
कार्यकर्ता तक कन्फ्यूज आखिरकार प्रत्याशी कौन?
My Latest Posts
कार्यकर्ता तक कंफ्यूज: आखिरकार प्रत्याशी कौन?
- अपने स्मार्टफोन से कैसे बनाएं बेहतरीन रील!महंगे स्टूडियो और कैमरों की जरूरत खत्म स्मार्टफोन से रील मेकिंग का पूरा मास्टरक्लास: शूटिंग, प्रो-एडिटिंग और वायरल एल्गोरिदम का संपूर्ण फॉर्मूला VN एडिटर में बीट-सिंक, स्पीड रैंपिंग और 3-लेयर… Read more: अपने स्मार्टफोन से कैसे बनाएं बेहतरीन रील!
- WJI आयोजित कर रहा है निःशुल्क ‘AI मीडिया तकनीकी द्वितीय कार्यशाला’आधुनिक पत्रकारिता में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका 25 अक्टूबर को गूगल मीट पर होगा आयोजन पत्रकार साथी 24 अक्टूबर तक ईमेल के जरिए भेज सकते हैं अपने सवाल WJI आयोजित… Read more: WJI आयोजित कर रहा है निःशुल्क ‘AI मीडिया तकनीकी द्वितीय कार्यशाला’
newsdaily24
update रहें…हर दम, हर पल
कार्यकर्ता तक कंफ्यूज: आखिरकार प्रत्याशी कौन?
Posted bySanjay Saxena08/04/2024Posted inLucknow, politicsTags:उत्तर प्रदेश, लोकसभा चुनाव, समाजवादी पार्टी
सपा में अनवरत जारी है टिकट बदलने का खेल
लखनऊ में भी जोरों पर है प्रत्याशी बदलने की सुगबुगाहट
कार्यकर्ता तक कंफ्यूज: आखिरकार प्रत्याशी कौन?
लखनऊ। समाजवादी पार्टी में लखनऊ में भी प्रत्याशी बदलने की सुगबुगाहट जोरों पर है! हाल ही में पार्टी ने रामपुर, मुरादाबाद और मेरठ में इतनी बार टिकट बदले कि उसके कार्यकर्ता अब तक कंफ्यूज हैं कि उनका प्रत्याशी आखिरकार है कौन और कौन हो जाएगा? अब सूत्र दावा कर रहे हैं कि सपा मुखिया अखिलेश यादव लखनऊ प्रत्याशी भी बदलने की फिराक में हैं।
लोकसभा चुनाव नजदीक होने के बावजूद समाजवादी पार्टी में टिकट बदलने का खेल जारी है। हालत ये हो गई है कि सपा में कब, किसका टिकट कट जाए और कटकर दोबारा मिल जाए और फिर काट कर किसी और को थमा दिया जाए, कोई पक्का भरोसा नहीं है। हाल ही में सपा ने रामपुर, मुरादाबाद और मेरठ में इतनी बार टिकट बदले कि उसके कार्यकर्ता अब तक कंफ्यूज हैं कि आखिरकार उनका प्रत्याशी है कौन? अब लखनऊ का प्रत्याशी बदलने की अटकलें लगाई जा रही हैं!
सूत्रों का दावा है कि लखनऊ के सपा प्रत्याशी रविदास मेहरोत्रा से पार्टी मुखिया अखिलेश यादव नाराज हैं। वजह ये बताई जा रही है कि रविदास मेहरोत्रा अपने लोकसभा क्षेत्र में सही तरीके से प्रचार नहीं कर रहे हैं। उनकी जगह लव भार्गव समेत कई नाम रेस में हैं।
टिकट बदलने का खेल अनवरत जारी
सपा ने मेरठ में पहले दलित चेहरा भानु प्रताप को उम्मीदवार बनाया। उसके बाद सपा विधायक अतुल प्रधान को टिकट दिया और उसके कुछ ही घंटों बाद योगेश वर्मा की पत्नी सुनीता वर्मा को टिकट दे दिया। वहीं बागपत में जाट बिरादरी के मनोज चौधरी को टिकट दिया, फिर काटकर अमरपाल शर्मा को टिकट दिया। बदायूं में पहले धर्मेंद्र यादव और बाद में शिवपाल यादव को टिकट दिया गया। अब शिवपाल के बेटे आदित्य यादव के नाम की चर्चा है। गौतमबुद्ध नगर से पहले महेंद्र नागर को प्रत्याशी बनाया फिर उनकी जगह राहुल अवाना को टिकट दिया। बाद में फिर से महेंद्र नागर को उम्मीदवार बना दिया। 24 मार्च को मुरादाबाद से एसटी हसन को टिकट दिया। उन्होंने 26 को पर्चा भी भर दिया।अगले ही दिन आजम खान गुट की रुचि वीरा को सिंबल देकर नामांकन करवा दिया गया। इसी तरह रामपुर सीट पर पहले आजम के करीबी असीम राजा को टिकट की चर्चा थी, लेकिन बाद में दिल्ली पार्लियामेंट स्ट्रीट जामा मस्जिद इमाम मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी को टिकट दे दिया गया।
यूपी में है सपा-कांग्रेस गठबंधन
उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में गठबंधन है। इसमें सपा 63 और कांग्रेस 17 सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस अभी तक सभी सीटों पर प्रत्याशी नहीं उतार पाई है, वहीं सपा में बार-बार प्रत्याशी बदले जा रहे हैं।
Published by Sanjay Saxena
पूर्व इंचार्ज/क्राइम रिपोर्टर दैनिक जागरण उरई (जालौन), मेरठ, बिजनौर, धामपुर, मुजफ्फरनगर। पूर्व महामंत्री श्रमजीवी पत्रकार यूनियन। अध्यक्ष ऑल मीडिया एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन।
You must be logged in to post a comment.