नया सवेरा लाने को एसपी से रोज मिलें दोपहर एक बजे

बिजनौर। पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान नया सवेरा को और गति प्रदान करने की ठानी है। इसी क्रम में एसपी ने नशे की लत में जकड़े युवाओं की काउंस्लिंग कराने के लिए जनता से अपील की है। उन्होंने एक वीडियो संदेश में जनता से अपील की है कि इस संबंध में उनके कैंप कार्यालय पर प्रतिदिन दोपहर एक बजे उनसे मिलकर वार्ता की जा सकती है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को चुनाव समेत अन्य दूसरे कामों में लगाने पर रोक

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को चुनाव समेत अन्य दूसरे कामों में लगाने पर रोक। कोर्ट का कहना, चुनाव या किसी अन्य काम में ड्यूटी से धात्री, गर्भवती समेत अन्य के स्वास्थ्य पर पड़ेगा गंभीर असर।

लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को चुनाव समेत अन्य दूसरे कामों में लगाने पर रोक लगा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अदालत ने अपने आदेश की प्रति मुख्य सचिव को भेजा है, जिससे कि वह संबंधित जिलाधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी कर सकें। विदित हो कि प्रदेश में 1.89 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को एक बड़ी राहत देते हुए उनकी ड्यूटी चुनाव समेत अन्य कार्यों में लगाने पर रोक लगा दी है। लखनऊ बेंच के न्यायमूर्ति आलोक माथुर की एकल पीठ ने एक रिट पर यह फैसला सुनाया। न्यायमूर्ति आलोक माथुर की एकल पीठ ने यह फैसला मनीषा कनौजिया व एक अन्य की याचिका पर दिया। याचियों का कहना था कि वह बाराबंकी जिले के आंगनबाड़ी केंद्र सिटी गुलेरिया गरदा में बतौर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत हैं। प्रशासन ने उन्हें स्थानीय निकाय चुनाव में बतौर बूथ लेवल अफसर (बीएलओ) की ड्यूटी में लगाया है। यह केंद्र और राज्य सरकार की आदेशों व निर्देशों में खिलाफ है। इस तैनाती से क्षेत्र में बच्चों व माताओं के स्वास्थ्य की देखभाल की व्यवस्था प्रभावित होगी। याचियों का तर्क था कि चुनाव के काम में अन्य ग्राम स्तर के कर्मियों को लगाया जा सकता है।

दूसरी ओर बाराबंकी के डीएम व अन्य पक्षकारों की ओर से जवाब में कहा गया कि चुनाव का कार्य सर्वोच्च अहमियत वाला है। ऐसे में सभी अफसरों को इसमें सहयोग करना होता है। इस पर कोर्ट ने कहा कि इन कार्यकर्ताओं का काम काफी अहमियत वाला होता है। इनकी चुनाव या किसी अन्य काम में ड्यूटी से धात्री, गर्भवती समेत अन्य के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ेगा। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने अपना आदेश जारी कर दिया है।

इस सम्बन्ध में महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ उप्र के अध्यक्ष एवं हिन्द मजदूर सभा के राष्ट्रीय सचिव गिरीश पाण्डेय ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को बच्चों के देख-रेख के अलावा चुनाव, जनगणना, कोरोना आदि ड्यूटी में लगा दिया जाता था। इसके एवज में आंगनबाड़ी महिलाओं को बहुत निम्न मानदेय दिया जाता है। इस कारण आंगनबाड़ी महिलाएं मानसिक रूप से परेशान रहती हैं।

इन्ही समस्याओं को देखते हुए बाराबंकी की महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ उप्र की जिलाध्यक्ष मनीषा कन्नौजिया द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में रिट दायर की गयी। इस विषय पर न्यायमूर्ति आलोक माथुर की एकल पीठ ने फैसला सुनाते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को चुनाव समेत अन्य दूसरे कामों में ड्यूटी लगाने पर रोक लगा दी।

याचिकाकर्ता और वकील का आभार: उधर फैसला आने के बाद संगठन द्वारा लोहिया मजदूर भवन नरही, लखनऊ में एक बैठक का आयोजित कर याचिकाकर्ता मनीषा कन्नौजिया को माला पहनाकर उनका अभिनन्दन किया गया। बैठक में फैसले का स्वागत करते हुए उच्च न्यायालय को धन्यवाद देते हुए दायर याचिका की अधिवक्ता अभिलाषा पाण्डेय को भी संगठन द्वारा आभार जताया गया।

संगठन के अध्यक्ष ने बताया कि 62 वर्ष पूर्ण कर चुकी आंगनबाड़ी महिलाओं को बिना ग्रेच्युटी व पेंशन के जबरन उनकी सेवा समाप्त कर दिया गया, इस पर भी संगठन की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका दायर है। उन्होंने आशा जताई है कि 62 वर्ष पूर्ण करने वाली महिलाओं के पक्ष में भी न्यायालय न्याय जरूर करेगा ।

चंदक में उत्तम सुन्ना चैरिटेबल हॉस्पिटल का भूमि पूजन

उत्तम सुन्ना चेरिटेबल ट्रस्ट के ड्रीम प्रोजेक्ट सामुदायिक अस्पताल का भूमिपूजन। ट्रामा सेंटर की भी होगी सुविधा। स्त्री रोग व जच्चा बच्चा आदि रोग का होगा सस्ता इलाज। क्षेत्र की जनता को मिलेंगी सभी प्रकार की सुविधाएं।

बिजनौर। उत्तम ग्रुप के नए प्रोजेक्ट “उत्तम सुन्ना चैरिटेबल हॉस्पिटल” का चंदक में भूमि पूजन किया गया। उत्तम सुन्ना चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा बनाए जा रहे इस अस्पताल में स्त्री रोग व जच्चा बच्चा आदि रोग का सस्ता इलाज किया जायेगा।
यहां ट्रामा सेंटर भी होगा, जिसमें सभी प्रकार की बीमारियों का इलाज किया जायेगा। कई एकड़ में लगभग बीस करोड़ से भी अधिक लागत से बनने वाले इस अस्पताल में डाक्टरों के‌ रहने तक की व्यवस्था भी रहेगी। इस अस्पताल में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध रहेगी।

भूमि पूजन के अवसर पर ट्रस्टी राजकुमार अदलखा, बिजनौर सदर विधायक श्रीमती सूची चौधरी, एड. मौसम चौधरी, एसपी दिनेश कुमार, एसपी सिटी प्रवीन रंजन सिंह, एसडीएम सदर मोहित कुमार, एडीएम प्रशासन विनय कुमार सिंह, डा.बीरवल सिंह, ब्लाक प्रमुख तपराज सिंह, किसान नेता अंकित कुमार, राजेंद्र सिंह, वीर सिंह, सूरज प्रधान व क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति और काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।

बाइक पर सवारी के बदले नियम

बाइक की सवारी करने के नियम केंद्र सरकार ने बदले। बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं से निपटने की कवायद।

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए दोपहिया वाहनों के डिजाइन और पीछे बैठने के नियमों में बदलाव कर दिया है। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर कुछ नए नियम लागू किए हैं। बाइक चलाने वाले के पीछे बैठने वाले लोगों को इनका पालन करना होगा।

बाइक राइडर और पीछे की सीट के बीच हैंड होल्ड – सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के नए नियमों के मुताबिक, अब बाइक के पीछे की सीट के दोनों तरफ हैंड होल्ड जरूरी है। हैंड होल्ड पीछे बैठे सवारी की सुरक्षा के लिए है। बाइक ड्राइवर के अचानक ब्रेक लगाने पर हैंड होल्ड सवारी के लिए काफी मददगार साबित होता है। अभी तक अधिकतर बाइक में ये सुविधा नहीं होती थी। इसके साथ ही बाइक के पीछे बैठने वाले के लिए दोनों तरफ पायदान अनिवार्य कर दिया गया है. इसके अलावा बाइक के पिछले पहिये के बाएं हिस्से का कम से कम आधा हिस्सा सुरक्षित तरीके से कवर होगा ताकि पीछे बैठने वाले के कपड़े पिछले पहिये में ना उलझे।