जनपद स्तरीय 50वीं बाल विज्ञान प्रदर्शनी में छात्राओं का सम्मान

जनपद स्तरीय 50वीं बाल विज्ञान प्रदर्शनी में छात्राओं को किया सम्मानित

स्वास्थ्य और स्वच्छता पर सिदरा ने पाया दूसरा स्थान

बिजनौर। राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान (उ० प्र०) प्रयागराज द्वारा आयोजित जनपद स्तरीय 50वीं बाल विज्ञान प्रदर्शनी 2022 – 23 में प्रथम व द्वितीय आने वाली छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित करते हुए उत्साहवर्धन किया गया।
आरजेपी इंटर कॉलेज में 50 वीं बाल विज्ञान प्रदर्शनी का दो दिवसीय आयोजन किया गया। इसमें केपीएस कन्या इंटर कॉलेज बिजनौर के बच्चों ने विज्ञान से संबंधित मॉडल प्रस्तुत किए। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार ने अवलोकन किया। अध्यापक संवर्ग में कुमारी प्रियंका गौतम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं विज्ञान मॉडल में प्रकृति प्रथम, दिव्यांशी भारद्वाज प्रथम, सालीहा सिद्दीकी द्वितीय, नादा नाज प्रथम, तनु चौधरी द्वितीय, नेहा द्वितीय, आस्था द्वितीय, सीदरा द्वितीय, एनी तोमर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। विज्ञान मॉडल निर्देशन में कुमारी प्रियंका गौतम, श्रीमती पूनम शर्मा, श्रीमती वंदना गुप्ता, कुमारी शुभांशी, कुमारी सौम्या आदि का सहयोग रहा। प्रधानाचार्य श्रीमती संगीता गुप्ता ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

युवा पत्रकार भूपेंद्र निरंकारी के बड़े पुत्र वैभव कुमार का सम्मान

बिजनौर। नागरिक अधिकार एवं विकास समिति बिजनौर के तत्वाधान में वीरा इंजीनियरिंग कॉलेज में स्वर्गीय श्री आत्म प्रकाश गुप्ता जी की स्मृति में हुए मेधावी छात्र सम्मान समारोह सन 2022 का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर युवा पत्रकार भूपेंद्र निरंकारी के बड़े पुत्र वैभव कुमार को इसी वर्ष हुई कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा में डीएवी इंटर कॉलेज विदुर कुटी रोड बिजनौर में कॉलेज टॉप करने पर प्रशस्ति पत्र व शील्ड देकर सम्मानित किया गया। मालूम हो कि वैभव कुमार ने कक्षा 10 डीएवी इंटर कॉलेज से टॉप की थी और विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया था।

सफाई कर्मियों का काम कर रहे नौनिहाल

सरकार द्वारा चलाया जा रहा है स्वच्छता पखवाड़ा। पहले ही दिन सोशल मीडिया पर वायरल हुआ स्कूल के बच्चों द्वारा कूड़ा डालने का वीडियो। कस्बा झालू के इस मामले के प्रकाश में आने पर संभ्रांत नागरिकों में रोष व्याप्त है।

बिजनौर। कस्बा झालू के रामलीला मैदान के निकट एक प्राथमिक विद्यालय के बच्चों द्वारा स्कूल के अन्दर से डस्टबिन में कूड़ा भर कर बाहर डालने का वीडियो वायरल होने से नगर व शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। नगरवासियों ने मामले की शिकायत विभागीय अधिकारियों से शिकायत करने का निर्णय लिया है।
झालू के मोहल्ला रामलीला मैदान के निकट एक प्राथमिक विद्यालय स्थित है। सोमवार को प्राथमिक विद्यालय के कुछ बच्चों द्वारा डस्टबिन से स्कूल के समीप कूड़ा डालने का वीडियो वायरल होने से नगरवासियों में आक्रोश पैदा हो गया। मोहित कुमार, डॉ कावेंद्र सिंह, ज्ञानेश्वर, शिवा आदि नगरवासियों ने मामले की शिकायत विभागीय उच्च अधिकारियों से करने की बात कही है। प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य समबील हसन का कहना है कि स्कूल में सफाई कर्मचारी ना होने व मुख्यमंत्री के आदेशानुसार स्वच्छता पखवाड़े के अंतर्गत स्कूल में सफाई कराई जा रही है जिस कारण बच्चों से कूड़ा उठाया गया है।

सीएम ने कहा है बच्चों से करा सकते हैं सफाई? इस संबंध में प्रधान अध्यापक से जानकारी की गई तो उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली कहावत सामने आ गई। हेड मास्टर सम्बिल हसन का कहना था कि विद्यालय में सफाई कर्मचारी नहीं है। स्कूल में स्वच्छता पखवाड़ा दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी कहना है कि स्कूल में बच्चों से सफाई करा सकते हैं। वहीं  स्कूल के आसपास रहने वाले लोगों ने नाम ना छापने की शर्त बताया कि बच्चों से हर दिन सफाई कराने का कार्य लिया जाता है।

जापान की तर्ज पर होगा काम: बीएसए

बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरन यादव ने बताया कि सभी विद्यालयों में स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जा रहा है। हमारे डीजी साहब के भी आदेश हैं कि स्कूल के स्टाफ तथा बच्चे सफाई कार्य में सहयोग कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जापान के मॉडल पर यहां भी कार्य होना है। पिछले दिनों बिजनौर आए मुख्यमंत्री जी की भी यही मंशा थी। इसके बावजूद सिर्फ बच्चों द्वारा कूड़ा डालने की वीडियो पर बोले कि स्टाफ के साथ ही बच्चों से भी काम कराया जा सकता है। वायरल वीडियो में सिर्फ बच्चे ही दिखने की वजह ये है कि किसी ने इतनी ही क्लिप डाली है।

हल्दौर की छात्राओं ने गणित में फहराया परचम

प्रदेश में कस्तूरबा गांधी बाल आवासीय विद्यालय हल्दौर जनपद बिजनौर की छात्राएं गणित में अव्वल

प्रदेश के 746 विद्यालयों में प्रथम स्थान पर हैं छात्राएं

प्रदेश स्तर पर आयोजित हो रही है मैथ्स प्रीमियर लीग नामक प्रतियोगिता

बिजनौर। कस्तूरबा गांधी बाल आवासीय विद्यालय हल्दौर की छात्राओं को खान एकेडमी के माध्यम से गणित विषय कम्प्यूटर से पढ़ाया जा रहा है। प्रदेश स्तर पर मैथ्स प्रीमियर लीग के नाम एक प्रतियोगिता आयोजित हो रही है। पांच सितंबर से शुरू ये प्रतियोगिता 30 सितम्बर तक चलेगी। प्रथम दो सप्ताहों में कस्तूरबा गांधी बाल आवासीय विद्यालय हल्दौर की छात्राएं सबसे अधिक कुशलता दिखाकर प्रदेश के 746 विद्यालयों में प्रथम स्थान पर हैं।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरण यादव ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रतियोगिता को जीतने में गणित शिक्षिका पूनम, वार्डन संजू रानी एवं समस्त स्टाफ का निर्देशन रहा है। शिक्षिकाएं बालिकाओं की अपने मोबाइल पर खान एकेडमी द्वारा प्रशिक्षण एवं प्रोजेक्ट पूरा कराने में भी सहयोग कर रही हैं। बालिकाओं में प्रिसा, शक्ति, अश्विनी भूमिका, दीपांशी, राजल, उपेक्षा, रिया आदि का प्रसंशनीय कार्य है।


डीएवी कॉलेज में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया हिंदी दिवस

हिंदी दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। डीएवी कॉलेज में हुआ कार्यक्रम।

बिजनौर। डीएवी इंटर कॉलेज बिजनौर में हिंदी दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अध्यापकों तथा छात्रों ने अपने विचार रखे। लेफ्टिनेंट राजेंद्र सिंह ने हिंदी भाषा को देवों की भाषा बताया। अजय कुमार सरोज ने हिंदी के इतिहास पर प्रकाश डाला। विशाल जी ने अपने दैनिक कार्य हिंदी भाषा में संपादित करने के लिए जोर दिया। लवलेश शर्मा ने हिंदी शब्द की उत्पत्ति के बारे में बताया अरुण गर्ग ने बताया कि क्षेत्रवाद हिंदी के विकास में अवरोध उत्पन्न करता है।

लोकेश कुमार ने हिंदी की तुलना माता से कर के बताया कि दूसरे की मां कितनी भी अच्छी क्यों ना हो लेकिन अपनी मां का स्थान नहीं ले सकती। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य चंदू सिंह ने हिंदी दिवस पर छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छात्रों के चहुंमुखी विकास के लिए मात्र भाषा महत्वपूर्ण है क्योंकि हम अपने विचारों को अपनी मातृभाषा में अधिक सहजता से अभिव्यक्त कर सकते हैं।

डॉo मंजू रानी, विनोद कुमार यादव, नीरज कुमार शर्मा, राजवीर सिंह, दिनेश कुमार शर्मा, नीरज शर्मा, शरद शर्मा, हरीश कुमार आदि कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

आज मिला था हिन्दी को राजभाषा का दर्जा

सतेंद्र चौधरी कम्भौर, बिजनौर (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

देश में राजभाषा हिन्दी को बढ़ावा देने के लिए हर साल 14 सिंतबर को हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस दिन को मनाने का मकसद लोगों में हिन्दी भाषा के प्रति जागरूकता लाना है. वैसे तो हमारे देश में कई भाषाएं व बोलियां बोली जाती हैं, लेकिन देश में 77 फीसदी से ज्यादा लोग बोलचाल के लिए सिर्फ हिन्दी का ही इस्तेमाल करते हैं. इसके साथ ही हिन्दी को विश्व में सबसे ज्यादा बोले जाने वाली चौथी भाषा का खिताब भी हासिल है. 

वर्ष 1949 में 14 सिंतबर के दिन ही संविधान सभा द्वारा हिन्दी को राज भाषा का दर्जा दिया गया था. इसके बाद  1953 में राष्ट्रभाषा प्रचार समिति की सलाह पर देश में पहली बार हिन्दी दिवस के मौके पर कार्यक्रमों का आयोजन शुरू किया गया. तभी से हर साल 14 सितंबर को स्कूल, कॉलेज, शिक्षण संस्थानों में हिन्दी दिवस के अवसर पर निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद प्रतियोगता, कविता पाठ, नाटक समेत अन्य लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है, साथ ही सरकारी दफ्तरों में हिंदी पखवाड़े का भी आयोजन किया जाता है.

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 के तहत हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता दी गई है. सबसे पहले हिंदी को राज भाषा बनाये जाने का प्रस्ताव साल 1918 में हिन्दी साहित्य सम्मेलन के दौरान महात्मा गांधी द्वारा रखा गया था. 

फारसी भाषा का शब्द है हिन्दी

बहुत ही कम लोगों को ये पता होगा कि हिन्दी खुद एक फासरी शब्द है. जी हां, आप ने सही पढ़ा है हिन्दी शब्द मूलत फासरी भाषा का शब्द है, यह फारसी लोगों द्वारा सिन्धी की जगह पर बोला जाता था. फारसी में ‘स’ वर्ण होता ही नहीं है, वो लोग ‘स’ के जगह पर ‘ह’ का इस्तेमाल करते थे, जिसकी वजह से सिंध-हिन्द हो गया. सिन्धू के क्षेत्र में रहने वाले लोगों को हिन्दू और उनके द्वारा बोली जाने वाली भाषा को हिन्दी कहा जाने लगा.

1900 में हुई थी आज की हिंदी की शुरुआत

भाषाविदों की मानें तो हिन्दी के वर्तमान स्वरूप, जिसमें आज हम पढ़ व लिख रहे हैं; की शुरूआत 1900 ईसवी में हुई थी. खड़ी बोली यानी हिंदी में लिखी गई पहली कहानी इंदुमती थी. इसे किशोरीलाल गोस्वामी ने लिखा था. इसकी हिंदी भाषा काफी हद तक वैसी ही है जैसी आज लिखी और बोली जाती है.

हिन्दी की अनेक बोलियाँ (उपभाषाएँ ) हैं, जिनमें अवधी, ब्रजभाषा, कन्नौजी, बुंदेली, बघेली, हड़ौती, भोजपुरी, हरयाणवी, राजस्थानी, छत्तीसगढ़ी, मालवी, नागपुरी, खोरठा, पंचपरगनिया, कुमाउँनी, मगही, मेवाती आदि प्रमुख हैं. इनमें से कुछ में अत्यन्त उच्च श्रेणी के साहित्य की रचना हुई है. ऐसी बोलियों में ब्रजभाषा और अवधी प्रमुख हैं. यह बोलियाँ हिन्दी की विविधता हैं और उसकी शक्ति भी. वे हिन्दी की जड़ों को गहरा बनाती हैं. हिन्दी की बोलियाँ और उन बोलियों की उप बोलियाँ हैं जो न केवल अपने में एक बड़ी परंपरा, इतिहास, सभ्यता को समेटे हुए हैं वरन स्वतंत्रता संग्राम, जनसंघर्ष, वर्तमान के बाजारवाद के खिलाफ भी उसका रचना संसार सचेत है.

पश्चिमी हिन्दी का विकास शौरसेनी अपभ्रंश से हुआ है. इसके अंतर्गत पाँच बोलियाँ हैं खड़ी बोली, हरियाणवी,  ब्रजभाषा, कन्नौजी और बुंदेली. खड़ी बोली अपने मूल रूप में मेरठ, रामपुर, मुरादाबाद, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, बागपत के आसपास बोली जाती है. इसी के आधार पर आधुनिक हिंदी और उर्दू का रूप खड़ा हुआ. बांगरू को जाटू या हरियाणवी भी कहते हैं. यह पंजाब के दक्षिण पूर्व में बोली जाती है. कुछ विद्वानों के अनुसार बांगरू खड़ी बोली का ही एक रूप है, जिसमें पंजाबी और राजस्थानी का मिश्रण है. ब्रजभाषा मथुरा के आसपास ब्रजमंडल में बोली जाती है. हिंदी साहित्य के मध्ययुग में ब्रजभाषा में उच्च कोटि का काव्य निर्मित हुआ. इसलिए इसे बोली न कहकर आदरपूर्वक भाषा कहा गया. मध्यकाल में यह बोली संपूर्ण हिंदी प्रदेश की साहित्यिक भाषा के रूप में मान्य हो गई थी, पर साहित्यिक ब्रजभाषा में ब्रज के ठेठ शब्दों के साथ अन्य प्रांतों के शब्दों और प्रयोगों का भी ग्रहण है. कन्नौजी गंगा के मध्य दोआब की बोली है. इसके एक ओर ब्रजमंडल है और दूसरी ओर अवधी का क्षेत्र. यह ब्रजभाषा से इतनी मिलती जुलती है कि इसमें रचा गया जो थोड़ा बहुत साहित्य है, वह ब्रजभाषा का ही माना जाता है. बुंदेली बुंदेलखंड की उपभाषा है. बुंदेलखंड में ब्रजभाषा के अच्छे कवि हुए हैं, जिनकी काव्यभाषा पर बुंदेली का प्रभाव है.

साहित्य; समाज में संस्कारों और संस्कृति का संवाहक – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

साहित्य समाज में संस्कारों और संस्कृति का संवाहक – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने पूर्व शिक्षा अधिकारी राम बचन सिंह यादव की तीन पुस्तकों का किया विमोचन

आजमगढ़ में साहित्य की समृद्ध परम्परा रही है – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

आजमगढ़। साहित्य समाज में संस्कारों व संस्कृति का संवाहक है। ऐसे में साहित्यकारों का दायित्व है कि ऐसा लेखन करें जो साहित्य के माध्यम से भारतीय संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाए। उक्त उद्गार चर्चित साहित्यकार एवं वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने सेवानिवृत्त उप बेसिक शिक्षा अधिकारी राम बचन सिंह यादव ‘बेराही’ की तीन पुस्तकों – नायाब नायक कर्ण (खंड काव्य), अंतर्बोध (काव्य संग्रह) और असुरवंश बनाम राजवंश (खंड काव्य) का विमोचन करते हुए व्यक्त किया। लाइफ लाइन हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, आजमगढ़ के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में चंद्रजीत सिंह यादव, उप शिक्षा निदेशक, मिर्जापुर मंडल, प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. अनूप कुमार सिंह, डॉ. गायत्री सिंह, गीता सिंह भी मंचासीन रहे।

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि एक तरफ रामायण काल की घटनाओं को सहेजे खंड-काव्य ‘असुरवंश बनाम राजवंश’ तो दूसरी तरफ महाभारत काल के ‘नायाब नायक कर्ण’ के जीवन के अंतर्द्वंदों को सहेजे खंड-काव्य की रचना, वहीं जीवन की तमाम अनुभूतियों व संवेदनाओं को सहेजता काव्य संग्रह ‘अंतर्बोध’ एक कवि के रूप में राम बचन सिंह यादव की आध्यात्मिक व दार्शनिक प्रवृत्ति, सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव, इतिहास बोध का भरपूर ज्ञान और महापुरुषों से युवा पीढ़ी को जोड़ने का सत्साहस दिखाता है। परिस्थिति और ऐतिहासिक चेतना के द्वंद से उबरते हुए उन्होंने लोग-मंगल से जुड़कर युगीन सत्य को भेदकर मानवीयता को खोजने का प्रयत्न किया। श्री यादव ने कहा कि रामायण और महाभारत जैसे महाकाव्यों ने ज्ञान, भक्ति और कर्म की त्रिवेणी प्रवाहित कर भारतीय जनमानस को जागृत किया। इनमें जिन प्रगतिशील मूल्यों व समानता के भावों पर बल दिया है, उसे आज बार- बार उद्धृत करने की जरूरत है।

ऋषियों-मुनियों, क्रांतिकारियों व साहित्यकारों की पावन धरा- आजमगढ़ से जुड़े अपने अनुभवों को साझा करते हुए श्री यादव ने कहा कि तमाम ऋषियों-मुनियों, क्रांतिकारियों व साहित्यकारों की पावन धरा रहे आजमगढ़ में साहित्य की समृद्ध परंपरा रही है। राहुल सांकृत्यायन, अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’, आचार्य चंद्रबली, श्याम नारायण पांडेय,अल्लामा शिब्ली नोमानी, कैफी आजमी जैसे यहाँ के साहित्यकारों ने देश-दुनिया में ख्याति अर्जित की है। आज भी आजमगढ़ के तमाम साहित्यकार न सिर्फ उत्कृष्ट रच रहे हैं बल्कि समाज को एक नई राह दिखा रहे हैं।

पोस्टमास्टर जनरल श्री यादव ने कहा कि सरकारी सेवाओं में रहते हुए भी साहित्य सृजन का कार्य व्यक्ति की दृष्टि को और भी व्यापक बनाता है। शिक्षा व्यक्ति में ज्ञान उत्पन्न करती है तो साहित्य संवेदना की संपोषक है। इसी कड़ी में राम बचन सिंह यादव न केवल एक शिक्षक एवं पथ प्रदर्शक के रूप में रहे, बल्कि साहित्य के विकास एवम उन्नयन में भी महती भूमिका निभाने को तैयार हैं।

उप शिक्षा निदेशक, मिर्जापुर मंडल चंद्रजीत सिंह यादव ने कहा कि राम बचन सिंह यादव की कविताएं पाठक को खुद अपना अंतर्बोध कराती प्रतीत होती हैं। मानवीय मूल्यों के पतन और समाज की वर्तमान स्थिति को उन्होंने अपनी कविताओं में अक्षरक्ष: उतार दिया है।

न्यूरोसर्जन डॉ. अनूप कुमार सिंह ने कहा कि अच्छी पुस्तकें जीवन के लिए टॉनिक का कार्य करती हैं। इनके अध्ययन-मनन से एकाकीपन, निराशा और अवसाद से भी बचा जा सकता है। युवाओं में पुस्तकें पढ़ने की आदत विकसित करनी होगी।

अपनी रचना प्रक्रिया पर राम बचन सिंह यादव ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम और नायक कर्ण का व्यक्तित्व सदैव से प्रभावित करता रहा है, जिन्होंने तमाम संघर्षों और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भी जीवन में मूल्यों का साथ नहीं छोड़ा। इन पर खंड-काव्य लिखकर अपने को बेहद सौभाग्यशाली समझता हूँ। पिताजी के अंतिम दिनों की अवस्था देखकर भी मुझे जीवन का अंतर्बोध हुआ, जिसे काव्य संग्रह के रूप में परिणित किया।

इस अवसर पर प्रो.आरके यादव, सरोज, ऋषि मुनि राय, मिथिलेश तिवारी, घनश्याम यादव, संजय यादव, आलोक त्रिपाठी, सूर्य प्रकाश सहित तमाम साहित्यकार और गणमान्य जन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन आरके फार्मेसी सठियांव आजमगढ़ के प्राचार्य डॉ. अभय प्रताप यादव ने तथा आभार ज्ञापन प्रेम प्रकाश यादव ने किया।

प्राइवेट स्कूलों को टक्कर दे रहा जटनंगला का सरकारी प्राथमिक विद्यालय

नौ वर्ष पूर्व ऐसा था विद्यालय का नजारा

प्राइवेट स्कूलों को टक्कर दे रहा जटनंगला का सरकारी प्राथमिक विद्यालय। शिक्षक ने बदल दी विद्यालय की तस्वीर। राज्य स्तरीय पत्रिका के प्रथम पृष्ठ पर विद्यालय के छाया चित्र को मिली जगह।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित पत्रिका में दिखाया गया है विद्यालय के शौचालय के छायाचित्र

आकाश तोमर, स्योहारा।

सरकारी स्कूल अब प्राइवेट स्कूलों को मात देने लगे हैं। संसाधन, ग्रीनरी, विद्यालयीय सौंदर्य, स्वच्छता, अनुशासन, स्तरीय पढ़ाई व सामान्य ज्ञान सरकारी प्राइमरी स्कूल की पहचान बनने लगा है। स्कूल में अब कक्षा में प्रोजेक्टर से पढ़ाई कराई जाती है। स्योहारा ब्लाक क्षेत्र में जटनंगला का प्राथमिक विद्यालय इसका उदाहरण बना है, जहां बच्चों की संख्या भी साल दर साल बढ़ी है।

यूं तो अनुशासनहीनता, अस्वच्छता, स्तरहीन शिक्षा के लिए सरकारी प्राइमरी स्कूल पहचाने जाते हैं, लेकिन यदि शिक्षक के मन में लगन हो तो सरकारी स्कूलों में भी बदलाव दिखाई देने लगाता है। ऐसा ही बदलाव हुआ है जटनंगला के प्राइमरी स्कूल में। यहां शिक्षा आधुनिक ज्ञान के साथ कदमताल कर रही है। स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के लिए कोर्स के साथ साथ शिक्षक द्वारा अंग्रेजी स्पीकिंग का कोर्स भी कराया जा रहा है।

विद्यालय में प्रवेश द्वार से ही बहुत करीने से कटी घास की बाउंड्रीवाल, सौंदर्य को बढ़ाने के लिए शानदार पेड़ पौधे स्वागत करते हैं। बच्चे पूर्ण रूप से ड्रेस कोड में आते हैं। स्कूल में दीवारों, क्लास रूम में मनोरंजक ज्ञानवर्द्धक पेंटिंग लगी हैं। बच्चों में अपनी कक्षा के अनुरूप अंग्रेजी बोलने समझने का ज्ञान है। किसी भी बच्चे से अंग्रेजी में सामान्य संवाद किया जा सकता है। राष्ट्रपिता, राज्यपाल का नाम, पिता का नाम, फलों, फूलों, जानवरों, पक्षियों आदि के नाम पूछे जा सकते हैं। बच्चों को 30 तक पहाड़े याद हैं।

प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक वैभव चौधरी का कहना है कि 2014 में यह विद्यालय भी अन्य विद्यालयों जैसा ही था। गांव में ओबीसी व सामान्य जाति के बच्चे तो इस विद्यालय में प्रवेश ही नहीं लेते थे, जिसे मैंने चुनौती के रूप में लिया। चार वर्ष पूर्व अपने खर्च से एक प्रोजेक्टर खरीदकर बच्चों को कथा – कहानियों के माध्यम से पढ़ाना शुरू किया। विद्यालय में सौंदर्यीकरण हेतु हेज लगाई, उसकी कटिंग कराई और पौधे लगाए। शौचालय नहीं था। इसलिए अपने पास से 30 हजार रुपए खर्च करके शौचालय बनवाया। बाद में ग्राम प्रधान द्वारा शौचालय की धनराशि दे दी गई, साथ ही इंटरलॉकिंग करा दी।

  • आठ वर्ष पूर्व पढ़ने के लिए विद्यालय में आते थे सिर्फ 9 ही बच्चे
  • जटनंगला के प्राइमरी स्कूल में वर्ष 2014 में सिर्फ 9 बच्चे पढ़ाई करने आते थे। जैसे जैसे स्कूल की हालत में सुधार हुआ, तो बच्चों की संख्या भी बढ़ गई। वैभव चौधरी ने बताया कि गांव के पांचवी कक्षा तक के सभी बच्चे हमारे यहां प्राइमरी स्कूल में ही शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उनका लक्ष्य है कि शिक्षा अनुशासन, सामान्य ज्ञान आदि में उच्च स्तरीय मुकाम हासिल कर इस स्थिति में लाया जाए कि अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला किसी कान्वेंट स्कूल में ना कराकर गांव के प्राथमिक विद्यालयों में ही कराएं।

वैभव चौधरी ने बताया कि नीति आयोग द्वारा पंजीकृत संस्था “प्राग्रथ” द्वारा विद्यालय को झूले और एक कंप्यूटर सेट बच्चों को इसी माह दिया जाएगा। वहीं यूनिसेफ के सौजन्य से प्रकाशित राज्य स्तरीय पत्रिका के प्रथम पृष्ठ पर भी विद्यालय के छाया चित्र को जगह मिली है। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित पत्रिका में विद्यालय के शौचालय के छायाचित्र को दिखाया गया है।

साउथ कोरिया में PHD को चयनित वैशाली के माता पिता का सम्मान

बिजनौर। साउथ कोरिया में पीएचडी प्रोग्राम के लिए चयनित अभ्यर्थी वैशाली के माता पिता को क्षेत्रीय सांसद द्वारा सम्मानित किया गया।
प्रबंधक कमेटी श्री रविदास मंदिर बालावाली तथा रविदास सभा बिजनौर के तत्वाधान में नजीबाबाद के आदर्श नगर की गली एक-बी में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद गिरीश चंद रहे। सम्मान समारोह की अध्यक्षता रविदास सभा कमेटी के अध्यक्ष राजेंद्र एडवोकेट ने की। सभा में उपस्थित कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट राजेंद्र, सचिव भूपेंद्र रंजन, सांसद गिरीश चंद ने वैशाली के माता-पिता को शॉल एवं प्रतीक चिन्ह से सम्मानित किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने उपस्थित लोगों से बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।

मुख्य रूप से भूपेंद्र कुमार प्रधानाचार्य एवं पूर्व मंडल कोऑर्डिनेटर बसपा, इंजीनियर मनोहर लाल पूर्व मंडल कोऑर्डिनेटर बसपा, दिलीप कुमार उर्फ पिंटू जिला महासचिव, विजय पाल सिंह पूर्व मंडल कोऑर्डिनेटर, इफ्तेखार भूरे भाई जिला संयोजक बसपा, अमर सिंह जिला पंचायत सदस्य एवं जिला सचिव बसपा, आदिल चौधरी वरिष्ठ बसपा नेता, जगत सिंह जिला संयोजक बीवीएफ, राम कुमार एडवोकेट, गोविंद सिंह सेक्टर अध्यक्ष बसपा, पवन कुमार क्षेत्र पंचायत जिला अध्यक्ष वीडीसी, अवनीश कुमार एडवोकेट, अवधेश कुमार एडवोकेट, अनुज कुमार विधानसभा सचिव, राहुल कुमार प्रत्याशी पूर्व जिला पंचायत सदस्य, दीपक कुमार मंडल कोऑर्डिनेटर, रतिराम पूर्व प्रधान सिकरोड़ा, जग्गू सिंह, दयाराम, विनोद, नीरज, क्षेत्र पंचायत सदस्य धीरज सिंह, रोहित, सोनू आदि सभा में मौजूद रहे।

महान शिक्षाविद, सफल राजनीतिज्ञ तथा महान दार्शनिक थे सर्वपल्ली राधाकृष्णन

महान शिक्षाविद, सफल राजनीतिज्ञ तथा महान दार्शनिक थे डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन। आरजेपी में हुआ शिक्षक दिवस का आयोजन। वक्ताओं ने की महान शिक्षाविद को श्रद्धांजलि अर्पित। चंद्रहास सिंह को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान


बिजनौर। आरजेपी इंटर कॉलेज बिजनौर में राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्मदिवस शिक्षक दिवस के रूप में उत्साह पूर्वक मनाया गया। प्रार्थना स्थल पर डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के चित्र पर प्रधानाचार्य सहित सभी शिक्षकों शिक्षणेत्तर कर्मचारियों स्काउट एनसीसी तथा एनएसएस के छात्रों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। शिक्षकों ने अपने पूर्व राष्ट्रपति तथा महान शिक्षाविद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देश, शिक्षा तथा शिक्षकों के लिए उनके समर्पण पर अपने विचार प्रकट किए।

प्रधानाचार्य कैप्टन बिशनलाल ने कहा कि डॉ राधाकृष्णन जी भारत के ऐसे रत्न थे जिन्होंने भारतीय संस्कृति भारतीय दर्शनशास्त्र का विदेशों में भी जाकर शिक्षण किया। वह न केवल एक महान शिक्षाविद थे बल्कि एक सफल राजनीतिज्ञ तथा महान दार्शनिक भी थे। उनकी महिमा उनकी सादगी उनकी विद्वता हम सबको प्रेरित करती है कि हम भी अपने देश को आगे ले जाने के लिए विश्व गुरु बनाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहें। इस अवसर पर उप प्रधानाचार्य गयूर आसिफ, वीएस चौहान, बालेश कुमार, एसपी गंगवार, सुधीर कुमार, बृजेश राजपूत, सुभाष बाबू, सुधांशु कुमार वत्स, सुभाष बाबू, अतुल रस्तोगी, मनोज कुमार यादव, मीना सिंह, रश्मि, डीओसी स्काउट चंद्रहास सिंह चौहान, अलका अग्रवाल, रेशु शर्मा, मोहम्मद अनस, वाजिद हुसैन, वीरेंद्र कुमार, राजेंद्र कुमार, अभय सिंह, लक्षेश कुमार, पीके सिंह, भूपेंद्र पाल सिंह, नरेश कुमार, भोला नाथ आदि शिक्षकों ने भी पुष्प अर्पित कर डॉक्टर राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा भारतीय संस्कृति एवं दर्शन को विदेशों तक पहुंचाने में उनके महत्व योगदान पर विचार प्रकट किए।

चंद्रहास सिंह को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान

बिजनौर। शिक्षक दिवस के पावन पर्व पर रोटरी क्लब बिजनौर द्वारा मंडलाध्यक्ष डी0के0 शर्मा, जिलाध्यक्ष कमल मित्तल, कार्यक्रम प्रमुख गौरव भारद्वाज, सचिव सौरव राजवंशी द्वारा राजा ज्वाला प्रसाद आर्य इंटर कॉलेज बिजनौर में कार्यरत शिक्षक एवं स्काउट डीओसी बिजनौर व अटेवा प्रांतीय उपाध्यक्ष चंद्रहास सिंह को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर चंद्रहास सिंह ने कहा कि कहा शिक्षक एक मोमबत्ती है जो स्वयं जलकर सबको प्रकाश देने का कार्य करता है साथ ही अपने शिष्यों को दुनिया के श्रेष्ठ से श्रेष्ठ पदों पर आसीन कर समाज का अच्छा नागरिक बनने का प्रयास करता है। प्रधानाचार्य कैप्टन बिशन लाल ने रोटरी क्लब द्वारा चंद्रहास सिंह को सम्मानित करने पर आभार व्यक्त करते हुए बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की ईश्वर से कामना की। इस मौके पर उपप्रधानाचार्य गयूर आसिफ, सुधांशु वत्स, कौशल, एकता, भूपेंद्र चौधरी, मनोज कुमार यादव, बालेश कुमार, डॉक्टर सुनील आदि मौजूद रहे

बिरादरी के लिए छुट्टी लेकर सरकार की खिलाफत?

सरकार के खिलाफ बिरादरी के झंडाबरदार बने प्रिंसिपल साहब। एसडीएम को ज्ञापन देने से किया इंकार। अड़ गए डीएम को बुलाने की मांग पर

बिजनौर। महाभारत काल से महात्मा विदुर की धरती पर राजनीति साधारण सी बात है, लेकिन ये ऐसी भी बला है कि व्यक्ति आगापीछा नहीं सोचता। वह ऐसा तक कुछ कर जाता है, जो कानूनन उचित भी नहीं है। वह भी तब, जब कोई सरकारी विभाग में पदस्थ हो। ऐसा ही कुछ हो गया बिजनौर में। दरअसल एक प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य संजीव त्यागी ने बिरादरी के लिए अवकाश लेकर सरकार के खिलाफ ही बिगुल फूंक डाला।

हुआ यूं कि उत्तर प्रदेश प्रगतिशील त्यागी समाज के बैनर तले मंगलवार को कलक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस दौरान नोएडा सांसद डॉ महेश शर्मा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई। मामला तब बिगड़ा जब एसडीएम को ज्ञापन देने से इंकार करते हुए डीएम को मौके पर बुलाने की मांग पर आंदोलनकारी अड़ गए। देर शाम जिलाधकारी तो मौके पर नहीं पहुंचे, लेकिन आंदोलकारियों को अपने कार्यालय बुला कर ज्ञापन ले लिया।

ज्ञापन के लिए तैयार पटकथा- उत्तर प्रदेश प्रगतिशील त्यागी समाज के जिलाध्यक्ष संजीव कुमार त्यागी, महामंत्री रजत त्यागी व कोषाध्यक्ष अनिल त्यागी ने 05 सितम्बर 2022 को जिलाधिकारी से अनुमति मांगी थी कि 06 सितंबर को संगठन के शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर बैठक कर के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उन्हें सौंपा जाएगा। तय कार्यक्रम के अनुसार संगठन के लोग मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंच गए। वहां पर एसडीएम मोहित कुमार ज्ञापन लेने पहुंचे। बताया गया है कि जिलाध्यक्ष संजीव त्यागी ने एसडीएम को ज्ञापन देने से इंकार कर दिया और जिलाधकारी को ही मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। साथ ही कहा कि डीएम के आकर ज्ञापन लेने पर ही धरना प्रदर्शन समाप्त किया जाएगा।

लैटरहैड बदल गया एक ही दिन बाद! बाद में ज्ञापन त्यागी भूमिहार ब्राह्मण समाज मोर्चा चौ0 चरण सिंह पार्क मेरठ के लेटरहैड पर तैयार कराया गया। इसमें अनु त्यागी पत्नी श्रीकांत त्यागी की ओर से दिये गए आठ सूत्रीय ज्ञापन में नोएडा सांसद डॉ महेश शर्मा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई। इस पर बिजनौर के राजा त्यागी के हस्ताक्षर हैं।

छुट्टी लेकर आंदोलन? वहीं संजीव त्यागी से खास बिरादरी को लेकर आंदोलन चलाने के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि नियमानुसार एक वर्ष में 14 दिन का अवकाश ले सकते हैं। अभी वह अवकाश पर हैं।

विभाग के पास नहीं एप्लिकेशन- एबीएसए डॉ प्रभात ने दावा किया कि झलरा फरीदपुर भोरु के प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य संजीव त्यागी के अवकाश पर होने का कोई भी रिकॉर्ड विभाग के पास नहीं है। उनके संज्ञान में संजीव त्यागी द्वारा लिखित या ऑनलाइन अवकाश लेने संबंधी कोई जानकारी नहीं है।

प्रदर्शन करने वालों में संजीव त्यागी, संदीप त्यागी, तरुण त्यागी, राहुल त्यागी, पुलकित त्यागी, कामेश त्यागी, रामगोपाल त्यागी, नरेंद्र त्यागी, धीरेंद्र त्यागी, संदीप त्यागी, मनु त्यागी, राकेश त्यागी, नीरज त्यागी आदि शामिल रहे।

यहां यह बताना आवश्यक होगा कि राजनीतिक मैराथन में लगातार नित नए सोपान चढ़ रही भारतीय जनता पार्टी अपने संगठन के भीतर किसी भी प्रकार का विवादित मुद्दा स्वीकार करने के मूड में नहीं है। श्रीकांत त्यागी और नोएडा सांसद महेश शर्मा के बीच के प्रकरण ने पार्टी संगठन को असहज स्थिति में धकेल दिया। आसन्न निकाय चुनाव और उसके बाद होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ही क्या, कोई भी पार्टी अपने परंपरागत वोटर को नाराज नहीं करना चाहती। यही कारण भी है कि डैमेज कंट्रोल के लिए श्रीकांत त्यागी व उनके परिजनों के साथ हुई ज्यादतियों को ध्यान में रख कर पार्टी अपने कदम फूंक फूंक कर रख रही है।

कांता प्रसाद पुष्पक को बेस्ट टीचर ऑफ दी कॉलेज का अवार्ड

आरएसपी इंटर कॉलेज में आयोजित हुआ कार्यक्रम। कांता प्रसाद पुष्पक को बेस्ट टीचर ऑफ दी कॉलेज का अवार्ड

बिजनौर। आरएसपी इंटर कॉलेज स्योहारा में आयोजित समारोह में बायोलॉजी टीचर कांता प्रसाद पुष्पक को बेस्ट टीचर ऑफ दी कॉलेज का अवार्ड दिया गया। कालेज स्तर पर पहली बार अवार्ड कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कांता प्रसाद पुष्पक को पहले भी चार बार शिक्षा के क्षेत्र में सम्मानित किया जा चुका है। शिक्षा मंत्री व रोटरी क्लब के अलावा दो बार जिलाधिकारी भी सम्मानित कर चुके हैं। कांता प्रसाद पुष्पक का कहना है कि उनका मन प्रसन्न रहता है कि वह शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान दे रहे हैं।
इस दौरान प्रधानाचार्य मधुबाला शर्मा, परवेन्द सिंह, सत्यदेव त्यागी आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन मनोज दुबे और मोहक दीक्षित ने संयुक्त रूप से किया।

विज्ञान प्रतियोगिता में अव्वल बच्चों को मिला पुरुस्कार

बिजनौर। चांदपुर में राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत विज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें ब्लॉक जलीलपुर क्षेत्र के सभी उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रथम द्वितीय स्थान हासिल करने वाले विजेता बच्चों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान लिखित और एक मौखिक परीक्षाएं हुईं। इस प्रतियोगिता में प्रथम 10 विजेताओं को प्रमाण पत्र, स्मृति चिन्ह, विज्ञान क्विज नगद पुरस्कार (धन राशि ₹500 प्रति 10 छात्रों को) सामान्य ज्ञानोत्तरी प्रश्नोत्तरी पुस्तक तथा लेखन सामग्री का वितरण किया गया। कार्यक्रम का सफल कार्य खंड शिक्षा अधिकारी गजेंद्र सिंह तथा संचालन एआरपी इरशाद ने किया।

जिला बिजनौर की तहसील चांदपुर क्षेत्र अंतर्गत जलीलपुर ब्लॉक क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय स्याऊ में राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सभी उच्च प्राथमिक विद्यालयों एवं कंपोजिट विद्यालय के प्रत्येक विद्यालय के 2-2छात्र छात्राओं के द्वारा राष्ट्रीय प्रतिभा खोज प्रतियोगिताओं के आयोजन हेतु प्रतिभाग किया गया। इसके अंतर्गत ब्लॉक स्तरीय विज्ञान एवं गणित विषयक क्विज प्रतियोगिता, जिसमें लिखित और मौखिक दोनों पक्षों को शामिल करते हुए सफलतापूर्वक आयोजन पूर्व माध्यमिक विद्यालय के परिसर में किया गया। आयोजन में खण्ड शिक्षा अधिकारी जलीलपुर गजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में आयोजन हुआ।

इन प्रतियोगिताओं के विजेता छात्रों को जनपद स्तर से उपलब्ध कराई गई प्रश्नावली के आधार पर यह परीक्षा पर्याप्त पारदर्शी और शुचिता पूर्ण ढंग से एआरपी इरशाद अहमद के मार्गदर्शन में संपादित कराई गई। विज्ञान विषय के शिक्षक गण सचिन अग्रवाल, डॉ मुकेश कुमार, विनय चौहान रिमिश गहलोत आदि ने सक्रिय सहयोग प्रदान कर आयोजन सफलता पूर्वक संपन्न कराया। प्रतियोगिताओं के अंत में विजेता छात्र-छात्राओं को विशेष पुरस्कार प्रदान करते हुए सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा शीर्ष 10 विजेता बच्चों को, जिन्हें जनपद स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किए जाने के लिए पूर्व माध्यमिक विद्यालय कन्या स्याऊ, ब्लॉक जलीलपुर बिजनौर के विद्यालय परिसर में समारोह पूर्वक सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पवन वाले कन्हैया, द्वितीय शिवराज तथा तृतीय सोनिका को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में मुकेश, सचिन अग्रवाल, मुकेश यादव, विनय चौहान, आरिफ जमाल, शलभ अग्रवाल, शमीम अहमद, कमल कांत शर्मा तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विज्ञान अध्यापकों का सहयोग रहा।

सैनी प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन 28 को

बिजनौर। महात्मा ज्योतिबा फुले वेलफेयर सोसाइटी जनपद बिजनौर के तत्वावधान में आगामी 28 अगस्त दिन रविवार प्रात: 10:00 बजे शहनाई वेंकट हाल बिजनौर में सैनी प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है।

उक्त जानकारी देते हुए सोसायटी के अध्यक्ष प्रधान कल्याण सिंह सैनी ने बताया कि महात्मा ज्योतिबा फुले वेलफेयर सोसाइटी पिछले 22 वर्षों से प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित करती आ रही है। इस वर्ष यह कार्यक्रम 28 अगस्त रविवार को शहनाई बैंकट हाल में होगा। कार्यक्रम में सैनी समाज के प्रतिभाशाली छात्र छात्राएं, जिन्होंने किसी भी फाइनल परीक्षा में 70% अंक प्राप्त किए हो, उन्हें सम्मानित किया जाएगा।

कल्याण सिंह सैनी ने बताया कि समारोह में डॉ कल्पना सैनी सदस्य राज्यसभा, राम अवतार सैनी, विधायक नूरपुर कमलेश सैनी, निवर्तमान विधायक चांदपुर वीके मौर्य, कुलसचिव मां शाकुंभरी यूनिवर्सिटी सहारनपुर डॉ कमल सैनी प्रतियोगिता एक्सपर्ट जयपुर अतिथि होंगे। उन्होंने सैनी समाज से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल होकर कार्यक्रम सफल बनाएं।

कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में अनूठी पहल

बच्चों को स्कूली बैग व दीवार घड़ी वितरित

कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में मौलिक सुविधाओं में सुधार के लिए सीडीओ ने की अनूठी पहल

बिजनौर। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में पाठ्य सामग्री एवं मौलिक सुविधाओं में सुधार लाने के उद्देश्य से विकास भवन में सोशल क्लब के अंतर्गत कार्यालय के अधिकारी कर्मचारी द्वारा स्वेच्छा से आर्थिक सहायता की गई। सीडीओ पूर्ण बोरा के नेतृत्व में जिला विकास अधिकारी एस कृष्णा द्वारा कस्तूरबा गांधी विद्यालय नोएडा में अध्ययनरत 96 छात्राओं को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण किया गया। विकास खंड किरतपुर में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय भनेड़ा में कक्षा 9 की 34, कक्षा 10 की 26, कक्षा 11 की 31, कक्षा 12 की 5 छात्राओं को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण हुआ। कार्यक्रम में विद्यालय को तीन दीवार घड़ी, 4 व्हाइट बोर्ड एवं 147 बच्चों को स्कूली बैग भी उपहार स्वरूप वितरित किए गए। कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी एस कृष्णा का अहम योगदान रहा। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सराहनीय प्रयास किए, जिसको लेकर कस्तूरबा गांधी विद्यालय के स्टाफ ने उनकी प्रशंसा की।
इस इस दौरान विद्यालय के वार्डन राजा रानी श्रीवास्तव, विकासखंड किरतपुर के सहायक विकास अधिकारी बाबूराम, ग्राम पंचायत सचिव सुरेंद्र कुमार, सौरभ कुमार, तकनीकी सहायक विजय कुमार तथा विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहे।

नहटौर पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री कॉलेज में हुआ टैबलेट वितरण

बिजनौर। नहटौर पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री कॉलेज नहटौर जनपद बिजनौर में परा स्नातक छात्र छात्राओं को टैबलेट वितरण किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फ्री टैबलेट मोबाइल योजना के अंतर्गत विधायक ओम कुमार ने टैबलेट वितरण किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के अध्यक्ष इंजीनियर आशीष सिंघल, प्राचार्य डॉक्टर संजीव गौर, डॉक्टर कैलाश सिंह, डॉक्टर सीमा, डॉक्टर दीपशिखा, अश्वनी, जावेद अली, विपिन सैनी, आबिद हुसैन, चमन सैनी, मनोज हिटलर आदि उपस्थित रहे।

₹20 करोड़, 280 छात्र- उत्तराखंड पेपर लीक मामले में खुलासे के करीब पहुंची STF

लखनऊ (एजेंसी)। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा के पेपर लीक मामले में मास्टरमाइंड हाकम सिंह रावत का नाम सामने आया है। जनपद बिजनौर अंतर्गत नगीना के पास धामपुर में नकल सेंटर बनाना भी इसी कनेक्शन का हिस्सा बताया जा रहा है। एसटीएफ के सूत्रों का दावा है कि इस पूरे मामले के तार अब आयोग की आउटसोर्स कंपनी आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन के आला अधिकारियों से जुड़ रहे हैं। 

STF सूत्रों का कहना है कि कंपनी के आला अधिकारियों में से एक जिला बिजनौर के धामपुर का रहने वाला है। उसी के कहने पर वहां सेंटर बनाया गया। ये इत्तफाक तो नहीं हो सकता कि उत्तराखंड में नकल कराने के बजाय इसके लिए बिजनौर के धामपुर को चुना गया। अभी तक कंपनी के सिर्फ कुछ कर्मचारियों का ही नाम मामले में सामने आ रहा था। पूरी तरह से कंपनी की भूमिका का पता नहीं चल पा रहा था, लेकिन जब कड़ी से कड़ी जोड़ी गई तो सब बातें समझ आने लगी हैं। एसटीएफ को जब इस संबंध के बारे के पता चला तो उस अधिकारी को बयानों और पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन वह कई दिनों से टाल मटोल कर रहा है।

 280 छात्रों पर मुकदमा होगा दर्ज

लीक पेपर से पास हुए करीब 280 छात्रों का चयन खारिज कराने के साथ इन्हें अब मुकदमे में आरोपी बनाया जाएगा।एसटीएफ की जांच में सामने आया कि युवाओं से 12 से 15 लाख रुपए में पेपर उपलब्ध कराने की डील की गई थी। सूत्रों के मुताबिक, लीक पेपर के प्रश्न 280 से ज्यादा युवाओं तक पहुंचे।

₹20 करोड़ से अधिक का लेनदेन!

200 के करीब युवाओं ने सीधे तौर पर पास होने की डील कर पेपर खरीदा जबकि, कुछ ने अपने करीबियों को 30-35 तक प्रश्न बताए। संभावना है कि इस घपले में 20 करोड़ रुपए से ज्यादा का लेनदेन हुआ। एसटीएफ सौ चयनितों समेत 150 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया, लीक पेपर से चयनित अभ्यर्थी आरोपी बनाए जाएंगे। इनकी सूची बनाई जा रही है।

दबाव बनाने में जुटा आरोपी- अधिकारियों और नकल माफिया का बिजनौर कनेक्शन पुष्ट हो चुका है। लंबे समय से कंपनी के अधिकारी को बुलाना और उसका न आना भी संलिप्तता की ओर इशारा कर रहा है। यही नहीं, अब वह कई लोगों के नाम लेकर दबाव बनाने में जुटा है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस अधिकारी समेत कई और लोग सलाखों के पीछे जा सकते हैं।

निजी कंपनी के संचालक से पूछता
आरएमएस टेक्नोलॉजी नामक कंपनी चयन आयोग को तकनीकी सेवा और पेपर प्रिंटिंग की सुविधा देती थी। इस कंपनी के संचालक को एसटीएफ ने मंगलवार को पूछताछ के लिए बुलाया। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि कंपनी संचालक प्रिंटिंग प्रेस की डीवीआर लेकर आया था। हालांकि, इसमें बीते 15 दिन का रिकॉर्ड होता है। ऐसे में इससे ज्यादा मदद नहीं मिली। प्रिंटिंग प्रेस संचालक ने घर में पूजा का कार्यक्रम बताया और वह एसटीएफ कार्यालय में कुछ समय रुकने के बाद चला गया। उसे पूछताछ को जल्द दोबारा बुलाया जाएगा।

कुँवर सत्यवीरा इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्र छात्राओं को टेबलेट वितरित

बिजनौर। कुँवर सत्यवीरा कॉलेज ऑफ इंजीन्यरिंग एंड मैनेजमेंट बिजनौर में शनिवार को उप्र सरकार द्वारा टेबलेट वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बीटेक एवं एमबीए के अंतिम वर्ष के सभी छात्र/ छात्राओं को टेबलेट वितरित किए गए।

सर्वप्रथम मुख्य अतिथि भाजपा ज़िला अध्यक्ष, ओमवीर राणा ज़िला उपाध्यक्ष किसान मोर्चा, अजय राणा ज़िला संयोजक सोशल मीडिया, विपुल शर्मा ज़िला संयोजक आइटी सेल व संस्था निदेशक प्रो. (डा.) स्वतन्त्र पोरवाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित करके टेबलेट वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य मुख्य अतिथि ने सभी छात्र/छात्राओं को संबोधित करते हुए अपने विचार रखे। उन्होंने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को गिनाया, तथा छात्र/ छात्राओ को सभी योजनाओं का लाभ लेकर टारगेट बनाकर पढ़ाई करने तथा अपना भविष्य संवानरने का संदेश दिया।

संस्था सचिव कु॰ उदयन वीरा पूर्व (ज़िला पंचायत अध्यक्ष बिजनौर) एवं कु॰ रुचिवीरा (पूर्व विधायक/ पूर्व ज़िला पंचायत अध्यक्ष बिजनौर) ने सभी छात्र/ छात्राओं को उज्जवल भविष्य की शुभ कामनाए देते हुए कहा कि आज के समय मे टेबलेट या आइटी के अन्य साधन बहुत ही आवश्यक है। अत: इन सभी का उपयोग करते हुए आप सभी को अपनी समुचित पढ़ाई करना चाहिए तथा अपना भविष्य उज्जवल बनाना चाहिए। ग्रुप निदेशक उमेश गुप्ता एवं संस्था निदेशक प्रो॰ (डॉ॰)स्वतन्त्र कुमार पोरवाल ने सभी टेबलेट पाने वाले छात्र/ छात्राओं को उज्जवल भविष्य की शुभ कामनाए दीं। नोडल अधिकारी डा॰ लोकेश कुमार अग्रवाल ने क्रमानुसार छात्र/ छात्राओं को बुलाकर टेबलेट वितरित कराए। कार्यक्रम को सफल बनाने मे सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, रजिस्ट्रार राजीव कुमार, एनपीएस भण्डारी, निगम चौधरी, देवेंद्र पुंडीर, मोनु कुमार आदि का सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन सुनील भारद्वाज ने किया।

वरिष्ठ युवा पत्रकार भूपेंद्र कुमार निरंकारी के छोटे पुत्र कार्तिक का मंडल स्तर पर चयन

बिजनौर। वरिष्ठ युवा पत्रकार भूपेंद्र कुमार निरंकारी के छोटे पुत्र एवं डीएवी इंटर कॉलेज बिजनौर के छात्र कार्तिक कुमार का चयन मंडल स्तर पर किया गया है।

जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी की ओर से सांस्कृतिक विधाओं पर आधारित एक दिवसीय प्रतियोगिताओं का आयोजन विकास भवन में हुआ। इस दौरान विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। एकांकी प्रतियोगिता में डीएवी इंटर कॉलेज की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसमें रचित राठी, कार्तिक कुमार, दशरथ कुमार, उदय राज, दीपक गोसाई ने भाग लिया। श्रीमती राजबाला देवी व अरुण गर्ग के दिशा निर्देशन में प्रतियोगिता की तैयारी की गई थी। डीएवी इंटर कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य चंदू सिंह ने विजयी छात्रों की टीम को सम्मानित किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। अभी यह टीम मंडल स्तर पर प्रतिभाग करने के लिए चयनित की गई है। इस अवसर पर प्रधानाचार्य चंदू सिंह, राजेंद्र सिंह, डॉ मंजू रानी, लोकेश सिंह, लवलेश कुमार शर्मा, विशाल वत्स, दिनेश शर्मा, राजवीर सिंह उपस्थित रहे।

शिक्षक अभिभावक संघ के सुझावों पर होगा अमल: चंद्र सिंह

शिक्षक अभिभावक संघ के सुझावों पर होगा अमल: चंद्र सिंह

बिजनौर। डीएवी कॉलेज में शिक्षक अभिभावक संघ की बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर कार्यकारिणी का भी गठन किया गया।

स्थानीय डीएवी इंटर कॉलेज बिजनौर में शिक्षक अभिभावक संघ की एक सभा प्रधानाचार्य चंद्र सिंह की अध्यक्षता और प्रवक्ता राजेंद्र सिंह के संचालन में संपन्न हुई। बैठक में विद्यालय के अनेक शिक्षक अभिभावक उपस्थित रहे। शिक्षक अभिभावक संघ और शिक्षकों ने विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

गोष्ठी को संबोधित करते हुए दिनेश कुमार शर्मा ने शिक्षक अभिभावक संबंध के महत्व को बताया। लवलेश कुमार शर्मा ने संचारी रोगों एवं सड़क सुरक्षा के नियमों पर विस्तार से चर्चा की। अरुण गर्ग ने स्वच्छता और वृक्षारोपण के ऊपर जोर देते हुए आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम पर सभी अभिभावकों से अपने अपने घरों के ऊपर तिरंगा झंडा लगाने का आह्वान किया। डॉ मंजू रानी शर्मा ने छात्रों को स्वच्छता और स्वास्थ्य के विषय में बताया। अंत में प्रधानाचार्य चंदू सिंह ने सभी शिक्षक, अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आगे समय-समय पर उनके सभी सुझावों का सम्मान किया जाएगा और जितना संभव हो सके उनके सुझावों को मान कर शिक्षक अभिभावक संघ के द्वारा इस विद्यालय में शिक्षण कार्य किया जाएगा।

शिक्षक अभिभावक संघ में शिक्षक सदस्य के रुप में विशाल वत्स, लोकेश कुमार, अभिभावक सदस्य सोनू, कविता वर्मा, महबूब अहमद, सुनील कुमार, सूरज सैनी मौजूद रहे। अध्यक्ष के रूप में अवधेश कुमार, उपाध्यक्ष कार्यवाहक प्रधानाचार्य चंद्र सिंह, मंत्री राजेंद्र सिंह, उपमंत्री सरिता जोशी और कोषाध्यक्ष सुनील कुमार चुने गए।
सभा में लोकेश कुमार, नीरज कुमार शर्मा, लवलेश कुमार शर्मा, दिनेश कुमार शर्मा, राजवीर सिंह,बअरुण कुमार गर्ग, राजबाला, विनोद कुमार, अजय सरोज, अमित कुमार, राजेंद्र इत्यादि शिक्षक अभिभावक उपस्थित रहे।

शिक्षकों का अल्टीमेटम:…तो 24 अगस्त को घेरेंगे कलक्ट्रेट

माध्यमिक शिक्षक संघ एवं प्रधानाचार्य परिषद ने डीएवी इंटर कॉलेज बिजनौर की प्रबंध समिति के विरुद्ध खोला मोर्चा। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना देकर की कार्रवाई की मांग। मांगे पूरी न होने पर 24 अगस्त 2022 को जिलाधिकारी बिजनौर कार्यालय पर धरना देने की चेतावनी।

बिजनौर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (चेतनारायण गुट) एवं प्रधानाचार्य परिषद बिजनौर ने अपनी 2 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक बिजनौर कार्यालय पर धरना दिया।

बिजनौर के अतिरिक्त रामपुर मुरादाबाद से आए माध्यमिक शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यो ने डॉ मनोज गोस्वामी प्रधानाचार्य डीएवी इंटर कॉलेज बिजनौर तथा सहायक अध्यापक हरज्ञान सिंह के अवैध निलंबन पर आक्रोश व्यक्त किया। शिक्षक हितैषी पूर्व विधायक एवं प्रदेश महामंत्री रामबाबू शास्त्री ने प्रधानाचार्य एवं शिक्षक निलंबन को प्रबंध समिति की इस कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताया तथा जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिलाधिकारी बिजनौर से डीएवी इंटर कॉलेज की प्रबंध समिति को अवैध बताते हुए दिनांक 20 मई 2022 में प्रधानाचार्य डॉ मनोज गोस्वामी एवं हरज्ञान सिंह सहायक अध्यापक के साथ डॉक्टर सुबोध शर्मा, उप प्रबंधक विपुल शर्मा द्वारा प्रधानाचार्य कक्ष में घुसकर की गई मारपीट की विभागीय कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा दोनों आरोपियों के विरुद्ध संगीन धाराओं में चार्ज शीट लगाकर न्यायालय को भेज दी गई है। दूसरी ओर सहायक रजिस्ट्रार सोसाइटी ने अपने निर्णय में कहा है कि वर्ष 1956 से संचालित डीएवी इंटर कॉलेज बिजनौर का संचालन कर रही सोसाइटी पंजीकृत 2010 से उक्त विद्यालय का प्रबंधन एवं संचालन नहीं किया जा सकता। इसको विभाग लागू करे तथा समय अंतर्गत जिला विद्यालय निरीक्षक बिजनौर अपनी आख्या संयुक्त शिक्षा निदेशक को भेजें।

प्रधानाचार्य परिषद के जिला मंत्री डॉक्टर भूपेंद्र सिंह ने कहा कि किसी भी दशा में प्रधानाचार्य व शिक्षक का शोषण एवं उत्पीड़न परिषद बर्दाश्त नहीं करेगी उन्होंने अवैध प्रबंध समिति पर कार्यवाही की मांग की। संघ के मंडलीय मंत्री  सुधीर अग्रवाल ने सुबोध शर्मा एवं उप प्रबंधक विपुल शर्मा पर तत्काल विभागीय कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि जिला विद्यालय निरीक्षक अवैध रूप से संचालित डीएवी इंटर कॉलेज बिजनौर की प्रबंध समिति के द्वारा किए गए समस्त कार्यों को शून्य नहीं करती है तो संगठन 24 अगस्त 2022 को जिलाधिकारी बिजनौर कार्यालय पर धरना देने के लिए बाध्य होगा। संगठन प्रधानाचार्य अथवा शिक्षक का शोषण व उत्पीड़न नहीं होने देगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री द्वारा चलाई जा रही मुहिम, गुंडा माफिया राज से मुक्ति में विभाग से सहयोग की अपील की।

संरक्षक ओपी वर्मा, सुनील त्यागी, प्रधानाचार्य प्रशांत कुमार, जिलामंत्री एमएस त्यागी, सुनील त्यागी प्रधानाचार्य सुभाष, केडी शर्मा, प्रदीप शिवेंद्र, जुबेर, सुनील वर्मा, ईश्वरचंद, जावेद, पंकज कुमार आदि वक्ताओं ने प्रधानाचार्य एवं शिक्षक के साथ की गई मारपीट एवं निलंबन की घोर निंदा की तथा आरोपियों के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही एवं अवैध संचालित प्रबंध समिति को भंग करने की मांग की। रामपुर से आए मनीष शर्मा, मनोज कुमार प्रबंध समिति के कृत्य की घोर निंदा की। पीड़ित प्रधानाचार्य डॉ मनोज गोस्वामी शिक्षक हरज्ञान सिंह ने बताया कि प्रबंध समिति का संचालन अप्रत्यक्ष रूप से डॉक्टर सुबोध शर्मा पूर्व प्रधानाचार्य द्वारा किया जाता है।  विद्यालय की अवैध उगाही, अनैतिक कार्य को कराने से इंकार करने, मारपीट में पुलिस द्वारा की गई एफआईआर को वापस न लेने एवं करोड़ों के घोटाले में सहयोग ना करने के कारण दोनों को निलंबित कर दिया गया।
जिलाध्यक्ष सोमदेव सिंह द्वारा विभाग को चेतावनी दी गई कि यदि समय अंतर्गत हमारी दोनों मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो हमें मजबूर होकर जिलाधिकारी बिजनौर कार्यालय पर धरना देने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य चंदक, सुभाष, कैलाश, पंकज कुमार, रामकुमार, अमित वर्मा, वसीम सिद्दीकी, कुलबीर सिंह, इमरान अहमद, विमल कुमार, जावेद हुसैन, दीपक गर्ग, अभिषेक कुमार, शुभम कुमार, विजय पाल सिंह, अखिलेश कुमार, दीपक कुमार, लोकेंद्र रंजन, नरपाल, राम रक्षपाल, महेंद्र सिंह, विमलेश चौहान आदि शिक्षक उपस्थित रहे।

धरने की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष सोमदेव सिंह ने की । मुख्य वक्ता प्रदेश महामंत्री एवं पूर्व विधायक रामबाबू शास्त्री,  विशेष अतिथि प्रधानाचार्य परिषद के जिला मंत्री डॉक्टर भूपेंद्र सिंह प्रधानाचार्य आर एन केला इंटर कॉलेज नजीबाबाद रहे, संचालन मंत्री महेंद्र सिंह त्यागी ने किया।

काकोरी कांड की वर्षगांठ पर हुईं विभिन्न प्रतियोगिताएं

लखनऊ। काकोरी ट्रेन ऐक्शन की 97 वीं वर्षगांठ को भव्य स्तर पर मनाए जाने के क्रम में जिला प्रशासन के निर्देश पर लखनऊ जिले के विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की निबंध प्रतियोगिता, भाषण एवं चित्रकला प्रतियोगिता जनपद स्तर पर काकोरी स्थित बाबू त्रिलोकी सिंह इंटर कॉलेज काकोरी में संपन्न हुई। इन प्रतियोगिताओं में जिले के 36 विद्यालयों के 205 छात्र छात्राओं ने उत्साह पूर्वक प्रतिभाग किया।


प्राथमिक, जूनियर तथा सीनियर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आयोजित इन प्रतियोगिताओं में ‘ काकोरी ट्रेन ऐक्शन स्वतंत्रता आंदोलन के संदर्भ में ‘विषयक निबंध प्रतियोगिता में प्राथमिक वर्ग से प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान क्रमशः शगुन पाल, ऐलीना, अतुल जूनियर वर्ग से क्रमशः अंजू गौतम, जोया खातून, राखी कुमारी को व सीनियर वर्ग से शादियां हसीन, आंचल मौर्य, उमे कुलसुम को प्राप्त हुआ।

आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत काकोरी के क्रांतिकारियों का योगदान विषय पर संपन्न हुई भाषण प्रतियोगिता में प्राथमिक वर्ग से प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान क्रमशः तस्मिया फातिमा, शैलवी मिश्रा तथा अब्दुल फहद व मोहम्मद तनवीर को प्राप्त हुआ। वहीं जूनियर वर्ग में प्रथम, द्वितीय तृतीय स्थान पर रिमझिम यादव, पूर्वी शर्मा तथा अंश यादव रहे। सीनियर वर्ग में प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान पर क्रमशः वेदांत, आर्यन सिंह, राशि गुप्ता का चयन किया गया। आजादी का अमृत महोत्सव तथा काकोरी ट्रेन ऐक्शन विषय पर संपन्न कक्षा 1 से 8 व 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में कक्षा एक से पांच तक के वर्ग में प्रथम स्थान श्रेयांश कुशवाहा, द्वितीय कृतिका तथा तृतीय आलिया कुरैशी को प्राप्त हुआ वहीं जूनियर वर्ग से प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान क्रमशः अंशिका सिंह, सिमरन तथा गुलशन को प्राप्त हुआ तथा सीनियर वर्ग में प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान खुलूद मोहम्मद रफी, विशेष कुमार तथा प्रार्थना सोनकर को प्राप्त हुआ।

भव्य रूप में संपन्न इन प्रतियोगिताओं में 6 प्राथमिक विद्यालय, 8 उच्च प्राथमिक विद्यालय, 1 कंपोजिट विद्यालय, 3 राजकीय हाईस्कूल/इन्टर कॉलेज, 8 सहायता प्राप्त इण्टर कालेज तथा 10 मान्यता प्राप्त प्राइवेट विद्यालय के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता का संचालन एवं निर्णायक मंडल का चयन जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा किया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार पांडे एवं कालेज के प्रधानाचार्य डॉ राजकुमार सिंह ने विजेता प्रतिभागियों को बधाई दी। प्रधानाचार्य ने बताया कि विजेता प्रतिभागियों को 9 अगस्त को काकोरी शहीद स्मारक पर आयोजित समारोह में प्रशासन द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।

स्कूली वाहनों में सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन यन्त्र लगवाने के निर्देश

स्कूली वाहनों के फिटनेस व अन्य मानक पूर्ण करने की चेतावनी

बिजनौर। तहसील सदर बिजनौर के सभागार में उप जिलाधिकारी, सदर बिजनौर की अध्यक्षता में ’’विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति’’ के सम्बन्ध में बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान तहसील बिजनौर के जिन माध्यमिक विद्यालयों, डिग्री कालेजों/तकनीकी संस्थानों में स्कूली बसों व अन्य स्कूली वाहन उपलब्ध हैं अथवा अनुबन्धित वाहन हैं, के संस्थाधिकारियों को बुलाया गया था। बैठक में शैक्षणिक संस्थाओं के संस्थाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, बिजनौर, सह जिला विद्यालय निरीक्षक, बिजनौर एवं खण्ड शिक्षा अधिकारी, मौ0पुर देवमल/हल्दौर आदि उपस्थित रहे।

बैठक में सह जिला विद्यालय निरीक्षक, बिजनौर द्वारा उत्तर प्रदेश मोटर यान (छब्बीसवॉं संशोधन) नियमावली, 2019 में दिये गये दिशा निर्देशों के सम्बन्ध में जानकारी दी गयी।
जिला विद्यालय निरीक्षक, बिजनौर द्वारा विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति के गठन एवं मानकानुसार स्कूली वाहनों की फिटनेस, ड्राईवरों/परिचर का स्वास्थ्य परीक्षण आदि कराये जाने के निर्देश दिये गये।

गठित कर लें विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति’’- उप जिलाधिकारी, बिजनौर द्वारा निर्देशित किया गया कि सम्बन्धित समस्त शिक्षण संस्थाएं ’’विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति’’ गठित कर लें तथा विद्यालय परिवहन समिति की बैठक नियमानुसार वर्ष में 04 बार करायें। स्कूली वाहन हेतु शासनादेशानुसार फीस का निर्धारण कर लें। स्कूली वाहनों की सहायक सम्भागीय परिवहन कार्यालय से मानकानुसार फिटनेस कराकर ही मार्ग पर संचालित किये जायं। ड्राईवरों व परिचर की मानकानुसार ड्रेस निर्धारित की जाए तथा पुलिस के द्वारा उनके चरित्र के बारे में सत्यापन अवश्य करा लिया जाए एवं ड्राईवर व परिचर का स्वास्थ्य परीक्षण, विशेषतया नेत्र परीक्षण करा लिया जाए। छात्रों के परिवहन करने वाली स्कूली वाहन मानक के अनुरूप हो तथा वैध फिटनेस, वैध परमिट, वैध बीमा कर जमा युक्त हों। स्कूली वाहनों में सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन यन्त्र तथा यथासम्भव जीपीएस लगवाये जाएं। स्कूली वाहनों पर संस्था, पुलिस हेल्पलाइन आदि का मोबाईल नम्बर अंकित करा लिया जाए। छात्र-छात्राओं की संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए, छात्र-छात्राओं को स्कूली वाहन से लाने एवं ले जाने वाले वाहनों में विद्यालय के शिक्षक को उनके साथ अवश्य भेजा जाए। ड्राईवरों एवं परिचर के पास संस्था का परिचय-पत्र होना आवश्यक है।
निर्देशित किया गया कि कोई भी वाहन अवैध रूप से एवं बिना मानक पूर्ण किये संचालित न किये जाएं। समस्त संस्थाएं विद्यालय सुरक्षा समिति के दायित्वों को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करायेंगे। किसी प्रकार की अनियमितता एवं निर्देशों की अवहेलना के लिए शिक्षण संस्थाएं किसी भी कार्यवाही के लिए स्वयं उत्तरदायी होंगी।

मंजुल मयंक ने संभाला राजकीय आईटीआई बिजनौर के प्रधानाचार्य का पद

34 वर्ष की सेवा के बाद सेवानिवृत्त मुकेश कुमार शर्मा को भावभीनी विदाई

बुलंदशहर से स्थानांतरित मंजुल मयंक होंगे राजकीय आईटीआई बिजनौर के नए प्रधानाचार्य

बिजनौर। लगभग 34 वर्ष की शासकीय सेवा एवं सेवानिवृत्ति की आयु पूर्ण कर 31 जुलाई 2022 को राजकीय आईटीआई बिजनौर के प्रधानाचार्य मुकेश कुमार शर्मा सकुशल सेवानिवृत्त हो गए। शासन द्वारा राजकीय आईटीआई बिजनौर प्रधानाचार्य के पद पर राजकीय आईटीआई बुलंदशहर के प्रधानाचार्य मंजुल मयंक का स्थानांतरण किया गया है।

31 जुलाई को राजकीय आईटीआई बिजनौर के हॉल में आयोजित एक सादे समारोह में प्रधानाचार्य मुकेश कुमार शर्मा को उपस्थित समस्त स्टाफ द्वारा भावभीनी विदाई दी। इसी दौरान मंजुल मयंक ने प्रधानाचार्य के पद पर कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए नवागंतुक प्रधानाचार्य मंजुल मयंक ने कहा शासन की मंशा के अनुरूप व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग द्वारा दिए गए लक्ष्यों को शत प्रतिशत पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आईटीआई कर चुके सभी अभ्यर्थियों के लिए अप्रेंटिस एवं रोजगार की व्यवस्था कराए जाने हेतु अप्रेंटिस एवं रोजगार मेले अधिक से अधिक संख्या में लगाकर रोजगार के अवसरों को और बढ़ाया जाएगा। इस अवसर पर संजय किशोर, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा, सनी तोमर, प्रहलाद सिंह, मोहम्मद फुरकान, श्रीमती ज्योत्सना, श्रीमती आसमा जमील, इकबाल हसन, अनुज यादव, अमित कुमार शर्मा, प्रकाश सिंह, दीपक चौधरी, हरीश चंद्र गुप्ता, कमल वीर सिंह, श्रवण कुमार गुप्ता, बृजेश कुमार खरवार, श्याम सिंह, मोहम्मद रियाज, सोनू मारकंडेय चौरसिया, चौधरी महेंद्र सिंह, सुरेश पाल सिंह, चारुदत्त आर्य, अरविंद कुमार, धर्मेंद्र कुमार आदि की उपस्थिति महत्वपूर्ण रही।

डीएवी प्रकरण में कूदा माध्यमिक शिक्षक संघ, 4 को धरना प्रदर्शन

प्रधानाचार्य मनोज गोस्वामी व सहायक अध्यापक हरज्ञान सिंह के अधिकारों की लड़ेंगे लड़ाई: ओपी वर्मा

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ का चार अगस्त को डीआईओएस कार्यालय पर धरना

बिजनौर। डीएवी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य मनोज कुमार गोस्वामी के साथ की गई मारपीट तथा उसके बाद उनके व सहायक अध्यापक हरज्ञान सिंह के अवैध रूप से किए गए निलंबन के विरोध में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (चेत नारायण) गुट ने कड़ा विरोध जताया है। संघ पदाधिकारियों ने दो टूक कहा कि यदि शासन प्रशासन ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं की तो 4 अगस्त को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

संघ के वरिष्ठ संरक्षक ओपी वर्मा ने कहा कि शिक्षक समाज को नई रोशनी देने का काम करता है। एक समय था जब शिक्षण कार्य पूरा होने पर छात्र द्वारा गुरु दक्षिणा दी जाती थी। उन्होंने डीएवी कॉलेज में हुई घटना की ओर इशारा करते हुए कहा कि आज के समय में गुरु के साथ मारपीट का चलन शुरू हो गया है, जिसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। उन्होंने कहा कि निलंबित प्रधानाचार्य व सहायक अध्यापक के अधिकारों की लड़ाई लड़ने से उनका संगठन पीछे नहीं हटेगा। संघ के मंडलीय मंत्री सुधीर अग्रवाल ने कहा कि डीएवी इंटर कॉलेज बिजनौर के प्रधानाचार्य डॉ मनोज गोस्वामी एवं सहायक अध्यापक हरज्ञान सिंह के ऊपर प्रबंधतंत्र के द्वारा मारपीट की गई थी। इसके पश्चात संगठन के सहयोग से उनके खिलाफ एफआईआर की गई थी। प्रबंधतंत्र द्वारा एफआईआर खत्म कराने हेतु अनावश्यक दबाव बनाया गया और इसी दवाब के कारण पीड़ित प्रधानाचार्य व सहायक अध्यापक को निलंबित भी कर दिया गया। इसके विरोध में संगठन के द्वारा 26 जुलाई को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में एक ज्ञापन दिया गया था। ज्ञापमें कहा गया था की प्रबंधनतंत्र के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही की जाए अन्यथा की स्थिति में 04 अगस्त को कार्यालय पर एक धरना आयोजित किया जाएगा। इस दौरान संगठन के प्रदेश महामंत्री रामबाबू शास्त्री पूर्व शिक्षक विधायक भी उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा कि 4 अगस्त को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर संगठन की ओर से धरना प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। इस आंदोलन की सफलता के लिए संगठन के जिलाध्यक्ष सोमदेव सिंह, जिला मंत्री महेंद्र सिंह त्यागी, जिला संयोजक मोहम्मद हारुन, जिला कोषाध्यक्ष हरज्ञान सिंह, जिला संगठन मंत्री चिंतामणि यादव व कार्यकारिणी सदस्यों ने शिक्षक साथियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया है।

शिक्षा मंत्री से की थी भाजपा जिलाध्यक्ष की शिकायत- डीएवी के निलंबित सहायक अध्यापक हरज्ञान सिंह ने तीन दिन पूर्व शिक्षा मंत्री को पत्र भेजकर गुहार लगाई थी कि उन्हें व उनके परिवार को भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि द्वारा किए गए आर्थिक व मानसिक शोषण से बचाया जाए तथा सोसायटी रजिस्टार मुरादाबाद के निर्णय को शिक्षा विभाग द्वारा क्रियान्वित कर और शिक्षा माफियाओं पर अंकुश लगाया जाए।

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बिना फिटनेस वाहन चलते पाए जाने पर एफआईआर की तैयारी

बिना फिटनेस चलता पाया गया स्कूली वाहन तो होगी एफआईआर

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक

स्कूली बच्चों की सुरक्षा को खतरे में डालने वालों के विरूद्व की जायेगी कड़ी कार्यवाही

विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति की बैठकें एक सप्ताह में कराकर उसका कार्यवृत्त भेजें: डीएम

बिजनौर। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को खतरे में डालने वालों के विरूद्व कडी कार्यवाही की जायेगी। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि हम बच्चों के बेहतर भविष्य के लिये स्कूल चलाते हैं। उन्होंने कहा कि कहीं भी कोई स्कूली वाहन बिना फिटनेस के चलता हुआ पाया जाता है तो उस स्कूल प्रबंधक तथा वाहन स्वामी के विरूद्व भी एफआईआर होगी तथा स्कूल प्रधानाचार्य के विरूद्व कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने समिति की बैठकें एक सप्ताह में पूर्ण करा कर उसका कार्यवृत्त भेजने के लिये कहा।

कलक्ट्रेट सभागार में जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने उक्त निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति सभी विद्यालयों में गठित हो, यह सुनिश्चित करते हुए एक सप्ताह में सभी बैठकें कराकर उसका कार्यवृत्त भेजें। उन्होंने कहा कि समिति में नायाब तहसीलदार व उप निरीक्षक पुलिस को भी रखा जाये तथा भविष्य में सभी बैठकें समय से सम्पन्न हो यह भी सुनिश्चित किया जाये।जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी वाहन जो स्कूल से अनुबंधित नहीं है, वह स्कूली बच्चों को विद्यालय लेकर नहीं जायेगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में स्कूलों में अभिभावक-अध्यापक बैठकें आयोजित की जाएं ताकि अभिभावकों को भी जानकारी हो और वह भी बिना फिटनेस के वाहन में अपने बच्चों को न बैठाएं। उन्होंने कहा कि अभियान चला कर सभी स्कूली वाहनों का फिटनेस कराया जाए। स्कूल बस/स्कूल वैन के चालकों का चरित्र सत्यापन भी कराया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि शासन से प्राप्त दिशा निर्देशों के अनुसार जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठकें वर्ष में 02 बार अवश्य करायी जाएं तथा विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति की बैठकें वर्ष में 04 बार अवश्य कराई जाएं। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी, स्कूलों के प्रधानाचार्य व ट्रांस्पोर्ट प्रभारी आदि उपस्थित रहे।

देश की पहली महिला डॉक्टर व विधायक का जन्मदिन आज

डॉक्टर मुत्तुलक्ष्मी रेड्डी (30 जुलाई 1886 — 22 जुलाई, 1968) भारत की पहली महिला विधायक थीं। वे ही लड़कों के स्कूल में प्रवेश लेने वालीं देश की पहली महिला थीं। इसके आलावा मुत्तुलक्ष्मी ही देश पहली महिला डॉक्टर (मेडिकल ग्रेजुएट) भी थीं। मुत्तुलक्ष्मी जीवन भर महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़तीं रहीं और देश की आज़ादी की लड़ाई में भी उन्होंने बढ़-चढ़कर सहयोग दिया।

30 जुलाई 1886 में तमिलनाडु (तब मद्रास) में जन्मीं मुत्तुलक्ष्मी को भी बचपन से ही पढ़ने के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उनके पिता एस नारायणस्वामी चेन्नई के महाराजा कॉलेज के प्रधानाचार्य थे। उनकी मां चंद्रामाई ने समाज के तानों के बावजूद उन्हें पढ़ने के लिए भेजा। उन्होंने भी मां-बाप को निराश नहीं किया और देश की पहली महिला डॉक्टर बनीं।

अपनी मेडिकल ट्रेनिंग के दौरान की एक बार मुत्तुलक्ष्मी को कांग्रेस नेता और स्वतन्त्रता सेनानी सरोजिनी नायडू से मिलने का मौका मिला। तभी से उन्होंने महिलाओं के अधिकारों और देश की आजादी के लिए लड़ने की कसम खा ली। यहां तक कि उन्हें इंग्लैंडजाकर आगे पढ़ने का मौका भी मिला लेकिन उन्होंने इसे छोड़कर विमेंस इंडियन असोसिएशन के लिए काम करना ज्यादा जरूरी समझा। मुत्तु को सन् 1927 में मद्रास लेजिस्लेटिव काउंसिल से देश की पहली महिला विधायक बनने का गौरव भी हासिल हुआ। उन्हें समाज और महिलाओं के लिए किए गए अपने काम के लिए काउन्सिल में जगह दी गई थी। 1956 में उन्हें समाज के लिए किये गए अपने कार्यों के लिए पद्मभूषण से सम्मानित किया गया।

विधायक के रूप में काम करते हुए उन्होंने लड़कियों की कम आयु में शादी रोकने के लिए नियम बनाए और अनैतिक तस्करी नियंत्रण अधिनियम को पास करने के लिए परिषद से आग्रह किया। सन् 1954 ई. में उन्होंने ‘अद्यार कैंसर इंस्टिट्यूट’ (Adyar Cancer Institute) की नींव रखी थी, जहां आज सालाना करीब 80 हजार कैंसर के मरीजों का इलाज होता है। 

एकेटीयू सम सेमेस्टर की परीक्षाएं प्रारंभ

कुँवर सत्यवीरा इंजीनियरिंग कॉलेज में एकेटीयू सम सेमेस्टर की परीक्षाएं प्रारंभ

बिजनौर। कुँवर सत्यवीरा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट में अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय की सम सेमेस्टर की परीक्षाएँ शांति-पूर्वक प्रारम्भ हुई कॉलेज के परीक्षा नियंत्रक मनोज कुशवाहा ने बताया कि कुँवर सत्यवीरा कॉलेज जिले का सबसे बड़ा परीक्षा केंद्र बनाया गया है, जिसमें बीआईटी मुजफ्फरनगर, आरवीआईटी बिजनौर, एनआईआईटी नजीबाबाद, विवेक कॉलेज बिजनौर, दिशा इंस्टीट्यूट धामपुर, वीकेआईटी बिजनौर और कृष्णा इंस्टीट्यूट बिजनौर, कृष्णा कॉलेज ऑफ फार्मेसी बिजनौर आदि सहित 20 कॉलेज के लगभग 1662 छात्र-छात्राएँ परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा दो पालियों में सम्पन्न कराई जा रही हैं, जिसमे बीटेक, बीफ़ार्मा, एमबीए, एमसीए व एफ़ार्मा, एम टेक आदि कोर्सेस के छात्र-छात्राएँ परीक्षा दे रहे हैं। ये परीक्षाएँ दिनांक 22 अगस्त 2022 तक चलेंगी। विश्वविद्यालय की ओर से परीक्षा को सुचारु रूप से संचालित कराने के लिए धनश्याम सिंह (फिरोज़ गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज रायबरेली) व संदीप चौहान (के.एल.एस.आई.टी बिजनौर) को ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है

ग्रुप निदेशक उमेश गुप्ता ने परीक्षा में शामिल होने वाले सभी छात्र/ छात्राओं को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभ कामनाए दी। संस्था निदेशक/केंद्र अधीक्षक प्रो. (डा.) स्वतन्त्र पोरवाल ने परीक्षा में शामिल हुए सभी छात्र/छात्राओं के उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए बताया कि हमारी प्राथमिकता है कि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की समस्या न हो तथा संस्था व स्टाफ सदस्य एकेटीयू नियमों का पालन कराते हुए दोष रहित परीक्षा सम्पन्न कराने के लिए कटिबद्ध है। परीक्षा सम्पन्न कराने में डॉ लोकेश अग्रवाल, अंकित राजन अग्रवाल, डा॰ शुएब अली खान, डॉ प्रशांत सक्सेना, अजय उपाध्याय, गौरव गुप्ता, राजीव कुमार, फुरकान अहमद, सुनील भारद्वाज, विवेक कुमार, एनपीएस भण्डारी, सुभाष चंद आदि का विशेष सहयोग रहा।

भाजपा जिलाध्यक्ष ने छीन ली शिक्षक की रोजी रोटी!

भाजपा जिलाध्यक्ष ने छीन ली शिक्षक की रोजी रोटी! शिक्षक का आर्थिक व मानसिक शोषण कर रहे भाजपा जिलाध्यक्ष। शिक्षक हरज्ञान सिंह ने भेजी शिक्षा मंत्री को शिकायत। जिलाध्यक्ष के जुल्मों से निजात दिलाने की लगाई गुहार। बच्चों से जबरन अवैध उगाही, अपने चहेते अध्यापकों द्वारा जबरदस्ती ट्यूशन पढ़ाकर पैसों की बंदरबांट। बच्चों को फेल करके, पैसे लेकर पास करना आदि कार्य में सहयोग नहीं करने की मिली सजा?

बिजनौर। डीएवी इंटर कॉलेज प्रबंध समिति व प्रधानाचार्य तथा शिक्षक का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रबंध समिति द्वारा प्रधानाचार्य व शिक्षक को निलंबित किए जाने के बाद यह मामला शासन तक पहुंच गया है। निलंबित शिक्षक ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री को पूरे मामले से अवगत कराते हुए कार्यवाही की गुहार लगाई है।

डीएवी इंटर कॉलेज के निलंबित सहायक अध्यापक हरज्ञान सिंह ने राज्य के शिक्षा मंत्री को भेजे पत्र में लिखा कि एक शिक्षक की पीड़ा और अपमान के संबंध में कह रहा हूं। वह किसी जरूरी कार्य से प्रधानाचार्य डा. मनोज कुमार के कक्ष में उनके साथ बैठे थे। आरोप है कि तभी शहर की नई बस्ती निवासी विपुल शर्मा डीएवी इंटर कालेज की प्रबंध समिति के उपप्रबंधक एवं भाजपा आइटी सेल के जिला संयोजक व पूर्व प्रधानाचार्य डॉ सुबोध चंद्र शर्मा द्वारा बातचीत के दौरान हमला कर दिया गया। शिक्षक हरज्ञान सिंह के मुताबिक उन्होंने बीच बचाव करते हुए घटना की फोटो, वीडियो बनाने का प्रयास किया तो हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट करना शुरू कर दिया। प्रधानाचार्य ने एसपी के सीयूजी नंबर पर फोन किया तो पुलिस के आने तक हमलावर वहां से फरार हो चुके थे। पुलिस ने प्रधानाचार्य का मेडिकल करा कर हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।

शिक्षक हरज्ञान सिंह ने दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि इस घटना से उन्हें व उनके परिवार को बहुत आघात हुआ है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके मन मस्तिष्क से मारपीट व अपमान का दर्द अभी निकला भी नहीं था कि भाजपा जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि ने प्रधानाचार्य व उन्हें निलंबित करा कर परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा कर दिया। शिकायत में कहा कि हम दोनों का दोष केवल इतना है कि हम उनके द्वारा किए गए गलत कार्यों जैसे बच्चों से जबरन अवैध उगाही, अपने चहेते अध्यापकों द्वारा जबरदस्ती ट्यूशन पढ़ाकर पैसों की बंदरबांट करना, बच्चों को फेल करके पैसे लेकर पास करना आदि कार्य में सहयोग नहीं करते। शिक्षक हरज्ञान सिंह ने आरोप लगाया कि बिजनौर के जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि मुख्यमंत्री के वरीयता के कार्यों में सहयोग न करके उनकी योजनाओं को विफल कर रहे हैं। वर्ष 1956 से संचालित डीएवी इंटर कॉलेज बिजनौर का संचालन आर्य प्रतिनिधि सभा लखनऊ सोसाइटी से किया जाता था। पूर्व प्रधानाचार्य डॉ सुबोध चंद शर्मा द्वारा शिक्षा माफियाओं से मिलकर फर्जी सोसाइटी वर्ष 2010 में रजिस्ट्रार मुरादाबाद के यहां पंजीकृत करा कर डीएवी इंटर कॉलेज बिजनौर का संचालन और प्रबंधन करना आरंभ कर दिया गया। सोसायटी रजिस्ट्रार मुरादाबाद ने वर्ष 2010 में पंजीकृत सोसायटी से उक्त संस्था का संचालन एवं प्रबंधन अवैध बताया है। भाजपा जिला अध्यक्ष के सामने विभागीय अधिकारी सोसायटी रजिस्ट्रार मुरादाबाद के निर्णय को क्रियान्वित कराने में बौने साबित हो रहे हैं। उन्होंने शिक्षा मंत्री से गुहार लगाई कि उन्हें व उनके परिवार को भाजपा जिलाध्यक्ष द्वारा किए गए आर्थिक व मानसिक शोषण से बचाया जाए तथा सोसायटी रजिस्टार मुरादाबाद के निर्णय को शिक्षा विभाग द्वारा क्रियान्वित कर और शिक्षा माफियाओं पर अंकुश लगाया जाए।

बेसिक शिक्षा विभाग में स्थानांतरण की नई नीति को मंजूरी

बेसिक शिक्षा विभाग के स्थानांतरण नीति को CM योगी ने बदलाव के साथ दी मंजूरी

तबादला नीति के मुताबिक नि:शुल्क एवं अन‍िवार्य बाल श‍िक्षा का अध‍िकार अध‍िनियम 2009 के मानकों के आधार पर अध‍िक टीचर्स संख्या वाले स्कूल और अध्यापक की जरूरत वाले विद्यालय मानव संपदा पोर्टल पर 30 अप्रैल 2022 को उपलब्ध छात्र संख्या के आधार पर चिह्न‍ित किया जाएगा।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को बेसिक शिक्षा विभाग के स्थानांतरण नीति को मंजूरी दे दी। इस बार की ट्रांसफर पालिसी में विशेष ध्यान आकांशी जनपदों का रखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश में 8 आकांशी जनपद है, जिनमें बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, सिद्धार्थनगर, चंदौली,सोनभद्र, फतेहपुर और चित्रकूट शामिल हैं। पूर्व में इन जनपदों को ट्रांसफर पालिसी से बाहर रखा जाता था। इस बार विभाग ने ऑनलाइन मोड पर इन जनपदों को भी ट्रांसफर नीति में शामिल किया है।

ट्रांसफर पालिसी में ये हुए अहम बदलाव….

बेसिक शिक्षा मंत्री ने बताया; हमारी यह कोशिश हैं कि अभी तक ग्राम और नगर के ट्रांसफर अलग थे। गांव से नगर में ट्रांसफर नहीं हो सकता था। वहीं नगर से गांव में नहीं हो सकता था। हमने इस बार नीति में इस विकल्प को खोला है कि ग्रामीण क्षेत्र में जो शिक्षक अच्छा काम कर रहे हैं, उनको भी शहर में आने का मौका दिया जाए। नगरों में स्कूल में शिक्षकों की कमी को भी पूरा करने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में बड़े हद तक शिक्षकों को भी इस निति से विशेषकर आकांशी जनपदों और ग्रामीण क्षेत्र फायदा मिलता दिख रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बहुप्रतीक्षित बेसिक शिक्षा विभाग की स्थान्नतरण नीति को मंजूरी मिलने से प्राथमिक विद्यालयों के सभी शिक्षकों में खुशी की लहर है। शिक्षक अभी से अपने सभी प्रपत्रों को एकत्र करके आवेदन की तिथि का इंतजार कर रहे हैं। कई शिक्षकों व शिक्षिकाओं ने इस स्थानांतरण नीति को महिलाओं के लिए सही ठहराया है, साथ ही साथ इतनी जल्दी इसको पारदर्शी ढंग से लागू करने के लिए मुख्यमंत्री व विभगीय मंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

वरीयता के होंगे अलग-अलग पैमाने

ऑनलाइन मोड से पारदर्शी ढंग से पूरा ट्रांसफर विभाग द्वारा किया जायेगा। यानि कि विभाग के ऑनलाइन ट्रांसफर का एक पूरा फॉर्मेट बनाया गया है, जो ऑनलाइन शिक्षकों का आवेदन स्वीकार करेगा। उसमें कुछ कैटेगरी हैं, जिन को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। जिनका सेवाकाल लंबा है, जो ज्यादा दिनों से नौकरी कर रहे हैं; उनको विभाग प्राथमिकता के अंक देगा। सभी वर्ग को अलग-अलग अंक दिए जायेंगे। सैनिकों व अर्धसैनिक बलों के परिवार के लोगों, पति या पत्नी में से कोई अगर शिक्षक है और दूसरा सैनिक है अथवा सैनिक बल में है, तो उनको वरीयता दी जाएगी। जो शिक्षक स्वयं गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं या जिनके परिवार से कोई बीमारी से ग्रस्त हो अथवा उनको देखभाल की आवश्यकता है, उनको भी वरीयता दी जाएगी। जो पति- पत्नी एक दूसरे के कार्यस्थल पर जाना चाहते हैं, पति के कार्यस्थल पर पत्नी या पत्नी के कार्यस्थल पर पति, उनको भी वरीयता दी जाएगी। जो पुरस्कार प्राप्त शिक्षक यानि राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त या राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक को भी वरीयता दी जाएगी। विभाग द्वारा इस तरह के कई मानक तय किये गए हैं, जिनके अनुसार अंक को दिया जायेगा। शिक्षकों को ऑनलाइन अप्लाई करना होगा वो जिस कैटेगरी में आएंगे, उनको उसी के अनुरूप अंक मिलेंगे।

वरीयता तय करने के मानक

सेवा के लिए एक अंक-अधिकतम 10 अंक

असाध्य या गंभीर रोग (स्वयं, जीवनसाथी या बच्चे) -15 अंक

दिव्यांग अध्यापक (स्वयं, जीवनसाथी या बच्चे) -10 अंक

सरकारी नौकरी करने वाले पति या पत्नी के जिले में-10 अंक

एकल अभिभावक-10 अंक

महिला अध्यापिका-10 अंक

राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त-5 अंक

राज्य पुरस्कार प्राप्त -3 अंक

25 स्कूलों का देना होगा विकल्प- सरकारी प्राइमरी व जूनियर स्कूलों के शिक्षकों का जिलों के अंदर तबादला / समायोजन ऑनलाइन किया जाएगा। समायोजन के लिए अध्यापकों को 25 स्कूलों का विकल्प देना होगा। बेसिक शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव दीपक कुमार ने समायोजन, तबादले नीति जारी कर दी है। 10 दिन के अंदर इसका पोर्टल खोल दिया जाएगा।

गड़बड़ी के लिए बीएसए होंगे जिम्मेदार- तबादले में किसी भी तरह की गड़बड़ी के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जिम्मेदार होंगे। जिन शिक्षकों के रिटायर होने को दो साल बचे हैं, उन्हें समायोजन प्रक्रिया से अलग रखा जाएगा हालांकि वे चाहें तो आवेदन कर सकेंगे। यदि सरप्लस शिक्षकों में दिव्यांग, असाध्य या गंभीर रोग से ग्रसित, एकल अभिभावक हैं तो उन्हें छोड़ते हुए वरिष्ठता के आधार पर समायोजन किया जाएगा।

आईटीआई में प्रवेश के लिए करें ऑनलाइन आवेदन


आईटीआई में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी, अंतिम तिथि 31 जुलाई 2022 निर्धारित, आठवीं पास दसवीं पास युवक एवं युवतियां अधिक से अधिक संख्या में करें ऑनलाइन आवेदन-मुख्य विकास अधिकारी

बिजनौर। मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा ने बताया कि वर्तमान में जिला बिजनौर में 05 राजकीय एवं 16 निजी आईटीआई संचालित हैं, जिनमें विभिन्न 01 वर्षीय एवं 02 वर्षीय व्यवसायों में माह अगस्त 2022 से प्रारंभ होने वाले प्रशिक्षण सत्र के लिए कुल उपलब्ध 3572 सीटों पर प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन विगत 07 जुलाई, 2022 से परिषद की वेबसाइट http://www.scvtup.in पर आमंत्रित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई,22 निर्धारित है। उन्होंने आठवीं कक्षा अथवा दसवीं कक्षा उत्तीर्ण युवक एवं युवतियां, जिनकी आयु 14 वर्ष पूरी हो चुकी हो, का आह्वान किया कि आईटीआई में प्रवेश के लिए अधिक से अधिक संख्या में ऑनलाइन आवेदन करें।
उन्होंने यह भी बताया कि उपरोक्त संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रधानाचार्य, राजकीय आईटीआई बिजनौर के मोबाइल नंबर 8923 141100, प्रधान सहायक, राजकीय आईटीआई बिजनौर के नंबर 9897638638 तथा कार्यदेशक, राजकीय आईटीआई बिजनौर के मोबाइल नंबर 9897002844 पर संपर्क स्थापित किया जा सकता है।

हमारा परिवार नशा मुक्त परिवार मिशन- युवाओं को दिलाया नशे से दूर रहने का संकल्प

युवाओं को नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाया।
हिन्दू इण्टर कॉलेज किरतपुर में हुआ नशे के विरुद्ध जागरूकता के एवं संकल्प कार्यक्रम।

बिजनौर। हमारा परिवार नशा मुक्त परिवार मिशन के अंतर्गत शनिवार को हिन्दू इण्टर कॉलेज किरतपुर में युवाओं में बढ़ते नशे के विरुद्ध जागरूकता एवं संकल्प कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समस्त स्कूल स्टाफ़ और हज़ारों छात्र छात्राओं ने नशे से दूर रहने के लिए शपथ ली।

युवाओं को बना रहे नशे का आदी
हरवेंद्र राणा ने बताया कि किस प्रकार नशे के धन्धे को फ़ैलाया जा रहा है। पहले तो युवाओं को नशे का आदी बनाया जा रहा है और फिर नशा छुड़ाने का धन्धा या ये कहिये कि नशे का दूसरा बाज़ार भी तैयार किया जा रहा है। पहले नशे की लत लगाकर जनता से कमाई की जा रही है और फिर नशा छुड़ाने के प्रोडक्ट महँगे दामों में बेचकर कमाई की जा रही है, यानि आम के आम और गुठलियों के दाम।
हरवेंद्र राणा ने बच्चों को बताया कि नशे के इस धन्धे को बड़े बड़े लोग, फ़िल्मी कलाकार भी प्रमोट कर रहे हैं। आप सभी अच्छे बच्चे हैं, समझदार हैं तो आपको इन सब बातों को समझना है और ग़लत कामों से दूर रहना है नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करना है।

ख़ुद भी बचें व दूसरों को भी बचाएं-डॉ. प्रेमराज आर्य
कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. प्रेमराज आर्य ने छात्र छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि बुरे कामों का नतीजा बुरा होता है इसलिए ग़लत आदतों से ख़ुद भी बचें व दूसरों को भी बचाएँ। प्रधानाचार्य ने हरवेंद्र राणा द्वारा चलाये जा रहे अभियान की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया और नशे के विरुद्ध सहयोग का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में छात्र छात्राओं के अतिरिक्त मुख्य रूप से महेन्द्र कुमार, (प्रवक्ता) राम कुमार सिंह (प्रवक्ता) जैनेन्द्र तोमर (पी टी आई) संजीव चौधरी, जीवेन्द्र कुमार, ब्रजवीर सिंह राजपूत, सुभाष चंद्र राजपूत, चंद्रवीर सिंह, आशीष कुमार, गुरविन्दर कौर आदि उपस्तिथ रहे।

कांवड़ यात्रा: एसपी ने किया थाना स्योहारा व सहसपुर चौकी का निरीक्षण

कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस अधीक्षक ने किया थाना स्योहारा व सहसपुर चौकी का निरीक्षण

बिजनौर। पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार ने सुरक्षा के मद्देनजर शिव भक्तों की कांवड़ यात्रा को लेकर स्योहारा थाना व सहसपुर चौकी का निरीक्षण किया। यात्रा को देखते हुए पुलिसकर्मियों को सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक दिशा निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार ने लापरवाही बरतने पर पुलिसकर्मियों को कार्रवाई की चेतावनी भी दी। उन्होंने थाना प्रभारी और चौकी प्रभारियों को अपने क्षेत्रों में लगातार पैदल गश्त और असामाजिक तत्वों पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए।

विदित हो कि कांवड़ यात्रा को देखते हुए बिजनौर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट पर है। जिले के आला अधिकारी जनपद के प्रत्येक मार्ग पर नजर बनाए हुए हैं। बिजनौर पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार शुक्रवार की देर रात स्योहारा थाना व सहसपुर चौकी के निरीक्षण को पहुंचे थे । इस दौरान एसपी पूर्वी ओमवीर सिंह, सीओ धामपुर इंदु सिद्धार्थ, स्योहारा थाना प्रभारी राजीव चौधरी, सहसपुर चौकी इंचार्ज सुभाष बालियान मौजूद रहे।

कांवड़ यात्रा के मद्देनजर 25 व 26 जुलाई को सभी विद्यालयों में अवकाश

बिजनौर। कांवड़ यात्रा के मद्देनजर 2 दिन तक  सभी विद्यालयों को बंद रखा जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जय करण यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर 25 व 26 जुलाई को सभी विद्यालयों का अवकाश घोषित किया गया है। चाहे विद्यालय परिषदीय हो, सीबीएसई, आईसीएसई या मान्यता प्राप्त सभी बंद रहेंगे। गौरतलब है कि सावन मास शिवरात्रि पर कांवड़ चढ़ाने के लिए भगवान शिव के भक्त दूर-दूर से हरिद्वार आते हैं और कांवड़ में जल लेकर अपने घरों की ओर पैदल ही चलते हैं। इस कारण इन मार्गों पर शिव भक्तों की भारी भीड़ रहती है। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर कई मार्गों को बेरिकेडिंग कर वाहनों के लिए बंद भी कर दिया जाता है इस कारण इन विद्यालयों में आने जाने के लिए भारी परेशानी होती है। शिक्षकों व विद्यार्थियों की परेशानियों को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से दो दिवसीय अवकाश का निर्णय लिया गया।

निडरता से करें समस्याओं का सामना, शासन प्रशासन महिलाओं के साथ- अवनी सिंह

राज्य महिला आयोग सदस्या की अध्यक्षता में मिशन शक्ति अभियान अन्तर्गत आयोजित हुआ महिला जनसुनवाई कार्यक्रम

महिलाएं हर समस्या का मुकाबला निडरता से करें, सरकार व प्रशासन उनके साथ खड़ा है- राज्य महिला आयोग सदस्या श्रीमती अवनी सिंह

राज्य महिला आयोग सदस्या ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के 04 लाभार्थियों को वितरीत किये लैपटॉप

राज्य महिला आयोग ने महिलाओं की समस्याओं के निस्तारण के लिए जारी किया मोबाईल नम्बर-सदस्या श्रीमती अवनी सिंह

बिजनौर। राज्य महिला आयोग सदस्या श्रीमती अवनी सिंह की अध्यक्षता में आयोजित मिशन शक्ति अभियान अन्तर्गत महिलाओं की समस्याओं के निराकरण के लिए विकास भवन सभागार में महिला जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रीमती अवनी सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानित एवं स्वावलम्बी बनाने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जा रहा है ताकि वह सशक्त व स्वावलम्बी होकर अपना आर्थिक व सामाजिक उत्थान कर सकें। इस अवसर पर 36 शिकायती व प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। सदस्या ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के 04 लाभार्थियों को लैपटॉप भी वितरीत किये।

राज्य महिला आयोग सदस्या श्रीमती अवनी सिंह ने कहा कि महिलाएं हर समस्या का मुकाबला निडरता से करें। सरकार व प्रशासन उनके साथ खडा है। उन्होंने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता पर गुणवत्तापरक ढंग से करें। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपना योगदान दे कर देश एवं समाज की सेवा कर रही हैं और अपने आत्म विश्वास एवं मेहनत से अपना उत्कृष्ट स्थान बना रही हैं।

श्रीमती अवनी सिंह ने बताया कि महिलाओं की समस्याओं के निस्तारण के लिए आयोग ने मो0 नम्बर जारी किया है। उन्होंने कहा कि महिलाएं राज्य महिला आयोग के मो0 नम्बर 6306511708 पर अपनी शिकायतें भेज सकती हैं, जिनका निस्तारण सुनिश्चित कराया जाएगा।

जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा महिलाओं के सामाजिक व आर्थिक उत्थान तथा उनको स्वावलम्बी व सशक्त बनाने के लिए विभिन्न कल्याणकारी व लाभार्थीपरक योजनाए संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि निराश्रित महिला पेशन दी जा रही है तथा 181 हेल्पलाईन नम्बर व वन स्टॉप सेन्टर के माध्यम से भी महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण कराया जा रहा है।

जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि महिला जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायती व प्रार्थना पत्रों में 08 घरेलु हिंसा, 11 आवास संबंधी, 02 पेंशन के संबंध में व 15 अन्य प्रकरण प्राप्त हुए सभी के गुणवत्तापरक निस्तारण के निर्देश सदस्या राज्य महिला आयोग द्वारा पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को दिये गये। सदस्या ने कोविड से अनाथ हुए बच्चों के सहायतार्थ चलायी जा रही मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के कक्ष 9 व उससे आगे की कक्षाओं में अध्यनरत 04 बच्चों को लैपटॉप का वितरण भी किया।

इस अवसर पर सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण प्रतिनिधि वन स्टॉप सेन्टर, जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

चलती वैन से गिरकर HM स्कूल की छात्रा ने मौके पर तोड़ा दम, तीन गंभीर

छात्रा का फाइल फोटो

चलती वैन से गिरकर मासूम छात्रा की मौके पर ही मौत, तीन गंभीर। बिजनौर के जमालपुर स्थित एचएम पब्लिक स्कूल से जुड़ी है वैन। शव पोस्टमार्टम भेजने को लेकर परिजनों की पुलिस से नोकझोंक। प्रिंसीपल ने वाहन व्यवस्था से झाड़ा पल्ला।

बिजनौर। चालक द्वारा तेज गति से मोड़ने पर स्कूली वैन की खिड़की खुलने से उस में सवार चार मासूम बच्चे सड़क पर गिर गए। सड़क पर सिर लगने से नर्सरी क्लास की मासूम छात्रा की मौके पर मौत हो गई। वहीं तीन अन्य छात्र-छात्राएं  गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल छात्र-छात्राओं को तत्काल ही नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस की मृतक मासूम छात्रा का शव पोस्टमार्टम के लिए बिजनौर भेजने को लेकर परिजनों से जमकर नोकझोंक हुई। घटना से गुस्साए लोगों में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है।

जानकारी के अनुसार पैजनिया नहटौर मार्ग स्थित हल्दौर थाना क्षेत्र के ग्राम सोतखेड़ी निवासी नदीम की 6 वर्षीय पुत्री आयशा नर्सरी क्लास में जमालपुर स्थित एचएम पब्लिक स्कूल में पढ़ती थी। बुधवार की सुबह स्कूल की वैन का चालक वैन में करीब 30 बच्चों को भरकर ले जा रहा था। गांव सोतखेड़ी के ईंट भट्टे के मोड़ पर स्कूल वैन को तेज गति से मोड़ दिया। इस बीच स्कूल वैन की खिड़की खुल गई और चार बच्चे सड़क पर गिर पड़े।  सिर सड़क से टकराने के कारण मासूम छात्रा आयशा की मौके पर ही मौत हो गई। समाचार लिखे जाने तक ग्रामीणों व पुलिस में मृतक आयशा का पोस्टमार्टम कराने को लेकर नोकझोंक हो रही थी। स्कूल के प्रधानाचार्य सतवीर सिंह का कहना है कि अभिभावकों द्वारा अपनी जिम्मेदारी पर वाहन की व्यवस्था कराई गई है। स्कूल प्रबंधन का वाहन की व्यवस्था से कोई लेना देना नहीं है।

स्कूल प्रबंधन की तगड़ी कमाई का जरिया हैं पुरानी गाड़ियां- क्षेत्र के सभी स्कूलों में बाहर से पुरानी बस व मैजिक मंगा कर स्कूल में चलाए जा रहे हैं। इनकी ना तो फिटनेस पूरी होती है और ना ही उनके कागज पूरे होते हैं। यही नहीं बसों के कागजों की समय सीमा भी निकल चुकी होती है। उसके बाद भी इन बसों से छात्र-छात्राओं के जीवन से खिलवाड़ करते हुए लगातार भरकर लाया, ले जाया जा रहा है। इनसे  स्कूल प्रबंधन को अच्छा खासा मुनाफा होता है क्योंकि यह बच्चों को स्कूल लाने ले जाने के नाम पर उनसे अच्छी खासी फीस वसूलते हैं ।

गायब झुमके की तलाश में टीचर ने बच्ची को बेरहमी से पीटा!

प्राथमिक विद्यालय की अध्यापिका का झुमका हो गया गुम।  पूछताछ के दौरान हंसने पर बच्ची की बेरहमी से पिटाई। पुलिस ने कराया बीचबचाव। अगले दिन हालात बिगड़ने पर कराया गया जिला अस्पताल में भर्ती।

बिजनौर। प्राथमिक विद्यालय अमीपुर सुधा की छात्रा को  अध्यापिका ने महज इसलिए पीटा कि उसका गायब झुमका नहीं मिल रहा था। बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बीएसए के अनुसार शिकायत के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

जानकारी के अनुसार प्राथमिक विद्यालय अमीपुर सुधा की  अध्यापिका का झुमका कहीं खो गया। अध्यापिका ने कक्षा के बच्चों से पूछताछ की। इस दौरान एक बच्ची किसी बात पर हंस पड़ी। शक के आधार पर अध्यापिका ने बच्ची से पूछताछ की और लगभग 3 घण्टे तक मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। मामले की जानकारी पर छात्रा के परिजनों व ग्रामीणों ने विद्यालय पहुंच कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर फैसला करा दिया।

परिजनों के अनुसार अगले दिन बच्ची की हालत बिगड़ गई तो उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि ज्यादा पिटाई की वजह से बच्ची के शरीर व  दिमाग पर गहरा असर पड़ा है।

बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरन यादव

इस मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरन यादव ने बताया कि बच्ची को प्राथमिक उपचार के बाद उसके घर भेज दिया गया है। उन्होंने जिला अस्पताल के डॉक्टर से बात की तो बताया गया कि हालत ठीक है। कुछ लोग उसे भर्ती कराने का दबाव डाल रहे थे। यदि बच्ची के परिजनों द्वारा कोई लिखित शिकायत की जाती है तो आवश्यक कार्रवाई करेंगे।

छात्रा से गंदी बात करते सुन लिया था बच्चे ने, इसलिए हैवान बना था टीचर!

👉Ⓜ️पटना के मसौढ़ी में एक कोचिंग टीचर ने 5 साल के बच्चे की थी बेहरमी से पिटाई, वीडियो वायरल होने पर टीचर गिरफ्तार, बच्चे की पिटाई की वजह सुनकर आप हैरान हो जाएंगे। एक छात्रा के साथ गंदी बातें कर रहा था, जिसे इस छात्र ने देख सुन लिया था। इसी बात से नाराज़ होकर मासूम की बेरहमी से पिटाई की।

पटना। सोशल मीडिया पर पिछले दिनों वायरल वीडियो में छोटे बच्चे की पिटाई के आरोपी शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

बताया गया है कि राजधानी पटना में बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक शिक्षक छोटे बच्चे की बेरहमी से पिटाई करते दिख रहा है।

वीडियो वायरल होने के बाद पटना पुलिस ने इस पर स्वत: संज्ञान लेते हुए एक टीम गठित किया और आरोपी शिक्षक को नालंदा जिले के तेल्हाड़ा से गिरफ्तार कर लिया। वह यहां डालने मामा के घर में छिपा हुआ था। आरोपी शिक्षक का नाम अमरकांत कुमार है, जो जहानाबाद जिले के घोषी थाना क्षेत्र का रहने वाला है।

2 जुलाई 2022 को पटना पुलिस को एक वीडियो मिला था। वीडियो में शिक्षक अपने ही संस्थान में पढ़ने वाले एक नाबालिग छात्र की बेरहमी से पिटाई करते दिख रहा था। पुलिस ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की, तो मामला धनरूआ थाना क्षेत्र में स्थित जय पब्लिक स्कूल सह कोचिंग संस्थान का निकला। पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है।

मानवजीत सिंह ढिल्लो एसएसपी पटना

सरकारी स्कूलों में अब होगी तिमाही परीक्षा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब तिमाही परीक्षा की शुरुआत की जाएगी, यानी हर तीन महीने पर स्टूडेंट्स को परीक्षा देनी होगी. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बेसिक शिक्षा विभाग में ये बदलाव किया जा रहा है।  दरअसल बेसिक शिक्षा विभाग के नए सत्र की शुरुआत 1 अप्रैल 2022 से हुई है और 16 जून तक बच्चों के गर्मी की छुट्टी खत्म खोने के बाद स्कूल खोल दिए गए हैं। अप्रैल से शुरू हुए सेशन में जून तक 3 महीने कि पढ़ाई पूरी हो गई है इसीलिए जुलाई के अंत में अब इन स्कूलों में परीक्षाएं करवाई जाएंगी। इस तरह से पहली परीक्षा जुलाई, फिर अक्टूबर और जनवरी में परीक्षा कराने की तैयारी की जा रही है।

हर तीन महीने में परीक्षा

बेसिक शिक्षा विभाग कि ओर से हर जिले में तिमाही परीक्षा करवाने के निर्देश दे दिए गए हैं। विभागीय सूत्रों ने बताया कि शिक्षा विभाग ने तिमाही परीक्षा करवाने के निर्देश दिए हैं।  परीक्षा का परिणाम एक हफ्ते में आएगा, इन परीक्षाओं से स्टूडेंट्स और टीचर दोनों को फायदा होगा क्योंकि टीचर्स आसानी से पता लगा सकेंगे कि बच्चों ने उनके पढ़ाए हुए सिलेबस को कितना समझा है। इसके साथ ही बच्चों पर भी एकसाथ बोझ नहीं पड़ेगा और वो थोड़ी-थोड़ी तैयारी करते रहेंगे।

पढ़ाई में मिलेगी बच्चों को मद

दरअसल तिमाही परीक्षा के निर्णय से पहले राज्य सरकार ने साल में 2 बार मिशन प्रेरणा के तहत परीक्षा का निर्णय लिया था, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से ये नही हो पाया। वहीं तिमाही परीक्षा को लेकर शिक्षा विभाग का कहना है कि उससे बच्चों की पढ़ाई और बेहतर होगी क्योंकि समय समय पर उनका आंकलन हो सकेगा। बच्चे जिस सब्जेक्ट में कमज़ोर होंगे, उन्हें उस हिसाब से पढ़ाई करवाई जाएगी। जिन बच्चों के अच्छे अंक नहीं आएंगे, उन्हें रेडमीडियल टीचिंग के तहत पढ़ाया जाएगा और फिर जो अगला एग्जाम होगा उसमें चेक किया जाएगा कि टीचिंग तकनीक से बच्चों को कितना फायदा हुआ है।

आर्टीफिशियल इंटैलीजेंस टेक्निक से चेक होंगी कॉपियां

योगी सरकार ने रिजल्ट जल्दी और आसानी से तैयार करने के लिए एक ऐप तैयार किया है। आर्टीफिशियल इंटैलीजेंस टेक्निक से कॉपियों की चेकिंग होगी। इस ऐप की टेस्टिंग लखनऊ में हुई थी, लेकिन प्रदेश स्तर पर इसका इस्तेमाल नहीं किया गया है। उम्मीद है इस ऐप का इस्तेमाल जल्द की जाए। हाल ही में सरकार ने यूपी के स्कूलों एग्जाम पैटर्न में बदलाव किया था। नई शिक्षा नीति के तहत बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए यूपी शिक्षा विभाग ने कई बदलाव किए हैं।

आचार्य द्विवेदी स्मृति अभियान के रजत जयंती समारोह में होगा देशभर के साहित्यकारों-पत्रकारों का जमावड़ा

आचार्य द्विवेदी स्मृति अभियान का 25वां वर्ष

रजत जयंती समारोह में होगा देशभर के साहित्यकारों-पत्रकारों का जमावड़ा

मुख्य आकर्षण
-दौलतपुर में महावीर चौरा पर सुंदरकांड पाठ से रजत जयंती समारोह की शुरुआत
-दो दिवसीय मुख्य वार्षिक समारोह 11-12 नवंबर को
-ऐतिहासिक दस्तावेजों और दुर्लभ फोटो वाली प्रदर्शनी का आयोजन
-रायबरेली शहर में आचार्य द्विवेदी स्मृति खेल महाकुंभ
-गीत-संगीत, नृत्य और नाटक के माध्यम से आचार्य द्विवेदी के जीवन वृत्त की प्रस्तुति
-“आचार्य पथ” स्मारिका/पत्रिका का विशेषांक

रायबरेली से शुरू हुआ आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर गया है। अभियान की रजत जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। रजत जयंती वर्ष को यादगार बनाने की तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं। 11-12 नवंबर 2022 को आयोजित होने वाले रजत जयंती समारोह में देशभर के साहित्यकारों पत्रकारों को आमंत्रित किया जाएगा। लखनऊ और दिल्ली में भी कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया गया। आचार्य पथ स्मारिका का विशेषांक भी निकालने की तैयारी है।
आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की रायबरेली के आशीर्वाद इन होटल में आयोजित बैठक में तय किया गया कि रजत जयंती वर्ष में आचार्य द्विवेदी की स्मृतियों को नए रूप में संजोया जाएगा। वर्ष पर्यंत कार्यक्रमों की श्रंखला चलेगी। इसकी शुरुआत आचार्य द्विवेदी के जन्म ग्राम दौलतपुर में सुंदरकांड के पाठ के साथ होगी। आचार्य द्विवेदी स्मृति खेल महाकुंभ के साथ ही जनपद के साहित्यिक स्वाधीनता संग्राम इतिहास को समेटने वाली प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। 12 नवंबर को वार्षिक आयोजन भी इस बार दो दिवसीय होगा। इसमें देशभर के पत्रकार-साहित्यकार शामिल होंगे। आचार्य द्विवेदी के जीवन वृत्त को गीत-संगीत, नाटक और नृत्य के माध्यम से भी प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है।


अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने बताया कि स्मृति संरक्षण अभियान 9 मई 1998 को समाज और सरकार को जगाने के लिए ध्यानाकर्षण धरने के माध्यम से प्रारंभ हुआ था। यह स्मृति अभियान 9 मई से रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर गया है। 25 वर्ष के सफर में कई सोपान तय किए गए। शहर से लेकर गांव तक तीन स्मृति द्वार बनाए गए। कई सरकारी और निजी संस्थाओं में सभागार आचार्य द्विवेदी के नाम पर रखे गए।
उन्होंने बताया कि आचार्य द्विवेदी की स्मृतियां सात समंदर पार अमेरिका तक पहुंच गई। अमेरिका इकाई की कमान श्रीमती मंजु मिश्रा एवं सदस्य श्रीमती रचना श्रीवास्तव, श्रीमती शुभ्रा ओझा, कुसुम नैपसिक, डॉक्टर ममता त्रिपाठी संभाले हुए हैं। अमेरिका इकाई साल में आचार्य द्विवेदी की स्मृति और हिंदी के प्रचार- प्रसार के लिए ऑनलाइन चार कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इनमें बच्चों की प्रतियोगिताएं भी शामिल हैं।

कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग प्रभारियों की नियुक्ति-
महामंत्री अनिल मिश्र ने बताया कि कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग प्रभारियों की नियुक्ति की गई है। खेल प्रतियोगिताओं के लिए मुन्ना लाल साहू, स्मिता दुबे, अनुपमा रावत और हिमांशु तिवारी को प्रभारी बनाया गया है। नाटक-नृत्य आदि के लिए अमित सिंह, रवि प्रताप सिंह और क्षमता मिश्रा को जिम्मेदारी दी गई है। प्रदर्शनी का प्रभार अभिषेक द्विवेदी, नीलेश मिश्रा और अरुण पांडे को सौंपा गया है।
बैठक के अंत में डॉ सुशील चंद्र मिश्र ने सभी को रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएं दीं। बैठक में राजीव भार्गव, दिनेश शुक्ला, सुधीर द्विवेदी, स्वतंत्र पांडे, राजेश वर्मा, श्रीमती रजनी सक्सेना, रामेंद्र मिश्रा, अमर द्विवेदी, दीपक तिवारी, लंबू बाजपेई, शशिकांत अवस्थी, घनश्याम मिश्रा, राकेश मोहन मिश्रा, राजेश द्विवेदी, कृष्ण मनोहर मिश्रा, अभिषेक मिश्रा, रोहित मिश्रा, यशी अवस्थी, शिखर अवस्थी, हर्षित द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

आचार्य द्विवेदी के नाम पर चौराहे का सुंदरीकरण करने का सुझाव

रजत जयंती वर्ष की तैयारियों के सिलसिले में आयोजित बैठक में कई सुझाव भी आए। समिति के सदस्य राजेश वर्मा ने सुझाव दिया कि आचार्य द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान के रजत जयंती वर्ष को यादगार बनाने के लिए शहर के एक चौराहे को विकसित किया जाए। सदस्य चंद्रमणि बाजपेई ने छात्र-छात्राओं के लिए पुस्तकालय- वाचनालय स्थापित किए जाने पर जोर दिया।

आचार्य द्विवेदी के साहित्य का डिजिटलाइजेशन भी होगा

रजत जयंती वर्ष मनाने की तैयारियों से संबंधित बैठक में आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की अमेरिका इकाई की अध्यक्ष श्रीमती मंजु मिश्रा भी ऑनलाइन शामिल हुईं। उन्होंने आचार्य द्विवेदी के साहित्य समेत अन्य विषयों पर लिखी गई पुस्तकों को डिजिटल फॉर्म पर उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने आश्वस्त किया कि इस दिशा में भी काम तेज किया जाएगा।

हालात नहीं सुधरे तो सड़क पर उतरेंगे छात्रः अर्जुन मिश्र

एक सप्ताह में बिजली आपूर्ति सुधारने का अल्टीमेटम

अतर्रा/बांदा, के एस दुबे (AMJA) लगातार विद्युत कटौती से आजिज छात्रों व अन्य जागरूक युवाओं ने बिजली विभाग के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है। इसी क्रम में उपखण्ड कार्यालय पहुंच कर उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। साथ ही हालात ठीक न होने पर उग्र आन्दोलन की चेतावनी भी दी है।

बिजली की लगातार आंख मिचौली से लोगों का ग़ुस्सा फूटने लगा है। छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन मिश्र (मुन्ना) की अगुवाई में एक दर्जन से अधिक युवाओं ने विद्युत उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए एक सप्ताह में बिजली सुधारने का अल्टीमेटम दिया। श्री मिश्र ने कहा कि बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के छात्रों की परीक्षाएं चल रही हैं, बिजली की लगातार कटौती से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। गर्मी अपने चरम पर है, ऐसी स्थिति में व्यापारी, छात्र आदि किसी भी वर्ग की चिंता सरकार को नहीं है।

सुदूर गांवों के गरीब छात्र कमरा लेकर रहते हैं। बिजली गुल होने पर पढ़ने कहां जाएं। इससे आम उपभोक्ताओं में भी भारी आक्रोश है। स्थानीय निवासियों रमाकांत अवस्थी, प्रकाश त्रिवेदी, आदित्य तिवारी, अमित गुप्ता आदि ने भी नाराज़गी व्यक्त की है। कांग्रेस नेता साकेत बिहारी मिश्र, सूरज बाजपेई, रमेश कोरी, विक्की गुप्ता, सपा नेता नीरज द्विवेदी, विवेक बिन्दु तिवारी, दिनेश गुप्ता एवं व्यापारी नेता उमाशंकर गुप्ता, श्रवण गुप्ता आदि ने भी बिजली कटौती पर अपना आक्रोश दर्ज कराया है। सौंपे गए ज्ञापन में बिजली व्यवस्था न सुधरने पर आन्दोलन की चेतावनी दी गई है।ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अर्जुन मिश्र, कांग्रेस के युवा नेता अविरल पाण्डेय, शिवा सिंह, दिनेश कुमार, मोहम्मद नसीम, आशीष गुप्ता, सत्यम सोनी, नवल रैकवार आदि शामिल रहे।

बिजनौर की श्रुति शर्मा बनीं UPSC टॉपर

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2021 का परिणाम घोषित; श्रुति शर्मा ने किया टॉप

बिजनौर की रहने वाली हैं श्रुति शर्मा

इस साल की UPSC टॉपर श्रुति शर्मा यूपी के बिजनौर की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया। एम. ए. की पढ़ाई उन्होंने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से पूरी की। UPSC की तैयारी के लिए श्रुति ने जामिया मिलिया इस्लामिया के रेसिडेंशियल कोचिंग एकेडमी (RCA) जॉइन किया था।

संघ लोक सेवा आयोग( यूपीएससी) ने सिविल सेवा 2021 का परिणाम जारी कर दिया है। परिणाम के अनुसार उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद की रहने वाली श्रुति शर्मा समेत अंकिता अग्रवाल और गामिनी सिंगला टॉपर बनीं हैं।

सिविल सेवा परीक्षा 2021 के परिणाम के अनुसार श्रुति शर्मा ने ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की है। वहीं, दूसरे स्थान पर अंकिता अग्रवाल और गामिनी सिंगला रही हैं। इस साल तीनों ही टॉपर लड़कियां हैं।

बिजनौर के धामपुर निवासी श्रुति शर्मा दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा हैं। जानकारी के मुताबिक उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया आवासीय कोचिंग अकादमी में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की है।

श्रुति के यूपीएससी परीक्षा में टॉप करने पर परिजनों में खुशी का माहौल है। परिजनों का कहना है कि बेटी कोचिंग के साथ साथ घर में भी खूब पढ़ाई करती थी। आज उसकी मेहनत रंग लाई है। 
परीक्षा परिणाम ऑनलाइन रूप से उपलब्ध है। जिन उम्मीदवारों ने इस परीक्षा में भाग लिया था और इंटरव्यू में शामिल हुए थे वे अपना परिणाम यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर चेक और डाउनलोड कर सकते हैं।  

DU की ही स्टूडेंट रही हैं 2nd टॉपर- अंकिता अग्रवाल ने यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। अंकिता दिल्ली यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट रही हैं। डीयू से उन्होंने इकोनॉमिक्स ऑनर्स में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है। ग्रेजुएशन में पॉलिटिकल साइंस और इंटरनेशनल रिलेशंस उनके ऑप्शनल सब्जेक्ट थे। वहीं तीसरे नंबर पर आने वाली गामिनी सिंगला कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री रखती है। उन्होंने ऑप्शनल सब्जेक्ट के तौर पर सोशियोलॉजी चुना था।

पहला स्थान – श्रुति शर्मा
दूसरा स्थान- अंकिता अग्रवाल
तीसरा स्थान – गामिनी सिंगला
चौथा स्थान – ऐश्वर्य वर्मा
पांचवा स्थान – उत्कर्ष द्विवेदी
छठा स्थान – यक्ष चौधरी
सातवां स्थान – सम्यक एस जैन
आठवां स्थान – इशिता राठी
नौवां स्थान – प्रीतम कुमार
दसवां स्थान – हरकीरत सिंह रंधावा

आईएएस बनना चाहती हैं श्रुति-

श्रुति शर्मा ने बताया कि परिणाम से वह आश्चर्य में हैं। वह बीते चार वर्षों से सिविल सेवा की तैयारी कर रही थीं। श्रुति शर्मा का सपना आईएएस बनने का है। वह भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती हैं।

जामिया से कर रही थी तैयारी

उत्तर प्रदेश के बिजनौर की रहने वाली श्रुति शर्मा जामिया मिलिया इस्लामिया आवासीय कोचिंग अकादमी (RCA) से अपनी सिविल सेवा की तैयारी कर रही थीं। आरसीए को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यकों जैसी श्रेणियों से संबंधित छात्रों को मुफ्त कोचिंग और आवासीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए वित्त पोषित किया जाता है।  जामिया के एक अधिकारी ने बताया कि कोचिंग अकादमी के 23 छात्रों ने सिविल सेवा परीक्षा पास की है। 

संघ लोक सेवा आयोग की ओर से जारी किए गए परिणाम के अनुसार इस परीक्षा में कुल 685 उम्मीदवारों का चयन किया गया है। संघ लोक सेवा आयोग की ओर से हर साल आईएएस, आईपीएस और आईएफएस के पदों पर चयन हेतु सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन किया जाता है।

वहीं बिजनौर जिले के सहसपुर कस्बे की शुमायला चौधरी ने सिविल सर्विसेज यूपीएससी की परीक्षा में देश में 367 रैंक हासिल की है। शुमायला को मिल सकता है आईपीएस कैडर!

डीएवी इंटर कालेज के शिक्षक व स्टाफ ही प्रिंसिपल के खिलाफ जंग में कूदे

बिजनौर। डीएवी इंटर कालेज के प्रिंसिपल से कथित मारपीट के मामले में नया मोड़ आ गया है। कालेज के शिक्षक एवं अन्य स्टाफ ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता कर कालेज प्रधानाचार्य डा. मनोज कुमार गोस्वामी पर गंभीर आरोप लगाए। स्टाफ के लोगों ने पत्रकारों को बताया कि प्रिंसिपल  स्टाफ को आएदिन गाली गलौच कर जान से मारने की धमकी देते रहते हैं। कालेज शिक्षक इनके व्यवहार से बुरी तरह से तंग आ चुके हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक से इनके यहां से स्थानान्तरण की मांग की गई है।

पत्रकारों से बात करते हुए शिक्षक दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि प्रिंसिपल मनोज गोस्वामी के कृत्यों से कालेज की छवि लगातार खराब हो रही है। लिपिक शरद शर्मा को इन्होंने जान से मारने की नीयत से गला घोंटने का प्रयास किया। आएदिन थाने जाकर झूठी तहरीर देते रहते हैं। शिक्षक विशाल वत्स व राजेन्द्र सिंह ने भी प्रधानाचार्य पर अभद्रता व मारपीट का आरोप लगाया। यह भी आरोप लगाया कि वह कर्मचारी दुष्यन्त कुमार से घर पर निजि कार्य कराते रहे और जब उसने ऐसा करने से मना कर दिया तो उसका वेतन नहीं दिया। इस मामले में उपप्रबन्धक ने उनसे कहा तो अपने एक साथी से मिलकर उपप्रबन्धक पर हमला कर दिया और कुछ दलाल टाइप के लोगों को साथ लेकर थाने पहुंच गए जहां उल्टे उनके खिलाफ ही झूठी तहरीर दे दी। कालेज स्टाफ ने एक स्वर में प्रधानाचार्य को हटाने की मांग की। इस अवसर पर राजेन्द्र सिंह, राजबाला देवी, चन्द्र सिंह, लोकेश कुमार, मंजू रानी, खलेश कुमार शर्मा, अरूण कुमार गर्ग, नीरज कुमार शर्मा, अमित, शरद शर्मा, लेखराज सिंह, राजेन्द्र कुमार, सोमपाल सिंह, अनीता रानी, राजवीर सिंह, दिनेश शर्मा, शैलेन्द्र कुमार शर्मा, आसिफ अहमद खां, अशोक कुमार, राहुल कुमार आदि स्टाफ मौजूद रहे। वहीं इस मामले में प्रधानाचार्य का भी पक्ष जानने का प्रयास किया गया मगर उनसे संपर्क नहीं हो सका। गौरतलब है कि दो डिम पूर्व कालेज में कथित रूप से प्रिंसिपल मनोज गोस्वामी के ऊपर हमले की घटना हुई थी।

भारत की मैंकल नामदेव व अमेरिका के ऋत्विक ने जीती अंतर्राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता

पेंड्रा की मैंकल नामदेव और अमेरिका के ऋत्विक ने जीती निबंध प्रतियोगिता
-अमेरिका वर्ग से अयाति ओझा दूसरे स्थान पर रहीं
-भारत वर्ग से रायबरेली की आद्या गुप्ता दूसरे और फातिमा अंसारी तीसरे स्थान पर रहीं
-7 बच्चों के निबंध सांत्वना पुरस्कार के रुप में चुने गए
-अमेरिका में भारत के चांसरी प्रमुख रमाकांत कुमार ने की विजेता बच्चों के नामों की घोषणा
-मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ कृपाशंकर चौबे ने समिति के प्रयासों की सराहना की

नई दिल्ली आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की भारत और अमेरिका इकाई द्वारा संयुक्त रूप से 12 से 18 वर्ष के बच्चों की आयोजित की गई अंतर्राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की मैंकल नामदेव और अमेरिका के ऋत्विक अग्रवाल विजेता रहे।

मैकल नामदेव को पुरस्कार में प्रमाणपत्र के साथ 21 सौ रुपए और ऋत्विक को 50 डालर दिए जाएंगे। इसी तरह दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे विजेता बच्चों को भी प्रमाण पत्र और नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया जाएगा। चयनित सभी निबंधों को ‘आचार्य पथ’ स्मारिका में भी स्थान देने का ऐलान किया गया।

विजेता बच्चों के नामों की घोषणा रविवार को आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में अमेरिका में भारत के चांसरी प्रमुख रमाकांत कुमार ने की। करतल ध्वनि से सभी विजेता बच्चों को बधाई दी गई। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में अमेरिका वर्ग से ऋत्विक अग्रवाल प्रथम और अयाति ओझा दूसरे स्थान पर रही। भारत वर्ग से मैंकल नामदेव प्रथम, आद्या गुप्ता द्वितीय और फातिमा अंसारी तीसरे स्थान पर रहीं। तमिलनाडु की प्रतिभागी संजना एच, कात्यायनी त्रिवेदी, हिमांशी सिंह, गुनगुन मिश्रा, श्रवण कुमार मिश्रा, शान्तनु पांडेय और पंकज कुमार के निबंध भी सराहे गए। सभी को सांत्वना पुरस्कार देने की घोषणा की गई। विजेता बच्चों ने अपने-अपने निबंध भी पढ़कर सुनाए।

पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि एवं अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. कृपा शंकर चौबे ने सभी विजेता बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि जब हिंदी की विभिन्न विधाओं पर संकट गहरा रहा है ऐसे समय में आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति द्वारा बच्चों के लिए निबंध प्रतियोगिता आयोजित करना बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है। बच्चे के अंदर एक रचना छुपी होती है और उस रचना को निखारने एवं सामने लाने का अवसर देना निहायत जरूरी है।

समिति की अमेरिका इकाई की अध्यक्ष श्रीमती मंजु मिश्रा ने सभी प्रतिभागी बच्चों के साथ- साथ कार्यक्रम में उपस्थित निर्णायक मंडल की सदस्य प्रोफेसर नीलू गुप्ता (अमेरिका), डॉ. पद्मावती (चेन्नई), डॉ भारती सिंह (नोएडा), अनुपम परिहार (प्रयागराज), डॉ. सुमन फुलारा (उत्तराखंड) और बद्री दत्त मिश्र (रायबरेली) का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हिंदी को बचाने और बढ़ाने के लिए भारत के साथ-साथ प्रवासी भारतीयों के बच्चों को मातृभाषा से जोड़े रखने के ही यह छोटे-छोटे प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत से करीब 122 निबंध प्राप्त हुए।

भारत इकाई के अध्यक्ष विनोद शुक्ल ने कहा कि हिंदी को नया व्याकरण और भाषा देने वाले आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के योगदान को आज सभी स्वीकार कर रहे हैं। उनकी स्मृतियों को संरक्षित करने में समाज जागृत हो चुका है लेकिन सरकार का जागृत होना बाकी है।

आभार ज्ञापित करते हुए समिति के संयोजक गौरव अवस्थी ने कहा कि आचार्य द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान का यह 25वां वर्ष है। सभी के प्रयासों और सहयोग से आचार्य द्विवेदी की स्मृतियां सात समंदर पार तक पहुंचने में सफल हुई हैं। भविष्य में भी ऐसा ही सहयोग बनाए रखने का अनुरोध किया।

कार्यक्रम का संचालन अमेरिकी इकाई की वरिष्ठ सदस्य श्रीमती रचना श्रीवास्तव ने किया और अमेरिका की शोनाली श्रीवास्तव ने सुमधुर स्वर में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम में अमेरिकी इकाई की सदस्य डॉ कुसुम नैपसिक, श्रीमती ममता त्रिपाठी, गणेश दत्त, सुश्री नीलम सिंह, श्रीमती संगीता द्विवेदी, सुधीर द्विवेदी, करुणा शंकर मिश्रा, अभिषेक द्विवेदी आदि उपस्थित रहे।

तीन दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का डीआईजी ने किया उद्घाटन

बिजनौर। रिजर्व पुलिस लाइन्स में दिनांक 19.05.2022 से 21.05.2022 तक आयोजित होने वाली अन्तरजनपदीय पुलिस वालीबॉल, बास्केटबॉल, हैण्डबॉल, सेपक टकरा एवं योगा प्रतियोगिता वर्ष-2022 व सडक सुरक्षा जागरुकता अभियान का शुभारम्भ शलभ माथुर, पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र मुरादाबाद द्वारा किया गया।

रिजर्व पुलिस लाइन में शलभ माथुर, पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र मुरादाबाद द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर लिया गया। उनके द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर देने वाली गार्द को उत्साहवर्धन हेतु पुरस्कृत किया गया। इसके पश्चात पुलिस लाइन्स के ग्राउण्ड में बरेली जोन, बरेली की दिनांक 19.05.2022 से 21.05.2022 तक आयोजित होने वाली अन्तरजनपदीय पुलिस वालीबॉल, बास्केटबॉल, हैण्डबॉल, सेपक टकरा एवं योगा प्रतियोगिता वर्ष-2022 का उदघाटन किया गया। उक्त प्रतियोगिता में बरेली जोन के सभी 09 जनपदों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। पुलिस उपमहानिरीक्षक ने सभी प्रतिभागी खिलाडियों से हाथ मिलाकर उनका परिचय लिया तथा खेल भावना के उददेश्य से खेलने की अपील करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया गया।
तदोपरान्त पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र मुरादाबाद श्री माथुर द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन्स प्रांगण में एनसीसी कैडेट्स को सडक सुरक्षा के बारे में जागरुक किया गया। उनको बताया गया कि सड़क पर सभी को अपने बाँये तरफ चलना चाहिए खासतौर से चालक को और दूसरी तरफ से आ रहे वाहन को जाने देना चाहिये। चालक को सड़क पर गाड़ी घुमाते समय गति धीमी रखनी चाहिये। अधिक व्यस्त सड़कों और रोड जंक्शन पर चलते समय ज्यादा सावधानी बरतें। दोपहिया वाहन चालकों को अच्छी गुणवत्ता वाले हेलमेट पहनने चाहिये नहीं तो उन्हें बिना हेलमेट के रोड पर नहीं आना चाहिये। गाड़ी की गति निर्धारित सीमा तक ही रखें खासतौर से स्कूल, हॉस्पिटल, कॉलोनी आदि क्षेत्रों में। सभी वाहनों को दूसरे वाहनों से निश्चित दूरी बनाकर रखनी चाहिये। सड़कों पर चलने वाले सभी लोगों को रोड पर बने निशान और नियमों की अच्छे से जानकारी हो। यात्रा के दौरान सड़क सुरक्षा के नियम-कानूनों को दिमाग में रखें।

एनसीसी कैडेट्स की जागरुकता रैली- इसी के साथ ही एनसीसी कैडेट्स के साथ प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर जागरुकता रैली को रवाना किया गया एवं आमजन मानस को यातायात नियमों से अवगत कराया गया। इस दौरान जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ0 धर्मवीर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ0 प्रवीन रंजन सिंह, आरटीओ शिव शंकर, एआरटीओ राकेश मोहन, क्षेत्राधिकारी नगर कुलदीप गुप्ता, उ0नि0 यातायात बलराम सिंह व अन्य पुलिस अधिकारीगण मौजूद रहे।


इसके बाद पुलिस उपमहानिरीक्षक द्वारा स्कूली वैन बस एवं एंबुलेंस का फिटनेस चेक कर वाहन से सम्बन्धित जानकारी ली गई तथा सम्बन्धित को इस सम्बन्ध में डाटाबेस बनाकर रखने हेतु निर्देशित किया गया। वाहन स्वामी को बताया गया कि स्कूली वाहनों में सभी मानकों को हमेशा पूरा रखा जाए तथा वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने हेतु निर्देशित किया गया।

ग्राम प्रहरियों को वर्दी किट-
डीआईजी ने रिजर्व पुलिस लाइन्स प्रांगण में नगर सर्किल के ग्राम प्रहरियों को जर्सी, साफा, जीन कोट, बेल्ट, जूता, धोती (कुल 06) सामानों का वितरण किया गया। ग्राम प्रहरियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी पुलिस विभाग मे एक मजबूत कडी है जो अपने आसपास की गतिविधियों पर सतर्क नजर रखते हैं, जिससे किसी घटना को घटित होने से रोका जा सकता है। उनके द्वारा सभी को समय से सूचना देने व अपने दायित्वों का अच्छी तरह से निर्वहन करने हेतु प्रेरित किया गया। सभी ग्राम प्रहरियों को अपनी डयूटी को सतर्कता पूर्वक करने व किसी भी प्रकार की कोई भी सूचना तत्काल थाना प्रभारी को देने हेतु बताया गया। पुलिस उपमहानिरीक्षक शलभ माथुर द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन्स प्रांगण में आयोजित नेत्र शिविर का निरीक्षण किया गया। शिविर में वाहन चालक अपनी ऑखों का इलाज, शुगर, ब्लड प्रेशर आदि की जाँच करा रहे थे। डीआईजी द्वारा सभी चालकों को यातायात नियमों का पालन करने, वाहन चलाते समय किसी भी नशे का सेवन न करने हेतु बताया गया तथा सभी को समय-समय पर अपनी जाँच कराने हेतु प्रेरित किया गया। शिविर में नेत्र रोग विशेषज्ञ, शुगर रोग विशेषज्ञ व अन्य स्पेशलिस्ट डॉक्टर मौजूद रहे।

GGIC में सड़क सुरक्षा से संबंधित जागरूक शपथ दिलाई- उन्होंने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बिजनौर में पहुंच कर स्कूलों के बच्चों के साथ सडक सुरक्षा सप्ताह के तहत सड़क सुरक्षा से संबंधित जागरूक शपथ दिलाई तथा सभी को सडक सुरक्षा में जागरुक करते हुए बताया गया कि

1- ट्रैफिक सिग्नल का अर्थ समझना ।
2- रुको, देखो फिर सड़क पार करो ।
3- ध्वनि पर ध्यान दें ।
4- सड़क पर दौड़ें नहीं ।
5- फुटपाथ का उपयोग करें ।
6- पेडेस्ट्रियन से करें सड़क पार ।
7- वाहन के बाहर हाथ न निकालें ।
8- मोड़ से सड़क पार न करें ।
9- ड्राइविंग के नियमों का पालन करे ।
10- चलते वाहन में सुरक्षित बैठना ।
11- वाहन के रुकने के बाद ही चढ़ना और उतरना ।
12- हमेशा किनारे पर ही उतरें ।
13- स्कूल बस का इस्तेमाल हमेशा लाइन में रहकर करें ।
14- उतरने वाले यात्रियों को पहले अवसर दें ।
15- हाथ का इशारा दें ।

इस दौरान जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य पुलिस अधिकारी एवं स्कूल का स्टाफ उपस्थित रहा।

रजत जयंती वर्ष: हम हैं राही स्मृति अभियान के

रजत जयंती वर्ष: हम हैं राही स्मृति अभियान के

यही तारीख थी नौ मई। साल 1998। अपने ही गांव-घर, जनपद, प्रदेश और देश में भुला-बिसरा दिए गए हिंदी के प्रथम आचार्य हम सबको एक भाषा, एक बोली-बानी और नवीन व्याकरण देने वाले आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की स्मृतियों को संजोने से जुड़ा अभियान शुरू हुआ। शुरुआत 42 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी के बीच रायबरेली शहर के शहीद चौक से ध्यानाकर्षण धरने के माध्यम से हुई। यह एक शुरुआत भर थी। कोई खाका नहीं। कोई आका नहीं। कुल जमा 40-50 और पवित्र संकल्प इस अभियान की नींव में थे। प्रकृति या यूं कहें खुद आचार्य जी ने शहीद चौक पर जुटे अनुयायियों की परीक्षा ली। टेंट के नीचे बैठे लोग अपने इस पूर्वज और हिंदी के पुरोधा की यादों को जीवंत बनाने का संकल्प ले ही रहे थे कि तेज अंधड़ से 18×36 का टेंट उड़ गया। लोग बाल बाल बचे लेकिन कोई डिगा न हटा। ध्यानाकर्षण धरना अपने तय समय पर ही खत्म हुआ।

पहली परीक्षा में पास होने के बाद चल पड़ा स्मृति संरक्षण अभियान आप सब के सहयोग-स्नेह और संरक्षण से कई पड़ाव पार करते हुए आज यहां तक पहुंचा है। अभियान का यह 25वां वर्ष प्रारंभ हुआ है। किसी भी परंपरा के 25 वर्ष कम नहीं होते। इस दरमियान कुछ बदला, कुछ छूटा और बहुत कुछ नया शामिल भी हुआ। इस टूटे-फूटे ही सही अभियान के भवन में न जाने कितने लोगों का पैसा, पसीना और प्यारभाव ईंट-गारे के रूप में लगा है। सबके नाम गिनाने बैठे तो कागज नामों से ही भर जाए। मन की बहुत बातें मन में ही रखनी पड़ जाएं। इसलिए बात केवल उन पड़ावों की जो यादों में अंकित-टंकित हो चुकी हैं।
    अभियान का शुरुआती मुख्य मकसद साहित्यधाम दौलतपुर को राष्ट्रीय स्मारक के रूप में घोषित कराने से जुड़ा था। इसके प्रयास भी दिल्ली से लेकर लखनऊ तक हुए। खूब हुए लेकिन हिंदी के पुरोधा का जन्मस्थान राष्ट्रीय स्मारक नहीं बन पाया तो नहीं बन पाया। अब इसके लिए हम खुद को गुनाहगार ठहराएं या शासन सत्ता को? राष्ट्रीय स्मारक तो छोड़िए जन्मस्थान पर एक ऐसा स्थान तक नहीं बन पाया जहां बैठकर आज  हिंदी भाषा और अपने पुरोधाओं से प्रेम करने वाली पीढ़ी प्रेम से बैठ ही सके। बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी, इसलिए जरूरी है दूसरी तरफ चला जाए। अभियान से जुड़ी कुछ ऐसी तारीखें हैं, जो तवारीख बन गई।
   भला हो, कांग्रेस के सांसद रहे कैप्टन सतीश शर्मा का, जिन्होंने अभियान से प्रभावित होकर अपनी सांसद निधि से पुस्तकालय-वाचनालय का भवन जन्म स्थान के सामने आचार्य जी के सहन की भूमि पर ही निर्मित कराया। भला हिंदी के उन पुरोधा डॉ नामवर सिंह का भी हो जिन्होंने उस पुस्तकालय-वाचनालय भवन का लोकार्पण किया। यह अलग बात है कि तमाम मुश्किलों की वजह से पुस्तकालय वाचनालय संचालित नहीं हो पाया।
     साल वर्ष 2004 में एक नई शुरुआत आचार्य स्मृति दिवस के बहाने हुई। देश के शीर्षस्थ कवियों में शुमार रहे बालकवि बैरागी के एकल काव्य पाठ से शुरू हुई यह परंपरा आज भी जारी है। वर्ष-प्रतिवर्ष यह परंपरा नई होती गई। निखरती गई। आज ‘आचार्य स्मृति दिवस’ अभियान का मुख्य केंद्र है। इस दिवस के बहाने देश भर के न जाने कितने स्नावनामधन्य साहित्यकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और खिलाड़ियों को सुनने-गुनने, देखने-समझने के अवसर हम सबको मिल चुके हैं।
   

अभियान का एक असल पड़ाव तो ‘आचार्य पथ’ स्मारिका-पत्रिका भी है। प्रधान संपादक साहित्यकार -गीतकार आनंद स्वरूप श्रीवास्तव के कुशल संपादन में निरंतर 11 वर्षों से प्रकाशित हो रही इस स्मारिका ने आचार्य द्विवेदी की स्मृतियों को जीवंत बनाने में कम योगदान नहीं दिया है। देशभर के साहित्यकार आचार्य द्विवेदी पर केंद्रित लेख लिखते हैं। छपते हैं। प्रधान संपादक ने स्मारिका को ‘सरस्वती’ की तरह ही विविध ज्ञान की पत्रिका बनाने का उपक्रम भी लगातार किया है और कर रहे हैं।
    अभियान वर्ष 2015 कि वह तारीख भी नहीं भूल सकता जब ‘द्विवेदी अभिनंदन ग्रंथ’‌ का पुन: प्रकाशन नेशनल बुक ट्रस्ट-नई दिल्ली ने किया। इस काम में अभियान की भूमिका दुर्लभ ग्रंथों को उपलब्ध कराने भर की ही थी पर यह भूमिका भी कम नहीं थी। अभियान अपने अग्रज-बुजुर्ग रमाशंकर अग्निहोत्री को हमेशा याद करता है और रहेगा, जिन्होंने यह दुर्लभ ग्रंथ अभियान से जुड़ी आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति को खुशी-खुशी सौंपा और नेशनल बुक ट्रस्ट के सहायक संपादक हिंदी पंकज चतुर्वेदी के योगदान को भी हम नहीं भूल सकते। ग्रंथ का पुनः प्रकाशन उन्हीं की बदौलत हुआ।
    हम नहीं भूल सकते राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट रायबरेली) के निदेशक डॉ. भारत साह के उस योगदान को जो एक ऐसी किताब के रूप में दर्ज है, जिसका ऐतिहासिक महत्त्व है। इस किताब का नाम है विज्ञान वार्ता। आचार्य द्विवेदी द्वारा सरस्वती के संपादन के दौरान लिखे गए तकनीक, विज्ञान और नई नई खोजों से संबंधित लेखों को मुंशी प्रेमचंद ने अपने संपादन में संग्रहित कर वर्ष1930 में विज्ञान वार्ता नाम से पुस्तक प्रकाशित की थी। इस दुर्लभ पुस्तक को भी समिति ने निफ्ट रायबरेली के निदेशक को उपलब्ध और उन्होंने पुनः प्रकाशित कराया।
    तारीख तो नहीं भूलने वाली है,10 जनवरी 2021भी। ‘आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी युग प्रेरक सम्मान’ से सम्मानित प्रवासी भारतीय और कैलिफोर्निया अमेरिका में हिंदी के प्रचार-प्रसार में अपना योगदान देने वाली हिंदीसेवी श्रीमती मंजू मिश्रा ने आचार्य जी की स्मृतियों को सात समंदर पार जीवंत बनाने और इस बहाने प्रवासी भारतीयों की नई पीढ़ी को हिंदी से जोड़े रखने का बीड़ा अपनी प्रवासी साथी श्रीमती ममता कांडपाल त्रिपाठी, श्रीमती रचना श्रीवास्तव, श्रीमती शुभ्रा ओझा और श्रीमती कुसुम नैपसिक से प्राप्त नैतिक-भौतिक-साहित्यिक-सामाजिक सहयोग के बल पर इसी दिन उठाया था। आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की अमेरिकी इकाई की शुरुआत इसी दिन हुई। एक छोटे से शहर की छोटी सी शुरुआत के दुनिया के सबसे संपन्न देश अमेरिका तक पहुंचना हम जैसे अकंचिनों के लिए स्वप्न सरीखा है। समिति शुक्रगुजार है अमेरिका इकाई की सभी सदस्यों की।
     हमें याद है, 21 दिसंबर 1998 को रायबरेली शहर के राही ब्लाक परिसर में तत्कालीन खंड विकास अधिकारी श्री विनोद सिंह और (अब दिवंगत) की अगुवाई में स्थापित की गई आचार्य श्री की आवक्ष प्रतिमा के अनावरण समारोह में पधारे अनेक साहित्यकार अपने संबोधन में महावीर प्रसाद द्विवेदी के नाम पर हजारी प्रसाद द्विवेदी का नाम गिना रहे थे लेकिन अनवरत 25 वर्षों के प्रयासों से अब लोगों के दिल-दिमाग में महावीर प्रसाद द्विवेदी पुनर्जीवित हो चुके हैं।
     एक साहित्यकार-संपादक की स्मृतियों को भूलने बिसराने वाले समाज के मन में पुनः स्थापित करने का काम बिना समाज के सहयोग के संभव कहां था? इस मामले में आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति समाज के सभी वर्गों-धर्मो-जातियों के लोगों की हमेशा ऋणी थी, है और रहेगी। आचार्य द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान समाज के सहयोग से आज अपने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है। आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति अभियान को सहयोग देने वाले ऐसे सभी गणमान्य, सामान्य और कार्यक्रमों की शोभा बढ़ाने वाले श्रोताओं-दर्शकों के प्रति हृदय से कृतज्ञता ज्ञापित करती है और आशा भी करती है कि अभियान की स्वर्ण जयंती पूर्ण कराने में भी आपका पूर्ण सहयोग-स्नेह-संरक्षण बना रहेगा।

गौरव अवस्थी
रायबरेली

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति निबंध प्रतियोगिता 22 को

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति निबंध प्रतियोगिता 22 को

रायबरेली। आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की स्मृति में भारत और अमेरिका के बच्चों की निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई है। प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा 22 मई को ऑनलाइन कार्यक्रम में की जाएगी।


आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की अमेरिका इकाई की अध्यक्ष श्रीमती मंजू मिश्रा ने बताया कि आचार्य द्विवेदी की जयंती 9 मई के उपलक्ष में 18 वर्ष के बच्चों की यह प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। छात्र छात्राओं के लिए निबंध के तीन विषय निर्धारित किए गए हैं।
निर्धारित किए गए तीन विषयों-
1-आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के लेखन की वर्तमान युग में प्रासंगिकता,
2-हिंदी को युवा वर्ग में लोकप्रिय कैसे बनाया जाए
3-हिन्दी की विदेशों में गूंज; पर ही निबंध स्वीकार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निबंध भेजने की अंतिम तारीख 15 मई है। अंतिम तिथि के बाद कोई भी निबंध स्वीकार नहीं किया जाएगा। निबंध प्रतियोगिता में भाग लेने वाले छात्र छात्राएं अपने निबंध गूगल फॉर्म भरते समय ही भेज सकेंगे।
समिति की  भारत इकाई के अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने बताया कि पुरस्कार समारोह को भारत और अमेरिका के हिंदी के विद्वान संबोधित करेंगे। विजेता बच्चों को भी अपने निबंध पढ़ने का अवसर प्रदान किया जाएगा। 

नियमों को ताक पर रखकर मदरसे में नियुक्तियों की तैयारी!

बिजनौर। मदरसा मिफ्ताह उल उलूम. चान्दपुर में नियमों को दरकिनार कर विभिन्न पदों पर नियुक्तियों का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में मदरसे के उप सचिव/ उप प्रबन्धक इफ्तेखार अहमद ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को शिकायती पत्र भेजा है। पत्र में अनियमितता संबंधी जानकारी दी गई है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र में आरोप लगाया गया है कि तथाकथित प्रबन्धक / सेकरेट्री मदरसा मिफ्ताह उल उलूम, कराल रोड, चान्दपुर, जिला बिजनौर द्वारा एक स्थानीय समाचार पत्र में दिनांक : 19.04.2022 में सहायक अध्यापक (तहतानिया). सहायक अध्यापक (फौकानिया), प्रवक्ता/मुदर्रिस, कनिष्ठ सहायक एवं प्रधानाचार्य के पदों का नियम विरूद्ध विज्ञापन प्रकाशित कराया गया है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि मदरसा मिफ्ताह उल उलूम, कराल रोड, चान्दपुर, जिला- बिजनौर शासन द्वारा मान्यता एवं सहायता प्राप्त एक अल्पसंख्यक मदरसा है। उक्त मदरसे के तथाकथित प्रबन्धक / सेकरेट्री मौ0 जीशान एवं मदरसा प्रधानाचार्य द्वारा हमसाज होकर कूटरचित एवं षड्यन्त्र रच कर उक्त मदरसे के रिक्त पदों को जिला अल्पसंख्याक कल्याण अधिकारी, बिजनौर के साथ मिल कर पदों पर नियुक्तियां करना चाह रहें है। उन्होंने बताया कि शासन की मंशा निस्तर समाचार पत्रों में प्रकाशित हो रही है, कि अब मदरसों में भी नियुक्तियां MTET उत्तीर्ण अभ्यार्थियों की ही नियमानुसार होनी है, जिससे मदरसे में अध्ययनरत छात्रों को गुणवत्ता के साथ साथ उच्चकोटि की शिक्षा प्राप्त हो सके, परन्तु मदरसे के तथाकथित प्रबन्धक, प्रधानाचार्य एवं जिला अल्पसंख्याक कल्याण अधिकारी, बिजनौर आपस में मिल कर अपने सगे सम्बन्धियों को नियुक्त करना चाह रहे हैं। उक्त के अतिरिक्त विभिन्न कारणें से भी उक्त विज्ञापन निरस्त होने योग्य है। इसकी क्रमवार जानकारी देते हुए बताया कि (01) मौ० जीशान प्रबन्धक / सेकरेट्री के चुनाव से सम्बन्धित एक वाद माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबद में याचिका संख्या 10898 / 2022 के अन्तर्गत लम्बित है, जबकि नियमानुसार कोई भी अधिकारी किसी मदरसे में नियुक्ति की अनुमति तभी प्रदान करता है, जब प्रबन्धक /सेकरेट्री प्रबन्ध समिति से सम्बन्धित कोई वाद न्यायालय में लम्बित ना हो।

प्रतीकात्मक तस्वीर

(02) मदरसे में नियुक्ति से पूर्व किसी चयन समिति का गठन नही किया गया है, जबकि मदरसा नियमावली में उक्त चयन समिति के गठन का प्रावधान निहित है।

(03) शासन द्वारा नीतिगत निर्णय लगातार समाचार पत्रों में प्रकाशित होते रहते हैं, जिससे ज्ञात हुआ, कि शासन तीन वर्षों से एक ही जिले में तैनात अधिकारियों के स्थानान्तरण की नीति घोषित करने जा रही है। जिला अल्पसंख्याक कल्याण अधिकारी बिजनौर जिले में तीन वर्ष से नियुक्त हैं। आरोप है कि उक्त अधिकारी अपने स्थानान्तरण से पूर्व एक मोटी रकम एवं एक पद पर अपने परिचित की नियुक्ति के इरादे से जल्द से जल्द नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करना चाहते हैं!

(04) विज्ञापन में कनिष्ठ सहायक के एक पद पर विज्ञापन प्रकाशित कराया गया है, जबकि कनिष्ठ सहायक की नियुक्ति हेतु P.E.T. परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक बनाया गया है, जबकि विज्ञापन में उक्त परीक्षा का कहीं भी उल्लेख नहीं किया गया है। मदरसे के उप सचिव/ उप प्रबन्धक इफ्तेखार अहमद ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है, कि विज्ञापन को रद्द करने हेतु सम्बन्धित अधिकारी को निर्देशित किया जाए। शिकायती पत्र की प्रतिलिपि रजिस्ट्रार मदरसा शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश, मंडलायुक्त मुरादाबाद, जिलाधिकारी बिजनौर व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को भेजी गई हैं।

गौरतलब है कि मदरसा बोर्ड ने मदरसा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से योग्य शिक्षकों के चयन के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की तर्ज पर मदरसा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एमटीईटी) लागू करने का निर्णय लिया है। बोर्ड ने रजिस्ट्रार को इसका प्रस्ताव बनाकर शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। यानी अब मदरसों में रिक्त पदों पर भर्तियां उन्हीं अभ्यर्थियों से की जाएंगी जो एमटीईटी परीक्षा पास होंगे। वर्तमान में करीब 550 मदरसा शिक्षकों के पद रिक्त हैं। एमटीईटी के लागू होने से भर्तियों में भाई-भतीजावाद के आरोप भी नहीं लगेंगे

दिल्ली के स्कूलों में कोरोना वायरस ने दी दस्तक

नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली एनसीआर में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच नोएडा, गाजियाबाद के स्कूलों में बच्चे संक्रमित पाए जाने लगे हैं, वहीं अब दिल्ली के स्कूल में भी कोरोना वायरस ने दस्तक दी है, इसी को देखते हुए दिल्ली सरकार अब किसी भी वक्त स्कूलों में एक नए सिरे से गाइडलाइंस जारी कर सकती है। दरअसल दिल्ली के निजी स्कूलों में एक छात्र और शिक्षक कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, इसके बाद क्लास के सभी छात्रों को छुट्टी दी गई?। दिल्ली सरकार मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए है और स्कूल सरकार के साथ रिपोर्ट भी साझा कर रही है।

New Delhi: Deputy CM Manish Sisodia addresses during a press conference on Himachal CM issue, in New Delhi, Thursday 07, 2022. (Photo: IANS/Anupam Gautam)


दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को कहा कि, मैंने शिक्षा विभाग के लोगों को कहा है कि अभी स्कूलों की छुट्टियां हैं। इस बीच में मामलों पर नजर रखते हुए सामन्य गाइडलाइंस स्कूल के लिए जारी करें, तो कल हम गाइडलाइंस भी जारी करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि, कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हुई है, पर अभी ऐसी कोई चिंता की बात नहीं है। मरीज अस्पतालों में भर्ती नहीं हो रहे हैं, यह नया वायरस ओमिक्रॉन जैसा ही है, अभी जीनोम सीक्वेंसिंग होना बाकी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह पुराना वायरस ही है या नहीं।

डैम की नहर में डूबने से दो छात्रों की मौत

बिजनौर। अफजलगढ़ क्षेत्र के तुमरिया डैम की नहर में नहाने के दौरान डूबने से दो छात्रों की मौत हो गई। घटना से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

लवप्रीत सिंह (16 वर्ष) पुत्र निर्मल सिंह निवासी गांव बढ़ियोवाला जसपुर (उत्तराखंड) मारिया स्कूल में कक्षा 10 का छात्र था तथा लवजीत सिंह (17 वर्ष) निवासी गांव रानी नांगल थाना रेहड के खालसा एकेडमी में कक्षा 10 का छात्र था। दोनों छात्र आपस में दोस्त थे। लवप्रीत स्कूल से परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र लेने गया था। स्कूल से प्रवेश पत्र लेकर स्कूल की दो छात्राओं एवं तीन अन्य दोस्तों के साथ प्रातः 10 बजे घूमने और तुमरिया डैम में नहाने के लिए गए थे। डैम से निकल रही नहर में पांचों दोस्त नहाने लगे। दोनों छात्राएं किनारे पर बैठी रही। लवप्रीत सिंह गहरे गड्ढे में चला गया और डूबने लगा। दोस्त को डूबता देख उसे बचाने के लिए लवजीत सिंह भी आगे बढ़ गया। वह तैरना में नहीं जानता था। गहरे पानी में चले जाने के कारण वह भी डूब गया। स्नान कर रहे दोस्त घबरा गए और उन्होंने भागकर पास ही स्थित एक दुकान स्वामी को घटना की जानकारी दी। दुकानदार के पुत्र ने छात्रों को नहर से निकालने का प्रयास किया किंतु सफल नहीं हो सका। उसने ग्रामीणों को सूचना दी ग्रामीणों ने दोनों के शवों को बाहर निकाला। दुकान स्वामी ने घटना की जानकारी छात्रों के परिजनों को दी। परिजनों में कोहराम मच गया और घटनास्थल की ओर दौड़ गए। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

बेटी बेटा एक समान सबको शिक्षा सबको ज्ञान

बेटी बेटा एक समान सबको शिक्षा सबको ज्ञान बोलते हुए बच्चों ने स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ

काकोरी, लखनऊ। विकासखंड काकोरी के परिषदीय विद्यालयों में मंगलवार को स्कूल चलो अभियान की रैली निकाली गई। कम्पोजिट विद्यालय खुशहाल गंज में खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी राममूर्ति यादव एवं शिक्षक संघ के जिला मंत्री वीरेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर स्कूल चलो अभियान की रैली को रवाना किया। कंपोजिट विद्यालय खुशहालगंज के बच्चों ने बेटी बेटा एक समान सबको शिक्षा सबको ज्ञान, आधी रोटी खाएंगे पढ़ने रोज जाएंगे आदि नारे लिखी हुई तख्तियों को लेकर पूरी ग्राम पंचायत में अपनी प्रधानाध्यापक अंजलि सक्सेना, सरोज खरे, शुभ्रा महेश्वरी, इरम फातिमा, रूपा, इशरत परवीन, शैलजा गुप्ता मोबिना बानो अगम के साथ पूरे गांव में घूमते हुए विद्यालय में रैली का समापन किया। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी राममूर्ति यादव ने कहा कि गांव का एक भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित ना रहे; इसलिए गांव के लोगों को जागरूक करने के लिए यह रैली प्रत्येक ग्राम पंचायत में निकाली जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को कंपोजिट विद्यालय खुशहाल गंज, प्राथमिक विद्यालय गुरुदीन खेड़ा इंचार्ज अध्यापक अधिकार फातिमा, सुशील यादव, भटऊ जमालपुर प्राथमिक विद्यालय में बीनिश फातिमा, आनंद सिंह यादव, माधुरी यादव, खानपुर मऊ में जैनेंद्र सिंह आदि द्वारा रैली निकालकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। अगले 15 दिन तक इसी तरह प्रत्येक विद्यालय में रैली निकाली जाएगी व 6 से 14 वर्ष के बच्चों को प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालय में नामांकित किया जाएगा। उसके बाद हाउसहोल्ड सर्वे किया जाएगा, जिसमें देखा जाएगा कि कहीं कोई बच्चा ऐसा तो नहीं है जो विद्यालय जाने से वंचित रह गया हो। यदि किसी गांव में ऐसा बच्चा मिलता है, तो उसके माता-पिता से बात करके उसकी उम्र के अनुसार उसे विद्यालय में नामांकित करा कर शिक्षित करने का कार्य किया जाएगा। सबको शिक्षा का अधिकार है, इसके लिए केंद्र सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत है।

शिक्षक संघ के जिला मंत्री वीरेंद्र सिंह ने कहा कि स्कूल चलो अभियान को सफल बनाने के लिए लखनऊ जनपद के सभी शिक्षक तन, मन से कार्य कर रहे हैं। इसमें ग्राम प्रधानों का भी सहयोग मिल रहा है। इस बार सबसे अधिक नामांकन प्राथमिक विद्यालयों में होंगे और यह प्रयास किया जा रहा है कि प्राइवेट स्कूल से अच्छी शिक्षा प्राथमिक विद्यालय में दी जा सके। इसके लिए सरकार द्वारा समय-समय पर शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अजय सिंह, ब्लॉक महामंत्री महेंद्र कुमार एआरपीटीपी द्विवेदी व दर्जनों अभिभावकों सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

टीएमयू कृषि की टीम ने किया शुगर मिल अफजलगढ़ का भ्रमण

बिजनौर/अफजलगढ़। शुगर मिल अफजलगढ़ में तीर्थांकर महावीर विश्वविद्यालय मुरादाबाद के कृषि विज्ञान के छात्रों ने डॉ अरविन्द प्रताप सिंह, प्रवीण सिंह, मैडम कुसुम, विजय कुमार के नेतृत्व में निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छात्र छात्राओं ने शुगर मिल अफजलगढ़ में लैंडस्केपिंग, फ्लावरिंग, वर्मी कल्चर के बारे में जानकारी दी।

शनिवार को शुगर मिल अफजलगढ़ में तीर्थांकर महावीर विश्वविद्यालय मुरादाबाद के कृषि विज्ञान के 50 छात्र छात्राओं ने शुगर मिल अफजलगढ़ के गन्ना महाप्रबंधक अजय कुमार ढाका, प्रबंधक प्रशासन कुमेर सिंह शेखावत तथा उद्यान विज्ञान अधिकारी विजय कुमार के साथ निरीक्षण कर विस्तृत चर्चा कर जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान तीर्थांकर महावीर विश्वविद्यालय मुरादाबाद के कृषि विज्ञान के छात्रों व डॉ अरविन्द प्रताप सिंह, प्रवीण सिंह, मैडम कुसुम सहित पूरी टीम शुगर मिल प्लांट परिसर में साफ सफाई, ग्रीन बेल्ट, फ्लावरिंग कल्चर आदि को देखकर बहुत प्रभावित हुई तथा प्रसन्नता व्यक्त की। इस अवसर पर सोनू कुमार, रमन रावत, हर्षित सिंह,मनीष कुमार,आलोक झा,प्रमोद यादव,मनीषा, प्रियंका सिंह, भारती, अनुष्का, वेद प्रकाश, अरविंद प्रताप सिंह, नूर मोहम्मद, मुस्कान, दीपांशु शर्मा, शेरा यादव, प्राची, प्रिया राय, सौरभ, भारती तथा महेश आदि उपस्थित रहे।

गौरैया संरक्षण के प्रति छात्र छात्राओं को किया गया जागरूक

लखनऊ। राजधानी के राजाजीपुरम ए- ब्लॉक स्थित लखनऊ पब्लिक स्कूल में मेरी प्यारी गौरैया मुहिम द्वारा नन्ही गौरैया के संरक्षण प्रति आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में डीएफओ अवध डॉ रवि कुमार सिंह ने छात्र छात्राओं को नन्ही गौरैया संरक्षण की शपथ दिलाई। छात्र छात्राओं को नन्ही गौरैया के पानी के लिए मिट्टी का पात्र, काकून के पैकेट, व कृत्रिम घोंसले का वितरण किया गया।
मेरी प्यारी गौरैया मुहिम संचालक पक्षी प्रेमी महेश साहू ने डीएफओ अवध डॉ रवि कुमार सिंह व विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती भारती गोसाई को पौधा भेंट कर स्वागत किया।


डीएफओ अवध डॉ रवि कुमार ने छात्र छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि नन्ही गौरैया का पर्यावरण में अपना महत्व है। नन्ही गौरैया उन कीटों को खाती है, जो हम सबके के लिए नुकसानदायक है। मनुष्य पेड़ों की कटाई करने लगा और समय के साथ – साथ गौरैया की प्रजाति नष्ट होने लगी। गौरैया ज्यादातर पेड़ों पर अपना घोसला बनाकर रहती थी, लेकिन पेड़ों की कटाई होने से वो अपना घोसला नहीं बना पाती हैं और उनको रहने के लिए उचित जगह नहीं मिल रही हैं |
कई लोग अपने खेती की फसलों पर हानिकारक दवाइयों का उपयोग करते हैं, आब कीड़ों को खाने से उनकी मृत्यु होने लगी हैं। पर्यावरण प्रदूषित होने के कारण भी गौरैया की प्रजाती नष्ट हो रही हैं। इन पक्षियों की प्रजाति विलुप्त होने के कारण प्रकृति की सुंदरता गायब हो रही है। नन्ही गौरैया संरक्षण के प्रति सभी को आगे आना होगा।


वहीं पक्षी प्रेमी महेश साहू ने कहा कि नन्ही गौरैया घर के आंगन एवं खेत खलिहानों में अक्सर चहचहाहट करती नजर आया करती थी। घर के आगंन में बिखेरे अनाज के दानों को अपनी चोंच में दबाकर अपने घोसले की तरफ उड़ान भरने के नजारे अधिक पुराने नहीं हैं। लेकिन इंसान के अपने स्वार्थ की वजहों से आज नन्ही गौरैया की प्रजाति पूर्ण खतरे में पड़ चुकी है, अक्सर घर के बच्चों की तरह आंगन में उछल कूद मचाने वाली गौरैया मनुष्य की सहजीवी पक्षी जाति रही है‌। हमारे शहरीकरण एवं प्रकृति के साथ स्वार्थ के खेल ने इसे अपने घर से बेघर कर दिया है। अभी भी समय है हम नन्ही गौरैया के संरक्षण के लिए आगे आएं।
इस अवसर पर उपस्थित सभी छात्र छात्राओं व अन्य लोगों ने नन्ही गौरैया के लिए कृत्रिम घोंसले लगा कर उसके आशियाने के लिए सुरक्षित स्थान देने के साथ ही इस तपती गर्मी में कोई पक्षी भूख व प्यास से काल के गाल में ना समाए, इसके लिए अपनी छतों व घर के आसपास मिट्टी के पात्र में पानी, दाना काकून रखने का संकल्प लिया।
इस मौके पर क्षेत्रीय वनाधिकारी सिटी, डिप्टी रेंजर विनीत प्रकाश श्रीवास्तव, वन दरोगा शिवम यादव, वन रक्षक दीपक कनौजिया, रामधीरज व विधालय के अध्यापक व अध्यापिकाएं उपस्थित रहीं।

अक्षरा ने किया बास्टा का नाम रौशन

बिजनौर हिमालयन एकेडमी अकौन्था (बास्टा) की छात्रा कु0 अक्षरा ने कक्षा छह की सालाना परीक्षा में 91% अंक प्राप्त कर अपने कस्बे और परिवार का गौरव बढ़ाया है। अक्षरा ने विद्यालय में तॄतीय स्थान प्राप्त कर बास्टा कस्बे का नाम रौशन किया है। वह वरिष्ठ पत्रकार अलीशेर शाह की भतीजी हैं। उनकी इस उपलब्धि पर पारिवारिक मित्रों, नाते-रिश्तेदारों, समाजसेवियों, पत्रकारों ने उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया है।

अक्षरा ने किया बास्टा का नाम रौशन

बिजनौर हिमालयन एकेडमी अकौन्था (बास्टा) की छात्रा कु0 अक्षरा ने कक्षा छह की सालाना परीक्षा में 91% अंक प्राप्त कर अपने कस्बे और परिवार का गौरव बढ़ाया है। अक्षरा ने विद्यालय में तॄतीय स्थान प्राप्त कर बास्टा कस्बे का नाम रौशन किया है। वह वरिष्ठ पत्रकार अलीशेर शाह की भतीजी हैं। उनकी इस उपलब्धि पर पारिवारिक मित्रों, नाते-रिश्तेदारों, समाजसेवियों, पत्रकारों ने उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया है।

छात्र छात्राओं ने रैली निकालकर संचारी रोग नियंत्रण के लिए ग्राम वासियों को किया जागरूक

नजीबाबाद (बिजनौर)। ग्राम पंचायत मुस्सेपुर के प्राथमिक विद्यालय के छात्र छात्राओं ने मुख्य अध्यापिका शहनाज परवीन, आंगनवाड़ी अनीता देवी, आशा जयवती के नेतृत्व में प्राथमिक विद्यालय के समस्त शिक्षक शिक्षिकाओं के मार्गदर्शन में संचारी रोग नियंत्रण हेतु एक जन जागरूकता रैली निकालकर ग्रामवासियों संचारी रोगों की रोकथाम के लिए जागृत किया।

इस जन जागरूकता रैली का शुभारंभ ग्राम प्रधान दिलीप कुमार एवं वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर चौधरी ईशम सिंह एवं ग्राम प्रधान दलीप कुमार ने ग्राम वासियों को साफ सफाई का विशेष ध्यान रखने, इन बीमारियों से बचने एवं अपने समाज को सुरक्षित रखने का आह्वान किया। जन जागरूकता रैली में बच्चों ने गांव में गली गली में जनता को जागरूक किया। इस अवसर पर विद्यालय की मुख्य अध्यापिका शहनाज परवीन, चंद्र प्रकाश सैनी, वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह, ग्राम प्रधान दलीप कुमार,आफ्शा खानम ,सुषमा रानी, आंगनवाड़ी अनीता देवी, आशा कार्यकत्री जयवती प्रजापति, जोगराज सिंह, फरीद अहमद, सदस्य क्षेत्र पंचायत मुजाहिद मंसूरी,पूनम सविता आदि ने भी इस जन जागरूकता अभियान में अपना सहयोग किया।

कोई भी बच्चा न रहे शिक्षा से वंचित: मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा

स्कूल चलो अभियान कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा

हरदोई (भरावन)। प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्‍च‍ित करने के लिए उत्‍तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार चार अप्रैल को श्रावस्ती जिले से ‘स्कूल चलो अभियान’ की शुरुआत की।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री के निर्देश पर यूपी के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा हरदोई के अतरौली गांव कम्पोजिट विद्यालय में हरदोई बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल चलो अभियान के आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप पहुंचे। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में शत प्रतिशत बच्चों का स्कूल में नामांकन होने चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया और कहा मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ का संकल्प है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं होना चाहिए। राज्य सरकार द्वारा प्राथमिक शिक्षा के भविष्य को आकार देने और प्राथमिक विद्यालयों के समग्र विकास की दिशा में एक प्रयास होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कम साक्षरता दर वाले जिलों को प्राथमिकता दी जाए और राज्य के प्राथमिक स्कूलों को बेहतर सुविधाओं से लैस किया जाए।वहीं मुख्य सचिव ने संभ्रांत लोगो से एक-एक स्कूल गोद लेने की अपील की। इस पर अतरौली निवासी प्रदीप सिंह ने एक स्कूल गोद लेने का निर्णय लिया। इस मौके पर जिलाधिकारी हरदोई अविनाश सिंह, सीडीओ, बीएसए, बीईओ भरावन, एसडीएम संडीला, अतरौली शिक्षक संघ अध्यक्ष हरिशंकर, एआरपी रमेश कुमार, अरूण शर्मा, स्वाति सिंह, ग्राम सचिव महुआडांडा व अतरौली पूर्व प्रधान उमा सिंह, जितेंद्र सिंह,  दीनू सिंह चौहान, खसरौल प्रधान अभयराज सिंह, बीईओ कार्यालय भरावन कम्प्यूटर आपरेटर दिनेश कुमार, अनुराग सहित सैकड़ों लोगों ने स्कूल चलो अभियान कार्यक्रम में बढ चढ कर हिस्सा लिया।

सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के नए शैक्षिक सत्र का शुभारंभ

बिजनौर। अफजलगढ़ स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना करके नए शैक्षिक सत्र का शुभारंभ किया गया।

विद्यालय परिसर में हवन एवं सरस्वती पूजन किया गया। अखिलेश सिंह ने सपत्नीक यज्ञमानी की तथा पंडित मुकेश जखमोला ने पूर्ण विधि-विधान पूर्वक सरस्वती पूजन संपन्न कराकर उपस्थित लोगों को हिंदू नव वर्ष की शुभकामनाएं दी। वहीं प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र कुमार ने सभी छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य के लिए मां सरस्वती से प्रार्थना की। सभी अध्यापक गणों के साथ साथ कार्यक्रम में उपस्थित सभी छात्र- छात्राओं ने यज्ञ में आहुतियां दी। इस अवसर पर आनंद भूषण यादव, राजीव कुमार अग्रवाल, रमाकान्त तिवारी, शौकेन्द्र कुमार तथा अमरीश कुमार का योगदान रहा।

न्यू एरा अकैडमी में वार्षिकोत्सव व परीक्षा फल का वितरण

बिजनौर। नजीबाबाद के न्यू एरा अकैडमी में वार्षिकोत्सव मनाते हुए परीक्षा फल का वितरण किया गया। सभी सफलता प्राप्त विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणाम प्राप्त कर खुशी मनाई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह ने कहा कि समाज में शिक्षा का महत्वपूर्ण स्थान है।

न्यू एरा अकैडमी लाहक कला में विद्यालय का वार्षिकोत्सव एवं परीक्षा फल का वितरण किया गया। सभी सफलता प्राप्त विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणाम प्राप्त कर खुशी मनाई।

विद्यालय के वार्षिकोत्सव में विद्यालय के नन्हे मुन्ने बच्चों ने कई सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह ने मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय के छात्र छात्राओं सब स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में शिक्षा का महत्वपूर्ण स्थान है। शिक्षित व्यक्ति अपने जीवन में जो कार्य भी करता है, उसकी अलग पहचान होती है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने की अपील की।

इस अवसर पर साबिर अहमद, शाहबपुरा उमराव से इरशाद अहमद ठेकेदार, डा शमशेर खान लाहक कला,
वीरेंदर सिंह, महिपाल सिंह चौहान, हामिद खान पूर्व प्रधान, उस्मान भाई,सुशील कुमार, सुधीर कुमार, राकेश कुमार, शिवम कुमार इत्यादि छात्र कक्षा 1 में मौ फ़ैज़, 2 में रफिया, कक्षा 3 आहिल, कक्षा 4 में कार्तिक कुमार, कक्षा 5 में अक्षित कुमार इत्यादि छात्रों ने अपनी अपनी कक्षाओं में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि चौधरी इसम सिंह, नादिर हसन, अश्वनी कुमार आदि ने सभी छात्र छात्राओं को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर अज़हर हसन अध्यक्ष, अज़रा मैनेजर, स्टाफ श्रवण कुमार, प्रिंसिपल शालिनी चौहान, वाईस प्रिंसिपल हुमेरा, निशा, इरम, फ़िज़ा, आयशा, फरहाना
विनीता इत्यादि उपस्थित रहे।

जाट बाल विद्यालय का वार्षिक परीक्षाफल घोषित

बिजनौर। मोहल्ला जाटान स्थित जाट बाल विद्यालय का वार्षिक परीक्षाफल घोषित किया गया।

इसमें कक्षा 5 में छवि नैना, बॉबी प्रथम, नितिका द्वितीय तथा मुक्ता तृतीय रहे।कक्षा 4 में निहारिका, भूपेंद्र व शगुन, कक्षा 3 में पायल, वंशिका व प्रिंस, कक्षा 2 में जीत, वंशिका व लक्ष्य तथा कक्षा 1 में लक्ष्य, मयंक व प्रिंस क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहे।

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अनिल विश्नोई द्वारा बच्चों को पुरस्कार वितरित करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई।

इस अवसर पर प्रबंधक राजेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य सुनीता सिंह, अध्यापिका अंजली चौधरी, अनिता सैनी, मोनिका चौधरी और गीता आदि उपस्थित रहे।

प्रख्यात ग़ज़लकार दुष्यंत कुमार के नाम से जाना जाएगा बिजनौर पुस्तकालय एवं सांस्कृतिक केंद्र

मंडलायुक्त ने किया पुस्तकालय, सांस्कृतिक केंद्र में नवनिर्मित लाइब्रेरी कक्ष, पुराने लाइब्रेरी कक्ष का जीर्णोद्धार

बिजनौर। अब बिजनौर पुस्तकालय एवं सांस्कृतिक केंद्र को देश के मशहूर कवि हिंदी के पहले गजलकार दुष्यंत कुमार के नाम से जाना जाएगा। मंडलायुक्त ने नवनिर्मित लाइब्रेरी कक्ष, पुराने लाइब्रेरी कक्ष का जीर्णोद्धार किया। काफी समय से जिले के लोग दुष्यंत कुमार के नाम पर पुस्तकालय की मांग कर रहे थे।

मुरादाबाद के मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह ने सीतापुर नेत्र चिकित्सालय परिसर स्थित गजलकार दुष्यंत कुमार पुस्तकालय एवं सांस्कृतिक केंद्र का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इंटरनेट के दौर में भी किताबों की अहमियत बरकरार है। उन्होंने कहा, बिजनौर की धरती पौराणिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, एतिहासिक रूप से बहुत मूल्यवान है। यह केंद्र इस विरासत को संवारने में उपयोगी सिद्ध होगा। डीएम को निर्देशित किया कि वह इस पुस्तकालय को साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक केंद्र के रूप में विकसित करें, ताकि बिजनौर शहर और आसपास क्षेत्रों के युवा लाभान्वित हो सकें। उन्होंने डीएम उमेश मिश्रा एवं एसडीएम सदर विक्रमादित्य मलिक के प्रयासों की सराहना की। डीएम ने कहा कि इस पुस्तकालय का निर्माण अकौर विकास जनसहयोग से हुआ है। इसके निर्माण का उद्देश्य स्थानीय युवाओं की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पर्याप्त पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराना है। एसडीएम सदर विक्रमादित्य मलिक ने कहा कि कई स्थानों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास जारी है। जनपद की साहित्यिक, पौराणिक, सांस्कृतिक, एतिहासिक और प्राचीन ध रोहरों को सहेजने, लिपिबद्ध करने और उनके लिए संग्रहालय बनाने का काम भी चल रहा है। सीडीओ केपी सिंह, तहसीलदार सदर प्रीति सिंह, सूर्यमणि रघुवंशी, अनिल चौधरी, नवीन किशोर, खान जफर सुल्तान, डा. राहुल बिश्नोई, तौसिफ अहमद, शकील बिजनौरी आदि मौजूद रहे।

गौरतलब है कि बिजनौर जिले के राजपुर नवादा गांव के रहने वाले देश के मशहूर कवि, हिंदी के पहले गजलकार दुष्यंत कुमार के नाम पर बिजनौर पुस्तकालय का नाम रखा गया है। बहुत दिनों से जिले के लोग मांग कर रहे थे कि दुष्यंत कुमार के नाम पर पुस्तकालय होना चाहिए।

Online पढ़ाई के लिए सभी को 3 महीने का FREE रिचार्ज दे रही सरकार! जानें वायरल खबर की सच्चाई

नई दिल्ली (एजेंसी)। सोशल मीडिया में एक मैसेज वायरल हो रहा है जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार सभी भारतीय यूजर्स को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए 3 महीने का रिचार्ज फ्री दे रही है। PIBFactCheck ने इस वायरल दावे को गलत बताया है।

बता दें कि #WhatsApp मैसेज में यह दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार ऑनलाइन पढ़ाई के लिए सभी भारतीय यूजर्स को 3 महीने का रिचार्ज फ्री में दे रही है। इस दावे को PIBFactCheck ने गलत बताया है और इस दावे को फर्जी करार दिया है। PIBFactCheck ने कहा है कि भारत सरकार ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है।

गौरतलब है कि अक्सर इस प्रकार के भ्रामक #WhatsApp मैसेज डालकर लोगों के बीच असमाजिक लोगों द्वारा फर्जी खबरें फैलाई जाती हैं। इसके झांसे में आकर कई बाद लोग इसे सही मानने लगते हैं। ऐसी खबरें आए तो इसकी सच्चाई जरूर पता करें उसके बाद ही इसे अन्य ग्रुप में फारवर्ड करें। और इस प्रकार के दावों पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं करें।

विकास और गर्वित ने बढ़ाया जिले का मान

विकास यादव ने उत्तीर्ण की यूजीसी नेट परीक्षा। गर्वित चौधरी ने योग साइंस से पहले ही प्रयास में नेट परीक्षा की पास। दोनों परिवार में खुशी का माहौल



बिजनौर। नूरपुर कस्बे के मोहल्ला इस्लामनगर निवासी रामपाल सिंह यादव के पुत्र विकास यादव ने पहली बार में दिसंबर 2020 एवं जून 2021 यूजीसी की नेट यानी राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा मैनेजमेंट विषय में उत्तीर्ण कर परिवार और समाज का मान बढ़ाया है।

इससे पहले जून 2019 में शिक्षा शास्त्र विषय में पहली बार में ही नेट परीक्षा उत्तीर्ण की थी। विकास यादव वर्तमान में रानी भाग्यवती देवी महिला महाविद्यालय बिजनौर में सहायक प्रोफेसर के पद पर सेवारत हैं। वे अपनी सफलता का श्रेय ईश्वर के अलावा परिजनों को देते हैं। उनकी इस सफलता के लिए महाविद्यालय स्टाफ और प्रबंधतंत्र के अलावा समाज के प्रबुद्धजनों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

गर्वित चौधरी ने योग साइंस से पहले ही प्रयास में नेट परीक्षा की पास


बिजनौर। कहा जाता है कि जीवन के किसी भी क्षेत्र में की गई मेहनत कभी जाया नहीं जाती है। व्यक्ति को मेहनत का फल हमेशा मिलता है। ऐसा ही कर दिखाया है ग्राम मानसापुर निवासी सुरेंद्र सिंह के होनहार पुत्र गर्वित चौधरी ने। गर्वित ने अपनी मेहनत, लगन व निष्ठा के बल पर अपने पहले ही प्रयास में योग साइंस में नेट परीक्षा उत्तीर्ण की है। गर्वित चौधरी की इस सफलता से उसके परिवार में जश्न का माहौल है। उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में यह सफलता हासिल कर ली है। यह सफलता हासिल कर उसने अपने परिवार गांव ही नहीं बल्कि जनपद का भी नाम रौशन किया है। गर्वित ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता पिता व गुरुजनों के साथ साथ अपने मामा बैंक मैनेजर महेंद्र सिंह को देते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा से सफलता का मार्ग प्रशस्त हुआ है। गर्वित की इस सफलता को लेकर उसके साथियों, परिचितों व रिश्तेदारों द्वारा लगातार बधाई देने का सिलसिला जारी है।

नीट पीजी परीक्षा 2022 स्थगित, स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने लिया बड़ा फैसला

नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने NEET PG 2021 Counselling के चलते NEET PG 2022 परीक्षा को स्‍थगित करने का फैसला लिया है। मंत्रालय ने कहा है कि इस वर्ष की परीक्षा 6-8 सप्‍ताह आगे के लिए टाल दी गई है। नीट पीजी 2022 परीक्षा 12 मार्च को आयोजित की जानी थी।

दरसअल, एक याचिका में राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) पीजी परीक्षा टालने की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट में छात्रों के एक समूह ने याचिका दायर कर यह मांग की थी। परीक्षा के आयोजन के लिए नई तिथियों के बारे में मंत्रालय और राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड की समिति 6-8 सप्ताह के बाद समीक्षा कर फैसला लेगी। 

पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में दाखिले के इच्छुक छात्रों ने याचिका में दावा किया था कि कई एमबीबीएस स्नातक छात्र अनिवार्य इंटर्नशिप अवधि पूरी न होने के कारण मार्च 2022 की नीट परीक्षा नहीं दे पाएंगे। इसलिए परीक्षा टाल देनी चाहिए। छह एमबीबीएस स्नातकों द्वारा दुबे लॉ चैंबर्स के माध्यम से दायर याचिका में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड को निर्धारित परीक्षा को तब तक स्थगित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी, जब तक कि पीजी परीक्षा के पात्रता नियमों में निर्धारित उम्मीदवारों की अनिवार्य इंटर्नशिप अवधि को पूरा करने जैसी विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा नहीं किया जाता है। 

neet pg 2022 exam: NEET PG 2022 परीक्षा को स्थगित करने की उठी मांग,  काउंसलिंग की तारीखों के साथ हो रहा टकराव - neet pg 2022 aspirants demanding  postponement of exam | Navbharat Times

याचिकाकर्ता छात्रों का कहना था कि सैकड़ों एमबीबीएस स्नातक, जिनकी इंटर्नशिप कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए लगाई गई उनकी ड्यूटी के कारण अटकी हुई थी। ऐसे सैकड़ों छात्र इस अनिवार्य इंटर्नशिप ड्यूटी को पूरी नहीं कर पाने के कारण नीट पीजी 2022 की परीक्षा में शामिल होने से चूक जाएंगे। जबकि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। इसलिए, याचिका में परीक्षा स्थगित करने की मांग की गई है।

याचिका के जरिये नीट पीजी के सूचना बुलेटिन में दी गई शर्त, इंटर्नशिप पूरा करने के लिए 31 मई, 2022 की समय सीमा, को भी को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ताओं ने 1500 उम्मीदवारों के समर्थन के साथ आग्रह किया कि वे वर्ष 2021 में कोविड ड्यूटी में थे और इसलिए उनकी इंटर्नशिप स्थगित कर दी गई थी। याचिका में 31 मई से इंटर्नशिप पूरा करने की समय-सीमा बढ़ाने और फिर परीक्षा टालने की मांग की गई है।

परीक्षा के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का हो पूर्ण अनुपालन: डीएम


जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने परीक्षा के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

बिजनौर। 23 जनवरी 2022 को आयोजित होने वाली उ0प्र0 शिक्षक पात्र परीक्षा को पूर्ण रूप से नक़ल विहीन और शांतिपूर्वक सम्पन्न कराने के लिए प्रशासन दृढ़ संकल्प है और परीक्षा आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने स्पष्ट करते हुए कहा कि जिला मुख्यालय पर प्राथमिक स्तर के परीक्षार्थियों के लिए 27 एवं उच्च प्राथमिक स्तर परीक्षा के लिए 20 परीक्षा केन्द्र स्थापित किए गए हैं। प्रथम पाली में प्रातः 10ः00 बजे से दोपहर 12ः30 बजे तक प्राथमिक स्तर एवं द्वितीय पाली में अपरान्ह 02ः30 बजे से शाम 05ः00 बजे तक उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा सम्पन्न होगी। उक्त परीक्षाओं को नक़लविहीन एवं पारदर्शी रूप से सम्पन्न कराने के लिए परीक्षा कक्षों एवं अन्य मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी सतत् निगरानी के लिए कार्मिकों को तैनात किया गया है ताकि हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा सके और परीक्षा पूर्ण मानक के अनुरूप सम्पन्न कराई जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि सभी केन्द्रों पर समुचित संख्या में पुरूष एवं महिला पुलिस की तैनाती की व्यवस्था भी की गयी है ताकि परीक्षा में कोई व्यवधान उत्पन्न न हो सके।


जिलाधिकारी विकास भवन के सभागार में उ0प्र0 शिक्षक पात्र परीक्षा को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि 23 जनवरी, 2022 को आयोजित होने वाली उ0प्र0 शिक्षक पात्रता परीक्षा को सुव्यस्थित और शांतिपूर्वक रूप सम्पन्न करने के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट के अलावा स्टेटिक्स मजिस्ट्रेट, प्रशासनिक एवं विभागीय पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं।

उन्होंने सभी परीक्षार्थियों को निर्देश दिए कि वे अपने साथ प्रवेश पत्र, फोटो पहचान पत्र तथा प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों के अनुसार आवश्यक अभिलेख अपने साथ लायें। परीक्षार्थी को परीक्षा प्रारम्भ होने के 30 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र पर पहुॅचना अनिवार्य है, यदि कोई परीक्षार्थी परीक्षा प्रारम्भ होने के 30 मिनट पूर्व के उपरान्त आता है तो उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जायेगी। उत्तर पुस्तिका भरने के लिए केवल काले पेन का ही प्रयोग किया जाएगा तथा काले पेन के अलावा अन्य कोई पेन या पेंसिल मान्य नहीं होगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को उ0प्र0 शिक्षक पात्र परीक्षा सम्पन्न कराने के लिए अपने-अपने दायित्वों को पूरी जिम्मेदारी और निष्पक्षता के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा केन्द्र पर सभी परीक्षार्थियों एवं ड्यूटीरत कार्मिकों को कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डा0 धर्मवीर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक डा0 प्रवीण रंजन, परियोजना निदेशक डीआरडीए ज्ञानेश्वर त्रिपाठी, जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार के अलावा सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

प्रयागराज डीएम और बीएसए का बड़ा कारनामा, जिला रिलीव हुए बिना बीईओ को दिया ब्लॉक

प्रयागराज डीएम और बीएसए का बड़ा कारनामा, जिला रिलीव हुए बिना बीईओ को दिया ब्लॉक

बेसिक विभाग ने खण्ड शिक्षाधिकारियों के तबादले में किया गया है जमकर खेल

आचार संहिता लगने के बाद बैक डेट में रात्रि में ही जारी की लिस्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक विभाग ने आचार संहिता लागू होने के बाद में बड़े स्तर पर खण्ड शिक्षा अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। खण्ड शिक्षा अधिकारियों के बड़े स्तर पर तबादला हुए अभी एक दिन भी नहीं बीता है कि प्रयागराज के जिलाधिकारी ने बिना रिलीव हुए ही खण्ड शिक्षा अधिकारियों को ब्लॉक आबंटित कर दिया। प्रयागराज के डीएम संजय खत्री ने रायबरेली के दो बीईओ की ड्यूटी ब्लॉक आवंटन के साथ में माघ मेला में लगा दी है। सबसे मजे कि बात ये है कि अभी वह रायबरेली से रिलीव भी नहीं हुए है कि उन्हें प्रयागराज के डीएम के पास में ब्लॉक आवंटन की सूची पहुँच गई है। ब्लॉक आवंटन की सूची प्रयागराज के बीएसए प्रवीण तिवारी की तरफ से भेजी गई है। उनकी तरफ से किस तरह खेल किया गया है इसका बड़ा नमूना ब्लॉकों का आवंटन है।

बता दें, बेसिक शिक्षा निदेशालय की तरफ से खण्ड शिक्षा अधिकारियों के तबादले आचार संहिता लगने के बाद में किए गए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने बैक डेट में सात जनवरी को तबादले किये हैं, जबकि खण्ड शिक्षा अधिकारियों को ऐसे ऑर्डर 8 जनवरी की रात में किया है। विभाग के बड़े अधिकारियों ने खेला करते हुए रात्रि में ही लगभग 450 खण्ड शिक्षाधिकारियों की लिस्ट जारी की है। तबादला होने वाले खण्ड शिक्षाधिकारियों का कहना है कि विभाग के अधिकारियों की तरफ से मनमानी की गई है और चुनाव आयोग के पत्र का हवाला देकर भारी संख्या में तबादला करके परेशान करने का काम किया गया है। वहीं, विभाग के इस काम से खण्ड शिक्षा अधिकारी संघ ने भी आपत्ति जाहिर की है और अधिकारियों से नाराज है। संघ ने अधिकारियों से वार्ता भी की, लेकिन अभी तक कुछ खास नतीजा नहीं निकलकर आया है।

बिना जिला रिलीव हुए ही मिल गया ब्लॉक

खण्ड शिक्षा अधिकारियों के तबादले में किस तरह से खेल किया गया और इसमें कितने अधिकारी शामिल है; इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रयागराज के डीएम ने बिना जिलों से रिलीव हुए बीईओ की ड्यूटी लगाई है। माघ मेला की जिलाधिकारी संजय खत्री की तरफ से जारी की गई सूची में दो ऐसे खण्ड शिक्षा अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जो अभी रायबरेली जिले से रिलीव ही नहीं हुए है। रायबरेली के सलोन और ऊंचाहार ब्लॉक में तैनात रहे विश्वनाथ प्रजापति और अनिल त्रिपाठी को प्रयागराज में विकासखंड भी आवँटित कर दिए गए हैं। अनिल त्रिपाठी को प्रयागराज में सैदाबाद और विश्वनाथ प्रजापति को फूलपुर विकास खण्ड आवँटित कर दिया गया है।

इन जिलों के डीएम ने रिलीव करने से किया मना

बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से भले ही खण्ड शिक्षाधिकारी का तबादला कर दिया गया है लेकिन चुनाव में बाधा आने की वजह से कई जिलों के डीएम ने बीईओ को रिलीव करने से मना कर दिया है। बरेली, मिर्जापुर, ललितपुर, सहारनपुर,अमेठी, बहराइच, कन्नौज, एटा, प्रयागराज, शाहजहॉपुर, फतेहपुर, कौशांबी, मुरादाबाद,बलरामपुर, लखीमपुर, बांदा, अंबेडकर नगर, मथुरा, सुल्तानपुर, मैनपुरी के डीएम ने रिलीव करने से मना कर दिया है। बता दें, जिला निर्वाचन अधिकारियों की तरफ से बीईओ को एआरईओ से लेकर मास्टर ट्रेनर तक में ड्यूटी लगा दी गई है और उन लोगों ने ट्रेनिंग भी ले ली है, ऐसे में उन्हें कार्यमुक्त करने से निर्वाचन कार्य में बाधा भी आएगी।

खबर का दिखा असर: विभाग ने मानी गलती, कुछ स्थान्तरण निरस्त

खण्ड शिक्षा अधिकारियों के तबादले में की गई धांधली को प्रमुखता के साथ में प्रकाशित किया गया। इसका असर यह दिखा है कि आज निदेशालय की तरफ से बैक डेट में फिजा मिर्जा, अजय तिवारी और भारती शाक्य का तबादला बदलकर निकट के जिलों में कर दिया गया है। विभाग की तरफ से बैक डेट में संशोधन करके ही उन्हें पास के जिलों में तैनाती दी गई है।

फिट इंडिया – फिट रहो

फिट इंडिया लोगो
स्कूल-सप्ताह-प्रमाण पत्र

फिट इंडिया मूवमेंट के बारे में

फिट इंडिया मूवमेंट 29 अगस्त, 2019 को प्रधान मंत्री द्वारा फिटनेस को हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने की दृष्टि से शुरू किया गया था। आंदोलन का मिशन व्यवहार में बदलाव लाना और अधिक शारीरिक रूप से सक्रिय जीवन शैली की ओर बढ़ना है। इस मिशन को प्राप्त करने की दिशा में, फिट इंडिया निम्नलिखित उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए विभिन्न पहल करने और कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव करता है:

  • फिटनेस को आसान, मजेदार और मुफ्त के रूप में बढ़ावा देना।
  • फिटनेस और विभिन्न शारीरिक गतिविधियों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए जो केंद्रित अभियानों के माध्यम से फिटनेस को बढ़ावा देते हैं।
  • स्वदेशी खेलों को बढ़ावा देना।
  • फिटनेस को हर स्कूल, कॉलेज/विश्वविद्यालय, पंचायत/गांव आदि तक पहुंचाने के लिए।
  • भारत के नागरिकों के लिए जानकारी साझा करने, जागरूकता बढ़ाने और व्यक्तिगत फिटनेस कहानियों को साझा करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एक मंच तैयार करना।

अपने फिटनेस स्तर की जांच करें, अपने कदमों को ट्रैक करें। अपनी नींद को ट्रैक करें, अपने कैलोरी सेवन को ट्रैक करें, फिट इंडिया इवेंट्स का हिस्सा बनें, अनुकूलित डाइट प्लान प्राप्त करें आयु-वार फिटनेस स्तर फिटनेस मंत्र फिट इंडिया मिशन लोगों को अपने दैनिक जीवन में कम से कम 30-60 मिनट की शारीरिक गतिविधियों को शामिल करके फिट इंडिया मूवमेंट का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित करता है।आंदोलन का मिशन व्यवहार में बदलाव लाना और अधिक शारीरिक रूप से सक्रिय जीवन शैली की ओर बढ़ना है।

फिटनेस की खुराक आधा घंटा रोज- इनसाइट्स फिट इंडिया ने फिटनेस के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने और फैलाने के लिए कई अभियान शुरू किए हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए गतिविधियां शुरू की जा सकती हैं कि फिटनेस हर स्कूल, कॉलेज / विश्वविद्यालय, पंचायत / गांव आदि तक पहुंचे।

हमारा आंगन; हमारे बच्चे उत्सव कार्यक्रम में प्री प्राइमरी शिक्षा पर हुई विस्तृत चर्चा


लखनऊ। इंण्टल प्राइड पब्लिक इंटर कॉलेज में विकासखंड काकोरी के प्राथमिक विद्यालयों के परिसर में चलने वाले आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं प्राथमिक विद्यालयों की प्रधानाध्यापिका की एक संयुक्त कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी राममूर्ति यादव, जिला समन्वयक प्रशिक्षण संतोष मिश्रा एवं सीडीपीओ प्रेमावती ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी राममूर्ति यादव ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की जिम्मेदारी कर्तव्य एवं गर्भावस्था से लेकर 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों की परवरिश एवं शैक्षिक गतिविधियों में किए जा रहे हैं दायित्व की प्रशंसा की और कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक कर उनमें प्राथमिक शिक्षा की नींव डालती हैं। बच्चा जब आंगनबाड़ी केंद्र में अच्छी तरह से शिक्षा ग्रहण ग्रहण कर लेता है तो प्राथमिक विद्यालय में उस बच्चे को शिक्षित करने में कोई भी समस्या उत्पन्न नहीं होती है।

जिला समन्वयक प्रशिक्षण संतोष मिश्रा ने इस कार्यक्रम के बारे में विस्तार पूर्वक सबको बताया एवं प्री प्राइमरी शिक्षा के महत्व पर चर्चा की। कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की बालिकाओं ने सरस्वती वंदना, लोक नृत्य प्रस्तुत कर सबको आश्चर्यचकित कर दिया। उच्च प्राथमिक विद्यालय पावर की अनुदेशक चंदा ने कक्षा 6 के बालकों से तैयार कराया गया मिशन प्रेरणा पर आधारित एक नाटक का मंचन कराया। हमारा आंगन हमारे बच्चे कार्यक्रम को डाइट मेंटर पवन कुमार, अभय सिंह चौहान, सीडीपीओ प्रेमावती, एआरपी टीपी दिवेदी, एआरपी मनीषा बाजपेई, संकुल शिक्षिका नीलम गौतम, मोनिका गुप्ता एवं एसआरजी हादी हसन ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन एआरपी चैताली यादव ने किया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी राममूर्ति यादव, सीडीपीओ प्रेमावती, जिला समन्वयक संतोष मिश्रा, डायट मेंटर पवन कुमार, संजय सिंह, एआरपी मुकुल पांडे, चैताली यादव, टीपी द्विवेदी, मनीषा बाजपेई, राजेश कुमार, शिक्षामित्र संघ के प्रदेश महामंत्री सुशील कुमार यादव एवं काकोरी ब्लाक के समस्त संकुल सदस्य प्रधानाध्यापक एवं आंगनबाड़ी सुपरवाइजर कार्यकत्री उपस्थित रहे ।

ब्लॉक स्तरीय संगोष्ठी एवं उन्मुखीकरण में बच्चों ने मोहा सबका मन

लखनऊ। विकासखंड काकोरी के प्रधानों शिक्षकों एवं एसएमसी अध्यक्ष की संयुक्त बैठक का आयोजन सरदार भगत सिंह डिग्री कॉलेज मोहान रोड पर किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मलिहाबाद विधायक जय देवी कौशल ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

कार्यक्रम की शुरुआत में खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी राममूर्ति यादव ने उपस्थित समस्त प्रधानों, विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं प्रधानाध्यापकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रबंध समिति के सहयोग से सरकारी विद्यालयों का कायाकल्प हुआ है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालय; बाउंड्री वाल, टाइल्स पीने के पानी की व्यवस्था, शौचालय आदि से संतृप्त हो रहे हैं। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र छात्राओं को यूनिफॉर्म स्वेटर जूता मोजा खरीदने के लिए सरकार द्वारा अभिभावकों के खाते में धनराशि सीधे भेजी जा रही है। विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्षों ने विद्यालय की साज-सज्जा विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था और विद्यालय में छात्र संख्या को बढ़ाने में अपना भरपूर सहयोग किया है। साथ ही ग्राम प्रधानों ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की कायाकल्प करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी ने सबको धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मलिहाबाद विधायक जयदेवी कौशल ने बच्चों द्वारा किए गए स्वागत गीत सरस्वती वंदना, कठपुतली नाटक और इंग्लिश स्पीकिंग क्लास का मंचन देख कर उपस्थित सभी अध्यापकों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आज सरकारी विद्यालय के बच्चे प्राइवेट स्कूलों के बच्चों से कम नहीं हैं। सरकार द्वारा सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा के लिए लगातार अच्छे कदम उठाए जा रहे हैं। उन्हीं का परिणाम है कि कायाकल्प योजना शिक्षकों की ट्रेनिंग आज विस्तृत रूप से चल रही है। कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राओं ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। काकोरी ब्लाक के एआरपी मुकुल चंद्र पांडे, चैताली यादव, टीपी द्विवेदी, राजेश कुमार और मनीषा बाजपेई ने मिशन प्रेरणा के अंतर्गत आने वाले समस्त पहलुओं की विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुए ग्राम प्रधानों और विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्षों को विद्यालय में चल रहे शिक्षण कार्य एवं उनकी गुणवत्ता की जानकारी दी।

ग्राम पंचायत थावर की प्रधान माधुरी सिंह एवं पूर्व प्रधान थावर अतुल कुमार सिंह ने संबोधित करते हुए प्राथमिक शिक्षकों की उपलब्धियों के बारे में और उनकी मेहनत की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन करते हुए एआरपी डा. चैताली यादव ने शारदा कार्यक्रम को विस्तार से समझाया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री वीरेंद्र सिंह, शिक्षामित्र संघ के प्रदेश महामंत्री सुशील कुमार यादव, एसआरपी काकोरी हादी हसन, संजय पांडे, संजय सिंह, अमोल सरल, मोहम्मद उमर, मोनिका गुप्ता, ललिता दीक्षित, महिमा सक्सेना, कविता छावड़ा, बिनीश, फातिम, सुबुही सिद्दीकी, रागिनी, विवेक त्रिपाठी, गीतांजलि शाक्य, सुनीता, कविता, अभिषेक शुक्ला, मोहित पाल, देशराज, विजय बहादुर, राजकिशोर, वीना मीरपुरी, हूरजहां, मोहम्मद अरशद, वाली उदय सहित काकोरी ब्लाक के समस्त प्रधानाध्यापक प्रधान विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष उपस्थित रहे।

सीएम ने वितरित किए विद्यार्थियों को स्मार्टफोन व टैबलेट

आरबीडी बिजनौर में स्मार्टफोन वितरण का हुआ सजीव प्रसारण। कृष्णा कॉलेज के 200 विद्यार्थियों को टैबलेट एवं स्मार्टफोन प्राप्त हुए।

लखनऊ। प्रदेश में स्नातक, स्नातकोत्तर, मेडिकल, इंजीनियरिंग और कौशल विकास प्रशिक्षण से जुड़े विद्यार्थियों को मुफ्त टैबलेट और स्मार्टफोन वितरण की योजना का आगाज हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ के इकाना स्टेडियम में प्रतीकात्मक रूप से कुल 26 छात्रों को टैबलेट और स्मार्टफोन दिया। इसके बाद स्टेडियम में मौजूद 60 हजार विद्यार्थियों में टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ओलंपिक खेलों में रजत पदक जीतने वाली मणिपुर की मीराबाई चानू को 1.50 करोड़ और उनके कोच विजय शर्मा को 10 लाख की सम्मान राशि देकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती 25 दिसंबर को ‘सुशासन दिवस’ के अवसर पर राजधानी लखनऊ के इकाना स्टेडियम में योजना का शुभारंभ करते हुए उनके व्यक्तित्व, कृतित्व एवं सिद्धांतों की चर्चा की। जनपद बिजनौर में जनसमूह ने इसका सजीव प्रसारण देखा। टेबलेट, स्मार्टफोन वितरण अभियान के नोडल अधिकारी मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि योजना के अंतर्गत जनपद बिजनौर के कृष्णा कॉलेज के 200 विद्यार्थियों को टैबलेट एवं स्मार्टफोन प्राप्त हुए। इस योजना का मूल उद्देश्य युवाओं को तकनीकी रूप से अपडेट करना है इस स्मार्टफोन और टेबलेट में ना सिर्फ पढ़ाई के लिए ऑनलाइन पाठ्य सामग्री मिलेगी बल्कि रोजगार से संबंधित जानकारियां भी मिलेंगी। शासन की रोजगार परक योजनाओं की जानकारी भी प्राप्त होगी। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पाठयसामग्री मिलेगी। कार्यक्रम को जनपद के सभी डिग्री कॉलेजो के छात्र छात्राओं ने सजीव प्रसारण देखा। इस अवसर पर संबंधित डिग्री कॉलेज के प्रधानाचार्य, राजकीय महामाया गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज क प्रभारी प्राचार्य विशाल दुबे, नोडल अधिकारी तथा समस्त प्रवक्ता एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थी।

आरबीडी में स्मार्टफोन वितरण का सजीव प्रसारण

लखनऊ से सजीव प्रसारण का आरंभ होते ही आरबीडी डिग्री कालेज की प्राचार्या डा.पारूल त्यागी के दिशा निर्देशन में दिए गए लिंक पर क्लिक कर के छात्राओं को प्रसारण दिखाया गया। छात्राओं ने उत्साह से सजीव प्रसारण को
देखा एवं सुना। कालेज की 488 छात्राएं उपस्थित रहीं। डा.जकिया रफत, डा.सविता मिश्रा, डा.मंजु अरोड़ा, डा.आबिदा, डा.मृदुल, डा. सुष्मिता, डा.सुनिता आर्य, शिखा मालवीय, नाजमीन, डा.रेनु, नवा आदि उपस्थित रहे।
तकनीकी व्यवस्था को तौफीक अहमद एवं सीमा ने सुचारू रखा।

आपको बता दें कि सीएम योगी ने 19 अगस्त 2021 को फ्री टेबलेट/स्मार्टफोन योजना का शुभारंभ किया था। इस योजना के माध्यम से करीब एक करोड़ युवाओं को टेबलेट या स्मार्ट फोन दिये जाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार द्वारा इस योजना का संचालन करने के लिए 3000 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, टेक्निकल और डिप्लोमा में अध्ययनरत छात्र यूपी फ्री टेबलेट स्मार्टफोन योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

योजना का लाभ प्रदान करने के लिए डीजी शक्ति पोर्टल फ्री टेबलेट स्मार्टफोन योजना के प्रबंधन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा डीजी शक्ति पोर्टल लांच किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से विश्वविद्यालयों द्वारा छात्रों का डाटा फीड किया जा रहा है, इसके पश्चात छात्रों को योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा। महाविद्यालय छात्रों का डाटा विश्वविद्यालय को देंगे। विश्वविद्यालयों द्वारा यह डाटा पोर्टल पर फीड किया जाएगा, फिर छात्रों को योजना का लाभ प्राप्त होगा।

  • इस योजना के अंतर्गत पंजीकरण करने वाला आवेदक उत्तर प्रदेश का ही मूल निवासी होना चाहिए।
  • फ्री टेबलेट योजना में लाभान्वित होने के लिए विद्यार्थी को सरकारी स्कूल में शिक्षा ग्रहण करना अनिवार्य है।
  • विद्यार्थी की पारिवारिक आय 2 लाख रुपए प्रति वर्ष से ज्यादा नहीं होनी चाहिए तभी वह इस योजना में आवेदन भरने योग्य होगा।
  • किसी भी बैकलॉग वाले छात्र को इस योजना का लाभ प्राप्त नहीं होगा पिछली सभी कक्षाओं में अच्छे मार्क्स के साथ उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।

आवश्यक दस्तावेज- फ्री टेबलेट योजना में पंजीकरण के लिए कुछ दस्तावेजों की आवश्यकता भी होगी जो इस प्रकार है –

  • विद्यार्थी का आधार कार्ड
  • सरकारी स्कूल का आईडी कार्ड
  • यूपी के मूल निवासी की पहचान करने के लिए आवासीय प्रमाण पत्र
  • विद्यार्थी एवं अभिभावक का मोबाइल नंबर
  • नवीनतम पासपोर्ट आकार फोटो

यूपी फ्री टैबलेट स्मार्टफोन योजना के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया

  • सर्वप्रथम आपको उत्तर प्रदेश चीफ मिनिस्टर ऑफिस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
  • होम पेज पर आपको यूपी फ्री टेबलेट/स्मार्टफोन योजना अप्लाई ऑनलाइन के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इसके पश्चात आपके सामने आवेदन पत्र खुलकर आएगा।
  • आप को आवेदन पत्र में पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे कि आपका नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि दर्ज करना होगा।
  • अब आपको सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपलोड करना होगा।
  • इसके पश्चात आपको सबमिट के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इस प्रकार आप यूपी फ्री टेबलेट/स्मार्टफोन योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकेंगे।

फ्री टैबलेट स्मार्टफोन योजना लिस्ट देखने की प्रक्रिया

  • सबसे पहले आपको उत्तर प्रदेश चीफ मिनिस्टर ऑफिस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • अब आपके सामने होम पेज खुलकर आएगा।
  • इसके पश्चात आपको यूपी फ्री टेबलेट/स्मार्टफोन योजना के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • अब आपको यूपी फ्री टेबलेट/स्मार्ट फोन योजना लिस्ट के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद आपके सामने एक नया पेज खोलकर आएगा।
  • इस पेज पर आपको अपने जिले का चयन करना होगा।
  • अब आपको अपने ब्लॉक का चयन करना होगा।
  • इसके बाद आपको व्यू लिस्ट के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • आपके सामने यूपी फ्री टेबलेट/स्मार्ट फोन योजना लिस्ट खुलकर आ जाएगी।

38 लाख युवाओं को हुआ पंजीकरण- पहले चरण में एमए, बीए, बीएससी, आईटीआई, एमबीबीएस, एमडी, बीटेक, एमटेक, पीएचडी, एमएसएमई और स्किल डिवेलपमेंट आदि के अंतिम वर्ष के छात्रों को प्राथमिकता मिलेगी। इसके लिए अब तक डीजी शक्ति पोर्टल पर 38 लाख से अधिक युवाओं का रजिस्ट्रेशन हो चुका है।

किसी से कम नहीं हैं परिषदीय विद्यालय: विकास किशोर

लखनऊ। खण्ड शिक्षा अधिकारी के संयोजन में ब्लॉक संसाधन केंद्र पर ब्लॉक स्तरीय ग्राम प्रधान विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष प्रधानाध्यकों की संगोष्ठी एवं उन्मुखीकरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ विधायक प्रतिनिधि विकास किशोर ब्लाक ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि प्रधान संघ अध्यक्ष प्रतिनिधि अखिलेश सिंह अंजू की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विकास किशोर ने बताया कि आज हमारे परिषदीय विद्यालय किसी से कम नहीं हैं। प्रधान और शिक्षक प्रबंध समिति के सहयोग से अब हमारे सरकारी विद्यालयों का कायाकल्प हुआ है। प्रदेश सरकार अभिभावकों के खाते में यूनिफार्म के लिए सीधे खाते में ग्यारह सौ रूपए दे रही है। एडी बेसिक लखनऊ पीएन सिंह ने शिक्षा की गुणवत्ता; किस प्रकार और बेहतर करने के विषय पर विस्तार से चर्चा की। खंड शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि प्रधान और शिक्षकों के बेहतर समन्वय से विद्यालयों की स्तिथि बेहतर हो गई है। साथ ही ग्रामीण अपने बच्चों को परिषदीय विद्यालयों में एडमिशन करवा रहे हैं। कार्यक्रम में पूर्व माध्यमिक विद्यालय गढ़ी संजर खा की छात्रा आयुषि ने देश भक्ति का गीत गाकर उपस्थित जन को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। मुजासा विद्यालय की छात्राओं ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एडी बेसिक पीएन सिंह, बीइओ मुख्यालय राजेश सिंह, महामंत्री नवीन यादव, पूर्व प्रधान जितेंद्र शुक्ल, एआरपी सत्य प्रकाश पांडेय, शिक्षक संघ के अध्यक्ष अवधेश कुमार, मंत्री फहीम बेग, विमला चंद्रा, मंजू चौधरी, एआरपी संजय मौर्या सहित बड़ी संख्या में प्रधान विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष और विद्यालयों के प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे।

मधुमक्खियों के हमले से छात्र छात्राएं घायल

मधुमक्खियों के हमले से छात्र छात्राएं परेशान। खंड शिक्षा अधिकारी ने बच्चो को बँधाया ढाँढस।

मलिहाबाद,लखनऊ। प्राथमिक विद्यालय में दोपहर के समय छात्रों पर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया।मधुमक्खियों ने दर्जनों छात्रो को काटा। इस बीच अध्यापकों ने आग जलाकर किसी तरह मधुमक्खियों से पीछा छुड़ाया। जानकारी होने पर खंड शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुँचे।


विकासखंड मलिहाबाद के प्राथमिक विद्यालय चाइना के पास इमली के पेड़ में एक सारंग मधुमक्खी का बहुत बड़ा छत्ता लगा हुआ था। बुधवार को मध्यान्ह भोजन के समय एकाएक छत्ते से उड़कर मधुमक्खियों ने विद्यालय में छात्र-छात्राओं पर हमला बोल दिया। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर सहायक अध्यापक अशोक कुमार, आंगनबाड़ी कार्यकत्री और सहायिका सहित ग्रामीणों ने आग जलाकर धुँआ करके छात्रों को किसी तरह मधुमक्खियों के प्रकोप से बचाया। इस दौरान राजा राठौर, रानी, राहुल, मुस्कान, प्रियांशी, सोनाली, रेखा आदि को मधुमक्खियों ने अपने डंक से घायल कर दिया। मधुमक्खियों के हमले के बाद स्कूल में पढ़ रहे छात्र छात्राओं में भय व्याप्त है। घटना की जानकारी होते ही खंड शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार मिश्र मौके पर पहुँचे और अध्यापकों को जरूरी दिशा निर्देश देते हुए छात्र छात्राओं का हालचाल लिया। साथ ही लगभग 100 मीटर के दायरे में आने वाले हर पेड़ का मुआयना कर नुकसान पहुचाने वाले मधुमक्खी के छत्ते को ग्रामीणों के सहयोग से हटाया गया।

शिक्षामित्रों के मानदेय वृद्धि को छोड़कर अन्य समस्याओं के  समाधान को बनी सहमति

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश चंद्र द्विवेदी की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ एवं अन्य संघ के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में कई  महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
इनमें महिला शिक्षा मित्रों को उनकी ससुराल के निकट के विद्यालय में स्थानांतरित एवं पुरूष शिक्षा मित्रों को मूल विद्यालय में वापसी के लिए एक अवसर देने के साथ ही  शिक्षामित्रों को शिक्षकों की भांति बीमा योजना में लाभान्वित किया जाना शामिल है। इसके अलावा चंदौली और फर्रुखाबाद के शिक्षामित्रों का बकाया मानदेय जारी करने। शिक्षामित्रों के आकस्मिक अवकाश शिक्षकों की भांति 1 जनवरी से 31 दिसंबर तक मान्य करने। शिक्षामित्रों को शिक्षकों की भांति मेडिकल सुविधा देने। शिक्षामित्रों को शिक्षक छात्र अनुपात में गणना करने। बारह माह एवं मानदेय वृद्धि के लिए मुख्यमंत्री से वार्ता कर पुनः बैठक करने का आश्वासन मंत्री एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा दिया गया है।

आज की बैठक में महानिदेशक स्कूल शिक्षा अनामिका सिंह, निदेशक बेसिक शिक्षा सर्वेंद्र विक्रम सिंह, अपर निदेशक श्रीमती ललिता प्रदीप, विशेष सचिव एवं संयुक्त निदेशक गणेश कुमार के साथ साथ संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला प्रदेश कोषाध्यक्ष रमेश मिश्रा प्रदेश संगठन मंत्री राम द्विवेदी के साथ अन्य संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

छात्राओं को अश्लील मैसेज भेजने वाले गुरु जी पहुंचे हवालात

बिजनौर। अपनी ही छात्रा को विल यू मैरी मी कहने वाला वीरा इंजीनियरिंग कॉलेज का शिक्षक हवालात पहुंच गया है। मंगलवार शाम को पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ केस दर्ज करने के साथ ही देर रात गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले पीड़ित छात्रा की शिकायत के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज में पहुंच कर हंगामा किया। कॉलेज प्रबंधन ने तुरंत ही आरोपी शिक्षक अरशद को बर्खास्त कर दिया।

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बताया गया है कि वीरा इंजीनियरिंग कॉलेज की एक छात्रा ने इंग्लिश पढ़ाने वाले शिक्षक अरशद से व्हाट्सएप पर पढ़ाई से संबंधित कुछ जानकारी मांगी थी। इस पर शिक्षक ने पहले छात्रा को दोस्ती करने का मैसेज भेजा। इसके बाद शिक्षक ने छात्रा को संदेश भेजा ‘तुम्हारा BF बन सकता हूं, विल यू मैरी मी’? इस पर छात्रा ने विरोध जताते हुए कॉलेज में शिक्षक की शिकायत की तो पता चला कि उसने कुछ अन्य छात्राओं को भी इस तरह का मैसेज भेजा है। छात्राओं की शिकायत पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज में प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह पूरा प्रकरण सोशल मीडिया पर छा गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ खुद ही केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। दरअसल, छात्राओं के परिजनों ने इस मामले में कोई तहरीर नहीं दी थी।

ये हुई पुलिस कार्रवाई

पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 13.12.2021 को थाना कोतवाली शहर क्षेत्रान्तर्गत वीरा इन्जिनियरिंग कॉलेज के शिक्षक अरशद फरीदी (41 वर्ष) पुत्र इफ्तेहार अहमद निवासी मोहल्ला चाहशीरी बी-21 थाना कोतवाली नगर जनपद बिजनौर द्वारा कॉलेज की छात्राओं को व्हाट्सएप्प पर आपत्तिजनक मैसेज भेजने के सम्बन्ध में स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हुए। उक्त प्रकरण के सम्बन्ध में थाना कोतवाली शहर पर मु0अ0सं0 848/21 धारा 294 भादवि व धारा 67 आई0टी एक्ट बनाम अरशद उपरोक्त पंजीकृत किया गया। आज दिनांक 15.12.2021 को थाना कोतवाली शहर पुलिस द्वारा आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार किया गया, विधिक कार्यवाही की जा रही है।

बेटियां स्वावलंबी होने के साथ ही सीखेंगी आत्मरक्षा का हुनर

लखनऊ। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मलिहाबाद में तीन दिवसीय गाइड शिविर का आयोजन सोमवार को किया गया। 13 दिसंबर से 15 दिसंबर तक आयोजित किए जाने वाले शिविर का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी मलिहाबाद संतोष मिश्रा द्वारा किया गया।

मुख्य अतिथि संतोष मिश्रा ने बालिकाओं द्वारा लगाए गए शिविर का निरीक्षण किया। उनसे गाइड के संबंध में सवाल पूछे बालिकाओं द्वारा गाइड शिविर में बनाए गए पकवान भी देखे और चखे गए। शिविर के प्रथम दिवस के अंत में शिक्षा अधिकारी मलिहाबाद ने बालिकाओं से गाइड शिविर के बारे में विस्तार से चर्चा की तथा उनका उत्साहवर्धन किया। बालिकाओं द्वारा प्रेरणा गीत पिरामिड मार्च पास्ट के कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए जो अत्यधिक सराहनीय थे।

विद्यालय की वार्डन नीलिमा सिंह ने बताया कि इस तीन दिवसीय शिविर से बालिकाओ को काफी लाभ होगा। लड़कियां स्वावलंबी होने के साथ ही आत्मरक्षा के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगी। इस अवसर पर
वार्डन नीलिमा सिंह के अलावा गुंजन सक्सैना, पुष्पांजलि दुबे, सुमि श्रीवास्तव, सुनीता मौर्या, नसरीन जमाल तथा मिथिलेश उपस्थित रहे।

81% अंक पाकर कमलप्रीत कौर अव्वल

बिजनौर। जनता कालेज आफ एजुकेशन नूरपुर का बीएड सत्र 2019/21 का परीक्षा परिणाम घोषित हुआ।
प्राचार्य महेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि कमलप्रीत कौर 81 प्रतिशत अंक पाकर प्रथम स्थान पर रही। निशात अंजुम 80 प्रतिशत अंक पाकर द्वितीय व अनु चौधरी 79.5 प्रतिशत अ़ंक पाकर तृतीय स्थान पर रहे।

13 दिसंबर तक सदस्यता ग्रहण करें शिक्षक


नूरपुर/बिजनौर। उ0 प्र0 जू0 हा0 स्कूल शिक्षक संघ जनपद बिजनौर की ब्लॉक् ईकाईयो के चुनाव की प्रक्रिया शुरु हुई।
इसी क्रम में गुरुवार को संगठन के बीआरसी स्थित कार्यालय पर बैठक में जिलाध्यक्ष सुधीर यादव ने सभी ब्लाक अध्यक्षों को ब्लाक सदस्यता सूची अवलोकन हेतु अपने संगठन कार्यालयों पर चस्पा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिन सदस्यों के नाम सूची में शामिल होने से रह गये और जिन अध्यापक, अध्यापिकाओं को संगठन की सदस्यता लेनी हो, वह 13 दिसंबर तक सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं, ताकि निर्धारित समय पर सदस्यता सूची प्रदेश कमेटी को मुहैया कराई जा सके। इससे पूर्व संगठन की बैठक में ब्लाक ईकाइयों के चुनाव की रुपरेखा व निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न कराने पर विचार किया गया। उन्होंने कहा कि संगठन में ही शक्ति है। इसलिए सभी शिक्षकों को संगठित रहने का आव्हान किया। बैठक में नितिन चौहान, भूपेन्द्र चौहान, अंगजीत चौधरी, ललिल गहलौत, हिमाचल रानी, संदीप कुमार, स़जय चौहान आदि शामिल रहे।

समाजवादी आंदोलन पार्टी के महा आयोजन की तैयारियां शुरु

आगामी विधानसभा चुनाव फतह करने की तैयारियां की समाजवादी आंदोलन पार्टी ने शुरू


नूरपुर। समाजवादी आंदोलन पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव फतह करने की तैयारियां शुरू कर दी है।
शनिवार को समाजवादी आंदोलन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अकबर नबी इदरीसी ने बयान कर बताया कि बहुत जल्दी महागठबंधन में शामिल पार्टियों की सभा का एक महा सभा आयोजन नूरपुर में होने वाला है। इसकी मेजबानी समाजवादी आंदोलन पार्टी के समस्त पदाधिकारी एवं प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर एहतेशाम अहमद अंसारी व प्रदेश प्रभारी मोहम्मद रजा करेंगे। मुख्य अतिथि आली जनाब मौलाना सलमान नदवी राष्ट्रीय सरपरस्त भारतीय एकता मंच, आली जनाब मौलाना तौकीर रजा साहब राष्ट्रीय अध्यक्ष ऑल इंडिया इत्तेहादुल मिल्लत कौंसिल, राजकुमार सैनी पूर्व सांसद एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी, अकबर नबी इदरीसी राष्ट्रीय अध्यक्ष समाजवादी आंदोलन पार्टी, हाजी सलीम अख्तर राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय एकता मंच पार्टी एवं सहयोगी पार्टियों के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदेश अध्यक्ष उपस्थित रहेंगे। आने वाले 2022 के विधानसभा चुनाव को मजबूत बनाने के लिए इन सभाओं का आयोजन किया जाएगा।

न्यायपालिका में?, सभी जगह महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण क्यों नहीं-अशोक मधुप


न्यायपालिका में ही, सभी जगह महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण क्यों नहीं


सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमण ने पिछले दिनों महिला वकीलों से आह्वान किया कि वे न्यायपालिका में 50 फीसदी आरक्षण की अपनी मांग को जोरदार ढंग से उठाएं। सीजेआई ने यह भी आश्वस्त किया कि उन्हें उनका पूरा समर्थन है। प्रश्न उठता है कि महिलाएं न्यायपालिका में ही क्यों 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग करें। देश की सभी सेवाओं और विधायिका में क्यों नहीं 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग करें। आधी दुनिया उनकी है तो अपने हिस्से का आधा आसमान उन्हें क्यों नहीं दिया जाताॽ    
नौ नवनियुक्त न्यायाधीशों के शीर्ष कोर्ट की महिला वकीलों द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में सीजेआई ने यह अहम बात कही। सीजेआई रमण ने कहा, ‘मैं नहीं चाहता कि आप रोएं, लेकिन आप गुस्से से चिल्लाएं और मांग करें कि हम 50 फीसदी आरक्षण चाहते हैं। चीफ जस्टिस ने कहा, ‘यह अधिकार का मामला है, दया का नहीं। मैं देश के लॉ स्कूलों में महिलाओं के लिए निश्चित मात्रा में आरक्षण की मांग का भी समर्थन करता हूं, ताकि वे न्यायपालिका में आ सकें’। 

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमण ने न्यायपालिका में महिला वकीलों को 50 प्रतिशत आरक्षण की बात कही। प्रश्न यह है कि यह मांग न्यायपालिका तक ही सीमित क्यों रहे। महिलाएं जब आधी दुनिया हैं। आधी आबादी हैं। समाज का आधा हिंस्सा है, तो सभी क्षेत्र में आधी आबादी की बात होनी चाहिए। आधा आरक्षण देने की बात करनी  चाहिए थी। आसमान के आधे हिस्से पर उनका हक होना  चाहिए।
जब दुनिया के साथ ही भारत में महिलाओं की आधी आबादी है। तो उस पूरी आधी आबादी के लिए सेवाओं में 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग क्यों नहीं होती? उसे उसका आधा हिस्सा क्यों नहीं मिलताॽ 

कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने भी कहा कि वह उत्तर प्रदेश विधान सभा में महिलाओं को 40 प्रतिशत टिकट देंगी। उन्होंने कहा कि वह तो  50 प्रतिशत  महिलाओं को टिकट देना चाहती थीं, किंतु मजबूरी है। हो सकता है कि अगली बार 50 प्रतिशत को भी टिकट दिया जा सकता है।   
एक ओर दावे यह हैं, वहीं हमारे राजनेता तो विधायिका में महिलाओं को 33 प्रतिशत भी आरक्षण  देने को तैयार नहीं।  2008 से विधायिका में महिलाओं का 33 प्रतिशत आरक्षण देने का मामला लंबित है। राज्य सभा में पारित हो जाने के बाद भी कुछ राजनैतिक दलों के रवैये के कारण से ये बिल संसद में पारित नही हो सका।
प्रश्न यह है कि महिलाएं न्यापालिका में ही 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग क्यों करें। सभी सेवाओं में आरक्षण की मांग करें। सेना में अभी तक महिलाओं को प्रवेश नहीं था। न्यायालय के आदेश के बाद केंद्र सरकार को महिलाओं के लिए सेना के द्वार खोलने पड़े। आज ये हालत है कि देश की युवतियां लड़ाकू विमान उड़ा रहीं हैं। टोक्यो ओलम्पिक में भारत को मिले कुल पदकों में बेटियों का प्रतिशत 42.85 रहा जो अब तक का रिकॉर्ड है। त्रिस्थानीय पंचायत चुनाव में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत स्थान आरक्षित है। इसके बावजूद विजयी महिलाओं के कार्य उनके पति ही देखते हैं। अधिकांश विजेता महिला जन प्रतिनिधि स्वयं निर्णय लेने की हालत में नहीं होती। लेखक की एक परिचित महिला सांसद और उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री रहीं। किंतु उनका सारा कार्य उनके पति ही करते। पत्नी की ओर से पत्र भी वही लिखते हस्तक्षर भी वही करते रहे हैं। महिलाओं को हम तब आगे लाते हैं, जब आरक्षण या किसी मजबूरी के कारण हमारी दाल नहीं गलती। लालू यादव अपनी पत्नी राबडी देवी को मुख्यमंत्री पद खुशी से नहीं देते। जब उनकी कुछ नहीं चलती, तभी मजबूरी में ही वे उन्हें मुखयमंत्री बनाते हैं। महिलाओं का आरक्षण देने के साथ हमें उन्हें आत्मनिर्भर भी करना होगा। उनके हिस्से का आधा आसमान उन्हें सौंपना  ही होगा। ऐसाकर हम उन पर कोई अहसान नहीं करेंगे, उनका हक ही उन्हे देंगे।
 

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं) 

कुंडलिनी योग: हिंदू धर्म रूपी पेड़ पर उगने वाला मीठा फल, सिर्फ तब तक, जब तक है पेड़

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दोस्तों, यह पोस्ट शांति के लिए और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए समर्पित है। क्योंकि कुंडलिनी योग विशेषरूप से हिंदु धर्म से जुड़ा हुआ है, इसीलिए इसको कतई भी अनदेखा नहीँ किया जा सकता। मैं वैसा बनावटी और नकली योगी नहीँ हूँ कि बाहर से योग-योग करता फिरूँ और योग के मूलस्थान हिंदूवाद पर हो रहे अत्याचार को अनदेखा करता रहूँ। अभी हाल ही में इस्लामिक आतंकियों ने कश्मीर में एक स्कूल में घुसकर बाकायदा पहचान पत्र देखकर कुछ हिंदुओं-सिखों को मार दिया, और मुस्लिम कर्मचारियों को घर जाकर नमाज पढ़ने को कहा। इसके साथ ही, बांग्लादेश में मुस्लिमों की भीड़ द्वारा हिंदुओं और उनके धर्मस्थलों के विरुद्ध व्यापक हिंसा हुई। उनके सैकड़ों घर जलाए गए। उन्हें बेघर कर दिया गया। कई हिंदुओं को जान से मार दिया गया। जेहादी भीड़ मौत का तांडव लेकर उनके सिर पर नाचती रही। सभी हिंदु डर के साए में जीने को मजबूर हैं। मौत से भयानक तो मौत का डर होता है। यह असली मौत से पहले ही जिंदगी को खत्म कर देता है। इन कट्टरपंथियों के दोगलेपन की भी कोई हद नहीँ है। हिंदुओं के सिर पर तलवार लेके खड़े हैं, और उन्हीं को बोल रहे हैं कि शांति बनाए रखो। भई जब मर गए तो कैसी शान्ति। हिंसा के विरुद्ध कार्यवाही करने के बजाय हिंसा को जस्टिफाई किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि कुरान का अपमान हुआ, इस्लाम का अपमान हुआ, पता नहीँ क्या-2। वह भी सब झूठ और साजिश के तहत। फेसबुक पर झूठी पोस्ट वायरल की जा रही है। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां चुपचाप मूकदर्शक बनी हुई हैं। उनके सामने भी हिंसा हो रही है। धार्मिक हिंसा के विरुद्ध सख्त अंतरराष्ट्रीय कानून बनाए जाने की सख्त जरूरत है। दुनियादारी मानवीय नियम-कानूनों से चलनी चाहिए। किसी भी धर्म में कट्टरवाद बर्दाश्त नहीं होना चाहिये। सभी धर्म एक-दूसरे की ओर उंगली दिखाकर अपने कट्टरवाद को उचित ठहराते हुए उसे जस्टिफाई करते रहते हैं। यह रुकना चाहिए। कट्टरवाद के खिलाफ खुल कर बोलना चाहिए। मैं जो आज आध्यात्मिक अनुभवों के शिखर के करीब पहुंचा हूँ, वह कट्टरपंथ के खिलाफ बोलते हुए और जीवन जीते हुए ही पहुंचा हूँ। कई बार तो लगता है कि पश्चिमी देशों की हथियार निर्माता लॉबी के हावी होने से ही इन हिंसाओं पर इतनी अंतरराष्ट्रीय चुप्पी बनी रहती है। 

इस्कॉन मंदिर को गम्भीर रूप से क्षतिग्रस्त किया गया, भगवान की मूर्तियां तोड़ी गईं, और कुछ इस्कॉन अनुयायियों की बेरहमी से हत्या की गई। सबको पता है कि यह सब पाकिस्तान ही करवा रहा है। इधर दक्षिण एशिया में बहुत बड़ी साजिश के तहत हिंदुओं का सफाया हो रहा है, उधर पूरा अंतरराष्ट्रीय समुदाय चुप, संयुक्त राष्ट्र संघ चुप, मानवाधिकार संस्थाएँ चुप। क्या हिंदुओं का मानवाधिकार नहीँ होता? क्या हिंदु जानवर हैँ? फिर यूएनओ की पीस कीपिंग फोर्स कब के लिए है। हिंदुओं के विरुद्ध यह साजिश कई सदियों से है, इसीलिए तो पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं की जनसँख्या कई गुणा कम हो गई है, और आज विलुप्ति की कगार पर है, पर मुसलमानों की जनसंख्या कई गुना बढ़ी है। अफगानिस्तान और म्यांमार में भी हिंदुओं के खिलाफ ऐसे साम्प्रदायिक हमले होते ही रहते हैं। यहाँ तक कि भारत जैसे हिन्दु बहुल राष्ट्र में भी अनेक स्थानों पर हिंदु सुरक्षित नहीं हैं, विशेषकर जिन क्षेत्रों में हिन्दु अल्पसंख्यक हैं। आप खुद ही कल्पना कर सकते हैं कि जब भारत जैसे हिन्दु बहुल देश के अंदर और उसके पड़ोसी देशों में भी हिंदु सुरक्षित नहीं हैं, तो 50 से ज्यादा इस्लामिक देशों में हिंदुओं की कितनी ज्यादा दुर्दशा होती होगी। पहले मीडिया इतना मजबूत नहीं था, इसलिए दूरपार की दुनिया ऐसी साम्प्रदायिक घटनाओँ से अनभिज्ञ रहती थी, पर आज तो अगर कोई छींकता भी है, तो भी ऑनलाइन सोशल मीडिया में आ जाता है। इसलिए आज तो जानबूझकर दुनिया चुप है। पहले संयुक्त राष्ट्र संघ जैसी संस्थाएँ नहीं होती थीं, पर आज भी ये संस्थाएँ न होने की तरह ही हैं, क्योंकि ये अल्पसंख्यकों को कोई सुरक्षा नहीँ दे पा रही हैं। वैसा बॉस भी क्या, जो अपने मातहतों को काबू में न रख सके। मुझे तो यह दिखावे का यूएनओ लगता है। उसके पास शक्ति तो कुछ भी नहीँ दिखती। क्योँ वह नियम नहीं बनाता कि कोई देश धर्म के आधार पर नहीँ बन सकता। आज के उदारवादी युग में इस्लामिक राष्ट्र का क्या औचित्य है। इसकी बात करना ही अल्पसंख्यक के ऊपर अत्याचार है, लागू करना तो दूर की बात है। जब इस्लामिक राष्ट्र का मतलब ही अन्य धर्मों पर अत्याचार है, तो यूएनओ इसकी इजाजत कैसे दे देता है। यूएनओ को चाशनी में डूबा हुआ खंजर क्यों नहीं दिखाई देता। प्राचीन भारत के बंटवारे के समय आधा हिस्सा हिंदुओं को दिया गया, और आधा मुसलमानों को। पर हिंदुओं को तो कोई हिस्सा भी नहीं मिला। दोनों हिस्से मुसलमानों के हो गए। आज जिसे भारत कहते हैं, वह भी दरअसल हिंदुओं का नहीं है। दुनिया को हिन्दुओं का दिखता है, पर है नहीँ। यह एक बहुत बड़ा छलावा है, जिसे दुनिया को समझना चाहिए। भारत में मुसलमानों को अल्पसंख्यक के नाम से बहुत से विशेषाधिकार प्राप्त हैं, जिसका ये खुल कर दुरुपयोग करते हैं, जिसकी वजह से आज भारत की अखंडता और संप्रभुता को खतरा पैदा हो गया लगता है। पूरी दुनिया में योग का गुणगान गाया जाता है, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है, पर जिस धर्म से योग निकला है, उसे खत्म होने के लिए छोड़ दिया गया है। बाहर-बाहर से योग का दिखावा करते हैं। उन्हें यह नहीं मालूम कि यदि हिंदु धर्म नष्ट हो गया, तो योग भी नहीं बच पाएगा, क्योंकि मूलरूप में असली योग हिंदु धर्म में ही है। पतंजलि योगसूत्रों पर जगदप्रसिद्ध और गहराई से भरी हुई पुस्तक लिखने वाले एडविन एफ. ब्रयांट लिखते हैं कि हिंदू धर्म और इसके ग्रँथ ही योग का असली आधारभूत ढांचा है, जैसे अस्थिपंजर मानव शरीर का आधारभूत ढांचा होता है। योग तो उसमें ऐसे ही सतही है, जैसे मानवशरीर में चमड़ी। जैसे मानव को चमड़ी सुंदर और आकर्षक लगती है, वैसे ही योग भी। पर अस्थिपंजर के बिना चमड़ी का अस्तित्व ही नहीँ है। इसलिए योग को गहराई से समझने के लिए हिन्दु धर्म को गहराई से समझना पड़ेगा। इसीलिए योग को बचाने के लिए हिन्दु धर्म और उसके ग्रन्थों का अध्ययन और उन्हें संरक्षित करने की जरूरत है। उन्होंने कई वर्षों तक कड़ी मेहनत करके हिन्दु धर्म को गहराई से समझा है, उसे अपने जीवन में उतारा है। मैंने भी हिंदु धर्म का भी गहराई से अध्ययन किया है, और योग का भी, इसलिए मुझे पता है। अन्य धर्मों का भी पता है मुझे कि वे कितने पानी में हैं। अधिकांशतः वे सिर्फ हिंदु धर्म का विरोध करने के लिए ही बने हुए लगते हैं। तो आप खुद ही सोच सकते हैं कि जब हिंदु धर्म पूरी तरह से वैज्ञानिक है, तो दूसरे धर्म कैसे होंगे। बताने की जरूरत नहीं है। समझदारों को इशारा ही काफी होता है। जिन धर्मों को अपने बढ़ावे के लिए हिंसा, छल और जबरदस्ती की जरूरत पड़े, वे धर्म कैसे हैं, आप खुद ही सोच सकते हैं। मैंने इस वेबसाइट में हिंदु धर्म की वैज्ञानिकता को सिद्ध किया है। अगर किसी को विश्वास न हो तो वह इस वेबसाइट का अध्ययन कर ले। मैं यहाँ किसी धर्म का पक्ष नहीं ले रहा हूं, और न ही किसी धर्म की बुराई कर रहा हूँ, केवल वैज्ञानिक सत्य का बखान कर रहा हूं, अपनी आत्मा की आवाज बयाँ कर रहा हूँ, अपने कुंडलिनी जागरण के अनुभव की आवाज को बयाँ कर रहा हूँ, अपने आत्मज्ञान के अनुभव की आवाज को बयाँ कर रहा हूँ, अपने पूरे जीवन के आध्यात्मिक अनुभवों की आवाज को बयां कर रहा हूँ, अपने दिल की आवाज को बयां कर रहा हूँ। मैं तो कुछ भी नहीँ हूँ। एक आदमी क्या होता है, उसका तर्क क्या होता है, पर अनुभव को कोई झुठला नहीं सकता। प्रत्यक्ष अनुभव सबसे बड़ा प्रमाण होता है। आज इस्कॉन जैसे अंतरराष्ट्रीय हिन्दु संगठन की पीड़ा भी किसी को नहीं दिखाई दे रही है, जबकि वह पूरी दुनिया में फैला हुआ है। मैंने उनकी पीड़ा को दिल से अनुभव किया है, जिसे मैं लेखन के माध्यम से अभिव्यक्त कर रहा हूँ। यदि हिंदु धर्म को हानि पहुंचती है, तो प्रकृति को भी हानि पहुंचती है, धरती को भी हानि पहुंचती है। प्रकृति-पूजा और प्रकृति-सेवा का व्यापक अभियान हिंदु धर्म में ही निहित है। देख नहीँ रहे हो आप, दुनिया के देशों के बीच किस तरह से घातक हथियारों की होड़ लगी है, और प्रदूषण से किस तरह धरती को नष्ट किया जा रहा है। धरती को और उसके पर्यावरण को यदि कोई बचा सकता है, तो वह हिंदु धर्म ही है।भगवान करे कि विश्व समुदाय को सद्बुद्धि मिले।

सरेआम होती इस लूट को रोकने के लिए सख्ती कीजिये

भारत के लोग रोज लुट रहे हैं। ठगी के शिकार हो रहे हैं। धोखा देकर उनके खातों से रकम निकाली जा रही है। युवा फर्जी  विश्वविद्यालय में प्रवेश लेकर धन और समय बर्बाद कर रहे हैं। इतना  होने पर भी रोकने के लिए जिम्मेदार संस्थाएं आंखें मूंदे बैठी हैं। वह कुछ नहीं कर पा रहीं। आम उपभोक्ता, देश का युवा नागरिक रोज लुट-पिट कर घर बैठ जाता है। शिकायत करने के बाद भी कुछ भी नहीं कर पाता।

भारतीय स्टेट बैंक ने अपने खाताधारकों से कहा है कि वह बैंक का कस्टमर केयर नंबर गूगल या किसी और प्लेटफार्म पर सर्च ना करें। स्टेट बैंक की सही वेबसाइट का प्रयोग करें। उसने यह भी कहा है उसके नाम (स्टेट बैंक) से मिलती -जुलती लगभग आधा दर्जन वेब साइट गूगल और अन्य ऐसे ही प्लेटफार्म पर मौजूद थे। जरा सी  गलती से आप इन पर लॉगिन करके ठगी के शिकार हो सकते हैं। यह आदेश स्टेट बैंक के नहीं हैं, आज सभी बैंक इस तरह के आदेश कर रहे हैं। बैंक खाताधारकों को जानकारी दे रहे हैं कि वे बैंक के नाम पर हो रही ठगी से कैसे बचेंॽ

यही हालत यूजीसी ग्रांट कमीशन (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) की है। उसे पता है कि देश में कितने फर्जी विश्वविद्यालय चल रहे हैं। वह साल में कई बार इन विश्वविद्यालयों की सूची अखबार में छपवाता  है। वह सिर्फ सूची छपवा कर अपनी जिम्मेदारी  से मुक्त हो जाता है। अपनी जिम्मेदारी से छूट जाता है। सही विश्वविद्यालयों की जानकारी संज्ञान में ना होने पर जो युवा इन फर्जी विश्वविद्यालयों में प्रवेश ले लेते हैं, उनके साल तो बर्बाद होते ही है पढ़ाई के दौरान व्यय हुआ धन भी बेकार जाता है।

कुछ यही हालत राम मंदिर की साइट की भी है। मंदिर का निर्माण कार्य कराने का निर्णय हुआ। धन संग्रह के लिए मंदिर निर्माण समिति ने साइट बनाई। उसकी साइट तो बाद में बनी, उस जैसी मिलते- जुलते नाम की कई साइट और बनकर खड़ी हो गई। आम आदमी राम मंदिर को चंदा देना चाहता है। उसकी मंदिर में आस्था है, लेकिन  ये फर्जी साइट बनाने वाले  उनकी आस्था और विश्वास का लाभ उठाकर उनकी भावनाओं से खिलवाड़ करते हैं। उनकी मेहनत की कमाई लूट रहे हैं। राम मंदिर ही नहीं, अन्य प्रसिद्ध मंदिरों के नाम से मिलती −जुलती साइट भी मौजूद हैं।

भारतीय सेना के लिए धन संग्रह वाली अलग साइट है। इसके लिए जो दान करना चाहता है, वहाँ जाकर कर सकता है, लेकिन इसके नाम से मिलती-जुलती कई साइट पहले ही मौजूद हैं। पिछले साल जब चीन से तनातनी चली, तब  इन फर्जी संस्थाओं में दान देने के  बारे में पब्लिक प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप, ट्विटर और फेसबुक आदि पर लगातार मैसेज आए। जनता से अपील की गई  कि सेना को मजबूत करने सैनिकों की सुविधा विस्तार के लिए खुले मन से इनमें दान करें। बाद में पता चलता है कि इन इन सब का अधिकृत एजेंसी से कोई लेना-देना नहीं। यह तो देशवासी की आस्थाओं पर डाका डालने में लगे हुए है। ऐसी ही साइट के बारे में लोगों ने रक्षा मंत्रालय और केंद्र की कई जिम्मेदार संस्थाओं को मेल कर वस्तु स्थिति जाननी चाही। एक साल बीतने पर भी कोई  उत्तर नहीं मिला।

जिम्मेदार संस्थाएं बैंक, विश्व विद्यालय अनुदान आयोग आदि इन धोखेबाज के खिलाफ मुकदमे दर्ज क्यों नहीं करते?
हम जानते हैं कि ठगी हो रही है। लोगों की आस्थाओं का गलत लाभ उठाया जा रहा है। कुछ चोर −लुटेरे आराम से लोगों की मेहनत की कमाई पर अय्याशी कर रहे हैं।

इस तरह की ठगी, लूट और धोखाधड़ी रोकने के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर कोई संस्था होनी चाहिए। ऐसा करने वालों पर कठोर दंड की व्यवस्था हो, तुरत-फुरत न्याय हो, कठोर साइबर कानून हो। इसके साथ जरूरी है कि अपराधी के प्रति कोई दया या कृपा न बरती जाए। उत्तर प्रदेश की तरह अपराधियों की संपत्ति पर तुरंत सरकार कब्जा कर ले। तभी जाकर इन अपराधों पर रोक लग सकती है, अन्यथा ये तो चलता ही रहेगा।

उत्तर प्रदेश के युवाओं को सरकार देगी स्मार्ट फोन या टैबलेट

लखनऊ। राज्य के 60 लाख से लेकर एक करोड़ तक युवाओं को स्मार्ट फोन या टैबलेट देने की योजना उत्तर प्रदेश सरकार ने बनाई है। यह निर्णय मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया। इस योजना पर करीब तीन हजार करोड़ रुपए की लागत आएगी।

कैबिनेट की बैठक में कुल 25 प्रस्तावों पर स्वीकृति की मुहर लगी। प्रदेश के खादी ग्रामोद्योग मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने मीडिया को प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि युवाओं के तकनीकी सशक्तीकरण के लिए यह स्मार्ट फोन या टैबलेट स्नातक / परास्नातक, बीटेक, पालीटेक्निक, चिकित्सा शिक्षा, पैरा मेडिकल और कौशल विकास मिशन के प्रशिक्षुओं को दिए जाएंगे।

हर जिले में चयन के लिए कमेटी

युवाओं को स्मार्ट फोन और टैबलेट उपलब्ध करवाने के लिए हर जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में छह सदस्यों की एक कमेटी बनेगी। उक्त कमेटी चिन्हित शिक्षण संस्थानों की सूची तैयार करेगी। स्मार्ट फोन या टैबलेट जेम पोर्टल के जरिये ही खरीदे जाएंगे। जेम पोर्टल ही नोडल एजेंसी होगी। टैबलेट या स्मार्ट फोन देने के लिए युवाओं की पात्रता भी तय की जाएगी। खादी ग्रामोद्योग मंत्री ने कहा कि अब अधिकांशत: पढ़ाई ऑनलाइन होने लगी है। कई परीक्षाएं भी ऑनलाइन हो रही हैं। ऐसे में युवाओं को अब सूचना प्रौद्योगिकी के इन माध्यमों से जोड़ना जरूरी हो गया है। 

नर्स, बढ़ई, प्लंबर को भी सुविधा

सेवा मित्र पोर्टल कौशल विकास विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से विभिन्न कुशल कारीगरों को पंजीकृत कराकर चिन्ह्ति एजेन्सियों के माध्यम से विभिन्न नागरिक सेवाएं जैसे प्लम्बर, कारपेंटर, नर्स, इलेक्ट्रीशियन, ए.सी. मैकेनिक आदि जनसामान्य को दी जा रही हैं। उन्हें भी टैबलेट/स्मार्ट फोन दिए जाएंगे, जिससे वे नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करते हुए अपनी जीविका भी चला सकें।

अन्य वर्ग के युवा भी होंगे शामिल

योजना के तहत प्रस्तावित लाभार्थी वर्ग में अन्य वर्ग के युवाओं को भी समय-समय पर मुख्यमंत्री के अनुमोदन से सम्मिलित किया जाएगा। टैबलेट या स्मार्ट फोन किस लाभार्थी वर्ग को दिए जाने हैं, इसका निर्णय मुख्यमंत्री  के स्तर से लिया जाएगा। इनके वितरण के लिए लाभार्थी वर्ग की प्राथमिकता का निर्धारण और चरणबद्ध क्रय के संबंध में भी निर्णय मुख्यमंत्री के स्तर से लिया जाएगा। भविष्य में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों के निराकरण के लिए योजना के तहत किसी भी संशोधन के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है। 

डीबीटी एप का प्रशिक्षण, फिर भी संशय बरकरार

बिजनौर। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की वार्डन और सहायक अध्यापिकाओं को डीबीटी एप का प्रशिक्षण देकर इस पर कार्य करने के संबंध में समझाया गया।

गुरुवार को बीएसए कार्यालय सभागार में बालिका डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर मित्र लाल गौतम और डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर एमआईएस अनुज कुमार शर्मा ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की सभी वार्डन और सहायक अध्यापकों को डीबीटी ऐप पर काम करने के लिए प्रशिक्षण दिया। उन्हें डीबीटी एप पर छात्राओं का डाटा अपलोड करने का तरीका बताया गया। प्रशिक्षण में मीनाक्षी ,रितु अग्रवाल, राजरानी आदि वार्डन मौजूद रहेl

बिना ड्रेस के नौनिहाल: अप्रैल से शुरू शिक्षा सत्र के छह माह बीतने के बावजूद बेसिक स्कूलों में अध्यनरत नौनिहालों को यूनिफॉर्म नहीं मिली है। बच्चे बिना यूनिफॉर्म के ही विद्यालय पहुंच रहे हैं।

गौरतलब है कि बेसिक स्कूलों के नौनिहालों की यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूते मोजे और स्कूल बैग का पैसा अभिभावकों के खाते में भेजने के निर्देश शासन ने दिये हैं। डीबीटी के माध्यम से अभिभावकों के खाते में पैसा आएगा। इसके लिए बेसिक स्कूलों के अध्यापकों के मोबाइल फोन में डीबीटी एप डाउनलोड कराया गया है। एप पर अध्यापकों को छात्रों का डाटा फीड करना होगा। डीबीटी एप पर प्रत्येक बच्चे के अभिभावक का आधार नम्बर, उसका बैंक खाता नम्बर, मोबाइल नम्बर और आधार कार्ड के अनुसार अभिभावक का नाम उसमें भरना है। कई अध्यापकों का कहना है कि अभी डीबीटी एप पर पूरी गति से छात्रों का डाटा फीडिंग का कार्य नहीं हो पा रहा है। अब सवाल यह है कि ऐसे में अभिभावकों के खाते में यूनिफॉर्म का पैसा कब आएगा? वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि थोड़ा समय लग सकता है लेकिन आने वाले सालों में यूनिफॉर्म वितरण को लेकर सभी परेशानी दूर हो जाएगी।

बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरन यादव ने कहा कि डीबीटी एप पर छात्रों के डाटा फीडिंग का कार्य चल रहा है। बहुत जल्द अभिभावकों के खाते में यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, जूते मोजे और स्वेटर का पैसा पहुंचेगा। कार्य तेजी से चल रहा है, जल्द ही नौनिहालों को यूनिफॉर्म मिल जाएगी।

फ्री में बनाएं ई-श्रम कार्ड। मिलेगा सरकार से सीधा बैंक अकाउंट में पैसा!

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E Shram Card Kaise Banaye

E Shram Card – सरकार ने हॉल ही में असंगठित क्षेत्रों में काम कर रहे मजदूरों के लिये आधार कार्ड के जैसा एक कार्ड लांच किया है। इस कार्ड का नाम E Shram Card (ई श्रम कार्ड) है। आज की इस पोस्ट में हम इसी कार्ड के बारे में जानने वाले है, और साथ ही आपको बताएंगे कैसे आप घर बैठे अपने मोबाइल से यह कार्ड बना सकते हैं। तो चलिये आइये जानते है, कैसे आप ई-श्रम कार्ड [E Shram Card] बना सकते हैं?

E Shram Card क्या है ?

ई श्रम कार्ड (E Shram Card)- यह कार्ड मजदुर लोगों का पहचान कार्ड है। इस कार्ड में मजदूर लोग की पर्सनल जानकारी (जैसे नाम, पता, उम्र, शैक्षणिक योग्यता, स्किल्स एवं वह क्या काम करते हैं) होती है। यह कार्ड पूरे भारत वर्ष में मान्य है, और इस कार्ड में भी आधार कार्ड के जैसे ही 12 अंक होते हैं।

E-Shram Card बनाने के फायदे ?

इस कार्ड के जरिये सरकार अब से मजदूर के खाते में भविष्य में निकलने वाली योजना के पैसे डाला करेगी। इसके अलावा इस कार्ड के और भी बहुत सारे फायदे हैं, जिसकी जानकारी आप इस पोर्टल https://eshram.gov.in/ से ले सकते हैं।

किसका बन सकता है ई-श्रम कार्ड?

इस कार्ड को असंगठित क्षेत्रों में काम कर रहे मजदूर, कृषि श्रमिक एवं भूमिहीन कृषि श्रमिक, जिनकी उम्र 16 वर्ष से लेकर 59 वर्ष के बीच है, बनवा सकते हैं। [ऐसे लोग जो ईपीएफओ (EPFO) या ईएसआईसी (ESIC) के सदस्य हैं, वह कार्ड नहीं बना सकते।]

ई-श्रम कार्ड बनाते समय इन डाक्यूमेंट्स की होगी जरुरत

E-Shram कार्ड को बनाने के लिये आपके पास आधार कार्ड + बैंक पासबुक होना चाहिए और साथ ही आपके आधार कार्ड में मोबाइल नंबर लिंक होना चाहिये। वह मोबाइल नंबर आपके पास मौजूद होना चाहिये, क्यूंकि ई-श्रम कार्ड बनाने के लिए आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर OTP आती है। अगर आपके पास यह डॉक्यूमेंट मौजूद होंगे, तभी आप ई-श्रम कार्ड बना सकते हैं।

ऐसे बनाएं E Shram Card (ई-श्रम कार्ड)

इस कार्ड को आप फ्री में इस पोर्टल https://register.eshram.gov.in/#/user/self से बना सकते हैं। इस पोर्टल से इस कार्ड को कैसे बनाना है, इसके लिए आप नीचे दिया गया Video देख सकते हैं। वीडियो में आपको इस कार्ड को बनाने की पूरी प्रक्रिया बताई गयी है।

Watch This Video –

ई श्रम कार्ड बनाने के लिये ऐसे मिलेगा NSO Codes

इस कार्ड को अप्लाई करते वक्त NSO Codes की जरुरत होती है। इस कोड को आप इस लिंक https://register.eshram.gov.in/assets/file/NCO-codes4.pdf से अपने कार्य के अनुसार निकाल सकते हैं।

…तो इस तरह आप ई-श्रम कार्ड बना सकते हैं और सरकार से इस कार्ड के जरिये मिलने वाली सुविधा का लाभ ले सकते हैं।

WhatsApp की एक Setting बदल कर बचा सकते हैं फोन स्टोरेज और मोबाइल डेटा!

WhatsApp की एक Setting बदल कर बचा सकते हैं फोन स्टोरेज और मोबाइल डेटा! जानें आसान तरीका

WhatsApp पर कई धांसू ट्रिक मौजूद है.

वॉट्सऐप (WhatsApp) बहुत सारे मीडिया कंट्रोल के साथ आता है, जो यूज़र्स को अपने हिसाब से फोटोज, वीडियो और अन्य मल्टीमीडिया को कंट्रोल करने की अनुमति देता है. इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप यूज़र्स को एक बार में सभी चैट के लिए ऑटो-डाउनलोड को बंद करने का ऑप्शन भी देता है. आमतौर पर वॉट्सऐप रिसीव होने वाली सभी फ़ोटो और वीडियो को डाउनलोड करता है और उन्हें फोन की गैलरी में सेव करता है. ये ना केवल आपके डेटा की खपत करता है बल्कि आपके फोन स्टोरेज को कम करने के साथ, आपके फोन को भर देता है.

इसके अलावा, वॉट्सऐप के पास एक विकल्प भी है जिसे मीडिया विजिबिलिटी कहा जाता है. इस ऑप्शन को बंद करने के साथ ही आपके फोन पर ऑटोमैटिक फोटो और वीडियोज़ डाउनलोड होना बंद हो जाएंगे. आइए जानते हैं वॉट्सऐप पर मीडिया सेटिंग्स को कैसे मैनेज करें…

ज़रूरी बातें
> वॉट्सऐप का नया वर्जन होना चाहिए.

> वॉट्सऐप का एक्टिव अकाउंट होना चाहिए.

वॉट्सऐप पर ऑटो-डाउनलोड को कैसे बंद करें?

1- वॉट्सऐप खोलें और ऊपर दाईं ओर थ्री डॉट्स पर टैप करके सेटिंग्स में जाएं.

2- स्टोरेज एंड डेटा पर टैप करें और मीडिया ऑटो-डाउनलोड सेक्शन में जाएं.

यहां करें ये बदलाव-

-मोबाइल डेटा का इस्तेमाल करते समय — सभी बॉक्स अनचेक करें

-Wifi से कनेक्ट होने पर — सभी बॉक्स अनचेक करें.

-रोमिंग के समय — सभी बॉक्स को अनचेक करें

सभी चैट के लिए मीडिया विजिबिलिटी को कैसे बंद करें?

-सेटिंग पर जाएं -> चैट्स -> मीडिया विजिबिलिटी और इसे ऑफ कर दें.

पर्सनल चैट के लिए मीडिया विजिबिलिटी को कैसे बंद करें?

-वो चैट खोलें, जिसके लिए आप मीडिया विजिबिलिटी को बंद करना चाहते हैं और ऊपर से चैट के नाम पर टैप करें. मीडिया विजिबिलिटी को सर्च करें और इसे बंद कर दें. (साभार)

सपा किसान,नौजवान पटेल यात्रा का हुआ जोरदार स्वागत

सपा किसान, नौजवान पटेल यात्रा का हुआ जोरदार स्वागत

समाजवादी पार्टी व्यापार सभा के प्रदेश सचिव सोनू कनौजिया की अगुवाई में हुआ जोरदार स्वागत

लखनऊ। समाजवादी पार्टी की किसान नौजवान पटेल यात्रा का प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में लखनऊ जनपद में प्रवेश करने पर सपाइयों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। समाजवादी पार्टी व्यापार सभा के प्रदेश सचिव सोनू कनौजिया की अगुवाई में जनपद लखनऊ में वापस लौटने पर मोहनलाल गंज और निगहो के बीच एकत्र सैकड़ो की संख्या में अपने कार्यकर्ताओं के साथ किसान नौजवान पटेल यात्रा के लखनऊ जनपद प्रवेश होने पर जोरदार स्वागत किया । यह यात्रा प्रदेश अध्यक्ष एवं एमएलसी नरेश उत्तम पटेल की अगुवाई में दोपहर करीब 12:30 पर पहुंची। वहां पहले से ही मौजूद हजारों की संख्या में सपाइयों ने फूल मालाओं से अपने प्रदेश अध्यक्ष को लाद दिया। सपा के समर्थन में जमकर नारेबाजी की भीड़ देखकर उत्साहित प्रदेश अध्यक्ष सड़क पर उतर पड़े और कार्यकर्ताओं को सफल आयोजन की बधाई दी। सभी से उन्होंने माला पहनी। प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने उपस्थित कार्यकर्ताओं से कहा कि वह मिशन 2022 की तैयारी में जुट जाएं, जनपद रायबरेली के समस्त सीटों पर समाजवादी पार्टी का परचम लहरा दें। उत्तर प्रदेश में जब अखिलेश यादव के अगुवाई की सरकार बनेगी तभी उत्तर प्रदेश का चौमुखी विकास होगा। किसान खुशहाल होगा, नौजवान खुशहाल होगा, महिलाएं खुशहाल होंगी, छात्र खुशहाल होगा, बेरोजगार खुश होंगे। स्वागत समारोह में बड़ी तादाद में सपाई उपस्थित रहे।

अभिभावकों के बैंक खाते में पहुंचेगी स्कूल ड्रेस की रकम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में नि:शुल्क यूनिफार्म, स्वेटर, स्कूल बैग व जूता-मोजा के लिए बेसिक शिक्षा विभाग प्रेरणा डीबीटी एप लांच करेगा। डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सितम्बर माह में ही पहले चरण की धनराशि अभिभावकों के खाते में भेजने के निर्देश दिए हैं। 1056 रुपए की धनराशि डीबीटी से दी जाएगी।

प्रदेश में 1.79 करोड़ विद्यार्थी प्राइमरी व जूनियर स्कूलों में पंजीकृत- विभागीय प्रमुख सचिव दीपक कुमार ने आदेश जारी कर कहा है कि डीबीटी के लिए विभाग श्रीटान इण्डिया लिमिटेड के साथ करार करेगा। क्योंकि श्रीटान इण्डिया यूआईडीएआई के पोर्टल से आधार प्रमाणीकरण के लिए अधिकृत हैं। वहीं विभाग यूपी डेस्को से भी करार करेगा जो प्रेरणा पोर्टल व एप के संचालन के लिए डाटाबेस, डैशबोर्ड व पीएफएमएस पोर्टल के साथ इंटीग्रेशन करेगा। समय कम है लिहाजा तैयारियां तेज की जाएं। प्रदेश में 1.79 करोड़ विद्यार्थी प्राइमरी व जूनियर स्कूलों में पंजीकृत हैं।

प्रेरणा पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य- इस बीच सभी सरकारी व सहायता प्राप्त स्कूलों के विद्यार्थियों का पंजीकरण अनिवार्य रूप से प्रेरणा पोर्टल पर किया जाएगा। उनके माता-पिता या अभिभावक की बैंक पासबुक की छायाप्रति अनिवार्य रूप से प्राप्त की जाएगी। ये खाता आधार से लिंक होना चाहिए। डीबीटी के लिए अभिभावकों का आधार नंबर अनिवार्य है, बच्चों का आधार अनिवार्य नहीं होगा। सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि डाटा शत प्रतिशत सही है। बिना आधार के खातों में धनराशि नहीं भेजी जा सकेगी। यह धनराशि पीएफएमएस पोर्टल से हस्तांतरित की जाएगी। मोबाइल एप के संचालन के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। 

काकोरी में दो दिवसीय मूर्तिकला कार्यशाला का समापन

दो दिवसीय मूर्तिकला कार्यशाला का समापन। बाबू त्रिलोकी सिंह इंटर कॉलेज काकोरी लखनऊ में हुआ आयोजन।


लखनऊ। बाबू त्रिलोकी सिंह इंटर कॉलेज काकोरी में नई शिक्षा नीति की अवधारणा को लेकर दो दिवसीय मूर्तिकला कार्यशाला का आयोजन किया गया।

राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कला शिक्षक एवं राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश के सदस्य अमित कुमार के निर्देशन में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त मूर्तिकार दिनेश सोनकर तथा शनि केसरी ने 2 दिन तक लगभग 50 छात्रों को चिकनी छनी हुई गीली मिट्टी से मूर्तियां बनाना सिखाया।

कार्यशाला में मुख्य रुप से श्री गणेश की मूर्ति तथा दूसरे दिन मुखाकृति बनाने का अभ्यास कराया गया। कार्यशाला के समापन में छात्रों द्वारा बनाई गई मूर्तियों की प्रदर्शनी की गई।

इस अवसर पर काकोरी ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि लल्लू यादव, काकोरी के बीडीओ विनायक सिंह, एसीपी पश्चिमी आशुतोष कुमार मौजूद रहे। इन सभी लोगों ने छात्रों की प्रशंसा की।

काकोरी बीडीयो विनायक सिंह ने कहा कि महिलाओं के स्वयं सहायता समूह की तरह इन छात्रों के द्वारा बनाई गई मूर्तियों की बिक्री की व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे छात्रों को उनकी मेहनत का लाभ मिल सके।

एसीपी पश्चिमी आशुतोष कुमार ने छात्रों से कहा कि आप लोगों में से ही कई छात्र भविष्य के बड़े मूर्तिकार हो सकते हैं।

विद्यालय प्रधानाचार्य डॉ. राजकुमार सिंह ने बताया कि यह विद्यालय पढ़ाई में तो आगे है ही, सह पाठ्य क्रिया कलापों में भी इस विद्यालय का कोई मुकाबला नहीं है। प्रधानाचार्य ने मुख्य अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के समापन के दौरान विद्यालय के प्रवक्ता सुनील कुमार एमएल सिंह सहित समस्त शिक्षक और कर्मचारी एवं छात्र उपस्थित रहे।