CMO के बाबुओं पर नहीं किसी का काबू

CMO के बाबुओं पर नहीं किसी का काबू। सीएमओ कार्यालय के भ्रष्टाचार से त्रस्त फार्मेसिस्ट एशोसिएशन ने किया प्रदर्शन। हर काम के बदले वसूलते सुविधा शुल्क।

बिजनौर। वेतन रोके जाने से नाराज फार्मेसिस्ट एशोसिएशन ने सीएमओ कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने सीएमओ से वेतन दिलाने की मांग की। फार्मेसिस्ट एशोसिएशन ने कार्यालय के बाबुओं पर मनमानी करने हर काम के बदले सुविधा शुल्क मांगने का भी आरोप लगाया। धरना प्रदर्शन के चलते सीएमओ ने फार्मासिस्टो के रुके सभी भुगतान करने के आदेश दिये। इसके बाद फार्मेसिस्ट एशोसिएशन का धरना समाप्त हो गया। एशोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार रवि के नेतृत्व में संजय कुकरेती महामन्त्री, ईश्वरी प्रशाद सिंह, दीपक कुमार, विक्रांत बहादुर, अभय कुमार, भारत भूषण, निपेन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे।

मरीजों के लिए वरदान साबित होगा “द हीलर्स हॉस्पिटल”:भूपेंद्र चौधरी

बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का मां कालिका मंदिर के निकट स्थित “द हीलर्स हॉस्पिटल” में संचालक मंडल की डॉक्टरों की टीम ने बुके देकर स्वागत किया। उसके बाद उन्होंने विधिवत रूप से अस्पताल हॉस्पिटल का फीता काटकर और दीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल मरीजों के लिए वरदान साबित होगा।

उद्घाटन के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने संचालक मंडल के डॉक्टर प्रकाश, डा. भवानी शंकर, डॉक्टर सीमा चौधरी, डॉक्टर सिद्धार्थ सिंह, डॉक्टर नंदन कुमार, डॉक्टर श्वेता, डॉक्टर निधि अग्रवाल, डॉक्टर विकास कुमार, डॉक्टर बीना सिंह डा. राजीव सिंह, डॉक्टर दीपक गोयल, डॉक्टर नीरज चौधरी, डा. हरी राज सिंह तोमर, डॉ राहुल भार्गव आदि के साथ वार्ता की। संचालकों ने प्रदेश अध्यक्ष को अस्पताल में होने वाले इलाज की उपलब्धियां बताई। प्रदेश अध्यक्ष ने सभी संचालकों को शुभकामनाएं दीं।

डॉक्टर नीरज चौधरी ने बताया कि अस्पताल में मेरठ व दिल्ली जैसा इलाज अब हमारे शहर की जनता को बिजनौर में ही मिल सकेगा। उन्हें मेरठ दिल्ली जाने के झंझट से छुटकारा मिलेगा। कई घटनाओं में मरीज मेरठ व दिल्ली जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ देते थे, अब उन लोगों को सही समय पर इलाज करके उनकी जान बचाई जा सकती है। यह जनपद वासियों के लिए एक संजीवनी का काम करेगा।अस्पताल में डाक्टर की टीम मरीजों को बेहतर से बेहतर उपचार देकर उन्हें शीघ्र ही स्वस्थ करने का प्रयास करेगी। अभी तक जनपद में कोई बड़ा अस्पताल नहीं था। यह देखते हुए उन्होंने व उनके साथी डॉक्टरों ने इस अस्पताल को बनाकर लोगों की जिंदगी बचाने का संकल्प लिया है।

डॉक्टर राजीव सिंह ने बताया कि अगर मरीज को सही समय पर बेहतर इलाज मिल जाए तो उसकी जिंदगी बच जाती है। यह अस्पताल लोगों की जान बचाकर एक कीर्तिमान स्थापित करेगा। डॉ प्रकाश ने बताया कि हमने ढाई सौ बेड का अस्पताल बनाकर तैयार किया है, जो हर परिस्थिति में मरीजों की सेवा करता रहेगा। डॉ विकास कुमार ने कहा कि एक ही अस्पताल में हर बीमारी का इलाज किया जाएगा, जिससे मरीजों को इधर-उधर परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। डॉ सीमा चौधरी ने बताया कि अस्पताल की ओर से बुधवार को फ्री कैंप लगाया जा रहा है ऐसे कैंप लगाकर मरीजों की सेवा जारी रहेगी।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह, धामपुर विधायक अशोक राणा, नहटौर विधायक ओम कुमार, पूर्व सांसद राजा भारतेंद्र सिंह, पूर्व ब्लाक प्रमुख विनोद राठी, रालोद के पूर्व विधायक चौधरी सुखबीर सिंह, रालोद के पूर्व सांसद मुंशी रामपाल सिंह, किसान नेता चौधरी दिगंबर सिंह, पूर्व विधायक चांदपुर कमलेश सैनी, किसान नेता चौधरी राजेंद्र सिंह, किसान नेता अतुल कुमार, भाजपा नेता विनय राणा, कुंवर दीप देशवाल, अवधेश कुमार एड., पंकज चौधरी, असीम चौधरी, जतिन चौधरी, आशीष तोमर, ऋषभ काकरान, सौरभ काकरान, गौरव चौधरी, अनंत चौधरी, निपेंद्र प्रधान, खान जफर सुलतान, सभासद जुल्फिकार बेबी, वसीक अहमद, राजा आदि शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन जयवीर राठी ने किया।

डाक्टर के तबादले को लेकर छिड़ा घमासान!

एबीवीपी को दबाने की कोशिश में भाजपा पदाधिकारी। घेराव के बाद सीएमओ ने किया था अवैध उगाही के आरोपी डॉक्टर व स्टाफ का तबादला। डाक्टर का तबादला निरस्त कराने के लिए पैरवी में उतरे भारतीय जनता पार्टी के जिला स्तर के नेता।

बिजनौर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के धरना, प्रदर्शन के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नजीबाबाद पर छात्र छात्राओं से फिटनेस सर्टिफेकेट के नाम पर अवैध वसूली के आरोप में हटाए गए डाक्टर की पैरवी में मुख्य संगठन भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी उतर आए हैं? इसे लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखा गया था। यही नहीं विश्वनीय सूत्रों का तो यहां तक दावा है कि इस मामले को लेकर भाजपा जिला अध्यक्ष और संघ के नेताओं तक से संपर्क साधा जा रहा है।

दरअसल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नजीबाबाद पर छात्र छात्राओं से फिटनेस सर्टिफेकेट के नाम पर अवैध वसूली का आरोप अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता लगा रहे थे। तमाम धरना, प्रदर्शन तथा घेराव के बाद सीएमओ ने आरोपी डॉक्टर संदीप का स्थानांतरण पीएचसी मंडावली, फार्मेसिस्ट ब्रजेश कुमार का सीएचसी समीपुर और वार्ड ब्वॉय शुभम का स्थानांतरण सीएचसी समीपुर कर दिया। इससे पहले डाक्टर संदीप अपने राजनैतिक आकाओं की शरण में पहुंचे। तब भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री बलराज त्यागी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अपने लैटर हेड पर पत्र लिख कर जबरदस्त तरीके से पैरवी की।

क्या लिखा था डाक्टर की पैरवी में? भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री बलराज त्यागी ने 14 सितंबर को मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अपने लैटर हेड पर पत्र लिख कर जबरदस्त तरीके से पैरवी की। उन्होंने लिखा कि संदीप ईमानदार अच्छे कर्तव्यनिष्ठ डाक्टर हैं, जो मरीजों को व उनके साथ आने वालों को संतुष्ट रखते हैं। अपना कार्य पूर्ण मिष्ठा और ईमानदारी से करते आ रहे हैं। वर्तमान में भी प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र नजीबाबाद पर पूर्ण निष्ठा से सेवा दे रहे थे। इनको प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र पर ही बने रहने दिया जाए, जिससे कि जनसामान्य को और अधिक लाभ मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने डा. संदीप के अब उज्वल भविष्य की कामना भी की।

फाइल चित्र

गौरतलब है कि 23 अगस्त 2022 को एबीवीपी नजीबाबाद के नगर मंत्री विनायक गुप्ता ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नजीबाबाद पर छात्र छात्राओं से फिटनेस सर्टिफेकेट के नाम पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए दोषी डाक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग करते हुए दो दिन का अल्टीमेटम दिया था। साथ ही अवैध रूप से वसूली गई रकम छात्र छात्राओं को वापस करने की मांग भी की। इस मामले में कुछ भी न होने पर पीएचसी पर धरना प्रदर्शन भी किया। आखिरकार फिर भी सुनवाई न होने पर 19 सितंबर को बिजनौर पहुंच कर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत सह संयोजक फार्मा विजन अभिषेक त्यागी के नेतृत्व में सुधांशु चौहान जिला संयोजक बिजनौर, रॉयल अहलावत, अनमोल चौहान, बंटी चौहान, शानू त्यागी, उज्जवल चौहान, हर्षित त्यागी, आकाश राठी, मुकुल राजपूत आदि सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सीएमओ का घेराव किया। इसके बाद सीएमओ ने उसी दिन आरोपी डॉक्टर संदीप का स्थानांतरण पीएचसी मंडावली, फार्मेसिस्ट ब्रजेश कुमार का सीएचसी समीपुर और वार्ड ब्वॉय शुभम का स्थानांतरण सीएचसी समीपुर कर दिया। अब इस मामले को लेकर तगड़ी राजनीति शुरू हो गई है। सूत्रों का कहना है कि तबादला निरस्त कराने के लिए भाजपा जिला अध्यक्ष और संघ के नेताओं तक से संपर्क साधा जा रहा है।

घेराव के बाद सीएमओ ने किया अवैध उगाही के आरोपी डॉक्टर व स्टाफ का तबादला!

अवैध उगाही के आरोपी डॉक्टर व स्टाफ का तबादला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने किया सीएमओ का घेराव

बिजनौर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नजीबाबाद पर छात्र छात्राओं से फिटनेस सर्टिफेकेट के नाम पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए सीएमओ का घेराव किया। मामले में कुछ सफेदपोश नेता राजनीति करने में लगे हुए थे, जिनकी राजनीति ज्यों की त्यों रखी रह गई। सीएमओ का घेराव अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत सह संयोजक फार्मा विजन अभिषेक त्यागी के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान सुधांशु चौहान जिला संयोजक बिजनौर, रॉयल अहलावत, अनमोल चौहान, बंटी चौहान, शानू त्यागी, उज्जवल चौहान, हर्षित त्यागी, आकाश राठी, मुकुल राजपूत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। इससे पहले अभाविप कार्यकर्ताओं ने नजीबाबाद में भी धरना प्रदर्शन किया था।

अवैध उगाही के आरोपी डॉक्टर व दो अन्य का तबादला!

दूसरी तरफ बताया गया है कि सीएमओ ने आरोपी डॉक्टर संदीप का स्थानांतरण पीएचसी मंडावली, फार्मेसिस्ट ब्रजेश कुमार का सीएचसी समीपुर, वार्ड ब्वॉय शुभम का सीएचसी समीपुर स्थानांतरण कर दिया है।


संत निरंकारी मंडल ब्रांच हल्दौर के शिविर में हुआ 60 यूनिट रक्तदान

संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के तत्वावधान में संत निरंकारी मंडल ब्रांच हल्दौर द्वारा किया गया विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन। जिला अस्पताल के डॉक्टरों की टीम की देखरेख में हुआ करीब 60 यूनिट रक्तदान।भूपेंद्र निरंकारी

बिजनौर। राकेश फार्म हाउस में संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के तत्वावधान में संत निरंकारी मंडल ब्रांच हल्दौर के द्वारा एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों की टीम की देखरेख में करीब 60 यूनिट रक्तदान हुआ। रक्तदान शिविर में बिजनौर चांदपुर, नूरपुर, नहटौर, धामपुर, नजीबाबाद व बरुकी आदि ब्रांच ने भाग लिया। रक्तदान शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि बरेली जोन के जोनल इंचार्ज संजीव अग्रवाल ने किया।

इस अवसर पर जोनल इंचार्ज संजीव अग्रवाल व हल्दौर ब्रांच के मुखी महात्मा महेंद्र शर्मा ने संयुक्त रुप से बताया कि रक्तदान एक बहुत ही पुण्य का कार्य है। सद्गुरु बाबा हरदेव सिंह महाराज का कहना था कि रक्त नालियों में नहीं नाड़ियों में बहना चाहिए। रक्तदान से स्वस्थ रहता है। कोई भी स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है और इससे किसी तरह का कोई भी नुकसान नहीं होता, हमें लाभ ही होता है।

जिला अस्पताल की टीम के कुशल मार्गदर्शन में कार्मेंद्र सिंह, मुकेश किरण शर्मा, सूर्य प्रताप, शशांक वर्मा, सुधा प्रियांशी, सलीम अब्बास, प्रीतम सिंह, तेजपाल, राहुल खन्ना चांदपुर, अशोक कुमार, अमन सोवीर नेतराम आदि सहित करीब 60 व्यक्तियों ने रक्तदान किया। इस अवसर पर बिजनौर ब्रांच के संयोजक महात्मा बाबूराम निरंकारी, नूरपुर ब्रांच के संयोजक महात्मा राजपाल सिंह, चांदपुर ब्रांच के मुखी महात्मा डॉक्टर केपी सिंह, किरतपुर बसी ब्रांच के मुखी महात्मा हुकुम सिंह, नहटौर ब्रांच के मुखी कुशल पाल शर्मा, धामपुर ब्रांच के मुखी महात्मा भीम सिंह एडवोकेट, खानपुर ब्रांच के मुखी कैलाश चंद, सरिता श्रीवास्तव, सुशीला, प्रचारक कृपाल सिंह त्यागी,  गंगाचरण, हीरामणि आदि सहित निरंकारी मिशन के अनेक अनुवाई उपस्थित रहे।

जिला अस्पताल की टीम का विशेष योगदान- जिला अस्पताल की टीम से डॉ. जासमीन, डॉक्टर अंशुला, नरेश कुमार, योगेंद्र शर्मा, अरुण शर्मा, विनोद कुमार का योगदान रहा। इससे पूर्व हल्दौर ब्रांच के मुखी महात्मा महेंद्र कुमार शर्मा ने सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। रक्तदान शिविर को सफल बनाने में मुनीश कुमार, गंगाराम, आसाराम, मन्नू सिंह,  शिवम, दिनेश, हीरामणि का विशेष योगदान रहा। अंत में हल्दौर ब्रांच के मुखी महात्मा मास्टर महेंद्र शर्मा ने मुख्य अतिथि जोनल इंचार्ज संजीव अग्रवाल व अन्य अतिथियों, निरंकारी मिशन के अनुयायियों तथा रक्तदान करने वालों का आभार व्यक्त किया।

स्वर्गीय रमेश चंद्र यादव की 66 वीं जयंती पर शिविर व मुफ्त दवा वितरण

लखनऊ। आरसी फाउंडेशन व विराट मेड सिटी के सौजन्य से स्वर्गीय रमेश चंद्र यादव की 66 वीं जयंती पर सरोज वाटिका अमानीगंज मलिहाबाद में शिविर व मुफ्त दवा वितरण का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन आरती फाउंडेशन के संरक्षक रिटायर्ड एडिशनल एसपी शिव कुमार यादव, अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा यादव, डॉक्टर महेंद्र यादव, डॉक्टर अरुण यादव, पूर्व विधायक महेंद्र यादव द्वारा किया गया।

मुख्य रूप से शशिकांत यादव, अंकित यादव, मोहित यादव, पूर्व प्रत्याशी मलिहाबाद सोनू कनौजिया, राजबाला रावत व जिला अध्यक्ष जय सिंह जयंती पर अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

हाथ में लगा हो सैनिटाइजर, तो आरती की थाली से बना कर रखें दूरी

चिकित्सकों का कहना हाथ में लगा हो सैनिटाइजर, तो दूरी बना कर रखें आरती की थाली से

लखनऊ (शैली सक्सेना)। भगवान गणपति बप्पा का उत्सव पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ बुधवार को प्रारंभ हो गया है। हर हिन्दू के हृदय में प्रथम पूज्य श्री गणेशजी के प्रति अगाध श्रद्धा और प्रेम भी है। वहीं कोरोना काल के दौरान जारी कुछ दिशा निर्देश पर आज भी बहुत से लोगों द्वारा पालन किया जा रहा है। बदलते मौसम में आज संक्रामक बीमारियों से बचाव में उक्त सावधानियां बेहद जरूरी भी हैं।ऐसे में हर व्यक्ति को इस बेहद खास बात का ध्यान रखना आवश्यक है कि यदि हाथ में सैनिटाइजर लगा हो, तो आरती की थाली से दूरी बना कर रखें। पूजन की समाप्ति पर आरती की थाली घुमाने की परंपरा है। चिकित्सकों का कहना है कि सैनिटाइजर अत्यधिक ज्वलनशील तरल पदार्थों में से एक है। इसलिए आरती करने या लेने से पहले भले ही अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह से धो लें, लेकिन सैनिटाइजर से दूरी ही बनाए रखना ही समझदारी है। इस छोटी सी बात पर ध्यान नहीं दिया तो कोई बड़ी अनहोनी भी हो सकती है। …और हां कोरोना गाइडलाइंस का पालन करना आप, समाज व देश हित में आवश्यक है।

20 सेकेंड साबुन से धोएं हाथ- यूं तो 20 सेकेंड तक साबुन से हाथ धोने की सलाह डॉक्‍टर्स ने दी है। इसके बावजूद सैनिटाइजर का यूज खूब होता है। इससे हाथ को डिसइंफेक्‍ट करना आसान तो हो जाता है मगर सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, लोगों को अल्‍कोहल-बेस्‍ड हैंड सैनिटाइजर यूज करने चाहिए। इनमें कम से कम 60% अल्‍कोहल होना चाहिए।

सैनिटाइजर से खतरा?
कम से कम 60 पर्सेंट अल्‍कोहल होने के कारण हैंड सैनिटाइजर्स बेहद ज्‍वलनशील होते हैं, अर्थात उनमें बड़ी तेजी से आग लगती है। डॉक्‍टर्स सलाह देते हैं कि सैनिटाइजर्स को ऐसी जगह के पास इस्‍तेमाल ना करें जहां आग लगने की संभावना हो जैसे- रसोई गैस, लाइटर, माचिस आदि। सैनिटाइजर्स को पर्याप्‍त मात्रा में इस्‍तेमाल करें और फिर उसे सूख जाने दें।

इस्‍तेमाल का तरीका-
अगर आपके हाथ गंदे हों तो पहले साबुन और पानी से हाथ धो लें। हैंड सैनिटाइजर में मौजूद अल्‍कोहल तभी काम करता है जब आपके हाथ सूखे हों। ऐसे में सैनिटाइजर की दो-तीन बूंद लेकर अपने हाथों पर रगड़ें। उंगलियों के बीच में सफाई करने के साथ ही हथेलियों के पीछे भी लगाएं। सूखने से पहले सैनिटाजर को ना पोछें, ना ही धोएं।

साबुन है सैनिटाइजर से बेहतर– 
जहां साबुन और पानी न हो सैनिटाइजर का इस्तेमाल वहीं करें। घर पर रहने के दौरान चार से पांच बार साबुन से 20 सेकंड तक हाथ धोना चाहिए। घर से बाहर निकलने पर सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना चाहिए। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च बताती है कि सैनिटाइजर कोरोना वायरस से लड़ने में साबुन जितना कारगर नहीं है। कोरोना वायरस से लड़ने के लिए वही सैनिटाइजर असरदार होगा जिसमें अल्कोहल की मात्रा अधिक होगी। घरों में इस्तेमाल होने वाला साबुन सैनिटाइजर के मुकाबले ज्यादा असरदार है।

डेंगू से सावधानी व सतर्कता बनाए रखने को डीएम की अपील

डेंगू एक गम्भीर रोग, सावधानी व सतर्कता बनाए रखें-जिलाधिकारी। लक्षण दिखने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल में चिकित्सीय परामर्श लें व जांच कराएं। दायित्वों के निर्वहन में यदि शिथिलता या लापरवाही बरती जाती है तो दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध की जायेगी कार्यवाही।

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने शासन स्तर से समय-समय पर कराये गये दिशा-निर्देशों के क्रम में आमजन को अवगत कराते हुए कहा कि डेंगू रोग एक गम्भीर रोग है जो मादा एडीज इजिप्टाई मच्छर के काटने से फैलता है। उन्होंने कहा कि सावधानी व सर्तकता बनायें रखें। लक्षण दिखने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल में चिकित्सीय परामर्श लें व जांच करायें। उन्होंने अधिकारियों के दायित्व निर्धारित करते हुए कहा कि शिथिलता या लापरवाही बरती जाती है तो दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध कार्यवाही करने के साथ ही शासन को सूचित कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि जनपद बिजनौर मे मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिजनौर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गयाहै।

जिलाधकारी ने बताया कि इस रोग का प्रसार अधिकतर माह जुलाई से माह नवम्बर के मध्य होता है। यह मच्छर घर के अन्दर व उसके आस-पास के वातावरण में रहता है और पलता है तथा केवल दिन के समय में काटता है और रात को विश्राम करता है। डेंगू बुखार का वायरस (विषाणु) इन मच्छरों के द्वारा एक प्रभावित व्यक्ति से दूसरे स्वस्थ व्यक्ति में फैलता है। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि डेंगू के नियन्त्रण हेतु विभिन्न कार्यवाहियाँ सुनिश्चित करायी जायें जिसमें प्रत्येक जिला स्तरीय चिकित्सालय में डेंगू के रोगियों के लिये एक पृथक वार्ड चिन्हित किया जाये। प्रत्येक बैड पर रोगी के लिए मच्छरदानी की व्यवस्था हो, सम्भावित डेंगू रोग के सभी रोगियों का चिकित्सालय में भर्ती कर निःशुल्क उपचार किया जाये। इन रोगियों के रोग की पुष्टि हेतु सीरम का जॉच एलाइजा/रेपिड टेस्ट द्वारा कराई जाये। सभी रोगियों का टूर्निकेट टेस्ट तथा प्लेटलेट काउन्ट कराया जाये।
उन्होंने निर्देशित किया कि चिकित्सालय एवं रोगियों के निवास स्थान के क्षेत्र में एडिज इजिप्टाई मच्छर के घनत्व का नियमित अनुश्रवण किया जाये। कन्टेनर इन्डेक्स एवं हाउस इन्डेक्स के माध्यम से एडिज इजिप्टाई मच्छर के लार्वा की जानकारी नियमित रूप से कराई जाये। वाहक मच्छर पर नियन्त्रण हेतु घर के बर्तनों, कूलरों, घड़े, पानी की टंकी में एकत्रित पानी एक सप्ताह के अन्दर अवश्य बदल दें। बहुमंजिली इमारत में वाहक मच्छर की वृद्धि को रोकने के लिये उनके प्रबन्धकों के स्तर से यह सुनिश्चित करा लें कि उनकी इमारतों कूलर, पानी की टंकी आदि दशा में बदल दिया जाये। प्रत्येक व्यक्ति शरीर को अधिक से अधिक ढकने के लिये उपयुक्त कपड़े पहने। मच्छरदानी एवं अन्य उपाय जैसे- मैटस, अगरबत्ती, क्रीम इत्यादि का प्रयोग करे। समस्त स्कूल/कालेज में बच्चों में मच्छर के काटने बचाने की पूरी बॉह के कपडे तथा पैरों में लम्बे मोजे/सलवार इत्यादि पहनने की सलाह दें।

चिकनगुनिया रोग पर भी रखें नजर- उन्होंने कहा कि चिकनगुनिया रोग भी एक वायरस के कारण होता है। इसका प्रसार भी डेंगू के समान एडिज इजिप्टाई मच्छर द्वारा होता है। इस रोग के मुख्य लक्षण भी डेंगू की तरह तेज बुखार के साथ शरीर के सभी जोड़ों में असहनीय दर्द तथा शरीर में दाने होना होता है। इस रोग से बचाव हेतु उपरोक्तानुसार डेंगू के समान सभी उपाय कराये जाएं। रोग की पुष्टि हेतु चिकनगुनिया रोग के सम्भावित रोगियों के सीरम की जाँच एन०सी०डी०सी०, 22 शाम नाथ मार्ग, दिल्ली (भारत सरकार) में भेजकर कराई जाये।

हाई कोर्ट ने तय की जिम्मेदारी- जिलाधकारी ने बताया कि उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा पारित आदेश के द्वारा नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी एवं नगर निगमों व नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी व चेयरमैन अपने क्षेत्र में सामान्य सफाई के लिए उत्तरदायी होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत राज अधिकारी सफाई के लिए उत्तरदायी होगे। निजी नर्सिंग होम के मालिक व्यवस्थापक एवं प्रभारी अपने जनपद के जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी को डेंगू से पीड़ित व्यक्ति की पॉजिटिव रिपोर्ट होने पर अनिवार्य रूप से सूचित करेगें। राज्य सरकार रोग से बचाव हेतु किये जाने वाले उपायों की जनसामान्य में जानकारी हेतु व्यापक प्रचार- प्रसार करेगी।

सीएमओ बनाए गए नोडल अधिकारी- डीएम ने कहा कि उपरोक्त निर्देशों का कड़ाई के साथ अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु जनपद बिजनौर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिजनौर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्वयं यह सुनिश्चित करेंगे कि निर्धारित प्रारूप पर सूचना शासन को प्रत्येक दिन समय से प्राप्त होती रहे। कोविड-19 महामारी को दृष्टिगत रखते हुए सोशल डिस्टेसिंग व व्यक्तिगत स्वच्छता/सेनिटाईजेशन को अपनाते हुए समस्त विभागाध्यक्ष अपने से सम्बन्धित कार्याे/निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराना सुनिश्चित करें।

बोतल लेकर नशे में टल्ली डॉक्टर पहुंचे अस्पताल!

नशे में टल्ली होकर डॉक्टर पहुंचे अस्पताल! टेबल पर ही बोतल रखकर शुरू हो गए दिनदहाड़े। सीएमओ ने कही कार्रवाई की बात

बिजनौर। समीपुर अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी की कार्यप्रणाली विभाग के लिए जी का जंजाल बन गई है। एक महीने की छूट्टी बाद डॉक्टर साहब अस्पताल तो पहुंचे, लेकिन नशे में टल्ली होकर। यही नहीं मेज पर ही दिनदहाड़े शराब की बोतल रखकर महफ़िल भी जमा डाली। उन्हें इस बात से कतई सरोकार न था कि इलाज के लिए आने वाले मरीजों का क्या होगा?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नजीबाबाद अंतर्गत समीपुर अस्पताल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी कृष्ण गोपाल तिवारी लगभग एक माह के अवकाश के बाद शुक्रवार को शराब की बोतल के साथ अस्पताल पहुंचे। डा. गोपाल कृष्ण तिवारी अपने टेबल पर शराब की बोतल रखकर मदिरा प्रेम में ऐसे डूबे कि उन्हें अपना भी होश नहीं रहा और पास में ही बेड पर लेट गए। काफी देर तक स्टाफ उन्हें होश में लाने में लगा रहा, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। कुछ मीडिया कर्मियों के मौके पर पहुंचने पर स्टाफ में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में स्टाफ ने चिकित्सक अधिकारी को स्ट्रेचर से कमरे तक पहुंचाया। मीडिया कर्मियों ने मामले की जानकारी सीएमओ व स्थानीय अधिकारियों को भी दी। यही नहीं शनिवार को भी डॉक्टर साहब नशे की हालत में अस्पताल पहुंचे। प्रभारी के नशे की हालत में रहने से मरीज भी परेशान नजर आए। उधर स्वास्थ्य व्यवस्थाएं भी बाधित रहीं। इस संबंध में सीएमओ डा. विजय गोयल का कहना है कि यह मामला संज्ञान में आ चुका है। चिकित्सक के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है। उन्हें अवकाश पर भेज दिया गया है।

13 से 15 अगस्त तक हर घर पर फहराएं तिरंगा: डॉ. विमल


बिजनौर। आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर इस बार भी हमेशा की तरह हम स्वतंत्रता दिवस के इस पावन पर्व को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाएंगे। राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय नगर बिजनौर चिकित्सा अधिकारी डॉ विमल कुमार ने सभी से अनुरोध किया है कि ‘हर घर तिरंगा अभियान’ के तहत 13 से 15 अगस्त तक सभी लोग अपने घरों पर तिरंगा फहराएं तथा देश के अमर शहीदों को याद करें, जिन्होंने अपना बलिदान देकर हमें आजाद कराया और हम अब इस खुले आसमान में स्वतंत्रता से जी सकते हैं।

सभी कोविड टीकाकरण केंद्रों पर 7 अगस्त को लगेगा मेगा डोज कैंप

सभी कोविड टीकाकरण केंद्रों पर लगेगा मेगा डोज कैंप

18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को लगाई जाएगी प्री-कॉशन डोज

बिजनौर। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत 15 जुलाई से 75 दिनों के लिए 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को सतर्कता डोज नि:शुल्क लगाई जा रही है। इसी क्रम में 7 अगस्त को टीकाकरण केंद्रों पर मेगा डोज कैंप लगाया जा रहा है।


जिला प्रतिरक्षण अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि सात अगस्त को शासन की ओर से प्रदेश के सभी जनपदों में प्रिकॉशन डोज मेगा कैंप आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इस निर्देश के अनुपालन में जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं चिन्हित हैल्थ एंड वेलनेस सेंटर प्रिकॉशन डोज मेगा कैंप लगाया जाएगा। इसके लिए इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर के माध्यम से फोन कॉल, निगरानी समिति, फ्रंट लाइन वर्कर, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री की ओर से फॉलोअप करते हुए सभी लक्षित लाभार्थियों को मेगा कैंप में आकर प्रिकॉशन डोज लगवाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने कहा कि जनपद में अभी तक 106759 लोगों को प्रिकॉशन डोज लगाई जा चुकी है। सात अगस्त को मेगा डोज कैंप के लिए अधिक संख्या में सत्र लगाए जाएंगे। जो भी लोग प्रिकॉशन डोज लगवाना चाहते हैं वह ऑनलाइन बुकिंग या सीधे आकर भी प्रिकॉशन डोज लगवा सकते हैं। अपने साथ आधार कार्ड लेकर जरूर आएं।

देश की पहली महिला डॉक्टर व विधायक का जन्मदिन आज

डॉक्टर मुत्तुलक्ष्मी रेड्डी (30 जुलाई 1886 — 22 जुलाई, 1968) भारत की पहली महिला विधायक थीं। वे ही लड़कों के स्कूल में प्रवेश लेने वालीं देश की पहली महिला थीं। इसके आलावा मुत्तुलक्ष्मी ही देश पहली महिला डॉक्टर (मेडिकल ग्रेजुएट) भी थीं। मुत्तुलक्ष्मी जीवन भर महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़तीं रहीं और देश की आज़ादी की लड़ाई में भी उन्होंने बढ़-चढ़कर सहयोग दिया।

30 जुलाई 1886 में तमिलनाडु (तब मद्रास) में जन्मीं मुत्तुलक्ष्मी को भी बचपन से ही पढ़ने के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उनके पिता एस नारायणस्वामी चेन्नई के महाराजा कॉलेज के प्रधानाचार्य थे। उनकी मां चंद्रामाई ने समाज के तानों के बावजूद उन्हें पढ़ने के लिए भेजा। उन्होंने भी मां-बाप को निराश नहीं किया और देश की पहली महिला डॉक्टर बनीं।

अपनी मेडिकल ट्रेनिंग के दौरान की एक बार मुत्तुलक्ष्मी को कांग्रेस नेता और स्वतन्त्रता सेनानी सरोजिनी नायडू से मिलने का मौका मिला। तभी से उन्होंने महिलाओं के अधिकारों और देश की आजादी के लिए लड़ने की कसम खा ली। यहां तक कि उन्हें इंग्लैंडजाकर आगे पढ़ने का मौका भी मिला लेकिन उन्होंने इसे छोड़कर विमेंस इंडियन असोसिएशन के लिए काम करना ज्यादा जरूरी समझा। मुत्तु को सन् 1927 में मद्रास लेजिस्लेटिव काउंसिल से देश की पहली महिला विधायक बनने का गौरव भी हासिल हुआ। उन्हें समाज और महिलाओं के लिए किए गए अपने काम के लिए काउन्सिल में जगह दी गई थी। 1956 में उन्हें समाज के लिए किये गए अपने कार्यों के लिए पद्मभूषण से सम्मानित किया गया।

विधायक के रूप में काम करते हुए उन्होंने लड़कियों की कम आयु में शादी रोकने के लिए नियम बनाए और अनैतिक तस्करी नियंत्रण अधिनियम को पास करने के लिए परिषद से आग्रह किया। सन् 1954 ई. में उन्होंने ‘अद्यार कैंसर इंस्टिट्यूट’ (Adyar Cancer Institute) की नींव रखी थी, जहां आज सालाना करीब 80 हजार कैंसर के मरीजों का इलाज होता है। 

आरोग्य भारती ने किया क्षय रोग कार्यालय में वृक्षारोपण

बिजनौर। आजादी का अमृत महोत्सव अंतर्गत आरोग्य भारती ने जिला क्षय रोग कार्यालय में फलदार पौधों का वृक्षारोपण किया। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर बीएस रावत ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिये कि आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पौधे लगाएं और अपने-अपने घरों पर ध्वजारोहण करें। इस कार्यक्रम को जन आंदोलन के रूप में करें। अधिक से अधिक स्वच्छता का ध्यान रखें। स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत का निर्माण करें। समाज व राष्ट्र के निर्माण के लिए आगे आएं।

वृक्षारोपण के दौरान आरोग्य भारती के प्रांत अध्यक्ष वेद अजय गर्ग, प्रांत चिकित्सा प्रमुख डॉक्टर नरेंद्र सिंह, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर बीएस रावत, उपजिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर संजीव कुमार, मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर नरेंद्र सिंह, कौसर आता फारुकी, नरेश कुमार नागर प्रधानाचार्य सरस्वती शिशु मंदिर फीना, दानिश, एआर रावत, वरिष्ठ चिकित्सक इलेक्ट्रो होम्योपैथिक राहुल कुमार, विनोद कुमार, नकुल कुमार, गौतम, अरविंद कुमार, विनीत कुमार चौधरी, प्रियांशी यादव, मधु कश्यप, उपेंद्र कुमार, आलोक चौधरी, आदित्य गौतम, शोएब खान उपस्थित रहे।

अवैध उगाही के बलबूते अल्ट्रासाउंड सेंटर व नर्सिंग होम का संचालन!

बिजनौर जनपद में बिना वैध कागजों के संचालित नर्सिंग होम व अल्ट्रासाउंड सेंटर जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत के चलते इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। यहां तक कि इनके खिलाफ कार्रवाई करने के डीएम के आदेश को भी हवा में उड़ा दिया गया।

बादस्तूर जारी है उगाही का का धंधा!- सूत्रों ने दावा किया है कि पाडली अल्ट्रासाउंड सेंटर, रामवीर धन्वंतरि हॉस्पिटल हसुपुरा नूरपुर, पारस अल्ट्रासाउंड सेंटर व नर्सिंग होम चांदपुर, मोहित नर्सिंग होम चांदपुर, राजवंश नर्सिंग होम चांदपुर, एचएमएस हॉस्पिटल नजीबाबाद, जीवनराज चंद्रा हॉस्पिटल नजीबाबाद, बीसी अल्ट्रासाउंड सेंटर धामपुर, सिसोदिया अल्ट्रासाउंड सेंटर धामपुर व पायल हॉस्पिटल कालागढ़ रोड धामपुर बिना किसी वैध कागजात के संचालित किये जा रहे हैं। गंभीर बात यह है कि इनमें से किसी पर भी किसी चिकित्सक की तैनाती नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के दस्तूर के मुताबिक पहले डॉ एसके निगम यहां से उगाही कर रहे थे और उनके रिटायरमेंट के बाद डॉ देवीदास ने कमान संभाल ली है?

सांठगांठ कर धंधा बदस्तूर जारी- आरोप है कि फर्जी तरीके से संचालित अस्पतालों में से कईं में लापरवाही के कारण जच्चा-बच्चा की मौत भी हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग अपनी पुरानी रीति के अनुसार नोडल अफसर क्वैक्स के जरिये इन्हें नोटिस जारी कर चिकित्सा अभ्यास से संबंधित अभिलेखों समेत तलब करता है। कुछ ही दिन में आरोपियों से सांठगांठ कर धंधा बदस्तूर चालू करा दिया जाता है। 

गौरतलब है कि जनपद में फर्जी अल्ट्रासाउंड सेंटरों के संचालित होने की खबरों को अनदेखा करने वाले स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के कारनामे अब सामने आने लगे हैं। माह जून के प्रथम सप्ताह में तहसील समाधान दिवस में जनता की शिकायत पर जिलाधिकारी ने जिले में फर्जी तरीके से चल रहे अल्ट्रासाउंड सेंटर सील करने के निर्देश दिए थे।

इस पर एसडीएम विजयवर्धन तोमर के नेतृत्व में नोडल अफसर डा. देवीदास ने अपनी टीम के राजकुमार सक्सेना, विजयपाल व पुलिस बल के साथ छापेमारी कर रेलवे क्रॉसिंग रोड स्थित अर्चना नर्सिंग होम, चन्दन हॉस्पिटल, रौनक नर्सिंग होम, परिधि नर्सिंग होम जैतरा, अदन नर्सिंग होम नगीना रोड धामपुर को कार्रवाई के तहत सील कर दिया और दो अन्य को नोटिस जारी किया था। बताया जा रहा है कि लेनदेन सम्पन्न होने के बाद इसी हफ्ते इनमें से एक का ताला खुल गया, जबकि जल्दी ही अन्य का शटर उठाने की तैयारी है।

इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी का पक्ष जानने के लिए उन से उनके मोबाइल फोन नंबर पर संपर्क का प्रयास किया गया। बात नहीं हो सकी।

रहस्यमय परिस्थितियों में खुला  धामपुर के सील नर्सिंग होम का ताला!

आश्चर्यजनक रूप से खुल गया धामपुर का सील नर्सिंग होम। समाधान दिवस में शिकायत के बाद डीएम के आदेश पर एसडीएम व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मारा था छापा। पांच नर्सिंग होम हुए थे सील। नोडल अधिकारी क्वेक्स का दावा, सीएमओ के निर्देश पर खुला ताला।

बिजनौर। धामपुर में पिछले महीने सील किये गए पांच नर्सिंग होम में से एक बुधवार को अप्रत्याशित और आश्चर्यजनक रूप से खुल गया! डीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उक्त पांचों को सील किया था। उस दौरान कुछ नर्सिंग होम संचालक कार्रवाई के डर से फरार हो गए थे। वहीं पांच नर्सिंग होम सील कर दिए गए थे। इस मामले में नोडल अधिकारी का कहना है कि सीएमओ के आदेश के तहत सील खोली गई है। सीएमओ का पक्ष नहीं मिल सका।

गौरतलब है कि धामपुर में अवैध तौर पर कईं नर्सिंग-होम अस्पताल संचालित कर अनाधिकृत तौर पर ऑपरेशन तक करने की शिकायतें जिलाधिकारी उमेश मिश्रा को प्राप्त हुई थीं। समाधान दिवस में शिकायत में बताया गया कि इन अस्पतालों में से कईं में लापरवाही के कारण जच्चा-बच्चा की मौत भी हो चुकी है। नोडल अफसर क्वैक्स डा.देवीदास ने इन्हें नोटिस जारी कर चिकित्सा अभ्यास से संबंधित अभिलेखों समेत तलब किया था। बताया गया है कि आरोपियों में से कोई भी सीएमओ ऑफिस नहीं पहुंचा। इस पर जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम विजयवर्धन तोमर के नेतृत्व में नोडल अफसर डा. देवीदास ने अपनी टीम के राजकुमार सक्सेना, विजयपाल व पुलिस बल के साथ जून के पहले सप्ताह में छापेमारी की।

ये हुए थे सील- रेलवे क्रॉसिंग रोड स्थित अर्चना नर्सिंग होम, चन्दन हॉस्पिटल, रौनक नर्सिंग होम, परिधि नर्सिंग होम जैतरा, अदन नर्सिंग होम नगीना रोड धामपुर को कार्रवाई के तहत सील कर दिया गया था। इनके अलावा दो अन्य को नोटिस जारी किया गया।

CMO के आदेश पर खुली सील!- सीएमओ के आदेश के तहत रौनक नर्सिंग होम की सील खोली गई है। नोडल अधिकारी देवीदास ने दूरभाष पर यह दावा किया। सील खोलने का आधार क्या है, इसके जवाब में उन्होंने कहा कि नर्सिंग होम संचालक ने कागजात प्रस्तुत कर दिए होंगे, इसका पटल अलग होता है। अन्य जानकारी उन्हें नहीं है।

एक दिन का एडीजी प्रयागराज बने 12 वर्षीय कैंसर पीड़ित हर्ष

लखनऊ। प्रयागराज के 12 साल के कैंसर पेशेंट हर्ष दूबे की मदद के लिए ज़िले के तीन अलग-अलग वर्ग से जुड़े लोग फरिश्ते बनकर सामने आए हैं। हर्ष का हौसला बढ़ाने के लिए एडीजी प्रेम प्रकाश ने बॉडी किट देने के साथ-साथ हर्ष को एक दिन का एडीजी प्रयागराज भी बनाया।

हर्ष ने भी एक वरिष्ठ अधिकारी की तरह एडीजी ऑफिस में बैठकर पुलिस व्यवस्था को समझा तो कई डॉक्यूमेंट पर सिग्नेचर करके कार्य रिपोर्ट भी आगे बढ़ाई। उधर कमला नेहरू हॉस्पिटल के मशहूर डॉक्टर और पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित डॉक्टर बी पॉल के साथ साथ डॉक्टर राधा रानी घोष और सर्जन डॉक्टर विशाल केवलानी भी मौजूद रहे।

शहर में ई-रिक्शा चलाते हैं हर्ष के पिता 

शहर के कैंसर सर्जन डॉक्टर की टीम ने हर्ष को आश्वासन दिया कि अब उसका इलाज पूरी तरीके से नि:शुल्क होगा। साथ ही साथ प्रयागराज की मशहूर समाजसेवी पंकज रिज़वानी ने भी हर्ष का हौसला बढ़ाने के लिए कई सामान  दिए। हर्ष के पिता शहर में ई-रिक्शा चलाते हैं और इसी खर्चे से अपने परिवार और बेटे की बीमारी का इलाज भी कराते हैं। खास बातचीत करते हुए एडीजी प्रेम प्रकाश ने बताया कि समाजसेवी पंकज रिज़वानी के द्वारा उनको यह सूचना मिली की 12 साल का मासूम हर्ष एक लाइलाज बीमारी से जूझ रहा है, जिसको मदद की दरकार है।

एडीजी प्रेम प्रकाश ने हर्ष को बनाया एक दिन का एडीजी

ऐसे में हर्ष का इलाज कर रहे डॉक्टर की टीम और एडीजी प्रेम प्रकाश ने फैसला लिया की हर्ष का मनोबल बढ़ाने के लिए कुछ ऐसा कार्य करेंगे जिससे वह गौरवान्वित महसूस करे। इसी के चलते आज एडीजी प्रेम प्रकाश ने हर्ष को 1 दिन का एडीजी बनाया और वह सारे कार्य लिए गए जो कार्य एडीजी के द्वारा किए जाते हैं। हर्ष का इलाज कर रहे डॉक्टर पॉल ने कहा कि कैंसर पेशेंट को हमेशा हिम्मत बनाकर रखनी चाहिए। कैंसर लाइलाज बीमारी तो है लेकिन अगर सही से इलाज हो और पेशेंट के अंदर हिम्मत हो तो लाइलाज बीमारी का इलाज भी संभव हुआ है।

पुलिस कर्मियों ने दी हर्ष को सलामी

एडीजी कार्यालय में सीट पर बैठने के बाद कई पुलिस वाले हर्ष को सलामी देते हुए नजर आए। साथ ही साथ हर्ष ने वायरलेस के जरिए जिले के अलग अलग क्षेत्रो में तैनात पुलिसकर्मियों को दिशा निर्देश भी दिया। हर्ष के पिता संजय दुबे बेहद खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि उनका बेटा आज इस मुकाम तक पहुंचेगा इसके लिए उन्होंने सबसे पहले समाजसेवी पंकज रिजवानी का धन्यवाद दिया साथ ही साथ डॉक्टर की पूरी टीम और एडीजी प्रेम प्रकाश का भी आभार व्यक्त किया। (साभार)

अब नहीं हो सकेगी “गुड हेल्थ” कैप्सूल की बिक्री

आयुर्वेदिक औषधि “गुड हेल्थ” नामक कैप्सूल पर लगा प्रतिबंध। मेडिकल स्टोर स्वामियों को उक्त औषधि की बिक्री न करने के दिए गए निर्देश।

बिजनौर। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी बिजनौर डॉ प्रमोद कुमार ने लाइसेंस अधिकारी/निदेशक आयुर्वेद सेवाएं उत्तर प्रदेश, लखनऊ के पत्र के क्रम में निर्देश जारी किए हैं। इसके अनुसार जिले के सभी मेडिकल स्टोर स्वामी को निर्देशित किया है कि जिला बिजनौर में अगर किसी मेडिकल स्टोर पर “गुड हेल्थ” नामक कैप्सूल, जो कि आयुर्वेदिक औषधि है, की बिक्री की जा रही है, तो उसे तत्काल प्रभाव से बंद कर दें। उन्होंने बताया कि उक्त औषधि में परीक्षण के बाद स्ट्राइड की मात्रा पाई गई है जो जन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

20 CMO समेत 39 चिकित्साधिकारियों के तबादले

लखनऊ। यूपी में गुरुवार शाम से शुरू हुआ ताबड़तोड़ तबादलों का दौर लगातार जारी है। प्रदेश में डेढ़ दर्जन विभागों में 1000 से ज्यादा तबादलों के बाद शुक्रवार सुबह 39 चिकित्साधिकारियों के तबादले का भी आदेश जारी कर दिया गया। इनमें से 20 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

तबादला सूची के अनुसार डॉ. मंजीत सिंह को हाथरस का मुख्य चिकित्साधिकारी बनाया गया है। इसी तरह डॉ. आभा मिश्रा को ललितपुर, डॉ. तरन्नुम रजा को सम्भल, डॉ. अवनींद्र कुमार को फर्रूखाबाद, डॉ. रश्मि वर्मा को गोंडा, डॉ. सुधाकर पांडेय को झांसी, डॉ. गिरेंद्र मोहन को प्रतापगढ़, डॉ. अरुणेंद्र कुमार त्रिपाठी को लखीमपुर खीरी, डॉ. शारदा प्रसाद तिवारी को श्रावस्ती, डॉ. राजीव सिंघल को अमरोहा, डा. राजेंद्र प्रसाद को मिर्जापुर, डॉ. आलोक रंजन को कानपुर नगर, डॉ. सुनील कुमार को हापुड़, डॉ. विमल कुमार बैसवार को देवरिया, डॉ. हरिदास अग्रवाल को बस्ती, डॉ. अवध किशोर प्रसाद को कासगंज, डॉ. विमलेंदु शेखर को अमेठी, डॉ. सुष्पेंद्र कुमार को कौशाम्बी, डॉ. राजेश कुमार श्रीवास्तव को हरदोई, डॉ. सुनील भारतीय को फतेहपुर, डॉ. जयंत कुमार को बलिया, डॉ. नीना वर्मा को महाराजगंज, डॉ. अनिरूद्घ कुमार सिंह को संतकबीरनगर, डॉ. विनोद कुमार अग्रवाल को सिद्घार्थनगर और डॉ. धनेश कुमार गर्ग को महोबा का मुख्य चिकित्साधिकारी बनाया गया है।

आजादी का अमृत महा उत्सव: बिना दवा के नि:शुल्क उपचार



बिजनौर। योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान साकेत कॉलोनी सिविल लाइंस 2 बिजनौर अध्यक्ष योगेश कुमार, महासचिव ओपी शर्मा, इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाईजेशन के जिलाध्यक्ष डॉ नरेंद्र सिंह, भारतीय स्वाभिमान से श्री राम सिंह पाल द्वारा नि:शुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर लगाया गया। शिविर में रोगियों को एक्यूप्रेशर चिकित्सा मसाज चिकित्सा, कटि स्नान, स्टीम बाथ, आहार परिवर्तन के माध्यम से रोगियों का उपचार किया गया। उपचार कराने में ग्राम भोगपुर ताजपुर से पिंकी, सचिन, बिजनौर से मानसिंह, अशोक, राजवीर सिंह एडवोकेट सागर, नगीना से भूपेंद्र कुमार, अमरोहा तखतपुर से खचडूसिंह, नैनपुर नगीना से रुपा, नूतन, उषा देवी, मेसी देवी ने प्राकृतिक उपचार कराया। संगठन का उद्देश्य बिना दवाई के लोगों का उपचार करना है। समाज को बिना दवाई के स्वस्थ करना है। कार्यक्रम से पहले यज का आयोजन विनोद गोस्वामी, राम सिंह पाल, डॉ. नरेंद्र सिंह ओपी शर्मा ने किया।

टंकी का गंदा पानी पीने से कई ग्रामीण बीमार, भर्ती

गांव की सरकारी टंकी का पानी पीने से कई ग्रामीणों की हालत बिगड़ी। उल्टी व दस्त होने के बाद कराया गया भर्ती। कई साल से टंकी की सफाई न होने का आरोप।

बिजनौर। नजीबाबाद विकास खंड के ग्राम समीपुर में टंकी का पानी पीने से ग्रामीणों की अचानक हालत बिगड़ गयी है। उपचार के लिए ग्रामीणों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र समीपुर पर भर्ती कराया गया है। ग्रामीणों ने पेयजल आपूर्ति करने वाली टंकी की सफाई न कराए जाने का आरोप लगाया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

तहसील क्षेत्र के ग्राम समीपुर में पेयजल आपूर्ति के लिए सरकारी टंकी स्थापित है। ग्रामीणों का कहना है कि इस टंकी का पानी पीने से कई की हालत उल्टी व दस्त होने से बिगड़ गयी है। कई लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र समीपुर पर भर्ती कराया गया है। कुछ मरीज शहर के अन्य अस्पतालों में भर्ती हैं और कुछ का घर पर ही रह कर इलाज कराया जा रहा है।

इस मामले में ग्रामीण महिपाल पुत्र भगवत दास ने बताया कि 10-12 दिन से पेयजल की टंकी का पानी पीने से लोगों की हालत बिगड़ रही है। वहीं निशा व अंजलि ने बताया कि पानी पीने से उल्टी दस्त की शिकायत हो गई। अंजली के पति महिपाल ने आरोप लगाया कि लगभग 20-25 साल से पानी की टंकी की सफाई नहीं हुई है। इसके चलते ग्रामीण टंकी से मिलने वाला गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीण टंकी से मिलने वाले पानी को छान कर ही पीते हैं।

गांव के ही शुएब ने बताया कि पानी पीने से उसके परिवार के लोग बीमार पड़ गए हैं, जिनका उपचार कराया जा रहा है। उन्होंने गांव में पेयजल आपूर्ति करने वाली टंकी के पानी की जांच करने की मांग की। ग्रामीण ओमवीर ने बताया कि टंकी का पानी पी कर उसकी पत्नी बीमार पड़ गयी। लूज मोशन की शिकायत के बाद वह तीन दिन से अस्पताल में भर्ती है। उसके इलाज पर लगभग 15 हजार रुपए से ऊपर का खर्चा अभी तक आ चुका है।

सेंट मैरी अस्पताल के डाक्टर फादर जोश ने बताया कि उनके यहां केवल आठ मरीज ही इलाज करा रहे हैं, जो पानी पीने से बीमार हुए हैं। दो मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। जो मरीज अस्पताल में आए हैं उनको डाक्टर वायरल बता रहे हैं। हो सकता है पानी पीने से भी उनकी हालत बिगड़ी हो कहा नहीं जा सकता।

दूसरी ओर गांव के प्रधान सत्यवीर का कहना है कि 10-12 दिन से पानी की समस्या चल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर इस मामले की शिकायत दर्ज करायी है। माना जा रहा है कि पेयजल टंकी से सप्लाई के लिए बिछाई गई भूमिगत लाइन का कोई पाइप जमीन में लीक होने के कारण गंदा पानी आ रहा है।

बिना दवा के प्राकृतिक चिकित्सा शिविर में मरीजों ने उठाया लाभ

आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत लगाया बिना दवाई के उपचार को प्राकृतिक चिकित्सा शिविर

बिजनौर। आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत योगी अनंत एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान साकेत कॉलोनी सिविल लाइन सेकंड पर आरोग्य भारती इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाईजेशन भारत स्वाभिमान द्वारा नि:शुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में राम सिंह पाल जिला प्रभारी पतंजलि इंटरनेशनल, नेचुरोपैथी ऑर्गनाइजेशन इकाई बिजनौर के जिलाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र सिंह, सेवा भारती के जिला मंत्री ओपी शर्मा द्वारा यज्ञ किया गया। उसके पश्चात उनका प्राकृतिक उपचार, मिट्टी चिकित्सा, मसाज चिकित्सा, एक्यूप्रेशर चिकित्सा, स्टीम बाथ, आहार परिवर्तन व जल चिकित्सा द्वारा रोगियों का नि:शुल्क उपचार किया गया। शिविर में मिथलेश मुरादाबाद, सुमालखेड़ी से बलवंत, रूकनपुर नंगला से प्रीति, योगेंद्र सिंह डिंडोली, मुरादाबाद से नकुल विकुल बिजनौर से भुवनेश्वरी, गंगा बैराज से चंचल, राहुल, नमन पाल, अंजू, इकराम, नजीबाबाद से पुष्पा आदिअन्य लोगों ने नि:शुल्क उपचार कराया।

प्राकृतिक उपचार चिकित्सक ओपी शर्मा, सोमदत्त शर्मा, डॉ. नरेंद्र सिंह योगी, अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान के अध्यक्ष योगेश कुमार, कोषाध्यक्ष श्रीमती सुनीता, उपाध्यक्ष राजवीर सिंह एडवोकेट, संरक्षक एसके बबली, आरोग्य भारती के प्रांत अध्यक्ष वैद्य अजय गर्ग ने शिविर में प्रतिभाग किया। आयोजकों ने बताया कि सभी संगठनों का उद्देश्य रोगियों को बिना दवाई के स्वस्थ करना है।

कोरोना की चौथी लहर को लेकर संभावना?

नई दिल्ली(एजेंसी)। देश के कई राज्यों में कोरोना वायरस के मामले फिर से बढ़ने शुरू हो गए है। इसके बाद कोरोना की चौथी लहर को लेकर संभावना जताई जा रही है। वहीं चौथी लहर आएगी या नहीं इसके बारे में वैज्ञानिकों ने खुलासे किए है। 

आईसीएमआर के पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. आर गंगाखेड़कर ने कहा कि भारत में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के सब वैरिएंट हैं लेकिन अभी तक कोई नया वैरिएंट सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि यह किसी भी तरह से चौथी लहर है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया बीए 2 वैरिएंट से प्रभावित हो रही है, जो लोगों को रोज संक्रमित कर रहा है। इसका मतलब यह नहीं है कि यह कोरोना की चौथी लहर है।’ उन्होंने आगे कहा कि स्कूल-कॉलेजों के खुलने की वजह से लोग सामाजिक रूप से सक्रिय हुए हैं जिसके परिणामस्वरूप मामले बढ़ रहे हैं। मास्क पहनने की अनिवार्यता को समाप्त करना भी मामलों में तेजी आने का एक अहम कारण है।

उन्होंने आगे कहा कि लॉकडाउन में ढील देने पर मामलों में तेजी देखने को मिलेगी। जिनकी आयु अधिक है, जिन्होंने टीका नहीं लगवाया है, जो संक्रमित हो चुके हैं, उन्हें यह ध्यान रखने की जरूरत है कि वह सार्वजनिक स्थानों पर अगर जाते है तो मास्क का इस्तेमाल जरूर करें।

होम्योपैथी सर्वसुलभ एवं दुष्प्रभाव रहित चिकित्सा पद्धति: डॉ. शूरवीर सिंह

विश्व होम्योपैथिक दिवस पर होम्योपैथी के जनक डॉ. हैनिमैन को किया याद। 267 वें जन्म दिवस पर हुआ कार्यक्रम का आयोजन। कोरोना महामारी के दौरान होम्योपैथिक दवाइयों के योगदान को सराहा। सर्वसम्मति से अगले सत्र के लिये चुने गए डॉ. स्नेह प्रताप अध्यक्ष व डॉ. अन्तरिक्ष छिल्लर सचिव।

बिजनौर। विश्व होम्योपैथिक दिवस पर होम्योपैथी के जनक डॉ. हैनिमैन के 267वें जन्म दिवस (10 अप्रैल) पर होम्योपैथिक मेंडिकल एसोसिएशन बिजनौर ने इम्प्रेशन रेस्टोरेन्ट में एक कार्यक्रम का आयोजन किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. शूरवीर सिंह व संचालन सचिव डॉ. नीरज कुमार ने किया। मुख्य अतिथि डॉ. रमेश तोमर ने दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ ही डॉ. हैनिमैन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस दौरान सर्व सम्मति से अगले सत्र के लिये डॉ. स्नेह प्रताप को अध्यक्ष व डॉ. अन्तरिक्ष छिल्लर को सचिव चुना गया। मुख्य अतिथि डॉ. रमेश तोमर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सक का धर्म है कि बिना भेदभाव के सभी के स्वास्थ्य तथा मानवता की भलाई के लिये कार्यरत रहे। कोरोना महामारी के दौरान चिकित्सकों ने अपना धर्म बखूबी निभाया।

अध्यक्ष डॉ. शूरवीर सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि होम्योपैथी एक सर्वसुलभ एवं दुष्प्रभाव रहित चिकित्सा पद्धति है। कोरोना महामारी के दौरान होम्योपेथिक दवाईयों ने बहुत ही अच्छा काम किया। होथोपैथिक दवाईयां बचाव व इम्युनिटी बूस्टर के रूप में अत्यधिक लाभदायक रही हैं।

सचिव डॉ. नीरज कुमार ने कहा कि होम्योपैथी द्वारा पुरानी एवं जटिल से जटिल बीमारियों का सफल इलाज संभव है। होम्योपैथिक दवाइयों के सेवन से पूर्ण लाभ प्राप्त होता है तथा इसका कोई दुष्प्रभाव भी नहीं पड़ता। कोरोना महामारी के दौरान होम्योपैथिक दवाइयों ने बहुत ही योगदान दिया है।

इस अवसर पर डॉ. अजवीर सिंह, डॉ. युवराज सिंह, डॉ. संजीव, डॉ. अमित राणा, डॉ. विनोद सिंह, डॉ. राहुल त्यामी, डॉ. सुमित विश्नोई, डॉ. धर्मेन्द्र सिंह, डॉ. ध्यान सिंह आदि उपस्थित रहे।

राष्ट्रव्यापी कोविड टीकाकरण के तहत अब तक लगाए गए 185.70 करोड़ से अधिक टीके

राष्ट्रव्यापी कोविड टीकाकरण के तहत अब तक 185.70 करोड़ से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं


12-14 आयु वर्ग में 2.21 करोड़ से अधिक खुराकें लगाई गई

भारत में कोरोना के सक्रिय मामले 11,132 हैं

पिछले 24 घंटों में 1,054 नए मामले सामने आए

स्वस्थ होने की वर्तमान दर 98.76 प्रतिशत

साप्ताहिक सक्रिय मामलों की दर 0.23 प्रतिशत है।

नई दिल्ली (PIB)। भारत का कोविड-19  टीकाकरण  कवरेज  आज सुबह 7 बजे तक  अंतिम रिपोर्ट के  अनुसार 185.70 करोड़ (1,85,70,71,655) से अधिक हो गया।इस उपलब्धि को 2,24,70,964 टीकाकरण  सत्रों के जरिये प्राप्त किया गया है।

12-14 आयु वर्ग के लिए कोविड-19 टीकाकरण 16 मार्च,2022 को प्रारंभ हुआ था। अब तक 2.21 करोड़ (2,21,97,507) से अधिक किशोरों को कोविड-19 टीके की पहली खुराक लगाई गई है।

लगातार गिरावट दर्ज करते हुए भारत में सक्रिय मामले आज कम होकर 11,132 रह गए। सक्रिय मामले कुल मामलों के 0.03 प्रतिशत हैं।

नतीजतन, भारत में स्वस्थ होने की दर 98.76 प्रतिशत है।पिछले 24 घंटों में 1258 रोगियों के ठीक होने के साथ  ही स्वस्थ होने वाले मरीजों (महामारी की शुरुआत के बाद से) की कुल संख्या बढ़कर 4,25,02,454हो गई है।

बीते 24 घंटे में कोरोना के 1,054 नए मामले सामने आए।पिछले 24 घंटों में कुल 4,18,345 जांच की गई हैं। भारत ने अब तक कुल 79.38 करोड़ से अधिक  (79,38,47,740) जांच की गई हैं।

साप्ताहिक और दैनिक पुष्टि वाले मामलों की दर में भी लगातार गिरावट दर्ज की गई है। देश में साप्ताहिक पुष्टि वाले मामलों की दर 0.23।प्रतिशत है और दैनिक रूप से पुष्टि वाले मामलों की दर भी 0.25 प्रतिशत है।

अब कोरोना वायरस के नए XE वैरिएंट की दस्तक

कोरोना वायरस के नए XE वैरिएंट ने उड़ाए होश, भारत में मिला पहला केस

नई दिल्ली (एजेंसी)। कोरोना वायरस का कहर पिछले तीन महीनों से थमता नजर आ रहा था लेकिन एक बार फिर इसने टेंशन को बढ़ा दिया है। अभी हाल ही में कोरोना की दूसरी लहर का कारण ‘ओमीक्रॉन’ वेरिएंट पर काबू पाया ही था कि एक और नए वेरिएंट ने दस्तक दे दी है। इसके मामले भी अब सामने आने शुरू हो गए है।

जानकरी के अनुसार कोरोना वायरस के नए वैरिएंट XE का पहला केस बुधवार को मुंबई में दर्ज किया गया। इस मामले के सामने आने से ही स्वास्थ्य विभाग चौकन्ना हो गया है। कुल 376 सैंपल में से एक मरीज में कोरोना के XE वैरिएंट के संक्रमण की पुष्टि हुई है। इस वैरिएंट की शुरुआत युनाइटेड किंगडम से हुई थी। गौरतलब है कि थमती रफ्तार के बाद कोरोना के पॉजिटिव मामले एक बार फिर बढ़ गए है। भारत में संक्रमित हो चुके लोगों की संख्या 4,30,30,925 से अधिक हो गई है।

…और लाइन में लग कर हेल्थ मिनिस्टर ने जाना महकमे का स्वास्थ्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में डिप्टी सीएम एवं चिकित्सा शिक्षा तथा स्वास्थ्य मंत्री का कार्यभार संभालने वाले कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक ने केजीएमयू पहुंचकर वहां मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का निरीक्षण किया। मास्क लगाकर डिप्टी सीएम खुद लाइन में लगे और मरीजों से बातचीत कर वहां मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। हालांकि तमाम चौकसी के बावजूद स्वास्थ्य कर्मी डिप्टी सीएम को पहचान गए और अस्पताल की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुट गए।

मंगलवार को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक अचानक केजीएमयू अस्पताल पहुंच गए और वहां पर खुद मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का निरीक्षण किया। मास्क लगाकर खुद लाइन में लगे डिप्टी सीएम ने मरीजों से बातचीत कर वहां मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जाना। निरीक्षण के दौरान ओपीडी में मिली बदइंतजामी पर डिप्टी सीएम ने गहरी नाराजगी जताई। वहीं पंजीकरण के लिए केजीएमयू के नंबर पर फोन करने वाले मरीजों की कॉल रिसीव नहीं होने पर उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों की जमकर क्लास लगाई।

चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री ने अगले 24 घंटे के भीतर अस्पताल की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किए जाने की चेतावनी दी। कैबिनेट मंत्री ने निरीक्षण के दौरान कई बार पंजीकरण के लिए दिए गए नंबर पर अपने फोन से कॉल की, परंतु हर बार नंबर बिजी बताता रहा, इससे नाराज होकर वह प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक्सचेंज में पहुंच गए। वहां सिर्फ दो लाइन पर बात हो रही थी। बाकी 10 लाइनें खाली पड़ी हुई थी। इस पर डिप्टी सीएम का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने एजेंसी को हटाने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अब एजेंसी को प्रति कॉल रिसीव करने के हिसाब से भुगतान किया जाए। ओपीडी में कुर्सियों पर मिली गंदगी और उनके टूटे होने पर भी उन्होंने गहरी नाराजगी जताई।

नेत्रा आई केयर ने लगाया निःशुल्क नेत्र शिविर

नि:शुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का हुआ आयोजन। मीरमपुर बेगा में ग्राम प्रधान के कार्यालय पर वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह ने किया शिविर का शुभारंभ। ग्राम वासियों ने लिया सुविधा का लाभ।

बिजनौर। मंडावली क्षेत्र के ग्राम पंचायत मीरमपुर बेगा में ग्राम प्रधान साजिद हुसैन के कार्यालय पर नेत्रा आई केयर सेंट मेरिज हॉस्पिटल नजीबाबाद की ओर से नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया।

ग्राम प्रधान साजिद हुसैन के सौजन्य से हुए नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर का शुभारंभ वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह ने किया। शिविर में ग्रामीणों ने अपनी आंखों की जांच कराई। जांच करने वाली टीम में डॉ राम अवतार, सोनी एवं रवि कुमार शामिल रहे। इस दौरान ग्रामीणों को उनकी आंखों की देखभाल के लिए उचित टिप्स भी दिए गए। ग्राम प्रधान साजिद हुसैन ने बताया कि यह नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर उनके द्वारा ग्रामीणों की आंखों की जांच के लिए लगवाया गया है। ग्रामीणों ने नेत्रा आई केयर सेंट मैरी हॉस्पिटल नजीबाबाद की टीम और ग्राम प्रधान का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान दिलीप कुमार, जोगराज सिंह, सचिन कुमार आदि उपस्थित रहे।

गरीबों ने उठाया फ्री मेडिकल कैम्प का फायदा

चेयरपर्सन पति शमशाद अंसारी के प्रयासों से किया गया फ्री मेडिकल कैंप का आयोजन। उपलब्ध रही मेन्टोल हॉस्पिटल के चिकित्सकों की टीम। गरीब असहाय लोगों को मिली मुफ्त में इलाज व जांच की सुविधा।


बिजनौर। मेन्टोल हॉस्पिटल की ओर से मोहल्ला खत्रियान में एक फ्री कैंप का आयोजन किया गया। इसमें सभी गरीब असहाय लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा प्रदान की गई और मुफ्त में कई बीमारियों की जांच भी की गई। कैम्प का लाभ उठा कर गरीब असहाय लोगों ने काफी राहत महसूस की।
बिजनौर के नजीबाबाद मार्ग स्थित स्वयंवर बैंक्विट हॉल के पास मेन्टोल हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर जुबेर व डॉक्टर अयूब के नेतृत्व में शहर के मोहल्ला खत्रियान में नगरपालिका चेयरपर्सन पति शमशाद अंसारी के कैंप कार्यालय पर एक फ्री मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। कैम्प में आसपास क्षेत्रों से आए गरीब मरीजों का मुफ्त में इलाज कराया गया। बता दें कि मेन्टोल हॉस्पिटल की ओर से लगातार गरीबों को सस्ता और अच्छा इलाज मुहैया कराने की कवायद की जा रही है, ताकि गरीब लोग इसका फायदा उठा सकें। कैंप में सैकड़ों की संख्या में गरीब लोगों का मुफ्त में इलाज कराया गया।

क्षय रोगियों के बेहतर इलाज के लिये कटिबद्धता जताई

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने बताया कि भारत सरकार के आह्वान पर प्रदेश सरकार का यह संकल्प है कि उत्तर प्रदेश को क्षय रोग से पूरी तरह मुक्त किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इसके लिये क्षय रोगियों के चिन्हॉकन के पश्चात उनकी चिकित्सा नियमित रूप से सुनिश्चित की जा रही है ताकि कोई भी व्यक्ति इस बीमारी के समुचित इलाज से वंचित न रहने पाए और स्वास्थ्य लाभ हासिल कर स्वस्थ समाज का हिस्सा बने। उन्होंने चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि पूरी गहनता और गंभीरता के साथ क्षय रोगियों के चिन्हिीकरण का कार्य करें और जो भी रोगी पाया जाए उसके समुचित इलाज की व्यवस्था के साथ-साथ चिकित्सा की अवधि में उत्तम पोषण उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे पूर्णरूप से स्वस्थ हो सके। जिलाधिकारी श्री मिश्रा कल देर शाम विकास भवन के सभागार में आगामी 24 मार्च 2022 को आयोजित होने वाले विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर सम्पन्न होने वाले कार्यक्रमों से संबंधित बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दे रहे थे। उन्होंने नोडल अधिकारी क्षय रोग को निर्देश दिए कि जिले में सुनियोजित एवं सुव्यस्थित रूप से क्षय रोगियों का चिन्हिकरण का कार्य कराएं और एक भी क्षय रोगी इलाज से वंचित न रहने पाए। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर जिले में भिन्न-भिन्न श्रेणी के क्षय रोगियों को विभिन्न समाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों / शैक्षणिक संस्थानों एवं अधिकारियों को गोद लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है ताकि जनसहयोग के साथ इस बीमारी से जिला बिजनौर को मुक्त किया जाना सम्भव हो सके।

इसी क्रम में जनपद बिजनौर में उक्त दिवस पर अधिक से अधिक मरीजों को गोद लिया जायेगा। उन्होंने सभी चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि उनकी संज्ञान में कोई ऐसा व्यक्ति आए जिसे दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रही है, तो तत्काल उसकी जांच कराना सुनिश्चित करें तथा सभी शैक्षिक संस्थाओं के व्यवस्थापकों एंव अध्यापकगणों को भी सूचित करें कि यदि कोई विद्यार्थी दो हफतों से अधिक खांसी से पीड़ित है तो उसको भी तत्काल जांच के लिए चिकित्सालय भेजना सुनिश्तिच करें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. विजय कुमार गोयल, सभी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, प्राईवेट चिकित्सक, नर्सिंग होम संचालक, समस्त स्कूल प्रधानाचार्य तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी मौजूद थे।

कोरोना से मौत: मुआवजे के फर्जी दावों पर सुप्रीम कोर्ट चिंतित

नई दिल्ली (एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कोविड से हुई मौत के संबंध में मुआवजे के फर्जी दावों पर अपनी चिंता जताई और कहा कि वह इस मामले में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) को जांच का निर्देश दे सकता है। शीर्ष अदालत ने सुझाव दिया कि कथित फर्जी मौत के दावों की जांच महालेखा परीक्षक कार्यालय को सौंपी जा सकती है।

न्यायमूर्ति एम.आर. शाह और न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना की पीठ ने कहा: हमने कभी नहीं सोचा था कि इस तरह के फर्जी दावे आ सकते हैं। हमने कभी नहीं सोचा था कि इस योजना का दुरुपयोग किया जा सकता है। पीठ ने कहा कि अगर इसमें कुछ अधिकारी भी शामिल हैं तो यह बहुत गंभीर है। अधिवक्ता गौरव कुमार बंसल ने आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 52 की ओर इशारा किया, जो इस तरह की चिंताओं को दूर करता है। न्यायमूर्ति शाह ने कहा, हमें शिकायत दर्ज करने के लिए किसी की आवश्यकता है।

एक वकील ने राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरणों द्वारा मुआवजे के दावों की रैंडम जांच करने का सुझाव दिया। बच्चों को मुआवजे के पहलू पर, शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि उसके द्वारा आदेशित 50,000 रुपये का अनुग्रह भुगतान, कोविड -19 के कारण प्रत्येक मृत्यु के लिए किया जाना है, न कि प्रभावित परिवार के प्रत्येक बच्चे को। 7 मार्च को, सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों द्वारा कोविड की मौतों के लिए अनुग्रह मुआवजे का दावा करने के लिए लोगों को नकली चिकित्सा प्रमाण पत्र जारी करने पर चिंता व्यक्त की, और कहा कि वह इस मामले की जांच का आदेश दे सकता है।

डाक्टरों को महंगे गिफ्ट! फार्मा कंपनियां भी जिम्मेदार

डाक्टरों को मिलने वाले महंगे उपहार का मामला, केंद्र सरकार को नोटिस

नई दिल्ली (एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने फार्मा कंपनियों की ओर से डाक्टरों को दिए जाने वाले गिफ्ट और महंगे उपहारों को रेगुलेट करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। वर्तमान में फार्मा कंपनियों की ओर से डाक्टरों को गिफ्ट देने के लिए डाक्टरों को ही जिम्मेदार ठहराया जाता है।

याचिका में मांग की गई है कि महंगे उपहारों के लिए फार्मा कंपनियों को भी जिम्मेदार ठहराया जाए। इसके पहले एक दूसरी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि डाक्टरों को महंगे उपहार देना कानून सम्मत नहीं है। कोर्ट ने कहा था कि फार्मा कंपनियां डाक्टरों को महंगे गिफ्ट देकर कानून से भाग नहीं सकती हैं।

न्याय के लिए 4 मार्च को भाकियू का जिला मुख्यालय पर आन्दोलन


बिजनौर। भाकियू कार्यकर्ता 13 फरवरी को कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के ग्राम चंदूपुरा में नितिन सिरोही के हमलावरों के विरुद्ध कार्यवाही न होने से बहुत नाराज हैं। किसान पंचायत के दौरान जिलाधिकारी को प्रेषित ज्ञापन में 4 मार्च को जिला मुख्यालय पर बड़े आन्दोलन की चेतावनी दी गई है।


जानकारी के अनुसार किसान यूनियन से जुड़े नितिन सिरोही के साथ ग्राम के बूथ पर कुछ लोगों ने मारपीट की। वहां मौजूद फोर्स ने एक व्यक्ति को पकड़ पुलिस को सौपा था। यूनियन का आरोप है कि नितिन सिरोही के लिखित शिकायत करने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई और सरकारी अस्पताल में घटों बैठने के बाद मेडिकल नहीं किया गया। उल्टे पीड़ित नितिन सिरोही के विरुद्ध ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया।

एसओ और डॉक्टर के प्रति नाराजगी-
भाकियू ने आरोप लगाया कि डा० प्रमोद ने 14 फरवरी में भी मेडिकल नहीं किया जबकि दूसरे पक्ष का फर्जी मेडिकल बना दिया गया है। इस कारण कोतवाली देहात थानाध्यक्ष व डा० प्रमोद के विरुद्ध भाकियू में काफी रोष व्याप्त है। ब्लॉक अध्यक्ष चौधरी समरपाल सिंह ने कहा कि प्रशासनिक आश्वासन के बाद अभी आंदोलन स्थगित किया जा रहा है। साथ ही चेताया कि इस सम्बन्ध में 3 मार्च तक कार्यवाही नहीं की गई तो भाकियू 4 मार्च को जिला मुख्यालय पर घेराव व आन्दोलन के लिए विवश होगी।

न्याय के लिए महापंचायत: भाकियू ने कसी कमर

बिजनौर। कोतवाली देहात में कल होने वाली किसानों की महापंचायत के लिए भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव में संपर्क साधना शुरू कर दिया है। किसान नेताओं ने क्षेत्र के दर्जनों गांवों का दौरा कर महापंचायत को सफल बनाने का आह्वान किया।

बताया गया है कि दो दिन पूर्व ग्राम प्रधान सहित पांच लोगों ने थाना क्षेत्र के गांव चंदुपुरा निवासी भाकियू के पूर्व युवा जिला अध्यक्ष नितिन सिरोही पुत्र देवराज सिंह के साथ जमकर मारपीट की थी। हमलावरों में से एक व्यक्ति ने नितिन सिरोही के ऊपर फायरिंग भी की थी। नितिन सिरोही व उसके परिजनों ने नितिन पुत्र मानसिंह को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। पुलिस ने नितिन को रात भर थाने में बैठाए रखा तथा सुबह को बिना किसी कार्य के ही उसे छोड़ दिया था इसके बाद दूसरे पक्ष ने भी नितिन सिरोही व उसके परिजनों के खिलाफ जान से मारने के संबंध में एक तहरीर थाने में सौंपी थी। पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से धारा 307 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया था।

सत्ता पक्ष का दबाव!- भारतीय किसान यूनियन के नेता चौधरी दिगंबर सिंह का आरोप है कि सत्ता के दवाव में आकर पुलिस ने दूसरे पक्ष का फर्जी मेडिकल करवाया तथा दूसरे पक्ष की ओर से झूठी एफआईआर दर्ज की गई है। भारतीय किसान यूनियन के नेता चौधरी दिगंबर सिंह ने 17 फरवरी को उक्त प्रकरण सहित थाने व स्वास्थ्य केंद्र में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ किसानों की महापंचायत का आह्वान किया है। महापंचायत को सफल बनाने के लिए क्षेत्रीय किसान नेताओ ने दर्जनों गांव का तूफानी दौरा किया। उन्होंने किसानों से महापंचायत में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की। क्षेत्र का दौरा करने वालों में समरपाल सिंह, मुनेश, मानवीर, मुकुल त्यागी, बंटी, अनुज तोमर, विकास, रसीद, रोहित, जितेंद्र, डॉ योगेंद्र सिंह, महेश प्रधान, रामेन्द्र, ओमप्रकाश, आसाराम, मुन्नू, निर्मित, नामेन्द्र, राहुल, नागेंद्र, सबु प्रधान, पुरन सिंह, धर्मपाल सिंह आदि किसान शामिल रहे।

भाकियू नेता का आरोप- भाकियू नेता दिगंबर सिंह का आरोप है कि जिस हमलावर को पीड़ित व उसके परिजनों ने सही सलामत पकड़कर पुलिस को सौंपा था। अचानक 10 घंटे बाद उसकी तबीयत कैसे खराब हो गई, जिसके चलते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर ने आनन-फानन में उसे इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया तथा उसका फर्जी मेडिकल भी तैयार कर दिया गया। आरोपित व्यक्तियों ने पुलिस व डॉक्टर से हमसाज होकर पीड़ित के खिलाफ थाने में मुकदमा पंजीकृत करा दिया है।

Sputnik Light की सिंगल डोज करेगी कोरोना का काम तमाम

कोरोना के खिलाफ भारत की बढ़ी ताकत। अब स्पूतनिक लाइट की सिंगल डोज से होगा काम तमाम।

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  • स्पूतनिक लाइट के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी
  • केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने दी जानकारी
  • कोरोना के खिलाफ 93.5 फीसदी है प्रभावी

नई दिल्‍ली (एजेंसी)। कोरोना के खिलाफ देश में जारी टीकाकरण अभियान को अब और मजबूती मिलेगी। महामारी के खिलाफ जारी जंग में भारत को एक और टीके की ताकत मिल गई है। ड्रग्‍स कंट्रोलर जनल ऑफ इंडिया (DCGI) ने सिंगल डोज स्‍पूतनिक लाइट वैक्‍सीन के इमरजेंसी इस्‍तेमाल को मंजूरी दे दी है। भारत में कोरोना के खिलाफ जारी जंग में यह 9वां टीका होगा।

स्पूतनिक लाइट के इमरजेंसी इस्तेमाल मंजूरी

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मनसुख मांडविया ने रविवार को ट्वीट कर कहा, ‘DCGI ने भारत में सिंगल डोज स्‍पूतनिक लाइट कोविड-19 वैक्‍सीन के इमरजेंसी इस्‍तेमाल की अनुमति दे दी है। यह कोविड के खिलाफ देश में लगाई जाने वाली 9वीं वैक्‍सीन है। इससे महामारी से लड़ने में देश के सामूहिक प्रयास को और ताकत मिलेगी।

कोरोना के खिलाफ 93.5 फीसदी प्रभावी

बता दें दि स्पूतनिक लाइट सिंगल डोज़ वैक्सीन है, जिसकी सिर्फ 1 डोज़ ही कोरोना के खिलाफ प्रभावी है। स्पूतनिक लाइट की सिंगल डोज ही कोरोना के खिलाफ 93.5 फीसदी प्रभावी है। विशेषज्ञों के अनुसार यह बूस्टर डोज के तौर पर भी बेहद प्रभावी है। स्पूतनिक लाइट वैक्सीन का बूस्टर डोज 6 महीने में लगाने पर ओमिक्रॉन के खिलाफ 100% प्रभावशाली साबित हुआ है।

5 साल तक के बच्चों को टीके की अनुमति मांगी

नई दिल्ली। फाइजर ने बुधवार को अमेरिका से पांच साल तक की आयु वाले बच्चों के लिए उसके टीके को स्वीकृति देने के लिए कहा है। वाशिंगटन में फाइजर ने कहा कि इससे बेहद कम उम्र के अमेरिकी बच्चों को भी मार्च तक टीके लगाने की शुरुआत हो सकती है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने अप्रत्याशित कदम उठाते हुए फाइजर तथा उसके सहयोगी बायोएनटेक से पूर्व नियोजित कार्यक्रम से पहले ही और वह सभी आवेदन करने के लिए कहा था।

फर्जीवाड़े से हासिल करेंगे कोविड वैक्सीनेशन का लक्ष्य!

कोविड वैक्सीनेशन का लक्ष्य पूरा करने के लिए फर्जीवाड़ा
जिन्हें लगी है पहली ही डोज, उन्हें दूसरी डोज लगी दिखाकर जारी किया प्रमाण पत्र



बिजनौर। कोविड वैक्सिनेशन का लक्ष्य पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग जमकर फर्जीवाड़ा कर रहा है! जिन लोगों ने कोविड 19 वैक्सीन की केवल एक ही डोज लगवाई है, उनको दोनों डोज लगवाने का सर्टिफिकेट जारी किया जा रहा है।

केंद्र सरकार के कोविड-19 वैक्सीनेशन के फुल्ली वैक्सीनेटेड अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा नागरिकों को कोविड-19 वैक्सीन की दोनों डोज लगाने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व सरकारी अस्पतालों में ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों व शिक्षण संस्थाओं में भी अभियान चलाकर कोविड-19 वैक्सीन की डोज लगाई जा रही है। नगीना के मोहल्ला पहाड़ी दरवाजा निवासी युवती राबिया खानम ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए कोविड-19 वैक्सिनेशन के फुल्ली वैक्सिनेटेड सर्टिफिकेट को दिखाते हुए बताया कि उन्होंने कोविड-19 वैक्सीनेशन की पहली डोज 24 जून 2021 को लगवाई थी लेकिन दूसरी डोज आज तक भी नहीं लगवाई है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी कोविड-19 वैक्सिनेशन के फुल्ली वैक्सिनेटेड सर्टिफिकेट में उनको दूसरी डोज 22 जनवरी 2022 को लगाना दिखाया गया है और फुल्ली वैक्सीनेटेड का सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगीना की जया वर्मा द्वारा राबिया खानम को कोविड 19 वैक्सीन की दोनों डोज लगाने वाले स्वास्थ्य कर्मी के रूप में अंकित किया गया है। अब बड़ा सवाल यही है कि जब राबिया खानम को कोविड 19 का फुल्ली वैक्सिनेटेड का सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया है तो वह अब दूसरी डोज कैसे लगवाएंगी? राबिया खानम अब कोविड वेक्सीन की दूसरी डोज लगवाने से वंचित रह जाएंगी।

वहीं हिंदू इंटर कॉलेज नगीना में कक्षा 12 के छात्र अनिकेत कुमार द्वारा भी कोविड 19 वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने का सर्टिफिकेट प्रस्तुत किया है। 19 वर्ष के अनिकेत कुमार को पहली डोज 26 जुलाई 2021 को तथा दूसरी डोज 8 नवंबर 2021 को लगाई गई है। अनिकेत को जारी कोविड 19 के फुल्ली वैक्सिनेटेड सर्टिफिकेट में पीएचसी कोतवाली की स्वास्थ्य कर्मी संगीता द्वारा अनिकेत को डोज लगाने वाली स्वास्थ्य कर्मी का नाम अंकित है। इस संबंध में कोरोना कंट्रोल रूम बिजनौर में तैनात प्रमोद कुमार से उनके मोबाइल पर संपर्क नहीं हो स्का।

कोरोना संक्रमण से बचाएगी ये जानकारी

नई दिल्ली (एजेंसी)। कोरोना वायरस एक इंसान से दूसरे तक कैसे पहुंचता है, लोग अभी भी नहीं समझ पा रहे। अगर इस बारे में सटीक पता चल जाए तो काफी हद तक बचाव हो सकता है। कई रिसर्चर्स और हेल्थ अथॉरिटीज ने मिलकर इस बारे में शोध किया और अपडेट दिया है। हम अभी तक कोरोना से बचने के लिए सिर्फ मुंह पर मास्क लगाते आ रहे हैं। नई रिसर्च के मुताबिक यह आपके मुंह, नाक और आंखों से भी आपको संक्रमित कर सकता है। WHO ने भी इस बात की पुष्टि की है।

आंखें, मुंह या नाक न छुएं


पिछले हफ्ते WHO ने डॉक्यूमेंट अपडेट किया कि वायरस संक्रमित व्यक्ति के जरिये ज्यादा पास से संपर्क में आने पर फैलता है। इसके अलावा जब भी कोविड पॉजिटिव इंसान सांस लेता या बोलता है तो छोटी-छोटी बूंदें हवा में तैरने लगती हैं। ये लंबे वक्त तक हवा में रहती हैं। स्वस्थ व्यक्ति के वहां से गुजरने पर ये उसे संक्रमित कर सकती हैं। वायरस से संक्रमित जगह को छूने के बाद अगर कोई अपनी आंखें, मुंह और नाक भी छूता है तो उसे कोरोना हो जाता है। हालांकि किसी चीज को छूने से ज्यादा हवा से संक्रमण फैलने के चांस ज्यादा होते हैं। यह बात अगस्त में हुए एक प्रयोग के बाद सामने आई थी।


बचाव के तरीके


कोरोना वायरस के फैलने को लेकर कई तरह की थ्योरीज़ आ चुकी हैं। रिपोर्ट्स थीं कि ओमिक्रोन का पहला वैरियंट आने के बाद चीन में लोगों से मेल खोलने से पहले तक फेस मास्क और ग्लव्स पहनने के लिए कहा जा रहा था। खासतौर पर ऐसे मेल्स के लिए जो बाहर से आ रहे थे। माना जा रहा था कि ओमिक्रॉन कनाडा से पैकेज के जरिये आ जा रहा है। हालांकि अब सबका यही मानना है कि कोविड से बचने के लिए सोशल डिस्टेंस मेनटेन रखना, बंद जगहों पर इकट्ठे न होना, मास्क के साथ फेस को कवर रखना और हाथ सैनिटाइज करते रहना ही बेहतर तरीका है।

नोटों के जरिये फैल सकता है वायरस?

कैट ने जताई स्वास्थ्य मंत्रालय, आईसीएमआर की चुप्पी पर नाराजगी

नई दिल्ली। कॉनफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और आईसीएमआर के अध्यक्ष डॉक्टर बलराम भार्गव को एक ज्ञापन भेज उनसे तत्काल ये स्पष्ट करने को कहा कि चलन में चल रहे नोटों में वायरस हैं या नहीं? वहीं मुद्रा नोट वायरस के वाहक हैं या नहीं, यह स्पष्ट करने के सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे में से एक पर स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की चुप्पी पर भी कैट ने खेद व्यक्त किया है।
 
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि, मामला 2018 से लटका हुआ है, जिसके लिए कैट ने नियमित रूप से विभिन्न ज्ञापन भेजे हैं, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर दोनों ने इस मामले में चुप्पी साध रखी है। देश भर के करोड़ों व्यापारियों द्वारा मुद्रा नोटों को संभालना व्यावसायिक गतिविधियों का एक नियमित और अभिन्न अंग है और अगर यह साबित करता है कि मुद्रा नोट वायरस के वाहक हैं, तो यह न केवल व्यापारियों के लिए बल्कि उनके उपभोक्ताओं के लिए घातक हो सकता है।

कैट के मुताबिक, 2 सिंतबर 2018 में तत्कालीन वित्त मंत्री रहे अरुण जेटली और तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को एक ज्ञापन भेजा था और उसके बाद 2019, 2020 और 2021 में स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर को कई अन्य रिमाइंडर भी दिए गए, लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर दोनों से कोई स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं हुआ, जबकि ये मुद्दा बेहद गम्भीर प्रकृति का है। हम समझ नहीं पा रहे हैं कि स्पष्टीकरण को क्यों दबाया जा रहा है।

मार्च में मिल जायेगा ओमिक्रॉन के खात्मे के हथियार

न्यूयॉर्क (एजेंसी)। कोविड-19 का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन दुनियाभर के तमाम देशों में तेजी से पांव पसार रहा है। खतरे को देखते हुए कई देशों में वैक्सीन की बूस्टर डोज दी जा रही है। ओमिक्रॉन के संक्रमण को रोकने के मकसद से तैयार की जा रही वैक्सीन को लेकर भी काम चल रहा है। दिग्गज फार्मा कंपनी फाइजर को उम्मीद है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट को टारगेट करने वाली कोविड-19 वैक्सीन मार्च में तैयार हो जाएगी। कंपनी के प्रमुख ने यह जानकारी दी।

फाइजर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अलबर्ट बौर्ला ने सीएनबीसी को बताया कि सरकारों की ओर से भारी मांग के चलते फाइजर पहले से ही वैक्सीन की खुराकों का निर्माण कर रही है क्योंकि कोविड-19 संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इसमें ऐसे लोगों की संख्या भी काफी है जो वैक्सीनेटेड होने के बावजूद ओमिक्रॉन के शिकार हुए। बौर्ला ने कहा, “यह वैक्सीन मार्च में तैयार हो जाएगी। मुझे नहीं पता कि हमें इसकी आवश्यकता होगी या नहीं। मुझे नहीं पता कि इसका उपयोग कैसे किया जाएगा।”

वायरस का मन पर प्रभाव और उसका उपचार

कोरोना वायरस का प्रकोप फिर से बढ़ने लगा है। सारे विश्व में तनाव व्याप्त है। पिछले वर्ष अज्ञानी व्यक्तियों की अपेक्षा ज्ञानी लोगों की मृत्यु दर अधिक रही। उसका कारण मानसिक विकार (साइकोलॉजीकल डिसऑर्डर) रहा। दिमाग ने सोचा, कानों ने सुना, मानसिक चिंता से पेट गड़बड़ाया और लीवर; लीवर से फेफड़े और फेफड़ों से हृदय और ह्रदय से नर्वस सिस्टम। नर्वस सिस्टम कमजोर होने से उसकी जीवनी शक्ति कमजोर गई तथा मन की स्थिति तथा तन की स्तिथि दोनों खराब हो गई, जिसके कारण श्वास लेने में दिक्कत और भूख की स्तिथि खराब हो गई और लोगों को असाध्य बीमारी ने घेर लिया। सोचने मात्र से सर चकराना, उल्टी आना, जी घबराना, घबराहट, दिल की धड़कन बढ़ जाना, रक्तचाप कम हो जाना, सांस लेने में कमी होना, सांस लेने की शक्ति न होना; जैसे लक्षण पैदा हो जाते हैं। आप विचार करें कि ज्ञानियों की अपेक्षा अज्ञानी लोग कम बीमार हुए; इसका कारण जैसा कि उसे मानसिक रोग हुआ ही नहीं।
असाध्य रोग का कारण क्या है? बहुत ज्यादा सोचना, ऐसे समाचार देखना, सोचने मात्र से तन की स्तिथि एवं मन की स्तिथि दोनों खराब हो जाती है, जिसके कारण जीवनी शक्ति कमजोर पड़ जाती है और शरीर के आंतरिक अंग काम करना बंद कर देते हैं।

समाधान
सरकारी नियमों का पालन करें
अफवाएं न फैलाएं
गुनगुना पानी का प्रयोग करें
हरी सब्जियों, फलों का प्रयोग करें
कोल्ड कंमप्रेस करे
जीवनी शक्ति का विकास करें


डॉ नरेंद्र सिंह
प्रांत प्रमुख
आरोग्य भारती

UP: 24 घंटों में आए 7695 नए कोरोना पॉजिविट

लखनऊ। यूपी में कोरोना संक्रमण ने तेज रफ्तार पकड़ ली है। 24 घंटों में 7695 नए कोरोना पॉजिविट पाए गए। इसी अवधि में 253 लोग कोरोना से ठीक भी हुए। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित अधिकारियों को सख्ती बरतने का निर्देश दिया है। अधिकारियों से कहा गया है कि संक्रमण की रोकथाम के दृष्टिगत सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। मास्क के प्रयोग, सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजेशन इत्यादि से इस संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।

सीएम योगी ने कहा कि निगरानी समितियां और इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर्स को पूर्णतः सक्रिय किया जाए। होम आइसोलेशन, निगरानी समितियों से संवाद, एम्बुलेंस की जरूरत और टेलिकन्सल्टेशन के लिए अलग- अलग नम्बर जारी किए जाएं। जनपदीय आईसीसीसी में डॉक्टरों का पैनल तैनात करते हुए लोगों को टेलीकन्सल्टेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। जरूरत के मुताबिक लोगों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराई जाए। कोविड के उपचार में उपयोगी जीवनरक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए।

मोतियाबिंद का खात्मा करेगी आईड्रॉप

मोतियाबिंद लोगों में दृष्टि हानि का आम कारण है, जो 40 साल एवं उससे अधिक उम्र के लोगों में अमूमन पाया जाता है। मोतियाबिंद का इलाज नहीं किया जाए तो यह अंधेपन का प्रमुख कारण बन सकता है। यह एक ऐसी बीमारी है, जिसका इलाज़ अब तक सिर्फ सर्जरी के जरिए किया जाता था, पर अब हैसलैब होम्योपैथिक मेडिसिन ने इस बीमारी के लिए एक अचूक एवं बेहतरीन समाधान निकाला है।

इस होम्योपैथिक दवा का नाम एससीएम सिनेरिया मारिटिमा आइड्रॉप है। यह आइड्रॉप लेंस में दोषपूर्ण प्रोटीन को भंग कर प्रकाश को इधर उधर होने से रोकता है जो मोतियाबिंद निरोधक है। इस हैसलैब एससीएम सिनेरिया मारिटिमा आइड्रॉप का प्रयोग कई लोगों ने किया जिन्हें मोतियाबिंद की शिकायत थी, इस आइड्रॉप को इस्तेमाल करके उन्हें इसके सकारात्मक परिणाम भी मिले हैं।

HASLAB-SCM CINERARIA MARITIMA (NON ALCOHOLIC)

इस दवा की सबसे अच्छी बात यह है कि यह सर्जरी के बिना मोतियाबिंद से छुटकारा देता है एवं उससे भी महत्त्वपूर्ण यह है कि इसका कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं है। मोतियाबिंद से दुनिया भर में लगभग 17 मिलियन लोग ग्रसित हैं। कई विकासशील देश में, शल्य चिकित्सा प्रदान करने के लिए न तो धन और न ही मानव शक्ति उपलब्ध है। इन परिस्थितियों में हैसलैब-एससीएम सिनेरिया मारिटिमा आइड्रॉप मानव की सेवा में बहुत मददगार है। यह कई लोगों के व्यक्तिगत अनुभव के अनुसार एक बहुत ही प्रभावी होम्योपैथिक उत्पाद है, जिसका कोई भी साइड इफ़ेक्ट नहीं हैI

कम्पोजीशन -: Senecio Cineraria Q, AcidumBoracicum, NatrumMuriaticum, Glycerine.
खुराक: दोनों आँखों में 2 से 3 बार एक दिन में 1-2 बूंदों को थराना
रोग: मोतियाबिंद, आँखों की सूजन

भारत का कुल टीकाकरण कवरेज 149.57 करोड़ के पार पहुंचा

कोविड-19 टीकाकरण अपडेट – 356वां दिन

गुरुवार शाम 7 बजे तक लगाई गईं 85 लाख से अधिक वैक्सीन की खुराक।

नई दिल्ली (PIB)। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार  भारत का कोविड-19 टीकाकरण कवरेज गुरुवार शाम 149.57 करोड़ के पार (1,49,57,01,483) पहुंच गया। शाम 7 बजे तक टीके की 85 लाख से ज्यादा  (85,32,595) खुराक लगाई गईं। देर रात तक दिन की   अंतिम रिपोर्ट तैयार होने के साथ दैनिक टीकाकरण का  आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है। गौरतलब है कि देश में कोविड टीकाकरण का 356वां दिन था।

यूपी में डरा रहे कोरोना के आकंड़े

कोरोना पकड़ने लगा रफ्तार, एक दिन में मिले 193 केस: सबसे ज्यादा गौतमबुद्धनगर में 38, मेरठ में 27, लखनऊ में 26 पॉजिटिव केस, एक्टिव केस हुए 645

लखनऊ। यूपी में 24 घंटे में 193 केस मिले हैं, इसी के साथ प्रदेश में सक्रिय मामलें 645 तक पहुंच गए।

यूपी में कोरोना के आकंड़े डरा रहे हैं। राज्य में कोरोना के सक्रिय केस अब साढ़े छह सौ के करीब पहुंच गए हैं। बीते 24 घंटे में प्रदेश में 193 पॉजिटिव केस रिपोर्ट सामने आए हैं। सबसे ज्यादा मामले गौतमबुद्ध नगर में मिले हैं। यहां एक ही दिन में 38 केस रिपोर्ट किए गए हैं। वहीं, मेरठ में 27 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके अलावा लखनऊ में 26 व महाराजगंज में 19 व गाजियाबाद में 17 मामले सामने आए हैं। इस दौरान 1 लाख 86 हजार 552 सैंपल की जांच की गई है। वहीं, रिकवर होने वाले मरीजों की संख्या महज 21 रही। इसी के साथ प्रदेश में कुल एक्टिव केस की संख्या 645 तक पहुंच गई है।

एक ही दिन में मिले रिकॉर्ड तोड़ 193 संक्रमित

यूपी के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा और स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद के मुताबिक एक दिन में 1 लाख 86 हजार 552 सैंपल की जांच की गई, जिसमें कोरोना संक्रमण के 193 नए मामले सामने आए हैं। इस बीच 21 लोग रिकवर भी हुए। उन्होंने दावा किया कि अब तक प्रदेश में 9 करोड़ 27 लाख 31 हजार 505 सैंपल की जांच हो चुकी है। प्रदेश में कुल एक्टिव केस की संख्या 645 हो चुकी है।

लखनऊ में लगातार दूसरे दिन 2 दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज

दिल्ली से जुड़े NCR के अलावा लखनऊ में कोरोना संक्रमण बेकाबू है। यहां लगातार दूसरे दिन कोरोना संक्रमण के मामले 2 दर्जन से ज्यादा है। बुधवार को यहां 25 मामले आए थे, वहीं गुरुवार को संख्या 26 पहुंच गई। लखनऊ एसीएमओ मिलिंद वर्धन के मुताबिक यहां के 5 CHC को रेड जोन में रखा गया है। अलीगंज, इंदिरा नगर, चिनहट, आलमबाग और सरोजनीनगर में सबसे ज्यादा संक्रमित मिले है। यहां लगातार कांटेक्ट ट्रेसिंग में मरीज पॉजिटिव मिल रहे है। यही कारण है कि स्वास्थ्य महकमे के अफसर भी बढ़ती संख्या से सकते में हैं।

प्रदेश में 19.97 करोड़ से ज्यादा लगी कोरोना वैक्सीनेशन की डोज

राज्य में अब तक वैक्सीनेशन की 19 करोड़ 97 लाख 68 हजार 242 डोज लग चुकी हैं।
12 करोड़ 73 लाख 46 हजार 985 लोगों को पहली डोज लगी।
7 करोड़ 24 लाख 21 हजार 257 को दोनों डोज लग चुकी हैं।
बुधवार को प्रदेश में 11 लाख 79 हजार 155 लोगों को लगी वैक्सीन।
गुरुवार को प्रदेश के 16 हजार 142 केंद्र पर वैक्सीनेशन हो रहा है।
3 जनवरी से प्रदेश में 15 साल से 18 साल के बच्चों का वैक्सीनेशन।
10 जनवरी से प्रदेश में बूस्टर डोज भी लगनी शुरु हो जाएंगी।

ओमिक्रोन से दो-दो हाथ करेगी “आयु रक्षक किट”

मुरादाबाद। ओमीक्रोन के संक्रमण से बचाव करने के लिए आयुर्वेद कारगर हथियार बनने जा रहा है। गिलोय समेत कई गुणकारी औषधियों वाली आयु रक्षक किट कोरोना के नए वैरिएंट से दो-दो हाथ करने को तैयार है।

सूत्रों के अनुसार मुरादाबाद जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में आयु रक्षक किट की आपूर्ति हो चुकी है। यह किट अस्पताल में आने वाले मरीजों को ओमीक्रोन के संक्रमण से बचाव करने के लिए विशेष प्राथमिकता के साथ दी जाएगी। इस किट में गिलोय समेत कई ऐसी औषधियां शामिल की गई हैं, जिनका इस्तेमाल कर के संक्रमण से बचाव हो सकेगा। साथ में अगर किसी मरीज में सर्दी, जुकाम, खांसी व बुखार की समस्या है तो उसका इलाज इन औषधियों के माध्यम से हो सकेगा। मुरादाबाद के आयुर्वेदिक अस्पतालों में 400 से अधिक आयु रक्षक किट उपलब्ध कराई गई हैं। 

संडिगो सेवा समिति के शिविर में हुआ रक्तदान

लखनऊ। गोमती नगर के विराज खण्ड स्थित संडिगो सेवा समिति के कार्यालय पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर, बलरामपुर अस्पताल के ब्लड ट्रांसफ्यूज़न मेडिसीन विभाग की टीम के देख रेख में किया गया। शिविर में लगभग 25 लोगों ने रजिस्ट्रेशन किया, जिसमें से 15 लोगों ने रक्त दान किया।

इस अवसर पर संडीगो के डायरेक्टर बृजेश यादव, श्रीमती अर्चना यादव और अनन्त श्रीवास्तव सहित 15 कर्मचारियों ने रक्त दान किया। समारोह का समापन राजकीय नर्सेज संघ उत्तर प्रदेश के महामंत्री अशोक कुमार ने किया। उन्होंने बताया कि हर साल रक्त दान करना चाहिए इससे कोशिकाएं पुनर्जिवित होती हैं। रक्तदान करने से कोई कमजोरी भी नहीं होती है। रक्त दान से बड़ा कोई दान नहीं है। आप लोगों के इस रक्त दान से जाने अंजाने पता नहीं कितने लोगों की मदद समय समय पर होती रहती है; चाहे वो अमीर हो या गरीब हो। इसलिए जब भी मौक़ा मिले रक्त दान अवश्य करें। बलरामपुर चिकित्सालय, लखनऊ से आई ब्लडबैंक टीम को भी धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

शिफा नर्सिंग होम संचालिका को नोटिस जारी

शिफा नर्सिंग होम की फरार संचालिका को नोटिस जारी
अवैध नर्सिंग होम पर लटका ताला


बिजनौर। बुखारा में लंबे समय से चल रहे अवैध नर्सिंग होम में एक और महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इस नर्सिंग होम की संचालिका झोलाछाप चिकित्सक को नोटिस जारी किया है। कोई भी डिग्री न होने के चलते अब इस मामले में कार्यवाही तय मानी जा रही है।
मालूम हो कि स्थानीय मोहल्ला बुखारा अरबी मस्जिद के पास निवासी रेहान ने बुधवार को प्रसव पीड़ा के बाद अपनी पत्नी परवीन को मोहल्ले में ही अवैध चलने वाले शिफा नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। पुत्री को जन्म देने के बाद उसकी हालत बिगड़ गयी। आरोप है कि उसके बाद उचित उपचार करने के बाद इस अवैध नर्सिंग होम की संचालिका शिफा फरार हो गयी। दूसरे नर्सिंग होम ले जाने पर महिला परवीन की मौत हो गयी। इसके बाद नर्सिंग होम पर देर रात तक हंगामा हुआ। बताया जाता है कि बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया। बताया जाता है कि बुखारा में लंबे समय से यह नर्सिंग होम खुलेआम चल रहा है। इससे पूर्व भी कई महिलाओं की मौत होने पर हंगामा हो चुका है।

नोडल अधिकारी डॉ एसके निगम ने बताया कि शिफा नर्सिंग होम संचालिका को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही 23 दिसंबर को सारे चिकित्सकीय अभिलेखों के साथ तलब किया गया है।

UP में मरीज लाचार व स्वास्थ्य सेवा हुईं बेहाल

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के सभी विभागों के मुखिया को कमर्चारियों की समस्याओं के निराकरण हेतु स्पष्ट आदेश होने के बावजूद आला अधिकारियों व प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री की उदासीनता के चलते मरीज लाचार व स्वास्थ्य सेवा बेहाल हो चुकी हैं।

प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्टों के लगातार चल रहे 2 घंटे के कार्य बहिष्कार से अस्पतालों में मरीजों को दवा लेने के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। दरअसल प्रदेश के फार्मासिस्टों द्वारा लगातार कई दिनों से जारी सांकेतिक व क्रमिक हड़ताल के तहत सरकार द्वारा उनकी वेतन विसंगतियों, पदनाम परिवर्तन, राईट टू प्रेस्क्रिप्शन, कैडर पुनर्गठन, मानक अनुसार अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर नियुक्तियों सहित 20 सूत्रीय मांगों पर उदासीनता व अड़ियल रवैया अपनाए जाने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी होती जा रही हैं। 17 दिसम्बर से 19 दिसंबर को इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर पूर्ण कार्य बहिष्कार व 20 दिसम्बर से इमरजेंसी सेवाओं सहित पूर्ण कार्य बहिष्कार के चलते स्वास्थ्य सेवाएं पूर्ण रूप से ठप्प हो सकती हैं, जिसे रोकना अब सरकार के हाथों में है।
इसी क्रम में डिप्लोमा फार्मसिस्ट एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के फार्मासिस्टों ने प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में अपनी 20 सूत्रीय मांगों के सापेक्ष उत्तर प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री द्वारा अड़ियल रवैया अपनाए जाने के विरोध में आज आंदोलन के 12वें दिन भी 2 घंटे का बहिष्कार व जोरदार प्रदर्शन कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष संदीप बडोला के नेतृत्व में बलरामपुर चिकित्सालय में प्रान्तीय कोषाध्यक्ष अजय पाण्डेय, डीपीए जनपद शाखा लखनऊ अध्यक्ष अरुण अवस्थी, कार्यकारी अध्यक्ष कपिल वर्मा, राजेश वरुण, बलरामपुर अस्पताल में तैनात प्रदेश संरक्षक केके सचान, पूर्व महामंत्री श्रवण सचान, पूर्व प्रान्तीय कोषाध्यक्ष रजत यादव, सुभाष श्रीवास्तव, संजय कनौजिया, संयुक्त मंत्री विवेक श्रीवास्तव, संप्रेक्षक जितेंद्र कुमार, पंकज रस्तोगी, निशा तिवारी, मंजुलता, सुनीता सचान, संगीता वर्मा, सुनीता यादव, महेंद्र यादव, अब्दुल रहमान, निशा तिवारी, आरपी सिंह, दयाशंकर त्यागी, डीके श्रीवास्तव व अन्य सभी साथियों ने सुबह 8 बजे से 10 बजे तक 2 घंटे के कार्य बहिष्कार की कमान संभाली।
डीपीए जनपद लखनऊ संगठन मंत्री अविनाश सिंह के नेतृत्व में सीएचसी गोसाईं गंज में हनुमान प्रसाद वर्मा, अकील अंसारी, आरबी मौर्या, राम सुमित्र पटेल, अखिलेश ओझा, अतुल श्रीवास्तव, कन्हैयालाल, जनपद लखनऊ कोषाध्यक्ष चंद्रशेखर श्रीवास्तव ने 2 घण्टे कार्य बहिष्कार कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
सिविल अस्पताल में डीपीए उत्तर प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सुनील यादव के नेतृत्व में रजनीश पांडेय, जीसी दुबे, ओपी पटेल, श्रवण चौधरी, सलिल श्रीवास्तव, पंकज श्रीवास्तव, सुधाकर शर्मा, रंजीत गुप्ता आदि साथियों ने कमान संभाली।
लोकबंधु अस्पताल में सीएल शांति के नेतृत्व में मोहम्मद अजमल, सरोज सिंह, संजुलता श्रीवास्तव, गिरिजेश यादव, प्रतिभा पटेल, मलिहाबाद सीएचसी से कमलेश वर्मा, सीएचसी सरोजनी नगर में जनपद लखनऊ वरिष्ठ उपाध्यक्ष आरबी मौर्या के नेतृत्व में राजेश गौतम, सुनील मिश्रा, कमलकांत वर्मा, अनिल त्रिपाठी, सीएचसी मोहनलालगंज से अनिल सचान के नेतृत्व में अरविंद वर्मा, अनीता अवस्थी, विकास शर्मा, रविन्द्र परिहार, आनंद कुशवाहा, सीएचसी इटौंजा से डीपीए लखनऊ मंत्री अखिल सिंह के नेतृत्व में अशोक गुप्ता, काज़ी इरसाद सहित सभी फार्मासिस्टों ने जोरदार प्रदर्शन किया।

डफरिन से जसवंत सिंह के नेतृत्व में अरविंद तिवारी, पवन शर्मा, टीबी अस्पताल से रामेंद्र सिंह, राजेश कोहली, कल्पना सचान, जितेंद्र कुमार पटेल सहित सभी फार्मासिस्ट/चीफ फार्मासिस्ट साथियों के अलावा जनपद लखनऊ के सभी सामु०स्वा०केंद्र व प्रा०स्वा०केंद्रों पर तैनात सभी फार्मासिस्ट/चीफ फार्मासिस्ट साथियों द्वारा 2 घंटे का कार्य बहिष्कार करते हुए जमकर नारेबाजी करते हुए सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया।
डीपीए जनपद शाखा लखनऊ के कार्यकारी अध्यक्ष कपिल वर्मा ने संवर्ग के सभी फार्मेसिस्ट/चीफ फार्मासिस्ट साथियों द्वारा 12वें दिन भी भारी संख्या में अपने-अपने कार्यस्थल पर 2 घंटे का कार्य बहिष्कार करते हुए विरोध दर्ज कराने के लिए आभार व्यक्त किया गया

3 साल से अधिक उम्र वाले बच्चों के लिए जल्द आएगी कोरोना वैक्सीन

नई दिल्ली (एजेंसी)। तीन साल से अधिक उम्र वाले बच्चों के लिए जल्द ही कोरोना वैक्सीन आ जाएगी। इस संबंध में जानकारी देते हुए कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के खौफ के बीच सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा है कि अगले 6 महीनों में बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन लांच कर दी जाएगी। पूनावाला ने कहा कि वैक्सीन ‘कोवावैक्स’ का ट्रायल चल रहा है और यह तीन साल और उससे अधिक उम्र वाले बच्चों को कोरोना के खिलाफ पूरी तरह से सुरक्षा प्रदान करेगी।

With trials just starting, Adar Poonawalla gets a front-row seat to the  global vaccine race, Health News, ET HealthWorld


 
उन्होंने कहा कि हालांकि अभी तक बच्चों में कोरोना के बहुत गंभीर मामले सामने नहीं आए हैं और हमारे लिए बड़े सौभाग्य का बात है कि कोरोना से अब तक बच्चों के लिए कोई घबराने की बात सामने नहीं आई है। अब हम जल्द ही बच्चों के लिए कोविड-19 वैक्सीन लांच करने जा रहे हैं उम्मीद है कि इसमें 6 महीने का समय लगेगा।

Oxford AstraZeneca vaccine to be sold to developing countries at cost price  | Global development | The Guardian

पूनावाला ने बताया कि यह तीन साल और उससे अधिक उम्र के बच्चों को कोरोना के संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करेगी। कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री की ओर से आयोजित एक वर्चुअल कान्फ्रेंस में उन्होंने ये बातें कही हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल ओमिक्रॉन वैरिएंट के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है कि यह बच्चों पर कैसे प्रभाव डालेगा, लेकिन बच्चों को सुरक्षित करना जरूरी है।

Omicron का नया लक्षण जो दिखाई देगा सिर्फ रात में

डॉक्टरों ने किया आगाह, Omicron का नया लक्षण जो सिर्फ रात में दिखाई देगा- रहें सावधान 

डॉक्टरों ने किया आगाह, Omicron का नया लक्षण जो सिर्फ रात में दिखाई देगा- रहें सावधान 

नई दिल्ली (एजेंसी)। एक वायरल इंफेक्शन का सबसे खतरनाक पहलू उसकी गंभीरता है। कोविड-19 के डेल्टा वैरिएंट ने भारत समेत दुनियाभर के देशों में कहर बरपाया था। डेल्टा वैरिटएंट की संक्रामकता बहुत ज्यादा थी। इसमें मरीजों को हल्के और गंभीर लक्षण दोनों महसूस हो रहे थे। उनमें तेज बुखार, लगातार खांसी, सांस में तकलीफ, छाती में दर्द, खून में ऑक्सीजन की कमी जैसे लक्षण देखे जा रहे थे। अब कोरोना का नया ओमिक्रॉन वैरिएंट दुनिया के सामने एक नई मुसीबत बनकर खड़ा हो गया है। इसकी गंभीरता, ट्रांसमिशन रेट और लक्षणों को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं।

WHO का दावा है कि नया ओमिक्रॉन वैरिएंट पहले संक्रमित हो चुके लोगों को भी आसानी से अपनी चपेट में ले सकता है। इसके अलावा, वैक्सीन के दोनों डोज ले चुके लोग भी ओमिक्रॉन के खिलाफ सुरक्षित नहीं हैं। आने वाले कुछ दिन या सप्ताह में साफ हो जाएगा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट आखिर कितना खतरनाक है। अब तक दुनियाभर के डॉक्टर्स और वैज्ञानिक ओमिक्रॉन में कई तरह के लक्षण दिखने का दावा भी कर चुके हैं।

रात में पसीना और शरीर में दर्द
दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य विभाग के जनरल प्रैक्टिशनर डॉ. उनबेन पिल्ले कहते हैं कि ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीजों को रात में पसीना आने की शिकायत हो सकती है। कई बार मरीज को इतना ज्यादा पसीना आता है कि उसके कपड़े या बिस्तर तक गीला हो सकता है। संक्रमित को ठंडी जगह में रहने पर भी पसीना आ सकता है। इसके अलावा मरीज को शरीर में दर्द की शिकायत भी हो सकती है।

सूखी खांसी और शरीर में दर्द
डॉ. उनबेन पिल्ले कहते हैं कि उन्होंने ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीज में सूखी खांसी के लक्षण भी देखे हैं। ये लक्षण कोरोना के अब तक सभी पुराने स्ट्रेन में देखा जा चुका है। इसके अलावा बुखार और मांसपेशियों में दर्द भी ओमिक्रॉन के लक्षण हो सकते हैं।

गले का छिलना
इससे पहले दक्षिण अफ्रीका की एक डॉक्टर एंजलीके कोएट्जी ने ओमिक्रॉन से संक्रमित लोगों में गले में खराश की बजाय गला छिलने जैसी दिक्कत देखने का दावा किया था, जो कि असामान्य है। ये दोनों लक्षण लगभग एक जैसे हो सकते हैं। हालांकि गले में छिलने की समस्या ज्यादा दर्दनाक हो सकती है।

हल्का बुखार
कोरोना के किसी भी वैरिएंट के साथ हल्का या तेज बुखार होने की शिकायत लगातार सामने आई हैं। डॉ. कोएट्जी कहती हैं कि ओमिक्रॉन के संक्रमण में मरीज को हल्का बुखार हो सकता है और इसमें बॉडी का टेंपरेचर अपने आप नॉर्मल हो जाता है।

थकावट
पिछले तमाम वैरिएंट्स की तरह ओमिक्रॉन में भी मरीज को बहुत ज्यादा थकान महसूस हो सकती है। इसमें संक्रमित इंसान का एनेर्जी लेवल काफी कम हो जाता है। शरीर में दिख रहे इस लक्षण को इग्नोर करने की बजाए तुरंत कोविड-19 की जांच कराएं।

फार्मासिस्टों का सांकेतिक व क्रमिक आंदोलन जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की उदासीनता के चलते समूचे प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्टों का विगत 4 दिसंबर से चल रहा सांकेतिक व क्रमिक आंदोलन जारी रहा

इसके तहत सरकार द्वारा उनकी वेतन विसंगतियों, पदनाम परिवर्तन, राईट टू प्रेस्क्रिप्शन, कैडर पुनर्गठन, मानक अनुसार अस्पतालों,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर नियुक्तियों सहित 20 सूत्रीय मांगों पर उदासीनता व अड़ियल रवैये के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी होती जा रही हैं।

बताया गया है कि आगे 17 दिसम्बर से 19 दिसंबर को इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर पूर्ण कार्य बहिष्कार व 20 दिसम्बर से एमरजेंसी सेवाओं सहित पूर्ण कार्य बहिष्कार के चलते स्वास्थ्य सेवाएं पूर्ण रूप से ठप हो सकती हैं, जिसे रोकना अब सरकार के हाथों में है।
इसी क्रम में डिप्लोमा फार्मसिस्ट एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के फार्मासिस्टों ने प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में अपनी 20 सूत्रीय मांगों के सापेक्ष उत्तर प्रदेश सरकार के अड़ियल रवैया के विरोध में आज आंदोलन के 10वें दिन भी 2 घंटे का बहिष्कार व जोरदार प्रदर्शन जारी रखा।वहीं जनपद लखनऊ के विभिन्न अस्पतालों में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन जनपद शाखा लखनऊ के पदाधिकारियों व डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों के नेतृत्व में 2 घंटे कार्य बहिष्कार सहित जोरदार प्रदर्शन किया गया। इसके अंतर्गत बलरामपुर अस्पताल में प्रदेश संरक्षक केके सचान व डीपीए जनपद लखनऊ कार्यकारी अध्यक्ष कपिल वर्मा के नेतृत्व में प्रदेश महामंत्री उमेश मिश्रा, पूर्व महामंत्री श्रवण सचान, प्रान्तीय कोषाध्यक्ष अजय पाण्डे,पूर्व प्रान्तीय कोषाध्यक्ष रजत यादव, सुभाष श्रीवास्तव, संजय कनौजिया, संयुक्त मंत्री विवेक श्रीवास्तव, संप्रेक्षक जितेंद्र कुमार, पंकज रस्तोगी, निशा तिवारी, मंजुलता, सुनीता सचान, संगीता वर्मा, सुनीता यादव, महेंद्र यादव, अब्दुल रहमान, निशा तिवारी, आर पी सिंह, दयाशंकर त्यागी, डीके श्रीवास्तव व अन्य सभी साथियों ने सुबह 8 बजे से 10 बजे तक 2 घंटे के कार्य बहिष्कार की कमान संभाली।
डीपीए जनपद लखनऊ संगठन मंत्री अविनाश सिंह के नेतृत्व में सीएचसी गोसाईं गंज में हनुमान प्रसाद वर्मा, अकील अंसारी, आरबी मौर्या, राम सुमित्र पटेल, अखिलेश ओझा, अतुल श्रीवास्तव, कन्हैयालाल, व जनपद लखनऊ कोषाध्यक्ष चंद्रशेखर श्रीवास्तव ने जोरदार प्रदर्शन व 2 घण्टे कार्य बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया।
सिविल अस्पताल में डीपीए जनपद लखनऊ अध्यक्ष अरुण अवस्थी के नेतृत्व में डीपीए उत्तर प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सुनील यादव, रजनीश पांडेय, जीसी दुबे, ओपी पटेल, श्रवण चौधरी, सलिल श्रीवास्तव, पंकज श्रीवास्तव, सुधाकर शर्मा, रंजीत गुप्ता आदि साथियों ने कमान संभाली।
लोकबंधु अस्पताल में सीएल शांति के नेतृत्व में,मोहम्मद अजमल, सरोज सिंह, संजुलता श्रीवास्तव, गिरिजेश यादव, प्रतिभा पटेल, मालिहाबाद सीएचसी से राजेश वरुण के नेतृत्व में नीलम वर्मा, सीएचसी सरोजनी नगर में जनपद लखनऊ वरिष्ठ उपाध्यक्ष आरबी मौर्या के नेतृत्व में राजेश गौतम, सुनील मिश्रा, कमलकांत वर्मा, अनिल त्रिपाठी सीएचसी मोहनलालगंज से अनिल सचान के नेतृत्व में अरविंद वर्मा, अनीता अवस्थी, विकास शर्मा, रविन्द्र परिहार, आनंद कुशवाहा, सीएचसी इटौंजा से डीपीए लखनऊ मंत्री अखिल सिंह के नेतृत्व में अशोक गुप्ता, काज़ी इरसाद सहित सभी फार्मासिस्टों ने जोरदार प्रदर्शन किया

डफरिन से जसवंत सिंह के नेतृत्व में,अरविंद तिवारी, पवन शर्मा, टीबी अस्पताल से रामेंद्र सिंह, राजेश कोहली, कल्पना सचान, जितेंद्र कुमार पटेल सहित सभी फार्मासिस्ट/चीफ फार्मासिस्ट साथियों ने कमान संभाली।
साथ ही जनपद लखनऊ के सभी सामु०स्वा०केंद्र व प्रा०स्वा०केंद्रों पर तैनात सभी फार्मासिस्ट/चीफ फार्मासिस्ट साथियों द्वारा 2 घंटे का कार्य बहिष्कार करते हुए जमकर नारेबाजी करते हुए सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया।
डीपीए जनपद शाखा लखनऊ के कार्यकारी अध्यक्ष कपिल वर्मा द्वारा संवर्ग के सभी फार्मेसिस्ट/चीफ फार्मासिस्ट साथियों द्वारा 10 वें दिन भी भारी संख्या में अपने अपने कार्यस्थल पर 2 घंटे का कार्य बहिष्कार करते हुए अपना विरोध दर्ज कराने के लिए सभी साथियों का आभार व्यक्त किया गया

फार्मासिस्टों ने किया दो घंटे कार्य बहिष्कार

सरकार की वादा खिलाफी पर फार्मासिस्टों का दो घंटे कार्य बहिष्कार


नूरपुर (बिजनौर)। प्रदेश सरकार की वादा खिलाफी पर डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के आव्हान पर विभिन्न म़ागो को लेकर फार्मासिस्टों ने ताला बंद कर दो घंटे कार्य बहिष्कार किया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर गुरुवार को फार्मासिस्टों ने दवा केंद्र का ताला बंद कर दो घंटे कार्य बहिष्कार किया। एसोसिएशन के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष विक्रांत बहादुर सिंह ने बताया कि एसोसिएशन पिछले काफी समय से अपनी बीस सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत है। …लेकिन प्रदेश सरकार उनकी मांगे पूरी करने का वादा भूल रही है। सरकार की वादा खिलाफी के खिलाफ एसोसिएशन के आव्हान पर 9 दिसंबर से 16 दिसंबर तक दो घंटे कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया गया है।

इसी क्रम में विक्रांत बहादुर सिंह फार्मासिस्ट नूरपुर सीएचसी, इमरान अली नूरपुर पीएचसी, राजेंद्र सिंह उप पीएचसी मोरना, अंजुल कुमार ताजपुर, विपिन कुमार गोहावर, राजीव कुमार फीना व भोजेंद्र कुमार खासपुरा दो घंटे कार्य बहिष्कार पर रहे।

सर्दियों में क्या न खाएं डायबिटीज के मरीज…

नई दिल्ली (शैली सक्सेना)। भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसमें ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखना जरूरी होता है। इसलिए शुगर के मरीजों को अपने खानपान का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है। खासकर सर्दियों के मौसम में शुगर के मरीजों को अपना ज्यादातर ख्याल रखने की जरूरत होती है। सर्दियों में लोग ड्राई फ्रूट्स का सेवन ज्यादा करते हैं। कुछ ड्राई फ्रूट्स आपके ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकते हैं। इसलिए थोड़ी सी सतर्कता बरतने से काफी परेशानियों से बच जा सकता है। जानिए किस चीज से आपको बचने की जरूरत है….

किशमिश- किशमिश में ग्लूकोज काफी मात्रा में पाया जाता है, जिस कारण इसके सेवन से शरीर में ग्लूकोज की मात्रा काफी ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में डायबिटीज के मरीजों को किशमिश का सेवन नहीं करना चाहिए।

खजूर- खजूर या फिर छुआरा में भी शुगर की मात्रा काफी ज्यादा पाई जाती है। इससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ने का खतरा रहता है। इसलिए डायबिटीज के मरीज खजूर या छुआरा का सेवन करने से बचें।

आलू- मधुमेह के रोगियों को आलू का सेवन भी बहुत कम मात्रा में करना चाहिए. ज्यादा आलू खाना शुगर पेशेंट्स के लिए नुकसानदायक हो सकता है. आलू में हाई कार्बोहाइड्रेट होता है साथ ही इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स की मात्रा भी बहुत होती है. आलू खाने से ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा रहता है

व्हाइट ब्रेड- व्हाइट ब्रेड भी डायबिटीज के मरीजों के लिए नुकसानदेह हो सकती है। ऐसे में इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को व्हाइट ब्रेड बिल्कुल नहीं खानी चाहिए।

चीकू- डायबिटीज के पेशेंट को फलों में चीकू खाने से भी परहेज करना चाहिए। चीकू खाने में बेहद मीठा होता है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी काफी ज्यादा बढ़ा हुआ होता है। इसलिए शुगर के मरीजों को चीकू खाने से बचना चाहिए।

आखिरकार झोलाछापों पर विभाग ने तरेरी आंखें, कार्रवाई शुरू

बिजनौर। जिले में अवैध रूप से प्रैक्टिस करने के आरोप में 12 झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है। इसके अलावा पैथोलॉजी लैब व एक्स-रे मशीन को भी सील किया गया है।
एक दिन पूर्व ग्राम खारी में झोलाछाप की कथित लापरवाही के चलते महिला की मृत्यु के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी निशाने पर आ गए थे। इसी के दृष्टिगत नोडल अधिकारी क्वेक्स डा. एसके निगम ने सख्त रूख अपनाया। उन्होंने ग्राम खारी स्थित जच्चा-बच्चा केंद्र का मौका मुआयना कर मामले की जानकारी ली। साथ ही वहां के चिकित्सक डा. कृष्ण गोपाल घोष व मौसमी घोष आशा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए हल्दौर थाने में प्रार्थनापत्र दे दिया। इसके अलावा डा. एसके निगम ने नजीबाबाद में अल नजीब पैथ लैब एवं एक्स-रे मशीन को सील करते हुए डा. शेख लुकमान के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

दूसरी तरफ ग्राम हरेवली में डा. प्रभाष मंडल, आरोग्य डायोनिसिस्ट पैथोलॉजी लैब उमरी के संचालक डा. सनी कुमार, सहारा लैब नींदडू के संचालक डा. मुदस्सर अली, योग हैल्थ केयर भागूवाला के संचालक डा. मुस्तकीम अहमद, आलिया बच्चों का क्लीनिक भागूवाला के संचालक डा. जुऐब अंसारी, साबिया बच्चों का क्लीनिक भागूवाला के संचालक डा. फाइम अहमद, डा. नासिर बेगमपुर शादी, डा. नवनीत ग्राम खारी व डा. ओमप्रकाश ग्राम खारी के खिलाफ भी अनाधिकृत रूप से एलोपैथिक चिकित्सा अभ्यास करने पर सम्बंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दे दी गई है।

नोडल अधिकारी क्वेक्स डा. एसके निगम ने बताया कि जिले में झोलाछापों को किसी भी मरीज के स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। अवैध रूप से प्रैक्टिस करने वालों के खिलाफ लगातार छापेमारी कर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने संकेत दिए कि कुछ अन्य क्लीनिकों पर भी छापेमारी कर झोलाछापों पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

आरसी फाउंडेशन ने लगवाया वैक्सीनेशन कैंप

लखनऊ। कोरोना की रोकथाम को लेकर लड़ी जा रही लड़ाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत कसमंडी खुर्द स्थित ग्राम अमानीगंज में आरसी फाउंडेशन संस्था द्वारा वैक्सीनेशन कैंप लगाया गया।

इस मौके पर आरसी फाउंडेशन के संचालक शिव कुमार यादव रिटायर्ड एएसपी एवं डॉ. भानवेंद्र प्रताप सिंह यादव एसोसिएट प्रोफेसर मौजुद रहे।

साथ ही पूर्व ब्लाक प्रमुख काकोरी एवं पूर्व प्रत्याशी 168 मलिहाबाद विधानसभा श्रीमती राजबाला रावत, पार्षद मोनू कनौजिया, ब्लॉक अध्यक्ष मलिहाबाद युवजन सभा, दीपक यादव, अर्जुन कुमार, रामू गुप्ता, संतोष यादव, शशीकांत व संस्था के अन्य सभी सदस्यों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

वैक्सीनेशन कैंप में मुख्य रूप से डॉ. शिव मोहन पांडेय एवं एएनएम अंशु रावत उपस्थित रहीं। कैंप में लगभग 400 लोगों को वैक्सीन लगाई गई।

बच्चों पर कोरोना वैक्सीन का परीक्षण पूरा, कंपनी DCGI को सौंपेगी रिपोर्ट

COVID-19 Vaccine | DCGI Approves Phase II/III Clinical Trial Of Covaxin On  2-18 Year-olds

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत बायोटेक ने अठारह वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर कोवाक्सिन टीके के दूसरे और तीसरे चरण का परीक्षण पूरा कर लिया है। कंपनी परीक्षण से जुड़े आंकड़े अगले सप्ताह ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) को सौंप सकती है।

परीक्षण में शामिल थे एक हजार बच्चे- भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक डॉ. कृष्णा एला ने ये जानकारी देते हुए बताया कि पीडियाट्रिक कोवाक्सिन के दूसरे और तीसरे चरण का परीक्षण पूरा हो गया है। डाटा का अध्ययन जारी है। अगले सप्ताह हम परीक्षण के जुड़े आंकड़े को दवा नियंत्रक को सौंप सकते हैं। परीक्षण में करीब एक हजार बच्चों को शामिल किया गया था।

Bharat Biotech's Covaxin gets DCGI nod to conduct clinical trials on  children - Coronavirus Outbreak News

नाक के जरिये टीका– डॉ. कृष्णा एला ने बताया कि इंट्रानेजल वैक्सीन का भी परीक्षण दूसरे चरण में हैं। उम्मीद है कि अगले माह इसका परीक्षण पूरा हो जाएगा। टीके से नाक के भीतर वायरस के खिलाफ इम्युन रिसपॉन्स बनता है। वायरस जब नाक के जरिए प्रवेश करता है तो ये वायरस को वहीं पर नष्ट कर सकती है। इस टीके का परीक्षण 650 लोगों पर किया गया है।

देश के बाद विदेश- भारत बायोटेक ने ये भी स्पष्ट किया है कि कंपनी दूसरे देशों को भी टीका निर्यात करने को तैयार है। डॉ. एला ने कहा कि अभी हमारी कोशिश देश में टीके की जरूरत को पूरा करना है। देश में टीकाकरण लगभग पूरा हो जाएगा तब आगे इस पर विचार किया जा सकता है।

Cafe D, शॉपर्स प्राइड मॉल, बिजनौर

स्वदेशी Covaxin को इस सप्ताह मिल सकती है WHO की मंजूरी

भारत की स्वदेशी वैक्सीन Covaxin को इस सप्ताह मिल सकती है WHO की मंजूरी

Good News: भारत की स्वदेशी वैक्सीन Covaxin को इस सप्ताह मिल सकती है WHO की मंजूरी

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत की स्वदेशी वैक्सीन ‘कोवाक्सिन’ को इस सप्ताह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की मंजूरी मिल सकती है। जानकारी के मुताबिक, डब्ल्यूएचओ की मंजूरी के लिए कुछ औपचारिकताएं शेष हैं। इससे पहले कोविशील्ड और स्पू‍तनिक V को पहले ही विश्व स्वास्थ्य संगठन की मंजूरी मिल चुकी है। माना जा रहा है कि वैक्सीन के परीक्षण से जुड़े डेटा के प्रकाशित होने के बाद डब्ल्यूएचओ इस वैक्सीन को अपनी मंजूरी दे देगा।

India's “Covaxin” vaccine shows high efficacy against COVID-19 infections  in phase 3 trial | Gavi, the Vaccine Alliance

विदित हो कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पिछले महीने ही कहा था कि भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन कोवाक्सिन को आपातकालीन मंजूरी देने पर सितंबर अंत तक फैसला लिया जा सकता है। इस टीके को अभी तक किसी पश्चिमी देश की नियामक संस्था से भी मंजूरी नहीं मिली है।

अवैध रूप से संचालित सिटी हॉस्पिटल सील

सिटी मजिस्ट्रेट ने सिटी हॉस्पिटल पर छापामार कर की कार्रवाई

मुजफ्फरनगर। शहर के बीचों बीच अवैध रूप से चलाए जा रहे अस्पताल को जिला प्रशासन और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने छापामार कार्यवाही करते हुए सील कर दिया है। प्रशासन की इस कार्यवाही से अस्पतालों के जरिए धन बटोरने में लगे लोगों में हड़कंप मच गया है। पुलिस द्वारा कई लोग हिरासत में भी लिये गये है।

जिला प्रशासन और औषधि विभाग की टीम सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक कुमार सिंह और ड्रग इंस्पेक्टर लवकुश प्रसाद की अगुवाई में शहर के बीचों बीच थाना सिविल लाइन क्षेत्र में मदीना चौक के समीप स्थित सिटी हॉस्पिटल पर छापामार कार्रवाई करने के लिए पहुंची। जिला प्रशासन और औषधि विभाग की टीम ने अस्पताल के दस्तावेजों की जांच की, लेकिन अस्पताल प्रबंधन अनुमति और लाइसेंस आदि की बाबत कोई वैध कागजात टीम को नहीं दिखा सका। इस दौरान अस्पताल में योग्य डॉक्टर भी नहीं मिले, जबकि बाहर लगे बोर्ड पर कई बड़े डॉक्टरों के नाम लिखवाए गए थे। सिटी अस्पताल के भीतर मेडिकल स्टोर भी चलता मिला, जहां से लाखों रुपए की अवैध दवाइयां टीम द्वारा बरामद की गई। जिला प्रशासन और औषधि विभाग की टीम ने अवैध रूप से चलाए जा रहे सिटी हॉस्पिटल और उसके भीतर बने मेडिकल स्टोर को सील कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कई लोगों को हिरासत में भी लिया है। छापामार कार्यवाही के दौरान मौके पर भारी पुलिस फोर्स मौजूद रही। छापामार कार्रवाई को देखने के लिए आसपास के इलाके के लोगों का अस्पताल के इर्द-गिर्द भारी जमावड़ा लगा रहा।

3 दिन में मिले 1310 लक्षण वाले मरीज

बिजनौर। 7 सितंबर से शुरू हुए हाउस टू हाउस सर्वे में तीन दिन के भीतर जिले में 1310 लक्षण वाले मरीज मिले हैं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एसीएमओ डा. अशोक कुमार ने बताया कि इनमें से 959 बुखार के रोगी भी शामिल हैं।

जनपद में 7, 8 व 9 सितंबर तक करीब 2 लाख से अधिक घरों का सर्वे किया जा चुका है। इन तीन दिनों में 1310 लक्षण वाले रोगी मिले हैं। इनमें 959 बुखार के रोगी चिन्हित हुए हैं। कम अवधि की खांसी जुकाम वाले 219 लोग मिले हैं, जबकि दो सप्ताह से अधिक की खांसी वाले 42 रोगी मिले। खांसी के साथ बलगम में खून आने वाले 22 संदिग्ध क्षय रोगी भी पाए गए हैं। वजन कम होने वाले 17 तथा सांस लेने में परेशानी वाले भी 14 लोग चिन्हित हुए हैं। दिमागी बुखार के लक्षणों वाले 7 रोगी, मलेरिया के लक्षण वाले 26, बुखार के साथ पेट दर्द वाले 20 रोगी तथा बुखार के साथ उल्टी आने वाले 3 रोगी मिले हैं। डेंगू के लक्षण वाला अभी तक कोई रोगी नहीं मिला है।

अब रात 10 नहीं, 11 बजे से सुबह 6 बजे तक नाईट कर्फ्यू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नाइट कर्फ्यू अब रात्रि 10 की बजाय 11 बजे से लागू होकर सुबह 6 बजे तक चलेगा। प्रदेश सरकार ने इसके लिए आदेश जारी कर दिया है। इसके पहले सरकार ने प्रदेश से लॉकडाउन पूरी तरह खत्म करने का फैसला लिया था। प्रदेश में कोरोना के मामलों की संख्या अभी कम देखते हुए सरकार ने ये फैसला लिया है। सरकार का कहना है कि कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जाना बहुत जरूरी है। लोग अनावश्यक तरीके से न घूमें।

हालांकि देश के अन्य कई राज्यों में कोरोना की तीसरी
लहर ने दस्तक देना शुरू कर दिया है। केरल, राजस्थान, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में कोरोना के मामलों में तेजी देखने को मिली है।

28 जिलों में कोरोना का एक भी मामला नहीं
उत्तर प्रदेश 28 जनपदों में कोरोना का एक भी मामला नहीं है। सूत्रों के अनुसार अलीगढ़, अमरोहा, बागपत,
बलिया, बलरामपुर, बांदा, बस्ती, बहराइच, भदोही,
बिजनौर, चित्रकूट, देवरिया, फतेहपुर, गाजीपुर, गोंडा, हमीरपुर, हापुड़, हरदोई, हाथरस, कौशाम्बी, ललितपुर, महोबा, मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, रामपुर, शामली, सीतापुर, सोनभद्र में कोविड का एक भी मरीज नहीं है। ये जनपद आज कोविड संक्रमण से मुक्त हैं। औसतन हर दिन ढाई लाख से अधिक टेस्ट हो रहें हैं, जबकि पॉजिटिविटी दर 0.01 से भी कम हो गया है और रिकवरी दर 98.7 फीसदी है।

वैक्सीनेशन में यूपी नंबर 1– यूपी में पिछले 24 घंटे में 33 लाख 42 हजार 360 लोगों ने टीका लगवाया है। यह किसी राज्य में एक दिन में हुआ सर्वाधिक कोविड टीकाकरण है। इसके साथ ही प्रदेश में कोविड वैक्सीनेशन 8 करोड़ 8 लाख से अधिक हो गया है। यह किसी एक राज्य में हुआ सर्वाधिक टीकाकरण है।सोमवार को प्रदेश में कोविड-19 टीके की 31.67 लाख से ज्यादा खुराकें दीं गईं। इनमें 1.03 लाख खुराक के साथ जिलों में लखनऊ शीर्ष पर रहा। इसके बाद सीतापुर (91,553), प्रयागराज (82,907), बरेली (80,598) और कुशीनगर (73,039) का स्थान है। उत्तर प्रदेश देश में सबसे ज्यादा कोविड टीके लगाने वाला राज्य बन चुका है.

डेंगू की चपेट में आए सीतापुर के DM, लखनऊ में भर्ती

लखनऊ। डेंगू से पीड़ित सीतापुर के जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज की हालत बिगड़ने पर राजधानी के सहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिला अस्पताल में हुई जांच में उनके शरीर में डेंगू एनएस-1 संक्रमण पाया गया। इसके बाद उन्हें लखनऊ जाने की सलाह दी गई।

इस बीच सीतापुर जिले में संक्रमण बढ़ता जा रहा है।स्वास्थ्य विभाग ने जिले में आठ डेंगू के मरीज मिलने की पुष्टि की है। चौबीस घण्टे के भीतर 22 बच्चे अधिक बुखार आने पर भर्ती कराए गए हैं। इनका इलाज चल रहा है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेन्द्र सिंह का कहना है कि जिले में डेंगू से पीड़ित कुल आठ मरीज मिले हैं। संक्रमण की जांच के लिए ब्लॉक स्तर पर गठित रिस्पॉस टीम गांव-गांव भेजी जा रही है। टेस्टिंग बढ़ाई गई है। जिला अस्पताल के पैथालॉजी प्रभारी डॉ. पीसी विश्वकर्मा का कहना है कि चौबीस घण्टे में किए गए टेस्ट में दो मरीज मलेरिया के मिले हैं।

डॉक्टरों को पहली पदोन्नति देने से पहले ग्रामीण सेवा हो अनिवार्य: उपराष्ट्रपति


उपराष्ट्रपति ने देश में विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में अत्याधुनिक स्वास्थ्य अवसंरचना का निर्माण करने की आवश्यकता पर बल दिया।

डॉक्टर-मरीज अनुपात में अंतर को ध्यान में रखते हुए मेडिकल कॉलेजों की संख्या में बढ़ोत्तरी करने की आवश्यकता।

चिकित्सा शिक्षा और उपचार सस्‍ता होना चाहिए: उपराष्ट्रपति।

नई दिल्ली (PIB)। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि सरकारी क्षेत्र में डॉक्टरों को पहली पदोन्नति देने से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा को अनिवार्य किया जानी चाहिए। 11वें वार्षिक चिकित्सा शिक्षक दिवस समारोह में बोलते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस बात को ध्यान में रखते हुए कि देश की 60 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है, युवा डॉक्टरों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में तीन से पांच साल की सेवा जरूरी है।

चिकित्सा पेशे को एक नेक कार्य बताते हुए उन्होंने डॉक्टरों को सलाह दिया कि वे कोई भी कमी और चूक न करें, बल्कि जुनून के साथ देश की सेवा करें। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी ने बेहतर स्वास्थ्य अवसंरचना की आवश्यकता पर बल दिया है और राज्य सरकारों को इस पहलू पर विशेष रूप से ध्यान देने की सलाह भी दी।

उपराष्ट्रपति ने मेडिकल कॉलेजों की संख्या में बढ़ोत्तरी करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि देश में डॉक्टर-रोगी अनुपात 1:1,456 है जबकि डब्ल्यूएचओ का मानक 1:1000 है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों का शहरी-ग्रामीण अनुपात भी बहुत ज्यादा विषम है क्योंकि ज्यादातर चिकित्सा पेशेवर शहरी क्षेत्रों में ही काम करना पसंद करते हैं। इस बात पर भी बल दिया कि चिकित्सा शिक्षा और उपचार दोनों सस्ता और आम लोगों की पहुंच में होनी चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति और राजनेता-दार्शनिक, स्वर्गीय श्री सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इससे पहले उन्होंने जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ और पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष, डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी और डॉ. देवी शेट्टी सहित अन्य लोगों को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया।

इस अवसर पर तेलंगाना के गृह मंत्री, मो. महमूद अली, एएनबीआई के अध्यक्ष, डॉ अलेक्जेंडर थॉमस, राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड के अध्यक्ष, डॉ अभिजात सेठ, ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन, डॉ जी एस राव, ऑर्गेनाइजिंग सचिव, डॉ लिंगैया, एपी एंड टीएस एएनबीएआई के अध्यक्ष और अन्य लोग उपस्थित हुए।

कोरोना टीका लगाने से पहले जांच लें, असली है या नकली?

कोरोना वैक्सीन कहीं नकली तो नहीं? केंद्र का सभी राज्यों को आदेश, टीका लगाने से पहले करें जांच

As Sputnik V gets nod, how does it compare with Covishield and Covaxin to  fight COVID-19 - A new vaccine for India | The Economic Times

नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा है कि लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने से पहले यह जांच कर लें कि कहीं वो नकली तो नहीं है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस संबंध में राज्यों को चिट्ठी लिखी है। सचेत करने के पीछे कारण ये है क्योंकि हाल ही में साउथ ईस्ट एशिया और अफ्रीका में फर्जी कोविशील्ड पाई गई थी। इसके बाद WHO ने नकली वैक्सीन को लेकर अलर्ट किया था।

असली-नकली की पहचान- केंद्र ने राज्यों को एक असली वैक्सीन की पहचान के लिए एक खाका बनाकर भेजा है, जिसे देखकर पहचान की जा सकती है कि वैक्सीन असली है या नकली? इसमें अंतर पहचानने के लिए कोविशील्ड, कोवैक्सिन और स्पुतनिक-V तीनों वैक्सीन पर लेबल, उसके कलर, ब्रांड का नाम क्या होता है, इन सब की जानकारी दी गई है।

जीवन रक्षक 39 दवाओं के दाम कम करने की तैयारी में सरकार

नई दिल्ली। व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली कुछ आवश्यक दवाओं की कीमतों में कमी लाने की तैयारी सरकार कर रही है। सूत्रों ने कहा है कि सरकार ने आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची में संशोधन किया है और प्रस्तावित मूल्य सीमा के लिए सूची के तहत 39 नए नाम जोड़े गए हैं। जिन दवाइयों के नाम सूची में जोड़े गए हैं उनमें कुछ एंटीवायरल के अलावा कैंसर, मधुमेह, टीवी और एचआईवी से लड़ने वाली दवाएं शामिल हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने मौजूदा सूची से 16 दवाओं को हटा दिया है। अब इस लिस्ट में 399 आवश्यक दवाएं शामिल हैं, जिनके दाम सरकार के द्वारा घटाए गए हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के तहत विशेषज्ञ समिति द्वारा तैयार की गई संशोधित सूची गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को सौंपी गई। जब स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सूची को जारी किया जाता है, तो इसका मूल्यांकन दवाओं और स्वास्थ्य उत्पादों की स्थायी समिति द्वारा किया जाता है। इसमें यह देखा जाता है कि किन दवाओं की कीमत को कम करने की अधिक आवश्यकता है। अंतिम मूल्य निर्धारण नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल की अध्यक्षता में SCAMHP की सिफारिशों के आधार पर राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल मूल्य निर्धारण प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा।

जिले भर में 1336 टीम घर-घर तलाशेंगी मरीज

बिजनौर। जिले भर में स्वास्थ्य विभाग की 1336 टीम आगामी 7 सितंबर से 16 सितंबर तक घर-घर सर्वे कर मरीज तलाशेंगी। शुक्रवार को इसे लेकर जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में रणनीति तैयार की गई। सर्वे में कोविड के लक्षणों वाले लोगों से लेकर अन्य बीमारों तक का पता लगाने के साथ ही टीकाकरण की स्थिति भी देखी जाएगी।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एसीएमओ डा. अशोक कुमार ने बताया कि 31 अगस्त को शासन से विस्तृत दिशानिर्देश प्राप्त हुए हैं। पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर पिछले वर्ष संचालित अभियान की तरह ही कार्ययोजना बनाकर जिले के सभी घरों का भ्रमण करते हुए संचालित किया जाएगा। इस अभियान के दौरान 8 सितंबर व 15 सितंबर को नियमित टीकाकरण दिवस आ रहे हैं। इन दोनों दिवसों का आयोजन अगले सप्ताह में सुनिश्चित किया जाएगा। सर्वे का मुख्य मकसद कोविड संवेदीकरण, ज्वर पीड़ित व्यक्तियों, कोविड तथा टीबी के लक्षण युक्त लोगों, नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों तथा 45 वर्ष से अधिक आयु वाले कोविड का टीका न लगवाने वाले लोगों का चिन्हीकरण करना है। घर-घर सर्वे अभियान में 1336 टीमों को लगाया जा रहा है।

मच्छर का लार्वा मिला तो पहले नोटिस, फिर जुर्माना ₹5 हजार

बिजनौर। डेंगू और मलेरिया समेत वेक्टरजनित रोगों से बचाव के लिये मलेरिया विभाग ने अभियान शुरू कर दिया है। इसके तहत घरों में निरीक्षण कर लारवा तलाशने का काम किया जा रहा है। डेंगू के लारवा की ब्रीडिंग को नष्ट करने के साथ ही संबंधित गृहस्वामी को नोटिस जारी किया जा रहा है। दोबारा लारवा पाए जाने पर 5 हजार रुपए जुर्माना वसूला जाएगा।

मलेरिया विभाग की टीम ने विभिन्न मोहल्लों का सर्वे कर डेंगू और मलेरिया समेत वेक्टरजनित रोगों से बचाव को घरों में निरीक्षण कर लारवा तलाशने का काम शुरू कर दिया है। कांशीराम कालोनी में एक घर में डेंगू के लारवा पाए जाने पर गृहस्वामिनी को नोटिस नोटिस जारी किया गया। जिला मलेरिया अधिकारी बृजभूषण ने बताया कि नोटिस के बाद किसी भी घर के कंटेनर, गमले या कूलर आदि में दोबारा लारवा पाए जाने पर 5 हजार रुपए का जुर्माना किया जाएगा। शहरी क्षेत्र के वार्डों के अलावा गांवों में लारवासाइड का स्प्रे व फॉगिंग कराई गयी है। डेंगू व मलेरिया से बचाव ही बेहतर उपाय है।

पुलिस लाइन में लगा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर

पंडित चंद्रकांत आत्रेय मेमोरियल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर की ओर से हुआ आयोजन। दैनिक सियासत समाचार पत्र का रहा सौजन्य।

बिजनौर। पंडित चंद्रकांत आत्रेय मेमोरियल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर की ओर से रिजर्व पुलिस लाइन में रविवार को स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने फीता काटकर किया। शिविर में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अवधेश वशिष्ठ व डॉ. मित्ताली आत्रेय वशिष्ठ ने पुलिसकर्मियों एवं उनके परिवार के स्वास्थ्य की जांच की और दवाइयां दीं। शिविर में ईसीजी, ब्लड शुगर, कंप्यूटर द्वारा फेफड़ों की जांच व आंखों की जांच आदि की गई। डॉक्टर अवधेश वशिष्ठ व डॉ. मिताली आत्रेय ने मरीजों की जांच कर उन्हें निःशुल्क दवाइयां दीं।

एसपी सिटी ने की सराहना– इस मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने कहा कि पुलिस कर्मियों के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाकर जांच करना एवं निःशुल्क दवाइयां वितरित करना एक सराहनीय कार्य है। पुलिस हर वर्ग के लिए प्रत्येक समय समर्पित रहती है, इसलिए पुलिसकर्मी भी अन्य सभी से सहयोग की अपेक्षा करते हैं।

पुलिस के प्रति हमारी भी जिम्मेदारी- डॉ. अवधेश वशिष्ठ ने कहा कि पुलिसकर्मी प्रत्येक परिस्थिति में हम लोगों की रक्षा करती है। चाहे सर्दी हो, गर्मी हो या बरसात, बिना मौसम की चिंता किए पुलिस हमारे लिए खड़ी रहती है। गली मोहल्लों के छोटे-छोटे झगड़ों से लेकर बड़े से बड़े बलवे हो, प्रत्येक मोर्चे पर पुलिस सबसे आगे खड़ी रहती है। कोरोना काल में भी पुलिस ने लोगों के प्रति अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाई और चिकित्सकों के कंधे से कंधा मिलाकर कार्य किया। पुलिस दिन-रात, 24 घंटे ड्यूटी करती है, इस कारण पुलिस के स्वास्थ्य का ध्यान रखना हमारी जिम्मेदारी है। इसी के चलते पंडित चंद्रकांत आत्रेय मेमोरियल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर की ओर से शिविर लगाकर पुलिस व उनके परिवार की नि:शुल्क जांचें की गईं और दवाइयां भी नि:शुल्क दी गईं।

भविष्य में भी लगेगा शिविर- डॉ. मिताली आत्रेय वशिष्ठ ने कहा कि पुलिस समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाती है, इसलिए हम भी पुलिस के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी उनके अस्पताल के माध्यम से शिविर लगाकर पुलिसकर्मियों तथा उनके परिवारों को स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी।

आरआई पुलिस लाइन शिव बालक वर्मा ने कहा कि चिकित्सकों द्वारा किए गए इस कार्य की जितनी प्रशंसा की जाए कम है। वे तथा उनका पूरा स्टाफ चिकित्सकों द्वारा किए जाने वाले इस तरह के आयोजनों में पूरा सहयोग करते आए हैं और भविष्य में भी अपनी ओर से सहयोग करने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे। शिविर में अस्पताल प्रबंधक दीपक वशिष्ठ व अभिषेक गौड़ के साथ महक, कामिनी, दुष्यंत कुमार, साजिद खान, समीर, नाहिद, नीतीश, मोहित शर्मा, कपिल कुमार व सचिन आदि के अलावा दैनिक सियासत समाचार पत्र के जिला प्रभारी अवनीश गौड़ मोंटी समेत स्टाफ मौजूद रहा।

अब मंडरा रहा कोरोना की तीसरी लहर का खतरा!

देश में अब मंडरा रहा है कोरोना की तीसरी लहर का खतरा। बच्चों पर असर को लेकर NIDM ने बताया खतरनाक।

देश में अब मंडरा रहा कोरोना की तीसरी लहर का खतरा, बच्चों पर असर को लेकर NIDM ने बताया खतरनाक

नई दिल्ली (एजेंसी): राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (NIDM) के तहत गठित विशेषज्ञों की एक समिति ने कोरोना की तीसरी लहर की चेतावनी दी है।

कोरोना की दूसरी लहर के खतरनाक समय से बाहर निकलने के बाद अब तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है। तीसरी लहर को लेकर अब तक कई स्टडी हो चुकी हैं। केंद्र सरकार की भी कोशिश जारी है ताकि कोरोना एक बार फिर देश में हाहाकार न मचा सके। इस बीच विशेषज्ञों का अनुमान है कि कोरोना की तीसरी लहर अक्टूबर के आसपास चरम पर पहुंच सकती है और यह बच्चों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। 

PMO को चेतावनी: प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी गई इस रिपोर्ट में अक्टूबर में कोरोना के फिर से पीक पर होने की आशंका जाहिर की गई है और इसको लेकर केंद्र को चेताया भी गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस स्थिति में देश में मेडिकल स्टाफ, डॉक्टर्स, नर्सेस, एम्बुलेंस, ऑक्सीजन के साथ ही दवाओं और मेडिकल उपकरणों की किस तरह व्यवस्था करना होगी। साथ ही सलाह दी गई है कि देश में अब बच्चों के टीकाकरण पर तेजी से काम शुरू किया जाना चाहिए।

अगले महीने रोजाना 4-5 लाख केस: सितंबर में रोजाना आ सकते हैं 4 से 5 लाख केस 
नीति आयोग ने कोरोना की तीसरी लहर को लेकर चेतावनी जारी की है। आयोग ने आशंका जताई है कि सितंबर में 4 से 5 लाख कोरोना केस रोजाना आ सकते हैं। हर 100 कोरोना मामलों में से 23 मामलों को अस्‍पताल में भर्ती कराने की व्‍यवस्‍‍था करनी पड़ सकती है। ऐसे में पहले से ही 2 लाख आईसीयू बैड्स तैयार रखने की आवश्यकता है।

छोटे बच्चों से बड़ों में कोविड फैलने का खतरा ज्यादा!

तीसरी लहर के खतरे के बीच चौंकाने वाले आंकड़े

By Hidden Facts- कोरोना वायरस की तीसरी लहर के खतरे के बीच एक चौंकाने वाली रिसर्च सामने आई है। इसमें कहा गया है कि 3 साल से कम उम्र का बच्चा अगर कोरोना संक्रमित होता है, तो घर के बड़े लोगों में संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा है। कनाडा की स्वास्थ्य एजेंसी पब्लिक हेल्थ, ओंटारियो के रिसर्चर्स ने ये दावा किया है।

जामा नेटवर्क ओपन में पब्लिश इस रिसर्च के मुताबिक 14 से 17 साल के टीन एजर्स के मुकाबले तीन साल से कम उम्र के बच्चों से घर के सदस्यों के संक्रमित होने का खतरा 1.4 गुना ज्यादा है। इसके अलावा, छोटे बच्चों से 20 से 40 साल की उम्र वाले लोगों में संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है। जबकि बड़े बच्चों से 40 से 60 साल की उम्र वाले लोगों में संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। रिसर्चर्स का मानना है कि छोटे बच्चों से संक्रमण का खतरा इसलिए भी ज्यादा होता है क्योंकि उनका घर के बाकी सदस्यों के साथ फिजिकल कॉन्टैक्ट ज्यादा होता है। साथ ही छोटे बच्चों को आइसोलेट करना भी मुश्किल होता है, इसलिए इनका ख्याल रखने वाले लोगों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

6,280 ऐसे घरों में रिसर्च हुई जहां बच्चे संक्रमित थे

  1. बच्चों से बड़ों में संक्रमण फैलने का खतरा किस हद तक है, इसे समझने के लिए रिसर्च की गई। शोधकर्ताओं की टीम 1 जून 2020 से 21 दिसंबर 2020 के बीच 6,280 ऐसे घरों में गई जहां बच्चे संक्रमित थे।
  2. रिसर्च में 4 तरह की एज ग्रुप वाले बच्चे शामिल थे। पहला- 0 से 3 साल, दूसरा- 4 से 8 साल, तीसरा- 9 से 13 साल, चौथा 14 से 17 साल।
  3. रिजल्ट में सामने आया कि 0 से 3 साल के 766 संक्रमित बच्चों से 234 घरों के दूसरे सदस्यों तक संक्रमण फैला। वहीं, 14 से 17 साल की उम्र के 17,636 बच्चों से 2376 फैमिली मेंबर्स में कोविड फैला।
  4. रिसर्चर्स का कहना है कि 1 लाख संक्रमित छोटे बच्चों से 30,548 फैमिली मेंबर्स को संक्रमित होने का खतरा रहता है। दूसरी ओर टीनएजर्स से संक्रमण का खतरा इससे कम रहता है। 1 लाख संक्रमित टीनएजर्स से 26,768 फैमिली मेंबर्स को संक्रमित होने का खतरा रहता है।

छोटे बच्चों में संक्रमण की दो वजह

रिसर्चर्स के अनुसार बड़े बच्चों की तुलना में छोटे बच्चों से परिवार के सदस्यों को संक्रमण का खतरा बढ़ने की दो वजहें हैं।

पहली वजह- छोटे बच्चों के नाक और गले में वायरस लोड, बड़े बच्चों की अपेक्षा ज्यादा होता है।

दूसरी वजह- संक्रमण के बाद किसी तरह का लक्षण नजर न आना। बच्चों के एसिम्प्टोमैटिक होने की वजह से बड़ों तक यह इन्फेक्शन आसानी से पहुंच जाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि हालांकि बच्चों के जरिए बड़ों में संक्रमण बहुत तेजी से नहीं फैलता है, लेकिन फिर भी अलर्ट मोड में रहने की जरूरत है। अगर घर में बच्चा इन्फेक्टेड है तो माता-पिता और दूसरे बड़े सदस्यों को उसकी केयर के दौरान मास्क जरूर पहनना चाहिए।

सितंबर तक देश को मिल जायेगी सिंगल डोज वैक्सीन

भारत को सितंबर तक मिलेगी सिंगल डोज वैक्सीन। अब तक हो रहा आयात की हुई स्पुतनिक वी का इस्तेमाल। स्पुतनिक लाइट की कीमत 750 रुपए।

Good News: भारत को सितंबर तक मिलेगी सिंगल डोज वैक्सीन, महज इतने रुपए होगी कीमत

नई दिल्ली (एजेंसी) कोरोना वायरस के खिलाफ देश में तैयार हो रही रूसी वैक्सीन स्पुतनिक लाइट सितंबर तक भारत को मिल सकती है। बताया जा रहा है कि सिंगल डोज वाली ये वैक्सीन शुरुआत में सीमित संख्या में उपलब्ध होगी और इसकी कीमत 750 रुपए होगी। कंपनी ने इसके इमरजेंसी यूज के लिए भी आवेदन दे दिया है। भारत में अब तक आयात की हुई स्पुतनिक वी का इस्तेमाल हो रहा है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पैनेशिया ने इमरजेसी यूज की मंजूरी के लिए डोजियर जमा कर दिया है। स्पुतनिक लाइट को रूस की गमालेया इंस्टीट्यूट ने RDIF के समर्थन के साथ तैयार किया है। जुलाई में पेनेशिया बायोटेक ने स्पुतनिक वी वैक्सीन के निर्माण के लिए लाइसेंस लेने का ऐलान किया था।

वहीं रूस ने 6 मई को कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीन स्पुतनिक लाइट को मंजूरी दी थी और कहा था कि इससे सामूहिक प्रतिरक्षा प्राप्त करने की प्रक्रिया में तेजी आ सकती है। रूस ने जनवरी में स्पुतनिक लाइट का मानव परीक्षण शुरू किया था और अध्ययन अभी भी जारी हैं। स्पुतनिक लाइट रूस में चौथी घरेलू विकसित कोविड वैक्सीन है, जिसे देश में मंजूरी दी गई है।

Vaccine Update: सितंबर से भारत में Sputnik v वैक्सीन का उत्पादन शुरू करेगा  SII, हर साल बनाई जाएंगी 30 करोड़ डोज | Serum to start production of Sputnik  V in India in

वहीं कोरोना वायरस के खिलाफ स्पुतनिक-V की प्रभावी क्षमता 90 फीसदी से अधिक बताई गई है। भारत ने पहली विदेशी वैक्सीन के रूप में इसे 12 अप्रैल को इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दी थी। डॉ रेड्डीज लैबोरेटरी ने स्पुतनिक-V वैक्सीन के लिए रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (RDIF) के साथ समझौता किया था।

हाल ही में रूस ने अपनी स्पुतनिक वी कोरोना वैक्सीन के असर को लेकर जानकारी दी थी। रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को ने कहा था कि स्पुतनिक वी कोरोना वैक्सीन 83 फीसदी डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी है। ये कोरोनावायरस के सभी नए स्ट्रेन के खिलाफ प्रभावी है।

स्कूल में पढ़ाया जाएगा कोरोना का पाठ

लखनऊ। घर पर रहकर छात्र-छात्राओं ने लॉकडाउन काल में केवल पढ़ाई की या फिर खेले हैं। उनको ये ताे जानकारी हुई कि कोविड-19 नाम का वायरस फैला हुआ है, जो लोगों को बीमार कर रहा है और घातक स्थिति में होने पर उनकी जान भी ले रहा है। मगर कोरोना के बारे में विस्तृत जानकारी करने में विद्यार्थियों ने रुचि नहीं दिखाई। अब जब माध्यमिक विद्यालय खुलेंगे तो उनको कोविड-19 के बारे में विस्तार से जानकारी कराई जाएगी। कोरोना वायरस के दुष्प्रभाव, इसके फैलने के तरीके, इससे बचने के उपाय, सावधानियां आदि के बारे में बताया जाएगा। वहीं इससे जुड़ी जानकारियां जैसे किस देश में कितना संक्रमण रहा, कितने लोगों की जान गई आदि के बारे में भी तथ्यात्मक ज्ञान कराया जाएगा।स्कूल में

स्‍कूल में उपलब्ध होंगे सैनिटाइजर व साबुन- विद्यालय खुलने पर विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सैनिटाइजर व साबुन भी उपलब्ध कराया जाएगा। विद्यालय की ओर से विद्यार्थी को साबुन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए बजट की व्यवस्था विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को विद्यालय फंड से ही करनी होगी। माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को कोरोना संक्रमण से बचाने को साबुन का वितरण किए जाने के निर्देश शासन स्तर से जारी किए गए हैं। विद्यार्थियों को हाथ धाेने व संक्रमण से बचने के लिए प्रेरित किया जाएगा। हालांकि साबुन वितरण का काम प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देशन में कराया जाएगा। इसकी तैयारी भी कर ली गई है।

डीआइओएस के सूत्रों ने बताया कि, विद्यार्थियों को समय-समय पर हाथ धोने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से साबुन वितरण की योजना शासन की ओर से बनाई गई है। माध्यमिक विद्यालयों के लिए जितने साबुन वितरण करने के आदेश होंगे व साबुन उपलब्ध कराए जाएंगे, उनका वितरण कराया जाएगा। अभी नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थी स्कूल-कालेज आएंगे। उनको ही साबुन वितरण कराया जाएगा। प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वो विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को सुरक्षा उपायों के पालन के लिए प्रेरित करने का प्रयास करें।

सतीश चंद्र मिश्र के कार्यक्रम की तैयारियों में तेजी

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। बहुजन समाज पार्टी के तत्वाधान में 8 अगस्त 2021 को विचार संगोष्ठी कार्यक्रम
किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि
सतीश चंद्र मिश्र राष्ट्रीय महासचिव
सांसद राज्यसभा होंगे। कार्यक्रम की तैयारी
करते हुए जितेंद्र सागर जिला अध्यक्ष
बिजनौर, पंकज शर्मा वरिष्ठ नेता बसपा,
अमित चौधरी जिला कोषाध्यक्ष, गगन
शर्मा पूर्व सभासद झालू, सर्वेश शर्मा,
प्रमोद शर्मा, विशाल शर्मा, संजय शर्मा,
भूपेंद्र शर्मा, विपिन कुमार, अतुल मिश्रा,
संजीव कुमार शर्मा, पंकज मिश्रा, नितेश
शर्मा आदि साथियों ने मिलकर कार्यक्रम
को सफल बनाने के लिए झालू कस्बे में
जनसंपर्क किया।

विदित हो कि बहुजन समाज पार्टी के इस कार्यक्रम का आयोजन सिद्धि रॉयल कैसल चक्कर रोड बिजनौर पर 08 अगस्त 2021 को
सुबह 11:00 बजे से होना प्रस्तावित है।

जननी सुरक्षा योजना में मानक से कम प्रगति पर डीएम नाराज

जननी सुरक्षा योजना में मानक से कम प्रगति तथा आशाओं के मानदेय का भुगतान कम होने पर जिलाधिकारी ने व्यक्त की नाराजगी। CMO को संबंधित अधिकारियों का स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश।

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जननी सुरक्षा योजना में मानक से कम प्रगति तथा आशाओं के मानदेय का भुगतान न करने पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों का स्पष्टीकरण तलब करने के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के समस्त क्षय रोगियों की शत प्रतिशत एचआईवी जांच कराना सुनिश्चित करें और डाटा फिडिंग में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाये। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के गुणवत्तापूर्वक संचालन के लिए सभी एमओआईसी को निर्देश दिए कि संस्थागत डिलीवरी केस बढ़ाना सुनिश्चित करें ताकि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों की विश्वस्नीयता में वृद्वि हो सके। मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित देते हुए कहा कि सम्भावित कोविड की तीसरी लहर से सफलतापूर्वक निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्व में पूरी करना सुनिश्चित करें तथा जिले के सभी मुख्य स्वास्थ्य केन्द्रों में ऑक्सीजन सिलेण्डर की पर्याप्त संख्या में उपलब्धता सुनिश्चित रखें ताकि किसी भी समय अपात हालात में उनका उपयोग किया जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कोविड वैक्सीन की उपलब्धता के सापेक्ष शत प्रतिशत रूप से टीकाकरण करना सुनिश्चित करें और एक भी डोज़ बेकार न जाने पाए।
जिलाधिकारी श्री मिश्रा विकास भवन के सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि शासन की स्पष्ट मंशा है कि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ निःशुल्क रूप में पूर्ण गुणवत्ता के साथ जनसामान्य को प्राप्त हो। सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को कड़े निर्देश दिये कि जिले में जननी सुरक्षा योजना का संचालन पूर्ण गुणवत्ता और मानक के अनुरूप करें और प्राथमिक एंव सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों की विश्वसनीयता को बढ़ाना सुनिश्चित करें ताकि प्राईवेट नर्सिगं होम में प्रसव कराने का जन सामान्य का रूझान कम से कम से हो सके। निर्देश दिये कि जो चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी अपने कार्य में शिथिलाता बरत रहे हैं और अपने कर्तव्य के प्रति असंवेदनशील हैं, उनको तत्काल सेवा मुक्त किया जाए और उनके स्थान पर कर्मठ और निष्ठावान कर्मियों को नियुक्त किया जाए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि आशाओं का भुगतान भी जल्द से कराना सुनिश्चत करें।
उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिये कि फैमिली प्लानिंग का प्रतिशत कम होना एक गंभीर चिन्ता का विषय है इसको भी ध्यान से देखा जाना जरूरी है तथा आरसीएच पोर्टल पीएमएमवीवाई में महिलाओं व बच्चों के रजिस्ट्रेशन के प्रतिशत पर कमी को बढाने के निर्देश स्वास्थ्य अधिकारियों को दिये। उन्होंने आरबीएसके, एनबीसीपी, पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय रोग कार्यक्रम, एम0डी0आर/एक्स0डी0आर, राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम, एच0आई0वी0/एड्स नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन, जैम पोर्टल, इन्फेक्शन प्रिवेंशन ट्रेनिंग, कायाकल्प स्कोर्स आदि सभी बिंदुओं पर गहनता से विचार विमर्श कर उपस्थित अधिकारियों को सभी कार्यक्रमों में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष कार्य पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने समस्त एमओआईसी को निर्देश देते हुए कहा कि टीकाकरण कार्य में लापरवाही न बरती जाये और जिन जगहों पर लक्ष्य के सापेक्ष कम टीकाकरण कार्य हुआ है, वहॉ सुधार करना सुनिश्चित करे।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी कामता प्रसाद सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 विजय कुमार गोयल, जिला मलेरिया अधिकारी बृजभूषण, मुख्य चिकित्साधीक्षक महिला एवं पुरूष अस्पताल, डीपीएम फारूक़ अजीज के अलावा सभी उप मुख्य चिकित्साधिकारी तथा एमओआईसी मौजूद थे।

लॉक डाउन again? 10 राज्यों को पाबंदियों पर विचार की सलाह

नई दिल्ली। कई राज्यों में कोरोना वायरस के नए मामलों और पॉजिटिविटी रेट में बढ़ोतरी के बाद नई रणनीति तैयार हो रही है। केंद्र सरकार ने संबंधित राज्यों से प्रतिबंधों को फिर से लागू करने पर विचार करने के लिए कहा है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने शनिवार को 10 राज्यों के साथ एक हाई लेवल बैठक की। स्वास्थ्य सचिव ने केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, ओडिशा, असम, मिजोरम, मेघालय, आंध्र प्रदेश और मणिपुर के प्रतिनिधियों से कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में 10 प्रतिशत से अधिक की पॉजिटिविटी रेट रिपोर्ट करने वाले सभी जिलों को सख्त प्रतिबंधों पर विचार करने की आवश्यकता है।मंत्रालय ने कहा कि इस स्तर पर किसी भी तरह की ढिलाई से इन जिलों में स्थिति बिगड़ सकती है।

46 जिलों में 10 प्रतिशत से अधिक पॉजिटिविटी रेट– बैठक में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक डॉ.बलराम भार्गव ने कहा कि प्रतिदिन 40000 नए मामले के साथ समझौते करने की जरूरत नहीं है। भारत में लगभग 46 जिले 10 प्रतिशत से अधिक पॉजिटिविटी रेट रिपोर्ट कर रहे हैं और 53 जिले ऐसे हैं जो कि खतरे की ओर बढ़ रहे हैं। यहां पॉजिटिविटी रेट 5 से 10 प्रतिशत के बीच है। कोरोना के नए मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए मंत्रालय की ओर से इन राज्यों को 4 प्वाइंट में दिशा-निर्देश दिए गए हैं। 

4 प्वाइंट में दिशा-निर्देश- पहला यह है कि जहां ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं, वहां काबू करने के प्रयास और निगरानी रखी जाए। दूसरा, मामलों की मैपिंग, संपर्कियों का पता लगाना और नियंत्रण क्षेत्रों को परिभाषित करना है। तीसरा निर्देश ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को बढ़ाना और बाल चिकित्सा देखभाल पर ध्यान देना है। चौथा निर्देश है कि मौत पर नजर रखने के साथ ही गणना करना।

10 राज्यों में 80 प्रतिशत से अधिक सक्रिय मामले होम आइसोलेशन में- मंत्रालय ने कहा कि इन 10 राज्यों में 80 प्रतिशत से अधिक सक्रिय मामले होम आइसोलेशन में हैं। इन लोगों पर नजर रखने की जरूरत पर जोर देते हुए मंत्रालय ने कहा कि इन मरीजों की निगरानी के लिए समुदाय, गांव मोहल्ला, वार्ड आदि के स्तर पर स्थानीय निगरानी होनी चाहिए ताकि यह पता लग सके कि कहीं उनको अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत तो नहीं है। 

अब मिलेगा मेडिकल एडमिशन के ऑल इंडिया कोटे में OBC को 27 व EWS को 10 % आरक्षण

medical college exam 2021

मेडिकल एडमिशन के ऑल इंडिया कोटे में ओबीसी को 27 और ईडब्ल्यूएस वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण पर मोदी सरकार ने लगाई मुहर। इसी सत्र से लागू होगा फैसला। लगभग 5,550 विद्यार्थी होंगे लाभान्वित।

नई दिल्ली (एजेंसी/एकलव्य बाण समाचार)। मेडिकल एजुकेशन में ऑल इंडिया कोटे के तहत ओबीसी वर्ग को 27 फीसदी और ईडब्ल्यूएस वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण मिलेगा। मोदी सरकार ने इस फैसले पर मुहर लगा दी है। दोनों वर्गों को इसी सत्र से आरक्षण का लाभ मिलेगा। सरकार ने कहा है कि पिछड़ों, आर्थिक रूप से कमजोर तबकों को देय आरक्षण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध, निर्णय से अन्य पिछड़ा वर्ग/आर्थिक रूप से कमजोर तबकों के लगभग 5,550 विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को हुई एक बैठक में निर्देश दिया था कि संबंधित केंद्रीय मंत्रालय लंबे समय से लटके पड़े इस मुद्दे का प्रभावी समाधान निकालें। 

फैसले की जानकारी देते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘हमारी सरकार ने वर्तमान शैक्षणिक वर्ष से यूजी और पीजी मेडिकल / डेंटल कोर्स के लिए ऑल इंडिया कोटा स्कीम में ओबीसी के लिए 27 फीसदी आरक्षण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 फीसदी आरक्षण प्रदान करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह हमारे देश में सामाजिक न्याय का नया प्रतिमान बनाएगा। 

अब अकादमिक सत्र 2021-22 से ही एमबीबीएस / एमडीएस / एमएस / डिप्लोमा / एमडीएस कोर्सेज में ऑल इंडिया कोटे के तहत ओबीसी वर्ग को 27 फीसदी और आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण मिलेगा। वर्तमान में करीब 15 फीसदी यूजी, 50 फीसदी पीजी मेडिकल सीटें राज्य सरकारों द्वारा ऑल इंडिया कोटे के तहत मैनेज की जाती हैं। इसमें एससी व एसटी के लिए तो सीटें आरक्षित हैं, लेकिन ओबीसी के लिए नहीं। ओबीसी वर्ग के मेडिकल स्टूडेंट्स द्वारा लंबे समय से इस मसले को सुलझाने की मांग की जा रही थी।केंद्रीय योजना होने की वजह से इस आरक्षण के लिए ओबीसी से संबंधित केंद्रीय सूची का इस्तेमाल किया जाएगा।

ओबीसी वर्ग के मंत्रियों, सांसदों ने दिया था ज्ञापन
राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) के तहत मेडिकल कालेजों में प्रवेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए ऑल इंडिया कोटा लागू करने की मांग को लेकर केन्द्रीय श्रम मंत्री भूपेन्द्र यादव के नेतृत्व में ओबीसी वर्ग के केन्द्रीय मंत्रियों एवं सांसदों ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक ज्ञापन सौंपा था। मोदी को ज्ञापन सौंपने वालों में केन्द्रीय इस्पात मंत्री आरसीपी सिंह, केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, सांसद रामनाथ ठाकुर, गणेश सिंह, सकलदीप राजभर, जयप्रकाश निषाद और सुरेन्द्र नागर शामिल थे।

सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार को लताड़ा

नई दिल्ली (एकलव्य बाण समाचार)। सुप्रीम कोर्ट ने एनसीपीसीआर पोर्टल पर मार्च-2020 से कोविड-19 के कारण अनाथ हुए बच्चों का पूरा डाटा अपलोड नहीं करने पर पश्चिम बंगाल सरकार को जमकर लताड़ लगाई है। केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि पंजाब, जम्मू-कश्मीर और पश्चिम बंगाल के आंकड़े विश्वसनीय नहीं है। अदालत ने बंगाल सरकार से पूछा कि क्या आपके राज्य में सिर्फ 24 बच्चे ही अनाथ हुए हैं। इस पर राज्य सरकार के वकील ने कहा कि केंद्र सरकार का बयान गलत है।

न्यायमूर्ति नागेश्वर राव ने कहा, ‘यह क्या बात हुई, आप इसे राजनीतिक मत बनाएं, यह बच्चों के कल्याण का मामला है। क्या इतने बड़े राज्य में सिर्फ 24 बच्चे ही अनाथ हुए हैं। यह स्वीकार नहीं किया जा सकता। आपके अनुसार यदि यह सही है तो हम इसे रिकॉर्ड पर लेते हैं और अलग से जांच करवाते हैं। साथ ही आपके मुख्य सचिव को भी तलब करते हैं। आप ऐसा बयान नहीं दे सकते।’ इस पर राज्य सरकार के वकील ने कहा कि वह नए आंकड़े अदालत में पेश करेंगे।

अदालत कोविड से अनाथ हुए बच्चों के कल्याण के लिए पीएम केयर्स फंड से राशि देने की याचिका पर विचार कर रहा है। अदालत ने कहा कि पीएम केयर्स फंड के तहत घोषित कल्याण योजना में उन सभी बच्चों को शामिल किया जाना चाहिए जो कोविड-19 के दौरान अनाथ हो गए थे, न कि सिर्फ उन्हें जो कोविड के कारण अनाथ हुए हैं।

बच्चों की कोविड वैक्सीन देश में आ सकती है अगले महीने

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, इंतजार खत्म। भारत में अगले महीने आ सकती है बच्चों की कोविड वैक्सीन

इंतजार खत्म, स्वास्थ्य मंत्री ने बताया- भारत में अगले महीने से आ सकती है बच्चों की कोविड वैक्सीन

नई दिल्ली (एकलव्य बाण समाचार)। अगस्त महीने में ही भारत में बच्चों के लिए कोरोना रोधी टीका आ सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को बीजेपी संसदीय दल की बैठक के दौरान यह जानकारी दी है। अभी तक देश में 18 साल या उससे ऊपर की आयु वाले व्यस्कों को ही कोरोना रोधी टीका दिया जा रहा है। 

एक रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक के दौरान बताया कि सरकार संभवतः अगले महीने से बच्चों को टीका लगाना शुरू कर देगी। एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने और फिर से स्कूल खोलने के लिए बच्चों को टीका दिया जाना एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। अब तक देश में सितंबर महीने तक बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन आने की संभावना जताई जा रही थी।

एम्स चीफ डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने भी बीते दिनों यह कहा था कि देश में सितंबर तक बच्चों को टीका लगना शुरू किया जा सकता है। उन्होंने इसके पीछे कारण बताया था कि जाइडस कैडिला ने ट्रायल कर लिया है और उसे आपात इस्तेमाल की मंजूरी का इंतजार है। भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का ट्रायल भी बच्चों पर अगस्त या सितंबर तक पूरा हो सकता है। वहीं, फाइजर की वैक्सीन को अमेरिकी नियामक से आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिल चुकी है। ऐसे में उम्मीद है कि भारत में भी सितंबर तक बच्चों को टीका लगाने का अभियान शुरू हो जाएगा। 

विदित हो कि देश में अभी तक कोरोना रोधी टीके की 44 करोड़ खुराकें दी जा चुकी है। इस साल के अंत तक देश की पूरी व्यस्क आबादी का टीकाकरण करने की योजना केंद्र सरकार ने बनाई हुई है।

ऑक्सीजन की कमी से मौत: साबित करने का देश में कोई तरीका ही नहीं!

ऑक्सीजन की कमी से मौत: अगर हुई है तो साबित करने का देश में कोई तरीका ही नहीं है। जब अस्पतालों के बाहर हो रही थीं मौतें, तब केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक ने नहीं रखी जानकारी। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी ने संसद में दी जानकारी को महज ब्यूरोक्रेटिक आंसर बताया। विशेषज्ञों ने कहा, चिकित्सीय तौर पर ऑक्सीजन की कमी को नहीं किया जा सकता साबित।

ऑक्सीजन या फिर स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से एक भी मौत न होने के बाद हर कोई अलग अलग तर्क दे रहा है, जबकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे लेकर हैरान नहीं हैं क्योंकि इन्हें पहले से ऐसे जवाब की उम्मीद थी। केंद्र और राज्य सरकारों के पास सिस्टम ही नहीं है, जिसके आधार पर बताएं कि दूसरी लहर में कितने लोगों की मौत ऑक्सीजन न मिलने अथवा भर्ती नहीं होने से हुईं?

उस वक्त इसे बनाने की जरूरत थी लेकिन तब किसी भी राज्य सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया, न ही केंद्र ने कोई पहल की। सरकारों के पास अस्पतालों का ब्यौरा मौजूद है जिसे ऑडिट करवाया जा सकता है लेकिन बहुत से लोगों की मौत अस्पतालों के बाहर व घरों में भी हुई है? जिसे इन कागजों तक लाना काफी मुश्किल है। गंभीर बात यह है कि बीते तीन माह से न तो केंद्र ने इस बारे में सरकार से पूछा है और न ही राज्य सरकारों को जानकारी जुटाने की कोई जरूरत महसूस हुई।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. चंद्रकांत लहरिया ने एक प्रिंट मीडिया ग्रुप से बातचीत में कहा कि किसी भी बीमारी की मृत्यु दर एक स्वास्थ्य सूचकांक (हेल्थ इंडिकेटर) होती है जिसके आधार पर उक्त जिला या राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं का आकलन किया जा सकता है। यह एक बड़ा कारण है, जिसके आधार पर कहा जा सकता है कि कोई भी राज्य अपने खराब प्रदर्शन को जगजाहिर नहीं करना चाहेगी। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार का जवाब तकनीकी तौर पर ठीक है, क्योंकि स्वास्थ्य राज्य का विषय है और वहां से जानकारी के आधार पर ही केंद्र सरकार रिपोर्ट तैयार करती है।  

वहीं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. राजीव जयदेवन ने कहा, मुझे लगता है कि अभी सरकार की इस टिप्पणी पर और अधिक स्पष्टता की जरूरत है। हम सभी ने उन दिनों का सामना किया है। चिकित्सीय तौर पर ऑक्सीजन की कमी से मौत की पुष्टि करना जटिल है। वहीं अस्पतालों से बाहर की स्थिति जानना और भी मुश्किल है। 

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े- स्वास्थ्य मंत्रालय की बात करें तो इस साल देश भर में कोरोना संक्रमण की वजह से 2,62,670 लोगों की मौत हुई है। जबकि दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन व स्वास्थ्य सेवाओं का भारी संकट 12 अप्रैल से 10 मई के बीच देखने को मिला। इस दौरान अलग अलग राज्यों के अस्पतालों से सामने आईं तस्वीरें और कब्रिस्तान-श्मशान घाट की स्थिति काफी भयावह थी।

मृत्यु प्रमाण पत्र पर नहीं लिख सकते ऑक्सीजन की कमी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. चंद्रकांत लहरिया ने कहा, उन दिनों अस्पतालों के अंदर, बाहर और घरों में मौतें हुईं। अस्पतालों में भर्ती मरीजों का पूरा रिकॉर्ड होता है लेकिन जो लोग बाहर मर गए या फिर जिनकी घरों में मौत हो गई, उनकी जानकारी किसी के पास नहीं है। ऑक्सीजन एक थैरेपी है। इसकी कमी के चलते किसी मरीज में ऑर्गन फेलियर हो सकता है और उसकी मौत हो सकती है। जब इस मरीज के मृत्यु प्रमाण पत्र की बात आएगी तो उस पर ऑर्गन फेलियर ही मौत का कारण होगा, न कि ऑक्सीजन। हालांकि हर अस्पताल के पास ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर पूरा रिकार्ड रहता है। उस मरीज की केस फाइल का ऑडिट करेंगे तो पता चलेगा कि उस दौरान अस्पताल में ऑक्सीजन बंद हुई थी अथवा नहीं? ऐसे मामलों के बारे में सरकार पता कर सकती हैं।

25 मई को भेजे थे निर्देश, अलग से नहीं- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सदन में दी गई जानकारी पर कहा कि राज्यों को अलग से कोई निर्देश नहीं दिए गए थे। कोविड-19 संक्रमण से मरने वालों की रिपोर्टिंग कैसे करनी है, इस बारे में बीते 25 मई को दिशा निर्देश जारी किए थे जिसमें राज्यों से होम आइसोलेशन में मरने वालों को भी कुल संख्या में शामिल करने के लिए कहा गया। इस पर अभी तक हर राज्य से पर्याप्त जानकारी नहीं आई है।

बाहर वाले का केवल रजिस्ट्रेशन होता है- विशेषज्ञों के मुताबिक किसी व्यक्ति की मौत होने के बाद उसकी रिपोर्टिंग दो तरीके से होती है। पहली मृत्यु प्रमाण पत्र के जरिए, जिसे निगम/नगर पालिका जारी करती है। इसके लिए अस्पताल से मौत का कारण सहित तमाम जानकारी वाली एक पर्ची दी जाती है। दूसरा विकल्प किसी की मौत होने के बाद नजदीकी अस्पताल में रजिस्ट्रेशन का होता है। इसके अलावा अन्य कोई काम नहीं होता और यहां मौत के कारण की जानकारी भी नहीं होती। इस रजिस्ट्रेशन का इस्तेमाल इंश्योरेंस क्लेम या जमीन-संपत्ति इत्यादि के लिए इस्तेमाल होता है। यही वजह है कि देश में मरने वालों के रजिस्ट्रेशन सबसे ज्यादा होते हैं और मृत्यु प्रमाण पत्र कम जारी होते हैं। अगर साल 2019 के आंकड़े देखें तो स्वास्थ्य मंत्रालय के ही अनुसार 76,41,076 मौत के रजिस्ट्रेशन हुए हैं लेकिन 15,71,540 ही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए।

अंतिम विकल्प: घर-घर सर्वे, मौखिक ऑटोप्सी जरूरी- विशेषज्ञों ने बताया कि अभी भी सरकार के पास दो अहम विकल्प मौजूद हैं। हाल ही में झारखंड में घर-घर सर्वे किया था जिसके आधार पर यह पता चल सके कि कितने लोगों की महामारी में मौत हुई है या फिर मरने वाले संदिग्ध थे। इसी तरह एक विकल्प मौखिक ऑटोप्सी का है जिसे अभी तक देश में एक बार इस्तेमाल किया जा चुका है। इसके तहत स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाता है और वह पीड़ित या संदिग्ध परिवारों में जाकर जानकारी जुटाते हैं जिसकी जांच मेडिकल ऑफिसर करता है। इन दोनों विकल्प के जरिए सरकारें अपने अपने राज्य में ऑक्सीजन संकट और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से हुई मौतों की जानकारी एकत्रित कर सकते हैं। 

लखनऊ के 45 अस्पतालों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, कहीं डॉक्टर गायब तो कहीं सुविधाएं नदारद, OT में मिलीं बीयर की बोतलें

लखनऊ के 45 अस्पतालों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, कहीं डॉक्टर गायब तो कहीं सुविधाएं नदारद- OT में मिलीं बीयर की बोतलें

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। यूपी की राजधानी लखनऊ में चल रहे निजी अस्पतालों की जिला प्रशासन के छापे में पोल खुल गई। किस तरह निजी अस्पतालों में बड़े पैमाने पर मनमानी और मानकों की अनदेखी कर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ हो रहा है, यह छापेमारी में देखने को मिला। एक साथ 45 निजी अस्पतालों पर जिला प्रशासन ने छापेमारी की तो इलाज के नाम पर लोगों की जिंदगी से हो रहे खिलवाड़ की सच्चाई सामने आ गई।विज्ञापन

जांच टीम को अस्पतालों में काफी अव्यवस्था देखने को मिली। किसी अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिले तो किसी अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर (ओटी) में दवा की जगह बीयर की बोतलें मिली। अधिकांश अस्पताल बिना रजिस्ट्रेशन के ही चल रहे थे। बड़े पैमाने पर मिली नियमों की अनदेखी और लापरवाही पर 29 अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग और लखनऊ जिला प्रशासन की 6 टीमों ने सोमवार को छापेमारी की तो अधिकांश अस्पतालों के पास लाइसेंस ही नहीं मिला। किसी का लाइसेंस एक्सपायर हो चुका था तो किसी अस्पताल में डॉक्टर नहीं थे। एक अस्पताल में बीएससी पास व्यक्ति मरीजों का इलाज कर रहा था। जिला प्रशासन ने सभी अस्पतालाों को नोटिस जारी किया है।

बीयर की बोतलें मिलीं ओटी में
तुलसी एंड ट्रामा सेंटर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने छापेमारी की तो इस दौरान उन्होंने देखा कि ट्रामा सेंटर में चार आईसीयू बेड थे, लेकिन डॉक्टर नहीं थे। यहां ओटी के फ्रिज में बीयर की बोतलें रखी मिलीं। इतना ही नहीं लाइसेंस की वैद्यता भी खत्म हो गई थी। इसी तरह मेडिप्लस एंड ट्रॉमा सेंटर के लाइसेंस की वैद्यता भी खत्म मिली। वहीं मॉडर्न हॉस्पिटल मैटरनिटी एंड ट्रामा सेंटर में छापेमारी के दौरान तीन आईसीयू के बेड मिले, लेकिन एक्स-रे व इमरजेंसी की सुविधाएं नही थीं। डॉक्टर नहीं मिले, स्टॉफ नर्स के पास नर्सिंग की डिग्री तक नहीं थी। इसी प्रकार न्यू एशियन हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में डॉक्टर नहीं थे और बीएससी डिग्रीधारक अस्पताल मालिक प्रेम कुमार वर्मा खुद ही मरीजों का इलाज करते मिले।

बरसात में अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत-गामेंद्र सिंह गजरौलिया

युवा समाजसेवी व भारतीय बौद्ध संघ के जिलाध्यक्ष गामेंद्र सिंह गजरौलिया

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। युवा समाजसेवी व भारतीय बौद्ध संघ के जिलाध्यक्ष गामेंद्र सिंह गजरौलिया ने कहा कि मानसून यानी बरसात का मौसम लोगों को बहुत अच्छा लगता है, लोग बरसात में नहाना और बारिश की हल्की बौछारें में खेलना पसंद करते हैं।
मानसून यानी बरसात का इंतजार हर किसी को रहता है। बरसात का मौसम हमें गर्मी से राहत दिलाता है, लेकिन यह मौसम कई बीमारियां भी अपने साथ लाता है। कई बार हम खुशी-खुशी बरसात के पानी में भीग लेते हैं, सावन के गाने भी खूब गुनगुना लेते हैं और इसके बाद किसी तरह के हेल्थ इश्यू से बचने के लिए सावधानी भी पूरी बरत लेते हैं। फिर भी कुछ परेशानियां हैं, जिसका बरसात के मौसम में खतरा बना रहता है, यह कहना गलत नहीं होगा कि बरसात का मौसम अपने साथ कई बीमारियों को बुलाकर लाता है।
जिलाध्यक्ष गामेंद्र सिंह गजरौलिया कहते हैं कि जलभराव, कीचड़ और गंदगी से बीमारियां पैदा होती हैं। बरसात के मौसम में पैदा होने वाले मच्छर और बैक्टीरिया बीमारियां फैलाते हैं। एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए गामेंद्र सिंह गजरौलिया कहते हैं कि मानसून यानी बरसात के मौसम में हवा में नमी होती है और बैक्टीरिया भी ज्यादा पनपते हैं, जो बीमारियां फैलाने का काम करते हैं।
अतः हमें बरसात में बीमारियों से बचने के लिए सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। हमें अपने हाथों, मुंह, पैरों को स्वस्थ जल से धोते रहना चाहिए। हमें स्वच्छ पानी अधिक मात्रा में पीना चाहिए। हमें पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी का सेवन करना चाहिए।
मानसून यानी बरसात के मौसम में हमें विशेष रूप से मच्छरों से बचना चाहिए, मच्छरों के काटने से होने वाले मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसे गंभीर रोगों से बचने के लिए हमें सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करना चाहिए।

युवक ने जहरीला पदार्थ खाया, मौत

मुकेश कुमार (एकलव्य बाण समाचार)

भागूवाला (नजीबाबाद)। मोहल्ला चमरिया निवासी एक युवक के जहरीला पदार्थ खा लेने से उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया।

शुक्रवार की रात्रि चमरिया निवासी अंकित पुत्र भोला की बिजनौर में उपचार के दौरान मौत हो गई। बताया जा रहा है कि शाम के समय अंकित ने घर की कलह को लेकर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उसको उपचार के लिए नजीबाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हालत खराब होने पर उसको बिजनौर के लिए रेफर कर दिया गया। वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूत्रों का कहना है कि परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही अंतिम संस्कार कर दिया।

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पीजीआई: अब मरीजों को मिलेगी सीटी स्कैन और एमआरआई की लंबी वेटिंग से राहत

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। उत्तर प्रदेश की राजधानी के पीजीआई में अब मरीजों को सीटी स्कैन और एमआरआई की लंबी वेटिंग से राहत मिल सकेगी। संस्थान में अब पीपीपी मॉडल पर एमआरआई और सीटी स्कैन की सुविधा शुरू होने जा रही है। साथ ही क्रिटिकल केयर में बेड और डॉक्टरों को बढ़ाने के लिए कई डीएम और पीडीसीसी कोर्स में सीटों का इजाफा किया गया है।
इससे डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी।

पीजीआई की गवर्निंग बॉडी मीटिंग में इन सभी फैसलों पर मुहर लगाई गई। मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार, संस्थान के निदेशक डॉ. आर के धीमन समेत अन्य सदस्य इसमें शामिल रहे।

पीजीआई में जांच के लिए पीपीपी मॉडल लागू करने पर यहां के कर्मचारी विरोध कर रहे थे। हाल में संस्थान के निदेशक को इस संबंध में पत्र भी लिखा गया था। इसके बाद भी पीजीआई ने पीपीपी मॉडल पर मुहर लगा दी गई है। इसका कारण है कि पीजीआई में तीन सीटी स्कैन मशीन हैं। इनसे रोजाना 80 से 120 सीटी स्कैन होते हैं। वहीं, एमआरआई की एक मशीन है।

बताया गया है कि इससे एक दिन में 40 जांचें हो रही हैं, जबकि मरीज इससे कहीं ज्यादा आते हैं। इस कारण जांच के लिए लंबी वेटिंग चल रही है। कर्मचारी लंबे समय से मशीन बढ़ाने की मांग कर रहे थे। ऐसे में वेटिंग कम करने के लिए पीपीपी मॉडल का सहारा लिया जा रहा है। इसमें थर्ड पार्टी यहां मशीन लगाकर मरीजों की जांच करेगी। इससे मरीजों को काफी राहत मिलेगी। केजीएमयू में पहले से ही इस मॉडल पर जांच की जा रही है।

इन विभागों में बढ़ेंगे डॉक्टर
बैठक में कई विभागों में पाठ्यक्रमों की सीटों में बढ़ोतरी की गई है। इससे यहां रेजिडेंट डॉक्टर बढ़ेंगे। डिपार्टमेंट ऑफ क्लिनिकल इम्यूनॉलजी में डीएम की चार सीटें, पीडियाट्रिक में पीडीसीसी की एक सीट, पल्मोनरी मेडिसिन विभाग में 6 सीट, इन्डोक्राइन सर्जरी में तीन और नेफ्रॉलजी में तीन रेजिडेंट डॉक्टरों के पद बढ़ाने पर चर्चा हुई। साथ ही क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग में सीनियर रेजीडेन्ट के पदों में वृद्धि को मंजूरी मिली।

एकलव्य बाण समाचार

सांठगांठ से चल रहा है शकुंतला अस्पताल!

मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा शकुंतला अस्पताल के प्रबंधक से नियमानुसार अनापत्ति प्रपत्रों को मानकों के अनुरूप पूर्ण कराये बिना पहले पंजीकरण व प्रतिवर्ष किया जा रहा है नवीनीकरण! भ्रष्टाचार के चलते मरीजों के जीवन से किया जा रहा खिलवाड़!


मोदी नगर, गाजियाबाद (एकलव्य बाण समाचार)। मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा शकुंतला अस्पताल के प्रबंधक से नियमानुसार अनापत्ति प्रपत्रों को मानकों के अनुरूप पूर्ण कराये बिना मरीजों के जीवन से खिलवाड़ कर पहले पंजीकरण व प्रतिवर्ष नवीनीकरण किया जा रहा है। इससे अस्पताल में किसी भी घटना घटने की प्रबल संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। मरीज की जान माल भी सुरक्षित नहीं है। बहुत ही छोटी जगह में अस्पताल संचालित है, आवागमन का रास्ता बिलकुल भी मरीज के लिए सुरक्षा की दृष्टि से सुरक्षित नहीं है। अग्नि शमन उपकरणों की समुचित व्यवस्था नहीं है, अस्पताल की अपनी पार्किंग नहीं है, वाहनों को सड़क पर खड़ा करना पड़ता है। शकुंतला अस्पताल किसी भी प्रकार से मानकों के अनुरूप नहीं है बल्कि मानकों के विपरीत कार्य कर रहा है!

नाम न छापने की शर्त पर कई लोगों का कहना है कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटा देना चाहिए जो कि भ्रष्टाचार में लिप्त हो और उत्तर प्रदेश शासन के शासनादेशों का पालन नहीं करा सकता हो।
मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के अधिकारियों व अस्पताल के प्रबंधक द्वारा शासनादेशों का पालन न करना अपराध की श्रेणी में आता है, जो कि एक गंभीर मामला है और भ्रष्टाचार से जुड़ा है। जनहित में स्वास्थ्य विभाग उत्तर प्रदेश शासन को इस ओर कदम उठा कर इनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।

राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को दीं टीके की 37.43 करोड़ से अधिक खुराक

कोविड-19 टीकाकरण की ताज़ा जानकारी


नई दिल्ली (एकलव्य बाण समाचार) राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को कोविड-19 टीके की 37.43 करोड़ से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं। वहीं राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों तथा निजी अस्पतालों के पास अब भी टीके की 1.67 करोड़ से अधिक अतिरिक्त और बिना इस्तेमाल हुई खुराकें मौजूद, जिन्हें लगाया जाना है।

Ministry of Health and Family Welfare द्वारा बताया गया है कि केंद्र सरकार देश भर में कोविड-19 टीकाकरण का दायरा बढ़ाने और टीके लगाने की गति को तेज करने के लिये प्रतिबद्ध है। कोविड-19 के टीकों की सर्व-उपलब्धता का नया चरण 21 जून, 2021 से शुरू किया गया है। टीकाकरण अभियान को अधिक से अधिक वैक्सीन की उपलब्धता के जरिये बढ़ाया गया। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वैक्सीन की उपलब्धता के बारे में पूर्व सूचना प्रदान की गई, ताकि वे बेहतर योजना के साथ टीके लगाने का बंदोबस्त कर सकें और टीके की आपूर्ति श्रृंखला को दुरुस्त किया जा सके।

75 प्रतिशत टीके राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नि:शुल्क- देशव्यापी टीकाकरण अभियान के हिस्से के रूप में केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नि:शुल्क कोविड वैक्सीन प्रदान करके उन्हें समर्थन दे रही है। टीकों की सर्व-उपलब्धता के नये चरण में, केंद्र सरकार वैक्सीन निर्माताओं से 75 प्रतिशत टीके खरीदकर उन्हें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नि:शुल्क प्रदान करेगी।

केंद्र सरकार द्वारा सभी प्रकार के स्रोतों से अब तक वैक्सीन की 37.43 करोड़ से अधिक (37,43,25,560) खुराकें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रदान की गई हैं। इसके अलावा 48,65,110 खुराकें भेजे जाने की तैयारी है।

आज आठ बजे सुबह तक उपलब्ध आंकड़ों के हिसाब से उपरोक्त खुराकों में से बेकार हो जाने वाली खुराकों को मिलाकर कुल 35,75,98,947 खुराकों की खपत हो चुकी है।

अभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तथा निजी अस्पतालों के पास कोविड-19 टीके की 1.67 करोड़ से अधिक (1,67,26,613) अतिरिक्त और बिना इस्तेमाल की हुई खुराकें बची हैं, जिन्हें लगाया जाना है।

गर्भवती महिला की इलाज के दौरान मौत, थाने पर हंमागा

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। गर्भवती महिला की मौत हो जाने पर परिजनों ने थाने में हंगामा किया। स्थानीय पुलिस ने दहेज हत्या का मामला दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार जिला मुरादाबाद के थाना ठाकुरद्वारा क्षेत्र के गांव लालपुर गोसाई के रहने वाले खुर्शीद अली पुत्र कलवा ने थाने में तहरीर देकर कहा कि 3 साल पहले उसने अपनी बेटी अंजुम की शादी स्योहारा थाना क्षेत्र के गांव सिपाहियों वाला टांडा के सलमान पुत्र अकबर के साथ की थी।  तहरीर में कहा गया है कि मृत मृतका के पिता खुर्शीद को फोन द्वारा सूचना मिली थी कि उसकी बेटी के साथ उसके ससुरालियों द्वारा दहेज की मांग को लेकर मारपीट की गई है। इसके बाद अंजुम को इलाज के लिए मुरादाबाद ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा तहरीर के आधार पर दहेज अधिनियम के तहत 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
वहीं सूत्रों का कहना है कि महिला प्रसव पीड़ा से ग्रस्त थी। ससुरालियों द्वारा उसे  डिलीवरी के लिए मुरादाबाद अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

भारत सरकार की निःशुल्क टेलीमेडिसिन सेवा ‘ई – संजीवनी’ ने पूरे किए 70 लाख परामर्श

भारत सरकार की निःशुल्क टेलीमेडिसिन सेवा ‘ई – संजीवनी’ ने पूरे किए 70 लाख परामर्श। प्रधानमंत्री ने डिजिटल इंडिया पहल की छठी वर्षगांठ पर ‘ई-संजीवनी’ की सराहना की। पिछले दो सप्ताह में 50 हजार से अधिक दैनिक परामर्श के साथ इस राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन सेवा से पिछले 30 दिनों में लगभग 12.50 लाख (1.25 मिलियन) रोगियों को लाभ हुआ।

नई दिल्ली (एकलव्य बाण समाचार)। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन सेवा – ‘ई – संजीवनी’ ने 7 मिलियन (70 लाख) परामर्श पूरा करके एक और मील का पत्थर पार कर लिया है। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े परामर्श की तलाश में मरीज इस नवीन डिजिटल माध्यम का उपयोग करके दैनिक आधार पर डॉक्टरों और विशेषज्ञों से परामर्श हासिल करते हैं। एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, जून माह में इस सेवा ने लगभग 12.50 लाख रोगियों की मदद की, जोकि पिछले साल मार्च में इसके शुरू होने के बाद से सबसे अधिक है। वर्तमान में, यह राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन सेवा 31 राज्यों/ केन्द्र – शासित प्रदेशों में कार्यरत है।

ई – संजीवनीएबी–एचडब्ल्यूसी, जोकि डॉक्टर-से-डॉक्टर के बीच एक टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म है, को लगभग 21,000 स्वास्थ्य एवं कल्याण केन्द्रों और लगभग 30 राज्यों के जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्थित 1900 से अधिक हब में स्पोक्स के तौर पर लागू किया गया है। डॉक्टर-से-डॉक्टर के बीच के इस टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म ने 32 लाख से अधिक रोगियों की सेवा की है। रक्षा मंत्रालय ने भी ‘ई-संजीवनी’ ओपीडी पर एक राष्ट्रीय ओपीडी का आयोजन किया है, जहां रक्षा मंत्रालय द्वारा बुलाए गए 100 से अधिक अनुभवी डॉक्टर और विशेषज्ञ देशभर के मरीजों की सेवा करते हैं।

‘ई-संजीवनी’ ओपीडी- पिछले साल अप्रैल में, इस महामारी की वजह से राष्ट्रीय स्तर पर लगाए गए पहले लॉकडाउन के तुरंत बाद केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ‘ई-संजीवनी’ ओपीडी शुरू की। ‘ई-संजीवनी’ ओपीडी एक मरीज और डॉक्टर के बीच का एक टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म है, जो जनता को उनके घरों में ही स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। ‘ई-संजीवनी’ ओपीडी पर 420 ऑनलाइन ओपीडी आयोजित की जाती है और यह प्लेटफॉर्म स्पेशलिटी और सुपर-स्पेशियलिटी ओपीडी का आयोजन करता है। साथ ही, इनमें से कई स्पेशियलिटी और सुपर-स्पेशियलिटी ओपीडी का प्रबंधन 5 राज्यों (हिमाचल प्रदेश, पंजाब, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड) में स्थित एम्स, लखनऊ में स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी आदि जैसे प्रमुख अस्पतालों द्वारा किया जा रहा है। पिछले दो सप्ताह से 50,000 से अधिक मरीज ई-संजीवनी सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं और लगभग 2000 डॉक्टर दैनिक आधार पर टेलीमेडिसिन के जरिए परामर्श देते हैं।

अत्याधुनिक राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन सेवा- केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय इस अत्याधुनिक राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन सेवा की पहुंच बढ़ाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। पिछले महीने, केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय और मोहाली में सी-डैक के साथ मिलकर डिजिटल स्वास्थ्य विभाजन में दूसरी तरफ पड़े लोगों के लिए देशभर में 3.75 लाख कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से ई-संजीवनी सेवाओं का निःशुल्क लाभ उठाने का प्रावधान किया था। 1 जुलाई, 2021 को, डिजिटल इंडिया पहल की छठी वर्षगांठ के अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा ‘ई-संजीवनी’ की सराहना की गई। प्रधानमंत्री ने बिहार के पूर्वी चंपारण के एक लाभार्थी के साथ आभासी माध्यम से बातचीत की थी, जो अपनी बीमार दादी के लिए केजीएमसी, लखनऊ द्वारा संचालित जेरियाट्रिक्स और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित ऑनलाइन ओपीडी के जरिए ई-संजीवनी की स्पेशियलिटी सेवाओं का लाभ उठा रहा है।

शहरी रोगियों के लिए भी उपयोगी- कई राज्यों में लोगों ने ई-संजीवनी के फायदों को तेजी से पहचाना है और इसने स्वास्थ्य सेवाओं की तलाश में इस डिजिटल तरीके को व्यापक रूप से तेजी से अपनाने की उत्साहजनक प्रवृत्ति को जन्म दिया है। इससे खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में विशिष्ट स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में व्यापक सुधार हुआ है। इसके अलावा, यह सेवा शहरी इलाके के रोगियों के लिए भी उपयोगी बन गई है, विशेष रूप से इस महामारी की दूसरी लहर के दौरान जिसने देश में स्वास्थ्य सेवाओं की वितरण प्रणाली पर भारी बोझ डाला है।

अस्पतालों पर बोझ को कम- बहुत ही कम समय में, भारत सरकार की इस राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन सेवा ने डिजिटल स्वास्थ्य के मामले में शहरी और ग्रामीण भारत के बीच मौजूद अंतर को पाटकर भारतीय स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को सहयोग देना शुरू कर दिया है। यह सेवा माध्यमिक और तृतीयक स्तर के अस्पतालों पर बोझ को कम करते हुए जमीनी स्तर पर डॉक्टरों और विशेषज्ञों की कमी को भी दूर कर रही है। राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के अनुरूप, ‘ई-संजीवनी’ देश में डिजिटल स्वास्थ्य के इकोसिस्टम को भी मजबूत कर रहा है।

ई-संजीवनी को अपनाने (परामर्श की संख्या) के मामले में 10 अग्रणी राज्य – आंध्र प्रदेश (16,32,377), तमिलनाडु (12,66,667), कर्नाटक (12,19,029), उत्तर प्रदेश (10,33,644), गुजरात (3,03,426), मध्यप्रदेश (2,82,012), महाराष्ट्र (2,25,138), बिहार (2,23,197), केरल (1,99,339) और उत्तराखंड (1,66,827) – हैं।

ई-संजीवनी’ https://esanjeevaniopd.in/  के अलावा एंडरॉयड पर भी उपलब्ध है।

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दी गईं टीके की 36.97 करोड़ से अधिक खुराक

Ministry of Health and Family Welfare

कोविड-19 टीकाकरण की ताज़ा जानकारी

नरेश कुमार एकलव्य बाण समाचार

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को टीके की 36.97 करोड़ से अधिक खुराकें दी गईं

राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के पास अब भी टीके की 2.01 करोड़ से अधिक खुराकें मौजूद, जिन्हें लगाया जाना है
Posted Date:- Jul 05, 2021

नई दिल्ली। केंद्र सरकार देश भर में कोविड-19 टीकाकरण का दायरा बढ़ाने और टीके लगाने की गति को तेज करने के लिये प्रतिबद्ध है। कोविड-19 के टीकों की सर्व-उपलब्धता का नया चरण 21 जून, 2021 से शुरू किया गया है। टीकाकरण अभियान को अधिक से अधिक वैक्सीन की उपलब्धता के जरिये बढ़ाया गया। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वैक्सीन की उपलब्धता के बारे में पूर्व सूचना प्रदान की गई, ताकि वे बेहतर योजना के साथ टीके लगाने का बंदोबस्त कर सकें और टीके की आपूर्ति श्रृंखला को दुरुस्त किया जा सके।

देशव्यापी टीकाकरण अभियान के हिस्से के रूप में केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नि:शुल्क कोविड वैक्सीन प्रदान करके उन्हें समर्थन दे रही है। टीकों की सर्व-उपलब्धता के नये चरण में, केंद्र सरकार वैक्सीन निर्माताओं से 75 प्रतिशत टीके खरीदकर उन्हें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नि:शुल्क प्रदान करेगी।

केंद्र सरकार द्वारा सभी प्रकार के स्रोतों से अब तक वैक्सीन की 36.97 करोड़ से अधिक (36,97,70,980) खुराकें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रदान की गई हैं।

आज आठ बजे सुबह तक उपलब्ध आंकड़ों के हिसाब से उपरोक्त खुराकों में से बेकार हो जाने वाली खुराकों को मिलाकर कुल 34,95,74,408 खुराकों की खपत हो चुकी है।

अभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तथा निजी अस्पतालों के पास कोविड-19 टीके की 2.01 करोड़ से अधिक (2,01,96,572) खुराकें बची हैं, जिन्हें लगाया जाना है।

लायन्स क्लब ने किया चिकित्सकों को सम्मानित

लायन्स क्लब ने चिकित्सकों को किया सम्मानित
क्षेत्र के लोगों को बेहतर चिकित्सीय सेवा देने की सराहना की।

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। डाक्टर्स-डे पर लायन्स क्लब नजीबाबाद की ओर से नगर के चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर चिकित्सकों द्वारा क्षेत्र के लोगों को बेहतर चिकित्सीय सेवाएं प्रदान करने के लिए सराहना की गयी।
डाक्टर्स-डे पर गुरुवार की शाम लायन्स क्लब नजीबाबाद इकाई के पदाधिकारियों ने सदस्यों ने नगर के चिकित्सकों को सम्मान प्रतीक भेंट किए तथा उनकी ओर से क्षेत्र के लोगों को बेहतर चिकित्सीय सलाह व परामर्श देने के लिए उनका धन्यवाद किया। लायन्स क्लब की ओर से डा. वीरेन्द्र कुमार अग्रवाल, हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. अतुल बहादुर सक्सेना, होम्योपैथी चिकित्सक डा. आमोद अरोड़ा, छाती रोग विशेषज्ञ डा. शरद माहेश्वरी, नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. विनोद चावला तथा डा. सुमित गुप्ता को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर लायन्स क्लब की स्थानीय इकाई के अध्यक्ष मयंक अग्रवाल, सचिव गौर भूषण अग्रवाल, प्रदीप कुमार गुप्ता, विपुल सिंघल, मुकुल माहेश्वरी, कमलकांत वालिया, गौरव अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

संचारी रोगों के प्रति जागरूकता को शपथ दिलाई

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने आज 01 जुलाई से 31 जुलाई,21 तक संचालित होने वाले संचारी रोग नियंत्रण अभियान के अंतर्गत जागरूकता ऑटो रिक्शा रैली को हरी झण्डी दिखा कर किया रवाना, संचारी रोग नियंत्रण के सम्बन्ध में सामुहिक रूप से कराई गई शपथ ग्रहण, कार्यक्रम को पूरे मानक और गुणवत्ता के साथ संचालित करने के दिए निर्देश

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार) जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा आज पूर्वान्ह 10ः00 बजे कलक्ट्रेट प्रांगण में मौजूद संचारी रोग नियंत्रण अभियान के अंतर्गत जागरूकता ऑटो रिक्शा रैली को हरी झण्डी दिखा कर रवाना किया गया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान के गुणवत्तापूर्वक संचालन से संचारी रोगों पर नियंत्रण स्थापित करने में सफलता प्राप्त हुई है और रोगों के फैलाव पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सका है। उन्होंने निर्देश दिए कि विगत अभियान की भांति आज से 31 जुलाई,21 तक संचालित रहने वाले इस अभियान को पूर्ण गुणवत्ता और मानक के अनुसार सम्पन्न कराएं ताकि जनसामान्य में संचारी रोगों के प्रति जागरूकता और सतर्कता पैदा की जा सके।

उससे पूर्व संचारी रोग नियंत्रण अभियान से संबंधित सामूहिक शपथ ग्रहण कराते हुए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि “हम अपने गांव, ब्लाॅक, जिला और देश को रोग मुक्त कराने के लिए प्रतिबद्व हैं। हम शपथ लेते हैं कि व्यक्तिगत साफ-सफाई का ध्यान रखेंगे, अपने घर के आस-पास साफ सफाई रखेगें, अपने गांव और मोहल्ले के वातावरण को स्वच्छ रखेंगे तथा समुदाय को साफ सफाई और स्वच्छता अपनाने के लिए प्रेरित करेंगें। संचारी रोग हमारे गांव अथवा क्षेत्र में रहने वाले परिवारों को आर्थिक नुकसान का एक बड़ा कारण हो सकते हैं। हम शपथ लेते हैं कि संचारी रोगों से लड़ाई में हम हर संभव प्रयास करेंगें कि हमारे परिवार और समुदाय इन रोगों से मुक्त रहें। हमारे गांव अथवा हमारे आसपास के क्षेत्र में यदि कोई व्यक्ति बुखार से पीड़ित होगा तो उसके परिवार को तुरन्त इलाज के लिए सरकारी अस्पताल जाने के लिए प्रेरित करेंगे“।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. विजय गोयल, जिला मलेरिया अधिकारी/नोडल अधिकारी संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम ब्रजभूषण, स्वास्थ्य अधिकारी फारूक अज़ीज़ सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।

किसकी मर्जी से चल रहे हैं अवैध नर्सिंग होम!

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार) उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में अवैध और अनाधिकृत निजी चिकित्सालयों की बाढ़ सी आ गयी है। कौन अधिकारी अपने निजी स्वार्थसिद्धी के लिए शासनादेशों की अवहेलना कर मरीजों के जान माल की सुरक्षा की परवाह न करते हुए अवैध व अनाधिकृत तरीके से निजी चिकित्सायलों का संचालन अपनी छत्रछाया में करवा रहे हैं? इनके विरुद्ध कोई प्रभावी वैधानिक कार्रवाई नहीं की गई है और वर्षों ऐसे ही चल रहे हैं। इन अवैध और अनाधिकृत निजी चिकित्सायलों के पंजीकरण एवं नवीनीकरण भी प्रति वर्ष संबंधित जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में किये जाते हैं!

अग्निशमन विभाग भी दरकिनार- आरोप है कि अधिकांश संचालकों के पास अग्निशमन विभाग से चिकित्सालय का भवन निर्माण प्रारंभ एवं अन्तिम- प्रमाण-पत्र भी नहीं है और न ही प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत है। संचालकों द्वारा चिकित्सालय भवन निर्माण कराते समय मरीजों की सुरक्षा का कोई ध्यान नहीं रखा गया है। इसके अतिरिक्त संबंधित विभागों से भी अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं किये गए हैं। अभी हाल ही में अग्निशमन विभाग ने गाजियाबाद जनपद में चिकित्सायलों की जांच की थी। इसमें खुलासा हुआ कि 86 चिकित्सायलों में सुरक्षा सम्बन्धी मानक पूरे न होने के कारण मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। चिकित्सायलों में प्रथम एवं द्वितीय तल से मरीजों को लाने व ले जाने के लिए समुचित व्यवस्था भी नहीं है, जिसके परिणामस्वरूप अप्रिय घटना के समय जान- माल की क्षति होने की पूर्ण संभावना बनी रहती है।

नियमों का पालन नहीं- कुछ निजी चिकित्सायलों में अग्निशमन उपकरण स्थापित तो किये गये हैं लेकिन उनके संचालन हेतु न तो कोई प्रशिक्षित स्टाफ है और न ही नोडल अधिकारी ही बनाया गया है। बताया गया है कि भवन निर्माण से पूर्व उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा से मानचित्र का परीक्षण करा कर अनापत्ति प्रमाण- पत्र व अनुमोदन आवश्यक है। इन नियमों का पालन नहीं किया जाता है। इसी प्रकार भवन पूर्ण हो जाने के पश्चात अग्निशमन विभाग के माध्यम से निरीक्षण करा कर कम्पलीशन सर्टिफिकेट प्राप्त करना अनिवार्य होता है, इस नियम का पालन भी नहीं किया जाता है।
समय- समय पर मानचित्र के अनुमोदन तथा कम्पलीशन सर्टिफिकेट के अनुसार समस्त अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं जैसे पलायन मार्ग, कम्पार्ट में टेंशन स्मोक मैनेजमेंट तथा भवन में स्थापित अग्नि शमन सुरक्षा व्यवस्था जैसे फायर डिटेक्शन, फायर हाईड्रेन्ट, फायर एक्सटिम्यूशर इत्यादि के नवीनीकरण की व्यवस्था सुनिश्चित कराया जाना, भूकंप या आपात कालीन स्थिति में यंत्रों व उपकरणों का संचालन एवं प्रयोग कैसे जाए, की व्यवस्था होनी चाहिये।

प्रांतीय चिकित्सा संघ की कार्यकारिणी गठित

प्रांतीय चिकित्सा संघ की कार्यकारिणी गठित

प्रांतीय चिकित्सा संघ की कार्यकारिणी गठित

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार) प्रांतीय चिकित्सा संघ की चुनावी बैठक का आयोजन जिला अस्पताल के सभागार में किया गया। इस दौरान डा. बीएस रावत को अध्यक्ष एवं डा. कपिल चौधरी को पुनः सर्वसम्मति से सचिव मनोनीत किया गया। इनके अलावा डा. महेंद्र सिंह व डा. रजनीश शर्मा उपाध्यक्ष, डा. पीआर नायर केंद्रीय कार्यकारिणी, डा. पीआर नायर एवं डा. ओपी सिंह कोषाध्यक्ष मनोनीत किए गए। साथ ही डा. रजनीश कुमार को संपादक के पद पर मनोनीत किया गया।

बैठक की अध्यक्षता डा. एसके जैन ने की। चुनाव प्रक्रिया सीएमो डा. विजय गोयल, सीएमएस डा. अरुण पांडेय, डा. राजीव रस्तोगी, डा. निराला, डा. मनोज सेन, डा. बीआर त्यागी ने संपन्न कराई।

कोरोना से लड़ाई लड़ने में योगा एक सबसे मजबूत शस्त्र है: वीरेन्द्र प्रताप सिंह

कोरोना से लड़ाई लड़ने में योगा एक सबसे मजबूत शस्त्र है:वीरेन्द्र प्रताप सिंह

लखनऊ। सोमवार को सातवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। योग दिवस के मौके पर अलग-अलग हिस्सों में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया। इसी कड़ी में शीतला मंदिर प्रांगण काकोरी, महादेवन मंदिर प्रांगण काकोरी, नगर पंचायत कार्यालय काकोरी सहित कई जगह योग शिविर आयोजित किए गए।महादेवन मंदिर काकोरी प्रांगण में भाजपा काकोरी मण्डल यूनिट द्वारा आयोजित शिविर में बतौर मुख्यातिथि प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पूर्व जिलाध्यक्ष लखनऊ एवं काकोरी मण्डल प्रभारी वीरेन्द्र प्रताप सिंह उपस्थित रहे। बाद में कार्यकर्ताओं के साथ वार्ड हाता गुलाम सफदर के बूथ अध्यक्ष सूरज धीमान व मंडल मंत्री प्रतिभा वर्मा के घर पहुंच कर जनसंपर्क कर उनका हालचाल लिया और जलपान किया। इसके बाद वैक्सिनेसन सेंटर सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र काकोरी पर पहुंच कर चल रहे वैक्सिन लगाने के कार्यक्रम के विषय में अधीक्षक डॉ. दीपक भार्गव से जानकारी प्राप्त की व लोगों से बातचीत कर टीकाकरन के लिये प्रेरित किया। अधीक्षक से 18 वर्ष व 45 वर्ष से अधिक के अलग-अलग केन्द्र निर्धारित करने को कहा और मंडल अध्यक्ष सहित टीम का अस्पताल के डाक्टर व स्टाफ से परिचय कराया।

मण्डल अध्यक्ष रविराज लोधी को निर्देशित किया कि वैक्सिनेशन कराने वाले लोगों की हेल्प के लिए एक भाजपा की तरफ से हेल्पडेस्क सीएचसी पर लगाएं।शीतला मंदिर प्रांगण में स्वयं सेवक संघ एवं हिन्दू जन सेवा समिति द्वारा योग शिविर आयोजित किया गया।नगर पंचायत काकोरी प्रांगण में नगर पंचायत अध्यक्ष असमी खान व अधिशासी अधिकारी दिनेश प्रताप सिंह के द्वारा आयोजित किया गया।
भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग में योग एक मजबूर हथियार साबित हुआ है। विभिन्न अध्ययनों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने से लेकर तनाव घटाने तक में इसकी अहम भूमिका पाई गई है। वहीं कोविड-19 देखभाल केंद्रों में भी संक्रमण से कमजोर पड़े फेफड़ों को मजबूत बनाने के लिए योग का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कोरोना के डेढ़ वर्षों में सभी ने बड़े संकट का सामना किया। इस मुश्किल समय में इतनी परेशानी में लोग इसे आसानी से भूल सकते थे, लेकिन लोगों में योग का उत्साह और बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इस योग दिवस पर यह कामना करता हूं कि हर देश, हर समाज और हर व्यक्ति स्वस्थ हो। सब एकसाथ मिलकर एक दूसरे की ताकत बनें। इस अवसर पर जिला महामंत्री विजय मौर्य, मण्डल अध्यक्ष रविराज लोधी, उपाध्यक्ष नीलम श्रीवास्तव, कौशिक राजपूत, महामंत्री विपिन राजपूत, दयाराम, गुड़िया भारतीय, दिनेश श्रीवास्तव, पूर्व चेयरमैन सुशील कुमार लोधी, सभासद शिवहरि द्विवेदी, मनीष गुप्ता, सहकारी संघ लिमिटेड सभापति केशरी राव धारा सिंह यादव, रमाकांत गुप्ता, प्रज्ज्वल गुप्ता, राजन पाण्डेय, अमित गुप्ता, लवकुश यादव, कमलेश कुमार लोधी आदि उपस्थित रहे।

CHC, PHC का SDM ने किया निरीक्षण

बिजनौर। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी सदर विक्रमादित्य सिंह मलिक ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मंडावर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंदक का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान यह चेक किया कि केंद्रों की रंगाई पुताई का कार्य सही से हुआ है या नहीं, खिड़कियां दरवाजों की मरम्मत करा दी गई है या नहीं, लाइट पंखे चालू हालत में है, डॉक्टरों की तैनाती तथा उपस्थिति, दवाइयों का स्टॉक एवं स्टॉक रजिस्टर से मिलान तथा सफाई व्यवस्था का जायजा लिया।

एसडीएम द्वारा जहां, जहां कमी पाई गई वहां संबंधित अधिकारी तथा डॉक्टर को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।

भारतीय जनता पार्टी के पोस्ट कोविड सेंटर शुरू

“सिंह नर्सिंग होम” पर पोस्ट कोविड सेंटर- बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी की ओर से संगठन के निर्देश पर क्षेत्रीय संयोजक सहकारिता प्रकोष्ठ एवं वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. बीरबल सिंह के “सिंह नर्सिंग होम” पर पोस्ट कोविड सेंटर का उद्घाटन जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि एवं वरिष्ठ भाजपा नेता एडवोकेट सत्यवीर त्यागी द्वारा किया गया।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि, कविता चौधरी, क्षेत्रीय मंत्री हरजिंदर कौर, जिला संयोजक (पोस्ट कोविड सैंटर ) दिनेश सैनी, जिला महामंत्री, विनय राणा, जिला उपाध्यक्ष सुभाष चौहान, जिला संयोजक निकाय प्रकोष्ठ शेखर चौधरी, पूर्व जिला कोषाध्यक्ष सतीश राजपूत, सविता शर्मा, जिला मीडिया प्रभारी दीपक गर्ग मोनू, नि. जिला मीडिया प्रभारी संजय त्यागी, विजेंद्र सिंह, नेहा पंडित, जिला संयोजक आईटी विभाग विपुल शर्मा आदि मौजूद रहे।

जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि के अनुसार सिंह नर्सिंग होम के डायरेक्टर डॉ. बीरबल सिंह के साथ डॉ. नवनीत गर्ग एवं डॉ. तेजपाल सिंह द्वारा सुबह 10 बजे से 2 बजे तक, उन व्यक्तियों को निःशुल्क परामर्श दिया जाएगा, जो व्यक्ति कोरोना संक्रमित होकर ठीक हो चुके हैं। पोस्ट कोविड सेंटर पर स्वास्थ्य संबंधी कोई भी समस्या के लिये सुबह 10 बजे से 2 बजे तक निःशुल्क परामर्श सुविधा उपलब्ध रहेगी। इस अवसर पर जिला सहकारी बैंक की संचालक श्रीमती इंदिरा सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी का आभार व्यक्त किया।

“नारायण स्पेशलिटी हॉस्पिटल” में पोस्ट कोविड सेंटर– बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी की ओर से संगठन के निर्देशानुसार “नारायण स्पेशलिटी हॉस्पिटल” नजीबाबाद रोड़, बिजनौर में “पोस्ट कोविड सेंटर”का उद्घाटन परिवहन मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार अशोक कटारिया के कर कमलों द्वारा किया गया।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि, जिला संयोजक (पोस्ट कोविड सैंटर) दिनेश सैनी, जिला महामंत्री विनय राणा, भूपेंद्र चौहान बॉबी, मुकेन्द्र त्यागी, विवेक कर्णवाल, दयाशंकर राणा, विपुल शर्मा, पुष्पेंद्र त्यागी आदि उपस्थित रहे।

जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि के अनुसार
“नारायण स्पेशलिटी हॉस्पिटल” के डायरेक्टर डॉ. अमित नारायण के साथ डॉ. अरिहंत एवं डॉ. मेजर पंकज कुमार सिंह द्वारा प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे से 2:00 बजे तक, उन व्यक्तियों को निःशुल्क परामर्श दिया जाएगा जो व्यक्ति कोरोना संक्रमित होकर ठीक हो चुके हैं।

वेक्सिनेशन के लिए जागरूकता अभियान

श्री सुदर्शन एकेडमी अटारी के प्रबंधक आशुतोष पाण्डेय व राहुल मिश्रा के द्वारा जागरूक कर माल प्राथमिक केन्द्र पर कराया गया वेक्सिनेशन।

लखनऊ। माल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र माल पर श्री सुदर्शन एकेडमी के प्रबंधक आशुतोष पाण्डेय व राहुल मिश्रा ने तमाम युवावों को जागरूक कर वेक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित किया। माल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर ले जाकर वेक्सीन लगवाया पहले अगुवाई करते हुए आशुतोष पाण्डेय और राहुल मिश्रा ने वेक्सीन की प्रथम डोज लगवाया। बाद में वहाँ पर मौजूद करीब 30 लोगों ने वेक्सीन लगवाया। युवा साथी सुमित पाण्डेय, भारत भूषण मौर्या, पंकज गुप्ता, दीपक मिश्रा, राजेश मिश्रा, शानू आदि कई लोगों ने टीकाकरण करवाया। सभी ने लोगों से यह अपील की कि कोविड वेक्सीन की दोनों डोज लगवाएं। आशुतोष पाण्डेय ने बताया कि यह जागरूकता अभियान अपने क्षेत्र में निरंतर चलता रहेगा और हम सब युवा गाँव गाँव जाकर कोविड वेक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

“हारेगा कोरोना जीतेगा इंडिया”-चौधरी ईशम सिंह

बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता चौधरी ईशम सिंह ने कहा कि ‘हारेगा कोरोना जीतेगा इंडिया’ भारत सरकार की कोरोना वैक्सीन लाभदायक है। उन्होंने आज कोतवाली देहात के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अपने परिवार सहित कोरोना वैक्सीन की प्रथम डोज लगवाई। उसके उपरांत उन्होंने बताया कि इससे कोई भी परेशानी नहीं है। यह हमारे शरीर के लिए लाभदायक है।

किसी भी भ्रान्ति में न आकर हम सबको अपनी बारी आने पर कोरोना की वैक्सीन लगवानी चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को वैक्सीन लगने के बाद कोरोना हारेगा और इंडिया जीतेगा। चौधरी ईशम सिंह ने सभी मित्रों, सगे संबंधियों, क्षेत्र के सम्मानित नागरिकों से अपील की है कि कोरोना वायरस से बचने के लिए अपना वैक्सीनेशन अवश्य कराएं। वैक्सीनेशन करा कर ही हम इस कोरोना महामारी को मात दे सकते हैं। उन्होंने वैक्सीनेशन के विषय में फैल रही अफवाहों पर बिल्कुल भी ध्यान न देने की अपील की। इस अवसर पर सनोज देवी चेयर पर्सन किसान सहकारी समिति लिमिटेड एवं अभय प्रताप सिंह ने भी कोरोना वैक्सीन की प्रथम रोज लगवाई।

आरटीपीसीआर जांच लैब निर्माण में देरी पर सीएमओ व सीएमएस से नाराज हुए डीएम

सीएमओ व सीएमएस से नाराज हुए डीएम लेटलतीफी पर कार्यदायी संस्था को ब्लैक लिस्ट में डालने के निर्देश। अवर अभियन्ता की चरित्र पंजिका में प्रतिकूल प्रविष्टि का अंकन करने के निर्देश। आरटीपीसीआर जांच लैब निर्माण में विलंब का मामला।

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जिले को पूर्णतय: कोरोना वायरस मुक्त बनाने और सम्भावित तीसरी लहर का निपुणता एवं सफलतापूर्वक मुकाबला करने के लिए प्रयासों के दृष्टिगत जिला अस्पताल परिसर में कोविड-19 वायरस की आरटीपीसीआर जांच के लिए निर्मित होने वाली लैब का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अनावश्यक रूप से विलम्ब होने के कारण अभी तक कार्य अपूर्ण पाए जाने पर उन्होंने विभागीय अवर अभियन्ता की चरित्र पंजिका में प्रतिकूल प्रविष्टि का अंकन करने तथा मुख्य चिकित्साधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के प्रति नाराजग़ी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि कार्यदायी संस्था द्वारा निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं किया जाता है तो उसको ब्लैक लिस्ट में डाला जाए और भविष्य में कोई शासकीय कार्य उनसे न कराया जाए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में कोविड-19 वायरस की जांच के नमूने जिले से बाहर भेजे जाते हैं, जिसकी वजह से जांच परिणाम देरी से उपलब्ध होते हैं। उन्होंने कहा कि उक्त समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए जिला अस्पताल परिसर में शासन द्वारा कोविड-19 वायरस टेस्टिंग लैब बनाने की स्वीकृति प्रदान करते हुए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई थी ताकि समयपूर्वक जिलावसियों को स्थानीय स्तर पर कोविड जांच की सुविधा उपलब्ध हो सके।

उन्होंने इस महत्वपूर्ण कार्य में अनावश्यक रूप से किए जा रहे विलम्ब पर अपनी कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को यथाशीघ्र पूर्ण गुणवत्ता के साथ लेब के निर्माण का कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए।इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एसके निगम, मुख्य चिकित्साधीक्षक सहित अन्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।

खुद टीका लगवाएं और दूसरों से निवेदन करें: चौधरी ईशम सिंह

बिजनौर। नजीबाबाद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत मुस्सेपुर, राजारामपुर तुलसी के प्राथमिक विद्यालय में कोरोना वायरस से बचाव हेतु टीकाकरण कराया गया। इस ग्राम पंचायत में 45 वर्ष से ऊपर के नागरिकों का टीकाकरण किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह ने सभी ग्राम वासियों से अधिक से अधिक संख्या में कोरोना वायरस से बचाव हेतु टीकाकरण में भाग लेकर टीके लगवाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी हम सबके उत्तम स्वास्थ्य के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। हमें भी सरकार एवं कोरोना वायरस की इस जंग में अहम भूमिका निभा रहे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का सहयोग करते हुए स्वयं एवं अपने पास पड़ोस में निवास करने वाले नागरिकों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करना चाहिए। हम सब खुद टीका लगवाएं और दूसरों से टीका लगवाने की निवेदन करें। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने टीके लगवाए। स्वास्थ्य विभाग से आई हुई टीम ने वैक्सीनेशन का कार्य किया।

उनके सहयोग हेतु वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल दीपक त्यागी, वेद प्रकाश राजपूत, राशन डीलर अनीता देवी, आंगनवाड़ी कार्यकत्री अनीता देवी, शिक्षा मित्र चंद्र प्रकाश सैनी, पहल सिंह गुर्जर, साधु राम गुर्जर, सुमित कुमार, नरपाल सिंह, जयवती देवी, अनीता देवी, बेबी रानी, जोगेंद्र सिंह, गौरव भाटी आदि का विशेष योगदान रहा।

18 वर्ष से अधिक आयु के सभी भारतीय नागरिकों को निःशुल्क टीका

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री ने देश को संबोधित करते हुए कोरोना महामारी में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति शोक व्यक्त किया। इस महामारी को पिछले सौ वर्षों में सबसे बड़ी आपदा बताते हुए, उन्होंने इसे एक ऐसी महामारी के रूप में चिन्हित किया जिसे आधुनिक दुनिया में न तो देखा गया और न ही अनुभव किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने इस महामारी से कई मोर्चों पर लड़ाई लड़ी। श्री मोदी ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।

दो सप्ताह में अमल- टीकाकरण की रणनीति पर पुनर्विचार करने और 1 मई से पहले की व्यवस्था को वापस लाने की कई राज्यों की मांग को देखते हुए, प्रधानमंत्री ने घोषणा की, कि राज्यों के जिम्मे जो 25 प्रतिशत टीकाकरण था, उसे अब भारत सरकार द्वारा करने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय को दो सप्ताह में अमल में ला दिया जाएगा। दो सप्ताह में केन्द्र और राज्य नए दिशानिर्देशों  के मुताबिक जरूरी तैयारियां करेंगे। प्रधानमंत्री ने आगे घोषणा की, कि आगामी 21 जून से, भारत सरकार 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी भारतीय नागरिकों को मुफ्त टीका प्रदान करेगी। भारत सरकार टीके के उत्पादकों के कुल उत्पादन का 75 प्रतिशत खरीदेगी और राज्यों को मुफ्त मुहैया कराएगी। किसी भी राज्य सरकार को टीकों के लिए कुछ भी खर्च नहीं करना होगा। अब तक करोड़ों लोगों को मुफ्त टीका मिल चुका है, अब इसमें 18 वर्ष वाले आयु – वर्ग को जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री ने इस बात को दोहराया कि भारत सरकार सभी नागरिकों को मुफ्त टीके उपलब्ध कराएगी।

केवल 150 रुपए का सर्विस चार्ज- श्री मोदी ने बताया कि निजी अस्पतालों द्वारा 25 प्रतिशत टीकों की सीधी खरीद की व्यवस्था जारी रहेगी। राज्य सरकारें इस बात की निगरानी करेंगी कि निजी अस्पतालों द्वारा टीकों की निर्धारित कीमत पर केवल 150 रुपए का सर्विस चार्ज लिया जाए।

दीपावली तक मुफ्त अनाज- एक अन्य बड़ी घोषणा के तहत, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को दीपावली तक बढ़ाने के निर्णय से अवगत कराया। यानी नवंबर तक, 80 करोड़ लोगों को हर महीने निर्धारित मात्रा में मुफ्त अनाज मिलता रहेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस महामारी के दौरान सरकार गरीबों के साथ उनकी सभी जरूरतों के लिए उनके दोस्त के रूप में खड़ी है।

मेड इन इंडिया टीका बेहद महत्वपूर्ण- प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर, टीके बनाने वाली कंपनियां और देश टीकों की वैश्विक मांग की तुलना में काफी पीछे हैं। ऐसी परिस्थिति में, मेड इन इंडिया टीका भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण था। प्रधानमंत्री ने कहा कि अतीत में, विदेशों में विकसित होने के दशकों बाद भारत को टीके मिलते थे।

कई तरह के दबाव डाले गए- प्रधानमंत्री ने टीकाकरण अभियान के बारे में विभिन्न हलकों की ओर से आने वाले अलग-अलग विचारों पर प्रकाश डाला। ज्योंहि कोरोना के मामले घटने लगे, राज्यों के लिए विकल्प की कमी को लेकर सवाल उठने लगे और कुछ लोगों ने सवाल किया कि केन्द्र सरकार सब कुछ क्यों तय कर रही है। लॉकडाउन में लचीलापन और सभी पर एक ही तरह की बात लागू नहीं होती के तर्क को आगे बढ़ाया गया। श्री मोदी ने कहा कि 16 जनवरी से अप्रैल के अंत तक भारत का टीकाकरण कार्यक्रम ज्यादातर केन्द्र सरकार के अधीन चलाया गया। सभी के लिए नि:शुल्क टीकाकरण का काम आगे बढ़ रहा था और लोग अपनी बारी आने पर टीकाकरण कराने में अनुशासन दिखा रहे थे। इन सबके बीच टीकाकरण के विकेंद्रीकरण की मांग उठाई गई और कुछ आयु वर्ग के लोगों को प्राथमिकता देने के निर्णय की बात उठाई गई। कई तरह के दबाव डाले गए और मीडिया के कुछ हिस्से ने इसे अभियान के रूप में चलाया।

टीकाकरण के खिलाफ अफवाह फैलाने वालों के बारे में आगाह- प्रधानमंत्री ने टीकाकरण के खिलाफ अफवाह फैलाने वालों के बारे में आगाह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे तत्व लोगों की जिंदगी से खेल रहे हैं और इनके खिलाफ सतर्क रहने की जरूरत है।

My address to the nation. Watch. https://t.co/f9X2aeMiBH— Narendra Modi (@narendramodi) June 7, 2021