1 जुलाई 2022 से चिन्हित एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं पर प्रतिबंध


प्रतिबंधित एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं के अवैध निर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री और उपयोग पर रोक लगाने के लिए राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जायेंगे

सभी हितधारकों द्वारा प्रभावी भागीदारी और ठोस कार्रवाई के माध्यम से ही इस प्रतिबंध की सफलता संभव है

एकल उपयोग वाली प्लास्टिक (एसयूपी) पर प्रतिबंध लगाने में जनभागीदारी महत्वपूर्णPosted Date:- Jun 28, 2022

नई दिल्ली (PIB)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2022 तक एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं को समाप्त करने के लिए दिए गए स्पष्ट आह्वान के अनुरूप, भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 12 अगस्त 2021 को प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन संशोधन नियम, 2021 को अधिसूचित किया। ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ की भावना को आगे बढ़ाते हुए, देश द्वारा कूड़े एवं अप्रबंधित प्लास्टिक कचरे से होने वाले प्रदूषण को रोकने के उद्देश्य से एक निर्णायक कदम उठाया जा रहा है। भारत 1 जुलाई, 2022 से पूरे देश में चिन्हित एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं, जिनकी उपयोगिता कम और प्रदूषण क्षमता अधिक है, के निर्माण, आयात, भंडारण,  वितरण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाएगा।

समुद्री पर्यावरण सहित स्थलीय और जलीय इकोसिस्टम पर एकल उपयोग वाली प्लास्टिक  वस्तुओं के प्रतिकूल प्रभावों को वैश्विक स्तर पर पहचाना गया है। एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं के कारण होने वाले प्रदूषण को दूर करना सभी देशों के लिए एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय चुनौती बन गया है।

2019 में आयोजित चौथी संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सभा में, भारत ने एकल उपयोग वाले प्लास्टिक उत्पादों के प्रदूषण से निपटने के लिए एक प्रस्ताव रखा था, जिसमें वैश्विक समुदाय द्वारा इस बहुत महत्वपूर्ण मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करने की तत्काल आवश्यकता को स्वीकार किया गया था। यूएनईए 4 में इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया जाना एक महत्वपूर्ण कदम था। मार्च 2022 में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सभा के हाल ही में संपन्न पांचवें सत्र में, भारत प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ वैश्विक स्तर पर कार्रवाई शुरू करने के संकल्प पर आम सहमति विकसित करने के लिए सभी सदस्य देशों के साथ रचनात्मक रूप से जुड़ा।

भारत सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक से उत्पन्न कचरे से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची में ये वस्तुएं शामिल हैं- प्लास्टिक स्टिक वाले ईयर बड, गुब्बारों के लिए प्लास्टिक स्टिक, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्रीम स्टिक, सजावट के लिए पॉलीस्टाइनिन (थर्मोकोल), प्लास्टिक की प्लेट, कप, गिलास, कटलरी, कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, ट्रे, मिठाई के डिब्बों को रैप या पैक करने वाली फिल्म, निमंत्रण कार्ड, सिगरेट के पैकेट, 100 माइक्रोन से कम के प्लास्टिक या पीवीसी बैनर, स्टिरर।

प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन संशोधन नियम 2021 के अंतर्गत 75 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक कैरी बैग के निर्माण, आयात, संग्रहण, वितरण, बिक्री और उपयोग पर 30 सितंबर 2021 से और 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले इस सामान पर 31 दिसंबर, 2022 से प्रतिबंध लगाया गया है

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 16 फरवरी, 2022 को प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन संशोधन नियम, 2022 के रूप में प्लास्टिक पैकेजिंग पर विस्तारित उत्पादकों की जिम्मेदारी पर दिशा-निर्देशों को भी अधिसूचित किया है। विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (ईपीआर) दरअसल उत्पाद की शुरुआत से अंत तक उसके पर्यावरण की दृष्टि से बेहतर प्रबंधन के लिए एक उत्पादक की जिम्मेदारी होती है। ये दिशा-निर्देश प्लास्टिक पैकेजिंग कचरे की चक्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, प्लास्टिक पैकेजिंग के नए विकल्पों के विकास को बढ़ावा देने और कारोबारी जगत द्वारा टिकाऊ प्लास्टिक पैकेजिंग के विकास की दिशा में कदम बढ़ाने से संबंधित रूपरेखा मुहैया कराएंगे।

एमएसएमई इकाइयों के लिए क्षमता निर्माण कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है,  ताकि उन्हें सीपीसीबी/एसपीसीबी/पीसीसी के साथ-साथ लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्यम मंत्रालय तथा केंद्रीय पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग संस्थान (सीआईपीईटी) और उनके राज्य-केन्द्रों की भागीदारी के साथ प्रतिबंधित एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं के विकल्प के निर्माण के लिए तकनीकी सहायता प्रदान की जा सके। ऐसे उद्यमों को प्रतिबंधित एकल उपयोग वाली प्लास्टिक के निर्माण को बंद करने में सहायता करने के भी प्रावधान किये गए हैं।

भारत सरकार ने नवाचार को बढ़ावा देने और पूरे देश में त्वरित पहुंच और विकल्पों की उपलब्धता के लिए एक इकोसिस्टम प्रदान करने के उद्देश्य से भी कदम उठाए हैं।

1 जुलाई 2022 से चिन्हित एसयूपी वस्तुओं पर प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किये जायेंगे तथा प्रतिबंधित एकल उपयोग प्लास्टिक के अवैध निर्माण, आयात, भंडारण,  वितरण, बिक्री एवं उपयोग की निगरानी के लिए विशेष प्रवर्तन दल गठित किये जायेंगे। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को किसी भी प्रतिबंधित एकल उपयोग वाली प्लास्टिक की वस्तुओं के अंतर-राज्य परिवहन को रोकने के लिए सीमा जांच केंद्र स्थापित करने के लिए कहा गया है।

सीपीसीबी शिकायत निवारण ऐप, नागरिकों को प्लास्टिक से जुड़ी समस्या से निपटने में मदद हेतु सशक्त बनाने के लिए शुरू किया गया है। जनता तक व्यापक पहुंच बनाने के लिए प्रकृति नाम के शुभंकर की भी 5 अप्रैल को शुरुआत की गई।

सरकार एकल उपयोग वाली प्लास्टिक को समाप्त करने के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न उपाय कर रही है। जागरूकता अभियान में उद्यमियों और स्टार्ट अप्स, उद्योग,  केंद्रीय, राज्य और स्थानीय सरकारों नियामक निकायों,  विशेषज्ञों, नागरिक संगठनों, अनुसंधान एवं विकास और अकादमिक संस्थानों को एकजुट किया गया है। मंत्रालय का विश्वास है कि इस पाबंदी की सफलता तभी संभव है, जबकि सभी हितधारकों और उत्साही जन भागीदारों को इसमें प्रभावी रूप से शामिल किया जाए और वे सम्मिलित रूप से प्रयास करें।

अनुदान पर सोलर पंप ले सकेंगे किसान

जनपद को मिला कुल 283 सोलर पम्प वितरण का लक्ष्य

कृषक अनुदान पर सोलर पम्प पाने हेतु करें ऑनलाइन आवेदन- उप कृषि निदेशक

बिजनौर। प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान योजना (पी0एम0-कुसुम) अन्तर्गत जनपद बिजनौर को वर्ष 2022-23 में कुल 283 सोलर पम्प वितरण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। उप कृषि निदेशक गिरीश चन्द्र ने जनपद के कृषक भाइयों को सूचित करते हुए बताया कि पीएम-कुसुम योजना के तहत जनपद में 2 एचपी के 120, 3 एचपी के 120, 5 एचपी के 35, 7.5 एचपी के 06 एवं 10 एचपी के 02 कुल 283 सोलर पम्प वितरण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। सोलर पम्प लेने वाले इच्छुक किसान भाइयों को विभागीय बेवसाइट http://www.upagriculture.com पर ऑनलाइन टोकन जनरेट/बुकिंग करनी होगी। सोलर पम्प की बुकिंग पहले आओ पहले पाओ के सिद्धान्त पर की जायेगी।

इस तरह है व्यवस्था- उप कृषि निदेशक गिरीश चन्द्र ने बताया कि 10 एचपी, 7.5 एचपी, 5 एचपी एवं 3 एचपी सोलर पम्प स्थापित करने हेतु शक्ति पम्प इण्डिया लिमिटेड संस्था तथा 2 एचपी सोलर पम्प स्थापित करने हेतु टाटा पॉवर सोलर सिस्टम लि0 संस्था नामित है। सभी प्रकार के सोलर पम्प पर 60 प्रतिशत अनुदान तथा 40 प्रतिशत कृषक अंश निर्धारित है। सोलर पम्प लेने वाले कृषक को कृषक अंश की धनराशि टोकन निर्गत होने की दिनांक से 07 दिन के अन्दर इण्डियन बैंक की किसी भी शाखा में निर्धारित बैंक खाता सं० में जमा करनी होगी। उप कृषि निदेशक ने बताया कि सोलर पम्प का लाभ लेने हेतु कृषकों का विभागीय बेवसाइट http://www.upagriculture.com पर किसान पंजीकरण होना अनिवार्य है।

पहले आओ, पहले आओ- सोलर पम्प की बुकिंग जनपद के लक्ष्य की सीमा से 200 प्रतिशत तक पहले आओ पहले पाओ के सिद्धान्त पर की जायेगी। 2 एचपी सरफेस सोलर पम्प अधिकतम 22 फिट गहराई जल स्तर 2 एचपी सबमर्सिबल अधिकतम 50 फिट गहराई जल स्तर, 3 एचपी अधिकतम 150 फिट गहराई जल स्तर, 5 एचपी अधिकतम 200 फिट गहराई जल स्तर, 7.5 एचपी एवं 10 एचपी सोलर पम्प अधिकतम 300 फिट गहराई जल स्तर हेतु उपयुक्त होंगे। 2 एचपी सोलर पम्प हेतु 4 इंच, 3 एचपी एवं 5 एचपी सोलर पम्प हेतु 6 इंच एवं 7.5 एचपी, 10 एचपी सोलर पम्प हेतु 8 इंच का क्रियाशील बोरिंग कृषक के पास होना अनिवार्य है।

करें संपर्क- उप कृषि निदेशक ने बताया कि इच्छुक कृषक भाई जो अपने प्रक्षेत्र पर सोलर पम्प स्थापित कराना चाहते हैं वह अपने विकास खण्ड स्तर पर राजकीय कृषि निवेश बीज भण्डार से अथवा जनपद स्तर पर उप कृषि निदेशक बिजनौर के कार्यालय से सम्पर्क स्थापित कर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

अभी मानसून में और एक-दो दिन की देरी

लखनऊ। यूपी में मानसून इस साल एक हफ्ते की देरी से आएगा। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया था कि इस बार मानसून 16, 17 जून तक दस्तक दे देगा। मगर, मौसम विभाग का ये अनुमान फेल हो गया और अब मानसून 21 से 22 जून तक आने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में लोगों को चिलचिलाती धूप का समाना अभी 2 दिन और करना पड़ सकता है। हालांकि इस बीच बादलों की आवाजाही लगी रहेगी। मेरठ, सहारनपुर में बदली और बौछारें पड़ने की भी संभावना है।

21 से 22 जून तक आएगा मानसून

मौसम वैज्ञानिक जेपी गुप्ता के अनुसार, 21, 22 जून तक उत्तर प्रदेश में मानसून दाखिल हो सकता है। इस साल मानसून में पश्चिमी उत्तर प्रदेश यानी मेरठ, सहारनपुर, गाजियाबाद में मानसून में सामान्य 92-108% बारिश होगी। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश यानी वाराणसी, सोनभद्र, जौनपुर में 106% बारिश होने की आशंका है।

बिहार में पहुंचकर ठिठक गया मानसून मौसम विभाग लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि मानसून बिहार में पहुंचकर ठिठक गया है। वह जितनी तेजी से चला था वह गति बरकरार नहीं रह पाई। उत्तर में 18 जून को मानसून के आगमन का पूर्वानुमान लगाया गया था। पर जो स्थितियां उसे देखते हुए अभी मानसून के लिए सप्ताह भर इंतजार करना पड़ सकता है। वैसे मौसम अगले दो-तीन दिन तक ऐसा ही बना रहेगा। बदली और बौछारें पड़ने की संभावना है।

पूरे राज्य में तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई है। लखनऊ मौसम विभाग को जिन 33 जिलों की रिपोर्ट मिली है उनमें सिर्फ बलिया, लखनऊ, इटावा, कानपुर एयरफोर्स और लखीमपुर में ही अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर रहा। बाकी सभी जगह तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के रिकार्ड किया गया।

तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की आई गिरावट

यूपी में मेरठ, आगरा, सहारनपुर में हुई छिटपुट बारिश से तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, बलिया, लखनऊ, इटावा, कानपुर और लखीमपुर में ही अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर रहा है। बाकी सभी जगह तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

बारिश, ठंडी हवाओं से मौसम हुआ सुहाना

नई दिल्ली (एजेंसी)। उत्तर भारत में झुलसा देने वाली गर्मी पड़ने के बाद पंजाब में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने का असर नजर आया। शुक्रवार तड़के 3 बजे झमाझम बारिश हुई। बारिश से पहले रात 12 बजे से आसमान में बिजली कड़कती रही और तेज हवाएं चल रहीं थीं, जिससे लोगों को ठंडक का अहसास हुआ। इसके बाद बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सुबह 4 बजे तापमान 27 डिग्री था।

मौसम विभाग के अनुसार अभी 4 से 5 दिन बादल छाए रहेंगे। बादल छा जाने से लोगों को लू से राहत मिली। मौसम में बदलाव होते ही कई शहर वासियों ने पहाड़ों की ओर रुख कर लिया है। लोग मौसम का आनंद उठाने के लिए हिल  एरिया में जाने लगे हैं। ठंडी हवाओं ने जहां लोगों को राहत दी, वहीं लोगों की चहल कदमी भी अधिक हो गई। आज लुधियाना में हवा 40 किलोमीटर की रफ्तार से चली। बादलों की गरज के साथ बारिश रुक-रुक कर होती रही। हालांकि 17 से 21 जून तक आसमान में बादल छाए रहने की पूरी संभावना है।

शुक्रवार को लुधियाना का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। फिरोजपुर जिले का 31 डिग्री, अमृतसर 27 डिग्री, पटियाला 29 डिग्री, जालंधर 29 डिग्री, बठिंडा 32 डिग्री, मोगा 31 डिग्री, श्री फतेहगढ़ साहिब 29 डिग्री रहेगा। मौसम के इस बदलाव का लोग खूब आनंद उठा रहे हैं।

राजधानी में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से शुक्रवार सुबह थोड़ी राहत मिली। हल्की बूंदाबांदी से तापमान में काफी गिरावट आई। सुबह छह बजे गरज के साथ हुई हल्की बारिश से मौसम सुहाना हो गया। इस दौरान हल्की हवाएं भी चल रही थीं। तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने 21 जून तक तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान जताया है। विभाग के मुताबिक, 22 जून के बाद मौसम साफ हो जाएगा और शुष्क पछुआ हवाएं चलेंगी हालांकि, तापमान तेजी से बढ़ने का पूर्वानुमान नहीं है. मानसून दिल्ली में सामान्य तिथि 27 जून या इससे एक या दो दिन पहले पहुंचने की उम्मीद है। आईएमडी ने अगले 5 दिनों में गरज के साथ छीटें पड़ने या हल्की बारिश की चेतावनी के साथ ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। पिछले साल आईएमडी ने अनुमान जताया था कि दिल्ली में अनुमान से करीब दो हफ्ते पहले मानसून आएगा। हालांकि, यह 13 जुलाई को आया था जिससे 19 वर्षों में यह सबसे देर से पहुंचने वाला मानसून बन गया था।

वहीं उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई हल्की बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया। तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली। लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर बैठकर ठंडी हवाओं और सुहावने मौसम का आनंद लेने लगे। हालांकि गुरुवार सुबह से ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया था। दोपहर होते-होते सूर्य के तेवर तल्ख होते गए और गर्मी से बेहाल लोग बारिश की आस लगा रहे थे। शाम होते ही मौसम का मिजाज बदला और आसमान में बादल छा गए। फिर हल्की बारिश हुई, तो लोगों को गर्मी से राहत मिली। बारिश और ठंडी हवाओं ने मौसम सुहावना कर दिया।

इससे पहले मई के आखिरी सप्ताह में मॉनसून 2022 को लेकर मौसम विभाग ने बड़ी अच्‍छी खबर सुनाई थी।  दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून तय समय से तीन दिन पहले ही केरल पहुंच चुका था। आमतौर पर केरल में मॉनसून 1 जून को पहुंचता है। मानसून के 20 जून तक गुजरात पहुंचने का पहले अनुमान लगाया गया है। IMD ने एक मैप जारी कर बताया है कि भारत के किन-किन राज्‍यों में मॉनसून की आमद कब तक होगी।

आपके यहां कब तक पहुंचेगा मॉनसून?

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पूर्वी उत्‍तर प्रदेश में मॉनसून 15-20 जून के बीच पहुंचेगा। मौसम विभाग के मैप के अनुसार, आपके यहां मॉनसून पहुंचने की संभावित तारीख (नोट: इन अनुमानों में ±5 दिन का अंतर देखने को मिल सकता है।)

20 जून: गुजरात, मध्‍य प्रदेश के कुछ हिस्‍से, पूर्वी उत्‍तर प्रदेश, राजस्‍थान के कुछ हिस्‍से, उत्‍तराखंड, हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्‍से

25 जून: दक्षिणी राजस्‍थान, पंजाब-हरियाणा के कुछ हिस्‍से, मेन यूपी, हिमाचल प्रदेश का बाकी हिस्‍सा, जम्‍मू कश्‍मीर, लद्दाख

30 जून: मध्‍य राजस्‍थान, दिल्‍ली-एनसीआर, पंजाब-हरियाणा, मुजफ्फराबाद, गिलगित-बाल्टिस्तान

5 जुलाई: पश्चिमी राजस्‍थान, पंजाब-हरियाणा के सीमावर्ती हिस्‍से

पानी व शर्बत पिलाएं, लेकिन गंदगी तो न छोड़ें: भूपेंद्र निरंकारी

बिजनौर। सभी धर्मों के लोग इस भीषण गर्मी में छबील व प्याऊ लगाकर लोगों को पानी और शर्बत पिला रहे हैं। यह बेशक ही बहुत पुण्य वाला कार्य है, क्योंकि प्यासे को पानी पिलाने से बड़ी कोई सेवा नहीं है। नर सेवा ही नारायण सेवा है, लेकिन छबील और प्याऊ के पीछे एक बेहद निराशाजनक कहानी भी सामने आ रही है। भूपेंद्र कुमार निरंकारी का कहना है कि जब भी कहीं शर्बत या पानी पिलाया जाता है, तो कार्य खत्म होने के बाद झूठे गिलासों व अन्य गंदगी को वहीं छोड़ दिया जाता है। यह गिलास हवा में उड़ कर दूर तक गंदगी फैलाते हैं। इतना ही नहीं इन पर मक्खी भी मंडराती हैं। प्याऊ लगाकर लोगों की सेवा कर पुण्य भले ही कमाया जाता है, लेकिन उसके बाद उसी स्थान को गंदगी से भरा छोड़कर पाप की भागीदारी भी होती है। ठंडे पानी और शर्बत से लोगों को गर्मी से राहत, तो मिलती है, लेकिन झूठे गिलासों से गंदगी होने पर बीमारियां फैलने का भी खतरा होता है। भूपेंद्र ने इस तरह के शिविर का आयोजन करने वालों का आह्वान किया कि शिविर की समाप्ति पर शिविर के आसपास हजारों की संख्या में बिखरे ग्लास व गंदगी को भी साफ करने का प्रबंध करें।

UP में 17 को पहली मानसूनी बारिश के आसार

UP Weather: उत्तर प्रदेश में 17 को पहली मानसूनी बारिश के आसार, अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम


नई दिल्ली। तल्ख मौसम से फिलहाल चार दिन राहत की उम्मीद नहीं है। रविवार को बांदा सबसे गर्म रहा। यहां तापमान 45.6 रिकार्ड किया गया। दूसरे नंबर पर आगरा में 45.3, प्रयागराज और कानपुर में 44.8, लखनऊ, झांसी में 43.2 तथा वाराणसी का तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।


मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर हवा के कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में रविवार को बादल रहे। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक पूर्वी यूपी के आसमान पर बन रहे मानसून का असर 14 तक दिखने लगेगा। तापमान 41 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। 17 जून को मानसूनी बारिश हो सकती है। दो-तीन चरणों में बरसात की संभावना है। ऐसा मौसम अगले-दो तीन दिनों तक बना रहेगा। मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि रात में तापमान अधिक होने से दिन में गर्मी ज्यादा सता रही है। मानसून आने के पहले ऐसी स्थितियां बनती ही हैं।

मेरी प्यारी गौरैया: परवान चढ़ती एक मुहिम

लखनऊ। विश्व पार्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर मेरी प्यारी गौरैया मुहिम व लखनऊ वन रेंज अवध वन प्रभाग के संयुक्त तत्वावधान में रेंज परिसर में गोष्ठी आयोजित की गई।

इस अवसर पर उपस्थित सभी गणमान्य लोगों को पक्षी प्रेमी महेश साहू ने चांदनी, नींबू, मेंहदी, कनेर के पौधे व नन्ही गौरैया के पानी के लिए मिट्टी का पात्र व काकून के पैकेट वितरित किए।


इस मौके पर पूर्व ब्लाक प्रमुख काकोरी कुंवर रामविलास, बाबू त्रिलोकी सिंह इंटर कालेज के प्रधानाचार्य निर्मल श्रीवास्तव, श्री बुद्धेश्वर उधोग व्यापार मंडल पूर्व अध्यक्ष हिमांशु गुप्ता, सेवाभारती मनीष गुप्ता व पत्रकार सीमा मौर्या, रचित मौर्या, रेंजर शिवाकांत शर्मा, डिप्टी रेंजर मनीष कनौजिया, वन दरोगा शिवम यादव, वन रक्षक दीपक कनौजिया, मंगटू प्रसाद, शैलेन्द्र सिंह लोधी, प्रीति पाण्डेय, शिल्पी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

दिल्ली-पंजाब सहित उत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट

दिल्ली-पंजाब सहित उत्तर भारत को मिलेगी भीषण गर्मी से राहत, भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली (एजेंसी)। रोजाना बढ़ती गर्मी के कहर से लोगों का घर से बाहर निकलना भी दुश्वार हो गया है। इसी बीच उत्तर भारत के लोगों के लिए राहत की खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों के अनुसार शनिवार को हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। इस दौरान दिल्ली में अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी के अनुसार, अगले एक से दो दिनों तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने और बूंदाबांदी से पारा नियंत्रण में रहने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं, धूल भरी आंधी आ सकती है या 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आज मानसून पूर्व बारिश में तेजी आ सकती है और यह स्थिति 24 मई तक जारी रह सकती है। इससे दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है।

मौसम विभाग ने बताया है कि दक्षिण म्यांमार और उससे सटे उत्तर पश्चिमी थाईलैंड पर बना पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ते हुए एक गहरे कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी अफगानिस्तान और उससे सटे पाकिस्तान के ऊपर भी है और यह आज पश्चिमी हिमालय तक पहुंच सकता है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और आसपास के क्षेत्रों पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

हिमाचल, दक्षिण-पश्चिम UP और उत्तर पूर्व MP में लू! स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान, केरल, बिहार के पूर्वी हिस्सों, सिक्किम और पश्चिमी असम में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई है, साथ ही कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हुई है। वहीं, हिमाचल प्रदेश, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तर पूर्व मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि अगले 24 घंटों के दौरान, मेघालय, असम के पश्चिमी हिस्सों, सिक्किम, केरल और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

यहां हल्की बारिश संभव- बाकी पूर्वोत्तर भारत, तटीय कर्नाटक, पश्चिमी हिमालय, लक्षद्वीप और पूर्वी बिहार के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कोंकण और गोवा, दक्षिण मध्य महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश संभव है।

हवा चली 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पश्चिम बंगाल के दक्षिण हिस्से में शनिवार को 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ तेज हवा चलने और बारिश होने के कारण कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। राज्य आपदा प्रबंधन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूर्व बर्धमान जिले में दीवार के ढह जाने से एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि नदिया जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि यहां काल बैसाखी के दौरान रवींद्र सरोवर झील में एक नौका के पलट जाने से दो लड़कों की मौत हो गई। आपदा प्रबंधन मंत्री जावेद अहमद खान ने बताया कि कोलकाता में तेज आंधी-तूफान के कारण कई पेड़ उखड़ गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।

कायस्थ चेतना मंच द्वारा दूसरा प्याऊ संचालित

बरेली। कायस्थ चेतना मंच के तत्वावधान में 17 मई 2022 दिन मंगलवार को प्याऊ का उद्घाटन संस्था के संरक्षक डॉक्टर पवन सक्सेना एवं संस्था के वरिष्ठ सदस्य पार्षद सतीश कातिब मम्मा जी द्वारा किया गया।

डॉक्टर पवन सक्सेना ने इसे संस्था का सराहनीय कार्य बताया। सतीश मम्मा ने कहा कि समय समय पर ऐसे कार्य कराने से संस्था की छवि और उज्जवल होगी। अध्यक्ष संजय सक्सेना ने बताया संस्था द्वारा एक प्याऊ बदायूं रोड स्थित पानी की टंकी के सामने 3 मई अक्षय तृतीया से संचालित हो रहा है, जिससे बदायूं रोड पर राहगीरों के लिए बहुत आराम मिलता है। चौपला पुल से लेकर करगैना तक और कोहरापीर पुलिस चौकी के आसपास भी पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। राहगीरों के लिए बहुत परेशानी होती है। यह विचार मन में आया था। इसीलिए प्याऊ संचालित किए गए हैं। अभी दो प्याऊ और संचालित करने का विचार है।

संस्था के वरिष्ठ उपाध्याय अखिलेश सक्सेना ने सभी का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया म। इस कार्यक्रम में महिला अध्यक्ष श्रीमती माया सक्सेना, श्रीमती प्रतिभा जौहरी, अविनाश सक्सेना, बीनू सिन्हा, महासचिव अमित सक्सेना बिंदु, निर्भय सक्सैना, पंकज सक्सेना पंछी आदि लोग उपस्थित रहे।

इससे पहले व्यंजन रेस्टोरेंट पर रेस्टोरेंट के मालिक गुप्ता के विशेष सहयोग से राहगीरों को भीषण गर्मी से राहत देने के लिए एक प्याऊ की व्यवस्था की गई। कायस्थ चेतना मंच संरक्षक डॉक्टर पवन सक्सेना वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा नारियल फोड़कर प्याऊ का उद्घाटन किया गया।

अध्यक्ष संजय सक्सेना, महासचिव अमित सक्सेना बिंदु, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अविनाश चंद्र सक्सेना, अखिलेश कुमार सक्सेना, सुरेंद्र बीनू सिन्हा, निर्भय सक्सैना वरिष्ठ पत्रकार, जिला महिला अध्यक्ष श्रीमती माया सक्सेना, पार्षद सतीश कातिब मम्मा, वरिष्ठ पार्षद एवं बीडीए सदस्य पंकज जौहरी पंछी, श्रीमती प्रतिमा जौहरी आदि ने कार्यक्रम में सहयोग किया अंत में अखिलेश कुमार ने सभी का आभार व्यक्त किया।

दिल्ली में बारिश के साथ पड़े ओले; मौसम हुआ सुहाना

दिल्ली में बारिश के साथ ओले पड़ने से मौसम सुहाना हो गया। साथ ही झुलसती गर्मी से लोगों को राहत भी मिली। आने वाले कुछ दिनों के लिए IMD ने संकेत दिए हैं।

नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में बुधवार को ओलावृष्टि और हल्की बारिश होने से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। नोएडा और गाजियाबाद समेत दिल्ली के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने दिल्ली में अगले तीन दिन तक बादल छाए रहने का अनुमान जतायाहै।

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तर-पश्चिम भारत में यह स्थिति उत्पन्न हुई है। अगले छह दिनों में पारा चार से पांच डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने के आसार हैं, हालांकि लू नहीं चलेगी। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस अधिक है।

इससे पहले मौसम विभाग ने कहा था कि दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अधिकांश स्थानों (लोनी देहात, हिंडन एएफ स्टेशन, बहादुरगढ़, गाजियाबाद, इंदिरापुरम, छपरौला), नोएडा, दादरी, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम के आसपास के क्षेत्रों में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चलेगी और हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है।

मिशन कंपाउंड के तालाब की कौन, कब लेगा सुध

बिजनौर। जिला मुख्यालय के बीचों बीच इस तालाब की सुध लेने वाला कोई नहीं है। मिशन कंपाउंड का यह तालाब बरसों से सफाई और सुंदरीकरण के लिये तरस रहा है।

चित्र में दिखाई दे रही पीले रंग की बिल्डिंग में जिला पंचायत अध्यक्ष चौधरी साकेन्द्र प्रताप का भी फ्लैट बताया जाता है।

मिशनरीज़ की खुद की संपत्ति बताए जाने वाले इसी तालाब के समीप भारतीय जनता पार्टी के सिंबल पर दूसरी बार जिला पंचायत अध्यक्ष बने चौधरी साकेन्द्र प्रताप का भी फ्लैट है! उन्होंने भी इसके सुंदरीकरण की दिशा में कोई प्रयास नहीं किया।

मिशन कंपाउंड के तालाब में कूड़े का अंबार

मच्छर, कीड़े मकोड़े की भरमार- तालाब में गंदगी के कारण तरह-तरह के कीड़े मकोड़े, जीव जंतु तो यहां पल ही रहे हैं, वहीं मच्छर भी बहुतायत में हैं। इन मच्छरों के कारण बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है।

पालिका की कूड़ा गाड़ी नहीं आती- इस तालाब में आसपास के घरों की गंदगी भी फेंकी जाती है। इसका कारण ये है कि नगर पालिका परिषद की कूड़ा उठाने वाली गाड़ी इस किसी भी क्षेत्र में नहीं आती।

विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान- शासन के निर्देशों के अनुपालन में प्रत्येक वर्ष अंतर्विभागीय सहयोग से विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान संचालित होता है, लेकिन इस तालाब की सुध लेने वाला कोई नहीं।

बरसात में घरों में घुस आते हैं सांप- बरसात के दिनों में इस तालाब में रहने वाले खतरनाक कीड़े मकोड़े, सांप आदि आसपास के घरों में घुस जाते हैं। लोग सतर्क न रहें तो कभी भी बड़ी त्रासदी के आसार हैं।

गर्मी से मिल सकती है राहत

नई दिल्ली (एजेंसी)। देश के ज्यादातर हिस्सों में भीषण गर्मी का प्रकोप बना हुआ है और कई जगहों पर लोगों को लू के थपेड़ों का भी सामना करना पड़ रहा है। हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में बुधवार को दिन का तापमान सामान्य से ऊपर रहने के साथ लू का प्रकोप बना रहा। राजधानी दिल्ली में भी लू चलने की वजह से लोग कई दिनों से परेशान हैं। हालांकि मौसम विभाग का दावा  है कि कई जगहों पर बादल छाये रहने और तेज हवा चलने की वजह से आज गुरुवार को पारा थोड़ा नीचे जाएगा, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कुछ भागों में लोगों को कल बुधवार को दिनभर लू के थपेड़ों का सामना करना पड़ा। हालांकि, बादल छाये रहने और तेज हवा चलने के पूर्वानुमान के साथ आज गुरुवार को पारा थोड़ा नीचे जाने से राहत की उम्मीद जताई गई है। सफदरजंग वेधशाला के मुताबिक, दिल्ली के इस बेस स्टेशन में बुधवार को अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि मंगलवार को अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स शहर का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

वहीं मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली में गुरुवार को बूंदा-बांदी के साथ ही आंधी चल सकती है और इस दौरान हवा की गति 40 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। मौसम विभाग से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि लू की स्थिति में राहत मिल सकती है लेकिन अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह तक पारा फिर से बढ़कर 42 डिग्री सेल्सियस हो जाएगा। इसी तरह उत्तर प्रदेश के कई शहरों में पारा चढ़ा रहा, लेकिन ठंडी हवाएं चलने से लोगों को खासी राहत मिली।

ऑरेंज अलर्ट: गर्मी ने तोड़ डाला 72 साल का रिकॉर्ड

नई दिल्ली (एजेंसी) दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे उत्तर भारत में इस समय गर्मी कहर बरपा रही है। अप्रैल के शुरूआती दिनों में ही तामपान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से बढ़ती गर्मी को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया है। विभाग ने कहा कि 72 साल में पहली बार दिल्ली में अप्रैल के पहले सप्ताह में इतना अधिक तापमान दर्ज किया गया। आईएमडी ने रविवार को भी दिल्ली में बेहद गर्म हवा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पालावत ने कहा कि यह असामान्य है कि अप्रैल के पहले 10 दिन में उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। ऐसे में स्थिति आगे और भयंकर हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार अभी कई दिन तक गर्मी से राहत मिलने की बिलकुल भी संभावना नहीं है। 

सावधान: भारत में हीट वेव की चेतावनी

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने हीट वेव की चेतावनी जारी की है। उत्तर भारत में पारा तेजी से ऊपर जा रहा है। कई राज्यों में लू की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने जम्मू, हिमाचल प्रदेश, विदर्भ और गुजरात में हीट वेव की संभावना जताई है। इसके अलावा 06 अप्रैल के दौरान राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली एनसीआर और मध्य प्रदेश में भी लू चलेगी। IMD के अनुसार, दिल्ली में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस जबकि अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इसके साथ ही हीट वेव का असर दिखाई देने लगेगा।  

Weather Update: उत्तर भारत में फिलहाल गर्मी से नहीं मिलेगी राहत, इन राज्यों  में भारी बारिश की चेतावनी - weather update heat wave spell likely to  continue heavy rain likely in north

वहीं उत्तर-पूर्वी बिहार में लोग बढ़ते पारे से थोड़ी राहत की उम्मीद कर सकते हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक पूर्वोत्तर बिहार और आंतरिक तमिलनाडु में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, झारखंड में पिछले कई दिनों से अधिकतम तापमान में हो रही वृद्धि और लू से लोगों को आज यानी 3 अप्रैल को मामूली राहत मिलने की संभावना है।

40 डिग्री तक बढ़ेगा तापमान

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जानकारी दी है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने कहा कि तापमान 39 डिग्री तक बढ़ने वाला है, जो 40 डिग्री तक भी पहुंच सकता है। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में आईएमडी के अधिकारी आरके जेनामणि ने बताया कि तापमान 39 डिग्री तक बढ़ने वाला है, यह 40 डिग्री तक भी पहुंच सकता है।

गंगा बैराज पर डीपीआरओ ने चलाया सफाई अभियान

बिजनौर। स्वच्छता अभियान के तहत गंगा बैराज पुल पर  डीपीआरओ सतीश कुमार ने विशेष सफाई अभियान चलाया। इसके लिए वह स्वयं सहायक विकास अधिकारी पंचायत अनिल कुमार एवं रविकान्त को साथ लेकर टीम के साथ प्रातः 7 बजे गंगा बैराज पर पहुंचे एवं विशेष सफाई अभियान के तहत गंगा घाट की सफाई कराई। उन्होंने वहां पड़ी पॉलिथीन व कचरे को इकट्ठा करवाकर खड़ी झाड़ियों की कटाई कराई।

इस दौरान उन्होंने कहा कि गंगा मैया में लोगों की आस्था है, इसीलिए गंगा बैराज पर इसी तरह से समय समय पर विशेष सफाई अभियान चलाया जाए। गंगा बैराज पर साफ़-सफाई होना बहुत आवश्यक है।

डीपीआरओ बिजनौर सतीश कुमार

डीपीआरओ ने कहा कि गंदगी की वजह से लोगों को समस्या ना हो इसीलिए गंगा बैराज पर सफ़ाई कार्य के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। वह सभी गम्भीरता के साथ प्रतिदिन सफ़ाई करें। स्वच्छता में लापरवाही हरगिज़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिर भी यदि गंगा बैराज पर गंदगी मिलती है तो यहाँ नियुक्त कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही अमल में लायी जाएगी। इस संबंध में सहायक विकास अधिकारी पंचायत देवमल को कड़े निर्देश भी दिए गए।

हस्तिनापुर सैंक्चुरी में अब हो सकेंगे विकास कार्य, लगेंगे उद्योग

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 25 हजार हेक्टेयर रकबा अपने नियंत्रण क्षेत्र से किया बाहर। हस्तिनापुर सैंक्चुरी में अब रह गया 25,900 हेक्टेयर रकबा। लगेंगे उद्योग और हो सकेंगे विकास कार्य। एनजीटी से जिले के उद्यमी कई साल से लगातार कर रहे थे मांग।

बिजनौर। हस्तिनापुर सैंक्चुरी का रकबा अब 25,900 हेक्टेयर रह गया है। एनजीटी ने बिजनौर और चांदपुर तहसील का 25 हजार हेक्टेयर रकबा अपने नियंत्रण क्षेत्र से बाहर कर दिया है। जिले के उद्यमी कई साल से लगातार हस्तिनापुर सैंक्चुरी का दायरा कम करने की मांग कर रहे थे।

विदित हो कि वन्य जीवों की सुरक्षा को देखते हुए हस्तिनापुर सैंक्चुरी क्षेत्र में निर्माण कार्य व नए उद्योग जैसे विकास कार्य पर पाबंदी लगी हुई थी। जिले के उद्यमी विकास कार्य एवं नए उद्योग लगाने के लिए कई साल से लगातार हस्तिनापुर सैंक्चुरी का दायरा कम करने की मांग एनजीटी से कर रहे थे। अब एनजीटी के आदेश पर बिजनौर और चांदपुर तहसील अंतर्गत हस्तिनापुर सेंक्चुरी का करीब 25 हजार हेक्टेयर रकबा बाहर कर दिया गया है। इस कारण अब इस क्षेत्र में न सिर्फ नए उद्योग लग सकेंगे बल्कि विकास कार्य भी हो सकेंगे। एनजीटी की इस कार्यवाही के बाद अब जो रकबा बचा है, उसमें जंगल की भूमि, ग्राम समाज की भूमि, सिंचाई की जमीन आदि है। डीएफओ डॉ. अनिल कुमार पटेल का कहना है कि यह प्रक्रिया पिछले कई सालों से चल रही थी। हस्तिनापुर सैंक्चुरी का रकबा अब 25,900 हेक्टेयर रह गया है।

स्नान, दान के लिए 16 को माघी पूर्णिमा स्नान

माघ मास की  पूर्णिमा तिथि को माघी पूर्णिमा कहते हैं। इस वर्ष माघी पूर्णिमा 16 फरवरी को है। माघ पूर्णिमा को स्नान, दान एवं यज्ञ का बड़ा महत्व है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन देवतागण गंगा स्नान के लिए तीर्थराज प्रयाग की धरा पर आते हैं। इसी दिन माघ स्नान का अन्तिम स्नान होता है और इसी के साथ कल्पवास समाप्त होता है। पूर्णिमा तिथि 15 फरवरी की रात्रि 9:42 से प्रारंभ होकर 16 फरवरी की रात्रि 10:25 पर समाप्त होगी। पदम् पुराण में माघ स्नान का महत्व बताते हुए महादेव ने कहा है कि चक्र तीर्थ में श्री हरि का और मथुरा में श्री कृष्ण का दर्शन करने से मनुष्य का जो फल मिलता है वहीं माघ मास में स्नान करने से फल मिलता है।

माघ पूर्णिमा के दिन गंगा तट या किसी तीर्थ स्नान के सरोवर या नदी तट पर स्नान करने का विशेष महत्व है। इस दिन गाय, तिल, गुड़, कपास, घी, लडडू , फल, अन्न एवं कम्बल के दान करने से पापों से मुक्ति मिल जाती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करनी चाहिए। पितरों का श्राद्ध भी करना चाहिए। मान्यता के अनुसार माघ पूर्णिमा पर प्रातःकाल स्नान करने से रोगों का नाश होता है। दान करने से व्यक्ति के जीवन में आने वाली तमाम बाधाएं दूर होती हैं। देवताओं का विशेष आर्शीवाद प्राप्त होता है। माघी पूर्णिमा पर स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

 – ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल, स्वास्तिक ज्योतिष केन्द्र, अलीगंज, लखनऊ

318 कछुए बरामद, एक तस्कर गिरफ्तार, एक फरार

लखनऊ। वन सुरक्षा बल की टीम ने मोहनलालगंज रेंज के अन्तर्गत गोसाईंगंज मार्ग पर नाकेबन्दी कर एक पिकप वाहन से छह बोरों में 318 कछुआ वन्य जीव बरामद
किये हैं। एक अभियुक्त गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक फरार होने में कामयाब हो गया। डीएफओ लखनऊ की रणनीति से यह कामयाबी हासिल की गई।

सोमवार को विश्वरत सूत्रों से ज्ञात हुआ कि जनपद उन्नाव के मोहान-हसनगंज से कछुवा वन्य जीवों को पिकप पर लोड कर मोहान लखनऊ मार्ग द्वारा सुल्तानपुर ले जाया जा रहा है। उक्त सूचना के आधार पर डीएफओ लखनऊ डा. रवि कुमार सिंह द्वारा प्रभावी रणनीति बनाते हुए प्रभारी वन सुरक्षा को कछुआ वन्य जीवों को रेस्क्यू करते हुए अभियुक्तों को पकड़ने के निर्देश दिये गये। डीएफओ लखनऊ के निर्देशन में एक टीम लखनऊ मोहान रोड पर लगाकर नाकेबन्दी की गयी। वन सुरक्षा बल की टीम द्वारा मोहनलालगंज रेंज के अन्तर्गत गोसाईंगंज मार्ग पर नाकेबन्दी की गयी, इस दौरान एक पिकप वाहन रजिस्ट्रेशन संख्या यूपी-36-9217 आते हुए दिखायी पड़ा। उसे रोककर तलाशी ली गयी, जिसमें छह बोरों में 318 कछुआ वन्य जीव बरामद
किये गये। तलाशी के दौरान एक अभियुक्त भीड़ का फायदा उठाते हुए भागने में सफल रहा। दूसरे अभियुक्त माइकल पुत्र नवालिया, निवासी ग्राम गांधीनगर, थाना जगदीशपुर, जनपद अमेठी को पकड़ लिया गया। अभियुक्त ने बयान दिया कि कछुआ वन्य जीवों को जनपद उन्नाव के
मोहान से लोड कर सुल्तानपुर ले लाया जा रहा था।

पकड़े गये कछुआ वन्य जीवों को सुरक्षित लाकर मोहनलालगंज रेंज कार्यालय परिसर में रखा गया। वन्य जीव अपराध में प्रयुक्त एक पिकप वाहन रजिस्ट्रेशन संख्या-यूपी-36-9217 को विभागीय अभिरक्षा में लेते हुए क्षेत्रीय वन अधिकारी, मोहनलालगंज द्वारा रेंज केस इजरा कर अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष पेश करने व न्यायिक अभिरक्षा में कारागार भेजने की कार्यवाही नियमानुसार
की जा रही है। अभियुक्तों से बरामद किये गये कछुआ, वन्य जीव Indian soft-shelled turtle
(Lissemys punctata) प्रजाति के वन्य जीव हैं, जो वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 में निहित
प्राविधानों के अन्तर्गत श्रेणी-| भाग-2 में अनुसूचीबद्ध है।

उल्लेखनीय है कि कछुवा वन्य जीव पर्यावरण व
जल संरक्षण में अपना अमूल्य योगदान देते हैं। इस प्रजाति के कछुआ वन्य जीव प्रायः सई नदी एवं गोमती
नदी में प्रवास करते हैं। उक्त कार्यवाही में क्षेत्रीय वन अधिकारी मोहनलालगंज अरविन्द मिश्रा, प्रभारी वन
सुरक्षा बल सतीश वर्मा, उप क्षेत्रीय वन अधिकारी मोहनलालगंज अमित सिंह, वन दरोगा एवं
दीपक कनौजिया वन रक्षक आदि सम्मिलित रहे।

गंदगी पसंद लोगों पर सरकार की चाबुक, लगेगा भारी जुर्माना

सड़क किनारे फेंका निर्माण व तोड़फोड़ अपशिष्ट तो लगेगा भारी जुर्माना, आदेश जारी

सड़क किनारे फेंका निर्माण व तोड़फोड़ अपशिष्ट तो लगेगा भारी जुर्माना, आदेश जारी

चंडीगढ़ (एजेंसी) अब अगर किसी ने निर्माण सामग्री व तोड़फोड़ अपशिष्टों को सड़क किनारे फेंका तो उस पर साढ़े पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माने की राशि हर साल एक अप्रैल को 500 रुपए बढ़ जाएगी। चंडीगढ़ प्रशासन ने निर्माण व तोड़फोड़ अपशिष्ट प्रबंधन (कंस्ट्रक्शन व डिमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट) नीति-2022 की अधिसूचना जारी कर दी है।

प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने बताया कि इस नीति को लाने का मकसद मकान को तोड़ने के बाद जो भी अपशिष्ट सामग्री बचती है, उसका 100 फीसदी निपटारा करना है। सामग्री को इधर-उधर फेंकने के बजाय उसे री-साइकल कर अन्य चीजों का निर्माण किया जाएगा। यह नीति आम नागरिकों, निजी ठेकेदार और सरकारी विभागों के लिए एक समान होगी। 

सलाहकार ने कहा कि अभी तक जो लोग मकानों के अपशिष्ट को इधर-उधर फेंक देते थे, इस नीति के आने से उन पर लगाम लगेगी। एक हेल्पलाइन नंबर 0172-2787200 भी जारी किया गया है, जहां प्रबंधन की जानकारी के लिए लोग कॉल कर सकेंगे। नंबर पर कॉल कर लोग निगम की गाड़ी को मंगवा सकेंगे।

अगले कुछ दिन उत्तर भारत के कई राज्यों में पड़ेगी कड़ाके की सर्दी

अभी ठंड से राहत नहीं! अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत के कई राज्यों में पड़ेगी कड़ाके की सर्दी।

नई दिल्ली (एजेंसी)। आगामी कुछ दिनों में उत्तर भारत में ठंड का कहर कम नहीं होगा। पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी की वजह से मैदानी इलाकों में ठंड पड़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों तक उत्तर प्रदेश में ठंड से कोई राहत नहीं मिलने वाली है। कोल्ड डे के हालात चार दिन तक जारी रहने वाले हैं।

अभी ठंड से नहीं मिलेगी राहत! अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत के कई राज्यों में पड़ेगी कड़ाके की सर्दी

उत्तर भारत में पिछले कुछ दिनों से हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है। वहीं उत्तर प्रदेश भारत सहित बिहार, दिल्ली, उत्तराखंड समेत कई राज्य ठिठुरन भरी सर्दी से बेहाल हैं। हालांकि, बीते दिन कुछ हिस्सों में दोपहर के समय थोड़ी धूप जरूर निकली है, लेकिन मौसम में फिर भी ठंडक है।

वहीं दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज बदल रहा है और ठंड अब अलविदा कहने की और बढ़ रही है। इस वजह से शनिवार, 29 जनवरी को भी लोगों को ठंड से थोड़ी राहत रहेगी, हालांकि सर्दी अभी लोगों को कंपकंपाती रहेगी। शुक्रवार को दिन में धूप निकली थी, जिसके चलते तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

हल्की से मध्यम बारिश की संभावना- आईएमडी के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर पश्चिमी भारत के प्रभावित होने की संभावना है। इस वजह से 2 से 4 फरवरी तक दिल्ली और उसके पड़ोसी राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। आईएमडी के वैज्ञानिक आर के जेनामणि ने संभावना जताई है कि 3 फरवरी की रात से, पश्चिमी विक्षोभ के इस क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है। रात या सुबह के दौरान बादल छाए रहने और बूंदाबांदी की पूरी संभावना है।

यूपी में अभी कई दिनों तक सताएगी शीत लहर

लखनऊ। मौसम विभाग ने यूपी में अगले 2 से 3 दिन तक कोल्ड डे कंडिशन या शीत लहर चलने की संभावना जताई है. मौसम विभाग के मुताबिक 29 जनवरी से मौसम में बदलाव हो सकता है और तेज धूप निकल सकती है.


यूपी में अभी ठंड से कुछ दिन और राहत मिलती नहीं दिख रही है. मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 से 3 दिन तक यूपी में कोल्ड डे कंडिशन या शीत लहर चलने की संभावना है. आज भी प्रदेश के कई जगहों पर कोहरे के साथ-साथ शीत लहर चल रही है. मौसम विभाग के मुताबिक 29 जनवरी से मौसम में बदलाव हो सकता है और तेज धूप निकल सकती है, हालांकि इस दौरान सुबह-शाम घना कोहरा छाया रहेगा.
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी यूपी के जिलों सहारनपुर, शामली, मुजफ्फनगर, मेरठ, बिजनौर और अमरोहा में इन दिनों ज्यादा ठंड पड़ रही है और आने वाले दिनों में भी राहत मिलने की उम्मीद कम है. इस समय प्रदेश के लगभग सभी शहरों में सुबह में कोहरा देखने को मिल रहा है. कई जगहों पर दिन में मौसम साफ हो जा रहा है. वहीं प्रदूषण के स्तर में काफी सुधार है और ज्यादातर शहरों में एक्यूआई संतोषजनक श्रेणी में है.

आज यूपी के कुछ बड़े शहरों में। कैसा रहेगा मौसम?
लखनऊ में आज अधिकतम तापमान 17 और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. सुबह कोहरा और धुंध छाई रहेगी, दिन में मौसम साफ रहने की संभावना है. वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘संतोषजनक’ श्रेणी में 93 दर्ज किया गया है।

14 फरवरी तक बंद रहेंगे स्कूल!

बोर्ड के अलावा दूसरी परीक्षाओं पर संशय, केस घटे तो तीसरे सप्ताह तक दोबारा खुल सकते हैं स्कूल

लखनऊ। कोरोना संक्रमण के कारण प्रदेश में 30 जनवरी तक शहरी इलाकों में स्कूल बंद हैं। इधर, प्रदेश में लगातार कोरोना के केस और मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में 31 जनवरी के बाद स्कूलों के खुलने की उम्मीद कम नजर आ रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि 14 फरवरी के बाद केस कम हुए तो स्कूल खुलने की संभावना बन सकती है। हालांकि शिक्षा विभाग ने स्कूल खोलने या नहीं खोलने को लेकर राज्य सरकार को किसी तरह का प्रस्ताव फिलहाल नहीं भेजा है। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि स्कूल खुलने का निर्णय लेने में समय लगेगा। इस बीच परीक्षाओं को लेकर संशय बना हुआ है। दरअसल, स्कूल खोलने या नहीं खोलने का फैसला शिक्षा विभाग के बजाय हेल्थ डिपार्टमेंट करेगा। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद ही स्कूल खुल सकते हैं। आज की स्थिति में उम्मीद नहीं है कि हेल्थ डिपार्टमेंट ऐसी कोई स्वीकृति देगा। बुधवार को ही राज्य के 33 में से सिर्फ छह जिलों में कोविड पॉजिटिव की संख्या सौ से कम है। बाकी 27 जिलों में कोरोना पॉजिटिव केस का प्रतिदिन का आंकड़ा सौ से ज्यादा है। तीन जिलों में तो यह हजार से ज्यादा है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि फरवरी के दूसरे या तीसरे सप्ताह तक ही स्कूल खुलने की संभावना बन सकती है।

परीक्षा को लेकर भी संशय
कोविड के चलते फरवरी में भी स्कूल नहीं खुले तो गैर बोर्ड कक्षाओं की परीक्षाएं भी खतरे में पड़ सकती हैं। शिक्षा विभाग इन विकल्पों पर विचार कर रहा है कि किस तरह स्टूडेंट्स की मार्किंग की जा सकती है। हाफ इयरली एग्जाम तक के मार्क्स स्कूल के पास हैं। इसी के आधार पर रिजल्ट दिया जा सकता है। शिक्षा विभाग ने पिछले दिनों तीन महीने का शेड्यूल जारी कर दिया था। दरअसल, ये शेड्यूल भी इसी आधार पर निकाला गया है कि स्कूल मार्च तक नहीं खुले तो कैसे पढ़ाई करानी है। बोर्ड परीक्षाएं होना तय
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की दसवीं और बारहवीं के साथ बोर्ड पैटर्न पर होने वाली आठवीं की परीक्षाएं होना तय माना जा रहा है। आठवीं बोर्ड के फॉर्म तीस जनवरी तक ही भरे जा रहे हैं। इसकी तारीख में बढ़ोतरी हो सकती है। दरअसल, कोरोना की पहली लहर में भी बोर्ड परीक्षाएं हुई थी। तब से इस बार रोगियों की संख्या कम है और अस्पताल में भर्ती रोगियों की संख्या भी बहुत कम है।

ठंड में आज से मिलेगी राहत, बारिश के आसार नहीं

लखनऊ। राजधानी समेत पूरे प्रदेश में 10 दिन से पड़ रही कंपकंपी छुड़ाने वाली ठंड में आज से राहत मिलने की संभावना है। दरअसल पश्चिमी विक्षोभों का असर खत्म हो गया है। इस कारण सोमवार से छह दिन तक सुबह धुंध रहेगी पर दिन में मौसम साफ रहेगा। अब बारिश के आसार नहीं हैं।

मौसम विभाग के अनुसार दिन का तापमान भी 18 से 20 डिग्री सेल्सियस रहेगा। न्यूनतम तापमान भी 9 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। वहीं राज्य के कुछ इलाकों में रविवार को ठण्ड से मामूली राहत मिली। शनिवार रात तक चलीं बर्फीली हवाएं रविवार बंद थीं। इससे पारा 17.5 डिग्री आ गया, जो शनिवार से तीन डिग्री ज्यादा है। वहीं रात घने कोहरे के चलते सड़क पर चलना मुश्किल हो गया।

लखनऊ में चार mm बारि

राजधानी समेत राज्य के कई हिस्सों में रविवार भी वर्षा हुई। लखनऊ में मौसम विभाग ने चार मिमी वर्षा दर्ज की। मौसम विभाग के अनुसार अफगानिस्तान और पाकिस्तान के ऊपर बने पश्चिमी विक्षोभों का असर खत्म हो गया है। अब बारिश के आसार नहीं है।

अगले छह दिनों का पूर्वानुमान

दिन -न्यूनतम पारा -अधिकतम पारा -मौसम

24 जनवरी 10 डिग्री 19 डिग्री सुबह धुंध-बदली

25 जनवरी 10 डिग्री 18 डिग्री सुबह धुंध-बदली

26 जनवरी 10 डिग्री 20 डिग्री सुबह धुंध-बदली

27 जनवरी 09 डिग्री 20 डिग्री धुंध-मौसम साफ

28 जनवरी 09 डिग्री 20 डिग्री धुंध-मौसम साफ

29 जनवरी 09 डिग्री 20 डिग्री धुंध-मौसम साफ

कोहरे के कहर के बीच भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली। दिल्ली, यूपी, हरियाणा, पंजाब समेत सर्दी का सितम झेल रहे उत्तर भारत के कई राज्यों में इसका कहर और बढ़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार और रविवार को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब समेत उत्तर पश्चिम भारत के कई राज्यों में बारिश हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते यह स्थिति बन सकती है। शुक्रवार की रात से ही इन इलाकों में बारिश शुरू हो सकती है, जो अगले दो दिनों तक जारी रहेगी। यही नहीं उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी में यह बारिश गुरुवार से ही शुरू हो सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों में जम्मू, कश्मीर, लद्दाख, गिलगित बाल्टिस्तान, हिमाचल प्रदेश, मुजफ्फराबाद और उत्तराखंड में बारिश हो सकती है। 

ऊपरी इलाकों में बर्फबारी होने की उम्मीद के साथ ही निचले इलाकों में बारिश से पारा और लुढ़कने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और यूपी में बीते कई दिनों से खुलकर धूप नहीं निकल रही है और इसके चलते लोगों को भीषण सर्दी का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर शीतलहर का कहर लोगों को झेलना पड़ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि बारिश के चलते पारा थोड़ा और लुढ़क सकता है।

21 जनवरी से यहां शुरू हो जाएगी बारिश

इस महीने के अंत तक सर्दी का सितम फिलहाल जारी रहेगा। हिमाचल प्रदेश में 22 जनवरी को भारी बर्फबारी और बारिश हो सकती है। इसके अलावा चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तर राजस्थान में 21 जनवरी से बारिश शुरू हो सकती है, जो 22 और 23 जनवरी को और बढ़ जाएगी। मध्य प्रदेश में भी बारिश होगी। हरियाणा और पंजाब में 22 जनवरी को ज्यादा बारिश होने की संभावना है। यही नहीं 22 और 23 जनवरी की बारिश लंबे क्षेत्र में होनी है।

बिहार, झारखंड व सिक्किम तक रहेगा ऐसा मौसम

दिल्ली-एनसीआर, यूपी, हरियाणा जैसे उत्तर भारत के राज्यों के अलावा सिक्किम, बंगाल, बिहार, झारखंड यानी पूर्वी भारत में भी 22 और 23 जनवरी को बारिश होगी। इसके अलावा सुबह और रात में मैदानी इलाकों में घना कोहरा जारी रहने की संभावना है। खासतौर पर यूपी और बिहार के इलाकों में अगले दो दिनों तक शीत लहर का प्रकोप जारी रह सकता है। वहीं हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश में भी ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी।

11 प्रकार की तुलसी नाम सहित 25 दिसम्बर तुलसी पूजन दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ

11 प्रकार की तुलसी नाम सहित 25 दिसम्बर तुलसी पूजन  दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ

|| तुलसी की महिमा ||

तुलसी की महिमा बताते हुए भगवान शिव नारद जी से कहते हैं….

पत्रं पुष्पं फलं मूलं शाखा त्वक् स्कन्धसंज्ञितम्। तुलसी संभवं सर्वं पावनं मृत्तिकादिकम् ।। अर्थात् ‘तुलसी का पत्ता, फूल, फल, मूल, शाखा, छाल, तना और मिट्टी आदि सभी पावन हैं।’

प्रचलित पौराणिक कथा के अनुसार देव और दानवों द्वारा किए गए समुद्र मंथन के समय जो अमृत धरती पर छलका, उसी से “तुलसी” की उत्पत्ति हुई। ब्रह्मदेव ने उसे भगवान विष्णु को सौंपा। लंका में विभीषण के घर तुलसी का पौधा देखकर हनुमान अति हर्षित हुये थे। इसकी महिमा के वर्णन में कहा गया है…

नामायुध अंकित गृह शोभा वरिन न जाई । नव तुलसिका वृन्द तहंदेखि हरषि कपिराई । तुलसी की आराधना करते हुए ग्रंथ लिखते हैं… महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्य वर्धिनी । आधिव्याधि हरिर्नित्यं तुलेसित्व नमोस्तुते ॥ हे तुलसी! आप सम्पूर्ण सौभाग्यों को बढ़ाने वाली हैं, सदा आधि-व्याधि को मिटाती हैं, आपको नमस्कार है। अकाल मृत्यु हरण सर्व व्याधि विनाशनम्॥ तुलसी को अकाल मृत्यु हरण करने वाली और सम्पूर्ण रोगों को दूर करने वाली माना गया है।

रोपनात् पालनान् सेकान् दर्शनात्स्पर्शनान्नृणाम् । तुलसी दह्यते पाप वाढुमतः काय सञ्चितम्॥

तुलसी को लगाने से, पालने से, सींचने से, दर्शन करने से, स्पर्श करने से, मनुष्यों के मन, वचन और काया से संचित पाप जल जाते हैं। वायु पुराण में तुलसी पत्र तोड़ने की कुछ नियम मर्यादाएँ बताते हुए लिखा है –

अस्नात्वा तुलसीं छित्वा यः पूजा कुरुते नरः। सोऽपराधी भवेत् सत्यं तत् सर्वनिष्फलं भवेत्॥

अर्थात् – बिना स्नान किए तुलसी को तोड़कर जो मनुष्य पूजा करता है, वह अपराधी है। उसकी की हुई पूजा निष्फल जाती है, इसमें कोई संशय नहीं ।

तुलसीदल एक उत्कृष्ट रसायन है। यह गर्म और त्रिदोषशामक है। रक्तविकार, ज्वर, वायु, खाँसी एवं कृमि निवारक है तथा हृदय के लिए हितकारी है। सफेद तुलसी के सेवन से त्वचा, मांस और हड्डियों के रोग दूर होते हैं। काली तुलसी के सेवन से सफेद दाग दूर होते हैं। तुलसी की जड़ और पत्ते ज्वर में उपयोगी हैं। वीर्यदोष में इसके बीज उत्तम हैं तुलसी की चाय पीने से ज्वर, आलस्य, सुस्ती तथा वातपित्त विकार दूर होते हैं, भूख बढ़ती है।

गले में तुलसी की माला पहनने से विद्युत की लहरें निकल कर रक्त संचार में रूकावट नहीं आने देतीं। प्रबल विद्युत शक्ति के कारण धारक के चारों ओर चुम्बकीय मंडल विद्यमान रहता है।

तुलसी की माला पहनने से आवाज सुरीली होती है, गले के रोग नहीं होते, मुखड़ा गोरा, गुलाबी रहता है। हृदय पर झूलने वाली तुलसी माला फेफड़े और हृदय के रोगों से बचाती है। इसे धारण करने वाले के स्वभाव में सात्त्विकता का संचार होता है।

तुलसी की माला धारक के व्यक्तित्व को आकर्षक बनाती है। कलाई में तुलसी का गजरा पहनने से नब्ज नहीं छूटती, हाथ सुन्न नहीं होता, भुजाओं का बल बढ़ता है। तुलसी की जड़ें कमर में बाँधने से स्त्रियों को विशेषतः गर्भवती स्त्रियों को लाभ होता है। प्रसव वेदना कम होती है और प्रसूति भी सरलता से हो जाती है। कमर में तुलसी की करधनी पहनने से पक्षाघात नहीं होता, कमर, जिगर, तिल्ली, आमाशय और यौनांग के विकार नहीं होते हैं।

तुलसी का पौधा हमारे लिए धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व का पौधा है। जिस घर में इसका वास होता है; वहां आध्यात्मिक उन्नति के साथ सुख-शांति एवं आर्थिक समृद्धता स्वतः आ जाती है। वातावारण में स्वच्छता एवं शुद्धता, प्रदूषण का शमन, घर परिवार में आरोग्य की जड़ें मज़बूत करने, श्रद्धा तत्व को जीवित करने जैसे अनेकों लाभ इसके हैं। तुलसी के नियमित सेवन से सौभाग्य शालिता के साथ ही सोच में पवित्रता, मन एकाग्रता आती है और क्रोध पर पूर्ण नियंत्रण हो जाता है। आलस्य दूर होकर शरीर में दिन भर फूर्ती बनी रहती है। तुलसी की सूक्ष्म व कारण शक्ति अद्वितीय है। यह आत्मोन्नति का पथ प्रशस्त करती है तथा गुणों की दृष्टि से संजीवनी बूटी है। तुलसी को प्रत्यक्ष देव मानने और मंदिरों एवं घरों में उसे लगाने, पूजा करने के पीछे संभवतः यही कारण है कि यह सर्व दोष निवारक औषधि सर्व सुलभ तथा सर्वोपयोगी है। धार्मिक धारणा है कि तुलसी की सेवापूजा व आराधना से व्यक्ति स्वस्थ एवं सुखी रहता है। अनेक भारतीय हर रोगमें तुलसीदल-ग्रहण करते हुए इसे दैवीय गुणों से युक्त सौ रोगों की एक दवा मानते हैं। गले में तुलसी काष्ठ की माला पहनते हैं।

तुलसी को दैवी गुणों से अभिपूरित मानते हुए इसके विषय में अध्यात्म ग्रंथों में काफ़ी कुछ लिखा गया है। तुलसी औषधियों का खान हैं। इस कारण तुलसी को अथर्ववेद में महा औषधि की संज्ञा दी गई हैं। इसे संस्कृत में हरिप्रिया कहते हैं। इस औषधि की उत्पत्ति से भगवान् विष्णु का मनः संताप दूर हुआ। इसी कारण यह नाम इसे दिया गया है। ऐसा विश्वास है कि तुलसी की जड़ में सभी तीर्थ, मध्य में सभी देवि-देवियाँ और ऊपरी शाखाओं में सभी वेद स्थित हैं।

तुलसी का प्रतिदिन दर्शन करना पाप नाशक समझा जाता है तथा पूजन करना मोक्षदायक। देवपूजा और श्राद्धकर्म में तुलसी आवश्यक है। तुलसी पत्र से पूजा करने से व्रत, यज्ञ, जप, होम, हवन करने का पुण्य प्राप्त होता है। ऐसा कहा जाता है, जिनके मृत शरीर का दहन तुलसी की लकड़ी की अग्नि से क्रिया जाता है, वे मोक्ष को प्राप्त होते हैं, उनका पुनर्जन्म नहीं होता। प्राणी के अंत समय में मृत शैया पर पड़े रोगी को तुलसी दलयुक्त जल सेवन कराये जाने के विधान में तुलसी की शुध्दता ही मानी जाती है और उस व्यक्ति को मोक्ष प्राप्त हो, ऐसा माना जाता है।

UP में लगेगा नाइट कर्फ्यू

लखनऊ (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश में बढ़ते कोरोना के खतरे को देखते हुए 25 दिसंबर से नाइट कर्फ्यू लगने के निर्देश जारी हुए हैं। इसके चलते रात 11:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक कर्फ्यू लगाया जाएगा। इसके साथ ही शादी समारोह में 200 लोगों के शामिल होने की अनुमति दी गई है। निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। 

उच्चस्तरीय टीम-09 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश:-

● कोविड से बचाव के लिए ट्रेसिंग, टेस्टिंग, ट्रीटमेंट और टीकाकरण की  नीति के सही क्रियान्वयन से प्रदेश में स्थिति नियंत्रित है। बीते 24 घंटों में हुई 01 लाख 91 हजार 428 सैम्पल की जांच में कुल 49 नए संक्रमितों की पुष्टि हुई। इसी अवधि में 12 लोग उपचारित होकर कोरोना मुक्त भी हुए। आज प्रदेश में कुल एक्टिव कोविड केस की संख्या 266 है, जबकि 16 लाख 87 हजार 657 मरीज कोरोना को मात दे चुके हैं। आज 37 जिलों में एक भी कोविड मरीज शेष नहीं है।

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●देश के विभिन्न राज्यों में कोविड के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। ऐसे में कुछ कड़े कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। शनिवार 25 दिसंबर से प्रदेशव्यापी रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू प्रभावी किया जाए। हर दिन रात्रि 11 बजे से प्रातः 05 बजे तक रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू लागू होगा। शादी-विवाह आदि सार्वजनिक आयोजनों में कोविड प्रोटोकॉल का साथ अधिकतम 200 लोगों के भागीदारी की अनुमति हो। आयोजनकर्ता इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को देगा।

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● बाजारों में “मास्क नहीं तो सामान नहीं” के संदेश के साथ व्यापारियों को जागरूक करें। बिना मास्क कोई भी दुकानदार ग्राहक को सामान न दे। सड़कों/बाजारों में हर किसी के लिए।मास्क अनिवार्य किया जाए। पुलिस बल लगातार गश्त करे। पब्लिक एड्रेस सिस्टम को और प्रभावी बनाया जाए। 

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● देश के किसी भी राज्य से अथवा विदेश से उत्तर प्रदेश की सीमा में आने वाले हर एक व्यक्ति की ट्रेसिंग-टेस्टिंग की जाए। बस, रेलवे और एयरपोर्ट पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। निगरानी समितियों ने कोरोना प्रबंधन में सराहनीय कार्य किया है। तीसरी लहर के दृष्टिगत गांवों और शहरी वार्डों में निगरानी समितियों को पुनः एक्टिव करें। बाहर से आने वाले हर एक व्यक्ति की टेस्टिंग कराएं। उनके स्वास्थ्य पर सतत नजर रखी जाए। आवश्यकतानुसार लोगों को क्वारन्टीन किया जाए, अस्पतालों में भर्ती कराया जाए।

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● कोविड की तीसरी लहर की आशंका के दृष्टिगत हमने पूर्व में व्यवस्थित तैयारियां की हैं, जिनका पुनर्परीक्षण कर लिया जाए। प्रदेश के सभी शासकीय/निजी चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं की बारीकी से परख कर ली जाए। औद्योगिक इकाइयों में कोविड हेल्प डेस्क और डे केयर सेंटर फिर एक्टिव करें।

● 19 करोड़ 14 लाख 94 हजार से अधिक कोविड टीकाकरण और 09 करोड़ 14 लाख से अधिक टेस्टिंग करके उत्तर प्रदेश टेस्टिंग और टीकाकरण देश में प्रथम स्थान पर है। यहां 06 करोड़ 73 लाख 17 हजार से अधिक लोगों को टीके की दोनों डोज देकर कोविड का सुरक्षा कवर प्रदान कर दिया गया है। 12 करोड़ 41 लाख लोगों ने टीके की पहली डोज प्राप्त कर ली है। इस प्रकार टीकाकरण के लिए पात्र प्रदेश की कुल आबादी में से 84.23 फीसदी को पहली और 45.66 फीसदी लोगों को दोनों डोज मिल चुकी है। वैक्सीनेशन को और तेज करने की जरूरत है। इस संबंध में सभी जरूरी प्रयास किए जाएं।

आईआईटी ने ओमीक्रोन पर किया है चौंकाने वाला खुलासा
आईआईटी कानपुर के रिसर्चरों ने अपनी नई स्टडी में यह अनुमान जताया है। इसके अनुसार, 3 फरवरी को कोरोना केस पीक पर होंगे। आईआईटी कानपुर के शोधकर्ताओं की एक टीम के नेतृत्व में अभी तक के मामलों की समीक्षा की गई है। अध्ययन में महामारी की पहली दो लहरों के डेटा का इस्तेमाल करके तीसरी लहर का पूर्वानुमान लगाया गया है।
शोधकर्ताओं की रिपोर्ट कहती है, ‘दुनिया भर के ट्रेंड को देखते हुए यह प्रोजेक्ट रिपोर्ट भारत में दिसंबर मध्य से तीसरी लहर का पूर्वानुमान करती है जो कि फरवरी की शुरुआत में पीक पर होगी।’ रिसर्चरों की टीम ने गॉजियन मिक्सचर मॉडल नाम के एक स्टेटिस्टिकल टूल का इस्तेमाल किया है।

अगले महीने आएगी कोरोना की तीसरी लहर!

ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे के बीच एक्सपर्ट का दावा, जनवरी में आएगी तीसरी लहर

ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे के बीच एक्सपर्ट का दावा, जनवरी में आएगी तीसरी लहर

रविवार तक देश में ओमिक्रॉन के 5 मामले सामने आ चुके हैं और वैज्ञानिक आशंका जता रहे हैं कि जनवरी के आखिरी सप्ताह या फरवरी की शुरुआत में ओमिक्रॉन का पीक होगा।

साभार Zee News Desk|Updated: Dec 05, 2021, 03:58 PM IST

  • जनवरी से फरवरी के बीच आएगी तीसरी लहर
  • दूसरी लहर के मुकाबले कम घातक होगी तीसरी लहर
  • नहीं पड़ेगी कम्प्लीट लॉकडाउन की जरूरत

नई दिल्ली: कोरोना के नए वेरिएंट ‘ओमिक्रॉन’ के आने के बाद देश में तीसरी लहर आना लगभग तय माना जा रहा है. रविवार तक देश में ओमिक्रॉन के 5 मामले सामने आ चुके हैं और वैज्ञानिक आशंका जता रहे हैं कि जनवरी के आखिरी सप्ताह या फरवरी की शुरुआत में ओमिक्रॉन का पीक होगा. IIT के वरिष्ठ वैज्ञानिक पद्मश्री प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने नए अध्ययन में यह दावा किया है. हालांकि वैज्ञानिकों का यह भी मानना है कि तीसरी लहर, दूसरी लहर के मुकाबले कम घातक होगी. रविवार को ही दिल्ली में पहला ओमिक्रॉन केस सामने आया है जो कि देश का पांचवा ओमिक्रॉन केस है. इसके बाद काफी लोगों को कोरोना की तीसरी लहर का डर सता रहा है.

कम घातक होगी तीसरी लहर

इंडिया टुडे की खबर के अनुसार प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने नए अध्ययन में दावा किया है कि तीसरी लहर, दूसरी लहर की तुलना में कम घातक होगी. प्रो. अग्रवाल ने अपने गणितीय मॉडल सूत्र के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है. गौरतलब है कि इससे पहले प्रो. मणींद्र ने ही अपने गणितीय मॉडल के आधार पर ही दूसरी लहर के बाद नए म्यूटेंट के आने से तीसरी लहर की आशंका जताई थी. अब प्रो. अग्रवाल ने दक्षिण अफ्रीका से फैले ओमीक्रॉन वेरिएंट पर स्टडी शुरू कर ताजा निष्कर्ष जारी किए हैं. 

हर रोज मिलेंगे एक से डेढ़ लाख मरीज

इन निष्कर्षों के मुताबिक अब तक जितनी भी केस स्टडी सामने आई हैं, उसमें संक्रमण तेजी से फैल रहा है, लेकिन बहुत अधिक घातक नहीं मिला है. प्रो. अग्रवाल के मुताबिक दूसरी लहर के हल्के होने के बाद यानी सितंबर में तीसरी लहर को लेकर उन्होंने जो आंकलन किया था, वह सच साबित होता दिख रहा है. कई देशों में फैलने के बाद भारत में भी ओमीक्रॉन संक्रमण के मामले मिलने लगे हैं. उन्होंने बताया कि जब तीसरी लहर अपने चरम पर होगी, तब रोजाना एक से डेढ़ लाख के बीच संक्रमित मरीजों के मिलने की संभावना है.

बच्चों पर ऐसा रहेगा असर

प्रो. अग्रवाल के मुताबिक कोरोना की तीसरी लहर का असर बच्चों पर कम देखने को मिलेगा. उनमें लक्षण भी कम नजर आएंगे और वे जल्दी रिकवर हो जाएंगे. साथ ही उन्होंने बताया कि ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीज जल्दी रिकवर होंगे. उन्हें सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण होंगे लेकिन दूसरी लहर की तरह अधिक परेशान नहीं होंगे. प्रो. अग्रवाल ने बताया कि यह वेरिएंट नेचुरल इम्युनिटी को ज्यादा बाईपास नहीं कर रहा है. नेचुरल इम्युनिटी का मतलब जो लोग एक बार कोरोना संक्रमित हो चुके हैं, उन्हें अधिक घबराने की जरूरत नहीं है. वे संक्रमण से नहीं बच पाएंगे लेकिन अधिक दिक्कत जैसी स्थिति नहीं होगी.

नहीं पड़ेगी कम्प्लीट लॉकडाउन की जरूरत

प्रो. अग्रवाल ने यह भी बताया कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए पूरा लॉकडाउन लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. बचाव की चीजों को ही अगर सख्ती से पालन कराया जाए तो काफी है. जरूरत पड़ने पर हल्का लॉकडाउन लगाया जा सकता है.

मास्क और वैक्सीन ही बचाव

प्रो. अग्रवाल के मुताबिक कोरोना की तीसरी लहर से बचने का सबसे अच्छा माध्यम सावधानी बरतना और वैक्सीन है. जिन लोगों ने वैक्सीन की दूसरी डोज या अभी पहली ही डोज नहीं लगवाई है, वे तुरंत वैक्सीन लगवा लें. मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें.

CMO बिजनौर को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान

बिजनौर। अंतरराष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस के कार्यक्रम में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के लिए उत्कृष्ट कार्य करने एवं सहयोग करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिजनौर को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष योगेश कुमार इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन के जिला अध्यक्ष डॉक्टर नरेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष डॉ. लीना तोमर, उपाध्यक्ष ओपी शर्मा, सचिव सोमदत्त शर्मा, संरक्षक पंडित विनोद गोस्वामी मेरठ से पधारे माया राम एक्यूप्रेशर स्पेशलिस्ट ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिजनौर डॉक्टर विजय कुमार गोयल को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य पर उत्कृष्ट कार्य करने के लिए संगठन का सहयोग करने के लिए उन्हें सम्मानित किया गया।

वक्ताओं ने बताया कि संस्था कोरोना वायरस जन जागरण अभियान, स्वच्छता अभियान, नमामि गंगे कार्यक्रम, सफाई अभियान, वृक्षारोपण आदि के साथ जनपद बिजनौर में नि:स्वार्थ भाव से कार्य कर रही है। लोगों को, समाज को बिना दवाई के यज्ञ योग और प्राकृतिक चिकित्सा, एक्यूप्रेशर चिकित्सा, मर्म चिकित्सा, मिट्टी चिकित्सा, जल चिकित्सा, रंग चिकित्सा के माध्यम से बिना दवाई के लोगों को स्वस्थ कर रहे हैं। यह अभियान प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाना है। सभी साधकों का उद्देश्य नि:स्वार्थ भाव से कार्य करना है। लोगों को जागरूक करना है, स्वस्थ रहने के उपाय बताने हैं, घर-घर तक प्राकृतिक चिकित्सा पहुंचाना है। यही सभी संगठन का उद्देश्य है। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी पदाधिकारियों का उत्साहवर्धन किया और भरोसा दिलाया कि वह तन मन धन से सभी के साथ हैं। इस अवसर पर पंडित विनोद गोस्वामी ने भजन प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। संगठन के सभी लोगों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी का धन्यवाद अदा किया।

अब होंगे नए तरह के युद्ध: सीमा पर नहीं, शहरों में होगी जंग


दुनिया के देश आधुनिक युद्धास्त्र बनाने में लगे हैं।परमाणु बम, हाइड्रोजन बम के आगे के विनाशक बम पर काम चल रहा है। सुपर सोनिक मिसाइल बन रही हैं, किंतु लगता है कि आधुनिक युद्ध इन सबसे अलग तरह के अस्त्र−शस्त्रों के लड़ा जाएगा। अलग तरह के युद्ध होंगे। आने वाले युद्ध सीमा पर नहीं, शहरों में लड़े जाएगे। घरों में लड़े जाएगे। गली–मुहल्लों में लड़े जाएंगे। अभी से हमें इसके लिए सोचना और तैयार होना होगा।
पुणे इंटरनेशनल सेंटर द्वारा आयोजित ‘पुणे डॉयलॉग’ में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा कि भविष्य में खतरनाक जैविक हथियार दुनिया के लिए गंभीर परिणाम साबित हो सकता है। दुनिया के लिए किसी भी जानलेवा वायरस को हथियार बनाकर इस्तेमाल करना गंभीर बात है। एनएसए डोभाल ने अपने बयान में कोरोना वायरस का उदाहरण देते हुए जैविक हथियारों का मुद्दा उठाया। ‘आपदा एवं महामारी के युग में राष्ट्रीय सुरक्षा की तैयारियों ’ पर बोलते हुए अजीत डोभाल ने कहा कि आपदा और महामारी का खतरा किसी सीमा के अंदर तक सीमित नहीं रहता और उससे अकेले नहीं निपटा जा सकता। इससे होने वाले नुकसान को घटाने की जरूरत है।
अभी तक पूरी दुनिया इस खतरे से जूझ रही है कि परमाणु बम किसी आतंकवादी संगठन के हाथ न लग जाए। उनके हाथ में जाने से इसे किस तरह रोका जाएॽ उधर आतंकवादी नए तरह के हथियार प्रयोग कर रहे हैं। शिक्षा बढ़ी है तो सबका सोच बढ़ा है। दुनिया के सुरक्षा संगठन समाज का सुरक्षित माहौल देने का प्रयास कर रहे हैं।आंतकवादी घटनाएं कैसे रोकी जाएं, ययोजनाएं बना रहे हैं। आंतकवादी इनमें से निकलने के रास्ते खोज रहे हैं। वे नए−नए हथियार बना रहे हैं। अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सैंटर पर हमले से पहले कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था कि विमान को भी घातक हथियार के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। इसमें विमानों को बम की तरह इस्तेमाल किया गया। माचिस की तिल्ली आग जलाने के लिए काम आती है। बिजनौर में कुछ आंतकवादी इन माचिस की तिल्लियों का मसाला उतार कर उसे गैस के सिलेंडर में भर कर बम बनाते विस्फोट हो जाने से घायल हुए थे।
हम विज्ञान और कम्यूटर की ओर गए। हमारे युद्धास्त्र कम्यूटरीकृत हो रहे हैं। उधर शत्रु इस सिस्टम को हैक करने के उपाए खोज रहा है। लेजर बम बन रहे हैं। हो सकता है कि हैकर शस्त्रों के सिस्टम हैक करके उनका प्रयोग मानवता के विनाश के लिए कर बैठें। बनाने वालों के निर्दे कोड से बने बनाए शस्त्र हैकर के इशारे पर चलने लगें।
रोगों के निदान के लिए वैज्ञानिक वायरस पर खोज रहे हैं। उनके टीके बना रहे हैं। दवा विकसित कर रहे हैं, तो कुछ वैज्ञानिक इस वायरस को शस्त्र के रूप में प्रयोग कर रहे हैं।
साल 1763 में ब्रिटिश सेना ने अमेरिकियों पर चेचक के वायरस का इस्तेमाल हथियार की तरह किया। 1940 में जापान की वायुसेना ने चीन के एक क्षेत्र में बम के जरिये प्लेग फैलाया था। 1942 में जापान के 10 हजार सैनिक अपने ही जैविक हथियारों का शिकार हो गए थे। हाल ही के दिनों में आतंकी गतिविधियों के लिए जैविक हथियार के इस्तेमाल की बात सामने आई है। इससे हमें सचेत रहना होगा। सीमाओं की सुरक्षा के साथ इन जैविक शास्त्रों से निपटने के उपाए खोजने होंगे। चीन की लैब में विकसित हो रहा कोरोना का वायरस अगर लीक न होता तो आने वाले समय में उसके किस विरोधी देश में फैलता यह नहीं समझा जा सकता, क्योंकि आज चीन की एक–दो देश छोड़ पूरी दुनिया से लड़ाई है।
लगता है कि आधुनिक युद्ध कोरोना की तरह शहरों में, गलियों में और भीड वाली जगह में लड़ा जाएगा। किसी विषाक्त वाररस से हमें कारोना के बचाव की तरह जूझना होगा।
बुजुर्ग कहते आए हैं कि ईश्वर जो करता है, अच्छा करता है। हर मुसीबत में कोई संदेश, कोई भविष्य के लिए तैयारी होती है। ऐसा ही शायद कोरोना महामारी के बारे में माना और समझा जा सकता है। जब यह महामारी फैली तो इसके लिए पूरा विश्व तैयार नहीं था। इसके फैलने पर सब आश्चर्यचकित से हो गए किसी की समझ नहीं आया। आज डेढ़ साल से ज्यादा हो गया, इसकी दुष्ट छाया से हमें मुक्ति नहीं मिली।आंकड़ों के अनुसार इस दौरान पूरी दुनिया में 50 लाख से ज्यादा मौत हुईं हैं।
जब यह महामारी आई तो किसी को न इसके बारे में पता था, न ही इसके लिए कोई तैयार था। आज डेढ़ साल के समय में दुनिया ने इसके अनुरूप अपने को तैयार कर लिया। वैक्सीन बनाई ही नहीं, तेजी से लगाई भी जा रही है। ये सब जानते हैं कि कोराना अभी गया नहीं, फिर भी अधिकतर लोग लापरवाह हो गए हैं। इसके प्रति बरते जाने वाले सुरक्षा उपाए करने छोड़ दिए। हमने इसके साथ जीना सीखा लिया।
आज पूरी दुनिया कोरोना वायरस की मार झेल रही है। भविष्य के जैविक हथियारों के खिलाफ सुरक्षा रणनीति को लेकर अजीत डोभाल ने कहा कि देश को अब नई रणनीति बनाने की जरूरत है। चीन का नाम लिए बिना अजीत डोभाल ने कहा कि बायोलॉजिकल रिसर्च करना बेहद जरूरी है। लेकिन इसकी आड़ में इसका दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि ऐसी रणनीति बनाई जाए जो हमारे मकसद को पूरा करे और हमारा नुकसान कम से कम हो।
कोरोना से युद्ध के बाद देश चिकित्सा सुविधा का विस्तार कर रहा है। कोरोना की दूसरी लहर में आक्सीजन की मारामारी मची। आज हम जिला स्तर पर सरकारी अस्पताल में अक्सीजन बनाने के संयंत्र लगा चुके हैं। जिला स्तर तक मेडिकल कॉलेज बनाना शायद इसी रणनीति का भाग है। जगह –जगह आधुनिक अस्पताल बन रहे हैं। वैक्सीन विकास का काम भी इसी की कड़ी का एक हिस्सा है। प्रकृति के दोहन के दुष्परिणाम से होने वाली आपदाएं हमें झेलनी होंगी। उसके लिए तैयार होना होगा और काम करना होगा। चिकित्सा सुविधाएं गांव−गांव तक पहुंचानी होंगी। स्वास्थ्य वर्कर गांव–गांव तक तैयार करने होंगे। आपदा नियंत्रण के लिए जन चेतना पैदा करने के लिए गांव−गांव तक वालियंटर बनाने और उन्हें प्रशिक्षित करना होगा। हमला किस तरह का होगा, उसका रूप क्या होगा, नहीं कहा जा सकता। बस नए हालात और परिस्थिति के लिए हम अपने और अपने समाज को तैयार कर सकतें हैं।


अशोक मधुप (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

वन विभाग में कायम जंगल राज!

वन विभाग में कायम जंगल राज!

बिजनौर। वन विभाग में जंगल राज का बोलबाला हो गया है! दो महिला विभागीय कर्मियों ने एक रेंजर के खिलाफ शारीरिक व मानसिक शोषण की शिकायत डीएफओ से की है! नजीबाबाद रेंज के इस मामले ने विभाग की कलई खोल कर रख दी है।

बताया गया है कि डीएफओ एम. सैमरान ने शिकायत मिलने के बाद संबंधित रेंजर को नोटिस जारी किया है। आरोप है कि उक्त महिला कर्मचारी काफी समय से रेंजर की करतूतों को बर्दाश्त कर रही थीं। अब, जब पानी सिर के ऊपर पहुंच गया तो शिकायत की गई।

रंगीला रेंजर- बताया जाता है कि उक्त रेंजर आशिक मिजाज है। जंगल में मंगल मनाना उसके खानदानी शौक में शामिल है। जंगल में लकड़ी बीनने आने वाली आसपास के गांवों की लड़कियों व महिलाओं से अभद्रता जगजाहिर है!

डीएफओ का कहना- डीएफओ ने बताया कि इस मामले में संबंधित रेंजर को नोटिस दिया गया है। जवाब मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

अब गांवों के चारागाह से मिलेगी जीवनदायिनी ऑक्सीजन

चारागाहों में लगेंगे ऑक्सीजन प्लांट। रोपे जाएंगे पीपल के पौधे। ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल की छह ग्राम पंचायत चयनित। 205 बीघा भूमि पर मनरेगा के तहत होगा कार्य

बिजनौर। अब ग्राम पंचायतों में खाली पड़ी चारागाह की भूमि जीवनदायिनी ऑक्सीजन का मुख्य स्रोत बनेगी। दरअसल पंचायत में कार्यों के प्राक्कलन में समतलीकरण, मेढबन्दी तथा वृक्षारोपण को सम्मिलित करते हुए योजना तैयार कर कार्य प्रारम्भ कराने के निर्देश दिये गए हैं। कार्य पूर्ण होते ही यहां पीपल के पौधे रोपे जाएंगे। ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल की छह ग्राम पंचायत अंतर्गत पड़ने वाली 205 बीघा चारागाहों की भूमि निकट भविष्य में नवजीवन का रूप लेने वाली है।

जीवनदायिनी ऑक्सीजन को प्रचुरता से प्राप्त करने के उपायों के तहत उपायुक्त (श्रम रोजगार) संयुक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक बिजनौर ने 07 अक्टूबर 2021 को आदेश जारी किया। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजनान्तर्गत कार्य कराने के सम्बंध में उन्होंने कार्यक्रम अधिकारी/खंड विकास अधिकारी मोहम्मदपुर देवमल को निर्देश दिये हैं कि उक्त पंचायत में कार्यों के प्राक्कलन में समतलीकरण, मेढबन्दी तथा वृक्षारोपण को सम्मिलित करते हुए योजना तैयार कर एक सप्ताह में कार्य प्रारम्भ कराएं। उक्त कार्य के पूरा होने के बाद यहां पीपल की पौध लगा दी जाएगी। बीडीओ को निर्देश हैं कि तकनीकी सहायकों द्वारा प्राक्कलन दिनेश कुमार अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (जनपद स्तर) के पर्यवेक्षण में तैयार किये जाने हेतु निर्देशित करना सुनिश्चित करें।
कार्यक्रम अधिकारी/खंड विकास अधिकारी मोहम्मदपुर देवमल को विकास खण्ड के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजनान्तर्गत कराये जाने वाले कार्यों का विवरण भी दिया गया है। बताया गया है कि शासन की ओर से 1500 मानव दिवस एवं 1500 से अधिक मानव दिवस सृजन करने वाले कार्यों को कराये जाने के निर्देश दिये गये है।

कोरोना के काल में सभी लोग ऑक्सीजन का महत्व समझ चुके हैं। यह भी सर्वविदित है कि पीपल का वृक्ष हमें 24 घंटे ऑक्सीजन देता है। इसका धार्मिक महत्व भी है। पर्यावरण को शुद्ध रखने के साथ स्वच्छ हवा की जरूरत को पूरा करने के लिए पीपल के पौधों के रोपण की जरूरत बताई गई है। पीपल के पेड़ को अश्वत्ता का पेड़ भी कहते हैं। भारतीय धर्मशास्त्रों में पीपल में भगवान विष्णु का वास माना गया है। बौद्ध और जैन धर्म में भी इसका खासा महत्व है। ये ऑक्सीजन का बड़ा अच्छा स्रोत है। इसके अलवा अस्थमा, डायबिटीज और डायरिया जैसी बीमारियों में भी पीपल काफी लाभकारी है।

प्रधानमंत्री ने विशेष गुणों वाली फसलों की 35 किस्में कीं राष्ट्र को समर्पित


राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान, रायपुर का नवनिर्मित परिसर राष्ट्र को समर्पित।

कृषि विश्वविद्यालयों को ग्रीन कैंपस अवार्ड भी वितरित।

“जब भी किसानों और कृषि को सुरक्षा कवच मिलता है, उनका तेजी से विकास होता है”- मोदी

“हमारी प्राचीन कृषि परंपराओं के साथ-साथ भविष्य की ओर आगे बढ़ना भी समान रूप से महत्वपूर्ण है”

नई दिल्ली (PMO)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विशेष गुणों वाली फसलों की 35 किस्में राष्ट्र को समर्पित कीं। उन्होंने राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान, रायपुर का नवनिर्मित परिसर भी राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कृषि विश्वविद्यालयों को ग्रीन कैंपस अवार्ड वितरित किये। उन्होंने उन किसानों के साथ बातचीत की, जो नवोन्मेषी तरीकों का उपयोग करते हैं तथा सभा को भी संबोधित किया।  

प्रधानमंत्री ने जम्मू और कश्मीर के गांदरबल की श्रीमती जैतून बेगम, बुलंदशहर उत्तर प्रदेश के किसान और बीज उत्पादक श्री कुलवंत सिंह, बारदेज, गोवा की रहने वाली श्रीमती दर्शना पेडनेकर, मणिपुर के श्री थोइबा सिंह व उधम सिंह नगर, उत्तराखंड के निवासी श्री सुरेश राणा से उनके क्षेत्र व कार्य से संबंधित बातचीत की।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले छह-सात वर्षों में कृषि से संबंधित चुनौतियों के समाधान के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी का प्राथमिकता के आधार पर उपयोग किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारा सबसे ज्यादा ध्यान अधिक पौष्टिक बीजों पर है, जो खासकर बदलते मौसम में, नई परिस्थितियों के अनुकूल हैं।”

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि जब भी किसानों और कृषि को सुरक्षा कवच मिलता है तो उनका विकास तेजी से होता है। उन्होंने बताया कि भूमि के संरक्षण के लिए 11 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए गए हैं। प्रधानमंत्री ने सरकार की किसान-हितैषी पहलों के बारे में बताया, जैसे – किसानों को जल सुरक्षा प्रदान करने के लिए लगभग 100 लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए अभियान, फसलों को बीमारियों से बचाने के लिए किसानों को नई किस्मों के बीज उपलब्ध कराना और इस प्रकार अधिक उपज प्राप्त करना। उन्होंने कहा कि एमएसपी बढ़ाने के साथ-साथ खरीद प्रक्रिया में भी सुधार किया गया ताकि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके। रबी सीजन में 430 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद की गई है और किसानों को 85 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। महामारी के दौरान गेहूं खरीद केंद्रों की संख्‍या को तीन गुना से अधिक बढ़ाया गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों को तकनीक से जोड़कर हमने उनके लिए बैंकों से मदद लेना आसान बना दिया है। आज किसानों को मौसम की जानकारी बेहतर तरीके से मिल रही है। हाल ही में 2 करोड़ से अधिक किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्‍ध कराए गए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण जो नए प्रकार के कीट, नई बीमारियां, महामारियां आ रही हैं, इससे इंसान और पशुधन के स्वास्थ्य पर भी बहुत बड़ा संकट आ रहा है और फसलें भी प्रभावित हो रही है। इन पहलुओं पर गहन रिसर्च निरंतर जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब साइंस, सरकार और सोसायटी मिलकर काम करेंगे तो उसके नतीजे और बेहतर आएंगे। किसानों और वैज्ञानिकों का ऐसा गठजोड़, नई चुनौतियों से निपटने में देश की ताकत बढ़ाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसान को सिर्फ फसल आधारित इनकम सिस्टम से बाहर निकालकर, उन्हें वैल्यू एडिशन और खेती के अन्य विकल्पों के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि साइंस और रिसर्च के समाधानों से अब मोटे अनाजों सहित अन्य अनाजों को और विकसित करना ज़रूरी है। उन्‍होंने कहा इसका मकसद ये कि देश के अलग-अलग हिस्सों में, अलग-अलग ज़रूरतों के हिसाब से इन्हें उगाया जा सके। उन्होंने लोगों से कहा कि वे संयुक्त राष्ट्र द्वारा आगामी वर्ष को मिलेट वर्ष घोषित किए जाने के फलस्‍वरूप उपलब्‍ध होने वाले अवसरों का उपयोग करने के लिए तैयार रहें।

बीते 6-7 सालों में साइंस और टेक्नॉलॉजी को खेती से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए प्राथमिकता के आधार पर उपयोग किया जा रहा है।

विशेष रूप से बदलते हुए मौसम में, नई परिस्थितियों के अनुकूल, अधिक पोषण युक्त बीजों पर हमारा फोकस बहुत अधिक है: PM @narendramodi— PMO India (@PMOIndia) September 28, 2021

पिछले वर्ष ही कोरोना से लड़ाई के बीच में हमने देखा है कि कैसे टिड्डी दल ने भी अनेक राज्यों में बड़ा हमला कर दिया था।

भारत ने बहुत प्रयास करके तब इस हमले को रोका था, किसानों का ज्यादा नुकसान होने से बचाया था: PM @narendramodi— PMO India (@PMOIndia) September 28, 2021

किसानों को पानी की सुरक्षा देने के लिए, हमने सिंचाई परियोजनाएं शुरू कीं, दशकों से लटकी करीब-करीब 100 सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने का अभियान चलाया।

फसलों को रोगों से बचाने के लिए, ज्यादा उपज के लिए किसानों को नई वैरायटी के बीज दिए गए: PM @narendramodi— PMO India (@PMOIndia) September 28, 2021

MSP में बढ़ोत्तरी के साथ-साथ हमने खरीद प्रक्रिया में भी सुधार किया ताकि अधिक-से-अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके।

रबी सीजन में 430 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेंहूं खरीदा गया है।

इसके लिए किसानों को 85 हजार से अधिक का भुगतान किया गया है: PM @narendramodi— PMO India (@PMOIndia) September 28, 2021

किसानों को टेक्नोलॉजी से जोड़ने के लिए हमने उन्हें बैंकों से मदद को और आसान बनाया गया है।

आज किसानों को और बेहतर तरीके से मौसम की जानकारी मिल रही है।

हाल ही में अभियान चलाकर 2 करोड़ से ज्यादा किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड दिए गए हैं: PM @narendramodi— PMO India (@PMOIndia) September 28, 2021

जलवायु परिवर्तन के कारण जो नए प्रकार के कीट, नई बीमारियां, महामारियां आ रही हैं, इससे इंसान और पशुधन के स्वास्थ्य पर भी बहुत बड़ा संकट आ रहा है और फसलें भी प्रभावित हो रही है।

इन पहलुओं पर गहन रिसर्च निरंतर ज़रूरी है: PM @narendramodi— PMO India (@PMOIndia) September 28, 2021

जब साइंस, सरकार और सोसायटी मिलकर काम करेंगे तो उसके नतीजे और बेहतर आएंगे।

किसानों और वैज्ञानिकों का ऐसा गठजोड़, नई चुनौतियों से निपटने में देश की ताकत बढ़ाएगा: PM @narendramodi— PMO India (@PMOIndia) September 28, 2021

किसान को सिर्फ फसल आधारित इनकम सिस्टम से बाहर निकालकर, उन्हें वैल्यू एडिशन और खेती के अन्य विकल्पों के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है: PM @narendramodi— PMO India (@PMOIndia) September 28, 2021

साइंस और रिसर्च के समाधानों से अब मिलेट्स और अन्य अनाजों को और विकसित करना ज़रूरी है।

मकसद ये कि देश के अलग-अलग हिस्सों में, अलग-अलग ज़रूरतों के हिसाब से इन्हें उगाया जा सके: PM @narendramodi— PMO India (@PMOIndia) September 28, 2021

Cafe D, शॉपर्स प्राइड मॉल, बिजनौर

दिल्ली सरकार बेच देगी 25 ₹ किलो में आपका वाहन


15 साल पुराने वाहन घर से उठाकर कबाड़ करेगी दिल्ली सरकार। पहले डीजल गाड़ियों पर कार्रवाई का
आदेश जारी।

राहत: कोई जुर्माना नहीं- परिवहन विभाग के मुताबिक सरकार वाहनों को घरों से टो करने के लिए कोई जुर्माना नहीं लगाएगी। वाहन की हालत के हिसाब से उसे प्रति किलो अधिकतम 25 रुपए के हिसाब से भुगतान होगा।

अनुमान: कितना मिलेगा- महिन्द्रा कंपनी वाहन कबाड़ भी करती है। उसके प्रतिनिधि के मुताबिक 8000 से लेकर इनोवा वाहन पर 80 हजार रुपए तक मिल जाते हैं। हर वाहन के दाम उसकी सेहत देखकर लगते हैं।

नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली में अब घरों में खड़े 15 साल पुराने वाहनों को सरकार जब्त करके सीधे कबाड़ (स्क्रैप) कराएगी। पहले चरण में सिर्फ डीजल वाहनों पर कार्रवाई होगी। उसके बाद पेट्रोल और दुपहिया वाहनों पर यह अभियान आगे बढ़ाया जाएगा। परिवहन विभाग ने इसे लेकर आदेश जारी कर दिया है। कबाड़ कराने के बाद जो पैसा मिलेगा उससे टो शुल्क काटकर बाकी पैसा वाहन मालिक को दे दिया जाएगा।

पहले चरण में 1.5 लाख वाहन दायरे में: पहले चरण में डीजल के 15 साल पुराने 1.5 लाख वाहन इस अभियान के दायरे में आएंगे। वाहनों को कबाड़ करने के लिए परिवहन विभाग ने सात कंपनियों को भी चिन्हित कर लिया है। परिवहन विभाग की ओर से जारी आदेश में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यून (एनजीटी) के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया है कि दिल्ली में 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल वाहन नहीं चल सकते है। पहले चरण में 10 से 15 साल के बीच के डीजल वाहनों को छूट रहेगी। इसके बाद इन्हें भी कबाड़ किया जाएगा।

पुराने पेट्रोल वाहन 38 लाख: दिल्ली में 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों की संख्या 38 लाख से अधिक है, जबकि 15 साल पुराने डीजल वाहनों की संख्या 1.5 लाख है। इसके अलावा 10 से 15 साल पुराने डीजल वाहनों की संख्या 7700 है, जिसे दिल्ली में चलने की अनुमति नहीं है। इस संबंध में परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक हमारा मकसद लोगों को डराना नहीं है बल्कि उन्हें जागरूक करना है, जिससे लोग खुद ऐसे वाहनों को कबाड़ कराने के लिए आगे आएं।

विदित हो कि दिल्ली सरकार ने अखबारों में विज्ञापन देकर पुरानी गाड़ियों को चलाने पर रोक लगाने की बात कही है। यह निर्देश दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग की ओर से जारी किया गया है। इस निर्देश में सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रायब्यूनल के आदेश का हवाला दिया गया है। आदेश के मुताबिक 10 साल पुरानी डीजल गाड़ियां और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों को दिल्ली की सड़कों पर नहीं चलने देना है।

पिछले आदेशों का हवाला- आदेश में नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल की ओर से 07 अप्रैल 2015 को जारी आदेश के बारे में बताया गया है। इसी संदर्भ में 29 अक्टूबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी एक आदेश का भी जिक्र किया गया है, जो एमसी मेहता बनाम भारत सरकार एवं अन्य से संबंधित है। इन दोनों आदेशों को देखते हुए 10 साल पुरानी डीजल गाड़ियों और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में चलाने पर अब रोक होगी।

पॉलिसी के तहत निजी गाड़ी 20 साल बाद और कमर्शियल गाड़ी को 15 साल बाद ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्ट कराना होगा। इस टेस्ट को पास न करने वाले वाहनों को चलाने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही ऐसे वाहनों को जब्त किया जाएगा, जो गाड़ियां फिटनेस टेस्ट पास करेंगी, उन गाड़ियों को चलाने की अनुमति दी जाएगी। अनफिट गाड़ियों को स्क्रेपेज पॉलिसी के तहत कबाड़ में भेज दिया जाएगा। पूर्व में दिल्ली परिवहन विभाग ऐलान कर चुका है कि 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल वाहनों या 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों का इस्तेमाल करने वाले लोगों पर 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।

स्क्रेपर की लिस्ट- परिवहन विभाग ने ऑथराइज्ड स्क्रेपर की लिस्ट बनाई है, जहां गाड़ियों को स्क्रेप कराया जा सकता है। दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने स्क्रेपर की लिस्ट www.http://transport.delhi.gov.in पर जारी की है, जहां डिटेल सूची देखा जा सकता है। जो वाहन मालिक इस आदेश का पालन नहीं करेंगे, उनकी गाड़ियों को जब्द किया जाएगा और मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

क्या हैं नियम?- फिटनेस टेस्ट में जो गाड़ी पास हो जाएगी, उसके लिए दुबारा रजिस्ट्रेशन कराना होगा। लेकिन री-रजिस्ट्रेशन की फीस अभी के मुकाबले 10 गुना तक ज्यादा देनी होगी। अगर गाड़ी फिटनेस टेस्ट में पास नहीं होती तो उसे स्क्रेप कराना होगा। एक आंकड़े के मुताबिक देश भर में लगभग 1 करोड़ गाड़ियां ऐसी हैं जो अनफिट हैं और उनका रजिस्ट्रेशन खत्म हो चुका है। इन 1 करोड़ गाड़ियों को सड़क से हटाया जाए तो 15-20 परसेंट तक प्रदूषण में कमी आएगी।

मंत्रालय की गाइडलाइंस लागू होंगी या फिर कोर्ट के पुराने आदेश!

सूत्रों का कहना है कि दिल्ली को लेकर स्थिति बड़ी अजीब है और लोगों में यही कन्फ्यूजन है कि मंत्रालय की गाइडलाइंस लागू होंगी या फिर कोर्ट के पुराने आदेश लागू रहेंगे। वहीं परिवहन मंत्री ने विभाग को आदेश दिया है कि इस मसले पर आम लोगों के सवालों को ध्यान में रखते हुए ऐप्लीकेशन फाइल करने का फैसला किया जाए। उसके बाद कोर्ट और एनजीटी, केंद्रीय गाइडलाइंस के हिसाब से अपने आदेशों को रिव्यू करने के बारे में फैसला ले सकते हैं। परिवहन विभाग के पास लोगों के लगातार सवाल आ रहे हैं कि क्या केंद्रीय गाइडलाइंस दिल्ली में भी लागू होंगी।

पुराने वाहनों को लेकर केंद्र सरकार की पॉलिसी

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के पुरानी गाड़ियों को लेकर तैयार किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, 1 अप्रैल 2022 से 15 साल पुराने सरकारी वाहनों का रजिस्ट्रेशन रिन्यू नहीं होगा। इस प्रस्ताव पर ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर सभी हितधारकों के सुझाव मांगे गए थे। मालूम हो कि सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 के केंद्रीय बजट में वॉलेंट्री व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी लाने की घोषणा की है। इस पॉलिसी के तहत पर्सनल की 20 साल बाद और कमर्शियल व्हीकल्स को 15 साल बाद ऑटोमेटिड फिटनेस टेस्ट कराना होगा। इस टेस्ट को पास ना करने वाले वाहनों को चलाने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही ऐसे वाहनों को जब्त किया जाएगा।

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किसान पाठशालाओं में फसल अवशेष न जलाने की शपथ दिलाई


बिजनौर। कृषकों को किसान पाठशालाओं में फसल अवशेष न जलाने की शपथ दिलाई गई।
द मिलियन फारमर्स स्कूल के अंतर्गत द्वितीय चरण में जनपद की 130 न्याय पंचायतों में किसान पाठशाला का आयोजन किया गया। विकास खण्ड स्योहारा के ग्राम दौलतपुर में मण्डलीय संयुक्त कृषि निदेशक जेपी चौधरी द्वारा कृषकों को फसल अवशेष न जलाने की शपथ दिलाई गई। जेपी चौधरी द्वारा फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण व भूमि की भौतिक व जैविक दशा पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभावों के संबंध में जानकारी दी गई। इन किसान पाठशाला के माध्यम से कृषकों को फसल अवशेष प्रबंधन, खरीफ फसलों के प्रबंधन व रवि फसलों की बुवाई के संबंध में जानकारी दी गई।
नोडल अधिकारी बनाये गए आत्मा प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह योगी द्वारा विकासखंड नहटौर के ग्राम विलासपुर व विकास खण्ड नूरपुर के कुण्डा खुर्द ग्राम में कृषकों को खरीफ फसल प्रबंधन व फसल अवशेष प्रबंधन व विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। सत्य प्रकाश सहायक अधिकारी कृषि रक्षा द्वारा खरीफ फसल खरीफ फसलों में कीट रोग नियंत्रण के संबंध में अवगत कराया गया।

Cafe D, शॉपर्स प्राइड मॉल, बिजनौर

देश के पहले “स्मॉग टावर” की दिल्ली में शुरुआत

केजरीवाल ने किया देश के पहले स्मॉग टावर का उद्घाटन। प्रति सेकेंड 1000 क्यूबिक मीटर हवा को करेगा साफ।

CM केजरीवाल ने किया देश के पहले स्मॉग टावर का उद्घाटन, प्रति सेकेंड 1000 क्यूबिक मीटर हवा को करेगा साफ

नई दिल्ली (एजेंसी)। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण कम करने के प्रयासों के तहत सोमवार को देश के प्रथम ‘स्मॉग टावर’ (हवा साफ करने वाली सार्वजनिक आधुनिक प्रणाली) का उद्घाटन किया। केजरीवाल ने दिल्ली का दिल माने जाने वाले कनॉट प्लेस में स्थापित इस टॉवर को प्रदूषण के खिलाफ जारी युद्ध में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यदि यह प्रयोग सफल सबित हुआ तो अन्य हिस्सों में भी ऐसा प्रयास किया जाएगा।

Arvind Kejriwal inaugurates India's first smog tower in Delhi | India News  – India TV

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर हवा साफ करने की यह प्रणाली अमेरिका से लायी गई है। इसके असर के आंकलन आईआईटी दिल्ली और मुंबई के विशेषज्ञों द्वारा किये जाएंगे। वे एक माह के आंकड़ों के आधार पर शुरुआती और अगले दो साल में उसके असर के बारे में पूरी जानकारी देंगे। उनके सुझावों के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा कि इस प्रणाली को शहर के अन्य हिस्सों में स्थापित किया जाए या नहीं।

उन्होंने कहा कि करीब 24 फुट ऊंचाई का यह टावर एक किलोमीटर के दायरे में हवा को साफ करेगा, जिससे राजधानी का प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैसे तो दिल्ली सरकार के प्रयासों से पहले के मुकाबले प्रदूषण में कमी आई है लेकिन इस अनूठी कोशिश के बाद लोगों को और भी राहत मिल सकती है। 

First Smog Tower inauguration in Delhi- 23 August 2021

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि बीस मीटर से भी ऊंचा टावर अपने आसपास के एक किलोमीटर की परिधि में हवा की गुणवत्ता सुधारने का काम करेगा और मानसून के बाद पूरी क्षमता के साथ काम करना शुरू करेगा। स्मॉग टॉवर प्रति सेकंड एक हजार क्यूबिक मीटर हवा को शुद्ध करेगा। एक अधिकारी ने बताया कि स्मॉग टावर का संचालन शुरू होने के बाद दो साल तक इसके प्रभाव का अध्ययन किया जाएगा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा निर्मित 25 मीटर ऊंचा एक अन्य टावर आनंद विहार में 31 अगस्त तक काम करना शुरू कर देगा।

रैली निकाल कर युवाओं ने मनाया अमृत महोत्सव

युवाओं ने अमृत महोत्सव रैली निकाल कर मनाया

लखनऊ। विकास खण्ड मलिहाबाद में नेहरू युवा केन्द्र लखनऊ के तत्वावधान में सामाजिक दूरी का पालन करते हुए आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत फिट इंडिया (रैली) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रैली घड़ी सँज्जर प्राथमिक विद्यालय से निकाली गई और पूरे गाव में भ्रमण किया गया। भ्रमण के दौरान जमकर भारत माता की जय, वंदे मातरम इत्यादि के गगनभेदी नारे लगाए गए। कुंडारा खुर्द, टिकरी हार, नजर नगर, रूपनगर आदि जगह कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अथिति के रूप में पूर्व माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती प्रतिभा, प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती विनीता जयसवाल, राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक व आकार फाउंडेशन के महासचिव शाश्वत शुक्ला, नई बस्ती धनेवा युवा समिति के सदस्य प्रशांत मिश्रा, विकास मौर्य, महमूद नगर युवा समिति के आदित्य गुप्ता, हिमांशु राठौर की उपस्थिति रही।

पुष्पा गौतम ने बताया कि नेहरू युवा केंद्र लखनऊ की ओर से आजादी की 75 वीं वर्षगांठ पर अमृत महोत्सव समस्त विकास खंडों में जिला युवा अधिकारी विकास कुमार सिंह के दिशा निर्देशन में मनाया जा रहा है। साथ ही युवाओं से अपील की, कि भारत सरकार का सपना साकार करने के लिए सभी युवा साथियों को प्रतिदिन फिट इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत आधा घंटा व्यायाम करना चाहिए। व्यायाम करने से अनेक बीमारियां दूर होंगी।

श्रीमती विनीता जयसवाल ने युवाओं से भारत सरकार के इस पहल में अपनी भागीदारी को बढ़ावा देने का उत्साह दिया। इसके साथ ही साथ पूर्व राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक व आकार फाउंडेशन के महासचिव शाश्वत शुक्ला कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव यानी आजादी की ऊर्जा का अमृत। आजादी का अमृत महोत्सव यानी स्वाधीनता सेनानियों से प्रेरणाओं का अमृत। आजादी का अमृत महोत्सव यानी नए विचारों का अमृत। नए संकल्पों का अमृत। आजादी का अमृत महोत्सव यानी आत्मनिर्भरता का अमृत।

उक्त कार्यक्रम के अंतर्गत वृक्षारोपण भी करवाया गया। मुख्य रुप से इंचार्ज अध्यापक मोहम्मद मंसूर, अध्यापक पंकज कुमार व प्रमोद कुमार सहित सभी लोगों ने वृक्षारोपण किया। उन्होंने वृक्षारोपण के प्रति भी लोगों को बताया और इसे बढ़ावा देने को भी कहा।

इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में मोनिका, शालिनी, क्रांति, शिवानी, सलोनी, पूजा, आरती, दिशा गौतम, रिचा गुप्ता, युवा व ग्रामीण क्षेत्र के लोग उपस्थित रहे और कार्यक्रम में अपना अहम सहयोग योगदान दिया।

भूस्खलन से रुकी चेनाब नदी की धारा

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अब हिमांचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में दरका पहाड़। मलबा गिरने से रुकी चेनाब नदी की धारा। आसपास के 13 गांव से सुरक्षित निकाले गए 2,000 लोग।

शिमला (एजेंसी)। हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर भूस्खलन ने कहर बरपाया है। इस बार सुदूर लाहौल स्पीति जिले में भूस्खलन के चलते चेनाब नदी का बहाव रुक गया है। यह राज्य की सबसे बड़ी नदी है, जिसे स्थानीय तौर पर चंद्रभागा भी कहा जाता है। इस घटना के बाद तेजी से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया और अब तक 2,000 लोगों को इलाके से निकाल लिया गया है। आसपास के कुल 13 गांवों से 2,000 लोगों को बाढ़ के खतरे के चलते निकाला गया है।

झील बनने का खतरा- हिमाचल सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि लाहौल स्पीति के जसरथ गांव के पास भूस्खलन हुआ और बड़े पैमाने पर मलबा नदी में जा गिरा। इसके चलते नदी का प्रवाह थम गया है। नदी का बहाव रुकने की वजह से इलाके में झील बनने का खतरा पैदा हो गया है और किसी भी तरह के संकट से बचने के लिए लोगों को निकाला जा रहा है। 

प्रशासन की लोगों से ऊंचे इलाकों में जाने की अपील
जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से आसपास के ऊंचे क्षेत्रों में जाने की अपील की है। फिलहाल जिला प्रशासन के अलावा एसडीआरएफ की टीम बचाव के काम में जुटी हुई है। नदी का प्रवाह रुकने के चलते जसरथ गांव के पास एक झील सी बन गई है और आसपास की खेती की जमीन को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है। इसी झील में पानी लगातार बढ़ रहा है और गांव के ही डूबने का खतरा पैदा हो गया है। यह घटना शुक्रवार को सुबह हुई, जब भूस्खलन के चलते चेनाब नदी का प्रवाह पूरी तरह से रुक गया। जिला प्रशासन ने नदी के बहाव को फिर से शुरू करने के लिए सेना के एक्सपर्ट्स की मांगी है। यदि पानी का बहाव सही समय पर शुरू नहीं हुआ तो फिर इलाके में बड़ा नुकसान हो सकता है। 

चर्चित साहित्यकार और पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव के जन्मदिन पर हुआ पौधारोपण, मथुरा में गोवर्धननाथ तलहटी में लगाए गए 44 पौधे

चर्चित साहित्यकार और पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव के जन्मदिन पर हुआ पौधारोपण, मथुरा में गोवर्धननाथ तलहटी में लगाए गए 44 पौधे

प्रकृति को श्रृंगारित करके मनाया गया पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव का जन्मदिन, 44 वें जन्मदिन पर हुआ 44 पौधों का रोपण

लखनऊ। पर्यावरण की रक्षा के लिए जरुरी है कि हम इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने के साथ पौधारोपण को जीवन के विभिन्न महत्वपूर्ण दिनों से जोड़ें। जन्मदिन व विवाह वर्षगांठ जैसे जीवन के महत्वपूर्ण दिनों को विशेष बनाने के लिए पौधारोपण कर समाज को नई दिशा दी जा सकती है। देश के चर्चित ब्लॉगर, साहित्यकार, लेखक एवं वाराणसी क्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव के 44वें जन्मदिन पर मथुरा में श्री गोवर्धननाथ प्रभु की पावन तलहटी में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में भाग लेते हुए उक्त भावनाएँ व्यक्त की गईं।

स्वदेशी समाज सेवा समिति, सर्वोदय शिक्षा सदन समिति, फिरोजाबाद एवं वन विभाग, गोवर्धन के तत्त्वावधान में आयोजित उक्त कार्यक्रम में श्री गोवर्धननाथ प्रभु की पावन तलहटी में विभिन्न स्थानों पर रुद्राक्ष, तुलसी, हरसिंगार, पीपल, नीम, शरीफा, दालचीनी, रातरानी इत्यादि के फलदार, औषधीय, छायादार वृक्षों, बेल व पुष्प के 44 पौधों का रोपण धरा को हराभरा एवं पर्यावरण को शुद्ध बनाने हेतु किया गया। इस अवसर पर समर्पण गौशाला, गोवर्धन में भी पौधारोपण का यह पुनीत कार्य किया गया।

इस अवसर पर वन क्षेत्र अधिकारी बृजेश कुमार पवार ने कहा कि, वर्तमान परिस्थितियों में जब वन क्षेत्र का निरंतर ह्रास होता जा रहा है तब संपूर्ण समाज को इस तरह के आयोजनों से सीख लेने की आवश्यकता है। समर्पण गौशाला के प्रबंधक डा. हेमंत कुमार यादव ने कहा कि सम्पूर्ण धरा और प्रकृति को सुरक्षित व संतुलित रखने हेतु हमें पौधारोपण के प्रति लोगों को सजग बनाना होगा। स्वदेशी समाज सेवा समिति, फिरोजाबाद के प्रबंधक वृक्ष मित्र एवं समर्पित समाजसेवी विवेक यादव ने कहा कि कोरोना महामारी ने एक बार फिर से लोगों को पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण के प्रति सचेत किया है। वन विभाग के सब इंस्पेक्टर आशीष कुमार चौहान, समाज सेवी कमल किशोर यादव सहित तमाम महानुभावों की गरिमामयी उपस्थिति में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।

इस कार्यक्रम से ऑनलाइन जुड़े चर्चित साहित्यकार और पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने अपने जन्मदिन पर इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि, भारतीय परंपरा में पेड़-पौधों को परमात्मा का प्रतीक मान कर उनकी पूजा का विधान बनाया गया है। पर्यावरण के साथ-साथ आचरण को भी शुद्ध रखने में वृक्षों का महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे में हर व्यक्ति की यह जिम्मेदारी है कि वह एक पौधा अवश्य लगाए।

जश्न- ए-आजादी पर राजधानी में पौधारोपण

जश्न- ए-आजादी ट्रस्ट के तत्वाधान में टीम केयर इंडिया और शराबबंदी संघर्ष समिति ने शहर के विभिन्न स्थानों पर किया पौधारोपण

लखनऊ। जश्न- ए-आजादी ट्रस्ट के तत्वाधान में टीम केयर इंडिया औऱ शराबबंदी संघर्ष समिति ने इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के परिसर में विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं की मौजूदगी में 75 नीम, पीपल व आम इत्यादि के पौधे रोपित किए। इस अवसर पर मौलाना खालिद रशीद, राजेन्द्र सिंह बग्गा, मुरलीधर आहूजा, निगहत खान, मुर्तुजा अली, शहजादे कलीम, अब्दुल वहीद, जुबैर अहमद, वामिक खान, योग गुरु कृष्ण दत्त मिश्रा, संजय सिंह, एसएम पारी, नजम अहसन, तौसीफ हुसैन, सरदार बलवीर सिंह, आराधना सिकरवार, मौलाना मुश्ताक, शाहिद सिद्दीक, मीनाक्षी त्रिपाठी, संतराम यादव, इमरान कुरैशी, सहाबुद्दीन कुरैशी, भानु प्रताप सिंह आदि मौजूद थे।
स्वतंत्रता दिवस उत्सव पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रंखला में जश्न -ए -आजादी ट्रस्ट के पदाधिकारियों द्वारा शहर के गऊघाट, दुबग्गा, विकासनगर, टीले वाली मस्जिद के पीछे, एनजीएस सिटी, बरावन कला, आशियाना, 1090 चौराहे पर पौध रोपण किया गया।इस मौके पर मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली और राजेन्द्र सिंह बग्गा ने सभी शहर वासियों से अपील की है स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सभी लोग एक पौधा रोपण जरूर करें।

स्कूल में पढ़ाया जाएगा कोरोना का पाठ

लखनऊ। घर पर रहकर छात्र-छात्राओं ने लॉकडाउन काल में केवल पढ़ाई की या फिर खेले हैं। उनको ये ताे जानकारी हुई कि कोविड-19 नाम का वायरस फैला हुआ है, जो लोगों को बीमार कर रहा है और घातक स्थिति में होने पर उनकी जान भी ले रहा है। मगर कोरोना के बारे में विस्तृत जानकारी करने में विद्यार्थियों ने रुचि नहीं दिखाई। अब जब माध्यमिक विद्यालय खुलेंगे तो उनको कोविड-19 के बारे में विस्तार से जानकारी कराई जाएगी। कोरोना वायरस के दुष्प्रभाव, इसके फैलने के तरीके, इससे बचने के उपाय, सावधानियां आदि के बारे में बताया जाएगा। वहीं इससे जुड़ी जानकारियां जैसे किस देश में कितना संक्रमण रहा, कितने लोगों की जान गई आदि के बारे में भी तथ्यात्मक ज्ञान कराया जाएगा।स्कूल में

स्‍कूल में उपलब्ध होंगे सैनिटाइजर व साबुन- विद्यालय खुलने पर विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सैनिटाइजर व साबुन भी उपलब्ध कराया जाएगा। विद्यालय की ओर से विद्यार्थी को साबुन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए बजट की व्यवस्था विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को विद्यालय फंड से ही करनी होगी। माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को कोरोना संक्रमण से बचाने को साबुन का वितरण किए जाने के निर्देश शासन स्तर से जारी किए गए हैं। विद्यार्थियों को हाथ धाेने व संक्रमण से बचने के लिए प्रेरित किया जाएगा। हालांकि साबुन वितरण का काम प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देशन में कराया जाएगा। इसकी तैयारी भी कर ली गई है।

डीआइओएस के सूत्रों ने बताया कि, विद्यार्थियों को समय-समय पर हाथ धोने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से साबुन वितरण की योजना शासन की ओर से बनाई गई है। माध्यमिक विद्यालयों के लिए जितने साबुन वितरण करने के आदेश होंगे व साबुन उपलब्ध कराए जाएंगे, उनका वितरण कराया जाएगा। अभी नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थी स्कूल-कालेज आएंगे। उनको ही साबुन वितरण कराया जाएगा। प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वो विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को सुरक्षा उपायों के पालन के लिए प्रेरित करने का प्रयास करें।

नदियों में प्रदूषण रोकने को धरना प्रदर्शन करेगा “गंगा समग्र”

बिजनौर। मां गंगा की स्वच्छता, निर्मलता, अविरलता के लिये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठन “गंगा समग्र” की ओर से शीशमहाल गंगा बैराज तट पर विचार गोष्ठी के साथ छायादार व औषधीय पौधों का रोपण किया गया।

इसके अतिरिक्त नदियों में फैक्ट्रियों के दूषित पानी को प्रवाहित होने से रोकने के लिए 18 अगस्त 2021 को संबद्ध जिलाधिकारियों को ज्ञापन देने व कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद सायंकाल को गंगा माता की भव्य आरती की गयी।

मेरठ प्रान्त के तीन जनपदीय कार्यक्रम में बिजनौर, मवाना (मेरठ) व लक्ष्मी नगर (मुजफ्फरनगर) जनपदों की जिला कार्यकारिणीयों द्वारा सर्वप्रथम विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर “गंगा समग्र” के राष्ट्रीय संगठन मन्त्री रामाशीष ने 15 आयामों के विस्तार हेतु ग्राम समिति व नगर समितियों का गठन करने, सहायक नदियों, नालों एवं तालाबों के जीर्णोद्धार, गंगा किनारे वृक्षारोपण एवं प्राकृतिक कृषि करने पर विस्तार से अपने विचार रखे। बैठक में जनपद मुजफ़रनगर की काली नदी और जनपद बिजनौर की मालन नदी एवं छोईया नदी में कुछ फैक्ट्रियों द्वारा छोड़े जाने वाले दूषित पानी को बन्द कराने हेतु संबंधित जिलाधिकारियों को ज्ञापन देने और दिनांक 18 अगस्त को कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन करने पर निर्णय लिया गया। इसके बाद वृक्षारोपण कार्यक्रम में छायादार व औषधीय पौधों का पौधरोपण किया गया एवं सायंकाल को गंगा माता की भव्य आरती की गयी।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामाशीष, मेरठ प्रान्त संयोजक महेशपाल, प्रान्त सहसंयोजक पवन कुमार चौहान, प्रान्त कार्यकारिणी सदस्य प्राकृतिक कृषि आयाम प्रमुख समरपाल सिंह, वृक्षारोपण आयाम प्रमुख सुभाष कुमार,गंगा ग्राम आयाम प्रमुख हरेन्द्र कुमार, लक्ष्मीनगर जिला संयोजक रामकुमार, सहसंयोजक रकमपाल, मवाना जिला संयोजक अनंगपाल, बिजनौर जिला संयोजक ओमप्रकाश, सहसंयोजक छदम्मी सिंह एवं बिजनौर जिला कार्यकारिणी सदस्य ब्रह्मापाल, विजयपाल, चमन सिंह, रानू सिंह एवं कुलवीर सिंह ने प्रतिभाग किया।

संचारी रोगों के प्रति रहें सचेत-इमरान अख्तर

बिजनौर। बरसात के मौसम में बढऩे वाले संचारी रोगों से जनता को बचाने व जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान चलाया जा रहा है।

इसी के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम मंगलवार को स्योहारा के मोहल्ला मिलकियाँन पहुंची, जहां सहयोग करते हुए चेयरमैन पुत्र इमरान उर्फ सनी अख्तर ने कहा कि बरसात के मौसम में संचारी रोग बढऩे का अंदेशा अधिक रहता है। इससे बचने के लिए हम सबका सफाई के प्रति जागरूक रहना सबसे जरूरी है। इमरान अख्तर ने सभी से अपील करते हुए कहा कि अपने आसपास पानी जमा न होने दें, सफाई का ख्याल रखें मच्छर पैदा न होने दें। साथ ही जरा भी तबियत नाजुक लगे तो अपने डॉक्टर को तुरन्त दिखाएं।

इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग से  वीर सिंह, राकेश, प्रकाश सिंह पटवालआदि मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि जागरूकता अभियान लगातार क्षेत्र भर में चलता रहेगा।

एनएसजी ने रोपे कई प्रकार के पौधे

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। पर्यावरण बचाओ अभियान के तहत आयोजित प्लान्टेशन ड्रॉइव – 2021 के तहत टास्क फोर्स लखनऊ स्थित एनएसजी द्वारा वन विभाग के सहयोग
से रिजर्व फोरेस्ट कुकरैल में पौधारोपण किया गया।

इस दौरान इमली, आंवला, जामुन, मोलसरी तथा सहजन जैसे पौधे लगाए गए। पौधारोपण के दौरान एनएसजी टास्क फोर्स लखनऊ के टीम कमांडर देशराज, राकेश, सुनील व प्रदीप, सुमेर सिंह सहायक कमांडर व अन्य कार्मिकों ने भागेदारी की। साथ ही वन विभाग की तरफ से दिनेश, रामप्रकाश,व विकास तथा अशोक कुमार आदि उपस्थित रहे। सभी जवानों ने इस दौरान पर्यावरण संरक्षण के साथ भविष्य में भी समय समय पर इसी तरह के पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित करते रहने का भी संकल्प लिया।

पर्यावरण संरक्षण को रोपे गए 30 पौधे

मुजफ्फरनगर के मोहल्ला सरवट में पर्यावरण संरक्षण के लिए 30 पौधे रोपे गए।

मुजफ्फरनगर (एकलव्य बाण समाचार)। मोहल्ला सरवट में मदीना चौक डिवाइडर के बीच में वृक्षारोपण कराया गया। इस अवसर पर लगभग 30 पौधे लगाए गए।

इससे आने जाने वाले लोगों को ऑक्सीजन अच्छी मिलेगी और पर्यावरण में बदलाव आएगा। साथ ही कोरोना जैसी बीमारी से निजात मिलेगी।

इस कार्यक्रम में एडीएम वित्त, भारतीय स्वच्छ मिशन से डॉ. सरदार बलजीत सिंह, मोहल्ला सरवट के सभासद आबिद अली, आदर्श समाज सेवा समिति के अध्यक्ष आरिफ प्रधान व गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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ऊर्जा राज्य मंत्री ने जन्मदिन के मौके पर पौधे रोप कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

ऊर्जा राज्यमंत्री ने पौधे रोपकर जन्मदिन के मौके पर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

पर्यावरण बचाने के संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया जन्मदिन

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। ऊर्जा राज्यमंत्री रामाशंकर सिंह पटेल के जन्मदिन को अनूठे रूप से मनाने के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों आदि ने एक नई मुहिम छेड़ी।

इसके चलते उनके जन्मदिन के अवसर पर 51-51 पौधरोपण किया गया। साथ ही वृक्ष बचाने का संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत उनके सरकारी आवास से हुई। वहां पर आकाश अम्बर, रंजीत यादव, पंचदेव यादव आनंद सिंह, राजू यादव द्वारा पौधरोपण किया गया। श्री पटेल ने कहा कि वे बचपन से ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति काफी संजीदा रहे हैं।

इसी के मद्देनजर उन्होंने अपने पैतृक गांव को भी सतत विकास के सिद्धान्तों के अनुरूप विकशित किया। इसी के साथ ही दिन भर भाजपा कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों की शुभकामनाएं उन्हें मिलती रहीं।

एकलव्य बाण समाचार

स्वचालित ट्रेन शौचालय सीवरेज निपटान प्रणाली – जैव शौचालयों के लिए एक लागत प्रभावी विकल्प

नई दिल्ली (एकलव्य बाण समाचार)। भारतीय रेलवे की शौचालय प्रणाली को बनाए रखने के लिए शौचालय कचरे के संग्रहण के लिए एक स्वचालित तकनीक का उपयोग किया जा सकता है।स्वचालित तकनीक का रखरखाव आसान है। एक भारतीय वैज्ञानिक द्वारा विकसित जैव शौचालय सात गुना सस्ता विकल्प है।

वर्तमान जैव शौचालय मानव अपशिष्ट को गैस में बदलने के लिए एनारोबिक बैक्टीरिया का उपयोग करते हैं, लेकिन वह बैक्टीरिया यात्रियों द्वारा शौचालयों में फेंकी गई प्लास्टिक और कपड़े की सामग्री को विघटित नहीं कर सकते। इसलिए टैंक के अंदर ऐसी गैर-विघटित सामग्रियों का रखरखाव और उन्हें हटाना कठिन है।

चेब्रोलु इंजीनियरिंग कॉलेज के डॉ. आर. वी. कृष्णैया द्वारा विकसित प्रौद्योगिकी चलती ट्रेनों से शौचालय कचरे के संग्रह और विभिन्न सामग्रियों के अलगाव और उपयोग करने योग्य चीजों में प्रसंस्करण के लिए एक स्वचालित प्रणाली है।

‘मेक इन इंडिया’ पहल के साथ जुड़े विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के उन्नत मैन्युफैक्चरिंग प्रौद्योगिकी कार्यक्रम के समर्थन से विकसित प्रौद्योगिकी को पांच राष्ट्रीय पेटेंट प्रदान किए गए हैं और यह परीक्षण के चरण में है।

स्वचालित प्रणाली में तीन सरल चरण होते हैं-सेप्टिक टैंक (जो ट्रैक के नीचे रखा जाता है, यानी ट्रेन लाइन) टॉप कवर तब खोला जाता है जब ट्रेन क्रमशः इंजन और सेप्टिक टैंक स्थिति में रखे गए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) सेंसर और रीडर का उपयोग करके सेप्टिक टैंक स्थान पर पहुंच जाती है, शौचालय टैंक में सीवरेज सामग्री को सेप्टिक टैंक में छोड़ दिया जाता है जब वे पारस्परिक रूप से तालमेंल में होते हैं और अंत में सेप्टिक टैंक कवर बंद हो जाता है जब ट्रेन इससे दूर हो जाती है।

ट्रेन के शौचालयों से एकत्र सीवरेज सामग्री को अलग किया जाता है ताकि मानव अपशिष्ट को एक टैंक में संग्रहित किया जा सके, और अन्य सामग्री जैसे प्लास्टिक सामग्री, कपड़े की सामग्री दूसरे टैंक में संग्रहीत की जाती है। मानव अपशिष्ट को उपयोग करने योग्य सामग्री में बदलने के लिए अलग से प्रसंस्कृत किया जाता है। प्लास्टिक और कपड़े की सामग्री अलग से प्रसंस्कृत की जाती है।

इस तकनीक को विशेष रूप से लागत में कमी लाने और समय लेने वाले एनारोबिक बैक्टीरिया उत्पादन की आवश्यकता का निराकरण करने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे को लक्षित करते हुए विकसित किया गया है। बायो टॉयलेट के विपरीत, जिसकी लागत एक लाख प्रति यूनिट है, नई तकनीक से लागत घटकर केवल 15 हजार रुपये रह जाती है। डॉ. आर.वी.कृष्णैया ने इस तकनीक को और अधिक बढ़ाने के लिए एमटीई इंडस्ट्रीज के साथ करार किया

विस्तृत विवरण के लिए डा. आर.वी.कृष्णैया  (9951222268, r.v.krishnaiah@gmail.com) से संपर्क किया जा सकता है।

एकलव्य बाण समाचार

उमड़ घुमड़ कर आए बदरा…और बरसात हो गई

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। जिले में मौसम का मिजाज सुबह से ही लगातार कई बार करवट बदलता रहा। कभी बादल छाए तो कभी बूंदाबांदी और कभी धूप निकल आई। हालांकि मौसम का मिजाज बदलने से गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली। जनपद में अलग-अलग जगह पर मौसम भी अलग-अलग रंग में दिखाई दिया।

मंगलवार सुबह आसमान में हल्के बादल छाए हुए थे।फिर हल्की धूप तो निकली, लेकिन मध्यम गति से चलती हवाओं ने अन्य दिनों जैसी गर्मी का अहसास नहीं होने दिया। हालांकि घरों के अंदर का तापमान बढ़ा रहा। हल्की सी बौछार भी हुई और मौसम सामान्य हो गया। दोपहर 12 बजे मौसम ने फिर करवट बदली। आसमान में काले बादल छा गए। तेज हवाएं चलने लगीं। ढाई बजे फिर हल्की बारिश शुरू हो गई।

मुख्यालय के अलावा जिले में कुछ स्थानों पर सुबह बूंदाबांदी और दोपहर में हल्की बारिश के समाचार हैं। इस दौरान तेज हवाएं सिहरन पैदा करती रहीं।

मौसम के लगातार मिजाज बदलते रहने के बाद तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखा गया। सोमवार को अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में बूंदाबांदी और बादलों के छाए रहने से मौसम सुहाना हो गया।

सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात का तापमान 1 डिग्री की गिरावट के साथ 25.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। नगीना के कृषि अनुसंधान केंद्र में सोमवार को 2 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। हालांकि तेज बारिश होने का अनुमान लगाया जा रहा था, लेकिन बादल बिन बरसे ही निकल गए।

बिजली गायब- पिछले करीब 15 दिन से जनता अंधाधुंध बिजली कटौती से जूझ रही है। विभाग के अफसरों का कहना है कि बिजली चोरी और ओवरलोड के कारण बार-बार फाल्ट हो रहे हैं। भीषण गर्मी और उस पर घंटों की कटौती ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया। इन्वर्टर ठप हो गए, पेयजल की किल्लत हो गई, छोटे-बड़े सब त्राहिमाम कर उठे थे। हालात तो यह हैं कि हवा का हल्का सा झोंका भी आता है तो बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है। आज भी यही हुआ, हवा चली और बिजली गई।

UP के 45 जिलों में बदली-बारिश का अलर्ट, 60-80 KM की स्पीड से चलेंगी हवाएं

UP के 45 जिलों में बारिश का अलर्ट, अगले दो दिन बदली-बारिश का बना रहेगा सिलसिला, 60-80 KM की स्पीड से हवाएं चलेंगी

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। उत्तर प्रदेश के लोगों को आज उमस भरी गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 45 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि उमस और चिपचिपी गर्मी से बेहाल प्रदेश के जनजीवन को अब राहत मिलेगी। रविवार को प्रदेश के कई इलाकों में हुई बारिश, मानसून के फिर से सक्रिय होने से पहले की बारिश है। राज्य में 14 जुलाई तक बदली-बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 60-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में और पूर्वांचल के उत्तरी हिस्से में भारी बारिश होने की संभावना है।

पूर्वांचल के 17 जिलों में येलो अलर्ट

मौसम विभाग से अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के पूर्वी इलाकों में कुछ स्थानों पर बारिश होने अलावा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, मिर्जापुर, संत रविदास नगर, जौनपुर, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, बरेली, बदायूं, सुल्तानपुर, बस्ती, इटावा औरैया में येलो अलर्ट ​​​​​जारी किया गया है। इन जिलों में 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

अवध के 28 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
इसके अलावा अवध के 28 जिलों प्रतापगढ़, अमेठी, अयोध्या, रायबरेली, गोंडा, बस्ती, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, सीतापुर, बाराबंकी, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, मैनपुरी, जालौन, कानपुर नगर, कानपुर देहात, लखनऊ, उन्नाव, फतेहपुर, हमीरपुर, बांदा महोबा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 87 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ फुहारें पड़ने की संभावना है।

पार्क में लगाए गए स्वास्थ्य संबंधी इंस्ट्रूमेंट एवं बच्चों के झूले

रुड़की (एकलव्य बाण समाचार)। मेयर गौरव गोयल ने रामनगर स्थित केशव पार्क समिति के प्रयास से पार्क में लगाए गए स्वास्थ्य संबंधी इंस्ट्रूमेंट एवं बच्चों के झूलों का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि केशव पार्क में काफी समय से इन उपकरणों की समिति एवं क्षेत्रवासियों द्वारा मांग की जा रही थी, जिसे देखते हुए पार्क का सौंदर्य करण तथा ये सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि नगर में पार्कों के निर्माण, सुंदरता एवं सौंदर्यता बनाने के लिए दिन-रात कार्य किए जा रहे हैं। मेयर गौरव गोयल ने कहा कि केशव पार्क समिति सराहनीय कार्य कर रही है। समिति द्वारा दिए गए सहयोग से ही यह पार्क सुंदर एवं सुव्यवस्थित हो पाया है। इस अवसर पर पार्षद मंजू भारती, धर्मवीर पिंकी, केशव पार्क समिति सदस्य रमेश भटेजा, गौरव मेहंदीरत्ता, पवन सचदेवा, दिलीप मेहंदीरत्ता, नरेश अरोड़ा, संजीव मेंदीरत्ता, अरविंद कुमार, राजा धीमान, चंद्रकांता, डॉक्टर इंद्रेश, पुष्पा करण, निखिल सेठी, रवि माटा, सुशांत बत्रा आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

बदरीनाथ हाईवे सहित कई लिंक मार्ग अवरुद्ध, एक गौशाला में दबे मवेशी

 बारिश से बदरीनाथ हाईवे सहित कई लिंक मार्ग अवरुद्ध, एक गौशाला में दबे मवेशी

देहरादून (एकलव्य बाण समाचार)। उत्तराखंड के जनपद चमोली में बारिश से कई मार्ग अवरुद्ध हो गये हैं। इसके साथ ही एक गौशाला में भी मवेशी दबे होने की सूचना है।

चमोली जिले में शनिवार की देर से रविवार की सुबह तक हुई तेज बारिश से जहां बदरीनाथ हाईवे कई स्थानों पर बन्द हो गया, वहीं देवाल ब्लॉक के कोटीपार कोटेडा गांव में अतिवृष्टि से हुए भूस्खलन के कारण एक गौशाला मलबे में दब गई है। उसके अंदर कुछ मवेशियों के दबने की भी सूचना है। घाट क्षेत्र में भी काण्डई-खुनाणा मोटरमार्ग पर भी देर रात एक मालवाहक वाहन कर्तीगाड़ के पास ही सड़क के ऊपर आये मलबे में फंस गया। बदरीनाथ हाईवे को पागल नाले व गुलाब कोटी में खोल दिया गया है, जबकि हनुमानचट्टी में बंद है। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग खोलने का कार्य जारी है।

देर रात से हो रही बारिश से बदरीनाथ हाईवे गुलाबकोटी, पागलनाला और हनुमान चटटी में बन्द हो गया था। हालांकि पागल नाले व गुलाब कोटी में हाईवे खोल दिया गया है, जबकि हनुमानचट्टी में बद चल रहा है। हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई है। एनएचआईडीसीएल के ओर से हाइवे खोले जाने का कार्य जारी है।

उधरदेवाल विकासखंड के ही कोटीपार कोटेड़ा गांव के ही दिनेश राम ने जानकारी देते हुए बताया कि अतिवृष्टि के बाद हुए भूस्खलन से आये मलबे और पानी से गांव लोगों की खेती भूमि को नुकसान पहुंचा है। साथ ही खेतों में आलू की फसल भी बर्बाद हो गई है। गांव में ही एक गौशाला के ऊपर भूस्खलन का मलबा आने से गौशाला पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। गौशाला के अंदर मवेशी भी मलबे के अंदर दबे हुए हैं। देवाल के ब्लॉक प्रमुख दर्शन दानू ने बताया कि प्रशासन से बातचीत कर राजस्व की टीम गांव के लिए रवाना हो गई है।

16 लाख किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से आ रहा सौर तूफान, किसी भी समय धरती से टकराने का खतरा

वाशिंगटन (एजेंसी)। सूरज की सतह से पैदा हुआ शक्तिशाली सौर तूफान 1609344 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पृथ्वी की तरफ बढ़ रहा है। यह सौर तूफान रविवार या सोमवार को किसी भी समय पृथ्वी से टकरा सकता है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस तूफान के कारण सैटेलाइट सिग्नलों में बाधा आ सकती है। विमानों की उड़ान, रेडियो सिग्नल, कम्यूनिकेशन और मौसम पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।
ध्रुवों पर दिखेगी रात में तेज रोशनी
स्पेसवेदर डॉट कॉम वेबसाइट के अनुसार, सूरज के वायुमंडल से पैदा हुए इस सौर तूफान के कारण पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के प्रभुत्व वाले अंतरिक्ष का एक क्षेत्र में काफी प्रभाव देखने को मिल सकता है। उत्तरी या दक्षिणी अक्षांशों पर रहने वाले लोग रात में सुंदर आरोरा देखने की उम्मीद कर सकते हैं। ध्रुवों के नजदीक आसमान में रात के समय दिखने वाली चमकीली रोशनी को आरोरा कहते हैं।

16 लाख किमी की रफ्तार से बढ़ रहा तूफान
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का अनुमान है कि ये हवाएं 1609344 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हो सकता है कि इसकी स्पीड और भी ज्यादा हो। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अंतरिक्ष से महातूफान आता है तो धरती के लगभगर हर शहर से बिजली गुल हो सकती है।
पृथ्वी पर क्या होगा असर?
सौर तूफान के कारण धरती का बाहरी वायुमंडल गरमा सकता है जिसका सीधा असर सैटलाइट्स पर हो सकता है। इससे जीपीएस नैविगेशन, मोबाइल फोन सिग्नल और सैटलाइट टीवी में रुकावट पैदा हो सकती है। पावर लाइन्स में करंट तेज हो सकता है जिससे ट्रांसफॉर्मर भी उड़ सकते हैं। हालांकि, आमतौर पर ऐसा कम ही होता है क्योंकि धरती का चुंबकीय क्षेत्र इसके खिलाफ सुरक्षा कवच का काम करता है।

22 वर्ष पहले भी हो चुका ऐसा
ये पहली बार नहीं है जब सौर तूफान धरती की ओर आ रहा है। करीब 22 वर्ष पहले 1989 में भी सौर तूफान की वजह से कनाडा के क्‍यूबेक शहर में 12 घंटे के लिए बिजली गुल हो गई थी। इसके साथ ही लाखों लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।

इससे पहले वर्ष 1859 में आए चर्चित सबसे शक्तिशाली जिओमैग्‍नेटिक तूफान ने यूरोप और अमरीका में टेलिग्राफ नेटवर्क को तबाह कर दिया था।कुछ ऑपरेटर्स को बिजली का झटका भी लगा था। उस दौरान रात में भी इतनी तेज रोशनी हुई थी कि नॉर्दन अमरीका में बगैर लाइट के भी लोग अखबार पढ़ पा रहे थे।

केदारनाथ धाम की ब्रह्म वाटिका में खिलने लगे ब्रह्म कमल

केदारनाथ धाम में हिमालयी जड़ी बूटियों और फूलों के संरक्षण की मंशा से तैयार की गयी ब्रह्म वाटिका। अब खिलने लगे राज्य पुष्प ब्रह्म कमल।

(एकलव्य बाण समाचार)

 केदारनाथ धाम में हिमालयी जड़ी बूटियों और फूलों के संरक्षण की मंशा से तैयार की गयी ब्रहम वाटिका में खिलने लगे ब्रह्म कमल

गोपेश्वर / चमोली। केदारनाथ वन प्रभाग की ओर से केदारनाथ धाम में हिमालयी जड़ी बूटियों और फूलों के संरक्षण की मंशा से तैयार ब्रह्म वाटिका में ब्रह्म कमल खिलने लगे हैं। इससे वन प्रभाग के अधिकारी उत्साहित हैं। अधिकारियों का कहना है कि केदारनाथ धाम में बनाई गई ब्रह्म वाटिका में ब्रह्म कमल खिलने से अब पूजा अर्चना के लिये उच्च हिमालयी क्षेत्रों में इसके दोहन पर प्रभावी रोक लग सकेगी।

केदारनाथ वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी अमित कंवर ने बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में उगने वाली जड़ी-बूटियों के संरक्षण और सवर्द्धन के लिये विभाग द्वारा केदारनाथ धाम में भैरव मंदिर, मोदी ध्यान गुफा और ध्यान गुफा के समीप 1-1 हैक्टेयर वन भूमि पर ब्रह्म वाटिका का निर्माण किया। इसमें विभाग द्वारा सभी स्थानों पर 200 ब्रह्म कमल, 1740 कुटकी, 200 बज्रदंती, 35 भूतकेश, 10 नैरपाती, 18 आरचू 14 कूथ के पौधों का रोपण किया गया था। इनमें से सभी स्थानों राज्य पुष्प ब्रह्म कमल की पौध तेजी से विकासित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि वाटिका में इन दिनों ब्रह्म कमल के पुष्प भी खिलने लगे हैं। कहा कि केदारनाथ में ब्रह्म कमल के खिलने से जहां तीर्थयात्री सुगमता से राज्य पुष्प का दीदार कर सकेंगे। वहीं पूजाओं में उपयोग आने वाले पुष्पों के दोहन के लिये स्थानीय लोगों को उच्च हिमालयी क्षेत्रों में नहीं जाना होगा। इस कारण उच्च हिमलायी क्षेत्रों में ब्रह्म कमल के दोहन से पड़ रहे दबाव पर भी प्रभावी रोक लग सकेगी।

क्या है ब्रह्म कमल-

उत्तरांखड में ब्रह्म कमल का पुष्प आधात्मिक महत्व का पुष्प माना जाता है। जहां शिव धामों के साथ ही माँ नंदा की पूजा में इसका विशेष रुप से उपयोग किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उत्पत्ति के देवता ब्रह्मा जी के नाम से ही इसे ब्रह्म कमल नाम मिला है। उत्तराखंड राज्य निर्माण के बाद ब्रह्म कमल को राज्य पुष्प का सम्मान भी प्राप्त है, जिसके चलते इसके संरक्षण और संवर्द्धन को लेकर वन विभाग की ओर से विभिन्न प्रकार से प्रयास किये जा रहे हैं।

कहां होता है ब्रह्म कमल-

ब्रह्मकमल उत्तराखंड का राज्य पुष्प है। यह हिमालय की 11 हजार से 17 हजार फीट की ऊँचाई में पाया जाता है। राज्य में यह पुष्प पिंडारी से लेकर चिलफा, नंदीकुंड, सप्तकुंड, हेमकुंड, ब्रजगंगा, फूलों की घाटी और केदारनाथ के आसपास जुलाई से सितम्बर के मध्य खिलता है। वनस्पति विज्ञानियों के अनुसार ब्रह्म कमल को खिलता देखना स्वयं के स्वप्न देखने जैसा है, क्योंकि यह पुष्प मध्य रात्रि में खिलता है। इसकी सुंगध, रंग और आकार आकर्षक होने के चलते इसे विशिष्ट पुष्प मानते हुए विशेष पूजाओं में उपयोग किया जाता है।

कण्व आश्रम: पैराग्लाइडिंग नौकायन की योजना

कण्व आश्रम के सौंदर्यीकरण में तेजी। डीएम ने लिया जायजा। पैराग्लाइडिंग की संभावनाओं की तलाश। जलीय क्षेत्र में नौकायन के लिए भी कार्य योजना।

कण्व आश्रम के विकास एवं सौंदर्यकरण के लिए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा आश्रम का किया गया स्थलीय निरीक्षण, आश्रम स्थल पर कण्व आश्रम से संबंधित अभिलेखों, सामग्री तथा अन्य जानकारियों के संलकन के लिए स्मारिका बनाने के दिए निर्देश।

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। जिलाधिकरी उमेश मिश्रा ने ग्राम रावली क्षेत्र स्थित कण्व आश्रम का निरीक्षण करते हुए वहां के विकास और उसके सौंदर्यीकरण करने का जायजा लिया। जिलाधिकारी श्री मिश्रा ने उप जिलाधिकारी सदर को निर्देश दिए कि कण्व आश्रम की भूमि पर स्मारिका भवन, तालाब और वृक्षारोपण का कार्य कराएं तथा आश्रम को प्रभावित करने वाली नदियों का पानी रोकने के लिए मालन एवं गंगा के तट पर बांध का निर्माण कराएं ताकि आश्रम में पानी का भराव न होने पाए।

उन्होंने खण्ड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि कण्व आश्रम स्थल पर होने वाले निर्माण कार्य मनरेगा से कराएं ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार भी प्राप्त हो सके। अधिशासी अभियन्ता लोनिवि को निर्देश दिए कि दूर तक फैले रेतीले मैदान में पैराग्लाइडिंग की संभावनाओं को तलाश करें और जलीय क्षेत्र में नौका क्रीड़ा के लिए भी कार्य योजना बनाएं ताकि स्थानीय एवं बाहर से आने वाले पर्यटकों को मनोरंजन एवं आनन्द की सभी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

उप जिलाधिकारी सदर को निर्देशित किया कि कण्व आश्रम के नजदीक जमीन का भराव कराते हुए उस पर स्मारिका का निर्माण कराएं और भवन में पौराणिक धरोहरों को संकलित करने की कार्यवाही करें तथा उसके आसपास जानकारी पर आधारित पट्टिकाएं भी लगाई जाएं ताकि आगंतुकों को इस स्थान की प्राचीनता और उसके इतिहास का ज्ञान हो सके।

इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर विक्रमादित्य सिंह मलिक, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट/खण्ड विकास अधिकारी मुहम्मदपुर देवमल मोहित कुमार, अधिशासी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग सुनील कुमार, तहसीलदार सदर प्रीति सिंह के अलावा अन्य अधिकारी तथा ग्रामीण क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद थे।

नार्थ इण्डिया कालेज ने मनाया वृक्षारोपण सप्ताह

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। नार्थ इण्डिया कालेज आफ हायर एजूकेशन नजीबाबाद में वृक्षारोपण सप्ताह मनाया गया।
नार्थ इण्डिया कालेज आफ हायर एजुकेशन में प्रदेश व शासन के निर्देश पर एक जुलाई से सात जुलाई तक वृक्षारोपण सप्ताह मनाते हुए पौधारोपण किया गया।

इस अवसर पर संस्थान के प्रबंध निदेशक अवनीश अग्रवाल, कार्यकारी निदेशक अभिनव अग्रवाल ने पौधारोपण किया। प्रबंध निदेशक अवनीश अग्रवाल ने पर्यावरण की शुद्धता के लिए पौधारोपण का महत्व बताते हुए कहा कि प्रकृति की गोद में रहकर न केवल हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है बल्कि हम स्वस्थ भी रहते हैं। कालेज के उच्च शिक्षा विभाग को जिलाधिकारी की ओर से आवंटित पौधो को रोपित करने में संस्थान के रजिस्ट्रार गौरव वर्मा, प्राचार्या डा. नीलावती, उपप्राचार्य डा. नवनीत राजपूत के मार्गदर्शन में करीब 350 पौधों को रोपित किया गया। इस अवसर पर शिक्षाविभाग के विभागाध्यक्ष डा. रामकिशोर, कला संकाय विभागाध्यक्ष जसवंत सिंह, गृहविज्ञान विभागध्यक्ष दीपा सिंह, आंचल शर्मा, माधव वर्मा, संदीप नेगी, अरविन्द राजपूत, अरविन्द कुमार, निशि रस्तौगी, फैयाजुर्रहमान, प्रदीप कुमार, शादमा परवीन, डा. चंचल कुमार, शालू चौहान, शिखा राठी आदि ने वृक्षारोपण में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर शिक्षणेेत्तर कर्मचारियों ने भी वृक्षारोपण किया।

पौध रोपण का लक्ष्य पूरा करने में जुटा कृषि विभाग

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। वृहद वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत कृषि विभाग बिजनौर द्वारा चार लाख तीन हजार आठ सौ पौधों का रोपण किया जाना है। इसके तहत कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा जनपद के विभिन्न ग्राम सभाओं व राजकीय प्रक्षेत्र पृथ्वीपुर व कादराबाद में दिनांक चार जुलाई से वृक्षारोपण का प्रारंभ कर सात जुलाई तक लक्ष्य की पूर्ति की जायेगी। 

कादराबाद प्रक्षेत्र पर उप कृषि निदेशक गिरीश चंद्र, जिला कृषि अधिकारी डा अवधेश मिश्रा, जितेंद्र कुमार जिला उद्यान अधिकारी, योगेन्द्र पाल सिंह योगी, अरविंद कुमार, रजत चौधरी, गजेन्द्र पाल सिंह द्वारा आम, अमरूद, जामुन सहजन आदि के पौधों का रोपण किया गया। उप कृषि निदेशक गिरीश चंद्र ने बताया कि कृषि विभाग को चार लाख छत्तीस हजार पौधे रोपित करने का लक्ष्य मिला था जिसमें से चार लाख से अधिक पौधों का रोपण कर लिया गया है, शेष पौधों का रोपण का कार्य सात जुलाई से पूर्व कर लिया जायेगा।

लाखों पौधों के रोपण का लक्ष्य पूरा करेगा कृषि विभाग

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। वृहद वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत कृषि विभाग बिजनौर द्वारा चार लाख तीन हजा़र आठ सौ पौधों का रोपण किया जाना है। इसके तहत कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा जनपद के विभिन्न ग्राम सभाओं व राजकीय प्रक्षेत्र पृथ्वीपुर व कादराबाद में दिनांक चार जुलाई से वृक्षारोपण का प्रारंभ कर सात जुलाई तक लक्ष्य की पूर्ति की जायेगी। 

कादराबाद प्रक्षेत्र पर उप कृषि निदेशक गिरीश चंद्र, जिला कृषि अधिकारी डा अवधेश मिश्रा, जितेंद्र कुमार जिला उद्यान अधिकारी, योगेन्द्र पाल सिंह योगी, अरविंद कुमार, रजत चौधरी, गजेन्द्र पाल सिंह द्वारा आम, अमरूद, जामुन सहजन आदि के पौधों का रोपण किया गया।

उप कृषि निदेशक गिरीश चंद्र ने बताया कि कृषि विभाग को चार लाख छत्तीस हजार पौधे रोपित करने का लक्ष्य मिला था जिसमें से चार लाख से अधिक पौधों का रोपण कर लिया गया है, शेष पौधों का रोपण का कार्य सात जुलाई से पूर्व कर लिया जायेगा।

अपने खाली भूभाग पर जरूर करें पौधारोपण: कपिल देव अग्रवाल

पर्यावरण संरक्षण का विकल्प वृक्षारोपण: कपिल देव अग्रवाल
गंगा बैराज पर वृहद स्तर पर पौधारोपणमंडलायुक्त मुरादाबाद मण्डल अनन्जय कुमार सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष बाल्मिकी द्वारा भी किया गया पौधारोपण।

रामनाथ सिंह

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार) राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग उत्तर प्रदेश/प्रभारी जिला मंत्री बिजनौर कपिल देव अग्रवाल द्वारा राज्य स्तर पर आयोजित होने वाले वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के अंतर्गत गंगा बैराज स्थित भूभाग पर पौधे रोपित किए गए।

इस अवसर पर मंडलायुक्त मुरादाबाद मण्डल अनन्जय कुमार सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष बाल्मिकी द्वारा भी पौध रोपित कर वृक्षारोपण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया गया तदोपरांत उनके द्वारा गंगा में दूध अर्पित कर पूजा अर्चना की गई।

प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि बढ़ते जलवायु प्रदूषण पर समुचित नियंत्रण स्थापित करने और वातावरण में प्रचुर मात्रा में ऑक्सीजन लेविल बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण ही एक मात्र विकल्प है।

उन्होंने डीएफओ को निर्देश दिए कि जिले के वृक्षारोपण कार्यक्रम में सबसे अधिक लक्ष्य वन विभाग का है, अत: लक्ष्य के सापेक्ष पौधों का रोपण सुनिश्चित करते हुए उनके संरक्षण का भी पुख्ता इंतजाम करें ताकि कोई भी पौधा खराब न होने पाए।

उन्होंने कहा कि जीवन में वृक्ष का बहुत ही अहम महत्व है, वृक्ष जहां हमें ऑक्सीजन देते हैं, वहीं वातावरण में मौजूद कार्बनडाई ऑक्साईड जैसी हानिकारक गैस को एब्जार्ब करते हैं और वृक्षों से ही हमें फल, फूल, औषधी प्राप्त होती है। उन्होंने जन सामान्य का आह्वान किया कि अपने खाली भूभाग पर वृक्षारोपण जरूर करें और अन्य लोगों को भी इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए प्रेरित करें ताकि जलवायु प्रदूषण के शुद्विकरण में अपना योगदान अदा कर सकें।

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन भगवानशरण दास, डीएफओ बिजनौर एम सिम्मरन, उप जिलाधिकारी सदर विक्रमादित्य सिंह मलिक, चांदपुर कुवंर वीरेन्द्र प्रताप सिंह, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट मोहित कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार, तहसीलदार सदर श्रीमती प्रीति सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी, जन प्रतिनिधि एवं एनरसीसी कैडेट्स मौजूद थे।

ऑक्सीजन के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाएं: विजय प्रकाश श्रीवास्तव

मुकेश राजपूत (एकलव्य बाण समाचार)

भागू वाला (बिजनौर) एक जुलाई से 7 जुलाई तक चल रहे वन महोत्सव कार्यक्रम के उपलक्ष्य में डीएमआर डिग्री कॉलेज में परियोजना निदेशक विजय प्रकाश श्रीवास्तव के नेतृत्व में फलदार व छायादार पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वृक्ष हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। इसलिए वृक्षों का होना बहुत आवश्यक है। उन्होंने सभी व्यक्तियों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आह्वान किया ताकि भविष्य में ऑक्सीजन की कमी ना हो।

कार्यक्रम संचालक व प्रबंधक आरके सिंह की देखरेख में किया गया।बइस मौके पर एडीओ ऋषि पाल सिंह, पंचायत सचिव गोसिया अंसारी, ग्राम प्रधान पति मोहम्मद अहसान, एडवोकेट मोहम्मद अफजाल, शाबान अहमद, शहजाद, अयाज व कॉलेज स्टाफ पुखराज सिंह, वीरेंद्र सिंह, चंद्रशेखर व ताहर सिंह आदि मौजूद रहे।

वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत रोपे गए डेढ़ लाख पौधे

वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत रोपे गए डेढ़ लाख पौधे

मलिहाबाद,लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। पर्यावरण को संरक्षित करने के उद्देश्यों को लेकर
प्रदेश सरकार के आवाहन पर रविवार को वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के अंतर्गत विकास खंड मलिहाबाद में विधायक जय देवी और बीडीओ संस्कृता मिश्रा की उपस्थिति में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित हुआ।

इस अवसर पर मनरेगा से 142200 और पंचायती राज विभाग से द्वारा 16047 पेड़ लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके अनुरूप सभी जगहों पर पौधरोपण हुआ।

ग्राम पंचायत कटौली के खेल मैदान में विधायक जय देवी कौशल द्वारा पीपल का पेड़ लगाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। विधायक ने वृक्षारोपण साइट का निरीक्षण कर अच्छी व्यवस्था से संतुष्ट होकर बीडीओ संस्कृता मिश्रा की सराहना की। साथ ही स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आंवले के पौधे वितरित किये गए। बीडीओ संस्कृता मिश्रा द्वारा अशोक पेड़ का पौधा रोपा गया। साथ ही सभी पौधों को सुरक्षित रखने के उद्देश्यों को लेकर ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारियों ने को पेड़ो की सुरक्षा करने के लिए शपथ दिलवाई।

ग्राम विकास अधिकारी नीरज सिंह और दिनेश कुमार शर्मा ने पानी खाद आदि की उपलब्धता के विषय में समूह की महिलाओं को जागरूक किया। इस अवसर पर प्रधान रोजगार सेविका सफाई कर्मी व अनेक ग्रामवासी उपस्थित रहे। इसके अलावा ब्लॉक के अंतर्गत 67 ग्राम पंचायतों की रिक्त पड़ी जगहों पर नीम, जामुन, अशोक, पीपल, बरगद, कंजी सहित छायादार, फलदार और औषधिय पौधे रोपे गए। ग्राम पंचायत गोसवा में सचिव अमरदीप ने बताया कि स्कूल के निकट पशुचर भूमि पर करीब एक हजार पौधे रोपे गए हैं। ग्रामीणों के साथ इनकी सुरक्षा को लेकर बैठक कर पर्यावरण के प्रति जागरूक किया गया।

मुख्य सचिव ने पत्नी समेत किया पौधारोपण

पौधारोपण करते मुख्य सचिव, उप्र.शासन राजेन्द्र कुमार तिवारी एवं उनकी धर्मपत्नी डा० अर्चना तिवारी

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। वृक्षारोपण जन आन्दोलन 2021 के अन्तर्गत रविवार को जनपद लखनऊ के सभी रेंज क्षेत्रों व विकास खंडो में प्रातः 06:00 बजे से वृहद वृक्षारोपण अभियान कार्यक्रम संचालित किया गया। इसी क्रम में मोहनलालगंज रेंज के पुरसैनी वन ब्लाक में रविवार को मुख्य सचिव, उप्र.शासन राजेन्द्र कुमार तिवारी एवं उनकी धर्मपत्नी डा० अर्चना तिवारी द्वारा पीपल व कचनार वृक्ष का रोपण किया गया। इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में मुख्य सचिव, उप्र, शासन के स्टॉफ आफिसर अनिल कुमार तथा आशीष तिवारी, सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, उप्र, शासन व आदित्य कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन, उप्र एवं आरके सिंह, मुख्य वन संरक्षक, लखनऊ मण्डल, लखनऊ सहित डा रवि कुमार सिंह (डीएफओ) प्रभागीय वनाधिकारी, अवध वन प्रभाग, लखनऊ द्वारा भी वृक्षारोपण किया गया।

दूसरी ओर पूर्वान्ह 11:00 बजे मोहनलालगंज संसदीय क्षेत्र के सांसद कौशल किशोर द्वारा भी पुरसैनी वन ब्लाक में नीम का वृक्ष रोपित किया गया। इसके अतिरिक्त बीकेटी रेंज के अन्तर्गत इटौंजा-माल मार्ग पर विधायक, बीकेटी अविनाश त्रिवेदी द्वारा पीपल व पाकड़ वृक्ष का रोपण किया गया। वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान आम-जनमानस सहित पर्यावरण प्रेमियों ने भी भाग लिया।

पर्यावरण संरक्षण को दिव्यांग बच्चों ने किया पौधारोपण

पर्यावरण संरक्षण को दिव्यांग बच्चों ने किया पौधारोपण।
महर्षि दयानंद विकलांग विद्यालय मुस्सेपुर में मनाया वन महोत्सव।
वन विभाग अधिकारियों ने प्रबंधिका को किया पुष्प गुच्छ भेंट।

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। वन विभाग की ओर से आर्य सुगंध संस्थान मुस्सेपुर नजीबाबाद के महर्षि दयानंद विकलांग विद्यालय में वन महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान दिव्यांग बच्चों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। वन विभाग अधिकारियों ने संस्थान की प्रबंधिका को उनकी सेवा के लिए पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया।
शुक्रवार को वन विभाग की ओर से नजीबाबाद-हरिद्वार मार्ग पर ग्राम मुस्सेपुर स्थित आर्य सुगंध संस्थान के महर्षि दयानंद विकलांग विद्यालय में वन महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में काफी संख्या में क्षेत्र के लोग भी मौजूद रहे। वन महोत्सव कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के दिव्यांग बच्चों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। दिव्यांग बच्चों  ने अमरूद, आम, अशोक, सिल्वर माक व बोतल ब्रुश के पौधे रोपें। अंत में मास्क वितरण किए गए। वन विभाग के अधिकारियों ने दिव्यांग बच्चो की सेवा करने को लेकर संस्थान की प्रबंधिका श्रीमति कमलेश आर्य को पुष्प गुच्छ भेंटकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में प्रधान बलबीर सिंह, वीर सिंह, अब्दुल रहमान अल्वी उर्फ भूरा, ओमकार सिंह, विनोद सिंह, धर्मपाल सिंह, मुकेश कुमार, जयपाल सिंह तथा विद्यालय का स्टाफ शामिल रहा।

महात्मा विदुर की तपस्थली से वन महोत्सव का शुभारंभ

बिजनौर। 01 से 07 जुलाई,21 तक संचालित वन महोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ महात्मा विदुर की तपस्थली में पौध रोपित कर किया गया। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों व मीडिया कर्मियों ने पौध रोपण किया।

महात्मा विदुर की तपस्थली से पौधारोपण शुरू करने का उद्देश्य- कार्यक्रम का शुभारम्भ महात्मा विदुर की तपस्थली से करने का उद्देश्य यह है कि यह कार्य पूरी सफलता के साथ सम्पन्न हो और जिले के आम नागरिकों सहित पर्यावरण की सुरक्षा के दृष्टिगत सभी जीव-जंतुओं को भी इसका लाभ प्राप्त हो। भारत सरकार द्वारा इस तपस्थली की पौराणिक एवं धार्मिक महत्ता को दृष्टिगत रखते हुए विदुर कुटी को राष्ट्र के शीर्ष स्थलों में घोषित करते हुए उसके संरक्षण एवं विकास के लिए निर्देशित किया गया है। विदुर कुटी गंगा के किनारे स्थित होने के कारण इसका धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है। इस क्षेत्र में पानी और वन सम्पदा होने के कारण वृक्षारोपण कार्यक्रम की सफलता की प्रबल सम्भावना है। बिजनौर में मनोरंजन के हर वह अवसर मौजूद हैं, जिनके दर्शन और उनका आनन्द लेने के लिए लोग हजारों मील का सफर करते हैं, इसके अलावा यहां वुडन हैण्डीक्राफट, मूढ़ा, ब्रश, कपड़ा, बर्तन आदि का उत्पादन किया जाता है। इसमें पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण होता है। वन्य जीवों एवं सौंदर्य के दर्शन के लिए अमानगढ़ रेंज में प्राकृतिक अवसर उपलब्ध हैं। जन सहभागिता के साथ यदि इस जिले को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए सार्थक प्रयास किए जाएं तो निकट भविष्य में इस सपने का मूर्त रूप प्रदान किया जा सकता है।

इस अवसर पर मंत्री अशोक कटारिया, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन भगवान शरण दास, उप संभागीय निदेशक वानिकी एम सिम्मरन, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट संगीता, तहसीलदार सदर श्रीमती प्रीति सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं जन प्रतिनिधि तथा पत्रकार बन्धु मौजूद थे।

लखनऊ में वृक्षारोपण को लेकर गहन मंथन

कलक्ट्रेट सभागार, लखनऊ में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में”जिला वृक्षारोपण समिति”, “जिला गंगा समिति की बैठक हुई संपन्न।

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। आगामी 30 करोड़ वृक्षारोपण लक्ष्य अंतर्गत लखनऊ जनपद की समीक्षा जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में की गई।

बैठक में जनपद के 28 विभागों के विभागाध्यक्ष, वन विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, राजस्व विभाग, पंचायती राज विभाग, पर्यावरण विभाग, लोक निर्माण विभाग आदि उपस्थित रहे। जनपद का कुल लक्ष्य 20 लाख वृक्षारोपण समस्त विभागों द्वारा व 11 लाख वृक्षारोपण वन विभाग अनुमोदित कार्ययोजना के अनुसार कराये जाएंगे। इसमें समस्त विभागों की कार्ययोजना, गढ्ढा खुदान, इण्डेंड जनरेशन व पौध ढुलान की व्यक्तिगत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप पर विभागवार आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष दैनिक प्रगति अपलोड किये जाने के निर्देश दिये गये।

बैठक का संचालन सदस्य सचिव/प्रभागीय वनाधिकारी, लखनऊ डा0 रवि कुमार सिंह द्वारा किया गया। समस्त विभागों को 01 जुलाई से 31 जुलाई 2021 के मध्य वृक्षारोपण व 04 जुलाई, 2021 को वृहद स्तर पर राज्य के 25 करोड़ वृक्षारोपण का लक्ष्य प्राप्त करने हेतु अपने विभागों की पूर्ति के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिये गये। साथ ही जनपद के सभी विभागों को वन विभाग की नर्सरियों से तत्काल पौध उठान कराने के निर्देश दिये गए।

स्वजनों की स्मृति में वृक्षारोपण- प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में कोविड स्मृति वाटिका की स्थापना कुकरैल रेंज के सूगामऊ वन ब्लाक में की जा रही है, जिसमें सभी जनसामान्य अपने स्वजनों की स्मृति में वृक्षारोपण कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त सूगामऊ वन ब्लाक कुकरैल में 10 हेक्टेयर वृहद क्षेत्र में कुल 11,000 वृक्षों का रोपण कर ऑक्सीजन वन की स्थापना वन विभाग द्वारा की जाएगी, जिसमें औषधीय वृक्ष भी सम्मिलित हैं। जिलाधिकारी द्वारा लखनऊ विकास प्राधिकरण को जनेश्वर मिश्र पार्क में एक वृहद वृक्षारोपण (कुल संख्या 31,000 पौध) किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिए गये कि विगत वर्षों में वन विभाग द्वारा कुकरैल में तीन स्थलों पर तीन मॉडल "मियावाकी वृक्षारोपण कराये गये हैं। इसका अनुश्रवण करते हुए समस्त विभाग शहरी क्षेत्र में वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करें। उक्त कार्य के अनुश्रवण के लिए प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय में एक कमाण्ड सेन्टर की स्थापना की गई है। उक्त के अतिरिक्त जिलाधिकारी द्वारा जिला गंगा समिति की भी समीक्षा की गई।

भारतीय जीवन बीमा निगम ने कराया पौधारोपण

बिजनौर। नजीबाबाद के कोतवाली-कोटद्वार मार्ग पर भारतीय जीवन बीमा निगम की स्थानीय शाखा की ओर से पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। विगत नौ जून से जारी पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान पौधों को लगाए जाने का कार्य किया जा रहा है।

भारतीय जीवन बीमा निगम की स्थानीय शाखा की ओर से सपा नेता तसनीम सिददीकी, नदीम सिददीकी के नजीबाबाद-कोतवाली मार्ग स्थित प्रतिष्ठान पर वृक्षारोपण के दौरान ज्ञान देव वर्मा ने छायादार वृक्ष लगाते हुए कहा कि पौधे पर्यावरण को संतुलित रखते है। वृक्षों से हमें आक्सीजन व आवश्यक औषधियां भी प्राप्त होती हैं। उन्होंने सभी से वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। इस अवसर पर एलआईसी शाखा के मोहित भारद्वाज, अतुल कुमार, ललित मोहन ध्यानी, शुभम राजपूत, राजेश राजपूत आदि मौजूद रहे।

पौधरोपण करने पर कक्षा में मिलेंगे अतिरिक्त अंक

चंडीगढ़। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में हरियाणा सरकार ने एक अनूठी और अनुकरणीय पहल की है। अब पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने वाले आठवीं से 12वीं कक्षा तक के छात्रों को अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे। अंतिम परीक्षा में कुछ अतिरिक्त अंक का यह प्रावधान राज्य के स्कूली शिक्षा बोर्ड के तहत आने वाले स्कूलों के छात्रों के लिए होगा।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रविवार को एक नई नीति की घोषणा की, जिसके तहत आठवीं से 12वीं कक्षा तक के उन छात्रों को अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे जो पौधे लगाएंगे और उसकी देखभाल करेंगे। उन्होंने कहा कि अंतिम परीक्षा में कुछ अतिरिक्त अंक का यह प्रावधान राज्य के स्कूली शिक्षा बोर्ड के तहत आने वाले स्कूलों के छात्रों के लिए होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रावधान के प्रारूप पर जल्द ही काम किया जाएगा। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि उन्होंने पंचकूला जिले में मोरनी पहाड़ियों में स्थित ‘नेचर कैंप’ थापली और प्राकृतिक रास्तों के मनोरम दृश्य के बीच एक पंचकर्म स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन करने के बाद यह घोषणा की।

मिल्खा सिंह के नाम पर क्लब- मुख्यमंत्री ने पंचकूला जिले के मोरनी पहाड़ी क्षेत्र में गर्म हवा के गुब्बारे, पैराग्लाइडिंग और पानी पर चलने वाले स्कूटर सहित रोमांचक खेलों में भी भाग लिया। कहा कि पड़ोसी क्षेत्रों के युवाओं को पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा और इन गतिविधियों के संचालन के लिए एक क्लब बनाया जाएगा। क्लब का नाम महान खिलाड़ी मिल्खा सिंह के नाम पर रखा जाएगा, जिनका शुक्रवार को यहां कोविड-19 संबंधी जटिलताओं के कारण निधन हो गया। खट्टर ने कहा, ‘इसका नाम ‘फ्लाइंग सिख’ (दिवंगत) मिल्खा सिंह के नाम पर रखा जाएगा।’

मोरनी हिल्स में रोमांचक खेलों का आनंद- मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले लोगों को रोमांचक खेलों का आनंद लेने के लिए मनाली और अन्य स्थानों पर दूर जाना पड़ता था। उन्होंने कहा, ‘शिवालिक पहाड़ियों की पृष्ठभूमि के बीच स्थित मोरनी हिल्स क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां शुरू करने से लोगों को न केवल इन रोमांचक गतिविधियों में शामिल होने का मौका मिलेगा, बल्कि इससे आसपास के क्षेत्र का आर्थिक विकास होगा।’ उन्होंने यह भी कहा कि पंचकूला में पथर सूचना केंद्र और यात्री निवास स्थापित किया जाएगा। पर्यटकों के लिए ‘पंचकूला दर्शन’ के लिए पांच बसें तैनात की जाएंगी। इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री रतन लाल कटारिया, हरियाणा विधानस भा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, पर्यटन मंत्री कंवर पाल सहित अन्य लोग मौजूद थे।

अब्दुल समी मेमोरियल लॉ कॉलेज में पौधरोपण की दिलाई शपथ

बिजनौर। अब्दुल समी मेमोरियल लॉ कॉलेज के प्रांगण में पौधारोपण किया गया। मुस्लिम फंड बसी किरतपुर के अध्यक्ष व महाविद्यालय के प्रबंधक मोहम्मद साइम राजा व महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मोहित बंसल ने सभी को पौधारोपण की शपथ दिलाई।

प्रबंधक साईम राजा ने कहा कि वृक्षारोपण हमारे लिए जितना महत्वपूर्ण है उतना ही अधिक उनकी देखभाल करना है। पर्यावरण की सुरक्षा आम आदमी के जीवन से जुड़ा विषय है। पर्यावरण संरक्षण हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मोहित बंसल ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण करना अति आवश्यक है। हमें चाहिए एक वृक्ष अपने नाम का जरूर लगाएं जिससे कि सभी लोगों को शुद्ध ऑक्सीजन मिल सके। महाविद्यालय परिसर में फलदार वृक्ष व अन्य पौधे जैसे अमरुद, नीम, नाशपाती, बकैन आदि लगाए गए। इस अवसर पर डॉ बेगराज यादव डॉ शमशाद डॉ चारू बंसल, दानिश, विवेक गुप्ता, वीरेंद्र, नेहा, रिजवाना अरशद ,जाहिद, निषाद आदि ने अपना विशेष योगदान दिया। 

गोपेश्वर गौशाला द्वारा रोपे गए सैकड़ों पौधे

लखनऊ। विश्व पर्यावरण दिवस पर गोपेश्वर गौशाला द्वारा सैकड़ों पौधों का रोपण कर पर्यावरण को सुरक्षित करने का संदेश दिया गया। साथ ही समाज के लोगों से पेड़ लगाने की अपील भी की गई।
गौशाला में पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण के प्रति आम जन मानस में जागरूकता लाते हुए राजनीतिक चेतना जागृत करना और आम जनता को प्रेरित करना है। कार्यक्रम में शैलेन्द्र पांडेय ने बताया कि जल, वायु, भूमि इन तीनों से संबंधित कारक तथा मानव, पौधों, सूक्ष्म जीव, अन्य जीवित पदार्थ आदि पर्यावरण के अंतर्गत आते हैं।

इस अवसर पर उमाकांत गुप्ता प्रांत गोपालन गौ संवर्धन प्रमुख अवध प्रांत के द्वारा उपस्थित सभी लोगों से निवेदन किया गया कि एक व्यक्ति एक वृक्ष का संकल्प लेकर पौधे को लगाएं। सृष्टि की रक्षा के लिए हमें जल जंगल जमीन जानवर आदि का संरक्षण और रक्षा करनी होगी। इनके बिना हम जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। आज पर्यावरण इतना दूषित हो चुका है, भूमि कुपोषित हो जा रही है। हमने इतना जहर पृथ्वी में पॉलिथीन आदि के माध्यम से भर दिया है, हमारे द्वारा हथियारों के परीक्षण के माध्यम से करोड़ों मेट्रिक टन बारूद समुद्र में डाल दिया गया। अंतरिक्ष में उपग्रह भेजकर पूरे अंतरिक्ष के वातावरण को दूषित कर ओजोन परत को नुकसान पहुंचाया गया। आज सारे विश्व को यह संकल्प लेना होगा। हम विकास की होड़ में यदि इसी तरह प्रकृति के साथ छेड़छाड़ करते रहे, तो निश्चय ही हम विनाश की ओर अग्रसर होंगे। इसलिए प्रकृति का सम्मान कर वृक्षारोपण पर ध्यान दें।

इस अवसर पर अभिषेक गुप्ता, पंकज गुप्ता, योग गुरु मुनींद्र भरत सहित दर्जनों युवाओं ने प्रतिभाग किया साथ ही अधिकाधिक वृक्षारोपण और रोपित पौधों के पालन की शपथ ली।

मेडिकल किट वितरित कर विधायक ने किया वृक्षारोपण

मेडिकल किट वितरित कर विधायक ने किया वृक्षारोपण

लखनऊ। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर क्षेत्रीय विधायक, बीडीओ ने गांव में पहुंच मेडिकल किट वितरण करते हुए गांव को सैनिटाइज करवाने के साथ ही वृक्षारोपण किया। साथ ही लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के साथ ही अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने के लिए प्रेरित किया।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर क्षेत्रीय विधायक जयदेवी कौशल, खंड विकास अधिकारी डॉ. संस्कृता मिश्रा, ग्राम पंचायत सचिव संजय कुमार सहित अन्य कर्मचारियों के सहयोग से तरौना में सेनेटाइजेशन की शुरूआत करने के साथ ही ग्रामीणों को मेडिकल किट का वितरण किया। वहीं गांव की साफ सफाई देख विधायक ने बीडीओ सहित अन्य कर्मचारियों की प्रशंसा की। साथ ही पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण करवाने के साथ ही हमारे जीवन में पेड़ों के महत्व के बारे में ग्रामीणों को जागरूक कर लोगों से अधिकाधिक पेड़ लगाने की अपील की।

बीडीओ डॉ. संस्कृता मिश्रा ने बताया कि निरंतर गांवों में साफ सफाई और सेनेटाइजेशन का कार्य किया जा रहा है। निगरानी समिति पूरे मनोयोग से अपना कार्य कर रही है। उन्होंने पर्यावरण दिवस पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पेड़ हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन चुके हैं, यह हमारी जरूरत के साथ ही अवश्यकता बन चुके हैं। प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन काल में बढ़चढ़ कर वृक्षारोपण करे, जिससे हमारे समाज का भविष्य उज्ज्वल हो सके।

प्रकृति का संतुलन बरकरार रखने के लिए वृक्षारोपण जरुरी: पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

प्रकृति का संतुलन बरकरार रखने के लिए वृक्षारोपण जरुरी – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

पर्यावरण शुद्ध रहेगा तो आचरण भी शुद्ध रहेगा – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

कोरोना महामारी के दौर में मानव व पर्यावरण के संबंधों पर पुनर्विचार की जरूरत – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

डाक विभाग ने मनाया ‘विश्व पर्यावरण दिवस’, पोस्टमास्टर जनरल केके यादव ने डाककर्मियों से की पौधा लगाने की अपील

वाराणसी। पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण बेहद जरुरी है। वृक्ष न सिर्फ हमारे पर्यावरण को शुद्ध करते हैं, बल्कि जीवन के लिए उपयोगी प्राणवायु भी उपलब्ध कराते हैं। कोरोना महामारी ने भी यही चेताया है कि पर्यावरण से खिलवाड़ घातक है। ऐसे में सम्पूर्ण धरा और प्रकृति को सुरक्षित व संतुलित रखने हेतु हमें पर्यावरण के प्रति लोगों को सजग बनाना होगा। उक्त उद्गार वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ पर वाराणसी कैण्ट प्रधान डाकघर कैम्पस में पौधारोपण करते हुए व्यक्त किये। इस अवसर पर डाक विभाग के तमाम अधिकारियों कर्मचारियों ने भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, कोरोना महामारी के दौर में मनुष्य और पर्यावरण के संबंधों पर पुनर्विचार करने की जरूरत है। भारतीय परंपरा में पेड़-पौधों को परमात्मा का प्रतीक मान कर उनकी पूजा का विधान बनाया गया है। पर्यावरण शुद्ध रहेगा तो आचरण भी शुद्ध रहेगा। पर्यावरण को शुद्ध और प्रदूषण मुक्त रखने में वृक्षों का महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे में हर व्यक्ति की यह जिम्मेदारी है कि वह एक पौधा अवश्य लगाए।

पोस्टमास्टर जनरल ने इस अवसर पर डाककर्मियों से पर्यावरण में बढ़ रहे प्रदूषण और उसके चलते पैदा हो रही विसंगतियों की ओर ध्यान आकर्षित करके हर डाककर्मी से पौधारोपण द्वारा उनके निवारण में भागीदार बनने का भी आह्वान किया। श्री यादव ने कहा कि हमारी परंपरा में एक वृक्ष को दस संतानों के समान माना गया है, क्योंकि वृक्ष पीढ़ियों तक हमारी सेवा करते हैं। उन्होंने कहा कि पौधारोपण और उनके रक्षण के दायित्व का निर्वाह कर सृष्टि को भावी विनाश से बचाया जा सकता है ।

इस अवसर पर वाराणसी पश्चिमी मंडल के अधीक्षक डाकघर संजय कुमार वर्मा, सहायक निदेशक राम मिलन, सहायक डाक अधीक्षक अजय कुमार, जाँच निरीक्षक श्रीकांत पाल, कैण्ट प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर रमाशंकर वर्मा, राजेंद्र यादव, श्री प्रकाश गुप्ता, राकेश कुमार सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

“विश्व पर्यावरण दिवस” पर महिला प्रधान ने किया पौधरोपण

“विश्व पर्यावरण दिवस” के अवसर पर महिला प्रधान ने किया पौधरोपण।

“विश्व पर्यावरण दिवस” का कोरोनाकाल में बढ़ा महत्व।

ऑक्सीजन के लिए जरूरी है, वृहद पौधारोपण।

“विश्व पर्यावरण दिवस” पर पर्यावरण की सुरक्षा की ली शपथ।

पौधरोपण कर प्राकृतिक ऑक्सीजन उत्पन्न करना है- संयोगिता सिंह चौहान

लखनऊ। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर माल विकासखंड ग्राम पंचायत महिला प्रधान के तत्वावधान में “सांसे हो रही कम-आओ पेड़ लगाएं हम” कार्यक्रम का आयोजन ग्राम पंचायत अटारी में पौधारोपण करके किया गया। “विश्व पर्यावरण दिवस” के अवसर पर महिला प्रधान संयोगिता सिंह चौहान ने हरित पर्यावरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लॉक डाउन के दौरान जो प्रदूषण रहित वातावरण हुआ है। हम सबकी जिम्मेदारी है, उसे भविष्य में अधिक से अधिक पौधारोपण करके सुरक्षित रखें। ग्राम प्रधान संयोगिता सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदूषण रहित पर्यावरण के प्रति जागरुकता लाना है। पौधरोपण कार्यक्रम में विशेष रुप से माल के राजा अटारी नाम से विख्यात राजा बलबीर अटारी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि वृक्ष हमारे हरित मित्र हैं, जो हमारे लिये आवशयक ऑक्सीजन उत्पन्न करते हैं।

इस अवसर पर दादा कुँवर बलवीर सिंह चौहान, माल के पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुँवर शैलेंद्रवीर सिंह चौहान, अटारी की पूर्व प्रधान ममता सिंह चौहान, कुँवर यशवीर सिंह चौहान व अन्य परिवार के सदस्य मौजूद रहे तथा ग्रामवासी उपस्थित रहे।

विकास कार्य को प्राथमिकता मान जुटीं संयोगिता

लखनऊ। माल ब्लाक की अटारी ग्राम पंचायत से नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान संयोगिता सिंह राजधानी की सबसे पढ़ी लिखी प्रधानों में एक हैं। संयोगिता ने नवी मुम्बई के इंडिया यूरोप इंटरनेशनल बिजनेस स्कूल से एमबीए (ह्युमेन रिसोर्स ऑफ मार्केटिंग) किया है। यही नहीं उन्होंने आइडिया, स्टैंडर्ड चार्टर बैंक जैसी बड़ी कम्पनियों में सेवाएं दी हैं।

संयोगिता की 12वीं तक की पढ़ाई भी विज्ञान विषय से कॉन्वेंट कालेज में हुई हैं। वह बताती हैं कि उनका लक्ष्य जरुरतमंदों को पेंशन, राशनकार्ड और आवास व शौचालय की सुविधाओं से आच्छादित करना है। यह काम छह माह में पूरा करना है। गांव में एक शादी घर बनाएंगे। इसके साथ ही प्रयास रहेगा कि गांव में कोई कॉलेज खुल जाए।

संयोगिता सिंह कोई साधारण महिला नहीं अटारी राजा बलवीर सिंह की बहू अब अटारी के गरीबों दलितों को उनका हक और अधिकार दिलाने के साथ साथ हर समस्या में उनके साथ खड़ी हैं।

संयोगिता सिंह बड़े सोच और बड़े लक्ष्य के साथ ग्राम अटारी को हर प्रकार की सुविधाओं से लैस करने पर काम कर रही हैं। वह कोरोना महामारी की दूसरी लहर से विजय पा कर अब संभावित तीसरी लहर से कैसे बचा जाए, इसकी तैयारियों में जुट गई गई हैं। इसको लेकर डॉक्टर और ग्रामीणों के साथ बैठक कर कोविड वैक्सिनेशन को लेकर रूप रेखा तैयार की गई।

जल निकासी व्यवस्था को सर्वे कर की समीक्षा

जल निकासी व्यवस्था को सर्वे कर की समीक्षा। एसडीएम नजीबाबाद ने किया प्रस्तावित नाला निर्माण योजना का निरीक्षण।

बिजनौर। नजीबाबाद विनियमित क्षेत्र की ओर से नगर में बरसात के दौरान जल निकासी की उचित व्यवस्था एवं जलभराव से निजात दिलाने के लिए उपजिलाधिकारी ने प्रस्तावित नाला निर्माण योजना का स्थलीय निरीक्षण कर समीक्षा की। इसके अतिरिक्त भी एसडीएम ने क्षेत्र में विभिन्न स्थान पर निरीक्षण किया।

उपजिलाधिकारी परमानंद झा ने विनियमित क्षेत्र के अवर अभियंता एनके सिंह के साथ जल निकासी से जुड़े प्रस्तावित नाला निर्माण योजना को अंतिम रूप देने के लिए स्थलीय निरीक्षण किया। एसडीएम ने नगर तथा आसपास के क्षेत्रों में संपर्क मार्ग निर्माण एवं जल निकासी को लेकर प्रस्तावित नाला निर्माण योजना की समीक्षा भी की। नगर क्षेत्र में नगर पालिका परिषद से जुड़े कई क्षेत्रों में हर वर्ष बरसाती पानी के दबाव से जल भराव की समस्या हो जाती है। नालों से पानी के निकलकर बाहर आ जाने की स्थिति में काफी संख्या में मकान और संपर्क मार्गों पर जलभराव से प्रभावित होने की स्थिति बन जाती हैं। एसडीएम ने रायपुर तिराहे के समीप धर्मकांटा क्षेत्र, मदीना मस्जिद, कोटद्वार रोड़ स्थित मंडी समिति परिसर और आजाद नगर फ्लाईओवर क्षेत्र का निरीक्षण किया। एसडीएम ने अवर अभियंता एनके सिंह से तहसील कालौनी, गीतानगरी कालोनी, आजाद नगर क्षेत्र, मकबरा मुगलूशाह सहित अन्य कई क्षेत्रों में बरसात के समय होने वाले जल भराव से उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया।

5जी नेटवर्क के खिलाफ जूही चावला पहुंची कोर्ट

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री जूही चावला ने भारत में 5G टेक्नोलॉजी को लागू करने के खिलाफ मुम्बई हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। जूही चावला ने याचिका में भारत सरकार के दूरसंचार मंत्रालय से आम लोगों, तमाम जीव-जंतुओं, वनस्पतियों और पर्यावरण पर 5G टेक्नोलॉजी के लागू किए जाने से पड़ने वाले असर से जुड़े अध्ययन को बारीकी से कराने और ऐसे रिपोर्ट्स के आधार पर भी इसे भारत में लागू करने और नहीं करने को लेकर कोई फैसला करने की अपील की है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जूही चावला ने कहा, ‘हम तकनीक को लागू किए जाने के खिलाफ नहीं हैं। इसके उलट हम टेक्नोलॉजी की दुनिया से निकलने वाले नए उत्पादों का भरपूर लुत्फ उठाते हैं, जिनमें वायरलेस कम्युनिकेशन भी शामिल है। हालांकि इस तरह के डिवाइजों को इस्तेमाल करने को लेकर हम हमेशा ही असमंजस की स्थिति में रहते हैं, क्योंकि वायरफ्री गैजेट्स और नेटवर्क सेल टावर्स से संबंधित हमारी खुद की रिसर्च और अध्ययन से यह पता चलता है कि इस तरह की रेडिएशन लोगों के स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा के लिए बेहद हानिकारक है।’ याचिका पर सुनवाई 2 जून को होगी।

मलिहाबाद में आरसी फाउंडेशन ने कराया सैनिटाइजेशन

मलिहाबाद, लखनऊ। कोरोना के लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच विभिन्न सामाजिक संस्थाओं जन जागरूकता के साथ-साथ जनता की सेवा के कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सामाजिक संस्था द आरसी फाउंडेशन की ओर से सैनिटाइजेशन व मासिक वितरण का कार्यक्रम किया गया।

सामाजिक संस्था द आरसी फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. भानुवेंद्र प्रताप सिंह यादव एवं श्रीमती पुष्पा यादव ने बताया कि आरसी फाउंडेशन की टीम की ओर से मलिहाबाद के अमानीगंज में सैनिटाइजेशन व मासिक वितरण के साथ-साथ कोविड-19 मेडिकल किट भी वितरित की गई। आरसी फाउंडेशन द्वारा यह सराहनीय काम ऐसे वक्त में किया गया है जब संसाधनों के अभाव के चलते लोगों को उनकी जरूरतों की चीजें सामान्य रूप से नहीं मिल पा रही हैं।

फाउंडेशन के इस कार्य के चलते जनता ने फाउंडेशन के संस्थापक तथा उनके सदस्यों के कार्य की काफी सराहना की। संस्था की ओर से आरसी फाउंडेशन के संरक्षक शिव कुमार यादव, अमर सिंह यादव, राहुल यादव, सुरेंद्र यादव, शशिकांत यादव, दीपक, पूर्व प्रधान वसी अहमद व अन्य लोग उपस्थित रहे ‌।

कई राज्यों में बारिश की संभावना

दिल्ली। मौसम विभाग ने देश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के असर को देखते हुए कई राज्यों में बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, छत्तीसगढ़, केरल, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, असम, मेघालय और झारखंड के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। वहीं इन राज्यों के कुछ इलाकों नें धूल भरी आंधी और बादल की गर्जना के साथ बारिश और ओले गिर सकते हैं।

5G टेस्टिंग पर बैन लगाने को सुप्रीम कोर्ट में याचिका

5G इंटरनेट की टेस्टिंग पर प्रतिबंध लगाने के लिए वकील AP सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है और इसे यूजर्स के लिए खतरनाक बताया है।

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भारत में 5G इंटरनेट टावर परिक्षण पर प्रतिबंध लागने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है. इस याचिका को वकील AP सिंह ने दायर किया है. याचिका में कहा कि भारत सहित आज दुनिया भर में 5G नेटवर्क का विरोध किया जा रहा है। धरती के लिए 5G नेटवर्क एक बहुत बड़ा खतरा हैं, लेकिन मोबाइल कंपनियों ने 5 जी स्मार्टफोन बेचना शुरू कर दिया है।

याचिका में कहा कि 5G इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता के लिए सबसे बड़ा खतरा है, उपयोगकर्ताओं के डेटा को आसानी से हैक भी हो सकता है। इसके साथ यह भी कहा गया कि नीदरलैंड में परीक्षण के दौरान सैकड़ों पक्षियों की अचानक मौत हो गई थी, हेग शहर में 5G नेटवर्क के परीक्षण के दौरान लगभग 300 पक्षियों की मौत हो गई, जिनमें से 150 पक्षियों की परीक्षण शुरू होने के बाद मौत हुई।

याचिका में कहा कि वर्ष 2018 में, चीनी कंपनी हुवावे ने गुरुग्राम, हरियाणा में 5 जी इंटरनेट का परीक्षण किया था।। कहा कि 5G नेटवर्क की तकनीक में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन का उपयोग किया जाता है, इससे कैंसर का खतरा भी बहुत बढ़ जाता है, गर्भावस्था के दौरान मोबाइल रेडिएशन से महिलाओं के साथ-साथ बच्चे पर भी असर पड़ता है। याचिका में कहा 5G नेटवर्क आतंकियों के लिए मददगार होगा और देश की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है।

विदित हो कि सभी टेलिकॉम कंपनियां इन दिनों 5G टेस्टिंग पर जोर दे रही हैं। एयरटेल, जियो और वोडाफोन-आइडिया लगातार इसकी टेस्टिंग पर काम कर रही हैं। जियो ने हाल ही में 57123 करोड़ रुपए के स्पेक्ट्रम की खरीदारी की है। कंपनी ने 22 सर्किल में स्पेक्ट्रम खरीदा है। रिलायंस जियो की ओर से खरीदे गए स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल 5G सर्विस देने के लिए भी किया जाएगा। कंपनी ने ने हाल ही में घोषणा की थी कि उसने स्वदेशी 5G टेक्नोलॉजी डेवलप कर ली है जिसे अमेरीका में टेस्ट कर लिया गया है। इसके साथ ही कंपनी के मालिक मुकेश अंबानी ने भी इसी वर्ष 5G लॉन्च की घोषणा की है।

5G टेस्टिंग से नहीं फैलता कोरोना: WHO

नई दिल्ली। देश में सोशल मीडिया पर वायरल संदेशों में कोरोना के लिए 5-जी तकनीक की टेस्टिंग को जिम्मेदार बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि 5 जी टावरों की टेस्टिंग से निकलने वाला रेडिएशन हवा को जहरीला बना रहा है इसलिए लोगों को सांस लेने में मुश्किल आ रही है। साथ ही वायरल पोस्ट में ये भी कहा जा रहा है कि इसी रेडिएशन की वजह से घर में हर जगह करंट लगता रहता है। पोस्ट में सुझाव दिया जा रहा है कि अगर इन टावरों की टेस्टिंग पर रोक लगा दी जाती है तो सब ठीक हो जाएगा। कोरोना से जुड़े तथ्यों और भ्रमों पर विश्व स्वस्थ्य संगठन की तरफ से जारी रिपोर्ट में इस बात का खंडन किया गया है। 

सोशल मीडिया पर “5G कि टेस्टिंग बन्द करो इन्सानो को बचाओ” शीर्षक से एक पोस्ट वायरल हो रहा है। इसमें नीचे की ओर लिखा है ‘ये जो महामारी दूसरी बार आई है जिसे सब कोरोना का नाम दे रहे हं ये बीमारी कोरोना नहीं 5जी टावर की टेस्टिंग की वजह से है। टावर से जो रैडिकशन निकलता है वो हवा में मिलकर हवा को जहरीला बना रही है इसलिए लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है और लोग मर रहे हैं।’ इसीलिए 5जी टावर की टेस्टिंग को बंद करने की मांग करिए फिर देखिए सब सही हो जाएगा।’

सिम्टम्स ऑफ 5G नेटवर्क रेडिएशन
1. 5G नेटवर्क रेडिएशन के कारण घर में हर जगह हल्का सा करंट महसूस हो रहा है ।
2. गला कुछ ज्यादा ही सूखना प्यास ज़्यादा लगना । 
3. नाक में कुछ पपड़ी जैसा जमना पपड़ी में खून दिखना ।

यदि आपके साथ वास्तव में ऐसा हो रहा है तो समझ लीजिए कि इस हानिकारक 5G नेटवर्क रेडिएशन का हमारे ऊपर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने लगा है। नोटिस:- जैसे 4G रेडिएशन ने चिड़ियों पंछियों को खत्म किया था वैसे ही 5G रेडिएशन जीवों और मानव जाति के लिए बहुत ही ज़्यादा हानिकारक है, वक़्त रहते इसका एक जुट होकर कर विरोध करें ।। और वक़्त हो तो इस पोस्ट को ज़्यादा से ज़्यादा सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर शेयर करें ।।

एक अखबार की कटिंग भी वायरल हो रही है, जिसमें पानीपत की समाज सेविका शशि लूथरा के हवाले से कहा गया है कि उन्होंने सरकार से 5जी की टेस्टिंग बंद करने की मांग की है। शशि लूथरा के हवाले से लिखा गया है कि 5जी के कारण महामारी फैल रही है। वास्तव में लूथरा ने ऐसा कहा है या नहीं, अमर उजाला इसकी पुष्टि नहीं करता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की आधिकारिक वेबसाइट पर इस तरह के अफवाहों को लेकर एक सेक्शन है, जिसमें कोरोना को लेकर सोशल मीडिया के दावों के बारे में विस्तार से समझाया गया है। वेबसाइट से ‘FACT: 5G mobile networks DO NOT spread COVID-19’ नाम से एक पोस्ट है।

26 मार्च को जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि 5 जी मोबाइल नेटवर्क से कोरोना नहीं फैलता है। इसके अलावा ये भी कहा गया है कि कोरोना मोबाइल नेटवर्क और रेडियो तरंगों के साथ एक जगह से दूसरी जगह पर नहीं पहुंच सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना उन देशों में भी हो रहा है जहां 5 जी मोबाइल नेटवर्क नहीं है।

इस पोस्ट में साफतौर पर लिखा है कि वायरस रेडियो वेव और मोबाइल नेटवर्क से नहीं फैलते हैं। COVID-19 उन देशों में भी फैल रहा है जहां पर 5जी की ना टेस्टिंग हो रही है और ना ही 5जी मोबाइल नेटवर्क है। कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति की सांस की बूंदों से फैलता है जब वह छींकता है, बात करता है या थूकता है। इसके अलावा यदि किसी सतह पर संक्रमित इंसान की सांस की बूंदें गिरी हैं तो उसे छूने और फिर नाक, मुंह और आंख छूने से कोरोना फैलता है।

फूलों की खेती देख कृषि निदेशक हुए अभिभूत

कृषि निदेशक ने की फूलों की खेती की सराहना।
ग्राम अगरी के प्रगतिशील कृषक अखिलेश के यहां फूलों की खेती का अवलोकन।

बिजनौर। कृषि निदेशक उत्तर प्रदेश एपी श्रीवास्तव द्वारा जनपद बिजनौर के कृषि प्रसार कार्यों की समीक्षा की गई।  समीक्षा के उपरांत कृषि निदेशक द्वारा ग्राम अगरी के प्रगतिशील कृषक अखिलेश कुमार के यहां जाकर फूलों की खेती का अवलोकन किया गया।
कृषक अखिलेश कुमार ने बताया कि वह 2015 से फूलों की खेती कर रहे हैं। सर्वप्रथम उनके द्वारा ग्लोडियस की खेती गन्ने में सहफसली खेती के रूप में प्रारंभ की गई थी, आज उनके द्वारा दो पॉली हाउस बना कर उनमेें जरबेरा, कॉर्नेसन, डेजी, लिली आदि फूलों की खेती की जा रही है। अखिलेश कुमार फूलों की खेती के द्वारा अपने ग्राम के सोलह लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। इनकेद्वारा अपने फूलों की बिक्री देहली की मण्डी में की जाती है।
कृषि निदेशक उत्तर प्रदेश एपी श्रीवास्तव ने अखिलेश कुमार के फूलों की खेती की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के नवोन्मेषी कार्यों से ही कृषकों की आय दोगुना हो सकती है। कृषि निदेशक ने संयुक्त कृषि निदेशक मुरादाबाद मंडल मुरादाबाद जे पी चौधरी व उप कृषि निदेशक बिजनौर अवधेश मिश्रा को निर्देश दिए कि अखिलेश कुमार के कार्यों का प्रचार प्रसार वृहद स्तर पर किया जाये तथा कृषकों का भ्रमण भी कराया जाये। इस अवसर पर प्रभारी आत्मा योगेन्द्र पाल सिंह योगी व जिला उद्यान निरीक्षक नरपाल मलिक भी साथ में रहे।

धूल भरी आंधी, तूफान के साथ बारिश की संभावना

नई दिल्ली। IMD की भविष्यवाणी के अनुसार 6 से 7 अप्रैल को मैदानी इलाकों जैसे पंजाब, उत्तर हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर धूल भरी आंधी, तूफान के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने बताया कि देश के दो अलग-अलग भागो में एक साथ चक्रवात उठ रहे हैं, जिससे कई राज्यों के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

स्वच्छ पखवाड़े में भारतीय मानक ब्यूरो को मिला प्रथम पुरस्कार

स्वच्छ पखवाड़े में भारतीय मानक ब्यूरो को मिला प्रथम पुरस्कार

उपभोक्ता मामलों के विभाग ने 16 फरवरी से 28 फरवरी 2021  तक स्वच्छ पखवाड़ा मनाया

नई दिल्ली। पेयजल और स्वच्छता विभाग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, उपभोक्ता मामलों के विभाग और इसके प्रशासनिक नियंत्रण वाले सभी संगठनों (भारतीय मानक ब्यूरो, राष्ट्रीय  परीक्षण शाला, रांची स्थित भारतीय विधिक माप विज्ञान संस्थान और मानक ब्यूरो की पांच क्षेत्रीय प्रयोगशालाओं) की ओर से 16 से 28 फरवरी, 2021 तक स्वछता पखवाड़ा मनाया गया। उपभोक्ता मामलों के सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी अधीनस्थ संगठनों के साथ इसके पहले एक बैठक की थी और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से पखवाड़ा मनाए जाने के लिए उनसे एक कार्य योजना तैयार करने को कहा था। उनके आदेश के अनुसार पखवाड़े के दौरान आयोजित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों को सूचीबद्ध करते हुए एक कार्य योजना तैयार की गई।

16 फरवरी 2021 को सुबह 11 बजे एक शपथ समारोह आयोजित किया गया, जिसमें सचिव (सीए) ने सभी को स्वच्छ भारत की शपथ दिलाई। लोगों को स्वच्छता के प्रति उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराने के लिए कृषि भवन, शास्त्री भवन और जामनगर हाउस में विभाग के कार्यालय परिसर के प्रमुख स्थानों पर बैनर और पोस्टर लगाए गए। बैनरों को विभाग की वेबसाइट पर भी लगाया गया।

पखवाड़े के महत्व और कार्य स्थलों तथा उनके आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता के बारे में आम लोगों को जागरूक करने के लिए, ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे विभाग के सोशल मीडिया हैंडल पर नियमित रूप से पोस्ट / फोटो / वीडियो अपलोड किए गए। कोविड-19 के कारण उत्पन्न स्थिति को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों को मास्क, सैनिटाइज़र और स्वच्छता से संबंधित अन्य उत्पाद वितरित किए गए। कागज, प्लास्टिक और ई-कचरे के सुरक्षित निपटान के लिए एक विशेष सफाई अभियान चलाया गया। स्वच्छ्ता और स्वच्छ भारत- ई- कचरा प्रबंधन पर दो लघु फिल्में प्रदर्शित की गईं। इसके अलावा, विभाग के कर्मचारियों के लिए 23 फरवरी 2021 को स्वच्छ भारत की थीम पर एक निबंध लेखन और कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । विभागीय रिकॉर्ड रूम सहित विभिन्न प्रभागों में पुराने अभिलेखों की समीक्षा के बाद उनकी छंटाई की गई। विभिन्न विभागों तथा सेक्शनों का निरीक्षण किया गया और वहां लोगों को स्वच्छता के बारे में जागरुक किया गया।

भारतीय मानक ब्यूरो, राष्ट्रीय परीक्षण कार्यशाला, रांची स्थित भारतीय विधिक माप विज्ञान संस्थान और ब्यूरो की क्षेत्रीय मानक प्रयोगशालाओं ने भी विभिन्न गतिविधियों के साथ स्वछता पखवाड़ा मनाया। इस दौरान सभी कर्मचारियों द्वारा स्वछता की शपथ ली गई, पुरानी फाइलों की समीक्षा की गई और छंटाई के बाद जो बेकार थीं, उन्हें हटाया गया।  पुराने फर्नीचरों की भी छंटाई की गई और जो बेकार पाए गए उन्हें निकाल दिया गया। नारे लिखने, पोस्टर बनाने और ऐसी ही अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। मानक ब्यूरो के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों के परिसर में पौधे लगाए गए। सोशल मीडिया का भरपूर इस्तेमाल स्वछता से जुड़ी गतिविधियों के प्रचार के लिए किया गया। कर्मचारियों को एकल उपयोग वाले प्लास्टिक का इस्तेमाल कम से कम करने की जरुरत बताई गई।  राष्ट्रीय जांच कार्यशाल ने पर्यावरण के लिए एकल उपयोग प्लास्टिक के हानिकारक प्रभावों और पर्यावरण पर स्वछता के लाभों के बारे में जनता के लिए शिविर जैसी अभिनव गतिविधियाँ चलाईं। मानक ब्यूरो के कार्यालयों में स्वच्छ भारत अभियान के तहत विशेष सफाई अभियान और पोस्टरों का प्रदर्शन किया गया। आरआरएसएल, भुवनेश्वर ने स्वच्छता,  और आसपास के आवासीय कॉलोनियों में बैग / पॉलिथीन जैसे एकल उपयोग प्लास्टिक के उपयोग के बुरे प्रभावों पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया और झुग्गी बस्ती के लोगों के बीच साबुन और मास्क वितरित किए। आरआरएसएल, बेंगलुरु ने कचरा बिल्कुल नहीं को बढ़ावा देने के लिए कार्यालय में एक खाद इकाई बनाने का काम शुरू किया ।

विभिन्न मापदंडों के आधार पर सभी संगठनों का मूल्यांकन किया गया और इसके बाद  पेयजल और स्वच्छता विभाग द्वारा प्रायोजित  प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार क्रमश: भारतीय मानक ब्यूरो, राष्ट्रीय जांच कार्यशाला और आरआरएसएल भुवनेश्वर के लिए घोषित किए गए। इन पुरस्कारों की घोषणा सचिव की ओर से पखवाड़े के दौरान हासिल की गई उपलब्धियों की समीक्षा के लिए 9 मार्च 2021 को आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में की गई।

सीएम और गवर्नर ने सीआईएसएच हाइड्रोपोनिक्स में दिखाई रुचि

सीएम और गवर्नर ने सीआईएसएच हाइड्रोपोनिक्स में दिखाई रुचि

राजभवन में आयोजित प्रादेशिक पुष्प प्रदर्शनी में सीआईएसएच द्वारा लगाई गयी हाइड्रोपोनिक एवं एयरोपोनिक्स यूनिट ने सीएम योगी आदित्यनाथ एवं गवर्नर दोनों को ही आकर्षित किया तथा हजारों लोगों ने मिट्टी रहित सब्जी उत्पादन की इस तकनीकी के प्रदर्शन में विशेष रुचि दिखाई।

लखनऊ। केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आरकेवीवाई परियोजना के अंतर्गत हाइड्रोपोनिक्स के विभिन्न प्रकार के आधुनिक मॉडल रेह्मानखेरा में लगाएं परंतु किसानों और शहरी बागवानी प्रेमियों से मिली प्रतिक्रिया संस्थान को कम लागत वाले हाइड्रोपोनिक डिजाइन करने के लिए प्रेरित किया। नए डिजाईन का उपयोग कम खर्चे में छतों एवं बालकनी में पौधे उगने के लिए संभव हो सका। इस दिशा में शोध करने के बाद बहुत ही कम लागत के हाइड्रोपोनिक डिजाइन तैयार कर दिए गए और जनसाधारण के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया।

बागवान प्रेमी राजभवन में लगने वाली इस अनूठी प्रदर्शनी का इंतजार वर्ष भर करते हैं क्योंकि वहां सीखने को बहुत कुछ मिलता है। नवीन बीज, यंत्र, पौधे एवं खेती से जुड़ी जानकारियों प्राप्त करने के लिए बागवानी प्रेमी प्रदर्शनी में जाने की जरूर को वरियता देतें हैं। शहर में बागवानी के नए-नए तरीके और नई-नई किस्मों के पौधों को देखने के अवसर के अतिरिक्त एक दूसरे से जानकारी प्राप्त करने का मौका मिलता हैं। इस अवसर पर प्रतियोगिता का महत्व तो होता ही है और एकत्रित की गई नई जानकारी का घर में अनुप्रयोग सरल होता है।

कुछ अति उत्साही लोगों ने जानकारी दी कि उन्होंने यूट्यूब में देकर हाइड्रोपोनिक इकाई का निर्माण किया परंतु आवश्यक पोषक तत्वों की जानकारी के अभाव में आगे बढ़ने में असफल रहे। कई लोगों ने तो ऐसे रोजगार का साधन भी बनाया परंतु फिर पोषक तत्वों की अनुचित मात्रा की समस्याएं इस कार्य में व्यावधान का कारण बनीं। संस्थान ने हाइड्रोपोनिक्स की डिजाइन के अतिरिक्त हाइड्रोपोनिक सिस्टम में इस्तेमाल होने वाले पोषक तत्वों के सलूशन का भी मानकीकरण किया क्योंकि अमेजॉन और अन्य स्रोतों से यह काफी अधिक दाम में खरीदने के कारण लोग निरुत्साहित हो रहे थे।

संस्थान द्वारा हाइड्रोपोनिक तकनीक का प्रदर्शनी में प्रदर्शन करने का मुख्य उद्देश्य लोगों में जागरूकता फैलाने का है। इस अवसर पर कई क्षेत्र में रोजगार की पहल करने वाले युवक संस्थान के संपर्क में आए और संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ एसआर सिंह से तकनीक प्राप्त करके इसको व्यवसायिक रूप से अपनाने के लिए उत्सुक दिखे। प्रदर्शनी में अधिकतर लोगों ने पूछा कि इसकी ट्रेनिंग कब और कहां मिलती है। कुछ का प्रश्न था कि वे नई किस्मों के पौधे कहां से ला कर लगाएं। कुछ ने विस्मित होकर जानना चाहा कि हाइड्रोपोनिक्स में कैसे करीब 80% पानी की बचत की जा सकती है। कुछ लोग अपनी बालकनी के लिए इसे डिजाइन करना चाहते हैं।

जनसाधारण में हाइड्रोपोनिक्स के प्रति बढ़ रहा आकर्षण यह संकेत देता है कि निकट भविष्य में संस्थान द्वारा विकसित की गई है तकनीक काफी लोकप्रिय होगी और कई लोगों को रोजगार दिलाने में भी सफल होगी। हाइड्रोपोनिक्स के बड़ी-बड़ी कंपनियों के मॉडल उपलब्ध हैं परंतु इनके अधिक महंगा होने के कारण आम आदमी की पहुंच के बाहर हैं। कम दाम पर हाइड्रोपोनिक यूनिट तथा इस कार्य हेतु पोषक तत्वों का सस्ता मिश्रण उपलब्ध कराने के लिए संस्थान प्रयत्नशील है।

कभी परिंदों को भी आजाद करके देखो…

बिजनौर। प्रतिबंध के बावजूद बिजनौर में बेजुबान परिंदों को खुलेआम बेचा जा रहा है। गैरकानूनी होते हुए भी प्रशासन की ओर से कोई कार्यवाही नहीं की जाती है।

बिजनौर में बच्चे पक्षियों को बेच रहे हैं। खासतौर पर भीड़भाड़ वाले बाजारों और रेलवे क्रॉसिंग जैसे स्थानों पर। यह क्रम काफी समय से चल रहा है। गैरकानूनी होते हुए भी प्रशासन की ओर से कोई कार्यवाही नहीं की जाती है। नगरपालिका के सामने एक बच्चा पिजरों में पक्षी तोता प्रति जोड़ी तीन सौ रुपए में बेच रहा था। उसके पास पांच पिंजरों में आठ पक्षी थे। अचानक एक समाजसेवी महिला वहां पहुंची और सौदेबाजी कर आठ सौ रुपए में सभी पक्षी खरीद लिए। मौके पर मौजूद लोगों ने पूछा कि इन सबका क्या करेंगी? इस पर उनका कहना था कि इन बेजुबान परिंदों को कैद से आजाद करना है, बाग में इनको छोड़ना है। यह सुनकर वहां मौजूद लोगों ने उनके इस विचार की काफी सराहना की।

गौरतलब है कि वन्यजीव सरंक्षण अधिनियम 1972 की धारा-4 के तहत शेड्यूल में शामिल प्रजातियों को पिंजरे में कैद नहीं किया जा सकता और न ही उन्हें पाला जा सकता है। यदि कोई एेसा करता पाया जाता है तो शेड्यूल के अनुसार सजा का प्रावधान है।
देश भर में तोतों की करीब एक दर्जन प्रजातियां मौजूद हैं और सभी संरक्षित हैं। नियमानुसार तोतों को पालने के लिए वन विभाग की अनुमति जरूरी होती है, लेकिन उन्हें पिंजरे में बंद करने वाले यह अनुमति नहीं लेते हैं।

8 साल से अधिक पुराने वाहनों पर वसूला जाएगा green tax

पर्यावरण को प्रदूषित करने वाले पुराने वाहनों पर “ग्रीन टैक्स” लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी

नई दिल्ली। सरकार 8 साल से अधिक पुराने वाहनों पर green tax वसूलने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पर्यावरण को प्रदूषित करने वाले पुराने वाहनों पर “ग्रीन टैक्स” लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब प्रस्ताव राज्यों के पास परामर्श के लिए जाएगा। नई “ग्रीन टैक्स” नीति से पुराने वाहनों को चलन से बाहर करने से प्रदूषण में कमी आएगी।

प्रस्ताव के मुताबिक परिवहन से जुड़े आठ वर्षो से अधिक पुराने वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट के नवीनीकरण के दौरान ग्रीन टैक्स देना होगा। वहीं, 15 वर्ष पुराने निजी वाहनों के पंजीयन सर्टिफिकेट के रिन्युअल पर भी ग्रीन टैक्स लगेगा। हालांकि सिटी बस जैसे सार्वजनिक वाहनों पर कम ग्रीन टैक्स देना होगा। बहुत अधिक प्रदूषित शहर में गाडि़यों की संख्या को कम करने के लिए वहां वाहनों के पंजीयन पर रोड टैक्स के 50 फीसद तक ग्रीन टैक्स देना पड़ सकता है। कृषि कार्य में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर व अन्य वाहनों को ग्रीन टैक्स से छूट रहेगी।

Green Tax लगने पर कितना देना होगा चार्ज ? 8 साल से पुराने परिवहन वाहनों का फिटनेस सर्टिफिकेट रिन्यू करते समय रोड टैक्स के 10 से 25 फीसदी तक ग्रीन टैक्स लगाया जा सकता है। निजी वाहनों पर 15 साल के बाद रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रिन्यू करते समय ग्रीन टैक्स लगाया जाएगा। सार्वजनिक परिवहन के वाहनों जैसे सिटी बसों पर कम ग्रीन टैक्स लगेगा। सरकार ने अत्यधिक प्रदूषित शहरों में पंजीकृत वाहनों के लिए अधिक टैक्स (रोड टैक्स का 50%) प्रस्तावित किया है। ग्रीन टैक्स से प्राप्त राजस्व को एक अलग खाते में रखा जाएगा और प्रदूषण से निपटने के लिए उपयोग किया जाएगा, राज्यों के लिए उत्सर्जन निगरानी के लिए राज्य-कला सुविधाएं स्थापित करने का प्रावधान है।