साढ़े चार हजार बकायेदारों की संपत्ति होगी कुर्क

पुलिस का साथ मिलने से सहकारिता विभाग की बढ़ी ताकत

हासिल करना है बकाया ऋणों की वसूली कर पूर्व वर्षों की भाँति शीर्ष स्थान

बिजनौर। सहकारिता विभाग द्वारा सहकारी समितियों से ऋण लेकर समय से जमा न करने वाले साढे चार हजार बकायेदारों के खिलाफ गिरफ्तारी / सम्पति कुर्क करने की व्यापक कार्यवाही शुरू कर दी गई है।

इसी क्रम में गुरुवार को पुलिस विभाग से 10 सशस्त्र पुलिस बल को बकाया वसूली हेतु सहकारिता विभाग जनपद-बिजनौर से सम्बद्ध किया गया है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक, सहकारिता जनपद बिजनौर द्वारा जनपद की प्रत्येक तहसील में दो-दो पुलिस बल को सम्बन्धित तहसील के वसूली अधिकारियों के साथ सम्बद्ध किया गया है, जिससे वांरन्ट प्राप्त कर बकायेदारों के खिलाफ त्वरित कार्यवाही की जा सके। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक, सहकारिता, बिजनौर, डा० प्रदीप कुमार द्वारा सम्बन्धित तहसील के वसूली अधिकारियों एवं पुलिस विभाग द्वारा उपलब्ध कराये गए सशस्त्र बल के साथ बकाया से वसूली की रणनीति तैयार करते हुए समन्वय बैठक की गई। बैठक में बैंक मुख्य कार्यपालक अधिकारी तथा सहकारिता विभाग के सभी तहसील प्रभारी अपर जिला सहकारी अधिकारी उपस्थित रहे। सहकारिता विभाग को बकाया वसूली के लिये पुलिस अधीक्षक बिजनौर के सहयोग से सशस्त्र पुलिस बल मिल जाने से बकाया वसूली में और अधिक तेजी आयेगी। सहकारिता विभाग द्वारा पूर्व से ही बकाया वसूली के लिये साईटेशन वारन्ट प्राप्त कर बकायेदारों की गिरफ्तारी / कुर्की की कार्यवाही जोर शोर से की जा रही है। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा सहकारिता विभाग की मांग पर सशस्त्र पुलिस बल उपलब्ध कराने से समिति की बकाया ऋण की वसूली में तेजी आयेगी। सहकारिता विभाग द्वारा अवगत कराया गया है कि दैनिक आधार पर सक्षम अधिकारियों से समिति से लिये गये ऋण के बकायेदारों के विरूद्ध वारन्ट प्राप्त किये जा रहे हैं और बकायेदारों की सम्पति कुर्क करने की तैयारी की जा रही है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक, सहकारिता, बिजनौर द्वारा यह भी बताया गया कि जिला सहकारी बैंक लि०, बिजनौर उ०प्र० शासन द्वारा दिये गये पुलिस बल की सहायता से बकाया ऋणों की वसूली कर पूर्व वर्षों की भाँति उ०प्र० के जिला सहकारी बैंकों में शीर्ष स्थान प्राप्त करेगें।

राशनकार्ड मामले में कांग्रेस ने गवर्नर को भेजा ज्ञापन

बिजनौर। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला/शहर कांग्रेस कमेटी बिजनौर द्वारा प्रदेश की राज्यपाल महोदया को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी बिजनौर को दिया गया।
कांग्रेस जनों ने मांग पत्र में कहा कि प्रदेश के विभिन जनपदों में जिलाधिकारी/जिला पूर्ति अधिकारी राशन कार्ड वापस करने एवं गरीबों   को दिये राशन की रिकवरी को लेकर लगातार आदेश जारी कर रहे है, जिसके चलते प्रदेश की आम जनता में रोष व्याप्त है एवं आम जनता भृमित है, जबकि उनका यह आदेश खाद्य सुरक्षा कानून के खिलाफ है। अच्छे दिनों का वादा एवं गरीबों की भलाई का दावा करने वाली योगी सरकार लगातार गरीबों का  उपहास एवं अपमान कर उन्हें प्रताड़ित कर रही है।
जिला/शहर कांग्रेस कमेटी बिजनौर ने मांग करते हुए कहा कि जनहित में राशन कार्ड वापस करने के आदेश को निरस्त करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार एवं समस्त जिलाधिकारीयों, समस्त जिला पूर्ति अधिकारियों को आदेश दिये जायें। साथ ही जिनके राशनकार्ड तहसीलों में जमा किये गए हैं, उन्हें वापस कार्ड धारकों को दिए जाएं।
कांग्रेस जनों ने दूसरा ज्ञापन अपर जिला अधिकारी बिजनौर को दिया। इसमें नगर पालिकाओं की मतदाता सूची के पुनः निरीक्षण में मकान संख्या नगरपालिका के मकान क्रम संख्या के हिसाब से ही किये जाने और वार्डो के परिसीमन में भी उपरोक्त को ही ध्यान में रखे जाने की मांग की गई।
इस अवसर पर सर्व श्री शेरबाज पठान, मुनीश त्यागी, जिला महासचिव नज़ाकत अल्वी, बिजनौर शहर अध्यक्ष मीनू गोयल, हाजी नसीम अंसारी, हुक्म सिंह, बाला सैनी, डा०ओमप्रकाश सिंह, सुरेश सैनी, इकबाल अहमद, हर्षवर्धन सिंह राणा, पूनम, पदम् सिंह, कविता देवी, काज़ी आतिफ, असलम अंसारी, मो०राशिद, अदनान शेख, पदम् सिंह, वसीम अहमद, शाकिर बाबा, शमशाद अली, जियाउल हक, अनीस पहलवान, मो०इरशाद, शानू खान आदि कांग्रेस जन मौजूद रहे।

गोवंश को भूसा उपलब्ध कराने के लिए डीएम को सौंपा रुपए 11 हजार का चैक

गोवंश को भूसा उपलब्ध कराने के लिए डीएम को सौपा रुपए 11 हजार का चैक

जिलाधिकारी ने जिला मुख्यालय व प्रत्येक तहसील स्तर पर एक-एक हजार कुन्तल क्षमता के भूसा बैंक बनाने के दिये।

जिले में 30 गो आश्रय स्थलों में 2400 गोवंश संरक्षित -जिलाधिकारी

भूसा बैंकों में अधिक से अधिक भूसा दान करने के लिए आगे आयें आमजन-जिलाधिकारी

मण्डल में सहभागिता योजना व भूसा संग्रह करने में प्रथम स्थान पर है जिला बिजनौर -जिलाधिकारी

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा को कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय कक्ष में नुमाइश ग्राउण्ड में संचालित भूसा बैंक में गोवंश को भूसा उपलब्ध कराने के लिए रू0 11 हजार का चैक सुनील कुमार शर्मा ने सौपा। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला मुख्यालय व प्रत्येक तहसील स्तर पर एक-एक हजार कुन्तल क्षमता के भूसा बैंक बनाने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि सहभागिता योजना व भूसा संग्रह करने में जिला बिजनौर, मुरादाबाद मण्डल में प्रथम स्थान पर है। वर्तमान में जिले में 30 गो आश्रय स्थलों में कुल 2400 गोवंश संरक्षित हैं। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि शासन द्वारा तहसील एवं ब्लॉक स्तर पर गोवंश आश्रय स्थलों में भूसा उपलब्ध कराने के लिए भूसा बैंक स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि गोवंशों को चारे की कमी न होने पाए। उन्होंने जन सामान्य का आह्वान किया कि भूसा बैंकों में अधिक से अधिक भूसा दान करने के लिए आगे आकर इस पुण्य कार्य में अपना योदान उपलब्ध कराएं।

निराश्रित गोवंश घूमता हुआ न पाया जाए- जिलाधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार केे महत्वांकक्षी गो संरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में पूरी गंभीरता के साथ गोवंश को संरक्षण उपलब्ध कराते हुए उनके चारे-पानी एवं स्वास्थ्य आदि की निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र एवं ग्राम क्षेत्र के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश उपलब्ध कराए गए हैं कि एक भी निराश्रित गोवंश घूमता हुआ पाया जाए तो तत्काल उसकी सूचना संबंधित नगर निकाय के अधिकारियों ,खण्ड विकास अधिकारी या पशुपालन विभाग के अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि उसके संरक्षण की समुचित व्यवस्था की जा सके।

जिले में 2400 गोवंश संरक्षित- मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डा0 विजेन्द्र सिंह ने बताया कि वर्तमान में जिले में 03 वृहद गो आश्रय स्थल, 12 कान्हा गौशाला, 04 कांजी हाउस व 11 अस्थाई गौशाला केन्द्र सहित कुल 30 गो आश्रय स्थल स्थापित हैं। इनमें कुल 2400 गोवंश संरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा सहभागिता कार्यक्रम के अंतर्गत 687 गोवंशों को पशुपालकों को व्यक्तिगत रूप से संरक्षण के लिये दिया गया है। उन्होंने बताया कि सहभागिता योजना व भूसा संग्रह करने में जिला बिजनौर, मुरादाबाद मण्डल में प्रथम स्थान तथा भूसा संग्रह करने में प्रदेश में नवें स्थान पर है। इस अवसर पर चैक प्रदान करने वाले समाजसेवी धीर सिंह, सुनील शर्मा व देवराज सिंह राजपूत आदि मौजूद रहे।

CM योगी की मंशा को हैरतअंगेज तरीके से पलीता लगाते ADO, VDO

रिपोर्ट-नरपाल सिंह

गांव नहीं अपने विकास में जुटे सेक्रेट्री!

2. संपत्ति की हो जाए जांच तो धनकुबेरों के पैरों तले की जमीन जाएगी खिसक।

3. आलीशान बंगलों जमीन जायदाद के हैं मालिक।

4. पेट्रोल पंप तक के मालिक हैं गांवों के खेवनहार।

सत्ता के गठजोड़ से चलता रहता है पूरा मामला।

फर्जी बिल, बैक डेट के विज्ञापन ही नहीं बैंकों तक मे खुलवा लिए फर्जी खाते।

अखबारों के असली मालिक तक होंगे अनजान।

8. प्रधान बेचने लगे घर से निर्माण सामग्री।

9. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बावजूद मोटी चमड़ी वालों की ही चलती मर्जी।

ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की ताजा रिपोर्ट “ग्लोबल करप्शन बैरोमीटर फॉर एशिया’ के अनुसार भ्रष्टाचार के मामले में भारत अब एशिया में शीर्ष पर है। इस रिपोर्ट के अनुसार करीब 50 फीसदी लोगों को अपना काम निकलवाने के लिए रिश्वत देनी पड़ी। इनमें से 63 फीसदी ने इस डर से कोई शिकायत भी नहीं की क्योंकि इससे उन्हें कहीं बाद में कोई परेशान ना करे। इस रिपोर्ट के अनुसार करीब आधी आबादी अपने संपर्कों या जुगाड़ से काम निकलवाने में भरोसा रखती है। यह भी एक तरह का भ्रष्टाचार ही है और इससे सिस्टम में भ्रष्टाचार को ही बढ़ावा मिलता है। भ्रष्टाचार के मामले में भारत और चीन की स्थिति बराबर की रही है, लेकिन जहां चीन ने अपनी रैंकिंग में सुधार किया है, वहीं पिछले साल की तुलना में भारत की स्थिति और भी बदतर हुई है।

ताकतवर ही सबसे भ्रष्ट …! हमारे यहां सबसे शक्तिशाली समूह राजनीतिज्ञों का है। भ्रष्टाचार जैसी बीमारी को दूर करने का काम केवल राजनैतिक इच्छाशक्ति से ही हो सकता है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर हमारा राजनीतिक सिस्टम इसमें पहल क्यों नहीं करता? इसका जवाब इन आंकड़ों में है : हमारे यहां दागी सांसदों की संख्या जहां 2004 में 43 प्रतिशत थी, वहीं यह 2019 में बढ़कर 43 फीसदी हो गई। इनमें भी सबसे ज्यादा संख्या सत्ताधारी पार्टी में है। इसी दरमियान बिहार में हुए चुनाव में दागी विधायकों की संख्या में 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। 2015 में जहां चुने हुए विधायकों में से 58 फीसदी पर आपराधिक मामले दर्ज थे, वहीं 2020 में यह संख्या बढ़कर 68 फीसदी हो गई। हमारे जनप्रतिनिधियों के दागी होने का मतलब यही है कि जब उनका दामन साफ नहीं होगा तो वे भ्रष्टाचार को दूर करने का प्रयास क्यों करेंगे, क्योंकि व्यवस्था में भ्रष्टाचार ही इन्हें अपने कारनामों को ढंकने में मदद करता है।

तो नागरिक क्या कर सकते हैं? “ग्लोबल करप्शन बैरोमीटर’ रिपोर्ट कहती हैं कि हमारे यहां 46 फीसदी लोगों ने अपने संपर्कों के जरिए अपने काम करवाए। इनमें से अधिकांश काम छोटे-बड़े नेताओं के जरिए ही करवाए जाते हैं। अगर ये नेता मदद नहीं करते तो उस काम के लिए उन्हें रिश्वत देनी पड़ती। यानी यहां लोगों को यह समझने की जरूरत है कि राजनीतिज्ञ इतने शक्तिशाली हैं कि अगर वे चाहें तो वे पूरे सिस्टम को बदल सकते हैं। अब यह आम नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे नेता ही ऐसे चुनेें जिनकी ईमानदारी और निष्ठा तमाम सवालों से परे हो। अगर राजनीति ईमानदार होगी तो नौकरशाही को अपने आप ईमानदार होना होगा। शीर्ष नौकरशाह जब ईमानदार होंगे तो निचले स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारी भ्रष्टाचार करने का साहस नहीं कर पाएंगे। जब नेता ईमानदार होगा, अफसर ईमानदार होंगे, कर्मचारी ईमानदार होंगे तो आम लोगों में भी वे लोग जो अपने गलत काम भी पैसे देकर या जुगाड़ से करवा लेते हैं, उनके लिए यह सबकुछ इतना आसान नहीं रह जाएगा।

लेकिन यह होगा कैसे? जनता ईमानदार नेता चुनें, यह कहना आसान है, लेकिन करना मुश्किल। इसके लिए हमें कुछ बुनियादी बदलाव करने होंगे। इलेक्टोरल बॉड्स को बंद करके राजनीतिक दलों को होने वाली फंडिंग में पारदर्शिता लानी होगी। आपराधिक रिकॉर्ड वाले लागों को चुनाव का टिकट देने पर रोक लगानी होगी और किसी दागी को टिकट देने पर संबंधित राजनीतिक दल के मुखिया को जिम्मेदार ठहराना होगा। इसके लिए सिविल सोसाइटी का दबाव बनाना होगा और जब भी जरूरत हो, कोर्ट का दरवाजा खटखटाने से भी नहीं पीछे नहीं रहना होगा। इसके लिए मीडिया को भी अहम भूमिका निभानी होगी।

कहां है समस्या? – कुछ साल पहले एक जाने-माने राजनेता ने कहा था कि चुनावी फंडिंग ही भ्रष्टाचार की सबसे बड़ी गंगोत्री है। इससे निबटने के लिए सरकार इलेक्टोरल बॉन्ड्स लेकर आई, लेकिन इसने तो चुनावी फंडिंग को और भी अस्पष्ट और अपारदर्शी बना दिया है। दरअसल, हमारे राजनीतिज्ञ राजनीतिक फंडिंग में पारदर्शिता बिल्कुल नहीं चाहते। यह बात कुछ कारपोरेट्स हाउसेस को भी रास आती है, क्योंकि इससे वे बड़ी आसानी से राजनीतिक दलों को पैसा दे देते हैं और चुनावों के बाद सरकार से बेजा फायदा उठाते हैं। – भ्रष्टाचार से निबटने के लिए हमें प्रभावी सीबीआई, सीवीसी और एंटी करप्शन ब्यूरो चाहिए। …लेकिन इन सभी विभागों का मूल संगठन यानी पुलिस के बारे में आम धारणा यही है कि यह सबसे भ्रष्ट विभाग है। इसलिए हम पुलिस से और प्रकारांतर में इन तमाम संगठनों से यह उम्मीद नहीं कर सकते कि ये भ्रष्टाचार को मिटाने में कारगर रहेंगे, जब तक कि इनके पीछे राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं होगी। – सरकारी सेवकों को भी जवाबदेह नहीं बनाया गया है। सरकारी शिक्षक स्कूल नहीं जाते हैं या जाते हैं तो पढ़ाते नहीं। डॉक्टर सरकारी हास्पिटल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं जाते। अस्पतालों में दवाइयां नहीं मिलती। सड़के, जलापूर्ति, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति अक्सर खराब मिलती है। और दुर्भाग्य से किसी को भी खराब काम करने या जिम्मेदारी न निभाने पर नौकरी से नहीं निकाला जाता। समस्या यह है कि अच्छा काम करने वाले को पुरस्कार भी नहीं मिलता। तो अच्छा काम करने की प्रेरणा भी नहीं मिलती।

केरल और बिहार के सबक … एक रिपोर्ट के अनुसर केरल में केवल 10 फीसदी नागरिकों को अपने काम करवाने के लिए रिश्वत देनी पड़ी, जबकि बिहार में 75 फीसदी लोगों को। आखिर ऐसा क्यों है, इसको लेकर तो व्यापक अध्ययन की जरूरत है, लेकिन इसमें कहीं न कहीं शिक्षा और साक्षरता का योगदान तो नजर आता ही है। केरल भारत का सबसे साक्षर प्रदेश है, जबकि बिहार का नाम साक्षरता के मामले में नीचे से शीर्ष के राज्यों में शुमार होता है। त्रिलोचन शास्त्री

(लेखक आईआईएम बैंगलोर में प्रोफेसर हैं। एडीआर – एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स के फाउंडर चेयरमैन भी रहे हैं।)

गांव नहीं अपने विकास में जुटे सेक्रेट्री! संपत्ति की हो जाए जांच तो धनकुबेरों के पैरों तले की खिसक जाएगी जमीन

गांव नहीं अपने विकास में जुटे सेक्रेट्री! संपत्ति की हो जाए जांच तो धनकुबेरों के पैरों तले की जमीन जाएगी खिसक। आलीशान बंगलों जमीन जायदाद के हैं मालिक। सत्ता के गठजोड़ से चलता रहता है पूरा मामला। पेट्रोल पंप तक के मालिक हैं गांवों के खेवनहार। फर्जी बिल, बैक डेट के विज्ञापन ही नहीं बैंकों तक मे खुलवा लिए फर्जी खाते। अखबारों के असली मालिक तक होंगे अनजान। प्रधान बेचने लगे घर से निर्माण सामग्री।

बिजनौर (रोहित चौधरी)। जिले में ग्राम पंचायतों का विकास कार्यों को लेकर बुरा हाल है। पंचायतों को शासन से विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये मिले। ..लेकिन अधिकारी जमीनी हकीकत देखकर हैरान हैं। अधिकारियों को निरीक्षण में गड़बड़ी मिली। इस मामले में कोतवाली ब्लॉक के चार ग्राम विकास अधिकारी निलंबित किए जा चुके हैं। ग्राम विकास अधिकारियों पर ड्यूटी से नदारद रहने व विकास कार्यों के क्रियान्वयन में गड़बड़ी के आरोप रहे।


जिले में 11 ब्लॉक हैं, इनमें कोतवाली ब्लॉक सबसे अधिक क्षेत्रफल वाला ब्लॉक है। इसमें सबसे अधिक 149 ग्राम पंचायत हैं। प्रशासन को कोतवाली ब्लॉक की पंचायतों में अनियमितताओं की सबसे अधिक शिकायत मिल रही थी। उपनिदेशक पंचायत व डीपीआरओ ने कोतवाली ब्लॉक की पंचायतों का निरीक्षण किया, जहां बड़े पैमाने पर गड़बड़ी मिली। पंचायत सचिव ड्यूटी से नदारद थे। गली मोहल्लों में कूड़े के ढेर मिले। सड़कों व रास्तों में गंदगी फैली थी। दूषित पानी से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका जताई गई। पानी निकासी के नाले व नाली गंदगी से अटे मिले। सचिवालय में कामकाज ठप मिला। सामुदायिक शौचालय में ताले लटके मिले। प्रधानों द्वारा शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में दिलचस्पी नहीं लेने के आरोप लगे। इस बिना पर कोतवाली ब्लॉक के चार पंचायत सचिवों को निलंबित किया गया। गांवों में ये हुए हैं विकास कार्य
ग्राम पंचायतों में पंचायत घरों का जीर्णोद्धार हुआ। जहां पंचायत घर नहीं थे वहां नए पंचायत घर बने। सामुदायिक शौचालयों का निर्माण हुआ। मुख्यमंत्री की ग्राम सचिवालय मॉडल योजना में सचिवालय बने। बरसाती व घरेलू पानी की निकासी के लिए नाले व नाली बने। सीसी रोड बनीं। अंत्येष्टि स्थल बने। उपनिदेशक पंचायत पंचायतों के निरीक्षण में यह देखकर हैरान रह गए कि पंचायतों को विकास कार्यों के लिए करोड़ों की धनराशि आवंटित होने के बाद भी जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट है। निर्माण आधे अधूरे पड़े हैं। ग्रामीणों ने उपनिदेशक व डीपीआरओ के समक्ष आरोप लगाए कि सफाई कर्मचारी प्रधानों का निजी काम करते हैं। सफाई के लिए कहने पर बदसलूकी करते हैं। सचिव उनकी बात नहीं सुनते।ये ग्राम विकास अधिकारी हुए निलंबित
जिला विकास अधिकारी एस कृष्णा के अनुसार निरीक्षण आख्या के आधार पर ग्राम पंचायत खुर्रमपुर खड़क की ग्राम विकास अधिकारी/ सचिव प्रियंका राजपूत, ग्राम पंचायत कनकपुर व फाजलपुर भारु में तैनात ग्राम विकास अधिकारी/ सचिव काकेंद्र कुमार सिंह, ग्राम पंचायत नूर अलीपुर भगवंत के ग्राम विकास अधिकारी/सचिव कमलकांत पाल, तथा ग्राम पंचायत महमूदपुर भांवता में नियुक्त ग्राम विकास अधिकारी/सचिव नंदराम सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में प्रियंका राजपूत व काकेंद्र कुमार सिंह, ब्लॉक नहटौर, नंदराम सिंह ब्लॉक अफजलगढ़, कमलकांत पाल ब्लॉक नजीबाबाद से संबद्ध रहेंगे। सभी निलंबित ग्राम विकास अधिकारियों की आगे की जांच सक्षम अधिकारियों को सौंपी गई। जांच अधिकारी को एक माह में आरोप पत्र जिला विकास अधिकारी को सौंपना है।

अब तक एक दर्जन से अधिक कर्मचारी हुए निलंबित
डीएम उमेश मिश्रा के निर्देश पर पंचायतों की जमीनी हकीकत परखी जा रही है। पंचायतीराज विभाग के जिला व मंडल अधिकारी लगातार पंचायतों में विकास कार्य का निरीक्षण कर रहे हैं। जांच में खूब अनियमितता सामने आ रही हैं। डीपीआरओ सतीश कुमार के अनुसार अब तक एक दर्जन से अधिक पंचायत सचिव व सफाई कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हुई है। आठ सचिव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू हुई है। शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में रुचि नहीं लेने पर ग्राम प्रधानों को कारण बताओ नोटिस भेजे गए हैं।

दी गई प्रतिकूल प्रविष्टि, रोकी वेतनवृद्धि
कोतवाली ब्लॉक में एक और ग्राम विकास अधिकारी/ पंचायत सचिव की अनियमितताओं के आरोप में प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ वेतन वृद्धि रोक दी है। जिला विकास अधिकारी एस कृष्णा ने बताया कि कोतवाली ब्लॉक की ग्राम पंचायत उमरपुर बरखेड़ा में तैनात रहे ग्राम विकास अधिकारी/ पंचायत सचिव विवेक देशवाल को उपनिदेशक की जांच में अनियमितता मिलने पर प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। साथ ही एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी है। डीडीओ के मुताबिक पंचायत में पंचायत घर का निर्माण दिसंबर 2021 से शुरू हुआ। जांच में अधूरा मिला। इसी तरह की अन्य अनियमितताएं मिली हैं।

कागजों में कट गया बिजली कनेक्शन, फिर भी चार साल से चल रहे 2 नलकूप

बिजनौर। बिजली विभाग के भी खेल निराले हैं। बिजली चोरी जैसे मामले तो आम बात हो गई है; जालसाजी के तो ऐसे-ऐसे मामले भरे पड़े हैं जो पता चल जाएं तो सिर घूम जाए। ऐसा ही एक मामला है जो विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत, लापरवाही और अकर्मण्यता की पोल खोलता है।

दअरसल दो भाइयों ने 7.5 हॉर्स पावर के दो अलग निजी नलकूप फर्जी तरीके से लगवा लिए। जिस गांव की जमीन के कागजात के आधार पर कनेक्शन स्वीकृत हुए, नलकूप वहां न लगवा कर दूसरे गांव में, वो भी दूसरे की जमीन पर लगा लिए। एक साल बाद शिकायत हुई तो जांच के आदेश कछुआ चाल से चलते रहे। चार साल पहले दोनों नलकूपों के कनेक्शन काटे गए, लेकिन सिर्फ कागजों पर! दोनों ही कनेक्शन आज भी बदस्तूर धड़ल्ले से चल रहे हैं। विभागीय आदेश के अनुपालन में सामान विभागीय भंडार गृह में जमा नहीं कराया गया। इनके द्वारा खपत की जा रही बिजली के बिल की भरपाई कौन करेगा? मामले की शिकायत तहसील दिवस में की गई है।

जानकारी के अनुसार 04 दिसंबर 2017 को ग्राम सदूपुरा निवासी सेवानिवृत्त पोस्ट मास्टर सोमदत्त ने पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत करते हुए बताया कि ग्राम फरीदपुर सल्लू स्थित 100 बीघा जमीन में से 48 बीघा का बैनामा कराया था। दाखिल खारिज की कार्रवाई के दौरान रफीक अहमद पुत्र अब्दुल हमीद, नफीस अहमद पुत्रगण अब्दुल हमीद अहमद निवासी ग्राम सद्पुरा ने एतराज किया, जिसका मुकदमा रेवन्यु बोर्ड तक चला। हालांकि बाद में दाखिल खारिज भी हो गया। सेवानिवृत्त पोस्ट मास्टर सोमदत्त की शिकायत के अनुसार उक्त दोनों लोगों ने बिजली स्वीकृत कराई ग्राम सदुपुरा की जमीन के लिए जबकि जिस जमीन पर प्रार्थी के बोरिंग में नलकूप लगाया, वह फरीदपुर सल्लु में है। इस प्रकार रफीक अहमद व नफीस अहमद ने जालसाजी, हेराफेरी व झूठा शपथ पत्र देकर बिजली कनेक्शन लगवा लिया ताकि प्रार्थी की जमीन पर मालिकाना हक जाहिर कर सके। सरकारी विभागों में प्रार्थना पत्र घूमता रहा। फिर 03 फरवरी 2018 को उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण उपखण्ड द्वितीय बिजनौर जसवीर सिंह ने 33/11 केवी उपकेंद्र गंज के अवर अभियंता बहराम सिंह को उक्त दोनों कनेक्शन गलत स्थान पर संचालित होने की जानकारी देते हुए अविलंब उतारने और अवगत कराने के निर्देश दिए।

इसके बाद विद्युत वितरण खण्ड बिजनौर के अधिशासी अभियन्ता किताब सिंह ने 09 अप्रैल 2018 को निजी नलकूप संख्या 225/5027/130124 के लिए रफीक अहमद व निजी नलकूप संख्या 225/5027/130125 के लिए नफीस अहमद पुत्रगण हमीद निवासी ग्राम सदूपुरा बिजनौर को नोटिस जारी किया। इसमें कहा गया कि उनके द्वारा दिनांक 15 जुलाई 2016 को सामान्य योजना के अन्तर्गत 7.5 हॉर्स पावर के उक्त दो निजी नलकूप हेतु अनुबन्ध किया गया था। शिकायत प्राप्त होने पर जांच में पाया गया कि उनके द्वारा फर्द ग्राम सदुपुरा की लगायी गयी है जबकि निजी नलकूप ग्राम फरीदपुर सल्लू में स्थापित किए गए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि उनके द्वारा विभाग को गुमराह करके संयोजन प्राप्त किया गया है। यह भी कहा कि पत्र प्राप्ति के 03 दिन के अन्दर स्पष्ट करें कि उनके द्वारा गलत फर्द क्यों लगायी गयी हैं,अन्यथा उनके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही करते हुए संयोजन निरस्त कर दिया जायेगा।

वहीं 17 मई 2018 को अधिशासी अभियंता ब्रह्मपाल ने उक्त दोनों कनेक्शन काटने के संबंध में कार्यालय से पत्र जारी किया। उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण उपखण्ड द्वितीय बिजनौर को उक्त दोनों कनेक्शन काटने और नलकूप की समस्त सामग्री उतारकर विभागीय भंडार गृह में जमा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल बिजनौर के साथ ही उक्त दोनों कनेक्शन धारकों को भी इसकी एक प्रति सूचनार्थ भेजी। अब किसी प्रकार दोनों नलकूपों के कनेक्शन कट तो गए, लेकिन सिर्फ कागजों पर! असलियत में दोनों ही कनेक्शन आज तक बदस्तूर धड़ल्ले से चल रहे हैं। आज तक अधिशासी अभियंता ब्रह्मपाल के आदेश के अनुपालन में सामान विभागीय भंडार गृह में जमा नहीं कराया गया। एक बात और विचारणीय है कि तकरीबन चार साल से जिन दो निजी नलकूप का कनेक्शन कथित रूप से कटा हुआ है, उनके द्वारा खपत की गई बिजली के बिल का भुगतान कौन, किस से और कब करेगा? 

दोनों ही भाइयों के खिलाफ दर्ज हैं कई केस– दरअसल उक्त दोनों ही भाई शातिर किस्म के हैं। उनके खिलाफ वर्ष 1987 से लेकर 2019 तक कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या, जान से मारने की धमकी, फ्राड आदि के थाना शहर कोतवाली में आठ व थाना स्योहारा में एक मुकदमा शामिल है।

बहुत ही गंभीर मामला है। वह अधिशासी अभियंता को इस मामले में यथोचित कार्रवाई के लिये निर्देशित कर रहे हैं। यदि  इतने वर्ष से अवैध रूप से दोनों कनेक्शन संचालित हो रहे हैं तो इसमें संलिप्त विभागीय अधिकारी, कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच व कार्रवाई की जाएगी। शासकीय धन की वसूली के लिए भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। –नंदलाल, अधीक्षण अभियंता।

बेहतर कानून व्यवस्था की व्यापारियों द्वारा प्रशंसा

व्यापारियों ने किया एडीजी राजकुमार, डीएम उमेश मिश्रा, एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी सिटी डॉ. प्रवीण रंजन आदि पुलिस अधिकारियों का स्वागत। डीएम एसपी ने व्यापारियों से मांगे जिले की व्यवस्था और बेहतर करने के लिए सुझाव। उद्योग व्यापार मंडल की ओर से जैन धर्मशाला में आयोजित हुआ कार्यक्रम।

बिजनौर। उद्योग व्यापार मंडल की ओर से व्यापारियों ने जैन धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में एडीजी राजकुमार, डीएम उमेश मिश्रा, एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी सिटी डॉ. प्रवीण रंजन आदि पुलिस अधिकारियों का स्वागत किया। व्यापारियों ने जिले में अच्छी कानून व्यवस्था की भी प्रशंसा की। कार्यक्रम में डीएम उमेश मिश्रा और एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने सभी व्यापारियों से जिले की व्यवस्था और बेहतर करने के लिए सुझाव मांगे। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की ओर से रजनीश अग्रवाल, मनोज कुच्छल, मुनीष त्यागी, बीएस राजपूत, दिलशाद खान, डॉ. उस्मानी, दीपक अरोड़ा, सौरभ सिंघल, गुलाम साबिर आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला कोषाध्यक्ष बीएस राजपूत ने किया।

चार लापरवाह ग्राम विकास अधिकारियों पर निलंबन का चाबुक

बिजनौर। ग्राम पंचायतों में सचिवालय और सामुदायिक शौचालय निर्माण में लापरवाही बरतने पर चार ग्राम विकास अधिकारी निलम्बित कर दिए गए हैं। उप निदेशक पंचायत मुरादाबाद एवं डीपीआरओ सतीश कुमार के निरीक्षण में मिली लापरवाही के आधार पर जिला विकास अधिकारी एस कृष्णा ने कार्रवाई की है।

गौरतलब है कि उप निदेशक पंचायत मुरादाबाद मंडल एसके सिंह व डीपीआरओ सतीश कुमार ने कोतवाली ब्लॉक की करीब एक दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों का निरीक्षण किया था। इस दौरान पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालय निर्माण में लापरवाही मिली थी। लापरवाही बरतने पर महमूदपुर भावता के ग्राम विकास अधिकारी नंदराम सिंह, ग्राम पंचायत कनकपुर और फजलपुर भारू के ग्राम विकास अधिकारी काकेंद्र कुमार, खुर्रमपुर खड़क की ग्राम विकास अधिकारी प्रियंका राजपूत व नूरअलीपुर भगवंत के ग्राम विकास अधिकारी कमलकांत पाल को निलंबित किया गया है। गौरतलब है कि ग्राम पंचायत महमूदपुर भावता में शौचालय का निर्माण चार माह से किया जा रहा था, जबकि यह काम केवल दो माह में होना था। आंगनबाड़ी केंद्र के कायाकल्प का काम भी अधूरा पाया गया। कनकपुर के निरीक्षण में पंचायत भवन का निर्माण कार्य दो-तीन माह से बंद था। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायतों में किए जा रहे निर्माण कार्यो में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अलग अलग ब्लॉकों से संबद्ध- निलंबन अवधि में प्रियंका राजपूत व काकेंद्र कुमार सिंह, ब्लॉक नहटौर, नंदराम सिंह ब्लॉक अफजलगढ़, कमलकांत पाल ब्लॉक नजीबाबाद से संबद्ध रहेंगे। सभी निलंबित ग्राम विकास अधिकारियों की आगे की जांच सक्षम अधिकारियों को सौंपी गई है। जांच अधिकारी को एक माह में आरोप पत्र जिला विकास अधिकारी को सौंपना है।

मई पड़ा भारी- माह मई के पहले हफ्ते में नजीबाबाद के एक मसाज सेंटर से आपत्तिजनक हालत में पकड़े जाने के बाद जेल पहुंचे ग्राम पंचायत अधिकारी मोहित डबास का निलंबन हो चुका है। कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के गांव सिकरेडा निवासी मोहित ग्राम पंचायत अधिकारी है और किरतपुर ब्लाक में तैनात है।

डिप्टी सीएम ने छापा मारकर पकड़ीं साढ़े 16 करोड़ की एक्सपायरी दवाएं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण के क्रम में शुक्रवार को डिप्टी सीएम डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मेडिसिन सप्लाई कार्पोरेशन के गोदाम पर छापा मारा। इस दौरान लगभग साढ़े 16 करोड़ रुपए की एक्सपायरी दवाईंयां मिलीं। इस पर उन्होंने फटकार लगाते हुए तीन दिन के अंदर संबंधित से रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

गौरतलब है कि डिप्टी सीएम डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक प्रदेश के अस्पतालों में औचक निरीक्षण कर रहे हैं। अस्पतालों में मिल रही अव्यवस्थाओं पर वो जिम्मेदारों को फटकार लगा रहे हैं। इसके साथ ही व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने के निर्देश दे रहे हैं।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने ट्वीट कर कहा है कि, ‘उत्तर प्रदेश मेडिसिन सप्लाई कार्पोरेशन, गोदाम पहुंचकर वहां मानक अनुरूप दवाइयों की उपलब्धता व सप्लाई रिपोर्ट का औचक निरीक्षण कर प्रथम दृष्टया 16,40,33,033 रुपये की एक्सपायरी दवाएं पाई गईं। इसकी जांच हेतु समिति को जांच रिपोर्ट 3 दिनों में प्रस्तुत करने संबंधी आदेश दे दिए गए हैं।’

विदित हो कि, इससे पहले लोहिया अस्पताल में डिप्टी सीएम ने छापेमारी की थी, जहां पर लाखों रुपये की एक्सपायरी डेट की दवाईंया मिलीं थीं, जिसमें उन्होंने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए थे।

27 महीने बाद रिहा हुए आजम खां, रामपुर रवाना

लखनऊ (एजेंसी)। 27 महीने बाद शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे सपा नेता आजम खां जेल से रिहा हो गए। इससे पहले ही दोनों बेटे अब्दुल्ला, अदीब आजम और शिवपाल सिंह यादव सीतापुर जेल के बाहर पहुंच गए थे, जो उन्हें लेकर रवाना हो गए। गौरतलब है कि 89वें मामले में उन्हें गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई थी, लेकिन रिहाई का फरमान जिला कारागार न पहुंच पाने से वह रिहा नहीं हो सके थे।

पहुंचे पूर्व सपा विधायक अनूप गुप्ता के घर

पहले से ही लगाए जा रहे कयास के अनुसार आजम खां जेल से रिहा होकर सपा के पूर्व विधायक अनूप गुप्ता के घर पहुंचे। अनूप गुप्ता को आजम के सुख दु:ख का साथी माना जाता है। वहीं आजम खां को हिदायत दी गई है कि वह मीडिया आदि से बात न करें, यही वजह रही कि उनकी कार का शीशा नीचे नहीं हुआ और उन्होंने किसी से भी बात नहीं की।

आजम ने खाए आलू के पराठे
पूर्व सपा विधायक अनूप गुप्ता ने पत्रकारों को बताया कि आजम खां ने नाश्ते में आलू के पराठे खाए। गुप्ता ने ये भी बताया कि अखिलेश यादव ने ही आजम खां का पूरा ध्यान रखने को कहा था। उनके परिवार की हर तरह से मदद करने को कहा था। मेरी तबीयत ठीक नहीं थी ऐसे में वह मुझे देखने आए थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या आजम अखिलेश यादव से नाराज हैं तो उन्होंने कहा कि ऐसी कोई नाराजगी नहीं है।

अब्दुल्ला आजम बोले हमें न्याय मिला

अब्दुल्ला आजम ने सीतापुर में पत्रकारों से कहा, सुप्रीम कोर्ट ने हमें न्याय दिया। वह पिता को लेने अपने भाई अदीब आजम के साथ सीतापुर पहुंचे हैं।

चौकस रही जेल के बाहर सुरक्षा व्यवस्था

सपा नेता आजम खान की रिहाई से पहले सीतापुर जिला जेल के बाहर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर आजम के बेटे अदीब ने कहा कि मैं शीर्ष अदालत के फैसले से बहुत खुश हूं। हम सीधे रामपुर जाएंगे। वहीं बताया गया है कि आजम की रिहाई के मद्देनजर सपा विधायक आशु मलिक भी सीतापुर जेल पहुंच गए।

तीन दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का डीआईजी ने किया उद्घाटन

बिजनौर। रिजर्व पुलिस लाइन्स में दिनांक 19.05.2022 से 21.05.2022 तक आयोजित होने वाली अन्तरजनपदीय पुलिस वालीबॉल, बास्केटबॉल, हैण्डबॉल, सेपक टकरा एवं योगा प्रतियोगिता वर्ष-2022 व सडक सुरक्षा जागरुकता अभियान का शुभारम्भ शलभ माथुर, पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र मुरादाबाद द्वारा किया गया।

रिजर्व पुलिस लाइन में शलभ माथुर, पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र मुरादाबाद द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर लिया गया। उनके द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर देने वाली गार्द को उत्साहवर्धन हेतु पुरस्कृत किया गया। इसके पश्चात पुलिस लाइन्स के ग्राउण्ड में बरेली जोन, बरेली की दिनांक 19.05.2022 से 21.05.2022 तक आयोजित होने वाली अन्तरजनपदीय पुलिस वालीबॉल, बास्केटबॉल, हैण्डबॉल, सेपक टकरा एवं योगा प्रतियोगिता वर्ष-2022 का उदघाटन किया गया। उक्त प्रतियोगिता में बरेली जोन के सभी 09 जनपदों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। पुलिस उपमहानिरीक्षक ने सभी प्रतिभागी खिलाडियों से हाथ मिलाकर उनका परिचय लिया तथा खेल भावना के उददेश्य से खेलने की अपील करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया गया।
तदोपरान्त पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र मुरादाबाद श्री माथुर द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन्स प्रांगण में एनसीसी कैडेट्स को सडक सुरक्षा के बारे में जागरुक किया गया। उनको बताया गया कि सड़क पर सभी को अपने बाँये तरफ चलना चाहिए खासतौर से चालक को और दूसरी तरफ से आ रहे वाहन को जाने देना चाहिये। चालक को सड़क पर गाड़ी घुमाते समय गति धीमी रखनी चाहिये। अधिक व्यस्त सड़कों और रोड जंक्शन पर चलते समय ज्यादा सावधानी बरतें। दोपहिया वाहन चालकों को अच्छी गुणवत्ता वाले हेलमेट पहनने चाहिये नहीं तो उन्हें बिना हेलमेट के रोड पर नहीं आना चाहिये। गाड़ी की गति निर्धारित सीमा तक ही रखें खासतौर से स्कूल, हॉस्पिटल, कॉलोनी आदि क्षेत्रों में। सभी वाहनों को दूसरे वाहनों से निश्चित दूरी बनाकर रखनी चाहिये। सड़कों पर चलने वाले सभी लोगों को रोड पर बने निशान और नियमों की अच्छे से जानकारी हो। यात्रा के दौरान सड़क सुरक्षा के नियम-कानूनों को दिमाग में रखें।

एनसीसी कैडेट्स की जागरुकता रैली- इसी के साथ ही एनसीसी कैडेट्स के साथ प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर जागरुकता रैली को रवाना किया गया एवं आमजन मानस को यातायात नियमों से अवगत कराया गया। इस दौरान जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ0 धर्मवीर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ0 प्रवीन रंजन सिंह, आरटीओ शिव शंकर, एआरटीओ राकेश मोहन, क्षेत्राधिकारी नगर कुलदीप गुप्ता, उ0नि0 यातायात बलराम सिंह व अन्य पुलिस अधिकारीगण मौजूद रहे।


इसके बाद पुलिस उपमहानिरीक्षक द्वारा स्कूली वैन बस एवं एंबुलेंस का फिटनेस चेक कर वाहन से सम्बन्धित जानकारी ली गई तथा सम्बन्धित को इस सम्बन्ध में डाटाबेस बनाकर रखने हेतु निर्देशित किया गया। वाहन स्वामी को बताया गया कि स्कूली वाहनों में सभी मानकों को हमेशा पूरा रखा जाए तथा वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने हेतु निर्देशित किया गया।

ग्राम प्रहरियों को वर्दी किट-
डीआईजी ने रिजर्व पुलिस लाइन्स प्रांगण में नगर सर्किल के ग्राम प्रहरियों को जर्सी, साफा, जीन कोट, बेल्ट, जूता, धोती (कुल 06) सामानों का वितरण किया गया। ग्राम प्रहरियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी पुलिस विभाग मे एक मजबूत कडी है जो अपने आसपास की गतिविधियों पर सतर्क नजर रखते हैं, जिससे किसी घटना को घटित होने से रोका जा सकता है। उनके द्वारा सभी को समय से सूचना देने व अपने दायित्वों का अच्छी तरह से निर्वहन करने हेतु प्रेरित किया गया। सभी ग्राम प्रहरियों को अपनी डयूटी को सतर्कता पूर्वक करने व किसी भी प्रकार की कोई भी सूचना तत्काल थाना प्रभारी को देने हेतु बताया गया। पुलिस उपमहानिरीक्षक शलभ माथुर द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन्स प्रांगण में आयोजित नेत्र शिविर का निरीक्षण किया गया। शिविर में वाहन चालक अपनी ऑखों का इलाज, शुगर, ब्लड प्रेशर आदि की जाँच करा रहे थे। डीआईजी द्वारा सभी चालकों को यातायात नियमों का पालन करने, वाहन चलाते समय किसी भी नशे का सेवन न करने हेतु बताया गया तथा सभी को समय-समय पर अपनी जाँच कराने हेतु प्रेरित किया गया। शिविर में नेत्र रोग विशेषज्ञ, शुगर रोग विशेषज्ञ व अन्य स्पेशलिस्ट डॉक्टर मौजूद रहे।

GGIC में सड़क सुरक्षा से संबंधित जागरूक शपथ दिलाई- उन्होंने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बिजनौर में पहुंच कर स्कूलों के बच्चों के साथ सडक सुरक्षा सप्ताह के तहत सड़क सुरक्षा से संबंधित जागरूक शपथ दिलाई तथा सभी को सडक सुरक्षा में जागरुक करते हुए बताया गया कि

1- ट्रैफिक सिग्नल का अर्थ समझना ।
2- रुको, देखो फिर सड़क पार करो ।
3- ध्वनि पर ध्यान दें ।
4- सड़क पर दौड़ें नहीं ।
5- फुटपाथ का उपयोग करें ।
6- पेडेस्ट्रियन से करें सड़क पार ।
7- वाहन के बाहर हाथ न निकालें ।
8- मोड़ से सड़क पार न करें ।
9- ड्राइविंग के नियमों का पालन करे ।
10- चलते वाहन में सुरक्षित बैठना ।
11- वाहन के रुकने के बाद ही चढ़ना और उतरना ।
12- हमेशा किनारे पर ही उतरें ।
13- स्कूल बस का इस्तेमाल हमेशा लाइन में रहकर करें ।
14- उतरने वाले यात्रियों को पहले अवसर दें ।
15- हाथ का इशारा दें ।

इस दौरान जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य पुलिस अधिकारी एवं स्कूल का स्टाफ उपस्थित रहा।

पांच बकायेदारों को जेल, डेढ़ सौ पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

सहकारिता विभाग की सख्त कार्रवाई, पांच बकायेदारों को जेल, डेढ़ सौ पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

बिजनौर। सहकारिता विभाग द्वारा सहकारी समितियों से ऋण लेकर समय से जमा ना करने वाले बकायेदारों के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। गुरुवार को ऐसे ही 5 बकायेदारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। यही नहीं जनपद में 150 बकायेदारों के खिलाफ भी वसूली ना होने की दशा में गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक, सहकारिता बिजनौर, डा० प्रदीप कुमार द्वारा बताया गया कि जिलाधिकारी बिजनौर द्वारा सहकारिता विभाग के बड़े बकायेदारों के खिलाफ गिरफ्तारी वारन्ट एवं कुर्की आदेश जारी करने के निर्देश जनपद के सभी उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदारों को देते हुए जनपद की सहकारिता विभाग की वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिये गए हैं। गिरफ्तारी एवं कुर्की हेतु पुलिस अधीक्षक बिजनौर द्वारा विशेष रूप से 10 सशस्त्र पुलिस जवान सहकारिता विभाग को उपलब्ध करा दिये गये हैं। इसी कार्यवाही के तहत गुरुवार को सहकारिता विभाग द्वारा 3.20 लाख रू० के बकायेदार महेन्द्र पुत्र रामेश्वर, 2.58 लाख रू० के बकायेदार राजवीर पुत्र राजेन्द्र दोनों निवासी- मलकपुर, 3.68 लाख रू0 के बकायेदार मनोज पुत्र बलवन्त निवासी मुकरपुरी, 3.70 लाख के बकायेदार रियाज पुत्र शकील निवासी- सिरवासु चन्द, 1.22 लाख के बकायेदार कृपाल पुत्र सुखवा सिंह, निवासी – अमीनाबाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। डा० प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि जनपद में 150 बकायेदारों के खिलाफ गिरफ्तार वारन्ट प्राप्त कर लिये गये हैं, वसूली ना होने की दशा में उन पर भी गिरफ्तारी की कार्यवाही करते हुए इसी प्रकार अन्य बकायेदारों से वसूली की कार्यवाही की जायेगी।

ढूंढ रहे थे तस्करी की शराब, बरामद हुई 232 kg चांदी

गोपालगंज (एजेंसी)। बिहार के गोपालगंज में उत्पाद विभाग की टीम को बड़ी कामयाबी मिली जब टीम ने उत्तर प्रदेश से बिहार आ रही एक कार से शराब की जगह दो क्विंटल से अधिक चांदी बरामद की। इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। दरअसल, उत्पाद विभाग की टीम बुधवार को अवैध शराब को लेकर कुचायकोट थाना क्षेत्र के बलथरी चेक पोस्ट पर उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहनों की तलाशी ले रही थी। इसी दौरान एक कार से 232 किलोग्राम चांदी बरामद की गई।

गोपालगंज के उत्पाद अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि बारीकी से जांच के दौरान कार में पीछे की सीट के नीचे तहखाना जैसी जगह मिली, जिससे 232 किलोग्राम चांदी बरामद की गई। उन्होंने बताया कि बरामद की गई चांदी की कीमत बाजार में डेढ़ से दो करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

कानपुर से हो रही थी तस्करी- उत्पाद अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि इस मामले में कार चालक और एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। उन लोगों की पहचान दरभंगा जिला के नगर थाना क्षेत्र के बड़ा बाजार निवासी मनोज गुप्ता और चालक शिव शंकर महतो के रूप में की गई है। पूछताछ में पता चला है कि चांदी को उत्तर प्रदेश के कानपुर से दरभंगा ले जाया जा रहा था। सूचना पुलिस और अन्य संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है।

व्हाट्सएप्प ग्रुप के जरिये समस्या सुलझाएंगे बिजली अधिकारी


राज्यमंत्री ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग उत्तर प्रदेश सोमेंद्र तोमर ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को विधानसभावार व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर उसमें जन प्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से शामिल करने तथा ग्रुप पर प्राप्त होने वाली जन शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने एवं जनप्रतिनिधियों से नियमित रूप से संपर्क एवं समन्वय बनाए रखने के दिए निर्देश

बिजनौर। राज्यमंत्री ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग उत्तर प्रदेश सोमेंद्र तोमर ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन प्रतिनिधियों के साथ नियमित रूप से समन्वय बनाए रखें और विद्युत चोरी रोकने तथा विद्युत देयकों के भुगतान जैसे अहम कार्यों में उनका सहयोग प्राप्त करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जन सामान्य की विद्युत से संबंधित समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ निस्तारण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि पूर्ण गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निचले स्तर पर ही समस्या का निराकरण कर दिया जाए तो समस्या विकराल रूप धारण नहीं कर सकती। उन्होंने सभी अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देश दिए कि विधानसभावार व्हाट्सएप ग्रुप बनाएं और उसमें जन प्रतिनिधियों को भी अनिवार्य रूप से शामिल करें। विद्युत विभाग के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि विद्युत देय के बड़े बक़ायादारों की सूची बना कर उनसे वसूली के लिए गंभीरतापूर्वक प्रयास करें।


राज्यमंत्री श्री तोमर कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित विद्युत विभाग के कार्याें की प्रगति से संबंधित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के नागरिकों को हर सम्भव राहत और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्व है और उसमें ज्यादा से ज्यादा सुधार के लिए प्रयासरत भी है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में निर्धारित रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति करना सुनिश्चित करें तथा किसी कारणवश विद्युत आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होती है तो उसकी सूचना संबंधित क्षेत्र के आम नागरिकों को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कार्य में पारदर्शिता लाने के लिए निर्देशित किया कि सभी अधिशासी अभियन्ता विधानसभावार व्हाट्सअप ग्रुप बनाएं और उसमें क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से शामिल करते हुए महत्वपूर्ण कार्य की सूचना उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वाहट्सअप ग्रुप पर आने वाली समस्याओं का निस्तारण भी पूर्ण गंभीरता और तत्परता के साथ करें ताकि उक्त समस्या इसी स्तर पर निस्तारित हो सके।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ऊर्जा के क्षेत्र में नए प्रयास किए जा रहे हैं, जिसमें उपभोक्ताओं को विद्युत ऊर्जा के अलावा वैकल्पिक ऊर्जा के तौर पर सौर ऊर्जा के साथ-साथ पवन ऊर्जा भी उपलब्ध कराई जाएगी। भविष्य में वैकल्पिक ऊर्जा अपना महत्वपूर्ण स्थान ग्रहण करेगी, जिससे आम नागरिकों को सस्ती ऊर्जा के साथ ही स्वच्छ पर्यावरण का लाभ भी प्राप्त होगा।

अब सोलर ऊर्जा के साथ उपभोक्ताओं को मिलेगी पवन ऊर्जा- जिले के दौरे पर आए राज्यमंत्री ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग सोमेंद्र तोमर ने कहा कि बिजली ही नहीं अब सोलर ऊर्जा के साथ उपभोक्ताओं को पवन ऊर्जा भी उपलब्ध कराने की दिशा में सार्थक प्रयास चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यूपी के कुछ जिलों में ही बिजली पहुंच पाती थी। आज सभी जिलों में एकरूपता के आधार पर बिजली दी जा रही है। 2017 के बाद उत्तर प्रदेश विकास के पथ पर और संस्कृति में भी आगे बढ़ा है। पहले उत्तर प्रदेश बीमार राज्य कहा जाता था, आज 40 स्थानों में उत्तर प्रदेश नंबर एक पर है। उन्होंने आश्रवस्त करते हुए कहा कि कुछ समय पहले विद्युत आपूर्ति के सम्बन्ध में कुछ कारणों से थोड़ी समस्या उत्पन्न हुई थी, लेकिन वर्तमान में उसमें सुधार कर लिया गया है और आगे भी निरन्तर रूप से सुधार किया जाएगा। वर्तमान में बिजली की आपूर्ति पहले से बेहतर है।
श्री तोमर ने यह भी बताया कि सरकार प्रयास कर रही है कि सभी सरकारी दफ्तरों पर सोलर एनर्जी से कनैक्शन दिये जायें, जिसके अंतर्गत वैकल्पिक ऊर्जा स्त्रोतों के दोहन कर कुछ जगह सरकारी संस्थाओं में इसकी शुरुआत भी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए प्रदेश में विद्युत नेटवर्क को बेहतर व आधुनिक बनाने के क्षेत्र में लगातार सार्थक रूप से प्रयास किए जा रहे हैं ताकि आमजन और उद्योगों को भरपूर बिजली मिले।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक नहटौर ओम कुमार, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, अधीक्षण अभियंता विद्युत के अलावा विद्युत विभाग के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

सरकारी ठेकों पर अब नहीं बिक सकेगी तस्करी की शराब

13 मई 2022 को दैनिक जनवाणी के पेज नंबर 02 पर प्रकाशित बिजनौर से सचिन वर्मा की रिपोर्ट… अब नहीं बिक सकेगी तस्करी की शराब

अब तस्करी की शराब सरकारी दुकानों पर नहीं बिक सकेगी। इसके साथ ही कोई भी दुकान स्वामी या सेल्समैन शराब की बिक्री में गड़बड़ नहीं कर सकेगा। इसके लिए आबकारी विभाग ने एक अच्छा कदम उठाया है। विभाग की ओर से शराब की दुकानों पर पोस मशीन उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस मशीन के माध्यम से विभाग के पास दुकानों पर होने वाले प्रत्येक दिन की बिक्री व स्टॉक का पूरा लेखा जोखा ऑनलाइन उपलब्ध होगा। इसके साथ ही बार कोर्ड स्कैन किए बिना अब एक भी बोतल नहीं बेची जा सकेगी।

पूर्व में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें खुलासा हुआ है कि शराब की दुकानों पर तस्करी की शराब भी बेची जाती रही है। इसके अलावा विभाग को चूना लगाने के लिए कुछ दुकान स्वामी व सेल्समैन तरह-तरह के हथकंडे अपनाने से भी पीछे नहीं हटते हैं। विभाग ने ऐसे लोगों पर अंकुश लगाने व पारदर्शिता बरतने के लिए पोस मशीन को सहारा बनाया है। आबकारी विभाग की ओर से जनपद के सभी शराब की दुकान स्वामियों को पोस मशीन देने का कदम उठाया है। इन पोस मशीनों के माध्यम से विभाग के पास सभी दुकानों पर प्रत्येक दिन होने वाली शराब की बिक्री व दुकानों पर बचे स्टॉक का पूरा लेखा जोखा बस एक बटन दबाते ही उपलब्ध हो जाएगा। इतना ही नहीं शराब बेचने वाले सेल्समैन को शराब बेचते समय बार कोड स्कैन करना ही होगा। बिना बार कोड स्कैन किए एक भी बोतल को नहीं बेचा जा सकेगा। विभाग की ओर से शराब की दुकान स्वामियों को पोस मशीन वितरित की जा रही हैं।

दुकान स्वामियों को वितरित की मशीनें

गुरुवार को जिला मुख्यालय पर नजीबाबाद की आबकारी निरीक्षक मोनिका यादव ने नजीबाबाद के दुकान स्वामियों को पोस मशीनों का वितरण किया। उन्होंने सभी दुकान स्वामियों से बताया कि अब बिना बार कोड स्कैन किए एक भी बोतल को नहीं बेचा जाएगा। दुकान पर हुई बिक्री व स्टॉक का पूरा लेखा जोखा इस मशीन में फीड होगा। उन्होंने बताया कि यह पोस मशीने धामपुर, चांदपुर व नजीबाबाद के दुकान स्वामियों को वितरित की जा चुकी हैं।

मशीन बनेगी आबकारी विभाग का हथियार

आबकारी विभाग की ओर से बांटी जा रही पोस मशीने आबकारी विभाग के लिए किसी हथियार से कम साबित नहीं होगी। आबकारी विभाग के अधिकारी इसी हथियार के माध्यम से अब शराब तस्करों की कमर तो तोड़ ही सकेंगे साथ ही एक बटन दबाते ही दुकान का पूरा ब्योरा उनके सामने होगा। यह कहना गलत नहीं होगा कि जो लोग लाइसेंस की आड़ में दुकानों पर तस्करी की शराब बेचते हैं वह अब ऐसा नहीं कर पाएंगे। पोस मशीन से शराब की तस्करी पर भी अंकुश लगेगा।

जनपद में सभी दुकानों पर पोस मशीन रहेंगी। बिना कोड स्कैन किए अब एक भी बोतल नहीं बेची जाएगी। धामपुर, चांदपुर व नजीबाबाद के दुकान स्वामियों को पोस मशीने बांटी जा चुकी हैं। अन्य को बांटी जा रही है। पोस मशीन में शराब की दुकान की बिक्री का पूरा ब्योरा व स्टॉक का पूरा रिकार्ड उपलब्ध होगा। –गिरीशचंद्र वर्मा आबकारी अधिकारी, बिजनौर

हमने गुरुवार को नजीबाबाद के सभी दुकान स्वामियों को पोस मशीने उपलब्ध करा दी हैं। पोस मशीनों के माध्यम से दुकान का रिकार्ड रखना काफी आसान होगा। पोस मशीन कोड एक ही बार स्कैन करेगी। कोड को पुनः प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। इससे अवैध शराब की बिक्री पर भी रोक लगेगी। –मोनिका यादव, आबाकरी निरीक्षक, नजीबाबाद

राज्यपाल ने किया सखी वन स्टॉप सेंटर का लोकार्पण

राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा जिला संयुक्त चिकित्सालय स्थित महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का लोकार्पण किया गया, अधिकारियों से महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न इत्यादि मामलों के बारे में चर्चा की और मामलों को शीघ्र निस्तारित करने तथा वन स्टाप सेंटर के तहत सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को अधिकतम पांच दिन तक अस्थायी आश्रय, पुलिस-डेस्क, विधि सहायता, चिकित्सा एवं काउंसिलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

बिजनौर। राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा जिला बिजनौर भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का लोकार्पण किया गया। कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग बिजनौर द्वारा निर्मित किए जाने वाले सखी वन स्टॉप सेंटर को रुपए 24,34,686 की लागत से तैयार किया गया है।
One Stop Center Helpline- महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित वन स्टाप सेंटर योजना (सखी) महिलाओं के लिए मददगार साबित हो रही है। किसी महिला के साथ मारपीट, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न या अन्य कोई घटना होती है तो वन स्टाप सेंटर के माध्यम से पीड़ित को न्याय दिलाया जाता हैै।


राज्यपाल ने जिला अस्पताल में विभागीय अधिकारियों से महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न इत्यादि मामलों के बारे में चर्चा की और मामलों को शीघ्र निस्तारित करने तथा वन स्टाप सेंटर के तहत सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को अधिकतम पांच दिन तक अस्थायी आश्रय, पुलिस-डेस्क, विधि सहायता, चिकित्सा एवं काउंसिलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि महिला उत्पीडन से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता के लिए वन स्टाप सेंटर हेल्पलाइन नंबर पर सहायता के संपर्क स्थापित किया जा सकता है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉक्टर प्रवीन रंजन, संजय कुमार यादव के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

4 महीने राशन कार्ड धारकों को नहीं मिलेगा मुफ्त गेहूं

राशन कार्ड धारकों को जून से सितंबर तक मुफ्त गेहूं नहीं मिलेगा। गेहूं की खरीद न होने से भारत सरकार ने लिया निर्णय। कार्डधारकों को गेहूं के स्थान पर चावल देने का फैसला। अब उनको मिलेगा प्रति यूनिट पर सीधे पांच किलो चावल!

लखनऊ। राशन कार्ड धारकों के लिए खास खबर है। मुफ्त में राशन कार्ड पर प्रति माह दो बार मिलने वाला गेहूं चार माह तक नहीं मिलेगा। यानी जून से लेकर सितंबर माह तक राशन कार्ड पर लोग नि:शुल्‍क गेहूं नहीं ले सकेंगे। इसका कारण ये है कि इस बार क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद धीमी हो रही है।

गौरतलब है कि शासन से महीने में दो बार में कार्डधारकों को राशन मिलता है। इसमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत माह के पहले सप्ताह व प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में माह के 15 तारीख के बाद राशन का वितरण होता है। लेकिन इस बार गेहूं की खरीद कम होने से शासन स्तर से इसके आवंटन पर रोक दिया गया है। गेहूं की खरीद न होने से भारत सरकार ने कार्डधारकों को गेहूं के स्थान पर चावल देने का फैसला लिया है। अब उनको प्रति यूनिट पर सीधे पांच किलो चावल मिलेगा। बाकी खाद्य सामग्री जैसे तेल आदि मिलेगा, यानी अब जून से लेकर सितंबर तक गेहूं नहीं मिलेगा। इसके बाद फिर से पीएमजीकेवाइ में गेहूं मिलने लगेगा।

नमक न आने से वितरण पर रोक : विपणन गोदामों में नमक न आने से राशन का वितरण कोटेदार नहीं कर रहे हैं। खासकर शहर की कई दुकानों पर कार्डधारक राशन लेने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन कोटेदार नमक का उठान न किए जाने की बात कहकर उनको वापस कर दे रहे हैं। यह भी बता रहे हैं कि अभी तक राशन का उठान नहीं किया है। एक विभागीय अधिकारी ने बताया कि नमक आने के बाद ही कोटेदार वितरण करेंगे।

गेहूं आवंटन के कोटे में संशोधन के तहत बिहार, केरल और उत्तर प्रदेश को पीएमजीकेएवाई योजना के तहत गेहूं नहीं दिया गया है। इसकी भरपाई चावल से की जाएगी। यूपी में मौजूद गेहूं के स्टॉक को देखते हुए राज्य सरकार एक किलो गेहूं के साथ चार किलो चावल दे सकती है या फिर पूरा पांच किलो चावल ही दिया जाए, इस पर विचार चल रहा है।  

केंद्र सरकार की तरफ से सितम्बर महीने तक के लिए यह संशोधन किया गया है। प्रदेश के करीब 15 करोड़ से अधिक लाभार्थियों पर इसका असर पड़ेगा। वहीं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के तहत दिए जाने वाले राशन पर अभी बातचीत चल रही है कि इसमें गेहूं की जगह चावल दिया जाए या फिर कोटे में थोड़ा संशोधन किया जाए। 

फर्जी कोटेदार ने जमाया तालाब पर कब्जा!

बिजनौर। एक तरफ सरकार पूरे उत्तर प्रदेश में तालाबों को अवैध कब्जा से मुक्त कराने में जुटी हुई है। प्रशासनिक अमला दिन रात एक किये हुए है।

वहीं एक सरकारी कर्मचारी की कृपा के चकते कक्षा पांच की फर्जी अंक तालिका के जरिए सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान चलाने वाले कोटेदार ने तालाब पर कब्जा जमा लिया है।

दरअसल मामला धामपुर तहसील अंतर्गत विकास खण्ड नहटौर, ग्राम मांडू, पोस्ट बसेड़ा खुर्द का है। ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार असलम पुत्र असगर ने पूर्व में तालाब खसरा संख्या 315 को समाप्त कर अपना व अपने परिजनों का भवन निर्माण किया हुआ है।

यही नहीं वर्तमान में फर्जी अंकतालिका के द्वारा राशन डीलर के पद पर काबिज है। इस मामले में पूर्व में कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत भी की गई, लेकिन वह आम जनता के पैसों के द्वारा खुद को बचाता चला आ रहा है।

आरोप है कि उक्त फर्जी कोटेदार को पटवारी नितिन तोमर का वरदहस्त प्राप्त है। कई बार उनके मोबाइल नंबर 8171358109 पर कॉल के बावजूद महोदय ने फ़ोन रिसीव नहीं किया।

थक हार कर अब ग्रामीणों ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की है।

दो बोतल दारू क्यों नहीं चढ़ी, गृह मंत्री से शिकायत

Viral News: दो बोतल शराब पीने के बाद भी जब नहीं चढ़ा नशा, गृह मंत्री को भेजी शिकायत

पीड़ित शख्स ने बताया कि दो बोतल शराब पीने के बाद भी उसको नशा नहीं हुआ। इस बात से वो नाराज था। वह चाहता है कि ऐसी धोखाधड़ी किसी और कस्टमर के साथ नहीं हो।

उज्जैन। एक तरफ शिवराज सिंह चौहान की सरकार मिलावटखोरी के खिलाफ माफिया पर बुलडोजर चलाने जैसी कड़ी कार्रवाई कर रही है तो वहीं अब मध्य प्रदेश में शराब में मिलावट की बात भी सामने आई है। दरअसल मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक शराबी ने राज्य के गृह मंत्री को शिकायत भेजी है। वह सबूत के तौर पर आबकारी थाने में शराब की दो बोतलें लेकर भी पहुंचा।

हैरान रह गए आबकारी अधिकारी

लोकेंद्र सेठिया को आबकारी थाने में देख आबकारी अधिकारी भी हैरान रह गए। बाद में अधिकारी ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। पीड़ित ने बताया कि उसने 2 बोतल शराब पी लेकिन, फिर भी उसको नशा नहीं हुआ। उसने कहा कि ये शराब कैसी है, नशा नहीं हो रहा है? ठेकेदार पानी मिलाकर दे रहे हैं; ठेकेदारों पर कार्रवाई करो।

शराबी ने की ये मांग

दरअसल, लोकेंद्र सेठिया 12 अप्रैल को देशी शराब की दो बोतल पीने के बाद आबकारी विभाग में शिकायत करने पहुंचे थे। उसने शिकायत की थी कि इसमें नशा नहीं है, इसमें तो पानी मिला हुआ है। वह सबूत के तौर पर शराब की दो बोतलें लेकर भी पहुंचा था। उसने कहा कि यकीन नहीं हो तो शराब की जांच कर लें। ठेकेदार की तरफ से की गई इस धोखाधड़ी को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करो।

साभार – राहुल सिंह राठौड़: जी न्यूज़ डेस्क

घायल को अस्पताल पहुंचाओ, 5000 रुपए ले जाओ

पुलिस के डर से लोग नहीं करते पीड़ितों की सहायता। इसी कारण केंद्र सरकार ने की है इसके लिए एक अनूठी पहल। राष्ट्रीय स्तर पर 10 सबसे नेक मददगारों को दिया जाएगा एक-एक लाख रुपए का पुरस्कार

नई दिल्ली (PTI)। पुलिस के चक्कर में कौन पड़ेगा? कहीं हम ही न फंस जाएं! अस्पताल और पुलिसवाले हमें ही परेशान करेंगे! ये कुछ ऐसे वाक्य हैं, जो सड़क पर एक्सीडेंट के बाद घायल अवस्था में पड़े दर्द से कराह रहे व्यक्ति की मदद करने से हम सभी को रोकते हैं. पुलिस और सरकारें बार-बार कहती हैं कि एक्सीडेंट में घायल व्यक्ति की मदद करना मानवता की सेवा है और ऐसा करने पर आपको पुलिस परेशान नहीं करेगी. इसके बावजूद आम लोग डर के मारे घायल को अस्पताल पहुंचाने में कतराते हैं. अब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने इसके लिए एक अनूठी पहल की है.

सड़क मंत्रालय ने बताया कि उसने सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को गंभीर चोट लगने के एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाने वाले मददगारों के लिए एक खास योजना शुरू की है. मंत्रालय ने बताया कि सड़क हादसे में घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 5000 रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा.

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रधान सचिवों और परिवहन सचिवों को लिखे पत्र में कहा कि यह योजना 15 अक्टूबर 2021 से 31 मार्च 2026 तक प्रभावी होगी. मंत्रालय ने नेक मददगार को पुरस्कार देने की योजना’ के लिए दिशानिर्देश जारी किए.

मंत्रालय ने कहा कि इस योजना का मकसद आपात स्थिति में सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने के लिए आम जनता को प्रेरित करना है. नकद पुरस्कार के साथ एक प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा. मंत्रालय ने कहा कि इस पुरस्कार के अलावा राष्ट्रीय स्तर पर 10 सबसे नेक मददगारों को एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा.

क्या होता है गोल्डन आवर?
स्वर्ण घंटे (गोल्डन आवर) पर बताया गया है कि मोटर वाहन अधिनियम के धारा 2 (12ए) के अनुसार स्वर्ण घंटे का मतलब वह एक घंटे का समय है, जो व्यक्ति को दर्दनाक चोट लगने के बाद का एक घंटा होता है. इस एक घंटे के दौरान घायल या घायलों को शीघ्र अस्पताल पहुंचाया जाता है ताकि उसकी जान बच सके या बचने की संभावना होती है.

वहीं बिजनौर के पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने गुड सेमरिटन योजना की जानकारी देते हुए बताया कि योजना के तहत घायलों को निकटतम अस्पताल में पहुंचाने पर किसी भी नागरिक को 5000 रुपए का पुरस्कार दिया जाता है। सभी थाना क्षेत्रों में योजना का प्रचार-प्रसार किया गया है। बताया कि अभी तक कोई भी इसके लिये आगे नहीं आया है।

अधिकारी प्राथमिकता से करें आम नागरिक की समस्या का निस्तारण-संदीप सिंह


विकास एवं जन कल्याणकारी योजनाओं में अनियमितता एवं लाभार्थी को किसी भी प्रकार से प्रताड़ित किए जाने का मामला प्रकाश में आने पर संबंधित विभागीय अधिकारी के विरूद्व जीरो टॉलरेन्स के आधार पर कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए तथा सभी अधिकारी अपने पास आने वाले आम नागरिक की समस्या का पूर्ण मानक और गुणवत्ता के आधार पर निस्तारण करना सुनिश्चित करें- राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा विभाग उ0प्र0 सरकार संदीप सिंह

बिजनौर। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा विभाग उ0प्र0 सरकार संदीप सिंह ने स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों की गुणवत्ता के प्रति अति संवेदनशील और गंभीर है और प्रयासरत है कि विकास एवं जन कल्याणकारी योजनाओं का भरपूर लाभ प्रदेश के सभी नागरिकों को प्राप्त हो तथा शासकीय योजनाओं को पूर्ण मानक एवं गुणवत्ता के साथ क्रियान्वित किया जाए और उनका लाभ पंक्ति के अन्त में खड़े व्यक्ति को भी निश्चित रूप से पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि विकास एवं जन कल्याणकारी योजनाओं में अनियमितता एवं लाभार्थी को किसी भी प्रकार से प्रताड़ित किए जाने का मामला प्रकाश में आने पर संबंधित विभागीय अधिकारी के विरूद्व कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने पास आने वाले आम नागरिक की समस्या का पूर्ण मानक और गुणवत्ता के आधार पर निस्तारण करना सुनिश्चित करें और यदि कार्य किया जाना सम्भव न हो तो संबंधित व्यक्ति को उसका कारण बताया जाए ताकि वह संतुष्ट हो सके।
राज्य मंत्री शाम 04ः00 बजे विकास भवन के सभागार में अपराध/कानून व्यवस्था एवं विकास कार्याें की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने सभी अधिकारियों को शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति अद्यतन रखने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी योजनाओं के गुणवत्तापरक क्रियान्वयन और उनका लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाए जाने के कार्य की उच्च स्तर पर भी समीक्षा की जाएगी। अतः सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा एवं निष्पक्षता के साथ करना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट करते हुए कहा कि शासन की मंशा इसके अलावा और कुछ नहीं है कि शासकीय योजनाओं को पूर्ण मानक एवं गुणवत्ता के साथ क्रियान्वित किया जाए और उनका लाभ पंक्ति के अन्त में खड़े व्यक्ति को भी निश्चित रूप से पहुंचे।

डीएम ने उपलब्ध कराई प्रगति आख्या-
इस अवसर पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जिले में शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार में जानकारी उपलब्ध कराई और बताया कि लगभग सभी योजनाओं में जिले को सम्मानजनक स्थान प्राप्त है तथा एनआरएलएम में जिला कई वर्षाें से प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। उन्होंने बताया कि महिला सशक्तिकरण एवं उन्हें स्वालम्बी बनाने के लिए जिले में विशिष्ठ कार्य किए जा रहे हैं, जिनके सुपरिणाम महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के रूप में सामने आ रहे हैं। उन्होंने मंत्री से धामपुर में 100 बेड के तैयार अस्पताल के लिए चिकित्सक, मेडिकल एवं पेरा मेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराने का अनुरोध करते हुए उक्त अस्पताल के संचालन से स्थानीय और आसपास के लोगों को भारी स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने नगर क्षेत्र चांदपुर, किरतपुर एवं हल्दौर में जर्जर भवनों के लिए शासन से धनराशि उपलब्ध कराने तथा नजीबाबाद-बालावाली-लक्सर मार्ग पर गंगा नदी के सेतु के पहुंच मार्ग निर्माण एवं सुरक्षात्मक कार्याें के लिए भी शासन से आलोच्य वित्तीय वर्ष में एक मुश्त समुचित धनराशि उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया। उन्होंने राज्य मंत्री को विश्वास दिलाते हुए कहा कि उनके द्वारा दिये गये निर्देशों का अक्षरत पालन सुनिश्चित किया जाएगा और शासन की मंशा और भावना के अनुरूप शासकीय कार्यक्रमों एवं योजनाओं को पूर्ण गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ सम्पन्न कराया जाएगा।

इस अवसर पर विधायक बिजनौर सूची चौधरी, नहटौर ओमकुमार, बढापुर सुशांत सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ0 धर्मवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी कामता प्रसाद सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी, जिला विकास अधिकारी, उपजिलाधिकारी सदर, अर्थ एवं संख्या अधिकारी के साथ ही अन्य प्रशासनिक तथा जिला स्तरीय अधिकारी व भाजपा जिलाध्यक्ष मौजूद थे।

मीडिया के सवालों से विचलित हो उठे मंत्री जी! बैठक के उपरांत मंत्री द्वारा स्थानीय पत्रकार बंधुओं के साथ प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान पत्रकार बंधुओं ने जनता की विभिन्न प्रकार की समस्याओं से अवगत कराया। वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र मारवाड़ी ने जनपद में बांटे जा रहे राशन में प्रति उपभोक्ता आधा किलो घटतौली का मुद्दा उठाया। वहीं संजीव शर्मा ने पूछ लिया कि उनके ग्राम धर्मनगरी में जान चौपाल कार्यक्रम के दौरान कुछ फरियादियों को दुत्कार कर भगा क्यों दिया गया? इनके अलावा अवनीश त्यागी ने नमामि गंगे व पौधरोपण कार्यक्रम में शासकीय धन के दुरुपयोग का मामला उठाया। मंत्री ने पत्रकारों द्वारा अवगत कराई गई शिकायतों की जांच व कार्रवाई के निर्देश जिलाधिकारी को दिये। हालांकि पत्रकार वार्ता के बीच में ही सवालों से विचलित मंत्री उठकर मुख्य विकास अधिकारी के कार्यालय में जा बैठे।

…तो फ्री राशन के बदले देनी पड़ेगी 27 रुपए किलो के हिसाब से पेनाल्टी

अगर आपके घर में है ये 6 चीजें…तो नहीं मिलेगा फ्री राशन और देनी पड़ेगी 27 रुपए किलो के हिसाब से पेनाल्टी।

ration card

नई दिल्ली (एजेंसी)। यदि आपने भी नियमों की धज्जियाँ उड़ाई है तो आपके पास राशन कार्ड सरेंडर करने का मौका है। केन्द्र और राज्य की सरकारों द्वारा दिया जाने वाला फ्री राशन आपके लिए बंद हो सकता है।

बताया गया है कि सरकार द्वारा 27 रूपए किलो के हिसाब से गेहूं की पेनल्टी लगाई जाती है। यह पेनल्टी तब से लागू होती है, जब से आपने राशन लेना शुरू किया था। राशन कार्ड बनवाने के नियमों में भी रसद विभाग ने बड़ा बदलाव किया है। सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद परिवार फ्री राशन ले रहा है तो आपको जेल भी हो सकती है।


इन परिस्थितयों में राशन कार्ड को करें सरेंडर
-गरीबी रेखा के मापदंडों में नहीं आने पर
-घर में तमाम सुख सुविधा होने बावजूद भी राशन लेने पर
-परिवार का सदस्य सरकारी सेवा में होने पर
-पारिवारिक आय मासिक 3000 हजार रुपए से ज्यादा होने पर
-APL के लिए पारिवारिक आय 10 हजार रुपए मासिक से ज्यादा होने पर -एक से अधिक जगह राशन कार्ड होने पर

क्या है पूरा मामला! दरअसल वर्ष 2020 में कोरोना की शुरूआत में केन्द्र सरकार ने बहुत बड़ी संख्या में राशन कार्ड जारी किए थे। इन राशन कार्ड के जरिए लोगों को राशन, अनाज, तेल, चीनी आदि उपलब्ध करवाए गए थे। उस दौरान बहुत से अपात्र लोगों ने भी कार्ड बनवा लिए थे और योजना का गलत तरीके से लाभ उठाया था। परन्तु अब सरकार चाहती है अपात्र लोगों को इस योजना से बाहर किया जाए। इसके लिए सरकार उन सभी लोगों को अपना राशन कार्ड सरेंडर करने का अंतिम अवसर दे रही हैं। यदि अपात्र होने के बावजूद भी किसी ने राशन कार्ड सरेंडर नहीं किए तो उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी औऱ उन्हें दिए गए राशन के बदले भुगतान की वसूली भी की जाएगी।

इन लोगों को माना गया है राशन कार्ड बनवाने के लिए अपात्र
ऐसे नागरिकों को इस योजना के लिए अपात्र माना गया है जिनके पास…


1. 100 वर्ग मीटर से अधिक का प्लॉट, मकान या फ्लैट है,
2. जिनके पास गाड़ी, ट्रैक्टर है,
3. जिनके पास एयरकंडीशनर है,
4. जिनकी गांवों में दो लाख रुपए व शहर में तीन लाख रुपए से अधिक की पारिवारिक आय है,
5. जिनके पास 5 किलोवाट की क्षमता का जनरेटर हो या,
6. जिनके पास एक या एक से अधिक हथियार के लाइसेंस हों।
उपरोक्त में से यदि एक भी वस्तु जिनके पास है, वे सभी नए नियमों के अनुसार योजना के लिए अपात्र माने गए हैं। उन लोगों के अपील की गई है कि वे अपना राशन कार्ड तहसील अथवा डीएसओ कार्यालय में सरेंडर कर दें। बाद में यदि जांच में उन्हें अपात्र पाया गया तो उनका राशन कार्ड निरस्त कर दिया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी।
केवल इनको मिल सकेगा Ration Card
1. ऐसे सभी परिवार जिनके पास खुद का पक्का मकान नहीं है या झुग्गी-झोपड़ियों में रहते हैं।
2. भीख मांगने वाले
3. दिहाड़ी मजदूर या कामगार
4. घरेलू काम-काज कर अपनी आजीविका चलाने वाले श्रमिक
5. ड्राईवर तथा कुली व बोझा उठाने वाले श्रमिक
6. भूमिहीन किसान
7. कूड़ा-करकट बीनने वाले
8. राज्य सरकार द्वारा चिन्हित पात्र परिवार
9. वर्ष 2011 में हुई आर्थिक जनगणना में चिन्हित किए गए गरीब परिवार

मिशन कंपाउंड के तालाब की कौन, कब लेगा सुध

बिजनौर। जिला मुख्यालय के बीचों बीच इस तालाब की सुध लेने वाला कोई नहीं है। मिशन कंपाउंड का यह तालाब बरसों से सफाई और सुंदरीकरण के लिये तरस रहा है।

चित्र में दिखाई दे रही पीले रंग की बिल्डिंग में जिला पंचायत अध्यक्ष चौधरी साकेन्द्र प्रताप का भी फ्लैट बताया जाता है।

मिशनरीज़ की खुद की संपत्ति बताए जाने वाले इसी तालाब के समीप भारतीय जनता पार्टी के सिंबल पर दूसरी बार जिला पंचायत अध्यक्ष बने चौधरी साकेन्द्र प्रताप का भी फ्लैट है! उन्होंने भी इसके सुंदरीकरण की दिशा में कोई प्रयास नहीं किया।

मिशन कंपाउंड के तालाब में कूड़े का अंबार

मच्छर, कीड़े मकोड़े की भरमार- तालाब में गंदगी के कारण तरह-तरह के कीड़े मकोड़े, जीव जंतु तो यहां पल ही रहे हैं, वहीं मच्छर भी बहुतायत में हैं। इन मच्छरों के कारण बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है।

पालिका की कूड़ा गाड़ी नहीं आती- इस तालाब में आसपास के घरों की गंदगी भी फेंकी जाती है। इसका कारण ये है कि नगर पालिका परिषद की कूड़ा उठाने वाली गाड़ी इस किसी भी क्षेत्र में नहीं आती।

विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान- शासन के निर्देशों के अनुपालन में प्रत्येक वर्ष अंतर्विभागीय सहयोग से विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान संचालित होता है, लेकिन इस तालाब की सुध लेने वाला कोई नहीं।

बरसात में घरों में घुस आते हैं सांप- बरसात के दिनों में इस तालाब में रहने वाले खतरनाक कीड़े मकोड़े, सांप आदि आसपास के घरों में घुस जाते हैं। लोग सतर्क न रहें तो कभी भी बड़ी त्रासदी के आसार हैं।

डंपिंग ग्राउंड में दफन किये जा रहे तेजतर्रार पुलिस अधिकारी!

फील्ड के महारथी माने जाने वाले कई पुलिस अफसरों की डंपिंग सेंटर जैसी जगहों पर विचित्र तैनाती के कई मामले हाल में सामने आये हैं जो कानून व्यवस्था को अपने एजेंडे में सर्वोच्च स्थान देने वाली सरकार के मद्देनजर बड़े विपर्यास की बानगी है। नवनीत सिकेरा की ख्याति एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में रही है। वे जाति से यादव जरूर हैं लेकिन उनकी प्रतिष्ठा इस बात के लिए है प्रोफेशनल ईमानदारी से समझौता करना किसी राग विराग के कारण उन्होंने प्रायः मंजूर नहीं किया। इसलिए अखिलेश की सरकार उनसे कुपित हो गई थी उनकी क्षमताओं और विशेषताओं का लाभ उठाने की उत्सुकता योगी सरकार में होनी तो चाहिए थी लेकिन पता नहीं क्यों इस सरकार ने केवल उन्हें भाव नहीं दिया बल्कि अभी तक वे पुलिस महानिदेशक कार्यालय से संबद्ध थे पर अब तो उन्हें पुलिस ट्रेनिंग स्कूल उन्नाव में एडीजी बनाकर एकदम कूड़े में फैंक दिया गया है। यही किस्सा एडीजी ज्योति नारायण के साथ किया गया। जबकि वे तो यादव भी नहीं है जो जातिगत पूर्वाग्रह के कारण इस सरकार में संदेह के शिकार बनाये जाने चाहिए थे। पर आश्चर्य जनक रूप से वे भी मौजूदा सत्ताधारियों की प्रताड़ना लिस्ट में दर्ज दिख रहे हैं।
ज्योति नारायण जहां भी जिले के पुलिस प्रमुख रहे उन्होंने पीड़ित फरियादियों के बीच मसीहा की छवि बनायी। राजनीतिक दबाव कितना भी पड़ा हो पर वे अन्याय के शिकार व्यक्ति के संरक्षण के अपने दायित्व से मुकरते नहीं थे जिससे महीना दो महीना में ही ट्रांसफर होना उनकी नियति बन गया था। एक बार तो सरकारी पक्ष के दबंगों के खिलाफ एक्शन लेने की जिद के कारण उनका फिरोजाबाद से रातों-रात तबादला कर दिया गया। यह तबादला जालौन जिले के लिए किया गया था लेकिन यहां वे कार्यभार संभाल पाते इसके पहले ही उन्हें अगले आदेश की प्रतीक्षा करने के लिए कह दिया गया। वे 24 घंटे अधर में रहे। इस बीच उन्होंने अपनी उपस्थिति को लेकर डीजीपी कार्यालय से मार्गदर्शन मांगा तो मालूम हुआ कि डीजीपी खुद ही उन्हें चार्ज लेने से रोके जाने के आदेश से अवगत नहीं हैं। किसी ईमानदार अधिकारी को जलील करने की यह पराकाष्ठा थी।
उनकी कार्यशैली की वजह से खासतौर पर सपा के समय का निजाम उनसे इस कदर नाराज था कि जब डेपूटेशन पर उन्हें एनआईए में शामिल किया जा रहा था तो तत्कालीन प्रदेश सरकार ने उनको रिलीव करने पर स्टाप लगा दिया। उन दिनों ज्योति नारायण का परिवार भी बहुत तनाव में आ गया था। उनकी पत्नी का कहना था कि हम जहां भी जाते हैं अपने सामान की पैकिंग खोल नहीं पाते कि नये तबादले का आदेश थमा दिया जाता है। खानाबदोशी की इस जिंदगी से वे तंग आ चुकी हैं इसलिए बेहतर होगा कि नौकरी छोड़कर अपने पुस्तैनी कारोबार को सेटिल करें। खुद ज्योति नारायण भी इतने मायूस थे कि पत्नी की बात मानकर आईपीएस के शानदार कैरियर के मोह को तिलांजलि देकर इस्तीफा देने की तैयारी में लग गये थे। वह तो भला हो उस समय के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का। तत्कालीन एनआईए डीजी ने व्यक्तिगत रूप से अखिलेश से मुलाकात की और उनसे अनुरोध किया कि ज्योति नारायण जैसे बेहतरीन अफसर की एनआईए को प्रभावी ढ़ंग से खड़ा करने के लिए उन्हें बेहद जरूरत है इसलिए वे ज्योति नारायण को उत्तर प्रदेश से कार्यमुक्त कर दें। अखिलेश को बात समझ में आयी और उन्होंने ज्योति नारायण को छोड़ दिया।
केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति से उत्तर प्रदेश वापस आने पर पहले तो योगी सरकार ने उनके प्रोफाइल का ध्यान रखकर उन्हें बेहतर ढ़ंग से नवाजा और आईजी एलओ बना दिया कुछ समय बाद वे एडीजी के रूप में प्रोन्नत हो गये लेकिन तब तक उत्तर प्रदेश में पुलिस और प्रशासन में चल रही गिरोहबंदी के निशाने पर चढ़ जाने की वजह से उनके सितारे डगमगा चुके थे। उन्हें एडीजी यातायात और सड़क सुरक्षा बनाया गया जबकि उम्मीद की जा रही थी कि किसी महत्वपूर्ण जोन की कमान उन्हें सौंपी जायेगी क्योंकि इसके लिए उनकी उपयोगिता अधिक थी।

सरकार में हावी जातिवाद- दुर्भाग्य यह है कि इस सरकार में संवेदनशील पदों पर नियुक्तियों के मामले में जातिवाद हावी है। उदाहरण के तौर पर जेएन सिंह जैसे अफसर जोन की कमान के हकदार बने हुए हैं जिन्हें योगी की सरकार आने पर पहले लखनऊ रेंज का डीआईजी बनाया गया था पर उनसे यह जिम्मेदारी नहीं संभली, जिससे उनको हटाना पड़ गया था। उस समय प्रदेश की राजधानी में एसएसपी और आईजी जोन पुलिस की पूरी व्यवस्था को कैप्चर किये हुए थे। जोन एडीजी अभय कुमार प्रसाद थे जो अनु0जाति के थे इसलिए कोई इंस्पेक्टर और थानाध्यक्ष उनकी नहीं सुनता था। यह जानते हुए भी एसएसपी और आईजी जोन की नाकामी के लिए एडीजी जोन बिना बात में ही नाप दिये गये जो अभी तक ईओडब्ल्यू में दिन गुजार रहे हैं जबकि जेएन सिंह कुछ दिनों लूपलाइन में रहने के बाद फिर मुख्यधारा में वापस आ गये और आईजी के बाद एडीजी बनने पर भी उनका जलबा बरकरार है।
बहरहाल ज्योति नारायण यातायात और सड़क सुरक्षा के ही एडीजी बने रहते तो भी गनीमत थी पर जब उन्हें जालौन में एडीजी ट्रेनिंग के रूप में स्थानांतरित किये जाने का आदेश जारी हुआ तो लोगों को बहुत अटपटा लगा है। वैसे भी पुलिस के ट्रेनिंग स्कूलों में एडीजी स्तर के अधिकारियों की तैनाती का कोई औचित्य नहीं है। यह तो पुलिस में सक्षम मानव संसाधन की बर्बादी है। फिर भी अगर पीटीएस में एडीजी की तैनाती किसी नियमगत बाध्यता के कारण अपरिहार्य ही हो तो ऐसे चुके हुए अफसर इसके लिए तलाशे जाने चाहिए जिनमें काम की कोई उमंग न बची हो और ऐसे अफसरों की भी उत्तर प्रदेश में कमी नहीं है।
दरअसल ऐसा लगता है कि पुलिस सेटअप के कर्ताधर्ता के रूप में कोई काकस हावी हो गया है जिसने किसी तिकड़म से मुख्यमंत्री का भरोसा जीत रखा है और इसका गलत फायदा उठाने में कसर नहीं छोड़ रहा। यह सही है कि संगठित अपराधों पर इस सरकार ने लगभग लगाम लगा दी गई है पर रोजमर्रा के अन्याय और भ्रष्टाचार को रोकने के दायित्व को लेकर यह सरकार वीतराग हो चुकी है। जबकि खतरनाक स्थितियों के निर्माण के लिए इस तरह की अनदेखी बीज का काम करती है। पुलिस में जब रिश्वत लेने की आदत को पनपने दिया जाता है तो भले ही पहले मामला सीमित रहे पर इसके बाद अनिवार्य रूप से लालच और दुस्साहस बढ़ने की परिणति तक स्थितियां पहुंच जाती हैं। फिर बड़ी रिश्वत का लालच जहां बढ़ा वहीं पुलिस संगीन से संगीन अपराधो में सहभागी तक बनने लगती है और यहीं से माफिया तंत्र को फिर से सिर उठाने का मौका मिल जाता है। इसलिए पुलिस रूटीन में भी ईमानदार रहे इसका संकल्प सरकार में अनिवार्य रूप से होना चाहिए।


काकस चला रहा सिस्टम? मोदी-योगी युग शुरू होने के पहले हमारे लोकतंत्र की दिशा कुछ और मानी जाती थी। यह धारणा थी कि सरकार आती जाती रहेगी लेकिन ऐसी स्थिति बनाई जाये जिससे सिस्टम राजनैतिक उठा पटक से अछूता रहकर अपना काम स्थापित नियमों और परंपराओं के मुताबिक करता रहे। जोर इस बात पर था कि सिस्टम को ज्यादा से ज्यादा कारगर बनाया जाये इसके लिए समय-समय पर संस्थागत मजबूती के कदम उठाये जाते रहें। तब हमारे रोल माडल अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस आदि यूरोपीय देशो की लोकतांत्रिक व्यवस्था थी। पर आज भले ही देश की मौजूदा सरकार कम्युनिष्ट चीन से वैचारिक तौर पर विपरीत ध्रुव पर हो पर व्यवहारिक तौर पर वह उसके वन पार्टी रूल के माडल को आत्मसात करने में लगी है। प्रशासनिक नार्मस से लेकर हर चीज को इस उद्देश्य के लिए झोंका जा रहा है। इसमें सिस्टम को निरपेक्ष तौर पर मजबूत किये जाने की कोई गुंजाइश ही नहीं बची है। उत्तर प्रदेश में वह काकस जिसका केन्द्र शासन में है पुलिस सिस्टम को भी इस उद्देश का उपकरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और हावी नजर आ रहा है। इसलिए संस्थान को बाईपास करके पुलिस को संचालित करने की नई लीक शुरू की गई है। चर्चा इस बात की है कि पुलिस के मुखिया का पद अब कागजी बनाकर रखने की कोशिशें चल रही हैं जबकि विभाग का पूरा नियंत्रण कहीं और से होता है। इसी का असर है कि पुलिस में महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती के लिए संबंधित जिम्मेदारी के अनुरूप अधिकारी की रूचि व क्षमता को आधार बनाने का रिवाज ओझल कर दिया गया है आशंका है कि इसके दूरगामी नतीजे सुशासन की संकल्पना पर भारी पड़ेंगे। वैसे कहा यह भी जाता है कि यह गड़बड़ियां तभी तक चल पायेंगी जब तक सीएम योगी को वस्तुस्थिति पता नहीं चलती। जिस दिन उन्हें पता चल जायेगा कोई अपने को उनका कितना भी चहेता क्यों न समझता हो उसे निपटाने में वे देर नहीं करेंगे।

केपी सिंह, जालौन टाइम्स

मुफ्त राशन लेने वाले अपात्रों से वसूली करेगी सरकार

आया राशन कार्ड का नया न‍ियम, अपात्र तुरंत करें सरेंडर वरना सरकार करेगी वसूली

Ration Card New Rule : राशन कार्ड का आया नया न‍ियम, तुरंत करें सरेंडर वरना सरकार करेगी वसूली

लॉकडाउन के दौरान स्वघोषित आय और आधार कार्ड के आधार पर ऑनलाइन राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी जिसकी आड़ में कुछ संपन्न लोगों ने भी इसके तहत राशन कार्ड बना लिए थे। अब सरकार इस पर कार्रवाई कर वसूली की योजना बना रही है। साथ ही राशन कार्ड निरस्त करने की भी योजना है।

नई दिल्ली। (एजेंसी)। कोव‍िड-19 महामारी के दौरान शुरू की गई मुफ्त राशन योजना का लाभ कई अपात्र पर‍िवार भी उठा रहे हैं। ऐसी शिकायतें मिलने के बाद सरकार की तरफ से ऐसे पर‍िवारों से राशन कार्ड को सरेंडर करने की अपील की गई है।

सरकार की तरफ से कुछ शर्तों के तहत राशन कार्ड सरेंडर करने का न‍ियम बनाया गया है। इन न‍ियमों की अनदेखी भारी पड़ सकती है और आपसे वसूली हो सकती है। इतना ही नहीं आपके ख‍िलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

पात्र कार्ड धारकों को नहीं म‍िल पा रहा राशन

दरअसल, कोरोना महामारी के दौरान सरकार ने गरीब परिवारों को मुफ्त राशन देना शुरू क‍िया था। सरकार की तरफ से शुरू की गई यह व्‍यवस्‍था गरीब पर‍िवारों के ल‍िए अभी तक लागू है। इस बीच सरकार की जानकारी में आया है क‍ि कई राशन कार्ड धारक, इसके योग्‍य ही नहीं हैं और वे फ्री राशन का लाभ उठा रहे हैं। वहीं योजना के पात्र कई कार्ड धारकों को इसका फायदा नहीं म‍िल पा रहा है।

जांच के बाद होगी कानूनी कार्रवाई

अब अध‍िकार‍ियों के माध्‍यम से अपात्र लोगों से तुरंत राशन कार्ड सरेंडर करने के ल‍िए कहा जा रहा है। अगर कोई अपात्र व्‍यक्‍त‍ि राशन कार्ड सरेंडर नहीं करता है तो जांच के बाद उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

होगी वसूली

यद‍ि राशन कार्ड को सरेंडर नहीं किया जाता है तो ऐसे लोगों का कार्ड जांच के बाद रद्द कर द‍िया जाएगा। साथ ही उस परिवार के ख‍िलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। इतना ही नहीं जब से वह राशन ले रहा है, तब से राशन की वसूली भी की जाएगी।

सरकारी राशन के ल‍िए अपात्र लोग

मोटरकार, ट्रैक्टर, एसी, हार्वेस्टर, पांच केवी या अधिक क्षमता का जनरेटर, 100 वर्ग मीटर का प्लाट या मकान, पांच एकड़ से अधिक जमीन, एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस, आयकरदाता, ग्रामीण क्षेत्र में परिवार की आय 2 लाख प्रतिवर्ष और शहरी क्षेत्र में 3 लाख रुपए प्रतिवर्ष वाले परिवार योजना के लिए अपात्र हैं। ऐसे लोगों को अपना राशन कार्ड तहसील और डीएसओ कार्यालय में सरेंडर करना होगा।

लोगों से अपील

कई राज्‍यों में पात्र लोगों का राशन कार्ड नहीं बन पा रहा है। ऐसे में सरकार की तरफ से लोगों से अपील की गई है कि अपात्र लोग राशन कार्ड को सरेंडर कर दें, ताकि गरीब परिवारों का कार्ड बनाया जा सके। राशन कार्ड सरेंडर नहीं करने पर ऐसे लोगों के ख‍िलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

बिजनौर में कारगर होगा अवैध टैक्सी व बसों के खिलाफ अभियान?

बिजनौर। जिले भर में अवैध रूप से टैक्सी व बसों का संचालन धड़ल्ले से हो रहा है। संबंधित विभाग की हीलाहवाली के चलते शासन को लाखों के राजस्व की क्षति प्रतिमाह हो रही है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

जनपद मुख्यालय सहित धामपुर, नजीबाबाद, चांदपुर, अफजलगढ़, शेरकोट, नूरपूर आदि लगभग सभी स्थानों पर अवैध वाहनों का संचालन बदस्तूर जारी है। संबंधित अधिकारियों के इस ओर ध्यान न देने से यात्रियों की जान से भी खिलवाड़ हो रहा है। बिजनौर रोडवेज बस स्टैंड के बाहर से ही दिल्ली को जाने वाले अवैध वाहनों की भरमार है। धामपुर क्षेत्र से आने-जाने वली कई लक्ज़री बसों का गंतव्य देश की राजधानी दिल्ली है। रोजाना हजारों सवारियों को ढ़ोने वाले इन लोगों पर एक प्रभावशाली नेता का वरदहस्त बताया जाता है। इसी तरह चौपहिया वाहनों की भी संख्या कम नहीं है। बताया गया है कि अवैध टैक्सियों के संचालन में थाना कोतवाली शहर के कुछ पुलिस कर्मियों की सांठगांठ है। यहां भी नेतागिरी जिंदाबाद है। महीना बांध कर ये धंधा कराया जा रहा है। वर्तमान में हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के दो लोगों ने इस धंधे की कमान संभाल रखी है। शिकायत के बावजूद पुलिस-प्रशासन का कोई अधिकारी कार्रवाई करने से क्यों लाचार है, ये बात आम व्यक्ति की समझ से परे है। ऐसे में अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी के अवैध टैक्सी, ऑटो व बस स्टैंड के संचालन की रोकथाम के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का निर्देश परवान कैसे चढ़ सकेगा, इसमें यकीनन संदेह है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने अवैध टैक्सी, ऑटो व बस स्टैंड के संचालन की रोकथाम के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का दिया है निर्देश

गौरतलब है कि अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने अवैध टैक्सी, ऑटो व बस स्टैंड के संचालन की रोकथाम के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। सभी जिलों के एसएसपी और पुलिस आयुक्त से कहा है कि 30 अप्रैल तक इस अभियान के परिणाम की विस्तृत रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराएं। संयुक्त रिपोर्ट के साथ एक प्रमाण पत्र भी दें कि किसी जिले में कोई भी अवैध टैक्सी, ऑटो या बस स्टैंड संचालित नहीं हो रहा है।

स्मार्ट सिटी की तर्ज पर होगा गांवों का कायाकल्प: योगी

लखनऊ। स्मार्ट सिटी की तरह स्मार्ट गांव बनाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संकल्पना को साकार रूप देने  के लिए प्रदेश सरकार जोरदार प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ग्राम पंचायतों को हाईटेक बनाने का अभियान युद्ध स्तर पर छेड दिया गया है। योगी आदित्यनाथ रविवार को जालौन जिले के डकोर ब्लाक की पंचायत ऐरी रम्पुरा में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे थे।

प्रत्येक पंचायत में होगा नियमित सचिवालय

उन्होंने प्रदेश की चुनिंदा ग्राम पंचायतों के हाईटेक सुसज्जतिकरण का डिजिटल लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा ग्राम पंचायतों को विकास की धुरी के रूप में सशक्त करने की है। प्रदेश सरकार ने इसके अनुरूप प्रत्येक ग्राम पंचायत में नियमित सचिवालय शुरू करने का खाका तैयार किया है। इसके लिए सभी पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से आच्छादित किया जाएगा ताकि पंचायत सचिवालय में निर्बाध इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध हो सके। इससे ग्रामीणों को अपने सारे जरूरी प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन और उन्हें प्राप्त करना संभव हो जाएगा।

प्रधानों को दिए मॉडल ग्राम पंचायत बनाने के टिप्स

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्रामीणों को सप्ताह में एक दिन बैठक करके  महिला सुरक्षा और सभी सरकारी योजनाओं से अवगत कराया जाना चाहिए। उन्होंने गांव के स्कूल भवनों के सुंदरीकरण, जल संरक्षण हेतु अमृत सरोवर और नौनिहालों को खुशनुमा सुविधाओं की व्यवस्था आदि के बारे में मॉडल ग्राम पंचायत बनाने को ले कर टिप्स दिए। इसके पहले योगी ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय  जिला पंचायत सशक्तिकरण सम्मान से जिला पंचायत को अलंकृत किया। ऐरी रम्पुरा के युवा प्रधान ओंकार पाल को बाल मित्र ग्राम पंचायत सम्मान व कुठौंद ब्लॉक अंतर्गत कुरेपुरा कनार के प्रधान शिवदास गुप्ता को पंडित दीन दयाल उपाध्याय  ग्राम पंचायत सशक्तिकरण सम्मान से नवाजा।

जूनियर से अपग्रेड होकर अब हाई स्कूल

ऐरी रमपुरा के प्रधान ओंकार पाल की मांग पर उन्होंने गांव के जूनियर हाई स्कूल को अपग्रेड करके हाई स्कूल की मान्यता देने की घोषणा की। कहा कि गांव में स्वास्थ्य व चिकित्सा की व्यवस्था के लिए प्रारंभिक तौर पर हेल्थ पोस्ट स्थापित की जाएगी, जिसे बाद में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप  में तैयार  किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश के पंचायती राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री भानु प्रताप वर्मा, जिले के सभी विधायक, एमएलसी रमा निरंजन  और जिला पंचायत अध्यक्ष मौजूद रहे।

शिकायत से ख़फ़ा डीलर ने बंद किया गरीबों का राशन

बिजनौर। राशन डीलर द्वारा तय मात्रा से कम मात्रा में राशन देने के सम्बन्ध में उपजिलाधिकारी चान्दपुर से शिकायत करना गरीब उपभोक्ताओं को भारी पड़ा है। नाराज डीलर ने उनके कार्ड निरस्त कराने की धमकी देते हुए राशन देना बंद कर दिया है। अब मामला जिलाधिकारी के दरबार में पहुंच गया है।

मामला ग्राम महबुल्लापुर ढाकी वि०ख० जलीलपुर जिला बिजनौर का है। यहां के रहने वाले तथा सरकार द्वारा पात्र राशन प्राप्तकर्ता उपभोक्ता राशन डीलर की मनमानी का शिकार हो कर रह गए हैं। आरोप है कि गांव का अधिकृत राशन डीलर यकील अहमद सभी ग्रामवासियों को तय मात्रा से कम मात्रा में राशन देता है। यही नहीं जितना देता है वो भी तौले गये राशन से कम निकलता है। भुक्तभोगियों ने जब उक्त राशन डीलर से ऐसा करने से मना किया तो वह आगबबूला हो कर गाली गलौज व धमकाते हुए कहने लगा, लेना हो तो लो वरना राशनकार्ड ही निरस्त करा दूंगा।

ऊपर तक पहुंचाता हूं पैसा!- पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने कहा कि उन्हें तो सरकार द्वारा तय राशन ही चाहिए तो उसने कहा जो तुम से हो कर लेना, मेरी पहुंच ऊपर तक है। सब को पैसे पहुंचाता हूं, मेरा किसी से कुछ नहीं होने वाला है। इस सम्बन्ध में दिनांक  25.02.2022 को एक पत्र उपजिलाधिकारी चान्दपुर को दिया गया। उन्होंने जांच करने हेतु कुछ कर्मचारी गांव में भेजे। उन कर्मचारियों ने कहा कि पूरे गांव से लिखवा कर दो; 5-10 आदमियों की शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं होगी। आरोप यह भी है कि जांच करने पहुंचे कर्मचारी राशन डीलर के घर में आधा घंटे तक बैठे रहे और उस से हमसाज होकर कोई कार्यवाही नहीं की।

…और करो मेरी शिकायत- जब इस शिकायत का पता राशन डीलर को लगा तो उसने शिकायतकर्ताओं को राशन देने से मना कर दिया और कहा कि और करो मेरी शिकायत,  तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते, जांच कर्मचारियों को भी सैट कर दिया है। इसके बाद आज तक उक्त राशन डीलर ने राशन देने से मना कर दिया और धमकाया कि वह राशनकार्ड निरस्त करवा कर ही दम लेगा। उक्त शिकायत पर उपजिलाधिकारी द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गयी उल्टा जांच कर्मचारी राशन डीलर से हमसाज होकर गरीब पात्र उपभोक्ताओं के लिये मुसीबत पैदा कर आये।

…अब डीएम से ही आसरा- जिलाधिकारी को भेजे शिकायती पत्र में कहा कि वह गरीब व मजदूर वर्ग के व्यक्ति हैं तथा उनके परिवार का भरण पोषण राशन से ही चलता है; जो कि पहले तो कम मिलता था अब बिल्कुल ही मिलना बंद हो गया है। पीड़ितों ने जिले के सर्वोच्च अधिकारी से प्रार्थना की है कि उक्त राशन डीलर के विरुद्ध उचित जांच कर उनका राशन दिलाया जाए। डीएम को शिकायती पत्र भेजने वाले गरीब उपभोक्ताओं में परवेज फुरकान, सलीम हैदर, मजहर, साबिर, तसलीम फात्मा, रेशमा साईद, फुरकान, मौ० मन् कलवा खां, कल्लो, हनीफ शामिल हैं।

नियमों को ताक पर रखकर मदरसे में नियुक्तियों की तैयारी!

बिजनौर। मदरसा मिफ्ताह उल उलूम. चान्दपुर में नियमों को दरकिनार कर विभिन्न पदों पर नियुक्तियों का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में मदरसे के उप सचिव/ उप प्रबन्धक इफ्तेखार अहमद ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को शिकायती पत्र भेजा है। पत्र में अनियमितता संबंधी जानकारी दी गई है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र में आरोप लगाया गया है कि तथाकथित प्रबन्धक / सेकरेट्री मदरसा मिफ्ताह उल उलूम, कराल रोड, चान्दपुर, जिला बिजनौर द्वारा एक स्थानीय समाचार पत्र में दिनांक : 19.04.2022 में सहायक अध्यापक (तहतानिया). सहायक अध्यापक (फौकानिया), प्रवक्ता/मुदर्रिस, कनिष्ठ सहायक एवं प्रधानाचार्य के पदों का नियम विरूद्ध विज्ञापन प्रकाशित कराया गया है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि मदरसा मिफ्ताह उल उलूम, कराल रोड, चान्दपुर, जिला- बिजनौर शासन द्वारा मान्यता एवं सहायता प्राप्त एक अल्पसंख्यक मदरसा है। उक्त मदरसे के तथाकथित प्रबन्धक / सेकरेट्री मौ0 जीशान एवं मदरसा प्रधानाचार्य द्वारा हमसाज होकर कूटरचित एवं षड्यन्त्र रच कर उक्त मदरसे के रिक्त पदों को जिला अल्पसंख्याक कल्याण अधिकारी, बिजनौर के साथ मिल कर पदों पर नियुक्तियां करना चाह रहें है। उन्होंने बताया कि शासन की मंशा निस्तर समाचार पत्रों में प्रकाशित हो रही है, कि अब मदरसों में भी नियुक्तियां MTET उत्तीर्ण अभ्यार्थियों की ही नियमानुसार होनी है, जिससे मदरसे में अध्ययनरत छात्रों को गुणवत्ता के साथ साथ उच्चकोटि की शिक्षा प्राप्त हो सके, परन्तु मदरसे के तथाकथित प्रबन्धक, प्रधानाचार्य एवं जिला अल्पसंख्याक कल्याण अधिकारी, बिजनौर आपस में मिल कर अपने सगे सम्बन्धियों को नियुक्त करना चाह रहे हैं। उक्त के अतिरिक्त विभिन्न कारणें से भी उक्त विज्ञापन निरस्त होने योग्य है। इसकी क्रमवार जानकारी देते हुए बताया कि (01) मौ० जीशान प्रबन्धक / सेकरेट्री के चुनाव से सम्बन्धित एक वाद माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबद में याचिका संख्या 10898 / 2022 के अन्तर्गत लम्बित है, जबकि नियमानुसार कोई भी अधिकारी किसी मदरसे में नियुक्ति की अनुमति तभी प्रदान करता है, जब प्रबन्धक /सेकरेट्री प्रबन्ध समिति से सम्बन्धित कोई वाद न्यायालय में लम्बित ना हो।

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(02) मदरसे में नियुक्ति से पूर्व किसी चयन समिति का गठन नही किया गया है, जबकि मदरसा नियमावली में उक्त चयन समिति के गठन का प्रावधान निहित है।

(03) शासन द्वारा नीतिगत निर्णय लगातार समाचार पत्रों में प्रकाशित होते रहते हैं, जिससे ज्ञात हुआ, कि शासन तीन वर्षों से एक ही जिले में तैनात अधिकारियों के स्थानान्तरण की नीति घोषित करने जा रही है। जिला अल्पसंख्याक कल्याण अधिकारी बिजनौर जिले में तीन वर्ष से नियुक्त हैं। आरोप है कि उक्त अधिकारी अपने स्थानान्तरण से पूर्व एक मोटी रकम एवं एक पद पर अपने परिचित की नियुक्ति के इरादे से जल्द से जल्द नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करना चाहते हैं!

(04) विज्ञापन में कनिष्ठ सहायक के एक पद पर विज्ञापन प्रकाशित कराया गया है, जबकि कनिष्ठ सहायक की नियुक्ति हेतु P.E.T. परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक बनाया गया है, जबकि विज्ञापन में उक्त परीक्षा का कहीं भी उल्लेख नहीं किया गया है। मदरसे के उप सचिव/ उप प्रबन्धक इफ्तेखार अहमद ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है, कि विज्ञापन को रद्द करने हेतु सम्बन्धित अधिकारी को निर्देशित किया जाए। शिकायती पत्र की प्रतिलिपि रजिस्ट्रार मदरसा शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश, मंडलायुक्त मुरादाबाद, जिलाधिकारी बिजनौर व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को भेजी गई हैं।

गौरतलब है कि मदरसा बोर्ड ने मदरसा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से योग्य शिक्षकों के चयन के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की तर्ज पर मदरसा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एमटीईटी) लागू करने का निर्णय लिया है। बोर्ड ने रजिस्ट्रार को इसका प्रस्ताव बनाकर शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। यानी अब मदरसों में रिक्त पदों पर भर्तियां उन्हीं अभ्यर्थियों से की जाएंगी जो एमटीईटी परीक्षा पास होंगे। वर्तमान में करीब 550 मदरसा शिक्षकों के पद रिक्त हैं। एमटीईटी के लागू होने से भर्तियों में भाई-भतीजावाद के आरोप भी नहीं लगेंगे

दिल्ली पुलिस का दावा; साजिशन थी जहांगीरपुरी में हिंसा

दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट; कहा साजिश के तहत फैलाई गई थी जहांगीरपुरी में हिंसा

नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली पुलिस ने जहांगीरपुरी हिंसा मामले में अपनी आरंभिक रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप दी है जिसमें आपराधिक साजिश की बात कही गई है। सूत्रों के अनुसार इस मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की शाखा ने अंतरिम रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में हिंसा का करण मोटे तौर पर आपराधिक साजिश को बताया गया है। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में गृह मंत्रालय को हिंसा की घटना से संबंधित जानकारी तथा इससे निपटने के लिए उसके द्वारा उठाए गए कदमों की विस्तार से जानकारी दी है।



रिपोर्ट में अब तक की गई जांच के आधार पर हिंसा के पीछे किसी साजिश की बात कही गई है। दिल्ली पुलिस इस मामले में शनिवार रात से ही जांच में जुट गई थी और उसने अब तक करीब 25 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोगों से घटना के बारे में पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि शोभायात्रा निकालने के लिए संबंधित अधिकारियों से प्रक्रिया के अनुसार अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस ने इस बात को काफी गंभीरता से लिया है और आयोजन कर्ताओं के खिलाफ भी इस मामले में कार्रवाई की जा रही है। उल्लेखनीय है कि जहांगीरपुरी में शनिवार को हनुमान जयंती के मौके पर जब शोभायात्रा निकाली जा रही थी तो जुलूस पर कुछ लोगों ने पथराव किया। इसके बाद हिंसा और आगजनी की घटनाएं भी हुई। हिंसा में पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए थे। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार शाम को ही दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों से बात करके उन्हें राजधानी में कानून -व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए थे। साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को भी कहा था।

Delhi Jahangirpuri violence how it started communal atmosphere charged in  various parts of country - India TV Hindi News



दिल्ली पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मस्जिद पर भगवा झंडा फहराने की जो बातें चल रही थी वह पूरी तरह से निराधार है। दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में अब तक सामने आए वीडियो, हथियार चलाने की घटनाओं की सभी तरह की फॉरेंसिक बैलेस्टिक जांच कराई जा रही है, जिनके आधार पर पूरी तरह से पहचान किए जाने के बाद ही लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है।

एन्टी लारवा के छिड़काव की डीएम से मांग

नगर में एन्टी लारवा छिड़काव, वार्ड सफाई, मिनी डंपिंग साइट, ब्लीचिंग पाउडर छिड़काव की मांग

अमेठी (हरिकेश यादव)। उत्तर प्रदेश शासन के आदेश के अनुपालन में डा. भीम राव अम्बेडकर जयन्ती के पहले (संचारी रोग नियंत्रण नियंत्रण अभियान 02 अप्रैल से 30 अप्रैल) नगर पंचायत अमेठी में 12 एवं 13 अप्रैल 2022 को प्रातः कालीन सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करें। नालियों में एंटी लारवा का छिड़काव कराया जाए। वृहद नाला सफाई अभियान चलाया जाए। इसके अतिरिक्त वार्डों में स्थित मिनी डंपिंग साइट को साफ करवाते हुए ब्लीचिंग पाउडर डलवाने की मांग जिलाधिकारी अमेठी से की गई।

मांग करने वालों में नगर पंचायत अमेठी के सभासद अरुण कुमार अग्रहरि उर्फ चुन्नू, पुष्पा कनौजिया, रीना जायसवाल, लालता प्रसाद शर्मा, मोहम्मद अकील,आशुतोष मिश्र, मोहम्मद आसिफ, लाईक हवारी, मोहम्मद अली, शहरबानो, मोहम्मद सिद्दीकी, राजा वर्मा, वकील अहमद, बिजय अग्रवाल, राकेश माडवारी, सोनू कसौधन आदि शामिल रहे।

बलिया केस: पत्रकारों का धरना प्रदर्शन, नारेबाजी

बिजनौर। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश पंजीकृत इकाई जनपद बिजनौर के तत्वावधान और प्रदेश अध्यक्ष सौरभ कुमार के निर्देश पर बलिया में पेपर लीक प्रकरण के मद्देनजर जेल भेजे गए तीन पत्रकारों के प्रकरण में पत्रकारों ने कलक्ट्रेट में धरना देकर जोरदार प्रदर्शन कर नारेबाजी की।

इस दौरान एसोसिएशन के मंडल प्रभारी / जिलाध्यक्ष डॉ०भानु प्रकाश वर्मा, वरिष्ठ महामंत्री / मंडल अध्यक्ष नरेश भास्कर, जिला उपाध्यक्ष डॉ० नरेश पाल सिंह, जिला उपाध्यक्ष पुनीत गोयल, अवनीश शर्मा, मन्नान सैफी, नारायण किशोर, डॉक्टर अमानत अली, डॉक्टर सज्जन, सरदार गिरेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, सुनील नारायण, गौरव पाल, रोहित कुमार, सुनील कुमार, महामंत्री जितेंद्र कुमार, जिला उपाध्यक्ष डॉक्टर आलम फरीदी, देवेंद्र चौधरी, शेर सिंह चौधरी, कौशल शर्मा, मूलचंद चौधरी, विक्रांत त्यागी, मोहम्मद अकरम, रवि गांधी, विजेंद्र शर्मा, संजय शर्मा, धर्मवीर सिंह, ओमपाल सिंह प्रजापति, अनुज चौधरी, कामेंद्र चौधरी, सुरेंद्र शर्मा, नवाबुद्दीन, मोहम्मद इदरीश, परवेज दानिश, रोहित, भोनेंद्र शर्मा, महेश शर्मा, नरेश गौतम, बबलू सिंह चौहान, मास्टर राजपाल सिंह, बृजेश चंद शर्मा, परम सिंह, अनवार अहमद आदि पत्रकारों ने घटना को लेकर तीव्र आक्रोश जताया। जिलाधिकारी बिजनौर को प्रदेश की राज्यपाल महोदया के नाम ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में निर्दोष पत्रकारों की अविलंब रिहाई, नकल माफियाओं के कु-कृत्यों की न्यायिक जांच एवं पेपर लीक का खुलासा करने वाले पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने, बलिया जनपद के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक तथा अन्य अधिकारियों की भूमिका की न्यायिक जांच कराने, दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग की गई।

दिल्ली के स्कूलों में कोरोना वायरस ने दी दस्तक

नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली एनसीआर में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच नोएडा, गाजियाबाद के स्कूलों में बच्चे संक्रमित पाए जाने लगे हैं, वहीं अब दिल्ली के स्कूल में भी कोरोना वायरस ने दस्तक दी है, इसी को देखते हुए दिल्ली सरकार अब किसी भी वक्त स्कूलों में एक नए सिरे से गाइडलाइंस जारी कर सकती है। दरअसल दिल्ली के निजी स्कूलों में एक छात्र और शिक्षक कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, इसके बाद क्लास के सभी छात्रों को छुट्टी दी गई?। दिल्ली सरकार मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए है और स्कूल सरकार के साथ रिपोर्ट भी साझा कर रही है।

New Delhi: Deputy CM Manish Sisodia addresses during a press conference on Himachal CM issue, in New Delhi, Thursday 07, 2022. (Photo: IANS/Anupam Gautam)


दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को कहा कि, मैंने शिक्षा विभाग के लोगों को कहा है कि अभी स्कूलों की छुट्टियां हैं। इस बीच में मामलों पर नजर रखते हुए सामन्य गाइडलाइंस स्कूल के लिए जारी करें, तो कल हम गाइडलाइंस भी जारी करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि, कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हुई है, पर अभी ऐसी कोई चिंता की बात नहीं है। मरीज अस्पतालों में भर्ती नहीं हो रहे हैं, यह नया वायरस ओमिक्रॉन जैसा ही है, अभी जीनोम सीक्वेंसिंग होना बाकी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह पुराना वायरस ही है या नहीं।

कूड़ा फेंकने के विवाद में पथराव आगजनी

कानपुर। पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा जिस समय पुलिस अफसरों के साथ महानगर की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने को पैदल मार्च कर रहे थे, उसी दौरान किदवई नगर थाना क्षेत्र के जूही लाल कॉलोनी में कूड़ा फेंकने के मामले को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद हो गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई और पथराव के साथ आगजनी की वारदात को भी अंजाम दिया गया। घटनास्थल पर मचे बवाल की चपेट में आकर कई लोग घायल एवं चोटिल हो गए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अफसर पैदल मार्च से सीधे मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इस सिलसिले में दोनों पक्षों के 8 लोगों को हिरासत में लेते हुए मामले को शांत कराया है। फिलहाल एहतियात के तौर पर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।

जूही लाल कॉलोनी के रहने वाले लुकमान एवं हरिचंद आपस में पड़ोसी हैं, मंगलवार की दोपहर दोनों पक्षों के बीच कूड़ा फेंकने को लेकर विवाद हो गया था। थाने तक मामला पहुंच जाने के बाद पुलिस द्वारा दोनों को बुलाया गया और समझौता कराकर वापस भेज दिया। घर पहुंचने के बाद रात के समय एक बार फिर से दोनों पक्षों के बीच विवाद भड़क गया, जिसके चलते मारपीट के साथ पथराव होने लगा। आरोप है कि एक पक्ष ने इस दौरान दूसरे पक्ष के घर में आग भी लगा दी।

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा और एडीसीपी मनीष सोनकर समेत गोविंद नगर एवं बाबू पुरवा क्षेत्र का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस फोर्स को देखकर बवाल काट रहे दोनों पक्षों के लोग वहां से भाग निकले। पुलिस ने भाग दौड़ करते हुए दोनों पक्षों के 8 लोगों को हिरासत में ले लिया है।

एडीसीपी मनीष सोनकर ने बताया कि दो पक्षों के बीच में मारपीट एवं पथराव के मामले की जांच की जा रही है। बवाल के दौरान घर पर आग लगा दी गई या फिर फंसाने के लिए खुद ही आग लगाई है। इस मामले की जांच की जा रही है।

वैष्णोंदेवी: एक घंटे में डेढ़ हजार श्रद्धालु रोपवे से पहुंचेंगे अधकुंवारी

नई दिल्ली (एजेंसी)। जम्मू में 700 साल पुराने माता वैष्णो देवी मंदिर में तीर्थयात्रा की सुविधा के लिए श्राइन बोर्ड ने कटरा और अधकुंवारी के बीच 1,281 मीटर लंबे रोपवे के निर्माण के बहुप्रतीक्षित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की 69वीं बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिसकी अध्यक्षता बोर्ड के अध्यक्ष जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने की। कटरा और अधकुंवारी के बीच का ट्रेक 6 किमी है।

No ropeway service on 8th to 10th february in mata vaishno devi bhawan - माता  वैष्णो देवी भवन में 8 फरवरी से 10 फरवरी तक रोपवे सेवा रहेगी बंद

दिल्ली स्थित श्राइन बोर्ड के सदस्य के.के. शर्मा ने एआईएमआईएल फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के विवरण साझा करते हुए आईएएनएस को बताया कि इस प्रस्ताव पर लंबे समय से चर्चा चल रही थी। उन्होंने कहा, वास्तव में, 2012 में पहली बार 51वीं बैठक में बोर्ड ने रोपवे की संभावनाओं का पता लगाने के लिए राइट्स लिमिटेड (एक रेलवे उपक्रम) के साथ एक अध्ययन करने का निर्णय लिया था। राइट्स ने 2017 में बोर्ड को अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें पाया गया कि यह कटरा और अधकुंवारी के बीच रोपवे के निर्माण के लिए उपयुक्त है।

तब से यह प्रस्ताव लगातार लंबित था, जिसे मंगलवार को हुई नवगठित बोर्ड की पहली बैठक में मंजूरी दे दी गई। सबसे पवित्र हिंदू मंदिरों में से एक वैष्णो देवी, जम्मू जिले के कटरा शहर में स्थित है। मंदिर कटरा से लगभग 12 किमी दूर 5,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। 

प्रस्ताव के अनुसार 1,281.20 मीटर लंबे रोपवे का निर्माण अधिकतम 590.75 मीटर की ऊंचाई के साथ किया जाएगा। इसकी क्षमता आठ लोगों की क्षमता वाले प्रत्येक केबिन के साथ प्रति घंटे एक तरफ 1,500 लोगों को ले जाने की होगी। जबकि इसके निर्माण का अनुमान 94.23 करोड़ रुपये है, राइट्स का कहना है कि परिचालन लागत का 63 प्रतिशत वसूल किया जा सकता है यदि प्रति यात्री यात्रा शुल्क 200 रुपये रखा जाए। शर्मा ने कहा कि निर्माण जल्द शुरू होगा। तीर्थस्थल पर तीर्थयात्रियों की संख्या 2021 में 55.77 लाख से अधिक थी, जबकि पिछले वर्ष कोरोनो वायरस महामारी के कारण 17 लाख थी।

हज यात्रा पर नहीं जा सकेंगे 65 साल से ऊपर के आवेदक

झटका: हज यात्रा पर नहीं जा सकेंगे 65 साल से ऊपर के आवेदक, सऊदी अरब सरकार ने लगाई पाबंदी, सर्कुलर जारी

सऊदी अरब सरकार की ओर से हज के लिए नई गाइडलाइन जारी होने के बाद हज कमेटी ऑफ इंडिया ने सर्कुलर जारी किया है। इसके मुताबिक 20 अप्रैल 2022 तक अधिकतम 65 वर्ष की उम्र पूरी कर रहे आवेदक ही हज यात्रा पर जा सकेंगे। 

फाइल फोटो

लखनऊ (एजेंसी)। हज पर जाने की ख्वाहिश रखने वाले बुजुर्गों की उम्मीदों को झटका लगा है। सऊदी हुकूमत ने शर्तों के साथ हज यात्रा 2022 के लिए हरी झंडी तो दे दी है लेकिन 65 साल से अधिक उम्र के हज यात्रियों पर रोक लगा दी है। ऐसे में प्रदेश से बुजुर्ग श्रेणी के करीब 300 से ज्यादा आवेदन निरस्त किए जाएंगे। 

सऊदी अरब सरकार की ओर से हज के लिए नई गाइडलाइन जारी होने के बाद हज कमेटी ऑफ इंडिया ने सर्कुलर जारी किया है। इसके मुताबिक 20 अप्रैल 2022 तक अधिकतम 65 वर्ष की उम्र पूरी कर रहे आवेदक ही हज यात्रा पर जा सकेंगे। नई गाइडलाइन के मुताबिक कोविडआरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव होने पर ही आवेदक हज यात्रा पर जा सकेगा। यह रिपोर्ट रवानगी से 72 घंटे पहले की ही मान्य होगी। वैक्सीन की दोनों डोज लगवाना भी जरूरी है, तभी यात्रा पूरी होगी। प्रदेश से 70 साल से ऊपर की बुजुर्ग श्रेणी में करीब 372 आवेदन हुए हैं।

आपको बता दें कि कोरोना संक्रमण काल में सऊदी हुकूमत ने दो साल से हज यात्रा पर पाबंदी लगा रखी थी। इन दो वर्ष में सिर्फ सऊदी अरब के स्थानीय लोग ही हज यात्रा में शामिल हो पाए। हिंदुस्तान के आजमीन आखिरी बार 2019 में हज यात्रा पर गए थे। हालांकि 2020 और 2021 में भी हज कमेटी ने आवेदन लिए थे, लेकिन सऊदी हुकूमत ने हज यात्रा की अनुमति नहीं दी। इस बार हज यात्रा के लिए सऊदी हुकूमत ने अनुमति दे दी है। लेकिन कुछ शर्तें भी लगाईं हैं।

65 वर्ष पार वालों के आवेदन होंगे रद्द 

हज यात्रा 2022 के लिए इस बार देश भर से 92,381 आवेदन किए गए हैं। आवेदन के दौरान उम्र की कोई पाबंदी नहीं थी। अब हज यात्रा के लिए 65 वर्ष की पाबंदी लगा दी गई है। ऐसे में 65 वर्ष से अधिक उम्र वालों के आवेदन निरस्त होंगे।

22 तक हज आवेदन का मौका
हज आवेदनों की कम संख्या को देखते हुए नई गाइडलाइन में आवेदकों को एक और मौका दिया गया है। हज पर जाने की ख्वाहिश रखने वाले अब 22 अप्रैल तक हज कमेटी की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

अमरनाथ यात्रियों के लिए खुशखबरी; आज से रजिस्‍ट्रेशन शुरू

नई दिल्ली (एजेंसी)। कोरोना के चलते दो साल से बंद अमरनाथ यात्रा के लिए एक बार फिर से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बार ये यात्रा 30 जून से शुरू होगी और 11 अगस्‍त तक चलेगी। श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के सीईओ नीतिश्‍वर कुमार ने दो दिन पहले ही पंजीकरण को लेकर जानकारी दी थी। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने दक्षिण कश्मीर स्थित अमरनाथ धाम की सालाना यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए 20 हजार की क्षमता वाला यात्री निवास तैयार किया है।

Amarnath Yatra 2022: Registration to begin on April 11, check how to apply  | India News | Zee News

कोरोना महामारी के कारण 2020 और 2021 में अमरनाथ यात्रा आयोजित नहीं की जा सकी। 2019 में भी 5 अगस्त से कुछ दिन पहले यात्रा को निलंबित कर दिया गया था, जब केंद्र ने अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करते हुए जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को रद्द कर दिया था। वहीं बताया गया है कि यात्रा के लिए श्रद्धालु का हेल्थ सर्टिफिकेट, चार पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ अनिवार्य हैं। साथ ही एप्लिकेशन फॉर्म पूरी तरह से भरा हो।

इससे पहले भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव अपूर्व चन्द्रा ने श्रीनगर में आगामी श्री अमरनाथजी यात्रा, जो कि 30 जून, 2022 से लेकर 11 अगस्त, 2022 तक निर्धारित है, के व्यापक प्रचार के संबंध में एक बैठक बुलाई।

सूचना और प्रसारण सचिवके साथ-साथ जम्मू एवं कश्मीर सरकार के मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता, अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के सीईओ नीतीश्वर कुमार, जम्मू एवं कश्मीर सरकार के प्रमुख सचिव रोहित कंसल और केन्द्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी – सूचना और प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव विक्रम सहाय, आकाशवाणी के प्रमुख महानिदेशक (समाचार) एनवी रेड्डी, दूरदर्शन के महानिदेशक मयंक अग्रवाल, पत्र सूचना कार्यालय श्रीनगर के अतिरिक्त महानिदेशक राजिंदर चौधरी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में शामिल रहे।

बैठक में इस वर्ष होने वाली यात्रा से संबंधित उन जानकारियों का प्रचार – प्रसार बढ़ाने के बारे में विचार-विमर्श किया गया जो कि संभावित यात्रियों के लिए उपयोगी होंगे। इस तीर्थयात्रा की पूरी अवधि के दौरान जम्मू एवं कश्मीर प्रशासन के साथ मिलकर सूचना और प्रसारण मंत्रालय की विभिन्न मीडिया इकाइयों द्वारा प्रचार संबंधी विभिन्न गतिविधियों की योजना बनाई जाएगी। इस संबंध में, सूचना और प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी केन्द्र – शासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर के दौरे पर हैं।

बलिया के डीएम एसपी के रवैये पर पत्रकारों में रोष


अफजलगढ़ (बिजनौर)। बलिया पेपर लीक कांड में निर्दोष पत्रकारों की गिरफ्तारी के बाद जहां बलिया प्रशासन की किरकिरी हुई है तो वहीं इस घटना को लेकर देश व प्रदेश के तमाम पत्रकारों में रोष व्याप्त है। जिस तरीके से डीएम बलिया और एसपी ने निर्दोष पत्रकारों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया है और उनको जेल भेज दिया, ये वाकई लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है। प्रशासन सच को उजागर करने वाले पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई करके मीडिया की आवाज को दबाने का काम कर रहा है। पत्रकारों के हित में लगातार काम करने वाले अफजलगढ़ प्रेस क्लब रजिस्टर्ड के पत्रकारों ने मंगलवार को एक ज्ञापन सीओ सुनीता दहिया, कोतवाल मनोज कुमार सिंह को सौंपा।

अफजलगढ़ प्रेस क्लब रजिस्टर्ड ने ज्ञापन के जरिए मांग करते हुए कहा कि आज लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मीडिया खतरे से खाली नहीं है। सच बोलने और लिखने पर प्रशासन पत्रकारों को जेल में डाल देता है और गुंडे बदमाश गोली मार देते हैं। उत्तर प्रदेश में आयेदिन पत्रकारों के साथ अनहोनी घटना सामने आ रही हैं। केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार मामले का संज्ञान लेते हुए बलिया पेपर लीक कांड में गिरफ्तार निर्दोष पत्रकारों पर दर्ज मुकदमे वापस लेकर तुरंत रिहा करे। इसके अलावा डीएम व एसपी द्वारा अपने पद का दुरूपयोग व मनमानी करते हुए निर्दोष पत्रकारों को जेल भेजने की निंदा करते हुए दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने, मामले की सीबीआई जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने सहित निर्दोष पत्रकारों को फर्जी मुकदमे से दोष मुक्त कर पत्रकारों को तत्काल रिहा करने की मांग करते हुए पत्रकारों की सुरक्षा के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून लागू कराये जाने की मांग की।

ज्ञापन सौंपने वालों में सुनील कुमार धस्माना, अर्जुन चौहान, शुऐब कुरैशी, सुनील कुमार, रविदत्त शर्मा, विनय भार्गव, अनिल नारायण, सलमान सैफी, अजमल हुसैन, साजिद अंसारी, वसीम अंसारी, जाहिद हुसैन, बसंत कुमार तथा गिरेन्द्र सिंह आदि उपस्थित रहे।

पत्रकार को पितृ शोक पर संवेदना व्यक्त

अफजलगढ़। पत्रकार के पिता के निधन पर अनेक पत्रकारों ने शोक संवेदना व्यक्त की। अफजलगढ़ प्रेस क्लब रजि० के कार्यालय पर एकत्र पत्रकारों ने बीमारी के चलते पत्रकार नितिन कौशिक के पिता दिनेश कुमार कौशिक के आकस्मिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया। बैठक को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि दिनेश कुमार कौशिक मृदुभाषी व एक अच्छे स्वभाव के व्यक्ति थे। उनकी मौत से परिजनों व आसपास के क्षेत्र में शोक छा गया है। अंत में उपस्थित पत्रकारों ने दो मिनट का मौन धारण कर ईश्वर से मृत आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस संकट की घड़ी में साहस प्रदान करने की प्रार्थना की। इस मौके पर अफजलगढ़ प्रेस क्लब रजि० के अध्यक्ष सुनील कुमार धस्माना के अलावा शुऐब कुरैशी, अर्जुन चौहान, रविदत्त शर्मा, नौशाद अहमद, सुनील कुमार, विनय भार्गव, अनिल नारायण, अजमल हुसैन, सलमान सैफी, वसीम अंसारी, फिरोज बेग, साजिद अंसारी, शेख जाहिद हुसैन तथा बसंत कुमार आदि मौजूद रहे।

UP के 28 लाख पेंशनरों को मिलेगा 34 % DA, DR का लाभ!

लखनऊ। प्रदेश के करीब 16 लाख कर्मचारियों और 12 लाख पेंशनरों को जल्द ही महंगाई भत्ते और महंगाई राहत बढ़ोतरी का लाभ मिल सकता है। उम्मीद है कि मई में मिलने वाले अप्रैल के वेतन के साथ बढ़े हुए डीए व डीआर का भुगतान भी होगा। प्रदेश का वित्त विभाग इसके लिए तैयारियां कर रहा है।

केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों व पेंशनरों के लिए तीन फीसदी महंगाई भत्ता (डीए) व महंगाई राहत (डीआर) की घोषणा केंद्रीय कैबिनेट ने कर दी है। केंद्र के आदेश के बाद ही यूपी में भी बढ़ा डीए व डीआर दिया जाता है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक, प्रदेश में तीन फीसदी वृद्धि होने पर कर्मचारियों और पेंशनरों का डीए व डीआर 34 फीसदी हो जाएगा। अभी 31 फीसदी मिल रहा है। तीन फीसदी डीए के थाना पिल का लाभ दिए जाने पर सालाना 1000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आएगा।

गंगा बैराज पर डीपीआरओ ने चलाया सफाई अभियान

बिजनौर। स्वच्छता अभियान के तहत गंगा बैराज पुल पर  डीपीआरओ सतीश कुमार ने विशेष सफाई अभियान चलाया। इसके लिए वह स्वयं सहायक विकास अधिकारी पंचायत अनिल कुमार एवं रविकान्त को साथ लेकर टीम के साथ प्रातः 7 बजे गंगा बैराज पर पहुंचे एवं विशेष सफाई अभियान के तहत गंगा घाट की सफाई कराई। उन्होंने वहां पड़ी पॉलिथीन व कचरे को इकट्ठा करवाकर खड़ी झाड़ियों की कटाई कराई।

इस दौरान उन्होंने कहा कि गंगा मैया में लोगों की आस्था है, इसीलिए गंगा बैराज पर इसी तरह से समय समय पर विशेष सफाई अभियान चलाया जाए। गंगा बैराज पर साफ़-सफाई होना बहुत आवश्यक है।

डीपीआरओ बिजनौर सतीश कुमार

डीपीआरओ ने कहा कि गंदगी की वजह से लोगों को समस्या ना हो इसीलिए गंगा बैराज पर सफ़ाई कार्य के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। वह सभी गम्भीरता के साथ प्रतिदिन सफ़ाई करें। स्वच्छता में लापरवाही हरगिज़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिर भी यदि गंगा बैराज पर गंदगी मिलती है तो यहाँ नियुक्त कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही अमल में लायी जाएगी। इस संबंध में सहायक विकास अधिकारी पंचायत देवमल को कड़े निर्देश भी दिए गए।

राकेश टिकैत को मर्डर की धमकी से आक्रोश

बिजनौर। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत को मोबाईल पर जान से मारने की धमकी देने से कार्यकर्ताओं में आक्रोश व्याप्त है। भाकियू कार्यकर्ताओं ने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। साथ ही राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को जेड श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए सरकार से मांग की है। मंगलवार को भाकियू के प्रांतीय नेता बाबूराम तोमर के आवास पर संगठन के कार्यकर्ता एकत्र हुए। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बाबूराम तोमर ने भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता को हमलावर जान से मारने की धमकी दे रहे है तो आम जनता का क्या होगा? उन्होंने दो टूक कहा कि अगर शीघ्र ही प्रशासन ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया तो टिकैत साहब का आदेश मिलते ही अपने नेता की सुरक्षा दिलाने के लिए जिले में आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। उन्होंने चौधरी राकेश टिकैत को जेड श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग सरकार से की। इस अवसर पर चौधरी ऋषि पाल सिंह, ध्यान सिंह, चंद्रपाल सिंह, सुधीर कुमार, मोहित कुमार, ओमवीर सिंह, सतीश राजपूत, कासिम अली, शहजाद अहमद आदि उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि राकेश टिकैत को मिली धमकी के मामले में मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने ट्वीट कर ये जानकारी दी और ये भी कहा कि तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले भी राकेश टिकैत को जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं। कुछ महीने पहले ही उनकी सुरक्षा में तैनात रहे एक मुख्य आरक्षी ने मामला भी दर्ज कराया था.

गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत भरपूर लाभ कर सकेंगे अर्जित: डीएम उमेश मिश्रा

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि रबी विपणन वर्ष 2022-23 में न्यूनतम मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत कृषक बंधुओं को भरपूर लाभ दिलाए जाने के उद्देश्य से जिला बिजनौर में गेहूं ख़रीद के लिए कुल 34 क्रय केंद्र अनुमोदित किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि अनुमोदित क्रय केंद्रों में खाद्य विभाग के 09 एवं पीसीएस के 25 क्रय केंद्र शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि शासन की महत्वपूर्ण गेहूं खरीद योजना आगामी 1 अप्रैल 2022 से शुरू होगी, जिसके तहत गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹ 2015 प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। गेहूं खरीद के लिए किसानों का पंजीयन खाद्य विभाग की वेबसाइट http://www.fcs.up.gov.in पर (बैंक खाता संख्या खतौनी आधार कार्ड एवं मोबाइल नंबर के आधार पर) कृषक द्वारा स्वयं, जन सूचना केंद्र अथवा इंटरनेट कैफे के द्वारा कराया जा सकता है। उन्होंने और अधिक जानकारी देते हुए बताया कि कृषक बंधु ख़रीफ़ विपणन वर्ष 2021-22 में धान खरीद के लिए पंजीकरण करा चुके हैं, उन्हें गेहूं विक्रय के लिए पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन उन्हें पंजीयन प्रपत्र में यथा आवश्यक संशोधन करते हुए पंजीयन में दर्ज कुल रकबे में अपने हिस्से में बोए गए गेहूं के रकबे की घोषणा करते हुए पंजीयन प्रपत्र को पुनः लाक करना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि उक्त संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के लिए अपर जिलाधिकारी प्रशासन/ जिला ख़रीद अधिकारी (गेहूं ख़रीद) बिजनौर के मोबाइल नंबर 9454416895 तथा जिला खाद्य विपणन अधिकारी, बिजनौर के मोबाइल नंबर 9794032966 पर संपर्क स्थापित किया जा सकता है।

प्रख्यात ग़ज़लकार दुष्यंत कुमार के नाम से जाना जाएगा बिजनौर पुस्तकालय एवं सांस्कृतिक केंद्र

मंडलायुक्त ने किया पुस्तकालय, सांस्कृतिक केंद्र में नवनिर्मित लाइब्रेरी कक्ष, पुराने लाइब्रेरी कक्ष का जीर्णोद्धार

बिजनौर। अब बिजनौर पुस्तकालय एवं सांस्कृतिक केंद्र को देश के मशहूर कवि हिंदी के पहले गजलकार दुष्यंत कुमार के नाम से जाना जाएगा। मंडलायुक्त ने नवनिर्मित लाइब्रेरी कक्ष, पुराने लाइब्रेरी कक्ष का जीर्णोद्धार किया। काफी समय से जिले के लोग दुष्यंत कुमार के नाम पर पुस्तकालय की मांग कर रहे थे।

मुरादाबाद के मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह ने सीतापुर नेत्र चिकित्सालय परिसर स्थित गजलकार दुष्यंत कुमार पुस्तकालय एवं सांस्कृतिक केंद्र का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इंटरनेट के दौर में भी किताबों की अहमियत बरकरार है। उन्होंने कहा, बिजनौर की धरती पौराणिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, एतिहासिक रूप से बहुत मूल्यवान है। यह केंद्र इस विरासत को संवारने में उपयोगी सिद्ध होगा। डीएम को निर्देशित किया कि वह इस पुस्तकालय को साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक केंद्र के रूप में विकसित करें, ताकि बिजनौर शहर और आसपास क्षेत्रों के युवा लाभान्वित हो सकें। उन्होंने डीएम उमेश मिश्रा एवं एसडीएम सदर विक्रमादित्य मलिक के प्रयासों की सराहना की। डीएम ने कहा कि इस पुस्तकालय का निर्माण अकौर विकास जनसहयोग से हुआ है। इसके निर्माण का उद्देश्य स्थानीय युवाओं की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पर्याप्त पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराना है। एसडीएम सदर विक्रमादित्य मलिक ने कहा कि कई स्थानों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास जारी है। जनपद की साहित्यिक, पौराणिक, सांस्कृतिक, एतिहासिक और प्राचीन ध रोहरों को सहेजने, लिपिबद्ध करने और उनके लिए संग्रहालय बनाने का काम भी चल रहा है। सीडीओ केपी सिंह, तहसीलदार सदर प्रीति सिंह, सूर्यमणि रघुवंशी, अनिल चौधरी, नवीन किशोर, खान जफर सुल्तान, डा. राहुल बिश्नोई, तौसिफ अहमद, शकील बिजनौरी आदि मौजूद रहे।

गौरतलब है कि बिजनौर जिले के राजपुर नवादा गांव के रहने वाले देश के मशहूर कवि, हिंदी के पहले गजलकार दुष्यंत कुमार के नाम पर बिजनौर पुस्तकालय का नाम रखा गया है। बहुत दिनों से जिले के लोग मांग कर रहे थे कि दुष्यंत कुमार के नाम पर पुस्तकालय होना चाहिए।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान 6 माह के लिए जिला बदर

बिजनौर। कांग्रेस जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान को गुंडा एक्ट के मामले में छह महीने के लिए जिला बदर कर दिया गया है। एडीएम प्रशासन की कोर्ट ने यह आदेश जारी किया। इसके अलावा कई अन्य को भी छह माह के लिए जिला बदर किया गया है। शेरबाज को जिला बदर किए जाने से चांदपुर में नगर पालिका चेयरमैन पद का चुनाव लड़ने के इच्छुक उनके व्यक्तिगत विरोधी काफी खुश बताए जा रहे हैं।

जिला प्रशासन ने कई आरोपियों को गुंडा अधिनियम में कार्यवाही करते हुए छह माह के लिए जिला बदर कर दिया है। जिला बदर होने वालों में कांग्रेस जिला अध्यक्ष व चांदपुर के मोहल्ला चाहसंग निवासी शेरबाज पठान पुत्र निसार अहमद के अलावा ग्राम हीमपुर बुजुर्ग निवासी शाहरुख पुत्र शकील, शेरकोट के मोहल्ला अफगानान निवासी इल्यास पुत्र हनीफ व नईम अहमद पुत्र खुदाबख्श, मोहल्ला हकीमान निवासी सलीम अहमद कुरैशी पुत्र मोहम्मद समी व फहीम अहमद पुत्र इमामद्दीन, हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के ग्राम रावटी निवासी गोपाल पुत्र दयाराम तथा स्योहारा के ग्राम कमाला निवासी विपिन पुत्र ऋषिपाल, अनीस नंगली निवासी मुस्लिम उर्फ सुक्कू पुत्र शब्बीर व अम्मन खां पुत्र शकूर शामिल बताए गए हैं।

विदित हो कि चांदपुर पुलिस ने मौजूदा कांग्रेस जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान को गुंडा एक्ट में निरुद्ध किया था। मामले में सुनवाई करने के बाद एडीएम प्रशासन की कोर्ट ने शेरबाज पठान को छह महीने के लिए जिला बदर करने के आदेश जारी किए। इसी के साथ उक्त अवधि में जिले में दिखाई देने पर कार्रवाई के आदेश भी जारी किए हैं। पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने पुष्टि करते हुए बताया कि शेरबाज पठान को छह महीने के लिए जिला बदर किया गया है। 

इस मामले में चांदपुर पुलिस को भनक नहीं लग पाई,  जिसके चलते मंगलवार तक शेरबाज पठान को जिले में ही घूमते हुए देखा गया। इतना ही नहीं मंगलवार को ही वह जिला मुख्यालय पर घूमते हुए दिखाई दिए। एडीएम प्रशासन विनय कुमार ने बताया कि शेरबाज पठान काफी लंबे समय से हाजिर नहीं हो रहे थे। कई आपराधिक मामले दर्ज थे। यह फाइल काफी लंबे समय से पेंडिंग थी। अब इस पर जिला बदर की कार्रवाई हुई है। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान ने बताया कि यह एक पक्षीय कार्रवाई है। 2017 में मेरे पास एक नोटिस आया था, उस समय जिले में तैनात डीएम ने उन्हें आश्वासन दिया था कि कोई कार्रवाई नहीं होगी। इतने लंबे समय बाद यह कार्रवाई क्यों हुई, समझ नहीं आ रहा। उच्चाधिकारियों से इस मामले में वार्ता की जाएगी।

क्षय रोगियों के बेहतर इलाज के लिये कटिबद्धता जताई

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने बताया कि भारत सरकार के आह्वान पर प्रदेश सरकार का यह संकल्प है कि उत्तर प्रदेश को क्षय रोग से पूरी तरह मुक्त किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इसके लिये क्षय रोगियों के चिन्हॉकन के पश्चात उनकी चिकित्सा नियमित रूप से सुनिश्चित की जा रही है ताकि कोई भी व्यक्ति इस बीमारी के समुचित इलाज से वंचित न रहने पाए और स्वास्थ्य लाभ हासिल कर स्वस्थ समाज का हिस्सा बने। उन्होंने चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि पूरी गहनता और गंभीरता के साथ क्षय रोगियों के चिन्हिीकरण का कार्य करें और जो भी रोगी पाया जाए उसके समुचित इलाज की व्यवस्था के साथ-साथ चिकित्सा की अवधि में उत्तम पोषण उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे पूर्णरूप से स्वस्थ हो सके। जिलाधिकारी श्री मिश्रा कल देर शाम विकास भवन के सभागार में आगामी 24 मार्च 2022 को आयोजित होने वाले विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर सम्पन्न होने वाले कार्यक्रमों से संबंधित बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दे रहे थे। उन्होंने नोडल अधिकारी क्षय रोग को निर्देश दिए कि जिले में सुनियोजित एवं सुव्यस्थित रूप से क्षय रोगियों का चिन्हिकरण का कार्य कराएं और एक भी क्षय रोगी इलाज से वंचित न रहने पाए। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर जिले में भिन्न-भिन्न श्रेणी के क्षय रोगियों को विभिन्न समाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों / शैक्षणिक संस्थानों एवं अधिकारियों को गोद लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है ताकि जनसहयोग के साथ इस बीमारी से जिला बिजनौर को मुक्त किया जाना सम्भव हो सके।

इसी क्रम में जनपद बिजनौर में उक्त दिवस पर अधिक से अधिक मरीजों को गोद लिया जायेगा। उन्होंने सभी चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि उनकी संज्ञान में कोई ऐसा व्यक्ति आए जिसे दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रही है, तो तत्काल उसकी जांच कराना सुनिश्चित करें तथा सभी शैक्षिक संस्थाओं के व्यवस्थापकों एंव अध्यापकगणों को भी सूचित करें कि यदि कोई विद्यार्थी दो हफतों से अधिक खांसी से पीड़ित है तो उसको भी तत्काल जांच के लिए चिकित्सालय भेजना सुनिश्तिच करें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. विजय कुमार गोयल, सभी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, प्राईवेट चिकित्सक, नर्सिंग होम संचालक, समस्त स्कूल प्रधानाचार्य तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी मौजूद थे।

बुल्डोजर बाबा को गिफ्ट में मिला चांदी का बुल्डोजर

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश की खराब पड़ी कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस बुलडोजर का उपयोग किया आज वह उसी के ब्रांड अम्बेसडर बन गए हैं।

आमतौर पर नेताओं को लोग सार्वजनिक कार्यक्रम में स्मृतिका के रूप में देवी देवताओं की मूर्तियां या फिर गदा, तलवार, धनुष-बाण देते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उपहार में चांदी का बुलडोजर मिला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीते तीन दिन से अपनी कर्मस्थली गोरखपुर में थे। होलिका दहन के साथ ही होली में रंग खेलने के बेहद इच्छुक सीएम योगी आदित्यनाथ ने तीन दिन के गोरखपुर प्रवास में हजारों लोगों से भेंट की। इसी बीच उनको गोरखपुर के व्यापारियों ने जो उपहार दिया, उसको तो देखते ही उनके चेहरे पर मुस्कान फैल गई। उत्तर प्रदेश के साथ ही देश में भी बुलडोजर बाबा के नाम से विख्यात हो चुके सीएम आदित्यनाथ के बुलडोजर ने जातीय समीकरण ध्वस्त कर दिए। योगी आदित्यनाथ को अपने ही शहर में चांदी का बुलडोजर उपहार में मिला है। गोरखपुर मंडल में जनता ने भारतीय जनता पार्टी सरकार की योजनाओं को सराहा है, इस कारण राशन से शासन का रास्ता साफ हो पाया। भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुआई में शानदार जीत दर्ज की। मोदी-योगी की डबल इंजन की सरकार का जादू मतदाताओं के सिर चढ़कर बोला है।

माफिया के खिलाफ चला बुलडोजर- उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री बनने के साथ ही योगी आदित्यनाथ ने अपराधियों और माफिया के खिलाफ एक मुहीम छेड़ दी थी। माफिया और उनके गुर्गों को जेल तो भेजा ही गया, साथ ही उनके अवैध संपत्तियों पर जमकर बुलडोजर चला। विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को ही विपक्ष के खिलाफ अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया। इसी दौरान माफिया पर बुलडोजर चलाने का स्लोगन हर जनसभाओं में गूंजने लगा। (साभार)

गड़बड़ की तो भुगतना पड़ेगा: सुनीता दहिया

मो. शुएब समाचार प्लस

बिजनौर। होली और शब ए बारात के मद्देनजर अफजलगढ़ सीओ सुनीता दहिया, कोतवाल मनोज कुमार व कस्बा इंचार्ज टेकराम सिंह ने पुलिस फोर्स के साथ नगर में पैदल मार्च किया।

सीओ सुनीता दहिया ने नागरिकों से आपसी सौहार्द के साथ त्योहार को मनाने, शांति व्यवस्था में पुलिस का सहयोग करने और शरारती तत्वों पर नजर रखकर उनकी सूचना पुलिस को देने की सलाह दी। पैदल मार्च के दौरान लोगों को पुलिस की मौजूदगी का अहसास कराते हुए उन्हें पूर्ण सुरक्षा का भी भरोसा कराया।

बुधवार देर शाम सीओ सुनीता दहिया, कोतवाल मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में कोतवाली अफजलगढ़ प्रांगण से पैदल फ्लैग मार्च शुरू हुआ। पैदल फ्लैग मार्च मोहल्ला बेगम सराय, नायक सराय, नेजो सराय, मुमताज हुसैन, सब्जी मंडी, होली चौक, गौहर अली खां, कालागढ़ अफजलगढ़ मार्ग, जसपुर तिराहे अफजलगढ़ से होते हुए कोतवाली प्रांगण में सम्पन्न हुआ।

पैदल मार्च के दौरान सीओ सुनीता दहिया ने नागरिकों को त्योहार के मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस का सहयोग करने और असामाजिक तत्वों पर नजर रखकर उसकी सूचना तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी।  उन्होंने कहा कि शांति व्यवस्था भंग करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने पुलिस को भी त्योहार के मौके पर सतर्क व गम्भीर रहने के निर्देश दिए।

वहीं कोतवाल मनोज कुमार सिंह ने कहा कि पैदल मार्च का उद्देश्य जनता में कानून के प्रति विश्वास दिलाना और अपराधियों में खौफ पैदा करना है। उन्होंने नगरवासियों से होली और शब ए बारात का त्योहार शांति पूर्वक मनाने की अपील की। फ्लैग मार्च में कोतवाल मनोज कुमार सिंह के अलावा कस्बा इंचार्ज टेकराम सिंह, एसआई विनित कुमार, एसआई कमल सिंह, कांस्टेबल राहुल चौधरी, सनोज चौहान, शाकिर अली, विजय तोमर समेत पुलिस फोर्स मौजूद रही।

धड़ल्ले से हो रहा अवैध खनन, प्रशासन मौन

बिजनौर। अफजलगढ़ थाना क्षेत्र में मिट्टी का खनन जोरों पर है। खनन माफिया दिन-रात जेसीबी मशीन से धरती का सीना फाड़कर भराव का कारोबार कर रहे हैं और अपनी जेबे भरने में लगे इन खनन माफियाओं की ओर से शासन प्रशासन अपनी आंखें मूंदे हुए हैं जिससे इन खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। सूचना देने पर भी उच्च अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं होती है। 

राष्ट्रीय राजमार्ग 74 पर स्थित गांव जिक्रीवाला के समीप व भूतपुरी क्षेत्र में खनन माफिया पुलिस व प्रशासन की मदद से खनन के कारोबार में लगे हैं। इन स्थानों पर इन खनन माफियाओं द्वारा प्लाटों को भरने का कार्य बेरोकटोक किया जा रहा है। यह खनन माफिया स्थानीय पुलिस से सांठगांठ कर शाम होते ही बड़ा हाइवे,डम्फर व टैक्टर ट्रालियों सहित मैदान में आ जाते हैं और रात के दस बजते ही यह लोग जेसीबी मशीन से धरती का सीना चीरते हुए रात भर खनन का कार्य करते हैं।

थाना क्षेत्र के गांव जिक्रीवाला,  कासमपुरगढ़ी, आसफाबाद चमन, भूतपुरी, सुआवाला, कादराबाद सहित अनेक स्थानों पर देखा जा सकता है कि मिट्टी का भराव का कार्य चल रहा है। यह खनन माफिया प्लाटों में भराव कर अपनी जेबें भरने में लग रहे हैं। खनन माफिया ओवर लोड वाहनों से मिट्टी ढ़ोते हैं जिसके कारण मार्ग तक क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। वहीं कहीं न कहीं इन लोगों के सिर पर कुछ सफेदपोश लोगों का हाथ है।

क्षेत्र में अवैध रूप से मिट्टी भराव कारोबार में दूसरे विधानसभा के लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए क्षेत्र के खनन माफियाओं के एक गुट ने इन लोगों का विरोध किया तो दोनों गुटों में अपना अपना वर्चस्व बनाने को लेकर कभी भी बड़ी घटना घट सकती है।

अगर पुलिस प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया तो खनन माफियाओं के दोनों गुटों में खूनी संघर्ष की संभावना दिखाई दे रही है। यदि इन खनन माफियाओं की शिकायत कोई करता भी है तो पहले तो पुलिस या विभागीय अधिकारियों द्वारा शिकायत कर्ता का नाम बताकर खनन माफियाओं को सूचना दी जाती है और खनन माफियाओं द्वारा शिकायत कर्ता को ही हड़काया जाता है। यदि फिर भी कार्रवाई करने की जिद होती है तो एक दूसरे विभाग के जिम्मे बताकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। इतना ही नहीं उल्टे इन खनन माफियाओं तक शिकायत किये जाने की बात कहते हुए इन्हें सावधान कर अवैध रूप से चल रही मिट्टी खनन को बन्द करा दिया जाता है । कुछ घंटों बाद फिर से रात भर मिट्टी का खनन शुरू कर दिया जाता है। ग्रामीणों ने डीएम से अवैध रूप से प्लाटों में भराव कर रहे खनन माफियाओं पर अंकुश लगाने की मांग करते हुए कारवाई किये जाने की मांग की है।

UP: योगी सरकार की रडार पर कई IAS-IPS अधिकारी….

चुनाव में सपा को फायदा पहुंचाने के प्रयास का लगा है आरोप !!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ होली के बाद 21 मार्च को दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। उनके साथ कैबिनेट के सहयोगी भी शपथ लेंगे। वहीं, कहा जा रहा है कि सरकार बनने के बाद नौकशाही में बड़े बदलाव होंगे। कैबिनेट के गठन के बाद राज्य के विभिन्न विभागों में आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) अफसरों को बदले जाने की तैयारी है। वहीं, सीएम कार्यालय यानी पंचम तल में भी अफसरों को बदला जा सकता है।


चुनाव के दौरान मिली थी अफसरों की शिकायत –
चुनाव के दौरान जिन अफसरों के बारे में शिकायतें मिली थीं, उन्हें शासन से लेकर जिलों से हटाया जाएगा। दरअसल, पिछले दिनों सोशल मीडिया पर खबरे तेजी से वायरल हुई थीं कि राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने जा रही है। इसके कुछ अफसरों ने समाजवादी पार्टी में अपने पुराने कनेक्शन को लेकर वहां के बड़े नेताओं को साधने की तैयारी कर ली थी। हालांकि, कुछ अफसरों के बारे में ये भी कहा जा रहा था कि उन्होंने बैकडोर से समाजवादी पार्टी को फायदा पहुंचाया।

केंद्र से बुलाए जा सकते हैं अधिकारी….

फिलहाल केंद्र में यूपी कैडर के कई अधिकारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं, राज्य में भी आईएएस और आईपीएस अफसरों की कमी है। ऐसे में राज्य सरकार आने वाले दिनों में कुछ अफसरों को वापस राज्य में बुला सकती है। इसके साथ ही राज्य में अन्य राज्य के भी आईएएस और आईपीएस इंटरस्टेट डेप्यूटेशन पर आ सकते हैं। राज्य सरकार के एक अधिकारी का कहना है कि राज्य में पिछली योगी सरकार में कई अफसर डेप्यूटेशन पर आए थे और कई अफसरों ने इसके लिए केंद्र सरकार को आवेदन किया था !!

यूपी: सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी बुजुर्ग महिलाएं; सर्वे पूरा, आज भेजी जाएगी रिपोर्ट

लखनऊ। शासन ने 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को बसों में मुफ्त सफर कराने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) ने सफर करने वाली इस आयु वर्ग की महिलाओं का सर्वे करने का निर्देश दिया है। क्षेत्रीय प्रबंधकों से रिपोर्ट मांगी गई है कि उनकी बसों में रोजाना कितने यात्री सफर करते हैं? उनमें सीनियर सिटीजन महिलाओं की संख्या कितनी होती है? क्षेत्रीय प्रबंधक आज सोमवार को यह रिपोर्ट मुख्यालय को भेजेंगे।

₹99: महीने में चाहे जितनी बार करें सफर-
प्रमुख सचिव (परिवहन) राजेश कुमार सिंह ने बीते शुक्रवार को अफसरों के साथ बैठक कर सीनियर सिटीजन महिलाओं को मुफ्त बस सफर कराने का निर्देश दिया था। मुफ्त सफर कराने पर शासन से प्रतिपूर्ति हासिल करने का भी सुझाव तैयार किया है। इसके तहत बुजुर्ग महिलाओं को मुफ्त सफर कराने के एवज में प्रति माह 99 रुपये का भुगतान करने पर उस महीने में जितनी बार चाहे, बस सफर की सुविधा दी जा सकती है। परिवहन निगम ने राजस्थान की तर्ज पर मुफ्त बस सफर कराने की तैयारी शुरू की है।

समाज कल्याण विभाग से मंगाया पेंशनर्स का ब्योरा-
प्रबंध निदेशक, परिवहन निगम राजेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश में 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं की संख्या के लिए समाज कल्याण विभाग से पेंशनर्स का ब्योरा मंगाया गया है। बुजुर्ग महिलाएं साधारण बस ही नहीं, एसी सेवा में भी मुफ्त सफर की सुविधा पाएंगी। यानी वे वॉल्वो, स्कैनिया, जनरथ, महिला स्पेशल पिंक स्पेशल, शताब्दी में सफर कर सकेंगी। साथ ही, सीनियर सिटीजन महिलाओं को बस अड्डे अन्य सहूलियतें दी जाएंगी। इन महिलाओं को मुफ्त सफर कराने पर शासन से प्रतिपूर्ति हासिल करने का भी सुझाव तैयार किया है। इसके तहत बुजुर्ग महिलाओं को मुफ्त सफर कराने के एवज में प्रति माह 99 रुपये का भुगतान करने पर उस महीने में जितनी बार चाहे, बस सफर की सुविधा दी जा सकती है।

अब मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी का पुलिस करेगी हिसाब!

योगी सरकार बनते ही हिसाब शुरू! मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी पर बढ़े चार केस, पुलिस ने शुरू की जांच

मुख्तार अंसारी के बेटे व मऊ विधानसभा से नवनिर्वाचित विधायक अब्बास अंसारी पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विस चुनाव के दौरान प्रशाासन से हिसाब लेने की धमकी अब भारी पड़ने वाली है। अब्बास पर चार मुकदमे चुनाव में आचार संहिता के उल्लंघन का दर्ज कर विवेचना शुरु कर दी गई है। लखनऊ में दो और गाजीपुर में पहले से ही एक केस दर्ज है।

नवनिर्वाचित विधायक अब्बास अंसारी की ओर से विस चुनाव के दौरान अधिकारियों को छह माह तक यहीं रखकर हिसाब किताब करने का वीडियो वायरल हुआ था। इसे लेकर पुलिस ने शहर कोतवाली में धमकी का केस दर्ज करने के साथ ही चुनाव अचार संहिता के मामले में दो और केस दर्ज किए हैं। इसमें बिना परमिशन के जुलूस निकालना और जीत के बाद भी जुलूस निकालना शामिल हैं। दक्षिणटोला थाने में भी बिना परिमिशन के भीड़ इकट्ठा करने के मामले में केस दर्ज है।

इस तरह से शहर कोतवाली में तीन व दक्षिणटोला में एक केस दर्ज है। अब अब्बास के ऊपर दर्ज जिले में चारों केस के मामले में पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। इसके अलावा पहले से ही लखनऊ में दो और गाजीपुर में एक केस दर्ज हो चुका है। सीओ सिटी धनंजय मिश्रा का कहना है कि पुलिस सभी दर्ज केसों के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुट गई है। शहर के दक्षिणटोला व शहर कोतवाली में दर्ज चारों मुकदमों की विवेचना शुरू हो गई है।

अब्बास अंसारी पर दर्ज हैं यह केस-

  1. मुकदमा अपराध संख्या 431/ 19
    419, 420, 467, 468, 471, 30 आर्म एक्ट, लखनऊ महानगर
  2. मुकदमा अपराध संख्या 236/ 20
    120 बी, 420, 467, 468, 471, लोकसंपति निवारण अधिनियम हजरतगंज, लखनऊ
  3. मुकदमा अपराध संख्या 689/20
    120 बी, 420, 323, 356, 467, 468, 471, 474, 417 आईपीसी गाजीपुर
  4. मुकदमा अपराध संख्या 27/22
    171 जी, 188 आईपीसी, 133 लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम दक्षिण टोला, मऊ
  5. मुकदमा अपराध संख्या 95/22
    188, 171 च आईपीसी शहर कोतवाली मऊ
  6. मुकदमा अपराध संख्या 97/ 22
    506, 171 एफ, 153 एवन, 186, 189, 120 बी आईपीसी शहर कोतवाली मऊ
  7. 106/ 22
    171 एच, 188, 341, आईपीसी, शहर कोतवाली मऊ

न्यूज सोर्स – हिंदुस्तान (साभार)

उत्साह और साम्प्रदायिक सौहार्द्र के साथ मनाई जाएगी होली- डीएम


जिला प्रशासन द्वारा साम्प्रदयिक रूप से संवेदनशील चिन्हित स्थानों पर विशेष रूप से निगरानी की व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी स्तर पर कोई अप्रिय घटना घटित न होने पाए, रंगों का त्यौहार होली जिले में पूरे उत्साह और साम्प्रदायिक सौहार्द के साथ मनाए जाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सजग और प्रतिबद्व- जिलाधिकारी उमेश मिश्रा

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि आगामी रंगों का त्योहार होली जिले में पूरे उत्साह और साम्प्रदायिक सौहार्द के साथ मनाया जाएगा, जिसके लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सजग और तत्पर है। उन्होंने सभी जन सामान्य का आह्वान किया कि किसी भी अवस्था में ऐसा कोई कार्य न करें जिससे साम्प्रदायिक वातावरण को आंच आए। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि जिला प्रशासन हर स्थिति पर पैनी निगाह रखे हुए है और साम्प्रदयिक रूप से संवेदनशील स्थानों का चिन्हिकरण कर वहां विशेष रूप से निगरानी की व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी स्तर पर कोई अप्रिय घटना घटित न होने पाए। उन्होंने उप जिलाधिकारियों एवं क्षेत्राधिकारी पुलिस को निर्देश दिए कि जिन रास्तों पर धार्मिक स्थल मौजूद हैं, वहां होली के जलूस पर विशेष सतर्कता और सजगता रखी जाए और प्रयास किया जाए कि नमाज के समय जलूस का गुजर न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक तहसील एवं थाना स्तर पर अमन कमेटियों की मीटिंग आयोजित कर जन सामान्य को पूर्ण साम्प्रदायिक सौहार्द के साथ होली के त्यौहार को सम्पन्न कराने में सहयोग के लिए आहवान करें।


जिलाधिकारी श्री मिश्रा विकास भवन के सभागार में शांति व्यवस्था की बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को होली के पावन पर्व को शांतिपूर्वक सम्पन्न कराने के लिए निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन ने सौहार्दपूर्ण और शांतिपूर्ण वातावरण में होली त्योहार को सम्पन्न कराने के लिए पूर्व की तरह सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। उन्होंने अपेक्षा करते हुए कहा कि यह पावन त्योहार पूर्ण संयम, समन्वय एवं आम नागरिकों की भावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए मनाया जाएगा और ऐसा कोई भी ऐसा कार्य नहीं किया जाएगा जिससे दुसरे सम्प्रदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचे। उन्होंने बताया कि सभी नगर पालिका एवं नगर पंचायतों को विशेष सफाई, प्रकाश एवं पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। जिले में साम्प्रदाकि सौहार्द के वातावरण को किसी भी अवस्था में दूषित नहीं होने दिया जाएगा। कोई भी व्यक्ति धार्मिक रूप से कोई अपशब्द, भड़काऊ भाषण अथवा धार्मिक उन्माद फैलाने जैसे किसी भी कार्य का दुस्साहस न करे और न ही सोशल मीडिया आदि पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक टिप्पणी या पोस्ट की जाए, जिससे शांति एंव कानून व्यवस्था की स्थिति पर कोई आंच आए। जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था की स्थिति से खिलवाड़ करने वाले तत्वों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।


जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि होली के अवसर पर विक्रय होने वाले खाद्य पदार्थों पर विशेष ध्यान रखते हुए नियमानुसार चैकिंग करें और सामग्री के सिन्थेटिक अथवा दूषित पाए जाने पर दोषी के विरूद्व कड़ी कार्यवाही करें। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारी एवं क्षेत्राधिकारी पुलिस को निर्देश दिये कि थाना स्तरीय त्योहार रजिस्टरों का गहनता के साथ अध्ययन कर लें और तहसील एवं थाना स्तर पर शांति मीटिंग का आयोजन करना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर विशेष सर्तकता बरती जाए और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगाह रखें ताकि किसी भी स्तर पर कोई अप्रिय घटना घटित न होने पाए। उन्होंने होली के अवसर पर सभी नगर निकाय क्षेत्रों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डा0 धर्मवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, वि/रा अरविंद कुमार सिंह के अलावा अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

स्ट्रीट वैण्डर्स निधि योजना में धीमी प्रगति पर डीएम नाराज़


अपर जिलाधिकारी प्रशासन को नगर निकाय क्षेत्रों में एमआरएफ सेंटर शुरू न कराने वाले अधिशासी अधिकारियों को चेतावनी जारी करने तथा प्रधानमंत्री स्ट्रीट वैण्डर्स निधि योजना के अंतर्गत 31 मार्च से पूर्व शत प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के अधिशासी अधिकारियों को दिए निर्देश-जिलाधिकारी उमेश मिश्रा

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने प्रधानमंत्री स्ट्रीट वैण्डर्स निधि योजना के अंतर्गत अपेक्षित प्रगति न पाए जाने पर असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने अपर जिलाधिकारी प्रशासन को निर्देश दिए कि पूरी गम्भीरता और तत्परता के साथ इस महत्वपूर्ण कार्य में अपेक्षित प्रगति लाएं। साथ ही जिन निकायों द्वारा कार्य में शिथिलता अथवा लापरवाही बरती जा रही है, उनके विरूद्व कार्यवाही अमल में लाएं।

समीक्षा के दौरान डीएम ने लक्ष्य के सापेक्ष कम प्रतिशत वैण्डर्स को ऋण उपलब्ध कराए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्थिति खेदजनक है। उन्होंने जिला अग्रिणी बैंक प्रबंधक को निर्देश दिए कि स्ट्रीट वैण्डर्स को ऋण उपलब्ध कराने वाली स्वीकृत पत्रावली को अनावश्यक रूप से लम्बित न रहने दें और प्राथमिकता के आधार पर उन्हें ऋण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। सभी अधिशासी अधिकारी नगर निकाय को निर्देश दिए कि होली के दृष्टिगत विशेष सफाई अभियान चलाएं और सुनिश्चित करें कि किसी भी स्थान पर सड़क के किनारे कूड़े का ढेर नजर नहीं आना चाहिए और शहीद स्मारकों की भी विशेष रूप से साफ-सफाई कराना सुनिश्चित कराएं। उन्होंने अपर जिलाधिकारी प्रशासन को नगर निकाय क्षेत्रों में एमआरएफ सेंटर शुरू न कराने वाले अधिशासी अधिकारियों को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी श्री मिश्रा कलक्ट्रेट स्थित सभागार में प्रधानमंत्री स्ट्रीट वैण्डर्स निधि योजना के अंतर्गत आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कार्य की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह़, जिला अग्रिणी बैंक प्रबंधक, परियोजना अधिकारी सहित बैंकर्स एवं सभी नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी मौजूद थे।

मतगणना के दौरान चाक चौबंद रही सुरक्षा व्यवस्था

15 मार्च तक लागू रहेगी आदर्श चुनाव आचार संहिता। जिले भर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम।

बिजनौर। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेशानुसार जनपद में आदर्श चुनाव आचार संहिता 15 मार्च तक लागू रहेगी। इस दौरान किसी भी विजेता प्रत्याशी को जुलूस निकालने की परमिशन नहीं है। जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गए।

सुबह निर्धारित समय पर शुरू हुई मतगणना कभी धीमी तो कभी तेज गति से होती दिखी। दोपहर होते-होते जनपद की चुनावी तस्वीर लगभग साफ हो गई। जनपद की पांच विधानसभाओं पर भाजपा विधायक काबिज थे।

निगरानी के लिए प्रत्येक गणना हॉल में चार-चार सीसीटीवी कैमरे व दो-दो वीडियो हैंडीकेम का इस्तेमाल किया गया। मतगणना स्थल पर एजेंटों को मोबाइल व धूम्रपान का सामान लेकर नहीं जाने दिया गया।

मतगणना के बाद किसी भी विजेता प्रत्याशी को जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी गई, वहीं हर्ष फायरिंग पर भी रोक लगा दी गई। मतगणना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रही। शांति भंग करने की कोशिश करने वालों से सख्ती से निपटने के लिए जिले में भारी तादाद में फोर्स तैनात किया गया। थाना प्रभारी जिले भर में शांति व्यवस्था कायम रखने में लगे रहे। चुनाव में उनकी ड्यूटी नहीं लगाई गई।

विधानसभा चुनाव पुलिस प्रशासन ने अहम भूमिका निभाई। सुबह से ही मतगणना स्थल पर पुलिस प्रशासन का कड़ा पहरा दिखाई दिया। शक्ति चौक से लेकर सेंट मैरी चौराहा एवं श्री हॉस्पिटल के पास बैरिकेडिंग लगाई गई, ताकि मतगणना स्थल पर अनावश्यक भीड़ न पहुंच सके।

इसके अलावा पार्टी कार्यकर्ताओं को वर्धमान कॉलेज के पास ही रोक दिया गया। मतगणना स्थल पर भी भारी सुरक्षा के इंतजाम किए गए। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह द्वारा की गई पूर्व घोषणा के अनुसार ही मतगणना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद नजर आई। इसके अलावा हारे हुए प्रत्याशी के खेमो में मायूसी नगर आई और उनके पंडाल भी खाली नजर आए।

नीलकमल रोड से गुजरना हुआ दुश्वार, लोग हलकान

बिजनौर। जिला मुख्यालय स्थित नीलकमल रोड से राहगीरों का निकलना और यहां के दुकानदारों का अपने प्रतिष्ठान पर बैठना दूभर हो गया है।

वजह है भूमिगत गैस पाइप लाइन बिछाने और रोड निर्माण कार्य से जुड़ी संस्थाओं और ठेकेदारों की हीलाहवाली।

जहां एक ओर यहां से पैदल और वाहन चालकों को गुजरने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है वहीं दूसरी ओर इस मार्ग पर स्थित दुकानों के लिये भी सिरदर्द है।

हवा के हल्के से भी झोंकों से उड़ती हुई धूल ने दुकानदारों का बैठना मुश्किल कर दिया है। वहीं कीचड़ से गंदगी फैल रही है। दिन दिन भर दुकानदार अपना काम छोड़कर सफाई में लगे रहते हैं।

यही नहीं यहां गड्ढों के कारण कई पैदल और वाहन चालक चोट भी खा चुके हैं। ऐसी ही स्थिति रही तो किसी भी दिन कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।

इस मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों के अलावा सीएम पोर्टल पर भी शिकायत की गई है।

घरेलू कामगारों, ड्राइवरों को भी मिलेगी पेंशन

मोदी सरकार ने शुरू की नई स्कीम, घरेलू कामगारों, ड्राइवरों को भी मिलेगा पेंशन का फायदा

नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन (पीएम-एसवाईएम) पेंशन योजना के तहत ‘दान-ए-पेंशन’ की घोषणा की। इसमें घरों और प्रतिष्ठानाें में काम करने वाले कामगारों, ड्राइवरों, सहायकों हेल्पर, देखभाल करने वालों, नर्सों जैसे अपने तत्काल सहायक कर्मचारियों को Oप्रीमियम योगदान किया जा सकता है। यादव ने ई-श्रम पोर्टल पर 25 करोड़ से ज्यादा पंजीकरण होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस योजना के तहत दाता किसी भी समय के लिए सहायक की ओर से योगदान का भुगतान कर सकता है। इसलिए इस पहल से उन लोगों के भविष्य को सुरक्षित करने में मदद मिलेगी, जो किसी के दैनिक कामकाज करते हैं।


केंद्रीय मंत्री ने स्वयं अपने घरेलू कामगारों और सहायकों को पेंशन दान करके इस योजना की शुरुआत की और कामना की, कि उनका बुढ़ापा बेहतर होगा। पीएम-एसवाईएम के माध्यम से 3000 रुपये की मासिक सुनिश्चित पेंशन के रूप में घरेलू कामगारों को वृद्धावस्था में मिलेगी। इस अवसर पर राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि ई श्रम पोर्टल ने “सबका साथ-सबका विकास-सबका प्रयास” के आदर्श वाक्य को पूरा किया है। छह महीने से भी कम समय में 25 करोड़ पंजीकरण सामूहिक इच्छाशक्ति को दर्शाता है। ई. श्रम पोर्टल पर उत्तरप्रदेश, ओडिशा और उत्तराखंड अग्रणी राज्य हैं। जम्मू कश्मीर, दिल्ली और चंडीगढ़ अग्रणी केंद्र शासित प्रदेश थे। उन्होंने बताया कि उमंग मोबाइल एप्लिकेशन पर अब ईएसएचआरएम पोर्टल भी उपलब्ध कराया गया है, जिसके माध्यम से असंगठित श्रमिक आसानी से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। उन्हें अपने घर की सुविधा से ई. श्रम पर खुद को पंजीकृत करने का अधिकार है।

मतगणना के लिये प्रशासन ने की तैयारियां

बिजनौर। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी उमेश मिश्रा ने मतगणना कार्मिकों को निर्देश दिए कि विधान सभा सामान्य निर्वाचन-2022 के अंतर्गत आगामी 10 मार्च, 2022 को होने वाली मतगणना प्रक्रिया को कोविड- 19 प्रोटोकॉल का अनुपालन |सुनिश्चित कराते हुए पूर्ण रूप से निष्पक्ष एवं पारदर्शी रूप से सम्पन्न कराएं। उन्होंने सभी कार्मिकों को निर्देश दिए कि फेस मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग सहित सुरक्षात्मक उपायों का प्रयोग करते हुए अपने दायित्वों को पूर्ण निष्पक्षता और गंभीरता के साथ निर्वहन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि तत्काल मतगणना स्थल का बारीकी के साथ निरीक्षण कर नकशा बना लें और मतगणना टेबिल्स को इस प्रकार नियोजित करें कि सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे और प्रत्याशियों के अभिकर्ताओं करा लें। को भी मतगणना प्रक्रिया का सुगमता के साथ अवलोकन होता रहे।

विधान सभा सामान्य निर्वाचन-2022 के अंतर्गत आगामी 10 मार्च, 2022 को होने वाली मतगणना प्रक्रिया को सुव्यवस्थित, निष्पक्ष और पारदर्शी रूप सम्पन्न कराने के लिए उन्होंने संबंधित को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतगणना कार्य को सुव्यवस्थित, निर्वाध और पारदर्शी रूप से सम्पन्न कराने में मतदान कार्मिकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है, इसलिए सभी मतदान कार्मिक पूरी गंभीरता और ध्यान के साथ प्रशिक्षण ग्रहण करें और निर्वाचन आयोग द्वारा निर्गत हस्तपुस्तिका भी गहनता के साथ अध्यन करें तथा मतगणना से संबंधित अपनी शंकाओं एवं समस्याओं का समाधान मौके पर ही मास्टर ट्रेनर्स से करा लिया जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मतगणना स्थल के सभी महत्वूपर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों लगवाए जायें और उनका नियमित संचालन सुनिश्चित करते हुए सतत् निगरानी के लिए कर्मचारियों की क्रमवार नियुक्ति की जाए उन्होंने निर्देश दिए कि मतगणना स्थल के बाहर जन सामान्य को मतगणना परिणाम से नियमित रूप से अवगत कराने के लिए साउण्ड सिस्टेम तथा निर्वाध रूप से प्रकाश की व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त जनरेटर की भी व्यवस्था करें तथा प्रत्येक मतगणना स्थल पर अग्नि शमन / अग्नि सुरक्षा के लिए निश्चित रूप से समुचित बन्दोबस्त किया जाए।

अखिलेश से मिलने के लिए कतारबद्ध हो गई अफसरशाही!

योगी के खास अफसर अखिलेश से क्यों मिल रहे? अयोध्या में डीएम ने बोर्ड बदला। लखनऊ में अखिलेश से मिलने के लिए अफसरों की कतार लग रही

लखनऊ (एजेंसी)। यूपी विधानसभा चुनाव के सिर्फ एक चरण की वोटिंग बची है। सरकार किसकी बनेगी, इसका तो अभी इंतजार है, लेकिन नौकरशाही में हलचल मच चुकी है। ताजा उदाहरण अयोध्या के डीएम आवास के बोर्ड के बदलते रंगों से ही ले सकते हैं। बड़े ब्यूरोक्रेट्स अखिलेश से मुलाकात की कोशिशें कर रहे हैं। कुछ पुराने रिश्ते याद दिलाना चाहते हैं, तो कोई नए रिश्ते की नींव रखना चाहता है। ये दृश्य इसलिए भी दिखने लगे हैं क्योंकि ये ब्यूरोक्रेट्स सियासत के मौसम को बखूबी समझते हैं।

योगी के करीबी अधिकारी पहुंचे अखिलेश के दरबार- रोचक तथ्य ये है कि कल तक जो सीएम योगी के सबसे करीबी अधिकारियों में शामिल थे। वह अब अखिलेश यादव से एक मुलाकात करके लिए जुगत भिड़ा रहे हैं। कोई सीधे फोन करके बात कर रहा है। कोई सहयोगी के जरिए अखिलेश तक पहुंचना चाहता है। ब्यूरोक्रेट्स, इतनी परेशानी तब उठा रहें हैं। जब यूपी की सत्ता पर कौन बैठ रहा है, यही तय नहीं है। सपा सूत्रों का दावा है कि पुलिस और प्रशासन के कई बड़े अफसर अब तक मुलाकात कर भी चुके हैं।

अखिलेश से मिलने वालों की कतार में कौन-कौन?

सपा के एक बड़े नेता का दावा है कि योगी सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभालने वाले एक सीनियर आईएएस अफसर अखिलेश से बात करने की कोशिश कर रहे हैं। ये भी अंदरखाने चल रहा है कि अखिलेश फिलहाल उनसे मिलना नहीं चाहते हैं। दूसरी तरफ सपा नेताओं का दावा है कि पुलिस महकमे के भी कई अफसरों से अखिलेश की मुलाकात हो चुकी है। कुछ खास इश्यू पर उनकी चर्चाएं हुईं हैं। इसके साथ ही अखिलेश सरकार में बड़ी जिम्मेदारी संभालने वाली महिला आईएएस भी सपा सुप्रीमो के संपर्क में हैं। अब जो चर्चाएं चल रही हैं, उसके मुताबिक अखिलेश सरकार में पंचम तल पर रहने वाले अधिकारियों को लगता है कि वो दोबारा सीएम बन सकते हैं। इसलिए अभी से अपनी कुर्सी पक्की कर लेना चाहते हैं।

पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन से लगा रहें हैं सिफारिश!
खबर ये भी है कि कुछ अधिकारी अखिलेश सरकार में मुख्य सचिव रहे सीनियर आईएएस आलोक रंजन के जरिए अखिलेश खेमे में अपनी पैठ बनाने की कोशिश में लगे हैं। आलोक रंजन फिलहाल अखिलेश यादव के बेहद करीबी हैं और माना जा रहा है कि अगर सपा की सरकार बनती है, तो उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाएगी।

डीएम आवास के बोर्ड के ‘बदलते रंग’ की कहानी

अयोध्या के डीएम के बोर्ड का रंग पर उठे बवाल के बाद दोबारा रंग बदला गया। - Dainik Bhaskar

अयोध्या के डीएम के बोर्ड का रंग पर उठे बवाल के बाद दोबारा रंग बदला गया। अयोध्या के डीएम आवास के बोर्ड का रंग बुधवार को बदल दिया गया। पहले भगवा था, जिसे बाद में हरा किया गया। इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। इन चर्चाओं में लोगों ने सवाल खड़ा करना शुरू कर दिया है कि क्या उत्तर प्रदेश में एक बार फिर सत्ता परिवर्तन होने जा रहा है? यूपी में भगवा से भाजपा तो हरा रंग को सपा से जोड़ा जाता है। हालांकि, गुरुवार को एक बार फिर डीएम के बोर्ड का रंग हरा से लाल कर दिया गया है।

कई अधिकारी भी होते हैं सियासत के मौसम वैज्ञानिक
सियासत में रंगों का अपना अलग ही महत्व होता है। 2017 में उत्तर-प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ ही रंग बदलने लगे। सरकारी बिल्डिंग से लेकर मंत्रियों के आवास का रंग भी बदला। रंगों में बदलाव कुर्सियों और उन पर सजने वाले तौलिया तक में दिखाई दिया। सड़क से लेकर चौक-चौराहों पर लगे बोर्ड तक सब कुछ जैसे भगवा मय हो गया। यूपी में योगी सरकार बनने के बाद DM आवास के बोर्ड का रंग भगवा किया गया था। अयोध्या और वाराणसी में कई सारे भवनों को भगवा रंग दिया गया। लेकिन चुनाव के आखिरी पड़ाव में डीएम के बोर्ड के बदलते रंग ने सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। लोगों का तो यहां तक कहना है कि कई अधिकारी भी सियासत के मौसम वैज्ञानिक होते हैं।

एहतियात के तौर पर बिजनौर में धारा 144 लागू

बिजनौर। कोरोना वायरस के संक्रमण, होली का त्योहार एवं विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2022 की मतगणना को देखते हुए जिला बिजनौर में धारा 144 लागू कर दी गई है। जिला मजिस्ट्रेट के अनुसार किसी भी प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले के विरूद्ध धारा-188 के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी।

जिला मजिस्ट्रेट उमेश मिश्रा ने सम्पूर्ण जिला बिजनौर में तत्काल प्रभाव से आगामी 31 मार्च 2022 तक दण्ड प्रक्रिया की धारा 144 के अधीन निषेधाज्ञा लागू कर दी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कतिपय प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किया जाना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त होली का त्योहार आसन्न हैं एवं आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2022 की मतगणना के दृष्टिगत विश्वस्त सूत्रों एवं विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशति खबरों से संज्ञानित है कि जिले में तेजी से चल रही राजनैतिक गतिविधियों के परिप्रेक्ष्य में कुछ अवांछनीय तथा असमाजिक तत्व सक्रिय होकर जिले की लोक प्रशांति एवं साम्प्रदायिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं। उक्त आधार पर जिला बिजनौर में लोक प्रशांति बनाए रखने के लिए तत्काल प्रभाव से आगामी 31 मार्च 2022 तक दण्ड प्रक्रिया की धारा. 144 के अधीन निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि उक्त आदेश के किसी भी प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले के विरूद्ध धारा-188 के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी।

मतगणना के दिन नहीं होगी शराब की बिक्री


मतगणना के दिन शराब की बिक्री पर रोक से संबंधित कानून के अधीन “मद्य निषेध दिवस” घोषित, मतगणना की तिथि 10 मार्च,22 को सभी मदिरा एवं भांग की दुकानों को संपूर्ण दिवस पूर्णतया बंद रखने के जिला मजिस्ट्रेट उमेश मिश्रा ने दिए निर्देश।

बिजनौर। मतगणना के दिन शराब की बिक्री पर रोक से संबंधित कानून के अधीन “मद्य निषेध दिवस” घोषित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला मजिस्ट्रेट, उमेश मिश्रा ने उक्त जानकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं अपर मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन के पत्र के हवाले से दी।

उन्होंने बताया कि उक्त परिपेक्ष्य में विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2022 के दौरान लोग शांति बनाए रखने के उद्देश्य से आबकारी अधिनियम की धारा-59 के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए उनके द्वारा निर्गत निर्देशों के क्रम में जिला बिजनौर की समस्त विधानसभा क्षेत्रों की समस्त देशी मदिरा, विदेशी मदिरा, बियर, भांग की फुटकर दुकानें, मॉडल शॉप्स, बार एवं सीएल-2, एफएल-2 तथा एफएल-2b अनुज्ञापन मतगणना की तिथि 10 मार्च,22 को संपूर्ण दिवस पूर्णतया बंद रहेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि उपरोक्त बंदी की अवधि के लिए अनुज्ञापियो को कोई प्रतिफल देय नहीं होगा। उपरोक्त के संबंध में उन्होंने जिला मजिस्ट्रेट मेरठ, मुजफ्फरनगर, पौड़ी, हरिद्वार एवं उधम सिंह नगर से काफी अनुरोध किया है कि मतगणना की तिथि को जिला बिजनौर की सीमा से 8 किलोमीटर की परिधि में स्थित सभी मदिरा एवं भांग की दुकानों को बंद कराने का कष्ट करें। जिला मजिस्ट्रेट श्री मिश्रा ने उपरोक्त निर्देशों के क्रम में जिले के सभी संबंधित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया है कि उक्त आदेशों का कड़ाई से पालन कराना सुनिश्चित करें।

एसडीएम ने किया खनन क्षेत्रों का निरीक्षण


जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के निर्देशों के अनुपालन में अपर जिलाधिकारी वि/रा अरविंद कुमार सिंह द्वारा तहसील नगीना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम अबुलफजल पहाड़ा तथा ग्राम शाह अलीपुर कोटरा स्थित खनन क्षेत्रों का किया गया निरीक्षण, खनन कार्य पाया गया नियमानुसार, उप जिलाधिकारी नगीना एवं खनन निरीक्षक को अवैध खनन रोकने के लिए खनन कार्याें पर कड़ी निगाह रखने के दिए निर्देश

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के निर्देशों के अनुपालन में अपर जिलाधिकारी वि/रा अरविंद कुमार सिंह द्वारा तहसील नगीना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम अबुलफजल पहाड़ा तथा ग्राम शाह अलीपुर कोटरा स्थित बालू, बजरी, बोल्डर/आरबीएम खनन क्षेत्र का औचक रूप से निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ई-निविदा प्रणाली के माध्यम से व्यवस्थापन के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप खनन कार्य पाया गया।

इस अवसर पर उप जिलाधिकारी नगीना शैलेन्द्र कुमार, खनन निरीक्षक ब्रिजेश कुमार गौतम, एसएचओ थाना बढ़ापुर के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
अपर जिलाधिकारी वि/रा अरविंद कुमार सिंह बताया कि उ0प्र0 उप खनिज नियामावली-2021 के नियम-23ड के अधीन जिला बिजनौर की 26544 घनमीटर बालू, बजरी, बोल्डर (मिश्रित अवस्था में)/आरबीएम खनन क्षेत्र का ई निविदा प्रणाली के माध्यम से व्यवस्थापन के लिए तहसील नगीना के ग्राम अबुलफजल पहाड़ा के गाटा सं0-70मि कुल रकबा 1.264 है0 पर अधिकतम रू0 1528 प्रति घनमीटर मैसर्स जयन्ती एन्टरप्रीनियूर प्रा0 लि0 के स्वामी दिलीप कुमार ओझा पुत्र हनुमान प्रसाद ओझा, निवासी 184 एन ब्लॉक, किद्वई नगर, कानपुर नगर को खनन अनुज्ञापत्र (एम0एम0-10) अनुमति प्राप्त हुई। उन्होंने बताया कि ग्राम शाह अलीपुर कोटरा स्थित खनन क्षेत्र के खनन के लिए गाटा सं0-2/102 कुल रकबा 1.012 है0 पर अधिकतम रू0 1525 प्रति घनमीटर पर यशपाल सिंह पुत्र रामस्वरूप सिंह, निवासी ग्राम मठेरा चौहान, तहसील नगीना, जिला बिजनौर तथा ग्राम शाह अलीपुर कोटरा स्थित खनन क्षेत्र के ही अंतर्गत गाटा सं0-2/102 कुल रकबा 1.215 है0 पर अधिकतम रू0 1552 प्रति घनमीटर पर मैसर्स ब्रजबाला इन्फ्रा सोल्यूशन प्रा0 लि0, ए-7 मंगल विहार कॉलोनी, निकट नंगला मौलवी, अलीगढ़ शहर को खनन अनुज्ञापत्र प्राप्त हुआ।

रास्ता न मिलने से रुका हुआ है खनन कार्य
उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान एक स्थान पर खनन कार्य नियमानुसार होता पाया गया, जहां पर निर्धारित किए गए क्षेत्र में चिन्हित स्थानों के अन्दर ही खनन कार्य किया जाना प्रकाश में आया, जबकि दो स्थानों पर अभी तक खनन कार्य नहीं किया जाना प्रकाश में आया। जानकारी करने पर बताया कि किसानों द्वारा रास्ता न दिए जाने के कारण उक्त स्थानों पर अभी खनन कार्य शुरू नहीं किया जा सका है, किसानों से वार्ता और उनकी संतुष्टि प्राप्त होते ही कार्य शुरू किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान अनुज्ञापियों द्वारा नियमित रूप से रॉयल्टी जमा किया जाना भी प्रकाश में आया। इस अवसर पर उन्होंने उप जिलाधिकारी नगीना एवं खनन निरीक्षक को निर्देश दिए कि खनन कार्याें पर कड़ी निगाह रखें ताकि जिले में किसी स्थान पर भी अवैध खनन का कार्य न होने पाए।

अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का फैसला मानने को बाध्य नहीं पुतिन!

पुतिन मानेंगे अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का फैसला?


नई दिल्ली (एजेंसी)। यूक्रेन पर हमले को लेकर वर्तमान हालात को देखते हुए यह बिलकुल भी नहीं लगता है कि व्लादिमीर पुतिन अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का फैसला मानेंगे। वो हमले के पहले ही दिन यूक्रेन को कड़ा सबक सिखाने की धमकी दे चुके हैं। इतना ही नहीं, अमेरिका और बाकी पश्चिमी देशों ने पहले ही रूस पर इतना प्रतिबंध लगा दिया है कि पुतिन के पास इस फैसले को न मानने के सिवा कोई चारा नहीं बचा है। एक बात यह भी है कि रूस के पास भी यूएनएससी का वीटो पावर है। ऐसे में दुनिया का यह सबसे शक्तिशाली संगठन भी रूस पर कोई दबाव नहीं बना सकता है। इसलिए माना जा रहा है कि यूक्रेन के इस दांव से रूस की थोड़ी बहुत निंदा के अलावा कुछ खास असर होने वाला नहीं है।

फैसला मानने के लिए बाध्य नहीं है कोई देश-
पहले भी कई बार अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के अधिकार क्षेत्र को लेकर सवाल उठ चुके हैं। विशेषज्ञों की राय है कि कोई भी देश अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का फैसला मानने के लिए बाध्य नहीं है। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय अपना फैसला मनवाने के लिए सबसे पहले संबंधित देशों को सुझाव देता है। इसके बाद वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पास जाता है, जिससे संबंधित देश पर दबाव बनाया जा सके। लेकिन, पहले भी देखा गया है कि कई देश अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का फैसला मानने से इंकार कर चुके हैं। इसमें सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य चीन तो कुख्यात है। चीन ने दक्षिण चीन सागर पर उसके अधिकार को लेकर दिए गए अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के फैसले को मानने से साफ इंकार कर दिया था। वीटो पावर वाले देश को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का फैसला मनवाने में सुरक्षा परिषद की ताकत भी काम नहीं आती।

अंतरराष्ट्रीय न्यायालय-
अंतरराष्ट्रीय न्यायालय संयुक्त राष्ट्र का एक महत्वपूर्ण न्यायिक शाखा है। इसकी स्थापना 1945 में नीदरलैंड की राजधानी द हेग में की गई थी। इस न्यायालय ने 1946 से काम करना भी शुरू कर दिया था। हर तीन साल में इसके अध्यक्ष का चुनाव किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय की वेबसाइट के अनुसार, इसका काम अंतरराष्ट्रीय कानूनी विवादों का निपटारा करना और संयुक्त राष्ट्र के अंगों और विशेष एजेंसियों को कानूनी राय देना है। इसके कर्तव्यों में अंतरराष्ट्रीय कानून के हिसाब से विवादों पर निर्णय सुनाना और संयुक्त राष्ट्र की इकाइयों को मांगने पर राय देना है।

नियुक्त नहीं हो सकते एक देश के दो जज-
अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में कुल 15 न्यायाधीश होते हैं। इनका चुनाव संयुक्त राष्ट्र महासभा और सुरक्षा परिषद के जरिए होता है। इन जजों का कार्यकाल 9 साल का होता है। अगर कोई जज अपने कार्यकाल के बीच में ही इस्तीफा दे देता है तो, बाकी बचे कार्यकाल के लिए दूसरे जज का चुनाव किया जाता है। इनकी नियुक्ति को लेकर भी काफी सख्त प्रावधान हैं, जैसे एक ही देश के दो जज अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में नियुक्त नहीं हो सकते। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य देशों के जज हमेशा ही अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में नियुक्त होते हैं। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय की आधिकारिक भाषा अंग्रेजी और फ्रेंच है। इसी भाषा में यह कोर्ट सुनवाई करता है और फैसले सुनाता है।

कांवड़ यात्रा मार्ग पर मीट की दुकानें, होटल बंद

बिजनौर। प्रशासन के आदेश पर किरतपुर पुलिस ने गत वर्षों की भांति इस बार भी कांवड़ यात्रा को देखते हुए मार्ग पर पड़ने वाली समस्त मीट की दुकानें और होटल बंद करा दिए। पुलिस की इस कार्यवाही से मीट का कारोबार करने वाले दुकानदारों में हड़कंप मच गया।

थाना प्रभारी सरविंदर कुमार ने बताया कि प्रशासन के आदेश पर कांवड़ यात्रा को देखते हुए शिवरात्रि तक के लिए कावड यात्रा मार्ग पर पड़ने वाली सभी मीट की दुकानों और होटलों को बंद करा दिया गया है। मीट की दुकान और होटल करने वालों को बता दिया गया कि यदि उन्होंने अग्रिम आदेश तक अपना होटल या मीट की दुकान खोलने का प्रयास किया तो उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

कस्बा इंचार्ज ने संभाला मोर्चा- दूसरी ओर कस्बा इंचार्ज सुमित राठी ने बताया कि उन्होंने अपने कस्बे एवं क्षेत्र में पुलिस कर्मियों के साथ ऐसे होटलों और दुकानों की निगरानी करनी शुरू कर दी है। उन्हें किसी भी कीमत पर खुलने नहीं देंगे। उनका उद्देश्य कांवड़ यात्रा के दौरान शांति बनाए रखना है और कांवरियों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो, इसी उद्देश्य से क्षेत्र में पुलिस बल गश्त करता रहेगा। यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा कांवड़ियों को परेशान या नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया उसके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी।

यूक्रेन में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर बसपा चिंतित, डीएम को सौंपा ज्ञापन

बिजनौर। रुस द्वारा युक्रेन पर हुए हमले के बाद बहुजन समाज पार्टी ने वहां फंसे जिला बिजनौर के लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। इस परिप्रेक्ष्य में पार्टी के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से भेंट कर ज्ञापन सौंपा और लोगों को सुरक्षित बुलाये जाने की मांग की।

बसपा के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी उमेश मिश्रा से उनके कार्यालय पर मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में रुस द्वारा युक्रेन पर हुए हमले में जिला बिजनौर के फंसे लोगों को सुरक्षित अपने घरों को बुलाये जाने की मांग की गई। जिलाधिकारी ने बसपा नेताओं को इस संबंध में शीघ्र ही कार्यवाही का आश्वासन दिया।

प्रतिनिधिमंडल में जिला अध्यक्ष जितेन्द्र सागर, बढापुर से पूर्व विधायक एवं प्रत्याशी मोहम्मद गाज़ी, बिजनौर से पूर्व विधायक एवं प्रत्याशी रुची वीरा, धामपुर से पूर्व विधायक एवं प्रत्याशी मूलचंद चौहान के सुपुत्र अमित चौहान, नजीबाबाद से प्रत्याशी शाहनवाज खलील, नुरपुर से प्रत्याशी जियाउद्दीन अंसारी, पूर्व मन्त्री धनीराम सिंह शामिल रहे।

न्याय के लिए 4 मार्च को भाकियू का जिला मुख्यालय पर आन्दोलन


बिजनौर। भाकियू कार्यकर्ता 13 फरवरी को कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के ग्राम चंदूपुरा में नितिन सिरोही के हमलावरों के विरुद्ध कार्यवाही न होने से बहुत नाराज हैं। किसान पंचायत के दौरान जिलाधिकारी को प्रेषित ज्ञापन में 4 मार्च को जिला मुख्यालय पर बड़े आन्दोलन की चेतावनी दी गई है।


जानकारी के अनुसार किसान यूनियन से जुड़े नितिन सिरोही के साथ ग्राम के बूथ पर कुछ लोगों ने मारपीट की। वहां मौजूद फोर्स ने एक व्यक्ति को पकड़ पुलिस को सौपा था। यूनियन का आरोप है कि नितिन सिरोही के लिखित शिकायत करने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई और सरकारी अस्पताल में घटों बैठने के बाद मेडिकल नहीं किया गया। उल्टे पीड़ित नितिन सिरोही के विरुद्ध ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया।

एसओ और डॉक्टर के प्रति नाराजगी-
भाकियू ने आरोप लगाया कि डा० प्रमोद ने 14 फरवरी में भी मेडिकल नहीं किया जबकि दूसरे पक्ष का फर्जी मेडिकल बना दिया गया है। इस कारण कोतवाली देहात थानाध्यक्ष व डा० प्रमोद के विरुद्ध भाकियू में काफी रोष व्याप्त है। ब्लॉक अध्यक्ष चौधरी समरपाल सिंह ने कहा कि प्रशासनिक आश्वासन के बाद अभी आंदोलन स्थगित किया जा रहा है। साथ ही चेताया कि इस सम्बन्ध में 3 मार्च तक कार्यवाही नहीं की गई तो भाकियू 4 मार्च को जिला मुख्यालय पर घेराव व आन्दोलन के लिए विवश होगी।

रेलवे स्टेशन से जनाजा निकालने के लिए मजबूर!

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महानगर के कुर्ला पश्चिम में रहने वाले मुस्लिम समाज के लोगों के लिए कब्रिस्तान तक शव ले जाने के लिए रेलवे प्लेटफॉर्म से गुजरने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। कुर्ला पूर्व इलाके में रेलवे स्टेशन के करीब स्थित कुरैश नगर के कब्रिस्तान में पहुंचने के लिए रेलवे के पुल और प्लेटफॉर्म से होकर जाना पड़ता है। सोशल मीडिया पर कुर्ला रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म से शव यात्रा निकाले जाने का वीडियो खूब वायरल हो रहा है। 

स्थानीय लोग लंबे समय से इस परेशानी से दो चार हैं लेकिन एक अदद पुल बनाने को लेकर मुंबई महानगर पालिका और रेलवे के बीच जिम्मेदारी एक दूसरे पर धकेलने का खेल जारी है और यह मामला कई सालों से प्रलंबित है। हालांकि कुछ लोग सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा कर रहे हैं कि मुस्लिम समाज के लोग जबरन प्लेटफॉर्म से गुजर रहे हैं।  

स्थानीय नगरसेवक कप्तान मलिक ने कहा कि मुंबई महानगर पालिका ने पुल का प्रस्ताव मंजूर कर लिया है। यहां तक कि मार्च 2019 में रेलवे को 8 करोड़ 64 लाख रुपए के चेक भी दे दिया गया है। इसके बावजूद अब तक पुल बनाने का काम शुरू नहीं हो पाया। वहीं स्थानीय शिवसेना विधायक मंगेश कुडालकर ने कहा कि यह बात सही है कि मुस्लिम समाज काफी समय से इस समस्या से जूझ रहा है लेकिन मैं इसे हल करने के लिए काफी प्रयास कर रहा हूं। जिस जगह पुल बनाया जाना है वहां कुछ झोपड़े हैं जिन्हें हटाया जाना है। इसलिए यह मुद्दा प्रलंबित है लेकिन जल्द ही इस समस्या को हल कर लिया जाएगा। 

मुस्लिम समाज के पास विकल्प नहीं 

वही मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवाजी सुतार ने कहा कि यह बात सही है कि मुस्लिम समाज के लोग रेलवे पुल और स्टेशन के रास्ते शव लेकर कब्रिस्तान तक जाते हैं, लेकिन यह संवेदनशील मुद्दा है और फिलहाल उनके पास कोई विकल्प नहीं है। इसलिए मामले में कार्रवाई नहीं की जाती, लेकिन रेलवे की ओर से स्थानीय प्रशासन और पुलिस को पहले ही सूचना दे दी गई है कि इस परेशानी को हल करने पर ध्यान दिया जाए। स्थानीय रहिवासी लतीफ शेख ने कहा कि कुर्ला पश्चिम में आसपास कोई कब्रिस्तान नहीं है इसलिए लोगों को मजबूरी में कुर्ला पूर्व में स्थित कब्रिस्तान जाना पड़ता है। रेलवे और स्थानीय प्रशासन को लोगों की इस परेशानी को दूर करने के लिए जितनी जल्द हो सके कोशिश करनी चाहिए। 

सोशल मीडिया पर पोस्ट 

सोशल मीडिया पर रेलवे प्लेटफॉर्म से शव ले जाते हुए लोगों का वीडियो वायरल हो रहा है, हालांकि कुछ शरारती तत्व इस दावे के साथ वीडियो पोस्ट कर रहे हैं कि मुस्लिम समुदाय के लोग जबरन प्लेटफॉर्म से शव ले जा रहे हैं और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। 

न्याय के लिए महापंचायत: भाकियू ने कसी कमर

बिजनौर। कोतवाली देहात में कल होने वाली किसानों की महापंचायत के लिए भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव में संपर्क साधना शुरू कर दिया है। किसान नेताओं ने क्षेत्र के दर्जनों गांवों का दौरा कर महापंचायत को सफल बनाने का आह्वान किया।

बताया गया है कि दो दिन पूर्व ग्राम प्रधान सहित पांच लोगों ने थाना क्षेत्र के गांव चंदुपुरा निवासी भाकियू के पूर्व युवा जिला अध्यक्ष नितिन सिरोही पुत्र देवराज सिंह के साथ जमकर मारपीट की थी। हमलावरों में से एक व्यक्ति ने नितिन सिरोही के ऊपर फायरिंग भी की थी। नितिन सिरोही व उसके परिजनों ने नितिन पुत्र मानसिंह को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। पुलिस ने नितिन को रात भर थाने में बैठाए रखा तथा सुबह को बिना किसी कार्य के ही उसे छोड़ दिया था इसके बाद दूसरे पक्ष ने भी नितिन सिरोही व उसके परिजनों के खिलाफ जान से मारने के संबंध में एक तहरीर थाने में सौंपी थी। पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से धारा 307 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया था।

सत्ता पक्ष का दबाव!- भारतीय किसान यूनियन के नेता चौधरी दिगंबर सिंह का आरोप है कि सत्ता के दवाव में आकर पुलिस ने दूसरे पक्ष का फर्जी मेडिकल करवाया तथा दूसरे पक्ष की ओर से झूठी एफआईआर दर्ज की गई है। भारतीय किसान यूनियन के नेता चौधरी दिगंबर सिंह ने 17 फरवरी को उक्त प्रकरण सहित थाने व स्वास्थ्य केंद्र में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ किसानों की महापंचायत का आह्वान किया है। महापंचायत को सफल बनाने के लिए क्षेत्रीय किसान नेताओ ने दर्जनों गांव का तूफानी दौरा किया। उन्होंने किसानों से महापंचायत में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की। क्षेत्र का दौरा करने वालों में समरपाल सिंह, मुनेश, मानवीर, मुकुल त्यागी, बंटी, अनुज तोमर, विकास, रसीद, रोहित, जितेंद्र, डॉ योगेंद्र सिंह, महेश प्रधान, रामेन्द्र, ओमप्रकाश, आसाराम, मुन्नू, निर्मित, नामेन्द्र, राहुल, नागेंद्र, सबु प्रधान, पुरन सिंह, धर्मपाल सिंह आदि किसान शामिल रहे।

भाकियू नेता का आरोप- भाकियू नेता दिगंबर सिंह का आरोप है कि जिस हमलावर को पीड़ित व उसके परिजनों ने सही सलामत पकड़कर पुलिस को सौंपा था। अचानक 10 घंटे बाद उसकी तबीयत कैसे खराब हो गई, जिसके चलते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर ने आनन-फानन में उसे इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया तथा उसका फर्जी मेडिकल भी तैयार कर दिया गया। आरोपित व्यक्तियों ने पुलिस व डॉक्टर से हमसाज होकर पीड़ित के खिलाफ थाने में मुकदमा पंजीकृत करा दिया है।

चारा घोटाले में लालू दोषी करार, 21 फरवरी को होगा सजा का एलान

update big breaking : चारा घोटाले में लालू दोषी करार, सजा का एलान 21 फरवरी को

रांची (एजेंसी)। चारा घोटाले केस में CBI कोर्ट ने बिहार के पूर्व सीएम और राष्‍ट्रीय जनता दल के अध्‍यक्ष लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया है। डोरंडा कोषागार केस में कोर्ट का फैसला आया है। सजा का एलान 21 फरवरी को किया जाएगा।

डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी का चारा घोटाले से जुड़ा पांचवा मामला है। इस मामले को सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सबसे अधिक 139.5 करोड़ रुपये की यहां से निकासी हुई थी। इससे पहले चाईबासा के दो, देवघर और दुमका कोषागार से जुड़े एक-एक मामले पर अदालत सजा सुना चुकी है। लालू प्रसाद इन मामलों में सजायाफ्ता हैं। फिलहाल जमानत पर हैं।

डोरंडा कोषगार मामले में सीबीआई कोर्ट ने लालू प्रसाद समेत 75 आरोपी को दोषी करार दिया है। मामले में 99 आरोपियों में से 24 को बरी किया गया। दोषियों को 18 फरवरी को सजा सुनाई जाएगी।

पुलवामा कांड की बरसी: अर्धसैनिकों को शहीद का दर्जा दे सरकार

अटेवा nmops की मांग अर्धसैनिकों को शहीद का दर्जा दे एवं पुरानी पेंशन बहाली की जाए- विजय बन्धु

लखनऊ। आज 14 फरवरी को पुलवामा शहीदों की बरसी पर पूरा देश उन अमर शहीदों को नम आँखों से श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। ये हमारे ऐसे अर्द्धसैनिक बल के जवान हैं, जिनके बलिदान के बाद हम उन्हें शहीद कहते हैं लेकिन हमारी सरकार उन्हें शहीद का दर्जा नहीं देती है। पुरानी पेंशन बहाली मंच अटेवा/NMOPS के द्वारा पुलवामा शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किया जा रहा है तथा आज 14 फरवरी को NMOPS के द्वारा ट्विटर, इंस्टाग्राम, फेसबुक, व्हाट्सएप के माध्यम से कैम्पेनिंग की जा रही है कि अर्द्धसैनिक बल के जवानों को शहीद का दर्जा मिले और उनकी पुरानी पेंशन बहाल की जाए। NMOPS के राष्ट्रीय अध्यक्ष व अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु ने पुलवामा शहीदों को नम आँखों से श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए देश के प्रधानमंत्री से मांग किया कि पुलवामा शहीदों को शहीद का दर्जा दिया जाए। साथ ही अर्द्धसैनिक बल के जवानों को पुरानी पेंशन देकर राष्ट्रवाद के राष्ट्रधर्म का पालन किया जाए। बंधुजी ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि जिन अर्द्धसैनिक बल के कारण हम और हमारा देश सुरक्षित रहते हैं यदि उन्हें हम शहीद का दर्जा न दे पायें और न उन्हें पुरानी पेंशन दे पायें तो ये कौन सा राष्ट्रवाद है?

अटेवा के प्रदेश महामंत्री नीरजपति त्रिपाठी ने कहा कि देश व प्रदेश की वर्तमान सरकार तानाशाह हो चुकी हैं। उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि जिन शिक्षक, कर्मचारी और अर्धसैनिक बल के सहारे पूरा देश विकास के रास्ते पर है और सुरक्षित है, उन्हीं के हक को छीनकर वर्तमान सरकार पूंजीपतियों के हाथ में सौंपने का कार्य कर रही है। अटेवा के प्रदेश मीडिया प्रभारी राजेश कुमार ने कहा कि आज अटेवा ने पुलवामा शहीदों एवं अर्द्धसैनिक बल के जवानों को न्याय दिलाने के लिए सोशल मीडिया ट्विटर, इंस्टाग्राम, फेसबुक, व्हाट्सएप पर एक अभियान के तहत कैम्पेनिंग किया और उनके हक के लिए आवाज उठाई।

मतदाताओं के लिए बनाए गए सेल्फी पॉइंट

बिजनौर जिले की आठों विधानसभाओं पर विधायक चुनने के लिए हुआ मतदान। तमाम जागरूकता कार्यक्रम चलाने के साथ ही मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने के लिए बनाए गए थे सेल्फी पॉइंट।

सूना पड़ा जिला मुख्यालय बिजनौर का डाकघर चौराहा

बिजनौर। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2022 के दूसरे चरण में जिला बिजनौर में मतदान हुआ। इस कारण बिजनौर शहर का मुख्य चौराहा डाक घर पर सन्नाटा पसरा पड़ा रहा। शहर का बाजार पूर्ण रूप से बंद रहा।

पर्ची के लिए परेशान हुए मतदाता-
विधानसभा चुनाव 2022 के दूसरे चरण में जिला बिजनौर में हुए मतदान में मतदाताओं ने बढ़ चढ़कर भाग लेते हुए अपने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी लंबी लाइनें लगनी शुरू हो गई। कुछ जगह मतदाताओं की पर्ची न पहुंचने पर अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

एडीजीए समेत डीएम व एसपी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। सुबह 7:00 बजे से धीमी गति के साथ कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान शुरू हुआ। डीएम व एसपी ने विभिन्न मतदान बूथों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। विभिन्न प्रत्याशी भी मतदान की स्थिति देखते रहे। हालांकि कुछ मतदान बूथों पर पर्ची न मिलने या लिस्ट में नाम न होने के कारण मतदाता अपने मत का प्रयोग करने के लिए परेशान होते देखे गए। सदर विधानसभा सीट के कई मतदान बूथों को रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया गया। वोट करने के बाद फोटो लेने के लिए मतदाताओं के लिए सेल्फी पॉइंट भी बनाए गए। वोट करने के बाद उत्साहित मतदाताओं ने सेल्फी पॉइंट पर सेल्फी ली।

बिजनौर मतदान अपडेट इसी में बढ़ाये जाएंगे, कृपया इसी न्यूज़ को बार बार चैक करें।

बिजनौर (श्रीजी एक्सप्रेस)। पुलिस प्रशासन की संवेदनशील अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर पैनी नजर। अति संवेदनशील मतदान केंद्रों के इर्द गिर्द ड्रोन कैमरे उड़ा कर रखी जा रही पैनी नजर। दूसरे चरण की वोटिंग के लिए मतदाताओं में भारी उत्साह। लगी है लंबी कतारें। महिलाओं बुजुर्गों ने भी किया अपने मत का प्रयोग। नव युवाओं में वोट डालने को लेकर उत्साह का माहौल।

बिजनौर में आठों सीटो पर हुआ कुल मतदान 66.73

17-नजीबाबाद – 68.21
18-नगीना – 65.43
19-बढ़ापुर – 66.84
20-धामपुर – 67.42
21-नहटौर – 65.55
22-बिजनौर – 65.68
23-चांदपुर – 69.50
24-नूरपुर – 65.32

फुलसंदा में संगत के साथ सद्पुरुष बाबा ने किया मतदान

बिजनौर जिले में 5 बजे तक 61.44 प्रतिशत मतदान

नजीबाबाद – 59.89 प्रतिशत
नगीना – 61.02 प्रतिशत
बढ़ापुर – 59.8 प्रतिशत
धामपुर – 63.94 प्रतिशत
नूरपुर – 63.3 प्रतिशत
बिजनौर – 61.7 प्रतिशत
चांदपुर – 62.6 प्रतिशत
नहटौर – 59.6 प्रतिशत

लुइसली पारकर स्कूल में जिलाधिकारी ने किया मतदान
झालू में मतदान के प्रति लोगों में उत्साह

बिजनौर-धामपुर विधानसभा में EVM ख़राब, मतदाता परेशान।
मतदाताओं की लगी लंबी लंबी लाइन।
प्राथमिक स्कूल तिलक के बूथ संख्या 89 का मामला।

बीएलओ की कारगुजारियों से परेशानी-
नजीबाबाद विकास खण्ड में भाजपा के गढ़ माने जाने वाले जालबपुर गूदड़ पंचायत में सुभाष नगर कॉलोनी, आरसी पुरम कॉलोनी, शिव लोक पुरम कॉलोनी, पारस लोक कॉलोनी, जयनगर कॉलोनी के मतदाताओं को बीएलओ की कारगुजारियों का सामना करना पड़ा। इन सभी कॉलोनियों के मतदाताओं ने आरोप लगाया कि बीएलओ की वजह से वोटर पर्ची नहीं मिल रही हैं क्योंकि पंचायत के दोनों बीएलओ एक ही परिवार और बसपा समर्थित मानसिकता के हैं।
चर्चा है कि इन दोनों बीएलओ ने अपने घर पर बैठ कर ही अपना कार्य पूर्ण किया है, क्षेत्र में एक आध बार ही दिखाई दिए। वोटर पर्ची तक नहीं बांटी गई। संभावना है कि लगभग 300 से 500 वोटर अपने मताधिकार से वंचित रह गए।

बिजनौर जनपद में 3 बजे तक 51.8 प्रतिशत हुआ मतदान

श्री राम अर्ज, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण द्वारा थाना कोतवाली देहात क्षेत्रान्तर्गत पूर्व माध्यमिक विद्यालय बरुकी में बने मतदान केंद्र को चेक किया गया तथा डयूटीरत कर्मचारीगण को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये।

जिले में 1 बजे तक 40.38 हुआ मतदान

नजीबाबाद- 39.46 प्रतिशत
नगीना – 37.9 प्रतिशत
बढ़ापुर- 43.8 प्रतिशत
धामपुर- 41.6 प्रतिशत
नूरपुर – 43.8 प्रतिशत
बिजनौर – 39.3 प्रतिशत
चांदपुर- 31.4 प्रतिशत
नहटौर- 40.8 प्रतिशत
झालू – 27%

बास्टा, मतदान करने के लिए अपनी बारी का इन्तजार करती महिलाएं
बिजनौर  शहर
बिजनौर शहर

ब्रेकिंग न्यूज़-ग्राम करमसखेड़ी में मशीन का वीवीपैट खराब बूथ संख्या 365 पर रुका मतदान।
बिजनौर में 8 विधानसभा सीटों पर सुबह 7 बजे से मतदान शुरू।
8 विधानसभा सीटों के 1673 मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्वक चल रहा मतदान।
बिजनौर सदर से भाजपा प्रत्याशी सूची चौधरी ने किया मतदान।
पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था बीच शांतिपूर्वक चल रहा मतदान।
बिजनौर में 24 अंतर्जनपदीय बैरियर पर चल रही सघन चेकिंग।
बिजनौर-ADG पुलिस बरेली राजकुमार पहुँचे मतदान केंद्रों का जायजा लेने बिजनौर। बिजनौर में सुबह 11 बजे तक 25 फीसदी हुआ मतदान।

बिजनौर जिले में 11 बजे तक 24.51 प्रतिशत मतदान हुआ

नजीबाबाद- 28.69 प्रतिशत
नगीना – 19.8 प्रतिशत
बढ़ापुर- 32.30 प्रतिशत
धामपुर- 25.5 प्रतिशत
नूरपुर – 22.5 प्रतिशत
बिजनौर – 26.6 प्रतिशत
चांदपुर- 19.3 प्रतिशत
नहटौर- 20 प्रतिशत

एडीजी बरेली राजकुमार ने किया निरीक्षण- नहटौर। विधानसभा 21 नहटौर में 337 मध्य स्थलों पर शांतिपूर्वक प्रारंभ हुआ। 7 बजे से 9 बजे तक मतदान काफी धीमा रहा लेकिन 9 बजे के बाद मतदान करने के लिए लोगों में अधिक उत्साह दिखाई दिया। एडीजी बरेली राजकुमार ने भी नहटौर नगर के मतदान केंद्र का निरीक्षण किया। 1 बजे तक नहटौर में 40% मतदान हुआ। पोलिंग बूथों का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे एडीजी बरेली राजकुमार ने कहा कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और शांतिपूर्वक मतदान कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो भी अशांति पैदा करने वाले तत्व हैं उन्हें पूर्व में चिन्हित कर लिया गया था और यदि तनिक भी अशांति पैदा होती है तो उनके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं रायपुर मलिहाबाद और फरीदाबाद में ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी होने की शिकायत आई जिसे प्रशासन द्वारा तत्काल सही कराकर मतदान सुचारू कराया गया। समाचार लिखे जाने तक शांतिपूर्ण ढंग से मतदान जारी था।

व्यवधान की सूचना पर पहुंची पुलिस- धामपुर। मतदान सुबह 6 बजे शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुआ। मतदान प्रभावित ना हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए थे। भाजपा प्रत्याशी अशोक राणा, बसपा प्रत्याशी ठाकुर मूलचंद चौहान, सपा प्रत्याशी नईम उल हसन, कांग्रेस प्रत्याशी हुसैन अहमद अंसारी सहित सातों प्रत्याशियों ने भी वोटिंग की। एसपी पूर्वी ओमवीर सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी अजय कुमार अग्रवाल के संयुक्त निर्देशन भारी पुलिस व पीएसी एवं बीएसएफ के जवानों की मौजूदगी में विभिन्न मतदान स्थलों पर मतदाता लाइन में लगकर वोटिंग करते नजर आए। नगीना मार्ग स्थित के. एम. इंटर कालेज पर बने बूथ संख्या 74 पर मतदान न होने या मतदान रोके जाने की सूचना जैसे ही प्राप्त हुई तुरन्त सीओ अजय कुमार अग्रवाल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया, लेकिन मतदान प्रक्रिया सही पाई गयी। इसके अलावा धामपुर नगर व क्षेत्र में हर पोलिंग बूथ पर मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पोलिंग एजेंट भी मतदाताओं को गाइड करते नजर आए। दोपहर एक बजे तक 41 प्रतिशत मतदान हुआ था।

पुलिस ने पत्रकारों को रोका- स्योहारा। धामपुर विधानसभा सीट के लिए क्षेत्र में शांतिपूर्ण शुरू हुए मतदान में युवाओं और महिलाओं ने सुबह से ही बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया और वोट किया। मतदान के लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रही तो वहीं किसी भी पोलिंग बूथ से किसी अप्रिय घटना की सूचना नही आई। वहीं मतदान केंद्रों पर इस बार चौकीदार और चपरासियों की भी ड्यूटी लगाने से बूथों पर तैनात कर्मियों को पानी आदि की भी समस्या से दो चार होना पड़ा। पुलिस द्वारा लाइन में लगे वोटरों की कवरेज करने से पुलिस  ने रोक लगाई तो पत्रकारों में पुलिस के  प्रति रोष पनप गया।

पुलिसबिजनौर पुलिस लाइंस में मतदान।

बदला लेने को तैयार बैठे हैं गुंडे: मोदी

मौसम खराब होने के कारण टला पीएम का बिजनौर दौरा। वर्चुअल माध्यम से किया संबोधित। जन चौपाल में मोदी की जगह पहुंचे योगी आदित्यनाथ।

भ्रष्टाचार, अपराध, विकास के मुद्दे पर मोदी ने टटोली नब्ज

बिजनौर। मौसम खराब होने के कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बिजनौर नहीं पहुंच सके। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से बिजनौर, अमरोहा व मुरादाबाद की जनता से संवाद किया। विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली फिजिकल रैली बिजनौर में होनी थी। उन्होंने बिजनौर न पहुंचने पर जनता से क्षमा मांगी और अपना संबोधन शुरू किया।

वर्धमान कालेज में पीएम को सुनने के लिए महिलाएं एवं पुरूष काफी तादाद में सुबह आठ बजे से ही पहुंचना शुरू हो गए थे। किंतु उनके न आने से उन्हें निराश होना पड़ा वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ बिजनौर पहुंचे और उन्होंने  अखिलेश यादव पर जमकर प्रहार किए। उन्होंने कहा कि गुंडे, बदमाशों को संरक्षण देने वाले लोग सत्ता का इंतजार कर रहे हैं मगर आपको उन्हें रोकना होगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जन चौपाल की शुरुआत मशहूर कवि दुष्यंत कुमार की लाइनों से की। उन्होंने कहा कि अपनी बात की शुरुआत मैं इस क्षेत्र के ही मशहूर कवि दुष्यंत कुमार जी की दो लाइनों से करूंगा। उन्होंने कहा था- यहां तक आते – आते सूख जाती हैं कई नदियां, मुझे मालूम हैं पानी कहां ठहरा हुआ होगा। इसके बाद उन्होंने कहा कि यह धरती, भगवान श्रीकृष्ण और पांडवों के श्रीचरणों की साक्षी है, महात्मा विदुर की कर्मभूमि और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अनेक वीर सपूत पैदा करने वाली इस धरती को मैं आदर पूर्वक नमन करता हूं। आज यहां बिजनौर के साथ ही अमरोहा और मुरादाबाद के साथी भी जुड़े हुए हैं। उनका भी मैं स्वागत करता हूं। पीएम मोदी ने कहा दुष्यंत कुमार जी ने लिखा था, यहां तक आते आते, सूख जाती हैं कई नदियां, मुझे मालूम है पानी कहां ठहरा हुआ होगा। 2017 से पहले यूपी में भी विकास की नदी का पानी ठहरा हुआ था। ये पानी नकली समाजवादियों के परिवार में उनके करीबी लोगों की प्यास  बुझती रही। गरीबी की प्यास से कभी मतलब नहीं रहा, सिर्फ अपनी प्यास बुझाते रहे, अपने करीबियों की प्यास बुझाते रहे और अपनी तिजोरियों की प्यास बुझाते रहे। बस अपना स्वार्थ सोचने वाली यही प्यास विकास की नदी के हर बहाव को सोख लेती है। अपना घर भर लेने की यही प्यास गरीबों को घर नहीं देने देती थी। अपनी जेबें भर लेने की यही प्यास गरीब का राशन चट कर जाती थी। प्रोजेक्ट लटकाकर कमाई करने की इसी प्यास से लालफीताशाही और लेटलतीफी को ताकत मिलती थी। पीएम मोदी ने कहा कि पांच वर्ष में योगी आदित्यनाथ की सरकार का प्रयास रहा है, कि विकास कुछ ही इलाकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसी सोच के साथ हमारी सरकार मुरादाबाद, बिजनौर, अमरोहा जैसे शहरों में भी कनेक्टिविटी बढ़ा रही है। करीब 500 किलोमीटर का दिल्ली लखनऊ इकोनामिक कारिडोर भी मुरादाबाद से ही होकर गुजरेगा। अलीगढ मुरादाबाद कारिडोर का काम तेजी से हो रहा है। मुरादाबाद बरेली कारिडोर भी पूरा होने जा रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे के रूप में इस इलाके को बहुत बड़ी सौगात मिलने जा रही है। बिजनौर से मुरादाबाद फोरलेन हाइवे पर तेजी से काम हो रहा है। योगीजी की सरकार ने पिछले पांच साल में इन इलाकों में बहुत से बड़े और जहां जरूर पड़ी, वहां छोटे भी पुल बनवाए। इनसे गंगा पार से आने जाने वाले किसानों का रास्ता भी आसान हुआ है। डबल इंजन सरकार ने सड़कें और रिंग रोड बनाकर यहां के लोगों की जिंदगी में रोजमर्रा की मुश्किलों को आसान किया है। बिजनौर में 300 करोड़ की लागत से महात्मा विदुर मेडिकल कालेज का काम तेजी से चल रहा है। प्रधनमंत्री ने कहा कि कुछ लोग लोग आज चौधरी चरण सिंह की विरासत की दुहाई देकर आपको बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं। आपको जानकर आश्चर्य होगा, पहले की सरकार में गेहूं की जितनी खरीद हुई थी, योगी जी की सरकार में उससे दोगुना से भी ज्यादा गेहूं एमएसपी पर खरीदा गया है। किसानों से अनाज खरीद में हर साल नए रिकार्ड बनाए हैं। किसानों और पूरी पश्चिमी यूपी को याद दिलाना चाहता हूं, जो लोग आपको बहकाने की कोशिश कर रहे हैं, उनसे जरूर पूछना, जब उनकी सरकार थी तब वो इस इलाके में आपके गांव में कितनी बिजली देते थे। पश्चिम यूपी में तो यह बात होती थी, कि हमारा किसान और युवा बिना बिजली के मात खा जाता है, घर घर में यह चर्चा होती थी। नौजवानों का भविष्य रौंदा जा रहा था। आज जब गांव-गांव में बिजली आ रही है, तो इसका हिसाब भी होना चाहिए। उन्होंने प्रदेश को अंधेरे में रखा, ताकि अपराध बढ़े, हमने तो सभी को बिजली दी, ताकि विकास बढ़े। पीएम मोदी ने कहा कि अब यूपी को उस नुकसान की भरपाई करते हुए और तेजी से आगे बढ़ना है। पहले की सरकारों का माडल समस्या पैदा करो, फिर सहानुभूति के नाम पर सब समेट लो का था, उनके इस माडल से किसान, नौजवान, गरीब, शोषित, दलित सब परेशान थे। उन्होंने कहा कि महिलाओं से छेड़छाड़ आम बात थी, चेन लूटे जाने पर इस बात का शुक्र मनाया जाता था कि चलो जान तो बच गई। योगी जी की सरकार ने बेटियों को उस भय से मुक्त करके दिखाया है, हमने बेटियों को उनका असल सम्मान दिलाया है। हमारी सरकार ने बिजनौर, मुरादाबाद और अमरोहा में हजारों बहनों को उज्ज्वला के जरिए मुफ्त कनेक्शन देकर उनका जीवन आसान बनाया है। पिछले पांच वर्ष में इन इलाकों में इंटर कालेज, आईटीआई, पालीटेक्निक, डिग्री कालेज बनाए हैं। पिछली सरकारों के लिए गरीब उनके राजनीति का माध्यम रहा, हमारी सरकार गरीब की हर जरूरत का ध्यान रखते हुए, उसकी हर चिंता को कम करने का प्रयास कर रही है। आयुष्मान भारत के जरिए बीमारी के इलाज के खर्चे की चिंता से मुक्त किया है। मुरादाबाद, बिजनौर, अमरोहा के तीन लाख से ज्यादा गरीब को लाभ मिला है। अब तो हर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए अस्पताल बन रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता देख रही है, समझ रही है कि यूपी का विकास कौन कर सकता है। पहले शुद्ध जल भी नसीब नहीं होता था, आज हर गांव के हर परिवार को नल से जल की सुविधा दी जा रही है। माताएं बहनें, इन कामों के कारण हमें आशीर्वाद देती हैं। पहले गिनती के एक्सप्रेसवे थे, आज नए एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो चुके हैं। पहले की सरकारों ने यूपी की छवि को खराब किया। आज यूपी पांच अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला देश का पहला राज्य बन रहा है। यह सब भाजपा की डबल इंजन सरकार में ही हो सकता है, क्योंकि हमारी सोच इमानदार है और काम असरदार है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल में जो अपराधी खुद जेल गए, वह चुनाव का इंतजार कर रहे हैं। वह तो इस फिराक में हैं कि कैसे भी सरकार बदल जाए, ताकि वो जेल से बाहर आ सकें। ये सभी अपराधी किसी भी तरह पुरानी वाली माफियाराज वाली सरकार आने की मंशा पाले हैं। जो अपराधी यूपी छोड़कर भाग गए थे, वह भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सरकार बदले तो फिर लौट आएं। लूट, छिनैती, डकैती का धंधा ठप पड़ा है, यूपी की जनता से उसकी भरपाई करने और बदला लेने के मूड में हैं। इनके गुर्गे भी पूरी ताकत लगाए हैं, ये लोग जात पात के नाम पर बंटवारा करके भाजपा को रोकना चाहते हैं। इस खेल से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि चुनाव में केवल भाजपा और कमल का निशान देखना है। भाजपा आएगी तो आपकी सुरक्षा होगी, ये आएंगे तो गुंडों के सपने पूरे होंगे। जब आप वोट डालने जाएं तो भी याद रखें, यूपी के लिए ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी वोट दे रहे हैं। यूपी के विकास के बिना देश का विकास भी नहीं हो सकता है। पहले भी आपने साबित किया है और आज भी जोश बता रहा है, एकजुट होकर सही फैसला लेने को तैयार हैं। इसलिए जिस मिजाज से यूपी ने भरी हुंकार, एक बार फिर योगी सरकार।

डीएम एसपी ने किया पीएम के रैली स्थल का मुआयना

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने पुलिस अधीक्षक के साथ प्रधानमंत्री के बिजनौर के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत सभा स्थल का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी के साथ मुआयना किया, संबंधित अधिकारियों को पूरी सजगता और सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के दिए निर्देश

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा प्रधानमंत्री के कल 07 फरवरी,22 को प्रस्तावित बिजनौर भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक के साथ वर्धमान कॉलेज स्थित सभा स्थल का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी के साथ मुआयना किया गया। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय एवं बाहरी पुलिस बल को निर्देश दिए कि तैनाती के निर्धारित स्थानों पर पूर्ण सजगता और सतर्कता के साथ अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करना सुनिश्चित करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए मार्गाें का डायवर्जन करें और वहां पर भी पुलिस तैनात करें ताकि कोई भी वाहन निर्धारित क्षेत्र में प्रवेश न करने पाए।
उन्होंने बताया कि सभा स्थल एवं उसके आसपास विशेष सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं, जिसके अंतर्गत कोई भी व्यक्ति बिना विशेष चैकिंग के सभा स्थल में प्रवेश नहीं कर सकेगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने अधीनस्थ अधिकारी एवं कर्मचारियों को पूरी सजगता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए निर्देशित करें ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही का अंदेशा बाक़ी न रहे तथा अन्य जिलों से आने वाले पुलिस बल को उनके तैनाती के स्थानों पर पूर्व में तैनात करना सुनिश्चित करें ताकि वहां जा कर वह अपने स्तर से सुरक्षा के दृष्टिगत मौक़ा मुआयना कर सकें।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डा0 धर्मवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी के0पी0 सिंह, अपर जिलाधिकारी विनय कुमार सिंह के अलावा अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

PM की बिजनौर रैली को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

बिजनौर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर पुलिस प्रशासन के आला अफसर व एसपीजी अधिकारी तैयारी में जुटे हैं। सेना का चॉपर शनिवार को वर्धमान डिग्री कॉलेज व आइटीआई के मैदान में उतरा। प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर अधिकारी तैयारियों में जुटे है। चॉपर में सवार एयरफोर्स व एसपीजी के अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल व सुरक्षा का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस प्रशासन के अधिकारियों से भी काफी देर वार्ता की। जनपद में एसपीजी और इंटलीजेंस की टीमें डेरा डाल चुकी हैं। कार्यक्रम स्थल पर भारी पुलिसबल तैनात कर दिया गया है। प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतेजाम किये जा रहे हैं। जनपद से लेकर प्रदेश के अधिकारी अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। अभी प्रधानमंत्री के हेलीकाप्टर लैडिंग स्थान के लिए निर्णय लिया जाना है।

ADG व DIG ने डाला डेरा- एडीजी बरेली जोन राजकुमार व डीआइजी मुरादाबाद शलभ माथुर ने शनिवार को जनपद में डेरा डाल दिया। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों के साथ वर्धमान कॉलेज व आईटीआई कॉलेज के मैदान का निरीक्षण किया। एडीजी व डीआईजी ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर जनपद के शीर्ष अधिकारियों से विचार विमर्श किया।

ऊर्जा का संचार- बिजनौर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आने से जहां एक ओर भाजपाईयों के चुनाव में ऊर्जा का संचार होता दिख रहा है वहीं जिला प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तरह सतर्क है। इसी के चलते शनिवार को जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह ने वर्धमान कालेज पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

UP west: पीएम मोदी की पहली प्रत्यक्ष रैली बिजनौर में कल

बिजनौर। वेस्ट यूपी के पहले चरण के मतदान से पूर्व माहौल बनाने के लिए भाजपा ने सोमवार 7 फरवरी को बिजनौर में पीएम मोदी की पहली प्रत्यक्ष रैली कराने का फैसला लिया है। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बिजनौर में यूपी की अपनी पहली जनसभा को संबोधित करेंगे। वर्धमान कालेज के मैदान में होने जा रही रैली की तैयारियों के मद्देनजर सभी इंतजाम पुख्ता करने में जिला प्रशासन जुट गया है।

विदित हो कि कोविड प्रोटोकॉल के तहत प्रधानमंत्री मोदी ने अभी तक 1 व 4 फरवरी को जनचौपाल वर्चुअल रैली की थी। खुले मैदान में अभी तक बड़ी रैली करने की इजाजत नहीं थी। आयोग ने अब खुले मैदान में एक हजार लोगों की रैली करने की मंजूरी दी है। माना जा रहा है कि इसी कारण भाजपा ने वेस्ट यूपी के पहले चरण के मतदान से पूर्व माहौल बनाने के लिए सोमवार 7 फरवरी को बिजनौर में पीएम मोदी की पहली प्रत्यक्ष रैली कराने का फैसला लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्धमान कॉलेज के मैदान में कोविड प्रोटोकॉल के तहत एक हजार कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। इसी के साथ आसपास के जिलों के अंतर्गत आने वाले विधानसभा क्षेत्रों के करीब एक लाख से अधिक लोग वर्चुअली प्रधानमंत्री को सुनेंगे। इस रैली/जनसभा के जरिए पहले व दूसरे चरण वाली 113 विधानसभा सीटों को साधने की भाजपा की कवायद माना जा रहा है।

MLC चुनाव; 12 मतदान केन्द्रों पर कुल 4041 मतदाता

बिजनौर। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के स्थानीय द्विवार्षिक निर्वाचन के लिए आगामी 03 मार्च को मतदान तथा 12 मार्च को मतगणना होगी। जनपद बिजनौर के 12 मतदान केन्द्रों पर कुल 4041 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दो चरणों में निर्वाचन का कार्यक्रम घोषित किया गया है। यह जानकारी देते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी उमेश मिश्रा ने बताया कि उत्तर प्रदेश विधान परिषद के स्थानीय निर्वाचन क्षेत्रों से निर्वाचित सदस्यों, जिनका कार्यकाल आगामी 07 मार्च, 22 को समाप्त हो रहा है, उनके द्विवार्षिक निर्वाचन के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दो चरणों में निर्वाचन का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। निर्वाचन कार्यक्रम के प्रथम चरण के अंतर्गत 04 फरवरी, 22 को निर्वाचन की अधिसूचना जारी की जा चुकी है। इसके अंतर्गत नाम निर्देशन के लिए अंतिम तिथि 11 फरवरी, नाम निर्देशनों की जांच 14 फरवरी, नाम वापसी की अंतिम तिथि 16 फरवरी, मतदान की तारीख 3 मार्च, मतदान का समय प्रातः 8 बजे से शाम 4 बजे तथा मतगणना की तिथि 12 मार्च, 2022 निर्धारित की गई है।

पीएम मोदी का बिजनौर दौरा

बिजनौर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सात फरवरी को महात्मा विदुर की धरती पर पधारेंगे। बिजनौर मुख्यालय स्थित  वर्धमान कालेज के मैदान में उनका कार्यक्रम प्रस्तावित है। मोदी के आने से जहां एक ओर भाजपाईयों के चुनाव में ऊर्जा का संचार होता दिख रहा है वहीं जिला प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तरह सतर्क है। इसी के चलते शनिवार को जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह ने वर्धमान कालेज पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

पोलिंग पार्टी ने घर घर जाकर डलवाए वृद्ध और विकलांगों के वोट

झालू में वृद्ध और विकलांगों को पोलिंग पार्टी ने घर घर जाकर डलवाए वोट। सभी वार्डों में कुल 13 मत पड़े 6 महिलाएं 7 पुरुष शामिल। बैलट पेपर द्वारा हुआ मतदान।

बिजनौर। 22 विधानसभा क्षेत्र बिजनौर के कस्बा झालू में चुनाव आयोग के आदेशानुसार पहली बार वृद्ध एवं दिव्यांगों के घर-घर जाकर पोलिंग पार्टियों द्वारा पोस्टल बैलेट के जरिए 13 लोगों को मतदान कराया गया। इनमें 6 महिलाएं 7 पुरुष शामिल हैं। मतदान के दौरान कोरोना गाइडलाइन का पालन किया गया।


विधानसभा चुनाव में पहली बार नगर के सभी वार्डों में दिव्यांगों व वृद्धावस्था (80 वर्ष से अधिक आयु) के मतदाताओं को चुनाव आयोग द्वारा घर पर मतदान करने की सुविधा दी गई। इसके चलते शुक्रवार को कस्बा झालू में 13 व्यक्तियों ने पहली बार अपने घर से मतदान किया। पोलिंग पार्टी घर-घर पहुंची और मतदान बूथ बनाकर पोस्टल बैलेट द्वारा मतदान कराया। मतदान प्रक्रिया कोरोना गाइडलाइन के साथ पूरी की गई। मतदान करने के बाद दिव्यांग व वृद्ध गदगद नजर आए। मतदान प्रक्रिया में बूथ नंबर 421, 425 पर 3 व 424, 337 पर 2 एवं 429 पर 1 कुल 13 मतदान हुआ, जिसमें 7 महिला व 6 पुरुष रहे।

मिली खुशी –
राज नारायण प्रसाद का कहना है कि चुनाव आयोग द्वारा इस मुहिम का वह स्वागत करते हैं, वृद्धावस्था व पैरालाइज होने के कारण मतदान करने के लिए बूथ पर जाना पड़ता था। बूथ घर से काफी दूर पड़ता है। इस बार घर पर मतदान कर खुशी है।

दूसरे पर थे निर्भर-
मोहम्मद इमरान का कहना है कि वह पैर से दिव्यांग है। उन्हें मतदान करने के लिए बूथ पर जाने के लिए दूसरे पर निर्भर रहना पड़ता कि कोई व्यक्ति उन्हें बूथ तक लेकर जाए। इस बार चुनाव आयोग की पहल से घर पर ही मतदान करने का अवसर मिला, जिससे वह उत्साहित हैं।

पोलिंग पार्टी में लेखपाल राम सिंह, बीएलओ मास्टर समबील हसन, मा o मोहम्मद शमाइल, मा o मोहम्मद इदरीश, मा 0 मोहम्मद काशिफ सहित सभी वार्डों के बीएलओ का सराहनीय सहयोग रहा।

डॉ नीरज के समर्थन में उतरे अधिवक्ता

रालोद सपा गठबंधन प्रत्याशी डॉक्टर नीरज चौधरी

बिजनौर। रालोद सपा गठबंधन प्रत्याशी डॉक्टर नीरज चौधरी के समर्थन में जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर विवादित वीडियो में छेड़छाड़ करने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसपी को दिए ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा कि बिजनौर विधानसभा क्षेत्र से सपा-रालोद गठबंधन प्रत्याशी डॉ. नीरज चौधरी के विरुद्ध थाना शहर कोतवाली में धारा 188,171 एच, 269, 270,290,124, 153, 295ए, आईपीसी 51 बी आपदा प्रबंधन अधिनियम 2003 महामारी अधिनियम 1857 में पंजीकृत किया गया है। जिस वीडियो के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है, उसमें एडिटिंग करके छेड़छाड़ की गई है। डा. नीरज व उनके समर्थकों द्वारा देश विरोधी गतिविधि एवं नारेबाजी नहीं की गई है। उन्होंने मामले की जांच कराने तथा वीडियो के साथ छेड़छाड़ करने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की। ज्ञापन देने वालों में रमेश, शेर सिंह, विनीत राणा, मनोज, ललित चौधरी, जावेद अहमद आदि अधिवक्ता मौजूद थे।

ओवैसी को मिली Z+ सुरक्षा, देशभर में करेगा सुरक्षा CRPF जवानों का काफिला

ओवैसी को मिली Z+ सुरक्षा, भारत सरकार ने किया ऐलान। CRPF जवानों का काफिला देशभर में करेगा सुरक्षा। UP में काफिले पर हुई थी फायरिंग।

नई दिल्ली (एजेंसी)। हैदराबाद के लोकसभा सांसद और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के चीफ असदुद्दीन ओवैसी को जेड प्लस सिक्योरिटी मुहैया कराई गई है। भारत सरकार ने इसका ऐलान किया है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की जेड प्लस सिक्योरिटी उनके साथ पूरे देश में रहेगी। 

असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi). -फाइल फोटो.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, असदुद्दीन ओवैसी को जेड प्लस सिक्योरिटी में 22 सुरक्षा जवान मिलेंगे। जो हर दिन 24 घंटे उनके साथ रहेंगे। वहीं उनके आवास पर भी एक पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर और सिक्योरिटी रहेगी।

Attack On Asaduddin Owaisi Z Category Security Provided To Asaduddin Owaisi  After Attack | UP Election 2022: हमले के बाद Asaduddin Owaisi की सिक्योरिटी  बढ़ाई गई, सरकार ने दी Z कैटेगरी की

गौरतलब है कि केंद्र का यह फैसला यूपी में ओवैसी के काफिले पर हुई गोलीबारी के बाद लिया गया है। AIMIM प्रमुख ओवैसी के काफिले पर हापुड़ टोल प्लाजा पर गोलीबारी हुई थी। माना जा रहा है कि AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी आज 3:30 बजे स्पीकर से मिल सकते हैं। लोकसभा में भी आज ओवैसी अपने ऊपर हमले का मसला उठाएंगे। 

गंदगी पसंद लोगों पर सरकार की चाबुक, लगेगा भारी जुर्माना

सड़क किनारे फेंका निर्माण व तोड़फोड़ अपशिष्ट तो लगेगा भारी जुर्माना, आदेश जारी

सड़क किनारे फेंका निर्माण व तोड़फोड़ अपशिष्ट तो लगेगा भारी जुर्माना, आदेश जारी

चंडीगढ़ (एजेंसी) अब अगर किसी ने निर्माण सामग्री व तोड़फोड़ अपशिष्टों को सड़क किनारे फेंका तो उस पर साढ़े पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माने की राशि हर साल एक अप्रैल को 500 रुपए बढ़ जाएगी। चंडीगढ़ प्रशासन ने निर्माण व तोड़फोड़ अपशिष्ट प्रबंधन (कंस्ट्रक्शन व डिमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट) नीति-2022 की अधिसूचना जारी कर दी है।

प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने बताया कि इस नीति को लाने का मकसद मकान को तोड़ने के बाद जो भी अपशिष्ट सामग्री बचती है, उसका 100 फीसदी निपटारा करना है। सामग्री को इधर-उधर फेंकने के बजाय उसे री-साइकल कर अन्य चीजों का निर्माण किया जाएगा। यह नीति आम नागरिकों, निजी ठेकेदार और सरकारी विभागों के लिए एक समान होगी। 

सलाहकार ने कहा कि अभी तक जो लोग मकानों के अपशिष्ट को इधर-उधर फेंक देते थे, इस नीति के आने से उन पर लगाम लगेगी। एक हेल्पलाइन नंबर 0172-2787200 भी जारी किया गया है, जहां प्रबंधन की जानकारी के लिए लोग कॉल कर सकेंगे। नंबर पर कॉल कर लोग निगम की गाड़ी को मंगवा सकेंगे।

4 वर्ष बाद भी नहीं किया हाईकोर्ट के आदेश का पालन

पंचायत ग्रामीण विकास विभाग के अधीन राज्य स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, भोपाल द्वारा 4 वर्ष बीत जाने के बाद भी नहीं किया गया उच्च न्यायालय जबलपुर के आदेश का पालन।


उच्च न्यायालय द्वारा निरस्त आदेशों को फिर से लागू करने का नायाब कारनामा।


भोपाल। जिला पंचायत पन्ना में जिला समन्वयक, समग्र स्वच्छता अभियान के पद पर पदस्थ मनेन्दु पहारिया को विगत 4 वर्षों से उच्च न्यायालय जबलपुर के द्वारा सेवा में रखे जाने के आदेश उपरांत अभी तक राज्य कार्यक्रम अधिकारी, राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), भोपाल द्वारा ना तो कार्यादेश दिया गया ना ही पारिश्रमिक दिया जा रहा है।
जिला पंचायत पन्ना में संविदा में पदस्थ जिला समन्वयक मनेन्दु पहारिया ने बताया कि राज्य कार्यालय एवं कलेक्टर पन्ना के आदेशों से अगस्त 2015 में मेरी सेवा समाप्त की गई थी।
उक्त दोनों आदेशों को उच्च न्यायालय जबलपुर में दायर याचिका क्रमांक 14338-2015 में पारित आदेश दिनांक 22.02.2018 के द्वारा निरस्त कर दिया गया एवं विधि अनुसार निर्णय लेने हेतु राज्य कार्यालय को निर्देश प्रदान किए गए। मनेंदु पहारिया द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा पारित आदेश के परिपालन में दिनांक 07-03-2018 को जिला पंचायत पन्ना में अपनी उपस्थिति दी गई। उपस्थिति पर कार्यालय जिला पंचायत पन्ना द्वारा राज्य कार्यक्रम अधिकारी, भोपाल को पत्र प्रेषित कर मार्गदर्शन चाहा गया।
मनेन्दु पहारिया ने बताया कि राज्य स्तर पर आज तक मेरे बारे में कोई निर्णय नहीं लिये जाने के कारण कार्यालय मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत पन्ना में मुझे नियमित उपस्थित होने के उपरांत भी कोई कार्य दायित्व नहीं सौंपा जा रहा है, ना ही मुझे पारिश्रमिक प्रदाय किया जा रहा है।
श्री पहारिया ने ये भी बताया कि वह इस संबंध में व्यक्तिगत तौर पर पंचायत ग्रामीण विकास विभाग में आयुक्त, स्वच्छता मिशन ग्रामीण के राज्य कार्यक्रम अधिकारी, संयुक्त आयुक्त आदि को कई बार व्यक्तिगत रूप से समक्ष उपस्थित होकर लिखित मैं आवेदन भी दे चुके हैं, लेकिन कोई निराकरण नहीं  किया गया।
मनेन्दु पहारिया द्वारा सेवा समाप्ती के संबंध में सूचना के अधिकार अंतर्गत चाही गई जानकारी में कार्यालय मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत पन्ना द्वारा प्रेषित पत्र दिनांक 02-11-2021 में स्पष्ट लिखा गया कि मनेन्दु पहारिया को सेवा से हटाने का कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है साथ ही कलेक्टर विधि शाखा जिला पन्ना को प्रेषित पत्र दिनांक 28-10-2021 में स्पष्ट लेख किया है कि प्रकरण में राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया जाना है।
मनेन्दु पहारिया द्वारा बताया गया कि इसके पूर्व कार्यालय मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत पन्ना द्वारा राज्य कार्यक्रम अधिकारी, राज्य स्वच्छ भारत मिशन, भोपाल को प्रेषित पत्र दिनांक 11-02-2021 में स्पष्ट लिखा गया है कि पूर्व में दिनांक 07-03-2018 को भेजे पत्र द्वारा इस प्रकरण में चाहा गया मार्गदर्शन प्राप्त नहीं हुआ है साथ ही जिला पंचायत में लगभग 07 वर्ष के दौरान इनका कार्य अच्छा रहा है।
उच्च न्यायालय द्वारा दिये गये निर्णय, जिला पंचायत पन्ना द्वारा प्रेषित पत्रों एवं मेरे द्वारा किए गए पत्राचार के फलस्वरुप राज्य कार्यक्रम अधिकारी, राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन (ग्रामीण), भोपाल के पत्र दिनांक 17-11-2021 में उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा निरस्त आदेशों को पुन: प्रभावशील कर देने की बात कही है।
कुल मिलाकर कलेक्टर पन्ना एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत पन्ना के पास भी मनेन्दु पहारिया की संविदा सेवा अवधि समाप्त करने का भी कोई आदेश आज दिनांक तक नहीं है।
मनेन्दु पहारिया द्वारा अवगत कराया गया कि राज्य कार्यक्रम अधिकारी, भोपाल द्वारा उन्हें भेजे जाने वाले समस्त पत्र कलेक्टर पन्ना या मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत पन्ना के माध्यम से ही प्रेषित किए जाते हैं।
कार्यालय राज्य कार्यक्रम अधिकारी, राज्य स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण द्वारा मनेन्दु पहारिया को कार्यादेश एवं पारिश्रमिक प्रदान न कर विगत 07 वर्ष से मानसिक एवं आर्थिक रुप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

धृतराष्ट्र बने बैठे रहे अखिलेश यादव, सामने हुई पत्रकार की पिटाई

जयंत चौधरी के बाद अखिलेश यादव के कार्यक्रम में पिटा पत्रकार, देखते रहे नेताजी

हाल ही में RLD सुप्रीमो जयंत चौधरी मुजफ्फरनगर पहुंचे। वहां उनके कार्यक्रम में पत्रकारों के साथ अभद्रता की गई। अब गाजियाबाद में उनके साथी समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के कार्यक्रम में भी पत्रकार की पिटाई का मामला सामने आया है।

लखनऊ। हाल ही में मुजफ्फरनगर में रालोद सुप्रीमो जयंत चौधरी के कार्यक्रम में पत्रकारों के साथ अभद्रता की गई। अब गाजियाबाद में उनके साथी समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के कार्यक्रम में भी पत्रकार की पिटाई का मामला सामने आया है।

अखिलेश के बॉडीगार्ड ने पत्रकार को पीटा

अखिलेश यादव शनिवार को गाजियाबाद में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करने आए थे। अखिलेश जब यहां से निकल रहे थे तो उनसे एक पत्रकार सवाल करने लगा।  अखिलेश के बॉडीगार्ड ने पत्रकार के साथ धक्का-मुक्की की। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पत्रकार मारो मत, मारो मत; कहकर खुद को सुरक्षाकर्मियों से बचाने की कोशिश भी कर रहा है। वायरल वीडियो में हाथ में असलहा लिए सुरक्षाकर्मी पत्रकार खालिद चौधरी को धक्का देकर अखिलेश के पास आने से रोक रहे हैं। पत्रकार का आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

एक यूजर ने कहा कि जिस इंसान को विदेश में पढ़ने के बाद सीधा वंशवाद रूपी राजनीति में एक परिवार की पार्टी को आगे बढ़ाना हो, उससे देश के चतुर्थ स्तंभ के मजाक के अलावा कोई भला क्या उम्मीद कर सकते हैं, परंतु 99 प्रतिशत बार बड़बोलापन इंसान को छोटा ही साबित करता है। पत्रकार अंजू निर्वाण ने लिखा कि मीडिया अपनी इज़्ज़त खुद तार-तार करवा रहा है, क्योंकि अब स्टैंड लेना, बॉयकॉट करना जैसे शब्द मीडिया की डिक्शनरी में नहीं रहे। किसी के लिए क्या आवाज़ उठाएंगे जब अपने लिये न कर सके!!

बौखलाहट में पत्रकारों से भिड़ रहे अखिलेश यादव!

चुनाव प्रचार के दौरान कई मौके ऐसे आए, जब अखिलेश यादव पत्रकारों से भिड़ते नजर आए। गाजियाबाद की संयुक्त प्रेस वार्ता में ही अखिलेश यादव बोल रहे थे, तभी थोड़ा शोरगुल होने लगा, जिस पर अखिलेश यादव ने सभी पत्रकारों से शांत होकर सुनने को कहा और मोबाइल से जो लोग रिकॉर्डिंग कर रहे थे उन्हें छोटा पत्रकार बोलकर उनका मजाक उड़ाया। टीवी 9 पर इंटरव्यू के दौरान भी वे भड़क गए थे। आजतक पर इंटरव्यू के दौरान एंकर अंजना ओम कश्यप का मजाक उड़ाने की कोशिश की,  हालांकि अंजना ने फिर क्लास लगा दी।

जयंत के सामने भी पिटते रहे पत्रका

जयंत चौधरी गुरुवार को गठबंधन प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार करने मुजफ्फरनगर पहुंचे। उन्होंने खतौली, बुढाना, चरथावल और मुजफ्फरनगर सदर विधानसभा सीट में सभाओं को संबोधित किया। मुजफ्फरनगर सदर सीट पर गठबंधन समर्थकों ने पत्रकारों के साथ मारपीट की। इस दौरान आरएलडी कार्यकर्ताओं ने पत्रकारों को भला-बुरा कहा और उनके साथ हाथापाई तक की। हाथापाई और विवाद के बीच जयंत चौधरी मंच पर बैठे मूकदर्शक बने बैठे रहे।

प्रेक्षकों ने किया मतगणना स्थल का निरीक्षण

बिजनौर। निर्वाचन आयोग द्वारा भेजे गये प्रेक्षकगण, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह ने विधानसभा सामान्य निर्वाचन – 2022 के मतगणना स्थल नजीबाबद रोड सैन्ट मैरी स्कूल के पास स्थित वेयरहाऊस का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के अलावा मतगणना स्टाफ व प्रत्याशियों व एजेंटों के आने जाने के रास्तों, मीडिया के लिये स्थान चिन्हित करने आदि के दिशा निर्देश दिये गए। निरीक्षण में पुलिस/प्रशासन के अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।