शीर्ष अदालत के नये भवन परिसर के सभागार में शपथ ग्रहण समारोह। आमतौर पर कोर्ट कक्ष में दिलाई जाती है शपथ। कोविड नियमों के पालन की दृष्टि से किया गया ऐसा। दूरदर्शन पर हुआ प्रसारण। 9 जज में से 8 हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस या जज हैं। एक वरिष्ठ वकील भी सीधे सुप्रीम कोर्ट जज नियुक्त हुए।

नई दिल्ली (एजेंसी)। नौ नवनियुक्त न्यायाधीशों को मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) ने शपथ दिलाई। शीर्ष अदालत के नये भवन परिसर के सभागार में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। ऐसा पहली बार हुआ कि न्यायाधीशों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन से किया गया।

आमतौर पर नवनियुक्त न्यायाधीशों को सीजेआई के कोर्ट कक्ष में शपथ दिलाई जाती है, लेकिन यह पहला मौका था कि यह कार्यक्रम सीजेआई कोर्ट के बाहर आयोजित किया गया। ऐसा कोविड नियमों के पालन की दृष्टि से किया गया था।
सीजेआई की अध्यक्षता वाले पांच सदस्यीय सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 17 अगस्त को आयोजित बैठक में हाईकोर्ट के चार मुख्य न्यायाधीशों, चार न्यायाधीशों और एक वरिष्ठ अधिवक्ता के नाम की सिफारिश उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश पद के लिए की थी।
शपथ लेने वाले न्यायाधीशों में न्यायमूर्ति एएस ओका, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी, न्यायमूर्ति हीमा कोहली शामिल हैं। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना, न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार, न्यायमूर्ति एमएम सुन्दरेश, न्यायमूर्ति बेला एम. त्रिवेदी, न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा को भी न्यायाधीश पद की शपथ दिलायी गई। ऐसा पहली बार हुआ कि न्यायाधीशों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन से किया गया।

आमतौर पर चीफ जस्टिस के कोर्ट रूम में होने वाला यह कार्यक्रम इस बार कुछ अलग था. नए जजों का शपथ ग्रहण कार्यक्रम सुप्रीम कोर्ट के नए भवन में बने सभागार में हुआ. इस ऑडिटोरियम में 900 लोगों के बैठने की व्यवस्था है. साथ ही पहली बार जजों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम का दूरदर्शन पर सीधा प्रसारण भी किया गया.
2027 में जस्टिस नागरत्ना बन सकती हैं पहली महिला CJI
वहीं बताया गया है कि भविष्य में इन जजों में से जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस बीवी नागरत्ना और पीएस नरसिम्हा के भारत के मुख्य न्यायाधीश बनने की संभावना है। अब तक सुप्रीम कोर्ट में कोई भी महिला चीफ जस्टिस नहीं हुई। सितंबर 2027 में जस्टिस नागरत्ना के रूप में भारत को पहली महिला चीफ जस्टिस मिल सकती है। सुप्रीम कोर्ट में करीब 2 साल बाद हुई नई नियुक्तियों के बाद जजों के कुल 34 पदों में से 33 इन नियुक्तियों के बाद भर गए हैं।
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