कृषि राज्यमंत्री ने किया 100 आम उत्पादकों को मैनुअल हार्वेस्टर तथा प्लास्टिक क्रेट्स का वितरण

कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार तथा कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने किया 100 आम उत्पादकों को मैनुअल हार्वेस्टर तथा प्लास्टिक क्रेट्स का वितरण

उद्यान मंत्री ने मैंगों पैक हाउस मलिहाबाद तथा नवीन आधुनिक मण्डी स्थल का किया निरीक्षण

प्रदेश सरकार आम उत्पादकों की समस्याओं के प्रति सजग

  • लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार तथा कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह आज मलिहाबाद के रहमान खेड़ा स्थित उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान संस्थान में उत्तर प्रदेश राज्य औद्यानिक विपणन संघ (हाफेड) द्वारा आयोजित कार्यक्रम तथा मण्डी परिषद की वित्तीय सहायता से आम उत्पादकों को प्रोत्साहन हेतु लखनऊ क्षेत्र के चयनित 100 आम उत्पादकों को मैनुअल मैंगो हार्वेस्टर तथा प्लास्टिक क्रेट्स का वितरण किया।
  • इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आम उत्पादकों को मैंगो हार्वेस्टर एवं क्रेट्स के वितरण से जहाँ एक ओर आम की गुणवत्ता सुरक्षित होगी और आम उत्पादकों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य प्राप्त होगा। जिससे उनकी आय में बढ़ोत्तरी होगी।
  • उद्यान मंत्री ने कहा कि गुणवत्ता युक्त निर्यातनोमुखी आम की उपलब्धता सुनिश्चित कराये जाने के उद्देश्य से आम की तुड़ाई के बाद प्रबन्धन के लिए लखनऊ क्षेत्र के 100 आम उत्पादक का चयन जिला उद्यान अधिकारी द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद के वित्तीय सहयोग से निर्यात योग्य आम उत्पादन करने वाले किसानों को 75 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आम का निर्यात विदेशों में किया जा रहा है इसके लिए उन्होंने हाफेड द्वारा किये गये कार्यों की सराहना की।
    श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि किसानों और व्यापारियों की समस्या को गम्भीरता से लिया जाये तथा उनका निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाये। उन्होंने आम उत्पादकों से उनकी समस्यायें एवं सुझाव मांगे हैं, ताकि उसका निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाये। उन्होंने निदेशक उद्यान को निर्देश दिये हैं कि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ हर किसान को मिले तथा उनको किसी भी प्रकार की समस्या न आने पाये।
    उद्यान मंत्री को मलिहाबाद के आम उत्पादकों द्वारा अपनी समस्याओं के बारे में अवगत कराया गया, जिसमें सरकारी ट्यूबेल, फल मण्डी में दुकान, मलिहाबाद में आम उत्पादकों के लिए उचित दरों की दवा की दुकानें, पैकिंग बाक्स में जी.एस.टी. कम करने, मलिहाबाद में प्रोसेसिंग युनिट लगाने के लिए अनुरोध किया। इस पर उद्यान मंत्री ने आम उत्पादकों को आश्वस्त किया कि उनकी हर समस्या को प्राथमिकता पर हल करने का प्रयास किया जायेगा।
  • इसके उपरांत उद्यान मंत्री ने मैंगों पैक हाउस, मलिहाबाद तथा आधुनिक मण्डी स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों एवं व्यापारियों की समस्या को सुना तथा विभागीय अधिकारियों को तत्काल निदान के निर्देश दिए।
    उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मण्डी परिषद की अपर निदेशक श्रीमती निधि श्रीवास्तव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मण्डी परिषद किसानों के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं चला रही है जिसका लाभ किसानों को मिल रहा है। आम उत्पादकों के लिए उनके उत्पाद के निर्यात के लिए मैंगो पैक हाउस तैयार किया जा रहा है। इस अवसर पर उद्यान निदेशक डा0 आर.के. तोमर ने कहा कि आम उत्पादक अपने उत्पादकों पैकिंग तथा ग्रेडिंग करके भेजे जिससे उनकों उचित मूल्य प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों का चयन प्रथम आवक-प्रथम पावक के माध्यम से किया गया है।
    इस कार्यक्रम में विभागीय विशेषज्ञों तथा निर्यात योग्य आम के उत्पादन हेतु आम की पूर्व एवं तुडाई उपरान्त प्रबन्धन से संबधित तकनीकि जानकारी दी गयी। इसमें गुणवत्तायुक्त पैकेंजिंग हेतु पूर्व कोरूगेटेडट बाक्स की उपयोगिता, उपलब्धता, मानक आदि के सबंध में विस्तार से जानकारी दी गयी।
  • कार्यक्रम में हाफेड के सभापति नवलेश प्रताप सिंह, उपनिदेशक उद्यान डा0 वीरेन्द्र यादव, नोडल अधिकारी शैलेन्द्र कुमार सुमन, जिला उद्यान अधिकारी बैजनाथ सिंह सहित बड़ी संख्या में वैज्ञानिक तथा आम उत्पादक/किसान उपस्थित रहे।

निगम की भंडारण क्षमता का शत प्रतिशत उपयोग किया जाए: जेपीएस राठौर

निगम की भंडारण क्षमता का शत प्रतिशत उपयोग किया जाए: जेपीएस राठौर
मंत्री जेपीएस राठौर ने की भंडारण निगम के अधिकारियों संग बैठक


लखनऊ। सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने शुक्रवार को यूपी राज्य भंडारण निगम के क्षेत्रीय प्रबंधकों व वरिष्ठ अधिकारियों संग बैठक कर निगम की मासिक प्रगति की समीक्षा की। बैठक में मौजूद अधिकारियों को निगम को सुचारू रूप से चलाने के दिशा निर्देश दिए गए।

राठौर ने क्षेत्रीय प्रबंधकों को अपने अधीनस्थ सभी केंद्रों का माह में एक बार विधिवत निरक्षण करने का आदेश दिया। साथ ही निगम की भंडारण क्षमता का शत-प्रतिशत उपयोग करने को कहा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गेहूँ के सुरक्षित भंडारण के दृष्टिगत साइलों व पीईजी के गोदामों का निर्माण निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाए।

उन्होंने कहा कि निगम द्वारा अपने कार्यों का आगामी 5 वर्षों के लिए तैयार किये गए रोड मैप का क्रियान्वयन निर्धारित समय पर किया जाए। निगम कार्यों को पारदर्शी प्रक्रिया के अंतर्गत समस्त केंद्रों का ऑनलाइन डिपो सिस्टम से इस प्रकार जोड़ा जाए कि उसकी सेंट्रलाइज मॉनिटरिंग प्रधान कार्यालय पर की जाए। समस्त भण्डार गृहों को सोलर पैनल से संचालित किए जाने की व्यवस्था जल्द से जल्द की जाए। बैठक में भंडारण एमडी श्रीकांत गोस्वामी, विशेष कार्याधिकारी धीरज चंद्रा, महाप्रबंधक संजीव कुमार आदि अधिकारीगण मौजूद रहे।

आसमान छू रहे निम्बू के दाम

नई दिल्ली। एक महीने में ही नींबू 70 रुपए से 400 रुपए तक पहुंच गया है। सब्जी बेचने वाले 10 रुपए में 1 नींबू दे रहे हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार आने वालों दिनों में इसकी कीमत कम होने के आसार नहीं दिख रहे।

बताया जा रहा है कि इस बार फसल कम होने के साथ ही आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से आने वाले नींबू की महंगाई के लिए डीजल के भाव भी काफी हद तक जिम्मेदार हैं। डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से माल भाड़े में भी 15% की बढ़ोतरी हो गई है। इससे नींबू की कीमत पर दोगुना असर हुआ है।

सेब, अंगूर व अनार से भी महंगा बिक रहा नींबू- नींबू के दाम बढ़ने से अब घरों के अलावा होटल व ढाबों से भी नींबू गायब हो गया है। स्थिति ये है कि घर, होटल व ढाबों पर भी सलाद से नींबू (जायका) कम हो गया है। होटल व ढाबा संचालक भी सलाद में नींबू का इस्तेमाल कम ही कर रहे हैं। वहीं गन्ने के रस, शिंकजी व सब्जियों में भी नींबू का उपयोग कम मात्रा में कर रहे हैं। इन दिनों नींबू सेब, अंगूर व अनार से भी महंगा बिक रहा है।

बेमौसम बारिश से खराब हुई फसल- मद्रास, महाराष्ट्र और गुजरात समेत देशभर के कई इलाकों में बेमौसम बारिश से नींबू की फसल को काफी नुकसान हुआ है। जरूरत के मुकाबले उत्पादन कम हुआ है, इसलिए कीमतें रिकॉर्ड तोड़ बढ़ी हैं।

नवरात्र और रमजान- इस समय नवरात्र चल रहे हैं और रमजान का महीना है। व्रत और रोजे के दौरान भी नींबू का इस्तेमाल ज्यादा होता है। इस समय उत्पादन कम है और डिमांड ज्यादा है।

महंगा ईंधन- पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने के साथ ही माल भाड़ा भी बढ़ गया है। इसका असर नींबू सहित सभी फल-सब्जियों की कीमतों में देखने का मिल रहा है।

खेतों से सीधे फैक्ट्रियों मेंसॉफ्ट ड्रिंक के साथ ही कई दवाइयों और फूड प्रोडक्ट में नींबू इस्तेमाल किया जाता है। खेतों से नींबू सीधा फैक्ट्रियों में पहुंच रहा है। इस वजह से भी आम जरूरत के मुताबिक नींबू बाजार तक नहीं पहुंच रहा है।

केले, बांस व फूलों की खेती संवारेंगी कृषकों की किस्मत


बिजनौर। हल्दौर फेड फारमर्स प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड, ग्राम अगरी विकास खंड हलदौर के कार्यालय परिसर में एक कृषक गोष्ठी का आयोजन आत्मा योजना प्रभारी योगेन्द्र पाल सिंह योगी के संचालन में किया गया। इस अवसर पर किसान पाठशाला के संचालक राहुल चौधरी ने केले एवं बांस की व्यावसायिक खेती के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि जनपद की भूमि दोनों फसलों की खेती के लिए अनकूल है, जिसे अपनाकर कम लागत में भी कृषक गन्ना से दोगुना आय प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही फसलों पर मिट्टी के घोल का छिड़काव के महत्व से अवगत कराते हुए फसलों के पोषण प्रबंधन एवं कीट रोग नियंत्रण के बारे में बताया गया।


जिला कृषि अधिकारी डा अवधेश मिश्रा द्वारा कृषकों के विकास में एफपीओ की भूमिका की जानकारी देते हुए उपस्थित कृषकों से आवाहन किया गया कि अपने विकास खण्ड में गठित एफपीओ से जुड़े और सामूहिक रूप से इस प्रकार कृषि गतिविधियों का समावेश करें, जिससे प्रत्येक माह आय प्राप्त होती रहे। प्रदेश सरकार एवं भारत सरकार द्वारा गठित व्यक्तियों को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी ग।


इससे पूर्व उप कृषि निदेशक गिरीश चन्द्र द्वारा हल्दौर फेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा स्थापित आधुनिक डिजिटल भूमि परीक्षण प्रयोगशाला का फीता काट कर शुभारम्भ किया गया। उदघाटन के अवसर पर उप कृषि निदेशक द्वारा अपने उदबोधन के माध्यम से अवगत कराया गया कि यह प्रयोगशाला किसानों के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध होगी। भूमि स्वास्थ्य के वर्तमान परिवेश के दृष्टिगत सभी किसानों के लिए यह आवश्यक है कि वे अपने अपने खेत की मिट्टी का भूमि परीक्षण अवश्य करा लें, जिससे उनको यह पता लग सके कि उनके भूमि में किन किन पोषक तत्वों की कमी है और तदनुसार उन तत्वों की पूर्ति करते हुए ना केवल वे अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं बल्कि अनावश्यक उर्वरकों के प्रयोग से भी बच सकते हैं। इससे परोक्ष रूप से जहां कृषि लागत में कमी होगी, वहीं अपरोक्ष रूप से कृषि उत्पाद, भूमि और जल की गुणवत्ता में वृद्धि भी होगी।


जिला उद्यान अधिकारी जीतेंद्र कुमार के द्वारा पॉलीहाउस के माध्यम से फूलों की खेती के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। ग्राम अगरी के अग्रणी कृषक अखिलेश कुमार के द्वारा पाली हाउस के माध्यम से की जा रही फूलों की खेती की जानकारी दी गई।


हल्दौर फेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड अगरी के संरक्षक ब्रह्म पाल सिंह ने बताया कि उनके यहां जैविक जामुन व गन्ना का जैविक सिरका, गुड़, शक्कर, खाण्ड, हल्दी, गेहूं व चावल बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। कृषक उत्पादक संगठन के निदेशक मंडल एवं सदस्यों तथा उपस्थित कृषकों के साथ श्री अखिलेश कुमार के प्रक्षेत्र पर पाली हाउस में उत्पादित किए जा रहे फूलों की खेती का भ्रमण भी किया गया।
इस अवसर पर पूर्व ब्लाक प्रमुख डॉ धर्मवीर सिंह, समर पाल सिंह, शूरवीर सिंह, डा धर्मवीर सिंह, विकास कुमार, धीर सिंह, ओम प्रकाश आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस कार्यक्रम में उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी सदर मनोज रावत, विषय वस्तु विशेषज्ञ मुकेश पाराशर एवं कुलदीप, सहायक विकास अधिकारी कृषि कमल सिंह आदि उपस्थित रहे।

शेखपुरा आलम में पशुपालन विभाग ने लगाया निःशुल्क पशु आरोग्य शिविर


पशुपालन विभाग ने किया किसान गोष्ठी एवं नि:शुल्क पशु स्वास्थ्य शिविर का आयोजन। गौ पूजन के साथ हुआ शुभारंभ

बिजनौर। नजीबाबाद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत शेखपुरा आलम में पशुपालन विभाग द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु आरोग्य शिविर लगाया गया। शुभारंभ नजीबाबाद के ब्लाक प्रमुख तपराज सिंह देशवाल, वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह, मंडल अध्यक्ष भाजपा जुगनेश कुमार ने संयुक्त रुप से गौ पूजन तथा मुख्य द्वार पर बंधा फीता काटकर किया।

इस अवसर पर उप जिला मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ विनोद कुमार ने विस्तार से पशुपालन विभाग की योजनाओं के बारे में शिविर में उपस्थित किसानों एवं पशुपालकों को बताया। उन्होंने कहा कि सरकार अनेक योजनाएं चलाकर किसानों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए कार्य कर रही है जिसमें पशुपालन विभाग पशुओं के लिए नि:शुल्क दवाइयां नि:शुल्क उपचार टीकाकरण आदि की व्यवस्था कर रहा है। अपने संबोधन में पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ कर्मवीर सिंह एवं डा अंकित चौधरी ने कहा कि पशुओं की किसी भी समस्या के लिए हम सब तत्पर हैं। हर समय जो भी समस्या किसी को होती है, वह किसान भाई संपर्क कर सकते हैं।

ब्लाक प्रमुख तपराज सिंह देशवाल ने कहा कि पशुपालन विभाग द्वारा दी जा रही योजनाओं का समुचित प्रचार-प्रसार ना होने के कारण क्षेत्र के किसान भाई सरकारी योजनाओं से अनभिज्ञ रह जाते हैं। उन्होंने अधिकारियों से अधिक से अधिक प्रचार प्रसार का आह्वान करते हुए सभी किसान भाइयों से आग्रह किया कि सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

अपने संबोधन में वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह ने कहा कि सरकार सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास के आधार पर विकास योजनाएं चलाकर जनता के विकास का कार्य कर रही है। इसमें पशुपालन विभाग पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु आरोग्य शिविर लगाकर घर-घर तक विभागीय योजनाओं का लाभ किसान भाइयों, पशुपालकों तक पहुंचने का कार्य कर रही है। यह विभाग का सराहनीय कार्य है। उन्होंने सभी से उन सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। इस अवसर पर ग्राम प्रधान भागीरथ सिंह की अध्यक्षता एवं अनुज कुमार के संचालन में किसान गोष्ठी एवं पशु आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य रूप से ब्लाक प्रमुख तपराज सिंह देशवाल, चौधरी ईशम सिंह, गजेंद्र सिंह, अनुज कुमार, चमन सिंह सैनी, राम कुमार सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य अतर सिंह चौहान, ओमप्रकाश सिंह, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ अंकित कुमार, पैरावेट जुगनेश कुमार, युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष अभय रघुवंशी, सुधीर चौधरी चंदोक सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर पशु आरोग्य शिविर में 406 पशुओं का पंजीकरण हुआ, जिसमें 404 बड़े पशु एवं दो छोटे पशु शामिल हैं। शिविर में 104 पशुओं की सामान्य चिकित्सा की गई। कृमि नाशक दवाइयों का वितरण 404 पशुओं के लिए किया गया, बांझपन चिकित्सा 32, पशुओं की गर्भधान 12, बधियाकरण दो, टीकाकरण 300, पशुओं का किया गया, उक्त सभी कार्य नि:शुल्क किए गए।

गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत भरपूर लाभ कर सकेंगे अर्जित: डीएम उमेश मिश्रा

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि रबी विपणन वर्ष 2022-23 में न्यूनतम मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत कृषक बंधुओं को भरपूर लाभ दिलाए जाने के उद्देश्य से जिला बिजनौर में गेहूं ख़रीद के लिए कुल 34 क्रय केंद्र अनुमोदित किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि अनुमोदित क्रय केंद्रों में खाद्य विभाग के 09 एवं पीसीएस के 25 क्रय केंद्र शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि शासन की महत्वपूर्ण गेहूं खरीद योजना आगामी 1 अप्रैल 2022 से शुरू होगी, जिसके तहत गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹ 2015 प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। गेहूं खरीद के लिए किसानों का पंजीयन खाद्य विभाग की वेबसाइट http://www.fcs.up.gov.in पर (बैंक खाता संख्या खतौनी आधार कार्ड एवं मोबाइल नंबर के आधार पर) कृषक द्वारा स्वयं, जन सूचना केंद्र अथवा इंटरनेट कैफे के द्वारा कराया जा सकता है। उन्होंने और अधिक जानकारी देते हुए बताया कि कृषक बंधु ख़रीफ़ विपणन वर्ष 2021-22 में धान खरीद के लिए पंजीकरण करा चुके हैं, उन्हें गेहूं विक्रय के लिए पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन उन्हें पंजीयन प्रपत्र में यथा आवश्यक संशोधन करते हुए पंजीयन में दर्ज कुल रकबे में अपने हिस्से में बोए गए गेहूं के रकबे की घोषणा करते हुए पंजीयन प्रपत्र को पुनः लाक करना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि उक्त संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के लिए अपर जिलाधिकारी प्रशासन/ जिला ख़रीद अधिकारी (गेहूं ख़रीद) बिजनौर के मोबाइल नंबर 9454416895 तथा जिला खाद्य विपणन अधिकारी, बिजनौर के मोबाइल नंबर 9794032966 पर संपर्क स्थापित किया जा सकता है।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय आरोग्य पशु मेले में हुआ 433 पशुओं का पंजीकरण

ग्राम धौलागढ में हुआ पंडित दीनदयाल उपाध्याय आरोग्य पशु मेले का आयोजन। मेले में हुआ 433 पशुओं का हुआ पंजीकरण।

बिजनौर। नूरपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत धौलागढ में पशुपालन विभाग द्वारा एक दिवसीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु आरोग्य शिविर व मेला का आयोजन किया गया।
बुधवार को आयोजित मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान चंद्रप्रभा ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इसके बाद गोपूजन किया। इस अवसर पर नूरपुर के पशु चिकित्सा अधिकारी डा. मोहम्मद अहमद ने पशुपालन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न प्रकार की योजनाओं की जानकारी पशुपालकों को दी। उन्होंने पशु टीकाकरण, बांझपन, संतुलित आहार आदि के प्रति पशु पालकों को जागरूक किया। मेले में वैक्सीनेटर मुनेश कुमार, मोहम्मद दानिश, अमन कुमार आदि उपस्थित रहे। मेले में कुल 433 पशुओं का पंजीकरण हुआ। विभाग की ओर से पशु पालकों को निःशुल्क मिनरल मिक्सचर का वितरण किया गया।

न्याय के लिए किसानों का डीएफओ कार्यालय गेट पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन

बिजनौर। गंगोड़ा जट में गुलदार की मौत के मामले में एक किसान को जेल भेजने व कई किसानों को झूठे मुकदमे में फसाने से आक्रोषित भाकियू पदाधिकारियों ने गन्ना समिति बिजनौर में इक्कट्ठा होकर मासिक पंचायत की और जिला अध्यक्ष चौधरी कुलदीप सिंह के नेतृत्व में सभी किसान जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए डीएफओ ऑफिस पहुंचे और डीएफओ ऑफिस के गेट के बाहर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरना प्रदर्शन में किसानों के साथ काफी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रही।

भाकियू जिला अध्यक्ष चौधरी कुलदीप सिंह ने धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि किसान के खेत में कोई जाल लगा जाए और उसमे गुलदार फंस जाए और किसान उस गुलदार को पकड़ कर वन व पुलिस विभाग को जिंदा सौप दे फिर में वन विभाग अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए किसानों के खिलाफ मुकदमा लिखाए और एक बेकसूर किसान को जेल भेजकर जिला प्रशासन इस मामले में इति श्री कर ले ऐसा भाकियू कतई बर्दास्त नही करेगी उन्होंने कहा कि वन विभाग व पुलिस किसानों के घर दबिश देने की आड़ में खुले आम घर में घुस जाते हैं और एक किसान की मोटर साइकिल चोरी कर लाए ये कौन से कानून की किताब में लिखा हैं कि किसान का सामान चोरी करने वाले के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होती और गंगोडा जट में एक गुलदार की मौत के मामले में एक मुकदमा हल्दौर थाने में और एक मुकदमा अपने विभाग में दर्ज कर बेकसूर किसानों का शोषण किया जा रहा है और प्रशासन आंखे मूंद कर बैठा है।

किसानों के धरना प्रदर्शन के बीच डीएफओ के न आने से आक्रोषित भाकियू जिला अध्यक्ष के आदेश पर भाकियू पदाधिकारी ऑफिस में बैठे सहायक वन संरक्षक डॉक्टर हरेन्द्र सिंह को उठाकर मीटिंग में ले आए और खूब खरी खोटी सुनाई और अपने बीच ही बैठा लिया। भाकियू जिला अध्यक्ष चौधरी कुलदीप सिंह ने कहा कि भाकियू ने जिला प्रशासन को एक महीने का टाइम दे दिया कि प्रशासन मामले की सही जांच कर जाल लगाने वाले शिकारी और गुलदार को नशे की ओवर डोज देकर मौत के घाट उतारने वाले वन कर्मियों के खिलाफ कारवाही करे परन्तु जिला प्रशासन इस मामले में आंख मूंद कर बैठ गया है इसलिए आज किसान वन विभाग की आंखे खोलने के लिए धरना प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।

धरना प्रदर्शन का नेतृत्व भाकियू प्रदेश महासचिव ठाकुर रामौतार सिंह, प्रांतीय नेता बाबूराम तोमर, राष्ट्रीय प्रचार मंत्री होशियार सिंह, पूर्व मंडल महासचिव सुरपाल सिंह, जिला महासचिव नरदेव सिंह, जिला मिडिया प्रभारी संदीप त्यागी, ब्लॉक अध्यक्ष मोहम्मदपुर देवमल चौधरी विजय सिंह, स्योहारा ब्लॉक अध्यक्ष गजेंद्र टिकैत, अल्लेहार पुर ब्लॉक अध्यक्ष कविराज सिंह, जलीलपुर ब्लॉक अध्यक्ष महिपाल सिंह, लक्ष्मी नारायण सिंह, अशोक कुमार, लुद्धियांन सिंह, जय सिंह, संजीव कुमार, सत्यपाल सिंह, अनुज चौधरी, मुकेश कुमार, सोनू विर्क, रवि शेखर तोमर, देवेश चौधरी, हरिओम यादव, संदीप सिंह, विकास कुमार, मुनेश कुमार, कल्याण सिंह, अजय वालियान, श्रीशपाल सिंह, अवनीश कुमार, बलजीत सिंह, पंकज सहरावत, मास्टर महेंद्र सिंह, दलेल सिंह, मोनू चौधरी, किसान यूनियन नेत्री रानी, ममता, बाला, मुनिया, राजो, पिंकी, उषा आदि सकड़ो महिला पुरुष पदाधिकारी मौजूद रहे।

खेत की रखवाली कर रहे किसान को सांड ने उतारा मौत के घाट

मलिहाबाद, लखनऊ। क्षेत्र के बहेलिया गांव में अपनी फसल की रखवाली कर रहे किसान शिवगुलाम यादव (65 वर्ष) को आवारा सांड ने खेत मे पटक कर मार डाला। किसान सुबह नित्य क्रिया कर भोर पहर खेत की रखवाली करने के लिए गया हुआ था। तैयार हो रही गेहूं और सरसों की फसल में बेसहारा सांड को देखकर उन को खदेड़ने लगा। इतने में ही सांड किसान पर उग्र हो गया और दौड़ा कर किसान को मौत के घाट उतार दिया। यह वाकया देख पड़ोस के खेतों में अन्य किसान बचाने के लिए जब तक दौड़े तब तक वृद्ध किसान की प्राण निकल चुके थे। घटना की जानकारी अन्य किसानों ने परिजनों सहित पुलिस को दी।क्षेत्र के किसानों में घटना को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों के अनुसार न्याय पंचायत वार गौशाला बनी हुई है, इसके बावजूद भी प्रशासन की अनदेखी के कारण यह आवारा सांड बस्ती से लेकर खेतों तक ग्रामीणों को दिन-ब-दिन भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। घटना की जानकारी होते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से वार्ता कर शव को पीएम के लिए भेज दिया।

किसानों के साथ का भाजपा ने दिखाया दम

बिजनौर। जिला मुख्यालय पर ट्रैक्टर रैली में जिले भर से पहुंचे भाजपा नेताओं ने विपक्षी दलों पर जमकर तंज कसे। उन्होंने 2022 में प्रदेश में फिर से भाजपा की सरकार प्रचंड बहुमत से बनाने का दावा किया। कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनी मैदान से नूरपुर रोड स्थित विवेक कॉलेज तक
ट्रैक्टर रैली निकाली गई।

सोमवार को भाजपा की ट्रैक्टर रैली का शुभारंभ
नुमाइश ग्राउंड से हुआ। सुबह से ही ट्रैक्टर नुमाइश ग्राउंड में पहुंचने लगे थे। ट्रैक्टर रैली के मुुख्य अतिथि भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल, किसान मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष तेजा गुर्जर रहे।

किसानों का साथ है भाजपा के साथ-बेनीवाल
ट्रैक्टर रैली को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल ने कहा कि यहां किसान ट्रैक्टरों को लेकर राष्ट्रवाद की विचारधारा के साथ जुड़ते हुए एकत्रित हुए हैं। पश्चिम में गन्ना मिठास घोलता है। किसानों ने मिठास 2014 के चुनाव में देकर भाजपा की केंद्र में सरकार बनवाई थी, फिर 2017 के चुनाव में मिठास भरी और 2019 में भी ऐतिहासिक सरकार बनाने का काम किया। यह किसानों के प्यार से संभव हो पाया। आज नरेंद्र मोदी के कारण अमेरिका में भी भारत माता की जयकारे गूंजते हैं। भाजपा सरकार में सीमा पर तैनात जवानों का भी सीना गर्व से चौड़ा होता है। उन्होंने कहा कि किसानों का बेटा मिट्टी में खेल कर बड़ा होता है, तो जवान बनकर सीमा की रक्षा करता है। किसान मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष तेजा गुर्जर ने कहा कि प्रदेश में सपा की सरकार के दौरान गुंडागर्दी होती थी। महिलाएं सुरक्षित नहीं थीं। अब
महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा दिलाने का काम भाजपा ने किया है।

ट्रैक्टर चलाकर पहुंचे बेनीवाल-
प्रदर्शनी मैदान से शुरु ट्रैक्टर रैली में क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल ने खुद ट्रैक्टर चलाया। बाईपास रोड से होते हुए रैल शाम करीब चार बजे विवेक कॉलेज पहुंच कर संपन्न हुई। दावा किया गया कि सदर विधायक सूचि चौधरी सबसे ज्यादा 500 से ज्यादा ट्रैक्टर लेकर पहुंचीं। इसके अलावा अन्य
नेताओं ने भी ट्रैक्टर की संख्या के साथ अपना शक्ति प्रदर्शन किया।

मंच पर ये रहे मौजूद-
मुख्य अतिथि क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल, किसान मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष तेजा गुर्जर, प्रदेश महामंत्री किसान मोर्चा श्याम बाबू त्रिवेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी, सदर विधायक सुचि मौसम
चौधरी, विधायक कमलेश सैनी, पूर्व सांसद राजा भारतेंद्र सिंह, चौधरी ओमपाल सिंह, प्रिंस चौधरी, खेल सिंह राजपूत, राहुल चौधरी, सीपी सिंह, अनूप वाल्मीकि, राजीव सिसौदिया पूर्व जिलाध्यक्ष, सुखविन्दर सोम क्षेत्रीय अध्यक्ष युवा मोर्चा मंच पर मौजूद रहे।

आयुष चौहान ने भी दिखाई ताकत

बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी के सिपाहियों ने बढ़ चढ़कर ट्रैक्टर अभियान में भाग लिया। जिला पंचायत सदस्य आयुष चौहान के नेतृत्व में 101 ट्रैक्टर का रेला नूरपुर से बिजनौर के लिए रवाना हुआ। इसमें नूरपुर के नगर अध्यक्ष धर्मेंद्र जोशी, भाजपा युवा नेता अंकित जोशी, प्रेमपाल सिंह रवि, सरदार हरभजन सिंह रवि, सरदार गुरनाम सिंह, सचिन राणा, विनीत चौधरी आदि उपस्थित रहे। आयुष चौहान ने बताया कि ट्रैक्टर ट्रॉली रैली नूरपुर से बिजनौर ऐतिहासिक रूप में पहुंच रही है। यह अब तक की सबसे बड़ी ट्रैक्टर रैली होगी।

विनोद राठी व मंजू चौधरी भी दलबल के साथ पहुंचे- बिजनौर। पूर्व ब्लॉक प्रमुख और सदर सीट से प्रबल दावेदार विनोद राठी 251 ट्रैक्टर के साथ विधानसभा – 22 से आए समर्थकों व मंजू चौधरी ट्रैक्टर ट्राली के दलबल के साथ रैली में शामिल हुई। राठी द्वारा रैली मार्ग पर टेंट लगाकर ट्रैक्टर रैली आए हुए सभी लोगों के जलपान की व्यवस्था की गई।

उधर सदर सीट से ही भाजपा के टिकट की महिला दावेदार मंजू चौधरी ने खुद ट्रैक्टर चलाकर रैली में भागीदारी। ट्रैक्टर रैली पर पुष्पवर्षा की गई। महिला का ट्रैक्टर चलाकर रैली में शामिल होना जितना चर्चा का विषय बना, उतनी ही चर्चा उस ट्रैक्टर की भी हुई, जिस पर वे सवार थी। उनके साथ भी ट्रैक्टरों की लंगी कतारें गई और किसानों ने भाजपा के साथ मंजू चौधरी के जयकारे लगाकर विपक्षियों को ताकत का अहसास कराया।

कृषि कानून: जीता कोई भी हो, हारा तो किसान ही है!

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के तीनों कृषि कानून वापिस लेने की घोषणा पर आंदोलनरत किसान नेता इसे अपनी जीत मान रहे हैं। कुछ कह रहे हैं कि इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार की छवि खराब हुई है। भाजपाई खुश हैं कि इससे उन्हें किसानों का विरोध नहीं झेलना होगा। इस राजनैतिक शतरंज की बाजी में चाहे किसी दल को लाभ मिले या न मिले पर सबसे बड़ा नुकसान किसान का हुआ है। अब कोई भी राजनैतिक दल, कोई भी सरकार किसान हित के कानून बनाते डरेगी। किसान हित की बात करते कई बार सोचेगी। इस लड़ाई में जीता कोई भी हो पर वास्तव में हारा तो किसान है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कानून वापस लेने की घोषणा से कांग्रेस सहित देश का विपक्ष परेशान है कि उसके हाथ से एक बड़ा मुद्दा छिन गया। तीनों कृषि कानून काफी समय से लंबित थे। भाजपा से पूर्ववर्ती सरकार इन पर चिंतन और मनन कर रही थीं। उनकी इच्छा शक्ति नहीं थी। इसलिए वह लागू नहीं कर पाई।भाजपा ने यह सोचकर ये कृषि कानून बनाए कि इनका किसानों के साथ उन्हें लाभ मिलेगा, पर हुआ उल्टा। उन्हें ये कानून वापिस लेने पड़े। बकौल कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर; हम आंदोलनकारी किसान नेताओं को अपनी बात सही से नहीं समझा पाए। एक बात और क्या तीनों कृषि कानून में सब गलत थाॽ क्या कुछ भी किसान हित में नही थाॽ क्या कोई सरकार ऐसा कर सकती हैॽ इस पर सोचना किसी ने गंवारा नहीं किया।

किसी ने कहा है कि एक झूठ को इतनी बार बोलो, इस तरह बोलो कि वह सच लगने लगे; सच बन जाए। इस मामले में ऐसा ही हुआ भी। किसानों के लाभ के लिए बने कृषि कानून लगातार बोले जा रहे झूठ के कारण किसान विरोधी लगने लगे।

कानून लागू करने के बाद किसान आंदोलन को देखते हुए सरकार ने बार− बार किसान नेताओं से कहा कि वे कानूनों की कमियां बताए, सरकार संशोधन करेगी। सुधार करेगी। किसान नेता ने कभी कमी नहीं बताई। उनकी एक ही रट रही कि सरकार तीनों कानून वापिस ले।

आंदोलनकारी बजिद थे कि सरकार कानून वापिस ले। आंदोलनकारियों के बीच कुछ ऐसे लोग आ गए कि वह इस मामले को निपटने देना नहीं चाहते थे। एक तरह से हालात यह बनते जा रहे थे कि सरकार बल प्रयोग करे। गोली चलाए। किसान नेता चाहते थे कि आंदोलन वापिस हो या सरकार लाठी −गोली चलाए। सरकार इससे बचना चाहती थी। जो हालत 26 जनवरी पर किसान प्रदर्शन के दौरान थे, वैसे ही अब थे । इसीलिए ये सब टलता रहा। आ रही सूचनाओं , सूचना तंत्र की मिल रही खबरों के आधार पर सरकार पीछे हट गई। उसने किसान कानून वापिस लेने की घोषणा कर दी।

प्रधानमंत्री मोदी तथा भाजपा के नेतृत्व को लगा कि इससे मामला टल जाएगा। …लेकिन ऐसा होने वाला लगता नहीं। विपक्ष और आंदोलनकारी नेता इसे चुनाव तक गरमाए रखना चाहतें हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती ने मांग की है कि सरकार किसान आंदोलन में मरने वाले सात सौ किसानों के परिवार को मुआवजा और परिवार के एक – एक सदस्य को सरकारी नौकरी दे। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आंदोलन के दौरान शहीद हुए प्रत्येक किसानों के परिजनों को 25-25 लाख रुपए का मुआवजा देने की । यही बात कई अन्य विपक्षी नेता कह रहे हैं।

किसान नेता राकेश टिकैत और किसान संयुक्त मोर्चा के सदस्य शिवकुमार शर्मा कक्काजी का कहना है कि कानून वापिस होने के बाद ही वह आंदोलन खत्म करेंगे। वे किसान की उपज का न्यूनतम मूल्य निर्धारित करने के लिए कानून बनाने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं। राकेश टिकैत ने मांग की है कि सरकार एमएसपी पर उनसे बात करे। इस पर बात होगी तो और कुछ मामला उठ जाएगा। किसान नेता एसपी सिंह का कहना है कि सरकार ने बहुत देर से फैसला लिया। हमारे 700 से अधिक किसान आंदोलन की भेंट चढ़ चुके हैं। उनकी शहादत हुई है। हमने बहुत कुछ खोया है। इसलिए सरकार के लिए तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना भर काफी नहीं है। उसे इस आंदोलन में अपनी जान गंवाने वाले किसानों को मुआवजा देने की घोषणा भी करनी होगी। कुछ बिजली बिल माफ करने की मांग कर रहे हैं। हालत यह हो गई है कि जितने मुंह हैं, उससे ज्यादा नई मांग हो रही हैं। किसान नेताओं की इस प्रतिक्रिया से लग रहा है कि अभी बहुत आसानी से सबकुछ पटरी पर आने वाला नहीं है। कांग्रेस और विपक्ष भी अभी इस मुद़दे को खत्म नहीं होने देगा। एक बात और पश्चिम उत्तर प्रदेश का किसान विशेषकर जाटों का बड़ा मुद्दा अभी नहीं उठा। पिछले चुलाव में जाट आरक्षण की मांग उठी थी। तब भी कहा गया था कि भाजपा जाटों को आरक्षण दे, नहीं तो उसका बाँयकाट किया जाएगा। अब फिर चुनाव आने को है, जाट समाज इसे फिर गरमाएगा। अभी वह किसान आंदोलन की वजह से चुप है।

इस पूरे आंदोलन की खास बात ये है कि किसान नेता सक्रिय हैं, विपक्ष सक्रिय है, सक्रिय नहीं है तो किसान। खमोश है तो किसान। उसकी ये खामोशी, उसकी ये चुप्पी उसे अब लंबे समय तक नुकसान पहुंचाएगी। उसके हित की; कल्याण की योजनाएं बनाते आने वाली सरकारें डरेंगी।

अशोक मधुप (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

भाकियू की मासिक पंचायत में उठा गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतौली का मुद्दा

गन्ना समिति में भारतीय किसान यूनियन की पंचायत

भाकियू की मासिक पंचायत में गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतौली का मुद्दा उठाया। रोक न होने पर गन्ना अधिकारियों का करेंगे घेराव।

नूरपुर (बिजनौर)। गन्ना विकास समिति परिसर में भारतीय किसान यूनियन की मासिक पंचायत सम्पन्न हुई। मंगलवार को हुई पंचायत में किसानों ने गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतोली का मुद्दा उठाते हुए रोक न होने पर गन्ना अधिकारियों का घेराव करने का निर्णय लिया है।
इसके अलावा धान क्रय केन्द्र पर किसान के आधार संख्या के साथ किसान की फर्द लिंक करने, गन्ना क्रय केंद्रों पर 9 कुंटल की बजाय अट्ठारह कुंटल की पर्ची जारी करने की मांग की। कहा कि 19 कुंटल की पर्ची कैलेंडर में दर्शाने पर किसान भ्रमित हो रहे हैं क्योंकि 9 क्विंटल की दो पर्ची मिलाकर ही क्रय केंद्रों पर गन्ना तोला जा रहा है। गन्ने की पर्ची मोबाईल पर भेजने के बजाय किसान को सीधे मुहैया कराने की मांग की गई। ब्लाक अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण शर्मा ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में गन्ना समिति द्वारा किसानों से घोषणा पत्र मांगने का विरोध करते हुए कहा कि कोई भी किसान समिति को घोषणा पत्र प्रस्तुत नही करेगा। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि शासन प्रशासन ने किसान को घोषणा पत्र जमा करने के लिए बाध्य किया तो यूनियन उग्र स्तर पर इसका विरोध करेगी। यूनियन के वरिष्ठ नेता जिला पंचायत सदस्य उत्तम सिंह के संचालन में सम्पन्न हुई पंचायत में ब्लॉक सचिव मोनू चौधरी, विक्रम सिंह, यशवंत सिंह, सीताराम, मोती सिंह, अशोक कुमार, देवेंद्र कुमार, ओमप्रकाश सिंह, वीर सिंह, बलजीत सिंह, नन्हे सिंह, धर्मवीर सिंह, गजेंद्र सिंह, बबलू, चमन सिंह, छत्रपाल सिंह, रामकुमार, महेश सिंह, राजबहादुर, अमर सिंह आदि किसानों ने विचार व्यक्त किये।

लाखों किसानों को बर्बाद फसलों का मुआवजा ₹ साढ़े 74 करोड़

लखनऊ (प्रयाण समाचार)। प्रदेश में 48 जिलों के 208793 किसानों को उनकी बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा देने के लिए 74 करोड़ 52 लाख 94 हजार 208 रुपए दिए जा रहे हैं। अपर मुख्य सचिव राजस्व मनोज कुमार सिंह ने बुधवार को इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभागीय अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित किसानों को हर संभव सहायता देने का निर्देश दिया है। इस आधार पर जिलों से फसलें बर्बाद होने से प्रभावित किसानों का ब्यौरा मांगा गया था।

राहत आयुक्त कार्यालय की वेबसाइट पर ऐसे 827451 प्रभावित किसानों की जानकारी फीड की गई है। इस आधार पर 48 जिलों के 208793 किसानों को सहायता राशि देने का फैसला किया गया है। किसानों को सहायता राशि बांटने की जानकारी राहत आयुक्त कार्यालय को ऑनलाइन दी जाएगी। राज्य सरकार इसके पहले भी बाढ़ प्रभावित किसानों को सहायता राशि बांटने के लिए पैसे दे चुकी है।

अपर मुख्य सचिव राजस्व ने झांसी, ललितपुर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, देवरिया, खीरी, बहराइच, अलीगढ़, गाजीपुर, मऊ, कुशीनगर, संतकबीर नगर, वाराणसी, सीतापुर, पीलीभीत, बलरामपुर, बलिया, बरेली, बाराबंकी, जालौन, बस्ती, चंदौली, कानपुर देहात, बिजनौर, अंबेडकरनगर, रामपुर, महोबा, हमीरपुर, मुरादाबाद, कानपुर शहर, श्रावस्ती, हरदोई, गोंडा, चित्रकूट, सुल्तानपुर, अमेठी, आजमगढ़, कन्नौज, फर्रुखाबाद, मेरठ, उन्नाव, बदायूं, भदोही व मुजफ्फरनगर के डीएम को इस संबंध में निर्देश भेजते हुए सहायता राशि देने का निर्देश दिया है।

किसान कल्याण मिशन: 1 नवंबर से प्रारंभ होंगी किसान पाठशालाएं


किसान कल्याण मिशन के अंतर्गत जनपद में 1 नवंबर से प्रारंभ होंगी किसान पाठशालाएं।

बिजनौर। किसान कल्याण मिशन के अंतर्गत जनपद में 1 नवंबर से किसान पाठशालाएं प्रारंभ होंगी। यह जानकारी देते हुए उप कृषि निदेशक गिरीश चंद ने अवगत कराया कि जनपद की प्रत्येक न्याय पंचायतों की 2 ग्राम सभाओं में किसान पाठशालाओं का आयोजन किया जाएगा। रवि अंतर्गत न्याय पंचायत के पहले ग्राम में दिनांक 1 व 2 नवंबर को व दूसरी किसान पाठशाला दिनांक 11 में 12 नवंबर को अपराह्न 2:30 बजे से 5:00 बजे तक आयोजित की जाएगी। इन पाठशालाओं के माध्यम से कृषकों को फसल प्रबंधन एवं रवि मौसम में बोई जाने वाली फसलों की तकनीकी जानकारी दिए जाने के साथ साथ गन्ना, पशुपालन, मत्स्य व उद्यान विभाग की योजनाओं के संबंध में भी जानकारी दी जाएगी।

राहत: बिना सत्यापन 100 कुंतल तक धान बेच सकेंगे किसान

लखनऊ। किसानों के लिए बिना सत्यापन के धान बेचने की सीमा 50 कुंतल से बढ़ा कर 100 कुंतल कर दी गई है। किसानों को बुआई के रकबे के सत्यापन के लिए एसडीएम के चक्कर लगाने पड़ते थे। इससे सत्यापन के मामले बढ़ने के साथ ही धान खरीद में तेजी नहीं आ पा रही थी।

धान खरीद में बुआई के रकबे के सत्यापन के बिना धान बेचने का प्रावधान नहीं था। अक्तूबर की शुरुआत में ही 50 कुंतल तक रकबे के  सत्यापन की शर्त हटा दी गई थी। अब इस सीमा को बढ़ाते हुए 100 कुंतल किया गया है। किसानों को अफसरों के न मिलने पर तहसीलों का चक्कर लगाना पड़ता था। इसके बावजूद चकबंदी के तहत गांवों के किसानों का धान, चकबंदी सबंधी प्रमाणपत्रों के ऑनलाइन सत्यापन के बाद ही खरीदा जाएगा।  इस बार कॉमन धान श्रेणी 1940 रुपए प्रति कुंतल व ग्रेड ए के धान का मूल्य 1960 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है।  

गन्ना ब्याज हुंकार रैली से सरकार पर बनेगा दबाव: सरदार वीएम सिंह

लोहा गरम है, किसान चोट कर दे। बढ़े हुए 25 रुपए वापस ले ले सरकार। डीजल आदि हर चीज का दाम पांच साल पहले जैसा कर दे।

बिजनौर। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 27 अक्तूबर तक ब्याज सहित गन्ना भुगतान के निर्देश दिए हैं। सरकार पर कोर्ट का दबाव है। मिल मालिकों से एक बार ब्याज ले लिया तो फिर कभी किसान को भुगतान के लिए धरना नहीं देना होगा।

अमरोहा में आयोजित गन्ना ब्याज हुंकार रैली में जाने से पहले बिजनौर पहुंचे वीएम सिंह ने गन्ना समिति में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि किसान को लागत का डेढ़ गुना वादा करने वाली सरकार अब गन्ने में चार साल बाद केवल 25 रुपए बढ़ा रही है। सरकार ये बढ़ी रकम वापस ले ले और डीजल आदि हर चीज का दाम पांच साल पहले जैसा कर दे। गन्ना दाम कम से कम 450 रुपए प्रति क्विंटल होना चाहिए था।

उन्होंने कहा कि 25 साल हम लड़े। पिछली सरकार ने ब्याज माफ कर दिया। लोहा गरम है, किसान चोट कर दे। चुनाव आ गए हैं, योगी जी को पता चल जाएगा। ब्याज मिल जाए तो हर एकड़ पर किसान के घर मे 25-25 हजार रुपए ब्याज आ जाएगा, उसके त्योहार अच्छे मन जाएंगे। कई मिल ग्रुप ऐसे भी हैं जो किसानों को विलंब भुगतान का ब्याज देने के नाम पर नुकसान दिखा रहे थे और अब कई कई चीनी मिल खोल चुके हैं। उन्होंने कहा कि भुगतान न मिलने पर किसान को गन्ना समिति को ब्याज देना पड़ता है तो किसान को भी सरकार से ब्याज लेने का अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट ने ब्याज सहित भुगतान देने को कहा है। सरकार पर कोर्ट का दबाव है।

लखीमपुर खीरी प्रकरण में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि गृह राज्यमंत्री अजय शर्मा के गलत बयान की वजह से किसान भड़के और ये हादसा हुआ। मंत्री पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उनके साथ वेस्ट यूपी महासचिव कैलाश लांबा, जिलाध्यक्ष विनोद कुमार आदि रहे।

55,243 अपात्रों से वसूली जाएगी किसान सम्मान निधि योजना की रकम

बरेली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद अब अपात्रों से रिकवरी की तैयारी है। सरकारी नौकरी में होने या फिर अच्छा बिजनेस करने के बावजूद भी 55,243 खातों में सम्मान निधि की धनराशि पहुंच रही थी। बरेली मंडल में सितंबर में शासन स्तर पर मामले की जांच कराई गई। तब फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। अब इन अपात्रों को जिला कृषि विभाग की ओर से रिकवरी नोटिस जारी किए जा रहे हैं। वसूली गई रकम भारत सरकार के कोष में जमा कराई जाएगी।

केंद्र सरकार के पास तीन महीने पहले प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि योजना के संबंध में फर्जीवाड़ा की शिकायतें पहुंची थीं। आरोप था कि बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं, जो किसान नहीं बल्कि सरकारी नौकरी में हैं या फिर बड़े बिजनेस कारोबारी हैं। इसके बावजूद भी उनके खाते में सम्मान निधि योजना की रकम पहुंच रही है। शासन स्तर पर मामले की जांच के दौरान जिला स्तर पर जब सम्मान निधि की रिपोर्ट मांगी गई तो जांच में खुलासा हुआ।

विभागीय सूत्रों का कहना है कि प्रदेश में 2,34,010 आयकर दाता, 32,393 मृतक, 3,86,250 गलत खाते पकड़े गए। 57,987 अपात्र और 68,540 अवैध आधार कार्ड मिले। प्रदेश में 7,79,180 अपात्रों को सम्मान निधि का लाभ मिल रहा था। बरेली मंडल में सम्मान निधि का लाभ लेने वाले आयकर दाता 8,314, मृतक 2189, गलत खाता में भुगतान वाले 31,637, अपात्र 5,336, अवैध आधार 7,767 कुल मिलाकर 55,243 लोग चिन्हित किए गए। यह वह लोग हैं, जो गलत तरीके से सम्मान निधि का लाभ ले रहे थे। बरेली जिले में 16707, बदायूं में 15743, पीलीभीत में 12817 व शाहजहांपुर में 9,976 लोग सम्मान निधि को अपात्र चुने गए हैं।

आधार कार्ड से पकड़ में आया घपला

सरकार ने किसान सम्मान निधि लेने वाले किसानों की सत्यापन रिपोर्ट आधार कार्ड से कराई। बैंक एकाउंट में आधार नंबर को डालकर सर्च करते ही आधार से जुड़े सभी एकाउंट लिंक हो गए। जांच में बरेली मंडल में 8,314 आयकर दाता किसान सम्मान निधि का लाभ लेते मिले। 5,336 ऐसे किसान चिन्हित हुए, जिनके एक परिवार में कई- कई लोग सम्मान निधि ले रहे थे। पत्नी, बेटे और बहू के खाते में भी सम्मान निधि पहुंच रही थी। जो किसान मर गए, उनके खाते भी सम्मान निधि आ रही थी। ऐसे 2189 मृतकों के खाता पकड़ में आए। 31,637 गलत खाते मिले।

बरेली मंडल में कुल 55,243 अपात्र: किसान सम्मान निधि पाने वालों का सत्यापन जिला स्तर पर किया गया। किसान के नाम, पिता या पति का नाम, गांव, आधार संख्या, खसरा खतौनी की जांच ऑनलाइन की गई। मण्डल में 55,243 अपात्र मिले। उनको रिकवरी नोटिस भेजे जा रहे हैं। -धीरेंद्र सिंह चौधरी प्रभारी उप कृषि निदेशक

चोरी करने से रोका तो दबंगों ने जहर डाल कर तालाब की मछलियों को मारा

बिजनौर। तालाब में मछलियां पालने वाले ने गांव के ही चार दबंगों को मछली चोरी करते पकड़ा तो पुत्र समेत पीटा गया। इतने पर भी मन नहीं भरा तो दबंगों ने तालाब में जहर डाल कर सभी मछलियों की जान ले ली। उस पर थाना पुलिस भी उस्ताद निकली, पीड़ित की शिकायत पर दोनों ही पक्षों का चालान कर दिया। अब पीड़ित मछली पालक की पत्नी ने कलक्ट्रेट पहुंच कर न्याय की गुहार लगाई है। मरी हुई मछलियों की कीमत ₹पांच लाख बताई गई है।

ये है पूरा मामला: नूरपुर थाना क्षेत्र के गांव उमरी खादान निवासी किसान शहीद अहमद ने गांव में ही एक तालाब में मछली पालन किया हुआ है। एक रात्रि में शहीद ने अपने तालाब से मछलियां चोरी करते हुए गांव के ही कुछ दबंगो को मौके पर पकड़ा। आरोप है कि शहीद ने जब इन सभी को मछली चोरी करने के लिए मना किया तो उक्त लोगों ने शहीद व उसके लड़के सैफ अली की जमकर मारपीट कर दी। इसमें शहीद और सैफ घायल हो गए। घायलों द्वारा अस्पताल में उपचार कराया गया। बाद में इकबाल, मानू, इसरार और फयाजू के खिलाफ तहरीर दी गई तो पुलिस ने कार्यवाही करते हुए दोनों पक्ष के लोगों का चालान कर दिया।

न्याय की गुहार: इसी के चलते पीड़ित शहीद की पत्नी ग्रामीणों और परिजनों के साथ कलक्ट्रेट परिसर पहुंची। वहां उसने जिला प्रशासन से मरी मछलियों के मुआवजे और उक्त दबंगो के खिलाफ कार्यवाही की गुहार लगाई। मरी हुई मछलियों की कीमत ₹पांच लाख बताई गई है।

प्रधानमंत्री ने विशेष गुणों वाली फसलों की 35 किस्में कीं राष्ट्र को समर्पित


राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान, रायपुर का नवनिर्मित परिसर राष्ट्र को समर्पित।

कृषि विश्वविद्यालयों को ग्रीन कैंपस अवार्ड भी वितरित।

“जब भी किसानों और कृषि को सुरक्षा कवच मिलता है, उनका तेजी से विकास होता है”- मोदी

“हमारी प्राचीन कृषि परंपराओं के साथ-साथ भविष्य की ओर आगे बढ़ना भी समान रूप से महत्वपूर्ण है”

नई दिल्ली (PMO)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विशेष गुणों वाली फसलों की 35 किस्में राष्ट्र को समर्पित कीं। उन्होंने राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान, रायपुर का नवनिर्मित परिसर भी राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कृषि विश्वविद्यालयों को ग्रीन कैंपस अवार्ड वितरित किये। उन्होंने उन किसानों के साथ बातचीत की, जो नवोन्मेषी तरीकों का उपयोग करते हैं तथा सभा को भी संबोधित किया।  

प्रधानमंत्री ने जम्मू और कश्मीर के गांदरबल की श्रीमती जैतून बेगम, बुलंदशहर उत्तर प्रदेश के किसान और बीज उत्पादक श्री कुलवंत सिंह, बारदेज, गोवा की रहने वाली श्रीमती दर्शना पेडनेकर, मणिपुर के श्री थोइबा सिंह व उधम सिंह नगर, उत्तराखंड के निवासी श्री सुरेश राणा से उनके क्षेत्र व कार्य से संबंधित बातचीत की।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले छह-सात वर्षों में कृषि से संबंधित चुनौतियों के समाधान के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी का प्राथमिकता के आधार पर उपयोग किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारा सबसे ज्यादा ध्यान अधिक पौष्टिक बीजों पर है, जो खासकर बदलते मौसम में, नई परिस्थितियों के अनुकूल हैं।”

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि जब भी किसानों और कृषि को सुरक्षा कवच मिलता है तो उनका विकास तेजी से होता है। उन्होंने बताया कि भूमि के संरक्षण के लिए 11 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए गए हैं। प्रधानमंत्री ने सरकार की किसान-हितैषी पहलों के बारे में बताया, जैसे – किसानों को जल सुरक्षा प्रदान करने के लिए लगभग 100 लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए अभियान, फसलों को बीमारियों से बचाने के लिए किसानों को नई किस्मों के बीज उपलब्ध कराना और इस प्रकार अधिक उपज प्राप्त करना। उन्होंने कहा कि एमएसपी बढ़ाने के साथ-साथ खरीद प्रक्रिया में भी सुधार किया गया ताकि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके। रबी सीजन में 430 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद की गई है और किसानों को 85 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। महामारी के दौरान गेहूं खरीद केंद्रों की संख्‍या को तीन गुना से अधिक बढ़ाया गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों को तकनीक से जोड़कर हमने उनके लिए बैंकों से मदद लेना आसान बना दिया है। आज किसानों को मौसम की जानकारी बेहतर तरीके से मिल रही है। हाल ही में 2 करोड़ से अधिक किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्‍ध कराए गए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण जो नए प्रकार के कीट, नई बीमारियां, महामारियां आ रही हैं, इससे इंसान और पशुधन के स्वास्थ्य पर भी बहुत बड़ा संकट आ रहा है और फसलें भी प्रभावित हो रही है। इन पहलुओं पर गहन रिसर्च निरंतर जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब साइंस, सरकार और सोसायटी मिलकर काम करेंगे तो उसके नतीजे और बेहतर आएंगे। किसानों और वैज्ञानिकों का ऐसा गठजोड़, नई चुनौतियों से निपटने में देश की ताकत बढ़ाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसान को सिर्फ फसल आधारित इनकम सिस्टम से बाहर निकालकर, उन्हें वैल्यू एडिशन और खेती के अन्य विकल्पों के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि साइंस और रिसर्च के समाधानों से अब मोटे अनाजों सहित अन्य अनाजों को और विकसित करना ज़रूरी है। उन्‍होंने कहा इसका मकसद ये कि देश के अलग-अलग हिस्सों में, अलग-अलग ज़रूरतों के हिसाब से इन्हें उगाया जा सके। उन्होंने लोगों से कहा कि वे संयुक्त राष्ट्र द्वारा आगामी वर्ष को मिलेट वर्ष घोषित किए जाने के फलस्‍वरूप उपलब्‍ध होने वाले अवसरों का उपयोग करने के लिए तैयार रहें।

बीते 6-7 सालों में साइंस और टेक्नॉलॉजी को खेती से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए प्राथमिकता के आधार पर उपयोग किया जा रहा है।

विशेष रूप से बदलते हुए मौसम में, नई परिस्थितियों के अनुकूल, अधिक पोषण युक्त बीजों पर हमारा फोकस बहुत अधिक है: PM @narendramodi— PMO India (@PMOIndia) September 28, 2021

पिछले वर्ष ही कोरोना से लड़ाई के बीच में हमने देखा है कि कैसे टिड्डी दल ने भी अनेक राज्यों में बड़ा हमला कर दिया था।

भारत ने बहुत प्रयास करके तब इस हमले को रोका था, किसानों का ज्यादा नुकसान होने से बचाया था: PM @narendramodi— PMO India (@PMOIndia) September 28, 2021

किसानों को पानी की सुरक्षा देने के लिए, हमने सिंचाई परियोजनाएं शुरू कीं, दशकों से लटकी करीब-करीब 100 सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने का अभियान चलाया।

फसलों को रोगों से बचाने के लिए, ज्यादा उपज के लिए किसानों को नई वैरायटी के बीज दिए गए: PM @narendramodi— PMO India (@PMOIndia) September 28, 2021

MSP में बढ़ोत्तरी के साथ-साथ हमने खरीद प्रक्रिया में भी सुधार किया ताकि अधिक-से-अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके।

रबी सीजन में 430 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेंहूं खरीदा गया है।

इसके लिए किसानों को 85 हजार से अधिक का भुगतान किया गया है: PM @narendramodi— PMO India (@PMOIndia) September 28, 2021

किसानों को टेक्नोलॉजी से जोड़ने के लिए हमने उन्हें बैंकों से मदद को और आसान बनाया गया है।

आज किसानों को और बेहतर तरीके से मौसम की जानकारी मिल रही है।

हाल ही में अभियान चलाकर 2 करोड़ से ज्यादा किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड दिए गए हैं: PM @narendramodi— PMO India (@PMOIndia) September 28, 2021

जलवायु परिवर्तन के कारण जो नए प्रकार के कीट, नई बीमारियां, महामारियां आ रही हैं, इससे इंसान और पशुधन के स्वास्थ्य पर भी बहुत बड़ा संकट आ रहा है और फसलें भी प्रभावित हो रही है।

इन पहलुओं पर गहन रिसर्च निरंतर ज़रूरी है: PM @narendramodi— PMO India (@PMOIndia) September 28, 2021

जब साइंस, सरकार और सोसायटी मिलकर काम करेंगे तो उसके नतीजे और बेहतर आएंगे।

किसानों और वैज्ञानिकों का ऐसा गठजोड़, नई चुनौतियों से निपटने में देश की ताकत बढ़ाएगा: PM @narendramodi— PMO India (@PMOIndia) September 28, 2021

किसान को सिर्फ फसल आधारित इनकम सिस्टम से बाहर निकालकर, उन्हें वैल्यू एडिशन और खेती के अन्य विकल्पों के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है: PM @narendramodi— PMO India (@PMOIndia) September 28, 2021

साइंस और रिसर्च के समाधानों से अब मिलेट्स और अन्य अनाजों को और विकसित करना ज़रूरी है।

मकसद ये कि देश के अलग-अलग हिस्सों में, अलग-अलग ज़रूरतों के हिसाब से इन्हें उगाया जा सके: PM @narendramodi— PMO India (@PMOIndia) September 28, 2021

Cafe D, शॉपर्स प्राइड मॉल, बिजनौर

अभूतपूर्व रहा किसानों का चक्का जाम

बिजनौर। कृषि कानून, किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने जनपद में करीब 33 स्थानों पर चक्का जाम किया। इस दौरान किसानों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया।

भारतीय किसान यूनियन की ओर से 27 सितंबर को भारत बंद के आह्वान के तहत जनपद बिजनौर में करीब 33 स्थानों पर चक्का जाम किया गया। इस दौरान उन्होंने एंबुलेंस, अंतिम संस्कार के वाहन व स्कूली वाहनों को जाने दिया। किसानों के द्वारा किए गए चक्का जाम से पूरे जिले भर में वाहनों की लंबी-लंबी कतारें सड़कों पर दिखाई दी। किसानों ने बिजनौर के बैराज मार्ग पर कुलदीप सिंह, चांदपुर धनौरा मार्ग बागढपुर में रोहताश सिंह, जलीलपुर चौराहा पर हुकुम सिंह, चांदपुर बास्टा मार्ग पर ग्राम कौशल्या में महिपाल सिंह, स्याऊ छाछरी लदुपुरा में कल्याण सिंह, बिजनौर चांदपुर मार्ग पर रौनिया में अशोक कुमार, चांदपुर थाना चौराहे पर अशोक कुमार, बालकिशन पुर चौराहे पर उदयवीर सिंह, गोलबाग चौराहा पर नितेन्द्र सिंह प्रधान, दारानगर गँज में डालचंद प्रधान, नगीना बढापुर मार्ग पर धर्मवीर सिंह, नहटौर नूरपुर मार्ग पर बालापुर में देवेन्द्र सिंह, नहटौर धामपुर मार्ग पर गागन नदी पर विजयपाल सिह, फुलसदा खाकम में सदीप कुमार, नहटौर चादपुर मार्ग पर सदरूद्दीन नगर में सजीव कुमार, बिजनौर कोतवाली मार्ग पर पीली चौकी में मौन्टी कुमार, मण्डावर में पीतमद्वार पर विजयपाल सिंह, बिजनौर चंदक मार्ग पर दौलतपुर में डा. विजयपाल सिंह, स्योहारा थाना चौक पर गजेन्द्र सिंह, अफजलगढ़ चौराहा पर दर्शनपाल सिंह फौजी, धामपुर नहटौर मार्ग पर गजुपुरा में दुष्यंत राणा, धामपुर नूरपुर मार्ग पर नीदडू में राजेन्द्र सिंह, पुरैनी चौराहा पर डा योगेन्द्र सिंह, अकबराबाद चौराहा पर बलजीत सिंह, कोतवाली नहटौर मार्ग पर साहबपुरा में मुनेश कुमार, बिजनौर कोतवाली मार्ग पर बान के पुल पर समरपाल सिंह, बिजनौर किरतपुर मार्ग पर हुसैनपुर में भोपाल राठी, मण्डावली चौराहा पर अवनीश चौहान, नागलसोती चौराहा पर राजवीर सिंह काकरान, नजीबाबाद बूंदकी मार्ग पर लालपुर में महेन्द्र सिंह, नूरपुर शहीद चौक पर लक्ष्मीनारायण शर्मा, फीना नौगांव मार्ग पर मुराहट में मलूक, किरतपुर में नगीना चौराहे पर अरविन्द राजपूत, नगीना रायपुर मार्ग तिराहे पर वीरसिह डबास के नेतृत्व में किसानों ने चक्का जाम किया।

गंज। संयुक्त किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने हल्दौर चौराहे पर जाम लगाया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी लाइनें लग गईं। भारत बंद का गंज में मिलाजुला असर देखने को मिला। धरना प्रदर्शन की अगुवाई शंकर सिंह रवि, शेखर तोमर, परविंदर सिंह उर्फ नीटू, सरदार बूटा सिंह, चौधरी दिनेश कुमार, लवली सिंह, हरि सिंह, कबीर सिंह, परम सिंह, जयराम सिंह, सरदार सरदार मलकीत सिंह, सरदार अजीत सिंह, सरदार लाडी सिंह, अमर सिंह, उपेंद्र कुमार, नरेंद्र उर्फ कलवा आदि ने की।

स्योहारा। थाना चौराहे पर भाकियू ब्लाक अध्यक्ष चौधरी गजेंद्र सिंह टिकैत की अगुवाई में चक्का जाम किया गया। इस दौरान थानाध्यक्ष आशीष कुमार तोमर के नेतृव में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रही। इस रास्ते से गुजरने वाले ट्रैफिक को भी डायवर्ट किया गया। इस मौके पर सेकड़ो किसानों की भारी भीड़ मौजूद रही।

रोड जाम कोई हल नहीं: नरेश प्रधान

कोतवाली देहात। बंद का असर ग्रामीण क्षेत्र में देखने को नहीं मिला। रोज की तरह ही सामान्य तौर पर दुकानें खुली रही। लोग सामान्य दिनों की तरह ही अपने दुकानें व प्रतिष्ठान खोले रहे। सड़कों पर भी लोगों की आवाजाही सामान्य दिनों की तरह ही दिखाई दी। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने नेशनल हाईवे 74 पर अकबराबाद पेट्रोल पंप के सामने रोड जाम किया। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस रोड पर गश्त करती रही। भारतीय किसान यूनियन (भानु) के जिला अध्यक्ष चौधरी नरेश प्रधान का कहना है कि रोड जाम करना किसी समस्या का हल नहीं है। समस्या का हल निकालने के लिए दोनों पक्षों को आपस में बातचीत करनी चाहिए। रोड जाम करने से केवल जनता को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

अराजकता का शिकार हो गया बंद: रामनिवास यादव

लखनऊ। सोमवार को राष्ट्रीय अन्नदात यूनियन के अध्यक्ष रामनिवास यादव ने वक्तव्य जारी कर कहा कि किसान हितैषी कृषि बिलों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा एवं विपक्ष की राजनैतिक पार्टियों द्वारा बुलाया गया भारत बंद पूरी तरह अराजकता का शिकार हो गया।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से संयुक्त किसान मोर्चा के नेता एवं विपक्षी पार्टी मिलकर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, झारखण्ड, केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में सड़क जाम करके आम जनता से अभद्रता कर रहे हैं वो पूरी तरह से गलत है। ये वही प्रदेश हैं जहां विपक्ष की सरकार है। इसी प्रकार बिहार में राष्ट्रीय जनता दल एवं वामपंथी संगठनों ने अराजकता फैलाई। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता एवं नेताओं ने उत्तर प्रदेश में भी दो तीन जगहों पर अराजक आंदोलन किये। जिस प्रकार पूरे देश में संयुक्त किसान मोर्चा कथित अंदोलन, विपक्ष के कुछ राजनैतिक दलों के साथ सांठ गांठ करके किसानों को मोहरा बनाकर कर रहे हैं। वह अपनी राजनैतिक रोटियां सेक रहे हैं। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है एवं देश के किसानों को बदनाम करने की बहुत बड़ी साजिश है। अब यह कथित किसान आंदोलन संयुक्त किसान मोर्चा का न होकर विपक्ष की राजनैतिक पार्टियों का आंदोलन हो गया है। कथित किसान आंदोलन के नाम पर पूरे देश में अराजकता फैलाने का काम किया जा रहा है। इससे एक बात साफ़ होती जा रही है कि कथित अंदोलन की आड़ में राजनैतिक पार्टियां
अपना एजेंडा चलाने में सफल हो गयी हैं, जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा सिर्फ मोहरा बना है। इस कथित किसान आंदोलन में वही सब शामिल हो रहे हैं, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटने, देश में CAA, NRC लागू करने पर अराजकता फैला कर देश की राजधानी दिल्ली को आग लगाकर, दंगा फैलाकर कई लोगो की जाने ले ली थी। आज वही संगठन कथित किसान आंदोलन में शामिल होकर अराजकता फैलाने का काम कर रहे हैं। यह बात साफ़ हो गई है कि किसान हितैषी कृषि बिल तो बहाना है, असली काम दंगे कराकर अराजकता फैलाना है। इनके इस अराजक कृत्य को राष्ट्रीय अन्नदात यूनियन कभी सफल नहीं होने देगी। इस कथित किसान आंदोलन को बेनकाब करके रहेगी।

गन्ना किसानों को बुआई और बीमारियों से बचाव की दी जानकारी

बिजनौर (दीपक कुमार)। सहकारी गन्ना विकास समिति में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गन्ना किसानों को गन्ने की बुआई और बीमारियों से बचाव के बारे में जानकारी दी गई।

गन्ना किसान संस्थान प्रशिक्षण केंद्र मुरादाबाद के तत्वावधान में आयोजित शिविर में किसानों को गन्ने की फसल संबंधी विभिन्न जानकारी दी गई। इसके अलावा सहफसली खेती पर भी जोर दिया गया। कृषि वैज्ञानिक डॉ. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि किसानों को गन्ने की अच्छी पैदावार लेने के लिए अच्छे बीज की बुआई करनी चाहिए। उर्वरकों का प्रयोग भी संतुलित मात्रा में करना चाहिए।

ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक दलेश्वर मिश्र ने बताया की वैज्ञानिक विधि से गन्ने की खेती करने से और भी अच्छी पैदावार होती है। उन्होंने फसल को लगने वाली बीमारियों व उसके बचाव के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सामान्य गन्ने की बुवाई से जमीन मजबूत होती है। प्रत्येक किसान को चाहिए की एक बीघा में पांच कुंतल गन्ने की बुवाई करें। किसानों को गन्ने की पैदावार लेने के लिए अच्छे बीज की बुवाई करनी चाहिए तथा उर्वरकों का प्रयोग भी संतुलित मात्रा में करना चाहिए।

डिफेंस एक्सपो में शामिल होगी राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन

लखनऊ। राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के अध्यक्ष राम निवास यादव ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 26 सितम्बर2021 को डिफेंस एक्सपो वृन्दावन योजना लखनऊ उत्तर प्रदेश में किसान कल्याण सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में हमारी राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन ने सम्मिलित होने का निर्णय लिया है। यह कार्यक्रम देश एवं प्रदेश के किसानों के कल्याण के लिए किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में प्रदेश की अन्य किसान यूनियन भी सम्मिलित हो रही है एवं भारी संख्या में प्रदेश भर के किसान भाई सम्मिलित हो रहे है।

यूनियन के अध्यक्ष राम निवास यादव ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार एवं प्रदेश की योगी सरकार किसान भाईयों की आय बढाने हेतु लगातार कार्य कर रही है लेकिन कुछ कथित किसान यूनियन नेता राजनैतिक कारणों से कृषि बिल का विरोध कर रहे हैं। ऐसे कथित किसान नेताओं की कड़ी आलोचना करते हुए राम निवास यादव ने कहा कि आज पूरे देश का किसान नये कृषि बिलों का स्वागत एवं समर्थन करते हुए बिल के साथ है तो वहीं कुछ तथाकथित किसान नेता कुछ राजनैतिक दलों से साँठ-गाँठ कर किसान भाईयों के कृषि बिलों का विरोध कर भ्रमित कर रहे हैं जबकि इनका उद्देश्य किसान हित न होकर अपनी-अपनी राजनैतिक जमीन बनाना है।

इन कथित किसान नेताओं की करतूते पूरे देश का किसान अच्छी तरह देख एवं समझ रहा है। देश का असली किसान इन कथित किसान नेताओं का साथ नहीं दे रहा है, जिससे यह बौखलाकर बिचौलियों एवं कुछ राजनैतिक दलों के साथ साँठ-गाँठ करके मोदी सरकार को बदनाम करने की नीयत से आन्दोलन को चला रहे हैं, जबकि किसान मसीहा स्व0 महेन्द्र सिंह टिकैत ने सबसे पहले किसानों की इन्ही मांगों को लेकर आन्दोलन किया था, जिसको पूर्ववर्ती सरकारें लागू करने का साहस नहीं दिखा पायी थीं। किसानों को बिचौलियों से मुक्त किया जाये तथा देश के किसानों को अपनी फसल को अपने दामों में प्रदेश एवं देश में कही भी बेचने की अनुमति दी जाये। इसके साथ ही खेती एवं कृषि यंत्रों में भी अन्य उद्योगों की तरह सहूलियतें दी जाये। इसको मोदी सरकार ने कृषि बिलों के माध्यम से लागू किया है। राम निवास यादव ने कहा कि आज जब मोदी सरकार ने किसानों की समस्याओं को देखते हुए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार किसान हितों के लिए कृषि बिल लागू किया है तो कुछ कथित किसान नेता इन बिलों का विरोध करने लगे हैं, ऐसे किसान नेताओं का हमारी राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन घोर विरोध एवं निन्दा करती है।

राकेश टिकैत का जिले में जगह जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत

बिजनौर। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का जिले में जगह जगह कार्यकर्ताओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। वह उत्तराखंड के लक्सर में होने वाली महापंचयत में शामिल होने जा रहे थे।

भाकियू बिजनौर कार्यालय पर भाकियू युवा के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह, भाकियू के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह, सुनील कुमार, राम अवतार सिंह, अतुल कुमार, संदीप सिंह, दीपक तोमर आदि किसानों ने उनका पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। इस दौरान इकरार, वजीर, सत्यपाल, धर्मेंद्र राठी, बाबू राम तोमर, डॉ. विजय सिंह, विकास, कार्मेंद्र, सुभाष कैलाश, अंकित चौधरी, शाहनवाज अब्बासी, वजीर हसन, आजाद, शब्बू, माजिद हुसैन, राजा, शबाब काजी, दानिश सैफी आदि मौजूद रहे।

इसके बाद राकेश टिकैत के काफिले का मण्डावर चुंगी पर नगर अध्यक्ष वकार अहमद के नेतृत्व में क्षेत्र व कस्बा मण्डावर के सैकड़ों किसानों ने जोरदार स्वागत किया। इस दौरान बाबा महेन्द्र सिह टिकैत अमर रहें व राकेश टिकैत जिदाबाद के नारे गूंजते रहे।

स्वागत करने वालों में नगर पंचायत सभासद, हाजी तहज़ीब बेग, नगर अध्यक्ष विकार अहमद के पिता इकबाल अहमद, डॉक्टर अनीस, रशीद अहमद, खुर्शीद ठेकेदार, शाहिद हुसैन, अमान हैदर, विशाल, वकील अहमद, जितेंद्र पहलवान, डॉक्टर विजय सिंह, योगेश आदि शामिल रहे। वहीं मंडावर चुंगी से बालावाली जाने के दौरान क्षेत्र के ग्राम देविदासवाला, दयालवाला, मोद्दीनपुर नारायणपुर, नारायणपुर, रामजीवाला आदि में उनका जोरदार स्वागत किया गया।

किसान पाठशालाओं में फसल अवशेष न जलाने की शपथ दिलाई


बिजनौर। कृषकों को किसान पाठशालाओं में फसल अवशेष न जलाने की शपथ दिलाई गई।
द मिलियन फारमर्स स्कूल के अंतर्गत द्वितीय चरण में जनपद की 130 न्याय पंचायतों में किसान पाठशाला का आयोजन किया गया। विकास खण्ड स्योहारा के ग्राम दौलतपुर में मण्डलीय संयुक्त कृषि निदेशक जेपी चौधरी द्वारा कृषकों को फसल अवशेष न जलाने की शपथ दिलाई गई। जेपी चौधरी द्वारा फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण व भूमि की भौतिक व जैविक दशा पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभावों के संबंध में जानकारी दी गई। इन किसान पाठशाला के माध्यम से कृषकों को फसल अवशेष प्रबंधन, खरीफ फसलों के प्रबंधन व रवि फसलों की बुवाई के संबंध में जानकारी दी गई।
नोडल अधिकारी बनाये गए आत्मा प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह योगी द्वारा विकासखंड नहटौर के ग्राम विलासपुर व विकास खण्ड नूरपुर के कुण्डा खुर्द ग्राम में कृषकों को खरीफ फसल प्रबंधन व फसल अवशेष प्रबंधन व विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। सत्य प्रकाश सहायक अधिकारी कृषि रक्षा द्वारा खरीफ फसल खरीफ फसलों में कीट रोग नियंत्रण के संबंध में अवगत कराया गया।

Cafe D, शॉपर्स प्राइड मॉल, बिजनौर

भाजपा सरकार से बेहद खफ़ा है किसान-सुरेश शर्मा

मोदीनगर। उत्तर प्रदेश का किसान व गन्ना किसान भाजपा सरकार से बेहद खफा है। इसका जवाब वे उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा 2022 चुनाव में भाजपा सरकार को हरा कर देंगे।

यह आरोप राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) उत्तर प्रदेश के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश शर्मा ने अपने कैम्प कार्यालय मोदी नगर में लगाया। उन्होंने कहा कि किसान लगभग नौ माह से तीन काले कानूनों को वापस करवाने को लेकर बार्डर पर बैठा हुआ है, पर भाजपा की हिटलरशाह सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान करने को तैयार नहीं हैं। गन्ना भुगतान शासनादेश व नियमानुसार न करवाने को लेकर किसान भाजपा सरकार की केन्द्र व उत्तर प्रदेश सरकार से बेहद रूष्ट है। भाजपा सरकार ने किसानों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन पर लाठियां व पानी की बौछार करने का कार्य किया है। इसके जवाब में किसान उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने का कार्य करेंगे।
इंटक नेता ने कहा कि अधिनियम के अनुसार 14 दिन पूर्व अवधि तक देय अवशेष गन्ना मूल्य का भुगतान न करवाने के संबंध में अधिकारीगण भी दोषी हैं। नियमानुसार व शासनादेशों के अंतर्गत बकाया गन्ना भुगतान न दिलवाने के परिणाम स्वरूप अधिकारी भी अपराधी की श्रेणी में आते हैं, क्योंकि उत्तर प्रदेश में शुगर मिल्स ने नियमानुसार 14 दिन पूर्व अवधि तक गन्ना किसानों का देय गन्ना मूल्य भुगतान नहीं किया है और न ही किया जा रहा है? जबकि उत्तर प्रदेश गन्ना (पूर्ति एवं खरीद विनियमन) अधिनियम, 1953 की धारा- 17 (3) के अंतर्गत 14 दिन पूर्व अवधि पर गन्ना मूल्य भुगतान किये जाने की स्पष्ट व्यवस्था दी गई है। अग्रेतर निर्धारित अवधि में भुगतान न करने पर 12 प्रतिशत ब्याज की देयता बन जाती है। गन्ना किसानों में बकाया भुगतान मिल प्रबंधकों द्वारा न दिये जाने पर जबरदस्त रोष व्याप्त है। उत्तर प्रदेश के मिल प्रबंधक गन्ना किसानों का न तो पूर्ण रूप से भुगतान कर रहे हैं न ही ब्याज दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश शुगर मिल विभाग के अधिकारीगण व मिल प्रबंधक उत्तर प्रदेश शुगर मिल टैगिंग आदेश का उल्लंघन कर रही हैं। गन्ना एवं चीनी उत्तर प्रदेश विभाग लखनऊ के अधिकारीगण सांठ-गांठ के चलते शुगर मिलों से टैगिंग आदेश का पालन नहीं करवा पा रहे हैं, जबकि अधिनियमों व शासनादेशों का पालन करवाना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

किसान पाठशालाओं में दिलाई फसल अवशेष न जलाने की शपथ

बिजनौर। द मिलियन फारमर्स स्कूल के अंतर्गत जनपद की 130 न्याय पंचायतों में किसान पाठशाला का आयोजन किया गया। इन किसान पाठशाला के माध्यम से कृषकों को फसल अवशेष प्रबंधन, खरीफ फसलों के प्रबंधन व रवि फसलों की बुवाई के संबंध में जानकारी दी गई।

कृषि मंत्री ने किया किसान पाठशाला का शुभारंभ-
किसान पाठशाला का शुभारंभ कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही द्वारा लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से किया गया । यह लाइव स्ट्रीमिंग पूरे प्रदेश में दिखाई गई। जनपद के सभी विकास खंडों में किसान पाठशालाओं के सफल आयोजन हेतु विकास खंड स्तर पर नोडल अधिकारी नामित किए गए। विकास खंड नहटौर के ग्राम फतेहपुर में मुख्य अतिथि ब्लाक प्रमुख राकेश कुमार द्वारा किसान पाठशाला का शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर “आत्मा” प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह योगी द्वारा कृषकों को खरीफ फसल प्रबंधन व फसल अवशेष प्रबंधन व विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। सत्य प्रकाश सहायक अधिकारी कृषि रक्षा द्वारा खरीफ फसल खरीफ फसलों में कीट रोग नियंत्रण के संबंध में अवगत कराया गया। कार्यक्रम के अंत में ब्लाक प्रमुख राकेश कुमार ने कृषकों को फसल अवशेष न जलाने की शपथ दिलाई। उप कृषि निदेशक गिरीश चंद्र द्वारा एनआईसी बिजनौर में कृषकों के साथ किसान पाठशाला की लाइव स्ट्रीमिंग में प्रतिभाग किया गया। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा ने हल्दौर विकास खंड के ग्राम कुम्हारपुरा में कृषकों को खरीफ फसल प्रबंधन व विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।

कृषि बिलों का विरोध ओछी राजनीति: रामनिवास यादव

लखनऊ। राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के राष्ट्रीय अध्य्क्ष रामनिवास यादव ने संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा तीनों कृषि बिलों के विरोध में आयोजित किसान महापंचायत की आलोचना की है।

राष्ट्रीय अध्य्क्ष ने एक बयान में कहा कि मुजफ्फरनगर की किसान महापंचायत पूरी तरह से फेल हो गयी। इसमें सपा, बसपा, कांग्रेस, लोकदल सहित किसानों की फसलों को लूटने वाले दलाल किसानों के नाम पर शामिल हुए। इससे संयुक्त किसान मोर्चा का किसान हितैषी कृषि बिल पर असली चेहरा किसानों के सामने आया, जिसको पूरे देश का किसान अच्छी तरह से समझ गया है। जिस तरह से कथित किसान महापंचायत में देश विरोधी एवं देश के खिलाफ नारे लगाने वाले शामिल हुए, उससे देश का किसान अपने आप को शर्मिंदा महसूस कर रहा है। नाम किसान महापंचायत का परन्तु किसानों का एक भी मुद्दा नहीं रखा, जिन तीन कृषि बिलों का विरोध संयुक्त किसान मोर्चा एवं कुछ राजनैतिक दलों द्वारा किया जा रहा है, वह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। इनको लागू करने की मांग किसानों के मसीहा स्व. महेंद्र सिंह टिकैत जी द्वारा लगातार की जा रही था, जिसको पिछली सरकारों ने कभी लागू नहीं किया। जब केंद्र की मोदी सरकार ने किसान हित को देखते हुए तीनों कृषि बिलों को लागू किया तो पहले इन्ही किसान संगठनों ने स्वागत किया था, परन्तु आज राजनैतिक कारणों एवं कुछ राजनैतिक दलों की सांठगांठ के कारण विरोध कर रहे हैं। ये वे राजनैतिक दल हैं, जिन्होंने कभी किसान हितों के लिए स्वामीनाथन आयोग बनाया था, परन्तु इनकी सिफारिशों को कभी लागू नहीं किया। जब आज मोदी सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की लगभग सभी सिफारिशों को मानते हुए तीनों कृषि बिलों को लागू किया तो वही राजनैतिक दल विरोध करने लगे हैं। यह राजनैतिक दल एवं कुछ किसान संगठन कभी किसानों का हित नहीं चाह रहे थे, सिर्फ राजनीति करना चाह रहे थे, जिसको आज देश का किसान जान गया है। आज जब किसानों के मसीहा स्व. महेंद्र सिंह टिकैत जी का सपना पूरा हुआ तो कुछ राजनैतिक दलों ने पैसों के बल पर इनके बेटों को इन्ही की मांगों के खिलाफ खड़ा कर दिया। इनके बेटे पैसे के लालच में आकर किसान हितैषी तीनों कृषि बिलों का विरोध करने लगे जबकि पहले इनका स्वागत किया था। आज स्व. महेंद्र सिंह टिकैत जी जीवित होते तो वो भी पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह जी की तरह निर्णय लेकर अपने बेटों को अपना उत्तराधिकारी कभी नहीं बनाते। उनकी अचानक मौत का फायदा उठा कर उनके बेटों ने किसान आंदोलन को राजनैतिक आंदोलन बना दिया। वह किसानों का भला करने के नाम पर सीधा नुकसान कर रहे हैं एवं स्व. महेंद्र सिंह टिकैत जी के नाम को बदनाम करने का काम कर रहे हैं, जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है परन्तु राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन इनके मंसूबों को कभी सफल नहीं होने देगी। इनके खिलाफ देश भर में आंदोलन चलाएगी।

सरकार को झुकाने के लिए वोट की चोट जरूरी: टिकैत

मुजफ्फरनगर में किसानों की महापंचायत, 27 सितंबर को भारत बंद का ऐलान

मुजफ्फरनगर में किसानों की महापंचायत, 27 सितंबर को भारत बंद का ऐलान; टिकैत बोले- सरकार को झुकाने के लिए वोट की चोट जरूरी

लखनऊ (एजेंसी)। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि अब “महापंचायत पूरे देश में होगी। वह तीन कृषि कानूनों के खिलाफ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के जीआईसी मैदान में किसान महापंचायत में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, “हमें देश बिकने से बचाना है। हमारी मांग रहेगी कि देश, किसान, व्यापार और युवा बचे।”

LIVE Kisan Mahapanchayat in Muzaffarnagar: Now India will be closed on September  27, not 25, Kisan Morcha announced

महापंचायत के मंच से लाखों की भीड़ के बीच राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार बात करने के लिए तैयार नहीं है, बात करनी बंद कर दी है। सिर्फ मिशन यूपी नहीं, देश बचाना है। हम सिर्फ किसानों के मुद्दे नहीं उठा रहे हैं, देश में जहां-जहां गलत हो रहा है, उन्हें सामने रख रहे हैं। देश में संस्थाएं बेची जा रही हैं। सरकारी कर्मचारियों की पेंशन खत्म कर दी गई। बड़े लोग पैसे लेकर भाग रहे हैं। बिजली को प्राइवेट किया जा रहा है। सरकार एलआईसी को बेच रही है। देश का संविधान खतरे में है, इसे बचाना है। टिकैत ने कहा कि सरकार को झुकाने के लिए वोट की चोट जरूरी है।

25 नहीं, 27 सितंबर को भारत बंद-
किसान मोर्चा ने ऐलान किया है कि अब 25 नहीं बल्कि 27 सितंबर को भारत बंद होगा। इस दौरान सबकुछ बंद रहेगा। पहले 25 को भारत बंद का आह्वान किया गया था। अब यूपी संयुक्त किसान मोर्चे का गठन होगा।

महापंचायत को लेकर सुरक्षा व्यवस्था सख्त- जीआईसी मैदान के मंच से लेकर पार्किंग तक की व्यवस्था एसकेएम और बीकेयू के वालंटियर के जिम्मे रही। पहचान के लिए वालंटियर्स को आईडी कार्ड दिए गए। वहीं पुलिसबल किसानों की जिले और शहर में सुरक्षित एंट्री और उनके सकुशल प्रस्थान तक पूरी व्यवस्था पर नजर रखे है।

किसान मोर्चा ने किया 25 सितंबर को भारत बंद का ऐलान, कहा- ईंट का जवाब पत्थर  से देंगे - kisan andolan protest preparations for bharat bandh on september  25 rakesh tikait ntc - AajTak

300 से ज्यादा सक्रिय संगठन शामिल-
उधर किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि यूपी पुलिस मुजफ्फरनगर की ओर जाने वाली बसों को रोक रही है। महापंचायत में देशभर के 300 से ज्यादा सक्रिय संगठन शामिल हुए हैं। महापंचायत के मंच पर कई बड़े किसान नेता मौजूद रहे। ये सभी वे नेता हैं जो पिछले 10 महीनों से किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं।

किसान देश का गौरव: प्रियंका- किसानों की महापंचायत को लेकर यूपी कांग्रेस प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्विट कर कहा, ‘किसान इस देश की आवाज हैं। किसान देश का गौरव हैं। किसानों की हुंकार के सामने किसी भी सत्ता का अहंकार नहीं चलता। खेती-किसानी को बचाने और अपनी मेहनत का हक मांगने की लड़ाई में पूरा देश किसानों के साथ है।’

जालंधर में किसानों का धरना खत्म

चंडीगढ़ (एजेंसी)। गन्ने का मूल्य प्रति क्विंटल 360 रुपए तय होने के बाद किसानों और पंजाब सरकार के बीच जारी विवाद समाप्त हो गया। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट में स्वयं यह जानकारी दी। इसी के साथ किसानों ने जालंधर से धरना हटाने की घोषणा कर दी है।

कैप्टन ने लिखा कि उनकी सरकार का उद्देश्य समूची फसली विभिन्नता के प्रयासों के रूप में पंजाब में गन्ने के उत्पादन को बढ़ाना व चीनी की रिकवरी सुधार करना है। बैठक के बाद किसानों ने कैप्टन अमरिंदर सिंह का मुंह मीठा भी करवाया। इसी के साथ किसानों ने जालंधर से धरना हटाने की घोषणा कर दी है। किसान नेता मनजीत सिंह राय ने इसकी पुष्टि की है। विदित हो कि किसान पिछले शुक्रवार से जालंधर में धन्नोवाली फाटक के सामने दिल्ली नेशनल हाईवे और रेलवे ट्रैक को ब्लाक करके बैठे थे। इसके कारण शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पटरी से उतर गई थी। रोजाना पंजाब रूट की ट्रेनों को कैंसिल करना पड़ रहा था। इसका असर पंजाब के साथ-साथ पूरे देश में पड़ रहा था।  

अनुदान पर दिए जाने वाले कृषि यंत्रों की पंजीकरण की तिथियों में परिवर्तन


अनुदान पर दिए जाने वाले कृषि यंत्रों की पंजीकरण की तिथियों में परिवर्तन किया गया


बिजनौर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दिनांक 23 व 25 अगस्त से कृषि यंत्र एवं कस्टम हायरिंयग सेंटर के पंजीकरण का कार्यक्रम घोषित किया गया था। अब प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल हिमाचल प्रदेश राजस्थान कल्याण सिंह के आकस्मिक निधन होने से एवं 23अगस्त का सार्वजनिक अवकाश घोषित हो जाने के कारण कारण प्रदेश सरकार द्वारा अनुदान पर दिए जाने वाले कृषि यंत्रों व कस्टम हायरिंग सेंटर का पंजीकरण की दिनांक में परिवर्तन कर दिया गया है। कृषि यंत्रों हेतु पंजीकरण 24 अगस्त व कस्टम हायरिंग सेंटर हेतु 26 अगस्त को अपराहन 3:00 बजे से कृषक भाई अपना पंजीकरण कृषि विभाग के वेबसाइटwww.upagriculture.com पर पहले आवक पहले पावक के सिद्धांत पर करके टोकन कटवाएंगे ।

उप कृषि निदेशक बिजनौर गिरीश चंद्र ने बताया कि टोकन के रूप में 10,000 से 1 लाख रुपए तक 2500 व एक लाख से अधिक के यंत्र पर 5000 की धनराशि जमानत के रूप में रखी गई है। यह राशि यूनियन बैंक की किसी शाखा में प्राप्त चालान के माध्यम से जमा करनी होगी। 10000 से कम के कृषि यंत्र पर कोई टोकन राशि नहीं रखी गई है। कृषक रोटावेटर पावर टिलर हैरो, मिनी राइस मिल कल्टीवेटरकृ, थ्रेशिंग फ्लोर मिनी गोदाम ऑयल मिल विद फिल्टर, पम्प सेट स्ट्रारीपर, ट्रेक्टर माउन्टेड स्प्रेयर, लेजर लैंड लेवलर, डिस्क प्लाउ आदि किसी एक यंत्र का पंजीकरण करा सकते हैं। इन यंत्रों पर 50% व कस्टम हायरिंग सेंटर पर 40% का अनुदान निर्धारित लक्ष्यों तक देय है। इच्छुक कृषक, पंजीकृत कृषक समितियां,एफ पी ओ,एन आर एल एम् के समूह निर्धारित तिथि को अपनी प्री-बुकिंग करा सकते हैं।

कृषकों को अनुदान पर कृषि यंत्रों की सुविधा


बिजनौर। प्रदेश सरकार द्वारा अनुदान पर दिए जाने वाले यंत्रों एवं कस्टम हायरिंग सेंटर हेतु पंजीकरण करने की तिथियों की घोषणा कर दी गई है ।
यह जानकारी देते हुए उप कृषि निदेशक गिरीश चन्द्र ने अवगत कराया की प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्रों को कृषकों को अनुदान पर उपलब्ध कराया जाता है। वर्ष 2021-22 में पंजीकरण पर दिए जाने वाले यंत्रों व कस्टम हायरिंग सेंटर के पंजीकरण कृषि विभाग की बेबसाइट पर दिनांक 23 अगस्त से कृषि यंत्रों के लिए एवं कस्टम हायरिंग सेंटर मिनी गोदाम व थ्रेसिंग फ्लोर का पंजीकरण दिनांक 25 अगस्त से सायं तीन बजे से प्रारंभ होंगे। अनुदान पर कृषि यंत्र प्राप्त करने की पात्रता पहले आओ, पहले पाओ के सिद्धांत पर है।

भाजपा किसान मोर्चा के नव निर्वाचित जिलाध्यक्ष खेल सिंह राजपूत का भव्य स्वागत

बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के नव निर्वाचित जिलाध्यक्ष खेल सिंह राजपूत का भाजपा की प्रांतीय पार्षद श्रीमती लीना सिंघल के कोतवाली रोड स्थित कार्यालय पर भव्य स्वागत किया गया।
इस अवसर पर लीना सिंघल ने भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता खेल सिंह को जिलाध्यक्ष मनोनीत होने की बधाई देते हुए प्रदेश एवं जिला नेतृत्व का आभार जताया और आशा व्यक्त की, कि उनके नेतृत्व में किसान मोर्चा मजबूती से कार्य करेगा।

कार्यकर्तायों के द्वारा भव्य स्वागत से अभिभूत खेल सिंह राजपूत ने प्रदेश नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए सभी कार्यकर्तायों को साथ लेकर चलने की बात कही। साथ ही सभी से आगामी विधानसभा चुनाव में जुट जाने का आह्वान किया। स्वागत करने वालो में जिला मंत्री बलराज त्यागी, पूर्व अध्यक्ष कमल सैनी, मंडल महामंत्री शिवम चौहान, पूर्व अध्यक्ष ज्ञानेंद्र ठाकुर, समर सिंह, प्रधान हिमांशु राजपूत आदि भी शामिल थे।
प्रांतीय पार्षद लीना सिंघल के नेतृत्व में नगर अध्यक्ष मुकुल रंजन दीक्षित, किसान नेता नितिन त्यागी, पिछड़ा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष रितेश सैन, ग्राम प्रधान राकेश चौधरी, शिव कुमार जोशी, देवेंद्र जोशी, रिंकू चौहान, रामपाल सिंह, सोशल मीडिया विधानसभा प्रभारी आशीष वर्मा, विपिन कुमार शर्मा, सुधीर भुइयार, उमापति गर्ग, पूर्व प्रधान गरीब सिंह, सुमित जोशी, मलखान सिंह, शोभित चौधरी आदि ने भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के नव निर्वाचित जिलाध्यक्ष खेल सिंह राजपूत का जोरदार नारेबाजी से स्वागत किया।

कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले किसानों का सम्मान

भारत अमृत महोत्सव के अंतर्गत किसान सम्मान कार्यक्रम। जनपद के 15 कृषकों को कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने हेतु किया गया सम्मानित।  दलहनी फसलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 30  कृषकों को पांच-पांच किग्रा उर्द के मिनी किट का वितरण।


बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। भारत अमृत महोत्सव के अंतर्गत आयोजित किसान सम्मान कार्यक्रम में जनपद के 15 कृषकों को कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने हेतु सम्मानित किया गया। दलहनी फसलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तीस कृषकों को पांच किग्रा उर्द के मिनी किट का वितरण भी जिला पंचायत अध्यक्ष के कर कमलों द्वारा किया गया।

75 वे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारत अमृत महोत्सव के अंतर्गत किसान सम्मान कार्यक्रम व कृषक वैज्ञानिक संवाद का आयोजन कृषि भवन बिजनौर के प्रांगण में किया गया ।

कार्यक्रम में कृषि के विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार व उल्लेखनीय कार्य करने वाले 15 कृषकों को मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा सम्मानित किया गया। सम्मानित किए कृषकों नाहर सिंह, विजेन्द्र सिंह रजनी देवी व नीटू राजपूत द्वारा हल्दी उत्पादन, मत्स्य पालन, फल संरक्षण व रिंग विधि से गन्ना की खेती के संबंध में अपने अनुभव बताए गए।

इस अवसर पर दलहनी फसलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तीस कृषकों को पांच पांच किग्रा के उर्द के मिनी किट का वितरण भी जिला पंचायत अध्यक्ष के कर कमलों द्वारा किया गया। उप कृषि निदेशक गिरीश चंद्र ने सम्मानित कृषकों को नवाचार के लिए बधाई देते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि हम  परम्परागत कृषि के स्थान पर बाजार की मांग के अनुसार कृषि फसलों का चयन करें। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डा. डीपी सिंह, डा. केके सिंह, डा. शकुंतला गुप्ता द्वारा औषधीय फसलों , बासमती धान की खेती व फल तथा सब्जियों के संरक्षण के बारे में जानकारी दी गई। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. विजेन्द्र सिंह द्वारा पशुपालन विभाग की योजनाओं के संबंध में जानकारी दी गई।
इससे पूर्व जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में कृषकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन योगेन्द्र पाल सिंह योगी द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सुधीर कुमार, मत्स्य अधिकारी अरविंद कुमार, कुलदीप सिंह, रजत कुमार, गजेन्द्र कुमार, लाखन सिंह आदि का सहयोग रहा।

खतौली विधायक विक्रम सिंह ने फिर दिया विवादित बयान

मुजफ्फरनगर (एकलव्य बाण समाचार)। खतौली विधायक विक्रम सिंह विवादित बयान देकर फिर से चर्चा में आ गए हैं। शनिवार को सफेदा रोड पर मान्या फार्म हाउस में एक अभिनंदन कार्यक्रम में उन्होंने खुले मंच से किसान आंदोलन पर बैठे लोगों को नकली किसान ठहरा दिया। ब्लाक प्रमुख संजो देवी ने ग्राम प्रधानों व बीडीसी सदस्यों के अभिनन्दन कार्यक्रम का आयोजन किया था। खतौली विधायक विक्रम सैनी कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे।

बताया गया है कि विधायक विक्रम सैनी ने कहा कि बॉर्डर पर अगर असली किसान होते तो गत 26 जनवरी को लालकिले पर उपद्रव नहीं करते। इस दौरान उन्होंने उग्र शब्दों का भी प्रयोग किया। लखनऊ में धरने को लेकर विधायक का कहना है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं और उनके राज्य में अगर किसी ने फन उठाने का प्रयास किया तो उसको कुचल दिया गया। कार्यक्रम का संचालन ग्राम सचिव विजय शेखर ने किया। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी, गौतम सिंह, यशपाल प्रधान,अनिल पुण्डीर आदि उपस्थित रहे।

राजधानी में नहीं होने देंगे किसान विरोधियों का आन्दोलन

पंचदेव यादव (एकलव्य बाण समाचार)।

लखनऊ। राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के अध्यक्ष राम निवास यादव ने कृषि बिल का विरोध कर रहे किसान नेताओं की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि आज पूरे देश का किसान नये कृषि बिलों का स्वागत करते हुए बिल के साथ है तो वहीं कुछ तथाकथित किसान नेता कुछ राजनैतिक दलों से साँठ-गाँठ कर इन बिलों का विरोध कर रहे हैं।

इनका उद्देश्य किसान हित नहीं- राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के अध्यक्ष ने कहा कि इनका उद्देश्य किसान हित न होकर अपनी-अपनी राजनैतिक जमीन बनाना है, जिसको पूरे देश का किसान समझ गया है। यही कारण है कि देश का असली किसान इन कथित किसान नेताओं का साथ नहीं दे रहा है। इस कारण यह बौखला कर बिचौलियों के साथ साँठ-गाँठ करके आन्दोलन कर रहे हैं। हम सब के नेता स्व. महेन्द्र सिंह टिकैत ने सबसे पहले इन्ही मांगों को लेकर आन्दोलन किया था कि किसानों को बिचौलियों से मुक्त किया जाये तथा देश के किसानों को अपनी फसल अपने दामों में कही भी बेचने की अनुमति दी जाये। इसके साथ ही खेती में भी उन लोगों की तरह सहूलियतें दी जाएं। आज जब मोदी सरकार ने किसानों के हितों को देखते हुए नये कृषि बिल लागू किए हैं, तो कुछ कथित किसान नेता इन बिलों का विरोध करने लगे हैं।

जनता व प्रशासन को दे रहे धमकी? राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के मीडिया प्रभारी केशरी राव धारा सिंह यादव ने उक्त जानकारी देते हुए कहा कि बिचौलियों के समर्थन के कारण इनका हौसला इतना बढ़ गया है कि बात-बात पर उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों का बक्कल (बिल्ला) नोचने की बात करते हैं। इसका राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन कड़ा विरोध करती है। इन सब से पुलिस बल का भी मनोबल गिरता है। कल जिस प्रकार से लखनऊ में प्रेस-कांफ्रेस करके उत्तर प्रदेश की जनता एवं प्रशासन को धमकाने का काम किया गया है। वह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

किसी भी कीमत पर नहीं करेंगे बर्दाश्त- इसके विरोध में राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन इनके हिंसक और अराजक आन्दोलन को लखनऊ में किसी भी कीमत पर नहीं होने देगी और न ही राजधानी के मार्गो को बंधक बनाने देगी। अगर ये अराजकता फैलाने का प्रयास करेंगे, तो राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन राजधानी में ऐसे अराजक प्रदर्शन का पुरजोर विरोध करेगी और इनके मंसूबों को सफल नहीं होने देगी। लखनऊ एवं आसपास के जिलों के किसान भाईयों को एकत्र कर इनको मुँह तोड़ जवाब दिया जायेगा, जिससे दिल्ली जैसी अराजकता लखनऊ में न होने पाए।

दिल्ली बॉर्डर न जाएं किसान: नरेश प्रधान

जिलाध्यक्ष नरेश प्रधान

बिजनौर। भारतीय किसान यूनियन (भानु) बिजनौर के जिलाध्यक्ष नरेश प्रधान ने किसानों से 24 तारीख को टिकैत यूनियन के साथ दिल्ली न जाने की अपील की है। आरोप लगाया कि क्योंकि वह गाजीपुर बार्डर पर किसान आंदोलन की आड़ में आने वाले विधान सभा चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। भोले भाले किसानों को धोखा दे रहे हैं। इसलिए सभी किसानों से अपील की है कि सभी किसान हमारे साथ मिलकर गन्ने का भुगतान शीघ्र,आने वाले सीजन में 500 रुपए कुंतल गन्ने के भाव की मांग उत्तर प्रदेश सरकार से करें। इसी में उत्तर प्रदेश के किसान की भलाई है। यह लड़ाई भारतीय किसान यूनियन भानु, सभी किसान भाईयों के साथ मिलकर लड़ेंगी। जब दिल्ली में सरकार से कोई मांग उत्तर प्रदेश के किसान की नहीं रखी, तब बीएम सिंह व भानु प्रताप सिंह ने आंदोलन छोड़ा था। भानु प्रताप सिंह ने सरकार से किसान आयोग के गठन करने की मांग की थी, क्योंकि किसान आयोग बनने से फसल की कीमत किसान आयोग तय करेगा। इसी से उत्तर प्रदेश के किसान को लाभ मिलेगा।

किसानों के लिये डिजिटल प्लेटफार्म किसान सारथी लॉन्च

किसानों को उनकी भाषा में ‘सही समय पर सही जानकारी’ प्राप्त करने की सुविधा के लिए डिजिटल प्लेटफार्म किसान सारथी लॉन्च किया गया


किसान डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से वैज्ञानिकों से सीधे कृषि और संबद्ध क्षेत्रों पर व्यक्तिगत परामर्श का लाभ उठा सकते हैं: सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव

नई दिल्ली (PIB)। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा संयुक्त रूप से आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के 93वें स्थापना दिवस के अवसर पर किसानों को उनकी वांछित भाषा में सही समय पर सही जानकारी प्राप्त करने के लिए एक डिजिटल प्लेटफार्म ‘किसान सारथी’ लॉन्च किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला, कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी और कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंडलाजे ने की।

इस अवसर पर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव अजय साहनी, सचिव (डीएआरई) एवं महानिदेशक (आईसीएआर) डॉ. त्रिलोचन महापात्र, डिजिटल इंडिया कारपोरेशन के एमडी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिषेक सिंह एवं आईसीएआर एवं डीएआरई के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम को देश भर में किसानों, हितधारकों और आईसीएआर, डीएआरई, सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा केवीके भागीदारों ने देखा।

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री वैष्णव ने दूरदराज के क्षेत्रों में किसानों तक पहुंचने के लिए तकनीकी हस्तक्षेप के साथ किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में किसान सारथी की इस पहल के लिए कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को बधाई दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफार्म से किसान सीधे तौर पर कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के संबंधित वैज्ञानिकों कृषि और संबद्ध क्षेत्रों पर व्यक्तिगत सलाह प्राप्त कर सकते हैं।

श्री वैष्णव ने आईसीएआर के वैज्ञानिकों से कहा कि वे किसान की फसल को उनके खेत के गेट से गोदामों, बाजारों और उन जगहों पर ले जाने के क्षेत्र में नए तकनीकी हस्तक्षेपों पर अनुसंधान करें जहां वह कम से कम नुकसान के साथ बेचना चाहते हैं। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने आश्वासन दिया कि इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय, संचार मंत्रालय, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय किसानों को सशक्त बनाने में आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए हमेशा तैयार रहेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि रेल मंत्रालय फसलों के परिवहन के लिए लगने वाले समय को कम से कम करने की योजना बना रहा है।

श्री वैष्णव ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद को 93वें स्थापना दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के सक्षम नेतृत्व और मार्गदर्शन में किसान सारथी पहल न केवल किसानों की विशिष्ट सूचना आवश्यकताओं को पूरा करने में बल्कि आईसीएआर की कृषि विस्तार, शिक्षा और अनुसंधान गतिविधियों में भी अत्यधिक मूल्यवान होगी।

एकलव्य बाण समाचार

स्वस्थ रहने के लिए अपनानी होगी जैविक खेती: योगी

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। नमामि गंगे योजना अंतर्गत विकासखंड जलीलपुर के ग्राम बसंतपुर में बुधवार को कृषक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता आत्मा योजना के प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह योगी द्वारा कृषकों को जैविक खेती के महत्व के संबंध में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि एक भारतीय नस्ल की गाय द्वारा कृषक बंधु 15 एकड़ से अधिक भूमि पर जैविक खेती कर सकते हैं। योगेंद्र पाल सिंह योगी ने मौजूद लोगों को जीवामृत बीजामृत, दशपर्णी अर्क बनाने की विधि के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कृषकों को व्यूबेरिया वैसियाना व ट्राइकोडरमा से भूमि व बीज शोधन का तरीका बताया। आत्मा प्रभारी द्वारा रासायनिक खेती के मनुष्य पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभाव के बारे में बताते हुए कहा गया कि स्वस्थ रहने के लिए हमें जैविक खेती को अपनाना ही होगा।

जिला प्रभारी लवकुश मिश्रा द्वारा बताया गया कि योजना अंतर्गत जनपद के चार विकास खंड के छियालिस ग्राम हैं, जिसमें जैविक खेती के अठ्ठावन ग्रुप बनाये गये हैं। उन्होंने नमामि गंगा अन्तर्गत कृषकों को दी जाने वाली सुविधाओं के संबंध में जानकारी दी। प्रशिक्षण को सफल बनाने में देवेन्द्र सिंह, राजपाल सिंह ग्रुप लीडर द्वारा सहयोग प्रदान किया गया।

जैविक खेती, प्रसंस्करण व पैकेजिंग से बढ़ेगी कृषकों की आय

जैविक खेती, प्रसंस्करण व पैकेजिंग से बढ़ेगी कृषकों की आय।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा उक्त विचार आत्मा गवर्निंग बोर्ड की बैठक में जिलाधिकारी द्वारा के द्वारा व्यक्त किए गए।

कृषि तकनीकी प्रबंध अभिकरण आत्मा शासी निकाय गवर्निंग बोर्ड की बैठक जिलाधिकारी उमेश मिश्रा व अध्यक्ष गवर्निंग बोर्ड की अध्यक्षता व गिरीश चंद्र उप कृषि निदेशक सचिव आत्मा के संचालन में कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई सर्वप्रथम गत बैठक की कार्यवाही का शासी निकाय द्वाराअनुमोदन किया गया।
बैठक में आत्मा योजना कि वर्ष 2021- 22 की जनपदीय वार्षिक योजना अंकन रुपए तीन करोड़ इकसठ लाख छः हजार का सर्वसम्मति से अनुमोदन किया गया ।उप कृषि निदेशक द्वारा वर्ष 2021-22 में इन सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेजिड्यू एकीकृत धान्य विकास कार्यक्रम नेशनल फूड सिक्योरिटी मिशन पीएम किसान सोलर पम्प योजना के भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य के संबंध में जानकारी दी गई।


जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा निर्देश दिए गए कि जनपद में गन्ने के क्षेत्र को कम करने के लिए ऐसी नकदी फसलों को बढ़ावा दिया जाए, जिनकी पानी की आवश्यकता कम हो। जिन किसानों को फसल बोने के लिए प्रेरित किया जाए। उनका पंजीकरण भी अवश्य कराया जाए तथा इन उत्पादों की विपणन की सुनिश्चित व्यवस्था की जाए। साथ ही इस कार्य के लिए कृषि उत्पादक संगठनों का गठन प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। जिलाधिकारी द्वारा यह भी अपेक्षा की गयी कि फल फूल सब्जियां बासमती व गुड़ आदि के निर्यात व विपणन हेतु जनपद में प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग यूनिटों की स्थापना के प्रयास किए जाएं, जिससे कृषकों को अपने उत्पादों का अच्छी कीमत मिल सके।

मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह द्वारा निर्देश दिए गए कि आत्मा योजना अंतर्गत आयोजित किए जाने वाले प्रदर्शन फार्म स्कूल आदि कार्यक्रमों को गुणवत्तापूर्ण वह अनुकरणीय ढंग से संपादित कराया जाए। बैठक में डॉक्टर अवधेश जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी योगेंद्र पाल सिंह योगी, प्रभारी आत्मा डॉक्टर यशवीर सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी यशपाल सिंह, जिला गन्ना अधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी सुधीर कुमार, सहायक निदेशक मत्स्य डॉक्टर केके सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र नगीना वीरेश आर नायक डीडीएम नाबार्ड, गौरव कुमार एफपीओ प्रतिनिधि, कृषक प्रतिनिधि भीष्म सिंह, जितेंद्र सिंह द्वारा प्रतिभाग किया गया।

आम खाने का मजा तो है बागों में, सीजन में एक बार जरूर पधारें मलिहाबाद

आम खाने का मजा तो बागों में, आमों की सीजन में एक बार जरूर पधारे मलिहाबाद…

मलिहाबाद लखनऊ। राजधानी की शोभा बढ़ाने में आम्रनगरी मलिहाबाद क्षेत्र का विषेष योगदान है। विश्व के कई देशों को मलिहाबादी आम का इन्तजार प्रति वर्ष रहता है। आम का सीजन आते ही क्षेत्र के किसानों के चेहरे खिलने लगते हैं।

मलिहाबाद के रामदत्त मौर्य कहते हैं कि आम की दावत की मेजबानी वही कर सकता है, जिसके बाग में कई किस्म के आम होते हैं। जैसे दशहरी, मलका, हुसनारा, खासमखास, चौसा, सफेदा, लंगड़ा, सुर्ख, आम्रपाली सहित सैकड़ों अन्य प्रजाति के आम दिखाई देते हैं। बाजार में बिकने वाले आम तो कोई भी खरीद कर खा सकता है। आम की ऐसी सैकड़ों प्रजातियां हैं, जिन्हें लोग न जानते हैं न ही वे बाजार में आती हैं। बागवान उन्हें केवल अपने शौक के लिए ही उगाते हैं।

रामदत्त मौर्य ने बताया कि ऐसी किस्मों से मेजबानों को रूबरू करवाने के लिए दावतों का सिलसिला हमारे मलिहाबाद नई बस्ती धनेवा स्थित 17 बीघा में फैले अपने बाग में शुरू हुआ है। यहां दर्जनों किस्म के आम होते है। आमों की सैकड़ों प्रकार की किस्मों का प्रदर्शन गोपेष्वर गौशाला में दावते आम रखते हैं।
मेजबान आम की दावत के साथ बागों में नमकीन व्यंजन, बेसन रोटी, चोखा बाटी सहित एक किस्म का आम खाने का बाद मुंह का जायका बदल कर दूसरी वैराइटी का लुत्फ लिया जाता है। आम के खाने में मेहमान सोचते हैं कि कौन से आम पहले खाया जाए… और कौन सा उसके बाद ये मेजबान की समझदारी पर निर्भर करता है।

महेन्द्र मौर्य फरमाते हैं- इंसान के हाथों की बनाई नहीं खाते, हम आम के मौसम में मिठाई नहीं खाते। आम की दावत देने वाले मेजबान का दिल बड़ा होना चाहिए।
गोपेष्वर गौशाला प्रबन्धक रमाकान्त गुप्ता कहते हैं मलिहाबाद की शान गोपेष्वर गौशाला का भी बहुत महत्व है। यहां गाय की सेवा करने सहित मनोरम बजरंग बली का मन्दिर पहुँचते ही मन को असीम शान्ति मिलती है। जैसे लगता है कि स्वर्ग के समान अनुभूति प्राप्त होती है। प्रतिवर्ष आमों की कई विषेष अतिथियों के साथ दावते आम का कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।
पद्मश्री हाजी कलीमुल्ला आम की दावतों की बाबत बताते हैं कि ये सिलसिला कब से चल रहा है, सही-सही बताना तो मुमकिन नहीं है, पर ये काफी पुराना और पीढि़यों से चला आ रहा है। वे कहते हैं कि मेरे यहां होने वाली दावत में लोगों को अपने बाग का खास पेड़ (जिसमें लगभग 300 तरह के फल आते हैं) दिखा कर एकता का संदेश देता हूं।
बागवान रामदत्त मौर्य का कहना है कि आम खाने से ज्यादा लोगों को आम खिलाने में अधिक प्रसन्नता होती है, जिसके बाग में आम नहीं उनको आम खिलाते है। प्रतिवर्ष सैकड़ों लोगों को आम की दावते खास का आयोजन करके लोगों के साथ बाग में बैठकर आम का खाने का अलग ही मजा आता है। जब बरसात हो रही हो और पके आम बागों में झड़ी लगी हो तो आम के खाने की स्वाद ही अलग रहता है। आम खाने के बाद लोगों को घर ले जाने के लिए देते है तो उनके चेहरे पर दोहरी खुशी दिखाई पड़ती है।

गेहूं खरीद में बिचौलिए व वित्तीय अनियमितता बर्दाश्त नहीं: डीएम

गेहूं खरीद में बिचौलिए व वित्तीय अनियमितता बर्दाश्त नहीं। भुगतान में न किया जाए अनावश्यक विलंब। वरना होगी संबंधित अधिकारी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज। डीएम ने किया क्रय केंद्र का निरीक्षण।

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्र ने गेहूॅ क्रय केन्द्र के निरीक्षण के दौरान सभी केन्द्र व्यवस्थापकों को सचेत करते हुए कहा कि गेहूं क्रय कार्य में बिचौलिए की संलिप्तता तथा वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करा कर सख्त दण्डात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। किसानों को गेहूं क्रय केन्द्र पर कोई समस्या होनी चाहिये। 

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा शुक्रवार पूर्वान्ह 10 बजे ग्राम फरीदपुर भोगी स्थित गेहूॅ क्रय केन्द्र का औचक रूप से निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के मौके पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलधिकारी सदर विक्रमादित्य सिंह मलिक, तहसीलदार सदर श्रीमती प्रीति सिंह, उप खाद्य विपणन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

जिलाधिकारी श्री मिश्रा ने गेहूॅ क्रय केन्द्र के निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था एवं अभिलेखों का मुआयना किया, जो सभी दुरूस्त और अद्यतन पाई गईं। उन्होंने उप खाद्य विपणन अधिकारी को निर्देश दिए कि गेहॅू विक्रय के लिए गेहूं क्रय केन्द्रों पर आने वाले किसान बन्धुओं के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार किया जाए तथा केन्द्र पर उनके लिए स्वच्छ पेयजल तथा बैठने की समुचित व्यवस्था का प्रबन्ध सुनिचित किया जाए तथा भीषण गर्मी के दृष्टिगत उनके पशुओं के लिए पानी आदि की व्यवस्था का प्रबंध केन्द्र पर जरूर किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारी को सचेत करते हुए कहा कि गेहूं क्रय के कार्य में किसी भी प्रकार से बिचौलिए अथवा दलाल की संलिप्तता तथा वित्तीय अनियमितता प्रकाश में आती है, तो केन्द्र व्यवस्थापक के साथ जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी के विरूद्व दण्डात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

उन्होंने निर्देश दिए कि गेहूं किसानों को उनके गेहूं मूल्य का भुगतान समयपूर्वक करने की व्यवस्था करें और किसी भी अवस्था में भुगतान के मामले अनावश्यक रूप से विलम्ब न किया जाए।उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए की सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत खाद्यान्न के अवैध रूप से विक्रय का मामला प्रकाश में आता है तो जांच कर संबंधित के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराते हुए सख्त दण्डात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी केंन्द्र पर अनियमितता प्रमाणित होने पर केन्द्र व्यवस्थापक के विरूद्व तत्काल प्राथमिकी दर्ज करा कर उसके विरूद्व भी सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने सभी केन्द्र व्यवस्थापकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि केन्द्रों पर बारदाना सहित किसी भी सामग्री की कमी नहीं आने दी जाएगी।

किसानों ने मनाया काला दिवस, फूंके सरकार के पुतले 

बिजनौर। तीन कृषि कानूनों के विरोध में पिछले 6 माह से दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शन के चलते संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने जिले भर में काला दिवस मनाया और केंद्र सरकार का जगह-जगह पुतला फूंका।

काले कपड़े, हाथ में भी, घर के बाहर भी काले झंडे-भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने तीन कृषि कानूनों के विरोध में काला दिवस मनाते हुए नगीना तहसील क्षेत्र के ग्राम तेलीपुरा, शेखपुरा तुर्क, राजपुरा और गढ़ी, नियामतपुर सहित बढ़ापुर क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव में काले झंडे लेकर, काले कपड़े पहन कर और घरों पर काले झंडे लगाकर कृषि कानूनों का विरोध किया। भारतीय किसान यूनियन युवा के जिला अध्यक्ष नितिन सिरोही ने बताया कि सभी किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने शांति पूर्वक काला दिवस मनाया क्योंकि आज बुद्ध पूर्णिमा है इसलिए हमें बुद्ध के आदर्शों का अनुसरण करना चाहिए। वह शांति के प्रतीक थे इसलिए सभी कार्यकर्ताओं ने अपने अपने गांव में काला दिवस मनाया। इस मौके पर यूनियन के कार्यकर्ता अपने अपने गांव में काला दिवस मनाते हुए केंद्र सरकार का पुतला भी फूंका।

हल्दौर क्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव ठाकुर रामौतार सिंह की अगुवाई में नगर के मोहल्ला तोल्हावाला में काले झंडे लेकर काला दिवस मनाया गया। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन को करीब छह माह पूरे हो गए हैं, लेकिन अभी तक केन्द्र सरकार ने किसान विरोधी तीनों कृषि कानूनो को वापस नहीं लिया है। इस अवसर पर नगर अध्यक्ष टीकम सिंह, इंदर सिंह, कृष्ण कुमार, पीताबंर सिंह, हुकुम सिंह, सोनू, करन सिंह, बब्लू, नाजिम, सागेन्द्र सिंह व विपिन कुमार आदि मौजूद रहे।

नजीबाबाद क्षेत्र में पुलिस की चांकचौबंद व्यवस्था के बावजूद किसानों ने नांगलसोती थाना क्षेत्र में खानपुर तिराहे पर एकत्रित होकर नारेबाजी करते हुए केन्द्र सरकार का पुतला फूंका। किसानों ने कहा कि किसान आंदोलन तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने पर ही समाप्त होगा। इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन के राजवीर सिंह, कुलवीर सिंह, भोपाल सिंह, राजीव कुमार, नीटू सिंह, गार्विन देव, मुकेश कुमार आदि मौजूद रहे।

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किसान आंदोलन के छह माह: आज धिक्कार दिवस मना रही राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन

किसान आंदोलन के छह माह पूर्ण होने पर आज 26 मई को धिक्कार दिवस के रूप में मना रही है राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन

लखनऊ। 26 मई को किसान आंदोलन के 6 माह पूरे होने पर इस दिन को राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन धिक्कार दिवस के रूप में मना रही है। राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के राष्ट्रीय संयोजक रामनिवास यादव ने बताया कि छह माह से चल रहा आंदोलन नकली किसानों का आंदोलन है। असली किसान आज भी अपने खेतों में अपना काम कर रहे हैं तथा फसल उगा रहे हैं, जिसकी वजह से देश में पिछली बार से ज़्यादा फ़सल इस बार हुई है। नकली किसानों द्वारा बॉर्डर पर तथा उसके आसपास अराजकता फैलाई जा रही है। बलात्कार हत्याएं की जा रही हैं तथा सरकार विरोधी काम किए जा रहे हैं ।

उन्होंने बताया कि इस दिन को हर किसान एवं भारतवासी धिक्कार दिवस के रूप में हमेशा याद रखेंगे कि कैसे नक़ली किसान विपक्षी राजनीतिक पार्टियों के पैसे पर बिरयानी और पनीर की दावत उड़ा रहे हैं और सरकार एवं किसान विरोधी काम कर रहे हैं, जिससे देश का किसान बदनाम हो रहा है। इनके किसान विरोधी एवं देश विनरोधी कृत्य से पूरी दुनिया में देश की बदनामी हो रही है। आज जब कोरोना जैसी महामारी से देश संघर्ष कर रहा है तब किसान आंदोलन एवं काला दिवस के नाम पर इस जंग में व्यवधान डालने का काम कर रहें हैं। देश की जनता एवं किसान इन्हें कभी माफ़ नहीं करेंगे। असली किसान सरकार द्वारा जारी नीतियों का फायदा लेकर अपनी खेती कर रहा है, जिससे खेतों में फसल लहलहा रही है परंतु दलाल परेशान हैं।

सोम देव सिंह ग्राम प्रधान संगठन के जिला अध्यक्ष नामित 

सोम देव सिंह ग्राम प्रधान संगठन के जिला अध्यक्ष नामित। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष ने सौंपी जिम्मेदारी।

बिजनौर। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन का जिला अध्यक्ष सोम देव सिंह पुत्र घसीटा सिंह निवासी ग्राम पंचायत पपावर खुर्द उर्फ गढ़ी बगीची ब्लाक मोहम्मदपुर देवमल को नामित किया गया है। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन उत्तर प्रदेश के प्रदेश महासचिव गणेश ठाकुर की संस्तुति  पर प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पांडेय ने उन्हें यह दायित्व सौंपा। साथ ही नवनियुक्त जिला अध्यक्ष से अपेक्षा की है कि वह एक माह के भीतर जिला व ब्लाक कमेटियां गठित करेंगे। सघन सदस्यता अभियान चलायेंगे तथा तन-मन-धन से संगठन का  सहयोग करेंगे। साथ ही संगठन की प्रगति के संबंध में लगातार प्रदेश अध्यक्ष को अवगत कराएंगे। 

बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त, रात भर गायब रही बिजली, ठप हो गए इंर्वटर

बारिश ने अस्त व्यस्त कर दिया जन जीवन रात भर गायब रही बिजली, ठप हो गए इंर्वटर 

बिजनौर। पिछले 36 घंटे से लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। लोग घरों में कैद रहे। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना व्यक्त की है। वहीं रात भर बिजली गायब रहने से इंर्वटर ठप हो गए। इस कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।जिले भर में लॉकडाउन के चलते बाजारों में सन्नाटा छाया रहा। आकाश में घने बादल छाए रहने के साथ ही मौसम में आद्रता बढ़ी हुई है। इस कारण किसी भी समय तेज बारिश होने की संभावना मौसम विज्ञानियों ने जताई है। नगीना क्षेत्र में बारिश 9 प्रतिशत रिकॉर्ड की गई है। आम की फसल को लाभ पहुंचा है तो जायद की फसल को काफी नुकसान हुआ है। क्षेत्र की नदियों में जल आ जाने से फसलें बुरी तरह प्रभावित है। हल्दौर क्षेत्र में बेमौसम रिमझिम  बारिश से नगर मे  सडक़ों से घरों तक में पानी भर गया। जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी सडक़ों पर जमा रहा। जगह-जगह जल  भराव  हो जाने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। कई मुहल्लों में तो लोगों को पानी में घुसकर ही आवाजाही करनी पड़ी। हालांकि एक घंटे की तेज बारिश के बाद दो तीन घंटे हल्की बारिश होती रही। बारिश होने से इधर कुछ दिनों से पड़ रही गर्मी से लोगों को राहत मिली है।अब किसान भी अपनी खेती में जुट गए हैं। खेतों में नमी आएगी। बारिश हो जाने से किसानों को फायदा पहुंचा है। सुबह से शुरू हुई बारिश थमने का नाम नहीं ले रही थी,लेकिन एक घंटे तक मुसलाधार बारिश होने से जनजीवन  अस्त व्यस्त हो गया। बारिश के कारण नगर के कई मुहल्ले जलमग्न हो गए। नगर के मोहल्ला रईसान, सराय सहित अन्य मुहल्लों में हल्की सी भी बारिश होने पर सडक़ पर पानी लग जाता है। जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण ऐसी समस्या उत्पन्न होती है। मुहल्लों में बारिश होने पर घरों के आंगन तक पानी लग जाता है। जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।राजा का ताजपुर क्षेत्र में लगातार हो रही दूसरे दिन बारिश ने जन जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। मौसम तो खुशगवार हो गया लेकिन लगातार बारिश से नाली नाला उफान की तरह भर गए। सडक़ों पर पानी भर गया। मोहल्ला रहमान चौक कई घरों में पानी भर गया। लोग बाल्टी से पानी को खींचते रहे। कई परिवारों के लोगों ने रात भर रात जाग कर गुजारी। कई मोहल्लों में जलभराव देखने को मिला। कई जगह ऐसी है जहां पर पानी की निकासी ना होने से चारों तरफ पानी भरा हुआ रहता है। अक्सर बरसात के दिनों में यह दिक्कत आम होती है, जिससे बरसात में लोगों का जीना दुश्वार होता है। अफजलगढ़ क्षेत्र में 24 घंटे से लगातार बारिश होने से ग्रामीण इलाके जलमग्न हो गए। बरसाती नदी नालों पर उफान आ गया है अफजलगढ़ थाने के मेघपुर गांव के बाहर हाईवे पर बुधवार से लगातार बारिश होने से सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। नदी नालों में उफान आ गया है। ग्रामीण इलाके जलमग्न हो गए तथा लगातार बारिश होने से आना-जाना ठप हो गया और सडक़ों पर सन्नाटा पसर गया।

किसान जिंदाबाद: पहले मतदान, बाद में खेत

पहले मतदान, बाद में खेत: जिला बिजनौर में किसानों ने भी मतदान में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। प्रात: से सायं तक किसानों ने पोलिंग बूथों पर पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अधिकांश किसानों ने पहले मतदान और बाद में खेत पर काम को प्राथमिकता दी तो वहीं कुछ किसानों ने खेत का काम निपटाने के बाद मतदान किया। वर्तमान में जिले की सभी चीनी मिलें चल रही हैं। वहीं किसानों के खेतों में गन्ना भी खड़ा है और गेहूं की कटाई भी चल रही है। इसके बावजूद काफी किसानों ने पहले वोट देने को प्राथमिकता दी। कुछ किसानों ने पहले खेत का काम निपटाया और बाद में मतदान किया। प्रत्याशी और उनके समर्थक भी किसानों को मोबाइल पर फोन कर मतदान करने के लिए प्रेरित करते रहे। यहही नहीं कुछ समर्थक तो वोटर को लेने के लिए खेतों तक पहुंचे।

जोश में दिखे युवा: मतदान को लेकर युवा भी बेहद उत्साहित रहे। युवाओं के कंधों पर प्रत्याशियों ने काफी जिम्मेदारी सौंपी थी। युवाओं ने अपने घरों की महिलाओं व सभी बुजुर्गों का मतदान कराया। यह पता चलते ही कि अमुक वोट नहीं पड़ा है, युवा उसे लेने के लिए निकल पड़ते।

थर्मल स्क्रीनिंग के बाद मतदाताओं को पोलिंग बूथों में प्रवेश: पोलिंग बूथों के बाहर मतदाताओं की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। जिन मतदाताओं के पास मास्क नहीं थे उन्हें मास्क उपलब्ध कराए गए। पंचायती राज विभाग ने सभी पोलिंग बूथों के बाहर मतदाताओं की थर्मल स्क्रीनिंग कराई। पल्स ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन लेवल की जांच भी कराई गई। इसके बाद ही उन्हें मतदान करने के लिए भेजा गया। जिन मतदाताओं के पास मास्क नहीं थे, उन्हें निगरानी समिति के सदस्यों ने मास्क उपलब्ध कराए। अधिकांश मतदाता मास्क लगाकर मतदान करने के लिए पोलिंग बूथ पर पहुंचे।

नगीना क्षेत्र में भी मतदाताओं ने दिखाया जोश: पंचायत चुनाव के लिए मतदाताओं ने जमकर मतदान किया। धूप में भी सुबह से ही मतदेय स्थलों पर ग्रामीण क्षेत्रों में लंबी लंबी कतारें लग गई। मुस्लिम व हिंदू समाज की महिलाएं भी भारी संख्या में सुबह से ही वोट डालने के लिए पहुंच गई। पुलिस प्रशासन ने कोविड-19 के निर्देशों का पालन कड़ाई से कराया। पुलिस क्षेत्राधिकारी नगीना सुमित शुक्ला, एसडीएम नगीना घनश्याम वर्मा, चुनाव पर्यवेक्षक बराबर चौकसी बरते रहे। पोलिंग बूथों पर भीड़ जमा नहीं होने दी गई। दोपहर 12:00 बजे तक काफी भीड़ देखी गई। बाद में करीब 1 घंटे के लिए मतदान धीमी गति से चला। फिर लंबी-लंबी कतारें लगना शुरू हो गई। मतदान स्थलों पर बराबर मास्क लगाने की हिदायत देते हुए पुलिस प्रशासन के लोग पाए गए।

गरीब दलित किसान से वन रक्षक सिपाही ने की 19 हजार रूपए की अवैध वसूली

गरीब दलित किसान से वन रक्षक सिपाही ने की 19 हजार रूपए की अवैध वसूली

पूर्व में भी कई मामलों को लेकर सुर्खियों में रहा वनरक्षक

अपने करीबियों व सत्ताधारियों की धौंस जमा कर करता है अवैध वसूली

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के वन रेंज मलिहाबाद क्षेत्र अंतर्गत एक गांव के दलित किसान को अपने खेत में सूखे खड़े आम के पेड़ों को काटना भारी पड़ा। गरीब बागवान पर वन रक्षक ने उसे जातिसूचक गालियां देते हुए जूते से पीटने के साथ झूठे मुकदमें में फंसाने की धमकी देते 19 हजार रुपए की अवैध वसूली कर ली। पीड़ित ने घटना की तहरीर थाने पर दी है।
शनिवार को ग्राम नबीनगर निवासी रमेश कुमार गौतम अपने गांव के पास ही स्थित आम के बाग से 4 सूखे आम के पेड़ काट कर जलौनी वाली लकड़ी को बेचने के लिये जा रहा था। रमेश का कहना है कि इसके लिए क्षेत्रीय वन रक्षक दिलीप कुमार चौहान से अनुमति ले ली थी। रास्ते मे ग्राम खड़ता के निकट वनरक्षक दिलीप कुमार चौहान उसे रोक उससे 50 हजार रुपए की मांग करने लगे। रमेश कुमार द्वारा विरोध किया गया तो वनरक्षक दिलीप कुमार चौहान बागवान रमेश कुमार गौतम को जातिसूचक गालियां देते हुए जूते से मारने पीटने के साथ झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगा। इस पर डरे सहमे बागवान रमेश कुमार गौतम ने पूर्व ग्राम प्रधान जमशेद अली को सूचना दी। मौके पर पहुंचे जमशेद अली ने काफी मन मनौव्वल के बाद 19 हजार रुपए दिलीप कुमार चौहान को देकर मामला शान्त कराया।
दूसरे दिन जब इस घटना की खबर सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी तो वन विभाग के अधिकारियों के हांथ पांव फूल गए। घटना को संज्ञान लेते हुए वन विभाग के अधिकारियों ने 5 पेड़ों पर जुर्माना कर मामले को दबाने का प्रयास किया। पीड़ित बागवान ने थाने मे दी गयी तहरीर मे वन रक्षक दिलीप कुमार चौहान पर आरोप लगाया है कि मारने पीटने के साथ उससे 19 हजार रुपए की अवैध वसूली की है।
इस संबंध में जिला वन अधिकारी अवध रवि कुमार का कहना है कि रेंज अधिकारी से बात की गयी है। घटना की जांच कराकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी।

वन विभाग नाकाम: ग्राम टंडेरा में गुलदार घूम रहा खुलेआम

भयभीत ग्रामीणों का अल्टीमेटम, पिंजरा लगा कर नहीं पकड़ा तो करेंगे आंदोलन

बिजनौर। राजा का ताजपुर क्षेत्रान्तर्गत गांव टंडेरा में गुलदार की आमद लगातार बनी हुई है। देर रात गुलदार एक घर में घुस आया तो ग्रामीणों ने मशाल जला कर बमुश्किल उसे भगाया।
जानकारी के अनुसार गांव में पंचायतघर के पास स्थित अपने घर में जनाब अहमद व परिजन देर रात बैठे हुए थे। अचानक गुलदार अंदर घुस आया। शोर मचाते हुए सभी ने स्वयं को एक कमरे में बंद कर लिया। शोर पर एकत्र ग्रामीणों ने मशाल जलाकर गुलदार को भगाया और पूरी रात पहरा देते हुए बिताई। इस बीच बुधवार दोपहर 12 बजे पंचायत घर के सामने तालाब पर भी गुलदार देखा गया। गुलदार के लगातार गांव में घूमने से भयभीत लोग घर से निकलने में घबरा रहे हैं। किसान अकेले खेतों पर जाने से बच रहे हैं। क्षुब्ध ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बाद भी वन विभाग का कोई अधिकारी गांव में नहीं पहुंचा। वहीं किसानों की खड़ी गन्ने की फसल का नुकसान बढ़ता जा रहा है क्योंकि गुलदार की दहशत से किसान गन्ना काटने अपने खेत पर जाने से कतरा रहे हैं। बीती रात भी गुलदार ने एक बकरी पर हमला कर दिया। गनीमत तो यह रही कि आंख खुलने पर परिवार वालों ने लाठी डंडे से गुलदार को खदेड़ दिया। गौरतलब है कि गोपालपुर टंडेरा में तीन दिन पहले गुलदार ने चार बकरों को अपना निवाला बना डाला था।
उधर पूर्व प्रधान अफसर अली, मोहम्मद अकरम, हाफिज इंतजार, मुस्तकीम अहमद, नरेंद्र सिंह, जयपाल सिंह, रमेश कुमार, रफीक अहमद, सत्तार अहमद आदि ने वन विभाग के अधिकारियों, शासन प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पिंजरा लगाकर गुलदार को पकडऩे का काम करें। अगर कोई घटना घटित होती है तो इसका जिम्मेदार शासन प्रशासन होगा और ग्रामीण आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। गांव में लगातार दहशत का माहौल बना हुआ है।

SDM अजय कुमार राय ने किया गेंहू क्रय केंद्र का औचक निरीक्षण

उपजिलाधिकारी अजय कुमार राय ने गेंहू क्रय केंद्र का किया औचक निरीक्षण

गेंहू क्रय केंद्र की व्यवस्था पाई गई संतोषजनक। कांटे भी ठीक कार्य करते पाए गए। एसडीएम ने की केंद्र प्रभारी की सराहना।

लखनऊ मलिहाबाद। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश के निर्देशन में तेजतर्रार उपजिलाधिकारी अजय कुमार राय के नेतृत्व में गुरुवार को तहसीलदार शम्भू शरण व जिला खाद्य विपणन अधिकारी निश्चल आनन्द द्वारा माल रोड स्थित खाद्य विभाग द्वारा संचालित गेहूँ क्रय केंद्र का निरीक्षण किया गया।

इस दौरान एसडीएम ने गेंहू तौल के कांटों की भी जांच की और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर गेहूं खरीदने की हिदायत दी। उपजिलाधिकारी ने कहा कि किसानों को गेहूं बेचने में किसी तरह की दिक्कत नहीं आनी चाहिए। उन्होंने केंद्र पर गुड़ व पानी की व्यवस्था भी कराने के निर्देश दिए। उपजिलाधिकारी ने बताया कि गेंहू क्रय केंद्र की व्यवस्था संतोषजनक मिली है। कांटे भी ठीक कार्य कर रहे हैं। उपजिलाधिकारी ने कहा कि बिचौलियों से गेहू खरीद करने और किसान के उत्पीड़न की शिकायत पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने क्रय केंद्र प्रभारी से भुगतान के बारे में जानकारी ली। क्रय केंद्र प्रभारी शशि सिंह ने बताया कि गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 रु प्रति कुंतल है, जिसका कृषकों के खाते में पीएफएमएस के माध्यम से भुगतान किया जाएगा।

बिजनौर में स्वतंत्रदेव सिंह को भाकियू ने दिखाए काले झंडे

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह को दिखाए काले झंडे
चार भाकियू कार्यकर्ता हिरासत में
थाना कोतवाली पर बवाल

बिजनौर। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह को भारतीय किसान यूनियन ने बिजनौर के नगीना मार्ग पर ग्राम रशीदपुर गढ़ी में काले झंडे दिखाए। पुलिस ने भाकियू कार्यकर्ताओं को रोकने का भरसक प्रयत्न किया, लेकिन रोक न सकी। इस मामले में पुलिस ने चार कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है। समाचार लिखे जाने तक थाना कोतवली पर बवाल जारी था।
सोमवार शाम प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह का काफिला धामपुर के कार्यक्रम के बाद नहटौर होते हुए बिजनौर आ रहा था। सूचना पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता बिजनौर-झालू मार्ग पर गांव जलालपुर के पास एकत्र हो गए। बाद में पता चला कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का काफिला नहटौर वाया कोतवाली होते हुए बिजनौर पहुंचेगा। इस पर भाकियू प्रदेश अध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह के नेतृत्व में शहर से लगे गांव रशीदपुर गढ़ी में एकत्र हो गए। शाम करीब पांच बजे जैसे ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का काफिला  वहां से गुजरा, भाकियू कार्यकर्ता बीजेपी के खिलाफ नारे लगाते हुए काले झंडे दिखा दिए। भाकियू कार्यकर्ताओं को हटाने में मौके पर मौजूद पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस के समझाने के बावजूद भाकियू कार्यकर्ता नहीं माने। वहीं स्वतंत्रदेव सिंह के अलावा भाजपा के जिस नेता की भी गाड़ी काफिले के साथ गुजरी उसे भी काले झंडे दिखाए गए।
वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह को काले झंडे दिखाने के मामले में पुलिस ने चार कार्यकर्ताओं को लिया हिरासत में लिया है। इसके बाद भाकियू नेताओं में आक्रोश फैल गया और बिजनौर कोतवाली को घेर लिया। पुलिस कार्यकर्ताओं को समझाने में जुटी रही।

बैराज पर गंगा आरती में हुए शामिल
इस बीच प्रदेश अध्यक्ष भाजपा स्वतंत्र देव सिंह ने बिजनौर बैराज पहुंच कर गंगा आरती में हिस्सा लिया।विदित हो कि प्रदेश सरकार ने बिजनौर से बलिया तक प्रतिदिन गंग तट पर आरती का कार्यक्रम चला रखा है। इसी परिप्रेक्ष्य में स्वतंत्र देव वहां पहुंचे।  इससे पहले उन्होंने राधा माधव कुंज मंडावर रोड बिजनौर में मातृ शक्ति अभिनंदन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रमों के दौरान जिले के सभी भाजपा नेता, कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम निवास यादव ने गिनाए कृषि बिल के फ़ायदे

राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम निवास यादव ने गिनाए कृषि बिल के फ़ायदे। गांव गांव जाकर किसानों को बता रहे हैं कृषि बिल के फायदे।
नए कृषि बिल से किसानों की आय दोगुनी होगी।

लखनऊ। राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन ने केन्द्र सरकार द्वारा लागू तीनों कृषि बिलों के समर्थन में लखनऊ की विधानसभा मलिहाबाद के ग्रामखंडसरा, गोपालपुर, गोड़वा बरौकी सहित दर्जनों गांवों में चौपाल लगाकर कृषि कानूनों बिलों के विषय में किसानों को समझा कर जागरूक किया।

बताते चलें कि राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनिवास यादव ने केंद्र सरकार द्वारा लागू तीनों कृषि बिलों के फायदे की जानकारी गांव गांव जाकर किसान चौपाल के माध्यम से बता रहे हैं।

चौपाल को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम निवास यादव ने कहा कि अराजकतावादी तथाकथित किसान संगठन व उनके नेता किसानों के नाम पर कृषि बिलों के खिलाफ लगातार दुष्प्रचार कर देश में अराजकता फैलाने का काम कर रहे है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के नाम पर दलालों ने जबरन कब्जा कर रखा है, जिससे देश का अन्नदाता बदनाम हो रहा है। किसानों के नाम पर राजनीति चमकाने वालों के खिलाफ देश का अन्नदाता एवं असली किसान उठ खड़ा हुआ है।

उन्होंने कृषि सुधार कानून बिलों से मिलने वाले फायदों से किसानों को अवगत कराया। राष्ट्रीय अध्यक्ष कहा कि मोदी सरकार ने इन तीनों कृषि सुधार कानून (बिलों) को खेत, खिलहान, किसान को केन्द्र बिन्दु मान कर लागू किया है। कुछ किसान संगठन के दलालों द्वारा कृषि बिल का विरोध कर किसानों को भ्रमित किया जा रहा है। दुर्भाग्य से देश के कुछ विपक्षी राजनेता और दल भी इस तथाकथित किसान आंदोलन की आड़ में देश के किसानों के खिलाफ षडयंत्र रचने का काम कर रहे है, जो भारी चिंता का विषय है। राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन इन नकली किसान संगठनों एवं इनके नेताओं के खिलाफ लगातार आंदोलन जारी रखेगी एवं इनके द्वारा किये जा रहे किसानों के खिलाफ षडयंत्र को बेनकाब करेगी। कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजकुमार लोधी, मूलचंद यादव,भैया लाल यादव,बिजय शर्मा,रामकुमार शुक्ला सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

अलियारपुर के आसपास गुलदार की आमद से भय


अलियारपुर के आसपास फिर से मंडरा रहा है गुलदार
गुलदार देख सिर पर पैर रख कर भागे ग्रामीण
वन विभाग से पिंजरा लगवा कर पकड़वाने की मांग

बिजनौर। अफजलगढ़ केअलियारपुर में फिर से गुलदार देखे जाने से गांव में दहशत का माहौल है। गांव की ओर गुलदार को आता देख कर कई ग्रामीण सिर पर पैर रख कर भाग खड़े हुए। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से पिंजरा लगवा कर गुलदार को पकड़वाने की मांग की है।
अफजलगढ़ के ग्राम अलियारपुर में ग्रामीण बाला देवी पत्नी राजेंद्र, आनंद सिंह, वीरेंद्र सिंह, राजपाल सिंह, शेर सिंह, विजेंद्र, हरिओम सिंह, महिपाल सिंह, अरविंद सिंह आदि ग्रामीणों का कहना है कि गांव की ओर आता गुलदार देखा गया। गुलदार को देखकर उन्होंने शोर मचा दिया तो वह भाग कर गंगा किनारे पहुंच गया। वहां पर संतोष देवी पत्नी शीशराम अपने खेत में बरसीम काट रहे थे। अचानक गुलदार देख कर वह वहां से शोर मचाते भाग खड़े हुए। शोर सुनकर खेत में काम कर रहे अन्य किसान अपने अपने खेत से भाग निकले। किसानों का कहना है कि गुलदार का आतंक दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। किसानों का वन विभाग के विरुद्ध आक्रोश बना हुआ है। उनका कहना है अलियारपुर की घटना के बाद वन विभाग वाले पिंजरा ले कर चले गए और दोबारा यहां आ कर नहीं देखा। किसानों की खेती बर्बाद होती जा रही है। किसान खेतों में जाते हुए कतरा रहे हैं, अगर ऐसे ही रहा तो सारी खेती बर्बाद हो जाएगी। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों से जल्द से जल्द गुलदार को पकड़ वा कर समस्या का समाधान कराने की मांग की है।

पिंजरे में फंसा गुलदार, सुबह बालक को उतारा था मौत के घाट

पिंजरे में फंस ही गया गुलदार, जंगल में छोड़ेगा वन विभाग। क्षेत्र के ग्राम अलियारपुर में रविवार प्रात: श्याम सिंह के 10 वर्षीय पुत्र नितेश कुमार को गुलदार ने मार डाला था।

बिजनौर।अफजलगढ़ क्षेत्र के ग्राम अलियारपुर में रविवार को देर शाम शाम एक गुलदार पिंजरे में कैद हो गया। बताया जा रहा है कि यह वही गुलदार है, जिसने सुबह के समय किशोर को मौत के घाट उतार दिया था।
क्षेत्र के ग्राम अलियारपुर में रविवार प्रात: श्याम सिंह के 10 वर्षीय पुत्र नितेश कुमार को गुलदार ने मार डाला था। घटना के वक्त श्याम सिंह अपने परिवार के साथ गांव के ही किसान ब्रहम्पाल सिंह के सरसों के खेत में लाही काटने के लिए गया हुआ था। घटना के बाद पीड़ित परिजनों व ग्रामीणों की पुलिस व वन विभाग के अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई थी। बताया गया है कि अक्रोशित पीडित परिवार व ग्रामीणों ने पांच लाख का मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। इस पर अधिकारियों ने सांत्वना देने के साथ ही उनकी मांग प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों द्वारा क्षेत्र में ही आसपास हमलावर गुलदार की मौजूदगी का दावा किया जा रहा था। इस पर वन विभाग द्वारा घटनास्थल के ईर्दगिर्द दो पिंजरे लगाकर एक में कुत्ता तथा दूसरे में बकरा बांध दिया गया। कुछ ही देर के बाद गुलदार पिंजरे में जा घुसा। गुलदार के पकड़े जाने की खबर मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए।
दूसरी ओर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिसबल सहित सीओ सुनीता दहिया तथा प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार मौके पर पंहुच गए। डीएफओ एम. सेम्मरान ने किशोर के हमलावर गुलदार के पकड़े जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि गुलदार को घने जंगल में छोड़ा जाएगा।

पांच महीने में तीसरी वारदात
अफजलगढ़ क्षेत्र में गुलदार के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इससे पहले भोजपुर में एक महिला पर हमले के बाद कैमरा ट्रैप और पिंजरा लगाया गया था। काफी प्रयास के बाद भी वह पकड़ में नहीं आ रहा था। पिछले 5 महीने में छोटे बच्चों को मारने की यह तीसरी घटना है। भयभीत ग्रामीण जंगल में जाने से कतरा रहे थे।
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गुलदार के हमले में 12 वर्षीय बालक की मौत

गुलदार ने बनाया 10 वर्षीय बालक को शिकार

गुलदार के हमले में 10 वर्षीय बालक की मौत बिजनौर। अफजलगढ़ के ग्राम अलियारपुर में गुलदार ने 10 वर्षीय बालक को शिकार बना लिया। परिजनों के खेत में काम करने के दौरान हुए हमले में बालक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं घटना से आक्रोशित पीड़ित परिजनों व ग्रामीणों ने मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
जानकारी के अनुसार ग्राम अलियारपुर निवासी श्याम सिंह अपने परिवार के साथ गांव के ही किसान ब्रहम्पाल सिंह के सरसों के खेत में लाही काटने के लिए गया हुआ था। इसी दौरान उसके पुत्र नितेश कुमार (12 वर्ष) को पीछे से आया गुलदार उठा ले गया। परिवार वालों के काफी शोर मचाने पर गुलदार मौके से भाग गया, लेकिन तब तक नितेश की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल के साथ एएसपी अनित कुमार, क्षेत्राधिकारी सुनीता देवी, कोतवाल नरेश कुमार, वन विभाग के रेंजर वीरेंद्र सिंह बोरा, डिप्टी रेंजर सुनील कुमार राजौरा व अन्य वन कर्मी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी हासिल की।
बताया गया है कि अक्रोशित पीडित परिवार व ग्रामीणों ने पांच लाख का मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। इस पर अधिकारियों ने सांत्वना देने के साथ ही उनकी मांग प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। उधर घटना से गांव व क्षेत्र में सनसनी फैली हुई है। वन विभाग कर्मियों ने बताया कि जल्द ही पिंजरा लाकर गुलदार को पकड़ा जाएगा।
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गुलदार के हमले में युवती घायल

गुलदार के हमले में युवती घायल

बिजनौर। अफजलगढ़ के ग्राम झाड़पुरा भागीजोत दिन पर दिन घटनाओं के चलते सुर्खियों में है। आज फिर से गुलदार ने दोनों गांव में कोहराम मचा दिया।
जानकारी के अनुसार प्रियंका सैनी पुत्री प्रेम सिंह सैनी (१७ वर्ष) परिवार के साथ जंगल काम करने के लिए गई हुई थी। इस दौरान अचानक गुलदार ने उस पर हमला कर दिया। परिवार वालों व ग्रामीणों ने शोर मचा कर बड़ी मुश्किल से गुलदार को वहां से भगाया। बताया जाता है कि गुलदार वहां से भाग कर पड़ोसी गांव भागीजोत में पहुंचा और कपिल कुमार पुत्र वीर सिंह (२५ वर्ष) हमला कर दिया। किसी तरह से कपिल कुमार वहां से बच कर भाग निकलने में कामयाब हो गया। गुलदार के हमले में घायल प्रियंका को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया गया है।
घटना के बाद से दोनों गांव में दहशत का माहौल छा गया है । ग्रामीणों को कहीं आने जाने में घबराहट महसूस हो रही है। वन अधिकारी सुनील राजौरा ने बताया कि वन कर्मियों को भेजकर समस्या का समाधान कराया जाएगा।

राजधानी लखनऊ में होने वाली है लख्खी किसान रैली

कृषि कानूनों के समर्थन में राजधानी लखनऊ में होगी लख्खी रैली। एक लाख किसान करेंगे तीनों कृषि कानूनों का समर्थन। किसान सम्मान एवं कृषि यंत्र पूजन कार्यक्रम सपन्न। ट्रैक्टर पर तिलक, अक्षत लगाकर पुष्प वर्षा। प्रगतिशील कृषकों का फटका पहनाकर तिलक लगाकर सम्मान।

लखनऊ। केन्द्र सरकार द्वारा लागू तीनों कृषि सुधार कानूनों (बिलों) के समर्थन में प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ब्लाक गोसाईगंज के ग्राम लक्ष्मणपुर में किसान सम्मान एवं कृषि यंत्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को किया गया। राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के राष्ट्र व्यापी महासम्पर्क अभियान के अन्तर्गत सातवें दिन यह आयोजन हुआ।

कृषि यंत्र पूजन के अन्तर्गत राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के पदाधिकारियों ने ट्रैक्टर पर तिलक, अक्षत लगाकर पुष्प वर्षा की। तत्पश्चात प्रगतिशील कृषकों का फटका पहनाकर तिलक लगाकर सम्मान किया। कार्यक्रम में उपस्थित अन्नदाता किसानों को संबोधित करते हुए यूनियन के अध्यक्ष राम निवास यादव ने कहा कि कृषि बिल से संबंधित किसानों के मन में योजना पूर्वक किसान विरोधी तत्वों ने तथाकथित किसान आन्दोलन की आड़ में भ्रांतियों के बीज बो दिये हैं। किसान को भ्रम में उल्झाकर किसानों के नाम पर राजनैतिक रोटियां सेकने का काम किया जा रहा है। राम निवास यादव ने कहा कि जल्द ही इस तथाकथित किसान आन्दोलन की आड़ में किये जा रहे भ्रामक दुष्प्रचार के खिलाफ तीनों कृषि कानूनों के समर्थन में राजधानी लखनऊ में लख्खी रैली आयोजित कर एक लाख किसानों को बुलाकर तीनों कृषि कानूनों का समर्थन किया जायेगा।

राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के अध्यक्ष राम निवास यादव ने तीनो बिलों के समर्थन में बोलते हुए कहा कि यह तीनों बिल केवल कानून नहीं हैं, बल्कि यह अन्नदाता की वास्तिवक आजादी का प्रतीक हैं। किसी को भी किसान, खेत, खलिहान के हितकारी इन बिलों से खेलने की अनुमति नही दी जायेगी, किसानों के नाम पर राजनीति करने वालों के खिलाफ देश का अन्नादाता उठकर खड़ा हो गया है। फर्जी किसान नेता बेनकाब हो रहे हैं। दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ राजनीतिक दल जगह-जगह पर किसान रैलियों के नाम पर गन्दी राजनीति करने का काम कर रहे हैं।

कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय महामंत्री वीरेन्द्र कुमार रावत ने किया, क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं वरिष्ठ किसान नेता जागेश्वर मौर्या, राम जियावन यादव, कार्यक्रम संयोजक एवं यूनियन के गोसाईगंज ब्लाक अध्यक्ष शिव कुमार यादव ने भी संबोधित किया। यूनियन के उपाध्यक्ष राज कुमार लोधी, मंत्री विमल यादव, ब्लाक प्रमुख गोसाईगंज डा0 नरेन्द्र रावत, यूनियन के मंत्री संतोष शर्मा, शिव कुमार रावत, मुराद अली, मातादीन रावत, ललित साहू सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

दिल्ली पुलिस को सम्मान स्वरूप भेजे चिन्ह, पत्र एवं सूखे मेवे

लखनऊ 11फरवरी, किसान आंदोलन की आड़ में लोकतंत्र के महापर्व 26जनवरी को दिल्ली के लालकिले पर अराजकतावादियों द्वारा की गयी भीषण हिंसा, दिल्ली पुलिस एवं सुरक्षा बलों पर हथियारों से किये गये घातक हमलों को शांतिपूर्वक झेलते हुए दिल्ली पुलिस ने जिस असीम धैर्य एवं दूरदर्शिता का परिचय दिया उसके सम्मान में राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन द्वारा राजधानी लखनऊ के जिलाधिकारी के माध्यम से सम्मान चिंह, सम्मान पत्र एवं सूखे मेवे दिल्ली पुलिस को सम्मान स्वरूप भेजे गये।

जिलाधिकारी कार्यालय में राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के अध्यक्ष राम निवास यादव के नेतृत्व में अन्नदाता यूनियन के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को उक्त सामग्री सौपी। राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के कार्यकर्ता सम्मान चिन्ह, सम्मान-पत्र सूखे मेवे, काजू, बादाम, छोहारा, किशमिश, खजूर, मखाना, मूंगफली, गुड़, एवं तिल गुड, चीनी के बताशे एवं लखनऊ की प्रसिद्ध रेवड़ी भी दिल्ली पुलिस के सम्मानार्थ अपने साथ लेकर पहुँचे थे।

राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के अध्यक्ष राम निवास यादव ने उक्त अवसर पर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि 26 जनवरी को लालकिले में जो कुछ भी घटित हुआ वो भारत विरोधियों के राष्ट्र के प्रति षडयंत्र का अंग था दिल्ली पुलिस एवं अन्य केन्द्रीय एजेन्सियों द्वारा की जा रही जाँच में उनके इरादे कितने घातक थे यह लगातार साफ होता जा रहा है, 26जनवरी को लालकिले में जो कुछ भी घटित हुआ वो भारत विरोधी अंतराष्ट्रीय साजिश का अंग था, दिल्ली पुलिस के अधिकारियों एवं जवानों व लालकिले पर तैनात अन्य सुरक्षा बलों के साथ जिस बर्बरता पूर्ण व्यवहार का प्रदर्शन अराजकतावादियों ने किया, मीडिया के माध्यम से सम्पूर्ण देश ने देखा कि हथियारों से जानलेवा हमले किये गये, लालकिला जो विश्व धरोहर श्रेणी का स्मारक है कि पूरा-संपदा को नष्ट किया गया। हमारी आन-बान-शान के प्रतीक राष्ट्र ध्वज तिरंगे का अपमान किया गया। राम निवास यादव ने कहा कि अराजकतावादियों की मंशा दिल्ली पुलिस को गोलियां चलाने पर विवश करने की थी जिससे देश भर में अराजकता माहौल पैदा हो जाय। यदि दिल्ली पुलिस अभूतपूर्व संयम एवं दूरदर्शिता का परिचय नही देती तो ये अराजकतावादी अपने इरादों में कामयाब हो जाते, जिसे दिल्ली पुलिस ने विफल कर दिया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पुलिस की इस धैर्यशीलता, गम्भीरता, दूरदर्शिता, क्षमाशीलता का सम्पूर्ण भारत गुणगान कर रहा है। राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन दिल्ली पुलिस द्वारा किये गये इस महान कार्य की प्रशंसा करती है और सम्मान स्वरूप सम्मान चिन्ह, सम्मान-पत्र, और मेवा मिठाई भेटकर अभिनन्दन करती है।

अध्यक्ष राम निवास यादव के साथ महामंत्री अवधेश प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष राज कुमार लोधी, अरविन्द यादव, डा0 अनूप सिंह, कोषाध्यक्ष अनिल जायसवाल, वीरेन्द्र कुमार रावत, लवकुश यादव, विमल यादव, शिव कुमार यादव, राकेश शर्मा, राकेश यादव, पुरूषोत्तम यादव पूर्व उप ब्लाक प्रमुख, बंटी यादव, मूलचन्द्र यादव, बलीराम वर्मा, राजेश यादव, रंजीत यादव, भईया लाल यादव, मनीष गुप्ता, शिवहरि द्विवेदी, राजेश अवस्थी, अमित मिश्रा, सहनवाज हुसैन, प्रदीप गुप्ता सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

कृषि बिल के समर्थन में जुलूस निकालेगी राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन

लखनऊ। राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन ने केन्द्र सरकार द्वारा लागू तीनों कृषि सुधार कानूनों (बिलों) का समर्थन करते हुए कृषि बिलों को यथावत रखने की मांग की है।

राजधानी लखनऊ के होटल चरण में आयोजित प्रेसवार्ता में राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के नेताओं ने एक स्वर में कृषि कानूनों को लेकर भ्रामक विवाद की कड़े शब्दो में निंदा की एवं केन्द्र सरकार से तथाकथित किसान संगठनों एवं उनके नेताओं पर प्रतिबन्ध लगाने की मांग की। प्रेसवार्ता के दौरान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम निवास यादव ने कहा कि तथाकथित किसान संगठन व उनके नेता किसानों के नाम पर कृषि बिलों के खिलाफ लगातार दुष्प्रचार कर देश में अराजकता फैलाने का काम कर रहे है, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर जबरन कब्जा कर, 26जनवरी गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रध्वज तिरंगे का अपमान कर, सुरक्षाबलों पर हिंसक हमले कर, चक्का जाम कर ये हिंसक अराजकतावादी किन किसानों का भला करना चाहते है, समझ से परे है। किसान के नाम पर राजनीति चमकाने वालों के खिलाफ देश का अन्नदाता उठ खड़ा हुआ है। कृषि सुधार कानूनों (बिलों) से मिलने वाले फायदों को लेकर देश का अन्नदाता उत्साहित है। अन्नदाता इन तीनों कृषि सुधार कानूनों (बिलों) की अपनी वास्तविक आजादी का प्रतीक मान रहा है। आजादी के 70वर्षों में पहली बार यदि केन्द्र की किसी सरकार ने खेत, खिलहान, किसान को केन्द्र बिन्दु मान कर योजनाएं बनाई है, तो केवल नरेन्द्र मोदी सरकार ने बनाई। दुर्भाग्य से देश के कुछ विपक्षी राजनेता और दल भी इस तथाकथित किसान आंदोलन के बहाने खोई राजनैतिक जमीन को तलाशने में लगे हैं और अराजकतावादियों के मनोबल को बढाने का काम कर रहे हैं। इस तथाकथित किसान आंदोलन की आड़ में भारत के खिलाफ देश के दुश्मनों द्वारा षडयंत्र रचे जा रहे हैं, जो भारी चिंता का विषय है। सच्चा किसान कभी इस प्रकार के राष्ट्रद्रोह को स्वीकार नहीं कर सकता। राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन इन नकली किसान संगठनों एवं इनके नेताओं के खिलाफ लगातार रचनात्मक आंदोलन जारी रखेगी।

प्रेसवार्ता में राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन द्वारा राट्रव्यापी पोस्टर अभियान का प्रारम्भ करने हेतु पोस्टर जारी किया गया। पोस्टर में केन्द्र सरकार से 5 बिन्दुओं को लेकर मांग की गयी है कि 1-संसद द्वारा पारित तीनों कृषि सुधार कानूनों (बिलों) को यथावत रखा जाए। 2-गणतंत्र दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर पर लगे राष्ट्रध्वज तिरंगे को अपमानित करने वालों की सम्पत्ति जब्त की जाए एवं सरकारी सम्पत्ति नष्ट करने से हुए नुकसान की भरपायी उक्त अराजकतावादियों से की जाए। साथ ही पुलिस एवं सुरक्षाबलों पर हमला करने वालों से घायल सुरक्षाबलों का चिकित्सा खर्च वसूल किया जाए। 3-अराजकतावादी तथाकथित किसान संगठनों पर प्रतिबंध लगा कर उनके नेताओं को जेल को भेजा जाए। 4-संसद द्वारा पारित कृषि सुधार कानूनों से कृषि और किसान को होने वाले क्रांतिकारी लाभों से परिचित कराने के लिए देश भर से प्राख्यात कृषि विशेषज्ञों को लेकर उनकी उच्च स्तरीय कमेटी बनाकर रिपोर्ट जारी करवायी जाए। 5-राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के विभिन्न बॉर्डर पर जबरन कब्जा जमाये बैठे तथाकथित किसान संगठनों एवं नेताओं से स्थान खाली करवाकर आवागमन सुचारू किया जाए।

कल राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के नेता रोहित जायसवाल एवं आचार्य पुष्पेन्द्र के नेतृत्व में प्रयागराज के माघ मेला स्थित मछली बन्दर मठ में संतों का आशीर्वाद लेकर राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन एवं अखिल भारतीय संयुक्त धर्माचार्य मंच द्वारा कृषि बिल के समर्थन में जुलूस निकाल कर धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री को भेजा जायेगा।

प्रेसवार्ता में महामंत्री अवधेश प्रताप सिंह, वीरेन्द्र कुमार रावत, उपाध्यक्ष राज कुमार लोधी, बलीराम वर्मा, मोहम्मद खलील अहमद, अनिल जायसवाल, डा0 अनूप सिंह, मूलचन्द्र यादव, लवकुश यादव, अजीत सिंह यादव गाजीपुर, यशवंत यादव बाराबंकी, राम नरेश वर्मा सीतापुर, आलोक बाजपेयी हरदोई, विमल यादव उपस्थित रहे।

UP, उत्तराखंड, दिल्ली में नहीं होगा चक्का जाम!

राकेश टिकैत ने कहा, UP, उत्तराखंड और दिल्ली छोड़कर पूरे देश में होगा चक्का जाम

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में कल चक्का जाम नहीं होगा! शनिवार को होने वाले चक्का जाम की तैयारियों के बीच किसान नेता राकेश टिकैत और बलबीर सिंह राजेवाल ने यह ऐलान किया है!

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि ‘कल उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली को छोड़कर पूरे देश में चक्का जाम होगा। इन दोनों राज्यों में जिला मुख्यालय पर किसान कृषि कानूनों के विरोध में केवल ज्ञापन दिए जाएंगे। उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में चक्का जाम टालने को लेकर राकेश टिकैत ने कहा कि इन दोनों जगहों को लोगों को स्टैंडबाय पर रखा गया है और उन्हें कभी भी दिल्ली बुलाया जा सकता है। इसलिए यूपी-उत्तराखंड के लोग अपने ट्रैक्टरों में तेल-पानी डालकर तैयार रहें। उन्होंने कहा कि अन्य सभी जगहों पर तय योजना के अनुसार शांतिपूर्ण ढंग से काम होगा।

उधर, किसान नेता दर्शनपाल सिंह ने कहा कि हम कल दिल्ली में चक्का जाम नहीं कर रहे हैं। हम सभी बार्डरों पर शांतिपूर्ण तरह से बैठेंगे। दोपहर 12 से 3 बजे तक ही चक्का जाम रहेगा। वहीं दिल्ली पुलिस के PRO चिन्मय बिस्वाल ने बताया कि प्रदर्शनकारी किसानों ने चक्का जाम का प्रस्ताव रखा है। इस दौरान 26 जनवरी जैसे हालात न हो जाएं, इसलिए दिल्ली पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हैं, ताकि दिल्ली की सीमाओं से कोई भी असमाजिक तत्व राजधानी के भीतर न घुस सके। वहीं किसानों के चक्का जाम को लेकर पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव की बैठक में दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कल होने वाले किसानों के चक्का जाम को लेकर चर्चा की।

America ने किया कृषि कानूनों का समर्थन, इससे भारत का बाजार सुधरेगा

वाशिंगटन। अमेरिका ने भारत के नए कृषि कानूनों का समर्थन किया है। कहा कि वह ऐसे कदमों का स्वागत करता है जो भारतीय बाजारों की ‘निपुणता में सुधार’ करेंगे और निजी क्षेत्र के अधिक निवेश को आकर्षित करेंगे। भारत में चल रहे किसान आंदोलन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका यह मानता है कि शांतिपूर्ण विरोध किसी भी संपन्न लोकतंत्र की पहचान है। मतभेदों को बातचीत के माध्यम से हल किया जाना चाहिए। प्रवक्ता ने कहा, ‘हमारा मानना है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किसी भी संपन्न लोकतंत्र की पहचान है और यहां ध्यान देने वाली बात है कि भारतीय सर्वोच्च न्यायालय ने भी यही कहा है।’ प्रवक्ता ने कहा कि हम प्रोत्साहित करते हैं कि पार्टियों के बीच किसी भी तरह के मतभेदों को बातचीत के माध्यम से हल किया जाएगा। सामान्‍य तौर पर अमेरिका भारतीय बाजारों की कार्यकुशलता को सुधारने और बड़े पैमाने पर निजी सेक्‍टर के निवेश को आकर्षित करने के लिए उठाए गए कदमों का स्‍वागत करता है।

विदित हो कि कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर पिछले 26 नवंबर से किसान प्रदर्शऩ कर रहे हैं। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसान ट्रैक्टर रैली के दौरान दिल्ली में हिंसा भी हुई। कृषि कानून पर सहमति को लेकर किसानों और सरकार के बीच 11 दौर की वार्ता हो चुकी है, मगर सभी बेनतीजा रहे। 22 जनवरी को प्रदर्शनकारी किसानों के साथ 11वें दौर की वार्ता के दौरान सरकार ने नए कानूनों को डेढ़ साल के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव रखा और अधिनियमों पर चर्चा के लिए एक संयुक्त समिति गठित करने का भी प्रस्ताव रखा, लेकिन किसान तब भी नहीं माने।

महापंचायत में कृषि कानून के खिलाफ लामबंद रहने का आह्वान


बिजनौर। जिला मुख्यालय के आईटीआई में भारतीय किसान यूनियन की सम्मान बचाओ महापंचायत में भारी भीड़ उमड़ी। चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के पौत्र गौरव टिकैत व पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पौत्र जयंत चौधरी ने किसानों से एकजुट रहने और कृषि कानून के खिलाफ लामबंद रहने का आह्वान किया।

सोमवार को नगर के आईटीआई मैदान में भारतीय किसान यूनियन के तत्वाधान में आयोजित किसान सम्मान बचाओ महापंचायत का आयोजन किया गया। किसान नेताओं ने किसान विरोधी कृषि कानून के प्रति लामबंद होकर एकजुट रहने और सरकार से बिल्कुल ना डरने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत के युवा पुत्र गौरव टिकैत ने किसानों से सरकार को अपनी ताकत का अहसास कराने को कहा। उन्होंने कहा कि गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के साथ गद्दारी करने वालों को कभी माफ नहीं किया जाएगा। किसानों से एकता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार को काले कानून हर हाल में वापस लेने होंगे।

राष्ट्रीय लोकदल के युवा नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पौत्र चौधरी जयंत सिंह ने अपने भाषण में मोदी और योगी सरकार पर जमकर प्रहार किये। उन्होंने कहा कि सरकारें किसानों को बहरूपिया बनकर ठग रही हैं। किसान जाग चुका है और अब वक्त आ गया है कि इन सरकारों को जड़ से उखाड़ कर फेंका जाए। उन्होंने चौधरी राकेश टिकैत के आंसुओं का जिक्र करते हुए कहा कि आंसू सैलाब बन गये हैं, जो अब रुकने वाले नहीं है या तो सरकार कृषि कानून वापस लेगी या फिर सरकार के नुमाइंदे गद्दी छोड़ कर भागेंगे। महापंचायत को भाकियू के राष्ट्रीय सचिव चौधरी युद्धवीर सिंह, कर्नाटक से आए किसान नेता केडी गंगाधर, केरल से आए करनैल सिंह, जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह ने संबोधित किया। अध्यक्षता शमशाद हुसैन ने तथा संचालन जितेंद्र सिंह ने किया।

चौधरी दिगंबर सिंह का कद बढ़ा-
पंचायत में उमड़ा किसानों का जनसैलाब भारतीय किसान यूनियन के युवा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह का कद बढ़ाने वाला साबित हुआ। चौधरी दिगंबर सिंह ने कहा कि कृषि कानूनों के विरुद्ध जो लड़ाई लड़ी जा रही है, अब किसानों की अस्मिता की लड़ाई बन गई है। किसान इसे जीत कर ही दम लेंगे। महापंचायत में विभिन्न सियासी दलों के कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी शामिल हुए। विशेषकर समाजवादी पार्टी व राष्ट्रीय लोक दल के कार्यकर्ता और पदाधिकारी भारी संख्या में नजर आए।

पुलिस प्रशासन की रही पैनी नजर- महापंचायत में जुटी किसानों की भीड़ के सामने आईटीआई का मैदान भी छोटा पड़ गया। सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टरों में बैठकर हजारों किसान सुबह नौ बजे से ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचना शुरू हो गए थे। इस दौरान पुलिस की भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। जगह-जगह भारी पुलिस बल लगाया गया था। 4 कंपनी पीएससी, 4 अपर पुलिस अधीक्षक, 8 डीएसपी, 22 थाना प्रभारी और 600 सिपाही तैनात रहे। साथ ही ड्रोन कैमरे से  महापंचायत पर पैनी नजर रखी गई। आईजी रमेश कुमार, पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी देहात संजय कुमार तथा एसपी नगर प्रवीण रंजन सिंह मौजूद रहे।

किसान महापंचायत में शामिल हुए समाजवादी पार्टी के दिग्गज

बिजनौर। किसान महापंचायत में समाजवादी पार्टी के नजीबाबाद विधायक हाजी तसलीम अहमद किसान के रूप में अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ शामिल हुए। इस मौके पर पूर्व मंत्री व विधायक नगीना मनोज पारस, नूरपुर विधायक नईम उल हसन, पूर्व मंत्री स्वामी ओमवेश, पूर्व मंत्री ठाकुर मूलचंद चौहान, जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ महापंचायत में किसानों के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष महिला सभा प्रभा चौधरी, जिला महासचिव आदित्य वीर, डॉ रमेश तोमर, जिला पंचायत सदस्य राधा सैनी, चेयरपर्सन पति बिजनौर शमशाद अंसारी, पूर्व जिला अध्यक्ष महिला सभा श्लोक पंवार, चौधरी नसीम राणा, डॉक्टर राजपाल विश्वकर्मा, शुजात हुसैन, विमलेश चौधरी, शिव कुमार गोस्वामी, असलम कुरेशी, मौलाना अतीक, उदल सिंह चौहान, राशिद मलिक, ओमप्रकाश सिंह, जिला सचिव जाहिद अंसारी, विधानसभा अध्यक्ष नजीबाबाद नईम मकरानी, नगर अध्यक्ष नजीबाबाद शाहिद मलिक, जिला कार्यकारिणी सदस्य एजाज अंसारी, नगर अध्यक्ष साहनपुर शेख अंजार अहमद, जगजीत सिंह जीत आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

किसान सम्मान निधि की आगामी किश्तों के लिये 01 से 03 फरवरी तक “समाधान दिवस”

आधार संख्या इनवैलिड अथवा आधार कार्ड में उल्लिखित नाम के अनुरूप डाटा बेस में फीड न होने वाले किसानों के सम्मान निधि की आगामी किश्तों का भुगतान भारत सरकार द्वारा रोक, सभी प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए विकास खण्ड स्तर पर पीएम किसान समाधान दिवस का होगा आयोजन-जिलाधिकारी रमाकान्त पाण्डेय



बिजनौर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अन्तर्गत आधार आॅथेन्टिकेशन अनिवार्य हो जाने के कारण भारी संख्या में ऐसे किसानों, जिनका आधार संख्या इनवैलिड है अथवा आधार कार्ड में उल्लिखित नाम के अनुरूप डाटा बेस में नाम नहीं फीड हुआ है, उनकी किसान सम्मान निधि की आगामी किश्तों का भुगतान भारत सरकार द्वारा रोक दिया गया है। जिलाधिकारी रमाकान्त पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि इन सभी प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए विकास खण्ड स्तर पर 01फरवरी, 2021 से 03फरवरी, 2021 तक प्रात 10:00 बजे से शाम 04:00 बजे तक पीएम “किसान समाधान दिवस” का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने बताया कि जिन किसानों को योजना की कम से कम एक किश्त प्राप्त हो गयी है किन्तु उनका आधार संख्या या नाम त्रुटिपूर्ण होने के कारण अथवा अन्य कारणों से अगली किश्तें प्राप्त नहीं हो पा रही हैं, तो ऐसे किसानों का विवरण यथा उनका पता, सम्पर्क नं0 आदि सम्बन्धित न्याय पंचायत प्रभारी द्वारा उल्लिखित अवधि में सम्बन्धित बैक से प्राप्त करते हुए उनका शत प्रतिशत सत्यापन कराते हुए उनका डाटा संशोधित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि समाधान दिवस के नोडल अधिकारी उप जिलाधिकारी होंगे और अपनी तहसील के समस्त विकास खण्डों में इस कार्यक्रम का आयोजन अपने सुपरविजन में ससमय आयोजित कराना सुनिश्चित करेंगे। समाधान दिवस में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की सभी समस्याओं का निराकरण किया जायेगा और इस दौरान कोविड-19 की रोकथाम हेतु निर्गत दिशा-निर्देशों का पूर्णतया पालन किया जायेगा।

हल्दी निर्यात में 42 फीसदी की उल्लेखनीय बढ़ोतरी

मसाला बोर्ड द्वारा वित्त वर्ष 2020-21 में 14वीं क्रेता-विक्रेता बैठक का आयोजन किया गया। बैठक मिर्च और हल्दी के लिए आयोजित की गई। मसाला बोर्ड और बागवानी विभाग, मिर्च, हल्दी और काली मिर्च जैसे मसालों का उत्पादन करने वाले आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्य में लगातार विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों को लागू कर रहे हैं।

नई दिल्ली। दुनिया में मिर्च और हल्दी के सबसे बड़े निर्यातक देशों में भारत शामिल है। इऩके निर्यात में पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। 2019-20 के दौरान, भारत ने 4,84,000 टन मिर्च और मिर्च उत्पादों का निर्यात किया, जिनका मूल्य 6211.70 करोड़ रुपये था। इनकी मात्रा के आधार पर भारत के कुल मसाला निर्यात में 40 फीसदी से अधिक और मूल्य के आधार पर 29 फीसदी हिस्सेदारी है। इसी तरह निर्यात में हल्दी की मात्रा के आधार पर 11 फीसदी और मूल्य के आधार पर 6 फीसदी की हिस्सेदारी है। भारत से 1,36,000 टन  हल्दी का निर्यात होता है, जिसका मूल्य 1216.40 करोड़ रुपये है।

हल्दी अपनी प्रतिरक्षा बढ़ाने वाले गुणों की वजह से महामारी के दौर में काफी लोकप्रिय हुई है। इस वजह से उसकी निर्यांत मांग भी बढ़ी है। वित्त वर्ष 2020-21 की पहली छमाही के दौरान मात्रा के आधार पर निर्यात में 42 फीसदी की उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

मिर्च और हल्दी के लिए क्रेता-विक्रेता बैठक का आयोजन मसाला बोर्ड द्वारा किया गया। इसका फोकस आंध्र प्रदेश है। बैठक में 245 संबंधित पक्षों ने भाग लिया है। बोर्ड द्वारा वित्त वर्ष 2020-21 में अब तक 14 क्रेता-विक्रेता बैठक का आयोजन किया गया।

मसाला बोर्ड के चेयरमैन और सचिव डी. साथियान ने क्रेता-विक्रेता बैठक की सफलता के बारे में कहा इसके जरिए सुदूर क्षेत्रों में किसानों को फसल की अच्छी कीमत मिली है, साथ ही किसान और किसान समूहों तक पहुंच भी आसान हुई है। साथियान के अनुसार पिछले साल 185 देशों को 225 श्रेणी में मसालों का निर्यात किया गया है। उन्होंने मसालों में मूल्य संवर्धन और कारोबारियों को प्रसंस्करण और भंडारण सुविधाओं के लिए मसाला पार्क की उपलब्धता की भी बात कही।

क्रेता-विक्रेता बैठक का उद्घाटन राज्य सभा सांसद और मसाला बोर्ड के सदस्य जीवीएल नरसिम्हा राव ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पिछले दशक में मिर्च का निर्यात लगभग दोगुना हो गया है। उन्होंने आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए सभी क्षेत्रों के एकीकरण करने की जरूरत बताया। कहा कि इससे निर्यात, बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी। उन्होंने मसालों में अधिक मूल्य संवर्धन की आवश्यकता पर भी जोर दिया और निर्यातकों से आह्वान किया कि मिर्च प्रसंस्करण में निवेश के तरीके और निर्यात में वृद्धि के लिए विचारों के साथ आगे आएं।

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खेती को लाभकारी बनाने के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध- कृषि मंत्री

कृषि व ग्रामीण क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की बयार- नरेंद्र सिंह तोमर

राष्ट्रपति के अभिभाषण से उत्साह, केंद्रीय कृषि मंत्री की प्रतिक्रिया

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, पंचायत राज तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आज संसद के संयुक्त अधिवेशन में राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द के अभिभाषण में उल्लेखित कृषि और ग्रामीण विकास की प्रगति को लेकर प्रसन्नता जताई।

श्री तोमर ने कहा कि कृषि व ग्रामीण क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि के अनुरूप सकारात्मक बदलाव की बयार है। खेती को लाभकारी बनाने के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत अभियान प्रारंभ किया है, जिसमें कृषि व ग्रामीण विकास मुख्य आधार है। सरकार ने देश के छोटे व मझौले किसानों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है। फसल पूर्व से लेकर फसल पश्चात और उपभोक्ताओं के हाथों में उत्पाद पहुंचाने तक की सारी व्यवस्थाएं सुदृढ़ करने के लिए अनेक उपाय प्रारंभ किए गए हैं। पिछले छह साल से ज्यादा के समय में सरकार ने कृषि व ग्रामीण सहित अन्य क्षेत्रों की लंबे कालखंड से चली आ रही कमियां दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।

श्री तोमर ने कहा कि किसान हितैषी केंद्र सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की 201 में से 200 सिफ़ारिशों को ऐतिहासिक रूप से लागू किया है। आज न केवल किसानों को उनकी लागत से डेढ़ गुना एमएसपी दी जा रही है, बल्कि देशभर में एमएसपी पर कृषि उपज की खरीद व खरीद केंद्र भी निरंतर बढ़ाए गए हैं, जिससे किसानों की माली हालत लगातार सुधर रही है। देश के लगभग 86 प्रतिशत छोटे किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। एक लाख करोड़ रूपए के ऐतिहासिक कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड और 10 हजार किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के गठन से दीर्घकाल तक हमारे अन्नदाताओं को काफी सुविधाएं व लाभ मिलेगा। साथ ही कृषि सुधार के नए उपायों के कारण कानूनी बंधनों से आजाद हुए किसानों का जीवन स्तर बेहतर हो जाएगा, जिनका कि देश के अधिकांश किसान खुले दिल से समर्थन कर रहे हैं।

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सिंघु बॉर्डर: जनता व किसानों में झड़प, लाठीचार्ज

सिंघु बार्डर खाली करवाने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों और किसानों में झड़प। पुलिस ने किया लाठीचार्ज। तलवार के हमले में SHO घायल। कई गांवों के किसानों ने प्रदर्शन कर कहा कि 2 महीने से भी अधिक समय से प्रदर्शन करने के चलते न केवल कारोबार प्रभावित हुआ है, बल्कि सैकड़ों लोग बेरोजगार तक हो चुके हैं।


नई दिल्ली। सिंघु बार्डर पर किसान आंदोलन के दाैरान आज उस समय माहाैल हिंसक हो गया जब स्थानीय लोगों और किसान संगठनों के सदस्यों के बीच झड़प हो गई। दोपहर करीब 1 बजे नरेला की तरफ से आए लोग धरनास्थल पर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए किसानों से बॉर्डर खाली करने की मांग करने लगे।

इनका कहना था कि किसान आंदोलन के चलते लोगों के कारोबार ठप हो रहे हैं। करीब 1.45 बजे ये लोग किसानों के टेंट तक पहुंच गए और उनकी जरूरत के सामान तोड़ दिए। इसके बाद किसानों और लोगों के बीच झड़प शुरू हो गई। दोनों ओर से पथराव भी हुआ। पुलिस ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन स्थिति बिगड़ते देख लाठीचार्ज कर दिया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े।

इस झड़प में कई लोगों को चोटें आई हैं। कुछ पुलिसकर्मियों को भी गंभीर चोटें लगी हैं। अलीपुर थाने के SHO तलवार के हमले में घायल हो गए। पुलिस ने कथित तौर पर स्थानीय होने का दावा करने वालों और किसानों पर बल प्रयोग किया। लोग विरोध स्थल खाली करने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान किसानों से उनकी झड़प हो गई। प्रदर्शन स्थल पर अराजक तत्वों ने एक पंडाल से लेकर वाशिंग मशीन तक तोड़ दिया।

बजट सत्र कल से-छाया रहेगा किसान आंदोलन

बजट सत्र कल से-बार्डर का हंगामा दिखेगा संसद में, छाया रहेगा किसान आंदोलन

नई दिल्ली। किसान आंदोलन को लेकर चल रहे आरोप-प्रत्यारोप के बीच शुक्रवार को राष्ट्रपति अभिभाषण के साथ शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र के खूब हंगामेदार होने की संभावना है। कांग्रेस समेत प्रमुख विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के बहिष्कार का ऐलान करके अपने तेवर साफ कर दिये हैं। लोकसभा सचिवालय के अनुसार बजट सत्र 29 जनवरी से आठ अप्रैल तक चलेगा जिसमें 33 दिन कार्यवाही चलेगी। कल पूर्वाह्न 11 बजे राष्ट्रपति कोविंद दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करेंगे। लोकसभा की कार्यवाही राष्ट्रपति के अभिभाषण के समाप्त होने के आधा घंटे बाद थोड़ी देर के लिए होगी, जिसमें आर्थिक सर्वेक्षण सदन में पेश किया जाएगा। संसद के बजट सत्र में कुल 12 बैठकें होंगी जबकि अगला चरण आठ मार्च से शुरू होकर आठ अप्रैल को समाप्त होगा, जिसमें कुल 21 बैठकें होंगी। टीकाकरण शुरू होने के बावजूद संसद बजट सत्र की कार्यवाही में कोविड-19 महामारी की छाया से मुक्त नहीं होगा। बजट सत्र में लोकसभा की कार्यवाही अपराह्न चार बजे से रात नौ बजे तक चलेगी जबकि राज्यसभा की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे से दो बजे तक चलेगी। लोकसभा सचिवालय के अनुसार एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 11 बजे वर्ष 2021-22 का आम बजट पेश करेंगी। अगले दिन दो फरवरी से लेकर आठ अप्रैल तक दोनों सदनों की कार्यवाही अपनी अपनी पालियों में चलेगी। संसद के बजट सत्र के दौरान इस बार प्रश्नकाल और शून्यकाल भी होंगे तथा सासंदों को बजट के सारांश और आर्थिक सर्वेक्षण की डिजिटल प्रति उपलब्ध कराई जाएगी। इस बार कागज का प्रयोग शून्य रहेगा। लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक शनिवार 30 जनवरी को होगी।
सचिवालय के अनुसार कोरोना महामारी के कारण इस बार संसद के बजट सत्र में पिछले सत्र की तरह ही तमाम दिशा-निर्देशों के अनुसार स्वास्थ्य की सुरक्षा को लेकर व्यापक व्यवस्था की गयी है। सदस्यों के लिए दोनों सदनों के साथ केन्द्रीय कक्ष में बैठने व्यवस्था की गई है। सभी सदस्यों, संसद कर्मियों और मीडिया कर्मियों के लिए कोविड जांच की व्यवस्था 27 और 28 तारीख को संसद भवन परिसर में की गयी। साथ ही सासंदों को उनके आवास के पास भी ऐसी जांच सुविधा मुहैया करवाई गयी है। सासंदों के परिवार वालों के लिए कोरोना जांच अनिवार्य नहीं है लेकिन ऐसा करने की सलाह दी गई है। राज्य सरकारों से भी कहा गया है कि वह संबंधित सांसदों के कोविड-19 जांच की व्यवस्था सुनिश्चित करें। संसद के बजट सत्र में संसद की कैंटीन की सूरत बदली बदली नजर आएगी। कैंटीन की कमान उत्तर रेलवे से लेकर भारत पर्यटन विकास निगम (आईटीडीसी) को दे दी गयी है और खानपान पर दी जा रही सब्सिडी को भी खत्म कर दिया गया है। संसद की कैंटीन को सालान करीब 17 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी जा रही थी। इस कैंटीन में खानपान की सुविधा का लाभ संसद के कर्मचारियों, मीडिया और सुरक्षा कर्मियों के साथ संसद भवन आने वाले अतिथियों को मिलता था। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उम्मीद जताई है कि सभी दलों के सहयोग से इस बार सदन सुचारु तौर पर चलेगा और जनता की आशा के अनुरूप अहम मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा होगी। किसान आंदोलन और गणतंत्र दिवस पर किसानों के उत्पात हो कर बजट सत्र में राजनीतिक तापमान बहुत तेज होने की संभावना है। इस बार के बजट में भी किसानों के लिए लुभावने उपहार दिये जा सकते हैं।

कांग्रेस समेत प्रमुख 16 विपक्षी दलों ने संसद के बजट सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार करने की घोषणा की है। शिरोमणि अकाली दल ने भी बहिष्कार करने का ऐलान किया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्य सभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने गुरुवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि राजनीतिक दलों ने कल राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार करने का बयान जारी किया है। इसका प्रमुख कारण पिछले सत्र में विपक्ष की गैर मौजूदगी में कृषि संबंधित तीन कानूनों को सरकार द्वारा बलपूर्वक पारित कराना है। कल राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के अभिभाषण के साथ ही बजट सत्र शुरू हो रहा है ।
विपक्षी दलों के संयुक्त बयान में कहा गया कि केन्द्र सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को मनमाने ढंग से लागू किया है जिससे देश की 60 प्रतिशत आबादी पर आजीविका का संकट पैदा हो गया है। इससे करोड़ों किसान और खेतिहर मजदूर सीधे प्रभावित हो रहे हैं। दिल्ली की सीमाओं पर किसान पिछले 64 दिन से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं और 155 से ज्यादा किसान अपनी जान गंवा चुके हैं।

इस बयान पर आजाद के अलावा लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, राज्य सभा में कांग्रेस के उप नेता आनंद शर्मा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरद पवार, नेशनल कांफ्रेंस के फारुक अब्दुल्ला, द्रविड मुनेत्र कषगम के टी आर बालू, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन, शिवसेना के संजय राउत, समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव, राष्ट्रीय जनता दल के मनोज कुमार झा, माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के इलावरम करीम, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के बिनय विस्वम, आईयूएमएल के पी. के. कुंझालीकुट्टी, आरएसपी के एन. के. प्रेमचंद्रन, पीडीपी के नजीर अहमद लावे, मरुमलारची द्रविड मुनेत्र कषगम के वाइको, केरल कांग्रेस के थामस चाजीकदान और अखिल भारतीय यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के बदरुद्दीन अजमल ने हस्ताक्षर किये हैं।

यूपी गेट पर राेते हुए बोले टिकैत, आत्महत्या कर लूंगा

यूपी गेट पर आंदोलन खत्म करने के आसार, भारी संख्या में फोर्स तैनात-राेते हुए बोले टिकैत, आत्महत्या कर लूंगा
गाजीपुर। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत गुरुवार को दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित गाजीपुर में किसानों के प्रदर्शन स्थल पर भावुक हो गए और आरोप लगाया कि प्रशासन उनके आंदोलन को कुचलने की कोशिश कर रहा है।

इधर गणतंत्र दिवस में हुई हिंसा के बाद अब पुलिस प्रशासत सख्त हो गया है। धरनास्थलों में पुलिस की गश्त तेज हो गई है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने किसान आंदोलन को खत्म कराने के आदेश दे दिए हैं। इसके बाद गाजियाबाद प्रशासन ने नोटिस जारी कर आंदोलनकारियों को गुरुवार रात यूपी गेट खाली करने का अल्टीमेटम दिया है। नोटिस में कहा गया है कि तुरंत यूपी गेट खाली कर दो, वरना बल प्रयोग किया जाएगा। इसी प्रकार सिंघु बार्डर पर पुलिस फोर्स बढ़ा दी गई है। यहां किसानों की संख्या भी काफी कम हो गई है।

गाजीपुर बॉर्डर पर रोते हुए बोले राकेश टिकैत, कानून वापस नहीं हुए तो कर लूंगा आत्महत्या-
गणतंत्र दिवस पर ‘किसान गणतंत्र परेड’ के दौरान शहर के कई हिस्सों में हुई हिंसा के सिलसिले में दिल्ली पुलिस की एफआईआर में नामित राकेश टिकैत ने दो दिन बाद विरोध स्थल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने कहा, “हम तैयार थे शांतिपूर्वक आत्मसमर्पण करने के लिए, लेकिन प्रदर्शनकारी किसानों को पीटने के लिए भाजपा के स्थानीय विधायकों को बुलाया गया।” उन्होंने कहा, “यह हमारे खिलाफ एक साजिश है। अगर पुलिस ने हम पर गोलियां भी चलाईं, तो भी मैं आत्मसमर्पण नहीं करूंगा।” टिकैत ने रोते हुए यह भी कहा कि वह आत्महत्या कर लेंगे, लेकिन वह अब आत्मसमर्पण नहीं करेंगे।
मीडिया से बात करते हुए, भावुक टिकैत ने कहा कि प्रशासन उनके शांतिपूर्ण आंदोलन को समाप्त करने के लिए किसानों के खिलाफ षड्यंत्र करने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने कहा, “हम यहां तीन कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन करने आए थे और उन्हें वापस लेने की मांग कर रहे थे।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग किसानों को मारने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह देश के किसानों के साथ अन्याय है। तीन कानूनों को निरस्त किया जाना चाहिए और हमारा आंदोलन तब तक चलता रहेगा, जब तक तीनों कानूनों को वापस नहीं लिया जाता है।” उन्होंने कहा, “मैं किसानों के हक के लिए लड़ता रहूंगा।” गाजियाबाद प्रशासन ने किसानों को प्रदर्शन स्थल खाली करने के लिए नोटिस दिया है। इससे पहले दिन में, गाजीपुर विरोध स्थल पर पुलिस कर्मियों और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती देखी गई, जहां किसान पिछले साल 26 नवंबर से डेरा डाले हुए हैं।

राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन अध्यक्ष ने लिखा पीएम व गृह मंत्री को पत्र

राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम निवास यादव ने दिल्ली में अराजकता फैलाने वालों पर कठोर कार्यवाही की मांग करते हुए प्रधानमंत्री व गृह मंत्री को लिखा पत्र

लखनऊ। राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के अध्यक्ष राम निवास यादव ने 72वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश की राजधानी दिल्ली में किसान नेताओं द्वारा किये गये राष्ट्र विरोधी कृत्य से दुखी एवं आक्रोशित होकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं गृहमंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा है।

राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम निवास यादव ने गुरुवार को बताया कि उन्होंने पत्र में फर्जी किसान नेताओं द्वारा देश की आन-बान-शान लालकिला से राष्ट्रीय ध्वज उतारने, दिल्ली में दंगा कराने वालों, सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों की सम्पत्तियों को जब्त करने एवं देश विरोधी कार्य करने वालों को गिरफ्तार कर जेल भेजने के साथ ही अलगाववादियों से सम्बन्ध होने की जांच कर सभी किसान संगठनों पर प्रतिबन्ध लगाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि किसानों के नाम से कृषि बिल के विरोध में धरना प्रदर्शन से जनता का किसान पर से विश्वास उठ गया है। सरकार किसान संगठनों के साथ मिलकर कृषि बिल में कुछ बिन्दुओं पर लिखित गारंटी भी देने को तैयार थी, फिर भी कुछ किसान संगठन विपक्ष के साथ मिलकर कृषि बिल का विरोध कर देश में अराजकता का माहौल बना रहे हैं। विपक्ष की साजिशों में शामिल होकर ट्रैक्टर रैली निकालने की आड़ में दंगा करवाया गया। इसमें शामिल किसान नेता राकेश टिकैत, योगेन्द्र यादव, हन्ना मौला, शिव कुमार कक्का, दीप सिद्धू, लक्खा सिधाना, हरमीत सिंह कड़िया के साथ-साथ फर्जी किसानों पर सख्त कार्यवाही की जाए। इनकी चल-अचल सम्पत्ति जब्त कर सरकारी सम्पत्ति के नुकसान की भरपाई की जाए। इनके इस घिनौने राष्ट्र विरोधी कृत्य से समस्त किसान भाई बहुत दु:खी एवं आक्रोशित हैं। देश की किसान यूनियनों का नाम बदनाम हुआ है, देश में किसानों के ख़िलाफ़ माहौल बन रहा है। राष्ट्रीय संयोजक राम निवास यादव ने कहा कि नया कृषि बिल पूर्ण रूप से किसान हितैषी है, जिस पर कोई संदेह नहीं है, लेकिन फर्जी किसान नेता अपनी नेतागिरी एवं बिचौलियों के चक्कर में साधारण किसानों को भ्रमित कर रहे हैं, जो ठीक नहीं है।

सभी धरना स्थलों पर पुलिस की तैनाती बढ़ी

नई दिल्ली। सिंघु बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर समेत किसानों के सभी धरना स्थलों पर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। सिंघु बॉर्डर पर RAF के जवानों की तैनाती भी कर दी गई है। पुलिस ने क्रेन से बैरिकेड हटाने शुरू कर दिए हैं।

गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस फ्लैग मार्च कर रही है। गाजियाबाद नगर निगम के सूत्रों के मुताबिक गाजीपुर बॉर्डर पर नगर निगम द्वारा दी गई सुविधाओं, जैसे सफाई कर्मचारी, पानी की सुविधा और टॉयलेट को हटा लिया गया है। सिर्फ दो टॉयलेट रखा गया है।

दिल्ली पुलिस कमिश्नर का संदेश-
दिल्ली पुलिस के कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने अधीनस्थ स्टाफ के नाम संदेश जारी किया है।  उन्होंने कहा, ‘आने वाले कुछ दिन हमारे लिए काफी चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं इसलिए हमें सचेत रहने की आवश्यकता है। किसान आंदोलन में हुई हिंसा में हमारे 394 साथी घायल हुए हैं, कुछ का इलाज अभी चल रहा है। आपके सूझबूझ से हम चुनौती का सामना कर पाए, हमें धैर्य और अनुशासन बनाए रखना है।’

टिकैत से मांगा 3 दिन में जवाब
गणतंत्र दिवस के मौके पर हुई हिंसा के लिए दिल्ली पुलिस ने 20 किसान नेताओं को नोटिस भेजा है। FIR में दर्ज नेताओं के खिलाफ भी लुक आउट नोटिस जारी की गई है। गाजीपुर बॉर्डर पर किसान नेता राकेश टिकैत के टेंट पर नोटिस चिपकाया गया है। पुलिस ने उनसे 3 दिन में जवाब मांगा है।

किसी भी कीमत पर वापस न हो कृषि बिल: राम निवास यादव

लखनऊ। राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के राष्ट्रीय संयोजक राम निवास यादव ने उन्नाव जिले के सोहरमउ ग्राम में किसानों के कार्यक्रम में शामिल होते हुए कृषि बिल का समर्थन किया।

उन्होंने कहा कि किसी भी क़ीमत पर बिल वापस नहीं होना चाहिए। ये किसानों के हित में है। देश की राजधानी में गणतंत्र  दिवस के अवसर पर फ़र्ज़ी किसानों एवं देश के दलाल किसान नेताओं द्वारा देश को शर्मसार किया गया, अब ऐसे लोगों पर सख्त कार्यवाही की आवश्कता है।

अपनी टैक्टर रैली की विफलता को छुपाने एवं पैसे लेकर दिल्ली में दंगा कराने के लिये तलवार, भाला जैसे औजारों, हथियारों को लेकर लाल किले पर उत्पात मचाया और देश को शर्मसार किया, वो माफ़ी लायक़ नहीं है। इन नकली किसानों ने राष्ट्रीय झंडे को लाल किले से उतारकर फेंक दिया और वहां पर खालिस्तानी झण्डा फहराया। इससे देश शर्मसार हुआ, देश विदेश में साख को चोट पहुंची।

उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि ऐसे लोगों पर NSA लगाया जाए। कार्यक्रम में पूर्व विधायक चंद्रा रावत, महामन्त्री वीरेन्द्र रावत, मो. आरिफ, शिवकुमार रावत सहित हज़ारों लोग शामिल रहे।

किसानों के समर्थन में सपाईयों ने निकाली ट्रैक्टर रैली, पुलिस से झड़पें, गिरफ्तारियां

किसानों के समर्थन में ट्रैक्टर रैली निकलते सपाईयों की पुलिस से कई जगह झड़प।

समाजवादी व्यापार सभा के प्रदेश सचिव सोनू कनौजिया किसानों के समर्थन में अपने काफिले के साथ रवाना ही हुए थे कि उन्हें काकोरी कमिश्नरेट पुलिस ने दुर्गा गंज चौराहे पर हिरासत में ले लिया।

रैली के समर्थन में सपा जिला अध्यक्ष जय सिंह जयंत, पूर्व सांसद सुशीला सरोज, पूर्व विधायक इंदल रावत, पूर्व विधायक प्रत्याशी राजबाला रावत, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सीएल वर्मा सहित बड़े नेता शामिल रहे।

लखनऊ। गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली के समर्थन में सपा के कार्यकर्ताओं ने ट्रैक्टर पर झंडा लगाकर रैली निकाली। इस दौरान सपा नेताओं की पुलिस वालों से झड़प भी हुई।

केंद्र सरकार द्वारा नए किसान बिल लागू होने के बाद से देशभर में किसान इसका विरोध कर रहे हैं कि यह बिल वापस लिए जाएं, जिसके तहत किसानों के आह्वान पर गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की ट्रैक्टर रैली के समर्थन में समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी जगह-जगह रैली निकाल कर विरोध-प्रदर्शन किया।

लखनऊ की मलिहाबाद तहसील में समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता ट्रैक्टर पर सवार होकर प्रदर्शन के लिए निकले तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। वहीं समाजवादी व्यापार सभा के प्रदेश सचिव सोनू कनौजिया किसानों के समर्थन में अपने काफिले के साथ रवाना ही हुए थे कि उन्हें काकोरी कमिश्नररेट पुलिस ने दुर्गा गंज चौराहे पर हिरासत में ले लिया।

राजधानी लखनऊ में सपा के जिला अध्यक्ष जय सिंह जयंत के नेतृत्व में सपा कार्यालय मुजासा तिराहा से इंदल कुमार तथा बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ताओं ने ट्रैक्टर लेकर निकले। पूर्व सांसद सुशीला सरोज ट्रैक्टर को स्वयं चलाकर मलिहाबाद के लिए रवाना हुई, वहीं वरिष्ठ सपा नेता मोहनलाल पासी अपने कार्यकर्ताओं के साथ काकोरी मोड़ से पुलिस से लुकते छुपते किसानों की ट्रैक्टर रैली के समर्थन में मलिहाबाद के लिए रवाना हुए, जिन्हें मलिहाबाद पुलिस ने मोहान तिराहे पर बैरिकेटिग कर रोक दिया।

उस दौरान सपा नेता ट्रैक्टरों में राष्ट्रीय ध्वज लगाकर, किसान विरोधी बिल को वापस लो वापस लो, को लेकर किसानों के समर्थन में नारे लगा रहे थे। इस दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प भी देखने को मिली। मलिहाबाद में ट्रैक्टर रैली को रोकने के लिए भारी पुलिस फोर्स बल तैनात रहा।

समर्थन रैली में विधानसभा अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार सिंह, सरोज यादव, नागेंद्र सिंह यादव,संजय पाठक, अजय सिंह चौहान, राम गोपाल यादव, मोहनलाल पासी, एडवोकेट संतोष यादव, एडवोकेट राम सिंह यादव, सम्राट सिंह,सोनिष मौर्या, इब्राहिम मंसूरी, संदीप यादव,अनुराग यादव, बादल यादव,अखिलेश सक्सेना,गुरुवेंद्र प्रताप यादव (बब्बन), मनीष यादव सहित सैकड़ों सपा नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

हाथी के हमले में युवक की मौत, शव रखकर ग्रामीणों का प्रदर्शन


मंडल मुरादाबाद के जिला बिजनौर में खेत की रखवाली कर रहे युवकों पर हाथी का हमला, एक की मौके पर ही मौत, शव रखकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, परिवार को मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी दिलाने की मांग

बिजनौर (धारा न्यूज़): अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव जामनवाला में हाथी ने खेत पर रखवाली कर रहे एक युवक को मौत के घाट उतार दिया। मंगलवार देर रात घटना के समय कई युवक आग जलाकर हाथ ताप रहे थे। बुधवार सुबह मौके पर पहुंचे पुलिस और वन अधिकारियों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया लेकिन परिजन डीएफओ व आला अधिकारियों को मौके पर बुलाने पर अड़ गए। उन्होंने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया।

अफजलगढ़ के गांव जामन वाला का कुलदीप सिंह गोसाई उर्फ चुन्नू (31 वर्ष) पुत्र बहादुर सिंह मंगलवार देर शाम करीब साढ़े सात बजे अपने साथी सुनील, धीरज, रोहित, दीपक, विमल और दिलशाद के साथ गन्ने के खेत की रखवाली करने के लिए गया था। सर्दी से बचने के लिए सभी लोग खेत में आग जला कर हाथ ताप रहे थे। इसी बीच जंगल की ओर से एक हाथी खेत में घुस आया। युवकों ने हाथी को भगाने के लिये शोर मचाना शुरू कर दिया। हड़बड़ाहट में हाथी ने भागते समय पलटकर कुलदीप को उठाकर पटक दिया। कुलदीप की मौके पर ही मौत हो गई। किसी तरह जान बचा कर भागे अन्य युवकों ने ग्रामीणों को सूचना दी। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण व परिजन शोर मचाते हुए मौके पर पहुंचे। तब तक हाथी वहां से भाग चुका था, जबकि कुलदीप का शव वहां पड़ा हुआ था। इसके बाद परिजन शव को घर ले गए। रात में ही वन विभाग को सूचना दी गई। आरोप है कि सूचना के बावजूद कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

बुधवार सुबह वन विभाग के रेंजर वीरेंद्र सिंह बोहर, राकेश शर्मा, वन दरोगा सुनील राजौरा के अलावा सीओ अफजलगढ़ सुनीता दहिया, कोतवाल नरेश कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचे। अधिकारियों ने परिवार को समझाबुझा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया लेकिन परिजन डीएफओ, एसडीएम व अन्य आला अधिकारियों को मौके पर बुलाने के लिए अड़ गए। परिवार को मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी दिलाने की मांग करने लगे। डीएफओ की ओर से एसडीओ को भेजा गया, वहीं धामपुर एसडीएम धीरेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए हैं।

किसानों के लिये कल्याणकारी हैं कृषि कानून: रामनिवास यादव

लखनऊ। राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के राष्ट्रीय संयोजक रामनिवास यादव ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किया गया नया कृषि कानून पूरी तरीके से किसान भाइयों के लिये कल्याणकारी व उनकी आय बढ़ाने वाला है।

विधानसभा मलिहाबाद के ब्लॉक माल की ग्राम सभा पिपरी में किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय संयोजक रामनिवास यादव ने कहा कि इस बिल से किसानों की आर्थिक स्थिति निश्चित रूप से और सुदृढ़ होगी, जिससे किसान भाई अपनी फसल का उचित दाम प्राप्त कर सकेंगे, लेकिन विपक्ष के लोग खासकर कांग्रेस, सपा, बसपा, तृणमूल कांग्रेस व बुझी लालटेन वाले जैसी पार्टियों के लोग लगातार किसानों को मार्ग से भटकाने का काम कर रहे हैं। इन नेताओं की गंदी राजनीति का शिकार हुए देश के करोड़ों भोले-भाले किसान अपना उचित कृषि लाभ पाने से वंचित हो रहे हैं। आलम यह है की सुप्रीम कोर्ट को स्वयं हस्तक्षेप करना पड़ा है। लगातार वार्ता हो रही है। किसान इस बिल के लाभ को समझ सके इसलिये केंद्र सरकार ने स्पष्ट कहा है कि हम इस कृषि कानून को डेढ़ साल तक लागू नहीं करेंगे। सरकार को भी पता है तब तक लोग स्वयं इस बिल के फायदों के बारे में निश्चित रूप से जान जाएंगे, लेकिन फिर भी ये नकली किसान अपनी जिद पर अड़े हुए हैं।

भारतीय कृषक विकास मंच ने भी जताई आस्था- इस अवसर पर भारतीय कृषक विकास मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष रतिभान सिंह ने अपने सैकड़ों पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं संग अपने संगठन की ओर से कृषि बिल का समर्थन कर राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन में अपनी आस्था जताई। उन्होंने कहा कि जिस तरह से जनता द्वारा नकारे हुए नकली नेता पिछले काफी समय सें धरने पर एकजुटता के साथ एक ही बैनर तले बैठे हैं, उसी तरह हमें भी एक मंच पर आकर, साथ मिलकर समाज को जागृत करना होगा।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से अवधेश प्रताप सिंह, मूलचंद यादव, भैया लाल यादव, सर्वेश यदुवंश, पार्षद लवकुश यादव, विमल यादव, संजय रावत, राजन मिश्रा आदि सदस्यगण मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

सैकड़ों किसान दिल्ली रवाना

सैकड़ों किसान दिल्ली रवाना बागड़पुर

बिजनौर (चांदपुर): भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह सैकड़ों समर्थकों के साथ ट्रैक्टरों के काफिले के रूप में दिल्ली रवाना हो गए। उनके साथ तहसील अध्यक्ष अशोक चौधरी, तहसील सचिव मोहम्मद याकूब, जिला उपाध्यक्ष राकेश प्रधान, जब्बार खान पाडला ग्राम पंचायत अध्यक्ष, जिला संरक्षक मुखिया रामपाल सिंह, भावी जिला पंचायत सदस्य वरुण गुर्जर, तहसील मीडिया प्रभारी मोहम्मद हनीफ व कालू टिकैत व भारतीय किसान यूनियन के समस्त पदाधिकारी अपने ट्रैक्टरों से दिल्ली रवाना हुए। इससे पहले भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष चौधरी कुलदीप सिंह के गांव भागलपुर गजरौला रोड पर एसपी सिटी बिजनौर, सीओ चांदपुर, एसडीएम चांदपुर ने रवानगी स्थान पर पहुंच कर जायजा लिया। गौरतलब है कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन दिल्ली में अनवरत जारी है।

सरकार ने देश का संवैधानिक ढांचा खत्म करके रख दिया:वेद प्रकाश त्रिपाठी

किसानों को जागरूक करने के लिए कांग्रेस ने की बैठक
लखनऊ। संगठन सृजन और किसान जागरुक अभियान के तहत जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में न्याय पंचायत जोरिया के चाइना चौराहे पर बैठक हुई। बैठक में लोगों से कांग्रेस से जुड़ने की अपील की गई।

संगठन सृजन और किसान जागरुक अभियान के तहत जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में मलिहाबाद ब्लॉक की न्याय पंचायत जोरिया के अंतर्गत चाइना चौराहे पर एक बैठक हुई। बैठक में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष वेद प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि पिछले 6 साल से देश की सत्ता पर काबिज भाजपा सरकार जनता में विश्वास खो चुकी है। जिस उम्मीदों के साथ देश की जनता ने भाजपा को सत्ता सौंपी थी, वह पूर्णतया विफल हो चुकी है। सरकार ने देश का संवैधानिक ढांचा खत्म करके रख दिया। सरकार ने किसान विरोधी बिल के रूप में जो काला बिल पारित किया है, वह किसान के हित में कतई नहीं है। आगे चलकर यह बिल पूंजीपतियों के अनुकूल होगा। इसको लेकर किसान 2 महीने से दिल्ली बॉर्डर पर बिल वापस करने को सरकार से संघर्ष कर रहे हैं। लगभग 60 किसानों की मौत भी हो चुकी है, लेकिन यह अंधी बहरी सरकार किसानों की सुनने वाली नहीं है।

उक्त बैठक में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हबीबुर्रहमान, छोटे मियां, विधानसभा प्रभारी गौरी पांडेय, कपिल द्विवेदी, संतोष मौर्य, जिला उपाध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव, ब्लॉक उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह कथा न्याय पंचायत अध्यक्ष सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।

डेढ़ वर्ष तक स्थगित हो सकता है कृषि सुधार कानूनों का क्रियान्वयन!

सरकार-किसान संगठनों के बीच हुई 10वें दौर की बैठक। अब 22 को अगले चरण की बातचीत। संगठनों को कानूनों पर एतराज हो या देना चाहते हैं कुछ सुझाव तो सरकार चर्चा करने के लिए सदैव तैयार।

नई दिल्ली। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से पुन: आग्रह करते हुए कहा कि कानूनों को रिपील करने के अलावा इन प्रावधानों पर बिन्दुवार चर्चा करके समाधान किया जा सकता है। पिछली बैठकों में अन्य विकल्पों पर चर्चा न होने की वजह से कोई सार्थक परिणाम नहीं निकल पाया था।

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने आज 20 जनवरी, 2021 को विज्ञान भवन, नई दिल्‍ली में आयोजित 10वीं बैठक में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से अगले दौर की वार्ता की। दसवें गुरु गोविन्द सिंह जी के 354वें प्रकाश पर्व पर सभी को बधाई देने के बाद उन्होंने किसान संगठनों को आंदोलन के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए धन्यवाद दिया और आंदोलन समाप्त करने के लिए पुन: आग्रह किया। सरकार द्वारा कहा गया कि अब तक कृषि सुधार से संबंधित तीनों कानूनों तथा एमएसपी के सारे आयामों पर बिन्दुवार सकारात्मक चर्चा नहीं हुई है। सरकार ने यह भी कहा कि हमें किसान आंदोलन को संवेदनशीलता से देखना चाहिए तथा किसानों व देशहित में समग्रता की दृष्टि से उसे समाप्त करने के लिए ठोस प्रयास करना चाहिए। संगठनों को इन कानूनों पर एतराज है या कुछ सुझाव देना चाहते हैं तो हम उन बिंदुओं पर आपसे चर्चा करने के लिए सदैव तैयार हैं। कृषि मंत्री ने पुन: आग्रह करते हुए कहा कि कानूनों को रिपील करने के अलावा इन प्रावधानों पर बिन्दुवार चर्चा करके समाधान किया जा सकता है। पिछली बैठकों में अन्य विकल्पों पर चर्चा न होने की वजह से कोई सार्थक परिणाम नहीं निकल पाया था, अत: हम आज की चर्चा को सार्थक बनाने का आग्रह करते हैं। प्रारम्भ से ही सरकार विकल्पों के माध्यम से किसान प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करने के लिए खुले मन से प्रयास कर रही है। सरकार कृषि क्षेत्र को उन्नत और किसानों को समृद्ध बनाने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।

किसानों की जमीन हड़पने की ताकत किसी में नहीं

किसानों की जमीन हड़पी जाने संबंधी भ्रांति दूर करते हुए श्री तोमर ने साफ-तौर पर कहा कि इन कानूनों के रहते कोई भी व्यक्ति देश में किसानों की जमीन हड़पने की ताकत नहीं रखता। हम खेती को आगे बढ़ाने और किसानों को समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ये कानून किसानों के जीवन में क्रान्तिकारी बदलाव लाएंगे, जिससे किसानों की दशा-दिशा बदलेगी और उनके जीवन स्तर में सुधार होगा। परम श्रद्धेय सर्वंशदानी श्री गुरु गोविन्द सिंह जी के प्रकाश पर्व के पावन अवसर पर, कड़कड़ाती सर्दी में चल रहे किसान आन्दोलन की समाप्ति को दृष्टिगत रखते हुए, सरकार की तरफ से यह प्रस्ताव दिया गया कि कृषि सुधार कानूनों के क्रियान्वयन को एक से डेढ़ वर्ष तक स्थगित किया जा सकता है।

इस दौरान किसान संगठन और सरकार के प्रतिनिधि किसान आन्दोलन के मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श करके उचित समाधान पर पहुंच जा सकते हैं। इस पर किसान यूनियनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि वह सरकार के प्रस्ताव पर 21 जनवरी को विस्तारपूर्वक चर्चा करेंगे और 22 जनवरी 2021 को दोपहर 12 बजे विज्ञान भवन में संपन्न होने वाली बैठक में सरकार को अवगत करायेंगे। वार्ता सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। ****

राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन लखनऊ के 6 ब्लाक अध्यक्ष घोषित

लखनऊ। राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के जिलाध्यक्ष लवकुश यादव द्वारा प्रेषित सूची में से लखनऊ जिला के 6 ब्लाक अध्यक्षों के नामों पर बुधवार को घोषणा की गई। राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम निवास यादव, राष्ट्रीय महामंत्री अवधेश प्रताप सिंह, वीरेन्द्र कुमार रावत की सहमति से ब्लाक-बक्शी का तालाब में देवेन्द्र सिंह, चिनहट में राकेश यादव, काकोरी में दिपांशु वर्मा, मलिहाबाद में भइय्या लाल यादव, सरोजनीनगर में उदय यादव तथा गोसाईगंज में शिव कुमार यादव के नामों की घोषणा की गयी है।

राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के सदस्यगणों द्वारा नवनिर्वाचित ब्लाक अध्यक्षों को हार्दिक बधाई देने वालों में मुख्य रूप से चौधरी इंद्रपाल सिंह, सत्यपाल वर्मा, जय सिंह, रामलखन बघेल, सरोजनी वर्मा, रामदुलारे वाल्मीकि, शशांक मालवीय, सर्वेश यदुवंश, वीरेंद्र कुमार रावत, अरविंद यादव, मुलायम यादव, दुर्गेश पाल, करमचंद, रोहित यादव, विमल यादव, सुभाष गोस्वामी, अनिल यादव, कालीचरण, सद्दाम हुसैन, रंजीत यादव, मोहित कुमार, अमित मिश्रा, मोहम्मद आरिफ, ललित साहू, बलराम यादव, प्रवीण कुमार सिंह, नन्द किशोर यादव आदि सदस्यगण शामिल हैं।

गोबर्धन: अब बरसेगा गोबर से धन

बाजार में आया गाय के गोबर से बना पेंट, किसानों को मिलेगा Gobar se Dhan

खादी और ग्रामोद्योग आयोग की जयपुर इकाई कुमारप्पा नेशनल हैंडमेड पेपर इंस्टीट्यूट ने तैयार किया गोबर पेंट

खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) की मदद से की जाएगी पेंट की बिक्री

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नई दिल्ली। अभी तक हम गोबर्धन को एक त्योहार के रूप में ही मनाते आ रहे हैं, लेकिन अब सच में ही गोबर से धन (Gobar se Dhan) बरसेगा। किसानों की आमदनी बढ़ाने में गोबर का अहम रोल होगा। अब किसान गोबर से आमदनी भी करेंगे।

गाय का दूध-घी, गोमूत्र से बने पेस्टीसाइट, गाय के गोबर के दीये के बाद अब गाय के गोबर से बना पेंट। जी हां, सही पढ़ा आपने, गाय के गोबर से बना पेंट, जिससे आप अपने घर, ऑफिस या दुकान रंगते हैं। इसे  वेदिक पेंट (Vedic Paint) नाम दिया गया है।

गाय के गोबर से बने पेंट की बिक्री खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) की मदद से की जाएगी। गोबर पेंट को खादी और ग्रामोद्योग आयोग की जयपुर की इकाई कुमारप्पा नेशनल हैंडमेड पेपर इंस्टीट्यूट (Kumarappa National Handmade Paper Institute) ने तैयार किया है। इस पेंट को बीआईएस (BIS) यानी भारतीय मानक ब्यूरो भी प्रमाणित कर चुका है। किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में गाय के गोबर से बना पेंट एक बड़ा कदम साबित होगा।

एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल, इको फ्रेंडली पेंट (Cow dung Paint):

खादी और ग्रामोद्योग आयोग का कहना है कि गाय के गोबर से बना यह पेंट एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल और इको फ्रेंडली है। दीवार पर पेंट करने के बाद यह सिर्फ चार घंटे में सूख जाएगा। इस पेंट में अपनी जरूरत के हिसाब से रंग भी मिलाया जा सकता है।

विभिन्न पैकिंग में तैयार:

खादी प्राकृतिक पेंट (Khadi Prakritik Paint) दो रूप में उपलब्ध होगा, डिस्टेंपर पेंट (distemper paint) और प्लास्टिक एम्युनेशन पेंट (plastic emulsion paint)। इस पेंट में हैवी मैटल (heavy metals) जैसे- सीसा (lead), पारा (mercury), क्रोमियम (chromium), आर्सेनिक, कैडमियम आदि का इस्तेमाल नहीं किया गया है। फिलहाल इसकी पैकिंग 2 लीटर से लेकर 30 लीटर तक तैयार की गई है।

30,000 रुपये की आमदनी:

खादी और ग्रामोद्योग आयोग का कहना है कि इस पेंट से स्थानीय निर्माताओं को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। पेंट की इस तकनीक से गाय के गोबर का इस्तेमाल बढ़ेगा। यह गो शालाओं की आमदनी बढ़ाने में भी अहम भूमिका अदा करेगा। इस पेंट के निर्माण से किसान या गोशाला को एक पशु से हर साल तकरीबन 30,000 रुपये की आमदनी होगी। ग्राहकों के लिए सस्ता, किसानों के लिए लाभदायक-वैदिक पेंट का मुख्य अवयव गोबर होने से यह आम पेंट के मुकाबले सस्ता पड़ेगा। इससे रंग-रोगन कराने पर ग्राहकों की जेब कम ढीली होगी। वहीं यह देश के किसानों की आय बढ़ाने वाला होगा। टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के माध्यम से इसकी स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जाएगा।

फर्जी वेबसाइट दे रहीं जनता को धोखा

MNRE ने की पीएम-कुसुम योजना के तहत पंजीकरण का दावा करने वाले फर्जी वेबसाइटों के खिलाफ नई चेतावनी जारी

सतर्क रहें धोखाधड़ी से बचें!

नई दिल्ली। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा प्रधान मंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (प्रधानमंत्री-कुसुम) योजना लागू किया गया है जिसके तहत कृषि पंपों के सौरीकरण के लिए 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। इस योजना को राज्य सरकार के विभागों द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है, जिसमें किसानों को केवल बाकी का 40 प्रतिशत ही विभाग को जमा करवाना होता है। इन विभागों का विवरण MNRE की वेबसाइट http://www.mnre.gov.in पर उपलब्ध है।

मंत्रालय के अनुसार योजना के शुभारंभ के बाद, यह देखा गया कि कुछ वेबसाइटों ने पीएम-कुसुम योजना के लिए पंजीकरण पोर्टल होने का दावा किया है। ऐसी वेबसाइटें आम जनता को धोखा दे रही हैं और फर्जी पंजीकरण पोर्टल के माध्यम से उनसे रुपये तथा जानकारी एकत्रित कर रही हैं। आम जनता को किसी भी नुकसान से बचने के लिए, MNRE ने इसके पहले दिनांक 18.03.2019, 03.06.2020, 10.07.2020 व पुनः दिनांक 25.10.2020 को विज्ञप्ति जारी करके लाभार्थियों और आम जनता को ऐसी किसी भी वेबसाइटों पर पंजीकरण शुल्क नहीं जमा करने और अपनी जानकारी साझा करने से सतर्क रहने की सलाह दी थी।

ऐसी वेबसाइटों की जानकारी मिलने पर MNRE द्वारा उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाती है। हाल ही में देखा गया है कि कुछ नई वेबसाइटों (जिसमें http://www.kusumyojanaonline.in.net भी शामिल है) ने अवैध रूप से पीएम-कुसुम योजना के लिए पंजीकरण पोर्टल का दावा किया है। साथ ही WhatsApp व अन्य माध्यमों के द्वारा भी संभावित लाभार्थियों को भ्रमित कर धन हानि पहुँचाने की कोशिश की जा सकती है। अतः फिर से सभी संभावित लाभार्थियों और आम जनता को सलाह दी जाती है कि ऐसी वेबसाइटों पर रुपया या जानकारी जमा करने से बचें। साथ ही किसी भी असत्यापित अथवा संदेहास्पद लिंक जो पीएम-कुसुम योजना में पंजीयन का दवा करती हो पर क्लिक न करें।

समाचार पत्रों को भी डिजिटल या प्रिंट प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित करने से पहले सरकारी योजनाओं के लिए पंजीकरण पोर्टल होने का दावा करने वाली वेबसाइटों की प्रामाणिकता की जांच करने की सलाह दी जाती है।

MNRE अपनी किसी भी वेबसाइट के माध्यम से योजना के तहत लाभार्थियों को पंजीकृत नहीं करता है और इसलिए योजना के लिए MNRE की पंजीकरण वेबसाइट होने का दावा करने वाली कोई भी वेबसाइट भ्रामक और धोखाधड़ी है। किसी भी संदिग्ध धोखाधड़ी वाली वेबसाइट, यदि किसी के द्वारा देखी गई हो, तो उसे MNRE को तुरंत सूचित करने का कष्ट करें।

योजना में भागीदारी के लिए पात्रता और कार्यान्वयन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी MNRE की वेबसाइट http://www.mnre.gov.in पर उपलब्ध है। इच्छुक लोग MNRE की वेबसाइट पर जा सकते हैं या टोल फ्री हेल्प लाइन नंबर 1800-180-3333 पर कॉल कर सकते हैं।


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धान खरीद में पिछले वर्ष की अपेक्षा 26.18 % की वृद्धि दर्ज

खरीफ विपणन सीजन 2020-21 के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का क्रियान्वयन

अकेले पंजाब का 202.77 लाख मीट्रिक टन (कुल खरीद का 39.51%) योगदान

23169.86 करोड़ रुपये मूल्य की 7918696 कपास की गांठें खरीदी, 1537034 किसान हुए लाभान्वित

नई दिल्ली: वर्तमान खरीफ विपणन सीजन (केएमएस) 2020-21 के दौरान, सरकार ने अपनी मौजूदा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजनाओं के अनुसार किसानों से एमएसपी पर खरीफ 2020-21 फसलों की खरीद जारी रखी है, जैसा कि पिछले सत्रों में किया गया था।

खरीफ 2020-21 के लिए धान की खरीद पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, तमिलनाडु, चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर, केरल, गुजरात, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों/ केंद्र-शासित प्रदेशों में सुचारु रूप से चल रही है। पिछले वर्ष के 406.70 लाख मीट्रिक टन की तुलना में इस वर्ष (05.01.2021तक) 513.19 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की जा चुकी है, जिसमें पिछले वर्ष की अवधि की तुलना में 26.18% की वृद्धि दर्ज की गई। 513.19 लाख मीट्रिक टन की कुल खरीद में से अकेले पंजाब ने 202.77 लाख मीट्रिक टन का योगदान दिया है, जो कुल खरीद का 39.51% है। वर्तमान में जारी केएमएस खरीद संचालन के तहत 96891.46 करोड़ रुपये मूल्य के धान की खरीद की गयी है और इससे लगभग 66.48 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं।

इसके अलावा, राज्यों से प्रस्ताव के आधार पर खरीफ विपणन सीजन 2020 के लिए तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, गुजरात, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और आंध्र प्रदेश राज्यों से मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत 51.66 लाख मीट्रिक टन दलहन और तिलहन की खरीद के लिए मंजूरी दी गई थी। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल राज्यों के लिए कोपरा (बारहमासी फसल) की 1.23 लाख मीट्रिक टन की खरीद को भी मंजूरी दी गई। पीएसएस के तहत अन्य राज्य/केन्द्र शासित प्रदेशों से खरीद के प्रस्तावों की प्राप्ति पर दलहन, तिलहन और कोपरा के लिए भी मंजूरी दी जाएगी ताकि अधिसूचित फसल अवधि के दौरान बाजार दर एमएसपी से कम होने की स्थिति में वर्ष 2020-21 के लिए अधिसूचित एमएसपी के आधार पर इन फसलों के एफएक्यू ग्रेड की खरीद, राज्य की ओर से नामित खरीद एजेंसियों के माध्यम से केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में सीधे पंजीकृत किसानों से की जा सके।

05.01.2021 तक सरकार ने अपनी नोडल एजेंसियों के माध्यम से 1466.64 करोड़ रुपये की एमएसपी मूल्य वाली मूंग, उड़द, मूंगफली की फली और सोयाबीन की 274149.62 मीट्रिक टन की खरीद की है, जिससे तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा और राजस्थान के 146765 किसान लाभान्वित हुए हैं।

इसी तरह, 05.01.2021 तक 52.40 करोड़ रुपये के एमएसपी मूल्य पर 5089 मीट्रिक टन कोपरा (बारहमासी फसल) की खरीद की गई है, जिससे कर्नाटक और तमिलनाडु के 3961 किसान लाभान्वित हुए हैं जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 293.34 मीट्रिक टन कोपरा खरीदा गया था। कोपरा और उड़द के संदर्भ में, अधिकांश प्रमुख उत्पादक राज्यों में दरें एमएसपी से अधिक हैं। संबंधित राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश की सरकारें खरीफ की फसल दलहन और तिलहन के संबंध में आवक के आधार पर संबंधित राज्यों द्वारा तय की गई तारीख से खरीद शुरू करने के लिए आवश्यक व्यवस्था कर रही है।

पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक राज्यों में एमएसपी के तहत बीज कपास (कपास) की खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से चल रही है। 5 जनवरी, 2021 तक 7918696 कपास की गांठें खरीदी गईं, जिनका मूल्य 23169.86 करोड़ रुपये हैं, जिससे 1537034 किसान लाभान्वित हुए हैं।


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मेघालय में पूर्वोत्तर का पहला अदरक प्रसंस्करण प्लांट होगा पुनर्जीवित

मेघालय में पूर्वोत्तर का पहला अदरक प्रसंस्करण प्लांट होगा पुनर्जीवित
नई दिल्ली (धारा न्यूज़): मेघालय के जिला री भोई में पूर्वोत्तर के पहले विशेषीकृत अदरक प्रसंस्करण प्लांट को पुनर्जीवित किया जा रहा है और 2021 की शुरुआत में इसके शुरू होने की उम्मीद है।

यह जानकारी केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय डॉ. जितेंद्र सिंह ने मंत्रालय के अधीन कार्य कर रहे पीएसयू उत्तर पूर्वी क्षेत्रीय कृषि विपणन निगम के कामकाज की समीक्षा के बाद दी।

प्रधानमंत्री कार्यलय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसे मंत्रालयों के भी राज्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत का यह एकमात्र अदरक प्रसंस्करण संयंत्र साल 2004 के आसपास स्थापित किया गया था, लेकिन लंबे समय से यह बंद पड़ा था। भारत सरकार के उपक्रम उत्तर पूर्वी क्षेत्रीय कृषि विपणन निगम ने अब इसे पुनर्जीवित करने की जिम्मेदारी ले ली है और सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पीपीपी मोड) के तहत इस बंद प्लांट के संचालन के लिए कदम उठाए हैं।

तैयार होंगे अदरक के विभिन्न उत्पाद

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि एक्सपोर्ट प्रमोशन इंडस्ट्रियल पार्क (ईपीआईपी), राजा भागन, ब्यरनीहाट स्थित यह प्लांट न केवल अदरक को प्रोसेस करेगा, बल्कि वैक्स्ड अदरक, अदरक पेस्ट, अदरक पाउडर, अदरक फ्लेक्स, अदरक ऑयल आदि जैसे उत्पादों को भी तैयार करने में मदद करेगा। डॉ. सिंह ने कहा कि बीते कुछ वक्त से कोरोना महामारी के चलते अदरक की उपयोगिता काफी बढ़ गई है। ये इस वायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा बढाने के लिए बेहद जरूरी औषधि है, जिसका जिक्र प्रधानमंत्री ने भी हाल ही में किया था।

“वोकल फॉर लोकल” को पूरा करेगा प्लांट

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस प्लांट से तैयार किए जा रहे अदरक उत्पाद न सिर्फ घरेलू खपत के लिए उपलब्ध होंगे, बल्कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के “वोकल फॉर लोकल” के नारे को भी पूरा करते हुए एक व्यापक मांग को ये प्लांट पूरा करेगा। सरकारी और निजी साझेदारी के मॉडल पर चल रहे इस प्लांट के संचालन और रखरखाव के लिए ऑपरेटर को निविदा प्रक्रिया के माध्यम से चुना गया था और संयंत्र को स्थापित करने और पुनर्जीवित करने पर काम चल रहा है। उत्तर पूर्वी क्षेत्रीय कृषि विपणन निगम के प्रबंध निदेशक, मनोज कुमार दास द्वारा प्रदान की गई संक्षिप्त जानकारी से पता चला है कि भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में हर साल लगभग 450,000 मीट्रिक टन उच्च-गुणवत्ता वाली अदरक का उत्पादन होता है, लेकिन प्रसंस्करण और कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं की कमी के कारण इसे कम कीमत पर बेचा जाता है। मेघालय में यह प्लांट अदरक उत्पादकों को अति आवश्यक सुविधा प्रदान देगा और वे अपनी क्षमताओं का उपयोग करने में सक्षम होंगे और साथ ही साथ प्राकृतिक संसाधनों का भी बेहतर उपयोग करेंगे।

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री को पूर्वोत्तर में 100 नए खुदरा केंद्र स्थापित करने और गुवाहटी समेत कई बड़े शहरों में फल बिक्री केंद्र स्थापित करने की जानकारी से अवगत कराया गया। इनमें से भी ज्यादातर सरकारी-निजी साझेदारी के मॉडल पर काम करेंगे। उत्तर पूर्वी क्षेत्रीय कृषि विपणन निगम ने अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ विपणन परिसरों को विकसित करने की जिम्मेदारी भी निभाई है।

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अटल जयंती पर 9 करोड़ किसानों के खाते में पहुंचेंगे ₹

9 करोड़ किसानों के खाते में 2 दिन बाद सरकार डालेगी पैसे

नई दिल्ली। देश के करोड़ों किसानों के खाते में 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 7वीं किस्त आएगी। कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन के बीच पीएम नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर यानी शुक्रवार को पीएम किसान योजना की 7वीं किस्त किसानों के खाते में ट्रांसफर करेंगे। इस दौरान 6 अलग-अलग राज्यों के किसानों के साथ पीएम मोदी की बातचीत भी होगी। कुल 9 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसान परिवारों के खाते में 2-2 हजार रुपए आएंगे। फिलहाल, PM-KISAN के तहत किसानों के खातों में जो पैसे भेजे जाने हैं, उसके लिए अब सिर्फ 2 दिन बाकी हैं। इस बार 25 दिसंबर को पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे, इसी दिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती भी है।

पीएम किसान योजना के तहत, देश भर के सभी पंजीकृत किसानों को हर चार महीने में 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में 6,000 रुपये प्रति वर्ष की आय सहायता प्रदान की जाती है। पहली किस्त 1 दिसंबर से 31 मार्च के बीच आती है। दूसरी किस्त 1 अप्रैल से 31 जुलाई के बीच और तीसरी किस्त 1 अगस्त से 30 नवंबर के बीच में किसानों के खातों में ट्रांसफर कर दी जाती है। इस बार 25 दिसंबर को, प्रधानमंत्री दिसंबर और मार्च के बीच की तिमाही के लिए चालू वित्त वर्ष की अंतिम किस्त जमा करेंगे।

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अब मोदी सरकार की सहयोगी RLP भी आई किसानों के पक्ष में

RLP प्रमुख बेनीवाल ने दिया संसद की तीन समितियों से इस्तीफा

26 दिसंबर को दो लाख समर्थकों के साथ राजस्थान से दिल्ली कूच

नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ 25वें दिन भी जारी किसानों के आंदोलन को मोदी सरकार के सहयोगी दल है RLP ने भी समर्थन दे दिया है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने शनिवार को संसद की तीन समितियों से इस्तीफा देने के बाद 26 दिसंबर को दो लाख समर्थकों के साथ राजस्थान से दिल्ली के लिए कूच करने की घोषणा की है।

एक तरफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) किसानों को कानूनों के फायदे समझाने में लगी है, लेकिन दूसरी तरफ पार्टी की मुश्किलें उसके ही सहयोगी दल बढ़ा रहे हैं। अब एनडीए (NDA) के सहयोगी हनुमान बेनीवाल ने मोर्चा खोल दिया है। कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों का समर्थन करते हुए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने शनिवार को संसद की तीन समितियों से इस्तीफा दे दिया। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला को भेजे पत्र में हनुमान बेनीवाल ने उद्योग संबंधी स्थायी समिति, याचिका समिति और पेट्रोलियम व गैस मंत्रालय की परामर्श समिति से इस्तीफा दिया। इसके बाद उन्होंने 26 दिसंबर को दो लाख समर्थकों के साथ राजस्थान से दिल्ली के लिए कूच करने की तैयारी कर ली है।

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खरीफ विपणन सीजन 2020-21 के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का क्रियान्वयन

धान की खरीद में पिछले वर्ष की तुलना में 23.22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज

77608.01 करोड़ के MSP मूल्य के साथ KMS खरीद प्रक्रिया से लगभग 48.28 लाख किसान हुए लाभान्वित

नई दिल्ली। वर्तमान खरीफ विपणन सीजन (केएमएस) 2020-21 के दौरान, सरकार ने अपनी मौजूदा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजनाओं के अनुसार किसानों से एमएसपी पर खरीफ 2020-21 फसलों की खरीद जारी रखी है। खरीफ 2020-21 के लिए धान की खरीद, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, तमिलनाडु, चंडीगढ़, जम्मू एवं कश्मीर, केरल, गुजरात, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों में सुचारु रूप से चल रही है। पिछले वर्ष के 333.59 लाख मीट्रिक टन की तुलना में इस वर्ष 18 दिसंबर 2020 तक 411.05 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की जा चुकी है और इस प्रकार पिछले वर्ष के मुकाबले धान की खरीद में 23.22 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। कुल 411.05 लाख मीट्रिक टन की खरीद में से अकेले पंजाब ने इस वर्ष 30 नवंबर 2020 को खरीद सीजन के समाप्त होने तक 202.77 लाख मीट्रिक टन की खरीद की जो कि देश में कुल खरीद का 49.33 प्रतिशत है। कुल 77608.01 करोड़ रुपये के एमएसपी मूल्य के साथ वर्तमान में जारी केएमएस खरीद प्रक्रिया से लगभग 48.28 लाख किसान अभी तक लाभान्वित हो चुके हैं। इसके अलावा, राज्यों से प्रस्ताव के आधार पर खरीफ विपणन सीजन 2020 के लिए तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और आंध्र प्रदेश राज्यों से मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत 51.00 लाख मीट्रिक टन दलहन और तिलहन की खरीद के लिए मंजूरी दी गई थी।

इसके अलावा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल राज्यों के लिए कोपरा (बारहमासी फसल) की 1.23 लाख मीट्रिक टन की खरीद को भी मंजूरी दी गई। पीएसएस के तहत अन्य राज्य/केन्द्र शासित प्रदेशों से खरीद के प्रस्तावों की प्राप्ति पर दलहन, तिलहन और कोपरा के लिए भी मंजूरी दी जाएगी ताकि अधिसूचित फसल अवधि के दौरान बाजार दर एमएसपी से कम होने की स्थिति में वर्ष 2020-21 के लिए अधिसूचित एमएसपी के आधार पर इन फसलों के एफएक्यू ग्रेड की खरीद, राज्य की ओर से नामित खरीद एजेंसियों के माध्यम से केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में सीधे पंजीकृत किसानों से की जा सके।

18 दिसंबर 2020 तक सरकार ने अपनी नोडल एजेंसियों के माध्यम से 1027.76 करोड़ रुपये की एमएसपी मूल्य वाली मूंग, उड़द, मूंगफली की फली और सोयाबीन की 191669.08 मीट्रिक टन की खरीद की है जिससे तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा और राजस्थान के 1,05,987 किसान लाभान्वित हुए हैं। इसी तरह, 18 दिसंबर 2020 तक 52.40 करोड़ रुपये के एमएसपी मूल्य पर 5089 मीट्रिक टन कोपरा (बारहमासी फसल) की खरीद की गई है, जिससे कर्नाटक और तमिलनाडु के 3,961 किसान लाभान्वित हुए हैं जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 293.34 मीट्रिक टन कोपरा खरीदा गया था। कोपरा और उड़द के संदर्भ में, अधिकांश प्रमुख उत्पादक राज्यों में दरें एमएसपी से अधिक हैं। संबंधित राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश की सरकारें खरीफ की फसल दलहन और तिलहन के संबंध में आवक के आधार पर संबंधित राज्यों द्वारा तय की गई तारीख से खरीद शुरू करने के लिए आवश्यक व्यवस्था कर रही है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक राज्यों में एमएसपी के तहत बीज कपास (कपास) की खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से चल रही है। 18 दिसंबर 2020 तक 5761122 कपास की गांठें खरीदी गईं जिनका मूल्य 16,799.87 करोड़ रुपये हैं जिससे 11,20,868 किसान लाभान्वित हुए हैं।

किसान आंदोलन के पीछे CAA-NRC विरोधियों का षड्यंत्र: स्वतंत्र देव

CAA-NRC विरोधी हैं किसान आंदोलन के पीछे-स्वतंत्र देव

उत्तर प्रदेश BJP अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह

लखनऊ। किसानों के आन्दोलन के पीछे सीएए (CAA) और एनआरसी (NRC) के खिलाफ आन्दोलन में लगी ताकतें ही षडयंत्र कर रही हैं। यह कहना है भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतन्त्र देव सिंह का। विशेष बातचीत में उन्होंने वर्तमान हालात पर बेबाक विचार व्यक्त किए।

प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि किसान आन्दोलन के पीछे नक्सलवादी, कम्युनिस्ट और माओवादी शक्तियां लगी हैं, जो किसानों में भ्रम फैलाकर उन्हें गुमराह कर रही हैं। नक्सलवादी, कम्युनिस्ट और माओवादी शक्तियां हमेशा देश के खिलाफ रहती हैं और इन आन्दोलन के पीछे भी उन्हीं की साजिश है।

किसानों के हित में हैं कृषि सुधार कानून

स्‍वतंत्र देव सिंह ने कहा कि कृषि सुधार कानून पूरी तरह से किसानों के हित में हैं। छह माह पहले कृषि सुधार कानून पास हो चुका है, लेकिन जब-जब चुनाव नजदीक आते हैं, विपक्षी राजनीतिक दल इस तरह के आन्दोलन खड़ा करते हैं। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, सपा और बसपा किसानों को गुमराह करने का काम कर रहे है। आन्दोलन में लगी विरोधी ताकतों ने कभी किसानों के हित को नहीं देखा, बल्कि हमेशा किसानों को लूटा है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जो लोग हाथरस कांड में थे, वही लोग किसान आन्दोलन को भी हवा दे रहे हैं।

समाधान को सरकार हर स्तर पर किसानों से बातचीत को तैयार

उन्होंने कहा कि कृषि सुधार कानून को कई किसान संगठनों ने समर्थन भी दिया है। सरकार समस्या का समाधान करने के लिए हर स्तर पर किसानों से बातचीत को तैयार है। केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल और पीएम मोदी भी किसानों की समस्या के समाधान को लेकर हर स्तर पर बातचीत करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

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2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में कदम हैं कृषि अधिनियम: तोमर

सरकार द्वारा 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में उठाए गए कदम हैं कृषि अधिनियम: कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर

देश भर के किसान उत्पादक संगठनों ने कृषि मंत्री से मुलाकात कीऔर कृषि अधिनियमों के लाभों के बारे में बताया

नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 15 राज्यों और लगभग 500 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) का प्रतिनिधित्व कर रहे फेडरेशन ऑफ इंडियन एफपीओ एंड एग्रीगेटर्स (एफआईएफए) के कृषक उत्पादक संगठनों के सदस्यों के साथ आज कृषि भवन में मुलाकात की। उन्होंने भारत सरकार द्वारा हाल में किए गए कृषि सुधारों के प्रति अपना समर्थन प्रकट किया। उन्होंने अनुकूल माहौल बनाने के लिए केन्द्रीय मंत्री के प्रति आभार प्रकट किया, जो इन अधिनियमों के माध्यम से एफपीओ संगठनों का व्यवसाय बढ़ाकर छोटे और सीमांत किसानों को लाभ पहुंचाकर संभव हुआ है।

हाल में किए गए कृषि सुधारों में कृषक उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) अधिनियम, 2020, कृषक (सशक्तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020, आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत नियंत्रण आदेशों का लचीलापन, 10,000 एफपीओ को प्रोत्साहन के लिए कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ) और परिचालन दिशा-निर्देश शामिल हैं, जो किसानों की आय बढ़ाने के लिए एफपीओ को अपने बाजारों की स्थापना में समर्थन दे सकते हैं।

कृषि क्षेत्र में इन सुधारों के होने से बागवानी फसलों और मूल्य वर्धित वस्तुओं के उत्पादन की मात्रा बढ़ेगी, छोटे किसानों तथा किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को मजबूत करने के लिए संस्थागत ऋण की सुविधा मिलेगी, एग्री-लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को प्रमुख रूप से बढ़ावा मिलेगा, भारत के सभी उपभोग क्षेत्रों की मांग को पूरा करने के लिए हर प्रकार के संपर्क विकसित करेगा, यह एक देश एक बाज़ार की अवधारणा को बढ़ावा देगा और एफपीओ आंदोलन को एक जन आंदोलन बना देगा।

नाफेड (नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) को कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के 10000 एफपीओ कार्यक्रम के गठन तथा संवर्धन के लिए राष्ट्रीय कार्यान्वयन एजेंसियों में से एक के रूप में नामित किया गया है। नाफेड ने एफआईएफए का अपनी उपज के लिए एफपीओ की बाजार संपर्क सहायता प्रदान करने और नाफेड ई-किसान मंडी (एनईकेएम) के ब्रांड के तहत एफपीओ के साथ साझेदारी में बाजार बनाने के वास्ते अधिग्रहण किया है जो नाफेड द्वारा बनाए गए राष्ट्रीय डिजिटल विपणन मंच से जुड़ा होगा।

इन राज्यों में 2021 में 50 नाफेड ई-किसान मंडियां बनाई जाएंगी:

हरियाणा-3

पंजाब-2

राजस्थान-3

मध्य प्रदेश-3

गुजरात-5

महाराष्ट्र-8

कर्नाटक-3

तमिलनाडु-4

आंध्र प्रदेश-3

तेलंगाना-1

झारखंड-2

बिहार-2

छत्तीसगढ़-1

ओडिशा-2

उत्तर प्रदेश-4

जम्मू और कश्मीर-1

पूर्वोत्तर-3

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कृषि विभाग का बड़ा action छापे के बाद 13 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित

छापामार कार्यवाही के बाद 13 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित

26 दुकानों का निरीक्षण कर लिये 10 उर्वरक, 21 बीज एवं 11 कीटनाशी रसायनों के नमूने

बिजनौर (ttv)। जिला कृषि अधिकारी की टीम ने छापेमारी कर 26 दुकानों का निरीक्षण किया और 10 उर्वरक, 21 बीज एवं 11 कीटनाशी रसायनों के नमूने लिए। छापामार कार्यवाही में ओवर रेटिंग, कालाबाज़ारी, टैगिंग आदि का कोई प्रकरण तो नहीं पाया गया, लेकिन इस दौरान दुकानें बंद करके भाग जाने पर 13 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिये गए।

शासन के निर्देश पर उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों व गोदामों मे छापामार कार्यवाही डॉ. अवधेश मिश्र, जिला क़ृषि अधिकारी व जितेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी की संयुक्त टीम द्वारा की गयी। इस दौरान बिक्री केंद्रों के अभिलेखों की जांच की गयी तथा उर्वरक स्टॉक का मिलान किया गया। कुल 26 दुकानों का निरीक्षण किया गया और 10 उर्वरक, 21 बीज एवं 11 कीटनाशी रसायनों के नमूने लिए गए। ओवर रेटिंग, कालाबाज़ारी, टैगिंग आदि का कोई प्रकरण नहीं पाया गया। छापामार कार्रवाई के दौरान दुकानें बंद करके भाग जाने पर 13 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उर्वरक लाइसेंस को निलंबित कर दिया गया। निरीक्षण के समय बिक्री केंद्रों पर यूरिया सहित अन्य उर्वरको की पर्याप्त उपलब्धता पायी गयी।

कारण बताओ नोटिस व उर्वरक लाइसेंस निलंबित होने वाले प्रतिष्ठानों की सूची-

1. मेसर्स अंकुर बीज भंडार महेश्वरी जट्ट।

2. किसान खाद भंडार महेश्वरी जट्ट।

3. एग्री जंक्शन कृषि केंद्र नगीना।

4. चौधरी बीज भंडार नगीना।

5. शर्मा कृषि रक्षा केंद्र नगीना।

6. पीयूष बीज भंडार नगीना।

7. सैनी खाद व बीज भंडार नगीना।

8. कृषि कल्याण केंद्र नगीना।

9. कौशल बीज भंडार नगीना।

10. भारत बीज भंडार बुंदकी।

11. कृषि सेवा केंद्र बुंदकी।

12. आईएफएफडीसी कृषक सेवा केंद्र, बुंदकी।

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किसान आंदोलन: IRCTC ने ग्राहकों को क्यों भेजे 2 करोड़ E-mail ?

किसान आंदोलन: IRCTC ने ग्राहकों को भेजे 2 करोड़ E-mail

नई दिल्ली। आईआरसीटीसी (IRCTC) ने 8 से 12 दिसंबर के बीच करीब 2 करोड़ ई-मेल (E-mail) भेजकर अपने ग्राहकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra modi) द्वारा सिख समुदाय के खातिर लिए गए 13 फैसलों के बारे में जानकारी दी। यह केंद्र सरकार के 3 कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन के बीच किया गया है।

ग्राहकों को 47 पन्नों की पुस्तिका

अधिकारियों ने बताया कि रेलवे सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू) इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने अपने ग्राहकों को 47 पन्नों की पुस्तिका– ‘ प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार के सिखों के साथ विशेष संबंध’ भेजी है। ये सरकार के ‘जनहित’ संपर्क के तहत भेजी गई है जिसका उद्देश्य विधेयकों को लेकर लोगों को जागरूक करना और उनके बारे में मिथकों को दूर करना है। पुस्तिका हिन्दी, अंग्रेजी और पंजाबी में हैं।



अधिकारियों ने बताया कि ई-मेल आईआरसीटीसी के पूरे डेटाबेस को भेजे गए हैं। आईआरसीटीसी में यात्री टिकट बुक कराने के दौरान अपना विवरण देते हैं। 12 दिसंबर को ईमेल भेजना बंद कर दिए गए थे। पीएसयू ने इन रिपोर्टों का खंडन किया है कि ई-मेल सिर्फ सिख समुदाय को भेजे गए हैं।

पहले भी होता रहा है ऐसा

आईआरसीटीसी ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि ई-मेल्स सभी को भेजे गए हैं, भले ही उनका समुदाय कोई भी हो। यह पहला उदाहरण नहीं है। पहले भी जनहित में सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए आईआरसीटीसी ने ऐसी गतिविधियां की हैं। रेलवे के सूत्रों ने बताया कि आईआरसीटीसी ने 12 दिसंबर तक 1.9 करोड़ ई-मेल्स भेजे हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि ई-मेल भेजने का कदम सचेत तरीके से उठाया गया था और यह जनहित के लिए एक संचार रणनीति का हिस्सा था।

एक अधिकारी ने कहा कि कौन सी पेशेवर कंपनी या कॉरपोरेट उन दर्शकों की जनसांख्यिकीय प्रोफाइल का विश्लेषण नहीं करती है जहां संदेश भेजा जाना है? कॉरपोरेट रोजाना जो करते हैं, वैसा ही या उससे भी अच्छा एक सरकारी संगठन करने में सक्षम है तो कुछ लोग हैरान क्यों हैं? व्यक्ति को खुश होना चाहिए कि वर्तमान सरकार जनहित में सूचना का प्रसार करने में उतनी ही अच्छी है। पुस्तिका 1984 के दंगा पीड़ितों को दिए गए न्याय, श्री हरमंदर साहिब, जालियावाला बाग स्मारक को दी गई एफसीआरए पंजीकरण की इजाजत, लंगर पर कर नहीं होने, करतारपुर गलियारे समेत अन्य पर बात करती है।

इस पुस्तिका का विमोचन 1 दिसंबर को गुरु नानक जयंती के मौके पर केंद्रीय मंत्रियों प्रकाश जावड़ेकर और हरदीप सिंह पुरी ने किया था। हजारों किसान नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें अधिकतर पंजाब और हरियाणा के किसान हैं।

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किसान आंदोलन: UP में सतर्कता बढ़ी


राजधानी में टोल प्लाजा पर भारी पुलिस बल तैनात
मेरठ में टोल कराया किसानों ने फ़्री


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में किसान संगठन के द्वारा टोल प्लाजा फ्री करवाने और चक्का जाम करने के ऐलान के बाद यूपी पुलिस अलर्ट है। DGP मुख्यालय ने प्रदेश के सभी जिलों के SP/SSP को पत्र लिखकर टोल प्लाजा पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए हैं। राजधानी लखनऊ के दो टोल प्लाजा पर भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है। मेरठ में एनएच 58 पर बने टोल प्लाजा पर किसानों ने टोल फ्री करा दिया है।

विदित हो कि किसान संगठनों ने दिल्ली में केंद्र सरकार के प्रस्ताव को ठुकराने के साथ वार्ता विफल होने पर शनिवार को उत्तर प्रदेश समेत देश के सभी टोल प्लाजा पर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया था।

प्रदर्शन करने नहीं पहुंचा कोई भी किसान नेता व संगठन

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, राजधानी के इटौंजा टोल प्लाजा पर सुबह 11:30 बजे भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में संगठन का प्रदर्शन होना था। टोल प्लाजा पर भारी पुलिस बल तैनात है वह हर आने जाने वाले संदिग्ध व उपद्रवियों की चेकिंग कर रही है।

यूपी में सभी टोल प्लाजा पर चाक चौबंद सुरक्षा

यूपी के सभी टोल प्लाजा पर सुरक्षा और सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के सभी 130 टोल प्लाजा पर पुलिस और PAC की तैनाती की गई है। वेस्ट उत्तर प्रदेश के सभी जिला कप्तानों को टोल प्लाजा की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। फायर ब्रिगेड, यूपी 112, खुफिया सभी को अलर्ट पर रहने के निर्देश हैं।

मेरठ में वेस्टर्न UP टोल प्लाजा फ्री करवाया

यूपी मे मेरठ में एनएच 58 पर किसानों ने वेस्टर्न यूपी टोल प्लाजा को कराया फ्री करा लिया। कृषि कानून वापस लेने की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे किसानों के आंदोलन के बीच भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने सुबह 11 बजे टोल फ्री करा दिया। यूनियन के कार्यकर्ता सुबह टोल प्लाजा पर पहुंचे और वहीं पर धरना देकर बैठ गए। इस दौरान किसानों ने सभी टोल बूथ फ्री करा दिया।

किसानों ने कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि जब तक केंद्र सरकार नया कृषि कानून वापस नहीं लेगी तब तक किसान अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। किसान नेता संजय दौरालिया का कहना है कि संगठन ने आज देशभर के टोल प्लाजा फ्री कराए जाने का ऐलान किया था। आंदोलन के उसी क्रम में सिवाया स्थित टोल प्लाजा को भी फ्री कराया गया है।

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UP: जबरन दुकान बंद कराने पर होगी कार्रवाई

http://sanjaysaxenanews.blogspot.com/2020/12/up_7.html


DGP ने प्रदेश के सभी कप्तानों को लिखा पत्र

लखनऊ। केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों का 8 दिसंबर को भारत बंद है। इसको लेकर उत्तर प्रदेश में योगी सरकार अलर्ट मोड पर है। सोमवार को गृह विभाग ने DGP को पत्र लिखकर दुकानें जबरन बंद कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कहा गया है कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे किसी की भी जबरन दुकान बंद ना हो, किसी के साथ मारपीट न की जाए। DGP ने प्रदेश के सभी ADG जोन, IG रेंज, SP/SSP को पत्र लिखकर अलर्ट रहने के साथ अराजक तत्वों से सख्ती से निपटने के लिए कहा है।

किसानों से हो संवाद, चार से पांच जगह सड़क पर की जाए बैरिकेटिंग

DGP ने एडवायजरी में कहा है कि किसान एवं किसान संगठनों से संवाद बनाकर रखें। कोई अप्रिय घटना होने से रोका जाए। नोएडा और दिल्ली बॉर्डर से पहले 6 से 10 किलोमीटर के बीच में कम से कम 5 स्थानों पर चेक पोस्ट लगाकर ऐसे ट्रैक्टर ट्राली को वाहनों और किसान तत्वों को चिन्हित किया जाए, जिससे बॉर्डर पर जाकर अव्यवस्था फैलाने की कोशिश ना की जा सके। सभी धरना स्थल के स्थानों पर उपस्थित लोगों का विवरण रखा जाए।

प्रतिबंधित संगठनों का ना हो प्रवेश, उन पर की जाए कार्रवाई

गृह विभाग ने प्रतिबंधित संगठनों और असामाजिक तत्वों द्वारा धरना स्थल पर न पाया जाए। ऐसे लोगों के खिलाफ समुचित कार्रवाई की जाए, माहौल खराब करने वाले लोगों पर सख्ती की जाए। ऐसे लोगों को चिन्हित कर कर पहले ही उन को पाबंद किया जाए।

राज्य के बॉर्डर पर बढ़ाई जाए सख्ती

उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान से सटे उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में एंट्री पॉइंट पर भी चेकिंग की जाए। पुलिस प्रबंधन के साथ-साथ उनका सुपरविजन वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा किया जाए। जिससे अन्य प्रदेशों में से ऐसे संगठन तक ना आ पाएं जो उत्तर प्रदेश में अव्यवस्था फैलाने का कार्य करें। कोविड-19 गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराया जाए। कहीं भी लोग इकट्ठा ना हो सकें।

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किसान आंदोलन: activ mode में उत्तराखंड पुलिस


उत्तराखंड के DGP ने की समीक्षा, दिये निर्देश

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये अधिकारियों से हुए रूबरू

देहरादून। पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड अशोक कुमार ने दोनों परिक्षेत्र प्रभारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंहनगर, पौड़ी गढ़वाल के साथ पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान एवं 08 दिसम्बर को किसानों द्वारा प्रस्तावित भारत बन्द के सम्बन्ध में शान्ति एवं कानून व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा की।

वीडियो कान्फ्रेसिंग के दौरान पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड अशोक कुमार द्वारा निम्न बिंदुओं पर दिशा-निर्देश दिये गये-

1. प्रस्तावित भारत बन्द के दृष्टिगत सभी जनपद प्रभारी लोगों से सम्पर्क व मीटिंग कर उनसे बन्द को शान्तिपूर्वक करने का आह्वान करें। यह भी सुनिश्चित कर लें कि जबरदस्ती बन्द नहीं कराया जाए और हिंसा किसी भी रूप में बर्दाशत नहीं की जाएगी।

2. जनपद प्रभारी जिलाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर जोन एवं सेक्टर में पुलिस अधिकारियों के साथ सम्बन्धित मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति सुनिश्चित कर लें।
3. स्थानीय अभिसूचना तंत्र को सर्तक रखते हुये सूचना संकलित करने के निर्देश दिये गये।

4. अफवाहों को किसी भी दशा में फैलने न दिया जाये, सोशल मीडिया पर निरन्तर निगरानी रखी जाये। यदि कोई भ्रामक सूचना फैलायी जाती है, तो तुरन्त उसका प्रतिरोध किया जाये तथा भ्रामक सूचना फैलाने वाले के विरुद्ध कार्यवाही की जाये।

5. अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाया जा रहा विशेष अभियान एक ऑपरेशनल अभियान है। इसे मेहनत करके सभी ने सफल बनाना है। ईनामी एवं वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी युद्धस्तर पर सुनिश्चित की जाए।
6. बड़े अपराधी जिन पर रूपए 5000/- से अधिक का ईनाम है, इनकी गिरफ्तारी में एसओजी एवं राज्य स्तर पर एसटीएफ की जिम्मेदारी भी होगी। यदि कोई कार्य में निष्क्रियता या लापरवाही करता है, तो उस पर कार्यवाही की जाए।

7. हिस्ट्रीशीटरों पर फोकस बढ़ाएं और उनका सत्यापन व निगरानी सुनिश्चित करें।

8. पांच साला सक्रिय अपराधियों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करें। साथ ही जनपद स्तर पर टॉप 10 एवं टॉप 05 अपराधियों का भी चिन्हीकरण करते हुए उनपर कार्यवाही सुनिश्चित करें।

इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक पी/एम वी. मुरूगेशन, पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था उत्तराखण्ड ए.पी. अंशुमान, पुलिस उपमहानिरीक्षक/निदेशक यातायात केवल खुराना, पुलिस उपमहानिरीक्षक एसटीएफ रिधिम अग्रवाल, पुलिस उपमहानिरीक्षकअपराध एवं कानून व्यवस्था उत्तराखण्ड नीलेश आनन्द भरणे सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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