अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी का शुभारंभ

अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी का शुभारंभ

टाइगर रिजर्व न्यू जिम कॉर्बेट के रूप में जाना जाएगा जंगल अमानगढ़

सफारी प्रारंभ होने से क्षेत्र का विकास होगा व ईको पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा: सुशांत सिंह

पर्यटकों को सुख मिले, उनके साथ अच्छा व्यवहार हो व उन्हें सुरक्षित माहौल मिले: विधायक बढ़ापुर

बिजनौर। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व के हरिपुर वन परिसर में मंगलवार को जंगल सफारी का शुभारंभ विधायक बढ़ापुर सुशांत सिंह ने किया। उन्होंने इस अवसर पर पर्यटक पंजीकरण कक्ष व कैंटीन/टिकट घर का फीता काटा। साथ ही जंगल सफारी जिप्सी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विधायक ने जंगल सफारी करते हुए कहा कि यह क्षेत्र न्यू जिम कॉर्बेट के रूप में जाना जाएगा। इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक ने हाथी की प्रतिमा भेंट की गई। किन्हीं कारणों से जिलाधिकारी उमेश मिश्रा कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके।

शुभारंभ करते हुए विधायक बढ़ापुर ने कहा कि यहां आने वाले पर्यटकों को सुख मिले उनके साथ अच्छा व्यवहार हो व उन्हें सुरक्षित माहौल मिले। उन्होंने सभी से इसमें सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जंगल सफारी प्रारंभ होने से सभी वन क्षेत्रों का विकास होगा व इको पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
सुशांत सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि उनके प्रयासों से व दूरगामी सोच से इको पर्यटन को प्रदेश में बढ़ावा दिया जा रहा है। विधायक ने कहा कि पहले की सरकारों में व्यक्तिगत लाभ को प्राथमिकता दी जाती थी। वर्तमान सरकार ने प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाया और प्रदेश का विकास किया। उन्होंने कहा कि यहां आकर अच्छा लगा। अमानगढ़ वन क्षेत्र में जंगल सफारी प्रारंभ होने से रामनगर की तरह यहां का विकास होगा। जिम कॉर्बेट में देश-विदेश के पर्यटक आते हैं। ऐसे ही यहां भी उनका आगमन होगा, क्षेत्र का विकास होगा, यहां होटल रिसोर्ट आदि खुलेंगे और जनपद की आर्थिक उन्नति होगी।

मुख्य वन संरक्षक ने कहा कि जंगल सफारी प्रारंभ होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, क्षेत्र का चहुंमुखी विकास होगा। इको विकास समिति इसका संचालन करेगी। अमानगढ़ फॉरेस्ट रिजर्व फाउंडेशन का गठन हो गया है। यह फाउंडेशन व इको विकास समिति जंगल सफारी व पंजीकरण कक्ष आदि का संचालन करेंगी तथा इसमें वन विभाग का सहयोग रहेगा। जिला वन अधिकारी ने कहा कि विधायक ने जंगल सफारी की परिकल्पना देखी, जिसको आज मूर्त रूप दिया जा रहा है। इससे क्षेत्र का विकास होगा, आगे चलकर इसे कालागढ़ व अन्य रिजर्व क्षेत्रों से भी जोड़ा जाएगा। यह आगाज है, अभी आगे और जाना है।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार सिंह, मुख्य वन संरक्षक मुरादाबाद, जिला वन अधिकारी अनिल कुमार पटेल, एसडीओ फॉरेस्ट सहित अन्य पुलिस प्रशासनिक अधिकारी व बड़ी संख्या में आमजन आदि उपस्थित रहे। उप जिलाधिकारी धामपुर मनोज कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। किन्हीं कारणों से जिलाधिकारी उमेश मिश्रा कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके।

आकर्षण का केंद्र हैं 27 बाघ और सौ से ज्यादा हाथी~
हजारों रुपए खर्च कर कार्बेट पार्क जाने वालों के लिए अमानगढ़ वन रेंज में हर वो वन्य जीव मौजूद हैं, जिसे देखने की उन्हें लालसा रहती है। यहां पर 27 बाघ और सौ से ज्यादा हाथी हैं। इसके अलावा भालू, गुलदार, पैंगोलिन, अजगर जैसे जीव भी दिखाई देते हैं। चीतल, हिरण के दर्जनों की संख्या में झुंड दिखाई पड़ते हैं।

वन विभाग से लिए गए आंकड़ों के अनुसार अमानगढ़ में मौजूद वन्यजीव

बाघ 27
गुलदार 45
चिकारा 06
काला हिरन 50
सांभर 226
बारहसिंगा 37
भालू 9
मोर 1074

अब आधार और वोटर आईडी के जरिए बनाए जाएंगे आयुष्मान कार्ड

सरकार का फैसला; नहीं है राशन कार्ड तो इस आईडी से भी बनवा सकते हैं आयुष्मान कार्ड

सरकार का फैसला;नहीं है राशन कार्ड तो इस आईडी से भी बनवा सकते हैं आयुष्मान कार्ड

देहरादून (एजेंसी)। राज्य में राशन कार्ड न होने की वजह से जिन लोगों के आयुष्मान कार्ड नहीं बन रहे हैं, उनके कार्ड अब आधार और वोटर आईडी के जरिए बनाए जाएंगे। मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने अधिकारियों को यह निर्देश दिए हैं। आयुष्मान योजना तक लोगों की पहुंच आसान बनाने के लिए सरकार ने ये कदम उठाया है। इससे उन लोगों को आयुष्मान कार्ड बनवाने में आसानी होगी, जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं।

सौ प्रतिशत पात्रों का बने आयुष्मान कार्ड
मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने सचिवालय में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की दूसरी बोर्ड बैठक में अधिकारियों से कहा कि राज्य में शत-प्रतिशत पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं उनके आयुष्मान कार्ड वोटर आईडी, आधार कार्ड या अन्य दस्तावेजों के आधार पर बनाए जाएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा पात्रों को आयुष्मान योजना का लाभ मिल सके।

पांच लाख के नहीं बन पा रहे कार्ड 
राज्य में करीब पांच लाख लोग ऐसे हैं, जिनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है। इसका कारण यह है कि इनके नाम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के डेटा में नहीं हैं। जबकि बाद में बने इनके राशन कार्ड के आधार पर आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। मुख्य सचिव के निर्देश से इन लोगों को राहत मिलेगी। अब ये अपने आधार कार्ड का प्रयोग कर आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं।

फर्जी बिल लगाने वाले अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि आयुष्मान योजना के तहत इलाज के बदले फर्जी बिल लगाने वाले अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। ऐसे अस्पतालों पर लगातार जुर्माना लगाया जाए और इन अस्पतालों की सूचीबद्धता भी समाप्त की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में अस्पतालों को बढ़ावा देने के लिए पॉलिसी तैयार की जाए।

पति और भाई समेत महिला की सड़क दुर्घटना में मौत

गेंडीखाता में अज्ञात वाहन से टक्कर में कार सवार महिला समेत तीन की मौत। नजीबाबाद से हरिद्वार की ओर जा रही थी कार। महिला की दवा लेने जा रहे थे जॉलीग्रांट।

बिजनौर। हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे पर गेंडीखाता के पास सोमवार देर रात करीब 10 बजे कार दुर्घटना में महिला की पति और भाई सहित घटनास्थल पर ही मौत हो गई। कार नजीबाबाद से हरिद्वार की ओर जा रही थी। बताया जा रहा है कि कार की गति अधिक होने के कारण अगले वाहन के पीछे से टक्कर हुई। जबरदस्त टक्कर में कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कार में सवार प्रमोद, उसकी पत्नी नीतू और चालक रोहित निवासी थाना किरतपुर बिजनौर की दर्दनाक मौत हो गई। दुर्घटना के बाद चालक और साथ की सीट पर बैठा युवक बुरी तरह फंस गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से कटर द्वारा गाड़ी को काट कर सभी को बाहर निकाला। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और परिजनों को सूचना दी।

एक ही झटके में पांच मासूम बच्चों से छिन गया सहारा

बिजनौर। हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे पर गेंडीखाता के पास सोमवार देर रात हुए दर्दनाक हादसे ने एक ही झटके में पांच मासूमों का सहारा छीन लिया। साले के साथ पत्नी की दवा लेने जा रहे व्यक्ति की कार आगे चल रहे कंटेनर में घुस गई। हादसे में जान गंवाने वाले कार सवार पति-पत्नी और साला हैं। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया है।

जानकारी के अनुसार किरतपुर थाना क्षेत्र के गांव किसौर निवासी प्रमोद सिंह पुत्र राजेंद्र सिंह की शादी चांदपुर थाना क्षेत्र के गांव ककराला निवासी ऋतु से हुई थी। बीमारी के चलते ऋतु का इलाज जौलीग्रांट में चल रहा था। मंगलवार को नीतू को डॉक्टरों को दिखाने के लिए जाना था। सोमवार रात प्रमोद अपने साले रोहित के साथ कार से जौलीग्रांट के लिए चला। कार रोहित चला रहा था, जबकि प्रमोद उसके बराबर में बैठा था। नीतू पीछे बैठी थी। हरिद्वार-नैनीताल हाईवे पर गैंडीखाता के पास कार आगे चल रहे कंटेनर में पीछे से घुस गई। टक्कर इतनी भयानक थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। कार के चकनाचूर होने के कारण प्रमोद और रोहित उसमें बुरी तरह फंस गए। मौके पर पहुंची उत्तराखंड के हरिद्वार की श्यामपुर थाना पुलिस ने कार सवारों को निकालने का प्रयास किया। सफल न होने पर कटर की सहायता से कार को काटकर तीनों को निकाला गया। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने तीनों का पंचनामा कर शवों को मोर्चरी भिजवाया और परिजनों को सूचना दी। परिजन आननफानन हरिद्वार के लिए रवाना हो गए। प्रमोद और नीतू के दो छोटे-छोटे बच्चे और रोहित के तीन बच्चे हैं। मंगलवार को हरिद्वार में शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। देर रात तक तीनों के शव बिजनौर नहीं पहुंचे थे।

थानाध्यक्ष श्यामपुर विनोद प्रसाद थपलियाल के अनुसार  गति तेज होने के कारण कार अनियंत्रित होकर आगे चल रहे कंटेनर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। कार में सवार प्रमोद, उसकी पत्नी नीतू और चालक रोहित निवासी बिजनौर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। कंटेनर के चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

अपनों को ही चूना लगाकर परिवार समेत फंसे भाजपा नेता!

नेता जी ने अपनों को ही लगा दिया चूना! कोर्ट के आदेश पर नेता जी समेत परिवार के 6 सदस्यों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज

साभार~खबर प्रवाह

काशीपुर। फर्जी हस्ताक्षर कर जमीन हड़पने के मामले में भाजपा नेता और रामलीला कमेटी के मंत्री अनूप अग्रवाल उनके भाइयों समेत परिवार की तीन महिलाओं के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला इनकी करीबी रिश्तेदार बताई जा रही है।

काशीपुर के चामुंडा विहार निवासी पुष्पा अग्रवाल पत्नी स्व. महेश कुमार अग्रवाल ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि उसके पति महेश कुमार अग्रवाल एवं केशव शरण अग्रवाल दोनों सगे भाई एक ही परिवार के सदस्य थे। उसके पति का लगभग 11 वर्ष पूर्व स्वर्गवास हो चुका है। केशव शरण अग्रवाल उसके पति के सगे बड़े भाई थे जो कि समाज के एक प्रभावशाली व्यक्ति रहे हैं। उनका स्वर्गवास 29 सितंबर 2021 को हो गया। स्व. केशव शरण अग्रवाल घर के बड़े कार्यकर्ता थे तथा परिवार में उनका दबदबा रहता था। परिवार का प्रबन्धन केशव शरण किया करते थे। उसके पति 4.9020 हेक्टेयर भूमि ग्राम कचनाल गुसाई के सहखातेदार काबिज चले आते रहे हैं। उनकी मृत्यु के पश्चात पीड़िता उक्त भूमि के सहखातेदार होती है। 20 जून 2021 को वह (पुष्पा अग्रवाल) अपनी जमीन को बेचने हेतु खतौनी आदि कागजात लेने तहसील गई। तब पता चला कि उसके हिस्से की शेष सात एकड़ भूमि फर्जी तरीके से अपने पुत्र एवं पुत्रवधुओं के नाम बिना उसके पति स्व. महेशचन्द्र अग्रवाल की राय से उनके स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा करके तथा स्वयं एवं अपनी पत्नी उर्मिला अग्रवाल को गवाह के रूप में खड़ा करके उक्त भूमि को अलग अलग ग्यारह बैनामे रजिस्टर्ड करवा कर अपने नाम करवा लिये। रजिस्ट्रार कार्यालय से अपने अधिवक्ता के माध्यम से उक्त बैनामों की खोजबीन करवाई तो 26 जून 2021 को उक्त बैनामे की प्रतिलिपियां प्राप्त हुई। सभी बैनामों पर अभियुक्तों ने हमसाज होकर उसके पति की सम्पत्ति को हड़पने के इरादे से फर्जी हस्ताक्षर एवं अंगूठे लगाकर बैनामे करवाये हैं। उक्त बैनामों से सर्किल रेट से कहीं कम कीमत दर्शायी गई है तथा आबादी की भूमि को खेती की भूमि दर्शाया गया है, जिससे सरकारी स्टाम्प की चोरी भी किया जाना दर्शाता है। अभियुक्त अजय अग्रवाल, अनूप अग्रवाल (भाजपा नेता और रामलीला कमेटी के मंत्री) पुत्रगण स्वर्गीय केशव शरण अग्रवाल, प्रीति अग्रवाल पत्नी अजय अग्रवाल, अर्चना अग्रवाल पत्नी अतुल अग्रवाल, उर्मिला अग्रवाल पत्नी केशव शरण अग्रवाल, अतुल अग्रवाल पुत्र स्वर्गीय केशव शरण अग्रवाल ने हमसाज होकर बैनामे करवाए हैं। बैनामों में किसी भी स्वतंत्र साक्षी के हस्ताक्षर नहीं कराए गए। इससे यह स्पष्ट है कि अभियुक्तगण ने उक्त बैनामे, उसके पति के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा करके निष्पादित करवा लिये हैं। पीड़िता ने इस मामले में 18 अगस्त 2021 को काशीपुर पुलिस को तहरीर दी। इसके बाद 10 सितंबर 2021 को एक प्रार्थना पत्र एसएसपी तथा अन्य पुलिस अधिकारियों को दिया गया, किन्तु पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसके बाद पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने प्रार्थना पत्र का संज्ञान लेते हुए कोतवाली पुलिस को इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच के आदेश दिए। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

उत्तराखंड में रेड अलर्ट !! भारी बारिश की चेतावनी, UP के 35 जिलों में वर्षा जारी

रेड अलर्ट !!मौसम अपडेट

देहरादून। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के लगभग सभी जिलों में आज से 18 सितंबर तक भारी से भारी बारिश की चेतावनी दी है. अधिकांश जिलों में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केन्द्रों को बंद रखने का आदेश दिया गया है. जगह जगह लैंडस्लाइड होने की आशंका भी व्यक्त की गयीहै. NDRF SDRF को अलर्ट पर रखा गया है , मौसम विभाग ने लोगो से अपील की है कि बेवजह पहाडी इलाकों में न जाएं !!

वहीं यूपी के 35 जिलों में 3 दिन तक मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गयी है. शामली, मुज़फ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, मुरादाबाद, कानपुर, लखनऊ में आज सुबह से लगातार रुक रुक कर बारिश हो रही है.

बिजनौर से फर्जी शिक्षक को पकड़ ले गई उत्तराखंड पुलिस

धामपुर (बिजनौर)। उत्तराखंड की खानपुर पुलिस ने फर्जी प्रमाण-पत्रों के आधार पर शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। मई 2021 में तत्कालीन उप खण्ड शिक्षा अधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय खानपुर के शिक्षक लोकेश कुमार निवासी बिजनौर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जांच उपरांत मामला कुछ और ही निकलकर सामने आया। जब पुलिस सुबूतों के आधार पर धामपुर पहुंची और रणबीर सिंह उर्फ प्रीतम सिंह नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया तो उसने यकायक सब कुबूल लिया।

जानकारी के मुताबिक, पुलिस जांच में यह पता चला कि रणबीर उर्फ प्रीतम सिंह पुत्र सुखराम निवासी खुर्द कादराबाद थाना स्योहारा जिला बिजनौर, लोकेश कुमार के फर्जी प्रमाण-पत्रों पर नौकरी कर रहा था; जबकि उसकी शैक्षिक योग्यता बहुत कम थी। प्रथमदृष्ट्या शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी यही लगा था कि लोकेश कुमार फर्जी प्रमाण-पत्र के आधार पर नौकरी कर रहा है; जबकि उसके डॉक्यूमेंट सही थे और प्रीतम सिंह उसके फर्जी प्रमाण-पत्र बनाकर शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहा था। ऐसे में पुलिस फर्जी प्रमाण-पत्र लगाकर शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे आरोपी प्रीतम सिंह को तलाश कर रही थी, जो काफी समय से फरार चल रहा था। उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपी रणबीर सिंह उर्फ प्रीतम सिंह को धामपुर शहर पहुंचकर दयावती अस्पताल के पास से गिरफ्तार कर लिया। खानपुर थाना प्रभारी संजीव थपलियाल ने बताया कि फर्जी कागजों के बलबूते आरोपी शिक्षा विभाग में नौकरी कर रणबीर सिंह उर्फ प्रीतम सिंह को गिरफ्तार किया गया है। बताया कि थाना खानपुर में पंजीकृत मु.अ.सं. 5/21 धारा 420/467/468/471 आईपीसी, जिसमें तत्कालीन उप शिक्षा अधिकारी प्राथमिक शिक्षा खानपुर जनपद हरिद्वार द्वारा फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर शिक्षा विभाग में अध्यापक की नौकरी प्राप्त करने के संबंध में लोकेश कुमार पुत्र चंद्रपाल सिंह निवासी कादराबाद खुर्द स्योहारा जनपद बिजनौर उत्तर प्रदेश के विरुद्ध थाना खानपुर में अभियोग पंजीकृत कराया गया था। विवेचना क्रम में प्रकाश में आया कि रणबीर उर्फ प्रीतम सिंह पुत्र सुखराम निवासी खुर्द कादराबाद थाना स्योहारा जिला बिजनौर द्वारा लोकेश कुमार उपरोक्त के फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर शिक्षा विभाग में नौकरी पाई गयी। उन्होंने बताया कि आरोपी के दो-दो नाम होने से यह तय नहीं हो पा रहा था कि यह एक ही है या अलग अलग, लेकिन लोकेश के अनुसार आरोपी रणबीर सिंह उर्फ प्रीतम सिंह एक ही नाम है। इसके पश्चात अभियोग से संबंधित वांछित अभियुक्त रणबीर सिंह उर्फ प्रीतम सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

जंगली हाथी ने हमला कर राजगीर को उतारा मौत के घाट

कालागढ़ में सनसनीखेज घटना। जंगली हाथी ने हमला कर राजगीर को उतारा मौत के घाट।


बिजनौर। कालागढ़ में जंगली हाथी ने हमला कर राजगीर को मौत के घाट उतार दिया। घटना के समय वह बाजार से घर वापस लौट रहा था। परिजनों ने वन विभाग के अधिकारियों से अधिक से अधिक मुआवजा और एक सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की है।

मानव एवं वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। वन्य जीवों के हमले में पहले भी कई लोगों की जान जा चुकी हैं। एक और मामला कालागढ़ से सामने आया है। यहां बाजार से वापस घर जाते समय एक व्यक्ति पर हाथी ने हमला कर दिया, जिससे व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।


जानकारी के अनुसार कालागढ़ कालोनी निवासी सुरेश कुमार राजगीर का कार्य करता है। वह बाजार से घर वापस जा रहा था। रास्ते मे शिव मंदिर के पास झाड़ियों से हाथी निकला और सुरेश पर हमला कर दिया। मौके से गुजर रहे लोगों द्वारा हल्ला मचाने पर हाथी वहां से जंगल की ओर भाग गया। गंभीर रूप से घायल सुरेश को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। सुरेश की मौत से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है।
वहीं परिजनों ने वन विभाग के अधिकारियों से अधिक से अधिक मुआवजा और एक सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की है। कालागढ़ थाना इंचार्ज उमेश कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति की हाथी के हमले से मौत हो गई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भर कर  पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है; अन्य जांच पड़ताल कराई जा रही है।

STF ADTF की नशे के खिलाफ बड़ी कार्यवाही, 12 लाख के 21 किग्रा अवैध गांजे के साथ एक गिरफ्तार

 STF ADTF की नशें के खिलाफ बड़ी कार्यवाही, 12 लाख के 21 किग्रा अवैध गांजे के साथ एक को किया गिरफ्तार

स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखंड का लक्ष्य – नशा मुक्त उत्तराखंड

देहरादून (liveskgnews)। स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखंड की एन्टी ड्रग्स टास्क फोर्स ने बिहार से आगरा (उत्तर प्रदेश) के रास्ते से उत्तराखंड में अवैध गांजे की तस्करी के रैकेट का भंडाफोड़ किया है।

ADTF ने नशा तस्कर नौरंगी निवासी हाथरस (उत्तर प्रदेश) को हर्रावाला देहरादून में आगरा डिपो की बस में परिवहन कर लाते इक्कीस किलो (21 kg) गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। पकड़े गए माल की कीमत करीब 12 लाख रुपए बताई गई है। नशे के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए एक दिन पूर्व भी कलियर हरिद्वार से करीब दस किलो गांजे के साथ हापुड़ निवासी तस्कर को गिरफ्तार किया गया था।

साभार- https://www.liveskgnews.com/uttarakhand/49-cases-of-coronavirus-came-in-uttarakhand-today-see-detailed-report/

UP चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं बेबी रानी मौर्य!

नई दिल्ली। उत्तराखंड की राज्यपाल रहीं बेबी रानी मौर्य उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। बुधवार को उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले वह नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलीं थीं। उनके इस्तीफे के बाद अटकलें लगाई जा रही हैं कि उन्हें उत्तर प्रदेश में बीजेपी की ओर से कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है या फिर वह आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी की ओर से मैदान में उतर सकती हैं।

राज्यपाल के सचिव बृजेश कुमार संत ने इस्तीफे की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्होंने अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को भेज दिया है, जो अभी स्वीकार नहीं हुआ है।  
  
आगरा मेयर से UK गवर्नर-1956 में जन्मीं बेबी रानी मौर्य अगस्त 2018 में कृष्ण कांत पॉल की जगह उत्तराखंड की राज्यपाल बनी थीं। राज्यपाल बनने से पहले वह 1995 से वर्ष 2000 तक आगरा की मेयर भी रही चुकी हैं। मौर्य उत्तराखंड की दूसरी महिला गवर्नर थीं। इससे पहले, मार्गरेट अल्वा अगस्त 2009 से मई 2012 तक उत्तराखंड की राज्यपाल रह चुकी हैं। मौर्य के इस्तीफे के साथ अब उत्तराखंड का अगला राज्यपाल कौन होगा, इसको लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

नई भूमिका में उतारने की तैयारी– उत्तरप्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। कयास ये भी हैं कि उत्तरप्रदेश की सियासत में वह सक्रिय भूमिका निभा सकती हैं। भाजपा चुनाव के मद्देनजर उन्हें नई जिम्मेदारी सौंप सकती है। केंद्र सरकार के स्तर से भी उन्हें राज्यपाल से इतर संवैधानिक पद सौंपा जा सकता है। गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद इसतरह की चर्चाओं को बल मिला है।

राज्य सरकार के साथ बना रहा खिंचाव- इन सबके बीच राज्यपाल के पद से उनकी विदाई के पीछे राज्य की भाजपा सरकार और राजभवन के बीच खिंचाव को भी अहम वजह माना जा रहा है। दोनों के बीच समन्वय की कमी की शिकायतें केंद्र सरकार और पार्टी हाईकमान तक भी पहुंचीं। विधानसभा से पारित विधेयकों के राजभवन में लंबे समय तक रुके रहने से भाजपा सरकार को कई मौकों पर असहज होना पड़ा। पारित कुछ विधेयकों को लंबे समय बाद भी राजभवन की मंजूरी नहीं मिल पाई है। इसके लिए सरकार की ओर से प्रयासों को कामयाबी नहीं मिल पाई।

चुनाव प्रभारियों का ऐलान- दूसरी ओर बीजेपी ने उत्तर प्रदेश समेत 5 चुनावी राज्यों के लिए चुनाव प्रभारियों का ऐलान कर दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को यूपी का चुनाव प्रभारी बनाया गया है। अनुराग ठाकुर, सरोज पांडेय, अर्जुन राम मेघवाल, शोभा करंदलाजे, कैप्टन अभिमन्यु, अन्नपूर्णा देवी और सांसद विवेक ठाकुर यूपी में बीजेपी के सह-चुनाव प्रभारी होंगे। उत्तराखंड में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को चुनाव प्रभारी बनाया गया है। सह-प्रभारी के रूप में लोकसभा सांसद लॉकेट चटर्जी और राष्ट्रीय प्रवक्ता सरदार आरपी सिंह होंगे।

गुलदार की खाल व दांत के साथ 2 वन्य जीव तस्कर गिरफ्तार

STF ने की वन्य जीव तस्करों पर बड़ी कार्यवाही, एक लैपर्ड खाल व 03 दांत के साथ 02 को किया गिरफ्तार

 STF ने की वन्य जीव तस्करों पर बड़ी कार्यवाही, एक लैपर्ड खाल व 03 दांत के साथ 02 को किया गिरफ्तार

स्पेशल टास्क फोर्स STF उत्तराखंड की टीम द्वारा भवाली नैनीताल वन प्रभाग के फारेस्ट में वन्य जीव तस्करों पर कार्यवाही

दो तस्कर गिरफ्तार, एक लैपर्ड खाल व 03 दांत बरामद

धारा 9, 39, 49बी, 50, 51 वन्य जीव जन्तु संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मामला दर्ज

देहरादून। उत्तराखण्ड STF द्वारा एसएसपी एसटीएफ के मार्गदर्शन में लगातार वन्य जीव तस्करों के विरूद्व अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के चलते सीओ STF डॉ. पूर्णिमा गर्ग के दिशा निर्देशन में निरीक्षक एमपी सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ व कोतवाली भवाली की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। वन्य जीव अंगो की तस्करी का इनपुट मिलने पर टीम द्वारा पिछले 10 दिन से इस पर कार्य करने के उपरान्त 04 सितम्बर 2021 को दो वन्य जीव तस्करों अनिल कुमार जोशी व विनोद कुमार आर्या को मुखबिर की सूचना पर भवाली थाना क्षेत्रार्न्तगत सेनोटोरियम के पास से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तगणों के कब्जे से एक लैपर्ड (गुलदार) की खाल व 03 लेपर्ड दाँत बरामद किये गये।

बरामद खाल की लम्बाई करीब 7 फीट व चौड़ाई करीब 4 फीट है। लेपर्ड शेड्यूल-1 सूची का जानवर है, अभियुक्तगणों के विरूद्व थाना भवाली में वन्य जीव जन्तु संरक्षण अधिनियम की सम्बन्धित धाराओं का अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है। पूछताछ में बताया कि वह यह लैपर्ड की खाल भवाली वन प्रभाग से लेकर आए हैं, जो करीब एक वर्ष पुरानी है तथा इसको जंगल में फन्दा लगाकर गले में किसी धारदार हथियार से मारा गया है। वह पहले भी कई बार अवैध वन्य जीव अंगो की तस्करी पहाड़ों से उत्तर प्रदेश व दिल्ली आदि राज्यों में कर चुके हैं। अभियुक्त लैपर्ड की खाल को उत्तराखण्ड में किस-किस से प्राप्त करते हैं तथा उत्तर प्रदेश में किस-किस को सप्लाई करते हैं, इस संबंध में विस्तृत पूछताछ जारी है। उक्त मामले में आरक्षी प्रमोद रौतेला व आरक्षी मनमोहन सिंह की विशेष भूमिका रही।

एसएसपी एसटीएफ द्वारा बताया गया कि कुमाऊँ के जंगलों में वन्य जीव जन्तुओं के शिकार करने की काफी समय से जानकारी मिल रही थी। इस पर सीओ एसटीएफ कुमाऊँ परिक्षेत्र को निर्देशित किया गया था। इसी क्रम में टीम द्वारा एक लैपर्ड (गुलदार) की खाल व 03 दांत टीम द्वारा बरामद किए गए है तथा दो शातिर वन्य जीव तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इनसे पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां एसटीएफ के हाथ लगी है। इन पर आगे कार्यवाही की जायेगी। इससे पूर्व इस वर्ष 02 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर 10 फरवरी 2021 को खटीमा क्षेत्र में एक लैपर्ड (गुलदार) की खाल तथा 01 मार्च 2021 को बेरीनाग क्षेत्र में 06 लैपर्ड (गुलदार) की खाल व नाखून बरामद किये गये थे।

गिरफ्तार अभियुक्तगणों का विवरणः-

  1. अनिल कुमार जोशी पुत्र जगदीश चन्द्र जोशी, निवासी ग्राम श्याम खेत, थाना भवाली, जिला नैनीताल, उम्र 40 वर्ष। 
  2. विनोद कुमार आर्या पुत्र चनीराम, निवासी कालीपुर, गौलापार, हल्द्वानी, जिला नैनीताल। उम्र 31 वर्ष।

बरामदगी का विवरणः-

  1. 01 लैपर्ड की खाल
  2. 03 दाँत
  3. एक वाहन आल्टो कार संख्या- युके04 एन 7620।

गिरफ्तारी टीम STF, कुमाँयू युनिट, पन्तनगर टीम

  1. उप निरीक्षक केजी मठपाल
  2. उप निरीक्षक बृजभूषण गुरूरानी
  3. हे.का. (प्रो.) प्रकाश चन्द्र भगत
  4. का. प्रमोद रौतेला
  5. का. मनमोहन सिंह
  6. का. महेन्द्र गिरी
  7. का. किशोर कुमार
  8. का. रियाज अख्तर
  9. का. गुरवन्त सिंह
  10. का. नवीन कुमार

गिरफ्तारी टीम थाना भवाली टीम

  1. एसएसआई प्रकाश सिंह मेहरा
  2. कॉन्स्टेबल अजय कुमार

सौजन्य से- https://www.liveskgnews.com/uttarakhand/stf-took-big-action-on-wildlife-smugglers-arrested-02-with-a-leopard-skin-and-03-teeth/

उत्तराखंड में भूकम्प से पहले मिल जाएगा एलर्ट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया भूकम्प एलर्ट एप्प का शुभारम्भ। ऐसा एप्प बनाने वाला उत्तराखण्ड बना पहला राज्य।

 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया भूकम्प एलर्ट एप्प का शुभारम्भ, ऐसा एप्प बनाने वाला उत्तराखण्ड बना पहला राज्य

उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, आपदा प्रबंधन विभाग और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रूड़की द्वारा विकसित किया गया भूकम्प एलर्ट एप्प

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में मोबाइल एप्प्लीकेशन ‘‘ उत्तराखण्ड भूकम्प अलर्ट’’ एप्प का शुभारम्भ किया। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, आपदा प्रबंधन विभाग एवं भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रूड़की के सौजन्य से बनाये गये इस एप्प के माध्यम से भूकम्प से पूर्व चेतावनी मिल जायेगी। उत्तराखण्ड यह एप्प बनाने  वाला पहला राज्य है। इससे जन सुरक्षा में मदद मिलेगी। इस एप्प के माध्यम से भूकम्प के दौरान लोगों की लोकेशन भी प्राप्त की जा सकती है। भूकम्प अलर्ट के माध्यम से भूकम्प से क्षतिग्रस्त संरचनाओं में फँसे होने पर सूचना दी जा सकती है। उत्तराखण्ड भूकम्प अलर्ट एप्प को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड भूकम्प की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। इस एप्प के माध्यम से लोगों को भूकम्प पूर्व चेतावनी मिल सके, इसके लिए इस एप्प की लोगों को जानकारी दी जाए। विभिन्न माध्यमों से व्यापक स्तर पर इसका प्रचार प्रसार किया जाय। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा इसकी लघु फिल्म बनाकर जन-जन तक पहुंचाया जाए। स्कूलों में भी बच्चों को लघु फिल्म के माध्यम से इस एप्प के बारे में जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों के पास एंड्राइड फोन नहीं है, उनको भी भूकम्प से पूर्व चेतावनी मैसेज पहुंच जाए, इस एप्प के माध्यम से यह सुविधा भी प्रदान की जाए। भूकम्प पूर्व चेतावनी में सायरन एवं वायस दोनों माध्यमों से अलर्ट की व्यवस्था की जाए। भूकम्प  पूर्व चेतावनी के लिए सायरन टोन अलग से हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूकम्प पूर्व चेतावनी के लिए यह एक अच्छी पहल है। इस अवसर पर आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव आपदा प्रबंधन एस.ए. मुरूगेशन, आई.आई.टी. रूड़की के प्रो. कमल एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड में 60 और मिले corona संक्रमित, संख्या बढ़कर हुई 341934, ब्लैक फंगस का आंकड़ा पहुंचा 555

देहरादून (एकलव्य बाण समाचार)। कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार उत्तरखंड राज्य में 60 लोग कोरोना संक्रमित मिले है। इसके बाद राज्य में कोरोना संक्रमित लोगो की संख्या 341934 हो गयी है। प्रदेश में किसी की मौत की सूचना नहीं है। उत्तराखंड में एक्टिव केस की संख्या 672 है तो आज 46 लोग रिकवर भी हुए हैं। अभी तक उत्तराखंड राज्य के जनपद अल्मोड़ा में 07, बागेश्वर 00, चमोली 00, चम्पावत 05, देहरादून 10, हरिद्वार 04, नैनीताल 08, पौड़ी 01, पिथौरागढ़ 06, रुद्रप्रयाग 02, टिहरी 01, उधमसिंहनगर 13 और उत्तरकाशी में 03 मरीज मिले हैं। वहीं प्रदेश में आज 04 ब्लैक फंगस (म्यूकोर माइकोसिस) के मामले सामने आये हैं। अब तक प्रदेश में कुल 555 ब्लैक फंगस के मामले सामने आ चुके हैं। इनमे से 124 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 212 लोग डिस्चार्ज हो चुके हैं।

बदरीनाथ मंदिर परिसर में नमाज का वीडियो वायरल !

चमोली (एजेंसी)। बदरीनाथ मंदिर में कुछ मुस्लिम युवकों द्वारा कथित तौर से नमाज पढ़े जाने का वीडियो वायरल होने के बाद इलाके में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। बताया जा रहा है कि ईद-उल-अजहा के मौके पर बदरीनाथ मंदिर परिसर में कुछ मुसलमानों ने कथित तौर से नमाज अदा की।

चमोली के पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान ने कहा कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो नजर आ रहा है, उसमें दिख रहा है कि कई मुसलमान बदरीनाथ मंदिर परिसर में नमाज अदा कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि स्थानीय पुलिस की एक टीम तुरंत इन आरोपों की जांच में जुट गई। यशवंत सिंह चौहान ने कहा कि जांच में पता चला है कि 15 मुस्लिम श्रमिक हरिंदर सिंह नाम के एक मुस्लिम कॉन्ट्रैक्टर के लिये काम करते हैं और सभी युवक मंदिर से करीब 1 किलोमीटर दूर स्थित एक पार्किंग फैसिलिटी प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ईद-उल-अजहा के मौके पर उन लोगों ने सुबह 7 बजे नमाज अदा की। उन सभी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उन्होंने किसी सार्वजनिक स्थल पर नमाज अदा नहीं की और न ही किसी मौलाना को बाहर से नमाज अदा करने के लिए बुलाया। वहीं पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कॉन्ट्रैक्टर और मजदूरों के खिलाफ एक साथ इतने लोग इकट्ठे करने और सोशल डिस्टेन्सिंग का उल्लंघन करने के आरोप में आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। हालांकि मंदिर परिसर में नमाज अदा किए जाने के आरोपों की जांच अभी जारी है। पुलिस अधीक्षक ने लोगों से अपील की है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक किसी तरह की अफवाह न फैलाएं और किसी अफवाह के बहकावे में भी न आएं।

पौड़ी गढ़वाल में भारी बारिश से 31 मार्ग बंद

पौड़ी। जनपद में लगातार हो रही बारिश से 31 मार्ग बंद हो गए हैं।

आपदा कंट्रोल रूम से समय 12:00 बजे तक प्राप्त जानकारी के अनुसार इसमें 03 राज्य मार्ग, 03 मुख्य जिला मार्ग तथा 25 ग्रामीण मार्ग अवरुद्ध हैं। हालांकि यातायात सुचारू करने हेतु विभिन्न स्थानों में जेसीबी मशीन कार्य कर रही हैं। जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्ड के दिशा-निर्देशन पर आपदा कंट्रोल रूम में तैनात अधिकारी-कर्मचारी जनपद में लगातार बारिश होने के चलते पल-पल की खबर जुटाने में लगे हुए हैं। वहीं जिलाधिकारी ने सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि बारिश या भूस्खलन से अवरुद्ध मार्गों को जल्द से जल्द खोलें, जिससे आम जनमानस को परेशानियों का सामना न करना पड़े। 

अवरुद्ध हुए मार्गों में चमधार-सिरों, पोखरीखेत-चोरकंडी-भवाई-भसमोली, व्यासघाट-कंसुर, फरासू-मंडोली, खिर्सू- डबरुखाल- मौजखाल, सौड- गजेली, फरसाडी-गडकोट, थलीसैंण-चौंरिखाल, भिक्यासैंण-देधार-बुंगीधार-महलचोरी, मरचूला-सराईखेत-बैंजरों-पोखड़ा-सतपुली, पाबौ-संतुधार-चौबट्टाखाल-चौरिखाल, पैठाणी-बड़ेथ-चंगीन कुचोली-कुठखाल सहित 31 मार्ग शामिल बताए गए हैं। 

डॉक्टर ने खाली कर दिया मरीज का बैंक अकाउंट

साईबर क्राइम: डॉक्टर ने Paytm से खाली कर दिया पेशेंट का बैंक अकाउंट

 साईबर क्राइम : डॉक्टर ने Paytm से खाली कर दिया पेशेंट का बैंक अकाउंट

देहरादून (एकलव्य बाण समाचार)। उत्तराखंड के अधोईवाला में महिला के बैंक खाते से डाॅक्टर ने एक लाख की रकम पार कर दी। महिला उक्त डॉक्टर के पास इलाज कराने जाती थी। इस दौरान डॉक्टर ने महिला के नंबर से अपने मोबाइल में पेटीएम अकाउंट बना लिया। डॉक्टर तब तक महिला के खाते से खरीदारी करता रहा, जब तक महिला का खाता खाली नहीं हो गया। महिला का आरोप है कि उनके खाते में एक लाख रुपए से ज्यादा थे। मामले में रायपुर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शिकायत कुशुम डबराल निवासी अधोईवाला ने दर्ज कराई है।

एसओ दिलबर सिंह नेगी ने बताया कि कुशुम डबराल के घर डॉ. अनुराग सिंह का आना जाना था। बीते दिनों महिला खाते से पैसे निकालने गई तो पता चला कि उनका खाता तो खाली हो चुका है। जबकि, उनके खाते में एक लाख रुपए थे। उन्होंने पुलिस से शिकायत की। जांच में पता चला कि यह पैसा डॉ. अनुराग सिंह ने अपने मोबाइल में पेटीएम चलाकर खर्च किया है। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

एकलव्य बाण समाचार

रुद्रप्रयाग जिले के 14 शिक्षकों के खिलाफ FIR

देहरादून (एकलव्य बाण समाचार)। राज्य में लंबे समय से फर्जी डिग्री के आधार शिक्षक बनने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख सचिव गृह के आदेश के बाद अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था आदेशानुसार बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत फर्जी शिक्षकों व अन्य समस्त शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच अपर पुलिस अधीक्षक/सैक्टर अधिकारी के निर्देशन में सीआइडी सैक्टर देहरादून कर रहा था।

जांच के लिए गठित एसआईटी की ओर से चलाये जा रहे अभियान के अन्तर्गत जनपद रूद्रप्रयाग के 25 शिक्षकों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही करने हेतु रिपोर्ट महानिदेशक, विद्यालयी शिक्षा, उत्तराखण्ड को विभिन्न तिथियों को प्रेषित की गई थी। सैक्टर अधिकारी द्वारा महानिदेशक, विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड से पत्राचार करने पर 14 अन्य निम्न शिक्षकों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

आरोपी शिक्षकों के नाम 👇

  1. कान्ति प्रसाद, सहायक अध्यापक राप्रावि जैली ब्लॉक जखोली जनपद रूदप्रयाग।
  2. संगीता बिष्ट, सहायक अध्यापिका राप्रावि कैलाशनगर ब्लॉक जखोली जनपद रूदप्रयाग।
  3. मोहन लाल, सहायक अध्यापक, राप्रावि सारी, ब्लॉक ऊखीमठ, जनपद रूदप्रयाग।
  4. महेन्द्र सिंह, सहायक अध्यापक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय लुखन्द्री, ब्लॉक जखोली, जनपद रूदप्रयाग।
  5. राकेश सिंह, सहायक अध्यापक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय धारतोन्दला, ब्लॉक अगस्तमुनि, जनपद रूदप्रयाग।
  6. माया सिंह, सहायक अध्यापिका, राप्रावि जयकण्डी ब्लॉक अगस्तमुनि जनपद रूदप्रयाग।
  7. विरेन्द्र सिंह, सहायक अध्यापक, जनता जूनियर हाई स्कूल, जखन्याल गांव, ब्लॉक जखोली, जनपद रूदप्रयाग
  8. विजय सिंह, सहायक अध्यापक, राप्रावि भुनालगांव, ब्लॉक जखोली, जनपद रूदप्रयाग।
  9. जगदीश लाल. सहायक अध्यापक, राप्रावि जौला, ब्लॉक अगस्तमुनि, जनपद रूदप्रयाग
  10. राजू लाल सअ राप्रावि जग्गीबगवान लॉक ऊखीमठ जनपद रूद्रप्रयाग।
  11. संग्राम सिह. राअ, राप्रावि स्यूर बरसाल, ब्लॉक जखोली जनपद रूद्रप्रयाग।
  12. सहायक अध्यापक मलकराज पुत्र शौला लाल राप्रावि जगोठ, ब्लॉक अगस्तमुनि, जनपद रूदप्रयाग
  13. सहायक अध्यापक रघुवीर सिंह पुत्र भरत सिंह जनता जूनियर हाईस्कूल जखन्याल गांव, ब्लॉक जखोली, जनपद रूदप्रयाग
  14. अध्यापक श्री महेन्द्र सिंह पुत्र रणबीर सिंह राप्रावि रायडी, ब्लॉक जखोली, जनपद रूदप्रयाग

अब तक की कार्यवाही- एसआईटी द्वारा अब तक फर्जी शिक्षकों के विरूद्ध विधिक कार्यवाही करने हेतु 120 रिपोर्ट महानिदेशक, विद्यालयी शिक्षा, उत्तराखण्ड को प्रेषित की गई है, जिनमें से 68 अभियोग 80 शिक्षकों के विरूद्ध एफआईआर पंजीकृत की जा चुकी है। वर्ष 2012 से 2016 तक में नियुक्त कुल 9602 शिक्षक जोकि जांच के दायरे में हैं, उनके नियुक्ति सम्बन्धी कुल अभिलेख 64641 हैं। इनमें से 35722 अभिलेखो का सत्यापन कराया जा चुका है। शेष 28919 अभिलेखों के सत्यापन की कार्यवाही प्रचलित है। वर्तमान में एसआइटी में लोकजीत सिंह के निर्देशन में 8 निरीक्षक (4 देहरादून सैक्टर में तथा 04 हल्द्वानी सैक्टर में) नियुक्त हैं।

पुलिस मुठभेड़ में एक बदमाश घायल, एक फरार

तांशीपुर में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, एक बदमाश गोली लगने से घायल, एक फरार, कॉम्बिंग जारी

 तांशीपुर में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, एक बदमाश को लगी गोली एक फरार, कॉम्बिंग जारी

रूडकी (एकलव्य बाण समाचार)। रुड़की के समीप तांशीपुर में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ में एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया। अंधेरे का लाभ उठाकर एक बदमाश फरार हो गया। चेन लूट की वारदात के बाद बदमाश किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।

लूट के बाद देहरादून- रविवार सुबह 11:00 बजे रुड़की रेलवे स्टेशन के समीप बदमाशों ने सुनीता देवी निवासी पूर्वावर्ली से चेन लूट ली। इसके बाद बदमाश देहरादून चले गए और वहां भी एक लूट की। उसके बाद बदमाश फिर से रुड़की आए और एक अन्य लूट की घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। सुबह की घटना के बाद से पुलिस फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश कर रही थी।

रुड़की वापसी पर मुठभेड़- पुलिस को रविवार देर रात सूचना मिली कि बाइक सवार बदमाश तांशीपुर और पाडली गुर्जर को जाने वाले रास्ते से जा रहे हैं। इसके बाद मंगलौर और गंगनहर कोतवाली पुलिस ने घेराबंदी की। आमना सामना होने पर बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पांव में गोली लग गई। पुलिस ने घायल बदमाश को मौके पर ही दबोच लिया जबकि उसका साथी फरार हो गया। पुलिस ने बदमाश को हिरासत में लिया और उपचार के लिए सिविल अस्पताल ले गए। इसके साथ ही फरार हुए बदमाश की तलाश के लिए कॉम्बिंग शुरू कर दी। घायल बदमाश का नाम साजिद (उम्र 36) पुत्र शमशाद मोहल्ला लकीपुरा लिसाड़ी गेट मेरठ बताया गया है।

घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी और एसपी देहात सिविल अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस टीम में कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह, मंगलोर कोतवाली प्रभारी यशपाल सिंह बिष्ट, एसएसआई देवराज शर्मा, सिविल लाइंस कोतवाली एसएसआई दीप कुमार आदि शामिल रहे। 

बदरीनाथ हाईवे सहित कई लिंक मार्ग अवरुद्ध, एक गौशाला में दबे मवेशी

 बारिश से बदरीनाथ हाईवे सहित कई लिंक मार्ग अवरुद्ध, एक गौशाला में दबे मवेशी

देहरादून (एकलव्य बाण समाचार)। उत्तराखंड के जनपद चमोली में बारिश से कई मार्ग अवरुद्ध हो गये हैं। इसके साथ ही एक गौशाला में भी मवेशी दबे होने की सूचना है।

चमोली जिले में शनिवार की देर से रविवार की सुबह तक हुई तेज बारिश से जहां बदरीनाथ हाईवे कई स्थानों पर बन्द हो गया, वहीं देवाल ब्लॉक के कोटीपार कोटेडा गांव में अतिवृष्टि से हुए भूस्खलन के कारण एक गौशाला मलबे में दब गई है। उसके अंदर कुछ मवेशियों के दबने की भी सूचना है। घाट क्षेत्र में भी काण्डई-खुनाणा मोटरमार्ग पर भी देर रात एक मालवाहक वाहन कर्तीगाड़ के पास ही सड़क के ऊपर आये मलबे में फंस गया। बदरीनाथ हाईवे को पागल नाले व गुलाब कोटी में खोल दिया गया है, जबकि हनुमानचट्टी में बंद है। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग खोलने का कार्य जारी है।

देर रात से हो रही बारिश से बदरीनाथ हाईवे गुलाबकोटी, पागलनाला और हनुमान चटटी में बन्द हो गया था। हालांकि पागल नाले व गुलाब कोटी में हाईवे खोल दिया गया है, जबकि हनुमानचट्टी में बद चल रहा है। हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई है। एनएचआईडीसीएल के ओर से हाइवे खोले जाने का कार्य जारी है।

उधरदेवाल विकासखंड के ही कोटीपार कोटेड़ा गांव के ही दिनेश राम ने जानकारी देते हुए बताया कि अतिवृष्टि के बाद हुए भूस्खलन से आये मलबे और पानी से गांव लोगों की खेती भूमि को नुकसान पहुंचा है। साथ ही खेतों में आलू की फसल भी बर्बाद हो गई है। गांव में ही एक गौशाला के ऊपर भूस्खलन का मलबा आने से गौशाला पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। गौशाला के अंदर मवेशी भी मलबे के अंदर दबे हुए हैं। देवाल के ब्लॉक प्रमुख दर्शन दानू ने बताया कि प्रशासन से बातचीत कर राजस्व की टीम गांव के लिए रवाना हो गई है।

बागेश्वर में बारिश की तबाही: मकान पर गिरे मलबे में दबने से पति, पत्नी और बेटे की मौत!

 बागेश्वर में बारिश ने मचाई तबाही, मकान पर गिरा मलबा, दबने से पति, पत्नी और बेटे की मौत!

बागेश्वर (एकलव्य बाण समाचार) उत्तराखंड के जनपद बागेश्वर में बारिश ने भरी तबाही मचाई है। बारिश में एक मकान ढह जाने से पति पत्नी और उनका बेटे की मौत हो गयी।

बागेश्वर जिला अंतर्गत तहसील कपकोट में शनिवार रात अतिवृष्टि के बाद आए मलबे में एक घर दब गया। मलबे में परिवार के तीन सदस्य दब गए। ग्रामीणों द्वारा दी गई सूचना के बाद रविवार की सुबह राजस्व पुलिस, एसडीआरएफ, डॉक्टरों की टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंचने के लिए रवाना हुई। तहसीलदार कपकोट ने इस घटना की पुष्टी की है।

जानकारी के अनुसार ग्राम सुमगढ़ ऐठाण के ईटावन तोक में गृहस्वामी गोविंद सिंह पंडा, उनकी पत्नी खष्टी देवी और आठ वर्षीय बालक हिमांशु पंडा मलबे में दब गए। खष्टी देवी का शव बरामद हो गया है। दो अन्य की खोजबीन की जा रही है। कपकोट के सरन गांव में भी कई घरों में मलबा घुसने की सूचना है। यहां कई पालतू जानवर भी मलबे में दबे हुए हैं। 

आज सुबह ग्रामीणों ने उन्हें मलबे से निकालने का अभियान छेड़ा। उधर तहसीलदार को भी मामले की जानकारी दी गई। एसडीआरएफ की टीम रास्ते बंद होने के कारण अभी तक मौके पर नहीं पहुंच सकी है। इस बीच ग्रामीणों द्वारा शव को ढूंढ निकालने की खबर है। ग्रामीणों का कहना है कि मलबे में दबे तीनों लोगों की मौत हो चुकी है। मलबे में कितने पशु दबे हैं यह अभी पता नहीं है। इस बीच कपकोट क्षेत्र से कई राजनैतिक दलों के लोग भी मौके के लिए रवाना हुए हैं लेकिन मलबे ने उनका रास्ता रोेक रखा है। विदित हो कि सुमगढ़ में वर्ष 2010 में स्कूल भवन में मलबा घुसने से 18 बच्चों की मौत हो गई थी।

कांवड़ यात्रा को लेकर शिवभक्तों में उहापोह

लखनऊ/देहरादून (एकलव्य बाण समाचार)। कांवड़ यात्रा पर उत्तराखंड सरकार के अंतिम निर्णय न लेने से मामला अभी सुलझा नहीं है। एक तरफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 जुलाई से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। वहीं उत्तराखंड सरकार ने यात्रा पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। ऐसे में विभिन्न राज्यों से गंगा जल लेने हरिद्वार पहुंचने वाले भोले के भक्तों में उहापोह बना हुआ है। हालांकि दोनों मुख्यमंत्रियों की बातचीत के बाद मामला हल होने के आसार बने हैं।

यूपी के अपर मुख्य सचिव (सूचना) नवनीत सहगल के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है, पड़ोसी राज्यों उत्तराखंड व बिहार से संवाद स्थापित कर कांवड़ यात्रा को पूरा किया जाए। वहीं हरिद्वार में कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध है। इसी मंगलवार को पुलिस मुख्यालय देहरादून में डीजीपी अशोक कुमार की अध्यक्षता में कांवड़ यात्रा (23 जुलाई से छह अगस्त) पर चर्चा के लिए अंतरराज्यीय समन्वय बैठक बुलाई गई थी। इसमें सात राज्यों (उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब) के 36 पुलिस व इंटेलीजेंस अधिकारियों ने ऑनलाइन व ऑफलाइन भाग लिया। इस दौरान डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि उत्तराखंड शासन ने कांवड़ मेले को पूर्णतया प्रतिबंधित किया है। इस बीच यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सीएम पुष्कर धामी के बीच हुई बात के बाद सरकार ने यू टर्न ले लिया है। सूत्रों का कहना है कि हरिद्वार में प्रतिबंध की गई कांवड़ यात्रा पर अब नए सिरे से पुनर्विचार किया जाएगा।

हरिद्वार में प्रवेश रोकने को सख्ती- सभी राज्य थाना स्तर पर सभी कांवड़ समितियों के साथ बैठक कर इस प्रतिबंध के बारे में उन्हें बताएं। आईजी कानून व्यवस्था वी मुरुगेशन ने कहा कि जो यात्री हरिद्वार की सीमा में प्रवेश करेगा। उनसे कोविड महामारी की गाइडलाइनों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। डीजीपी ने कहा कि कांवड़ मेले पर प्रतिबंध के निर्णय को मीडिया, सोशल मीडिया के माध्यम से सर्कुलेट करना है। यदि शासन के आदेश में कोई फेरबदल होता है तो उसके लिए सभी अधिकारियों का एक व्हाट्एसएप ग्रुप बनाया गया है। इस पर सभी को समय से अवगत करा दिया जाएगा। पिछले साल 15 मार्च को प्रदेश में कोरोना संक्रमण का पहला मामला मिला था। संक्रमण के खतरे को देखते हुए सरकार ने कांवड़ यात्रा को स्थगित करने का निर्णय लिया था। साथ ही सरकार ने यह भी फैसला लिया था कि शिव भक्तों को गंगा जल उन्हीं के राज्यों में उपलब्ध कराया जाएगा।

केस भी, 14 दिन क्वारंटीन भी- उत्तराखंड में फिलहाल कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध है। ऐसे में जो भी कांवड़ लेकर हरिद्वार आएगा उस पर कार्रवाई की जाएगी। उस पर मुकदमा दर्ज करने के साथ 14 दिन के लिए क्वारंटीन भी किया जा सकता है।

स्थानीय श्रद्धालुओं की संख्या कम- केवल 1.6 प्रतिशत होते हैं स्थानीय श्रद्धालु 
कांवड़ मेले में जल लेने के लिए स्थानीय लोगों की संख्या बेहद कम रहती है। वर्ष 2019 में कांवड़ मेले में करीब तीन करोड़ श्रद्धालु आए थे। इनमें से स्थानीय यात्रियों की संख्या महज 1.6 प्रतिशत थी। सबसे अधिक हरिद्वार 32 प्रतिशत और फिर उत्तर प्रदेश 27 फीसदी थी। पिछले साल कांवड़ यात्रा नहीं हुई थी।