चार दिन चलेगी होली स्पेशल ट्रेन

नजीबाबाद (बिजनौर)। होली पर्व पर रेलवे नौ मार्च से निश्चित चार तिथियों में अमृतसर से बनमनखी बिहार के बीच चार दिन होली स्पेशल ट्रेन चलाएगा।

होली पर्व पर यात्रियों को अमृतसर से बनमनखी के बीच सफर करने वाले रेल यात्रियों के लिए रेलवे ने चार निश्चित तिथियों में दोनों दिशा से होली स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। अमृतसर से डाउन दिशा के लिए नौ मार्च, 13 मार्च, 17 मार्च और 21 मार्च को होली स्पेशल ट्रेन चलेगी। वापसी में बनमनखी बिहार से अमृतसर के लिए 11 मार्च, 15 मार्च, 19 मार्च और 23 मार्च को स्पेशल ट्रेन चलेगी।

सीएमआई आरके सिंह ने बताया कि अमृतसर से प्रातः 6:35 बजे होली स्पेशल ट्रेन रवाना होकर दोपहर 2:30 बजे नजीबाबाद स्टेशन पहुंचेगी। उधर बनमनखी से निर्धारित तिथियों में ट्रेन प्रातः 6:30 बजे रवाना होकर अगले दिन 8:36 बजे नजीबाबाद रेवले स्टेशन पहुंचेगी। दोनों दिशा से ट्रेन का सहारनपुर, लक्सर, नजीबाबाद, स्योहारा और मुरादाबाद स्टॉपेज रहेगा। नजीबाबाद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन को पांच मिनट का स्टॉपेज दिया गया है।

मीडिया से रहना है दूर? उत्तर रेलवे अपनी बात से पलटा

मंडल रेल प्रशासन ने महाप्रबंधक उत्तर रेलवे को पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों से दूर रखने की कही थी बात। आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा ने किया खुलासा।

नजीबाबाद (बिजनौर)। महाप्रबंधक उत्तर रेलवे को पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों से दूर रखने की बात करने वाला मंडल रेल प्रशासन अब अपनी बात से पलट गया और कहा कि महाप्रबंधक को मीडिया से ना मिलने संबंधित कोई आदेश जारी नहीं किए गए थे।
उल्लेखनीय हो कि 27 दिसंबर 2021को उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल नजीबाबाद रेलवे स्टेशन का एक दिवसीय निरीक्षण करने आए थे, जिसमें उन्होंने विभिन्न कार्यालय अनुभागों आदि का निरीक्षण किया था। निरीक्षण से पूर्व रेल प्रशासन मुरादाबाद द्वारा कह दिया गया था कि महाप्रबंधक उत्तर रेलवे किसी भी जनप्रतिनिधि या फिर मीडिया से कोई वार्ता नहीं करेंगे। जब इस बात की जानकारी आदर्श नगर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा को लगी तो उन्होंने खुद मंडल रेल प्रबंधक मुरादाबाद अजय नंदन से इस संबंध में मोबाइल पर वार्ता की, जिस पर मंडल रेल प्रबंधक ने आरटीआई कार्यकर्ता से कहा कि महाप्रबंधक उत्तर रेलवे आशुतोष गंगल का जनप्रतिनिधियों और मीडिया से कोई मिलने का कार्यक्रम नहीं है। आरटीआई कार्यकर्ता ने रेल मंत्री भारत सरकार से की शिकायत में अवगत कराया कि किस प्रकार से महाप्रबंधक उत्तर रेलवे को जनप्रतिनिधियों तथा मीडिया से अलग रखकर सरकार की नीतियों को जन जन तक पहुंचाने से रोका जा रहा है, जो कि गलत है। रेल मंत्रालय ने इस संबंध की जांच सहायक महाप्रबंधक उत्तर रेलवे बड़ौदा हाउस को सौंपी। उपसचिव शिकायत कार्यालय बड़ोदा हाउस नई दिल्ली ने इस संबंध में मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय मुरादाबाद से रिपोर्ट मांगी, जिस पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उत्तर रेलवे मुरादाबाद में अपनी आख्या रिपोर्ट में कहा कि महाप्रबंधक के बाद के दौरान जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों को उनसे ना मिलने देने संबंधी कोई भी आदेश जारी नहीं किए गए थे और इसकी भी विधिवत सूचना पत्रकारों तथा जनप्रतिनिधियों को दी गई थी। वार्षिक निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान नजीबाबाद और धामपुर में जनप्रतिनिधियों ने महाप्रबंधक से बैठक कर बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी। रेल प्रशासन मुरादाबाद द्वारा इस तरह अपनी बात से पलट जाने को आरटीआई कार्यकर्ता ने एक चमत्कार बताया है। उन्होंने कहा कि किस प्रकार से झूठ बोला जा रहा है जबकि उनके द्वारा खुद इस संबंध में मंडल रेल प्रबंधक मुरादाबाद से जब वार्ता की गई थी और उन्होंने साफ इंकार कर दिया था कि मीडिया से मिलने का कोई कार्यक्रम महाप्रबंधक उत्तर रेलवे का नहीं है। उन्होंने पुनः जॉच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आए तथा भविष्य में पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों को अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान उनसे दूर न रखा जाए।

छपरा-आनंद विहार एक्सप्रेस में आग बताकर पुरानी और असंबंधित तस्वीरें वायरल

छपरा-आनंद विहार एक्सप्रेस में आग बताकर पुरानी और असंबंधित तस्वीरें वायरल

बूम ने अपनी जांच में पाया कि वायरल तस्वीरों के कोलाज के साथ किये गए दावे में कोई सच्चाई नहीं है, यह फ़र्ज़ी है. वायरल तस्वीरें दूसरी घटना से संबंधित हैं.

व्हाट्सएप (WhatsApp) पर ट्रेन की बोगियों में आग की पुरानी तस्वीरों का एक कोलाज फ़र्ज़ी दावे के साथ वायरल है. तस्वीरों में ट्रेन की बोगियों से निकलती आग की लपटों को देखा जा सकता है और साथ दावा किया जा रहा है कि छपरा-आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस ट्रेन आपस में टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई हैं.

बूम ने अपनी जांच में पाया कि वायरल तस्वीरों के कोलाज के साथ किये गए दावे में कोई सच्चाई नहीं है, यह फ़र्ज़ी है. वायरल तस्वीरें दूसरी घटना से संबंधित हैं.

वायरल तस्वीरों के साथ कैप्शन में लिखा है, “अभी-अभी: छपरा , आनन्द विहार टरमिनल exp टकराई ,चलती ट्रेन से कूदे लोग…!भाइयों पिलिज आपके पास जितने भी group है पिलिज उसमें सेंनड करो. अरे भाई इस फोटो को सेंड करना नही भुलना सायद. किसी के घर. वाले मिल जाए”.

सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों का कोलाज पहले भी इसी दावे के साथ वायरल हो चुका है. फ़ेसबुक पर साल 2020 और 2018 में छपरा-आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस में एक्सीडेंट के दावे से कई पोस्ट शेयर किये गए थे.

फ़ैक्ट चेक

बूम ने पाया कि पांच तस्वीरों के इस कोलाज में दो ही अलग तस्वीरें हैं, बाकी एकसमान हैं. हमने इन दोनों तस्वीरों को अलग-अलग करके खोजबीन शुरू की.

पहली तस्वीर

न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर प्रकाशित 22 मई 2018 की एक रिपोर्ट में हमें यह तस्वीर मिली. रिपोर्ट में बताया गया कि ट्रेन की बोगियों में आग लगने की यह घटना नई दिल्ली-आंध्रप्रदेश एक्सप्रेस की है.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, नई दिल्ली- विशाखापट्टनम एपी एक्सप्रेस की दो बोगियों– B-6 और B-7 में ग्वालियर  बिरलानगर के क़रीब आग लग गई थी. आग लगने का कारण एयर कंडीशनिंग यूनिट में समस्या बताया गया था.

दूसरी तस्वीर 

हमें अपनी जांच के दौरान यह तस्वीर अलग-अलग घटनाओं से जोड़कर शेयर की हुई मिली. टीवी 9 ने अपनी 15 दिसंबर 2019 की एक रिपोर्ट में इस तस्वीर का इस्तेमाल किया है, वहीं इटारसी-नागपुर पैसेंजर ट्रेन टकराने का वर्णन करते 4 जून 2018 के एक ट्वीट में तस्वीर मिली.

आगे जांच के दौरान, ज़ी न्यूज़ की 21 मई 2018 की रिपोर्ट में वायरल तस्वीर से मेल खाता एक दृश्य मिला जोकि नई दिल्ली- आंध्रप्रदेश एक्सप्रेस में आग लगने की घटना से संबंधित है.

ज़ी न्यूज़ रिपोर्ट में 7 सेकंड की समयावधि पर दायीं ओर एक व्यक्ति को देखा जा सकता है जिसने हलके नीले रंग की शर्ट/कुर्ता और गले में सफ़ेद रंग का गमछा डाल रखा है, हूबहू वायरल तस्वीर में बायीं ओर दिखता है. (साभार)

रेलवे ने माल ढुलाई से प्राप्त किये 98068.45 करोड़ रुपए

कोविड महामारी के बाद पहली बार रेलवे माल ढुलाई राजस्व ने पिछले वर्ष की समान अवधि में अर्जित राजस्व के आंकड़े को पार किया

रेलवे का राजस्व निरंतर बढ़ रहा है और इस वर्ष में संचयी आधार पर 98068.45 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जबकि इसकी तुलना में पिछले साल समान समयावधि में 97342.14 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र हुआ था

माह दर माह आधार पर माल ढुलाई राजस्व पिछले साल फरवरी के इतने ही दिन की तुलना में लगभग 5% अधिक है

रेलवे द्वारा लगातार नए मील के पत्थर पार करने का सिलसिला जारी है

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे दिन प्रतिदिन प्रगति के नए मानदंड स्थापित कर रहा है। इसी विकास क्रममें कोविड महामारी के बाद पहली बार माल ढुलाई राजस्व में पिछले वर्ष कीतुलना में काफी वृद्धि हुई है। उसी के अनुरूप वित्त वर्ष 2020-21 में जोराजस्व 97342.14 करोड़ रुपये था, वह इस वर्ष बढ़कर 98068.45 करोड़ रुपये हो गया है।

साथ ही माह दर माह के आधार पर रेलवे ने फरवरी के पहले 12 दिनों में ही पिछले वर्ष की समानअवधि के माल भाड़े के आंकड़ों में 5% की वृद्धि दर्ज की है।

रेल मंत्रालय के अनुसार मासिक आधार पर रेलवे द्वारा अर्जित माल राजस्व पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले फरवरी 2021 में 206 करोड़ रुपये से आगे बढ़ गया है।

अनुमान के अनुसार, रेलवे का भाड़ा राजस्व फरवरी के पहले 12 दिनों के लिए 4571 करोड़ रुपये है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के लिए यह 4365 करोड़रुपये था। संयोग से पिछले वर्ष की तुलना में माल ढुलाई भी लगभग 8 % ज़्यादा हुई है।

अतिरिक्त सामान्य उपायों जैसे कि व्यावसायिक विकास, प्रोत्साहन, गति में वृद्धि और अनुकूलन में सुधार के लिए की जा रही नई पहल के माध्यम से ही रेलवे ने यह बदलाव संभव किया है।

यहां पर यह ध्यान देने योग्य बात है कि पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 20 अगस्त से माल ढुलाई के बढ़े हुए आंकड़े देखे जा रहे हैं। कोविड महामारी के बाद पहली बार इस तरह की बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। साथ ही पिछले महीने की तुलना में माल ढुलाई राजस्व भी अनुमान से ज़्यादा नज़र आ रहा है।

इस महीने के लिए उच्च माल भाड़ा राजस्व मिलना चौतरफा आर्थिक सुधार का एक बड़ा संकेत है जो देश में व्यापक विकास का संवाहक है और यह व्यवसाय को बढ़ावा देने तथा माल ढुलाई के संचालन में सुधार के लिए रेलवे द्वारा की जा रही नई प्रबंधन पहल के बारे में दर्शाता है।

1 करोड़ की रिश्वत लेते रेलवे इंजीनियर समेत 3 को CBI ने पकड़ा

काम दिलाने के नाम पर ली एक करोड़ की रिश्वत, CBI ने रंगे हाथों दबोचा, पांच राज्यों में 20 लोकेशन पर CBI की दबिश

नई दिल्ली: CBI ने रेलवे के वरिष्ठ इंजीनियर महेंद्र सिंह चौहान को 1 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। महेंद्र सिंह के अलावा दो अन्य को भी गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई ने पांच राज्यों की करीब 20 लोकेशन पर छापेमारी की।

भारतीय रेलवे इंजीनियरिंग सेवा (आइआरइएस) 1985 बैच के अधिकारी महेंद्र सिंह को सीबीआई ने एक करोड़ की रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा है। सीबीआई ने एक करोड़ रुपए भी बरामद कर लिए हैं। महेंद्र सिंह चौहान कथित रूप से पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) में काम दिलाने के नाम पर रिश्वत की मांग कर रहा था। उक्त अधिकारी असम में मालीगांव में NFR मुख्यालय में तैनात है। वहीं गिरफ्तार अन्य दो लोग महेंद्र सिंह चौहान के नाम पर रिश्वत ले रहे थे। सीबीआई सूत्रों के अनुसार जानकारी मिली थी कि महेंद्र सिंह चौहान पूर्वोत्तर रेलवे में काम दिलाने के नाम पर एक कंपनी से 1 करोड़ रुपये की रिश्वत मांग रहा है। बाद में जाल बिछाया गया। महेंद्र सिंह चौहान के कथित सहयोगी जब रिश्वत ले रहे थे, उसी समय सीबीआई के अफसर मौके पर पहुंच गए और उन्हें दबोच लिया। सीबीआई को संदेह है कि महेंद्र सिंह चौहान ने पहले भी रिश्वत ली होंगी।
गौरतलब है कि इससे पहले भी सीबीआई ने कई अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। पिछले साल सीबीआई ने राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में तैनात रेलवे की मुख्य कार्यालय अधीक्षक को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।

CBI के 2 घूसखोर अधिकारी निलंबित, अन्य दो पर होगी कार्रवाई
CBI ने करीब 4,300 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी के दो मामलों में जांच से संबंधित जानकारियां साझा करने और जांच प्रभावित करने के लिए कथित रूप से रिश्वत लेने पर अपने इंस्पेक्टर कपिल धनकड़ और स्टेनोग्राफर समीर कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है। इनके अलावा दो अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है। जांच एजेंसी ने 2 दिन पहले ही चारों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

किसान आंदोलन: IRCTC ने ग्राहकों को क्यों भेजे 2 करोड़ E-mail ?

किसान आंदोलन: IRCTC ने ग्राहकों को भेजे 2 करोड़ E-mail

नई दिल्ली। आईआरसीटीसी (IRCTC) ने 8 से 12 दिसंबर के बीच करीब 2 करोड़ ई-मेल (E-mail) भेजकर अपने ग्राहकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra modi) द्वारा सिख समुदाय के खातिर लिए गए 13 फैसलों के बारे में जानकारी दी। यह केंद्र सरकार के 3 कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन के बीच किया गया है।

ग्राहकों को 47 पन्नों की पुस्तिका

अधिकारियों ने बताया कि रेलवे सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू) इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने अपने ग्राहकों को 47 पन्नों की पुस्तिका– ‘ प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार के सिखों के साथ विशेष संबंध’ भेजी है। ये सरकार के ‘जनहित’ संपर्क के तहत भेजी गई है जिसका उद्देश्य विधेयकों को लेकर लोगों को जागरूक करना और उनके बारे में मिथकों को दूर करना है। पुस्तिका हिन्दी, अंग्रेजी और पंजाबी में हैं।



अधिकारियों ने बताया कि ई-मेल आईआरसीटीसी के पूरे डेटाबेस को भेजे गए हैं। आईआरसीटीसी में यात्री टिकट बुक कराने के दौरान अपना विवरण देते हैं। 12 दिसंबर को ईमेल भेजना बंद कर दिए गए थे। पीएसयू ने इन रिपोर्टों का खंडन किया है कि ई-मेल सिर्फ सिख समुदाय को भेजे गए हैं।

पहले भी होता रहा है ऐसा

आईआरसीटीसी ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि ई-मेल्स सभी को भेजे गए हैं, भले ही उनका समुदाय कोई भी हो। यह पहला उदाहरण नहीं है। पहले भी जनहित में सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए आईआरसीटीसी ने ऐसी गतिविधियां की हैं। रेलवे के सूत्रों ने बताया कि आईआरसीटीसी ने 12 दिसंबर तक 1.9 करोड़ ई-मेल्स भेजे हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि ई-मेल भेजने का कदम सचेत तरीके से उठाया गया था और यह जनहित के लिए एक संचार रणनीति का हिस्सा था।

एक अधिकारी ने कहा कि कौन सी पेशेवर कंपनी या कॉरपोरेट उन दर्शकों की जनसांख्यिकीय प्रोफाइल का विश्लेषण नहीं करती है जहां संदेश भेजा जाना है? कॉरपोरेट रोजाना जो करते हैं, वैसा ही या उससे भी अच्छा एक सरकारी संगठन करने में सक्षम है तो कुछ लोग हैरान क्यों हैं? व्यक्ति को खुश होना चाहिए कि वर्तमान सरकार जनहित में सूचना का प्रसार करने में उतनी ही अच्छी है। पुस्तिका 1984 के दंगा पीड़ितों को दिए गए न्याय, श्री हरमंदर साहिब, जालियावाला बाग स्मारक को दी गई एफसीआरए पंजीकरण की इजाजत, लंगर पर कर नहीं होने, करतारपुर गलियारे समेत अन्य पर बात करती है।

इस पुस्तिका का विमोचन 1 दिसंबर को गुरु नानक जयंती के मौके पर केंद्रीय मंत्रियों प्रकाश जावड़ेकर और हरदीप सिंह पुरी ने किया था। हजारों किसान नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें अधिकतर पंजाब और हरियाणा के किसान हैं।

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कोरोना के साथ ही अब कोहरा: 31 जनवरी तक कई ट्रेन रद्द

रेलवे ने किया कई के समय में भी बदलाव

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के कारण पहले से ही गिनी चुनी ट्रेनें चल रही हैं तो वहीं अब कोहरे के चलते भी रेल यातायात पर मार पड़ने लगी है। देश के कई हिस्सों में कोहरे के चलते रेलवे ने काफी ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है। रेलवे ने 31 जनवरी तक कई ट्रेनें रद्द करने के साथ ही कई ट्रेनों के समय में भी बदलाव किया है।

16 दिसंबर से एक जनवरी तक कई ट्रेन रद्द

पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 16 दिसंबर से एक जनवरी तक कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। इसमें गोरखपुर-आनंद विहार टर्मिनल (ट्रेन संख्या 02571) 16, 20, 23, 27, 30 दिसंबर और 3, 6, 10, 13, 7, 20, 24, 27 और 31 जनवरी के बीच सभी बुधवार और रविवार को रद्द रहेगी। वहीं आनंद विहार टर्मिनल-गोरखपुर (ट्रेन संख्या 02572) 17, 21, 24, 28, 31 दिसंबर और 4, 7, 11, 14, 18, 21, 25 और 28 जनवरी के बीच सभी सोमवार व गुरुवार को रद्द रहेगी।

कुछ ट्रेनों का आंशिक निरस्तीकरण

भारतीय रेलवे ने कोहरे की वजह से कुछ ट्रेनों का आंशिक निरस्तीकरण भी किया है। इनमें गोरखपुर-कानपुर अनवरगंज (ट्रेन संख्या 05004) 16 दिसंबर से 31 जनवरी तक प्रयागराज रामबाग से कानपुर अनवरगंज के बीच रद्द रहेगी। वहीं कानपुर अनवरगंज-गोरखपुर (ट्रेन संख्या 05003) 16 दिसंबर से 31 जनवरी तक कानपुर अनवरगंज-प्रयागराज रामबाग के बीच रद्द रहेगी।

किसान आंदोलन भी बना वजह

कुछ ऐसी भी ट्रेनें हैं जिन्हें किसान आंदोलन के कारण रद्द किया गया है। आंदोलन के कारण पंजाब की कुछ ट्रेनों को रद्द किया गया है। रेलवे ने अमृतसर-दरभंगा (ट्रेन संख्या 05212) को रद्द कर दिया है। ये ट्रेन अमृतसर से 13 दिसंबर को रवाना होने वाली थी। इसके अलावा अमृतसर-जयनगर अंबाला (ट्रेन संख्या 04652) और जयनगर-अमृतसर अंबाला (ट्रेन संख्या 04651) को रद्द किया गया है।

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