चप्पल पहनकर बाइक चलाई तो कटेगा चालान

कुछ यातायात नियम ऐसे हैं, जिनके बारे में ज्यादातर लोगों को जानकारी नहीं है। वाहन चालक को लगता है कि वह सभी नियमों का पालन करते हुए सफर कर रहे हैं। उन्हें पता नहीं होता कि वह यातायात नियम का उल्लंघन कर रहे हैं।

नई दिल्ली। मोटर वाहन चलाने वालों को यातायात से जुड़े सभी जरूरी नियमों का पालन करना चाहिए। इससे दो फायदे होंगे, पहला यह कि सुरक्षित यातायात का माहौल बन सकेगा और दूसरा यह कि पुलिस आपका चालान नहीं काटेगी। यातायात से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस द्वारा चालान काटा जाता है, जुर्माना काफी ज्यादा भी हो सकता है। इसके अलावा कुछ मामलों में जेल भी जाना पड़ सकता है। ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि आपका चालान ना कटे तो यातायात नियमों का पालन करें।

चप्पल पहनकर नहीं चला सकते टू-व्हीलर

मौजूदा यातायात नियमों के अनुसार, स्लीपर्स या ‘चप्पल’ पहनकर टू-व्हीलर चलाने की इजाजत नहीं है। इस बारे में शायद बहुत ही कम लोगों को पता है। इसके पीछे कारण यह है कि इस तरह के फुटवियर की वजह पकड़ कमजोर होती है और पैर फिसल सकते हैं। इसके अलावा मोटरसाइकिल पर गियर शिफ्ट करते समय, इस बात की पूरी संभावना है कि इस तरह के फुटवियर से पैर फिसल सकता है और दुर्घटना हो सकती है। इसलिए टू-व्हीलर चलाते समय पूरी तरह से बंद जूते पहनने जरूरी हैं। ऐसा नहीं करने पर 1000 रुपए का जुर्माना लग सकता है।

टू व्हीलर चलाते समय पर ड्रेस कोड
टू व्हीलर चलाते समय ड्राइवर को प्रॉपर ड्रेस कोड का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। जैसे मोटरसाइकिल चलाते वक्त पैंट, शर्ट या टीशर्ट पहनना चाहिए। ये शरीर को पूरी तरह से कवर कर देते हैं। किसी भी हादसे की स्थिति में ये कपड़े शरीर को कुछ हद सुरक्षित रख सकते हैं। अगर आप इस नियम की अनदेखी करते हैं तो आपका 2000 रुपए तक चालान कट सकता है। इसलिए बाइक चलाते वक्त इस नियम का पालन जरूर करें। इसके अलावा, अगर सामान्य नियमों की बात करें तो बाइक पर हेलमेट न पहनने को लेकर 1000 रुपए का जुर्माना लगता है। वहीं, बाइक से जुड़े दस्तावेज नहीं होने पर भी हजारों रुपए का जुर्माना लग सकता है।

रोड पर गलत तरीके से खड़े वाहन की फोटो खींच कर पाओ इनाम

नई दिल्ली (एजेंसी)। सड़क पर गलत तरीके से खड़े किए गए वाहन की तस्वीर भेजने वाले को उसे 500 रुपए का इनाम दिया जाएगा। वहीं गलत तरीके से पार्किंग करने वाले वाहन मालिक से 1,000 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा। सरकार जल्द इस तरह का एक कानून लाने जा रही है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि वह सड़क पर गलत तरीके से वाहन खड़ा करने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए एक कानून लाने पर विचार कर रहे हैं। गडकरी ने कहा, ‘‘मैं एक कानून लाने वाला हूं कि रोड पर जो वाहन खड़ा करेगा, उसपर 1,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं गलत तरीके से वाहन खड़ा करने वाले की तस्वीर खींचकर भेजने वाले को इसमें से 500 रुपए दिए जाएंगे।’’ मंत्री ने इस बात पर क्षोभ जताया कि लोग अपने वाहनों के लिए पार्किंग की जगह नहीं बनाते हैं। इसके बजाय वे अपना वाहन सड़क पर खड़ा करते हैं।

उन्होंने कहा, नागपुर में मेरे रसोइये के पास भी दो सेकेंड हैंड वाहन हैं। आज चार सदस्यों के परिवार के पास छह कारें होती हैं। ऐसा लगता है कि दिल्ली के लोग भाग्यशाली हैं। हमने उनका वाहन खड़ा करने के लिए सड़क बनाई है।

ई-स्कूटर की बैटरी फटने से एक की मौत

ई-स्कूटर लोगों के लिए मौत की आहट, बैटरी फटने से मैच हाहाकार, एक की मौत

विजयवाड़ा (एजेंसी)। आंध्र प्रदेश में शनिवार को एक घर में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन की बैटरी फटने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। यह घटना शनिवार तड़के विजयवाड़ा में हुई जब शख्स ने बेडरूम में बैटरी को चार्ज पर लगा रखा था।

इस घटना में शिव कुमार, उनकी पत्नी और उनके दो बच्चे झुलस गए। उनकी चीखें सुनकर पड़ोसी उन्हें बचाने के लिए दौड़े और उन्हें अस्पताल ले गए, जहां शिव कुमार ने दम तोड़ दिया, जबकि उनकी पत्नी की हालत गंभीर बताई जा रही है। व्यक्ति ने कथित तौर पर शुक्रवार को बूम मोटर्स का कॉर्बेट 14 इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदा था। एक हफ्ते से भी कम समय में तेलुगू राज्यों में यह दूसरी घटना है। तेलंगाना के निजामाबाद जिले में 19 अप्रैल को इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन की बैटरी फटने से एक 80 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी और दो अन्य घायल हो गए थे।

घटना उस घर में हुई जहां बैटरी चार्ज हो रही थी। इस घटना में बी. रामास्वामी की मौत हो गई, जबकि उनके बेटे बी. प्रकाश और बेटी कमलाम्मा उन्हें बचाने की कोशिश में झुलस गए। बाद में उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने प्योर ईवी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304ए (लापरवाही से मौत) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्योर ईवी ने इस घटना पर गहरा खेद जताते हुए एक बयान जारी किया और कहा कि वह स्थानीय अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहा है और उपयोगकर्ता से विवरण मांग रहा है। देश में इस तरह की कई घटनाओं ने बैटरी की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी है। हाल के महीनों में अलग-अलग घटनाओं में तीन प्योर ईवी स्कूटर और कुछ अन्य निर्माताओं के इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लग गई। इसके बाद कंपनी ने अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर्स के लिए रिकॉल किया है। वहीं, पिछले हफ्ते भारत के टॉप इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माता कंपनी ओकिनावा ऑटोटेक के इलेक्ट्रिक स्कूटर में भी आग लगने की घटना सामने आई थी, जिसके बाद कंपनी ने 3,000 से ज्यादा यूनिट्स को वापस बुला लिया था।

हो सकती है ईवी कंपनियों पर कार्रवाई

ईवी में आग लगने की संभावित घटनाएं हो सकती हैं, जिसको लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने खराब इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। गडकरी ने एक बयान में कहा कि मामले की जांच के लिए गठित विशेषज्ञ पैनल की रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्र सरकार चूक करने वाली कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई करेगी।

वन अप मोटर्स इंडिया प्रा. लि. ने चलाया यातायात जागरूकता अभियान

सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा।

लखनऊ। जैसा कि आप अवगत है कि चतुर्थ सड़क सुरक्षा सप्ताह (दिनांक 18.04.2021 से 24.04. 2022 तक) मनाया जा रहा है।

जनपद लखनऊ में सड़क सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम का शुभारम्भ परिवहन मंत्री के कर कमलों द्वारा दिनांक 18-04-2022 को 1090 चौराहे पर किया गया है।

इस दौरान उनके द्वारा सप्ताह भर वृहद जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाने संबंधी निर्देश दिए गए।

निर्देश का पालन करते हुए वन अप मोटर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और वहां के सेल्स मैनेजर सौरभ सिंह व अन्य कर्मचारियों द्वारा यह अभियान बड़े ही जागरूकता पूर्वक मनाया गया।

मलिहाबाद तहसील, मिर्जागंज चौराहा, मोहान रोड, मॉल रोड और अन्य जगहों पर जनता को बैनर और जागरूकता पत्रक के मध्यम से अवगत कराया गया और उनको सुरक्षा नियमों के बारे में बताया गया ।

बिना कार्ड के निकालें ATM से रुपए

नई दिल्ली (एजेंसी)। एटीएम से पैसा निकालने वालों के लिए बहुत खास खबर है। अब बिना एटीएम कार्ड के ही आप पैसे निकाल सकते हैं। दरअसल, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति समीक्षा के फैसलों को जारी किया। इस मौके पर आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने ऐलान किया है कि अब बिना डेबिट कार्ड के एटीएम से पैसा निकालने की सुविधा सभी बैंकों में दी जाएगी। इसके पीछे डेबिट-एटीएम कार्ड के इस्तेमाल को कम करने और डिजिटल इकोनॉमी को आगे बढ़ाने का विचार प्रमुख है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि अब बिना डेबिट कार्ड के एटीएम से पैसा निकालने की सुविधा सभी बैंकों में दी जाएगी। अभी तक सिर्फ कुछ ही बैंकों में बिना कार्ड के एटीएम से पैसे निकालने की सुविधा थी। उन्होंने बताया कि UPI के जरिए एटीएम से पैसा निकाला जा सकेगा।

कम होंगे कार्ड क्लोन के फ्रॉड
RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास के मुताबिक इस कदम से कार्ड क्लोन करके पैसे निकालने के फ्रॉड भी कम होंगे। बता दें कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को मॉनिटरी पॉलिसी का ऐलान किया।

पेट्रोल पंप के अंडरग्राउंड टैंक की दीवार गिरी; एक मजदूर की मौत, दो गंभीर

बिजनौर शहर के चक्कर मार्ग स्थित जय भीम फिलिंग स्टेशन पर हुआ हादसा। पेट्रोल पंप पर तेल के अंडर ग्राउंड टैंक की दीवार गिरने से एक मजदूर की मौत; दो मजदूर गंभीर घायल। गुस्साए परिजनों ने लगाया सड़क पर जाम। पुलिस को करना पड़ा हल्का बल प्रयोग। पेट्रोल पंप मालिक एवं मजदूरों के ठेकेदार के खिलाफ थाना शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज।

बिजनौर। चक्कर मार्ग स्थित जय भीम फिलिंग स्टेशन के भूमिगत टैंक को दूसरी जगह शिफ्ट करने के दौरान हुए हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। गुस्साए परिजनों ने सड़क पर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ पर काबू पाया। पेट्रोल पंप के मालिक एवं मजदूरों के ठेकेदार समेत दो लोगों के खिलाफ थाना शहर कोतवाली में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

बिजनौर शहर के चक्कर मार्ग स्थित जय भीम फिलिंग स्टेशन के भूमिगत टैंक को दूसरी जगह शिफ्ट करने का काम चल रहा है। बताया गया है कि शनिवार को चार मजदूर इस टैंक के चारों से ओर मिट्टी खोदकर बाहर निकाल रहे थे। दोपहर बाद टैंक के चारों ओर बनी दीवार अचानक भरभरा कर गिर पड़ी। दीवार के मलबे और मिट्टी में गांव सालमाबाद निवासी दीपक (25 वर्ष) पुत्र नौबहार सिंह, अश्वनी पुत्र भीकम सिंह तथा गोलू पुत्र राकेश निवासी गोपालपुर थाना भौजीपुरा बरेली दब गए। तीन मजदूरों के दीवार के मलबे में दबते ही हड़कंप मच गया। थाना शहर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस और ग्रामीणों ने मलबा हटाकर तीनों मजदूरों को बाहर निकाला। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने दीपक को मृत घोषित कर दिया, जबकि अश्वनी और गोलू की हालत गंभीर देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। गुस्साए परिजनों और गांववालों ने पेट्रोल पंप पर तोड़फोड़ का भी प्रयास किया। परिजन और ग्रामीण चक्कर मार्ग पर बैठ गए और जाम लगा दिया। करीब आधा घंटा तक जाम लगा रहा।

सीओ, कोतवाल ने दिया आश्वासन- सीओ सिटी कुलदीप गुप्ता और प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया और जाम खुलवाया। मामले में पेट्रोल पंप के मालिक लल्लन उर्फ अरविंद निवासी बुखारा और मजदूरों के ठेकेदार अख्तर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोप है कि टैंक की खोदाई के लिए पर्याप्त सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए थे। प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के साथ ही जांच शुरू कर दी गई है।

शमशाद अंसारी ने पेश की मानवता की मिसाल- सोशल मीडिया व अन्य माध्यम से यह घटना जंगल में आग की तरह फैल गई। कुछ ही देर में लोग मौके पर एकत्र हो गए। दीपक को बचाने के लिए सभी प्रयास कर रहे थे।  घटना की जानकारी मिलते ही चेयरपर्सन पति शमशाद अंसारी भी मौके पर पहुंच गए और दीपक को निकालने का प्रयास करते लोगों के साथ खुद भी जुट गए। तीनों मजदूर न तो बिजनौर के निवासी थे, जिनसे वोटों का लालच हो और न ही बिरादरी अथवा धर्म के, लेकिन इस सबसे ऊपर उठकर शमशाद अंसारी अपना सामाजिक व राजनीतिक धर्म निभाते दिखे। वहीं दूसरी और सदर विधानसभा सीट से निवर्तमान एवं भावी विधायकों, जनप्रतिनिधियों ने संवेदनहीनता की पराकाष्ठा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

रूस ने लगाई सोशल मीडिया पर नकेल

सोशल मीडिया पर नकेल लगाई रूस ने। Facebook, Twitter के साथ Youtube पर बैन। ‘फर्जी खबर’ चलाई तो होगी जेल।

मोस्को (एजेंसी)। रूस-यूक्रेन जंग के बीच रूस की पुतिन सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। रूस ने फेसबुक के साथ-साथ ट्विटर और यूट्यूब को भी देश में ब्लॉक कर दिया है। रुस ने आरोप लगाया है कि ये सोशल साइट्स रूसी मीडिया कंपनियों के साथ भेदभाव कर रही हैं।

रूस सेंसरशिप एजेंसी रोसकोम्नाडजोर ने कहा है कि, साल 2020 के अक्टूबर महीने से फेसबुक की ओर से रूसी मीडिया के खिलाफ भेदभाव के 26 मामले सामने आए हैं। द कीव इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने सोशल साइट फेसबुक पर प्रतिबंध लगाते हुए कहा है कि, फेसबुक रूसी मीडिया समूहों के खिलाफ भेदभाव कर रहा है। इधर, बैन के बाद फेसबुक की ओर से कहा गया है कि, प्रतिबंध से लाखों लोगों को विश्वसनीय जानकारी नहीं मिल पाएगी।बिज़नेस :

Russia-Ukraine War: रूस ने फेसबुक और ट्विटर के साथ-साथ यूट्यूब को भी को बैन  किया, BBC ने भी उठाया बड़ा कदम - Russia-Ukraine War: Russia banned Facebook  and Twitter as well as

गौरतलब है कि यूक्रेन के साथ युद्ध की शुरुआत में रूसी सरकार ने फेसबुक पर आंशिक प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद पुतिन सरकार ने पूरे रूस में फेसबुक पर बैन लगा दिया। इसके साथ ही रूसी सरकार ने अन्य सोशल साइट ट्विटर और यूट्यूब पर भी बैन लगा दिया है। इस बीच रूस के राष्ट्रपति ने एक प्रावधान पर भी मुहर लगा दी है, जिसके तहत सेना के खिलाफ जानबूझकर ‘फर्जी खबर’ फैलाने पर 15 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान किया गया है।

गौरतलब है कि रूस यूक्रेन के बीच की जंग लगातार तेज होती जा रही है। लड़ाई के 10वें दिन रूस ने यूक्रेन पर हमले भी तेज कर दिए हैं। रूसी सेना लगातार आगे बढ़ रही है। यूक्रेन पर हमले के 9वें दिन शुक्रवार को रूस की सेना और आक्रामक हो गई। रूसी सेना ने यूक्रेन को समुद्र मार्ग से काटने की कोशिश में नीपर नदी पर बसे एनेर्होदर शहर पर जम कर बमबारी की। इसी दौरान जपोरिजिया न्यूक्लियर पावर प्लांट (परमाणु ऊर्जा संयंत्र) में आग लग गई। यूरोप के सबसे बड़े इस न्यूक्लियर पावर प्लांट में लगी आग पर दमकल कर्मियों ने काबू पा लिया।

यूक्रेन पर हमले के विरूद्ध रूस में ही प्रदर्शन

यूक्रेन पर हमले के विरूद्ध रूस में ही प्रदर्शन प्रारंभ। यह कार्य रूस के साथ–साथ पूरी दुनिया में होना चाहिए। जनता को युद्ध का विरोध करना चाहिए।

अशोक मधुप

यूक्रेन पर हमला करने के लिए रूस की विश्व में आलोचना हो रही है। जगह−जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। कहा जा रहा है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने अपने अहम के लिए दुनिया को युद्ध में धकेल दिया। यह भी खबर है कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन हर हालात में यूक्रेन पर कब्जा चाहतें हैं। इसके लिए वह अपने 50 हजार सैनिक की बलि देने के लिए भी तैयार हैं। ऐसे हालात में रूस से ही अच्छी खबर आई है। वहां के नागरिक युद्ध का विरोध कर रहे हैं। यह कार्य रूस के साथ–साथ पूरी दुनिया में होना चाहिए। जनता को युद्ध का विरोध करना चाहिए।

यूक्रेन पर हमले के विरोध में रूस में लोगों का युद्ध के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। रूस की राजधानी मॉस्को, सेंट पीटर्सबर्ग और अन्य शहरों में शनिवार को लोग सड़क पर उतर आए और नारेबाजी की। पुलिस ने 460 लोगों को हिरासत में लिया। इसमें मॉस्को के 200 से अधिक लोग शामिल हैं।

रूस में यूक्रेन पर हमले की निंदा करने वाले ओपन लेटर भी जारी किए गए। इसमें 6,000 से अधिक मेडिकल स्टाफ, 3400 से अधिक इंजीनियरों और 500 टीचर्स ने साइन किए हैं। इसके अलावा पत्रकारों, लोकल बॉडी मेंबर्स और सेलिब्रिटिज ने भी ऐसे ही पिटीशन पर साइन किए हैं। यूक्रेन पर हमले को रोकने के लिए गुरुवार को एक ऑनलाइन पिटीशन शुरू की गई। इस पर शनिवार शाम तक 7,80,000 से अधिक लोगों ने साइन कर दिए हैं। माना जा रहा है कि यह बीते कुछ सालों में रूस में सबसे अधिक समर्थित ऑनलाइन याचिकाओं में से एक है।

रूस के अलावा जापान, हंगरी, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में लोग यूक्रेन पर हमले की कड़ी निंदा कर रहे हैं। लोग ‘युद्ध नहीं चाहिए’ के नारे लिखे पोस्टर लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से इस युद्ध को रोकने की मांग कर रहे हैं। रूसी पुलिस ने दर्जनों शहरों में युद्ध के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले 1,700 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

ये भी सूचना है कि रूस की कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद युद्ध के खिलाफ हैं। कम्युनिस्ट पार्टी के दो सांसदों ने भी यूक्रेन पर हमले की निंदा की है। यह वही सांसद हैं, जिन्होंने कुछ दिन पहले पूर्वी यूक्रेन में दो अलगाववादी क्षेत्रों की स्वतंत्रता को मान्यता देने के लिए मतदान किया था। सांसद ओलेग स्मोलिन ने कहा कि जब हमला शुरू हुआ तो वह हैरान थे, क्योंकि राजनीति में सैन्य बल का इस्तेमाल अंतिम उपाय के रूप में किया जाना चाहिए। दूसरे सांसद मिखाइल मतवेव ने कहा कि युद्ध को तुरंत रोक दिया जाना चाहिए।

वरिष्ठ पत्रकार अशोक मधुप

उधर यूक्रेन से आ रही खबर अच्छी नहीं हैं। रूसी सेना सैनिक प्रतिष्ठान के अलावा सिविलियन पर भी हमले कर रही है। शहरों में घुसे रूसी सैनिक लूटपाट कर रहे हैं। खार्किव शहर पर कब्जा करने के बाद रूसी सैनिकों ने एक बैंक लूट लिया। एटीएम लूटे जा रहे हैं। सैनिक एक डिपार्टमेंटल स्टोर में घुसकर सामान भी उठाते नजर आए। यूक्रेन का दावा है कि अब तक रूसी हमले में 198 लोगों की जान जा चुकी है। इसमें 33 बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा 1,115 लोग घायल हो गए हैं। यूक्रेन के हालात दिन पर दिन खराब हो रहे हैं। खाने− पीने का सामान कम पड़ गया है। रूसी हमले के बाद कीव, खार्किव, मेलिटोपोल जैसे बड़े शहरों में हर जगह तबाही दीख रही है। मिसाइल हमलों से इमारतें बर्बाद हो गई हैं। लोग खाने−पीने के सामान को तरस रहे हैं। कई जगह बच्चों से लेकर बड़े भी डर और दहशत की वजह से रोते देखे जा सकते हैं। लाखों लोग अपना शहर, देश छोड़कर बाहर जा रहे हैं। प्रत्येक व्यक्ति को अपने और अपने परिवार की चिंता है। वह जल्दी से जल्दी सुरक्षित स्थान पर पंहुच जाना चाहतें हैं। संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक 1.50 लाख से ज्यादा यूक्रेनी शरणार्थी पोलैंड, मोल्दोवा और रोमानिया पहुंच चुके हैं।

इस युद्ध के विरोध में रूस में जो हो रहा है, वह पूरी दुनिया में होना चाहिए। शांति स्थापना के लिए बनी एजेंसी और संगठन जब असफल हो जाएं तो जनता को इसके लिए उठना चाहिए। पिछले कुछ समय से लग रहा है कि दुनिया में अमन−शांति कायम रखने के लिए बना संयुक्त राष्ट्र संगठन अपनी महत्ता खो चुका है। वीटो पावर प्राप्त पांचों देश की दंबगई के आगे इसकी महत्ता खत्म हो गई है। ऐसे में पूरे विश्व को शांति स्थापना के लिए किसी नए संगठन को बनाने के बारे में सोचना होगा। इसके लिए आवाज बुलंद करनी होगी। आंदोलन करने होंगे। जनमत बनाना होगा।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

जंगली हाथी ने हमला कर राजगीर को उतारा मौत के घाट

कालागढ़ में सनसनीखेज घटना। जंगली हाथी ने हमला कर राजगीर को उतारा मौत के घाट।


बिजनौर। कालागढ़ में जंगली हाथी ने हमला कर राजगीर को मौत के घाट उतार दिया। घटना के समय वह बाजार से घर वापस लौट रहा था। परिजनों ने वन विभाग के अधिकारियों से अधिक से अधिक मुआवजा और एक सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की है।

मानव एवं वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। वन्य जीवों के हमले में पहले भी कई लोगों की जान जा चुकी हैं। एक और मामला कालागढ़ से सामने आया है। यहां बाजार से वापस घर जाते समय एक व्यक्ति पर हाथी ने हमला कर दिया, जिससे व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।


जानकारी के अनुसार कालागढ़ कालोनी निवासी सुरेश कुमार राजगीर का कार्य करता है। वह बाजार से घर वापस जा रहा था। रास्ते मे शिव मंदिर के पास झाड़ियों से हाथी निकला और सुरेश पर हमला कर दिया। मौके से गुजर रहे लोगों द्वारा हल्ला मचाने पर हाथी वहां से जंगल की ओर भाग गया। गंभीर रूप से घायल सुरेश को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। सुरेश की मौत से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है।
वहीं परिजनों ने वन विभाग के अधिकारियों से अधिक से अधिक मुआवजा और एक सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की है। कालागढ़ थाना इंचार्ज उमेश कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति की हाथी के हमले से मौत हो गई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भर कर  पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है; अन्य जांच पड़ताल कराई जा रही है।

दोपहिया वाहनों पर बच्चों की सवारी के नए नियम

नई द‍िल्‍ली (एजेंसी)। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की तरफ से बच्‍चों के ल‍िए रोड सेफ्टी की नई गाइडलाइंस जारी की गई है। इसके बाद से अब बाइक पर 9 महीने से चार साल तक के बच्‍चों को सफर करवाने के लिए लोगों को नई गाइडलाइंस का पालन करना होगा। वहीं, नियमों का पालन न करने वाले को जुर्माना भरना पड़ सकता है। 

Children on Motorcycle: What Are the Govt's New Draft Rules for Their  Safety?

नए नियमों के मुताबिक 9 महीने से 4 साल तक के बच्चों के बाइक पर सफर करने के दौरान सेफ्टी हार्नेस लगाना जरूरी होगा। सेफ्टी हार्नेस हल्का, वॉटरप्रूफ और कुशन से लैस होना चाहिए, ज‍िसमें बच्‍चे को आराम म‍िल सके। साथ ही इसकी क्षमता 30kg तक भार वहन करनी की होनी चाह‍िए। इसके साथ ही बच्चों को बाइक पर सफर करने के दौरान उनके नाप का हेल्मेट भी लगाना होगा। बच्चों के साथ बाइक पर यात्रा के दौरान अध‍िकतम स्पीड 40 km/hr से अधिक नहीं होनी चाह‍िए। हालाँकि, बच्चों के हेल्मेट के लिए BIS अलग से स्टैंडर्ड जारी करेगा। तबतक छोटे हेल्मेट, या साइकिल हेल्मेट का प्रयोग किया जा सकता है।

सरकारी अधिकारियों के व्हाट्सएप, टेलीग्राम पर बैन

नई दिल्ली (एजेंसी)। राष्ट्रीय संचार सुरक्षा नीति के दिशा-निर्देशों और अधिकारियों द्वारा सरकार के निर्देशों का बड़े पैमाने पर उल्लंघन सूचनाओं के लीक होने के बाद खुफिया एजेंसियों ने संचार को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए निर्देश में सभी सरकारी अधिकारियों को गोपनीय जानकारी साझा करने के लिए व्हाट्सएप, टेलीग्राम जैसे एप्स का इस्तेमाल करने से मना किया गया है।

whatsapp telegram and signal

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक खुफिया एजेंसियों के निर्देश में कहा गया है कि व्हाट्सएप-टेलीग्राम जैसे एप्स पर गोपनीय जानकारी शेयर करना खतरे से खाली नहीं है, क्योंकि निजी कंपनियां डाटा को अपने सर्वर पर स्टोर करती हैं, जो कि देश के बाहर स्थित हैं। इन डाटा का गलत इस्तेमाल भी किया जा सकता है। वीडियो कांफ्रेंसिंग पर मीटिंग करने और घर से काम करने वाले अधिकारियों के लिए भी निर्देश दिए गए हैं।

सभी मंत्रालयों को इस निर्देश को तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए कहा गया है। एजेंसियों ने कहा है कि मीटिंग में किसी भी तरह की स्मार्ट डिवाइस जैसे- एपल सिरी, अमेजन एलेक्सा, गूगल असिस्टेंट आदि का इस्तेमाल ना हो। रिपोर्ट में कहा गया है कि कई अधिकारी अपने फोन में जरूरी दस्तावेज को स्कैन करके रखते हैं और फिर उसे तमाम तरह के एप्स के जरिए दूसरों के साथ साझा करते हैं, जो कि सुरक्षित नहीं है।

सभी मंत्रालयों को भेजे गए नए निर्देश में कहा गया है कि मीटिंग के दौरान अधिकारी अपने स्मार्टफोन और स्मार्टवॉच को कमरे के बाहर रखें। इसके अलावा कार्यालयों में अमेजॉन इको, एपल होमपॉड, गूगल होम जैसे स्मार्ट डिवाइस के इस्तेमाल को लेकर भी मनाही की गई है। घर के नेटवर्क के जरिए किसी जरूरी दस्तावेज को भेजने से भी मना किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक नए निर्देश में किसी भी जगह वर्चुअल मीटिंग करने से मना किया गया है। निर्देश में कहा गया है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए थर्ड पार्टी एप के बजाय सभी अधिकारियों और मंत्रालयों को भारत सरकार के वर्चुअल सेटअप का इस्तेमाल करना चाहिए, जिसे सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग (सी-डैक), नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) ने तैयार किए हैं।

खेत की रखवाली कर रहे किसान को सांड ने उतारा मौत के घाट

मलिहाबाद, लखनऊ। क्षेत्र के बहेलिया गांव में अपनी फसल की रखवाली कर रहे किसान शिवगुलाम यादव (65 वर्ष) को आवारा सांड ने खेत मे पटक कर मार डाला। किसान सुबह नित्य क्रिया कर भोर पहर खेत की रखवाली करने के लिए गया हुआ था। तैयार हो रही गेहूं और सरसों की फसल में बेसहारा सांड को देखकर उन को खदेड़ने लगा। इतने में ही सांड किसान पर उग्र हो गया और दौड़ा कर किसान को मौत के घाट उतार दिया। यह वाकया देख पड़ोस के खेतों में अन्य किसान बचाने के लिए जब तक दौड़े तब तक वृद्ध किसान की प्राण निकल चुके थे। घटना की जानकारी अन्य किसानों ने परिजनों सहित पुलिस को दी।क्षेत्र के किसानों में घटना को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों के अनुसार न्याय पंचायत वार गौशाला बनी हुई है, इसके बावजूद भी प्रशासन की अनदेखी के कारण यह आवारा सांड बस्ती से लेकर खेतों तक ग्रामीणों को दिन-ब-दिन भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। घटना की जानकारी होते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से वार्ता कर शव को पीएम के लिए भेज दिया।

सड़क हादसे में नूरपुर के दो युवकों की दर्दनाक मौत, एक गंभीर घायल

सड़क दुर्घटना में नूरपुर के दो युवकों की दर्दनाक मौत, एक गंभीर घायल। हीमपुर बुजुर्ग गांव के पास हुआ सड़क हादसा।


नूरपुर/बिजनौर। मंगलवार की देर शाम करीब 7 बजे नूरपुर चांदपुर रोड पर हीमपुर बुजुर्ग गांव के पास हुए सड़क हादसे में कस्बे के दो युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना में एक युवक गंभीर रुप से घायल हो गया। परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।


जानकारी के अनुसार कस्बे के मोहल्ला इस्लामनगर निवासी सुल्तान पुत्र चन्नू (22 वर्ष), सारिक पुत्र नईम अहमद (23 वर्ष) एवं फैजान पुत्र नसीम (22 वर्ष) मंगलवार की शाम करीब सात बजे बाईक द्वारा चांदपुर से घर लौट रहे थे। बताया जाता है कि नूरपुर चांदपुर मार्ग पर गांव हीमपुर बुजुर्ग के पास तेज रफ्तार से आ रहे ट्रक ने बाईक को चपेट में ले लिया। परिणामस्वरूप सुल्तान और सारिक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि फैजान गंभीर रुप से घायल हो गया। सूचना पर चांदपुर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल भिजवाया। चिकित्सकों ने उसकी हालत नाजुक देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रैफर कर दिया। उधर, घटना की खबर मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया तथा परिजन और मोहल्लावासी घटनास्थल की दौड पड़े। घटना से क्षेत्र में गम का माहौल है।

दो कारों की टक्कर मेंं एक की मौत, 12 घायल

नूरपुर चांदपुर मार्ग पर बडा हादसा
दो कारों की टक्कर मेंं बारह लोग घायल। एक की मौत


नूरपुर (बिजनौर, उत्तर प्रदेश)। नूरपुर चांदपुर मार्ग पर दो कारों की आमने-सामने की टक्कर में मासूम बच्चों सहित 12 लोग गंभीर घायल हो गए। बुधवार देर रात की इस दुर्घटना में घायल कार चालक की जिला अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में मौत हो गई।


जानकारी के अनुसार अफजलगढ़ के गांव आसफाबाद चमन निवासी अमजद (33 वर्ष) पुत्र शौकत अली कार चालक है। वह रेहड निवासी खुर्शीद पुत्र यामीन की इटिकी कार चलाता है। बुधवार की रात वह रेहड निवासी वसीम पुत्र मंगू, अलतमा पत्नी फहीम, साजिया पत्नी कफील, इकरा पुत्री फहीम, जिहान पुत्र कबीर एवं शेरकोट निवासी वकील पुत्र अकील, नईमा पत्नी वकील, अरहम पुत्र वकील को दिल्ली एयरपोर्ट छोडने जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार देर रात करीब 11 बजे नूरपुर चांदपुर मार्ग पर गांव आजमपुर के पास गन्ना कोल्हू के सामने चांदपुर की ओर से तेज रफ्तार से आ रही एक अन्य कार से भिडंत हो गई। परिणामस्वरूप कार में सवार उक्त सभी लोगों के अलावा दूसरी कार में सवार विकास पुत्र राजू निवासी मोहल्ला रामनगर, नवीन पुत्र घनश्याम निवासी मोहल्ला बडवान धामपुर एवं दो अज्ञात गंभीर रुप से घायल हो गए। घायलों की चीख पुकार सुनकर कोल्हू पर काम कर रहे लोग मौके पर पहुंचे और कार में फंसे घायलों को बाहर निकाला।

प्रतीकात्मक फोटो

घटना की सूचना पाकर गौरक्षधाम चौकी इंचार्ज हरेंद्र कुमार पुलिस बल को लेकर मौके पर पहुंचे। घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने सभी घायलों की हालत चिंताजनक देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल ले जाते समय चालक अमजद ने दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना पाकर मृतक के परिजनों के पहुंचने पर कोहराम मच गया। घटना के संबंध में मृतक के भाई इरशाद की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर शव को कब्जे में लेकर पचनामा कार्यवाई के पश्चात पोस्टमार्टम हेतु जिला अस्पताल भेज दिया।

फांसी देगा, हाथ काटेगा और शरीर के टुकड़े भी करेगा तालिबान!

न्यूयॉर्क (एजेंसी)। अफगानिस्तान में बेहतर और समावेशी शासन देने के तालिबान के कथित दावों के बीच उसकी हरकतों से आतंकवादी संगठन का असली चेहरा सामने आने लगा है और इसी कड़ी में तालिबान ने ऐलान किया है कि वह अफगानिस्तान में फांसी देने, हाथ काटने और शरीर के टुकड़े करने जैसी बर्बर सजा को फिर से वापस लाएगा। हालांकि, सुपर पावर अमेरिका ने तालिबान के इस बयान की कड़ी निंदा की है और कहा है कि उसकी कथनी और करनी दोनों पर हमारी नजर है। 

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने शरिया कानूनों को लागू करने पर तालिबान के हालिया बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, तालिबान का शरिया कानून मानवाधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है और वे अफगानिस्तान में मानवाधिकार सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ काम कर रहे हैं। 

नेड प्राइस ने कहा कि हम न केवल तालिबान के बयान पर बल्कि अफगानिस्तान में उसके एक्शन पर भी नजर रख रहे हैं। प्राइस ने कहा कि अमेरिका अफगान पत्रकारों, नागरिक कार्यकर्ताओं, महिलाओं, बच्चों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और विकलांग लोगों के साथ खड़ा है और तालिबान से उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए कहा है।

अमेरिका की यह प्रतिक्रिया ऐसे वक्त में आई है, जब तालिबान के संस्थापकों में से एक मुल्ला नूरुद्दीन तुराबी ने कहा कि अफगानिस्तान में एक बार फिर फांसी और अंगों को काटने की सजा दी जाएगी। हालांकि, उसने कहा था कि यह संभव है कि ऐसी सजा सावर्जनिक स्थानों पर न दी जाए। तुराबी ने साफ कहा है कि स्टेडियम में दंड देने को लेकर दुनिया ने हमारी आलोचना की है। हमने उनके नियमों और कानूनों के बारे में कुछ नहीं कहा है। ऐसे में कोई हमें यह नहीं बताए कि हमारे नियम क्या होने चाहिए। हम इस्लाम का पालन करेंगे और कुरान पर अपने कानून बनाएंगे।

तालिबान द्वारा फांसी और हाथ और शरीर काटने जैसी सजाएं फिर शुरू किये जाने की चेतावनी के एक दिन बाद संगठन ने इस पर अमल भी कर दिखाया। चार लोगों के शवों को बड़ी क्रूरता से क्रेन के माध्यम से चौराहों पर लटका दिया गया। गौरतलब है कि 15 अगस्त को अफगानिस्तान में सत्ता संभालने के बाद से तालिबान अपने पिछले कार्यकाल की तुलना में नरम शासन का वादा करता रहा है लेकिन देश भर से मानवाधिकारों के हनन की कई खबरें पहले ही सामने आ चुकी हैं।

कालपी में यमुना का जल स्तर खतरे के निशान के पास

बांधों से पानी छोड़े जाने पर यमुना का बढ़ा जल स्तर। प्रशासनिक अफसरों ने आसपास के गांव का किया निरीक्षण।

कालपी (जालौन)। मध्यप्रदेश व राजस्थान के अनेक क्षेत्रों में लगातार हो रही अत्यधिक वर्षा और वहां के बांधों से छोड़े गए पानी से चम्बल नदी का जल स्तर ऊपर पहुंच गया है। वहीं चम्बल नदी का पानी यमुना नदी में आने से कालपी में जल स्तर तेजी बढ़ रहा है। आज शाम तक यह 105 मीटर पर पहुंचने के संकेत बाढ़ नियन्त्रण केन्द्र ने दिये हैं। तहसीलदार बलराम गुप्ता ने कई स्थानों का दौरा कर यमुना नदी किनारे बसे ग्रामों के लोगों को नदी के किनारे न जाने व सावधान रहने की अपील की है।

जानकारी के अनुसार ऊपरी क्षेत्रों में लगातार हो रही अत्यधिक वर्षा के कारण कई प्रांतों के बांध पानी से ओवर हो गए हैं। इस कारण बांधों से छोड़े गये पानी के चलते चम्बल नदी का जल स्तर बढ़ रहा है। वहीं चम्बल नदी का पानी यमुना नदी में छोड़े जाने से कालपी में जल स्तर मंगलवार को बढ़ता हुआ 100 मीटर पर पहुंच गया है। यह खतरे के निशान से 8 मीटर नीचे है। केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार यमुना नदी का जल स्तर तेजी के साथ बढ़ रहा है, जो बुधवार की शाम तक 105 मीटर पर पहुंच जायेगा। विदित हो कि एक माह पूर्व आई बाढ़ से नदी के किनारे बसे ग्रामों के लोगों के घर, मकान व खेत जलमग्न हो गये थे तथा भारी नुकसान हुआ था। इस त्रासदी से लोग अभी उबर भी नहीं पाये थे कि यमुना नदी का जल स्तर पुन: बढ़ने से लोगों को भय सताने लगा है। तहसीलदार बलराम गुप्ता ने यमुना नदी के बढ़ते जल स्तर को लेकर लोगों को सावधान रहने व नदी किनारे न जाने की अपील की है।

पायलट के समान तय होंगे ट्रक चालकों के घंटे!

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वाणिज्यिक वाहनों के ट्रक चालकों के लिए वाहन चलाने के घंटे तय करने पर जोर दिया। यूरोपीय मानकों के अनुरूप नीति बनाने का आह्वान।

नई दिल्ली (PIB)। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने थकान की वजह से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए पायलटों के समान वाणिज्यिक वाहनों के ट्रक चालकों के लिए वाहन चलाने (ड्राइविंग) के घंटे तय करने पर जोर दिया है।

गैर-सरकारी सह-चयनित व्यक्तिगत सदस्यों के साथ राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद (एनआरएससी) की बैठक में उन्होंने अधिकारियों को यूरोपीय मानकों के अनुरूप वाणिज्यिक वाहनों में ऑन-बोर्ड स्लीप डिटेक्शन सेंसर लगाने की नीति पर काम करने का निर्देश दिया। मंत्री ने परिषद को हर दो महीने में बैठक करने और अपने अपडेट साझा करने का निर्देश दिया। श्री गडकरी ने कहा कि वह जिला सड़क समिति की बैठकें नियमित रूप से सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्रियों और जिलाधिकारियों को पत्र भी लिखेंगे।

मंत्रालय द्वारा 28.07.2021 को नए एनआरएससी का गठन किया गया था। बैठक में सभी 13 गैर-सरकारी सह-चयनित व्यक्तिगत सदस्यों ने भाग लिया। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया। बैठक के दौरान सदस्यों ने सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

मंत्री ने सभी सदस्यों को सड़क सुरक्षा के विविध क्षेत्रों में काम करने की सलाह दी ताकि सड़कों पर लोगों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके और सदस्यों से एक दूसरे के साथ अपने अनुभव साझा करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने मंत्रालय के अधिकारियों को एनआरएससी सदस्यों के साथ करीबी समन्वय में काम करने और उनके सुझावों को प्राथमिकता से लागू करने का भी निर्देश दिया। सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में प्राप्त उपलब्धियों को एक मासिक पत्रिका में पेश किया जाएगा।

Cafe D, शॉपर्स प्राइड मॉल, बिजनौर

ई-कॉमर्स वेबसाइट्स के नियमों में हुआ बदलाव

अब बदल जाएगा आपका शॉपिंग करने का तरीका, ई-कॉमर्स वेबसाइट्स के नियमों में हुआ बदलाव

काम की खबर: अब बदल जाएगा आपका शॉपिंग करने का तरीका, ई-कॉमर्स वेबसाइट्स के नियमों में हुआ बदलाव 

नई दिल्ली (एजेंसी)। पिछले कुछ दिनों से कयास लगाए जा रहे थे कि ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर खरीदारी के लिए एक जनवरी 2022 देश में डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर हर बार कार्ड के 16 डिजिट वाले नंबर को डालना होगा। लेकिन अब कार्ड का पूरा विवरण देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आरबीआई का डाटा सिक्योरिटी नियम लागू होने के बाद भी ग्राहकों को ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर अपने क्रेडिट कार्ड के विवरण को डालने की जरूरत नहीं होगी।

केंद्रीय बैंक की कार्ड-ऑन-फाइल टोकनाइजेशन की अनुमति के साथ फास्ट चेकआउट जारी रखा जा सकता है। इससे ग्राहक अपने बैंकों से ऑनलाइन कंपनी को कार्ड विवरण के स्थान पर टोकन जारी करने के लिए कह सकते हैं। इसके जरिए ग्राहक कार्ड का विवरण दिए बिना ही भुगतान कर सकेंगे। मौजूदा समय में किसी ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट्स पर अगर आपने एक बार आपके डेबिट या क्रेडिट कार्ड का ब्योरा भर दिया तो खरीदी के वक्त भुगतान करने के लिए आपको सिर्फ सीवीवी (कार्ड वेरिफिकेशन वैल्यू) और ओटीपी (वन-टाइम पासवर्ड) ही डालना पड़ता है। कार्ड डाटा को टोकन के रूप में जारी करने की सुविधा एक ही टोकन सर्विस प्रोवाइडर के साथ होगी। कार्ड डाटा को टोकन के रूप में जारी करने का काम ग्राहक की सहमति से ही किया जाएगा। 

e-commerce: ई-कॉमर्सः अब न जल्दी डिलिवरी और न सस्ता सामान - e-commerce  delivery will now take 4-7 days | Navbharat Times

अब नए पेमेंट एग्रीगेटर/पेमेंट गेटवे (पीए/पीजी) नियम के अनुसार प्रत्येक ऑनलाइन मर्चेंट प्रोसेसिंग ट्रांजेक्शन की एक ‘टोकनयुक्त की’ देंगे। ई-कॉमर्स कंपनी को कार्ड नेटवर्क के साथ इसके लिए गठबंधन करना पड़ेगा। ये टोकन प्रत्येक कार्ड नंबर के साथ लिंक होंगे। इस टोकन नंबर का इस्तेमाल दूसरा कोई नहीं कर सकेगा। 

Explained new rules for e commerce companies flash sales consumer data  grievance officer

रिजर्व बैंक विभिन्न कार्ड्स से किए जाने वाले भुगतान को और मालवेयर वायरस अटैक से सुरक्षित करना चाहता है। टोकन व्यवस्था में आपको भुगतान के लिए अपने कार्ड का पूरा विवरण नहीं देना होगा, बल्कि इसके लिए एक विशेष टोकन देना होगा। यह टोकन एक यूनिक कोड होगा। यह आपके कार्ड, टोकन मांगने वाले स्टोर और डिवाइस जिससे टोकन भेजा जा रहा है, तीनों से मिलकर बना होगा।

समुद्र से दुश्मन देशों की मिसाइल पर नजर रखेगा भारत का ‘ध्रुव’

अब पाक-चीन की खैर नहीं! समुद्र से दुश्मन देशों की मिसाइल पर नजर रखेगा भारत का ‘ध्रुव’, जानें इसकी खासियतें

नई दिल्ली (एजेंसी)। समुद्र में भारत की ताकत और बढ़ने वाली है। भारत 10 सितंबर को पहला मिसाइल ट्रैकिंग शिप ‘ध्रुव’ लॉन्च करेगा। न्यूक्लियर और बैलेस्टिक मिसाइल को ट्रैक करने वाला ये भारत का पहला जहाज है। ध्रुव की लॉन्चिंग के साथ ही भारत इस तकनीक से लैस दुनिया का 5वां देश बन जाएगा। फिलहाल केवल अमेरिका, फ्रांस, रूस और चीन के पास ही ये तकनीक है। सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल विशाखापट्टनम में ‘ध्रुव’ को लॉन्च करेंगे। 

मिसाइल को ट्रैक करने वाले ये जहाज रडार और एंटीना से लैस होते हैं। इनका काम दुश्मन की मिसाइल और रॉकेट को ट्रैक करना होता है। ट्रैकिंग शिप की शुरुआत अमेरिका से हुई, जिसने द्वितीय विश्व युद्ध के बचे हुए जहाजों को ट्रैकिंग शिप में बदल दिया।

10 सितंबर को कमीशन होने वाले इस जहाज के जरिए 2 हजार किमी पर चारों ओर से नजर रखी जा सकती है. कई सार रडार से लैस इस जहाज के जरिए एक से अधिक टार्गेट पर नजर गड़ाई जा सकती है. जहाजों से निकलने वाले इलेक्ट्रोमैग्नेनिट रेडिएशन के जरिए ध्रुव उनकी सटीक लोकेशन बता सकता है.

‘डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइनजेशन’ (DRDO), ‘नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन’ (NTRO) और भारतीय नौसेना ने मिलकर ‘ध्रुव’ को तैयार किया है। ध्रुव को तैयार करने का काम जून 2014 में शुरू हुआ जो 2018 में पूरा हुआ और फिर 2019 से इसका समुद्र में परीक्षण किया जाने लगा।

सबसे उन्नत तकनीक से लैस- ध्रुव जहाज रडार टेक्नोलॉजी की सबसे उन्नत तकनीक ‘इलेक्ट्रिॉनिक स्‍कैन्‍ड अरे रडार्स’ (AESA) से लैस है। इसके जरिए दुश्मन की सैटेलाइट्स, मिसाइल की क्षमता और टार्गेट से उसकी दूरी जैसी चीजों का पता लगाया जा सकता है। ध्रुव परमाणु मिसाइल, बैलेस्टिक मिसाइल और जमीन आधारित सैटेलाइट्स को भी आसानी से ट्रैक कर सकता है।

ध्रुव जहाज भारत के लिए बेहद अहमियत वाला जहाज है. इंटर कॉन्टीनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल को ट्रैक करने के लिए ध्रुव जहाज काफी मायने रखता है. सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि भारत को इस तरह के कई जहाज तैयार करने की जरूरत है.

2 हजार किमी तक निगहबानी- 10 सितंबर को कमीशन होने वाले इस जहाज के जरिए 2 हजार किमी पर चारों ओर नजर रखी जा सकती है। कई रडार से लैस इस जहाज के जरिए एक से अधिक टार्गेट पर नजर गड़ाई जा सकती है। जहाजों से निकलने वाले इलेक्ट्रोमैग्नेनिट रेडिएशन के जरिए ध्रुव उनकी सटीक लोकेशन बता सकता है। ध्रुव जहाज के रडार डोम में X- बैंड रडार लगाए गए हैं। लंबी दूरी तक नजर बनाए रखने के लिए इसमें S-बैंड रडार लगाए गए हैं। इनके जरिए हाई रेजॉल्यूशन पर टार्गेट को देखना, जैमिंग से बचना और लंबी दूरी तक स्कैन करना मुमकिन है। वहीं, जहाज से चेतक जैसे मल्टीरोल हेलिकॉप्टर का भी संचालन हो सकता है।

बेहद खुफिया रहा प्रोजेक्ट- भारत ने ध्रुव प्रोजेक्ट को बेहद खुफिया रखा और इसे दुनिया की नजरों से बचाए रखा। इसका कोडनेम पहले VC-11184 रखा गया। इस नाम को विशाखापट्टनम में यार्ड नंबर के तौर पर दिया गया। मेक इन इंडिया इनीशिएटिव के तहत विशाखापट्टनम के एक बंद डोकयार्ड में ध्रुव को तैयार किया गया। ध्रुव जहाज भारत के लिए बेहद अहमियत वाला जहाज है। इंटर कॉन्टीनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल को ट्रैक करने के लिए ध्रुव जहाज काफी मायने रखता है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि भारत को इस तरह के कई जहाज तैयार करने की जरूरत है।

राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों के पास कोविड-19 टीके की उपलब्‍धता

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 64.36 करोड़ से अधिक टीके प्रदान किये गए। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के पास अभी भी 5.42 करोड़ से अधिक शेष व अप्रयुक्त टीके उपलब्ध हैं, जबकि 15 लाख टीके अभी भेजे जाने के लिए पाइपलाइन में हैं।

नई दिल्ली (PIB)। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा बताया गया है कि केंद्र सरकार देशभर में कोविड-19 टीकाकरण का दायरा विस्तृत करने और लोगों को टीके लगाने की गति को तेज करने के लिये प्रतिबद्ध है। कोविड-19 के टीकों को सभी के लिए उपलब्ध कराने के लिए नया चरण 21 जून 2021 से शुरू किया गया था। टीकाकरण अभियान की रफ्तार को अधिक से अधिक टीके की उपलब्धता के जरिये बढ़ाया गया है। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वैक्सीन की उपलब्धता के बारे में पूर्व सूचना प्रदान की जाती है, ताकि वे बेहतर योजना के साथ टीके लगाने का बंदोबस्त कर सकें और टीके की आपूर्ति श्रृंखला को दुरुस्त किया जा सके।

देशव्यापी टीकाकरण अभियान के हिस्से के रूप में केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नि:शुल्क कोविड वैक्सीन प्रदान करके उन्हें पूर्ण सहयोग दे रही है। टीकों की सर्व-उपलब्धता के नये चरण में, केंद्र सरकार वैक्सीन निर्माताओं से 75 प्रतिशत टीके खरीदकर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नि:शुल्क प्रदान करेगी।

वैक्सीन की खुराकें (31 अगस्त, 2021 तक)

अब तक हुई आपूर्ति 64,36,13,160

भेजे जाने को तैयार टीके 14,94,040

शेष वैक्सीन 5,42,30,546

केंद्र सरकार द्वारा अब तक निःशुल्क और अन्य माध्यमों से वैक्सीन की 64.36 करोड़ से अधिक (64,36,13,160) खुराकें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा 15लाख (14,94,040) टीके भेजे जाने की तैयारी है। अभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास कोविड-19 टीके की 5.42करोड़ से अधिक (5,42,30,546) अतिरिक्त और बिना इस्तेमाल हुई खुराकें उपलब्‍ध है, जिन्हें लगाया जाना है।

Release, Ministry of Health and Family Welfare

ISIS के बम धमाकों से काबुल एयरपोर्ट के बाहर 13 की मौत

काबुल एयरपोर्ट के बाहर दो बम धमाके, 13 लोगों की मौत- ISIS ने ली हमले की जिम्मेदारी

काबुल एयरपोर्ट के बाहर दो बम धमाके, 13 लोगों की मौत- ISIS ने ली हमले की जिम्मेदारी

काबुल (एजेंसी)। अफगानिस्तान के काबुल हवाई अड्डे के बाहर दो बम धमाकों में कम से कम 13 लोग मारे गए, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। एयरपोर्ट के पास बने बरून होटल के नजदीक पहला धमाका हुआ, वहां पर ब्रिटेन के सैनिक ठहरे हुए थे। दूसरा धमाका भी एयरपोर्ट के नजदीक ही हुआ। पहले ब्लास्ट के बाद फ्रांस ने दूसरे धमाके को लेकर अलर्ट जारी किया था, जिसके कुछ देर बाद फिर से धमाका हुआ। काबुल एयरपोर्ट और उसके आसपास के इलाकों में धमाके की वजह से अफरा-तफरी का माहौल हो गया। आईएसआइएस ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।

Afghanistan live news: Taliban report multiple fatalities including  children after two explosions outside Kabul airport | World news | The  Guardian

इस हमले पर पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि काबुल एयरपोर्ट के बाहर धमाका हुआ है। काबुल एयरपोर्ट पर धमाका होने के बाद अफगानिस्‍तान में फ्रांसीसी दूत ने संभावित दूसरे हमले की चेतावनी दी और नागरिकों से कहा कि वह उस क्षेत्र को खाली कर दें। अफगानिस्तान में अमेरिकियों को इस्लामिक स्टेट (आईएस) आतंकवादी समूह से जुड़े खतरों के कारण काबुल हवाई अड्डे से दूर रहने की चेतावनी दी जा रही थी। कई अमेरिकी रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि आफगानिस्तान में आईएसआईएस फिदायीन आतंकी हमला करा सकते हैं। वहीं ब्रिटिश सरकार ने भी गुरुवार को चेतावनी दी थी कि इस्लामिक स्टेट (आईएस या आईएसआईएस) के आतंकवादियों द्वारा अफगानिस्तान में काबुल हवाई अड्डे पर जमा लोगों को निशाना बनाकर हमला किए जाने की ‘बहुत विश्वसनीय’ खुफिया रिपोर्ट है। 

Afghanistan: Two explosions outside Kabul airport amid reports of several  casualties | World News | Sky News

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी इस हफ्ते के शुरू में अमेरिका के नेतृत्व वाले नाटो बलों के 31 अगस्त तक अफगानिस्तान छोड़ने की समय सीमा को बढ़ाने से इंकर करने वाले फैसले की जब घोषणा की थी तब उन्होंने भी अफगानिस्तान में आईएसआईएस से संबद्ध आईएसाईएस के द्वारा हमला किए जाने की आशंका जताई थी। ब्रिटिश सशस्त्र बल मंत्री जेम्स हेप्पी ने बीबीसी से कहा कि ‘बहुत विश्वसनीय’ खुफिया सूचना है कि अफगानिस्तान छोड़ने की कोशिश में काबुल हवाई अड्डे पर जमा हुए लोगों पर इस्लामिक स्ट्टेट जल्द ही हमला करने की योजना बना रहा है।

सफाई नायकों के प्रति रखें कुशल व्यवहार एवं स्वास्थ्य, सुरक्षा का ख्याल

बरेली। जैम एनवायरो मैनेजमेंट प्रा.लि. एवं नगर निगम बरेली के द्वारा “ग्रीन अर्थ मूवमेंट मुहिम” कार्यक्रम का आयोजन आईंएमए, बरेली के सभागार में किया गया।

मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद संतोष गंगवार, विशिष्ट अतिथि मंडल आयुक्त रमेश कुमार, महापौर नगर निगम डॉ. उमेश गौतम, नगर आयुक्त बरेली के द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। “ग्रीन अर्थ मूवमेंट मुहिम” के अंतर्गत सूचना एवं जनसंपर्क विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा पंजीकृत “नवज्योति नृत्य नाट्य संस्था” के सरंक्षक डॉ. रजनीश सक्सेना के सरंक्षण में बरेली के कलाकारों ने नाटक का मंचन किया। इसके अंतर्गत कलाकारों ने स्वच्छता एवं सफाई नायकों की भूमिका प्रस्तुत कर दर्शाया कि (रेगपिकर) सफाई नायकों के प्रति हम सभी को कुशल व्यवहार एवं स्वास्थ्य, सुरक्षा का ख्याल रखना चाहिए।

कार्यक्रम का नेतृत्व संस्था की संस्थापक/सचिव हरजीत कौर एवं संचालन रवि सक्सेना के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिनिधि, अधिकारीगण, नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, पर्यावरण अधिशासी अधिकारी एवं जैम एनवायरो मैनेजमेंट प्रा.लि. कंपनी से विक्रम शर्मा के द्वारा कलाकारों की सफल प्रस्तुति के लिए खूब सराहना मिली। कंपनी के द्वारा डोर टू डोर कूड़ा कलेक्ट करने वाले सफाई नायकों को सुरक्षा किट भी वितरण किया गया। अन्त में आभार डॉ. रजनीश सक्सेना ने व्यक्त किया।

बाइक पर सवारी के बदले नियम

बाइक की सवारी करने के नियम केंद्र सरकार ने बदले। बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं से निपटने की कवायद।

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए दोपहिया वाहनों के डिजाइन और पीछे बैठने के नियमों में बदलाव कर दिया है। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर कुछ नए नियम लागू किए हैं। बाइक चलाने वाले के पीछे बैठने वाले लोगों को इनका पालन करना होगा।

बाइक राइडर और पीछे की सीट के बीच हैंड होल्ड – सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के नए नियमों के मुताबिक, अब बाइक के पीछे की सीट के दोनों तरफ हैंड होल्ड जरूरी है। हैंड होल्ड पीछे बैठे सवारी की सुरक्षा के लिए है। बाइक ड्राइवर के अचानक ब्रेक लगाने पर हैंड होल्ड सवारी के लिए काफी मददगार साबित होता है। अभी तक अधिकतर बाइक में ये सुविधा नहीं होती थी। इसके साथ ही बाइक के पीछे बैठने वाले के लिए दोनों तरफ पायदान अनिवार्य कर दिया गया है. इसके अलावा बाइक के पिछले पहिये के बाएं हिस्से का कम से कम आधा हिस्सा सुरक्षित तरीके से कवर होगा ताकि पीछे बैठने वाले के कपड़े पिछले पहिये में ना उलझे।

स्कूल में पढ़ाया जाएगा कोरोना का पाठ

लखनऊ। घर पर रहकर छात्र-छात्राओं ने लॉकडाउन काल में केवल पढ़ाई की या फिर खेले हैं। उनको ये ताे जानकारी हुई कि कोविड-19 नाम का वायरस फैला हुआ है, जो लोगों को बीमार कर रहा है और घातक स्थिति में होने पर उनकी जान भी ले रहा है। मगर कोरोना के बारे में विस्तृत जानकारी करने में विद्यार्थियों ने रुचि नहीं दिखाई। अब जब माध्यमिक विद्यालय खुलेंगे तो उनको कोविड-19 के बारे में विस्तार से जानकारी कराई जाएगी। कोरोना वायरस के दुष्प्रभाव, इसके फैलने के तरीके, इससे बचने के उपाय, सावधानियां आदि के बारे में बताया जाएगा। वहीं इससे जुड़ी जानकारियां जैसे किस देश में कितना संक्रमण रहा, कितने लोगों की जान गई आदि के बारे में भी तथ्यात्मक ज्ञान कराया जाएगा।स्कूल में

स्‍कूल में उपलब्ध होंगे सैनिटाइजर व साबुन- विद्यालय खुलने पर विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सैनिटाइजर व साबुन भी उपलब्ध कराया जाएगा। विद्यालय की ओर से विद्यार्थी को साबुन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए बजट की व्यवस्था विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को विद्यालय फंड से ही करनी होगी। माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को कोरोना संक्रमण से बचाने को साबुन का वितरण किए जाने के निर्देश शासन स्तर से जारी किए गए हैं। विद्यार्थियों को हाथ धाेने व संक्रमण से बचने के लिए प्रेरित किया जाएगा। हालांकि साबुन वितरण का काम प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देशन में कराया जाएगा। इसकी तैयारी भी कर ली गई है।

डीआइओएस के सूत्रों ने बताया कि, विद्यार्थियों को समय-समय पर हाथ धोने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से साबुन वितरण की योजना शासन की ओर से बनाई गई है। माध्यमिक विद्यालयों के लिए जितने साबुन वितरण करने के आदेश होंगे व साबुन उपलब्ध कराए जाएंगे, उनका वितरण कराया जाएगा। अभी नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थी स्कूल-कालेज आएंगे। उनको ही साबुन वितरण कराया जाएगा। प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वो विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को सुरक्षा उपायों के पालन के लिए प्रेरित करने का प्रयास करें।

उत्तराखंड में भूकम्प से पहले मिल जाएगा एलर्ट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया भूकम्प एलर्ट एप्प का शुभारम्भ। ऐसा एप्प बनाने वाला उत्तराखण्ड बना पहला राज्य।

 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया भूकम्प एलर्ट एप्प का शुभारम्भ, ऐसा एप्प बनाने वाला उत्तराखण्ड बना पहला राज्य

उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, आपदा प्रबंधन विभाग और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रूड़की द्वारा विकसित किया गया भूकम्प एलर्ट एप्प

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में मोबाइल एप्प्लीकेशन ‘‘ उत्तराखण्ड भूकम्प अलर्ट’’ एप्प का शुभारम्भ किया। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, आपदा प्रबंधन विभाग एवं भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रूड़की के सौजन्य से बनाये गये इस एप्प के माध्यम से भूकम्प से पूर्व चेतावनी मिल जायेगी। उत्तराखण्ड यह एप्प बनाने  वाला पहला राज्य है। इससे जन सुरक्षा में मदद मिलेगी। इस एप्प के माध्यम से भूकम्प के दौरान लोगों की लोकेशन भी प्राप्त की जा सकती है। भूकम्प अलर्ट के माध्यम से भूकम्प से क्षतिग्रस्त संरचनाओं में फँसे होने पर सूचना दी जा सकती है। उत्तराखण्ड भूकम्प अलर्ट एप्प को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड भूकम्प की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। इस एप्प के माध्यम से लोगों को भूकम्प पूर्व चेतावनी मिल सके, इसके लिए इस एप्प की लोगों को जानकारी दी जाए। विभिन्न माध्यमों से व्यापक स्तर पर इसका प्रचार प्रसार किया जाय। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा इसकी लघु फिल्म बनाकर जन-जन तक पहुंचाया जाए। स्कूलों में भी बच्चों को लघु फिल्म के माध्यम से इस एप्प के बारे में जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों के पास एंड्राइड फोन नहीं है, उनको भी भूकम्प से पूर्व चेतावनी मैसेज पहुंच जाए, इस एप्प के माध्यम से यह सुविधा भी प्रदान की जाए। भूकम्प पूर्व चेतावनी में सायरन एवं वायस दोनों माध्यमों से अलर्ट की व्यवस्था की जाए। भूकम्प  पूर्व चेतावनी के लिए सायरन टोन अलग से हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूकम्प पूर्व चेतावनी के लिए यह एक अच्छी पहल है। इस अवसर पर आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव आपदा प्रबंधन एस.ए. मुरूगेशन, आई.आई.टी. रूड़की के प्रो. कमल एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

नगर क्षेत्र में न हो हैलमेट चेकिंग

रुड़की। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने बाजारों में लगातार गश्त करने एवं शहरी क्षेत्र में हैलमेट की चेकिंग न करने की मांग की है। पदाधिकारियों ने सीओ और गंगनहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक से मिलकर व्यपारियों की समस्याएं बताई।

प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल रुड़की के पदाधिकारियों ने नवनियुक्त पुलिस उपाधीक्षक विवेक कुमार और गंगनहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कोश्यारी से भेंट की। महानगर व्यापार मंडल अध्यक्ष अरविंद कश्यप एवं व्यापार मंडल के महामंत्री कमल चावला ने व्यापारियों की समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि शहर के व्यापारियों को अपने कारोबार के चलते शहर के भीतरी मार्गो से आना जाना पड़ता है। उन्हें हैलमेट लगाने को लेकर छूट दी जाए। यह भी कहा कि बाजारों में लगातार गश्त होते रहना चाहिए। इस दौरान प्रवीण मेहंदीरत्ता, महानगर कोषाध्यक्ष मोहित सोनी उपस्थित रहे। नवनियुक्त पुलिस उपाधीक्षक विवेक कुमार को फूलों का गुलदस्ता भेंट किया गया।

नवविवाहिता ने नवजात शिशु को झाड़ियों में फेंका, पुलिस ने कराया अस्पताल में भर्ती

कोटद्वार में एक नवविवाहिता ने समाज की बदनामी के डर से नवजात शिशु को झाड़ियों में फेंका। पुलिस ने नवजात शिशु को कराया अस्पताल में भर्ती।

कोटद्वार से नितिन अग्रवाल की रिपोर्ट

कोटद्वार (एकलव्य बाण समाचार)। उत्तराखंड के कोटद्वार में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक नवविवाहिता ने नवजात शिशु को जन्म देने के बाद झाड़ियों में फेंक दिया। सूचना पर मौके पर देवदूत बनकर पहुंची कोटद्वार पुलिस ने बच्चे को उपचार के लिए बेस चिकित्सालय में भर्ती करा दिया है। बच्चे की हालत अब सामान्य बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि भाबर क्षेत्र निवासी एक नवविवाहिता ने नवजात शिशु को जन्म देने के बाद झाड़ियों में फेक दिया। घटना की सूचना मिलते ही कोटद्वार कोतवाली से महिला उप निरीक्षक भावना भट्ट और उप निरीक्षक अनित कुमार मौके पर पहुंचे। झाड़ियों में ढूंढने के बाद नवजात शिशु पुलिस को मिल गया। इस दौरान शिशु की सांसे चल रही थीं। पुलिस ने सूझबूझ का परिचय देते हुए उसे चादर में लपेट कर बेस चिकित्सालय कोटद्वार में भर्ती करा दिया। महिला ने पुलिस को अपने बयानों में बताया कि आज सुबह 4 बजे उसने एक नवजात शिशु को जन्म दिया था। इसके बाद महिला ने नवजात शिशु के बारे में अपने ससुर को ना बता कर के पीछे झाड़ियों में फेंक दिया था।

यूपी 112 को मिले 23 नए आरक्षी सब कमांडर

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। यूपी पुलिस की आपातकालीन सेवा यूपी 112 को 23 नए आरक्षी सब कमांडर के रूप में मिल गए हैं। पुलिस लाइन में इन आरक्षियों को 18 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण के उपरांत डॉ. प्रवीन रंजन सिंह अपर पुलिस अधीक्षक नगर / नोडल अधिकारी 112 ने प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।

18 दिवसीय प्रशिक्षण का समापन- पुलिस लाइन में यूपी 112 आपातकालीन सेवा में नियुक्त किए गए 23 आरक्षियों को 18 दिवसीय प्रशिक्षण प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह धौनी की देखरेख में हुआ। प्रशिक्षक कैलाश चंद, अनु सिंहा, राहुल कुमार, गौरव कुमार व दीपक कुमार द्वारा संयुक्त रूप से प्रशिक्षित किया गया। 18 दिवसीय प्रशिक्षण के अंतिम दिन आज दिनाँक 28.07.2021 को अपर पुलिस अधीक्षक नगर / नोडल अधिकारी डा. प्रवीन रंजन ने प्रशिक्षित सब कमांडरों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। इसके उपरान्त अपर पुलिस अधीक्षक नगर/नोडल अधिकारी यूपी 112 द्वारा कहा गया कि यूपी पुलिस की 112 सेवा एक ऐसी आपातकालीन सेवा है जो पीड़ित की एक कॉल पर तत्काल पहुॅच कर मदद पहुंचाती है।

PRV पर तैनात महिला सब कमाण्डर- शासन की मंशा के अनुरूप महिला सब कमाण्डरों को भी पीआरवी पर नियुक्त किया गया है, जो महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहती हैं। कार्यक्रम में निरीक्षक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह धौनी प्रभारी यूपी 112, एमडीएसएल के टेक्नीशियन कैलाश चंद, टीओटी गौरव शर्मा, राहुल कुमार आदि उपस्थित रहे।

राजधानी में नहीं होने देंगे किसान विरोधियों का आन्दोलन

पंचदेव यादव (एकलव्य बाण समाचार)।

लखनऊ। राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के अध्यक्ष राम निवास यादव ने कृषि बिल का विरोध कर रहे किसान नेताओं की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि आज पूरे देश का किसान नये कृषि बिलों का स्वागत करते हुए बिल के साथ है तो वहीं कुछ तथाकथित किसान नेता कुछ राजनैतिक दलों से साँठ-गाँठ कर इन बिलों का विरोध कर रहे हैं।

इनका उद्देश्य किसान हित नहीं- राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के अध्यक्ष ने कहा कि इनका उद्देश्य किसान हित न होकर अपनी-अपनी राजनैतिक जमीन बनाना है, जिसको पूरे देश का किसान समझ गया है। यही कारण है कि देश का असली किसान इन कथित किसान नेताओं का साथ नहीं दे रहा है। इस कारण यह बौखला कर बिचौलियों के साथ साँठ-गाँठ करके आन्दोलन कर रहे हैं। हम सब के नेता स्व. महेन्द्र सिंह टिकैत ने सबसे पहले इन्ही मांगों को लेकर आन्दोलन किया था कि किसानों को बिचौलियों से मुक्त किया जाये तथा देश के किसानों को अपनी फसल अपने दामों में कही भी बेचने की अनुमति दी जाये। इसके साथ ही खेती में भी उन लोगों की तरह सहूलियतें दी जाएं। आज जब मोदी सरकार ने किसानों के हितों को देखते हुए नये कृषि बिल लागू किए हैं, तो कुछ कथित किसान नेता इन बिलों का विरोध करने लगे हैं।

जनता व प्रशासन को दे रहे धमकी? राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के मीडिया प्रभारी केशरी राव धारा सिंह यादव ने उक्त जानकारी देते हुए कहा कि बिचौलियों के समर्थन के कारण इनका हौसला इतना बढ़ गया है कि बात-बात पर उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों का बक्कल (बिल्ला) नोचने की बात करते हैं। इसका राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन कड़ा विरोध करती है। इन सब से पुलिस बल का भी मनोबल गिरता है। कल जिस प्रकार से लखनऊ में प्रेस-कांफ्रेस करके उत्तर प्रदेश की जनता एवं प्रशासन को धमकाने का काम किया गया है। वह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

किसी भी कीमत पर नहीं करेंगे बर्दाश्त- इसके विरोध में राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन इनके हिंसक और अराजक आन्दोलन को लखनऊ में किसी भी कीमत पर नहीं होने देगी और न ही राजधानी के मार्गो को बंधक बनाने देगी। अगर ये अराजकता फैलाने का प्रयास करेंगे, तो राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन राजधानी में ऐसे अराजक प्रदर्शन का पुरजोर विरोध करेगी और इनके मंसूबों को सफल नहीं होने देगी। लखनऊ एवं आसपास के जिलों के किसान भाईयों को एकत्र कर इनको मुँह तोड़ जवाब दिया जायेगा, जिससे दिल्ली जैसी अराजकता लखनऊ में न होने पाए।

ड्यूटी पर मुस्तैद है बिजनौर पुलिस

बिजनौर। पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह द्वारा पुलिस कार्यालय पर प्रतिदिन की भॉति आमजन की शिकायत को सुना गया तथा उनके त्वरित निस्तारण हेतु सम्बन्धित को निर्देशित किया गया। शिकायत लेकर पहुंचे पुरूष/महिला के साथ आने वालों बच्चों को पुलिस अधीक्षक बिजनौर द्वारा टॉफियां दी गईं।

वहीं अपर पुलिस अधीक्षक नगर व क्षेत्राधिकारी नगर जनपद बिजनौर ने सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत जजी परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान संदिग्ध वाहन व व्यक्ति को चेक करने के साथ ही सम्बन्धित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।

कांवड़ियों को रोकने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने बनाई रणनीति

पुलिस लाइन रोशनाबाद के सभागार में एसएसपी ने कांवड मेला वर्ष 2021 स्थगित किये जाने के सम्बन्ध में पुलिस अधिकारियों के साथ की बैठक।

हरिद्वार (एकलव्य बाण समाचार)। कांवड मेला वर्ष 2021 स्थगित किये जाने के सम्बन्ध में एसएसपी सेंथिल अवूदई कृष्णराज एस ने जनपद के पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

पुलिस लाइन्स रोशनाबाद हरिद्वार स्थित सभागार में एसएसपी हरिद्वार की अध्यक्षता में राज्य सरकार द्वारा कांवड मेला 2021 स्थगित किये जाने के आदेश निर्गत किए जाने के उपरान्त हरिद्वार पुलिस की बार्डर पर आने वाले कांवडियों को रोकने की रणनीति के सम्बन्ध में बैठक आयोजित की गयी।

हरिद्वार पुलिस के सभी अधिकारियों की मौजूदगी में एसएसपी ने सभी क्षेत्राधिकारी, कोतवाली प्रभारी एवं थानाध्यक्षों को निर्देश दिए कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण (तीसरी लहर) से आम जनता की जान की सुरक्षा के दृष्टिगत उत्तराखण्ड सरकार द्वारा कांवड मेला 2021 स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। कांवड मेला में देश के कोने कोने से शिव भक्तों का हरिद्वार आवागमन रहता है।

सरकार के निर्णय के पालन हेतु प्रशासन से समन्वय स्थापित कर समस्त आवश्यक तैयारियां कर बार्डर पर पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल नियुक्त करेंगे तथा शासन द्वारा निर्गत आदेशों के अनुरुप कार्यवाही करना सुनिश्चित करेंगें।

साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से उक्त स्थगन आदेश के सम्बन्ध में व्यापक प्रचार प्रसार करें। एसपी क्राइम, एसपी ग्रामीण व एसपी सिटी को निर्देशित किया कि वह समय से उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जनपदों से बार्डर मीटिंग आयोजित करते हुए सूचनाओं का आदान-प्रदान करें।

कोविड नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को सीज करने की कार्यवाही के लिये पार्किंग स्थलों का समय से चयन करते हुए आवश्यक कार्यवाही कर उक्त स्थलों पर पहले से ही पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल नियुक्त किया जाए। साथ ही बार्डर प्वाइंट्स पर अनुभवी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियुक्त किया जाए।

एकलव्य बाण समाचार

नदी में डूबने से एक किशोर की मौत, दो को बचाया

नदी में डूबने से एक किशोर की मौत, दो को बचाया।
परिजनों ने मृतक किशोर का शव को दफनाया


नजीबाबाद (बिजनौर)। नदी में डूबने से एक किशोर की मौत हो गयी। हालांकि ग्रामीणों ने दो किशोरों को डूबने से बचा लिया। किशोर के परिजनों ने शव को पुलिस को सूचना दिए बगैर दफना दिया। घटना मंगलवार दोपहर की बताई गई है।
नांगल थाना क्षेत्र के गांव बाखरपुर निवासी 13 वर्षीय मौहम्मद कैफ पुत्र मुकीम अपने कुछ साथियों के साथ गांव के पास से होकर बह रही लकड़हान नदी के किनारे घूमने गया था। इसी दौरान कैफ का पैर नदी के किनारे से फिसल गया और वह गहरे पानी मे समा गया। उधर उसके दोनों दोस्त भी उसकी खोज में पानी में उतर गए और डूबने लगे। वहां से गुजर रहे ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें पानी से बाहर निकाल लिया। सूचना के बाद परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, जिन्होंने काफी खोजबीन के बाद मौहम्मद कैफ के शव को किसी तरह तलाश किया। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बगैर ही शव दफना दिया।

अब पुलिस अपराधी को जल्द दिला सकेगी सजा

अहमदाबाद (PIB)। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद में राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के नवनिर्मित Centre of Excellence for Research & Analysis of Narcotics and Psychotropic Substances का उद्घाटन किया। श्री शाह ने महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराधों की जाँच पर एक वर्चुअल ट्रेनिंग का भी उद्घाटन किया।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उद्बोधन के मुख्य बिंदु 👇

दुनियाभर में नेशनल फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय की उत्कृष्टता और प्रतिष्ठा को देखते हुए इस सेंटर को स्थापित करने का निर्णय लिया गया।

देश के क्रिमिनल जस्टिस को और ताकतवर और परिणामलक्षी बनाने के लिए इस विश्वविद्यालय को देश के फलक पर ले जाना बहुत ज़रूरी।

अब थर्ड डिग्री का जमाना नहीं है और कठोर से कठोर व्यक्ति को वैज्ञानिक जाँच के आधार पर सजा दिलवाई जा सकती है।

हमारी नई शिक्षा नीति में वैज्ञानिक शिक्षा पर बहुत ज़ोर दिया गया है, प्रधानमंत्री का आग्रह है कि हमारी शिक्षा नीति और व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि विद्यार्थी हर क्षेत्र में सर्वोच्च प्राप्त करें।

इस सेंटर में बनाए गए साइबर डिफ़ेंस सेंटर और बेलेस्टीक रिसर्च सेंटर पूरे एशिया में अपने प्रकार के अनूठे सेंटर हैं और देश इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है।

साइबर वॉर और साइबर क्राइम के ख़िलाफ़ लड़ाई हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण, भारत की सुरक्षा और प्रधानमंत्री के पाँच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को पूरा करने के लिए साइबर सुरक्षा बहुत ज़रूरी।

21वीं सदी में भारत के आगे ढेर सारी चुनौतियाँ हैं, इनसे सफलतापूर्वक निपटने के लिए हमें क्रिमिनल जस्टिस को मज़बूत करना होगा, इसके लिए फ़ोरेंसिक साइंस एक महत्वपूर्ण अंग।

सरकार, देशभर के पुलिस अधिकारियों, न्यायाधीशों, वकीलों और क़ानून विश्वविद्यालयों के साथ CrPC, IPC और Evidence Act तीनों में आमूल चूल परिवर्तन करने के लिए एक बहुत बड़ा संवाद कर रही है ताकि इन्हे आज की आवश्यकताओं के हिसाब से आधुनिक बना सकें।

हमारी पुलिस पर नो एक्शन और एक्स्ट्रीम एक्शन का आरोप लगता है, हमें जस्ट एक्शन चाहिए और यह तभी हो सकता है जब वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर जाँच को आगे बढ़ाएँ।


हमारे समाज, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर मादक पदार्थों का जो बुरा प्रभाव पड़ रहा है इससे पूरा देश चिंतित है।

सरकार ने तय किया है कि हम भारत में नारकोटिक्स पदार्थों को आने भी नहीं देंगे और भारत को उसका रास्ता भी नहीं बनने देंगे।

अपने संबोधन में श्री शाह ने कहा कि कहा कि देश में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दूसरी बार सरकार बनी तब दुनियाभर में नेशनल फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय की उत्कृष्टता और प्रतिष्ठा को देखते हुए इस सेंटर को स्थापित करने का निर्णय लिया गया और यह बिल्कुल उचित फैसला था। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जब गुजरात फ़ोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी बनी, तब मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और वे राज्य के गृह मंत्री थे और जब नेशनल फ़ोरेंसिक सांइस यूनिवर्सिटी बनी तो श्री मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं और वे गृह मंत्री हैं। वर्ष 2009 में श्री मोदी ने यहाँ जो एक छोटा सा बीज बोया था, वह आज क्रिमिनल जस्टिस को मज़बूत बनाने के लिए एक विशाल बट वृक्ष बन गया है।

इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, प्रदेश के गृह मंत्री प्रदीप सिंह जडेजा, केन्द्रीय गृह सचिव और केन्द्र तथा राज्य सरकार के अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी मौजद थे।

मानव बम से कई शहरों को दहलाने की साजिश नाकाम

UP पुलिस का बड़ा खुलासा। लखनऊ से पकड़े गए आतंकी बनाने जा रहे थे मानव बम। कई शहरों को दहलाने की साजिश

UP पुलिस का बड़ा खुलासा, लखनऊ से पकड़े गए आतंकी बनाने जा रहे थे मानव बम- कई शहरों को दहलाने की साजिश

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। उत्तरप्रदेश पुलिस के आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) ने रविवार को राजधानी लखनऊ में अलकायदा समर्थित ‘अंसार ग़ज़वतुल हिंद’ से जुड़े 2 संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार कर लिया। संदिग्ध आतंकियों की शहर और अन्य शहरों के भीड़ वाले इलाकों में आत्मघाती हमला करने की थी। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि एटीएस ने अलकायदा समर्थित ‘अंसार ग़ज़वतुल हिंद’ के सक्रिय सदस्य लखनऊ के दुबग्गा निवासी मिनहाज अहमद तथा मणियांव के रहनेवाले मसीरुद्दीन को गिरफ्तार किया है। इन दोनों के पास से विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है।

उन्होंने बताया कि ये लोग अलकायदा के उत्तर प्रदेश मॉड्यूल के मुखिया उमर हलमंडी के निर्देश पर अपने साथियों की मदद से आगामी 15 अगस्त को उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों, खासकर लखनऊ के महत्वपूर्ण स्थानों, स्मारकों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विस्फोट करने और मानव बम आदि द्वारा आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए हथियार तथा विस्फोटक भी जमा किया गया था।

Lucknow Terrorist Reveal: up ats। alqaeda terrorist। serial blast।lucknow ।  uttar pardesh | Lucknow Terrorist Reveal: लखनऊ में पकड़े गए आतंकियों पर  बड़ा खुलासा, सुरक्षा एजेंसियां हुईं अलर्ट ...

कुमार ने बताया कि इस गिरोह में लखनऊ तथा कानपुर के इनके अन्य साथी भी शामिल हैं। अन्य टीमों के द्वारा इन आतंकवादियों के अन्य सहयोगियों की तलाश के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है।

कैंपटी फाॅल में अब एक बार में नहा पाएंगे अधिकतम 50 पर्यटक

हर आधा घंटे बाद बजने लगेगा हूटर। पर्यटकों की निगरानी करने के लिए जांच चौकी स्थापित। चौकियों पर कोविड-19 नियमों के तहत पर्यटकों की जांच।

 कैंपटी फाॅल में अब अधिकतम 50 पर्यटक ही एक बार में नहा पाएंगे, हर आधा घंटे बाद बजने लगेगा हूटर

देहरादून (एकलव्य बाण समाचार)। कोरोना वायरस का खतरा अभी कम नहीं हुआ है, लेकिन देवभूमि उत्तराखंड में पर्यटकों का आना शुरू हो गया है। पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए अब टिहरी डीएम ने आदेश जारी कर कैंपटी फाॅल में नहाने के कुछ नियम बना दिए हैं। यहां एक बार में अब अधिकतम 50 पर्यटक ही नहा पाएंगे और इसके लिए भी उन्हें केवल आधे घंटे का ही समय मिलेगा। हर आधा घंटे बाद हूटर बजाकर सचेत किया जाएगा।

कोरोना खतरे के बीच झरना- कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है, लेकिन उससे पहले ही पर्यटन स्थल कैंपटी फाॅल में पर्यटकों का भारी जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। इसको लेकर जहां लगातार खबरें छपी, वहीं, हाईकोर्ट ने भी मामले का संज्ञान लिया था। यही कारण रहा कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए टिहरी जिला प्रशासन उक्त निर्णय लेना पड़ा। आधा घंटे की अवधि पूरी होते ही वहां लगे हूटर बजने लगेंगे और पर्यटकों को तत्काल उसमें से बाहर निकलकर वापस लौटना होगा। लॉकडाउन में मिली छूट के बाद कैंपटी फॉल में घूमने और नहाने के लिए हर दिन उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि बाहरी प्रदेशों के भी सैकड़ों पर्यटक पहुंच रहे हैं। प्रशासन को शिकायत मिली है कि कैंपटी फॉल के झरने में नहाने के दौरान पर्यटक कोविड-19 संबंधी नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा है।

पर्यटकों की निगरानी करने के लिए जांच चौकी- टिहरी की जिलाधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव ने यह आदेश जारी किया। उन्होंने टिहरी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और धनौल्टी के उपजिलाधिकारी को कैंपटी फॉल आने वाले पर्यटकों की निगरानी करने के लिए जांच चौकी स्थापित करने को भी कहा। आदेश में कहा गया है कि इन चौकियों पर कोविड-19 नियमों के तहत पर्यटकों की जांच की जाए तथा कैंपटी फॉल झरने में एक बार में 50 से अधिक पर्यटकों को जाने की अनुमति न दी जाए। आधे घंटे में पर्यटकों के झरने से वापस लौटने के पश्चात बारी-बारी से 50 पर्यटकों को प्रवेश करने की अनुमति दी जाए।

16 लाख किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से आ रहा सौर तूफान, किसी भी समय धरती से टकराने का खतरा

वाशिंगटन (एजेंसी)। सूरज की सतह से पैदा हुआ शक्तिशाली सौर तूफान 1609344 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पृथ्वी की तरफ बढ़ रहा है। यह सौर तूफान रविवार या सोमवार को किसी भी समय पृथ्वी से टकरा सकता है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस तूफान के कारण सैटेलाइट सिग्नलों में बाधा आ सकती है। विमानों की उड़ान, रेडियो सिग्नल, कम्यूनिकेशन और मौसम पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।
ध्रुवों पर दिखेगी रात में तेज रोशनी
स्पेसवेदर डॉट कॉम वेबसाइट के अनुसार, सूरज के वायुमंडल से पैदा हुए इस सौर तूफान के कारण पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के प्रभुत्व वाले अंतरिक्ष का एक क्षेत्र में काफी प्रभाव देखने को मिल सकता है। उत्तरी या दक्षिणी अक्षांशों पर रहने वाले लोग रात में सुंदर आरोरा देखने की उम्मीद कर सकते हैं। ध्रुवों के नजदीक आसमान में रात के समय दिखने वाली चमकीली रोशनी को आरोरा कहते हैं।

16 लाख किमी की रफ्तार से बढ़ रहा तूफान
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का अनुमान है कि ये हवाएं 1609344 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हो सकता है कि इसकी स्पीड और भी ज्यादा हो। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अंतरिक्ष से महातूफान आता है तो धरती के लगभगर हर शहर से बिजली गुल हो सकती है।
पृथ्वी पर क्या होगा असर?
सौर तूफान के कारण धरती का बाहरी वायुमंडल गरमा सकता है जिसका सीधा असर सैटलाइट्स पर हो सकता है। इससे जीपीएस नैविगेशन, मोबाइल फोन सिग्नल और सैटलाइट टीवी में रुकावट पैदा हो सकती है। पावर लाइन्स में करंट तेज हो सकता है जिससे ट्रांसफॉर्मर भी उड़ सकते हैं। हालांकि, आमतौर पर ऐसा कम ही होता है क्योंकि धरती का चुंबकीय क्षेत्र इसके खिलाफ सुरक्षा कवच का काम करता है।

22 वर्ष पहले भी हो चुका ऐसा
ये पहली बार नहीं है जब सौर तूफान धरती की ओर आ रहा है। करीब 22 वर्ष पहले 1989 में भी सौर तूफान की वजह से कनाडा के क्‍यूबेक शहर में 12 घंटे के लिए बिजली गुल हो गई थी। इसके साथ ही लाखों लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।

इससे पहले वर्ष 1859 में आए चर्चित सबसे शक्तिशाली जिओमैग्‍नेटिक तूफान ने यूरोप और अमरीका में टेलिग्राफ नेटवर्क को तबाह कर दिया था।कुछ ऑपरेटर्स को बिजली का झटका भी लगा था। उस दौरान रात में भी इतनी तेज रोशनी हुई थी कि नॉर्दन अमरीका में बगैर लाइट के भी लोग अखबार पढ़ पा रहे थे।

गौशाला में घुस कर गाय को खींच ले गया गुलदार

गुलदार ने गौशाला में गाय को बनाया निशाना। ग्रामीणों में दहशत। छाछरी टीप के जंगल में गौ संरक्षण केंद्र का मामला।

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। हीमपुर दीपा क्षेत्र के गांव छाछरी टीप के जंगल में गौ संरक्षण केंद्र के गौवंश को गुलदार ने अपना निवाला बना लिया। रतनपुर खुर्द के जंगल में गुलदार दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत है। काफी समय से क्षेत्र के रतनपुर खुर्द, उलेढ़ा, छाछरी टीप, फतेहपुर कला, चौकपुरी, टूंगरी, सिसौना, रावटी, माड़ी के जंगल में गुलदार दिखाई देने से किसान भयभीत हो गए हैं। गौ संरक्षण केंद्र की बाउंड्री वाल न होने से पिलर खड़े करके सुरक्षा की दृष्टि से मात्र तारबंदी की गई है। विगत रात्रि गुलदार गौ संरक्षण केंद्र में घुस गया और गौवंश को बाहर खींच कर किसान भूरे सिंह के गन्ने के खेत में उसे अपना निवाला बना लिया। गौ संरक्षण केंद्र समिति के रवि ढाका, मयंक मयूर, सौरभ शर्मा, बलवीर सिंह आदि ने जिला प्रशासन से बाउंड्री वॉल बनवाने की अपील की है, ताकि आने वाले समय में गौ संरक्षण केंद्र में गौवंश के साथ कोई और घटना न घट जाए। उक्त गौ रक्षा का केंद्र पर लगभग पांच सौ गौवंश मौजूद हैं। ऐसे में गुलदार के पहुंचने से गौ रक्षा केंद्र पर तैनात कर्मियों और समिति के पदाधिकारियों में चिंता बढ़ गई है।

व्यावसायिक प्रतिष्ठान व दुकानों में काम करने वाले कर्मियों का सत्यापन आवश्यक

बिजनौर। व्यावसायिक प्रतिष्ठान व दुकानों में काम करने वाले कर्मियों का सत्यापन पुलिस करेगी। सुरक्षा के लिहाज से यह फैसला लिया गया है। पुलिस ने दुकानदारों से कर्मियों का विवरण उपलब्ध कराने की अपील की है। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर दुकानों के बाहर सीसी टीवी कैमरे लगवाने का सुझाव दिया गया है। नगर को अतिक्रमणमुक्त रखने में भी व्यापारियों से सहयोग मांगा गया है।

बिजनौर थाना कोतवाली प्रभारी राधेश्याम

अधिकांश कर्मचारी ही रहते हैं लिप्त- प्रदेश भर में व्यापारियों के सामने दुकानों में अक्सर चोरी की घटनाएं होने की समस्या है। खासतौर से आभूषण की दुकानों में अधिक चोरियां होती हैं। चोर वारदात को अंजाम देकर आसानी से फरार हो जाते हैं। सर्वविदित है कि पुलिस हर जगह निगरानी नहीं कर सकती। ऐसे में व्यापारी अपनी दुकानों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सीसी टीवी कैमरे जरूर लगवाएं। इससे चोरों का सुराग लगाने में आसानी होगी। अधिकांश चोरियां दुकान पर काम करने वाले कर्मचारियों की मिलीभगत से ही होती हैं। ऐसे में उनका पुलिस वैरीफिकेशन कराना बेहद जरूरी है। दुकानदार अपने यहां कार्यरत सभी कर्मियों का विवरण संबंधित थाने में उपलब्ध कराएं। पुलिस अपने स्तर से कर्मियों का सत्यापन करेगी। उनका विवरण थाने में रहेगा तो किसी तरह की वारदात होने पर चोरों का सुराग लगाने में सहूलियत होगी।

क्यों जरूरी है सत्यापन- आपराधिक मामलों की रोकथाम में पुलिस से संबंधित व्यक्ति का सत्यापन करवाना जरूरी है। घरेलू नौकर, किरायेदार, ड्राइवर, चौकीदार, निजी कर्मचारी, सेल्समैन आदि बिना पुलिस सत्यापन व पर्याप्त व्यक्तिगत जानकारी लिए बिना ही रख लिए जाते हैं। इससे अपराध होने पर एक ओर तो पुलिस को उसकी जानकारी जुटाने में काफी समय लग जाता है तथा आपराधिक लोग अपराध करके फरार होने में सफल हो जाते हैं। सत्यापन के अभाव में बिना जानकारी के रखा व्यक्ति अपने मालिकों की हत्या, हत्या का प्रयास, घोर उपहित कारित कर लूटपाट, जहरखुरानी, चोरी आदि की गंभीर प्रकृति की आपराधिक वारदातें कर देते हैं। इसलिए ऐसे लोगों को रखने से पहले पुलिस से सत्यापन करवा लेना चाहिए। 

अतिक्रमण भी एक समस्या- दुकानों के सामने बेतरतीब ढंग से वाहन खड़े किए जाने की वजह से नगर में जाम की समस्या पैदा होती है। इससे लोगों को परेशानी होती है। दुकानदार राहगीरों की सुविधा का भी ध्यान रखें। नगर में सफाई व्यवस्था व अतिक्रमण पर लगाम दुकानदारों की मदद से ही लगाई जा सकती है।

पुलिस चलाती है जागरूकता अभियान- शहर कोतवाली प्रभारी राधेश्याम ने बताया कि पुलिस समय-समय पर इस संबंध में जागरूकता अभियान चलाती रहती है। सत्यापन कराना सभी के हित में है।

हादसों को दे रहे दावत नीचे झूलते विद्युत तार

काफी नीचे झूलते विद्युत तार हादसों को दे रहे दावत। बिजनौर में हुए हादसे भी सबक नहीं ले रहा विद्युत विभाग। एसडीएम ने कहा समस्या का कराया जाएगा निदान।

बिजनौर। नजीबाबाद तहसील के नगर पंचायत साहनपुर क्षेत्र समेत कई स्थानों पर विद्युत तार काफी नीचे लटके और जर्जर हालत में होने के बावजूद विद्युत विभाग के अधिकारी कुंभकर्णी नींद से जागने को तैयार नहीं है। विभागीय अधिकारी बिजनौर क्षेत्र में नहाने के दौरान विद्युत तार टूटकर गिरने से करंट की चपेट में आकर युवक की मौत हो जाने के बावजूद सबक नहीं ले रहे हैं। इसके चलते लोगों को हादसों के होने का भय सता रहा है।

तहसील के नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर बिजली की उच्च क्षमता, हाईटेंशन और लोटेंशन के विद्युत तार काफी नीचे होकर गुजर रहे हैं। विद्युत लाइनें किसी के घर के ऊपर से होकर गुजर रही हैं और किसी के दरवाजे से बिल्कुल सट कर विद्युत लाइनें गुजर रही हैं। ये विद्युत लाइन की तार हादसों को दावत दे रही हैं। इसके बावजूद बिजली विभाग के अधिकारी मानों बड़े हादसे के होने का ही इंतजार कर रहे हैं। ऐसे ही एक नजारा नगर पंचायत साहनपुर के मोहल्ला नददाफान में देखने को मिला है। जहां कई परिवार जानलेवा विद्युत लाइनों के साए में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। इन लोगों को इनके घरों के ऊपर झूलती मौत की तार हमेशा जान जोखिम में रहने का अहसास दिलाती रहती हैं। अपने ही घरों के छत पर एक ओर से दूसरी ओर आने-जाने और इस दौरान जरा सी चूक होना ही जीवन पर भारी पड़ सकता है। नगर पंचायत वासियों की मानें तो काफी नीचाई पर गुजर रही विद्युत लाइनों की चपेट में आने से कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें लोग चोटिल व झुलस चुके हैं। हादसों के बाद विद्युत विभाग के अधिकारियों को मोहल्लेेवासियों के जोरदार विरोध का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद आज तक घरों की छतों के उपर से होकर गुजरने वाली विद्युत लइन की तारों को नहीं हटाया गया है। साहनपुर के मोहल्ला नददाफान निवासी नफीस, तसलीम, मोनू, साबिर आदि बताते हैं कि उन्होंने घरों की छतों के ऊपर से होकर गुजर रही विद्युत लाइनों के तारों को हटाए जाने को लेकर बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों से भी कई बार गुहार लगायी परंतु उनके कानों पर जूं नहीं रेंगी। मोहल्लेवासियों ने अब घरों के ऊपर से गुजर रहे विद्युत तारों को हटवाए जाने के लिए मुख्यमंत्री जनसुनववाई पोर्टल पर शिकायत करने का मन बना लिया है। विद्युत उपभोक्ताओं का कहना है कि उक्त विद्युत तारों के नीचे होकर गुजरने की वजह से वह अपने घरों की छतों के ऊपर निर्माण कार्य नहीं कर पा रहे है। इस सम्बन्ध में उपजिलाधिकारी परमानन्द झा से बात किए जाने पर उन्होंने कहा कि मामला उनके अब संज्ञान में आया है, वह विद्युत विभाग के अधिकारियों से बात करेंगे और समस्या के समाधान कराने का प्रयास करेंगे।

मंडावर पुलिस पीएसी ने पांच लोगों को डूबने से बचाया

बिजनौर। थाना मण्डावर क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण फंसे पांच लोगों को स्थानीय थाना पुलिस ने पीएसी की तैराकी टीम के माध्यम से सकुशल बचाया गया। जानकारी के अनुसार शनिवार प्रातः ग्राम दयाल वाला थाना मंडावर निवासी समय सिंह पुत्र गंगाराम, जोगेंद्र सिंह पुत्र ताराचंद, महेंद्र पुत्र घसीटा तथा कलीराम पुत्र पुनवा निवासी ग्राम मीरापुर एवं चेतन पुत्र नंदराम निवासी ग्राम शिमला थाना मंडावर गंगा नदी के उफनाते पानी में फंस गए थे। सूचना पर एसएचओ मंडावर मय पुलिस बल मौके पर पहुंचे। पांचों व्यक्तियों को पीएसी की तैराकी टीम के माध्यम से सकुशल निकलवाया गया। इस दौरान गंगा तट पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा रही। सभी ने पुलिस व पीएसी की मुक्तकंठ से सराहना की।

21 जून से खुलेंगे मॉल-रेस्टोरेंट, अब night कर्फ्यू रात 9 से सुबह 7 बजे तक

उत्तर प्रदेश सरकार ने नाइट कर्फ्यू में थोड़ी राहत देते हुए इसे रात्रि 9 बजे से सुबह 7 बजे तक कर दिया है। वहीं कुछ बंदिशों के साथ रेस्टोरेंट, पार्क तथा स्ट्रीड फूड की दुकानों को भी 21 जून से खोलने की अनुमति दी गई है।

लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को समीक्षा बैठक के बाद टीम-09 के छूट देने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। रात के कर्फ्यू में भी ढील दी गई है। नए प्रोटोकॉल के तहत कोरोना कर्फ्यू रात्रि 09 बजे से अगले दिन सुबह 07 बजे तक रहेगा। कोविड प्रोटोकॉल के साथ रेस्टोरेंट, मॉल को 50% क्षमता के साथ खोला जा सकेगा। इसी तरह, पार्क, स्ट्रीट फूड आदि के संचालन की अनुमति भी दी है।

कोरोना कर्फ्यू की अवधि भी घटी- कोविड प्रोटोकॉल के साथ 21 जून से बाजार व मॉल खोलने की इजाजत दी गई है। बाजार और मॉल रात 9 बजे तक खोले जा सकेंगे। कोरोना कर्फ्यू की अवधि भी घटा दी है। अब बाजार शाम 7 बजे के बजाए रात 9 बजे तक ग्राहकों के लिए खुले रहेंगे।

पटरी दुकानदार और स्‍ट्रीट फूड- रोजाना कमाने-खाने वाले पटरी दुकानदार और स्‍ट्रीट फूड का संचालन भी रात 9 बजे तक किया जा सकेगा। पार्क भी आमजन के लिए 21 जून से खोल दिए जाएंगे।

कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना अनिवार्य- इन सभी स्थान पर कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना अनिवार्य होगी। मास्क के साथ प्रवेश अनिवार्य होगा, जबकि रेस्टोरेंट में आने वाले सभी लोगों का सैनिटाइजर से हाथ साफ करना भी जरूरी है। दुकान या शोरूम में पहले की तरह मास्क और सैनेटाइजर की अनिवार्यता रहेगी। साथ ही वहां हेल्प डेस्क भी बनानी होगी। आने-जाने वालों का रजिस्ट्रर बनाना होगा। इसमें नाम, पता और बाकी डिटेल रहेगी।

दुकानों के साथ सब्जी मंडियां भी रात 9 बजे तक खुलेंगी- दुकानों के साथ सब्जी मंडियां भी रात 9 बजे तक खुल सकेंगी, पर घनी आबादी की सब्जी मंडियों को प्रशासन खुले स्थान पर खुलवाएगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि नई व्यवस्था के संबंध में विस्तृत गाइडलाइंस शीघ्र ही जारी कर दी जाएं। 

गुलदार ने पशुशाला में घुसकर मार डाली दो भेड़

गुलदार ने पशुशाला में घुसकर मार डाली दो भेड़। ग्राम नारायणपुर रतन में घुसकर रात्रि में किया हमला। लगातार हो रहे गुलदार के हमलों से ग्रामीणों में दहशत।

बिजनौर। थाना मंडावली क्षेत्र के ग्राम नारायणपुर रतन में पशुपालक की पशुशाला में घुसकर गुलदार ने वहां बंधी दो भेड़ों को हमलाकर मार डाला। हालांकि भेड़ों के मोटी रस्सी से खूंटे से बंधे होने के चलते गुलदार उन्हें वहां से नहीं ले जा सके। सुबह पशुशाला पहुंचने पर पशुपालक को दोनों भेड मृत अवस्था में पड़ी मिली।  गांव में रात्रि के अंधेरे में बार बार हो रहे गुलदार के हमलों को लेकर ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदारों को पकडऩे और जंगल में छुड़वाए जाने की गुहार लगायी है।    मंडावली थाना क्षेत्र के ग्राम नारायणपुर रतन में गुलदार ने रात्रि में  पशुपालक नईम अहमद की पशुशाला में घुसकर वहां बंधी दो भेड़ों पर हमला कर दिया। भेड़ों के मोटी रस्सियों के साथ खूंटे से बांधे जाने के चलते गुलदार उन्हें वहां से ले जाने में सफल नहीं हो सका। गुलदार के हमले में भेड़ों की मौत हो गयी। सुबह पशुशाला पहुंचने पर पशुपालक नईम अहमद को दो भेड़े मृत अवस्था में मिली। पशुशाला में घुसकर गुलदार के हमला कर भेड़ों को मारने की सूचना पर काफी संख्या में ग्रामीण वहां एकत्रित हो गए। पूर्व में भी गुलदार आसपस के गांवों में हमला कर पशुओं को  उठाकर ले जा चुका है। क्षेत्र में रात्रि में लगातार हो रहे गुलदार के हमलों को लेकर ग्रामीणों में दहशत बनी हुयी है। इससे पहले भी गुलदार क्षेत्र के गांवों में कई पशुओं को अपना निवाला बना चुका है। ग्रामीणों की ओर से काफी समय से वन विभाग के अधिकारियों से गुलदार को पकडऩे की मांग की जा रही है। हालांकि अभी तक वन विभाग की ओर से गुलदार को पकडऩे के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उधर ग्रामीणों का मानना है कि रात्रि में दो भेड़ों को हमला कर मारने वाला एक नहीं बल्कि दो गुलदार रहे होंगे। क्षेत्र में गुलदार होने की दहशत के चलते ग्रामीण अपने खेतों में भी जाने से डर रहे हैं। ग्रामीणों ने एक बार फिर वन विभाग के अधिकारियों से क्षेत्र में दहशत का पर्याय बने गुलदारों को पकड़वाकर जंगल में छुड़वाए जाने की गुहार लगायी है।

आईएनएस डेगा में एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर शामिल

नई दिल्ली। वाइस एडमिरल अजेंद्र बहादुर सिंह, एवीएसएम, वीएसएम, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ, पूर्वी नौसेना कमान (ईएनसी) की उपस्थिति में ‘322 डेगा फ्लाइट’ का इंडक्शन समारोह नौसेना वायु स्टेशन, आईएनएस डेगा में आयोजित किया गया। इस दौरान तीन स्वदेश निर्मित उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) एमके III शामिल किए गए।  इन समुद्र टोही और तटीय सुरक्षा (एमआरसीएस) हेलीकॉप्टरों को शामिल करने के साथ ही पूर्वी नौसेना कमान को देश के समुद्री हितों की राह में बल की क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा बढ़ावा मिला। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा निर्मित ये हेलीकॉप्टर उड़ान भरने वाली अत्याधुनिक मशीनें हैं और “आत्मनिर्भर भारत” की हमारी खोज की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।

Ministry of Defence की ओर से बताया गया कि एएलएच एमके III हेलीकॉप्टरों में ऐसी अनेक कंप्यूटरीकृत प्रणालियां हैं जो पहले केवल भारतीय नौसेना के भारी, बहु-भूमिका वाले हेलीकॉप्टरों पर ही देखी जाती थी। इन हेलीकॉप्टरों में आधुनिक निगरानी रडार और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल उपकरण लगे हैं, जिससे वे दिन और रात दोनों समय लंबी दूरी का खोज और बचाव कार्य करने के अलावा समुद्री टोह की भूमिका भी निभा सकते हैं। विशेष अभियान क्षमताओं के अलावा, एएलएच एमके III में कॉन्स्टेबुलरी मिशन शुरू करने के दृष्टिकोण से भारी मशीनगन भी लगी हुई है। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को एयरलिफ्ट करने के लिए एएलएच एमके III हेलीकॉप्टरों पर एक चिकित्सा गहन चिकित्सा इकाई (एमआईसीयू) भी लगी है जिसको हटाया भी जा सकता है । हेलीकॉप्टर में अनेक प्रकार के उन्नत एवियोनिक्स भी हैं, जिससे यह वास्तव में हर मौसमी परिस्थिति में काम करने वाला एयरक्राफ्ट बन गया है ।

उड़ान का नेतृत्व कमांडर एस एस दाश द्वारा फर्स्ट फ्लाइट कमांडर के तौर पर किया जा रहा है, जो सैन्य अभियानों के व्यापक अनुभव वाले एएलएच क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर (क्यूएफआई) हैं।

डीजे की तेज आवाज पर टोका तो मिली मौत

बिजनौर। नूरपुर में लॉक डाउन के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने से मना करने की कीमत एक युवक को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। 

नूरपुर कस्बे के मोहल्ला ब्रह्मपुरी में एक घर में बच्चे के जन्मदिन का समारोह चल रहा था। इस दौरान काफी संख्या में मेहमानों की आवाजाही थी, डीजे भी बज रहा था, लेकिन तेज आवाज से देर रात मोहल्ले वासियों की नींद उड़ रही थी। इसी बीच मोहल्ला गोविन्दनगर निवासी सरदार भूपेंद्र सिंह ने आयोजक के घर जाकर डीजे की आवाज को कम करने की बात कही। आरोप है कि इस पर आयोजक परिवार के कई लोगों ने भूपेंद्र सिंह पर गाली गलौच करते हुए लाठी डंडे व सरिया से हमला कर दिया। घटना में भूपेंद्र सिंह गंभीर रुप से घायल हो गया। सभी आरोपी घायल को अधमरा छोडक़र फरार हो गए। लाठी डंडे की आवाज सुनकर भूपेंद्र सिंह की पत्नी गुरमीत कौर अपने देवर के साथ मौके पर गई तो भूपेंद्र को घायल पड़ा देख चीख पुकार मच गई। आनन फानन में परिजन घायल अवस्था में भूपेंद्र को चिकित्सक के यहां ले गए, जहां से परिजन उसे कॉसमॉस अस्पताल मुरादाबाद ले गए, जहां उपचार के दौरान भूपेंद्र की मौत हो गई। मौत की सूचना से परिजनों में हाहाकार मच गया। मृतक की पत्नी गुरमीत कौर की तहरीर पर उक्त सभी आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। दोपहर को मृतक का शव के पहुंचे पर मृतक के परिजनों को पकडऩे को लेकर शिव मंदिर चौक पर शव रख कर जाम लगा कर आरोपी को पकडऩे की मांग की। जाम के दौरान भारी पुलिस बल व चार थानों की पुलिस मौजूद रही। देर रात तक थाना प्रभारी द्वारा परिजनों को आश्वासन दिया जा रहा था।बाद में पीएसी तैनात करने के साथ ही शिवालाकला, चांदपुर थानों से भी फोर्स बुला लिया गया।

वैज्ञानिक विधि से साफ कराए ओवरहेड टैंक

लखनऊ। राजधानी से सटी मलिहाबाद नगर पंचायत के कार्यों की हमेशा सराहना होती रहती है। कोरोना काल में दवाओं के छिड़काव से लेकर शुद्ध पेयजल की पूरी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाई जा रही है।

इसी क्रम में ओवर हेड टैंकों को वैज्ञानिक विधि से साफ कराया गया व डिस इंफेक्शन भी किया गया।
नगर पंचायत मलिहाबाद में कोरोना काल में जहां कोविड-19 से बचाव के क्रम में मिले निर्देशों के क्रम में गली कूचों नालियों की साफ सफाई व वृहद स्तर पर सैनिटाइजेशन क्रमानुसार चलता रहता है, वहीं नगर पंचायत को स्वच्छ व कीटाणु रहित पेयजल की आपूर्ति करने के लिए बनी ओवर हेड टैंकों को नगर पंचायत अध्यक्ष असमत आरा खान ने प्राथमिकता से सफाई कराने व ईओ को खुद निगरानी करने के निर्देश के बाद वैज्ञानिक तरीके से साफ कराया।

अधिशाषी अधिकारी प्रेम नारायण ने बताया कि जारी निर्देशों के क्रम में इस वर्ष भी शुद्ध पेयजल के लिए बने दो ओवर हेड टैंकों की सफाई वैज्ञानिक विधि से कराई गई साफ सफाई का कार्य अत्याधुनिक मशीनों व कुशल कारीगरों द्वारा कराया गया।

टैंक में कीटाणुनाशक के क्रमवार कई कोट किए गए सबसे अंत मे टैंक में किसी प्रकार के संक्रमण को समाप्त करने के लिए अल्ट्रावायलेट लैम्पों के द्वारा डिसइंफेक्शन किया गया।

Black Fungus संक्रमण के पीछे सामने आया नया कारण, Zinc हो सकता है बड़ी वजह

Black Fungus संक्रमण के पीछे सामने आया नया कारण, Zinc हो सकता है बड़ी वजह

ब्‍लैक फंगस के संक्रमण को लेकर विशेषज्ञों ने जिंक सप्‍लीमेंट्स और आयरन टेबलेट्स के बेजा इस्‍तेमाल को भी कारण बताया है. साथ ही इस पर जल्‍द रिसर्च कराने की अपील की है.

नई दिल्‍ली: पिछले कुछ दिनों से कहर बरपा रहे म्यूकोर मायकोसिस (Mucormycosis) या ब्लैक फंगस (Black Fungus)  संक्रमण को लेकर एक नई बात सामने आई है. अब तक कहा जा रहा था कि यह बीमारी उन लोगों में ज्‍यादा सामने आ रही है जिन्‍हें डायबिटीज है और साथ ही उन्‍होंने लंबे समय तक स्‍टेरॉइड्स लिया है. अब डॉक्‍टरों ने आशंका जताई है कि इसके पीछे इम्‍यूनिटी बढ़ाने वाले जिंक सप्लीमेंट्स (Zinc supplements) और आयरन टैबलेट्स (Iron Talets) भी जिम्‍मेदार हो सकते हैं. 

इम्यूनिटी बूस्टर्स को लेकर हो रही रिसर्च 

ब्‍लैक फंगस फैलाने में इम्‍यूनिटी बूस्‍टर्स (Immunity Booster) का कितना हाथ है इस पर बांद्रा स्थित लीलावती अस्पताल के सीनियर एंडोक्राइनोलॉजिस्ट शशांक जोशी शोध पत्र तैयार कर रहे हैं. टाइम्‍स टॉफ इंडिया की वेबसाइट में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक उनका कहना है, ‘इस बीमारी के पीछे प्राथमिक कारण तो स्टेरॉइड्स का इस्तेमाल और डाइबिटीज ही है लेकिन बीते 2 दिनों से मेडिकल कम्यूनिटी में भारतीयों द्वारा जिंक सप्‍लीमेंट और आयरन टैबलेट्स के खासे इस्‍तेमाल पर जमकर चर्चा हो रही है.’ 

बिना जिंक के जिंदा नहीं रह सकते फंगस- जिंक और फंगस के संबंध को लेकर कई सालों से रिसर्च होते रहे हैं, जिनमें सामने आया है कि जिंक के बिना फंगस जिंदा नहीं रह सकते. यहां तक कि वे फंगस को बढ़ावा देने के लिए भी जिम्‍मेदार हैं. चूंकि पिछले साल हुई महामारी की शुरुआत के बाद से ही भारतीय लोग जमकर जिंक खा रहे हैं. ऐसे में पुराने शोध का हवाला देते हुए डॉक्‍टरों ने इस मसले पर रिसर्च करने की जरूरत जताई है. डॉक्टरों ने भारतीय आर्युविज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) से माइक्रोमाइकोसिस के आउटब्रेक के कारणों का अध्ययन करवाने का आग्रह किया है जो गंभीर फंगल इन्फेक्शन है. यह संक्रमण म्यूकरमाइसीट्स (Mucormycetes) मॉल्ड्स के कारण हो रहा है.

दुनिया में सबसे ज्‍यादा मामले भारत में- म्‍यू‍कोर के मामले दुनिया में सबसे ज्‍यादा भारत में ही पाए जाते रहे हैं. कोरोना प्रकोप होने से भी पहले यहां दुनियाभर से करीब 70 गुना ज्यादा केस थे, लेकिन पिछले करीब डेढ़ महीने में यहां 8,000 केस आने से हड़कंप मचा हुआ है. चूंकि यह संक्रमण बहुत खतरनाक है, लिहाजा इस पर तेजी से रिसर्च करने की जरूरत है. 

क्‍या ज्‍यादा दवाइयां हैं वजह? पश्चिमी देशों में कोविड मरीजों के बुखार को नियंत्रित रखने के लिए आम तौर पर पैरासिटामोल का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन भारत में हल्के लक्षणों वाले कोविड मरीज को भी 5 से 7 तरह की दवाइयां दी जा रही हैं, जिसमें विटामिन सप्‍लीमेंट्स, एंटीबायोटिक आदि शामित हैं. इसे लेकर कोच्ची के डॉक्टर राजीव जयदेवन कहते हैं कि कोरोना की पहली लहर में हमें इस वायरस के बारे में कम जानकारी थी, लिहाजा दवाइयों के कई तरह कॉम्‍बीनेशन मरीजों को दिए गए. लेकिन ब्‍लैक फंगस की समस्‍या केवल भारत में ही हुई. इससे साफ है कि ऐसी कोई गुप्‍त वजह है जो भारत में यह संक्रमण फैला रही है.

सभी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को रेमडेसिविर की अतिरिक्त वॉयल आवंटित

सभी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को 23 से 30 मई की अवधि के लिए रेमडेसिविर की अतिरिक्त शीशियां आवंटित: सदानंद गौड़ा

नई दिल्ली। केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने कहा है कि 23 से 30 मई की अवधि के लिए सभी राज्यों / संघ राज्य क्षेत्रों को रेमडेसिविर की अतिरिक्त 22.17 लाख शीशियां आवंटित की गई हैं।

उन्होंने आगे कहा कि इससे पहले 23 मई तक सभी राज्यों को रेमडेसिविर की 76.70 लाख शीशियां उपलब्ध कराई गईं थीं। इस प्रकार अब तक कुल 98.87 लाख वॉयल देश भर में आवंटित की जा चुकी हैं।

Additional 22.17 lac vials of #Remdesivir have been allocated to all states/UTs for the period 23rd to 30th May.

Earlier, 76.70 lacs vials of the drug were made to all states till May 23, thus total 98.87 lacs vials of #Remdesivir have been allocated across the country so far. pic.twitter.com/zWUA3RRJ9E— Sadananda Gowda (@DVSadanandGowda) May 23, 2021

वाह क्या खेल है: अपने लिए नहीं, दूसरों के लिए है नसीहत

अखबारों में चेहरा छपवाने के चक्कर में कई लोग नहीं लगा रहे मास्क

दूसरों को नसीहत देने वाले खुद नहीं कर रहे गाइडलाइन का पालन

कपिल कुमार गोयल

नजीबाबाद। देश भर में व्याप्त वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण काल में भी लोग खुद की समाज में पहचान बनाए रखने की जुगत में लगे दिखायी दे रहे हैं। दूसरो को कोरोना से सचेत रहते हुए सरकार की गाइडलाइन का पालन करने की नसीहत देने वाले क्षेत्र व समाज में लोकप्रियता पाने के लिए उक्त लोग फोटो छपवाने की होड़ में चेहरे पर मास्क लगाने से गुरेज करते हैं।देश में व्याप्त वैश्विक महामारी कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर सरकारें अपनी ओर से विभिन्न प्रयास कर रही हैं। सरकार की ओर से कोरोना संक्रमण की कड़ी को तोड़ने के लिए विभिन्न गाइडलाइन पेश करते हुए लोगों से इस पर अमल करने की पुरजोर अपील भी की गई है। प्रशासन के अधिकारी व कर्मचारी भी लोगों से सरकार की ओर से कोरोना को लेकर जारी की गयी गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने की अपील करते नजर आ रहे हैं। साथ ही पुलिस भी लोगों से महामारी के इस दौर में मुंह पर मास्क लगाने, घरों से बेवजह बाहर न निकलने, एक-दूसरे से दो गज की सामाजिक दूरी बनाए रखने आदि के सरकार के कोरोना को लेकर जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन कराने के लिए विभिन्न स्थानों पर लोगों के चालान भी काट रही है। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि देश में कोरोना के दस्तक देने के समय से ही काफी संख्या मेें सामाजिक संस्थाएं, राजनैतिक दलों से जुड़े लोग और सामाजिक कार्यकर्ता लोगों की मदद के लिए आगे आकर हाथ बढ़ाते दिखे। हालांकि इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले कोरोन काल में लोगों की मदद के लिए अखबारों की सुर्खियों में जुटे बड़ी संख्या में लोग अब मानो थक-हारकर अपने घरों पर बैठ गए हैं। इससे यह भी संदेश मिला कि कुछ लोग शायद त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों से पूर्व चर्चा में बने रहकर लोकप्रियता प्राप्त कर चुनावों में इस लोकप्रियता को भुनाने के चक्कर में ही योजनाबद्ध तरीके से जुटे हुए थे। ऐसे लोग कोरोना महामारी की दूसरी लहर में चर्चा से बाहर हो चले हैं। उधर इन दिनों कोरोना महामारी के तेजी से बढ़ते संक्रमण के दौर में भी कुछ सामाजिक संस्थाओं और राजनैतिक दलों के पदाधिकारी एवं सदस्य   लोगों को सामग्री वितरित करने में जुटे हुए हैं। साथ ही ऐसे व्यक्ति लोगों से सरकार की ओर से जारी मास्क है जरूरी, रखें दो गज की दूरी आदि गाइडलाइन का पालन करने की अपील करते नजर आ रहे हैं। यह कोई बुरी बात नहीं है कि कोरोना महामारी की इस भयावह दूसरी लहर मेें उन्होंने लोगों की मदद को हाथ बढ़ाया है। हालांकि ऐसे लोगों को समझना चाहिए कि वह जितनी मशक्कत कर लोगों को मास्क, काढ़ा, सैनिटाइजर आदि बांट रहे हैं और लोगों से सरकार की गाइडलाइन का पालन करने की अपील कर रहे हैं, उसके साथ ही उन्हें स्वयं भी सरकार की गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करना चाहिए। अखबारों की सुर्खियों में रहकर फोटो छपवाने की होड़ में जुटे इस प्रकार के लोग मास्क व काढ़ा आदि का वितरण करने के दौरान बिना मास्क लगाए फोटो खिंचवाते समय शायद यह भूल जाते हैं कि जब वह स्वयं ही सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे हैं, ऐसे में क्या उनकी अपील का लोगों पर कोई असर होगा? इसके अलावा कुछ क्षेत्रीय नेतागण एवं जनप्रतिनिधि अपने प्रयासों से होने वाले विकास कार्यों को दर्शाने के लिए भी फोटो खिंचवाने के दौरान मास्क को चेहरे पर लगाने से गुरेज करते दिखायी दे रहे हैं।

ऐसे लोगों को समझने की जरूरत है कि कहीं लोकप्रियता बटोरने के चक्कर में वे स्वयं ही इस कोरोना महामारी के संक्रमण के फेर में न आ जाएं। उन्हें भी अच्छी तरह समझने की आवश्यकता है कि कोविड-19 वायरस का स्ट्रेन यह देखकर किसी को संक्रमित नहीं करता है कि उसके सामने आम व्यक्ति है अथवा समाज की सेवा में जुटा विशेष व्यक्ति। साथ ही ये भी समझना होगा कि ये कोरोना वायरस है जनाब, जो यह नहीं समझता कि सिर्फ अखबारों में छपवाने को फोटो खिचवाने के लिए ही आपने लोगों के बीच में मास्क उतारा है! मेरी ऐसे सामाजिक कार्यकर्ताओं, राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों व सदस्यों तथा जन सेवा के कार्य  में जुटे लोगों से पुरजोर अपील है कि वे दूसरों को सरकार की गाइड लाइन का पालन करने की सलाह देने के साथ ही स्वयं भी कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए मास्क को अच्छी तरह से पहनें, जिससे उनका मुंह व नाक दोनों ढकें रहें और उन पर कोरोना महामारी के वायरस का असर न हो सके। यह भी समझना होगा कि सरकार की गाइडलाइन का अच्छी तरह से पालन कर ही हम स्वस्थ और सुरक्षित रह सकते हैं। सभी को चाहिए कि वह यह समझें कि यह विश्व व्यापी कोरोना महामारी है और इससे सतर्क रहकर ही सुरक्षित रहा जा सकता है। अंत में कहना चाहूंगा कि मूल मंत्र जान है तो जहान है को ही समझें।     

‘ताउते’ के बाद अब अम्फान सी तबाही ला रहा तूफान ‘यास’

Cyclone Amphan Highlights | Govt: Amphan May Cause Extensive Damage On  Bengal Coast; PM Modi Assures

नई दिल्ली। पश्चिमी तट पर गंभीर चक्रवाती तूफान ‘ताउते’ के आने के बाद एक अन्य चक्रवात ‘यास’ के 26-27 मई को पूर्वी तट पर पहुंचने का अनुमान है। मौसम विज्ञान विभाग ने यह जानकारी दी है। विभाग ने बताया कि उत्तर अंडमान सागर और बंगाल की पूर्वी मध्य खाड़ी में 22 मई को कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जो इसके बाद 72 घंटों में चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है। विभाग के चक्रवात चेतावनी प्रभाग ने बताया कि यह उत्तर पश्चिम की तरफ बढ़ सकता है और 26 मई की शाम तक पश्चिम बंगाल-ओडिशा के तटों तक पहुंच सकता है। IMD के अधिकारियों ने तूफान यास के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। 

उसने बताया कि पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम और मेघालय में 25 मई से हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है। विभाग ने बताया कि इसके बाद बारिश तेज होगी। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय सचिव एम राजीवन ने कहा कि 23 मई को बंगाल की खाड़ी में चक्रवात परिसंचरण बनने का अनुमान है। राजीवन ने कहा कि इसके चक्रवात में तब्दील होने और पश्चिम बंगाल तथा ओडिशा के तट से टकराने की आशंका है। उन्होंने कहा कि यह ‘ताउते’ चक्रवात की तरह प्रचंड नहीं होगा, जो बेहद विकराल चक्रवातीय तूफान का रूप ले चुका था।

Construction of cyclone Yas in Bay of Bengal, likely to hit Odisha and West  Bengal around May 27 | Digital India Web

मानसून से पहले के महीनों अप्रैल-मई में पूर्वी और पश्चिमी तट पर अक्सर चक्रवात बनते देखे जाते हैं। मई 2020 में पूर्वी तट पर विकराल चक्रवातीय तूफान ‘अम्फान’ और पश्चिम तट पर प्रचंड चक्रवातीय तूफान ‘निसर्ग’ ने दस्तक दी थी।

IMD के अधिकारी ने कहा कि यास, बीते साल आए तूफान अम्फान की तरह तेज हो सकता है। आईएमडी में चक्रवातों पर नज़र रखने वाली सुनीता देवी ने कहा कि हम अम्फान जैसी तीव्रता से इनकार नहीं कर सकते। अच्छी बात यह है कि अभी के मॉडल दिखा रहे हैं कि सिस्टम समुद्र के ऊपर बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। समुद्र के ऊपर इसका समय कम होने पर इसकी तीव्रता प्रतिबंधित हो जाएगी।

News 24X7 Plus | Cyclone Amphan, Weather Forecast Updates: Storm took  dangerous form, PM Modi himself took charge, 25 NDRF team deployed

इस बीच ओडिशा में अधिकारियों ने चक्रवात की तैयारी शुरू कर दी है। ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त प्रदीप के. जेना ने बुधवार को 10 तटीय जिलों के कलेक्टरों के साथ एसपी, अग्निशमन विभाग के अधिकारियों और आपातकालीन अधिकारियों के साथ एक तैयारी बैठक की। उन्होंने जिलाधिकारियों को राहत आश्रयों की पहचान करने, सुविधाओं और बुनियादी ढांचे की जांच करने और कर्मचारियों को तैनात करने और निकासी योजना तैयार करने का निर्देश दिया।

वहीं पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्था करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को दवाओं, पीने के पानी, सूखे भोजन और तिरपाल के पर्याप्त स्टॉक की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब होने की चेतावनी देते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को 24 मई से बंगाल की खाड़ी में न जाने की सलाह दी है। गौरतलब है कि अप्रैल और मई के प्री-मानसून महीनों में आमतौर पर पूर्वी और साथ ही पश्चिमी तट पर चक्रवात बनते हैं।

युवती व युवक से मोबाइल लूटा

बिजनौर। कोरोना को लेकर जारी लॉकडाउन के दौरान भी उचक्के सक्रिय हैं। एक युवती तथा युवक से उनके मोबाइल लूट कर उचक्के फरार हो गए। दोनों पीड़ितों ने पुलिस को तहरीर दी है।

कोरोना को लेकर जारी लॉकडाउन के बावजूद बदमाशों की सक्रियता में कोई कमी नहीं आई है। दवा लेकर लौट रही युवती समता से उचक्कों ने सीकेआई चौराहे के समीप मोबाइल लूट लिया। युवती के अनुसार उसके एंड्रायड मोबाइल की कीमत साढ़े 12 हजार रुपए है। उधर गुरुद्वारे के समीप अख्तर से बाइक सवार दो उचक्कों ने मोबाइल लूट लिया। घटना के वक़्त मोबाइल पर बात करते हुए जा रहा था। अख्तर के मुताबिक उसके एंड्रायड मोबाइल की कीमत दस हजार रुपए है। दोनों पीड़ितों ने पुलिस को तहरीर दे ढ़ि है। अभी तक पुलिस मोबाइल लूटने वालों को पकडऩे में कामयाब नहीं हो सकी है। 

ऑड-ईवन फॉर्मूले से चलाई जाएं ई-रिक्शा: फहीम अख्तर

समाजसेवी फहीम अख्तर ने की मांग, ऑड-ईवन फॉर्मूले से चलाई जाएं ई-रिक्शा

बिजनौर। समाजसेवी फहीम अख्तर उर्फ राजा ने प्रशासन से मांग की है कि गरीब रिक्शा वालों की समस्याओं को देखते हुए। ई-रिक्शा को पूरी तरीके से बंद ना करके ऑड-ईवन फॉर्मूले से चलाई जाएं। फहीम का कहना है कि गरीब रिक्शा चालक रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण करता है। कोरोना महामारी से हर कोई परेशान है। इस बार इस महामारी से मरने वालों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। परंतु गरीब कि रोजी रोटी का साधन उसे छीन लिया जाता है तो उसके परिवार और वह महामारी से ना मार कर भुखमरी से मर जाएगा। ई-रिक्शा बंद होने से उन लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, जिनके पास या तो इलाज के पैसे हैं या फिर एंबुलेंस का किराया देने के, यदि ऐसे लोग एंबुलेंस में अपने मरीजों को हॉस्पिटल तक ले जाते हैं तो एक हजार से 15 सौ रुपए किराया उनको देना पड़ता है, जबकि ई रिक्शा में ले जाने पर मात्र 50 रुपए ही किराया देना पड़ता है। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गरीबों को बड़ी राहत देते हुए उनको मासिक भत्ता देने की घोषणा की है। इस भत्ते से गरीबों को काफी हद तक राहत मिलेगी। परंतु यह भत्ता परिवार के पालन पोषण के लिए पर्याप्त नहीं है और देखा जाए तो अभी यह सिर्फ घोषणा की गई है। गरीबों के खाते तक इस भत्ते को पहुंचने के लिए अभी 10 से 15 दिन का समय लगेगा। ऐसे में 10 से 15 दिन रोजमर्रा की आवश्यकता को पूरा करने के लिए इनको काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में यदि ई रिक्शा को ऑड-ईवन फॉर्मूले से चलने की परमिशन मिल जाती है। गरीब रिक्शा वालों को अपने परिवार का भरण पोषण करने के लिए पर्याप्त रकम मिल जाएगी। प्रशासन को गरीब रिक्शा वालों के परिवार वालों के बारे में सोच कर कोई उचित समाधान निकालना चाहिए।

आरसी फाउंडेशन ने किया सैनिटाइजेशन व मास्क वितरण

लखनऊ। कोरोना के लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच विभिन्न सामाजिक संस्थाओं जन जागरूकता के साथ-साथ जनता की सेवा के कार्य किए जा रहे हैं‌। इसी कड़ी में सामाजिक संस्था द आरसी फाउंडेशन की ओर से सैनिटाइजेशन व मास्क वितरण का कार्यक्रम चलाया गया।

सामाजिक संस्था द आरसी फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. भानुवेंद्र प्रताप सिंह यादव ने बताया कि आरसी फाउंडेशन की टीम की ओर से मलिहाबाद लखनऊ, पश्चिम सरोजनी नगर और काकोरी क्षेत्र के विभिन्न गांवों में सैनिटाइजेशन व मास्क वितरण के साथ-साथ कोविड-19 मेडिकल किट भी वितरित की गई।

आरसी फाउंडेशन द्वारा यह सराहनीय काम ऐसे वक्त में किया गया है जो संसाधनों के अभाव के चलते लोगों को उनकी जरूरतों की चीजें सामान्य रूप से नहीं मिल पा रही हैं।

फाउंडेशन के इस कार्य के चलते जनता ने फाउंडेशन के संस्थापक तथा उनके सदस्यों के कार्य की काफी सराहना की। संस्था की ओर से आरसी फाउंडेशन के संरक्षक शिव कुमार यादव, अमर सिंह यादव, पुष्पा यादव, शालू यादव, सूर्यांश यादव, उज्जवल यादव, पूर्व पार्षद प्रत्याशी जीशान सफीक, राहुल यादव व अन्य लोग उपस्थित रहे ‌।

फल सब्जी थोक मंडी में नहीं फैलता कोरोना संक्रमण!

फल व सब्जी थोक मंडी में नहीं किसी को कोरोना संक्रमण का डर।
-मंडी समिति परिसर में फल व सब्जी कारोबारी कर रहे कोविड गाइड लाइन की अनदेखी।

बिजनौर। कृषि उत्पादन मंडी समिति नजीबाबाद परिसर स्थित थोक फल व सब्जी मंडी में लोग कोरोना संक्रमण के खतरे से बेपरवाह होकर जिंदगी से खिलवाड़ करते हुए नजर आ रहे हैं। उपजिलाधिकारी की ओर से मंडी में नौ बजे तक ही कारोबार करने तथा भीड़ न लगने देने व मास्क का प्रयोग अवश्य करने के निर्देश के मंडी समिति सचिव को दिए जाने का भी कोई असर होता दिखायी नहीं दे रहा है।
शनिवार को नजीबाबाद-कोटद्वार मार्ग स्थित कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में फल व सब्जी मंडी में पहुंची भीड़ को देखकर ऐसा बिल्कुल नहीं लगता कि देश में वैश्विक महामारी कोरोना को लेकर लोग गंभीर हैं।

मास्क टांग कर करते हैं अहसान-फल व सब्जी मंडी में जमा भीड़ के बीच अधिकांश लोग बिना मास्क लगाए हुए दिखाई दिए और सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करना तो दूर की बात थी यदि मास्क था भी तो उन्होंने नाक व मुंह की बजाय जेब में रखा हुआ था या फिर पुलिस व प्रसाशन की कार्रवाई से बचने के लिए सिर्फ अपने कानों पर टांग रखा था। ऐसा लगता है कि सरकारों की ओर से बेशक देश के नागरिकों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता की जा रही हो परंतु लोग हैं कि मानते ही नहीं। उधर उपजिलाधिकारी परमानंद झा का इस मामले में कहना है कि मंडी समिति सचिव को कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने व भीड़ पर अंकुश लगाने के लिए लिखित निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही मंडी में सुबह छह बजे से नौ बजे तक ही कारोबार करने के निर्देश का पालन न किए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

Cyclone Tauktae: पांच राज्यों में चक्रवाती तूफान को लेकर अलर्ट, NDRF ने भेजीं टीमें, केरल में खूब बारिश

Cyclone Tauktae: पांच राज्यों में चक्रवाती तूफान को लेकर अलर्ट, NDRF ने भेजीं टीमें, केरल में खूब बारिश

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पांच राज्यों में चक्रवाती तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया है। वहीं, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने अरब सागर में बन रहे चक्रवात ‘तौकते’ से निपटने के लिए 53 दलों को तैयार किया है। इन दलों को पांचों राज्यों केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में तैनात किया जा रहा है। उधर, आईएमडी ने यह भी कहा है कि 17 मई को तौकते के अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है।
मौसम स्थिति गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गई है। इसके शनिवार सुबह तक चक्रवाती तूफान तौकते में तब्दील होने की संभावना है। रात तक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है। आईएमडी के चक्रवात चेतावनी प्रभाग ने कहा कि 16 से 19 मई के बीच पूरी संभावना है कि यह 150-160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवा के साथ एक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील होगा। हवा की रफ्तार बीच-बीच में 175 किलोमीटर प्रति घंटा भी हो सकती है। मौसम विभाग ने कहा कि लक्षद्वीप में 15 मई को कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश होगी। 
केरल में गुरुवार रात से ही हो रही लगातार बारिश
केरल के विभिन्न इलाकों में गुरुवार रात से ही लगातार बारिश हो रही है। राज्य सरकार ने लोगों के लिए राहत शिविर शुरू किए हैं। निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। तिरुवनंतपुरम में अरुविक्कारा बांध में पानी के तेज बहाव के कारण बांध के फाटक गुरुवार रात को खोल दिए गए। लगातार बारिश के कारण करमना और किल्ली नदियों में जलस्तर उफान पर है। अधिकारियों ने बताया कि इन नदियों के किनारे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। रात भर हुई बारिश के चलते दक्षिणी कोल्लम जिला के कई हिस्से जलमग्न हो गए। तटीय कोल्लम, अलप्पुझा और एर्णाकुलम जिलों में गुरुवार रात समुद्र में तेज लहरें उठने के कारण कई मकानों को नुकसान पहुंचा है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की कमांडेंट रेखा नांबियार ने बताया कि एहतियात के तौर पर एनडीआरएफ की नौ टीमें केरल भेजी गई हैं। भू राजस्व आयुक्तालय ने बताया कि कुल 87 लोगों को तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, इडुक्की और एर्णाकुलम में खोले गए चार राहत शिविरों में भेजा गया है।
एनडीआरएफ ने पांच राज्यों के लिए 53 दल तैयार किए
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने अरब सागर में बन रहे चक्रवात तौकते से निपटने के लिए 53 दलों को तैयार किया है। एनडीआरएफ के महानिदेशक एस एन प्रधान ने शुक्रवार को ट्वीट किया कि केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों में इन दलों को तैनात किया जा रहा है। इन 53 दलों में से 24 दलों को पहले ही तैनात कर दिया गया है, जबकि शेष को तैयार रहने को कहा गया है। आईएमडी ने बताया कि यह तूफान 18 मई की शाम तक गुजरात तट के नजदीक पहुंच सकता है। इस चक्रवात को तौकते नाम म्यांमार ने दिया है। यह भारतीय तट पर इस साल पहला चक्रवाती तूफान होगा।

महाराष्ट्र के रायगढ़ तट पर लौटीं 142 नौकाएं
मुंबई और कोंकण क्षेत्र में चक्रवाती तूफान आने की चेतावनी के बीच मछली पकड़ने वाली 142 नौकाएं तट पर लौट आईं। रायगढ़ के मत्स्य पालन विभाग के सहायक आयुक्त सुरेश भारती ने बताया कि 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। मौसम संबंधी परामर्श के बाद विभाग ने मछुआरों को तट पर लौटने की सलाह दी थी। अलीबाग, मुरुद और उरण तालुक से मछली पकड़ने वाली 142 नौकाएं शुक्रवार सुबह तट पर लौट आईं। आईएमडी ने कहा कि रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में रविवार और सोमवार को भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं मुंबई, ठाणे और रायगढ़ में सोमवार को बारिश होगी। रायगढ़ में शनिवार को तेज हवा चलने के साथ बारिश का अनुमान है।

बेहतर स्वास्थ्य के लिए इम्यूनिटी मजबूत रखें हमेशा

योगाचार्य मीनाक्षी शर्मा (दिल्ली) योग, मेडिटेशन, डाईटिशन व नेचुरोपैथिक थैरपिस्ट

योगाचार्य मीनाक्षी शर्मा (दिल्ली)

इम्यूनिटी या प्रतिरोधक क्षमता हमारे शरीर का वह कवच है जो बैक्टीरिया, वायरस और अनेकों बीमारियों से हमारे शरीर की रक्षा करता है। बुरी आदतों की वजह से या बुढ़ापा आने के कारण इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है और जैसे ही इम्यूनिटी कमजोर होती है बीमारियां शरीर पर धावा बोल देती है। यदि आपके शरीर की इम्युनिटी हमेशा मजबूत रहे तो आप ज्यादातर बीमारियों से बचे रह सकते हैं और एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।

इम्यूनिटी कमजोर होने के कौन-कौन से कारण होते हैं

(1) लाइफ स्टाइल और खराब खान-पान – आज के समय में जिस प्रकार की लाइफ स्टाइल और जिस प्रकार का खानपान ज्यादातर लोगों का हो चला है वह हमारी प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर रहा है। लोग बैलेंस डाइट के जगह सिर्फ और सिर्फ स्वाद के लिए खाना खा रहे हैं, जिसके कारण जंक फूड का सेवन लगातार बढ़ता चला जा रहा है। जंक फूड में केमिकल और फैट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है जो आपके शरीर को और आपके इम्यून सिस्टम को नुकसान पहुंचाती है।

(2) कम नींद लेना – कई रिसर्च में यह बात सामने आ चुकी है कि जब कोई व्यक्ति कम नींद लेता है तो उसका सीधा असर शरीर के इम्यून सिस्टम पर पड़ता है। जब व्यक्ति कम नींद लेना शुरु करता है तो दिमाग के सेल्स कमजोर होने लगते हैं और शरीर में कोर्टिसोल (Cortisol)की मात्रा बढ़ने लग जाती है। कोर्टिसोल  adrenal gland में बनने वाला एक हार्मोन है। इसकी अधिक मात्रा आपके स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती है.

एक स्टडी में यह बात सामने आई थी कि यदि आप एक रात नींद नहीं लेते तो इसके कारण आपके अगले 21 दिन का शेड्यूल बिगड़ जाता है जो आपके इम्यून सिस्टम को बहुत नुकसान पहुंचाता है।

(3) तनाव – आज कि भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव लोगों की जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा बन चुका है। ज्यादातर लोग अपना अधिकतर समय तनाव में बिता रहे हैं जिसके कारण उनके खून में कोर्टिसोल की मात्रा लगातार बढ़ रही है और इस वजह से उनकी इम्यूनिटी लगातार कमज़ोर होती चली जा रही है।

(4) कम पानी पीना – इम्यूनिटी को मजबूत बनाए रखने में पानी का भी एक बहुत ही अहम किरदार होता है। जैस कि हम जानते हैं इंसान के शरीर का लगभग 75% हिस्सा पानी से बना होता है जिसके कारण यदि शरीर में पानी की कमी हो तो कार्यप्रणाली में बाधा आती है और इससे भी इम्यूनिटी कमजोर होती है इसलिए 1 दिन में 8 से 10 गिलास पानी अवश्य पीना चाहिए।

(5) चाय या कॉफ़ी का ज़्यादा सेवन – वह लोग जो कॉफी और चाय ज्यादा पीते हैं उनके शरीर में कैफीन की मात्रा बढ़ जाती है जिससे हारमोंस डिसबैलेंस हो जाते हैं।  इससे आपकी नींद में  भी कमी आती है और आपकी इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है।

(6) पर्सनल हाइजीन– पर्सनल हाइजीन यानी खुद को साफ़-सुथरा स्वच्छ रखना। हम सभी इसका महत्त्व जानते हैं पर फिर भी कई लोग लापरवाही बरतते हैं। यहाँ तक कि कई लोग खाना खाने से पहले हाथ धोने तक की जरुरत नहीं मानते। एक स्टडी में यह बात सामने आई कि यदि खाना खाने से पहले लोग साबुन से हाथ धोना शुरू कर दे तो वह 90% कम बीमार पड़ेंगे। पर्सनल हाइजीन के अंतर्गत और भी चीजें आती है जैसे कि रोज नहाना और अपने नाखून साफ रखना। अगर आप अपनी पर्सनल हाइजीन का ख्याल नहीं रखते हैं तो इससे आपकी इम्यूनिटी कमजोर होती चली जाती है।

(7) कम शारीरिक श्रम – जिस प्रकार से टेक्नोलॉजी एडवांस होती चली जा रही है लोगों को शारीरिक श्रम कम होता चला जा रहा है जो एक अच्छी बात भी है पर शारीरिक तौर पर एक बहुत ही बुरी बात है। जब आप कम शारीरिक श्रम करते हैं तो आपके शरीर में फैट जमा होने लगता है और आपके शरीर से पसीना भी नहीं निकल पाता जिसके कारण कई टॉक्सिंस आपके शरीर में जमा होने लगते हैं और यह आपके इम्यूनिटी को कमज़ोर करने लग जाता है।

(8) गंभीर व्यवहार – यह बात जानकर आपको शायद हैरानी हो पर एक स्टडी के मुताबिक जिन लोगों का व्यवहार ज्यादा गंभीर होता है और जो अपने इमोशंस को ज्यादा कंट्रोल करने की कोशिश करते हैं उनके शरीर में कॉर्टिसोल की मात्रा बढ़ती है और कॉर्टिसोल हारमोन  (cortisol)बढ़ जाने के कारण इम्यूनिटी कमजोर होती है इसलिए हमेशा रिलैक्स रहना चाहिए और खुश रहना चाहिए। जिंदगी में ज्यादा गंभीर व्यवहार रखने से आपके दिमाग पर ही इसका प्रेशर पड़ता है और आपके रिलेशंस भी अच्छे नहीं रहते।

इम्युनिटी को वूष्ट करने के प्राकृतिक उपाय

🧘‍♀️️इम्यूनिटी को मजबूत रखने के लिए सही खानपान का होना बेहद जरूरी है क्योंकि इम्यूनिटी को मजबूत बनाए रखने के लिए माइक्रोन्यूट्रिएंट्स जैसे कि विटामिंस और मिनरल्स की अति आवश्यकता होती है।

🧘‍♀️️ विज्ञान के अनुसार हर व्यक्ति को रोज 7 से 8 घंटे नींद की आवश्यकता होती है। कोशिश करनी चाहिए कि आप रात में 9:00 से 10:00 बजे तक सो जाएं और सुबह 4:00 से 5:00 तक उठ जाए। 

🧘‍♀️️ शरीर को स्वस्थ एवं लचीला बनाए रखने के लिए और इम्यूनिटी को बूस्ट करने के लिए योग बहुत ही कारगर होता है।

🧘‍♀️️प्राणायाम  करने से शरीर के कई टॉक्सिक तत्व एवं नैनो पार्टिकल्स बाहर निकल जाते हैं। आप अनुलोम-विलोम और कपालभाति रोज करना शुरू कर दें। यदि आप रोज यह दोनों प्राणायाम करते हैं तो आपका फेफड़ा हमेशा स्वस्थ रहेगा एवं आपका दिमाग भी तेज हो जाएगा और आपकी इम्युनिटी भी बढ़ेगी।

सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित् दुःखभाग् भवेत्।।

सभी सुखी होवें, सभी रोगमुक्त रहें, सभी मंगलमय के साक्षी बनें और किसी को भी दुःख का भागी न बनना पड़े।

इन्हीं मंगलकामनओं के साथ आपका दिन मंगलमय हो

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-साभार इंडेविन टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क लखनऊ

लॉक डाउन पालन कराने सड़क पर उतरी पुलिस

पुलिस ने क्षेत्र में चलाया सघन चैकिंग अभियान
-दुपहिया पर ट्रिपल राइडिंग, बिना हैलमेट व मास्क पर किए ई-चालान
-पुलिस ने चौपहिया वाहन चालकों की भी लगायी जमकर क्लास
बिजनौर। सरकार की ओर से प्रदेश भर में वैश्विक महामारी को लेकर जारी किए गए लॉकडाउन का पालन कराने के लिए नजीबाबाद पुलिस ने कमर कस ली है। इसके चलते पुलिस ने सघन चैकिंग अभियान चलाकर दुपहिया व चौपहिया वाहनों में सवार लोगों के आवागमन का कारण पूछा तथा बिना हैल्मेट, ट्रिपल राइडिंग व चौपहिया वाहनों में निर्धारित से अधिक लोगों के सवार पाए जाने पर ई-चालान किए।
सोमवार को पुलिस ने क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर लॉकडाउन के दौरान वाहनों पर सवार होकर घूमने वाले लोगों की जमकर क्लास लगायी। नगर के रेलवे स्टेशन मार्ग पर सराय चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अमित कुमार ने बाइक पर ट्रिपल राइडिंग करने वाले युवाओं के वाहन का ई चालान किया। कोतवाल दिनेश गौड़ ने ध्वनि विस्तारक यंत्र से उद्घोषणा कर लोगों को घरों में ही रहने की अपील की। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अकारण सडक़ों पर घूमते पाए जाने वाले लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उधर पुलिस ने चौपहिया वाहनों की भी सघन चैकिंग की। वाहन में निर्धारित सवारियों से अधिक पाए जाने पर वाहनों के चालान किए।

शटर के अंदर से हो रही दुकानदारी

शटर के अंदर से हो रही दुकानदारी
पुलिस प्रशासन की ढि़लाई के चलते लॉकडाउन में भी रौनक
सोशल डिस्टेंसिंग दरकिनार, उमड़ रही है भीड़
बिजनौर। हल्दौर पुलिस प्रशासन की ढि़लाई के चलते नगर में लॉकडाउन की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। काफी संख्या में लोग घर से बाहर निकलते दिखाई दिए। दोपहर करीब 1 बजे के समय नगर के विभिन्न स्थानों पर काफी चहल-पहल देखी गई। वहीं बैंकों पर भी भीड़ दिखाई दी। वाहन,साइकिल, कार, रिक्शा आदि से लोग जाते देखे गए।
कोरोना के कहर के बीच कुछ इलाकों में लॉकडाउन की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। शासन की ओर से जारी चेतावनी और सख्ती के बावजूद लोग लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग मानने को तैयार नहीं। कुछ ऐसा ही नजारा दिख रहा है। नगर के बैंक की शाखाओं और ग्रामीण इलाके में सीएसपी संचालन केन्द्रों के बाहर लोगों में रुपए निकालने की होड़ सी मची रहती है। उधर पोखर बाजार सहित मार्केट में लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते ग्रामीण दिख रहे हैं। वहीं लोगों को सामाजिक दूरी का पालन करवाने में बैंक प्रबंधन और पुलिस-प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। पुलिस प्रशासन के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती बरती जाएगी। नगर में बैंकों और ग्रामीण इलाकों के सीएसपी में लॉकडाउन की धज्जियां उड़ रही हैं। खाताधारियों की बढ़ी भीड़ फिजिकल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करते हुए पैसे की निकासी के लिए जमावड़ा लगाए रहती है। सोमवार को नगर के लगभग सभी बैंक शाखाओं के बाहर यही स्थिति देखी गयी। उधर नगर के दुकानदार मानने को तैयार नहीं हैं जबकि किराना दुकानदारों को सुबह के कुछ समय की छूट मिली हुई है, इसके बावजूद अन्य दुकानदार भी अपनी दुकानें खोलकर बैठ जाते हैं और किसी भी समय ग्राहक आने पर अपनी दुकानों के शटर खोलकर ग्राहक को अंदर लेकर शटर बंद कर सामान दे देते हैं। ग्राहक कोरोना पॉजिटिव ही क्यों न हो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, बहराल बिक्री होनी चाहिए। गली मोहल्ले की अधिकतर दुकानें रोजाना खुली ही रहती हैं, जिन पर खासी भीड़ लगी रहती है। नगर में अनावश्यक घूमने वालों की भीड़ भी कुछ कम दिखाई नहीं देती।

शेरनियों में कोरोना संक्रमण मिलने के बाद उन्नाव का डियर पार्क बंद, क्वारंटीन किए गए 29 हिरन

शेरनियों में कोरोना संक्रमण मिलने के बाद उन्नाव का डियर पार्क बंद, 29 हिरन किए गए क्वारंटीन

लखनऊ। कोरोना संक्रमण का दायरा बढ़ते ही नवाबगंज (उन्नाव) पक्षी विहार में हिरनों को क्वारंटीन कर दिया गया है। हिरनों तक संक्रमण पहुंचने की संभावना शून्य रहे, इसके लिए केअर टेकर को भी क्वारंटीन किया गया है। हिरनों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए डाइट चार्ट में बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं। इटावा लॉयन सफारी में शेरों के संक्रमित पाए जाने के बाद नवाबगंज पक्षी विहार के लिए भी अलर्ट जारी किया गया था। पक्षी विहार के हिरणों को क्वारंटीन जोन में भेजने के निर्देश दिए गए थे। जिसके तहत डियर पार्क को बन्द कर दिया गया है।
10 हेक्टेयर के भूभाग में बने इस डियर पार्क में वर्तमान में 29 हिरन हैं। रेन्जर मयंक सिंह ने बताया कि हिरणों व उनके स्टाफ को आइसोलेट कर दिया गया है। पार्क में एक-एक कर्मचारी की दो शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है। कोरोना से बचाव के लिए पौष्टिक आहार व मल्टी विटामिन दवाइयां हिरणों को समय-समय पर दी जा रही हैं। संक्रमण फैलने को रोकने के लिए अंदर यूपी टूरिज्म के सुरखाब रेस्टोरेंट को भी बन्द कर दिया गया है। वन्य जन्तु विभाग के झील परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

पर्यटकों ने बनाई दूरी
कोरोना संक्रमण बढ़ने के साथ पर्यटकों ने भी पक्षी विहार से दूरी बना ली है। पक्षी विहार में पिछले एक माह से सन्नाटा पसरा हुआ है। रेन्जर विवेक वर्मा ने बताया संक्रमण और लगातार बंदी के चलते पर्यटक नहीं आ रहे हैं।

एक साल में दूसरी बार हुए क्वारंटीन
पक्षी विहार में हिरणों को एक साल में दूसरी बार क्वारंटीन किया गया है। इससे पहले मई 2020 में भी हिरणों के पूरे कुनबे को हिरणों को क्वारंटीन कर दिया गया था।

5G: अफवाह फैलाने वालों की आई शामत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 5G टेस्टिंग को लेकर अफवाहों को फैलाना अब भारी पड़ सकता है। देखने में आया है कि आम व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पत्रकारिता जैसे सम्मानित व गंभीर पेशे से जुड़े लोग भी सोशल मीडिया पर ऐसे संदेश प्रसारित करने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। पुलिस ऐसे लोगों पर सतर्क निगाह रखेगी और आवश्कतानुसार कड़ी कार्रवाई करेगी।

गौरतलब है कि कोरोना के संक्रमण काल में कुछ शरारती तत्व अफवाहें और भ्रांतियां फैलाकर उत्तर प्रदेश में व्यवस्था को बिगाड़ने की साजिश कर रहे हैं। इन दिनों 5-जी नेटवर्क के ट्रॉयल को लेकर इंटरनेट मीडिया पर कई तरह के भ्रामक संदेश वायरल हो रहे हैं। इसे लेकर अफवाहें फैलाने वालों पर पुलिस अब कठोर कार्रवाई करेगी। एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने सभी जिलों के एसपी को अफवाह फैलाकर महौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे तत्वों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

उत्तर प्रदेश में इंटरनेट मीडिया पर 5-जी टेस्टिंग के दौरान पैदा हो रही तरंगों (वेब) से कोरोना फैलने और लोगों की मौत होने के मैसेज तेजी से वायरल हो रहे हैं। सूबे के कुछ हिस्सों में 5-जी नेटवर्क ट्रायल से रेडीएशन फैल रहा है और लोगों की मृत्यु हो रही है। कुछ पोस्ट के जरिए इटली में कोविड से जान गंवाने वाले लोगों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद उनकी मृत्यु रेडिएशन से होने की बात सामने आने की अफवाहें फैलाई जा रही हैं।

कुछ संदेश इस नेटवर्क के ट्रॉयल से कोरोना संक्रमण को बढ़ावा मिलने के भी वायरल हो रहे हैं। खुफिया विभाग ने ऐसे संदेशों को लेकर डीजीपी मुख्यालय को अपनी रिपोर्ट भी दी है। वाराणसी के एक युवक की बिहार के निवासी व्यक्ति से बातचीत का आडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें 5-जी टावर की टेस्टिंग से लोगों के मारे जाने की बात कही जा रही है। इसके अलावा फतेहपुर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर व सुलतानपुर के गांवों में फाइव-जी टावर टेस्टिंग से लोगों की मौत होने तथा ग्रामीणों की ओर से टावर को बंद कराने अथवा उखाड़ फेंकने की धमकी दिए जाने की सूचनाएं भी वायरल की जा रही हैं।

एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने निर्देश दिए हैं कि ऐसी वायरल सूचनाओं को लेकर खुफिया तंत्र को लगातार सक्रिय रखा जाए और ऐसी अफवाहें फैलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। इंटरनेट मीडिया की लगातार निगरानी के साथ ऐसी अफवाहों का तत्काल खंडन भी किया जाए।

इससे पहले newsdaily24.news ने 04 मई 2021 को 5G टेस्टिंग से नहीं फैलता कोरोना:WHO शीर्षक से प्रकाशित पोस्ट से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया था… https://wp.me/pcjbvZ-19o

अस्पतालों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय नीति लागू

नई दिल्ली। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने संदिग्ध / पुष्टि किए गए COVID-19 मामलों के उचित प्रबंधन के लिए तीन स्तरीय स्वास्थ्य अवसंरचना स्थापित करने की नीति लागू की है। इस संबंध में 7 अप्रैल 2020 को जारी मार्गदर्शन दस्तावेज को ध्यान में रखा गया है।

A- COVID केयर सेंटर (CCC) जो हल्के मामलों की देखभाल करेगा। ये हॉस्टल, होटल, स्कूल, स्टेडियम, लॉज आदि में स्थापित किए गए हैं, दोनों सरकारी और निजी कार्यात्मक अस्पताल जैसे सीएचसीएस, आदि, जो नियमित रूप से काम कर सकते हैं, गैर-सीओवीआईडी मामलों को अंतिम रूप में सीओवीआईडी देखभाल केंद्र के रूप में भी नामित किया जा सकता है।

B- समर्पित COVID स्वास्थ्य केंद्र (DCHC) उन सभी मामलों की देखभाल करेगा जो चिकित्सकीय रूप से उदारवादी के रूप में सौंपे गए हैं। ये या तो एक पूर्ण अस्पताल या अस्पताल में एक अलग ब्लॉक होना चाहिए जिसमें अधिमानतः अलग प्रवेश / निकास / ज़ोनिंग हो। निजी अस्पतालों को COVID समर्पित स्वास्थ्य केंद्रों के रूप में भी नामित किया जा सकता है। इन अस्पतालों में सुनिश्चित ऑक्सीजन सहायता के साथ बेड होंगे।

C- समर्पित COVID अस्पताल (DCH) जो मुख्य रूप से उन लोगों के लिए व्यापक देखभाल की पेशकश करेगा जिन्हें चिकित्सकीय रूप से गंभीर रूप से सौंपा गया है। ये अस्पताल या तो एक पूर्ण अस्पताल होना चाहिए या अधिमानतः अलग प्रवेश / निकास वाले अस्पताल में एक अलग ब्लॉक होना चाहिए। निजी अस्पतालों को COVID समर्पित अस्पतालों के रूप में भी नामित किया जा सकता है। इन मेहमाननवाज में पूरी तरह से सुनिश्चित आईसीयूएस, वेंटिलेटर और सुनिश्चित ऑक्सीजन के साथ बेड का समर्थन होगा

  1. उपर्युक्त COVID स्वास्थ्य संरचना को CCC में हल्के मामलों के प्रवेश के लिए नैदानिक प्रबंधन प्रोटोकॉल के साथ संरेखित किया गया है। DCHC को मॉडरेट केस और DCH को गंभीर केस।
  2. केंद्र सरकार के अधीन अस्पतालों को निर्देश है। निजी अस्पतालों (राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में) सहित राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों में COVID रोगियों का प्रबंधन निम्नलिखित सुनिश्चित करेगा: (A) COVID -19 वायरस के लिए सकारात्मक परीक्षण की आवश्यकता COVID स्वास्थ्य सुविधा में प्रवेश के लिए अनिवार्य नहीं है। एक संदिग्ध मामला CCC, DCHC या DHC के संदिग्ध वार्ड में भर्ती किया जा सकता है, जैसा कि मामला हो सकता है। (B) किसी भी रोगी को किसी भी गिनती पर सेवाओं से इंकार नहीं किया जाएगा। इसमें ऑक्सीजन या आवश्यक दवाएं जैसी दवाएं शामिल हैं, भले ही रोगी एक अलग शहर से संबंधित हो। (C) किसी भी मरीज को उस आधार पर प्रवेश से इंकार नहीं किया जाएगा,जो वह नहीं कर पा रहा है। एक वैध पहचान पत्र का उत्पादन करें जो उस शहर से संबंधित नहीं है जहां अस्पताल स्थित है।
  3. (D) अस्पताल में प्रवेश जरूरत के आधार पर होना चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि बेड उन व्यक्तियों द्वारा कब्जा नहीं किया जाता है जिन्हें अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं है। इसके अलावा, https://www.mohfw.gov / pdf / ReviseddischargePolicyforCOVID19.pdf पर उपलब्ध संशोधित निर्वहन नीति के अनुसार निर्वहन सख्ती से किया जाना चाहिए।

Coronavirus के खात्मे को इन्हेलर, ट्रायल जारी

Coronavirus को शरीर से खत्म करेगा ये इनहेलर, ट्रायल के बाद जल्द होगी उपलब्ध

नई दिल्ली। कोरोना महामारी से निपटने के लिए पूरे विश्व में खोज जारी है, इसके सटीक इलाज की भी तलाश हो रही है। अब इसके इलाज को लेकर एक बड़ी उम्मीद बंधी है। वैज्ञानिकों ने ऐसा इनहेलर विकसित किया है जो किलर कोरोना के पहले लक्षण का मजबूती से सामना कर सकता है। वैज्ञानिक अब इस इनहेलर की फाइनल टेस्टिंग में जुट गए हैं।

ट्रायल में 220 मरीज शामिल

कोविड-19 के मरीजों के लिए ब्रिटिश कंपनी सिनायर्जन द्वारा बनाए गई इस खास तकनीक का नाम SNG001 इनहेलर है। SG016 नाम के इस ट्रायल में 220 मरीज शामिल हैं, जिन्हें उनके लक्षण दिखने के बाद तीन दिन के भीतर इनहेलर दिया जाएगा।

फेफड़ों में पड़ने वाले प्रभाव से होगा बचाव

सिनायर्जन के सीईओ रिचर्ड मार्डसन ने कहा है कि SG016 ट्रायल के विस्तार से वे बेहद खुश हैं। इससे हम काफी जल्दी घरेलू एनवायरोमेंट में ही ड्रग को टेस्ट करने में कामयाब हो सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘हमें इस ट्रायल से बड़ी उम्मीद है। यदि इस ट्रायल में सफलता मिली तो हम बीमारी के कारण फेफड़ों और रेस्पिरेटरी सिस्टम पर पड़ने वाले प्रभाव से शरीर को बचा पाएंगे।’ इस दौरान 98 रोगियों को इसका डोज दिया गया। अब इसका टॉप लाइन डेटा जुलाई में जारी किया जाएगा।

एंटी-वायरल प्रतिक्रियाओं को करता है टारगेट

इनहेलर में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले प्रोटीन (इंटरफेरॉन बीटा,आईएफएन-बीटा) को सीधे फेफड़ों में उतारता है। यह शरीर की एंटी-वायरल प्रतिक्रियाओं को टारगेट करता है। ये न सिर्फ सेल्स डैमेज होने से बचाता है, बल्कि वायरस को नकल करने से भी रोकता है। कंपनी का दावा है कि दुनिया भर में फैलती इस महामारी के बीच SNG001 इनहेलर एक बड़ा रोल अदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि ट्रायल की कामयाबी के बाद ये इनहेलर पूरे ब्रिटेन में लोगों के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा।

फेफड़ों की मजबूती के लिए तुलसी में ये 5 चीजें मिलाकर करें इस्तेमाल

फेफड़ों को रखना चाहते है मजबूत, बस तुलसी में ये 5 चीजें मिलाकर ऐसे करें इस्तेमाल

कहा जाता है कि अगर आपके सांस लेने में किसी भी तरह की समस्या नहीं होती है, यानि चलने में सांस नहीं फूलती है तो समझ लें कि आपके लंग्स मजबूत है और आप कई बीमारियों के हमले झेल सकते हैं। लेकिन इसके बाद भी लोग बेपरवाह हैं। आपके द्वारा की गई जरा सी लापरवाही आपको कोरोना का शिकार बना सकती हैं। दरअसल कोरोना का नया स्ट्रेन सीधे आपके लंग्स पर अटैक करता है। जिसे वह डैमेज करता है। जिससे आपके शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती हैं। इससे आपकी जान पर भी बन आती है। इसलिए फेफड़ों को हेल्दी रखना बहुत ही जरूरी हैा

हवा में प्रदूषण के साथ -साथ स्मोकिंग की बुरी आदत, किसी ना किसी तरह की एलर्जी, रेस्पिरेटरी डिजीज़ सब मिलकर सांसों संबंधी समस्या का सामना करना पड़ता है। इसलिए लंग्स का ख्याल रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि शरीर को चलाने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है और लंग्स का काम शरीर में ब्लड के जरिए ऑक्सीजन की सप्लाई करना है। जानिए कैसे तुलसी के साथ कुछ चीजें मिलाकर रोजामा सेवन करने से आपका फेफड़े मजबूत होगे। इसके साथ ही शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ेगी। 

सेवन का तरीका-फेफड़ों को मजबूत करने के लिए थोड़ी सी मुलेठी, 1-2 काली मिर्च, 1-2 लौंग को सेंक कर, 4-5 तुलसी के पत्ते, थोड़ी सी मिश्री और थोड़ी सी दालचीनी लेकर मुंह में डालकर धीरे-धीरे चबा लें। आप रोजाना ऐसा कर सकते हैं। इससे अस्थमा में भी लाभ मिलेगा।

मुलेठी

औषधीय गुणों से भरपूर मुलेठी में विटामिन बी, ई के साथ-साथ फास्फोरस, कैल्शियम, कोलीन, आयरन, मैग्नीशियम, पोटेशियम, सिलिकॉन, प्रोटीन, ग्लिसराइजिक एसिड के साथ-साथ एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-बायोटिक गुण पाए जाते हैं। जो सर्दी-जुकाम, बुखार के साथ-साथ फेफड़ों को मजबूत रखने में मदद करती है। मुलेठी का सेवन 3-5 ग्राम ही पाउडर के रूप में करना चाहिए। मुलेठी की तासीर ठंडी होती है। 

तुलसी

तुलसी के पत्ते में अधिक मात्रा में पोटैशियम, आयरन, क्लोरोफिल  मैग्नीशियम, कैरीटीन और विटामिन-सी पाया जाता है जो फेफड़ों को हेल्दी रखने में मदद करता है। रोजाना सुबह 4-5 पत्तियों को चबा लें। इसके अलावा आप गिलोय और तुलसी का आयुर्वेदिक काढ़ा बनाकर पी सकते हैं। 

लौंग

दिखने में छोटी और खाने में थोड़ी सी कड़वी लगने वाली लौंग कई गुणों से भरपूर होती है। लौंग में युजिनॉल नामक तत्व पाया जाता है, जिसके कारण स्ट्रेस, पेट संबंधी समस्या, पार्किसंस, बदनदर्द जैसी समस्याओं से लाभ मिलता है। लौंग में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल गुणों के अलावा विटामिन ई, विटामिन सी, फोलेट, राइबोफ्लेविन, विटामिन ए, थायमिन और विटामिन डी, ओमेगा 3 फैटी एसिड जैसे आवश्यक तत्व पाए जाते हैं। हार्ट, फेफड़े, लिवर आदि को मजबूत करने के साथ पाचन तंत्र को दूरस्त रखने में मदद करता है। इसके साथ ही सर्दी-जुकाम जैसी समस्या से भी लाभ मिलता है। 

दालचीनी 

दालचीनी स्वाद में थोड़ी मीठी और तीखी होती है। इसमें भरपूर मात्रा में थाइमीन, फॉस्फोरस, प्रोटीन, सोडियम, विटामिन, कैल्शियम, मैंग्नीज, पोटेशियम, निआसीन, कार्बोहाइडे्ट आदि पाए जाते हैं। इसके अलावा यह एंटी-ऑक्सीडेंट का अच्छा स्त्रोत माना जाता है। यह फेफड़ों को हेल्दी रखने के साथ हार्ट को भी मजबूत रखते हैं। इसके साथ ही इम्यूनिटी बूस्ट करने में मदद मिलती है। 

लॉक डाउन: अब सोमवार सुबह 7 बजे तक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लॉकडाउन को बढ़ा दिया गया है। अब 10 मई यानी सोमवार सुबह 7 बजे तक पूरे प्रदेश में लॉक डाउन लागू रहेगा। पहले गुरुवार यानी 6 मई सुबह 7 बजे तक पाबंदी लगाई गई थी, लेकिन अब इसे सोमवार सुबह तक लागू करने का फैसला किया गया है। सरकार का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान मिली छूट सशर्त जारी रहेगी।

उत्तर प्रदेश में कोरोना का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। पंचायत चुनाव के बाद यूपी के हर गांव में संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। इसके चलते सरकार ने लॉक डाउन को बढ़ाने का फैसला किया है। हालांकि, पहले जो आदेश आया था, उसके मुताबिक, गुरुवार सुबह 7 बजे से शुक्रवार रात 8 बजे तक बाजार को खोला जाना था।

वैक्सीनेशन और सैनिटाइजेशन होगा तेज: सरकार ने पूरे हफ्ते लॉक डाउन लगाने का ऐलान किया है। यानी सोमवार सुबह 7 बजे तक पूरे प्रदेश में लॉक डाउन लागू रहेगा। सरकार ने सभी जिला प्रशासन को गांवों में वैक्सीनेशन और सैनिटाइजेशन को तेज करने का निर्देश दिया है। लॉक डाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं, दवा की दुकान समेत ई-कॉमर्स आपूर्ति को चालू रखा जाएगा।

इनके लिए जरूरी नहीं ई-पास: इस बीच यूपी सरकार की ओर से एक और आदेश जारी किया गया है, जिसमें औद्योगिक गतिविधियों, मेडिकल या आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति, आवश्यक वस्तुओं का परिवहन, ई-कामर्स ऑपरेशन्स, आपात चिकित्सा वाले व्यक्ति और दूरसंचार, डाक सेवा, प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया सेवा से जुड़े लोगों को ई-पास लेने की जरूरत न होगी।

कॉस्मिक किरणों की वजह से मोबाइल फ़ोन ऑफ रखने वाली खबर फर्जी है

FACT CHECK: कॉस्मिक किरणों की वजह से मोबाइल फ़ोन ऑफ रखने वाली खबर फर्जी है
  • By Vishvas News
  • Updated: June 26, 2019

नई दिल्ली (विश्वास टीम)। सोशल मीडिया पर कुछ समय से एक खबर वायरल हो रही है, जिसमें कहा गया है कि आज रात 12:30 बजे से 3:30 बजे तक पृथ्वी के पास से कुछ कॉस्मिक किरणें गुज़रेंगीं जिस दौरान अपने फोन को स्विच ऑफ रखने की सलाह दी गई है वरना यह शरीर के लिए हानिकारक होगा। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि यह दावा गलत है। इसरो ने हमसे बातचीत में साफ करा कि यह फेक न्यूज़ है।

CLAIM

पोस्ट में क्लेम किया गया है, “आज रात 12:30 से 3:30 बजे तक अपने फोन और बाकी सभी गैजेट्स को बंद रखें और अपने शरीर से दूर रखें। सिंगापुर टीवी ने यह घोषणा की है। कृपया अपने परिवार और दोस्तों को बताएं। हमारे ग्रह के करीब से आज रात 12:30 बजे से 3:30 बजे तक कुछ कॉस्मिक किरणें गुज़रेंगीं। यह कॉस्मिक किरणें पृथ्वी के करीब से गुजरेंगीं इसलिए कृपया अपना सेल फोन बंद कर दें। अपनी मोबाइल डिवाइस को अपने शरीर के करीब मत छोड़े। यह आपको भयानक नुकसान पहुंचा सकता है। “

FACT CHECK

इस पोस्ट की पड़ताल करने के लिए हमें सबसे पहले जानना था कि आखिर कॉस्मिक किरणें होती क्या हैं। हमने जांच की तो पाया कि कॉस्मिक किरणें असल में उच्च ऊर्जा अभिकरण है जो मुख्य रूप से सौरमंडल के बाहर पैदा होती हैं। पृथ्वी लगातार कॉस्मिक किरणों के संपर्क में आती रहती है पर वायुमंडल और पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र ज्यादातर कॉस्मिक किरणों को अपनी सतह से ही बाहर भेज देते हैं और एक सुरक्षा कवच के रूप में काम करते हैं। हालांकि, कॉस्मिक किरणों के सीधे तौर पर संपर्क में आने पर आपको नुकसान हो सकता है पर अर्थ की एटमॉस्फेरिक लेयर्स आपको इन रेज़ से प्रोटेक्ट करती हैं। और आपको किसी भी तरह के खतरे से बचाती हैं। अंतरिक्ष में काम कर रहे एस्ट्रोनॉट्स के लिए यह किरणें हानिकारक हो सकती है इसलिए इसरो और नासा जैसी एजेंसियां लगातार इन किरणों पर नजर रखती हैं पर उस केस में भी बचाव के बहुत सारे तरीके होते हैं।

पोस्ट में सिंगापुर टीवी का ज़िक्र है। हमने जाँच की तो पाया कि ऐसा कोई चैनल नहीं है।

ज़्यादा पुष्टि के लिए हमने भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO में बात की तो हमें बताया गया कि यह खबर गलत है। पृथ्वी पर लोग और मशीनें कॉस्मिक किरणों से सुरक्षित हैं।

इस पोस्ट को Ravindra Kumar Singh नाम के एक फेसबुक यूजर ने शेयर किया था।

निष्कर्ष: हमने अपनी पड़ताल में पाया कि यह दावा गलत है। इसरो ने हमसे बातचीत में साफ करा कि यह फेक न्यूज़ है। पृथ्वी लगातार कॉस्मिक किरणों के संपर्क में आती रहती है पर वायुमंडल और पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र ज्यादातर कॉस्मिक किरणों को अपनी सतह से ही बाहर भेज देते हैं, और एक सुरक्षा कवच के रूप में काम करते हैं। (साभार)

5G टेस्टिंग पर बैन लगाने को सुप्रीम कोर्ट में याचिका

5G इंटरनेट की टेस्टिंग पर प्रतिबंध लगाने के लिए वकील AP सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है और इसे यूजर्स के लिए खतरनाक बताया है।

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भारत में 5G इंटरनेट टावर परिक्षण पर प्रतिबंध लागने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है. इस याचिका को वकील AP सिंह ने दायर किया है. याचिका में कहा कि भारत सहित आज दुनिया भर में 5G नेटवर्क का विरोध किया जा रहा है। धरती के लिए 5G नेटवर्क एक बहुत बड़ा खतरा हैं, लेकिन मोबाइल कंपनियों ने 5 जी स्मार्टफोन बेचना शुरू कर दिया है।

याचिका में कहा कि 5G इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता के लिए सबसे बड़ा खतरा है, उपयोगकर्ताओं के डेटा को आसानी से हैक भी हो सकता है। इसके साथ यह भी कहा गया कि नीदरलैंड में परीक्षण के दौरान सैकड़ों पक्षियों की अचानक मौत हो गई थी, हेग शहर में 5G नेटवर्क के परीक्षण के दौरान लगभग 300 पक्षियों की मौत हो गई, जिनमें से 150 पक्षियों की परीक्षण शुरू होने के बाद मौत हुई।

याचिका में कहा कि वर्ष 2018 में, चीनी कंपनी हुवावे ने गुरुग्राम, हरियाणा में 5 जी इंटरनेट का परीक्षण किया था।। कहा कि 5G नेटवर्क की तकनीक में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन का उपयोग किया जाता है, इससे कैंसर का खतरा भी बहुत बढ़ जाता है, गर्भावस्था के दौरान मोबाइल रेडिएशन से महिलाओं के साथ-साथ बच्चे पर भी असर पड़ता है। याचिका में कहा 5G नेटवर्क आतंकियों के लिए मददगार होगा और देश की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है।

विदित हो कि सभी टेलिकॉम कंपनियां इन दिनों 5G टेस्टिंग पर जोर दे रही हैं। एयरटेल, जियो और वोडाफोन-आइडिया लगातार इसकी टेस्टिंग पर काम कर रही हैं। जियो ने हाल ही में 57123 करोड़ रुपए के स्पेक्ट्रम की खरीदारी की है। कंपनी ने 22 सर्किल में स्पेक्ट्रम खरीदा है। रिलायंस जियो की ओर से खरीदे गए स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल 5G सर्विस देने के लिए भी किया जाएगा। कंपनी ने ने हाल ही में घोषणा की थी कि उसने स्वदेशी 5G टेक्नोलॉजी डेवलप कर ली है जिसे अमेरीका में टेस्ट कर लिया गया है। इसके साथ ही कंपनी के मालिक मुकेश अंबानी ने भी इसी वर्ष 5G लॉन्च की घोषणा की है।

5G टेस्टिंग से नहीं फैलता कोरोना: WHO

नई दिल्ली। देश में सोशल मीडिया पर वायरल संदेशों में कोरोना के लिए 5-जी तकनीक की टेस्टिंग को जिम्मेदार बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि 5 जी टावरों की टेस्टिंग से निकलने वाला रेडिएशन हवा को जहरीला बना रहा है इसलिए लोगों को सांस लेने में मुश्किल आ रही है। साथ ही वायरल पोस्ट में ये भी कहा जा रहा है कि इसी रेडिएशन की वजह से घर में हर जगह करंट लगता रहता है। पोस्ट में सुझाव दिया जा रहा है कि अगर इन टावरों की टेस्टिंग पर रोक लगा दी जाती है तो सब ठीक हो जाएगा। कोरोना से जुड़े तथ्यों और भ्रमों पर विश्व स्वस्थ्य संगठन की तरफ से जारी रिपोर्ट में इस बात का खंडन किया गया है। 

सोशल मीडिया पर “5G कि टेस्टिंग बन्द करो इन्सानो को बचाओ” शीर्षक से एक पोस्ट वायरल हो रहा है। इसमें नीचे की ओर लिखा है ‘ये जो महामारी दूसरी बार आई है जिसे सब कोरोना का नाम दे रहे हं ये बीमारी कोरोना नहीं 5जी टावर की टेस्टिंग की वजह से है। टावर से जो रैडिकशन निकलता है वो हवा में मिलकर हवा को जहरीला बना रही है इसलिए लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है और लोग मर रहे हैं।’ इसीलिए 5जी टावर की टेस्टिंग को बंद करने की मांग करिए फिर देखिए सब सही हो जाएगा।’

सिम्टम्स ऑफ 5G नेटवर्क रेडिएशन
1. 5G नेटवर्क रेडिएशन के कारण घर में हर जगह हल्का सा करंट महसूस हो रहा है ।
2. गला कुछ ज्यादा ही सूखना प्यास ज़्यादा लगना । 
3. नाक में कुछ पपड़ी जैसा जमना पपड़ी में खून दिखना ।

यदि आपके साथ वास्तव में ऐसा हो रहा है तो समझ लीजिए कि इस हानिकारक 5G नेटवर्क रेडिएशन का हमारे ऊपर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने लगा है। नोटिस:- जैसे 4G रेडिएशन ने चिड़ियों पंछियों को खत्म किया था वैसे ही 5G रेडिएशन जीवों और मानव जाति के लिए बहुत ही ज़्यादा हानिकारक है, वक़्त रहते इसका एक जुट होकर कर विरोध करें ।। और वक़्त हो तो इस पोस्ट को ज़्यादा से ज़्यादा सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर शेयर करें ।।

एक अखबार की कटिंग भी वायरल हो रही है, जिसमें पानीपत की समाज सेविका शशि लूथरा के हवाले से कहा गया है कि उन्होंने सरकार से 5जी की टेस्टिंग बंद करने की मांग की है। शशि लूथरा के हवाले से लिखा गया है कि 5जी के कारण महामारी फैल रही है। वास्तव में लूथरा ने ऐसा कहा है या नहीं, अमर उजाला इसकी पुष्टि नहीं करता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की आधिकारिक वेबसाइट पर इस तरह के अफवाहों को लेकर एक सेक्शन है, जिसमें कोरोना को लेकर सोशल मीडिया के दावों के बारे में विस्तार से समझाया गया है। वेबसाइट से ‘FACT: 5G mobile networks DO NOT spread COVID-19’ नाम से एक पोस्ट है।

26 मार्च को जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि 5 जी मोबाइल नेटवर्क से कोरोना नहीं फैलता है। इसके अलावा ये भी कहा गया है कि कोरोना मोबाइल नेटवर्क और रेडियो तरंगों के साथ एक जगह से दूसरी जगह पर नहीं पहुंच सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना उन देशों में भी हो रहा है जहां 5 जी मोबाइल नेटवर्क नहीं है।

इस पोस्ट में साफतौर पर लिखा है कि वायरस रेडियो वेव और मोबाइल नेटवर्क से नहीं फैलते हैं। COVID-19 उन देशों में भी फैल रहा है जहां पर 5जी की ना टेस्टिंग हो रही है और ना ही 5जी मोबाइल नेटवर्क है। कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति की सांस की बूंदों से फैलता है जब वह छींकता है, बात करता है या थूकता है। इसके अलावा यदि किसी सतह पर संक्रमित इंसान की सांस की बूंदें गिरी हैं तो उसे छूने और फिर नाक, मुंह और आंख छूने से कोरोना फैलता है।

सिर्फ रेमडेसिविर ही नहीं, सस्ती सी ये गोली भी बचा सकती है जिंदगी!

बेंगलूरु। कोविड के गंभीर मरीजों के उपचार के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन (Remdesivir Injection) को लेकर देश भर में अफरा-तफरी का माहौल है। कई चिकित्सकों ने इसके उपलब्ध नहीं होने की बात कही है। कालाबाजारी जारी है। लोग हजारों रुपए में इस इंजेक्शन को खरीदने में मजबूर हो रहे हैं। इस बीच, नकली इंजेक्शन बेच कर लोगों की जान से खिलवाड़ के भी मामले सामने आए हैं। हालांकि, कई चिकित्सकों ने साफ किया है कि इस इंजेक्शन का कोई विशेष फायदा नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इसे उपचार प्रोटोकॉल से बाहर रखा है। केंद्र और राज्य सरकार भी यही बात कह रही है। अब भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR – आइसीएमआर) और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS – एम्स), नई दिल्ली ने भी नए उपचार प्रोटोकॉल में इसे शामिल किया है।

जीवनदायी साबित हो रही एक सस्ती गोली

ऐसे में एक बेहद सस्ती और आसानी से उपलब्ध इंजेक्शन व गोली डेक्सामेथासोन ( Dexamethasone) चर्चा का विषय बनी हुई है। कोविड मरीजों के उपचार में यह बेहद कारगर और जीवनदायी साबित हो रही है। चिकित्सकों के अनुसार कोविड के गंभीर मरीजों में रेमडेसिविर की एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (Acute Respiratory Distress Syndrome ) को रोकने में कोई विशेष भूमिका नहीं है। इसके मुकाबले डेक्सामेथासोन अधिक कारगर है।

दो हजार मरीजों पर हुआ शोध- हाल ही में ब्रिटेन के विशेषज्ञों ने दावा किया है कि दुनिया भर में बेहद सस्ती और आसानी से मिलने वाली दवा डेक्सामेथासोन कोरोना वायरस से संक्रमित और गंभीर रूप से बीमार मरीजों की जान बचाने में मदद कर सकती है। शोधकर्ताओं का अनुमान है कि अगर इस दवा का इस्तेमाल ब्रिटेन में संक्रमण के शुरुआती दौर से ही किया जाता तो करीब 5,000 लोगों की जान बचाई जा सकती थी। ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी की एक टीम ने अस्पतालों में भर्ती 2,000 मरीजों को यह दवा दी और उसके बाद इसका तुलनात्मक अध्ययन उन 4,000 मरीजों से किया, जिन्हें दवा नहीं दी गई थी। जो मरीज वेंटिलेटर पर थे, उनमें इस दवा के असर से 40 फीसदी से लेकर 28 फीसदी तक मरने का जोखिम कम हो गया और जिन्हें ऑक्सीजन (OXYGEN) की जरूरत थी उनमें ये जोखिम 25 फीसदी से 20 फीसदी तक कम हुआ। शोधकर्ताओं के मुताबिक कोरोना वायरस संक्रमण शरीर में इनफ्लेमेशन यानी सूजन बढ़ाने की कोशिश करता है। जबकि डेक्सामेथासोन इस प्रक्रिया को धीमी करने में असरदार पाई गई। बेहद सस्ती होने के कारण यह दवा गरीब मरीजों व देशों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। हालांकि, कुछ चिकित्सकों का कहना है कि रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ डेक्सामेथासोन बेहद प्रभावी है। कई मामलों में दोनों की जरूरत पड़ती है।

1960 के दशक से इस्तेमाल जारी– भारत में डेक्सामेथासोन का इस्तेमाल 1960 के दशक से जारी है। अनुमान है कि भारत में डेक्सामेथासोन की सालाना बिक्री 100 करोड़ रुपए से भी ज्यादा है। भारत सरकार के ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर पॉलिसी के तहत इस दवा की गोलियों के पत्ते और इंजेक्शन पांच रुपए से लेकर 10 रुपए के भीतर खरीदे जा सकते हैं।

गौरतलब है कि बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका सहित प्रदेश के कई निकायों की ओर से होम आइसोलेशन में रहने वाले कोरोना संक्रमितों को दिए जाने वाले दवा के किट में यह दवा शामिल है।

रेमडेसिविर जीवनरक्षक दवा नहीं– कर्नाटक राज्य के स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ के. सुधाकर जो पेशे से चिकित्सक भी हैं, कहते हैं कि प्रचार के कारण रेमडेसिविर की मांग ज्यादा है। हालांकि, यह जीवनरक्षक दवा नहीं है। इससे ज्यादा प्रभावी है स्टेरॉयड। डेक्सामेथासोन इनमें से एक है। डेक्सामेथासोन की एक गोली 50 पैसे में उपलब्ध है। रेमडेसिविर की मांग है इसलिए सरकार इसकी भी आपूर्ति करेगी।

सबसे सस्ती,आसानी से मिलने वाली दवा– डेक्सामेथासोन स्टेरॉयड देश में काफी आम है। यह सबसे सस्ती और आसानी से मिलने वाली दवा और इंजेक्शन है। कोविड के उपचार में स्टेरॉयड कारगर है। कोविड के मध्यम व गंभीर मरीजों के उपचार में डेक्सामेथासोन असरदार है। इसके प्रमाण भी हैं। कई मरीजों का फायदा हुआ है। इसके इस्तेमाल को बढ़ावा देने की जरूरत है। चिकित्सकों की सलाह पर ही यह दवा लेनी चाहिए। चिकित्सकों को तय करना होगा कि किसी मरीज को यह दवा कब देनी है।” डॉ. सोनल अस्थाना, यकृत रोग विशेषज्ञ, एस्टर सीएमआइ अस्पताल

मरीज की हालत व चिकित्सक पर निर्भर– गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव कुमार हिरेमठ ने बताया कि रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ स्टेरॉयड प्रभावी है। डेक्सामेथासोन भी एक स्टेरॉयड है। कोविड के मध्यम से गंभीर मरीजों के उपचार में इसका इस्तेमाल हो सकता है। दवाओं का विकल्प मरीज की हालत व चिकित्सकों पर निर्भर करता है।” डॉ. संजीव कुमार हिरेमठ, गुर्दा रोग विशेषज्ञ, सागर अस्पताल

हल्के लक्षण वाले मरीजों को जरूरत नहीं-“कोविड के मध्यम व गंभीर मरीजों के उपचार में ही डेक्सामेथासोन का इस्तेमाल होना चाहिए। याद रहे यह खुद से लेने वाली दवा नहीं है। घरों में 10 दिन के लिए क्वारंटाइन कोविड के हल्के लक्षण वाले मरीजों को इसकी जरूरत नहीं है। डेक्सामेथासोन एक ऐसी दवाई है जिसे निश्चित समय पर दिया जाए, तो अच्छे परिणाम आते हैं। चिकित्सक मरीज की स्थिति को ध्यान में रखकर इस इंजेक्शन के बारे में बता सकते हैं।” डॉ. जी. बी. सत्तूर, सदस्य, कोविड-19 विशेषज्ञ समित

कोरोना वायरस को अपने घर में आने से रोकें इस तरह…

कोरोना की दूसरी लहर काफी खतरनाक है और अधिकतर लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। वायरस कहीं से भी, किसी को भी अपना शिकार बना सकता है। बाहर से लौटे आपके घर के किसी भी एक व्यक्ति की लापरवाही पूरे घर को चपेट में ले सकती है।

मास्क सही से पहनें- जब भी घर से बाहर निकलें, मास्क जरूर पहनें। मास्क पहनने के नाम पर लापरवाही ना करें। मास्क में नाक और मुंह पूरी तरह से ढंका होना चाहिए। मास्क चेहरे पर पूरी तरह फिट होना चाहिए। मास्क ऐसा होना चाहिए, जिसमें आप सांस भी आसानी से ले सकें।
सही तरीके से हाथ धोएं- अपने हाथों को साबुन और पानी से 20 सेकेंड तक धोएं। अगर आप कहीं ऐसी जगह हैं जहां पानी-साबुन नहीं है तो आप सैनिटाइजर से हाथों को साफ करें।
6 फीट की दूरी- भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें, दूसरे लोगों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें। याद रखें कि बिना लक्षण के भी लोग कोरोना फैला सकते हैं।
खांसते या छींकते समय मुंह को ढकें- अगर मास्क पहनने के समय आपको छींक या खांसी आती है तो मास्क बिल्कुल ना उतारें। मास्क में छींकने के बाद अपना मास्क तुरंत बदल लें और हाथों को अच्छे से धोएं। अगर आपने मास्क नहीं पहना है तो खांसते समय टिश्यू से अपने मुंह और नाक को ढकें।
घर में आकर तुरंत नहाएं- अगर आप घर के बाहर जाते हैं किसी काम से और वापस आते हैं तो किसी चीज को बिना छुए और किसी से मिले सबसे पहले नहाएं। ये भी कर सकते हैं- कई बार नहाना संभव नहीं होता। इसलिए शरीर के खुले अंगों को साबुन से अच्छी तरह से धोएं। कपड़े बदलकर उल्टे करके गर्म या गुनगुने पानी में डाल दें।

WhatsApp पिंक के चक्कर में उठा न लें नुकसान

Fact Check Viral Message on WhatsApp claiming to change into pink color साइबर विशेषज्ञों ने लिंक के जरिये फोन पर भेजे जा रहे वायरस को लेकर आगाह किया है। इस लिंक में दावा किया जाता है कि वॉट्सऐप गुलाबी रंग (Pink WhatsApp) का हो जाएगा और उसमें नई विशेषताएं (WhatsApp New Features) जुड़ जाएंगी। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार लिंक में दावा किया जाता है कि यह वॉट्सऐप (WhatsApp Updates) की तरह से आधिकारिक अद्यतन के लिये है, लेकिन लिंक पर क्लिक करते ही संबंधित यूजर्स का फोन हैक हो जाएगा और हो सकता है कि वे वॉट्सऐप का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ राजशेखर राजहरिया ने सोशल मीडिया पर लिखा है, ‘‘व्हाट्एसऐप पिंक को लेकर सावधान! एपीके डाउनलोड लिंक के साथ व्हाट्सऐप ग्रुप वायरस फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। व्हाट्सऐप पिंक के नाम से किसी भी लिंक पर क्लिक नहीं करें। लिंक को क्लिक करने पर फोन का उपयोग करना मुश्किल हो जाएगा।’’

साइबर सुरक्षा से जुड़ी कंपनी वोयागेर इनफोसेक के निदेशक जितेन जैन ने कहा कि उपयोगकर्ताओं को यह सलाह दी जाती है कि वे गूगल या एप्पल के ऑधिकारिक ऐप स्टोर के अलावा एपीके या अन्य मोबाइल ऐप को इंस्टॉल नहीं करें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के ऐप से आपके फोन में सेंध लग सकते हैं और फोटो, एसएमएस, संपर्क आदि जैसी सूचनाएं चुरायी जा सकती हैं।

इस बारे में संपर्क किये जाने पर व्हाट्स ऐप के अधिकारी ने कहा, ‘‘अगर किसी को संदिग्ध संदेश या ई-मेल समेत कोई संदेश आते हैं, उसका जवाब देने से पहले पूरी जांच कर लें और सतर्क रुख अपनाएं। व्हाट्सऐप पर हम लोगों को सुझाव देते हैं कि हमने जो सुविधाएं दी हैं, उसका उपयाग करें और हमें रिपोर्ट भेजे, संपर्क के बारे में जानकारी दें या उसे ब्लॉक करें।’’ 

तथ्य की जांच: COVID-19 के लिए उपचार के रूप में नानावती अस्पताल वायरल में संलग्न फर्जी पर्चे

लॉजिकल इंडियन फैक्ट चेक टीम ने इस दावे की जांच पिछले साल जुलाई में की थी, कि नानावती अस्पताल ने सीओवीआईडी -19 के इलाज के लिए क्या कदम उठाए हैं।

अदिति चट्टोपाध्याय  (तथ्य परीक्षक) अपडेट: 2020-07-28 12:20 जीएमटी संपादक: भारत नायक  | रचनाकार:  अभिषेक एम

तथ्य की जांच: COVID-19 के लिए उपचार के रूप में नानावती अस्पताल वायरल में संलग्न फर्जी पर्चे

एक व्हाट्सएप फॉरवर्ड का दावा है कि मुंबई के नानावती अस्पताल में अभिनेता अमिताभ बच्चन का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने कई ऐसे कदम उठाए हैं कि अगर वे कोरोनावायरस से संक्रमित हो जाते हैं, तो उन्हें क्या लेना चाहिए। कथित नुस्खे में नींबू, अदरक और गुड़ के साथ गर्म पानी का सेवन करना, घी के साथ गर्म दूध, हल्दी के साथ दिन में एक बार भाप लेना शामिल है।

व्हाट्सएप फॉरवर्ड दो रूपों में आता है: एक अंग्रेजी में और एक हिंदी में। नीचे दो फॉरवर्ड हैं:

लॉजिकल इंडियन को फैक्ट चेक के दावों का अनुरोध मिला।

दावा: नानावती अस्पताल ने सीओवीआईडी -19 से अमिताभ बच्चन के इलाज के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले नुस्खे को सार्वजनिक किया है। 

तथ्यों की जांच: दावा झूठा है!

लॉजिकल इंडियन वायरल मैसेज को लेकर नानावती अस्पताल पहुंचा। “विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थ और अन्य किसी भी संक्रमण और बीमारियों के खिलाफ प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। हालांकि, ये अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा COVID -19 संक्रमण के इलाज के लिए अनुशंसित नहीं हैं। ऐसे किसी भी उपचार प्रोटोकॉल का पालन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।” नानावती सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के प्रवक्ता ने कहा।

वायरल व्हाट्सएप में जिन डॉक्टरों का जिक्र किया गया है, वे वास्तव में नानावती अस्पताल के हैं । डॉ. अंसारी क्रिटिकल केयर सर्विसेज के निदेशक हैं और डॉ. लिमये सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन हैं।

क्या कोरोनो वायरस के खिलाफ उपचार का कोई प्रभाव हो सकता है? अतिरिक्त विटामिन-सी सामान्य सर्दी की अवधि को कम कर सकता है। विटामिन सी मानव शरीर में आवश्यक भूमिका निभाता है और सामान्य प्रतिरक्षा समारोह का समर्थन करता है। एंटीऑक्सिडेंट के रूप में, विटामिन मुक्त कणों को चार्ज कणों को बेअसर करता है जो शरीर में ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। यह शरीर को हार्मोन को संश्लेषित करने, कोलेजन के निर्माण और रोगजनकों के खिलाफ कमजोर संयोजी ऊतक को सील करने में भी मदद करता है। स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली को बनाए रखने के लिए विटामिन सी को दैनिक आहार में बिल्कुल शामिल किया जाना चाहिए, लेकिन पूरक पर मेगाडोजिंग COVID-19 को पकड़ने के जोखिम को कम करने की संभावना नहीं है।

ऐसा कोई सबूत नहीं है जो बताता है कि अन्य तथाकथित प्रतिरक्षा-बढ़ाने वाले पूरक – जैसे कि जस्ता, ग्रीन टी या इचिनेशिया – COVID-19 को रोकने में मदद करते हैं।

डब्ल्यूएचओ का परिप्रेक्ष्य: कुछ पश्चिमी, पारंपरिक या घरेलू उपचार COVID-19 के आराम और लक्षणों को कम कर सकते हैं, इस बात का कोई सबूत नहीं है कि वर्तमान दवा रोग को रोक या ठीक कर सकती है।

संगठन COVID-19 की रोकथाम या इलाज के रूप में एंटीबायोटिक दवाओं सहित किसी भी दवा के साथ स्व-दवा की सिफारिश नहीं करता है। हालांकि, पश्चिमी और पारंपरिक दोनों दवाओं के कई नैदानिक परीक्षण चल रहे हैं।

WHO का कहना है कि COVID-19 के खिलाफ खुद को और दूसरों को बचाने के लिए सबसे प्रभावी तरीके निम्न हैं:

(१) अपने हाथों को बार-बार साफ करें। (२) अपनी आँखों, मुँह और नाक को छूने से बचें (3) अपनी खांसी को कोहनी या ऊतक के मोड़ से ढकें। यदि एक ऊतक का उपयोग किया जाता है, तो इसे तुरंत त्याग दें और अपने हाथ धो लें। (४) दूसरों से कम से कम १ मीटर की दूरी बनाए रखें।

दावा समीक्षा: नानावती अस्पताल ने COVID-19 के इलाज के लिए कदम उठाए। दावा किया गया: व्हाट्सएप फॉरवर्ड तथ्य की जाँच करें: झूठी

203 बिन मास्क वालों पर 1 लाख 59 हजार का जुर्माना

बिजनौर। वीकेंड लॉक डाउन के दूसरे दिन रविवार को पुलिस जिले भर में कोरोना प्रोटोकाल का पालन कराने में जुटी रही। इस दौरान बिना मास्क लगाए घर से निकले 203 लोगों 1 लाख 59 हजार का जुर्माना वसूला गया। रविवार को वीकेंड लॉक डाउन के दूसरे दिन भी जिले भर में पुलिस तैनात रही। बाजार में गैर आवश्यक वस्तुओं की खुली इक्का दुक्का दुकानों को पुलिस ने बंद करा दिया। बिना वजह घर से बाहर निकले लोगों को पुलिस ने फटकार भी लगाई। जनपद के सभी चौराहों पर पुलिसबल तैनात रहा। इस दौरान पुलिस ने 203 लोगों का चालान कर एक लाख 59 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। इससे पहले शनिवार को मास्क न लगाने पर करीब 400 लोगों से जुर्माना वसूला गया था। मास्क न लगाने वालों से पिछले 25 दिन में पुलिस 40 लाख रुपए जुर्माना वसूल चुकी है। 

पेट के बल सोने के भी हैं आश्चर्यजनक लाभ

गर्भवती महिलाएं, हृदय एवं स्पाइन रोगी पेट के बल सोने से करें परहेज

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच उपचार के दौरान शरीर में ऑक्सीजन की कमी की समस्या सबसे अधिक देखी जा रही है।ऑक्सीजन की कमी होने के कारण कई कोरोना पॉजिटिव को अस्पताल जाने की जरूरत भी पड़ रही है। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज अपने सोने के पोजीशन में थोड़ा बदलाव कर ऑक्सीजन की कमी को दूर कर सकते हैं । स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने इस संबंध में पोस्टर के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी है ।   

यदि किसी कोरोना पाजिटिव को सांस लेने में दिक्कत हो रही हो एवं ऑक्सीजन लेवल 94 से घट गया हो तो ऐसे लोगों को पेट के बल सोने की सलाह दी गयी है । इसके लिए सबसे पहले वह पेट के बल  लेटें, एक तकिया अपने गर्दन के नीचे रखें,  एक या दो तकिया छाती के नीचे रख लें एवं दो तकिया पैर के टखने के नीचे रखें। इस तरह से 30 मिनट से दो घंटे तक सो सकते हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस बात पर भी विशेष जोर दिया है कि होम आईसोलेशन में रह रहे मरीजों की तापमान की जाँच, ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन के स्तर की जाँच, ब्लड प्रेशर एवं शुगर की नियमित जाँच होनी चाहिए। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए सोने की चार पोजीशन को महत्वपूर्ण बताया है। 30 मिनट से दो घन्टे तक पेट के बल सोने, 30 मिनट से दो घन्टे तक बाएं करवट, 30 मिनट से दो घन्टे तक दाएं करवट एवं 30 मिनट से दो घन्टे तक दोनों पैर सीधा कर पीठ को किसी जगह टिकाकर बैठने की सलाह दी गयी है। यद्यपि, मंत्रालय ने प्रत्येक पोजीशन में 30 मिनट से अधिक समय तक नहीं रहने की भी सलाह दी है। खाने के एक घन्टे तक पेट के बल सोने से परहेज करें, पेट के बल जितना देर आसानी से सो सकते हैं, उतना ही सोने का प्रयास करें। गर्भावस्था के दौरान, वेनस थ्रोम्बोसिस (नसों में खून के बहाव को लेकर कोई समस्या), गंभीर हृदय रोग में स्पाइन, फीवर एवं पेल्विक फ्रैक्चर की स्थिति में पेट के बल सोने से बचें।

Fact Check: पॉन्डिचेरी के छात्र ने काली मिर्च-शहद-अदरक से COVID-19 का उपचार खोजा? जानिए पूरा सच

सोशल मीडिया पर लगातार कोरोना महामारी के इलाज को लेकर अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं। सोशल मीडिया और व्हॉट्सएप पर वायरल ऐसे ही एक मैसेज में दावा किया जा रहा है कि पॉन्डिचेरी विश्वविद्यालय के एक छात्र ने कोरोनावायरस का घरेलू उपचार खोजा है, जिसे WHO ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस संबंध में Webdunia ने बुधवार, 14 अप्रैल 2021 (17:53 IST) को फैक्ट चैक अपलोड किया है।

क्या है वायरल- वायरल मैसेज में लिखा गया है, “एक सुखद समाचार, अन्ततोगत्वा पॉन्डिचेरी विश्वविद्यालय के एक भारतीय छात्र रामू ने कोविड-19 का घरेलू उपचार खोज लिया, जिसे WHO ने पहली बार में ही स्वीकृति प्रदान कर दी। उसने सिद्ध कर दिया कि एक चाय के चम्मच भरकर काली मिर्च का चूर्ण, दो चम्मच शहद, थोड़ा सा अदरक का रस, लगातार 5 दिनों तक लिया जाए तो कोरोना के प्रभाव को 100% तक समाप्त किया जा सकता है। सम्पूर्ण जगत इस उपचार को लेना आरम्भ कर रहा है। अन्ततः 2021 में एक सुखद अनुभव। इसे अपने सभी समूहों में प्रेषित अवश्य करें। धन्यवाद।”

(Viral message)

क्या है सच्चाई- वायरल हो रहे दावे की पड़ताल शुरू करते हुए हमने इंटरनेट पर अलग-अलग कीवर्ड्स की मद्द से सर्च किया। लेकिन हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली जिससे वायरल दावे की पुष्टि होती हो। हालांकि, हमें यह पता चला कि यह मैसेज पिछले साल भी वायरल हुआ था। तब बीबीसी हिंदी ने फैक्ट चेक कर इस दावे को फर्जी बताया था।

बीबीसी हिंदी से बातचीत में पॉन्डिचेरी यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता के. मकेश ने बताया कि ऐसी कोई दवा विश्वविद्यालय के छात्र ने नहीं बनाई है। बीबीसी हिंदी ने अपने फैक्ट चेक में बताया कि काली मिर्च, शहद, अदरक आदि के उपयोग से खांसी और ज़ुकाम जैसे लक्षणों में राहत मिलती है लेकिन यह कोरोनावायरस का इलाज नहीं है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) अपने वेबसाइट के Mythbusters नामक सेक्शन में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अफवाहों का खंडन करती है। इसमें WHO ने स्पष्ट किया कि खाने में काली मिर्च का इस्तेमाल करने से कोरोना वायरस से बचा नहीं जा सकता है। WHO का कहना है कि काली मिर्च आपके खाने को स्वादिष्ट बना सकती है लेकिन कोरोनावायरस से नहीं बचा सकती है। संगठन का कहना है कि कोरोना से बचने के लिए लोगों से एक मीटर की दूरी बनाए रखें, लगातार हाथ धोएं, संतुलित खाएं, पानी ठीक से पिएं, व्यायाम करें और अच्छी नींद लें। भारत सरकार ने भी 11 अगस्त 2020 को पॉन्डिचेरी के छात्र के सुझाए इलाज को WHO की अनुमति मिलने वाले वायरल मैसेज का खंडन किया था। भारत सरकार की तरफ से PIB फैक्ट चेक (PIB Fact Check) ने ट्वीट कर इस वायरल मैसेज को फेक बताया था। वहीं, भारत का आयुष मंत्रालय शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने के लिए काढ़ा, हल्दी दूध और व्यायाम जैसे उपायों के बारे में सुझाव देता रहा है। कोविड-19 के संक्रमण से बचने के लिए मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता की अहम भूमिका मानी जाती है।

BJP ने जारी किया कोविड हेल्पलाइन नंबर 8588870012

लखनऊ। प्रदेश में वैश्विक महामारी कोरोना से प्रभावित आमजन को चिकित्सीय व अन्य सहायता उपलब्ध कराने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने ‘हेल्प डेस्क ’ की शुरूआत करते हुए ‘‘कोविड सहायता हेल्पलाइन नंबर 8588870012’’ जारी किया है।प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह व प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल ने ट्वीट कर जानकारी दी।

प्रदेश महामंत्री व सदस्य विधान परिषद गोविन्द नारायण शुक्ला व उनके साथ पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष सिंह, श्रीप्रकाश पाल व प्रदेश मंत्री सुभाष यदुवंश समन्वय का कार्य करेगे। पार्टी ने क्षेत्र व जिला स्तर पर भी हेल्प डेस्क की शुरूआत कर वैश्विक महामारी कोरोना से प्रभावित लोगों की सहायता का फैसला लिया है।
प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने वैश्विक महामारी कोरोना से प्रभावित आमजन की सहायता के लिए बनाई गई हेल्प डेस्क का कोविड सहायता हेल्पलाइन नंबर 8588870012 जारी करते हुए कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा की प्ररेणा व मार्गदर्शन में पार्टी द्वारा शुरू की जा रही हेल्प डेस्क के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को सहायता पहुंचाने के लिए कार्य करें। सभी जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता कोविड-19 से आमजन की सुरक्षा व बचाव एवं महामारी से लड़ाई हेतु सेवा ही संगठन के मंत्र को सर्वोपरि मानकर पूर्व की भांति एक बार फिर सेवा कार्य में अपना योग्यदान दें।

प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि कोरोना संक्रमण से पीड़ित व्यक्तियों को आवश्यकता अनुसार सहायता मिले, इसके लिए पार्टी कार्यकर्ता योजनापूर्वक कार्य करें। प्रधानमंत्री के कोरोना संकट से निपटने के लिए टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट के मंत्र की तर्ज पर पहली लहर की तरह ही मुकाबला करेंगे। पार्टी कार्यकर्ता अपना बूथ कोरोना मुक्त के संकल्प के साथ आमजन की सहायता करें। प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता ‘‘दो गज की दूरी मास्क है जरूरी’’ को लेकर लोगों को जागरूक करने के साथ ही अन्य स्वास्थ्य संबंधी प्रोटोकाल का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। सभी जिला प्रभारी व जिलाध्यक्ष स्थानीय स्तर पर अविलंब हेल्प डेस्क की शुरूआत कर कोरोना संक्रमण से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए कार्य करें। साथ ही आमजन को कोरोना वायरस से बचाव के लिए वैक्सीनेशन कराने के लिए भी प्रेरित करें। प्रदेश महामंत्री गोविन्द नारायण शुक्ला ने बताया कि जिला स्तर पर हेल्प डेस्क शीघ्र ही प्रारम्भ हो जायेंगे। हेल्प डेस्क में पार्टी के जिलाध्यक्ष, चिकित्सा प्रकोष्ठ का एक पदाधिकारी व एक अन्य वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी सम्मिलित होंगे।

कोविड-19 से बचाव के उपाय

इस समय आप सभी के लिए
डॉ शंकर एच बामनिया कोविड प्रभारी उदयपुर
की ओर से आप सभी के लिए:—

कोरोना के लिए घर पर आवश्यक चिकित्सा किट:–

  1. पारासिटामोल या डोलो 650 mg SOS leve
  2. बीटाडीन गार्गल माउथवॉश के लिए गुनगुने पानी के साथ
  3. विटामिन सी जैसे
    Tab Limcee 500mg चूसने की दिन में 3 या 4 बार ।। ये बहुत ही शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है बहुत ही कारगर है इममुनिटी बढ़ाता है ।। वायरस को असक्रिय कर देती हैं और
    Tab विटामिन D3 60k
    सप्ताह में एक 4 सप्ताह तक
  4. 4. Tab बी कॉम्प्लेक्स साथ मे मल्टीविटामिन एव ट्रेस एलिमेंट्स
  5. जैसे Neurokind plus
  6. रोज एक 10 से 15 दिन तक
  7. इममुनिटी के लिये
  8. भाप लें- गले मे खराश ठीक एवं वायरल लोड कम कर वायरस को असक्रिय कर देता है
  9. पल्स ऑक्सीमेटर रखें ऑक्सिजन लेवल देखने के लिए
    नॉर्मल 95 से ऊपर होना चाहिए
  10. ऑक्सीजन सिलेंडर (केवल आपातकाल के लिए)
  11. सांस लेने में तकलीफ हो तो उल्टा पीठ के बल सोएं जिससे फेफड़ों में ऑक्सिजन सर्कुलेशन बढ़ जाता है।
  12. 9 गुनगुने पानी मे नमक के गरारे करें एवं गुनगुने पानी में निम्बू निचोड़ कर दिन में 3 या 4 बार पिएं

गहरी साँस लेने के व्यायाम करें

👉कोरोना के तीन चरण:-

  1. केवल नाक में कोरोना
    रिकवरी का समय आधा दिन होता है,
    इसमें आमतौर पर बुखार नहीं होता है और
    इसे असिम्टोमाटिक कहते हैं|
    इसमें क्या करें :-
    स्टीम इन्हेलिंग करें व विटामिन सी लें |
  2. गले में खराश
    रिकवरी का समय 1 दिन होता है
    इसमें क्या करें : –
    गर्म पानी का गरारा करें, पीने में गर्म पानी लें, निम्बू पानी लें
    अगर बुखार हो तो पारासिटामोल लें |
    अगर गंभीर हो तो विटामिन सी, बी.
    कॉम्प्लेक्स, डी और एंटीबायोटिक लें |
  3. फेफड़े में खांसी
    4 से 5 दिन में खांसी और सांस फूलना।
    इसमें क्या करें :
    गर्म पानी का गरारा करें, पीने में गर्म पानी लें, निम्बू पानी लें
    विटामिन सी, बी कॉम्प्लेक्स, पारासिटामोल लें
    और गुनगुने पानी के साथ नींबू का सेवन करें|
    पल्स ऑक्सिमीटर से अपने ऑक्सीजन लेवल की
    जाँच करते रहें| अगर आपके पास ऑक्सीमेटर
    नहीं हो तो आप किसी भी दवा दुकान से खरीद लें अथवा गहरी साँस लेने का व्यायाम करें
    अगर समस्या गंभीर हो तो ऑक्सीजन
    सिलिंडर मंगाएं और डॉक्टर से ऑनलाइन
    परामर्श लें|
    बहुत ज्यादा तकलीफ हो तो एंटीवायरल मेडिसिन चिकित्सक परामर्श से लें।

अस्पताल जाने के लिए स्टेज:
ऑक्सिमीटर से अपने ऑक्सीजन लेवल की
जाँच करते रहें। यदि यह 92(सामान्य 95-100) के
पास जाता है और आपको कोरोना के लक्षण
(जैसे की बुखार, सांस फूलना इत्यादि) हैं तो
आपको ऑक्सीजन सिलेंडर की आवश्यकता
होती है। इसके लिए तुरंत नजदीकी स्वास्थ
सेवा केंद्र से संपर्क करें व परामर्श लें|

स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें!
कृपया अपने परिवार और समाज का
ख्याल रखें | घर पे रहें और सुरक्षित रहें |
ध्यान दें:
कोरोनावायरस का pH 5.5 से 8.5 तक
होता है
इसलिए, वायरस को खत्म करने के लिए
हमें बस इतना करना है कि वायरस की
अम्लता के स्तर से अधिक क्षारीय खाद्य
पदार्थों का सेवन करें।
जैसे कि:

  • केले
  • हरा नींबू – 9.9 पीएच
  • पीला नींबू – 8.2 पीएच
  • एवोकैडो – 15.6 पीएच
  • लहसुन – 13.2 पीएच
  • आम – 8.7 पीएच
  • कीनू – 8.5 पीएच
  • अनानास – 12.7 पीएच
  • जलकुंड – 22.7
  • संतरे – 9.2 पीएच
  • कैसे पता चलेगा कि आप कोरोना वायरस से संक्रमित हैं ….?
  1. गला सूखना
  2. सूखी खांसी
  3. शरीर का उच्च तापमान
  4. सांस की तकलीफ
  5. सिर दर्द
  6. बदन दर्द

गर्म पानी के साथ नींबू पीने से वायरस
फेफड़ों तक पहुँचने से पहले ही खत्म
हो जाते हैं |

इस जानकारी को खुद तक न रखें।
इसे अपने सभी परिवार और दोस्तों और
सभी के साथ शेयर करें।
आपको नहीं पता कि इस जानकारी को
शेयर करके आप कितनी जान बचा रहे हैं |
इसे शेयर करें और लोगों की मदद करें ताकि अधिक से अधिक लोगों को जानकारी हो सके एवं कोरोना से बचाव हो

डॉ .शंकर एच. बामनिया
कोविड -19इंचार्ज उदयपुर
(नोडल अधिकारी कोविड-19)

आज से रोजाना रात्रि कर्फ्यू शनिवार रविवार लॉक डाउन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आज मतलब मंगलवार से रोजाना रात्रि कर्फ्यू लगेगा। वहीं, शुक्रवार रात आठ बजे से सोमवार सुबह सात बजे तक लॉकडाउन लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम इलेवन के साथ हुई बैठक में उक्त निर्देश दिए।

अभी तक रात्रि कर्फ्यू उन्हीं जिलों में लागू था, जहां हालात ज्यादा खराब थे पर कोरोना संक्रमितों की लगातार बढ़ती संख्या और अस्पतालों में मची आपाधापी को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 की इस विभीषिका के बीच संयम और धैर्य हमारा सबसे बड़ा हथियार है। प्रत्येक शनिवार और रविवार को प्रदेश में साप्ताहिक बंदी (लॉकडाउन)  प्रभावी रहेगी। इसके अतिरिक्त जिन जिलों में 500 से अधिक एक्टिव केस हैं, वहां हर दिन रात्रि 08 बजे से अगले दिन प्रातः 07 बजे तक आवश्यक सेवाओं को छोड़कर शेष गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी। इस नियम को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, कोरोना कर्फ्यू को सफल बनाने में हर नागरिक का योगदान है। जहां तक जरूरी हो, घर से बाहर न निकलें। पर्व और त्योहार घर पर ही मनाएं। निकलें तो मास्क जरूर लगाएं। सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ न हो। इसे कड़ाई से लागू किया जाए।

CM की अधिकारियों को कड़ी चेतावनी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों को रोकने के लिये अधिकारियों को कड़ी चेतावनी जारी की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि वो अपनी कार्यशौली में सुधार ले आएं नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई में देरी नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इंटीग्रेटेड कंट्रोल एन्ड कमांड सेंटर में लगे समस्त अधिकारियों को अपनी ड्यूटी को पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ करने के कड़े निर्देश जारी किये हैं। उन्होंने युद्धस्तर पर लखनऊ स्थित इंटीग्रेटेड कंट्रोल एन्ड कमांड सेंटर को प्रभावी बनाने के लिये कहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा है जनता को सरकार पर विश्वास है और उनके विश्वास को बनाए रखने के लिये इंटीग्रेटेड कंट्रोल एन्ड कमांड सेंटर काफी कारगर सिद्ध हो सकता है।
उन्होंने तत्काल प्रभाव से सभी आला अधिकारियों को जनता की आवश्यकता की पूर्ति करने में जुट जाने के लिये कहा है।

सात दिन तक अधिक प्रभावी रहेगा कोरोना वायरस: प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल

कानपुर। देश में कोरोना वायरस के संक्रमण की दूसरी लहर ने तेजी पकड़ रखी है, महाराष्ट्र और यूपी समेत कई राज्य चपेट में हैं। यूपी में सबसे ज्यादा गंभीर हालात राजधानी लखनऊ में हैं, जहां रोजाना होने वाली मौत लोगों को झकझोर रही हैं। ऐसे में आइआइटी कानपुर के प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल ने कोरोना के पीक की संभावित तिथि का दावा किया है। उन्होंने अपनी एक रिसर्च से देश के सभी राज्यों में अलग अलग कोरोना का पीक टाइम और ग्राफ गिरने की तारीख का अनुमान लगाया है। उनका दावा है कि यह कोरोना वायरस सात दिन तक अधिक प्रभावी रहेगा।

राज्यों का अलग अलग ग्राफ तैयार-आइआइटी कानपुर के प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल ने देश के जिन राज्याें में कोरोना वायर ज्यादा कहर बरपा रहा है, वहां के केस और वायरस का अध्ययन करते हुए डेट वाइज ग्राफ तैयार किया है। हर राज्य के लिए अलग ग्राफ तैयार करते हुए कोरोना का पीक टाइम और ग्राफ गिरने की संभावित तिथि दर्शाते हुए दावा किया गया है। उन्होंने राज्यवार ग्राफ अपने ट्वीटर अकाउंट पर भी साझा किए हैं।

यूपी में 20 से 25 अप्रैल तक पीक पर रहेगा कोरोना

प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल का दावा है कि यूपी में प्रतिदिन 10 हजार संक्रमित मरीजों के औसत से 20 से 25 अप्रैल तक कोरोना वायरस का संक्रमण अपने पीक पर रहने वाला है। इसके बाद से ग्राफ फिर से गिरना शुरू हो सकता है। वायरस का प्रसार सात दिनों तक सर्वाधिक रहेगा और फिर धीरे-धीरे केस की संख्या कम होनी शुरू हो सकती है। मौजूदा समय में यूपी में 1,50,676 एक्टिव केस हैं। प्रदेश में लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, गोरखपुर, झांसी, गाजियाबाद, मेरठ, लखीमपुर खीरी और जौनपुर में कोरोना संक्रमण के सर्वाधिक मामले हैं।

राज्यवार ग्राफ में दावा

बिहार : ग्राफ के अनुसार बिहार में 20-25 अप्रैल तक कोरोना वायरस पीक पर रहेगा।

तेलंगाना : यहां ग्राफ थोड़ा ऊपर-नीचे है, हालांकि यहां पर भी 20-25 अप्रैल तक पीक पर रहने वाला है।

दिल्ली : पिछले ग्राफ के अनुसार देखा जाए तो 20-25 अप्रैल के दौरान कोरोना संक्रमण चरम पर होगा।

झारखंड : यहां पर भी 25-30 अप्रैल के दौरान कोरोना चरम पर रहने की संभावना है।

राजस्थान : यहां पर भी 25-30 अप्रैल के दौरान कोरोना का पीक समय होगा।

ओडिशा : यहां पर 26-30 अप्रैल तक कोरोना संक्रमण अपनी चरम अवस्था पर होगा।

पंजाब : यहां पर कोरोना वायरस का खतरा चरम पर मंडराता रहा लेकिन नियंत्रण करने के उपायों के चलते ग्राफ जल्दी गिरा है।

आंध्र प्रदेश : यहां पर 1 से 10 मई के बीच संक्रमण चरम पर होगा और दस हजार केस का औसत रहने की आशंका है।

तमिलनाडु : यहां पर फिलहाल खतरा नहीं है लेकिन अध्ययन पर गौर करें तो 11 से 20 मई के बीच कोरोना संक्रमण का चरम हो सकता है।

पश्चिम बंगाल : यहां कोरोना संक्रमण अभी प्रारंभिक अवस्था में है और 1-5 मई के दौरान चरम पर पहुंचने की संभावना है।

न्यूट्रिशन में ग्लोबल लीडर Amway ने आयुर्वेद पर खेल बड़ा दांव

न्यूट्रिशन में ग्लोबल लीडर एमवे ने आयुर्वेद पर बड़ा दांव खेला
अपने न्यूट्रिशन पोर्टफोलियो को मजबूती प्रदान की; च्यवनप्राश बाई न्यूट्रीलाइट लॉन्च किया

च्यवनप्राश बाई न्यूट्रीलाइट 16 प्रमाणित ऑर्गेनिक तत्वों से मिलकर बना है, जो डीएनए फिंगरप्रिंटेड जड़ी-बूटियों के साथ मान्यताप्राप्त है और इसमें कोई प्रिजर्वेटिव्स भी नहीं हैं।
 इसी के साथ एमवे का 1000 करोड़ रुपए के च्यवनप्राश बाजार में प्रवेश; लॉन्च के पहले साल में ही प्रीमियम च्यवनप्राश सेगमेंट की 20% बाजार हिस्सेदारी पर कब्जा करने का लक्ष्य

लखनऊ। देश की अग्रणी एफएमसीजी डायरेक्ट सेलिंग कंपनियों में से एक एमवे इंडिया ने आज अपने प्रमुख ब्रांड न्यूट्रीलाइट के तहत च्यवनप्राश बाई न्यूट्रीलाइट लॉन्च करने की घोषणा की। च्यवनप्राश बाई न्यूट्रीलाइट पोषक तत्वों से भरपूर 32 जड़ी-बूटियों का एक गाढ़ा मिश्रण है, जिसे 16 प्रमाणित कार्बनिक अवयवों के साथ डीएनए फिंगरप्रिंटिंग द्वारा मान्यता प्रदान की गई है, और इसमें कोई प्रिजर्वेटिव्स भी नहीं हैं। पारंपरिक भारतीय रेसिपी से प्रेरित न्यूट्रीलाइट च्यवनप्राश का सूत्रीकरण मुख्य रूप से रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने, शरीर के कायाकल्प का समर्थन करता है, साथ ही ताकत और आंतरिक बल को बढ़ाता है, इसके अलावा दिन-प्रतिदिन के संक्रमणों से लड़ने में मदद भी करता है। इस लॉन्च के साथ ही एमवे ने च्यवनप्राश सेगमेंट में देश में फलते-फूलते आयुर्वेद बाजार के एक बड़े हिस्से पर कब्जा जमाने की रणनीति के साथ प्रवेश किया।

लॉन्च की घोषणा करते हुए एमवे इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंशु बुधराजा ने कहा, “पारंपरिक हर्बल श्रेणी पर विशेष ध्यान देने के साथ विटामिन और डाइटरी सप्लिमेंट्स बाजार में एमवे की शानदार उपस्थिति ने हमें च्यवनप्राश वर्ग में विस्तार करने के लिए स्वाभाविक रूप से विवश कर दिया। सफल विकास प्रक्षेपवक्र और श्रेणी की क्षमता के दम पर हमने पहले वर्ष में प्रीमियम च्यवनप्राश वर्ग की 20% बाजार हिस्सेदारी पर कब्जा करने का लक्ष्य रखा है। हम पारंपरिक जड़ी-बूटियों की श्रेणी पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करने के साथ न्यूट्रिशन श्रेणी में नवाचार करना और इसे मजबूत करना आगे भी जारी रखेंगे। न्यूट्रिशन सेगमेंट में एक वैश्विक अगुवा एमवे लगातार उत्पाद नवाचार और अद्वितीय सीड-टू-सप्लिमेंट प्रक्रिया के माध्यम से स्वास्थ्य और प्रतिरक्षा के क्षेत्र में अपने नेतृत्व को मजबूत करने के लिए सतत रूप से प्रयासरत है।“

लॉन्च पर टिप्पणी करते हुए एमवे इंडिया के सीनियर वाइस प्रेजिडेंट,उत्तर एवम दक्षिण विभाग, उपाध्यक्ष, गुरशरण चीमा ने कहा, “चूंकि लोग न्यूट्रिशन पर ध्यान देने के साथ कल्याण के लिए समग्र दृष्टिकोण को अपना रहे हैं, तो गुणवत्ता वाले पोषण उत्पादों, विशेष रूप से भारतीय पारंपरिक जड़ी-बूटियों से बने न्यूट्रिशन सप्लिमेंट्स की मांग बढ़ रही है। न्यूट्रिशन और कल्याण के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता के साथ हमने स्वदेशी तौर पर च्यवनप्राश बाई न्यूट्रिलाइट विकसित किया है। यह पारंपरिक भारतीय ज्ञान और आधुनिक विज्ञान का सच्चा सम्मिश्रण है। हमारा उत्पाद उ]च्चतम स्तर की शुद्धता, सुरक्षा और सामर्थ्य सुनिश्चित करता है और यह सरल, किंतु जानकारीपूर्ण लेबलिंग के साथ आता है, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर और सूचित विकल्प चुनने में मदद मिलती है। इष्टतम पहुंच सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं को जोड़ने के लिए हम विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर डिजिटल एक्टिवेशंस शुरू कर रहे हैं। पश्चिम विभाग में, हम डायरेक्ट सेलर्स के लिए शैक्षिक सत्रों के साथ लॉन्च का समर्थन करेंगे, साथ ही प्रबुद्ध उपभोक्ताओं पर लक्षित श्रेणी के बारे में जागरूकता पैदा करने पर केंद्रित मल्टीमीडिया अभियान भी संचालित करेंगे। न्यूट्रीलाइट ब्रांड की मजबूत विरासत और इसकी स्वीकार्यता को देखते हुए हमें विश्वास है कि च्यवनप्राश बाई न्यूट्रीलाइट निश्चित रूप से उपभोक्ताओं का विश्वास जीतने में सफल होगा।”

हर्बल न्यूट्रिशन के प्रदर्शन के बारे में आगे बात करते हुए ॲमवे इंडिया के सीएमओ अजय खन्ना ने कहा, “पारंपरिक सामग्रियों से युक्त हर्बल उत्पादों के प्रति उपभोक्ताओं के झुकाव के अनुरूप एनटीएचआर रेंज ने 2020 में मजबूत दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की है। यह रेंज अंडर-35 आयु वर्ग के लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है, जैसा कि हमने पाया है कि एनटीएचआर के अंडर-35 आयु वर्ग के खरीदार 2020 में 35% से बढ़कर 45% तक पहुंच गए, जिससे पारंपरिक जड़ी-बूटियों की न्यूट्रिशन रेंज के लिए उनकी मजबूत प्राथमिकता का पता चलता है। चूंकि इष्टतम पोषण उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता बनी हुई है, ऐसे में हम उम्मीद करते हैं कि एमवे की पारंपरिक जड़ी-बूटियों की रेंज तीन गुना बढ़ेगी, जो कि कुल न्यूट्रिशन रेंज में 20% का योगदान करेगी, जो 2024 तक कुल व्यवसाय का 65% होने का अनुमान है, जिसमें च्यवनप्राश के 2024 तक एनटीएचआर बिक्री के 10% तक पहुंचने की उम्मीद है।”

कंपनी ने 2018 में न्यूट्रीलाइट ट्रेडिशनल हर्ब्स रेंज (एनटीएचआर) के साथ पारंपरिक जड़ी-बूटी पोषण के क्षेत्र में प्रवेश किया। सिर्फ छह उत्पादों के साथ इस रेंज से 2020 में 100 करोड़ रुपए की आय हुई, जिससे एक बड़ी विकास क्षमता का संकेत मिलता है। बाजार की प्रवृत्ति के आधार पर कंपनी पारंपरिक जड़ी-बूटियों की श्रेणी में तेजी लाने के लिए नवाचार में अपनी ज्यादा ऊर्जा लगा रही है, जिससे न्यूट्रिशन श्रेणी के लिए और एमवे के लिए भी विकास में तेजी को सुनिश्चित किया जा सके। च्यवनप्राश बाई न्यूट्रीलाइट पारंपरिक जड़ी-बूटियों की रेंज का नया संस्करण है, जिसके इस रेंज के लिए प्रमुख विकास कारकों में से एक होने की उम्मीद है।

न्यूट्रीलाइट च्यवनप्राश के बारे में
• च्यवनप्राश बाई न्यूट्रीलाइट पोषक तत्वों से भरपूर डीएनए फिंगरप्रिंटिंग द्वारा प्रमाणित 32 जड़ी-बूटियों का एक गाढ़ा सम्मिश्रण है, जो 16 प्रमाणित कार्बनिक अवयवों से बना है, और इसमें किसी भी तरह के प्रिजर्वेटिव्स नहीं हैं।
• च्यवनप्राश बाई न्यूट्रीलाइट ECOCERT नेशनल प्रोग्राम फॉर ऑर्गेनिक प्रोडक्शन (एनपीओपी) स्टैंडर्ड के अंतर्गत इकोसर्ट प्रमाणित है, क्योंकि यह 16 ऑर्गेनिक अवयवों से निर्मित है।
• उत्पाद में उपयोग की जाने वाली जड़ी-बूटियां वैज्ञानिक अनुसंधान की एक मजबूत विरासत द्वारा समर्थित हैं, जो उच्च स्तर की शुद्धता, सुरक्षा और शक्ति का दावा करती हैं।
• आंवला (भारतीय करौदा), जिसे प्रतिरक्षा निर्माण संबंधी गुणों के लिए जाना जाता है, न्यूट्रीलाइट च्यवनप्राश का प्राथमिक घटक है, जो 100% ऑर्गेनिक है, ऐसे ही उत्पाद में प्रयुक्त 15 अन्य ऑर्गेनिक तत्व, जैसे कि गोखरू, गिलोय, शतावरी और अन्य हैं, जो उत्पाद के प्राथमिक भागफल में जुड़े हैं।
• रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और शरीर को नई ऊर्जा प्रदान करने के अलावा न्यूट्रीलाइट च्यवनप्राश श्वसन प्रणाली के सामान्य संक्रमणों और एलर्जी को कम करता है, पाचन, हृदय स्वास्थ्य और स्मृति को बढ़ाता है और इस प्रकार मानवीय मस्तिष्क और शरीर के समग्र स्वास्थ्य में योगदान देता है।

वर्तमान में यह उत्पाद प्रति 500 ग्राम पैक के लिए 499 रुपए की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया गया है। इस उत्पाद को पूरे भारत में एमवे डायरेक्ट सेलर्स द्वारा विशेष रूप से बेचा जाएगा। और अधिक जानने के लिए कंपनी की वेबसाइट http://www.amway.in पर विजिट करें।

कोरोना के प्रति जागरूकता को पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम

बिजनौर। कोरोना महामारी को लेकर जनता को जागरूक करने के लिए पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम का सहारा लिया जाएगा। इससे जागरूकता संदेश सुनाई जाएंगे। जिले में चौराहों, सार्वजानिक स्थानों, पुलिस चौकी और थानों पर 75 सिस्टम लगाए गए हैं। इसकी शुरुआत बिजनौर शहर की सिविल लाइन पुलिस चौकी से की गई। गुरुवार को सीओ सिटी कुलदीप गुप्ता ने इस अभियान का शुभारंभ पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम से ऑडियो क्लिप सुना कर किया। ऑडियो क्लिप में शासन की ओर से दिए गए बचाव के तरीकों और अन्य सावधानियों के बारे में बताया गया।

विदित हो कि कोरोना ने दूसरे चरण में और भयावह रूप ले लिया है। पुलिस जनता की सतर्कता और जागरूकता के लिए अभियान चलाती रही है। इस बार पुलिस ने जागरूकता के लिए पीए सिस्टम का इस्तेमाल किया है। जनपद में चौराहों, सार्वजानिक स्थानों, पुलिस चौकी और थानों पर लाउडस्पीकर के रूप में पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाया गया है। आसपास के लोगों या इन स्थानों पर जमा भीड़ को आसानी से इस सिस्टम के माध्यम से संदेश सुनाया जाएगा। इसके माध्यम से ऑडियो क्लिप सुनाई जाएगी। मुख्य तौर पर शासन की ओर से प्रसारित संदेशों को सुनाया जाएगा।

सीओ सिटी कुलदीप गुप्ता ने सिविल लाइन चौकी पर गुरुवार को कहा कि इससे लोगों में जागरूकता पैदा होगी। साथ ही शासन और कोरोना से संबंधित कोई भी संदेश जनता तक पहुंचाना आसान हो जाएगा। इस अवसर पर आरआई रेडियो देवेंद्र कुमार शर्मा, आरएमओ संजय प्रकाश मौजूद रहे।

पूर्व छात्र आशु गोयल ने विद्यालय में बांटे मास्क

बिजनौर। सरस्वती शिशु मंदिर व सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज चांदपुर में शहर के समाजसेवी व विद्यालय के पूर्व छात्र आशु गोयल ने आचार्य एवं छात्रों को मास्क वितरित किये। इसी के साथ श्री आशु ने कोविड-19 के नियमों का पालन करने को कहा।

प्रधानाचार्य सतेन्द्र सिंह व कौशल आर्य ने पूर्व छात्र आशु गोयल का आभार प्रकट किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना मां सरस्वती जी से की।

मंडलायुक्त ने जिला अस्पताल के निरीक्षण में दिए निर्देश

मण्डल आयुक्त मुरादाबाद आन्जनेय कुमार ने किया जिला अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण। अस्पताल में सफाई की व्यवस्था सुदृढ कराने और किसी भी स्थान पर गंदगी जमा न होने देने के निर्देश।

बिजनौर। मण्डल आयुक्त आन्जनेय कुमार द्वारा जिला अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण किया गया। उन्होंने एल-02 अस्पताल में कोविड संक्रमित मरीजों के लिए वेन्टिलेटर, ऑक्सीजन सहित सभी आवश्यक उपकरण एवं व्यवस्थाएं अद्यतन रखने तथा किसी भी अवस्था में बजुर्ग अथवा बच्चे को अस्पताल में मरीज के पास आने की अनुमति न दिए जाने के निर्देश दिए।

मण्डल आयुक्त आन्जनेय कुमार ने गुरुवार को जिला अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए गए कि अस्पताल में सफाई की व्यवस्था सुदृढ कराएं और किसी भी स्थान पर गंदगी जमा न होने दें। उन्होंने कोविड वायरस संक्रमित व्यक्तियों के इलाज के लिए स्थापित एल-02 वार्ड का निरीक्षण करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि एमरजेंसी की हालत में मरीजों की स्थिति से अवगत रहने के लिए वार्ड के मुख्य द्वार पर इन्टरकॉम की व्यवस्था की करें और किसी भी बाहरी व्यक्ति को अन्दर न आने दें।

उन्होंने इस अवसर पर आईसोलेशन वार्ड का निरीक्षण करते हुए निर्देशित किया कि वेन्टिलेटर, ऑक्सीजन सहित सभी आवश्यक उपकरण एवं व्यवस्थाएं अद्यतन रखें ताकि किसी भी अपातकालीन स्थिति में उनका तत्काल प्रयोग किया जा सके।निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि जनरल वार्ड में तीमारदारों की भीड़ पर नियंत्रण स्थापित करें और किसी भी अवस्था में बजुर्ग अथवा बच्चे को अस्पताल में मरीज के पास आने की अनुमति न दी जाए। उन्होंने मेडिकल स्टाफ एवं मरीजों को शत प्रतिशत रूप से मास्क का प्रयोग करने तथा ओपीडी में उपचार के लिए आने वाले मरीजों के लिए मास्क की अनिवार्यता के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी को इंगित किया। उन्होंने कोविड-19 संक्रमण के बचने के दृष्टिगत सभी स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शत प्रतिशत रूप से कोविड सुरक्षा से संबंधित नियमों एवं निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  इस अवसर पर जिलाधिकारी रमाकान्त पाण्डेय, मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, अपर जिलाधिकारी वि/रा अवधेश कुमार मिश्रा़, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. विजय कुमार यादव, जिला अर्थ एवं संख्यााधिकारी डा. हिरेन्द्र सहित सभी अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

हम नहीं सुधरेंगे: लोगों में कोरोना का डर नहीं, मास्क लगाना तौहीन

लोगों में कोरोना का डर नहीं, मास्क लगाना समझते हैं तौहीन
आने वाले दिनों में और सख्त रवैया अपनाएगी पुलिस
बिजनौर। कोरोना की दूसरी लहर ने कहर बरपाना शुरु कर दिया है। लगातार लोगों को कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। शासन द्वारा मास्क व शारीरिक दूरी के पालन को लेकर सख्त आदेश दिए गए हैं। इसके बावजूद लोगों पर इसका असर नजर नहीं आ रहा।
पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह द्वारा भी जिले भर में इस संबंध में अभियान चलाने के आदेश अधीनस्थ स्टाफ को दिए गए हैं। इसके बावजूद लोग बिना मास्क लगाए बेखौफ होकर घूम फिर रहे हैं। बाजार, सार्वजनिक स्थलों आदि सभी स्थानों पर भारी भीड़ देखी जा सकती है। लोगों को न तो शारीरिक दूरी का पालन करने की चिंता है और न ही मास्क पहनकर अपनी जान बचाने की कवायद करने की ललक। गौरतलब है कि बुधवार को पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले भर में पुलिस द्वारा मास्क को लेकर चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे। वहीं लोगों पर इसका असर नहीं दिखाई दिया। गुरुवार को बाजारों में लोग बिना मास्क लगाए घूमते हुए दिखाई दिए। इससे साफ समझा जा सकता है कि कोरोना को लेकर लोग फिक्रमंद नहीं हैं। भारी भीड़ देख कर दो गज दूरी का सिद्धांत भी हवा हो चुका है।
इस बीच चांदपुर पुलिस ने गुरुवार को चेकिग अभियान चलाकर 50 लोगों का चालान किया। प्रभारी निरीक्षक पंकज तोमर ने बताया कि आगे भी अभियान जारी रहेगा। लोगों को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। इससे पहले बुधवार को मंडावर पुलिस ने थाना प्रभारी मनोज कुमार के नेतृत्व में हरिहर पुलिस चौकी के सामने कोरोना वायरस को नजरअंदाज कर बाइक से घूम रहे लापरवाह लोगों के चालान काटे। थाना प्रभारी मंडावर मनोज कुमार ने बताया कि कोरोना वायरस दोबारा से अपनी आमद करा चुका है, लेकिन लोग लापरवाही रहे हैं, जिस कारण लापरवाही बरतने वालों के चालान काटे जा रहे हैं।

एसडीएम सीओ से बोले विधायक, चाइनीज मांझे की बिक्री रोकें

विधायक ने भी लिया चायनीज मांझे का संज्ञान!
एसडीएम व सीओ से चाइनीज मांझे की बिक्री पर सख्त कार्यवाही के लिए कहा
बिजनौर। चायनीज मांझे से क्षेत्र में पहले भी कई लोग चोटिल हो चुके हैं परंतु बाइक पर सवार होकर जाने के दौरान चायनीज मांझे की चपेट में आकर अलीपुरा निवासी मोहम्मद नाजिम के गंभीर रूप से घायल होने को नजीबाबाद विधायक हाजी तसलीम अहमद ने भी गंभीरता से लिया। उन्होंने एसडीएम व सीओ से बात कर घटना के प्रति रोष व्यक्त करते हुए प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की नगर क्षेत्र में हो रही अवैध बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाए जाने को कहा है।
मंगलवार की शाम विधायक नजीबाबाद ने उपजिलाधिकारी परमानंद झा और पुलिस क्षेत्राधिकारी गजेन्द्र पाल सिंह से वार्ता कर सघन चैकिंग अभियान चलाकर प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बेचने वालों की धरपकड़ कर उचित कार्रवाई करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि चाइनीज मांझे से होने वाली यह घटना पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी कई गंभीर घटना इस मांझे की चपेट में आने वालों के साथ हो चुकी हैं। इसी कारण इस मांझे पर पूरे देश में प्रतिबंध लगाया जा चुका है। इसके बावजूद चोरी छिपे चायनीज मांझे की अवैध रूप से बिक्री की जा रही है, जो कि नहीं होनी चाहिए। भविष्य में चायनीज मांझे से होने वाली अप्रिय घटनाओं पर रोक लगाए जाने के लिए  इसकी बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की आवश्यकता है। विधायक हाजी तसलीम अहमद ने कहा कि एसडीएम परमानंद झा व सीओ गजेन्द्र पाल सिंह ने नजीबाबाद उन्हें आश्वासन दिया है कि वह जल्द ही नगर में चैकिंग अभियान चलाकर चायनीज मांझे की अवैध रूप से बिक्री करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे और चायनीज मांझे की बिक्री पूरी तरह रोकने का काम किया जाएगा।

चाइनीज मांझे से युवक की गर्दन कटी, हालत गंभीर

चाइनीज मांझे से युवक की गर्दन कटी, गंभीर
-बाइक पर जाने के दौरान ओवरब्रिज पर आया चपेट में
-गंभीर घायल को उपचार के लिए निजी अस्पताल में कराया भर्ती

बिजनौर। नजीबाबाद में बाइक पर सवार होकर एक ओवरब्रिज के ऊपर से गुजर रहा मिस्त्री का कार्य करने वाला एक युवक चाइनीज मांझे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। चायनीज मांझे से उसकी गर्दन काफी गहराई तक कट गयी। गंभीर घायल अवस्था में उसे उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। काफी खून बह जाने की वजह से चिकित्सक ने 48 घंटों तक विशेष रूप से अपनी देखरेख में रखने की बात कही।
तहसील के ग्राम अलीपुरा निवासी मोहम्मद नाजिम बाइक पर सवार होकर मेरठ-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग-119 पर तहसील के समीप बने ओवरब्रिज से होकर अपने घर जा रहा था। इस दौरान वह चाइनीज मांझे की चपेट में आ गया। मांझे ने उसकी गर्दन को काफी गहराई तक काट दिया। गहरा घाव हो जाने की वजह से वह लहूलुहान हो गया। रास्ते से गुजर रहे राहगीरों की ओर से घायल युवक को निजी अस्पताल में भर्ती करा दिए जाने पर चिकित्सक ने उसका आनन-फानन में आपरेशन किया। आपरेशन में उसकी गर्दन पर कई टांके लगाए गए हैं। समय रहते उपचार मिल जाने से उसकी जान बच गई है। घटना की खबर सुनते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए। घायल युवक के भाई जमशेद ने बताया कि नाजिम डीजल मैकेनिक का काम करता है तथा वह दो बच्चियां का पिता है। चिकित्सक के मुताबिक काफी खून बह जाने की वजह से युवक नाजिम की हालत नाजुक बनी हुई है। चिकित्सक ने उसे 48 घंटों तक विशेष देखभाल में रखने की बात कही। उधर डीजल इंजन मैकेनिक युवक के चाइनीज मांझे की चपेट में आकर दुर्घटनाग्रस्त होने को लेकर लोगों का कहना है कि शासन-प्रशासन की ओर से रोक लगाए जाने के बावजूद नगर में चाइनीज मांझे की बिक्री पर पूर्ण रुप से प्रतिबंध लगने को तैयार नहीं है। जिसकी वजह से इस प्रकार की दुर्घटनाएं होती रहती है। इसके अलावा चायनीज मांझे की चपेट में आकर काफी संख्या में पक्षी भी अपनी जान गंवाते रहते हैं। नागरिकों ने चायनीज मांझे का अवैध कारोबार करने वालों पर शिकंजा कसे जाने की मांग की है।

30 अप्रैल तक नर्सिंग, मैटरनिटी होम, क्लीनिक, निजी चिकित्सक, पैथालाजी का रिन्यूवल जरूरी

30 अप्रैल तक रिन्यूवल नहीं तो लग जाएगा गैरकानूनी का ठप्पा!
नर्सिंग होम, मैटरनिटी होम, क्लीनिक, निजी चिकित्सक, पैथालाजी सभी दायरे में

बिजनौर। जनपद में पंजीकृत सभी निजी चिकित्सालयों, लैब-क्लीनिक आदि को सचेत हो जाने की आवश्यकता है। उन्हें वर्ष 2021-22 के लिए लाइसेंस नवीनीकरण को ३० अपै्रल २०२१ से पूर्व ऑनलाइन आवेदन करना होगा। उक्त तिथि के बाद नवीनीकरण संभव नहीं होगा तथा हाईकोर्ट व शासन के निर्देशानुसार अनाधिकृत मानते हुए उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। सीएमओ ने   इस संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं।
सीएमओ डा. विजय कुमार यादव ने इस संबंध में 27 मार्च 2021 को दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि सीएमओ कार्यालय में पंजीकृत जनपद बिजनौर में चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने वाले समस्त निजी चिकित्सालयों, नर्सिंग होम, मैटरनिटी होम, मेडिकल क्लीनिक, निजी चिकित्सक, निजी पैथालॉजी, डायग्नोस्टिक क्लीनिक अथवा फर्म सोसाइटी, ट्रस्ट, प्राईवेट लिमिटेड / पब्लिक लिमिटेड को उच्च न्यायालय व शासन के निर्देशों के अनुपालन में अपने चिकित्सा संस्थान के पंजीकरण का वर्ष 2021-22 के लिए नवीनीकरण कराना होगा। इसके लिए यूपी अंडरस्कोर हैल्थ डॉट इन पर ऑनलाइन आवेदन 30 अप्रैल 2021 के पूर्व कर दिया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि जो चिकित्सक/चिकित्सा संस्थान अपने पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं कराएंगे, उन्हें अनाधिकृत चिकित्सा सेवाएं प्रदान करते हुए मानते हुए उनके विरूद्ध न्यायालय/शासन द्वारा दिए गए निर्देशानुसार कार्यवाही की जाएगी। 30 अप्रैल 2021 के बाद सीएमओ कार्यालय द्वारा उनके चिकित्सा संस्थान का नवीनीकरण करना संभव नहीं होगा।

अदालत ने उतारा मनचले का “भूत”

लड़की का पीछा करता था ‘मनचला’, अब अदालत ने सुनाई है ऐसी सजा जिससे उतर जाएगा ‘भूत’

मुंबई। लाख जागरुकता फैलाने के बावजूद हमारे देश में हर दिन लड़कियों को परेशान किए जाने के मामले सामने आते हैं। घर से स्कूल, कॉलेज और जॉब के लिए निकली लड़कियां रास्ते में मनचले व मनबढ़ युवकों के द्वारा परेशान किए जाने की शिकायत भी करती है और सोशल मीडिया पर अपना दर्द भी साझा करती है।

महाराष्ट्र के ठाणे में 5 साल पहले भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था, मामले में देर से ही सही लेकिन एक उम्मीद जगाने वाले फैसला किया गया है। यहां ठाणे की एक विशेष अदालत ने एक लड़की का पीछा करने के जुर्म में 24 वर्षीय युवक को 22 महीने के सश्रम कारावास की सजा सुनायी है।

हाल ही में जारी आदेश में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आर आर वैष्णव ने दोषी सुनील कुमार दुखीलाल जायसवाल पर 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने सुनील को भारतीय दंड संहिता की धारा 354 डी यानि पीछा करना और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण कानून के तहत दोषी करार दिया। अतिरिक्त लोक अभियोजक उज्ज्वला मोहोलकर ने अदालत को बताया कि युवक लगातार एक लड़की का पीछा करता था। लड़की के पिता ने जून 2016 में शिकायत दर्ज करायी थी।

चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश को स्योहारा पुलिस की रात्रि गश्त


चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश को स्योहारा पुलिस की रात्रि गश्त
एसपी के निर्देश अपराधियों में रहे खौफ तो जनता में पुलिस के प्रति विश्वास का भाव
बिजनौर। रात्रि के समय चोरी की संभावित घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से थानाध्यक्ष स्योहारा की टीम सजग है। थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पूरी टीम रात भर क्षेत्र की गलियों में गश्त कर रही है।

पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह द्वारा अपराधियों के विरुद्ध अभियान चला कर धरपकड़ के निर्देश दिये गए हैं। फिलहाल के सर्द मौसम और इस कारण होने वाले कोहरे का लाभ उठा कर चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया जाता है। एसपी का जोर है कि यदि पुलिस गश्त अनवरत होती रहेगी तो चोरों और अपराधियों में पुलिस का खौफ बरकरार रहेगा। वहीं आम जनमानस में पुलिस के प्रति विश्वास कायम रहने के साथ ही और अधिक मजबूत होगा।

इसी क्रम में स्योहारा थानाध्यक्ष नरेंद्र कुमार गौड़ के नेतृत्व में विगत रात्रि ढ़ाई बजे से साढ़े चार बजे तक थाने के स्टाफ ने मोटरसाइकिल से गश्त किया। इस दौरान एसएसआई देवेंद्र सिंह, कस्बा इंचार्ज दिनेश कुमार, एसआई सलीम, एसआई ओंकार सिंह, एसआई नरेंद्र कुमार, एसआई हरेंद्र सिंह, एसआई अजीत सिंह व अन्य स्टाफ ने चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए मोटरसाइकिल से गश्त किया। पुलिस ने गांव और गली-गली जाकर लोगों को जागरूक किया। इससे पहले पुलिस ने फ्लैग मार्च भी किया।

खेत में गुलदार के दो शावक मिलने से दहशत का माहौल

खेत में गुलदार के दो शावक मिलने से दहशत का माहौल

बिजनौर। किरतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम चन्दापुरा के खेत में गुलदार के दो शावक (बच्चे) मिलने से क्षेत्र में दहशत फैल गई है। वन विभाग की टीम ने दोनों शावकों को कब्जे में ले लिया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार किरतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम चन्दापुरा निवासी किसान साबिर बुधवार को अपने खेत पर काम करने गया था। वहां उसे एक गड्ढे में गुलदार के दो बच्चे दिखाई दिये। शावकों को देखकर आसपास ही गुलदार के होने की आशंका से वह सहम गया। घबराया हुआ वह तुरंत गांव पहुंचा और इसकी जानकारी ग्रामीणों को दी। इस पर काफी ग्रामीण लाठी डंडे लेकर मौके पर एकत्र हो गए। साबिर ने मामले की सूचना वन विभाग व पुलिस को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम व पुलिस मौके पर पहुंची। वन विभाग की टीम ने दोनों शावकों को अपने कब्जे में लिया। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे मिलने से यह बात साबित हो गई है कि गुलदार मादा यहीं कहीं आसपास जंगलों में छुपी हुई है। अब ग्रामीणों को खेतों पर काम करते समय और अधिक चौकन्ना रहने की ज़रूरत है। घटना से चन्दापुरा और आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है। वहीं खेत में गुलदार के बच्चे मिलने का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

बरेली जेल से फरार रेप, मर्डर का आरोपी बिजनौर पुलिस ने पकड़ा


बिजनौर। बरेली सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा रेप व मर्डर केस का फरार आरोपी बिजनौर जिले के किरतपुर में पकड़ा गया है। उसके खिलाफ बरेली के थाना इज्जतनगर में रिपोर्ट दर्ज है। इस मामले में जेल प्रशासन चीफ वार्डर, हेड वार्डर और बंदी रक्षक को सस्पेंड कर चुका है। आईजी बरेली रेंज की ओर से कैदी की गिरफ्तारी पर घोषित ₹50 हजार का इनाम बिजनौर पुलिस को मिलेगा।

सूत्रों का कहना है कि बरेली जेल से फरार नरपाल अपने गांव जा रहा था। शक होने पर किरतपुर पुलिस व स्वाट टीम ने ग्राम रायपुर मौजमपुर तिराहे से गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी लेने पर उसके पास से 315 बोर का तमंचा व दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। बरेली पुलिस ने नरपाल के पकड़े जाने से राहत की सांस ली है। हालांकि आईजी बरेली रेंज इससे पहले कैदी की गिरफ्तारी पर पचास हजार का इनाम घोषित कर चुके थे, इसलिए यह राशि बिजनौर पुलिस को मिलेगी।

किरतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम रायपुर निवासी नरपाल उर्फ सोनू (36 वर्ष) पुत्र रमेश चंद्र को 376/302 रेप व मर्डर केस में वर्ष 2010 में आजीवन कारावास की सजा हुई। 28 अप्रैल, 2012 को उसे बिजनौर जिला जेल से बरेली सेंट्रल जेल भेजा गया था। वह जेल में नंबरदार था, लिहाजा उसे सभी बैरकों और परिसर में आने-जाने की छूट थी। रविवार रात दो बजे से सोमवार सुबह छह बजे के बीच किसी समय घने कोहरे में सरिया के सहारे वह दीवार फांदकर फरार हो गया। जेल प्रशासन को सोमवार सुबह छह बजे गिनती के दौरान उसके फरार होने की जानकारी मिली। इस पर जेल में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ जेल अधीक्षक आरएन पांडेय ने डिप्टी जेलर, सभी बंदी रक्षक और जेल की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को बुलाकर पूरे जेल में उसकी तलाश कराई। इसके बाद मामले की जानकारी एसएसपी रोहित सिंह सजवाण को दी। जिले में बैरियर लगाकर चेकिंग कराई गई। वाहनों की भी तलाशी ली गई लेकिन नरपाल का कोई पता नहीं चला। थाना इज्जतनगर में वरिष्ठ जेल अधीक्षक आरएन पांडेय की ओर नरपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

पुलिस के मुताबिक सेंट्रल जेल में इन दिनों निर्माण कार्य चल रहा है। परिसर में काफी निर्माण सामग्री पड़ी है, लेकिन जेल की 20 फुट ऊंची दीवार पर चढ़ना संभव नहीं था। नंबरदार होने के कारण नरपाल को हर जगह आने-जाने की छूट थी। इसी का फायदा उठाते हुए उसने सरिया में एक गोल फंदा और ऊपर अंकड़ी बनाकर दीवार में फंसा दी। इसी के सहारे कोहरे का फायदा उठाकर दीवार पर चढ़कर वह दूसरी ओर फांदकर भाग निकला। हालांकि इस कार्य में उसे समय भी लगा होगा लेकिन कोहरे के चलते उस पर किसी की नजर नहीं पड़ी।

पालिका सभासद सपा नेता की गोली मारकर हत्या

जौनपुर में नगर पालिका सभासद की गोली मारकर हत्या
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जौनपुर जिले के लाइन बाजार थाना क्षेत्र में सिटी स्टेशन के प्लेटफार्म पर सोमवार देर रात नगर पालिका के सभासद सपा नेता बाला यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

पुलिस के अनुसार लाइन बाजार थाना क्षेत्र के सैदनपुर गांव निवासी बाला लखंदर उर्फ बाला यादव (50 वर्ष) सोमवार देर रात सिटी स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक के पश्चिमी छोर पर खड़े थे। उसी समय अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के वक्त हिमगिरि एक्सप्रेस वहां से गुजर रही थी। ताबड़तोड़ पांच गोलियां मारने के बाद हमलावर आसानी से फरार होने में कामयाब हो गए। हत्या के बाद रेलवे स्टेशन इलाके में हड़कंप मच गया। रेलवे पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मौके पर पहुंची पुलिस ने गोलियों के कई खोखे बरामद किये हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार सपा नेता व सभासद बाला यादव हिस्ट्रीशीटर था। वह लाईन बाजार समेत कई थाना क्षेत्रों में प्लाटिंग का भी काम करता था। इसकी वजह से उनकी कई लोगों से दुश्मनी थी। सूचना मिलते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उधर समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेताओं ने हत्या की घटना को पुलिस-प्रशासन की लापरवाही बताया है।


हत्या की वजह स्पष्ट नहीं-
सीओ जीआरपी वाराणसी जोन अखिलेश राय ने बताया कि गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उस समय गोलियों से छलनी बाला यादव की सांसें चल रही थीं। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सभासद बाला यादव की हत्या क्यों और किन वजहों से की गई, इसकी तफ्तीश की जा रही है।

Mosad! हम ना भूलते हैं, और ना ही माफ करते हैं…

इजराइली दूतावास के बाहर धमाके के बाद लोग जानना चाहते होंगे, आखिर क्या है मोसाद!

दिल्ली में इजराइली दूतावास के बाहर शुक्रवार शाम बम विस्फोट हुआ तो जांच भी शुरू हो गई। दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम और खुफिया एजेंसियां मामले की जांच में जुट गईं। कड़ी से कड़ी जोड़ी जा रही है। भारतीय एजेंसियों के साथ इजराइली जांच एजेंसी “मोसाद” भी शामिल हो गई। लोग जानना भी  चाहते होंगे mosad है और इस खुफिया एजेंसी के कारनामे!

कब हुई मोसाद की स्थापना-
13 दिसंबर, 1949 को इस्राइल के तत्कालीन प्रधानमंत्री डेविड बेन-गूरियन की सलाह पर मोसाद की स्थापना की गई थी। वे चाहते थे कि एक केंद्रीय इकाई बनाई जाए जो मौजूदा सुरक्षा सेवाओं- सेना के खुफिया विभाग, आंतरिक सुरक्षा सेवा और विदेश के राजनीति विभाग के साथ समन्वय और सहयोग को बढ़ाने का कार्य करे। 1951 में इसे प्रधानमंत्री के कार्यालय का हिस्सा बनाया गया इसके प्रति प्रधानमंत्री की जवाबदेही तय की गई।

मोसाद के बड़े ऑपरेशन-

20 साल लगे, लेकिन चुन-चुन कर मारा-
1972 में म्यूनिख ओलंपिक के दौरान इजरायल टीम के 11 खिलाड़ियों को उनके होटल में मार दिया गया। इसके बाद मोसाद ने संदिग्धों की हिट लिस्ट बनाई। फिल्मी स्टाइल में उड़ती हुई कारें, फोन बम, नकली पासपोर्ट, जहर की सुई सभी का इस्तेमाल किया। कई देशों का प्रोटोकॉल तोड़ कर अपराधियों को चुन-चुन कर मारा। 20 साल चले इस ऑपरेशन में एजेंसी टारगेट के परिवार को एक बुके भेजती थी। उस पर लिखा होता था- ‘ये याद दिलाने के लिए कि हम ना तो भूलते हैं, ना ही माफ करते हैं।’


21 साल बाद महमूद अल मबूह की हत्या-
मोसाद ने अल मबूह से 21 साल पुराना बदला लेते हुए उसकी 19 जनवरी 2010 को दुबई के होटल अल बुस्तान रोताना में हत्या कर दी थी। मबूह हमास के लिए हथियार की खरीद-बिक्री किया करता था। एजेंसी ने उसके पैरों में सक्सिनीकोलीन का इंजेक्शन दिया था, जिससे वह पैरालाइज्ड (लकवा) हो गया। इसके बाद उसके मुंह पर तकिया रखकर उसकी हत्या कर दी गई। अल मबूह फिलिस्तीनी ग्रुप हमास के मिलिट्री विंग का संस्थापक था। उस पर 1989 में दो इजराइली सैनिकों को मारने का आरोप था।


यासिर अराफात के सहयोगी को मारीं 70 गोलियां-
मोसाद की हिट लिस्ट में शामिल फिलिस्तीन के नेता यासिर अराफात का दाहिना हाथ माने जाने वाला खलील अल वजीर उर्फ अबू जिहाद ट्यूनीशिया में रह रहा था। उसके खात्मे के लिए 30 एजेंट काम पर लगे। वे पर्यटक बनकर ट्यूनीशिया पहुंचे। कुछ ट्यूनिशिया सेना की वर्दी में भी थे। इस दौरान शहर के ऊपर मंडराते इजरायल के जहाज बोइंग 707 ने वहां के संचार माध्यमों को ब्लॉक कर दिया। फिर एजेंटों ने अबू के घर में दाखिल होकर पहले नौकरों को मारा, फिर परिवार के सामने अबू को 70 गोलियां मार कर मौत के घाट उतार दिया।

चुरा लिया रूस का मिग-21 लड़ाकू विमान-
60 के दशक में सबसे उन्नत और तेज रूस के मिग-21 लड़ाकू विमान को पाने में अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA असफल रही। जिम्मेदारी मिलने पर पहली और दूसरी कोशिश नाकाम होने के बाद भी mosad ने हार नहीं मानी। आखिरकार 1964 में उसे सफलता मिली। महिला एजेंट ने एक इराकी पायलट को इस विमान के साथ इजरायल लाने के लिए मना लिया था।

महिला एजेंट की मदद से दबोचा मौर्डेखाई वनुनु
इजराइल के गुप्त परमाणु कार्यक्रम के बारे में दुनिया को बताने वाले शख्स का नाम था मौर्डेखाई वनुनु। इसके लिए गुप्त अभियान के तहत एक महिला जासूस को उसे प्रेम जाल में फंसाने के लिए भेजा गया। वह उसे लंदन से यॉट में बैठा कर इटली के समंदर में ले आई। वहां से मोसाद के एजेंटों ने वनुनु को अगवा कर लिया। फिर इजराइल में मुकदमा चला कर सजा दी गई।

ऑपरेशन थंडरबोल्ट-
27 जून 1976 को रात के 11 बजे एयर फ्रांस की एयरबस ए300 वी4-203 ने इजरायली शहर तेल अवीव से ग्रीस की राजधानी एथेंस के लिए उड़ान भरी। विमान में 246 यात्री और 12 क्रू मेंबर सवार थे। इसमें सवार ज्यादातर यात्री यहूदी और इजरायली नागरिक थे। अरब के आतंकी विमान को कब्जे में ले कर पेरिस की बजाय लीबिया के शहर बेंगहाजी ले गए और विमान में ईंधन भरा। इसके बाद वे विमान को लेकर युगांडा के एंतेबे हवाई अड्डे पहुंचे। तब मोसाद ने दुनिया को अपनी ताकत दिखाते हुए 94 नागरिकों को सुरक्षित वापस निकाल लिया। इस ऑपरेशन में वर्तमान में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भाई जोनाथन नेतन्याहू भी शामिल थे, हालांकि ऑपरेशन के दौरान गोली लगने से उनकी मौत हो गई थी।

हिटलर के खास आइकमैन को फांसी-जर्मनी के तानाशाह एडोल्फ हिटलर ने बड़ी तादाद में यहूदियों की हत्या की थी। इसके लिए हिटलर को जरूरी सामान एडोल्फ आइकमैन ने उपलब्ध करवाया था। मोसाद ने 1960 में अर्जेंटीना से आइकमैन का अपहरण किया और उसे लेकर इजराइल ले गए। 11 अप्रैल 1961 को उस पर 60 लाख यहूदियों की मौत की साजिश में शामिल होने को लेकर मुकदमा चलाया गया। आठ महीनों तक चले मुकदमे के बाद उसे दिसंबर 1961 में मौत की सजा सुनाई गई। मई 1962 में उसे फांसी पर लटका दिया गया और उसकी अस्थियों को समुद्र में फेंक दिया गया।

मोसाद भी करेगी इस्रायली दूतावास के बाहर धमाके की जांच

इस्रायली दूतावास के बाहर धमाके की जांच में शामिल होगी मोसाद

दिल्ली। लुटियंस इलाके में औरंगजेब रोड पर इस्रायली दूतावास के बाहर शुक्रवार शाम बम विस्फोट की जांच विश्व की सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसी मोसाद भी करेगी। दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम और खुफिया एजेंसियां मामले की जांच मे जुटी हुई हैं। सूत्रों के अनुसार भारतीय एजेंसियों के साथ इस्रायली जांच एजेंसी मोसाद भी जांच में सहयोग कर रहा है। इस्रायली अधिकारियों ने हमले के पीछे आतंकी हमले का अंदेशा जताया है। वहीं सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है।

दिल्ली में इजराइली दूतावास के पास IED ब्लास्ट

दिल्ली में इजराइली दूतावास के पास IED ब्लास्ट। कई कारों के शीशे टूटे। धमाके के समय चल रही थी बीटिंग द रिट्रीट। पूरा इलाका छावनी में तब्दील।

नई दिल्‍ली। इजरायली दूतावास के पास अब्दुल कलाम मार्ग पर एक कोठी में शुक्रवार की शाम विस्फोट हुआ। सीसीटीवी फुटेज की प्रारंभिक विवेचना से पता चला है कि एक कार चालक ने पैकेट में रखकर बम को फेंका था। कार के नंबर के आधार पर उसके मालिक का पता लगाया जा रहा है। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। जिस समय दूतावास के पास धमाका हुआ उस समय बीटिंग द रिट्रीट चल रही थी।

पुलिस का कहना है कि कम तीव्रता के विस्‍फोट के चलते कुछ कारों के शीशे टूट गए हैं। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। धमाके के बारे में किए गए फोन कॉल में इजराइल का जिक्र नहीं था। धमाका दूतावास के पास ही 6 नंबर बंगले में हुआ। सूचना पर दमकल की तीन गाड़ियां पहुंच गई। दिल्ली पुलिस का मानना है ये लो इंटेंसिटी का ब्लास्ट है। पुलिस इसे शरारती तत्वों की करतूत बता रही है। धमाके को लेकर दिल्ली पुलिस जांच में जुट गई है।

हवाई अड्डों, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और सरकारी भवनों पर अलर्ट जारी- केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने कहा है कि दिल्ली में विस्फोट की आशंका के मद्देनजर सभी हवाई अड्डों, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और सरकारी भवनों पर अलर्ट जारी किया गया है। जिस समय दूतावास के पास धमाका हुआ उस समय बीटिंग द रिट्रीट चल रही थी। इस आयोजन में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षामंत्री, लोकसभा अध्यक्ष और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद थे। दिल्ली पुलिस का कहना है कि घटनास्थल के आसपास और कोई बम नहीं मिला है।

इससे पहले 13 फरवरी 2012 को भी दिल्ली में इजराइली दूतावास की कार पर बम हमला किया गया था। उस हमले में इजरायली राजनयिक ताल येहोशुआ और चालक सहित चार लोग घायल हो गए थे। मामले की जांच के बाद दिल्‍ली पुलिस की स्‍पेशल सेल ने उस मामले में एक व्‍यक्ति को गिरफ्तार किया था।

कोहरा: ट्रक व बाइक की भिड़ंत में बड़े भाई की मौत छोटा घायल

जलीलपुर मार्ग स्थित माहू गेट के सामने घने कोहरे के चलते ट्रक व बाइक की हुई भिड़ंत। दिल्ली से आए बड़े भाई की मौत, लेने पहुंच छोटा भाई घायल।

बिजनौर/चान्दपुर। जलीलपुर मार्ग स्थित माहू गेट के सामने घने कोहरे के चलते रात में हुई ट्रक व बाइक की टक्कर में बाइक सवार बड़े भाई की मौत हो गई जबकि छोटा गंभीर रूप से घायल हो गया। युवक की मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया।
हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के ग्राम माहू निवासी मुस्तकीम का पुत्र आसिफ दिल्ली में काम करता था। बुधवार को वह दिल्ली से अपने घर वापस लौट रहा था। रात्रि में चांदपुर पहुंचने के कारण कोई सवारी न मिलने पर उसने अपने भाई को फोन कर चांदपुर बुलाया। छोटा भाई आरिफ रात में ही बाइक से आसिफ को लेने चांदपुर से लेने पहुंच गया। रात्रि लगभग ढ़ाई बजे दोनों भाई बाइक पर सवार होकर गांव जाने के लिए निकले। जलीलपुर मार्ग स्थित माहू गेट के सामने दूसरी ओर से आ रहा गन्ने से लदा ट्रक घने कोहरे के चलते दिखाई नहीं दिया। इस कारण दोनों वाहनों की जोरदार भिड़ंत होने से बाइक सवार दोनों युवक सड़क पर गिर गए। चालक ट्रक को छोड़कर मोके से फरार हो गया। छोटे भाई आरिफ ने फोन से घटना की जानकारी परिजनों को दी। रात में ही दोनों को इलाज के लिए सीएचसी स्याऊ ले जाया गया, जहां पर चिकित्सक ने आसिफ को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल आरिफ को इलाज के लिए जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। आसिफ की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिजनौर भेज दिया। मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस ने मौके पर खड़े ट्रक को कब्जे में ले लिया है।

पुलिस साइंस एवं फोरेंसिक विश्वविद्यालय के लिए ₹213 करोड़ आवंटित

लखनऊ: 35.16 एकड़ में बनेगा पुलिस साइंस एवं फोरेंसिक विश्वविद्यालय

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस साइंस एवं फोरेंसिक विश्वविद्यालय खुलने जा रहा है। इसके लिए शासन की ओर से 213 करोड़ रुपए आवंटित कर दिए गए हैं। राजधानी के सरोजनी नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पिपरसंड गांव में विश्वविद्यालय के लिए 35.16 एकड़ भूमि चिह्नित की जा चुकी है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय की स्थापना में तकनीकी सहयोग के लिए गुजरात के गांधीनगर स्थित फोरेंसिक यूनिवर्सिटी के अलावा डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय लखनऊ से एमओयू भी प्रस्तावित किया गया है।

विश्वविद्यालय के 10 विभागों के लिए प्रस्तावित किए 496 पद-
अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने विश्वविद्यालय से जुड़ी जानकारी देते हुए बताया कि भौतिकी, प्रलेख, आग्नेयास्त्र, रसायन, विष, जीव विज्ञान, डीएनए, साइबर क्राइम, व्यवहार एवं विधि विभाग मिलाकर कुल 10 विभाग वाले इस विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के 14, एसोसिएट प्रोफेसर के 14 व असिस्टेंट प्रोफेसर के 42 पदों सहित कुल 496 पद प्रस्तावित किए गए हैं। प्रशिक्षित जनशक्ति को तैयार करने के लिए प्रदेश में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना किए जाने का निर्णय लिया गया है, जिसके तहत लखनऊ में यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फारेंसिक सांइस की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इससे प्राप्त होने वाली जनशक्ति की बदौलत अपराधियों को वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अधिकाधिक सजा दिलाने में एक बड़े स्तर तक सफलता मिल सकेगी।

विदेशी छात्र भी विश्वविद्यालय में ले सकेंगे दाखिला-
अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी के अनुसार साइबर अपराध से निपटने के लिए प्रदेश में फोरेंसिक लैब तथा साइबर थाने की स्थापना की जा रही है। साइबर अपराधों की विवेचना एवं अभियोजन के लिए अपने पुलिस तंत्र एवं अभियोजकों को साइबर अपराध के क्षेत्र में दक्ष बनाया जाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से फोरेंसिक साइंस विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में यूपी के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों के छात्र तो पढ़ ही सकेंगे। इसके साथ ही पड़ोसी देशों जैसे नेपाल, भूटान, मालद्वीव व श्रीलंका आदि के छात्र भी विश्वविद्यालय में दाखिला लेकर यहां की शिक्षा का लाभ उठा सकेंगे।

कार्यस्थल के निकट पुलिसकर्मियों को आवासीय सुविधाएं-
अवस्थी ने बताया कि कार्यस्थल के निकट पुलिसकर्मियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे प्रयास तेजी से हो रहे हैं। पुलिस विभाग के लिए बेहतर आवासीय और अनावासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन द्वारा अभियान चलाकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल की यदि बात करें तो इसमें पुलिस विभाग के लिए 243 आवासीय एवं अनावासीय निर्माण कार्य पूरा कर उन्हें संबंधित इकाई को हस्तगत किया जा चुका है, जिस पर 1101 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की गई है।

अज्ञात वाहन की टक्कर से युवक की मौत, साथी घायल

बिजनौर। बेनीपुर-हरेवली मार्ग पर अज्ञात वाहन की टक्कर से बढ़ापुर के गांव कुंजैटा निवासी एक 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना में उसका साथी युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। घटना की सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

जानकारी के अनुसार बढ़ापुर के गांव कुंजैटा निवासी ललित कुमार (22 वर्ष) अपने मित्र के साथ बाइक संख्या UP20 BQ 1593 से कहीं जा रहा था। बेनीपुर-हरेवली मार्ग पर किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आकर ललित की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों की सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक आशुतोष कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। वहीं घायल को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। दोनों के परिजनों को घटना की सूचना दी गई। सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी है।

कपड़े के ऊपर से अंगों को छूना यौन अपराध नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फैसले पर रोक

कपड़े के ऊपर से अंगों को छूना यौन अपराध नहीं, सुप्रीम कोर्ट की बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर रोक
नई दिल्ली। बॉम्बे हाईकोर्ट के स्किन टू स्किन (Skin to Skin Contact) फैसले पर देश की शीर्ष अदालत ने बुधवार को रोक लगा दी है। साथ ही हाईकोर्ट से विस्तृत जानकारी मांगी है। विदित हो कि हाईकोर्ट ने एक नाबालिग लड़की के वक्षस्थल (ब्रेस्ट) को बिना स्किन टू स्किन टच के छूने के अपराध को पॉक्सो ऐक्ट के दायरे से बाहर बताया था। यूथ बार एसोसिएशन में बॉम्बे हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाई कोर्ट के इस फैसले पर विवाद छिड़ गया था।
आरोपी को बरी करने के आधार को बताते हुए कहा गया था कि आरोपी का बच्चे के साथ सीधा शारीरिक संपर्क नहीं हुआ है। इस पर अटॉर्नी जनरल ने सवाल उठाते हुए इसे खतरनाक बताया था, जिसके बाद उच्चतम न्यायलय ने इस पर रोक लगाते हुए आरोपी को बरी करने पर भी रोक लगा दी है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने 12 वर्ष की एक नाबालिग के साथ हुए इस अपराध के मुकदमे की सुनवाई में कहा था कि बच्ची को निर्वस्त्र किए बिना, उसके वक्षस्थल (ब्रेस्ट) को छूना यौन हमला (Sexual Assault) नहीं कहा जा सकता।

इससे पहले बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा था कि किसी नाबालिग को निर्वस्त्र किए बिना, उसके स्तन को छूना, यौन उत्पीड़न नहीं कहा जा सकता। इस तरह का कृत्य पोक्सो अधिनियम के तहत यौन हमले के रूप में परिभाषित नहीं किया जा सकता। बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ की न्यायमूर्ति पुष्पा गनेडीवाला ने 19 जनवरी को पारित एक आदेश में कहा कि यौन हमले का कृत्य माने जाने के लिए यौन मंशा से स्किन से स्किन का संपर्क होना जरूरी है। उन्होंने अपने फैसले में कहा कि महज छूना भर यौन हमले की परिभाषा में नहीं आता है। न्यायमूर्ति गनेडीवाला ने एक सत्र अदालत के फैसले में संशोधन किया, जिसने 12 वर्षीय लड़की का यौन उत्पीड़न करने के लिए 39 वर्षीय व्यक्ति को तीन वर्ष कारावास की सजा सुनाई थी।


अभियोजन पक्ष और नाबालिग पीड़िता की अदालत में गवाही के मुताबिक, दिसंबर 2016 में आरोपी सतीश नागपुर में लड़की को खाने का कोई सामान देने के बहाने अपने घर ले गया। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में यह दर्ज किया कि अपने घर ले जाने पर सतीश ने उसके वक्ष को पकड़ा और उसे निर्वस्त्र करने की कोशिश की।
हाई कोर्ट ने कहा, चूंकि आरोपी ने लड़की को निर्वस्त्र किए बिना उसके सीने को छूने की कोशिश की, इसलिए इस अपराध को यौन हमला नहीं कहा जा सकता है और यह भादंसं की धारा 354 के तहत महिला के शील को भंग करने का अपराध है। धारा 354 के तहत जहां न्यूनतम सजा एक वर्ष की कैद है, वहीं पॉक्सो कानून के तहत यौन हमले की न्यूनतम सजा तीन वर्ष कारावास है।
सत्र अदालत ने पोक्सो कानून और भादंसं की धारा 354 के तहत उसे तीन वर्ष कैद की सजा सुनाई थी। दोनों सजाएं साथ-साथ चलनी थीं। बहरहाल, हाई कोर्ट ने उसे पॉक्सो कानून के तहत अपराध से बरी कर दिया और भादंसं की धारा 354 के तहत उसकी सजा बरकरार रखी। हाई कोर्ट ने कहा, अपराध के लिए (पोक्सो कानून के तहत) सजा की कठोर प्रकृति को ध्यान में रखते हुए अदालत का मानना है कि मजबूत साक्ष्य और गंभीर आरोप होना जरूरी हैं। कहा, किसी विशिष्ट ब्यौरे के अभाव में 12 वर्षीय बच्ची के स्तन को छूना और क्या उसका टॉप हटाया गया या आरोपी ने हाथ टॉप के अंदर डाला और उसके वक्ष को छुआ गया, यह सब यौन हमले की परिभाषा में नहीं आता है। न्यायमूर्ति गनेडीवाला ने अपने फैसले में कहा कि स्तन छूने का कृत्य शील भंग करने की मंशा से किसी महिला-लड़की के प्रति आपराधिक बल प्रयोग है।

पोक्सो कानून के तहत यौन हमले की परिभाषा है कि जब कोई यौन मंशा के साथ बच्ची-बच्चे के निजी अंगों, वक्ष को छूता है या बच्ची-बच्चे से अपना या किसी व्यक्ति के निजी अंग को छुआता है या यौन मंशा के साथ कोई अन्य कृत्य करता है जिसमें संभोग किए बगैर यौन मंशा से शारीरिक संपर्क शामिल हो, उसे यौन हमला कहा जाता है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यौन हमले की परिभाषा में ‘शारीरिक संपर्क प्रत्यक्ष होना चाहिए या सीधा शारीरिक संपर्क होना चाहिए।

वायु प्रदूषण करने वालों पर लगा ₹76 लाख का शुल्‍क

निरीक्षण दलों ने धूल और उससे होने वाले वायु प्रदूषण में कमी लाने के लिए नियमों का अनुपालन न करने वाली एजेंसियों पर लगभग 76 लाख रुपये का शुल्‍क लगाया। 27 स्थानों पर काम रोकने के आदेश दिए गए। दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 31 दिसंबर 2020 से 15 जनवरी 2021 के बीच निरीक्षण अभियान चलाया गया

नई दिल्ली। निर्माण व विध्वंस गतिविधियों से निकलने वाली धूल और उससे होने वाले वायु प्रदूषण में कमी लाने के लिए केंद्र सरकार सख्त हो गई है। इस उद्देश्य से दिल्ली-एनसीआर एवं आसपास के क्षेत्रों के लिए गठित वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड,  हरियाणा, राजस्थान व उत्तर प्रदेश के राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को विशेष टीमों का गठन करने का निर्देश दिया गया। इसी के साथ परियोजना से जुड़े परिसरों के साथ-साथ एनसीआर में निर्माण व विध्वंस (सीएंडडी) गतिविधियों से संबंधित सामग्री की ढुलाई का निरीक्षण करने का अभियान शुरू करने का भी निर्देश दिया। इसके अनुपालन में 1600 से भी अधिक सीएंडडी स्‍थलों पर लगभग 174 टीमों का गठन करके इन एजेंसियों द्वारा 31.12.2020 से 15.01.2021 तक निरीक्षण किया गया। इनमें से लगभग 119 स्‍थलों पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा निर्धारित विभिन्न सीएंडडी अपशिष्ट प्रबंधन नियमों/दिशा-निर्देशों और धूल शमन उपायों का अनुपालन न करते हुए पाया गया। इसमें दोषी पाई गई एजेंसियों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति प्रभार के रूप में लगभग 51 लाख रुपये का शुल्‍क लगाया गया। इसके अलावा 27 स्थानों पर काम रोकने के आदेश दिए गए। निरीक्षण दलों ने सीएंडडी गतिविधियों से संबंधित सामग्री की ढुलाई के संबंध में भी नियम अनुपालन की जांच की। सीएंडडी सामग्री की ढुलाई से संबंधित दिशा-निर्देशों का अनुपालन न करने वाले लगभग 563 वाहनों पर लगभग 25 लाख रुपये का पर्यावरण क्षतिपूर्ति प्रभार या शुल्क लगाया गया। सीएक्यूएम ने सीएंडडी क्षेत्र से उत्‍पन्‍न होने वाले धूल प्रदूषण में कमी लाने हेतु सीएंडडी अपशिष्ट प्रबंधन नियमों और संबंधित दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए राज्य प्रदूषण बोर्डों से कहा है कि वे इस तरह के पाक्षिक  अभियान को निरंतर जारी रखें। सीएंडडी क्षेत्र से होने वाले धूल प्रदूषण के कारण ही इस क्षेत्र में वायु की गुणवत्ता निरंतर बिगड़ती जा रही है। ***