लाल चौक पर झंडा फहराने जाते हुए थे गिरफ्तार

बिजनौर। वर्ष 1992 में लाल चौक पर तिरंगा फहराने पूरे देश से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के हजारों कार्यकर्ता भी ट्रेनों में सवार होकर जम्मू पहुंचे थे। जम्मू से सभी बसों आदि वाहनों से कश्मीर के लाल चौक की ओर रवाना हो गए। पुलिस ने सभी को उधमपुर में गिरफ्तार कर लिया। इन पंक्तियों का लेखक पत्रकार संजय सक्सेना (तत्कालीन नगर मंत्री अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उरई जालौन), वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भाजपा श्री स्वतंत्र देव सिंह, पूर्व जेल मंत्री हरिओम उपाध्याय, शिवेंद्र बुंदेला, ब्रजभूषण सिंह मुन्नू, विधायक मूलचंद निरंजन आदि भी गिरफ्तार होने वालों में शामिल थे। हम लोगों को एक डिग्री कालेज में तीन दिन तक हिरासत में रखा गया। तत्कालीन जम्मू कश्मीर सरकार ने मात्र गिनती के कुछ वरिष्ठ लोगों को हवाई रास्ते से पहुंचा कर तिरंगा फहराने की अनुमति दी थी। बाद में हम लोगों को कड़ी सुरक्षा के बीच ट्रेनों से दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया।

साल 1992 में मुरली मनोहर जोशी और नरेन्द्र मोदी श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराते हुए
1992 में मुरली मनोहर जोशी और नरेन्द्र मोदी श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराते हुए 

भारतीय जनता पार्टी ने कन्याकुमारी से शुरू एकता यात्रा का 26 जनवरी 1992 को लाल चौक पर तिरंगा फहराते हुए संपन्न करने का एलान किया था। कश्मीर में अलगाववादियों, आतंकियों और मुख्यधारा की सियासत करने वाले राजनीतिक दलों, राष्ट्रवादियों और सुरक्षाबलों के लिए पहली बार प्रतिष्ठा का सवाल बन गया था।

साल 1992 में मुरली मनोहर जोशी और नरेन्द्र मोदी श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराते हुए

आतंकी और अलगाववादियों ने खुलेआम एलान किया था कि तिरंगा नहीं फहराने दिया जाएगा। भाजपा की एकता यात्रा पूरी होने से पहले ही आतंकियों ने पुलिस मुख्यालय पर ग्रेनेड धमाका किया था, जिसमें तत्कालीन पुलिस महानिदेशक श्री जेएन सक्सेना जख्मी हुए थे। भाजपा के इस एलान के बाद पूरी रियासत में स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण हो गई थी।

साल 1992 में मुरली मनोहर जोशी और नरेन्द्र मोदी श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराते हुए

हवाई जहाज से पहुंचाया था श्रीनगर
हालात को भांपते हुए तत्कालीन प्रशासन ने श्री मुरली मनोहर जोशी, श्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं को हवाई जहाज के जरिए श्रीनगर पहुंचाया था। लाल चौक पूरी तरह से युद्घक्षेत्र बना हुआ था। चारों तरफ सिर्फ सुरक्षाकर्मी ही थे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लगभग 15 मिनट में ही श्री मुरली मनोहर जोशी व उनकी टीम के सदस्य के रूप में शामिल श्री नरेंद्र मोदी व अन्य ने तिरंगा फहराया। इस दौरान आतंकियों ने रॉकेट भी दागे जो निशाने पर नहीं लगे। इसके बाद सभी नेता सुरक्षित वापस लौट गए थे। 

साल 1992 में मुरली मनोहर जोशी और नरेन्द्र मोदी श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराते हुए

प्रधानमंत्री श्री मोदी उस वक्त जोशी जी की उस टीम के सदस्य थे, जो घनघोर आतंकवाद के उस दौर में श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने पहुंची थी।

साल 1992 में मुरली मनोहर जोशी और नरेन्द्र मोदी श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराते हुए

कई जगह ट्रेन पटरियों पर विस्फोट- उस समय कश्मीर में स्थिति बेहद विस्फोटक थी। आतंकवादी रेल पटरियों को उड़ाने से पीछे नहीं हट रहे थे। जब हम लोग जम्मू स्टेशन पहुंचे तो पता चला कि हमारी ट्रेन पहुंचने के लगभग आधा घंटा पहले और बाद में भी आतंकवादियों ने कई जगह ट्रेन पटरियों पर विस्फोट किये।

(फोटो व कुछ तथ्य विभिन्न स्रोतों से लिये गए हैं)

वैष्णो देवी हादसा- जम्मू से लेकर गोरखपुर तक कोहराम

वैष्णो देवी मंदिर में शनिवार तड़के मची भगदड़ के बाद जम्मू से लेकर गोरखपुर तक कोहराम मच गया है। इस हादसे में कई परिवानों ने अपने प्रियजनों को खो दिया। माता वैष्णो का आशीर्वाद लेने गए परिजनों की मौत की खबर मिली तो लोग हाल-बेहाल हो गए। देश भर से लोग अपने परिजनों का हाल जानने के लिए संपर्क कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबरों पर लोग कॉल करके अपने परिजनों का हाल ले रहे हैं। इसके अलावा मदद की गुहार भी लगा रहे हैं। हादसे में जान गंवाने वाले 12 लोगों में से अब तक 11 की पहचान हो पाई है, जिनमें गाजियाबाद की रहने वाली श्वेता सिंह, गोरखपुर के अरुण कुमार सिंह समेत देश के कई राज्यों के लोग शामिल हैं। 

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान इस प्रकार है...

1- श्वेता सिंह, उम्र-35
पति का नाम- विक्रांत सिंह
गाजियाबाद

2-डॉ अरुण प्रताप सिंह, उम्र- 30
पिता का नाम- सत प्रकाश सिंह
गोरखपुर 

3-वनीत कुमार, उम्र- 38
पिता का नाम- वीरमपाल सिंह
सहारनपुर

4-धरमवीर सिंह, उम्र-35 
सहारनपुर

5- विनय कुमार, उम्र- 24
पिता का नाम- महेश चंद्र
भादेरपुर, दिल्ली

6-सोनू पांडेय, उम्र-24
पिता का नाम- नरिंदर पांडेय
भादेरपुर, दिल्ली

7-ममता, उम्र- 38
पति का नाम- सुरिंदर 
बीरी झज्जर, हरियाणा

8- धीरज कुमार, उम्र- 26
पिता का नाम- तरलोक कुमार
राजौरी, जम्मू- कश्मीर 

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9. सोनू शर्मा, उम्र- 32
पिता का नाम- फेरूमल,
पता- मोहल्ला नया दादरी, गौतमबुद्धनगर, यूपी

10.  महिंदर गौर, उम्र-26
पिता का नाम- शिव कुसम
पता- कानपुर, यूपी

11.  नरेंद्र कश्यर, उम्र-40
पिता का नाम- सुहाब
पता- कानपुर, यूपी

मदद या परिजनों से संपर्क के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

हादसे में मृत अन्य लोगों की पहचान के लिए प्रशासन की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। श्राइन बोर्ड की ओर से दो हेल्पलाइन नंबर 01991-234804 और 01991-234053 जारी किए गए हैं। इसके अलावा प्रशासन से भी संपर्क कर स्थिति के बारे में पता लगाया जा सकता है। पीसीआर कटरा की ओर से दो नंबर 01991232010/ 9419145182 जारी किए गए हैं। पीसीआर रियासी से 0199145076/  9622856295 नंबरों पर कॉन्टेक्ट किया जा सकता है। रियासी के जिलाधिकारी के कंट्रोल रूम के नंबर 01991245763/ 9419839557 भी साझा किए गए हैं। इन नंबरों पर कॉल करके लोग वैष्णो देवी की यात्रा पर गए अपने परिजनों के बारे में जान सकते हैं और किसी भी तरह की मदद के लिए भी संपर्क कर सकते हैं। 

दुबई के साथ हुए कश्मीर में विकास के समझाैते पर चुप्पी क्योंॽ

दुबई की सरकार ने जम्मू−कश्मीर में विकास का बड़ा ढांचा तैयार करने का बहुत बड़ा निर्णय लिया है। इसके लिए उसने जम्मू−कश्मीर सरकार से एमओयू (समझौता) किया है। पिछले हफ्ते हुआ यह समझौता देश और दुनिया के लिए बड़ी खबर था, पर देश की राजनीति और अखबारी दुनिया में ये समाचार दम तोड़ कर रह गया। हालत यह है कि इस बड़े कार्य के लिए देश की पीठ थपथपाने वाले भारत के अखबार− पत्रकार और नेता चुप हैं, जबकि इस समझौते को लेकर पाकिस्तान में हलचल है।

जम्मू −कश्मीर के विपक्षी नेताओं से इस समझौते पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं थी। उनके लिए तो ये खबर पेट में दर्द करने वाली ज्यादा है। हाल में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने जम्मू−कश्मीर में बाहरी व्यक्तियों की मौत पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने ये भी कहा था कि अनुच्छेद 370 हटाने का क्या लाभ हुआॽ जब लाभ हुआ तो उनकी बोलती बंद है।

दुनिया के अधिकांश देश जम्मू− कश्मीर को विवादास्पद क्षेत्र मानते रहे हैं। पाकिस्तान जम्मू− कश्मीर विवाद को प्रत्येक मंच पर उठाकार भारत को बदनाम करने की कोशिश करता रहा है। इस सबके बावजूद ये समझौता भारत सरकार की बड़ी उपलब्धि है।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस बारे में बताया कि दुबई सरकार और जम्मू-कश्मीर सरकार ने एक समझौता किया है। दुबई से समझौते में औद्योगिक पार्क, आईटी टावर, बहुउद्देश्यीय टावर, रसद केंद्र, एक मेडिकल कॉलेज और एक स्पेशलिटी हॉस्पिटल सहित बुनियादी ढांचे का निर्माण होना शामिल है। दुबई और जम्मू-कश्मीर प्रशासन के साथ यह समझौता इस क्षेत्र में (केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद) किसी विदेशी सरकार की ओर से पहला निवेश समझौता है। यह समझौता आत्मानिर्भर जम्मू-कश्मीर बनाने की हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

केंद्रीय एवं वाणिज्य उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को एक प्रेस रिलीज़ में बताया था कि इस समझौते के तहत दुबई की सरकार जम्मू-कश्मीर में रियल एस्टेट में निवेश करेगी, जिनमें इंडस्ट्रियल पार्क, आईटी टावर्स, मल्टीपर्पस टावर, लॉजिस्टिक्स, मेडिकल कॉलेज, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल शामिल हैं। ये तो नहीं बताया गया कि दुबई की सरकार कितना निवेश करेगी, पर यदि वह यहां एक भी रूपया लगाता है तो ये देश की बड़ी उपलब्धि है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद दुबई दुनिया का पहला देश है, जो जम्मू कश्मीर के विकास में निवेश करने जा रहा है। ये समझौता ऐसे समय में हुआ है जब घाटी में आतंकियों ने मासूम नागरिकों, खासतौर पर गैर-मुस्लिमों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।

भारत की मीडिया और नेता देश की उपलब्धि पर भले ही चुप हों, पर पाकिस्तान में हलचल है। इस मुद्दे पर पाकिस्‍तान के पूर्व राजनयिक अब्‍दुल बासित ने इसको भारत की बड़ी जीत बताया है। अब्‍दुल बासित पाकिस्‍तान के भारत में राजदूत रह चुके हैं। बासित ने यहां तक कहा है कि इस एमओयू के साइन होने के बाद ये बात साफ होने लगी है कि अब कश्‍मीर का मुद्दा पाकिस्‍तान के हाथों से निकलता जा रहा है। उन्‍होंने कश्‍मीर मुद्दे के फिसलने को मौजूदा इमरान सरकार की कमजोरी बताया है। उन्‍होंने ये भी कहा कि नवाज शरीफ सरकार में भी कश्‍मीर के मुद्दे को कमजोर ही किया गया। बासित के मुताबिक दुबई और भारत के बीच हुए इस सहयोग के बाद निश्‍चित तौर पर ये भारत की बड़ी जीत है।
पाकिस्‍तान के राजनयिक के मुताबिक दुबई की इस्‍लामिक सहयोग संगठन में काफी अहम भूमिका है। इस नाते भी ये करार काफी अहमियत रखता है।बासित ने कहा है कि अब ये हाल हो गया है कि एक मुस्लिम देश भारत के जम्मू−कश्मीर में निवेश के लिए एमओयू साइन कर रहा है। बासित ने ये भी कहा कि आने वाले दिनों में ये भी हो सकता है कि ईरान और यूएई जम्‍मू कश्‍मीर में अपने काउंसलेट खोल दें। उन्‍होंने कहा कि हाल के कुछ समय में पाकिस्‍तान को कश्‍मीर के मुद्दे पर मुंह की खानी पड़ी है। इस मुद्दे पर वो पूरी तरह से अलग-थलग पड़ चुका है।

छोटी−मोटी बात पर सरकार की आलोचना करने वाला देश का विपक्ष आज इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर चुप्पी साध जाए, मीडिया में खबर को जगह न मिले, इस पर संपादकीय न लिखे जाएं, तो यह आपकी सोच को बताता है। इतिहास सबके कारनामें नोट कर रहा है। वह किसी को माफ नहीं करता। किसी को माफ नहीं करेगा।

अशोक मधुप (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

तालिबान के हाथ लग गई पूरी एयरफोर्स… भारत के खिलाफ बहुत बड़ा षड़यंत्र ?

  • इस वक्त तालिबान दुनिया का सबसे शक्तिशाली आतंकवादी संगठन बन चुका है, जिसके पास अपनी एक पूरी की पूरी सेना है । यहां तक कि एयरफोर्स भी है ।
  • साल 2002 में अमेरिका ने अफगानिस्तान में एक एयरफोर्स बनाई थी, जिसका काम तालिबान से जंग लड़ना था । इस एयरफोर्स का नाम था अफगान नेशनल आर्मी एयर कॉर्प्स । लेकिन 15 अगस्त को इस अफगान एयरफोर्स पर तालिबान का कब्जा हो गया.
  • तालिबान के कब्जे में आई इस अफगानी एयरफोर्स में 7 हजार 100 जवान हैं । तालिबान के कब्जे में अब 242 एयरक्राफ्ट हैं, जिनमें लड़ाकू विमानों का बेड़ा भी शामिल हैं । तालिबान को अमेरिका के द्वारा बनाया गया एयरफोर्स कमांड सेंटर भी मिल गया है जो काबुल में है।
  • भारत ने भी अफगान फोर्स को जंग करने के लिए अपने एमआई 35 अटैक हेलिकॉप्टर दिए थे लेकिन अब इस पर भी तालिबान का कब्जा हो चुका है।
  • तालिबान के पास अब लड़ाकू विमानों का एक पूरा जखीरा है । तालिबान के पास निम्नलिखित एयरक्राफ्ट हैं—
    ब्राजील के बने हुए A-29 Super अटैक एयरक्राफ्ट
    अमेरिका में बने हुए AC-208 हेलिकॉप्टर
    अमेरिका में ही बने हुए MD 500 Defender हेलिकॉप्टर
    HAL-चीता एयरक्राफ्ट , MI-8, MI 17 और Boeing 727
  • रूसी कलाश्निकोव ए के 47 बहुत लंबे समय तक आतंकवादियों की पहली पसंद थी लेकिन अब तालिबान लड़ाकों के हाथ में अब अमेरिकी बंदूकें लग गई हैं । नाटो और अमेरिका की सेना M 16 कार्बाइन राइफल यूज करती है। अमेरिका की ये बंदूकें ज्यादा अच्छा निशाना लगाती हैं और इनकी फायरिंग रेंज भी ए के 47 से ज्यादा है ।
  • अमेरिका ने जिस शर्मनाक तरीके से सरेंडर किया है बायडेन को पूरी दुनिया में शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है। अमेरिका ही नहीं पूरी दुनिया के अखबारों में बायडेन की आलोचना की जा रही है ।
    अमेरिका के अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा है बायडेन ने अमेरिकी एक्सपेरिमेंट का शर्मिंदगी भरा फाइनल चैप्टर लिखा। अमेरिका की बेवसाइट सीएनएन ने लिखा ये जो बाइडेन के लिए पॉलिटिकल डिजास्टर साबित होगा
  • दरअसल ये अमेरिका के लिए एक बहुत बड़ा ब्लंडर साबित हुई है, लेकिन इसका खामियाजा पूरे एशिया को चुकाना पड़ सकता है। खास तौर पर भारत को अब अपनी सुरक्षा को लेकर सुपर अलर्ट रहना पड़ेगा।
  • तालिबान दरअसल लड़ाका कौम है वो लड़ेगी जरूर… अब या तो पाकिस्तान में जाकर पख्तूनिस्तान बनाने के लिए लड़ेगी या फिर कश्मीर में घुसकर कोई बवंडर खड़ा करेगी। पाकिस्तान की पूरी कोशिश रहेगी कि भारत को सबक सिखाया जाए इसलिए वो कश्मीर में हमला करने के लिए तालिबान को उकसाएगी। भारत को हर परिस्थिति से निपटने के लिए अलर्ट रहना चाहिए

कारगिल से डेढ़ सौ किमी ऊपर 30 मजदूरों को छोड़ भागा ठेकेदार

परिजनों की पीड़ा सुन व्यथित हुए सदर विधायक पति चौधरी मौसम एडवोकेट। मजदूरों को वापस लाने के प्रयास में जुटे। जिला प्रशासन से हस्तक्षेप के लिए डीएम से की बात। टूर एंड ट्रेवल एजेंसियों से भी संपर्क साधा।

सदर विधायक पति ऐश्वर्य चौधरी मौसम एडवोकेट के आवास पर पहुंच कर अपनी व्यथा सुनाते ग्रामीण
ग्रामीणों को दिलासा देते सदर विधायक पति ऐश्वर्य चौधरी मौसम एडवोकेट

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। ग्राम रावली के 30 व्यक्तियों को जम्मू में मजदूरी कराने का झांसा देकर ठेकेदार अपने साथ ले गया और कारगिल से 150 किलोमीटर ऊपर किसी पावर प्लांट में छोड़ कर भाग गया। मामले का खुलासा तब हुआ जब मजदूरों के परिजनों ने सदर विधायक पति ऐश्वर्य चौधरी मौसम एडवोकेट के आवास पर पहुंच कर अपनी व्यथा सुनाई।

सदर विधायक सुचि चौधरी के पति मौसम एडवोकेट ने बताया कि मंगलवार को उनके विधानसभा क्षेत्र बिजनौर अंतर्गत ग्राम रावली के कई ग्रामीण उनके आवास पर पहुंचे। उन्होंने अवगत कराया गया कि 30 व्यक्तियों को जम्मू में मजदूरी का कार्य बता कर ठेकेदार धोखा देकर अपने साथ ले गया। आरोप लगाया कि ठेकेदार सभी व्यक्तियों को कश्मीर से लेह -लद्दाख होते हुए कारगिल से 150 किलोमीटर ऊपर किसी पावर प्लांट में छोड़ कर भाग गया है। सभी लोग भूखे प्यासे हैं। वहां ऑक्सीजन की कमी के कारण काफी लोगों की तबीयत खराब है। उनमें 60 वर्ष से अधिक आयु के भी कुछ लोग शामिल हैं।

ग्रामीणों ने अपने परिजनों के फोटो एडवोकेट मौसम चौधरी को दिखाए और रोते बिलखते हुए वापस लाने के प्रबंध करने की अपील की। सदर विधायक पति ने सभी को दिलासा देते हुए कुर्सियों पर बैठा कर पानी पिलाया।

सदर विधायक पति ने बताया कि उन्हें वहां से निकालने के लिए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा से वार्ता की गई है कि संबंधित जिला प्रशासन से संपर्क कर पीड़ितों की मदद की जाए। साथ ही उक्त क्षेत्र में टूर एंड ट्रेवल का काम कर रही एजेंसियों से संपर्क साध कर पीड़ितों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि उनमें से कुछ लोगों ने मेरे फोन पर संपर्क साध कर आपबीती बताई। उनकी व्यथा सुनकर मन बहुत ज्यादा दु:खी हुआ। उन्होंने सभी क्षेत्र वासियों से अपील की है कि इस तरह के ठेकेदार एवं प्रलोभन देने वाले व्यक्तियों से सावधान रहें।

परमवीर चक्र विजेता कैप्टन मनोज पाण्डेय जी के बलिदान दिवस पर शत-शत नमन

परमवीर चक्र विजेता कैप्टन मनोज पाण्डेय जी के बलिदान दिवस पर शत-शत नमन। मनोज कुमार पांडे, पीवीसी भारतीय सेना के एक अधिकारी थे, जिन्हें 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान उनके दुस्साहसिक साहस और नेतृत्व के लिए मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान, परम वीर चक्र से सम्मानित किया गया था।

जन्म: 25 जून 1975, सीतापुर उत्तर प्रदेश

मृत्यु: 3 जुलाई 1999, कारगिल

शिक्षा: राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, यूपी सैनिक स्कूल

माता-पिता: मोहिनी पांडे, गोपीचंद पांडे

भाई: मनमोहन पांडे

प्रदेश के सीतापुर जिले की माटी में जन्मे मात्र 24 वर्ष की आयु में कारगिल युद्ध के दौरान माँ भारती के रक्षा में वीरगति प्राप्त करने वाले परमवीर चक्र विजेता कैप्टन मनोज पाण्डेय जी के बलिदान दिवस पर शत-शत नमन।

कैप्टन मनोज पाण्डेय जी ने बम और गोलियों की बारिश के बीच बेहद विषम परिस्थितियों में भी अपने पराक्रम से वह अहम लड़ाई लड़ी, जिसने करगिल युद्ध में जीत का रास्ता तय किया।

एकलव्य बाण समाचार पत्र परिवार की ओर से शत शत नमन

जम्मू एयरपोर्ट परिसर में दो ब्लास्ट, इलाका सील

जम्मू एयरपोर्ट परिसर में दो ब्लास्ट, इलाका सील

जम्मू (एकलव्य बाण समाचार) जम्मू एयरपोर्ट के टेक्निकल एरिया के पास धमाका होने से आसपास के इलाकों में अफरातफरी मच गई। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यहां 5 मिनट के अंतराल पर दो ब्लास्ट हुए। पहला ब्लास्ट परिसर की बिल्डिंग की छत पर और दूसरा नीचे हुआ। पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। मौके पर फोरेंसिक टीम पहुंच चुकी है। धमाके की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी। घटना रात करीब 1.45 बजे की है। घटना स्थल के पास भारतीय वायुसेना का स्टेशन हेडक्वार्टर भी है। जम्मू का मुख्य एयरपोर्ट भी इसी कैंपस में आता है। वायुसेना, नौसेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।

जम्मू से एक आतंकी गिरफ्तार- इस बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। पुलिस ने नरवाल इलाके से आतंकी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 5 किलो IED बरामद हुआ है। जांच अभी जारी है।

370 हटने के बाद 64 प्रतिशत घटीं आतंकी घटनाएं

जम्मू कश्मीर में 370 हटने के बाद आतंकी घटनाओं में आई 63.93 प्रतिशत की कमी
गृह मंत्रालय ने जारी किए आंकड़े

नई दिल्ली। अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद जम्मू कश्मीर में आतंकी वारदातों में काफी गिरावट देखने को मिली है। 2019 के मुकाबले साल 2020 में आतंकवादी घटनाओं में 63.93 प्रतिशत की कमी देखी गई। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 2020 में आतंकवादी घटनाएं 63.93% घट गई। ये आंकड़े 15 नवंबर तक के हैं। इसी दौरान सुरक्षा बलों के घायल होने की घटनाओं में भी 29.11 प्रतिशत की कमी आई है। नागरिकों के हताहत होने की संख्या में भी 14.28 प्रतिशत की कमी आई है।

गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद गृह मंत्रालय की ओर से कई कानूनों में संशोधन किए गए और कई कानून निरस्त भी किए गए। जहां एक तरफ सरकार की ओर से 48 केंद्रीय कानूनों और 167 राज्य कानूनों को लागू करने के आदेश दिए गए। वहीं लद्दाख में 44 केंट्रीय काननूों और 148 राज्य कानूनों को लागू किया गया। गृह मंत्रालय की ओर से वार्षिक उपलब्धियों की जानकारी देते हुए केंद्र शासित प्रदेश और राज्यों के कानूनों को जम्मू कश्मीर में लागू किए जाने को सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया। इसके साथ ही मंत्रालय ने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन आदेश 31 मार्च 2020 को अधिसूचित किया गया और केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण की एक पीठ जम्मू में 8 जून 2020 को स्थापित की गई थी.’

2019 में केंद्र के मोदी सरकार ने धारा 370 को निरस्त करने के साथ ही जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख को दो केंद्र शासित क्षेत्रों के रूप में विभाजित कर दिया था। केंद्र शासित जम्मू कश्मीर में अपनी विधायिका है, जबकि लद्दाख बिना विधानसभा वाला केंद्र शासित क्षेत्र है।

तापमान में गिरावट जारी, कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त व्यस्त

उत्तर भारत में तापमान में गिरावट, अगले चार दिन दिल्ली में पड़ेगी कड़ाके की सर्दी

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में अगले चार दिनों में शीतलहर चलने का पूर्वानुमान है। इस दौरान न्यूनतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। उत्तर प्रदेश के दूरदराज इलाकों में घना कोहरा छाया रहा।
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में अगले चार दिनों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। सफदरजंग वेधशाला ने बताया कि मंगलवार को न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस तथा रविवार को 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था, जो इस मौसम का सबसे कम तापमान था। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले का चुर्क 3.2 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य का सबसे ठंडा स्थान दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर प्रदेश के दूरदराज इलाकों में अगले कुछ दिनों में कड़ाके की ठंड वाली स्थितियां बनने का पूर्वानुमान लगाया है।
उधर कश्मीर घाटी में न्यूनतम तापमान के जमाव बिंदू से नीचे रहने के चलते कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी रहा। हफ्ते के आखिर तक मौसम शुष्क और ठंडा रहेगा और इस दौरान कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम स्तर की बर्फबारी होने का अनुमान है। वहीं कश्मीर में 40 दिन तक पड़ने वाली कड़ाके की ठंड के दौर यानी चिल्लई कलां से घाटी में मौसम शुष्क रहा। इस दौरान बर्फबारी होने की बहुत अधिक संभावना रहती है। अधिकारियों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की गर्मियों की राजधानी श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 5.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया जो पिछली रात के शून्य से चार डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला गया है। उन्होंने कहा कि दक्षिण कश्मीर में स्थित पर्यटन स्थल पहलगाम में भी तापमान पिछली रात के माइनस 4.6 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिरकर शून्य से 5.8 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है। ओडिशा के आंतरिक इलाके में ठंड की वजह से जनजीवन प्रभावित है और कंधमाल जिले के फुलबनी में तापमान चार डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिर गया और यह राज्य का सबसे ठंडा स्थान दर्ज किया गया। मौसम कार्यालय ने अगले 24 घंटे में शीत लहर और गंभीर शीत लहर की आशंका व्यक्त की है। हरियाणा और पंजाब में तापमान में आंशिक बढ़ोतरी दर्ज की गई जबकि राजस्थान में रात के तापमान में आंशिक बढ़ोतरी हुई। हरियाणा में दिन में ज्यादातर स्थानों पर सामान्य से एक या दो डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान दर्ज किया गया जबकि पंजाब में तापमान 21-22 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ। राजस्थान के कई हिस्सों में रात के तापमान में मामूली इजाफा हुआ है, वहीं चुरू मंगलवार को प्रदेश में सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने यह जानकारी दी। सीकर, पिलानी, गंगानगर, भीलवाड़ा, डबोक और चित्तौड़गढ़ में न्यूनतम तापमान क्रमश: 4.5 डिग्री सेल्सियस, 4.9 डिग्री सेल्सियस, 6.1 डिग्री सेल्सियस, 6.4 डिग्री सेल्सियस, 6.6 डिग्री सेल्सियस और 6.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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क्रिकेट घोटाला: फारुख अब्दुल्ला की 12 करोड़ की संपत्ति सीज

जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारुख अब्दुल्ला पर ED का शिकंजा

क्रिकेट घोटाले में 12 करोड़ की संपत्ति सीज

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला की करीब 12 करोड़ की संपत्ति सीज कर दी है। इस संपत्ति में 3 घर, 2 प्लॉट और 1 कॉमर्शियल प्रॉपर्टी अटैच शामिल है। इसमें एक घर गुपकार रोड, दूसरा तहसील कटिपोरा, तन्मर्ग, और तीसरा भटंडी जम्मू में होना बताया गया है। ईडी ने फारूख अब्दुल्ला और अन्य की करीब 12 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई को जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच से हिस्सा बताया है। इन संपत्तियों की जब्त कीमत 11.86 करोड़ रुपये है, लेकिन इनका बाजार मूल्य लगभग 60-70 करोड़ रुपये है।

43.69 करोड़ के घोटाले से जुड़ा मामला

यह मामला जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के 43.69 करोड़ के घोटाले से जुड़ा हुआ है। साल 2005-06 से 2011-12 तक J&KCA को BCCI से 94.06 करोड़ का फंड अलॉट हुआ था, जो कि J&K में क्रिकेट के डेवलेपमेंट के लिए था, लेकिन आरोप है कि J&K के पूर्व मुख्यमंत्री और J&KCA के तत्कालीन अध्यक्ष फारूख अब्दुल्ला ने अहसान अहमद मिर्जा और मीर मंजूर गजनफर के साथ मिल कर 43.69 करोड़ रुपये का घोटाला किया और अपने बैंक खातों में इन पैसों को जमा कराया या कैश निकाल लिया।

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