आचार्य द्विवेदी स्मृति अभियान के रजत जयंती समारोह में होगा देशभर के साहित्यकारों-पत्रकारों का जमावड़ा

आचार्य द्विवेदी स्मृति अभियान का 25वां वर्ष

रजत जयंती समारोह में होगा देशभर के साहित्यकारों-पत्रकारों का जमावड़ा

मुख्य आकर्षण
-दौलतपुर में महावीर चौरा पर सुंदरकांड पाठ से रजत जयंती समारोह की शुरुआत
-दो दिवसीय मुख्य वार्षिक समारोह 11-12 नवंबर को
-ऐतिहासिक दस्तावेजों और दुर्लभ फोटो वाली प्रदर्शनी का आयोजन
-रायबरेली शहर में आचार्य द्विवेदी स्मृति खेल महाकुंभ
-गीत-संगीत, नृत्य और नाटक के माध्यम से आचार्य द्विवेदी के जीवन वृत्त की प्रस्तुति
-“आचार्य पथ” स्मारिका/पत्रिका का विशेषांक

रायबरेली से शुरू हुआ आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर गया है। अभियान की रजत जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। रजत जयंती वर्ष को यादगार बनाने की तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं। 11-12 नवंबर 2022 को आयोजित होने वाले रजत जयंती समारोह में देशभर के साहित्यकारों पत्रकारों को आमंत्रित किया जाएगा। लखनऊ और दिल्ली में भी कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया गया। आचार्य पथ स्मारिका का विशेषांक भी निकालने की तैयारी है।
आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की रायबरेली के आशीर्वाद इन होटल में आयोजित बैठक में तय किया गया कि रजत जयंती वर्ष में आचार्य द्विवेदी की स्मृतियों को नए रूप में संजोया जाएगा। वर्ष पर्यंत कार्यक्रमों की श्रंखला चलेगी। इसकी शुरुआत आचार्य द्विवेदी के जन्म ग्राम दौलतपुर में सुंदरकांड के पाठ के साथ होगी। आचार्य द्विवेदी स्मृति खेल महाकुंभ के साथ ही जनपद के साहित्यिक स्वाधीनता संग्राम इतिहास को समेटने वाली प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। 12 नवंबर को वार्षिक आयोजन भी इस बार दो दिवसीय होगा। इसमें देशभर के पत्रकार-साहित्यकार शामिल होंगे। आचार्य द्विवेदी के जीवन वृत्त को गीत-संगीत, नाटक और नृत्य के माध्यम से भी प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है।


अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने बताया कि स्मृति संरक्षण अभियान 9 मई 1998 को समाज और सरकार को जगाने के लिए ध्यानाकर्षण धरने के माध्यम से प्रारंभ हुआ था। यह स्मृति अभियान 9 मई से रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर गया है। 25 वर्ष के सफर में कई सोपान तय किए गए। शहर से लेकर गांव तक तीन स्मृति द्वार बनाए गए। कई सरकारी और निजी संस्थाओं में सभागार आचार्य द्विवेदी के नाम पर रखे गए।
उन्होंने बताया कि आचार्य द्विवेदी की स्मृतियां सात समंदर पार अमेरिका तक पहुंच गई। अमेरिका इकाई की कमान श्रीमती मंजु मिश्रा एवं सदस्य श्रीमती रचना श्रीवास्तव, श्रीमती शुभ्रा ओझा, कुसुम नैपसिक, डॉक्टर ममता त्रिपाठी संभाले हुए हैं। अमेरिका इकाई साल में आचार्य द्विवेदी की स्मृति और हिंदी के प्रचार- प्रसार के लिए ऑनलाइन चार कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इनमें बच्चों की प्रतियोगिताएं भी शामिल हैं।

कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग प्रभारियों की नियुक्ति-
महामंत्री अनिल मिश्र ने बताया कि कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग प्रभारियों की नियुक्ति की गई है। खेल प्रतियोगिताओं के लिए मुन्ना लाल साहू, स्मिता दुबे, अनुपमा रावत और हिमांशु तिवारी को प्रभारी बनाया गया है। नाटक-नृत्य आदि के लिए अमित सिंह, रवि प्रताप सिंह और क्षमता मिश्रा को जिम्मेदारी दी गई है। प्रदर्शनी का प्रभार अभिषेक द्विवेदी, नीलेश मिश्रा और अरुण पांडे को सौंपा गया है।
बैठक के अंत में डॉ सुशील चंद्र मिश्र ने सभी को रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएं दीं। बैठक में राजीव भार्गव, दिनेश शुक्ला, सुधीर द्विवेदी, स्वतंत्र पांडे, राजेश वर्मा, श्रीमती रजनी सक्सेना, रामेंद्र मिश्रा, अमर द्विवेदी, दीपक तिवारी, लंबू बाजपेई, शशिकांत अवस्थी, घनश्याम मिश्रा, राकेश मोहन मिश्रा, राजेश द्विवेदी, कृष्ण मनोहर मिश्रा, अभिषेक मिश्रा, रोहित मिश्रा, यशी अवस्थी, शिखर अवस्थी, हर्षित द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

आचार्य द्विवेदी के नाम पर चौराहे का सुंदरीकरण करने का सुझाव

रजत जयंती वर्ष की तैयारियों के सिलसिले में आयोजित बैठक में कई सुझाव भी आए। समिति के सदस्य राजेश वर्मा ने सुझाव दिया कि आचार्य द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान के रजत जयंती वर्ष को यादगार बनाने के लिए शहर के एक चौराहे को विकसित किया जाए। सदस्य चंद्रमणि बाजपेई ने छात्र-छात्राओं के लिए पुस्तकालय- वाचनालय स्थापित किए जाने पर जोर दिया।

आचार्य द्विवेदी के साहित्य का डिजिटलाइजेशन भी होगा

रजत जयंती वर्ष मनाने की तैयारियों से संबंधित बैठक में आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की अमेरिका इकाई की अध्यक्ष श्रीमती मंजु मिश्रा भी ऑनलाइन शामिल हुईं। उन्होंने आचार्य द्विवेदी के साहित्य समेत अन्य विषयों पर लिखी गई पुस्तकों को डिजिटल फॉर्म पर उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने आश्वस्त किया कि इस दिशा में भी काम तेज किया जाएगा।

हालात नहीं सुधरे तो सड़क पर उतरेंगे छात्रः अर्जुन मिश्र

एक सप्ताह में बिजली आपूर्ति सुधारने का अल्टीमेटम

अतर्रा/बांदा, के एस दुबे (AMJA) लगातार विद्युत कटौती से आजिज छात्रों व अन्य जागरूक युवाओं ने बिजली विभाग के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है। इसी क्रम में उपखण्ड कार्यालय पहुंच कर उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। साथ ही हालात ठीक न होने पर उग्र आन्दोलन की चेतावनी भी दी है।

बिजली की लगातार आंख मिचौली से लोगों का ग़ुस्सा फूटने लगा है। छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन मिश्र (मुन्ना) की अगुवाई में एक दर्जन से अधिक युवाओं ने विद्युत उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए एक सप्ताह में बिजली सुधारने का अल्टीमेटम दिया। श्री मिश्र ने कहा कि बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के छात्रों की परीक्षाएं चल रही हैं, बिजली की लगातार कटौती से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। गर्मी अपने चरम पर है, ऐसी स्थिति में व्यापारी, छात्र आदि किसी भी वर्ग की चिंता सरकार को नहीं है।

सुदूर गांवों के गरीब छात्र कमरा लेकर रहते हैं। बिजली गुल होने पर पढ़ने कहां जाएं। इससे आम उपभोक्ताओं में भी भारी आक्रोश है। स्थानीय निवासियों रमाकांत अवस्थी, प्रकाश त्रिवेदी, आदित्य तिवारी, अमित गुप्ता आदि ने भी नाराज़गी व्यक्त की है। कांग्रेस नेता साकेत बिहारी मिश्र, सूरज बाजपेई, रमेश कोरी, विक्की गुप्ता, सपा नेता नीरज द्विवेदी, विवेक बिन्दु तिवारी, दिनेश गुप्ता एवं व्यापारी नेता उमाशंकर गुप्ता, श्रवण गुप्ता आदि ने भी बिजली कटौती पर अपना आक्रोश दर्ज कराया है। सौंपे गए ज्ञापन में बिजली व्यवस्था न सुधरने पर आन्दोलन की चेतावनी दी गई है।ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अर्जुन मिश्र, कांग्रेस के युवा नेता अविरल पाण्डेय, शिवा सिंह, दिनेश कुमार, मोहम्मद नसीम, आशीष गुप्ता, सत्यम सोनी, नवल रैकवार आदि शामिल रहे।

बिजनौर की श्रुति शर्मा बनीं UPSC टॉपर

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2021 का परिणाम घोषित; श्रुति शर्मा ने किया टॉप

बिजनौर की रहने वाली हैं श्रुति शर्मा

इस साल की UPSC टॉपर श्रुति शर्मा यूपी के बिजनौर की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया। एम. ए. की पढ़ाई उन्होंने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से पूरी की। UPSC की तैयारी के लिए श्रुति ने जामिया मिलिया इस्लामिया के रेसिडेंशियल कोचिंग एकेडमी (RCA) जॉइन किया था।

संघ लोक सेवा आयोग( यूपीएससी) ने सिविल सेवा 2021 का परिणाम जारी कर दिया है। परिणाम के अनुसार उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद की रहने वाली श्रुति शर्मा समेत अंकिता अग्रवाल और गामिनी सिंगला टॉपर बनीं हैं।

सिविल सेवा परीक्षा 2021 के परिणाम के अनुसार श्रुति शर्मा ने ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की है। वहीं, दूसरे स्थान पर अंकिता अग्रवाल और गामिनी सिंगला रही हैं। इस साल तीनों ही टॉपर लड़कियां हैं।

बिजनौर के धामपुर निवासी श्रुति शर्मा दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा हैं। जानकारी के मुताबिक उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया आवासीय कोचिंग अकादमी में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की है।

श्रुति के यूपीएससी परीक्षा में टॉप करने पर परिजनों में खुशी का माहौल है। परिजनों का कहना है कि बेटी कोचिंग के साथ साथ घर में भी खूब पढ़ाई करती थी। आज उसकी मेहनत रंग लाई है। 
परीक्षा परिणाम ऑनलाइन रूप से उपलब्ध है। जिन उम्मीदवारों ने इस परीक्षा में भाग लिया था और इंटरव्यू में शामिल हुए थे वे अपना परिणाम यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर चेक और डाउनलोड कर सकते हैं।  

DU की ही स्टूडेंट रही हैं 2nd टॉपर- अंकिता अग्रवाल ने यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। अंकिता दिल्ली यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट रही हैं। डीयू से उन्होंने इकोनॉमिक्स ऑनर्स में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है। ग्रेजुएशन में पॉलिटिकल साइंस और इंटरनेशनल रिलेशंस उनके ऑप्शनल सब्जेक्ट थे। वहीं तीसरे नंबर पर आने वाली गामिनी सिंगला कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री रखती है। उन्होंने ऑप्शनल सब्जेक्ट के तौर पर सोशियोलॉजी चुना था।

पहला स्थान – श्रुति शर्मा
दूसरा स्थान- अंकिता अग्रवाल
तीसरा स्थान – गामिनी सिंगला
चौथा स्थान – ऐश्वर्य वर्मा
पांचवा स्थान – उत्कर्ष द्विवेदी
छठा स्थान – यक्ष चौधरी
सातवां स्थान – सम्यक एस जैन
आठवां स्थान – इशिता राठी
नौवां स्थान – प्रीतम कुमार
दसवां स्थान – हरकीरत सिंह रंधावा

आईएएस बनना चाहती हैं श्रुति-

श्रुति शर्मा ने बताया कि परिणाम से वह आश्चर्य में हैं। वह बीते चार वर्षों से सिविल सेवा की तैयारी कर रही थीं। श्रुति शर्मा का सपना आईएएस बनने का है। वह भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती हैं।

जामिया से कर रही थी तैयारी

उत्तर प्रदेश के बिजनौर की रहने वाली श्रुति शर्मा जामिया मिलिया इस्लामिया आवासीय कोचिंग अकादमी (RCA) से अपनी सिविल सेवा की तैयारी कर रही थीं। आरसीए को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यकों जैसी श्रेणियों से संबंधित छात्रों को मुफ्त कोचिंग और आवासीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए वित्त पोषित किया जाता है।  जामिया के एक अधिकारी ने बताया कि कोचिंग अकादमी के 23 छात्रों ने सिविल सेवा परीक्षा पास की है। 

संघ लोक सेवा आयोग की ओर से जारी किए गए परिणाम के अनुसार इस परीक्षा में कुल 685 उम्मीदवारों का चयन किया गया है। संघ लोक सेवा आयोग की ओर से हर साल आईएएस, आईपीएस और आईएफएस के पदों पर चयन हेतु सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन किया जाता है।

वहीं बिजनौर जिले के सहसपुर कस्बे की शुमायला चौधरी ने सिविल सर्विसेज यूपीएससी की परीक्षा में देश में 367 रैंक हासिल की है। शुमायला को मिल सकता है आईपीएस कैडर!

डीएवी इंटर कालेज के शिक्षक व स्टाफ ही प्रिंसिपल के खिलाफ जंग में कूदे

बिजनौर। डीएवी इंटर कालेज के प्रिंसिपल से कथित मारपीट के मामले में नया मोड़ आ गया है। कालेज के शिक्षक एवं अन्य स्टाफ ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता कर कालेज प्रधानाचार्य डा. मनोज कुमार गोस्वामी पर गंभीर आरोप लगाए। स्टाफ के लोगों ने पत्रकारों को बताया कि प्रिंसिपल  स्टाफ को आएदिन गाली गलौच कर जान से मारने की धमकी देते रहते हैं। कालेज शिक्षक इनके व्यवहार से बुरी तरह से तंग आ चुके हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक से इनके यहां से स्थानान्तरण की मांग की गई है।

पत्रकारों से बात करते हुए शिक्षक दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि प्रिंसिपल मनोज गोस्वामी के कृत्यों से कालेज की छवि लगातार खराब हो रही है। लिपिक शरद शर्मा को इन्होंने जान से मारने की नीयत से गला घोंटने का प्रयास किया। आएदिन थाने जाकर झूठी तहरीर देते रहते हैं। शिक्षक विशाल वत्स व राजेन्द्र सिंह ने भी प्रधानाचार्य पर अभद्रता व मारपीट का आरोप लगाया। यह भी आरोप लगाया कि वह कर्मचारी दुष्यन्त कुमार से घर पर निजि कार्य कराते रहे और जब उसने ऐसा करने से मना कर दिया तो उसका वेतन नहीं दिया। इस मामले में उपप्रबन्धक ने उनसे कहा तो अपने एक साथी से मिलकर उपप्रबन्धक पर हमला कर दिया और कुछ दलाल टाइप के लोगों को साथ लेकर थाने पहुंच गए जहां उल्टे उनके खिलाफ ही झूठी तहरीर दे दी। कालेज स्टाफ ने एक स्वर में प्रधानाचार्य को हटाने की मांग की। इस अवसर पर राजेन्द्र सिंह, राजबाला देवी, चन्द्र सिंह, लोकेश कुमार, मंजू रानी, खलेश कुमार शर्मा, अरूण कुमार गर्ग, नीरज कुमार शर्मा, अमित, शरद शर्मा, लेखराज सिंह, राजेन्द्र कुमार, सोमपाल सिंह, अनीता रानी, राजवीर सिंह, दिनेश शर्मा, शैलेन्द्र कुमार शर्मा, आसिफ अहमद खां, अशोक कुमार, राहुल कुमार आदि स्टाफ मौजूद रहे। वहीं इस मामले में प्रधानाचार्य का भी पक्ष जानने का प्रयास किया गया मगर उनसे संपर्क नहीं हो सका। गौरतलब है कि दो डिम पूर्व कालेज में कथित रूप से प्रिंसिपल मनोज गोस्वामी के ऊपर हमले की घटना हुई थी।

भारत की मैंकल नामदेव व अमेरिका के ऋत्विक ने जीती अंतर्राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता

पेंड्रा की मैंकल नामदेव और अमेरिका के ऋत्विक ने जीती निबंध प्रतियोगिता
-अमेरिका वर्ग से अयाति ओझा दूसरे स्थान पर रहीं
-भारत वर्ग से रायबरेली की आद्या गुप्ता दूसरे और फातिमा अंसारी तीसरे स्थान पर रहीं
-7 बच्चों के निबंध सांत्वना पुरस्कार के रुप में चुने गए
-अमेरिका में भारत के चांसरी प्रमुख रमाकांत कुमार ने की विजेता बच्चों के नामों की घोषणा
-मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ कृपाशंकर चौबे ने समिति के प्रयासों की सराहना की

नई दिल्ली आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की भारत और अमेरिका इकाई द्वारा संयुक्त रूप से 12 से 18 वर्ष के बच्चों की आयोजित की गई अंतर्राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की मैंकल नामदेव और अमेरिका के ऋत्विक अग्रवाल विजेता रहे।

मैकल नामदेव को पुरस्कार में प्रमाणपत्र के साथ 21 सौ रुपए और ऋत्विक को 50 डालर दिए जाएंगे। इसी तरह दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे विजेता बच्चों को भी प्रमाण पत्र और नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया जाएगा। चयनित सभी निबंधों को ‘आचार्य पथ’ स्मारिका में भी स्थान देने का ऐलान किया गया।

विजेता बच्चों के नामों की घोषणा रविवार को आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में अमेरिका में भारत के चांसरी प्रमुख रमाकांत कुमार ने की। करतल ध्वनि से सभी विजेता बच्चों को बधाई दी गई। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में अमेरिका वर्ग से ऋत्विक अग्रवाल प्रथम और अयाति ओझा दूसरे स्थान पर रही। भारत वर्ग से मैंकल नामदेव प्रथम, आद्या गुप्ता द्वितीय और फातिमा अंसारी तीसरे स्थान पर रहीं। तमिलनाडु की प्रतिभागी संजना एच, कात्यायनी त्रिवेदी, हिमांशी सिंह, गुनगुन मिश्रा, श्रवण कुमार मिश्रा, शान्तनु पांडेय और पंकज कुमार के निबंध भी सराहे गए। सभी को सांत्वना पुरस्कार देने की घोषणा की गई। विजेता बच्चों ने अपने-अपने निबंध भी पढ़कर सुनाए।

पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि एवं अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. कृपा शंकर चौबे ने सभी विजेता बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि जब हिंदी की विभिन्न विधाओं पर संकट गहरा रहा है ऐसे समय में आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति द्वारा बच्चों के लिए निबंध प्रतियोगिता आयोजित करना बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है। बच्चे के अंदर एक रचना छुपी होती है और उस रचना को निखारने एवं सामने लाने का अवसर देना निहायत जरूरी है।

समिति की अमेरिका इकाई की अध्यक्ष श्रीमती मंजु मिश्रा ने सभी प्रतिभागी बच्चों के साथ- साथ कार्यक्रम में उपस्थित निर्णायक मंडल की सदस्य प्रोफेसर नीलू गुप्ता (अमेरिका), डॉ. पद्मावती (चेन्नई), डॉ भारती सिंह (नोएडा), अनुपम परिहार (प्रयागराज), डॉ. सुमन फुलारा (उत्तराखंड) और बद्री दत्त मिश्र (रायबरेली) का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हिंदी को बचाने और बढ़ाने के लिए भारत के साथ-साथ प्रवासी भारतीयों के बच्चों को मातृभाषा से जोड़े रखने के ही यह छोटे-छोटे प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत से करीब 122 निबंध प्राप्त हुए।

भारत इकाई के अध्यक्ष विनोद शुक्ल ने कहा कि हिंदी को नया व्याकरण और भाषा देने वाले आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के योगदान को आज सभी स्वीकार कर रहे हैं। उनकी स्मृतियों को संरक्षित करने में समाज जागृत हो चुका है लेकिन सरकार का जागृत होना बाकी है।

आभार ज्ञापित करते हुए समिति के संयोजक गौरव अवस्थी ने कहा कि आचार्य द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान का यह 25वां वर्ष है। सभी के प्रयासों और सहयोग से आचार्य द्विवेदी की स्मृतियां सात समंदर पार तक पहुंचने में सफल हुई हैं। भविष्य में भी ऐसा ही सहयोग बनाए रखने का अनुरोध किया।

कार्यक्रम का संचालन अमेरिकी इकाई की वरिष्ठ सदस्य श्रीमती रचना श्रीवास्तव ने किया और अमेरिका की शोनाली श्रीवास्तव ने सुमधुर स्वर में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम में अमेरिकी इकाई की सदस्य डॉ कुसुम नैपसिक, श्रीमती ममता त्रिपाठी, गणेश दत्त, सुश्री नीलम सिंह, श्रीमती संगीता द्विवेदी, सुधीर द्विवेदी, करुणा शंकर मिश्रा, अभिषेक द्विवेदी आदि उपस्थित रहे।

तीन दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का डीआईजी ने किया उद्घाटन

बिजनौर। रिजर्व पुलिस लाइन्स में दिनांक 19.05.2022 से 21.05.2022 तक आयोजित होने वाली अन्तरजनपदीय पुलिस वालीबॉल, बास्केटबॉल, हैण्डबॉल, सेपक टकरा एवं योगा प्रतियोगिता वर्ष-2022 व सडक सुरक्षा जागरुकता अभियान का शुभारम्भ शलभ माथुर, पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र मुरादाबाद द्वारा किया गया।

रिजर्व पुलिस लाइन में शलभ माथुर, पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र मुरादाबाद द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर लिया गया। उनके द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर देने वाली गार्द को उत्साहवर्धन हेतु पुरस्कृत किया गया। इसके पश्चात पुलिस लाइन्स के ग्राउण्ड में बरेली जोन, बरेली की दिनांक 19.05.2022 से 21.05.2022 तक आयोजित होने वाली अन्तरजनपदीय पुलिस वालीबॉल, बास्केटबॉल, हैण्डबॉल, सेपक टकरा एवं योगा प्रतियोगिता वर्ष-2022 का उदघाटन किया गया। उक्त प्रतियोगिता में बरेली जोन के सभी 09 जनपदों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। पुलिस उपमहानिरीक्षक ने सभी प्रतिभागी खिलाडियों से हाथ मिलाकर उनका परिचय लिया तथा खेल भावना के उददेश्य से खेलने की अपील करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया गया।
तदोपरान्त पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र मुरादाबाद श्री माथुर द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन्स प्रांगण में एनसीसी कैडेट्स को सडक सुरक्षा के बारे में जागरुक किया गया। उनको बताया गया कि सड़क पर सभी को अपने बाँये तरफ चलना चाहिए खासतौर से चालक को और दूसरी तरफ से आ रहे वाहन को जाने देना चाहिये। चालक को सड़क पर गाड़ी घुमाते समय गति धीमी रखनी चाहिये। अधिक व्यस्त सड़कों और रोड जंक्शन पर चलते समय ज्यादा सावधानी बरतें। दोपहिया वाहन चालकों को अच्छी गुणवत्ता वाले हेलमेट पहनने चाहिये नहीं तो उन्हें बिना हेलमेट के रोड पर नहीं आना चाहिये। गाड़ी की गति निर्धारित सीमा तक ही रखें खासतौर से स्कूल, हॉस्पिटल, कॉलोनी आदि क्षेत्रों में। सभी वाहनों को दूसरे वाहनों से निश्चित दूरी बनाकर रखनी चाहिये। सड़कों पर चलने वाले सभी लोगों को रोड पर बने निशान और नियमों की अच्छे से जानकारी हो। यात्रा के दौरान सड़क सुरक्षा के नियम-कानूनों को दिमाग में रखें।

एनसीसी कैडेट्स की जागरुकता रैली- इसी के साथ ही एनसीसी कैडेट्स के साथ प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर जागरुकता रैली को रवाना किया गया एवं आमजन मानस को यातायात नियमों से अवगत कराया गया। इस दौरान जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ0 धर्मवीर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ0 प्रवीन रंजन सिंह, आरटीओ शिव शंकर, एआरटीओ राकेश मोहन, क्षेत्राधिकारी नगर कुलदीप गुप्ता, उ0नि0 यातायात बलराम सिंह व अन्य पुलिस अधिकारीगण मौजूद रहे।


इसके बाद पुलिस उपमहानिरीक्षक द्वारा स्कूली वैन बस एवं एंबुलेंस का फिटनेस चेक कर वाहन से सम्बन्धित जानकारी ली गई तथा सम्बन्धित को इस सम्बन्ध में डाटाबेस बनाकर रखने हेतु निर्देशित किया गया। वाहन स्वामी को बताया गया कि स्कूली वाहनों में सभी मानकों को हमेशा पूरा रखा जाए तथा वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने हेतु निर्देशित किया गया।

ग्राम प्रहरियों को वर्दी किट-
डीआईजी ने रिजर्व पुलिस लाइन्स प्रांगण में नगर सर्किल के ग्राम प्रहरियों को जर्सी, साफा, जीन कोट, बेल्ट, जूता, धोती (कुल 06) सामानों का वितरण किया गया। ग्राम प्रहरियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी पुलिस विभाग मे एक मजबूत कडी है जो अपने आसपास की गतिविधियों पर सतर्क नजर रखते हैं, जिससे किसी घटना को घटित होने से रोका जा सकता है। उनके द्वारा सभी को समय से सूचना देने व अपने दायित्वों का अच्छी तरह से निर्वहन करने हेतु प्रेरित किया गया। सभी ग्राम प्रहरियों को अपनी डयूटी को सतर्कता पूर्वक करने व किसी भी प्रकार की कोई भी सूचना तत्काल थाना प्रभारी को देने हेतु बताया गया। पुलिस उपमहानिरीक्षक शलभ माथुर द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन्स प्रांगण में आयोजित नेत्र शिविर का निरीक्षण किया गया। शिविर में वाहन चालक अपनी ऑखों का इलाज, शुगर, ब्लड प्रेशर आदि की जाँच करा रहे थे। डीआईजी द्वारा सभी चालकों को यातायात नियमों का पालन करने, वाहन चलाते समय किसी भी नशे का सेवन न करने हेतु बताया गया तथा सभी को समय-समय पर अपनी जाँच कराने हेतु प्रेरित किया गया। शिविर में नेत्र रोग विशेषज्ञ, शुगर रोग विशेषज्ञ व अन्य स्पेशलिस्ट डॉक्टर मौजूद रहे।

GGIC में सड़क सुरक्षा से संबंधित जागरूक शपथ दिलाई- उन्होंने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बिजनौर में पहुंच कर स्कूलों के बच्चों के साथ सडक सुरक्षा सप्ताह के तहत सड़क सुरक्षा से संबंधित जागरूक शपथ दिलाई तथा सभी को सडक सुरक्षा में जागरुक करते हुए बताया गया कि

1- ट्रैफिक सिग्नल का अर्थ समझना ।
2- रुको, देखो फिर सड़क पार करो ।
3- ध्वनि पर ध्यान दें ।
4- सड़क पर दौड़ें नहीं ।
5- फुटपाथ का उपयोग करें ।
6- पेडेस्ट्रियन से करें सड़क पार ।
7- वाहन के बाहर हाथ न निकालें ।
8- मोड़ से सड़क पार न करें ।
9- ड्राइविंग के नियमों का पालन करे ।
10- चलते वाहन में सुरक्षित बैठना ।
11- वाहन के रुकने के बाद ही चढ़ना और उतरना ।
12- हमेशा किनारे पर ही उतरें ।
13- स्कूल बस का इस्तेमाल हमेशा लाइन में रहकर करें ।
14- उतरने वाले यात्रियों को पहले अवसर दें ।
15- हाथ का इशारा दें ।

इस दौरान जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य पुलिस अधिकारी एवं स्कूल का स्टाफ उपस्थित रहा।

रजत जयंती वर्ष: हम हैं राही स्मृति अभियान के

रजत जयंती वर्ष: हम हैं राही स्मृति अभियान के

यही तारीख थी नौ मई। साल 1998। अपने ही गांव-घर, जनपद, प्रदेश और देश में भुला-बिसरा दिए गए हिंदी के प्रथम आचार्य हम सबको एक भाषा, एक बोली-बानी और नवीन व्याकरण देने वाले आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की स्मृतियों को संजोने से जुड़ा अभियान शुरू हुआ। शुरुआत 42 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी के बीच रायबरेली शहर के शहीद चौक से ध्यानाकर्षण धरने के माध्यम से हुई। यह एक शुरुआत भर थी। कोई खाका नहीं। कोई आका नहीं। कुल जमा 40-50 और पवित्र संकल्प इस अभियान की नींव में थे। प्रकृति या यूं कहें खुद आचार्य जी ने शहीद चौक पर जुटे अनुयायियों की परीक्षा ली। टेंट के नीचे बैठे लोग अपने इस पूर्वज और हिंदी के पुरोधा की यादों को जीवंत बनाने का संकल्प ले ही रहे थे कि तेज अंधड़ से 18×36 का टेंट उड़ गया। लोग बाल बाल बचे लेकिन कोई डिगा न हटा। ध्यानाकर्षण धरना अपने तय समय पर ही खत्म हुआ।

पहली परीक्षा में पास होने के बाद चल पड़ा स्मृति संरक्षण अभियान आप सब के सहयोग-स्नेह और संरक्षण से कई पड़ाव पार करते हुए आज यहां तक पहुंचा है। अभियान का यह 25वां वर्ष प्रारंभ हुआ है। किसी भी परंपरा के 25 वर्ष कम नहीं होते। इस दरमियान कुछ बदला, कुछ छूटा और बहुत कुछ नया शामिल भी हुआ। इस टूटे-फूटे ही सही अभियान के भवन में न जाने कितने लोगों का पैसा, पसीना और प्यारभाव ईंट-गारे के रूप में लगा है। सबके नाम गिनाने बैठे तो कागज नामों से ही भर जाए। मन की बहुत बातें मन में ही रखनी पड़ जाएं। इसलिए बात केवल उन पड़ावों की जो यादों में अंकित-टंकित हो चुकी हैं।
    अभियान का शुरुआती मुख्य मकसद साहित्यधाम दौलतपुर को राष्ट्रीय स्मारक के रूप में घोषित कराने से जुड़ा था। इसके प्रयास भी दिल्ली से लेकर लखनऊ तक हुए। खूब हुए लेकिन हिंदी के पुरोधा का जन्मस्थान राष्ट्रीय स्मारक नहीं बन पाया तो नहीं बन पाया। अब इसके लिए हम खुद को गुनाहगार ठहराएं या शासन सत्ता को? राष्ट्रीय स्मारक तो छोड़िए जन्मस्थान पर एक ऐसा स्थान तक नहीं बन पाया जहां बैठकर आज  हिंदी भाषा और अपने पुरोधाओं से प्रेम करने वाली पीढ़ी प्रेम से बैठ ही सके। बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी, इसलिए जरूरी है दूसरी तरफ चला जाए। अभियान से जुड़ी कुछ ऐसी तारीखें हैं, जो तवारीख बन गई।
   भला हो, कांग्रेस के सांसद रहे कैप्टन सतीश शर्मा का, जिन्होंने अभियान से प्रभावित होकर अपनी सांसद निधि से पुस्तकालय-वाचनालय का भवन जन्म स्थान के सामने आचार्य जी के सहन की भूमि पर ही निर्मित कराया। भला हिंदी के उन पुरोधा डॉ नामवर सिंह का भी हो जिन्होंने उस पुस्तकालय-वाचनालय भवन का लोकार्पण किया। यह अलग बात है कि तमाम मुश्किलों की वजह से पुस्तकालय वाचनालय संचालित नहीं हो पाया।
     साल वर्ष 2004 में एक नई शुरुआत आचार्य स्मृति दिवस के बहाने हुई। देश के शीर्षस्थ कवियों में शुमार रहे बालकवि बैरागी के एकल काव्य पाठ से शुरू हुई यह परंपरा आज भी जारी है। वर्ष-प्रतिवर्ष यह परंपरा नई होती गई। निखरती गई। आज ‘आचार्य स्मृति दिवस’ अभियान का मुख्य केंद्र है। इस दिवस के बहाने देश भर के न जाने कितने स्नावनामधन्य साहित्यकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और खिलाड़ियों को सुनने-गुनने, देखने-समझने के अवसर हम सबको मिल चुके हैं।
   

अभियान का एक असल पड़ाव तो ‘आचार्य पथ’ स्मारिका-पत्रिका भी है। प्रधान संपादक साहित्यकार -गीतकार आनंद स्वरूप श्रीवास्तव के कुशल संपादन में निरंतर 11 वर्षों से प्रकाशित हो रही इस स्मारिका ने आचार्य द्विवेदी की स्मृतियों को जीवंत बनाने में कम योगदान नहीं दिया है। देशभर के साहित्यकार आचार्य द्विवेदी पर केंद्रित लेख लिखते हैं। छपते हैं। प्रधान संपादक ने स्मारिका को ‘सरस्वती’ की तरह ही विविध ज्ञान की पत्रिका बनाने का उपक्रम भी लगातार किया है और कर रहे हैं।
    अभियान वर्ष 2015 कि वह तारीख भी नहीं भूल सकता जब ‘द्विवेदी अभिनंदन ग्रंथ’‌ का पुन: प्रकाशन नेशनल बुक ट्रस्ट-नई दिल्ली ने किया। इस काम में अभियान की भूमिका दुर्लभ ग्रंथों को उपलब्ध कराने भर की ही थी पर यह भूमिका भी कम नहीं थी। अभियान अपने अग्रज-बुजुर्ग रमाशंकर अग्निहोत्री को हमेशा याद करता है और रहेगा, जिन्होंने यह दुर्लभ ग्रंथ अभियान से जुड़ी आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति को खुशी-खुशी सौंपा और नेशनल बुक ट्रस्ट के सहायक संपादक हिंदी पंकज चतुर्वेदी के योगदान को भी हम नहीं भूल सकते। ग्रंथ का पुनः प्रकाशन उन्हीं की बदौलत हुआ।
    हम नहीं भूल सकते राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट रायबरेली) के निदेशक डॉ. भारत साह के उस योगदान को जो एक ऐसी किताब के रूप में दर्ज है, जिसका ऐतिहासिक महत्त्व है। इस किताब का नाम है विज्ञान वार्ता। आचार्य द्विवेदी द्वारा सरस्वती के संपादन के दौरान लिखे गए तकनीक, विज्ञान और नई नई खोजों से संबंधित लेखों को मुंशी प्रेमचंद ने अपने संपादन में संग्रहित कर वर्ष1930 में विज्ञान वार्ता नाम से पुस्तक प्रकाशित की थी। इस दुर्लभ पुस्तक को भी समिति ने निफ्ट रायबरेली के निदेशक को उपलब्ध और उन्होंने पुनः प्रकाशित कराया।
    तारीख तो नहीं भूलने वाली है,10 जनवरी 2021भी। ‘आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी युग प्रेरक सम्मान’ से सम्मानित प्रवासी भारतीय और कैलिफोर्निया अमेरिका में हिंदी के प्रचार-प्रसार में अपना योगदान देने वाली हिंदीसेवी श्रीमती मंजू मिश्रा ने आचार्य जी की स्मृतियों को सात समंदर पार जीवंत बनाने और इस बहाने प्रवासी भारतीयों की नई पीढ़ी को हिंदी से जोड़े रखने का बीड़ा अपनी प्रवासी साथी श्रीमती ममता कांडपाल त्रिपाठी, श्रीमती रचना श्रीवास्तव, श्रीमती शुभ्रा ओझा और श्रीमती कुसुम नैपसिक से प्राप्त नैतिक-भौतिक-साहित्यिक-सामाजिक सहयोग के बल पर इसी दिन उठाया था। आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की अमेरिकी इकाई की शुरुआत इसी दिन हुई। एक छोटे से शहर की छोटी सी शुरुआत के दुनिया के सबसे संपन्न देश अमेरिका तक पहुंचना हम जैसे अकंचिनों के लिए स्वप्न सरीखा है। समिति शुक्रगुजार है अमेरिका इकाई की सभी सदस्यों की।
     हमें याद है, 21 दिसंबर 1998 को रायबरेली शहर के राही ब्लाक परिसर में तत्कालीन खंड विकास अधिकारी श्री विनोद सिंह और (अब दिवंगत) की अगुवाई में स्थापित की गई आचार्य श्री की आवक्ष प्रतिमा के अनावरण समारोह में पधारे अनेक साहित्यकार अपने संबोधन में महावीर प्रसाद द्विवेदी के नाम पर हजारी प्रसाद द्विवेदी का नाम गिना रहे थे लेकिन अनवरत 25 वर्षों के प्रयासों से अब लोगों के दिल-दिमाग में महावीर प्रसाद द्विवेदी पुनर्जीवित हो चुके हैं।
     एक साहित्यकार-संपादक की स्मृतियों को भूलने बिसराने वाले समाज के मन में पुनः स्थापित करने का काम बिना समाज के सहयोग के संभव कहां था? इस मामले में आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति समाज के सभी वर्गों-धर्मो-जातियों के लोगों की हमेशा ऋणी थी, है और रहेगी। आचार्य द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान समाज के सहयोग से आज अपने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है। आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति अभियान को सहयोग देने वाले ऐसे सभी गणमान्य, सामान्य और कार्यक्रमों की शोभा बढ़ाने वाले श्रोताओं-दर्शकों के प्रति हृदय से कृतज्ञता ज्ञापित करती है और आशा भी करती है कि अभियान की स्वर्ण जयंती पूर्ण कराने में भी आपका पूर्ण सहयोग-स्नेह-संरक्षण बना रहेगा।

गौरव अवस्थी
रायबरेली

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति निबंध प्रतियोगिता 22 को

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति निबंध प्रतियोगिता 22 को

रायबरेली। आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की स्मृति में भारत और अमेरिका के बच्चों की निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई है। प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा 22 मई को ऑनलाइन कार्यक्रम में की जाएगी।


आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की अमेरिका इकाई की अध्यक्ष श्रीमती मंजू मिश्रा ने बताया कि आचार्य द्विवेदी की जयंती 9 मई के उपलक्ष में 18 वर्ष के बच्चों की यह प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। छात्र छात्राओं के लिए निबंध के तीन विषय निर्धारित किए गए हैं।
निर्धारित किए गए तीन विषयों-
1-आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के लेखन की वर्तमान युग में प्रासंगिकता,
2-हिंदी को युवा वर्ग में लोकप्रिय कैसे बनाया जाए
3-हिन्दी की विदेशों में गूंज; पर ही निबंध स्वीकार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निबंध भेजने की अंतिम तारीख 15 मई है। अंतिम तिथि के बाद कोई भी निबंध स्वीकार नहीं किया जाएगा। निबंध प्रतियोगिता में भाग लेने वाले छात्र छात्राएं अपने निबंध गूगल फॉर्म भरते समय ही भेज सकेंगे।
समिति की  भारत इकाई के अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने बताया कि पुरस्कार समारोह को भारत और अमेरिका के हिंदी के विद्वान संबोधित करेंगे। विजेता बच्चों को भी अपने निबंध पढ़ने का अवसर प्रदान किया जाएगा। 

नियमों को ताक पर रखकर मदरसे में नियुक्तियों की तैयारी!

बिजनौर। मदरसा मिफ्ताह उल उलूम. चान्दपुर में नियमों को दरकिनार कर विभिन्न पदों पर नियुक्तियों का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में मदरसे के उप सचिव/ उप प्रबन्धक इफ्तेखार अहमद ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को शिकायती पत्र भेजा है। पत्र में अनियमितता संबंधी जानकारी दी गई है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र में आरोप लगाया गया है कि तथाकथित प्रबन्धक / सेकरेट्री मदरसा मिफ्ताह उल उलूम, कराल रोड, चान्दपुर, जिला बिजनौर द्वारा एक स्थानीय समाचार पत्र में दिनांक : 19.04.2022 में सहायक अध्यापक (तहतानिया). सहायक अध्यापक (फौकानिया), प्रवक्ता/मुदर्रिस, कनिष्ठ सहायक एवं प्रधानाचार्य के पदों का नियम विरूद्ध विज्ञापन प्रकाशित कराया गया है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि मदरसा मिफ्ताह उल उलूम, कराल रोड, चान्दपुर, जिला- बिजनौर शासन द्वारा मान्यता एवं सहायता प्राप्त एक अल्पसंख्यक मदरसा है। उक्त मदरसे के तथाकथित प्रबन्धक / सेकरेट्री मौ0 जीशान एवं मदरसा प्रधानाचार्य द्वारा हमसाज होकर कूटरचित एवं षड्यन्त्र रच कर उक्त मदरसे के रिक्त पदों को जिला अल्पसंख्याक कल्याण अधिकारी, बिजनौर के साथ मिल कर पदों पर नियुक्तियां करना चाह रहें है। उन्होंने बताया कि शासन की मंशा निस्तर समाचार पत्रों में प्रकाशित हो रही है, कि अब मदरसों में भी नियुक्तियां MTET उत्तीर्ण अभ्यार्थियों की ही नियमानुसार होनी है, जिससे मदरसे में अध्ययनरत छात्रों को गुणवत्ता के साथ साथ उच्चकोटि की शिक्षा प्राप्त हो सके, परन्तु मदरसे के तथाकथित प्रबन्धक, प्रधानाचार्य एवं जिला अल्पसंख्याक कल्याण अधिकारी, बिजनौर आपस में मिल कर अपने सगे सम्बन्धियों को नियुक्त करना चाह रहे हैं। उक्त के अतिरिक्त विभिन्न कारणें से भी उक्त विज्ञापन निरस्त होने योग्य है। इसकी क्रमवार जानकारी देते हुए बताया कि (01) मौ० जीशान प्रबन्धक / सेकरेट्री के चुनाव से सम्बन्धित एक वाद माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबद में याचिका संख्या 10898 / 2022 के अन्तर्गत लम्बित है, जबकि नियमानुसार कोई भी अधिकारी किसी मदरसे में नियुक्ति की अनुमति तभी प्रदान करता है, जब प्रबन्धक /सेकरेट्री प्रबन्ध समिति से सम्बन्धित कोई वाद न्यायालय में लम्बित ना हो।

प्रतीकात्मक तस्वीर

(02) मदरसे में नियुक्ति से पूर्व किसी चयन समिति का गठन नही किया गया है, जबकि मदरसा नियमावली में उक्त चयन समिति के गठन का प्रावधान निहित है।

(03) शासन द्वारा नीतिगत निर्णय लगातार समाचार पत्रों में प्रकाशित होते रहते हैं, जिससे ज्ञात हुआ, कि शासन तीन वर्षों से एक ही जिले में तैनात अधिकारियों के स्थानान्तरण की नीति घोषित करने जा रही है। जिला अल्पसंख्याक कल्याण अधिकारी बिजनौर जिले में तीन वर्ष से नियुक्त हैं। आरोप है कि उक्त अधिकारी अपने स्थानान्तरण से पूर्व एक मोटी रकम एवं एक पद पर अपने परिचित की नियुक्ति के इरादे से जल्द से जल्द नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करना चाहते हैं!

(04) विज्ञापन में कनिष्ठ सहायक के एक पद पर विज्ञापन प्रकाशित कराया गया है, जबकि कनिष्ठ सहायक की नियुक्ति हेतु P.E.T. परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक बनाया गया है, जबकि विज्ञापन में उक्त परीक्षा का कहीं भी उल्लेख नहीं किया गया है। मदरसे के उप सचिव/ उप प्रबन्धक इफ्तेखार अहमद ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है, कि विज्ञापन को रद्द करने हेतु सम्बन्धित अधिकारी को निर्देशित किया जाए। शिकायती पत्र की प्रतिलिपि रजिस्ट्रार मदरसा शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश, मंडलायुक्त मुरादाबाद, जिलाधिकारी बिजनौर व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को भेजी गई हैं।

गौरतलब है कि मदरसा बोर्ड ने मदरसा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से योग्य शिक्षकों के चयन के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की तर्ज पर मदरसा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एमटीईटी) लागू करने का निर्णय लिया है। बोर्ड ने रजिस्ट्रार को इसका प्रस्ताव बनाकर शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। यानी अब मदरसों में रिक्त पदों पर भर्तियां उन्हीं अभ्यर्थियों से की जाएंगी जो एमटीईटी परीक्षा पास होंगे। वर्तमान में करीब 550 मदरसा शिक्षकों के पद रिक्त हैं। एमटीईटी के लागू होने से भर्तियों में भाई-भतीजावाद के आरोप भी नहीं लगेंगे

दिल्ली के स्कूलों में कोरोना वायरस ने दी दस्तक

नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली एनसीआर में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच नोएडा, गाजियाबाद के स्कूलों में बच्चे संक्रमित पाए जाने लगे हैं, वहीं अब दिल्ली के स्कूल में भी कोरोना वायरस ने दस्तक दी है, इसी को देखते हुए दिल्ली सरकार अब किसी भी वक्त स्कूलों में एक नए सिरे से गाइडलाइंस जारी कर सकती है। दरअसल दिल्ली के निजी स्कूलों में एक छात्र और शिक्षक कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, इसके बाद क्लास के सभी छात्रों को छुट्टी दी गई?। दिल्ली सरकार मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए है और स्कूल सरकार के साथ रिपोर्ट भी साझा कर रही है।

New Delhi: Deputy CM Manish Sisodia addresses during a press conference on Himachal CM issue, in New Delhi, Thursday 07, 2022. (Photo: IANS/Anupam Gautam)


दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को कहा कि, मैंने शिक्षा विभाग के लोगों को कहा है कि अभी स्कूलों की छुट्टियां हैं। इस बीच में मामलों पर नजर रखते हुए सामन्य गाइडलाइंस स्कूल के लिए जारी करें, तो कल हम गाइडलाइंस भी जारी करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि, कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हुई है, पर अभी ऐसी कोई चिंता की बात नहीं है। मरीज अस्पतालों में भर्ती नहीं हो रहे हैं, यह नया वायरस ओमिक्रॉन जैसा ही है, अभी जीनोम सीक्वेंसिंग होना बाकी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह पुराना वायरस ही है या नहीं।

डैम की नहर में डूबने से दो छात्रों की मौत

बिजनौर। अफजलगढ़ क्षेत्र के तुमरिया डैम की नहर में नहाने के दौरान डूबने से दो छात्रों की मौत हो गई। घटना से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

लवप्रीत सिंह (16 वर्ष) पुत्र निर्मल सिंह निवासी गांव बढ़ियोवाला जसपुर (उत्तराखंड) मारिया स्कूल में कक्षा 10 का छात्र था तथा लवजीत सिंह (17 वर्ष) निवासी गांव रानी नांगल थाना रेहड के खालसा एकेडमी में कक्षा 10 का छात्र था। दोनों छात्र आपस में दोस्त थे। लवप्रीत स्कूल से परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र लेने गया था। स्कूल से प्रवेश पत्र लेकर स्कूल की दो छात्राओं एवं तीन अन्य दोस्तों के साथ प्रातः 10 बजे घूमने और तुमरिया डैम में नहाने के लिए गए थे। डैम से निकल रही नहर में पांचों दोस्त नहाने लगे। दोनों छात्राएं किनारे पर बैठी रही। लवप्रीत सिंह गहरे गड्ढे में चला गया और डूबने लगा। दोस्त को डूबता देख उसे बचाने के लिए लवजीत सिंह भी आगे बढ़ गया। वह तैरना में नहीं जानता था। गहरे पानी में चले जाने के कारण वह भी डूब गया। स्नान कर रहे दोस्त घबरा गए और उन्होंने भागकर पास ही स्थित एक दुकान स्वामी को घटना की जानकारी दी। दुकानदार के पुत्र ने छात्रों को नहर से निकालने का प्रयास किया किंतु सफल नहीं हो सका। उसने ग्रामीणों को सूचना दी ग्रामीणों ने दोनों के शवों को बाहर निकाला। दुकान स्वामी ने घटना की जानकारी छात्रों के परिजनों को दी। परिजनों में कोहराम मच गया और घटनास्थल की ओर दौड़ गए। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

बेटी बेटा एक समान सबको शिक्षा सबको ज्ञान

बेटी बेटा एक समान सबको शिक्षा सबको ज्ञान बोलते हुए बच्चों ने स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ

काकोरी, लखनऊ। विकासखंड काकोरी के परिषदीय विद्यालयों में मंगलवार को स्कूल चलो अभियान की रैली निकाली गई। कम्पोजिट विद्यालय खुशहाल गंज में खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी राममूर्ति यादव एवं शिक्षक संघ के जिला मंत्री वीरेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर स्कूल चलो अभियान की रैली को रवाना किया। कंपोजिट विद्यालय खुशहालगंज के बच्चों ने बेटी बेटा एक समान सबको शिक्षा सबको ज्ञान, आधी रोटी खाएंगे पढ़ने रोज जाएंगे आदि नारे लिखी हुई तख्तियों को लेकर पूरी ग्राम पंचायत में अपनी प्रधानाध्यापक अंजलि सक्सेना, सरोज खरे, शुभ्रा महेश्वरी, इरम फातिमा, रूपा, इशरत परवीन, शैलजा गुप्ता मोबिना बानो अगम के साथ पूरे गांव में घूमते हुए विद्यालय में रैली का समापन किया। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी राममूर्ति यादव ने कहा कि गांव का एक भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित ना रहे; इसलिए गांव के लोगों को जागरूक करने के लिए यह रैली प्रत्येक ग्राम पंचायत में निकाली जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को कंपोजिट विद्यालय खुशहाल गंज, प्राथमिक विद्यालय गुरुदीन खेड़ा इंचार्ज अध्यापक अधिकार फातिमा, सुशील यादव, भटऊ जमालपुर प्राथमिक विद्यालय में बीनिश फातिमा, आनंद सिंह यादव, माधुरी यादव, खानपुर मऊ में जैनेंद्र सिंह आदि द्वारा रैली निकालकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। अगले 15 दिन तक इसी तरह प्रत्येक विद्यालय में रैली निकाली जाएगी व 6 से 14 वर्ष के बच्चों को प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालय में नामांकित किया जाएगा। उसके बाद हाउसहोल्ड सर्वे किया जाएगा, जिसमें देखा जाएगा कि कहीं कोई बच्चा ऐसा तो नहीं है जो विद्यालय जाने से वंचित रह गया हो। यदि किसी गांव में ऐसा बच्चा मिलता है, तो उसके माता-पिता से बात करके उसकी उम्र के अनुसार उसे विद्यालय में नामांकित करा कर शिक्षित करने का कार्य किया जाएगा। सबको शिक्षा का अधिकार है, इसके लिए केंद्र सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत है।

शिक्षक संघ के जिला मंत्री वीरेंद्र सिंह ने कहा कि स्कूल चलो अभियान को सफल बनाने के लिए लखनऊ जनपद के सभी शिक्षक तन, मन से कार्य कर रहे हैं। इसमें ग्राम प्रधानों का भी सहयोग मिल रहा है। इस बार सबसे अधिक नामांकन प्राथमिक विद्यालयों में होंगे और यह प्रयास किया जा रहा है कि प्राइवेट स्कूल से अच्छी शिक्षा प्राथमिक विद्यालय में दी जा सके। इसके लिए सरकार द्वारा समय-समय पर शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अजय सिंह, ब्लॉक महामंत्री महेंद्र कुमार एआरपीटीपी द्विवेदी व दर्जनों अभिभावकों सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

टीएमयू कृषि की टीम ने किया शुगर मिल अफजलगढ़ का भ्रमण

बिजनौर/अफजलगढ़। शुगर मिल अफजलगढ़ में तीर्थांकर महावीर विश्वविद्यालय मुरादाबाद के कृषि विज्ञान के छात्रों ने डॉ अरविन्द प्रताप सिंह, प्रवीण सिंह, मैडम कुसुम, विजय कुमार के नेतृत्व में निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छात्र छात्राओं ने शुगर मिल अफजलगढ़ में लैंडस्केपिंग, फ्लावरिंग, वर्मी कल्चर के बारे में जानकारी दी।

शनिवार को शुगर मिल अफजलगढ़ में तीर्थांकर महावीर विश्वविद्यालय मुरादाबाद के कृषि विज्ञान के 50 छात्र छात्राओं ने शुगर मिल अफजलगढ़ के गन्ना महाप्रबंधक अजय कुमार ढाका, प्रबंधक प्रशासन कुमेर सिंह शेखावत तथा उद्यान विज्ञान अधिकारी विजय कुमार के साथ निरीक्षण कर विस्तृत चर्चा कर जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान तीर्थांकर महावीर विश्वविद्यालय मुरादाबाद के कृषि विज्ञान के छात्रों व डॉ अरविन्द प्रताप सिंह, प्रवीण सिंह, मैडम कुसुम सहित पूरी टीम शुगर मिल प्लांट परिसर में साफ सफाई, ग्रीन बेल्ट, फ्लावरिंग कल्चर आदि को देखकर बहुत प्रभावित हुई तथा प्रसन्नता व्यक्त की। इस अवसर पर सोनू कुमार, रमन रावत, हर्षित सिंह,मनीष कुमार,आलोक झा,प्रमोद यादव,मनीषा, प्रियंका सिंह, भारती, अनुष्का, वेद प्रकाश, अरविंद प्रताप सिंह, नूर मोहम्मद, मुस्कान, दीपांशु शर्मा, शेरा यादव, प्राची, प्रिया राय, सौरभ, भारती तथा महेश आदि उपस्थित रहे।

गौरैया संरक्षण के प्रति छात्र छात्राओं को किया गया जागरूक

लखनऊ। राजधानी के राजाजीपुरम ए- ब्लॉक स्थित लखनऊ पब्लिक स्कूल में मेरी प्यारी गौरैया मुहिम द्वारा नन्ही गौरैया के संरक्षण प्रति आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में डीएफओ अवध डॉ रवि कुमार सिंह ने छात्र छात्राओं को नन्ही गौरैया संरक्षण की शपथ दिलाई। छात्र छात्राओं को नन्ही गौरैया के पानी के लिए मिट्टी का पात्र, काकून के पैकेट, व कृत्रिम घोंसले का वितरण किया गया।
मेरी प्यारी गौरैया मुहिम संचालक पक्षी प्रेमी महेश साहू ने डीएफओ अवध डॉ रवि कुमार सिंह व विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती भारती गोसाई को पौधा भेंट कर स्वागत किया।


डीएफओ अवध डॉ रवि कुमार ने छात्र छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि नन्ही गौरैया का पर्यावरण में अपना महत्व है। नन्ही गौरैया उन कीटों को खाती है, जो हम सबके के लिए नुकसानदायक है। मनुष्य पेड़ों की कटाई करने लगा और समय के साथ – साथ गौरैया की प्रजाति नष्ट होने लगी। गौरैया ज्यादातर पेड़ों पर अपना घोसला बनाकर रहती थी, लेकिन पेड़ों की कटाई होने से वो अपना घोसला नहीं बना पाती हैं और उनको रहने के लिए उचित जगह नहीं मिल रही हैं |
कई लोग अपने खेती की फसलों पर हानिकारक दवाइयों का उपयोग करते हैं, आब कीड़ों को खाने से उनकी मृत्यु होने लगी हैं। पर्यावरण प्रदूषित होने के कारण भी गौरैया की प्रजाती नष्ट हो रही हैं। इन पक्षियों की प्रजाति विलुप्त होने के कारण प्रकृति की सुंदरता गायब हो रही है। नन्ही गौरैया संरक्षण के प्रति सभी को आगे आना होगा।


वहीं पक्षी प्रेमी महेश साहू ने कहा कि नन्ही गौरैया घर के आंगन एवं खेत खलिहानों में अक्सर चहचहाहट करती नजर आया करती थी। घर के आगंन में बिखेरे अनाज के दानों को अपनी चोंच में दबाकर अपने घोसले की तरफ उड़ान भरने के नजारे अधिक पुराने नहीं हैं। लेकिन इंसान के अपने स्वार्थ की वजहों से आज नन्ही गौरैया की प्रजाति पूर्ण खतरे में पड़ चुकी है, अक्सर घर के बच्चों की तरह आंगन में उछल कूद मचाने वाली गौरैया मनुष्य की सहजीवी पक्षी जाति रही है‌। हमारे शहरीकरण एवं प्रकृति के साथ स्वार्थ के खेल ने इसे अपने घर से बेघर कर दिया है। अभी भी समय है हम नन्ही गौरैया के संरक्षण के लिए आगे आएं।
इस अवसर पर उपस्थित सभी छात्र छात्राओं व अन्य लोगों ने नन्ही गौरैया के लिए कृत्रिम घोंसले लगा कर उसके आशियाने के लिए सुरक्षित स्थान देने के साथ ही इस तपती गर्मी में कोई पक्षी भूख व प्यास से काल के गाल में ना समाए, इसके लिए अपनी छतों व घर के आसपास मिट्टी के पात्र में पानी, दाना काकून रखने का संकल्प लिया।
इस मौके पर क्षेत्रीय वनाधिकारी सिटी, डिप्टी रेंजर विनीत प्रकाश श्रीवास्तव, वन दरोगा शिवम यादव, वन रक्षक दीपक कनौजिया, रामधीरज व विधालय के अध्यापक व अध्यापिकाएं उपस्थित रहीं।

अक्षरा ने किया बास्टा का नाम रौशन

बिजनौर हिमालयन एकेडमी अकौन्था (बास्टा) की छात्रा कु0 अक्षरा ने कक्षा छह की सालाना परीक्षा में 91% अंक प्राप्त कर अपने कस्बे और परिवार का गौरव बढ़ाया है। अक्षरा ने विद्यालय में तॄतीय स्थान प्राप्त कर बास्टा कस्बे का नाम रौशन किया है। वह वरिष्ठ पत्रकार अलीशेर शाह की भतीजी हैं। उनकी इस उपलब्धि पर पारिवारिक मित्रों, नाते-रिश्तेदारों, समाजसेवियों, पत्रकारों ने उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया है।

अक्षरा ने किया बास्टा का नाम रौशन

बिजनौर हिमालयन एकेडमी अकौन्था (बास्टा) की छात्रा कु0 अक्षरा ने कक्षा छह की सालाना परीक्षा में 91% अंक प्राप्त कर अपने कस्बे और परिवार का गौरव बढ़ाया है। अक्षरा ने विद्यालय में तॄतीय स्थान प्राप्त कर बास्टा कस्बे का नाम रौशन किया है। वह वरिष्ठ पत्रकार अलीशेर शाह की भतीजी हैं। उनकी इस उपलब्धि पर पारिवारिक मित्रों, नाते-रिश्तेदारों, समाजसेवियों, पत्रकारों ने उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया है।

छात्र छात्राओं ने रैली निकालकर संचारी रोग नियंत्रण के लिए ग्राम वासियों को किया जागरूक

नजीबाबाद (बिजनौर)। ग्राम पंचायत मुस्सेपुर के प्राथमिक विद्यालय के छात्र छात्राओं ने मुख्य अध्यापिका शहनाज परवीन, आंगनवाड़ी अनीता देवी, आशा जयवती के नेतृत्व में प्राथमिक विद्यालय के समस्त शिक्षक शिक्षिकाओं के मार्गदर्शन में संचारी रोग नियंत्रण हेतु एक जन जागरूकता रैली निकालकर ग्रामवासियों संचारी रोगों की रोकथाम के लिए जागृत किया।

इस जन जागरूकता रैली का शुभारंभ ग्राम प्रधान दिलीप कुमार एवं वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर चौधरी ईशम सिंह एवं ग्राम प्रधान दलीप कुमार ने ग्राम वासियों को साफ सफाई का विशेष ध्यान रखने, इन बीमारियों से बचने एवं अपने समाज को सुरक्षित रखने का आह्वान किया। जन जागरूकता रैली में बच्चों ने गांव में गली गली में जनता को जागरूक किया। इस अवसर पर विद्यालय की मुख्य अध्यापिका शहनाज परवीन, चंद्र प्रकाश सैनी, वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह, ग्राम प्रधान दलीप कुमार,आफ्शा खानम ,सुषमा रानी, आंगनवाड़ी अनीता देवी, आशा कार्यकत्री जयवती प्रजापति, जोगराज सिंह, फरीद अहमद, सदस्य क्षेत्र पंचायत मुजाहिद मंसूरी,पूनम सविता आदि ने भी इस जन जागरूकता अभियान में अपना सहयोग किया।

कोई भी बच्चा न रहे शिक्षा से वंचित: मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा

स्कूल चलो अभियान कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा

हरदोई (भरावन)। प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्‍च‍ित करने के लिए उत्‍तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार चार अप्रैल को श्रावस्ती जिले से ‘स्कूल चलो अभियान’ की शुरुआत की।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री के निर्देश पर यूपी के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा हरदोई के अतरौली गांव कम्पोजिट विद्यालय में हरदोई बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल चलो अभियान के आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप पहुंचे। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में शत प्रतिशत बच्चों का स्कूल में नामांकन होने चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया और कहा मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ का संकल्प है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं होना चाहिए। राज्य सरकार द्वारा प्राथमिक शिक्षा के भविष्य को आकार देने और प्राथमिक विद्यालयों के समग्र विकास की दिशा में एक प्रयास होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कम साक्षरता दर वाले जिलों को प्राथमिकता दी जाए और राज्य के प्राथमिक स्कूलों को बेहतर सुविधाओं से लैस किया जाए।वहीं मुख्य सचिव ने संभ्रांत लोगो से एक-एक स्कूल गोद लेने की अपील की। इस पर अतरौली निवासी प्रदीप सिंह ने एक स्कूल गोद लेने का निर्णय लिया। इस मौके पर जिलाधिकारी हरदोई अविनाश सिंह, सीडीओ, बीएसए, बीईओ भरावन, एसडीएम संडीला, अतरौली शिक्षक संघ अध्यक्ष हरिशंकर, एआरपी रमेश कुमार, अरूण शर्मा, स्वाति सिंह, ग्राम सचिव महुआडांडा व अतरौली पूर्व प्रधान उमा सिंह, जितेंद्र सिंह,  दीनू सिंह चौहान, खसरौल प्रधान अभयराज सिंह, बीईओ कार्यालय भरावन कम्प्यूटर आपरेटर दिनेश कुमार, अनुराग सहित सैकड़ों लोगों ने स्कूल चलो अभियान कार्यक्रम में बढ चढ कर हिस्सा लिया।

सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के नए शैक्षिक सत्र का शुभारंभ

बिजनौर। अफजलगढ़ स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना करके नए शैक्षिक सत्र का शुभारंभ किया गया।

विद्यालय परिसर में हवन एवं सरस्वती पूजन किया गया। अखिलेश सिंह ने सपत्नीक यज्ञमानी की तथा पंडित मुकेश जखमोला ने पूर्ण विधि-विधान पूर्वक सरस्वती पूजन संपन्न कराकर उपस्थित लोगों को हिंदू नव वर्ष की शुभकामनाएं दी। वहीं प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र कुमार ने सभी छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य के लिए मां सरस्वती से प्रार्थना की। सभी अध्यापक गणों के साथ साथ कार्यक्रम में उपस्थित सभी छात्र- छात्राओं ने यज्ञ में आहुतियां दी। इस अवसर पर आनंद भूषण यादव, राजीव कुमार अग्रवाल, रमाकान्त तिवारी, शौकेन्द्र कुमार तथा अमरीश कुमार का योगदान रहा।

न्यू एरा अकैडमी में वार्षिकोत्सव व परीक्षा फल का वितरण

बिजनौर। नजीबाबाद के न्यू एरा अकैडमी में वार्षिकोत्सव मनाते हुए परीक्षा फल का वितरण किया गया। सभी सफलता प्राप्त विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणाम प्राप्त कर खुशी मनाई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह ने कहा कि समाज में शिक्षा का महत्वपूर्ण स्थान है।

न्यू एरा अकैडमी लाहक कला में विद्यालय का वार्षिकोत्सव एवं परीक्षा फल का वितरण किया गया। सभी सफलता प्राप्त विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणाम प्राप्त कर खुशी मनाई।

विद्यालय के वार्षिकोत्सव में विद्यालय के नन्हे मुन्ने बच्चों ने कई सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह ने मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय के छात्र छात्राओं सब स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में शिक्षा का महत्वपूर्ण स्थान है। शिक्षित व्यक्ति अपने जीवन में जो कार्य भी करता है, उसकी अलग पहचान होती है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने की अपील की।

इस अवसर पर साबिर अहमद, शाहबपुरा उमराव से इरशाद अहमद ठेकेदार, डा शमशेर खान लाहक कला,
वीरेंदर सिंह, महिपाल सिंह चौहान, हामिद खान पूर्व प्रधान, उस्मान भाई,सुशील कुमार, सुधीर कुमार, राकेश कुमार, शिवम कुमार इत्यादि छात्र कक्षा 1 में मौ फ़ैज़, 2 में रफिया, कक्षा 3 आहिल, कक्षा 4 में कार्तिक कुमार, कक्षा 5 में अक्षित कुमार इत्यादि छात्रों ने अपनी अपनी कक्षाओं में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि चौधरी इसम सिंह, नादिर हसन, अश्वनी कुमार आदि ने सभी छात्र छात्राओं को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर अज़हर हसन अध्यक्ष, अज़रा मैनेजर, स्टाफ श्रवण कुमार, प्रिंसिपल शालिनी चौहान, वाईस प्रिंसिपल हुमेरा, निशा, इरम, फ़िज़ा, आयशा, फरहाना
विनीता इत्यादि उपस्थित रहे।

जाट बाल विद्यालय का वार्षिक परीक्षाफल घोषित

बिजनौर। मोहल्ला जाटान स्थित जाट बाल विद्यालय का वार्षिक परीक्षाफल घोषित किया गया।

इसमें कक्षा 5 में छवि नैना, बॉबी प्रथम, नितिका द्वितीय तथा मुक्ता तृतीय रहे।कक्षा 4 में निहारिका, भूपेंद्र व शगुन, कक्षा 3 में पायल, वंशिका व प्रिंस, कक्षा 2 में जीत, वंशिका व लक्ष्य तथा कक्षा 1 में लक्ष्य, मयंक व प्रिंस क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहे।

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अनिल विश्नोई द्वारा बच्चों को पुरस्कार वितरित करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई।

इस अवसर पर प्रबंधक राजेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य सुनीता सिंह, अध्यापिका अंजली चौधरी, अनिता सैनी, मोनिका चौधरी और गीता आदि उपस्थित रहे।

प्रख्यात ग़ज़लकार दुष्यंत कुमार के नाम से जाना जाएगा बिजनौर पुस्तकालय एवं सांस्कृतिक केंद्र

मंडलायुक्त ने किया पुस्तकालय, सांस्कृतिक केंद्र में नवनिर्मित लाइब्रेरी कक्ष, पुराने लाइब्रेरी कक्ष का जीर्णोद्धार

बिजनौर। अब बिजनौर पुस्तकालय एवं सांस्कृतिक केंद्र को देश के मशहूर कवि हिंदी के पहले गजलकार दुष्यंत कुमार के नाम से जाना जाएगा। मंडलायुक्त ने नवनिर्मित लाइब्रेरी कक्ष, पुराने लाइब्रेरी कक्ष का जीर्णोद्धार किया। काफी समय से जिले के लोग दुष्यंत कुमार के नाम पर पुस्तकालय की मांग कर रहे थे।

मुरादाबाद के मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह ने सीतापुर नेत्र चिकित्सालय परिसर स्थित गजलकार दुष्यंत कुमार पुस्तकालय एवं सांस्कृतिक केंद्र का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इंटरनेट के दौर में भी किताबों की अहमियत बरकरार है। उन्होंने कहा, बिजनौर की धरती पौराणिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, एतिहासिक रूप से बहुत मूल्यवान है। यह केंद्र इस विरासत को संवारने में उपयोगी सिद्ध होगा। डीएम को निर्देशित किया कि वह इस पुस्तकालय को साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक केंद्र के रूप में विकसित करें, ताकि बिजनौर शहर और आसपास क्षेत्रों के युवा लाभान्वित हो सकें। उन्होंने डीएम उमेश मिश्रा एवं एसडीएम सदर विक्रमादित्य मलिक के प्रयासों की सराहना की। डीएम ने कहा कि इस पुस्तकालय का निर्माण अकौर विकास जनसहयोग से हुआ है। इसके निर्माण का उद्देश्य स्थानीय युवाओं की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पर्याप्त पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराना है। एसडीएम सदर विक्रमादित्य मलिक ने कहा कि कई स्थानों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास जारी है। जनपद की साहित्यिक, पौराणिक, सांस्कृतिक, एतिहासिक और प्राचीन ध रोहरों को सहेजने, लिपिबद्ध करने और उनके लिए संग्रहालय बनाने का काम भी चल रहा है। सीडीओ केपी सिंह, तहसीलदार सदर प्रीति सिंह, सूर्यमणि रघुवंशी, अनिल चौधरी, नवीन किशोर, खान जफर सुल्तान, डा. राहुल बिश्नोई, तौसिफ अहमद, शकील बिजनौरी आदि मौजूद रहे।

गौरतलब है कि बिजनौर जिले के राजपुर नवादा गांव के रहने वाले देश के मशहूर कवि, हिंदी के पहले गजलकार दुष्यंत कुमार के नाम पर बिजनौर पुस्तकालय का नाम रखा गया है। बहुत दिनों से जिले के लोग मांग कर रहे थे कि दुष्यंत कुमार के नाम पर पुस्तकालय होना चाहिए।

Online पढ़ाई के लिए सभी को 3 महीने का FREE रिचार्ज दे रही सरकार! जानें वायरल खबर की सच्चाई

नई दिल्ली (एजेंसी)। सोशल मीडिया में एक मैसेज वायरल हो रहा है जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार सभी भारतीय यूजर्स को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए 3 महीने का रिचार्ज फ्री दे रही है। PIBFactCheck ने इस वायरल दावे को गलत बताया है।

बता दें कि #WhatsApp मैसेज में यह दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार ऑनलाइन पढ़ाई के लिए सभी भारतीय यूजर्स को 3 महीने का रिचार्ज फ्री में दे रही है। इस दावे को PIBFactCheck ने गलत बताया है और इस दावे को फर्जी करार दिया है। PIBFactCheck ने कहा है कि भारत सरकार ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है।

गौरतलब है कि अक्सर इस प्रकार के भ्रामक #WhatsApp मैसेज डालकर लोगों के बीच असमाजिक लोगों द्वारा फर्जी खबरें फैलाई जाती हैं। इसके झांसे में आकर कई बाद लोग इसे सही मानने लगते हैं। ऐसी खबरें आए तो इसकी सच्चाई जरूर पता करें उसके बाद ही इसे अन्य ग्रुप में फारवर्ड करें। और इस प्रकार के दावों पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं करें।

विकास और गर्वित ने बढ़ाया जिले का मान

विकास यादव ने उत्तीर्ण की यूजीसी नेट परीक्षा। गर्वित चौधरी ने योग साइंस से पहले ही प्रयास में नेट परीक्षा की पास। दोनों परिवार में खुशी का माहौल



बिजनौर। नूरपुर कस्बे के मोहल्ला इस्लामनगर निवासी रामपाल सिंह यादव के पुत्र विकास यादव ने पहली बार में दिसंबर 2020 एवं जून 2021 यूजीसी की नेट यानी राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा मैनेजमेंट विषय में उत्तीर्ण कर परिवार और समाज का मान बढ़ाया है।

इससे पहले जून 2019 में शिक्षा शास्त्र विषय में पहली बार में ही नेट परीक्षा उत्तीर्ण की थी। विकास यादव वर्तमान में रानी भाग्यवती देवी महिला महाविद्यालय बिजनौर में सहायक प्रोफेसर के पद पर सेवारत हैं। वे अपनी सफलता का श्रेय ईश्वर के अलावा परिजनों को देते हैं। उनकी इस सफलता के लिए महाविद्यालय स्टाफ और प्रबंधतंत्र के अलावा समाज के प्रबुद्धजनों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

गर्वित चौधरी ने योग साइंस से पहले ही प्रयास में नेट परीक्षा की पास


बिजनौर। कहा जाता है कि जीवन के किसी भी क्षेत्र में की गई मेहनत कभी जाया नहीं जाती है। व्यक्ति को मेहनत का फल हमेशा मिलता है। ऐसा ही कर दिखाया है ग्राम मानसापुर निवासी सुरेंद्र सिंह के होनहार पुत्र गर्वित चौधरी ने। गर्वित ने अपनी मेहनत, लगन व निष्ठा के बल पर अपने पहले ही प्रयास में योग साइंस में नेट परीक्षा उत्तीर्ण की है। गर्वित चौधरी की इस सफलता से उसके परिवार में जश्न का माहौल है। उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में यह सफलता हासिल कर ली है। यह सफलता हासिल कर उसने अपने परिवार गांव ही नहीं बल्कि जनपद का भी नाम रौशन किया है। गर्वित ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता पिता व गुरुजनों के साथ साथ अपने मामा बैंक मैनेजर महेंद्र सिंह को देते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा से सफलता का मार्ग प्रशस्त हुआ है। गर्वित की इस सफलता को लेकर उसके साथियों, परिचितों व रिश्तेदारों द्वारा लगातार बधाई देने का सिलसिला जारी है।

नीट पीजी परीक्षा 2022 स्थगित, स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने लिया बड़ा फैसला

नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने NEET PG 2021 Counselling के चलते NEET PG 2022 परीक्षा को स्‍थगित करने का फैसला लिया है। मंत्रालय ने कहा है कि इस वर्ष की परीक्षा 6-8 सप्‍ताह आगे के लिए टाल दी गई है। नीट पीजी 2022 परीक्षा 12 मार्च को आयोजित की जानी थी।

दरसअल, एक याचिका में राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) पीजी परीक्षा टालने की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट में छात्रों के एक समूह ने याचिका दायर कर यह मांग की थी। परीक्षा के आयोजन के लिए नई तिथियों के बारे में मंत्रालय और राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड की समिति 6-8 सप्ताह के बाद समीक्षा कर फैसला लेगी। 

पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में दाखिले के इच्छुक छात्रों ने याचिका में दावा किया था कि कई एमबीबीएस स्नातक छात्र अनिवार्य इंटर्नशिप अवधि पूरी न होने के कारण मार्च 2022 की नीट परीक्षा नहीं दे पाएंगे। इसलिए परीक्षा टाल देनी चाहिए। छह एमबीबीएस स्नातकों द्वारा दुबे लॉ चैंबर्स के माध्यम से दायर याचिका में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड को निर्धारित परीक्षा को तब तक स्थगित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी, जब तक कि पीजी परीक्षा के पात्रता नियमों में निर्धारित उम्मीदवारों की अनिवार्य इंटर्नशिप अवधि को पूरा करने जैसी विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा नहीं किया जाता है। 

neet pg 2022 exam: NEET PG 2022 परीक्षा को स्थगित करने की उठी मांग,  काउंसलिंग की तारीखों के साथ हो रहा टकराव - neet pg 2022 aspirants demanding  postponement of exam | Navbharat Times

याचिकाकर्ता छात्रों का कहना था कि सैकड़ों एमबीबीएस स्नातक, जिनकी इंटर्नशिप कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए लगाई गई उनकी ड्यूटी के कारण अटकी हुई थी। ऐसे सैकड़ों छात्र इस अनिवार्य इंटर्नशिप ड्यूटी को पूरी नहीं कर पाने के कारण नीट पीजी 2022 की परीक्षा में शामिल होने से चूक जाएंगे। जबकि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। इसलिए, याचिका में परीक्षा स्थगित करने की मांग की गई है।

याचिका के जरिये नीट पीजी के सूचना बुलेटिन में दी गई शर्त, इंटर्नशिप पूरा करने के लिए 31 मई, 2022 की समय सीमा, को भी को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ताओं ने 1500 उम्मीदवारों के समर्थन के साथ आग्रह किया कि वे वर्ष 2021 में कोविड ड्यूटी में थे और इसलिए उनकी इंटर्नशिप स्थगित कर दी गई थी। याचिका में 31 मई से इंटर्नशिप पूरा करने की समय-सीमा बढ़ाने और फिर परीक्षा टालने की मांग की गई है।

परीक्षा के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का हो पूर्ण अनुपालन: डीएम


जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने परीक्षा के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

बिजनौर। 23 जनवरी 2022 को आयोजित होने वाली उ0प्र0 शिक्षक पात्र परीक्षा को पूर्ण रूप से नक़ल विहीन और शांतिपूर्वक सम्पन्न कराने के लिए प्रशासन दृढ़ संकल्प है और परीक्षा आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने स्पष्ट करते हुए कहा कि जिला मुख्यालय पर प्राथमिक स्तर के परीक्षार्थियों के लिए 27 एवं उच्च प्राथमिक स्तर परीक्षा के लिए 20 परीक्षा केन्द्र स्थापित किए गए हैं। प्रथम पाली में प्रातः 10ः00 बजे से दोपहर 12ः30 बजे तक प्राथमिक स्तर एवं द्वितीय पाली में अपरान्ह 02ः30 बजे से शाम 05ः00 बजे तक उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा सम्पन्न होगी। उक्त परीक्षाओं को नक़लविहीन एवं पारदर्शी रूप से सम्पन्न कराने के लिए परीक्षा कक्षों एवं अन्य मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी सतत् निगरानी के लिए कार्मिकों को तैनात किया गया है ताकि हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा सके और परीक्षा पूर्ण मानक के अनुरूप सम्पन्न कराई जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि सभी केन्द्रों पर समुचित संख्या में पुरूष एवं महिला पुलिस की तैनाती की व्यवस्था भी की गयी है ताकि परीक्षा में कोई व्यवधान उत्पन्न न हो सके।


जिलाधिकारी विकास भवन के सभागार में उ0प्र0 शिक्षक पात्र परीक्षा को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि 23 जनवरी, 2022 को आयोजित होने वाली उ0प्र0 शिक्षक पात्रता परीक्षा को सुव्यस्थित और शांतिपूर्वक रूप सम्पन्न करने के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट के अलावा स्टेटिक्स मजिस्ट्रेट, प्रशासनिक एवं विभागीय पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं।

उन्होंने सभी परीक्षार्थियों को निर्देश दिए कि वे अपने साथ प्रवेश पत्र, फोटो पहचान पत्र तथा प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों के अनुसार आवश्यक अभिलेख अपने साथ लायें। परीक्षार्थी को परीक्षा प्रारम्भ होने के 30 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र पर पहुॅचना अनिवार्य है, यदि कोई परीक्षार्थी परीक्षा प्रारम्भ होने के 30 मिनट पूर्व के उपरान्त आता है तो उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जायेगी। उत्तर पुस्तिका भरने के लिए केवल काले पेन का ही प्रयोग किया जाएगा तथा काले पेन के अलावा अन्य कोई पेन या पेंसिल मान्य नहीं होगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को उ0प्र0 शिक्षक पात्र परीक्षा सम्पन्न कराने के लिए अपने-अपने दायित्वों को पूरी जिम्मेदारी और निष्पक्षता के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा केन्द्र पर सभी परीक्षार्थियों एवं ड्यूटीरत कार्मिकों को कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डा0 धर्मवीर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक डा0 प्रवीण रंजन, परियोजना निदेशक डीआरडीए ज्ञानेश्वर त्रिपाठी, जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार के अलावा सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

प्रयागराज डीएम और बीएसए का बड़ा कारनामा, जिला रिलीव हुए बिना बीईओ को दिया ब्लॉक

प्रयागराज डीएम और बीएसए का बड़ा कारनामा, जिला रिलीव हुए बिना बीईओ को दिया ब्लॉक

बेसिक विभाग ने खण्ड शिक्षाधिकारियों के तबादले में किया गया है जमकर खेल

आचार संहिता लगने के बाद बैक डेट में रात्रि में ही जारी की लिस्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक विभाग ने आचार संहिता लागू होने के बाद में बड़े स्तर पर खण्ड शिक्षा अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। खण्ड शिक्षा अधिकारियों के बड़े स्तर पर तबादला हुए अभी एक दिन भी नहीं बीता है कि प्रयागराज के जिलाधिकारी ने बिना रिलीव हुए ही खण्ड शिक्षा अधिकारियों को ब्लॉक आबंटित कर दिया। प्रयागराज के डीएम संजय खत्री ने रायबरेली के दो बीईओ की ड्यूटी ब्लॉक आवंटन के साथ में माघ मेला में लगा दी है। सबसे मजे कि बात ये है कि अभी वह रायबरेली से रिलीव भी नहीं हुए है कि उन्हें प्रयागराज के डीएम के पास में ब्लॉक आवंटन की सूची पहुँच गई है। ब्लॉक आवंटन की सूची प्रयागराज के बीएसए प्रवीण तिवारी की तरफ से भेजी गई है। उनकी तरफ से किस तरह खेल किया गया है इसका बड़ा नमूना ब्लॉकों का आवंटन है।

बता दें, बेसिक शिक्षा निदेशालय की तरफ से खण्ड शिक्षा अधिकारियों के तबादले आचार संहिता लगने के बाद में किए गए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने बैक डेट में सात जनवरी को तबादले किये हैं, जबकि खण्ड शिक्षा अधिकारियों को ऐसे ऑर्डर 8 जनवरी की रात में किया है। विभाग के बड़े अधिकारियों ने खेला करते हुए रात्रि में ही लगभग 450 खण्ड शिक्षाधिकारियों की लिस्ट जारी की है। तबादला होने वाले खण्ड शिक्षाधिकारियों का कहना है कि विभाग के अधिकारियों की तरफ से मनमानी की गई है और चुनाव आयोग के पत्र का हवाला देकर भारी संख्या में तबादला करके परेशान करने का काम किया गया है। वहीं, विभाग के इस काम से खण्ड शिक्षा अधिकारी संघ ने भी आपत्ति जाहिर की है और अधिकारियों से नाराज है। संघ ने अधिकारियों से वार्ता भी की, लेकिन अभी तक कुछ खास नतीजा नहीं निकलकर आया है।

बिना जिला रिलीव हुए ही मिल गया ब्लॉक

खण्ड शिक्षा अधिकारियों के तबादले में किस तरह से खेल किया गया और इसमें कितने अधिकारी शामिल है; इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रयागराज के डीएम ने बिना जिलों से रिलीव हुए बीईओ की ड्यूटी लगाई है। माघ मेला की जिलाधिकारी संजय खत्री की तरफ से जारी की गई सूची में दो ऐसे खण्ड शिक्षा अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जो अभी रायबरेली जिले से रिलीव ही नहीं हुए है। रायबरेली के सलोन और ऊंचाहार ब्लॉक में तैनात रहे विश्वनाथ प्रजापति और अनिल त्रिपाठी को प्रयागराज में विकासखंड भी आवँटित कर दिए गए हैं। अनिल त्रिपाठी को प्रयागराज में सैदाबाद और विश्वनाथ प्रजापति को फूलपुर विकास खण्ड आवँटित कर दिया गया है।

इन जिलों के डीएम ने रिलीव करने से किया मना

बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से भले ही खण्ड शिक्षाधिकारी का तबादला कर दिया गया है लेकिन चुनाव में बाधा आने की वजह से कई जिलों के डीएम ने बीईओ को रिलीव करने से मना कर दिया है। बरेली, मिर्जापुर, ललितपुर, सहारनपुर,अमेठी, बहराइच, कन्नौज, एटा, प्रयागराज, शाहजहॉपुर, फतेहपुर, कौशांबी, मुरादाबाद,बलरामपुर, लखीमपुर, बांदा, अंबेडकर नगर, मथुरा, सुल्तानपुर, मैनपुरी के डीएम ने रिलीव करने से मना कर दिया है। बता दें, जिला निर्वाचन अधिकारियों की तरफ से बीईओ को एआरईओ से लेकर मास्टर ट्रेनर तक में ड्यूटी लगा दी गई है और उन लोगों ने ट्रेनिंग भी ले ली है, ऐसे में उन्हें कार्यमुक्त करने से निर्वाचन कार्य में बाधा भी आएगी।

खबर का दिखा असर: विभाग ने मानी गलती, कुछ स्थान्तरण निरस्त

खण्ड शिक्षा अधिकारियों के तबादले में की गई धांधली को प्रमुखता के साथ में प्रकाशित किया गया। इसका असर यह दिखा है कि आज निदेशालय की तरफ से बैक डेट में फिजा मिर्जा, अजय तिवारी और भारती शाक्य का तबादला बदलकर निकट के जिलों में कर दिया गया है। विभाग की तरफ से बैक डेट में संशोधन करके ही उन्हें पास के जिलों में तैनाती दी गई है।

फिट इंडिया – फिट रहो

फिट इंडिया लोगो
स्कूल-सप्ताह-प्रमाण पत्र

फिट इंडिया मूवमेंट के बारे में

फिट इंडिया मूवमेंट 29 अगस्त, 2019 को प्रधान मंत्री द्वारा फिटनेस को हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने की दृष्टि से शुरू किया गया था। आंदोलन का मिशन व्यवहार में बदलाव लाना और अधिक शारीरिक रूप से सक्रिय जीवन शैली की ओर बढ़ना है। इस मिशन को प्राप्त करने की दिशा में, फिट इंडिया निम्नलिखित उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए विभिन्न पहल करने और कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव करता है:

  • फिटनेस को आसान, मजेदार और मुफ्त के रूप में बढ़ावा देना।
  • फिटनेस और विभिन्न शारीरिक गतिविधियों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए जो केंद्रित अभियानों के माध्यम से फिटनेस को बढ़ावा देते हैं।
  • स्वदेशी खेलों को बढ़ावा देना।
  • फिटनेस को हर स्कूल, कॉलेज/विश्वविद्यालय, पंचायत/गांव आदि तक पहुंचाने के लिए।
  • भारत के नागरिकों के लिए जानकारी साझा करने, जागरूकता बढ़ाने और व्यक्तिगत फिटनेस कहानियों को साझा करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एक मंच तैयार करना।

अपने फिटनेस स्तर की जांच करें, अपने कदमों को ट्रैक करें। अपनी नींद को ट्रैक करें, अपने कैलोरी सेवन को ट्रैक करें, फिट इंडिया इवेंट्स का हिस्सा बनें, अनुकूलित डाइट प्लान प्राप्त करें आयु-वार फिटनेस स्तर फिटनेस मंत्र फिट इंडिया मिशन लोगों को अपने दैनिक जीवन में कम से कम 30-60 मिनट की शारीरिक गतिविधियों को शामिल करके फिट इंडिया मूवमेंट का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित करता है।आंदोलन का मिशन व्यवहार में बदलाव लाना और अधिक शारीरिक रूप से सक्रिय जीवन शैली की ओर बढ़ना है।

फिटनेस की खुराक आधा घंटा रोज- इनसाइट्स फिट इंडिया ने फिटनेस के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने और फैलाने के लिए कई अभियान शुरू किए हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए गतिविधियां शुरू की जा सकती हैं कि फिटनेस हर स्कूल, कॉलेज / विश्वविद्यालय, पंचायत / गांव आदि तक पहुंचे।

हमारा आंगन; हमारे बच्चे उत्सव कार्यक्रम में प्री प्राइमरी शिक्षा पर हुई विस्तृत चर्चा


लखनऊ। इंण्टल प्राइड पब्लिक इंटर कॉलेज में विकासखंड काकोरी के प्राथमिक विद्यालयों के परिसर में चलने वाले आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं प्राथमिक विद्यालयों की प्रधानाध्यापिका की एक संयुक्त कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी राममूर्ति यादव, जिला समन्वयक प्रशिक्षण संतोष मिश्रा एवं सीडीपीओ प्रेमावती ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी राममूर्ति यादव ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की जिम्मेदारी कर्तव्य एवं गर्भावस्था से लेकर 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों की परवरिश एवं शैक्षिक गतिविधियों में किए जा रहे हैं दायित्व की प्रशंसा की और कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक कर उनमें प्राथमिक शिक्षा की नींव डालती हैं। बच्चा जब आंगनबाड़ी केंद्र में अच्छी तरह से शिक्षा ग्रहण ग्रहण कर लेता है तो प्राथमिक विद्यालय में उस बच्चे को शिक्षित करने में कोई भी समस्या उत्पन्न नहीं होती है।

जिला समन्वयक प्रशिक्षण संतोष मिश्रा ने इस कार्यक्रम के बारे में विस्तार पूर्वक सबको बताया एवं प्री प्राइमरी शिक्षा के महत्व पर चर्चा की। कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की बालिकाओं ने सरस्वती वंदना, लोक नृत्य प्रस्तुत कर सबको आश्चर्यचकित कर दिया। उच्च प्राथमिक विद्यालय पावर की अनुदेशक चंदा ने कक्षा 6 के बालकों से तैयार कराया गया मिशन प्रेरणा पर आधारित एक नाटक का मंचन कराया। हमारा आंगन हमारे बच्चे कार्यक्रम को डाइट मेंटर पवन कुमार, अभय सिंह चौहान, सीडीपीओ प्रेमावती, एआरपी टीपी दिवेदी, एआरपी मनीषा बाजपेई, संकुल शिक्षिका नीलम गौतम, मोनिका गुप्ता एवं एसआरजी हादी हसन ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन एआरपी चैताली यादव ने किया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी राममूर्ति यादव, सीडीपीओ प्रेमावती, जिला समन्वयक संतोष मिश्रा, डायट मेंटर पवन कुमार, संजय सिंह, एआरपी मुकुल पांडे, चैताली यादव, टीपी द्विवेदी, मनीषा बाजपेई, राजेश कुमार, शिक्षामित्र संघ के प्रदेश महामंत्री सुशील कुमार यादव एवं काकोरी ब्लाक के समस्त संकुल सदस्य प्रधानाध्यापक एवं आंगनबाड़ी सुपरवाइजर कार्यकत्री उपस्थित रहे ।

ब्लॉक स्तरीय संगोष्ठी एवं उन्मुखीकरण में बच्चों ने मोहा सबका मन

लखनऊ। विकासखंड काकोरी के प्रधानों शिक्षकों एवं एसएमसी अध्यक्ष की संयुक्त बैठक का आयोजन सरदार भगत सिंह डिग्री कॉलेज मोहान रोड पर किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मलिहाबाद विधायक जय देवी कौशल ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

कार्यक्रम की शुरुआत में खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी राममूर्ति यादव ने उपस्थित समस्त प्रधानों, विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं प्रधानाध्यापकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रबंध समिति के सहयोग से सरकारी विद्यालयों का कायाकल्प हुआ है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालय; बाउंड्री वाल, टाइल्स पीने के पानी की व्यवस्था, शौचालय आदि से संतृप्त हो रहे हैं। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र छात्राओं को यूनिफॉर्म स्वेटर जूता मोजा खरीदने के लिए सरकार द्वारा अभिभावकों के खाते में धनराशि सीधे भेजी जा रही है। विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्षों ने विद्यालय की साज-सज्जा विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था और विद्यालय में छात्र संख्या को बढ़ाने में अपना भरपूर सहयोग किया है। साथ ही ग्राम प्रधानों ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की कायाकल्प करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी ने सबको धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मलिहाबाद विधायक जयदेवी कौशल ने बच्चों द्वारा किए गए स्वागत गीत सरस्वती वंदना, कठपुतली नाटक और इंग्लिश स्पीकिंग क्लास का मंचन देख कर उपस्थित सभी अध्यापकों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आज सरकारी विद्यालय के बच्चे प्राइवेट स्कूलों के बच्चों से कम नहीं हैं। सरकार द्वारा सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा के लिए लगातार अच्छे कदम उठाए जा रहे हैं। उन्हीं का परिणाम है कि कायाकल्प योजना शिक्षकों की ट्रेनिंग आज विस्तृत रूप से चल रही है। कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राओं ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। काकोरी ब्लाक के एआरपी मुकुल चंद्र पांडे, चैताली यादव, टीपी द्विवेदी, राजेश कुमार और मनीषा बाजपेई ने मिशन प्रेरणा के अंतर्गत आने वाले समस्त पहलुओं की विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुए ग्राम प्रधानों और विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्षों को विद्यालय में चल रहे शिक्षण कार्य एवं उनकी गुणवत्ता की जानकारी दी।

ग्राम पंचायत थावर की प्रधान माधुरी सिंह एवं पूर्व प्रधान थावर अतुल कुमार सिंह ने संबोधित करते हुए प्राथमिक शिक्षकों की उपलब्धियों के बारे में और उनकी मेहनत की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन करते हुए एआरपी डा. चैताली यादव ने शारदा कार्यक्रम को विस्तार से समझाया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री वीरेंद्र सिंह, शिक्षामित्र संघ के प्रदेश महामंत्री सुशील कुमार यादव, एसआरपी काकोरी हादी हसन, संजय पांडे, संजय सिंह, अमोल सरल, मोहम्मद उमर, मोनिका गुप्ता, ललिता दीक्षित, महिमा सक्सेना, कविता छावड़ा, बिनीश, फातिम, सुबुही सिद्दीकी, रागिनी, विवेक त्रिपाठी, गीतांजलि शाक्य, सुनीता, कविता, अभिषेक शुक्ला, मोहित पाल, देशराज, विजय बहादुर, राजकिशोर, वीना मीरपुरी, हूरजहां, मोहम्मद अरशद, वाली उदय सहित काकोरी ब्लाक के समस्त प्रधानाध्यापक प्रधान विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष उपस्थित रहे।

सीएम ने वितरित किए विद्यार्थियों को स्मार्टफोन व टैबलेट

आरबीडी बिजनौर में स्मार्टफोन वितरण का हुआ सजीव प्रसारण। कृष्णा कॉलेज के 200 विद्यार्थियों को टैबलेट एवं स्मार्टफोन प्राप्त हुए।

लखनऊ। प्रदेश में स्नातक, स्नातकोत्तर, मेडिकल, इंजीनियरिंग और कौशल विकास प्रशिक्षण से जुड़े विद्यार्थियों को मुफ्त टैबलेट और स्मार्टफोन वितरण की योजना का आगाज हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ के इकाना स्टेडियम में प्रतीकात्मक रूप से कुल 26 छात्रों को टैबलेट और स्मार्टफोन दिया। इसके बाद स्टेडियम में मौजूद 60 हजार विद्यार्थियों में टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ओलंपिक खेलों में रजत पदक जीतने वाली मणिपुर की मीराबाई चानू को 1.50 करोड़ और उनके कोच विजय शर्मा को 10 लाख की सम्मान राशि देकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती 25 दिसंबर को ‘सुशासन दिवस’ के अवसर पर राजधानी लखनऊ के इकाना स्टेडियम में योजना का शुभारंभ करते हुए उनके व्यक्तित्व, कृतित्व एवं सिद्धांतों की चर्चा की। जनपद बिजनौर में जनसमूह ने इसका सजीव प्रसारण देखा। टेबलेट, स्मार्टफोन वितरण अभियान के नोडल अधिकारी मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि योजना के अंतर्गत जनपद बिजनौर के कृष्णा कॉलेज के 200 विद्यार्थियों को टैबलेट एवं स्मार्टफोन प्राप्त हुए। इस योजना का मूल उद्देश्य युवाओं को तकनीकी रूप से अपडेट करना है इस स्मार्टफोन और टेबलेट में ना सिर्फ पढ़ाई के लिए ऑनलाइन पाठ्य सामग्री मिलेगी बल्कि रोजगार से संबंधित जानकारियां भी मिलेंगी। शासन की रोजगार परक योजनाओं की जानकारी भी प्राप्त होगी। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पाठयसामग्री मिलेगी। कार्यक्रम को जनपद के सभी डिग्री कॉलेजो के छात्र छात्राओं ने सजीव प्रसारण देखा। इस अवसर पर संबंधित डिग्री कॉलेज के प्रधानाचार्य, राजकीय महामाया गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज क प्रभारी प्राचार्य विशाल दुबे, नोडल अधिकारी तथा समस्त प्रवक्ता एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थी।

आरबीडी में स्मार्टफोन वितरण का सजीव प्रसारण

लखनऊ से सजीव प्रसारण का आरंभ होते ही आरबीडी डिग्री कालेज की प्राचार्या डा.पारूल त्यागी के दिशा निर्देशन में दिए गए लिंक पर क्लिक कर के छात्राओं को प्रसारण दिखाया गया। छात्राओं ने उत्साह से सजीव प्रसारण को
देखा एवं सुना। कालेज की 488 छात्राएं उपस्थित रहीं। डा.जकिया रफत, डा.सविता मिश्रा, डा.मंजु अरोड़ा, डा.आबिदा, डा.मृदुल, डा. सुष्मिता, डा.सुनिता आर्य, शिखा मालवीय, नाजमीन, डा.रेनु, नवा आदि उपस्थित रहे।
तकनीकी व्यवस्था को तौफीक अहमद एवं सीमा ने सुचारू रखा।

आपको बता दें कि सीएम योगी ने 19 अगस्त 2021 को फ्री टेबलेट/स्मार्टफोन योजना का शुभारंभ किया था। इस योजना के माध्यम से करीब एक करोड़ युवाओं को टेबलेट या स्मार्ट फोन दिये जाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार द्वारा इस योजना का संचालन करने के लिए 3000 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, टेक्निकल और डिप्लोमा में अध्ययनरत छात्र यूपी फ्री टेबलेट स्मार्टफोन योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

योजना का लाभ प्रदान करने के लिए डीजी शक्ति पोर्टल फ्री टेबलेट स्मार्टफोन योजना के प्रबंधन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा डीजी शक्ति पोर्टल लांच किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से विश्वविद्यालयों द्वारा छात्रों का डाटा फीड किया जा रहा है, इसके पश्चात छात्रों को योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा। महाविद्यालय छात्रों का डाटा विश्वविद्यालय को देंगे। विश्वविद्यालयों द्वारा यह डाटा पोर्टल पर फीड किया जाएगा, फिर छात्रों को योजना का लाभ प्राप्त होगा।

  • इस योजना के अंतर्गत पंजीकरण करने वाला आवेदक उत्तर प्रदेश का ही मूल निवासी होना चाहिए।
  • फ्री टेबलेट योजना में लाभान्वित होने के लिए विद्यार्थी को सरकारी स्कूल में शिक्षा ग्रहण करना अनिवार्य है।
  • विद्यार्थी की पारिवारिक आय 2 लाख रुपए प्रति वर्ष से ज्यादा नहीं होनी चाहिए तभी वह इस योजना में आवेदन भरने योग्य होगा।
  • किसी भी बैकलॉग वाले छात्र को इस योजना का लाभ प्राप्त नहीं होगा पिछली सभी कक्षाओं में अच्छे मार्क्स के साथ उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।

आवश्यक दस्तावेज- फ्री टेबलेट योजना में पंजीकरण के लिए कुछ दस्तावेजों की आवश्यकता भी होगी जो इस प्रकार है –

  • विद्यार्थी का आधार कार्ड
  • सरकारी स्कूल का आईडी कार्ड
  • यूपी के मूल निवासी की पहचान करने के लिए आवासीय प्रमाण पत्र
  • विद्यार्थी एवं अभिभावक का मोबाइल नंबर
  • नवीनतम पासपोर्ट आकार फोटो

यूपी फ्री टैबलेट स्मार्टफोन योजना के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया

  • सर्वप्रथम आपको उत्तर प्रदेश चीफ मिनिस्टर ऑफिस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
  • होम पेज पर आपको यूपी फ्री टेबलेट/स्मार्टफोन योजना अप्लाई ऑनलाइन के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इसके पश्चात आपके सामने आवेदन पत्र खुलकर आएगा।
  • आप को आवेदन पत्र में पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे कि आपका नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि दर्ज करना होगा।
  • अब आपको सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपलोड करना होगा।
  • इसके पश्चात आपको सबमिट के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इस प्रकार आप यूपी फ्री टेबलेट/स्मार्टफोन योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकेंगे।

फ्री टैबलेट स्मार्टफोन योजना लिस्ट देखने की प्रक्रिया

  • सबसे पहले आपको उत्तर प्रदेश चीफ मिनिस्टर ऑफिस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • अब आपके सामने होम पेज खुलकर आएगा।
  • इसके पश्चात आपको यूपी फ्री टेबलेट/स्मार्टफोन योजना के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • अब आपको यूपी फ्री टेबलेट/स्मार्ट फोन योजना लिस्ट के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद आपके सामने एक नया पेज खोलकर आएगा।
  • इस पेज पर आपको अपने जिले का चयन करना होगा।
  • अब आपको अपने ब्लॉक का चयन करना होगा।
  • इसके बाद आपको व्यू लिस्ट के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • आपके सामने यूपी फ्री टेबलेट/स्मार्ट फोन योजना लिस्ट खुलकर आ जाएगी।

38 लाख युवाओं को हुआ पंजीकरण- पहले चरण में एमए, बीए, बीएससी, आईटीआई, एमबीबीएस, एमडी, बीटेक, एमटेक, पीएचडी, एमएसएमई और स्किल डिवेलपमेंट आदि के अंतिम वर्ष के छात्रों को प्राथमिकता मिलेगी। इसके लिए अब तक डीजी शक्ति पोर्टल पर 38 लाख से अधिक युवाओं का रजिस्ट्रेशन हो चुका है।

किसी से कम नहीं हैं परिषदीय विद्यालय: विकास किशोर

लखनऊ। खण्ड शिक्षा अधिकारी के संयोजन में ब्लॉक संसाधन केंद्र पर ब्लॉक स्तरीय ग्राम प्रधान विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष प्रधानाध्यकों की संगोष्ठी एवं उन्मुखीकरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ विधायक प्रतिनिधि विकास किशोर ब्लाक ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि प्रधान संघ अध्यक्ष प्रतिनिधि अखिलेश सिंह अंजू की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विकास किशोर ने बताया कि आज हमारे परिषदीय विद्यालय किसी से कम नहीं हैं। प्रधान और शिक्षक प्रबंध समिति के सहयोग से अब हमारे सरकारी विद्यालयों का कायाकल्प हुआ है। प्रदेश सरकार अभिभावकों के खाते में यूनिफार्म के लिए सीधे खाते में ग्यारह सौ रूपए दे रही है। एडी बेसिक लखनऊ पीएन सिंह ने शिक्षा की गुणवत्ता; किस प्रकार और बेहतर करने के विषय पर विस्तार से चर्चा की। खंड शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि प्रधान और शिक्षकों के बेहतर समन्वय से विद्यालयों की स्तिथि बेहतर हो गई है। साथ ही ग्रामीण अपने बच्चों को परिषदीय विद्यालयों में एडमिशन करवा रहे हैं। कार्यक्रम में पूर्व माध्यमिक विद्यालय गढ़ी संजर खा की छात्रा आयुषि ने देश भक्ति का गीत गाकर उपस्थित जन को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। मुजासा विद्यालय की छात्राओं ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एडी बेसिक पीएन सिंह, बीइओ मुख्यालय राजेश सिंह, महामंत्री नवीन यादव, पूर्व प्रधान जितेंद्र शुक्ल, एआरपी सत्य प्रकाश पांडेय, शिक्षक संघ के अध्यक्ष अवधेश कुमार, मंत्री फहीम बेग, विमला चंद्रा, मंजू चौधरी, एआरपी संजय मौर्या सहित बड़ी संख्या में प्रधान विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष और विद्यालयों के प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे।

मधुमक्खियों के हमले से छात्र छात्राएं घायल

मधुमक्खियों के हमले से छात्र छात्राएं परेशान। खंड शिक्षा अधिकारी ने बच्चो को बँधाया ढाँढस।

मलिहाबाद,लखनऊ। प्राथमिक विद्यालय में दोपहर के समय छात्रों पर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया।मधुमक्खियों ने दर्जनों छात्रो को काटा। इस बीच अध्यापकों ने आग जलाकर किसी तरह मधुमक्खियों से पीछा छुड़ाया। जानकारी होने पर खंड शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुँचे।


विकासखंड मलिहाबाद के प्राथमिक विद्यालय चाइना के पास इमली के पेड़ में एक सारंग मधुमक्खी का बहुत बड़ा छत्ता लगा हुआ था। बुधवार को मध्यान्ह भोजन के समय एकाएक छत्ते से उड़कर मधुमक्खियों ने विद्यालय में छात्र-छात्राओं पर हमला बोल दिया। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर सहायक अध्यापक अशोक कुमार, आंगनबाड़ी कार्यकत्री और सहायिका सहित ग्रामीणों ने आग जलाकर धुँआ करके छात्रों को किसी तरह मधुमक्खियों के प्रकोप से बचाया। इस दौरान राजा राठौर, रानी, राहुल, मुस्कान, प्रियांशी, सोनाली, रेखा आदि को मधुमक्खियों ने अपने डंक से घायल कर दिया। मधुमक्खियों के हमले के बाद स्कूल में पढ़ रहे छात्र छात्राओं में भय व्याप्त है। घटना की जानकारी होते ही खंड शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार मिश्र मौके पर पहुँचे और अध्यापकों को जरूरी दिशा निर्देश देते हुए छात्र छात्राओं का हालचाल लिया। साथ ही लगभग 100 मीटर के दायरे में आने वाले हर पेड़ का मुआयना कर नुकसान पहुचाने वाले मधुमक्खी के छत्ते को ग्रामीणों के सहयोग से हटाया गया।

शिक्षामित्रों के मानदेय वृद्धि को छोड़कर अन्य समस्याओं के  समाधान को बनी सहमति

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश चंद्र द्विवेदी की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ एवं अन्य संघ के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में कई  महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
इनमें महिला शिक्षा मित्रों को उनकी ससुराल के निकट के विद्यालय में स्थानांतरित एवं पुरूष शिक्षा मित्रों को मूल विद्यालय में वापसी के लिए एक अवसर देने के साथ ही  शिक्षामित्रों को शिक्षकों की भांति बीमा योजना में लाभान्वित किया जाना शामिल है। इसके अलावा चंदौली और फर्रुखाबाद के शिक्षामित्रों का बकाया मानदेय जारी करने। शिक्षामित्रों के आकस्मिक अवकाश शिक्षकों की भांति 1 जनवरी से 31 दिसंबर तक मान्य करने। शिक्षामित्रों को शिक्षकों की भांति मेडिकल सुविधा देने। शिक्षामित्रों को शिक्षक छात्र अनुपात में गणना करने। बारह माह एवं मानदेय वृद्धि के लिए मुख्यमंत्री से वार्ता कर पुनः बैठक करने का आश्वासन मंत्री एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा दिया गया है।

आज की बैठक में महानिदेशक स्कूल शिक्षा अनामिका सिंह, निदेशक बेसिक शिक्षा सर्वेंद्र विक्रम सिंह, अपर निदेशक श्रीमती ललिता प्रदीप, विशेष सचिव एवं संयुक्त निदेशक गणेश कुमार के साथ साथ संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला प्रदेश कोषाध्यक्ष रमेश मिश्रा प्रदेश संगठन मंत्री राम द्विवेदी के साथ अन्य संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

छात्राओं को अश्लील मैसेज भेजने वाले गुरु जी पहुंचे हवालात

बिजनौर। अपनी ही छात्रा को विल यू मैरी मी कहने वाला वीरा इंजीनियरिंग कॉलेज का शिक्षक हवालात पहुंच गया है। मंगलवार शाम को पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ केस दर्ज करने के साथ ही देर रात गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले पीड़ित छात्रा की शिकायत के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज में पहुंच कर हंगामा किया। कॉलेज प्रबंधन ने तुरंत ही आरोपी शिक्षक अरशद को बर्खास्त कर दिया।

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बताया गया है कि वीरा इंजीनियरिंग कॉलेज की एक छात्रा ने इंग्लिश पढ़ाने वाले शिक्षक अरशद से व्हाट्सएप पर पढ़ाई से संबंधित कुछ जानकारी मांगी थी। इस पर शिक्षक ने पहले छात्रा को दोस्ती करने का मैसेज भेजा। इसके बाद शिक्षक ने छात्रा को संदेश भेजा ‘तुम्हारा BF बन सकता हूं, विल यू मैरी मी’? इस पर छात्रा ने विरोध जताते हुए कॉलेज में शिक्षक की शिकायत की तो पता चला कि उसने कुछ अन्य छात्राओं को भी इस तरह का मैसेज भेजा है। छात्राओं की शिकायत पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज में प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह पूरा प्रकरण सोशल मीडिया पर छा गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ खुद ही केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। दरअसल, छात्राओं के परिजनों ने इस मामले में कोई तहरीर नहीं दी थी।

ये हुई पुलिस कार्रवाई

पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 13.12.2021 को थाना कोतवाली शहर क्षेत्रान्तर्गत वीरा इन्जिनियरिंग कॉलेज के शिक्षक अरशद फरीदी (41 वर्ष) पुत्र इफ्तेहार अहमद निवासी मोहल्ला चाहशीरी बी-21 थाना कोतवाली नगर जनपद बिजनौर द्वारा कॉलेज की छात्राओं को व्हाट्सएप्प पर आपत्तिजनक मैसेज भेजने के सम्बन्ध में स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हुए। उक्त प्रकरण के सम्बन्ध में थाना कोतवाली शहर पर मु0अ0सं0 848/21 धारा 294 भादवि व धारा 67 आई0टी एक्ट बनाम अरशद उपरोक्त पंजीकृत किया गया। आज दिनांक 15.12.2021 को थाना कोतवाली शहर पुलिस द्वारा आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार किया गया, विधिक कार्यवाही की जा रही है।

बेटियां स्वावलंबी होने के साथ ही सीखेंगी आत्मरक्षा का हुनर

लखनऊ। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मलिहाबाद में तीन दिवसीय गाइड शिविर का आयोजन सोमवार को किया गया। 13 दिसंबर से 15 दिसंबर तक आयोजित किए जाने वाले शिविर का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी मलिहाबाद संतोष मिश्रा द्वारा किया गया।

मुख्य अतिथि संतोष मिश्रा ने बालिकाओं द्वारा लगाए गए शिविर का निरीक्षण किया। उनसे गाइड के संबंध में सवाल पूछे बालिकाओं द्वारा गाइड शिविर में बनाए गए पकवान भी देखे और चखे गए। शिविर के प्रथम दिवस के अंत में शिक्षा अधिकारी मलिहाबाद ने बालिकाओं से गाइड शिविर के बारे में विस्तार से चर्चा की तथा उनका उत्साहवर्धन किया। बालिकाओं द्वारा प्रेरणा गीत पिरामिड मार्च पास्ट के कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए जो अत्यधिक सराहनीय थे।

विद्यालय की वार्डन नीलिमा सिंह ने बताया कि इस तीन दिवसीय शिविर से बालिकाओ को काफी लाभ होगा। लड़कियां स्वावलंबी होने के साथ ही आत्मरक्षा के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगी। इस अवसर पर
वार्डन नीलिमा सिंह के अलावा गुंजन सक्सैना, पुष्पांजलि दुबे, सुमि श्रीवास्तव, सुनीता मौर्या, नसरीन जमाल तथा मिथिलेश उपस्थित रहे।

81% अंक पाकर कमलप्रीत कौर अव्वल

बिजनौर। जनता कालेज आफ एजुकेशन नूरपुर का बीएड सत्र 2019/21 का परीक्षा परिणाम घोषित हुआ।
प्राचार्य महेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि कमलप्रीत कौर 81 प्रतिशत अंक पाकर प्रथम स्थान पर रही। निशात अंजुम 80 प्रतिशत अंक पाकर द्वितीय व अनु चौधरी 79.5 प्रतिशत अ़ंक पाकर तृतीय स्थान पर रहे।

13 दिसंबर तक सदस्यता ग्रहण करें शिक्षक


नूरपुर/बिजनौर। उ0 प्र0 जू0 हा0 स्कूल शिक्षक संघ जनपद बिजनौर की ब्लॉक् ईकाईयो के चुनाव की प्रक्रिया शुरु हुई।
इसी क्रम में गुरुवार को संगठन के बीआरसी स्थित कार्यालय पर बैठक में जिलाध्यक्ष सुधीर यादव ने सभी ब्लाक अध्यक्षों को ब्लाक सदस्यता सूची अवलोकन हेतु अपने संगठन कार्यालयों पर चस्पा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिन सदस्यों के नाम सूची में शामिल होने से रह गये और जिन अध्यापक, अध्यापिकाओं को संगठन की सदस्यता लेनी हो, वह 13 दिसंबर तक सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं, ताकि निर्धारित समय पर सदस्यता सूची प्रदेश कमेटी को मुहैया कराई जा सके। इससे पूर्व संगठन की बैठक में ब्लाक ईकाइयों के चुनाव की रुपरेखा व निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न कराने पर विचार किया गया। उन्होंने कहा कि संगठन में ही शक्ति है। इसलिए सभी शिक्षकों को संगठित रहने का आव्हान किया। बैठक में नितिन चौहान, भूपेन्द्र चौहान, अंगजीत चौधरी, ललिल गहलौत, हिमाचल रानी, संदीप कुमार, स़जय चौहान आदि शामिल रहे।

समाजवादी आंदोलन पार्टी के महा आयोजन की तैयारियां शुरु

आगामी विधानसभा चुनाव फतह करने की तैयारियां की समाजवादी आंदोलन पार्टी ने शुरू


नूरपुर। समाजवादी आंदोलन पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव फतह करने की तैयारियां शुरू कर दी है।
शनिवार को समाजवादी आंदोलन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अकबर नबी इदरीसी ने बयान कर बताया कि बहुत जल्दी महागठबंधन में शामिल पार्टियों की सभा का एक महा सभा आयोजन नूरपुर में होने वाला है। इसकी मेजबानी समाजवादी आंदोलन पार्टी के समस्त पदाधिकारी एवं प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर एहतेशाम अहमद अंसारी व प्रदेश प्रभारी मोहम्मद रजा करेंगे। मुख्य अतिथि आली जनाब मौलाना सलमान नदवी राष्ट्रीय सरपरस्त भारतीय एकता मंच, आली जनाब मौलाना तौकीर रजा साहब राष्ट्रीय अध्यक्ष ऑल इंडिया इत्तेहादुल मिल्लत कौंसिल, राजकुमार सैनी पूर्व सांसद एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी, अकबर नबी इदरीसी राष्ट्रीय अध्यक्ष समाजवादी आंदोलन पार्टी, हाजी सलीम अख्तर राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय एकता मंच पार्टी एवं सहयोगी पार्टियों के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदेश अध्यक्ष उपस्थित रहेंगे। आने वाले 2022 के विधानसभा चुनाव को मजबूत बनाने के लिए इन सभाओं का आयोजन किया जाएगा।

न्यायपालिका में?, सभी जगह महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण क्यों नहीं-अशोक मधुप


न्यायपालिका में ही, सभी जगह महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण क्यों नहीं


सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमण ने पिछले दिनों महिला वकीलों से आह्वान किया कि वे न्यायपालिका में 50 फीसदी आरक्षण की अपनी मांग को जोरदार ढंग से उठाएं। सीजेआई ने यह भी आश्वस्त किया कि उन्हें उनका पूरा समर्थन है। प्रश्न उठता है कि महिलाएं न्यायपालिका में ही क्यों 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग करें। देश की सभी सेवाओं और विधायिका में क्यों नहीं 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग करें। आधी दुनिया उनकी है तो अपने हिस्से का आधा आसमान उन्हें क्यों नहीं दिया जाताॽ    
नौ नवनियुक्त न्यायाधीशों के शीर्ष कोर्ट की महिला वकीलों द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में सीजेआई ने यह अहम बात कही। सीजेआई रमण ने कहा, ‘मैं नहीं चाहता कि आप रोएं, लेकिन आप गुस्से से चिल्लाएं और मांग करें कि हम 50 फीसदी आरक्षण चाहते हैं। चीफ जस्टिस ने कहा, ‘यह अधिकार का मामला है, दया का नहीं। मैं देश के लॉ स्कूलों में महिलाओं के लिए निश्चित मात्रा में आरक्षण की मांग का भी समर्थन करता हूं, ताकि वे न्यायपालिका में आ सकें’। 

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमण ने न्यायपालिका में महिला वकीलों को 50 प्रतिशत आरक्षण की बात कही। प्रश्न यह है कि यह मांग न्यायपालिका तक ही सीमित क्यों रहे। महिलाएं जब आधी दुनिया हैं। आधी आबादी हैं। समाज का आधा हिंस्सा है, तो सभी क्षेत्र में आधी आबादी की बात होनी चाहिए। आधा आरक्षण देने की बात करनी  चाहिए थी। आसमान के आधे हिस्से पर उनका हक होना  चाहिए।
जब दुनिया के साथ ही भारत में महिलाओं की आधी आबादी है। तो उस पूरी आधी आबादी के लिए सेवाओं में 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग क्यों नहीं होती? उसे उसका आधा हिस्सा क्यों नहीं मिलताॽ 

कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने भी कहा कि वह उत्तर प्रदेश विधान सभा में महिलाओं को 40 प्रतिशत टिकट देंगी। उन्होंने कहा कि वह तो  50 प्रतिशत  महिलाओं को टिकट देना चाहती थीं, किंतु मजबूरी है। हो सकता है कि अगली बार 50 प्रतिशत को भी टिकट दिया जा सकता है।   
एक ओर दावे यह हैं, वहीं हमारे राजनेता तो विधायिका में महिलाओं को 33 प्रतिशत भी आरक्षण  देने को तैयार नहीं।  2008 से विधायिका में महिलाओं का 33 प्रतिशत आरक्षण देने का मामला लंबित है। राज्य सभा में पारित हो जाने के बाद भी कुछ राजनैतिक दलों के रवैये के कारण से ये बिल संसद में पारित नही हो सका।
प्रश्न यह है कि महिलाएं न्यापालिका में ही 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग क्यों करें। सभी सेवाओं में आरक्षण की मांग करें। सेना में अभी तक महिलाओं को प्रवेश नहीं था। न्यायालय के आदेश के बाद केंद्र सरकार को महिलाओं के लिए सेना के द्वार खोलने पड़े। आज ये हालत है कि देश की युवतियां लड़ाकू विमान उड़ा रहीं हैं। टोक्यो ओलम्पिक में भारत को मिले कुल पदकों में बेटियों का प्रतिशत 42.85 रहा जो अब तक का रिकॉर्ड है। त्रिस्थानीय पंचायत चुनाव में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत स्थान आरक्षित है। इसके बावजूद विजयी महिलाओं के कार्य उनके पति ही देखते हैं। अधिकांश विजेता महिला जन प्रतिनिधि स्वयं निर्णय लेने की हालत में नहीं होती। लेखक की एक परिचित महिला सांसद और उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री रहीं। किंतु उनका सारा कार्य उनके पति ही करते। पत्नी की ओर से पत्र भी वही लिखते हस्तक्षर भी वही करते रहे हैं। महिलाओं को हम तब आगे लाते हैं, जब आरक्षण या किसी मजबूरी के कारण हमारी दाल नहीं गलती। लालू यादव अपनी पत्नी राबडी देवी को मुख्यमंत्री पद खुशी से नहीं देते। जब उनकी कुछ नहीं चलती, तभी मजबूरी में ही वे उन्हें मुखयमंत्री बनाते हैं। महिलाओं का आरक्षण देने के साथ हमें उन्हें आत्मनिर्भर भी करना होगा। उनके हिस्से का आधा आसमान उन्हें सौंपना  ही होगा। ऐसाकर हम उन पर कोई अहसान नहीं करेंगे, उनका हक ही उन्हे देंगे।
 

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं) 

कुंडलिनी योग: हिंदू धर्म रूपी पेड़ पर उगने वाला मीठा फल, सिर्फ तब तक, जब तक है पेड़

साभार

दोस्तों, यह पोस्ट शांति के लिए और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए समर्पित है। क्योंकि कुंडलिनी योग विशेषरूप से हिंदु धर्म से जुड़ा हुआ है, इसीलिए इसको कतई भी अनदेखा नहीँ किया जा सकता। मैं वैसा बनावटी और नकली योगी नहीँ हूँ कि बाहर से योग-योग करता फिरूँ और योग के मूलस्थान हिंदूवाद पर हो रहे अत्याचार को अनदेखा करता रहूँ। अभी हाल ही में इस्लामिक आतंकियों ने कश्मीर में एक स्कूल में घुसकर बाकायदा पहचान पत्र देखकर कुछ हिंदुओं-सिखों को मार दिया, और मुस्लिम कर्मचारियों को घर जाकर नमाज पढ़ने को कहा। इसके साथ ही, बांग्लादेश में मुस्लिमों की भीड़ द्वारा हिंदुओं और उनके धर्मस्थलों के विरुद्ध व्यापक हिंसा हुई। उनके सैकड़ों घर जलाए गए। उन्हें बेघर कर दिया गया। कई हिंदुओं को जान से मार दिया गया। जेहादी भीड़ मौत का तांडव लेकर उनके सिर पर नाचती रही। सभी हिंदु डर के साए में जीने को मजबूर हैं। मौत से भयानक तो मौत का डर होता है। यह असली मौत से पहले ही जिंदगी को खत्म कर देता है। इन कट्टरपंथियों के दोगलेपन की भी कोई हद नहीँ है। हिंदुओं के सिर पर तलवार लेके खड़े हैं, और उन्हीं को बोल रहे हैं कि शांति बनाए रखो। भई जब मर गए तो कैसी शान्ति। हिंसा के विरुद्ध कार्यवाही करने के बजाय हिंसा को जस्टिफाई किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि कुरान का अपमान हुआ, इस्लाम का अपमान हुआ, पता नहीँ क्या-2। वह भी सब झूठ और साजिश के तहत। फेसबुक पर झूठी पोस्ट वायरल की जा रही है। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां चुपचाप मूकदर्शक बनी हुई हैं। उनके सामने भी हिंसा हो रही है। धार्मिक हिंसा के विरुद्ध सख्त अंतरराष्ट्रीय कानून बनाए जाने की सख्त जरूरत है। दुनियादारी मानवीय नियम-कानूनों से चलनी चाहिए। किसी भी धर्म में कट्टरवाद बर्दाश्त नहीं होना चाहिये। सभी धर्म एक-दूसरे की ओर उंगली दिखाकर अपने कट्टरवाद को उचित ठहराते हुए उसे जस्टिफाई करते रहते हैं। यह रुकना चाहिए। कट्टरवाद के खिलाफ खुल कर बोलना चाहिए। मैं जो आज आध्यात्मिक अनुभवों के शिखर के करीब पहुंचा हूँ, वह कट्टरपंथ के खिलाफ बोलते हुए और जीवन जीते हुए ही पहुंचा हूँ। कई बार तो लगता है कि पश्चिमी देशों की हथियार निर्माता लॉबी के हावी होने से ही इन हिंसाओं पर इतनी अंतरराष्ट्रीय चुप्पी बनी रहती है। 

इस्कॉन मंदिर को गम्भीर रूप से क्षतिग्रस्त किया गया, भगवान की मूर्तियां तोड़ी गईं, और कुछ इस्कॉन अनुयायियों की बेरहमी से हत्या की गई। सबको पता है कि यह सब पाकिस्तान ही करवा रहा है। इधर दक्षिण एशिया में बहुत बड़ी साजिश के तहत हिंदुओं का सफाया हो रहा है, उधर पूरा अंतरराष्ट्रीय समुदाय चुप, संयुक्त राष्ट्र संघ चुप, मानवाधिकार संस्थाएँ चुप। क्या हिंदुओं का मानवाधिकार नहीँ होता? क्या हिंदु जानवर हैँ? फिर यूएनओ की पीस कीपिंग फोर्स कब के लिए है। हिंदुओं के विरुद्ध यह साजिश कई सदियों से है, इसीलिए तो पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं की जनसँख्या कई गुणा कम हो गई है, और आज विलुप्ति की कगार पर है, पर मुसलमानों की जनसंख्या कई गुना बढ़ी है। अफगानिस्तान और म्यांमार में भी हिंदुओं के खिलाफ ऐसे साम्प्रदायिक हमले होते ही रहते हैं। यहाँ तक कि भारत जैसे हिन्दु बहुल राष्ट्र में भी अनेक स्थानों पर हिंदु सुरक्षित नहीं हैं, विशेषकर जिन क्षेत्रों में हिन्दु अल्पसंख्यक हैं। आप खुद ही कल्पना कर सकते हैं कि जब भारत जैसे हिन्दु बहुल देश के अंदर और उसके पड़ोसी देशों में भी हिंदु सुरक्षित नहीं हैं, तो 50 से ज्यादा इस्लामिक देशों में हिंदुओं की कितनी ज्यादा दुर्दशा होती होगी। पहले मीडिया इतना मजबूत नहीं था, इसलिए दूरपार की दुनिया ऐसी साम्प्रदायिक घटनाओँ से अनभिज्ञ रहती थी, पर आज तो अगर कोई छींकता भी है, तो भी ऑनलाइन सोशल मीडिया में आ जाता है। इसलिए आज तो जानबूझकर दुनिया चुप है। पहले संयुक्त राष्ट्र संघ जैसी संस्थाएँ नहीं होती थीं, पर आज भी ये संस्थाएँ न होने की तरह ही हैं, क्योंकि ये अल्पसंख्यकों को कोई सुरक्षा नहीँ दे पा रही हैं। वैसा बॉस भी क्या, जो अपने मातहतों को काबू में न रख सके। मुझे तो यह दिखावे का यूएनओ लगता है। उसके पास शक्ति तो कुछ भी नहीँ दिखती। क्योँ वह नियम नहीं बनाता कि कोई देश धर्म के आधार पर नहीँ बन सकता। आज के उदारवादी युग में इस्लामिक राष्ट्र का क्या औचित्य है। इसकी बात करना ही अल्पसंख्यक के ऊपर अत्याचार है, लागू करना तो दूर की बात है। जब इस्लामिक राष्ट्र का मतलब ही अन्य धर्मों पर अत्याचार है, तो यूएनओ इसकी इजाजत कैसे दे देता है। यूएनओ को चाशनी में डूबा हुआ खंजर क्यों नहीं दिखाई देता। प्राचीन भारत के बंटवारे के समय आधा हिस्सा हिंदुओं को दिया गया, और आधा मुसलमानों को। पर हिंदुओं को तो कोई हिस्सा भी नहीं मिला। दोनों हिस्से मुसलमानों के हो गए। आज जिसे भारत कहते हैं, वह भी दरअसल हिंदुओं का नहीं है। दुनिया को हिन्दुओं का दिखता है, पर है नहीँ। यह एक बहुत बड़ा छलावा है, जिसे दुनिया को समझना चाहिए। भारत में मुसलमानों को अल्पसंख्यक के नाम से बहुत से विशेषाधिकार प्राप्त हैं, जिसका ये खुल कर दुरुपयोग करते हैं, जिसकी वजह से आज भारत की अखंडता और संप्रभुता को खतरा पैदा हो गया लगता है। पूरी दुनिया में योग का गुणगान गाया जाता है, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है, पर जिस धर्म से योग निकला है, उसे खत्म होने के लिए छोड़ दिया गया है। बाहर-बाहर से योग का दिखावा करते हैं। उन्हें यह नहीं मालूम कि यदि हिंदु धर्म नष्ट हो गया, तो योग भी नहीं बच पाएगा, क्योंकि मूलरूप में असली योग हिंदु धर्म में ही है। पतंजलि योगसूत्रों पर जगदप्रसिद्ध और गहराई से भरी हुई पुस्तक लिखने वाले एडविन एफ. ब्रयांट लिखते हैं कि हिंदू धर्म और इसके ग्रँथ ही योग का असली आधारभूत ढांचा है, जैसे अस्थिपंजर मानव शरीर का आधारभूत ढांचा होता है। योग तो उसमें ऐसे ही सतही है, जैसे मानवशरीर में चमड़ी। जैसे मानव को चमड़ी सुंदर और आकर्षक लगती है, वैसे ही योग भी। पर अस्थिपंजर के बिना चमड़ी का अस्तित्व ही नहीँ है। इसलिए योग को गहराई से समझने के लिए हिन्दु धर्म को गहराई से समझना पड़ेगा। इसीलिए योग को बचाने के लिए हिन्दु धर्म और उसके ग्रन्थों का अध्ययन और उन्हें संरक्षित करने की जरूरत है। उन्होंने कई वर्षों तक कड़ी मेहनत करके हिन्दु धर्म को गहराई से समझा है, उसे अपने जीवन में उतारा है। मैंने भी हिंदु धर्म का भी गहराई से अध्ययन किया है, और योग का भी, इसलिए मुझे पता है। अन्य धर्मों का भी पता है मुझे कि वे कितने पानी में हैं। अधिकांशतः वे सिर्फ हिंदु धर्म का विरोध करने के लिए ही बने हुए लगते हैं। तो आप खुद ही सोच सकते हैं कि जब हिंदु धर्म पूरी तरह से वैज्ञानिक है, तो दूसरे धर्म कैसे होंगे। बताने की जरूरत नहीं है। समझदारों को इशारा ही काफी होता है। जिन धर्मों को अपने बढ़ावे के लिए हिंसा, छल और जबरदस्ती की जरूरत पड़े, वे धर्म कैसे हैं, आप खुद ही सोच सकते हैं। मैंने इस वेबसाइट में हिंदु धर्म की वैज्ञानिकता को सिद्ध किया है। अगर किसी को विश्वास न हो तो वह इस वेबसाइट का अध्ययन कर ले। मैं यहाँ किसी धर्म का पक्ष नहीं ले रहा हूं, और न ही किसी धर्म की बुराई कर रहा हूँ, केवल वैज्ञानिक सत्य का बखान कर रहा हूं, अपनी आत्मा की आवाज बयाँ कर रहा हूँ, अपने कुंडलिनी जागरण के अनुभव की आवाज को बयाँ कर रहा हूँ, अपने आत्मज्ञान के अनुभव की आवाज को बयाँ कर रहा हूँ, अपने पूरे जीवन के आध्यात्मिक अनुभवों की आवाज को बयां कर रहा हूँ, अपने दिल की आवाज को बयां कर रहा हूँ। मैं तो कुछ भी नहीँ हूँ। एक आदमी क्या होता है, उसका तर्क क्या होता है, पर अनुभव को कोई झुठला नहीं सकता। प्रत्यक्ष अनुभव सबसे बड़ा प्रमाण होता है। आज इस्कॉन जैसे अंतरराष्ट्रीय हिन्दु संगठन की पीड़ा भी किसी को नहीं दिखाई दे रही है, जबकि वह पूरी दुनिया में फैला हुआ है। मैंने उनकी पीड़ा को दिल से अनुभव किया है, जिसे मैं लेखन के माध्यम से अभिव्यक्त कर रहा हूँ। यदि हिंदु धर्म को हानि पहुंचती है, तो प्रकृति को भी हानि पहुंचती है, धरती को भी हानि पहुंचती है। प्रकृति-पूजा और प्रकृति-सेवा का व्यापक अभियान हिंदु धर्म में ही निहित है। देख नहीँ रहे हो आप, दुनिया के देशों के बीच किस तरह से घातक हथियारों की होड़ लगी है, और प्रदूषण से किस तरह धरती को नष्ट किया जा रहा है। धरती को और उसके पर्यावरण को यदि कोई बचा सकता है, तो वह हिंदु धर्म ही है।भगवान करे कि विश्व समुदाय को सद्बुद्धि मिले।

सरेआम होती इस लूट को रोकने के लिए सख्ती कीजिये

भारत के लोग रोज लुट रहे हैं। ठगी के शिकार हो रहे हैं। धोखा देकर उनके खातों से रकम निकाली जा रही है। युवा फर्जी  विश्वविद्यालय में प्रवेश लेकर धन और समय बर्बाद कर रहे हैं। इतना  होने पर भी रोकने के लिए जिम्मेदार संस्थाएं आंखें मूंदे बैठी हैं। वह कुछ नहीं कर पा रहीं। आम उपभोक्ता, देश का युवा नागरिक रोज लुट-पिट कर घर बैठ जाता है। शिकायत करने के बाद भी कुछ भी नहीं कर पाता।

भारतीय स्टेट बैंक ने अपने खाताधारकों से कहा है कि वह बैंक का कस्टमर केयर नंबर गूगल या किसी और प्लेटफार्म पर सर्च ना करें। स्टेट बैंक की सही वेबसाइट का प्रयोग करें। उसने यह भी कहा है उसके नाम (स्टेट बैंक) से मिलती -जुलती लगभग आधा दर्जन वेब साइट गूगल और अन्य ऐसे ही प्लेटफार्म पर मौजूद थे। जरा सी  गलती से आप इन पर लॉगिन करके ठगी के शिकार हो सकते हैं। यह आदेश स्टेट बैंक के नहीं हैं, आज सभी बैंक इस तरह के आदेश कर रहे हैं। बैंक खाताधारकों को जानकारी दे रहे हैं कि वे बैंक के नाम पर हो रही ठगी से कैसे बचेंॽ

यही हालत यूजीसी ग्रांट कमीशन (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) की है। उसे पता है कि देश में कितने फर्जी विश्वविद्यालय चल रहे हैं। वह साल में कई बार इन विश्वविद्यालयों की सूची अखबार में छपवाता  है। वह सिर्फ सूची छपवा कर अपनी जिम्मेदारी  से मुक्त हो जाता है। अपनी जिम्मेदारी से छूट जाता है। सही विश्वविद्यालयों की जानकारी संज्ञान में ना होने पर जो युवा इन फर्जी विश्वविद्यालयों में प्रवेश ले लेते हैं, उनके साल तो बर्बाद होते ही है पढ़ाई के दौरान व्यय हुआ धन भी बेकार जाता है।

कुछ यही हालत राम मंदिर की साइट की भी है। मंदिर का निर्माण कार्य कराने का निर्णय हुआ। धन संग्रह के लिए मंदिर निर्माण समिति ने साइट बनाई। उसकी साइट तो बाद में बनी, उस जैसी मिलते- जुलते नाम की कई साइट और बनकर खड़ी हो गई। आम आदमी राम मंदिर को चंदा देना चाहता है। उसकी मंदिर में आस्था है, लेकिन  ये फर्जी साइट बनाने वाले  उनकी आस्था और विश्वास का लाभ उठाकर उनकी भावनाओं से खिलवाड़ करते हैं। उनकी मेहनत की कमाई लूट रहे हैं। राम मंदिर ही नहीं, अन्य प्रसिद्ध मंदिरों के नाम से मिलती −जुलती साइट भी मौजूद हैं।

भारतीय सेना के लिए धन संग्रह वाली अलग साइट है। इसके लिए जो दान करना चाहता है, वहाँ जाकर कर सकता है, लेकिन इसके नाम से मिलती-जुलती कई साइट पहले ही मौजूद हैं। पिछले साल जब चीन से तनातनी चली, तब  इन फर्जी संस्थाओं में दान देने के  बारे में पब्लिक प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप, ट्विटर और फेसबुक आदि पर लगातार मैसेज आए। जनता से अपील की गई  कि सेना को मजबूत करने सैनिकों की सुविधा विस्तार के लिए खुले मन से इनमें दान करें। बाद में पता चलता है कि इन इन सब का अधिकृत एजेंसी से कोई लेना-देना नहीं। यह तो देशवासी की आस्थाओं पर डाका डालने में लगे हुए है। ऐसी ही साइट के बारे में लोगों ने रक्षा मंत्रालय और केंद्र की कई जिम्मेदार संस्थाओं को मेल कर वस्तु स्थिति जाननी चाही। एक साल बीतने पर भी कोई  उत्तर नहीं मिला।

जिम्मेदार संस्थाएं बैंक, विश्व विद्यालय अनुदान आयोग आदि इन धोखेबाज के खिलाफ मुकदमे दर्ज क्यों नहीं करते?
हम जानते हैं कि ठगी हो रही है। लोगों की आस्थाओं का गलत लाभ उठाया जा रहा है। कुछ चोर −लुटेरे आराम से लोगों की मेहनत की कमाई पर अय्याशी कर रहे हैं।

इस तरह की ठगी, लूट और धोखाधड़ी रोकने के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर कोई संस्था होनी चाहिए। ऐसा करने वालों पर कठोर दंड की व्यवस्था हो, तुरत-फुरत न्याय हो, कठोर साइबर कानून हो। इसके साथ जरूरी है कि अपराधी के प्रति कोई दया या कृपा न बरती जाए। उत्तर प्रदेश की तरह अपराधियों की संपत्ति पर तुरंत सरकार कब्जा कर ले। तभी जाकर इन अपराधों पर रोक लग सकती है, अन्यथा ये तो चलता ही रहेगा।

उत्तर प्रदेश के युवाओं को सरकार देगी स्मार्ट फोन या टैबलेट

लखनऊ। राज्य के 60 लाख से लेकर एक करोड़ तक युवाओं को स्मार्ट फोन या टैबलेट देने की योजना उत्तर प्रदेश सरकार ने बनाई है। यह निर्णय मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया। इस योजना पर करीब तीन हजार करोड़ रुपए की लागत आएगी।

कैबिनेट की बैठक में कुल 25 प्रस्तावों पर स्वीकृति की मुहर लगी। प्रदेश के खादी ग्रामोद्योग मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने मीडिया को प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि युवाओं के तकनीकी सशक्तीकरण के लिए यह स्मार्ट फोन या टैबलेट स्नातक / परास्नातक, बीटेक, पालीटेक्निक, चिकित्सा शिक्षा, पैरा मेडिकल और कौशल विकास मिशन के प्रशिक्षुओं को दिए जाएंगे।

हर जिले में चयन के लिए कमेटी

युवाओं को स्मार्ट फोन और टैबलेट उपलब्ध करवाने के लिए हर जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में छह सदस्यों की एक कमेटी बनेगी। उक्त कमेटी चिन्हित शिक्षण संस्थानों की सूची तैयार करेगी। स्मार्ट फोन या टैबलेट जेम पोर्टल के जरिये ही खरीदे जाएंगे। जेम पोर्टल ही नोडल एजेंसी होगी। टैबलेट या स्मार्ट फोन देने के लिए युवाओं की पात्रता भी तय की जाएगी। खादी ग्रामोद्योग मंत्री ने कहा कि अब अधिकांशत: पढ़ाई ऑनलाइन होने लगी है। कई परीक्षाएं भी ऑनलाइन हो रही हैं। ऐसे में युवाओं को अब सूचना प्रौद्योगिकी के इन माध्यमों से जोड़ना जरूरी हो गया है। 

नर्स, बढ़ई, प्लंबर को भी सुविधा

सेवा मित्र पोर्टल कौशल विकास विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से विभिन्न कुशल कारीगरों को पंजीकृत कराकर चिन्ह्ति एजेन्सियों के माध्यम से विभिन्न नागरिक सेवाएं जैसे प्लम्बर, कारपेंटर, नर्स, इलेक्ट्रीशियन, ए.सी. मैकेनिक आदि जनसामान्य को दी जा रही हैं। उन्हें भी टैबलेट/स्मार्ट फोन दिए जाएंगे, जिससे वे नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करते हुए अपनी जीविका भी चला सकें।

अन्य वर्ग के युवा भी होंगे शामिल

योजना के तहत प्रस्तावित लाभार्थी वर्ग में अन्य वर्ग के युवाओं को भी समय-समय पर मुख्यमंत्री के अनुमोदन से सम्मिलित किया जाएगा। टैबलेट या स्मार्ट फोन किस लाभार्थी वर्ग को दिए जाने हैं, इसका निर्णय मुख्यमंत्री  के स्तर से लिया जाएगा। इनके वितरण के लिए लाभार्थी वर्ग की प्राथमिकता का निर्धारण और चरणबद्ध क्रय के संबंध में भी निर्णय मुख्यमंत्री के स्तर से लिया जाएगा। भविष्य में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों के निराकरण के लिए योजना के तहत किसी भी संशोधन के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है। 

डीबीटी एप का प्रशिक्षण, फिर भी संशय बरकरार

बिजनौर। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की वार्डन और सहायक अध्यापिकाओं को डीबीटी एप का प्रशिक्षण देकर इस पर कार्य करने के संबंध में समझाया गया।

गुरुवार को बीएसए कार्यालय सभागार में बालिका डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर मित्र लाल गौतम और डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर एमआईएस अनुज कुमार शर्मा ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की सभी वार्डन और सहायक अध्यापकों को डीबीटी ऐप पर काम करने के लिए प्रशिक्षण दिया। उन्हें डीबीटी एप पर छात्राओं का डाटा अपलोड करने का तरीका बताया गया। प्रशिक्षण में मीनाक्षी ,रितु अग्रवाल, राजरानी आदि वार्डन मौजूद रहेl

बिना ड्रेस के नौनिहाल: अप्रैल से शुरू शिक्षा सत्र के छह माह बीतने के बावजूद बेसिक स्कूलों में अध्यनरत नौनिहालों को यूनिफॉर्म नहीं मिली है। बच्चे बिना यूनिफॉर्म के ही विद्यालय पहुंच रहे हैं।

गौरतलब है कि बेसिक स्कूलों के नौनिहालों की यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूते मोजे और स्कूल बैग का पैसा अभिभावकों के खाते में भेजने के निर्देश शासन ने दिये हैं। डीबीटी के माध्यम से अभिभावकों के खाते में पैसा आएगा। इसके लिए बेसिक स्कूलों के अध्यापकों के मोबाइल फोन में डीबीटी एप डाउनलोड कराया गया है। एप पर अध्यापकों को छात्रों का डाटा फीड करना होगा। डीबीटी एप पर प्रत्येक बच्चे के अभिभावक का आधार नम्बर, उसका बैंक खाता नम्बर, मोबाइल नम्बर और आधार कार्ड के अनुसार अभिभावक का नाम उसमें भरना है। कई अध्यापकों का कहना है कि अभी डीबीटी एप पर पूरी गति से छात्रों का डाटा फीडिंग का कार्य नहीं हो पा रहा है। अब सवाल यह है कि ऐसे में अभिभावकों के खाते में यूनिफॉर्म का पैसा कब आएगा? वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि थोड़ा समय लग सकता है लेकिन आने वाले सालों में यूनिफॉर्म वितरण को लेकर सभी परेशानी दूर हो जाएगी।

बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरन यादव ने कहा कि डीबीटी एप पर छात्रों के डाटा फीडिंग का कार्य चल रहा है। बहुत जल्द अभिभावकों के खाते में यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, जूते मोजे और स्वेटर का पैसा पहुंचेगा। कार्य तेजी से चल रहा है, जल्द ही नौनिहालों को यूनिफॉर्म मिल जाएगी।

फ्री में बनाएं ई-श्रम कार्ड। मिलेगा सरकार से सीधा बैंक अकाउंट में पैसा!

ऐसे बनाएं फ्री में ई-श्रम कार्ड! मिलेगा सरकार से सीधा बैंक अकाउंट में पैसा !

E Shram Card Kaise Banaye

E Shram Card – सरकार ने हॉल ही में असंगठित क्षेत्रों में काम कर रहे मजदूरों के लिये आधार कार्ड के जैसा एक कार्ड लांच किया है। इस कार्ड का नाम E Shram Card (ई श्रम कार्ड) है। आज की इस पोस्ट में हम इसी कार्ड के बारे में जानने वाले है, और साथ ही आपको बताएंगे कैसे आप घर बैठे अपने मोबाइल से यह कार्ड बना सकते हैं। तो चलिये आइये जानते है, कैसे आप ई-श्रम कार्ड [E Shram Card] बना सकते हैं?

E Shram Card क्या है ?

ई श्रम कार्ड (E Shram Card)- यह कार्ड मजदुर लोगों का पहचान कार्ड है। इस कार्ड में मजदूर लोग की पर्सनल जानकारी (जैसे नाम, पता, उम्र, शैक्षणिक योग्यता, स्किल्स एवं वह क्या काम करते हैं) होती है। यह कार्ड पूरे भारत वर्ष में मान्य है, और इस कार्ड में भी आधार कार्ड के जैसे ही 12 अंक होते हैं।

E-Shram Card बनाने के फायदे ?

इस कार्ड के जरिये सरकार अब से मजदूर के खाते में भविष्य में निकलने वाली योजना के पैसे डाला करेगी। इसके अलावा इस कार्ड के और भी बहुत सारे फायदे हैं, जिसकी जानकारी आप इस पोर्टल https://eshram.gov.in/ से ले सकते हैं।

किसका बन सकता है ई-श्रम कार्ड?

इस कार्ड को असंगठित क्षेत्रों में काम कर रहे मजदूर, कृषि श्रमिक एवं भूमिहीन कृषि श्रमिक, जिनकी उम्र 16 वर्ष से लेकर 59 वर्ष के बीच है, बनवा सकते हैं। [ऐसे लोग जो ईपीएफओ (EPFO) या ईएसआईसी (ESIC) के सदस्य हैं, वह कार्ड नहीं बना सकते।]

ई-श्रम कार्ड बनाते समय इन डाक्यूमेंट्स की होगी जरुरत

E-Shram कार्ड को बनाने के लिये आपके पास आधार कार्ड + बैंक पासबुक होना चाहिए और साथ ही आपके आधार कार्ड में मोबाइल नंबर लिंक होना चाहिये। वह मोबाइल नंबर आपके पास मौजूद होना चाहिये, क्यूंकि ई-श्रम कार्ड बनाने के लिए आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर OTP आती है। अगर आपके पास यह डॉक्यूमेंट मौजूद होंगे, तभी आप ई-श्रम कार्ड बना सकते हैं।

ऐसे बनाएं E Shram Card (ई-श्रम कार्ड)

इस कार्ड को आप फ्री में इस पोर्टल https://register.eshram.gov.in/#/user/self से बना सकते हैं। इस पोर्टल से इस कार्ड को कैसे बनाना है, इसके लिए आप नीचे दिया गया Video देख सकते हैं। वीडियो में आपको इस कार्ड को बनाने की पूरी प्रक्रिया बताई गयी है।

Watch This Video –

ई श्रम कार्ड बनाने के लिये ऐसे मिलेगा NSO Codes

इस कार्ड को अप्लाई करते वक्त NSO Codes की जरुरत होती है। इस कोड को आप इस लिंक https://register.eshram.gov.in/assets/file/NCO-codes4.pdf से अपने कार्य के अनुसार निकाल सकते हैं।

…तो इस तरह आप ई-श्रम कार्ड बना सकते हैं और सरकार से इस कार्ड के जरिये मिलने वाली सुविधा का लाभ ले सकते हैं।

WhatsApp की एक Setting बदल कर बचा सकते हैं फोन स्टोरेज और मोबाइल डेटा!

WhatsApp की एक Setting बदल कर बचा सकते हैं फोन स्टोरेज और मोबाइल डेटा! जानें आसान तरीका

WhatsApp पर कई धांसू ट्रिक मौजूद है.

वॉट्सऐप (WhatsApp) बहुत सारे मीडिया कंट्रोल के साथ आता है, जो यूज़र्स को अपने हिसाब से फोटोज, वीडियो और अन्य मल्टीमीडिया को कंट्रोल करने की अनुमति देता है. इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप यूज़र्स को एक बार में सभी चैट के लिए ऑटो-डाउनलोड को बंद करने का ऑप्शन भी देता है. आमतौर पर वॉट्सऐप रिसीव होने वाली सभी फ़ोटो और वीडियो को डाउनलोड करता है और उन्हें फोन की गैलरी में सेव करता है. ये ना केवल आपके डेटा की खपत करता है बल्कि आपके फोन स्टोरेज को कम करने के साथ, आपके फोन को भर देता है.

इसके अलावा, वॉट्सऐप के पास एक विकल्प भी है जिसे मीडिया विजिबिलिटी कहा जाता है. इस ऑप्शन को बंद करने के साथ ही आपके फोन पर ऑटोमैटिक फोटो और वीडियोज़ डाउनलोड होना बंद हो जाएंगे. आइए जानते हैं वॉट्सऐप पर मीडिया सेटिंग्स को कैसे मैनेज करें…

ज़रूरी बातें
> वॉट्सऐप का नया वर्जन होना चाहिए.

> वॉट्सऐप का एक्टिव अकाउंट होना चाहिए.

वॉट्सऐप पर ऑटो-डाउनलोड को कैसे बंद करें?

1- वॉट्सऐप खोलें और ऊपर दाईं ओर थ्री डॉट्स पर टैप करके सेटिंग्स में जाएं.

2- स्टोरेज एंड डेटा पर टैप करें और मीडिया ऑटो-डाउनलोड सेक्शन में जाएं.

यहां करें ये बदलाव-

-मोबाइल डेटा का इस्तेमाल करते समय — सभी बॉक्स अनचेक करें

-Wifi से कनेक्ट होने पर — सभी बॉक्स अनचेक करें.

-रोमिंग के समय — सभी बॉक्स को अनचेक करें

सभी चैट के लिए मीडिया विजिबिलिटी को कैसे बंद करें?

-सेटिंग पर जाएं -> चैट्स -> मीडिया विजिबिलिटी और इसे ऑफ कर दें.

पर्सनल चैट के लिए मीडिया विजिबिलिटी को कैसे बंद करें?

-वो चैट खोलें, जिसके लिए आप मीडिया विजिबिलिटी को बंद करना चाहते हैं और ऊपर से चैट के नाम पर टैप करें. मीडिया विजिबिलिटी को सर्च करें और इसे बंद कर दें. (साभार)

सपा किसान,नौजवान पटेल यात्रा का हुआ जोरदार स्वागत

सपा किसान, नौजवान पटेल यात्रा का हुआ जोरदार स्वागत

समाजवादी पार्टी व्यापार सभा के प्रदेश सचिव सोनू कनौजिया की अगुवाई में हुआ जोरदार स्वागत

लखनऊ। समाजवादी पार्टी की किसान नौजवान पटेल यात्रा का प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में लखनऊ जनपद में प्रवेश करने पर सपाइयों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। समाजवादी पार्टी व्यापार सभा के प्रदेश सचिव सोनू कनौजिया की अगुवाई में जनपद लखनऊ में वापस लौटने पर मोहनलाल गंज और निगहो के बीच एकत्र सैकड़ो की संख्या में अपने कार्यकर्ताओं के साथ किसान नौजवान पटेल यात्रा के लखनऊ जनपद प्रवेश होने पर जोरदार स्वागत किया । यह यात्रा प्रदेश अध्यक्ष एवं एमएलसी नरेश उत्तम पटेल की अगुवाई में दोपहर करीब 12:30 पर पहुंची। वहां पहले से ही मौजूद हजारों की संख्या में सपाइयों ने फूल मालाओं से अपने प्रदेश अध्यक्ष को लाद दिया। सपा के समर्थन में जमकर नारेबाजी की भीड़ देखकर उत्साहित प्रदेश अध्यक्ष सड़क पर उतर पड़े और कार्यकर्ताओं को सफल आयोजन की बधाई दी। सभी से उन्होंने माला पहनी। प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने उपस्थित कार्यकर्ताओं से कहा कि वह मिशन 2022 की तैयारी में जुट जाएं, जनपद रायबरेली के समस्त सीटों पर समाजवादी पार्टी का परचम लहरा दें। उत्तर प्रदेश में जब अखिलेश यादव के अगुवाई की सरकार बनेगी तभी उत्तर प्रदेश का चौमुखी विकास होगा। किसान खुशहाल होगा, नौजवान खुशहाल होगा, महिलाएं खुशहाल होंगी, छात्र खुशहाल होगा, बेरोजगार खुश होंगे। स्वागत समारोह में बड़ी तादाद में सपाई उपस्थित रहे।

अभिभावकों के बैंक खाते में पहुंचेगी स्कूल ड्रेस की रकम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में नि:शुल्क यूनिफार्म, स्वेटर, स्कूल बैग व जूता-मोजा के लिए बेसिक शिक्षा विभाग प्रेरणा डीबीटी एप लांच करेगा। डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सितम्बर माह में ही पहले चरण की धनराशि अभिभावकों के खाते में भेजने के निर्देश दिए हैं। 1056 रुपए की धनराशि डीबीटी से दी जाएगी।

प्रदेश में 1.79 करोड़ विद्यार्थी प्राइमरी व जूनियर स्कूलों में पंजीकृत- विभागीय प्रमुख सचिव दीपक कुमार ने आदेश जारी कर कहा है कि डीबीटी के लिए विभाग श्रीटान इण्डिया लिमिटेड के साथ करार करेगा। क्योंकि श्रीटान इण्डिया यूआईडीएआई के पोर्टल से आधार प्रमाणीकरण के लिए अधिकृत हैं। वहीं विभाग यूपी डेस्को से भी करार करेगा जो प्रेरणा पोर्टल व एप के संचालन के लिए डाटाबेस, डैशबोर्ड व पीएफएमएस पोर्टल के साथ इंटीग्रेशन करेगा। समय कम है लिहाजा तैयारियां तेज की जाएं। प्रदेश में 1.79 करोड़ विद्यार्थी प्राइमरी व जूनियर स्कूलों में पंजीकृत हैं।

प्रेरणा पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य- इस बीच सभी सरकारी व सहायता प्राप्त स्कूलों के विद्यार्थियों का पंजीकरण अनिवार्य रूप से प्रेरणा पोर्टल पर किया जाएगा। उनके माता-पिता या अभिभावक की बैंक पासबुक की छायाप्रति अनिवार्य रूप से प्राप्त की जाएगी। ये खाता आधार से लिंक होना चाहिए। डीबीटी के लिए अभिभावकों का आधार नंबर अनिवार्य है, बच्चों का आधार अनिवार्य नहीं होगा। सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि डाटा शत प्रतिशत सही है। बिना आधार के खातों में धनराशि नहीं भेजी जा सकेगी। यह धनराशि पीएफएमएस पोर्टल से हस्तांतरित की जाएगी। मोबाइल एप के संचालन के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। 

काकोरी में दो दिवसीय मूर्तिकला कार्यशाला का समापन

दो दिवसीय मूर्तिकला कार्यशाला का समापन। बाबू त्रिलोकी सिंह इंटर कॉलेज काकोरी लखनऊ में हुआ आयोजन।


लखनऊ। बाबू त्रिलोकी सिंह इंटर कॉलेज काकोरी में नई शिक्षा नीति की अवधारणा को लेकर दो दिवसीय मूर्तिकला कार्यशाला का आयोजन किया गया।

राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कला शिक्षक एवं राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश के सदस्य अमित कुमार के निर्देशन में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त मूर्तिकार दिनेश सोनकर तथा शनि केसरी ने 2 दिन तक लगभग 50 छात्रों को चिकनी छनी हुई गीली मिट्टी से मूर्तियां बनाना सिखाया।

कार्यशाला में मुख्य रुप से श्री गणेश की मूर्ति तथा दूसरे दिन मुखाकृति बनाने का अभ्यास कराया गया। कार्यशाला के समापन में छात्रों द्वारा बनाई गई मूर्तियों की प्रदर्शनी की गई।

इस अवसर पर काकोरी ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि लल्लू यादव, काकोरी के बीडीओ विनायक सिंह, एसीपी पश्चिमी आशुतोष कुमार मौजूद रहे। इन सभी लोगों ने छात्रों की प्रशंसा की।

काकोरी बीडीयो विनायक सिंह ने कहा कि महिलाओं के स्वयं सहायता समूह की तरह इन छात्रों के द्वारा बनाई गई मूर्तियों की बिक्री की व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे छात्रों को उनकी मेहनत का लाभ मिल सके।

एसीपी पश्चिमी आशुतोष कुमार ने छात्रों से कहा कि आप लोगों में से ही कई छात्र भविष्य के बड़े मूर्तिकार हो सकते हैं।

विद्यालय प्रधानाचार्य डॉ. राजकुमार सिंह ने बताया कि यह विद्यालय पढ़ाई में तो आगे है ही, सह पाठ्य क्रिया कलापों में भी इस विद्यालय का कोई मुकाबला नहीं है। प्रधानाचार्य ने मुख्य अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के समापन के दौरान विद्यालय के प्रवक्ता सुनील कुमार एमएल सिंह सहित समस्त शिक्षक और कर्मचारी एवं छात्र उपस्थित रहे।

बाबू त्रिलोकी सिंह इंटर कॉलेज काकोरी में दो दिवसीय मूर्तिकला कार्यशाला

बाबू त्रिलोकी सिंह इंटर कॉलेज काकोरी में दो दिवसीय मूर्तिकला कार्यशाला

लखनऊ। नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन तथा छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ साथ व्यवसायिक शिक्षा की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए बाबू त्रिलोकी सिंह इंटर कॉलेज काकोरी में सोमवार को दो दिवसीय मूर्तिकला कार्यशाला का उद्घाटन हुआ।

विद्यालय के प्रधानाचार्य राजकुमार सिंह द्वारा मां सरस्वती के चरणों में दीप प्रज्वलित कर किया गया। विद्यालय के राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कला शिक्षक एवं  राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश के सदस्य अमित कुमार के निर्देशन में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त मूर्तिकार दिनेश सोनकर तथा शनि केसरी, विद्यालय के लगभग 50 छात्रों को मूर्तिकला की विधा में पारंगत करेंगे।

उद्घाटन सत्र के दौरान विद्यालय के प्रवक्ता सुनील और जेएन पांडे एवं प्रदीप कुमार बाजपेई उपस्थित थे। कल मंगलवार को समय 2:00 बजे विद्यालय में छात्रों के द्वारा बनाई गई मूर्तियों का प्रदर्शन एसीपी काकोरी आशुतोष कुमार, खंड विकास अधिकारी काकोरी विनायक सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी श्रीमती  लक्ष्मी सिंह की उपस्थिति में किया जाएगा।

किसान पुत्र मोहम्मद सुहैल ने किया नाम रौशन

किसान के बेटे मोहम्मद सुहैल ने किया नाम रौशन। डीफार्मा की परीक्षा 82% से की उत्तीर्ण। भारतीय किसान यूनियन के नेता अनीस अहमद के पुत्र हैं मोहम्मद सुहैल।

बिजनौर। कृष्णा कॉलेज ऑफ इंस्टिट्यूट बिजनौर के छात्र मोहम्मद सुहैल पुत्र अनीस अहमद निवासी मोहल्ला पीरजादगान कस्बा झालू ने डीफार्मा की अंतिम परीक्षा 82 प्रतिशत अंक से पास की है। मोहम्मद सुहैल ने इस परीक्षा को पास करके अपने कॉलेज के साथ-साथ अपने माता-पिता का नाम भी रौशन किया। मोहम्मद सुहैल भारतीय किसान यूनियन के नेता अनीस अहमद के पुत्र हैं। मोहम्मद सुहैल अपनी पढ़ाई के साथ-साथ किसानी कामकाज में अपने पिता की भी बहुत मदद करते हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुजन और अपने माता-पिता, भाई बहन को दिया है।

अभिभावक को स्कूल में बंद कर पीटा, गोली मारने की धमकी!

विद्यालय की छुट्टी जल्दी होने की शिकायत अभिभावक को पड़ी भारी। अध्यापक ने अभिभावक के साथ की मारपीट।

बिजनौर। विद्यालय की छुट्टी जल्दी होने की शिकायत अभिभावक को भारी पड़ गई। अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले अध्यापक ने गरिमा तार तार कर दी। दबंग शिक्षक ने अभिभावक को स्कूल में जमकर पीटा और दो घंटे तक बंधक बनाकर रखा। यही नहीं गांव के राशन डीलर को पीड़ित अभिभावक के घर भेज कर गोली मारने की धमकी भी दी। फिलहाल मामला पुलिस के पास है और विकास क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी भी जांच कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार नहटौर क्षेत्र के ग्राम पाडली मांडू निवासी शौकीन अहमद पुत्र मुन्ने का बेटा प्राथमिक विद्यालय पाडली प्रथम में अध्ययनरत है। बताया जाता है कि स्कूल स्टाफ ने बच्चों की छुट्टी कर दी, जल्दी छुट्टी होने पर विद्यालय में पहुंचे शौकीन ने विद्यालय स्टाफ से शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि शिक्षक सचिन चौधरी ने शौकीन अहमद को गालियां देते हुए मारपीट कर स्कूल के एक कमरे में बंधक बना लिया। दो घंटे तक बंधक रहे शौकीन को अन्य स्टाफ ने शिक्षक सचिन के चंगुल से आजाद कराया। किसी तरह घर पहुंच कर शौकीन ने जानकारी अपने परिजनों को दी। परिजनों के साथ शौकीन अहमद ने नीदडू पुलिस चौकी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। साथ ही साथ नहटौर विकास क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार से भी लिखित में शिकायत की। वहीं शिक्षक सचिन ने आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया है। आरोप यह भी है कि गांव का राशन डीलर शिक्षक की ओर से धमकी देने आया कि सचिन से उलझो मत, वो गोली मार देगा। दूसरी ओर विभागीय अधिकारियों ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।

मोबाइल फोन में व्यस्त रहते हैं गुरु जी- आरोप है कि अधिकांश समय अध्यापक मोबाइल फोन में व्यस्त रहते हैं। कोई व्हाट्सएप्प में जुटा रहता है तो कोई यूट्यूब या फ़ेसबुक में। किसी को देश के नौनिहालों के भविष्य की चिंता नहीं है। ऐसे अध्यापक भारी भरकम तनख्वाह सरकार से वसूल कर अपने कर्तव्य की अनदेखी कर रहे हैं। टोकने पर अभिभावकों के साथ गुंडागर्दी पर उतारू हो जाते हैं। यही नहीं कहते हैं कि अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाओ। दो साल पहले बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल ने चेतावनी भी दी थी कि स्कूल टाइम में ऑनलाइन मिलने पर संबंधित शिक्षक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।

फर्जी कागजात के आधार पर बना राशन डीलर, अगली पोस्ट…

आचार्य द्विवेदी स्मृति अंतरराष्ट्रीय हिंदी कविता प्रतियोगिता 11 सितंबर को

लखनऊ। युग निर्माता साहित्यकार आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की स्मृति एवं हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में बच्चों की अंतरराष्ट्रीय हिंदी कविता एवं कहूत प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता 11 सितंबर को ऑनलाइन संपन्न होगी इन दोनों प्रतियोगिताओं में भारत और अमेरिका के करीब 5 दर्जन बच्चे प्रतिभाग कर रहे हैं।
आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की भारत और अमेरिका इकाई के संयुक्त सौजन्य से आयोजित हो रही इस प्रतियोगिता का मुख्य मकसद बच्चों में हिंदी के प्रति लगाव पैदा करना और हिंदी को आगे बढ़ाना है। समिति की अमेरिकी इकाई की अध्यक्ष श्रीमती मंजु मिश्रा ने बताया कि 8 से 12 और 12 से 18 वर्ष के बच्चों के लिए 2 आयु वर्ग में प्रतियोगिताएं संपन्न होंगी। उन्होंने बताया कि भारत में यह प्रतियोगिता 11 सितंबर को शाम 8:30 बजे और अमेरिका में सुबह 8:00 बजे ऑनलाइन होगी। कविता पाठ प्रतियोगिता के लिए सरस्वती पत्रिका के प्रधान संपादक प्रोफ़ेसर देवेंद्र शुक्ला और अमेरिका में रह रहे प्रसिद्ध साहित्यकार श्रीमती शशि पाधा निर्णायक नियुक्त की गई है।
समित की भारत इकाई के अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने बताया कि पहली बार संपन्न होने जा रही अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता को लेकर बच्चों में काफी उत्साह देखने को मिला है। कविता पाठ उपयोगिता में प्रतिभाग कर रहे बच्चों ने अपनी स्वरचित कविताएं वीडियो बनाकर भेजी हैं। उन्हें निर्णायको के पास भेज दिया गया है। कहूत प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में कौन बनेगा करोड़पति के तर्ज पर आचार्य द्विवेदी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी बच्चों को सम्मानित भी किया जाएगा। सहभाग कर रहे सभी बच्चों को सांत्वना प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।

बढ़ेगा शिक्षा मित्रों,अनुदेशकों व रसोइयों का मानदेय!

लखनऊ। शिक्षा मित्रों व अनुदेशकों का मानदेय एक-एक हजार रुपए व रसोइयों का मानदेय 500 रुपए बढ़ाया जा सकता है। इसे लेकर अधिकारियों में सहमति बन गई है। सूत्रों का कहना है कि बढ़े हुए मानदेय पर मुख्यमंत्री से सहमति मिलने के बाद एक कार्यक्रम का आयोजन कर इसकी घोषणा की जाएगी। इससे प्रदेश के 1.59 लाख शिक्षामित्रों व 30 हजार अनुदेशकों को लाभ मिलेगा।

समान कार्य, समान वेतन की मांग- अभी शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार रुपए है। शिक्षको का समायोजन रद्द होने के बाद उनका मानदेय 3500 से बढ़ाकर 10 हजार रुपए किया गया था। तबसे वे समान कार्य, समान वेतन की मांग कर रहे थे। अनुदेशकों को भी लगभग सात हजार रुपए मानदेय दिया जाता है। 3.5 लाख रसोइयों को अभी 1500 रुपए मानदेय दिया जाता है, जिसमें 1000 रुपए केंद्र और 500 रुपए सरकार देती है।

डॉक्टरों को पहली पदोन्नति देने से पहले ग्रामीण सेवा हो अनिवार्य: उपराष्ट्रपति


उपराष्ट्रपति ने देश में विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में अत्याधुनिक स्वास्थ्य अवसंरचना का निर्माण करने की आवश्यकता पर बल दिया।

डॉक्टर-मरीज अनुपात में अंतर को ध्यान में रखते हुए मेडिकल कॉलेजों की संख्या में बढ़ोत्तरी करने की आवश्यकता।

चिकित्सा शिक्षा और उपचार सस्‍ता होना चाहिए: उपराष्ट्रपति।

नई दिल्ली (PIB)। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि सरकारी क्षेत्र में डॉक्टरों को पहली पदोन्नति देने से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा को अनिवार्य किया जानी चाहिए। 11वें वार्षिक चिकित्सा शिक्षक दिवस समारोह में बोलते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस बात को ध्यान में रखते हुए कि देश की 60 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है, युवा डॉक्टरों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में तीन से पांच साल की सेवा जरूरी है।

चिकित्सा पेशे को एक नेक कार्य बताते हुए उन्होंने डॉक्टरों को सलाह दिया कि वे कोई भी कमी और चूक न करें, बल्कि जुनून के साथ देश की सेवा करें। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी ने बेहतर स्वास्थ्य अवसंरचना की आवश्यकता पर बल दिया है और राज्य सरकारों को इस पहलू पर विशेष रूप से ध्यान देने की सलाह भी दी।

उपराष्ट्रपति ने मेडिकल कॉलेजों की संख्या में बढ़ोत्तरी करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि देश में डॉक्टर-रोगी अनुपात 1:1,456 है जबकि डब्ल्यूएचओ का मानक 1:1000 है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों का शहरी-ग्रामीण अनुपात भी बहुत ज्यादा विषम है क्योंकि ज्यादातर चिकित्सा पेशेवर शहरी क्षेत्रों में ही काम करना पसंद करते हैं। इस बात पर भी बल दिया कि चिकित्सा शिक्षा और उपचार दोनों सस्ता और आम लोगों की पहुंच में होनी चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति और राजनेता-दार्शनिक, स्वर्गीय श्री सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इससे पहले उन्होंने जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ और पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष, डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी और डॉ. देवी शेट्टी सहित अन्य लोगों को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया।

इस अवसर पर तेलंगाना के गृह मंत्री, मो. महमूद अली, एएनबीआई के अध्यक्ष, डॉ अलेक्जेंडर थॉमस, राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड के अध्यक्ष, डॉ अभिजात सेठ, ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन, डॉ जी एस राव, ऑर्गेनाइजिंग सचिव, डॉ लिंगैया, एपी एंड टीएस एएनबीएआई के अध्यक्ष और अन्य लोग उपस्थित हुए।

प्राइवेट शिक्षकों को भी वेतन का भुगतान अब उनके बैंक खाते में

लखनऊ (एजेंसी)। यूपी में सरकारी शिक्षकों की तरह ही प्राइवेट शिक्षकों को भी वेतन का भुगतान अब उनके बैंक खाते में कराया जाएगा। डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने रविवार को शिक्षक दिवस के मौके पर यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रबंध तंत्र द्वारा उन्हें कम वेतन दिए जाने की शिकायतों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

डॉ. शर्मा गोमती नगर स्थित सिटी मांटेसरी स्कूल के सभागार में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्रदेश के दो शिक्षकों, वर्ष 2019 में राज्य अध्यापक पुरस्कार व मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार प्राप्त करने वाले 17 शिक्षकों तथा उत्कृष्ट शिक्षक के रूप में चयनित जिले के 75 शिक्षकों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि वित्त विहीन विद्यालयों में फीस से होने वाली आय का 80 फीसदी हिस्सा वेतन मद में व्यय किए जाने की व्यवस्था है। अक्सर ऐसी शिकायतें मिलती हैं कि इन विद्यालयों के शिक्षकों को कम वेतन दिया जाता है और नियमित रूप से नहीं दिया जाता है। खाते में वेतन भुगतान की व्यवस्था होने से इस समस्या का समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से मृत वित्त विहीन विद्यालयों के शिक्षकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने पर भी विचार किया जा रहा है। जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।

अवकाश लेने की प्रक्रिया ऑनलाइन- डिप्टी सीएम ने कहा कि सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को पदोन्नति देने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही उनकी अवकाश लेने की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है। ऐसे सभी शिक्षक अब अवकाश के लिए मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से आवेदन करेंगे। संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों को अब भी राजकीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों की तरह सुविधाएं दी जाएंगी।

सेवाकाल में दिवंगत होने पर उसके आश्रित को नौकरी- शिक्षक के सेवाकाल में दिवंगत होने पर उसके आश्रित को नौकरी दी जाएगी। यह सुविधा पहले नहीं थी। संस्कृत विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पद भी भरे जा रहे हैं। कोरोना काल में ऑनलाइन शिक्षण के लिए शिक्षकों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने साढ़े चार में अपनी सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। इससे पहले माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने भी शिक्षकों को संबोधित किया। समारोह में आए शिक्षकों का स्वागत विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा शंभु कुमार ने किया।

शिक्षक दिवस पर सम्मानित होंगे राजकीय ITI के प्रशिक्षक

शिक्षक दिवस के अवसर पर सम्मानित होंगे राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के प्रशिक्षक

लखनऊ। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के निदेशक कुणाल सिल्कू ने शिक्षक दिवस के अवसर पर दिनांक 05 सितम्बर 2021 को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षकों को सम्मानित करते हुए कार्यक्रम आयोजित करने के सम्बंध में समस्त मण्डलीय संयुक्त निदेशक (प्रशि0/शिशिक्षु) को निर्देश दिये हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा इस वर्ष शिक्षक दिवस के अवसर पर दिनांक 05 सितम्बर, 2021 को प्रदेश के समस्त जनपदों में कार्यक्रमों को आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसके क्रम में प्रत्येक जनपद के नोडल राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में दिनांक 05 सितम्बर, 2021 को शिक्षक दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण देश में प्रत्येक वर्ष 05 सितम्बर ‘‘शिक्षक दिवस’’ के रूप में मनाया जाता है तथा इस अवसर पर शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थानों में शिक्षकों/प्रशिक्षकों को उनके बेहतरीन कार्यों के लिए सम्मानित करते हुए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों को आयोजित किया जाता है।
श्री सिल्कू ने कहा कि प्रत्येक जनपद के समस्त राजकीय औ़द्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों से कम से कम 01 प्रशिक्षक को सम्मान हेतु चयनित किया जायेगा तथा किसी भी जनपद में सम्मानित किये जाने वाले प्रशिक्षकों की संख्या 05 से कम नहीं होगी। सम्मानित किये जाने वाले प्रत्येक प्रशिक्षण को एक शॉल तथा प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जायेगा। प्रत्येक जनपद में प्रशिक्षकों के चयन हेतु समिति गठित की गयी है, जिसमें मण्डलीय संयुक्त निदेशक (प्रशि./शिशिक्षु) को अध्यक्ष, नोडल प्रधानाचार्य, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान को सदस्य सचिव, अन्य समस्त प्रधानाचार्य/उप-प्रधानाचार्य, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान को सदस्य बनाया गया है।
श्री सिल्कू ने कहा कि प्रशिक्षकों को चयन हेतु मापदण्ड निर्धारित किये गये हैं। जिसके अनुसार प्रशिक्षक के विरूद्ध कोई भी विभागीय कार्यवाही प्रचलित न हो। निलम्बित प्रशिक्षक का चयन नहीं किया जा सकता है। प्रशिक्षक की विगत 05 वर्ष की चरित्र प्रविष्टियां अनुकूल अर्थात उत्तम/अति-उत्तम/उत्कृष्ट हो। विगत 03 वर्षों में प्रशिक्षक द्वारा प्रशिक्षित किये गये प्रशिक्षार्थियों का परीक्षा परिणाम, प्रशिक्षक द्वारा विगत वर्षों में किये गये बेहतरीन कार्य (प्रशिक्षण प्रदान किये जाने में रूचि, मोहल्लों आदि का निर्माण, डिजीटल मोड में प्रशिक्षण प्रदान किया जाना, इत्यादि) तथा उसका आचरण होगा।

रक्षाबंधन: भाई बहन के बीच प्यार और तकरार की दोस्ती का त्योहार

लखनऊ। (शैली सक्सेना)। श्रावण माह की पूर्णिमा को रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस बार यह पर्व 22 अगस्त 2021 रविवार के दिन रहेगा। यदि भाई और बहन एक समान उम्र के हैं तो उनमें प्यार और तकरार चलती रही है, परंतु उन्हें एक दूसरे का दोस्त भी बनना चाहिए।

कुछ आवश्यक- 1. आपका भाई या आपकी बहन आपके लिए दुनिया के सर्वश्रेष्ठ दोस्त साबित हो सकते हैं। आज के दौर में लड़की द्वारा किसी अन्य से दोस्ती रखना खतरे का खेल भी है। 2. भाई या बहन आपके सबसे अच्छे दोस्त तब साबित हो सकते हैं जबकि आप उनके साथ संवाद स्थापित करें और एक दूसरे का ध्यान रखें। 3. भाई या बहन के साथ-साथ आप अपने सुख-दुःख बांटकर खुश रह सकते हैं। 4. भाई हरदम बहन की मदद करने के लिए हरदम तैयार रहता है और बहन को भी भाई की मदद के लिए सदा तत्पर रहना चाहिए। 5. रक्षा बंधन पर भाई के हाथ में बांधें दोस्ती का सूत्र और भाई भी वचन के साथ दोस्ती का नेग दें। 6. रक्षाबंधन का दिन ऐसा मौका है, जबकि भाई-बहन गिले-शिकवे भुलाकर आपसी प्यार को बांटते हैं। 7. भाई की रक्षा के लिए बहनें उसकी कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी आयु की कामना करती हैं। 8. भाई भी बहन को उपहार देकर उसके सुख-दुःख में साथ देने का वचन देता है। 9. इस अनूठे मौके पर अनोखा उपहार देकर अपनी भावनाएं व्यक्त कर सकते हैं। 10. कभी कभार चल सकता है कि आप बाहर के लोगों के साथ भी समय बिताएं पर आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि अपने तो अपने ही होते हैं, बाकी सब सपने होते हैं। इसीलिए परिवार के सदस्य एक दूसरे को ज्यादा से ज्यादा समय दें और उन्हीं के साथ घूमने फिरने जाएं। 

माता-पिता करें ये कार्य:

1. भाई बहन के बीच किसी भी प्रकार का फर्क ना करें। 2. दोनों को साथ ही खेलने और शिक्षा प्राप्त करने का मौका दें। 3. कोशिश करें कि वे साथ में बैठ कर ही भोजन करें। 4. वो साथ समय बिता सकें, इसके लिए एक समय तय कर दें। 5. वर्ष में एक या दो बार पूरा परिवर सैर सपाटे के लिए बाहर जाए। 6. उन्हें एक दूसरे का खयाल रखना और एक दूसरे की मदद करना सिखाएं। 7. उनके भीतर पारिवारिक भावना और टीम भावना का विकास करें। 8. जब भी वो एक दूसरे के लिए कुछ अच्छा करें, तो उनकी प्रशांसा करें। 9. एक दूसरे के जन्मदिन पर दोनों को ही कुछ करना सिखाएं। 10. रक्षाबंधन के त्योहार को हर वर्ष कुछ स्पेशल करें या स्पेशल बनाएं।

रंग लाने लगी रक्षा उत्सव की मुहिम

मिशन शक्ति 3 के अंतर्गत जनपद में मनाया गया “मेगा इवेंट” ” रक्षा उत्सव”

रंग लाने लगी महिला कल्याण अधिकारी की मुहिम। रविता राठी के प्रयासों को मिला जनसहयोग। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों पर लगाई बेटियों की नेम प्लेट। आबकारी पुलिस चौकी इंचार्ज ने ली बेटियों, महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी।

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। मिशन शक्ति 3 के अंतर्गत जनपद बिजनौर में महिला कल्याण विभाग व पुलिस विभाग द्वारा नगर पालिका चौराहे पर कैंप लगाकर व्यापारियों व बाजार में आई महिलाओं को इकट्ठा किया गया।

इस दौरान महिला कल्याण अधिकारी रविता राठी द्वारा व्यापारियों को बच्चों तथा महिलाओं को विभिन्न प्रकार की हिंसा से बचाव संबंधी हाट बाजार आदि सार्वजनिक स्थानों पर कार्यक्रमों का आयोजन कर जनसामान्य को जागरूक किया गया। बेटियों से पहचान, नारी सम्मान थीम पर समस्त व्यापारियों को जागरूक किया गया। व्यापारियों व अन्य लोगों का आह्वान किया गया कि अपने व्यापार को परिवार की महिलाओं, बेटियों के नाम से पहचान दें। इस हेतु अपनी दुकान व मकान पर सन बोर्ड, फ्लैग बोर्ड नेम प्लेट का उपयोग अपनी बेटी के नाम से किया जाना है।

पुलिस विभाग से आबकारी चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर नीरज कुमार द्वारा हाट बाजार में आने वाली महिलाओं व बेटियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बताया गया कि यदि कोई परेशानी है तो वह आबकारी चौकी इंचार्ज से संपर्क कर अपनी समस्या को बता सकती है। महिलाओं की पूरी सुरक्षा की जिम्मेदारी चौकी इंचार्ज द्वारा ली गई।

कुछ व्यापारियों ने अपनी बेटियों के नाम से आज ही अपनी दुकान पर नेम प्लेट भी लगाई। राधिका साड़ी हाउस, वंशिका कोचिंग सेंटर, सविता कॉस्मेटिक स्टोर, मुस्कान सेंटर, अंशिका दूध डेयरी, रूपसी ब्यूटी पार्लर, गंभीर कलेक्शन ने अपनी बेटी मिताली के नाम की नेम प्लेट मिताली कलेक्शन के नाम से लगाई।

इस मौके पर पश्चिम उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री मुकुल अग्रवाल, अनिल गंभीर नगर अध्यक्ष, सुरेश कपूर नगर प्रभारी, आशीष अग्रवाल जिला उपाध्यक्ष, मुकेश टीकू जिला महामंत्री, लक्की चोपड़ा जिला उपाध्यक्ष, मनोज जैन नगर उपाध्यक्ष, महिला कल्याण विभाग से जिला समन्वयक आशु सिंह, एंटी रोमियो से आकाश धामा, शिखा मलिक मौजूद रहे।

स्कूल में पढ़ाया जाएगा कोरोना का पाठ

लखनऊ। घर पर रहकर छात्र-छात्राओं ने लॉकडाउन काल में केवल पढ़ाई की या फिर खेले हैं। उनको ये ताे जानकारी हुई कि कोविड-19 नाम का वायरस फैला हुआ है, जो लोगों को बीमार कर रहा है और घातक स्थिति में होने पर उनकी जान भी ले रहा है। मगर कोरोना के बारे में विस्तृत जानकारी करने में विद्यार्थियों ने रुचि नहीं दिखाई। अब जब माध्यमिक विद्यालय खुलेंगे तो उनको कोविड-19 के बारे में विस्तार से जानकारी कराई जाएगी। कोरोना वायरस के दुष्प्रभाव, इसके फैलने के तरीके, इससे बचने के उपाय, सावधानियां आदि के बारे में बताया जाएगा। वहीं इससे जुड़ी जानकारियां जैसे किस देश में कितना संक्रमण रहा, कितने लोगों की जान गई आदि के बारे में भी तथ्यात्मक ज्ञान कराया जाएगा।स्कूल में

स्‍कूल में उपलब्ध होंगे सैनिटाइजर व साबुन- विद्यालय खुलने पर विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सैनिटाइजर व साबुन भी उपलब्ध कराया जाएगा। विद्यालय की ओर से विद्यार्थी को साबुन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए बजट की व्यवस्था विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को विद्यालय फंड से ही करनी होगी। माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को कोरोना संक्रमण से बचाने को साबुन का वितरण किए जाने के निर्देश शासन स्तर से जारी किए गए हैं। विद्यार्थियों को हाथ धाेने व संक्रमण से बचने के लिए प्रेरित किया जाएगा। हालांकि साबुन वितरण का काम प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देशन में कराया जाएगा। इसकी तैयारी भी कर ली गई है।

डीआइओएस के सूत्रों ने बताया कि, विद्यार्थियों को समय-समय पर हाथ धोने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से साबुन वितरण की योजना शासन की ओर से बनाई गई है। माध्यमिक विद्यालयों के लिए जितने साबुन वितरण करने के आदेश होंगे व साबुन उपलब्ध कराए जाएंगे, उनका वितरण कराया जाएगा। अभी नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थी स्कूल-कालेज आएंगे। उनको ही साबुन वितरण कराया जाएगा। प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वो विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को सुरक्षा उपायों के पालन के लिए प्रेरित करने का प्रयास करें।

अगस्त क्रांति दिवस

अगस्त क्रांति आंदोलन की शुरूआत 9 अगस्त 1942 को हुई थी। मुम्बई के जिस पार्क से यह आंदोलन शुरू हुआ, उसे अगस्त क्रांति मैदान नाम दिया गया है। द्वितीय विश्व युद्ध में समर्थन लेने के बावजूद जब अंग्रेज़ भारत को स्वतंत्र करने को तैयार नहीं हुए तो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन के रूप में आजादी की अंतिम जंग का ऐलान कर दिया जिससे ब्रितानिया हुकूमत में दहशत फैल गई।अगस्त क्रांति दिवस

अगस्त क्रांति आंदोलन की शुरूआत 9 अगस्त, 1942 को हुई थी, इसीलिए भारतीय इतिहास में 9 अगस्त के दिन को अगस्त क्रांति दिवस के रूप में जाना जाता है।

इतिहास

अंग्रेजों को देश से भगाने के लिए 4 जुलाई 1942 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें कहा गया कि यदि अंग्रेज भारत नहीं छोड़ते हैं तो उनके ख़िलाफ़ व्यापक स्तर पर नागरिक अवज्ञा आंदोलन चलाया जाए। इस प्रस्ताव को लेकर हालांकि पार्टी के भीतर मतभेद पैदा हो गए और प्रसिद्ध कांग्रेसी नेता चक्रवर्ती राजगोपालाचारी ने पार्टी छोड़ दी। पंडित जवाहर लाल नेहरू और मौलाना आजाद प्रस्तावित आंदोलन को लेकर शुरूआत में संशय में थे। उन्होंने महात्मा गांधी के आह्वान पर इसके समर्थन का फैसला किया। उधर सरदार वल्लभ भाई पटेल और डॉ. राजेंद्र प्रसाद यहां तक कि अशोक मेहता और जयप्रकाश नारायण जैसे वरिष्ठ गांधीवादियों और समाजवादियों ने इस तरह के किसी भी आंदोलन का खुलकर समर्थन किया। आंदोलन के लिए कांग्रेस को हालांकि सभी दलों को एक झंडे तले लाने में सफलता नहीं मिली। मुस्लिम लीगभारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और हिन्दू महासभा ने इस आह्वान का विरोध किया। 8 अगस्त 1942 को अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के बम्बई सत्र में भारत छोड़ो आंदोलन का प्रस्ताव पारित किया गया। (साभार)

गुरप्रीत कौर ने हासिल किए सीबीएसई हाई स्कूल परीक्षा में 97.6 प्रतिशत

बिजनौर। एमडी इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा गुरप्रीत कौर ने सीबीएसई हाई स्कूल की परीक्षा में 97.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपने विद्यालय का नाम रौशन किया है। वह अपने स्कूल में द्वितीय स्थान पर हैं। उनके पिता रामनाथ सिंह पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं।

एमडी इंटरनेशनल स्कूल बिजनौर की छात्रा गुरप्रीत कौर ने अंग्रेजी विषय में 100 में से 100 अंक प्राप्त कर विशेष स्थान प्राप्त किया है। अपनी इस सफलता से खुश गुरप्रीत ने बताया कि उसने अपनी बड़ी बहन खुशवंत कौर से प्रेरणा ली है।

विदित हो कि खुशवंत कौर ने एमडी इंटरनेशनल स्कूल से इंटरमीडिएट की परीक्षा मे टॉप-10 में स्थान प्राप्त किया था। गुरप्रीत ने अपने शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मेहनत व प्यार से आज उन्हें  यह कामयाबी हासिल हुई है। यह भी बताया कि  माता-पिता के आशीर्वाद से उन्हें यह कामयाबी हासिल हुई है। गुरप्रीत की कामयाबी पर लोग उनके माता पिता को बधाई दे रहे हैं। ऑल मीडिया & जर्नलिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री संजय सक्सेना, वरिष्ठ पत्रकार राजीव कश्यप, जयपाल सिंह, नरपाल सिंह ने भी उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशीर्वाद दिया है।

अब मिलेगा मेडिकल एडमिशन के ऑल इंडिया कोटे में OBC को 27 व EWS को 10 % आरक्षण

medical college exam 2021

मेडिकल एडमिशन के ऑल इंडिया कोटे में ओबीसी को 27 और ईडब्ल्यूएस वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण पर मोदी सरकार ने लगाई मुहर। इसी सत्र से लागू होगा फैसला। लगभग 5,550 विद्यार्थी होंगे लाभान्वित।

नई दिल्ली (एजेंसी/एकलव्य बाण समाचार)। मेडिकल एजुकेशन में ऑल इंडिया कोटे के तहत ओबीसी वर्ग को 27 फीसदी और ईडब्ल्यूएस वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण मिलेगा। मोदी सरकार ने इस फैसले पर मुहर लगा दी है। दोनों वर्गों को इसी सत्र से आरक्षण का लाभ मिलेगा। सरकार ने कहा है कि पिछड़ों, आर्थिक रूप से कमजोर तबकों को देय आरक्षण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध, निर्णय से अन्य पिछड़ा वर्ग/आर्थिक रूप से कमजोर तबकों के लगभग 5,550 विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को हुई एक बैठक में निर्देश दिया था कि संबंधित केंद्रीय मंत्रालय लंबे समय से लटके पड़े इस मुद्दे का प्रभावी समाधान निकालें। 

फैसले की जानकारी देते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘हमारी सरकार ने वर्तमान शैक्षणिक वर्ष से यूजी और पीजी मेडिकल / डेंटल कोर्स के लिए ऑल इंडिया कोटा स्कीम में ओबीसी के लिए 27 फीसदी आरक्षण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 फीसदी आरक्षण प्रदान करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह हमारे देश में सामाजिक न्याय का नया प्रतिमान बनाएगा। 

अब अकादमिक सत्र 2021-22 से ही एमबीबीएस / एमडीएस / एमएस / डिप्लोमा / एमडीएस कोर्सेज में ऑल इंडिया कोटे के तहत ओबीसी वर्ग को 27 फीसदी और आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण मिलेगा। वर्तमान में करीब 15 फीसदी यूजी, 50 फीसदी पीजी मेडिकल सीटें राज्य सरकारों द्वारा ऑल इंडिया कोटे के तहत मैनेज की जाती हैं। इसमें एससी व एसटी के लिए तो सीटें आरक्षित हैं, लेकिन ओबीसी के लिए नहीं। ओबीसी वर्ग के मेडिकल स्टूडेंट्स द्वारा लंबे समय से इस मसले को सुलझाने की मांग की जा रही थी।केंद्रीय योजना होने की वजह से इस आरक्षण के लिए ओबीसी से संबंधित केंद्रीय सूची का इस्तेमाल किया जाएगा।

ओबीसी वर्ग के मंत्रियों, सांसदों ने दिया था ज्ञापन
राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) के तहत मेडिकल कालेजों में प्रवेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए ऑल इंडिया कोटा लागू करने की मांग को लेकर केन्द्रीय श्रम मंत्री भूपेन्द्र यादव के नेतृत्व में ओबीसी वर्ग के केन्द्रीय मंत्रियों एवं सांसदों ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक ज्ञापन सौंपा था। मोदी को ज्ञापन सौंपने वालों में केन्द्रीय इस्पात मंत्री आरसीपी सिंह, केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, सांसद रामनाथ ठाकुर, गणेश सिंह, सकलदीप राजभर, जयप्रकाश निषाद और सुरेन्द्र नागर शामिल थे।

रोकना होगा सोशल मीडिया का अमानवीयकरण

सामाजिक दर्पण सोशल मिरर फाउंडेशन मध्यप्रदेश की विचारगोष्ठी। सोशल मीडिया के अमानवीयकरण पर सार्थक चर्चा। शामिल हुए वरिष्ठ समाजसेवी, शिक्षक व पत्रकार

पंचदेव यादव वरिष्ठ पत्रकार लखनऊ

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। सामाजिक दर्पण सोशल मिरर फाउंडेशन ग्वालियर मध्यप्रदेश से संचालित है। निरंतर सामाजिक मुद्दों पर आयोजनों के अंतर्गत सोशल मीडिया के अमानवीयकरण विषय पर लाइव संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक मुद्दों से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार विकास त्रिपाठी, शिक्षिका मृदुल मौर्य, महिला पत्रकारिता से जुड़ी वरिष्ठ पत्रकार ममता सिंह, भारतीय नागरिक परिषद की  महामंत्री रीना त्रिपाठी, पटल की संस्थापिका एवं संचालिका शिक्षिका व कई सामाजिक जागरूकता मंच से जुड़ी हुई शकुन्तला तोमर ने प्रतिभाग किया।
जैसा की सर्वविदित है बदलते परिवेश में मोबाइल,  सोशल मीडिया की महती भूमिका है और समय के साथ सोशल मीडिया के दुरुपयोग या मर्यादा हनन के केस अक्सर देखने को मिलते हैं। वर्तमान रफ्तार के युग में सोशल मीडिया का एक चेहरा अमानवीय भी हो रहा है।

कड़े कानून की वकालत-
कार्यक्रम का संचालन करते हुए रीना त्रिपाठी ने बताया कि इंटरनेट एक वर्चुअल वर्ड है, जिसमे सोशल मीडिया एक विशाल नेटवर्क विभिन्न वेबसाइटों का समूह होने के कारण अक्सर हमें कुछ अप्रत्याशित तस्वीरें वीडियो देखने को मिल जाते हैं, जिनकी वर्तमान में कोई प्रासंगिकता नहीं है, जिन्हें देखकर मन विचलित होता है, जिन्हें पढ़कर और सुनकर भावनाएं आहत होती हैं, फिर भी कड़े नियम कानून ना होने के कारण, सोशल मीडिया पर इस तरह की पोस्ट अक्सर देखने को मिलती हैं।

…ताकि कम हो सकें मोबाइल से नजदीकियां-
वरिष्ठ पत्रकार ममता सिंह ने सोशल मीडिया के मानवीय करण का एक चेहरा लव जिहाद के रूप में सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वाले लड़के लड़कियों द्वारा अक्सर एक दूसरे को ठगी का शिकार बनाने के मामलों को संज्ञानित कराते हुए कहा कि कड़े कानून क्रियान्वित होने चाहिए जिससे कि फेक आईडी से लोग भावनाओं को आहत ना करें। परिवार में संयुक्त परिवार की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए एक दूसरे के साथ बैठकर खानपान और बातचीत का सिलसिला पुनः शुरू किया जाना चाहिए, ताकि मोबाइल से बढ़ती नजदीकियां कुछ कम हो सके। आने वाली पीढ़ी को कुछ अच्छे परिवारिक संस्कार मिल सके।

अच्छा पहलू भी है-
संगोष्ठी में विकास त्रिपाठी ने बताया कि वर्तमान परिवेश में सोशल मीडिया का अच्छा पहलू हमें विभिन्न रूपों में मिलता है। विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपने हितों को साधने के लिए सोशल मीडिया का बहुत ही अच्छा उपयोग किया है परंतु ज्यादा सोशल मीडिया को समय देने के कारण आपसी संबंधों में दूरियां आ गई हैं। बच्चे ज्यादा से ज्यादा समय मोबाइल और इंटरनेट को दे रहे हैं और इन सब में महती भूमिका अभिभावकों की रहती है।

टेक्नोलॉजी के दबाव में आ रहे बच्चे-
सोशल मीडिया के अमानवीयकरण और बच्चों में एडवेंचरस फोटो खींचने की परंपरा क्या उचित है ???सोशल मीडिया का युवाओं पर विशेषकर किशोरावस्था में पहुंचे हुए बच्चों पर क्या प्रभाव पड़ रहा है ? इस प्रश्न का उत्तर देते हुए शिक्षिका मृदुल मौर्य ने बताया कि बच्चों के कोमल मन और मस्तिष्क पर सोशल मीडिया के अमानवीयकरण का बहुत ही बुरा प्रभाव पड़ रहा है। बच्चे टेक्नोलॉजी के दबाव में आ रहे हैं। कोरोना काल में ऑनलाइन क्लास होने की वजह से बच्चे ज्यादा से ज्यादा समय मोबाइल को दे रहे हैं जिसके कारण उनकी एकाग्रता में कमी आ रही है। फिजिकल एक्सरसाइज कम हो रही है और इन सब का प्रभाव बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर निश्चित रूप से नकारात्मक ही पड़ रहा है।

व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से ज्ञान-
लाइव संगोष्ठी के इस पेज में जुड़े हुए डॉक्टर कन्हैयालाल ने बताया कि आज के दौर में युवक और बच्चे हमारी संस्कृति शास्त्र और महापुरुषों के द्वारा रचित साहित्य को पढ़ने में समय नहीं दे रहे हैं और सारा ज्ञान व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से ही लेना चाहते हैं, जिससे पठन-पाठन की प्रक्रिया कमजोर पड़ रही है।

सोशल मीडिया से बच्चों को किया जाए दूर-
शकुन्तला तोमर ने बताया कि आज समय आ गया है कि हम लोग सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव सोशल मीडिया के अमानवीय चेहरे के बारे में समाज को जागरूक करें। उन्होंने इस ओर इंगित किया कि कोरोना महामारी के पहले लगभग दो महीने तक मानव अधिकार प्रोटेक्शन की तरफ से एक मुहिम चलाई गई थी। आदरणीय प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र झा जी एवं शकुन्तला तोमर जी एवं जिले की टीम द्वारा प्रतिदिन 2 से 3 घण्टे प्रत्येक वार्ड में हर आयुवर्ग को समाज, आस-पड़ोस के लोगों को सोशल मीडिया के मानवीय चेहरे के प्रति जागरूक करना था और इस मुहिम को काफी हद तक सफलता भी मिली। आज बहुत ही गंभीर प्रश्न है कि बच्चों को सोशल मीडिया से दूर किया जाए? हम एक दूसरे को ज्यादा से ज्यादा समय दे, गलतियां किस स्तर पर हो रहे हैं इस पर ध्यान दिया जाए।
शकुंतला तोमर ने बताया कि माना कि कोरोना काल में सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग किया गया है। रिश्तों को मजबूत रखने में सोशल मीडिया ने महती भूमिका निभाई तथा सोशल मीडिया का महत्वपूर्ण साधन के रूप में उपयोग किया गया। यदि हम सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग करें तो सामाजिक भलाई भी की जा सकती है, पर कभी-कभी सामाजिक भलाई के नाम पर लोग किसी बच्चे के गुमशुदगी की तस्वीर या किसी मृत हुए शरीर की तस्वीर डालकर उस पर लाइक और कमेंट की अपेक्षा करते हैं, जो निश्चित रूप से दु:खद है।

मानवीय संस्कार जरूरी-
ममता सिंह ने बताया कि मीडिया वर्ग से जुड़े होने के कारण हमने कई बार देखा है कि किसी दुर्घटना की स्थिति में लोग वहां खड़े होकर अमूमन वीरता पूर्वक वीडियो बनाते हैं। जबकि दुर्घटना से जो प्रभावित हो रहा है, उसकी किसी प्रकार की मदद नहीं करते। मंच के माध्यम से अनुरोध किया कि विषम परिस्थिति में यदि कोई दिख जाए तो उसकी मदद करें ना कि वहां खड़े होकर वीडियो बनाएं। समय पर की गई मदद भी  कितने निर्दोष लोगों की जान बचा सकती है।

अभिभावक करें निगरानी तंत्र मजबूत-
संगोष्ठी में बात निकल कर आई कि आज साइबर क्राइम नवयुवकों को भावनात्मक अपराध करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। एडवेंचरस फोटो डालने के चक्कर में कितने ही युवक और युवतियां हादसे के शिकार हो जा रहे हैं। भावात्मक और फोटो आईडी जोकि फेक हो सकते हैं। ऐसे बने हुए खाते बच्चे और युवकों को गुमराह करने तथा नशे की तरफ ले जाने के लिए काफी होते हैं। इन सब से निजात दिलाने का एक ही तरीका है कि अभिभावकों को चाहिए कि वह अपने बच्चों को इनसे बचाने के लिए अपना निगरानी तंत्र मजबूत करें।

नासमझी बन सकती है अभिशाप-
रीना त्रिपाठी ने बताया कि इंटरनेट से जानकारी प्राप्त करें ना कि अपनी पर्सनल जानकारियों को इंटरनेट के माध्यम से साझा करें क्योंकि आपके द्वारा की गई साझा जानकारियों का दुरुपयोग कभी भी कोई कर सकता है। इंटरनेट निश्चित रूप से एक वरदान का युग है, परंतु नासमझी और नियमों की जानकारी के बिना यह अभिशाप भी बन सकता है।

संगोष्ठी में निष्कर्ष-
शकुन्तला तोमर जी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आज जहां सामाजिक मजबूरियों की वजह से न्यूक्लियर फैमिली बढ़ने का प्रचलन जोरों पर है फिर भी हमें कोशिश करनी चाहिए कि हम अपने क्वालिटी टाइम को बच्चों के साथ स्पेंड करें। परिवार के साथ बैठे औऱ अपनी खुशियों को अपनों के साथ साझा करें फेसबुक इंस्टाग्राम और ट्विटर का साथ कम दें तथा अपने युवाओं और बच्चों को आवाज, स्विग्गी वन शैली जो कि इंटरनेट के द्वारा दी गई है, जिसमें खुशी और गम, दिन और रात के सभी मूवमेंट को युवा इंटरनेट में साझा कर रहे हैं, से निकालते हुए ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाते हुए डिप्रेशन का  शिकार होने से बचाने का प्रयास करें।

संबंधों का ताना बाना है संस्कृति-
विकास त्रिपाठी, एडीटर इन चीफ ने बताया कि संस्कृति क्या है? जहां तक मैं समझता हूं, यह संबंधों का ताना बाना है, जिनको हम निभाते चले आ रहे हैं और आज की इस भागमभाग जिंदगी में हम इसी ताने बाने को अपनी भावी पीढ़ी को देने में असफल सिद्ध हो रहे हैं। बच्चे भी संचार क्रांति के नित नए आयामों के साथ इस दौर में इन सबसे दूर होते जा रहे है। कई बार ऐसे दु:खद और विध्वंसक दृश्यों को परोस दिया जाता है, जिन्हें देखकर आत्मा दु:खी और मन विचलित हो जाता है फिर भी अपेक्षा की जाती है कि उन पर लाइक और कमेंट किए जाएं क्या यह उचित है?
इसलिए नीति नियंताओ के साथ ही हम सभी की ये जिम्मेदारी है कि अपनी भावी पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से परिचित कराएं और सावधानी पूर्वक सोशल मीडिया का निगरानी में एक्सेस करने दें। सोशल मीडिया की अमानवीयता इसी बात से दर्शाई जा सकती है कि यदि कोई धोखे का शिकार होता है तो वह अपना मन और मस्तिष्क दुख के सागर में डुबो देता है जो हैकिंग का शिकार होता है वह अपना आर्थिक नुकसान कर बैठता है और जो इसके लत के शिकार हो जाते हैं वह अपना समय तो बर्बाद करते हैं कई बार अनजान मौतों के कारण भी बनते हैं। फिर भी इस प्रकार भी क्षति का खामियाजा कोई भी प्लेटफार्म उठाने को तैयार नहीं।

कानून की जानकारी जरूरी- भारतीय नागरिक परिषद की महामंत्री रीना त्रिपाठी ने कहा कि सरल, आसानी से उपलब्ध, सभी सीमाओं को तोड़ता हुआ, सामाजिक जुड़ाव को बढ़ाने का सस्ता तरीका तो सोशल मीडिया हो सकता है परंतु हमें यदि किसी भी कारण से सोशल मीडिया के द्वारा मानहानि, भेजी गई तस्वीरों का दुरुपयोग, महिलाओं की फोटो का गलत साइटों द्वारा इस्तेमाल किया जाना, डिजिटल डॉक्यूमेंट से छेड़खानी या ऑनलाइन आईटी की चोरी, हैकिंग इत्यादि या किसी ऐसी तस्वीर या वीडियो जो कि अशांति फैलाने के लिए काफी हैं , इनसे बचने के लिए जरूरी है कि इनसे जुड़े हुए कानूनों को जानें। भारतीय दंड संहिता 1870 के उन सभी प्रावधानों को हमारा युवा हमारे सोशल मीडिया से जुड़े हुए यूजर्स जानें ताकि उनका दुरुपयोग ना हो सके। तो भारतीय सभ्यता और संस्कृति को बनाए रखने के लिए बच्चों को मानसिक शारीरिक वेदना से बचाने के लिए युवाओं का समय सही दिशा में लगाने के लिए आवश्यक है कि सोशल मीडिया का ज्यादा से ज्यादा सदुपयोग किया जाए .....पर कम समय में। प्रकृति,  परिवार और समाज से जुड़कर ही हम देश और काल की उन्नति कर सकते हैं और अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य का सपना साकार कर सकते हैं। आइए मिलकर सोशल मीडिया के अमानवीय चेहरे को दूर करने का प्रयास करें।

अंत में सामाजिक दर्पण सोशल मिरर की संस्थापिका शकुन्तला तोमर ने पटल पर उपस्थित सभी श्रोताओं को विद्वानों को साहित्यकारों को सभी सहभागिता करने वाले साहित्यकारों अतिथियों की उपस्थिति को कोटि कोटि नमन एवं आभार व्यक्त किया।

विधिक जागरूकता शिविर में कन्या भ्रूण हत्या, साइबर क्राइम, दहेज उत्पीड़न आदि बिंदुओं पर चर्चा

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। राष्ट्रीय महिला आयोग एवं उत्तर प्रदेश राज्य आयोग के संयुक्त तत्वाधान में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

मुख्य अतिथि श्रीमती अवनी सिंह सदस्य राज्य महिला आयोग उत्तर प्रदेश की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस अवसर पर कन्या भ्रूण हत्या, साइबर क्राइम, दहेज उत्पीड़न आदि बिंदुओं पर चर्चा की गई। कार्यक्रम का संचालन महिला कल्याण अधिकारी रविता राठी द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी अफजलगढ़, पूजा हॉस्पिटल नजीबाबाद से श्रीमती राखी आनंद अग्रवाल, एसडीएम सदर संगीता, जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार, कोकब अख्तर, जीजीआईसी व केपीएस कालेज के प्रिंसिपल एवं अन्य विभागों से आए पदाधिकारियों द्वारा अपने-अपने विभाग से संबंधित जानकारी दी गई।

RTI के दायरे में आएंगे यूपी के सभी प्राइवेट स्कूल

RTI के दायरे में आएंगे यूपी के सारे प्राइवेट स्कूल। अधिनियम के तहत अनिवार्य रूप से देनी होगी मांगी गई जानकारी। अभिभावकों को इधर-उधर भटकने से मिलेगी राहत।

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। उत्तर प्रदेश के सभी निजी स्कूल अब सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के दायरे में होंगे और उन्हें अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी अनिवार्य रूप से देनी होगी। इससे गैर सहायता प्राप्त प्राइवेट स्कूल से सूचना प्राप्त करने में छात्रों और उनके अभिभावकों को इधर-उधर भटकने से राहत मिलेगी।

राज्य सूचना आयोग (एसआईसी) ने यह आदेश दिया है और राज्य सूचना आयुक्त प्रमोद कुमार तिवारी ने भी अपने आदेश में निजी स्कूलों में जन सूचना अधिकारियों की नियुक्ति करने को कहा है। उन्होंने यह भी कहा है कि गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूल आरटीआई अधिनियम के दायरे में होने चाहिए,और यह काफी समय से बहस का विषय रहा है।

राज्य सूचना आयोग ने दिया आदेश
लखनऊ के दो प्रतिष्ठित निजी स्कूलों के संबंध में संजय शर्मा द्वारा दायर एक अपील के बाद, एसआईसी ने मुख्य सचिव को निजी स्कूल प्रशासकों को निर्देश देने के लिए कहा कि वे आरटीआई अधिनियम, 2005 के तहत लोगों को जानकारी प्राप्त करने की सुविधा के लिए अधिकारी नियुक्त करें। निजी स्कूलों ने आरटीआई के तहत इस आधार पर जानकारी नहीं दी है कि वे राज्य द्वारा वित्त पोषित नहीं थे, और अधिनियम के दायरे से बाहर है।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला ही आधार
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि यदि किसी शहर का विकास प्राधिकरण किसी निजी स्कूल को रियायती दरों पर भूमि प्रदान करता है, तो स्कूल को राज्य द्वारा पर्याप्त रूप से वित्त पोषित माना जाएगा। एसआईसी ने यह भी स्थापित किया कि जिला शिक्षा अधिकारी मांग पर याचिकाकर्ता को फॉर्म में उल्लिखित सभी जानकारी देने के लिए बाध्य हैं।

एकलव्य बाण समाचार

रुद्रप्रयाग जिले के 14 शिक्षकों के खिलाफ FIR

देहरादून (एकलव्य बाण समाचार)। राज्य में लंबे समय से फर्जी डिग्री के आधार शिक्षक बनने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख सचिव गृह के आदेश के बाद अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था आदेशानुसार बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत फर्जी शिक्षकों व अन्य समस्त शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच अपर पुलिस अधीक्षक/सैक्टर अधिकारी के निर्देशन में सीआइडी सैक्टर देहरादून कर रहा था।

जांच के लिए गठित एसआईटी की ओर से चलाये जा रहे अभियान के अन्तर्गत जनपद रूद्रप्रयाग के 25 शिक्षकों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही करने हेतु रिपोर्ट महानिदेशक, विद्यालयी शिक्षा, उत्तराखण्ड को विभिन्न तिथियों को प्रेषित की गई थी। सैक्टर अधिकारी द्वारा महानिदेशक, विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड से पत्राचार करने पर 14 अन्य निम्न शिक्षकों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

आरोपी शिक्षकों के नाम 👇

  1. कान्ति प्रसाद, सहायक अध्यापक राप्रावि जैली ब्लॉक जखोली जनपद रूदप्रयाग।
  2. संगीता बिष्ट, सहायक अध्यापिका राप्रावि कैलाशनगर ब्लॉक जखोली जनपद रूदप्रयाग।
  3. मोहन लाल, सहायक अध्यापक, राप्रावि सारी, ब्लॉक ऊखीमठ, जनपद रूदप्रयाग।
  4. महेन्द्र सिंह, सहायक अध्यापक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय लुखन्द्री, ब्लॉक जखोली, जनपद रूदप्रयाग।
  5. राकेश सिंह, सहायक अध्यापक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय धारतोन्दला, ब्लॉक अगस्तमुनि, जनपद रूदप्रयाग।
  6. माया सिंह, सहायक अध्यापिका, राप्रावि जयकण्डी ब्लॉक अगस्तमुनि जनपद रूदप्रयाग।
  7. विरेन्द्र सिंह, सहायक अध्यापक, जनता जूनियर हाई स्कूल, जखन्याल गांव, ब्लॉक जखोली, जनपद रूदप्रयाग
  8. विजय सिंह, सहायक अध्यापक, राप्रावि भुनालगांव, ब्लॉक जखोली, जनपद रूदप्रयाग।
  9. जगदीश लाल. सहायक अध्यापक, राप्रावि जौला, ब्लॉक अगस्तमुनि, जनपद रूदप्रयाग
  10. राजू लाल सअ राप्रावि जग्गीबगवान लॉक ऊखीमठ जनपद रूद्रप्रयाग।
  11. संग्राम सिह. राअ, राप्रावि स्यूर बरसाल, ब्लॉक जखोली जनपद रूद्रप्रयाग।
  12. सहायक अध्यापक मलकराज पुत्र शौला लाल राप्रावि जगोठ, ब्लॉक अगस्तमुनि, जनपद रूदप्रयाग
  13. सहायक अध्यापक रघुवीर सिंह पुत्र भरत सिंह जनता जूनियर हाईस्कूल जखन्याल गांव, ब्लॉक जखोली, जनपद रूदप्रयाग
  14. अध्यापक श्री महेन्द्र सिंह पुत्र रणबीर सिंह राप्रावि रायडी, ब्लॉक जखोली, जनपद रूदप्रयाग

अब तक की कार्यवाही- एसआईटी द्वारा अब तक फर्जी शिक्षकों के विरूद्ध विधिक कार्यवाही करने हेतु 120 रिपोर्ट महानिदेशक, विद्यालयी शिक्षा, उत्तराखण्ड को प्रेषित की गई है, जिनमें से 68 अभियोग 80 शिक्षकों के विरूद्ध एफआईआर पंजीकृत की जा चुकी है। वर्ष 2012 से 2016 तक में नियुक्त कुल 9602 शिक्षक जोकि जांच के दायरे में हैं, उनके नियुक्ति सम्बन्धी कुल अभिलेख 64641 हैं। इनमें से 35722 अभिलेखो का सत्यापन कराया जा चुका है। शेष 28919 अभिलेखों के सत्यापन की कार्यवाही प्रचलित है। वर्तमान में एसआइटी में लोकजीत सिंह के निर्देशन में 8 निरीक्षक (4 देहरादून सैक्टर में तथा 04 हल्द्वानी सैक्टर में) नियुक्त हैं।

अब पुलिस अपराधी को जल्द दिला सकेगी सजा

अहमदाबाद (PIB)। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद में राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के नवनिर्मित Centre of Excellence for Research & Analysis of Narcotics and Psychotropic Substances का उद्घाटन किया। श्री शाह ने महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराधों की जाँच पर एक वर्चुअल ट्रेनिंग का भी उद्घाटन किया।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उद्बोधन के मुख्य बिंदु 👇

दुनियाभर में नेशनल फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय की उत्कृष्टता और प्रतिष्ठा को देखते हुए इस सेंटर को स्थापित करने का निर्णय लिया गया।

देश के क्रिमिनल जस्टिस को और ताकतवर और परिणामलक्षी बनाने के लिए इस विश्वविद्यालय को देश के फलक पर ले जाना बहुत ज़रूरी।

अब थर्ड डिग्री का जमाना नहीं है और कठोर से कठोर व्यक्ति को वैज्ञानिक जाँच के आधार पर सजा दिलवाई जा सकती है।

हमारी नई शिक्षा नीति में वैज्ञानिक शिक्षा पर बहुत ज़ोर दिया गया है, प्रधानमंत्री का आग्रह है कि हमारी शिक्षा नीति और व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि विद्यार्थी हर क्षेत्र में सर्वोच्च प्राप्त करें।

इस सेंटर में बनाए गए साइबर डिफ़ेंस सेंटर और बेलेस्टीक रिसर्च सेंटर पूरे एशिया में अपने प्रकार के अनूठे सेंटर हैं और देश इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है।

साइबर वॉर और साइबर क्राइम के ख़िलाफ़ लड़ाई हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण, भारत की सुरक्षा और प्रधानमंत्री के पाँच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को पूरा करने के लिए साइबर सुरक्षा बहुत ज़रूरी।

21वीं सदी में भारत के आगे ढेर सारी चुनौतियाँ हैं, इनसे सफलतापूर्वक निपटने के लिए हमें क्रिमिनल जस्टिस को मज़बूत करना होगा, इसके लिए फ़ोरेंसिक साइंस एक महत्वपूर्ण अंग।

सरकार, देशभर के पुलिस अधिकारियों, न्यायाधीशों, वकीलों और क़ानून विश्वविद्यालयों के साथ CrPC, IPC और Evidence Act तीनों में आमूल चूल परिवर्तन करने के लिए एक बहुत बड़ा संवाद कर रही है ताकि इन्हे आज की आवश्यकताओं के हिसाब से आधुनिक बना सकें।

हमारी पुलिस पर नो एक्शन और एक्स्ट्रीम एक्शन का आरोप लगता है, हमें जस्ट एक्शन चाहिए और यह तभी हो सकता है जब वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर जाँच को आगे बढ़ाएँ।


हमारे समाज, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर मादक पदार्थों का जो बुरा प्रभाव पड़ रहा है इससे पूरा देश चिंतित है।

सरकार ने तय किया है कि हम भारत में नारकोटिक्स पदार्थों को आने भी नहीं देंगे और भारत को उसका रास्ता भी नहीं बनने देंगे।

अपने संबोधन में श्री शाह ने कहा कि कहा कि देश में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दूसरी बार सरकार बनी तब दुनियाभर में नेशनल फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय की उत्कृष्टता और प्रतिष्ठा को देखते हुए इस सेंटर को स्थापित करने का निर्णय लिया गया और यह बिल्कुल उचित फैसला था। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जब गुजरात फ़ोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी बनी, तब मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और वे राज्य के गृह मंत्री थे और जब नेशनल फ़ोरेंसिक सांइस यूनिवर्सिटी बनी तो श्री मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं और वे गृह मंत्री हैं। वर्ष 2009 में श्री मोदी ने यहाँ जो एक छोटा सा बीज बोया था, वह आज क्रिमिनल जस्टिस को मज़बूत बनाने के लिए एक विशाल बट वृक्ष बन गया है।

इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, प्रदेश के गृह मंत्री प्रदीप सिंह जडेजा, केन्द्रीय गृह सचिव और केन्द्र तथा राज्य सरकार के अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी मौजद थे।

नवागत बीएसए का एआरपी एसोसिएशन ने किया स्वागत

बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरण यादव से भेंट करने पहुंचे एआरपी एसोसिएशन के पदाधिकारी

एआरपी एसोसिएशन ने किया नवागत बीएसए का स्वागत

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। एआरपी एसोसिएशन की ओर से जनपद में आए नवागत बेसिक शिक्षा अधिकारी का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया।
शुक्रवार को एआरपी एसोसिएशन के प्रदेश संरक्षक एवं जिलाध्यक्ष बिजनौर के नेतृत्व में एआरपी एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जनपद में पहुंचकर कार्यभार संभालने वाले नवागत बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरण यादव से शिष्टाचार भेंट की। साथ ही एआरपी एसोसिएशन की ओर से जनपद आगमन पर पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका स्वागत किया। एआरपी एसोसिएशन के प्रदेश संरक्षक तथा बिजनौर के जिला अध्यक्ष मोबीन हसन के नेतृत्व में नवागत बेसिक शिक्षाधिकारी से भेंट करने वालों में डाक्टर अतीक दानिश, तसलीम, संजीव कुमार शर्मा, सुरेंद्र चौहान, जय प्रकाश, राजीव कुमार, नवनीत चौहान आदि शामिल रहे।

स्कूलों को वसूली गई फीस में 15 प्रतिशत कटौती करनी होगी

नई दिल्ली (एकलव्य बाण समाचार)। कोरोना काल में आर्थिक तंगी झेल रहे दिल्ली के अभिभावकों को सरकार ने बड़ी राहत दी  है। सरकार ने सभी निजी स्कूलों को शैक्षणिक वर्ष 2020-21 में वसूली गई फीस में 15 प्रतिशत की कटौती करने का आदेश दिया है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि कोरोना काल में जब सभी अभिभावक आर्थिक तंगी से जूझ रहे है। उस दौरान फीस में 15 प्रतिशत की कटौती उनके लिए बहुत बड़ी राहत होगी। स्कूल मैनेजमेंट अभिभावकों की आर्थिक तंगी के कारण बकाया फीस का भुगतान न करने के आधार पर स्कूल की किसी भी गतिविधि में विद्यार्थियों को भाग लेने से नहीं रोकेगा।

Hold third-party review of learning outcomes in schools: Manish Sisodia |  Delhi News - Times of India

फीस लौटाएं, या तो एडजस्ट करें- उन्होंने कहा कि उदाहरण के लिए, यदि वित्त वर्ष 2020-21 में स्कूल की मासिक फीस 3000 रुपये रही है तो स्कूल उसमें 15 प्रतिशत की कटौती करने के बाद अभिभावकों से केवल 2550 रुपये वसूल सकेंगे। स्कूलों को यह निर्देश दिया गया है कि यदि उन्होंने अभिभावकों से इससे ज्यादा फीस ली है तो स्कूलों को वो फीस लौटानी होगी अथवा आगे की फीस में एडजस्ट करना होगा।

छह महीने में, मासिक किश्त- उच्च न्यायालय द्वारा निजी स्कूलों की फीस में 15 प्रतिशत की कटौती करने का आदेश कोरोना के समय में मुनाफाखोरी और व्यावसायीकरण को रोकने के लिए दिया गया है। दिल्ली सरकार का यह आदेश उन सभी 460 निजी स्कूलों के लिए है, जिन्होंने उच्च न्यायालय में अपील की थी। इन 460 स्कूलों के अतिरिक्त दिल्ली के बाकी सभी स्कूल दिल्ली सरकार द्वारा 18 अप्रैल 2020 और 28 अप्रैल 2020 में जारी किए गए फीस संबंधी निर्देश का पालन करेंगे। आदेश में कहा गया है कि छात्रों को फीस का भुगतान 6 महीने में मासिक किश्तों में करना होगा। इसके अलावा स्कूल अपनी तरफ से अगर कुछ और रियायतें दे सकता है। अगर कोई छात्र फीस देने में सक्षम नहीं है तो स्कूल ऐसे मामलों पर सहानुभूति दिखाए और अच्छे से विचार करे।

पब्लिक स्कूल पर भारी पड़ेंगे सरकारी

सरकारी पड़ेंगे पब्लिक स्कूल पर भारी। कायाकल्प मिशन के जरिए टक्कर देने की तैयारी 

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। जिला मुख्यालय के नगर क्षेत्र के स्कूलों की सूरत बदलने वाली है। नगर क्षेत्र के सरकारी स्कूल पब्लिक स्कूलों को टक्कर देने की तैयारी में हैं। विनियमित क्षेत्र द्वारा स्कूलों के कायाकल्प का काम शुरू हो गया है। बहुत जल्दी ही इन स्कूलों की तस्वीर बदल जाएगी।
शासन के आदेश पर जिले में नगर क्षेत्र के स्कूलों का कायाकल्प करने का निर्णय लिया गया था। नगर पालिका और विनियमित क्षेत्र द्वारा स्कूलों का कायाकल्प करना था।

ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायतों द्वारा स्कूलों का कायाकल्प किया गया। नगर पालिका द्वारा नगर क्षेत्र के कई स्कूलों का कायाकल्प का काम पूरा हो गया है तो वहीं विनियमित क्षेत्र द्वारा भी स्कूलों के कायाकल्प का काम शुरू हो गया है। बिजनौर नगर क्षेत्र के जाटान और मिर्दगान स्कूल में कायाकल्प का काम शुरू हो गया है। विदित हो कि स्कूलों में टाइल्स, मल्टीपल हैंडवॉश, मरम्मत कार्य, अतिरिक्त कक्ष, ओवरहैड टैंक आदि कई बिन्दुओं पर कार्य होना है। जल्दी ही स्कूलों के कायाकल्प का काम पूरा होने की उम्मीद है। नगर क्षेत्र के सभी सरकारी स्कूल पब्लिक स्कूलों की तरह दिखेंगे।

बिजनौर में शुरू हुई बेस्ट-वे लाइब्रेरी

बिजनौर। नगीना रोड स्थित हीरो शोरूम के ऊपरी मंजिल पर शुगर मिल के सामने बेस्ट-वे लाइब्रेरी का उद्घाटन डॉ. राजेंद्र त्यागी पूर्व प्रधानाचार्य आरजेपी इंटर कॉलेज व राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित के द्वारा जन समूह की उपस्थिति में कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए किया गया।

लाइब्रेरी का उद्देश्य छात्र-छात्राओं की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में शांतिपूर्ण व वातानुकूलित वातावरण में तैयारी करके सफलता प्राप्त करना है। लाइब्रेरी की सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी, जिसमें विद्यार्थियों को पढऩे के लिए घर जैसा वातावरण मिलेगा विद्यार्थियों के सर्वमुखी विकास और रोजगार परक उद्देश्य प्राप्त करने का एक मात्र स्थान है, जहां पूर्ण सुरक्षित वातावरण में छात्र-छात्राएं अध्ययन करके लक्ष्य प्राप्त करने में सफल रहेंगे। इस अवसर पर लाइब्रेरी के संस्थापक कुलदीप त्यागी, मोहित त्यागी के अतिरिक्त वरिष्ठ अधिवक्ता भाजपा नेता सत्यवीर त्यागी, राजवीर त्यागी, पूर्व प्रवक्ता बास्टा संजय त्यागी सभासद नगर पालिका बिजनौर, व्यापारी नेता रजनीश अग्रवाल, कुशल पाल सिंह, केके अग्रवाल, आकाश कॉसमॉस अस्पताल मुरादाबाद, मुस्तकीम अहमद, सुमन त्यागी, सुभाष शर्मा, रीना त्यागी आदि गणमान्य लोग मौजूद रहे। लाइब्रेरी का उद्देश्य छात्र छात्राओं को शिक्षा के लिए तैयारी करने हेतु एक वातावरण बनाना है, जिसमें छात्र-छात्राएं अपनी परीक्षाओं की तैयारी करने में सक्षम रहें। कुछ छात्र-छात्राएं ऐसे भी हैं, जिनको पढऩे के लिए एक शांत वातावरण की आवश्यकता होती है उन्हीं के लिए इस लाइब्रेरी का शुभारंभ किया गया।

प्रदीप कौशिक फिर से बने हल्दौर बीईओ

बिजनौर। सरकार से हर माह भारी भरकम वेतन लेने के बावजूद शिक्षण कार्य छोड़ नेतागिरी में व्यस्त रहने वाले कुछ शिक्षकों पर बीईओ प्रदीप कौशिक ने नकेल कसी तो उन्हें घेरने का प्रयास किया गया। कुछ शिक्षकों ने उन पर तरह तरह के आरोप लगाए लेकिन जांच में अधिकांश आरोप गलत पाए गए। कहा जाता है कि शिक्षक नेताओं को बीएसए महेशचंद का संरक्षण प्राप्त था। शायद यही कारण रहा कि शिक्षक नेताओं की गलतियों को लगातार नजर अंदाज किया गया, वहीं जांच में लगभग निर्दोष पाए जाने के बाद बीईओ प्रदीप कौशिक का स्थानांतरण नूरपुर कर दिया गया। शिक्षा विभाग के राजपत्रित अधिकारियों ने बीएसए के इस फैसले का विरोध किया लेकिन कोई हल नहीं निकला। श्री कौशिक अपने साथ हुए इस अन्याय के सामने नहीं झुके तो उन्हें जिले से कोसों दूर प्रयागराज स्थनांतरित कर दिया गया। अधिकारियों से न्याय ना मिलने पर श्री कौशिक ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया ! समय ने करवट ली और डाइट कालेज में उप प्राचार्य के पद पर स्थानांतरण होने के बावजूद बीएसए की कुर्सी पर जमे महेशचन्द का 16 जून को जिले से बिस्तर बंध गया, वहीं उच्च न्यायालय ने प्रदीप कौशिक को वापस खण्ड शिक्षा अधिकारी हल्दौर बनाए जाने के आदेश जारी कर दिए। हाईकोर्ट के आदेश पर उन्हें जिले के शिक्षा विभाग की ओर से फिर से बीईओ हल्दौर की कमान सौंप दी गई। प्रदीप कौशिक ने शनिवार को खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय हल्दौर पहुंच कर अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया। उनकी कार्यशैली व बेसिक शिक्षा कार्यप्रणाली में सुधार के जज्बे से प्रभावित शिक्षकों, कर्मचारियों व अन्य लोगों में खुशी का माहौल है। ये लोग बीईओ प्रदीप कौशिक की जीत को सत्य की जीत बता रहे हैं, वहीं उनसे खफा कुछ शिक्षकों की नींदे उड़ी हुई हैं क्योंकि उन्हें अब शायद स्कूलों में जाकर शिक्षण कार्य करना पड़ेगा।

पौधरोपण करने पर कक्षा में मिलेंगे अतिरिक्त अंक

चंडीगढ़। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में हरियाणा सरकार ने एक अनूठी और अनुकरणीय पहल की है। अब पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने वाले आठवीं से 12वीं कक्षा तक के छात्रों को अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे। अंतिम परीक्षा में कुछ अतिरिक्त अंक का यह प्रावधान राज्य के स्कूली शिक्षा बोर्ड के तहत आने वाले स्कूलों के छात्रों के लिए होगा।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रविवार को एक नई नीति की घोषणा की, जिसके तहत आठवीं से 12वीं कक्षा तक के उन छात्रों को अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे जो पौधे लगाएंगे और उसकी देखभाल करेंगे। उन्होंने कहा कि अंतिम परीक्षा में कुछ अतिरिक्त अंक का यह प्रावधान राज्य के स्कूली शिक्षा बोर्ड के तहत आने वाले स्कूलों के छात्रों के लिए होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रावधान के प्रारूप पर जल्द ही काम किया जाएगा। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि उन्होंने पंचकूला जिले में मोरनी पहाड़ियों में स्थित ‘नेचर कैंप’ थापली और प्राकृतिक रास्तों के मनोरम दृश्य के बीच एक पंचकर्म स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन करने के बाद यह घोषणा की।

मिल्खा सिंह के नाम पर क्लब- मुख्यमंत्री ने पंचकूला जिले के मोरनी पहाड़ी क्षेत्र में गर्म हवा के गुब्बारे, पैराग्लाइडिंग और पानी पर चलने वाले स्कूटर सहित रोमांचक खेलों में भी भाग लिया। कहा कि पड़ोसी क्षेत्रों के युवाओं को पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा और इन गतिविधियों के संचालन के लिए एक क्लब बनाया जाएगा। क्लब का नाम महान खिलाड़ी मिल्खा सिंह के नाम पर रखा जाएगा, जिनका शुक्रवार को यहां कोविड-19 संबंधी जटिलताओं के कारण निधन हो गया। खट्टर ने कहा, ‘इसका नाम ‘फ्लाइंग सिख’ (दिवंगत) मिल्खा सिंह के नाम पर रखा जाएगा।’

मोरनी हिल्स में रोमांचक खेलों का आनंद- मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले लोगों को रोमांचक खेलों का आनंद लेने के लिए मनाली और अन्य स्थानों पर दूर जाना पड़ता था। उन्होंने कहा, ‘शिवालिक पहाड़ियों की पृष्ठभूमि के बीच स्थित मोरनी हिल्स क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां शुरू करने से लोगों को न केवल इन रोमांचक गतिविधियों में शामिल होने का मौका मिलेगा, बल्कि इससे आसपास के क्षेत्र का आर्थिक विकास होगा।’ उन्होंने यह भी कहा कि पंचकूला में पथर सूचना केंद्र और यात्री निवास स्थापित किया जाएगा। पर्यटकों के लिए ‘पंचकूला दर्शन’ के लिए पांच बसें तैनात की जाएंगी। इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री रतन लाल कटारिया, हरियाणा विधानस भा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, पर्यटन मंत्री कंवर पाल सहित अन्य लोग मौजूद थे।

प्रदीप कौशिक फिर से बने हल्दौर बीईओ

बिजनौर। सरकार से हर माह भारी भरकम वेतन लेने के बावजूद शिक्षण कार्य छोड़ नेतागिरी में व्यस्त रहने वाले कुछ शिक्षकों पर बीईओ प्रदीप कौशिक ने नकेल कसी तो उन्हें घेरने का प्रयास किया गया। कुछ शिक्षकों ने उन पर तरह तरह के आरोप लगाए लेकिन जांच में अधिकांश आरोप गलत पाए गए। कहा जाता है कि शिक्षक नेताओं को बीएसए महेशचंद का संरक्षण प्राप्त था। शायद यही कारण रहा कि शिक्षक नेताओं की गलतियों को लगातार नजर अंदाज किया गया, वहीं जांच में लगभग निर्दोष पाए जाने के बाद बीईओ प्रदीप कौशिक का स्थानांतरण नूरपुर कर दिया गया। शिक्षा विभाग के राजपत्रित अधिकारियों ने बीएसए के इस फैसले का विरोध किया लेकिन कोई हल नहीं निकला। श्री कौशिक अपने साथ हुए इस अन्याय के सामने नहीं झुके तो उन्हें जिले से कोसों दूर प्रयागराज स्थनांतरित कर दिया गया। अधिकारियों से न्याय ना मिलने पर श्री कौशिक ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया ! समय ने करवट ली और डाइट कालेज में उप प्राचार्य के पद पर स्थानांतरण होने के बावजूद बीएसए की कुर्सी पर जमे महेशचन्द का 16 जून को जिले से बिस्तर बंध गया, वहीं उच्च न्यायालय ने प्रदीप कौशिक को वापस खण्ड शिक्षा अधिकारी हल्दौर बनाए जाने के आदेश जारी कर दिए। हाईकोर्ट के आदेश पर उन्हें जिले के शिक्षा विभाग की ओर से फिर से बीईओ हल्दौर की कमान सौंप दी गई। प्रदीप कौशिक ने शनिवार को खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय हल्दौर पहुंच कर अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया। उनकी कार्यशैली व बेसिक शिक्षा कार्यप्रणाली में सुधार के जज्बे से प्रभावित शिक्षकों, कर्मचारियों व अन्य लोगों में खुशी का माहौल है। ये लोग बीईओ प्रदीप कौशिक की जीत को सत्य की जीत बता रहे हैं, वहीं उनसे खफा कुछ शिक्षकों की नींदे उड़ी हुई हैं क्योंकि उन्हें अब शायद स्कूलों में जाकर शिक्षण कार्य करना पड़ेगा।

बिजनौर मेडिकल कॉलेज का भूमि पूजन 12 जून को

बिजनौर। मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू होने वाला है। सादे समारोह में 12 जून को इसकी नींव रखी जाएगी और भूमि पूजन होगा।

जिला अस्पताल में बनेगा ट्रीटमेंट सेक्शन– एमबीबीएस की 100 सीटों की क्षमता वाला मेडिकल कॉलेज का ट्रीटमेंट सेक्शन जिला अस्पताल में होगा। एकेडमिक और हॉस्टल तथा अधिकारी आवास स्वहेड़ी मेडिकल कॉलेज में ही बनाए जाएंगे। ट्रीटमेंट सेक्शन के लिए भी जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज के मानकों के अनुरूप अपग्रेड किया जाएगा।

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सुनील सागर ने बताया कि। बिजनौर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण वैसकॉन इंजीनियरिंग लिमिटेड कराएगी। मई के महीने में टेंडर की औपचारिकताएं पूरी करने के साथ ही वर्क आर्डर भी जारी कर दिया गया था, लेकिन लॉकडाउन की वजह से काम शुरू नहीं हो सका। अब 12 जून को कॉलेज की नींव रखी जाएगी। इसके लिए कंपनी ने निर्माण स्थल पर मेटीरियल पहुंचाना शुरू कर दिया है।

विदित हो कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी के शासनकाल के दौरान बिजनौर में मेडिकल कॉलेज की घोषणा हुई थी। उसी समय स्वाहेड़ी के पास जमीन भी चिह्नित कर ली गई थी। बाद में प्रदेश में भाजपा सरकार बनी और कॉलेज की प्रक्रिया आगे बढ़ती रही। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद मार्च 2020 में प्रदेश सरकार ने बजट की पहली किश्त के रूप में बीस करोड़ रुपए जारी कर दिए थे। निर्माण के लिए नोडल एजेंसी का जिम्मा लोक निर्माण विभाग पर रहेगा।

पूर्व प्रधानाचार्य के निधन पर शोक

आरजेपी के पूर्व प्रधानाचार्य के निधन पर शोक

बिजनौर। वीरा चैरिटेबल सोसायटी के उप सचिव, राजा ज्वाला प्रसाद आर्य इंटर कॉलेज बिजनौर के भूतपूर्व प्रधानाचार्य राष्ट्रपति पुरस्कार से अलंकृत चैतन्य स्वरूप गुप्ता जी के निधन से शिक्षा जगत में शोक व्याप्त है। पूर्व विधायक रुचि वीरा ने कहा कि उनके निधन से गहरा दु:ख हुआ। हमारे परिवार और गुप्ता जी का 71 साल का साथ रहा, उनका जाना हम सभी के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शन्ति दें और परिजनों को यह दु:ख सहन करने की शक्ति क्षमता और साहस प्रदान करें।

हाई स्कूल इंटरमीडिएट परीक्षा 2021 का फर्जी कार्यक्रम वायरल

हाई स्कूल इंटरमीडिएट परीक्षा कार्यक्रम 2021

लखनऊ। कुछ शराराती तत्वों ने इंटरनेट मीडिया पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की इंटर तथा हाईस्कूल परीक्षा 2021 का फर्जी कार्यक्रम वायरल कर दिया। इसमें पांच जून से परीक्षा कार्यक्रम को देखकर प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं के होश उड़ गए। इस बीच उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने इसका खंडन करने के साथ ही इसको वायरल करने वाले के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण प्रदेश सरकार ने सीबीएसई और आइसीएससी की तर्ज पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा 2021 को स्थगित कर दिया है। इसके बाद बोर्ड कोविड संक्रमण की स्थिति में कुछ सुधार होने के बाद जुलाई के पहले हफ्ते तक इंटर की परीक्षा कराने की योजना बना रही है।

इसी बीच सोमवार को इंटरनेट मीडिया पर परीक्षा कार्यक्रम वायरल हो गया। मैसेज में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल इंटरमीडिएट परीक्षा कार्यक्रम 2021 को पांच से 25 जून के मध्य में सम्पन्न कराने का संदेश है। इसके साथ ही इसमें निर्देश है कि कोविड-19 के नियमों को ध्यान मे रखते हुए परीक्षा संपन्न कराई जाएगी। सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इसका खंडन करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा-2021 की कोई समय सारिणी नहीं जारी हुई है। वायरल शेड्यूल पूरी तरह से फर्जी है।

यूपी बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने कहा कि यह पूरी तरह फर्जी है। यह नितांत ही गलत कृत्य है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आग्रह किया है कि इस फर्जी कार्यक्रम का संज्ञान न लें, इनकी अनदेखी करें। इस मामले में एफआईआर दर्ज कराएंगे। इस तरह की फर्जी सूचना प्रसारित करने वालों पर शीघ्र ही कड़ी कार्रवाई भी होगी।

कॉस्मिक किरणों की वजह से मोबाइल फ़ोन ऑफ रखने वाली खबर फर्जी है

FACT CHECK: कॉस्मिक किरणों की वजह से मोबाइल फ़ोन ऑफ रखने वाली खबर फर्जी है
  • By Vishvas News
  • Updated: June 26, 2019

नई दिल्ली (विश्वास टीम)। सोशल मीडिया पर कुछ समय से एक खबर वायरल हो रही है, जिसमें कहा गया है कि आज रात 12:30 बजे से 3:30 बजे तक पृथ्वी के पास से कुछ कॉस्मिक किरणें गुज़रेंगीं जिस दौरान अपने फोन को स्विच ऑफ रखने की सलाह दी गई है वरना यह शरीर के लिए हानिकारक होगा। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि यह दावा गलत है। इसरो ने हमसे बातचीत में साफ करा कि यह फेक न्यूज़ है।

CLAIM

पोस्ट में क्लेम किया गया है, “आज रात 12:30 से 3:30 बजे तक अपने फोन और बाकी सभी गैजेट्स को बंद रखें और अपने शरीर से दूर रखें। सिंगापुर टीवी ने यह घोषणा की है। कृपया अपने परिवार और दोस्तों को बताएं। हमारे ग्रह के करीब से आज रात 12:30 बजे से 3:30 बजे तक कुछ कॉस्मिक किरणें गुज़रेंगीं। यह कॉस्मिक किरणें पृथ्वी के करीब से गुजरेंगीं इसलिए कृपया अपना सेल फोन बंद कर दें। अपनी मोबाइल डिवाइस को अपने शरीर के करीब मत छोड़े। यह आपको भयानक नुकसान पहुंचा सकता है। “

FACT CHECK

इस पोस्ट की पड़ताल करने के लिए हमें सबसे पहले जानना था कि आखिर कॉस्मिक किरणें होती क्या हैं। हमने जांच की तो पाया कि कॉस्मिक किरणें असल में उच्च ऊर्जा अभिकरण है जो मुख्य रूप से सौरमंडल के बाहर पैदा होती हैं। पृथ्वी लगातार कॉस्मिक किरणों के संपर्क में आती रहती है पर वायुमंडल और पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र ज्यादातर कॉस्मिक किरणों को अपनी सतह से ही बाहर भेज देते हैं और एक सुरक्षा कवच के रूप में काम करते हैं। हालांकि, कॉस्मिक किरणों के सीधे तौर पर संपर्क में आने पर आपको नुकसान हो सकता है पर अर्थ की एटमॉस्फेरिक लेयर्स आपको इन रेज़ से प्रोटेक्ट करती हैं। और आपको किसी भी तरह के खतरे से बचाती हैं। अंतरिक्ष में काम कर रहे एस्ट्रोनॉट्स के लिए यह किरणें हानिकारक हो सकती है इसलिए इसरो और नासा जैसी एजेंसियां लगातार इन किरणों पर नजर रखती हैं पर उस केस में भी बचाव के बहुत सारे तरीके होते हैं।

पोस्ट में सिंगापुर टीवी का ज़िक्र है। हमने जाँच की तो पाया कि ऐसा कोई चैनल नहीं है।

ज़्यादा पुष्टि के लिए हमने भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO में बात की तो हमें बताया गया कि यह खबर गलत है। पृथ्वी पर लोग और मशीनें कॉस्मिक किरणों से सुरक्षित हैं।

इस पोस्ट को Ravindra Kumar Singh नाम के एक फेसबुक यूजर ने शेयर किया था।

निष्कर्ष: हमने अपनी पड़ताल में पाया कि यह दावा गलत है। इसरो ने हमसे बातचीत में साफ करा कि यह फेक न्यूज़ है। पृथ्वी लगातार कॉस्मिक किरणों के संपर्क में आती रहती है पर वायुमंडल और पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र ज्यादातर कॉस्मिक किरणों को अपनी सतह से ही बाहर भेज देते हैं, और एक सुरक्षा कवच के रूप में काम करते हैं। (साभार)

मतपेटी गायब होने की सूचना पर मचा हड़कंप

मतपेटी गायब होने की सूचना पर मचा रहा हडक़ंप। काफी खोजबीन पर तीन घण्टे बाद मिली मतपेटी। मतपेटी मिलने के बाद कराई मोटाढाक की मतगणना

बिजनौर। कासमिया इंटर कालेज नजीबाबाद में बनाए गए मतदान केन्द्र पर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना जारी रहने के दौरान अचानक ग्राम पंचायत मोटाढाक की एक मतपेटी गायब होने की सूचना मिलने पर प्रशासन में हडक़म्प मच गया। काफी देर की खोजबीन के बाद मतपेटी मिलने पर निर्वाचन की मतगणना में जुटे अधिकारियों ने राहत की सांस ली। इसके बाद ग्राम पंचायत मोटाढाक की मतगणना करायी गयी।

सोमवार की सुबह करीब आठ बजे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना को कासमिया इंटर कालेज में बनाए गए मतगणना स्थल पर ग्राम पंचायत मोटाढाक की एक मतपेटी गायब होने की सूचना प्रशासन को मिली। इसको लेकर मतगणना स्थल में हडक़म्प मच गया। दरअसल मतगणना कक्ष में बताया गया कि एक मतपेटी गायब हो गयी है।  उक्त ग्राम पंचायत में चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों ने तुरंत ही फोन पर आला अधिकारियों को भी इस मामले की जानकारी देते हुए मतपेटी का पता लगाने की मांग उठायी। उधर प्रशासन के अधिकारी काफी देर तक मतपेटी गायब न होने की बात कहते रहे। हालांकि मतपेटी न मिलने के चलते करीब तीन घण्टे तक उक्त ग्राम पंचायत की मतगणना रुकी रही। बाद में मतपेटी मिल जाने पर प्रशासन ने राहत ने सांस ली और मतगणना शुरू करायी। उक्त मामले में निर्वाचन अधिकारी कैलाश चंद जोशी ने बताया कि मतपेटी स्ट्रांग रूम में ही रखी हुई थी। मतपेटी पर लिखे नम्बर अस्पष्ट होने के कारण अन्य मतपेटियों के बींच में वह नजर नहीं आयी। बारीकी से छानबीन किए जाने पर मतपेटी अन्य मतपेटियों के बीच स्ट्रांगरूम से ही मिल गयी, जिसके बाद मतगणना पूरी करा ली गयी थी। 

कोरोना वायरस को अपने घर में आने से रोकें इस तरह…

कोरोना की दूसरी लहर काफी खतरनाक है और अधिकतर लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। वायरस कहीं से भी, किसी को भी अपना शिकार बना सकता है। बाहर से लौटे आपके घर के किसी भी एक व्यक्ति की लापरवाही पूरे घर को चपेट में ले सकती है।

मास्क सही से पहनें- जब भी घर से बाहर निकलें, मास्क जरूर पहनें। मास्क पहनने के नाम पर लापरवाही ना करें। मास्क में नाक और मुंह पूरी तरह से ढंका होना चाहिए। मास्क चेहरे पर पूरी तरह फिट होना चाहिए। मास्क ऐसा होना चाहिए, जिसमें आप सांस भी आसानी से ले सकें।
सही तरीके से हाथ धोएं- अपने हाथों को साबुन और पानी से 20 सेकेंड तक धोएं। अगर आप कहीं ऐसी जगह हैं जहां पानी-साबुन नहीं है तो आप सैनिटाइजर से हाथों को साफ करें।
6 फीट की दूरी- भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें, दूसरे लोगों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें। याद रखें कि बिना लक्षण के भी लोग कोरोना फैला सकते हैं।
खांसते या छींकते समय मुंह को ढकें- अगर मास्क पहनने के समय आपको छींक या खांसी आती है तो मास्क बिल्कुल ना उतारें। मास्क में छींकने के बाद अपना मास्क तुरंत बदल लें और हाथों को अच्छे से धोएं। अगर आपने मास्क नहीं पहना है तो खांसते समय टिश्यू से अपने मुंह और नाक को ढकें।
घर में आकर तुरंत नहाएं- अगर आप घर के बाहर जाते हैं किसी काम से और वापस आते हैं तो किसी चीज को बिना छुए और किसी से मिले सबसे पहले नहाएं। ये भी कर सकते हैं- कई बार नहाना संभव नहीं होता। इसलिए शरीर के खुले अंगों को साबुन से अच्छी तरह से धोएं। कपड़े बदलकर उल्टे करके गर्म या गुनगुने पानी में डाल दें।

18 से 45 वर्ष के बीच के युवाओं के रजिस्ट्रेशन शुरू

नई दिल्ली। एक मई से 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को वैक्सीन दी जाएगी। वैक्सिनेशन का यह तीसरा चरण होगा। इसके लिए रजिस्ट्रेशन 28 अप्रैल से शुरू हो गया है। इसके लिए केंद्र सरकार ने नई पॉलिसी तैयार की है। 18 से 45 वर्ष के बीच के युवा बिना रजिस्ट्रेशन के वैक्सीन नहीं लगवा पाएंगे, रजिस्ट्रेशन मैनडेटरी आवश्यक होगा।

फिलहाल देश में दो तरह की वैक्सीन लगाई जा रही है, कोवैक्सीन (Covaxin) और कोविशिल्ड (Covishield)। यह जरूरी है कि जिस वैक्सीन की पहली डोज लगवाई हो, नंबर आने पर दूसरी डोज भी उसी वैक्सीन की लगवानी होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय समेत केंद्र सरकार की कई विंग की ओर से बताया जा चुका है कि वैक्सीन लगवाने के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया क्या होगी। जानिए वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन कराने की प्रक्रिया-

रजिस्ट्रेशन का तरीका:
https://selfregistration.cowin.gov.in पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन का विकल्प होगा। 1. यहां अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा और गेट ओटीपी पर क्लिक करना होगा। 2. आपके मोबाइल नंबर पर ओटीपी का मैसेज आएगा, इसे 180 सेकेंड के अंदर डालना होगा। 3. फिर सब्मिट करते ही नया पेज खुलेगा, यहां आपको अपनी डिटेल भरनी है।  4. फोटो पहचान के लिए आधार के अलावा ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, पेंशन पासबुक, एनपीआर स्‍मार्ट कार्ड और वोटरआईडी का विकल्प है। 5. कोई एक विकल्प चुन कर अपना आईडी नंबर डालना है। 6. फिर अपना नाम, जेंडर और जन्मतिथि भरनी होगी। 7. इसके बाद नजदीकी कोविड वैक्सिनेशन सेंटर चुनने का विकल्प आएगा। 8. सेंटर चुनने के बाद आप अपनी सुविधानुसार उपलब्ध स्लॉट चुन सकते हैं। 9. जब आपका नंबर आए तो जाकर वैक्सीन लगवा लें।

10 रुपए बचाने के फेर में भुगते ढाई लाख

मास्क पहनना मंजूर नहीं, भुगता जुर्माना दो लाख 40 हजार। सड़क पर पिकनिक मनाने वालों की अब नहीं खैर। बिजनौर पुलिस ने खोला मोर्चा।

बिजनौर। बिना मास्क पहने घर से निकलने वालों पर पुलिस की नजर टेढ़ी है। ऐसे लोगों से पुलिस ने मंगलवार को लगभग दो लाख 40 हजार रुपए का जुर्माना वसूला। 

वीकेंड  लॉक डाउन बीतने के बाद  जिले की सडक़ों पर बिना वजह घूमने वालों की संख्या बढ़ गई थी। कोरोना संक्रमण को लेकर वर्तमान हालात से किसी को जैसे कोई सरोकार ही न था। सडक़ों पर लोग ऐसे छुट्टा हो कर घूमे, जैसे पिकनिक मनाने का आदेश सरकार ने दे दिया हो। दूसरी  तरफ कोविड-१९ की गाइड लाइन पालन कराने को तत्पर पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया। मंगलवार को जिले में अलग-अलग स्थानों पर पुलिस की चेकिंग जारी रही। पुलिस ने सडक़ों पर बिना मास्क लगाए निकले सभी लोगों को रोका और करीब ढ़ाई सौ लोगों से 2 लाख 40 हजार का जुर्माना वसूल किया। अप्रैल के महीने में मास्क न लगाने पर करीब 42 लाख रुपए का जुर्माना वसूला जा चुका है। 

WhatsApp पिंक के चक्कर में उठा न लें नुकसान

Fact Check Viral Message on WhatsApp claiming to change into pink color साइबर विशेषज्ञों ने लिंक के जरिये फोन पर भेजे जा रहे वायरस को लेकर आगाह किया है। इस लिंक में दावा किया जाता है कि वॉट्सऐप गुलाबी रंग (Pink WhatsApp) का हो जाएगा और उसमें नई विशेषताएं (WhatsApp New Features) जुड़ जाएंगी। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार लिंक में दावा किया जाता है कि यह वॉट्सऐप (WhatsApp Updates) की तरह से आधिकारिक अद्यतन के लिये है, लेकिन लिंक पर क्लिक करते ही संबंधित यूजर्स का फोन हैक हो जाएगा और हो सकता है कि वे वॉट्सऐप का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ राजशेखर राजहरिया ने सोशल मीडिया पर लिखा है, ‘‘व्हाट्एसऐप पिंक को लेकर सावधान! एपीके डाउनलोड लिंक के साथ व्हाट्सऐप ग्रुप वायरस फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। व्हाट्सऐप पिंक के नाम से किसी भी लिंक पर क्लिक नहीं करें। लिंक को क्लिक करने पर फोन का उपयोग करना मुश्किल हो जाएगा।’’

साइबर सुरक्षा से जुड़ी कंपनी वोयागेर इनफोसेक के निदेशक जितेन जैन ने कहा कि उपयोगकर्ताओं को यह सलाह दी जाती है कि वे गूगल या एप्पल के ऑधिकारिक ऐप स्टोर के अलावा एपीके या अन्य मोबाइल ऐप को इंस्टॉल नहीं करें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के ऐप से आपके फोन में सेंध लग सकते हैं और फोटो, एसएमएस, संपर्क आदि जैसी सूचनाएं चुरायी जा सकती हैं।

इस बारे में संपर्क किये जाने पर व्हाट्स ऐप के अधिकारी ने कहा, ‘‘अगर किसी को संदिग्ध संदेश या ई-मेल समेत कोई संदेश आते हैं, उसका जवाब देने से पहले पूरी जांच कर लें और सतर्क रुख अपनाएं। व्हाट्सऐप पर हम लोगों को सुझाव देते हैं कि हमने जो सुविधाएं दी हैं, उसका उपयाग करें और हमें रिपोर्ट भेजे, संपर्क के बारे में जानकारी दें या उसे ब्लॉक करें।’’ 

नेबुलाइजर मशीन के इस्‍तेमाल की सलाह देने वाले डॉक्टर ने मांगी माफी

देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर में संक्रमण के नए मामले रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। अस्‍पतालों में बेड, जरूरी दवाइयों और ऑक्सीजन की किल्लत हो गई है। ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीजों की जान तक जा रही है। ऐसे समय में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक डॉक्टर कोरोना मरीजों को ऑक्‍सीजन सिलिंडर की जगह नेबुलाइजर मशीन के इस्‍तेमाल की सलाह दे जा रहा है। चूंकि, यह दावा एक डॉक्टर ने किया है, तो लोग इसे सच मानते हुए जमकर शेयर कर रहे हैं।

वायरल वीडियो में क्या है- सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल के डॉक्टर आलोक कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन सिलेंडर के पीछे भागने के बजाय नेबुलाइजर मशीन का इस्तेमाल करने की सलाह देते नजर आ रहे हैं। उनका दावा है कि हमारे वातावरण में पर्याप्त मात्रा में ऑक्‍सीजन है, जो हमें नेबुलाइजर मशीन की मदद से मिल सकता है। वह सर्वोदय अस्पताल फरीदाबाद से डॉ. आलोक हैं। उन्होंने रक्त ऑक्सीजन के स्तर में सुधार के लिए ‘नेबुलाइज़र’ का उपयोग करते हुए एक उत्कृष्ट तकनीक दिखाई है। ऑक्सीजन संकट के आज के परिदृश्य में यह कई लोगों की जान बचा सकता है। सभी से अनुरोध है कि इसे एक बार जरूर देखें।

क्या है सच्चाई- वीडियो वायरल होने के बाद सर्वोदय अस्पताल ने ट्वीट कर इस दावे को खारिज किया है। अस्पताल ने लिखा कि ‘यह वीडियो किसी भी तरह के वैज्ञानिक अध्ययन पर आधारित नहीं है। सर्वोदय अस्पताल इस दावे का समर्थन नहीं करता है। साथ ही, अस्पताल ने लोगों से अपील की कि इस तरह का प्रयोग अपने डॉक्‍टर की सलाह के बगैर न करें। इससे आपकी तबियत बिगड़ सकती है।’ वहीं, अब डॉ. आलोक ने सफाई देते हुए एक और वीडियो जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि उनसे गलत मैसेज चला गया है। नेबुलाइजर मशीन, ऑक्सीजन सिलेंडर का विकल्प बिलकुल भी नहीं है।

आंखों की रौशनी बढ़ाने के तरीके

नजर कमजोर होना आज के समय में एक आम समस्या होती जा रही है। नेत्र रोग विशेषज्ञों की मानें तो पढ़ने-लिखने या घर में कुछ समय छोटे-मोटी क्रियाओं से आंखों की रोशनी को बढ़ाया जा सकता है।

आईसाइट के लिए फायदेमंद कुछ आसान क्रियाएं-

ध्यान लगाना- कमर सीधी कर बैठें। हाथ में कोई भी छोटी नुकीली वस्तु पैन-पैंसिल के सिरे पर आंखों को केंद्रित करें। हाथ-आंखों के बीच थोड़ा गैप रखें ताकि आंखों में टेढ़ापन न आए। आंखों की क्षमतानुसार वस्तु के बिंदु पर ध्यान केंद्रित करने के बाद रिलैक्स हो जाएं।

प्राणायाम – सुखासन की मुद्रा में कमर सीधी कर बैठें। इसके बाद आंखें बंद कर भ्रामरी, अनुलोम-विलोम आदि प्राणायाम करें। इस दौरान सांस की गति पर ध्यान केंद्रित करने से आंखों की मांसपेशियों को आराम मिलेगा साथ ही इनकी ताकत भी बढ़ेगी। अंदरुनी रूप से आंखों को भौहों के बीच केंद्रित करने की कोशिश करें।

रिलैक्स करना – किसी भी मुद्रा में सीधे बैठें। वातावरण शांत हो तो बेहतर है। इसके बाद आंखों को बंद करते हुए खुद को रिलैक्स करना महसूस करें। इस दौरान आप आंखों को आराम मिलना महसूस कर सकेंगे। आप चाहें तो आंखें बंद रखने के दौरान अच्छी बातों और अनुभवों को फिर से याद कर सकते हैं।

गर्म पानी+नींबू+बेकिंग सोडा=कोरोना खत्म!

कोरोना वायरस की दूसरी लहर भारत समेत पूरी दुनिया में कहर बरपा रही है। संक्रमण के नए मामलों में तेजी के साथ ही मौत के आंकड़ों में भी लगातार इजाफा हो रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 3,32,730 नए कोरोना केस आए और 2263 लोगों की जान चली गई है। सोशल मीडिया पर रोजाना इस खतरनाक वायरस के इलाज के नुस्खे वायरल हो रहे हैं। एक ऐसा ही मैसेज इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि नींबू की स्लाइस और बेकिंग सोडा के साथ गर्म पानी पीने से कोरोना वायरस तुरंत मर जाता है।

क्या हो रहा वायरल- सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज में लिखा गया है कि इजरायल से कोरोना का इलाज सामने आया है। इस मैसेज में बताया गया है कि लोगों को गर्म पानी में नींबू की स्लाइस और बेकिंग सोडा मिलाकर दोपहर में चाय की तरह पीना चाहिए। इससे कोरोना वायरस पूरे शरीर से खत्म हो जाता है। कहा जा रहा है कि इसी उपाय से इजरायल में कोरोना से एक भी मौत नहीं हुई है।

क्या है सच- भारत सरकार की सूचना एजेंसी प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक टीम ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस मैसेज का खंडन किया है। PIB ने अपने ट्वीट में लिखा है, “सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि नींबू की स्लाइस और बेकिंग सोडा के साथ गर्म पानी का सेवन करने से कोरोना वायरस को खत्म किया जा सकता है। यह दावा पूरी तरह से फर्जी है। इस बात का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि नींबू और बेकिंग सोडा से कोरोनावायरस का इलाज हो सकता है।”

Fact Check: क्या गर्म पानी की भाप लेने से खत्म हो जाएगा कोरोना? जानिए वायरल दावे का पूरा सच

Webdunia शुक्रवार, 4 सितम्बर 2020 (13:18 IST) सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जमकर वायरल हो रहा है, जो दावा करती है कि गर्म पानी का भाप लेने से कोरोना को खत्म किया जा सकता है। वायरल पोस्ट में लिखा गया है- ‘डॉक्टरों के अनुसार, COVID-19 को नाक-मुंह से भाप के जरिए मारा जाता है, तो कोरोना को खत्म किया जा सकता है। अगर सभी लोगों ने एक सप्ताह के लिए भाप लेने का अभियान शुरू किया तो करोना का समापन हो सकता है।’

देखें वायरल पोस्ट-

यह पोस्ट ट्विटर पर भी काफी शेयर किया जा रहा है।

क्या है सच-

वायरल दावे की पड़ताल शुरू करते हुए हमने इंटरनेट पर अलग-अलग कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। सर्च रिजल्ट में हमें न्यूज एजेंसी रॉयटर का एक फैक्ट चेक मिला, ‍जिसमें बताया गया है कि स्टीम थेरेपी से कोरोनावायरस को खत्म करने का दावा गलत है। रॉयटर ने अपने फैक्ट चेक में बताया है कि भाप लेना कोरोनावायरस के लक्षण को कम कर सकता है, लेकिन कोरोनावायरस को खत्म नहीं कर सकता है।

वेबदुनिया ने अपनी पड़ताल में पाया कि गर्म पानी का भाप लेने से कोरोनावायरस को खत्म नहीं किया जा सकता है, वायरल दावा फेक है।

आज है पर्यावरण संरक्षण का दिन, विश्व पृथ्वी दिवस

Earth Day 2021

पृथ्वी दिवस (Earth Day 2021) एक वार्षिक आयोजन है, जिसे 22 अप्रैल को दुनिया भर में पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्थन प्रदर्शित करने के लिए आयोजित किया जाता है। इसकी स्थापना अमेरिकी सीनेटर जेराल्ड नेल्सन ने 1970 में एक पर्यावरण शिक्षा के रूप की थी। अब इसे 192 से अधिक देशों में प्रति वर्ष मनाया जाता है। पृथ्वी दिवस का महत्व इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि, इस दिन हमें ग्लोबल वार्मिंग के बारे में पर्यावरणविदों के माध्यम से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव का पता चलता है। पृथ्वी दिवस जीवन संपदा को बचाने व पर्यावरण को ठीक रखने के बारे में जागरूक करता है। जनसंख्या वृद्धि ने प्राकृतिक संसाधनों पर अनावश्यक बोझ डाला है, संसाधनों के सही इस्तेमाल के लिए पृथ्वी दिवस जैसे कार्यक्रमों का महत्व बढ़ गया है।

कोविड-19 से बचाव के उपाय

इस समय आप सभी के लिए
डॉ शंकर एच बामनिया कोविड प्रभारी उदयपुर
की ओर से आप सभी के लिए:—

कोरोना के लिए घर पर आवश्यक चिकित्सा किट:–

  1. पारासिटामोल या डोलो 650 mg SOS leve
  2. बीटाडीन गार्गल माउथवॉश के लिए गुनगुने पानी के साथ
  3. विटामिन सी जैसे
    Tab Limcee 500mg चूसने की दिन में 3 या 4 बार ।। ये बहुत ही शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है बहुत ही कारगर है इममुनिटी बढ़ाता है ।। वायरस को असक्रिय कर देती हैं और
    Tab विटामिन D3 60k
    सप्ताह में एक 4 सप्ताह तक
  4. 4. Tab बी कॉम्प्लेक्स साथ मे मल्टीविटामिन एव ट्रेस एलिमेंट्स
  5. जैसे Neurokind plus
  6. रोज एक 10 से 15 दिन तक
  7. इममुनिटी के लिये
  8. भाप लें- गले मे खराश ठीक एवं वायरल लोड कम कर वायरस को असक्रिय कर देता है
  9. पल्स ऑक्सीमेटर रखें ऑक्सिजन लेवल देखने के लिए
    नॉर्मल 95 से ऊपर होना चाहिए
  10. ऑक्सीजन सिलेंडर (केवल आपातकाल के लिए)
  11. सांस लेने में तकलीफ हो तो उल्टा पीठ के बल सोएं जिससे फेफड़ों में ऑक्सिजन सर्कुलेशन बढ़ जाता है।
  12. 9 गुनगुने पानी मे नमक के गरारे करें एवं गुनगुने पानी में निम्बू निचोड़ कर दिन में 3 या 4 बार पिएं

गहरी साँस लेने के व्यायाम करें

👉कोरोना के तीन चरण:-

  1. केवल नाक में कोरोना
    रिकवरी का समय आधा दिन होता है,
    इसमें आमतौर पर बुखार नहीं होता है और
    इसे असिम्टोमाटिक कहते हैं|
    इसमें क्या करें :-
    स्टीम इन्हेलिंग करें व विटामिन सी लें |
  2. गले में खराश
    रिकवरी का समय 1 दिन होता है
    इसमें क्या करें : –
    गर्म पानी का गरारा करें, पीने में गर्म पानी लें, निम्बू पानी लें
    अगर बुखार हो तो पारासिटामोल लें |
    अगर गंभीर हो तो विटामिन सी, बी.
    कॉम्प्लेक्स, डी और एंटीबायोटिक लें |
  3. फेफड़े में खांसी
    4 से 5 दिन में खांसी और सांस फूलना।
    इसमें क्या करें :
    गर्म पानी का गरारा करें, पीने में गर्म पानी लें, निम्बू पानी लें
    विटामिन सी, बी कॉम्प्लेक्स, पारासिटामोल लें
    और गुनगुने पानी के साथ नींबू का सेवन करें|
    पल्स ऑक्सिमीटर से अपने ऑक्सीजन लेवल की
    जाँच करते रहें| अगर आपके पास ऑक्सीमेटर
    नहीं हो तो आप किसी भी दवा दुकान से खरीद लें अथवा गहरी साँस लेने का व्यायाम करें
    अगर समस्या गंभीर हो तो ऑक्सीजन
    सिलिंडर मंगाएं और डॉक्टर से ऑनलाइन
    परामर्श लें|
    बहुत ज्यादा तकलीफ हो तो एंटीवायरल मेडिसिन चिकित्सक परामर्श से लें।

अस्पताल जाने के लिए स्टेज:
ऑक्सिमीटर से अपने ऑक्सीजन लेवल की
जाँच करते रहें। यदि यह 92(सामान्य 95-100) के
पास जाता है और आपको कोरोना के लक्षण
(जैसे की बुखार, सांस फूलना इत्यादि) हैं तो
आपको ऑक्सीजन सिलेंडर की आवश्यकता
होती है। इसके लिए तुरंत नजदीकी स्वास्थ
सेवा केंद्र से संपर्क करें व परामर्श लें|

स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें!
कृपया अपने परिवार और समाज का
ख्याल रखें | घर पे रहें और सुरक्षित रहें |
ध्यान दें:
कोरोनावायरस का pH 5.5 से 8.5 तक
होता है
इसलिए, वायरस को खत्म करने के लिए
हमें बस इतना करना है कि वायरस की
अम्लता के स्तर से अधिक क्षारीय खाद्य
पदार्थों का सेवन करें।
जैसे कि:

  • केले
  • हरा नींबू – 9.9 पीएच
  • पीला नींबू – 8.2 पीएच
  • एवोकैडो – 15.6 पीएच
  • लहसुन – 13.2 पीएच
  • आम – 8.7 पीएच
  • कीनू – 8.5 पीएच
  • अनानास – 12.7 पीएच
  • जलकुंड – 22.7
  • संतरे – 9.2 पीएच
  • कैसे पता चलेगा कि आप कोरोना वायरस से संक्रमित हैं ….?
  1. गला सूखना
  2. सूखी खांसी
  3. शरीर का उच्च तापमान
  4. सांस की तकलीफ
  5. सिर दर्द
  6. बदन दर्द

गर्म पानी के साथ नींबू पीने से वायरस
फेफड़ों तक पहुँचने से पहले ही खत्म
हो जाते हैं |

इस जानकारी को खुद तक न रखें।
इसे अपने सभी परिवार और दोस्तों और
सभी के साथ शेयर करें।
आपको नहीं पता कि इस जानकारी को
शेयर करके आप कितनी जान बचा रहे हैं |
इसे शेयर करें और लोगों की मदद करें ताकि अधिक से अधिक लोगों को जानकारी हो सके एवं कोरोना से बचाव हो

डॉ .शंकर एच. बामनिया
कोविड -19इंचार्ज उदयपुर
(नोडल अधिकारी कोविड-19)

बड़े काम का नीलगिरी (यूकेलिप्टस) का तेल

नीलगिरी का पेड़ काफी लंबा और पतला होता है। इसकी पत्तियों से प्राप्त होने वाले तेल का उपयोग औषधि और अन्य रूप से किया जाता है। नीलगिरी की पत्तियां लंबी और नुकीली होती हैं, जिनकी सतह पर गांठ पाई जाती है और इन्हीं गाठों में तेल संचित रहता है। नीलगिरी का वानस्पतिक नाम यूकेलिप्टस ग्लोब्यूलस है। परफ्यूम इंडस्ट्री में नीलगिरी का तेल खूब इस्तेमाल होता है। शरीर की मालिश के लिए नीलगिरी का तेल उपयोग में लाया जाए तो गम्भीर सूजन तथा बदन में होने वाले दर्द से छुटकारा मिलता है, वैसे आदिवासी मानते हैं कि नीलगिरी का तेल जितना पुराना होता जाता है इसका असर और भी बढ़ता जाता है। इसका तेल जुकाम, पुरानी खांसी से पीड़ित रोगी के लिए फायदेमंद होता है। इसे छिड़ककर सुंघाने से लाभ मिलता है। नीलगिरी का तेल एक सूती कपड़े में लगा दिया जाए और सर्दी और खाँसी होने पर सूंघा जाए तो आराम मिलता है। गले में दर्द होने पर भी नीलगिरी के तेल का उपयोग किया जाता है। माइग्रेन होने की दशा में इसके तेल को माथा में लगाएं तो आराम मिलता है। एक बाल्टी पानी में दो चम्मच लहसुन का रस और 2 बूंद नीलगिरी का तेल डाल दीजिए और फिर घर में पोछा करें, अगले 5-6 घंटों तक मच्छरों का अता पता नहीं रहेगा, इसी पानी को आंगन में छिड़क दीजिए, मच्छर दूर भाग जाएंगे।

किशोर-किशोरियों के साथ हिंसा समुदाय को नहीं स्वीकार- ब्रेकथ्रू का सर्वे

किशोर-किशोरियों के साथ हिंसा समुदाय को नहीं स्वीकार- ब्रेकथ्रू का सर्वे
लड़कियों की बाहर आने-जाने की दर में भी 37 फीसदी का इजाफा
पीढ़ियों के बीच हिचक घटी, किशोर-किशोरियों के साथ अब हो रही है खुलकर बात

लखनऊ। (24 मार्च 2021) किशोर-किशोरियों के साथ हिंसा को लेकर अब समुदाय आवाज उठाने लगा है, महिलाओं के खिलाफ हिंसा को सभी के लिए अस्वीकार बनाने के लिए काम करने वाली स्वयंसेवी संस्था ब्रेकथ्रू के सर्वे में यह सामने आया है कि 21 फीसदी लोगों को किशोर-किशोरियों या किसी भी लिंग के साथ हिंसा अब स्वीकार नहीं है वह अब खुलकर हिंसा के मुद्दे पर बात करने लगे हैं। यह ताजा आकड़ें ब्रेकथ्रू के किशोर-किशोरी सशक्तिकरण कार्यक्रम ‘दे ताली’ के इंडलाइन सर्वे से आए हैं।
यह सर्वे आज ब्रेकथ्रू की सीईओ सोहिनी भट्टाचार्य, प्रोग्राम डायरेक्टर, नयना चौधरी और स्टेट लीड (उत्तर प्रदेश) कृति प्रकाश ने प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया के साथ साझा किए।

ब्रेकथ्रू का कार्यक्रम अब देश के 6 राज्यों में- ब्रेकथ्रू की सीईओ सोहिनी भट्टाचार्य ने कहा कि सर्वे के परिणामों से हम बहुत उत्साहित हैं, हमें खुशी है कि हम इस कार्यक्रम के माध्यम से किशोर-किशोरियों के जीवन में बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य का वातावरण बना पाए वहीं उनके साथ होने वाली लिंग आधारित भेदभाव व हिंसा जैसे मुद्दे पर एक प्रभावी संवाद शुरू कर पाए। महिलाओं और लड़कियों के साथ होने वाली हिंसा को समाप्त करने अपनी मुहिम को जारी रखते हुए ब्रेकथ्रू किशोर-किशोरियों के साथ अपने कार्यक्रम को अब पंजाब लेकर जा रहा है। वहां पर हम पंजाब सरकार के साथ मिलकर किशोर-किशोरियों के साथ जेंडर के मुद्दे पर काम शुरू कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के 6 जिलों में हुआ सर्वे, 11-22 आयुवर्ग के किशोर-किशोरियों के साथ हुआ सर्वे

उत्तर प्रदेश के 6 जिलों लखनऊ, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, जौनपुर और गाजीपुर में 11-22 आयुवर्ग के किशोर-किशोरियों के साथ किया गया। इसके आंकड़ों का साझा करते हुए ब्रेकथ्रू की स्टेड लीड (उत्तर प्रदेश ) कृति प्रकाश ने बताया कि 2015 में इन जिलों में हम लोगों ने किशोर-किशोरियों के शिक्षा, स्वास्थ्य, लिंग आधारित भेदभाव जैसे मुद्दों पर काम करना शुरू किया था, जिसके सुखद परिणाम हमारी इंडलाइन सर्वे में देखने को मिले।

किशोरियों की मोबिलिटी बढ़ी, पढ़ाई हो या काम- घर से बाहर निकलना हुआ आसान

उन्होंने बताया कि किशोर-किशोरियों के स्कूल व काम आदि के लिए बाहर (मोबिलिटी) निकलने की दर में भी इजाफा हुआ है। लड़कियों में यह वृद्धि दर 37 फीसदी देखी गई वहीं लड़को में 8 फीसदी रही। साथ ही किशोर-किशोरियों में खाली समय (आराम का समय) में भी 40 फीसदी का इजाफा देखा गया। खास तौर से लड़कियों के लिए यह समय जो पहले 2.97 घंटा था वो अब बढ़ कर 4.16 घंटा हो गया।

पीढ़ियों के बीच खुलकर होने लगी बात, माता-पिता भी समझने लगे अपने बच्चों की बात

ब्रेकथ्रू की प्रोग्राम डायरेक्टर नयना ने कहा कि किशोर-किशोरियों की शिक्षा का मुद्दा हो उनके साथ लिंग आधारित भेदभाव, हिंसा व स्वास्थ्य आदि का मुद्दा हर जगह हमने देखा कि यह सब उनकी कंडीशनिंग का हिस्सा है, जो एक कल्चर के रूप में उनके जीवन का हिस्सा बन कर रूढीवादी मान्यताओं को बढ़ावा भी देता है, इसलिए हमने अपनी रणनीति में इन मान्यताओं को बदलकर किशोर-किशोरियों के हित में करने की रणनीति बनाई। हमारा टीकेटी पाठ्क्रम हो, या समुदाय आधारित कार्यक्रम सभी में रूढीवादी मान्यताओं को चिन्हित करके उसमे बदलाव लाने का प्रयास शुरू किया गया, जिसके उत्साहजनक परिणाम आप सभी के सामने हैं।
उन्होंने आगे कहा कि हमने जब काम शुरू किया था तब हमने देखा कि किशोर-किशोरियों की अपने माता-पिता अन्य बड़े-बुजुर्गों से बातचीत बहुत कम होती थी, वह अपनी बातें उनसे नहीं कह पाते थे, ब्रेकथ्रू ने इस कल्चर को बदलने की सोची और उनके बीच के संवाद का एक ब्रिज तैयार किया। इसका असर ये हुआ कि इंटरजेंडर कम्युनिकेशन में 100 फीसदी से अधिक का इजाफा हुआ। जो बेसलाइन के 33 फीसदी से बढ़कर 69 फीसदी हो गया है। साथ ही किशोर-किशोरियों में अपनी आवश्यकताओं व जरूरतों को लेकर परिजनों से जो बातचीत में भी 25 फीसदी का इजाफा देखा गया।

किशोर-किशोरियों में स्वास्थ्य को लेकर जागरुकता बढ़ी

किशोर-किशोरियों में स्वास्थ्य केंद्रों को जाने की दर में भी 10 फीसदी का इजाफा हुआ। यह पहले 44 था जो बढ़कर 54 प्रतिशत हो गया। वहीं किसी भी तरह से स्वाथ्य केंद्रों पर जाकर या बिना जाए भी स्वास्थ्य सेवाओं के लाभ लेने की दर भी बेसलाइन सर्वे के 18 फीसदी से बढ़कर 56 फीसदी हो गया।

मई के पहले सप्ताह से हो सकती हैं बोर्ड परीक्षाएं!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं 24 अप्रैल से 12 मई तक कराने की तैयारियां चल रही थीं। वहीं राज्य निर्वाचन आयोग भी 23 अप्रैल तक चार चरणों में मतदान प्रक्रिया पूरी करने को तत्पर था। इस बीच हाईकोर्ट द्वारा फिर से आरक्षण कराने के निर्देश पर राज्य सरकार ने नए सिरे से आरक्षण प्रक्रिया शुरू कराई। अब 27 मार्च को आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के साथ आयोग भी चुनाव की अधिसूचना जारी करने की तैयारी में है।

चुनाव प्रक्रिया को चाहिए 42 दिन: राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों का कहना है कि होली से ठीक पहले 27 मार्च को अधिसूचना जारी होने से उसे विधिवत चुनाव कराने के लिए 42 दिन चाहिए। चार चरण में जिलेवार सभी पदों का एक साथ चुनाव कराने के लिए 42 दिन का समय होने पर प्रत्येक चरण में प्रचार के लिए एक सप्ताह का समय दिया जा सकेगा। ऐसे में आयोग चाहता है कि यूपी बोर्ड की परीक्षाएं मई के पहले सप्ताह तक टल जाएं ताकि मतगणना आदि भी उससे पहले करा ली जाए।

पहले पंचायत चुनाव, फिर बोर्ड परीक्षाएं: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा का भी दायित्व संभाल रहे उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा का कहना है कि पंचायत चुनाव के बाद ही बोर्ड परीक्षाएं कराई जाएंगी। ऐसे में बोर्ड परीक्षाएं 24 अप्रैल से तो नहीं होंगी। वहीं सूत्रों का कहना है कि माध्यमिक शिक्षा विभाग बोर्ड परीक्षाएं और टालने के पक्ष में नहीं हैं। अधिकारी 10 जून के आसपास नतीजे घोषित करना चाहते हैं। इधर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की परीक्षाएं चार मई से शुरू होने के कारण सम्भावना है कि यूपी बोर्ड की परीक्षाएं भी तीन-चार मई से शुरू कराई जाएं।

बोर्ड परीक्षाएं एक सप्ताह आगे बढ़ाने पर विचार: अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह का कहना है कि पंचायत चुनाव के मद्देनजर बोर्ड परीक्षाएं एक सप्ताह आगे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। आयोग के सूत्रों का कहना है कि 30 अप्रैल तक का भी समय मिल जाने पर चार चरणों में मतदान की प्रक्रिया तो पूरी ही कर ही ली जाएगी। मतगणना तीन-चार मई को कराई जा सकती है। हाईकोर्ट के आदेशानुसार आयोग को जनता से चुने जाने वाले पंचायतों के चारों पदों का चुनाव 10 मई तक कराना है।