू करने के लिए हाल ही में बजटीय घोषणा की गई थी। इसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए, भारतीय रेलवे वैकल्पिक ईंधन संगठन (आईआरओएएफ), भारतीय रेलवे के हरित ईंधन वर्टिकल ने रेलवे नेटवर्क पर हाइड्रोजन ईंधन सेल आधारित रेलगाड़ियों के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। यह परियोजना उत्तर रेलवे के 89 किलोमीटर लम्बे सोनीपत-जींद खंड पर शुरू होगी।

प्रारंभ में, 2 डीईएमयू रैक को परिवर्तित किया जाएगा और बाद में, 2 हाइब्रिड इंजनों को हाइड्रोजन ईंधन सेल ऊर्जा परिवहन के आधार पर परिवर्तित किया जाएगा। ड्राइविंग कंसोल में कोई बदलाव नहीं होगा। साथ ही, इस परियोजना से प्रति वर्ष 2.3 करोड़ रुपये की बचत होगी।

परियोजना का विवरण:

स्वीकृत कार्य:

• 2 डेमू रैक पर रेलगाड़ियों के अनुप्रयोग के लिए ईंधन सेल संचालित हाइब्रिड ट्रैक्शन सिस्टम का प्रावधान 

•  2021-22 की वर्तमान पिंक बुक आइटम नंबर 723

• चालू वर्ष के दौरान 8 करोड़ रुपए का आवंटन

कार्य का संक्षिप्त दायरा:

• आरडीएसओ विनिर्देश संख्या आर 2/347/ईंधन सैल-1 जुलाई, 2021के अनुसार ऑन-बोर्ड उपकरण।

• आरडीएसओ विनिर्देश संख्या जुलाई 2021 का आर 2/347/ईंधन सेल-1 के अनुसार कार्य स्थल पर स्थिर (जमीन पर) हाइड्रोजन भंडारण और फिलिंग स्टेशन।

निविदा प्रसंस्करण:

• दो बोली-पूर्व सम्मेलन 17/08/2021 और 09/09/2021 को निर्धारित है।

• प्रस्ताव जमा करने की 21/09/2021 से शुरुआत होगी।

• निविदा खोलने की तिथि 05/10/2021 है।

यूपी की महिला पुलिसकर्मियों को रक्षाबंधन पर बड़ा तोहफा

रक्षाबंधन पर यूपी की महिला पुलिसकर्मियों को मिलेगा बड़ा तोहफा। 21 अगस्त को मिशन शक्ति के तीसरे चरण की शुरुआत।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर महिला पुलिसकर्मियों को बीट पुलिस अधिकारी के पद पर तैनाती का तोहफा देंगे। रक्षाबंधन से एक दिन पूर्व 21 अगस्त को मिशन शक्ति के तीसरे चरण की शुरुआत कर सरकार महिलाओं व बेटियों को कई तोहफे देने की तैयारी कर रही है। महिला पुलिसकर्मियों के नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए सभी जिलों में बालवाड़ी का तोहफा भी होगा।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित मुख्य समारोह कन्या सुमंगला योजना से वंचित 1.5 लाख बेटियों को और निराश्रित महिला पेंशन योजना की पात्र 1.73 लाख नई लाभार्थी महिलाओं को योजना से जोड़ा जाएगा। 1300 थानों में पिंक टायलेट निर्माण, महिला पुलिसकर्मियों के खाली पदों पर भर्ती जैसे उपहार देने की भी तैयारी है। मिशन शक्ति के अब तक के दो चरण में महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने व अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिहाज से उपयोगी सिद्ध हुए हैं। दिसंबर तक एक लाख नए स्वयं सहायता समूहों के गठन का भी लक्ष्य रखा गया है।

उत्तराखंड में भूकम्प से पहले मिल जाएगा एलर्ट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया भूकम्प एलर्ट एप्प का शुभारम्भ। ऐसा एप्प बनाने वाला उत्तराखण्ड बना पहला राज्य।

 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया भूकम्प एलर्ट एप्प का शुभारम्भ, ऐसा एप्प बनाने वाला उत्तराखण्ड बना पहला राज्य

उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, आपदा प्रबंधन विभाग और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रूड़की द्वारा विकसित किया गया भूकम्प एलर्ट एप्प

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में मोबाइल एप्प्लीकेशन ‘‘ उत्तराखण्ड भूकम्प अलर्ट’’ एप्प का शुभारम्भ किया। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, आपदा प्रबंधन विभाग एवं भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रूड़की के सौजन्य से बनाये गये इस एप्प के माध्यम से भूकम्प से पूर्व चेतावनी मिल जायेगी। उत्तराखण्ड यह एप्प बनाने  वाला पहला राज्य है। इससे जन सुरक्षा में मदद मिलेगी। इस एप्प के माध्यम से भूकम्प के दौरान लोगों की लोकेशन भी प्राप्त की जा सकती है। भूकम्प अलर्ट के माध्यम से भूकम्प से क्षतिग्रस्त संरचनाओं में फँसे होने पर सूचना दी जा सकती है। उत्तराखण्ड भूकम्प अलर्ट एप्प को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड भूकम्प की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। इस एप्प के माध्यम से लोगों को भूकम्प पूर्व चेतावनी मिल सके, इसके लिए इस एप्प की लोगों को जानकारी दी जाए। विभिन्न माध्यमों से व्यापक स्तर पर इसका प्रचार प्रसार किया जाय। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा इसकी लघु फिल्म बनाकर जन-जन तक पहुंचाया जाए। स्कूलों में भी बच्चों को लघु फिल्म के माध्यम से इस एप्प के बारे में जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों के पास एंड्राइड फोन नहीं है, उनको भी भूकम्प से पूर्व चेतावनी मैसेज पहुंच जाए, इस एप्प के माध्यम से यह सुविधा भी प्रदान की जाए। भूकम्प पूर्व चेतावनी में सायरन एवं वायस दोनों माध्यमों से अलर्ट की व्यवस्था की जाए। भूकम्प  पूर्व चेतावनी के लिए सायरन टोन अलग से हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूकम्प पूर्व चेतावनी के लिए यह एक अच्छी पहल है। इस अवसर पर आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव आपदा प्रबंधन एस.ए. मुरूगेशन, आई.आई.टी. रूड़की के प्रो. कमल एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

अब सॉफ्टवेयर से होगा जवानों का ट्रांसफर, पसंद की पोस्टिंग

सुरक्षा बलों के जवानों के लिए सरकार की सुविधा। अब सॉफ्टवेयर से होगा ट्रांसफर, मिलेगी पसंद की पोस्टिंग। तबादलों में रहेगी पारदर्शिता।

जवानों के लिए सरकार की सुविधा, अब सॉफ्टवेयर से होगा ट्रांसफर- मिलेगी पसंद की पोस्टिंग

नई दिल्ली। सुरक्षा बलों में जवानों का तबादला बड़ी समस्या है। बड़ी संख्या में तबादलों से जुड़े आवेदन हर साल खारिज किए जा रहे हैं। जवानों की बढ़ रही शिकायत के मद्देनजर गृह मंत्रालय ने सभी सुरक्षा बलों को कहा है कि वे हार्ड व सॉफ्ट पोस्टिंग के बीच रोटेशनल तबादला नीति का सख्ती से अनुपालन करते हुए सभी तबादले सॉफ्टवेयर के जरिए करें। इससे तबादलों में पारदर्शिता रहेगी।

गृह मंत्री के निर्देश का हवाला देते हुए सुरक्षा बलों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि आईटीबीपी, सीआईएसएफ और एसएसबी ने बताया है कि उनका सॉफ्टवेयर तैयार है और उन्होंने उसका उपयोग करना भी शुरू कर दिया है। वहीं सीआरपीएफ, बीएसएफ और असम राइफल्स का सॉफ्टवेयर एडवांस चरण में है। मंत्रालय ने सभी सुरक्षाबलों से कहा है कि गृह मंत्री के निर्देश को काफी समय बीत चुका है इसलिए अब इसमे देरी नहीं होनी चाहिए।

bsf hands over boy to pakistan after he crosses over border inadvertently

आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2016 में करीब 30 फीसदी तबादलों से जुड़े आवेदन खारिज होते थे, लेकिन बाद में यह आंकड़ा 50 से 60 फीसदी तक पहुंच गया है। जवान अपनी पसंद की जगह तबादला न मिलने से परेशान होते हैं। कई बार जटिल तबादला नीति के चलते उचित तबादला आवेदन पर भी फैसले में काफी देर होती है। हालांकि सुरक्षा बल से जुड़े अधिकारी दावा करते हैं कि तबादलों को लेकर सभी सुरक्षा बलों में उचित तंत्र बनाया गया है। एक अधिकारी ने कहा कि बड़ी संख्या में ऐसे कर्मी आवेदन करते हैं जो तबादले के लिए अर्हता नहीं पूरी करते। ज्यादातर ऐसे आवेदन भी खारिज किए जाते हैं जो अपनी तैनाती का कार्यकाल पूरा किए बिना आवेदन करते हैं। 

अधिकारियों का दावा है कि अगर कोई मेडिकल आवश्यकता है या कोई अन्य आकस्मिक स्थिति है तो ऐसे मामलों में प्राथमिकता के आधार पर विचार किया जाता है। जबकि अर्ध सैन्य बल से जुड़े जवानों की कई शिकायतें ऐसी भी हैं, जिन्हें मेडिकल आधार पर भी तबादले के लिए काफी वक्त इंतजार करना पड़ा। उन्हें सक्षम अधिकारियों द्वारा बुलाकर बात भी नही की गई।

आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2016 में करीब 29.58 फीसदी ट्रांसफर से जुड़े आवेदन खारिज हुए थे। जबकि वर्ष 2018 में यह आंकड़ा 60 फीसदी पार कर गया। कोविड काल मे पहले तबादलों पर रोक लगा दी गई। बाद में सशर्त तबादले भी बहुत कठिनाई से हुए इसकी वजह से यह आंकड़ा और भी बढ़ गया।

कोविड प्रभावित बच्चों की मदद करेगी योगी सरकार

योगी सरकार का ‘हेलो मुस्कान’ अभियान। कोविड प्रभावित बच्चों की करेगी मदद, योजनाओं का मिलेगा लाभ

योगी सरकार कोविड प्रभावित बच्चों की करेगी मदद, योजनाओं का मिलेगा लाभ

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। कोविड संक्रमण के दौरान अनाथ या प्रभावित हुए बच्चों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए राज्य सरकार ‘हेलो मुस्कान’ अभियान चलाएगी। इस अभियान में आधा दर्जन विभाग शामिल होंगे। अभियान के तहत ऐसे सभी बच्चों का चिह्नांकन करते हुए उन्हें संबंधित योजनाओं से जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत कई तरह के लाभ प्रभावित बच्चों को दिए जा रहे हैं, लेकिन ये सभी अलग-अलग विभागों से संबंधित हैं। यूनिसेफ के सहयोग से तैयार किए गए इस अभियान के तहत न सिर्फ योजना की मॉनिटरिंग आसान होगी बल्कि इन बच्चों को मानसिक रूप से मदद भी की जाएगी। ऐसे बच्चों को मनोसामाजिक परामर्श भी अभियान के तहत दिलवाया जागा। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत मिलने वाले लाभों के अलावा अन्य विभागों की योजनाओं का लाभ भी इस अभियान के तहत दिया जाएगा।

रिसोर्स ग्रुप का प्रशिक्षण- अभियान के लिए हर विभाग के प्रतिनिधियों को रिसोर्स ग्रुप में रखा जाएगा और स्टेट रिसोर्स ग्रुप का प्रशिक्षण अगस्त से शुरू होगा। ये ब्लॉक, जिला व राज्य स्तर पर बनाया जाएगा। सभी स्तर के रिसोर्स ग्रुप में हर विभाग के दो प्रतिनिधि शामिल रहेंगे। अंतिम चरण में ब्लॉक रिसोर्स ग्रुप के प्रशिक्षित रिसोर्स पर्सन को ग्राम स्तर पर अधिक से अधिक विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना होगा जो गांव में जागरूकता फैलाने का कार्य करेंगे।

ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों को मिलेंगी कई सुविधाएं

उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों में मिलेगी कई सुविधाएं। ग्रामीणों को अब नहीं लगाने पड़ेंगे शहरों के चक्कर

यूपी: ग्राम पंचायतों में मिलेगी यह सुविधाएं, शहरों के चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। प्रदेश की ग्राम पंचायतों में बनने वाले ग्राम सचिवालय गांव की सरकार के दफ्तर के साथ ही जनसेवा केन्द्र के रूप में भी संचालित किये जाएंगे।

अब ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं से जुड़ी सभी जानकारी के लिए शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यहां बीसी सखी के जरिये ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध होगी। ग्राम स्तरीय विभिन्न विभागों के कर्मचारी जरूरत के मुताबिक एक जगह बैठकर कार्य कर सकेंगे। ग्राम पंचायत की नियमित बैठकें भी नियम समय पर होंगी। ग्राम सचिवालय में बीपीएल परिवारों की सूची, विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों का ब्यौरा, विभिन्न योजनाओं में लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन पत्र उपलब्ध होंगे।

विभागीय सूत्रों का कहना है कि इनके अलावा जन्म-मृत्यु पंजीकरण प्रपत्र, परिवार रजिस्टर, ग्राम पंचायत के आय-व्यय से सम्बंधित पुस्तिका, बिल वाउचर, ग्राम पंचायत व ग्राम सभा की कार्यवाही के रजिस्टर, परिसम्पत्ति रजिस्टर, आडिट की प्रतियां, ग्राम पंचायत विकास योजनाओं की कार्य योजना, ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड कार्ययोजना की प्रति आदि उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा एक सूचना पट्ट भी लगाया जाएगा, जिस पर आवश्यक सूचनाएं दर्ज रहेंगी। 

बताया गया है कि ग्राम सचिवालय में लगने वाले कम्प्यूटर में ग्राम पंचायत के जरिये या ग्राम पंचायत में क्रियान्वित की जाने वाली सभी योजनाओं की आवश्यक जानकारी, योजना की पात्रता और लाभार्थियों के बारे में सारी जानकारी अपलोड की जाएगी। ग्राम पंचायतों में अगर कोई व्यक्ति किसी योजना के सम्बंध में जानकारी चाहता है या इण्टरनेट के माध्यम से कोई कार्य सम्पापदित करना चाहता है तो उसमें उसकी कोई मदद की जाएगी। प्रत्येक ग्राम पंचायत भवन व परिसर में साफ सफाई की जिम्मेदारी उस ग्राम पंचायत में तैनात सफाई कर्मी की होगी। अगर किसी ग्राम पंचायत में एक से अधिक सफाई कर्मी हैं तो ग्राम सचिवालय परिसर व कमरों की साफ सफाई के लिए उनकी ड्यूटी रोस्टर के अनुसार लगायी जाएगी।

जानकारी के अनुसार प्रदेश में 58, 189 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें 16, 421 ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी के पद सृजित हैं, इनके सापेक्ष कुल 11,008 कर्मी ही कार्यरत हैं। एक ग्राम पंचायत स्तरीय कर्मी के पास एक से अधिक ग्राम पंचायतें होने की वजह से वह प्रतिदिन नियमित रूप से ग्राम पंचायत में उपस्थित होकर कार्यालय संचालित नहीं कर सकते। इसीलिए ग्राम पंचायत सहायक/डाटा इण्ट्री आपरेटर की नियुक्ति का प्रावधान किया गया है। 33577 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन पहले से बने हुए हैं। इन पंचायत भवनों में जरूरत के अनुसार मरम्मत, साज सज्जा व विस्तार की कार्यवाही अगले तीन माह में पूरी होनी है। 24617 पंचायत भवनों का निर्माण होना है। इनमें से 2088 ग्राम स्वराज अभियान के तहत बनेंगे। 22529 पंचायत भवन वित्त आयोग और मनरेगा के तहत स्वीकृत राशि से बनाए जाएंगे।

निजी क्षेत्र में काम करने वालों को सरकारें दें विशेष पैकेज: गामेंद्र सिंह गजरौलिया

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। युवा समाजसेवी व भारतीय बौद्ध संघ के जिलाध्यक्ष गामेंद्र सिंह गजरौलिया ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि एक तरफ कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका तो दूसरी ओर बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ कर रख दी है।
कोरोना महामारी व महंगाई के चलते आम आदमी बहुत परेशान है क्योंकि कोविड-19 के कारण लॉकडाउन के चलते एक और जहां लोगों काम-धंधा चौपट हो गया तो वहीं उन में काम करने वाले लोगों का रोजगार भी प्रभावित हुआ है।
जिला अध्यक्ष गामेंद्र सिंह गजरौलिया ने कहा कि  पेट्रोल-डीजल के दाम और आसमान छूते खाद पदार्थों के रेट के चलते आम आदमी की कमर टूट रही है। एक तरफ आम आदमी के खर्चे बढ़ रहे हैं तो दूसरी तरफ उसकी बचत में लगातार गिरावट आ रही है।
गामेंद्र सिंह गजरौलिया ने आगे कहा कि जुलाई माह में ही कई बार पेट्रोल के दाम बढ़ चुके हैं। इसके साथ ही पिछले माह घरेलू रसोई गैस के दाम में केंद्र सरकार द्वारा ₹25 की बढ़ोतरी की गई थी।
खाद्य तेलों के दाम पिछले साल की तुलना में दोगुने तक हो चुके हैं। सरसों के तेल की कीमत तो पिछले साल करीब ₹90 थी इस साल बढ़कर ₹190 तक जा पहुंची है, और रिफाइंड तेल के दाम ₹160 के करीब तक पहुंच चुके हैं वही सब्जियों के दाम भी खूब बढ़ रहे हैं।
गामेंद्र सिंह गजरौलिया कहते हैं कि केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 17 से बढ़कर 28 फ़ीसदी कर दिया गया है लेकिन निजी क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों का काम छिन चुका है, उन्हें नया काम मिलना बहुत मुश्किल हो रहा है।
अतः निजी क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए केंद्र व राज्य सरकारों को विशेष पैकेज देकर उनकी मदद करनी चाहिए।

कोरोना: केरल में 2 दिन के कंप्लीट लॉकडाउन का ऐलान

मचा हाहाकार, फिर लौटे पाबंदियों के दिन, केरल में 31 जुलाई व 1 अगस्त को कंप्लीट लॉकडाउन

नई दिल्ली (एकलव्य बाण समाचार)। केरल में कोरोना वायरस के मामलों ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। केरल सरकार ने राज्य में 31 जुलाई और 1 अगस्त को कंप्लीट लॉकडाउन की घोषणा की है।

Complete lockdown in Kerala on July 31, August 1 over Covid-19

केरल में देश के 50 प्रतिशत केस- बताया गया है कि देश में सामने आ रहे कुल कोरोना केस संख्या में केरल का योगदान करीब 50 फीसदी है। केरल में बुधवार को कोविड-19 के 22,056 नए मामले सामने आए, जिससे संक्रमण के मामलों की कुल संख्या बढ़कर 33,27,301 हो गई, जबकि 131 और लोगों की मौत होने के साथ वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 16,457 हो गई।

राज्य सरकार की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि 17,761 लोग संक्रमण से ठीक हुए, जिससे अब तक कुल ठीक होने वालों की संख्या बढ़कर 31,60,804 हो गई है। राज्य में अब उपचाराधीन मरीजों की संख्या 1,49,534 हो गई है। पिछले 24 घंटों में, 1,96,902 नमूनों की जांच की गई और संक्रमण दर 11.2 प्रतिशत दर्ज की गई। राज्य भर में अब तक, 2,67,33,694 नमूनों की जांच की जा चुकी है।

100 स्वास्थ्य कर्मी भी चपेट में- राज्य में सबसे अधिक प्रभावित जिलों में मलप्पुरम में 3931, त्रिशूर में 3005, कोझिकोड में 2400, एर्नाकुलम में 2397, पलक्कड़ में 1649, कोल्लम में 1462, अलाप्पुझा में 1461, कन्नूर में 1179, तिरुवनंतपुरम में 1101 और कोट्टायम में 1067 मामले आए हैं। राज्य के विभिन्न जिलों में फिलहाल 4,46,211 लोग निगरानी में हैं। सरकार की विज्ञप्ति में कहा गया कि नए मामलों में 100 स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं।

अब अपनी मर्जी से भरवा सकेंगे एलपीजी गैस

LPG गैस भरवाने में चलेगी अब ग्राहकों की मर्जी। सरकार ने कई शहरों में शुरू की सुविधा। जल्दी ही पूरे देश में मिलेगा लाभ।

LPG Price Hike: How To Reclaim LPG Subsidy, Know The Process in Hindi -  महंगी एलपीजी के बीच फिर शुरू करना चाहते हैं सब्सिडी, ये है तरीका -  Navbharat Times
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नई दिल्ली (एकलव्य बाण समाचार)। एलपीजी सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले ग्राहक अब अपने मनमुताबिक डिस्ट्रीब्यूटर चुन सकेंगे। अब ग्राहक तय करेंगे कि उन्हें किस डिस्ट्रीब्यूटर से गैस सिलेंडर भरवानी है। वर्तमान में ग्राहकों को किसी एक डिस्ट्रीब्यूटर से गैस सिलेंडर भरवाने के लिए बाध्य होना पड़ता है।

लोकसभा में कुछ सांसदों ने ये सवाल किया था कि क्या LPG ग्राहक ये तय कर सकते हैं कि उन्हें किस डिस्ट्रीब्यूटर से सिलेंडर रिफिल करानी है। इस सवाल पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने नई सुविधा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि LPG ग्राहक को रिफिल अपनी पसंद के डिस्ट्रिब्यूटर से लेने का विकल्प दिया गया है। अब उपभोक्ता अपने हिसाब से रिफिल बुक करने के लिए डिस्ट्रीब्यूटर का चयन कर सकते हैं। 

पेट्रोलियम राज्य मंत्री ने अपने लिखित जवाब में इस सुविधा के बारे में विस्तार से बताया कि रजिस्टर्ड लॉगिन का उपयोग करके मोबाइल ऐप या ओएमसी वेब पोर्टल के जरिये डिस्ट्रीब्यूटर का चयन कर सकते हैं। इसके साथ ही ग्राहक सिलेंडर डिलीवरी करने वाले वितरक की रेटिंग भी देख सकेंगे। यह रेटिंग डिस्ट्रीब्यूटर के पहले के प्रदर्शन पर आधारित होगी। मतलब ये हुआ कि आप खराब रेटिंग वाले वितरक से पहले ही अलर्ट हो सकते हैं।

मंत्री ने बताया कि रेटिंग के साथ मोबाइल ऐप या तेल कंपनियों के पोर्टल पर वितरकों की पूरी सूची भी दी जाएगी। LPG रिफिल की डिलीवरी के लिए ग्राहक को अपने इलाके की लिस्ट में से किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर को केवल टैप कर या क्लिक कर चुन सकते हैं। ये सुविधा देश के कुछ शहरों में शुरू की गई है लेकिन सरकार का इरादा इसे देश भर में लागू करने का है।

गौ संरक्षण केंद्र में अव्यवस्थाएं देख बिफरे डीएम

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। हीमपुर दीपा क्षेत्र में गौ संरक्षण केंद्र छाछरी टीप पहुंच कर जिलाधिकारी डॉ. उमेश मिश्रा ने आकस्मिक निरीक्षण किया। डीएम के साथ प्रशासनिक अधिकारियों का अमला रहा। निरीक्षण के दौरान डीएम को गौ संरक्षण केंद्र पर अव्यवस्था मिली, जिस पर उन्होंने मौजूद पशु चिकित्सा प्रभारी को जमकर फटकार लगाई। कहा कि लापरवाही बरतने पर पशु चिकित्सा अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी।

डीएम उमेश मिश्रा ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ छाछरी टीप में संचालित वृहद गौ संरक्षण केंद्र में घूम- घूम कर बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान गोवंश को गौ संरक्षण केंद्र के मैदान में चिलचिलाती धूप में घूमते हुए बेहाल हालत में देखा । यह देखकर डीएम ने मौजूद पशु चिकित्सा अधिकारी पशु चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर शगुफ्ता बी को जमकर फटकार लगाई। निरीक्षण के दौरान गौ संरक्षण के अंदर की व्यवस्था समिति के अध्यक्ष बलवीर सिंह द्वारा बेवजह हस्तक्षेप करने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि गौवंश की देखरेख में व्यवस्था समिति की कोई आवश्यकता नहीं है। इसकी जिम्मेदारी अधिकारियों के ऊपर है। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण केंद्र पर अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। उन्होंने ऐसे में बड़ी लापरवाही बरतने के चलते डॉक्टर शगुफ्ता बी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने निरीक्षण में के में गौवंश के रखरखाव, पर्याप्त पशु चारा व्यवस्था में शिथिलता बरतने आदि के संबंध में कड़ी नाराजगी व्यक्त की। साथ ही शीघ्र गौ संरक्षण केंद्र की चार दिवारी निर्माण कराने अतिरिक्त कैटल शेड बनवाने,  पशु चारे की उचित व्यवस्था कराने तथा गौवंश के  बैठने की सुविधा के लिए छायादार पौधे रोपित कराने, मौजूद बीमार गौवंश का समुचित उपचार कराने के प्रभावी आदेश दिए। साथ ही उनका कहना था कि गौवंश के संरक्षण में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के समय डीएम के साथ सीडीओ, सीवीओ, एसडीएम सदर, डीओ हल्दौर के अलावा पशु चिकित्सा कर्मियों, अधिकारियों एवं राजस्व कर्मचारियों की मौजूदगी रही। डीएम के तेवर देखकर मौजूद संबंधित अधिकारियों के चेहरे पर हवाइयां उड़ती रहीं।

परिवहन विभाग मना रहा सड़क सुरक्षा सप्ताह

दिनांक 22.07.2021 से शुरू सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जाएगा 28.07.2021 तक। सड़क दुर्घटनाओं के दौरान मौत व घायलों में कमी लाए जाने हेतु मार्ग पर चलते समय बरती जाने सावधानियों से कराया गया अवगत। उप बस, ट्रक, ऑटो, ई-रिक्शा तथा टैक्सी चालकों की यूनियन के पदाधिकारी रहे मौजूद।

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। परिवहन विभाग, बिजनौर द्वारा दिनांक 22.07.2021 से 28.07.2021 तक तिथिवार कार्यक्रम के अनुसार प्रथम सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है।

इसके अन्तर्गत सम्भागीय परिवहन कार्यालय, बिजनौर में सभी उप बस, ट्रक, ऑटो, ई-रिक्शा तथा टैक्सी चालकों की यूनियन के पदाधिकारियों के साथ सड़क सुरक्षा पर जागरूक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में कमल किशोर, यातायात निरीक्षक ने सड़क दुर्घटनाओं मृत व घायलों में कमी लाए जाने हेतु मार्ग पर चलते समय बरती जाने सावधानियों से अवगत कराया। कार्यक्रम में कार्यालय के समस्त कर्मचारियों सहित लगभग 150 व्यक्तियों द्वारा प्रतिभाग किया गया ।

नदियों में प्रदूषण रोकने को धरना प्रदर्शन करेगा “गंगा समग्र”

बिजनौर। मां गंगा की स्वच्छता, निर्मलता, अविरलता के लिये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठन “गंगा समग्र” की ओर से शीशमहाल गंगा बैराज तट पर विचार गोष्ठी के साथ छायादार व औषधीय पौधों का रोपण किया गया।

इसके अतिरिक्त नदियों में फैक्ट्रियों के दूषित पानी को प्रवाहित होने से रोकने के लिए 18 अगस्त 2021 को संबद्ध जिलाधिकारियों को ज्ञापन देने व कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद सायंकाल को गंगा माता की भव्य आरती की गयी।

मेरठ प्रान्त के तीन जनपदीय कार्यक्रम में बिजनौर, मवाना (मेरठ) व लक्ष्मी नगर (मुजफ्फरनगर) जनपदों की जिला कार्यकारिणीयों द्वारा सर्वप्रथम विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर “गंगा समग्र” के राष्ट्रीय संगठन मन्त्री रामाशीष ने 15 आयामों के विस्तार हेतु ग्राम समिति व नगर समितियों का गठन करने, सहायक नदियों, नालों एवं तालाबों के जीर्णोद्धार, गंगा किनारे वृक्षारोपण एवं प्राकृतिक कृषि करने पर विस्तार से अपने विचार रखे। बैठक में जनपद मुजफ़रनगर की काली नदी और जनपद बिजनौर की मालन नदी एवं छोईया नदी में कुछ फैक्ट्रियों द्वारा छोड़े जाने वाले दूषित पानी को बन्द कराने हेतु संबंधित जिलाधिकारियों को ज्ञापन देने और दिनांक 18 अगस्त को कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन करने पर निर्णय लिया गया। इसके बाद वृक्षारोपण कार्यक्रम में छायादार व औषधीय पौधों का पौधरोपण किया गया एवं सायंकाल को गंगा माता की भव्य आरती की गयी।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामाशीष, मेरठ प्रान्त संयोजक महेशपाल, प्रान्त सहसंयोजक पवन कुमार चौहान, प्रान्त कार्यकारिणी सदस्य प्राकृतिक कृषि आयाम प्रमुख समरपाल सिंह, वृक्षारोपण आयाम प्रमुख सुभाष कुमार,गंगा ग्राम आयाम प्रमुख हरेन्द्र कुमार, लक्ष्मीनगर जिला संयोजक रामकुमार, सहसंयोजक रकमपाल, मवाना जिला संयोजक अनंगपाल, बिजनौर जिला संयोजक ओमप्रकाश, सहसंयोजक छदम्मी सिंह एवं बिजनौर जिला कार्यकारिणी सदस्य ब्रह्मापाल, विजयपाल, चमन सिंह, रानू सिंह एवं कुलवीर सिंह ने प्रतिभाग किया।

ऑक्सीजन की कमी से मौत: साबित करने का देश में कोई तरीका ही नहीं!

ऑक्सीजन की कमी से मौत: अगर हुई है तो साबित करने का देश में कोई तरीका ही नहीं है। जब अस्पतालों के बाहर हो रही थीं मौतें, तब केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक ने नहीं रखी जानकारी। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी ने संसद में दी जानकारी को महज ब्यूरोक्रेटिक आंसर बताया। विशेषज्ञों ने कहा, चिकित्सीय तौर पर ऑक्सीजन की कमी को नहीं किया जा सकता साबित।

ऑक्सीजन या फिर स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से एक भी मौत न होने के बाद हर कोई अलग अलग तर्क दे रहा है, जबकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे लेकर हैरान नहीं हैं क्योंकि इन्हें पहले से ऐसे जवाब की उम्मीद थी। केंद्र और राज्य सरकारों के पास सिस्टम ही नहीं है, जिसके आधार पर बताएं कि दूसरी लहर में कितने लोगों की मौत ऑक्सीजन न मिलने अथवा भर्ती नहीं होने से हुईं?

उस वक्त इसे बनाने की जरूरत थी लेकिन तब किसी भी राज्य सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया, न ही केंद्र ने कोई पहल की। सरकारों के पास अस्पतालों का ब्यौरा मौजूद है जिसे ऑडिट करवाया जा सकता है लेकिन बहुत से लोगों की मौत अस्पतालों के बाहर व घरों में भी हुई है? जिसे इन कागजों तक लाना काफी मुश्किल है। गंभीर बात यह है कि बीते तीन माह से न तो केंद्र ने इस बारे में सरकार से पूछा है और न ही राज्य सरकारों को जानकारी जुटाने की कोई जरूरत महसूस हुई।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. चंद्रकांत लहरिया ने एक प्रिंट मीडिया ग्रुप से बातचीत में कहा कि किसी भी बीमारी की मृत्यु दर एक स्वास्थ्य सूचकांक (हेल्थ इंडिकेटर) होती है जिसके आधार पर उक्त जिला या राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं का आकलन किया जा सकता है। यह एक बड़ा कारण है, जिसके आधार पर कहा जा सकता है कि कोई भी राज्य अपने खराब प्रदर्शन को जगजाहिर नहीं करना चाहेगी। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार का जवाब तकनीकी तौर पर ठीक है, क्योंकि स्वास्थ्य राज्य का विषय है और वहां से जानकारी के आधार पर ही केंद्र सरकार रिपोर्ट तैयार करती है।  

वहीं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. राजीव जयदेवन ने कहा, मुझे लगता है कि अभी सरकार की इस टिप्पणी पर और अधिक स्पष्टता की जरूरत है। हम सभी ने उन दिनों का सामना किया है। चिकित्सीय तौर पर ऑक्सीजन की कमी से मौत की पुष्टि करना जटिल है। वहीं अस्पतालों से बाहर की स्थिति जानना और भी मुश्किल है। 

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े- स्वास्थ्य मंत्रालय की बात करें तो इस साल देश भर में कोरोना संक्रमण की वजह से 2,62,670 लोगों की मौत हुई है। जबकि दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन व स्वास्थ्य सेवाओं का भारी संकट 12 अप्रैल से 10 मई के बीच देखने को मिला। इस दौरान अलग अलग राज्यों के अस्पतालों से सामने आईं तस्वीरें और कब्रिस्तान-श्मशान घाट की स्थिति काफी भयावह थी।

मृत्यु प्रमाण पत्र पर नहीं लिख सकते ऑक्सीजन की कमी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. चंद्रकांत लहरिया ने कहा, उन दिनों अस्पतालों के अंदर, बाहर और घरों में मौतें हुईं। अस्पतालों में भर्ती मरीजों का पूरा रिकॉर्ड होता है लेकिन जो लोग बाहर मर गए या फिर जिनकी घरों में मौत हो गई, उनकी जानकारी किसी के पास नहीं है। ऑक्सीजन एक थैरेपी है। इसकी कमी के चलते किसी मरीज में ऑर्गन फेलियर हो सकता है और उसकी मौत हो सकती है। जब इस मरीज के मृत्यु प्रमाण पत्र की बात आएगी तो उस पर ऑर्गन फेलियर ही मौत का कारण होगा, न कि ऑक्सीजन। हालांकि हर अस्पताल के पास ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर पूरा रिकार्ड रहता है। उस मरीज की केस फाइल का ऑडिट करेंगे तो पता चलेगा कि उस दौरान अस्पताल में ऑक्सीजन बंद हुई थी अथवा नहीं? ऐसे मामलों के बारे में सरकार पता कर सकती हैं।

25 मई को भेजे थे निर्देश, अलग से नहीं- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सदन में दी गई जानकारी पर कहा कि राज्यों को अलग से कोई निर्देश नहीं दिए गए थे। कोविड-19 संक्रमण से मरने वालों की रिपोर्टिंग कैसे करनी है, इस बारे में बीते 25 मई को दिशा निर्देश जारी किए थे जिसमें राज्यों से होम आइसोलेशन में मरने वालों को भी कुल संख्या में शामिल करने के लिए कहा गया। इस पर अभी तक हर राज्य से पर्याप्त जानकारी नहीं आई है।

बाहर वाले का केवल रजिस्ट्रेशन होता है- विशेषज्ञों के मुताबिक किसी व्यक्ति की मौत होने के बाद उसकी रिपोर्टिंग दो तरीके से होती है। पहली मृत्यु प्रमाण पत्र के जरिए, जिसे निगम/नगर पालिका जारी करती है। इसके लिए अस्पताल से मौत का कारण सहित तमाम जानकारी वाली एक पर्ची दी जाती है। दूसरा विकल्प किसी की मौत होने के बाद नजदीकी अस्पताल में रजिस्ट्रेशन का होता है। इसके अलावा अन्य कोई काम नहीं होता और यहां मौत के कारण की जानकारी भी नहीं होती। इस रजिस्ट्रेशन का इस्तेमाल इंश्योरेंस क्लेम या जमीन-संपत्ति इत्यादि के लिए इस्तेमाल होता है। यही वजह है कि देश में मरने वालों के रजिस्ट्रेशन सबसे ज्यादा होते हैं और मृत्यु प्रमाण पत्र कम जारी होते हैं। अगर साल 2019 के आंकड़े देखें तो स्वास्थ्य मंत्रालय के ही अनुसार 76,41,076 मौत के रजिस्ट्रेशन हुए हैं लेकिन 15,71,540 ही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए।

अंतिम विकल्प: घर-घर सर्वे, मौखिक ऑटोप्सी जरूरी- विशेषज्ञों ने बताया कि अभी भी सरकार के पास दो अहम विकल्प मौजूद हैं। हाल ही में झारखंड में घर-घर सर्वे किया था जिसके आधार पर यह पता चल सके कि कितने लोगों की महामारी में मौत हुई है या फिर मरने वाले संदिग्ध थे। इसी तरह एक विकल्प मौखिक ऑटोप्सी का है जिसे अभी तक देश में एक बार इस्तेमाल किया जा चुका है। इसके तहत स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाता है और वह पीड़ित या संदिग्ध परिवारों में जाकर जानकारी जुटाते हैं जिसकी जांच मेडिकल ऑफिसर करता है। इन दोनों विकल्प के जरिए सरकारें अपने अपने राज्य में ऑक्सीजन संकट और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से हुई मौतों की जानकारी एकत्रित कर सकते हैं। 

आगामी त्योहार व कावड़ यात्रा को लेकर बुढ़ाना थाना परिसर में हुई शांति समिति की मीटिंग

अमित कश्यप (एकलव्य बाण समाचार)

आगामी त्योहार व कावड़ यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन सक्रिय। बुढ़ाना थाना परिसर में हुई शांति समिति की मीटिंग

मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना कोतवाली परिसर में बुढ़ाना पुलिस क्षेत्राधिकारी विनय गौतम व थाना प्रभारी संजीव कुमार ने आगामी त्योहार व कांवड़ यात्रा को मद्देनजर रखते हुए शांति समिति की मीटिंग का आयोजन किया।

बैठक में बुढ़ाना क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों के साथ वार्ता की गई तथा आगामी त्योहार व कांवड़ व्यवस्था को लेकर गणमान्य लोगों से वार्तालाप कर उनसे सहयोग की अपील की गई। इस दौरान उनकी समस्याओं को भी जाना और समस्याओं का निस्तारण जल्द से जल्द करने की बात कही। अधिकारियों ने कहा कि कहीं भी कोई भी संदिग्ध मामला लगे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें व क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखें। इस दौरान क्षेत्र से काफी गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

घटिया सामग्री से तैयार हो रहा हरिद्वार एनएच-74 फोर लेन

एनएच-74 फोर लेन निर्माण में दरारें

मुकेश कुमार (एकलव्य बाण समाचार)

नजीबाबाद (बिजनौर) हरिद्वार एनएच-74 फोर लेन को तैयार करने में घटिया सामग्री प्रयोग की जा रही है।

नजीबाबाद हरिद्वार एनएच-74 फोर लेन का निर्माण कार्य चल रहा है। आरोप है कि सड़क निर्माण में काफी घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। नजीबाबाद रोड का काफी कार्य हो चुका है, जिसमें आरसीसी रोड में इतना घटिया मैटेरियल लगाया जा रहा है कि आगे आगे रोड बनती जा रही है और पीछे पीछे दरारें आ रही हैं। थाना मंडावली क्षेत्र के ग्राम भागूवाला पुलिस चौकी के समीप 10 से 20 मीटर की दूरी पर इतना घटिया मैटेरियल लगाया गया है कि सड़क को बने हुए करीब 1 से 2 महीने ही हुए हैं और सड़क में दरारें पड़ने लगी हैं। बताया गया है कि सड़क का निर्माण कहीं-कहीं पर किया जा रहा है। इस कारण प्रारंभ अवस्था में ही दरारें आ चुकी हैं।

एनएच-74 फोर लेन निर्माण में दरारें
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CM का निर्देश, सुबह दस बजे से दो घंटा जनसुनवाई करें सभी बड़े अधिकारी

CM का निर्देश, सुबह दस बजे से दो घंटा जनसुनवाई करें सभी बड़े अधिकारी

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव तथा सचिव को ही रोज दस से 12 बजे तक अपने कार्यालय में बैठकर जनता की समस्या सुनने तथा उनके निराकरण का निर्देश दिया है।

उत्तर प्रदेश के हर नागरिक को सस्ता तथा सुलभ न्याय दिलाने के साथ ही उसकी समसस्या के निराकरण के प्रयास में लगे सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी शीर्ष अधिकारियों को प्रतिदिन सुबह अपने कार्यालय में दो घंटा बैठकर जनहित के कार्य करने का निर्देश दिया है।
कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर की चपेट में आने के बाद भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोगों को बड़ी राहत देने के अभियान में लगातार लगे हैं। उन्होंने बीते दिनों अपने सरकारी आवास पर जनता दरबार फिर से शुरू कर दिया है, जिससे कि लम्बे समय से अपनी समस्या के निराकरण में लगे लोगों को राहत मिली है। वह रोज दो घंटा अपने सरकारी आवास पर लोगों की समस्या को जानने के बाद निराकरण में लग जाते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश जारी किया है कि प्रदेश के सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव तथा सचिव व अन्य अफसर अब हफ्ते में कम से कम पांच दिन रोज सुबह 10 से 12 बजे तक कार्यालय में बैठेंगे। इतना ही नहीं फील्ड में तैनात अधिकारी भी कार्यालय में बैठेंगे, जिससे कि वह कार्यालय में बैठकर जनसुनवाई करें।
मुख्यमंत्री ने साफ लफ्जों में कहा है कि सभी अधिकारी जनता की समस्याओं का समाधान करें। इनके काम की मॉनिटरिंग मुख्य सचिव तथा मुख्यमंत्री कार्यालय से की जाएगी। प्रदेश के हर नागरिक का ध्यान रखना ही हमारी प्राथमिकता है।

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पालिका की नाकामी, दुकानदार खुद साफ कर रहे नाली

इसे पालिका की नाकामी ही कहा जाएगा कि दुकानदारों को खुद नालियां साफ करनी पड़ रही हैं। नगर पालिका परिषद नजीबाबद के सफाई कर्मचारियों को जैसे सफाई करने की अपनी ड्यूटी से बैर है। स्टेशन वाली मस्जिद के समीप दुकानदार स्वयं नाली साफ करने को मजबूर हो गए हैं। यहां से गुजरने वाले नमाजियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं ईओ साहब कान में तेल डाले बैठे हुए हैं। जनता की समस्याओं का निदान तो तब होगा, जब वो फोन रिसीव करने की जहमत उठाएंगे। नागरिकों और दुकानदारों ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से करने का मन बना लिया है।

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। नजीबाबाद नगर पालिका परिषद की उपेक्षा के चलते नालियों से दुर्गंध उठ रही है। इस वजह से स्टेशन रोड पर दुकानदारों ने स्वयं ही नालियों की सफाई करते हुए कूड़ा बाहर निकाला। 

नगर पालिका परिषद की ओर से यूं तो कई बार नगर के सभी छोटे-बड़े नालों व नालियों की बरसात से पहले तलछट सफाई कराए जाने का आश्वासन नागरिकों को दिया गया, परंतु इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस वजह से नगर के विभिन्न नालों व नालियों से गर्मी के मौसम में दुर्गंध उठ रही है। दुर्गंध के चलते दुकानदारों को अपनी दुकानों पर बैठकर कारोबार करना दूभर हो रहा है। दुकानदारों ने इस समस्या को लेकर कई मर्तबा नगर पालिका परिषद को अवगत कराते हुए नालियों की तलछट सफाई कराए जाने की मांग की, परंतु नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा।

मस्जिद क्षेत्र में दुर्गंध का साम्राज्य- ऐसा ही हाल रेलवे स्टेशन मार्ग पर भी बना हुआ है। रेलवे स्टेशन वाली मस्जिद की के नीचे की ओर मस्जिद की दुकानें हैं। मस्जिद के समीप से होकर गुजर रही नालियों की सफाई न होने के चलते क्षेत्र में दुर्गंध का वातावरण बना हुआ है। नालियों में कूड़ा अटा रहने के चलते नालियों का पानी निकलकर सड़क पर बहने लगता है। ऐसे में मस्जिद में नमाज अदा करने के लिए जाने वाले नमाजियों के कपड़ों पर भी गंदगी लग जाती है और उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मस्जिद के आसपास के क्षेत्र में दुकानें करने वाले दुकानदारों फिरोज खान, मौहम्मद फहीम, मौहम्मद साद, नवाब खान, मौहम्मद राशिद, मौहम्मद शुएब, मौहमद शाकिर, उस्मान गनी आदि का कहना है कि बरसात शुरु होने के कगार पर है और दूसरी ओर गर्म मौसम के चलते नालियों से उठ रही दुर्गंध के चलते रेलवे स्टेशन रोड के दुकानदारों का अपनी दुकानों पर बैठकर कारोबार करना दूभर हो गया है। इसका मुख्य कारण नगर पालिका परिषद नजीबाबाद के सफाई कर्मियों की ओर से स्टेशन वाली मस्जिद के आसपास की दुकानों के बाहर की नालियों की सफाई न किया जाना है। उनके कई मर्तबा कहने पर भी नगर पलिका परिषद अनदेखी कर रही है। इसको देखते हुए उन्होंने खुद ही नाली को साफ करने की सोची और दुकानदारों ने मिल कर क्षेत्र से होकर गुजरने वाली नाली की कीचड़ बाहर निकाल कर ढेर लगाया। नालियों की कीचड़ निकालने के बाद अब गंदे पानी के नालियों से बाहर न आ पने से जहां नमाजियों के कपड़े खराब नहीं होंगे, वहीं दुकानों पर बदबूदार माहौल में नहीं बैठना पड़ेगा।

फोन रिसीव नहीं करते ईओ साहब- बरसात से पहले नगर क्षेत्र के सभी नालों व नालियों की तलछट सफाई का भरोसा दिलाने वाले नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी विजय पाल सिंह से इस संदर्भ में बातचीत करनी चाही परंतु वह अपने कार्यालय में उपलब्ध नहीं मिले। उधर फोन पर उनका पक्ष जानने के लिए सम्पर्क किया तो उन्होंने फोन उठाना गंवारा नहीं किया। नागरिकों और दुकानदारों ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से करने का मन बना लिया है।

जिला महिला कल्याण अधिकारी ने किया 15 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। ग्राम सादकपुर उर्फ बिलासपुर ब्लाक मोहम्मदपुर देवमल जिला बिजनौर में मंडलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केन्द्र नजीबाबाद के द्वारा आयोजित कौशल सुधार प्रशिक्षण (उद्योग सिलाई/कटिंग) 16-07-2021 से 30-07-2021से 15 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन जिला महिला कल्याण अधिकारी बिजनौर रविता राठी ने उत्तर प्रदेश ग्राम प्रधान संघ के विधिक सलाहकार अतहर सईद एडवोकेट,उत्तर प्रदेश ग्राम प्रधान संघ के अध्यक्ष असलम खान (ग्राम प्रधान सादकपुर पंचायत), उत्तर प्रदेश ग्राम प्रधान संघ की उपाध्यक्ष मीना धीमान व मणडलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केन्द्र नजीबाबाद के रोहित यादव कनिष्ठ सहायक, शम्स ऐ शिराज तकनीकी साहयक व सुमन मुख्य प्रशिक्षक, के आतिथ्य में किया।

जिला महिला कल्याण अधिकारी ने बताया कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण और रोजगार के लिए बहुत ही बढिया पहल है और ये प्रशिक्षण महिलाओं के कौशल में सुधार करेगा।

महिलाओं के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में अवगत कराते हुए उन्होंने कहा कि आप मेरे से सीधे तौर पर मेरे ऑफिस में आकर मुझसे मिल सकती हैं।

इस मौके पर संजय सैनी, शहजाद हुसैन, रिषिपाल सिंह, शिवकुमार भोले, समर सिंह, पवन कुमार मास्टर मुकेश कुमार, नरेन्द्र कुमार, वेद प्रकाश शर्मा, विपिन कुमार, शिवकुमार, रिंकी व अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

एकलव्य बाण समाचार

किसानों के लिये डिजिटल प्लेटफार्म किसान सारथी लॉन्च

किसानों को उनकी भाषा में ‘सही समय पर सही जानकारी’ प्राप्त करने की सुविधा के लिए डिजिटल प्लेटफार्म किसान सारथी लॉन्च किया गया


किसान डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से वैज्ञानिकों से सीधे कृषि और संबद्ध क्षेत्रों पर व्यक्तिगत परामर्श का लाभ उठा सकते हैं: सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव

नई दिल्ली (PIB)। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा संयुक्त रूप से आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के 93वें स्थापना दिवस के अवसर पर किसानों को उनकी वांछित भाषा में सही समय पर सही जानकारी प्राप्त करने के लिए एक डिजिटल प्लेटफार्म ‘किसान सारथी’ लॉन्च किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला, कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी और कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंडलाजे ने की।

इस अवसर पर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव अजय साहनी, सचिव (डीएआरई) एवं महानिदेशक (आईसीएआर) डॉ. त्रिलोचन महापात्र, डिजिटल इंडिया कारपोरेशन के एमडी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिषेक सिंह एवं आईसीएआर एवं डीएआरई के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम को देश भर में किसानों, हितधारकों और आईसीएआर, डीएआरई, सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा केवीके भागीदारों ने देखा।

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री वैष्णव ने दूरदराज के क्षेत्रों में किसानों तक पहुंचने के लिए तकनीकी हस्तक्षेप के साथ किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में किसान सारथी की इस पहल के लिए कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को बधाई दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफार्म से किसान सीधे तौर पर कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के संबंधित वैज्ञानिकों कृषि और संबद्ध क्षेत्रों पर व्यक्तिगत सलाह प्राप्त कर सकते हैं।

श्री वैष्णव ने आईसीएआर के वैज्ञानिकों से कहा कि वे किसान की फसल को उनके खेत के गेट से गोदामों, बाजारों और उन जगहों पर ले जाने के क्षेत्र में नए तकनीकी हस्तक्षेपों पर अनुसंधान करें जहां वह कम से कम नुकसान के साथ बेचना चाहते हैं। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने आश्वासन दिया कि इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय, संचार मंत्रालय, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय किसानों को सशक्त बनाने में आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए हमेशा तैयार रहेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि रेल मंत्रालय फसलों के परिवहन के लिए लगने वाले समय को कम से कम करने की योजना बना रहा है।

श्री वैष्णव ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद को 93वें स्थापना दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के सक्षम नेतृत्व और मार्गदर्शन में किसान सारथी पहल न केवल किसानों की विशिष्ट सूचना आवश्यकताओं को पूरा करने में बल्कि आईसीएआर की कृषि विस्तार, शिक्षा और अनुसंधान गतिविधियों में भी अत्यधिक मूल्यवान होगी।

एकलव्य बाण समाचार

स्वचालित ट्रेन शौचालय सीवरेज निपटान प्रणाली – जैव शौचालयों के लिए एक लागत प्रभावी विकल्प

नई दिल्ली (एकलव्य बाण समाचार)। भारतीय रेलवे की शौचालय प्रणाली को बनाए रखने के लिए शौचालय कचरे के संग्रहण के लिए एक स्वचालित तकनीक का उपयोग किया जा सकता है।स्वचालित तकनीक का रखरखाव आसान है। एक भारतीय वैज्ञानिक द्वारा विकसित जैव शौचालय सात गुना सस्ता विकल्प है।

वर्तमान जैव शौचालय मानव अपशिष्ट को गैस में बदलने के लिए एनारोबिक बैक्टीरिया का उपयोग करते हैं, लेकिन वह बैक्टीरिया यात्रियों द्वारा शौचालयों में फेंकी गई प्लास्टिक और कपड़े की सामग्री को विघटित नहीं कर सकते। इसलिए टैंक के अंदर ऐसी गैर-विघटित सामग्रियों का रखरखाव और उन्हें हटाना कठिन है।

चेब्रोलु इंजीनियरिंग कॉलेज के डॉ. आर. वी. कृष्णैया द्वारा विकसित प्रौद्योगिकी चलती ट्रेनों से शौचालय कचरे के संग्रह और विभिन्न सामग्रियों के अलगाव और उपयोग करने योग्य चीजों में प्रसंस्करण के लिए एक स्वचालित प्रणाली है।

‘मेक इन इंडिया’ पहल के साथ जुड़े विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के उन्नत मैन्युफैक्चरिंग प्रौद्योगिकी कार्यक्रम के समर्थन से विकसित प्रौद्योगिकी को पांच राष्ट्रीय पेटेंट प्रदान किए गए हैं और यह परीक्षण के चरण में है।

स्वचालित प्रणाली में तीन सरल चरण होते हैं-सेप्टिक टैंक (जो ट्रैक के नीचे रखा जाता है, यानी ट्रेन लाइन) टॉप कवर तब खोला जाता है जब ट्रेन क्रमशः इंजन और सेप्टिक टैंक स्थिति में रखे गए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) सेंसर और रीडर का उपयोग करके सेप्टिक टैंक स्थान पर पहुंच जाती है, शौचालय टैंक में सीवरेज सामग्री को सेप्टिक टैंक में छोड़ दिया जाता है जब वे पारस्परिक रूप से तालमेंल में होते हैं और अंत में सेप्टिक टैंक कवर बंद हो जाता है जब ट्रेन इससे दूर हो जाती है।

ट्रेन के शौचालयों से एकत्र सीवरेज सामग्री को अलग किया जाता है ताकि मानव अपशिष्ट को एक टैंक में संग्रहित किया जा सके, और अन्य सामग्री जैसे प्लास्टिक सामग्री, कपड़े की सामग्री दूसरे टैंक में संग्रहीत की जाती है। मानव अपशिष्ट को उपयोग करने योग्य सामग्री में बदलने के लिए अलग से प्रसंस्कृत किया जाता है। प्लास्टिक और कपड़े की सामग्री अलग से प्रसंस्कृत की जाती है।

इस तकनीक को विशेष रूप से लागत में कमी लाने और समय लेने वाले एनारोबिक बैक्टीरिया उत्पादन की आवश्यकता का निराकरण करने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे को लक्षित करते हुए विकसित किया गया है। बायो टॉयलेट के विपरीत, जिसकी लागत एक लाख प्रति यूनिट है, नई तकनीक से लागत घटकर केवल 15 हजार रुपये रह जाती है। डॉ. आर.वी.कृष्णैया ने इस तकनीक को और अधिक बढ़ाने के लिए एमटीई इंडस्ट्रीज के साथ करार किया

विस्तृत विवरण के लिए डा. आर.वी.कृष्णैया  (9951222268, r.v.krishnaiah@gmail.com) से संपर्क किया जा सकता है।

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सांसद ने किया दो प्रमुख सड़कों का शिलान्यास

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत गिरीश चंद सांसद नगीना लोक सभा के कर कमलों द्वारा नूरपुर क्षेत्र के दो प्रमुख मार्गो का शिलान्यास किया गया।

एसएच 76 से छज्जूपुर होते हुए जलीलपुर नूरपुर मार्ग की कुल लंबाई 9.150 किलोमीटर है और अनुबंधित लागत रुपए 570.40 लाख है। इसी प्रकार यूपी 1666 में ताजपुर रवाना शाहपुर खेड़ी मार्ग की कुल लंबाई 8.900 किलोमीटर है। इसकी अनुबंधित लागत रुपए 507. 51 लाख है। उक्त कार्य नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। कार्यदाई संस्था निर्माण खंड लोक निर्माण विभाग धामपुर है। शिलान्यास अवसर पर सुधीर कुमार अग्रवाल अधिशासी अभियंता, एई आरसी वर्मा, जेई गजेंद्र सिंह, जेई वीरेंद्र सिंह, जितेंद्र सागर जिला अध्यक्ष बसपा बिजनौर, जियाउद्दीन अंसारी प्रभारी विधानसभा क्षेत्र नूरपुर, इसरार नबी जिला उपाध्यक्ष, अखिलेश हितेषी मुख्य सेक्टर प्रभारी, दीपक कुमार सेक्टर प्रभारी, काके सिंह रवि सेक्टर प्रभारी, बलवंत सिंह अध्यक्ष नूरपुर, परम सिंह प्रधान आदि लोग साथ रहे।

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