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update रहें…हर दम, हर पल

  • बीहड़ में डकैतों की आस्था का बड़ा केंद्र रहे मंदिर के विकास को ₹1 करोड़

    लखनऊ, (01 अक्टूबर 2025)। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने आदि शक्ति उपासकों और श्रद्धालुओं को बड़ा उपहार दिया है। मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों के विकास योजना अंतर्गत कानपुर देहात के कथरी स्थित प्राचीन कात्यायनी देवी मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 1 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया, कि ‘कात्यायनी देवी मंदिर शक्ति आराधना का महत्वपूर्ण स्थल है। सरकार का उद्देश्य इस प्राचीन व धार्मिक स्थल को पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त बनाना है, जिससे श्रद्धालु और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सके।

    मंत्री जयवीर सिंह ने बताया… ‘उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग का प्रयास है कि कथरी स्थित कात्यायनी देवी मंदिर को क्षेत्रीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।’

    कानपुर देहात को धार्मिक मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए पर्यटन विभाग ने कथरी स्थित प्राचीन कात्यायनी देवी मंदिर के समेकित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इस परियोजना के तहत पर्यटन स्थल पर सौंदर्यीकरण, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, सूचना केंद्र और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इन सुविधाओं के विकसित होने से न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि जनपद की पौराणिक और सांस्कृतिक धरोहर को भी नई पहचान मिलेगी।

    मां कात्यायनी को देवी दुर्गा का छठा रूप माना जाता है। मान्यता है कि जो भी भक्त विशेषकर नवरात्र में श्रद्धा से मां कात्यायिनी का पूजन करता है, उसकी मनोकामना पूर्ण होती है। यह मंदिर बीहड़ के डाकुओं की आस्था का बड़ा केंद्र माना जाता रहा है। क्षेत्र में डाकुओं द्वारा सबसे पहले ध्वज चढ़ाने की कई कहानियां प्रचलित हैं। सांसद बनने के बाद फूलन देवी भी यहां पूजन करने आईं थीं। किंवदंती के अनुसार, कालांतर में शाहजहांपुर के तत्कालीन राजा गजाधर दुबे ने पुत्र-प्राप्ति की मन्नत पूरी होने पर भव्य मंदिर का निर्माण कराया था।

    यह प्राचीन मंदिर इटावा रोड पर शाहजहांपुर गांव से लगभग छह किलोमीटर तथा तहसील मुख्यालय भोगनीपुर से करीब 16 किलोमीटर की दूरी पर बीहड़ में स्थित है। कानपुर नगर से मंदिर की दूरी करीब 85 किलोमीटर है। नवरात्रि के समय इस मंदिर में बड़ा मेला लगता है। मेले में निकटवर्ती जनपदों के भी श्रद्धालु एवं भक्तगण बड़ी संख्या में आते हैं।

    पर्यटन के लिहाज से कानपुर देहात उभरता जिला है। यहां दुर्वासा ऋषि आश्रम, 500 साल पुराना बरगद वृक्ष सहित कई दर्शनीय स्थल हैं। जनपद में वर्ष 2024 में 9,47,914 लाख से अधिक पर्यटक आए थे। वहीं, वर्ष 2025 की पहली तिमाही (जनवरी से मार्च) में ही 2,63,679 से अधिक सैलानियों ने जिले का रुख किया। बढ़ते पर्यटक आगमन से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल रहे हैं।

    उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, ‘धार्मिक पर्यटन में उत्तर प्रदेश अन्य राज्यों की तुलना में पहले पायदान पर है। कानपुर देहात प्राचीन और पौराणिकता स्थलों के लिए विख्यात है। सरकारी प्रयास है कि चर्चित स्थलों को विश्व पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त तरीके से स्थापित किया जाए। साथ ही, अल्पज्ञात स्थलों को भी प्रदेश की पहचान से जोड़ते हुए प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित किया जाए।’

  • ड्राफ्ट्समैन को अभियंता का लाइसेंस: नियत प्राधिकारी की कार्यशैली पर सवाल !

    Target Tv Live

    https://targettvlive.com/104023/

    कैसे हुआ नियमों का उल्लंघन ?

    नियमों के अनुसार, अभियंता का लाइसेंस केवल योग्यताधारी इंजीनियर को ही प्रदान किया जा सकता है, जिसे मान्यता प्राप्त संस्थान से डिग्री या डिप्लोमा प्राप्त हो। लेकिन, इस मामले में नियत प्राधिकारी ने एक ड्राफ्ट्समैन को अभियंता के रूप में मान्यता दे दी, जो सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है। सूत्रों के अनुसार, इस प्रक्रिया में न केवल तकनीकी मानकों को नजरअंदाज किया गया, बल्कि इस निर्णय से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है। एक गैर-प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा अभियंता की भूमिका निभाना सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

  • इस्लामपुर दास में रेडियो संदेश 89.6 ने ‘सेहत सही लाभ कई’ अभियान के तहत ग्रामीणों को किया जागरूक

    सर्दियों में सेहत का रखें ख्याल, सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव: रेडियो संदेश

    ~ भूपेंद्र निरंकारी

    बिजनौर। कुंवर सत्यवीरा इंजीनियरिंग कॉलेज द्वारा संचालित रेडियो संदेश 89.6 ने जन जागरूकता की अपनी मुहिम को आगे बढ़ाते हुए ग्राम इस्लामपुर दास में एक विशेष जागरूकता बैठक का आयोजन किया। श्री नरेश शर्मा के आवास पर आयोजित इस बैठक का मुख्य विषय ‘सेहत सही लाभ कई’ रहा, जिसमें कड़ाके की ठंड से होने वाली बीमारियों और उनसे बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

    बदलते मौसम में सावधानी जरूरी

    रेडियो टीम के सदस्य मनोज यादव ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में बढ़ती ठंड के कारण सर्दी, जुकाम, वायरल बुखार और कोल्ड एलर्जी जैसी समस्याएं तेजी से पनप रही हैं। इन बीमारियों के लक्षण दिखते ही तुरंत सही उपचार लेना आवश्यक है, अन्यथा यह गंभीर रूप ले सकती हैं।

    खान-पान और पहनावे पर दें ध्यान

    टीम के सदस्य सुनील भारद्वाज ने सुरक्षात्मक उपाय साझा करते हुए बताया कि ठंड के प्रकोप से बचने के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े, कैप और मफलर का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि बेहतर इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) के लिए पोषण युक्त आहार लें। ताजा भोजन, हरी सब्जियां और मौसमी फलों को अपनी डाइट में शामिल करें ताकि शरीर बीमारियों से लड़ने के लिए सक्षम बना रहे।

    ग्रामीणों की उत्साहजनक उपस्थिति

    इस जागरूकता अभियान में गांव के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से प्रभाकर शर्मा, इसरार अहमद, शाहना, मोनू, योगेंद्र सिंह, हर्ष कुमार, जलील अहमद, राजवीर सिंह और हरिराम शामिल थे। कार्यक्रम को सफल बनाने में रेडियो टीम से श्यामल मंडल, मनोज यादव और डॉ. शबनम का विशेष सहयोग रहा।

    संस्थान के पदाधिकारियों ने दी बधाई

    रेडियो सचिव स्वाति वीरा एवं निदेशक डॉ. अमित कुमार बंसल ने रेडियो संदेश की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना रेडियो संदेश का प्राथमिक लक्ष्य है और इसके लिए पूरी टीम बधाई की पात्र है।

  • फूलों से लद जाएगा आपका बगीचा

    सर्दियों में गुलाब की रंगत बढ़ाएगी मात्र 10 रुपये की फिटकरी

    खास बात:
    * मिट्टी का pH लेवल ठीक करती है फिटकरी।
    * कीटों और फंगस से बचाकर जड़ों को बनाती है मजबूत।
    * महीने में सिर्फ एक बार इस्तेमाल से दिखता है जादुई असर।

    ~ शैली सक्सेना

    लखनऊ/नई दिल्ली/बागवानी डेस्क: सर्दियों का मौसम दस्तक दे चुका है और बागवानी के शौकीनों के लिए यह गुलाब के पौधों की देखभाल का सबसे महत्वपूर्ण समय है। अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि उनका गुलाब का पौधा हरा-भरा तो है, लेकिन उसमें कलियां नहीं आ रही हैं। अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो रसोई में इस्तेमाल होने वाली मात्र 5-10 रुपये की फिटकरी (Alum) आपके बगीचे की कायापलट कर सकती है। आइए जानते हैं गुलाब के लिए फिटकरी के फायदे और इसके इस्तेमाल का सही तरीका…

    गुलाब के लिए क्यों ‘वरदान’ है फिटकरी?

    फिटकरी में मुख्य रूप से एल्युमिनियम और पोटैशियम सल्फेट पाया जाता है। गुलाब के पौधों को फलने-फूलने के लिए थोड़ी अम्लीय (Acidic) मिट्टी की आवश्यकता होती है। कई बार लगातार पानी देने या खाद के गलत इस्तेमाल से मिट्टी क्षारीय (Alkaline) हो जाती है, जिससे पौधा पोषक तत्व सोखना बंद कर देता है। फिटकरी मिट्टी के pH स्तर को संतुलित करती है। इसके अलावा, यह एक प्राकृतिक कीटनाशक (Pesticide) के रूप में कार्य करती है, जो जड़ों में लगने वाले हानिकारक कीटों और फंगस को खत्म करती है।

    फिटकरी का घोल तैयार करने की विधि

    फिटकरी का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतनी जरूरी है, क्योंकि इसकी अधिकता मिट्टी को नुकसान भी पहुंचा सकती है। इसे इस्तेमाल करने के दो प्रमुख तरीके हैं:

    तरल घोल (Liquid Solution): एक लीटर पानी में फिटकरी का एक छोटा टुकड़ा (लगभग 20-30 ग्राम) डालकर 5 मिनट के लिए छोड़ दें। जब पानी हल्का दूधिया होने लगे, तो टुकड़ा बाहर निकाल लें। अब इस पानी को पौधे की जड़ों में डालें।

    पाउडर विधि: फिटकरी को पीसकर महीन पाउडर बना लें। एक गमले के लिए आधा छोटा चम्मच पाउडर काफी है। इसे मिट्टी में चारों ओर छिड़क कर हल्की गुड़ाई कर दें।

    विशेष टिप: फिटकरी डालने से एक दिन पहले गमले की मिट्टी की गुड़ाई करें और उसे थोड़ा सूखने दें। सूखी मिट्टी घोल को जड़ों तक गहराई से सोखती है।

    सर्दियों में गुलाब को फूलों से भरने के 5 अचूक उपाय
    सिर्फ फिटकरी ही नहीं, गुलाब की बेहतर ग्रोथ के लिए इन पांच बातों का ध्यान रखना भी अनिवार्य है:
    1. धूप की खुराक: गुलाब ‘धूप का प्रेमी’ पौधा है। सर्दियों की हल्की धूप में इसे कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप वाली जगह पर रखें।
    2. पानी का संतुलन: सर्दियों में वाष्पीकरण कम होता है, इसलिए अधिक पानी देने से बचें। जब ऊपर की एक इंच मिट्टी सूखी दिखे, तभी पानी दें।
    3. सही समय पर प्रूनिंग (छंटाई): सूखी टहनियों और मुरझाए हुए फूलों को समय-समय पर काटते रहें। इससे पौधे की ऊर्जा नई शाखाएं और कलियां बनाने में लगती है।
    4. जैविक खाद का पोषण: 15-20 दिनों के अंतराल पर गोबर की खाद, वर्मीकम्पोस्ट या सरसों की खली का तरल फर्टिलाइजर दें।
    5. सावधानी है जरूरी: फिटकरी का प्रयोग महीने में सिर्फ एक बार ही करें। बार-बार इसके इस्तेमाल से मिट्टी जरूरत से ज्यादा अम्लीय हो सकती है, जो पौधे को सुखा सकती है।

    अगर आप धूप, पानी और खाद के साथ फिटकरी का सही तालमेल बिठा लेते हैं, तो इस सर्दी आपका बगीचा न सिर्फ गुलाब की खुशबू से महकेगा, बल्कि फूलों के आकार और रंग में भी स्पष्ट सुधार दिखेगा।

    💡 एक्सपर्ट की सलाह: अधिक फूलों के लिए ‘सीक्रेट फर्टिलाइजर’
    यदि फिटकरी के साथ आप घर में बची हुई इस्तेमाल की गई चाय की पत्ती (अच्छी तरह धोकर सुखाई हुई) मिट्टी में मिलाते हैं, तो यह सोने पर सुहागा का काम करती है। चाय की पत्ती में मौजूद नाइट्रोजन और फिटकरी का अम्लीय गुण मिलकर गुलाब को नर्सरी जैसा लुक देते हैं।

  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल (गंज इकाई) की बैठक में स्थानीय समस्याओं पर हुई चर्चा

    व्यापारी एकजुट रहें, एकता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति: वासु अग्रवाल

    बिजनौर (भूपेंद्र निरंकारी)। पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, इकाई नगर गंज की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार देर शाम सरस्वती शिशु मंदिर, गंज में संपन्न हुई। बैठक में व्यापारियों की समस्याओं पर गहन मंथन किया गया और संगठन की मजबूती पर जोर दिया गया।

    एकता में ही बल है

    बैठक को संबोधित करते हुए जिला महामंत्री (युवा) वासु अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में व्यापारियों को एकजुट रहने की सबसे अधिक आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “यदि व्यापारी एकजुट होगा और जरूरत पड़ने पर तुरंत इकट्ठा होगा, तो हमारी एकता के सामने कोई भी दूसरी ताकत उग्र नहीं हो सकती और न ही हमें कोई तोड़ सकता है।”

    स्थानीय मुद्दों पर सरकार से मांग

    कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों ने अपनी प्रमुख समस्याओं को प्रमुखता से उठाया, जिनमें शामिल हैं:
    ~ सार्वजनिक स्थानों पर सामूहिक सुलभ शौचालय की मांग।
    ~ बाजार और बस स्टैंड पर उचित प्रकाश व्यवस्था (लाइटिंग) का प्रबंध।
    ~ व्यापारिक सुरक्षा और स्थानीय प्रशासनिक सहयोग।

    नगर अध्यक्ष महेश अग्रवाल ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि इन सभी जायज मांगों को लेकर जल्द ही संगठन के बैनर तले जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा।
    वरिष्ठ व्यापारी सुधीर शर्मा एवं सुभाष पाल की अध्यक्षता तथा महामंत्री विशाल अग्रवाल के संचालन में हुई इस बैठक में सैकड़ों व्यापारी उपस्थित रहे।

    प्रमुख रूप से जिला महामंत्री युवा वासु अग्रवाल, अध्यक्ष महेश अग्रवाल, महामंत्री विशाल अग्रवाल, उपाध्यक्ष विकास शर्मा, राकेश सैनी, युवा अध्यक्ष विकांशु तोमर, युवा महामंत्री शिवम अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष आशु अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष युवा गौरांग हरित, संरक्षक कौशल अग्रवाल, नीरज शर्मा, अशोक अग्रवाल, राजीव माहेश्वरी के साथ वरिष्ठ व्यापारी मूलचंद, पंकज, विनय, माधव, निशांत और प्रियांक आदि शामिल हुए।

  • ए.आर. रेल विकास के 40 वर्ष पूर्ण होने पर भागवत कथा का आयोजन

    श्री सूर्य नारायणी नव दुर्गे देव स्थली, बीकेटी ब्लॉक कुम्हरावां लखनऊ के पंडित विमल मिश्र का विशेष सहयोग

    हरिद्वार के स्वामी कामेश्वर पुरी जी महाराज के प्रवचन सुनने उमड़ रहे हैं श्रद्धालु

    लखनऊ। ए.आर. रेल विकास सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के 40 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में, आशियाना स्थित ए.आर. हाउस में 24 से 30 दिसंबर 2025 तक श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह कथा प्रतिदिन दोपहर 4 बजे से शाम 7 बजे तक आयोजित है।

    इस पुनीत अवसर पर, देव स्थली हरिद्वार के तुलसी मानस मंदिर से पधारे सुप्रसिद्ध कथाव्यास स्वामी श्री कामेश्वर पुरीजी महाराज अपने मुखारविंद से भगवान की पावन लीलाओं का वर्णन कर रहे हैं। स्वामी जी के प्रवचन आस्था चैनलों जैसे ‘दिव्य चैनल’ और ‘अमृतवाणी टीवी’ पर भी प्रसारित होते हैं, जिससे बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनसे जुड़ते हैं।
    गौरतलब है कि ए.आर. रेल विकास सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड मुंबई स्थित एक प्रतिष्ठित कंपनी है, जो 30 वर्षों से अधिक समय से भारतीय रेलवे के लिए महत्वपूर्ण सिग्नलिंग, दूरसंचार प्रतिष्ठानों और सामग्री की खरीद में विशेषज्ञता रखती है। कंपनी ने इन चार दशकों में विश्वसनीयता और उत्कृष्टता के उच्च मानक स्थापित किए हैं। इस आयोजन को सफल बनाने में श्री सूर्य नारायणी नव दुर्गे देव स्थली, बीकेटी ब्लॉक कुम्हरावां, लखनऊ के पंडित विमल मिश्र का विशेष सहयोग प्राप्त हो रहा है।

    समस्त ए.आर. रेल परिवार मुंबई इस कार्यक्रम के आयोजक हैं, जिनमें मुख्य रूप से कंपनी के निदेशक श्री आर पी सिंह एवं श्रीमती वीना सिंह, श्री संजय तिवारी एवं श्रीमती छाया तिवारी, और श्री अमित सिंह एवं श्रीमती नेहा सिंह शामिल हैं।

  • अधिक से अधिक किसानों को लाया जाए इस योजना के दायरे में: डीएम

    खरीफ में धान, उर्द व मूंगफली और रबी में गेहूं, सरसों, मसूर व आलू की फसलों का बीमा

    फसल बीमा की अंतिम तिथि 31 दिसंबर, अधिक से अधिक किसान उठाएं लाभ

    बिजनौर। कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में शुक्रवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद के अधिक से अधिक किसानों को इस योजना के दायरे में लाया जाए, ताकि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके।

    इन फसलों का होगा बीमा

    उप कृषि निदेशक डॉ. घनश्याम वर्मा ने बताया कि वर्ष 2025-26 के तहत खरीफ में धान, उर्द व मूंगफली और रबी में गेहूं, सरसों, मसूर व आलू की फसलों को बीमा से आच्छादित किया गया है। जिलाधिकारी ने बैंक प्रबंधकों (LDM, जिला सहकारी बैंक, ग्रामीण बैंक) को कड़े निर्देश दिए कि वे पात्र कृषकों का अनिवार्य रूप से बीमा सुनिश्चित करें।

    प्रचार-प्रसार पर जोर

    बीमा कंपनी (इफको टोकियो) के प्रतिनिधि प्रदीप कुमार को निर्देशित किया गया कि वे ग्राम पंचायत स्तर पर गोष्ठियां आयोजित कर किसानों को जागरूक करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि योजना का लाभ अंतिम छोर के किसान तक पहुँचना चाहिए।

    पंजीकरण की प्रक्रिया और अंतिम तिथि

    जिला कृषि अधिकारी ने अवगत कराया कि फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 है।
    * ऋणी किसान: अपनी संबंधित बैंक शाखा के माध्यम से बीमा करा सकते हैं।
    * गैर-ऋणी किसान: नजदीकी सीएससी (CSC) सेंटर या जन सेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

    सहायता के लिए यहां करें संपर्क… किसान, किसी भी जानकारी या समस्या के लिए तहसील स्तर पर तैनात निम्नलिखित प्रतिनिधियों से संपर्क कर सकते हैं:
    | बिजनौर | श्री प्रदीप कुमार | 7906748077 |

    | चांदपुर | श्री दुष्यन्त कुमार | 9759071781 |

    | नजीबाबाद | श्री नीरज सिंह | 6394523128 |

    | नगीना  | श्री कल्लू सिंह | 8650443733 |

    | धामपुर | श्री पंकज कुमार | 8130315097 |

    इसके अतिरिक्त, किसान बीमा कंपनी के टोल-फ्री नंबर 14447 पर भी संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। जिला प्रशासन ने सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे समय सीमा के भीतर अपनी फसलों का बीमा कराकर योजना का लाभ उठाएं।

  • इंसाफ की चौखट पर आदित्य राणा की विधवा

    ससुरालियों द्वारा उत्पीड़न, हड़पी गई संपत्ति

    पुलिस प्रशासन पर पक्षपात और अभद्रता के गंभीर आरोप

    खाकी ने ठुकराया, महिला डीएम ने समझा विधवा का दर्द

    बिजनौर। (सतेंद्र चौधरी) कुख्यात अपराधी रहे आदित्य राणा की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद अब उसकी पत्नी स्वदेशना राजकुमारी उर्फ गुड्डू इंसाफ के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। पीड़िता ने अपने ससुराल पक्ष पर मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और करोड़ों की पुश्तैनी संपत्ति से बेदखल करने के संगीन आरोप लगाए हैं। स्थानीय पुलिस द्वारा सुनवाई न होने पर पीड़िता ने जिलाधिकारी (DM) जसजीत कौर और पुलिस अधीक्षक (SP) के समक्ष पेश होकर सुरक्षा और हक की गुहार लगाई है।

    संपत्ति पर कब्जे और पेड़ बेचने का विवाद

    पीड़िता स्वदेशना राजकुमारी (निवासी ग्राम राना नंगला, हाल निवासी युसूफपुर हमीदपुर) ने बताया कि वर्ष 2015 में उसका विवाह आदित्य चौधरी उर्फ आदित्य राणा के साथ हुआ था। आरोप है कि पति की मृत्यु के बाद उसके जेठ चंद्रवीर उर्फ बिट्टू (ग्राम प्रधान), ननद (होमगार्ड) और ससुर ने मिलकर उसे वैवाहिक घर से निकाल दिया है।

    पति आदित्य राणा के साथ स्वदेशना राजकुमारी उर्फ गुड्डू (फाइल चित्र)

    पीड़िता के अनुसार:

    • भूमि विवाद: ससुर की 24 बीघा जमीन में से आदित्य के हिस्से की 12 बीघा जमीन पर जेठ ने अवैध कब्जा कर लिया है।
    • आर्थिक नुकसान: खेत में खड़े करीब 7 लाख रुपये के पेड़ बेच दिए गए, जिसकी एक पाई भी विधवा को नहीं दी गई। अब पुनः बचे हुए पेड़ों को काटने की तैयारी चल रही है।
    • हवेली से बेदखली: पुश्तैनी हवेली और गन्ने की फसल पर भी ससुराल पक्ष ने अपना एकाधिकार कर लिया है।

    खाकी पर गंभीर सवाल: “बिना महिला कांस्टेबल के ले गई पुलिस”

    स्वदेशना राजकुमारी उर्फ गुड्डू

    स्वदेशना ने स्योहारा पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़े किए हैं। पीड़िता का आरोप है कि उसका जेठ ग्राम प्रधान है और ननद विभाग में ही होमगार्ड है, जिसके चलते पुलिस उसे ही प्रताड़ित कर रही है।

    “जब मैंने 1076 पर शिकायत की, तो पुलिस आई लेकिन मुझे ही बिना किसी महिला कांस्टेबल के जबरन गाड़ी में बैठाकर नूरपुर ले जाया गया। मेरे भाई सोनू को भी झूठे केस में फंसाकर जेल भेज दिया गया।”

    संघर्ष और डर का साया
    पीड़िता का कहना है कि जब भी वह अपना हक मांगने ससुराल जाती है, तो उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज की जाती है। पति के जेल जाने के बाद से ही उस पर दबाव बनाया जा रहा था, और अब उनकी मृत्यु के बाद उसे पूरी तरह बेसहारा छोड़ दिया गया है।
    अधिकारियों का आश्वासन
    मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी जसजीत कौर ने पीड़िता को धैर्यपूर्वक सुना और उचित कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए हैं ताकि एक विधवा महिला को उसका कानूनी अधिकार मिल सके।
    पृष्ठभूमि: बता दें कि आदित्य राणा बिजनौर का एक कुख्यात नाम था, जिस पर हत्या और लूट जैसे 43 से अधिक मामले दर्ज थे, 2.5 लाख का इनामी आदित्य राणा 11 अप्रैल 2023 को स्योहारा क्षेत्र के बुढ़नपुर में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। उसकी मौत के बाद अब संपत्ति और हक की यह जंग सड़क से लेकर प्रशासन के गलियारों तक पहुंच गई है।

  • भव्य शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब

    सपा नेता एड. मदन लाल सैनी और शेख जाकिर हुसैन ने फीता काटकर किया शुभारंभ

    मनमोहक झांकियों ने जीता शहर का दिल

    धूमधाम से मनाई गई महाराजा शूरसैन जयंती

    बिजनौर। जनपद बिजनौर में सैनी समाज द्वारा महाराजा शूरसैन सैनी जयंती का आयोजन बेहद हर्षोल्लास और भव्यता के साथ किया गया। इस अवसर पर आयोजित विशाल शोभायात्रा ने पूरे शहर को भक्तिमय और गौरवशाली रंग में सराबोर कर दिया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में समाज के पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने भागीदारी कर अपनी एकजुटता का परिचय दिया।

    भव्य शोभायात्रा और सांस्कृतिक छटा

    जयंती के उपलक्ष्य में निकाली गई शोभायात्रा में दर्जनों प्रसिद्ध बैंड-बाजे और देवी-देवताओं व महापुरुषों की मनमोहक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। नगर परिक्रमा के दौरान इन झांकियों को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत धार्मिक और प्रेरणादायक दृश्यों ने सभी का मन मोह लिया।

    साझा एकता का संदेश और उद्घाटन

    शोभायात्रा का विधिवत शुभारंभ भागीरथ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सपा नेता एडवोकेट मदन लाल सैनी और शेख जाकिर हुसैन ने सामूहिक रूप से फीता काटकर किया। इस दौरान समाजवादी पार्टी कार्यालय पर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया, जहाँ कार्यकर्ताओं ने समाज के लोगों को माला पहनाई। सेवा भाव दिखाते हुए जगह-जगह चाय और हलवे का प्रसाद भी वितरित किया गया।

    महापुरुषों के पदचिह्नों पर चलने का आह्वान

    उद्घाटन के अवसर पर एडवोकेट मदन लाल सैनी ने आयोजक मंडल को बधाई देते हुए कहा, “महापुरुषों की जयंती हमें उनके त्याग और आदर्शों की याद दिलाती है। ऐसे आयोजन समाज में गौरव और सम्मान की भावना जागृत करते हैं।” वहीं, भागीरथ सेना के संयोजक सोनू सैनी सुदर्शन ने महाराजा शूरसैन को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सैनी समाज को संगठित होकर शिक्षा और उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए और अपने पूर्वजों के बताए रास्ते का अनुसरण करना चाहिए।

    कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजक मंडल के मास्टर धर्मवीर सैनी, कमल सैनी, योगेंद्र एडवोकेट, राजपाल सैनी, मनीष कुमार सैनी, कैलाश चंद, दुष्यंत कुमार सैनी और हितेश सभासद का विशेष सहयोग रहा।

    इस मौके पर ललित सैनी सभासद, मंसाराम सैनी, विपिन सैनी, बाबूराम प्रधान, रामगोपाल सैनी, डॉ. रामपाल, पिंटू सैनी, बलराम सैनी, चुन्नीलाल सैनी, महेंद्र सैनी और संजय सैनी सहित भारी संख्या में समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

  • नौ कुंडीय महायज्ञ में समाज ने दी आहुतियां

    26 अप्रैल को निकलेगी भव्य परशुराम शोभायात्रा

    धूमधाम से मनाई गई महामना मालवीय एवं अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती

    बिजनौर। भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती स्थानीय शहनाई बैंकेट हॉल में समस्त ब्राह्मण समाज द्वारा  धूमधाम से मनाई गई।

    पुरोहित संघ बिजनौर द्वारा संचालित इस कार्यक्रम का शुभारंभ यज्ञाचार्य श्री गौरी शंकर भारद्वाज के नेतृत्व में आयोजित नौ कुंडीय महायज्ञ के साथ हुआ, जिसमें उपस्थित ब्राह्मण समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से आहुतियां दीं।

    इस अवसर पर समाज की एकता पर बल देते हुए निर्णय लिया गया कि आगामी 26 अप्रैल 2026 को समस्त ब्राह्मण समाज के सहयोग से भव्य परशुराम जन्मोत्सव शोभायात्रा निकाली जाएगी।

    कार्यक्रम को सफल बनाने में राष्ट्रीय जागरूक ब्राह्मण महासंघ (पंजीकृत) के जिला अध्यक्ष विभोर कौशिक एडवोकेट, नगर अध्यक्ष तुषार शर्मा एडवोकेट एवं महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष शोभा शर्मा का विशेष योगदान रहा।

    समारोह में ब्राह्मण महासभा, ब्राह्मण जागृति फाउंडेशन, पुरोहित संघ एवं युवा मंच के अभिषेक पाराशर, अभिषेक भारद्वाज, केशव, सिद्धार्थ, अमित शर्मा, मोहित भारद्वाज शेखुपुरा, रविकांत कौशिक, अंकुर शर्मा, सतीश शर्मा, विपुल शर्मा, गौरांग, नीरज शर्मा गंज, पंकज भारद्वाज और अवनीश गौर सहित जिले भर के ब्राह्मण बंधु उपस्थित रहे।

    (report by: Bhupendra Nirankari)
  • बिजनौर (उत्तर प्रदेश)। किसानों के मसीहा और देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जन्म जयंती आज जनपद के ग्राम खड़क में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस पावन अवसर पर गांव में नवनिर्मित ‘चौधरी चरण सिंह पार्क’ में उनकी भव्य प्रतिमा का अनावरण मुख्य अतिथि, सदर विधायक पति एवं वरिष्ठ भाजपा नेता ऐश्वर्य मौसम चौधरी द्वारा किया गया।प्रतिमा अनावरण के उपरांत पार्क परिसर में एक विशाल किसान सभा का आयोजन हुआ। सभा की अध्यक्षता वयोवृद्ध किसान चौधरी आसाराम ने की तथा मंच का संचालन चौधरी राजकुमार सिंह एडवोकेट (फतेहपुर वाले) द्वारा किया गया।

    मुख्य अतिथि ऐश्वर्य मौसम चौधरी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि, “नर सेवा नारायण सेवा से बढ़कर कोई भी कार्य नहीं है।” उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अथक प्रयासों से हमारा देश आगामी 20 वर्षों में पुनः ‘सोने की चिड़िया’ होने का गौरव प्राप्त करेगा। उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत की धाक पूरी दुनिया में जम रही है।

    कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख बिजेंद्र चौधरी ने ऐश्वर्या मौसम चौधरी की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए उन्हें विधानसभा के लिए ‘नायाब हीरा’ बताया। वहीं, कांग्रेसी नेता व पूर्व ब्लॉक प्रमुख चौधरी धर्मवीर सिंह ने भी राजनीति से ऊपर उठकर क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की सराहना की। उन्होंने ग्राम प्रधान नीरज कुमार द्वारा कराए गए कार्यों को अन्य प्रधानों के लिए एक मिसाल बताया।

    सभा में चौधरी चरण सिंह द्वारा किसान हितों में किए गए ऐतिहासिक कार्यों को याद किया गया। इस अवसर पर जिला बार संघ अध्यक्ष चौधरी यशपाल सिंह एडवोकेट, राजेंद्र चौधरी एडवोकेट, चरण सिंह, बीडीओ कुणाल रस्तोगी, सूरज प्रधान, शैलेंद्र ढाका, राकेश कुमार, दिनेश कुमार, गौरांग हरित (मंडल अध्यक्ष भाजपा युवा मोर्चा), नीरज शर्मा, शीशपाल सिंह, नरेंद्र कुमार, चौधरी सहदेव सिंह, हर्ष चौधरी, भाजपा नेता चौधरी तेजपाल सिंह और विपुल कुमार सहित सैकड़ों किसान और भारी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।

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  • अल्मोड़ा। नगर निगम परिसर स्थित जन सुविधा केंद्र में पिछले एक वर्ष से बंद पड़ी खाता-खतौनी की ऑनलाइन सेवा जल्द ही दोबारा शुरू होने जा रही है। रेवेन्यू बोर्ड ने सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे को आधिकारिक रूप से सूचित किया है कि तकनीकी बाधाओं को दूर कर जनवरी 2026 से यह सुविधा आम जनता के लिए उपलब्ध करा दी जाएगी।

    रेवेन्यू बोर्ड के अनुसार, पिछले वर्ष हुए साइबर अटैक के कारण पोर्टल की तकनीकी व्यवस्था प्रभावित हुई थी, जिससे सुरक्षा कारणों से इस केंद्र पर सेवाएं बाधित थीं। इस अवरोध के कारण किसानों, बुजुर्गों और दूरदराज के ग्रामीणों को छोटे-छोटे राजस्व कार्यों के लिए शहर से बाहर भटकना पड़ रहा था। अब तकनीकी सुधार के बाद, दोपहर 12 बजे तक इस केंद्र से खाता-खतौनी के कार्य संपादित किए जा सकेंगे।

    इस गंभीर समस्या को सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने निरंतर शासन-प्रशासन के समक्ष उठाया। उन्होंने पहले कुमाऊँ कमिश्नर को वस्तुस्थिति से अवगत कराया, जिसके बाद मामले को रेवेन्यू बोर्ड तक पहुँचाया गया। पाण्डे के प्रयासों का ही परिणाम है कि अब सेवा बहाली का रास्ता साफ हो गया है।

    इस सफलता की सबसे खास बात यह रही कि संजय पाण्डे ने बिना किसी धरना-प्रदर्शन, नारेबाजी या हंगामे के, केवल ठोस तथ्यों और प्रशासनिक पत्राचार के माध्यम से इस समस्या का समाधान निकाला। उन्होंने इसे राजनीतिक दलों की विफलता बताते हुए कहा: “जो पार्टियाँ रोज धरने देती हैं, वे जनता की इस बुनियादी समस्या पर पूरी तरह मौन रहीं। जनता की समस्याओं पर राजनीति नहीं, जिम्मेदारी दिखनी चाहिए।”

    अल्मोड़ा की जनता ने इस निर्णय का स्वागत किया है। यह पहली बार नहीं है जब संजय पाण्डे की ‘परिणाम आधारित’ कार्यशैली से किसी बड़े जनहित कार्य को गति मिली हो। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि उनकी यह पहल साबित करती है कि गंभीर प्रयास और सही संवाद से बड़े से बड़े प्रशासनिक कार्यों को सिद्ध किया जा सकता है।

  • बिजनौर। भूमि अधिग्रहण के एक पुराने मामले में मुआवजे का भुगतान न करने पर मुरादाबाद की ‘लैंड एक्विजिशन रिहैबिलिटेशन एंड रिसैटलमेंट’ (LARA) कोर्ट ने बिजनौर जिलाधिकारी (डीएम) के सरकारी आवास को कुर्क करने का आदेश जारी किया है। कोर्ट ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए बिजनौर डीएम को आगामी 9 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

    यह विवाद सिंचाई विभाग द्वारा किए गए भूमि अधिग्रहण और उसके मुआवजे से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, उमेश बनाम सरकार केस में ‘लैंड एक्विजिशन ट्रिब्यूनल’ मुरादाबाद के न्यायाधीश जैग़म उद्दीन ने यह आदेश पारित किया है। वादी उमेश के अधिवक्ता ने बताया कि कोर्ट ने 13 मार्च 2020 को ही मुआवजा देने का फैसला सुना दिया था। बावजूद इसके, पिछले पांच वर्षों से जिला प्रशासन ने इस मामले को लंबित रखा और मुआवजे की राशि का भुगतान नहीं किया। बार-बार स्मरण कराने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर वादी ने डीएम आवास कुर्क कर भुगतान कराने की गुहार लगाई थी।

    याचिकाकर्ता का आरोप है कि सिंचाई विभाग द्वारा उसे 25 लाख 23 हजार रुपये का भुगतान किया जाना था, जिसे डीएम की रिपोर्ट और प्रशासनिक अनुमति के अभाव में रोक कर रखा गया। कोर्ट ने अब रजिस्ट्री की शर्तें तय करने और स्पष्टीकरण देने के लिए डीएम को स्वयं उपस्थित होने को कहा है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी जसजीत कौर के हवाले से सूचना विभाग द्वारा एक प्रेस नोट जारी किया गया है। डीएम ने स्पष्ट किया कि सिंचाई विभाग द्वारा याचिकाकर्ता को बकाया धनराशि का भुगतान न करने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि “9 जनवरी की तारीख से पहले शासन से धनराशि जारी कराने का प्रयास किया जाएगा ताकि नियमानुसार भुगतान हो सके।” पूरे मामले की जांच कराई जाएगी कि आखिर किस स्तर पर फाइल को रोकने या मांग भेजने में देरी हुई। जिस भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    जिलाधिकारी के आवास की कुर्की के आदेश के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। पांच साल पुराने इस मामले में अब शासन स्तर से बजट आवंटित कराकर समय सीमा के भीतर भुगतान सुनिश्चित करना जिला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। अब सभी की नजरें 9 जनवरी को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।

  • बिजनौर। ब्राह्मण महासभा (पंजी.) बिजनौर द्वारा महामना पं. मदनमोहन मालवीय और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के उपलक्ष्य में एक भव्य ‘कवि सम्मेलन एवं पत्रकार प्रतिभा सम्मान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पं. अमर शर्मा की अध्यक्षता और डॉ. अशोक शर्मा के कुशल संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले भर से सैकड़ों ब्राह्मण बंधुओं ने शिरकत की।

    कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा भगवान परशुराम, पं. मदनमोहन मालवीय और अटल बिहारी वाजपेयी के चित्रों के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस दौरान आचार्य पं. हीरामणि भारद्वाज, शिवकुमार शास्त्री, अंबरीश शर्मा, रानू पंडित, विजय कौशिक और चेतन शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार कर वातावरण को आध्यात्मिक बनाया।कवि सम्मेलन: ओज और व्यंग्य की बही धाराप्रथम सत्र में आयोजित कवि सम्मेलन की शुरुआत धामपुर से आईं कवयित्री शुचि शर्मा की सरस्वती वंदना से हुई।

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    इसके बाद…अरुण दीक्षित ‘स्वच्छंद’ (बदायूँ) ने समसामयिक विषयों पर अपनी चुटीली व्यंग्य रचनाओं से सबको लोटपोट कर दिया। श्रीमती विनोद शर्मा (धामपुर) ने अपने मधुर गीतों से श्रोताओं का मन मोह लिया। श्रीमती शुचि शर्मा ने ज्ञानवापी पर आधारित ओजपूर्ण काव्य पाठ कर राष्ट्रभक्ति का जोश भर दिया। डॉ. अशोक शर्मा (बिजनौर) ने अपने दमदार दोहों के माध्यम से समाज की वर्तमान स्थिति पर कटाक्ष किया और खूब तालियां बटोरीं। सतेंद्र शर्मा ‘तरंग’ (देहरादून) ने मालवीय जी और अटल जी के व्यक्तित्व पर आधारित प्रेरक रचनाएं सुनाकर कार्यक्रम को नई ऊंचाई दी।

    दूसरे सत्र में समाज और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूती देने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया गया। वरिष्ठ पत्रकार राजनारायण कौशिक (दैनिक जागरण), अवनीश गौड़ (प्रयाण) और विपिन भारद्वाज (सांध्य दैनिक चिंगारी) को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, पत्रकारिता में उल्लेखनीय कार्य हेतु भूपेंद्र निरंकारी और रत्नेश को भी सम्मानित किया गया।

    मुख्य अतिथि पूर्व एमएलसी श्री सुबोध पाराशर ने कहा, “ब्राह्मणों ने सदैव समाज को सही दिशा दी है। ब्राह्मण शिक्षा, संस्कार और संख्या, किसी भी क्षेत्र में कम नहीं हैं, हमें बस अपनी इस शक्ति और एकता को बनाए रखना है।” श्रीमती शोभा शर्मा ने बेटियों की शिक्षा पर विशेष बल दिया, जबकि जिलाध्यक्ष पं. विजय वशिष्ठ ने समाज निर्माण में पत्रकारों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

    इस अवसर पर पं. भोनेंद्र कुमार शर्मा को ब्राह्मण महासभा बिजनौर ब्लॉक का अध्यक्ष मनोनीत कर उन्हें मनोनयन पत्र सौंपा गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संजय हरित, अशोक कुमार शर्मा, ललित कुमार एडवोकेट, मयंक पाराशर, और आमोक दीक्षित सहित अन्य सदस्यों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी ब्राह्मण बंधुओं और बहनों ने सामूहिक भोज में प्रसाद ग्रहण किया।

  • लखनऊ/बिजनौर। आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश, लखनऊ के प्रबंध तंत्र विवाद में माननीय उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए सोसाइटी रजिस्ट्रार के आदेश को निरस्त कर दिया है। इस फैसले के बाद प्रदेश की आर्य समाज इकाइयों में हर्ष की लहर दौड़ गई है।

    विदित हो कि सोसाइटी रजिस्ट्रार लखनऊ मंडल ने गत 5 दिसंबर 2025 को एक आदेश पारित कर आचार्य सुदेश को प्रधान और भुवन तिवारी को मंत्री घोषित किया था। इस आदेश को वर्तमान प्रधान देवेंद्र पाल आर्य एवं मंत्री पंकज जायसवाल ने माननीय उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी (याचिका संख्या 12312/2025)।

    माननीय उच्च न्यायालय ने इस मामले में 17, 18 एवं 19 दिसंबर को लगातार तीन दिनों तक गहन बहस सुनने के उपरांत रजिस्ट्रार के आदेश को नियम विरुद्ध मानते हुए निरस्त कर दिया। न्यायालय ने पूर्व में कार्यरत देवेंद्र पाल आर्य (प्रधान) एवं पंकज जायसवाल (मंत्री) की कमेटी को ही आधिकारिक कार्य जारी रखने हेतु अधिकृत कर दिया है। साथ ही, न्यायालय ने रजिस्ट्रार लखनऊ को निर्देशित किया है कि संस्था के विवादों का निस्तारण समय रहते सक्षम प्राधिकारी के माध्यम से कराया जाए।

    न्यायालय के इस निर्णय के बाद आज रविवार, 21 दिसंबर को बिजनौर में साप्ताहिक यज्ञ के उपरांत एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। लखनऊ से लौटे सभा के उपमंत्री मनजीत सिंह और बिजनौर के प्रशासक रविंद्र पाल आर्य मुनी का आर्य समाज के सदस्यों ने फूल-मालाएं पहनाकर जोरदार स्वागत किया। मनजीत सिंह ने न्यायालय के आदेश की प्रति पढ़कर सुनाई और बताया कि प्रधान देवेंद्र पाल आर्य, मंत्री पंकज जायसवाल एवं कोषाध्यक्ष अरविंद कुमार आर्य ने लखनऊ स्थित कार्यालय पहुंचकर अपना कार्यभार पुनः ग्रहण कर लिया है। स्वागत करने वालों में मुख्य रूप से प्रधान डॉ. सत्येंद्र शर्मा ‘अंगिरस’, मंत्री हर्ष कुमार, कोषाध्यक्ष अनुपम शर्मा, प्रबंधक विजेंद्र पाल सिंह आर्य, गौरव शर्मा, हितेश शर्मा, सत्येंद्र सिंह (बुडगरा वाले) सहित बड़ी संख्या में आर्यजन उपस्थित रहे।

  • देहरादन/रुड़की। उत्तराखंड में ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। रुड़की की सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने साधु-संतों का भेष धरकर लोगों की आस्था से खिलवाड़ करने वाले 11 बहरूपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पकड़े गए ठगों में से कई दूसरे समुदाय के हैं, जो अपनी पहचान छिपाकर भगवा वस्त्रों में ठगी कर रहे थे।

    एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि ये फर्जी बाबा गलियों और मोहल्लों में घूमकर महिलाओं और युवाओं को अपनी बातों में फंसाते थे। वे ‘घरेलू क्लेश दूर करने’ और ‘किस्मत बदलने’ का झांसा देकर उनसे मोटी रकम और कीमती सामान ठग लेते थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देश के बाद पुलिस ने सत्यापन अभियान तेज किया, जिसके बाद इन पाखंडियों का पर्दाफाश हुआ।

    • मुजफ्फरनगर (UP): अमजद, साकिर, इरफान।
    • सहारनपुर (UP): शहजाद, आरिफ।
    • शामली (UP): मोमिन।
    • अन्य: साहिल (हरियाणा), मुकेश (हरिद्वार), रामपाल, सुरेश और राजू (उत्तर प्रदेश)।

    एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र डोभाल ने बताया कि ‘ऑपरेशन कालनेमि‘ का नाम रामायण के उस प्रसंग पर रखा गया है, जहाँ कालनेमि राक्षस ने हनुमान जी को धोखा देने के लिए साधु का रूप धरा था। पुलिस ने जब इन संदिग्धों को रोककर पूछताछ की और उनके आईडी प्रूफ (आधार कार्ड आदि) चेक किए, तो उनकी असलियत सामने आ गई।

    किसी भी अनजान बाबा या तांत्रिक के बहकावे में न आएं। यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति भेष बदलकर आपके इलाके में घूमता दिखे, तो तुरंत पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना दें।

  • लखनऊ, (18 दिसंबर 2025)। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने राजधानी लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित ‘रेपर्टवा फेस्टिवल 2025’ के उद्घाटन सत्र में सहभागिता की। दीप प्रज्ज्वलन के साथ महोत्सव का आगाज किया। उन्होंने कहा कि ‘ऐसे आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। आने वाले दिनों में शहरवासियों को कला, संस्कृति, संगीत, हास्य और रचनात्मक अभिव्यक्ति के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े देश के प्रख्यात कलाकारों, रचनाकारों और सांस्कृतिक हस्तियों का जमावड़ा देखने को मिलेगा।’ 

    मंत्री जयवीर सिंह ने ‘रेपर्टवा फेस्टिवल 2025’ के 13वें सीजन के पहले दिन आयोजन स्थल पहुंचकर परिसर का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि ‘ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को अपनी कला-संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनते हैं। रेपर्टवा फेस्टिवल उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और रचनात्मक प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाते हैं।’

    उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में गुरुवार से चार दिवसीय कला महोत्सव ‘रेपर्टवा’ की भव्य शुरुआत हुई। 18 से 21 दिसंबर तक चलने वाले ‘रेपर्टवा’ में स्थानीय के साथ-साथ देशभर की कला प्रतिभाओं को एक मंच मिला है, जहां वो अपनी कला बिखेरेंगे। इसके लिए कला क्षेत्र के विभिन्न कलाकारों का चयन किया गया है। समारोह के दौरान साहित्य, व्यंग्य, थिएटर और संगीत क्षेत्र के दिग्गज अलग-अलग सत्र में प्रस्तुति देंगे। आयोजन स्थल पर बच्चों के लिए किड्स जोन के साथ हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगी है।

    गोमतीनगर स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क के गेट नंबर- 6 के भीतर ‘रेपर्टवा फेस्टिवल’ में प्रतिदिन के आयोजन को प्रमुखतः चार सत्रों- शब्द, माहौल, रंग और ताल में बांटा गया है। पहले दिन चंदुलाल कलबुर्गी, देवेशि सहगल और मनोज शाह द्वारा निर्देशित ‘मोहन का मसाला’ का मंचन हुआ। आने वाले दिनों में मानव कौल ग्रुप की ओर से ‘जो डूबा सो पार’, लिलेट दुबे का ‘वोडका एंड नो टॉनिक’ और अतुल कुमार का नाटक ‘अम्बा’ का मंचन होगा।

    इसी प्रकार, अनुव जैन, निखिल चिनप्पा और यूफोरिया बैंड संगीत से समां बांधेंगे। आकाश गुप्ता, गौरव गुप्ता व गुरलीन पन्नू कॉमेडी के तड़के से सभी को हंसाएंगे। इसके अलावा, साहित्य और संगीत की बातें भी होंगी, जिसमें लोकप्रिय शायर वसीम बरेलवी, गायक अंकुर तिवारी, बादल शर्मा, हिमांशु बाजपेई और प्रज्ञा शर्मा समेत अन्य कलाकार प्रस्तुति देंगे।

  • बिजनौर। अभिभावक संघ ने जिले के सभी बोर्ड के स्कूलों का समय 10 से 3 कराये जाने की मांग उठाई है। इस संबंध में अभिभावक संघ की बैठक का आयोजन भरत विहार स्थित एड शिवाली सिंह के निवास पर हुआ।

    बैठक की अध्यक्षता करते हुए संघ के अध्यक्ष नृपेंद्र देशवाल ने कहा कि कड़ाके की ठंड के साथ घना कोहरा आने के कारण गांव देहात से आने वाले बच्चों व टीचर्स को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और छोटी क्लास में पढ़ने वाले बच्चों को जल्दी स्कूल भेजना सुरक्षित नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन से अनुरोध करते हुए जिले के सभी बोर्ड के स्कूलों का समय 10 से 3 कराये जाने की मांग उठाई।

    बैठक का संचालन कर रहे संघ के सचिव अभिषेक वत्स ने जिला प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि प्ले स्कूल से ले कर कक्षा 5 तक के बच्चों का अवकाश घोषित हो और बाकी कक्षाओं के समय को बढ़ा कर शुभ 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक किया जाए, जिससे बच्चे और अध्यापक कोहरे के चलते दुर्घटना से सुरक्षित रहें और ठंड के प्रकोप से बच सकें। बैठक में अतुल विक्रम सिंह, शिवाली सिंह, जया अग्रवाल, सीमा भारती, सीमा सिंह, गुलशेर आलम, खालिद, मोहित, विक्रांत, अजहर आदि मौजूद रहे।

  • नाइट क्लब के सह-संचालक अजय गुप्ता और अब लूथरा बंधुओं की गिरफ्तारी से उन परिवारों को शायद ही सांत्वना मिले, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। यह एक कड़वा सत्य है कि नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए इस ‘डेथ ट्रैप’ (मौत के कुएं) ने 25 हंसते-खेलते लोगों का जीवन लीला समाप्त कर दी।

    जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि नाइट क्लब के निर्माण से लेकर संचालन तक, हर कदम पर नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। सवाल यह है कि जब यह अवैध निर्माण हो रहा था, तब प्रशासन कहां था? क्या 25 चिताओं के जलने के बाद ही सिस्टम को यह अहसास होना था कि वहां नियमों का उल्लंघन हो रहा था।

    इस पूरे प्रकरण का सबसे चिंताजनक पहलू स्थानीय प्रशासन की भूमिका है। घटना के बाद नाइट क्लब मालिकों पर तो शिकंजा कसा जा रहा है, जो कि जरूरी भी है, लेकिन उन सरकारी बाबुओं और अधिकारियों पर कोई आंच नहीं आ रही जिनकी नाक के नीचे और संभवतः जिनकी मिलीभगत से—यह अवैध धंधा फल-फूल रहा था।

    भ्रष्टाचार का दीमक: यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि संस्थागत भ्रष्टाचार है। कोई भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान बिना ‘एनओसी’ (NOC) और सरकारी मुहर के संचालित नहीं हो सकता। जिन अधिकारियों ने बिना जांच के सुरक्षा प्रमाण पत्र दिए, वे भी उन 25 मौतों के उतने ही जिम्मेदार हैं जितने कि क्लब के मालिक। जब तक ऐसे अधिकारियों को दंडित नहीं किया जाएगा, तब तक यह सिलसिला नहीं रुकेगा।

    सिर्फ गोवा नहीं, पूरे देश का यही हाल: यह समस्या केवल गोवा तक सीमित नहीं है। अगर हम गहराई से देखें, तो यह पूरे भारत की एक भयावह तस्वीर पेश करती है:

    असुरक्षित मेट्रो शहर: दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में हज़ारों रेस्त्रां, पब और कोचिंग सेंटर संकरी गलियों में चल रहे हैं, जहां आग लगने पर निकास (Exit) का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं है।

    कागजों पर सुरक्षा: फायर सेफ्टी ऑडिट अक्सर केवल फाइलों का पेट भरने के लिए किए जाते हैं। हकीकत में, अग्निशमन यंत्र या तो खराब होते हैं या एक्सपायर हो चुके होते हैं।

    इतिहास से न सीखना: उपहार सिनेमा कांड से लेकर मुंडका अग्निकांड और अब गोवा—हर हादसे के बाद जांच कमेटियां बनती हैं, रिपोर्ट आती हैं, कुछ दिन सख्ती होती है, और फिर सब ‘पुराने ढर्रे’ पर लौट आता है।

    चलता है’ वाला रवैया: नियमों की इस अवहेलना के पीछे हमारे समाज का ‘चलता है’ वाला दृष्टिकोण भी एक बड़ा कारण है। मुनाफा कमाने की होड़ में सुरक्षा मानकों को ‘अनावश्यक खर्च’ माना जाता है। एस्थेटिक्स (साज-सज्जा) के नाम पर ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग किया जाता है, जो आग लगने पर बारूद का काम करते हैं। यह औसत भारतीय नागरिक और व्यापारी के गैर-जिम्मेदाराना रवैये को रेखांकित करता है।

    कानून बनाने का कोई लाभ नहीं यदि उनका पालन सुनिश्चित न कराया जा सके। लूथरा बंधुओं की गिरफ्तारी एक शुरुआत है, लेकिन यह अंत नहीं हो सकता। हमें अब ‘प्रतिक्रियात्मक’ (Reactive) दृष्टिकोण को छोड़कर ‘निवारक’ (Proactive) दृष्टिकोण अपनाना होगा। आगे की राह:

    सख्त जवाबदेही: जिस क्षेत्र में अवैध निर्माण या सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाए, वहां के संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त और दंडित किया जाए।

    नियमित ऑडिट: सुरक्षा ऑडिट को पारदर्शी बनाया जाए और उसे ऑनलाइन पब्लिक डोमेन में रखा जाए।

    जन जागरूकता: नागरिकों को भी सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक होना होगा और असुरक्षित स्थानों का बहिष्कार करना होगा।जब तक हम अपनी गलतियों से सीखकर व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन नहीं करेंगे, तब तक हम हर हादसे के बाद केवल लकीर ही पीटते रहेंगे और बेगुनाह लोग अपनी जान गंवाते रहेंगे। यह समय है कि ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाए, ताकि फिर किसी परिवार को वह दर्द न सहना पड़े जो गोवा हादसे के पीड़ितों ने सहा है।

  • ~ भूपेंद्र निरंकारी

    बिजनौर। भारतीय किसान संघ के तत्वावधान में हेमराज बंगाली कॉलोनी के सामने अंडरपास की मांग को लेकर चल रहा धरना-प्रदर्शन लगातार 246वें दिन भी जारी रहा।

    धरना स्थल पर हनुमान चालीसा का पाठ एवं भजन-कीर्तन भी हुआ। यह आयोजन इस उद्देश्य से किया गया कि भ्रष्ट एवं घूसखोर अधिकारियों की बुद्धि शुद्ध हो तथा प्रशासन इस गंभीर जनसमस्या की ओर शीघ्र ध्यान दे। धरने में उपस्थित भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने शासन-प्रशासन के प्रति अपना रोष व्यक्त किया और अंडरपास निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने की मांग की।

    इस अवसर पर भारतीय किसान संघ के मुहम्मदपुर ब्लॉक के पालक कल्याण सिंह, विकासखंड अध्यक्ष रूपेंद्र सिंह, प्रचार प्रमुख ईश्वर सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष दीपक कुमार, भाजपा नेत्री मंजू चौधरी सहित हेमराज कॉलोनी के सैकड़ों ग्रामीण व स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि जब तक अंडरपास का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो जाता, तब तक यह शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन निरंतर जारी रहेगा।

  • बॉक्स ऑफिस पर इस समय सिर्फ ‘धुरंधर’ का ही राज चल रहा है। फिल्म ने जो तस्वीर दिखाई है, वह वास्तव में भयानक है और बॉलीवुड के साथ-साथ साउथ सिनेमा के ‘बाहुबलियों’ को भी एक कड़ा संदेश दे रही है। फिल्म ने कमाई के मामले में कई बड़ी, यहाँ तक कि 18 हजार करोड़ी फिल्मों को भी पीछे छोड़ दिया है। सबसे चौंकाने वाला प्रदर्शन दूसरे हफ्ते में देखने को मिला है। फिल्म ने अपने दूसरे सोमवार (Day 11) को ₹29 करोड़ की कमाई की, जो कि इसके ओपनिंग डे (Day 1) की कमाई ₹28 करोड़ से भी अधिक है।

    सामान्य तौर पर, किसी भी फिल्म का कलेक्शन ओपनिंग डे पर सबसे अधिक होता है, लेकिन ‘धुरंधर’ इस ट्रेंड को नकारते हुए हर दिन अपने ही ओपनिंग डे के कलेक्शन को आँख दिखा रही है और उसे पार कर रही है।

    दिग्गज बॉलीवुड स्टार्स हों या फिर साउथ इंडिया के वो सितारे, जो रिकॉर्ड गढ़ने के लिए जाने जाते हैं—सभी के बनाए हुए रिकॉर्ड चरमरा-चरमराकर टूट रहे हैं। ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ कहर ढहा रही है और इसकी सफलता ने फिल्म जगत को चौंका कर रख दिया है। फिल्म अब तक ₹379.75 करोड़ (नेट कलेक्शन) कमा चुकी है और जल्द ही ₹400 करोड़ का आंकड़ा पार करने वाली है।

    📊 ‘धुरंधर’ की दैनिक कमाई का डेटा (Sacnilk के अनुसार – भारत नेट कलेक्शन)| दिन | दिन (Week) | दैनिक कलेक्शन (करोड़) | टिप्पणी ||—|—|—|—||

    1 | पहला शुक्रवार | ₹28.00 Cr. | शानदार ओपनिंग ||

    2 | पहला शनिवार | ₹32.00 Cr. | कलेक्शन में बड़ा उछाल ||

    3 | पहला रविवार | ₹43.00 Cr. | वीकेंड का सबसे बड़ा जम्प ||

    4 | पहला सोमवार | ₹23.25 Cr. | पहले सोमवार पर मजबूत पकड़ ||

    5 | पहला मंगलवार | ₹27.00 Cr. | पहले दिन से अधिक ||

    6 | पहला बुधवार | ₹27.00 Cr. | स्थिरता बरकरार ||

    7 | पहला गुरुवार | ₹27.00 Cr. | ₹207.25 करोड़ पर पहला हफ्ता खत्म || Week 1 Total | | ₹207.25 Cr. | ||

    8 | दूसरा शुक्रवार | ₹32.50 Cr. | जबरदस्त होल्ड ||

    9 | दूसरा शनिवार | ₹53.00 Cr. | 63.08% की भारी बढ़त ||

    10 | दूसरा रविवार | ₹58.00 Cr. | दूसरे वीकेंड का रिकॉर्ड ||

    11 | दूसरा सोमवार | ₹29.00 Cr. | ओपनिंग डे (₹28 Cr.) से अधिक! ||

    12 | दूसरा मंगलवार (अनुमानित) | ₹31.50 Cr. | ₹400 करोड़ की ओर अग्रसर ||

    कुल कलेक्शन (11 दिन) | | ₹379.75 Cr. |

    (यह डेटा विभिन्न स्रोतों के अनुसार Sacnilk के अनुमानों पर आधारित है, और अंतिम आंकड़े थोड़े भिन्न हो सकते हैं।)

    🎙️ बॉक्स ऑफिस विश्लेषकों की टिप्पणी

    ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि ‘धुरंधर’ ने भारतीय सिनेमा के बॉक्स ऑफिस के नियमों को फिर से लिखा है। फिल्म न केवल एक स्पाई-एक्शन थ्रिलर के रूप में दर्शकों को पसंद आ रही है, बल्कि इसकी शानदार ‘वर्ड ऑफ माउथ’ पब्लिसिटी ने इसे एक दुर्लभ दीर्घकालिक सफलता प्रदान की है।

    > “यह एक असाधारण बॉक्स ऑफिस रन है। किसी भी फिल्म का दूसरे सोमवार को ओपनिंग डे से ज्यादा कमाना लगभग असंभव होता है, खासकर जब उसका पहला हफ्ता पहले ही ₹200 करोड़ से ऊपर हो। ‘धुरंधर’ ने साबित कर दिया है कि अच्छी कंटेंट और दर्शकों का भरोसा ही लंबी सफलता की कुंजी है। ₹400 करोड़ का आंकड़ा यह फिल्म बहुत जल्द छूने वाली है।”

    > – एक प्रमुख ट्रेड एनालिस्ट> फिल्म की जबरदस्त रफ्तार को देखते हुए, सिनेमाघरों में इसके मिडनाइट शो भी जोड़े गए हैं, जो इसकी मांग को और उजागर करते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यह फिल्म इस साल की सबसे बड़ी ग्रॉसर ‘छावा’ (जिसने ₹600 करोड़ से अधिक कमाए थे) के कलेक्शन को भी चुनौती दे सकती है।

  • देहरादून। अल्मोड़ा नगर क्षेत्र के जोशी खोला व थपलिया क्षेत्र में पिछले दो–तीन दिनों से तेंदुए की सक्रियता से क्षेत्रवासियों में भय का माहौल बना हुआ है। तेंदुए को लगातार घूमते हुए देखा गया है, जिसका वीडियो भी स्थानीय लोगों द्वारा जारी किया गया है।

    इस संबंध में गांधी पार्क वार्ड के पार्षद एडवोकेट दीपक कुमार जोशी ने सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे को जानकारी दी। सूचना मिलते ही संजय पाण्डे ने वन विभाग के अधिकारियों से तत्काल संपर्क किया तथा प्रभागीय वनाधिकारी से प्रभावित क्षेत्रों में नियमित गश्त कराने, पुलिस के माध्यम से मुनादी करवाने और तेंदुए को पकड़ने हेतु पिंजरा लगाए जाने की मांग की।

    प्रभागीय वनाधिकारी दीपक कुमार ने आश्वस्त किया कि रात्रि के समय वन विभाग की टीम द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में गश्त की जाएगी तथा स्थिति का आकलन करने के बाद पिंजरा भी लगाया जाएगा।

    पार्षद एड. दीपक कुमार जोशी एवं सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने संयुक्त रूप से क्षेत्रवासियों से अपील की है कि रात्रि के समय अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग या पुलिस को दें। उन्होंने प्रशासन से भी मांग की है कि जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए त्वरित और ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

    संजय पाण्डे, सामाजिक कार्यकर्ता
  • ~ भूपेंद्र निरंकारी

    बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता एवं चांदपुर विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक श्रीमती कमलेश सैनी को पार्टी ने राष्ट्रीय परिषद का सदस्य नामित किया है।

    श्रीमती कमलेश सैनी का मनोनयन जनपद बिजनौर के लिए एक गौरव की बात माना जा रहा है। विगत कई वर्षों से वह पार्टी संगठन के लिए पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य कर रही हैं। एक लोकप्रिय जननेता के तौर पर उन्होंने चांदपुर विधानसभा का प्रभावी नेतृत्व किया है तथा निरंतर जनसेवा और संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई है। उनके राष्ट्रीय परिषद सदस्य बनाए जाने पर उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस अवसर पर, श्रीमती कमलेश सैनी ने पार्टी के राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया।

  • बिजनौर/दिल्ली। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा रविवार, 14 दिसंबर, 2025 को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित विशाल ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ महारैली में बिजनौर जिले के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारी संख्या में भागीदारी की।

    बिजनौर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हुमायूँ बेग के नेतृत्व में, जिले से सैकड़ों कार्यकर्ता बसों और निजी वाहनों से दिल्ली पहुँचे। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आयोजित इस महारैली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

    शहर अध्यक्ष हुमायूँ बेग ने इस दौरान कहा कि बिजनौर के कांग्रेसजनों का दिल्ली पहुँचना यह दर्शाता है कि कार्यकर्ता देश में लोकतंत्र बचाने और जनहित के मुद्दों को लेकर पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने दावा किया कि यह रैली सत्ताधारी दल की जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध जनाक्रोश की अभिव्यक्ति है।

    रैली में बिजनौर शहर से शामिल होने वाले प्रमुख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में पूर्व जिला उपाध्यक्ष मुनीश त्यागी, पूर्व जिला उपाध्यक्ष एवं पीसीसी सदस्य नज़ाकत अल्वी, पूर्व जिला सचिव/कोडिनेटर चितवन शर्मा, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के जिलाध्यक्ष मो० रफत, राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन के प्रदेश सचिव अब्दुल समद आज़द, युवा नेता शमशुद्दीन सिद्दीकी, डॉ० अज़हर खान, मो० खालिद, सैय्यद शारिक अली, अनस बेग, ओनज़ब बेग, अमरीश शर्मा, उमेश गौतम, समीर एडवोकेट, अनुज गौतम, आदिल, शाहब, पधान, मतीन, फरदीन, राजू, लवी भरद्वाज, और कुलदीप सहित सैकड़ों अन्य कांग्रेसजन मौजूद रहे। बिजनौर के नेताओं ने मंच से पार्टी के बड़े नेताओं के भाषण सुने और संकल्प लिया कि वे पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाएँगे।

  • लखनऊ, (14 दिसंबर 2025)। दुधवा नेशनल पार्क की हरियाली, रोमांच से भरे जंगल सफारी अनुभव और दुर्लभ वन्य जीवों की झलक को अब पर्यटक पहले से कहीं अधिक आसान और किफायती तरीके से देख सकेंगे। उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) ने सैलानियों, परिवार के सदस्यों और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक रात, दो दिन के पांच विशेष बजट पैकेज तैयार किए हैं। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।

    मंत्री ने बताया कि ‘यूपीएसटीडीसी की ओर से तैयार टूर पैकेज पर्यटकों को दुधवा नेशनल पार्क के प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता को करीब से अनुभव करने का मौका देगा। यह बजट पैकेज उत्तर प्रदेश में इको टूरिज्म, जंगल सफारी और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देगा।’ राजधानी लखनऊ के होटल गोमती से 15 दिसंबर 2025 से शुरू होने वाले इस टूर पैकेज से संबंधित विशेष जानकारी यूपीएसटीडीसी की वेबसाइट http://www.upstdc.co.in से प्राप्त होगी।

    उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) द्वारा तैयार ‘दुधवा बजट पैकेज’ अधिकतम आठ यात्रियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। टेम्पो ट्रैवलर से सफर की शुरुआत होगी, जिसका प्रति व्यक्ति किराया 6,175 रुपए (05 प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त) होगा। दो दिनी यात्रा के पहले दिन लखनऊ स्थित होटल गोमती से सुबह 08 बजे टेम्पो ट्रैवलर यात्रियों के साथ दुधवा के लिए रवाना होगा। दोपहर 01:30 बजे दुधवा पहुंचकर होटल में लंच और रात 08 बजे रात्रि भोजन के बाद पर्यटक आराम करेंगे। दूसरे दिन सुबह 06:00-10:00 बजे तक पर्यटक जंगल सफारी का आनंद लेंगे। तत्पश्चात सुबह 11 बजे वापसी के लिए लखनऊ रवाना होंगे। दंपति के साथ पांच वर्ष आयु तक के बच्चे मुफ्त में सफर कर सकते हैं। स्टैंडर्ड जंगल सफारी पैकेजस्टैंडर्ड जंगल सफारी पैकेज अंतर्गत चार यात्रियों का दल सेडान कार से होटल गोमती से दुधवा के लिए रवाना होगा। एक रात और दो दिन वाले सफर में प्रति व्यक्ति किराया 6,500 रुपए (05 प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त) होगा। इस पैकेज में भी पहले दिन पर्यटक दोपहर 12 बजे दुधवा होटल पहुंचेंगे और दिन-रात के भोजन उपरांत आराम करेंगे। अगले दिन सुबह 06 बजे से 10 बजे तक जंगल सफारी का आनंद लेंगे और नाश्ते के बाद लखनऊ के लिए वापस लौट जाएंगे। 

    यूपीएसटीडीसी द्वारा तैयार ‘प्रीमियम वाइल्ड लाइफ एक्सपीरियंस’ पैकेज छह पर्यटकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस पैकेज के लिए प्रति व्यक्ति किराया 6,000 रुपए (05 प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त) देने होंगे। इनोवा से लखनऊ से रवाना दल दोपहर 12 बजे दुधवा पहुंचेगा। लंच के बाद पर्यटकों का दल गाइड के साथ फॉरेस्ट वॉक करते हुए व्याख्या केंद्र का भ्रमण करेगा। अगले दिन सुबह 06-10 बजे तक जंगल सफारी का आनंद लेने के बाद वापस लखनऊ लौट जाएंगे। *स्कूल-कॉलेज ग्रुप पैकेज*  लखनऊ से दुधवा तक का यह पैकेज विशेष रूप से स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। टेम्पो ट्रैवलर से सफर के दौरान दो शिक्षक और एक स्टाफ साथ रहेंगे। अन्य पैकेज की तरह दुधवा पहुंचने के बाद विद्यार्थी लंच करेंगे और खेल सहित अन्य गतिविधियों में शामिल होंगे। शाम में चाय और रात के भोजन के उपरांत आराम करेंगे। अगले दिन जंगल सफारी और नाश्ते के बाद वापस लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे। इस पैकेज के लिए प्रति व्यक्ति 4,751 रुपए (05 प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त) भुगतान करना होगा। इस समूह में कम से कम 20 विद्यार्थी होंगे। 

    यूपीएसटीडीसी द्वारा तैयार ‘दुधवा बजट पैकेज’ में कम से कम चार पर्यटक होंगे, जिसका किराया प्रति व्यक्ति 4,950 रुपए (05 प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त) तय किया गया है। इस पैकेज में अन्य की ही तरह सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। लखनऊ-दुधवा-लखनऊ का यह किफायती पैकेज पर्यटकों को कम बजट में बेहतर सुविधाओं के साथ मिलेगा। 

    पैकेज में कई सुविधाएं

    लखनऊ-दुधवा यात्रा पैकेज की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सुविधा है। यात्रा पैकेज में पर्यटकों के ठहरने के लिए जंगल से मात्र डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर आरामदायक होटल की व्यवस्था की गई है, जिससे प्रकृति का अनुभव और भी नजदीक से लिया जा सकेगा। यात्रा के दौरान स्वादिष्ट भोजन, प्रति यात्री दो पानी की बोतल, चाय की चुस्कियों के साथ अलाव (बोनफायर) का आनंद, अनुभवी गाइड और रोमांच से भरपूर जंगल सफारी भी पैकेज में शामिल है। 

    प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति अमृत अभिजात ने बताया कि ‘दुधवा नेशनल पार्क के लिए तैयार किए गए ये विशेष बजट राज्य में इको-टूरिज्म और वाइल्ड लाइफ टूरिज्म को नई दिशा देंगे। यूपीएसटीडीसी का उद्देश्य है कि पर्यटकों को सुरक्षित और किफायती यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जाए, ताकि परिवार, विद्यार्थी और प्रकृति प्रेमी उत्तर प्रदेश की जैव विविधता को नजदीक से महसूस कर सकें। दुधवा जैसे प्राकृतिक धरोहर स्थलों के माध्यम से स्थानीय रोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सतत पर्यटन को भी मजबूती मिलेगी।’

  • लखनऊ। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि वह ‘SIR’ के नाम पर चोरी-छिपे और ‘शातिराना’ तरीके से उत्तर प्रदेश के लगभग 3 करोड़ मतदाताओं के वोट काटने की साजिश कर रही है। इस ‘जनविरोधी साजिश’ के खिलाफ AAP ने 21 दिसंबर से ‘वोट बचाओ – संविधान बचाओ’ पदयात्रा निकालने का ऐलान किया है।

    बिजनौर शहर स्थित सिंह सिक्योरिटीज एजेंसीज में मीडिया से वार्ता करते हुए आम आदमी पार्टी किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कमांडो ने इस पदयात्रा की घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह पदयात्रा पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के प्रभारी, सांसद संजय सिंह जी के नेतृत्व में 21 दिसंबर से 26 दिसंबर तक रामपुर से अमरोहा के बीच आयोजित की जाएगी। श्री कमांडो ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, और प्रत्येक नागरिक को मताधिकार के माध्यम से सरकार चुनने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश का कोई भी नागरिक अपने वोट के अधिकार से वंचित न हो, इसी उद्देश्य से यह यात्रा आयोजित की जा रही है।” उन्होंने इस यात्रा को बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी द्वारा प्रदत्त मताधिकार और संविधान की रक्षा को समर्पित बताया।

    प्रदेश अध्यक्ष ने जानकारी दी कि 21 दिसंबर को रामपुर में सांसद श्री संजय सिंह एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे, जिसके साथ ही पदयात्रा की विधिवत शुरुआत हो जाएगी। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर छोटी-बड़ी जनसभाएं आयोजित होंगी और आम जनता से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा। श्री कमांडो ने बताया कि इससे पहले AAP द्वारा निकाली गई प्रथम चरण की पदयात्रा ‘रोजगार दो – सामाजिक न्याय दो’ (जो 12 नवंबर से 24 नवंबर तक शरयू से संगम तक आयोजित की गई थी) पूरी तरह सफल रही थी।

    बीजेपी सरकार को ‘नाकारा’ बताते हुए श्री कमांडो ने अन्नदाताओं की समस्याओं पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश के गन्ना किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है, और खाद की भारी किल्लत है, जिससे किसान लंबी लाइनों में खड़े होकर बेहोश हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंडियों में भ्रष्टाचार चरम पर है, बिजली की समुचित व्यवस्था नहीं है, और सरकारी दफ्तरों में किसानों के साथ खुलेआम लूट मची हुई है, लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। उन्होंने दो टूक कहा कि किसानों के हक की लड़ाई के लिए आम आदमी पार्टी निरंतर संघर्ष करती रहेगी।

    प्रदेश अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश की जनता से अपील करते हुए कहा कि वे अपने लोकतांत्रिक अधिकार—मताधिकार—की रक्षा के लिए इस पदयात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों और संविधान बचाने की इस आवाज को बुलंद करें।

    इस अवसर पर मोहम्मद अज़हर (प्रदेश सचिव), जितेंदर सिंह चौहान (जिला अध्यक्ष बिजनौर), निर्मल मिश्रा, आर सी चौहान, रवि, अर्जुन कुमार, ममता अग्रवाल, अबरार अहमद, आदेश राजपूत (प्रदेश सचिव बरेली), अफ़ज़ाल भाई सहित सैकड़ों पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें की गईं और पदयात्रा को सफल बनाने की रणनीति तैयार की गई।

  • बिजनौर (उत्तर प्रदेश)। आम आदमी पार्टी (AAP) ने आगामी लोकसभा चुनावों से पहले अपनी जमीन मजबूत करने और संवैधानिक जागरूकता फैलाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। AAP किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कमांडो कल, 14 दिसंबर 2025 (रविवार) को बिजनौर में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित करने जा रहे हैं। यह प्रेस वार्ता पार्टी की सबसे बड़ी पहल — ‘वोट बचाओ – संविधान बचाओ’ ऐतिहासिक पदयात्रा — की रणनीति को सार्वजनिक करने के लिए आयोजित की गई है।

    पार्टी कार्यकर्ताओं और मीडिया के लिए यह प्रेस वार्ता रविवार को आयोजित की गई है:

    दिनांक: 14 दिसंबर 2025 (रविवार)

    समय: दोपहर ठीक 2:00 बजे

    स्थान: AAP जिला कार्यालय, मोहल्ला ज्ञान विहार, चक्कर चौराहा, सिंह सिक्योरिटी एजेंसीज, बिजनौर।

    सांसद एवं प्रदेश प्रभारी संजय सिंह के नेतृत्व में यह पदयात्रा 21 दिसंबर से 26 दिसंबर 2025 तक चलेगी, जिसका रूट रामपुर से अमरोहा तक निर्धारित किया गया है। प्रेस वार्ता में अशोक कमांडो जी इन विषयों पर विस्तार से जानकारी देंगे:

    ✅ पदयात्रा का मूल उद्देश्य और विस्तृत कार्यक्रम।

    ✅ संवैधानिक अधिकारों और मताधिकार की रक्षा पर पार्टी का रुख।

    ✅ आगामी दिनों के लिए पार्टी की रणनीति और ज़मीनी स्तर पर तैयारी।

    संगठनात्मक बैठक: कार्यकर्ताओं में भरा जाएगा जोश!

    प्रेस वार्ता के तुरंत बाद पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक भी होगी। श्री अशोक कमांडो इस दौरान किसानों, युवाओं, मातृशक्ति, दलितों, पिछड़ों और आम जनता से सीधा आह्वान करेंगे कि वे बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी द्वारा दिए गए संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए श्री संजय सिंह के साथ बड़ी संख्या में जुड़कर इस आवाज़ को पूरे प्रदेश में बुलंद करें।

  • बिजनौर/हैदरपुर वेटलैंड। जल संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को समर्पित एक महत्वपूर्ण पहल के तहत, हैदरपुर वेटलैंड में ‘पानी की पाठशाला’ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों और आम नागरिकों के बीच जल संरक्षण के महत्व और पर्यावरण के प्रति सक्रिय भागीदारी की भावना को बढ़ावा देना था।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहारनपुर मंडल के कमिश्नर डॉ. रूपेश रहे। अपने प्रेरणादायक संबोधन में, उन्होंने जल संरक्षण की महत्ता पर विशेष बल दिया और सभी उपस्थित लोगों से इस दिशा में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

    इस मौके पर पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित जाने-माने समाजसेवी उमा शंकर पांडे ने सेठपाल सिंह और कमल सिंह के साथ मिलकर कार्यक्रम का संचालन और संबोधन किया, जिससे छात्रों को सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति गहरी प्रेरणा मिली।

    ‘पानी की पाठशाला’ में भगवंत ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूशंस के 150 छात्रों और 6 फैकल्टी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दल में डॉ. कवेंद्र यादव (मीडिया प्रभारी), टीपीओ अमित गुप्ता, और मिस्टर कपिल शर्मा शामिल थे। फैकल्टी सदस्यों में मिस प्रतिभा, मिस काजल, और मिसेज प्रियंका की उपस्थिति उल्लेखनीय थी।

    कार्यक्रम के दौरान छात्रों को जल संरक्षण के विभिन्न पहलुओं, ग्रीन प्रैक्टिसेज़ (हरित अभ्यासों), और स्थानीय जल स्रोतों के पारिस्थितिक महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कई इंटरैक्टिव सत्रों और वर्कशॉप के माध्यम से, छात्रों ने पानी की बचत और पर्यावरण संरक्षण के उपायों को सक्रिय रूप से समझा और उन पर ध्यान केंद्रित किया।

    समापन सत्र में, मुख्य अतिथि और पद्मश्री पुरस्कार विजेताओं ने कार्यक्रम की सफलता की सराहना करते हुए सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया। अंत में, सभी छात्रों और फैकल्टी सदस्यों ने जल संरक्षण की शपथ ली और इसे अपने दैनिक जीवन में एक स्थायी आदत के रूप में अपनाने का दृढ़ संकल्प लिया।यह पहल हैदरपुर वेटलैंड को जल और पर्यावरण संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम है।

  • देहरादून। उत्तराखंड के अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। आरोप है कि कई स्थानों पर ऐसे डॉक्टरों को विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त किया गया, जिनके पास न तो आवश्यक विशेषज्ञता (PG डिग्री) थी और न ही उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल (UMC) का अनिवार्य पंजीकरण।

    यह गंभीर मामला भी आरटीआई कार्यकर्ता चंद्र शेखर जोशी द्वारा उजागर किया गया है, जिन्होंने राज्य और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर तुरंत जांच और कार्रवाई की मांग की है।

    28 अप्रैल 2025 को स्वास्थ्य विभाग ने 45 विशेषज्ञ डॉक्टरों की अस्थायी तैनाती का आदेश जारी किया, लेकिन दस्तावेज़ों की जांच में सामने आया कि:कई डॉक्टरों ने UMC पंजीकरण नहीं कराया था। कुछ डॉक्टरों ने अभी तक PG भी उत्तीर्ण नहीं किया था। ऐसे डॉक्टरों की तैनाती NMCA Act 2019 और उत्तराखंड चिकित्सक व्यवसाय अधिनियम 2005 के खिलाफ है। कानून स्पष्ट कहता है कि बिना पंजीकरण चिकित्सा अभ्यास करना दंडनीय अपराध है।

    45 में से 10 डॉक्टर ही तैनाती के समय ही विशेषज्ञ के रूप में योग्य थे।

    8 डॉक्टर तैनाती के 8 महीने बाद भी योग्यता/पंजीकरण पूरा नहीं कर सके।

    2 डॉक्टर आज तक PG उत्तीर्ण नहीं कर पाए हैं।ये तथ्य स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही को दर्शाते हैं।

    तैनात चिकित्सकों में शामिल डॉ. नेहा सिद्दीकी की पोस्टिंग जिला चिकित्सालय, सितारगंज में की गई थी। शिकायत में आरोप है कि उपचार के दौरान जटिलता को सही से संभाल न पाने के कारण एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। इसे अयोग्य और अपंजीकृत डॉक्टर की तैनाती का दु:खद परिणाम बताया गया है।

    ✔ 1. उच्च स्तरीय जांच28 अप्रैल 2025 के आदेश के तहत हुई सभी विशेषज्ञ तैनातियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

    ✔ 2. जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाईअयोग्य डॉक्टरों की तैनाती कराने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

    ✔ 3. अयोग्य डॉक्टरों की तैनाती तुरंत निरस्त होजो डॉक्टर पंजीकृत या योग्य नहीं हैं, उनकी तैनाती तत्काल प्रभाव से रद्द की जाए।

    ✔ 4. भविष्य में सख्त व्यवस्थाविशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती से पहलेUMC/NMC पंजीकरण,PG योग्यता,और दस्तावेज़ों की पूरी जांच अनिवार्य की जाए।

    कुल मिलाकर यह मामला स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अयोग्य डॉक्टरों की तैनाती जनता के जीवन और स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। शिकायतकर्ता ने उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द कार्रवाई कर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी और स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता लाएगी।

  • लखनऊ। लखीमपुर के मैगलगंज चौराहे पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में, समय पर पहुंची 108 एम्बुलेंस सेवा ने एक सात वर्षीय बच्चे सहित चार गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों की जान बचा ली। इस दुर्घटना में एक तेज रफ्तार डीसीएम (DCM) ने एक बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी और उसे करीब एक किलोमीटर तक घसीटता रहा, जिससे बाइक की टंकी फट गई और पेट्रोल सड़क पर फैल गया। हालांकि, एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बचा गया।

    डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर एंबुलेंस सेवा 102/108, कैलाश बिष्ट ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि हुसैनापुर निवासी कुलदीप अपनी पत्नी महिमा और बच्चों—सात वर्षीय सत्यम और पांच वर्षीय काव्या के साथ मंगलवार शाम ससुराल से अपने घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि परिवार के चारों सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें सत्यम का पैर फ्रैक्चर हो गया, काव्या की जांघ फट गई और कुलदीप के कमर और रीढ़ में गंभीर चोटें आईं।

    हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए 108 एम्बुलेंस सेवा को सूचना दी। तुरंत ही, ईएमटी रविंद्र कुमार की टीम घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार देना शुरू किया। टीम ने घायलों के घावों पर तुरंत ड्रेसिंग की और सत्यम के फ्रैक्चर पैर को एयर स्प्लिंट की मदद से स्थिर (Stabilize) किया। प्राथमिक उपचार के बाद, सभी घायलों को सुरक्षित रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) महोली में भर्ती कराया गया, जहां उनका आगे का उपचार जारी है।

    मौके पर मौजूद लोगों ने 108 एम्बुलेंस टीम की तत्परता और त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की। स्थानीय लोगों ने बताया कि “यदि एम्बुलेंस समय पर न पहुंचती, तो घायलों की स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। 108 एम्बुलेंस की त्वरित सेवा और मुफ्त चिकित्सा सुविधा की बदौलत ही दो मासूम बच्चों और उनके माता-पिता की जान बच सकी।” लोगों ने कहा कि यह सेवा कई परिवारों के लिए वास्तव में जीवनरक्षक साबित हो रही है।

  • बिजनौर (भूपेंद्र निरंकारी)। भगवंत इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी के बी. फार्मा. अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए हरिद्वार के प्रमुख औद्योगिक संस्थानों का महत्वपूर्ण शैक्षिक भ्रमण आयोजित किया गया। यह भ्रमण विद्यार्थियों के शैक्षिक और व्यावसायिक विकास के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण था, जो फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री के साथ-साथ आयुर्वेदिक और हर्बल उत्पादों के क्षेत्र में भी रुचि रखते हैं।

    उद्घाटन एवं शैक्षिक महत्व पर जोर

    भ्रमण कार्यक्रम का उद्घाटन भगवंत ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. अनिल सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने छात्रों से संवाद करते हुए उन्हें औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविकताओं से अवगत कराया और अपील की, कि वे अपने पेशेवर यात्रा में निरंतर सीखने और समर्पण के साथ काम करें। निदेशक डॉ. अनुराग विजय अग्रवाल ने छात्रों को शुभकामनाएँ देते हुए औद्योगिक पर्यावरण में कार्य करने के महत्व को रेखांकित किया। सहायक निदेशक डॉ. पुष्पनील वर्मा ने छात्रों से उद्योग की कार्यप्रणाली को समझने और नए आयामों को सीखने के लिए हमेशा तैयार रहने का आग्रह किया। जी.एम. फाइनेंस दुष्यंत कुमार ने सभी छात्र-छात्राओं को अपनी औद्योगिक यात्रा को शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं अनुभव के साथ पूर्ण करने की शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

    इस औद्योगिक भ्रमण के दौरान, छात्रों ने सिडकुल, रानीपुर, हरिद्वार स्थित एकम्स ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल लिमिटेड और पतंजलि हर्बल गार्डन एंड रिसर्च सेंटर का दौरा किया। एकम्स ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल लिमिटेड में छात्रों ने फार्मास्युटिकल उत्पादों के उत्पादन, पैकेजिंग और वितरण प्रक्रिया को बारीकी से देखा। छात्रों को उत्पादन लाइनों, लैब परीक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण (QC) प्रक्रियाओं के बारे में गहन जानकारी दी गई, जिसमें यह भी बताया गया कि कंपनियाँ उत्पादों के मानक और गुणवत्ता कैसे सुनिश्चित करती हैं।

    इसके बाद, छात्रों ने पतंजलि हर्बल गार्डन एंड रिसर्च सेंटर का दौरा किया। यहां पर उन्होंने आयुर्वेदिक और हर्बल उत्पादों के अनुसंधान और विकास को देखा। पतंजलि के उत्पादों के निर्माण और उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर चर्चा की गई। छात्रों को योग, आयुर्वेद और हर्बल चिकित्सा के फायदे और उनके वैज्ञानिक पहलुओं के बारे में बताया गया। छात्रों ने देखा कि कैसे प्राकृतिक औषधियों को आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से अधिक प्रभावी बनाया जाता है।

    इस यात्रा में संस्थान के कई प्रमुख व्यक्ति भी उपस्थित थे, जिन्होंने छात्रों का मार्गदर्शन किया। डीन डॉ. अजय सिंह ने छात्रों को उनके भविष्य के लिए प्रेरित किया। रजिस्ट्रार डॉ. आदित्य शर्मा ने औद्योगिक भ्रमण के महत्व को रेखांकित किया। प्रधानाचार्य डॉ. सचिन सिंघल ने छात्रों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इस प्रकार के भ्रमण से उनका दृष्टिकोण और ज्ञान विस्तारित होगा। सहायक प्रोफेसर और टूर कोऑर्डिनेटर खुशबू चौधरी ने इस भ्रमण का सफलतापूर्वक आयोजन किया। विशाल कुमार और विकास भारद्वाज ने छात्रों को औद्योगिक क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया। पर्यवेक्षिका नर्जिया बेगम ने छात्रों की मदद की और प्रशिक्षण और प्लेसमेंट अधिकारी अमित गुप्ता ने इस औद्योगिक अनुभव को करियर के लिए महत्वपूर्ण बताया।

    उप मानव संसाधन प्रबंधक आशु चौधरी के साथ। अमित गुप्ता, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी स्मृति चिन्ह देते हुए।
    वरिष्ठ प्रबंधक राहुल चौहान के साथ,प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी अमित गुप्ता स्मृति चिन्ह देते हुए।
    प्रबंधक श्री सोनू प्रजापति के साथ अमित गुप्ता, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी स्मृति चिन्ह देते हुए।
    ग्रुप फोटो @अकुम्स फार्मा, हरिद्वार
    छात्रों ने पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन का भी दौरा किया।
  • बिजनौर, (भूपेंद्र निरंकारी)। बिजनौर के थाना शहर कोतवाली क्षेत्र से 24 दिन पहले रहस्यमय तरीके से लापता हुई दो नाबालिग छात्राओं को पुलिस ने लंबी खोजबीन के बाद पंजाब के लुधियाना से सकुशल बरामद कर लिया है। दोनों छात्राएं विपरीत परिस्थितियों में अपना गुजर-बसर करने के लिए वहां एक कपड़े की फैक्ट्री में काम कर रही थीं।

    पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने बताया कि छात्राओं के लापता होने के बाद से ही पुलिस की कई दर्जन टीमें लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई थीं। पुलिस ने तकनीकी निगरानी और मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।

    एसपी अभिषेक झा ने जानकारी दी कि जांच के दौरान यह पता चला कि दोनों विपरीत धर्म की नाबालिग छात्राएं, जो आपस में सहेलियां थीं, बिजनौर से निकलने के बाद लगातार अपना ठिकाना बदल रही थीं। उन्होंने स्वतंत्र जीवन जीने की चाहत में घर छोड़ा था।

    बिजनौर से निकलने के बाद दोनों सबसे पहले गुजरात के सूरत पहुँचीं। इसके बाद उन्होंने राजस्थान के अजमेर और मध्य प्रदेश के रतलाम में भी कुछ समय बिताया। अंततः वे पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना पहुँचीं। लुधियाना पहुँचने के बाद, उन्होंने अपने खर्चे और रहने की व्यवस्था के लिए वहाँ एक कपड़े की फैक्ट्री में काम करना शुरू कर दिया था।

    पुलिस की टीमों ने तकनीकी निगरानी (Technical Surveillance) और स्थानीय संपर्कों का जाल बिछाकर आखिरकार लुधियाना में उनका सटीक पता लगा लिया। पुलिस टीम दोनों छात्राओं को सुरक्षित रूप से बरामद कर वापस बिजनौर ले आई है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दोनों छात्राओं को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए प्रस्तुत किया जाएगा और उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण मामले में त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस टीमों के प्रयासों की सराहना की।

  • बिजनौर। सरभंग मालिक बाबा जी के चिड़ियापुर स्थित आश्रम परिसर में हाल ही में दो दिवसीय निःशुल्क योग, प्राणायाम एवं प्राकृतिक चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर आश्रम के भक्तों और स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसे योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा ट्रस्ट, साकेत कॉलोनी, सिविल लाइन सेकंड, बिजनौर ने बाबा जी के आशीर्वाद से संपन्न कराया।

    शिविर में स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम ने भक्तों को निशुल्क चिकित्सा सेवाएँ प्रदान कीं …

    बॉडी एनालाइजर द्वारा परीक्षण: ट्रस्ट के अध्यक्ष और प्राकृतिक चिकित्सक डॉक्टर योगेश कुमार ने अत्याधुनिक बॉडी एनालाइजर मशीन की सहायता से शिविर में उपस्थित सभी भक्तों का ‘फुल बॉडी परीक्षण’ किया, जिससे उनके शारीरिक स्वास्थ्य का विस्तृत आकलन किया जा सका।

    नाड़ी परीक्षण एवं आयुर्वेदिक उपचार: योग, आयुर्वेदाचार्य, आहार एवं प्राकृतिक चिकित्सक डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए नाड़ी परीक्षण किया और रोगियों को उनकी प्रकृति के अनुरूप आयुर्वेदिक उपचार की सलाह दी।

    प्राकृतिक जीवनशैली पर मार्गदर्शन: डॉ. नरेंद्र सिंह ने भक्तों को योगासन, प्राणायाम और आसपास उपलब्ध जड़ी-बूटियों के प्रयोग से स्वस्थ रहने के सरल और प्रभावी तरीके भी बताए।

    शिविर में इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन के जिला अध्यक्ष श्री ओ.पी. शर्मा ने भी अपनी महत्वपूर्ण सेवाएँ दीं। उन्होंने कई रोगियों की एक्यूप्रेशर मसाज की, जिससे उन्हें तुरंत राहत मिली।
    शिविर को सफल बनाने में आश्रम के महान सेवादार बिनु त्यागी जी, कुलदीप एडवोकेट, तथा योगी अनंत योग एवं वैलनेस सेंटर के मैनेजर संजीव कुमार और हिमांशु सिंह (थाने के सामने, बिजनौर) सहित कई अन्य सेवादारों ने पूर्ण सहयोग प्रदान किया।

    आयोजकों के अनुसार, इस शिविर में दूर-दराज से आए सैकड़ों भक्तों का उपचार किया गया। आश्रम में सुबह से लेकर शाम तक भक्तों का तांता लगा रहा, जिन्होंने चिकित्सा लाभ लेने के साथ-साथ बाबा जी का आशीर्वाद भी प्राप्त किया। भक्तों ने इस निःशुल्क एवं उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा के लिए आयोजकों और सेवादारों का आभार व्यक्त किया।

  • बाबा साहब डॉ. अंबेडकर, महात्मा ज्योतिबा फुले, कर्पूरी ठाकुर, ललाई यादव, कांशीराम जी, छत्रपति शाहूजी महाराज, ई.वी. रामासामी पेरियार, श्री नारायण गुरु, राम वर्मा, बाबू जगदेव प्रसाद – ये वे सामाजिक-आर्थिक क्रांति के योद्धा हैं, जिन्होंने सदियों से शोषित समाज के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया। दु:खद है कि आज इन्हीं महापुरुषों के आदर्शों को ताक पर रखकर, ‘आदर्श धर्म’ का ढिंढोरा पीटने वाले तथाकथित नेता अपना राजनीतिक उल्लू सीधा कर रहे हैं।

    यह एक कड़वी सच्चाई है कि अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), और अल्पसंख्यक समुदायों से उभरे अनेक नेता संविधान के समर्थक होने का दावा करते हुए भी, व्यावहारिक रूप से अल्पसंख्यकों के अधिकारों के भक्षक बने रहे हैं। ऐसे “कथित” नेताओं के आचरण से कोई भी इंकार नहीं कर सकता। एक समय ऐसा था जब सामाजिक, जातीय, और धार्मिक क्रांति का दावा करने वाले कैडर आधारित समूह उभरे थे। इन आंदोलनों से जो नेता निकले, उनमें से एकाध को छोड़कर, अधिकांश “जय भीम, नमो बुद्धाय” जैसे क्रांतिकारी नारों की शुरुआत भी समाज में या अपने परिवर्तित धर्म के दायरे में खुलकर नहीं कर सके। उनकी तथाकथित ‘राजनीतिक क्रांति’ व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं तक सीमित होकर रह गई। जब भी कोई नया नेता इन समुदायों से आगे बढ़ा, SC, ST और अल्पसंख्यकों ने उस पर विश्वास किया और उसका साथ दिया, लेकिन कुछ समय बाद ही हर कोई नेता निजी स्वार्थ की पूर्ति में संलग्न पाया गया। मेरी व्यक्तिगत निराशा यह है कि जिन नेताओं में मैंने एकजुटता और भरोसे की उम्मीद देखी, वे भी अंततः निजी स्वार्थ के स्वामी साबित हुए। जो नेता संघ (RSS) जैसे संगठनों की आलोचना करते हैं, उनके आचरण में एकजुटता और समर्पण का एक प्रतिशत भी दिखाई नहीं देता।

    आज देश की राजनीति में, स्वतंत्रता प्राप्ति से लेकर अब तक, सत्ता में बने रहने का एकमात्र उद्देश्य केवल निजी हित और राजनीतिक स्वार्थ रह गया है। मैं स्वयं को सबसे बड़ा गुनहगार मानता हूँ, क्योंकि मैंने देशभक्त होने के नाते, भारत माता को देश के समान मानकर, 140 करोड़ लोगों को संविधान की शपथ दिलाने के लिए संघर्ष किया। लेकिन आज मुझे यह देखकर पीड़ा होती है कि अवसर मिलते ही, ये नेता संवैधानिक प्रहरी बनने के बजाय, अपने परिवार – बहुओं, बेटों, पत्नियों, और रिश्तेदारों को सत्ता और आर्थिक रूप से मजबूत करने में जुट गए। इन नेताओं का दोगलापन तो देखिए: निजी हितों की पूर्ति के लिए ये सही काम से कम के लिए भी अपने गले में “जाँच का फंदा” जारी करवाने से नहीं डरते, मानो ये सब निजीकरण के लिए कर रहे हों। यह विडंबना है कि लोकतंत्र की शुरुआत से लेकर आज तक के राष्ट्रपति पद के नेता तक इस प्रवृत्ति से अछूते नहीं रहे।

    बाबू जगदेव प्रसाद, ज्योतिबा फुले, पेरियार सामी, और कांशीराम जी जैसे लोग सामाजिक क्रांति में शामिल थे, लेकिन अफसोस! वे राजनीतिक क्रांति में कोई बड़ा बदलाव नहीं कर सके। बाबा साहब डॉ. अंबेडकर के जन्मदिन पर जो ग्रंथ उन्हें अल्पसंख्यकों के बीच पहुँचाना था, उस पर आधारित उनकी जाति आज तक भी राजनीतिक सत्ता में अपनी वास्तविक भागीदारी (Zero) साबित कर रही है। 80 के दशक के बाद कांशीराम जी का उदय एक राजनीतिक क्रांति के रूप में हुआ था। उन्होंने बाबा साहब के उस उपदेश को पहचान दी कि “शक्ति ही हर समस्या की स्वामी कुंजी है।” डॉ. अंबेडकर ने घोषणा की थी, “मैं हिंदू धर्म में पैदा हुआ था, लेकिन हिंदू धर्म में मरूंगा नहीं।” उन्होंने यह कर भी दिखाया। लेकिन आज उनके नाम पर धन, दौलत, शोहरत, और पद पाने वाले ये नेता बस खुद को सही साबित करने में लगे हुए हैं।

    85% के अनुयायियों का पतन

    मेरे साथियों ने धोखा दिया। मैंने उनसे आग्रह किया था कि यदि मेरे द्वारा शुरू किए गए सामाजिक-राजनीतिक आंदोलन को मजबूती नहीं दे सकते, तो कम से कम पीछे मत हटना। दु:खद है कि 85 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाले ये बाबा साहब के अनुयायी आज अपने और अपने परिवार तक सिमट कर रह गए हैं। बहनजी ने भाई-भतीजों को आगे बढ़ाया, और अन्य साथियों ने पूरे खानदान के समर्थकों को SC, ST, और अल्पसंख्यकों के हितों से ऊपर रखा। यह घटियापन की पराकाष्ठा नहीं तो क्या है? आज यही अलग-अलग राजनीतिक दल और लोग खुद को बड़ा साबित करने के चक्कर में इस हद तक गिर चुके हैं कि ये जिला पंचायत सदस्य बनने की स्थिति में भी नहीं हैं। इसके बावजूद, बाबा साहब सहित महापुरुषों के नाम पर सत्ता का सपना दिखाने वाले ज़्यादातर नेता पद, धन, दौलत, और शोहरत के गुलाम बन चुके हैं और जनांदोलन के लिए समर्थकों को तैयार करने से कतराते हैं।

    इससे भी अधिक शर्मनाक बात यह है कि वर्तमान में 85 प्रतिशत के हितों की रक्षा करने का दावा करने वाले SC, ST, और अल्पसंख्यक समुदायों में बने सामाजिक संगठन, वास्तव में इस आबादी की सबसे बड़ी शत्रु संपत्ति बन चुके हैं। उनके समूह उन 15 प्रतिशत लोगों द्वारा स्थापित और विकसित किए गए हैं जो समाज की मुख्य धारा में केवल दो प्रतिशत की संख्या में हैं। ये SC, ST, और अल्पसंख्यकों के शिष्यों के शिष्य बन चुके हैं। जब तक ये नेता और संगठन आत्म-निरीक्षण कर, महापुरुषों के सच्चे सिद्धांतों को नहीं अपनाते, तब तक सामाजिक-राजनीतिक क्रांति केवल एक सपना ही रहेगी। निजी स्वार्थ को त्याग कर, एकजुट होकर, शक्ति की कुंजी को साधने की दिशा में ही असली मुक्ति निहित है।

  • बिजनौर/ धामपुर। विगत दिनों धामपुर निवासी आंगनवाड़ी कार्यकर्त्री शोभा रानी की असामयिक मृत्यु पर, आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ एवं आंगनबाड़ी व सहायिका कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने उनके घर पहुंचकर गहरा शोक व्यक्त किया और परिजनों को ढाढ़स बंधाया। दिवंगत शोभा रानी बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की ड्यूटी में लगी हुई थीं।

    संगठन के मंडल अध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र शर्मा ‘अंगिरस’, महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष वेत्रलता शर्मा, और आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन की जिलाध्यक्ष शीला देवी सहित अन्य पदाधिकारी उनके निवास पर पहुंचे। पदाधिकारियों ने शोक संतप्त परिवार को ढाढ़स बंधाते हुए आश्वासन दिया कि इस दु:खद घड़ी में पूरा आंगनबाड़ी संगठन उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि विभाग एवं संगठन की ओर से जो भी संभव सहयोग होगा, वह शीघ्र ही परिवार को उपलब्ध कराया जाएगा।

  • बिजनौर। अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। महासभा जिला मुख्यालय पर भगवान परशुराम चौक और द्वार बनवाए जाने के लिए निरंतर प्रयासरत थी।

    सदर विधायक के पति एवं भाजपा नेता ऐश्वर्य चौधरी ‘मौसम’ एडवोकेट ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए, थाना कोतवाली के पीछे मुख्य रोड पर ‘भगवान परशुराम स्तुति द्वार’ का निर्माण करवाकर ब्राह्मण समाज का दिल जीत लिया है। इस पहल पर आभार व्यक्त करने के लिए, ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधिमंडल ने उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया।

    भाजपा नेता ऐश्वर्य चौधरी ‘मौसम’ ने कहा कि वह विधानसभा बिजनौर में समाज की विभिन्न जातियों की महान विभूतियों के नाम पर स्तुति/स्मृति द्वार, चौक और उनकी मूर्ति स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की मंशा के अनुरूप विधानसभा बिजनौर में कुल 18 द्वार बनवाए जा रहे हैं। इनमें से भगवान परशुराम स्तुति द्वार सहित कई कार्य पूर्ण हो चुके हैं और शेष कार्यों को अतिशीघ्र पूरा किया जाएगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वह अपने प्रयासों से सरकार की सभी योजनाओं को जनहित में उतारने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

    इस अवसर पर अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र शर्मा ‘अंगिरस’, मंडल अध्यक्ष संजय शर्मा एडवोकेट, कर्मचारी नेता राकेश शर्मा, पंडित दिनेश चंद्र शास्त्री, आलोक भारद्वाज, आशीष शर्मा, प्रदीप कौशिक, राहुल शर्मा, राजेंद्र शर्मा, महेश चंद शर्मा, नरेश शर्मा एवं अशोक शर्मा आदि मौजूद रहे।

  • बिजनौर: अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा बिजनौर द्वारा आगामी 25 दिसंबर को दो महान विभूतियों भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय (हिंदू विश्वविद्यालय बनारस के संस्थापक) और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

    अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा बिजनौर के जिलाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र शर्मा “अंगिरस” ने बताया कि 25 दिसंबर को आर्य समाज परिसर बिजनौर में प्रातः 10 बजे से कार्यक्रम शुरू होगा। इस दौरान यज्ञ और भजन का आयोजन किया जाएगा, जिसके बाद एक विचार गोष्ठी आयोजित की जाएगी।

    कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण जनपद की 50 विप्र विभूतियों का सम्मान होगा। इन विभूतियों में सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी, समाज में विशेष योगदान देने वाले व्यक्ति, पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े लोग और मेधावी छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया है।
    यह महत्वपूर्ण निर्णय सोमवार को मंडल अध्यक्ष संजय शर्मा के आवास पर आयोजित महासभा की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।

    डॉ. “अंगिरस” ने जनपद के सभी विप्र बंधुओं से एकजुटता की भावना के साथ इस पावन कार्यक्रम में सपरिवार उपस्थित होकर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का हार्दिक आह्वान किया है।

  • ~ भूपेंद्र निरंकारी

    बिजनौर/मुजफ्फरनगर, (8 दिसम्बर 2025)। भगवंत प्रौद्योगिकी संस्थान (BIT) में सोमवार को “भारत : 1925 से 2025 — संस्कृति एवं चेतना की सतत यात्रा” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया।

    संस्थान के विवेकानंद ऑडिटोरियम में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में देश की सांस्कृतिक निरंतरता, राष्ट्रनिर्माण, और आत्मनिर्भरता के विविध आयामों पर देश भर के विशेषज्ञों ने विस्तारपूर्वक चर्चा की।

    कार्यशाला का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र में भगवंत ग्रुप के चेयरमैन डॉ. अनिल सिंह और वाइस चेयरपर्सन डॉ. आशा सिंह उपस्थित रहीं। इस सत्र को प्रो. प्रकाश सिंह (कुलपति, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय), प्रो. सचिन माहेश्वरी (कुलपति, गुरु जम्बेश्वर विश्वविद्यालय) तथा वक्ता प्रफुल्ल केतकर और प्रज्ञा प्रवाह के क्षेत्र संयोजक भगवती प्रसाद राघव जैसे गणमान्य अतिथियों ने संबोधित किया। संस्थान के निदेशक डॉ. अनुराग विजय अग्रवाल, सह-निदेशक डॉ. पुष्पनिल वर्मा, और सीए दुष्यन्त कुमार ने भी मंच की शोभा बढ़ाई।

    सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चली इस ज्ञानवर्धक कार्यशाला का केंद्रीय विषय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना (1925) से लेकर आधुनिक आत्मनिर्भर भारत एवं विश्व गुरु भारत की दिशा में चल रही प्रगतिशील यात्रा पर विचार करना था। कार्यक्रम को भारतीय प्रज्ञान परिषद द्वारा बौद्धिक सहयोग प्रदान किया गया।कार्यशाला में जिन महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे, उनमें शामिल थे:

    1. स्व से स्वतंत्रता की अवधारणा

    2. स्व का बोध

    3. पंच परिवर्तन (कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य)

    4. समसामयिक विमर्श

    5. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020)

    6. भारत का संविधान एवं संविधान समिति के विचार-विमर्शज्ञान और चेतना का संचार

    ✨यह आयोजन छात्रों, शिक्षकों एवं समाज के सजग नागरिकों के लिए भारतीय संस्कृति, सभ्यता एवं राष्ट्र चेतना को समझने और उसे जीवन में आत्मसात करने का एक उत्कृष्ट अवसर सिद्ध हुआ। विशेषज्ञों के विचारों ने सभागार में उपस्थित सभी लोगों को भारत की गौरवशाली यात्रा से जोड़ा।

    कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. अजय सिंह (डीन), डॉ. आदित्य शर्मा (उप रजिस्ट्रार), डॉ. ए.के. शर्मा (प्राचार्य BAMS), डॉ. विजय डी. (प्राचार्य नर्सिंग), डॉ. सचिन सिंगल (प्राचार्य फार्मेसी), डॉ. कावेंद्र यादव, इं. निकुल चौधरी, गौरव राजपूत, दिव्य सिंह सहित अनेक सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

    यह कार्यशाला संस्थान और क्षेत्र के लिए ज्ञान, संस्कृति और राष्ट्र चेतना को नई दिशा देने वाला एक मील का पत्थर साबित हुआ।

  • बिजनौर (उत्तर प्रदेश)। नगर पालिका परिषद बिजनौर की अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह ने लोकसभा सांसद संजय सिंह चौहान को ज्ञापन दे कर क्षेत्र के बुनियादी ढांचे से जुड़े दो अत्यंत महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर तत्काल ध्यान देने का आग्रह किया है। इन मांगों में चंदोक रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर का निर्माण और बालावाली पुल को दिल्ली-पौड़ी नेशनल हाईवे से जोड़ना शामिल है, जिससे बिजनौर की यातायात और आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा मिल सकती है।

    सांसद को दिए गए ज्ञापन में, श्रीमती सिंह ने चंदोक रेलवे स्टेशन पर फ्लाईओवर न होने से उत्पन्न हो रही गंभीर समस्याओं को उजागर किया। उन्होंने बताया कि बिजनौर से हरिद्वार को जोड़ने वाले इस प्रमुख मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग के कारण आएदिन लंबा जाम लग जाता है।

    किसानों को विशेष समस्या: ज्ञापन में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि चंदोक से आगे उत्तम शुगर मिल स्थित है। गन्ने के सीजन में गन्ना लेकर आने वाले किसानों को भारी वाहनों के साथ घंटों जाम में फंसा रहना पड़ता है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है। इसके अतिरिक्त, पूरे चंदोक कस्बे में यातायात अवरुद्ध होने से आम जनता को भी भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। श्रीमती इन्दिरा सिंह के अनुसार, “यह केवल यातायात की समस्या नहीं है, बल्कि अत्यधिक जाम के कारण क्षेत्र में दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना रहता है। चंदोक रेलवे स्टेशन पर फ्लाईओवर का निर्माण आमजन और किसानों दोनों को बड़ी राहत देगा।”

    दूसरी प्रमुख मांग में, बालावाली पुल को सड़क मार्ग के द्वारा चंदोक होते हुए दिल्ली-पौड़ी नेशनल हाईवे (किरतपुर के पास) से जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है। यह परियोजना बिजनौर क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है।

    समय और धन की बचत: इस नई कनेक्टिविटी से बिजनौर, नजीबाबाद और नगीना विधानसभा क्षेत्रों के निवासियों को पंजाब और हरिद्वार जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर आवागमन में असाधारण सुविधा मिलेगी। नगर पालिका अध्यक्ष के अनुसार, “यह नया सड़क मार्ग न केवल लोगों का समय बचाएगा, बल्कि तेल के आयात पर खर्च होने वाले राष्ट्रीय धन और विदेशी मुद्रा की बचत में भी सहायक होगा, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधि मजबूत होगी।” उन्होंने सांसद से निवेदन किया कि इन दोनों जनहित के विषयों की महत्ता को देखते हुए तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि इन विकास परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के बाद समस्त क्षेत्रवासी सांसद के हमेशा आभारी रहेंगे। सांसद ने मांगों पर समुचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है।

  • लखनऊ। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग राजधानी लखनऊ स्थित ऐतिहासिक यहियागंज गुरुद्वारे का पर्यटन विकास करने जा रहा है। गुरुद्वारे के ऐतिहासिक महत्व, सामुदायिक आस्था और शहर की सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए पर्यटन विकास पर 02 करोड़ रुपए की धनराशि खर्च की जाएगी।

    उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर और दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी की स्मृतियों से जुड़े गुरुद्वारे का पर्यटन विकास हमारी प्राथमिकता है।’ पर्यटन मंत्री ने बताया कि ‘राज्य सरकार सभी धर्मों की आस्था का समान रूप से सम्मान करती है। सिख गुरुओं के ऐतिहासिक पदचिह्नों से जुड़े लखनऊ के यहियागंज गुरुद्वारे को पर्यटन मानचित्र पर विशेष रूप से विकसित किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस पवित्र विरासत को करीब से जान सकें और श्रद्धा पूर्वक देख सकें।’

    मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘यहियागंज गुरुद्वारे के पर्यटन विकास हेतु राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों के विकास मद से 02 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। यह धनराशि गुरुद्वारे के ऐतिहासिक स्वरूप को संरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं, सौंदर्यीकरण, आगंतुक सुविधाओं और सुगम पहुंच व्यवस्था के लिए उपयोग की जाएगी।

    सिख इतिहास की अनमोल धरोहरों में शामिल लखनऊ का यहियागंज गुरुद्वारा उन पलों का साक्षी है, जब 1670 में गुरु तेग बहादुर पटना से आनंदपुर जाते समय तीन दिन यहां ठहरे थे और श्रद्धालुओं को दर्शन दिए थे। यही नहीं, 1672 में गुरु तेग बहादुर के पुत्र गुरु गोविंद सिंह जी महाराज ने भी दो महीने से अधिक समय तक इसी पवित्र स्थल पर प्रवास किया था, तब से यह गुरुद्वारा धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक महत्व का केंद्र बना हुआ है।

    यहियागंज गुरुद्वारे के अंदर एक आर्ट गैलरी भी है, जिसमें सिख इतिहास और गुरुओं से जुड़ी घटनाओं को दर्शाया गया है। यह भाग आगंतुकों को खासा आकर्षित करता है। यहां गुरु तेग बहादुर और गुरु गोविंद सिंह द्वारा हस्ताक्षरित दो हुक्मनामे व श्री गुरु ग्रंथ साहब की हस्तलिखित प्रति मौजूद है, जिसके आरम्भ में गुरु तेग बहादुर साहिब द्वारा मूल मंत्र लिखा है। यह अनमोल संग्रह दर्शनार्थियों और विशेषकर सिख इतिहास में रुचि रखने वालों को गहराई से जोड़ता है। 

    यहियागंज गुरुद्वारा तक पहुंचना बेहद आसान है। लखनऊ आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक चारबाग रेलवे स्टेशन, चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा या शहर के किसी भी हिस्से से सड़क मार्ग द्वारा आराम से यहां पहुंच सकते हैं। प्रकाशोत्सव जैसे विशेष अवसरों पर बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोग यहां पहुंचते हैं और भजन-कीर्तन, लंगर का हिस्सा बनते हैं। 

    प्रमुख सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने बताया कि ‘उत्तर प्रदेश सरकार की पर्यटन विकास नीति का उद्देश्य ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना है। लखनऊ स्थित यहियागंज गुरुद्वारा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सौहार्द का अद्वितीय केंद्र भी है। बेहतर कनेक्टिविटी, यात्री सुविधाओं का उन्नयन और ठोस इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के माध्यम से हम इसे पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’

  • ~ भूपेंद्र निरंकारी

    बिजनौर। बाबरी विध्वंस की वर्षगाँठ पर शिव सैनिकों ने बसंती देवी धर्मशाला स्थित प्राचीन शिव मंदिर में महाआरती का आयोजन किया। महाआरती के दौरान शिव सैनिकों ने पूरे उत्साह के साथ ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए। इसके उपरांत, सभी शिव सैनिकों ने मिष्ठान वितरित कर अपनी खुशी का इजहार किया।

    शिवसेना प्रदेश उप प्रमुख पंडित नरेश कुमार शर्मा ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे के दिशा निर्देश पर ही 6 दिसंबर 1992 को शिव सैनिकों ने श्री राम की नगरी अयोध्या में बाबरी ढाँचे का विध्वंस किया था। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि आज उस स्थान पर भव्य राम मंदिर बनकर तैयार है, जिस पर उन्हें बहुत खुशी है।

    जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह ने बालासाहेब ठाकरे के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि उनका प्रण 20% राजनीति और 80% समाज सेवा का था, जिसमें भारतीय संस्कृति की रक्षा, गंगा माँ, गौ माता और महिलाओं की सुरक्षा, साथ ही कमजोर वर्ग और किसानों की आवाज उठाना शामिल था। उन्होंने कहा कि शिव सैनिक इस प्रण को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। इस कार्यक्रम में सुरेंद्र चौधरी, मुकेश लाम्बा, अभय कुमार, रोहित कुमार, विक्रांत चौधरी, आकाश, पंकज कुमार, सुरेश कुमार आदि शिवसैनिक मौजूद रहे।

  • ~भूपेंद्र निरंकारी

    बिजनौर। देर रात चांदपुर-धनौरा रोड पर लगभग एक घंटे के अंतराल में लगातार तीन अलग-अलग दुर्घटनाएँ हुईं, जिसके कारण सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इन हादसों में घायल हुए लोगों को स्थानीय लोगों और समाजसेवियों की सहायता से तत्काल विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

    पहला हादसा: देर रात हुई दुर्घटनाओं का सिलसिला शेखपुरी निवासी देवेंद्र के साथ शुरू हुआ। बागड़पुर के सामने हुए इस पहले एक्सीडेंट में देवेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद स्थानीय युवक पुल्कित, अनीकेत और दकश ने तत्परता दिखाते हुए घायल देवेंद्र को उठाया और प्राथमिक उपचार के लिए डॉ. पुल्कित के यहाँ पहुँचाया।

    दूसरा हादसा: इसके कुछ ही देर बाद मिर्जापुर और बागड़पुर के बीच एक और भीषण हादसा हुआ। इसमें गन्धौर निवासी मोहम्मद आसिफ (पुत्र युसुफ) और तस्लीम (पुत्र हसन) गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की सहायता से दोनों घायलों को तत्काल जीवन ज्योति नर्सिंग होम पहुँचाया गया।

    तीसरा हादसा: तीसरी दुर्घटना में दारा नगर गंज निवासी अफजाल (पुत्र अय्यूब) गंभीर रूप से घायल हो गए। रात के इस अंधेरे में घटनास्थल पर पहुंचे समाजसेवी और शिव सेना के जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह (गुड सेमीरिटन) ने बिना देर किए घायल अफजाल को अपनी सहायता से उठाया। उन्हें भी जीवन ज्योति नर्सिंग होम में डॉ. मोहित की देखरेख में भर्ती कराया गया है।

    पुलिस ने तीनों घटनाओं का संज्ञान लिया है और दुर्घटनाओं के कारणों की जाँच की जा रही है। लगातार हुए इन हादसों ने एक बार फिर रात के समय इस मार्ग पर सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

  • दारा नगर विदुरकुटी (बिजनौर)। श्री विदुर गुरु गृह इंटर कॉलेज दारा नगर विदुरकुटी के विशाल प्रांगण में रविवार को जनपद स्तरीय विदुर नीति प्रतियोगिता का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। इस प्रतियोगिता में जनपद के चौदह कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

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    प्रतियोगिता का मुख्य विषय ‘आधुनिक समय में विदुर नीति का महत्व’ रहा। प्रतिभागियों ने अपने विचारों से यह सिद्ध किया कि महात्मा विदुर की नीतियाँ वर्तमान समय में जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अत्यंत प्रासंगिक हैं। छात्रों ने इन नीतियों को जीवन में अपनाकर एक विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने का आह्वान किया।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) जयकरन यादव ने कहा कि आधुनिक समय में जीवन में आने वाली हर समस्या का समाधान विदुर जी की नीति में समाहित है। उन्होंने छात्रों से इन नीतियों का अध्ययन करने का आग्रह किया।

    विद्यालय के प्रधानाचार्य कैलाशचंद ने आधुनिक समय में तेजी से बढ़ती जा रही नैतिक गिरावट को रोकने और संस्कारों की पुनर्स्थापना के लिए विदुर नीति के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ उसके चिंतन-मनन की आवश्यकता पर बल दिया।

    प्रतियोगिता में देवांश शर्मा ने प्रथम, रिया जिंदल ने द्वितीय और अनादि शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. निर्मल शर्मा, कैप्टेन विशनलाल व डी पी सिंह रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता राकेश शर्मा ने की। कल्चरल एक्टिविटी कोऑर्डिनेटर रवि प्रकाश आर्य और बबीता सिंघल के निर्देशन में प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने अतिथियों का मन मोह लिया।

    निर्णायक मंडल में राजेंद्र सिंह, प्रदीप विश्नोई व जितेंद्र कुमार सम्मिलित रहे। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन अरुण त्यागी ने किया, जबकि समस्त स्टाफ ने इसे सफल बनाने में अपना सहयोग दिया।

  • बिजनौर। वर्धमान कॉलेज के अंग्रेजी विभाग एवं द इंग्लिश लिटरेरी सोसायटी के तत्वाधान में महाविद्यालय परिसर के कक्ष संख्या 103 में प्रो. आर.एल. अवस्थी मेमोरियल अतिथि व्याख्यान हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग़य्यूर आसिफ़ रहे।

    कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या एवं सोसायटी की मुख्य संरक्षक प्रो. प्रीति खन्ना और विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. एस. के. अग्रवाल सहित सभी प्रख्यात प्राध्यापकों की उपस्थिति में माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। प्रो. एस. के. अग्रवाल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्य अतिथि का स्वागत किया और विद्यार्थियों को प्रो. आर.एल. अवस्थी के अतुलनीय योगदान एवं व्यक्तित्व से अवगत कराया।

    प्राचार्या प्रो. प्रीति खन्ना ने सोसायटी के इस सार्थक प्रयास की सराहना करते हुए मुख्य अतिथि का हार्दिक स्वागत किया। मुख्य सलाहकार डॉ. सोनल शुक्ला ने श्री ग़य्यूर आसिफ़ की जीवनी और उनकी शैक्षणिक सेवाओं का भावपूर्ण परिचय प्रस्तुत किया।

    सुनील कुमार अग्रवाल अध्यक्ष, अंग्रेजी विभाग वर्धमान डिग्री कॉलेज बिजनौर

    कोऑर्डिनेटर डॉ. विनीता पाण्डेय ने इस अवसर पर ‘‘व्यक्तिगत को आकार देने में भाषा और साहित्य की भूमिका’’ विषय पर प्रकाश डालते हुए आधुनिक संदर्भों में भाषा-साहित्य की प्रासंगिकता को रेखांकित किया।डॉ. रजनी शर्मा ने सत्र 2024–25 के दौरान सोसायटी द्वारा आयोजित गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।

    मंच संचालन का दायित्व कशिश नरूला, रिद्धि अग्रवाल, उत्कर्ष राठी तथा एकता राठी ने कुशलतापूर्वक निभाया।विभिन्न संकायों से आए छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्ण सहभागिता से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। अंत में डॉ. पारुल द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसके साथ ही कार्यक्रम का औपचारिक समापन हुआ।

  • बिजनौर। सेंट मैरी स्कूल (के.जी.), बिजनौर का भव्य वार्षिक समारोह “सपनों का सफर 2025” अत्यंत हर्षोल्लास और उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। नन्हे-मुन्नों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने अभिभावकों का मन मोह लिया।

    कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंधक फ़ादर शाजू, प्रधानाचार्या सिस्टर लिंसी, उप-प्रधानाचार्या सिस्टर जैनी, के.जी. इंचार्ज सिस्टर जिल्सी, सिस्टर एंजेल के साथ मुख्य अतिथि निजेंद्र कुमार (ए.डी.जे., सेशन कोर्ट, बिजनौर) और अध्यक्ष रेव. फ़ादर जोमी जोस (सेक्रेटरी, ESDB, कोटद्वार) द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन करके किया गया।

    कार्यक्रम शुरू होने से पूर्व, 25 वर्षों तक अपनी सेवा देने वाले विद्यालय के कर्मठ कर्मचारी मंगू सिंह के स्वर्गवास पर दो मिनट का मौन रखकर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

    नन्हे-मुन्नों द्वारा प्रस्तुत ‘दिव्य स्पर्श’ प्रार्थना नृत्य से वातावरण आध्यात्मिक हो गया। इसके उपरांत मनोहारी स्वागत नृत्य और स्वागत भाषण ने अतिथियों का दिल जीत लिया। प्रबंधक फ़ादर शाजू ने अपने उद्घाटन संदेश में कहा कि बच्चों के सपनों को दिशा देना ही शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य है।

    मीडिया प्रभारी आदित्य खन्ना ने बताया कि बच्चों ने एक से बढ़कर एक आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं। सारा नसीम की शानदार एंकरिंग और मोहम्मद कबीर का लुंगी डांस विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। अन्य प्रमुख प्रस्तुतियाँ, ‘साहस से भरे सपने’ थीम डांस ,कॉमेडी-ए-समां, इंग्लिश स्किट, डॉल्स ऑन स्टेज, मंत्रास ऑफ सक्सेस, फ़्यूज़न फ्लेम्स रहीं। समारोह का अंत रंगारंग बॉलीवुड डांस से हुआ, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विद्यालय की उपलब्धियों से सजी वार्षिक रिपोर्ट ने सभी को प्रभावित किया।

    मुख्य अतिथि निजेंद्र कुमार ने अपने संबोधन में विद्यालय की समृद्ध संस्कृति, अनुशासन और बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए प्रबंधन के प्रयासों की सराहना की। अध्यक्ष रेव. फ़ादर जोमी जोस ने कहा कि सेंट मैरी स्कूल के नन्हे विद्यार्थियों ने जिस आत्मविश्वास और प्रतिभा के साथ अपनी प्रस्तुतियाँ दीं, वह विद्यालय की उत्कृष्ट शैक्षणिक और सांस्कृतिक परंपरा का प्रमाण है। संपूर्ण समारोह विद्यालय की उत्कृष्ट शैक्षणिक परंपरा, बच्चों की रचनात्मकता तथा सपनों को पंख देने की प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा।

  • लखनऊ/बिजनौर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आज उनके सरकारी आवास पर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के किसानों से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और संगठन ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा।

    भाकियू (अराजनैतिक) की ओर से बैठक का नेतृत्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश चौहान ने किया। प्रतिनिधिमंडल में संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी शामिल रहे, इनमें पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान, राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक, प्रदेश अध्यक्ष हरनाम सिंह वर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेंद्र रंधावा, युवा भाकियू (अ) के प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह, कोषाध्यक्ष बिंदु कुमार, अतुल बालियान शामिल हैं।

    प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष गन्ना मूल्य निर्धारण, फसल के बकाया भुगतान में हो रही देरी, सरकारी खरीद केंद्रों पर किसानों को आ रही दिक्कतों और सिंचाई तथा बिजली से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। संगठन ने मांग की कि सरकार रबी की फसल की बुवाई से पहले किसानों के सभी लंबित मुद्दों का समाधान सुनिश्चित करे।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे भाकियू (अराजनैतिक) द्वारा उठाए गए मुद्दों की गहन समीक्षा करें और समयबद्ध तरीके से उनका समाधान सुनिश्चित करें। यह बैठक किसान हित में सरकार और किसान नेताओं के बीच संवाद को आगे बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।

  • मेज़बान को देना पड़ता है एक एक प्लेट के हिसाब से पैसा उतना ही लें थाली में व्यर्थ ना जाए नाली में!! शादियों का सीज़न है !! कृपया ध्यान दें !! खुद के पैसे की आइसक्रीम खाते हैं, तब ढक्कन भी चाट लेते हैं। बीस रुपए के पानी बताशे का एक बूंद पानी तक नहीं […]

    उतना ही लें थाली में व्यर्थ ना जाए नाली में!!
  • बिजनौर। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR-2025) के कार्यभार से उपजे मानसिक तनाव के कारण बिजनौर जिले में दो बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) द्वारा की गई आत्महत्या के बाद, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मृतक परिवारों से मुलाकात की।

    शुक्रवार, 5 दिसंबर 2025 को शोक-संतप्त परिवारों के बीच पहुंचे श्री राय ने कहा कि लोकतंत्र के आधार बीएलओ पर डाला जा रहा यह अमानवीय कार्यभार अस्वीकार्य है और इसके लिए सीधे तौर पर योगी सरकार की गलत नीतियाँ जिम्मेदार हैं।

    श्री राय सबसे पहले किरतपुर ब्लॉक के ग्राम भरेकी पहुंचे, जहाँ उन्होंने स्वर्गीय श्री राजवीर सिंह के परिजनों से मिलकर सांत्वना दी। इसके उपरांत, वे धामपुर गए और मोहल्ला बड़वान निवासी स्वर्गीय श्रीमती शोभा रानी (पत्नी श्री कृपाल सिंह सैनी) के घर पर परिवार के सदस्यों से मिलकर गहरा दु:ख व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने परिवारों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

    प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “बीएलओ हमारे लोकतंत्र के सिपाही हैं, और इन्हें कार्यभार के नाम पर मानसिक यातना दी जा रही है। प्रदेश में कई बीएलओ अपनी जान गंवा चुके हैं। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को विधानसभा से लेकर सड़क तक मजबूती से उठाएगी।

    1. मृतक BLO परिवारों को पर्याप्त आर्थिक मुआवजा दिया जाए।
    2. SIR कार्य का अत्यधिक बोझ तुरंत कम किया जाए। बीएलओ को मानसिक स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराया जाए।
    3. अत्यधिक दबाव बनाने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

    इस दौरान जिलाध्यक्ष श्रीमती हैनरीता राजीव सिंह, पूर्व आईएएस अधिकारी आर के सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

  • चांदपुर/बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के चांदपुर नगर निवासी हर्षित वर्मा ने अपनी प्रतिभा और लगन से पूरे देश में जनपद का नाम रोशन किया है। उन्होंने भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) की प्रतिष्ठित चयन प्रक्रिया में अखिल भारतीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त कर एक अभूतपूर्व उपलब्धि दर्ज की है। हर्षित वर्मा, जो श्री अखिल वर्मा के सुपुत्र और श्री महेंद्र वर्मा के पौत्र हैं, मूल रूप से चांदपुर नगर के निवासी हैं, तथा वर्तमान में अपनी माता श्रीमती बबीता वर्मा के साथ देहरादून में रह रहे हैं।

    हर्षित की इस शानदार सफलता ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे बिजनौर जिले और उत्तर प्रदेश का मान बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि से भारत के युवाओं का मनोबल बढ़ा है। हर्षित के माता-पिता को यश की प्राप्ति हुई है, और उनके सभी रिश्तेदारों एवं मिलने वालों द्वारा लगातार बधाइयाँ दी जा रही हैं। चांदपुर नगर के लिए यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है कि उनके बेटे ने राष्ट्रीय स्तर पर इतना बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इस गौरवपूर्ण क्षण से सभी का सीना गर्व से चौड़ा हो रहा है।

    भारतीय तटरक्षक बल देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा, समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने, आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह भारतीय सशस्त्र बलों की एक अभिन्न अंग है। इस बल में चयन होना अपने आप में देश सेवा का एक महान अवसर है, और इसमें दूसरा स्थान प्राप्त करना हर्षित की असाधारण योग्यता, समर्पण और कड़ी मेहनत का प्रमाण है।हर्षित वर्मा को उनकी इस शानदार सफलता पर पूरे देश से शुभकामनाएँ मिल रही हैं और भारतवर्ष ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना करता है।

  • बिजनौर (उत्तर प्रदेश)। मुरादाबाद मण्डल के संयुक्त कृषि निदेशक जीवन प्रकाश ने बिजनौर में कृषि विभाग के कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए सघन निरीक्षण किया। उन्होंने उर्वरक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और विकासात्मक कार्यों को मानक अनुरूप पूरा करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।

    निरीक्षण के दौरान, श्री प्रकाश ने सहकारी गन्ना विकास समिति लिमिटेड, बिजनौर का दौरा और उर्वरक वितरण व्यवस्था का गहन अवलोकन किया। उन्होंने गोदाम प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसानों को उर्वरकों की बिक्री उनकी जोत और बोई गई फसलों के अनुसार ही पॉस मशीन (PoS Machine) के माध्यम से करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से उर्वरक वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और सब्सिडी का लाभ केवल वास्तविक किसानों तक ही पहुँचेगा।

    संयुक्त निदेशक ने इसके बाद भूमि संरक्षण इकाई द्वारा संचालित खेत-तालाब योजना के तहत निर्माणाधीन खेत-तालाबों (बाकरपुर गढ़ी एवं रावली) का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन महत्वपूर्ण कार्यों को समयबद्ध और उच्च मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए।

    उन्होंने राजकीय बीज संवर्धन प्रक्षेत्र, पृथ्वीपुर पर भी बुवाई की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को उन्नत तकनीकों का प्रयोग करते हुए फसल प्रबंधन पर ध्यान देने के लिए निर्देशित किया।यह निरीक्षण कृषि विभाग की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और किसानों के हितों की रक्षा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    इस दौरान डॉ. घनश्याम वर्मा, उप कृषि निदेशक, बिजनौर, जसवीर सिंह तेवतिया, जिला कृषि अधिकारी / भूमि संरक्षण अधिकारी, उमेश कुमार, अवर अभियंता, केशव कुमार, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक (ग्रुप–A) विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

  • जिला पंचायत सदस्य सल्लाभाटकोट शैलजा चम्याल ने लिगुड़ता मंगलता सिंचाई पाइप लाइन जगह जगह ध्वस्त होने के संबंध में जिला अधिकारी महोदय अल्मोड़ा को ज्ञापन सौंपा, जिलाधिकारी महोदय को अवगत कराया कि वर्तमान में देवीय आपदा के कारण क्षेत्र में सिंचाई पाइप लाइन जगह जगह टूट गई है, जिस कारण खेती की सिंचाई करना मुश्किल है, क्षेत्रवासियों ने बताया कि यह योजना लगभग 3, 4 वर्ष पूर्व में बनीं थी, लेकिन पाइप टूट गए है, जिससे क्षेत्र मै कई एकड़ उपजाऊ खेती बाड़ी योग्य भूमि मैं फसल उगा पाना संभव नहीं है, जिस कारण सैकड़ों कृषकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा जिससे उनके सामने भविष्य में रोजी-रोटी का संकट गहरा सकता है, इस समस्या से सभी कृषक अत्यधिक चिंतित है, लगभग 2 किलोमीटर श्रेत्र मै फैले इस कृषि योग्य भूमि मै 8 से 10 गांव के सैकड़ों परिवार अपनी आजीविका हेतु कृषि कार्य पर निर्भर रहते है, जिसमें लगभग 600, 700 खेत होंगे, यह एरिया उत्तम किस्म की फसल उत्पादन के लिए जाना जाता है, इस सम्बन्ध में पूर्व मै कई पत्र दिए जा चुके है , लेकिन अब तक ध्वस्त लाइन को ठीक करना तो दूर संबंधित अधिकारियों द्वारा स्थलीय निरीक्षण भी नहीं किया गया है जो अधिकारियों के श्रेत्र के कृषकों के प्रति असंवेदनशीलता एवं लापरवाही को दर्शाता है, फसल बुआई को 2, 3 महीने हो चुके लेकिन खेत पानी के लिए प्यासे है, पेड़ पौधे पानी के अभाव मै सूखने लगे है, और खेतों में बंदर घूम रहे है, सदस्य ने बताया कि विभागों से संपर्क करने पर पता चला लाइन सही करने मै कई महीने लगेंगे, क्षेत्रवासियों ने चिंता जताई है कि जिस क्षेत्र में हजारों कुंतल अनाज पैदा होता है, सिंचाई के अभाव में बीज के लिए दाना प्राप्त होना भी मुश्किल है, शासन प्रशासन से निराश होकर ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर पहाड़ी में सिंचाई पाइपलाइन को खुद ठीक करने का प्रयास किया लेकिन लाइन ठीक तो नहीं हो पाई एक व्यक्ति को चोट आ गई, सदस्य ने आरोप लगाया है शासन प्रशासन मस्त है, क्षेत्रीय जनता गंभीर समस्याओं से त्रस्त है,शैलजा चम्याल ने जिलाधिकारी महोदय से विनम्र निवेदन किया है कि शीघ्र ही इस सिंचाई योजना को ठीक करवाया जाए, जिससे किसान अपने खेती के सिंचाई कार्य को समय पर कर सके ,

  • लखनऊ। उत्तर प्रदेश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई हुई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDSA) की प्रदेश स्तरीय टीमों ने राजधानी लखनऊ के सात प्रमुख शॉपिंग मॉल्स – लुलु, पलासियो, फीनिक्स, सिनेपोलिस, एमरल्ड, वेव और फोनिक्स – के फूड कोर्ट्स में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की।
    जांच में सामने आया कि कई नामी फूड आउटलेट्स में ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा था। सबसे गंभीर अनियमितता यह पाई गई कि कुछ प्रतिष्ठान एक्सपायर्ड प्रोडक्ट्स की लेबलिंग और मैन्युफैक्चरिंग डेट को बार-बार बदलकर उन्हें बेच रहे थे।

    FDSA की टीमों ने लुलु हाइपर मॉल के फूड सेक्शन में लाइसेंस की गड़बड़ी के साथ-साथ यह बड़ा खेल पकड़ा कि जब तक सामान बिक न जाए, तब तक एक्सपायरी डेट का लेबल बदलकर काम चलाया जा रहा था। इस गंभीर उल्लंघन पर FDSA ने लुलु हाइपर मॉल का पूरा फूड सेक्शन तुरंत बंद करा दिया।

    छापेमारी में हाइजीन और लाइसेंस की अनियमितता पर भी सख्त कार्रवाई की गई: कुल मिलाकर, गंदगी, लाइसेंस की अनियमितता और खराब हाइजीन के चलते चार बड़े फूड आउटलेट्स का कारोबार तत्काल प्रभाव से बंद कराया गया।

    टीमों ने दर्जनों बड़े रेस्टोरेंट्स और आउटलेट्स से नमूने लिए। इनमें टुंडे कबाबी, चिलीज़, करीम्स, स्काई ग्लास, रॉयल कैफे, मोती महल और छप्पन भोग जैसे नामी प्रतिष्ठान शामिल हैं, जिनके खाद्य पदार्थों के नमूने गुणवत्ता जांच के लिए भेजे गए हैं।
    इसके अलावा, केएफसी (पलासियो और वेव मॉल), बरिस्ता, बीकानेर वाला और नाथूज सहित कई आउटलेट्स को गंदगी और संचालन में सुधार लाने के लिए सुधार नोटिस जारी किए गए हैं।
    FDSA के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा।

  • नई दिल्ली/कोलकाता: भारतीय इतिहास के पन्नों में कई ऐसे गुमनाम नायक हैं, जिनके संघर्ष और बलिदान ने देश की दिशा तय की। इन्हीं में से एक थे बंगाल के कायस्थ सम्राट प्रतापादित्य गोहराय, जिन्होंने 16वीं शताब्दी के अंत में शक्तिशाली मुगल साम्राज्य के विस्तारवाद को चुनौती दी और एक स्वतंत्र ‘स्वराज’ की नींव रखी। उन्हें मुगलों को चुनौती देने वाले पहले ‘स्वराज’ संस्थापक और रायश्रेष्ठ प्रतापादित्य महाराज के नाम से भी जाना जाता है।

    सम्राट प्रतापादित्य; गोहराय वंश के काश्यप गोत्रीय बंगज कायस्थ थे। उनका येशोर साम्राज्य (वर्तमान में बांग्लादेश और भारत के पश्चिम बंगाल, पूर्वी बिहार, और उत्तरी ओडिशा के कुछ हिस्सों तक फैला था)। उनके पिता श्रीहरि (या श्रीधर), ने ‘महाराजा विक्रमादित्य’ की उपाधि धारण कर खुद को स्वतंत्र घोषित किया था। उन्होंने अपने पिता श्रीहरि (विक्रमादित्य) के बाद गद्दी संभाली।

    प्रतापादित्य को तत्कालीन द्वादश-भौमिक चक्र (बारह क्षेत्रीय हिंदू शासकों का समूह) में सबसे शक्तिशाली माना जाता था। उन्होंने बंगाल को मुगल अधीनता से मुक्त कराने का संकल्प लिया। इतिहासकारों के अनुसार, उन्होंने लगभग 25 वर्षों तक मुगलों के सूबेदारों को पराजित किया और हिजली, पटना, राजमहल, और कागरघाट जैसी महत्वपूर्ण लड़ाइयों में विजय प्राप्त की। यह सैन्य प्रतिरोध उन्हें भारत में पहले स्वतंत्र ‘स्वराज’ की अवधारणा स्थापित करने वालों में से एक बनाता है, जिसने बाद में मराठा छत्रपति शिवाजी महाराज को भी प्रेरित किया।

    प्रतापादित्य ने धूम घाट को अपनी राजधानी बनाया, जहाँ उन्होंने एक मजबूत नौसेना और सेना का निर्माण किया। उन्होंने येशोर की कुलदेवी, प्रसिद्ध जसरेश्वरी मंदिर का भी जीर्णोद्धार कराया। उनके शासनकाल में उनका साम्राज्य बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ था, जो उनके प्रशासनिक और सामरिक कौशल का प्रमाण है।

    यद्यपि अंततः प्रतापादित्य मुगलों के हाथों पराजित हुए, उनका जीवन और संघर्ष आज भी हिंदू राष्ट्रवाद के कई आख्यानों में एक राष्ट्रीय नायक के रूप में याद किया जाता है। महाराजा प्रतापादित्य का इतिहास हमें सिखाता है कि सीमित संसाधनों के बावजूद भी दृढ़ संकल्प और वीरता से साम्राज्यवादी शक्तियों का सामना किया जा सकता है। महाराजा प्रतापादित्य का योगदान बंगाल के गौरवशाली इतिहास का एक अभिन्न अंग है, जिसे आज भी क्षेत्रीय साहित्य और नाटकों में दर्शाया जाता है।

  • लखनऊ। मैन ऑफ द मैच मयूर शुक्ला (2 विकेट, 69 रन) के शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन की बदौलत पत्रकार एकादश ने नगर निगम क्रिकेट प्रतियोगिता में महापौर इलेवन को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी।

    केडी सिंह बाबू स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में पत्रकार एकादश के कप्तान हिमांशु दीक्षित ने टॉस जीतकर महापौर इलेवन को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। कप्तान का यह फैसला तुरंत सही साबित हुआ, जब मयूर शुक्ला ने मैच के दूसरे ही ओवर में विपक्षी टीम के ओपनर अनुराग मिश्र अन्नू को अपनी ही गेंद पर कैच आउट कर पवेलियन भेज दिया।

    पत्रकार एकादश के कसी हुई गेंदबाजी के सामने महापौर एकादश निर्धारित 25 ओवर में 8 विकेट खोकर किसी तरह 119 रन का स्कोर ही खड़ा कर सकी। महापौर एकादश की ओर से शिवपाल सांवरिया ने सर्वाधिक 47 गेंदों पर दो चौके की मदद से 32 रन बनाए। लवकुश ने 16 और मुकेश सिंह ने 14 रन का योगदान दिया। पत्रकार एकादश के लिए वैभव तिवारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 20 रन देकर तीन विकेट लिए। इश्तियाक रजा और मयूर शुक्ला ने दो-दो विकेट झटके, जबकि मोहसिन को एक विकेट मिला।

    जवाब में, पत्रकार एकादश ने लक्ष्य का पीछा करते हुए शानदार शुरुआत की और महज 18.4 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर 122 रन बनाकर आसानी से मैच जीत लिया। सलामी बल्लेबाज मयूर शुक्ला ने 53 गेंदों पर नौ चौकों और एक छक्के की मदद से तूफानी 69 रन की अर्धशतकीय पारी खेलकर अपनी टीम को जीत तक पहुंचाया। विवेक चौहान 13 रन बनाकर नाबाद रहे और सुधीर तिवारी ने 12 रन का योगदान दिया। महापौर एकादश से एकमात्र विकेट अनुराग मिश्रा को मिला। मयूर शुक्ला को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया।

  • प्रयागराज, (विधि सूत्र)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले 40 साल पुराने एक बेहद गंभीर मामले का संज्ञान लिया है। मामला ललितपुर जिले का है, जहां तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने भरी अदालत में सेशन जज को न केवल धमकाया था, बल्कि उन्हें घसीटकर थाने ले जाने की धमकी भी दी थी। कोर्ट ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से जवाब तलब किया है।

    न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति संजीव कुमार की खंडपीठ ने ‘वृंदावन व अन्य’ की अपील पर सुनवाई के दौरान पाया कि 1988 के फैसले में ट्रायल कोर्ट (सेशन जज) ने तत्कालीन एसपी बी.के. भोला के आचरण का जिक्र किया है। जज ने अपने फैसले में लिखा था कि पुलिस अधीक्षक ने अदालत के भीतर एक ‘गुंडे’ की तरह व्यवहार किया और पीठासीन अधिकारी को अपमानित करते हुए धमकाया।

    अदालत ने पाया कि घटना को चार दशक बीत चुके हैं, इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि आरोपी तत्कालीन एसपी अब जीवित हैं या नहीं। कोर्ट ने डीजीपी को निर्देश दिया है कि वह 9 दिसंबर तक हलफनामा दाखिल कर स्थिति स्पष्ट करें।

    1.क्या तत्कालीन एसपी बी.के. भोला अब भी जीवित हैं?

    2. यदि जीवित हैं, तो क्या वे सेवानिवृत्त हो चुके हैं और पेंशन ले रहे हैं?

    3. उनका वर्तमान पता और संबंधित थाने की जानकारी क्या है?

    4. सबसे अहम — 1988 में सेशन जज द्वारा फैसला सुनाए जाने के बाद, उनकी तल्ख टिप्पणियों के आधार पर आरोपी एसपी के खिलाफ विभाग ने क्या कार्रवाई की थी?

    हाईकोर्ट ने इस पुराने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी को विस्तृत रिपोर्ट के साथ अगली सुनवाई पर उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

  • लखनऊ। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने ई-रिक्शा चालकों को बड़ी राहत देते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। अदालत ने राजधानी लखनऊ में ई-रिक्शा के पंजीकरण के लिए स्थानीय निवासी (Permanent Resident) होने की अनिवार्य शर्त को निरस्त कर दिया है। न्यायालय ने कड़े शब्दों में कहा कि इस तरह की मनमानी शर्त समानता, व्यवसाय की स्वतंत्रता और जीवन के मौलिक अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है।

    न्यायमूर्ति शेखर बी सराफ़ और न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की खंडपीठ ने अजीत यादव की याचिका समेत कुल चार याचिकाओं पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया।याचिकाओं में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, लखनऊ द्वारा 5 फरवरी 2025 को पारित आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें ई-रिक्शा के पंजीकरण पर दो प्रतिबंध लगाए गए थे:

    1. जिस व्यक्ति के पास पहले से ई-रिक्शा का पंजीकरण है, उसे नया पंजीकरण नहीं मिलेगा।
    2. केवल लखनऊ में स्थायी तौर पर निवास करने वाले व्यक्ति को ही नए ई-रिक्शा का पंजीकरण मिलेगा।

    याचिकाकर्ताओं ने मुख्य रूप से दूसरी शर्त—लखनऊ में स्थायी निवास की अनिवार्यता—को अदालत में चुनौती दी थी।

    राज्य सरकार की ओर से पेश हुए वकीलों ने अदालत में तर्क दिया कि लखनऊ में किराए पर रहने वाले ई-रिक्शा मालिकों को फिटनेस की समाप्ति या अन्य कानूनी नोटिस भेजने में परेशानी होती है, क्योंकि वे अक्सर अपना पता बदल लेते हैं, जिससे उन्हें तलाशना मुश्किल हो जाता है।हालांकि, खंडपीठ इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुई। पीठ ने स्पष्ट किया कि किराए पर रहने वाले व्यक्तियों को पंजीकरण से वंचित रखना उचित आधार नहीं माना जा सकता।पीठ ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा:> “लखनऊ में स्थायी निवास न होने के आधार पर पंजीकरण से इनकार करना पूरी तरह मनमाना है और यह संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है।”>

    न्यायालय ने राज्य सरकार को ई-रिक्शा की संख्या नियंत्रित करने के वैकल्पिक और न्यायसंगत तरीके भी सुझाए। पीठ ने कहा कि ई-रिक्शा की संख्या को नियंत्रित करने के लिए अन्य तरीके अपनाए जा सकते हैं, जैसे:

    1. एक वर्ष में केवल निश्चित मात्रा में ही पंजीकरण जारी किए जाएं।
    2. वैध फिटनेस सर्टिफिकेट न रखने वाले ई-रिक्शों को जब्त कर लिया जाए।

    अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि स्थानीय निवास की शर्त लगाना असंवैधानिक है। यह फैसला उन हजारों ई-रिक्शा चालकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जो रोजगार की तलाश में लखनऊ आते हैं और किराए के मकानों में रहते हैं।

  • बिजनौर। पुलिस अधीक्षक, जनपद बिजनौर अभिषेक कुमार झा के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘यातायात माह नवम्बर 2025′ अभियान को जमीनी स्तर पर मज़बूती देने के लिए, आज दिनांक 29 नवम्बर 2025 को थाना शेरकोट क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। मिलन बैंक्वेट हॉल में आयोजित इस गोष्ठी में क्षेत्राधिकारी अफजलगढ़ बिजनौर और थानाध्यक्ष शेरकोट ने ई-रिक्शा चालकों, टैम्पो चालकों और टैक्सी यूनियनों को न केवल सड़क सुरक्षा के सख्त नियमों का पालन करने की हिदायत दी, बल्कि उन्हें बढ़ते साइबर अपराधों से खुद को और यात्रियों को बचाने के लिए भी जागरूक किया।

    सड़क सुरक्षा: शून्य दुर्घटना का संकल्पअधिकारियों ने चालकों को स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का पालन केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अनमोल जीवन की रक्षा के लिए आवश्यक है। गोष्ठी में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया:

    नियमों की स्पष्टता: चालकों को सभी यातायात संकेतों, लेन सिस्टम और ‘रुकने-चलने’ के नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि ओवरलोडिंग और गलत दिशा में ड्राइविंग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि ये आपराधिक लापरवाही की श्रेणी में आते हैं।

    वाहन की फिटनेस: चालकों को हिदायत दी गई कि वे अपने वाहनों (ब्रेक, टायर, हेडलाइट) का नियमित रख-रखाव सुनिश्चित करें। साथ ही, प्रदूषण नियंत्रण (PUC) प्रमाणपत्र हमेशा साथ रखने को अनिवार्य बताया गया।

    दस्तावेज साथ रखना अनिवार्य: वैध ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण (RC) और बीमा जैसे दस्तावेज साथ न रखने पर होने वाली कानूनी कार्रवाई के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।

    शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) नीति: शराब या नशीले पदार्थों के सेवन के बाद वाहन चलाने के खतरों और इसके कानूनी दुष्परिणामों को लेकर विशेष जागरूकता फैलाई गई। साथ ही, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फ़ोन का उपयोग न करने की सख्त सलाह दी गई, क्योंकि यह दुर्घटनाओं का मुख्य कारण है।

    यातायात नियमों के साथ-साथ, पुलिस अधिकारियों ने चालकों को डिजिटल दुनिया में हो रही धोखाधड़ी से आगाह करने के लिए एक विशेष सत्र आयोजित किया।

    साइबर फ्रॉड के तौर-तरीके: चालकों को साइबर अपराध से संबंधित वीडियो दिखाकर यह समझाया गया कि ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग जैसे अपराध कैसे होते हैं।

    सतर्क रहने की अपील: उन्हें किसी भी अनजान लिंक, कॉल या संदेश पर विश्वास न करने और बैंक से संबंधित गोपनीय जानकारी (OTP, PIN) किसी के साथ भी साझा न करने के लिए जागरूक किया गया।

    तत्काल सहायता: सभी चालकों को यह महत्वपूर्ण जानकारी दी गई कि यदि वे साइबर धोखाधड़ी के शिकार होते हैं, तो वे तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें, ताकि उनकी धनराशि को समय रहते सुरक्षित किया जा सके।

    गोष्ठी के अंत में, अधिकारियों ने सभी चालकों को पुलिस प्रशासन का सहयोग करने और स्वयं एक ज़िम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया, ताकि बिजनौर की सड़कें सुरक्षित हों और नागरिक डिजिटल धोखाधड़ी से बचे रहें।

  • नई दिल्ली/लखनऊ। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पीएम-वाणी (PM-WANI) देश के हर कोने में इंटरनेट की पहुँच को क्रांतिकारी तरीके से बदलने के लिए तैयार है। यह योजना न केवल नागरिकों को बेहद सस्ते दरों पर वाई-फाई उपलब्ध कराती है, बल्कि छोटे दुकानदारों, उद्यमियों और स्थानीय लोगों के लिए बिना किसी लाइसेंस शुल्क के कमाई का एक नया जरिया भी खोलती है।आज हम विस्तार से जानेंगे कि प्रधानमंत्री वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस (PM-WANI) क्या है और आप इसका लाभ कैसे उठा सकते हैं।

    (Prime Minister Wi-Fi Access Network Interface)

    पीएम-वाणी को दिसंबर 2020 में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दी गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क बनाना है।

    यह योजना पब्लिक कॉल ऑफिस (PCO) मॉडल की तरह काम करती है, जहाँ इंटरनेट को मिनटों और छोटे पैकेटों में बेचा जाता है।

    यह पूरी व्यवस्था चार सरल और सहयोगपूर्ण घटकों पर आधारित है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है:

    पब्लिक डेटा ऑफिस (PDO): ये वे स्थानीय दुकानदार, चाय वाले या छोटे उद्यमी होते हैं जो वाई-फाई हॉटस्पॉट स्थापित करते हैं और अंतिम उपयोगकर्ता को इंटरनेट सेवा बेचते हैं। PDO बनने के लिए कोई लाइसेंस या शुल्क नहीं लगता।

    पब्लिक डेटा ऑफिस एग्रीगेटर (PDOA): यह एक कंपनी होती है जो कई PDOs को अपने सिस्टम से जोड़ती है। PDOA ही तकनीकी सहायता और अकाउंटिंग का काम संभालती है।

    ऐप प्रदाता (App Provider): यह एक मोबाइल एप्लीकेशन बनाता है। उपभोक्ता इसी ऐप का उपयोग करके आस-पास के PM-WANI हॉटस्पॉट को ढूंढते हैं और डेटा पैक खरीदते हैं।

    केंद्रीय रजिस्ट्री (Central Registry): यह C-DoT द्वारा संचालित होती है, जो PDOA और App Providers का रिकॉर्ड रखती है, जिससे सिस्टम पारदर्शी बना रहे।

    पीएम-वाणी का लाभ उठाकर कोई भी व्यक्ति आसानी से एक ‘पब्लिक डेटा ऑफिस’ (PDO) बन सकता है और अपने मौजूदा व्यवसाय के साथ अतिरिक्त आय कमा सकता है।

    शून्य लाइसेंस शुल्क: कोई सरकारी लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं।

    निश्चित आय: बेचे गए हर डेटा पैक का एक बड़ा हिस्सा सीधे PDO को मिलता है।

    व्यापार वृद्धि: हॉटस्पॉट बनने से आपकी दुकान पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ती है।

    यदि आप PM-WANI के तहत एक PDO बनकर कमाई शुरू करना चाहते हैं, तो पहला कदम एक सही PDOA ढूँढना है।

    ऑफिशियल सूची: सबसे पहले, C-DoT PM-WANI Central Registry पोर्टल पर जाएँ। यह पोर्टल आपको सभी पंजीकृत PDO एग्रीगेटर्स और ऐप प्रोवाइडर्स की आधिकारिक, अद्यतन सूची प्रदान करेगा।

    स्थानीय सपोर्ट: ऐसा PDOA चुनें जिसका नेटवर्क और सपोर्ट आपके शहर या गाँव में मजबूत हो, ताकि तकनीकी समस्या आने पर आपको तुरंत सहायता मिल सके।

    पीएम-वाणी वास्तव में डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो न केवल कनेक्टिविटी प्रदान करता है, बल्कि हर भारतीय को उद्यमी बनने का अवसर भी देता है। योजना का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय को एक डिजिटल आयाम दें।

  • बिजनौर। राष्ट्रीय लोक दल के पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी लव कुश फौजी ने केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह से दिल्ली में उनके आवास पर खुशनुमा माहौल में मुलाकात की। इस दौरान उन्हें भारत रत्न, किसान मसीहा, पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी का चित्र भेंट किया।

    लवकुश फौजी ने बिजनौर में आर्मी कैंटीन (सीएसडी) खुलवाने की रालोद राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह जी से पुरजोर मांग की। इसके लिए रालोद अध्यक्ष ने पूर्ण आश्वासन दिया। चौधरी जयंत सिंह जी ने लवकुश फौजी से बिजनौर राष्ट्रीय लोकदल की वर्तमान स्थिति पर संक्षिप्त जानकारी प्राप्त की। मुलाकात के दौरान पीतम सिंह जिला उपाध्यक्ष राष्ट्रीय लोक दल, ब्रजवीर सिंह आर्य जिला महासचिव राष्ट्रीय लोकदल, प्रमोद फौजी उपाध्यक्ष पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ तथा अनमोल सिंह पूर्व प्रधान मंडावली साथ रहे।

  • नई दिल्ली: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार नामांकन और अपडेशन की प्रक्रिया को सरल और अधिक विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। आधार (नॉमिनेशन एंड अपडेशन) तीसरा संशोधन विनियम, 2025 के तहत अधिसूचित इन बदलावों में पहचान (PoI), पता (PoA), जन्मतिथि (PoB) और संबंध (PoR) के प्रमाण के रूप में स्वीकार्य दस्तावेज़ों की सूची का विस्तार किया गया है।

    UIDAI का उद्देश्य कई सरकारी प्रमाणपत्रों, डिजिटल आईडी और आधिकारिक रिकॉर्ड को शामिल करके विभिन्न श्रेणियों का विस्तार करना है, जिससे दस्तावेज़ जमा करने की प्रक्रिया नागरिकों के लिए आसान हो जाए। ये अपडेट की गई दस्तावेज़ सूची सभी आयु समूहों – बच्चों, वयस्कों और वरिष्ठ नागरिकों – पर लागू होंगी।
    वयस्कों (18+ वर्ष) के लिए स्वीकार्य दस्तावेज़ों की संशोधित सूची
    संशोधित नियमों में वयस्कों के लिए चार मुख्य प्रमाण श्रेणियों को स्पष्ट किया गया है।

    प्रमाण की श्रेणीप्रमुख स्वीकार्य दस्तावेज़ों की सूची
    पहचान का प्रमाण (PoI) & पते का प्रमाण (PoA)भारतीय पासपोर्ट, वोटर आईडी कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, सरकारी सेवा आईडी, पेंशनर/स्वतंत्रता सेनानी आईडी कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, और UIDAI द्वारा निर्धारित प्रारूप में सांसद/विधायक/राजपत्रित अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र।
    पते का प्रमाण (PoA) (अतिरिक्त)तीन महीने से अधिक पुराने न हों ऐसे बिजली, पानी, मोबाइल (लैंडलाइन/पोस्टपेड), ब्रॉडबैंड या गैस के बिल; संपत्ति कर रसीदें, बैंक पासबुक या स्टेटमेंट, एक वर्ष के लिए वैध बीमा पॉलिसी, और पंजीकृत सेल या लीज डीड।
    जन्मतिथि का प्रमाण (PoB)जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, स्कूल बोर्ड/विश्वविद्यालय की मार्कशीट जिसमें जन्मतिथि हो, पेंशन आदेश, या राजपत्रित अधिकारी/तहसीलदार द्वारा जारी प्रमाण पत्र।
    संबंध का प्रमाण (PoR)परिवार के मुखिया (HoF) आधारित नामांकन के मामलों में स्वीकार्य। इनमें जन्म प्रमाण पत्र, परिवार का संबंध दर्शाने वाला मनरेगा जॉब कार्ड, माता-पिता का नाम दिखाने वाला जाति प्रमाण पत्र, और कानूनी अभिभावक पर कोर्ट के आदेश शामिल हैं।
    बच्चों और किशोरों के लिए दस्तावेज़ों में सरलता
    UIDAI ने बच्चों के नामांकन और अपडेशन के लिए भी दस्तावेज़ों की सूची स्पष्ट की है।🧑 5 से 18 वर्ष के बच्चे और किशोर: 5 से 18 वर्ष के बच्चे और किशोर कोई भी स्वीकार्य PoI या PoA दस्तावेज़ जमा कर सकते हैं। PoB (जन्मतिथि का प्रमाण) के रूप में, जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल द्वारा जारी जन्मतिथि वाला दस्तावेज स्वीकार्य होगा।
    👶 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे 5 वर्ष से कम के बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र और परिवार के मुखिया (HoF) आधारित नामांकन दस्तावेज प्राथमिक प्रमाण बने रहेंगे।
    • आधार विवरण में सुधार के लिए नए नियम
      आधार में पहले से दर्ज विवरणों में सुधार (नाम, पता, लिंग, जन्मतिथि आदि) के लिए स्वीकार्य दस्तावेजों की सूची को भी अपडेट किया गया है।
    • विस्तारित स्वीकार्य दस्तावेज़: विवाह प्रमाण पत्र, तलाक की डिक्री, नाम परिवर्तन के लिए राजपत्र अधिसूचना (Gazette Notification), बैंक स्टेटमेंट, और कैदी शामिल होने के दस्तावेज जैसे अतिरिक्त रिकॉर्ड अब मान्य होंगे।
    • पते के अपडेट के लिए स्व-घोषणा: पते के अपडेट के लिए तत्काल परिवार के सदस्यों द्वारा स्व-घोषणा (Self-declaration) अब स्वीकार्य है।
    • अतिरिक्त सत्यापन का प्रावधान: UIDAI ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक प्रतिनिधियों या आश्रय गृह प्राधिकरणों द्वारा जारी कुछ प्रमाणपत्रों के मामलों में, अतिरिक्त सत्यापन या प्रमाणीकरण (Additional Verification) की मांग की जा सकती है।
    • विशेष वर्ग के लिए अलग दस्तावेज़ सूची: संशोधित नियमों में ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारकों, लॉन्ग-टर्म वीज़ा धारकों और नेपाल/भूटान के नागरिकों के लिए अलग दस्तावेज़ों की सूची निर्धारित की गई है।
    • निवास की शर्त: यह सूची उन नागरिकों पर लागू होगी जो पिछले 12 महीनों में कम से कम 182 दिन भारत में रहे हैं।ये नए नियम नागरिकों के लिए आधार से संबंधित प्रक्रियाओं को और अधिक सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाएंगे। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अद्यतन जानकारी के लिए UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट (uidai.gov.in) की जाँच करें।
  • बिजनौर। आदित्य राणा की मौत के बाद संपत्ति और सम्मान के लिए संघर्ष कर रही विधवा पत्नी ने अपने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने मारपीट, मानसिक उत्पीड़न, पति की संपत्ति पर जबरन कब्जा और पुलिस प्रशासन द्वारा उनकी शिकायत पर सुनवाई न होने की बात कहते हुए डीएम को एक मार्मिक पत्र सौंपा है।

    पीड़िता स्वदेशना राजकुमारी उर्फ गुड्डू (मूल निवासी ग्राम राना नंगला, थाना स्योहारा, हाल निवासी युसूफपुर हमीदपुर) ने आरोप लगाया कि पति आदित्य चौधरी राणा के निधन के बाद ससुराल पक्ष के लोग उनके वैवाहिक एवं संपत्ति संबंधी सभी अधिकारों से उन्हें वंचित कर रहे हैं।

    स्वदेशना ने डीएम से थाना स्योहारा को तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने का आदेश देने की गुहार लगाई। उन्होंने अपने पति की खेती की आमदनी, हवेली और अन्य संपत्ति में उनका कानूनी हक दिलाने की मांग की है। पीड़िता का आरोप है कि उसके और उसके पति द्वारा लगाए गए 7 लाख रुपये के पेड़ बेच दिए गए, लेकिन उसे एक रुपया भी नहीं मिला।

    स्वदेशना ने बताया कि उनकी शादी वर्ष 2015 में आदित्य चौधरी उर्फ आदित्य राणा से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही पति पर फर्जी मुकदमे दर्ज कर जेल भेजा गया। जमानत पर रिहा होने के बाद जब वह ससुराल पहुंची, तो आरोप है कि उनके जेठ, ननद, जेठानी, ससुर और बच्चों ने उन्हें गालियां देते हुए मारपीट की और घर से जबरन भगा दिया। जब वह थाने में शिकायत लेकर गईं, तो पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। संपत्ति पर कब्जे और लाखों के पेड़ बेचने का आरोप पीड़िता ने आरोप लगाया कि उनके ससुर के पास की कुल 24 बीघा जमीन में से उनके पति के हिस्से में 12 बीघा जमीन आई थी, लेकिन पति के जेल जाने के बाद जेठ चंद्रवीर उर्फ बिट्टू ने पूरी जमीन और पुश्तैनी हवेली पर कब्जा कर लिया है। उनका कहना है कि गन्ने की फसल और खेत में लगे पेड़ उनके पति के हिस्से की संपत्ति हैं, मगर विरोधी उन्हें फसल काटने और संपत्ति पर हक जताने नहीं दे रहे, बल्कि धमकाकर भगा देते हैं। अब फिर से पेड़ काटकर बेचने की तैयारी की जा रही है।

    पीड़िता ने पुलिस प्रशासन पर भी पक्षपात करने और उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया। स्वदेशना के अनुसार, स्योहारा थाने पर उनकी रिपोर्ट इसलिए दर्ज नहीं की गई, क्योंकि जेठ ग्राम प्रधान और ननद होमगार्ड के पद पर हैं। पीड़िता का दावा है कि 1076 पर शिकायत करने के बाद जब पुलिस मौके पर आई, तो उन्हें ही बिना महिला कांस्टेबल के गाड़ी में बैठाकर नूरपुर ले जाया गया। इतना ही नहीं, उनके भाई सोनू को भी फर्जी केस में फंसाकर जेल भेजने का आरोप है।

    दरअसल आदित्य राणा (आदित्य चौधरी) पर हत्या, लूट, फिरौती और धमकी सहित 43 से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज थे। वहीं 23 अगस्त 2022 को शाहजहांपुर कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस कस्टडी से फरार होने के बाद आदित्य राणा पर ₹2.5 लाख का इनाम घोषित किया गया था। जिला बिजनौर के स्योहारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बुढ़नपुर में 11 अप्रैल 2023 की देर रात पुलिस से सीधे हुई मुठभेड़ में आदित्य राणा मारा गया।

  • लखनऊ, 27 नवम्बर 2025: उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा आज योजना भवन में ‘विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047’ पर्यटन कार्यशाला का आयोजन किया गया। दिनभर विभिन्न संवाद सत्रों में पर्यटन के विविध आयामों पर चर्चा हुए। इस एक दिवसीय कार्यशाला का उद्देश्य वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए एक सशक्त, संतुलित और नवाचारी रोडमैप तैयार करना रहा। इस मंच पर प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों, नीति-विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और उद्योग जगत के अनुभवी प्रतिनिधियों की सहभागिता ने एक समग्र दृष्टि विकसित की, जो पर्यटन के दीर्घकालिक, सतत और समावेशी ‘टूरिज्म विजन डॉक्यूमेंट 2047’ को आकार देने में मदद करेगा। 

    कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार अवनीश अवस्थी, प्रमुख सचिव पर्यटन अमृत अभिजात तथा पर्यटन महानिदेशक राजेश कुमार ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार साझा किए। इनके नेतृत्व में विभागीय प्राथमिकताओं, नीतिगत सुधारों और निवेश संभावनाओं आदि पर विस्तार से चर्चा हुई। योजना विभाग, आयुष विभाग, संस्कृति विभाग और राज्य परिवर्तन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्यशाला का हिस्सा बनकर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय विकसित करने पर बल दिया। अद्यतन सत्र में नीति आयोग के प्रतिनिधि तथा राष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने अपने विशेष संबोधन में कहा, कि ‘पर्यटन सदैव और सर्वदा रहने वाला क्षेत्र है। उत्तर प्रदेश घरेलू पर्यटन में पहले पायदान पर है, जबकि विदेशी पर्यटन में चौथे पायदान पर है। मौजूदा वर्ष 2025 में जबकि अभी एक महीना शेष है, पर्यटकों का आगमन नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, बीते सात वर्षों के दौरान 2019 का कुंभ और 2025 का महाकुंभ हमारी पर्यटन प्रगति को दर्शाता है। अयोध्या, काशी की तरह ही मथुरा में भी आधारभूत संरचना के विकास पर जोर दिया।मुख्यमंत्री के सलाहकार ने वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी में पर्यटन की भूमिका को अहम बताया। साथ ही, सफाई पर विशेष ध्यान देते हुए इस क्षेत्र में कुशल और प्रशिक्षित युवा पीढ़ी को लाने को प्राथमिकता सूची में रखने को कहा है। उन्होंने पर्यटन में कॉरपोरेट की भूमिका, हाइवे और एक्‍सप्रेस-वे के किनारे वे-साइड एमिनिटीज के विकास और सस्टेनेबल टूरिज्म जैसे प्रमुख बिंदुओं पर भविष्य के लिए सुझाव दिए।

    प्रमुख सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने ‘विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047’ पर एक एक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पर्यटन और उससे जुड़ी सूक्ष्म जानकारी कार्यशाला में उपस्थित गणमान्य लोगों को दी। उन्होंने कहा कि बीते आठ वर्षों में राज्य सरकार द्वारा हवाई, रेल, सड़क सहित अन्य कनेक्टिविटी विकसित किए जाने से प्रदेश में पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली। बेहतर प्रशासन और अपराधमुक्त माहौल ने भी आगंतुकों को आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यूपी में म्यूजियम की वृहद् श्रृंखला है। मुख्यमंत्री जी के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट शौर्य संग्रहालय का काम भी तेजी से चल रहा है। उन्होंने पर्यटन में सोशल मीडिया, डिजिटल माध्यम, संस्कृति आधारित पर्यटन, स्किल डेवलपमेंट, स्मार्ट टूरिज्म और टूरिस्ट सेफ्टी पर अपने विचार प्रस्तुत किए। महाकुंभ-2025 के दौरान महज 45 दिनों में 65 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन को बड़ी उपलब्धि बताया। 

    अमृत अभिजात ने आगे कहा, ‘लखनऊ को ‘यूनेस्को की क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी’ के रूप में मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान सिर्फ़ एक सम्मान नहीं, यह हमारी सांस्कृतिक विरासत, नवाचार और पाक-कला की बेमिसाल समृद्धि का वैश्विक उत्सव है। यह क्रम आगे भी जारी रहेगा। 

    महानिदेशक पर्यटन राजेश कुमार ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि ‘उत्तर प्रदेश पर्यटन विकास के अपने सबसे सशक्त दौर में प्रवेश कर रहा है। एक्सप्रेस-वे, नए एयरपोर्ट, वंदे भारत कॉरिडोर और दीपोत्सव, देव दीपावली व महाकुंभ जैसे वैश्विक आयोजनों ने राज्य के पर्यटन तंत्र को नई गति दी है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक आधारित पर्यटन, तराई क्षेत्र में ईको-टूरिज्म और नए सर्किटों का विस्तार भविष्य में स्थायी व समावेशी विकास की नींव बनेगा। उन्होंने कहा, पर्यटन विभाग बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होम स्टे पॉलिसी के माध्यम से स्थानीय निवासियों के लिए आय और रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही है।’

    कार्यक्रम में विशेष सम्बोधन में मनोज कुमार सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन, उ0प्र0) ने विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047 पर्यटन कार्यशाला में अपने संबोधन में भविष्य को लेकर कई अहम सुझाव दिए। उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग को वर्तमान समय में इनबाउंड टूरिज्म पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। केरल की तर्ज पर प्रदेश में वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। आयुष, योग और पंचकर्म आधारित पर्यटन पर विशेष फोकस हो, तो परिणाम बेहतर आएंगे। सिंह ने राज्य के पर्यटन स्थलों के आसपास सफाई की समुचित व्यवस्था को सर्वोपरि बताया। 

    यूपीएसटीडीसी के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार ने बताया कि UPSTDC टूर पैकेजों को लंबी अवधि के प्रवास, सांस्कृतिक गतिविधियों और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपयोग के अनुरूप पुन: डिज़ाइन कर रहा है। ईको-टूरिज्म निदेशक पुष्प कुमार के0 ने वेटलैंड पुनर्स्थापना, वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर को मजबूत करने और प्रकृति आधारित पर्यटन मॉडल पर राज्य की प्राथमिकताओं को साझा किया। उन्होंने दुधवा, पीलीभीत और कतर्नियाघाट को मॉडल साइटों के रूप में प्रस्तुत किया।

    कार्यशाला दो सत्र में आयोजित हुआ। पहला सत्र, विरासत आधारित डेस्टिनेशन डेवलपमेंट, संभावित यूनेस्को पहल, आध्यात्मिक पर्यटन, संरक्षण एवं कौशल विकास पर केंद्रित रहा, जबकि दूसरे पैनल में ईको-टूरिज्म, सतत पर्यटन, विरासत पुनर्स्थापन, एडवेंचर स्पोर्ट्स, MICE, ग्रामीण पर्यटन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के विशेषज्ञों ने भविष्य की प्राथमिकताओं और क्षमता निर्माण आवश्यकता पर चर्चा की।

    उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने ‘विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047’ में उपस्थित सभी विशेषज्ञों और संस्थानों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि ‘हम आज साझा की गई सभी मूल्यवान सुझावों के लिए आभारी हैं। यह सुझाव उत्तर प्रदेश के लिए एक संगठित और कार्यात्मक विजन डॉक्यूमेंट 2047 तैयार करने में सहायक होंगे। आने वाले समय में प्रदेश का पर्यटन विकास सामुदायिक भागीदारी, सतत योजना और प्रत्येक क्षेत्र में बेहतर अनुभव पर आधारित रहेगा।’

  • नई दिल्ली/लखनऊ। भारतीय संविधान ने 26 नवंबर को अपने 76 वर्ष पूर्ण किए हैं। यह एक ऐसी यात्रा है जिसमें देश के गणतंत्रात्मक, संघात्मक और लोकतांत्रिक स्वरूप को सशक्त किया गया है। …जबकि पड़ोसी देशों में संविधान कई बार बदले गए, भारतीय जनता ने अपने मूल संविधान में अटूट आस्था बनाए रखी है। संसद ने अब तक 106 संवैधानिक संशोधनों के माध्यम से कानून और सामाजिक विकास के बीच समन्वय बनाए रखा है, जो हमारे लोकतंत्र की परिपक्वता का प्रमाण है।

    हाल ही में, सर्वोच्च न्यायालय की पाँच सदस्यीय खंडपीठ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा अनुच्छेद 143(1) के तहत मांगे गए 14 बिंदुओं पर महत्वपूर्ण परामर्श दिया। इस परामर्श में न्यायमूर्तियों ने ‘स्वदेशी व्याख्या’ पद्धति अपनाई और ‘शक्ति विभाजन सिद्धांत’ (Separation of Powers) की पुनर्स्थापना पर जोर दिया।

    न्यायिक परामर्श में न्यायपालिका को स्वयं सचेष्ट किया गया कि वह कार्यपालिका (अर्थात राष्ट्रपति एवं राज्यपालों) द्वारा विधेयकों को स्वीकृत करने के संवैधानिक अधिकारों में हस्तक्षेप न करे। यह एक महत्वपूर्ण न्यायिक संकेत है, जो न्यायपालिका के लिए ‘लक्ष्मण रेखा’ खींचता है और व्यवस्थापिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच पारस्परिकता एवं सौहार्द की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

    टकराव के दो प्रमुख बिंदु: कॉलेजियम और मूल ढाँचा
    जनता और कई विशेषज्ञों का मानना है कि सर्वोच्च न्यायालय ने दो प्रमुख निर्णयों में संभवतः इस ‘लक्ष्मण रेखा’ का अतिक्रमण किया है, जिससे संवैधानिक संस्थाओं के बीच शक्ति संतुलन प्रभावित हुआ है।

      • अतिक्रमण: 1993 में न्यायिक नियुक्तियों के लिए बनी कॉलेजियम प्रणाली के तहत, न्यायपालिका ने उच्चतर न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति एवं स्थानांतरण का अधिकार स्वयं ले लिया।
      • संवैधानिक प्रावधान के विपरीत: यह व्यवस्था अनुच्छेद 124 में वर्णित प्रक्रिया के विपरीत है, जो राष्ट्रपति को मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशों से परामर्श कर नियुक्तियाँ करने का अधिकार देती है।
      • अंतर्राष्ट्रीय तुलना: प्रमुख लोकतंत्रों में यह एक असामान्य व्यवस्था है जहाँ न्यायपालिका ही न्यायाधीशों की नियुक्ति करती है।
      • प्रभाव: विशेषज्ञों का मानना है कि कॉलेजियम व्यवस्था से न्यायिक नियुक्तियों में निष्पक्षता एवं पारदर्शिता प्रभावित हुई है, जिससे कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच शक्ति का संतुलन बिगड़ गया है।
        • उद्देश्य और उत्पत्ति: केशवानंद भारती मामले (1973) में न्यायालय ने यह निर्णय दिया कि संसद मौलिक अधिकारों सहित संविधान के किसी भी प्रावधान में संशोधन कर सकती है, लेकिन संविधान के मूल ढांचे में परिवर्तन नहीं कर सकती।
        • अस्पष्टता: न्यायालय ने मूल ढांचे की कोई अंतिम परिभाषा या सूची नहीं बनाई। कालांतर में, शीर्ष अदालत मूल ढांचे के अलग-अलग पहलू चिह्नित करती रही है।
        • संसद की अनिश्चितता: इस अस्पष्टता के कारण संसद कभी भी आश्वस्त नहीं हो पाती कि उसके द्वारा किया गया संविधान संशोधन कहीं किसी अज्ञात मूल ढांचे का उल्लंघन तो नहीं कर रहा है।
        • न्यायिक वर्चस्व: मूल ढांचे के सिद्धांत का प्रयोग कर सर्वोच्च न्यायालय ने स्वयं को एक प्रकार का ‘न्यायिक वीटो’ प्रदान कर दिया है, जो कानूनों और संवैधानिक संशोधनों को भी निरस्त कर सकता है। यह शक्ति विभाजन सिद्धांत के प्रतिकूल है और न्यायपालिका के वर्चस्व को स्थापित करता है।
        • न्यायपालिका में विलंब और सरलीकरण की आवश्यकता:
          सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में राष्ट्रपति एवं राज्यपालों को विधेयकों को स्वीकृत करने में अति-विलंब न करने का संकेत दिया। यह एक सकारात्मक कदम है, लेकिन यह सवाल भी उठाता है कि क्या यह संकेत न्यायपालिका तक भी जाएगा?
        • वादों के निपटारे में विलंब: न्यायपालिका में वादों को निपटाने में लगने वाला अत्यधिक समय एक बड़ी समस्या है। यह प्रश्न विचारणीय है कि क्या सर्वोच्च न्यायालय किसी ऐसी व्यवस्था को जन्म दे सकता है, जिससे मुकदमों पर एक-सप्ताह, एक-महीने या एक-वर्ष में अंतिम निर्णय हो सके।
        • संविधान की भाषा का सरलीकरण: एक विकसित राष्ट्र के लिए संविधान की क्लिष्ट भाषा का सरलीकरण अत्यंत आवश्यक है।।संविधान की भाषा ऐसी होनी चाहिए कि न केवल विधि विशेषज्ञ, बल्कि आम नागरिक भी संविधान को पढ़-समझ सकें।
        • व्यवस्थापिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका अपनी-अपनी उत्तरदायित्वों की लक्ष्मण रेखा को पहचानें।
        • ये तीनों स्तंभ भारतीय संस्कृति और मूल्यों को ध्यान में रखकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। तभी भारत विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के साथ-साथ सर्वश्रेष्ठ लोकतंत्र भी बन सकेगा। संवैधानिक संस्थाओं के बीच पारस्परिक सम्मान और सौहार्द ही हमारे संविधान की 76 वर्षों की सफलता को आगे भी कायम रख सकता है।
      1. बिजनौर: प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक जर्नलिस्ट एसोसिएशन बिजनौर की एक शोकसभा बुधवार को आर्य समाज परिसर स्थित कार्यालय पर आयोजित की गई। इस दौरान मेरठ से प्रकाशित दैनिक हिंदू समाचार पत्र के संपादक श्री महावीर प्रसाद शशि (91 वर्ष) के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया गया।

        संगठन के राष्ट्रीय सचिव एवं दैनिक हिंदू के जिला प्रभारी डॉ. सत्येंद्र शर्मा अंगिरस ने बताया कि बीमारी के चलते रविवार को श्री शशि का निधन हो गया। उनके वरिष्ठ पुत्र मुकेश गोयल सहित अन्य परिजनों द्वारा उनका अंतिम संस्कार गढ़मुक्तेश्वर ब्रजघाट पर किया गया। पत्रकार जगत में उन्हें आदरपूर्वक “बाबूजी” के नाम से जाना जाता था।स्वर्गीय श्री शशि जी ने पत्रकारिता के दौरान गोरक्षा आंदोलन का भी नेतृत्व किया था और पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ के रूप में नई पीढ़ी को सच्ची पत्रकारिता के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बैठक में उन्हें सशक्त लेखनी और निष्पक्ष विचारधारा के लिए याद किया गया।शोकसभा में दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को दु:ख सहने का साहस प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। बैठक में जिलाध्यक्ष आलोक भारद्वाज, नवीन गर्ग, अवनीश गौड़, अबरार अहमद, दीपेंद्र त्यागी, हैदर अली, चंद्रमणि एवं आशीष शर्मा आदि मौजूद रहे।

      2. 📰 बिजनौर समाचार

        बिजनौर। अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा बिजनौर ने मध्य प्रदेश के एक आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज की बेटियों के प्रति की गई अभद्र टिप्पणी के विरोध में कड़ा रुख अपनाया है। जिला अध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र शर्मा “अंगिरस” के नेतृत्व में महासभा ने बुधवार को जिलाधिकारी के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति/प्रधानमंत्री भारत सरकार को एक ज्ञापन भेजा।

        ज्ञापन में कहा गया है कि एससी/एसटी अधिकारी/कर्मचारी संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष बने हुए आईएएस संतोष वर्मा ने बयान दिया है कि “जब तक मेरे बेटे को ब्राह्मण अपनी बेटी दान न कर दें तब तक आरक्षण मिलना चाहिए।” महासभा ने इसे अमानवीय भाषा, दुस्साहसी, और बुद्धिहीन व्यक्ति की संज्ञा देते हुए आईएएस पद की गरिमा और संपूर्ण सभ्य समाज का अपमान बताया है।महासभा ने मध्य प्रदेश सरकार से तत्काल इस व्यक्ति को बर्खास्त कर दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि संतोष वर्मा को बर्खास्त कर उनके विरुद्ध जांच और दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो न केवल ब्राह्मण समाज बल्कि भारत का संपूर्ण सभ्य समाज सड़कों पर उतरकर जबरदस्त आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

        इसके अतिरिक्त, महासभा ने जिलाधिकारी बिजनौर को एक अलग से प्रार्थना पत्र देकर संतोष वर्मा के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराने की भी मांग की है। ज्ञापन देने वालों में मंडल अध्यक्ष संजय शर्मा एडवोकेट, सी.बी. बरौला, आलोक भारद्वाज, रजनीश कौशिक, आशुतोष शर्मा एड., विकास कौशिक एड., और नवीन कुमार सहित कई सदस्य शामिल रहे।

      3. लखनऊ। वृंदावन योजना में चल रही 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी (19th National Jamboree) में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर आयोजकों के दावों की पोल खुल गई है। जहाँ एक ओर जंबूरी प्रबंधन कैडेट्स की ‘स्थिति सामान्य’ बता रहा था, वहीं मंगलवार देर शाम करीब 10 से 15 गंभीर रूप से बीमार कैडेट्स को जंबूरी स्थल से निकालकर शहर के लोकबंधु राजनारायण संयुक्त अस्पताल (Lokbandhu Hospital) में भर्ती कराया गया है। खासतौर पर जंबूरी वार्ड का स्टीकर भी चस्पा किया गया है।

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        पिछला दावा असफल: इससे पहले आयोजकों ने दावा किया था कि सभी बीमार कैडेट्स का इलाज जंबूरी स्थल पर बने अस्थायी ‘चरक हॉस्पिटल’ में हो रहा है और किसी की भी स्थिति गंभीर नहीं है।

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        शिकायत: भर्ती किए गए कैडेट्स को गंभीर फ़ूड पॉइज़निंग (Food Poisoning) के लक्षणों के साथ-साथ तेज बुखार और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) की शिकायत है।

        अस्पताल सूत्रों के अनुसार: लोकबंधु अस्पताल के सूत्रों ने कैडेट्स के भर्ती होने की पुष्टि की है। उनका इलाज विशेषज्ञों की निगरानी में चल रहा है।

        इस घटना ने जंबूरी के खानपान की गुणवत्ता और ऑन-साइट स्वास्थ्य प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने बड़े आयोजन में बड़ी संख्या में कैडेट्स का बाहरी अस्पताल में भर्ती होना, व्यवस्था की नाकामी को दर्शाता है।

      4. लखनऊ। राजधानी लखनऊ में एक ओर जहां पुलिस महकमा ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता अभियान चला रहा है, वहीं दूसरी ओर बिजनौर थाना क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण ट्रैफिक पॉइंट पूरी व्यवस्था को पलीता लगाता दिख रहा है। यह पॉइंट अब नियम-कानून लागू करवाने से अधिक ‘नो-एंट्री वसूली अड्डा’ में तब्दील हो चुका है, जिसके कारण आए दिन भीषण जाम लग रहा है और सबसे बड़ी चिंता का विषय है कि स्कूली बच्चों की जिंदगी लगातार जोखिम में पड़ रही है।

        इस ट्रैफिक पॉइंट की सबसे गंभीर समस्या यह है कि यहां नो-एंट्री का कोई निर्धारित या लागू समय ही नहीं है। नियमानुसार, शहर के इस व्यस्ततम हिस्से में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध होना चाहिए, लेकिन यहां ट्रक, डंपर और अन्य बड़े वाहनों को बिना किसी रोक-टोक के गुजरने दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ट्रैफिक पॉइंट पर तैनात पुलिसकर्मियों का ध्यान नियम लागू करवाने पर नहीं, बल्कि अपनी ‘चंद आवश्यकताओं’ को पूरा करने पर अधिक रहता है! नियमों का यह खुला उल्लंघन पुलिसकर्मियों के सामने होता है, लेकिन कार्रवाई शून्य है!

        यह रूट कई बड़े स्कूलों के पास स्थित है। स्कूल की छुट्टी के समय जब सैकड़ों बच्चों और छात्राओं की भीड़ सड़क पर होती है, ठीक उसी वक्त भारी वाहनों की इस खुली आवाजाही से भीषण जाम और अव्यवस्था फैल जाती है। सड़क पर लगातार लग रहे इस जाम के कारण छोटे बच्चों और छात्राओं के लिए सुरक्षित चलना खतरे से खाली नहीं है। स्थानीय निवासियों और चिंतित माता-पिता ने बताया कि इस लापरवाही के कारण कई बार गंभीर हादसे हो चुके हैं, और ट्रैफिक पुलिस की यह सुस्ती किसी बड़े और जानलेवा दुर्घटना को न्योता दे सकती है।

        शहर के अन्य हिस्सों में ट्रैफिक पुलिस की सख्ती और जागरूकता के प्रयास प्रभावी दिखते हैं, लेकिन बिजनौर थाना क्षेत्र का यह ट्रैफिक पॉइंट उन सभी प्रयासों को धक्का देता है। यहां न कोई कड़ी निगरानी, न नियमों का कड़ाई से पालन, न भारी वाहनों पर तत्काल रोक, और न ही बच्चों की सुरक्षा की कोई चिंता दिखाई देती है।

        स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस कमिश्नरेट से मांग की है कि:

        1. नो-एंट्री का स्पष्ट समय तय कर उसे लागू किया जाए।

        2. स्कूल समय के दौरान भारी वाहनों पर तत्काल रोक लगाई जाए।

        3. लापरवाह और वसूली में लिप्त पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

        यह देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेता है, ताकि इस रूट से गुजरने वाले हजारों स्कूली बच्चों का भविष्य और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

      5. आतंक के प्रति जीरो टॉलरेंस की सरकार की नीति और सुरक्षा प्रतिष्ठान की सक्रियता के चलते पिछले कुछ वर्षों से देश आतंकी हमलों से एक बड़ी हद तक सुरक्षित रहा है, लेकिन इस हमले ने सुरक्षा को लेकर बने भरोसे में सेंध लगाने का काम किया है। यह भी कहा जा रहा है कि सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी साजिश को बेनकाब कर दिया था और दिल्ली में हुआ धमाका उसी हताशा का परिणाम था। इससे कुछ समय पहले ही सुरक्षा एजेंसियों ने फरीदाबाद में डॉक्टरों के एक आतंकी मॉड्यूल की धरपकड़ के साथ भारी मात्रा में विस्फोटक भी जब्त किया था। माना जा रहा है कि इस एकाएक कार्रवाई से सकते में आए आतंकियों ने दिल्ली में बिना किसी योजना के धमाका कर अपनी भड़ास निकाली।

        भले ही इसे एकाएक किया गया आतंकी हमला कहा जा रहा हो, लेकिन इसमें निहित कुछ पहलुओं को कतई अनदेखा नहीं किया जा सकता। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कई जगह बेरोकटोक आवाजाही के बाद आतंकियों ने धमाके के लिए दिल्ली के एक प्रमुख स्थान को चुना। यह इलाका न केवल ऐतिहासिक रूप से महत्व रखता है, बल्कि वाणिज्यिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र है। धमाके के लिए जो समय चुना गया, वह अपेक्षाकृत व्यस्तता वाला होता है, जाहिर है आतंकी ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाना चाहते थे। इससे आतंक से सुरक्षा को लेकर बना आवरण और भरोसे के भाव पर निश्चित ही चोट पहुंची है।

        यहां यह समझना भी आवश्यक है कि आतंकी वह होता है जो आतंक फैलाता है, जबकि जिहाद वह होता है जो मानसिकता में घुला है। रही-सही कसर आत्मघाती हमलावर डॉक्टर उमर के वीडियो ने पूरी कर दी कि इसके पीछे विध्वंसक जिहादी मानसिकता ही थी।

        जांच एजेंसियां हरसंभव पहलू से जांच में जुटी हैं, लेकिन यह मानने के अच्छे-भले कारण हैं कि इसके पीछे पाकिस्तान ही है। पाकिस्तान आतंकवाद को अपनी राज्य-नीति के रूप में इस्तेमाल करता है, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत की कार्रवाई से सहमे पाकिस्तान ने अपनी रणनीति कुछ बदली है। यही कारण है कि शुरुआती जांच के दौरान इस हमले के तार बांग्लादेश से लेकर तुर्किये तक जुड़ते दिखे। वहीं गुलाम जम्मू-कश्मीर के पूर्व प्रधानमंत्री की स्वीकारोक्ति भी पाकिस्तान की बदनीयती की पुष्टि करने वाली रही है।

        दिल्ली में आतंकी हमले के कुछ समय बाद ही पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में भी न्यायिक परिसर में धमाका हुआ। इस हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान (टीटीपी) से जुड़े रहे जमात-उल-अहरार ने ली। पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि भारत की शह पर यह आतंकी हमला हुआ है। इसके पीछे पाकिस्तान की मंशा काउंटर नैरेटिव तैयार करने की ही लगती है। उसका फार्मूला एकदम सीधा है कि इससे पहले दिल्ली हमले को लेकर पाकिस्तान पर सवाल उठें, वह इस्लामाबाद धमाके को लेकर भारत को निशाने पर ले। पूरी दुनिया में आतंक के सबसे बड़े निर्यातक के रूप में कुख्यात पाकिस्तान यही चाहता है कि आतंकवाद को लेकर दुनिया भारत पर भी संदेह की दृष्टि से देखने लगे।

        मौजूदा परिदृश्य में इस रुझान को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता कि जब भी पाकिस्तान की पीठ पर अमेरिका का हाथ होता है, तो वहां से आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। दूसरे कार्यकाल में ट्रंप प्रशासन का पाकिस्तान के प्रति बदला हुआ रवैया इसका प्रमाण है। ऑपरेशन सिंदूर और फिर संघर्ष विराम एवं मध्यस्थता के मामले में राष्ट्रपति ट्रंप की जी-हुजूरी ने भी पाकिस्तान के लिए हालात अनुकूल बना दिए।

        यह अच्छी बात है कि पिछले कुछ दिनों से भारत के प्रति राष्ट्रपति ट्रंप का दृष्टिकोण नरम हुआ है। व्यापार समझौते को लेकर भी उम्मीद बढ़ी है, जिसे अंतिम रूप देने के लिए भारत को अपने प्रयासों में तेजी लानी होगी। अमेरिका के साथ व्यापार समझौता पाकिस्तान के विरुद्ध भारत को एक रणनीतिक कवच प्रदान करेगा। तब पाकिस्तान के खिलाफ किसी संभावित कार्रवाई के मामले में भारत के समक्ष अमेरिकी दखल की आशंका कमजोर पड़ जाएगी, अन्यथा ट्रंप का रवैया परेशानी खड़ी करता रहेगा।

        तमाम पहलुओं को देखते हुए दिल्ली आतंकी हमला यही रेखांकित करने वाला रहा कि आतंक के खिलाफ मुहिम में तनिक भी ढील नहीं दी जा सकती। कई जगहों को निशाने बनाने की तैयारी कर रहे आतंकियों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए सुरक्षा एजेंसियां साधुवाद की पात्र हैं, लेकिन लाल किले धमाके को लेकर जिम्मेदारी एवं जवाबदेही से भी उन्हें मुक्त नहीं किया जा सकता।

        अच्छी बात है कि प्रधानमंत्री मोदी से लेकर गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शीर्ष स्तर से कड़े संदेश दिए हैं कि इसके दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और पाताल से भी खोजकर उन्हें सबक सिखाया जाएगा। इस बीच यह सुनिश्चित करना होगा कि सुरक्षा प्रतिष्ठान एवं खुफिया एजेंसियों को अपना मोर्चा और दुरुस्त करना होगा। इसके साथ ही कूटनीतिक प्रयासों को भी गति देनी होगी ताकि पाकिस्तान समेत भारत विरोधी शक्तियों की वैश्विक स्तर पर पोल खोलना जारी रहे कि कैसे कुछ देश क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति के दुश्मन बने हुए हैं।

        ~ आर्य राजेश https://youtube.com/shorts/B-8BcXB89jg?si=a-JldnjMXL528k0n

      6. किसानों के लिए कृषि विभाग ने जारी की महत्वपूर्ण सलाह

        🌡️तापमान में उतार-चढ़ाव को देखते हुए फसलवार प्रबंधन की संस्तुतियां

        🌾 रबी फसलों को कीट-रोगों से बचाएं: जसवीर सिंह तेवतिया

        बिजनौर। जिला कृषि रक्षा अधिकारी, जसवीर सिंह तेवतिया ने जनपद के समस्त किसानों को सलाह दी है कि वर्तमान में रबी की मुख्य फसलें—गेहूं, मक्का, गन्ना, सरसों, चना, मटर और आलू में तापमान के उतार-चढ़ाव के कारण लगने वाले कीटों और रोगों के प्रकोप की संभावना बढ़ गई है। उन्होंने किसानों को इन समस्याओं से बचाव और प्रबंधन के लिए फसलवार निम्नलिखित सुझाव और संस्तुतियां अपनाने की सलाह दी है…

        गेहूं के लिए, अनावृत कंडुआ एवं करनाल बंट के नियंत्रण हेतु कार्बेन्डाजिम 50\% डब्लू.पी. की 2.5 ग्राम अथवा कार्बोक्सिन 75\% डब्लू.पी. की 2.5 ग्राम मात्रा प्रति किग्रा. बीज की दर से बीज शोधन कर बुवाई करनी चाहिए। भूमि जनित रोगों से बचाव हेतु ट्राईकोडर्मा 2.5 किग्रा. प्रति हे. की दर से 60-75 किग्रा. गोबर की खाद में मिलाकर भूमि शोधन करें। दीमक/गुजिया के जैविक नियंत्रण हेतु ब्युवेरिया बेसियाना 1.15\% की 2.5 किग्रा. मात्रा का प्रयोग करें। खड़ी फसल में दीमक/गुजिया के नियंत्रण हेतु क्लोरपाईरीफास 20\% ई.सी. 2.5 ली. प्रति हे. की दर से सिंचाई के पानी के साथ प्रयोग करें। खरपतवार नियंत्रण के अंतर्गत गेंहुसा एवं जंगली जई के नियंत्रण हेतु सल्फोसल्फ्युरान 75\% डब्लू.जी. की 33 ग्राम मात्रा प्रति हे. अथवा क्लोडिनाफाप प्रोपेर्जिल 15\% डब्लू.पी. की 400 ग्राम मात्रा बुवाई के 20-25 दिन बाद छिड़काव करना चाहिए। चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के लिए मेटसल्फ्यूरान मिथाइल 20\% डब्लू.पी. की 20 ग्राम मात्रा अथवा कारफेंट्राजॉन इथाइल 40\% डी.ऍफ. की 50 ग्राम मात्रा प्रति हे. 20-25 दिन बाद छिड़काव करना चाहिए।

        मक्का में तना बेधक कीट का 10 प्रतिशत मृत गोभ दिखाई पड़ने पर डाईमिथोएट 30\% ई.सी. की 660 मि.ली. मात्रा प्रति हे. घोलकर अथवा नोवालुरोन 05.25\% इमामेक्टिन बेन्जोएट 0.9\% ई.सी. की 1.5 ली. मात्रा प्रति हे. छिड़काव करना चाहिए। फॉल आर्मी वर्म से बचाव हेतु 20-25 पक्षी आश्रय (बर्ड पर्चर) तथा 3-4 की संख्या में प्रकाश प्रपंच स्थापित करने चाहिए। 35-40 फेरोमोन ट्रैप प्रति हे. लगाकर भी इस कीट का प्रबंधन किया जा सकता है। रासायनिक नियंत्रण हेतु ब्रोफ्लोनिलाइड 20\% एस.सी. की 125 मि.ली. मात्रा अथवा क्लोरेनट्रानिलीप्रोल 47.85\% एस.सी. की 75 मि.ली. मात्रा प्रति हे. की दर से प्रयोग करना चाहिए।

        तिलहन:

        राई/सरसों में बीज जनित रोगों से सुरक्षा हेतु 2.5 ग्राम थिरम 75\% प्रति किग्रा. बीज की दर से उपचारित करके बोयें। मेटालेक्सिल 2.0 ग्राम प्रति किग्रा. बीज शोधित करने से सफेद गेरुई एवं तुलासिता रोग की प्रारंभिक अवस्था में रोकथाम हो जाती है। आरा मक्खी के लिए डाईमिथोएट 30\% ई.सी. 650 मि.ली. प्रति हे. अथवा क्यूनालफास 25\% ई.सी. की 1.2 ली. मात्रा प्रति हे. की दर से छिड़काव करें। पत्ती सुरंगक कीट के नियंत्रण हेतु डाईमिथोएट 30\% ई.सी. की 650 मि.ली. मात्रा प्रति हे. की दर से छिड़काव करें अथवा कार्बोफ्यूरान 3\% सी.जी. 66 किग्रा प्रति हे. की दर से बुरकाव करें।

        दलहन:

        चना/मटर/मसूर में बीज जनित रोगों से सुरक्षा हेतु ट्राईकोडर्मा (4 ग्राम प्रति किग्रा बीज) से बीज उपचार कर ही बुवाई करनी चाहिए। रासायनिक बीज शोधन हेतु थिरम 75\% की 2 ग्राम एवं कार्बेन्डाजिम 50\% 1 ग्राम मिश्रण की 3 ग्राम मात्रा प्रति किग्रा. बीज की दर से बीज को शोधित कर बुवाई करें। कटुआ कीट/कट वर्म के जैविक नियंत्रण हेतु मेटारेजियम एनिसोप्ली 2.5 किग्रा प्रति हे. की दर से सांयकाल छिड़काव करना चाहिए। रासायनिक नियंत्रण हेतु क्लोरपाईरीफास 20\% ई.सी. 2.5 ली. प्रति हे. की दर से छिड़काव करें। मटर की तना मक्खी के नियंत्रण हेतु लेम्बडा-साईहेलोथ्रिन 04.90\% सी.एस. की 300 मि.ली मात्रा को 500-600 ली. पानी में घोलकर छिड़काव करें। एस्कोकाईटा पत्ती धब्बा रोग के नियंत्रण हेतु मेन्कोजेब 75\% डब्लू.पी. की 2 किग्रा. अथवा कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50\% डब्लू.पी. की 3 किग्रा. मात्रा प्रति हे. की दर से घोलकर छिड़काव करें।

        गन्ना:

        दीमक के लिए ब्युवेरिया बेसियाना 2.5 किग्रा मात्रा को 60-75 किग्रा गोबर की खाद में मिलाकर बुवाई से पूर्व अंतिम जुताई के समय खेत में मिला देने से भूमिगत कीटों का प्रबंधन किया जा सकता है। नीम की खली 10 कुंतल प्रति हे. की दर से बुवाई से पूर्व मिलाने से दीमक के प्रकोप में कमी आती है। लाल सडन रोग से बचाव हेतु प्रतिरोधी किस्मों का प्रयोग करना चाहिए तथा रोगग्रस्त फसल की रेटूनिंग नहीं करनी चाहिए। रासायनिक नियंत्रण हेतु एजोक्सीस्ट्रोबिन 18.2 + डाईफेनोकोनाजोल 11.4 प्रतिशत एस.सी. की 1 मि.ली. मात्रा प्रति ली. की दर से घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए।

        आलू:

        आलू में लगने वाले ब्लैक स्कर्फ से बचाव हेतु स्वस्थ्य एवं रोग रोधी प्रजातियों तथा प्रमाणित बीज का चुनाव करना चाहिए। ब्लैक स्कर्फ रोग से बचाव हेतु पेनफ्लूफेन 22.43\% एफ.एस. 83 मि.ली प्रति 100 ली. पानी के घोल में 800 किग्रा बीज की दर से बीजशोधन कर बुवाई करनी चाहिए अथवा थाईफ्लूजामाइड 24\% एस.सी. 2.5 मि.ली. प्रति 10 किग्रा बीज की दर से बीजशोधन कर बुवाई करनी चाहिए।

      7. बिजनौर। शिखर शिशु सदन सीनियर सेकेंडरी स्कूल धामपुर के प्रांगण में (एल० आई० एफ़० एफ़० टी०) अग्रणी भविष्य प्रतिभा परीक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को ट्रॉफी तथा प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

        विद्यालय के डायरेक्टर शेखर अवस्थी द्वारा इस परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं में तान्या सागर, शगुन वर्मा तथा कनिष्क राजपूत को ट्रॉफी प्रदान की गई तथा अन्य बच्चों को प्रमाण-पत्र दिए गए।

        उन्होंने बच्चों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आज ऐसे बहुत से महासंघ हैं जो छात्र-छात्राओं के भविष्य के लिए मार्गदर्शन देते हैं। आपके पास ऊँचाइयों तक पहुँचने की क्षमता है, इसके लिए आपको मार्गदर्शन की ज़रूरत है। अब आपके पास सहयोग और मार्गदर्शन दोनों हैं। आप भविष्य के लिए इनका लाभ उठाएँ और अपने लक्ष्य को पाएँ। परीक्षा का आयोजन करवाने में विद्यालय के शिक्षक आर० एन० सिंह एवं नमित राजपूत का सराहनीय योगदान रहा।

      8. Oplus_0

        अस्पताल का नाम | पता (Address) | मुख्य संपर्क नंबर | वेबसाइट | फेफड़ों के विभाग का नाम ||

        1. किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) | शाह मीना रोड, चौक, लखनऊ, उत्तर प्रदेश – 226003 | 0522-2257451, 2258880 (सामान्य हेल्पलाइन) | http://www.kgmu.org | रेस्पिरेटरी मेडिसिन/ पल्मोनरी मेडिसिन ||
        2. संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGI) | रायबरेली रोड, लखनऊ, उत्तर प्रदेश – 226014 | 0522-2668700, 2668800, 2494000 (सामान्य पूछताछ) | http://www.sgpgims.org.in | पल्मोनरी मेडिसिन (Pulmonary Medicine) ||
        3. डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) | विभूति खंड, गोमती नगर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश – 226010 | 0522-6692000 (हेल्पलाइन) | http://www.drrmlims.ac.in | रेस्पिरेटरी/पल्मोनरी मेडिसिन ||
        4. डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल | 4-ए, पार्क रोड, हजरतगंज, लखनऊ, उत्तर प्रदेश – 226001 | 0522-4027513 | drspmcivilhospital.in | पल्मोनोलॉजी (Pulmonology) |

        ओपीडी का समय (OPD Timings): अधिकांश सरकारी अस्पतालों में सामान्यतः ओपीडी पंजीकरण सुबह 8:30 बजे से शुरू होता है और डॉक्टर सुबह 9:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक मरीजों को देखते हैं (शनिवार को भी सीमित समय तक)। विस्तृत और सटीक समय के लिए, आपको अस्पताल की वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करना चाहिए।

        अपॉइंटमेंट: KGMU और RMLIMS जैसे बड़े संस्थानों में अक्सर ऑनलाइन अपॉइंटमेंट (ORS पोर्टल के माध्यम से) की सुविधा भी उपलब्ध होती है।

        सुविधाएं: SGPGI और KGMU जैसे संस्थान फेफड़ों से संबंधित जटिल और सुपर स्पेशियलिटी उपचारों (जैसे फेफड़ों का प्रत्यारोपण, इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी, और उन्नत आईसीयू केयर) के लिए जाने जाते हैं।किसी भी अस्पताल जाने से पहले, संबंधित विभाग से संपर्क करके वर्तमान ओपीडी शेड्यूल और अपॉइंटमेंट प्रक्रिया की पुष्टि कर लेना सबसे अच्छा है।

      9. पुरानी तिथि: पहले यह छुट्टी 24 नवंबर को घोषित की गई थी।

        नई तिथि: अब पूरे प्रदेश में यह अवकाश 25 नवंबर (मंगलवार) को घोषित किया गया है।

        प्रमुख सचिव मनीष चौहान द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 25 नवंबर को निम्नलिखित संस्थान पूरी तरह से बंद रहेंगे: सभी सरकारी दफ्तर, सभी स्कूल (प्राइवेट और सरकारी दोनों), सभी कॉलेज, सभी शिक्षण संस्थान।

        इस तिथि बदलाव से कर्मचारियों और छात्रों को लगातार दो दिन मिलने वाली छुट्टियों पर विराम लग गया है:

        पहले की संभावना: अगर छुट्टी 24 नवंबर (सोमवार) को रहती, तो 23 नवंबर (रविवार) की छुट्टी के साथ मिलकर लगातार दो दिनों का अवकाश मिलता।

        अब की स्थिति: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस फैसले से अब लगातार दो दिनों की छुट्टियां नहीं मिलेंगी, क्योंकि रविवार (23 नवंबर) के बाद सोमवार (24 नवंबर) को सभी संस्थान खुले रहेंगे और मंगलवार (25 नवंबर) को छुट्टी होगी।

        बैंकों के अवकाश की घोषणा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा की जाती है।

        RBI की लिस्ट: आरबीआई द्वारा जारी लिस्ट के अनुसार, बैंकों की छुट्टी पहले 24 नवंबर को घोषित की गई थी।

        संभावना: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा छुट्टी 25 नवंबर को किए जाने के बाद, यह संभावना है कि बैंक भी 25 नवंबर को बंद रह सकते हैं।

        अन्य राज्यों की स्थिति: पंजाब, हरियाणा जैसे कुछ राज्यों में सार्वजनिक छुट्टी घोषित की गई है, जिस दौरान बैंक बंद रहेंगे। उत्तर प्रदेश में बैंकों की छुट्टी की अंतिम पुष्टि आरबीआई की ओर से ही होगी।

      10. सल्लाभाटकोट / तिरनेली (उत्तराखंड)। जिला पंचायत सदस्य सल्लाभाटकोट शैलजा चम्याल ने ग्राम सभा तिरनेली के जुड़ा तोक में स्थित एक महत्त्वपूर्ण पैदल पुलिया की दयनीय स्थिति को लेकर शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग को एक गंभीर ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि पुलिया की जर्जर हालत कभी भी एक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

        शैलजा चम्याल, जिला पंचायत सदस्य सल्लाभाटकोट

        शैलजा चम्याल ने लोक निर्माण विभाग अल्मोड़ा के अधिशासी अभियंता को लिखित जानकारी दी कि शेराघाट से लगभग तीन किलोमीटर पीछे जुड़ा से ग्राम सभा तिरनेली, धौलनेली, कोटा, जामडी और अन्य गांवों को जोड़ने वाला यह पुलिया अत्यंत महत्त्वपूर्ण पैदल मार्ग पर स्थित है। कई वर्ष पूर्व निर्मित इस पुलिया में अब जगह-जगह गड्ढे बन चुके हैं और इसका फर्श (सामग्री) बुरी तरह से खराब हो चुका है।

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        खराब फर्श और गड्ढों के कारण ग्रामीणों को मजबूरी में पत्थर (पटाल) और लकड़ी रखकर इसे आने-जाने योग्य बनाना पड़ा है। यह अस्थायी और जोखिम भरा “जुगाड़” कभी भी टूट सकता है, जिससे पुलिया पर चल रहे किसी भी व्यक्ति के साथ दुर्घटना हो सकती है!

        यह पुलिया क्षेत्र के लोगों के लिए जीवन रेखा के समान है, जिससे बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं, पशुधन और सभी ग्रामीणों का आवागमन लगा रहता है। पुलिया की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि इसका फर्श कभी भी गिर सकता है, जिससे विशेष रूप से छोटे स्कूली बच्चों के अभिभावक हमेशा चिंता में रहते हैं।

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        ज्ञापन में बताया गया है कि स्थानीय क्षेत्रवासियों ने इस पुलिया के खराब हाल की शिकायत कई बार की है और विभाग द्वारा इसका निरीक्षण भी किया जा चुका है। इसके बावजूद, धरातल पर पुलिया की हालत जस की तस बनी हुई है। क्षेत्रवासी हर दिन इस पुलिया से गुजरते समय भयभीत रहते हैं।

        जिला पंचायत सदस्य शैलजा चम्याल ने विभाग से पुरजोर गुहार लगाई है कि किसी भी अनहोनी से पहले अतिशीघ्र इस पुलिया की मरम्मत या पुनर्निर्माण का कार्य शुरू किया जाए, ताकि ग्रामीणों को इस जानलेवा खतरे से निजात मिल सके।

      11. बिजनौर। उत्तर प्रदेश शासन और जिलाधिकारी, बिजनौर के निर्देशों के क्रम में, जनपद के किसानों को निर्धारित दर पर उच्च गुणवत्ता के बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कृषि विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीमों ने दिनांक 15.11.2025 को बीज बिक्री केंद्रों/गोदामों पर व्यापक निरीक्षण एवं छापामार कार्रवाई की।

        जिला कृषि अधिकारी, बिजनौर, उपजिलाधिकारी (बिजनौर/नजीबाबाद/चांदपुर/धामपुर/नगीना), उप कृषि निदेशक और वरिष्ठ प्राविधिक सहायक (ग्रुप-ए) की संयुक्त टीमों द्वारा जनपद के कुल 109 बीज विक्रय केंद्रों पर छापे की कार्रवाई की गई। इस दौरान अनियमितता पाए जाने पर कुल 67 बीज नमूने ग्रहित किए गए, जिन्हें गुणवत्ता जांच के लिए भेजा जाएगा।
        गठित संयुक्त टीम ने निरीक्षण के समय दुकान बंद कर भागने और अन्य गंभीर अनियमित्ताओं के कारण 4 बीज विक्रेताओं के प्राधिकार पत्र तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

        उक्त कार्रवाई के अतिरिक्त, उप कृषि निदेशक/बीज निरीक्षक, बिजनौर ने मै. पंतजली किसान सेवा केंद्र, चांदपुर पर निरीक्षण किया। यहाँ मै. हरित एग्रो प्रो. (कोर्ट रोड, काशीपुर, उत्तराखण्ड) द्वारा सत्यापित बीजों की आपूर्ति पाई गई। जब विक्रेता से इन बीजों से संबंधित आवश्यक अभिलेख (दस्तावेज) मांगे गए, तो वह उन्हें प्रस्तुत नहीं कर सका। अभिलेखों के अभाव के चलते स्टॉक को संदिग्ध मानते हुए, इस कंपनी के गेहूँ एच.पी.डबलू.-303 टी.एल. (55×20 किग्रा), गेहूँ पी.बी.डबलू.-826 टी.एल. (16×40 किग्रा) एवं गेहूँ एच.डी.-2967 प्रमाणित (31×40 किग्रा) की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। कंपनी और विक्रेता दोनों को नोटिस जारी किया गया है।

        जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह ने समस्त बीज विक्रेताओं को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि वे प्रत्येक बीज कंपनी से बिल/राज्य स्तरीय प्राधिकार पत्र के आधार पर ही बीजों की प्राप्ति करें। साथ ही, किसानों को बीज वितरित करते समय अनिवार्य रूप से कैश मीमो/रसीद उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि इन निर्देशों का पालन न करने की स्थिति में, संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध बीज अधिनियम-1966, बीज नियंत्रण आदेश-1971 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 के तहत वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

      12. लखनऊ। समर्पण इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज़, लखनऊ द्वारा “फॉरेंसिक कार्डियोलॉजी: फ्रॉम बेडसाइड टू कोर्टरूम” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का शुभारंभ शंख-ध्वनि और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

        सम्मेलन के संरक्षक एवं समर्पण समूह के चेयरमैन प्रो. (डॉ.) आर. एस. दुबे ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और विषय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक कार्डियोलॉजी का ज्ञान चिकित्सकों और कानून के जानकारों दोनों के लिए आवश्यक है।

        कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. अशोक बिश्नोई (डीन नर्सिंग, ABVMU) ने अपने संबोधन में फॉरेंसिक कार्डियोलॉजी के क्लिनिकल और विधिक पक्षों पर विस्तृत चर्चा करते हुए इसकी बढ़ती आवश्यकता को रेखांकित किया। डॉ. नम्रता पुनित अवस्थी (मैनेजिंग ट्रस्टी, समर्पण समूह) ने सम्मेलन की थीम को विस्तारपूर्वक समझाया और इस क्षेत्र के उभरते शोध पर प्रकाश डाला। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा और संचालन का दायित्व भी संभाला। सम्मेलन में गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में डॉ. राकेश गोरेया और गेस्ट ऑफ द डे के रूप में डॉ. मुकेश यादव (प्रिंसिपल, राजकीय मेडिकल कॉलेज, अम्बेडकर नगर) की उपस्थिति रही। विशेष अतिथियों में डॉ. आलोक श्रीवास्तव (अतिरिक्त डीजी, DGME) और श्रीमती कुमुदिनी मिश्रा (अध्यक्ष, TNAI उत्तर प्रदेश शाखा) भी शामिल रहीं। अंत में, डॉ. दीप्ति शुक्ला ने संस्थान की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं वाली कॉलेज रिपोर्ट प्रस्तुत की। यह राष्ट्रीय सम्मेलन फॉरेंसिक कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में ज्ञान और व्यावहारिक समझ को सुदृढ़ करने वाला अत्यंत सफल मंच सिद्ध हुआ।

      13. लखनऊ: मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. एन.बी. सिंह के निर्देश पर स्वास्थ्य केन्द्रों पर सेवाओं और व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करने के उद्देश्य से चिकित्सा अधिकारियों के विभिन्न दलों ने अपने सहयोगियों के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (सीएचसी) का सघन निरीक्षण किया और आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए।

        मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अलग-अलग टीमों ने विभिन्न सीएचसी का दौरा किया।

        सेवाओं का निरीक्षण: अधिकारियों ने नियमित टीकाकरण, ओपीडी (OPD), और आईपीडी (IPD) सेवाओं के संचालन का भी जायजा लिया।

        परिवार नियोजन को प्रोत्साहन

        मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि काकोरी सीएचसी पर शुक्रवार को आयोजित नियत सेवा दिवस (FDS) के माध्यम से 18 महिलाओं ने परिवार नियोजन के तहत नसबंदी की सेवा प्राप्त की।

        इंदिरा नगर सीएचसी: अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम.एच. सिद्दकी और जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी योगेश रघुवंशी।

        ऐशबाग सीएचसी: डॉ. गोपीलाल और जिला शहरी समन्वयक संजय मिश्रा।

        रेड क्रॉस सीएचसी: डॉ. अमिताभ श्रीवास्तव एवं तृप्ति श्रीवास्तव।

        अलीगंज सीएचसी: अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ए.के. सिंघल और एआरओ राकेश कुमार।

        चन्दन नगर सीएचसी: उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. निशांत निर्वाण और डीसीपीएम विष्णु यादव।

        एन.के. रोड सीएचसी: जिला कार्यक्रम प्रबन्धक सतीश यादव।

        भ्रमण के दौरान, अधिकारियों ने सीएचसी पर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का गहन निरीक्षण किया और कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए:

        मातृ स्वास्थ्य पर ज़ोर: प्रसव की संख्या को बढ़ाने और जननी सुरक्षा योजना (JSY) के तहत आशा कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों को भुगतान समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

        जागरूकता और प्रचार: स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर समुदाय को जागरूक करने तथा स्वास्थ्य कार्यक्रमों का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने पर ज़ोर दिया गया।

        प्रशासनिक व्यवस्था: साफ़-सफ़ाई बनाए रखने, रिकॉर्ड को सही ढंग से मेंटेन करने और चिकित्सकों सहित सभी कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

      14. गाजियाबाद। सुरक्षा के नाम पर जनता को डराने, धमकाने या ताकत दिखाने वाली कोई भी हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह चेतावनी गाजियाबाद के जिलाधिकारी ने दी है।

        गाजियाबाद की सोसाइटियों, मॉल्स और निजी परिसरों में तैनात सिक्योरिटी गार्ड और बाउंसरों के दुर्व्यवहार की बढ़ती शिकायतों पर आखिरकार जिला प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी (DM) रविंद्र कुमार मांदड़ ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि उन्होंने इस संबंध में एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की है, जो सभी संस्थाओं के लिए अनिवार्य होगी और इसमें व्यवहार, वर्दी और जनसंपर्क की मर्यादा तय की गई है।

        जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि गार्ड और बाउंसर निवासियों से ऊंचे स्वर में बातचीत करते हैं, पहचान पत्र दिखाने को लेकर बहस करते हैं, धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, और कई बार तो हाथ भी छोड़ देते हैं। डीएम ने जोर देकर कहा कि सुरक्षा कर्मियों का दायित्व लोगों को सुरक्षित महसूस कराना है, ना कि भयभीत करना। उन्होंने सभी आरडब्ल्यूए, एओए और डेवलपर्स को निर्देश दिया है कि वे अपने सुरक्षा कर्मचारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दें ताकि वे निवासियों व आगंतुकों से नम्र, शालीन और मर्यादित भाषा में बात करें। सबसे महत्वपूर्ण निर्देश यह है कि अब बदसलूकी, गाली-गलौज या जानबूझकर रोक-टोक जैसी शिकायतों को सीधे गैर-जमानती धाराओं में शामिल किया जाएगा।

        डीएम द्वारा सबसे बड़ा निर्देश यूनिफॉर्म को लेकर जारी हुआ है। उन्होंने पाया कि कई सुरक्षाकर्मी ऐसी वर्दी पहनते हैं जो सेना, अर्धसैनिक बल या पुलिस जैसी दिखती है, जिससे आम नागरिक भ्रमित होकर उन्हें सरकारी सुरक्षा बल समझ लेते हैं और मानसिक दबाव में आ जाते हैं। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए डीएम ने कहा है कि गार्ड और बाउंसर की ड्रेस साधारण और पहचान योग्य होनी चाहिए। अब किसी भी तरह की सैन्य शैली की यूनिफॉर्म प्रतिबंधित रहेगी। नियम तोड़ने पर संबंधित संस्था और सुरक्षा कंपनी, दोनों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

        जिलाधिकारी का यह आदेश केवल हाउसिंग सोसायटियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मॉल, कार्यालय परिसर, निजी अस्पताल और टाउनशिप जैसे सभी निजी स्थानों पर लागू होगा जहां सुरक्षा कर्मी तैनात हैं। डीएम ने चेतावनी दी है कि गेट पर खड़े लोग जनता के सेवक हैं, न कि मालिक। यदि कोई गार्ड किसी निवासी, बुजुर्ग, महिला या आगंतुक से अभद्रता करता पाया गया तो सीधे मुकदमा दर्ज होगा। अब शिकायत पर पहले की तरह केवल चेतावनी नहीं, बल्कि तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।क्या आप जानना चाहेंगे कि गाजियाबाद प्रशासन ने इस संबंध में किसी विशेष हेल्पलाइन या शिकायत तंत्र की घोषणा की है?

        गाजियाबाद प्रशासन ने पहले से ही एक समेकित शिकायत निवारण तंत्र (Integrated Grievance Redressal Mechanism) स्थापित किया हुआ है, जिसका उपयोग नागरिक ऐसी शिकायतों के लिए कर सकते हैं:

        सुरक्षा गार्ड/बाउंसर के दुर्व्यवहार या अन्य प्रशासनिक शिकायतों के लिए नागरिक निम्नलिखित माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं:

        1. जनसुनवाई पोर्टल (Jansunwai Portal / IGRS)

        यह उत्तर प्रदेश सरकार का एक केंद्रीकृत ऑनलाइन मंच है जहाँ नागरिक विभिन्न सरकारी विभागों के खिलाफ अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं।

        यह सुनिश्चित करता है कि आपकी शिकायत सीधे संबंधित अधिकारी तक पहुँचे और उसकी ट्रैकिंग हो सके।

        शिकायत दर्ज करें: आप http://jansunwai.up.nic.in/ पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

        2. जिला/सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय

        डीएम द्वारा जारी किए गए आदेशों में यह स्पष्ट किया गया है कि अब अभद्रता की शिकायत पर तत्काल कानूनी कार्रवाई (सीधे मुकदमा दर्ज) होगी।

        नागरिक अपनी शिकायतें सीधे जिलाधिकारी (DM) या सिटी मजिस्ट्रेट के कार्यालय में लिखित रूप में जमा करा सकते हैं।

        गाजियाबाद प्रशासन ने हाल ही में RWA/AOA (निवासी कल्याण संघ/अपार्टमेंट स्वामी संघ) की ज्यादतियों को देखने के लिए एक विशेष समिति भी बनाई है, जो निजी बाउंसरों के उत्पीड़न (bullying by private bouncers) की शिकायतों को भी देखती है।

        नागरिक गार्ड की दबंगई या दुर्व्यवहार की शिकायत दर्ज कराने के लिए जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) का उपयोग कर सकते हैं, या सीधे जिलाधिकारी/सिटी मजिस्ट्रेट के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं, जहाँ से अब त्वरित और सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

      15. बरेली। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, स्वर्गीय श्री कैलाश नारायण सारंग जी की पुण्यतिथि इंदिरा नगर कैंप कार्यालय, बरेली में मनाई गई। इस अवसर पर महासभा के पदाधिकारियों और सदस्यों ने उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया।

        श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष वेद प्रकाश सक्सेना, प्रदेश सचिव डॉ. विकास वर्मा, और जिला अध्यक्ष अश्वनी कमठान ने पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष के चित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान सभी उपस्थित सदस्यों ने श्री सारंग जी से जुड़ी अपनी यादों को साझा किया।

        प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष वेद प्रकाश सक्सेना ने स्वर्गीय श्री सारंग जी के योगदान को याद करते हुए बताया कि पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पूरे देश में अथक भ्रमण किया। उन्होंने अखिल भारतीय कायस्थ महासभा को जागृत रखने का कार्य लगातार किया और समाज में क्रांति की अलख जगाई थी। प्रदेश सचिव डॉ. विकास वर्मा ने समाज के प्रति उनके समर्पण को रेखांकित करते हुए कहा कि हम सभी को पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष से समाज के प्रति संगठित होने की प्रेरणा लेनी चाहिए। जिला अध्यक्ष अश्वनी कमठान ने इस बात पर जोर दिया कि कायस्थ समाज में जागृति बनी रहे, इसके लिए हम सभी को सारंग जी की बनाई हुई योजनाओं पर कार्य करते हुए आगे बढ़ना चाहिए।

        कार्यक्रम में वेद प्रकाश सक्सेना, डॉ. विकास वर्मा, अश्विनी कमठान, डॉ. सुबोध अस्थाना, रवि सक्सेना, ईशान ईशु, शक्ति मंगलम, सुंदरम सक्सेना, श्वेत सक्सेना, जतिन सक्सेना, सत्यम सक्सेना, कुनाल, सुनील मिलन, शैलेंद्र सक्सेना शैलू आदि सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

      16. बिजनौर। उ०प्रदेशीय मिनिस्ट्रीरियल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघा, शाखा जनपद बिजनौर की नव निर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण कार्यक्रम कलक्ट्रेट स्थित विदुर सभागार में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।

        मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी श्रीमती जसजीत कौर ने नव निर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रांतीय महामंत्री उ०प्र० मि० कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ उ०प्र० अजीत उपाध्याय ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उनके साथ अपर जिलाधिकारी प्रशा०, अपर जिलाधिकारी वि०रा०, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, व उपजिलाधिकारी सदर सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारीगण ने भी सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया।

        शपथ लेने वालों में अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह व जिला मंत्री सुधान्शु शर्मा मुख्य रहे। इनके अतिरिक्त, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मौ० उस्मान, कनिष्ठ उपाध्यक्ष मुकेश कुमार द्वितीय, संयुक्त सचिव श्रीमति बबीता देवी, कोषाध्यक्ष श्रीमति मनीषा शर्मा, प्रचार मंत्री श्रीमति सुधारानी, संगठन मंत्री नरेश कुमार, ऑडिटर अभिषेक कुमार, मीडिया प्रभारी शुभम कुमार व सांस्कृतिक व क्रीड़ा मंत्री जितेंद्र सिंह के अलावा जनपद बिजनौर की समस्त तहसीलों के अध्यक्ष एवं मंत्री को भी उनके पदों की शपथ दिलाई गई। शपथ ग्रहण समारोह में प्रांतीय, जोनल एवं मंडल स्तर के कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल हुए। इनमें श्रीमति नीरू सिंह (प्रांतीय प्रवक्ता), राजेश कुमार वर्मा (जोनल अध्यक्ष मेरठ), खजान सिंह (प्रांतीय क्रीड़ा मंत्री), सतीश चौधरी (मंडल अध्यक्ष) और अजय वर्मा (प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य) प्रमुख थे। प्रशासनिक अधिकारी सुधीर भटनागर, संजीव गर्ग, राजीव खन्ना, धर्मेन्द्र सिंह, श्रीमति गीता देवी, श्रीमति संगीता देवी सहित जनपद बिजनौर के विभिन्न संघों के पदाधिकारीगण व कलक्ट्रेट के कर्मचारियों द्वारा बड़ी संख्या में प्रतिभाग कर नव निर्वाचित कार्यकारिणी को अपनी शुभकामनाएं दी गईं।

      17. राजा का ताजपुर/बिजनौर। जिला सेवायोजन कार्यालय बिजनौर के सहयोग से शुक्रवार को राजा के ताजपुर स्थित आरजीएनपी इंटर कॉलेज के प्रांगण में एक विशाल रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की करीब 45 कंपनियों ने भाग लिया, जिनमें लार्सन एंड टर्बो, हीरो मोटर्स, मदरसन, टाटा, होली हर्ब्स, पुखराज हेल्थ केयर, और चैतन्य माइक्रोफिन जैसी प्रमुख कंपनियाँ शामिल थीं। मेले में करीब 2500 युवक-युवतियों ने भाग लिया, जिनमें से 1325 प्रतिभागियों को मौके पर ही ‘जॉब ऑफर लेटर’ प्रदान किए गए।

        मेले का शुभारंभ धामपुर विधायक श्री अशोक राणा ने किया। उन्होंने माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर और फीता काटकर कार्यक्रम की शुरुआत की। प्रभारी जिला सेवायोजन अधिकारी पंकज चौधरी, जयदेव सिंह आर्य (प्रबंध निदेशक, आरजीएनपी इंटर कॉलेज), और विद्यालय के प्रधानाचार्य एमपी सिंह ने फूलमाला पहनाकर और बैज लगाकर मुख्य अतिथि का स्वागत किया। मुख्य अतिथि विधायक अशोक कुमार राणा ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप, क्षेत्र के अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने ज़ोर दिया कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोज़गार देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और ऐसे रोजगार कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होते रहेंगे।

        विद्यालय की छात्राओं द्वारा स्वागत गीत, सरस्वती वंदना, और समूह गान सहित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। श्रीमती अर्चना सिंह, गुलनाज, मुस्कान, और वंशिका ने इन प्रस्तुतियों में सहयोग किया। कार्यक्रम का संचालन आईटीआई बिजनौर के प्रधान सहायक राकेश शर्मा ने किया। इस दौरान, विद्यालय के पूर्व छात्र अंश डबास को सम्मानित किया गया, जिन्होंने प्रदेश स्तर की शतरंज प्रतियोगिता में भाग लिया था और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग प्रतियोगिता में तीन पदक जीते थे।

        प्रभारी जिला सेवायोजन अधिकारी पंकज चौधरी ने उपस्थित कंपनियों को निर्देश दिए कि वे उपस्थित छात्र-छात्राओं और प्रतिभागियों को संपूर्ण जानकारी निःशुल्क प्रदान करें।
        इस रोजगार मेला को सफल बनाने में जिला सेवायोजन कार्यालय बिजनौर की टीम, राजकीय आईटीआई बिजनौर की टीम, आरजीएनपी डिग्री कॉलेज ताजपुर की प्राचार्या श्रीमती निर्देश चौहान, सत्यवीर सिंह, दिग्विजय यादव, देवेंद्र सिंह, लक्ष्मण यादव, दीपक कुमार जोशी, मनोज कुमार, श्रीमती अर्चना सिंह, गुलनाज, मुस्कान, वंशिका, करण सिंह, ग्राम पंचायत राजा के ताजपुर के प्रधान हाजी शमशाद अहमद, मुकेश कुमार, गौरव कुमार, और जिला सेवायोजन कार्यालय बिजनौर से आशा जी का विशेष योगदान रहा।

      18. लखनऊ/नोएडा: उत्तर प्रदेश पुलिस ने सड़क सुरक्षा और यातायात अनुशासन को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अभिनव तकनीकी पहल “Vision Safe Road: An Extra Mile for Accident Mitigation” का शुभारंभ किया है। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने वर्चुअल माध्यम से कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की इस पहल की शुरुआत की।

        यह परियोजना सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए डिज़ाइन की गई है। इस पहल के तहत अब Google Maps पर वाहन चालकों को मार्ग की अधिकतम निर्धारित गति सीमा (Maximum Speed Limit) और उनकी वाहन की वास्तविक गति एक साथ प्रदर्शित होगी। इससे चालकों को निर्धारित गति सीमा का तत्काल (रीयल-टाइम) ज्ञान मिलेगा, जो उन्हें सुरक्षित गति बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इस प्रणाली को Google India और Lepton Software Export & Research Pvt. Ltd. के सहयोग से विकसित किया गया है।

        कार्यक्रम के दौरान, पुलिस महानिदेशक, उ. प्र. राजीव कृष्ण ने पुलिस आयुक्त गौतमबुद्धनगर श्रीमती लक्ष्मी सिंह की इस पहल की सराहना करते हुए इसे ‘Life-Saving Intervention’ बताया। उन्होंने इसे समयानुकूल और प्रासंगिक बताते हुए विश्वास जताया कि यह पहल सड़कों को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस अवसर पर पुलिस आयुक्त गौतमबुद्धनगर श्रीमती लक्ष्मी सिंह, Lepton Software के CEO राजीव सर्राफ एवं Google India की India Head – Strategic Product Partnerships श्रीमती रोली अग्रवाल ने भी अपने विचार साझा किए, और इस तकनीकी पहल की उपयोगिता, प्रभावशीलता एवं भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

        यह पहल मुख्य रूप से कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर (नोएडा और ग्रेटर नोएडा) के प्रमुख मार्गों पर लागू की गई है। जानकारी के अनुसार यह प्रोजेक्ट शुरुआती चरण में एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में लागू किया गया है। इसका लक्ष्य जिले के प्रमुख मार्गों पर भारी, मध्यम, हल्के और दोपहिया वाहनों के लिए निर्धारित गति सीमा को Google Maps के साथ इंटीग्रेट करना है। इस पहल के माध्यम से, इन क्षेत्रों के वाहन चालकों को सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने और सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देने में सहायता मिलेगी।

      19. लखनऊ। राजकीय नर्सेस संघ की नयी कार्यकारिणी में 14 वीं बार प्रदेश महामंत्री पद पर अशोक कुमार निर्विरोध चुने गये हैं।बलरामपुर अस्पताल स्थित नर्सेस कार्यालय पर नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को कई संगठनों के प्रतिनिधि अपनी शुभकामनाएं देने पहुंचे।

        इस दौरान राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश संगठन मंत्री एवं डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय कुमार पाण्डेय ने नयी कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को सम्मानित किया। इसके अलावा अन्य संगठनों के कर्मचारी नेताओं ने अपने बयान में कहा कि नर्सेस की कई समस्याओं को दूर कराने में नयी कार्यकारिणी काफी समक्ष है। इस मौके पर नर्सेस संघ के पदाधिकारियों में गीतान्शु वर्मा कोषाध्यक्ष, उपाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार सिंह आदि मौजूद थे।

      20. लखनऊउत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने महाभारत सर्किट अंतर्गत मेरठ जिला के परीक्षितगढ़ स्थित श्रृंगी ऋषि आश्रम के समेकित पर्यटन विकास की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी है। श्रृंगी ऋषि आश्रम के संबंध में मान्यता है कि यहीं से कलयुग की शुरुआत हुई थी। महाभारत काल से जुड़ी कई घटनाएं यहां हुई हैं। महाभारत काल के साक्षी रहे श्रृंगी ऋषि आश्रम के समेकित विकास के लिए राज्य सरकार की ओर से वित्त वर्ष 2025-26 में 02 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत हुई है। यह कदम जिले को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।

        मेरठ जनपद अंतर्गत आश्रम में ऋषि श्रृंगी और ऋषि शमीक की प्रतिमा है, जिनसे जुड़ी कहानियां पर्यटकों में जिज्ञासा पैदा करती है। यहां स्थित यज्ञशाला पर पदचिन्ह के निशान आगंतुकों को इतिहास से वर्तमान से जोड़ते हैं। पर्यटन मंत्री ने बताया कि ‘उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग राज्य के धार्मिक स्थलों के आसपास पर्यटक सुविधाओं का तेजी से विकास कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस प्राचीन स्थल का विशेष धार्मिक महत्व है। द्वापर युगीन पौराणिक भूमि को पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जा रहा है।’  

        उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग परीक्षितगढ़ स्थित श्रृंगी ऋषि आश्रम के समेकित विकास के माध्यम से मेरठ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण प्रयास कर रहा है। पर्यटन विकास के अंतर्गत सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था, सूचना केंद्र, शौचालय, पेयजल व्यवस्था, विश्राम स्थल का निर्माण आदि सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

        भागवत महापुराण और महाभारत में भी ऋषि श्रृंगी का वर्णन है। मान्यता है, कि अर्जुन के पौत्र और अभिमन्यु के पुत्र राजा परीक्षित शिकार करने के लिए जंगल की ओर निकले थे। उन्हें अचानक तेज भूख और प्यास लगी। परेशान हालत में वो एक आश्रम में पहुंचे, तो उन्होंने ऋषि शमीक को तपस्या में लीन देखा। राजा परीक्षित ने ऋषि शमीक को कई बार उठाने का प्रयास किया, लेकिन जब वह तपस्या से नहीं जागे। तत्पश्चात, परीक्षित ने पास ही पड़े एक मृत सांप को ऋषि शमीक के गले में डाल दिया। बावजूद उनकी तपस्या भंग नहीं हुई। कथानक अनुसार, यह नजारा ऋषि शमीक के पुत्र श्रृंगी ने देख लिया। अपने पिता के अपमान से क्रोधित श्रृंगी ने कौशिकी नदी के जल से आचमन करते हुए राजा परीक्षित को सर्पदंश से मृत्यु का श्राप दे दिया।

        ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार, राजा परीक्षित की तक्षक नाग के दंश से मृत्यु हो गई। राजा परीक्षित की मृत्यु के पश्चात पुत्र जन्मेजय ने क्रोधित होकर सर्प जाति को समाप्त करने का संकल्प लिया। जन्मेजय ने श्रृंगी आश्रम में ही यज्ञ शुरू की और सांपों की आहुति देने लगे। तक्षक नाग ने इंद्रदेव से मदद मांगी। भगवान इंद्र के काफी समझाने के बाद जन्मेजय ने यज्ञ रोक दिया। प्राचीन मान्यता है कि इस घटना के बाद से ही श्रृंगी आश्रम में सांप किसी को डसता नहीं है। श्रृंगी आश्रम को कलयुग की शुरुआत का स्थल माना जाता है। इस आश्रम में आज भी श्रृंगी ऋषि की तपस्या से जुड़े हवन कुंड और एक विशाल गूलर का वृक्ष मौजूद है।

        पर्यटन मंत्री ने बताया कि जनपद में श्रृंगी ऋषि आश्रम के अलावा नौचंदी परिसर स्थित मां चंडी देवी मंदिर, मेरठ कैंट स्थित बिलेश्वर नाथ मंदिर, बाबा औघड़नाथ मंदिर, इतिहास का साक्षी रहा हस्तिनापुर, गांधारी सरोवर, गोपेश्वर मंदिर, कात्यायनी देवी मंदिर आदि हैं। इन धार्मिक स्थलों की मान्यता सदियों से विद्यमान है। यहां बड़ी संख्या में पर्यटन घूमने आते हैं। 

        पर्यटन के लिहाज से मेरठ जिला पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रमुख केंद्र रहा है। महाभारत काल से जुड़ी कई मान्यताएं क्षेत्र से जुड़ी हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर के करीब होने का फायदा भी आगंतुकों को मिलता है। लखनऊ या अन्य रास्तों से भी मेरठ तक पहुंचना सुलभ है। वर्ष 2024 में मेरठ आने वाले पर्यटकों की संख्या 37,78,066 रही थी, जो वर्ष 2025 के जनवरी से जून तक 10,60,531 रही। बड़ी संख्या में पर्यटक आगमन से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है, बल्कि रोजगार के भी रास्ते खुले हैं।’

        उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘धार्मिक पर्यटन में उत्तर प्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है। मेरठ जिला अपनी पौराणिकता स्थलों के लिए विख्यात है। वहीं, मेरठ मंडल में महाभारत काल, बौद्ध और जैन से जुड़े कई पवित्र स्थल हैं। सरकार का प्रयास है कि इन स्थलों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त तरीके से स्थापित किया जाए, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश की पहचान प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित हो सके।’

      21. लखनऊ। दिल्ली में हुई एक विस्फोट की घटना को गंभीरता से लेते हुए, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की सुरक्षा एवं सतर्कता को तत्काल सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण से घटना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और प्रदेश में समस्त पुलिस फोर्स को हाई अलर्ट पर रखने का आदेश दिया। इसके तहत, पूरे राज्य में सघन चेकिंग और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

        खोलें Link 🖇️ https://x.com/Uppolice/status/1987914646616166414?s=20

        मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में, पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश राजीव कृष्ण ने तत्काल प्रभाव से समस्त जनपदीय पुलिस अधिकारियों को निम्न कड़े निर्देश जारी किए हैं, जिनका उद्देश्य सुरक्षा घेरे को अभेद्य बनाना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।

        सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को फील्ड में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।

        संवेदनशील/भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, बाजारों, सार्वजनिक आयोजनों एवं धार्मिक स्थलों का स्वयं भ्रमण, निरीक्षण एवं पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

        महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, धार्मिक स्थलों, भीड़भाड़ वाले स्थानों एवं अन्य संवेदनशील बिंदुओं की सुरक्षा व्यवस्था की पुनः समीक्षा की जाएगी।

        थ्रेट असेसमेंट के अनुसार सुरक्षा स्तर को तत्काल बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।

        वाहनों की चेकिंग को तेज करने का निर्देश दिया गया है।

        मेट्रो/बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, मॉल, सिनेमा हॉल तथा अन्य सार्वजनिक परिवहन/भीड़भाड़ केंद्रों पर सघन सतर्कता बरती जाएगी।

        यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि आम जनता को इस प्रक्रिया में अनावश्यक असुविधा न हो।

        एटीएस (ATS), क्यूआरटी (Quick Response Teams), बम निरोधक दस्ते एवं डॉग स्क्वॉड को तत्पर मोड में रखा जाए।

        फुट पेट्रोलिंग और एरिया डोमिनेशन को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।

        यूपी 112 पीआरवी (Police Response Vehicles) को निरंतर संवेदनशील स्थानों पर भ्रमणशील रहने के निर्देश दिए गए हैं।

        सीसीटीवी फ़ीड्स का रीयल-टाइम विश्लेषण सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है।

        स्थानीय ख़ुफ़िया तंत्र तथा नागरिक सूचना नेटवर्क को सक्रिय कर संदिग्ध व्यक्तियों/गतिविधियों की त्वरित रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाए।

        भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लावारिस वस्तुओं और संदिग्ध व्यक्तियों की सघन चेकिंग की जाय।

        सोशल मीडिया की निरंतर निगरानी की जाएगी और हर इनपुट को गंभीरता से लिया जाएगा।

        अफ़वाह फैलाने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

        उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने सभी जनपदों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने और राज्य भर में कानून व्यवस्था और सुरक्षा को उच्च स्तर पर बनाए रखने का निर्देश दिया है।

      22. कोटद्वार, पौड़ी गढ़वाल (उत्तराखंड)। कामिनी माहेश्वरी शैवाल स्मृति ट्रस्ट रजिस्टर्ड और साहित्य आंचल संस्था, कोटद्वार (पौड़ी गढ़वाल) के संयुक्त तत्वावधान में “चंद्र ज्योति सम्मान 2025” का भव्य आयोजन किया गया। साहित्य और कला को समर्पित इस कार्यक्रम ने क्षेत्र के साहित्य प्रेमियों, गणमान्य व्यक्तियों और प्रबुद्धजनों को एक मंच पर ला दिया। कार्यक्रम की भव्यता और अनुशासन ने इसे एक शानदार आयोजन बना दिया।

        कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी द्वारा किया गया। उनके साथ मुख्य अतिथि योगेंद्र प्रसाद गिलरा, नंदकिशोर, चंद्र प्रकाश नैथानी, डॉक्टर वेद प्रकाश शैवाल, और राकेश अग्रवाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत उद्घाटन किया।

        समारोह में चंद्र ज्योति पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने मनमोहक गणेश वंदना प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। इसके उपरांत, शिक्षिकाओं – कुसुम सुंडली, मंजू पिपलियाल, शशि लखेड़ा, सीमा रतूड़ी, कुसुम जन्याल, और प्रीति चिल्डियाल ने मधुर स्वर में वंदे मातरम का गायन किया, जिसने सभी उपस्थित लोगों में राष्ट्रीय गौरव का संचार किया।

        इस प्रतिष्ठित आयोजन का मुख्य आकर्षण “चंद्र ज्योति सम्मान 2025” रहा, जो साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विभूतियों को प्रदान किया गया। इस वर्ष यह सम्मान वरिष्ठ साहित्यकार अशोक निर्दोष (बिजनौर) एवं कवियत्री मंजू जौहरी (नजीबाबाद) को उनके महत्त्वपूर्ण साहित्यिक अवदान के लिए प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया गया।

        समारोह की अध्यक्षता चंद्रप्रकाश नैथानी ने की, जिन्होंने अपने विचारों से उपस्थित जनसमूह का मार्गदर्शन किया। पूरे कार्यक्रम का संचालन संस्था के रमेश माहेश्वरी ‘राजहंस’ द्वारा बेहद कुशलता और सहजता से किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य और प्रबुद्ध व्यक्ति मौजूद रहे, जिन्होंने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। इनमें राजदीप माहेश्वरी, विजय कुमार माहेश्वरी, महेंद्र अग्रवाल, विनोद नेगी, गोपाल माहेश्वरी, मीता माहेश्वरी, एडवोकेट गोपाल माहेश्वरी आदि शामिल थे। इसके अलावा, अजय माहेश्वरी (नेवी) की विशेष उपस्थिति ने भी कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की। इस दौरान अनेक अन्य लोग उपस्थित रहे।आयोजकों ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह कार्यक्रम बहुत ही शानदार एवं यादगार रहा।

      23. https://nz.vayambharat.com/Lnk/SRWR202511111217403022347690

      24. बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए हो रहे चुनाव का दूसरा और अंतिम चरण आज (11 नवंबर) जारी है। पहले चरण के रिकॉर्ड मतदान के बाद, यह अंतिम चरण सत्ता के संतुलन को तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और विपक्षी महागठबंधन दोनों ही स्पष्ट बहुमत के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि अन्य छोटे दल और निर्दलीय उम्मीदवारों की उपस्थिति परिणामों को अप्रत्याशित बना सकती है।

        पिछला प्रदर्शन: 2020 के चुनाव में, NDA ने दूसरे चरण की सीटों पर स्पष्ट बढ़त हासिल की थी, खासकर भाजपा ने 42 सीटें जीती थीं। पहले चरण की तुलना में दूसरे चरण की 122 सीटें (आज मतदान) NDA के लिए अधिक अनुकूल मानी जाती रही हैं।

        उम्मीदें और चुनौतियाँ: रणनीति: NDA की जीत की मुख्य उम्मीद प्रधानमंत्री मोदी के केंद्रीय नेतृत्व की लोकप्रियता, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुशासन की छवि और महिला मतदाताओं के ‘नीतीश फैक्टर’ पर टिकी है।

        चुनौती: पहले चरण में उच्च मतदान प्रतिशत दोनों गठबंधनों द्वारा अपने पक्ष में व्याख्यायित किया जा रहा है। NDA को सत्ता में बने रहने के लिए, उसे दूसरे चरण की इन सीटों पर अपनी पिछली बढ़त बनाए रखनी होगी और पहले चरण के नुकसान (यदि कोई है) की भरपाई करनी होगी।

        सीट अनुमान (विश्लेषण आधारित): 110 – 130 सीटें (बहुमत के लिए 122 आवश्यक)

        पिछला प्रदर्शन: 2020 में, महागठबंधन ने कुल 110 सीटें जीती थीं, जिसमें राजद सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। दूसरे चरण की 122 सीटों में भी राजद का प्रदर्शन मजबूत रहा था।

        उम्मीदें और चुनौतियाँ: रणनीति: महागठबंधन मुख्य रूप से तेजस्वी यादव के नेतृत्व में युवाओं के बीच बेरोजगारी, जाति जनगणना और सरकार विरोधी लहर (Anti-incumbency) को भुनाने की कोशिश कर रहा है। ‘MY’ समीकरण (मुस्लिम-यादव) के साथ सवर्ण और अति पिछड़े वोटों को साधने का प्रयास किया गया है।

        चुनौती: राजद के पुराने शासनकाल की नकारात्मक धारणा और कांग्रेस की कमजोर पकड़ महागठबंधन के लिए चुनौती बन सकती है। उन्हें इन 122 सीटों पर 2020 के परिणामों से बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

        सीट अनुमान (विश्लेषण आधारित): 105 – 125 सीटें

        किंगमेकर’ की भूमिका में पप्पू यादव (जन अधिकार पार्टी), वीआईपी (मुकेश सहनी) और असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM) जैसे दलों की उपस्थिति ने कई सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय या बहुकोणीय बना दिया है।

        ‘जन सुराज’ अभियान, जिसने खुद को एक वैकल्पिक राजनीति के रूप में पेश किया है, हालांकि सीधे चुनाव नहीं लड़ रहा है, पर कुछ निर्दलीय उम्मीदवारों को अप्रत्यक्ष समर्थन दे सकता है और एक नई राजनीतिक चेतना पैदा कर सकता है।

        वाम दल (CPI(ML)L, CPI, CPM): महागठबंधन के सहयोगी के रूप में, वाम दलों ने पहले चरण में अच्छा प्रदर्शन किया था। उनका प्रदर्शन महागठबंधन की कुल सीट संख्या में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

        सीट अनुमान (विश्लेषण आधारित): 8 – 20 सीटें

        रिकॉर्ड मतदान: पहले चरण में 64.66% का रिकॉर्ड मतदान (2020 से अधिक) दोनों गठबंधनों के समर्थकों के भारी उत्साह को दर्शाता है। किसका मतदाता अधिक घर से बाहर निकला, यह 14 नवंबर को साफ होगा।

        क्षेत्रीय किले: दूसरे चरण में मिथिलांचल, सीमांचल, चंपारण बेल्ट, शाहाबाद-मगध क्षेत्र और कुछ मुस्लिम बहुल सीटें शामिल हैं। महागठबंधन को मगध और सीमांचल के क्षेत्रों में पिछली बार की कमी को पाटना होगा, जबकि NDA को चंपारण और पटना प्रमंडल जैसे अपने मजबूत गढ़ों को बचाना होगा।

        महिला और युवा मतदाता: महिला और युवा मतदाता दोनों गठबंधनों के लिए सबसे बड़ा ‘साइलेंट वोटर’ माने जा रहे हैं। उनका झुकाव ही सत्ता की चाबी तय करेगा।

        सारांश और निष्कर्ष: वर्तमान रुझानों और उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि बिहार का यह चुनाव कांटे की टक्कर वाला है। 122 सीटों पर हो रहा अंतिम चरण का मतदान ही यह तय करेगा कि बहुमत का जादुई आंकड़ा 122 कौन सा गठबंधन पार करता है।

        🗳️ परिणाम की घोषणा: सभी सीटों के लिए मतगणना 14 नवंबर, 2025 को होगी, जिसके बाद ही बिहार की अगली सरकार की तस्वीर साफ हो पाएगी।

      25. लखनऊ/बिजनौर। उत्तर प्रदेश के कोटेदारों ने लंबित मांगों को लेकर राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करने की रणनीति तैयार की है। ऑल इण्डियन फेयर प्राइस शाप डीलर एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि प्रदेश के अस्सी हजार कोटेदारों को न तो समय पर कमीशन मिल रहा है और न ही उन्हें पर्याप्त मानदेय दिया जा रहा है, जिससे उनके परिवार भुखमरी की कगार पर पहुँच गए हैं। यूपी प्रेस क्लब लखनऊ में एसोसिएशन की तिमाही बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष राजेश तिवारी ने की। इस दौरान संगठन की आगामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

        प्रदेश अध्यक्ष राजेश तिवारी ने कोटेदारों की समस्याओं को उजागर करते हुए कहा कि कोटेदार समाज सेवा का केंद्र बिंदु होते हैं, लेकिन उन्हें सरकारी तंत्र की उपेक्षा का शिकार होना पड़ रहा है। उन्होंने निम्नलिखित मुख्य समस्याओं को उठाया:

        विलंबित कमीशन: सरकार द्वारा कोटेदारों को उनका कमीशन समय से नहीं दिया जा रहा है। अपर्याप्त मानदेय: वर्तमान मानदेय इतना कम है कि कोटेदारों के लिए अपने परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है।

        राशन में कटौती: राशन के उठान के दौरान पूरा वजन नहीं दिया जाता है। बारदाना कटौती: राशन में बारदाना (पैकेजिंग बोरी) का वजन भी काटकर नहीं दिया जाता है, जिससे कोटेदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

        प्रदेश अध्यक्ष राजेश तिवारी ने संगठन के प्रति समर्पित कार्य के लिए बिजनौर के जिला अध्यक्ष मुकेश दहिया को सम्मानित किया

        बैठक के दौरान, एसोसिएशन के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष गिरीश तिवारी ने आगामी आंदोलन की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही, मंडलवार धरना प्रदर्शन आयोजित किए जाएँगे। इसके बाद, ईको गार्डन, लखनऊ में एक बड़ा धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

        ई-पॉस मशीनें जमा करना: निर्धारित तारीख को सभी कोटेदार अपने-अपने जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालयों में जाकर ई-पॉस मशीनें जमा करेंगे, जो विरोध का एक बड़ा प्रतीक होगा। प्रदेश महासचिव अशोक सिंह ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि आंदोलन के सभी कार्यक्रम पूरी तैयारी के साथ किए जाएँ, ताकि सरकार पर अधिकतम दबाव बनाया जा सके।

        👥 बैठक में प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति: इस महत्वपूर्ण बैठक का संचालन प्रदेश महासचिव अशोक सिंह ने किया। बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष अनुराधा जी, विजय राय, प्रेम प्रकाश यादव, चन्द्र प्रकाश सिंह, सरिता अवस्थी, राम लखन, रजनी पाण्डेय, मदन यादव, गीता वर्मा, सत्यपाल जी, राजेन्द्र सोनी, विनोद पटेल, रवीन्द्र यादव सहित उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों और मंडलों के पदाधिकारीगण सम्मिलित हुए और संगठन की आगामी रणनीति को लेकर अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक के अंत में, प्रदेश अध्यक्ष राजेश तिवारी ने संगठन के प्रति समर्पित कार्य के लिए बिजनौर के जिला अध्यक्ष मुकेश दहिया को सम्मानित भी किया।

      26. लखनऊ, (10 नवंबर 2025)। आज लखनऊ से संस्कृति विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न अंचलों से चयनित कलाकारों एवं विभाग के कर्मचारियों का दल दो बसों में सवार होकर ‘भारत पर्व’ में सम्मलित होकर उत्तर प्रदेश की ‘उन्नत संस्कृति एवं समग्र विकास’ का भव्य प्रदर्शन करने के निमित्त केवड़िया, गुजरात के लिए रवाना हो गया।

        संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने सांस्कृतिक दलों को अपनी शुभकामनाओं सहित विदा किया। केवड़िया रवाना होने से पूर्व कलाकारों ने कहा कि वे भारत पर्व में उत्तर प्रदेश की लोकपरंपरा, लोकसंगीत और नृत्य की गरिमा को पूरे देश के सामने प्रस्तुत करने को लेकर उत्साहित हैं एवं इसके लिए हम प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह एवं संस्कृति विभाग की अवर्चनीय पहल के लिए सहृदय धन्यवाद ज्ञापित करते हैं।

        भारत पर्व 2025 में उत्तर प्रदेश का यह सांस्कृतिक दल न केवल अपनी सांस्कृतिक समृद्धि का प्रदर्शन करेगा, बल्कि ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को कला और लोकजीवन के माध्यम से साकार करेगा। मुख्यमंत्री और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश एक बार फिर अपने लोकजीवन की सौंधी सुगंध, परंपरा की गहराई और संस्कृति की ऊंचाई से भारत पर्व 2025 को आलोकित करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश आज सांस्कृतिक पुनर्जागरण के स्वर्णिम युग की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री की दृष्टि रही है कि उत्तर प्रदेश की लोककला, परंपराएँ, संगीत और नृत्य केवल प्रदेश की सीमाओं तक सीमित न रहें, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाएं। 

        मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि ‘भारत पर्व 2025 में उत्तर प्रदेश की भागीदारी हमारे राज्य की सांस्कृतिक विविधता, लोकजीवन और कलात्मक गौरव को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर है। उन्नत संस्कृति ही समग्र विकास का आधार है और इस दिशा में यह पहल ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को सशक्त बनाएगी।” उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने संस्कृति के क्षेत्र में जो प्रगति की है, वह देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। उत्तर प्रदेश का यह सांस्कृतिक दल प्रदेश की विविध परंपराओं, लोक, जनजातीय और शास्त्रीय कलाओं का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा। दल में प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए श्रेष्ठ कलाकार शामिल हैं, जो अपने क्षेत्र की विशिष्ट कला और परंपरा को भारत पर्व के मंच पर प्रस्तुत करेंगे। यह दल ब्रज, अवध, बुंदेलखंड, पूर्वांचल और जनजातीय अंचलों की सांस्कृतिक झलक को एक मंच पर लाकर “विविधता में एकता” का सशक्त संदेश देगा। नृत्य, संगीत और लोक वाद्य की लयात्मक प्रस्तुतियों से यह दल उत्तर प्रदेश की आत्मा को भारत पर्व के दर्शकों के सामने जीवंत करेगा।’

      27. लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिसिंग व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की कवायद में रविवार को डीजीपी मुख्यालय ने एडिशनल एसपी (Additional SP) रैंक के 23 पीपीएस (PPS) अधिकारियों के तबादले कर दिए। यह तबादले कई महत्वपूर्ण जिलों और विशेष इकाइयों में किए गए हैं, जिससे प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलाव आया है।

        गोरखपुर, जो मुख्यमंत्री का गृह क्षेत्र है, वहाँ कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। तीन एडिशनल एसपी को अलग-अलग भूमिकाओं में गोरखपुर भेजा गया है, जबकि कुछ को हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित किया गया है:

        गोरखपुर को नए एएसपी: दिनेश पुरी (यूपी 112 से) को एएसपी दक्षिणी। ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद (गाजीपुर से) को एएसपी उत्तरी। संतोष कुमार सिंह प्रथम को एएसपी सुरक्षा (शामली का तबादला निरस्त)। गोरखपुर से बाहर: एएसपी उत्तरी, जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव को सीआईडी मुख्यालय भेजा गया है, जहाँ वे यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फोरेंसिक साइंसेज से संबद्ध रहेंगे। एएसपी दक्षिणी, जितेंद्र कुमार प्रथम को उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड भेजा गया है।

        एटा में परिवर्तन: एटा के एएसपी सिटी राजकुमार सिंह प्रथम को ईओडब्ल्यू मुख्यालय भेजा गया है। साइबर क्राइम मुख्यालय से श्वेताभ पांडेय को एटा का एएसपी सिटी बनाया गया है।

        अन्य महत्वपूर्ण फेरबदल: तबादले निरस्त/संशोधित: डीजीपी मुख्यालय में तैनात संतोष कुमार द्वितीय का गोरखपुर के लिए पूर्व में हुआ तबादला निरस्त कर दिया गया है। वहीं, बीएस वीर कुमार का वाराणसी कमिश्नरेट का तबादला रद्द कर उन्हें 47वीं वाहिनी पीएसी गाजियाबाद भेजा गया है।

        पड़ोसी जिलों में आवाजाही: बहराइच के एएसपी सिटी रामानंद प्रसाद कुशवाहा को हाथरस भेजा गया है। हाथरस में तैनात अशोक कुमार सिंह प्रथम को बहराइच का एएसपी सिटी बनाया गया है। पुलिस मुख्यालय में तैनात डॉ. राकेश कुमार मिश्रा को गाजीपुर का एएसपी सिटी बनाया गया है।

        विशेष इकाइयों में तैनाती: भर्ती बोर्ड में तैनात आलोक कुमार जायसवाल को फतेहगढ़ भेजा गया है, जबकि एसएसएफ मुख्यालय में तैनात शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव को सहारनपुर का एएसपी ट्रैफिक बनाया गया है। ये तबादले प्रदेश में पुलिसिंग दक्षता और प्रशासनिक नियंत्रण को मजबूत करने की दिशा में किए गए नियमित प्रयासों का हिस्सा हैं।

      28. लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के अनुरक्षण अनुभाग में सरकारी धन के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है! अनुरक्षण अनुभाग के अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने निहित स्वार्थों की पूर्ति के लिए योजनाबद्ध तरीके से प्राधिकरण मुख्यालय के पुराने व नवीन भवनों में मज़बूत फर्नीचर और सौंदर्यकृत कार्यालय कक्षों को तोड़कर नवीन कक्षों के निर्माण के नाम पर विकास योजनाओं के धन का अपव्यय किया है! यह आरोप लगाया गया है कि नवीन कक्षों के निर्माण की आड़ में बड़े पैमाने पर सरकारी धन की लूट की मंशा है, जबकि पूर्व में बनाए गए कार्यालय कक्ष पूरी तरह से मज़बूत और उपयोग योग्य थे!

        🔴 फ़र्ज़ी निस्तारण से प्रशासनिक चूक उजागर

        मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब मेंटेनेंस व नवीनीकरण से संबंधित नियम विरुद्ध पास किए गए टेंडर की शिकायत मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर की गई।

        अधिकारियों पर आरोप: प्राधिकरण के अवर अभियंता आशीष श्रीवास्तव, मनोज सागर सहायक अभियंता तथा अधिशासी अभियंता-अनु०शि० द्वारा शिकायतकर्ता से बिना कोई वार्ता किए ही शिकायत का फ़र्ज़ी निस्तारण कर दिया गया।

        मानकों का उल्लंघन: निस्तारित शिकायत आख्या के प्रपत्र में यह उल्लेख किया गया कि शिकायतकर्ता से वार्ता की गई है और वह आख्या से संतुष्ट है, जबकि यह दावा बिल्कुल ग़लत और फ़र्ज़ी बताया गया है। इस कार्रवाई ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल के मानकों की अवहेलना की है।

        फ़र्ज़ी आख्या देने वाले अधिकारियों के विरुद्ध अब विधिक एवं वैधानिक कार्यवाही की मांग की जा रही है।

        निलंबन की मांग: भ्रष्टाचार का द्वैतक इन अधिकारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत कार्रवाई करने और उन्हें तत्काल निलंबित करने की मांग की गई है।

        उच्च-स्तरीय जाँच: यह भी मांग की गई है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, शासन स्तर पर किसी न्याय प्रिय अधिकारी से मामले की जाँच कराकर प्रभावी कार्रवाई की जाए।

        कार्य पर रोक: प्राधिकरण मुख्यालय में चल रहे इस अनावश्यक और नियम विरुद्ध निर्माण कार्य पर शीघ्र रोक लगाने की आवश्यक त्वरित कार्यवाही की मांग की गई है, ताकि सरकारी धन की योजना बनाकर की जा रही लूट पर अंकुश लग सके।

        अब सबकी निगाहें LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार पर टिकी हुई हैं। प्राधिकरण में सवाल उठ रहे हैं कि उपाध्यक्ष इस फ़र्ज़ी निस्तारण और शासनादेशों के मानकों की अवहेलना पर क्या कार्यवाही करते हैं। यदि उपाध्यक्ष इन भ्रष्टाचारी अधिकारियों को संरक्षण देकर चुप्पी साध लेते हैं, तो यह करोड़ों रुपये के मेंटेनेंस व नवीनीकरण के नाम पर हो रहे बंदर बाँट को अपनी सहमति देने और भ्रष्टाचार को प्रोत्साहित करने के समान माना जाएगा!

      29. अल्मोड़ा। पंडित हर गोविंद पंत जिला चिकित्सालय, अल्मोड़ा के परिसर स्थित कक्ष संख्या-9 में संचालित जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय में इन दिनों पर्याप्त मात्रा में आयुर्वेदिक दवाइयां उपलब्ध हैं। मरीजों को अब पहले की तुलना में अधिक सुविधा और दवाइयों की बेहतर उपलब्धता मिल रही है।

        इस व्यवस्था के पीछे सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे के अथक प्रयास हैं। उन्होंने इस मामले में चार अलग-अलग शिकायतें दर्ज करवाई थीं, जिनमें तत्कालीन जिलाधिकारी और दो चिकित्सकों के खिलाफ अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे।

        मामला अब प्रधानमंत्री कार्यालय, राज्यपाल, मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव और आयुष सचिव तक पहुंच चुका है। इस दौरान जिलाधिकारी का स्थानांतरण हो चुका है और दो चिकित्सकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई प्रारंभ हो गई है।

        संजय पाण्डे ने उच्चाधिकारियों को आधिकारिक दस्तावेज और प्रमाण भी भेजे हैं, जिन पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। दिलचस्प बात यह है कि आरोपित चिकित्सक स्वयं को “सचिव का खास आदमी” बताकर प्रभाव दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, पर अब निदेशालय ने अल्मोड़ा के लिए नए आयुर्वेदिक अधिकारी की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है।

        इस बीच वरिष्ठ आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. गीता पुनेठा जिला अस्पताल के कक्ष संख्या-9 में मरीजों का नियमित उपचार कर रही हैं। इन दिनों ओ.पी.डी. में मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है, जो लोगों के विश्वास को दर्शाता है।

        सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने नागरिकों से अपील की है कि वे जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय, अल्मोड़ा में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ लें और आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति पर विश्वास बनाए रखें।

      30. बिजनौर। वामा सारथी उ०प्र० पुलिस फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वाधान में रिजर्व पुलिस लाइन्स, जनपद बिजनौर में चिकित्सा गतिविधि / शिविर का आयोजन किया गया। पुलिस कर्मियों एवं उनके परिवारजनों ने कैम्प का लाभ उठाया और वामा सारथी की इस पहल की सराहना की।

        इस दौरान शीत ऋतु में फैलने वाली बीमारियों जैसे फ्लू, ब्रोकाइटिस, गले में खरास, कान का संक्रमण आदि से बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी प्रदान करते हुये उसके उपचार और दवाइयां उपलब्ध कराई गयी।

        वामा सारथी अध्यक्ष श्रीमती रिया झा पत्नी अभिषेक कुमार पुलिस अधीक्षक जनपद बिजनौर के निर्देशन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कैंप में पुलिस कर्मियों एवं उनके परिवारजनों ने लाभ उठाया।

        इस अवसर पर देवेन्द्र सिंह सिकरवार, प्रतिसार निरीक्षक रिजर्व पुलिस लाइन्स जनपद बिजनौर, चिकित्साधिकारी डॉ० अभिषेक कुमार गोयल, फार्मासिस्ट विकास कुमार, वार्ड ब्वॉय प्रमोद सिंह उपस्थित रहे।

      31. नई दिल्ली/लखनऊ: रम, विशेष रूप से डार्क (Dark) और स्पाइस्ड (Spiced) रम, अपनी मीठी और जटिल प्रोफाइल के कारण कॉकटेल बनाने वालों और कॉफी प्रेमियों के बीच एक पसंदीदा विकल्प है। गन्ने से बना यह पेय कॉफी के कड़वेपन (Bitterness) को खूबसूरती से संतुलित करता है, जिससे ठंड के मौसम के लिए एक उत्तम पेय बनता है।

        🍹 रम के क्लासिक और आधुनिक कॉकटेलरम का उपयोग कई प्रसिद्ध कॉकटेल में किया जाता है, जो इसे बार और घरों में एक अनिवार्य स्पिरिट बनाते हैं:

        1. हॉट टॉडी (Hot Toddy) यह सर्दियों का क्लासिक पेय है। यह सिर्फ रम कॉकटेल नहीं, बल्कि सदियों से सर्दी-जुकाम के घरेलू इलाज के रूप में भी प्रसिद्ध है।

        सामग्री: डार्क रम, गर्म पानी, नींबू का रस, और शहद। इसे दालचीनी (Cinnamon) या लौंग (Clove) से गार्निश किया जाता है।

        क्यों खास: यह शरीर को तुरंत गर्माहट देता है और गले को आराम पहुंचाता है।

        2. डायक्विरी (Daiquiri) – रम का क्लासिक, हालांकि यह गर्मियों का पेय है, लेकिन इसे रम कॉकटेल का आधार माना जाता है।

        सामग्री: व्हाइट रम, नींबू का रस, और थोड़ी चीनी या सिरप।

        3. मोजिटो (Mojito) एक और ताज़ा कॉकटेल, जिसमें व्हाइट रम का उपयोग होता है।

        सामग्री: व्हाइट रम, सोडा वॉटर, पुदीने की पत्तियां, नीबू का रस और चीनी।

        कॉफी और रम का मिश्रण सर्दियों की रातों के लिए एकदम सही है, क्योंकि रम की मिठास और मसालों का स्वाद कॉफी की खुशबू और कड़वेपन को निखारता है।

        1. रम एस्प्रेसो मार्टिनी (Rum Espresso Martini) एस्प्रेसो मार्टिनी का यह संस्करण रम प्रेमियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

        सामग्री: डार्क या स्पाइस्ड रम, फ्रेश एस्प्रेसो (ठंडा किया हुआ), कॉफी लिकर (जैसे कहलुआ), और थोड़ी सी चीनी/सिरप।

        विशेषता: रम का हल्का मीठा स्वाद वोदका की तुलना में कॉफी के साथ अधिक जटिल और गहरा अनुभव देता है।

        2. रम कॉफी ओल्ड फ़ैशन (Rum Coffee Old Fashioned) रम ओल्ड फ़ैशन में कॉफी लिकर का उपयोग इसे एक शानदार ट्विस्ट देता है।

        सामग्री: डार्क रम, कॉफी लिकर, एंगोस्टुरा बिटर (Angostura Bitters), और संतरे के छिलके का ट्विस्ट (Orange Peel Twist)।

        विशेषता: यह एक बोल्ड, सुगंधित और धीमी गति से पीने वाला कॉकटेल है, जो रात के खाने के बाद के लिए उपयुक्त है।

        3. स्पाइस्ड हॉट बटरड रम कॉफी (Spiced Hot Buttered Rum Coffee) यह सर्दियों में सबसे अधिक गर्माहट देने वाला पेय है।

        सामग्री: हॉट कॉफी, डार्क या स्पाइस्ड रम, भूरी चीनी (Brown Sugar), मक्खन (Butter), और दालचीनी, जायफल (Nutmeg) जैसे मसाले।

        विशेषता: मक्खन इस पेय को एक मखमली बनावट देता है, जो ठंडे मौसम में शरीर को अंदर से गर्माहट प्रदान करता है।

        4. कोल्ड ब्रू रम कॉकटेल (Cold Brew Rum Cocktail) यह दिन में कॉकटेल का आनंद लेने वालों के लिए बेहतरीन है।

        सामग्री: कोल्ड ब्रू कॉफी, डार्क रम, दूध/क्रीम (या नारियल का दूध) और थोड़ा सा सिरप।

        विशेषता: कोल्ड ब्रू कॉफी की कम अम्लीयता (Acidity) इसे रम के साथ मिलाने के लिए एकदम सही बनाती है।

        कॉफी और रम का संयोजन अद्भुत है, लेकिन दोनों में कैफीन और अल्कोहल होता है। इनका सेवन हमेशा संयमित मात्रा में ही करना चाहिए, क्योंकि अत्यधिक मात्रा में अल्कोहल और कैफीन का मिश्रण स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

      32. लखनऊ/नई दिल्ली: जैसे ही ठंड दस्तक देती है, गन्ने के उप-उत्पादों (Molasses) से बनी डिस्टिल्ड स्पिरिट— रम (Rum)— का सेवन बढ़ जाता है। दशकों से यह माना जाता रहा है कि रम सर्दी-जुकाम, मांसपेशियों के दर्द और शरीर को गर्माहट देने के लिए ‘रामबाण’ इलाज है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञ सीमित मात्रा में ही इसके सेवन की सलाह देते हैं।

        रम को सर्दियों में इतना पसंद किए जाने का मुख्य कारण है इसका तात्कालिक गर्माहट का एहसास।

        रक्त वाहिकाओं का फैलाव: रम पीने पर अल्कोहल शरीर की रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को अस्थायी रूप से फैला देता है। इससे त्वचा के नीचे की नसों में खून का बहाव तेज़ हो जाता है, जिससे व्यक्ति को त्वचा पर गर्माहट महसूस होती है।

        कोर तापमान में कमी: यह गर्माहट का एहसास अस्थायी होता है। वास्तव में, त्वचा की ओर खून के बहाव के कारण शरीर का आंतरिक तापमान (Core Body Temperature) कम होने लगता है। अगर अत्यधिक ठंड में इसका सेवन अधिक किया जाए, तो यह शरीर के तापमान को और गिराकर हाइपोथर्मिया (Hypothermia) का खतरा बढ़ा सकता है। इसलिए, विशेषज्ञ इसे नियंत्रित मात्रा में पीने की सलाह देते हैं।

        देखें वीडियो…🖇️ https://youtu.be/bmImCt0j4ws?si=ySCwbblW2Xi74skf

        पारंपरिक रूप से रम को कई स्वास्थ्य समस्याओं में राहत देने वाला माना जाता है, खासकर जब इसे गर्म पानी या हॉट टॉडी (Hot Toddy) के रूप में लिया जाता है।

        सर्दी-जुकाम में राहत: रम में एंटी-माइक्रोबियल (रोगाणुरोधी) गुण माने जाते हैं। सीमित मात्रा में गुनगुने पानी के साथ इसका सेवन करने से बंद नाक खुलने और गले के दर्द को शांत करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, यह किसी दवा का विकल्प नहीं है।

        मांसपेशियों का दर्द: कुछ अध्ययनों के अनुसार, रम मांसपेशियों के दर्द (Muscular Pain) और ऐंठन (Cramps) को कम करने में सहायक हो सकती है। इसे हड्डियों के मिनरल डेंसिटी (Bone Mineral Density) को बढ़ाने में भी कुछ हद तक फायदेमंद माना जाता है, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है।

        मानसिक स्वास्थ्य: अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि सीमित मात्रा में सेवन करने पर रम मानसिक तनाव को कम करने और मूड को बेहतर बनाने में सहायक हो सकती है।

        किसी भी अन्य मादक पेय की तरह, रम का अत्यधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए कई खतरे पैदा करता है:

        निर्जलीकरण (Dehydration): अल्कोहल मूत्रवर्धक (Diuretic) होता है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है।

        नींद पर प्रभाव: भले ही यह नींद आने में मदद करे, लेकिन अल्कोहल नींद की गुणवत्ता को खराब करता है।

        अन्य रोग: अत्यधिक और नियमित सेवन से हृदय रोग, लिवर रोग, उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) और कई प्रकार के कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है।

        मात्रा सीमित रखें: यदि आप रम का सेवन करते हैं, तो मात्रा हमेशा सीमित रखें।

        गर्म पेय के साथ: ठंड में इसे गर्म पानी, शहद, नींबू और अदरक के साथ हॉट टॉडी के रूप में लेना अधिक लोकप्रिय और प्रभावी माना जाता है।

        खाने के साथ सेवन: खाली पेट रम पीने से बचें। इसे पौष्टिक अल्पाहार या भोजन के साथ लें।

      33. किरतपुर/बिजनौर (भूपेंद्र निरंकारी): विकास क्षेत्र किरतपुर के अन्तर्गत गुनियापुर न्याय पंचायत की बाल क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता का भव्य आयोजन उच्च प्राथमिक विद्यालय (1 से 8) हामिदपुर माखन में किया गया। प्रतियोगिता का उद्घाटन उच्च प्राथमिक विद्यालय गुनियापुर के वरिष्ठ अध्यापक आशाराम ने किया।

        खेल प्रभारी मुकेश कुमार रवि और बृजेश कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस प्रतियोगिता में परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न स्पर्धाओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

        एथलेटिक्स और टीम स्पर्धाओं में उच्च प्राथमिक विद्यालय (1 से 8) हामिदपुर माखन का दबदबा रहा।

        दौड़ स्पर्धाओं में प्राथमिक स्तर पर साक्षी (मिर्जापुर), राघव (हामिदपुर माखन), हेमांशु (नेकपुर) और उच्च प्राथमिक स्तर पर उज्ज्वल (हामिदपुर माखन) ने 100 मीटर से लेकर 400 मीटर तक की दौड़ में प्रथम स्थान हासिल किया।

        फील्ड स्पर्धाओं में हरप्रीत (मिर्जापुर) और प्रियांशी (मिर्जापुर) ने गोला फेंक और चक्का फेंक में अपना जौहर दिखाया।

        टीम स्पर्धाओं (खो-खो और कबड्डी) के बालक और बालिका दोनों वर्गों में हामिदपुर माखन की टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालय भरैकी दोनों स्पर्धाओं में उपविजेता रहा।

        प्रभारी प्रधानाध्यापक श्रीमती इन्दुप्रभा चौहान, अध्यापक अन्शु तोमर और शिक्षक संघ अध्यक्ष सुनीत कुमार ने आयोजन व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस दौरान शिक्षक संकुल कुलवंत सिंह और दीपक कुमार सहित कई शिक्षकों ने खेल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।