बैंड बाजे की धुन के बीच पूरे रीति रिवाज के साथ लिए फेरे
प्रेम दिवानी ने रचा लिया कृष्ण कन्हैया संग ब्याह
भगवान श्री कृष्ण की प्रेम दिवानी तो आपने बहुत देखी होंगी लेकिन आज हम ऐसी प्रेम दिवानी से आपको मिलाने जा रहे है जिसने अपना अपना सारा जीवन, तन, मन धन सब कुछ श्री कृष्ण को अर्पित करते हुए उन्ही के साथ जीवन बिताने की ठान ली और फिर श्री कृष्ण के साथ पूरे जोर शोर से रीति रिवाज के साथ बैंड बाजों और नाते रिश्तेदारों के बीच साथ फेरे लेकर शादी रचाई है। देखने वाले भी इस कृष्ण की प्रेम दिवानी की चर्चाएं दूर दूर तक ही नही देश भर में कर रहे हैं कि ये है कलयुग में कृष्ण दिवानी।

मथुरा में शनिवार को शादियों की धूम थी, लेकिन इन सब शादियों से अलग एक ऐसी शादी भी यहां हुई जिसमें शामिल होने वाला हर शख्स अपने को धन्य मान रहा था। गोवर्धन रोड पर तंग गलियों के बीच स्थित हंसराज कॉलोनी के मकान में गाना बजाना हो रहा था तो घर के बाहर पंडाल भी लगा था। वहां से निकलने वाले लोग पहले समझे कि कोई कार्यक्रम चल रहा होगा लेकिन जब उनको पता लगा कि उस घर में शादी हो रही है और वह भी भगवान से तो वहां रुक कर इस अनोखी शादी में शामिल हुए बिना नहीं रह सका।
इस अनोखी साधी के बारे में आपको बताते चलें कि गोवर्धन रोड पर स्थित हंसराज कॉलोनी के इस छोटे से घर में रहने वाली 24 वर्षीय गुंजन भारद्वाज का कान्हा से दिल लगा तो वह सब कुछ भूल कर उन्हीं की बनकर रह गई।
BA कर चुकी गुंजन ने भगवान श्री कृष्ण को अपना पति बनाने की ठान ली। कान्हा के साथ जीवन बिताने के लिए उसने अपने परिवार की बातों को अनसुना कर दिया। गुंजन की जिद के आगे परिवार झुक गया और करवा दिया उसका कान्हा से विवाह। जब गुंजन नहीं मानी तो उसके माता, पिता और भाइयों ने कान्हा से शादी के लिए मुहूर्त निकाला। मुहूर्त निकला 02 मार्च का तो फिर घर में शुरू की गई शादी की तैयारी। सभी तैयारी करने के बाद, पहले लग्न हुई उसके बाद सगाई और फिर निकाली गई कान्हा की भव्य बारात। कॉलोनी की गलियों में से घूमते हुए बारात गुंजन के दरवाजे पर पहुंची जहां निभाई गई द्वार की रस्म।



बारात के दरवाजे पर पहुंचने की रस्म निभाने के बाद बारी आई वर माला की। दरवाजे पर छोटा सा मंच बनाकर उस पर चौकी रखी गई जिस पर कान्हा की प्रतिमा विराजमान की गई। इसके बाद अपनी सहेलियों के साथ दुल्हन बनी गुंजन मंच के सामने पहुंची। जहां पहले उसने कान्हा को माला डाली और फिर उसके बाद कान्हा के हाथ लगवा कर खुद माला पहनी। इस दौरान वहां मौजूद महिला, पुरुष, बच्चे सभी भगवान राधा कृष्ण के जयकारे लगाने लगे लेकिन आज के दौर में भी इस तरह की भक्ति और श्रद्धा को लेकर लोग आश्चर्य करते हुए दिखाई दे रहे हैं कि कृष्ण की दिवानी है ये, उनसे शादी करके जीवन भर के लिए उन्ही की हो गई।
~अमित भार्गव मथुरा
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