
नई दिल्ली। (एजेंसी) देश में तेजी से बढ़ते कोरोना मरीजों के आंकड़ों के बीच फ्रंट फुट पर डाक्टरों ने एक बार फिर मोर्चा संभाल लिया है। एम्स दिल्ली के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया, मेदांता हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. नरेश त्रेहान और नारायणा हेल्थ के अध्यक्ष डॉ. देवी शेट्टी ने कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव को लेकर जरूरी बातें बताईं हैं। अस्पताल में रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर चल रही मारामारी पर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने स्पष्ट किया कि इसे जादू की गोली नहीं समझनी चाहिए। बहुत कम प्रतिशत लोगों को रेमडेसिविर की आवश्यकता होती है। वहीं, डॉ. नरेश त्रेहान ने कहा कि कोरोना ठीक करने के लिए यह दवा रामबाण नहीं है। हमने अब एक प्रोटोकॉल बनाया है कि रेमडेसिविर सभी पॉजिटिव मरीजों को नहीं दी जाएगी। यह मरीजों के टेस्ट रिजल्ट, लक्षण, गंभीर बीमारी को देखने के बाद डॉक्टर की ओर से दी जाएगी।
नारायण हेल्थ के चेयरमैन डॉ. देवी शेट्टी ने कहा कि एक संभावना है कि आपमें कोरोना के लक्षण दिखाई न दे रहे हों फिर भी पॉजिटिव हो गए हैं। अगर आपको बदन दर्द, सर्दी, खांसी, अपच, उल्टी जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं तो अपनी कोविड-19 जांच करवाइए। यह सबसे जरूरी चीज है। उन्होंने कहा कि आप एसिम्टोमैटिक हो सकते हैं। ऐसे में चिकित्सक आपको घर पर रहने के लिए, खुद को आइसोलेट करने, मास्क पहनने और हर छह घंटे पर ऑक्सीजन की जांच करने को कहेंगे।
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