जनधन खाताधारकों के लिए खुशखबरी

लखनऊ (एजेंसी)। प्रधानमंत्री जनधन योजना के सभी खाताधारकों को भी जीवन बीमा और दुर्घटना कवर का लाभ मिल सकता है। केंद्र सरकार प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा के जरिए बीमा कवर देने पर विचार कर रही है। शनिवार को वित्त मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि बैंकों को इस बारे में पहले ही सूचित जारी किया जा चुका है।

विदित हो कि केंद्र सरकार ने अपने सामाजिक-सुरक्षा अभियान के तहत दो स्कीमें लॉन्च की थी। पहली प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना और दूसरी प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना के तहत 2 लाख रुपए तक का जीवन बीमा दिया जाता है। इसके लिए सालाना प्रीमियम 330 रुपए देना होता है। वहीं, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत आकस्मिक मृत्यु और पूर्ण विकलांगता की स्थिति में 2 लाख रुपए तक का कवर दिया जाता है। इसके अलावा आंशिक विकलांगता के लिए 1 लाख रुपए मिलते हैं। इसके लिए सालाना 12 रुपये का प्रीमियम देना होता है। प्रधानमंत्री जन-धन योजना के बैंक खाताधारकों की संख्या बढ़कर 43 करोड़ से ज्यादा हो गई है यानी सरकार जनधन खाताधारकों को जीवन बीमा और दुर्घटना कवर का लाभ देने की पहल करती है, तो 43 करोड़ लोगों को इसका फायदा मिलेगा।

गौरतलब है कि जनधन योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में की थी। इस योजना के जरिए सरकार की कोशिश नए बैंक खाते खोलने के साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंचाने की थी। अब तक इन खातों में जमा धनराशि बढ़कर 1.46 लाख करोड़ रुपए हो गई है। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक अर्द्ध-शहरी और ग्रामीण इलाकों में जन-धन खाताधारकों की कुल संख्या 18 अगस्त, 2021 तक 43.04 करोड़ हो गई है। इनमें से 23.87 करोड़ खाताधारक महिलाएं और 28.70 करोड़ खाताधारक पुरुष हैं।

अभी चलन में रहेंगे 100, 10 और 5 रुपए के पुराने नोट!

क्या मार्च के बाद चलन से बाहर हो जाएंगे 100, 10 और 5 रुपए के पुराने नोट?

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने स्पष्ट किया है कि 100, 10 और 5 रुपये सभी पुराने नोट वैध हैं और वह चलन में बने रहेंगे। फिलहाल इन नोटों को सर्कुलेशन से बाहर करने को लेकर कोई योजना नहीं है। इसका मतलब है कि मार्च और अप्रैल के बाद भी 5, 10 और 100 रुपए के पुराने नोट मार्केट में चलते रहेंगे। विदित हो कि रिजर्व बैंक की तरफ से 5, 10 और 100 रुपए के नए नोट भी जारी किए गए हैं। मार्केट में अभी नए और पुराने दोनों नोट चल रहे हैं।

बाजार में सभी नए नोट उपलब्ध- नोटबंदी के बाद रिजर्व बैंक की तरफ से 2000, 500, 200, 100, 50, 20, 10 और 5 रुपए के नए नोट जारी किए गए हैं। हालांकि अभी भी पुराने नोट की वैधता है और यह प्रचलन में भी है। आरबीआई ने 5 जनवरी 2018 को 10 का नया नोट जारी किया था, जुलाई 2019 में 100 का नया नोट जारी किया गया था, 20 के भी नए नोट जारी किए गए हैं, 50 के नए नोट 18 अगस्त 2017 को जारी किया गया था, 25 अगस्त 2017 को 200 के नए नोट जारी किए गए थे। नोटबंदी के ठीक बाद 10 नवंबर 2016 को 500 के नोट जारी किए गए थे। उसी दिन 2000 का भी नोट को जारी किया गया था। इसने 1000 रुपए के नोट की जगह ली थी। फिलहाल 1000 रुपए का नोट प्रचलन में नहीं है।

RBI के असिस्टेंट जनरल मैनेजर बी महेश के एक बयान के आधार पर कहा जा रहा था कि रिजर्व बैंक मार्च के बाद 100, 10 और 5 रुपये के पुराने नोट को चलन से बाहर करने का फैसला करने वाला है। अब मीडिया में आई इस रिपोर्ट को लेकर रिजर्व बैंक की तरफ से बयान आया है। रिजर्व बैंक ने अपनी सफाई में साफ-साफ कहा है कि अभी ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है। इसको लेकर PIB फैक्ट चेक की तरफ से ट्वीट कर जानकारी दी गई है।

RTGS मनी ट्रांसफर सुविधा आज रात से 24×7

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की घोषणा

आज सोमवार रात 12:30 बजे से होगी शुरुआत

नई दिल्ली। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने डिजिटल भुगतान को गति देने के लिए 14 दिसंबर से राउंड-द-क्लॉक रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) के माध्यम से धन के हस्तांतरण की अनुमति दी है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि आज रात 12:30 बजे से आरटीजीएस सुविधा 24X7 बन जाएगी।

सुविधा जो चौबीसों घंटे उपलब्ध होगी

1) आरटीजीएस चौबीसों घंटे ग्राहक और अंतर बैंक लेनदेन के लिए उपलब्ध रहेगा, सिवाय ‘एंड-ऑफ-डे’ और ‘स्टार्ट-ऑफ-डे’ प्रक्रियाओं के बीच के अंतराल के लिए, जिसका समय आरटीजीएस प्रणाली के माध्यम से विधिवत प्रसारित किया जाएगा।

2) आरटीजीएस को समय-समय पर संशोधित आरटीजीएस सिस्टम विनियम, 2013 द्वारा नियंत्रित किया जाता रहेगा।

3) इंट्रा-डे लिक्विडिटी (IDL) सुविधा को सुचारू संचालन के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इंट्रा-डे लिक्विडिटी (आईडीएल) का लाभ उठाया, यदि कोई हो, तो ‘एंड-ऑफ-डे’ प्रक्रिया शुरू होने से पहले उलट दिया जाएगा।

4) सामान्य बैंकिंग घंटों के बाद आरटीजीएस लेन-देन की प्रक्रिया ‘स्ट्रेट थ्रू प्रोसेसिंग (एसटीपी) मोड का उपयोग करके स्वचालित होने की उम्मीद है।

5) सदस्यों को सलाह दी गई है कि वे अपने सभी ग्राहकों को आरटीजीएस की विस्तारित उपलब्धता के बारे में जानकारी का प्रसार करें।

6) यह निर्देश धारा 10 (2) के तहत भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 (2007 के अधिनियम 51) की धारा 18 के साथ पढ़ा जाएगा।

7) आरटीजीएस सिस्टम का उपयोग उच्च मूल्य लेनदेन के लिए किया जाता है।

8) यह वास्तविक समय के आधार पर होता है। प्रत्येक लेनदेन RTGS के मामले में व्यक्तिगत रूप से तय किया जाता है।

9) वर्तमान में, आरटीजीएस लेन-देन की सुविधा हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छोड़कर, सप्ताह के सभी कार्य दिवसों में सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक ग्राहकों के लिए उपलब्ध है।

10) RBI ने RTGS के माध्यम से जुलाई 2019 से लेनदेन पर शुल्क लगाना बंद कर दिया है।

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