चंद्र ग्रहण के दिन लाल किताब के इन उपाय से मिलेगी हर कष्ट से मुक्ति

चंद्र ग्रहण के दिन करें लाल किताब के ये उपाय, मिलेगी हर कष्ट से मुक्ति
5 मई दिन शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा पर साल का पहला चंद्र ग्रहण तुला राशि में लगने जा रहा है और इस दिन भद्रा का भी साया रहेगा। चंद्र ग्रहण रात 8 बजकर 45 मिनट से शुरू होगा औऱ रात 1 बजे तक रहेगा और इस ग्रहण का सूतक काल 9 बजे से शुरू हो जाएगा। ज्योतिष शास्त्र में चंद्र हो या सूर्य ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता और इसका नकारात्मक प्रभाव सभी मनुष्यों पर पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र में इन नकारात्मक प्रभावों को दूर करने के लिए कई तरह के उपायों का जिक्र किया गया है। ऐसी मान्यता है कि इस समय किए गए उपाय बहुत जल्दी सिद्ध होते हैं। लाल किताब में चंद्र ग्रहण के दौरान ग्रह दोष मुक्ति, धन लाभ समेत कई उपायों के बारे में बताया गया है। अगर इन्हें सही विधि से किया जाए, तो व्यक्ति की समस्याएं जल्द दूर हो जाती हैं। लाल किताब में इसी नकारात्मक प्रभाव को दूर करने और कुंडली में मौजूद ग्रह दोष को दूर करने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं। इन उपायों के करने से हर कष्ट दूर होता है और ग्रहण दोष भी खत्म होता है…
चंद्र ग्रहण के समय करें इन मंत्रों का जप
नौकरी व व्यापार में उन्नति के लिए चंद्र ग्रहण के समय ‘ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:’ मंत्र का जप करना चाहिए। ऐसा करने से कारोबार और करियर में तरक्की के योग बनते हैं और सम्मान भी बढ़ता है। वहीं लक्ष्मी प्राप्ति के लिए ‘ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं ॐ स्वाहा:’ मंत्र का जप करना फायदेमंद रहेगा।
इस उपाय से दूर होगा ग्रहण दोष~
लाल किताब के अनुसार, चंद्र ग्रहण के बाद आने वाले पहले सोमवार का व्रत रखकर शिवजी की पूजा करें और घर में केसर की खीर बनवाकर लक्ष्मी माता का भोग लगाएं और फिर कन्याओं को खिलाएं। इसके बाद सफेद वस्त्र और चावल का भी दान करें। ऐसा करने से ग्रहण दोष दूर होता है और कुंडली में चंद्रमा की स्थिति भी मजबूत होती है।
इस उपाय हर कष्ट होगा दूर~
चंद्र ग्रहण के दिन यानी शुक्रवार को पानी या फिर दूध को साफ बर्तन में डालकर सिरहाने रखकर सो जाएं। इसके बाद अगले दिन सुबह यानी शनिवार सुबह कीकर के वृक्ष की जड़ में डाल दें। ऐसे करने से कुंडली में अगर ग्रहण योग है तो वह दूर हो जाएगा और आसानी से सभी कार्य पूरे होने लगेंगे। साथ ही जीवन में सकारात्मकता आएगी, जो आपको सफलता के मार्ग पर पहुंचाएगी।
ग्रहण से पहले चंद्रमा को ऐसे दें अर्घ्य~
अगर आप दाढ़ी या चोटी रखते हैं तो चंद्र ग्रहण से एक दिन पहले ही उसको हटा दें। यानी की ग्रहण के समय ये नहीं होनी चाहिए। साथ ही ग्रहण से पहले चांदी के लोटे में गंगाजल, चावल, शक्कर और दूध मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें और ग्रहण के समय मानसिक तौर पर जप-तप व दान करें।
पूरे होंगे सभी काम~
लाल किताब के अनुसार, चंद्र ग्रहण के दिन पानीदार नारियल लें और उसे अपने सिर पर से 21 बार वार लें। फिर उसे बहते हुए पानी में प्रवाहित कर दें। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जाएं आपसे दूर रहती हैं और आप जीवन में जिन समस्याओं से चिंतित थे, वे समस्याएं भी दूर हो जाएंगी। साथ ही कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है, जिससे मन शांत रहता है और कार्य भी पूरे होते हैं।
करें इन चीजों का दान~
ग्रहण के अशुभ प्रभाव को दूर करने के लिए चंद्र ग्रहण के समय और बाद में चंद्रमा से संबंधित चीजें जैसे चावल, सफेद कपड़े, सफेद फूल, चीनी, बैल, मोती, शंख, दही, शक्कर आदि चीजों का दान करना चाहिए। ऐसा करने से कुंडली में चंद्र की स्थिति मजबूत होती है और धन धान्य में वृद्धि होती है।

कुंडली में चंद्रमा की स्थिति होगी मजबूत~
लाल किताब के अनुसार चंद्र ग्रहण के समय कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत करने के लिए तुलसी को मुंह में रखकर चंद्रमा के बीज मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है।
नकारात्मक प्रभाव होगा कम~
चंद्र ग्रहण के समय चंद्रमा के वैदिक मंत्र “ऊँ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः” और “ऊँ सों सोमाय नमः” का अधिक से अधिक बार जाप करना चाहिए। इससे चंद्रमा का नकारात्मक प्रभाव कम हो जाता है।
समस्याओं से मिलेगी मुक्ति~
लाल किताब के अनुसार चंद्र ग्रहण के दिन नारियल लें और उसे अपने सिर पर से 21 बार उतार लें। फिर उसे बहते हुए पानी में प्रवाहित कर दें। इससे सभी परेशानियां दूर हो जाएंगी।
धन लाभ के लिए~
चंद्र ग्रहण के समय मां लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए चांदी का एक टुकड़ा, दूध और गंगाजल में मिलाकर बाहर रख दें। ग्रहण खत्म होने के बाद इस टुकड़े को उठाकर तिजोरी में रख दें। इससे धन लाभ के योग बनने लगेंगे।
चंद्र ग्रहण दोष के उपाय~
कुंवारी कन्याओं को सफेद वस्त्र और खीर भेंट करें.
गायत्री और मृत्युंजय मंत्र का जाप करें.
पूर्णिमा के दिन व्रत करें और चंद्रमा को अर्घ्य दें.
सोमवार को अन्न दान करें.
हर सोमवार को ॐ चन्द्राय नमः का 108 बार जाप करें.
सभी सोमवार को निश्चित समय पर जरूरतमंद लोगों को दूध का दान करें.
विष्णु और शिव स्तोत्र का जप करें क्योंकि विष्णु सूर्य पर शासन करते हैं और शिव चंद्रमा पर शासन करते हैं.
पूर्णिमा की रात चांदी के बर्तन में रखे दूध में हल्दी और शहद मिलाकर पिएं.
नोट : यह तमाम जानकारी जनरुचि को ध्यान में रखकर दी जा रहा है, ज्योतिष और धर्म के उपाय और सलाहों को अपनी आस्था और विश्वास पर आजमाएं। कंटेंट का उद्देश्य मात्र आपको बेहतर सलाह देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।
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