सौहार्द्रपूर्ण वातावरण एवं आपस में भाईचारा बनाये रखने की अपील

बरेली। रिजर्व पुलिस लाइन जनपद बरेली सभागार में शहर के धर्म गुरुओं के साथ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा गोष्ठी कर त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्द्रपूर्ण वातावरण एवं आपस में भाईचारा बनाये रखने की अपील की गई।

गोष्ठी के दौरान अपर पुलिस महानिदेशक बरेली जोन बरेली राजकुमार, मंडलायुक्त श्रीमति सेल्वा कुमारी जे, पुलिस महानिरीक्षक रमित शर्मा, जिलाधिकारी शिवाकान्त द्विवेदी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रोहित सिंह सजवाण द्वारा सुरक्षा / कानून व्यवस्था बनाये रखने में पुलिस का सहयोग करने हेतु प्रेरित कर निम्न बिंदुओं का पालन करने हेतु बताया गया-

1- जनपद बरेली में धारा 144 सीआरपीसी के तहत निषेधाज्ञा लागू है।

2 – प्रशासन से अनुमति प्राप्त किये बिना कोई भी धरना प्रदर्शन करना या उसमें शामिल होना गैरकानूनी है।

3- बिना अनुमति धरना / प्रर्दशन करने वालों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।

4- सोशल मीडिया पर असमाजिक तत्वों द्वारा भडकाऊ व अभद्र पोस्ट एवं वीडियो / फोटो पोस्ट या उसका समर्थन करने पर पुलिस द्वारा तत्परता से प्रकरणों में अभियोग पंजीकृत कर उनके विरूद्ध कार्यवाही की गई है।

5- कोई भी व्यक्ति किसी के कहने / भड़काने में आकर धरना / प्रर्दशन में शामिल न हो, किसी प्रकार का भड़काऊ भाषण, आपत्तिजनक पोस्ट / फोटो व टिप्पणी का समर्थन न करें।

6- पुलिस विभाग व कानून में विश्वास बनाये रखें तथा समाज में शान्ति व्यवस्था कायम रखने हेतु सौहार्द्रपूर्ण वातावरण बनाये रखें।

7- जनपद बरेली में किसी भी दशा में कानून एवं व्यवस्था प्रभावित नहीं होने दी जायेगी। कानून एवं व्यवस्था प्रभावित करने वाले लोंगों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।

गोष्ठी के दौरान जनपद बरेली के पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, पुलिस अधीक्षक / क्षेत्राधिकारी लाईन व शहर के समस्त धर्मों के प्रमुख धर्मगुरु उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन ने किया भंडारे का आयोजन

लखनऊ। मंगलवार को ज्येष्ठ के पांचवे मंगल को राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन ने जगह जगह भंडारे का आयोजन किया।

मुख्य रूप से राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के जिला अध्यक्ष लवकुश यादव ने अपने आवास पर आयोजन किया। मुख्यातिथि मलिहाबाद विधायक जय देवी कौशल ने भंडारे का शुभारम्भ किया। भाजपा प्रदेश मंत्री रामनिवास यादव, काकोरी मण्डल अध्यक्ष रविराज लोधी, विपिन गोपी, नीलम श्रीवास्तव, विकास गुप्ता, राजकुमार कश्यप, अमित गुप्ता, आदि हज़ारों की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

गंगा-जमुनी संस्कृति का प्रतीक बना सूचना विभाग के द्वार पर लगा भण्डारा

गंगा-जमुनी संस्कृति का प्रतीक बना सूचना विभाग के द्वार पर लगा भण्डारा
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा समेत अनेक गणमान्य हस्तियों ने चखा प्रसाद


लखनऊ। उ.प्र. जिला मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन के तत्वावधान में ज्येष्ठ के आखिरी बड़े मंगल के पावन अवसर पर विशाल भण्डारा का आयोजन सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के मुख्य द्वार पर किया गया। इस विशाल भण्डारे की विशेषता रही कि इसमें विभिन्न धर्मो एवं सम्प्रदायों के युवाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और भण्डारे से सम्बंधित विभिन्न कार्यो में हाथ बटाकर सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश की।


इससे पहले, एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष पं. हरि ओम शर्मा ‘हरि’ ने श्री हनुमान जी का पूजन-अर्चन एवं आरती सम्पन्न की, तदुपरान्त भण्डारे का शुभारम्भ हुआ। कई गणमान्य हस्तियों सर्वश्री एके शर्मा ऊर्जा मंत्री उ.प्र., राजेन्द्र चौधरी सपा नेता, नरेन्द्र श्रीवास्तव सूचना आयुक्त समेत कई वरिष्ठ पत्रकारों रियाज अहमद, सुल्तान शाकिर हाशमी, वीरेन्द्र श्रीवास्तव, प्रमोद गोस्वामी, अजय कुमार, राजेश श्रीवास्तव, डा. मोहम्मद कामरान आदि विभिन्न हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

इस अवसर पर उ.प्र. जिला मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन के सभी पदाधिकारी व सदस्यगण उपस्थित थे। इनमें संरक्षक अरमान खान, प्रदेश अध्यक्ष पं. हरि ओम शर्मा, प्रदेश महामंत्री अब्दुल वहीद, प्रदेश सचिव जुबैर अहमद, स्वागतकर्ता मुरलीधर आहूजा, प्रदेश उपाध्यक्ष एमएम मोहसिन व शहजादे कलीम, अभय अग्रवाल, शाहिद सिद्दीकी, डीपी शुक्ला, वामिक खान,आरिफ, मुकीम, इमरान खान, कमल शर्मा, मुर्तुजा अली, अनीस खान वारसी, निगहत खान एवं तौसीफ हुसैन आदि शामिल थे।

विद्युत उपकेंद्र पर किया विशाल भंडारे का आयोजन

उपकेंद्र पर कार्यरत कर्मियों ने विशाल भंडारे का किया आयोजन

लखनऊ। मंगलवार को जहां पूरे प्रदेश में धूमधाम के साथ हनुमत पूजन किया गया वहीं राजधानी लखनऊ में भी जगह जगह भंडारे आयोजित किए गए। इसी क्रम में 33/11 केवी उपकेन्द्र कल्याणपुर लखनऊ में जेठ माह के अंतिम बड़े मंगलवार को विधि विधान के साथ पूजन कर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर क्षेत्र के हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।कार्यक्रम को सफल बनाने में अवर अभियंता कुंवर विक्रम सिंह, टीजी 2 अजय मिश्रा, अरविंद वर्मा, संजय वर्मा, अनुज श्रीवास्तव, कमलेश कुमार सहित उपकेंद्र के दर्जनों अधिकारियों कर्मचारियों ने सहयोग किया।

जेठ माह के अन्तिम बड़े मंगल पर मलिहाबाद में खूब चले भण्डारे

जेठ माह के अन्तिम बड़े मंगल पर मलिहाबाद में खूब चले भण्डारेपूडी सब्जी, छोला कढी चावल, शर्बत, कुल्फी आईसक्रीम की रही व्यवस्था।

मलिहाबाद (लखनऊ)। कलियुग में अपने आराध्य श्री हनुमान जी की कृपा पाने के लिये ज्येष्ठ माह के अन्तिम बडे मंगल पर श्रद्धालुओं द्वारा जगह जगह भण्डारे चलाये गये। कहीं पूडी सब्जी, छोला कढी चावल तो कहीं शर्बत, कुल्फी आईसक्रीम की व्यवस्था की गयी।

मलिहाबाद रहीमाबाद व कसमण्डी क्षेत्र में सुबह से ही भारी संख्या में मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। लोगों ने मंदिरों में विधि विधान से हनुमान जी की पूजा अर्चना की। आखरी बड़े मंगल को देवम लॉन के संचालक विकास पाठक द्वारा हनुमान जी की प्रतिमा पर आरती कर आशीर्वाद लिया गया। इस दौरान काफी संख्या में भक्त मौजूद रहे।


विधायक जयदेवी कौशल, एमएलसी रामचन्द्र प्रधान समेत तमाम गणमान्य जनों ने भी भण्डारे में प्रसाद गृहण किया। मलिहाबाद कस्बे में शीतला देवी मन्दिर, शीतलन टोला में मां शीतला देवी जीर्णोद्धार समिति के संयोजन में इलाकाई लोगों ने पूडी सब्जी, छोला चावल, कुल्फी, आईसक्रीम, शरबत एवं डोसा का भण्डारे का आयोजन किया, जिसको भरपूर सराहा गया। वहीं डाक बंगला स्थित हनुमान मन्दिर, खडता चौराहा, देवम लान महमूदनगर, मुजासा स्थित सैनी नर्सरी, गंगाप्रसाद धर्मशाला, तहसील मलिहाबाद गेट के पास, नबीपनाह तिराहा आदि दर्जनों स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा भण्डारे का आयोजन किया गया। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने पूडी सब्जी, कढी चावल, कुल्फी, आईसक्रीम, शरबत आदि की व्यवस्था की थी। भण्डारों की खास बात यह रही कि श्रद्धालुओं द्वारा राहगीरों बुला बुलाकर उनको भी भरपेट भोजन कराने के बाद ठण्डा पानी पिलाया गया।

चौथा बड़ा मंगल: हनुमान मंदिरों पर उमड़ पड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

मलिहाबाद लखनऊ। चौथे बड़े मंगल पर जगह-जगह भण्डारे आयोजित किए गए। भोर से ही हनुमान मंदिरों पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने मंदिरों पर पहुंच कर माथा टेका व विधि-विधान से पूजा-आरती की। वहीं सुबह से ही लोगों ने स्टाल लगाकर शर्बत, पूड़ी सब्जी व प्रसाद का वितरण किया, जो शाम तक चलता रहा। बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। मलिहाबाद, रहीमाबाद, कसमण्डी क्षेत्र सुबह से ही भारी संख्या में मंदिरों श्रद्धालुओं की भीड़ रही। लोगों ने मन्दिरों में विधि विधान से हनुमान जी की पूजा अर्चना की। बड़े मंगलवार को क्षेत्र के गोपेश्वर गोशाला में राजा स्वरूप में विराजमान चिंताहरण हनुमान जी के दरबार मे ब्रम्ह मुहूर्त में दिव्य और मनमोहक श्रृंगार कर आरती उतारी गई। पंडित लवकुश बाजपेई ने सुबह प्रथम पूजन के बाद मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिए।गोशाला परिवार के प्रबंधक उमाकांत गुप्ता ने बताया कि इस अवसर पर गोशाला में पल रही गायों की पूजा के साथ ही बड़ा मंगल मनाया गया।

कई जगह विशाल भंडारे का आयोजन-
क्षेत्र के कई जगह भण्डारे का आयोजन हुआ। इस क्रम में मलिहाबाद कस्बे में मीडिया ऑफिस व माँ वैष्णो इंटरप्राइजेज द्वारा विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया। हनुमान जी की मूर्ति पर प्रसाद चढ़ाकर पूजा अर्चना करके भंडारे की शुरूआत की गई। देखते ही देखते हजारों की संख्या में लोगो ने पहुँचकर प्रसाद ग्रहण किया। वहीं विशाल भण्डारे में नगर पंचायत की टीम ने भी भरपूर सहयोग किया।
भंडारा सुबह से शाम 6 बजे तक चलता रहा। इस दौरान भण्डारे का संचालन अजीत सिंह मीडिया ऑफिस की टीम के लोगो के सहयोग से सम्पन्न हुआ। प्रसाद वितरण कार्यक्रम में शैलेश, कल्लू, विकास, रवि, शनि, सोनू यादव द्वारा सहयोग किया गया।

मंदिर की रथयात्रा में करंट से 11 की मौत, 15 घायल

नई दिल्ली (एजेंसी)। तमिलनाडु के तंजावुर जिले में एक मंदिर से आज सुबह निकाले गए रथ जुलूस के दौरान करंट लगने से बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए।

पुलिस के अनुसार यह घटना उस समय हुई जब लोग कालीमेडु के अप्पार मंदिर से निकाली गई जिस पालकी पर खड़े थे, वह एक हाई-ट्रांसमिशन लाइन के संपर्क में आ गई।

तंजावुर पुलिस के अनुसार, कालिमेदू में अप्पार मंदिर से रथयात्रा निकाली जा रही थी। मुड़ने की जगह पर ऊपर बिछे तारों के जाल की वजह से रथ को आगे नहीं ले जाया जा सका। जैसे ही रथ को पीछे किया गया, उसका संपर्क हाई-टेंशन लाइन से हो गया और और करंट पूरे रथ पर फैल गया। घटना में कुछ बच्चों की भी जान जाने की बात सामने आई है। 

घटना में गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को तंजावुर के ही मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंच गया और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। करंट की चपेट में आने से रथ जलकर राख हो गया है।

PM ने जताया शोक; मुआवजे की घोषणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि तमिलनाडु के तंजावुर जिले में हुए हादसे से बेहद दुखी हूं। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवार वालों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा भी की। घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे। 

गुरु तेग बहादुर जी के त्याग व बलिदान को नमन

गुरु तेग बहादुर अपने त्याग और बलिदान के लिए वह सही अर्थों में ‘हिन्द की चादर’ कहलाए। अपने धर्म, मानवीय मूल्यों, आदर्शों एवं सिद्धांत की रक्षा के लिए विश्व इतिहास में जिन लोगों ने प्राणों की आहुति दी, उनमें गुरु तेग बहादुर साहब का स्थान अग्रिम पंक्ति में हैं।  

बिजनौर। श्री गुरु गोविंद सिंह खालसा विद्यालय खासपुरा ऊमरी में हिंद की चादर गुरु तेग बहादर जी का 400वां  प्रकाश पर्व गुरबाणी पाठ उपरांत अरदास के द्वारा मनाया गया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य सरदार अभिषेक सिंह कोमल ने गुरु जी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला। उन्होंने देश धर्म की रक्षा के लिए उनके बलिदान को नमन करते हुए अपना प्रेरणास्रोत बताया।

विदित हो कि देश भर में सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व मनाया जा रहा है। गुरु तेग बहादुर सिंह एक क्रांतिकारी युग पुरुष थे और उनका जन्म वैसाख कृष्ण पंचमी को पंजाब के अमृतसर में हुआ था। इस दिन को शहीदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन गुरु साहिब के इतिहास और शहादत के बारे में बताया जाता है।

गुरुद्वारा शीशगंज साहिब के अंदर का दृश्य (फाइल फोटो)

श्री गुरु तेग बहादुर जी
अमृतसर में जन्मे गुरु तेग बहादुर; गुरु हरगोविन्द जी के पांचवें पुत्र थे। 8वें गुरु हरिकृष्ण राय जी के निधन के बाद इन्हें 9वां गुरु बनाया गया था। इन्होंने आनन्दपुर साहिब का निर्माण कराया और ये वहीं रहने लगे थे। वे बचपन से ही बहादुर, निर्भीक स्वभाव के और आध्यात्मिक रुचि वाले थे। मात्र 14 वर्ष की आयु में अपने पिता के साथ मुगलों के हमले के खिलाफ हुए युद्ध में उन्होंने अपनी वीरता का परिचय दिया। इस वीरता से प्रभावित होकर उनके पिता ने उनका नाम तेग बहादुर यानी तलवार के धनी रख दिया।

उन्होंने मुगल शासक औरंगजेब की तमाम कोशिशों के बावजूद इस्लाम धारण नहीं किया और तमाम जुल्मों का पूरी दृढ़ता से सामना किया। औरंगजेब ने उन्हें इस्लाम कबूल करने को कहा तो गुरु साहब ने कहा शीश कटा सकते हैं केश नहीं। औरंगजेब ने गुरुजी पर अनेक अत्याचार किए, परंतु वे अविचलित रहे। वह लगातार हिन्दुओं, सिखों, कश्मीरी पंडितों और गैर मुस्लिमों का इस्लाम में जबरन धर्मांतरण का विरोध कर रहे थे, जिससे औरंगजेब खासा नाराज था। 

आठ दिनों की यातना के बाद गुरुजी को दिल्ली के चांदनी चौक में शीश काटकर शहीद कर दिया गया। उनके शहीदी स्थल पर गुरुद्वारा बनाया गया, जिसे गुरुद्वारा शीशगंज साहब नाम से जाना जाता है। विश्व इतिहास में धर्म एवं मानवीय मूल्यों, आदर्शों एवं सिद्धांत की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वालों में गुरु तेग बहादुर साहब का स्थान अद्वितीय है। उनकी शहादत ने मानवाधिकारों की सुरक्षा को सिख पहचान बनाने में मदद की”।”नौवें गुरु को बलपूर्वक धर्मान्तरित करने के प्रयास ने स्पष्ट रूप से शहीद के नौ वर्षीय बेटे, गोबिन्द पर एक अमिट छाप डाली, जिन्होंने धीरे-धीरे सिख समूहों को इकट्ठा करके इसका प्रतिकार किया और खालसा पहचान को जन्म दिया।”

श्री गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व समारोह, भाग लेंगे प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री 21 अप्रैल को लाल किले में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व समारोह में भाग लेंगे

नई दिल्ली (PIB)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 अप्रैल 2022 को रात लगभग 9:15 बजे नई दिल्ली के लाल किले में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व समारोह में भाग लेंगे। इस अवसर पर, प्रधानमंत्री उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे और एक स्मारक सिक्का तथा डाक टिकट भी जारी करेंगे।

इस कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार द्वारा दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सहयोग से किया जा रहा है। इस दो-दिवसीय (20 और 21 अप्रैल) कार्यक्रम के दौरान, देश के विभिन्न हिस्सों से रागी और बच्चे ‘शब्द कीर्तन’ में भाग लेंगे। गुरु तेग बहादुर जी के जीवन को दर्शाने वाला एक भव्य लाइट एंड साउंड शो भी होगा। इसके अलावा सिखों की पारंपरिक मार्शल आर्ट ‘गतका’ का भी आयोजन किया जाएगा।

यह कार्यक्रम नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर जी के उपदेशों को रेखांकित करने पर केंद्रित है। गुरु तेग बहादुर जी ने विश्व इतिहास में धर्म एवं मानवीय मूल्यों, आदर्शों और सिद्धांतों की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया। उन्हें मुगल शासक औरंगजेब के आदेश पर कश्मीरी पंडितों की धार्मिक स्वतंत्रता का समर्थन करने के लिए मार डाला गया था। उनकी पुण्यतिथि 24 नवंबर हर साल शहीदी दिवस के रूप में मनाई जाती है। दिल्ली में गुरुद्वारा सीस गंज साहिब और गुरुद्वारा रकाब गंज उनके पवित्र बलिदान से जुड़े हैं। उनकी विरासत इस राष्ट्र के लिए एकजुटता की एक महान शक्ति के रूप में कार्य करती है।

हज यात्रा पर नहीं जा सकेंगे 65 साल से ऊपर के आवेदक

झटका: हज यात्रा पर नहीं जा सकेंगे 65 साल से ऊपर के आवेदक, सऊदी अरब सरकार ने लगाई पाबंदी, सर्कुलर जारी

सऊदी अरब सरकार की ओर से हज के लिए नई गाइडलाइन जारी होने के बाद हज कमेटी ऑफ इंडिया ने सर्कुलर जारी किया है। इसके मुताबिक 20 अप्रैल 2022 तक अधिकतम 65 वर्ष की उम्र पूरी कर रहे आवेदक ही हज यात्रा पर जा सकेंगे। 

फाइल फोटो

लखनऊ (एजेंसी)। हज पर जाने की ख्वाहिश रखने वाले बुजुर्गों की उम्मीदों को झटका लगा है। सऊदी हुकूमत ने शर्तों के साथ हज यात्रा 2022 के लिए हरी झंडी तो दे दी है लेकिन 65 साल से अधिक उम्र के हज यात्रियों पर रोक लगा दी है। ऐसे में प्रदेश से बुजुर्ग श्रेणी के करीब 300 से ज्यादा आवेदन निरस्त किए जाएंगे। 

सऊदी अरब सरकार की ओर से हज के लिए नई गाइडलाइन जारी होने के बाद हज कमेटी ऑफ इंडिया ने सर्कुलर जारी किया है। इसके मुताबिक 20 अप्रैल 2022 तक अधिकतम 65 वर्ष की उम्र पूरी कर रहे आवेदक ही हज यात्रा पर जा सकेंगे। नई गाइडलाइन के मुताबिक कोविडआरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव होने पर ही आवेदक हज यात्रा पर जा सकेगा। यह रिपोर्ट रवानगी से 72 घंटे पहले की ही मान्य होगी। वैक्सीन की दोनों डोज लगवाना भी जरूरी है, तभी यात्रा पूरी होगी। प्रदेश से 70 साल से ऊपर की बुजुर्ग श्रेणी में करीब 372 आवेदन हुए हैं।

आपको बता दें कि कोरोना संक्रमण काल में सऊदी हुकूमत ने दो साल से हज यात्रा पर पाबंदी लगा रखी थी। इन दो वर्ष में सिर्फ सऊदी अरब के स्थानीय लोग ही हज यात्रा में शामिल हो पाए। हिंदुस्तान के आजमीन आखिरी बार 2019 में हज यात्रा पर गए थे। हालांकि 2020 और 2021 में भी हज कमेटी ने आवेदन लिए थे, लेकिन सऊदी हुकूमत ने हज यात्रा की अनुमति नहीं दी। इस बार हज यात्रा के लिए सऊदी हुकूमत ने अनुमति दे दी है। लेकिन कुछ शर्तें भी लगाईं हैं।

65 वर्ष पार वालों के आवेदन होंगे रद्द 

हज यात्रा 2022 के लिए इस बार देश भर से 92,381 आवेदन किए गए हैं। आवेदन के दौरान उम्र की कोई पाबंदी नहीं थी। अब हज यात्रा के लिए 65 वर्ष की पाबंदी लगा दी गई है। ऐसे में 65 वर्ष से अधिक उम्र वालों के आवेदन निरस्त होंगे।

22 तक हज आवेदन का मौका
हज आवेदनों की कम संख्या को देखते हुए नई गाइडलाइन में आवेदकों को एक और मौका दिया गया है। हज पर जाने की ख्वाहिश रखने वाले अब 22 अप्रैल तक हज कमेटी की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

अमरनाथ यात्रियों के लिए खुशखबरी; आज से रजिस्‍ट्रेशन शुरू

नई दिल्ली (एजेंसी)। कोरोना के चलते दो साल से बंद अमरनाथ यात्रा के लिए एक बार फिर से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बार ये यात्रा 30 जून से शुरू होगी और 11 अगस्‍त तक चलेगी। श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के सीईओ नीतिश्‍वर कुमार ने दो दिन पहले ही पंजीकरण को लेकर जानकारी दी थी। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने दक्षिण कश्मीर स्थित अमरनाथ धाम की सालाना यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए 20 हजार की क्षमता वाला यात्री निवास तैयार किया है।

Amarnath Yatra 2022: Registration to begin on April 11, check how to apply  | India News | Zee News

कोरोना महामारी के कारण 2020 और 2021 में अमरनाथ यात्रा आयोजित नहीं की जा सकी। 2019 में भी 5 अगस्त से कुछ दिन पहले यात्रा को निलंबित कर दिया गया था, जब केंद्र ने अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करते हुए जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को रद्द कर दिया था। वहीं बताया गया है कि यात्रा के लिए श्रद्धालु का हेल्थ सर्टिफिकेट, चार पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ अनिवार्य हैं। साथ ही एप्लिकेशन फॉर्म पूरी तरह से भरा हो।

इससे पहले भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव अपूर्व चन्द्रा ने श्रीनगर में आगामी श्री अमरनाथजी यात्रा, जो कि 30 जून, 2022 से लेकर 11 अगस्त, 2022 तक निर्धारित है, के व्यापक प्रचार के संबंध में एक बैठक बुलाई।

सूचना और प्रसारण सचिवके साथ-साथ जम्मू एवं कश्मीर सरकार के मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता, अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के सीईओ नीतीश्वर कुमार, जम्मू एवं कश्मीर सरकार के प्रमुख सचिव रोहित कंसल और केन्द्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी – सूचना और प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव विक्रम सहाय, आकाशवाणी के प्रमुख महानिदेशक (समाचार) एनवी रेड्डी, दूरदर्शन के महानिदेशक मयंक अग्रवाल, पत्र सूचना कार्यालय श्रीनगर के अतिरिक्त महानिदेशक राजिंदर चौधरी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में शामिल रहे।

बैठक में इस वर्ष होने वाली यात्रा से संबंधित उन जानकारियों का प्रचार – प्रसार बढ़ाने के बारे में विचार-विमर्श किया गया जो कि संभावित यात्रियों के लिए उपयोगी होंगे। इस तीर्थयात्रा की पूरी अवधि के दौरान जम्मू एवं कश्मीर प्रशासन के साथ मिलकर सूचना और प्रसारण मंत्रालय की विभिन्न मीडिया इकाइयों द्वारा प्रचार संबंधी विभिन्न गतिविधियों की योजना बनाई जाएगी। इस संबंध में, सूचना और प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी केन्द्र – शासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर के दौरे पर हैं।

नवरेह मनाने 2 अप्रैल को घाटी पहुंचेंगे कश्मीरी पंडित

नई दिल्ली। कश्मीरी पंडित नवरेह मनाने 2 अप्रैल को घाटी पहुंचेंगे। द कश्मीर फाइल्स में कश्मीरी पंडितों के विस्थापन का दर्द सामने आने के बाद इस बार नए साल यानी नवरेह पर घाटी में पंडितों की वापसी की आवाज बुलंद होगी। देशभर से कश्मीरी पंडित नवरेह मनाने 2 अप्रैल को घाटी पहुंचेंगे।
जम्मू से भी बस के जरिये कश्मीरी पंडित घाटी में जाकर हरि पर्वत पर मां शारिका मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ ही पंडितों की वापसी की कामना करेंगे। सार्वजनिक समारोह कर वापसी के लिए अनुकूल माहौल बनाने के प्रयास होंगे, जिसमें सभी धर्मों व संप्रदाय के लोग शामिल होंगे। भाजपा नेता डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी व शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी भी इस मौके की साक्षी होंगी।
जेके पीस फोरम की ओर से देशभर के कश्मीरी पंडितों को नवरेह पर दो अप्रैल को कश्मीर में जुटाने की तैयारियां की गई हैं। इसके तहत शारिका मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ ही शेर-ए कश्मीर पार्क में नवरेह मिलन कार्यक्रम होगा। घाटी में भाईचारे को बढ़ावा देने के साथ ही पंडितों की सम्मानजनक वापसी की आवाज बुलंद की जाएगी।
कार्यक्रम का उद्देश्य 30 साल के विस्थापन के बीच धार्मिक-सांस्कृतिक रीति-रिवाजों से नई पीढ़ी को अवगत कराना और दहशत में घर-बार छोड़ने के लिए मजबूर लोगों के लिए सुरक्षा व आत्म सम्मान की भावना जगाना है। फोरम के चेयरमैन सतीश महालदार ने बताया कि इस बार कोशिश है कि सभी धर्मों के लोगों को एक मंच पर लाकर पंडितों की वापसी का माहौल बनाया जाए। इसके लिए अंतर समुदाय सांस्कृतिक महोत्सव भी कराया जा रहा है। कोशिश होगी कि सभी लोग एक-दूसरे की भावनाओं को समझें व सभी के प्रति सम्मान का भाव जगे। विस्थापन का दर्द झेल रहे पंडितों को सम्मान मिले।
सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत भी नवरेह पर इस बार ऑनलाइन संबोधित करेंगे। संजीवनी शारदा केंद्र जम्मू के माध्यम से इस कार्यक्रम का आयोजन तीन अप्रैल को होगा। सर संघचालक पिछले साल संबोधन करने वाले थे, लेकिन अस्वस्थ होने की वजह से यह संभव नहीं हो पाया था।

बुल्डोजर बाबा को गिफ्ट में मिला चांदी का बुल्डोजर

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश की खराब पड़ी कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस बुलडोजर का उपयोग किया आज वह उसी के ब्रांड अम्बेसडर बन गए हैं।

आमतौर पर नेताओं को लोग सार्वजनिक कार्यक्रम में स्मृतिका के रूप में देवी देवताओं की मूर्तियां या फिर गदा, तलवार, धनुष-बाण देते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उपहार में चांदी का बुलडोजर मिला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीते तीन दिन से अपनी कर्मस्थली गोरखपुर में थे। होलिका दहन के साथ ही होली में रंग खेलने के बेहद इच्छुक सीएम योगी आदित्यनाथ ने तीन दिन के गोरखपुर प्रवास में हजारों लोगों से भेंट की। इसी बीच उनको गोरखपुर के व्यापारियों ने जो उपहार दिया, उसको तो देखते ही उनके चेहरे पर मुस्कान फैल गई। उत्तर प्रदेश के साथ ही देश में भी बुलडोजर बाबा के नाम से विख्यात हो चुके सीएम आदित्यनाथ के बुलडोजर ने जातीय समीकरण ध्वस्त कर दिए। योगी आदित्यनाथ को अपने ही शहर में चांदी का बुलडोजर उपहार में मिला है। गोरखपुर मंडल में जनता ने भारतीय जनता पार्टी सरकार की योजनाओं को सराहा है, इस कारण राशन से शासन का रास्ता साफ हो पाया। भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुआई में शानदार जीत दर्ज की। मोदी-योगी की डबल इंजन की सरकार का जादू मतदाताओं के सिर चढ़कर बोला है।

माफिया के खिलाफ चला बुलडोजर- उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री बनने के साथ ही योगी आदित्यनाथ ने अपराधियों और माफिया के खिलाफ एक मुहीम छेड़ दी थी। माफिया और उनके गुर्गों को जेल तो भेजा ही गया, साथ ही उनके अवैध संपत्तियों पर जमकर बुलडोजर चला। विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को ही विपक्ष के खिलाफ अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया। इसी दौरान माफिया पर बुलडोजर चलाने का स्लोगन हर जनसभाओं में गूंजने लगा। (साभार)

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*⛔”फोटो लेना है…चलो फोटो खिंचवा लो…थोड़ा जोर से हंस ले…अरे…जोर से हंस”* *होली के मौके पर गोरखनाथ पीठ में CM Yogi का अनोखा अंदाज*

डीजे की धुन पर जमके थिरके पुलिसकर्मी

बिजनौर। अफजलगढ़ में पुलिसकर्मियों पर शनिवार को होली का खूब रंग चढ़ा। उन्होंने एक दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी। पुलिसकर्मी होली की मस्ती में झूमते नजर आए।

अफजलगढ़ कोतवाली में दोपहर 12:00 बजे कोतवाली प्रांगण के पीछे आवंटित परिसर के ग्राउंड में पुलिसकर्मी जमकर होली खेलते नजर आए। पुलिसकर्मियों ने गुलाल उड़ाते हुए डीजे पर डांस किया। उन्होंने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर रंग दिया और होली की शुभकामनाएं दीं। डीजे पर जमकर ठुमके लगाए।

होली की मस्ती में डूबे रहे पुलिसकर्मी जबकि थाने के कामकाज पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। कोतवाल मनोज कुमार सिंह, एसएसआई दिनेश कुमार शर्मा, कस्बा इंचार्ज टेकराम सिंह, एसआई कमल किशोर, एसआई विनित कुमार, एसआई सुनील कुमार ने एक दूसरे को गुलाल का टीका लगाकर शुभकामनाएं दी। पुलिसकर्मियों ने भी एक दूसरे को गुलाल लगाकर होली खेली और डीजे पर जमकर ठुमके लगाते हुए फिल्मी गानों पर डांस किया। कोतवाल मनोज कुमार सिंह को होली की शुभकामनाएं दी।

खुदा के यहां इन चार लोगों की नहीं होगी बख़्शीश: मुफ्ती रियाज क़ासमी


बिजनौर। अफजलगढ़ नगर में बस स्टैंड पर स्थित अबु बकर मस्जिद में शब ए बराअत की रात में मुफ्ती रियाज क़ासमी ने नमाजियों को उन चार लोगों के बारे में बताया, जिनकी शब ए बराअत को खुदा के यहां बख़्शीश नहीं होगी।

शुक्रवार को शब ए बराअत के मौके पर इशा की नमाज पढ़ने के बाद मुफ्ती रियाज साहब क़ासमी ने बयान करते हुए लोगों से कहा कि इस रात में उन चार लोगों की खुदा के यहां बख़्शीश नहीं होगी जो शराब पीकर लोगों सहित अपने परिवार के साथ मारपीट करते हुए और शराब पीने के आदी बन चुके हैं और जो लोग एक दूसरे की बुराई करने से बाज नहीं आते है और एक दूसरे को नीचा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ते हो और जो लोग अपने मां बाप की इज्जत नहीं करते है और अपने मां बाप की ना फरमानी कर उनकी बातों को नहीं सुनते हैं और आखिरी उन लोगों की जो रिश्तेदारों में लड़ाई कराकर दूरी बनाने की कोशिश करते हैं उन लोगों की खुदा के यहां शब ए बराअत की रात में बख़्शीश नहीं होगी। इस मौके पर उन्होंने मुस्लिम समाज के लोगों से कहा कि अपने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दो लेकिन दीनी तालीम पहले हासिल करानी चाहिए क्योंकि जब बच्चा अच्छा आदमी होगा तो वह अच्छा अधिकारी भी होगा अच्छा इंजीनियर भी होगा दीनी तालीम का इंतिज़ाम पहले किया जाये उसके साथ साथ दुनयावी तालीम जितना ज्यादा हो अपने बच्चों को दिलायें और अच्छे मां बाप बनकर अच्छी शिक्षा दिलाकर अपना फर्ज निभाने का काम करें। शबे बराअत ये समझें के अल्लाह की तरफ से बंदों को बख्शने का एक बहाना है और ये रमज़ान की तैयारी है ताके हम अभी से रमज़ान के लिए तैयार हो जाये। आखिर में पूरे मुल्क के अमनो अमान के लिये दुआ कराई गई। इस मौके पर पुलिस बल की तरफ़ से की गई तैयारी और इंतिज़ाम क़ाबिल ए तारीफ़ रहा और पूरे प्रदेश में दोनों त्योहारों को अमन शांति से गुज़र जाने पर पुलिस प्रशासन की सराहना करते हुए हिन्दुस्तान की गंगा जमुना तहज़ीब की जमकर सराहना की।

कृष्ण जन्मभूमि की अद्भुत-अवर्णनीय लठामार होली

मथुरा यात्रा-२
कृष्ण जन्मभूमि की अद्भुत-अवर्णनीय लठामार होली

रंगभरनी एकादशी कृष्ण जन्मभूमि और यहां की होली देखने आने वालों दोनों के लिए एक खास अवसर है। इस बार की मथुरा यात्रा का खास मकसद ही जन्म भूमि की लठामार होली ही थी। कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट द्वारा संचालित अंतरराष्ट्रीय विश्राम गृह का कमरा नंबर- 6 ही अपना ठिकाना बना। मथुरा की होली ऐसे ही आकर्षित करती है। उस पर रंगभरनी एकादशी का दिन हो तो नींद कहां से आए?
सुबह 5 बजे ही आंख खुल गई। चाय की तलब जन्म भूमि के मुख्य द्वार के सामने “दनादन चायवाले” की तरफ खींच ले गई। कई युवा, महिलाएं रंगभरनी एकादशी की होली का मजा लेने के लिए बाहर बरामदे में, खुले में रात बिताती नजर आई। गेट पर कतार लगनी शुरू हो चुकी थी। कुछ लड़कियां फोटो खींचने में मशगूल थीं और कुछ लड़के सेल्फी लेने में। सुबह का आगाज ही यह एहसास कराने लगा था कि आज मंदिर में कुछ खास है।
घड़ी की सुई बढ़ती जा रही थी और अपनी होली वाली टोली (विनय द्विवेदी, करुणाशंकर मिश्रा, सुधीर द्विवेदी, अमर द्विवेदी, यादवेंद्र प्रताप सिंह, चंद्रमणि बाजपेई, सुनील मिश्रा “सेनानी”) की धड़कन। ट्रस्ट के ही भोजनालय में दोपहर का भोजन ग्रहण करने के बाद विश्राम गृह के सेवादार प्रेम शंकर दीक्षित उर्फ पप्पू मंदिर में प्रवेश कराने के लिए सक्रिय हो चुके थे। कृष्ण जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के सचिव श्री कपिल शर्मा जी और भाई वात्सल्य राय जी ने विश्राम गृह के केयरटेकर रणधीर सिंह एवं पप्पू को ही लट्ठमार होली महोत्सव स्थल केशव वाटिका तक पहुंचाने की हम सबकी जिम्मेदारी इन्हीं दोनों को सौंपी थी।
दो बजते-बजते हम सब जन्मभूमि परिसर में शॉर्टकट से दाखिल हो गए। धूप तेज थी और होली महोत्सव देखने की जिज्ञासा उससे भी ज्यादा। उस समय केशव वाटिका का मैदान लगभग खाली ही था। अपनी जगह सुनिश्चित करने के लिए हम सब एक जगह कुर्सियों पर जम गए। थोड़ी देर बाद होली गीतों की धुन, आर्केस्ट्रा के कलाकार बजानी शुरू करते हैं। एंकरिंग के लिए एक मोटी सी महिला स्टेज पर ही कपिल‌ शर्मा के साथ कुछ होमवर्क के साथ अवतरित होती है और शुरू हो जाता है लठामार होली महोत्सव।
ब्रज और बुंदेलखंड से आए कलाकारों-गायकों से सुसज्जित होली महोत्सव के मंच पर गणेश वंदना के बाद शुरू होते हैं होली के गीत। श्री श्री 1008 स्वामी गुरुशरणानंद जी महाराज की उपस्थिति इस मंच और महोत्सव दोनों की शोभा बढ़ाती है। धीरे-धीरे-धीरे-धीरे माहौल होली मय होना शुरू होता है तो होता ही चला जाता है। कभी कृष्ण कन्हाई और राधा रानी के वेश में सजे दो बच्चों की झांकी धूम-धड़ाके के साथ पहुंचती है। घड़ी की सुई जैसे ही 5:00 बजे के आगे बढ़नी शुरू होती है वैसे-वैसे होली का मजा भी बढ़ता चला जाता है। ब्रज का प्रसिद्ध चरकुला नृत्य (जिसमें कलाकार सिर पर मटकी, जलते हुए दीपकों को रखकर नृत्य प्रस्तुत करते हैं) देखकर होली का रोमांच बढ़ गया।
फूलों की होली के बीच ही द्वारकाधीश मंदिर से उठने वाला जन्मभूमि का डोला पुराने केशव देव मंदिर होते हुए केशव वाटिका पहुंचना शुरू होता है। डोले के साथ सैकड़ों गोपियां और ग्वाल बाल लट्ठमार होली खेलते हुए चल रहे हैं। यह होरिहारे और गोपियां बरसाना वृंदावन और नंदी गांव से खास तौर पर होली खेलने के लिए आई हैं। होली के उल्लास में डूबे होरिहारों में गोपियों के लट्ठे से बचने के लिए बीच-बीच में भगदड़ मचती है और यह भगदड़ आपको मजा भी देती है और डराती भी है। होरिहारों और लट्ठ से लैस इस जत्थे केशव वाटिका पहुंचते ही शुरू होता है जन्मभूमि की लठामार होली। मंच पर होली गीतों पर थिरकते कलाकार और मैदान में और होरिहारों पर लठ बरसाती गोपियों के दृश्य अद्भुत हैं और अवर्णनीय भी।
लठामार होली देखने-सुनने के आई भक्तों की भारी भीड़ से केशव वाटिका का मैदान छोटा पड़ गया। जन्मभूमि की सारी व्यवस्थाएं छोटी पड़ गई। सुरक्षा बौनी हो गई। वाटिका में तैनात पुलिस वाले खुद होली के रंग में डूब से गए। पूरे देश से आए लोगों से खचाखच भरे मैदान में अबीर गुलाल से आसमान रंगीन हो गया। लाल-हरे-नीले-पीले-बैगनी रंगों से पटे इस आसमान के नीचे चल रही लट्ठमार होली के दौरान कभी इस हिस्से में भगदड़ कभी उस हिस्से में भगदड़। लट्ठ लगने से कुछ होरिहारे लंगड़ाते हुए भी गए। गोपियों के लट्ठ से खाकी वर्दीधारी भी बच नहीं पाते। हमेशा दूसरों पर लाठी बरसाने वाले यह खाकी वर्दीधारी आज गोपियों के लट्ठ हंसते हुए खा रहे हैं। भाग रहे हैं।
एक घंटे तक चलने वाली इस लट्ठमार होली में टैंट के स्ट्रक्चर के ऊपर लगी पिचकारियों से टेसू के फूल वाले बरसते रंग में भीगते हुए होली की मस्ती में डूबना अब सपना ही है। इस सपने को सच करता है रंगभरनी एकादशी पर कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट की ओर से आयोजित लठमार होली महोत्सव। स्थानीय और विभिन्न राज्यों के हजारों-हज़ार महिलाएं-पुरुष-बच्चे भाग लेने पहुंचे हुए हैं। लट्ठ लगने का डर भी सभी को मजा लूटने से रोक नहीं पाता। जय श्री कृष्ण- जय श्री राधे

द्वारकाधीश मंदिर
कृष्ण जन्म भूमि से सिर्फ डेढ़ किलोमीटर दूर चौक बाजार में स्थित दो-ढाई सौ वर्ष पुराने द्वारकाधीश मंदिर की होली का भी अपना अलग ही मजा है। रंगभरनी एकादशी पर हम सबकी होली खेलने की शुरुआत द्वारकाधीश मंदिर से ही हुई। ई-रिक्शा की सवारी का मजा लेते हुए हम सब सुबह 8:00 बजे ही द्वारकाधीश मंदिर पहुंच गए। मुगल काल में मथुरा के मंदिर तोड़े जाने के बाद लक्ष्मीचंद जैन ने द्वारिकाधीश मंदिर बनवाया। आजकल पुष्टिमार्गीय संतों की देखरेख में द्वारकाधीश मंदिर संचालित है। सुबह 8:25 मिनट पर श्रंगार आरती और 10:00 बजे द्वारिकाधीश को भोग के बाद शुरू हुआ होली गीत-फाग और अबीर-गुलाल उड़ने का सिलसिला। एक घंटे तक गीत गूंजते रहे और अबीर गुलाल उड़ता रहा। नाचते गाते एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाते कब 11:00 बज गए पता ही नहीं चला। आरती के बाद पट बंद होने पर मंदिर की होली ने विश्राम ले लिया।

यमुना जी का तट और विश्राम घाट
जगदीश मंदिर में होली के बाद हम सब यमुना जी के दरस परस के लिए हम सब विश्राम घाट की ओर बढ़े।
घाट पर पहुंचने के पहले ही भाई-बहन के पवित्र प्रेम के लिए प्रसिद्ध धर्मराज यमराज और यमुना जी के मंदिर में माथा टेकने का सुयोग भी इस बार ही बना। इस मंदिर में यम द्वितीया पर यमुना जी में स्नान में बाद भाई बहन के साथ-साथ पूजा-प्रार्थना की परंपरा है। यह मंदिर देखकर मन अपने आप भावुक इसलिए हुआ कि भैया (स्मृति शेष नीरज अवस्थी) पहले कई बार हमसे और दीदी (गरिमा मिश्रा) से यह द्वितीया पर यहां आने के लिए कहते रहे लेकिन शायद द्वारकाधीश को यह मंजूर नहीं था। यमुना जी के दरस-परस के बाद बोटिंग के दौरान यमुना जी के बदबूदार काले पानी को देखकर मन खिन्न हो गया। हालांकि, पढ़ाई के साथ-साथ गाइड काम करने वाली युवा माधव चतुर्वेदी लगातार इस बात पर ही जोर देता रहा कि यमुना मिशन अच्छे से चल रहा है और नाले का गंदा पानी साफ होकर ही यमुना में गिर रहा है।
अथ होली यात्रा समाप्तम..

गौरव अवस्थी
रायबरेली/ उन्नाव

उत्साह और साम्प्रदायिक सौहार्द्र के साथ मनाई जाएगी होली- डीएम


जिला प्रशासन द्वारा साम्प्रदयिक रूप से संवेदनशील चिन्हित स्थानों पर विशेष रूप से निगरानी की व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी स्तर पर कोई अप्रिय घटना घटित न होने पाए, रंगों का त्यौहार होली जिले में पूरे उत्साह और साम्प्रदायिक सौहार्द के साथ मनाए जाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सजग और प्रतिबद्व- जिलाधिकारी उमेश मिश्रा

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि आगामी रंगों का त्योहार होली जिले में पूरे उत्साह और साम्प्रदायिक सौहार्द के साथ मनाया जाएगा, जिसके लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सजग और तत्पर है। उन्होंने सभी जन सामान्य का आह्वान किया कि किसी भी अवस्था में ऐसा कोई कार्य न करें जिससे साम्प्रदायिक वातावरण को आंच आए। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि जिला प्रशासन हर स्थिति पर पैनी निगाह रखे हुए है और साम्प्रदयिक रूप से संवेदनशील स्थानों का चिन्हिकरण कर वहां विशेष रूप से निगरानी की व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी स्तर पर कोई अप्रिय घटना घटित न होने पाए। उन्होंने उप जिलाधिकारियों एवं क्षेत्राधिकारी पुलिस को निर्देश दिए कि जिन रास्तों पर धार्मिक स्थल मौजूद हैं, वहां होली के जलूस पर विशेष सतर्कता और सजगता रखी जाए और प्रयास किया जाए कि नमाज के समय जलूस का गुजर न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक तहसील एवं थाना स्तर पर अमन कमेटियों की मीटिंग आयोजित कर जन सामान्य को पूर्ण साम्प्रदायिक सौहार्द के साथ होली के त्यौहार को सम्पन्न कराने में सहयोग के लिए आहवान करें।


जिलाधिकारी श्री मिश्रा विकास भवन के सभागार में शांति व्यवस्था की बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को होली के पावन पर्व को शांतिपूर्वक सम्पन्न कराने के लिए निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन ने सौहार्दपूर्ण और शांतिपूर्ण वातावरण में होली त्योहार को सम्पन्न कराने के लिए पूर्व की तरह सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। उन्होंने अपेक्षा करते हुए कहा कि यह पावन त्योहार पूर्ण संयम, समन्वय एवं आम नागरिकों की भावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए मनाया जाएगा और ऐसा कोई भी ऐसा कार्य नहीं किया जाएगा जिससे दुसरे सम्प्रदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचे। उन्होंने बताया कि सभी नगर पालिका एवं नगर पंचायतों को विशेष सफाई, प्रकाश एवं पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। जिले में साम्प्रदाकि सौहार्द के वातावरण को किसी भी अवस्था में दूषित नहीं होने दिया जाएगा। कोई भी व्यक्ति धार्मिक रूप से कोई अपशब्द, भड़काऊ भाषण अथवा धार्मिक उन्माद फैलाने जैसे किसी भी कार्य का दुस्साहस न करे और न ही सोशल मीडिया आदि पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक टिप्पणी या पोस्ट की जाए, जिससे शांति एंव कानून व्यवस्था की स्थिति पर कोई आंच आए। जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था की स्थिति से खिलवाड़ करने वाले तत्वों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।


जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि होली के अवसर पर विक्रय होने वाले खाद्य पदार्थों पर विशेष ध्यान रखते हुए नियमानुसार चैकिंग करें और सामग्री के सिन्थेटिक अथवा दूषित पाए जाने पर दोषी के विरूद्व कड़ी कार्यवाही करें। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारी एवं क्षेत्राधिकारी पुलिस को निर्देश दिये कि थाना स्तरीय त्योहार रजिस्टरों का गहनता के साथ अध्ययन कर लें और तहसील एवं थाना स्तर पर शांति मीटिंग का आयोजन करना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर विशेष सर्तकता बरती जाए और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगाह रखें ताकि किसी भी स्तर पर कोई अप्रिय घटना घटित न होने पाए। उन्होंने होली के अवसर पर सभी नगर निकाय क्षेत्रों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डा0 धर्मवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, वि/रा अरविंद कुमार सिंह के अलावा अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

होलाष्टक के समय 8 दिनों पहले तक सभी ग्रहों का स्वभाव रहता है उग्र

नई दिल्ली (एजेंसी)। रंगों का त्योहार ‘होली’ इस साल 18 मार्च को मनाया जाएगा। ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, होली के ठीक 8 दिन पहले होलाष्टक शुरू हो जाता है, जो होलिका दहन तक चलता है। मान्यताओं के मुताबिक, होलाष्टक के 8 दिनों तक विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, मकान-वाहन की खरीदारी आदि किसी भी शुभ कार्य की मनाही होती है। हालांकि ये आठ दिन पूजा पाठ के लिहाज से बेहद शुभ माने जाते हैं।  

ऐसा माना जाता है कि, होलाष्टक के समय यानी होली से 8 दिनों पहले तक सभी ग्रहों का स्वभाव उग्र रहता है। शुभ कार्यों के लिए ग्रहों की ये स्थिति शुभ नहीं मानी जाती है। मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में किए गए शुभ कार्यों का पूरा पुण्य प्राप्त नहीं होता है। जानिए ‘होलाष्टक’ कब से शुरु हो रहा है और उसका समापन कब होगा।

‘होलाष्टक’

होलाष्टक 10 मार्च 2022, गुरुवार से लेकर 17 मार्च 2022, गुरुवार तक रहेगा। मान्यता है कि इस दौरान किसी भी शुभ कार्य को करना अपशकुन होता है। होलाष्टक से होली और होलिका दहन की तैयारी शुरु हो जाती है।

क्यों अशुभ होती है होलाष्टक की अवधि

होलाष्टक के आठ दिनों को शुभ कार्य नहीं करने के पीछे पौराणिक कथा है जिसके मुताबिक, कामदेव द्वारा भगवान शिव की तपस्या भंग करने के कारण फाल्गुन शुक्ल अष्टमी तिथि पर क्रोध में आकर कामदेव को भस्म कर दिया था। अन्य कथा के अनुसार राजा हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका के साथ मिलकर अपने पुत्र प्रह्लाद को भगवान विष्णु की भक्ति से दूर करने के लिए इन आठ दिनों में कठिन यातनाएं दी थीं। इसलिए होलाष्टक काल को विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन समारोह आदि जैसे शुभ कार्यों को करने के लिए अशुभ माना जाता है।

होलाष्टक के दौरान नहीं करने चाहिए ये काम

  • हिंदू धर्म में बताए गए सोलह संस्कार जैसे- विवाह, मुंडन आदि नहीं करने चाहिए।
  • नवविवाहिता को पहली होली ससुराल में नहीं मनानी चाहिए। पहली होली मायके में मनानी चाहिए।
  • घर, गाड़ी वगैरह नहीं खरीदना चाहिए, न ही सोने चांदी की खरीददारी करनी चाहिए ।

क्या करना चाहिए?

  • अधिक से अधिक भगवान का ध्यान, मनन और पूजन करना चाहिए ।
  • परिवार में किसी की मृत्यु हो जाए तो उसके लिए विशेष अनुष्ठान कराना चाहिए।
  • ‘महामृत्युंजय मंत्र’ का जाप करना चाहिए, इससे अकाल मृत्यु का खतरा टल जाता  है।

जनपद भर में श्रद्धा के साथ मनाई गई महाशिवरात्रि

बिजनौर। महाशिवरात्रि पर्व जिले में हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। शिवालयों में भगवान आशुतोष के जलाभिषेक के लिए लंबी कतार लगी रही। श्रद्धालुओं ने पंचामृत आदि से जलाभिषेक कर भांग, धतूरा बेलपत्र, बेर आदि फल और मिष्ठान चढ़ाया। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए कई मंदिरों में बेरीकेडिंग की व्यवस्था की गई थी। कांवडियों ने हरिद्वार से लेकर लाए गंगा जल से जलाभिषेक किया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस भी हर जगह तैनात रही।

मंगलवार को महाशिवरात्रि का पर्व जनपद भर में मनाया गया। श्रद्धालुओं ने अपने घरों में पूजा-अर्चना की और मंदिरों में जाकर भगवान शंकर का जलाभिषेक किया। इस दौरान शिवालय हर-हर, बम-बम भोले के उद्घोषों से गूंजायमान रहा। कांवड़ चढ़ाने वाले श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक करने के बाद घरों में कथा का आयोजन किया। महिलाओं ने भजन  कीर्तन किया। कोरोना के चलते महाशिवरात्रि पर मंदिरों में दो साल बाद आस्था का सैलाब दिखाई दिया। जिला मुख्यालय पर श्री शिवशक्ति धाम मंदिर व विधायक सूची मौसम चौधरी की ओर से गंगा जल का वितरण किया गया।

हल्दौर। गांव खारी स्थित झारखंडी शिव मंदिर में सुबह से ही जल चढ़ाने के लिए भारी भीड़ लगी रही। सुरक्षा व व्यवस्था के लिए झालू चौकी इंचार्ज हरीश कुमार पुलिसकर्मियों के साथ मौजूद रहे। मंदिर परिसर में लगे मेले में बच्चों ने चाट पकौड़ी का लुत्फ उठाया।। गांव धर्मपुरा के पूर्व प्रधान सूरज सिंह ने बताया कि प्रत्येक वर्ष मंदिर पर हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक करते है। बिजनौर के मोहल्ला चाहशीरी स्थित श्रीशिव मंदिर बाबा लंगोटिया महाराज पर तड़के से ही जलाभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। समिति अध्यक्ष अजय पाल ने बताया कि इस बार भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया है। समिति सदस्य राधेश्याम, संजय, जयवीर, महीपाल, भुवनेश्वर, संजीव कुमार, योगेंद्र पाल योगी, दीपक, युवराज, देवेंद्र उर्फ चीनू, मुकेश व जितेंद्र आदि उपस्थित रहे।

स्योहारा। क्षेत्र के ग्राम खानपुर, सदाफल, लंबाखेड़ा, मेवा नवादा, गंगाधरपुर, सहसपुर, गुरदासपुर, कुरी, कृष्णरायपुर,किवाड़, बुदनपुर, पाइंदापुर, मकनपुर, नरवली, राजा का ताजपुर, नूरपुर, अमरोहा क्षेत्र, संभल, मुरादाबाद, आलमपुरी आदि के ग्रामीणों ने जलाभिषेक किया।

चंदक/मंडावर। गांव तितरवाला के निकट स्थित पौराणिक गौरी शंकर मंदिर में रात्रि से ही जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं ने मंदिर में स्थापित शिवलिंग का बेलपत्र, भांग, चौलाई के लड्डू सहित जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर में लगे मेले में महिलाओं व बच्चों ने जमकर खरीदारी की। सुरक्षा दृष्टि को देखते हुए मंडावर पुलिस मौजूद रही। प्रसिद्ध मंदिर मुक्तेश्वर नाथ के पुजारी पंडित विपिन चन्द्र त्रिपाठी द्वारा मंदिर कमेटी के सदस्यों व श्रद्धालुओं के साथ सोमवार की मध्य रात्रि को विधि विधान से पूजा अर्चना कर जलाभिषेक का कार्य शुरु कराया गया। हरिद्वार से गंगा जल लेकर आने वाले क्षेत्र के हजारों कांवड़ियों ने लाईन में लग कर जलाभिषेक किया। मंदिर कमेटी व बर्फानी सेवा समिति के पदाधिकारियों व सदस्यों का सहयोग रहा।

धामपुर। नगर के शिवालयों में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की आराधना कर जलाभिषेक किया। सुबह से ही मदिरों के बाहर लंबी लाईन लगनी शुरू हो गई। सोमवार की देर रात कावड़ियों ने शिवमंदिरो में कावड़ और जल चढ़ाया। सोमवार की देर रात तक नगर क्षेत्र के कावड़िए अपने गंतव्यों तक पहुंचने शुरू हो गए। स्थानीय पहाड़ी दरवाजा स्थित मंदिर से रात में भगवान शिव की भव्य बारात निकाली गई। शिवबारात में शिव-पार्वती की झांकियां शामिल रहीं।

झालू। शिवभक्तों ने गांव खारी के झारखंडी मंदिर में शिवलिंग पर कावड़ व जल चढ़ाया। मध्य रात्रि से ही कावडियों व भक्तों द्वारा भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाना शुरू हो गया।

चांदपुर। ग्राम स्याऊ स्थित प्राचीन बाबा झारखंड शिव मन्दिर पर हजारों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की।  इसके अलावा अनेक शिवालयों पर भी जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की गई ।। देर रात से ही मंदिर में कांवड़ चढ़ाने वालों का तांता लगना शुरू हो गया था। मेला भी लगाया गया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस क्षेत्राधिकारी शुभ सुचित व कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार अपने अधीनस्थों के साथ मौजूद रहे।

नहटौर। मध्यरात्रि से ही शिवालयों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई। भक्तों ने झारखंडी के पातालतोड़ शिवलिंग, चामुंडा मंदिर, पंचायती मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में फरीदनगर के नाग देवता मंदिर, बेगराजपुर, नन्हेड़ा, राजपुर, बालापुर, बल्लाशेरपुर, खण्डसाल, अखेड़ा, फुलसंदा, ढकौली, कश्मीरी, अकबरपुर, कादीपुरा, फरीदाबाद, मुक़र्मपुर आदि ग्रामों के शिवालयों में जलाभिषेक कर परिवारों की सुख समृद्धि की कामना कर उपवास रखा।

नजीबाबाद। महाशिवरात्रि के पर्व पर शिवालयों में शिव भक्तों का तांता लगा रहा। शिवालय दुल्हन की तरह सजाए गए। नगर के मुक्टेश्वर महादेव, नीलकण्ठ महादेव, मथुरापुर मोर मयूरेश्वर महादेव, मोरध्वज किला मंदिर, शिव शक्ति धाम व अन्य सभी मंदिरो में कांवड़ लेकर पहुंचे श्रद्धालुओं ने गंगा जल से शिव का जलाभिषेक किया। मंडावली क्षेत्र के ग्राम मोहनपुर व हसनपुर में महाशिवरात्रि के पर्व पर शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में शामिल शंकर-पार्वती आदि झांकियां आकर्षण का केन्द्र रही। कलाकारों के शिव पार्वती के रूप में देखकर सभी मंत्रमुग्ध हो गए। इस मौके पर अखाड़े में खिलाड़ियों ने हैरतअंगेज करवटिया कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। खिलाड़ियों ने बरेटी, तलवार, चकरी व पटे के खेल दिखाकर अपने हुनर का प्रदर्शन किया। शोभा यात्रा के आयोजन में खलीफा जनार्दन, राजपाल सिंह कश्यप, अध्यक्ष अतर सिंह, राजवीर, धनसिंह, मनीराम, मोहित कुमार, विवेक, अमर सिंह का सहयोग रहा।

संत निरंकारी मंडल ने मनाया सदगुरू बाबा हरदेव सिंह जी महाराज का जन्मदिन

बिजनौर। सदगुरू बाबा हरदेव सिंह जी महाराज के जन्मदिन पर संत निरंकारी मंडल की ओर से साफ-सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान सत्संग भवन में पौधारोपण भी किया गया।

सदगुरू माता सुदीक्षा ने बताया कि बाबा हरदेव सिंह का जीवन बड़ा ही सराहनीय रहा है। उन्होंने सभी को गले लगाकर प्यार व अमन का पैगाम दिया और अनुयाईयों को सत्य व अंहिसा का मार्ग दिखाया।

इस अवसर पर संयोजक बाबूराम संचालक विनोद सिंह, पूर्व संचालक कृपाल सिंह त्यागी, डीके सागर, दीपक आदित्य, सोनू, राजवीर सिंह, चंद्रपाल सिंह, दयाराम, विक्रांत, सुरेंद्र पाल, ब्रजवीर, अक्षय, सुशीला, प्रियांशी, फूलवती, विजय, कविता, पिंकी, विमला, रेनू, नीरज गौतम, सलोनी, खुशी, प्रियंका सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

मंदिर के दो वर्ष पूरे होने पर भंडारे में उमड़े श्रद्धालु

लखनऊ। मलिहाबाद तहसील क्षेत्र के रूपनगर मजरे माधवपुर गांव में बने मंदिर के दो वर्ष पूरे होने पर ग्रामीणों के सहयोग से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।

मंदिर और आयोजित भंडारे में आसपास के गांव के महिलाओं बच्चों व पुरुषों ने प्रसाद ग्रहण किया। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि शिव शक्ति धाम देवलोक मंदिर में दो साल पूर्व हनुमान जी की मूर्ति स्थापित की गई थी। इस उपलक्ष्य में क्षेत्रवासियों ने विशाल भंडारे का आयोजन किया। व्यवस्थापक गांव के ही जयेंद्र पाल ने बताया कि उनके पूर्वजों के आशीर्वाद से मूर्ति की स्थापना की गई थी। इस मंदिर से गांव के लोगों की बहुत ही श्रद्धा जुड़ी हुई है और लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा भी लिया है। इस बार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर को देखते हुए शिवपाल, धीरज पाल, कमलेश पाल, रिंकू पाल, कमल, डाॅ मनु सेठ, जोगिंदर सक्सेना, अनिल यादव, क्षेत्र पंचायत सदस्य विमल यादव व प्रदीप यादव, पप्पू, जतिन, प्रियम सहित केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर के पुत्र विकास किशोर आशू व मलिहाबाद ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि मीनू वर्मा सहित कई दर्जन भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे।

नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती से होगी गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत

अब हर साल 23 जनवरी से शुरू होगा गणतंत्र दिवस, नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती भी समारोह में होगी शामिल

अब हर साल 23 जनवरी से शुरू होगा गणतंत्र दिवस, नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती भी समारोह में होगी शामिल

नई दिल्ली (एजेंसी)। गणतंत्र दिवस समारोह अब 24 जनवरी के बजाए हर साल 23 जनवरी से शुरू होगा। ऐसा सुभाष चंद्र बोस की जयंती को शामिल करने के लिए किया गया है। पहले गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत 24 जनवरी से होती थी। अब मोदी सरकार ने इसमें बदलाव कर दिया है।  

जानकारी के अनुसार गणतंत्र दिवस का समारोह अब हर साल 23 जनवरी से शुरू होगा। नेताजी सुभाषचंद्र बोस के जन्मदिन को गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल करने के लिए ये बड़ा फैसला लिया गया है। मोदी सरकार ने इससे पहले सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की थी। 

विदित हो कि मोदी सरकार आने के बाद हर साल कई और दिन भी मनाए जाने लगे हैं जो इस प्रकार हैः-

14 अगस्त – विभाजन भयावह स्मृति दिवस।
31 अक्टूबर- एकता दिवस-राष्ट्रीय एकता दिवस (सरदार पटेल की जयंती)।
15 नवंबर – जनजातीय गौरव दिवस (भगवान बिरसा मुंडा का जन्मदिन)।
26 नवंबर – संविधान दिवस।
26 दिसंबर- वीर बाल दिवस (4 साहिबजादों को श्रद्धांजलि)।

प्रधानमंत्री ने श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर देशवासियों को बधाई दी है।

एक ट्वीट में, प्रधानमंत्री ने कहा;

“श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर बधाई। उनका जीवन और संदेश लाखों लोगों को शक्ति देता है। मैं हमेशा इस तथ्य को संजो कर रखूंगा कि हमारी सरकार को उनके 350वें प्रकाश उत्सव को मनाने का अवसर मिला है। उस समय की अपनी पटना यात्रा की कुछ झलकियां साझा कर रहा हूँ। https://t.co/1ANjFXI1UA

Greetings on the Parkash Purab of Sri Guru Gobind Singh Ji. His life and message give strength to millions of people. I will always cherish the fact that our Government got the opportunity to mark his 350th Parkash Utsav. Sharing some glimpses from my visit to Patna at that time. pic.twitter.com/1ANjFXI1UA— Narendra Modi (@narendramodi) January 9, 2022

“ਕਰਤਾਰ ਕੀ ਸੌਗੰਧ ਹੈ, ਨਾਨਕ ਕੀ ਕਸਮ ਹੈ।
ਜਿਤਨੀ ਭੀ ਹੋ ਗੋਬਿੰਦ ਕੀ ਤਾਰੀਫ਼, ਵੁਹ ਕਮ ਹੈ।”

ਸਰਬੰਸਦਾਨੀ, ਭਗਤੀ ਅਤੇ ਸ਼ਕਤੀ ਦੇ ਮੁਜੱਸਮੇ, ਸ਼ਸਤਰ ਅਤੇ ਸ਼ਾਸਤਰ ਦੇ ਧਨੀ, ਦੱਬੇ-ਕੁਚਲੇ ਹੋਏ ਸਮਾਜ ਨੂੰ ਸਸ਼ਕਤ ਬਣਾ ਕੇ ਨਵੀਂ ਪਛਾਣ ਦੇਣ ਵਾਲੇ ਦਸ਼ਮੇਸ਼ ਪਿਤਾ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਜੀ ਦੇ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ ਪੁਰਬ ਦੀਆਂ ਲੱਖ-ਲੱਖ ਵਧਾਈਆਂ pic.twitter.com/knUqzfXaFB— Narendra Modi (@narendramodi) January 9, 2022

ताजपुर में पंज प्यारों की अगुवाई में निकली भव्य शोभायात्रा

(वरिष्ठ पत्रकार गुणवंत सिंह राठौर की रिपोर्ट)

ताजपुर में पंज प्यारों की अगुवाई मे निकली भव्य शोभायात्रा


नूरपुर/बिजनौर। श्री गुरु नानक देव जी का 552वां प्रकाशोत्सव श्रद्धा पूर्वक मनाया गया।
इस अवसर पर शनिवार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब की हजूरी में विशेष कीर्तन दरबार सजाया गया। इस अवसर पर बाहर से आये पंथ के विद्वान रागी भाई रंजीत सिंह, भाई सुरजीत सिंह, भाई निरबैर सिंह, ताजपुर के बाबा दीप सिंह एवं काकी कमलजीत कौर किटटू कीर्तन जत्थे द्वारा मधुर गुरुवाणी कीर्तन से संगत को निहाल किया गया।
कार्यक्रम के दौरान गुरुघर के सेवादारों के अलावा आभा फाउंडेशन की अध्यक्ष आभा सिंह, ब्लाक प्रमुख आकांक्षा चौहान, क्षेत्रीय सपा विधायक हाजी नईम उल हसन, सम्मान युवा चेतना नई सोच के संयोजक नेहरू युवा क्लब सचिव शुभम वालिया व युवा चेतना नई सोच के मीडिया प्रभारी डॉ० जितेंद्र कुमार तोमर, व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, भाजपा के जिला सामाजिक संपर्क प्रमुख विवेक सरोहा एडवोकेट, विरेंद्र शर्मा, योग गुरु प्रकाश चंद्र, डॉ अरुण अग्रवाल, होरी सिंह त्यागी, संजीव वालिया आदि को शाल ओढाकर व प्रतीक चिंह देकर सम्मानित किया गया। नगर कीर्तन का स्वागत चौक बाजार में सर्व समाज सेवा समिति, रविदास सभा द्वारा किया गया। पुराने कुएं पर वर्तमान जिला पंचायत सदस्य इमरान अहमद, भाजपा नेत्री अलीशा हुसैन सिद्दीकी द्वारा जलपान कराया गया। अरदास उपरांत नगर में पंज प्यारों की अगुवाई में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में धार्मिक झांकियां व अखाडा दल मुख्य आकर्षण रहे। शोभायात्रा का कई स्थानों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। समूचे कार्यक्रम के आयोजन में कमेटी के प्रधान सतनाम सिंह पत्रकार, उपाध्यक्ष, सचिव हरभजन सिंह, उपसचिव गुरुदेव सिंह, हरभजन सिंह, जैकी, कोषाध्यक्ष सतवेंद्र सिंह गुजराल, ऑडिटर हरजीत सिंह सेवा सिंह गुरुदेव सिंह आदि का सराहनीय योगदान रहा।

हर हर गंगे के जयघोष से गूंज उठे गंगा घाट

हर हर गंगे के जयघोष से गूंज उठे गंगा घाट कार्तिक पूर्णिमा का पर्व शुरू होते ही श्रद्धालु लगाने लगे अर्ध रात्रि से ही गंगा में डुबकी। दिन निकलते ही शंख तथा मां गंगा के जयकारों के साथ गूंजने लगे मां भागीरथी के तट।

बिजनौर। कार्तिक पूर्णिमा पर जिले भर में गंगा स्नान मेला लगा। इस पावन अवसर पर  लगभग 9 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। गंगा घाट हर हर गंगे के जयघोष से गूंज उठा। गंगा स्नान में श्रद्धालुओं ने अपने बच्चों का मुंडन संस्कार कराया और घी के साथ खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण कर अपने घरों को लौटे।

विदुर कुटी में मुख्य घाट पर कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले में उमड़े करीब साढ़े चार लाख श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। इसके अलावा बैराज गंगा घाट, नांगल सोती, बालावाली, नारनौर, रामगंगा आदि घाटों पर भी लाखों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर गंगा स्नान किया। रात्रि 12 बजे से ही श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान करना शुरू कर दिया। सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। श्रद्धालुओं का जनसैलाब गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर अपने-अपने घरों को वापस लौटने लगा है। श्रद्धालुओं ने गंगा के पावन जल में डुबकी लगाकर मां गंगा का आशीर्वाद लिया। विदुर कुटी सहित गंज क्षेत्र में घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही।

शुक्रवार को कार्तिक पूर्णिमा का पर्व शुरू होते ही श्रद्धालु अर्ध रात्रि से ही गंगा में डुबकी लगाने लगे। दिन निकलते निकलते मां भागीरथी का तट शंख तथा मां गंगा के जयकारों के साथ गूंजने लगा। गंगा के जल में लोग अपने परिवार के साथ समूह में स्नान करते हुए नजर आए। स्नान के दौरान युवाओं ने गंगा में अठखेलियां कर खूब मौज मस्ती की। इस दौरान लोगों में अपने अपने वाहनों को आगे निकालने की होड़ लगी रही। इस कारण विदुर कुटी तथा गंज क्षेत्र में कई बार जाम की स्थिति बन गई।

महिलाओं ने की मेले में जमकर खरीदारी- मीना बाजार में महिलाओं का जनसैलाब उमड पड़ा। बच्चों व महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। झूले एवं सर्कस में भी लोगों ने खूब मनोरंजन किया।

मां गंगा को प्रशाद चढ़ाकर लिया आशीर्वाद– श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई और अनेक दंपतियों ने अपने नवजात शिशु का मुंडन संस्कार कराया। मुंडन संस्कार के बाद अपने बच्चों को मां गंगा में स्नान करा कर उनकी दीर्घायु की कामना की।

गंगा में फंस गए कई ट्रैक्टर- मेले में गंगा की धार में कई ट्रैक्टर पानी में फंस गए। उन्हें निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई लोगों ने मिलकर ट्रैक्टर निकलवाए।

गंदगी का ढ़ेर छोड़ गए श्रद्धालु– विदुर कुटी में 4 दिन तक तम्बूओं का ही नजारा दिखा। लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान मेले में पहुंचकर स्नान कर मां गंगा का आशीर्वाद लिया। शुक्रवार को गंगा स्नान मेले से श्रद्धालुओं ने अपने घरों को जाना शुरू कर दिया, लेकिन अपने पीछे गंदगी का अम्बार छोड़ गए। हर तरफ गंदगी के ढे़र लगे हुए हैं। गंगा घाट के अलावा बीच मेले में गंदगी ही गंदगी पसरी पड़ी है। गंदगी को साफ कराने के लिए जिला प्रशासन अब कड़ी मशक्कत से जुटा हुआ है।

गंगा घाट पर खिचड़ी और घी का लिया आनंद– खिचड़ी और देसी घी की खुशबू से गंगा मेले महका रहा। लोगों ने खिचड़ी के साथ अचार, गुड़ और दही का भी आनंद लिया। वहीं गंगा स्नान मेले में चल रहे कई भंडारों में श्रद्धालुओं खिचड़ी का प्रशाद गृहण किया।

विदुर कुटी पर अभी भी हैं काफी श्रद्धालु– गंगा स्नान करने के बाद करीब 80 प्रतिशत श्रद्धालु तो अपना डेरा उखाड़कर अपने घर को लौट रहे है, लेकिन अभी भी काफी श्रद्धालु गंगा घाट पर जमे हुए हैं। इनकी घर वापसी आज होने की संभावना है।

गंगा बैराज पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी- बिजनौर। गंगा बैराज पर लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डूबकी लगाकर मां गंगा का आशीर्वाद लिया। मेले में सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। देवी मां के जागरण के चलते माहौल भक्तियम बना रहा। श्रद्धालुओं ने स्नान करने के बाद देशी घी के साथ खिचड़ी, चाट-पकौड़ी, जलेबी व अन्य व्यंजनों का भरपूर आनंद उठाया। 

नांगल खादर मेले में उमड़े हजारों श्रद्धालु- बिजनौर। कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले नांगल खादर मेले में हजारों लोगों ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई तथा जमकर खरीदारी करते हुए चाट पकोड़ी का लुत्फ उठाया। गुरुवार की शाम से नांगल सोती में गंगा किनारे लगने वाले मेले में हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा जल में डुबकी लगाई। इस दौरान लोगों ने पितृदान करके गंगा में दीपदान कर प्रसाद चढ़ाया। मेले में लोगों ने अपने बच्चों का मुंडन संस्कार भी कराया। खेल खिलौनों, मिट्टी के बर्तनों, श्रृंगार के सामान सहित अनेक घरेलू उपयोगी सामान की जमकर खरीदारी की गई। चाट पकौड़ी, जलेबी का जमकर लुत्फ उठाया गया। बच्चों ने झूले पर झूल कर और नवयुवकों ने नौका विहार कर खूब मनोरंजन और मस्ती की। मेले में मेला समिति, किसान यूनियन, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, आर्य समाज पूर्ण सहयोग किया।

नगीना चौक पर लगा रहा जाम- धामपुर में गंगा स्नान के मौके पर नगीना चौक पर जाम की स्थिति रही। इस कारण लोग काफी परेशान रहे। जाम खुलवाने के लिए पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण जाम की स्थिति थोड़े समयंतराल पर बनी रही। वहीं शेरकोट में खो नदी में काफी पानी होने के बावजूद लोगों ने कुछ जगह स्नान किया। धामपुर शहर के अलावा आसपास के गांवों से लोग गंगा स्नान के लिए हरेवली, भूतपुरी आदि की ओर गए।

20 घंटे जाम में फंसा रहा दिल्ली-पौड़ी हाईवे- गंगा स्नान मेले के चलते दिल्ली-पौड़ी हाईवे पर करीब 20 घंटे जाम लगा रहा। हाईवे पर वाहन रेंगते रहे। दूर-दूर तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। मेला हल्का होने के बाद स्वयं ही जाम खुलना शुरू हो गया। यातायात पुलिस पूरे दिन जाम खुलवाने के प्रयास में लगी रही। श्रद्धालुओं ने अपने वाहनों व बैलबुग्गी को हाईवे किनारे व इधर-उधर लगा दिया था। इस कारण गुरुवार की शाम से लगना शुरू जाम शाम करीब साढ़े सात बजे तक बिजनौर से लेकर मीरापुर बाइपास तक लग गया। हाईवे पर दूर-दूर तक वाहन व उनकी लाइटें नजर आती रहीं। हाईवे पर वाहन रेंगते रहे। बीच-बीच में  थोड़ी देर खुलने के बाद भी जाम लगता रहा। शुक्रवार  तड़के से ही स्थानीय श्रद्धालुओं के भी गंगा स्नान मेले में पहुंचना शुरू होने से भयंकर जाम लग गया। दोपहर करीब दो से तीन बजे के बाद जब मेला हल्का हुआ और श्रद्धालु घरों को लौटना शुरू हुए, तो जाम से लोगों को राहत मिलनी शुरू हुई। ।

कालरात्रि के चाँद गुरु नानक देव

मित्रों, इस वर्ष के गुरु नानक दिवस के उपलक्ष्य में अपने सिख भाई व पड़ोसी के यहाँ प्रभात-फेरी कथा में जाने का मौका मिला। बड़े प्यार और आदर से निमंत्रण दिया था, इसलिए कुंडलिनी की प्रेरणा से सुबह के चार बजे से पहले ही आंख खुल गई। जैसे ही तैयार होकर कथा में पत्नी के साथ पहुंचा, वैसे ही गुरुद्वारा साहिब से ग्रन्थ साहिब भी पहुंच गए। ऐसा लगा कि जैसे मुझे ही सेवादारी के लिए विशेष निमंत्रण मिला था। बहुत ही भावपूर्ण व रोमांचक दृश्य था। सुबह साढ़े चार बजे से लेकर साढ़े पांच बजे तक मधुर संगीत के साथ शबद कीर्तन हुआ, अच्छा लगा। यह समय ब्रह्ममुहूर्त के समय के बीचोंबीच था, जो लगभग 4 बजे से 6 बजे तक रहता है। ऐसा लगा कि हम पूरी रात भर कीर्तन कर रहे हों। ऐसा ब्रह्ममुहूर्त की उच्च आध्यात्मिक ऊर्जा के कारण ही लगता है। इसीलिए आध्यात्मिक साधना के लिए यही समय सर्वोपरि निश्चित किया गया है। ब्रह्ममुहूर्त में आध्यात्मिक साधना से कुंडलिनी चरम के करीब पहुंच जाती है। मुझे भी कुछ ऐसा ही लगा। कथा-कीर्तन के अंत में हल्का जलपान भी हुआ। आदमी हर पल कुछ न कुछ सीखता है। सिख मतलब सीख। इससे सिद्ध हो जाता है कि यह धर्म अत्याधुनिक और वैज्ञानिक भी है, क्योंकि आजकल सीखने का ही तो युग है। इसी तरह से इसमें सेवादारी का भी बड़ा महत्त्व है। आजकल का उपभोक्तावाद, व्यावसायिक व प्रतिस्पर्धा का युग जनसेवा या पब्लिक सर्विस का ही तो युग है। आत्मसुरक्षा का भाव तो इस धर्म के मूल में है। यह भाव भी आजकल बहुत प्रासंगिक है, क्योंकि हर जगह झूठ-फरेब, और अत्याचार का बोलबाला दिखता है। ब्रह्ममुहूर्त के बारे में सुना तो बहुत था, पर खुद अच्छी तरह से अनुभव नहीं किया था। लोगों को जो इसकी शक्ति का पता नहीं चलता, उसका कारण यही है कि वे ढंग से साधना नहीं करते। शक्ति के पास बुद्धि नहीं होती। बुद्धि आत्मा या विवेक के पास होती है। यदि शक्ति के साथ विवेक-बुद्धि का दिशानिर्देशन है, तभी वह आत्मकल्याण करती है, नहीं तो उससे विध्वंस भी संभव है। उदाहरण के लिए पाकिस्तान को देख सकते हैं। सूत्रों के अनुसार पाकिस्तानी सेना निर्दोष व निहत्थी जनता को मारती है। कई बार यह देश कम, और दुष्प्रचार करने वाली मशीन ज्यादा लगता है। बन्दर के हाथ उस्तरा लग जाए, तो अंजाम कुछ भी हो सकता है। शक्ति तो एक धक्का है। यदि मन में पहले से ही कचरा है, तो शक्ति से उसीको धक्का मिलेगा, जिससे वह और ज्यादा फैल जाएगा। इससे तो आदमी ब्रह्ममुहूर्त में जागने से भी तौबा करेगा। यदि मन में कुंडलिनी है, तो विकास का धक्का कुंडलिनी को ही मिलेगा। मेरा जन्म से ही एक हिंदु परिवार से सम्बन्ध रहा है। मेरे दादाजी एक प्रख्यात हिंदु पुरोहित थे। मैंने कई वर्षों तक उनके साथ एक शिष्य की तरह काम किया है। लगता है कि वे अनजाने में ही मेरे गुरु बन गए थे। मुझे तो हिंदु धर्म और सिख धर्म एकजैसे ही लगे। दोनों में धर्मध्वज, ग्रन्थ और गुरु का पूजन या सम्मान समान रूप से किया जाता है। दरअसल, भीतर से सभी धर्म एकसमान हैं, कुछ लोग बाहर-2 से भेद करते हैं। तंत्र के अनुसार, कुंडलिनी ही गुरु है, और गुरु ही कुंडलिनी है। हाँ, क्योंकि सिक्ख धर्म धर्मयौद्धाओं से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें पारम्परिक हिंदु धर्म की अपेक्षा थोड़ी ज्यादा संक्षिप्तता, व्यावहारिकता और कट्टरता होना स्वाभाविक ही है। पर वह भी कुछ विशेष धर्मों के सामने तो नगण्यतुल्य ही है। हालांकि सिक्ख धर्म बचाव पक्ष को लेकर बना है, आक्रामक पक्ष को लेकर नहीं। यदि कभी आक्रामक हुआ भी है, तो अपने और हिंदु धर्म के बचाव के लिए ही हुआ है, अन्यथा नहीं। मैं यहाँ किसी धर्मविशेष का पक्ष नहीं ले रहा हूँ। हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। केवल मानवीय सत्य को स्पष्ट कर रहा हूँ। युक्तिपूर्ण विचार व लेखन से सत्य ज्यादा स्पष्ट हो जाता है। कुछ न कुछ कट्टरता तो सभी धर्मों में है। कुछ सकारात्मक कट्टरता तो धर्म के लिए जरूरी भी है, पर यदि वह मानवता और सामाजिकता के दायरे में रहे, तो ज्यादा बेहतर है, जिसके लिए सिक्ख धर्म अक्सर जाना और माना जाता है। मध्ययुग में जिस समय जेहादी आक्रांताओं के कारण भारतीय उपमहाद्वीप अंधेरे में था, उस समय ईश्वर की प्रेरणा से पूर्णिमा के पूर्ण चन्द्रमा की तरह गुरु नानकदेव का अभ्युदय हुआ था, जिसने भयजनित अंधेरे को सुहानी चांदनी में तब्दील कर दिया था। (साभार)

सतनाम श्री वाहे गुरु, गुरु पर्व की ढेर सारी शुभकामनाएं.. आप सभी पर वाहे गुरु की मेहर हो! 552वें गुरुपर्व की लख-लख बधाईयां…

अफजलगढ़ के प्राचीन बड़े शिव मंदिर में लोकार्पण व प्राण प्रतिष्ठा

बिजनौर। अफजलगढ़ के सबसे प्राचीन बड़े शिव मंदिर के प्रांगण स्थित नवनिर्मित वृहद विस्तारित भवन का लोकार्पण एवं प्राण प्रतिष्ठा समारोह बड़े ही हर्षोल्लास से सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य डा. इन्द्रेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सर्वप्रथम उन्होंने विशाल महायज्ञ में आहुति दी। फिर उनके कर-कमलों द्वारा मंदिर के नवनिर्मित भवन के  लोकार्पण के साथ ही मंदिर के गर्भगृह स्थित पंचमुखी शिवलिंग एवं मनमोहक प्रतिमाओं का अनावरण किया गया। तत्पश्चात् उनके द्वारा शिलान्यास किया गया।
इस शुभ अवसर पर डा. हरक सिंह रावत (वन, पर्यावरण व ऊर्जा मंत्री उत्तराखण्ड सरकार उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता धामपुर के प्रमुख समाजसेवी एवं उद्योगपति नरेन्द्र कुमार अग्रवाल ने की।

लोकार्पण एवं प्राण प्रतिष्ठा समारोह के पश्चात डा. इन्द्रेश कुमार (अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य रा.स्व संघ) का बौद्धिक हुआ, जिसमें उन्होंने अपनी सनातन संस्कृति के प्रतीक पवित्र प्राचीन शिवालय की महत्ता को समझाया। समारोह में नगर के सभी नगरवासियों का भी बढ़-चढ़ कर योगदान रहा।

गुरु नानक देव के प्रकाशोत्सव पर निकली भव्य प्रभातफेरी

गुरु नानक देव के प्रकाशोत्सव पर निकली भव्य प्रभातफेरी


नूरपुर (बिजनौर)। विश्व शांति के संदेशवाहक, सिक्खों के प्रथम पातशाही जगतगुरु श्री गुरु नानक देव जी के 552 वें प्रकाशोत्सव पर भव्य प्रभातफेरी निकाली गई।
गुरुद्वारा श्री गुरु सिंघ सभा कमेटी द्वारा संगत के सहयोग से श्री गुरु नानक देव महाराज के प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में छःह दिवसीय प्रभातफेरी का शुभारंभ किया गया। शुक्रवार को अंतिम प्रभातफेरी भव्यतापूर्ण निकाली गई।

सुबह छः बजे गुरुद्वारा साहिब से नितनेम पाठ व अरदास उपरांत श्री गुरुनानक देव जी की मनमोहक झांकी के साथ प्रारंभ हुई प्रभातफेरी में सबसे आगे चार साहिबजादे और पंज प्यारे के रूप में हाथों में तलवार लिए गुरुघर के बच्चे श्री निशान साहिब की अगुवाई में चल रहे थे। उनके पीछे गुरु का गुणगान करते सिख समाज के लोग और महिलाएं चल रही थीं। प्रभातफेरी में आधा दर्जन धर्म गुरुओं की झांकी और बैंडबाजे शामिल रहे। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा फूलों की वर्षा कर स्वागत किया गया। शोभायात्रा में डीजे पर बजती गुरुवाणी एक अलग ही माहौल बना रही थी।

प्रभातफेरी के दौरान वरिष्ठ पत्रकार गुणवंत सिंह राठौर, संजीव जोशी, संदीप जोशी, रालोद नेता चौधरी अजयवीर सिंह आदि गुरुघर के सेवकों को सरोंपा देकर सम्मानित किया गया। नगर के मुख्य मार्गो से निकाली गई भव्य प्रभातफेरी का सफल संचालन जनरल सेकेट्री देवेंद्र सिंह बेदी, रविंद्र सिंह मिक्की और रीनू सिंह ने संयुक्त रुप से किया। प्रभातफेरी में डा.गुरचरण सिंह, गुरमुख सिंह दीवान, अमृत सिंह, डा.प्रेम सिंह राठौर, हरपाल सिंह दुकानदार, परवेंद्र सिंह, जोगेन्द्र सिंह, रिंकू सिंह, विशाल सिंह गौरी, सुरजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में संगत शामिल रही। प्रभातफेरी के आयोजन में सिख समाज के लोगों का विशेष सहयोग रहा।
इसके अलावा गुरुद्वारा श्री गुरु नानक दरबार कमेटी के तत्वावधान में पंज प्यारों की अगुवाई मे भव्य प्रभातफेरी निकाली गई। प्रभातफेरी में सुरेंद्रपाल सिंह मंगत, परवेंद्र सिंह विक्की, जसवीर सिंह, सतनाम सिंह, जोगेन्द्र सिंह आदि संगत शामिल रही।

श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाशोत्सव पर नगर में प्रभातफेरी निकालने का दौर जारी

श्री गुरु नानक देव जी की मनमोहक झांकी के साथ निकली प्रभातफेरी
गुरुवाणी शब्दों से गूंज उठा नगर


नूरपुर/बिजनौर। श्री गुरु नानक देव जी के 552वें प्रकाशोत्सव को समर्पित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंघ सभा कमेटी द्वारा स़गत के सहयोग से नगर में  प्रभातफेरी निकालने का दौर जारी है। रोजाना सुबह 6 बजे प्रभातफेरी निकाली जा रही है। 

श्री गुरु नानक देव जी के 552वें प्रकाशोत्सव को समर्पित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंघ सभा कमेटी द्वारा स़गत के सहयोग से नगर में प्रभातफेरी निकालने का दौर जारी है। रोजाना सुबह 6 बजे प्रभातफेरी निकाली जा रही है।
गुरुवार को श्री निशान साहिब की अगुवाई में श्री गुरु नानक देव जी की मनमोहक झांकी के साथ सुबह छः बजे प्रभातफेरी का शुभारंभ हुआ। नगर के मुख्य मार्गो से होते हुए आठ बजे गुरुद्वारा साहिब पहुचंकर प्रभातफेरी का समापन हुआ। प्रभातफेरी का जसपाल सिंह राठौर, बिरेंदर सिंह गुजराल, गुरमीत सिंह जौहरी, बिरेन्द्र सिंह,अजीत सिंह, अरमेंद्र सिंह सीनू परिवार की ओर अपने निवास पर पुष्पवर्षा कर जलपान से स्वागत किया गया। हजूरी रागी ज्ञानी अरवेंदर सिंह द्वारा गुरुघर के सेवकों को सरोंपा देकर सम्मानित किया गया। कमेटी के जनरल सेक्रेटरी देवेन्द्र सिंह बेदी श्री गुरु नानक देव जी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाल रहे थे। श्री सुखमनी साहिब दल की अध्यक्ष बीबी प्रीतम कौर,बीबी रिया कौर, बीबी त्रिवेंद्र कौर, बीबी राजेंद्र कौर के अलावा सुरजीत सिंह, जोगेन्द्र सिंह, हरदीप सिंह टंडन, श्रवण सिंह आदि गुरुवाणी शब्दों से नगर का वातावरण धर्ममय उत्पन्न कर रहे थे। प्रभातफेरी में जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी एवं आल इंडिया सिक्ख प्रतिनिधि बोर्ड के प्रांत मीडिया प्रभारी गुणवंत सिंह राठौर, परवेंद्र सिंह बंटी, सभासद गुरमुख सिंह दीवान, दर्शन सिंह दीवान, रिंकू सिंह, हरपाल सिंह, अमन सिंह सहित बड़ी संख्या में सिक्ख संगत शामिल रही।

गौधन से बडा धन नहीं: आभा सिंह

नूरपुर के ग्राम मोरना में गौ महोत्सव व प्रदर्शनी।
गौधन से बडा धन नहीं: आभा सिं

बिजनौर। नूरपुर के ग्राम मोरना स्थित भारत सेवाधाम आरण्यक न्यास के तत्वावधान में गौपाष्टमी पर्व के उपलक्ष्य में गौ महोत्सव व प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।


सोमवार को कार्यक्रम का शुभारंभ गौ संकट निवारण वैदिक यज्ञ से हुआ। सेवाधाम के सेक्रेटरी अनिल कमल व धर्मपत्नी संध्या कमल ने आहुति दी। इसके उपरांत मुख्य वक्ता संघ से जुड़े राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के केंद्रीय संगठन मंत्री तुषार कांत ने गौरक्षा व धर्म व हिंदू संस्कृति पर धाराप्रवाह विचार व्यक्त करते देश में गौ की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की ज़िला संयोजक व आभा फ़ाउंडेशन की संस्थापिका आभा सिंह ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में गौमाता का अत्यंत महत्वपूर्ण व पूजनीय स्थान है। गौमाता पृथ्वी का प्रतीक माना जाता है और गौधन से बड़ा कोई धन नहीं है। गौसेवा हमें मोक्ष के मार्ग तक लेकर जाती है। कार्यक्रम को हरिद्वार से पधारे महंत डा.योगेंद्र जी,महंत वचनदास जी, पंचम कमल,प्राकृतिक चिकित्सक विपिन कुमार, घनश्याम जी आदि ने संबोधित कर गौरक्षा पर जोर दिया।

महंत सियाराम की अध्यक्षता व अनिल कमल के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व राज्यमंत्री महावीर सिंह, पूर्व विधायक डा. वीपी सिंह, डा. एनपी सिंह, पुष्पेन्द्र शेखावत, सेवाधाम के व्यवस्थापक देवराज कमल, डा. दिग्विजय सिंह, आचार्य हिरेंद्र आदि ने सहभागिता की। कार्यक्रम में आसपास क्षेत्र से करीब साठ देसी गाय प्रदर्शित की गई। इनमें ढेली अहीर निवासी धर्मेंद्र सिंह और अथाई अहीर निवासी देवेन्द्र यादव व लेखराज सिंह की गाय क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहीं।

52 राजाओं को साथ लेकर रिहा हुए थे छठे पातशाही हरगोबिंद सिंह

गुणवंत सिंह राठौर

सिक्ख धर्म में महत्त्वपूर्ण है बंदी छोड़ दिवस।
52 राजाओं को साथ लेकर रिहा हुए थे छठे पातशाही हरगोबिंद सिंह। दीवाली की तरह मनाया जाता है यह दिन।


नूरपुर (बिजनौर)। सिक्ख धर्म में बंदी छोड़ दिवस का विशेष महत्त्व है। इस दिन को सिक्ख धर्म में दीवाली की तरह मनाया जाता है। इतिहासकारों के मुताबिक मध्यप्रदेश के ग्वालियर का किला जब मुगलों के कब्जे में आया तो उन्होंने इसे जेल बना दिया। यहां राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण और बादशाहत के लिए खतरा माने जाने वाले लोगों को कैद रखा जाता था। मुगल बादशाह जहांगीर ने भी इसमें 52 अन्य राजाओं के साथ 6 वें सिख गुरू हरगोविंद साहब को कैद रखा था। कहा जाता है कि किसी रूहानी हुक्म से बादशाह ने आज के दिन ही गुरू हरगोविंद साहब को उनकी इच्छा के मुताबिक 52 राजाओं के साथ रिहा किया था। इसकी याद में किले पर गुरुद्वारा दाता बंदी छोड़ का निर्माण कराया गया।  

हरगोविंद साहिब के साथ रिहा हुए 52 कैदी

इतिहास के मुताबिक जहाँगीर ने गुरु हर गोबिंद साहिब को ग्वालियर के किले में बंदी बनाया था। उन्हें लगभग दो साल तक कैद में रखा।किंवदंतियों के मुताबिक गुरू हरगोविंद को कैद किए जाने के बाद से जहांगीर को स्वप्न में किसी फकीर से गुरू जी को आजाद करने का हुक्म मिलने लगा। जहांगीर मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। इसी दौरान मुगल शहंशाहों के किसी करीबी फकीर ने उसे मशविरा दिया कि वह गुरू हरगोविंद साहब को तत्काल रिहा कर दे। …लेकिन गुरू अड़ गए कि उनके साथ 52 राजाओं को भी रिहा किया जाए। लिहाजा उनके साथ 52 कैदियों को भी छोड़ दिया गया।

 
52 कलियों के अंगरखे को पकड़ बाहर आए राजा

जहांगीर के मुताबिक उन 52 राजाओं को रिहा करना मुगल साम्राज्य के लिए खतरनाक था, लिहाजा उसने कूटनीतिक आदेश दिया। जहांगीर का हुक्म था कि जितने राजा गुरू हरगोविंद साहब का दामन थाम कर बाहर आ सकेंगे, वो रिहा कर दिए जाएंगे। सिख गुरू चाहते थे कि उनके साथ कैद सभी राजा रिहा हों, लिहाजा गुरू जी के भाई जेठा ने युक्ति सोची। जेल से रिहा होने पर नया कपड़ा पहनने के नाम पर 52 कलियों का अंगरखा सिलवाया गया। गुरू जी ने उस अंगरखे को पहना, और हर कली के छोर को 52 राजाओं ने थाम लिया। इस तरह सब राजा रिहा हो गए।
गुरू जी के इस कारनामे की वजह से उन्हें दाता बंदी छोड़ कहा गया। बाद में उनकी इस दयानतदारी की याद बनाए रखने के लिए ग्वालियर किले पर उस स्थान पर एक गुरुद्वारा स्थापित कराया गया, जहां गुरू हरगोविंद साहब 52 राजाओं के साथ कैद रहे थे। गुरू जी के नाम पर इसका नाम भी गुरुद्वारा दाता बंदी छोड़ साहिब रखा गया।

केंद्रीय मंत्री ने रखी वेद पाठशाला और गौशाला की आधारशिला

मलिहाबाद, लखनऊ। जेहटा काकोरी में शुक्रवार को 100 वर्ष प्राचीन श्री ठाकुर जी महाराज मंदिर के तत्वावधान में श्री विश्वनाथ गौशाला एवं वेद पाठशाला की आधारशिला रखी गई।

यह कार्य प्रबंधक डॉ योगेश व्यास व समिति के लोगों के द्वारा संपादित हुआ। नैमिषारण्य से पधारे अध्यात्म साधना पीठाधीश्वर स्वामी विद्यानंद सरस्वती महाराज तथा केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद कौशल किशोर, पूर्व महामंत्री भाजपा युवा मोर्चा अभिजात मिश्र, प्रान्त गौसंवर्धन प्रमुख उमाकान्त गुप्ता, पूर्व प्रधान मुनेश्वर सिंह, पूर्व प्रधान लखन, प्रदीप कुमार सिंह सहित सैकड़ो लोगों की उपस्थिति में हवन पूजन एवं वेद पाठ के साथ यह कार्य संपन्न हुआ। प्रबंधक डॉ योगेश व्यास ने बताया हमारे समाज को संस्कार की जरूरत और संस्कार की जननी वेद पाठशाला में हमारे समाज के युवा अध्ययन कर वेद पाठी समाज की आधारशिला को मजबूत करेंगे। इसके परिणाम स्वरूप हमारा समाज संस्कार से ओतप्रोत रहेगा और हमारे आसपास का वातावरण भी वेद पाठ के माध्यम से शुद्ध हो जाएगा। युवा पीढ़ी को सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए आगे निकल कर आना होगा, जिससे हम अपनी संस्कृति को संजो सकें।

56 भोग अर्पण कर गौ माता को राज्य माता का दर्जा मिलने की प्रार्थना

गौ माताओं को 56 भोग अर्पण। गौ माता को राज्य माता का दर्जा मिलने की प्रार्थना। 12 तरह की मिठाई, 10 तरह की सब्जी, 7 तरह के मेवे, 10 तरह की दालें, 5 तरह के फल, 8 प्रकार के अनाज, गुड़, पूड़ी,  रोटी, पराठा अर्पण

लखनऊ। गायत्री मिष्ठान भंडार सदर लखनऊ व लोक परमार्थ सेवा समिति के संयुक्त तत्वाधान में गोपाष्टमी के पावन अवसर पर मलिहाबाद की गोपेश्वर गौशाला में गौ माताओं को 56 भोग अर्पण कर भगवान राधा कृष्ण व गौ माताओं के चरणों में यह प्राथना की गई कि उत्तर प्रदेश सरकार गौ माता को राज्य माता का दर्जा प्रदान करे।


कार्यक्रम के संयोजक अशोक कुमार वैश्य ने बताया कि सबसे पहले सामूहिक हरिनाम कीर्तन किया गया। तत्पश्चात गौ माताओं को 56 भोग अर्पण किया गया।
गौ माताओं के लिए 56 भोग में 12 तरह की मिठाई, 10 तरह की सब्जी, 7 तरह के मेवे, 10 तरह की दालें, 5 तरह के फल, 8 प्रकार के अनाज, गुड़, पूड़ी, रोटी, पराठा अर्पण किए गए। कार्यक्रम के बाद 16 लोगों को कामधेनु सम्मान से सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम में अशोक कुमार वैश्य, ममता वैश्य, सीमा वैश्य, किरण वैश्य, नीलम वैश्य, कुसुम, कृष्ण, विजय, लक्ष्मी, वैशाली, सुनीता, नीतू, रानी, सुषमा, संदीप वैश्य, जय वैश्य आदि शामिल हुए।

‘जटाकुंड’ में मनाया गया भव्य दीपोत्सव

2 दिसंबर को स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव की पुण्यतिथि। इस अवसर पर सुंदरकांड पाठ व विशाल भंडारे का आयोजन।

लखनऊ। अयोध्या जिला अंतर्गत सोहावल तहसील की नंदीग्राम ग्राम सभा में स्थित जटाकुंड पर स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव स्मृति ट्रस्ट द्वारा भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

ज्ञात हो कि जटा कुंड वही पौराणिक स्थल है, जहां वनवास से अयोध्या आगमन पर प्रभु श्रीराम व लक्ष्मण जी ने जटाएं बनवाने के लिए उपरांत स्नान किया था। इस अवसर पर जटा कुंड की साफ सफाई करके ट्रस्ट के सदस्यों एवं स्थानीय लोगों ने कुंड के चारों तरफ दिए जलाए। जटाकुंड पर स्थित हनुमान मंदिर पर पूजा अर्चना कर दीपावली मनाई गई। ट्रस्ट के सूत्रों द्वारा जानकारी दी गई कि आगामी 2 दिसंबर को स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव की पुण्यतिथि के अवसर पर सुंदरकांड पाठ व विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा

तिलक कर बहनों ने की भाई के लंबे जीवन की कामना

लखनऊ (शैली सक्सेना)। भाई-बहन के प्यार का प्रतीक पर्व भाई दूज प्रदेश भर में अगाध श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया गया। बहनों ने भाई के माथे पर तिलक लगा उनके मंगल जीवन के साथ सुख-समृद्धि की कामना की। पर्व पर छोटों ने बड़ों से आशीर्वाद लिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। बहनों ने मुहूर्त के अनुसार पूजा-अर्चना की। भाईयों ने भी बहनों को परम्परागत रूप से उपहार प्रदान किये और उनकी रक्षा का वचन दिया। दूर-दूर से लोग रिश्तेदारियाँ निबाहने आये।

पाँच दिवसीय दीपोत्सव आज शनिवार को भाईदूज के साथ सम्पन्न हो गया। भाई दूज का पर्व धूमधाम से मनाया गया। सुबह से ही बहनें अपने भाइयों के टीका  करने को लालायित नजर आईं। घर की बुजुर्ग महिलाओं द्वारा घर के दरवाजे पर दूजों की स्थापना की गई। पूजन सामग्री तैयार करने के बाद दूजों की परम्परागत विधि से पूजन-अर्चन की। इसके बाद बहनों ने अपने-अपने भाइयों को तिलक लगाकर आरती उतारकर उनकी लम्बी आयु और सुख-समृद्धि की कामना की। भाइयों ने भी अपनी बहनों को इसी प्रकार स्नेह बनाए रखने की कामना की। वहीं दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकान की पूजन-अर्चना  कर कारोबार की शुरूआत की।

जेल पर भी रही भीड़- इस अवसर पर प्रदेश के सभी कारागार में भी बड़े पैमाने पर बहनों की भीड़ देखी गई। कारागार में निरुद्ध बन्दियों को उनकी बहनों ने पहुँचकर उनकी लम्बी आयु की कामना के साथ टीका लगाकर और मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं।

बस स्टैण्ड व रेलवे स्टेशन पर बढ़ी आवाजाही– सुबह से ही निजी व रोडवेज बस स्टैण्ड के अलावा रेलवे स्टेशनों पर भाई-बहनों की खासी भीड़ नजर आई। कहीं बहनें भाइयों के यहां जाने की जल्दी में दिखीं तो कहीं भाई अपने बहन के घर टीका कराने के लिए जाते दिखे। सुबह से लेकर शाम तक भाई दूज का सिलसिला चलता रहा। इस प्रकार पूरे प्रदेश में दीपों के त्योहार दीपावली का पूरी श्रद्धा व उमंग के साथ आयोजन सम्पन्न हुआ।

वर्ष में दो बार भाई दूज- भारतीय परंपरानुसार वर्ष में दो बार भाई दूज आती हैं, पहली दीवाली पर गोवर्धन पूजा के अगले दिन और दूसरी होली के बाद आने वाली द्वितीया को। दीवाली की भाई दूज को भाई की पूजा और उसका तिलक कर भाई के लंबे जीवन की कामना की जाती है, वहीं होली के बाद आने वाली भाई दूज पर भाई का तिलक कर भाई पर आने वाले सभी संकटों को टालने की प्रार्थना की जाती है।

भाई दूज मनाने के पीछे कई पौराणिक कथाएं हैं। उनमें से एक देवी यमुना या यामी और उनके भाई यमराज के बीच की कथा है।

क्यों मनाते हैं भाई दूज –

भगवान सूर्य नारायण की पत्नी का नाम छाया था। उनकी कोख से यमराज तथा यमुना (यामी) का जन्म हुआ था। यमुना यमराज से बड़ा स्नेह करती थी। वह उससे बराबर निवेदन करती कि इष्ट मित्रों सहित उसके घर आकर भोजन करो। अपने कार्य में व्यस्त यमराज बात को टालते रहे। कार्तिक शुक्ल पक्ष का दिन आया। यमुना ने उस दिन फिर यमराज को भोजन के लिए निमंत्रण देकर, अपने घर आने के लिए वचनबद्ध कर लिया। यमराज ने सोचा कि मैं तो प्राणों को हरने वाला हूं। मुझे कोई भी अपने घर नहीं बुलाना चाहता। बहन जिस सद्भावना से मुझे बुला रही है, उसका पालन करना मेरा धर्म है। बहन के घर आते समय यमराज ने नरक निवास करने वाले जीवों को मुक्त कर दिया। यमराज को अपने घर आया देखकर यमुना की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने स्नान कर पूजन करके व्यंजन परोसकर भोजन कराया।

भगवान यम ने दिया था यामी को वरदान– यमुना द्वारा किए गए आथित्य से यमराज ने प्रसन्न होकर बहन को वर मांगने को कहा। यमुना ने कहा कि भद्र! आप प्रति वर्ष इसी दिन मेरे घर आया करो। मेरी तरह जो बहन इस दिन अपने भाई को आदर सत्कार करके टीका करें, उसे तुम्हारा भय न रहे। यमराज ने तथास्तु कहकर यमुना को अमूल्य वस्त्राभूषण देकर यमलोक की राह की। इसी दिन से पर्व की परम्परा बनी। ऐसी मान्यता है कि जो आथित्य स्वीकार करते हैं, उन्हें यम का भय नहीं रहता। इसीलिए भैयादूज को यमराज तथा यमुना का पूजन किया जाता है।

गोवर्धन पूजा पर मांगी खुशहाली और समृद्धि की मनौती

लखनऊ (शैली सक्सेना)। पांच दिवसीय दीपावली पर्व श्रृंखला में शुक्रवार को गोवर्धन पर्व मनाया गया। लोगों ने अपने घर में गोबर से गोवर्धन पर्वत का चित्र बनाकर उसे फूलों से सजाया। गोवर्धन पर्वत के पास ग्वाल-बाल और पेड़ पौधों की आकृति भी बनाई। इसके बीच में भगवान कृष्ण की मूर्ति रख कर षोडशोपचार विधि से पूजन किया। लोगों ने गोवर्धन पूजा सुबह और शाम के समय मुहूर्त के अनुसार की। इस अवसर पर भगवान को तरह-तरह के पकवानों का भोग लगाने के साथ ही गोवर्धन पूजा की व्रत कथा सुन कर प्रसाद वितरित किया गया।

गोवर्धन पूजा का महत्व: मान्यता के अनुसार  गोवर्धन पूजा करने से धन, संतान और गौ रस की वृद्धि होती है। प्रकृति और भगवान श्री कृष्ण को समर्पित इस पर्व के दिन कई मंदिरों में धार्मिक आयोजन और अन्नकूट यानी भंडारे होते हैं। पूजन के बाद लोगों में प्रसाद बांटा जाता है। इस दिन आर्थिक संपन्नता के लिए गाय को स्नान कराकर उसका तिलक किया जाता है। गाय को हरा चारा और मिठाई खिलाने के बाद गाय की 7 बार परिक्रमा की जाती है। इसके बाद गाय के खुर की पास की मिट्टी एक कांच की शीशी में लेकर उसे अपने पास रख लिया जाता है।मान्यता है ऐसा करने से धन-धान्य की कभी कमी नहीं होगी। 

गोवर्धन पूजा की शुरुआत- गोवर्धन पूजा को लोग अन्नकूट पूजा के नाम से भी जानते हैं। दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा का विधान है। इस दिन गोवर्धन पर्वत, गोधन यानि गाय और भगवान श्री कृष्ण की पूजा का विशेष महत्व है। इसके साथ ही वरुण देव, इंद्र देव और अग्नि देव आदि देवताओं की पूजा का भी विधान है। गोवर्धन पूजा में विभिन्न प्रकार के अन्न को समर्पित और वितरित किया जाता है, इसी वजह से इस उत्सव या पर्व का नाम अन्नकूट पड़ा है। हिंदू धार्मिक मान्यताओं अनुसार द्वापर युग में जब इंद्र ने अपना मान जताने के लिए ब्रज में तेज बारीश की थी तब भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाकर ब्रज वासियों की मूसलाधार बारिश से रक्षा की थी। जब इंद्रदेव को इस बात का ज्ञात हुआ कि भगवान श्री कृष्ण भगवान विष्णु के अवतार हैं तो उनका अहंकार टूट गया। इंद्र ने भगवान श्री कृष्ण से क्षमा मांगी। गोवर्धन पर्वत के नीचे सभी गोप-गोपियाँ, ग्वाल-बाल, पशु-पक्षी सुख पूर्वक और बारिश से बचकर रहे। कहा जाता है तभी से गोवर्धन पूजा मनाने की शुरुआत हुई।

हर्षोल्लास के साथ मनाई गई दीपावली

बिजनौर। दीपावली का पर्व जनपद में धूमधाम से मनाया गया। लोगों ने अपने घरों एवं व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान को मोहक तरीके से सजाया। देर रात तक आसमान आतिशबाजी से जगमगाता रहा।

गुरुवार को घरों की देहरियों पर रंग-बिरंगी रंगोलियां सजाई गईं और घर-घर मां लक्ष्मी विराजी। शुभ मुहूर्तों में घरों व प्रतिष्ठानों में मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की गई। कई तरह के पकवानों से मां लक्ष्मी को भोग लगाया गया। विधि-विधान से मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना के बाद दीपकों से घर-आंगन जगमगाए। देर रात तक पटाखे फोड़े गए और आसमान आतिशबाजी से जगमगा गया। हर गली-मोहल्ले में दीपावली का उत्साह देखा गया। लोगों ने एक-दूसरे को दीपावली की बधाई दी और मिठाइयों से मुंह मीठा कर दीपावली पर्व मनाया। घरों के अलावा मंदिरों में भी दीपोत्सव मनाया गया।

कल मनाई जाएगी भाई-दूज- पांच दिवसीय दीपावली उत्सव का समापन भाई-दूज पर्व के साथ शनिवार को होगा। बहनें अपने भाइयों को माथे पर तिलक करेंगी। मिठाई खिलाएंगी और भाई बहन को उपहार देंगे। कायस्थ समाज द्वारा भगवान चित्रगुप्त जी महाराज की पूजा की जाएगी। कलम-दवात का पूजन किया जाएगा।

दीपावली पर रोडवेज अधिकारियों कर्मचारियों की बल्ले बल्ले

लखनऊ। दीपावली के दौरान दो से 11 नवंबर तक ड्यूटी करने वाले ड्राइवर-कंडक्टर समेत कर्मचारी और अधिकारी को प्रोत्साहन भत्ता मिलेगा। निगम प्रशासन ने नौ दिनों तक उपस्थित होकर ड्यूटी करने वाले नियमित और संविदा चालक/परिचालक औसतन किलोमीटर बस संचालन पर प्रतिदिन 350 रुपये व एक मुश्त 3150 का विशेष प्रोत्साहन का भुगतान करेगा।

वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के बीच बस संचालन पर न्यूनतम 300 किमी. पर 250 रुपये मिलेगा। वहीं तय किलोमीटर से अधिक किमी. बस चलाने पर 55 पैसे प्रति किमी की दर से अतिरिक्त मानदेय मिलेगा। 10 दिन लगातार ड्यूटी करने वाले डिपो कार्यशाला एवं क्षेत्रीय कार्यशाला में कार्यरत कार्मिकों को एक मुश्त 12 सौ व नौ दिन ड्यूटी करने वाले कार्यशाला कार्मिकों को एक मुश्त एक हजार प्रोत्साहन मिलेगा।

अधिकारी को 10 हजार मिलेगा

क्षेत्रीय प्रबंधक को दस हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। जिसका वितरण क्षेत्रीय समिति की संस्तुति पर पर्व अवधि के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले क्षेत्र के कर्मचारियों में बांटेंगे। एआरएम 50 रुपये प्रति निगम एवं अनुबंधित बस के आधार पर प्रोत्साहन पाएंगे। जोकि स्वयं नहीं लेंगे, बल्कि डिपो के उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों में वितरण करेंगे।

स्टेशन इंचार्ज को पांच हजार पुरस्कार 

मुख्य बस स्टेशनों पर तैनात कार्मिकों व पर्यवेक्षकों को पांच हजार रुपये प्रति बस स्टेशन की दर से 80 हजार रुपये की स्वीकृति की गई है। दीपावली के पर्व पर संचालन व्यवस्था बनाये रखने में उत्कृष्ट कार्य करने पर पांच हजार रुपये मिलेगा। 

तीन आरएम व दस एआरएम को प्रशस्ति पत्र मिलेगा

क्षेत्रीय एवं डिपो स्तर पर प्रोत्साहन सर्वाधिक लोड फैक्टर, बस संचालन, प्रति बस आय, डीजल औसत प्राप्त करने वाले तीन क्षेत्रीय प्रबंधक एवं सेवा प्रबंधक व 10 डिपो के एआरएम को निगम प्रबंधक प्रशस्ति पत्र देगा।  

पटरी दुकानदारों के लिए सभी शहरों में लगेगा दीपावली मेला

लखनऊ। राज्य सरकार इस बार प्रदेश के सभी शहरी क्षेत्रों में दीपावली मेले का आयोजन कराने जा रही है। यह मेला 28 अक्तूबर से शुरू होकर चार नवंबर को समाप्त होगा। प्रभारी अपर मुख्य सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है।

शासनादेश में कहा गया है कि मेले के आयोजन के लिए शहरों में पर्याप्त व समुचित स्थान का चयन किया जाएगा। इसमें पटरी विक्रेताओं के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित किया जाएगा। इसमें फूड स्टाल, मनोरंजन के झूले आदि व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मेला स्थल के पास पार्किंग की समुचित व्यवस्था की जाएगी। स्ट्रीट वेंडर के लिए समुचित स्थान की व्यवस्था की जाएगी। इसका मकसद पटरी दुकानदारों का कारोबार बढ़ाना है। पटरी दुकानदारों को इसके लिए समुचित स्थान उपलब्ध कराया जाएगा साथ में फूड स्टाल व बच्चों के लिए सुरक्षित प्रकार के झूले आदि भी लगवाए जाएंगे। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए मंच की व्यवस्था की जाएगी।

होंगीं ये प्रतियोगिताएं: मेले को आकर्षक बनाने के लिए सेल्फी, सेल्फी विद ग्रेट लीडर्स और विभिन्न प्रकार के पोस्टर, स्लोगन आदि की प्रतियोगिताएं आयोजित कराई जाएंगी। मेला स्थल पर सफाई की विशेष व्यवस्था की जाएगी। कोविड से बचाव के भी जरूरी उपाय किए जाएंगे। स्वनिधि योजना के लाभार्थियों के एक डेडीकेटड पंजीकरण डेस्क की व्यवस्था भी की जाएगी। प्रत्येक शहर में इसके लिए डीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी। प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय इसके सदस्य सचिव होंगे। एसएसपी, एसपी, सीएमओ, ईओ, जिला सूचना अधिकारी व डीएम द्वारा नामित एक अधिकारी इसका सदस्य होगा। मेला स्थल का चयन 16 अक्तूबर से शुरू कर दिया जाएगा।

…और अखिलेश ने दे दीं रामनवमी की शुभकामनाएं!

लखनऊ। पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के  अध्यक्ष अखिलेश यादव रामनवमी की अनंत मंगल कामनाएं देकर हंसी का पात्र बन गए हैं। नवरात्र के आखिरी दिन महानवमी के अवसर पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव रामनवमी की शुभकामनाएं देकर विपक्षी दलों के साथ ही सोशल मीडिया के निशाने पर आ गए। हालांकि बाद में अखिलेश यादव ने इस ट्वीट को डिलीट कर दिया और फिर महानवमी की शुभकामनाएं दीं।

उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जिसे रामनवमी और महानवमी का अंतर नहीं पता, वह अब जनता को अपने झूठे बयानों से बरगला रहे हैं। उन्होंने गुरुवार को कहा कि कोरोना के दौरान घर में दुबके रहने वाले अखिलेश यादव अब जनता को ठगने के लिए यात्रा निकाल रहे हैं जबकि सीएम योगी कोरोना काल में पॉजिटिव होने के बाद भी लगातार बैठकें और दौरे करते रहे। यह अंतर दशार्ता है कि जनता की सेवा के लिए कौन तत्पर है और कौन सत्ता में आकर लूटने के लिए लालायित है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों को जनता ने कई बार नकार दिया है, इनकी सरकारों में सिर्फ गुंडागर्दी, जंगलराज, अराजकता, भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण का बोल बाला रहा है। योगी सरकार में बुंदेलखंड में पहली बार किसी सरकार ने तरक्की के दरवाजे खोले हैं, जो दशकों से पिछड़े बुंदेलखंड को नई पहचान देगा। दरअसल, आज सुबह अखिलेश यादव ने अपने निजी ट्विटर हैंडल से ट्विट किया था कि आपको और आपके परिवार को रामनवमी की अनंत मंगलकामनाएं। जबकि शारदीय नवरात्र में महानवमी होती है। लोगों के विरोध के कारण उन्हें ट्विट डिलीट करना पड़ा, लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर स्क्रीन शॉट वायरल हो गया।

इसे लेकर ही कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अपनी पार्टी में सभी वरिष्ठों को किनारे कर अखिलेश यादव खुद तानाशाह के रूप में अध्यक्ष बन गए हैं, उनसे बड़ा झूठा खोजने पर भी नहीं मिलेगा। योगी सरकार के हर कार्य को अपना बताने लगते हैं, ऐसा लगता है कि योगी सरकार के कार्यकाल में कराए गए कार्य उन्हें रात में सपने में भी आते हैं। जिस कारण दिन में वह उन्हें अपना बताने लगते हैं। 

भाजपा के लिए सत्ता सेवा का माध्यम: सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि भाजपा के लिए सत्ता सेवा का माध्यम है, लेकिन प्रदेश में कांग्रेस, सपा और बसपा की सरकारों में अधिक से अधिक भ्रष्टाचार करने की प्रतिस्पर्धा थी। यह दल सिर्फ अपना पेट भरने के लिए सत्ता में आना चाहते हैं। यूपी कांग्रेस के संगठन में भी घोटाले की बातें सामने आ रही हैं। इस बारे में सच कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ही बता सकती हैं, लेकिन सवाल यह है कि जो पार्टी अपने संगठन में घोटाला नहीं रोक पा रही है, उसे नैतिकता के आधार पर जनता के बीच जाने भी नहीं जाना चाहिए।

वहीं भाजपा नेता अमित मालवीय ने अखिलेश पर हमला बोलते हुए कहा कि जिन लोगों ने कार सेवकों पर गोली चलाई, वे नाटक कर रहे हैं। क्योंकि चुनाव आ गए हैं और वह हिंदू होने का दिखावा कर रहे हैं। अखिलेश यादव के ट्वीट पर मालवीय ने लिखा है कि चैत्र के महीने में रामनवमी का त्योहार मनाया जाता है जबकि महानवमी शारदीय नवरात्रों में मनाई जाती है। जिसमें देवी दुर्गा की पूजा की जाती है। इसके बाद दशहरा आता है अर्थात जिस दिन भगवान राम रावण का वध करते हैं। यही होता है जब कार सेवकों पर गोली चलाने वाले, चुनाव आते ही हिंदू बनने का ढोंग करने लगते हैं। भाजपा नेता और प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्वीट किया कि जिन लोगों ने श्री राम भक्तों पर गोलियां चलाई थीं। आज चुनावी डर से उनके सपनों में भगवान श्रीराम आने लगे हैं। आज वह रामनवमी की बधाई दे रहे हैं, बधाइयां।

यूपी बीजेपी ने भी साधा निशाना

वहीं यूपी बीजेपी ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा और ट्वीट कर कहा कि जिन्हें यह भी नहीं पता कि रामनवमी और महानवमी में क्या अंतर है, वह ‘राम’ और ‘परशुराम’ की बात करते हैं। जनता को ‘टोपी’ मत पहनाइए, वह आप पर ज्यादा अच्छी लगती है।

अखिलेश यादव ने डिलीट किया ट्वीट

सोशल मीडिया और बीजेपी के निशाने पर आने के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव को अपनी भूल का अहसास हुआ और उन्होंने अपने ट्वीट डिलीट किया और उसके बाद उन्होंने महानवमी की शुभकामनाएं दी और लिखा कि आपको और आपके परिवार को महानवमी की अनंत मंगलकामनाएं!

रामलीला से मिलती है जीवन के हर पहलू की जानकारी: लीना सिंघल

बिजनौर। नजीबाबाद नगर के टीले पर स्थित रामलीला मैदान तथा साहनपुर कस्बे में रामलीला मंचन का शुभारंभ किया गया। भाजपा की प्रांतीय पार्षद श्रीमती लीना सिंघल ने फीता काटकर शुभारंभ किया।

नजीबाबाद नगर के टीले पर स्थित रामलीला मैदान में रामलीला मंचन का शुभारंभ भाजपा की प्रांतीय पार्षद श्रीमती लीना सिंघल ने फीता काटकर किया।

इस अवसर पर प्रांतीय पार्षद व संभावित प्रत्याशी लीना सिंघल ने कहा कि रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन का सजीव चित्रण देखने और सुनने को मिलता है, जिससे हमारे जीवन का भी उद्धार हो जाता है, क्योंकि रामलीला से हमें त्याग की भावना, बड़ों का सम्मान, परिवार में एकता, समाज के प्रति लगाव, जनता के प्रति राजा की जिम्मेदारी और सच्चाई का मार्ग सहित जीवन के हर पहलू की जानकारी मिलती है।

इस अवसर पर भाजपा नगर अध्यक्ष मुकुल रंजन दीक्षित, संजय सैनी, राजेंद्र कर्णवाल, आशीष वर्मा, बिट्टू भटनागर, राकेश कौशिक, सीमा कर्णवाल, शोभित मित्तल, शुभम ग्रोवर, समीर अग्रवाल, दीपक कर्णवाल ललित वर्मा आदि उपस्थित रहे।

वहीं नजीबाबाद विधानसभा के साहनपुर कस्बे में रामलीला का शुभारम्भ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा की प्रांतीय पार्षद श्रीमती लीना सिंघल साथ मे समिति अध्यक्ष वरुण कौशिक, मंडल अध्यक्ष भाजपा राजकुमार प्रजापति, पूर्व अध्यक्ष अरुण राजपूत, संजीव शर्मा, योगेश भुइयार आदि लोग उपस्थित थे।

10 अक्टूबर से चलेंगी त्योहार स्पेशल ट्रेन, कई का विस्तार

यात्रियों को तोहफा वैष्णो देवी के लिए भी 2 ट्रेन

यात्रियों को तोहफा, 10 अक्टूबर से चलेंगी त्योहार विशेष रेलगाड़ियां- दो ट्रेनें वैष्णो देवी के लिए

नई दिल्ली (एजेंसी)। फेस्टीवल सीजन को देखते हुए 10 अक्टूबर से त्योहार विशेष रेलगाड़ियां शुरू होने जा रही हैं। फिलहाल दिल्ली से चलने वाली आठ ट्रेन की घोषणा की गई है। आगे इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। इनमें से नवरात्र के मौके पर दो ट्रेन श्री माता वैष्णो देवी कटरा के लिए भी हैं।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार बिहार और उत्तर प्रदेश के उन रूट्स की पहचान की जा रही है, जहां पिछले वर्ष दीपावली और छठ पर्व पर ट्रेन फुल रहीं या मांग अधिक रही थी। इसकी पहचान होने के बाद यहां के लिए त्योहार स्पेशल ट्रेन की घोषणा की जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार कुछ डिब्बे रिजर्व रखे जाएंगे, जिनका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर अंतिम समय में किया जाएगा। वहीं व्यस्त रूटों पर कुछ क्लोन ट्रेन चलाई जाएंगी, जिनका उपयोग यात्री आगे भी कर सकेंगे। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि बुकिंग काउंटर और आईआरसीटीसी के अधिकृत एजेंट से ही टिकट खरीदें। वर्ष 2020 में दिल्ली से करीब 40 से अधिक त्योहार विशेष ट्रेन चलाई गई थीं। इनमें से करीब 90 फीसदी ट्रेन बिहार और उत्तर प्रदेश के शहरों के लिए थीं।

आठ विशेष रेलगाड़ियां
ट्रेन संख्या             रूट                       कब से 
01633/ 01634   नई दिल्ली-कटड़ा      10 अक्तूबर
01676/ 01675  आनंद विहार-मुजफ्फपुर 11 अक्टूबर 
01662/ 01661  आनंद विहार-सहरसा 11 अक्तूबर
01671/ 01672  आनंद विहार- कटड़ा  11 अक्तूबर
01670/ 01669   नई दिल्ली-दरभंगा  11 अक्टूबर 
01660/  01659  नई दिल्ली-बरौनी    12 अक्तूबर
01668/ 01667  आनंद विहार-जयनगर 12 अक्तूबर
01674/ 01673  दिल्ली-वाराणसी     12 अक्तूबर

उत्तर और पश्चिम रेलवे ने बढ़ाई मार्च 2022 तक परिचालन अवधि

त्योहारों का महीना शुरु हो चुका है। टिकट के लिए मारामारी की स्थिति उत्पन्न ना होने देने के लिए रेलवे ने कई ट्रेनों के परिचालन अवधि का विस्तार करने का फैसला किया है। विभिन्न रेलवे जोन में ट्रेन की संख्या बढ़ाई जा रही है। वहीं, अलग-अलग रुट्स पर ट्रेनों के परिचालन अवधि में विस्तार किया जा रहा है। उत्तर रेलवे ने मुंबई, यूपी के बीच चलने वाली ट्रेनों की परिचालन अवधि बढ़ाई है, तो पश्चिम रेलवे ने गुजरात-बंगाल के बीच चलने वाली गाड़ियों की समयावधि बढ़ा दी है।

विदित हो कि त्योहारों के दौरान दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े महानगरों में काम करने वाले अधिकतर लोग अपने घरों को जाते हैं। ऐसे में लिमिटेड ट्रेनों की संख्या और लगातार बढ़ती भीड़ की वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना ना करना पड़े इसके लिए रेलवे इंतजाम कर रहा है.

विस्तारित की गई कुछ ट्रेन

-गाड़ी संख्या 01407 पुणे लखनऊ जंक्शन स्पेशल ट्रेन अब 29 मार्च तक चलेगी।
-गाड़ी संख्या 01408 लखनऊ जंक्शन पुणे स्पेशल का परिचालन 31 मार्च तक बढ़ाया गया।
-गाड़ी संख्या 02107 एलटीटी लखनऊ जंक्शन सुपरफास्ट स्पेशल 30 मार्च तक चलाई जाएगी।
-गाड़ी संख्या 02108 लखनऊ जंक्शन एलटीटी सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन का परिचालन 31 मार्च तक जारी रहेगा।
-गाड़ी संख्या 02099 पुणे लखनऊ जंक्शन स्पेशल ट्रेन का परिचालन 29 मार्च तक बढ़ाया गया।
-गाड़ी संख्या 02100 लखनऊ जंक्शन पुणे स्पेशल 30 मार्च तक चलाई जाएगी।
-गाड़ी संख्या 01079 एलटीटी गोरखपुर स्पेशल ट्रेन का परिचालन 31 मार्च तक बढ़ाया गया।
-गाड़ी संख्या 01080 गोरखपुर एलटीटी स्पेशल का परिचालन 2 मार्च तक बढ़ाया गया।

अहमदाबाद-बरौनी स्पेशल ट्रेन का विस्तार

वहीं पश्चिम रेलवे ने ट्वीट कर अहमदाबाद-बरौनी स्पेशल ट्रेन को 27 जनवरी 2022 से सप्ताह में एक बार आसनसोल स्टेशन तक विस्तारित करने की जानकारी दी है।

Amazon Great Indian Festival 2021: Nokia का फोन सिर्फ ₹200 में!

Amazon Great Indian Festival 2021: Nokia का झक्कास फोन पाएं सिर्फ 200 रुपए में, इन Phones पर भी ऑफर्स

Amazon Great Indian Festival 2021: Nokia का झक्कास फोन पाएं सिर्फ 200 रुपये में, इन Phones पर भी ऑफर्स

Amazon Great Indian Festival 2021: Amazon की सेल में Nokia के फोन पर भी धमाकेदार ऑफर्स मिल रहे हैं. नोकिया के फीचर फोन को आप सिर्फ 200 रुपए में खरीद सकते हैं. आइए जानते हैं Offers And Discounts

By Mohit Chaturvedi|

  • Amazon पर Nokia के फोन पर भी धमाकेदार ऑफर्स मिल रहे हैं.
  • Nokia 5310 को खरीदा जा सकता है सिर्फ 199 रुपए में.
  • Amazon सेल में नोकिया के फीचर फोन्स पर शानदार ऑफर्स हैं.

नई दिल्ली: Amazon की Great Indian Festival Sale 2021 पर Smartphones और बाकी प्रोडक्ट्स पर धमाकेदार ऑफर्स मिल रहे हैं. महंगे से महंगा फोन भी काफी सस्ते में मिल रहा है. Xiaomi, iPhone और Samsung के स्मार्टफोन्स की धूम है. सेल में Nokia पर भी धमाकेदार ऑफर्स मिल रहे हैं. Nokia के फोन आप 499 रुपए में खरीद सकेंगे. आइए जानते हैं Amazon Great Indian Festival Sale में नोकिया के फीचर फोन पर ऑफर्स और डिस्काउंट…

Nokia 105 Single SIM

Amazon Sale में Nokia 105 सिंगल सिम वाले फोन की कीमत 1,249 रुपए है, लेकिन आप इसको और सस्ते में खरीद सकते हैं. अमेजन नोकिया फोन पर 750 रुपए का एक्सचेंज बोनस दे रहा है. यानी पुराना फोन एक्सचेंज करने पर 750 रुपए तक का बोनस मिलेगा. इस तरह आप फोन को 499 रुपए में खरीद सकते हैं. एक्सचेंज बोनस की राशि पुराने फोन की कंडीशन और मॉडल पर निर्भर करेगी.

Nokia 5310 Dual SIM

Nokia 5310 Dual SIM अपने एडवांस फीचर्स के कारण काफी पॉपुलर है. फोन की कीमत वैसे तो 3,999 रुपए है, लेकिन अमेजन सेल में इसकी कीमत 3,249 रुपए रखी गई है. फोन पर  एक्सचेंज ऑफर है. अगर आप अपने अच्छे कंडीशन और लेटेस्ट मॉडल वाले फोन को एक्सचेंज करते हैं, तो 3,050 रुपए का एक्सचेंज बोनस मिलेगा. पूरा लाभ मिलने के बाद नोकिया फोन को 199 रुपए में खरीद सकते हैं. 

Nokia 110 4G

Amazon Sale में Nokia 110 4G की कीमत 2,799 रुपए है. फोन पर 2,650 रुपए का एक्सचेंज ऑफर है. अगर पुराना फोन एक्सचेंज करने पर 2,650 रुपए बोनस मिल जाए, तो आप इस फोन को 149 रुपए में खरीद सकेंगे.

त्योहारों को लेकर शासन की गाइड लाइन जारी

लखनऊ। शारदीय नवरात्रि, विजयादशमी, दशहरा और चेहल्लुम के मद्देनज़र कानून-व्यवस्था एवं सांप्रदायिक सौहार्द्र बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरी तरह सतर्क रहने दिशा-निर्देश दिए हैं। साथ ही नवरात्रि, दुर्गा पूजा एवं विजयदशमी/दशहरा पर्व, रामलीला मंचन और चेहल्लुम के मौके पर उत्तर प्रदेश शासन द्वारा कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए दिए गए निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराने को कहा है।

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने निर्देश जारी कर कहा है कि दुर्गा पूजा पंडाल व रामलीला मंच के स्थापना की अनुमति प्रदान करते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि सार्वजनिक आवागमन प्रभावित न हो। मूर्तियों की स्थापना पारंपरिक परंतु खाली स्थान पर की जाए, उनका आकार यथासंभव छोटा रखा जाए मैदान की क्षमता से अधिक लोग न रहे। मूर्तियों के विसर्जन में यथासंभव छोटे वाहनों का प्रयोग किया जाए और मूर्ति विसर्जन कार्यक्रम में न्यूनतम व्यक्ति ही शामिल हो।

मूर्ति विसर्जन आदि के समय निर्धारित सीमा से अधिक लोग न हों तथा शारीरिक दूरी व मास्क पहनने के नियमों का पालन अवश्य किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी धार्मिक स्थल पर क्षमता से अधिक लोगों की भीड़ एकत्र न होने पाए।यातायात कदापि बाधित न हो एवं बैरियर व पुलिस चेक पोस्ट लगाकर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कराई जाए और मोटर वाहन अधिनियम के नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। इसी के साथ जन सुविधाएं यथा बिजली पेयजल एवं साफ सफाई पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन से अपेक्षा की गई है कि अनुमति इस शर्त के साथ दी जाए कि कोविड-19 प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जाए। जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे सुनिश्चित करें कि इस अवसर पर सामाजिक एवं सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे और सुरक्षा व्यवस्था इस प्रकार सुनिश्चित की जाए कि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न होने पाए। संवेदनशील क्षेत्रों व अन्य स्थानों पर भी मोबाइल पेट्रोलिंग कराई जाए। शासन द्वारा चेहल्लुम के अवसर पर भी कानून-व्यवस्था एवं सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए और कोविड-19 महामारी के प्रभाव को कम करने के लिए भी जरूरी निर्देश जारी किए गए हैं।

…जब मटकी फोड़ माखन खायो कन्हैया

…जब मटकी फोड़ माखन खायो कन्हैया। पारकर पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल गांव बुढ़नपुर में मनाया गया श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव। लड्डू गोपाल की स्थापना के साथ हुई मटकी फोड़ प्रतियोगिता। राधा कृष्ण बने बच्चों को किया पुरस्कृत।

राजा का ताजपुर (बिजनौर)। ग्राम बुढ़नपुर स्थित पारकर पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर जहां स्कूल में लड्डू गोपाल की स्थापना की गई, वहीं राधा कृष्ण की झांकी के रूप में नन्हे मुन्ने बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया। मटकी फोड़ प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल के चेयरमैन हुकुम सिंह, डायरेक्टर उमेश राणा, प्रबंधक प्रमोद त्यागी, प्रधानाचार्य अवनीश कुमार ने स्कूल परिसर में लड्डू गोपाल की स्थापना के साथ किया। इसके बाद राधा कृष्ण की वेशभूषा में सजधज कर आए बच्चों ने मनमोहक नृत्य कर सभी का मन मोह लिया। मटकी फोड़ प्रतियोगिता में छोटे-छोटे कन्हैया ने मटकी फोड़ कर माखन खाया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं हर्षित, गरिमा, चर्चित, आस्था, नीरव, आराध्या, जिया त्यागी, दिव्यांशी, हर्ष, सुनिधि आदि बच्चों को प्रबंध तंत्र ने पुरस्कृत किया। कार्यक्रम में मोनिका चौहान, ललिता रानी, आस्था, अंशु चौहान आदि शिक्षिकाओं का सहयोग रहा।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर रात्रि कर्फ्यू में छूट

लखनऊ। कोरोना को लेकर उत्तर प्रदेश में रात्रि कर्फ्यू लागू है, लेकिन कृष्ण जन्माष्टमी के मद्देनजर इसमें एक दिन के लिए छूट दी गई है. मंगलवार से नाइट कर्फ्यू फिर से लागू हो जाएगा. अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने सरकार की ओर से यह आदेश जारी किया है.

इस आदेश के मुताबिक, कृष्ण जन्माष्टमी के चलते सोमवार को रात 10:00 बजे से मंगलवार सुबह 6:00 बजे तक नाइट कर्फ्यू में छूट रहेगी. हालांकि, कृष्ण जन्माष्टमी पर होने वाले सभी कार्यक्रमों में कोरोना गाइडलाइन का पालन करना होगा. 

पुलिस लाइन में भव्य रूप से मनाई जाए जन्माष्टमी 

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने सभी जिलों के डीएम और एसपी को निर्देश दिया है कि सभी जिलों की पुलिस लाइन में कृष्ण जन्माष्टमी भव्य रूप से मनाई जाए. आदेश में कहा गया है कि पुलिस लाइन और सभी जेलों में भारतीय परंपरा के मुताबिक भव्य रूप से जन्माष्टमी मनाई जाए. साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि इन कार्यक्रमों में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन हो. मास्क, सैनिटाइजर का इस्तेमाल किया जाए. साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाए. 

सीएम योगी ने दीं शुभकामनाएं- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के सभी लोगों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं. सीएम ने लोगों से कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए जन्माष्टमी मनाने की अपील की है.उन्होंने कहा, भगवान श्रीकृष्ण का जन्म धर्म, सत्य और न्याय की स्थापना एवं अधर्म, अन्याय तथा अत्याचार समाप्त करने की प्रेरणा देता है. भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से ज्ञान, कर्म एवं भक्ति योग का जो संदेश दिया, उसकी प्रासंगिकता शाश्वत है. 

लगातार चार दिन बैंक रहेंगे बंद

नई दिल्ली। आगामी 7 दिन में से 4 दिन सरकारी बैंक बंद रहेंगे। इसलिए अगर आपको बैंक संबंधित कोई जरूरी काम है तो उसे निपटा लें वरना परेशान होना पड़ सकता है। आरबीआई से अगस्त 2021 के लिए बैंक छुट्टियों की जजरी सूची के मुताबिक महीने में कुल 15 छुट्टियां थी। अब इस माह चार छुट्टियां बच गई हैं। इस महीने के अंतिम हफ्ते में चार दिन यानी 28 से 31 अगस्त तक बैंक बंद रहेंगे। 28 अगस्‍त को इस महीने के चौथे शनिवार की छुट्टी रहेगी। 29 अगस्‍त को रविवार है, जिसके चलते पूरे देश के सभी बैंक बंद रहेंगे, वहीं, 30 अगस्त 2021 श्रीकृष्‍ण जन्माष्‍टमी के उपलक्ष्य में देश के अधिकतर शहरों में बैंक बंद रहेंगे।

हालांकि जरूरी नहीं इन छुट्टियों की वजह से आपके शहर में भी बैंक बंद रहे, क्योंकि रिजर्व बैंक अलग-अलग राज्यों में वहां के स्थानीय त्योहारों की वजह से अलग-अलग जोन के लिए बैंकों की छुट्टियों की लिस्ट जारी करता है। इसमें 30 अगस्त, 2021 को जन्माष्टमी / कृष्णा जयंती है। इस दिन अहमदाबाद, चंडीगढ़, चेन्नई, देहरादून, जयपुर, जम्मू, कानपुर, लखनऊ, पटना, रायपुर, रांची, शिलांग, शिमला, श्रीनगर और गंगटोक के बैंकों में छुट्टी रहेगी। इसके अलावा 28 अगस्‍त को इस महीने के चौथे शनिवार की छुट्टी रहेगी। 29 अगस्‍त को रविवार है, जिसके चलते पूरे देश के सभी बैंक बंद रहेंगे, वहीं, 31 अगस्त 2021 श्रीकृष्‍ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में हैदराबाद के बैंक बंद रहेंगे।

रक्षा बंधन पर बाजार रहे गुलज़ार

लखनऊ (शैली सक्सेना)। रक्षाबंधन को लेकर बाजार में खासा उत्साह रहा। भाई-बहन के पवित्र प्रेम के प्रतीक राखी का त्योहार सावन माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस बार राखी यानि रक्षा बंधन 22 अगस्त को मनाया जा रहा है।

कोरोना संक्रमण के बीच सरकार के द्वारा दी गई छूट होने से बाजार में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बाजार में राखी से लेकर मिठाई और गिफ्ट की काफी अच्छी बिक्री हुई। स्टोन, कुंदन और एडी की छोटी राखियों की मांग सबसे ज्यादा रही। इसके अलावा भाभी के लिए लुंबा राखी, कंगन राखी और बच्चों के लिए कार्टून राखी भी खूब बिक्री हुई। वहीं लड़कियां मेहदी लगाने के लिए भी आतुर रहीं। कुछ ने घरों में, तो कुछ ने ब्यूटी पार्लर जाकर मेंहदी लगवाई।

दस रुपए से लेकर हजारों तक की राखी

इस बार दस रुपए से लेकर हजारों तक की राखी उपलब्ध रही। सबसे ज्यादा मध्‍यम दर्जे की राखी खरीदी गई। स्टोन वर्क की रेशम धागे वाली राखी की रेंज 60 से लेकर 120 रुपए तक तो वहीं चांदी की राखी पांच सौ रुपए से लेकर दो हजार तक में बिकी। इसके अलावा सोने की राखी भी मौजूद रही।

खूब बिकी मिठाई, पीछे नहीं रहा पनीर

रक्षा बंधन को लेकर बाजार में मिठाई के साथ पनीर की भी मांग काफी ज्यादा बढ़ गई। हर वर्ष की तरह इस बार भी मांग काफी ज्यादा बढ़ी रही। इसे पूरा करने के लिए आसपास के गांवों के अलावा डेयरी के दूध की मदद ली गई। सबसे ज्यादा रसगुल्ला, मिल्क केक, काजू कतली और बूंदी लड्डू बिका।

गिफ्ट दुकान पर भी रही भीड़

जहां एक तरफ बहनें अपने भाई के लिए राखियां खरीदने में लगी रही तो वहीं भाई भी बहनों के लिए रिटर्न राखी गिफ्ट खरीदने में पीछे नहीं रहे। चाकलेट के कई आकर्षक गिफ्ट पैक कंपनियों ने बाजार में उतारे। इसके अलावा कस्टमाइज काफी मग, फोटो फ्रेम, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, बैंगल, की रिंग, होम डेकोर आदि की मांग काफी ज्यादा रही।

कपड़ा बाजार ने भी काटी चांदी

बहनों को कपड़ा देने का चलन पिछले कुछ समय से काफी बढ़ा है। कुछ व्यापारी बताते हैं कि कोरोना संक्रमण के बाद बाजार की स्थिति सामान्य होने में समय लगेगा, लेकिन राखी से लेकर तीज त्योहार तक के लिए लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं। इस वर्ष भी सावन और तीज को ध्यान में रखकर हरे कपड़ों का विशेष क्लेक्शन बाजार में उपलब्ध है। गर्ल्स क्लेक्शन में जींस टाप, प्लाजो, जैगिंस टीशर्ट, डिजाइनर वन पीस आदि पंसद बने रहे। वीमेन के साड़ी क्लेक्शन में सिल्क के अलावा शिफॉन पर लाइट वर्क, जॉर्जेट में प्रिंट के साथ बॉर्डर पर रेशम के काम को पसंद किया जा रहा है। हालांकि कोरोना संक्रमण के कारण साउथ से कपड़ों का व्यापार प्रभावित है।

बाजार में रेट- डोरेमानः 20-35 रुपए, छोटा भीमः 20 रुपए, बेन टेनः 25 रुपए, मोटू पतलूः 30 रुपए, बार्बी डॉलः 35 रुपए, डबलू-बबलूः 20 रुपए, म्यूजिकल राखीः 100 रुपए, चांदी (हल्का): 500 रुपए, लट्टू राखीः 150 रुपए, बैटमैन राखीः 150 रुपए, लुंबा राखी: 20 रुपए से लेकर 350 तक, कुंदन धागा: 10 रुपए से लेकर 100 तक, स्टोन वर्क राखीः 50 रुपए से लेकर 150 रुपए, वैक्सीन राखीः 80 रुपए।

माहेश्वरी महिला सभा ने मनाया तीज उत्सव

सावन के गीत व मल्हार गाकर बढ़ायी पेंग

विजेताओं को पुरस्कार देकर किया सम्मानित

माहेश्वरी महिला सभा ने मनाया तीज उत्सव

नजीबाबाद (बिजनौर)। माहेश्वरी महिला सभा की ओर से तीज उत्सव मनाते हुए महिलाओं ने सावन के गीतों व मल्हार गाकर झूले पर पेंग बढ़ायी।

नगर के मोहल्ला बालकराम स्थित माहेश्वरी सभा में माहेश्वरी महिला समिति की अध्यक्ष मधु माहेश्वरी एवं सचिव दीपशिखा माहेश्वरी के नेतृत्व में तीज उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना, शिव स्तुति और गायत्री मंत्र के साथ किया गया। हरियाली तीज उत्सव में समय सीमा पुरस्कार रेशी माहेश्वरी को दिया गया। महिलाओं ने तीज के अवसर पर  मल्हार गाए और सावन के गीतों पर झूले की पेंग बढ़ायी। महिलाओं ने हाऊजी गेम, फन गेम और सरप्राइज गेम का भी आनंद लिया। माहेश्वरी महिला समिति की ओर से विजेता प्रतिभागियों को उपहार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अर्चना,  माया,  पुष्पा,  स्वाति, लक्ष्मी, राजरानी, आंचल, रेखा, दीपा, निशा, शोभा, गीता आदि मौजूद रहीं।

बिजनौर में 04 अक्टूबर तक धारा 144 लागू

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा सम्पूर्ण जिला बिजनौर में तत्काल प्रभाव से धारा 144 के अंतर्गत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कतिपय प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किया जाना आवश्यक है तथा दिल्ली बार्डर पर किसान यूनियन एवं अन्य किसान संगठनों द्वारा किए जा रहे धरना प्रदर्शन सम्बन्धी गतिविधियां जिले में विद्यमान है तथा विभिन्न समुदायों के त्योहार आसन्न हैं। उसके अलावा विश्वस्त सूत्रों एवं विभिन्न सामाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों से संज्ञानित है कि जिले में तेजी से चल रही राजनैतिक गतिविधियों के परिप्रेक्ष्य में कुछ अवांछित तथा असामाजिक तत्व सक्रिय होकर जिले की लोक शांति एवं सम्प्रदायिक सौहार्द के वातावरण को प्रभावित कर सकते हैं, जिनके दृष्टिगत निषेधाज्ञा लागू किया जाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जिले में लोक शांति बनाए रखने के लिए तत्काल प्रभाव से आगमी 04 अक्तूबर, 21 तक सम्पूर्ण जिला बिजनौर में निषेधाज्ञा अतंर्गत धारा 144 लागू कर दी गई है।  उन्होंने कहा कि उक्त धारा के किसी भी प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के विरूद्व धारा 188 के तहत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

छड़ी जाहर दीवान मेले में उमड़ी भीड़

प्रसाद चढ़ाने को बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु़

दंगल  में क्षेत्रीय पहलवानों ने की जोर आजमाइश

नांगलसोती (बिजनौर)। क्षेत्र में छड़ी जाहर दीवान मेले का आयोजन किया गया. प्रसाद चढ़ाने के लिए काफी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मेले के दौरान दंगल का भी आयोजन भी किया गया।

नांगल सोती में जाहर वीर गोगा जी के थले पर छड़ी जाहर दीवान मेले का आयोजन किया गया। मेले में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने जाहर दीवान थले पर प्रसाद चढ़ाकर मन्नते  मांगी। मेले में सजायी गयी विभिन्न दुकानों से ब’चों ने खेल खिलौनों की जमकर खरीददारी की। साथ ही लोगों ने जलेबी, चाट-पकौड़ी आदि स्वादिष्ट व्यंजनों का भी लुत्फ उठाया। विगत वर्ष कोरोना काल में लगाए गए लाकडाउन के चलते मेले के स्थगित रहने पर श्रद्धालु प्रसाद चढ़ाने भी नहीं पहुंच सके थे। इस बार लगाए गए मेले में लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। मेले में चारों ओर जाहर दीवान देवता के जयकारे गूंजते रहे। इस अवसर पर जाहरवीर गोगा जी के मठ से कुछ दूरी पर गंगा घट्टी क्षेत्र में एक दंगल का आयोजन किया गया। जिसमें स्थानीय पहलवानों ने दांव-पेंच लगाकर अपना दम-खम दिखाया।

गोपेश्वर गौशाला में सप्त दिवसीय शिव भागवत महापुराण

सप्त दिवसीय शिव महापुराण का आयोजन

मलिहाबाद,लखनऊ। श्रावण शुक्ल मास के पावन अवसर पर गोपेश्वर गौशाला परिवार में सप्त दिवसीय शिव भागवत महापुराण का आयोजन सोमवार से वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ शुरू हुआ।

गौशाला अध्यक्ष सुनील गुप्ता, शिवानी गुप्ता, उमाकांत गुप्ता, अभिषेक गुप्ता द्वारा व्यास गद्दी और गौपूजन किया।इस अवसर पर अनुसूचित मोर्चे के उपाध्यक्ष विकास किशोर पूर्व मंडल अध्यक्ष अरविंद शर्मा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के जिला संयोजक पंकज गुप्ता तहसील प्रभारी रुपेश मिश्र ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि मीनू वर्मा डॉक्टर संत लाल खंड कारवां काकोरी अभिषेक गो हित चिंतक उपाध्यक्ष शैलेंद्र पांडे व्यापार प्रकोष्ठ के संयोजक निर्मल गुप्ता व्यापार मंडल अध्यक्ष आशीष गुप्ता सहित कई दर्जन लोग उपस्थित रहे।कथा के पहले दिन उपस्थित भक्तजनों को कथा व्यास बालेंद्र गुरु ने शिव महिमा का रसपान करवाया।

वाराणसी में डाक विभाग ने मनाया आजादी का अमृत महोत्सव

ध्वजारोहण करते वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

वाराणसी। स्वतंत्रता दिवस की 75 वीं वर्षगांठ आजादी का अमृत महोत्सव के रूप में डाक विभाग द्वारा हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। वाराणसी कैंट प्रधान डाकघर परिसर में आयोजित समारोह में वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 27 डाककर्मियों को सम्मानित किया गया।

वाराणसी कैंट प्रधान डाकघर परिसर में आयोजित समारोह में उपस्थित विभागीय कर्मी

आजादी को नए सिरे से करें महसूस- इस अवसर पर पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, स्वतंत्रता दिवस सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि गौरव और सम्मान का प्रतिमान है। हम अपने क्षेत्र में ईमानदारी से कार्य करते हुए और लोगों की मदद करके भी देश की प्रगति में अपना योगदान दे सकते हैं। अमृत महोत्सव हमें यह अवसर देता है कि हम आजादी को नए सिरे से महसूस करें और अधिकारों के साथ कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक हों। स्वाधीनता के मूल्य को पहचानने और देश के लिए त्याग व बलिदान देने वाले महापुरुषों को याद करते हुए नई पीढ़ी को जोड़ने का कार्य भी करना होगा।

वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

पोस्टमास्टर जनरल ने कहा कि भारत सरकार की तमाम कल्याणकारी योजनाएं डाकघरों के माध्यम से संचालित हो रही हैं। इन्हें समाज के सभी लोगों तक पहुंचाकर हम लोगों को उनका अधिकार दिला सकते हैं और अपने कर्तव्यों की पूर्ति कर सकते हैं। यही स्वतंत्रता दिवस की असली सार्थकता होगी।

सम्मानित होने वाले विभागीय अधिकारी व कर्मचारी

27 डाककर्मियों का सम्मान- कार्यक्रम के दौरान पोस्टमास्टर जनरल श्री यादव ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 27 डाककर्मियों को सम्मानित किया। इनमें क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी के सहायक निदेशक राम मिलन, सहायक अधीक्षक अजय कुमार, सहायक लेखाधिकारी संतोषी राय, जांच निरीक्षक विश्वम्भर नाथ द्विवेदी, श्रीकांत पाल, कार्यालय सहायक श्रवण कुमार सिंह, ललित कुमार सिंह, शम्भू प्रसाद गुप्ता, शम्भू कुमार, शशिकांत वर्मा, विजय कुमार, राकेश कुमार, वाराणसी पूर्व मंडल के डाक सहायक शोभनाथ, अतुल कुमार मौर्या, अनिल कुमार शर्मा, सुयष मिश्रा, डाक अधिदर्शक महेश प्रसाद शुक्ला, पोस्टमैन खदेरन यादव, निखिल कुमार, एमटीएस दिनेश तिवारी, ग्रामीण डाक सेवक अनुज कुमार, सुरेश कुमार एवं वाराणसी पश्चिम मंडल के डाक अधिदर्शक संजय कुमार, ग्रामीण डाक सेवक दीपू शर्मा, प्रीती गुप्ता, सुरेन्द्र कुमार सिंह, मो. हफीज़ अहमद शामिल रहे।

कार्यक्रम में वाराणसी पूर्व मंडल के प्रवर डाकघर अधीक्षक राजन, वाराणसी पश्चिम मंडल के डाकघर अधीक्षक कृष्ण चंद्र, सहायक निदेशक राम मिलन, सीनियर पोस्टमास्टर चंद्रशेखर सिंह बरुआ, पोस्टमास्टर कैंट प्रधान डाकघर आरएस वर्मा के अलावा अन्य अधिकारी-कर्मचारी सम्मिलित हुए।

बसपा कार्यालय पर मनाया स्वतंत्रता दिवस

बिजनौर। बहुजन समाज पार्टी कार्यालय में 15 अगस्त 2021 को देश के शहीदों को याद किया गया। इस अवसर पर धनीराम सिंह पूर्व मंत्री, अखिलेश कुमार हितेषी, धनीराम सैनी मुख्य सेक्टर प्रभारी मुरादाबाद मंडल, जितेंद्र सागर जिला अध्यक्ष बिजनौर द्वारा सामूहिक रूप से ध्वजारोहण तथा राष्ट्रगान कराया गया।

75वें स्वतंत्रता दिवस पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन बसपा कार्यालय में हुआ। अध्यक्षता जितेंद्र सागर जिला अध्यक्ष बिजनौर एवं संचालन ब्रह्मपाल सिंह जिला सचिव विधानसभा प्रभारी बिजनौर द्वारा की गई। इस अवसर पर भूरे भाई ने मिष्ठान वितरित किया। कविराज सिंह, मुन्ना सिंह, जगराम सिंह, दीपक राज, काम इंदर सिंह, तिलक राज बौद्ध, सद्दाम राणा, डॉक्टर बेग राज सिंह, मुंशी सदीक, हरदयाल सिंह, जीतसिंह कश्यप, गुलाब सिंह प्रजापति, प्रमोद कुमार, देशराज सिंह भूइयार एडवोकेट आदि ने विचार व्यक्त करते हुए उन वीर सपूतों को याद किया, जिन्होंने आजादी के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया। सरदार भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुखदेव, राजगुरु हंसते-हंसते फांसी पर लटक गए। रानी लक्ष्मीबाई अंग्रेजों से लड़ते लड़ते वीरगति को प्राप्त हुई। सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज का गठन किया, उन्होंने कहा था तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा। 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वक्ताओं ने कहा की शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर वर्ष मेले, वतन पर मरने वालों का यही आखिरी निशा होगा।

इस अवसर पर वक्ताओं ने वर्ष 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में विजय हासिल कर पांचवीं बार बहन कुमारी मायावती को उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया और कहा कि अगले वर्ष विधानसभा लखनऊ के प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बहन कुमारी मायावती ही मुख्यमंत्री के रूप में ध्वजारोहण करेंगी। अंत में जितेंद्र सागर जिलाध्यक्ष बिजनौर ने सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा की।

आज सुबह 09 बजकर 07 मिनट के बाद करें शिव पूजा

Sawan 2021: आज है सावन का आखिरी सोमवार, जानिए पूजा का महूर्त

Sawan 2021: सावन माह भगवान शिव की पूजा-अर्चना को समर्पित होता है। सोमवार के दिन लोग विशेष रूप से भगवान शिव का व्रत रखते हैं और पूजन करते हैं। इसलिए सावन के सोमवार पर शिव पूजन के लिए महत्व और भी बढ़ जाता है। इस साल 16 अगस्त को सावन का आखिरी सोमवार पड़ रहा है। मान्यता है कि सावन के सोमवार को भगवान शिव का पूजन करने और इस दिन व्रत रखने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं।

मुहूर्त और राहुकाल : पंचांग के अनुसार सावन का महीना इस साल 22 अगस्त को समाप्त हो रहा है। सावन का आखिरी सोमवार 16 अगस्त को पड़ रहा है। इस दिन सावन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पड़ रही है। इस दिन चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेगा तथा अनुराधा नक्षत्र लग रहा है। सावन के आखिरी सोमवार पर व्रत और पूजन करने से भगवान शिव अवश्य प्रसन्न होते हैं। इस दिन राहुकाल सुबह 07 बजकर 29 मिनट से लेकर 09 बजकर 07 मिनट तक रहेगा। इस काल में पूजन या कोई भी शुभ कार्य करना अच्छा नहीं माना जाता है।

पूजन की विधि : सावन के सोमवार के दिन भगवान शिव का पूजन प्रातः काल स्नान आदि से निवृत्ति हो कर सबसे पहने शिवलिंग को जल अर्पित करना चाहिए। इसके बाद शंकर जी को उनके प्रिय पदार्थ बेल पत्र, भांग, धतूरा, मदार पुष्प चढ़ाया जाता है। सावन के सोमवार के दिन भगवान शिव का दूध, दही, घी,शहद और गंगा जल से अभिषेक करना चाहिए। इस दिन भगवान शिव का रुद्राभिषेक करना विशेष रूप से फलदायी होता है। भगवान शिव का पूजन कर फलाहार व्रत का संकल्प लेना चाहिए। रात्रि में भगवान शिव की आरती तथा उनके दिव्य स्तोत्रों का पाठ कर स्तुति करनी चाहिए।

परंपरागत तरीके से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस

बिजनौर। जनपद में 75वां स्वतंत्रता दिवस का राष्ट्रीय पर्व परंपरागत रूप से सादगी, परन्तु आकर्षक ढंग के साथ मनाया गया। मुख्य समारोह स्थानीय कलक्ट्रेट प्रांगण में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। प्रात: ठीक 08:00 बजे जिलाधिकारी ने ध्वजारोहण किया और इस मौके पर उपस्थित पुलिस के जवानों ने राष्ट्रीय ध्वज को अभिवादन कर राष्ट्रगान का भावपूर्ण गायन किया। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री लेखराज सिंह को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

जिलाधिकारी श्री मिश्रा ने ध्वजारोहण के उपरान्त उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं नागरिकों को सम्बोधित करते हुए सभी जनपद वासियों को शुभकामना दीं और कहा कि किसी भी देश में स्वतंत्रता दिवस समारोह एक ऐतिहासिक दिन होता है। उन्होंने कहा कि 75 वर्ष पहले जब हमें आजादी मिली, उसमें लाखों देशभक्तों ने अपने प्राणों की आहुति दी है, आज का दिन उनके स्मरण करने और उनसे प्रेरणा लेने का भी दिन है। जब देश को स्वतंत्रता प्राप्त हुई उस वक्त देश की आबादी लगभग 33 करोड़ थी और आज लगभग 125 करोड़ से अधिक जनसंख्या है। हमारे देश की भूमि उस समय भी अपने नागरिकों का पेट भरने में सक्षम थी और आज भी पर्याप्त मात्रा में देशवासियों के लिए अन्न एवं खाद्य सामग्री मौजूद है, बल्कि हम दूसरे देशों को अन्न का एक्सपोर्ट करने की स्थिति में हैं। आज हमारा देश हर क्षेत्र में विश्व के अग्रणी देशों की पक्ति में खड़ा है। हमारे देश के डाक्टर, इन्जीनियर, आईटी प्रोफेशनल तथा अन्य विविध वैज्ञानिकों आदि की अन्य देशों में अत्यधिक मांग है। चाहे खेल का मैदान हो या अन्तरिक्ष के कार्यक्रम, हिन्दुस्तान का व्यक्ति प्रत्येक क्षेत्र में अब अग्रणी पंक्ति पर खड़ा है। इससे स्पष्ट है कि हमने इन 75 वर्षों में काफी तरक्की की है। उन्होंने आह्वान किया कि देश को स्वतंत्र कराने में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों की राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा, अखण्डता और सर्वागीण विकास की कामना को पूरा करने का आज के दिन वचन लेते हुए समस्त आपसी मतभेद भुला कर उसे व्यवहारिक रूप देने में जुट जायें। जिलाधिकारी ने कहा कि हमारे देश का गौरवशाली और पराक्रम से भरपूर इतिहास है, इस देश को गौरवशाली और शक्तिशाली बनाने वाले विद्वानों, वीरों, ज्ञानियों का हमें स्मरण करना है और उनसे प्रेरणा लेते हुए हमें भी अपने मुल्क को समृद्ध, शक्तिशाली, पराक्रमी और विकासशील बनाने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए, यह हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि देश जितना समृद्ध और शक्तिशाली होगा, उतने ही देशवासी भी समृद्ध और बलशाली होंगे। हम सबको याद रखना है कि हमें स्वतंत्रता की बेड़ियों से मुक्त कराने वाले शहीदों और हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने जैसी स्वतंत्रता की कल्पना की थी और जो सपने देखे थे, उसी के अनुरूप चलना होगा ताकि देश का भविष्य उज्वल हो सके। हम अपने बच्चों को नैतिक मूल्य सिखाएं। आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पूरे वर्ष के लिए निश्चय करें और अपने जीवन में वही नैतिक मूल्य अपनाएं जिससे देश मजबूत, समृद्ध होकर विश्व के देशों में सबसे अग्रिम पंक्ति में खड़ा हो सके।

इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा देश की सुरक्षा में शहीद होने वाले और सरदहों पर अपने शौर्य का प्रदर्शन करने वाले सैनिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों का शाल ओढ़ा कर सम्मानित किया गया। नाजिर सदर अजय महेन्द्रा के मार्ग निर्देशन में कार्यक्रम का संचालन कलक्ट्रेट के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सलाहुद्दीन द्वारा किया गया। उन्होंने देश भक्ति गीत भी प्रस्तुत किया। एनए पाशा जादूगर द्वारा जादू कला के माध्यम से श्रोताओं को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं प्रदान की गई।

कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह तथा मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह द्वारा स्थानीय नेहरू स्टेडियम में आयोजित प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए गए। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी प्रशासन भगवान शरण दास, वित्त / राजस्व अवधेश कुमार मिश्रा, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट संगीता, वरिष्ठ कोषाधिकारी सूरज कुमार सहित अन्य अधिकारीगण एवं कलक्ट्रेट परिसर स्थित कार्यालयों के कर्मचारीगण मौजूद थे। बाद में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिला कारागार, कुष्ठ आश्रम, जिला महिला चिकित्सालय तथा प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में संबंधित अधिकारियों द्वारा मिष्ठान एवं फल वितरित किए गए।

मोहर्रम पर घर में ताजिया रखने की अनुमति

मोहर्रम को लेकर गृह विभाग की गाइडलान जारी। घर में ताजिया रखने की अनुमति। मजलिस में 50 लोग हो सकेंगे शामिल।

लखनऊ। शासन ने मोहर्रम के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिये हैं। घरों में ताजिया रखने तथा किसी भी धार्मिक आयोजन में कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार अधिकतम 50 लोगों को ही शामिल होने की अनुमति दी गई है। 

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी को देखते हुए कंटेनमेंट जोन के बाहर धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन के संबंध में 19 जून 2021 को जारी शासनादेश का पालन कराया जाए।इसमें कंटेनमेंट जोन को छोड़कर शेष स्थानों पर धर्मस्थलों के अंदर परिसर के आकार को देखते हुए एक बार में एक स्थान पर अधिकतम 50 लोगों के एकत्र होने की अनुमति इस शर्त के साथ दी गई है कि मास्क, दो गज की दूरी, सैनेटाइजर का उपयोग तथा कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार अन्य सावधानियां बरती जाएंगी। साथ ही प्रवेश द्वार पर कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना की जाएगी। 

अपर मुख्य सचिव गृह ने कहा है कि मोहर्रम के अवसर पर किसी प्रकार का जुलूस या ताजिया निकालने की अनुमति न दी जाए। सार्वजनिक रूप से ताजिया एवं अलम भी स्थापित नहीं किए जाएंगे। ताजिया एवं अलम की स्थापना अपने-अपने घरों में किए जाने पर किसी प्रकार की रोक नहीं होगी। 

उन्होंने किसी भी धार्मिक स्थल पर लोगों की भीड़ न एकत्र होने देने, संवेदनशील एवं कंटेनमेंट जोन में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती करने तथा सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी दशा में शस्त्रों का प्रदर्शन न होने देने तथा अवैध शस्त्र लेकर चलने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। 

मोदी ने फहराया लाल किले के प्राचीर से 8वीं बार तिरंगा

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 75वें स्तवंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले के प्राचीर से आज 8वीं बार तिरंगा फहराया। लाल किले से अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास के साथ सबका प्रयास को जोड़ा। उनके भाषण में बंटवारे का दर्द भी छलका, साथ ही आतंकवाद और विस्तारवाद का जिक्र कर परोक्ष रूप से पाकिस्तान और चीन पर निशाना साधा। पीएम मोदी ने अपने भाषण में ऐलान किया कि सरकार ने बेटियों के लिए सैनिक स्कूल के दरवाजे खोल दिए हैं।

चीन और पाक को कड़ा संदेश
पीएम मोदी ने अपने भाषण में आतंकवाद और विस्तारवाद का जिक्र कर परोक्ष रूप से पाकिस्तान और चीन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज दुनिया, भारत को एक नई दृष्टि से देख रही है और इस दृष्टि के दो महत्वपूर्ण पहलू हैं। एक आतंकवाद और दूसरा विस्तारवाद। भारत इन दोनों ही चुनौतियों से लड़ रहा है और सधे हुए तरीके से बड़े हिम्मत के साथ जवाब भी दे रहा है। 

सभी सैनिक स्कूलों के दरवाजे बेटियों के लिए खुलेंगे: मोदी
सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए देश के सभी सैनिक स्कूलों के दरवाजे अब लड़कियों के लिए खोल दिये हैं, जिससे सभी स्कूलों में अब लड़कों के साथ साथ लड़कियों को भी प्रवेश दिया जायेगा। प्रधानमंत्री  मोदी ने कहा कि भारत की बेटियां देश में हर क्षेत्र में अपनी जगह बनाने में लगी है और इसलिए अब सरकार ने निर्णय लिया है कि सभी सैनिक स्कूलों में लड़कों के साथ साथ लड़कियों को भी प्रवेश दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि आज मैं एक खुशी देशवासियों से साझा कर रहा हूं। मुझे लाखों बेटियों के संदेश मिलते थे कि वो भी सैनिक स्कूल में पढ़ना चाहती हैं, उनके लिए भी सैनिक स्कूलों के दरवाजे खोले जाएं। आज भारत की बेटियां अपना स्पेस लेने के लिए आतुर हैं। दो-ढाई साल पहले मिजोरम के सैनिक स्कूल में पहली बार बेटियों को प्रवेश देने का प्रयोग किया गया था। अब सरकार ने तय किया है कि देश के सभी सैनिक स्कूलों को देश की बेटियों के लिए भी खोल दिया जाएगा। विदित हो कि सरकार ने दिसम्बर 2019 में देश के पांच सैनिक स्कूलों के दरवाजे लड़कियों के लिए खोले थे लेकिन आज प्रधानमंत्री ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए कहा कि सभी सैनिक स्कूलों में अब लड़कियों को प्रवेश दिया जायेगा।

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राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को अगले 25 वर्षों में एनर्जी को लेकर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन की घोषणा की। पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज जो भी कार्य कर रहा है, उसमें सबसे बड़ा लक्ष्य है, जो भारत को क्वांटम जंप देने वाला है- वो है  ग्रीन हाइड्रोजन का क्षेत्र। मैं आज तिरंगे को  साक्षी मानते हुए राष्ट्रीय हाड्रोजन मिशन की घोषणा कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति के लिए, आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए भारत को एनजीर् के मामले में आत्मनिर्भर होना अनिवार्य है। इसलिए आज भारत को संकल्प लेना होगा कि हमें आजादी के 100 साल होने से पहले देश को एनर्जी  के मामले में आत्मनिर्भर बनाना होगा। 

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बंटवारे का दर्द हिन्दुस्तान के सीने को छलनी करता है
पीएम मोदी ने कहा कि हम आजादी का जश्न मनाते हैं, मगर बंटवारे का दर्द आज भी हिंदुस्तान के सीने को छलनी करता है। यह पिछली शताब्दी की सबसे बड़ी त्रासदी में से एक है। कल ही देश ने भावुक निर्णय लिया है। अब से 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में याद किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी देशवासियों को 75वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव का यह वर्ष देशवासियों में नई ऊर्जा और नवचेतना का संचार करे।

जम्मू एवं कश्मीर में विधानसभा चुनाव की तैयारी चल रही है: प्रधानमंत्री
सभी के सामर्थ्य को उचित अवसर देने को लोकतंत्र की असली भावना करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में परिसीमन आयोग का गठन हो चुका है और वहां विधानसभा चुनाव की तैयार चल रही है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि हिमालयी, तटीय और आदिवासी क्षेत्र भविष्य में भारत के विकास का ”बड़ा आधार बनेंगे। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में भारत को नयी ऊंचाई पर पहुंचाने के लिए भारत के सामर्थ्य का सही और पूरा इस्तेमाल जरूरी है और इसके लिए जो वर्ग या क्षेत्र पीछे छूट गए हैं उन्हें आगे बढ़ाना ही होगा। उन्होंने कहा कि हमारा पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख सहित पूरा हिमालय का क्षेत्र हो या हमारा तटीय क्षेत्र या फिर आदिवासी अंचल हो, यह भविष्य में भारत के विकास का बड़ा आधार बनेंगे। सभी के सामर्थ्य को उचित अवसर देना ही ”लोकतंत्र की असली भावना है।

नयी शिक्षा नीति देश की जरूरतें पूरी करने वाली: मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति देश की 21वीं सदी की जरूरतों को पूरा करने वाली है। राष्ट्रीय नई शिक्षा नीति से अब हमारे बच्चे ना ही कौशल के कारण रुकेंगे और ना ही भाषा के सीमा में बंधेंगे। दुभार्ग्य है कि हमारे देश में भाषा को लेकर एक विभाजन पैदा हो गया है। भाषा की वजह से हमने देश के बहुत बड़ी प्रतिभाओं को पिंजड़े में बांध दिया है। मातृभाषा में पढ़े हुए लोग आगे आएंगे तो उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। जब गरीब की बेटी और बेटा मातृभाषा में पढ़कर आगे बढ़ेंगे तो उनके सामर्थ्य के साथ न्याय होगा। नई शिक्षा नीति में गरीबी के खिलाफ लड़ाई का साधन भाषा है। नई शिक्षा नीति गरीबी के खिलाफ लड़ाई का शस्त्र के रूप में काम आने वाली है। गरीबी के खिलाफ जंग जीतने का माध्यम भी मातृभाषा है। खेल के मैदान में भाषा बाधा नहीं है जिसका परिणाम देखा है, अब युवा खेल भी रहे हैं और खिल भी रहे। अब ऐसा ही जीवन के अन्य मैदानों में होगा। 

छोटे किसान बने देश की शान: मोदी
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि ‘छोटा किसान बने देश की शान’ यह हमारा सपना है । देश के 80 प्रतिशत से अधिक किसानों के पास दो हेक्टेयर से कम जमीन है। पहले की नीतियों में इन छोटे किसानों को प्राथमिकता नहीं दी गयी। अब इन्ही किसानों को ध्यान में रखकर निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन किसानों को ध्यान में रखकर फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया  रहा है, फसल बीमा योजना शुरू की गयी, सौर ऊर्जा पर जोर दिया जा रहा है और किसान उत्पादक समूह आदि का गठन किया जा रहा है। इससे किसानों की ताकत बढ़ेगी। ब्लॉक स्तर पर वेयरहाउस के निर्माण के लिए अभियान चलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत दस करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खाते में डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई है। आने वाले समय में सामूहिक शक्ति बढ़ानी होगी और नई सुविधाएं देनी होगी। 

प्रधानमंत्री ने भारत के ओलंपिक दल की सराहना की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के ओलंपिक दल की सराहना करते हुए कहा कि हाल में संपन्न हुए तोक्यो खेलों में उनके प्रदर्शन ने देश के युवाओं को प्रोत्साहित किया है। इस बार ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ी स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लाल किले पर मौजूद हैं। इस अवसर पर राष्ट्र को संबोधित कर रहे मोदी और लाल किले पर मौजूद अन्य लोगों ने तोक्यो में हाल में आयोजित ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाले दल के लिए तालियां बजाईं।

ओबीसी से लेकर वंदेभारत ट्रेनों का जिक्र
मूलभूत जरूरतों की चिंता के साथ दलितों, पिछड़ों, आदिवासी वर्ग, सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। संसद में कानून बनाकर OBC से जुड़ी सूची बनाने का अधिकार राज्यों को दे दिया गया है। पीएम मोदी ने कहा कि देश ने बहुत अहम फैसला लिया है। आजादी के अमृत महोत्सव के 75 सप्ताह में, 75 वंदे भारत ट्रेनें देश के हर कोने को जोड़ेंगी।आज जिस गति से देश में नए एयरपोर्ट्स का निर्माण हो रहा है, उड़ान योजना दूर-दराज के इलाकों को जोड़ रही है, वो भी अभूतपूर्व है।

उज्जैन का नागचंद्रेश्वर मंदिर : क्यों खुलता है सिर्फ साल में एक दिन

उज्जैन। हिंदू धर्म में सदियों से नागों की पूजा करने की परंपरा रही है। हिंदू परंपरा में नागों को भगवान का आभूषण भी माना गया है। भारत में नागों के अनेक मंदिर हैं, इन्हीं में से एक मंदिर है उज्जैन स्थित नागचंद्रेश्वर का, जो कि उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थित है। इसकी खास बात यह है कि यह मंदिर साल में सिर्फ एक दिन नागपंचमी (श्रावण शुक्ल पंचमी) पर ही दर्शनों के लिए खोला जाता है। ऐसी मान्यता है कि नागराज तक्षक स्वयं मंदिर में रहते हैं। नागचंद्रेश्वर मंदिर में  11वीं शताब्दी की एक अद्भुत प्रतिमा है, इसमें फन फैलाए नाग के आसन पर शिव-पार्वती बैठे हैं। कहते हैं यह प्रतिमा नेपाल से यहां लाई गई थी। उज्जैन के अलावा दुनिया में कहीं भी ऐसी प्रतिमा नहीं है।

पूरी दुनिया में यह एकमात्र ऐसा मंदिर है, जिसमें विष्णु भगवान की जगह भगवान भोलेनाथ सर्प शय्या पर विराजमान हैं। मंदिर में स्थापित प्राचीन मूर्ति में शिवजी, गणेशजी और मां पार्वती के साथ दशमुखी सर्प शय्या पर विराजित हैं। शिवशंभु के गले और भुजाओं में भुजंग लिपटे हुए हैं।

क्या है पौराणिक मान्यता : 
सर्पराज तक्षक ने शिवशंकर को मनाने के लिए घोर तपस्या की थी। तपस्या से भोलेनाथ प्रसन्न हुए और उन्होंने सर्पों के राजा तक्षक नाग को अमरत्व का वरदान दिया। मान्यता है कि उसके बाद से तक्षक राजा ने प्रभु के सा‍‍‍न्निध्य में ही वास करना शुरू कर दिया। लेकिन महाकाल वन में वास करने से पूर्व उनकी यही मंशा थी कि उनके एकांत में विघ्न ना हो अत: वर्षों से यही प्रथा है कि मात्र नागपंचमी के दिन ही वे दर्शन को उपलब्ध होते हैं। शेष समय उनके सम्मान में परंपरा के अनुसार मंदिर बंद रहता है। इस मंदिर में दर्शन करने के बाद व्यक्ति किसी भी तरह के सर्पदोष से मुक्त हो जाता है, इसलिए नागपंचमी के दिन खुलने वाले इस मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतार लगी रहती है। 

यह मंदिर काफी प्राचीन है। माना जाता है कि परमार राजा भोज ने 1050 ईस्वी के लगभग इस मंदिर का निर्माण करवाया था। इसके बाद सिं‍धिया घराने के महाराज राणोजी सिंधिया ने 1732 में महाकाल मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया था। उस समय इस मंदिर का भी जीर्णोद्धार हुआ था। सभी की यही मनोकामना रहती है कि नागराज पर विराजे शिवशंभु की उन्हें एक झलक मिल जाए। लगभग दो लाख से ज्यादा भक्त एक ही दिन में नागदेव के दर्शन करते हैं। नागपंचमी पर वर्ष में एक बार होने वाले भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए रात 12 बजे मंदिर के पट खुलते हैं और नागपंचमी को रात 12 बजे मंदिर में आरती कर मंदिर के पट पुनः बंद कर दिए जाते हैं।

नागचंद्रेश्वर मंदिर की पूजा और व्यवस्था महानिर्वाणी अखाड़े के संन्यासियों द्वारा की जाती है। नागपंचमी पर्व पर बाबा महाकाल और भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश की व्यवस्था की जाती है। इनकी कतारें भी अलग होती हैं। नागपंचमी को दोपहर 12 बजे कलेक्टर पूजन करते हैं, जो सरकारी पूजा कहलाती है। यह परंपरा रियासतकाल से चली आ रही है। रात 8 बजे श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति द्वारा पूजन किया जाता है।

सावन मास के आखिरी दिन पड़ेगा रक्षाबंधन का त्योहार

Raksha Bandhan 2021: सावन मास के आखिरी दिन पड़ेगा रक्षाबंधन का त्योहार, जानें कब है लास्ट सोमवारी व्रत

Raksha Bandhan 2021: इस समय सावन महीना चल रहा है. सावन माह में सोमवार के दिन को बेहद खास माना जाता है. इस महीने में पड़ने वाले चार सोमवार में से तीन सोमवार बीत चुके हैं. अब इस माह का आखिरी सोमवार 16 अगस्त को है. मान्यता है कि सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है. सावन के महीने का शिव भक्त वर्षभर इंतजार करते हैं. सावन मास 22 अगस्त को समाप्त हो रहा है. इसी दिन पूर्णिमा तिथि में रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा.

सावन सोमवार की पूजा

सावन में सोमवार के दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है. पौराणिक कथाओं के अनुसार सावन मास भगवान शिव का प्रिय महीना है. वर्तमान में चातुर्मास चल रहा है. चातुर्मास में भगवान विष्णु का शयन काल आरंभ होता है और पृथ्वी लोक की समस्त जिम्मेदारी भगवान शिव को सौंप देते हैं. सावन का महीना चातुर्मास का प्रथम महीना होता है. माना जाता है कि भगवान शिव, पृथ्वी का भ्रमण करते हैं और अपने भक्तों सभी मनोकामनाएं पूरी करते है.

सावन सोमवार का महत्व

सावन मास में पड़ने वाले सभी सोमवार का दिन बेहद खास होता है. सोमवार के व्रत में विधि और अनुशासन का ध्यान रखना चाहिए. तभी व्रत का पूर्ण लाभ प्राप्त होता है.

सावन महीने का महत्व

सावन महीने का विशेष महत्व होता है. इस महीने भगवान शिव की विशेष उपसाना की जाती है. इस मास में शास्त्रों का अध्ययन करना, पवित्र ग्रंथों को सुनना अत्यंत शुभ बताया गया है. धर्मिक कार्यों को करने से सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है. मन और चित्त दोनों शांत रहते हैं. (साभार)

यूपी की महिला पुलिसकर्मियों को रक्षाबंधन पर बड़ा तोहफा

रक्षाबंधन पर यूपी की महिला पुलिसकर्मियों को मिलेगा बड़ा तोहफा। 21 अगस्त को मिशन शक्ति के तीसरे चरण की शुरुआत।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर महिला पुलिसकर्मियों को बीट पुलिस अधिकारी के पद पर तैनाती का तोहफा देंगे। रक्षाबंधन से एक दिन पूर्व 21 अगस्त को मिशन शक्ति के तीसरे चरण की शुरुआत कर सरकार महिलाओं व बेटियों को कई तोहफे देने की तैयारी कर रही है। महिला पुलिसकर्मियों के नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए सभी जिलों में बालवाड़ी का तोहफा भी होगा।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित मुख्य समारोह कन्या सुमंगला योजना से वंचित 1.5 लाख बेटियों को और निराश्रित महिला पेंशन योजना की पात्र 1.73 लाख नई लाभार्थी महिलाओं को योजना से जोड़ा जाएगा। 1300 थानों में पिंक टायलेट निर्माण, महिला पुलिसकर्मियों के खाली पदों पर भर्ती जैसे उपहार देने की भी तैयारी है। मिशन शक्ति के अब तक के दो चरण में महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने व अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिहाज से उपयोगी सिद्ध हुए हैं। दिसंबर तक एक लाख नए स्वयं सहायता समूहों के गठन का भी लक्ष्य रखा गया है।

जश्न ए आज़ादी ट्रस्ट उत्साह के साथ मनाएगा स्वतंत्रता दिवस का महा उत्सव

जश्न ए आज़ादी ट्रस्ट उत्साह के साथ मनाएगा स्वतंत्रता दिवस का महा उत्सव

महापुरुषों की प्रतिमाओं की साफ सफाई, पौधरोपण के साथ ही विभिन्न कार्यक्रमों की शुरुआत करके मनेगा आज़ादी का जश्न

लखनऊ। जश्न ए आजादी ट्रस्ट जोशो खरोश के साथ स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) का महा उत्सव मनाएगी। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ट्रस्ट द्वारा एक सप्ताह तक विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में ट्रस्ट की अध्यक्ष निगहत खान और महामंत्री मुरलीधर आहूजा ने बताया कि देश का सबसे बड़ा त्योहार 15 अगस्त बहुत जोशो खरोश के साथ मनाया जाएगा। हिन्दू,मुसलिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध आदि सभी धर्मो के लोग एक साथ मिलकर 15 अगस्त के इस जश्न में शामिल होंगे। साथ ही आयोजन में सभी धर्मों के धर्म -गुरु शामिल होकर एकता और अखंडता का संदेश देंगे तथा राष्ट्रीय पर्व पर देश की खुशहाली और अमन शांति की दुआ करेंगे। निगहत खान और मुरलीधर आहूजा ने बताया कि ट्रस्ट के इस आयोजन में विभिन्न सामाजिक संस्थानों का भी योगदान रहता है। इस बार भी ट्रस्ट के साथ टीम केयर इंडिया एंड रिसर्च फाउंडेशन, शराबबंदी संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश आर्टिस्ट अकैडमी, गोल्डन फ्रेंड्स, उ. प्र. ज़िला मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन, मीडिया फोटोग्राफर्स क्लब, एहसास फाउंडेशन, हिंदुस्तान सेवा संस्थान, डीएनएन ग्रुप आदि का सहयोग मिला है।
आयोजन समिति के मीडिया प्रभारी एसएम पारी, वामिक खान, अब्दुल वहीद, जुबैर अहमद ने बताया कि स्वतंत्रता उत्सव की शुरुआत 8 अगस्त से होगी।

कार्यक्रमों की श्रंखला-
8 अगस्त को लखनऊ में विभिन्न स्थानों पर लगी महापुरुषों की प्रतिमाओं की सफाई के साथ ही जनेश्वर मिश्रा पार्क में योगा और प्रभात फेरी होगी।
9 अगस्त को शहर के विभिन्न चौराहों पर मास्क बांटने के साथ ही साईकिल रैली निकाली जाएगी।
10 अगस्त को शहर के विभिन्न हिस्सों में पौधरोपण किया जाएगा।
11 अगस्त को शहीद स्मारक पर 75 कैंडिल जलाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी तथा देश भक्ति पर कवि सम्मेलन एवं मुशायरा का आयोजन होगा।
12 अगस्त को हेल्थ कैम्प और 13 अगस्त को गंभीर रूप से बीमार जरुरतमंदो के लिए ब्लड डोनेट किया जाएगा।
14 अगस्त को देश भक्ति पर संगीत की शाम के आयोजन के साथ ही शहर में सराहनीय कार्य करने वालों का सम्मान भी किया जाएगा।
15 अगस्त को हजरतगंज में तिरंगा ध्वज फहरा कर झंडारोहण किया जाएगा और 75 किलो के लड्डू का वितरण भी होगा।

कोरोना महामारी को देखते हुए एहितयात को पूरे प्रबंध होंगे। सभी आयोजन कोरोना गाइड लाइन में मुताबिक़ ही किए जाएंगे।

सावन शिवरात्रि पर करें भोले बाबा को प्रसन्न

हिंदू पंचांग अनुसार हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। इस दिन लोग व्रत रख भगवान शिव की विधि विधान से पूजा करते हैं। जब ये शिवरात्रि श्रावण माह में आती है तो इसे सावन शिवरात्रि कहते हैं। कहते हैं कि जो भी व्यक्ति सावन शिवरात्रि का व्रत रखता है, उसके जीवन की सारी समस्याएं दूर हो जाती हैं। इस दिन रुद्राभिषेक कराने का भी विशेष महत्व माना जाता है।

पूजा विधि, महत्व, मुहूर्त और व्रत कथा

पूजन सामग्री: पुष्प, पंच फल, दक्षिणा, पूजा के बर्तन, पंच मेवा, रत्न, सोना, चांदी, शहद, गंगा जल, पवित्र जल, कुशासन, दही, शुद्ध देशी घी, पंच रस, पंच मिष्ठान्न, बिल्वपत्र, इत्र, गंध रोली, मौली जनेऊ, धतूरा, भांग, बेर, गाय का कच्चा दूध, धूप, दीप, रुई, ईख का रस, कपूर, शिव व मां पार्वती की श्रृंगार की सामग्री, मलयागिरी, चंदन आदि।

सावन शिवरात्रि व्रत विधि:
-इस दिन सुबह सूर्य उदय से पहले उठकर स्नान कर लें।
-फिर घर पर या पास के किसी शिव मंदिर में जाकर शिव परिवार की पूजा करें।
-शिवलिंग का रुद्राभिषेक जल, घी, दूध, चीनी, शहद, दही आदि से करें।
-शिवलिंग पर बेलपत्र, इत्र, गंध, भांग, बेर और धतूरा चढ़ाएं। माता पार्वती को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें।
-भगवान शिव की धुप, दीप से पूजा अर्चना करें और उन्हें फल और फूल अर्पित करें।
-शिवरात्रि के दिन शिव पुराण, शिव स्तुति, शिव अष्टक, शिव चालीसा और शिव श्लोक का पाठ करना चाहिए।
-इस व्रत में शाम के समय फलहार कर सकते हैं। व्रत रखने वालों को इस दिन अन्न ग्रहण नहीं करना चाहिए।
-अगले दिन भगवान शिव की विधि विधान से पूजा करके और दान आदि करके उपवास खोलें। 

शिवरात्रि पूजन मुहूर्त: शिवरात्रि पूजन का सबसे उत्तम समय रात का माना गया है। इस बार शिवरात्रि 6 अगस्त को मनाई जाएगी। चतुर्दशी तिथि का प्रारम्भ 06 अगस्त 2021 को 06:28 PM बजे से होगा और इसकी समाप्ति 07 अगस्त 2021 को 07:11 PM बजे पर होगी। शिवरात्रि पर पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा।

शिवरात्रि पूजन का शुभ मुहूर्त…
पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त – 12:06 AM से 1:48 AM, अगस्त 07
रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय – 07:08 PM से 09:48 PM
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय – 09:48 PM से 12:27 AM, अगस्त 07
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय – 12:27 AM से 03:06 AM, अगस्त 07
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय – 03:06 AM से 05:46 AM, अगस्त 07
7 अगस्त को व्रत पारण समय – 05:46 AM से 03:47 PM

सामूहिक पूजन से पंडित ललित शर्मा ने की नई विधा की शुरुआत

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। ज्योतिषविद् पण्डित ललित शर्मा के सान्निध्य में गुरु पूर्णिमा के पर्व पर विधि-विधान से पूजा की गई।

वर्धमान कालेज के समीप स्थित एक बैंकेट हॉल में आयोजित विशेष पूजा अर्चना में मुख्य यजमान एसपी सिटी प्रवीन रंजन, अग्निशमन अधिकारी अजय शर्मा एवं विनय राणा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

पण्डित ललित शर्मा ने बताया कि संसार में तीन ही गुरु होते हैं। माता को शिशु का प्रथम गुरु कहा गया है। माता-पिता द्वारा प्रदत्त ज्ञान बच्चे को संसार का ज्ञान कराता है। लेकिन गुरु अपने शिष्य को भवसागर से पार ले जाता है।

इस अवसर पर श्रवण कुमार के माता-पिता को तीर्थ यात्रा वाले झांकी के दृश्य ने सभी को भाव विभोर कर दिया। श्रद्धालुओं के लिये पण्डित ललित शर्मा ने एक नई विधा का शुभारम्भ बिजनौर में किया। उन्होंने महर्षि वेद व्यास, आदि गुरु शंकराचार्य व जगद्गुरु श्री कृष्ण का पूजन भक्तों श्रद्धालुओं से कराया। सभी से सामूहिक रूप से पूजन कराया गया।

इस अवसर पर पत्रकार सूर्यमणि रघुवंशी, अशोक मधुप, डा. टीसी  अग्रवाल, एडवोकेट एसके बबली, श्रीमती मंजू शर्मा, प्रीति, शालिनी सक्सेना, व्यापारी मनोज कुच्छल, रमेश माहेश्वरी, संजीव गुप्ता, पूनम चौधरी, सविता, मनदीप राणा, डा. अक्षत कौशिक आदि लोग उपस्थित रहे।

श्रीमद् भागवत कथा के समापन पर यज्ञ, भंडारा

विशाल अग्रवाल (एकलव्य बाण समाचार)

गंज बिजनौर। ग्राम निजामत पुरा स्थित ब्रह्मचारी ताराचंद जी महाराज के आश्रम में श्रीमद् भागवत कथा का समापन आषाढ़ माह की पूर्णिमा पर किया गया।

इस अवसर पर विशाल यज्ञ एवं भंडारे का आयोजन हुआ। मुख्य यजमान कन्हैया लाल अग्रवाल (रंगोली पेंट वाले बिजनौर) तथा उनके परिजनों से हवन में आहुति दिलवाने के पश्चात भंडारे का शुभारंभ किया गया। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

कार्यक्रम में पूर्व प्रधान कल्याण सिंह निजामतपुरा गंज, महेश अग्रवाल, अरविंद माहेश्वरी, नवनीत माहेश्वरी, वीरेंद्र कुमार वर्मा एवं अभिषेक अग्रवाल उर्फ हनी आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। वहीं खिचड़ी बाबा के आश्रम के अलावा अन्य कई क्षेत्रों में भंडारे का आयोजन किया गया।

रामडोल शोभायात्रा समिति की बैठक में जिम्मेदारियां बांटीं

रामडोल शोभायात्रा समिति की बैठक में जिम्मेदारियां बांटीं

बिजनौर। नूरपुर थाना रोड स्थित प्राचीन शिव मन्दिर में रामडोल शोभायात्रा समिति की बैठक का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मन्दिर परिसर में हवन यज्ञ हुआ। इस अवसर पर भगवान से इस वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण समाप्त होने औऱ वातावरण में शुद्धिकरण की प्रार्थना की गई। सभी ने श्री कृष्ण जन्मोत्सव के त्योहार पर नवमी तिथि पर श्री रामडोल शोभायात्रा की योजना रचना के लिए रूपरेखा तैयार करने का निर्णय लिया। जन्माष्टमी शोभायात्रा के लिए नगर नूरपुर की संभ्रान्तजनों, संरक्षक मंडल व अन्य सदस्यगणों की बैठक 23 जुलाई को दिन देर शाम 7.30 बजे, प्राचीन शिव मन्दिर, थाना रोड नूरपुर में करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में राजीव अग्रवाल, स. रवेन्द्र सिंह, अभय शर्मा, विवेक अरोड़ा, कृष्ण कुमार शर्मा, संजय सैनी, अरूण अरोड़ा, दीपक वर्मा, विशेष राणा, कपिल चौधरी, रविन्द्र भंडारी, स. गुरनाम सिंह, लोकेश कुमार, नवीन कुमार, आदि मौजूद रहे।
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वाटरप्रूफ डिजायनर राखी, लिफाफे, डाकघरों से शुरू होगी बिक्री

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने जारी किए वाटरप्रूफ डिजायनर राखी लिफाफे, डाकघरों से शुरू होगी बिक्री

पहल : डाक विभाग द्वारा राखी भेजने हेतु वाटरप्रूफ डिजायनर लिफाफे, मूल्य मात्र ₹10

कोरोना संक्रमण के दौर में डाक विभाग ने आसान की बहनों की मुश्किलें, अब वाटरप्रूफ डिजायनर लिफाफे में भेजें राखी

वाराणसी। कोरोना संक्रमण के बीच भाई-बहन के प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व 22 अगस्त को मनाया जायेगा और इसके लिए डाक विभाग ने अभी से तैयारियाँ आरंभ कर दी हैं। इसी क्रम में वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने विशेष रुप से निर्मित रंगीन डिजाइनर वाटरप्रूफ राखी लिफाफे कैंट प्रधान डाकघर में आयोजित एक कार्यक्रम में जारी किए। अब वाराणसी परिक्षेत्र के डाकघरों में बिक्री के लिए ये उपलब्ध होंगे।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि ये डिजानइर राखी लिफाफे वाटर प्रूफ तथा सुरक्षा की दृष्टि से मजबूत हैं, जिससे बारिश के मौसम में भी बहनों द्वारा भेजी गई राखियाँ सुदूर रहने वाले भाइयों तक सुरक्षित पहुँच सकें। 11 सेमी X 22 से.मी. आकार के इन राखी लिफाफों का मूल्य दस रुपया मात्र है, जो डाक शुल्क के अतिरिक्त है। वाटरप्रूफ लिफाफे के बाएं हिस्से के ऊपरी भाग में भारतीय डाक के लोगो और रक्षाबंधन की डिजाइन के साथ अंग्रेजी में राखी लिफाफा और नीचे दाहिने तरफ ‘हैप्पी राखी’ लिखा गया है। पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि रंगीन और डिजाइनदार होने की वजह से इन्हें अन्य डाक से अलग करने में समय की बचत और रक्षाबन्धन पर्व के पूर्व वितरण कराने में भी सहूलियत होगी।

सहायक निदेशक श्री संजय वर्मा ने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र में सभी प्रधान डाकघरों को बिक्री के लिए राखी लिफाफे भिजवाए जा रहे हैं, जहाँ से डाक अधीक्षक आवश्यकतानुसार इसे अन्य डाकघरों में भी बिक्री के लिए उपलब्ध कराएंगे। कैंट प्रधान डाकघर में लिफाफे खरीदने आई रश्मि श्रीवास्तव ने कहा कि कोविड 19 के संक्रमण दौर में दूर शहर में नौकरी करने वाले अपने भाईयों को अब इस डिजाइनर लिफाफे के माध्यम से डाक विभाग द्वारा राखी भेजकर निश्चिन्त हो सकेंगी।

ईद उल अज़हा के मौक़े पर इस्लामिक सेन्टर ऑफ इंडिया ने जारी की एडवायज़री

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)

इस्लामिक सेन्टर ऑफ इंडिया ने जारी की एडवायज़री

ईद उल अज़हा के मौक़े पर जारी हुई एडवायज़री

मौलाना ख़ालिद रशीद फरंगी महली ने जारी की एडवायज़री

गाइड लाइन के तहत सिर्फ 50 लोग मस्जिद में नमाज़ अदा करें-फरंगी महली

मास्क सोशल डिस्टेंस का ख़ास ख़्याल रखा जाय-फरंगी महली

किसी से हाथ न मिलाएं न गले मिले-फरंगी महली

उन्ही जानवरों की क़ुर्बानी करें, जिस पर क़ानूनी बंदिश नहीं-फरंगी महली

सड़क किनारे गली और और पब्लिक स्थान पर क़ुर्बानी न करें-फरंगी महली

गोश्त का तीसरा हिस्सा गरीबों में तक़सीम करें-फरंगी महली

क़ुर्बानी की फ़ोटो वीडीयो सोशल मीडिया पर न डालें-फरंगी महली

नमाज़ के बाद कोविड के ख़ात्मे की करें दुआ-फरंगी महली

snewsdaily24@gmail.com

राधे-राधे के जयकारों से वातावरण हुआ गुंजायमान

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। नजीबाबाद नगर के टीला मंदिर परिसर स्थित भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर परिसर में भव्य आरती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर काफी संख्या मेें श्रद्धालु उपस्थित हुए। राधे-राधे के जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा।

वृंदावन स्थित इस्कान मंदिर से पदयात्रा कर नजीबाबाद पहुंचे भक्तों के समूह ने नजीबाबाद नगर के श्री जगन्नाथ मंदिर में संकीर्तन व आरती की। मंदिर में विराजमान भगवान श्री जगन्नाथ, देवी सुभद्रा तथा बलभद्र जी की लकड़ी की प्रतिमाओं के समक्ष आरती के साथ ही वृंदावन से पदयात्रा कर आए भक्तों के साथ चल रहे बैलों के रथ पर विराजमान श्री कृष्ण व राधारानी की प्रतिमाओं की भी वाद्ययंत्रों के साथ आरती की गई। नगर के भी श्रद्धालु काफी संख्या में संकीर्तन व आरती में सम्मलित रहे। वृंदावन से आए भक्तों के समूह में शामिल ऋतुदीप गौराचंद दास प्रभु के नेतृत्व में कृष्णानंद प्रभु, सीताचरन प्रभु, उपाचंद प्रभु, नकुल दास प्रभु, केशव वर्धन प्रभु, नारायण दास प्रभु, अमित प्रभु, मनोज प्रभु व जोगेश्वर प्रभु ने वाद्ययंत्रों के साथ सुंदर भजनों व राधे- राधे ध्वनि संकीर्तन किया। श्री जगन्नाथ मंदिर परिसर में उनके ठहरने व धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन में संजीव अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, कमलबंधु, निखिल कालरा, सुनील राजपूत, कृष्ण अवतार वर्मा, पंकज अग्रवाल, दीपक कर्णवाल, जगदीश सिंह, अमित वर्मा आदि का योगदान रहा।

एकलव्य बाण समाचार

कांवड़ यात्रा प्रतिबंध: नाराज व्यापारी बोले, हमें जहर दे दो!

हरिद्वार (एकलव्य बाण समाचार)। कोरोना संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष भी कांवड़ यात्रा रद्द कर दी गई है।

कांवड़ यात्रा रद्द होने से धर्मनगरी हरिद्वार के व्यापारियों में रोष है और व्यापारी लगातार धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ अपना विरोध प्रकट कर रहे हैं। हरिद्वार में अपर रोड पर आक्रोशित युवा व्यापारियों ने “व्यापारियों को जहर दे दो, हम जीना नहीं चाहते” जैसे स्लोगन लिखी तख्तियां हाथ में लेकर उग्र प्रदर्शन किया।

एकलव्य बाण समाचार

उत्तराखंड नहीं जा सकेंगे कांवड़िए

बिजनौर/हरिद्वार (एकलव्य बाण समाचार)। थाना श्यामपुर क्षेत्रान्तर्गत एक बॉर्डर पुलिस मीटिंग का आयोजन किया गया।

मीटिंग में उत्तर प्रदेश पुलिस एवं उत्तराखंड के अधिकारी क्षेत्राधिकारी श्यामपुर, थानाध्यक्ष श्यामपुर, चौकी इंचार्ज चंडी घाट, चौकी इंचार्ज लालढांग, क्षेत्राधिकारी नजीबाबाद, थानाध्यक्ष मंडावली, एसडीएम नजीबाबाद, नायब तहसीलदार हरिद्वार एवं अन्य अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

बैठक में आगामी कांवड़ मेला को लेकर विचार विमर्श किया गया तथा यह सुनिश्चित किया गया कि उत्तराखंड में कांवड़ मेला पूर्णतया प्रतिबंधित है। इसलिए इस प्रतिबंध का भरपूर प्रचार एवं प्रसार किया जाए ताकि कोई भी कांवड़िया उत्तराखंड में न आ सके। इसके अतिरिक्त अपराध की दृष्टि से भी इस मीटिंग में वार्ता हुई। किसी भी प्रकार के अपराध से संबंधित घटना में जनपदों में समन्वय करते हुए एक दूसरे की मदद की जा सके, इस तथ्य पर खासा जोर दिया गया।

एकलव्य बाण समाचार

धूमधाम से श्रद्धापूर्वक निकाली भगवान जगन्नाथ यात्रा

नजीबाबाद रेलवे स्टेशन से प्रारंभ होकर यात्रा भगवान जगन्ना्थ मंदिर पहुंचकर हुई पूर्ण। भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और बलभद्र की मूर्तियों पर पुष्प वर्षा। नाचते-गाते व कीर्तन करते चल रहे थे श्रद्धालु।

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। नजीबाबाद नगर के रेलवे स्टेशन से पारंपरिक रूप से प्रति वर्ष निकलने वाली भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और बलभद्र जी की लकड़ी से निर्मित मूर्तियों को सजाए गए आसन पर विराजमान कर शोभायात्रा निकाली गयी। शोभा यात्रा में भजनों व हरि धुनों पर नाचते-गाते श्रद्धालु चल रहे थे। शोभायात्रा भगवान जगन्नाथ मंदिर परिसर पहुंचकर पूर्ण हुई। आरती के बाद प्रसाद वितरित कर भंडारे का आयोजन किया गया।

नजीबाबाद रेलवे स्टेशन परिसर स्थित प्राचीन श्री शिव मंदिर से भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और बलभद्र जी की लकड़ी से निर्मित मूर्तियों को एक छोटे हाथी  पर सजाए गए दरबार में विराजित किया गया। इसके बाद नगर के कृष्णा टाकीज चौराहे, नजीबुद्दौला मार्केट, सुराही बाजार, जगन्नाथ चौक, बाजार कल्लूगंज, चौक बाजार होते हुए प्रति वर्ष निकाली जाने वाली पारंपरिक भगवान जगन्नाथ शोभा यात्रा टीला मंदिर परिसर स्थित प्राचीन भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर पर पहुंचकर पूर्ण हुई। शोभायात्रा में पैदल चल रहे श्रद्धालु हरि संकीर्तन व भजन प्रस्तुत करते चल रहे थे। श्रद्धालु भजन गाते व नाचते हुए शोभायात्रा में शामिल रहे। रास्ते में कई स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्र का स्वागत किया। साथ ही प्रसाद का वितरण भी किया जाता रहा। मंदिर परिसर में मूतियों को उनके आसनों पर विराजमान कर आरती की गई। इसके बाद प्रसाद वितरण कर भंडारे का भी आयोजन किया गया। शोभायात्रा में संजीव अग्रवाल, राजीव अग्रवाल बर्तन वाले, यदु ऐरन, निशिथ ऐरन, कमल बंधु, सुनील राजपूत, जगदीश सिंह, अमित बत्रा, शिवम अग्रवाल, कृष्ण अवतार वर्मा, पंकज अग्रवाल, दीक कर्णवाल आदि का विशेष सहयोग रहा।

लोकप्रिय नेता सीएल वर्मा ने किया बजरंगबली के भंडारे का प्रसाद गृहण

लखनऊ। जेष्ठ माह के तृतीय मंगलवार को मलिहाबाद क्षेत्र के भुलभुला खेड़ा गांव में प्रदीप यादव पूर्व बीडीसी, विजय यादव, संतोष यादव, नीरज यादव पुजारी, राज प्रधान, करन, राहुल, रोहित, रोशन आदि श्रद्धालुओं ने बजरंगबली की पूजा अर्चना के बाद भंडारे का आयोजन किया।

श्रद्धालुओं ने बजरंगबली के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित व मंत्र उच्चारण के साथ पूजा की और उनका भोग लगाने के बाद पूड़ी सब्जी व बूंदी का प्रसाद वितरण किया।

इस मौके पर 168 विधानसभा मलिहाबाद क्षेत्र के लोकप्रिय नेता व पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सीएल वर्मा ने भंडारे में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। साथ ही क्षेत्र के अमृत खेड़ा गांव में राजकिशोर रावत द्वारा आयोजित भंडारे में शामिल हुए। इसके बाद तिलन चौराहा व कैथूलिया गांव में हरदेव बाबा देव स्थान पर आयोजित भंडारे में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया।

इसी के साथ सीएल वर्मा भिम्मा खेड़ा, दौलतपुर, घुँघचेला, दतली, मंझवा आदि गांवों में भी पहुंचे। इस दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देशन में 2022 में चुनाव की तैयारी को लेकर अभियान चलाकर सपा सरकार में कराए गए कार्यो की उपलब्धियां गिनाते हुए जनता को जागरूक करते हुए आने वाले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को जिताने की अपील की। सीएल वर्मा ने सत्ताधारी बीजेपी पार्टी पर गंभीर लगाते हुए ग्रामीणों को बताया कि भाजपा सरकार में सरसों का तेल सहित साग सब्जी व डीजल, पेट्रोल की महंगाई ने आम जनता की कमर तोड़कर रख दी है।

बड़े मंगल पर माल कस्बे में विशाल भंडारा

लखनऊ। बड़े मंगल के अवसर पर माल कस्बे में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में सांसद कौशल किशोर परिवार के साथ पहुंच कर प्रसाद ग्रहण किया।
जेष्ठ मास के बड़े मंगल के शुभ अवसर पर कस्बा माल निवासी योगेंद्र सिंह द्वारा उनके बंगले पर आयोजित विशाल भंडारे में जनप्रतिनिधियों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुये बाबा का प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में सांसद कौशल किशोर, विधायक जयदेवी कौशल व पुत्र विकास किशोर उर्फ आशू , कुँवर माधवेन्द्र देव सिंह, राजकुमार सिंह, रजनीश सिंह माल प्रधान सोनू चौरसिया, भाष्कर सिंह, अनुराग सिंह, पूर्व प्रधान विशम्भरनाथ, रामनरेश यादव सहित बड़ी संख्या में बीडीसी सदस्य व ग्राम प्रधानों सहित सैकड़ों की संख्या में लोग गणमान्य लोग व ग्रामीण मौजूद थे।

इस बार ज्येष्ठ के 4 बड़े मंगल, आज से पांच तक पंचक

जेष्ठ माह के इस बार 4 बड़े मंगल हैं। 1, 8, 15 और 22 जून। एक जून को द्विपुष्कर योग, 8 और 15 जून को सर्वार्थ सिद्धि योग और 22 जून को त्रिपुष्कर योग रहेगा। पहले बड़े मंगल पर घनिष्ठा नक्षत्र स्वामी मंगल का संयोग, दूसरे बड़े मंगल पर भरणी नक्षत्र स्वामी शुक्र का संयोग, तीसरे बड़े मंगल पर अश्लेषा नक्षत्र स्वामी बुध का संयोग और चौथे बड़े मंगल पर विशाखा नक्षत्र स्वामी गुरु का संयोग विशेष फलदाई सिद्ध होगा। 24 जून को जेठ माह समाप्त हो जाएगा।

✒️ आचार्य डॉ. प्रदीप द्विवेदी लखनऊ

आज 01 जून 2021 को जयेष्ठ माह, मंगलवार, कृष्ण पक्ष, सप्तमी तिथि 12:46 तक फिर अष्टमी तिथि शुरू होगी। सूर्योदय प्रातः 05:28, सूर्यास्त 07:10, चन्द्रोदय 12:49, चन्द्रास्त अगले दिन 11:12 बजे तक, आज वैधृति नक्षत्र के साथ विष्टि करन अर्थात भद्रा (बकरी) के स्वभाव की तरह दिन का स्वभाव होगा। चन्द्र्मा कुम्भ राशि मे संचार करेगा, शुभ अभिजित मुहूर्त 11:52 से 12:47, राहुकाल 03:45 से 05:28 बजे तक, आज द्विपुष्कर योग के साथ आज 01 जून 2021 से पंचक प्रारंभ हो रहे है, जो 05 जून तक चलेंगे। यह मंगलवार को प्रात: 03:59 पर प्रारंभ होगा जो 5 जून 2021 शनिवार को प्रात: 11:28 पर समाप्त होगा। मंगलवार से प्रारंभ होने वाले पंचक अग्नि पंचक कहे जाते हैं। अग्नि पंचक के दौरान औजारों की खरीद, निर्माण या मशीनरी कार्यों को करने से बचना चाहिए। इस अवधि में आग लगने का भय रहता है इसीलिए इन्हें अग्नि पंचक कहा गया है। हालांकि अग्नि पंचक के दौरान कुछ विवादित कामों में सफलता भी मिल सकती है। इस अवधि में कोर्ट-कचहरी आदि के फैसले पक्ष में आ सकते हैं। अग्नि पंचक के दौरान अपने अधिकार प्राप्त करने वाले काम भी किए जा सकते हैं। इस दौरान कोई शुभ कार्य नही किये जाते हैं। ऐसे समय में इष्टदेव की आराधना करना अच्छा होता है और साथ ही मजदूरों, सफाईकर्मी व मालियों को मिठाई भी खिलाना अच्छा होता है।

डॉ. ब्रह्म भाटिया, हस्तरेखा विशेषज्ञ

मातृशक्ति के पावन चैत्र मास नवरात्र कन्याभोज के साथ संपन्न

मातृशक्ति के पावन चैत्र मास नवरात्र कन्याभोज के साथ संपन्न

मलिहाबाद लखनऊ। कोरोना महाविनाश के चलते लोगों ने मातृशक्ति से सभी के कल्याण के लिए श्रद्धानुसार पूजा अर्चना और व्रत रख कर किया। इस बार तेरह अप्रैल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि लगी। इसी दिन नवरात्र का कलश की स्थापना किया गया। इस दिन चंद्रमा मेष राशि में रहे, देर रात सूर्य भी मेष में आए। ऐसे में यह भी अद्भुत संयोग रहा कि राशि चक्र की पहली राशि में चैत्र नवरात्र के पहले दिन ग्रहों के राजा और रानी स्थित हुए।
नवरात्र का आरम्भ अश्विनी नक्षत्र में हुआ, जिसके स्वामी ग्रह केतु और देवता अश्विनी कुमार हैं, जो आरोग्य के देवता माने जाते हैं।
चैत्र नवरात्र का आरम्भ इस बार भी ऐसे वक्त हुआ है जब कोरोना वायरस एक बार फिर से अपनी चरम सीमा पार कर चुका लगा है और पूरे देश में एक बार फिर से दहशत का माहौल बना दिया है। बीते वर्ष भी माँ दुर्गा का आगमन ऐसे वक्त में हुआ था जब पूरा विश्व इस महामारी से जूझ रहा था और बड़ी संख्या में लोग इससे प्रभावित भी हुए थे। किंतु आस्था के इस पावन पर्व को भारी समस्याओं के चलते लोगों ने व्रत रखा और पूजा अर्चना हवन कन्याभोज कर नवरात्र पूर्ण किया। महमूद नगर निवासी विमल कुमार ने माता के पूर्ण कलश स्थापना के साथ व्रत रखा और कन्याभोज में एक अनूठी पहल की। कन्याओं को कन्याभोज के साथ शिक्षा किट (जिसमें बच्चों वाली किताब, पेंसिल, रबर आदि होते हैं) प्रदान की। सभी के उच्च शिक्षा एवं उन्नति के लिए माता रानी से प्रार्थना की। सर्वार्थ सिद्धि योग में जो भी शुभ कार्य किये जाते हैं। उन सभी में आपको सफलता प्राप्त होती है और माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद बना रहता है।

कन्याओं को घर पर जिमाया, पाया आशीर्वाद

घरों पर कन्याओं को जिमा कर लिया आशीर्वाद
अष्टमी पर नौ कन्याओं के पूजन के बाद किया व्रत परायण
नौ देवियों के स्वरूप को मानते हुए कराया जाता है भोजन

बिजनौर। नवरात्र के आठवें दिन आदि शक्ति के आठवें स्वरूप महागौरी की पूजा के साथ कन्या पूजन कर व्रत परायण किया गया। घर में नौ देवियों के स्वरूप में कन्याओं को आमंत्रण करके उनकों भोग लगाया और माता स्वरूप जानकर उनसे आशीर्वाद लिया। इसके अलावा नवमी पूजन करने वाले बहुत से श्रद्धालुओं ने व्रत रखे, बुधवार को परायण उपरांत कन्या पूजन किया जाएगा।
मंगलवार को चैत्र मास की अष्टमी को माता गौरी की पूजा अर्चना कर श्रद्धालुओं ने अपने घरों पर कन्या पूजन कर उन्हें भोग लगाया गया तथा कन्याओं को मां का स्वरुप मानकर उनसे आशीर्वाद लिया। यूं तो नवरात्रि के दौरान हर दिन कन्या पूजन करने की मान्यता है, लेकिन महाअष्टमी और नवमी तिथि को कन्या पूजन का महत्व सबसे अधिक होता है। चैत्र नवरात्रि का शुभारम्भ घट स्थापना के साथ होता है वहीं, नवरात्रि का समापन कन्या पूजन के साथ किया जाता है। कुछ लोग अष्टमी तिथि के दिन और कुछ लोग अपनी पारिवारिक मान्यता के अनुसार नवमी तिथि के दिन कन्या पूजन करते हैं। कन्या पूजन को कई लोग कंजक पूजन भी कहते हैं। कन्या पूजन के दौरान नौ कन्याओं के साथ ही एक बालक की भी पूजा की जाती है। इसका कारण यह है कि नवरात्रि में नौ कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है, वहीं बालक को बटुक भैरव या हनुमान जी के रूप में पूजा जाता है। कन्या पूजन के दौरान कंजकों के साथ बिठाए जाने वाले बालक को लांगुर कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा एवं सेवा किए जाने से देवी दुर्गा प्रसन्न होती हैं और भक्तों को सुख-शांति और धन-वैभव का आशीर्वाद देती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के दौरान दो साल से नौ साल के बीच की कन्याओं की ही पूजा की जाती है। हालांकि नौ वर्ष से अधिक उम्र की कन्याओं को भी भोजन करा सकते हैं परंतु पूजन सिर्फ नौ वर्ष से कम आयु की ही कन्याओं का किया जाता है।

चैत्र नवरात्र 13 अप्रैल से 21 अप्रैल

चैत्र नवरात्र 13 अप्रैल से 21 अप्रैल

नवरात्रि में मां के नौ रूपों का पूजन किया जाता है। चैत्र नवरात्र में ग्रीष्म ऋतु के आगमन की सूचना देता है। शक्ति की उपासना चैत्र मास के प्रतिपदा से नवमी तक की जाती है। इस वर्ष चैत्र नवरात्र का प्रारम्भ 13 अप्रैल से है और नवमी 21 अप्रैल को होगी। इस दिन चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि रहेगी। चंद्रमा मेष राशि में रहेगा अश्विनी नक्षत्र और विश्कुंभ योग बन रहा है। साथ ही सर्वार्थसिद्धि योग अमृतसिद्धि योग नवरात्र के महात्म्य में वृद्धि करेगा। इसी दिन नवसंवत्सर  विक्रम संवत 2078 से आनन्द नाम का संवत्सर प्रारंभ होगा। इसी दिन घटस्थापना की जाएगी। मंगलवार के दिन चैत्र नवरात्र का आरंभ होने से मां दुर्गा देवी का आगमन घोड़े पर हो रहा है जो शुभ नहीं है भय एवं युद्ध की स्थिति बनी रहेगी। कंधे पर देवी के प्रस्थान होने से यह राष्ट्र के लिए सुख समृद्धि कारक होगा।

नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा जीवन में सुख समृद्धि और शांति लाती है नवरात्र में घट स्थापना, जौ बोने, दुर्गा सप्तशती का पाठ, हवन व कन्या पूजन से माँ दुर्गा प्रसन्न होती हैं। प्रथम नवरात्र में मां शैलपुत्री, द्वितीय नवरात्र में माँ ब्रहाचारिणी, तृतीय नवरात्र में माँ चन्द्रघण्टा, चतुर्थ नवरात्र में कूष्माण्डा, पंचम नवरात्र में माँ स्कन्दमाता, षष्ठ नवरात्र में माँ कात्यायनी, सप्तम नवरात्र में माँ कालरात्री, अष्टम नवरात्र में माँ महागौरी, नवम् नवरात्र में माँ सिद्विदात्री के पूजन का विधान है। दुर्गा देवी के तीन रूप सरस्वती, लक्ष्मी व काली क्रमशः सत, रज और तम गुणों के प्रतीक हैं।

चैत्र नवरात्र घट स्थापना मुहुर्त-चैत्र की प्रतिपदा तिथि 12 अप्रैल को प्रातः 8ः00 से प्रारम्भ होकर 13 अप्रैल को प्रातः 10ः16 पर समाप्त हो रही है। चैत्र नवरात्र में दुर्गा पूजन हेतु इस वर्ष घट स्थापना महुर्त मंगलवार 13 अप्रैल को प्रातः 5ः45 से प्रातः 09ः59 में तथा लाभ की चैघाड़िया एवं अभिजीत महुर्त दिन 11ः41 से दिन 12ः32 करना श्रेष्ठ है। 
ज्योतिषाचार्य एस. एस. नागपाल स्वास्तिक ज्योतिष क्रेन्द्र, अलीगंज, लखनऊ

हिन्दू नववर्ष विक्रम संवत् 2078 आनन्द संवत्सर का प्रारम्भ

हिन्दू नववर्ष विक्रम संवत् 2078 आनन्द संवत्सर का प्रारम्भ

इस बार हिन्दू नववर्ष विक्रम सम्वत् 2078 का प्रारम्भ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 13 अप्रैल मंगलवार को होगा। हिन्दू वर्ष में 12 महीने (चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, अश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष, पौष, माघ, फाल्गुन) होते हैं। इसी तिथि पर देवपिता ब्रहा जी ने सारी सृष्टी का निर्माण किया था। मान्यता है कि भगवान विष्णु का मत्स्य अवतार तथा सतयुग का प्रारम्भ हुआ था। महान सम्राट विक्रमादित्य ने संवत्सर का आरम्भ इसी तिथि से किया था। इसी दिन नवसंवत्सर विक्रम संवत 2078 से आनन्द नाम का संवत्सर प्रारंभ होगा। संवत 2078 का ग्रह मंत्री मंडल इस प्रकार है। इस नव वर्ष के राजा और मंत्री दोनों का कार्यभार अग्नि तत्व के प्रतीक मंगल ग्रह के पास रहेगा। सस्येश शुक्र, धान्येश गुरु, मेघेष मंगल, रसेश रवि, नीरसेश शुक्र, फलेश चंद्र, धनेश शुक्र और दुर्गेश मंगल होंगे।

इनमें से पांच गृह मंडल में पांच स्थान सौम्य ग्रह को प्राप्त हुए हैं और पांच स्थान क्रूर ग्रहों को प्राप्त हुए हैं। इस बार मंगल के पास राजा और मंत्री के महत्वपूर्ण पद हैं। नव वर्ष का शुभारंभ जिस वार से होता है, वही वर्ष का राजा होता है। मंगल के प्रभाव से अग्नि के साथ जनधन का क्षय होने की घटना होती है। प्राकृतिक प्रकोप, लोगों में सदाचार की कमी, आपराधिक घटनाओं में वृद्धि आदि होती है। साथ ही धान्य आदि के भावों में तेजी आएगी। अध्यात्म के मार्ग पर चलने वालों को राहत और अन्य को पीड़ा का अनुभव होता है। इसके अलावा धान्येश गुरु होने से धान्य की उपलब्धता सुलभ होगी। दुर्गेश मंगल होने के कारण राष्ट्र में आंतरिक विरोध, पड़ोसी देशों से तनाव चलता रहेगा। अच्छी बारिश के योग भी बन रहे हैं महामारी का प्रकोप कम पड़ जाएगा। इस दिन नये वर्ष के पचांग का पूजन कर वर्षफल सुना जाता है। निवास स्थानों पर ध्वाजा और बन्दनवार लगाते हैं। महाराष्ट्र में गुडी पड़वा पर घर-घर में ध्वाजायें फैरायी जाती हैं। इस दिन नीम के नये कोमल पत्तों, जीरा, काली मिर्च, हींग, नमक को पीसकर खाने से वर्ष भर अरोग्यता रहती है-
ज्योतिषाचार्य एस. एस. नागपाल स्वास्तिक ज्योतिष केन्द्र, अलीगंज, लखनऊ

कुंभ का 14 अप्रैल का स्नान महत्वपूर्ण

पंडित शिवकुमार शास्त्री, बाड़ा मंदिर बिजनौर उत्तर प्रदेश

5 अप्रैल की मध्य रात्रि 12:30 बजे से देव गुरु बृहस्पति कुंभ राशि में प्रवेश कर गए हैं। यहीं से कुंभ पर्व का पहला चरण शुरू हो गया है। कुंभ का पूर्ण सहयोग 13 अप्रैल की रात्रि 2:33 बजे पर उस समय बनेगा जब सूर्य मेष राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इसके बाद ही सही मायनों में कुंभ स्नान का मुहूर्त बनेगा। हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार 14 अप्रैल का स्नान ही वास्तविक कुंभ स्नान होगा और यही सबसे महत्वपूर्ण होगा। इसी दिन नव संवत्सर की शुरुआत होगी। संक्रांति भी उसी दिन होगी। अमृत की चौघड़िया प्रातः 7:28 बजे से 9:05 बजे तक रहेगी। इसी दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:54 बजे से दोपहर 12:42 बजे तक होगा। यही कुंभ के स्नान का सर्वोत्तम योग होगा। कुंभ का यह दुर्लभ योग लगभग एक माह तक रहेगा। यानी कुंभ का प्रयोग 14 मई की अर्धरात्रि तक बना रहेगा। इस अवधि तक गंगा में कुंभ स्नान का पूर्ण फल प्राप्त होगा।

होली पर चलेंगी कई स्पेशल ट्रेन

होली पर कई यात्री गाड़ियों के संचालन को रेल मंत्रालय की तैयारी

नई दिल्ली। होली के अवसर पर विशेष रेलगाड़ियां चलाने का ऐलान रेल मंत्रालय ने किया है। इनका संचालन दिल्ली से किया जाएगा, जो मंडल मुख्यालय मुरादाबाद से होकर गुजरेंगी। कोलकाता और असम से चलने वाली कई ट्रेन वैष्णोदेवी कटरा जक जाएंगी। इन ट्रेन के संचालन की तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। कुछ ट्रेन अप्रैल माह के पहले सप्ताह तक चलेंगी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक और मंडल की प्रवक्ता रेखा शर्मा ने बताया कि होली और त्योहार स्पेशल ट्रेन के संचालन में कोविड प्रोटोकाल का पालन कराया जाएगा।

आनंद विहार टर्मिनल-वाराणसी स्पेशल रेल प्रवक्ता के अनुसार 04032 आनंद विहार टर्मिनल-वाराणसी स्पेशल रेलगाड़ी के रूप में सप्ताह में 3 दिन 22 से 31 मार्च तक प्रत्येक बुधवार, शुक्रवार और सोमवार को आनंद विहार टर्मिनल से सायं 06:15 बजे प्रस्थान करके अगले दिन सुबह 08:05 बजे वाराणसी पहुंचेगी। वापसी में 04031 वाराणसी-आनंद विहार टर्मिनल 21से 30 मार्च तक प्रत्येक मंगलवार, गुरुवार और रविवार को वाराणसी से सायं 07:30 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 09:30 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी। मार्ग में यह मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ और भदोई स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

बठिंडा-वाराणसी साप्ताहिक एक्सप्रेस 04998 बठिंडा-वाराणसी साप्ताहिक एक्सप्रेस स्‍पेशल रेलगाड़ी 21 से 28 मार्च तक बठिंडा से प्रत्येक रविवार को रात्रि 09:05 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सायं 04:40 बजे वाराणसी पहुंचेगी। वापसी में 04997 वाराणसी-बठिंडा साप्ताहिक एक्सप्रेस 22 से 29 मार्च तक वाराणसी से प्रत्येक सोमवार को रात्रि 09:20 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सायं 04:50 बजे बठिंडा पहुंचेगी। यह रेलगाड़ी रामपुरा फूल, बरनाला, बामला, धूरी, पटियाला, राजपुरा, अंबाला छावनी, यमुनानगर, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ तथा सुल्तानपुर स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

वैष्णो देवी कटरा-वाराणसी साप्ताहिक एक्सप्रेस 04608 श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा-वाराणसी साप्ताहिक एक्सप्रेस 21 तथा 28 मार्च को वैष्णो देवी कटरा से सांय 06:45 बजे प्रस्‍थान करके अगले दिन रात्रि 10:15 बजे वाराणसी पहुंचेगी। वापसी में 04607 वाराणसी-श्रीमाता वैष्णो देवी एक्सप्रेस 23 तथा 30 मार्च को वाराणसी से सुबह 06:35 बजे प्रस्‍थान कर अगले दिन सुबह 09:20 पर कटरा पहुंचेगी। मार्ग में यह ऊधमपुर, जम्मू तवी, पठानकोट छावनी, जालंधर छावनी, लुधियाना, अंबाला छावनी, यमुनानगर जगाधरी, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ और सुल्तानपुर स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

आनंद विहार टर्मिनल-लखनऊ एसी सुपर फास्ट 04422 आनंद विहार टर्मिनल-लखनऊ एसी सुपर फास्ट एक्सप्रेस स्पेशल रेलगाड़ी 24 और 31 मार्च को आनंद विहार टर्मिनल से रात्रि 08:10 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 04:20 बजे लखनऊ पहुंचेगी। वापसी में 04421 लखनऊ-आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस 23 और 30 मार्च को लखनऊ से रात्रि 09:20 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 05:45 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी। मार्ग में यह गाजियाबाद, मुरादाबाद और बरेली स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

लखनऊ-हजरत निजामुद्दीन एसी सुपरफास्ट 04423 लखनऊ-हजरत निजामुद्दीन एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस 25 मार्च और एक अप्रैल को लखनऊ से रात्रि 09:20 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 05:45 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी। वापसी में 22 और 29 मार्च को हजरत निजामुद्दीन से रात्रि 08:10 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 04:20 बजे लखनऊ पहुंचेगी। यह गाजियाबाद, मुरादाबाद और बरेली स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

चंडीगढ़-गोरखपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस 04924 चंडीगढ़-गोरखपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस बृहस्पतिवार को चंडीगढ़ से रात 11:20 बजे प्रस्‍थान कर अगले दिन सायं 05.15 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। वापसी में 19 और 26 मार्च को प्रत्येक शुक्रवार को गोरखपुर से रात्रि 10:10 बजे प्रस्‍थान कर अगले दिन दोपहर 03:30 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगी। यह अंबाला छावनी, यमुनानगर, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा और बस्ती स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी ।

नई दिल्ली-बरौनी सुपर फास्ट स्पेशल 04040 नई दिल्ली-बरौनी सुपर फास्ट स्पेशल 19, 23, 26और 30 मार्च को नई दिल्ली से सांय 07:25 बजे प्रस्थान कर अगले दिन दोपहर 03:00 बजे बरौनी पहुंचेगी। वापसी में 20, 24, 27 और 31 मार्च को बरौनी से प्रत्येक बुधवार और शनिवार को सायं 07:30 बजे प्रस्थान कर अगली सायं 04:15 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। यह गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, बाराबंकी, गोरखपुर, सीवान, छपरा तथा हाजीपुर स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

नांगलडैम-लखनऊ साप्‍ताहिक स्पेशल 04510 नांगलडैम-लखनऊ साप्‍ताहिक स्पेशल 22 और 29 मार्च को नांगलडैम से रात्रि 11:45 बजे प्रस्‍थान कर अगले दिन दोपहर 02:00 बजे लखनऊ पहुंचेगी। वापसी में 23 और 30 मार्च को रात्रि 09:30 बजे लखनऊ से प्रस्‍थान कर अगले दिन दोपहर एक बजे नांगलडैम पहुंचेगी। यह रूपनगर, चंडीगढ़, अंबाला छावनी, जगाधरी, सहारनपुर, मुरादाबाद और बरेली स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

नांगलडैम-कोलकाता साप्ताहिक सुपरफास्ट 04520 नांगलडैम-कोलकाता साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल 20 और 27 मार्च को नांगलडैम से सुबह 06:50 बजे प्रस्थान कर अगले दिन दोपहर 02:45 बजे कोलकाता पहुंचेगी। वापसी में 22 और 29 मार्च को कोलकाता से सुबह 07:40 बजे प्रस्थान कर अगली सायं 03:55 बजे नांगलडैम पहुंचेगी। मार्ग में यह आनंदपुर साहिब, रूपनगर, सरहिंद, अंबाला, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, वाराणसी, पं. दीनउपाध्याय, पटना, क्यूल, झाझा, जसीडीह और आसनसोल स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

आनंद विहार टर्मिनल-कामाख्या साप्ताहिक स्पेशल 04050 आनंद विहार टर्मिनल-कामाख्या साप्ताहिक स्पेशल 19 तथा 26 मार्च को आनंद विहार टर्मिनल से रात्रि 11:45 बजे प्रस्थान कर तीसरे दिन सायं 03:30 बजे कामाख्या पहुंचेगी। वापसी दिशा में 04049 कामाख्या-आनंद विहार स्पेशल 23 तथा 30 मार्च को कामाख्या से सुबह 05:35 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सायं 06:15 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी। यह गाजियाबाद, हापुड़, मुरादाबाद, चंदोसी, सीतापुर, गोंडा, मनिकापुर, बस्ती, गोरखपुर, सीवान, छपरा, हाजीपुर, बरौनी, खगड़िया, नौगछियां, कटिहार, किशनगंज, न्यूजलपाईगुडी, बिन्नगुड़ी, अलीपुर द्वार, कोकराझार, न्यूबंगोई गांव तथा गोलपाड़ा टाउन स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी ।

होलाष्टक 22-28 मार्च तक, 29 को खेला जाएगा रंग

होलाष्टक 22-28 मार्च तक, 29 मार्च को खेली जाएगी रंगों की होली

होली का त्योहार फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को हर्षोल्लास व उत्साह के साथ मनाया जाता है। रंग खेलने वाले दिन को धुलेंडी कहा जाता है। इसके एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है। इस साल होलिका दहन 28 मार्च को किया जाएगा, जबकि रंगों वाली होली 29 मार्च को होगी फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से होलिका दहन तक होलाष्टक मनायी जायेगी. इस साल 22-28 मार्च तक होलाष्टक तिथि पड़ रही है. इसे होली से 08 दिन पहले माना जाता है.  मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में मुंडन संस्कार, शादी-विवाह, गृह प्रवेश या नए पूरे भवन का निर्माण व नए व्यवसाय खोलने जैसे कोई भी शुभ कार्य नहीं करने चाहिए.

होलाष्टक से जुडी मान्यता – कामदेव ने भगवान शिव की तपस्या इसी दौरान भंग कर दी थी. जिससे नाराज होकर फाल्गुन की अष्टमी तिथि को ही शिव शंभू ने प्रेम के देवता को भस्म कर दिया था। इसके बाद पूरी सृष्टि नीरस हो गयी थी। हालांकि, कामदेव की पत्नी रति ने शिव जी की अराधना करके दोबारा अपने पति कामदेव को पुर्नजीवित करवाया। जिसके बाद भक्तों ने 8 दिनों तक शुभ कार्य करने को वर्जित माना। 28 मार्च को होली दहन का मुर्हूत सायंकाल 06ः21 से रात्रि 08ः41 तक करना उचित है।
ज्योतिषाचार्य एस.एस. नागपाल, स्वास्तिक ज्योतिष केन्द्र, अलीगंज (AMJA)

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मात्र ₹251 में घर बैठे लीजिए श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद: पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

डाक विभाग की पहल: घर बैठे स्पीड पोस्ट से मंगाएं श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद

मात्र ₹ 251 में घर बैठे मिलेगा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद -पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

श्रद्धालु महिला को श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद प्रदान करते पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

काशी। महाशिवरात्रि में भगवान शंकर की पूजा और उनके प्रसाद की बड़ी महिमा है। अक्सर लोगों की इच्छा होती है कि काश घर बैठे ही उन्हें बाबा भोलेनाथ का प्रसाद मिल सके। ऐसे में लोगों को अब निराश नहीं होना पड़ेगा। अब वे घर बैठे स्पीड पोस्ट द्वारा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद प्राप्त कर सकेंगे। उक्त जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने दी।

इस संबंध में जानकारी देते हुए वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के बीच हुए एक एग्रीमेण्ट के तहत नए स्वरूप में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद स्पीड पोस्ट सेवा द्वारा लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके तहत अपने नजदीकी डाकघर से मात्र 251 रूपये का ई-मनीआर्डर प्रवर अधीक्षक डाकघर, वाराणसी (पूर्वी) मंडल के नाम भेजना होगा। ई-मनीऑर्डर प्राप्त होते ही डाक विभाग द्वारा तत्काल दिए गए पते पर प्रसाद भेज दिया जाएगा। डिब्बा बंद प्रसाद टेंपर प्रूफ इनवेलप में होगा । इससे किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी। इसके अलावा इसे मात्र ₹201 में वाराणसी सिटी डाकघर के काउंटर से भी प्राप्त किया जा सकता है।

प्रसाद में शामिल होंगी ये वस्तुएं-
पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि प्रसाद में श्री काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग की छवि, महामृत्युंजय यंत्र, श्री शिव चालीसा, 108 दाने की रुद्राक्ष की माला, बाबा को चढ़ा बेलपत्र, माता अन्नपूर्णा से भिक्षाटन करते भोले बाबा की छवि अंकित सिक्का, मेवा, भस्म, चंदन, रक्षा सूत्र एवं मिश्री का पैकेट इत्यादि शामिल होंगे।

प्रवर अधीक्षक डाकघर, वाराणसी पूर्वी मंडल सुमीत कुमार गाट ने बताया कि डाक विभाग ने इस बात के भी प्रबंध किए हैं कि भक्तों को मोबाइल नंबर पर स्पीड पोस्ट का विवरण एसएमएस के माध्यम से मिलेगा। इसके लिए भक्तों को ई-मनीऑर्डर में अपना पूरा पता, पिन कोड और मोबाइल नंबर लिखना अनिवार्य होगा।

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मन्दिर की वर्षगांठ पर हुआ विशाल भण्डारा

मन्दिर के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य पर किया गया विशाल भण्डारा


लखनऊ। क्षेत्र के गांव रूपनगर माधवपुर मलिहाबाद में शिव-शक्ति धाम देव लोक मंदिर में एक साल पूर्ण होने पर होने पर हनुमान जी की मूर्ति स्थापित की गयी थी। इस उपलक्ष्य में समस्त क्षेत्रवासी व भक्त जनों ने विशाल भंडारे का आयोजन किया। व्यवस्थापक जयेन्दृ पाल ने बताया कि उनके पूर्वजों के आशीर्वाद से मूर्ति की स्थापना की गई थी। इस मन्दिर से गांव के लोगों की बहुत ही श्रद्धा जुड़ी हुई है। इस अवसर पर लोगों ने बढ़चढ़कर हिस्सा भी लिया।

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‘चौरी चौरा’ कांड के हो रहे हैं पूरे 100 साल, उद्घाटन कल

प्रधानमंत्री 4 फरवरी को ‘चौरी चौरा’ शताब्दी समारोहों का उद्घाटन करेंगे

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गोरखपुर, उत्तर प्रदेश स्थित ‘चौरी चौरा’ शताब्दी समारोहों का 4 फरवरी, 2021 को दिन में 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उद्घाटन करेंगे। 4 फरवरी को ‘चौरी चौरा’ कांड के 100 पूरे हो रहे हैं।

चौरी चौरा की घटना देश के स्वाधीनता संघर्ष में मील का पत्थर सिद्ध हुई थी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री चौरी चौरा को समर्पित एक डाक टिकट भी जारी करेंगे। इस उद्घाटन कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहेंगे। राज्य सरकार की योजना उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में शताब्दी समारोहों और विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन की है। प्रधानमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार यह आयोजन 4 फरवरी 2021 से शुरू होंगे और एक वर्ष तक 4 फरवरी, 2022 तक जारी रहेंगे।

छात्र-छात्राओं ने किया वंदे मातरम गायन का पूर्वाभ्यास

इस बीच चौरी चौरा शताब्दी महोत्सव के अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियों में तेजी आ गई है।

तेजवापुर (बहराइच): राजकीय इंटर कॉलेज रमपुरवा विद्यालय में चौरी चौरा शताब्दी महोत्सव के अवसर पर छात्र-छात्राओं को वंदे मातरम गायन का पूर्वाभ्यास कराया गया। इस अवसर पर तेजवापुर ब्लाॅक के खंड शिक्षा अधिकारी धर्मेंद्र पाल, विद्यालय के प्रधानाचार्य बच्छराज, प्रवक्ता मंशाराम, डॉ अनिमेष मिश्र, अमित कुमार, डॉ मुन्ना आर्य, नीरज चतुर्वेदी, कमल किशोर शुक्ला। एलटी ग्रेड शिक्षक प्रवीन सिंह, अजय सिंह, महेंद्र प्रताप सिंह, शैलेंद्र श्रीवास्तव, सिद्धनाथ शर्मा, राजेश सिंह, पंकज अवस्थी, विनोद मौर्य और सभी छात्र-छात्राएं भी उपस्थित रहे।

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने फहराया तिरंगा

गणतंत्र दिवस पर पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने क्षेत्रीय कार्यालय, वाराणसी में फहराया तिरंगा

सराहनीय कार्य हेतु डाककर्मियों को किया सम्मानित

वाराणसी। डाक विभाग द्वारा वाराणसी परिक्षेत्र में 26 जनवरी, 2021 को 72वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कैंट प्रधान डाकघर कैम्पस स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पर तिरंगा झंडा फहराया। सराहनीय सेवाओं के लिए 12 डाककर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि आज ही के दिन हमने संविधान के तहत लोकतान्त्रिक व्यवस्था को अंगीकार कर देश के प्रत्येक नागरिक के कल्याण एवं सर्वोन्मुखी विकास का संकल्प लिया था। ऐसे में संविधान में प्रदत्त अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी विवेकपूर्ण अनुपालन आवश्यक है। आज के दिन हम सभी को लोकतंत्र की उपलब्धियों का उत्सव मनाना चाहिए और एक शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं प्रगतिशील भारत के निर्माण में स्वयं को समर्पित करने का संकल्प लेना चाहिए। श्री यादव ने कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक और सरकारी व्यवस्था के अंग दोनों रूप में, संविधान द्वारा स्थापित तंत्र की मजबूती हेतु कार्य करते हुए हमारा दायित्व होना चाहिए कि सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाएं आम जन तक पहुंचें और इसके लिए हमें अधिक प्रभावी और प्रतिबद्ध रूप में कार्य करना होगा।

सहायक निदेशक प्रवीण प्रसून ने कहा कि, डाक विभाग आम जन से जुड़ा हुआ है, ऐसे में गणतंत्र में इसकी भूमिका और भी अहम हो जाती है।
इस अवसर पर वाराणसी पश्चिमी डाक मंडल के अधीक्षक डाकघर राम मिलन, लेखा अधिकारी महेंद्र प्रताप वर्मा , संतोषी राय, पोस्टमास्टर कैंट प्रधान डाकघर रमाशंकर वर्मा सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।


12 लोगों का हुआ सम्मान –

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने सराहनीय सेवाओं हेतु क्षेत्रीय कार्यालय से श्रीप्रकाश गुप्ता, राजेन्द्र प्रसाद यादव, नरेंद्र राम, राहुल कुमार वर्मा, मनीष कुमार, ललित कुमार सिंह, शंभू प्रसाद गुप्ता एवं मंडलीय कार्यालय से सर्वेश पांडेय, वाराणसी कैंट प्रधान डाकघर से संतोष दूबे, कपिलमुनि शुक्ला, राम आसरे यादव व महेंद्र प्रसाद को सम्मानित किया।

बिजनौर जजी परिसर में फहराया राष्ट्रीय ध्वज

बिजनौर। गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिला न्यायाधीश श्रीमती जयश्री आहुजा ने जजी परिसर में झंडा फहराने (Flag Unfurling) के उपरांत जिले के सभी न्यायिक अधिकारी एवं कर्मचारियों को सामूहिक रूप से संविधान की उद्देशिका का पाठन कर शपथ ग्रहण कराई। उन्होंने देश के संविधान के महत्व के विषय में जानकारी दी। साथ ही संविधान के अनुसार अपने कर्तव्य एवं संविधान में वर्णित तथ्यों का अनुपालन अपनी दिनाचर्या में करने की अपेक्षा की। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षता में आयोजित उक्त कार्यक्रम में सभी न्यायायिक अधिकारी एवं कर्मचारीगण मौजूद थे। 

72वें गणतंत्र दिवस पर मनकामेश्वर से निकली मिशन शक्ति तिरंगा यात्रा

72वें गणतंत्र दिवस पर मनकामेश्वर से निकली मिशन शक्ति तिरंगा यात्रा

लखनऊ। 72वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर डालीगंज स्थित प्रतिष्ठित मनकामेश्वर मठ-मंदिर की ओर से सोमवार 25 जनवरी को मिशन शक्ति तिरंगा यात्रा मनकामेश्वर घाट उपवन से मंदिर परिसर तक निकाली गई। मिशन शक्ति के तहत तिरंगे के रंग में वेशभूषा पहन कर 72 बालिकाएं, युवतियां और महिलाएं यात्रा में शामिल हुईं। मनकामेश्वर मठ-मंदिर की श्रीमहंत देव्यागिरि की अगुवाई में बाबा मनकामेश्वर का तिरंगामयी सोमवारीय भव्य श्रंगार कर महा आरती की गई।

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर मनकामेश्वर घाट उपवन से भारत माता की जय, बम बम भोले, जय भोले के जय घोषों के साथ भव्य तिरंगा यात्रा निकाली। डमरू, झांझ, मंजीरें जैसे वाद्यों को बजाते युवाओं का उत्साह देखते ही बना। इस साल 72वां गणतंत्र दिवस है इसलिए विशेष तौर से 72 बालिकाएं, युवतियां और महिलाएं तिरंगामय वस्त्र धारण कर तिरंगा यात्रा में शामिल हुईं।

मनकामेश्वर घाट उपवन पर भारत माता की तस्वीर का पूजन किया गया। तिरंगा यात्रा में भारत माता के रुप में बालिका अनामिका शामिल हुई। यात्रा का स्वागत जगह जगह फूलों से किया गया। मन्दिर पहुंचने पर तिरंगा यात्रा का स्वागत शंखनाद कर किया गया। इस अवसर पर प्रसाद और एक तिरंगे का वितरण भी किया गया। महिला मण्डली में शामिल उपमा पाण्डेय, वैदेही  संस्था से रूबी, तृप्ता, किरन, कमलेश, उमादेवी, आरती, गुड़िया, गोल्डी, वंदना मिश्रा, रेखा सहित अन्य ने यात्रा की पूरी व्यवस्था संभाली। पुरुष सेवादारों में गौरव शुक्ला, शैलेन्द्र वर्मा, अभिषेक वर्मा, अजय राजपूत, अश्वनी कश्यप, ऋषभ रावत, पवन राजपूत सहित अन्य उत्साह के साथ शामिल हुए।

नृत्य से मोह लिया मन- सांस्कृतिक कार्यक्रम मंदिर परिसर में श्रीमहंत देव्यागिरि की उपस्थित में हुए। आरती गुप्ता की वंदना के बाद माही और प्रियंका ने देश रंगीला, सुनीता और प्रियंका ने पतवार, वंदना मिश्रा ने फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी, अंशिका ने नन्हा मुन्ना राही हूं और माही मिश्रा ने मेरा जूता है जापानी गाने पर सुंदर नृत्य किया।

बाबा मनकामेश्वर का तिरंगामय श्रृंगार-सोमवारी आरती श्रीमहंत देव्यागिरि ने देर शाम को की। इससे पहले बाबा मनकामेश्वर का तिरंगामय श्रृंगार किया गया। महंत देव्यागिरि ने मंदिर परिसर में स्थापित प्रत्येक देवी देवता की आरती की। इस अवसर पर परिसर ढोल ताशे, डमरू, झांझ मंजीरे और शंखनाद संग जयकारों से गूंज उठा। सोमवार के कारण सुबह से रात दस बजे तक भक्तों की आवाजाही अधिक संख्या में रही। सोमवारीय आरती का सजीव प्रसारण https://www.facebook.com/DevyaGiriOfficial पर भी किया गया।

नसीपुर के प्राचीन शिव मंदिर में नए शिवलिंग स्थापित

मुरादाबाद। ग्राम नसीपुर के प्राचीन शिव मंदिर में नए शिवलिंग को परिवार सहित प्राण प्रतिष्ठा करके हवन यज के साथ पूरे विधि विधान से स्थापित किया गया। इस अवसर पर भंडारे का आयोजन भी किया गया। इससे पहले लोकसभा के पूर्व युवा सांसद प्रत्याशी व सर्वदलीय गौ रक्षा मंच के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रिंन्स शर्मा ने ग्राम नसीपुर के युवा साथियों के साथ गांव के प्राचीन शिव मंदिर से पुराने शिवलिंग को हरिद्वार जाकर गंगा जी में विसर्जित किया। वहां नए शिवलिंग को पूरे परिवार के साथ गंगा स्नान उपरांत लेकर आये और गांव में पद यात्रा द्वारा परिक्रमा की। पद यात्रा में सभी गांव वाले सम्मिलित हुए। इस कार्य में सहयोगी साथी जितेंद्र सैनी, पुरुषोत्तम सैनी, गेंदा प्रजापति, बाबू सैनी, राजीव शर्मा, पप्पू सैनी, राजपाल सैनी, मंजीत सैनी, संजय सैनी, रिंकू सैनी इत्यादि सैनी समाज के लोग व अन्य लोग सम्मिलित रहे।

नागेश्वर महादेव मंदिर में भंडारा, बांटा खिचड़ी का प्रसाद

लखनऊ। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर एलडीए आशियाना नागेश्वर महादेव मंदिर में भंडारा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में “खिचड़ी” का वितरण किया गया। मंदिर के पुजारी पंडित देवीप्रसाद जी ने बताया कि मकर संक्रान्ति पर सूर्य की राशि में हुए परिवर्तन को अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होना माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, दक्षिणायन को देवताओं की रात्रि अर्थात् नकारात्मकता का प्रतीक तथा उत्तरायण को देवताओं का दिन अर्थात् सकारात्मकता का प्रतीक माना गया है। इसीलिए इस दिन जप, तप, दान, स्नान, श्राद्ध, तर्पण आदि धार्मिक क्रियाकलापों का विशेष महत्व है। ऐसी धारणा है कि इस अवसर पर दिया गया दान सौ गुना बढ़कर पुन: प्राप्त होता है। इस दिन शुद्ध घी एवं कम्बल का दान मोक्ष की प्राप्ति करवाता है। जैसा कि निम्न श्लोक से स्पष्ठ होता है-
माघे मासे महादेव: यो दास्यति घृतकम्बलम।
स भुक्त्वा सकलान भोगान अन्ते मोक्षं प्राप्यति॥
मकर संक्रान्ति के अवसर पर गंगास्नान एवं गंगातट पर दान को अत्यन्त शुभ माना गया है। इस पर्व पर तीर्थराज प्रयाग एवं गंगासागर में स्नान को महास्नान की संज्ञा दी गयी है। उन्होंने बताया कि सामान्यत: सूर्य सभी राशियों को प्रभावित करते हैं, किन्तु कर्क व मकर राशियों में सूर्य का प्रवेश धार्मिक दृष्टि से अत्यन्त फलदायक है। यह प्रवेश अथवा संक्रमण क्रिया छ:-छ: माह के अन्तराल पर होती है। भारत देश उत्तरी गोलार्ध में स्थित है। मकर संक्रान्ति से पहले सूर्य दक्षिणी गोलार्ध में होता है अर्थात भारत से अपेक्षाकृत अधिक दूर होता है। इसी कारण यहाँ पर रातें बड़ी एवं दिन छोटे होते हैं तथा सर्दी का मौसम होता है, किन्तु मकर संक्रान्ति से सूर्य उत्तरी गोलार्द्ध की ओर आना शुरू हो जाता है। अतएव इस दिन से रातें छोटी एवं दिन बड़े होने लगते हैं तथा गरमी का मौसम शुरू हो जाता है। दिन बड़ा होने से प्रकाश अधिक होगा तथा रात्रि छोटी होने से अन्धकार कम होगा। अत: मकर संक्रान्ति पर सूर्य की राशि में हुए परिवर्तन को अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होना माना जाता है। प्रकाश अधिक होने से प्राणियों की चेतनता एवं कार्य शक्ति में वृद्धि होगी। ऐसा जानकर सम्पूर्ण भारतवर्ष में लोगों द्वारा विविध रूपों में सूर्यदेव की उपासना, आराधना एवं पूजन कर, उनके प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट की जाती है। सामान्यत: भारतीय पंचांग पद्धति की समस्त तिथियाँ चन्द्रमा की गति को आधार मानकर निर्धारित की जाती हैं, किन्तु मकर संक्रान्ति को सूर्य की गति से निर्धारित किया जाता है। इसी कारण यह पर्व प्रतिवर्ष १४ जनवरी को ही पड़ता है।

मकर संक्रान्ति का ऐतिहासिक महत्व:-
मकर संक्रान्ति के अवसर पर भारत के विभिन्न भागों में, और विशेषकर गुजरात में, पतंग उड़ाने की प्रथा है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान भास्कर अपने पुत्र शनि से मिलने स्वयं उसके घर जाते हैं। चूंकि शनिदेव मकर राशि के स्वामी हैं, अत: इस दिन को मकर संक्रान्ति के नाम से जाना जाता है। महाभारत काल में भीष्म पितामह ने अपनी देह त्यागने के लिये मकर संक्रान्ति का ही चयन किया था। मकर संक्रान्ति के दिन ही गंगाजी भगीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होती हुई सागर में जाकर मिली थीं।

पूर्णिमा पर्व पर पांच कुंडीय गायत्री यज्ञ

पूर्णिमा पर्व पर पांच कुंडीय गायत्री यज्ञ का आयोजन

बिजनौर (धारा न्यूज़)। गायत्री शक्तिपीठ जय नगर नजीबाबाद में पूर्णिमा पर्व पर पांच कुंडीय गायत्री आयोजित किया गया।

मंगलवार को सारिका अग्रवाल, पुष्पा शर्मा, कामेश शर्मा, श्रद्धा रानी ने पांच कुंडीय यज्ञ में षोडशोपचार पूजन के साथ गोला सुपारी से पूर्णाहुति प्रदान की। गायत्री मंत्र व महामृत्युंजय मंत्र से आहुतियां समर्पित करवाई। गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक डॉ दीपक कुमार ने कहा कि आज दत्तात्रेय जयंती है। दत्तात्रेय ने 24 गुरु बनाए थे। प्रत्येक व्यक्ति के अंदर यदि कुछ सीखने की जिज्ञासा है तो वह पशु पक्षियों से भी सीख सकता है। गुरु अनुशासन से व्यक्ति महान बनता है। गायत्री सद्बुद्धि सदचिंतन का मंत्र है। यज्ञ त्याग की प्रेरणा देता है, यज्ञ को करने से पर्यावरण शुद्ध होता है। यज्ञ से सारे विश्व का वह प्राणी मात्र का कल्याण होता है। हरि प्रकाश गुप्ता व आशा गुप्ता ने मुख्य पूजन किया। सरोज यादव, छत्रपाल सिंह, विक्रम आदि ने कार्यक्रम में भाग लिया। इससे पूर्व केपी सिंह ने दीप प्रज्वलित किया। कमल शर्मा, विजेंद्र सिंह ने हर हर गंगे अभियान की तैयारियों के विषय में बताया।

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…और भी मनाने हैं happy new year, तो no cheers

If U want more Happy New Year, no cheers

New year celebrate करने वालों को मौसम विभाग की शराब से दूर रहने की सलाह

नई दिल्ली (धारा न्यूज): नए साल पर जश्न की तैयारियों में लोग जोर-शोर से लगे हुए हैं। इस अवसर पर लोग शराब का भी जमकर सेवन करते हैं, लेकिन मौसम विभाग ने इस बार भीषण ठंड को लेकर चेतावनी देने के साथ ही शराब नहीं पीने की सलाह दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अगले कुछ दिनाेेें में उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ने की चेतावनी जारी की है। साथ ही कहा है कि घर में बैठे-बैठे या नए साल की पार्टी में शराब पीना बहुत नुकसानदेह साबित हो सकता है।

उत्तर भारत में शीतलहर
मौसम विभाग के अनुसार 28 दिसंबर से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान में ‘भयंकर’ शीतलहर चलने का अनुमान है। इस दौरान फ्लू, जुकाम, नाक से खून निकलने जैसी समस्याएं होने की आशंका है और जो ऐसे दिक्कतों से जूझ रहे हैं लंबे समय तक ठंड रहने के कारण उनकी परेशानियां भी बढ़ेंगी।

आईएमडी की एडवाइजरी जारी-आईएमडी की एक एडवाइजरी में कहा गया है, “शराब न पीएं, ये आपके शरीर के तापमान को कम कर सकती है, घर के अंदर रहिए। विटामिन सी का भरपूर सेवन करिए, फल खाइए। गंभीर ठंड की स्थिति का सामना करने के लिए अपनी त्वचा को मॉइस्चराइज करें।”

आईएमडी के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि हिमालय की ऊपरी पहुंच को प्रभावित करने वाले एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से रविवार और सोमवार को पारा थोड़ा बढ़ने से मिली राहत ज्यादा लंबे समय के लिए नहीं होगी। पश्चिमी विक्षोभ के हट जाने के बाद और उत्तर-पश्चिम या उत्तर-पश्चिम में निचले स्तर की हवाओं में ठंडी और शुष्कता के परिणामस्वरूप मजबूती के प्रभाव के कारण 29 दिसंबर के बाद पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में फिर से “गंभीर शीत लहर” की स्थिति हो सकती है।

COLD day की संभावना-
IMD के अनुसार, एक ‘कोल्ड डे’ या ‘गंभीर कोल्ड डे’ तब माना जाता है जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम हो और अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस या 6.4 डिग्री सेल्सियस से कम हो। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 28 और 29 दिसंबर को और उत्तरी राजस्थान में 29 और 30 दिसंबर को ‘कोल्ड डे’ की स्थिति होने की संभावना है। 28 दिसंबर, 29 दिसंबर को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली में घना कोहरा छा सकता है।

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X-mas पर फ्लोरिडा में छिपकलियों की बारिश का खतरा!

अमेरिका के इस शहर में हो सकती है छिपकलियों की बरसात
संभलकर निकलें घर से, सरकार की चेतावनी जारी

वॉशिंगटन। अमेरिका के फ्लोरिडा में क्रिसमस पर छिपकली ‘इगुआना’ की बारिश हो सकती है। फ्लोरिडा प्रशासन ने घरों से बाहर संभलकर निकलने की चेतावनी जारी की है।

क्रिसमस पर तापमान काफी ज्यादा ही कम रहने के कारण अलग तरह का खतरा है। कम तापमान में ‘इगुआना’ फ्रीज होकर पेड़ों से गिरने लगती है। इसके बावजूद वह किसी को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
मियामी की नेशनल वेदर सर्विस के मुताबिक, क्रिसमस के दिन और सप्ताहांत में सनशाइन स्टेट फ्लोरिडा में ‘इगुआना’ (Iguanas) छिपकली के लिए खतरनाक स्थिति हो सकती है, क्योंकि तापमान के माइनस 30-40 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। ज्यादा ठंड बर्दाश्त न कर पाने के चलते ‘इगुआना’ पेड़ों से गिरने लगती हैं। यह नजारा छिपकली की बारिश जैसा दिखाई देता है।

मरी हुईं प्रतीत हो सकती हैं ‘इगुआना’

प्रशासन ने चेतावनी जारी कर कहा है कि ‘इगुआना’ मरी हुईं प्रतीत हो सकती हैं, लेकिन जमने के बाद भी वो जीवित रहती हैं और नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसका आकार भी परेशानी की वजह बन सकता है। एक वयस्क नर छिपकली की लम्बाई 5 फीट तक और वजन 20 पाउंड तक हो सकता है।

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