मतगणना के दौरान चाक चौबंद रही सुरक्षा व्यवस्था

15 मार्च तक लागू रहेगी आदर्श चुनाव आचार संहिता। जिले भर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम।

बिजनौर। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेशानुसार जनपद में आदर्श चुनाव आचार संहिता 15 मार्च तक लागू रहेगी। इस दौरान किसी भी विजेता प्रत्याशी को जुलूस निकालने की परमिशन नहीं है। जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गए।

सुबह निर्धारित समय पर शुरू हुई मतगणना कभी धीमी तो कभी तेज गति से होती दिखी। दोपहर होते-होते जनपद की चुनावी तस्वीर लगभग साफ हो गई। जनपद की पांच विधानसभाओं पर भाजपा विधायक काबिज थे।

निगरानी के लिए प्रत्येक गणना हॉल में चार-चार सीसीटीवी कैमरे व दो-दो वीडियो हैंडीकेम का इस्तेमाल किया गया। मतगणना स्थल पर एजेंटों को मोबाइल व धूम्रपान का सामान लेकर नहीं जाने दिया गया।

मतगणना के बाद किसी भी विजेता प्रत्याशी को जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी गई, वहीं हर्ष फायरिंग पर भी रोक लगा दी गई। मतगणना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रही। शांति भंग करने की कोशिश करने वालों से सख्ती से निपटने के लिए जिले में भारी तादाद में फोर्स तैनात किया गया। थाना प्रभारी जिले भर में शांति व्यवस्था कायम रखने में लगे रहे। चुनाव में उनकी ड्यूटी नहीं लगाई गई।

विधानसभा चुनाव पुलिस प्रशासन ने अहम भूमिका निभाई। सुबह से ही मतगणना स्थल पर पुलिस प्रशासन का कड़ा पहरा दिखाई दिया। शक्ति चौक से लेकर सेंट मैरी चौराहा एवं श्री हॉस्पिटल के पास बैरिकेडिंग लगाई गई, ताकि मतगणना स्थल पर अनावश्यक भीड़ न पहुंच सके।

इसके अलावा पार्टी कार्यकर्ताओं को वर्धमान कॉलेज के पास ही रोक दिया गया। मतगणना स्थल पर भी भारी सुरक्षा के इंतजाम किए गए। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह द्वारा की गई पूर्व घोषणा के अनुसार ही मतगणना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद नजर आई। इसके अलावा हारे हुए प्रत्याशी के खेमो में मायूसी नगर आई और उनके पंडाल भी खाली नजर आए।

सड़क हादसे में मिनी मैट्रो चालक व चचेरे भाई की मौत


नूरपुर (बिजनौर)। शनिवार की देर शाम सात बजे अज्ञात वाहन की टक्कर से मिनी मैट्रो चालक की मौत हो गई। उसका चचेरा भाई गंभीर रुप से घायल हो गया। जिला अस्पताल पहुंचते ही उसने भी दम तोड़ दिया। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया।


जानकारी के अनुसार नूरपुर थानार्गत गांव दौलतपुर बिल्लौच निवासी आजाद पुत्र शाहरुख (27 वर्ष) मिनी मैट्रो चलाकर परिवार का भरण पोषण करता था। शनिवार की देर शाम करीब सात बजे वह नौगावां सादात से रामगंगा पोषक नहर के रास्ते से वापस घर आ रहा था। मैट्रो में उसका चचेरा भाई इमरान पुत्र फारूख (22 वर्ष) भी सवार था। बताया जाता है कि रास्ते में शिवालाकलां थानार्गत गांव सेह के पुल तक पहुंचने के दौरान सामने से कोई अज्ञात वाहन मिनी मैट्रो को टक्कर मारकर फरार हो गया। टक्कर लगने से दोनों गंभीर रुप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए सीएचसी भिजवाया। चिकित्सकों ने आजाद को मृत घोषित कर दिया, जबकि इमरान की हालत नाजुक देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रैफर कर दिया। जिला अस्पताल पहुंचते ही उसने भी दम तोड़ दिया। अस्पताल में परिजनों के पहुंचने पर कोहराम मच गया। समाचार भेजे जाने तक पुलिस दोनों शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्यवाही में जुटी थी।

अशोक चोटिया से आनंद गिरि तक की पूरी कहानी!

12 साल की उम्र में छोड़ा था घर। अशोक चोटिया से आनंद गिरि तक की पूरी कहानी

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी थी। पुलिस को मौके पर कथित सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था। सुसाइड नोट में आनंद गिरि पर कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। नरेंद्र गिरि ने कथित सुसाइड नोट में लिखा था कि आनंद गिरि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। पुलिस ने इसके आधार पर आनंद गिरि को पहले हिरासत में लिया और फिर गिरफ्तार कर लिया था।आनंद गिरि को शिक्षा महंत नरेंद्र गिरि ने ही दी थी। कुछ विवाद होने के बाद आनंद गिरि को अखाड़े से बाहर कर दिया गया था।

अशोक चोटिया से लेकर आनंद गिरि बनने तक की कहानी

प्रयागराज बाघंबरी मठ के महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों हुई मौत के मामले में गिरफ्तार आनंद गिरि का नाता राजस्थान के भीलवाड़ा से है।आनंद का असली नाम अशोक चोटिया है। खुद को घुमंतू योगी बताने वाले आनंद गिरि का राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के आसींद तहसील में ब्राह्मणों के गांव सरेरी में पैतृक आवास है। आनंद की शुरुआती पढ़ाई भीलवाड़ा में ही हुई थी। आनंद के परिवार में पिता रामेश्वरलाल किसान, तीन बड़े भाई और एक छोटी बहन है। आनंद की मां नानू देवी का निधन हो चुका है। पिता गांव में ही खेती करते हैं। एक भाई सरेरी गांव में ही सब्जी का ठेला लगाते हैं और दो भाई सूरत में कबाड़ का काम करते हैं। सरेरी गांव आनंद को एक अच्छे संत के रूप में जानता है और शांत और शालीन स्वभाव का बताया जाता है। आनंद के पैतृक आवास के पास ही एक चारभुजा मंदिर है। बचपन से ही आनंद इस मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए जाया करते थे। सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले आनंद 1996 में 12 साल की उम्र में घर बार छोड़छाड़ कर हरिद्वार चले गए थे।
आनंद की एक संत के जरिए पहली बार नरेंद्र गिरि से मुलाकात हुई थी। नरेंद्र गिरि ने अशोक को अपना शिष्य बना लिया था और साल 2000 में अशोक ने संन्यास लेने का फैसला किया था। इसके बाद आनंद ने बाघंबरी मठ को ही अपना ठिकाना बना लिया और नरेंद्र गिरि को अपना गुरु।
परिवार वालों को इसकी जानकारी भी नहीं थी कि वो आखिर कहां गए। बाद में परिजनों को जानकारी मिली कि वो हरिद्वार हैं। उनके पिता वहां पहुंचे, लेकिन तब तक आनंद नरेंद्र गिरि के आश्रम में पहुंच कर उनके शिष्य बन गए थे। 2012 में महंत नरेंद्र गिरि के साथ अपने गांव भी आए थे। नरेंद्र गिरि ने उनको परिवार के सामने दीक्षा दिलाई और वो अशोक चोटिया से आनंद गिरि बन गए। आनंद संत बनने के बाद दो बार गांव गए। पहली बार दीक्षा लेने के लिए और इसके बाद पांच महीने पहले, जब उनकी मां का निधन हो गया था। इस दौरान गांव के लोगों ने आनंद की काफी सेवा की थी। अचानक से महंत नरेंद्र गिरि की मौत के बाद उन पर लगे आरोपों से पूरा सरेरी गांव सकते में है।

आनंद शक के दायरे में इसलिए हैं, क्योंकि नरेंद्र गिरि से उनका विवाद काफी पुराना था। इसकी वजह बाघंबरी गद्दी की 300 साल पुरानी वसीयत है, जिसे नरेंद्र गिरि संभाल रहे थे। कुछ साल पहले आनंद गिरि ने नरेंद्र गिरि पर गद्दी की आठ बीघा जमीन 40 करोड़ में बेचने का आरोप लगाया था। इसके बाद विवाद गहरा गया था। आनंद ने नरेंद्र पर अखाड़े के सचिव की हत्या करवाने का आरोप भी लगाया था। (साभार)

बुधेश्वर विकास महासभा ने किया कोविड योद्धाओं का सम्मान

बुधेश्वर विकास महासभा उत्तर प्रदेश द्वारा किया गया सम्मान समारोह का आयोजनमुख्य अतिथि रहीं सपा संरक्षक पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की बहू श्रीमती अपर्णा। विशिष्ट अतिथि महंत श्री गोविंद आचार्य प्रवासी नैमिष धाम सीतापुर की गौरवशाली उपस्थिति।

लखनऊ। बुद्धेश्वर विकास महासभा द्वारा सम्मान समारोह श्री बुद्धेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में आयोजित किया गया। इस अवसर पर कोरोना काल खंड के दौरान सावन माह में बुद्धेश्वर धाम पधारे श्रद्धालुओं को दर्शन पूजन में कोविड-19 का पालन करते हुए समुचित व्यवस्थाओं को संचालित करने वाले शासन प्रशासन एवं संस्था से जुड़े समाज सेवियों, पदाधिकारियों, सेवादारों एवं मीडिया बंधुओं को सम्मानित कर उत्साहवर्धन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लखनऊ कैन्ट विधानसभा से समाजवादी पार्टी की पूर्व प्रत्याशी एवं सपा संरक्षक पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की बहू समाजसेवी श्रीमती अपर्णा यादव बिष्ट एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में महंत श्री गोविंद आचार्य जी प्रवासी नैमिष धाम सीतापुर की गौरवशाली उपस्थिति रही।

बुद्धेश्वर धाम पौराणिक उल्लेखित धाम- कोरोना कालखंड के दौरान कोविड-19 के मद्देनजर सरकार द्वारा जारी निर्देशानुसार सदियों से निरंतर बाबा बुद्धेश्वर धाम पर आयोजित होने वाला मेला नहीं लग सका था। जैसा कि सर्वविदित है बुद्धेश्वर धाम पौराणिक उल्लेखित धाम है। हिंदू समाज सहित अन्य श्रद्धालुओं की इस धाम में अपार आस्था है। इसका वर्णन रामायण काल में भी मिलता है। एक प्रसंग के अनुसार माता सीता को वन गमन हेतु प्रस्थान करते समय अल्प समय के लिए यहां पर विश्राम करना पड़ा था। इस प्राचीन एवं पौराणिक धाम के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण हेतु बुद्धेश्वर विकास महासभा निरंतर क्रियाशील है। अथक प्रयासों से बाबा बुद्धेश्वर धाम एक नए कलेवर में अपनी प्राचीन भव्यता के साथ यथाशीघ्र पूर्ण विकसित होकर भक्तों में अपार आस्था एवं उत्साह का संचार करेगा। तमाम श्रद्धालु जनों को यहां की भव्यता एवं उपलब्ध सुविधाओं से आत्मिक शांति प्राप्त होगी।

सम्मानित किए गए लोगों में पुलिस प्रशासन से सहायक पुलिस आयुक्त काकोरी आशुतोष कुमार, नगर निगम प्रशासन जोन 6 की बिन्नो रिजवी सहित सफाई कार्यो में लगी हुई टीम, मध्यांचल विद्युत प्रशासन अधिशासी अभियन्ता अजय वर्धन, सरोसा उप केंद्र से संबंधित कर्मचारी अधिकारी गण, अवर अभियंता चंद्रेश कुमार, प्रमुख सेवादारों में क्षेत्रीय पार्षद तारा चन्द्र रावत, रामशंकर राजपूत, राजेश कुमार शुक्ला, शिवप्रसाद पांडे, रामाधार यादव, ज्योति सिंह, वन्दना सिंह, अर्चना साहू, सूर्य कुमार गुड्डू सहित तमाम पदाधिकारी रहे। पत्रकार बंधुओं में ग्रामीण पत्रकार कल्याण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष केशरी राव धारा सिंह यादव, सुखपाल सिंह, अविनाश पांडे, अभिषेक कुमार, विपिन यादव आदि शामिल थे।

पुलिस लाइन में लगा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर

पंडित चंद्रकांत आत्रेय मेमोरियल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर की ओर से हुआ आयोजन। दैनिक सियासत समाचार पत्र का रहा सौजन्य।

बिजनौर। पंडित चंद्रकांत आत्रेय मेमोरियल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर की ओर से रिजर्व पुलिस लाइन में रविवार को स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने फीता काटकर किया। शिविर में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अवधेश वशिष्ठ व डॉ. मित्ताली आत्रेय वशिष्ठ ने पुलिसकर्मियों एवं उनके परिवार के स्वास्थ्य की जांच की और दवाइयां दीं। शिविर में ईसीजी, ब्लड शुगर, कंप्यूटर द्वारा फेफड़ों की जांच व आंखों की जांच आदि की गई। डॉक्टर अवधेश वशिष्ठ व डॉ. मिताली आत्रेय ने मरीजों की जांच कर उन्हें निःशुल्क दवाइयां दीं।

एसपी सिटी ने की सराहना– इस मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने कहा कि पुलिस कर्मियों के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाकर जांच करना एवं निःशुल्क दवाइयां वितरित करना एक सराहनीय कार्य है। पुलिस हर वर्ग के लिए प्रत्येक समय समर्पित रहती है, इसलिए पुलिसकर्मी भी अन्य सभी से सहयोग की अपेक्षा करते हैं।

पुलिस के प्रति हमारी भी जिम्मेदारी- डॉ. अवधेश वशिष्ठ ने कहा कि पुलिसकर्मी प्रत्येक परिस्थिति में हम लोगों की रक्षा करती है। चाहे सर्दी हो, गर्मी हो या बरसात, बिना मौसम की चिंता किए पुलिस हमारे लिए खड़ी रहती है। गली मोहल्लों के छोटे-छोटे झगड़ों से लेकर बड़े से बड़े बलवे हो, प्रत्येक मोर्चे पर पुलिस सबसे आगे खड़ी रहती है। कोरोना काल में भी पुलिस ने लोगों के प्रति अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाई और चिकित्सकों के कंधे से कंधा मिलाकर कार्य किया। पुलिस दिन-रात, 24 घंटे ड्यूटी करती है, इस कारण पुलिस के स्वास्थ्य का ध्यान रखना हमारी जिम्मेदारी है। इसी के चलते पंडित चंद्रकांत आत्रेय मेमोरियल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर की ओर से शिविर लगाकर पुलिस व उनके परिवार की नि:शुल्क जांचें की गईं और दवाइयां भी नि:शुल्क दी गईं।

भविष्य में भी लगेगा शिविर- डॉ. मिताली आत्रेय वशिष्ठ ने कहा कि पुलिस समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाती है, इसलिए हम भी पुलिस के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी उनके अस्पताल के माध्यम से शिविर लगाकर पुलिसकर्मियों तथा उनके परिवारों को स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी।

आरआई पुलिस लाइन शिव बालक वर्मा ने कहा कि चिकित्सकों द्वारा किए गए इस कार्य की जितनी प्रशंसा की जाए कम है। वे तथा उनका पूरा स्टाफ चिकित्सकों द्वारा किए जाने वाले इस तरह के आयोजनों में पूरा सहयोग करते आए हैं और भविष्य में भी अपनी ओर से सहयोग करने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे। शिविर में अस्पताल प्रबंधक दीपक वशिष्ठ व अभिषेक गौड़ के साथ महक, कामिनी, दुष्यंत कुमार, साजिद खान, समीर, नाहिद, नीतीश, मोहित शर्मा, कपिल कुमार व सचिन आदि के अलावा दैनिक सियासत समाचार पत्र के जिला प्रभारी अवनीश गौड़ मोंटी समेत स्टाफ मौजूद रहा।

पाकिस्तान में सिद्धि विनायक मंदिर में तोड़फोड़ पर मोदी सरकार सख्त

दिल्ली में पाक के शीर्ष राजनयिक को किया तलब

पाकिस्तान में सिद्धिविनायक मंदिर में तोड़फोड़ के मामले में मोदी सरकार सख्त, दिल्ली में पाक के शीर्ष राजनयिक को किया तलब

नई दिल्ली। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बुधवार की देर रात भीड़ ने एक हिंदू मंदिर पर हमला कर दिया। कट्टरपंथियों की भीड़ ने मंदिर में लगी देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को भी काफी नुकसान पहुंचाया। इस पर भारत ने गुरुवार को दिल्ली में पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक को तलब किया और पाकिस्तान में हिंदू मंदिर की तोड़फोड़ पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। विदित हो क‍ि पिछले एक साल में पाकिस्तान में कई जगह हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ की गई है। इन सभी मामलों को लेकर वहां का प्रशासन लापरवाह रहा।

पाकिस्तान में मंदिर में तोड़फोड़ के मामले में भारत सरकार सख्त, विदेश  मंत्रालय ने पाक उच्चायोग के अधिकारी को तलब किया - Hindi News, हिंदी न्यूज़  ...


चार अगस्त की देर रात पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सादिकाबाद जिले के भोंग शरीफ गांव में सिद्धिविनायक मंदिर पर हमला कर दिया। भीड़ ने मंदिर में लगी देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को तहस-नहस कर डाला। इस घटना का विरोध भारत में हुआ। सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों ने पाकिस्तान की इमरान खान सरकार पर निशाना साधा। इसी कड़ी में अब भारत सरकार ने ना सिर्फ दिल्ली में पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक को तलब किया बल्कि मंदिर की तोड़फोड़ पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

पाकिस्तान में सिद्धिविनायक मंदिर में तोड़फोड़, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों की धार्मिक स्वतंत्रता पर निरंतर हमलों को लेकर अपनी गंभीर चिंताओं से भी पाकिस्तानी राजनयिक को अवगत कराया है। बागची ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि यहां पाकिस्तानी उच्चायोग के प्रभारी को गुरूवार दोपहर तलब किया गया और पाकिस्तान में हुई इस निंदनीय घटना को लेकर, अल्पसंख्यक समुदायों की धार्मिक स्वतंत्रता एवं उनके धार्मिक स्थलों पर लगातार हो रहे हमलों पर अपनी गंभीर चिंता प्रकट करते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। 

VIDEO: पाकिस्तान के मंदिर में तोड़फोड़, भारत सख्त; PAK उच्चायोग के डिप्टी  को समन - Hindi News, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest  News in Hindi, Breaking ...

पाकिस्तान के मंदिर में यह हमला उस समय हुआ जब पंजाब प्रांत में मुस्लिमों की भीड़ ने मंदिर पर धावा बोल दिया। हालात इतने बेकाबू थे कि पुलिस भी मूकदर्शक बनी रही और आखिरकार स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पाकिस्तानी रेंजर्स को बुलाना पड़ा। पुलिस ने बताया कि मुस्लिमों की भीड़ ने बुधवार को मंदिर पर हमला किया। यह मामला रहीम यार खान जिले के भोंग शहर का है, जो लाहौर से करीब 590 किलोमीटर दूरी पर है। पुलिस के मुताबिक, भीड़ ने कथित तौर पर एक मदरसे के अपमान का बदला लेने के लिए मंदिर में तोड़फोड़ की। स्थानीय पुलिस द्वारा की गई लापरवाही शर्मनाक है। 

कमिश्नर के कुत्ते को घर घर ढूंढ रही पुलिस

कमिश्नर साहब का कुत्ता हुआ गुम। खोजने में जुटा पूरा पुलिस प्रशासन। लाउडस्पीकर पर ऐलान कर घर-घर की जा रही तलाशी।

अजब: कमिश्नर साहब का कुत्ता हुआ गुम, खोजने में जुटा पूरा पुलिस प्रशासन- लाउडस्पीकर पर ऐलान कर घर-घर की जा रही तलाशी

गुजरांवाला (एजेंसी)। कई वर्ष पहले भारत के उत्तर प्रदेश से खबर आई थी कि सपा नेता आजम खान की भैंस चोरी होने पर एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने लंबे समय तक जांच जारी रखने के बाद चोर को गिरफ्तार भी किया। अब ऐसी ही खबर पाकिस्तान के गुजरांवाला से आई है। यहां के कमिश्नर जुल्फिकार अहमद गुमान के पालतू कुत्ते को ढूंढने के लिए पूरा पुलिस प्रशासन जुट गया है। इतना ही नहीं घर-घर तलाशी के अलावा जगह-जगह लाउडस्पीकर से लापता कुत्ते को लेकर घोषणाएं तक हो रही हैं।

कुत्ते की खोज में लाउडस्पीकर से एलान

पाकिस्तान के मीडिया की खबर के मुताबिक कमिश्नर का कुत्ता मंगलवार को लापता हुआ था। इसके बाद उन्होंने पूरे प्रशासन को उसे खोजने में लगा दिया। कमिशनर ने जगह-जगह रिक्शे पर लाउडस्पीकर के जरिए लापता कुत्ते की खोज के लिए घोषणाएं करवाई और अपने नीचे काम करने वालों को यह आदेश दिया है कि किसी भी कीमत पर कुत्ते को खोज निकालें।

नवविवाहिता ने नवजात शिशु को झाड़ियों में फेंका, पुलिस ने कराया अस्पताल में भर्ती

कोटद्वार में एक नवविवाहिता ने समाज की बदनामी के डर से नवजात शिशु को झाड़ियों में फेंका। पुलिस ने नवजात शिशु को कराया अस्पताल में भर्ती।

कोटद्वार से नितिन अग्रवाल की रिपोर्ट

कोटद्वार (एकलव्य बाण समाचार)। उत्तराखंड के कोटद्वार में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक नवविवाहिता ने नवजात शिशु को जन्म देने के बाद झाड़ियों में फेंक दिया। सूचना पर मौके पर देवदूत बनकर पहुंची कोटद्वार पुलिस ने बच्चे को उपचार के लिए बेस चिकित्सालय में भर्ती करा दिया है। बच्चे की हालत अब सामान्य बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि भाबर क्षेत्र निवासी एक नवविवाहिता ने नवजात शिशु को जन्म देने के बाद झाड़ियों में फेक दिया। घटना की सूचना मिलते ही कोटद्वार कोतवाली से महिला उप निरीक्षक भावना भट्ट और उप निरीक्षक अनित कुमार मौके पर पहुंचे। झाड़ियों में ढूंढने के बाद नवजात शिशु पुलिस को मिल गया। इस दौरान शिशु की सांसे चल रही थीं। पुलिस ने सूझबूझ का परिचय देते हुए उसे चादर में लपेट कर बेस चिकित्सालय कोटद्वार में भर्ती करा दिया। महिला ने पुलिस को अपने बयानों में बताया कि आज सुबह 4 बजे उसने एक नवजात शिशु को जन्म दिया था। इसके बाद महिला ने नवजात शिशु के बारे में अपने ससुर को ना बता कर के पीछे झाड़ियों में फेंक दिया था।

शासन की गाइड लाइन के अनुसार मनाएं त्योहार: SO राजकुमार शर्मा

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। बकरीद व शिवरात्रि के त्योहार को देखते हुए थाना परिसर किरतपुर में शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान कोरोना गाइड लाइन को ध्यान में रखते हुए त्योहार मनाने की अपील की गई।
शांति समिति की बैठक की अध्यक्षता राजकुमार शर्मा ने व संचालन गौरव पराशर ने किया। एसडीएम परमानन्द झा ने समस्त क्षेत्र वासियों को ईद का त्योहार शासन की गाइड लाइन के अनुसार मनाने का आह्वान किया।

शहर ईमाम मौलाना मुफ्ती कलीम ने कहा कि ईद उल अजहा के पर्व पर किसी को भी कोई परेशानी न हो, इसका पूरा ख्याल रखा जायेगा। उन्होंने सभी मुस्लिम भाइयों से अपील की, कि पशुओं के अवशेष को ढ़क कर रखें। पशुओं की कुर्बानी खुले में न करें, साथ ही प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी न करें। नगर पालिका से आए बड़े बाबू हसन मुस्तफा ने कहा कि बकरीद के दिन नगर पालिका की ओर से पानी की किसी प्रकार की दिक्कत न होने देने का ख्याल रखा जायेगा।

थानाध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने सरकार द्वारा जारी गाईड लाईन का पालन करते हुए भाईचारे से बकरीद मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस बार भी गत वर्ष की भांति शिवरात्रि पर कावड़ नहीं निकाली जाएगी। धर्मस्थल पर पांच से अधिक की भीड़ न हो
बैठक को भाजपा नगर अध्यक्ष योगेंद्र राजपूत, मंडल अध्यक्ष मनोज बालियान, सोनू वर्मा, प्रदीप चौहान, मुकेश गोयल, अशोक गुप्ता, गौरव पाराशर, मास्टर नामी, कारी मेहरबान, सचिन अग्रवाल, ख्वाजा उबैदुल्लाह, दिलशाद अल्वी, ऋतुुज शर्मा, सुलेमान अंसारी, रोहिल खान, याकूब मलिक, मनोज बालियान आदि ने सम्बोधित किया।

आगामी त्योहार व कावड़ यात्रा को लेकर बुढ़ाना थाना परिसर में हुई शांति समिति की मीटिंग

अमित कश्यप (एकलव्य बाण समाचार)

आगामी त्योहार व कावड़ यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन सक्रिय। बुढ़ाना थाना परिसर में हुई शांति समिति की मीटिंग

मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना कोतवाली परिसर में बुढ़ाना पुलिस क्षेत्राधिकारी विनय गौतम व थाना प्रभारी संजीव कुमार ने आगामी त्योहार व कांवड़ यात्रा को मद्देनजर रखते हुए शांति समिति की मीटिंग का आयोजन किया।

बैठक में बुढ़ाना क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों के साथ वार्ता की गई तथा आगामी त्योहार व कांवड़ व्यवस्था को लेकर गणमान्य लोगों से वार्तालाप कर उनसे सहयोग की अपील की गई। इस दौरान उनकी समस्याओं को भी जाना और समस्याओं का निस्तारण जल्द से जल्द करने की बात कही। अधिकारियों ने कहा कि कहीं भी कोई भी संदिग्ध मामला लगे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें व क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखें। इस दौरान क्षेत्र से काफी गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

मलिहाबाद पुलिस का व्यापारियों ने किया सम्मान

लखनऊ। मलिहाबाद पुलिस की कार्यशैली से संतुष्ट होकर व्यापारियों ने रहीमाबाद चौकी पर जाकर चौकी के समस्त स्टाफ को फूल मालाओं से सम्मानित किया।

बताते चलें कि कोरोना काउंट में पुलिस का मानवीय चेहरा जो सामने आया, उससे आम जनमानस व व्यापारी गण काफी संतुष्ट दिखे। इसे लेकर स्थानीय तथा मलिहाबाद का व्यापार मंडल के अध्यक्ष व सदस्य रहीमाबाद चौकी पर आकर पुलिस कर्मियों को फ्रंटलाइन का कोरोना वेरियर मानकर उनका फूल मालाओं से स्वागत किया, जिसमें मलिहाबाद व्यापार मंडल के तहसील अध्यक्ष जीशान अली खान ने अपने संबोधन में कहा कोरोना काल में लगे लॉकडाउन के दौरान पुलिसकर्मियों ने अपनी जान को जोखिम में डालकर अपने दायित्व का बखूबी निर्वहन किया।

इस दौरान चौकी प्रभारी रविंद्र कुमार सिंह ने कहा कि सरकार ने जल्लाद डाउन की घोषणा की उसका तब उसका जनता से पालन करवाना चुनौतीपूर्ण था लोगों को समझाना बुझाना बहुत मुश्किल भरा रहा।

साथ ही उन्होंने कहा आमजन के सहयोग के बिना कभी भी कानून व्यवस्था शुद्रन नहीं बन सकती। इस दौरान मलिहाबाद नगर अध्यक्ष आशीष गुप्ता व रहीमाबाद के व्यापार मंडल अध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता, सरनाम सिंह यादव, मोहम्मद शोएब सहित दर्जनों व्यापारी मौजूद थे।

पुलिस उत्पीडऩ से क्षुब्ध पत्रकार ने मांगी इच्छा मृत्यु

पुलिस उत्पीडऩ से क्षुब्ध पत्रकार ने मांगी इच्छा मृत्यु। पत्रकारिता धर्म निभाना पड़ा भारी राष्ट्रपति को पत्र भेज लगाई गुहार। 

बिजनौर। स्योहारा के एक पत्रकार को अपना कर्तव्य निभाते हुए पुलिस की करतूतों को जनता के सामने उजागर करना इतना महंगा पड़ा कि थानाध्यक्ष ने एक प्रकरण में उसको नामजद करते हुए मुकदमा कायम कर दिया। पुलिस उत्पीडऩ और अपने ऊपर पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे से तंग हो कर पीड़ित पत्रकार दानिश खान ने राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांग की है। राष्ट्रपति को भेेजे गये पत्र में पत्रकार दानिश खान ने कहा है कि दिनांक 04/06/2021 को दोपहर के समय स्योहारा थानाक्षेत्र के ग्राम फैजुल्लापुर में दो पक्षों में एक झगड़े के दौरान लाठी-डंडे चल रहे थे। उसने पत्रकार होने के नाते कवरेज की थी। लड़ाई का यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था। पत्रकार ने आरोप लगाया है कि स्योहारा थानाध्यक्ष ने दुर्भावना से ग्रसित होकर पत्रकार को झगड़े में सम्मिलित दिखाते हुए आईपीसी की 323/324/504 धाराओं में झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया, जबकि उसका इस झगड़े से किसी भी तरीके का कोई संबंध नहीं था। दानिश खान का कहना है कि वायरल हुई झगड़े की वीडियो में भी वह अलग खड़ा हुआ साफ देखा जा सकता है और उसने थानाध्यक्ष को भी उपलब्ध कराकर अपनी बेगुनाही का प्रमाण दिया था परन्तु थानाध्यक्ष ने दुर्भावना से ग्रसित होकर बेकसूर होने के बावजूद उसके ऊपर झूठा मुकदमा दर्ज किया है। पीड़ित पत्रकार देहरादून से प्रकाशित एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र का संवाददाता है। दानिश खान का कहना है कि पुलिस के इस अनैतिक कृत्य से उसका न सिर्फ मानसिक उत्पीडऩ हुआ है बल्कि प्रार्थी के मान सम्मान को भी ठेस पहुंची है। पत्रकार ने राष्ट्रपति से मांग की है कि उसके विरुद्ध दर्ज किए गए फर्जी मुकदमे को न सिर्फ समाप्त कराया जाए बल्कि दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाए। ऐसा न होने की दशा में उसको इच्छा मृत्यु प्रदान की जाए।

लॉक डाउन का उल्लंघन करने वालों से सख्ती से निपट रही मलिहाबाद पुलिस

लॉक डाउन का उल्लंघन करने वालों से सख्ती से निपट रही मलिहाबाद पुलिस

लखनऊ। सरकार द्वारा जारी लॉकडाउन की गाइडलाइंस का पालन करने के लिए मलिहाबाद पुलिस लगातार सख्ती के साथ पेश आ रही है । मलिहाबाद थाना प्रभारी चिरंजीवी मोहन के नेतृत्व में कस्बा इंचार्ज कुलदीप सिंह द्वारा कस्बे में चेकिंग अभियान चलाकर लॉकडाउन का पालन करने की अपील की जा रही है। अभियान के दौरान लॉकडाउन का पालन ना करने वाले दुकानदारों को भविष्य के लिए चेतावनी देने के साथ ही जुर्माना वसूला गया।

शीतल ज्वैलर्स सीज: मलिहाबाद थाना प्रभारी चिरंजीवी मोहन ने बताया कि लॉक डाउन का उल्लंघन करने के आरोप में 40 लोगों का चालान करके 4000 का जुर्माना वसूला गया।
इसके साथ ही शीतल ज्वैलर्स की दुकान सीज करके 188 का मुकदमा भी पंजीकृत किया गया।

रोडवेज बस-डीसीएम भिड़ंत में कई घायल

रोडवेज बस-डीसीएम भिडंत में कई घायल। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलो को पहुंचाया। अस्पताल -नजीबाबाद डिपो की बस से सामने से भिड़ी अनियंत्रित डीसीएम।

बिजनौर। मंडावली थाना अंतर्गत ग्राम भागूवाला क्षेत्र में कोटावाली नदी के निकट नजीबाबाद की ओर से जा रही रोडवेज बस की हरिद्वार की ओर से आ रही अनियंत्रित हुई डीसीएम से आमने-सामने की टक्कर हो गयी। दुर्घटना में बस व डीसीएम चालक सहित करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंची मंडावली पुलिस ने घायलों को चंदक और जिला अस्पताल बिजनौर भिजवाया।

शनिवार को भागूवाला क्षेत्र में पडऩे वाली कोटावाली नदी के पास नजीबाबाद की ओर से जा रही उत्तर प्रदेश राज्य सडक़ परिवहन निगम के नजीबाबाद डिपो की बस और हरिद्वार दिशा से आ रही डीसीएम की आमने-सामने की भिडंत हो गयी। बस चालक सतेंद्र कुमार सहित बस में यात्रा कर रहे अन्य पांच लोग भी घायल हो गए। इस दुर्घटना में डीसीएम चालक को भी चोटें आयी हैं। दुर्घटना होने की सूचना  पर भागूवाला चौकी प्रभारी रामचन्द्र, कांस्टेबिल मनोज तोमर आदि पुलिसकर्मी घटना स्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने घायलों को बस से निकालकर उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चन्दक और जिला अस्पताल बिजनौर भेज दिया। घायलों के नाम रफीक निवासी ग्राम भोजपुर थाना किरतपुर, आजाद निवासी बिजनौर, परमेश्वरी, कमला, महेश निवासी ग्राम नगला बज्जू थाना धामपुर बताए गए हैं। बस की परिचालिका मोनिका ने बताया कि डीसीएम के अचानक अनियंत्रित हो जाने से दुर्घटना हुई है। हालांकि बस चालक ने डीसीएम को अनियंत्रित होता देख बस को सडक़ किनारे खड़ा कर लिया था। संभवत: डीसीएम के चालक ने नशा किया हुआ था, जिस कारण यह हादसा हुआ। इस दुर्घटना में डीसीएम चालक लाली एवं क्लीनर सिंदर सिंह निवासी समाना मंडी पटियाला पंजाब को भी चोट आई हैं।

…तो भैंस के मांस के साथ पकड़े दो आरोपी!

गौकशी करते तीन पकड़े जाने की रही क्षेत्र में चर्चा।

पुलिस ने भैंस के मीट के साथ दो का किया चालान।

बिजनौर। नजीबाबाद पुलिस ने दो युवकों को 20 किलो भैंस के मीट के साथ गिरफ्तार कर चालान किए जाने का प्रेस नोट जारी किया है। साथ ही तीसरा आरोपी को/ फरार हो जाना बताया है। वहीं क्षेत्र में गौकशी करते तीन लोगों को गिरफ्तार किए जाने की चर्चा जोरों पर बनी रही। कोतवाली थाना नजीबाबाद पुलिस ने शनिवार को जारी किए गए प्रेस नोट में बताया है कि शुक्रवार की शाम दरोगा विजय यादव अपनी टीम के साथ लाकडाउन चैकिंग कर रहे थे। तभी पुलिस टीम को ग्राम हर्षवाड़ा स्थित एक मदरसे के पास तीन युवक हाथ में कट्टे ले जाते दिखाई दिए, जिन्हें पुलिस ने पकड़ लिया और घूमने का कारण पूछा। पूछताछ व तलाशी लेने पर दो युवकों के पास से 30 किलो भैंस का मीट, औजार, चाकू आदि बरामद हुए। पूछताछ में युवकों ने अपने नाम आकिब पुत्र यूसूफ काला और रिजवान पुत्र सरफराज बताए। उन्होंने बताया कि गुरुवार की रात्रि में उन्होंने एक भैंस काटी थी, जिसमें से कुछ मीट बेच दिया गया था। शेष मीट को खेत में छुपा कर रखा गया था। उसे लेकर वे लोग बेचने के लिए जा रहे थे। उधर शुक्रवार को दिन भर क्षेत्र में चर्चा बनी रही कि पुलिस ने तीन लोगों को हर्षवाड़ा क्षेत्र से गौकशी करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इनमें एक क्षेत्र के नामचीन और रसूखदार व्यक्ति का पुत्र है। अब क्या कहें चर्चा तो आखिर चर्चा ही है। बहरहाल पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज कर दो लोगों को भैंस के मांस के साथ गिरफ्तार किए जाने और उनके एक साथी के फरार हो जाने का प्रेस नोट जारी कर देने से साफ हो गया कि क्षेत्र में गौकशी नहीं की गयी और पुलिस ने भी रंगेहाथ गौकशी करते तीन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आकिब व रिजवान का चालान दिया है। वहीं तीसरा आरोपी आजाद पुत्र जाहिद पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका है। पुलिस के मुताबिक भैस के अवशेष भी नष्ट किए गए हैं। इसके बाद क्षेत्र के लोगों में भी अब बस यही चर्चा है कि तो यह गौकशी का मामला नहीं था, भैस के मांस के साथ दो आरोपियों को ही गिरफ्तार किया गया था। साथ ही यह भी चर्चा रही कि एक तेज तर्रार उपनिरीक्षक और चार कांस्टेबिल होने के बावजूद दो दिनों में भी फरार आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका। पुलिस की उक्त कार्रवाई में उपनिरीक्षक विजय यादव के साथ कांस्टेबिल रविन्द्र कुमार, कांस्टेबिल  मान सिंह. कांस्टेबिल ईशू पवार व कांस्टेबिल योगेश कुमार के साथ होने की बात पुलिस की ओर से जारी किए गए प्रेस नोट में भी है। 

यूपी पंचायत चुनाव: मतगणना पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इंकार

यूपी सरकार ने कहा कि रेपिड एंडीज़ टेस्टिंग सेंटर काउंटर पर उपलब्ध होंगे। काउंटिंग सेंटर पर 150 से अधिक अधिकारी नहीं होंगे।

यूपी पंचायत चुनाव के लिए मतगणना को सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी, कहा- काउंटिंग सेंटर्स के बाहर हो सख्त कफ्यू

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव की मतगणना रविवार को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ मतगणना कराने का आदेश दिया है। इसके लिए राज्य चुनाव आयोग की तरफ से बनाए गए कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करना होगा। साथ ही मतगणना पूरी होने तक इलाके में कर्फ्यू रहेगा।

उधर यूपी सरकार ने कहा कि रेपिड एंडीज़ टेस्टिंग सेंटर काउंटर पर उपलब्ध होंगे। काउंटिंग सेंटर पर 150 से अधिक अधिकारी नहीं होंगे तथा 15-20 से अधिक उम्मीदवार नहीं होंगे। हम अपनी जिम्मेदारियों को समझ रहे हैं, उससे भाग नहीं रहे हैं। काउंटिंग सेंटर पर सभी को ग्लब, मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार के वकील ने कहा कि प्रत्येक जिले में वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। वह कोविड प्रोटोकॉल के पालन की देखरेख करेंगे और यह प्रमुख सचिव स्तर के आईएएस अधिकारी होंगे।

हाथरस के ग्राम प्रधान ने लगाई थी याचिका

हाथरस के प्रधान की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस हरीशकेश राव की बेंच ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई की। हाथरस के ग्राम प्रधान कन्हैया लाल की तरफ से दायर याचिका यूपी पंचायत चुनाव मतगणना पर रोक लगाने की मांग की गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने साफ इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश में दखल की जरूरत नहीं समझते, जो प्रोटोकॉल हमारे सामने रखा गया, उसका पूरी तरह पालन हो। मतगणना केंद्र के बाहर सख्त कर्फ्यू हो।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी करने से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने पूछा क्यों ना गणना दो हफ्ते आगे बढ़ाने पर विचार करें। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को गंभीरता से लेते राज्य निर्वाचन आयोग से भी जवाब मांगा था। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएम खेनवलकर व जस्टिस हरीशकेश राव की बेंच ने उत्तर प्रदेश सरकार से कहा कि क्यों ना यूपी में पंचायत चुनाव की मतगणना को दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया जाए,तब तक हमारा मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर भी सुधरेगा और उम्मीद की जा सकती है कि तभी स्थिति सबसे ज्यादा बेहतर कंट्रोल में होगी। जबाव में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से एएसजी ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि बहुत सोच समझकर मतगणना कराने का फैसला लिया गया है। कोविड गाइडलाइंस के अमल के साथ मतगणना को संपन्न कराया जाएगा। मतगणना रविवार को होनी है उस दिन उत्तर प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू है। इस दौरान हालात नहीं बिगड़ेंगे।

बाहुबली शहाबुद्दीन की कोरोना से मौत की खबर तिहाड़ जेल प्रशासन ने नकारी!

नई दिल्ली। बिहार के सिवान से सांसद रहे मोहम्मद शहाबुद्दीन की कोरोना वायरस के चलते मौत की खबर को तिहाड़ जेल प्रशासन ने अफवाह करार दिया है। सोशल मीडिया पर चल रही खबरों पर जेल प्रशासन ने कहा कि पूर्व सांसद की हालत गंभीर है, उनका इलाज दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में चल रहा है। शनिवार सुबह से ही बिहार के बाहुबली नेता की कोरोना के कारण मौत की खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही थीं। वहीं समाचार एजेंसी ANI ने अपने पूर्व के ट्वीट को डिलीट करते हुए कहा कि सूचनाएं पारिवारिक व पार्टी सूत्रों पर आधारित थीं। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में अभी भी मौत का दावा किया जा रहा है।

Bahubali Shahabuddin appeals for release on parole on father's death –  Granthshala News

दिल्ली की तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे शहाबुद्दीन का दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने कोरोना से संक्रमित होने के बाद मोहम्मद शहाबुद्दीन को चिकित्सीय निगरानी और समुचित इलाज मुहैया कराने के लिए दिल्ली सरकार और तिहाड़ जेल प्रशासन को निर्देश दिया था। पिछले मंगलवार की रात उन्हें कोरोना पॉजिटिव होने के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

दो बार विधानसभा सदस्य और चार बार सांसद रह चुके शहाबुद्दीन के खिलाफ तीन दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। तिहाड़ जेल में शिफ्ट किए जाने से पहले उसने बिहार की भागलपुर जेल और सीवान जेल में भी काफी वक्त काटा है। साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने उसे सीवान से दिल्ली की तिहाड़ जेल ट्रांसफर करने का आदेश दिया था।

शहाबुद्दीन का नाम सबसे अधिक सुर्खियों में सबसे अधिक तब आया था, जब उसने दो भाइयों को तेजाब से नहला कर जिंदा जला दिया था। वैसे, इससे पहले लेफ्ट और बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ खूनी मारपीट के चलते वह चर्चा में आया था। यह बात अस्सी के दशक के आसपास की है। आलम यह था कि उसका नाम ही शाबू-AK 47 पड़ गया था। 1986 में जिस हुसैनगंज थाने में इसके खिलाफ पहला केस हुआ था, वहीं यह ए कैटेगरी का हिस्ट्रीशीटर (कभी न सुधरने वाला अपराधी) था।

15 फरवरी 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बिहार की सीवान जेल से तिहाड़ लाने का आदेश दिया था। जेल के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि तिहाड़ में तीन ऐसे कैदी (शहाबुद्दीन, छोटा राजन और नीरज बवाना) हैं जिनको अलग-अलग बैरकों में अकेला रखा गया है। इनका किसी से भी मिलना-जुलना नहीं होता है। पिछले 20-25 दिनों से इनके परिजनों को भी इन कैदियों से मिलने नहीं दिया जा रहा है। इन सबके बावजूद शहाबुद्दीन कैसे कोरोना संक्रमित हो गया, ये चिंता करने की बात है।

बिजनौर की धरती बंजर करने पर उतारू खनन माफिया!

इस तरह तो खोखली हो जाएगी सोना उगलने वाली जनपद की जमीन। सत्ता, प्रशासन और माफिया के गठजोड़ से हो रहा अवैध खनन! ये तिकड़ी बिजनौर को कर देगी बर्बाद!

बिजनौर। सत्ता, प्रशासन और माफिया का गठजोड़ जनपद की धरती को खोखला करने पर उतारू है। मिट्टी, रेत, बालू, पत्थर आदि के अवैध खनन रोकने के योगी सरकार के दावों के बीच बिजनौर की सोना उगलने वाली धरती को बंजर बनाने का षडयंत्र चल रहा है। शिकायत करने के बावजूद प्रशानिक अफसरों की इस संबंध में हीलाहवाली साबित कर रही है कि मात्र दाल में कुछ काला नहीं है, बल्कि पूरी की पूरी दाल ही काली है। शिकायत के बाद खनन की सरपट दौड़ती गाड़ी पर कुछ समय का ब्रेक और फिर बेतहाशा रफ्तार की वजह से यह मानने का कोई कारण नहीं है कि संलिप्तता बड़े अधिकारियों तक की है।

वैसे तो जनपद में कई स्थानों पर अवैध खनन जोरशोर से चल रहा है, लेकिन यह मामला चांदपुर तहसील के ग्राम करनपुर गांवड़ी व तोहफापुर का है। यहां खेतों में पिछले सप्ताह भर से लगातार जेसीबी, डम्फर के द्वारा अवैध खनन किया जा रहा है। कोई कार्यवाही न किए जाने से तहसील प्रशासन की संलिप्तता उजागर हो रही है। प्रदेश सरकार लाख प्रयास करे, लेकिन प्रशानिक अधिकारी मनमानी पर उतारू हैं, इसका जीता जागता उदाहरण अवैध खनन पर कार्यवाही न किए जाने से प्रदर्शित हो रहा है। दरअसल मामला चांदपुर तहसील व हल्दौर थाना क्षेत्र से सम्बन्धित है, जहां पर एक सप्ताह से लगातार अवैध खनन किया जा रहा है। लाख शिकायतों के बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। हमारे संवाददाता द्वारा बुधवार रात्रि 8:00 बजे उपजिलाधकारी चांदपुर को इस अवैध खनन के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के बाद शुक्रवार प्रात: काल 8:00 बजे तक कोई कार्यवाही न होने से साबित हो रहा है कि खनन माफिया के हौसले कितने बुलंद हैं। 

खनन माफिया को किसकी सरपरस्ती हासिल? विश्वस्त सूत्रों के अनुसार उक्त खनन माफिया के सिर पर सत्तारूढ़ पार्टी के एक दिग्गज का हाथ बताया जा रहा है। अक्सर इस खनन माफिया को उनके इर्दगिर्द देखा जा सकता है। सूत्रों का दावा है कि यह माफिया उनकी व स्थानीय अधिकारियों की अनैतिक आवश्यकताओं की पूर्ति करने में कभी भी पीछे नहीं हटता। यही कारण है कि छोटे से लेकर बड़े तक स्थानीय अधिकारियों की कृपा का पात्र बन सरकार व पर्यावरण को गहरी चोट पहुंचा रहा है और जनपद का प्रशानिक अमला कुंभकर्णी नींद सो रहा है। माफिया दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की कर रहा है।

दो दिन रुका और फिर शुरू अवैध खनन: कोई कार्रवाई न होते देख अवैध खनन करने वाले माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। शिकायत पर मात्र दिखाने भर को दो दिन से बंद खनन पुन: शुरू हो गया है। जब इस संबंध में उपजिलाधिकारी चांदपुर से बात की गई तो जवाब के बजाय उन्होंने पूछा कि क्या खनन अभी भी चल रहा है! 

सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रविवार को बंदी, मास्क पर सख्ती

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लखनऊ। लगातार बढ़ रहे कोरोना केस को देखते हुए अब प्रदेश के सभी जिलों में रविवार को साप्ताहिक बंदी की घोषणा की गई है। वहीं मास्क न पहनने वालों से 1000 रुपए जुर्माना वसूला जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रविवार को बंदी रखने के आदेश देने के साथ ही कहा कि आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी बाजार, दफ्तर बंद रहेंगे। इस दिन सभी जिलों के बाजारों में व्यापक स्तर पर सेनेटाइजेशन अभियान चलाया जाएगा।

लखनऊ में सीएम ने कोविड नियंत्रण के लिए बनी टीम 11 के साथ वर्चुअल मीटिंग में कहा कि प्रदेश सरकार हर नागरिक के जीवन और जीविका की सुरक्षा के लिए संकल्पित है। कोविड के कारण लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए सभी जरूरी प्रयास किए जाएं। भरण-पोषण भत्ता के पात्र लोगों की सूची अपडेट कर ली जाए। सरकार जल्द ही इन्हें राहत राशि प्रदान करेगी। अंत्योदय सहित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत राशन वितरण कार्य की व्यवस्था की समीक्षा कर ली जाए। सरकार सभी जरूरतमंदों को राशन और भरण-पोषण भत्ता उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों का पहला चरण शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। जिन क्षेत्रों में माहौल बिगाड़ने की कोशिश हुई है, इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। यह कार्रवाई अन्य चरण के चुनावों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करेगी। 

मास्क न लगाने पर जुर्माना ₹ एक हजार: उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी के लिए मास्क लगाना अनिवार्य है। पहली बार मास्क के बिना पकड़े जाने पर 1000 का जुर्माना लगाया जाए। अगर दूसरी बार बिना मास्क के पकड़ा जाए तो दस गुना अधिक जुर्माना लगाया जाना चाहिए। उन्हाेंने कहा कि कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी जैसे अधिक संक्रमण दर वाले सभी 10 जिलों में व्यवस्था और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। स्थानीय जरूरतों के अनुसार नए कोविड हॉस्पिटल बनाए जाएं। बेड्स बढ़ाये जाएं। निजी हॉस्पिटल को कोविड हॉस्पिटल के रूप में परिवर्तित किया जाए। प्रयागराज में अविलंब यूनाइटेड मेडिकल कॉलेज को डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल के रूप में परिवर्तित किया जाए।108 की आधी एम्बुलेंस केवल कोविड मरीजों के उपयोगार्थ रखीं जाएं। इस कार्य में कतई देरी न हो। होम आइसोलेशन के मरीजों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए। एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम कम से कम हो। ऑक्सीजन और अन्य चिकित्सकीय जरूरतों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। किसी प्रकार की जरूरत होने पर तत्काल शासन को अवगत कराएं।

राजपुर नवादा के तीन मकानों में लगी आग, लाखों का नुकसान

तीन मकानों में लगी आग से लाखों का नुकसान
बिजनौर। नजीबाबाद के मंडावली क्षेत्र के ग्राम राजपुर नवादा में तीन मकानों में अचानक आग लग जाने से लाखों रूपए का सामान जल कर राख हो गया। सूचना पर पहुंची अग्निशमन विभाग की टीम ने आग पर काबू पाया।
बुधवार की शाम मंडावली थाना क्षेत्र के ग्राम राजपुर नवादा में अचानक छप्परों में आग लगने से अफरा तफरी मच गई। एक दूसरे से सटे हुए तीन मकानों को आग ने अपनी चपेट में ले लिया। राजपुर नवादा निवासी मंगतराम पुत्र नत्थू, धूम सिंह पुत्र मुसद्दी तथा रफीक पुत्र अब्दुल मजीद के मकानों के छप्पर में अचानक आग लग गयी। फूस से बने छप्परों ने तेजी से आग पकड़ ली। ग्रामीणों के कुछ समझ पाने से पहले ही प्रचंड हुई आग ने तीनों ग्रामीणों के घरों में रखा सामान अपनी चपेट में ले लिया। गांव के ही ब्रजवीर चौधरी एडवोकेट ने आग लगने की सूचना थानाध्यक्ष मंडावली हिमांशु चौहान को दी। सूचना पर थानाध्यक्ष अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने  फायर ब्रिगेड को फोन पर आग लगने की सूचना दी। फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया। बताया गया है कि आग की चपेट में आ कर ग्रामीणों की झोपड़ी में रखा हुआ सभी सामान चारपाई, बर्तन, कपड़े, बिस्तर कुछ रुपए, लकड़ी आदि जलकर राख हो गए। अग्निशमन विभाग की टीम के पहुंचने से पहले ग्रामीणों एड. ब्रजवीर चौधरी, शौकत अली,  गौरव, रफीक, मुकेश, पंकज कुमार त्यागी आदि ने आग बुझाने के प्रयास शुरु कर दिए थे, जिसकी वजह से आग गांव के अन्य मकानों की ओर नहीं बढ़ सकी। आग से लाखों रुपए का नुकसान होना बताया जा रहा है।

आखिर आबादी में पटाखे निर्माण को मिला कैसे लाइसेंस!

पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट की घटना के बाद उठे सवाल आबादी में विस्फोटक सामग्री बनाने का लाइसेंस आखिर मिला कैसे 

बिजनौर। थाना कोतवाली शहर के बक्शीवाला में संचालित पटाखा फैक्ट्री में जबरदस्त विस्फोट से पांच मजदूरों की मौत के बाद क्षेत्र में सन्नाटा है। लोगों में भविष्य को लेकर भय व्याप्त हो गया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि आबादी के क्षेत्र में विस्फोटक सामग्री बनाने का लाइसेंस आखिर कैसे और किन परिस्थितियों में दे दिया गया। बहरहाल प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच शुरु कर दी गई है। 

गौरतलब है कि थाना कोतवाली शहर के ग्राम फतेहपुर नोआबाद उर्फ बक्शीवाला जोधूवाला रोड पर स्कूल के समीप एक मकान में संचालित पटाखा फैक्ट्री में गुरुवार दोपहर लगभग 12:30 बजे में आग लग गई और देखते ही देखते वहां रखी विस्फोटक सामग्री व कैमिकल ने आग पकड़  ली।  धमाका इतना तेज था कि फैक्ट्री में काम कर रहे नौ मजदूरों में से पांच के चिथड़े उड़ गए। 

लाइसेंस कहीं का, फैक्ट्री संचालन कहीं और! घटना के संबंध में बताया जाता है कि उक्त फैक्ट्री का लाइसेंस मोहल्ला बुखारा निवासी यूसुफ और शरीफ का है, जिस मकान में यह घटना हुई है उस मकान के मालिक नहटौर के मोहल्ला तीरगरान निवासी आबिद से किराए पर ले रखा है,जबकि लाइसेंस के अनुसार दूसरे मकान में फैक्ट्री चल रही है। जहां घटना हुई, वहां पर अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे।

बताया गया है कि लाइसेंस वर्ष 2025 तक का है और यहां पटाखे बनाने का कार्य पिछले लगभग 3 वर्ष से लगातार चल रहा है। वहीं जिस कमरे में पटाखे बनाए जा रहे थे वह मानक के अनुरूप भी नहीं है। घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी रमाकांत पांडे पुलिस अधीक्षक, डॉ धर्मवीर सिंह एसडीएम सदर विक्रमादित्य मलिक , सीओ सिटी कुलदीप गुप्ता, थाना प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम मौके पर पहुंच गए। एसपी डॉ धर्मवीर सिंह ने बताया कि फैक्ट्री मालिक यूसुफ को गिरफ्तार कर लिया गया है।  पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आग लगने की घटना के लगभग 20 मिनट के भीतर दमकल गाडय़िों ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पा लिया।

जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय ने बताया आतिशबाजी वैध लाइसेंस पर बनायी जा रही थी। उन्होंने बताया कि आग लगने के कारणों की गहनता से जांच करायी जा रही है। इस घटना में मारे गए पांचों मजदूरों सोनू, चिंट , प्रदीप व वेदपाल के परिजनों में पटाखा व्यवसायी के प्रति गुस्सा है। उनका कहना है कि जब अंदर कार्य चल रहा था तो बाहर से ताला क्यों डाला गया। यदि ताला न पड़ा होता तो उन लोगों की जान बच सकती थी। वहीं विस्फोट में घायल समर पाल, प्रिंस, शानू की हालत जिला संयुक्त चिकित्सालय में गंभीर बनी हुई है। पुलिस शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद शवों को उनके परिजनों को सौंपेंगी। उधर पुलिस हिरासत में लिए गए फैक्ट्री संचालक युसुफ से पूछताछ कर रही है। 

पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से पांच की मौत, चार घायल

पटाखा फैक्ट्री में जबरदस्त विस्फोट, पांच की मौत, चार घायल डीएम एसपी ने किया मौका मुआयना 

बिजनौर। थाना कोतवाली शहर के बक्शीवाला में संचालित पटाखा फैक्ट्री में जबरदस्त विस्फोट के बाद फैक्ट्री में काम कर रहे पांच मजदूरों की मौत हो गई जबकि चार घायल हो गए। सूचना पर जिलाधिकारी रमाकांत पांडे व पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिये। फायर ब्रिगेड की गाड़ी को आग बुझाने में लगाया गया। 

जानकारी के अनुसार थाना कोतवाली शहर के ग्राम फतेहपुर नोआबाद उर्फ बक्शीवाला जोधूवाला रोड पर स्कूल के समीप एक मकान में पटाखा फैक्ट्री संचालित है। इस मकान में यूसुफ नौ मजदूरों से पटाखे तैयार करा रहा था। इस दौरान मकान के बाहर से ताला लगा रखा था। गुरुवार दोपहर लगभग 12:30 बजे पटाखा फैक्ट्री में आग लग गई और देखते ही देखते वहां रखी विस्फोटक सामग्री व कैमिकल ने आग पकड़ ली।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज धमाके के साथ फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों के चिथड़े उड़ गए। विस्फोट इतना भीषण था कि वहां पर मकान का एक हिस्सा पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। इस घटना में मारे गए पांच मजदूरों की शिनाख्त सोनू (30 वर्ष) पुत्र ऋषिपाल निवासी ग्राम बुखारा थाना कोतवाली शहर, चिंट ू(21वर्ष) पुत्र राजाराम निवासी मोहल्ला बुखारा, प्रदीप (18 वर्ष)पुत्र रामअवतार निवासी मोहल्ला बुखारा तथा वेद प्रकाश (50 वर्ष) पुत्र बुद्धू निवासी ग्राम खजूरा थाना नहटौर बिजनौर के रुप में की गई है। वहीं विस्फोट में समर पाल पुत्र बुधन निवासी ग्राम खजुरा थाना नहटौर, प्रिंस (17 वर्ष) पुत्र दिलावर मोहल्ला बुखारा, शानू (17 वर्ष) पुत्र मोहल्ला बुखारा घायल हो गए। सभी शवों को पुलिस ने कब्जे में ले कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घायलों को जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। पुलिस ने फैक्ट्री संचालक युसुफ को हिरासत में ले लिया है।

 सीएम योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान बिजनौर। पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट में पांच लोगों की मौत के मामले का सीएम योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। उन्होंने मृतकों व घायलों के परिवारीजन के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर रहकर समस्त सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे की शीघ्र रिपोर्ट भी तलब की है।

रोपड़ से मुख्तार अंसारी को लेकर निकलने वाली है UP पुलिस

इन्हीं वाहनों में पंजाब के लिए रवाना हुई पुलिस

डेढ़ सौ पुलिस कर्मियों में एक डिप्टी एसपी, दो इंस्पेक्टर और छह दरोगा

10 वाहनों में भेजी गई है पुलिस टीम, पीएसी की बटालियन भी शामिल

लखनऊ। मऊ से बाहुबली विधायक और गैंगस्टर मुख्तार अंसारी को बांदा जेल लाने के लिए पुलिस टीम पंजाब के रोपड़ में मौजूद है।डेढ़ सौ पुलिस कर्मियों की टीम में एक डिप्टी एसपी, दो इंस्पेक्टर और छह दरोगा के अलावा एक कंपनी पीएसी शामिल हैं। आईजी के सत्यनारायणा ने सोमवार को पुलिस टीम को पंजाब के लिए रवाना किया था। 10 वाहनों में एक एंबुलेंस भी शामिल है। टीम के बुधवार सुबह तक बांदा पहुंचने की संभावना है।

वज्र वाहन को चेक करते पुलिस कर्मी

आईजी के. सत्यनारायणा ने बताया था कि पंजाब के रोपड़ जेल से अंसारी को बांदा लाने के लिए एक पुलिस टीम बनाई जाएगी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही पुलिस टीम को पंजाब रवाना किया जाएगा। आईजी की निगरानी में गठित पुलिस टीम में एक डिप्टी एसपी, दो इंस्पेक्टर, 6 दरोगा, 40 कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल व बाकी अन्य जवान शामिल हैं। आईजी ने पुलिस टीम को वज्र वाहन समेत दर्जन भर गाड़ियों के साथ पंजाब के लिए रवाना किया। पंजाब के रोपड़ में पुलिस टीम को पुलिस लाइन में ठहराया गया। कागजी औपचारिताएं पूरी कराने के बाद पुलिस टीम गैंगस्टर मुख्तार अंसारी को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बांदा जेल लाएगी। मुख्तार अंसारी के वापसी के रूट को लेकर गोपनीयता बरती जा रही है। रास्ते मे पड़ने वाले सभी जिलों को अलर्ट किया गया है। रोपड़ की रूपनगर जेल में बंद मुख्तार अंसारी को 8 अप्रैल से पहले पंजाब पुलिस को यूपी पुलिस के हवाले करना है। इस बीच मंगलवार सुबह यूपी लाने से पहले मुख्तार का कोरोना टेस्ट कराया गया है। अभी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

यह एंबुलेंस भी वाहनों की फ्लीट में हैं शामिल

मुख्तार अंसारी को बांदा जेल में शिफ्ट किए जाने को लेकर पिछले एक सप्ताह से माथापच्ची की जा रही थी। कारागार डीआईजी ने मंडल कारागार की व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। इसके साथ ही रविवार को आईजी के. सत्यनारायणा, जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ शंकर मीणा और सीएमओ ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कारागार की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए थे। सीसीटीवी कैमरों के साथ ही पीएसी और पुलिस का भी सख्त पहरा रहेगा। 

मुख्तार अंसारी (फाइल फोटो)
मुख्तार अंसारी का फाइल फोटो

मुख्तार के खिलाफ UP में दर्ज हैं 52 मुकदमे- यूपी नंबर प्लेट की एंबुलेंस में मुख्तार अंसारी को पंजाब के मोहाली कोर्ट तक लाए जाने के मामले में भी यूपी के बाराबंकी में मुख्तार के खिलाफ केस दर्ज हुआ है और यूपी के मऊ से पहली गिरफ्तारी भी हो गई है। उत्तर प्रदेश में मुख्तार पर अब तक 52 मुकदमे दर्ज हैं, अंसारी गैंग के 96 सदस्य गिरफ्तार हुए हैं और उसकी 192 करोड़ की ज्यादा की संपत्तियों को जब्त करने और गिराने की कार्रवाई भी हुई है।

मुख्तार के भाई अफजाल जाएंगे कोर्ट- मुख्तार के भाई और गाजीपुर के बीएसपी सांसद अफजाल अंसारी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश की जेल में मुख्तार के खिलाफ साजिश रची जा सकती है। अफजाल अंसारी ने मुख्तार की सुरक्षा के लिए कोर्ट जाने की बात भी कही है।

मुख्तार अंसारी केस: लावारिस हालत में मिली एंबुलेंस

लखनऊ। बीते दो साल से पंजाब की रोपड़ जेल में बंद बसपा के विधायक मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश लाने के लिए बांदा पुलिस रवाना हो गई है। वहीं, उत्तर प्रदेश नंबर की वह एंबुलेंस जिसमें पंजाब पुलिस ने मुख्तार अंसारी को मोहाली की अदालत में पेश किया था, वह रविवार रात रूपनगर जिले में रोपड़ जेल से 15 किमी दूर चंडीगढ़-नांगल हाइवे पर एक सड़क के किनारे ढाबे के पास लावारिस हालत में मिली है। इस एंबुलेंस पर फर्जी दस्तावेज के मामले में बाराबंकी में FIR भी दर्ज है। पुलिस इस केस में मुख्तार को साजिशकर्ता बनाने में जुट गई है।

कहा जा रहा है कि UP पुलिस के आने से पहले ही अंसारी के गुर्गे उस एंबुलेंस को खुर्द-बुर्द करने में लग गए। शायद पुलिस के आने की सूचना अपराधियों को मिल गई होगी, इसलिए वे ढाबे पर ही उसे लावारिस हालत में छोड़कर भाग गए। बाराबंकी के SP यमुना प्रसाद ने कहा कि एंबुलेंस ढाबे तक कैसे पहुंची, इसलिए जांच चल रही है।

SP यमुना प्रसाद ने बताया कि CO हैदरगढ़ के नेतृत्व में पुलिस की जो टीम पंजाब गई थी, उसे फर्जी कागजात के आधार पर रजिस्टर्ड एंबुलेंस की जांच करके अपने कब्जे में लेना था। उसे जानकारी मिली की एक एंबुलेंस लावारिस हालत में खड़ी है। जानकारी मिलते ही उसे पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। जांच में अगर वो एंबुलेंस वही निकलती है, जिसे मुख्तार अंसारी के द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है तो उसे कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू की जाएगी।

120B का आरोपी बनेगा मुख्तार

बाराबंकी पुलिस गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के आपराधिक इतिहास को खंगालेगी। एम्बुलेंस मामले में दर्ज केस में 120B का अभी अभियुक्त मुख्तार को बनाया जाएगा। इसके लिए पुलिस ने डॉक्टर अल्का राय के बयान को आधार बनाएगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक डॉक्टर अल्का राय से पूछताछ में पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे हें। पूछताछ के आधार पर कई और लोगों के नाम इस केस में जोड़ने की तैयारी चल रही है।

जांच में फर्जी मिले थे एंबुलेंस के दस्तावेज

दरअसल, बीते बुधवार को मुख्तार अंसारी को एक यूपी के बाराबंकी नंबर (UP 41 AT 7171) की एंबुलेंस से मोहाली कोर्ट में पेश किया गया था। बाराबंकी परिवहन विभाग व स्वास्थ्य विभाग द्वारा दस्तावेजों की पड़ताल की गई। इसमें पाया गया कि परिवहन विभाग में मऊ स्थित श्याम संजीवनी हॉस्पिटल का लेटर और डॉक्टर अलका राय का वोटर कार्ड लगाया गया था। लेकिन, रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट व मकान का पता फर्जी पाया गया। एंबुलेंस का रजिस्ट्रेशन डॉक्टर अलका राय के नाम दर्ज है, इसलिए बाराबंकी के ARTO ने उनके खिलाफ नामजद केस दर्ज कराया।

यह केस नगर कोतवाली में IPC की धारा 419, 420, 467, 468 और 471 की धाराओं में दर्ज हुआ है। पुलिस की एक टीम ने मऊ में करीब साढ़े तीन घंटे डा. अलका राय से पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक डा. अल्का राय की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

अंग्रेजी शराब ठेके से बरामद उत्तराखंड की अवैध शराब

अंग्रेजी शराब ठेके से उत्तराखंड की अवैध शराब बरामद। पंचायत चुनाव में खपाने की थी योजना। सेल्समैन व महिला अनुज्ञापी के खिलाफ केस दर्ज।

बिजनौर। आबकारी विभाग व नूरपुर पुलिस ने छापामारी कर अंग्रेजी शराब की दुकान से उत्तराखंड की अवैध अंग्रेजी शराब का जखीरा बरामद किया है। इस मामले में दुकान के सेल्समैन के अलावा महिला अनुज्ञापी के विरुद्ध राजस्व हानि पहुंचाने समेत आबकारी अधिनियम में मामला दर्ज कराया गया है। उक्त शराब त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में खपाने की योजना थी। जानकारी के अनुसार आबकारी विभाग के अधिकारियों को मुखबिर से सूचना मिली धामपुर मार्ग स्थित ग्राम ऊमरी स्थित एक अंग्रेजी शराब की दुकान पर उत्तराखंड की अवैध शराब बरामद हो सकती है। इस पर गठित टीम में आबकारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह, नूरपुर पुलिस के एसआई राजकुमार वर्मा ने उक्त दुकान पर छापेमारी कर उत्तराखंड राज्य की अवैध अंग्रेजी शराब का जखीरा बरामद कर लिया। छापेमारी के दौरान दुकान परअवैध रूप से बेचने के लिए लाई गई उत्तराखंड प्रदेश की 60 बोतल, 69 अद्धे एवं 91 पव्वे बरामद किए गए। इसके अलावा टीम ने दुकान पर उत्तर प्रदेश में बिक्री की 319 बोतल, 575 अद्धे एवं 1725 पव्वे भी जब्त कर लिए। मौके से दुकान सेल्समैन छात्रपाल सिंह पुत्र वीर सिंह निवासी चौहड़पुर थाना बछरायूं जनपद अमरोहा को गिरफ्तार कर लिया गया। आबकारी निरीक्षक ने दुकान के सेल्समैन छत्रपाल सिंह और अनुज्ञापी चित्रा देवी पत्नी सुधीर कुमार निवासी ढक्का कर्मचंद धामपुर के विरुद्ध राजस्व को हानि पहुंचाने समेत आबकारी अधिनियम में मामला दर्ज कराया है। आरोप है कि क्षेत्र में लगातार शराब माफिया खुलेआम अवैध शराब का कारोबार कर रहे हैं। शराब माफिया को किसी बात का डर या खौफ नजर नहीं आता। क्षेत्र में कई शराब माफिया करोड़ों की संपत्ति के मालिक बन गए हैं ।

निर्दोष विष्णु तिवारी 19 साल जेल में क्यों रहा: मानवाधिकार आयोग ने डीजीपी से तलब की रिपोर्ट

निर्दोष विष्णु तिवारी 19 साल जेल में क्यों रहा: मानवाधिकार आयोग ने डीजीपी से तलब की रिपोर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ललितपुर जिले के विष्णु तिवारी को निर्दोष होते हुए भी दुष्कर्म और एससी-एसटी एक्ट में 19 साल तक जेल में रहने के मामले को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आगरा के मानवाधिकार कार्यकर्ता नरेश पारस की शिकायत पर मुख्य सचिव और डीजीपी उत्तर प्रदेश को पत्र लिखा गया है। इसमें दोषपूर्ण विवेचना पर विवेचक पर कार्रवाई और पीड़ित को मुआवजा दिलाने के लिए कहा है। आयोग ने छह सप्ताह में रिपोर्ट तलब की है। 

मानवाधिकार कार्यकर्ता नरेश पारस ने अपने पत्र में लिखा कि ललितपुर के थाना महरौली के गांव सिलावन के रहने वाले विष्णु (46) पुत्र रामेश्वर के खिलाफ वर्ष 2000 में दुष्कर्म और एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। वर्ष 2003 में आरोपी को केंद्रीय कारागार आगरा में स्थानांतरित किया गया था। 

पिछले दिनों विष्णु को हाईकोर्ट ने निर्दोष करार दे दिया। वह 19 साल से जेल में थे। इस अवधि में उनके माता-पिता के साथ दो भाई की मौत हो गई। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से विष्णु अपने केस में पैरवी नहीं कर पाए थे। बाद में विधिक सेवा समिति की ओर से मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा था।
पत्र में बासौनी के पति-पत्नी को हत्या के मामले में जेल भेजने का भी जिक्र किया गया। वह पांच साल से जेल में बंद थे। एक महीने पहले दोनों निर्दोष पाए गए। कोर्ट से बरी होने के बाद दोनों को बच्चों के लिए भटकना पड़ा। बमुश्किल उन्हें बच्चे मिल पाए थे। बच्चों को अनाथालय में रहना पड़ा था। 

नरेश पारस ने पत्र में गलत तरीके से चार्जशीट लगाने वाले पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही कहा है कि पीड़ितों को मुआवजा दिया जाए। धनराशि विवेचना में लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों से ली जाए। 

केस 1: जो गुनाह कभी किया नहीं उसकी 19 साल सजा काट आए विष्णु तिवारी, सदमे में मर गए मां-बाप व भाई

कहा जाता है भले ही दोषी को सजा मिलने में वक्त लगे लेकिन एक निर्दोष को कभी सजा नहीं होनी चाहिए क्योंकि उसे व उसके परिवार वालों को जो तिरस्कार झेलना पड़ता है उससे न जाने कितनी जिंदगियों का जीना मुश्किल हो जाता है, ऐसा ही कुछ हुआ यूपी के विष्णु तिवारी के साथ.


एक दलित महिला का बलात्कार करने का आरोप जब 18 वर्षीय विष्णु तिवारी पर लगा तो साथ ही एससीएसटी एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुना दी गई, 19 साल 3 महीने 3 दिन में एक निर्दोष शख्स ने क्या क्या खोया इसका अंदाजा भी लगाना मुश्किल है, पूरा परिवार इस केस की वजह से बदमानी का दुख झेलते झेलते जिंदगी की जंग हार गया.

अब जब विष्णु तिवारी जेल से वापस लौटे तो उन्हें घर में छोटे भाई का परिवार व विधवा भाभी की तंग हालत दिखी, वह बताते हैं उन्हें कभी जमानत तक नहीं मिली, केस लड़ते हुए 5 एकड़ जमीन भी चली गई. जेल में उनके पिता की मौत की खबर उनसे छिपाई गई. उत्तर प्रदेश के ललितपुर निवासी विष्णु तिवारी आज निर्दोष साबित होने पर खुशी नहीं मना पा रहे हैं क्योंकि कानून की लापरवाही ने उनसे इतना कुछ छीन लिया है कि जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती है.

महरौली कोतवाली के अंतर्गत सिलावन ग्राम के इस मामले ने लोगों का गुस्सा, SC/ST एक्ट का दुरुपयोग करने वालों पर उतर रहा है. पिता रामेश्वर प्रसाद तिवारी, बेटे को जेल होने के बाद सदमे में थे फिर उन्हें लकवा हो गया और उनकी मौत हो गई, बड़े भाई दिनेश तिवारी की मौत हुई फिर हार्ट अटैक से भाई रामकिशोर तिवारी की मौत हुई और फिर सदमे से मां का भी स्वर्गवास हो गया.

विष्णु ने कहा कि 19 साल में सबकुछ उजड़ चुका है। साल 2014 में पिता की मौत हो गई थी। एक साल बाद मां ने भी बीमारी से दम तोड़ दिया था। इसके बाद बड़े भाइयों राम किशोर और दिनेश की भी मौत हो गई। पिता की मौत के बारे में गांव के परिचित ने पत्र भेजकर बताया था। लेकिन मां व दो भाइयों की मौत का पता तीन साल बाद चला था। साल 2018 में छोटा भाई महादेव जेल में मिलने आया तो उसी ने बताया था कि अब मां नहीं रही।

नाइंसाफी की हद है कि किसी के भी अंतिम संस्कार के लिए विष्णु तिवारी को बेल नहीं मिली. अब समाज सवाल करता है कि क्या कानून उनके 19 साल वापस लौटा सकता है. एक आपसी रंजिश ने विष्णु तिवारी से उसकी जवानी, परिवार छीन लिया, उनके व परिवार के लिए भारी मुआवजे की मांग की जा रही ताकि वह बची जिंदगी सुख चैन से बिता सकें.

केस 2: हत्या के आरोप में बेगुनाह दंपति ने पांच साल तक काटी जेल, अब पहचान नहीं रही बेटी

कहते हैं कानून अंधा होता है, कभी-कभी ऐसे व्यक्ति को सजा मिल जाती है, जिसने गुनाह किया ही नहीं होता। ऐसे हालात में उसे अपनी बेगुनाही साबित करने में एक लंबा वक्त गुजर जाता है। इस बीच वह बहुत कुछ खो चुका होता है, यहां तक कि उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा और जीविका के संसाधन भी खत्म हो चुके होते हैं। ऐसी ही दूसरी घटना यूपी के आगरा जिले के रहने वाले एक दंपति के साथ हुई। यहां एक दंपति को बिना किसी अपराध के पांच साल तक जेल की सजा काटनी पड़ी।

आगरा के बाह तहसील स्थित जरार क्षेत्र में रहने वाले इस दंपति पर मुसीबतों का पहाड़ तब टूट पड़ा जब इसी क्षेत्र में रहने वाले योगेन्द्र सिंह के पांच साल के बेटे रंजीत की हत्या हो गयी, जिसका आरोप योगेन्द्र सिंह ने पड़ोस में रहने नरेंद्र सिंह और उनकी पत्नी नजमा पर लगाया। नरेंद्र और नजमा अपनी जीविका चलाने और बच्चों का पालन पोषण करने के लिए सब्जी की दुकान लगाते थे, लेकिन इस घटना के बाद उनकी जिन्दगी पूरी तरह से पलट गयी। केस की विवेचना तत्कालीन पुलिस अधिकारी ब्रह्मा सिंह ने की। उन्होंने नरेंद्र सिंह और उनकी पत्नी पर बच्चे की हत्या का इल्जाम लगाते हुए चार्जशीट भी दाखिल कर दी, जिसके बाद दोनों को जेल हो गयी और इनके दोंनो बच्चों को बाल सुधार गृह भेज दिया गया।

इस दंपति को अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए पांच साल तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी तब जाकर इन्हें जेल से रिहा किया गया। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि पीड़त को मुआवजा दिलाने के साथ ही विवेचक पर सख्त कार्रवाई की जाए।
जेल से छूटने के बाद इस दंपति को अपने बच्चों के बारे में पता लगाने के लिए भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। काफी खोजबीन के बाद पता चला कि बच्चों को कानपुर के बाल सुधार गृह में रखा गया है। काफी जद्दोजहद के बाद उन्‍हें उनके बच्चे तो मिल गए लेकिन अब वह थाने में जमा अपने कागजात के लिए परेशान हैं। दंपति किसी तरह अपने बच्चों तक तो पहुंच गया लेकिन उसकी बेटी उसे पहचान तक नहीं सकी।

बिना जांच किए लगा दी चार्जशीट

अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट में 6 गवाहों के साथ ही 32 सुबूत पेश किए गए. अभियुक्त की ओर से गवाहों से जिरह अधिवक्ता वंशो बाबू ने की. जिरह में विवेचक ने कोर्ट में स्वीकार कर लिया कि बच्चे की हत्या को लेकर लोगों में बहुत आक्रोश था इसलिए हत्या का कारण जानने प्रयास नहीं किया. विवेचक ने स्वीकार किया कि आनन-फानन में विवेचना पूर्ण करके चार्जशीट लगा दी।

एडीजे के फैसले ने पुलिसिया सिस्टम की बड़ी लापरवाही को उजागर कर दिया है. बिना सबूत के जल्दबाजी में पुलिस ने हत्या जैसे जघन्य मामले में जिस तरह से निर्दोष दंपति को जेल भेजा था उससे पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं.

महिला को मारकर निकाला दिल, फिर आलू मिलाकर बनाई सब्जी

पहले महिला की हत्या कर दिल निकाला, फिर टुकड़े कर बनाई आलू और दिल की सब्जी

ओक्लाहोमा। दुनिया में ऐसे भी लोग रहते हैं जो कि इंसान को मारकर इंसान का ही मांस खाते हैं। इसी तरह की एक घटना अमेरिका के ओक्लाहोमा में सामने आई है। यहां एक व्यक्ति ने अपनी पड़ोसी महिला की हत्या कर दी। हत्या करने के बाद सीने को चीरा और दिल निकाल लिया।

नरभक्षी की तरह दिल निकालकर उसे पीस काटे और आलू के साथ पकाया। उसने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वह दिल और आलू की सब्जी खाना चाहता था। ओक्लाहोमा स्टेट ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के एक एजेंट ने बताया कि आरोपी लॉरेंस पॉल एंडरसन ने ओक्लाहोमा सिटी के दक्षिण-पश्चिम में लगभग 40 मील की दूरी पर चिकशा में अपनी पड़ोसी एंड्रिया लिन ब्लैंकेनशिप की उसके ही घर में हत्या कर दी।
हत्या करने के बाद उसने एंड्रिया का दिल काटकर निकाल लिया, ताकि उसे आलू के साथ पकाकर अपने परिवार को खिलाकर राक्षसों को बाहर निकाल सके। केस दर्ज हो चुका है और अब शख्स को सजा दी जा रही है। जज भी यह मामला सुनकर सन्न रह गया है। हो सकता है आपका दिमाग भी यह खबर पढ़ने के बाद सन्न रह गया होगा।

वाहन चेकिंग के दौरान तमंचा कारतूस समेत एक पकड़ा

बिजनौर। वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने तमंचा कारतूस समेत एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। संबंधित के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की गई है।

पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह द्वारा अपराधियों की धरपकड़ हेतु आवश्यक दिशानिर्देश दिये गए हैं। इसी क्रम में उपनिरीक्षक नारायण दत्त शर्मा मय हमराही कांस्टेबल जयपाल शर्मा एवं कांस्टेबल हरिवंश के साथ कुम्हैडा नहर पर वाहन चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान अभियुक्त आसिफ पुत्र नासिर निवासी ग्राम शादीपुर थाना कोतवाली देहात जनपद बिजनौर की गतिविधियों को संदिग्ध देख कर तलाशी ली गई। पुलिस के अनुसार आसिफ के कब्जे से एक 315 बोर तमंचा एवं एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। इस संबंध में मुकदमा अपराध संख्या 35/ 21 धारा 3/ 25 आर्म्स एक्ट दर्ज किया गया एवं आवश्यक कार्रवाई की गई है।