एलआईसी अभिकर्ताओं ने बिजनौर कार्यालय पर दिया धरना

एलआईसी अभिकर्ताओं ने मांगों को लेकर बिजनौर कार्यालय पर दिया धरना

बिजनौर। लाइफ इंश्योरेंस एजेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में ज्वाइंट एक्शन कमेटी कानपुर मध्य क्षेत्र के निर्देशन में एलआईसी अभिकर्ता 01 सितम्बर से आंदोलनरत हैं। शुक्रवार को आवास विकास कॉलोनी स्थित एलआईसी कार्यालय पर अभिकर्ता एकत्र हुए और एक दिवसीय धरने पर बैठ गए। अभिकर्ताओं ने शोषण का आरोप लगाते हुए अपना मांगपत्र सौंपा। धरने को अध्यक्ष करणवीर सिंह त्यागी, संरक्षक सैय्यद विकार हैदर रिजवी, सचिव हरि सिंह, कोषाध्यक्ष देवेंद्र कुमार, प्रीतम सिंह, अमर सिंह आदि ने संबोधित किया।

दलितों को उद्यमी बनने में मदद करेगी सरकार

लखनऊ (एजेंसी)। प्रदेश सरकार अब दलितों को उद्यमी बनने में मदद करने जा रही है। दलित अच्छे प्रोजेक्ट बनाकर अपना उद्यम शुरू कर सकें इसके लिए सरकार हर जिले में परियोजना कार्यान्वयन इकाइयां (पीआइयू) गठित करेगी। उद्यम लगाने के लिए सरकार वित्तीय मदद भी प्रदान करेगी। सरकार इनके उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार भी उपलब्ध कराएगी। कारपोरेट सेक्टर के अलावा सरकारी खरीद में भी इनके उत्पाद प्राथमिकता से खरीदे जाएंगे।

उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त और विकास निगम के अध्यक्ष लालजी निर्मल ने बताया कि सरकार हर जिले में दलितों को उद्यमी बनने में मदद करने के लिए पीआइयू स्थापित करेगी। इनमें एक परियोजना अधिकारी, तकनीकी सहायक, कंप्यूटर सहायक व राज्य स्तर पर एक राज्य समन्वयक होंगे। यह दलित समूहों को व्यवसाय शुरू करने में मदद करेंगे। समूह में दो या दो से अधिक सदस्य हो सकते हैं और प्रत्येक सदस्य को 50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता भी दी जाएगी। सरकार उद्यमियों को जमीन भी उपलब्ध कराएगी । चिह्नित हर गांव में 20 लाख रुपये की राशि से विकास कार्य भी कराए जाएंगे। सरकार 6,171 दलित बहुल गांवों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करेगी, जहां सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इन गांवों में संचालित सभी योजनाएं अब प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम- अजय) और पीएम आदर्श ग्राम योजना के नाम से जानी जाएंगी।

देश में 4G सिम के साथ फिर से आई यूनिनॉर

भारत में फिर से आई यूनिनॉर 4G सिम के साथ। मात्र ₹10 रिचार्ज में लाइफ टाइम इनकमिंग सुविधा।

नई दिल्ली (एजेंसियां)। देश में टेलीकॉम कंपनियों के छक्के छुड़ाने के लिए यूनिनॉर (टेलीनॉर) कंपनी फिर से वापस आ रही है। कंपनी 4G सिम के साथ वापस लौट रही है। इसमें बेहद कम दाम में लाइफ टाइम फ्री इनकमिंग की सुविधा मिलेगी। वैसे इस बात की पुष्टि हम नहीं करते हैं, वायरल न्यूज़ के अनुसार इस न्यूज़ को बनाया गया है।

देश में मोबाइल कंपनियों की सेवाएं काफी महंगी हो गई हैं। खबर है कि कंपनियां आने वाले समय में रिचार्ज प्लान को और भी महंगा बनाने जा रही हैं। …लेकिन अब टेलीकॉम कंपनियों को एक बार फिर झटका लगने वाला है। यूनिनॉर कंपनी फिर से वापसी के लिए तैयार है। इस बार कंपनी 4जी के साथ वापसी कर रही है। इसके आने से एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और बीएसएनएल समेत जियो को बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा। पहले यह कंपनी यूनिनॉर के नाम से चलती रही। बाद में यह बदलकर टेलीनॉर हो गई। कंपनी को घाटे की वजह से एयरटेल ने खरीद लिया। इसके बाद टेलीनॉर का नाम खत्म हो गया, लेकिन एक बार फिर इसकी वापसी की खबर आ रही है।

यूनिनॉर का खास ऑफर

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल आंध्र प्रदेश के इंदौर में एक सितंबर से स्पेशल ऑफर चल रहा है। कुछ खास यूजर्स पहले से ही यूनिनॉर सिम इस्तेमाल कर रहे हैं। यदि आप यूनिनॉर का सिम कार्ड लेते हैं या पुराने यूजर हैं तो एक शानदार पेशकश की जा रही है। अब यूनिनॉर के ₹10 का रिचार्ज करने पर ₹10 का टॉकटाइम दिया जा रहा है। इसी तरह ₹20 के रिचार्ज पर ₹20 का टॉकटाइम, ₹30 के रिचार्ज पर ₹30 का टॉकटाइम दिया जा रहा है।

इनकमिंग कॉल सुविधा नहीं होगी बंद

सभी टेलीकॉम कंपनियां में रिचार्ज खत्म हो जाने के कुछ समय बाद इनकमिंग कॉल को बंद कर दिया जाता है लेकिन इसमें रिचार्ज नहीं करवाने पर इनकमिंग कॉल बंद नहीं होगी, यह चालू रहेगी। जब चाहे तब इसमें रिचार्ज करवा सकते हैं।

अब बच्चों से दूर ही रखें जॉनसन बेबी पाउडर!

जॉनसन बेबी पाउडर का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द

मुंबई। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के माध्यम से बहुराष्ट्रीय कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित ‘जॉनसन बेबी पाउडर’ कॉस्मेटिक्स का लाइसेंस 15 सितंबर, 2022 से स्थायी रूप से रद्द कर दिया गया है।


जानकारी के अनुसार खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नासिक और पुणे के औषधि निरीक्षकों ने परीक्षण के लिए नमूने लिए थे। सरकारी विश्लेषक, ड्रग कंट्रोल लेबोरेटरी, मुंबई द्वारा बेबी पाउडर उत्पाद को घटिया घोषित किए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।


नवजात शिशुओं और बच्चों की त्वचा को नुकसान पहुंचने की संभावना: ‘जॉनसन बेबी पाउडर’ मुख्य रूप से नवजात शिशुओं के लिए प्रयोग किया जाता है। उपरोक्त निर्माण विधि में दोषों के कारण उक्त उत्पाद का पीएच प्रमाणित मानक के अनुसार नहीं है। इसके इस्तेमाल से नवजात शिशुओं और बच्चों की त्वचा को नुकसान पहुंचने की संभावना रहती है, इसलिए जनहित में इस उत्पादन को जारी रखना उचित नहीं होगा, इसलिए मुलुंड, मुंबई में विनिर्माण संयंत्र का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है।


कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था कि उपरोक्त असत्यापित घोषित पैटर्न के अनुसार संगठन का लाइसेंस रद्द क्यों नहीं किया जाना चाहिए? या उक्त लाइसेंस के तहत स्वीकृत सौंदर्य प्रसाधनों के निर्माण लाइसेंस को निलंबित क्यों नहीं करते? इस संबंध में संगठन को इस उत्पाद के स्टॉक को बाजार से वापस बुलाने का भी निर्देश दिया गया था। चूंकि उपरोक्त नमूने के लिए प्राप्त सरकारी विश्लेषक की रिपोर्ट को स्वीकार नहीं किया गया था, संस्थान ने दवा प्रयोगशाला द्वारा पुन: परीक्षण के लिए नासिक और पुणे की अदालतों में आवेदन किया था।


…और तब की गई कार्रवाई: खाद्य एवं औषधि प्रशासन, मुंबई के संयुक्त आयुक्त गौरी शंकर ब्याले के अनुसार, केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला, कोलकाता के निदेशक ने केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला से उक्त पुन: जांच के नमूनों का परीक्षण करने के बाद रिपोर्ट को असत्यापित घोषित करने के बाद लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की गई।

बिजनौर के दीप अंजुम का लिखा गीत, अध्यात्म है; मचा रहा है धूम

बिजनौर के दीप अंजुम का लिखा गीत, अध्यात्म है, मचा रहा है धूम

बिजनौर। हस्ताक्षर प्रा. लि. की आने वाली फिल्म ‘अध्यात्म है’ का टाइटल इन दिनों खासा लोकप्रिय हो रहा है। भारतीय संस्कृति को रेखांकित करता यह गीत जिले के जाने पहचाने शायर, लेखक निर्देशक दीप अंजुम ने लिखा है। एक मुलाकात में दीप अन्जुम ने बताया कि यह गीत पिछले दिनों जियो सावन, अमेजन म्यूजिक, स्पोर्टी, हंगामा म्यूजिक, विन्क, यूटयूब, इस्टाग्राम आदि सभी आनलॉइन म्यूजिक साइट पर एक साथ रीलीज किया गया है। इसे कम समय में ही लाखों लोगों ने सुना है और पसंद किया है। इस गीत के बोल जहां एक ओर भारतीय संस्कृति की श्रेष्ठता को रेखांकित करते हैं वहीं इस गाने का संगीत और गायकी युवाओं को पसंद आ रही है।

गाने का संगीत प्रसिद्ध संगीतकार व गायक अरिन्दम चक्रवर्ती ने तैयार किया है और उन्होंने ही इस गाने को आवाज दी है। अधात्म् है, फिल्म प्रोडयूसर जाने माने कलाकार राजा गुरू हैं। दीप अजुंम ने बताया कि जल्द ही फिल्म के दूसरे गाने भी रिकार्ड किये जायेंगे। गाने की रिंगटोन भी सभी मोबाइल सर्विस पर उपलब्ध है जिसे युवा काफी पसंद कर रहे हैं। जिले के कई प्रबुद्ध लोगों ने दीप अंजुम को उनकी सफलता के लिए बधाई दी है।

उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन पर ध्यान दें किसान- डीएम

डीएम ने की किसानों से उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन पर चर्चा। किसानों ने भी दिये महत्वपूर्ण सुझाव। कृषि विकास में पीएनबी अपनी भागीदारी अवश्य सुनिश्चित करेगासर्किल हेड संजीव मक्कड़

बिजनौर। जनपद के अग्रणी/प्रगतिशील एवं नवोन्मेशी कार्य कर रहे कृषकों एवं कृषक उत्पादक संगठनों के साथ परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन जिलाधकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में किया गया। परिचर्चा कार्यक्रम में विभिन्न किसानों द्वारा किए जा रहे नवोन्मेशी कार्य के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, साथ ही यह भी अवगत कराया गया कि हमारे द्वारा तैयार उत्पादों के विपणन में समस्याएं आ रही है और व्यक्तिगत रूप से उत्पादक किसान उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन करने में सक्षम नहीं है।

कार्यक्रम के दौरान किसानों द्वारा सुझाव दिया गया कि सभी नवोन्मेशी कार्य किसान एक प्लेटफार्म पर आकर आपसी सहयोग एवं समन्वय से तैयार उत्पादों की वैल्यू एडिशन प्रोसेसिंग ग्रेडिंग पैकेजिंग ब्रांडिंग आदि तकनीक को अपनाकर एक दूसरे के उत्पादों का प्रचार प्रसार करते हुए मांग जनरेट करें तथा आपूर्ति एवं विपणन में भी एक दूसरे का सहयोग करें। जिलाधिकारी ने समस्त उपस्थित किसान भाइयों से आह्वान किया कि उपरोक्त समस्या का समाधान क्लस्टर अथवा सामूहिक खेती है और जब हमारे पास कोई भी उत्पाद अधिक मात्रा में होगा तो खरीददार स्वयं हमारे पास आएंगे और दर निर्धारण की हमारी शक्ति भी बढ़ेगी। आप यदि अपने उत्पादों को सीधे ना भेज कर उसकी प्रोसेसिंग व वैल्यू एडिशन करें और साथ ही उसकी अच्छी पैकेजिंग व ब्रांडिंग विपणन करेंगे तो निश्चित रूप से हमें अच्छी व लाभकारी कीमत प्राप्त होगी, परंतु इसके लिए आवश्यक है कि किसानों को एकत्रित होकर क्लस्टर अप्रोच के माध्यम से बड़े क्षेत्र में उत्पाद विशेष का उत्पादन करते हुए इसकी प्रोसेसिंग एवं वैल्यू एडिशन की आधारभूत सुविधाओं को विकसित करने की आवश्यकता है। इसके लिए जो भी आर्थिक मदद अथवा ऋण उपलब्ध कराने की आवश्यकता होगी उसके लिए जिला प्रशासन संबंधित विभाग हमेशा तैयार एवं तत्पर है।

परिचर्चा के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि जनपद में यहां की जलवायु मृदा एवं भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कृषि विकास हेतु क्लस्टर एवं फार्मिंग सिस्टम अप्रोच के आधार पर मॉडल तैयार करने हेतु नवोंमेशी कार्य कर रहे कृषकों की एक कोर कमेटी बनाई जाए, जिनके द्वारा नवोंमेशी कार्य कर रहे कृषकों का डाटा एकत्रित कर तदनुसार जनपद के लिए उपयुक्त मॉडल एवं आवश्यक सुविधाओं की रूपरेखा तैयार कर प्रस्तुत करेंगे।

परिचर्चा कार्यक्रम में पंजाब नेशनल बैंक के सर्किल हेड संजीव मक्कड़ द्वारा भी प्रतिभाग किया गया और आश्वस्त किया गया कि जनपद के कृषि विकास में बैंक अपनी भागीदारी अवश्य सुनिश्चित करेगा और किसानों की हर संभव मदद करने की कोशिश करेगा। कार्यक्रम में जिलाधिकारी द्वारा 30 किसानों को तोरिया बीज के मिनीकिट का नि:शुल्क वितरण भी किया गया।

कार्यक्रम में उप कृषि निदेशक गिरीश चंद, जिला कृषि अधिकारी डॉ अवधेश मिश्र, जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ विजेंद्र सिंह, जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक वीके बंसल, जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड, जिला परियोजना समन्वयक डास्प डॉ. कर्मवीर सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ पिंटू कुमार, विषय वस्तु विशेषज्ञ योगेंद्र पाल सिंह योगी सहित जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 200 प्रगतिशील कृषक व कृषक उत्पादक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

आईआईए बनेगा मुख्यमंत्री के 1- ट्रिलियन के लक्ष्य प्राप्ति में सहयोगी

मुख्यमंत्री के 1- ट्रिलियन के लक्ष्य प्राप्ति में आईआईए बनेगा सहयोगी। नवंबर में योगी के बिजनौर आने की संभावना।

बिजनौर। राष्ट्रीय इन्डस्ट्री एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमण्डल ने अध्यक्ष अशोक अग्रवाल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिल कर उत्तर प्रदेश को 1- ट्रिलियन के लक्ष्य की पूर्ति में सहयोगी बनने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि आईआईए ने इस लक्ष्य में सहयोगी की भूमिका निभाने के लिए प्रदेश की सभी तहसीलों में व्यापक सर्वे के आधार पर सूक्ष्म लघु व मध्यम उद्योगों की स्थापना की तैयारी कर ली है।

इस सम्बन्ध में आईआईए द्वारा प्रत्येक तहसील में कच्चे माल और स्थानीय दक्षता के आधार पर एक तहसील एक उत्पाद का चयन कर उद्योग स्थापित किये जायेंगे। प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण कृषि बागवानी व पशु पालन की आपार सम्भावनाएं हैं। इन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आईआईए नवम्बर माह के प्रथम सप्ताह में इन्डिया फूड एक्सपो का आयोजन भी कर रहा है।
इस प्रयास से ग्रामीण स्तर पर छोटे बड़े उद्योग स्थापित होंगे वहीं बड़ी संख्या में युवकों को रोजगार भी मिलेगा।
आईआईए के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को बताया कि नवम्बर में होने वाले सम्मेलन का शुभारंभ मुख्यमंत्री के द्वारा कराने की इच्छा एसोसिएशन की है। इस पर मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में आने की सैद्धांतिक सहमति देते हुए कहा कि एसोसिएशन प्रदर्शनी का आयोजन करना चाहिए ताकि एक तहसील एक उत्पाद के प्रति जागरूक किया जा सके ये अच्छा प्रयास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडीओपी योजना प्रदेश में काफी सफल रही है आज एक जिले में एक से अधिक उत्पाद हैं। आईआईए से उन्होंने ओडीओपी व ओटीओपी के अन्तर्गत उत्पादित वस्तुओं के निर्यात पर अधिक कार्य करने को कहा।इस अवसर पर आईआईए के प्रतिनिधिमण्डल में अलोक अग्रवाल राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, रजनीश सेठी चैयरमेन एमएसएमई कलस्टर डवलपमेंट, अवधेश अग्रवाल राष्ट्रीय सचिव, डीएस वर्मा अधिशासी निदेशक शामिल रहे।

राहत: बिना पैकिंग के आटा दाल लस्सी बेचने पर GST नहीं

नई दिल्ली (एजेंसी)। हाल ही में देश में कई चीजों के दाम बढ़ गए हैं। इस बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक लिस्ट शेयर करते हुए कहा कि लिस्ट में मौजूद 14 चीजों को यदि खुला (Loose) बेचा जाएगा, अर्थात बिना पैकिंग के बेचा जाएगा तो उन पर जीएसटी की कोई भी दर लागू नहीं होगी। इस लिस्ट में दाल, गेहूं, बाजरा, चावल, सूजी और दही/लस्सी जैसी रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली महत्वपूर्ण चीजें शामिल हैं अनाज, चावल, आटा और दही जैसी चीजों पर 5 फीसदी GST के सरकार के फैसले का बचाव करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह जीएसटी केवल उन्हीं उत्पादों पर लागू है जो प्री-पैक्ड और लेबल्ड हैं। विदित हो कि पिछले महीने जीएसटी परिषद की चंडीगढ़ में हुई 47वीं बैठक में ये फैसले लिए गए थे।

GST को लेकर फैली हैं गलतफहमियां
निर्मला सीतारमण ने आगे बताया कि, ‘हाल ही में, जीएसटी परिषद ने अपनी 47 वीं बैठक में दाल, अनाज, आटा जैसे विशिष्ट खाद्य पदार्थों पर जीएसटी लगाने के फैसले पर पुनर्विचार करने की सिफारिश की है। हालांकि काफी गलतफहमियां फैली है, यहां तथ्यों को सामने लाने की कोशिश है।’ “क्या यह पहली बार है; जब इस तरह के खाद्य पदार्थों पर कर लगाया जा रहा है? नहीं, राज्य सरकारें जीएसटी से पहले की व्यवस्था में खाद्यान्न से काफी राजस्व एकत्र कर रहे थे। अकेले पंजाब ने पर्चेज टैक्स के रूप में खाद्यान्न पर 2,000 करोड़ रुपए से अधिक का संग्रह किया। यूपी ने ₹700 करोड़ जुटाए।

ओवरलोडिंग के खिलाफ एकजुट हुए ट्रांसपोर्टर


बैठक में ओवरलोड माल ना लाने का प्रस्ताव। ट्रांसपोर्टर दिनेश चौहान के प्रतिष्ठान पर हुई बैठक। वाहनों के ओवरहेड बॉडी कटवाने की मांग


बिजनौर। डंपर एवं ट्रक एसोसिएशन से जुड़े धामपुर के ट्रांसपोर्टरों की एक बैठक में ओवरलोड माल ना लाने तथा ओवरहेड ट्रकों की बॉडी कटवाने की मांग की गई। बाद में एक मांग पत्र उप जिलाधिकारी को भी सौंपा गया।

क्षेत्र के ट्रांसपोर्टर की एक बैठक रानी बाग पुलिस चौकी के निकट स्थित ट्रांसपोर्टर दिनेश कुमार चौहान के प्रतिष्ठान पर आयोजित की गई। बैठक में ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोगों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि वह सरकार द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार ही अब डंपर और ट्रक से माल सप्लाई करेंगे। बैठक के दौरान ट्रांसपोर्टर ने प्रशासन से ओवरलोड भरने के लिए बाध्य नहीं करने के साथ ही पट्टा धारकों को पट्टे स्थल पर कांटा लगाकर मानकों के अनुसार अपने-अपने वाहनों में माल देने की व्यवस्था कराने की भी मांग की। ट्रांसपोर्टरों ने रोष जताते हुए कहा कि उत्तराखंड, ठाकुरद्वारा की तरफ से आने वाले कई वाहन ओवरलोड माल लेकर आ रहे हैं। जिस कारण मानक अनुरूप लोड भरने वाले ट्रांसपोर्ट स्वामी को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। ट्रांसपोर्टर ने संभागीय परिवहन अधिकारी बिजनौर से डंपरो की ओवरहेड बॉडी कटवाने की मांग की है। इसके साथ ही एक मांग पत्र उपजिलाधिकारी के नाम देकर ओवरलोड वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान हनी प्रताप, नईम अहमद, सुशील कुमार, शादाब, चरण सिंह, अनिल, सलीम अहमद, प्रशांत कुमार, दिनेश कुमार चौहान सहित दर्जनों ट्रांसपोर्टर मौजूद रहे।

किसानों को 6 हजार सालाना देने के खिलाफ उतरे ताकतवर देश

किसानों को 6 हजार सालाना देने के खिलाफ उतरे ताकतवर देश, भारत ने दिया मुंहतोड़ जवाब

नई दिल्ली (एजेंसी)। वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन यानी WTO की बैठक जेनेवा में हुई। इसमें अमेरिका और यूरोपीय देशों ने मोदी सरकार द्वारा भारतीय किसानों को दी जाने वाली एग्रीकल्चरल सब्सिडी का विरोध किया। किसानों को सालाना दिये जाने वाले रुपए 6000 रुपए भी एग्रीकल्चरल सब्सिडी में शामिल है। ऐसे में इसे रोकने के लिए अमेरिका और यूरोप ने पूरी ताकत झोंक दी है। भारत ने भी इस मुद्दे पर ताकतवर देशों के आगे झुकने से इनकार कर दिया है।

12 जून से 15 जून 2022 तक जेनेवा में WTO की बैठक का आयोजन हुआ। बैठक में 164 सदस्य देशों वाले WTO के G-33 ग्रुप के 47 देशों के मंत्रियों ने हिस्सा लिया। भारत की ओर से केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल शामिल हुए। इस साल होने वाली WTO की बैठक में इन 3 अहम मुद्दों पर प्रस्ताव लाने की तैयारी की गई…1. कृषि सब्सिडी को खत्म करने के लिए. 2. मछली पकड़ने पर अंतरराष्ट्रीय कानून बनाने के लिए 3. कोविड वैक्सीन पेटेंट पर नए नियम लाने के लिए। अमेरिका, यूरोप और दूसरे ताकतवर देश इन तीनों ही मुद्दों पर लाए जाने वाले प्रस्ताव के समर्थन में थे, जबकि भारत ने इन तीनों ही प्रस्ताव पर ताकतवर देशों का जमकर विरोध किया। भारत ने ताकतवर देशों के दबाव के बावजूद एग्रीकल्चरल सब्सिडी को खत्म करने से इनकार कर दिया है। वहीं अब इस मामले में भारत को WTO के 80 देशों का साथ मिला है।

अमेरिका और यूरोप चाहते हैं कि भारत अपने यहां किसानों को दी जाने वाली हर तरह की एग्रीकल्चरल सब्सिडी को खत्म करे. इसमें ये सारे एग्रीकल्चरल सब्सिडी में शामिल हैं- PM किसान सम्मान निधि के तहत दिए जाने वाले सालाना 6 हजार रुपए, यूरिया, खाद और बिजली पर दी जाने वाली सब्सिडी। अनाज पर MSP के रूप में दी जाने वाली सब्सिडी। अमेरिका जैसे ताकतवर देशों का मानना है कि सब्सिडी की वजह से भारतीय किसान चावल और गेहूं का भरपूर उत्पादन करते हैं।बइसकी वजह से भारत का अनाज दुनिया भर के बाजार में कम कीमत में मिल जाता है। अमेरिका और यूरोपीय देशों के अनाज की कीमत ज्यादा होने की वजह से विकासशील देशों में इसकी बिक्री कम होती है। यही वजह है कि दुनिया के अनाज बाजार में दबदबा कायम करने के लिए ताकतवर देश भारत को एग्रीकल्चरल सब्सिडी देने से रोकना चाहते हैं। भारत इसे मानने के लिए तैयार नहीं है। WTO में भले ही अमेरिका और दूसरे ताकतवर देश विकासशील देशों के किसानों को सब्सिडी देने से मना करते हों, लेकिन खुद अमेरिका अपने देश के समृद्ध किसानों को सब्सिडी देने में दूसरे देशों से कहीं आगे है, वो भी तब, जब अमेरिकी किसानों की सालाना आय भारतीय किसानों से 52 गुना ज्यादा है।

6G आते ही खत्म हो जाएंगे स्मार्टफोन? Nokia के CEO की भविष्यवाणी

6G

6G Technology: दुनिया के कई देशों में 5G टेक्नोलॉजी आ चुकी है और अब 6G की तैयारी हो रही है. Nokia के CEO Pekka Lundmark ने 6G और स्मार्टफोन्स के फ्यूचर को लेकर एक भविष्यवाणी की है. उनका मानना है कि साल 2030 तक स्मार्टफोन खत्म हो जाएंगे.

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  • नोकिया CEO Pekka Lundmark ने की भविष्यवाणी
  • साल 2030 तक खत्म हो जाएगी स्मार्टफोन की जरूरत?
  • दावोस में World Economic Forum में कही यह बात

फोन से मोबाइल फोन और फिर स्मार्टफोन तक का सफर बहुत छोटा है. बातचीत के लिए तैयार किए गए इस डिवाइस का इतिहास आम लोगों के बीच मुश्किल से कुछ दशक का है. कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही यह इतिहास का हिस्सा भी बन सकते हैं. स्मार्टफोन तेजी से विकसित होने वाले प्रोडक्ट्स में से एक है.

आज से 15-20 साल पहले मौजूदा स्मार्टफोन्स के फीचर्स वाले किसी डिवाइस को हाथ में लेकर घूमना एक कल्पना मात्र थी. स्मार्टफोन्स के तेज विकास की वजह से ही इसके भविष्य पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं.  

Nokia के CEO की भविष्यवाणी 

दरअसल, Nokia के CEO Pekka Lundmark का मानना है कि साल 2030 तक 6G टेक्नोलॉजी शुरू हो चुकी होगी, लेकिन तब तक स्मार्टफोन ‘कॉमन इंटरफेस’ नहीं होंगे. उन्होंने ये बात दावोस में चल रहे World Economic Forum में कही है.  Pekka Lundmark ने कहा कि कॉमर्शियल मार्केट में 2030 तक 6G की एंट्री हो जाएगी.

उन्होंने कहा कि 6G के आने से पहले ही लोग स्मार्टफोन की तुलना में स्मार्ट ग्लासेस और दूसरे डिवाइस को यूज करने लगेंगे. नोकिया सीईओ ने बताया, ‘तब तक, हम जिन स्मार्टफोन्स को यूज कर रहे हैं, वह सबसे ज्यादा यूज होने वाला इंटरफेस नहीं रह जाएंगे. इनमें से बहुत सी चीजें हमारी बॉडी में सीधे तौर पर मिलने लगेंगी.’

एलॉन मस्क की कंपनी कर रही इस पर काम

हालांकि, Lundmark ने ये नहीं बताया है कि वह किस डिवाइस के बारे में बात कर रहे हैं. एलॉन मस्क की Neuralink जैसी कुछ कंपनियां फिलहाल इस पर काम कर रही हैं और ब्रेन कम्प्यूटर इंटरफेस तैयार कर रही हैं. 

पिछले साल अप्रैल में मस्क ने एक फुटेज रिलीज कर इसका डेमो दिखाया था. वीडियो में उन्होंने दिखाया कि कैसे एक मेल मकाक (अफ्रीकी लंगूर) के दिमाग में चिप लगाई गई है और वह ‘माइंड पॉन्ग’ प्ले कर रहा है.

लंगूर को जॉयस्टिक मूव करने के लिए ट्रेंड जरूर किया गया था, लेकिन इस टेस्ट के दौरान उसके अनप्लग रखा गया था. मकाक पैडल को अपने दिमाग की मदद से कंट्रोल कर रहा था. हालांकि, उसे ऐसा लग रहा था कि वह जॉयस्टिक की मदद से ऐसा कर पा रहा है.

कब तक आएगा 6G?

6G को लेकर अभी बहुत सी चीजें क्लियर नहीं है. भारत अभी 5G की लॉन्चिंग की तैयारी कर रहा है. हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6G पर बताया था कि एक टास्ट फोर्स को तैयार किया गया है. इस साल के अंत तक हमें भारत में 5G टेक्नोलॉजी देखने को मिल जाएगी.

इससे पहले भारत के आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी घोषणा की थी कि देश अपनी स्वदेशी 6G तकनीक पर काम कर रहा है। 2023-2024 तक ये तकनीक तैयार भी हो सकती है। 6G को लेकर अभी कुछ भी साफ नहीं है। अभी 5G की लॉन्चिंग की तैयारी है और इस साल के अंत तक हमें भारत में 5G टेक्नोलॉजी देखने को मिल जाएगी। ऐसे में नोकिया के सीईओ का ये बयान भविष्य में टेक्नोलॉजी की मजबूती को बताता है।

अब एक बोतल बीयर पीने पर नशा होगा दोगुना

लखनऊ (एजेंसी)। शौकीनों के लिए कंपनियों ने अब नई बीयर बाजार में उतार दी है। अब एक बोतल बीयर पीने पर दोगुना नशा होगा। यह प्रयोग बीयर पीने वाले उन लोगों को पसंद आ रहा है, जो शराब से कम पर बीयर से थोड़ा ज्यादा नशा चाहते हैं। दुकानदारों का कहना है कि इस नई बीयर के खरीदारों में नई उम्र के लोग ज्यादा हैं।

अब तक आठ डिग्री अल्कोहल वाली ही बीयर बाजार में उपलब्ध थी। आठ डिग्री वाली केन की कीमत बाजार में 110 रुपये से लेकर 130 रुपये तक है, जबकि बोतल 150 रुपये के आसपास है। एक केन के बाद दूसरा केन पीने के लिए पैसे दोगुने खर्च करने होते हैं। ऐसे में शौकीनों के लिए कंपनी ने बाजार में 15 डिग्री अल्कोहल वाली बीयर उतार दी है। इसकी कीमत एक बोतल के बराबर है। ऐसे में एक बोतल के बराबर खर्च करने वालों को नशा दोगुना हो रहा है।

फिलहाल दो ब्रांड में ऐसी बीयर उतारी गई है। आबकारी विभाग के अफसरों का कहना है कि इस डिग्री की बीयर लगभग 20 साल पहले बाजार में आती थी। लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया था। बाजार की मांग को देखते हुए अब लंबे समय बाद इतने अल्कोहल वाली बीयर उतारी गई है। आमतौर पर प्रयागराज में हर रोज 70 हजार बोतले बिकती हैं। अफसरों का कहना है कि नई 15 डिग्री वाली बीयर की 15 हजार बोतल हर रोज बिक रही है।

अब घर में भी खोल सकेंगे बार

अब घर में भी खोल सकेंगे बार, पीने-पिलाने के लिए ले सकेंगे लाइसेंस, यूपी में बेहद आसान किए गए नियम।

लखनऊ। यूपी में अब घर पर ही आप निजी बार खोल सकेंगे। इसके लिए सरकार लाइसेंस जारी करने जा रही है। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में इस नियमावली में संशोधन को मंजूरी दे दी गई। अपर मुख्य सचिव संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि उत्तर प्रदेश आबकारी (बार लाइसेंस की स्वीकृति) नियमावली (प्रथम संशोधन) 2022 और (आसवनी स्थापना) सोलहवां संशोधन नियमावली के प्रस्तावों को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।

इसके तहत लोगों को आवासीय परिसर में भारत निर्मित विदेशी मदिरा और विदेश से आयातित मदिरा अपने परिजन, रिश्तेदारों, अतिथियों व मित्रों जिनकी उम्र 21 वर्ष से कम न हो, को पीने-पिलाने के लिए होम बार लाइसेंस स्वीकृत किए जा सकेंगे। यह लाइसेंस सालाना जारी होंगे। इसके लिए 12 हजार रुपये शुल्क देना होगा और बतौर सिक्योरिटी 25 हजार रुपये जमा करना होगा। यही नहीं, यह लाइसेंस निरीक्षण के बाद आबकारी आयुक्त की अनुमति से ही किया जा सकेगा।

अपर मुख्य सचिव आबकारी के मुताबिक पहले घर में चार बोतल (750 मिली) तक शराब निशुल्क रखने की मंजूरी थी। अब इस नीति को संशोधित किया गया है। इसमें अब घर में 15 कैटगरी की छोटी-बड़ी 71 बोतलें तक रखी जा सकेंगी।

व्यावसायिक लाइसेंस के नियमों में भी ढील

उत्तर प्रदेश आबकारी (बार लाइसेंस की स्वीकृति) नियमावली 2022 में संशोधन करते हुए बार लाइसेंस के लिए जरूरी बैठने के क्षेत्रफल को अब 200 वर्गमीटर की जगह न्यूनतम 100 वर्गमीटर कर दिया गया है। यानी कम जगह में भी बार खोला जा सकेगा। वहीं, न्यूनतम 40 लोगों की बैठने की क्षमता को अब कम कर 30 का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा होटल व रेस्टोरेंट आदि में बार लाइसेंस लेने के लिए जरूरी भोजन कक्ष के प्रावधानों को शिथिल कर दिया गया है। वहीं स्थानीय प्राधिकरण से लाइसेंस प्राप्त करने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है।

मिश्रित आसवनियों को भी छूट, बना सकेंगे शराब

कैबिनेट ने उप्र आबकारी (आसवनी स्थापना) सोलहवां संशोधन नियमावली 2022 के प्रस्तावों को भी मंजूरी दे दी। वर्तमान नियमावली में मिश्रित आसवनियों को उनकी कुल क्षमता का 90 फीसदी तक पेय मदिरा निर्माण की अनुमति देने की व्यवस्था है। इसे बढ़ाकर अब 95 प्रतिशत तक किए जाने का निर्णय लिया गया।

व्हाट्सएप्प ने लगाया 14 लाख से अधिक खातों पर प्रतिबंध

नई दिल्ली (एजेंसी)। मेटा के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप ने मार्च के महीने में भारत में 18 लाख से अधिक खातों पर प्रतिबंध लगाया है। सोमवार को कंपनी ने कहा कि नए आईटी नियम 2021 का अनुपालन करते हुए प्लेटफॉर्म ने फरवरी में देश में ऐसे 14 लाख से अधिक खातों पर प्रतिबंध लगाया था। उसे देश से उसी महीने में 597 शिकायत रिपोर्ट भी मिलीं, और ‘कार्रवाई’ वाले 74 खाते थे।

Big blow to WhatsApp users, company banned more than 30 lakh accounts

व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, आईटी नियम 2021 के अनुसार, हमने मार्च 2022 महीने के लिए अपनी रिपोर्ट प्रकाशित की है। इस उपयोगकर्ता-सुरक्षा रिपोर्ट में उपयोगकर्ता की शिकायतों का विवरण और व्हाट्सएप द्वारा की गई संबंधित कार्रवाई के साथ-साथ व्हाट्सएप की स्वयं की निवारक कार्रवाइयां शामिल हैं। प्रवक्ता ने कहा, व्हाट्सएप ने मार्च महीने में 1.8 मिलियन (1,805,000) से अधिक खातों पर प्रतिबंध लगा दिया। 

इलेक्ट्रिक स्कूटरों की गहन जांच कराएगी ओला वापस मंगाए 1,441 यूनिट्स

इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग की घटनाओं पर ओला गंभीर। गहन जांच को वापस मंगाए 1,441 स्कूटर

इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग की घटना: ओला ने 1,441 स्कूटर वापस मंगाए, होगी गहन जांच

नई दिल्ली (एजेंसी) इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाओं के मद्देनजर ओला ने अपने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की 1,441 यूनिट को वापस मंगाया है। कंपनी ने कहा है कि पुणे में 26 मार्च को हुई आग की घटना की जांच जारी है और प्रारंभिक मूल्यांकन में पाया गया कि यह एक अलग घटना थी।

आग लगने के सही कारण और इसमें बेहतर क्या किया जा सकता है; इसे लेकर जांच की जा रही है। ओला इलेक्ट्रिक की तरफ से कहा गया है कि इन स्कूटरों का हमारे सर्विस इंजीनियरों द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। इसके तहत सभी बैटरी सिस्टम, थर्मल सिस्टम के साथ-साथ सुरक्षा प्रणालियों की जांच की जाएगी। इससे पहले इलेक्ट्रिक स्कूटर मेकर ओकिनावा ऑटोटेक ने भी अपने 3215 व्हीकल्स को आग लगने की घटनाओं के बाद वापस ले लिया था।

विदित हो कि हाल ही में देश के विभिन्न हिस्सों में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों में आग लगने की व्यापक घटनाएं हुई हैं। इसे लेकर भारत सरकार भी सख्त है और उसने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं।

और अब बिना ATM, आधार से कीजिए UPI पेमेंट

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नई दिल्ली (एजेंसी)। अब आप आधार नंबर की मदद से  UPI पिन बना सकते हैं। NPCI के अनुसार इस फीचर्स को  कुछ दिन पहले ही Live कर दिया गया है। कई लोग इसका इस्तेमाल भी करने लगे हैं।

आधार की मदद से कर सकेंगे UPI पेमेंट 

अब आप बिना ATM के ही UPI पिन बना पायेंगे। अब  Aadhaar की मदद से ही UPI Pin सेट, रीसेट या नया Pin बनाया जा सकता है। इस काम के लिये Debit Card की भी जरुरत नहीं पड़ेगी। यह फीचर्स अभी सिर्फ BHIM Application के नए वर्सन (Version 2.9.6) में ही दिया गया है। यह Google Pay, Phone Pe, Paytm या किसी दूसरे एप्प में देखने को नहीं मिलेगा। जल्द ही यह दूसरे पेमेंट एप्प में भी देखने को मिल जाएगा।

आधार और बैंक से लिंक हो एक ही नंबर

इसका लाभ लेने की कुछ शर्त भी हैं, इसके लिये आधार कार्ड में लिंक मोबाइल नंबर ही बैंक अकाउंट से भी लिंक होना चाहिये। अगर आपके आधार और बैंक में अलग अलग मोबाइल नंबर लिंक होते है, तो आधार Authentcation नहीं हो पाएगा और आधार से UPI पिन नहीं बनाया जा सकेगा।

इन बैंक के ग्राहक ही ले पायेंगे लाभ

अभी इस फीचर्स को सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया और कॉसमॉस बैंक के लिये ही लांच किया गया है। इन दोनों बैंक के कस्टमर BHIM एप्प का Version 2.9.6 डाउनलोड कर के अभी से इस फीचर्स का यूज कर सकते हैं।

अपने आशियाने पर महंगे सीमेंट की मार

नई दिल्ली (एजेंसी)। बढ़ती मांग के बीच कच्चे माल की कीमतों में तेजी के कारण सीमेंट के दाम में अभी और बढ़ोतरी होने की संभावना है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के अनुसार गत माह सीमेंट की कीमतों में मासिक आधार पर दो से तीन फीसदी की तेजी दर्ज की गयी है। हालांकि, साल के अंत में लक्ष्य की पूर्ति के लिये सीमेंट के उत्पादन में तेजी भी लायी गयी थी, लेकिन इससे भी सीमेंट के दाम को नियंत्रित नहीं किया जा सका।

कंपनी ने बताया कि डीलर्स के साथ की गयी बातचीत से यह पता चला है कि दक्षिण और मध्य भारत में सीमेंट की कीमतों में प्रति बोरी 15 से 20 रुपये की तेजी रही, जबकि पूर्वी, उत्तरी और पश्चिमी क्षेत्रों में सीमेंट के दाम प्रति बोरी पांच से दस रुपये बढ़े। कंपनी का कहना है कि सीमेंट कंपनियां कच्चे माल की कीमतों के प्रभाव को कम करने के लिये इसका बोझ ग्राहकों पर और डालेंगी, जिससे सीमेंट के दाम तेज होंगे।

कोयले और पेट्रोलियम कोक की बढ़ी कीमतों का प्रभाव अप्रैल 2022 से ऊर्जा की कीमतों पर दिखेगा। पिछले कुछ दिनों से डीजल के दाम भी बढ़ रहे हैं, जिससे माल ढुलाई की लागत अधिक हो गयी है। सीमेंट कंपनियों ने पूरे देश में अप्रैल से सीमेंट की हर बोरी पर 40 से 50 रुपये बढ़ाने के संकेत दिये हैं।

जनवरी और फरवरी में सुस्ती के बाद मार्च में सीमेंट की मांग में सुधार आया। मार्च 2022 में वार्षिक आधार पर सीमेंट की मांग तीन से पांच प्रतिशत बढ़ी, जबकि जनवरी-फरवरी के दौरान इसमें छह प्रतिशत की गिरावट रही। कुछ डीलर्स का कहना है कि अप्रैल से सीमेंट के दाम में तेजी होने की आशंका के कारण मार्च के अंत में सीमेंट की मांग बढ़ गयी थी। वास्तविक मांग रूझान का पता अप्रैल के मध्य में ही चलेगा।

बिना कार्ड के निकालें ATM से रुपए

नई दिल्ली (एजेंसी)। एटीएम से पैसा निकालने वालों के लिए बहुत खास खबर है। अब बिना एटीएम कार्ड के ही आप पैसे निकाल सकते हैं। दरअसल, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति समीक्षा के फैसलों को जारी किया। इस मौके पर आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने ऐलान किया है कि अब बिना डेबिट कार्ड के एटीएम से पैसा निकालने की सुविधा सभी बैंकों में दी जाएगी। इसके पीछे डेबिट-एटीएम कार्ड के इस्तेमाल को कम करने और डिजिटल इकोनॉमी को आगे बढ़ाने का विचार प्रमुख है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि अब बिना डेबिट कार्ड के एटीएम से पैसा निकालने की सुविधा सभी बैंकों में दी जाएगी। अभी तक सिर्फ कुछ ही बैंकों में बिना कार्ड के एटीएम से पैसे निकालने की सुविधा थी। उन्होंने बताया कि UPI के जरिए एटीएम से पैसा निकाला जा सकेगा।

कम होंगे कार्ड क्लोन के फ्रॉड
RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास के मुताबिक इस कदम से कार्ड क्लोन करके पैसे निकालने के फ्रॉड भी कम होंगे। बता दें कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को मॉनिटरी पॉलिसी का ऐलान किया।

अभी कर लें टंकी फुल और बचा लें ₹400

4 अप्रैल को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 40-40 पैसे/लीटर का इजाफा किया गया

पेट्रोल और डीजल के दामों में अब तक 14 में से 12 दिन बढ़ोतरी

नई दिल्ली (एजेंसी)। पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol-Diesel Price) में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। मंगलवार, 5 अप्रैल को सुबह 6 बजे से दो ईंधनों के दाम (Fuel Price) में एक बार फिर 80 पैसे प्रति लीटर का इजाफा कर दिया गया है। बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत (Petrol Price) 104.61 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत (Diesel Price) 95.87 रुपए प्रति लीटर हो गई है।

देश में 137 दिनों के विराम के बाद 22 मार्च 2022 से पेट्रोल और डीजल के दाम में वृद्धि का सिलसिला शुरू हुआ। तब से पेट्रोल और डीजल के दामों में अब तक 14 में से 12 दिन बढ़ोतरी हुई है। पेट्रोल-डीजल की महंगाई से हाल-फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। इसकी वजह है कि ऑयल कंपनियां, 137 दिनों के विराम के दौरान हुए भारी नुकसान की भरपाई करने में लगी हुई हैं। उस दौरान कच्चे तेल के दाम (Crude Oil Price) बहुत उच्च बने रहे और देश में 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों व कुछ अन्य कारणों से फ्यूल के दाम नहीं बढ़े। तो अब कंपनियां घाटा पूरा करने की कोशिश कर रही हैं।

अभी टंकी फुल कराई तो कैसे होगी बचत– क्रिसिल रिसर्च की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के नुकसान की भरपाई के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमत में 15 से 20 रुपए तक का इजाफा करना होगा। 22 मार्च से शुरू हुई दाम वृद्धि के चलते अब तक 13 किस्तों में पेट्रोल और डीजल दोनों ही 9.20 रुपए प्रति लीटर महंगे हो चुके हैं। पेट्रोल की कीमत में 13 किस्तों में क्रमशः 80, 80, 80, 80, 50, 30, 80, 80, 80, 80, 80, 40 व 80 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। अगर मान लें कि पेट्रोल की कीमत में अभी 12 दिन और बढ़ोतरी होगी और यह 80 पैसे के हिसाब से होगी तो अगले 12 दिन में पेट्रोल लगभग 10 रुपए और महंगा हो जाएगा। ऐसे में 12 दिन बाद आपको 40 लीटर टैंक कैपेसिटी वाली गाड़ी की टंकी में फुल कराने के लिए लगभग 400 रुपए एक्स्ट्रा देने होंगे। यानी अगर आप अभी कार की टंकी फुल कराते हैं तो आपको 400 रुपए की बचत होगी।

तेल कंपनियों के नुकसान का आंकड़ा मूडीज की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्यूल कीमतों में 4 नवंबर 2021 से लेकर 21 मार्च 2022 यानी 137 दिन तक कोई वृद्धि न किए जाने से पेट्रोलियम कंपनियों इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल को 19,000 करोड़ रुपए का नुकसान झेलना पड़ा है। इंडियन ऑयल को 1 अरब से लेकर 1.1 अरब डॉलर, बीपीसीएल और एचपीसीएल प्रत्येक को 55 से लेकर 65 करोड़ डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा।

कच्चे तेल की कीमतें कहां- आज यानी 5 अप्रैल को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 80-80 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। इसके बाद दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत (Petrol Price) 104.61 रुपए प्रति लीटर और डीजल का दाम (Diesel Price) 95.87 रुपए प्रति लीटर हो गया है। जहां तक कच्चे तेल की कीमतों की बात है तो सोमवार को इसमें तेजी दर्ज की गई। अंतररराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 3.12 डॉलर प्रति बैरल की छलांग लगा कर 107.52 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इसी तरह डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 4.03 डॉलर प्रति बैरल की छलांग लगा कर 103.30 डॉलर पर पहुंच गया।

पेट्रोल और डीजल की कीमतें 13 दिन में बढ़ीं 11वीं बार

नई दिल्ली (एजेंसी)। तेल कंपनियों ने नवरात्रि के दूसरे दिन लगातार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया है। राजधानी दिल्ली में रविवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 80-80 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है, जबकि मुंबई में पेट्रोल के दाम 84 पैसे और डीजल के दाम 85 पैसे प्रति लीटर बढ़ गए हैं।

आज ईंधन की कीमतों में हुई ताजा बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल की नई कीमत 103.41 रुपये और डीजल की नई कीमत 94.67 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं, मुंबई में आज फ्यूल के दामों में बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल 118.41 और डीजल 102.64 रुपये प्रति लीटर हो गया है। विदित हो कि 13 दिनों में आज 11वीं बार तेल के दाम बढ़ाए गए हैं।

इससे पहले 4 नवंबर, 2021 से देश भर में तेल की कीमतें स्थिर हो गई थीं और करीब साढ़े महीने के बाद 22 मार्च को पहली बार दाम बढ़े थे। 22 मार्च से लेकर 3 अप्रैल तक, 13 दिनों में 11 बार तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की जा चुकी है। इस दौरान दिल्ली में एक लीटर तेल के दाम 8 रुपये बढ़ाए जा चुके हैं। 21 मार्च, 2022 तक दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 95.41 रुपये प्रति लीटर थी, जो बढ़कर आज 103.41 रुपये प्रति लीटर हो चुकी है।

Whatsapp ने लगाया लाखों खातों पर प्रतिबंध

नई दिल्ली (एजेंसी)। व्हाट्सएप ने फरवरी महीने में भारत के 1,426,000 अनैतिक एवं हानिकारक अकाउंट्स पर प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसा 2021 के नए आईटी नियमों के  अनुपालन में किया गया है।

कंपनी ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने जनवरी में 1,858,000 अकाउंट्स या खातों पर प्रतिबंध लगा दिया था। उसे देश से एक ही महीने में 335 शिकायतें मिलीं और उनमें से 21 पर जनवरी में कार्रवाई की गई। व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, आईटी नियम 2021 के अनुसार, हमने फरवरी 2022 महीने के लिए अपनी नौवीं मासिक रिपोर्ट प्रकाशित की है।

प्रवक्ता ने कहा, जैसा कि नवीनतम मासिक रिपोर्ट में दर्ज किया गया है, व्हाट्सएप ने फरवरी के महीने में 14 लाख से अधिक खातों पर प्रतिबंध लगा दिया है। कंपनी ने कहा कि साझा किए गए डेटा में व्हाट्सएप द्वारा 1 फरवरी से 28 फरवरी के बीच दुरुपयोग का पता लगाने के दृष्टिकोण का उपयोग करके प्रतिबंधित भारतीय खातों की संख्या पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें इसके रिपोर्ट फीचर के माध्यम से यूजर्स से प्राप्त नकारात्मक प्रतिक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए की गई कार्रवाई भी शामिल है।

LPG सिलेंडर ₹250 महंगा!

नए वित्त वर्ष के पहले ही दिन महंगाई की मार, 250 रुपए बढ़े LPG सिलेंडर के दाम

नई दिल्ली (एजेंसी) नए वित्त वर्ष के पहले ही दिन आज 1 अप्रैल को महंगाई का जोरदार झटका लगा है। नए वित्त वर्ष 2022-23 की शुरुआत के साथ ही एलपीजी गैस सिलेंडर की नई कीमतें जारी हो गई हैं। सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में 250 रुपए की बढ़ोतरी की है। हालांकि यह बढ़ोतरी घरेलू रसोई गैस सिलेंडर में नहीं बल्कि कामर्शियल गैस सिलेंडर में हुई है। घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। पिछले महीने 22 मार्च को रसोई गैस सिलेंडर के दाम 50 रुपए बढ़े थे, जबकि कमर्शियल गैस सिलेंडर सस्ता हुआ था।

नए वित्त वर्ष के पहले दिन घरेलू रसोई गैस की कीमतें नहीं बढ़ाए जाने से आम आदमी को थोड़ी राहत मिली है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले 14.2 किग्रा गैस सिलेंडर के दाम 949.5 रुपए हैं। कोलकाता में 976 रुपए, मुंबई में 949.50 रुपए और चेन्नई में बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत अब 965.50 रुपए है।

कामर्शियल सिलेंडर महंगा होने से अब बाहर खाना महंगा हो सकता है। दिल्ली में 19 किलो वाला कामर्शियल सिलेंडर एक मार्च को दिल्ली में 2012 रुपए में रीफिल हो रहा था। 22 मार्च को इसकी कीमत घटकर 2003 रुपए पर आ गई थी, लेकिन आज इसमें फिर से बढ़ोतरी कर दी गई है। दिल्ली में इसे रीफिल करवाने के लिए 2253 रुपए खर्च करने होंगे। वहीं मुंबई में अब यह 1955 रुपए की जगह 2205 रुपए में मिलेगा। कोलकाता में इसकी कीमत 2,087 रुपए के बढ़कर 2351 रुपए हो गई है जबकि चेन्नई में इसके लिए अब 2,138 रुपए के बजाय 2,406 रुपए खर्च करने होंगे। पिछले दो महीने में 19 किलो वाले एलपीजी गैस सिलेंडर में 346 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। एक मार्च को 19 किलो वाले कामर्शियल सिलेंडर के रेट में 105 रुपए का इजाफा हुआ था जबकि 22 मार्च को 9 रुपए सस्ता हुआ।

एफपीओ द्वारा ग्राम अगरी में मृदा परीक्षण की अभिनव पहल

एफ.पी.ओ. द्वारा ग्राम अगरी में मृदा परीक्षण की अभिनव पहल

बिजनौर। ग्राम अगरी में कृषक उत्पादक संगठन “हल्दौर फेड फारमर्स प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड” द्वारा एक मृदा परीक्षण लैब स्थापित की जा रही है।

एफ.पी.ओ. के सीईओ विकास कुमार ने बताया कि इस प्रयोगशाला में कृषक नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, पीएच, ईसी,सल्फर, जिंक, बोरोन, कापर, जीवांश कार्बन आदि की जांच करा सकते हैं। एक मृदा नमूना के सभी तत्वों की टेस्टिंग की फीस 400 रूपये निर्धारित की गयी है। इसके साथ ही यदि कोई कृषक कुछ चुनिंदा तत्वों की जांच कराना चाहता है तो इसकी फीस तुलनात्मक रूप से उसी तरह से कम हो जाएगी। नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश में से किसी एक तत्व की जांच के लिए ₹28 देने होंगे। पीएच मान की जांच के लिए ₹48 तथा ऑर्गेनिक कार्बन के लिए 65 रुपए का शुल्क देय होगा। एक मृदा नमूने के संपूर्ण तत्वों की जांच के लिए लगभग 1 घंटे का समय लगता है। कृषक उत्पादक संगठन के चेयरमैन ब्रह्मपाल सिंह द्वारा बताया गया कि जनपद बिजनौर में किसी भी एफपीओ द्वारा यह अनूठी पहल है तथा संतुलित उर्वरक प्रयोग हेतु यह प्रयोगशाला मील का पत्थर साबित होगी।
स्थापित की जाने वाली प्रयोगशाला का निरीक्षण उप कृषि निदेशक गिरीश चन्द्र द्वारा किया गया। मौके पर उपस्थित कृषकों को उप कृषि निदेशक द्वारा जानकारी दी गई कि मृदा परीक्षण से भूमि में उपलब्ध पोषक तत्वों के स्तर की जानकारी होगी तथा आगामी मौसम में बोई जाने वाली फसल के लिए पोषक तत्वों की सही आवश्यकता की जानकारी से संतुलित उर्वरकों का प्रयोग कर सकेंगे, जिससे उत्पादन लागत में कमी आएगी। इस अवसर पर उनके साथ उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी बिजनौर व आत्मा प्रभारी योगेन्द्र पाल सिंह योगी उपस्थित रहे। आत्मा प्रभारी द्वारा उपस्थित कृषकों से परिचर्चा में जैविक कृषि अपनाए जाने पर बल दिया गया।

एक बार फिर बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम

नई दिल्ली (एजेंसी)। सरकारी तेल कंपनियों ने शनिवार को पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी कर दिए हैं। एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी की गई गई है। Petrol-Diesel की कीमतों में आज दिल्ली समेत अधिकतर शहरों में 70-80 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। पेट्रोल आज 70 पैसे महंगा हुआ, वहीं डीजल 80 पैसे प्रति लीटर तक महंगा हुआ है। 

विदित हो कि पिछले पांच दिनों में यह चौथी बढ़ोतरी है। तेल कंपनियों ने 22 मार्च (24 मार्च को छोड़कर) से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रखी है। इस तरह पांच दिन में पेट्रोल और डीजल की कीमत में 3.20 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। 

इस बढ़ोतरी के बाद अब देश की राजधानी दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 98.61 रुपये हो गई है, जबकि डीजल की कीमत 89.87 रुपये है। वहीं मुंबई में पेट्रोल 84 पैसा महंगा होकर 113.35 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है, जबकि डीजल 97.55 रुपये पर है। वहीं, कोलकाता में पेट्रोल 83 पैसा महंगा हुआ है और यह 107.18 रुपए से बढ़कर 108.01 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया। कोलकाता में डीजल 93.01 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बिक करा है। चेन्नई में एक लीटर पेट्रोल की कीमत में 76 पैसे की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह 104.43  रुपये लीटर पर पहुंच गया है और डीजल 94.47 रुपये लीटर मिल रहा है।

बैंकों में चार दिन लटके रहेंगे ताले, सिर्फ खुलेगा SBI

नई दिल्ली (एजेंसी)। दो दिवसीय औद्योगिक हड़ताल में बैंक की कई यूनियनें शामिल होंगी लेकिन आल इंडिया बैंक आफिसर कंफेडरेशन (All India Bank Officer Confederation) इससे दूर रहेगा। असर यह होगा कि भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) का शटर नहीं गिरेगा। इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। 28 एवं 29 मार्च को औद्योगिक हड़ताल प्रस्तावित है। इसमें आल इंडिया बैंक इम्पलाईज एसोसिएशन, आल इंडिया बैंक आफिसर्स एसोसिएशन, बेफी आदि यूनियनों ने शामिल होने का निर्णय किया है।

हड़ताल के दौरान भी खुले रहेंगे sbi शाखाएं और एटीएम 

आल इंडिया बैंक आफिसर्स कंफेडरेशन इस हड़ताल में शामिल नहीं है। एसबीआइ में यह यूनियन प्रभावी है। भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संघ के महासचिव अजीत मिश्रा ने कहा कि एसबीआइ में हड़ताल का असर नहीं होगा क्योंकि आल इंडिया बैंक आफिसर्स कंफेडरेशन से ही जुड़े अधिक सदस्य हैं। हड़ताल के दौरान शाखाएं और एटीएम खुले रहेंगे। दो दिवसीय बैंक हड़ताल के साथ शनिवार और रविवार की साप्ताहिक छुट्टी भी है। इस वजह से बैैंक 26 से 29 मार्च तक लगातार चार दिनों तक बंद रहेंगे। 

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अन्‍य बैंकों में चार दिनों तक लटके रहेंगे ताले 

विदित हो कि बैंकों में हड़ताल और साप्‍ताहिक छुट्टी के कारण चार दिनों तक बैंकिंग सेवाएंं प्रभावित रहेंगी। लेकिन स्‍टेट बैंक की इसमें सहभागिता नहीं होगी तो लोगों को बड़ी सहूलियत होगी। लोगों को चिंता सता रही थी कि मार्च के अंतिम सप्‍ताह में बैंकिंग की समस्‍या होगी लेकिन इसमें थोड़ी राहत मिलती दिख रही है। मार्च क्‍लोजिंग के समय की यह हड़ताल प्रभाव तो डालेगी ही। बता दें कि इस महीने होली की छुट्टी भी हो गई। इसके अलावा बिहार दिवस, हड़ताल, साप्‍ताहिक छुट्टी के कारण भी बैंकों में कामकाज प्रभावित रहा है। आल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव डीएन त्रिवेदी ने कहा है कि बैंकिंग उद्योग के दो प्रमुख संगठनों एआइबीईए, एआइबीओए और बेफी ने हड़ताल का आह्वान किया है।  

जोर का झटका: ₹50 महंगी हो गई रसोई गैस

एक झटके में 50 रुपये महंगी हो गई रसोई गैस, पटना में 1000 रुपये से महंगा हुआ सिलेंडर

दिल्ली में रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 949.50 रुपये हुई

दिल्ली में रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 949.50 रुपये हुई

नई दिल्ली (एजेंसी)। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने मंगलवार को रसोई गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए. इसकी कीमत में पिछले साल अक्टूबर से कोई बदलाव नहीं हुआ था।

  • दिल्ली में 949.50 रुपये हुई रसोई गैस की कीमत
  • 6 अक्टूबर से कीमतों में नहीं हुआ था बदलाव

रसोई गैस उपभोक्ताओं को मंगलवार को बड़ा झटका लगा। इसकी वजह ये है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने मंगलवार को एक झटके में 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर के दाम में 50 रुपये का इजाफा कर दिया। इसके बाद बिहार की राजधानी पटना में रसोई गैस की कीमत 1,047.50 रुपये हो गई। इसी तरह देश के अधिकतर प्रमुख शहरों में एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1,000 रुपये के करीब पहुंच गई है।

दिल्ली, मुबंई में एलपीजी सिलेंडर के दाम

देश में 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर के दाम में 6 अक्टूबर, 2021 के बाद से कोई बदलाव नहीं हुआ था, लेकिन अब रेट अचानक से 50 रुपये बढ़ गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) का दाम 899.50 रुपये से बढ़कर 949.50 रुपये हो गया है। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में भी एलपीजी सिलेंडर का मूल्य 949.50 रुपये हो गया है। मायानगरी में भी मंगलवार से पहले रसोई गैस सिलेंडर का भाव 899.50 रुपये पर था।

कोलकाता, चेन्नई में इतने हो गए हैं दाम

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर का मूल्य बढ़कर 965.50 रुपये हो गया है। वहीं, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में LPG Cylinder लेने के लिए अब 976 रुपये का भुगतान करना होगा। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़कर 987.5 रुपये हो गई है।

कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 19 किलोग्राम के कॉमर्शियल गैस सिलेंडर का दाम 2,003.5 रुपये पर है। वहीं, चेन्नई में इसकी कीमत 2,137.50 रुपये पर है. मुंबई में कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1954.50 रुपये पर आ गई है।

रेट बढ़ने की वजह

रूस और यूक्रेन के बीच जंग की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत में 40 फीसद तक की तेजी देखने को मिली है। इस वजह से घरेलू स्तर पर एलपीजी सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोत्तरी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के लिए जरूरी हो गया था।

NPCI ने लांच की UPI Lite सर्विस

Paytm UPI Lite – NPCI ने लांच की UPI Lite सर्विस ! Paytm या किसी भी एप्प से UPI Lite के जरिये बिना इंटरनेट कर सकेंगे पैसे ट्रांसफर ! 

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नई दिल्ली। NPCI यूपीआई को लेकर समय समय पर काफी बदलाव लाते रहती है, अभी कुछ दिन पहले ही NPCI ने Aadhaar OTP के जरिये UPI Pin बनाने की सर्विस शुरू करने के लिये सभी बैंको को बोला था और अभी फिर से NPCI ने UPI Lite सर्विस शुरू करने जा रही है। इस सर्विस के जरिये अब कोई भी व्यक्ति बिना इंटरनेट के ही Paytm, Phone Pe, Google Pay जैसे UPI एप्प से पैसे भेज पायेंगे।

NPCI ने जारी किया UPI को लेकर नोटिफिकेशन –

अभी हॉल ही में NPCI ने 16 मार्च 2022 को सभी UPI मेंबर बैंक को एक एप्लीकेशन लिखा है, यह एप्लीकेशन UPI से सम्बंधित है। एप्लीकेशन के अनुसार NPCI यूपीआई से सम्बंधित एक नयी सर्विस शुरू करने वाली है। इस नयी सर्विस का नाम UPI Lite रखा गया है, इस नयी सर्विस से यूजर्स को Wallet जैसी सर्विस मिलने वाली है।

NPCI ऑफिसियल नोटिफिकेशन – https://www.npci.org.in/PDF/npci/upi/circular/2022/UPI-OC-138-Introduction-of-On-Device-wallet-UPI-Lite-for-Small-Value-Transactions.pdf

सभी एप्प में मिलेंगी Paytm Wallet जैसी सुविधा –

यह जो UPI Lite है यह एक On Device Wallet है, मतलब Paytm, Phone Pe में जैसे Wallet होते है, उसी तरह के wallet आपको सभी UPI एप्प में मिलेंगे। ऐसे कई UPI एप्प है, जैसे BHIM, Google Pe जिसमे आपको वॉलेट सुविधा नहीं मिलती है, लेकिन अब UPI Lite के जरिये इन एप्प में भी आपको Wallet जैसी सुविधा मिलने लगेंगी।

इस वजह से लांच हुआ है UPI Lite –

जब से UPI Payment सर्विस लांच हुई है, दिनों दिन इसके ट्रांजेक्शन बढ़ते जा रहे है। पर इन ट्रांजेक्शन में 75% ट्रांजेक्शन 100 रूपये से कम के है और 50% ट्रांजेक्शन 200 रूपये से कम के। और इन छोटे UPI ट्रांजेक्शन होने के कारण कई बार Bank का सर्वर डाउन हो जाता है, और कई UPI ट्रांजेक्शन Fail हो जाते है। और इन छोटे छोटे ट्रांजेक्शन होने के कारन बैंक में भी बहुत ज्यादा एंट्री हो जाती है। जिसके कारण बैंक पर भी लोड पड़ता है, तो इन्ही समस्या को देखते हुआ UPI Lite लांच किया है।

ऐसे काम करेंगा UPI Lite –

UPI Lite में आप Wallet की तरह पैसे Add कर पायेंगे और किसी को भी बिना इंटरनेट के ही पेमेंट कर पायेंगे। पर UPI Lite में आप बहुत ज्यादा पैसे add नहीं कर पायेंगे। क्यूंकि यूपीआई लाइट में पैसे लोड करने की लिमिट 2 हजार रूपये ही है। UPI Lite में लोड हुए पैसे को आप किसी भी व्यक्ति को भेज पायेंगे। पर एक बार में आप 200 रूपये से ज्यादा नहीं भेज पायेगे। अगर आपको 200 रूपये से ज्यादा भेजना होगा तो फिर आपको 2-3 या इससे ज्यादा बार में पैसे भेजना पड़ेगा।

साभार Career Bhaskar

पिछले 132 दिन से भारत में तेल पर महंगाई नहीं

यूक्रेन युद्ध के बीच Petrol 3 रुपए हुआ महंगा, सबसे सस्ता तेल बेचने वाले देशों में भी महंगाई

नई दिल्ली (एजेंसी)। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 140 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं हैं। इसका असर दुनिया के सभी देशों पर पड़ा। सबसे सस्ता पेट्रोल बेचने वाले देशों में भी महंगाई की मार पड़ी है। पेट्रोल की कीमत 3 रुपये तक बढ़ गई, जबकि दुनिया भर में पेट्रोल औसतन 7 रुपये लीटर महंगा हुआ है। आज भी सबसे सस्ता पेट्रोल वेनेजुएला में है तो सबसे महंगा हांगकांग में है। हालांकि, पिछले 132 दिन से भारत के लोगों पर क्रूड के महंगा होने का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। पेट्रोल के रेट अभी भी स्थिर हैं।

हांगकांग में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 18 रुपये बढ़कर 220.20 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं, वेनुजुएला में भारतीय रुपये के रूप में 1.91 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। दुनिया में 5 ऐसे देश हैं, जहां पेट्रोल की कीमत 25 रुपये प्रति लीटर से भी कम है। हालांकि दुनिया भर में पेट्रोल (गैसोलीन) की औसत कीमत 94.60 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 101.28 रुपये हो गई है। हालांकि, देशों के बीच इन कीमतों में काफी अंतर है। विभिन्न देशों में कीमतों में अंतर पेट्रोल के लिए विभिन्न टैक्सों और सब्सिडी के कारण है। वैसे भारत में पेट्रोल की कीमत अब कुछ शहरों में ही 100 रुपये प्रति लीटर के पार है।

वेबसाइट globalpetrolprices.com के ताजा आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तान में 7 फरवारी को एक लीटर पेट्रोल की औसत कीमत 63.07 रुपये थी और अब बढ़कर 64.03 भारतीय रुपया हो गई है। वहीं, श्रीलंका में पेट्रोल की कीमत अब 76.54 रुपये से बढ़कर 84.97 रुपये प्रति लीटर हो गई है। यहां पेट्रोल का भाव 25 अक्टूबर को 68.35 रुपये और 8 नवंबर को 67.55 रुपये लीटर था। वहीं 29 नवंबर को यहां पेट्रोल की कीमत 68.12 रुपये पर पहुंच गई थी। इसके अलावा 21 फरवरी के रेट के मुताबिक बांग्लादेश में पेट्रोल 77.52 रुपये तो नेपाल में 90.95 रुपये लीटर था। अब नेपाल में पेट्रोल 93:80 रुपये लीटर है। वहीं, बांग्लादेश में एक लीटर पेट्रोल की कीमत भारतीय रुपये में 79.19 रुपये पड़ रही है।

रूस के आफर से भारत में सस्ते हो सकते हैं पेट्रोल-डीजल, यूरिया

नई दिल्ली (एजेंसी)। रूस और यूक्रेन के युद्ध के चलते महंगाई बढ़ने की आशंका के बीच रूस ने भारत को सस्ता पेट्रोल डीजल और यूरिया खरीदने की आफर दिया है। ऐसा अमेरिका द्वारा रूस से तेल के इम्पोर्ट पर रोक लगाने से हुआ है। ऐसी स्थिति में रूस अपने क्रूड आयल एवं अन्य सामान को पूरी दुनिया में बेचने की जुगत में है। इसी कारण रूस ने अपने मित्र राष्ट्र भारत से संपर्क किया है। अतः भारत सरकार, रूस से डिस्काउंट प्राइस पर क्रूड ऑयल एवं अन्य चीजों को खरीदने के बारे में विचार कर रही है, ऐसा भारतीय अधिकारियों का कहना है।

गौरतलब है कि भारत अपनी जरूरतों का 80 फीसदी ऑयल इम्पोर्ट करता है। भारत करीब 2-3 फीसदी तेल रूस से खरीदता है, चूंकि अभी कच्चा तेल की कीमतें 40 फीसदी ऊपर जा चुकी हैं, भारत सरकार इम्पोर्ट बिल कम करने के लिए विकल्पों की तलाश कर रही है। क्रूड की कीमतें बढ़ने से अगले वित्त वर्ष में भारत का इम्पोर्ट बिल 50 बिलियन डॉलर तक बढ़ सकता है। इस कारण सरकार सस्ते तेल के साथ ही रूस और बेलारूस से यूरिया जैसे फर्टिलाइजर्स का सस्ता कच्चा माल भी खरीदने पर गौर कर रही है। इससे सरकार को खाद सब्सिडी के मोर्चे पर बड़ी राहत मिलने की संभावना है।

डाक्टरों को महंगे गिफ्ट! फार्मा कंपनियां भी जिम्मेदार

डाक्टरों को मिलने वाले महंगे उपहार का मामला, केंद्र सरकार को नोटिस

नई दिल्ली (एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने फार्मा कंपनियों की ओर से डाक्टरों को दिए जाने वाले गिफ्ट और महंगे उपहारों को रेगुलेट करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। वर्तमान में फार्मा कंपनियों की ओर से डाक्टरों को गिफ्ट देने के लिए डाक्टरों को ही जिम्मेदार ठहराया जाता है।

याचिका में मांग की गई है कि महंगे उपहारों के लिए फार्मा कंपनियों को भी जिम्मेदार ठहराया जाए। इसके पहले एक दूसरी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि डाक्टरों को महंगे उपहार देना कानून सम्मत नहीं है। कोर्ट ने कहा था कि फार्मा कंपनियां डाक्टरों को महंगे गिफ्ट देकर कानून से भाग नहीं सकती हैं।

मतगणना के दिन Share Market में आई तेजी

चुनाव परिणामों से Share Market में तेजी, Sensex 1000 अंक के पार खुला

नई दिल्ली (एजेंसी)। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद मतगणना के बीच शेयर बाजार ने मजबूती के जोरदार संकेत दिये हैं। बाजार को मजबूत ग्लोबल ट्रेंड से भी सपोर्ट मिल रहा है। इन संकेतों के चलते बाजार ने आज कारोबार की जबरदस्त शुरुआत की और खुलते ही 1200 अंक चढ़ गया।

प्री-ओपन से ही मजबूत बाजार में सेंसेक्स 2.5 फीसदी तक चढ़ा हुआ था। एसजीएक्स निफ्टी भी मजबूत बना हुआ था। सुबह के 09:20 बजे सेंसेक्स 1130 अंक से ज्यादा मजबूत होकर 55,800 अंक के आस-पास ट्रेड कर रहा था। इसी तरह निफ्टी 2 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 16.650 अंक के पार निकल चुका था।

रूस और यूक्रेन के बीच जारी लड़ाई के चलते दुनिया भर के शेयर बाजारों में बिकवाली का माहौल बना हुआ है। इन सब घटनाक्रमों के बीच क्रूड ऑयल में उबाल है और यह 14 साल के रिकॉर्ड हाई लेवल पर जा चुका है। रूस के तेल और गैस पर अमेरिका के प्रतिबंध के बाद इन्वेस्टर्स सहमे हुए हैं। भारत के बाजार में भी यह ट्रेंड साफ दिख रहा है क्योंकि एफपीआई लगातार पैसे निकाल रहे हैं। कल भले ही बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली, लेकिन एफपीआई ने भारतीय बाजार से करीब 5 हजार करोड़ रुपये की निकासी की थी।

Pearlvine International Kya Hai? | पर्ल्वाइन की जानकारी

Pearlvine International Kya Hai? | पर्ल्वाइन की जानकारी

Pearlvine international kya hai: नमस्कार दोस्तों, आज हम बताएँगे कि  pearlvine international kya hai और  Pearlvine international कैसे काम करती है? सबसे पहले, यह जान लें कि Pearlvine International कोई कंपनी नहीं है और न ही कोई Investment प्लान है।

इसका कोई CMD / MD नहीं है और न ही इसकी कोई Branch है। Pearlvine का Software System 2015 से World में लॉन्च किए हैं और यह भारत में वर्ष 2018 में सक्रिय हुआ है।

यह System पिछले 5 वर्षों से 100% Safe & Secure होने का दावा कर रही है। इसमें ज्वाइन होने वाले किसी भी सदस्य पर 0% Liability है।

PEARLVINE INTERNATIONAL एक डिजिटल ग्लोबल Robotic Software base BANK है USA का, इसके FOUNDER डॉ. डेनियल जोनशन है।

यह अमेरिका के TAXAS शहर से 2015 से चल रही है, भारत मे यह 2018 में डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए लाया गया है। pearlvine international kya hai.

Pearlvine International कैसे काम करती है?

यह बैंकिंग रोबोटिक सॉफ्टवेयर सिस्टम से 156 देशो में DIGITAL BANK के माध्यम से काम करती है।

जैसे- SBI का UNO ई.वॉलेट,Paytm, Google pay, Phone Pay, Whatsapp, Facebook,Google, Crowm इत्यादि काम करती है।

Pearlvine में क्या होता है?

PEARLVINE में (भारतीय बैंक की तरह ) सिर्फ एक डिजिटल खाता खोला जाता है, 30 $ डॉलर यानी ₹-2250/- रुपये से।

Pearlvine में क्यो खाता खोलना चाहिए?

PEARLVINE हमें मालिक बनने का मौका देती है साथ में अनलिमिटेड Earning का अवसर प्रदान करती है। यहां हमें इतना वेतन पैसा मिलेगा कि,आने वाली पीढ़ियां भी खत्म नहीं कर पाएगी।

Pearlvine की सिक्योरिटी तथा सर्वर की क्या गारंटी हैं?

PEARLVINE में 7 लेयर सिक्योरिटी पासवर्ड है,जो कि HACK नही किया जा सकता है।

यह दुनियां का सबसे Strong सर्वर (Cloud Flare) सर्वर (DNS,DDOS PROTECTION,SSL CERTIFICATE) से लैस है जो कि दुनियां के किसी भी कोने में ये आसानी से फ़ास्ट काम करती है।

Pearlvine में मेंबर बनने से किस प्रकार का काम करना पड़ता है?

PEARLVINE में मेंबर बनने पर डाइरेक्ट रेफरल A/C, OPEN करना पड़ता है, ठीक बैंक की तरह।

Pearlvine में काम करने पर क्या Income होता है?

PEARLVINE में काम करने पर यहां 8 प्रकार INCOME होता है :–

1. Ref. Income 50%.

2. टीम Bonus 1.25 $.

3. Upgradation Income 50%.

4. Global Autopool Income हमारे सोच से भी जायदा।

5. Royality Income 1st Rank से ही वो भी हर सप्ताह ।

6. Shopping portal आने वाला।

7. Bonanza Autopool Income.

8. Bonanza Team perf. Income. आदि।

 Pearlvine में मेंबर बन कर किसी कारणवश काम नही करने पर क्या इनकम होगा?

जी हां, PEARLVINE में आपके मेंबर बनने पर स्वतः आपके नीचे सॉफ्टवेयर लोगो को जॉइन करती है, पूरे वर्ल्ड से यहां से आपको 8 क़िस्त में 8 बार क़िस्त देती है,

कुल 43,856 डॉलर,जो कि INDIAN INR में ₹-32,89,230/- रुपया होता है।
इसे PASSIVE INCOME कहते हैं।

Pearlvine के डॉलर को भारतीय बैंक में ट्रांसफर करने का क्या नियम है?

PEARLVINE के डॉलर को भारतीय बैंक में ट्रांसफर करने से पहले आपको PEARLVINE के खाते में KYC करना होगा,साथ मे 10% टैक्स देना होगा।

PEARLVINE में दो कंडीशन क्या है?

पहला कंडीशन – आज से 8 साल के बीच 4 ग्लोबल A/C OPEN करना होगा।

दूसरा कंडीशन :- अपने लेबल या पोस्ट को प्रमोशन करके आगे बढ़ना होगा।

Pearlvine किस आधार पर 8 क़िस्त में PAYMENT करती है?

PEARLVINE हमे FOUR के मैट्रिक्स प्रणाली के आधार पर स्वतः 4/16/64/256/1024/4,096/16,384/65,536
A/C खोलती है और सबसे कुछ रकम हमे 8 क़िस्त के रूप में देती है।

सबसे महत्वपूर्ण Pearlvine को कहां से Income होता है?

1. ADD.(विज्ञापन) से,

2. USER के द्वारा DATA उपयोग करने से,

3. USER के A/C को UPGRADE करने से,

4. SOCIAL MEDIA के माद्यम से,

5. E.COMMERCE के माद्यम से,

6. NEWS CHANNEL के माद्यम से हमरे सोच से भी ज्यादा,INCOME जाता है।

Pearlvine अगर India से भाग गई तो…?

बिल्कुल सही सवाल- ये कभी नही भागेगी,क्योकि ये कोई कंपनी नहीं एक सॉफ्टवेयर है।

कारण- (1) ये MEMBER के पैसे को 100% बंटवारा कर देती है, DONATION और REWARD के माद्यम से।

30 $ डॉलर का बंटवारा :-

1- ₹ -1125/-रुपया,यानी 15 डॉलर ,डाइरेक्ट स्पॉन्सर को,
2- ₹-750/- रुपया,10 डॉलर (1.25 $× 8) स्पॉन्सर को,
3- ₹-375/- रुपया, यानी 5 डॉलर, SYSTEM GLOBAL AUTOPOOL में।

₹-2250/-रुपया=30 डॉलर।
100%/100% बंटवारा हो जाता है।

कारण- (2) :- PEARLVINE BLOCK CHAIN TECNOLOGY के आधार पर कार्य करती है।

कारण- (3) :- PEARLVINE Decentralized System है, यानी PEARLVINE के मालिक रहते हुए मालिक के हाथ मे कुछ नही रहना,यहाँ Member ही खुद का मालिक होता है।

कारण- (4) :-यह CROWD FUNDING के माद्यम से काम करती है, यानी USER के द्वारा ₹2250/-रुपया दान देने पर USER के बीच ही पैसा बाँट देती है।
यानी नए USER से पैसा लेकर पुराने USER के बीच बाँट देती है।

पहले आओ ,पहले पाओ के आधार पर।

इसलिए दोस्तो आप निश्चिंत होकर काम करे,यह कभी नही भाग सकती है।

आपको मिला है KBC की ओर से ₹25 लाख जीतने का मैसेज?

…हो जाएं सावधान, नहीं तो खाली हो जाएगा आपका अकाउंट

व्हाट्सएप (WhatsApp) पर कई दिनों से KBC के नाम से एक मैसेज तेजी से फैल रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि आपके व्हाट्सएप नंबर ने 25 लाख रुपये का इनाम जीता है। इस इनाम को पाने के लिए आपको मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करना होगा।

नई दिल्ली (एजेंसी)। इन दिनों व्हाट्सएप (WhatsApp) पर लोकप्रिय क्विज-शो कौन बनेगा करोड़पति (KBC) का एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें 25 लाख रुपये इनाम देने का दावा किया गया है। इस मैसेज में कहा जा रहा है कि आपके व्हाट्सएप नंबर को केबीसी सिम कार्ड लकी ड्रा कॉम्पिटिशन 2021 के तहत चुना गया है। साथ ही इसमें मैसेज क्लेम करने के लिए एक लिंक पर क्लिक करने के लिए भी कहा गया है। बता दें इससे पहले भी एक मैसेज वायरल हुआ था, जिसको भारत सरकार ने फर्जी घोषित किया था।

ये msz हो रहा है वायरल- ऑनलाइन है और अपनी केबीसी पुरस्कार राशि की जानकारी प्राप्त करें! आपका लॉटरी नंबर 0099 आपका केबीसी फाइल नंबर: BT12 प्रिय विजेता कृपया केवल व्हाट्सएप पर कॉल करें! अब अपने व्हाट्सएप नंबर से केबीसी ऑफिस में व्हाट्सएप कॉल करें! https://api.whatsapp.com/send?phone=917011789860 धन्यवाद”

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल के मुताबिक, इस तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी में साइबर ठग अनजान नंबर से पीड़ितों को व्हाट्सएप मैसेज भेजते हैं (उनमें से ज्यादातर +92, पाकिस्तान के आईएसडी कोड से शुरू होते हैं) यह दावा करते हुए कि उनके मोबाइल नंबर ने 25 लाख रुपये की लॉटरी जीती है, जिसे कौन बनेगा करोड़पति और रिलायंस जियो द्वारा आयोजित किया गया है। साथ ही पीडितों को मैसेज दिए गए लिंक पर क्लिक करने के लिए कहा जाता है।

जब पीड़ित जीती हुई राशि पाने के लिए उल्लिखित नंबर पर कॉन्टैक्ट करता है, तो साइबर ठग उसे बताता है कि उन्हें पहले लॉटरी टैक्स के साथ-साथ जीएसटी आदि के लिए एक निश्चित राशिप पहले जमा करानी होगी। एक बार जब पीड़ित उस पैसे को जमा कर देता है, तो वे किसी न किसी बहाने से ज्यादा की मांग करने लगते हैं। जालसाज केवल व्हाट्सएप के माध्यम से बात करने पर जोर देते हैं।

कैरी बैग का पैसा वसूला तो देना पड़ सकता है जुर्माना

नई दिल्ली (एजेंसी)। देश में पॉलिथीन के उपयोग पर रोक लगने के बाद से ही उपभोक्ताओं से कैरी बैग के नाम पर अनावश्यक राशि की वसूली शुरू हो गई है। दुकानदार या फिर शॉपिंग मॉल में बिना ग्राहक को बताये उनके बिल में कैरी बैग के पैसे डालकर उनसे एक्स्ट्रा चार्ज किया जाता है। ऐसे में राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कैरी बैग की राशि बिना बताए बिल में जोड़ देने को अनफेयर ट्रेड प्रेक्टिस माना है। आयोग इसे लेकर अब सख्त रुख आपने रही है। आयोग का मानना है कि उपभोक्ताओं के खरीद से विक्रेता या उत्पादक लाभ कमाते हैं इसलिए उनका दायित्व बनता है कि उपभोक्ताओं को सुविधा का ख्याल रखें। ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसमें कैरी बैग के बदले में चार्ज वसूलने पर जुर्माना लगाया गया है। उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कैरी बैग का शुल्क लेने के लिए मुआवजे के तौर पर शिकायतकर्ता को मुआवजा भुगतान करने का आदेश दिया है। इस प्रैक्टिस को तुरंत प्रभाव से बंद करने को भी कहा जा रहा है।

कैरी बैग का चार्ज नहीं ले सकते दुकानदार-
पिछले दिनों ही केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने प्लास्टिक के कचरे को कम करने और इस पर नियंत्रण करने के लिए प्लास्टिक निर्माता या उत्पादकों, प्लास्टिक पैकेजिंग का कचरा पैदा करने वाले ब्रांड्स की जवाबदेही को बढ़ाने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। उत्पादकों की जिम्मेदारी को बढ़ाने वाले इन दिशा-निर्देश को सरकार ने तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा है। इसलिए आप अगर शॉपिंग करने जाते हैं तो कैरी बैग को लेकर पहले से ही सूचना ले लें। बिल भुगतान करते समय जांच जरूर लें कि कैरी बैग का तो चार्ज नहीं जोड़ा गया है। इसके साथ ही जीएसटी एवं अन्य टैक्स का भी जांच करें, क्योंकि एमआरपी के बाद किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं लगाया जा सकता है। बता दें कि नए कंज्यूमर प्रोटक्शन एक्ट-2019 के मुताबिक रिटेलर अपनी कंपनी के लोगो का उपयोग किए बिना प्लास्टिक कैरी बैग के लिए शुल्क ले सकता है। मतलब रिटेलर पैसे ले कर सादा कैरी बैग बेच तो सकता है, लेकिन अगर कैरी बैग में कंपनी का लोगो बेचा जाता है तो उसकी मुफ्त में आपूर्ति की जानी चाहिए।

GST में सबसे बड़े बदलाव की तैयारी; होंगे सिर्फ 3 टैक्स स्लैब

नई दिल्ली (एजेंसी)। GST व्यवस्था में व्यापक बदलाव की तैयारी हो रही है, इसके तहत 5%, 12%, 18% और 28% के मौजूदा चार टैक्स स्लैब को घटाकर तीन टैक्स स्लैब में बदला जा सकता है।

GST में अब तक के सबसे बड़े बदलाव की तैयारी; सिर्फ 3 टैक्स स्लैब होंगे, कई आइटम्स से हटेगा टैक्स छूट

गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) व्यवस्था में जल्द ही अब तक का सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके तहत जीएसटी की दरों को सरल बनाया जा सकता है और राज्यों की आमदनी बढ़ाने की भी कोशिश की जा सकती है। जीएसटी व्यवस्था 2017 में लागू हुई थी, जिसके बाद राज्यों को टैक्स रेवेन्यू के नुकसान में हुए भरपाई के लिए केंद्र सरकार की तरफ से मुआवजा दिया जाता था। राज्यों को दिया जाने वाला यह जीएसटी मुआवजा इस साल जून में खत्म हो रहा है।

लाइवमिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक जीएसटी के नई बदलावों को चरणों में लागू किया जाता है। इन बदलावों में टैक्स छूट में कटौती, जीएसटी टैक्स स्लैब के तहत सिर्फ तीन दरों को लागू करना और कच्चे माल व इंटरमीडियरीज पर टैक्स से जुड़ी विसंगतियों को दूर करना शामिल है। केंद्र और राज्य सरकारें इन प्रस्तावित सुधारों को चरणबद्ध तरीके से लागू कर सकती हैं, ताकि टैक्स में बदलावों को असर वस्तुओं के खपत पर कम से कम पड़ें।

इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की अगुआई वाला मंत्रियों का एक समूह (GoM) के जल्द ही इन बदलावों से जुड़े सिफारिशों को अंतिम रूप देने के लिए बैठक करने वाला है। अंतिम सिफारिशें आगामी जीएसटी काउंसिल की बैठक में ली जाएंगी।

इन संशोधनों में टेक्सटाइल इंडस्ट्री के टैक्स रेट में बढ़ोतरी भी शामिल है, जो इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर की खामियों को दूर करेगा। इससे पहले 31 दिसंबर को हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में टेक्सटाइल और अपैरल इंडस्ट्री के कई आइटम्स पर जीएसटी दर 5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करने के फैसले को टाल दिया गया था।

1 जुलाई को मौजूदा GST व्यवस्था के पांच साल पूरे होने पर राज्यों को दिया जाने वाला मुआवजा खत्म हो जाएगा। यह राज्यों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है, लेकिन यह जीएसटी में ढांचागत बदलाव की राह भी खोलेगा। जीएसटी मुआवजा खत्म होने से राज्यों के बजट, खासतौर से बड़े अर्थव्यवस्था वाले राज्यों के बजट पर असर पड़ेगा। इसके चलते राज्यों को विभिन्न आइटम पर टैक्स छूट हटाकर और स्लैब की संख्या को कम करके राजस्व बढ़ाने के नए तरीके खोजने होंगे।

5जी से 100 गुना तेज स्पीड वाली 6G टेक्नोलॉजी तैयार

6G Technology तैयार, 5जी से 100 गुना तेज होगी स्पीड- 10 हजार HD लाइव वीडियो स्ट्रीम भी

बीजिंग (एजेंसी)। दुनियाभर में 5जी पर जारी काम के बीच चीन ने इस दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए 6जी पर काम शुरू कर दिया है। 6जी टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे चीनी रिसर्चर्स ने दावा किया है कि उन्होंने इस नई तकनीक के इस्तेमाल से डेटा स्ट्रीमिंग स्पीड में एक नया रिकॉर्ड बनाया है। ये चीन को अगली पीढ़ी के वायरलेस कम्युनिकेशन के लिए प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्राप्त करने में मदद कर सकता है। रिसर्चर्स ने वोरटेक्स मिलीमीटर वेव्स के इस्तेमाल से एक सेकेंड में एक टेराबाइट डेटा एक किमी तक भेजा।

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट में बताया गया है कि वोरटेक्स मिलीमीटर वेव्स एक तरह की हाई फ्रीक्वेंसी रेडियो वेव होती है, जो तेजी से स्पिन होती है। सिंघुआ यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के प्रोफेसर झांग चाओ के नेतृत्व में एक टीम ने 9 फरवरी को एक बयान में कहा कि पिछले महीने बीजिंग विंटर ओलंपिक कंपाउंड में स्थापित एक्सपेरिमेंटल वायरलेस कम्युनिकेशन लाइन एक साथ 10,000 से अधिक हाई-डेफिनिशन लाइव वीडियो फीड स्ट्रीम कर सकती है।

टीम ने ये भी दावा किया कि एक हाइपरसोनिक हथियार 6जी टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से टारगेट का पता लगा सकता है और कम्युनिकेट कर सकता है। अधिकतर देखा जाता है कि ध्वनि की गति से पांच गुना अधिक रफ्तार वाली हाइपरसोनिक मिसाइल कई बार नेटवर्क की वजह से ब्लैकआउट का सामना करती है। चीन ने कई मौकों पर संकेत दिया है कि वह युद्ध स्तर पर भविष्य की 6जी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहा है। झांग और उनके सहयोगियों के अनुसार, पिछली शताब्दी में रेडियो संचार में देखी गई किसी भी चीज के विपरीत, वोरटेक्स वेव्स ने वायरलेस ट्रांसमिशन को एक नया आयाम प्रदान किया।

5 साल तक के बच्चों को टीके की अनुमति मांगी

नई दिल्ली। फाइजर ने बुधवार को अमेरिका से पांच साल तक की आयु वाले बच्चों के लिए उसके टीके को स्वीकृति देने के लिए कहा है। वाशिंगटन में फाइजर ने कहा कि इससे बेहद कम उम्र के अमेरिकी बच्चों को भी मार्च तक टीके लगाने की शुरुआत हो सकती है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने अप्रत्याशित कदम उठाते हुए फाइजर तथा उसके सहयोगी बायोएनटेक से पूर्व नियोजित कार्यक्रम से पहले ही और वह सभी आवेदन करने के लिए कहा था।

निरस्त होंगे दशकों पुराने चाय, कॉफी, मसाला कानून

दशकों पुराने चाय, कॉफी, मसाला कानूनों को निरस्त करने की तैयारी में मोदी सरकार

कारोबार पर फोकसः दशकों पुराने चाय, कॉफी, मसाला कानूनों को निरस्त करने की तैयारी में मोदी सरकार

नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्र सरकार चाय, कॉफी, मसालों और रबड़ से संबंधित दशकों पुराने कानूनों को खत्म करने पर विचार कर रही है। सरकार का इरादा इनके स्थान पर नए अधिनियम लाने का है, जिससे इन क्षेत्रों की वृद्धि को प्रोत्साहन देने के साथ ही कारोबार के लिए अनुकूल माहौल बनाया जा सके।

वाणिज्य मंत्रालय ने मसाला (संवर्द्धन एवं विकास) विधेयक 2022, रबड़ (संवर्धन एवं विकास) विधेयक, 2022, कॉफी (संवर्द्धन और विकास) विधेयक, 2022, चाय (संवर्द्धन और विकास) विधेयक, 2022 के मसौदे पर हितधारकों से विचार मांगे हैं। जनता/हितधारक इन चार विधेयकों के मसौदे पर नौ फरवरी तक अपनी टिप्पणियां भेज सकते हैं। चार अलग-अलग कार्यालय ज्ञापनों में वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि वह चाय अधिनियम-1953, मसाला बोर्ड अधिनियम-1986, रबड़ अधिनियम-1947 और कॉफी अधिनियम-1942 को निरस्त करने का प्रस्ताव रखता है। मंत्रालय की वेबसाइट पर डाले गए मसौदे के अनुसार, ‘‘इन कानूनों को निरस्त करने और नए अधिनियम लाने का प्रस्ताव मौजूदा जरूरतों और उद्देश्यों के अनुरूप है।’’ इसके मुताबिक, चाय अधिनियम को निरस्त करने की मुख्य वजह यह है कि हाल के दशक में चाय उत्पादन, विपणन और उपभोग करने के तरीके में बदलाव आया है। ऐसे में मौजूदा अधिनियम में संशोधन करने की जरूरत है। 

मंत्रालय ने कहा कि चाय बोर्ड के मौजूदा आधुनिक कामकाज मसलन उत्पादन को समर्थन, गुणवत्ता में सुधार, चाय के प्रसार और चाय उत्पादकों के कौशल विकास के लिए वर्तमान कानूनी ढांचे को अनुकूल बनाने की जरूरत है। मसाला (संवर्द्धन और विकास) विधेयक-2022 के मसौदे के अनुसार, मसाला बोर्ड को मसालों की पूरी आपूर्ति श्रृंखला पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम बनाने की आवश्यकता है। इसी तरह रबड़ कानून के बारे में कहा गया है कि हाल के बरसों में रबड़ और संबद्ध क्षेत्रों से संबंधित औद्योगिक और आर्थिक परिदृश्य में व्यापक बदलाव हुए हैं। वहीं कॉफी (संवर्द्धन और विकास) विधेयक-2022 में कहा गया है कि मौजूदा अधिनियम का काफी हिस्सा आज के समय में बेकार हो चुका है, लिहाजा इसमें भी बदलाव की जरूरत है।

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पियक्कड़ों के लिए खुशखबरी! साल में अब सिर्फ 3 ड्राई-डे

शराबियों के लिए खुशखबरी! अब सालभर में 21 की बजाय सिर्फ 3 ड्राई डे 

नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली में शराब पीने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली सरकार ने अपनी नयी आबकारी नीति के तहत मद्य निषेध दिवसों (ड्राई डे) की संख्या घटाकर सिर्फ तीन कर दी है जो पिछले साल 21 दिन थी। यह जानकारी सोमवार को जारी एक आधिकारिक आदेश से मिली। इसे लेकर नया नियम लागू कर दिया गया है। इससे जाम छलकाने वालों में खुशी की लहर है। 

दिल्ली सरकार की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि लाइसेंस प्राप्त शराब और अफीम की दुकानें गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) और गांधी जयंती 2 अक्टूबर को बंद रहेंगी। 

दिल्ली आबकारी नियम 2010 (52) के प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में वर्ष 2022 में 26 जनवरी, 15 अगस्त और 2 अक्टूबर को शराब की बिक्री की अनुमति नहीं होगी। साथ ही आबकारी विभाग ने कहा कि ड्राई-डे के दौरान एल-15 लाइसेंस वाले होटल संचालक अपने कमरों में मेहमानों को शराब परोस सकेंगे। हालांकि आदेश में ये भी कहा गया है कि सरकार इन तीन ड्राई-डे के अलावा साल में किसी भी दिन को समय-समय पर ‘ड्राई-डे ‘ घोषित कर सकती है। 

बता दें कि दिल्ली सरकार ने बीते साल नवंबर में नई आबकारी नीति को मंजूरी दी थी। जो 17 नवंबर से लागू हो है। न्यू एक्साइज पॉलिसी में कई नियमों में बदलाव किया गया है। सरकार की नई एक्साइज पॉलिसी के तहत हर वार्ड में तीन से चार शराब की दुकानें खुल रही हैं। पहले 79 ऐसे वार्ड थे, जहां एक भी शराब की दुकानें नहीं थी।

गौरतलब है कि बीते साल तक होली, दीवाली, जन्माष्टमी, मुहर्रम, ईद-उल-जुहा (बकरीद), गुड फ्राइडे, राम नवमी, महावीर जयंती, बुद्ध पूर्णिमा, महर्षि वाल्मीकि जयंती, गुरु नानक जयंती, दशहरा समेत अन्य त्योहारों पर ड्राई-डे रहता था।

दिल्ली सरकार के इस फैसले का दिल्ली में पर्टयन उद्योग ने स्वागत किया है। नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष कबीर सूरी ने कहा कि हम इस कदम का स्वागत करते हैं। क्योंकि इससे कस्टमर और व्यापारियों दोनों को फायदा होगा। यह हमें उस नुकसान से बचाएगा, जो पहले ड्राई-डे के कारण होता था। 

वहीं दिल्ली सरकार के इस फैसले पर भाजपा और कांग्रेस की प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है। दोनों पार्टियों ने अरविंद केजरीवाल सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि इस कदम का उद्देश्य राजधानी में शराब को बढ़ावा देना है। दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि दिल्ली में ड्राई-डे को 21 से घटाकर तीन दिन करने से अरविंद केजरीवाल सरकार की मंशा युवाओं में नशे के प्रमोटर के रूप में उजागर हुई है। वहीं दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष मुदित अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस निश्चित रूप से इस कदम का विरोध करेगी और सरकार को मनमाने ढंग से काम नहीं करने देगी। 

फिलीपींस के साथ ब्रह्मोस्त्र के सौदे की दूर तक जाती गूंज


फिलीपींस को ब्रह्मोस्त्र मिसाइल बेचने का सौदा करने भारत दुनिया के उन चंद देशों के सूची में आ गया जो दूसरे देशों को शस्त्र बेचते हैं। यह भारत की बड़ी उपलब्धि है। ये खबर दुनिया भर की मीडिया में चर्चा बनी। संपादकीय लिखे गए। ब्रह्मोस्त्र की बिक्री का यह शोर इस बात का नहीं है कि भारत ने 375 मिलियन डॉलर के हथियार बेचे हैं बल्कि यह शोर इसलिए है कि देखो, दुनिया की हथियार बाजार में एक और नया बेचने वाला देश आ गया है।
ब्रह्मोस मिसाइल के लिए ये पहला विदेशी ऑर्डर है।फिलीपींस को 36 ब्रह्मोस्त्र बेची जानी है। रिपोर्टों के मुताबिक ब्रह्मोस्त्र को लेकर दक्षिण पूर्व एशिया के कुछ और देशों के साथ बातचीत की जा रही है। हम शस्त्र काफी समय से निर्यात कर रहे हैं। ब्रह्मोस्त्र को लेकर चर्चा में इसलिए आए कि यह दुनिया की आधुनिकतम मिसाइल है। चीन इसके निर्माण और टैस्टिंग को लेकर कई बार आपत्ति दर्ज करा चुका है। अभी हिंदुस्तान एयरनोटिक्स का मारीशस को एडवास लाइस् हैलिकाप्टर (एएचएल एम के −3) की एक यूनिट देने का सौदा हुआ है। मारीशस पहले भी इस कंपनी के हैलिकाप्टर प्रयोग कर रहा है। भारत ने वियतनाम के साथ भी 100 मिलियन डॉलर यानि 750 करोड़ रुपये का रक्षा समझौता किया है, जिसमें वियतनाम को भारत में बनी 12 हाई स्पीड गार्ड बोट दी जाएंगी। भारत अर्मेनिया को 280 करोड़ की रडार प्रणाली निर्यात कर रहा है। भारत 100 से ज्यादा देशों को राष्ट्रीय मानक की बुलेटप्रूफ जैकेट का निर्यात शुरू कर रहा है। भारत की मानक संस्था ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआईएस) के मुताबिक, बुलेटप्रूफ जैकेट खरीददारों में कई यूरोपीय देश भी शामिल हैं। अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी के बाद भारत चौथा देश है, जो राष्ट्रीय मानकों पर ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की बुलेटप्रूफ जैकेट बनाता है। भारत में बनी बुलेटप्रूफ जैकेट की खूबी है कि ये 360 डिग्री सुरक्षा के लिए जानी जाती है।


42 देश भारत से हथियार खरीद रहे हैं। इनमें से बहुत सारे देश वो हैं, जो चीन से परेशान हैं और अब भारत हथियार देकर उनकी मदद कर रहा है।
वर्तमान भारत सरकार रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने पर ज़ोर देती रही है। इसके लिए कई वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध भी लगाया है। भारत रक्षा क्षेत्र में निर्यात बढ़ाने का लक्ष्य लेकर भी चल रहा है। पिछले साल दिसंबर में रक्षा मंत्रालय ने संसद में एक सवाल के जवाब में बताया कि 2014-15 में भारत का रक्षा क्षेत्र में निर्यात 1940.64 करोड़ रुपये था । 2020-21 में ये बढ़कर 8,435.84 करोड़ रुपये हो गया।साल 2019 में प्रधानमंत्री ने रक्षा उपकरणों से जुड़ी भारतीय कंपनियों को साल 2025 तक पांच अरब डॉलर तक के निर्यात का लक्ष्य दिया।
सुपरसोनिक मिसाइल। रैडार सिस्टम । और भी बहुत कुछ।इनकी बिक्री के लिए आज बहुत बड़ा बाजार मौजूद है और सब हमारे बड़े शत्रु चीन पैदाकर रहा है। चीन के अपनी सीमा से सटे देशों से ही नहीं सुदूरवर्ती देशों से विवाद है। साउथ चाइना-सी में चीन की बढ़ती दादागिरी से फिलीपींस सहित दक्षिणी पूर्वी एशियाई देश परेशान हैं। दक्षिणी पूर्वी एशियाई देशों ने चीन को जवाब देने की ठानी है। पांच देश- फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ब्रूनेई और इंडोनेशिया का मिलकर एक गठबंधन बनाने की बात चल रही है। ये गठबंधन साउथ चाइना-सी में आक्रमक चीन को जवाब देने के लिए है और इनके लिए भारत एक बढ़िया और सस्ता शस्त्र विक्रेता हो सकता है।
पिछले दो दशकों में चीन ने बांग्लादेश, म्यांमार, पाकिस्तान, श्रीलंका और अफगानिस्तान जैसे देशों को आधुनिक हथियार बेचे। चीन ऐसा करके भारत को घेरना चाहता है। अब चीन के खिलाफ भारत ने भी इसी रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। भारत ने चीन के शत्रु देशों से दोस्ती और उन्हे मजबूत करने की नीति पर तेजी से आगे बढ़ना प्रारंभ कर दिया।

आधुनिक शस्त्र का निर्यात ये रक्षा क्षेत्र के विकास की कहानी है, जबकि हमने कई क्षेत्र में अच्छा कार्य किया है।कोराना महामारी के आने से पहले हम इसके बचाव के लिए प्रयोग होने वाला कोई उपकरण नही बनाते थे। अब हम मास्क , पीइपी किट, वैंटीलेटर के साथ कोराना की वैक्सीन भी बना रहे हैं। अपने देश के 150 करोड़ से ज्यादा नागरिकों को तो वैक्सीन लगी ही,दुनिया के कई देशों को हमने वैक्सीन मुक्त दी। आज कई देशों में इसकी मांग हैं।
देश बदल रहा है। तेजी से बदल रहा है।कुछ समय पूर्व तक वह अपनी जरूरतों के दूसरे देशपर निर्भर था। सेना की जरूरत के लिए दूसरे बड़े देश के आगे हाथ फैलाने पड़ते थे अब यह गर्व की बात है कि वह दूसरे देशों को अन्य सामान ही नहीं शस्त्र बेचने लगा है।
मुझे याद आता है 1965 का भारत− पाकिस्तान युद्ध का समय।उस समय हम अपनी जरूरत का गेंहू और अन्य अनाज भी पैदा नही कर पाते थे।अमेरिका अपना घटिया लाल गेंहू हमें बेचता था। ये देश में राशान की दुकानों से जनता को बांटा जाता था। 1965 के पाकिस्तान युद्ध के समय अमेरिका ने देश के प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री को धमकाया था कि वह युद्ध रोंके नहीं तो हम भारत को गेंहू की आपूर्ति बंद कर देंगें। भारत के देशवासी भूखे मरने लगेंगे। शास्त्री जी ने उसकी बात को नजर अंदाज कर दिया था।उन्होंने देशवासियों से अपील की थी कि अनाज के संकट को देखते हुए सप्ताह में एक दिन उपवास रखें।उसी के साथ हमने मेहनत की। उत्पादन बढ़ाया।कल− कारखाने लगाए। आज हम काफी आत्म निर्भर हो गये। दुनियाभर में भारत की प्रतिभा का आज डंका बजा है। देश के वैज्ञानिक और तकनीकि विशेषज्ञ दुनिया के प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवा दे रहे हैं। भारतीय उत्पादों की दुनिया में मांग हैं। हम विकास और निर्माण के नए आयाम बना रहे हैं।


अशोक मधुप
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)
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एक घंटे तक डाउन रहा UPI का सर्वर, अटके लोगों के पेमेंट

एक घंटे तक डाउन रहने के बाद UPI का सर्वर फिर से शुरु, गूगल पे, फोन पे और पेटीएम पर अटक गया था लोगों का पेमेंट

एक घंटे तक डाउन रहने के बाद UPI का सर्वर फिर से शुरु, गूगल पे, फोन पे और पेटीएम पर अटक गया था लोगों का पेमेंट 

नई दिल्ली (एजेंसी)। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी एनपीसीआई (NPCI) द्वारा विकसित यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी यूपीआई का सर्वर रविवार को डाउन होने से यूजर्स को कुछ समय के लिए डिजिटल ट्रांजैक्शन में कठिनाई का सामना करना पड़ा। हालांकि अब यूपीआई सर्विस ऑपरेशनल हो चुकी है।

इससे पहले ट्विटर पर कई लोगों के ट्वीट कर यूपीआई सर्वर करीब एक घंटे डाउन होने की शिकायत की। कई यूजर्स ने सर्वर डाउन होने की वजह से पेटीएम, फोनपे और गूगल पे जैसे यूपीआई ऐप से लेनदेन में दिक्कत होने की बात कही। यूपीआई को डेवलप करने वाली एनपीसीआई ने ट्वीट कर कहा, ”तकनीकी दिक्कत की वजह से यूपीआई यूजर्स को हुई असुविधा के लिए खेद है। यूपीआई सर्विस अब काम कर रही है और हम सिस्टम पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं।”

यूपीआई का सिस्टम
यूपीआई एक रियल टाइम पेमेंट सिस्टम है, जो मोबाइल ऐप के माध्यम से बैंक अकाउंट में पैसे तुरंत ट्रांसफर कर सकता है। डिजिटल पेमेंट के लिए यूपीआई जैसी सुविधा आपको घर बैठे आसानी से मनी ट्रांसफर की सुविधा देती है। इसके लिए आपको केवल यूपीआई सपोर्ट करने वाले ऐप जैसे पेटीएम, फोनपे, भीम, गूगलपे आदि की जरूरत होती है। यूपीआई के माध्यम से आप एक बैंक अकाउंट को कई यूपीआई ऐप से लिंक कर सकते हैं।

टैक्स चोरी में वाणिज्य कर विभाग के 14 अधिकारी निलंबित

लखनऊ। भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत शासन ने कर चोरी में संलिप्त पाए गए मुरादाबाद के वाणिज्य कर विभाग के 14 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इन पर कम टैक्स जमा करने का आरोप है, जिससे सरकार को करीब 25 लाख रुपए राजस्व की हानि हुई थी। इस संबंध में द मुरादाबाद टैक्स बार, जोनल टैक्स बार एवं टैक्स बार एसोसिएशन ने 18 सितंबर 2021 को प्रदेश के मुख्यमंत्री को संयुक्त शिकायती पत्र भेजा था।

मामले में सचल दल अधिकारियों की अनियमित कार्यप्रणाली, गठित भौतिक सत्यापन समिति की अनियमित कार्यप्रणाली और जोनल एडिशनल कमिश्नर द्वारा भ्रामक आख्या प्रेषित करने के कारण 14 अधिकारियों तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।

निलंबित किए गए वरिष्ठ अधिकारियों में 2 एडिशनल कमिश्नर, 4 ज्वाइंट कमिश्नर, 4 असिस्टेंट कमिश्नर और 4 वाणिज्य कर अधिकारी शामिल हैं, वहीं 14 अधिकारियों पर कार्रवाई होने से पूरे प्रदेश के वाणिज्यकर अधिकारियों में खलबली मची हुई है।

ये अधिकारी हुए निलंबित

निलंबित होने वालों में एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 अरविंद कुमार-1, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 मुरादाबाद अवधेश कुमार सिंह, ज्वाइंट कमिश्रर सम्भाग ए मुरादाबाद, ज्वाइंट कमिश्नर संभाग बी मुरादाबाद चन्द्र प्रकाश मिश्र शामिल है। इसके अलावा, ज्वाइंट कमिश्नर (कारपोरेट) मुरादाबाद डॉ. श्याम सुंदर तिवारी, ज्वाइंट कमिश्नर (कार्यपालक) सम्भाग बी मुरादाबाद अनूप कुमार प्रधान, असिस्टेंट कमिश्नर (सचल दल) चतुर्थ इकाई, मुरादाबाद कुलदीप सिंह प्रथम, असिस्टेंट कमिश्नर (सचल दल) पंचम इकाई मुरादाबाद सत्येंद्र प्रताप, असिस्टेंट कमिश्नर (सचल दल) षष्टम इकाई मुरादाबाद राकेश उपाध्याय और असिस्टेंट कमिश्नर (सचल दल) द्वितीय इकाई मुरादाबाद, देवेंद्र कुमार प्रथम शामिल हैं।

कर चोरी करा रहे थे अधिकारी
दरअसल मुरादाबाद के वाणिज्य कर विभाग के सचल दल ने 26 और 27 जुलाई 2021 को दो ट्रक यूपी-23 टी-5177 और यूपी-23 एटी-1745  को जांच के लिए पकड़ा था। इन दोनों मामले में व्यापारियों से सांठगांठ कर कम टैक्स जमा करवाया गया। इससे विभाग को करीब 25 लाख रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ। एक ट्रक में 10.97 लाख और दूसरे ट्रक में 15.37 लाख रुपए की राजस्व हानि हुई। मामले की जांच की गई तो कई अधिकारियों को दोषी पाया गया। इसके बाद वाणिज्यकर अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया।

फसलों के बीच में उगे खरपतवार पहचाना हुआ बेहद आसान

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पहचाने जाएंगे फसलों के बीच में उगे खरपतवार

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पहचाने जाएंगे फसलों के बीच में उगे खरपतवार, जानें प्रोजेक्ट के बारे में पूरी जानकारी

नई दिल्ली (एजेंसी)। छत्तीसगढ़ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का हर क्षेत्र में तेजी से इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। यह इंसानी जिंदगी का एक तरह से पहिया बनता जा रहा है। यही वजह है कि AI का कारोबार तेजी से विस्तार ले रहा है। भारत में भी इसकी उपयोगिता बढ़ती जा रही है। भारत सरकार का इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा दे रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से छत्तीसगढ़ के दो युवा वैभव देवांगन और धीरज यादव ने एक प्रोजेक्ट तैयार किया है, जिससे फसलों के बीच में उगे खरपतवारों को पहचानने में मदद मिलेगी। 

इस बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कू पर डिजिटल इंडिया ने एक वीडियो के साथ पोस्ट शेयर किया है। डिजिटल इंडिया ने लिखा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस- द फ्यूचर ऑफ द नेशन, दो युवाओं ने एआई संचालित तकनीक की मदद से एक प्रोजेक्ट तैयार किया है। ‘एआई के लिए वीड डिटेक्टर सिस्टम’, जो आसानी से खेतों में विभिन्न प्रकार के खरपतवारों की पहचान करता है और उन्हें हटाने में सहायता करता है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के शासकीय कुलदीप निगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नर्रा के छात्र वैभव देवांगन और धीरज यादव द्वारा एआई तकनीक से तैयार किया गया यह प्रोजेक्ट किसानों के लिए मददगार साबित हो सकता है। 

चीन को पटखनी देने की एक और तैयारी

नई दिल्ली। भारत सरकार चीन को पटखनी देने की तैयारी में है। दरअसल सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले बोर्ड के मामले में देश अब आत्मनिर्भर बनेगा। इसके मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने पीएलआई योजना को मंजूरी दी है। सरकार को इस योजना के तहत अगले 5-6 वर्षों में 76,000 करोड़ रुपए  (10 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक) के निवेश का अनुमान है।

विदित हो कि भारत में सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले बोर्ड आयात किया जाता है। भारत आयात के लिए मुख्यतौर पर चीन पर निर्भर है। अब सरकार के ताजा फैसले से चीन पर से निर्भरता कम हो जाएगी।

सरकार का प्लान: दूरसंचार और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस फैसले से माइक्रोचिप के डिजाइन, विनिर्माण, पैकिंग और परीक्षण में मदद मिलेगी। वहीं, एक संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र विकसित होगा। अश्विनी वैष्णव के मुताबिक भारत के करीब 20 फीसदी इंजीनियर्स सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में हैं। इस संख्या को बढ़ाने के लिए 85 हज़ार हाइली क्वालिफाइड, वेल ट्रेंड इंजीनियर के लिए ‘चिप्स टू स्टार्टअप’ प्रोग्राम बनाया गया है। इसमें बी-टेक, एम-टेक, पीएचडी इंजीनियर्स को तैयार किया जाएगा।

पीआईबी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने और भारत को इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से, देश में सेमीकंडक्टरों और डिस्प्ले इकोसिस्टम के विकास के लिए व्यापक कार्यक्रम को मंजूरी दी है। यह कार्यक्रम सेमीकंडक्टरों और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ डिजाइन के क्षेत्र में कंपनियों को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी प्रोत्साहन पैकेज प्रदान करके इलेक्ट्रॉनिक सामग्रियों के निर्माण में एक नए युग की शुरुआत करेगा। यह सामरिक महत्व तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता के इन क्षेत्रों में भारत के प्रौद्योगिकीय नेतृत्व के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा।

सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स की नींव हैं, जो उद्योग 4.0 के तहत डिजिटल परिवर्तन के अगले चरण की ओर आगे बढ़ा रहे हैं। सेमीकंडक्टरों और डिस्प्ले प्रणालियों का उत्पादन बहुत जटिल तथा प्रौद्योगिकी की अधिकता वाला क्षेत्र है, जिसमें भारी पूंजी निवेश, उच्च जोखिम, लंबी अवधि और पेबैक अवधि तथा प्रौद्योगिकी में तेजी से बदलाव शामिल हैं और इसके लिए अत्यधिक एवं निरंतर निवेश की आवश्यकता होती है। यह कार्यक्रम पूंजी सहायता और प्रौद्योगिकीय सहयोग की सुविधा प्रदान करके सेमीकंडक्टरों और डिस्प्ले प्रणाली के उत्पादन को बढ़ावा देगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सिलिकॉन सेमीकंडक्टर फैब, डिस्प्ले फैब, कंपाउंड सेमीकंडक्टरों/सिलिकॉन फोटोनिक्स/सेंसर (एमईएमएस सहित) फैब, सेमीकंडक्टर पैकेजिंग (एटीएमपी/ओएसएटी), सेमीकंडक्टर डिजाइन के काम में लगी हुई कंपनियों/संघों को आकर्षक प्रोत्साहन सहायता प्रदान करना हैं।

3 साल से अधिक उम्र वाले बच्चों के लिए जल्द आएगी कोरोना वैक्सीन

नई दिल्ली (एजेंसी)। तीन साल से अधिक उम्र वाले बच्चों के लिए जल्द ही कोरोना वैक्सीन आ जाएगी। इस संबंध में जानकारी देते हुए कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के खौफ के बीच सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा है कि अगले 6 महीनों में बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन लांच कर दी जाएगी। पूनावाला ने कहा कि वैक्सीन ‘कोवावैक्स’ का ट्रायल चल रहा है और यह तीन साल और उससे अधिक उम्र वाले बच्चों को कोरोना के खिलाफ पूरी तरह से सुरक्षा प्रदान करेगी।

With trials just starting, Adar Poonawalla gets a front-row seat to the  global vaccine race, Health News, ET HealthWorld


 
उन्होंने कहा कि हालांकि अभी तक बच्चों में कोरोना के बहुत गंभीर मामले सामने नहीं आए हैं और हमारे लिए बड़े सौभाग्य का बात है कि कोरोना से अब तक बच्चों के लिए कोई घबराने की बात सामने नहीं आई है। अब हम जल्द ही बच्चों के लिए कोविड-19 वैक्सीन लांच करने जा रहे हैं उम्मीद है कि इसमें 6 महीने का समय लगेगा।

Oxford AstraZeneca vaccine to be sold to developing countries at cost price  | Global development | The Guardian

पूनावाला ने बताया कि यह तीन साल और उससे अधिक उम्र के बच्चों को कोरोना के संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करेगी। कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री की ओर से आयोजित एक वर्चुअल कान्फ्रेंस में उन्होंने ये बातें कही हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल ओमिक्रॉन वैरिएंट के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है कि यह बच्चों पर कैसे प्रभाव डालेगा, लेकिन बच्चों को सुरक्षित करना जरूरी है।

21 साल की हरनाज़ संधू बनी मिस यूनिवर्स 2021

फहीम अख्तर (बिजनौर)

मिस यूनिवर्स 2021 का खिताब चंडीगढ़ के सिख परिवार में जन्मी हरनाज संधू को मिला है। हरनाज संधू इससे पहले भी कई ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा ले चुकी हैं। फिटनेस और योग की शौकीन हरनाज ने छोटी उम्र से ही ब्यूटी कॉम्पिटीशन में भाग लेना शुरू कर दिया था। उन्होंने साल 2017 में मिस चंडीगढ़ का खिताब भी जीता था। इसके एक साल बाद हरनाज को मिस मैक्स इमर्जिंग स्टार इंडिया 2018 का ताज भी मिल चुका है। इन दो प्रतिष्ठित खिताब को अपने नाम करने के बाद हरनाज ने मिस इंडिया 2019 में हिस्सा लिया, जिसमें वह टॉप 12 तक जगह बनाने में कामयाब रही थीं। साल 2018 में हरनाज ने मिस इंडिया पंजाब का खिताब हासिल करने के बाद द लैंडर्स म्यूजिक वीडियो तेराताली (Tarthalli) में भी काम किया। इसके बाद इसी साल उन्होंने सितंबर में मिस डीवा यूनिवर्स इंडिया 2021 का खिताब अपने नाम किया।

हरनाज को यह ताज खुद अभिनेत्री कृति सेनन ने पहनाया था। मिस यूनिवर्स 2021 का हिस्सा बनने से पहले ही हरनाज फिल्मों में अपनी जगह पक्का कर चुकी हैं। वह अगले साल रिलीज होने वाली दो पंजाबी फिल्में ‘Bai Ji Kuttange’ और ‘Yaara Diyan Poo Baran’ में नजर आएंगी। अपनी फिटनेस से बेहद प्यार करने वालीं हरनाज प्रकृति से भी बेशुमार प्यार करती हैं। ग्लोबल वार्मिंग और प्रकृति संरक्षण को लेकर उनके विचार ने ही मिस डीवा पेजेंट में जज पैनल को प्रभावित किया था।

उनका मानना है कि पृथ्वी को बचाने के लिए हमारे पास अभी भी समय है, इसलिए जितना हो सके प्रकृति का संरक्षण किया जाए।
मिस यूनिवर्स 2021 के दौरान हरनाज ने स्विमसूट से लेकर नेशनल कॉस्ट्यूम सेशन तक में अपनी खूबसूरती से भी को प्रभावित किया। उन्होंने नेशनल कॉस्ट्यूम सेशन में पिंक कलर का लहंगा पहना था। इसके साथ ही वह हाथों में मैचिंग छतरी लिए भी नजर आईं। उनका यह पारंपरिक आउटफिट भारतीय महारानी के शाही लुक को दर्शा रहा था।
भारत दो बार मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता जीत चुका है। इससे पहले साल 1994 में सुष्मिता सेन और 2000 में लारा दत्ता ने यह ताज अपने नाम किया था। ऐसे में अब हरनाज ने भारत को तीसरी बार मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता जीता के भारत का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है।

जियो ने भी महंगे कर दिये मोबाइल प्लांस

बड़ा अपडेट! 1 दिसंबर से महेंगे होंगे Reliance Jio के रिचार्ज प्लान, चेक करें नए रेट्स

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया द्वारा मोबाइल टैरिफ दरों में बढोतरी किये जाने के बाद सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस जियो ने भी अपने टैरिफ दरों में 20 फीसदी तक की बढोतरी कर दी है। जियो के नए अनलिमिटेड प्लान 1 दिसंबर से लागू होंगे। रिलायंस जियो का दावा है कि उसके टैरिफ रेट अब भी सबसे कम हैं। जियो के विभिन्न प्लान में 31 रुपए से लेकर 480 रुपए तक का इजाफा किया गया है। जियोफोन के लिए विशेष तौर पर लाए गए पुराने 75 रुपए के प्लान की नई कीमत अब 91 रुपए होगी। वहीं अनलिमिटेड प्लान का 129 रुपए वाला टैरिफ प्लान अब 155 रुपए में मिलेगा। एक वर्ष की वैलीडिटी वाले प्लान में रेट सबसे ज्यादा बढ़े हैं। पहले यह प्लान 2399 रुपए का था जिसे अब 2879 रुपए कर दिया गया है।


रिलायंस जियो के डाटा एड-ऑन प्लान के रेट भी बढ़े हैं। 6जीबी वाले 51 रुपए के प्लान के लिए अब 61 रुपए और 101 वाले 12 जीबी वाले एड-ऑन प्लान के लिए अब 121 रुपए लगेंगे। सबसे बड़ा 50 जीबी वाला प्लान भी अब 50 रुपए महंगा हो कर 301 रुपए का हो गया है।

मलिहाबाद वनअप सेंटर में सेलेरियो कार की नई पिक्चर के साथ हुई लॉन्चिंग

मलिहाबाद वनअप सेंटर में सेलेरियो कार की नई पिक्चर के साथ हुई लॉन्चिंग

लखनऊ। मलिहाबाद मारुति सुजुकी ने एक बार फिर लॉन्च की सेलरीयो कार। यह इस बार नए फ्यूचर एवं नए लुक के साथ भारत की सबसे ज्यादा माइलेज देने वाली पहली कार है।

मलिहाबाद हरदोई राज मार्ग स्थित वनअप ऑटो प्राइवेट लिमिटेड शोरूम पर कार की लांचिंग की गई । इस अवसर पर मुख्य अतिथि हरि ओम सिंह, मो. तारिक़,अरविंद शर्मा, राजीव तिवारी, पंचदेव यादव, वीरेंद्र सिंह एवं वनअप मोटर्स के समस्त कर्मचारियों ने कार का पर्दा हटवा कर लोकार्पण कराया। वनअप मोटर्स के सेल्स मैनेजर सौरभ सिंह ने बताया कि कंपनी ने 2014 में सेलेरियो लॉन्च की थी। 2021 में एक बार फिर नए फीचर्स और नए मॉडल के साथ भारत की सबसे ज्यादा माइलेज देने वाली कार की लांचिंग की गई है। पेट्रोल से चलने वाली यह कार 26.68 किमी प्रति लीटर का माइलेज देगी।

एयरटेल के प्रीपेड ग्राहकों को तगड़ा झटका!

नई दिल्ली (एजेंसी)। देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी एयरटेल ने 26 नवंबर से अपने प्रीपेड टैरिफ को संशोधित करने का फैसला किया है। एयरटेल ने प्रीपेड प्लान्स पर टैरिफ दरों में 25 फीसदी का इजाफा किया है। एयरटेल की ओर से घोषित की गई नई टैरिफ दरें 26 नवंबर से लागू होंगी।

कंपनी ने कहा कि भारती एयरटेल ने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि प्रति यूजर मोबाइल एवरेज रेवेन्यू (ARPU) 200 रुपये होना चाहिए। अब यह 300 पर होना चाहिए ताकि कैपटिल पर उचित रिटर्न प्रदान किया जा सके जो वित्तीय रूप से स्वस्थ व्यापार मॉडल की अनुमति देता है।

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हम यह भी मानते हैं कि एआरपीयू का यह स्तर नेटवर्क और स्पेक्ट्रम में आवश्यक पर्याप्त निवेश को सक्षम करेगा। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह एयरटेल को भारत में 5G को रोल आउट करने में मदद मिलेगी। इसलिए, पहले कदम के रूप में हम नवंबर के महीने के दौरान अपने टैरिफ को रिबैलेंसिंग करने का बीड़ा उठा रहे हैं। नीचे बताए गए हमारे नए टैरिफ 26 नवंबर से प्रभावी होंगे।

एंट्री-लेवल टैरिफ वॉयस प्लान में लगभग 25 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है, जबकि अनलिमिटेड वॉयस बंडल के लिए ज्यादातर मामलों में बढ़ोतरी लगभग 20 फीसदी है। सभी प्रीपेड पैक के नए टैरिफ 26 नवंबर, 2021 से http://www.airtel.in पर उपलब्ध होंगे।

भारती एयरटेल ने प्रीपेड प्लान्स पर टैरिफ दरों में बदलाव का ऐलान किया है। इसके साथ, 28 दिनों की वैधता अवधि के साथ 75 रुपये के मौजूदा टैरिफ को बढ़ाकर 99 रुपये कर दिया जाएगा, जबकि 149 रुपये के मौजूदा टैरिफ को 28 दिनों की वैधता अवधि के साथ बढ़ाकर 179 रुपये कर दिया जाएगा।

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जिन अन्य प्लान्स में बढ़ोतरी की गई है, उनमें 28 दिनों की वैधता के साथ 219 रुपये की मौजूदा टैरिफ प्लान शामिल है, जिसे बढ़ाकर 265 रुपये कर दिया गया है। वहीं, 28 दिनों की वैधता के साथ 249 रुपये के प्लान को बढ़ाकर 299 रुपये कर दिया गया है।

28 दिनों की वैधता के साथ 298 रुपये के मौजूदा टैरिफ को बढ़ाकर 359 रुपये कर दिया गया था. वहीं, 365 दिनों की वैधता अवधि के साथ 2,498 रुपये की मौजूदा टैरिफ प्लान को बढ़ाकर 2,999 रुपये कर दिया गया।

प्रिंट रेट से अधिक वसूल रहे दारू का दाम!

बिजनौर। जनपद भर में शराब ओवर रेट पर बेची जा रही है। शराब दुकान के मालिक यह कार्य आबकारी विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत कर हैं! इस वजह से दुकानों पर आएदिन सेल्समैन और ग्राहक के बीच झगड़े हो रहे हैं!

अंग्रेजी हो या फिर देसी शराब की दुकान; सभी दुकानों में प्रिट रेट से दस से बीस रुपए अधिक दर पर शराब बेची जा रही है। यही नहीं बहुत सी शराब की दुकानों पर रेट लिस्ट भी नहीं लगी है और जहां पर लगी भी है तो अवैध वसूली रोकने वाला कोई नहीं है। वहीं शिकायत के बावजूद पुलिस-प्रशासन व आबकारी विभाग कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। खास तौर पर जनपद मुख्यालय के शराब के ठेकों पर ओवर रेटिग हो रही है। हालात यह हैं कि ठंडी बीयर के एवेज में भी ग्राहकों से अवैध वसूली हो रही है।

सरेआम छलक रहे मय के प्याले

राज्य सरकार के निर्देश पर शराब की दुकानों के बराबर में कैंटीन खोलने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद शराब के शौकीन दुकानों और सड़क के किनारे खड़े होकर जाम छलकाते नजर आते हैं। ऐसे में राहगीरों और आधी आबादी पर शराब का सेवन करने वाले फब्तियां कसने से बाज नहीं आते। शाम ढलते ही शराब के शौकीन आम स्थानों पर जाम छलकाते नजर आते हैं। विभिन्न स्थानों पर होटलों व अवैध रूप से रखे खोखों में जाम छलकाते और आपस में मारपीट करते लोग नजर आते हैं।

शराब की दुकानों पर रेट लिस्ट चस्पा करने के लिए समस्त दुकानदारों को निर्देश दिए गए थे। रेट लिस्ट पर क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक का मोबाइल नंबर है। ओवर रेटिग करने पर इस पर लोग शिकायत करें, ऐसे लोगों का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।- जिला आबकारी अधिकारी।

ऐसी अराजकता के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। नगर और देहात कोतवाली निरीक्षकों को निर्देश देकर सख्ती बरतने के निर्देश दिए जाएंगे। ऐसे स्थानों को चिह्नित कर के कार्रवाई की जाएगी। -एसपी सिटी

अब सिरिंज संकट से जूझेगी दुनिया!

WHO की चेतावनी, दुनिया में अब सिरिंज संकट!

नई दिल्ली। अगले साल तक दुनिया में करीब 200 करोड़ इंजेक्शन सिरिंज की कमी हो सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनियाभर में कोरोना वैक्सीनेशन की वजह से बड़े पैमाने पर सिरिंज का इस्तेमाल हो रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभी तक पूरी दुनिया में 725 करोड़ से ज्यादा कोरोना वैक्सीन की डोज दी जा चुकी हैं। इनमें सिंगल, डबल और बूस्टर डोज शामिल हैं। वैक्सीन की यह मात्रा आमतौर पर सालभर में लगने वाले कुल टीकों की संख्या से दोगुना ज्यादा है। हर डोज के लिए अलग सिरिंज का इस्तेमाल होता है, इसलिए सिरिंज की खपत भी हर साल से दोगुनी हो गई है।

केंद्र के बाद UP सरकार ने पेट्रोल डीजल पर घटाए ₹ 12

लखनऊ। पेट्रोल-डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में कटौती के केंद्र सरकार के ऐलान के बाद उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में पेट्रोल और डीजल के दामों में 12 रुपए प्रति लीटर की कटौती का फैसला लिया है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने बुधवार देर रात उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय के हवाले से ये जानकारी साझा की।

जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार ने पेट्रोल और डीजल, दोनों पर प्रति लीटर 12 रुपए की कटौती का फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने ये फैसला केंद्र सरकार के उस फैसले के बाद लिया है, जिसमें केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में प्रति लीटर पांच और 10 रुपए कम करने का फैसला लिया था।

कई राज्यों ने कम किए दाम

केंद्र सरकार के फैसले के बाद कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इसका स्वागत किया। वहीं कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों में पेट्रोल पर लगने वाले वैट (VAT) में भी कटौती का ऐलान किया है। पेट्रोल और डीजल के दामों में कटौती का ऐलान करने वालों की सूची में उत्तराखंड, त्रिपुरा, कर्नाटक, गुजरात, मणिपुर और असम के नाम भी शामिल हैं।

यूपी चुनाव में दिखेगा असर?

एक तरफ जहां सत्तारूढ़ बीजेपी के नेता केंद्र द्वारा एक्साइज ड्यूटी कम करने के फैसले का स्वागत कर रहे हैं तो वहीं विपक्षी दल इसे नाटक करार दे रहे हैं।राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने केंद्र के फैसले को नाटक बताया। उनका कहना है कि पेट्रोल के दामों में 5 रुपए की कटौती नाटक है और केंद्र सरकार को दामों में 50 रुपए की कटौती करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार थोड़े दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीम में फिर इजाफा कर देगी। वहीं राजनीतिक जानकार इसे उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले एक बड़ा कदम बता रहे हैं। केंद्र के बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कीमतों में भारी गिरावट का ऐलान करने का सीधा असर राज्य में अगले साल होने वाले चुनावों में भी देखने को मिल सकता है।

पेट्रोल डीजल में पांच और 10 रुपए की कटौती

नई दिल्ली (एजेंसी)। ईंधन के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद केंद्र ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में क्रमश: पांच रुपए और 10 रुपए की कटौती की है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का ये फैसला हर वर्ग के लोगों को राहत पहुंचाने वाला है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘आदरणीय प्रधानमंत्री जी द्वारा जनहित में पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने के निर्णय ने दीपावली को अतिरिक्त उल्लास से भर दिया है। यह निर्णय समाज के हर वर्ग को राहत पहुंचाने वाला है। सभी प्रदेशवासियों की ओर से आदरणीय प्रधानमंत्री जी का हार्दिक आभार।’ 

दीपावाली की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार की ओर से की गई इस घोषणा से ईंधन की आसमान छूती कीमतों को नीचे लाने में मदद मिलेगी और महंगाई की मार झेल रहे आम आदमी को भी कुछ राहत मिलेगी।उत्पाद शुल्क में कमी चार नवंबर से प्रभाव में आएगी और इसके साथ पेट्रोल की कीमत दिल्ली में मौजूदा 110.04 रुपए प्रति लीटर से घटकर 105.04 रुपए  प्रति लीटर जबकि डीजल की कीमत 98.42 रुपए  प्रति लीटर से घटकर 88.42 रुपए प्रति लीटर हो जाएगी। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘भारत सरकार ने कल से पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में क्रमश: पांच और 10 रुपए की कमी करने का एक महत्वपूर्ण फैसला किया है। इससे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी आएगी।”

गौरतलब है कि यह उत्पाद शुल्क में की गई अब तक की सबसे अधिक कमी है और इसके साथ मार्च 2020 से मई 2020 के बीच पेट्रोल एवं डीजल पर करों में 13 रुपए और 16 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि का एक हिस्सा वापस ले लिया गया है। उत्पाद शुल्क में उस समय की वृद्धि से पेट्रोल पर केंद्रीय कर 32.9 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 31.8 रुपए प्रति लीटर के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। अप्रैल से अक्टूबर के खपत के आंकड़ों के आधार पर उत्पाद शुल्क में कटौती से सरकार को प्रति माह 8,700 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होगा। उद्योग सूत्रों के अनुसार इससे सालाना आधार पर एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का असर पड़ेगा। वहीं, चालू वित्त वर्ष की बाकी अवधि के लिए, प्रभाव 43,500 करोड़ रुपए का होगा। उत्पाद शुल्क में कमी से मोटर चालकों को राहत मिलेगी। ट्रकों और कृषि क्षेत्र के लिए यह सबसे बड़ी राहत होगी जो डीजल का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।

आतिशबाजी की बिक्री न होने से करोड़ों के नुकसान की आशंका

बिजनौर में खाली पड़ीं आतिशबाजी की दुकानें

बिजनौर अपडेट …..
प्रयाण की ग्राउंड जीरो रिपोर्ट

आतिशबाजी की बिक्री न होने से करोड़ों के नुकसान की संभावना

  • दुकानदारी न होने से आतिशबाजी व्यापारियों का त्योहार रह सकता है फीका।
  • बिजनौर आईटीआई में प्रशासन ने लगवाई है आतिशबाजी की दुकानें।

बिजनौर (नदीम अहमद आज़ाद)। आईटीआई में लगे आतिशबाजी व्यापारियों के स्टाल पर इस बार ग्राहक कम हैं। इस कारण व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है!  व्यापारियों के अनुसार इस बार अन्य वर्षों की भांति ग्राहक बहुत कम हैं। हमें नुकसान उठाना पड़ेगा। एक अनुमान के मुताबिक लगभग 5 करोड की आतिशबाज़ी की दुकानें आईटीआई परिसर में लगी हैं।
ग्राहक कम पहुंचने की वजह के बारे में व्यापारियों ने अपने अलग-अलग तर्क दिए। उन्होंने इस बार आतिशबाजी बिकने के स्थान की जानकारी लोगों को न होना बताया। कुछ व्यापारियों के अनुसार प्रदूषण की वजह से होने वाले नुकसान को लेकर लोगों का जागरूक होना भी इसकी एक मुख्य वजह है। वहीं कुछ व्यापारियों ने लोगों के पास कोरोना काल की वजह से मन्द पड़े काम धंधों को मुख्य कारण बताया।

अभी भी संभावना है बाकी- फिलहाल इतना ही कहा जा सकता है कि राजकीय आईटीआई बिजनौर में आतिशबाजी बेचने वाले दुकानदार जिस तरह से हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं, उससे उन को भारी नुकसान हो सकता है और उनकी दीवाली की मिठास खत्म हो सकती है। हालांकि अभी दुकानदारों को आतिशबाजी की बिक्री होने की संभावना भी लग रही है।

WhatsApp ने 22 लाख अकाउंट्स कर दिये बैन

WhatsApp ने 22 लाख अकाउंट्स पर चलाई कैंची, यूजर्स भूलकर भी न करें ये गलतियां

WhatsApp ने 22 लाख अकाउंट्स पर चलाई कैंची, यूजर्स भूलकर भी न करें ये गलतियां

नई दिल्ली (एजेंसी)। इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप ने अपने एक फैसले के चलते 22 लाख से ज्यादा अकाउंट्स को बैन कर दिया है। इस बात का खुलासा कंपनी की मासिक रिपोर्ट में हुआ है। कहा जा है कि जिन व्हाट्सएप अकाउंट्स को बैन किया गया है, उन्होंने नियमों को तोड़ा था।

WhatsApp banned 20 lakh accounts within a month between May to June 2021  know reason behind it - Tech news hindi - बड़ा झटका! WhatsApp ने 20 लाख से  ज्यादा भारतीय यूजर्स

जानकारी के अनुसार व्हाट्सएप ने अपने यूजर्स की सेफ्टी और सिक्यॉरिटी को ध्यान में रखते हुए उन यूजर्स को बैन कर दिया है, जिन्होंने नियमों का उल्लंघन किया था। व्हाट्सएप की यूजर सेफ्टी रिपोर्ट से पता लगा है कि कुल बैन किए गए अकाउंट्स की संख्या 22 लाख 9 हजार है। व्हाट्सएप ने कहा कि इस यूजर सेफ्टी रिपोर्ट में यूजर्स की तरफ से मिली शिकायतें और उसपर की गई कार्रवाई के साथ-साथ प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग रोकने के लिए व्हाट्सएप द्वारा की कार्रवाई भी शामिल है।

व्हाट्सएप ने सरकार को बताया कि सितंबर में उन्हें अकाउंट सपोर्ट, बैन अपील, अन्य सपोर्ट व प्रोडक्ट सपोर्ट और सेफ्टी कैटेगरी में 560 यूजर जनरेटेड शिकायत रिपोर्ट मिली थी। अकाउंट सपोर्ट (121), बैन अपील (309), अन्य सपोर्ट व प्रोडक्ट सपोर्ट (49 प्रत्येक) और सेफ्टी (32)। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि व्हाट्सएप एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग सर्विस देने वाला और मैसेजिंग दुरुपयोग को रोकने में लीडिंग ऐप है। पिछले कुछ साल में, हमने अपने प्लेटफॉर्म पर अपने यूजर्स को सुरक्षित रखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और दूसरी टेक्नोलॉजी, डेटा वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों में लगातार निवेश किया है।

कंपनी के मुताबिक, अगर कोई गैर-कानूनी, अश्लील, मानहानि से जुड़ा, धमकाने, डराने, परेशान और नफरत फैलाने वाला या नस्लीय या जातीय भेदभाव फैलाने वाले या फिर किसी को गैर-कानूनी या गलत व्यवहार करने के लिए उकसाने वाले कंटेंट को शेयर करता है तो उसका अकाउंट बैन कर दिया जाता है। इसके अलावा अगर कोई यूजर WhtasApp की टर्म्स एंड कंडीशन का उल्लंघन करता है तो भी उसका अकाउंट बंद हो जाता है। इसलिए ऐसे कंटेंट को किसी के साथ शेयर जो किसी को परेशान करें, इसी तरह आप अपने अकाउंट को सेफ रख पाएंगे। 

दीपावली पर्व को लेकर सज गए शहर के बाजार

बिजनौर। धनतेरस, छोटी दीपावली व दीपावली पर्व को लेकर शहर के बाजारों में रौनक आने लगी है। बाजारों में स्टॉल सज गए हैं। फुटपाथ पर सामान बिक्री करने वालों ने भी अपना सामान सजा दिया है। इसी के साथ शहर के भीड़ भरे बाजारों में दुपहिया वाहनों का प्रवेश रोकने के लिए भी पुलिस मुस्तैद हो गई है। नगर पालिका से घंटाघर तक वाहनों के लिए नोएंट्री जोन घोषित किया हुुआ है। एसपी सिटी डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने बताया कि त्योहार को लेकर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष पुलिस बल तैनात किया गया है। महिला पुलिस कर्मियों को भी विशेष रूप से लगाया गया है।

दीपावली को लेकर शहर के बाजारों में लोगों की भीड़ भी बढ़ने लगी है। इसके बावजूद खरीदारों की संख्या कम बताई जा रही है। इसी के साथ यहां सुरक्षा के इंतजाम भी कड़े किए जा रहे हैं। पुलिस ने नाकेबंदी के साथ-साथ पुलिस राइडर गश्त भी बढ़ा दी है।

बाजारों में स्वदेशी वस्तुओं की भरमार
शहर के बाजारों में स्वदेशी वस्तुओं की भरमार है। इस बार चीनी वस्तुओं का आयात नहीं होने की वजह से स्वदेशी वस्तुएं ही बिक्री के लिए बाजार में उपलब्ध हैं। हालांकि स्वदेशी वस्तुओं पर भी महंगाई की मार है।

फुटपाथ पर सज गए दीपक व सजावटी सामान के बाजार
फुटपाथ पर मिट्टी के दीपक और सजावटी सामान का बाजार भी सज गए हैं। मिट्टी के दीपक भी कई तरह के उपलब्ध हैं, जबकि सजावटी सामान भी बाजार में आने वालों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।

LPG, WhatsApp को लेकर कल से बदल जाएंगे कई नियम

LPG, WhatsApp को लेकर कल से बदल जाएंगे कई नियम- आपके लिए जानने बेहद जरूरी 

नई दिल्ली (एजेंसी)। अक्तूबर का महीना आज समाप्त हो रहा है। कल नवंबर महीने की शुरुआत यानि कि सोमवार को हो रही है। सभी जानते हैं कि हर महीने की शुरुआत में बैंक, सरकारी ऑफिसों और प्राइवेट सेक्टर में कुछ न कुछ नियमों का परिवर्तन जरूर होता है। ये वो बदलाव होते हैं जिनका असर हमारी और आपकी जिंदगी पर सीधा पड़ता है।

LPG सिलेंडर की कीमतों में होगा इजाफा
अक्तूबर महीने की शुरुआत में एक रिपोर्ट आई थी जिसमें कहा गया था कि आने वाले दिनों में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इजाफा हो सकता है। एलपीजी के मामले में लागत से कम मूल्य पर बिक्री से होने वाला नुकसान (अंडररिकवरी) 100 रुपये प्रति सिलेंडर पर पहुंच चुका है। इस वजह से इसकी कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। विदित हो कि घरेलू एलपीजी की कीमतें पिछले 6 सितंबर को 15 रुपये बढ़ाई गई थीं। इसके बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के गैर-सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर का दाम 899.50 रुपये हो गया, वहीं देश के कई शहरों में यह 1000 रुपये तक पहुंच गया है।

1 नवंबर से बदल जाएगा रसोई गैस सिलेंडर से जुड़े 4 नियम, जान लें नहीं तो होगा  भारी नुकसान | 4 Rules Related To LPG Cylinders Will Change From November 1  - Hindi Goodreturns

गैस सिलेंडर बुकिंग के लिए जरूरी होगा OTP

1 नवंबर से एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के लिए OTP जरूरी होगा। जब आप अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर एलपीजी सिलेंडर बुक करेंगे तब आपको एक OTP आएगा। सिलेंडर डिलीवरी के समय आपको वह ओटीपी बताना होगा। 

कल से बदल जाएंगे कई नियम, घरेलू गैस लेकर हवाई सफर भी हो जायेगा महंगा, आपकी  जेब पर भी पड़ेगा सीधा असर

पेंशनभोगियों के लिए SBI शुरू कर रहा विशेष सुविधा 

1 नवंबर से SBI अपने ग्राहकों के लिए एक नई सुविधा की शुरुआत कर रहा है। इसके बाद पेंशनर्स को जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए बैंक नहीं जाना होगा। बैंक की तरफ से ट्वीटर पर दी गई जानकारी के अनुसार कोई भी पेंशनभोगी 1 नवंबर से वीडियो काॅल के जरिए अपना जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकेगा।

दिवाली और छठ पर स्पेशल ट्रेन 

Only 3 trains operate from Jalandhar city railway station

दिवाली और छठ पूजा की वजह से बड़ी संख्या में लोग शहरों से अपने गांव को वापस जाते हैं जिसकी वजह से अमूमन ट्रेनों में भीड़ काफी बढ़ जाती है। इसी की ध्यान में रखते हुए 1 नवंबर से भारतीय रेलवे छठ और दिवाली पर स्पेशल ट्रेन चलाने जा रहा है। 

ट्रेनों की टाइमिंग में होगा बदलाव 

रेलवे एक नंवबर से ट्रेनों की टाइमिंग में बदलाव करने जा रहा है। राजस्थान डिविजन में एक नवंबर से 100 ट्रेनों की टाइमिंग बदल जाएगी।  रिपोर्ट के अनुसार आने वाले समय में और भी ट्रेनों की टाइमिंग में बदलाव किया जा सकता है। 

कई मोबाइल्स में बंद हो जाएगा WhatsApp 

नवंबर की पहली तारीख से कई फोन में वाॅट्सएप बंद हो जाएगा। इसकी बड़ी वजह उन फोन में वाॅट्सएप का सपोर्ट ना करना। 1 नवंबर 2021 के बाद से वॉट्सएप केवल उन स्मार्टफोन्स पर काम करेगा जो Android 4.1 (या उससे ज्यादा), iOS 10 (या उससे ज्यादा), KaiOS 2.5.0 (या उससे ज्यादा) पर काम करेंगे। 

अब meta नाम से जाना जाएगा फ़ेसबुक

सैन फ्रांसिस्को (एजेंसी)। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक ने अपना नाम बदल दिया है। फेसबुक ने कंपनी का नाम बदलकर ‘मेटा’ करने की घोषणा कर दी है। पिछले कुछ दिनों से फेसबुक के नाम बदलने जाने की अटलकें लगाई जा रही थीं। कंपनी के फाउंडर और सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने नए नाम का ऐलान कर दिया है।

मार्क जुकेरबर्ग

जुकरबर्ग ने एक वार्षिक डेवलपर्स सम्मेलन के दौरान कहा, ‘हमने सामाजिक मुद्दों से संघर्ष करके और बंद प्लेटफार्मों के नीचे रहकर बहुत कुछ सीखा है, और हमने जो कुछ भी सीखा है उसे लागू करने और उसकी मदद से अगले अध्याय को बनाने का समय आ गया है।’ उन्होंने आगे कहा कि “हमारे एप्स और उनके ब्रांड, वे नहीं बदल रहे हैं।

यानी यह परिवर्तन फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे व्यक्तिगत प्लेटफॉर्म पर लागू नहीं होता है, केवल मूल कंपनी का नाम बदलकर ‘मेटा’ किया गया है, जिसके अंतर्गत ये सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स आते हैं।

मार्क जुकरबर्ग लंबे समय से अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की दोबारा ब्रान्डिंग करना चाह रहे थे। वे इसे एकदम अलग पहचान देना चाहते हैं, एक ऐसी पहचान जहां फेसबुक को सिर्फ एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के तौर पर ना देखा जाए। अब उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए फेसबुक का नाम बदलकर ‘मेटा’ किया गया है।

फेसबुक का नाम बदलकर अब 'मेटा' हुआ, CEO मार्क जुकरबर्ग ने किया ऐलान

कंपनी का फोकस अब एक मेटावर्स बनाने पर है जिसके जरिए एक ऐसी वर्चुअल दुनिया का आगाज होगा जहां पर ट्रांसफर और कम्यूनिकेशन के लिए अलग-अलग टूल का इस्तेमाल किया जा सकेगा। 

WhatsApp यूजर्स के लिए पैसे कमाने का मौका

WhatsApp यूजर्स के लिए पैसे कमाने का मौका, जानिए क्या है ऑफर

WhatsApp to stop working on these smartphones from January 1

नई दिल्ली (एजेंसी)। WhatsApp पेमेंट सर्विस भारत में कुछ समय से चल रही है। WhatsApp के जरिए एक दूसरे को पैसे भेज सकते हैं। ये दरअसल UPI पर ही काम करता है। पहले आपको व्हाट्सएप पे सेटअप करना होता है फिर आप पेमेंट कर सकते हैं।  WhatsApp अब अपने प्लैटफॉर्म पर ज्यादा से ज्यादा लोगों को पेमेंट सर्विस यूज करने के लिए एनकरेज करने की तैयारी में है। इसके लिए अब यूजर्स को कैशबैक मिलने शुरू हो गए हैं।

WhatsApp ने यूजर्स को पैसे सेंड करने पर 51 रुपये का कैशबैक देना शुरू कर दिया है। पिछले महीने ही कंपनी ने भारत में UPI बेस्ड पेमेंट शुरू किया था। आने वाले समय में Paytm और PhonePe को टक्कर मिलने वाली है।

WhatsApp ने फिलहाल एंड्रॉयड ऐप के लिए बैनर डिस्प्ले किया है। यहां चैट के टॉप में Give Cash, Get 51 back’ लिखा है। कंपनी के मुताबिक अलग अलग कॉन्टैक्ट को पैसे भेज कर पांच बार 51 रुपये का कैशबैक जीत सकते हैं। 

अच्छी बात ये है कि इस ऑफर के तहत कोई मिनिमम अमाउंट नहीं रखा गया है। यानी आप 10 रुपये किसी को भेज कर भी 51 रुपये का कैशबैक व्हाट्सएप से पा सकते हैं। इसकी लिमिट पांच बार ही है। 

नोट करने वाली बात ये है कि अभी ये कैशबैक ऑफर एंड्रॉयड के बीटा वर्जन व्हाट्सएप यूजर्स के लिए ही है। जल्द ही कंपनी इसे सभी यूजर्स के लिए रोल आउट कर सकती है, क्योंकि कंपनी ज्यादा से ज्यादा यूजर्स को अपने प्लेटफॉर्म पर UPI बेस्ड ट्रांजैक्शन कराना चाहती है। 

Paytm, PhonePe और Google Pay भारत में पॉपुलर UPI बेस्ड मनी ट्रांसफर प्लेटफॉर्म माने जाते हैं। Google Pay में भी कैशबैक दिए जाते रहे हैं। अब व्हाट्सएप भी उन्हीं के तर्ज पर चल रहा है। 

कैशबैक के लिए वॉट्सऐप ने गूगल Pay की तरह ही कार्ड्स की भी शुरुआत की है। ये दरअसल पर्सनलाइज्ड एक्स्पीरिएंस के लिए है। ये फीचर भी एंड्रॉयड बीटा यूजर्स के लिए ही उपलब्ध होगा। (UHN)

BSNL ने बंद किया 99 रुपए वाला पोस्टपेड प्लान

नई दिल्ली। BSNL ने अपने 99 रुपये वाले पोस्टपेड प्लान को बिलिंग सिस्टम से हटा दिया है। कंपनी का यह प्लान 1 सितंबर से डिस्कंटिन्यू हो गया है। ऐसे में अब बीएसएनएल यूजर इस प्लान को सब्सक्राइब नहीं करा सकते हैं। कंपनी ने 99 रुपये वाले प्लान के मौजूदा यूजर्स को 199 रुपये वाले प्लान पर माइग्रेट कर दिया है, जिससे उनके मंथली रेंटल में भी बढ़ोतरी हो गई है।

99 रुपये वाले प्लान के यूजर्स को इस महीने बढ़े हुए चार्ज के साथ मोबाइल बिल रिसीव हुआ। इससे कई यूजर्स को तगड़ा झटका लगा। कुछ यूजर्स ने इसे कस्टमर केयर पर कॉल करके समझने की कोशिश भी की। अक्टूबर 2021 के बिल में कंपनी ने 100 रुपये का अडिशनल सिक्योरिटी डिपॉजिट जोड़ दिया था। इस वजह से यूजर्स के पिछले प्लान का अब मंथली रेंटल 199 रुपये हो गया है। जिन यूजर्स को पहले 99 रुपये+GST का बिल मिलता था, अब उन्हें प्लान रिवाइज होने के बाद 299 रुपये+GST वाला बिल मिल सकता है। 

ये यूजर अभी भी उठा सकते हैं 99 रुपये वाले प्लान का फायदा
बीएसएनएल ने कहा है कि 99 रुपये वाले प्लान को हटाने के साथ ही इसके सब्सक्राइबर्स को कंपनी के अब सबसे सस्ते मंथली रेंटल प्लान यानी 199 रुपये पर माइग्रेट कर दिया गया है। इसके साथ ही बीएसएनएल ने साफ किया कि जिन यूजर ने 99 रुपये वाले प्लान को ऐनुअल पेमेंट स्कीम के तहत सब्सक्राइब कराया था, वे अभी भी इस प्लान पर बने रहेंगे। इन यूजर्स को कंपनी ऐनुअल पेमेंट या अडवांस रेंटल पीरियड के खत्म होने के बाद 199 रुपये वाले प्लान पर शिफ्ट करेगी। 

199 रुपये वाले प्लान में मिलने वाले बेनिफिट 
बीएसएनएल का यह पोस्टपेड प्लान देशभर में किसी भी नेटवर्क के लिए अनलिमिटेड कॉलिंग बेनिफिट के साथ आता है। हर दिन 100 फ्री एसएमएस देने वाले इस प्लान में आपको 25जीबी डेटा मिलता है। खास बात है कि कंपनी इस प्लान में 75जीबी तक का डेटा रोलओवर बेनिफिट भी दे रही है।  

फिर महंगा हो सकता है रसोई गैस सिलेंडर!

फिर से महंगा हो सकता है रसोई गैस सिलेंडर, कीमत बढ़ने के आसार

नई दिल्ली (एजेंसी)। दो दिन के अंतराल के बाद बुधवार को वाहन ईंधन कीमतों में फिर बढ़ोतरी होने के बाद एलपीजी गैस सिलेंडर के रेट एक बार फिर बढ़ने की आशंका है। एलपीजी के मामले में लागत से कम मूल्य पर बिक्री से होने वाला नुकसान (अंडर रिकवरी) 100 रुपए प्रति सिलेंडर पर पहुंच चुका है। इस वजह से इसकी कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। रसोई गैस सिलेंडर का दाम कितना बढ़ेगा, यह सरकार की परमिशन पर निर्भर करेगा।

इससे पहले 6 अक्टूबर को रसोई गैस सिलेंडर के दाम 15 रुपए बढ़ाए गए थे। पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम 35 पैसे प्रति लीटर और बढ़ गए हैं। इससे पिछली बार 6 अक्टूबर को LPG के दाम में 15 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई थी।

दुबई के साथ हुए कश्मीर में विकास के समझाैते पर चुप्पी क्योंॽ

दुबई की सरकार ने जम्मू−कश्मीर में विकास का बड़ा ढांचा तैयार करने का बहुत बड़ा निर्णय लिया है। इसके लिए उसने जम्मू−कश्मीर सरकार से एमओयू (समझौता) किया है। पिछले हफ्ते हुआ यह समझौता देश और दुनिया के लिए बड़ी खबर था, पर देश की राजनीति और अखबारी दुनिया में ये समाचार दम तोड़ कर रह गया। हालत यह है कि इस बड़े कार्य के लिए देश की पीठ थपथपाने वाले भारत के अखबार− पत्रकार और नेता चुप हैं, जबकि इस समझौते को लेकर पाकिस्तान में हलचल है।

जम्मू −कश्मीर के विपक्षी नेताओं से इस समझौते पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं थी। उनके लिए तो ये खबर पेट में दर्द करने वाली ज्यादा है। हाल में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने जम्मू−कश्मीर में बाहरी व्यक्तियों की मौत पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने ये भी कहा था कि अनुच्छेद 370 हटाने का क्या लाभ हुआॽ जब लाभ हुआ तो उनकी बोलती बंद है।

दुनिया के अधिकांश देश जम्मू− कश्मीर को विवादास्पद क्षेत्र मानते रहे हैं। पाकिस्तान जम्मू− कश्मीर विवाद को प्रत्येक मंच पर उठाकार भारत को बदनाम करने की कोशिश करता रहा है। इस सबके बावजूद ये समझौता भारत सरकार की बड़ी उपलब्धि है।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस बारे में बताया कि दुबई सरकार और जम्मू-कश्मीर सरकार ने एक समझौता किया है। दुबई से समझौते में औद्योगिक पार्क, आईटी टावर, बहुउद्देश्यीय टावर, रसद केंद्र, एक मेडिकल कॉलेज और एक स्पेशलिटी हॉस्पिटल सहित बुनियादी ढांचे का निर्माण होना शामिल है। दुबई और जम्मू-कश्मीर प्रशासन के साथ यह समझौता इस क्षेत्र में (केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद) किसी विदेशी सरकार की ओर से पहला निवेश समझौता है। यह समझौता आत्मानिर्भर जम्मू-कश्मीर बनाने की हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

केंद्रीय एवं वाणिज्य उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को एक प्रेस रिलीज़ में बताया था कि इस समझौते के तहत दुबई की सरकार जम्मू-कश्मीर में रियल एस्टेट में निवेश करेगी, जिनमें इंडस्ट्रियल पार्क, आईटी टावर्स, मल्टीपर्पस टावर, लॉजिस्टिक्स, मेडिकल कॉलेज, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल शामिल हैं। ये तो नहीं बताया गया कि दुबई की सरकार कितना निवेश करेगी, पर यदि वह यहां एक भी रूपया लगाता है तो ये देश की बड़ी उपलब्धि है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद दुबई दुनिया का पहला देश है, जो जम्मू कश्मीर के विकास में निवेश करने जा रहा है। ये समझौता ऐसे समय में हुआ है जब घाटी में आतंकियों ने मासूम नागरिकों, खासतौर पर गैर-मुस्लिमों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।

भारत की मीडिया और नेता देश की उपलब्धि पर भले ही चुप हों, पर पाकिस्तान में हलचल है। इस मुद्दे पर पाकिस्‍तान के पूर्व राजनयिक अब्‍दुल बासित ने इसको भारत की बड़ी जीत बताया है। अब्‍दुल बासित पाकिस्‍तान के भारत में राजदूत रह चुके हैं। बासित ने यहां तक कहा है कि इस एमओयू के साइन होने के बाद ये बात साफ होने लगी है कि अब कश्‍मीर का मुद्दा पाकिस्‍तान के हाथों से निकलता जा रहा है। उन्‍होंने कश्‍मीर मुद्दे के फिसलने को मौजूदा इमरान सरकार की कमजोरी बताया है। उन्‍होंने ये भी कहा कि नवाज शरीफ सरकार में भी कश्‍मीर के मुद्दे को कमजोर ही किया गया। बासित के मुताबिक दुबई और भारत के बीच हुए इस सहयोग के बाद निश्‍चित तौर पर ये भारत की बड़ी जीत है।
पाकिस्‍तान के राजनयिक के मुताबिक दुबई की इस्‍लामिक सहयोग संगठन में काफी अहम भूमिका है। इस नाते भी ये करार काफी अहमियत रखता है।बासित ने कहा है कि अब ये हाल हो गया है कि एक मुस्लिम देश भारत के जम्मू−कश्मीर में निवेश के लिए एमओयू साइन कर रहा है। बासित ने ये भी कहा कि आने वाले दिनों में ये भी हो सकता है कि ईरान और यूएई जम्‍मू कश्‍मीर में अपने काउंसलेट खोल दें। उन्‍होंने कहा कि हाल के कुछ समय में पाकिस्‍तान को कश्‍मीर के मुद्दे पर मुंह की खानी पड़ी है। इस मुद्दे पर वो पूरी तरह से अलग-थलग पड़ चुका है।

छोटी−मोटी बात पर सरकार की आलोचना करने वाला देश का विपक्ष आज इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर चुप्पी साध जाए, मीडिया में खबर को जगह न मिले, इस पर संपादकीय न लिखे जाएं, तो यह आपकी सोच को बताता है। इतिहास सबके कारनामें नोट कर रहा है। वह किसी को माफ नहीं करता। किसी को माफ नहीं करेगा।

अशोक मधुप (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

गलती होने पर आएगा काम WhatsApp स्टेटस का नया फीचर

WhatsApp स्टेटस के लिए नया फीचर, गलती होने पर आएगा काम

नई दिल्ली (एजेंसी)। फेसबुक के स्वामित्व वाला मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप तस्वीरें एडिट करने के लिए Undo और Redo बटन पर काम कर रहा है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार कंपनी WhatsApp Status के लिए भी एक नया Undo बटन लाने जा रही है। यह Undo बटन स्टेटस लगाते समय आपसे हुई गलती को चुटकियों में सुधार देगा।

Whatsapp big feature how to share whatsapp status to facebook stories know  the full process in steps in hindi | WhatsApp का बड़ा अपडेट! बदल गया Status  लगाने का तरीका, यहां जानें

WABetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार पॉपुलर मैसेजिंग ऐप एक ऐसे फीचर पर काम कर रहा है, जो इसके यूजर्स को गलती से पोस्ट किए गए स्टेटस अपडेट को तुरंत डिलीट करने में मदद करेगा। इसके लिए ऐप में एक Undo बटन दिया जाएगा। यह बटन Status Sent मैसेज के ठीक बगल में लिखा होगा। यानी स्टेटस लगते ही आप तुरंत एक्शन ले सकते हैं। ऐसा अक्सर देखा गया है कि कई बार गलती से स्टेटस पर तस्वीरें या वीडियो अपलोड हो जाती हैं।

गौरतलब है कि व्हाट्सएप पर पहले से ही यूजर्स को स्टेटस डिलीट करने का ऑप्शन मिलता है। हालांकि इसके लिए आपको पहले Status सेक्शन में जाकर स्टेटस सिलेक्ट करना होगा और तब डिलीट कर पाएंगे। इतनी देर में हो सकता है आपके कई कॉन्टैक्ट उस स्टेटस को देख भी लें। ऐसे में नया बटन तस्वीर/वीडियो हटाने का काम तेजी से कर पाता है। 

रिपोर्ट के मुताबिक जब आप किसी स्टेटस अपडेट को अनडू करते हैं, तो आप अब डिलीट करने की प्रक्रिया को भी फॉलो कर सकते हैं। पूरा होने पर व्हाट्सएप आपको सूचित करेगा कि आपने स्टेटस डिलीट कर दिया है। स्टेटस अपडेट के लिए Undo बटन फिलहाल व्हाट्सएप बीटा के एंड्रॉइड वर्जन 2.21.22.6 पर टेस्ट किया जा रहा है। टेस्टिंग पूरी होने के बाद इसे सभी यूजर्स के लिए जारी कर दिया जाएगा। 

एक रुपए का यह सिक्का आपको कर देगा मालामाल!

नई दिल्ली। कोरोना वायरस संक्रमण काल में सभी जगत के लोगों को बड़ा नुकसान हुआ है, जिससे आर्थिक पहिया भी बेपटरी हो गया है। सभी के सामने पैसा कमाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।

ऐसे में अगर आप पैसा कमाना चाहते हैं तो सबसे अच्छा मौका होगा। आपको पुराने सिक्के कलेक्ट करके रखने का शौक है तो फिर आपसे ज्यादा किस्मत वाला कोई नहीं। इन दिनों पुराने सिक्कों की निलामी लाखों और करोड़ों रुपए में हो रही है, जिससे आप भी पलक झपकते ही मोटी कमाई कर सकते हैं। आज आपको हम ऐसे सिक्के के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे आप करोड़ों रुपए की कमाई घर बैठे कर सकते हैं। दरअसल, 1 रुपए का यह सिक्का 10 करोड़ रुपए में नीलाम हुआ, लेकिन यह सिक्का मामूली सिक्का नहीं था। यह सिक्का अंग्रेजों के जमाने का होगा और उस पर सन् 1885 मुद्रण हो तो आपको उसके लिए 10 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसे आप ऑनलाइन नीलामी के लिए डाल सकते हैं।

– यहां करें सिक्के की बिक्री

ऑनलाइन सेल में आप इस सिक्‍के की नीलामी कर 9 करोड़ 99 लाख रुपए तक आसानी से जीतेंगे। आपके पास ऐसे सिक्के हैं और आप इन्हें बेचना चाहते हैं तो सबसे पहले आप साइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें।सबसे पहले आप इस सिक्के की फोटो क्लिक करें और इसे साइट पर अपलोड करें। खरीदार सीधे आपसे संपर्क करेंगे। वहां से आप पेमेंट और डिलीवरी की शर्तों के मुताबिक अपना सिक्का बेच सकते हैं। साथ ही यहां आप बारगेनिंग भी कर सकते हैं। इसके साथ ही आप indiamart.com पर भी आप अपनी आईडी बना कर सिक्के की नीलामी कर सकते हैं। इसके लिए आपको लाखों रुपए मिल सकते हैं। नीलामी के लिए आपको अपने सिक्के की फोटो शेयर करनी होगी। बहुत से लोग एंटीक सामान खरीदते हैं। कुछ लोग जो पुराने सिक्कों को इकट्ठे करते हैं वे आपको इसके लिए अच्छे पैसे दे सकते हैं। (साभार)

मधुर गीतों के साथ अनोखी प्रेम कहानी


“आशी ही भन्नत भिंगारी” मराठी फिल्म रिलीज होने वाली थी लेकिन अभिनेत्री सुश्री आशु सुरपुर की मां का कोरोना के कारण निधन हो गया। अब यह जल्द ही रिलीज होगी।

पुणे (सुनील ज्ञानदेव भोंसले)। जब यह मराठी फिल्म “आशी ही भन्नात भिंगारी” महाराष्ट्र में रिलीज होने वाली थी, तब अभिनेत्री सुश्री आशु सुरपुर की माता जी जयश्री का कोरोना से निधन हो गया। बेटी को एक अभिनेत्री के रूप में देखने का उनका सपना अधूरा रह गया, वह आशु को एक अभिनेत्री के रूप में देखना चाहती थीं, लेकिन नियति ने उन्हें एक असमय ही ले लिया। “यह मराठी फिल्म साई समर्थ चित्रा, जनार्दन म्हस्कर और संजीव यशवंत कोलटे द्वारा निर्देशित एक बड़ी धूम मचाएगी। अभिनेत्री सुश्री आशु सुरपुर ने कहा कि प्रेम कहानी को समुद्र तट पर फिल्माया गया है। दर्शकों द्वारा प्यार और सराहना की जाएगी।

श्विश्वास पाटिल ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रेम कहानी और मधुर गीत दर्शकों को पसंद आएंगे।
आशु सुरपुर बचपन से ही बहुत बुद्धिमान रहीं। उनका सपना एक लोकप्रिय अभिनेत्री बनने का था और उनका सपना सच हो गया। मराठी फिल्मों में उसी आत्म-शुद्धता के साथ काम करना चाहिए, आज उसकी इच्छा पूरी हो गई है, आशु ने टीवी सीरियल “पुडचा पॉल”, प्रसिद्ध मराठी फिल्म “जला बोभाटा, तू ही रे, मोहर, दुनिया गली तेल लवत, चालू” में अभिनय किया है। दिया तुम्हारी, प्रधानमंत्री मूवी” में कई बड़े नामी अभिनेताओं के साथ काम किया है। आशु सुरपुर ने यह भी कहा कि वह पिछले 9 वर्षों से मराठी फिल्मों में काम कर रही हैं, लेकिन मुख्य भूमिका में मराठी फिल्म “आशी ही भन्नत भिंगारी” जल्द ही रिलीज हो रही है। आशु सुरपुर ने कहा कि उनका संक्षिप्त साक्षात्कार सुनील ज्ञानदेव भोसले द्वारा आयोजित किया गया था, पुणे में मराठी मूवीमेकर्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष संपादक, जब उन्होंने मूवी में उनकी भूमिका के बारे में स्पष्ट बातचीत की। मूवी देखने के लिए सिनेमा हॉल में जाना बहुत खुशी की बात होगी।

पीएफपी म्यूजिक कंपनी ने जारी किया म्यूजिक वीडियो

पी.एफ.पी. म्यूजिक कंपनी ने जारी किया म्यूजिक वीडियो ‘जिस्म को जिस्म से’

संवाददाता सुनिल ज्ञानदेव भोसले


प्राजक्ता फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले बनी म्यूजिक वीडियो ‘जिस्म को जिस्म से’ को पीएफपी म्यूजिक कंपनी ने जारी कर दिया है। केलवा बीच के लोकेशंस पर फिल्माई गई इस म्यूजिक वीडियो में कंचन भोर और अजीत पंडित की रोमांटिक जोड़ी नज़र आएगी।

मधुबाला और माधुरी दीक्षित को अपना आदर्श मानने वाली अभिनेत्री कंचन भोर इस सोलो नंबर के रिलीज होने के बाद बहुत रोमांचित और उत्साहित हैं। रेखा सुरेंद्र जगताप द्वारा निर्मित इस म्यूजिक वीडियो के गीत को जमील अहमद ने लिखा है, स्वर दिया है अनुपमा ने और संगीतकार राजा अली हैं। डीओपी सद्दाम शेख हैं और प्रोडक्शन हेड हैं मोहम्मद जावेद।

इमरान मालगुनकर द्वारा वीडियोग्राफी और कोरियोग्राफी से सजी इस म्यूजिक वीडियो के रिलीज के बाद रेखा सुरेंद्र जगताप द्वारा नवोदित प्रतिभाओं को प्रकाश में लाने के उद्देश्य से एल्बम और फिल्मों का निर्माण करने की योजना बनाई जा रही है।

दशहरे पर बंद रहेंगी शराब की दुकानें

लखनऊ। दशहरा पर्व पर शराब की दुकानें बंद रहेंगी। 15 अक्तूबर को दुकानें बंद रखने का निर्णय जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में लिया गया है।

जिला आबकारी अधिकारी वीपी सिंह ने बताया कि आबकारी अधिनियम की धारा-59 में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए दशहरा व मूर्ति विसर्जन के अवसर पर शान्ति व्यवस्था को देखते हुए जनपद की समस्त आबकारी की थोक एवं फुटकर दुकानों के साथ देशी शराब, विदेशी मदिरा की दुकानें बंद रहेंगी। इसके साथ ही बीयर, ताड़ी, डिनेचर स्प्रीट, बार, भांग की भी बिक्री नहीं होगी। क्लब एवं होटल बार भी बंद रहेंगे। इस बन्दी के लिए अनुज्ञापन धारकों को कोई प्रतिफल देय नहीं होगा। कोई भी लाइसेंसी या होटल मालिक शराब की बिक्री करते हुए पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

Amazon Great Indian Festival 2021: Nokia का फोन सिर्फ ₹200 में!

Amazon Great Indian Festival 2021: Nokia का झक्कास फोन पाएं सिर्फ 200 रुपए में, इन Phones पर भी ऑफर्स

Amazon Great Indian Festival 2021: Nokia का झक्कास फोन पाएं सिर्फ 200 रुपये में, इन Phones पर भी ऑफर्स

Amazon Great Indian Festival 2021: Amazon की सेल में Nokia के फोन पर भी धमाकेदार ऑफर्स मिल रहे हैं. नोकिया के फीचर फोन को आप सिर्फ 200 रुपए में खरीद सकते हैं. आइए जानते हैं Offers And Discounts

By Mohit Chaturvedi|

  • Amazon पर Nokia के फोन पर भी धमाकेदार ऑफर्स मिल रहे हैं.
  • Nokia 5310 को खरीदा जा सकता है सिर्फ 199 रुपए में.
  • Amazon सेल में नोकिया के फीचर फोन्स पर शानदार ऑफर्स हैं.

नई दिल्ली: Amazon की Great Indian Festival Sale 2021 पर Smartphones और बाकी प्रोडक्ट्स पर धमाकेदार ऑफर्स मिल रहे हैं. महंगे से महंगा फोन भी काफी सस्ते में मिल रहा है. Xiaomi, iPhone और Samsung के स्मार्टफोन्स की धूम है. सेल में Nokia पर भी धमाकेदार ऑफर्स मिल रहे हैं. Nokia के फोन आप 499 रुपए में खरीद सकेंगे. आइए जानते हैं Amazon Great Indian Festival Sale में नोकिया के फीचर फोन पर ऑफर्स और डिस्काउंट…

Nokia 105 Single SIM

Amazon Sale में Nokia 105 सिंगल सिम वाले फोन की कीमत 1,249 रुपए है, लेकिन आप इसको और सस्ते में खरीद सकते हैं. अमेजन नोकिया फोन पर 750 रुपए का एक्सचेंज बोनस दे रहा है. यानी पुराना फोन एक्सचेंज करने पर 750 रुपए तक का बोनस मिलेगा. इस तरह आप फोन को 499 रुपए में खरीद सकते हैं. एक्सचेंज बोनस की राशि पुराने फोन की कंडीशन और मॉडल पर निर्भर करेगी.

Nokia 5310 Dual SIM

Nokia 5310 Dual SIM अपने एडवांस फीचर्स के कारण काफी पॉपुलर है. फोन की कीमत वैसे तो 3,999 रुपए है, लेकिन अमेजन सेल में इसकी कीमत 3,249 रुपए रखी गई है. फोन पर  एक्सचेंज ऑफर है. अगर आप अपने अच्छे कंडीशन और लेटेस्ट मॉडल वाले फोन को एक्सचेंज करते हैं, तो 3,050 रुपए का एक्सचेंज बोनस मिलेगा. पूरा लाभ मिलने के बाद नोकिया फोन को 199 रुपए में खरीद सकते हैं. 

Nokia 110 4G

Amazon Sale में Nokia 110 4G की कीमत 2,799 रुपए है. फोन पर 2,650 रुपए का एक्सचेंज ऑफर है. अगर पुराना फोन एक्सचेंज करने पर 2,650 रुपए बोनस मिल जाए, तो आप इस फोन को 149 रुपए में खरीद सकेंगे.

पुलिस मुस्तैदी से करेगी औद्योगिक आस्थानों की सुरक्षा

सीडीओ ने दिए औद्योगिक आस्थानों की सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस की व्यवस्था दुरस्त करने के निर्देश।

बिजनौर। मुख्य विकास अधिकारी कामता प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट के सभाकक्ष में जिला उद्योग बन्धुओं की बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त उद्योग, अग्रणी जिला बैक प्रबन्धक, संबंधित विभागीय अधिकारी सहित अन्य उद्योग बन्धु एवं व्यापार बन्धु मौजूद थे।
कानून व्यवस्था बिन्दु की समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी कामता प्रसाद सिंह से उद्योग बंधुओं द्वारा औद्योगिक आस्थानों में सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस की व्यवस्था दुरस्त करने के निर्देश दिये तथा बिजनौर चीनी मिल रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम की स्थिति से निपटने के लिऐ आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। औद्योगिक आस्थानों के रख-रखाव, रिक्त भूखण्डों, भूखड हस्तांतरण, अवैध कब्जों की समीक्षा के द्वौरान यह संज्ञान में आया कि औद्योगिक आस्थान बिजनौर की पानी की टंकी बहुत जीर्णक्षीण है। उक्त के सन्दर्भ में हाइड्रिल से वाटर सप्लाई की सम्भावनाओं पर विचार किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने निवेश मित्र पोर्टल पर सूचना तकनीकी विभाग की आई शिकायतों का समाधान यथा शीघ्र करने को कहा। ओडीओपी योजना की समीक्षा के अन्तर्गत हुई धीमी प्रगति के लिये बैंक संबंधी कारणों से एलडीएम को यथाशीघ्र निस्तारण के निदेश दिये। उन्होंने प्रधान मन्त्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, जैम पोर्टल, मुख्य मंत्री युवा स्वरोजगार योजना, मुद्रा योजना की प्रगति पर सन्तुष्टि जाहिर की। साथ ही उद्योग बन्धुओं से 4 अक्टूबर को आयोजित रोजगार मेले में प्रतिभाग करने तथा अधिक से अधिक लोगों को रोजगार का अवसर उपलब्ध करवाने का आवाह्न किया। व्यापार संघ द्वारा नगीना रोड में गढढे होने की शिकायत के सन्दर्भ में कहा कि यह रोड यथाशीघ्र गढढा मुक्त हो जायेगी।
इसके अलावा उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि उद्योग बन्धुओं की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करें, किसी भी शिकायत की पुनरावृत्ति न होने पाये और आने वाली बैठक से पहले इन शिकायतों का शत प्रतिशत रूप से एवं गुणवत्ता पूर्वक निस्तारण हो जाना चाहिए। उन्होंने बैंकों में लम्बित पड़े प्रकरणों को अग्रणी बैक प्रबन्धक के साथ सामजस्य स्थापित कर यथाशीघ्र निस्तारित कराने के निर्देश दिये। मुख्य विकास अधिकारी ने उपायुक्त उद्योग को निर्देशित करते हुए कहा कि जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र में योजनाओ के लक्ष्यों को वरीयता के आधार पर पूरा करना सुनिश्चित करें और जिले के आमजन को नए उद्योगों की स्थापना के लिए प्रेरित करें ताकि जिले का औद्योगिक विकास सम्भव हो सके।

बेटियों को बनाया अतिथि, नई परंपरा से कराया Cafe D का उद्धघाटन

बेटियों को बनाया अतिथि, नई परंपरा से कराया उद्धघाटन

बिजनौर। दिल्ली की चाय, मुंबई की कॉफी, मेरठ का छोला भटूरा और पंजाब का पराठा, लखनऊ का कटलेट समेत कई लजीज आइटम अब अपने बिजनौर में मिल सकेंगे। यह सब आइटम कैफे डी पर उपलब्ध रहेंगे। इसकी शुरुआत बिजनौर शहर के प्रसिद्ध शॉपर्स प्राइड मॉल में रविवार सुबह नए अंदाज में हुई। कैफे डी का उद्घाटन बेटी पढ़ाओ, बेटी पढ़ाओ की तर्ज पर हुआ। इसी को लेकर कैफे डी का उद्घाटन, कार्यक्रम में आई बिटिया और बच्चों से कराया गया। इस नई शुरुआत की लोगों ने काफी तारीफ की। कैफे डी का उद्घाटन रेस्टोरेंट व्यवसायी दुष्यंत चौधरी की बेटी सुहानी चौधरी और मां श्रीमती उर्मिला देवी के साथ भतीजी रोली त्यागी, एनी चौधरी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि डॉक्टर बागेश सिंह, डॉक्टर दीपेन्द्र सिंह, डॉ. रेनू चौधरी, डॉक्टर हिमांशु राठी, व्यवसायी पंकज चौधरी, भाजपा नेता विजयदीप चौधरी उर्फ बबलू भाई, समाजसेवी केके अग्रवाल, रिटायर्ड सहायक सांख्यिकी अधिकारी यशपाल सिंह, वरिष्ठ पत्रकार अनुज चौधरी, रजनीश त्यागी, मनोज त्यागी, राइफल शूटिंग कोच शमीम अहमद, शॉपर्स प्राईड मॉल मैनेजर केडी सिंह समेत शहर के काफी संख्या में प्रमुख लोग मौजूद रहे।

Cafe D, शॉपर्स प्राइड मॉल, बिजनौर

मोबाइल सिम लेने के लिए अब नहीं भरना होगा फिजिकल फॉर्म

मोबाइल सिम लेने के लिए अब नहीं भरना होगा फिजिकल फॉर्म, इस प्रकार होगी कस्टमर की वेरीफिकेशन

मोबाइल सिम लेने के लिए अब नहीं भरना होगा फिजिकल फॉर्म, इस प्रकार होगी कस्टमर की वेरीफिकेशन 

नई दिल्ली (एजेंसी)। अब आपको सिम कार्ड लेने में फिजिकल वैरीफिकेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि मोदी सरकार ने डिजिटल KYC को मंजूरी दे दी है। इस संबंध में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में सरकार की तरफ से कहा गया कि सिम कार्ड खरीदने के लिए अब डिजिटल फॉर्मेट में कस्टमर का वेरिफिकेशन होगा। इसके अलावा प्रीपेड से पोस्टपेड या पोस्टपेड से प्रीपेड में जाने पर दोबारा KYC नहीं किया जाएगा। यह भी बताया गया कि मोबाइल टावर को लेकर कई फ्रॉड केस सामने आए हैं। ऐसे में अब सेल्फ डिक्लेरेशन के आधार पर टावर का इंस्टालेशन होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया कि अब मोबाइल सिम लेने के लिए ग्राहक को कोई फिजिकल फॉर्म नहीं भरना होगा।

इफको टोकियो ने यूपी में बीमा जागरूकता बढ़ाने के लिए शुरू किया अभियान

इफको टोकियो ने यूपी में बीमा जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान शुरू किया

मलिहाबाद (लखनऊ)। प्रमुख सामान्य बीमा कंपनियों में से एक इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने बीमा जागरूकता बढ़ाने के लिए एक अनूठा मोबाइल प्रचार अभियान शुरू किया है। इस अभियान में एक वैन/मिनी ट्रक के द्वारा कंपनी की ब्रांडिंग की जा रही है, जो एक शहर में एक स्थान से दूसरे स्थान की यात्रा करेगी। इस तरह का पहला अभियान आज लखनऊ के पास मलिहाबाद से शुरू किया गया।

श्री अभिमन्यु राय, राज्य विपणन प्रबंधक, इफको लिमिटेड एवं नित्यानंद सिंह (थाना प्रभारी) ने मलिहाबाद से अभियान को हरी झंडी दिखाई। लॉन्च के दौरान विकास त्रिवेदी, राज्य प्रबंधक एवं वाईस प्रेसीडेंट, इफको टोकियो ने कहा, “मलिहाबाद से इस अनूठे अभियान को लॉन्च करते हुए मुझे खुशी हो रही है। इस पहल के माध्यम से, इफको टोकियो लोगों तक बीमा ले जाएगा और सामान्य बीमा के बारे में सभी मिथकों को एक अभिनव प्रारूप में दूर करेगा। भीड़ के बीच जुड़ाव बढ़ाने के लिए बीमा की अवधारणा और महत्व और विभिन्न सरलीकरण अवसरों पर एक नुक्कड़ नाटक (स्ट्रीट प्ले) भी होगा। यह अभियान पूरे भारत में, विशेष रूप से टियर 3 और 4 शहरों में शुरू किया जाना है, जहां बीमा की जागरूकता कम है। अभियान राज्य की संबंधित स्थानीय भाषा में होगा।

किसी भी अधिक जानकारी के लिए, कृपया श्री विकास त्रिवेदी, राज्य प्रबंधक (यूपी और बिहार) से या santosh.balan@iffcotokio.co.in, +91-9892398256 पर संपर्क करें।

इफको-टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के बारे में:

इफको-टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड भारतीय किसान उर्वरक सहकारी (इफको) के बीच 51:49 का संयुक्त उद्यम है, जो दुनिया की सबसे बड़ी सहकारी समितियों में से एक है, जो पूरी तरह से भारतीय सहकारी समितियों के स्वामित्व में है, और टोकियो मरीन ग्रुप, जो इनमें से एक है, जापान में स्थित सबसे बड़ा वैश्विक बीमा प्रदाता है। कंपनी की स्थापना 4 दिसंबर 2000 में हुई।
इफको-टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड अपने एजेंटों, बैंकों, ब्रोकरों, आदि और कंपनी वेबसाइट के व्यापक वितरण नेटवर्क के माध्यम से मोटर, स्वास्थ्य, यात्रा, घर और व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और कॉर्पोरेट उत्पादों जैसे संपत्ति, मरीन और लायबिलिटी बीमा जैसे खुदरा उत्पादों की पेशकश करता है।

http://www.iffcotoko.co.in

त्योहारों से पहले खाने का तेल हुआ सस्ता

Direct retailers to display edible oil prices prominently; act against  hoarding: Centre tell states

नई दिल्ली (एजेंसी)। त्योहारों से पहले केंद्र सरकार ने खाने के तेल के आयात पर लगने वाली बेस इंपोर्ट ड्यूटी घटा दी है। इन खाद्य तेल में पाम ऑयल, सोया ऑयल और सनफ्लावर ऑयल शामिल हैं। इसके जरिए त्योहारों से पहले रसोई में इस्तेमाल होने वाले तेलों की कीमत नीचे आएगी।

सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक अब क्रूड पाम ऑयल, क्रूड सोया ऑयल और क्रूड सनफ्लावर ऑयल पर लगने वाले बेस आयात शुल्क 2.5 फीसदी हो गया है। पहले क्रूड पाम ऑयल पर 10 फीसदी और क्रूड सोया ऑयल व सनफ्लावर ऑयल पर 7.5 फीसदी का बेस इंपोर्ट टैक्स लगता था। वहीं रिफाइंड ग्रेड के पाम ऑयल, सोया ऑयल और सनफ्लावर ऑयल पर लगने वाला बेस आयात शुल्क 37.5 फीसदी से कम होकर 32.5 फीसदी हो गया है।

बेस आयात शुल्क में कटौती के बाद अब क्रूड पाम ऑयल, सोयाऑयल और सनफ्लावर ऑयल के आयात पर कुल 24.75 फीसदी टैक्स लगेगा। इसमें 2.5 फीसदी का बेस आयात शुल्क और अन्य टैक्स शामिल हैं। इसी तरह रिफाइंड पाम ऑयल, सोयाऑयल और सनफ्लावर ऑयल के आयात पर अब कुल 35.75 फीसदी का कर लगेगा। इसमें बेस इंपोर्ट टैक्स भी शामिल है।

इस साल रसोई में इस्तेमाल होने वाले तेलों का आयात पिछले छह सालों के निचले स्तर पर रह सकता है। इंडस्ट्री बॉडी सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEA) के वरिष्ठ एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. बीवी मेहता के अनुसार, कोरोना वायरस महामारी संकट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि की वजह से लगातार दूसरे साल इसमें कमी आ सकती है।

सरकार के इस कदम से तेल की कीमतों में कमी आ सकती है और साथ ही खपत को भी बढ़ावा मिल सकता है। मालूम हो कि भारत वनस्पति तेलों का सबसे बड़ा आयातक है। गौरतलब है कि देश में खाद्य तेलों की दो तिहाई मांग की पूर्ति आयात से होती है। भारत अपनी घरेलू खपत के लिए इंडोनेशिया और मलयेशिया से पाम ऑयल आयात करता है।

खादी को ‘राष्ट्रीय वस्त्र’ के रूप में अपनाएं: उप राष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति ने देश के नागरिकों से खादी को ‘राष्ट्रीय वस्त्र’ के रूप में अपनाने की अपील की

खादी को व्यापक रूप से स्वीकार करना वर्तमान समय की मांग- उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति ने शैक्षणिक संस्थानों से यूनिफार्म के लिए खादी का इस्तेमाल करने का आग्रह किया

उपराष्ट्रपति ने ‘खादी इंडिया क्विज प्रतियोगिता’ का शुभारंभ किया

नई दिल्ली (PIB)। उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने आज देश के नागरिकों से खादी को ‘राष्ट्रीय वस्त्र’ के रूप में अपनाने की अपील की और इसके इस्तेमाल को व्यापक रूप से बढ़ावा देने का आग्रह किया। श्री नायडू ने विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों से इसके लिए आगे आने तथा खादी के उपयोग को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।

उपराष्ट्रपति, खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) द्वारा मनाये जा रहे ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत आयोजित ‘खादी इंडिया क्विज प्रतियोगिता’ के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे।

खादी इंडिया क्विज प्रतियोगिता- श्री नायडू ने सभी से ‘खादी इंडिया क्विज प्रतियोगिता’ में भाग लेने का आग्रह करते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता हमें अपनी जड़ों की ओर वापस ले जाने का एक रोचक माध्यम है, क्योंकि यह हमारे स्वतंत्रता संग्राम के ऐतिहासिक क्षणों और हमारे महान स्वतंत्रता सेनानियों के अद्वितीय योगदान का स्मरण कराती है।

‘आजादी का अमृत महोत्सव’- उपराष्ट्रपति ने ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के हिस्से के रूप में आयोजित अधिकृत ‘दांडी मार्च’ के समापन समारोह में भाग लेने के लिए इस वर्ष 6 अप्रैल को अपनी दांडी यात्रा को याद किया। उन्होंने कहा कि दांडी मार्च में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के साथ बातचीत करते हुए उन्हें भारतीय इतिहास के गौरवमयी क्षणों को फिर से जीने का अवसर मिला और उन्होंने इसे “एक बहुत ही समृद्ध अनुभव” कहकर संदर्भित किया।

याद किया स्वतंत्रता सेनानियों का सर्वोच्च बलिदान- हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि मातंगिनी हाजरा, भगत सिंह, प्रीतिलता वाद्देदार, राजगुरु, सुखदेव और हजारों अन्य स्वाधीनता सेनानियों ने एक स्वतंत्र राष्ट्र के सार्वलौकिक स्वप्न को साकार करने के लिए अपने जीवन का बलिदान करने से पहले दो बार नहीं सोचा। उन्होंने कहा, “इन वीर पुरुषों और महिलाओं ने यह जानते हुए भी सर्वोच्च बलिदान दिया कि वे अपने सपने को हकीकत में बदलता देखने के लिए जीवित नहीं होंगे।”

अभूतपूर्व बदलाव पर प्रसन्नता व्यक्त- श्री नायडू ने पिछले 7 वर्षों में खादी के अभूतपूर्व बदलाव पर प्रसन्नता व्यक्त की और इसके विकास में तेजी लाने के लिए सरकार, केवीआईसी तथा अन्य सभी हितधारकों की सराहना की। उपराष्ट्रपति ने कहा, “मुझे यह जानकर खुशी हो रही है कि केवीआईसी ने पूरे भारत में अपनी पहुंच स्थापित करने में सफलता प्राप्त की है और लोगों को देश के दूर-दराज के कोनों में भी स्थायी स्वरोजगार गतिविधियों से जोड़ा गया है।”

आय का एक स्रोत- उपराष्ट्रपति ने खादी की ऐतिहासिक प्रासंगिकता को याद किया और कहा कि यह स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जनता को जोड़ने के लिए एक बंधनकारी शक्ति थी। श्री नायडू ने कहा कि महात्मा गांधी ने वर्ष 1918 में गरीबी से पीड़ित जनता के लिए आय का एक स्रोत उत्पन्न करने के लिए खादी आंदोलन शुरू किया और बाद में उन्होंने इसे विदेशी शासन के खिलाफ एक शक्तिशाली प्रतीकात्मक उपकरण में बदल दिया।

खादी पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ- खादी के पर्यावरणीय लाभों का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि खादी में शून्य कार्बन फुटप्रिंट है क्योंकि इसके निर्माण के लिए बिजली या किसी भी प्रकार के ईंधन की आवश्यकता नहीं होती है। उन्होंने कहा, “ऐसे समय में जब दुनिया कपड़ों के क्षेत्र में स्थायी विकल्प तलाश रही है, तो हमें यह याद रखना चाहिए कि खादी पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ वस्त्र के रूप में निश्चित ही हमारी आवश्यकताओं को पूरा करती है।”

शैक्षणिक संस्थानों से यूनिफार्म के रुप में मनाने की अपील- उपराष्ट्रपति ने शैक्षणिक संस्थानों से यूनिफार्म के लिए खादी के रूप में इसके उपयोग का मार्ग तलाशने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह न केवल छात्रों को खादी के कई लाभों का अनुभव करने का अवसर देगा बल्कि उन्हें हमारे महान स्वतंत्रता सेनानियों और स्वाधीनता आंदोलन के इतिहास से जुड़ने में भी मदद करेगा। उन्होंने कहा, “अपनी विशिष्ट झिरझिरटी बनावट के कारण खादी हमारी स्थानीय जलवायु परिस्थितियों के लिए काफी उपयुक्त है।” श्री नायडू ने युवाओं से खादी को फैशन स्टेटमेंट बनाने और उत्साह के साथ सभी के द्वारा इसके उपयोग को प्रोत्साहन देने की अपील की।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री नारायण राणे, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री भानु प्रताप सिंह वर्मा, खादी और ग्रामोद्योग आयोग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम के सचिव बीबी स्वैन और अन्य व्यक्ति कार्यक्रम के दौरान मौजूद थे।

1 सितंबर से बदल जायेगा चेक से पैसे निकालने का नियम

दिल्ली। अगर आप भी चेक से पैसे भेज रहे हैं या चेक पेमेंट करते हैं। तो आपके लिए बेहद काम की खबर है। अब 1 सितंबर से 50,000 रुपये से अधिक का चेक जारी करना आपके लिए दिक्कत भरा हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि बैंकों ने अब पॉजिटिव पे सिस्टम को लागू करना शुरू कर दिया है। ज्यादातर बैंक 1 सितंबर से PPS को लागू करने जा रहे हैं।

एक्सिस बैंक (Axis Bank) अगले महीने से पॉजिटिव पे सिस्टम की शुरुआत कर रहा है। बैंक ने अपने करोड़ों ग्राहकों को SMS के जरिए इसकी जानकारी दी है। अब नए नियम के मुताबिक, 1 सितंबर से चेक जारी करने से पहले आपको पूरी डिटेल्स देनी होगी। वरना आपका चेक कैंसिल कर दिया जाएगा और आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है। एक्सिस बैंक के अलावा अन्य बैंक भी पॉजिटिव पे को लागू कर सकती है।

इन बैंकों ने लागू किए नियम: एक्सिस बैंक (Axis Bank) समेत कुछ बैंकों ने PPS को अनिवार्य कर दिया है, जिसके तहत ग्राहकों को बैंक को नेट/मोबाइल बैंकिंग या शाखा में जाकर चेक डिटेल्स देनी होगी। पॉजिटिव पे सिस्टम 50,000 या इससे बड़ी रकम के बैंक चेक पेमेंट पर लागू किया जाएगा। भारतीय स्टेट बैंक (SBI), कोटक महिंद्रा बैंक ने भी पॉजिटिव पे सिस्टम को 50 हजार रुपये से ज्यादा वाले चेक के लिए लागू कर दिया है।

First Uttar Pradesh News
साभार फर्स्ट उत्तर प्रदेश

लगातार चार दिन बैंक रहेंगे बंद

नई दिल्ली। आगामी 7 दिन में से 4 दिन सरकारी बैंक बंद रहेंगे। इसलिए अगर आपको बैंक संबंधित कोई जरूरी काम है तो उसे निपटा लें वरना परेशान होना पड़ सकता है। आरबीआई से अगस्त 2021 के लिए बैंक छुट्टियों की जजरी सूची के मुताबिक महीने में कुल 15 छुट्टियां थी। अब इस माह चार छुट्टियां बच गई हैं। इस महीने के अंतिम हफ्ते में चार दिन यानी 28 से 31 अगस्त तक बैंक बंद रहेंगे। 28 अगस्‍त को इस महीने के चौथे शनिवार की छुट्टी रहेगी। 29 अगस्‍त को रविवार है, जिसके चलते पूरे देश के सभी बैंक बंद रहेंगे, वहीं, 30 अगस्त 2021 श्रीकृष्‍ण जन्माष्‍टमी के उपलक्ष्य में देश के अधिकतर शहरों में बैंक बंद रहेंगे।

हालांकि जरूरी नहीं इन छुट्टियों की वजह से आपके शहर में भी बैंक बंद रहे, क्योंकि रिजर्व बैंक अलग-अलग राज्यों में वहां के स्थानीय त्योहारों की वजह से अलग-अलग जोन के लिए बैंकों की छुट्टियों की लिस्ट जारी करता है। इसमें 30 अगस्त, 2021 को जन्माष्टमी / कृष्णा जयंती है। इस दिन अहमदाबाद, चंडीगढ़, चेन्नई, देहरादून, जयपुर, जम्मू, कानपुर, लखनऊ, पटना, रायपुर, रांची, शिलांग, शिमला, श्रीनगर और गंगटोक के बैंकों में छुट्टी रहेगी। इसके अलावा 28 अगस्‍त को इस महीने के चौथे शनिवार की छुट्टी रहेगी। 29 अगस्‍त को रविवार है, जिसके चलते पूरे देश के सभी बैंक बंद रहेंगे, वहीं, 31 अगस्त 2021 श्रीकृष्‍ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में हैदराबाद के बैंक बंद रहेंगे।

Truecaller को टक्कर देगा भारतीय App

Truecaller को टक्कर देने आई ये भारतीय App, जानें क्या है इसमें खास

नई दिल्ली (एजेंसी)। कॉलर आईडी ऐप ट्रूकॉलर को टक्कर देने के लिए भारतीय कॉलर आईडी ऐप लॉन्च हो गया है। इस स्वदेशी कॉलर आईडी का नाम भारतकॉलर है। इसे बनाने वाले इंजीनियरों का दावा है कि यह कॉलर आईडी विदेशी और अन्य कॉलर आईडी की तरह आपके कॉल लॉग्स, कॉन्टैक्ट्स या संदेशों को अपने सर्वर पर अपलोड नहीं करता। न ही इसके कर्मचारियों के पास आपके फोन नंबर्स का डेटाबेस एक्सेस करने का अधिकार है। इस एप के निर्माता का यह कहना है कि वे ट्रूकॉलर से कुछ मामलों में आगे हैं और यह एप भारतीयों को ट्रूकॉलर से बेहतर लगेगी।

BharatCaller App

इस ऐप को भारत के ही कुछ इंजीनियरों ने बनाया है। आईआईएम बैंगलोर के पूर्व छात्र और इस एप की निर्माता टीम के प्रमुख सदस्य, प्रज्ज्वल सिन्हा यह कहते हैं कि यह एप भारत में ट्रूकॉलर का विकल्प बन सकता है और यह पूरी तरह सुरक्षित है। प्रज्ज्वल कहते हैं कि कुछ समय पहले भारतीय सेना ने भारत में ट्रूकॉलर को बैन कर दिया था। इस समय प्रज्ज्वल और उनके मित्र को यह सूझा कि भारत की कोई अपनी कॉलर आइडी एप नहीं है और होनी चाहिए। तभी उन्होंने इस एप को बनाने का फैसला किया।

प्रज्ज्वल बताते हैं कि तीन महीने की रिसर्च के बाद, दिसंबर 2020 में इस एप पर काम शुरू हुआ और इसे पूरी तरह तैयार होने में छह महीने का समय लग गया। ट्रायल्स के सफल होने के बाद इस एप के पहले वर्जन को लॉन्च किया गया, जो करीब 1 करोड़ यूजर्स के उपयोग करने के लायक है। भारतकॉलर के निर्माता कहते हैं कि अभी भी वह अपनी एप को वहां नहीं पहुंचा पाए हैं जहां यह एप अंतर्राष्ट्रीय स्तर की ऐसी दूसरी एप्स से मुकाबला कर सके। अपडेट्स की प्रक्रिया चल रही है और एआई आधारित ऐल्गोरिद्म में सुधार किए जा रहे हैं। वह कहते हैं कि अभी उन्हें काफी काम और करना है।

BharatCaller App

भारतकॉलर एप में क्या है खास 
यह एप बाकी एप्स से इस तरह भिन्न है कि यह अपने यूजरस के कॉन्टैक्ट्स और कॉल लॉग्स को अपने सर्वर पर सेव नहीं करता जिससे यूजर्स की निजता पर कोई प्रभाव न पड़े। साथ ही, इस एप का डाटा इन्क्रिप्टेड फॉर्मैट में स्टोर किया जाता है और इसका सर्वर भारत के बाहर कोई इस्तेमाल नहीं कर सकता है। इसलिए भारतकॉलर एप पूरी तरह से सुरक्षित और यूजर-फ्रेंडली है। भारतकॉलर को विभिन्न भारतीय भाषाओं में लॉन्च किया गया है, जैसे अंग्रेजी, हिन्दी, तमिल, गुजराती, बांग्ला, मराठी आदि। इसके पीछे का कारण है एप को समावेशी यानी इन्क्लूसिव बनाना जिससे हर भारतीय अपने सुख और अपनी पसंद से भाषा चुन सके और उस भाषा में एप को इस्तेमाल कर सके।  इस एप को एंड्रॉयड और iOS का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स, सभी डाउनलोड कर सकते हैं।

लखनऊ के बन्धन इंफ्रास्टेट ग्रुप को मिला बेस्ट बिजनेस अवार्ड

लखनऊ के बन्धन इंफ्रास्टेट ग्रुप को मिला बेस्ट बिजनेस अवार्ड

लखनऊ (पंचदेव यादव)। रीयल स्टेट के क्षेत्र में तहलका मचाने वाले बन्धन इंफ्रास्टेट ग्रुप ने एक और धमाका करते हुए यूपी की सबसे तेज बिजनेस करने वाली कम्पनी का दर्जा अपने नाम कर लिया है। बन्धन ग्रुप की इस कामयाबी की राजधानी लखनऊ वासियों ने प्रशंसा की तथा उसे और तेजी से बढ़ने का आशीर्वाद दिया।

बन्धन ग्रुप ने दिल्ली में आयोजित एक पुरस्कार वितरण समारोह में भारत का सबसे भरोसेमंद और प्रतिष्ठित पुरस्कार (राजीव गांधी एक्सीलेंस ग्लोबल अवार्ड) प्राप्त किया है। दिल्ली के “द-पार्क” होटल में राजीव गांधी फाउंडेशन की तरफ से पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया था। इसमें कॉरपोरेट सेक्टर में साम्प्रदायिक सद्भाव और मानवता के साथ यूपी में तेजी से आगे बढ़ने वाली कम्पनी बन्धन इंफ्रास्टेट के सीएमडी अनित सिंह, एमडी प्रमोद कुमार, विपिन कुमार तथा अजय यादव को समारोह में बतौर मुख्यातिथि उपस्थित फ़िल्म जगत के जाने माने अभिनेता रजा मुराद, बागवान फ़िल्म के अभिनेता अमन वर्मा तथा करणवीर बोहरा ने यह पुरस्कार दिया। बहुत कम समय में इस अवार्ड तक पहुंचने पर कम्पनी के सीएमडी अनित सिंह ने कहा कि यह सब हमारी टीम की मेहनत का नतीजा है। उन्होंने कहा कम्पनी शुरू करने के दिन से ही हमारे बिजनेस गुरु अवधेश नारायण पांडेय व सीबी सिंह का आशीर्वाद साथ रहा। उन्होंने एवं उनके पार्टनर प्रमोद पांडेय, विपिन कुमार, अजय यादव के साथ साथ कम्पनी के सहयोगी साथी सत्यम साहू, विमलेश साहू, अंकित पांडेय, अखिलेश यादव सहित सैकड़ों साथियों ने एक परिवार की तरह रहकर काम किया है, जिसका नतीजा है कि आज हम इस मुकाम पर पहुच सके हैं। हम अपने कस्टमर्स को भी एक कम्पनी का हिस्सा मानते हैं और सदैव उनके साथ खड़े रहते हैं और आगे भी खड़े रहेंगे।

आखिरकार बिक ही गया विजय माल्या का kingfisher house

आखिरकार बिक ही गई विजय माल्या की प्रापर्टी, 8 बार नीलामी फेल होने के बाद 52 करोड़ रुपये में बिका Kingfisher House

आखिरकार बिक ही गई विजय माल्या की प्रापर्टी, 8 बार नीलामी फेल होने के बाद 52 करोड़ रुपये में बिका Kingfisher House

नई दिल्ली (एजेंसी)। भगोड़े कारोबारी विजय माल्या का किंगफिशर हाउस आखिरकार बिक ही गया। किंगफिशर हाउस को 52 करोड़ रुपये में हैदराबाद स्थित एक डेवलपर को बेचा गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हैदराबाद स्थित Saturn Realtors ने इस प्रॉपर्टी को ऑरिजनल आस्किंग प्राइस से बहुत कम भाव पर खरीदा है। बिक्री भाव अपने रिजर्व प्राइस 135 करोड़ रुपए का लगभग एक तिहाई है।

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विजय माल्या की प्रॉपर्टीज को नीलाम करने में कारोबारियों को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। बैंकों की तरफ से माल्या की प्रॉपर्टीज का जो वैल्युएशन किया जा रहा है, उस दाम पर कोई प्रॉपर्टी खरीद ही नहीं रहा। किंगफिशर हाउस की प्रॉपर्टी की नीलामी भी 8 बार फेल हुई थी। मार्च 2016 में बैंकों ने इस बिल्डिंग का रिजर्व प्राइस 150 करोड़ रुपये रखा था। यही वजह है कि ये बिल्डिंग अब तक बिक नहीं पाई थी।

शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन ने किया नए आबकारी आयुक्त का स्वागत

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन ने नए आबकारी आयुक्त का स्वागत किया।

इस दौरान शराब व्यापार से संबंधित समस्याओं को अवगत कराया गया। इसमें कोरोना कर्फ्यू के दौरान बंद रही शराब की दुकानों के कोटे के उठाने में छूट की मांग की गई। साथ ही इस महामारी के दौरान नगर निगम के द्वारा कार्यवाही पर भी रोक लगाने की मांग की गई। नगर निगम के द्वारा निर्धारित कर निर्धारण पर भी चर्चा हुई, जो कि एकदम से 5 गुना कर दिया गया। एसोसिएशन ने कहा कि यह किसी भी तरह उचित नहीं है। कहा कि ऐसे प्रावधान किए जाएं कि लाइसेंसी को कुछ राहत मिल सके। इस महामारी में लाइसेंसी पर दोहरी मार पड़ रही है। एसोसिएशन की तरफ से अध्यक्ष सरदार एसपी सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरज जयसवाल, उपाध्यक्ष विकास मोहन श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष शिव कुमार जयसवाल, सह कोषाध्यक्ष संजय जयसवाल, विजय जयसवाल, शंकर कनौजिया, सचिन जयसवाल, धर्मेंद्र सिंह, नितिन जयसवाल, रमेश जायसवाल और मीडिया प्रभारी देवेश जयसवाल उपस्थित रहे।

अब अपनी मर्जी से भरवा सकेंगे एलपीजी गैस

LPG गैस भरवाने में चलेगी अब ग्राहकों की मर्जी। सरकार ने कई शहरों में शुरू की सुविधा। जल्दी ही पूरे देश में मिलेगा लाभ।

LPG Price Hike: How To Reclaim LPG Subsidy, Know The Process in Hindi -  महंगी एलपीजी के बीच फिर शुरू करना चाहते हैं सब्सिडी, ये है तरीका -  Navbharat Times
lpg distributor portability

नई दिल्ली (एकलव्य बाण समाचार)। एलपीजी सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले ग्राहक अब अपने मनमुताबिक डिस्ट्रीब्यूटर चुन सकेंगे। अब ग्राहक तय करेंगे कि उन्हें किस डिस्ट्रीब्यूटर से गैस सिलेंडर भरवानी है। वर्तमान में ग्राहकों को किसी एक डिस्ट्रीब्यूटर से गैस सिलेंडर भरवाने के लिए बाध्य होना पड़ता है।

लोकसभा में कुछ सांसदों ने ये सवाल किया था कि क्या LPG ग्राहक ये तय कर सकते हैं कि उन्हें किस डिस्ट्रीब्यूटर से सिलेंडर रिफिल करानी है। इस सवाल पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने नई सुविधा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि LPG ग्राहक को रिफिल अपनी पसंद के डिस्ट्रिब्यूटर से लेने का विकल्प दिया गया है। अब उपभोक्ता अपने हिसाब से रिफिल बुक करने के लिए डिस्ट्रीब्यूटर का चयन कर सकते हैं। 

पेट्रोलियम राज्य मंत्री ने अपने लिखित जवाब में इस सुविधा के बारे में विस्तार से बताया कि रजिस्टर्ड लॉगिन का उपयोग करके मोबाइल ऐप या ओएमसी वेब पोर्टल के जरिये डिस्ट्रीब्यूटर का चयन कर सकते हैं। इसके साथ ही ग्राहक सिलेंडर डिलीवरी करने वाले वितरक की रेटिंग भी देख सकेंगे। यह रेटिंग डिस्ट्रीब्यूटर के पहले के प्रदर्शन पर आधारित होगी। मतलब ये हुआ कि आप खराब रेटिंग वाले वितरक से पहले ही अलर्ट हो सकते हैं।

मंत्री ने बताया कि रेटिंग के साथ मोबाइल ऐप या तेल कंपनियों के पोर्टल पर वितरकों की पूरी सूची भी दी जाएगी। LPG रिफिल की डिलीवरी के लिए ग्राहक को अपने इलाके की लिस्ट में से किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर को केवल टैप कर या क्लिक कर चुन सकते हैं। ये सुविधा देश के कुछ शहरों में शुरू की गई है लेकिन सरकार का इरादा इसे देश भर में लागू करने का है।

लखनऊ के 45 अस्पतालों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, कहीं डॉक्टर गायब तो कहीं सुविधाएं नदारद, OT में मिलीं बीयर की बोतलें

लखनऊ के 45 अस्पतालों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, कहीं डॉक्टर गायब तो कहीं सुविधाएं नदारद- OT में मिलीं बीयर की बोतलें

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। यूपी की राजधानी लखनऊ में चल रहे निजी अस्पतालों की जिला प्रशासन के छापे में पोल खुल गई। किस तरह निजी अस्पतालों में बड़े पैमाने पर मनमानी और मानकों की अनदेखी कर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ हो रहा है, यह छापेमारी में देखने को मिला। एक साथ 45 निजी अस्पतालों पर जिला प्रशासन ने छापेमारी की तो इलाज के नाम पर लोगों की जिंदगी से हो रहे खिलवाड़ की सच्चाई सामने आ गई।विज्ञापन

जांच टीम को अस्पतालों में काफी अव्यवस्था देखने को मिली। किसी अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिले तो किसी अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर (ओटी) में दवा की जगह बीयर की बोतलें मिली। अधिकांश अस्पताल बिना रजिस्ट्रेशन के ही चल रहे थे। बड़े पैमाने पर मिली नियमों की अनदेखी और लापरवाही पर 29 अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग और लखनऊ जिला प्रशासन की 6 टीमों ने सोमवार को छापेमारी की तो अधिकांश अस्पतालों के पास लाइसेंस ही नहीं मिला। किसी का लाइसेंस एक्सपायर हो चुका था तो किसी अस्पताल में डॉक्टर नहीं थे। एक अस्पताल में बीएससी पास व्यक्ति मरीजों का इलाज कर रहा था। जिला प्रशासन ने सभी अस्पतालाों को नोटिस जारी किया है।

बीयर की बोतलें मिलीं ओटी में
तुलसी एंड ट्रामा सेंटर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने छापेमारी की तो इस दौरान उन्होंने देखा कि ट्रामा सेंटर में चार आईसीयू बेड थे, लेकिन डॉक्टर नहीं थे। यहां ओटी के फ्रिज में बीयर की बोतलें रखी मिलीं। इतना ही नहीं लाइसेंस की वैद्यता भी खत्म हो गई थी। इसी तरह मेडिप्लस एंड ट्रॉमा सेंटर के लाइसेंस की वैद्यता भी खत्म मिली। वहीं मॉडर्न हॉस्पिटल मैटरनिटी एंड ट्रामा सेंटर में छापेमारी के दौरान तीन आईसीयू के बेड मिले, लेकिन एक्स-रे व इमरजेंसी की सुविधाएं नही थीं। डॉक्टर नहीं मिले, स्टॉफ नर्स के पास नर्सिंग की डिग्री तक नहीं थी। इसी प्रकार न्यू एशियन हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में डॉक्टर नहीं थे और बीएससी डिग्रीधारक अस्पताल मालिक प्रेम कुमार वर्मा खुद ही मरीजों का इलाज करते मिले।

कांवड़ यात्रा प्रतिबंध: नाराज व्यापारी बोले, हमें जहर दे दो!

हरिद्वार (एकलव्य बाण समाचार)। कोरोना संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष भी कांवड़ यात्रा रद्द कर दी गई है।

कांवड़ यात्रा रद्द होने से धर्मनगरी हरिद्वार के व्यापारियों में रोष है और व्यापारी लगातार धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ अपना विरोध प्रकट कर रहे हैं। हरिद्वार में अपर रोड पर आक्रोशित युवा व्यापारियों ने “व्यापारियों को जहर दे दो, हम जीना नहीं चाहते” जैसे स्लोगन लिखी तख्तियां हाथ में लेकर उग्र प्रदर्शन किया।

एकलव्य बाण समाचार

Jio का एक और धमाका: अब हासिल करें इमरजेंसी डेटा

अब बिना टेंशन कर सकेंगे इंटरनेट का इस्तेमाल

‘Emergency Data Loan’ की सुविधा

नई दिल्ली (एकलव्य बाण समाचार)। जियो ने इस बार एक शानदार सर्विस Emergency Data Loan’ की शुरूआत की है। अगर आपका डेटा खत्म हो जाए तो आप तुरंत डेटा लोन ले सकते हैं। इसका पेमेंट बाद में किया जा सकता है।

jio offers 5gb data daily in rs 799 know more reliance jio offers at jio  com - Jio ने लॉन्च किया धमाकेदार ऑफर, बस इतने में रोजाना मिलेगा 5 जीबी 4G  इंटरनेट डाटा

यह सुविधा उन ग्राहकों के लिए काफी लाभदायक है, जो डेली मिलने वाले हाई स्पीड डेटा के खत्म होने पर तुरंत रिचार्ज नहीं कर पाते। यह एमरजेंसी डेटा लोन की सुविधा ‘Recharge Now and Pay Later’ की फ्लैक्सिबिलिटी देता है। इसके तहत जियो अपने प्रीपेड यूजर्स को 5 एमरजेंसी डेटा लोन पैक उधार पर लेने की अनुमति देगा, जिसमें 1GB डेटा मिलेगा और इसकी कीमत 11 रुपए होगी।

फॉलो करें डेटा लोन की सुविधा के लिए ये स्टेप्स

1- MyJio App को ओपन करने के बाद पेज के टॉप लेफ्ट में दिए गए ‘menu’ पर जाएं।
2- इसके बाद मोबाइल सर्विस के भीतर दिए गए ‘Emergency Data Loan’ को सिलेक्ट करें।
3- अब एमरजेंसी डेटा लोन बैनर पर दिए गए ‘Proceed’ बटन पर क्लिक करें।
4- उसके बाद ‘Get emergency data’ ऑप्शन को सिलेक्ट करें।
5- अब एमरजेंसी लोन का लाभ लेने के लिए ‘Activate now’ पर क्लिक करें।
6- इसके बाद एमरजेंसी लोन बेनिफिट एक्टिवेट हो जाएगा। नोट- लोन पर लिए गए एमरजेंसी डेटा का पेमेंट भी उसी पेज से किया जा सकता है।

5जी नेटवर्क के खिलाफ जूही चावला पहुंची कोर्ट

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री जूही चावला ने भारत में 5G टेक्नोलॉजी को लागू करने के खिलाफ मुम्बई हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। जूही चावला ने याचिका में भारत सरकार के दूरसंचार मंत्रालय से आम लोगों, तमाम जीव-जंतुओं, वनस्पतियों और पर्यावरण पर 5G टेक्नोलॉजी के लागू किए जाने से पड़ने वाले असर से जुड़े अध्ययन को बारीकी से कराने और ऐसे रिपोर्ट्स के आधार पर भी इसे भारत में लागू करने और नहीं करने को लेकर कोई फैसला करने की अपील की है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जूही चावला ने कहा, ‘हम तकनीक को लागू किए जाने के खिलाफ नहीं हैं। इसके उलट हम टेक्नोलॉजी की दुनिया से निकलने वाले नए उत्पादों का भरपूर लुत्फ उठाते हैं, जिनमें वायरलेस कम्युनिकेशन भी शामिल है। हालांकि इस तरह के डिवाइजों को इस्तेमाल करने को लेकर हम हमेशा ही असमंजस की स्थिति में रहते हैं, क्योंकि वायरफ्री गैजेट्स और नेटवर्क सेल टावर्स से संबंधित हमारी खुद की रिसर्च और अध्ययन से यह पता चलता है कि इस तरह की रेडिएशन लोगों के स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा के लिए बेहद हानिकारक है।’ याचिका पर सुनवाई 2 जून को होगी।

सरसों तेल का तड़का हो गया महंगा

रसोई में लगने वाला सरसों के तेल का तड़का महंगा हो गया

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लखनऊ। रसोई में लगने वाला सरसों के तेल का तड़का महंगा हो गया है। सरसों के दाम करीब सात हजार रुपये प्रति क्विटल पहुंच गए हैं जिससे 190 रुपये प्रति लीटर तेल बिक रहा है। सतना व कानपुर की मंडी से माल न मिलने के कारण तेल की मंहगाई आसमान छू रही है।

ऐसे में बाहर की मंडियों से माल नहीं मिल रहा। जिससे बाजार में कई चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। मंहगाई का सबसे ज्यादा बोझ सरसों के तेल पर पड़ा है। मध्यप्रदेश के सतना व कानपुर मंडी से सरसों तेल न आने के कारण दाम में अचानक तेजी आ गई है। एक माह के अंदर प्रति क्विटल डेढ़ हजार से अधिक कीमत बढ़ गई है। लगातार सरसों के तेल की कीमतें बढ़ने से मध्यम वर्गीय घरों की रसोई में दाल, साग, भाजी में लगने वाला छौंका महंगा हो गया है। अप्रैल में सरसों की कीमत प्रति क्विंटल 5200 रुपए थी, जो मई में 6800 से 7000 रुपए तक हो गई है। सरसों तेल के व्यवसायी श्यामू चौरसिया का कहना है कि सरसों की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि होने के चलते 190 रुपए प्रति किलो तेल की बिक्री हो रही है, जबकि बीते वर्ष इसकी कीमत 120 रुपए प्रति किलो ही थी।

फसल में नहीं घटे दाम, और मंहगा हो सकता है तेल

मार्च-अप्रैल के मध्य किसान इसकी मड़ाई कर बाजार में बेचते हैं। देखा जाए तो यही बिक्री का समय है। मंडी से लेकर फुटकर दुकानदारों के यहां किसान बिक्री कर भी रहे हैं। लोगों का कहना है कि फसल की आवक का समय है, जब अभी तेल व सरसों के दाम इतने महंगे हैं तो आगे महंगाई और बढ़ सकती है।

कोरोना काल में हमें महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। सरसों तेल किचन के लिए सबसे आवश्यक है, वह भी महंगा हो गया है। -आशा पांडेय, गृहणी

मंहगाई में किचन का बजट संभालना मुश्किल हो गया है। बहुत संभाल कर किसी प्रकार घर परिवार चला रहे हैं। -महिमा मिश्रा, गृहणी

व्यवसायियों के पास महंगे दाम पर सरसों मिल रहा है, जिससे सरसों तेल की कीमत में तेजी आ रही है। सरकार को आवश्यक कदम उठाना चाहिए। कानपुर समेत अन्य मंडियों से खरीदारी न होने के चलते कीमतों में तेजी है। –मुन्ना चौरसिया, तेल व्यापारी

बंद रही शराब की दुकानों का कोटा व लाइसेंस फीस माफ करे सरकार

बंद रही शराब की दुकानों का कोटा व लाइसेंस फीस माफ करे सरकार

आबकारी विभाग के उच्च अधिकारियों से शराब एसोसिएशन ने की मांग

प्रतिनिधिमंडल उच्च अधिकारियों से मिलकर अपनी समस्याओं को कराएगा अवगत

लखनऊ। शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से लॉकडाउन में बंद रहे शराब की दुकानों की लाइसेंस फीस और निर्धारित कोटा माफ करने की मांग की है। एसोसिएशन के महामंत्री कन्हैयालाल मौर्या, उपाध्यक्ष विकास श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से बताया कि कोरोना महामारी के चलते प्रदेश सरकार द्वारा घोषित कोरोना कर्फ्यू में प्रदेश भर की शराब की दुकानें बंद रहीं। शराब की दुकानों का खुलने का समय भी कम होने के कारण निर्धारित मासिक कोटा उठान में लाइसेंस धारकों को समस्या हो रही है। श्री मौर्य ने बताया कि शहरों में कामगार मजदूरों की उपस्थिति ना के बराबर होने के कारण गांव की अपेक्षा शहरों में शराब की बिक्री घट गई है। इस कारण लाइसेंस धारक अपना निर्धारित कोटा नहीं उठा पा रहे हैं। लाइसेंस फीस व कोटा उठाने में छूट देने के लिए आबकारी विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र प्रेषित किया गया है। एक प्रतिनिधिमंडल उच्च अधिकारियों से मिलकर अपनी समस्याओं को अवगत कराएगा।

कारोबारियों में नीरज जयसवाल, शिव कुमार जायसवाल, शंकर कनौजिया, नितिन जायसवाल, सचिन जयसवाल, धर्मेंद्र सिंह, संजय, रमेश जायसवाल, सुभाष जायसवाल, मनीष जायसवाल, जय जायसवाल मीडिया प्रभारी देवेश जायसवाल ने भी कोटा और लाइसेंस फीस में छूट देने की मांग की है।

थोक व फुटकर सब्जी विक्रेताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त

थोक व फुटकर सब्जी विक्रेताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त। सुबह से फिर हो जाएगा कामकाज शुरु।

बिजनौर। आढ़त एसोसिएशन धामपुर थोक एवं फुटकर विक्रेताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त हो गई है। स्थानीय प्रशासन ने 24 मई से रात्रि 3 बजे से सुबह 7 बजे तक बड़ी मण्डी में सब्जी व्यापार करने का आदेश जारी कर दिया है। इस कारण सब्जी आढ़त एसोसिएशन ने स्थानीय प्रशासन का आदेश मानकर हड़ताल खत्म कर सब्जी व्यापार सुचारू रूप से शुरु करने की घोषणा कर दी।

विदित हो कि कोरोना महामारी के चलते बड़ी मंडी क्षेत्र में नितिन शर्मा (40 वर्ष), गौरव अग्रवाल (35 वर्ष), श्रीमती यशोदा मोदी (70 वर्ष), श्रीमती सारिका गुप्ता (50 वर्ष), दिनेश कुमार अग्रवाल (60 वर्ष) की मौत हो चुकी है और इस क्षेत्र में काफी लोग बीमारी से ग्रस्त है। इस मामले में क्षेत्र के लोगों द्वारा की गयी शिकायत के बाद स्थानीय प्रशासन ने बड़ी मण्डी में संचालित थोक एवं फुटकर व्यापार को पिछले साल की भांति केएम इंटर कालेज के मैदान ले जाने का आदेश जारी कर दिया था। इसके बाद गत 21 मई से सब्जी थोक एवं फुटकर विक्रेताओं ने अनिश्चितकालीन बन्द करने की घोषणा कर दी थी। लगातार तीन दिन से सब्जी आढ़त एसोसिएशन से जुड़े थोक एवं फुटकर विक्रेता हड़ताल पर चल रहे थे। इस कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना उठाना पड़ रहा था। स्थानीय प्रशासन ने काफी कोशिश की, कि बड़ी मण्डी से सब्जी व्यापार बाहर ले जाए पर कामयाबी नहीं मिली। आखिरकार स्थानीय प्रशासन ने सब्जी आढ़त एसोसिएशन धामपुर से जुड़े थोक एवं फुटकर विक्रेताओं को 24 मई से रात्रि 3 बजे से सुबह 7 बजे तक सब्जी कार्य बड़ी मण्डी में करने की इजाजत दे दी। यह जानकारी सब्जी आढ़त एसोसिएशन धामपुर के अध्यक्ष खुशीराम सैनी, हैदर अली आढ़ती, अबरार अहमद ने देते हुए बताया कि हड़ताल वापिस ले ली है, क्योंकि स्थानीय प्रशासन ने हमें उसी स्थान पर सब्जी व्यापार करने की इजाजत दे दी है। बस समय में परिवर्तन किया गया है। उन्होंने सभी नगरवासियों से संयम बरतने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

सुबह 7 से 11 मिलेगी सब्जी धामपुर बड़ी मण्डी में थोक सब्जी व्यापार का समय निर्धारित होने के बाद 24 मई से फुटकर सब्जी विके्रताओं का भी समय निर्धारित कर दिया गया है, जो प्रतिदिन सुबह 7 बजे से पूर्वान्ह 11 बजे तक रहेगा। नगर की जनता उक्त निर्धारित समयावधि में फुटकर विक्रेताओं से सब्जी की खरीदारी कर सकती है। 

राजधानी लखनऊ में खुली शराब की दुकानें

राजधानी लखनऊ में खुली शराब की दुकानें

शराब कारोबारियों और शराब के शौकीनों को मिली राहत

शराब एसोसिएशन ने चलाया शराब की दुकानों पर जागरूकता अभियान

लखनऊ। शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन ने कोविड-19 का पालन करने के लिए तथा आबकारी विभाग के सहयोग व ग्राहकों की सुरक्षा का अभियान चलाया। नि:शुल्क मास्क तथा शराब की दुकानों पर मास्क नहीं तो शराब नहीं, बगैर मास्क शराब की दुकानों पर प्रवेश नहीं का स्टीकर तथा पोस्टर लगाकर जागरूक किया गया।

एसोसिएशन के महामंत्री कन्हैयालाल मौर्या ने बताया आज एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने हुसैनगंज, लाल कुआं, हजरतगंज, नरही, लालबाग, आशियाना, केशव नगर, चारबाग तथा सहारागंज में शराब की दुकानों पर स्टिकर और बैनर लगाकर 2 गज की दूरी , मास्क है जरूरी की अपील की । मौर्य ने बंद पड़ी शराब की दुकानें खोलने के लिए आबकारी विभाग उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया।

जागरूकता अभियान में शराब एसोसिएशन के पदाधिकारी कन्हैयालाल मौर्या, विकास श्रीवास्तव, नीरज जयसवाल, शंकर कनौजिया, सचिन जायसवाल कोषाध्यक्ष, कुमार जयसवाल, शुभम मौर्या, संजय जायसवाल तथा मीडिया प्रभारी देवेश जयसवाल प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

घंटों बसें रोककर बनवा रहे उत्तराखंड में आवागमन को ई-पास

उत्तराखंड में आवागमन को घंटों बसें रोककर बनवा रहे ई-पास
बिजनौर। वैश्विक महामारी कोरोना के चलते रोजी-रोटी के जुगाड़ में लगे लोग बसों में सवार होकर एक राज्य से दूसरे राज्य में कारोबार के लिए आवागमन कर रहे हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड में प्रवेश के लिए आवश्यक ई-पास को बनवाने के लिए बसों के चालक-परिचालक घंटों बसों को भागूवाला क्षेत्र में रोककर यात्रियों के ई-पास बनवाने में लगे हुए हैं। इसके चलते क्षेत्र में कोरोना संक्रमण के फैलने का खतरा बना हुआ है। लॉकडाउन के दौर में भी लोग अपनी रोजी रोटी को लेकर परेशान हैं, जिसके चलते बड़ी संख्या में मजदूर पेशा लोग उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश में चल रही फैक्ट्रियों में कामकाज के सिलसिले में उत्तर प्रदेश राज्य सडक़ परिवहन निगम व उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों से यात्रा कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के कोरोना संक्रमण की अधिक दर वाले क्षेत्रों से बड़ी संख्या में यात्री लखनऊ डिपो, सीतापुर डिपो, चारबाग डिपो आदि की बसों में सवार होकर उत्तराखंड में पहुंचने के लिए आ रहे हैं। तहसील के भागूवाला क्षेत्र में कई लोगों ने ई-पास जारी करने का धंधा शुरु किया हुआ है। जहां यात्रियों से एक ई-पास बनवाने के लिए 80 से लेकर एक सौ रुपए तक वसूले जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश राज्य सडक़ परिवहन निगम के कई डिपो के चालक व परिचालक भी यात्रियों के ई-पास बनवाने के लिए अपनी बसों को ई-पास बनाने वालों के स्थान पर ले जाकर घंटों खड़ा कर देते हैं। बसों से यहां पहुंचने वाले यात्री सामान आदि की खरीददारी के लिए इधर-उधर क्षेत्र में घूमते रहते हैं। साथ ही बस चालक-परिचालक बसों को रास्ते में खाने की व्यवस्था के लिए चोरी-छिपे संचालित होटलों पर भी रोक रहे हैं। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को कोरोना संक्रमण के फैलने का खतरा बना हुआ है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि ई-पास बनाने वालों तथा होटल संचालित करने वालों ने बसों के चालकों व परिचालकों से सांठगांठ की हुयी है। इसके चलते चालक-परिचालक बसों को घंटों उनके यहां लाकर खड़ा कर देते हैं।

क्षेत्रीय नागरिकों पुष्पेंद्र, सत्यम, रईस, शहजाद, मुकेश आर्य, मुकेश राजपूत का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर में कोरोना संक्रमण ने गांवों तक दस्तक दे दी है। ऐसे में कोरोना संक्रमण के अधिक मामलों वाले प्रदेश की राजधानी लखनऊ आदि क्षेत्रों से आने वाले लोगों का क्षेत्र में इस तरह व घंटों खुलेआम घूमने से क्षेत्र में कोरोना संक्रमण के खतरे को बढ़ावा देने वाला मान जा रहा है। उन्होंने बाहर से आने वाली बसों को क्षेत्र में न रोके जाने की मांग की है।

11 दिन बाद दुकानें खुलते ही सुरा प्रेमियों का धावा

लखनऊ। कोरोना संक्रमण के कारण प्रदेश में जारी कोरोना कर्फ्यू के दौरान आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में शराब को भी शामिल किया गया है।

प्रदेश में 11 दिन से बंद शराब की दुकानें मंगलवार को कुछ जिलों में खोली गई। इस दौरान वहां पर भारी भीड़ उमड़ी।  सूत्रों का कहना है कि जिलों में शराब की दुकानों को खोलने का फैसला सभी जिलाधिकारियों पर छोड़ दिया गया है।

यही वजह है कि कई शहरों में मंगलवार से शराब की दुकानें खोल दी गईं हैं। कई जगह पर इनको सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक खोले जाने का निर्देश है तो कुछ जगहों पर दोपहर 12 बजे से शाम को छह बजे तक का समय है। कानपुर में शराब की दुकान खोलने का समय सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक तय किया गया है। राजधानी लखनऊ सहित अन्य जिलों में दुकानें बुधवार से खुलेंगी। जिन शहरों में आज शराब की दुकानें खुली हैं, वहां पर लम्बी लाइन लगी है। देशी के साथ ही विदेशी शराब की दुकानों पर लोग कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे।

अब चंद सेकंड में COVID-19 की जांच संभव!

मुकेश अंबानी ने खरीदी इजराइल से टेक्‍नोलॉजी, भारत में लाने के लिए मांगी अनुमति। इजरायल के चिकित्सा प्रौद्योगिकी कंपनी के विशेषज्ञों की टीम भारत में रिलायंस की टीम को अपनी नवोन्मेषी प्रणाली के बारे में प्रशिक्षण देगी।

नई दिल्‍ली। अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी के नेतृत्‍व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने इजरायल के विशेषज्ञों की एक टीम को भारत आने की अनुमति दिए जाने की मांग की है। विशेषज्ञों की यह टीम कोविड-19 की त्वरित पहचान के उपकरण भारत में स्थापित करेगी। रिलायंस ने इस प्रणाली को इजरायल के एक स्टार्ट-अप से डेढ़ करोड़ डॉलर में हासिल किया है।

रिलायंस समूह ने जनवरी में बीओएच के साथ उसकी सांस के जरिये कोविड-19 का परीक्षण करने की प्रणाली को लेकर डेढ़ करोड़ डॉलर का समझौता किया है। समझौते के मुताबिक इस प्रणाली के जरिये रिलायंस इंडस्ट्रीज बड़े पैमाने पर कोविड-19 की जांच कर सकेगी। कंपनी डेढ़ करोड़ डॉलर में ऐसी कई प्रणाली इजरायल से खरीदेगी, जिससे एक करोड़ डॉलर मासिक की लागत पर लाखों परीक्षण किए जा सकेंगे। बीओएच ने सांसों के जरिये परीक्षण की यह प्रणाली विकसित की है, जिसकी सफलता दर 95 प्रतिशत तक बताई जाती है।

कंपनी सूत्रों ने बताया कि ब्रेथ ऑफ हेल्थ (बीओएच) के एक प्रतिनिधिमंडल को रिलायंस के आग्रह पर पहले ही आपात मंजूरी दी जा चुकी है। इजरायल के चिकित्सा प्रौद्योगिकी कंपनी के विशेषज्ञों की टीम भारत में रिलायंस की टीम को अपनी नवोन्मेषी प्रणाली के बारे में प्रशिक्षण देगी। यह प्रणाली कोरोना वायरस से ग्रसित लोगों और मरीजों के बारे में शुरुआती स्तर पर ही पहचान कर देगी। प्रणाली कुछ ही सेकंड में परिणाम बता देती है। बहरहाल, इजरायल ने अपने नागरिकों को दुनिया के सात देशों में जाने से मना किया हुआ है। भारत भी इन सात देशों में शामिल है, जहां कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

शराब कारोबारियों ने दुकानें खोलने की रखी मांग

शराब कारोबारियों ने दुकानें खोलने की रखी मांग।

शराब एसोसिएशन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को लिखा मांग पत्र।

100 करोड़ से अधिक का हो रहा है रोजाना यूपी को नुकसान।

लखनऊ (9 मई 2021) शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बंद पड़ी शराब की दुकानों को खोलने की मांग की है। उनका कहना है कि शासनादेश में लॉक डाउन के दौरान दुकान बंद रखने का कोई स्पष्ट आदेश नहीं है। बंदी से यूपी को रोजाना एक सौ करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हो रहा है।

एसोसिएशन के महामंत्री कन्हैयालाल मौर्या ने बताया प्रदेश में पंचायत चुनाव के पहले से कोरोना महामारी के कारण घोषित लॉक डाउन कर्फ्यू में शराब की दुकानें बंद हैं। शराब की दुकानें बंद करने का शासन द्वारा शासनादेश में कोई उल्लेख नहीं किया गया है और ना ही आबकारी विभाग के अधिकारियों द्वारा लाइसेंस धारकों को दुकान बंद करने का कोई आदेश दिया गया है। इससे शराब लाइसेंस धारकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पूरे प्रदेश से शराब कारोबारी दुकानें खोलने की मांग प्रदेश सरकार से कर रहे हैं। श्री मौर्य ने बताया कि रोजाना 100 करोड़ से ज्यादा का नुकसान यूपी में हो रहा है। शराब की दुकानें बंद होने से निर्धारित मासिक कोटा और लाइसेंस फीस की चिंता सता रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री, आबकारी सचिव तथा आबकारी आयुक्त को पत्र लिखकर शराब की दुकानें खोलने की मांग रखी गई है। पत्र पर एसोसिएशन के पदाधिकारी कन्हैयालाल मौर्या, उपाध्यक्ष विकास श्रीवास्तव, नीरज जायसवाल, शंकर कनौजिया, नितिन जायसवाल, जय जायसवाल शिवकुमार, देवेश जायसवाल के हस्ताक्षर हैं।

Coronavirus के खात्मे को इन्हेलर, ट्रायल जारी

Coronavirus को शरीर से खत्म करेगा ये इनहेलर, ट्रायल के बाद जल्द होगी उपलब्ध

नई दिल्ली। कोरोना महामारी से निपटने के लिए पूरे विश्व में खोज जारी है, इसके सटीक इलाज की भी तलाश हो रही है। अब इसके इलाज को लेकर एक बड़ी उम्मीद बंधी है। वैज्ञानिकों ने ऐसा इनहेलर विकसित किया है जो किलर कोरोना के पहले लक्षण का मजबूती से सामना कर सकता है। वैज्ञानिक अब इस इनहेलर की फाइनल टेस्टिंग में जुट गए हैं।

ट्रायल में 220 मरीज शामिल

कोविड-19 के मरीजों के लिए ब्रिटिश कंपनी सिनायर्जन द्वारा बनाए गई इस खास तकनीक का नाम SNG001 इनहेलर है। SG016 नाम के इस ट्रायल में 220 मरीज शामिल हैं, जिन्हें उनके लक्षण दिखने के बाद तीन दिन के भीतर इनहेलर दिया जाएगा।

फेफड़ों में पड़ने वाले प्रभाव से होगा बचाव

सिनायर्जन के सीईओ रिचर्ड मार्डसन ने कहा है कि SG016 ट्रायल के विस्तार से वे बेहद खुश हैं। इससे हम काफी जल्दी घरेलू एनवायरोमेंट में ही ड्रग को टेस्ट करने में कामयाब हो सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘हमें इस ट्रायल से बड़ी उम्मीद है। यदि इस ट्रायल में सफलता मिली तो हम बीमारी के कारण फेफड़ों और रेस्पिरेटरी सिस्टम पर पड़ने वाले प्रभाव से शरीर को बचा पाएंगे।’ इस दौरान 98 रोगियों को इसका डोज दिया गया। अब इसका टॉप लाइन डेटा जुलाई में जारी किया जाएगा।

एंटी-वायरल प्रतिक्रियाओं को करता है टारगेट

इनहेलर में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले प्रोटीन (इंटरफेरॉन बीटा,आईएफएन-बीटा) को सीधे फेफड़ों में उतारता है। यह शरीर की एंटी-वायरल प्रतिक्रियाओं को टारगेट करता है। ये न सिर्फ सेल्स डैमेज होने से बचाता है, बल्कि वायरस को नकल करने से भी रोकता है। कंपनी का दावा है कि दुनिया भर में फैलती इस महामारी के बीच SNG001 इनहेलर एक बड़ा रोल अदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि ट्रायल की कामयाबी के बाद ये इनहेलर पूरे ब्रिटेन में लोगों के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा।

जमाखोरी से मेडिकल स्टोर्स पर जीवन रक्षक दवाइयों की किल्लत

जमाखोरी से मेडिकल स्टोरों पर जीवन रक्षक दवाइयों का टोटा। दहशत में जरूरत से अधिक दवाईयों की खरीद रहे लोग

लखनऊ। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले और सरकार द्वारा रोकथाम के प्रयास के बीच मेडिकल स्टोर्स से दवाइयां भी कम होती जा रही हैं। मांग के हिसाब से आपूर्ति न होना व कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन के समय दवाइयों की अचानक जरूरत की बात सोचकर लोग आवश्यकताओं से अधिक दवाइयों की खरीदकर उसका स्टॉक कर रहे हैं। लोगों की यह जमाखोरी आम इंसान के लिए समस्या बनती जा रही है। बाजार से गायब होने के कारण लोगों को यह दवाएं उपलब्ध नहीं हो रही। 

सामान्यतः प्रयोग होने वाली दवाइयां लगभग सभी मेडिकल स्टोर्स पर मिल जाती हैं। कुछ विशेष दवाइयों को मेडिकल स्टोर्स संचालकों द्वारा नोट करवा कर अगले दिन उपलब्ध करवा दिया जाता है। नियमित दवाइयों का सेवन करने वालों के लिये अधिकतर दवाइयां उनके लिये जीवन रक्षक दवाइयां जैसी ही होती है। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के अलावा रक्तचाप, मधुमेह, थायरायड जैसे रोगों से पीड़ितों को लगातार दवाइयों का सेवन करना होता है। इसके अलावा सर्दी, बुखार, पेट दर्द जैसी सामान्य दवा व सर्जिकल आदि के केस वालों की दवाइयां होती है जो कि अल्प अवधि के लिये इस्तेमाल की जाती है। कोविड-19 के सेकेंड स्ट्रीम की गंभीरता और लगातार संक्रमण की बढ़ोत्तरी ने लोगों के दिलो में दहशत भर दी है। लोगों के लागतार संक्रमित होने का सिलसिला थमने का नाम नही ले रहा है। दूसरी ओर बिना किसी टेस्ट और लक्षण वाले व्यक्तियों की सांस लेने की दिक्कत से होने वाली मौतों ने लोगो के माथे पर चिंता की लकीरें गहरा दी है।

कोविड मरीजों को सुगमता से इलाज मिल सके, इसके लिये सरकारी अस्पतालों में ओपीडी लगभग बन्द है। अब निजी चिकित्सकों ने भी ओपीडी या तो बन्द कर रखी है या फिर सीमित कर दी है। ऐसे में नियमित मरीजों को इलाज में दिक्कत हो रही है और वह दवाई कराने के लिये झोलाछापों या मेडिकल स्टोरों के ही भरोसे है। कोविड संक्रमण का असर कहा जाये या मौसम का मिजाज, लगभग सभी के घरों में खांसी, जुखाम, बुखार के मरीज हैं। ऐसे में मेडिकल स्टोर्स से दवाइयों की खरीद बढ़ गयी है। मेडिकल स्टोर्स में दवाइयों की जबरदस्त किल्लत देखने को मिल रही है। एक मेडिकल एजेंसी के संचालक ने बताया कि लॉकडाउन होने की वजह से दवाइयों के आने में समस्या आ रही है। कुछ एक दवाइयों की ऊपर से भी कम सप्लाई मिल रही है। लोगों की आवश्यकताओं से अधिक दवाइयों की खरीद की वजह से भी दवाइयों की कमी सामने आ रही है। शुगर, बीपी, हार्ट आदि में काम आने वाली दवाइयां जैसे ग्लाइकोमेट, ग्लाइकोमेट 0.5, ग्लाइमेट एमएक्स एवं चिकित्सकों द्वारा पैरासीटामाल डोलो 650, कालपाल समेत कई दवाइयों की खपत बढ़ गई है। इसके अलावा खांसी के सीरप आदि की मांग अधिक है।

अब शराब पर भी कोरोना की मार, सरकार ने लगाया कोविड सेस

कोरोना ने सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त कर के रख दी हैं। यही हाल अर्थव्यवस्था का भी है। इसी के चलते राजस्व घाटे को पूरा करने के लिए प्रदेश की योगी सरकार ने शराब की कीमतों में बढ़ोत्तरी कर दी है। सरकार ने आबकारी नीति 2021-22 में संशोधन करते हुए विशेष अतिरिक्त कोविड सेस लगा दिया है। शराब अब प्रति 90 एमएल पर 10 रुपए से लेकर 40 रुपए तक महंगी हो गई है।

लखनऊ। कोरोना की दूसरी लहर के प्रकोप के बीच बढ़ते राजस्व घाटे को पूरा करने के लिए प्रदेश की योगी सरकार ने शराब की कीमतों में बढ़ोत्तरी कर दी है। दरअसल, सरकार ने आबकारी नीति 2021-22 में संशोधन करते हुए विशेष अतिरिक्त कोविड सेस लगा दिया है। इसकी वजह से शराब अब 10 रुपए से लेकर 40 रुपए तक महंगी हो गई है।

कोरोना की पहली लहर में भी यह अतिरिक्त सेस लगाया गया था, लेकिन उसे मौजूदा सत्र में समाप्त कर दिया गया था। आबकारी नीति 2021-22 में हुए संशोधन के मुताबिक रेगुलर केटेगरी की शराब पर प्रति 90 एमएल 10 रुपए कोविड सेस लगाया गया है।

इसी तरह प्रीमियम केटेगरी शराब पर भी प्रति 90 एमएल 10 रुपए बढ़ोत्तरी की गई है। सुपर प्रीमियम पर प्रति 90 एमएल 20 रुपए, स्कॉच पर प्रति 90 एमएल 30 रुपए और विदेशों से आयातित शराब पर भी प्रति 90 एमएल 40 रुपए अतिरिक्त कोविड सेस लगाया गया है। इस संबंध में सोमवार को शासनादेश जारी कर दिया गया।

इससे पहले यूपी सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 की शुरुआत होते ही शराब के दाम बढ़ाए थे। दूसरे देशों से आने वाली स्कॉच, वाइन, व्हिस्की, वोदका समेत अन्य सभी शराबों पर परमिट फीस को बढ़ा दिया था। 1 अप्रैल 2021 को आए सर्कुलर के मुताबिक, यूपी में अंग्रेजी शराब के दामों पर 15 से 20 फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी, वहीं बीयर की कीमतों में 10 से 20 रुपए की कमी की गई थी। इसके साथ ही नियम बना दिया गया था कि यूपी में एक अप्रैल से 21 वर्ष से कम उम्र का व्यक्ति शराब नहीं खरीद पाएगा।

सिर्फ रेमडेसिविर ही नहीं, सस्ती सी ये गोली भी बचा सकती है जिंदगी!

बेंगलूरु। कोविड के गंभीर मरीजों के उपचार के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन (Remdesivir Injection) को लेकर देश भर में अफरा-तफरी का माहौल है। कई चिकित्सकों ने इसके उपलब्ध नहीं होने की बात कही है। कालाबाजारी जारी है। लोग हजारों रुपए में इस इंजेक्शन को खरीदने में मजबूर हो रहे हैं। इस बीच, नकली इंजेक्शन बेच कर लोगों की जान से खिलवाड़ के भी मामले सामने आए हैं। हालांकि, कई चिकित्सकों ने साफ किया है कि इस इंजेक्शन का कोई विशेष फायदा नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इसे उपचार प्रोटोकॉल से बाहर रखा है। केंद्र और राज्य सरकार भी यही बात कह रही है। अब भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR – आइसीएमआर) और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS – एम्स), नई दिल्ली ने भी नए उपचार प्रोटोकॉल में इसे शामिल किया है।

जीवनदायी साबित हो रही एक सस्ती गोली

ऐसे में एक बेहद सस्ती और आसानी से उपलब्ध इंजेक्शन व गोली डेक्सामेथासोन ( Dexamethasone) चर्चा का विषय बनी हुई है। कोविड मरीजों के उपचार में यह बेहद कारगर और जीवनदायी साबित हो रही है। चिकित्सकों के अनुसार कोविड के गंभीर मरीजों में रेमडेसिविर की एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (Acute Respiratory Distress Syndrome ) को रोकने में कोई विशेष भूमिका नहीं है। इसके मुकाबले डेक्सामेथासोन अधिक कारगर है।

दो हजार मरीजों पर हुआ शोध- हाल ही में ब्रिटेन के विशेषज्ञों ने दावा किया है कि दुनिया भर में बेहद सस्ती और आसानी से मिलने वाली दवा डेक्सामेथासोन कोरोना वायरस से संक्रमित और गंभीर रूप से बीमार मरीजों की जान बचाने में मदद कर सकती है। शोधकर्ताओं का अनुमान है कि अगर इस दवा का इस्तेमाल ब्रिटेन में संक्रमण के शुरुआती दौर से ही किया जाता तो करीब 5,000 लोगों की जान बचाई जा सकती थी। ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी की एक टीम ने अस्पतालों में भर्ती 2,000 मरीजों को यह दवा दी और उसके बाद इसका तुलनात्मक अध्ययन उन 4,000 मरीजों से किया, जिन्हें दवा नहीं दी गई थी। जो मरीज वेंटिलेटर पर थे, उनमें इस दवा के असर से 40 फीसदी से लेकर 28 फीसदी तक मरने का जोखिम कम हो गया और जिन्हें ऑक्सीजन (OXYGEN) की जरूरत थी उनमें ये जोखिम 25 फीसदी से 20 फीसदी तक कम हुआ। शोधकर्ताओं के मुताबिक कोरोना वायरस संक्रमण शरीर में इनफ्लेमेशन यानी सूजन बढ़ाने की कोशिश करता है। जबकि डेक्सामेथासोन इस प्रक्रिया को धीमी करने में असरदार पाई गई। बेहद सस्ती होने के कारण यह दवा गरीब मरीजों व देशों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। हालांकि, कुछ चिकित्सकों का कहना है कि रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ डेक्सामेथासोन बेहद प्रभावी है। कई मामलों में दोनों की जरूरत पड़ती है।

1960 के दशक से इस्तेमाल जारी– भारत में डेक्सामेथासोन का इस्तेमाल 1960 के दशक से जारी है। अनुमान है कि भारत में डेक्सामेथासोन की सालाना बिक्री 100 करोड़ रुपए से भी ज्यादा है। भारत सरकार के ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर पॉलिसी के तहत इस दवा की गोलियों के पत्ते और इंजेक्शन पांच रुपए से लेकर 10 रुपए के भीतर खरीदे जा सकते हैं।

गौरतलब है कि बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका सहित प्रदेश के कई निकायों की ओर से होम आइसोलेशन में रहने वाले कोरोना संक्रमितों को दिए जाने वाले दवा के किट में यह दवा शामिल है।

रेमडेसिविर जीवनरक्षक दवा नहीं– कर्नाटक राज्य के स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ के. सुधाकर जो पेशे से चिकित्सक भी हैं, कहते हैं कि प्रचार के कारण रेमडेसिविर की मांग ज्यादा है। हालांकि, यह जीवनरक्षक दवा नहीं है। इससे ज्यादा प्रभावी है स्टेरॉयड। डेक्सामेथासोन इनमें से एक है। डेक्सामेथासोन की एक गोली 50 पैसे में उपलब्ध है। रेमडेसिविर की मांग है इसलिए सरकार इसकी भी आपूर्ति करेगी।

सबसे सस्ती,आसानी से मिलने वाली दवा– डेक्सामेथासोन स्टेरॉयड देश में काफी आम है। यह सबसे सस्ती और आसानी से मिलने वाली दवा और इंजेक्शन है। कोविड के उपचार में स्टेरॉयड कारगर है। कोविड के मध्यम व गंभीर मरीजों के उपचार में डेक्सामेथासोन असरदार है। इसके प्रमाण भी हैं। कई मरीजों का फायदा हुआ है। इसके इस्तेमाल को बढ़ावा देने की जरूरत है। चिकित्सकों की सलाह पर ही यह दवा लेनी चाहिए। चिकित्सकों को तय करना होगा कि किसी मरीज को यह दवा कब देनी है।” डॉ. सोनल अस्थाना, यकृत रोग विशेषज्ञ, एस्टर सीएमआइ अस्पताल

मरीज की हालत व चिकित्सक पर निर्भर– गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव कुमार हिरेमठ ने बताया कि रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ स्टेरॉयड प्रभावी है। डेक्सामेथासोन भी एक स्टेरॉयड है। कोविड के मध्यम से गंभीर मरीजों के उपचार में इसका इस्तेमाल हो सकता है। दवाओं का विकल्प मरीज की हालत व चिकित्सकों पर निर्भर करता है।” डॉ. संजीव कुमार हिरेमठ, गुर्दा रोग विशेषज्ञ, सागर अस्पताल

हल्के लक्षण वाले मरीजों को जरूरत नहीं-“कोविड के मध्यम व गंभीर मरीजों के उपचार में ही डेक्सामेथासोन का इस्तेमाल होना चाहिए। याद रहे यह खुद से लेने वाली दवा नहीं है। घरों में 10 दिन के लिए क्वारंटाइन कोविड के हल्के लक्षण वाले मरीजों को इसकी जरूरत नहीं है। डेक्सामेथासोन एक ऐसी दवाई है जिसे निश्चित समय पर दिया जाए, तो अच्छे परिणाम आते हैं। चिकित्सक मरीज की स्थिति को ध्यान में रखकर इस इंजेक्शन के बारे में बता सकते हैं।” डॉ. जी. बी. सत्तूर, सदस्य, कोविड-19 विशेषज्ञ समित

एक-एक सांस के लिए भटक रहे तीमारदार!

ऑक्सीजन की किल्लत से तीमारदार खासे परेशान। नजीबाबाद क्षेत्र में संचालित एकमात्र फैक्ट्री बंद। हल्दौर से आपूर्ति को इंकार पर बैरंग लौटे तीमारदार।

बिजनौर। जनपद में ऑक्सीजन की कमी न होने के प्रशासन और राज्य नोडल अधिकारी के सभी दावे उस समय हवा-हवाई हो गए जब नजीबाबाद के कोरोना संक्रमित मरीजों के तीमारदारों को हल्दौर से भी बिना ऑक्सीजन दिए बैरंग लौटा दिया गया। दरअसल यह किल्लत नजीबाबाद क्षेत्र में चल रहे ऑक्सीजन प्लांट के एकाएक बंद हो जाने से सामने आयी है, जिसे लेकर लोग खासे परेशान घूम रहे हैं। शुक्रवार को भी दूसरे दिन नजीबाबाद के कोरोना संक्रमित मरीजों के तीमारदारों को ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं हो पायी। दरअसल नजीबाबाद-नगीना वाया बुंदकी मार्ग पर ग्राम सिकन्दरपुर बसी क्षेत्र में चल रहे गोयल इंडस्र्टियल (ऑक्सीजन) प्लांट से नजीबाबाद क्षेत्र के कोरोना संक्रमित लोगों को ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही थी। उपजिलाधिकारी नजीबाबाद परमानंद झा ने कोरोना संक्रमितों को ऑक्सीजन की कमी से न जूझने की शिकायतों को गंभीरता से लिया था। इसके विगत सप्ताह ही उन्होंने उक्त गैस प्लांट पर पहुंचकर जांच की और ऑक्सीजन की कॉमर्शियल सप्लाई बंद करा दी थी। यही नहीं अन्यत्र भेजी जा रही ऑक्सीजन पर भी पाबंद लगा दी थी। एसडीएम ने प्लांट पर पुलिसकर्मी भी तैनात कर दिए थे। इसके अलावा कोरोना संक्रमित रोगियों के तीमारदारों की ओर से दिए गए प्रार्थनापत्र के आधार पर उक्त प्लांट से ऑक्सीजन गैस की आपूर्ति कराया जाना प्रारंभ कर दिया था। गुरुवार को गोयल इंडस्ट्रीयल प्लांट के स्वामी हर्ष गोयल ने अपनी ऑक्सीजन उत्पादक इकाई के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया, जिसमेें अंग्रेजी व हिंदी में ऑक्सीजन गैस उपलब्ध न करा पाने के लिए लिखा गया। गैस उत्पादक इकाई की ओर से जानकारी दी गयी है कि ऑक्सीजन गैस निर्माण के लिए कच्चे माल के रूप में उपयोग की जाने वाली तरल चिकित्सा आक्सीजन की कमी है, इसलिए कारखाने को अस्थाई रूप से बंद कर दिया जाता है, जब तक कि आगे की सूचना नहीं दी जाती है। वहीं गैस प्लाट के बंद हो जाने से नजीबाबाद क्षेत्र में भी आक्सीजन गैस की कमी होने की वजह से कोरोना संक्रमितों के तीमारदार इधर-उधर भटक रहे हैं।

हल्दौर से लौटाया बैरंग! बताया जाता है कि तहसील नजीबाबाद की ओर से कुछ लोगों को ऑक्सीजन गैस लेने के लिए पत्र लिखकर हल्दौर भेजा गया। जहां से उन्हें ऑक्सीजन गैस उपलब्ध न कराकर बैरंग लौटा दिया गया। हालांकि जिला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार की ओर से नामित नोडल अधिकारी योगेश कुमार ने दावा किया था कि जनपद में ऑक्सीजन गैस की कोई कमी नहीं है। दो दिन पूर्व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नजीबाबाद पर निरीक्षण के लिए पहुंचे नोडल अधिकारी योगेश कुमार ने कहा था कि जनपद के सभी अस्पतालों को ऑक्सीजन मुहैया करा दी गयी है। ऑक्सीजन गैस की आपूर्ति हरिद्वार से की जा रही है। जनपद में दवाओं के साथ ही ऑक्सीजन गैस की भी कमी नहीं होने दी जाएगी, जबकि उनकी ओर से किए गए दावे के अगले दिन ही नजीबाबाद क्षेत्र में ऑक्सीजन गैस की किल्लत दिखायी देने लगी। 

“ऑक्सीजन गैस की आपूर्ति न हो पाने के सम्बन्ध में जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्साधिकारी से बातचीत की गयी है। जनपद स्तर पर ऑक्सीजन की कमी होने की बात सामने आयी है। इस सम्बन्ध में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक चल रही है। शनिवार तक ऑक्सीजन गैस की आपूर्ति के मामले में कुछ न कुछ हल निकल आने की उम्मीद बनी हुई है।” राधेश्याम शर्मा, तहसीलदार नजीबाबाद।