शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन ने निकाली हर घर तिरंगा बाइक रैली

शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन ने निकाली हर घर तिरंगा बाइक रैली प्रदेश की सभी शराब दुकानों में तिरंगा फहरा कर मनाएंगे आजादी का महोत्सव।

लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस की 75 वीं वर्षगांठ अमृत महोत्सव 2022 के अवसर पर शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ, आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल, प्रमुख सचिव आबकारी व आबकारी आयुक्त सेंथिल सी पांडियन को इस आजादी के अमृत महोत्सव की हार्दिक बधाई दी।

इस अवसर पर एसोसिएशन ने केडी सिंह बाबू स्टेडियम से जीपीओ चौराहे तक बाइक रैली निकाली। इस दौरान लोगों से अपील की गई कि इस बार अमृत महोत्सव में हर घर तिरंगा फहराएं। बाइक रैली को संयुक्त आबकारी आयुक्त  धीरज सिंह, एसोसिएशन के अध्यक्ष सरदार एसपी सिंह ने फ्लैग देकर रवाना किया। एसोसिएशन के सह कोषाध्यक्ष संजय जायसवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरज जायसवाल ने बताया कि इसी तरह उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में एसोसिएशन के माध्यम से अभियान चलाया जाएगा। 

कोषाध्यक्ष शिव कुमार जायसवाल व मीडिया प्रभारी देवेश जायसवाल ने सभी शराब विक्रेताओं से अपील की है कि आजादी के अमृत महोत्सव में उत्तर प्रदेश की सभी शराब दुकानों में तिरंगा फहरा कर आजादी का महोत्सव मनाएं।  एसोसिएशन के पदाधिकारियों में अध्यक्ष सरदार एसपी सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरज जायसवाल, कोषाध्यक्ष शिवकुमार जायसवाल, सह कोषाध्यक्ष संजय जायसवाल, प्रचार मंत्री विजय जायसवाल, रमेश जायसवाल, राम शंकर मिश्रा, सुधीर जायसवाल, धर्मेंद्र सिंह व मीडिया प्रभारी देवेश जायसवाल के साथ तमाम शराब कारोबारी हर घर तिरंगा बाइक रैली का हिस्सा बने।

अब एक बोतल बीयर पीने पर नशा होगा दोगुना

लखनऊ (एजेंसी)। शौकीनों के लिए कंपनियों ने अब नई बीयर बाजार में उतार दी है। अब एक बोतल बीयर पीने पर दोगुना नशा होगा। यह प्रयोग बीयर पीने वाले उन लोगों को पसंद आ रहा है, जो शराब से कम पर बीयर से थोड़ा ज्यादा नशा चाहते हैं। दुकानदारों का कहना है कि इस नई बीयर के खरीदारों में नई उम्र के लोग ज्यादा हैं।

अब तक आठ डिग्री अल्कोहल वाली ही बीयर बाजार में उपलब्ध थी। आठ डिग्री वाली केन की कीमत बाजार में 110 रुपये से लेकर 130 रुपये तक है, जबकि बोतल 150 रुपये के आसपास है। एक केन के बाद दूसरा केन पीने के लिए पैसे दोगुने खर्च करने होते हैं। ऐसे में शौकीनों के लिए कंपनी ने बाजार में 15 डिग्री अल्कोहल वाली बीयर उतार दी है। इसकी कीमत एक बोतल के बराबर है। ऐसे में एक बोतल के बराबर खर्च करने वालों को नशा दोगुना हो रहा है।

फिलहाल दो ब्रांड में ऐसी बीयर उतारी गई है। आबकारी विभाग के अफसरों का कहना है कि इस डिग्री की बीयर लगभग 20 साल पहले बाजार में आती थी। लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया था। बाजार की मांग को देखते हुए अब लंबे समय बाद इतने अल्कोहल वाली बीयर उतारी गई है। आमतौर पर प्रयागराज में हर रोज 70 हजार बोतले बिकती हैं। अफसरों का कहना है कि नई 15 डिग्री वाली बीयर की 15 हजार बोतल हर रोज बिक रही है।

सरकारी ठेकों पर अब नहीं बिक सकेगी तस्करी की शराब

13 मई 2022 को दैनिक जनवाणी के पेज नंबर 02 पर प्रकाशित बिजनौर से सचिन वर्मा की रिपोर्ट… अब नहीं बिक सकेगी तस्करी की शराब

अब तस्करी की शराब सरकारी दुकानों पर नहीं बिक सकेगी। इसके साथ ही कोई भी दुकान स्वामी या सेल्समैन शराब की बिक्री में गड़बड़ नहीं कर सकेगा। इसके लिए आबकारी विभाग ने एक अच्छा कदम उठाया है। विभाग की ओर से शराब की दुकानों पर पोस मशीन उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस मशीन के माध्यम से विभाग के पास दुकानों पर होने वाले प्रत्येक दिन की बिक्री व स्टॉक का पूरा लेखा जोखा ऑनलाइन उपलब्ध होगा। इसके साथ ही बार कोर्ड स्कैन किए बिना अब एक भी बोतल नहीं बेची जा सकेगी।

पूर्व में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें खुलासा हुआ है कि शराब की दुकानों पर तस्करी की शराब भी बेची जाती रही है। इसके अलावा विभाग को चूना लगाने के लिए कुछ दुकान स्वामी व सेल्समैन तरह-तरह के हथकंडे अपनाने से भी पीछे नहीं हटते हैं। विभाग ने ऐसे लोगों पर अंकुश लगाने व पारदर्शिता बरतने के लिए पोस मशीन को सहारा बनाया है। आबकारी विभाग की ओर से जनपद के सभी शराब की दुकान स्वामियों को पोस मशीन देने का कदम उठाया है। इन पोस मशीनों के माध्यम से विभाग के पास सभी दुकानों पर प्रत्येक दिन होने वाली शराब की बिक्री व दुकानों पर बचे स्टॉक का पूरा लेखा जोखा बस एक बटन दबाते ही उपलब्ध हो जाएगा। इतना ही नहीं शराब बेचने वाले सेल्समैन को शराब बेचते समय बार कोड स्कैन करना ही होगा। बिना बार कोड स्कैन किए एक भी बोतल को नहीं बेचा जा सकेगा। विभाग की ओर से शराब की दुकान स्वामियों को पोस मशीन वितरित की जा रही हैं।

दुकान स्वामियों को वितरित की मशीनें

गुरुवार को जिला मुख्यालय पर नजीबाबाद की आबकारी निरीक्षक मोनिका यादव ने नजीबाबाद के दुकान स्वामियों को पोस मशीनों का वितरण किया। उन्होंने सभी दुकान स्वामियों से बताया कि अब बिना बार कोड स्कैन किए एक भी बोतल को नहीं बेचा जाएगा। दुकान पर हुई बिक्री व स्टॉक का पूरा लेखा जोखा इस मशीन में फीड होगा। उन्होंने बताया कि यह पोस मशीने धामपुर, चांदपुर व नजीबाबाद के दुकान स्वामियों को वितरित की जा चुकी हैं।

मशीन बनेगी आबकारी विभाग का हथियार

आबकारी विभाग की ओर से बांटी जा रही पोस मशीने आबकारी विभाग के लिए किसी हथियार से कम साबित नहीं होगी। आबकारी विभाग के अधिकारी इसी हथियार के माध्यम से अब शराब तस्करों की कमर तो तोड़ ही सकेंगे साथ ही एक बटन दबाते ही दुकान का पूरा ब्योरा उनके सामने होगा। यह कहना गलत नहीं होगा कि जो लोग लाइसेंस की आड़ में दुकानों पर तस्करी की शराब बेचते हैं वह अब ऐसा नहीं कर पाएंगे। पोस मशीन से शराब की तस्करी पर भी अंकुश लगेगा।

जनपद में सभी दुकानों पर पोस मशीन रहेंगी। बिना कोड स्कैन किए अब एक भी बोतल नहीं बेची जाएगी। धामपुर, चांदपुर व नजीबाबाद के दुकान स्वामियों को पोस मशीने बांटी जा चुकी हैं। अन्य को बांटी जा रही है। पोस मशीन में शराब की दुकान की बिक्री का पूरा ब्योरा व स्टॉक का पूरा रिकार्ड उपलब्ध होगा। –गिरीशचंद्र वर्मा आबकारी अधिकारी, बिजनौर

हमने गुरुवार को नजीबाबाद के सभी दुकान स्वामियों को पोस मशीने उपलब्ध करा दी हैं। पोस मशीनों के माध्यम से दुकान का रिकार्ड रखना काफी आसान होगा। पोस मशीन कोड एक ही बार स्कैन करेगी। कोड को पुनः प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। इससे अवैध शराब की बिक्री पर भी रोक लगेगी। –मोनिका यादव, आबाकरी निरीक्षक, नजीबाबाद

अब घर में भी खोल सकेंगे बार

अब घर में भी खोल सकेंगे बार, पीने-पिलाने के लिए ले सकेंगे लाइसेंस, यूपी में बेहद आसान किए गए नियम।

लखनऊ। यूपी में अब घर पर ही आप निजी बार खोल सकेंगे। इसके लिए सरकार लाइसेंस जारी करने जा रही है। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में इस नियमावली में संशोधन को मंजूरी दे दी गई। अपर मुख्य सचिव संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि उत्तर प्रदेश आबकारी (बार लाइसेंस की स्वीकृति) नियमावली (प्रथम संशोधन) 2022 और (आसवनी स्थापना) सोलहवां संशोधन नियमावली के प्रस्तावों को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।

इसके तहत लोगों को आवासीय परिसर में भारत निर्मित विदेशी मदिरा और विदेश से आयातित मदिरा अपने परिजन, रिश्तेदारों, अतिथियों व मित्रों जिनकी उम्र 21 वर्ष से कम न हो, को पीने-पिलाने के लिए होम बार लाइसेंस स्वीकृत किए जा सकेंगे। यह लाइसेंस सालाना जारी होंगे। इसके लिए 12 हजार रुपये शुल्क देना होगा और बतौर सिक्योरिटी 25 हजार रुपये जमा करना होगा। यही नहीं, यह लाइसेंस निरीक्षण के बाद आबकारी आयुक्त की अनुमति से ही किया जा सकेगा।

अपर मुख्य सचिव आबकारी के मुताबिक पहले घर में चार बोतल (750 मिली) तक शराब निशुल्क रखने की मंजूरी थी। अब इस नीति को संशोधित किया गया है। इसमें अब घर में 15 कैटगरी की छोटी-बड़ी 71 बोतलें तक रखी जा सकेंगी।

व्यावसायिक लाइसेंस के नियमों में भी ढील

उत्तर प्रदेश आबकारी (बार लाइसेंस की स्वीकृति) नियमावली 2022 में संशोधन करते हुए बार लाइसेंस के लिए जरूरी बैठने के क्षेत्रफल को अब 200 वर्गमीटर की जगह न्यूनतम 100 वर्गमीटर कर दिया गया है। यानी कम जगह में भी बार खोला जा सकेगा। वहीं, न्यूनतम 40 लोगों की बैठने की क्षमता को अब कम कर 30 का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा होटल व रेस्टोरेंट आदि में बार लाइसेंस लेने के लिए जरूरी भोजन कक्ष के प्रावधानों को शिथिल कर दिया गया है। वहीं स्थानीय प्राधिकरण से लाइसेंस प्राप्त करने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है।

मिश्रित आसवनियों को भी छूट, बना सकेंगे शराब

कैबिनेट ने उप्र आबकारी (आसवनी स्थापना) सोलहवां संशोधन नियमावली 2022 के प्रस्तावों को भी मंजूरी दे दी। वर्तमान नियमावली में मिश्रित आसवनियों को उनकी कुल क्षमता का 90 फीसदी तक पेय मदिरा निर्माण की अनुमति देने की व्यवस्था है। इसे बढ़ाकर अब 95 प्रतिशत तक किए जाने का निर्णय लिया गया।

पियक्कड़ों के लिए खुशखबरी! साल में अब सिर्फ 3 ड्राई-डे

शराबियों के लिए खुशखबरी! अब सालभर में 21 की बजाय सिर्फ 3 ड्राई डे 

नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली में शराब पीने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली सरकार ने अपनी नयी आबकारी नीति के तहत मद्य निषेध दिवसों (ड्राई डे) की संख्या घटाकर सिर्फ तीन कर दी है जो पिछले साल 21 दिन थी। यह जानकारी सोमवार को जारी एक आधिकारिक आदेश से मिली। इसे लेकर नया नियम लागू कर दिया गया है। इससे जाम छलकाने वालों में खुशी की लहर है। 

दिल्ली सरकार की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि लाइसेंस प्राप्त शराब और अफीम की दुकानें गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) और गांधी जयंती 2 अक्टूबर को बंद रहेंगी। 

दिल्ली आबकारी नियम 2010 (52) के प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में वर्ष 2022 में 26 जनवरी, 15 अगस्त और 2 अक्टूबर को शराब की बिक्री की अनुमति नहीं होगी। साथ ही आबकारी विभाग ने कहा कि ड्राई-डे के दौरान एल-15 लाइसेंस वाले होटल संचालक अपने कमरों में मेहमानों को शराब परोस सकेंगे। हालांकि आदेश में ये भी कहा गया है कि सरकार इन तीन ड्राई-डे के अलावा साल में किसी भी दिन को समय-समय पर ‘ड्राई-डे ‘ घोषित कर सकती है। 

बता दें कि दिल्ली सरकार ने बीते साल नवंबर में नई आबकारी नीति को मंजूरी दी थी। जो 17 नवंबर से लागू हो है। न्यू एक्साइज पॉलिसी में कई नियमों में बदलाव किया गया है। सरकार की नई एक्साइज पॉलिसी के तहत हर वार्ड में तीन से चार शराब की दुकानें खुल रही हैं। पहले 79 ऐसे वार्ड थे, जहां एक भी शराब की दुकानें नहीं थी।

गौरतलब है कि बीते साल तक होली, दीवाली, जन्माष्टमी, मुहर्रम, ईद-उल-जुहा (बकरीद), गुड फ्राइडे, राम नवमी, महावीर जयंती, बुद्ध पूर्णिमा, महर्षि वाल्मीकि जयंती, गुरु नानक जयंती, दशहरा समेत अन्य त्योहारों पर ड्राई-डे रहता था।

दिल्ली सरकार के इस फैसले का दिल्ली में पर्टयन उद्योग ने स्वागत किया है। नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष कबीर सूरी ने कहा कि हम इस कदम का स्वागत करते हैं। क्योंकि इससे कस्टमर और व्यापारियों दोनों को फायदा होगा। यह हमें उस नुकसान से बचाएगा, जो पहले ड्राई-डे के कारण होता था। 

वहीं दिल्ली सरकार के इस फैसले पर भाजपा और कांग्रेस की प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है। दोनों पार्टियों ने अरविंद केजरीवाल सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि इस कदम का उद्देश्य राजधानी में शराब को बढ़ावा देना है। दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि दिल्ली में ड्राई-डे को 21 से घटाकर तीन दिन करने से अरविंद केजरीवाल सरकार की मंशा युवाओं में नशे के प्रमोटर के रूप में उजागर हुई है। वहीं दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष मुदित अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस निश्चित रूप से इस कदम का विरोध करेगी और सरकार को मनमाने ढंग से काम नहीं करने देगी। 

शराब व्यापारियों ने की लाभांश बढ़ाने, अंग्रेजी व बीयर का कोटा खत्म करने की मांग

उत्तर प्रदेश के समस्त शराब व्यापारियों की मांग है कि लाभांश बढ़ाया जाए, 2022-23 से अंग्रेजी व बीयर का कोटा खत्म किया जाए, आने वाले करोना काल की नीति बनाई जाए (शराब कारोबारी पिछले 2 वर्षों से अत्यधिक अधिक नुकसान में हैं) 3 वर्षों का नवीनीकरण भी किया जाता है, जिससे व्यापारी की स्थिति ठीक हो सके

लखनऊ। शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन (उत्तर प्रदेश) के पदाधिकारियों एवं प्रमुख शराब कारोबारियों की प्रदेश स्तरीय बैठक एवं प्रेस वार्ता जनपद लखनऊ के एलोरा होटल में संपन्न हुई।

बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष सरदार एसपी सिंह ने कारोबार संबंधी परेशानियों का जिक्र करते हुए मांग रखी कि वर्ष 2022-23 की नीति में प्रदेश सरकार फुटकर शराब व्यापारी का लाभांश बढ़ाए, जो कि पिछले 10 वर्षों में कम हो गया है। साथ ही अंग्रेजी व बीयर का कोटा खत्म किया जाए। उपरोक्त विषय के तहत सरकार द्वारा बुलाए जाने पर 13 नवंबर को आबकारी आयुक्त व आबकारी नीति से जुड़े अधिकारियों के साथ गन्ना संस्थान में महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। बैठक में एसोसिएशन व उत्तर प्रदेश के बड़े व्यापारियों ने यही मांग की थी कि लाभांश बढ़ाया जाए, अंग्रेजी तथा बीयर का कोटा खत्म किया जाए। यह भी कहा था कि यदि यह मांगे पूरी नहीं होती है तो नवीनीकरण का प्रतिशत बहुत गिर जाएगा।

नई आबकारी पॉलिसी में शराब एसोसिएशन ने दिए सुझाव

नई आबकारी पॉलिसी में शराब एसोसिएशन ने दिए सुझाव। मार्जिन बढ़ना चाहिए, जिससे सुचारू रूप से कार्य कर सकें व्यापारी।

लखनऊ। फुटकर पॉलिसी में फुटकर व्यापारी ही राजस्व लक्ष्य को पूरा करने में सहयोगी है परंतु पॉलिसी मेकर इसकी अनदेखी कर कर रहा है, जिससे व्यापार बहुत प्रभावित हो रहा है। पॉलिसी में मार्जिन बढ़ना चाहिए जिससे व्यापारी सुचारू रूप से कार्य कर सकें।

पूर्व 17 वर्षों में कोटा पद्धति ना होते हुए भी हर वर्ष शराब उठान में वृद्धि दर्ज है किंतु विगत 3 वर्षों से कोटा लागू होने के बाद शराब उठान की वृद्धि एक समान रही है तो कोटा पद्धति खत्म की जाए अथवा वार्षिक कोटा पद्धति खत्म की जाए। इससे फुटकर व्यापारी अगर किसी बड़े व्यापारी के दबाव में आए अपनी दुकान व राजस्व वृद्धि पर ध्यान दे सकेंगे। पॉलिसी में किसी फैक्ट्री का गोदाम ना होकर सिर्फ फुटकर व्यापारी का ही होना चाहिए, जिससे व्यापार में अनियमितता ना हो और राजस्व की चोरी ना हो सके। अगर विभाग ने शर्तों के आधार पर 3 से 5 वर्षों का रिन्यूअल पद्धति रखा है तो व्यापारी भी अपने आप को सुरक्षित महसूस करेगा। राजस्व वृद्धि हेतु विभाग को सुझाव दिया गया कि पैकेजिंग पर विशेष ध्यान दें। ऐसी पैकिंग करें, जिसकी रिफिलिंग ना हो सके।

शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन की तरफ से अध्यक्ष सरदार एसपी सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरज जयसवाल, उपाध्यक्ष विकास मोहन श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष शिवकुमार जयसवाल, सह कोषाध्यक्ष संजय जयसवाल, प्रचार मंत्री विजय जयसवाल, मीडिया प्रभारी देवेश जयसवाल, रमेश जायसवाल व अन्य लाइसेंसी का उपस्थित रहे।

दशहरे पर बंद रहेंगी शराब की दुकानें

लखनऊ। दशहरा पर्व पर शराब की दुकानें बंद रहेंगी। 15 अक्तूबर को दुकानें बंद रखने का निर्णय जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में लिया गया है।

जिला आबकारी अधिकारी वीपी सिंह ने बताया कि आबकारी अधिनियम की धारा-59 में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए दशहरा व मूर्ति विसर्जन के अवसर पर शान्ति व्यवस्था को देखते हुए जनपद की समस्त आबकारी की थोक एवं फुटकर दुकानों के साथ देशी शराब, विदेशी मदिरा की दुकानें बंद रहेंगी। इसके साथ ही बीयर, ताड़ी, डिनेचर स्प्रीट, बार, भांग की भी बिक्री नहीं होगी। क्लब एवं होटल बार भी बंद रहेंगे। इस बन्दी के लिए अनुज्ञापन धारकों को कोई प्रतिफल देय नहीं होगा। कोई भी लाइसेंसी या होटल मालिक शराब की बिक्री करते हुए पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन ने किया नए आबकारी आयुक्त का स्वागत

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन ने नए आबकारी आयुक्त का स्वागत किया।

इस दौरान शराब व्यापार से संबंधित समस्याओं को अवगत कराया गया। इसमें कोरोना कर्फ्यू के दौरान बंद रही शराब की दुकानों के कोटे के उठाने में छूट की मांग की गई। साथ ही इस महामारी के दौरान नगर निगम के द्वारा कार्यवाही पर भी रोक लगाने की मांग की गई। नगर निगम के द्वारा निर्धारित कर निर्धारण पर भी चर्चा हुई, जो कि एकदम से 5 गुना कर दिया गया। एसोसिएशन ने कहा कि यह किसी भी तरह उचित नहीं है। कहा कि ऐसे प्रावधान किए जाएं कि लाइसेंसी को कुछ राहत मिल सके। इस महामारी में लाइसेंसी पर दोहरी मार पड़ रही है। एसोसिएशन की तरफ से अध्यक्ष सरदार एसपी सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरज जयसवाल, उपाध्यक्ष विकास मोहन श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष शिव कुमार जयसवाल, सह कोषाध्यक्ष संजय जयसवाल, विजय जयसवाल, शंकर कनौजिया, सचिन जयसवाल, धर्मेंद्र सिंह, नितिन जयसवाल, रमेश जायसवाल और मीडिया प्रभारी देवेश जयसवाल उपस्थित रहे।

ठेके के पास भी पी शराब तो नाप दिए जाओगे!

लखनऊ। अलीगढ़ में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद शासन अवैध शराब बनाने वालों के ऊपर कार्रवाई को लेकर सख्त हो गया है।

मलिहाबाद उपजिलाधिकारी अजय कुमार राय ने पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर क्षेत्र में चल रहे शराब के सभी ठेकों का औचक निरीक्षण करते हुए सभी के लाइसेंस देखें तथा उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान प्रत्येक ठेकों से शराब के उपयुक्त नमूनों को जांच के लिए भेजा गया। इसके साथ ही रजिस्टर्ड सेल्समैन को ही बैठने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी शराब खरीदने वाला, खरीदने के बाद ठेके के आसपास बैठकर शराब न पीये अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मलिहाबाद उप जिलाअधिकारी ने बताया कि क्षेत्र के सभी गांव में अभियान चलाकर सभी शराब के ठेकों का निरीक्षण किया गया तथा उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के सभी शराब के ठेकों को आवश्यक दिशा निर्देश पालन करने को कहा गया है और उसके साथी प्रशासन अवैध शराब की भट्टी चलाने वालों पर कड़ी नजर रखे हुए हैं यदि इस प्रकार की कोई शिकायत मिलती है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं लखनऊ ग्रामीण पुलिस अधीक्षक हृदेश कुमार के दिशा निर्देशन में अवैध शराब बनाने को लेकर मलिहाबाद पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है ।

बंद रही शराब की दुकानों का कोटा व लाइसेंस फीस माफ करे सरकार

बंद रही शराब की दुकानों का कोटा व लाइसेंस फीस माफ करे सरकार

आबकारी विभाग के उच्च अधिकारियों से शराब एसोसिएशन ने की मांग

प्रतिनिधिमंडल उच्च अधिकारियों से मिलकर अपनी समस्याओं को कराएगा अवगत

लखनऊ। शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से लॉकडाउन में बंद रहे शराब की दुकानों की लाइसेंस फीस और निर्धारित कोटा माफ करने की मांग की है। एसोसिएशन के महामंत्री कन्हैयालाल मौर्या, उपाध्यक्ष विकास श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से बताया कि कोरोना महामारी के चलते प्रदेश सरकार द्वारा घोषित कोरोना कर्फ्यू में प्रदेश भर की शराब की दुकानें बंद रहीं। शराब की दुकानों का खुलने का समय भी कम होने के कारण निर्धारित मासिक कोटा उठान में लाइसेंस धारकों को समस्या हो रही है। श्री मौर्य ने बताया कि शहरों में कामगार मजदूरों की उपस्थिति ना के बराबर होने के कारण गांव की अपेक्षा शहरों में शराब की बिक्री घट गई है। इस कारण लाइसेंस धारक अपना निर्धारित कोटा नहीं उठा पा रहे हैं। लाइसेंस फीस व कोटा उठाने में छूट देने के लिए आबकारी विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र प्रेषित किया गया है। एक प्रतिनिधिमंडल उच्च अधिकारियों से मिलकर अपनी समस्याओं को अवगत कराएगा।

कारोबारियों में नीरज जयसवाल, शिव कुमार जायसवाल, शंकर कनौजिया, नितिन जायसवाल, सचिन जयसवाल, धर्मेंद्र सिंह, संजय, रमेश जायसवाल, सुभाष जायसवाल, मनीष जायसवाल, जय जायसवाल मीडिया प्रभारी देवेश जायसवाल ने भी कोटा और लाइसेंस फीस में छूट देने की मांग की है।

राजधानी लखनऊ में खुली शराब की दुकानें

राजधानी लखनऊ में खुली शराब की दुकानें

शराब कारोबारियों और शराब के शौकीनों को मिली राहत

शराब एसोसिएशन ने चलाया शराब की दुकानों पर जागरूकता अभियान

लखनऊ। शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन ने कोविड-19 का पालन करने के लिए तथा आबकारी विभाग के सहयोग व ग्राहकों की सुरक्षा का अभियान चलाया। नि:शुल्क मास्क तथा शराब की दुकानों पर मास्क नहीं तो शराब नहीं, बगैर मास्क शराब की दुकानों पर प्रवेश नहीं का स्टीकर तथा पोस्टर लगाकर जागरूक किया गया।

एसोसिएशन के महामंत्री कन्हैयालाल मौर्या ने बताया आज एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने हुसैनगंज, लाल कुआं, हजरतगंज, नरही, लालबाग, आशियाना, केशव नगर, चारबाग तथा सहारागंज में शराब की दुकानों पर स्टिकर और बैनर लगाकर 2 गज की दूरी , मास्क है जरूरी की अपील की । मौर्य ने बंद पड़ी शराब की दुकानें खोलने के लिए आबकारी विभाग उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया।

जागरूकता अभियान में शराब एसोसिएशन के पदाधिकारी कन्हैयालाल मौर्या, विकास श्रीवास्तव, नीरज जयसवाल, शंकर कनौजिया, सचिन जायसवाल कोषाध्यक्ष, कुमार जयसवाल, शुभम मौर्या, संजय जायसवाल तथा मीडिया प्रभारी देवेश जयसवाल प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

शर्तों के साथ आज से खुलेंगी शराब की दुकानें

प्रशासन ने सोमवार शाम को जारी किए निर्देश। कंटेनमेंट जोन के 60 मीटर के दायरे वाली शराब की दुकानें रहेंगी बंद। मोडल शॉप व देशी शराब की कैंटीन भी बंद रहेंगी।

आगरा। उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमण रोकने के लिए कोरोना कर्फ्यू लगा हुआ है। इसके चलते प्रदेश भर में जरूरी सामान की दुकानों के अलावा सभी दुकानों को बंद कराया गया है। इस बीच अब शराब प्रेमियों के लिए राहत भरी खबर है। कारण, आगरा प्रशासन ने मंगलवार से शराब की दुकानों को कुछ शर्तों के साथ खोलने की अनुमति दे दी है। दरअसल, सोमवार शाम को आगरा जिलाधिकारी पीएन सिंह ने आदेश जारी करते हुए मंगलवार से समस्त थोक व फुटकर आबकारी अनुज्ञापन (बार को छोड़कर) सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक खोलने की अनुमित दी है। इसके अलावा मेरठ में भी शराब की दुकानें खोलने के आदेश जारी हो गए हैं।

आदेश में कोविड प्रोटोकॉल का पालन सख्ती से करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा है कि सभी दुकानों पर विक्रेताओं द्वारा मास्क अनिवार्य रूप से पहना जाएगा। इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाते हुए ही मदिरा विक्रय की जाएगी। वहीं प्रत्येक अनुज्ञापन पर सैनिटाइजर की उपलब्धता अनिवार्य है। फिलहाल मॉडल शॉप और देशी मदिरा दुकानों की कैंटीन बंद ही रहेंगी। इसके अलावा कंटेनमेंट जोन के 60 मीटर के दायरे में आने वाली शराब की दुकानें नहीं खुलेंगी।

शराब विक्रेताओं ने फीस माफ करने की सिफारिश की

शराब विक्रेताओं ने प्रशासन के माध्‍यम से सरकार को एक पत्र भेजकर मांग की है कि जितनी अवधि में दुकानें बंद रही हैं, उस दौरान की फीस माफ की जाए। आगरा लिकर एसोसिएशन के अध्‍यक्ष अतुल दुबे ने बताया कि इंटरनेट मीडिया पर शराब पर कोविड सेस लगाए जाने से दाम बढ़ने की बात बताई जा रही है। जबकि ऐसा नहीं है। सरकार ने केवल 90 मि.ली. के नए पैक पर ये शुल्‍क लगाया है। बाकि जो भी शराब है वह पुरानी दरों पर ही बेची जाएगी।

शराब कारोबारियों ने दुकानें खोलने की रखी मांग

शराब कारोबारियों ने दुकानें खोलने की रखी मांग।

शराब एसोसिएशन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को लिखा मांग पत्र।

100 करोड़ से अधिक का हो रहा है रोजाना यूपी को नुकसान।

लखनऊ (9 मई 2021) शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बंद पड़ी शराब की दुकानों को खोलने की मांग की है। उनका कहना है कि शासनादेश में लॉक डाउन के दौरान दुकान बंद रखने का कोई स्पष्ट आदेश नहीं है। बंदी से यूपी को रोजाना एक सौ करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हो रहा है।

एसोसिएशन के महामंत्री कन्हैयालाल मौर्या ने बताया प्रदेश में पंचायत चुनाव के पहले से कोरोना महामारी के कारण घोषित लॉक डाउन कर्फ्यू में शराब की दुकानें बंद हैं। शराब की दुकानें बंद करने का शासन द्वारा शासनादेश में कोई उल्लेख नहीं किया गया है और ना ही आबकारी विभाग के अधिकारियों द्वारा लाइसेंस धारकों को दुकान बंद करने का कोई आदेश दिया गया है। इससे शराब लाइसेंस धारकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पूरे प्रदेश से शराब कारोबारी दुकानें खोलने की मांग प्रदेश सरकार से कर रहे हैं। श्री मौर्य ने बताया कि रोजाना 100 करोड़ से ज्यादा का नुकसान यूपी में हो रहा है। शराब की दुकानें बंद होने से निर्धारित मासिक कोटा और लाइसेंस फीस की चिंता सता रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री, आबकारी सचिव तथा आबकारी आयुक्त को पत्र लिखकर शराब की दुकानें खोलने की मांग रखी गई है। पत्र पर एसोसिएशन के पदाधिकारी कन्हैयालाल मौर्या, उपाध्यक्ष विकास श्रीवास्तव, नीरज जायसवाल, शंकर कनौजिया, नितिन जायसवाल, जय जायसवाल शिवकुमार, देवेश जायसवाल के हस्ताक्षर हैं।

राष्ट्रीय राजमार्ग से शराब का ठेका हटवाने को अड़े ग्रामीण

राष्ट्रीय राजमार्ग से शराब का ठेका हटवाने के लिए सौंपा ज्ञापन
-देवेन्द्र नगर कौडिय़ा के ग्रामीणों ने की एसडीएम से व्यथा
बिजनौर। नजीबाबाद तहसील के देवेन्द्र नगर कौडिय़ा क्षेत्र के ग्रामीण राष्ट्रीय राजमार्ग पर संचालित शराब के ठेके से आजिज आ चुके हैं। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी परमानंद झा को ज्ञापन सौंपकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो गांवों के समीप स्थित शराब के ठेके को अन्यत्र स्थानांतरित कराए जाने की मांग की।

मंगलवार को तहसील के देवेन्द्र नगर कौडिय़ा के निवासियों ने उप जिलाधिकारी नजीबाबाद परमानंद झा को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्थानीय लोगों ने मांग करते हुए कहा है कि सीमावर्ती क्षेत्र के दो ग्रामों के बीचोंबीच हाईवे पर शराब का ठेका है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि एक अप्रैल 2021 को दो गांवों के बीच हाईवे पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से शराब का ठेका खुलवाया गया है, जो कि सही जगह पर नहीं खुला है। इस ठेके के पास 50 मीटर की दूरी पर एक मंदिर तथा 100 मीटर की दूरी पर एक स्कूल और आसपास में बड़ी जनरल स्टोर और सब्जी की दुकानें भी हैं। हाइवे पर खोले गए ठेके के समीप से होकर दिन भर क्षेत्र की महिलाओं, किशोरियों व छात्राओं का आना जाना लगा रहता है।  रास्ते पर ठेका खोले जाने से महिलाओं को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही कहा कि इस क्षेत्र में गरीब एवं मजदूर तबके के लोग रहते हैं, जिनका काम सुबह कमाना और शाम को खाना है। ठेका खोले जाने के बाद से इस क्षेत्र में गांव के अंदर लोगों के बीच लड़ाई झगड़ा व चोरी की घटनाएं होने लगी हैं। ठेका न हटाए जाने से बहू बेटियां असुरक्षित महसूस कर रही हैं। ज्ञापन  देने वालों में विजेता देवी, बीना देवी, गोविंद, उषा देवी, उमा देवी, रानी, नेहा, बबीता, कुसुम, दामिनी, राधा, मीनाक्षी,  सुरेंद्र सैनी, राजेंदर आदि काफी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।

…नहीं तो UP में बंद हो जाएंगी शराब की दुकानें!

लखनऊ। कोरोना काल के दौरान बंद रहीं शराब दुकानों की लाइसेंस फीस अगर सरकार ने नहीं लौटाई तो प्रदेशभर के शराब कारोबारी दुकानें बंद करने की घोषणा कर सकते हैं। सोमवार को शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक में इस मामले पर सरकार से दो टूक बात करने का निर्णय लिया गया। राजधानी के हजरतगंज स्थित एक होटल में एसोसिएशन के अध्यक्ष सरदार एसपी सिंह और महामंत्री कन्हैया लाल ने कहा कि लाकडाउन के दौरान 45 दिनों से अधिक समय तक दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। कहीं पर एक रुपये का कारोबार नहीं किया गया। फीस पूरे साल की जमा होती है। इसके बावजूद सरकार बंदी के दौरान जमा हुई फीस वापस नहीं कर रही है।

अगर सरकार ने बंदी के दौरान का शुल्क नहीं लौटाया तो प्रदेश भर के शराब कारोबारी अगले माह से विरोध प्रदर्शन करेंगे। अध्यक्ष के मुताबिक जल्द ही इस बारे में एसोसिशन के पदाधिकारी मुख्यमंत्री को उनकी मांग पूरी करने का ज्ञापन देंगे। नौ अप्रैल को पूरे प्रदेश भर के शराब कारोबारी काला फीता बांधकर पैदल मार्च निकालेंगे।

उत्तर प्रदेश में शराब की करीब 30 हजार से अधिक दुकाने है। इससे सरकार को बहुत बड़ा राजस्व मिलता है । लखनऊ की अगर बात करे तो यहाँ पर ही करीब एक हजार दुकानें है जिसमे हजारों लोग काम कर रहे है। अध्यक्ष सरदार एसपी सिंह कहना है कि कोरोना काल की मार सभी सेक्टर पर पड़ी है, लेकिन शराब कारोबारी इससे बुरी तरह टूट गया है। प्रत्येक कारोबारी को लाईसेंस फीस के नाम पर 15 से 20 लाख रुपए तक जमा करने पड़ते है। सालों तक यह पैसा फंसा रहता है। इस पर कोई ब्याज भी नहीं मिलता। लॉक डाउन के दौरान जब 45 दिन दुकानें बंद रही हम लोग उस पीरियड की फीस वापस मांग रहे हैं।

UP में कल फिर रहेगा ड्राई-डे

ssnewspoint

December 01, 2020
UP में कल फिर ड्राई-डे

तीन दिसंबर को सुबह 8 बजे से मतगणना खत्म होने तक बंद रहेगी शराब की दुकानें

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 11 विधान परिषद सदस्य (एमएलसी ) चुनाव के मद्देनजर तीन दिसंबर को सुबह 8 बजे से मतगणना खत्म होने तक सभी देशी-विदेशी शराब की दुकानें बंद रहेंगी। इससे पहले मतदान के चलते 29 नवंबर शाम पांच बजे से एक दिसंबर शाम पांच बजे तक शराब की दुकानें बंद रही थीं। संबंधित जिलाधिकारियों ने दुकानों को बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैंं।

UP में 11 शिक्षक-स्नातक विधान परिषद सदस्यों का कार्यकाल 6 मई 2020 को समाप्त हो गया था। उत्तर प्रदेश में कुल 100 विधान परिषद सदस्यों की संख्या है। 11 एमएलसी सीट पर चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराए जाने को लेकर रविवार की शाम पांच बजे से ही शराब की दुकानें बंद कर दी गई थीं, जो एक दिसम्बर को मतदान होने तक बंद रही। अब मतगणना के दिन तीन दिसंबर को भी बंदी रहेगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी।

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