डाकघरों में अब मिल सकेगा ट्रेन का टिकट

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय रेलवे ने देशभर में 45,000 डाकघरों में टिकट बुकिंग की व्यवस्था की तैयारी कर ली है। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों को ध्यान में रखकर ये फैसल लिया गया है।

इसके लिए रेलवे ने 45,000 डाकघरों में टिकटिंग की व्यवस्था की है। यात्री बिना किसी परेशानी के यहां से टिकट ले सकते हैं। पिछले दिनों खजुराहो में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी घोषणा करते हुए यह भी बताया था कि अब रेल टिकट लेने में यात्रियों को परेशानी नहीं होगी। इसके साथ ही खजुराहो और दिल्ली के बीच वंदेभारत ट्रेन पर अपडेट देते हुए रेल मंत्री ने बताया था कि इस रूट पर अगस्त तक इलेक्ट्रिफिकेशन का काम पूरा हो जाएगा। तब तक वंदे भारत ट्रेन भी चलने लगेगी। अर्थात अगस्त के बाद कभी भी मध्य प्रदेश को वंदे भारत ट्रेन की सौगात मिल सकती है, जिसके लिए डाकघर से ही टिकट बुक हो सकता है।

गौरतलब है कि स्टेशन से दूर दराज में रहने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डाक घरों में रेल आरक्षण कराने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है ताकि रेल रिजर्वेशन के लिए लोगों को भटकना न पड़े। इन डाक घरों में रेल आरक्षण बुकिंग का कार्य डाक घर के प्रशिक्षित कर्मचारियों द्वारा किया जाता है। रेलवे द्वारा नेटवर्क कनेक्टिविटी के साथ हार्डवेयर उपलब्ध कराया गया है। इस योजना से शहर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को आस पास के डाकघरों से अपनी ट्रेनों के लिए रिजर्वेशन कराने की सुविधा मिलेगी। रेलवे ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वर्तमान में रेलवे द्वारा डाक घरों में प्रदत्त कराई गई रेल आरक्षण बुकिंग की सुविधा का लाभ उठाएं।

ऑटोमेटिक टिकट वेंडिग मशीन- इससे पहले भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए उन्हें वेटिंग और लम्बी कतारों से मुक्ति देते हुए ई-टिकटिग की नई सुविधा भी शुरू की है। इसके तहत रेल यात्री अब यात्रा टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट और मंथली पास के नवीकरण के लिए ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन पर पेटीएम, फोनपे, फ्रीचार्ज जैसे यूपीआई बेस्ड मोबाइल ऐप से क्यूआर कोड स्कैन कर डिजीटल पेमेंट कर सकेंगे। इस सुविधा में यात्री ऑटोमेटिक टिकट वेंडिग मशीन से मिलने वाली सुविधाओं के लिए डिजिटिल ट्रांजेक्शन से भी भुगतान कर सकेंगे। यात्री इसके जरिये एटीवीएम स्मार्ट कार्ड को भी रिचार्ज करा सकते हैं। क्यूआर कोड को स्कैन कर यात्री फोन के माध्यम से डिजीटल भुगतान कर टिकट प्राप्त कर सकते हैं।

इसे स्कैन करने और पेमेंट करने के बाद यात्रियों को तुरन्त अपने गंतव्य का टिकट मिल जाएगा। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा डिजीटल मोड में पेमेंट करें और लंबी लाइन से छुटकारा पाएं।

गौरतलब है कि रेलवे बोर्ड को ऐसे स्टेशनों पर अक्सर यात्रियों की तरफ से घंटों लाइन में लग कर टिकट लेने की शिकायत मिली थी। कई बार स्टेशनों पर लंबी-लंबी लाइन में लगने से यात्रियों की ट्रेन छूट जाती है। लेकिन अब टिकट बिक्री के विकेंद्रीकरण के बाद यात्रियों को घंटों लंबी कतारों में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। शहरी और ग्रामीण दोनों तरह के यात्रियों को ध्यान में रखकर दो अगल-अलग सुविधाओं के बेहतर किया गया है।

अक्तूबर 2023 में दुहाई से मेरठ दक्षिण तक चलेगी रैपिड रेल

गाजियाबाद: अक्तूबर 2023 में दुहाई से मेरठ दक्षिण तक दौड़ेगी रैपिड रेल, डिपो में हुआ कोच का अनावरण

रैपिड रेल

गाजियाबाद (एजेंसी)। दुहाई डिपो में पहुंचे रैपिड रेल के मॉडल कोच में हवाई जहाज और शताब्दी ट्रेन सरीखी सुविधाओं की पहली झलक देखने को मिली। रैपिड रेल में यात्रियों को मेट्रो से अधिक सुविधाएं मिलेंगी। साहिबाबाद से दुहाई तक पहले प्राथमिकता वाले खंड पर रैपिड रेल मार्च 2023 में दौड़ने लगेगी।

पहले खंड में निर्माण संबंधी 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। दुहाई से मेरठ दक्षिण तक 20 किमी लंबे कॉरिडोर पर अक्तूबर 2023 में ट्रेन का संचालन शुरू होगा। आपात चिकित्सा की स्थिति में रैपिड रेल का इस्तेमाल ग्रीन कॉरिडोर की तरह हो सकेगा। इसी को देखते हुए कोच में स्ट्रेचर ले जाने के लिए विशेष स्थान निर्धारित किया है। इमरजेंसी की स्थिति में मरीज को मेरठ से दिल्ली तक 55 मिनट में पहुंचाया जा सकेगा।

मई में आएगी पहली छह कोच की रेल, जुलाई से ट्रायल

प्रबंध निदेशक विनय कुमार सिंह ने बताया कि गुजरात के सावली स्थित प्लांट में छह कोच की पहली रैपिड रेल सेट का निर्माण आखिरी चरण में है। यह ट्रेन मई में दुहाई डिपो में पहुंचेगी। करीब एक से डेढ़ माह तक ट्रेन के तकनीकी परीक्षण के बाद जुलाई से ट्रायल रन की शुरुआत होगी। पहले खंड पर ट्रायल रन दिसंबर 2022 तक चलेगा।

हर छह माह में 20 किमी का सेक्शन खुलेगा

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिड कॉरिडोर 82 किमी लंबा है। मार्च 2023 में पहले खंड के बाद हर छह माह में 20 किमी का कॉरिडोर खोला जाएगा। पहले खंड के बाद दूसरा सेक्शन दुहाई से मेरठ दक्षिण का खुलेगा। फिर साहिबाबाद से दिल्ली और आखिर में मेरठ दक्षिण से मेरठ के मोदीपुरम का सेक्शन शुरू होगा।

हर ट्रेन में चार स्टैंडर्ड, एक प्रीमियम व एक महिला कोच

छह कोच की ट्रेन में चार कोच स्टैंडर्ड श्रेणी, एक कोच महिला और एक कोच प्रीमियम क्लास का होगा। स्टैंडर्ड कोच में एक ओर तीन दरवाजे और प्रीमियम कोच में दो दरवाजे होंगे। प्रीमियम कोच का किराया स्टैंडर्ड से अधिक होगा। किराए को अंतिम रूप देने के लिए एनसीआरटीसी स्तर पर मंथन जारी है।

100 प्रत‍िशत कंफर्म सीट देने की तैयारी कर रहा है रेलवे

Indian Railway : Good News! Gift to Passengers on Holi, Railways Took This  Big Decision For the Convenience of The People - discountwalas

नई द‍िल्‍ली (एजेंसी)। अगर आप होली पर घर कहीं जाने का प्‍लान बना रहे हैं तो आपके लिए खास खबर है, क्योंकि इस बार होली पर घर जाने की प्‍लान‍िंग करने वालों को रेलवे 100 प्रत‍िशत कंफर्म सीट देने की तैयारी कर रहा है। वहीँ, इसके ल‍िए पहले से तैयार‍ियां शुरू कर दी गई हैं। बता दें कि होली या अन्‍य क‍िसी त्‍योहार पर हर बार रेलवे अध‍िकतर रूट पर स्‍पेशल ट्रेनों का संचालन करता है। ऐसे में ज‍िन रूट पर कम भीड़ होती है, वहां ट्रेनों में सीट खाली रह जाती थीं और यूपी-ब‍िहार के रूट पर यात्र‍ियों का ट‍िकट कंफर्म नहीं हो पाता। लेक‍िन इस बार ऐसा न हो इसके ल‍िए रेलवे उन रूट पर स्‍पेशल ट्रेनें चलाएगा, जहां यात्र‍ियों की संख्‍या ज्‍यादा होती है। रेलवे से जुड़े सूत्रों से मिली  जानकारी के मुताबिक मार्च के पहले हफ्ते से ही ‘होली स्पेशल ट्रेन’ चलाई जाएंगी। इनमें एक्‍सप्रेस और सुपरफास्ट दोनों तरह की ट्रेनें होंगी।

एक्सट्रा बोगी जोड़ने का प्‍लान

स्‍पेशल ट्रेनों के अलावा यात्रियों की संख्या बढ़ने पर रेलवे की तरफ से ट्रेनों में एक्सट्रा बोगी जोड़ने का प्‍लान है। इससे ट्रेन में तय क्षमता से ज्‍यादा यात्री सफर कर सकेंगे। वहीँ, कई ट्रेनों में ट‍िकट बुक‍िंग फुल हो गई है, ऐसे में एक्‍सट्रा कोच लगाकर सभी यात्र‍ियों का ट‍िकट कंफर्म करने का प्रयास क‍िया जाएगा।

पहले की तरह चलेंगी सभी ट्रेन, स्पेशल किराया खत्म

अब ट्रेन वैसे ही चलेंगी, जैसे चलती थीं कोरोनाकाल से पहले। स्पेशल किराया खत्म। नहीं होगी बगैर आरक्षण के सफर करने की इजाजत। सफर के दौरान नहीं दिए जाएंगे कंबल व चादर।

नई दिल्‍ली (एजेंसी)। रेलवे ने ट्रेनों को कोरोना के पूर्व की स्थिति में बहाल करने का फैसला लिया है। दो-चार दिन में सभी ट्रेन सामान्‍य नंबरों से चलने लगेंगी, यानी नंबरों से जीरो हट जाएगा। इसके अलावा कुछ ट्रेनों में स्‍पेशल श्रेणी होने के बाद किराया बढ़ गया था, वो भी पहले की तरह हो जाएगा। रेलवे बोर्ड ने स्‍पष्‍ट किया है कि ट्रेनों में कोविड प्रोटोकाल का पालन किया जाएगा। यानी बगैर आरक्षण के सफर करने की इजाजत नहीं होगी। इसके अलावा सफर के दौरान कंबल, चादर नहीं दिए जाएंगे।

ट्रेनों को कोरोना से पहले की स्थितियों में बहाल करने के लिए रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आदेश

रेलवे बोर्ड ने शुक्रवार रात इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। मौजूदा शताब्‍दी, राजधानी, दूरंतो, मेल और एक्‍सप्रेस सभी मिलाकर 1744 ट्रेनों का संचालन हो रहा है। ये सभी ट्रेन, स्‍पेशन ट्रेनों के रूप में चल रही हैं। यानी नंबर के पहले जीरो लगा हुआ है, लेकिन जल्‍द ही ये ट्रेनें सामान्‍य नंबरों से चलने लगेंगी। इसके अलावा कुछ ट्रेनों के स्‍पेशल बनने के बाद किराया भी बढ़ गया था, रेलवे मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार यह किराया भी कोरोना से पूर्व जितना ही हो जाएगा। यानी सभी ट्रेनें कोरोना से पहले की स्थितियों में बहाल हो जाएंगी। बोर्ड के अनुसार साफ्टवेयर अपडेट करने में दो से चार दिन का समय लग सकता है। इसके बाद कोरोना से पहले की स्थितियों में ट्रेनें बहाल हो जाएंगी।

रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आदेश में स्‍पष्‍ट किया गया है कि कोविड प्रोटोकाल का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। यानी सेकेंड क्‍लास में बगैर आरक्षण चलने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा ट्रेनों में सफर के दौरान कंबल,चादर, तकिया अभी नहीं दिया जाएगा। हालांकि रेलवे बोर्ड द्वारा कई श्रेणियों को दिए जाने वाले कंसेशन के संबंध में स्‍पष्‍ट नहीं किया गया है।

10 अक्टूबर से चलेंगी त्योहार स्पेशल ट्रेन, कई का विस्तार

यात्रियों को तोहफा वैष्णो देवी के लिए भी 2 ट्रेन

यात्रियों को तोहफा, 10 अक्टूबर से चलेंगी त्योहार विशेष रेलगाड़ियां- दो ट्रेनें वैष्णो देवी के लिए

नई दिल्ली (एजेंसी)। फेस्टीवल सीजन को देखते हुए 10 अक्टूबर से त्योहार विशेष रेलगाड़ियां शुरू होने जा रही हैं। फिलहाल दिल्ली से चलने वाली आठ ट्रेन की घोषणा की गई है। आगे इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। इनमें से नवरात्र के मौके पर दो ट्रेन श्री माता वैष्णो देवी कटरा के लिए भी हैं।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार बिहार और उत्तर प्रदेश के उन रूट्स की पहचान की जा रही है, जहां पिछले वर्ष दीपावली और छठ पर्व पर ट्रेन फुल रहीं या मांग अधिक रही थी। इसकी पहचान होने के बाद यहां के लिए त्योहार स्पेशल ट्रेन की घोषणा की जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार कुछ डिब्बे रिजर्व रखे जाएंगे, जिनका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर अंतिम समय में किया जाएगा। वहीं व्यस्त रूटों पर कुछ क्लोन ट्रेन चलाई जाएंगी, जिनका उपयोग यात्री आगे भी कर सकेंगे। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि बुकिंग काउंटर और आईआरसीटीसी के अधिकृत एजेंट से ही टिकट खरीदें। वर्ष 2020 में दिल्ली से करीब 40 से अधिक त्योहार विशेष ट्रेन चलाई गई थीं। इनमें से करीब 90 फीसदी ट्रेन बिहार और उत्तर प्रदेश के शहरों के लिए थीं।

आठ विशेष रेलगाड़ियां
ट्रेन संख्या             रूट                       कब से 
01633/ 01634   नई दिल्ली-कटड़ा      10 अक्तूबर
01676/ 01675  आनंद विहार-मुजफ्फपुर 11 अक्टूबर 
01662/ 01661  आनंद विहार-सहरसा 11 अक्तूबर
01671/ 01672  आनंद विहार- कटड़ा  11 अक्तूबर
01670/ 01669   नई दिल्ली-दरभंगा  11 अक्टूबर 
01660/  01659  नई दिल्ली-बरौनी    12 अक्तूबर
01668/ 01667  आनंद विहार-जयनगर 12 अक्तूबर
01674/ 01673  दिल्ली-वाराणसी     12 अक्तूबर

उत्तर और पश्चिम रेलवे ने बढ़ाई मार्च 2022 तक परिचालन अवधि

त्योहारों का महीना शुरु हो चुका है। टिकट के लिए मारामारी की स्थिति उत्पन्न ना होने देने के लिए रेलवे ने कई ट्रेनों के परिचालन अवधि का विस्तार करने का फैसला किया है। विभिन्न रेलवे जोन में ट्रेन की संख्या बढ़ाई जा रही है। वहीं, अलग-अलग रुट्स पर ट्रेनों के परिचालन अवधि में विस्तार किया जा रहा है। उत्तर रेलवे ने मुंबई, यूपी के बीच चलने वाली ट्रेनों की परिचालन अवधि बढ़ाई है, तो पश्चिम रेलवे ने गुजरात-बंगाल के बीच चलने वाली गाड़ियों की समयावधि बढ़ा दी है।

विदित हो कि त्योहारों के दौरान दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े महानगरों में काम करने वाले अधिकतर लोग अपने घरों को जाते हैं। ऐसे में लिमिटेड ट्रेनों की संख्या और लगातार बढ़ती भीड़ की वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना ना करना पड़े इसके लिए रेलवे इंतजाम कर रहा है.

विस्तारित की गई कुछ ट्रेन

-गाड़ी संख्या 01407 पुणे लखनऊ जंक्शन स्पेशल ट्रेन अब 29 मार्च तक चलेगी।
-गाड़ी संख्या 01408 लखनऊ जंक्शन पुणे स्पेशल का परिचालन 31 मार्च तक बढ़ाया गया।
-गाड़ी संख्या 02107 एलटीटी लखनऊ जंक्शन सुपरफास्ट स्पेशल 30 मार्च तक चलाई जाएगी।
-गाड़ी संख्या 02108 लखनऊ जंक्शन एलटीटी सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन का परिचालन 31 मार्च तक जारी रहेगा।
-गाड़ी संख्या 02099 पुणे लखनऊ जंक्शन स्पेशल ट्रेन का परिचालन 29 मार्च तक बढ़ाया गया।
-गाड़ी संख्या 02100 लखनऊ जंक्शन पुणे स्पेशल 30 मार्च तक चलाई जाएगी।
-गाड़ी संख्या 01079 एलटीटी गोरखपुर स्पेशल ट्रेन का परिचालन 31 मार्च तक बढ़ाया गया।
-गाड़ी संख्या 01080 गोरखपुर एलटीटी स्पेशल का परिचालन 2 मार्च तक बढ़ाया गया।

अहमदाबाद-बरौनी स्पेशल ट्रेन का विस्तार

वहीं पश्चिम रेलवे ने ट्वीट कर अहमदाबाद-बरौनी स्पेशल ट्रेन को 27 जनवरी 2022 से सप्ताह में एक बार आसनसोल स्टेशन तक विस्तारित करने की जानकारी दी है।

नवंबर तक शुरू हो जायेगा कानपुर व आगरा मेट्रो का संचालन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इसी साल नवम्बर तक कानपुर और आगरा में मेट्रो रेल का संचालन शुरू कर दिया जायेगा। योगी ने सोशल मीडिया वार्तालाप कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के चार महानगरों में मेट्रो रेल सेवाएं संचालित की जा रही हैं। नवम्बर तक कानपुर और आगरा मेट्रो रेल का संचालन शुरू हो जाएगा। मेरठ और दिल्ली के बीच आरआरटीएस का विकास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ​प्रदेश के विकास के लिए अवस्थापना सुविधाओं का विकास अत्यन्त आवश्यक है। इस पर फोकस करते हुए राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में एक्सप्रेस-वेज का संजाल बिछाया जा रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे लगभग पूरा हो चुका है और अगले माह किसी समय इसका लोकार्पण सम्भावित है। इसी प्रकार बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य बहुत तेजी से चल रहा है। इसका लोकार्पण भी दिसम्बर, 2021 तक सम्भावित है। मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नारे ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ पर चलते हुए प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में निरन्तर कार्य करते हुए तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का ​लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने का है। इसके लिए सारे प्रयास किए जा रहे हैं।  

यात्रीगण कृपया ध्यान दें-पटरी पर लौटीं अनरिजर्व्ड ट्रेन

यात्रियों के लिए खुशखबरी, पटरी पर लौटीं अनरिजर्व्ड ट्रेन

यात्रियों के लिए खुशखबरी, आज से पटरी पर लौटीं अनरिजर्व्ड ट्रेनें- देखें पूरी List

नई दिल्ली (एजेंसी) उत्तर रेलवे ने कई पूरी तरह से रिजर्व्ड मेल या एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेनों को अनरिजर्व्ड स्पेशल ट्रेन में बदलने का फैसला किया है। ये परिवर्तित अनरिजर्व्ड ट्रेनें भारतीय रेलवे नेटवर्क पर चलना शुरू हो गई हैं।

सभी रेल यात्रियों को हेल्पलाइन नंबर 139 या एनटीईएस ऐप (NTES App) के माध्यम से इन विशेष ट्रेन सेवाओं की विस्तृत टाइम टेबल की जांच करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, यात्री इन विशेष ट्रेनों के विवरण की जांच के लिए भारतीय रेलवे की वेबसाइट पर भी जा सकते हैं। हालांकि भारतीय रेलवे ने कहा कि सभी यात्रियों को केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकार के सभी कोविड संबंधित नॉर्म्स को सुनिश्चित करना चाहिए।

जानिए किन ट्रेन को मिली हरी झंडी👇

– ट्रेन संख्या 04640 फिरोजपुर कैंट रेलवे स्टेशन से साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) रेलवे स्टेशन प्रतिदिन चलेगी।
– ट्रेन संख्या 04639 साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) रेलवे स्टेशन से फिरोजपुर कैंट रेलवे स्टेशन प्रतिदिन चलेगी।
– ट्रेन संख्या 04488 फिरोजपुर कैंट रेलवे स्टेशन से चंडीगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन तक प्रतिदिन चलेगी।
– ट्रेन संख्या 04487 चंडीगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन से फिरोजपुर कैंट रेलवे स्टेशन तक प्रतिदिन चलेगी।
– ट्रेन संख्या 04669 फिरोजपुर कैंट रेलवे स्टेशन से हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन तक प्रतिदिन चलेगी।
– ट्रेन संख्या 04670 हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन से फिरोजपुर कैंट रेलवे स्टेशन तक प्रतिदिन चलेगी।
– ट्रेन संख्या 04538 नंगल डैम रेलवे स्टेशन से अमृतसर जंक्शन रेलवे स्टेशन तक प्रतिदिन चलेगी।
– ट्रेन संख्या 04537 अमृतसर जंक्शन रेलवे स्टेशन से नंगल डैम रेलवे स्टेशन तक प्रतिदिन चलेगी।
– ट्रेन संख्या 04489 अमृतसर जंक्शन रेलवे स्टेशन से पठानकोट जंक्शन रेलवे स्टेशन तक प्रतिदिन चलेगी।
– ट्रेन संख्या 04490 पठानकोट जंक्शन रेलवे स्टेशन से अमृतसर जंक्शन रेलवे स्टेशन तक प्रतिदिन चलेगी।

भारत में हाड्रोजन ईंधन से चलेंगीं ट्रेन

भारतीय रेलवे वैकल्पिक ईंधन संगठन (आईआरओएएफ) ने हरित रेलवे के लिए एक मिशन मोड पर, भारतीय रेलवे नेटवर्क पर हाइड्रोजन ईंधन सेल आधारित रेलगाड़ियों के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। देश में इस परियोजना से हाइड्रोजन परिवहन की अवधारणा की शुरुआत होगी। आरंभ में, उत्तर रेलवे के 89 किलोमीटर लम्बे सोनीपत-जींद खंड के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। शुरूआत में, 2 डीईएमयू रैक को परिवर्तित किया जाएगा और उसके बाद, 2 हाइब्रिड इंजनों को हाइड्रोजन ईंधन सेल ऊर्जा परिवहन के आधार पर परिवर्तित किया जाएगा। इस परियोजना से प्रतिवर्ष 2.3 करोड़ रुपए की बचत होगी।

नई दिल्ली। भारत में अब जल्द ही हाइड्रोजन पर आधारित तकनीक से चलने वाली ट्रेनों की शुरुआत की जा सकती है। इस तकनीक को सबसे पहले जींद और सोनीपत के बीच 89 किमी ट्रैक पर चलने वाली विकसित किया जाएगा। अगर ये तकनीक भारत में सफल होती है, तो दुनिया में भारत तीसरा ऐसा देश बन जाएगा, जहां ग्रीन एनर्जी का उपयोग किया जाएगा।

Ministry of Railways की प्रेस Release में बताया गया है कि “उन्नत रसायन सेल (एसीसी) बैटरी” और “राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन” भारत सरकार के दो प्रमुख कार्यक्रम हैं। इसके तहत पेरिस जलवायु समझौते 2015 और 2030 तक “मिशन नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन रेलवे” के तहत ग्रीन हाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन को कम करने के लक्ष्यों को पूरा किया जा सकेगा। इसके अनुसार, देश में हाइड्रोजन परिवहन की अवधारणा को शुरू करने के लिए हाल ही में बजटीय घोषणा की गई थी। इसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए, भारतीय रेलवे वैकल्पिक ईंधन संगठन (आईआरओएएफ), भारतीय रेलवे के हरित ईंधन वर्टिकल ने रेलवे नेटवर्क पर हाइड्रोजन ईंधन सेल आधारित रेलगाड़ियों के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। यह परियोजना उत्तर रेलवे के 89 किलोमीटर लम्बे सोनीपत-जींद खंड पर शुरू होगी।

प्रारंभ में, 2 डीईएमयू रैक को परिवर्तित किया जाएगा और बाद में, 2 हाइब्रिड इंजनों को हाइड्रोजन ईंधन सेल ऊर्जा परिवहन के आधार पर परिवर्तित किया जाएगा। ड्राइविंग कंसोल में कोई बदलाव नहीं होगा। साथ ही, इस परियोजना से प्रति वर्ष 2.3 करोड़ रुपये की बचत होगी।

परियोजना का विवरण:

स्वीकृत कार्य:

• 2 डेमू रैक पर रेलगाड़ियों के अनुप्रयोग के लिए ईंधन सेल संचालित हाइब्रिड ट्रैक्शन सिस्टम का प्रावधान 

•  2021-22 की वर्तमान पिंक बुक आइटम नंबर 723

• चालू वर्ष के दौरान 8 करोड़ रुपए का आवंटन

कार्य का संक्षिप्त दायरा:

• आरडीएसओ विनिर्देश संख्या आर 2/347/ईंधन सैल-1 जुलाई, 2021के अनुसार ऑन-बोर्ड उपकरण।

• आरडीएसओ विनिर्देश संख्या जुलाई 2021 का आर 2/347/ईंधन सेल-1 के अनुसार कार्य स्थल पर स्थिर (जमीन पर) हाइड्रोजन भंडारण और फिलिंग स्टेशन।

निविदा प्रसंस्करण:

• दो बोली-पूर्व सम्मेलन 17/08/2021 और 09/09/2021 को निर्धारित है।

• प्रस्ताव जमा करने की 21/09/2021 से शुरुआत होगी।

• निविदा खोलने की तिथि 05/10/2021 है।

स्वचालित ट्रेन शौचालय सीवरेज निपटान प्रणाली – जैव शौचालयों के लिए एक लागत प्रभावी विकल्प

नई दिल्ली (एकलव्य बाण समाचार)। भारतीय रेलवे की शौचालय प्रणाली को बनाए रखने के लिए शौचालय कचरे के संग्रहण के लिए एक स्वचालित तकनीक का उपयोग किया जा सकता है।स्वचालित तकनीक का रखरखाव आसान है। एक भारतीय वैज्ञानिक द्वारा विकसित जैव शौचालय सात गुना सस्ता विकल्प है।

वर्तमान जैव शौचालय मानव अपशिष्ट को गैस में बदलने के लिए एनारोबिक बैक्टीरिया का उपयोग करते हैं, लेकिन वह बैक्टीरिया यात्रियों द्वारा शौचालयों में फेंकी गई प्लास्टिक और कपड़े की सामग्री को विघटित नहीं कर सकते। इसलिए टैंक के अंदर ऐसी गैर-विघटित सामग्रियों का रखरखाव और उन्हें हटाना कठिन है।

चेब्रोलु इंजीनियरिंग कॉलेज के डॉ. आर. वी. कृष्णैया द्वारा विकसित प्रौद्योगिकी चलती ट्रेनों से शौचालय कचरे के संग्रह और विभिन्न सामग्रियों के अलगाव और उपयोग करने योग्य चीजों में प्रसंस्करण के लिए एक स्वचालित प्रणाली है।

‘मेक इन इंडिया’ पहल के साथ जुड़े विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के उन्नत मैन्युफैक्चरिंग प्रौद्योगिकी कार्यक्रम के समर्थन से विकसित प्रौद्योगिकी को पांच राष्ट्रीय पेटेंट प्रदान किए गए हैं और यह परीक्षण के चरण में है।

स्वचालित प्रणाली में तीन सरल चरण होते हैं-सेप्टिक टैंक (जो ट्रैक के नीचे रखा जाता है, यानी ट्रेन लाइन) टॉप कवर तब खोला जाता है जब ट्रेन क्रमशः इंजन और सेप्टिक टैंक स्थिति में रखे गए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) सेंसर और रीडर का उपयोग करके सेप्टिक टैंक स्थान पर पहुंच जाती है, शौचालय टैंक में सीवरेज सामग्री को सेप्टिक टैंक में छोड़ दिया जाता है जब वे पारस्परिक रूप से तालमेंल में होते हैं और अंत में सेप्टिक टैंक कवर बंद हो जाता है जब ट्रेन इससे दूर हो जाती है।

ट्रेन के शौचालयों से एकत्र सीवरेज सामग्री को अलग किया जाता है ताकि मानव अपशिष्ट को एक टैंक में संग्रहित किया जा सके, और अन्य सामग्री जैसे प्लास्टिक सामग्री, कपड़े की सामग्री दूसरे टैंक में संग्रहीत की जाती है। मानव अपशिष्ट को उपयोग करने योग्य सामग्री में बदलने के लिए अलग से प्रसंस्कृत किया जाता है। प्लास्टिक और कपड़े की सामग्री अलग से प्रसंस्कृत की जाती है।

इस तकनीक को विशेष रूप से लागत में कमी लाने और समय लेने वाले एनारोबिक बैक्टीरिया उत्पादन की आवश्यकता का निराकरण करने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे को लक्षित करते हुए विकसित किया गया है। बायो टॉयलेट के विपरीत, जिसकी लागत एक लाख प्रति यूनिट है, नई तकनीक से लागत घटकर केवल 15 हजार रुपये रह जाती है। डॉ. आर.वी.कृष्णैया ने इस तकनीक को और अधिक बढ़ाने के लिए एमटीई इंडस्ट्रीज के साथ करार किया

विस्तृत विवरण के लिए डा. आर.वी.कृष्णैया  (9951222268, r.v.krishnaiah@gmail.com) से संपर्क किया जा सकता है।

एकलव्य बाण समाचार

तीन ट्रेन रद्द रहेंगी कल परसों

नौ घंटे का ब्लाक, चार ट्रेनें रहेंगी रद्द। हरिद्वार-देहरादून रेलमार्ग पर होना है गर्डर्स बदलने का कार्य। एनएचएआई करेगी रायवाला-कांसरो के बीच आरयूबी पर काम।

नजीबाबाद (बिजनौर) उत्तर रेलवे की ओर से एनएचएआई के अनुरोध पर हरिद्वार-देहरादून रेलमार्ग पर रेलवे स्टेशन रायवाला व कांसरो के बीच आरएच गर्डर्स बदलने के चलते नौ घंटों का ब्लाक दिया गया है। इस वजह से देहरादून से संचालित होने वाली तीन ट्रेनें चार व पांच मई को कैंसिंल रहेंगी।

उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल की वरिष्ठ रेल वाणिज्य प्रबंधक रेखा शर्मा ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में कहा है कि पांच मई को हरिद्वार-देहरादून रेलमार्ग पर रेलवे स्टेशन रायवाला व कांसरो के बीच आरयूबी पर आरएच गर्डर्स बदलने का कार्य किया जाएगा। इसको लेकर इंडियन नेशनल हाइवे के अधिकारियों की ओर से किए गए अनुरोध पर पांच मई को सुबह 06:30 बजे से शाम 15:30 बजे तक उक्त रेलमार्ग पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह बाधित रहेगा। उक्त रेल मार्ग पर नौ घंटों का ब्लाक जारी किए जाने के चलते पांच मई को ऋषिकेश-पुरी स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 08478 डाउन के गंतव्य के लिए प्रस्थान करने के बाद आगामी नौ घंटों के लिए सभी ट्रेनों का परिचालन रोक दिया जाएगा। इस कार्य की वजह से चार मई को देहरादून से दिल्ली के लिए जाने वाली (मसूरी एक्सप्रेस) ट्रेन संख्या 04041 तथा पांच मई को दिल्ली से देहरादून करे लिए चलने वाली (मसूरी एक्सप्रेस) ट्रेन संख्या 04042 को रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा देहरादून-दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 02017 अप तथा दिल्ली-देहरादून शताब्दी एक्सप्रेस टे्रन सं 02018 डाउन को भी पांच मई के लिए रद्द कर दिया गया है।

आज से फेस्टिवल स्पेशल के नाम से चलेगी जनसेवा एक्सप्रेस

जनसेवा एक्सप्रेस को मिला फेस्टिवल स्पेशल का नाम
आज से सप्ताह में तीन दिन रेलवे करेगा संचालन

बिजनौर। कोरोना संक्रमण काल के शुरुआती दौर से बंद जनसेवा एक्सप्रेस का संचालन दो अप्रैल से सप्ताह में तीन दिन होने जा रहा है। नजीबाबाद में पूर्व की भांति ट्रेन का स्टॉपेज जारी रहेगा।
जानकारी के अनुसार दरभंगा से अमृतसर के बीच चलने वाली जनसेवा एक्सप्रेस कोरोना के शुरुआती समय से बंद पड़ी है। रेलवे सूत्रों के अनुसार अब दो अप्रैल २०२१ से जनसेवा एक्सप्रेस के ही नंबर से फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन शुरू होने जा रही है। स्पेशल ट्रेन अप दिशा में नजीबाबाद से मंगलवार, शुक्रवार व रविवार को गुजरेगी, वहीं डाउन दिशा में मंगलवार, गुरुवार व रविवार को नजीबाबाद से गुजरेगी।
नजीबाबाद स्टेशन पर तैनात सीएमआई आरके सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि फेस्टिवल स्पेशल 05211 अप एक अप्रैल को सायं 5:20 बजे दरभंगा से रवाना होकर दो अप्रैल को अपराह्न 3:50 बजे मुरादाबाद पहुंचेगी। सायं 5:14 बजे नजीबाबाद, सायं 5:58 बजे लक्सर तथा सहारनपुर-अंबाला होते हुए तीन अप्रैल को देर रात्रि 1:45 बजे अमृतसर पहुंचेगी। वहीं फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन  05212 डाउन अमृतसर से तीन अप्रैल को सायं 7:15 बजे रवाना होकर अंबाला, सहारनपुर, लक्सर होते हुए चार अप्रैल को तड़के 3:26 बजे नजीबाबाद पहुंचेगी।  प्रात: 5:07 बजे मुरादाबाद पहुंचकर पांच अप्रैल को देर रात 2:55 बजे दरभंगा पहुंचेगी।

अब 11 Pm to 5 Am ट्रेन में मोबाइल चार्जिंग नहीं!

मुंबई। ट्रेन में यात्री अब रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक मोबाइल चार्ज नहीं कर पाएंगे। इस दौरान चार्जिंग प्वाइंट स्विच ऑफ रहेंगे। ये फैसला आग की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी रोकथाम के मद्देनजर लिया गया है। 

भारतीय रेलवे ने अपना नियम बदल दिया है। पश्चिमी रेलवे के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर सुमित ठाकुर के अनुसार यह बड़ा फैसला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही लिया गया है। सूत्रों का कहना है कि 13 मार्च को दिल्ली-देहरादून शताब्दी एक्सप्रेस में आग लग गई थी। इसके अलावा रेलवे ने धूम्रपान करने वालों पर भी नकेल कसने का फैसला किया है। रेलवे ऐसे अपराधों के लिए सजा में वृद्धि का प्रस्ताव करने की योजना बना रहा है। रेल अधिनियम की धारा 167 के तहत गाडिय़ों के अंदर धूम्रपान करने वालों को दंडित किया जाता है। धूम्रपान करने वाले यात्रियों को 100 रुपए तक का जुर्माना देना पड़ता है।

होली पर चलेंगी कई स्पेशल ट्रेन

होली पर कई यात्री गाड़ियों के संचालन को रेल मंत्रालय की तैयारी

नई दिल्ली। होली के अवसर पर विशेष रेलगाड़ियां चलाने का ऐलान रेल मंत्रालय ने किया है। इनका संचालन दिल्ली से किया जाएगा, जो मंडल मुख्यालय मुरादाबाद से होकर गुजरेंगी। कोलकाता और असम से चलने वाली कई ट्रेन वैष्णोदेवी कटरा जक जाएंगी। इन ट्रेन के संचालन की तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। कुछ ट्रेन अप्रैल माह के पहले सप्ताह तक चलेंगी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक और मंडल की प्रवक्ता रेखा शर्मा ने बताया कि होली और त्योहार स्पेशल ट्रेन के संचालन में कोविड प्रोटोकाल का पालन कराया जाएगा।

आनंद विहार टर्मिनल-वाराणसी स्पेशल रेल प्रवक्ता के अनुसार 04032 आनंद विहार टर्मिनल-वाराणसी स्पेशल रेलगाड़ी के रूप में सप्ताह में 3 दिन 22 से 31 मार्च तक प्रत्येक बुधवार, शुक्रवार और सोमवार को आनंद विहार टर्मिनल से सायं 06:15 बजे प्रस्थान करके अगले दिन सुबह 08:05 बजे वाराणसी पहुंचेगी। वापसी में 04031 वाराणसी-आनंद विहार टर्मिनल 21से 30 मार्च तक प्रत्येक मंगलवार, गुरुवार और रविवार को वाराणसी से सायं 07:30 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 09:30 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी। मार्ग में यह मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ और भदोई स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

बठिंडा-वाराणसी साप्ताहिक एक्सप्रेस 04998 बठिंडा-वाराणसी साप्ताहिक एक्सप्रेस स्‍पेशल रेलगाड़ी 21 से 28 मार्च तक बठिंडा से प्रत्येक रविवार को रात्रि 09:05 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सायं 04:40 बजे वाराणसी पहुंचेगी। वापसी में 04997 वाराणसी-बठिंडा साप्ताहिक एक्सप्रेस 22 से 29 मार्च तक वाराणसी से प्रत्येक सोमवार को रात्रि 09:20 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सायं 04:50 बजे बठिंडा पहुंचेगी। यह रेलगाड़ी रामपुरा फूल, बरनाला, बामला, धूरी, पटियाला, राजपुरा, अंबाला छावनी, यमुनानगर, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ तथा सुल्तानपुर स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

वैष्णो देवी कटरा-वाराणसी साप्ताहिक एक्सप्रेस 04608 श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा-वाराणसी साप्ताहिक एक्सप्रेस 21 तथा 28 मार्च को वैष्णो देवी कटरा से सांय 06:45 बजे प्रस्‍थान करके अगले दिन रात्रि 10:15 बजे वाराणसी पहुंचेगी। वापसी में 04607 वाराणसी-श्रीमाता वैष्णो देवी एक्सप्रेस 23 तथा 30 मार्च को वाराणसी से सुबह 06:35 बजे प्रस्‍थान कर अगले दिन सुबह 09:20 पर कटरा पहुंचेगी। मार्ग में यह ऊधमपुर, जम्मू तवी, पठानकोट छावनी, जालंधर छावनी, लुधियाना, अंबाला छावनी, यमुनानगर जगाधरी, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ और सुल्तानपुर स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

आनंद विहार टर्मिनल-लखनऊ एसी सुपर फास्ट 04422 आनंद विहार टर्मिनल-लखनऊ एसी सुपर फास्ट एक्सप्रेस स्पेशल रेलगाड़ी 24 और 31 मार्च को आनंद विहार टर्मिनल से रात्रि 08:10 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 04:20 बजे लखनऊ पहुंचेगी। वापसी में 04421 लखनऊ-आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस 23 और 30 मार्च को लखनऊ से रात्रि 09:20 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 05:45 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी। मार्ग में यह गाजियाबाद, मुरादाबाद और बरेली स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

लखनऊ-हजरत निजामुद्दीन एसी सुपरफास्ट 04423 लखनऊ-हजरत निजामुद्दीन एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस 25 मार्च और एक अप्रैल को लखनऊ से रात्रि 09:20 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 05:45 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी। वापसी में 22 और 29 मार्च को हजरत निजामुद्दीन से रात्रि 08:10 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 04:20 बजे लखनऊ पहुंचेगी। यह गाजियाबाद, मुरादाबाद और बरेली स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

चंडीगढ़-गोरखपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस 04924 चंडीगढ़-गोरखपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस बृहस्पतिवार को चंडीगढ़ से रात 11:20 बजे प्रस्‍थान कर अगले दिन सायं 05.15 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। वापसी में 19 और 26 मार्च को प्रत्येक शुक्रवार को गोरखपुर से रात्रि 10:10 बजे प्रस्‍थान कर अगले दिन दोपहर 03:30 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगी। यह अंबाला छावनी, यमुनानगर, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा और बस्ती स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी ।

नई दिल्ली-बरौनी सुपर फास्ट स्पेशल 04040 नई दिल्ली-बरौनी सुपर फास्ट स्पेशल 19, 23, 26और 30 मार्च को नई दिल्ली से सांय 07:25 बजे प्रस्थान कर अगले दिन दोपहर 03:00 बजे बरौनी पहुंचेगी। वापसी में 20, 24, 27 और 31 मार्च को बरौनी से प्रत्येक बुधवार और शनिवार को सायं 07:30 बजे प्रस्थान कर अगली सायं 04:15 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। यह गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, बाराबंकी, गोरखपुर, सीवान, छपरा तथा हाजीपुर स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

नांगलडैम-लखनऊ साप्‍ताहिक स्पेशल 04510 नांगलडैम-लखनऊ साप्‍ताहिक स्पेशल 22 और 29 मार्च को नांगलडैम से रात्रि 11:45 बजे प्रस्‍थान कर अगले दिन दोपहर 02:00 बजे लखनऊ पहुंचेगी। वापसी में 23 और 30 मार्च को रात्रि 09:30 बजे लखनऊ से प्रस्‍थान कर अगले दिन दोपहर एक बजे नांगलडैम पहुंचेगी। यह रूपनगर, चंडीगढ़, अंबाला छावनी, जगाधरी, सहारनपुर, मुरादाबाद और बरेली स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

नांगलडैम-कोलकाता साप्ताहिक सुपरफास्ट 04520 नांगलडैम-कोलकाता साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल 20 और 27 मार्च को नांगलडैम से सुबह 06:50 बजे प्रस्थान कर अगले दिन दोपहर 02:45 बजे कोलकाता पहुंचेगी। वापसी में 22 और 29 मार्च को कोलकाता से सुबह 07:40 बजे प्रस्थान कर अगली सायं 03:55 बजे नांगलडैम पहुंचेगी। मार्ग में यह आनंदपुर साहिब, रूपनगर, सरहिंद, अंबाला, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, वाराणसी, पं. दीनउपाध्याय, पटना, क्यूल, झाझा, जसीडीह और आसनसोल स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

आनंद विहार टर्मिनल-कामाख्या साप्ताहिक स्पेशल 04050 आनंद विहार टर्मिनल-कामाख्या साप्ताहिक स्पेशल 19 तथा 26 मार्च को आनंद विहार टर्मिनल से रात्रि 11:45 बजे प्रस्थान कर तीसरे दिन सायं 03:30 बजे कामाख्या पहुंचेगी। वापसी दिशा में 04049 कामाख्या-आनंद विहार स्पेशल 23 तथा 30 मार्च को कामाख्या से सुबह 05:35 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सायं 06:15 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी। यह गाजियाबाद, हापुड़, मुरादाबाद, चंदोसी, सीतापुर, गोंडा, मनिकापुर, बस्ती, गोरखपुर, सीवान, छपरा, हाजीपुर, बरौनी, खगड़िया, नौगछियां, कटिहार, किशनगंज, न्यूजलपाईगुडी, बिन्नगुड़ी, अलीपुर द्वार, कोकराझार, न्यूबंगोई गांव तथा गोलपाड़ा टाउन स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी ।

कम दूरी वाली ट्रेनों का किराया हुआ दोगुना


रेलवे ने यात्रियों को दिया महंगाई का झटका, कम दूरी वाली ट्रेनों का बढ़ाया किराया, रेलवे की दलील है कि कोरोना काल में लोग कम यात्रा करें, इसलिए यह किराया बढ़ाया गया है।

दिल्ली। कोरोना महामारी से उबरने की कोशिश कर रहे आम आदमी पर महंगाई की मार पड़ रही है। रेलवे ने यात्री किराया भी बढ़ा दिया है। पैसेंजर और कम दूरी की ट्रेनों में यह किराया बढ़ाया गया है। अभी ऐसी 326 ट्रेनों रोज चल रही हैं। रेलवे की दलील है कि कोरोना काल में लोग कम यात्रा करें, इसके लिए यह किराया बढ़ाया गया है। इस तरह इन पैसेंजर ट्रेन का किराया मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के अनारक्षित डिब्बों के किराए के बराबर हो गया है। अभी यह साफ नहीं है कि आने वाले दिनों में यह बढ़ा हुआ किराया कम होगा या नहीं।

कितना बढ़ा किराया? यदि किसी यात्री को 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित दो स्टेशनों के बीच यात्रा करना है, तो उसका किराया 10 रुपए का था तो अब 20 रुपए हो गया है। हालांकि इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले पर बोझ कम पड़ेगा। उदाहरण के लिए यदि किसी को 150 किलोमीटर की दूरी पर स्थित दो स्टेशनों के बीच यात्रा करना है तो यहां महज 10% ही किराया बढ़ेगा।

अब रेल टिकट कैंसिल करने के तुरंत बाद refund आ जाएगा आपके खाते में

यात्रीगण कृपया ध्यान दें-अब रेल टिकट कैंसिल करने के तुरंत बाद refund आ जाएगा आपके खाते में, IRCTC ने अपनी वेबसाइट को अपग्रेड करने के साथ ही अपना पेमेंट गेटवे IRCTC-iPay भी शुरू

नई दिल्ली। ट्रेन यात्रियों को टिकट कैंसिल करने के बाद रिफंड के लिए अब इंतजार नहीं करना होगा। भारतीय रेलवे ने ऑनलाइन टिकट कैंसिल कराने वालों के लिए एक नई सुविधा की शुरुआत की है। रेल मंत्रालय की कंपनी इंडियन रेलवे टूरिज्म एवं कैटरिंग कारपोरेशन (IRCTC) ने अपनी वेबसाइट को अपग्रेड करने के साथ ही अपना पेमेंट गेटवे IRCTC-iPay भी शुरू किया है। इससे टिकट रद्द कराने के साथ ही उसका रिफंड तुरंत उपभोक्ता के खाते में आ जाएगा।
IRCTC ने अपने भुगतान गेटवे आई-पे को आटो-पे फीचर से लैस कर दिया है। इस सुविधा से टिकट बुक करने वाले किसी भी व्यक्ति को अपने UPI या अन्य भुगतान के लिए सिर्फ एक बार अनुमति देनी होगी। IRCTC के मुताबिक आटो-पे की सुविधा पूरी तरह से भरोसेमंद है। यह सुविधा तत्काल बुकिंग के लिए रिफंड समय को कम करने के लिए भी है। फिलहाल IRCTC बैंकों के गेटवे का इस्तेमाल करता है, जिसके चलते पेमेंट में समय लगता है। आईआरसीटीसी ने बताया है कि उसने प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के विजन के तहत अपने यूजर इंटरफेस को अपग्रेड किया है। इसकी वजह से यह इंटरनेट टिकटिंग वेबसाइट एशिया पैसिफिक की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स वेबसाइटों में से एक हो गई है। इस पर भारतीय रेलवे के कुल रिजर्व टिकटों का 83 फीसदी टिकट बुक होता है। पेटीएम भी ट्रेन की टिकट करने की सुविधा देता है। पेटीएम के जरिए आप आईआरसीटीसी से टिकट बुक कर सकते हैं। इस सुविधा से आपको टिकट मिलने की संभावना बढ़ने के साथ ही आपके समय में भी बचत होगी। साथ ही टिकट कैंसिल करते ही पेमेंट तुरंत आपके खाते में आ जाएगा।

दूसरी ओर IRCTC फरवरी और मार्च में गुजरात के राजकोट से चार तीर्थयात्री विशेष ट्रेनें चलाएगी। सभी चार ट्रेनें राजकोट से चलेंगी और वहीं इनका अंतिम पड़ाव होगा। इसी महीने से दो तीर्थयात्री विशेष ट्रेनें शुरू हो रही हैं। नासिक, औरंगाबाद, परली, कुरनूल , रामेश्वरम, मदुरै और कन्याकुमारी को कवर करने वाली ‘दक्षिण दर्शन’ तीर्थ स्पेशल ट्रेन 14 फरवरी से 25 फरवरी तक होगी।

लखनऊ में पटरी से उतरीं शहीद एक्सप्रेस की दो बोगियां

पटरी से उतरीं शहीद एक्सप्रेस की दो बोगियां
लखनऊ: चारबाग रेलवे स्टेशन पर शहीद एक्सप्रेस के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। घटना से हड़कंप मच गया। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक जगतोष शुक्ला ने बताया, ‘‘सोमवार सुबह करीब आठ बजे अमृतसर से जयनगर जा रही ट्रेन संख्या 14674 शहीद एक्सप्रेस जैसे ही चारबाग के प्लेटफॉर्म से आगे बढ़ी, उसके दो डिब्बे पटरी से उतर गये। हालांकि, हादसे में किसी यात्री को कोई नुकसान नहीं हुआ।’’ बोगियों को पटरी पर लाने का काम शुरू कर दिया गया है।

अमृतसर से जयनगर जाने वाली ट्रेन संख्या 14674 शहीद एक्सप्रेस चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंची। यहां कुछ यात्री उतरे और जयनगर जाने के लिए कुछ यात्री ट्रेन में चढ़े। स्टेशन से निकलकर कुछ दूर चलते ही खम्मन पीर की मजार के पास ट्रेन की दो बोगियां पटरी से उतर गईं, जिससे हड़कंप मच गया।
ट्रेन के झटके से रुक जाने की वजह से सो रहे यात्रियों की नींद टूट गई और वह घबरा गए। आनन-फानन कंट्रोल रूम के जरिए रेलवे प्रशासन को सूचना मिली की दो बोगियां डी1 और थर्ड एसी बोगी बी5 पटरी से उतर गई हैं, जिसके बाद रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे। इन बोगियों में 100 से अधिक यात्री थे, हालांकि यात्रियों को कोई चोट नहीं आई है। ट्रेन की स्पीड कम थी इस वजह से बड़ा हादसा होने से बच गया। वहीं दूसरी तरफ ट्रेन के डिरेलमेंट को लेकर आला अधिकारियों की टीम भी मौके पर पहुंची और बोगियों को पटरी पर लाने का काम किया जा रहा है।

दिल्‍ली – वाराणसी हाई स्‍पीड रेल गलियारे के लिए लिडार (एरियल ग्राउंड) सर्वेक्षण शुरू

हाई स्‍पीड रेल का कार्य जोरों पर 

दिल्‍ली – वाराणसी हाई स्‍पीड रेल गलियारे के लिए लिडार (एरियल ग्राउंड) सर्वेक्षण शुरू किया गया 

नई दिल्ली। हाई स्‍पीड रेल का कार्य जोरों पर चल रहा है। लिडार (एरियल ग्राउंड) सर्वेक्षण शुरू होने के साथ ही दिल्‍ली – वाराणसी हाई स्‍पीड रेल गलियारे के लिए हाई स्‍पीड रेल के कार्य ने जोर पकड़ लिया है। ग्रेटर नोएडा से दिल्‍ली – वाराणसी हाई स्‍पीड रेल गलियारे के लिए लिडार सर्वेक्षण आज शुरू किया गया, जहां अत्‍याधुनिक एरियल लिडार तथा इमेज़री सेंसरों से सुसज्जित एक हैलिकॉप्‍टर ने पहली उड़ान भरी और ग्राउंड सर्वेक्षण से संबंधित डेटा प्राप्‍त किया।

राष्‍ट्रीय हाई स्‍पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा लाइट डिटेक्‍शन और रेंजिंग (लिडार) सर्वेक्षण तकनीक का इस्‍तेमाल किया जा रहा है, जो 3 से 4 महीने में ग्राउंड संबंधी सभी विवरण तथा डेटा उपलब्‍ध कराता है, जबकि इस प्रक्रिया में सामान्‍य तौर पर 10 से 12 महीने का समय लगता है। 

इस लाइनियर इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर परियोजना के लिए ग्राउंड सर्वेक्षण एक महत्‍वपूर्ण क्रियाकलाप है, क्‍योंकि इस सर्वेक्षण से रेल मार्ग के आसपास के क्षेत्रों का सटीक विवरण प्राप्‍त होता है। इस तकनीक में सटीक सर्वेक्षण डेटा प्राप्‍त करने के लिए लेजर डेटा, जीपीएस डेटा, फ्लाइट पैरामीटरों तथा वास्‍तविक तस्‍वीरों का एक साथ इस्‍तेमाल किया जाता है।

रेल मार्ग के आसपास 300 मीटर के क्षेत्र शामिल-
एरियल लिडार सर्वेक्षण के दौरान, सर्वेक्षण के उद्देश्‍य को लेकर प्रस्‍तावित रेल मार्ग के आस-पास 300 मीटर (दोनों तरफ 150 मीटर) के क्षेत्र को शामिल किया जा रहा है। डेटा प्राप्‍त करने के बाद प्रस्‍तावित रेल मार्ग के दोनों तरफ 50 मीटर गलियारे का स्‍थलाकृति संबंधी त्रि-आयामी नक्‍शा 1:2500 के पैमाने पर उपलब्‍ध होगा, ताकि रेलमार्ग का ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज डिजाइन, संरचना, स्‍टेशनों एवं डिपो के स्‍थान, गलियारे के लिए भूमि की आवश्‍यकता, परियोजना से प्रभावित भूखंडों/संरचनाओं की पहचान, तौर-तरीके आदि निर्धारित किये जा सकें।

इस क्षेत्र में भारतीय सर्वेक्षण द्वारा निर्धारित 9 स्‍तरीय मानकों के अनुसार, 86 मास्‍टर कंट्रोल प्‍वाइंट तथा 350 सैकेंडरी कंट्रोल प्‍वाइंट स्‍थापित किये गये हैं एवं दिल्‍ली – वाराणसी हाई स्‍पीड रेल गलियारे के मार्ग पर विमान की उड़ान के लिए इन को-आर्डिनेटों का इस्‍तेमाल किया जा रहा है।

संरचनाओं, पेड़ों की स्‍पष्‍ट तस्‍वीर प्राप्‍त करने तथा भूमि संबंधी अन्‍य विवरणों के लिए लिडार सर्वेक्षण में 60 मेगापिक्‍सल कैमरों का इस्‍तेमाल किया जा रहा है।

राष्‍ट्रीय हाई स्‍पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को 7 हाई स्‍पीड रेल गलियारे के लिए विस्‍तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का कार्य सौंपा गया है तथा इन सभी गलियारों में ग्राउंड सर्वेक्षण के लिए लिडार सर्वेक्षण तकनीक का इस्‍तेमाल किया जाएगा।

जुड़ेंगे मथुरा, आगरा, इटावा, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही, वाराणसी और अयोध्या जैसे प्रमुख शहर-

दिल्ली – वाराणसी हाई स्पीड रेल गलियारे की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट 29 अक्टूबर, 2020 को रेल मंत्रालय को सौंपी गई। दिल्‍ली – वाराणसी हाई स्‍पीड रेल गलियारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्‍ली (एनसीटी) को मथुरा, आगरा, इटावा, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही, वाराणसी और अयोध्या जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ेगा। दिल्ली से वाराणसी तक मुख्य गलियारा (लगभग 800 किमी) अयोध्या से भी जुड़ा होगा। हाई स्पीड रेल (एचएसआर) मार्ग उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी जोड़ेगा।

हाई रिजोल्‍यूशन लिडार उड़ान से प्राप्‍त वीडियो डाउनलोड करने के लिए लिंक:

https://drive.google.com/drive/folders/1p1WF3veRiUM2_gKuzgHQY1YynoZl_9RN

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2024 से रेलवे में प्रतीक्षा सूची खत्म करने की बात भ्रामक

नई दिल्ली। रेल मंत्रालय ने 2024 से रेलगाडि़यों के लिए प्रतीक्षा सूची के बारे में प्रकाशित की जा रही खबरों के संबंध में स्‍पष्‍टीकरण दिया है। मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार विभिन्‍न समाचार पत्रों एवं ऑनलाइन प्रकाशनों ने राष्‍ट्रीय रेल योजना के प्रारूप को व्‍यापक कवरेज दिया है। कुछ खबरों के अनुसार ऐसा प्रतीत होता है कि, रेलवे ने कहा है कि 2024 से कोई प्रतीक्षा सूची नहीं होगी या 2024 तक केवल कंफर्म टिकटें ही उपलब्‍ध होंगी। रेलवे यह बताना और स्‍पष्‍ट करना चाहेगी कि रेलगाडि़यों को मांग के अनुसार उपलब्‍ध कराने के लिए क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे यात्रियों के लिए प्रतीक्षा सूची में आने की संभावना कम हो जाएगी। प्रतीक्षा सूची एक ऐसा प्रावधान है, जो हमेशा बनी रहती है। जब किसी रेलगा‍ड़ी में यात्रियों द्वारा की गई मांग बर्थ या उपलब्‍ध सीटों की संख्‍या से अधिक होती है। इस प्रावधान को समाप्‍त नहीं किया जा रहा है। ‘प्रतीक्षा सूची’ एक ऐसा प्रावधान है जो मांग एवं उपलब्‍धता में उतार-चढ़ाव को कम करने के लिए एक बफर के रूप में कार्य करती है।
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