ढूंढ रहे थे तस्करी की शराब, बरामद हुई 232 kg चांदी

गोपालगंज (एजेंसी)। बिहार के गोपालगंज में उत्पाद विभाग की टीम को बड़ी कामयाबी मिली जब टीम ने उत्तर प्रदेश से बिहार आ रही एक कार से शराब की जगह दो क्विंटल से अधिक चांदी बरामद की। इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। दरअसल, उत्पाद विभाग की टीम बुधवार को अवैध शराब को लेकर कुचायकोट थाना क्षेत्र के बलथरी चेक पोस्ट पर उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहनों की तलाशी ले रही थी। इसी दौरान एक कार से 232 किलोग्राम चांदी बरामद की गई।

गोपालगंज के उत्पाद अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि बारीकी से जांच के दौरान कार में पीछे की सीट के नीचे तहखाना जैसी जगह मिली, जिससे 232 किलोग्राम चांदी बरामद की गई। उन्होंने बताया कि बरामद की गई चांदी की कीमत बाजार में डेढ़ से दो करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

कानपुर से हो रही थी तस्करी- उत्पाद अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि इस मामले में कार चालक और एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। उन लोगों की पहचान दरभंगा जिला के नगर थाना क्षेत्र के बड़ा बाजार निवासी मनोज गुप्ता और चालक शिव शंकर महतो के रूप में की गई है। पूछताछ में पता चला है कि चांदी को उत्तर प्रदेश के कानपुर से दरभंगा ले जाया जा रहा था। सूचना पुलिस और अन्य संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है।

सरकारी ठेकों पर अब नहीं बिक सकेगी तस्करी की शराब

13 मई 2022 को दैनिक जनवाणी के पेज नंबर 02 पर प्रकाशित बिजनौर से सचिन वर्मा की रिपोर्ट… अब नहीं बिक सकेगी तस्करी की शराब

अब तस्करी की शराब सरकारी दुकानों पर नहीं बिक सकेगी। इसके साथ ही कोई भी दुकान स्वामी या सेल्समैन शराब की बिक्री में गड़बड़ नहीं कर सकेगा। इसके लिए आबकारी विभाग ने एक अच्छा कदम उठाया है। विभाग की ओर से शराब की दुकानों पर पोस मशीन उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस मशीन के माध्यम से विभाग के पास दुकानों पर होने वाले प्रत्येक दिन की बिक्री व स्टॉक का पूरा लेखा जोखा ऑनलाइन उपलब्ध होगा। इसके साथ ही बार कोर्ड स्कैन किए बिना अब एक भी बोतल नहीं बेची जा सकेगी।

पूर्व में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें खुलासा हुआ है कि शराब की दुकानों पर तस्करी की शराब भी बेची जाती रही है। इसके अलावा विभाग को चूना लगाने के लिए कुछ दुकान स्वामी व सेल्समैन तरह-तरह के हथकंडे अपनाने से भी पीछे नहीं हटते हैं। विभाग ने ऐसे लोगों पर अंकुश लगाने व पारदर्शिता बरतने के लिए पोस मशीन को सहारा बनाया है। आबकारी विभाग की ओर से जनपद के सभी शराब की दुकान स्वामियों को पोस मशीन देने का कदम उठाया है। इन पोस मशीनों के माध्यम से विभाग के पास सभी दुकानों पर प्रत्येक दिन होने वाली शराब की बिक्री व दुकानों पर बचे स्टॉक का पूरा लेखा जोखा बस एक बटन दबाते ही उपलब्ध हो जाएगा। इतना ही नहीं शराब बेचने वाले सेल्समैन को शराब बेचते समय बार कोड स्कैन करना ही होगा। बिना बार कोड स्कैन किए एक भी बोतल को नहीं बेचा जा सकेगा। विभाग की ओर से शराब की दुकान स्वामियों को पोस मशीन वितरित की जा रही हैं।

दुकान स्वामियों को वितरित की मशीनें

गुरुवार को जिला मुख्यालय पर नजीबाबाद की आबकारी निरीक्षक मोनिका यादव ने नजीबाबाद के दुकान स्वामियों को पोस मशीनों का वितरण किया। उन्होंने सभी दुकान स्वामियों से बताया कि अब बिना बार कोड स्कैन किए एक भी बोतल को नहीं बेचा जाएगा। दुकान पर हुई बिक्री व स्टॉक का पूरा लेखा जोखा इस मशीन में फीड होगा। उन्होंने बताया कि यह पोस मशीने धामपुर, चांदपुर व नजीबाबाद के दुकान स्वामियों को वितरित की जा चुकी हैं।

मशीन बनेगी आबकारी विभाग का हथियार

आबकारी विभाग की ओर से बांटी जा रही पोस मशीने आबकारी विभाग के लिए किसी हथियार से कम साबित नहीं होगी। आबकारी विभाग के अधिकारी इसी हथियार के माध्यम से अब शराब तस्करों की कमर तो तोड़ ही सकेंगे साथ ही एक बटन दबाते ही दुकान का पूरा ब्योरा उनके सामने होगा। यह कहना गलत नहीं होगा कि जो लोग लाइसेंस की आड़ में दुकानों पर तस्करी की शराब बेचते हैं वह अब ऐसा नहीं कर पाएंगे। पोस मशीन से शराब की तस्करी पर भी अंकुश लगेगा।

जनपद में सभी दुकानों पर पोस मशीन रहेंगी। बिना कोड स्कैन किए अब एक भी बोतल नहीं बेची जाएगी। धामपुर, चांदपुर व नजीबाबाद के दुकान स्वामियों को पोस मशीने बांटी जा चुकी हैं। अन्य को बांटी जा रही है। पोस मशीन में शराब की दुकान की बिक्री का पूरा ब्योरा व स्टॉक का पूरा रिकार्ड उपलब्ध होगा। –गिरीशचंद्र वर्मा आबकारी अधिकारी, बिजनौर

हमने गुरुवार को नजीबाबाद के सभी दुकान स्वामियों को पोस मशीने उपलब्ध करा दी हैं। पोस मशीनों के माध्यम से दुकान का रिकार्ड रखना काफी आसान होगा। पोस मशीन कोड एक ही बार स्कैन करेगी। कोड को पुनः प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। इससे अवैध शराब की बिक्री पर भी रोक लगेगी। –मोनिका यादव, आबाकरी निरीक्षक, नजीबाबाद

अब घर में भी खोल सकेंगे बार

अब घर में भी खोल सकेंगे बार, पीने-पिलाने के लिए ले सकेंगे लाइसेंस, यूपी में बेहद आसान किए गए नियम।

लखनऊ। यूपी में अब घर पर ही आप निजी बार खोल सकेंगे। इसके लिए सरकार लाइसेंस जारी करने जा रही है। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में इस नियमावली में संशोधन को मंजूरी दे दी गई। अपर मुख्य सचिव संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि उत्तर प्रदेश आबकारी (बार लाइसेंस की स्वीकृति) नियमावली (प्रथम संशोधन) 2022 और (आसवनी स्थापना) सोलहवां संशोधन नियमावली के प्रस्तावों को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।

इसके तहत लोगों को आवासीय परिसर में भारत निर्मित विदेशी मदिरा और विदेश से आयातित मदिरा अपने परिजन, रिश्तेदारों, अतिथियों व मित्रों जिनकी उम्र 21 वर्ष से कम न हो, को पीने-पिलाने के लिए होम बार लाइसेंस स्वीकृत किए जा सकेंगे। यह लाइसेंस सालाना जारी होंगे। इसके लिए 12 हजार रुपये शुल्क देना होगा और बतौर सिक्योरिटी 25 हजार रुपये जमा करना होगा। यही नहीं, यह लाइसेंस निरीक्षण के बाद आबकारी आयुक्त की अनुमति से ही किया जा सकेगा।

अपर मुख्य सचिव आबकारी के मुताबिक पहले घर में चार बोतल (750 मिली) तक शराब निशुल्क रखने की मंजूरी थी। अब इस नीति को संशोधित किया गया है। इसमें अब घर में 15 कैटगरी की छोटी-बड़ी 71 बोतलें तक रखी जा सकेंगी।

व्यावसायिक लाइसेंस के नियमों में भी ढील

उत्तर प्रदेश आबकारी (बार लाइसेंस की स्वीकृति) नियमावली 2022 में संशोधन करते हुए बार लाइसेंस के लिए जरूरी बैठने के क्षेत्रफल को अब 200 वर्गमीटर की जगह न्यूनतम 100 वर्गमीटर कर दिया गया है। यानी कम जगह में भी बार खोला जा सकेगा। वहीं, न्यूनतम 40 लोगों की बैठने की क्षमता को अब कम कर 30 का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा होटल व रेस्टोरेंट आदि में बार लाइसेंस लेने के लिए जरूरी भोजन कक्ष के प्रावधानों को शिथिल कर दिया गया है। वहीं स्थानीय प्राधिकरण से लाइसेंस प्राप्त करने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है।

मिश्रित आसवनियों को भी छूट, बना सकेंगे शराब

कैबिनेट ने उप्र आबकारी (आसवनी स्थापना) सोलहवां संशोधन नियमावली 2022 के प्रस्तावों को भी मंजूरी दे दी। वर्तमान नियमावली में मिश्रित आसवनियों को उनकी कुल क्षमता का 90 फीसदी तक पेय मदिरा निर्माण की अनुमति देने की व्यवस्था है। इसे बढ़ाकर अब 95 प्रतिशत तक किए जाने का निर्णय लिया गया।

दो बोतल दारू क्यों नहीं चढ़ी, गृह मंत्री से शिकायत

Viral News: दो बोतल शराब पीने के बाद भी जब नहीं चढ़ा नशा, गृह मंत्री को भेजी शिकायत

पीड़ित शख्स ने बताया कि दो बोतल शराब पीने के बाद भी उसको नशा नहीं हुआ। इस बात से वो नाराज था। वह चाहता है कि ऐसी धोखाधड़ी किसी और कस्टमर के साथ नहीं हो।

उज्जैन। एक तरफ शिवराज सिंह चौहान की सरकार मिलावटखोरी के खिलाफ माफिया पर बुलडोजर चलाने जैसी कड़ी कार्रवाई कर रही है तो वहीं अब मध्य प्रदेश में शराब में मिलावट की बात भी सामने आई है। दरअसल मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक शराबी ने राज्य के गृह मंत्री को शिकायत भेजी है। वह सबूत के तौर पर आबकारी थाने में शराब की दो बोतलें लेकर भी पहुंचा।

हैरान रह गए आबकारी अधिकारी

लोकेंद्र सेठिया को आबकारी थाने में देख आबकारी अधिकारी भी हैरान रह गए। बाद में अधिकारी ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। पीड़ित ने बताया कि उसने 2 बोतल शराब पी लेकिन, फिर भी उसको नशा नहीं हुआ। उसने कहा कि ये शराब कैसी है, नशा नहीं हो रहा है? ठेकेदार पानी मिलाकर दे रहे हैं; ठेकेदारों पर कार्रवाई करो।

शराबी ने की ये मांग

दरअसल, लोकेंद्र सेठिया 12 अप्रैल को देशी शराब की दो बोतल पीने के बाद आबकारी विभाग में शिकायत करने पहुंचे थे। उसने शिकायत की थी कि इसमें नशा नहीं है, इसमें तो पानी मिला हुआ है। वह सबूत के तौर पर शराब की दो बोतलें लेकर भी पहुंचा था। उसने कहा कि यकीन नहीं हो तो शराब की जांच कर लें। ठेकेदार की तरफ से की गई इस धोखाधड़ी को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करो।

साभार – राहुल सिंह राठौड़: जी न्यूज़ डेस्क

शराब छुड़वाने के 5 अचूक टोटके और मंत्र, मात्र 10 दिन में छूट जाएगी शराब की लत

भोपाल (पत्रिका)। ये बात तो सभी जानते हैं कि शराब सेहत के लिए हानिकारक होती है। ये इंसान को अन्दर से खोखला कर देती है। वहीं यह एक तरीके से सामाजिक बुराई भी है। शराब की बुरी लत न सिर्फ इंसान को बुरा बनाती है बल्कि उसके पूरे परिवार को भी नष्ट कर देती है। शहर के ज्योतिषाचार्य पंडित जगदीश शर्मा बताते हैं कि अगर आपके घर में भी कोई ऐसा है, जो शराब की लत का लती है तो कुछ टोटकों को अपनाकर आप इस लत को दूर कर सकते हैं। तंत्र शास्त्र के अतंर्गत ऐसे कई टोटके हैं, जिनसे शराब की लत को छुड़वाया जा सकता है। कई ऐसे उपाय बताए गए हैं, जो बिल्कुल ही साधारण हैं परन्तु जिनका असर तुरंत और बेहद प्रभावशाली होता है। जानिए क्या हैं वे उपाय…

-शराब को छुड़ाने के लिए सवा मीटर काला कपड़ा और सवा मीटर नीला कपड़ा लेकर इन दोनों को एक-दूसरे के ऊपर रख दें। इस पर 800 ग्राम कच्चे कोयले, 800 ग्राम काली साबूत उड़द, 800 ग्राम जौ एवं काले तिल, 8 बड़ी कीलें तथा 8 सिक्के रखकर एक पोटली बांध लें। फिर जिस व्यक्ति की शराब छुड़वाना हो, उसकी लंबाई से आठ गुना अधिक काला धागा लेकर एक जटा वाले नारियल पर लपेट दें। इस नारियल को काजल का तिलक लगाकर धूप-दीप अर्पित करके शराब पीने की आदत छुड़ाने का निवेदन करें। फिर यह सारी सामग्री किसी नदी में प्रवाहित कर दें। जब सामग्री दूर चली जाए तो घर वापस आ जाएं। इस दौरान पीछे मुड़कर न देखें। घर में प्रवेश करने से पहले हाथ-पैर धोएं। शाम को किसी पीपल के वृक्ष के नीचे जाकर तिल के तेल का दीपक लगाएं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि इस टोटके के बारे में किसी को कुछ न बताएं। कुछ ही समय में आप देखेंगे कि जो व्यक्ति शराब का आदी था, वह शराब छोड़ देगा।।

-आप कहीं से जंगली कौवे के पंख मंगवाए, फिर इन पंख को एक गिलास पानी में अच्छे से हिलाकर उस पानी को जो व्यक्ति शराब पीता है उसे पिला दें। यह छोटा सा टोटका शराब की लत छुड़ा देता है। 

-अगर आपका पति शराब का लती है तो एक शराब की बोतल लाए, ध्यान रहे कि यह बोतल उसी ब्रांड की होनी चाहिए, जिसका आपके पति प्रयोग करते हैं। इस बोतल को रविवार के ही दिन अपने निकट के किसी भी भैरव बाबा के मंदिर में चढ़ा दें और पुजारी को कुछ रुपए देकर उससे वह बोतल वापिस खरीद लें। पति के सोते समय अथवा जब वह नशे में हो, उस पूरी बोतल को उनके ऊपर 21 बार उसारते हुए “ॐ नमः भैरवाय” मंत्र का जाप करें। इसके बाद शाम को उस बोतल को किसी भी पीपल के पेड़ के नीचे छोड़ आएं। इस उपाय से कुछ ही दिनों में शराबी की शराब पूरी तरह से छूट जाएगी। 

-शराब छुड़ाने के लिए एक शराब की बोतल खरीद कर लाएं और शराब के लती परिजन को सोते समय उन पर से 21 बार उसार लें। इसके बाद एक अन्य बोतल में आठ सौ ग्राम सरसों का तेल लें और दोनों को आपस में मिला लें। दोनों बोतलों के ढक्कन बंद कर किसी ऐसे स्थान पर उल्टा गाढ़ दें जहां से पानी बहता हो ताकि दोनों बोतलों के ऊपर से जल लगातार बहता रहे। इस उपाय को करने के कुछ ही दिनों में व्यक्ति को शराब से घृणा हो जाती है और वह शराब पीना छोड़ देता है।

शिकायत से नाराज शराब माफिया ने की वकील को मारने की कोशिश

शिकायत के बावजूद आवास विकास चौकी पुलिस ने नहीं की कार्रवाई

बिजनौर। शराब माफिया की शिकायत पुलिस से करना एक अधिवक्ता को बहुत महंगा पड़ गया। पुलिस ने शराब माफिया के खिलाफ कार्यवाही करने के बजाए उसे अधिवक्ता का नाम बता दिया। गुस्साए शराब माफिया ने अधिवक्ता पर जानलेवा हमला कर दिया। अधिवक्ता ने अपने ऊपर हुए हमले की शिकायत पुलिस से की, लेकिन पुलिस ने इस मामले में अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की है। इसे लेकर अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त है।
शहर की आवास विकास कॉलोनी निवासी गौरव गोयल एडवोकेट पुत्र रविंद्र कुमार गोयल जजी में प्रैक्टिस करते हैं। उनके अनुसार आवास-विकास पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम तैमूरपुर में उनके बड़े भाई की किराना की दुकान है। आरोप है कि गांव के ही किरनपाल, उसका पुत्र सोनी, टोनी, मोनी तथा विक्की अपने साथियों के साथ बड़े स्तर पर अवैध शराब का धंधा करते हैं। यह लोग खुलेआम गांव में अवैध शराब बेचते हैं। गौरव गोयल एड. ने आवास विकास चौकी पुलिस से इनके द्वारा अवैध शराब धंधा किए जाने की शिकायत की थी। अधिवक्ता का आरोप है कि पुलिस ने शराब माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही करने के बाए उनका नाम शराब माफियाओं को बता दिया। इसके चलते शराब माफिया उनसे रंजिश रखने लगे।  गत दिवस इन शराब माफिया ने गौरव गोयल एडवोकेट के भाई की दुकान पर आकर अधिवक्ता व उनके भाई के साथ गाली-गलौच व मारपीट की। इस शिकायत का भी पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया। इसके चलते शराब माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो गए कि उन्होंने 16 नवंबर को समय करीब सवा आठ बजे  ईदगाह रोड पर अधिवक्ता गौरव की स्कूटी में सफेद रंग की मारूति 800 कार से टक्कर मार दी। अधिवक्ता की स्कूटी पर उनकी माता जी भी सवार थी। दोनों चोटिल हो गए। शोर मचाने पर लोगों को आता देख कार में सवार सोनी व विक्की हथियार लहराते हुए वहां से फरार हो गए। इस घटना की शिकायत भी अधिवक्ता ने पुलिस से की, लेकिन इस बार भी पुलिस ने शराब माफियाओं के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की। अधिवक्ता ने शराब माफियाओं से जान का खतरा बताते हुए चौकी पुलिस की शिकायत पुलिस अधीक्षक से किए जाने की बात कही है।

प्रिंट रेट से अधिक वसूल रहे दारू का दाम!

बिजनौर। जनपद भर में शराब ओवर रेट पर बेची जा रही है। शराब दुकान के मालिक यह कार्य आबकारी विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत कर हैं! इस वजह से दुकानों पर आएदिन सेल्समैन और ग्राहक के बीच झगड़े हो रहे हैं!

अंग्रेजी हो या फिर देसी शराब की दुकान; सभी दुकानों में प्रिट रेट से दस से बीस रुपए अधिक दर पर शराब बेची जा रही है। यही नहीं बहुत सी शराब की दुकानों पर रेट लिस्ट भी नहीं लगी है और जहां पर लगी भी है तो अवैध वसूली रोकने वाला कोई नहीं है। वहीं शिकायत के बावजूद पुलिस-प्रशासन व आबकारी विभाग कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। खास तौर पर जनपद मुख्यालय के शराब के ठेकों पर ओवर रेटिग हो रही है। हालात यह हैं कि ठंडी बीयर के एवेज में भी ग्राहकों से अवैध वसूली हो रही है।

सरेआम छलक रहे मय के प्याले

राज्य सरकार के निर्देश पर शराब की दुकानों के बराबर में कैंटीन खोलने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद शराब के शौकीन दुकानों और सड़क के किनारे खड़े होकर जाम छलकाते नजर आते हैं। ऐसे में राहगीरों और आधी आबादी पर शराब का सेवन करने वाले फब्तियां कसने से बाज नहीं आते। शाम ढलते ही शराब के शौकीन आम स्थानों पर जाम छलकाते नजर आते हैं। विभिन्न स्थानों पर होटलों व अवैध रूप से रखे खोखों में जाम छलकाते और आपस में मारपीट करते लोग नजर आते हैं।

शराब की दुकानों पर रेट लिस्ट चस्पा करने के लिए समस्त दुकानदारों को निर्देश दिए गए थे। रेट लिस्ट पर क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक का मोबाइल नंबर है। ओवर रेटिग करने पर इस पर लोग शिकायत करें, ऐसे लोगों का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।- जिला आबकारी अधिकारी।

ऐसी अराजकता के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। नगर और देहात कोतवाली निरीक्षकों को निर्देश देकर सख्ती बरतने के निर्देश दिए जाएंगे। ऐसे स्थानों को चिह्नित कर के कार्रवाई की जाएगी। -एसपी सिटी

श्रमजीवी एक्सप्रेस की पेंट्रीकार से पकड़ा शराब का जखीरा, 11 कर्मी गिरफ्तार

पटना। नालंदा में राजगीर-नई दिल्ली श्रमजीवी एक्सप्रेस की पेंट्रीकार से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की गई है। पेंट्रीकार के 11 कर्मचारियों को तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार इन कर्मचारियों की मदद से बिहार में शराब का कारोबार चल रहा था। 

राजगीर यार्ड में होनी थी सप्लाई- नई दिल्ली से राजगीर आ रही ट्रेन में मुखबिर से मिली सूचना के बाद रेल थाना, उत्पाद और एएलटीएफ की टीम ने मिलकर छापेमारी की। पुलिस को सूचना मिली थी कि पेंट्रीकार से बड़ी मात्रा में विदेशी शराब नालंदा ले जाई जा रही है। इस पर रेलवे पुलिस ने हरनौत में छापेमारी की। पुलिस ने पेंट्रीकार में मौजूद 11 कर्मचारियों को भी गिरफ्तार कर लिया। शराब की सप्लाई नालंदा रेलवे स्टेशन के पास राजगीर यार्ड में होनी थी।

रोजाना हो रही थी तस्करी- रेलवे थानाध्यक्ष ने बताया कि कुल 113 लीटर शराब बरामद की गई गई है। इसमें रॉयल स्टैग, व्हिस्की, बीयर समेत कई कंपनियों के शराब शामिल हैं। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से ये लोग प्रतिदिन शराब की खेप नालंदा ला रहे थे। इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।

तहसील स्तर पर होगी अवैध शराब की धरपकड़

लखनऊ। अवैध शराब पर अंकुश लगाने के लिए अब तहसील स्तर पर निगरानी की जाएगी। इसके लिए आबकारी विभाग द्वारा नई कार्ययोजना तैयार की जा रही है। पिछले दिनों आगरा में जहरीली शराब कांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन मामलों को सख्ती से रोकने के लिए आबकारी प्रवर्तन इकाइयों को मजबूत बनाने और स्थानीय स्तर पर उन्हें सक्रिय करने के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए थे।

इंस्पेक्टर समेत सात की तैनाती– आबकारी विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय आर.भूसरेड्डी ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि अब मानकों के आधार पर तहसील स्तर पर एक इंस्पेक्टर, चार सिपाही और दो हेड कांस्टेबिल तैनात किये जायेंगे। तहसील स्तर पर अवैध शराब बनाने और बेचने वालों की धरपकड़ के लिए प्रवर्तन इकाई को वाहन भी उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके अलावा जिन सिपाहियों के पास रायफल नहीं हैं, उन्हें रायफल उपलब्ध करवाई जाएंगी। फिलहाल हर जिला आबकारी कार्यालय में दो वाहन उपलब्ध हैं, जिनमें से एक वाहन जिला आबकारी अधिकारी के पास रहता है और दूसरा किराये पर अनुबंधित वाहन प्रवर्तन इकाई के लिए होता है, जो पूरे जिले में शराब माफिया से निबटने के लिए नाकाफी है।

36 हजार करोड़ रुपए के राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य- अपर मुख्य सचिव ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष के लिए आबकारी विभाग से 36000 हजार करोड़ रुपए के राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखा गया है। अवैध शराब बनाने, बेचने वालों के खिलाफ प्रभावी अंकुश के लिए विभाग की प्रवर्तन इकाइयों को मजबूत बनाने, उन्हें जरूरी संसाधनों से युक्त करने के लिए 200 से 300 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। हाल ही में नियुक्त किये गए 142 नए आबकारी निरीक्षक में से 130 की संस्तुति होने के बाद 80 की ट्रेनिंग शुरू हो गई है। इन्हें सीयूजी मोबाईल फोन, पिस्टल और एक्साइज मैनुअल उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।

नगर निगम के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे शराब कारोबारी

लखनऊ नगर निगम के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे शराब कारोबारी। आबकारी आयुक्त से की शिकायत। पांच गुना टैक्स बढ़ाने को लेकर गुस्सा।

लखनऊ। शहर के शराब कारोबारी नगर निगम के द्वारा चलाए जा रहे टैक्स वसूली अभियान से बहुत परेशान हो गए हैं। इसकी शिकायत शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन के द्वारा आबकारी आयुक्त से भी की गई है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष सरदार एसपी सिंह ने बताया एक तो नगर निगम लखनऊ के द्वारा शराब की दुकानों पर एकदम से 5 गुना टैक्स बढ़ा दिया गया जो कि किसी भी तरह उचित नहीं है। ऊपर से नगर निगम के द्वारा शराब की दुकानें भी बंद करवा दी जाती है। अगर नगर निगम शराब की दुकानों को सील करता है तो प्रतिदिन के सरकारी राजस्व के घाटे की जिम्मेवारी नगर निगम की होगी। शराब की दुकानें सरकारी होती हैं, जिनको बंद करवाने का अधिकार केवल लाइसेंसी प्राधिकारी/जिलाधिकारी के पास होता है। शराब की दुकानों का संचालन आबकारी विभाग को पहले से ही लाइसेंस फीस और टैक्स जमा करने के बाद ही होता है।

एसोसिएशन की बैठक में नगर निगम के द्वारा किसी भी प्रकार की कार्रवाई का पूर्ण रूप से विरोध किया गया। एसपी सिंह ने बताया अगर अब भी नगर निगम अपनी मनमानी करता रहेगा तो संपूर्ण शराब कारोबारी उसके खिलाफ सड़कों पर उतर आएंगे बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष सरदार एसपी सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरज जयसवाल, उपाध्यक्ष विकास मोहन श्रीवास्तव म, कोषाध्यक्ष शिव कुमार जयसवाल, सह कोषाध्यक्ष संजय जयसवाल व अन्य कारोबारी के साथ मीडिया प्रभारी देवेश जायसवाल भी उपस्थित रहे।

जहरीली व अवैध शराब के खिलाफ सख्त रवैया अपनाएगा प्रशासन

जहरीली व अवैध शराब के खिलाफ प्रशासन का रवैया सख्त। मौत पर संबंधित अनुज्ञापी, डीलर पर होगी कड़ी कार्रवाई।

जिले में जहरीली अथवा अवैध शराब के कारण होने वाली मृत्यु को गंभीरता से लेते हुए संबंधित क्षेत्र के अनुज्ञापी/डीलर के विरुद्ध आबकारी एक्ट की धाराओं के अलावा आईपीसी की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी तथा संबंधित अनुज्ञापी की दुकान को सील करते हुए उसे ब्लैक लिस्ट भी घोषित किया जाएगा।

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने स्पष्ट करते हुए कहा कि जिले में जहरीली अथवा अवैध शराब के कारण होने वाली मृत्यू को गंभीरता से लेते हुए संबंधित क्षेत्र के अनुज्ञापी/डीलर के विरुद्ध आबकारी एक्ट की धाराओं के अलावा आईपीसी की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी तथा संबंधित अनुज्ञापी की दुकान को सील करते हुए उसे ब्लेक लिस्ट घोषित किया जाएगा। उन्होंने पुलिस एवं आबकारी विभाग के अधिकारियों के साथ शराब अनुज्ञापियों को निर्देश दिए कि अवैध शराब का कारोबार करने वालों के विरुद्ध कड़ी रजर रखें। 

अनुज्ञापियों एवं सेल्समेन का पुलिस वेेरिफिकेशन- जिलाधिकारी श्री मिश्रा कलक्ट्रेट सभागार में विषाक्त मदिरा के सेवन से जन हानि को रोकने तथा मिथाईल एल्कोहल के पेय मदिरा के रूप में दुरूपयोग को समाप्त करने के सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दे रहे थे। उन्होंने उप जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए अवैध शराब के संबंध में प्राप्त होने वाली सूचनाओं को संकलित कर दोषी के विरूद्व कड़ी कार्यवाही अमल में लाएं तथा तहसील क्षेत्रों में भी अवैध शराब की बिक्री को रोकने के लिए सतर्क निगरानी रखें। उन्होंने जिला आबकारी अधिकारी को निर्देश दिये कि सभी अनुज्ञापियों एवं सेल्समेनों का पुलिस वेेरिफिकेशन कराना सुनिश्चित करें बिना चरित्र वेरिफिकेशन पाए जाने वालों के खिलाफ कार्यवाही करें। इसी के साथ उन्होंने सभी अनुज्ञापियों को निर्देश दिए कि शराब की दुकानों में सीसीटीवी कैमरा शत प्रतिशत रूप से लगवाएं।

अनुज्ञापी, सैल्समेन, आबकारी निरीक्षक के खिलाफ कड़ी दण्डात्मक कार्यवाही-उन्होंने उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि लाईसेंस, चरित्र वेरिफिकेशन, सीसीटीवी केमरा न पाए जाने तथा बोतलों की सील टूटी हुई पाने पर संबंधित अनुज्ञापी एंव सैल्समेन के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही अमल में लाएं। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि जिले में किसी भी अवस्था में अवैध शराब की बिक्री नहीं होने दी जाएगी और यदि किसी दुकान से खरीदी हुए अवैध शराब पीने के कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो संबंधित अनुज्ञापी एवं सैल्समेन के साथ आबकारी निरीक्षक के खिलाफ कड़ी दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वि/रा अवधेश कुमार मिश्रा, अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार, जिला आबकारी अधिकारी सहित उप जिलाधिकारी एवं क्षेत्राधिकारी पुलिस मौजूद थे।

एबीपी गंगा के पत्रकार की संदिग्ध हालत में मौत, दो दिन पहले जताई थी हत्या की आशंका

एबीपी गंगा के पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की फाइल फोटो

एबीपी गंगा के पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की प्रतापगढ़ में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. उन्होंने दो दिन पहले ही अपनी हत्या की आशंका जताई थी.

लखनऊ. प्रतापगढ़ में एबीपी गंगा के संवाददाता सुलभ श्रीवास्तव की संदिग्ध हालत में मौत हो गई है. दो दिन पहले ही उन्होंने अपनी हत्या की आशंका जताई थी. उन्होंने प्रयागराज जोन के एडीजी को पत्र लिखकर शराब माफियाओं के हाथों हत्या का अंदेशा जताया था. उन्होंने पत्र लिखकर कहा था कि शराब माफियाओं से उनकी जान को खतरा है. सुलभ की मौत की वजह सड़क हादसा बताया जा रहा है.

शरीर पर चोट के कई निशान
कटरा इलाके में उनकी बाइक के साथ हादसा हुआ है. बारिश की वजह से सड़क पर फिसलन थी. जिस वजह से बाइक पलटने की आशंका जताई जा रही है. सुलभ के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं. ये हादसा उस वक्त हुआ जब सुलभ क्राइम ब्रांच द्वारा अपराधियों को पकड़े जाने की खबर की कवरेज कर घर लौट रहे थे. गंभीर रूप से घायल हुए सुलभ को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई. हादसा बीती रात करीब साढ़े 9 बजे हुए.

संजय सिंह ने साधा निशाना
उधर, पत्रकार की मौत को लेकर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने निशाना साधा है. संजय सिंह ने इसे हत्या करार दिया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, “शराब माफियाओं के खिलाफ खबर चलाने के कारण यूपी में एक पत्रकार की हत्त्या हो जाती है जबकि एक दिन पहले सुलभ जी ने एडीजी को पत्र लिखकर हत्त्या की आशंका जताई थी लेकिन सब सोते रहे.”

शराब माफियाओं का प्रदेश में मौत का तांडव: प्रियंका गांधी
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी पत्रकार की मौत को लेकर योगी सरकार पर हमला करने से नहीं चूकीं. उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या जंगलराज को पालने-पोषने वाली यूपी सरकार के पास पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव जी के परिजनों के आंसुओं का कोई जवाब है?

ठेके के पास भी पी शराब तो नाप दिए जाओगे!

लखनऊ। अलीगढ़ में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद शासन अवैध शराब बनाने वालों के ऊपर कार्रवाई को लेकर सख्त हो गया है।

मलिहाबाद उपजिलाधिकारी अजय कुमार राय ने पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर क्षेत्र में चल रहे शराब के सभी ठेकों का औचक निरीक्षण करते हुए सभी के लाइसेंस देखें तथा उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान प्रत्येक ठेकों से शराब के उपयुक्त नमूनों को जांच के लिए भेजा गया। इसके साथ ही रजिस्टर्ड सेल्समैन को ही बैठने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी शराब खरीदने वाला, खरीदने के बाद ठेके के आसपास बैठकर शराब न पीये अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मलिहाबाद उप जिलाअधिकारी ने बताया कि क्षेत्र के सभी गांव में अभियान चलाकर सभी शराब के ठेकों का निरीक्षण किया गया तथा उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के सभी शराब के ठेकों को आवश्यक दिशा निर्देश पालन करने को कहा गया है और उसके साथी प्रशासन अवैध शराब की भट्टी चलाने वालों पर कड़ी नजर रखे हुए हैं यदि इस प्रकार की कोई शिकायत मिलती है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं लखनऊ ग्रामीण पुलिस अधीक्षक हृदेश कुमार के दिशा निर्देशन में अवैध शराब बनाने को लेकर मलिहाबाद पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है ।

लखनऊ में सौभाग्य लॉन से 600 पेटी किंगफिशर बीयर बरामद

लखनऊ। जानकीपुरम थाना अंतर्गत सौभाग्य लॉन से करीब 600 पेटी किंगफिशर बीयर बरामद।

घटनास्थल पर आईपीएस प्राची सिंह मौजूद एसीपी अलीगंज व प्रभारी निरीक्षक जानकीपुरम बृजेश सिंह भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर मौजूद।

लॉकडाउन में बेचने के लिए एक लॉन में इकट्ठा की गई थी 600 पेटी किंगफिशर की बियर।

भारी मात्रा में सेक्टर 2 जानकीपुरम स्थित सौभाग्य लॉन से बीयर बरामद।

नार्थ जोन पुलिस की बड़ी कार्रवाई भारी मात्रा में बीयर बरामद।

अब शराब पर भी कोरोना की मार, सरकार ने लगाया कोविड सेस

कोरोना ने सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त कर के रख दी हैं। यही हाल अर्थव्यवस्था का भी है। इसी के चलते राजस्व घाटे को पूरा करने के लिए प्रदेश की योगी सरकार ने शराब की कीमतों में बढ़ोत्तरी कर दी है। सरकार ने आबकारी नीति 2021-22 में संशोधन करते हुए विशेष अतिरिक्त कोविड सेस लगा दिया है। शराब अब प्रति 90 एमएल पर 10 रुपए से लेकर 40 रुपए तक महंगी हो गई है।

लखनऊ। कोरोना की दूसरी लहर के प्रकोप के बीच बढ़ते राजस्व घाटे को पूरा करने के लिए प्रदेश की योगी सरकार ने शराब की कीमतों में बढ़ोत्तरी कर दी है। दरअसल, सरकार ने आबकारी नीति 2021-22 में संशोधन करते हुए विशेष अतिरिक्त कोविड सेस लगा दिया है। इसकी वजह से शराब अब 10 रुपए से लेकर 40 रुपए तक महंगी हो गई है।

कोरोना की पहली लहर में भी यह अतिरिक्त सेस लगाया गया था, लेकिन उसे मौजूदा सत्र में समाप्त कर दिया गया था। आबकारी नीति 2021-22 में हुए संशोधन के मुताबिक रेगुलर केटेगरी की शराब पर प्रति 90 एमएल 10 रुपए कोविड सेस लगाया गया है।

इसी तरह प्रीमियम केटेगरी शराब पर भी प्रति 90 एमएल 10 रुपए बढ़ोत्तरी की गई है। सुपर प्रीमियम पर प्रति 90 एमएल 20 रुपए, स्कॉच पर प्रति 90 एमएल 30 रुपए और विदेशों से आयातित शराब पर भी प्रति 90 एमएल 40 रुपए अतिरिक्त कोविड सेस लगाया गया है। इस संबंध में सोमवार को शासनादेश जारी कर दिया गया।

इससे पहले यूपी सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 की शुरुआत होते ही शराब के दाम बढ़ाए थे। दूसरे देशों से आने वाली स्कॉच, वाइन, व्हिस्की, वोदका समेत अन्य सभी शराबों पर परमिट फीस को बढ़ा दिया था। 1 अप्रैल 2021 को आए सर्कुलर के मुताबिक, यूपी में अंग्रेजी शराब के दामों पर 15 से 20 फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी, वहीं बीयर की कीमतों में 10 से 20 रुपए की कमी की गई थी। इसके साथ ही नियम बना दिया गया था कि यूपी में एक अप्रैल से 21 वर्ष से कम उम्र का व्यक्ति शराब नहीं खरीद पाएगा।

बिजनौर शहर में शराब की दुकानों पर छापे

शराब की दुकानों पर छापामारी, मचा हड़कंप
बिजनौर। तमाम शिकायतें मिलने के बाद मंगलवार को आखिरकार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने शराब की दुकानों पर चेकिंग अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान शराब की दुकानों पर हड़कंप मच गया। कई दुकानों पर पिछले कई दिन की शराब ब्रिकी का कोई रिकार्ड नहीं मिला। कई स्थानों पर खामियां मिलने के बाद दुकान स्वामी पर आबकारी एक्ट के तहत जुर्माना लगाया गया।
जानकारी के अनुसार मंगलवार को एसडीएम विक्रमादित्य सिंह मलिक, सीओ कुलदीप गुप्ता, तहसीलदार व आबकारी अधिकारी ने संयुक्त रूप से बिजनौर शहर में शराब की दुकानों की चेकिंग की। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों की टीम को इस दौरान कई दुकानों पर शराब लाइसेंस की वास्तविक प्रति नहीं मिली। अधिकांश दुकान स्वामियों ने लाइसेंस की प्रमाणित प्रति लगाई हुई थी। स्टॉक रजिस्टर में पिछले दो-तीन दिनों की एंट्री भी नहीं मिली। इसके अलावा सेल्समैन के स्थान पर कोई बाहरी व्यक्ति शराब बेचता पाया गया। ज्वांइट मजिस्ट्रेट के निर्देश पर आबकारी एक्ट के अंर्तगत दुकान स्वामियों पर जुर्माना लगाया गया।

ओवर रेटिंग हुई आम बात
गौरतलब है कि शराब की दुकानों पर ओवररेटिंग आम बात हो गई है। मिलावट की शिकायतें भी आम हो गई हैं। ज्यादा बिकने वाले ब्रांड दुकानों से गायब रहते हैं। मॉडल शाप व बार के अलावा कहीं और पीने की मनाही होने के बावजूद शराब की दुकानों पर अक्सर बाहरी लोगों को शराब पीते देखा जाता है।

अंग्रेजी शराब ठेके से बरामद उत्तराखंड की अवैध शराब

अंग्रेजी शराब ठेके से उत्तराखंड की अवैध शराब बरामद। पंचायत चुनाव में खपाने की थी योजना। सेल्समैन व महिला अनुज्ञापी के खिलाफ केस दर्ज।

बिजनौर। आबकारी विभाग व नूरपुर पुलिस ने छापामारी कर अंग्रेजी शराब की दुकान से उत्तराखंड की अवैध अंग्रेजी शराब का जखीरा बरामद किया है। इस मामले में दुकान के सेल्समैन के अलावा महिला अनुज्ञापी के विरुद्ध राजस्व हानि पहुंचाने समेत आबकारी अधिनियम में मामला दर्ज कराया गया है। उक्त शराब त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में खपाने की योजना थी। जानकारी के अनुसार आबकारी विभाग के अधिकारियों को मुखबिर से सूचना मिली धामपुर मार्ग स्थित ग्राम ऊमरी स्थित एक अंग्रेजी शराब की दुकान पर उत्तराखंड की अवैध शराब बरामद हो सकती है। इस पर गठित टीम में आबकारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह, नूरपुर पुलिस के एसआई राजकुमार वर्मा ने उक्त दुकान पर छापेमारी कर उत्तराखंड राज्य की अवैध अंग्रेजी शराब का जखीरा बरामद कर लिया। छापेमारी के दौरान दुकान परअवैध रूप से बेचने के लिए लाई गई उत्तराखंड प्रदेश की 60 बोतल, 69 अद्धे एवं 91 पव्वे बरामद किए गए। इसके अलावा टीम ने दुकान पर उत्तर प्रदेश में बिक्री की 319 बोतल, 575 अद्धे एवं 1725 पव्वे भी जब्त कर लिए। मौके से दुकान सेल्समैन छात्रपाल सिंह पुत्र वीर सिंह निवासी चौहड़पुर थाना बछरायूं जनपद अमरोहा को गिरफ्तार कर लिया गया। आबकारी निरीक्षक ने दुकान के सेल्समैन छत्रपाल सिंह और अनुज्ञापी चित्रा देवी पत्नी सुधीर कुमार निवासी ढक्का कर्मचंद धामपुर के विरुद्ध राजस्व को हानि पहुंचाने समेत आबकारी अधिनियम में मामला दर्ज कराया है। आरोप है कि क्षेत्र में लगातार शराब माफिया खुलेआम अवैध शराब का कारोबार कर रहे हैं। शराब माफिया को किसी बात का डर या खौफ नजर नहीं आता। क्षेत्र में कई शराब माफिया करोड़ों की संपत्ति के मालिक बन गए हैं ।

होटलों में सरेआम बिकती दारू, ग्राहक बन पहुंचे ASP का छापा

मेरठ। सदर बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत भैसाली बस अड्डे के सामने होटलों पर देर रात कस्टमर बनकर पहुंचे एएसपी कैंट सूरज राय ने छापा मारा। मौके पर पहुंची पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया। मौके से भारी मात्रा में शराब बरामद की गई। छापे की भनक लगते ही आसपास के होटलों में हड़कंप मच गया।

एएसपी सूरज राय देर रात करीब सवा दस बजे सादा कपड़ों में कुछ पुलिसकर्मियों के साथ रोडवेज बस अड्डे के सामने होटल पर पहुंचे। उन्होंने ग्राहक की तरह वहां बैठ कर बीयर का आर्डर किया। कुछ ही देर में बीयर उनके सामने टेबल पर थी। इसके बाद वह कुछ पुलिसकर्मियों के साथ अन्य होटलों में भी ग्राहक बनकर पहुंचे और इसी प्रकार दोहराया। अवैध शराब बेचे जाने का मामला पुष्ट होते ही एएसपी ने इंस्पेक्टर सदर बाजार विजेंद्र पाल राणा को फ़ोर्स के साथ बुला लिया। वहीं एकाएक पुलिस को देखकर होटलों में शराब पी रहे लोग व कई होटल संचालक भाग निकले। पुलिस ने तीन होटलों से कई लोगों को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया।

एएसपी कैंट सूरज राय के अनुसार होटलों के अंदर जमकर शराब की बिक्री के साथ परोसी भी जा रही थी। उनकी आंखों के सामने ही धड़ाधड़ शराब बिक रही थी। जैसे ही पुलिस एक्शन में आई, वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। खाना खाते कई लोग भी खाना छोड़ कर भाग खड़े हुए। एएसपी ने होटल सील कर दिया। कई होटल मालिकों, कर्मचारियों व ग्राहकों को हिरासत में लेकर थाने लाया गया है।

तीन होटल लाभ महल, खालसा और शेरे-पंजाब पर कार्रवाई की गई। दिल्ली-हरियाणा की शराब भी बरामद की गई है। गोदाम कहीं और बनाया हुआ है, वहीं से शराब लाई जा रही है। संबंधित होटल संचालकों पर कार्रवाई की जा रही है। – सूरज राय, एएसपी कैंट

बिहार: 9 ट्रकों में पकड़ी गई 5 करोड़ की अवैध शराब

9 ट्रकों में पकड़ी गई 5 करोड़ की अवैध शराब पेटियां गिनते-गिनते अफसरों को छूटा पसीना
पटना। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद प्रशासन की नाक के नीचे अवैध रूप से शराब की तस्करी हो रही है। यह खुलासा तब हुआ, जब उत्पाद विभाग ने पटना में अब तक की सबसे बड़ी शराब की खेप पकड़ी।  उत्पाद विभाग ने 9 ट्रकों में लदी शराब की 5 हजार पेटियां बरामद की हैं, जिनकी कीमत 5 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस मामले में लापरवाही के आरोप में पटना सिटी बाईपास थाने के प्रभारी और चौकीदार को निलंबित कर दिया गया है।

उत्पाद विभाग के आयुक्त कृष्णा पासवान ने बताया कि आज से पहले अवैध शराब की इतनी बड़ी कंसाइनमेंट कभी नहीं पकड़ी गई थी। 9 ट्रक के करीब शराब पकड़ी गई है, जिसमें पांच हजार पेटियां हैं। जब्त शराब की पेटियों को उत्पाद विभाग के गोदाम तक ले जाने में 24 घंटे का समय लगा, जिसके बाद इसे सील कर दिया गया। पुलिस ने इस मामले में अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शराब तस्करी के मामले में जमीन मालिक को भी गिरफ्तार किया है। उसकी जमीन पर गोदाम बना था और वहीं शराब रखी जा रही थी। उसके घर से 4 लाख रुपये कैश और शराब की दो बोतलें भी बरामद हुई है। पुलिस के मुताबिक अवैध शराब की तस्करी करने वाला मुख्य आरोपी दूसरे राज्य का है। यही वजह है कि गोदाम में मजदूर भी दूसरे राज्य के ही काम करते थे ताकि किसी को कानों कान खबर तक ना हो।

वहीं इस मामले में पकड़े गए जमीन मालिक के परिजनों ने गलत फंसाने का आरोप लगाया है। उसके परिजनों ने किराएदारों के साथ हुए एग्रीमेंट को दिखाते हुए कहा कि जिस जगह से शराब पकड़ी गई है वो रामेंद्र शर्मा नाम के शख्स ने किराए पर ली थी जो उत्तर प्रदेश के आगरा का रहने वाला है। जमीन मालिक के परिजनों के मुताबिक गोदाम बनाने के लिए 9800 वर्ग फीट की जगह को हर महीने 1 लाख 47 हजार रुपए किराए पर दिया गया था। मकान मालिक के परिजनों ने बताया कि रामेंद्र शर्मा के घर का स्थायी पता उनके पास नहीं है।

लाइसेंस लेकर रख सकेंगे घर में लिमिट से ज्यादा शराब

यूपी: घर में लिमिट से ज्यादा शराब रखने के लिए लेना होगा लाइसेंस, नियम तोड़ने पर 3 साल की जेल, 2000 रुपए जुर्माना

Sunday, January 24, 2021 6:53 pm /by Editor

लखनऊ। यूपी सरकार ने घर में शराब रखने के लिए नए नियम-कायदे तय कर दिये हैं। इसके तहत तय लिमिट से ज्यादा शराब रखने के लिए लाइसेंस लेना होगा। लाइसेंस के लिए 12 हजार रुपए सालाना फीस चुकानी होगी। शुरुआत में 51 हजार रुपए की गारंटी भी देनी पड़ेगी। इन नियमों का सीधा मतलब है कि अब लोग बिना लाइसेंस के घर में निजी बार नहीं बना पाएंगे। नियम तोड़ने पर 3 साल तक की जेल हो सकती है। योगी सरकार ने आबकारी नीति में यह बदलाव किया है। इसके तहत पर्सनल बार के लिए फीस देनी होगी। एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजय एस भूसरेड्डी ने कहा कि नई आबकारी नीति के तहत बिना लाइसेंस के घर में तय लिमिट से ज्यादा शराब रखने पर कार्रवाई होगी। प्रदेश में 7.84 लीटर अल्‍कोहल ही घर में रखने की इजाजत है।

21 साल से कम उम्र, तो पर्सनल बार में भी नो एंट्री- नए सर्कुलर में कहा गया है कि होम लाइसेंस के लिए वही लोग अप्लाई कर पाएंगे, जो पिछले 5 साल से इनकम टैक्स भर रहे हैं। लाइसेंस लेने के लिए अप्लाई करते वक्त इनकम टैक्स रिटर्न की रसीद भी देनी होगी। पैन कार्ड और आधार कार्ड की कॉपी लगानी होगी। साथ ही एफिडेविट देना होगा कि 21 साल से कम उम्र वाले को शराब रखे जाने वाली जगह पर नहीं जाने दिया जाएगा।

नियम तोड़ने पर 3 साल की जेल, 2000 रुपए जुर्माना- घर में लिमिट से ज्यादा शराब मिलने पर 3 साल की जेल और कम से कम 2000 रुपए का जुर्माना हो सकता है। प्रदेश में शराब की खपत पर नजर रखने के लिए बनाए आबकारी एक्ट-1910 के मुताबिक, 7.84 लीटर से ज्‍यादा अल्‍कोहल रखना गैर कानूनी है। इस एक्‍ट के सेक्‍शन-60 के तहत शराब को लाने-ले जाने, बनाने और ज्यादा मात्रा में रखने पर जुर्माने का प्रावधान है।

इंज्वाय के नाम पर नशे की ओर भाग रहे देश के युवा: सांसद कौशल किशोर

पीवीआर पब्लिक जूनियर हाई स्कूल में नशा मुक्त अभियान

मलिहाबाद में आयोजित हुआ नशा मुक्ति अभियान का पहला संकल्प समारोह, ग्रामीण युवाओं ने लिया नशा न करने का संकल्प। कौशल मिशन प्रशिक्षण केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर सांसद ने युवाओं को दिलाया नशा न करने का संकल्प।

लखनऊ। मैं उन घरों के चिरागों को जलाये रखना चाहता हूं, जो नशे की आँधी में बुझ जाया करते हैं। कुछ इसी अंदाज में मोहनलालगंज से भाजपा सांसद कौशल किशोर ने मलिहाबाद के अटौरा गांव स्थित पीवीआर पब्लिक जूनियर हाईस्कूल स्कूल में आयोजित नशा मुक्ति संकल्प समारोह में छात्र एवं छात्राओं को सम्बोधित किया। ‘कौशल विकास मिशन’अंतर्गत विद्यालय कैम्पस में खोले गए प्रशिक्षण केन्द्र का उद्घाटन करने पहुंचे क्षेत्रीय सांसद ने छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि नशा एक ऐसी गम्भीर बीमारी है, जिसकी चपेट में युवा वर्ग तेजी से आता है, उसे हम नशे की इस बीमारी से बचना चाहते है। सांसद ने भावुक होते हुए कहा कि इस नशे की वजह से हमने अपना जवान बेटा खोया है। जब किसी मां बाप के कंधे पर जवान बेटे की अर्थी होती है, वह दर्द क्या होता है, उसको भी हमने सहा है। उन्होंने समारोह में आये सैकड़ों छात्र-छात्राओं व ग्रामीणों की ओर इशारा करते हुए कहा कि आज का युवा वर्ग शौकिया तौर पर साथी संघियों के साथ नशे की संगत में पड़ जाता है। वह लोग यह कहकर नशे की शुरुआत करा देते हैं कि आज तो होली है, आज न्यू ईयर है, आज वैलेंटाइन डे है, आज तो इंज्वॉय बनता है। थोड़ी सी पी लो, फिर मत पीना, जिसे हम आप भी अनदेखा कर देते है। हमारी आपकी बस इसी एक गलती से युवाओं की बर्बादी शुरू हो जाती है। अगर आपने पहले दिन ही किसी प्रकार के नशे के लिए मना कर दिया तो फिर जिंदगी भर खुशियां आपका दामन नहीं छोड़ेंगी।

उन्होंने कहा कि केन्द्र व प्रदेश की भाजपा सरकारें युवाओं को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से कौशल विकास मिशन के तहत गांव गांव प्रशिक्षण करा रही हैं, ताकि देश का युवा खुद प्रशिक्षित होकर खुद का बिजनेस शुरू कर सके। इस लिए नशे को न, खुशियों को हां कहते हुए प्रशिक्षण प्राप्त करें और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान दें। इस मौके पर कौशल विकास मिशन के प्रोजेक्ट हेड मनीष प्रताप सिंह, ब्लॉक प्रमुख काकोरी राम बिलास रावत, पूर्व प्रधान पुरवा रमेश चन्द्र,बन्धन इंफ्रा स्टेट के सीएमडी अनीत सिंह, एमडी विपिन कुमार रावत, अजय यादव मीनू वर्मा, अमरेश मौर्य,निरंजन सिंह, लल्ला यादव, शेखर कनौजिया सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।