जलालाबाद चौकी के सिपाही की हार्टफेल से मौत

हार्टफेल से जलालाबाद चौकी के सिपाही की मौत

बिजनौर। सुबह के समय के दौड़ते दौड़ते अचानक रास्ते पर गिरने से जलालाबाद पुलिस चौकी के सिपाही की मौत हो गई। चौकी इंचार्ज द्वारा तत्काल पूजा अस्पताल नजीबाबाद में सिपाही को भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने सिपाही को मृत घोषित कर दिया। सिपाही खुर्शीद की मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। सिपाही खुर्शीद अहमद (37 वर्ष) पुत्र कल्लू खां संभल जिले के थाना असमौली अंतर्गत गांव मथना का रहने वाला था। मृतक सिपाही के शव का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। सिपाही की मौत से पुलिस विभाग में छाया शोक का माहौल व्याप्त हो गया। मृतक सिपाही खुर्शीद जनपद बिजनौर के नजीबाबाद थाने की जलालाबाद चौकी पर तैनात था।

बेहतर कानून व्यवस्था की व्यापारियों द्वारा प्रशंसा

व्यापारियों ने किया एडीजी राजकुमार, डीएम उमेश मिश्रा, एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी सिटी डॉ. प्रवीण रंजन आदि पुलिस अधिकारियों का स्वागत। डीएम एसपी ने व्यापारियों से मांगे जिले की व्यवस्था और बेहतर करने के लिए सुझाव। उद्योग व्यापार मंडल की ओर से जैन धर्मशाला में आयोजित हुआ कार्यक्रम।

बिजनौर। उद्योग व्यापार मंडल की ओर से व्यापारियों ने जैन धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में एडीजी राजकुमार, डीएम उमेश मिश्रा, एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी सिटी डॉ. प्रवीण रंजन आदि पुलिस अधिकारियों का स्वागत किया। व्यापारियों ने जिले में अच्छी कानून व्यवस्था की भी प्रशंसा की। कार्यक्रम में डीएम उमेश मिश्रा और एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने सभी व्यापारियों से जिले की व्यवस्था और बेहतर करने के लिए सुझाव मांगे। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की ओर से रजनीश अग्रवाल, मनोज कुच्छल, मुनीष त्यागी, बीएस राजपूत, दिलशाद खान, डॉ. उस्मानी, दीपक अरोड़ा, सौरभ सिंघल, गुलाम साबिर आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला कोषाध्यक्ष बीएस राजपूत ने किया।

एनआईए अफसर तंजील हत्याकांड में मुनीर व रैयान को फाँसी की सजा

एनआइए अफसर व उनकी पत्नी की हत्या केस में मुख्य आरोपी मुनीर और  रैयान को फाँसी की सज़ा।  एडीजे कोर्ट 5 के जज डॉ विजय कुमार तालियांन ने सुनाई सज़ा। दोनों को फांसी की सजा का एलान। तंजीम,जेनी और रिजवान को किया गया बरी। मुख्य आरोपी मुनीर और रेयान ने गोली बरसाकर उतारा था एनआईए अफसर तंजील और उनकी पत्नी फरजाना को मौत के घाट। 2/3 अप्रैल 2016 की घटना।

बिजनौर। न्यायालय द्वारा एनआईए के पुलिस उपाधीक्षक तंजील अहमद हत्याकाण्ड के मुख्य अभियुक्त/गैंगस्टर मुनीर तथा सहअभियुक्त रैय्यान को फांसी की सजा से दण्डित किया गया है। तंजील अहमद पठानकोट आतंकी हमले की जांच टीम का हिस्सा थे। गत दिवस अदालत ने तीन आरोपितों को केस से बरी कर दिया था, जबकि मुनीर और उसके साथी रैय्यान को दोष करार दिया था। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गुनहगारों को कोर्ट लाया गया था।

गौरतलब है कि दिनांक 02/03 अप्रैल 2016 को एनआईए के पुलिस उपाधीक्षक तंजील अहमद व उनकी पत्नी फरजाना की मुनीर तथा उसके साथियों द्वारा हत्या कर दी गयी थी। दिनांक 16 अप्रैल 2022 को इस अभियोग से सम्बन्धित गैंगस्टर एक्ट में न्यायालय द्वारा अभियुक्त मुनीर को 10 वर्ष के कारावास व 01 लाख रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया गया था। पुलिस उपाधीक्षक एवं उनकी पत्नी की हत्या के मामले में पुलिस द्वारा की गयी प्रभावी पैरवी के उपरान्त आज एडीजे कोर्ट 5 के जज डॉ विजय कुमार तालियांन द्वारा मुख्य अभियुक्त मुनीर तथा सहअभियुक्त रैय्यान को फांसी की सजा से दंडित किया गया। मुनीर अन्तर्राज्यीय गैंग का गैंग लीडर (गैंग कोड सं–आईएस 32/21) तथा हिस्ट्रीशीटर है। मुनीर के खिलाफ विभिन्न जनपदों/राज्यों में कुल 33 अभियोग पंजीकृत हैं तथा शासन द्वारा चिन्हित राज्य स्तरीय आपराधिक माफिया घोषित है। अभियुक्तों की सजा से शासन एवं पुलिस प्रशासन के प्रति आम लोगों का विश्वास उत्पन्न हुआ है तथा अपराधियों में भय का माहौल व्याप्त हुआ है।

लेनदेन का था विवाद

विवेचना के दौरान पता चला कि पारिवारिक प्रॉपर्टी में रुपयों के लेनदेन को लेकर मुनीर का एनआइए अफसर तंजील अहमद के साथ विवाद चल रहा था। मुनीर को संदेह था कि एनआइए अफसर उसकी मुखबिरी कर रहे हैं। इसे लेकर मुनीर ने अपने साथी रैयान, तंजीम, मोहम्मद जैनी और रिजवान के साथ मिलकर दोनों की हत्या कर दी थी। इस मामले में शुक्रवार को कोर्ट ने निर्णय सुनाया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम डा. विजय कुमार तालियान ने मुख्य आरोपित मुनीर और रैयान को दोषी पाया। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में आरोपित तंजीम, रिजवान और मोहम्मद जैनी को बरी कर दिया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान वादी के अधिवक्ता जितेंद्र सिंह मौजूद रहे।

अप्रैल 2016 की वारदात- अपर जिला शासकीय अधिवक्ता आनंद उर्फ अभिनव जंघाला के अनुसार एक-दो अप्रैल 2016 की रात एनआइए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना पर उस समय जानलेवा हमला किया गया, जब वह स्योहारा में एक विवाह कार्यक्रम में शामिल होने के बाद दिल्ली लौट रहे थे। हमले में एनआइए अफसर तंजील अहमद की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी फरजाना की इलाज के दौरान दिल्ली में मौत हुई थी। उनके दो बच्चे हमले के दौरान बच गए थे।

बचाव पक्ष की ओर से तर्क– बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल चौधरी ने बताया कि कोर्ट ने आरोपित मुनीर और रैयान को आर्म्स एक्ट सहित एक अन्य मामले में भी बरी कर दिया है। मुनीर और रैयान को हत्या का दोषी पाया है। उन्होंने दावा किया कि मुनीर और रैयान की तंजील अहमद से किसी प्रकार की कोई रंजिश नहीं थी। एनआइए अफसर तंजील अहमद आतंकवादी तथा अन्य गंभीर मामलों की जांच करते थे, ऐसी संभावना है कि उक्त घटना को किसी अन्य व्यक्ति ने अंजाम दिया।

ADG ने किया पुलिस लाइंस का गहनता से निरीक्षण

बिजनौर। अपर पुलिस महानिदेशक बरेली जोन बरेली राजकुमार व पुलिस उपाधीक्षक हृदय शंकर उपाध्याय द्वारा पुलिस कार्यालय की विभिन्न शाखाओं / कार्यालयों का भ्रमण / निरीक्षण किया गया। कार्यालयों के निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रचलित अभिलेखों के रखरखाव / अभिलेखों को अद्यावधिक किये जाने, साफ-सफाई आदि के सम्बन्ध में दिशा निर्देश दिये। इस दौरान पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर / ग्रामीण तथा अन्य अधिकारीगण/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

अपर पुलिस महानिदेशक राजकुमार, बरेली जोन के जनपद बिजनौर पहुंचने पर रिजर्व पुलिस लाइन्स के अतिथि गृह में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान एडीजी ने रिजर्व पुलिस लाइन्स में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट आरक्षियों के टर्न आउट ड्रिल आदि का भी निरीक्षण किया तथा जवानों को चुस्त दुरुस्त व शारीरक एवं मानसिक रूप से फिट रहने के लिये परेड को दौड़ लगवाई। परेड में एकरूपता में अनुशासन बनाए रखने के लिए टोलीवार ड्रिल करवाई। एडीजी ने ड्रिल देखकर उसे और बेहतर तरीके से कराने के लिए प्रभारी पुलिस लाइन को निर्देशित किया। तत्पश्चात एडीजी ने रिजर्व पुलिस लाइन में क्वाटर गार्ड, शस्त्रागार, पुलिस स्टोर, सीपीसी कैंटीन, पुलिस चिकित्सालय, परिवहन शाखा, पुलिस लाइंस आवासीय परिसर, डायल 112, भोजनालय, शिकायत प्रकोष्ठ समेत विभिन्न कार्यालय के अपराध शाखा, पुलिस पेंशनर्स शाखा, रिकॉर्ड रूम, शाखाओं का निरीक्षण किया। वहां पर अभिलेखों के रख-रखाव एवं साफ सफाई आदि को लेकर दिशा निर्देश दिए। आदि का निरीक्षण भी किया। अभिलेखों का निरीक्षण करने के पश्चात सम्बंधित को दिशानिर्देश दिये।

पुलिस पेंशनर्स को धन्यवाद- एडीजी ने रिजर्व पुलिस लाइन्स के सभागार कक्ष में पुलिस पेंशनर्स के साथ गोष्ठी की। इस दौरान पुलिस विभाग में उनके योगदान के लिए उनका धन्यवाद किया। साथ ही उनकी समस्याओं को सुनकर समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु संबंधित को निर्देशित एवं अन्य महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह व अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। तत्पश्चात उन्होंने जनपद के जनप्रतिनिधियों के साथ गोष्ठी की तथा उनसे क्षेत्रीय समस्याओं के बारे में जानकारी ली।

पुलिस खेलों में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम

बिजनौर। अन्तजनपदीय पुलिस वालीबॉल, बास्केटबॉल, हैण्डबॉल, सेपक टकरा एवं योगा प्रतियोगिता वर्ष-2022 का शुभारम्भ शलभ माथुर, पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र, मुरादाबाद के द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन्स बिजनौर के परेड ग्राउण्ड में किया गयाप्रतियोगिता के प्रथम दिन में हुई प्रतियोगिताओं का विवरण निम्न प्रकार हैः-

वालीबॉल
बालीबॉल का प्रथम मैच जनपद बिजनौर व बरेली के बीच खेला गया, जिसमें जनपद बिजनौर की टीम ने 02-00 से विजय प्राप्त की, दूसरा मैच जनपद सम्भल व रामपुर के मध्य खेला गया जिसमें जनपद सम्भल की टीम ने 02-00 से विजय प्राप्त की, तीसरा मैच जनपद अमरोहा व बदायूं के मध्य खेला गया जिसमें जनपद अमरोहा की टीम ने 02-01 से विजय प्राप्त की, चौथा मैच जनपद शाहजहॉपुर व पीलीभीत के मध्य खेला गया जिसमें जनपद पीलीभीत ने 02-00 से विजय प्राप्त की।

बास्केटवॉल
बास्केटवॉल का प्रथम मैच जनपद बिजनौर व बदॉयू के बीच में खेला गया, जिसमें जनपद बिजनौर की टीम ने 04-02 से विजय प्राप्त की, दूसरा मैच शाहजहॉपुर व रामपुर के बीच खेला गया, जिसमें रामपुर की टीम ने 08-03 से विजय प्राप्त की, तीसरा मैच पीलीभीत व अमरोहा के बीच खेला गया, जिसमें पीलीभीत की टीम ने 03-02 से विजय प्राप्त की, चौथा मैच बरेली व मुरादाबाद के बीच खेला गया जिसमें मुरादाबाद की टीम ने 05-03 से विजय प्राप्त की एवं पॉचमा मैच सम्भल व पीलीभीत के बीच खेला गया जिसमें सम्भल की टीम ने 15-05 से विजय प्राप्त की और सेमीफाइनल में प्रवेश किया। शुक्रवार 20 मई 2022 को शेष मैच एवं सभी सेमीफाईनल मैच खेले जायेंगे।
निर्णायक मण्डल में सर्व श्री अशोक कुमार त्यागी, ओमवीर सिंह राणा, दीपक चौधरी, अजीत सिंह, चन्द्रशेखर, मौ0 राशिद, मौ0 युनुस, आदेश दाहिमा, श्रीमती चित्रा चौहान, कुमारी भावना सिह ने अपना सहयोग प्रदान किया एवं आयोजन को सफल बनाया।

इस अवसर पर सर्वश्री उमेश मिश्र, जिलाधिकारी बिजनौर, डॉ0 धर्मवीर सिंह, पुलिस अधीक्षक बिजनौर, डॉ0 प्रवीन रंजन सिंह, अपर पुुलिस अधीक्षक नगर/लाइन्स, राम अर्ज अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, कुलदीप कुमार गुप्ता क्षेत्राधिकारी नगर/लाइन्स, शुभ शुचित क्षेत्राधिकारी कार्यालय, सुमित शुक्ला क्षेत्राधिकारी नगीना, भरत सोनकर क्षेत्राधिकारी यातायात, जयवीर सिंह, जिला क्रिडाधिकारी बिजनौर, शिव बालक वर्मा प्रतिसार निरीक्षक पुलिस लाइन्स बिजनौर आदि उपस्थित रहे।

तीन दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का डीआईजी ने किया उद्घाटन

बिजनौर। रिजर्व पुलिस लाइन्स में दिनांक 19.05.2022 से 21.05.2022 तक आयोजित होने वाली अन्तरजनपदीय पुलिस वालीबॉल, बास्केटबॉल, हैण्डबॉल, सेपक टकरा एवं योगा प्रतियोगिता वर्ष-2022 व सडक सुरक्षा जागरुकता अभियान का शुभारम्भ शलभ माथुर, पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र मुरादाबाद द्वारा किया गया।

रिजर्व पुलिस लाइन में शलभ माथुर, पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र मुरादाबाद द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर लिया गया। उनके द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर देने वाली गार्द को उत्साहवर्धन हेतु पुरस्कृत किया गया। इसके पश्चात पुलिस लाइन्स के ग्राउण्ड में बरेली जोन, बरेली की दिनांक 19.05.2022 से 21.05.2022 तक आयोजित होने वाली अन्तरजनपदीय पुलिस वालीबॉल, बास्केटबॉल, हैण्डबॉल, सेपक टकरा एवं योगा प्रतियोगिता वर्ष-2022 का उदघाटन किया गया। उक्त प्रतियोगिता में बरेली जोन के सभी 09 जनपदों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। पुलिस उपमहानिरीक्षक ने सभी प्रतिभागी खिलाडियों से हाथ मिलाकर उनका परिचय लिया तथा खेल भावना के उददेश्य से खेलने की अपील करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया गया।
तदोपरान्त पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र मुरादाबाद श्री माथुर द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन्स प्रांगण में एनसीसी कैडेट्स को सडक सुरक्षा के बारे में जागरुक किया गया। उनको बताया गया कि सड़क पर सभी को अपने बाँये तरफ चलना चाहिए खासतौर से चालक को और दूसरी तरफ से आ रहे वाहन को जाने देना चाहिये। चालक को सड़क पर गाड़ी घुमाते समय गति धीमी रखनी चाहिये। अधिक व्यस्त सड़कों और रोड जंक्शन पर चलते समय ज्यादा सावधानी बरतें। दोपहिया वाहन चालकों को अच्छी गुणवत्ता वाले हेलमेट पहनने चाहिये नहीं तो उन्हें बिना हेलमेट के रोड पर नहीं आना चाहिये। गाड़ी की गति निर्धारित सीमा तक ही रखें खासतौर से स्कूल, हॉस्पिटल, कॉलोनी आदि क्षेत्रों में। सभी वाहनों को दूसरे वाहनों से निश्चित दूरी बनाकर रखनी चाहिये। सड़कों पर चलने वाले सभी लोगों को रोड पर बने निशान और नियमों की अच्छे से जानकारी हो। यात्रा के दौरान सड़क सुरक्षा के नियम-कानूनों को दिमाग में रखें।

एनसीसी कैडेट्स की जागरुकता रैली- इसी के साथ ही एनसीसी कैडेट्स के साथ प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर जागरुकता रैली को रवाना किया गया एवं आमजन मानस को यातायात नियमों से अवगत कराया गया। इस दौरान जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ0 धर्मवीर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ0 प्रवीन रंजन सिंह, आरटीओ शिव शंकर, एआरटीओ राकेश मोहन, क्षेत्राधिकारी नगर कुलदीप गुप्ता, उ0नि0 यातायात बलराम सिंह व अन्य पुलिस अधिकारीगण मौजूद रहे।


इसके बाद पुलिस उपमहानिरीक्षक द्वारा स्कूली वैन बस एवं एंबुलेंस का फिटनेस चेक कर वाहन से सम्बन्धित जानकारी ली गई तथा सम्बन्धित को इस सम्बन्ध में डाटाबेस बनाकर रखने हेतु निर्देशित किया गया। वाहन स्वामी को बताया गया कि स्कूली वाहनों में सभी मानकों को हमेशा पूरा रखा जाए तथा वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने हेतु निर्देशित किया गया।

ग्राम प्रहरियों को वर्दी किट-
डीआईजी ने रिजर्व पुलिस लाइन्स प्रांगण में नगर सर्किल के ग्राम प्रहरियों को जर्सी, साफा, जीन कोट, बेल्ट, जूता, धोती (कुल 06) सामानों का वितरण किया गया। ग्राम प्रहरियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी पुलिस विभाग मे एक मजबूत कडी है जो अपने आसपास की गतिविधियों पर सतर्क नजर रखते हैं, जिससे किसी घटना को घटित होने से रोका जा सकता है। उनके द्वारा सभी को समय से सूचना देने व अपने दायित्वों का अच्छी तरह से निर्वहन करने हेतु प्रेरित किया गया। सभी ग्राम प्रहरियों को अपनी डयूटी को सतर्कता पूर्वक करने व किसी भी प्रकार की कोई भी सूचना तत्काल थाना प्रभारी को देने हेतु बताया गया। पुलिस उपमहानिरीक्षक शलभ माथुर द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन्स प्रांगण में आयोजित नेत्र शिविर का निरीक्षण किया गया। शिविर में वाहन चालक अपनी ऑखों का इलाज, शुगर, ब्लड प्रेशर आदि की जाँच करा रहे थे। डीआईजी द्वारा सभी चालकों को यातायात नियमों का पालन करने, वाहन चलाते समय किसी भी नशे का सेवन न करने हेतु बताया गया तथा सभी को समय-समय पर अपनी जाँच कराने हेतु प्रेरित किया गया। शिविर में नेत्र रोग विशेषज्ञ, शुगर रोग विशेषज्ञ व अन्य स्पेशलिस्ट डॉक्टर मौजूद रहे।

GGIC में सड़क सुरक्षा से संबंधित जागरूक शपथ दिलाई- उन्होंने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बिजनौर में पहुंच कर स्कूलों के बच्चों के साथ सडक सुरक्षा सप्ताह के तहत सड़क सुरक्षा से संबंधित जागरूक शपथ दिलाई तथा सभी को सडक सुरक्षा में जागरुक करते हुए बताया गया कि

1- ट्रैफिक सिग्नल का अर्थ समझना ।
2- रुको, देखो फिर सड़क पार करो ।
3- ध्वनि पर ध्यान दें ।
4- सड़क पर दौड़ें नहीं ।
5- फुटपाथ का उपयोग करें ।
6- पेडेस्ट्रियन से करें सड़क पार ।
7- वाहन के बाहर हाथ न निकालें ।
8- मोड़ से सड़क पार न करें ।
9- ड्राइविंग के नियमों का पालन करे ।
10- चलते वाहन में सुरक्षित बैठना ।
11- वाहन के रुकने के बाद ही चढ़ना और उतरना ।
12- हमेशा किनारे पर ही उतरें ।
13- स्कूल बस का इस्तेमाल हमेशा लाइन में रहकर करें ।
14- उतरने वाले यात्रियों को पहले अवसर दें ।
15- हाथ का इशारा दें ।

इस दौरान जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य पुलिस अधिकारी एवं स्कूल का स्टाफ उपस्थित रहा।

सीएम की गुडबुक के डीजीपी से कितना छंटेगा पुलिस व्यवस्था का गतिरोध


आखिर उत्तर प्रदेश के निवर्तमान पुलिस महानिदेशक शीर्ष स्तर पर नौकरशाही की लाबिंग के भंवर में फंसकर प्रतिशोध की भेंट चढ़ ही गये। हालांकि उनसे पहले और डीजीपी भी रहे हैं जो कार्यकाल के पहले चलते किये गये हैं लेकिन किसी को इतने बेआबरू अंदाज का सामना नहीं करना पड़ा। मुकुल गोयल के बारे में बाकायदा प्रेस विज्ञप्ति जारी करके कहा गया कि वे निकम्मे, विभागीय कार्य में रूचि न लेने वाले और शासन के निर्देशों की अवहेलना करने वाले अधिकारी के रूप में प्रदर्शित रहे हैं। उनकी शराफत के कायल प्रदेश पुलिस के अधिकांश उच्चाधिकारी शासन की इतनी कठोर टिप्पणी से अवाक हैं और उन पर लगाये गये इन अतिरंजनापूर्ण आरोपों को पचा नहीं पा रहे हैं।


अतिरिक्त कार्यभार औपचारिकता मात्र, उन्हें स्थायी डीजीपी मानो-
फिलहाल उनकी जगह इंटेलीजेंस और विजीलेंस के मुखिया देवेन्द्र सिंह चौहान को डीजीपी का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया गया है। जिसे लेकर जानकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री मुकुल गोयल को डीजीपी नियुक्त किये जाने के समय से ही उन्हें इस पद पर आसीन कराने को व्यग्र थे। 2020 में उन्हें इसी मकसद से केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस लाया गया था। पर तकनीकी बाधाओं के कारण मुख्यमंत्री अपनी इस मंशा को उस समय पूरा नहीं कर सके थे चूंकि प्रदेश कैडर के आइपीएस अधिकारियों में वे बहुत निचली पायदान पर थे। अगर मुकुल गोयल को कार्यकाल पूरा कर लेने दिया जाता तो देवेन्द्र सिंह चौहान उनसे लगभग एक साल पहले ही रिटायर हो जाते और डीजीपी बनने की उनकी हसरत दफन होकर रह जाती इसलिए मुकुल गोयल को नाकारा बताकर समय रहते डीजीपी का पद उनसे खाली कराने की कवायद तत्काल पूरी की जाना अब लाजिमी हो गया था।


विजिलेंस मुखिया की पावर का नमूना श्रीराम अरूण भी थे-
प्रसंगवश इसका उल्लेख किया जा सकता है कि देवेन्द्र सिंह चैहान के पहले भी डीजीपी पद तक पहुंचने के महत्वाकांक्षी अफसर तमाम करिश्मे दिखा चुके हैं जिनमें एडीजी के पद से इस्तीफा देकर राजनीति में आने और प्रदेश मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले असीम अरूण के पिता श्रीराम अरूण का नाम भी कभी लिया गया था। श्रीराम अरूण जब एडीजी विजीलेंस थे उस समय उन्होंने भविष्य में डीजीपी पद के दावेदार बनने वाले सारे पुलिस अफसरों की फाइलें खुलवा दी थी ताकि उनके प्रमोशन का लिफाफा डीपीसी में बंद करना पड़ जाये।


डीएस चौहान को लाने के लिए किस तरह बुना गया तानाबाना-
देवेन्द्र सिंह चौहान को अभी स्थायी डीजीपी इसलिए नहीं बनाया जा सका है कि वे वरिष्ठता क्रम में अभी भी छठे नम्बर पर हैं। यूपी कैडर के एक वरिष्ठ आईपीएस अनिल अग्रवाल केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर हैं इसलिए उन्हें छोड़ भी दिया जाये तो वे पांचवे नम्बर पर रह जाते हैं। अब पांच शीर्ष आईपीएस में विश्वजीत महापात्रा को दो महीने बाद ही रिटायर होना है इसलिए उनको डीजीपी बनाया नहीं जा सकता। इनके अलावा गोपाल लाल मीणा हैं जिनका रिटायरमेंट अगले साल 10 जनवरी को है। जाहिर है कि दो महीने बाद उनका कार्यकाल भी छह महीने से कम बच पायेगा तो वे भी डीजीपी की दावेदारी की दौड़ से बाहर हो जायेंगे और देवेन्द्र सिंह चैहान का नाम टाप 3 में आ जायेगा। तब केन्द्र में उन्हीं के नाम पर मोहर लगवाने की पैरवी राज्य सरकार की ओर से पूरी मजबूती से हो सकेगी इसलिए लोग अभी से मानने लगे हैं कि देवेन्द्र सिंह चैहान कार्यवाहक नहीं बल्कि स्थायी डीजीपी हैं जो रिटायरमेंट के बाद ही इस कुर्सी से अलग होंगे। नतीजतन फिलहाल उनको कार्यवाहक लिखा जाना औपचारिकता मात्र है।


ओपी सिंह को डीजीपी बनाने में भी सीएम ने सुपरसीड किये थे आधा दर्जन आईपीएस-
वैसे सजातीय अधिकारी को इस कुर्सी पर देखने की मुख्यमंत्री की लालसा शुरू से ही इतनी प्रबल रही है कि देवेन्द्र सिंह चैहान के पहले ओपी सिंह को डीजीपी बनाने के लिए उन्होंने उनके ऊपर के लगभग आधा दर्जन अधिकारी सुपरसीड कर दिये थे। इसी तरह अपनी सरकार पहली बार गठित होने के बाद जब उन्होंने तत्कालीन डीजीपी जाबेद अहमद को हटाकर नया डीजीपी नियुक्त करने का फैसला किया तो कार्यकाल कम रह जाने के बावजूद उनकी निगाह सुलखान सिंह पर जाकर टिकी। हालांकि सुलखान सिंह चैबीस कैरेट के ईमानदार अधिकारी रहे हैं और उनके जबरदस्त सादगी भी थी इसलिए लोगों की सहानुभूति भी उनसे जुड़ी थी और स्वाभाविक रूप से इसके कारण उनका नाम बतौर डीजीपी इतिहास में शामिल कराने के लिए लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार भी माना था।


सपा से रिश्ते की बात का बतंगड़-
पर देवेन्द्र सिंह चैहान को अपने को साबित करने के लिए बड़ी मशक्कत की जरूरत पड़ेगी अन्यथा उनके लिए आरपी सिंह और राजकुमार विश्वकर्मा को सुपरसीड किये जाने के लिए मुख्यमंत्री पर उंगलियां जरूर उठेंगी जबकि उंगली तो मुकुल गोयल को हटाने के लिए बहुत लचर कारण बताये जाने पर भी उठ रही हैं। अगर उन्हें इसलिए हटाया गया क्योंकि वे कभी सपा के खास रहे थे तो इसमें बहुत दम नहीं है। इसके लिए उन्हें अखिलेश सरकार में एडीजी एलओ बनाये जाने की बात कही जाती है लेकिन यह बात छुपा ली जाती है कि अखिलेश सरकार ने बीच में ही उनको यहां से शंट करके लूप लाइन में डाल दिया था और बाद में उन्हें केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर चले जाना पड़ा था। इस मामले में तो कोई देवेन्द्र सिंह चैहान का भी नाम ले सकता है क्योंकि मूलतः मैनपुरी जिले के होने के नाते उनके मुलायम सिंह से काफी नजदीकी संबंध रहे हैं और इस कारण वे परिवार के बुजुर्ग के रूप में मुलायम सिंह से सामाजिक शिष्टाचार निभाने को मजबूर रहते थे जिसे लेकर उनकी कुछ तश्वीरे अखबारों में भी प्रकाशित करा दी गई थी।


नाकारा बताये गये गोयल नबाजे जा चुके हैं उत्कृष्ट पुलिस सेवा मेडल से-


जहां तक मुकुल गोयल की कार्यक्षमता का सवाल है उनको राष्ट्रपति के पुलिस पदक और उत्कृष्ट पुलिस सेवा पदक से अलंकृत किया जा चुका है। यह भी याद करना होगा कि उन्हीं के कार्यकाल में पहली बार उत्तर प्रदेश में देश भर के पुलिस महानिदेशकों का तीन दिन का सम्मेलन आयोजित किया गया जो इतना सफल आयोजन माना गया कि दो दिन का समय इसके लिए केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने और एक दिन का समय स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिया था। अगर वे विभागीय कार्य में रूचि न लेने वाले होते तो इतना बड़ा कामयाब पुलिस आयोजन कैसे करा पाते।


गोयल फील्ड पर न जाने के लिए किये गये थे बाध्य-
उनके फील्ड पर न जाने की बात भी बहुत स्पष्ट है। उनसे पहले हितेश अवस्थी को जब डीजीपी बनाया गया था तो उन्होंने अपनी पहली प्रेस कान्फ्रेस में ही कह दिया था कि डीजीपी का काम जिलों में जाना नहीं है लेकिन उन्हें कभी इस तरह की धारणा के लिए टोकने की जरूरत महसूस नहीं की गई जबकि मुकुल गोयल ने तो पहली मीडिया वार्ता में कहा था कि वे अपने कार्यालय में ही बने रहने की बजाय मानिटरिंग के लिए समय-समय पर बाहर समीक्षा बैठकें करेंगे। अगर वे ऐसा नहीं कर पाये तो अनुमान लगाया जा सकता है कि निश्चित रूप से उन्हें इसके लिए ऊपर से रोका गया होगा। लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली के निरीक्षण के समय व्याप्त गंदगी के आधार पर जब उन्होंने मौके पर ही प्रभारी निरीक्षक को निलंबित करने का आदेश जारी किया तो उन्हें नीचा दिखाने के लिए इसके क्रियान्वयन पर न केवल रोक लगा दी गई बल्कि इसे ऐसे प्रचारित किया गया जिससे उनकी सत्यनिष्ठा पर लोगों में संदेह व्याप्त हो जाये और मुख्यमंत्री के मुंह से वीडियों कान्फ्रेसिंग में यह कहला दिया गया कि डीजीपी कार्यालय की थानों में नियुक्ति की संस्तुतियां जिलों के मुखिया मान्य न करें। हालांकि तथ्य यह बताते हैं कि उनके समय थानों की नीलामी का कोई मामला सामने नहीं आया जबकि योगी के समय ही एक दौर ऐसा था कि ऐसे आरोपों के कारण बुलंदशहर के तत्कालीन एसएसपी एन कोलांची और प्रयागराज के तत्कालीन एसएसपी अतुल शर्मा आदि को सरकार को निलंबित करना पड़ गया था। नोएडा के तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण ने तो अपने पांच समकक्षों द्वारा थाने देने के लिए सौदेबाजी करने के सबूत पैनड्राइव में इकट्ठा करके तत्कालीन डीजीपी ओपी सिंह को सौंप दिये थे। बाद में जब सरकार ने उनके आरोपों की जांच के लिए एसआईटी गठित की तो उसे ओपी सिंह ने पैनड्राइव देने में लगातार टालमटोल की। बाद में एसआईटी ने देरी से जांच रिपोर्ट सौंपते समय ओपी सिंह की इस अडंगेबाजी को भी वहन किया लेकिन ओपी सिंह को लेकर तरह-तरह की चचार्ये खूब चली बावजूद इसके मुख्यमंत्री का वरदहस्त उन पर बना रहा। यह भी प्रचारित किया जा रहा है कि मुकुल गोयल के बारे में जिलों के अधिकारियों को बड़ी शिकायतें थी जबकि मुकुल गोयल उन्हें लगातार जलील किये जाने का एहसास कर लेने के बाद जोन, रेंज और जिलों के पुलिस मुखियाओं से बात तक करने में खुद ही कतराने लगे थे तो उनसे ये लोग तंग कैसे हो सकते थे। इसी तरह उनके द्वारा मीडिया ब्रीफिंग से बचने की बात भी बेमानी है क्योंकि उन्होंने तो पदभार संभालते ही लम्बी ब्रीफिंग की थी। पर आगे उन्हें इसके लिए अपने कदम संभवतः शासन की मंशा के कारण रोक देने पड़े थे।


गोयल के स्वतः कहीं और शिफ्ट हो जाने का शायद था इंतजार-
विधानसभा चुनाव के समय निर्वाचन आयोग के निर्देशों के कारण जब हर स्तर पर पुलिस में तबादलों की सूची बनाने की कवायद की जाने लगी तो इसके लिए तीन समितियां बनायी गई पर मुकुल गोयल को एक भी समिति में नहीं रखा गया जबकि वे तीनों समितियों के अध्यक्ष होने चाहिए थे। यह भी सभी जानते हैं कि हर डीजीपी तभी सफलतापूर्वक काम कर पाता है जब उसे अपने मुताबिक अपनी टीम बनाने दी जाये लेकिन मुकुल गोयल की स्थिति यह थी कि वे जिन नामों की संस्तुति करते थे उन अधिकारियों को जिलों में पोस्ट करने की बजाय सजा वाले स्थानों पर भेज दिया जाता था। कुल मिलाकर प्रयास यह था कि मुकुल गोयल अपनी उपेक्षा से ऊबकर खुद ही पलायन करने की पेशकश कर दें।


जो भी हो गोयल के हट जाने से होगा पुलिस व्यवस्था का भला-
बहरहाल मुकुल गोयल का हट जाना एक तरह से अच्छा ही हुआ क्योंकि उनके प्रति शासन के रवैये से पुलिस की व्यवस्था डैड मोड में चली गई थी जिसका खामियाजा लोगों को उठाना पड़ रहा था। भले ही उनके समय सोनभद्र में 11 आदिवासियों की हत्या, कानपुर के बिकरू में 8 पुलिस कर्मियों को शहीद किये जाने और हाथरस में दलित किशोरी की रेप के बाद हत्या और उसके शव को घर वालों को सौंपने की बजाय पुलिस द्वारा जलबा दिये जाने जैसे सरकार की नाक कटाने वाला एक भी बड़ा कांड सामने नहीं आया। पर यह उनकी खुश किस्मती भर रही वरना जिस तरह से पुलिस व्यवस्था पंगु हो गई थी उसमें बहुत बड़े-बड़े बवाल हो जाने थे। अब मुख्यमंत्री की पसंद के डीजीपी कुर्सी पर बैठ गये हैं तो पुलिस व्यवस्था में यह गतिरोध निश्चित रूप से छटेगा। बशर्ते देवेन्द्र सिंह चैहान प्रभावी ढंग से मोर्चा संभालें। इंटेलीजेंस और विजीलेंस की कमान होने से देवेन्द्र सिंह चैहान को गड़बड़ी करने वाले जिला प्रमुखों की सारी कच्ची पक्की पुख्ता जानकारियां होंगी इसलिए उन्हें सारे दागदार एसएसपी, एसपी जिलों से वापस बुला लेना चाहिए और जिलों के लिए अपनी साफ सुथरी नई टीम बनानी चाहिए। जोन और रेंज के मुखिया मुकुल गोयल के कार्यकाल में शहंशाह बन गये थे जबकि जब तक ये लोग जिलों का लगातार भ्रमण न करते रहें तब तक जिलों में स्थिति ठीक नहीं रह सकती। देवेन्द्र सिंह चैहान को इन पदों के अफसरों को आराम तलबी छोड़कर फील्ड पर जाने के लिए मजबूर करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी झांसी मंडल के दौरे में इन्हें लक्ष्य करके चेतावनी जारी की थी। ओपी सिंह की तरह देवेन्द्र सिंह पर भी एसीएस होम को अभी की भांति पुलिस पर हावी बने रहने का अवसर नहीं मिल पायेगा इसलिए वे इस मामले में कारगर कदम आराम से उठा सकते हैं। महत्वपूर्ण पदों पर अफसरों की नियुक्ति में सामाजिक समीकरणों को  भी उन्हें दुरूस्त करना चाहिए जो अभी एकतरफा हैं। रेंकर आईपीएस को जिलों की कमान सौंपने में काफी कंजूसी दिखायी दे रही है जिससे उनमें कुंठा है। तमाम रेंकर अफसर इसके कारण लूप लाइन में ही रिटायर हो जाने के लिए विवश हैं। जिला पुलिस प्रमुख के रूप में कार्य करने का उन्हें थोड़ा और ज्यादा अवसर दिलाने का अगर देवेन्द्र सिंह चौहान पैरवी कर पाते हैं तो यह बहुत अच्छा होगा।


एसीएस होम के पुलिस पर हावी रहने के दिन भी लदेंगे-
इस बीच जिला पुलिस प्रमुखों की जबावदेही तय की जाने में व्याप्त संकोच के कारण भी स्थितियां बिगड़ी हैं और पुलिस की निरंकुशता की शिकायतें बढ़ी हैं। नये डीजीपी इसमें कड़ाई करेंगे तो शिकायतें भी कम होगी और जिला पुलिस प्रमुखों के रूप में नई तैनातियां बढ़ने से ज्यादा से ज्यादा अफसरों को आजमाया जा सकेेगा तो बेहतर पुलिसिंग के लिए ज्यादा विकल्प तैयार होंगे। अगर पुलिस के सम्मुख मौजूद चुनौतियांे के बेहतरीन निदान में देवेन्द्र सिंह चैहान ने अपना करिश्मा दिखाने में कसर नहीं छोड़ी तो उनकी छवि भी मजबूत होगी और मुख्यमंत्री की भी शानदार छवि स्थापित होगी।  

केपी सिंह, (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

पांच बकायेदारों को जेल, डेढ़ सौ पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

सहकारिता विभाग की सख्त कार्रवाई, पांच बकायेदारों को जेल, डेढ़ सौ पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

बिजनौर। सहकारिता विभाग द्वारा सहकारी समितियों से ऋण लेकर समय से जमा ना करने वाले बकायेदारों के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। गुरुवार को ऐसे ही 5 बकायेदारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। यही नहीं जनपद में 150 बकायेदारों के खिलाफ भी वसूली ना होने की दशा में गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक, सहकारिता बिजनौर, डा० प्रदीप कुमार द्वारा बताया गया कि जिलाधिकारी बिजनौर द्वारा सहकारिता विभाग के बड़े बकायेदारों के खिलाफ गिरफ्तारी वारन्ट एवं कुर्की आदेश जारी करने के निर्देश जनपद के सभी उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदारों को देते हुए जनपद की सहकारिता विभाग की वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिये गए हैं। गिरफ्तारी एवं कुर्की हेतु पुलिस अधीक्षक बिजनौर द्वारा विशेष रूप से 10 सशस्त्र पुलिस जवान सहकारिता विभाग को उपलब्ध करा दिये गये हैं। इसी कार्यवाही के तहत गुरुवार को सहकारिता विभाग द्वारा 3.20 लाख रू० के बकायेदार महेन्द्र पुत्र रामेश्वर, 2.58 लाख रू० के बकायेदार राजवीर पुत्र राजेन्द्र दोनों निवासी- मलकपुर, 3.68 लाख रू0 के बकायेदार मनोज पुत्र बलवन्त निवासी मुकरपुरी, 3.70 लाख के बकायेदार रियाज पुत्र शकील निवासी- सिरवासु चन्द, 1.22 लाख के बकायेदार कृपाल पुत्र सुखवा सिंह, निवासी – अमीनाबाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। डा० प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि जनपद में 150 बकायेदारों के खिलाफ गिरफ्तार वारन्ट प्राप्त कर लिये गये हैं, वसूली ना होने की दशा में उन पर भी गिरफ्तारी की कार्यवाही करते हुए इसी प्रकार अन्य बकायेदारों से वसूली की कार्यवाही की जायेगी।

दो पक्षों में दिनदहाड़े जमकर हुई  गोलीबारी, राहगीर घायल

बिजनौर। हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के गांव मुकरपुर गुर्जर में दो गुटों में दिनदहाड़े फायरिंग हो गई। घटना में वहां से गुजर रहा ग्रामीण घायल हो गया। उसे उपचार के लिये जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के गांव मुकरपुर गुर्जर में कुछ लोगों द्वारा की गई दिनदहाड़े फायरिंग में उलेढ़ा निवासी जयपाल पुत्र हिरदाराम गंभीर रूप से घायल हो गया। गोली जयपाल सिंह के सीने के दाएं तरफ लगी है। बताया गया है कि जयपाल सिंह पूर्व प्रधान बलराम सिंह की बैठक पर बैठे हुए थे। आरोप है कि इस दौरान दो पक्षों में जमकर मारपीट व गोलीबारी शुरू हो गई। घटना गांव मुकरपुर निवासी शोभाराम पुत्र रामपाल सिंह को बुरी तरह मारा-पीट कर  घायल कर दिया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय भेज दिया। क्षेत्राधिकारी चांदपुर सुनीता दहिया ने मामले की जांच पड़ताल की। घटना के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। थानाध्यक्ष का कहना है कि अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस अग्रिम कार्रवाई में जुटी है।

ढूंढ रहे थे तस्करी की शराब, बरामद हुई 232 kg चांदी

गोपालगंज (एजेंसी)। बिहार के गोपालगंज में उत्पाद विभाग की टीम को बड़ी कामयाबी मिली जब टीम ने उत्तर प्रदेश से बिहार आ रही एक कार से शराब की जगह दो क्विंटल से अधिक चांदी बरामद की। इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। दरअसल, उत्पाद विभाग की टीम बुधवार को अवैध शराब को लेकर कुचायकोट थाना क्षेत्र के बलथरी चेक पोस्ट पर उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहनों की तलाशी ले रही थी। इसी दौरान एक कार से 232 किलोग्राम चांदी बरामद की गई।

गोपालगंज के उत्पाद अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि बारीकी से जांच के दौरान कार में पीछे की सीट के नीचे तहखाना जैसी जगह मिली, जिससे 232 किलोग्राम चांदी बरामद की गई। उन्होंने बताया कि बरामद की गई चांदी की कीमत बाजार में डेढ़ से दो करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

कानपुर से हो रही थी तस्करी- उत्पाद अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि इस मामले में कार चालक और एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। उन लोगों की पहचान दरभंगा जिला के नगर थाना क्षेत्र के बड़ा बाजार निवासी मनोज गुप्ता और चालक शिव शंकर महतो के रूप में की गई है। पूछताछ में पता चला है कि चांदी को उत्तर प्रदेश के कानपुर से दरभंगा ले जाया जा रहा था। सूचना पुलिस और अन्य संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है।

घायल को अस्पताल पहुंचाओ, 5000 रुपए ले जाओ

पुलिस के डर से लोग नहीं करते पीड़ितों की सहायता। इसी कारण केंद्र सरकार ने की है इसके लिए एक अनूठी पहल। राष्ट्रीय स्तर पर 10 सबसे नेक मददगारों को दिया जाएगा एक-एक लाख रुपए का पुरस्कार

नई दिल्ली (PTI)। पुलिस के चक्कर में कौन पड़ेगा? कहीं हम ही न फंस जाएं! अस्पताल और पुलिसवाले हमें ही परेशान करेंगे! ये कुछ ऐसे वाक्य हैं, जो सड़क पर एक्सीडेंट के बाद घायल अवस्था में पड़े दर्द से कराह रहे व्यक्ति की मदद करने से हम सभी को रोकते हैं. पुलिस और सरकारें बार-बार कहती हैं कि एक्सीडेंट में घायल व्यक्ति की मदद करना मानवता की सेवा है और ऐसा करने पर आपको पुलिस परेशान नहीं करेगी. इसके बावजूद आम लोग डर के मारे घायल को अस्पताल पहुंचाने में कतराते हैं. अब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने इसके लिए एक अनूठी पहल की है.

सड़क मंत्रालय ने बताया कि उसने सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को गंभीर चोट लगने के एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाने वाले मददगारों के लिए एक खास योजना शुरू की है. मंत्रालय ने बताया कि सड़क हादसे में घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 5000 रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा.

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रधान सचिवों और परिवहन सचिवों को लिखे पत्र में कहा कि यह योजना 15 अक्टूबर 2021 से 31 मार्च 2026 तक प्रभावी होगी. मंत्रालय ने नेक मददगार को पुरस्कार देने की योजना’ के लिए दिशानिर्देश जारी किए.

मंत्रालय ने कहा कि इस योजना का मकसद आपात स्थिति में सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने के लिए आम जनता को प्रेरित करना है. नकद पुरस्कार के साथ एक प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा. मंत्रालय ने कहा कि इस पुरस्कार के अलावा राष्ट्रीय स्तर पर 10 सबसे नेक मददगारों को एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा.

क्या होता है गोल्डन आवर?
स्वर्ण घंटे (गोल्डन आवर) पर बताया गया है कि मोटर वाहन अधिनियम के धारा 2 (12ए) के अनुसार स्वर्ण घंटे का मतलब वह एक घंटे का समय है, जो व्यक्ति को दर्दनाक चोट लगने के बाद का एक घंटा होता है. इस एक घंटे के दौरान घायल या घायलों को शीघ्र अस्पताल पहुंचाया जाता है ताकि उसकी जान बच सके या बचने की संभावना होती है.

वहीं बिजनौर के पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने गुड सेमरिटन योजना की जानकारी देते हुए बताया कि योजना के तहत घायलों को निकटतम अस्पताल में पहुंचाने पर किसी भी नागरिक को 5000 रुपए का पुरस्कार दिया जाता है। सभी थाना क्षेत्रों में योजना का प्रचार-प्रसार किया गया है। बताया कि अभी तक कोई भी इसके लिये आगे नहीं आया है।

तीन युवक गंगा में डूबे, तलाश जारी

बिजनौर। बास्टा के मोहल्ला बेनियोवाला निवासी एक ही परिवार के तीन युवक गंगा नदी पर बने पुल के पास नहाते समय डूब गए। सूचना पर पुलिस व सैकड़ों लोग गंगा पर एकत्र हो गए।


जलीलपुर क्षेत्र में गंगा पुल के सहारे नहाने को उतरे बास्टा के चार युवक डूब गये। एक युवक को बचा लिया गया, जबकि तीन पानी में समा गये। डूबे युवकों की तलाश में स्थानीय गोताखोर तलाश में जूट गए।

सूचना पर पहुंची  हस्तिनापुर पुलिस व पांडव नगर पुलिस ने बचाव कार्य शुरू कर दिया।
बताया गया है कि फारूख पुत्र नसीम (18 वर्ष) वाजिद पुत्र तौला (21 वर्ष) एवं फुरकान पुत्र शामीम (17 वर्ष) मोबाइल फोन से सेल्फी ले रहे थे। उसी समय ये हादसा हो गया।


इनमें से फारूख व फुरकान ‌दिल्ली में वैल्डिंग रंग पेंटर तथा वाजिद एक फाइनेंस कंपनी में काम करता था। तीनों आपस में तहेरे चचेरे भाई बताए गए हैं।

एक दिन पहले कोटद्वार की खोह नदी में डूबने से हुई चार की मौत

इससे एक दिन पहले उत्तराखंड में पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार में जिला बिजनौर के सराय नगीना निवासी चार युवकों की खोह नदी में कोटद्वार-दुगड्डा मार्ग के बीच डूबकर मौत हो गई। मौके पर पहुंची कोटद्वार पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर बेस अस्पताल कोटद्वार भेज दिया।  कोटद्वार कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह ने बताया कि घटना शाम 5 बजे कोटद्वार दुगड्डा मार्ग पर दुर्गा देवी मंदिर के समीप हुईं।

दो की हालत गंभीर
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि, आसपास के लोगों ने इसकी सूचना 112 पर दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने 6 लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला। इस घटना में 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 2 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इनके साथ दो बच्चे भी थे जो नहा नहीं रहे थे। घटना में नदीम (42) पुत्र अनीश, जेब (29) पुत्र शाहिद, गुड्डू (24) पुत्र शाहिद निवासी निकट पुलिस चौकी नगीना बिजनौर यूपी और गालिब (15) पुत्र खालिद निवासी सीसी सराय नगीना बिजनौर यूपी की मौके पर मौत हो गई।

पहले भी डूब चुके हैं लोग
वन विभाग और पुलिस लगातार खोह नदी में लोगों को नहाने और आखेट को लेकर चेतावनी जारी करते रहते हैं लेकिन लोगों पर चेतावनी का फर्क नहीं पड़ता और इस तरह के हादसे होते जाते हैं। जानकारों का मानना है कि खोह नदी में स्थान-स्थान पर भंवर हैं, जिनमें फंसकर इससे पहले भी लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

डंपिंग ग्राउंड में दफन किये जा रहे तेजतर्रार पुलिस अधिकारी!

फील्ड के महारथी माने जाने वाले कई पुलिस अफसरों की डंपिंग सेंटर जैसी जगहों पर विचित्र तैनाती के कई मामले हाल में सामने आये हैं जो कानून व्यवस्था को अपने एजेंडे में सर्वोच्च स्थान देने वाली सरकार के मद्देनजर बड़े विपर्यास की बानगी है। नवनीत सिकेरा की ख्याति एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में रही है। वे जाति से यादव जरूर हैं लेकिन उनकी प्रतिष्ठा इस बात के लिए है प्रोफेशनल ईमानदारी से समझौता करना किसी राग विराग के कारण उन्होंने प्रायः मंजूर नहीं किया। इसलिए अखिलेश की सरकार उनसे कुपित हो गई थी उनकी क्षमताओं और विशेषताओं का लाभ उठाने की उत्सुकता योगी सरकार में होनी तो चाहिए थी लेकिन पता नहीं क्यों इस सरकार ने केवल उन्हें भाव नहीं दिया बल्कि अभी तक वे पुलिस महानिदेशक कार्यालय से संबद्ध थे पर अब तो उन्हें पुलिस ट्रेनिंग स्कूल उन्नाव में एडीजी बनाकर एकदम कूड़े में फैंक दिया गया है। यही किस्सा एडीजी ज्योति नारायण के साथ किया गया। जबकि वे तो यादव भी नहीं है जो जातिगत पूर्वाग्रह के कारण इस सरकार में संदेह के शिकार बनाये जाने चाहिए थे। पर आश्चर्य जनक रूप से वे भी मौजूदा सत्ताधारियों की प्रताड़ना लिस्ट में दर्ज दिख रहे हैं।
ज्योति नारायण जहां भी जिले के पुलिस प्रमुख रहे उन्होंने पीड़ित फरियादियों के बीच मसीहा की छवि बनायी। राजनीतिक दबाव कितना भी पड़ा हो पर वे अन्याय के शिकार व्यक्ति के संरक्षण के अपने दायित्व से मुकरते नहीं थे जिससे महीना दो महीना में ही ट्रांसफर होना उनकी नियति बन गया था। एक बार तो सरकारी पक्ष के दबंगों के खिलाफ एक्शन लेने की जिद के कारण उनका फिरोजाबाद से रातों-रात तबादला कर दिया गया। यह तबादला जालौन जिले के लिए किया गया था लेकिन यहां वे कार्यभार संभाल पाते इसके पहले ही उन्हें अगले आदेश की प्रतीक्षा करने के लिए कह दिया गया। वे 24 घंटे अधर में रहे। इस बीच उन्होंने अपनी उपस्थिति को लेकर डीजीपी कार्यालय से मार्गदर्शन मांगा तो मालूम हुआ कि डीजीपी खुद ही उन्हें चार्ज लेने से रोके जाने के आदेश से अवगत नहीं हैं। किसी ईमानदार अधिकारी को जलील करने की यह पराकाष्ठा थी।
उनकी कार्यशैली की वजह से खासतौर पर सपा के समय का निजाम उनसे इस कदर नाराज था कि जब डेपूटेशन पर उन्हें एनआईए में शामिल किया जा रहा था तो तत्कालीन प्रदेश सरकार ने उनको रिलीव करने पर स्टाप लगा दिया। उन दिनों ज्योति नारायण का परिवार भी बहुत तनाव में आ गया था। उनकी पत्नी का कहना था कि हम जहां भी जाते हैं अपने सामान की पैकिंग खोल नहीं पाते कि नये तबादले का आदेश थमा दिया जाता है। खानाबदोशी की इस जिंदगी से वे तंग आ चुकी हैं इसलिए बेहतर होगा कि नौकरी छोड़कर अपने पुस्तैनी कारोबार को सेटिल करें। खुद ज्योति नारायण भी इतने मायूस थे कि पत्नी की बात मानकर आईपीएस के शानदार कैरियर के मोह को तिलांजलि देकर इस्तीफा देने की तैयारी में लग गये थे। वह तो भला हो उस समय के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का। तत्कालीन एनआईए डीजी ने व्यक्तिगत रूप से अखिलेश से मुलाकात की और उनसे अनुरोध किया कि ज्योति नारायण जैसे बेहतरीन अफसर की एनआईए को प्रभावी ढ़ंग से खड़ा करने के लिए उन्हें बेहद जरूरत है इसलिए वे ज्योति नारायण को उत्तर प्रदेश से कार्यमुक्त कर दें। अखिलेश को बात समझ में आयी और उन्होंने ज्योति नारायण को छोड़ दिया।
केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति से उत्तर प्रदेश वापस आने पर पहले तो योगी सरकार ने उनके प्रोफाइल का ध्यान रखकर उन्हें बेहतर ढ़ंग से नवाजा और आईजी एलओ बना दिया कुछ समय बाद वे एडीजी के रूप में प्रोन्नत हो गये लेकिन तब तक उत्तर प्रदेश में पुलिस और प्रशासन में चल रही गिरोहबंदी के निशाने पर चढ़ जाने की वजह से उनके सितारे डगमगा चुके थे। उन्हें एडीजी यातायात और सड़क सुरक्षा बनाया गया जबकि उम्मीद की जा रही थी कि किसी महत्वपूर्ण जोन की कमान उन्हें सौंपी जायेगी क्योंकि इसके लिए उनकी उपयोगिता अधिक थी।

सरकार में हावी जातिवाद- दुर्भाग्य यह है कि इस सरकार में संवेदनशील पदों पर नियुक्तियों के मामले में जातिवाद हावी है। उदाहरण के तौर पर जेएन सिंह जैसे अफसर जोन की कमान के हकदार बने हुए हैं जिन्हें योगी की सरकार आने पर पहले लखनऊ रेंज का डीआईजी बनाया गया था पर उनसे यह जिम्मेदारी नहीं संभली, जिससे उनको हटाना पड़ गया था। उस समय प्रदेश की राजधानी में एसएसपी और आईजी जोन पुलिस की पूरी व्यवस्था को कैप्चर किये हुए थे। जोन एडीजी अभय कुमार प्रसाद थे जो अनु0जाति के थे इसलिए कोई इंस्पेक्टर और थानाध्यक्ष उनकी नहीं सुनता था। यह जानते हुए भी एसएसपी और आईजी जोन की नाकामी के लिए एडीजी जोन बिना बात में ही नाप दिये गये जो अभी तक ईओडब्ल्यू में दिन गुजार रहे हैं जबकि जेएन सिंह कुछ दिनों लूपलाइन में रहने के बाद फिर मुख्यधारा में वापस आ गये और आईजी के बाद एडीजी बनने पर भी उनका जलबा बरकरार है।
बहरहाल ज्योति नारायण यातायात और सड़क सुरक्षा के ही एडीजी बने रहते तो भी गनीमत थी पर जब उन्हें जालौन में एडीजी ट्रेनिंग के रूप में स्थानांतरित किये जाने का आदेश जारी हुआ तो लोगों को बहुत अटपटा लगा है। वैसे भी पुलिस के ट्रेनिंग स्कूलों में एडीजी स्तर के अधिकारियों की तैनाती का कोई औचित्य नहीं है। यह तो पुलिस में सक्षम मानव संसाधन की बर्बादी है। फिर भी अगर पीटीएस में एडीजी की तैनाती किसी नियमगत बाध्यता के कारण अपरिहार्य ही हो तो ऐसे चुके हुए अफसर इसके लिए तलाशे जाने चाहिए जिनमें काम की कोई उमंग न बची हो और ऐसे अफसरों की भी उत्तर प्रदेश में कमी नहीं है।
दरअसल ऐसा लगता है कि पुलिस सेटअप के कर्ताधर्ता के रूप में कोई काकस हावी हो गया है जिसने किसी तिकड़म से मुख्यमंत्री का भरोसा जीत रखा है और इसका गलत फायदा उठाने में कसर नहीं छोड़ रहा। यह सही है कि संगठित अपराधों पर इस सरकार ने लगभग लगाम लगा दी गई है पर रोजमर्रा के अन्याय और भ्रष्टाचार को रोकने के दायित्व को लेकर यह सरकार वीतराग हो चुकी है। जबकि खतरनाक स्थितियों के निर्माण के लिए इस तरह की अनदेखी बीज का काम करती है। पुलिस में जब रिश्वत लेने की आदत को पनपने दिया जाता है तो भले ही पहले मामला सीमित रहे पर इसके बाद अनिवार्य रूप से लालच और दुस्साहस बढ़ने की परिणति तक स्थितियां पहुंच जाती हैं। फिर बड़ी रिश्वत का लालच जहां बढ़ा वहीं पुलिस संगीन से संगीन अपराधो में सहभागी तक बनने लगती है और यहीं से माफिया तंत्र को फिर से सिर उठाने का मौका मिल जाता है। इसलिए पुलिस रूटीन में भी ईमानदार रहे इसका संकल्प सरकार में अनिवार्य रूप से होना चाहिए।


काकस चला रहा सिस्टम? मोदी-योगी युग शुरू होने के पहले हमारे लोकतंत्र की दिशा कुछ और मानी जाती थी। यह धारणा थी कि सरकार आती जाती रहेगी लेकिन ऐसी स्थिति बनाई जाये जिससे सिस्टम राजनैतिक उठा पटक से अछूता रहकर अपना काम स्थापित नियमों और परंपराओं के मुताबिक करता रहे। जोर इस बात पर था कि सिस्टम को ज्यादा से ज्यादा कारगर बनाया जाये इसके लिए समय-समय पर संस्थागत मजबूती के कदम उठाये जाते रहें। तब हमारे रोल माडल अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस आदि यूरोपीय देशो की लोकतांत्रिक व्यवस्था थी। पर आज भले ही देश की मौजूदा सरकार कम्युनिष्ट चीन से वैचारिक तौर पर विपरीत ध्रुव पर हो पर व्यवहारिक तौर पर वह उसके वन पार्टी रूल के माडल को आत्मसात करने में लगी है। प्रशासनिक नार्मस से लेकर हर चीज को इस उद्देश्य के लिए झोंका जा रहा है। इसमें सिस्टम को निरपेक्ष तौर पर मजबूत किये जाने की कोई गुंजाइश ही नहीं बची है। उत्तर प्रदेश में वह काकस जिसका केन्द्र शासन में है पुलिस सिस्टम को भी इस उद्देश का उपकरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और हावी नजर आ रहा है। इसलिए संस्थान को बाईपास करके पुलिस को संचालित करने की नई लीक शुरू की गई है। चर्चा इस बात की है कि पुलिस के मुखिया का पद अब कागजी बनाकर रखने की कोशिशें चल रही हैं जबकि विभाग का पूरा नियंत्रण कहीं और से होता है। इसी का असर है कि पुलिस में महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती के लिए संबंधित जिम्मेदारी के अनुरूप अधिकारी की रूचि व क्षमता को आधार बनाने का रिवाज ओझल कर दिया गया है आशंका है कि इसके दूरगामी नतीजे सुशासन की संकल्पना पर भारी पड़ेंगे। वैसे कहा यह भी जाता है कि यह गड़बड़ियां तभी तक चल पायेंगी जब तक सीएम योगी को वस्तुस्थिति पता नहीं चलती। जिस दिन उन्हें पता चल जायेगा कोई अपने को उनका कितना भी चहेता क्यों न समझता हो उसे निपटाने में वे देर नहीं करेंगे।

केपी सिंह, जालौन टाइम्स

बिजनौर में कारगर होगा अवैध टैक्सी व बसों के खिलाफ अभियान?

बिजनौर। जिले भर में अवैध रूप से टैक्सी व बसों का संचालन धड़ल्ले से हो रहा है। संबंधित विभाग की हीलाहवाली के चलते शासन को लाखों के राजस्व की क्षति प्रतिमाह हो रही है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

जनपद मुख्यालय सहित धामपुर, नजीबाबाद, चांदपुर, अफजलगढ़, शेरकोट, नूरपूर आदि लगभग सभी स्थानों पर अवैध वाहनों का संचालन बदस्तूर जारी है। संबंधित अधिकारियों के इस ओर ध्यान न देने से यात्रियों की जान से भी खिलवाड़ हो रहा है। बिजनौर रोडवेज बस स्टैंड के बाहर से ही दिल्ली को जाने वाले अवैध वाहनों की भरमार है। धामपुर क्षेत्र से आने-जाने वली कई लक्ज़री बसों का गंतव्य देश की राजधानी दिल्ली है। रोजाना हजारों सवारियों को ढ़ोने वाले इन लोगों पर एक प्रभावशाली नेता का वरदहस्त बताया जाता है। इसी तरह चौपहिया वाहनों की भी संख्या कम नहीं है। बताया गया है कि अवैध टैक्सियों के संचालन में थाना कोतवाली शहर के कुछ पुलिस कर्मियों की सांठगांठ है। यहां भी नेतागिरी जिंदाबाद है। महीना बांध कर ये धंधा कराया जा रहा है। वर्तमान में हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के दो लोगों ने इस धंधे की कमान संभाल रखी है। शिकायत के बावजूद पुलिस-प्रशासन का कोई अधिकारी कार्रवाई करने से क्यों लाचार है, ये बात आम व्यक्ति की समझ से परे है। ऐसे में अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी के अवैध टैक्सी, ऑटो व बस स्टैंड के संचालन की रोकथाम के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का निर्देश परवान कैसे चढ़ सकेगा, इसमें यकीनन संदेह है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने अवैध टैक्सी, ऑटो व बस स्टैंड के संचालन की रोकथाम के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का दिया है निर्देश

गौरतलब है कि अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने अवैध टैक्सी, ऑटो व बस स्टैंड के संचालन की रोकथाम के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। सभी जिलों के एसएसपी और पुलिस आयुक्त से कहा है कि 30 अप्रैल तक इस अभियान के परिणाम की विस्तृत रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराएं। संयुक्त रिपोर्ट के साथ एक प्रमाण पत्र भी दें कि किसी जिले में कोई भी अवैध टैक्सी, ऑटो या बस स्टैंड संचालित नहीं हो रहा है।

सुबह जल्दी उठाने से गुस्सा बेटे ने पिता को उतारा मौत के घाट

भोपाल। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक बेटे ने अपने पिता की इसलिए हत्या कर दी कि उसको पिता ने सुबह जल्दी उठने के लिए कह दिया। गुस्से में बेटे ने सीधे बिस्तर से उठकर अपने पिता पर एक के बाद एक चाकू से कई वार किये, जिसके बाद पिता की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया तो वहीं आरोपी बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

शिवपुरी जिले के कोतवाली थाना इलाके की न्यू शिव कॉलोनी में रामेश्वर दयाल (65 वर्ष) अपने बेटे के साथ किराए पर रहते थे। रामेश्वर दयाल का बेटा उपेंद्र शर्मा एक एजेंसी में सेल्समैन का काम करता है। बताया जा रहा है कि रामेश्वर दयाल शर्मा सुबह जल्दी उठकर पूजा पाठ का काम करते थे और इसी दिनचर्या को अपने बेटे को सिखाने का प्रयास कर रहे थे। रोज की तरह सुबह जब रामेश्वर दयाल शर्मा ने अपने बेटे को जल्दी उठाने का प्रयास किया तो उसे यह बात बुरी लगी और क्रोध में उसने चाकू उठाया और अपने पिता का गला काट दिया। पिता पर उसने एक के बाद एक चाकू से कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

यह जानकारी आग की तरह पूरी कॉलोनी में फैल गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी पुत्र ने बताया कि उसका पिता रोज जल्दी सुबह उठने के लिए कहता था। वह सेल्समैन का काम करता है और दिन में बुरी तरह थक जाता है, इसलिए वह पूरी नींद लेना चाहता है, लेकिन रोज की तरह पिता उसे सुबह जल्दी उठाने का प्रयास करते थे और इसी बात से नाराज होकर उसने क्रोध में अपने पिता की हत्या कर दी।

IPL सट्टे में फंसकर कंगाल हो रहे लोग

सचिन वर्मा, जनवाणी बिजनौर

आईपीएल का नशा लोगों के सिर चढ़कर बोलता है। लोग आईपीएल पर जमकर सट्टा लगाते हैं। जनपद में भी आईपीएल पर प्रतिदिन लाखों का सट्टा लगाया जाता है। काफी लोग आईपीएल सट्टे के मकड़जाल में फंसकर अपना सब कुछ दाव पर लगा चुके हैं। सूत्रों का दावा है कि जनपद में एक बड़ा गिरोह इस धंधे को चला रहा है। पूर्व में पुलिस ने कार्यवाही करते हुए आईपीएल सट्टे का धंधा करने वाले कई लोगों को दबोचा था। यह धंधा करने वालों को पुलिस का तनिक भी भय नहीं है इसी के चलते पूर्व की भांति इस बार भी बड़े स्तर पर यह धंधा खुलेआम चल रहा है।

आईपीएल मैचों में सट्टा लगाने वाले लोगों की कमी नहीं है। आम आदमी से लेकर व्यापारी व खादीधारी भी आईपीएल में सट्टा लगाकर अपना भाग्य आजमाते हैं। जनपद बिजनौर की बात की जाए तो यहां पर भी आईपीएल मैचों में सट्टा लगाने वाले लोगों की भरमार है। लोग आईपीएल आने का बड़ी बेसब्री के साथ इंतजार करते हैं। हालांकि यह सट्टे का यह धंधा ऑनलाइन भी चल रहा है, लेकिन इसके बाद भी एक बड़ा गिरोह जनपद में अपने एजेंटों के माध्यम से इस धंधे को कर रहा है। मैच के शुरू होते ही सटोरियों के मोबाइलों की घंटी दन दनादन बजनी शुरू हो जाती है। जिला मुख्यालय के अलावा झालू, नगीना, शेरकोट, नजीबाबाद, किरतपुर अफजलगढ़ व धामपुर आदि स्थानों पर यह धंधा बिना किसी रोक टोक के चल रहा है। वर्ष 2017 में एसओजी ने इन सटोरियों के खिलाफ बड़ी कार्यवाही करते हुए नगीना से दो लोगों को लाखों की रकम के साथ गिरफ्तार किया था। जिला मुख्यालय से भी कई लोगों को एसओजी ने दबोचा था, जिन्हें बाद में जेल भेज दिया गया था। एसओजी की इस कार्यवाही से सटोरियों में हड़कम्प मच गया था, लेकिन मामला शांत होते ही सटोरी पुनः सक्रिय हो गए थे। पुलिस की ढ़ील के चलते इस बार भी सट्टे का धंधा बड़े स्तर पर बिना किसी रोक टोक के चल रहा है। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस चाहे तो इस मामले में सख्त कदम उठाकर सटोरियों पर कार्यवाही कर इस धंधे पर प्रतिबंध लगा सकती है।

खेलने वाले कंगाल तो एजेंट हुए मालामाल

आईपीएल में सट्टा लगाने वाले अधिकांश लोगों को नुकसान के अलावा और कुछ हांसिल नहीं होता। मैचों में गवाई गई अपनी रकम को पूरा करने के लिए वे लगातार दांव पर दांव लगाते रहते हैं और अंत में अपना सब कुछ गंवाकर कंगाल होकर बैठ जाते हैं। वहीं दूसरी ओर सट्टा खिलाने वाले बुकी व उनके एजेंट आईपीएल मैचों के आने का बड़ी बेसब्री के साथ इंतजार करते हैं। ये एजेंट सट्टा खेलने वाले लोगों के पैसों से मालामाल होते जा रहे हैं। कुछ एजेंट तो ऐसे हैं जो कुछ ही वर्षों में फर्श से अर्श पर पहुंच चुके हैं। सट्टा खेलने वाले की हार होने पर भी उन्हें फायदा होता है और जीत होने पर भी। सूत्रों के अनुसार मैच समाप्त होने के कुछ समय बाद ही इन एजेंटों के पास उनके कमीशन का पैसा पहुंच जाता है।

उधर, अपर पुलिस अधीक्षक नगर प्रवीन रंजन सिंह का कहना है कि आईपीएल मैच पर सट्टा लगाए जाने का मामला संज्ञान में नहीं था। अब यह ममला संज्ञान में आया है। ऐसा करने वालों को चिन्हित कराकर उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

काफी सतर्कता बरतते हैं बुकी

आईपीएल सट्टा खिलाने वालों को बुकी कहा जाता है। ये बुकी काफी सतर्कता बरतते हैं। सूत्रों के अनुसार पकड़े जाने के डर से ये बुकी हर मैच के बाद अपना नम्बर बदल लेते हैं। नम्बर बदलने से पहले ये अपना नया नम्बर अपने एजेंटों को बता देते हैं। एजेंटों के माध्यम से ये नए नम्बर सट्टा खेलने वालों तक पहुंचाए जाते हैं।

कार्रवाई होना अति आवश्यकः गौरव गोयल

एडवोकेट गौरव गोयल का कहना है कि आईपीएल मैच में सट्टा लगाने के लिए लोग कर्ज लेने से भी गुरेज नहीं करते हैं। ऐसे कई मामले हैं जिनमे यह बात सामने आई है। सट्टा एक सामाजिक बुराई है। इसके कारण न जाने कितने लोग बर्बाद हो चुके हैं। लोगों को बर्बाद करने वाले इस गैर कानूनी धंघे को करने वालों पर कार्यवाही होना अति आवश्यक है। पुलिस चाहे तो ऐसा करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्यवाही कर इस धंधे पर अंकुश लगा सकती है।

‘जनपद में गैर कानूनी कार्य नहीं होने दिए जाएंगे। जनपद में जो लोग आईपीएल सट्टा करा रहे हैं, उनको चिन्हित कराकर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।’  डा. धर्मवीर सिंह, एसपी, बिजनौर

दिल्ली पुलिस का दावा; साजिशन थी जहांगीरपुरी में हिंसा

दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट; कहा साजिश के तहत फैलाई गई थी जहांगीरपुरी में हिंसा

नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली पुलिस ने जहांगीरपुरी हिंसा मामले में अपनी आरंभिक रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप दी है जिसमें आपराधिक साजिश की बात कही गई है। सूत्रों के अनुसार इस मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की शाखा ने अंतरिम रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में हिंसा का करण मोटे तौर पर आपराधिक साजिश को बताया गया है। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में गृह मंत्रालय को हिंसा की घटना से संबंधित जानकारी तथा इससे निपटने के लिए उसके द्वारा उठाए गए कदमों की विस्तार से जानकारी दी है।



रिपोर्ट में अब तक की गई जांच के आधार पर हिंसा के पीछे किसी साजिश की बात कही गई है। दिल्ली पुलिस इस मामले में शनिवार रात से ही जांच में जुट गई थी और उसने अब तक करीब 25 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोगों से घटना के बारे में पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि शोभायात्रा निकालने के लिए संबंधित अधिकारियों से प्रक्रिया के अनुसार अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस ने इस बात को काफी गंभीरता से लिया है और आयोजन कर्ताओं के खिलाफ भी इस मामले में कार्रवाई की जा रही है। उल्लेखनीय है कि जहांगीरपुरी में शनिवार को हनुमान जयंती के मौके पर जब शोभायात्रा निकाली जा रही थी तो जुलूस पर कुछ लोगों ने पथराव किया। इसके बाद हिंसा और आगजनी की घटनाएं भी हुई। हिंसा में पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए थे। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार शाम को ही दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों से बात करके उन्हें राजधानी में कानून -व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए थे। साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को भी कहा था।

Delhi Jahangirpuri violence how it started communal atmosphere charged in  various parts of country - India TV Hindi News



दिल्ली पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मस्जिद पर भगवा झंडा फहराने की जो बातें चल रही थी वह पूरी तरह से निराधार है। दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में अब तक सामने आए वीडियो, हथियार चलाने की घटनाओं की सभी तरह की फॉरेंसिक बैलेस्टिक जांच कराई जा रही है, जिनके आधार पर पूरी तरह से पहचान किए जाने के बाद ही लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है।

चप्पे चप्पे पर है पुलिस की निगाह: एसपी

बिजनौर। पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने आगामी त्योहार तथा कानून एवं शांति व्यवस्था के दृष्टिगत भारी पुलिस बल के साथ बिजनौर नगर में पैदल मार्च निकाला। पैदल मार्च में बिजनौर शहर कोतवाल राधेश्याम सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा। एसपी ने कहा कि चप्पे चप्पे पर पुलिस की निगाह है, कोई भी, कुछ भी करने के पहले अच्छी तरह से सोच ले।..जो जैसा करेगा, अंजाम वैसा ही होगा।

इससे पहले पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने प्रधान लिपिक कार्यालय व रिकार्ड रुम में तैनात पुलिस कर्मियों के साथ गोष्ठी कर उनके कार्य की समीक्षा की। साथ ही आवश्यक दिशा निर्देश दिए। दूसरी तरफ डॉ० प्रवीन रंजन सिह अपर पुलिस अधीक्षक नगर व राम अर्ज, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण द्वारा पुलिस लाईन के सभागार कक्ष में जनपद के समस्त थानों पर मालखाना इंचार्ज और पैरोकार के साथ मीटिंग करते हुए उनके कार्यों की समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए ।

कूड़ा फेंकने के विवाद में पथराव आगजनी

कानपुर। पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा जिस समय पुलिस अफसरों के साथ महानगर की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने को पैदल मार्च कर रहे थे, उसी दौरान किदवई नगर थाना क्षेत्र के जूही लाल कॉलोनी में कूड़ा फेंकने के मामले को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद हो गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई और पथराव के साथ आगजनी की वारदात को भी अंजाम दिया गया। घटनास्थल पर मचे बवाल की चपेट में आकर कई लोग घायल एवं चोटिल हो गए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अफसर पैदल मार्च से सीधे मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इस सिलसिले में दोनों पक्षों के 8 लोगों को हिरासत में लेते हुए मामले को शांत कराया है। फिलहाल एहतियात के तौर पर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।

जूही लाल कॉलोनी के रहने वाले लुकमान एवं हरिचंद आपस में पड़ोसी हैं, मंगलवार की दोपहर दोनों पक्षों के बीच कूड़ा फेंकने को लेकर विवाद हो गया था। थाने तक मामला पहुंच जाने के बाद पुलिस द्वारा दोनों को बुलाया गया और समझौता कराकर वापस भेज दिया। घर पहुंचने के बाद रात के समय एक बार फिर से दोनों पक्षों के बीच विवाद भड़क गया, जिसके चलते मारपीट के साथ पथराव होने लगा। आरोप है कि एक पक्ष ने इस दौरान दूसरे पक्ष के घर में आग भी लगा दी।

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा और एडीसीपी मनीष सोनकर समेत गोविंद नगर एवं बाबू पुरवा क्षेत्र का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस फोर्स को देखकर बवाल काट रहे दोनों पक्षों के लोग वहां से भाग निकले। पुलिस ने भाग दौड़ करते हुए दोनों पक्षों के 8 लोगों को हिरासत में ले लिया है।

एडीसीपी मनीष सोनकर ने बताया कि दो पक्षों के बीच में मारपीट एवं पथराव के मामले की जांच की जा रही है। बवाल के दौरान घर पर आग लगा दी गई या फिर फंसाने के लिए खुद ही आग लगाई है। इस मामले की जांच की जा रही है।

खबर दबाने को पत्रकार ने की अवैध वसूली! ऑडियो वायरल

डीजे पर हाथ में तमंचा लहराकर युवक ने उड़ायी कानून की धज्जियां
-ग्राम पाडली माण्डू के प्रधान का भाई है आरोपी युवक, खबर दबाने को हुआ लेन-देन का मामला भी हुआ उजागर


बिजनौर। धामपुर क्षेत्र के एक शादी समारोह में डीजे पर नाचते एक युवक की वीडियो वायरल हो गयी। डीजे पर नाच रहा यह युवक हाथ में तमंचा लिए है और गाने के बोल “तमंचे पर डिस्को” है। वीडियो बनी तो इस मामले को दबाने के लिए एक तथाकथित पत्रकार और ग्राम प्रधान के बीच पैसों का लेन-देन भी हुआ। जब मामला न दबा और वीडियो वायरल हो गयी तो ग्राम प्रधान ने तथाकथित पत्रकार तनवीर अहमद के खिलाफ पुलिस को तहरीर देकर कार्यवाही की मांग कर डाली, जिससे यह बात साफ हो गयी कि तमंचे को हाथ में लेकर डांस करने वाले युवक का अपराध माफी लायक नहीं है। उधर पुलिस इन दोनों मामलों की जांच कर कार्यवाही में जुटी है।


गौरतलब है कि धामपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में गत 5 अप्रैल को शादी समारोह का प्रोग्राम चल रहा था। बताया जाता है कि ग्राम पाडली मांडू के प्रधान सुशील कुमार का भाई सौरभ उस शादी समारोह में शामिल था और वह बज रहे डीजे पर वह अचानक डांस करने लगा। गाना बज रहा था; तमंचे पर डिस्को! तो उसने अपनी कमर में लगे तमंचे को अचानक हाथ में निकालकर हवा में लहरा दिया और डांस करने लगा। किसी ने उसकी वीडियो बना ली। जब इस बात का पता सौरभ के भाई को पता तो उन्होंने मामले को निपटाने का प्रयास किया। इस मामले में लेन-देन भी हुआ, लेकिन यह वीडियो ना सिर्फ वायरल हुई, बल्कि समाचारों की सुर्खी भी बन गई। इस पर ग्राम प्रधान सुशील कुमार ने एतराज जताते हुए उक्त तथाकथित पत्रकार तनवीर को दिए पैसे लौटाने की बात एक ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग में कहीं। वह भी इस समय तेजी के साथ वायरल हो रही है। प्रधान सुशील कुमार ने पुलिस को तहरीर देकर ब्लैकमेलिंग करने वाले तथाकथित पत्रकार तनवीर अहमद के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। उधर डीजे पर डांस कर रहे आरोपी सौरभ कुमार की तमंचा लहराते हुए वीडियो वायरल होने से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और उन्होंने आनन-फानन में इस मामले में कार्यवाही करते हुए आरोपी सौरभ को गिरफ्तार कर लिया। अब मामला अवैध धन के लेनदेन के निपटारे का रह गया है।

खबर दबाने को पत्रकार ने की अवैध वसूली! ऑडियो वायरल

डीजे पर हाथ में तमंचा लहराकर युवक ने उड़ायी कानून की धज्जियां
-ग्राम पाडली माण्डू के प्रधान का भाई है आरोपी युवक, खबर दबाने को हुआ लेन-देन का मामला भी हुआ उजागर


बिजनौर। धामपुर क्षेत्र के एक शादी समारोह में डीजे पर नाचते एक युवक की वीडियो वायरल हो गयी। डीजे पर नाच रहा यह युवक हाथ में तमंचा लिए है और गाने के बोल “तमंचे पर डिस्को” है। वीडियो बनी तो इस मामले को दबाने के लिए एक तथाकथित पत्रकार और ग्राम प्रधान के बीच पैसों का लेन-देन भी हुआ। जब मामला न दबा और वीडियो वायरल हो गयी तो ग्राम प्रधान ने तथाकथित पत्रकार तनवीर अहमद के खिलाफ पुलिस को तहरीर देकर कार्यवाही की मांग कर डाली, जिससे यह बात साफ हो गयी कि तमंचे को हाथ में लेकर डांस करने वाले युवक का अपराध माफी लायक नहीं है। उधर पुलिस इन दोनों मामलों की जांच कर कार्यवाही में जुटी है।


गौरतलब है कि धामपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में गत 5 अप्रैल को शादी समारोह का प्रोग्राम चल रहा था। बताया जाता है कि ग्राम पाडली मांडू के प्रधान सुशील कुमार का भाई सौरभ उस शादी समारोह में शामिल था और वह बज रहे डीजे पर वह अचानक डांस करने लगा। गाना बज रहा था; तमंचे पर डिस्को! तो उसने अपनी कमर में लगे तमंचे को अचानक हाथ में निकालकर हवा में लहरा दिया और डांस करने लगा। किसी ने उसकी वीडियो बना ली। जब इस बात का पता सौरभ के भाई को पता तो उन्होंने मामले को निपटाने का प्रयास किया। इस मामले में लेन-देन भी हुआ, लेकिन यह वीडियो ना सिर्फ वायरल हुई, बल्कि समाचारों की सुर्खी भी बन गई। इस पर ग्राम प्रधान सुशील कुमार ने एतराज जताते हुए उक्त तथाकथित पत्रकार तनवीर को दिए पैसे लौटाने की बात एक ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग में कहीं। वह भी इस समय तेजी के साथ वायरल हो रही है। प्रधान सुशील कुमार ने पुलिस को तहरीर देकर ब्लैकमेलिंग करने वाले तथाकथित पत्रकार तनवीर अहमद के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। उधर डीजे पर डांस कर रहे आरोपी सौरभ कुमार की तमंचा लहराते हुए वीडियो वायरल होने से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और उन्होंने आनन-फानन में इस मामले में कार्यवाही करते हुए आरोपी सौरभ को गिरफ्तार कर लिया। अब मामला अवैध धन के लेनदेन के निपटारे का रह गया है।

सोनम कपूर के घर से 1.41 करोड़ के गहने और नकदी चोरी

बॉलीवुड अभिनेत्री सोनम कपूर के घर हुई चोरी, 1.41 करोड़ के गहने और नकदी लेकर चोर फरार

नई दिल्ली (एजेंसी)। बॉलीवुड अभिनेत्री सोनम कपूर के घर से 1.41 करोड़ रुपए की ज्वेलरी व नकदी चोरी हो गए। सोनम कपूर की सास की तहरीर पर तुगलक रोड थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला बेहद हाईप्रोफाइल होने की वजह से वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए कई टीमों का गठन कर दिया है। घर में 25 नौकर, 9 केयर टेकर के अलावा चालक और माली व अन्य कर्मचारी भी काम करते हैं। सभी से पुलिस पूछताछ कर रही है।  

सोनम कपूर के घर चोरी: दो साल पहले चेक किए गए थे 1.41 करोड़ के गहने, अब 34  नौकरों पर शक की सुई

मामला हाइप्रोफाइल होने के कारण पुलिस ने अब तक इसे दबा रखा था। अभी यह संज्ञान में आया है। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार सोनम कपूर की ससुराल 22 अमृता शेरगिल मार्ग पर है, लेकिन सोनम अपने पति आनंद आहुजा के साथ लंदन में रहती हैं। अमृता शेरगिल मार्ग पर बने इस घर में सोनम के ससुर हरीश आहूजा, सास प्रिया आहूजा और आनंद की दादी सरला आहूजा रहती हैं। क्राइम ब्रांच की टीम के अलावा एफएसएल की टीम को भी मामले में जोड़ा गया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार पिछले दो साल में कई लोग काम छोड़ कर गए, और कई नए आए। कई सीसीटीवी फुटेज भी देखे गए हैं। उन लोगों की डिटेल भी जांची जा रही है, जो पिछले दिनों काम छोड़ कर चले गए।

ये है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार दरअसल चोरी की उक्त घटना पुरानी है। इस मामले में 23 फरवरी को दिल्ली के तुगलक रोड थाने में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। इससे पहले 22 फरवरी को सरला आहूजा ने अपने कैश और जूलरी के बैग को चैक किया, तो वह खाली था। अनुमान के मुताबिक, उसमें एक करोड़ 41 लाख रुपए मूल्य की जूलरी और कैश था। यह बैग करीब दो साल के बाद सरला आहूजा ने देखा था। घर में काफी ढूंढने के बाद भी जब बैग नहीं मिला तो पुलिस से शिकायत की गई।

भांजे ने मामा को पीटा, शान्ति भंग में 4 का चालान

बिजनौर। अफजलगढ़ पुलिस ने गांव सीरवासुचंद में पैसे के लेनदेन को लेकर आपसी कहासुनी के मामलों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चार लोगों का शांतिभंग की आशंका में चालान किया।

गांव सीरवासुचंद निवासी शमशाद, फिरोज आलम, रियाजूद्दीन तथा एहतेशाम को पैसे के लेनदेन को लेकर आपसी कहासुनी के मामलों में पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए शांतिभंग भंग की आंशका में चालान किया है।

कलयुगी भांजे की करतूत- वहीं अफजलगढ़ थाना क्षेत्र के गांव दल्लीवाला मे आपसी कहासुनी के दौरान एक भांजे ने मामा को मारपीट कर घायल कर दिया। पीड़ित मामा ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। कस्बा नहटौर निवासी नरेश कुमार पुत्र दीनदयाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि कोतवाली क्षेत्र के गांव दल्लीवाला में वह अपनी बहन सरोज देवी के घर पर था। शनिवार सुबह उसका भांजा छोटू; भांजी सोना के बीच कहासुनी हो रही थी। कहासुनी मारपीट में बदल गई। मामा नरेश कुमार ने जैसे ही भांजे छोटू को रोका तो उसने मामा के साथ मारपीट शुरू कर हमला कर उसे घायल कर दिया। पीड़ित नरेश कुमार ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। उधर कोतवाल मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।

MLC चुनाव में अफजलगढ़ पुलिस रही मुस्तैद

बिजनौर/अफजलगढ़। मुरादाबाद- बिजनौर के विधान परिषद के लिए मतदान शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो गया। इस दौरान विधायक कुंवर सुशांत सिंह, चेयरपर्सन शहाना सलीम अंसारी, ब्लाक प्रमुख प्रदीप कुमार उर्फ बबली सहित सभासद कलवा कुरैशी ने मतदान‌ किया। सुरक्षा की दृष्टि से सीओ सुनीता दहिया, कोतवाल मनोज कुमार सिंह की अगुवाई में भारी पुलिसबल तैनात रहा।

शनिवार को मुरादाबाद- बिजनौर के विधान परिषद के लिए मतदान शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो गया। भाजपा ने पूर्व सांसद संभल व प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यपाल सिंह सैनी को प्रत्याशी बनाया जबकि समाजवादी पार्टी ने अजय मलिक को अपना प्रत्याशी बनाया। दोनों प्रत्याशियों के बीच में कड़ा मुकाबला होने की संभावना दिखाई दे रही है। वहीं भाजपा विधायक कुंवर सुशांत सिंह ने अफजलगढ़ ब्लाक में भाजपा प्रत्याशी सत्यपाल सिंह सैनी के लिए एकजुट होकर एक तरफा भाजपा प्रत्याशी के लिए मतदान कराया।

क्षेत्रीय विधायक कुंवर सुशांत सिंह ने जीत का दावा करते हुए कहा कि भाजपा प्रत्याशी सत्यपाल सिंह सैनी की जीत सुनिश्चित है। बीडीसी मेम्बर, जिला पंचायत सदस्य, नगर पालिका सदस्यों ने अपने अपने क्षेत्रों में विकास कार्य को देखते हुए अपना वोट भाजपा प्रत्याशी सत्यपाल सिंह सैनी को दिया है। एआरओ अखिलेश कुमार के मुताबिक मतदान निर्धारित समय से पूर्व संपन्न हो गया। मतदाता सूची में दर्ज अफजलगढ़ विकास खण्ड के 224 में से क्षेत्रीय विधायक कुंवर सुशान्त सिंह, चेयरपर्सन शहाना सलीम अंसारी, ब्लाक प्रमुख प्रदीप कुमार उर्फ बबली, सभासद कलवा कुरैशी सहित 220 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। प्रशासन द्वारा मतदान के दौरान मतदेय स्थल के  चारों ओर बैरिकेटिंग करके मुख्य मार्ग को बन्द कर दिया गया था। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सीओ सुनीता दहिया, कोतवाल मनोज कुमार सिंह, एसएसआई दिनेश कुमार शर्मा की अगुवाई में भारी पुलिसबल तैनात रहा।

मध्यप्रदेश में मीडिया से दुर्व्यवहार पर दो थाना प्रभारी सस्पेंड

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के एक पुलिस थाने में खड़े अर्ध-नग्न पुरुषों के एक समूह की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं, जिसमें एक स्थानीय यूट्यूब पत्रकार कनिष्क तिवारी को भी देखा जा सकता है। तिवारी के अनुसार, उन्हें अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया था, जब वे एक थिएटर कलाकार नीरज कुंदर के बारे में पूछताछ करने के लिए पुलिस स्टेशन गए थे। 

ये मामला विधायक पुत्र से शुरू हुआ था। फिर पुलिस पर गंभीर आरोप लगे। इसके बाद SHO और सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया। इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रिपोर्ट तलब की। खास बात ये है कि मामले को लेकर पुलिस और पत्रकार का अलग-अलग पक्ष सामने आया है।

वायरल फोटो मध्यप्रदेश के सीधी जिले की है। मामले को लेकर पत्रकार कनिष्क तिवारी ने एक वीडियो जारी किया है। उन्होंने कहा कि बीते 2 अप्रैल को एक बेहद निंदनीय घटना हुई। मैं एक धरना प्रदर्शन को कवर करने गया था। मेरे कैमरामैन ने घटना को रिकॉर्ड भी किया है। वहां सिटी कोतवाली थाने की पुलिस मुझे जबरन धक्का देकर थाने के अंदर ले गई। मुझे मारा-पीटा गया। मेरे कपड़े उतरवाए गए। थाने में जुलूस निकलवाया गया। कहा गया कि अगर विधायक और पुलिस के खिलाफ खबर चलाओगे तो पूरे शहर में चड्डी पहनाकर जुलूस निकलवाऊंगा।

कनिष्क ने आगे बताया- हम पर धारा 151, शांति भंग करने की कोशिश और सार्वजनिक रास्ता अवरुद्ध करने की धाराएं लगाई गईं। हमारे साथ मारपीट की गई, गाली गलौच किया गया। जब पुलिस को पता चला कि मैं पत्रकार हूं तो पुलिस मुझसे कहने लगी कि तुम विधायक के खिलाफ खबर क्यों चलाते हो? विधायक किसी के घर में बर्तन मांजने जाएगा क्या?

वायरल फोटो के बारे में बताते हुए कनिष्क ने कहा- हम लोगों को 2 अप्रैल की रात 8 बजे गिरफ्तार किया गया और 3 अप्रैल की शाम 6 बजे छोड़ा गया। लगभग 18 घंटे हम लोग हवालात में रहे। अंडरवियर में हमें थाना प्रभारी के पास ले जाया गया। इसी दौरान अमिलिया थाना प्रभारी अभिषेक सिंह परिहार ने हमारी फोटो खींची। ये लगभग रात 2:30 की बात है।

कनिष्क ने कहा- मैं डरा हुआ हूं। पूरा परिवार डरा हुआ है। सोशल मीडिया पर पुलिस ने फोटो वायरल किया है, जिससे मेरी मानहानि हुई है। मानवाधिकार का उल्लंघन हुआ है। मैं आप लोगों से अपील करता हूं कि आप मेरा साथ दें। मुझे लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है। मुझे जानकारी मिली है कि पुलिस मुझे दूसरे केस में फंसा कर जेल में डालना चाहती है।

मामले को लेकर एडिशनल एसपी अंजुलता पटेल का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा- एक फेक आईडी के जरिए विधायक के पुत्र (बीजेपी विधायक केदारनाथ शुक्ला के बेटे गुरुदत्त शुक्ला) को परेशान किया जा रहा था। जांच के दौरान एक रंगकर्मी नीरज कुंदेर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इसके बाद कई रंगकर्मी और पत्रकार कनिष्क तिवारी थाना के समक्ष धरना प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान सभी को 151 के तहत गिरफ्तार किया गया।  वायरल फोटो पर अंजुलता पटेल ने कहा- पुलिस हिरासत की एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। मामला संज्ञान में लेते हुए एसपी सीधी के निर्देशन में डीएसपी हेड क्वार्टर गायत्री तिवारी को जांच का आदेश दे दिया गया है।

बाद में, दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार थाना प्रभारी कोतवाली मनोज सोनी और अमिलिया थाना प्रभारी अभिषेक सिंह को सस्पेंड कर दिया गया।

वहीं मध्यप्रदेश के सीधी में पत्रकारों के खिलाफ पुलिस के द्वारा की गई मारपीट और अमानवीय व्यवहार करने के मामले में पन्ना जिले के पत्रकारों ने उक्त घटना का विरोध जताते हुए कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। उसमें पत्रकारों के साथ की गई अमानवीयता के मामले शामिल पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञात हो कि सीधी के पत्रकार कनिष्क तिवारी को पुलिस के द्वारा पकड़ कर ले जाया गया एवं उनके कपड़े उतारकर उन्हें अर्धनग्न कर लॉकअप में बंद कर दिया गया और पुलिस ने अभद्रता करते हुए मारपीट की अर्धनग्न अवस्था में फोटो वायरल कराकर सरेआम पत्रकारों को बेइज्जत किया। यह  बेहद निंदनीय घटना है। इस कारण थाना प्रभारी सहित दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। ऐसे कानून तोड़ने वाले व्यक्तियों को दंडित किए जाने की मांग की गई। पत्रकार कल्याण परिषद, प्रेष क्लब पन्ना के अलावा पन्ना जिले के सभी पत्रकार संगठनों ने एकजुट होकर कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा को ज्ञापन दिया। कलेक्टर ने कहा कि पन्ना जिले के पत्रकारों की सुरक्षा मेरी प्राथमिक जिम्मेदारी है, कभी किसी के साथ गलत नहीं होगा। आप निर्भीक होकर पत्रकारिता करें। ज्ञापन में वरिष्ठ पत्रकार जगदीश नामदेव, मनीष मिश्रा, शिवकुमार त्रिपाठी, मुकेश विश्वकर्मा, गणेश विश्वकर्मा, सुशांत चौरसिया, कादिर खान,अमित खरे, बीएन जोशी, राकेश शर्मा, महबूब अली, संजय राजपूत, लक्ष्मीनारायण चिरोलिया, शिव किशोर पांडे, बलराम व्यास, टाइगर खान, फूल सिंह त्यागी, ऋषि मिश्रा, राजेश रावत, सादिक खान, राम बिहारी गोस्वामी, हिम्मत खान, रविंद्र अर्जरिया, पवन पाठक, हीरालाल विश्वकर्मा, बृजेश त्रिपाठी, आसिफ खान, सौरव साहू, डीके साहू, संदीप विश्वकर्मा, रामअवतार विश्वकर्मा, अजय द्विवेदी, सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।

दूसरी ओर सीधी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बघेली भाषा में यूट्यूब पर चैनल चला रहे कनिष्क तिवारी समेत कुछ अन्य पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर फेक आईडी बनाने और फेसबुक पर केदारनाथ शुक्ला और उनके बेटे को बदनाम करने की पोस्ट करने के आरोप हैं। यह एफआईआर भी विधायक के बेटे की शिकायत पर दर्ज की गई है। वरिष्ठ पत्रकार राकेश पाठक का कहना है कि कनिष्क के यूट्यूब पर एक लाख से अधिक फॉलोअर हैं। न्यूजनेशन चैनल का भी एक पत्र सामने आया है, जिसमें कनिष्क तिवारी को फ्रीलांस पत्रकार होने की पुष्टि होती है।

शिकायत के बाद पुलिस ने की गिरफ्तारी
सीधी पुलिस के मुताबिक एक फेक आईडी से फेसबुक पर अभद्र टिप्पणियां की गई थी। पुलिस ने इस मामले में नीरज कुंदेर को गिरफ्तार किया था। इस पर कनिष्क समेत रंगमंच और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कोतवाली थाने में विरोध दर्ज कराया। पुलिस ने सबको गिरफ्तार कर लिया। कनिष्क तिवारी यूट्यूबर है और उसके खिलाफ पहले भी कुछ शिकायतें दर्ज थी। कोतवाली थाने में आरोपियों की बिना कपड़ों की तस्वीरें खींचकर किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 262/22 धारा 419, 420, और आईटी एक्ट के 66सी, 66डी के तहत प्रकरण कायम कर जांच की जा रही है। फोटो वायरल होने के मामले में डीएसपी को जांच सौंपी गई है। 

कांग्रेस ने बनाया मुद्दा
कांग्रेस के तमाम नेताओं ने इस मसले पर सोशल मीडिया पर सरकार को घेरा है। पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने फोटो ट्वीट करते हुए कहा कि यह मप्र के सीधी जिले के पुलिस थाने की तस्वीर है। यह अर्धनग्न युवा कोई चोर उचक्के नहीं है, ये लोकतंत्र के चौथा स्तंभ कहे जाने वाले मीडिया के साथी है। इन्हें अर्धनग्न कर जेल में इसलिए डाला गया क्योंकि इन्होंने भाजपा विधायक के खिलाफ खबर चलाई थी। वहीं, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि प्रदेश की निकम्मी और उनके बड़बोले मुखिया से सवाल करना सीधी बघेली न्यूज चैनल के वरिष्ठ पत्रकार कनिष्क तिवारी और उनके साथियों को भारी पड़ा। नग्न कर उन्हें थाने में खड़ा किया गया है। यह घोर निंदनीय कृत्य है…  शिवराज सिंह सरकार अब अंग्रेजों की भांति दमनकारी रवैया अपना रही है। 

खबरों के मुताबिक पूरा मामला डिजिटल पत्रकार कनिष्क तिवारी से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि पत्रकार ने भाजपा विधायक केदारनाथ शुक्ला के खिलाफ यूट्यूब चैनल पर खबर चलायी थी। इससे नाराज होकर बीजेपी विधायक ने कनिष्क तिवारी व उनके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। दूसरी तरफ वायरल तस्वीर को पुलिस द्वारा रंगकर्मी और सामाजिक कार्यकर्ता नीरज कुंदेर की गिरफ्तारी के विरोध प्रदर्शन से भी जोड़ा रहा है।

नीरज कूंदेर पर कथित फर्जी FB अकाउंट चलाने का आरोप है। इस अकाउंट की शिकायत भी सीधी विधायक और उनके पुत्र ने पुलिस से की थी। पुलिस ने इन्हीं के चलते बीते 2 अप्रैल को नीरज को गिरफ्तार किया था। कहा ये जा रहा है कि वायरल तस्वीर नीरज कुंदेर की गिरफ्तारी के विरोध किए जाने पर डिजिटल पत्रकार और रंगकर्मियों के साथ पुलिस के द्वारा की गई अभद्रता की है। हालांकि वायरल तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर लोग अपनी नाराजगी भी जता रहे हैं। कई वरिष्ठ पत्रकार भी इस घटना की आलोचना कर रहे हैं। 

इन नेताओं दी अपनी प्रतिक्रिया

कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा-  ये पुलिसिया और राजनीतिक आतंकवाद है। पत्रकार को फर्जी बताने वाला प्रशासन कौन होता है। किसी को यातना देने का अधिकार पुलिस को नहीं है। अगर नेताओं को खुश करने के लिए किया गया है तो ये गंभीर अपराध है। ये लोकतंत्र के धब्बा है।

बीजेपी प्रवक्ता दुर्गेश केसवानी-  सभी को कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए, चाहे वह पत्रकार हो या नेता हो, विधायक हो या फिर मंत्री हो। अगर कोई पत्रकारिता की आड़ में ब्लेक मार्केंटिंक कर रहा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने जो किया वो भी गलत है इसलिए उन पर भी कार्रवाई हुई है।

जेसीबी से ध्वस्त किया जेई का मकान

बिजनौर। विद्युत निगम में अवर अभियंता के निर्माणाधीन मकान को कुछ लोगों ने मंगलवार रात जेसीबी चलाकर ध्वस्त कर दिया। मामला धामपुर के रानीबाग कॉलोनी का है। जेई की तहरीर पर एक ग्राम प्रधान, उसकी पत्नी सहित तीन नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।


पुरानी रामगंगा कॉलोनी निवासी कृष्ण कुमार शर्मा गैर जनपद में विद्युत निगम में अवर अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। उनका रानी बाग कॉलोनी में आवासीय प्लॉट है। वर्तमान में निर्माण कार्य करा रहे हैं। 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। आरोप है कि मंगलवार देर रात जेसीबी चलवाकर कुछ लोगों ने उनके निर्माणाधीन मकान को ध्वस्त करा दिया। पुलिस को दी तहरीर में जेई ने बताया कि उसी निर्माणाधीन मकान के दूसरे कमरे में उनके पिता राजेंद्र कुमार शर्मा सो रहे थे। आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की। इस मामले में गांव भज्जावाला के वर्तमान ग्राम प्रधान अनुकूल, उसके भाई पुनीत, अनुकूल की पत्नी प्रियंका व एक व्यक्ति को नामजद कराया गया है। कोतवाल माधो सिंह बिष्ट का कहना है कि पुलिस ने कृष्ण कुमार शर्मा की तहरीर पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है।

बलिया के डीएम एसपी के रवैये पर पत्रकारों में रोष


अफजलगढ़ (बिजनौर)। बलिया पेपर लीक कांड में निर्दोष पत्रकारों की गिरफ्तारी के बाद जहां बलिया प्रशासन की किरकिरी हुई है तो वहीं इस घटना को लेकर देश व प्रदेश के तमाम पत्रकारों में रोष व्याप्त है। जिस तरीके से डीएम बलिया और एसपी ने निर्दोष पत्रकारों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया है और उनको जेल भेज दिया, ये वाकई लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है। प्रशासन सच को उजागर करने वाले पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई करके मीडिया की आवाज को दबाने का काम कर रहा है। पत्रकारों के हित में लगातार काम करने वाले अफजलगढ़ प्रेस क्लब रजिस्टर्ड के पत्रकारों ने मंगलवार को एक ज्ञापन सीओ सुनीता दहिया, कोतवाल मनोज कुमार सिंह को सौंपा।

अफजलगढ़ प्रेस क्लब रजिस्टर्ड ने ज्ञापन के जरिए मांग करते हुए कहा कि आज लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मीडिया खतरे से खाली नहीं है। सच बोलने और लिखने पर प्रशासन पत्रकारों को जेल में डाल देता है और गुंडे बदमाश गोली मार देते हैं। उत्तर प्रदेश में आयेदिन पत्रकारों के साथ अनहोनी घटना सामने आ रही हैं। केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार मामले का संज्ञान लेते हुए बलिया पेपर लीक कांड में गिरफ्तार निर्दोष पत्रकारों पर दर्ज मुकदमे वापस लेकर तुरंत रिहा करे। इसके अलावा डीएम व एसपी द्वारा अपने पद का दुरूपयोग व मनमानी करते हुए निर्दोष पत्रकारों को जेल भेजने की निंदा करते हुए दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने, मामले की सीबीआई जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने सहित निर्दोष पत्रकारों को फर्जी मुकदमे से दोष मुक्त कर पत्रकारों को तत्काल रिहा करने की मांग करते हुए पत्रकारों की सुरक्षा के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून लागू कराये जाने की मांग की।

ज्ञापन सौंपने वालों में सुनील कुमार धस्माना, अर्जुन चौहान, शुऐब कुरैशी, सुनील कुमार, रविदत्त शर्मा, विनय भार्गव, अनिल नारायण, सलमान सैफी, अजमल हुसैन, साजिद अंसारी, वसीम अंसारी, जाहिद हुसैन, बसंत कुमार तथा गिरेन्द्र सिंह आदि उपस्थित रहे।

पत्रकार को पितृ शोक पर संवेदना व्यक्त

अफजलगढ़। पत्रकार के पिता के निधन पर अनेक पत्रकारों ने शोक संवेदना व्यक्त की। अफजलगढ़ प्रेस क्लब रजि० के कार्यालय पर एकत्र पत्रकारों ने बीमारी के चलते पत्रकार नितिन कौशिक के पिता दिनेश कुमार कौशिक के आकस्मिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया। बैठक को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि दिनेश कुमार कौशिक मृदुभाषी व एक अच्छे स्वभाव के व्यक्ति थे। उनकी मौत से परिजनों व आसपास के क्षेत्र में शोक छा गया है। अंत में उपस्थित पत्रकारों ने दो मिनट का मौन धारण कर ईश्वर से मृत आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस संकट की घड़ी में साहस प्रदान करने की प्रार्थना की। इस मौके पर अफजलगढ़ प्रेस क्लब रजि० के अध्यक्ष सुनील कुमार धस्माना के अलावा शुऐब कुरैशी, अर्जुन चौहान, रविदत्त शर्मा, नौशाद अहमद, सुनील कुमार, विनय भार्गव, अनिल नारायण, अजमल हुसैन, सलमान सैफी, वसीम अंसारी, फिरोज बेग, साजिद अंसारी, शेख जाहिद हुसैन तथा बसंत कुमार आदि मौजूद रहे।

अधिकारों और सुरक्षा के बारे में छात्राओं को बताया

बिजनौर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आह्वान पर एसपी पूर्वी ओमवीर सिंह, सीओ सुनीता दहिया ने अफजलगढ़ सेंट मैरी स्कूल में मिशन नारी शक्ति फेस थर्ड अभियान कार्यक्रम का आयोजन कर छात्राओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा के बारे में बताया।

इस मौके पर एसपी पूर्वी ओमवीर सिंह ने कहा कि छात्राओं एवं महिलाओं की सुरक्षा के लिए शासन द्वारा पुलिस हैल्पलाइन नम्बर 1090, 1076, 112, 108, 102, 181 चला रखे हैं। महिला शोषण के खिलाफ उक्त नंबरों पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। अगर कहीं पड़ोस या रिश्तेदारी में भी किसी महिला का शोषण हो रहा है तो उसकी मदद के लिए तत्काल इसकी सूचना हैल्पलाइन नम्बर पर दें।अफजलगढ़ सेंट मैरी स्कूल में एसपी पूर्वी ओमवीर सिंह, सीओ सुनीता दहिया ने छात्राओं को सुरक्षा सहित साइबर क्राइम के संबंधित जानकारी के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि अगर छात्राओं को कोई परेशान करता है तो इसकी जानकारी अपने अभिभावकों और पुलिस को तुरंत दें, या फिर छात्राएं हेल्पलाइन नंबर 1090, 1076, 112 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकतीं हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों को मन लगाकर पढ़ाई करनी चाहिए क्योंकि शिक्षित समाज से ही देश का विकास होता है और महिलाएं शिक्षित समाज की स्थापना करने में अहम भूमिका निर्वाहन करती हैं। महिला शक्ति कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कोतवाल मनोज कुमार सिंह ने भी बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए शासन ने अनेक सुविधाएं प्रदान की हैं। इसका महिलाओं एवं छात्राओं को आवश्यकता पड़ने पर इस्तेमाल करना चाहिए।  इस मौके पर कोतवाल मनोज कुमार सिंह के अलावा कस्बा इंचार्ज टेकराम सिंह, महिला सब इंस्पेक्टर काजल, सेंट मैरी स्कूल की प्रधानध्यापिका सिस्टर सिंधु, सिस्टर शीना, किरनदीप, ईरा सैनी, राकेश नेगी, एंटी रोमियो टीम से महिला कांस्टेबल सुनीता, कांस्टेबिल वीरबाला, कांस्टेबल विकास बाबू, सनोज चौहान, अंकित चौधरी तथा राहुल यादव आदि मौजूद रहे।

एसपी सिटी ने चौपाल लगाकर दी ग्राम वासियों को विभाग की जानकारियां


एसपी सिटी ने लगाई चौपाल। ग्राम वासियों को दी विभाग की जानकारियां।


नजीबाबाद (बिजनौर)। एसपी सिटी डॉ प्रवीण रंजन सिंह ने ग्राम तिसोतरा के कन्या पाठशाला में एक ग्राम चौपाल आयोजित की। इस दौरान ग्राम वासियों को सरकार, पुलिस विभाग द्वारा दी जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारियां दी। इस अवसर पर उन्होंने 1090 और 112 के विषय में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस और पब्लिक एक दूसरे के पूरक हैं।पुलिस बिना पब्लिक के कुछ नहीं कर सकती है। अपराधों पर अकुश लगाने के लिए जनता से सहयोग करने की अपील करते हुए सभी ग्राम वासियों का आभार प्रकट किया। एसपी सिटी डॉक्टर प्रवीण रंजन सिंह ने कहा पुलिस और नागरिकों के बीच संवादहीनता से अपराध बढ़ते हैं। उन्होंने जनता से पुलिस का संदेशवाहक बनने की अपील की।

थानाध्यक्ष नांगल रविंद्र कुमार सिंह ने सभी स्थानीय ग्राम वासियों से कहा कि पुलिस और आम जनता में विश्वास जागरूक करके ही हम सब क्षेत्र में शांति व्यवस्था एवं कानून का राज स्थापित कर सकते हैं। इसलिए पुलिस भी समाज का एक अंग है। सभी सम्मानित नागरिकों को पुलिस का सहयोग करना चाहिए।
कार्यक्रम में ग्राम प्रधान अविनाश कुमार, पूर्व प्रधान रोहताश सिंह, सूरत पाल सिंह, इरफान अहमद पूर्व प्रधान बाबू सिंह, पूर्व सदस्य जिला पंचायत सरदार बुध सिंह, रुकन राजपूत आदि बड़ी संख्या में ग्राम वासी उपस्थित रहे।

अफजलगढ़ पुलिस के हत्थे चढ़ा 15 हजार का इनामी बदमाश

बिजनौर। अफजलगढ़ कोतवाल मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने गैंगस्टर के मामले में फरार चल रहे 15 हजार रूपये के इनामी को मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी का गैंगस्टर एक्ट में चालान कर दिया गया है।

नगर के मोहल्ला बेगम सराय निवासी याकूब उर्फ मुन्ना पुत्र अब्दुल वहीद गैंगस्टर मामले में वांछित चल रहा था। याकूब उर्फ मुन्ना के खिलाफ गैंगस्टर सहित अन्य मामलों में पुलिस द्वारा कार्रवाई भी की गई थी। कोतवाल मनोज कुमार सिंह ने बताया कि याकूब उर्फ मुन्ना की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने प्रयास किये मगर वह हत्थे नहीं चढ़ा। इसके बाद पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 15 हजार रूपए का इनाम घोषित किया था। आरोपी चार माह से गैंगस्टर एक्ट में वांछित चल रहा था।

सोमवार को सुबह मुखबिर की सूचना पर हरेवली अफजलगढ़ तिराहे पर से याकूब उर्फ मुन्ना को गिरफ्तार कर लिया। कोतवाल मनोज कुमार सिंह ने बताया कि एसएसआई दिनेश कुमार शर्मा, कस्बा इंचार्ज टेकराम सिंह, कांस्टेबल राहुल चौधरी, कांस्टेबल विकास बाबू तथा कांस्टेबल सचिन कुमार सहित पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया। आरोपी का गैंगस्टर एक्ट में चालान कर दिया गया है।

गाजियाबाद के SSP सस्पेंड; कानून व्यवस्था में विफलता और भ्रष्टाचार के आरोप

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद से ही योगी सरकार भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ एक्शन में है। गुरुवार को डीएम सोनभद्र को निलंबित करने के बाद गाजियाबाद एसएसपी पवन कुमार पांडेय पर गाज गिरी है। पांडेय को कानून व्यवस्था में विफलता और भ्रष्टाचार के आरोपों में सस्पेंड किया गया है।

भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ सरकार सख्त
अपने दूसरे कार्यकाल में योगी सरकार भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ काफी सख्त नजर आ रही है। डीएम सोनभद्र के बाद एसएसपी गाजियाबाद को भी भ्रष्टाचार और जनता से जुड़े मामले में लापरवाही बरतने में सस्पेंड किया गया है।

हाल ही में हुई थी लाखों की लूट– अभी कुछ दिन पहले ही गाजियाबाद के थाना मसूरी क्षेत्र में दिनदहाड़े बदमाशों ने फायरिंग करके पेट्रोल कर्मचारियों से 25 लाख रुपये की लूट की वारदात को अंजाम दिया था। घटना का वीडियो भी सामने आया था, जिसमें बदमाशों ने दिनदहाड़े फायरिंग करके लाखों रुपये लूट लिए थे।

आईपीएस पवन कुमार अगस्त 2021 में मुरादाबाद से गाजियाबाद ट्रांसफर होकर आए थे। मूलरूप से राजस्थान के हनुमानगढ़ निवासी पवन कुमार 2009 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं। 

अपराध नियंत्रण की रणनीति फेल
भाजपा सांसद, विधायक के अलावा आरएसएस कार्यकर्ताओं और हिंदुवादी संगठनों ने पुलिस कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। एसएसपी पवन कुमार को सस्पेंड करने की देर शाम सूचना मिलने पर महकमे में एकाएक हड़कंप मच गया। इस कार्रवाई के पीछे ऑफ द रिकॉर्ड कई कारण बताए जा रहे हैं। 

कांग्रेस जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान 6 माह के लिए जिला बदर

बिजनौर। कांग्रेस जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान को गुंडा एक्ट के मामले में छह महीने के लिए जिला बदर कर दिया गया है। एडीएम प्रशासन की कोर्ट ने यह आदेश जारी किया। इसके अलावा कई अन्य को भी छह माह के लिए जिला बदर किया गया है। शेरबाज को जिला बदर किए जाने से चांदपुर में नगर पालिका चेयरमैन पद का चुनाव लड़ने के इच्छुक उनके व्यक्तिगत विरोधी काफी खुश बताए जा रहे हैं।

जिला प्रशासन ने कई आरोपियों को गुंडा अधिनियम में कार्यवाही करते हुए छह माह के लिए जिला बदर कर दिया है। जिला बदर होने वालों में कांग्रेस जिला अध्यक्ष व चांदपुर के मोहल्ला चाहसंग निवासी शेरबाज पठान पुत्र निसार अहमद के अलावा ग्राम हीमपुर बुजुर्ग निवासी शाहरुख पुत्र शकील, शेरकोट के मोहल्ला अफगानान निवासी इल्यास पुत्र हनीफ व नईम अहमद पुत्र खुदाबख्श, मोहल्ला हकीमान निवासी सलीम अहमद कुरैशी पुत्र मोहम्मद समी व फहीम अहमद पुत्र इमामद्दीन, हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के ग्राम रावटी निवासी गोपाल पुत्र दयाराम तथा स्योहारा के ग्राम कमाला निवासी विपिन पुत्र ऋषिपाल, अनीस नंगली निवासी मुस्लिम उर्फ सुक्कू पुत्र शब्बीर व अम्मन खां पुत्र शकूर शामिल बताए गए हैं।

विदित हो कि चांदपुर पुलिस ने मौजूदा कांग्रेस जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान को गुंडा एक्ट में निरुद्ध किया था। मामले में सुनवाई करने के बाद एडीएम प्रशासन की कोर्ट ने शेरबाज पठान को छह महीने के लिए जिला बदर करने के आदेश जारी किए। इसी के साथ उक्त अवधि में जिले में दिखाई देने पर कार्रवाई के आदेश भी जारी किए हैं। पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने पुष्टि करते हुए बताया कि शेरबाज पठान को छह महीने के लिए जिला बदर किया गया है। 

इस मामले में चांदपुर पुलिस को भनक नहीं लग पाई,  जिसके चलते मंगलवार तक शेरबाज पठान को जिले में ही घूमते हुए देखा गया। इतना ही नहीं मंगलवार को ही वह जिला मुख्यालय पर घूमते हुए दिखाई दिए। एडीएम प्रशासन विनय कुमार ने बताया कि शेरबाज पठान काफी लंबे समय से हाजिर नहीं हो रहे थे। कई आपराधिक मामले दर्ज थे। यह फाइल काफी लंबे समय से पेंडिंग थी। अब इस पर जिला बदर की कार्रवाई हुई है। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान ने बताया कि यह एक पक्षीय कार्रवाई है। 2017 में मेरे पास एक नोटिस आया था, उस समय जिले में तैनात डीएम ने उन्हें आश्वासन दिया था कि कोई कार्रवाई नहीं होगी। इतने लंबे समय बाद यह कार्रवाई क्यों हुई, समझ नहीं आ रहा। उच्चाधिकारियों से इस मामले में वार्ता की जाएगी।

महाराजगंज में भाजपा नेता की गोली मारकर हत्या

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में भाजपा नेता एडवोकेट गौरव जायसवाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सोमवार देर रात शहर के चिरउहा वार्ड के पास स्थित एक शराब की दुकान के सामने वारदात को अंजाम दिया गया। मृतक गौरव नगर पालिका अध्यक्ष कृष्णगोपाल जायसवाल के भांजे थे। 

जानकारी के अनुसार आरोपियों ने गौरव के सिर में गोली मारी और मौके से फरार हो गए। उन्हें पहले फोन करके शराब की दुकान के सामने बुलाया गया था। घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने गौरव के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जैसे ही भाजपा कार्यकर्ताओं को इसकी भनक लगी वे मौके पर एकत्र होकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। एसपी प्रदीप गुप्ता ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। घटना का कारण क्या है अभी पता नहीं चल सका है। बताया गया है कि गौरव भाजपा के स्वच्छता अभियान के सह संयोजक थे। पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता ने बताया कि इस मामले में दुकान के पास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। जल्द ही आरोपियों को पहचान कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पुलिस का कहना है कि सोमवार रात 10:25 बजे चिउरहां स्थित शराब की दुकान के समीप बिरयानी सेंटर पर कुछ लोगों ने वहां खड़े गौरव जायसवाल पर गोली चलाई और वहां से फरार हो गए। उधर सूचना मिलते ही मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष कृष्णगोपाल जायसवाल समेत बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। आनन -फानन गौरव को जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने गौरव को मृत घोषित कर दिया।

डीजे बजाने को लेकर दो पक्षों में झगड़ा; फौजी पुलिस हिरासत में

बिजनौर। स्योहारा के ग्राम सदाफल में  दो पक्षों में जमकर झगड़ा हुआ। मामले की तहरीर देते हुए पवन सिंह पुत्र खानचंद ने बताया कि शुक्रवार की शाम को जब वो अपने घर पर नहीं था तभी गांव निवासी हरिओम जितेंद्र, पवन पुत्र गण नोबाहर सिंह व अन्य कई लोग उसके घर मे लाठी डंडों से लैस होकर घुस आए और बिना किसी बात पर प्रार्थी की पत्नी व बच्चों के साथ मारपीट करने लगे। हमलावरों ने घर का सभी सामान भी तोड़ डाला।

इस मारपीट में महिलाओं सहित कई लोगों के चोट आई है।वहीं ग्रामीणों ने बताया कि दूसरा पक्ष डीजे बजा रहा था व भद्दी हरकते कर रहा था। इसका पवन व उसके फौजी भाई लोकेश ने विरोध किया तो दूसरे पक्ष ने हमसाज़ होकर इस मारपीट व तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया है। साथ ही उनके फौजी भाई को कल शाम से पुलिस ने समाचार लिखे जाने तक अपनी हिरासत में रखा हुआ था। वहीं पुलिस ने बताया कि दो पक्षों में झगड़ा हुआ था। दोनों की ओर से ही तहरीर मिली थी। दोनों पक्षो के ही चोट आई हैं ।

डीजे की धुन पर जमके थिरके पुलिसकर्मी

बिजनौर। अफजलगढ़ में पुलिसकर्मियों पर शनिवार को होली का खूब रंग चढ़ा। उन्होंने एक दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी। पुलिसकर्मी होली की मस्ती में झूमते नजर आए।

अफजलगढ़ कोतवाली में दोपहर 12:00 बजे कोतवाली प्रांगण के पीछे आवंटित परिसर के ग्राउंड में पुलिसकर्मी जमकर होली खेलते नजर आए। पुलिसकर्मियों ने गुलाल उड़ाते हुए डीजे पर डांस किया। उन्होंने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर रंग दिया और होली की शुभकामनाएं दीं। डीजे पर जमकर ठुमके लगाए।

होली की मस्ती में डूबे रहे पुलिसकर्मी जबकि थाने के कामकाज पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। कोतवाल मनोज कुमार सिंह, एसएसआई दिनेश कुमार शर्मा, कस्बा इंचार्ज टेकराम सिंह, एसआई कमल किशोर, एसआई विनित कुमार, एसआई सुनील कुमार ने एक दूसरे को गुलाल का टीका लगाकर शुभकामनाएं दी। पुलिसकर्मियों ने भी एक दूसरे को गुलाल लगाकर होली खेली और डीजे पर जमकर ठुमके लगाते हुए फिल्मी गानों पर डांस किया। कोतवाल मनोज कुमार सिंह को होली की शुभकामनाएं दी।

मंदिर में तोड़फोड़, चोरी, आगजनी

हापुड़ के बहादुरगढ़ में धार्मिक स्थल में तोड़फोड़, मौके पर भारी पुलिस बल

हापुड़। गढ़मुक्तेश्वर में होली के त्योहार पर कुछ शरारती तत्वों ने सर्किल के गांव बहादुरगढ़ में धार्मिक स्थल में मूर्तियां खंडित कर दीं और आग लगा दी। जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया, हजारों की संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। एएसपी, सीओ समेत तीनों थानों की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को शांत किया।

गढ़ सर्किल के बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव बहादुरगढ़ में सेहल चौराहे पर करीब 40 वर्ष पुराना मंदिर है। गुरुवार की रात कुछ शरारती तत्वों ने मंदिर में स्थापित मूर्तियां खंडित कर दीं, आरोपी एक मूर्ति को चोरी कर ले गए। इसके अलावा आग लगा दी। शुक्रवार सुबह पूजा-अर्चना करने पहुंचे ग्रामीणों को मामले की जानकारी हुई जो बहादुरगढ़ समेत आसपास के गांवों में फैल गई। हजारों की संख्या में ग्रामीण धार्मिक स्थल पर एकत्र हो गए, और आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग शुरू कर दी।

वहीं घटना के संबंध में सूचना मिलते ही एएसपी सर्वेश मिश्रा, सीओ पवन कुमार, सीओ पिलखुआ डॉ. तेजवीर सिंह, गढ़, सिंभावली और बहादुरगढ़ पुलिस मौके पर पहुंच गई। एएसपी ने समझा बुझा कर और जल्द से जल्द कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

गौरतलब है कि अक्टूबर 2013 में भी मुक्तेश्वर के गांव बदरखा में असामाजिक तत्वों ने मंदिर में जमकर तोड़फोड़ की थी। गेट पर लगी मूर्तियां तोड़ कर मंदिर की मुख्य मूर्ति को बाहर फेंक दिया था। सुबह पूजा करने पहुंचे लोगों को देवी-देवताओं की मूर्तियां सड़क पर क्षतिग्रस्त मिलीं तो खबर आग की तरह फैली। मिनटों में ही भीड़ जमा हो गई और गुस्सा परवान चढ़ने लगा। सूचना पर हालात की गंभीरता देख पुलिस और प्रशासन के अफसर फोर्स के साथ पहुंचे और लोगों को शांत किया। बाद में अफसरों की मौजूदगी में मरम्मत की गई और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मूर्तियां फिर से मंदिर में स्थापित की गईं थीं।

धड़ल्ले से हो रहा अवैध खनन, प्रशासन मौन

बिजनौर। अफजलगढ़ थाना क्षेत्र में मिट्टी का खनन जोरों पर है। खनन माफिया दिन-रात जेसीबी मशीन से धरती का सीना फाड़कर भराव का कारोबार कर रहे हैं और अपनी जेबे भरने में लगे इन खनन माफियाओं की ओर से शासन प्रशासन अपनी आंखें मूंदे हुए हैं जिससे इन खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। सूचना देने पर भी उच्च अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं होती है। 

राष्ट्रीय राजमार्ग 74 पर स्थित गांव जिक्रीवाला के समीप व भूतपुरी क्षेत्र में खनन माफिया पुलिस व प्रशासन की मदद से खनन के कारोबार में लगे हैं। इन स्थानों पर इन खनन माफियाओं द्वारा प्लाटों को भरने का कार्य बेरोकटोक किया जा रहा है। यह खनन माफिया स्थानीय पुलिस से सांठगांठ कर शाम होते ही बड़ा हाइवे,डम्फर व टैक्टर ट्रालियों सहित मैदान में आ जाते हैं और रात के दस बजते ही यह लोग जेसीबी मशीन से धरती का सीना चीरते हुए रात भर खनन का कार्य करते हैं।

थाना क्षेत्र के गांव जिक्रीवाला,  कासमपुरगढ़ी, आसफाबाद चमन, भूतपुरी, सुआवाला, कादराबाद सहित अनेक स्थानों पर देखा जा सकता है कि मिट्टी का भराव का कार्य चल रहा है। यह खनन माफिया प्लाटों में भराव कर अपनी जेबें भरने में लग रहे हैं। खनन माफिया ओवर लोड वाहनों से मिट्टी ढ़ोते हैं जिसके कारण मार्ग तक क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। वहीं कहीं न कहीं इन लोगों के सिर पर कुछ सफेदपोश लोगों का हाथ है।

क्षेत्र में अवैध रूप से मिट्टी भराव कारोबार में दूसरे विधानसभा के लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए क्षेत्र के खनन माफियाओं के एक गुट ने इन लोगों का विरोध किया तो दोनों गुटों में अपना अपना वर्चस्व बनाने को लेकर कभी भी बड़ी घटना घट सकती है।

अगर पुलिस प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया तो खनन माफियाओं के दोनों गुटों में खूनी संघर्ष की संभावना दिखाई दे रही है। यदि इन खनन माफियाओं की शिकायत कोई करता भी है तो पहले तो पुलिस या विभागीय अधिकारियों द्वारा शिकायत कर्ता का नाम बताकर खनन माफियाओं को सूचना दी जाती है और खनन माफियाओं द्वारा शिकायत कर्ता को ही हड़काया जाता है। यदि फिर भी कार्रवाई करने की जिद होती है तो एक दूसरे विभाग के जिम्मे बताकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। इतना ही नहीं उल्टे इन खनन माफियाओं तक शिकायत किये जाने की बात कहते हुए इन्हें सावधान कर अवैध रूप से चल रही मिट्टी खनन को बन्द करा दिया जाता है । कुछ घंटों बाद फिर से रात भर मिट्टी का खनन शुरू कर दिया जाता है। ग्रामीणों ने डीएम से अवैध रूप से प्लाटों में भराव कर रहे खनन माफियाओं पर अंकुश लगाने की मांग करते हुए कारवाई किये जाने की मांग की है।

संदिग्ध हालात में युवती की मौत, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

बिजनौर। बीती रात्रि सड़क हादसे में एक युवती की मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने गांव के ही युवक पर हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है।

थाना क्षेत्र के ग्राम तुल्ला का नवादा निवासी दलित युवती वर्षा (21 वर्ष) पुत्री कल्लन बीती रात्रि लगभग दस बजे अपनी बहन से दवाई लेने जाने की बात कहकर घर से निकली थी। उसके पीछे उसकी बहन ने अपने पड़ोसी युवक को भेजा तो वह उसे कहीं नहीं मिली। इसके बाद वर्षा को हाईवे बस स्टैंड पर तलाश किया गया तो वर्षा की लाश बिजनौर मुरादाबाद हाईवे पर पड़ी मिली। मृतका के परिजनों का कहना है कि आरोपी युवक भी घटना के समय बस स्टैंड पर मौजूद था। मृतका वर्षा के पिता ने थाने में पुलिस को तहरीर देकर आरोपी युवक को नामजद किया है। तहरीर मिलने के बाद हरकत में आई पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गौरतलब है कि पिछले दिनों ग्राम बिलाई में डबल मर्डर व ग्राम नांगल जट में भी एक हत्या हो गई थी। नांगल जट में हुई हत्या के एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि ग्राम बिलाई में हुए डबल हत्याकांड के कातिलों को तलाश करने में पुलिस नाकाम रही है।

किसान को बंधक बनाकर बदमाशों ने ट्रैक्टर ट्राली लूटी

शुगर मिल से गन्ना डालकर लौट रहे किसान को बंधक बनाकर बदमाशों ने ट्रैक्टर ट्राली लूटी

हीमपुर दीपा (बिजनौर)। शुगर मिल से गन्ना डाल कर लौट रहे किसान को बाइक सवार तीन बदमाशों ने रास्ते में रोककर खेत में बंधक बना लिया। साथ ही हथियारों के बल पर ट्रैक्टर ट्राली व उसका मोबाइल लूट फरार हो गये। घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। थाना क्षेत्र के ग्राम ढेला गुर्जर निवासी जितेंद्र कुमार पुत्र धर्मवीर सिंह रात्रि में ट्रैक्टर ट्राली से शुगर मिल में गन्ना डालने के लिए गया था। रात्रि लगभग दो बजे गन्ना डालने के बाद वह वापस लौट रहा था। गांव अज्जू नंगली के पास सीबीजेड बाइक सवार तीन बदमाशों ने उसे हथियारों के बल पर रोक लिया। बदमाश उसे तमंचे के बल पर पास के ही खेत में ले गए तथा उसके हाथ पैर बांधकर बंधक बना कर खेत में डाल दिया। इसके बाद बदमाश उससे मोबाइल व ट्रैक्टर ट्राली लूट कर फरार हो गए। कुछ देर बाद किसी तरह अपने हाथ पाव खोलकर पीड़ित किसान ने अपने साथ हुई घटना की सूचना शुगर मिल चौकी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर लूटी गई ट्रैक्टर ट्राली को बिजनौर में कालिका मंदिर के पास से बरामद कर लिया, जबकि बदमाश पुलिस को आता देख कर फरार हो गए।

स्कूटी सवार शिक्षिका की दुर्घटना में दर्दनाक मौत

बिजनौर। कोचिंग के लिए जा रही स्कूटी सवार शिक्षिका को सामने से आ रही एक ट्रैक्टर ट्राली टक्कर मार दी। दुर्घटना में घायल शिक्षिका को तत्काल ही निकट के निजी अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सक ने उसे सरकारी अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इस दौरान अत्यधिक खून बहने के कारण शिक्षिका की मौत हो गई। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

धामपुर थाना क्षेत्र के रानी बाग कॉलोनी निवासी शिवांगी पांडे (24 वर्ष) पुत्री मनोज पांडे नगर के पंजाबी कालोनी स्थित वेरिएंट कोचिंग सेंटर पढ़ाती है। बताया जाता है कि रोजाना की तरह आज भी शिवांगी अपनी स्कूटी पर सवार होकर कोचिंग सेंटर जा रही थी। जब वह चंपा देवी मंदिर के पास पहुंची तो सामने से आ रही एक ट्रैक्टर ट्राली से उसकी स्कूटी की आमने-सामने टक्कर हो गई, जिसके चलते सड़क पर गिरकर उसके ऊपर से ट्रैक्टर का पहिया गुजर गया। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गई। शोर सुनकर जमा हुए आसपास के लोग उसे तत्काल ही प्राइवेट नर्सिंग होम में ले गए। जहां चिकित्सक ने उसे भर्ती करने से इंकार कर दिया। इसके बाद उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही मृतका के परिजनों में कोहराम मच गया। मृतका के पिता मनोज पांडे अपनी पत्नी के साथ अस्पताल पहुंचे और घटना के बारे में जानकारी की। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही आरोपी ट्रैक्टर ट्राली चालक को पुलिस हिरासत में लेकर थाने भेज दिया।

पुलिस करे जनता के साथ अच्छा व्यवहार: एसपी

हल्दौर (बिजनौर)। पुलिस अधीक्षक डाॅ धर्मवीर सिंह ने थाना हल्दौर का वार्षिक निरीक्षण किया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक सर्वप्रथम सलामी ली गई व सलामी गार्द का निरीक्षण किया गया, जिसके पश्चात थाना परिसर की साफ-सफाई, कार्यालय अभिलेख, बन्दी गृह, मैस, बैरक, हवालात, महिला हेल्प डेस्क, सीसीटीएनएस कार्यालय इत्यादि का निरीक्षण किया गया। थाने पर गठित महिला हेल्प डेस्क को प्राथमिकता के आधार पर फरियादियों की शिकायत सुनकर, इन्द्राज कर प्रकरणों में विशेष रूचि लेकर कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया।

थाना प्रभारी हल्दौर को अपने थाना क्षेत्र के दूरस्थ गाँवो में जाकर महिला एवं बच्चों सम्बन्धी अपराधों, साईबर अपराधों के सम्बन्ध में सम्बन्धित गांवों के व्यक्तियों को जागरूक करने हेतु निर्देशित किया गया। पुलिस कार्मिको को जनता के साथ अच्छा व्यवहार करने तथा बीट आरक्षी को बीट क्षेत्र की सम्पूर्ण जानकारी के साथ-साथ आमजन के साथ बेहतर समन्वय बनाये रखने हेतु निर्देशित किया। थाना कार्यालयों में रखे अभिलेखों को चेक कर अभिलेखों का सही ढ़ग से रखरखाव एवं लम्बित विवेचनाओं का शीघ्र निस्तारण करने हेतु निर्देशित किया गया। बैरक, मेस, कम्प्यूटर कक्ष, सीसीटीएनएस, सीसीटीवी कैमरे, कम्प्यूटर उपकरणों आदि का निरीक्षण कर उपकरणों का रखरखाव उचित तरीके से करने हेतु निर्देशित किया गया। थाने के अधि0/कर्म0 से शस्त्राभ्यास तथा आपदा प्रबन्धन हेतु उपलब्ध कराई सामग्री को चैक करते हुए उनकी उपयोगिता के बारे में जानकारी ली गई।

पुलिस अधीक्षक द्वारा थाने में नियुक्त समस्त कार्मिकों का सम्मेलन लेकर उनकी समस्याओं की जानकारी लेकर सम्बन्धित प्रभारियों को निराकरण करने हेतु निर्देशित किया गया। अनुशासित बल होने के कारण पुलिस कर्मिकों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से मजबूत रहने के लिये स्वास्थ्य के दृष्टिगत योगा व पीटी व परेड नियमित रूप से करने के लिये प्रेरित किया गया साथ ही आगामी त्योहार होली व शब-ए-बारात के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। वार्षिक निरीक्षण में क्षेत्राधिकारी नजीबाबाद व थाना प्रभारी हल्दौर मौजूद रहे।

अब मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी का पुलिस करेगी हिसाब!

योगी सरकार बनते ही हिसाब शुरू! मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी पर बढ़े चार केस, पुलिस ने शुरू की जांच

मुख्तार अंसारी के बेटे व मऊ विधानसभा से नवनिर्वाचित विधायक अब्बास अंसारी पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विस चुनाव के दौरान प्रशाासन से हिसाब लेने की धमकी अब भारी पड़ने वाली है। अब्बास पर चार मुकदमे चुनाव में आचार संहिता के उल्लंघन का दर्ज कर विवेचना शुरु कर दी गई है। लखनऊ में दो और गाजीपुर में पहले से ही एक केस दर्ज है।

नवनिर्वाचित विधायक अब्बास अंसारी की ओर से विस चुनाव के दौरान अधिकारियों को छह माह तक यहीं रखकर हिसाब किताब करने का वीडियो वायरल हुआ था। इसे लेकर पुलिस ने शहर कोतवाली में धमकी का केस दर्ज करने के साथ ही चुनाव अचार संहिता के मामले में दो और केस दर्ज किए हैं। इसमें बिना परमिशन के जुलूस निकालना और जीत के बाद भी जुलूस निकालना शामिल हैं। दक्षिणटोला थाने में भी बिना परिमिशन के भीड़ इकट्ठा करने के मामले में केस दर्ज है।

इस तरह से शहर कोतवाली में तीन व दक्षिणटोला में एक केस दर्ज है। अब अब्बास के ऊपर दर्ज जिले में चारों केस के मामले में पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। इसके अलावा पहले से ही लखनऊ में दो और गाजीपुर में एक केस दर्ज हो चुका है। सीओ सिटी धनंजय मिश्रा का कहना है कि पुलिस सभी दर्ज केसों के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुट गई है। शहर के दक्षिणटोला व शहर कोतवाली में दर्ज चारों मुकदमों की विवेचना शुरू हो गई है।

अब्बास अंसारी पर दर्ज हैं यह केस-

  1. मुकदमा अपराध संख्या 431/ 19
    419, 420, 467, 468, 471, 30 आर्म एक्ट, लखनऊ महानगर
  2. मुकदमा अपराध संख्या 236/ 20
    120 बी, 420, 467, 468, 471, लोकसंपति निवारण अधिनियम हजरतगंज, लखनऊ
  3. मुकदमा अपराध संख्या 689/20
    120 बी, 420, 323, 356, 467, 468, 471, 474, 417 आईपीसी गाजीपुर
  4. मुकदमा अपराध संख्या 27/22
    171 जी, 188 आईपीसी, 133 लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम दक्षिण टोला, मऊ
  5. मुकदमा अपराध संख्या 95/22
    188, 171 च आईपीसी शहर कोतवाली मऊ
  6. मुकदमा अपराध संख्या 97/ 22
    506, 171 एफ, 153 एवन, 186, 189, 120 बी आईपीसी शहर कोतवाली मऊ
  7. 106/ 22
    171 एच, 188, 341, आईपीसी, शहर कोतवाली मऊ

न्यूज सोर्स – हिंदुस्तान (साभार)

होली पर गड़बड़ी की तो सात पुश्तें रखेंगी याद-ओमवीर सिंह

बिजनौर। अफजलगढ़ कोतवाली प्रांगण में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। मुख्य अतिथि एसपी पूर्वी ओमवीर सिंह, सीओ सुनीता दहिया ने सभी लोगों से होली का त्योहार शांति पूर्वक मनाने की अपील की।

मुख्य अतिथि एसपी पूर्वी ओमवीर सिंह ने कहा कि किसी तरह की कोई भी गड़बड़ी करेंगे तो उसकी सात पुश्तें याद रखेंगी। कोई नई परम्परा शुरू नहीं की जायेगी, उन्होंने सभी लोगों से सहयोग का आह्वान किया। इस अवसर पर कोतवाल मनोज कुमार सिंह के अलावा एसएसआई दिनेश कुमार शर्मा, कस्बा इंचार्ज टेकराम सिंह, एसआई अनोखेलाल गंगवार, एसआई विनित कुमार, एसआई सुनील कुमार, चेयरपर्सन पति सलीम अंसारी एडवोकेट, जिलाध्यक्ष खेल सिंह राजपूत, पूर्व चेयरमैन जावेद विकार, भाजपा नगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा, भीम सिंह रावत, रईस वकील, वसीम अंसारी, तेजपाल सिंह चौहान, ठाकुर रामबीर सिंह, सौरभ गहलौत, प्रधान कपिल कुमार, शरद कर्णवाल, महेश चौहान, देवराज सिंह चौहान, सभासद कलवा कुरैशी, प्रधान सुरेंद्र सिंह, प्रधान कैलाशचंद चौधरी, सरदार गुरविंदर सिंह, मुफ्ती सईदुर्रहमान, नफीस अहमद, पूर्व प्रधान श्याम लाल भारद्वाज, मौलाना मुख्तार अहमद, सभासद अफजाल अंसारी एडवोकेट, शेख मौहम्मद जैद, दानिश, तसव्वर कुरैशी, पूर्व प्रधान राजपाल सिंह, आदित्य चौहान, सभासद आकाश अग्रवाल, प्रधान गुरूवचन सिंह, आदेश पंवार, रियाज अहमद उर्फ राजू, ईश्वर सिंह उर्फ बोबी आदि उपस्थित रहे।

दोहरे हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को इनाम ₹25 हजार


बिजनौर। एसपी डॉ धर्मवीर सिंह ने दोहरे हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को सम्मानित करने की घोषणा की है।

गौरतलब है कि  सपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी बबली उर्फ बबीता गत 28 फरवरी से रहस्यमय ढंग से लापता थे। दोनों के शव समीपवर्ती ग्राम हमीदपुर में एक घर में दबे हुए मिले। पुलिस को जेसीबी की मदद से दोनों शवों को निकालना पड़ा। बाद में पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि पति-पत्नी की हत्या सम्पत्ति के लालच में की गई। इस मामले में एक महिला सहित चार लोगों को हिरासत में लिया गया है।  हिरासत में ली गई महिला के राजेश अग्रवाल से प्रेम संबंध थे। मृतक दंपति निःसंतान थे और बिजनौर शहर में उनकी तीन दुकान व एक मकान उनकी हत्या का कारण बने।

एसपी डॉ धर्मवीर सिंह ने बताया कि एसपी सिटी परवीन रंजन सिंह, सी ओ सिटी, इंस्पेक्टर कोतवाली राधेश्याम, एसआई आशीष पुनिया, धीरज सोलंकी, राजकुमार नागर, जर्रार हुसैन ने रात दिन मेहनत करके हत्या का खुलासा किया। इस पर एसपी ने 25 हजार रूपए का इनाम देने की घोषणा की है।

देश की सभी एजेन्सी अपराधी ट्रैकिंग प्रणाली से जल्द जुड़ें : शाह

नयी दिल्ली (एजेंसी) । केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सभी केन्द्रीय जांच एजेन्सियों को जल्द से जल्द अपराध एवं अपराधी ट्रेकिंग नेटवर्क प्रणाली से जुड़कर पुलिस थानों की तरह विभिन्न मामलों से संबंधित प्राथमिकी, आरोपपत्र और जांच रिपोर्ट इस केन्द्रीय पोर्टल पर साझा करनी चाहिए।

शाह ने राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के 37वें स्थापना दिवस पर यहां आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश के 99 प्रतिशत यानी 16390 पुलिस स्टेशन इस प्रणाली से जुड़ चुके हैं लेकिन इसके केन्द्रीय व्यवस्था होने के बावजूद राष्ट्रीय जांच एजेन्सी, केन्द्रीय जांच ब्यूरो और मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो जैसी केन्द्रीय एजेन्सी इससे नहीं जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि जब प्राथमिकी और उनमें लिखी बातें सार्वजनिक हो जाती हैं तो उसमें क्या गोपनीयता बचती है इनको इस प्रणाली पर दर्ज किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा “सभी केन्द्रीय एजेन्सी इस प्रणाली से कुछ ही दिनों में जुड़ें। हां इतना जरूर ध्यान रखें कि पेशेवर नजरिये से क्या सूचना देनी है और क्या नहीं। जैसे सीबीआई है तो पी लेवल पर न करें लेकिन जब आर सी पंजीकृत हो जाती है तो क्यों नहीं करना चाहिए यह तो सार्वजनिक दस्तावेज है। इससे किसी भी एजेन्सी को बाहर नहीं रहना चाहिए और आंकड़ों को शतप्रतिशत परिपूर्ण करना चाहिए । ‘ “

उन्होंने केन्द्रीय गृह सचिव से कहा कि वह सभी एजेन्सियों के प्रमुखों के साथ बैठक करें और उन्हें बतायें कि इससे बाहर रहने का कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि कितना और क्या दिखाना है यह पेशेवर नजरिया है इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

सपा नेता की पत्नी समेत हत्या, गड्ढों में दबे मिले शव

सपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी बबली उर्फ बबीता की हत्या। 28 फरवरी से रहस्यमय ढंग से थे लापता। सम्पत्ति के लालच में की गई हत्या।

बिजनौर। सपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी बबली उर्फ बबीता की हत्या कर दी गई। दोनों के शव समीपवर्ती ग्राम हमीदपुर में एक घर में दबे हुए मिले। वह गत 28 फरवरी से रहस्यमय ढंग से लापता थे।  पुलिस ने जेसीबी की मदद से दोनों शवों को निकालकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। पति-पत्नी की हत्या सम्पत्ति के लालच में की गई। पुलिस ने एक महिला सहित चार लोगों को हिरासत में लेकर घटना का खुलासा किया है। हिरासत में ली गई महिला के राजेश अग्रवाल से प्रेम सम्बंध बताए गए हैं।

पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बिजनौर में नजीबाबाद रोड स्थित शिवलोक कॉलोनी निवासी राजेश अग्रवाल (55 वर्ष) व उनकी पत्नी बबली उर्फ बबीता (44 वर्ष) गत 28 फरवरी को रहस्यमय ढंग से गायब हो गये थे। उनकी गुमशुदगी बबली के भाई मनोज कुमार राणा, निवासी खड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद ने थाना कोतवाली शहर बिजनौर में दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की गहनता से छानबीन की तो चौंका देने वाले तथ्य सामने आये। पता चला कि राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी बबली की हत्या कर उनके शव ग्राम हमीदपुर में एक घर में दबा दिये गये हैं।

पुलिस के अनुसार राजेश अग्रवाल का मण्डावर रोड स्थित ग्राम हमीदपुर निवासी रोमा (35 वर्ष) पत्नी स्व. ओमवीर सिंह जाट के साथ प्रेम-प्रसंग था। योजनाबद्ध तरीके से 28 फरवरी 2022 को रोमा, राजेश अग्रवाल के घर गई, जहां मुकेश (रोमा का दूसरा प्रेमी) तथा उसका चचेरा भाई मोंटी उर्फ धीरज पहले से ही मौजूद थे। रोमा चाय बनाने के बहाने घर के अंदर चली गई तथा मुकेश व मोंटी ने राजेश अग्रवाल के मुंह पर चादर लपेटकर व गला रेतकर उसकी हत्या कर दी तथा शव को रोमा के घर हमीदपुर में गड्ढा खोदकर दबा दिया। राजेश अग्रवाल की पत्नी बबली उर्फ बबीता नई बस्ती में पार्लर चलाती थी। वह अपने पार्लर में थी। रोमा का पुत्र तुषार बिजनौर आया तथा उसको बाइक पर बैठाकर अपने गांव हमीदपुर ले गया, जहां चारों ने मिलकर बबली की भी हत्या कर दी और शव को वहीं गड्ढे में दबा दिया। दोनों शवों को नमक डालकर दबाया गया, ताकि जल्दी गल-सड़ जायें। एक शव घर के आंगन में और दूसरा पशुओं की चर के पास दबाया गया था ।

निःसंतान दंपति की दुश्मन साबित हुईं संपत्ति- पुलिस के अनुसार राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी की हत्या अवैध सम्बंधों और सम्पत्ति के कारण की गई है। राजेश का एक मकान और तीन दुकानें हैं, जिन पर आरोपियों की नजर थी। दो दुकानों में राजेश की पत्नी बबली पार्लर व जनरल स्टोर चलाती थी। दोनों नि:संतान थे। रोमा ने अपने पुत्र तुषार उर्फ चुनमुन, प्रेमी मुकेश व उसके चचेरे भाई मोंटी उर्फ धीरज के साथ मिलकर राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी की हत्या की योजना बनाई और गत 28 फरवरी को उनकी हत्या कर दी।

साथ लगी रही हत्यारोपी रोमा- राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी के रहस्यमय ढंग से लापता होने के बाद रोमा खुद को ऐसा दर्शा रही थी कि जैसे उसे दोनों के गायब हो जाने का बहुत गम है। कल 11 मार्च तक जब राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी का कोई सुराग नहीं मिला तो परिजन एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह से मिले और दोनों का पता लगाने की मांग की। एसपी से मिलने वालों में रोमा भी थी । वह परिजनों के साथ राजेश व उनकी पत्नी को ढूंढने में लगी हुई थी। हालांकि परिजन रोमा पर शुरू से ही शक कर रहे थे। उन्होंने इस संबंध में पुलिस को भी बताया था। शक के आधार पर पुलिस ने रोमा को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने सब कुछ उगल दिया। बाद में पुलिस ने अन्य तीनों अभियुक्तों को हिरासत में ले लिया।

ये हैं आरोपी- राजेश व उनकी पत्नी की हत्या के मामले में पकड़े गये व मुल्जिमों में मुकेश ( 45 वर्ष ) रोमा का प्रेमी है। वह ग्राम रशीदपुर गढ़ी का रहने वाला है। मुकेश ने इस हत्याकांड में अपने चचेरे भाई मोंटी उर्फ धीरज की भी सहायता ली। पुलिस ने धीरज को भी पकड़ लिया। हत्याकांड में तीसरी मुल्जिम रोमा और चौथा मुल्जिम रोमा का पुत्र तुषार उर्फ चुनमुन है।

ट्रैक्टर वर्कशॉप से लाखों का सामान चोरी


बिजनौर। चांदपुर में ट्रैक्टर वर्कशॉप से लाखों का सामान चोरी हो गया। घटना से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। सूचना पर पहुंची पुलिस अज्ञात चोरों की तलाश में जुट गई है।

जानकारी के अनुसार चांदपुर के धनौरा रोड स्थित ग्राम अकोंधा निवासी योगेंद्र कुमार के राणा ऑटोमोबाइल टैफे वर्कशॉप में अज्ञात चोरों ने लाखों की चोरी को अंजाम दिया। वर्कशॉप के कर्मचारी राजेंद्र के मुताबिक चोर नए ट्रैक्टरों के 8 बैटरे, एक बड़ा बैटरा, इनवर्टर, एक कंप्यूटर सैट और साढ़े 8 लीटर वाली मोबिल ऑयल की 15 बाल्टी समेत लगभग 2 लाख की चोरी कर फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौका मुआयना कर जांच शुरू कर दी है।

स्कॉर्पियो कार से भिड़ंत में बाइक सवार की मौत

बिजनौर। स्कॉर्पियो कार और बाइक की आमने-सामने की हुई भिड़ंत में एक युवक की मौत हो गई। एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को उपचार हेतु सीएचसी पहुंचाया। घायल को चिंताजनक हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने स्कॉर्पियो को अपने कब्जे में ले लिया है, जबकि चालक मौके से फरार हो गया।

नगीना नगर के मोहल्ला कस्बा निवासी अर्जुन सैनी (26 वर्ष) पुत्र मुन्नू सिंह का 9 माह पूर्व ही विवाह हुआ था। अर्जुन सैनी मंगलवार की देर रात 9 बजे करीब अपने जीजा सुशील पुत्र रामपाल सैनी (45 वर्ष) बाइक द्वारा उनके घर कोटकादर छोड़ने जा रहा था। कोटकादर के पास पुलिया पर उसकी बाईक की सामने आ रही स्कॉर्पियो कार से आमने सामने की भीषण टक्कर हो गई। अर्जुन की मौके पर ही मौत हो गई तथा उसके जीजा रामपाल गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंची नगीना देहात पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से मृतक और घायल को सीएचसी पहुंचाया। सूचना पर मृतक के परिजन और सैकड़ों मोहल्लेवासी सीएचसी पहुंचे। सीएचसी प्रभारी डॉक्टर नवीन चौहान ने अर्जुन को अर्जुन को मृत घोषित कर दिया तथा गंभीर रूप से घायल रामपाल सिंह को प्राथमिक उपचार के बाद चिंताजनक हालत में जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। रायपुर देहात पुलिस ने मृतक का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर मामला दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई शुरू करते हुए स्कॉर्पियो को अपने कब्जे में ले लिया है। घटना से मृतक और घायल के परिजनों में कोहराम मच गया है।

पेट्रोल पंप के अंडरग्राउंड टैंक की दीवार गिरी; एक मजदूर की मौत, दो गंभीर

बिजनौर शहर के चक्कर मार्ग स्थित जय भीम फिलिंग स्टेशन पर हुआ हादसा। पेट्रोल पंप पर तेल के अंडर ग्राउंड टैंक की दीवार गिरने से एक मजदूर की मौत; दो मजदूर गंभीर घायल। गुस्साए परिजनों ने लगाया सड़क पर जाम। पुलिस को करना पड़ा हल्का बल प्रयोग। पेट्रोल पंप मालिक एवं मजदूरों के ठेकेदार के खिलाफ थाना शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज।

बिजनौर। चक्कर मार्ग स्थित जय भीम फिलिंग स्टेशन के भूमिगत टैंक को दूसरी जगह शिफ्ट करने के दौरान हुए हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। गुस्साए परिजनों ने सड़क पर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ पर काबू पाया। पेट्रोल पंप के मालिक एवं मजदूरों के ठेकेदार समेत दो लोगों के खिलाफ थाना शहर कोतवाली में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

बिजनौर शहर के चक्कर मार्ग स्थित जय भीम फिलिंग स्टेशन के भूमिगत टैंक को दूसरी जगह शिफ्ट करने का काम चल रहा है। बताया गया है कि शनिवार को चार मजदूर इस टैंक के चारों से ओर मिट्टी खोदकर बाहर निकाल रहे थे। दोपहर बाद टैंक के चारों ओर बनी दीवार अचानक भरभरा कर गिर पड़ी। दीवार के मलबे और मिट्टी में गांव सालमाबाद निवासी दीपक (25 वर्ष) पुत्र नौबहार सिंह, अश्वनी पुत्र भीकम सिंह तथा गोलू पुत्र राकेश निवासी गोपालपुर थाना भौजीपुरा बरेली दब गए। तीन मजदूरों के दीवार के मलबे में दबते ही हड़कंप मच गया। थाना शहर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस और ग्रामीणों ने मलबा हटाकर तीनों मजदूरों को बाहर निकाला। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने दीपक को मृत घोषित कर दिया, जबकि अश्वनी और गोलू की हालत गंभीर देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। गुस्साए परिजनों और गांववालों ने पेट्रोल पंप पर तोड़फोड़ का भी प्रयास किया। परिजन और ग्रामीण चक्कर मार्ग पर बैठ गए और जाम लगा दिया। करीब आधा घंटा तक जाम लगा रहा।

सीओ, कोतवाल ने दिया आश्वासन- सीओ सिटी कुलदीप गुप्ता और प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया और जाम खुलवाया। मामले में पेट्रोल पंप के मालिक लल्लन उर्फ अरविंद निवासी बुखारा और मजदूरों के ठेकेदार अख्तर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोप है कि टैंक की खोदाई के लिए पर्याप्त सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए थे। प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के साथ ही जांच शुरू कर दी गई है।

शमशाद अंसारी ने पेश की मानवता की मिसाल- सोशल मीडिया व अन्य माध्यम से यह घटना जंगल में आग की तरह फैल गई। कुछ ही देर में लोग मौके पर एकत्र हो गए। दीपक को बचाने के लिए सभी प्रयास कर रहे थे।  घटना की जानकारी मिलते ही चेयरपर्सन पति शमशाद अंसारी भी मौके पर पहुंच गए और दीपक को निकालने का प्रयास करते लोगों के साथ खुद भी जुट गए। तीनों मजदूर न तो बिजनौर के निवासी थे, जिनसे वोटों का लालच हो और न ही बिरादरी अथवा धर्म के, लेकिन इस सबसे ऊपर उठकर शमशाद अंसारी अपना सामाजिक व राजनीतिक धर्म निभाते दिखे। वहीं दूसरी और सदर विधानसभा सीट से निवर्तमान एवं भावी विधायकों, जनप्रतिनिधियों ने संवेदनहीनता की पराकाष्ठा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

बिजनौर से फर्जी शिक्षक को पकड़ ले गई उत्तराखंड पुलिस

धामपुर (बिजनौर)। उत्तराखंड की खानपुर पुलिस ने फर्जी प्रमाण-पत्रों के आधार पर शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। मई 2021 में तत्कालीन उप खण्ड शिक्षा अधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय खानपुर के शिक्षक लोकेश कुमार निवासी बिजनौर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जांच उपरांत मामला कुछ और ही निकलकर सामने आया। जब पुलिस सुबूतों के आधार पर धामपुर पहुंची और रणबीर सिंह उर्फ प्रीतम सिंह नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया तो उसने यकायक सब कुबूल लिया।

जानकारी के मुताबिक, पुलिस जांच में यह पता चला कि रणबीर उर्फ प्रीतम सिंह पुत्र सुखराम निवासी खुर्द कादराबाद थाना स्योहारा जिला बिजनौर, लोकेश कुमार के फर्जी प्रमाण-पत्रों पर नौकरी कर रहा था; जबकि उसकी शैक्षिक योग्यता बहुत कम थी। प्रथमदृष्ट्या शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी यही लगा था कि लोकेश कुमार फर्जी प्रमाण-पत्र के आधार पर नौकरी कर रहा है; जबकि उसके डॉक्यूमेंट सही थे और प्रीतम सिंह उसके फर्जी प्रमाण-पत्र बनाकर शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहा था। ऐसे में पुलिस फर्जी प्रमाण-पत्र लगाकर शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे आरोपी प्रीतम सिंह को तलाश कर रही थी, जो काफी समय से फरार चल रहा था। उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपी रणबीर सिंह उर्फ प्रीतम सिंह को धामपुर शहर पहुंचकर दयावती अस्पताल के पास से गिरफ्तार कर लिया। खानपुर थाना प्रभारी संजीव थपलियाल ने बताया कि फर्जी कागजों के बलबूते आरोपी शिक्षा विभाग में नौकरी कर रणबीर सिंह उर्फ प्रीतम सिंह को गिरफ्तार किया गया है। बताया कि थाना खानपुर में पंजीकृत मु.अ.सं. 5/21 धारा 420/467/468/471 आईपीसी, जिसमें तत्कालीन उप शिक्षा अधिकारी प्राथमिक शिक्षा खानपुर जनपद हरिद्वार द्वारा फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर शिक्षा विभाग में अध्यापक की नौकरी प्राप्त करने के संबंध में लोकेश कुमार पुत्र चंद्रपाल सिंह निवासी कादराबाद खुर्द स्योहारा जनपद बिजनौर उत्तर प्रदेश के विरुद्ध थाना खानपुर में अभियोग पंजीकृत कराया गया था। विवेचना क्रम में प्रकाश में आया कि रणबीर उर्फ प्रीतम सिंह पुत्र सुखराम निवासी खुर्द कादराबाद थाना स्योहारा जिला बिजनौर द्वारा लोकेश कुमार उपरोक्त के फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर शिक्षा विभाग में नौकरी पाई गयी। उन्होंने बताया कि आरोपी के दो-दो नाम होने से यह तय नहीं हो पा रहा था कि यह एक ही है या अलग अलग, लेकिन लोकेश के अनुसार आरोपी रणबीर सिंह उर्फ प्रीतम सिंह एक ही नाम है। इसके पश्चात अभियोग से संबंधित वांछित अभियुक्त रणबीर सिंह उर्फ प्रीतम सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

आपत्तिजनक पोस्ट करने का आरोपी गिरफ्तार

बिजनौर। सोशल मीडिया (फेसबुक) पर हिन्दू देवी-देवताओं के विरुद्ध आपत्तिजनक पोस्ट करने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया (फेसबुक) पर हिन्दू देवी-देवताओं के विरुद्ध आपत्तिजनक पोस्ट वायरल हो रही थी। सोशल मीडिया सेल द्वारा पोस्ट का तत्काल संज्ञान लेते हुए उक्त फेसबुक आइडी की जांच करायी गयी। उक्त फेसबुक आईडी कपिल कुमार सागर पुत्र हेमचन्द निवासी जलालपुर थाना बढ़ापुर जनपद बिजनौर की पाई गयी। इस मामले में थाना बढापुर पर मु.अ.सं. 45/22 धारा 295ए / 505 भादवि व धारा 66 आईटी एक्ट में मामला पंजीकृत कर पुलिस ने आरोपी कपिल कुमार सागर को गिरफ्तार कर लिया।

कांवड़ यात्रा मार्ग पर मीट की दुकानें, होटल बंद

बिजनौर। प्रशासन के आदेश पर किरतपुर पुलिस ने गत वर्षों की भांति इस बार भी कांवड़ यात्रा को देखते हुए मार्ग पर पड़ने वाली समस्त मीट की दुकानें और होटल बंद करा दिए। पुलिस की इस कार्यवाही से मीट का कारोबार करने वाले दुकानदारों में हड़कंप मच गया।

थाना प्रभारी सरविंदर कुमार ने बताया कि प्रशासन के आदेश पर कांवड़ यात्रा को देखते हुए शिवरात्रि तक के लिए कावड यात्रा मार्ग पर पड़ने वाली सभी मीट की दुकानों और होटलों को बंद करा दिया गया है। मीट की दुकान और होटल करने वालों को बता दिया गया कि यदि उन्होंने अग्रिम आदेश तक अपना होटल या मीट की दुकान खोलने का प्रयास किया तो उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

कस्बा इंचार्ज ने संभाला मोर्चा- दूसरी ओर कस्बा इंचार्ज सुमित राठी ने बताया कि उन्होंने अपने कस्बे एवं क्षेत्र में पुलिस कर्मियों के साथ ऐसे होटलों और दुकानों की निगरानी करनी शुरू कर दी है। उन्हें किसी भी कीमत पर खुलने नहीं देंगे। उनका उद्देश्य कांवड़ यात्रा के दौरान शांति बनाए रखना है और कांवरियों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो, इसी उद्देश्य से क्षेत्र में पुलिस बल गश्त करता रहेगा। यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा कांवड़ियों को परेशान या नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया उसके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी।

क्राइम मीटिंग में महाशिवरात्रि व मतगणना तैयारियों की समीक्षा

बिजनौर। पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह की अध्यक्षता में पुलिस लाइन सभागार में सैनिक सम्मलेन एवं मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। सम्मेलन के दौरान एसपी द्वारा पुलिसकर्मियों की व्यक्तिगत/विभागियों समस्याओं की जानकारी करने के साथ ही संज्ञान में आए प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण हेतु संबंधित को निर्देशित किया गया।

अपराध गोष्ठी के दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा जनपद में घटित घटनाओं एवं लंबित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए गुण-दोष के आधार पर शीघ्र निस्तारण करने तथा वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया। महिला संबंधी अपराधों को नियंत्रित करने हेतु प्रभावी कार्यवाही करने, शातिर अभ्यस्त अपराधियों को चिन्हित कर उनकी हिस्ट्रीशीट खोलने, गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही करने, जनशिकायतों की त्वरित व निष्पक्ष जांच कर विधिक निस्तारण सुनिश्चित करने, अवैध शराब के विरूद्ध निरंतर अभियान चलाकर कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित करने, जमीनी विवादों के संबंध में सतर्कता रखने व इसकी रिपोर्ट राजस्व अधिकारियों को प्रेषित करने, अपराध में संलिप्त व्यक्तियों के शस्त्र निरस्तीकरण की रिपोर्ट देने, आईजीआरएस के आवेदकों से स्वयं वार्ता करके फीडबैक लेने, पीआरवी वाहनों की रैंडम चेकिंग कर उनकी सतर्कता का निरीक्षण करने आदि के संबंध में निर्देश दिए गए। इसके अलावा थानों पर दाखिल विभिन्न अभियोगों से संबंधित माल मुकदमाती के विधिक निस्तारण हेतु निर्देश दिये गये। आगामी त्योहार महाशिवरात्रि के दृष्टिगत मानक के अनुरूप सुरक्षा के व्यापक प्रबंध सुनिश्चित करने के संबंध में भी निर्देशित किया गया। एसपी ने विधानसभा सामान्य निर्वाचन, 2022 की मतगणना के दृष्टिगत की जा रही तैयारियों की समीक्षा करते हुए समस्त कार्यों को समयबद्ध रुप से संपन्न करने के निर्देश दिये।

गोष्ठी में अपर पुलिस ग्रामीण/पूर्वी अधीक्षक, समस्त क्षेत्राधिकारी एवं प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष, समस्त शाखा प्रभारी आदि अधिकारी सम्मिलित हुए।

नीम के पेड़ से लटका मिला युवक का शव, हत्या की आशंका!

बिजनौर। किरतपुर थानांतर्गत गांव भनेड़ा के युवक का शव नीम के पेड़ से लटका मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे सीओ नजीबाबाद ने थाना पुलिस को वारदात का खुलासा अतिशीघ्र करने के निर्देश दिये हैं। परिजनों ने युवक की हत्या का शक जताया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार किरतपुर थानांतर्गत गांव भनेड़ा में स्थानीय इकराम पुत्र फारुख कुरेशी (32 वर्ष) का शव खेत में नीम के पेड़ से लटका मिला। सुबह गांव के ही कुछ लोग अपने खेतों पर कार्य करने जा रहे थे। इस बीच उन्होंने इकराम का शव पेड़ से लटका देखा। उन्होंने तुरंत इकराम के परिवार और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे किरतपुर थाना प्रभारी और भनेड़ा चौकी इंचार्ज राकेश कुमार ने शव को पेड़ से उतार कर अपने कब्जे में ले लिया। परिवार वालों का कहना है कि रात्रि लगभग 12 बजे तक इकराम घर पर ही मौजूद था। इकराम अविवाहित बताया जाता है।

उधर परिजनों का आरोप है कि इकराम की हत्या की गई है। घटना का पता चलते ही मौके पर पहुंचे नजीबाबाद सीओ गजेंद्र पाल सिंह ने किरतपुर थाना प्रभारी को शीघ्र ही मामले का खुलासा करने के निर्देश दिये। श्रव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

पड़ोसी रिश्तेदार ने की थी किशोरी की हत्या

पुलिस अधीक्षक ने किया किशोरी की हत्या का खुलासा। विवाह समारोह में शामिल होने गए थे परिजन। पड़ोसी रिश्तेदार को सौंप गए थे किशोरी की जिम्मेदारी।

बिजनौर। थाना कोतवाली देहात क्षेत्रातंर्गत गांव डेहरी में किशोरी की हत्या उसके पड़ोसी रिश्तेदार ने की थी। वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपी भूपेन्द्र उर्फ भूरा को गिरफ्तार किया है।

पुलिस लाइंस में एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के ग्राम नूर अलीपुर भगवंत उर्फ डेहरी निवासी धर्मपाल पुत्र हीरालाल ने गत 19/20 फरवरी की रात्रि उसकी 17 साल की पुत्री की गले में फंदा डालकर हत्या करने के मामले में तहरीर दी थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी। विवेचना के बाद पुलिस ने गांव के ही भूपेन्द्र उर्फ भूरा पुत्र रिसाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया कि भूरा; मृतका का दूर का रिश्तेदार भी है और पड़ोस में ही रहता है। पूछताछ में उसने बताया कि 19 फरवरी को उसके रिश्तेदार धर्मपाल अपनी पत्नी के साथ एक शादी में शामिल होने धामपुर व नहटौर गया था। जाने से पहले वह अगली सुबह लौटने की बात कह गए थे। घर में उसकी अकेली बेटी का ध्यान रखने को कह गए थे। इसके बाद भूपेन्द्र ने अपने दोनों बच्चों को सोने के लिए धर्मपाल के घर भेज दिया। रात को करीब 11 बजे शराब के नशे में वह धर्मपाल के घर पहुंचा जहां पड़ोसी की बेटी ने दरवाजा खोला तो उसने उसे बुरी नीयत से पकड़ना चाहा, जिसका बेटी ने विरोध किया। इसके बाद उसने दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। एसपी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे जेल भेजा जा रहा है और अन्य विधि कार्रवाई कराई जा रही है।

व्यापारी भाइयों के घर दुकान से लाखों की चोरी

बिजनौर। चांदपुर में बीती रात्रि व्यापारी के मकान का ताला तोड़कर डेढ़ लाख की नगदी समेत लाखों रुपए के सोने चांदी के आभूषण चोरी कर चोर फरार हो गए। पुलिस को तहरीर दे दी गई है।

मोहल्ला सरायरफी निकट (फव्वारा चौक) के पास पवन कर्णवाल व नीरज कर्णवाल दोनों भाईयों ने कर्णवाल किराना स्टोर के नाम से दुकान खोल रखी है। दुकान के ऊपर ही अपना आवास भी बना रखा है। तीन दिन से अपने भतीजे की शादी की वजह से शुक्रवार, शनिवार रविवार को दुकान बंद कर पूरा परिवार नगर स्थित पंचवटी रेस्टोरेंट में गया हुआ था। बताया जाता है कि बीती रात्रि दुकान के साइड में लगा छोटे गेट का ताला तोड़कर चोर पवन कर्णवाल के घर के अंदर घुस गए और ऊपरी मंजिल पर रखी सेफ, अलमारी का ताला तोड़कर करीब डेढ़ लाख रुपए की नगदी, 6 तोले सोने के आभूषण, दो चांदी की पाजेब समेत दुकान के गल्ले में रखी डेढ़ हजार की नगदी चोरी कर ली। पीड़ित के अनुसार घर से करीब 6 से 7 लाख का सामान चोरी हुआ है। सूचना पर पवन कर्णवाल ने सोमवार की सुबह 8:00 बजे घर पर आकर देखा तो गेट टूटा हुआ था और ऊपरी मंजिल पर अलमारी का सामान इधर-उधर पड़ा मिला।

पवन कर्णवाल व नीरज कर्णवाल; भाजपा नेता विवेक कर्णवाल व पंकज कर्णवाल के चचेरे भाई हैं। मौके पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार व शहर इंचार्ज समेत भाजपा नेताओं का जमावड़ा लग गया। कोतवाली प्रभारी ने जांच कर कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

नूरपुर में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर रोष, आंदोलन की चेतावनी


वहीं नूरपुर नगर क्षेत्र में लगातार बढ रही चोरी व लूट की घटनाओं पर सिख यूथ वेलफेयर सोसायटी ने रोष व्यक्त किया है। उन्होंने चोरी की घटनाओं के खुलासे की मांग भी की है।
गौरतलब है कि गुरुवार की रात को अज्ञात चोरों ने खालसा कालोनी में मोबाइल व्यापारी सरदार सुरजीत सिंह और मनिंदर सिंह के बंद मकानों के ताले तोडकर सोने चांदी के जेवरात और भारी नकदी सहित लाखों रुपये की चोरी को अंजाम दिया था। सुरजीत सिंह की ओर से चोरी की तहरीर पुलिस को दी गई थी, लेकिन चार दिन बीतने के बाद भी चोरी की रिपोर्ट दर्ज नही हुई है। इस पर सिख यूथ वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष सरदार रविंद्र सिंह मिक्की, गुरनाम सिंह चिंटू, हरमीत सिंह, हरदीप सिंह आदि ने चोरी की घटना पर रोष जताते हुए रिपोर्ट दर्ज न होने और शीघ्र खुलासा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

नवविवाहिता बहन को लिवाने गये भाईयों से मारपीट

बिजनौर/नूरपुर। अपनी नवविवाहिता बहन को उसकी ससुराल लिवाने गये भाईयों को वर पक्ष के लोगों ने लाठी डंडो से हमला कर घायल कर दिया।


स्योहारा थानांतर्गत गांव हरौली निवासी भोपाल सिंह के पुत्र धर्मेंद्र की शादी 19 फरवरी को 2022 को गोहावर जैत निवासी आसाराम की पुत्री सोनम के साथ हुई थी। बताया जाता है कि जयमाला कार्यक्रम के दौरान वर का छोटा भाई सुभाष जबरन वर वधू के बीच में बैठ रहा था। काफी विरोध के बाद भी न मानने पर वधू पक्ष के लोगों ने उसकी पिटाई कर डाली। सोमवार को वधू पक्ष से भाई रोहित व राजीव अपनी बहन को लिवाने उसकी ससुराल हरोली गये। बताया जाता है कि खाना पीना कराने के बाद दुल्हे के भाई ने अपनी पिटाई का बदला लेने के लिए दोनों भाईयों पर हमला बोल दिया। किसी तरह बचकर दोनों भाई वहां से भागे। बताया जाता है कि दूल्हे पक्ष के लोगों ने उनका पीछा पर ताजपुर के पास पुल पर दबोच लिया और जमकर पिटाई कर दी। हमले में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गये। उधर, दूसरे पक्ष के लोग भी मारपीट में घायल हो गये। दुल्हन पक्ष के लोग घायलो को लेकर थाने पहुंचे। देर शाम समाचार भेजे जाने तक पुलिस ने घटना की तहरीर मिलने से इंकार किया है।

आपको मिला है KBC की ओर से ₹25 लाख जीतने का मैसेज?

…हो जाएं सावधान, नहीं तो खाली हो जाएगा आपका अकाउंट

व्हाट्सएप (WhatsApp) पर कई दिनों से KBC के नाम से एक मैसेज तेजी से फैल रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि आपके व्हाट्सएप नंबर ने 25 लाख रुपये का इनाम जीता है। इस इनाम को पाने के लिए आपको मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करना होगा।

नई दिल्ली (एजेंसी)। इन दिनों व्हाट्सएप (WhatsApp) पर लोकप्रिय क्विज-शो कौन बनेगा करोड़पति (KBC) का एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें 25 लाख रुपये इनाम देने का दावा किया गया है। इस मैसेज में कहा जा रहा है कि आपके व्हाट्सएप नंबर को केबीसी सिम कार्ड लकी ड्रा कॉम्पिटिशन 2021 के तहत चुना गया है। साथ ही इसमें मैसेज क्लेम करने के लिए एक लिंक पर क्लिक करने के लिए भी कहा गया है। बता दें इससे पहले भी एक मैसेज वायरल हुआ था, जिसको भारत सरकार ने फर्जी घोषित किया था।

ये msz हो रहा है वायरल- ऑनलाइन है और अपनी केबीसी पुरस्कार राशि की जानकारी प्राप्त करें! आपका लॉटरी नंबर 0099 आपका केबीसी फाइल नंबर: BT12 प्रिय विजेता कृपया केवल व्हाट्सएप पर कॉल करें! अब अपने व्हाट्सएप नंबर से केबीसी ऑफिस में व्हाट्सएप कॉल करें! https://api.whatsapp.com/send?phone=917011789860 धन्यवाद”

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल के मुताबिक, इस तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी में साइबर ठग अनजान नंबर से पीड़ितों को व्हाट्सएप मैसेज भेजते हैं (उनमें से ज्यादातर +92, पाकिस्तान के आईएसडी कोड से शुरू होते हैं) यह दावा करते हुए कि उनके मोबाइल नंबर ने 25 लाख रुपये की लॉटरी जीती है, जिसे कौन बनेगा करोड़पति और रिलायंस जियो द्वारा आयोजित किया गया है। साथ ही पीडितों को मैसेज दिए गए लिंक पर क्लिक करने के लिए कहा जाता है।

जब पीड़ित जीती हुई राशि पाने के लिए उल्लिखित नंबर पर कॉन्टैक्ट करता है, तो साइबर ठग उसे बताता है कि उन्हें पहले लॉटरी टैक्स के साथ-साथ जीएसटी आदि के लिए एक निश्चित राशिप पहले जमा करानी होगी। एक बार जब पीड़ित उस पैसे को जमा कर देता है, तो वे किसी न किसी बहाने से ज्यादा की मांग करने लगते हैं। जालसाज केवल व्हाट्सएप के माध्यम से बात करने पर जोर देते हैं।

जमीनी विवाद: दो पक्षों में मारपीट महिला सहित तीन घायल


बिजनौर। नहटौर में जमीनी विवाद में दो पक्ष आमने सामने आ गए। दोनों ओर से जमकर लाठी डंडे चले। घटना में दोनों पक्षों के तीन महिलाओं सहित 5 लोग घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया है।


क्षेत्र के ग्राम अखेड़ा निवासी राहुल पुत्र सोनाथ का अपने ही रिश्तेदार अमरोहा जनपद के नौगांवा सादात निवासी नो सिंह पुत्र नोरंग से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है।

बताया जाता है कि नो सिंह नोगांवा सादात निवासी अंकित एवं अंकुश पुत्र गुड्डू, बाबू पुत्र नो सिंह, नगीना क्षेत्र के ग्राम भुरापुर निवासी पवन, क्षेत्र के ग्राम हरगनपुर निवासी राजेन्द्र आदि के साथ अखेड़ा स्थित जमीन पर ट्रेक्टर ट्राली से जुताई कर कब्जा कर रहा था। इसका राहुल पक्ष ने विरोध किया तो दोनों ओर से लाठी डंडे चल गए। घटना में एक पक्ष के नो सिंह एवं उसकी पत्नी मुन्नी देवी तथा दूसरे पक्ष की ओर से राहुल, उसकी माँ गंगा देवी एवं पत्नी पूजा घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराते हुए कार्यवाही शुरू कर दी है।

मुरादाबाद बरेली के पूर्व आईजी से एक करोड़ की ठगी

मुरादाबाद। रिटायर्ड IPS गुरबचन लाल से मुरादाबाद के कुछ लोगों ने एक करोड़ की ठगी कर ली। वह मुरादाबाद और बरेली के आईजी रह चुके हैं। रिटायर्ड आईपीएस ने इस मामले में सिविल लाइंस थाने में FIR दर्ज कराई है। FIR में रिटायर्ड आईपीएस गुरबचन लाल ने कहा है कि ठगों ने उनसे 58 लाख रुपये और एक किलो सोना ठग लिया। एक कंपनी में निवेश के नाम पर उनसे यह रकम ठगी गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

हिजाब के खिलाफ मुखर बजरंग दल कार्यकर्ता की हत्या कर्नाटक में तनाव 144 लागू

नई दिल्ली (एजेंसी)। हिजाब को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब स्थिति हिंसा तक पहुंच गई है। कर्नाटक के शिवमोगा में एक 23 साल के युवक की हत्या कर दी गई। इसके बाद यहां तनाव की स्थिति बनी हुई है और धारा 144 लागू है। जानकारी के मुताबिक युवक का नाम हर्ष था और वह बजरंग दल का कार्यकर्ता था। राज्य के गृह मंत्री अरागा जनेंद्र ने जिले के स्कूल एवं कॉलेजों को अगले दो दिनों के लिए बंद करने का आदेश दिया है।

उन्होंने कहा कि 4 से 5 युवकों ने हर्ष की हत्या की है। अब तक इस घटना के पीछे किसी संगठन का नाम सामने नहीं आया है। फिलहाल शिवमोगा जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति कंट्रोल में है। हालांकि कुछ लोगों ने इस घटना के विरोध में प्रदर्शन किया है। जिले के सीगेहट्टी इलाके में कई लोगों ने कुछ वाहनों में आग लगा दी, जिन्हें बुझाने का काम जारी है। इस घटना ने हिजाब विवाद से पहले ही बढ़े राज्य के राजनीतिक पारे को और चढ़ा दिया है।

युवक ने हिजाब के विरोध में लिखी थी सोशल मीडिया पोस्ट-
पुलिस के मुताबिक रविवार रात करीब 9 बजे युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। इसके बाद तनाव बढ़ गया। शिवमोगा शहर के कई इलाकों में उपद्रव हुए और गाड़ियों में आग लगा दी गई। पुलिस हिजाब विवाद से इस मामले को जोड़कर इसलिए देख रही है क्योंकि युवक ने कुछ दिन पहले ही फेसबुक पर इससे संबंधित एक पोस्ट लिखी थी। इस पोस्ट में उसने हिजाब का विरोध किया था और भगवा गमछे का समर्थन किया था। हालांकि पुलिस ने इस मामले में कोई बयान नहीं दिया है।

हिजाब का विरोध कर रहा बजरंग दल-
बता दें कि कर्नाटक के उडुपी के कॉलेज से शुरू हुआ विवाद अब अंतरराष्ट्रीय आकार ले चुका है। वहीं कर्नाटक के कोपा में स्कारी स्कूल में छात्रों ने भगवा गमछा लेकर हिजाब का विरोध किया था। बताया गया कि स्कूल प्रशासन ने ही भगवा पहनने की अनुमति दी थी। बजरंगदल इस मामले में काफी ऐक्टिव है। बजरंग दल के कर्नाटक संयोजक सुनील केआर ने इसे जिहाद बताया था। वहीं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह प्रदर्शन भी किए।

पतंजलि योग ग्राम की फर्जी वेबसाइट से धोखाधड़ी

बड़ी खबर : पतंजलि योग ग्राम की फर्जी वेबसाइट बनाकर बुकिंग के नाम पर धोखाधड़ी, मुकदमा दर्ज

हरिद्वार (एजेंसी)। योग गुरु बाबा रामदेव के पतंजलि योग ग्राम में ऑनलाइन बुकिंग और इलाज के नाम पर कुछ वेबसाइट के जरिए फर्जीवड़ा किया जा रहा था। ऐसे में अब पतंजलि योगपीठ की शिकायत पर सिडकुल थाना पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, लोगों को इन फर्जी वेबसाइट के जरिए ईमेल भी किया जा रहा था, जिसमें योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के फोटो भी विज्ञापन के तौर पर लगाये गये थे। पतंजलि योग पीठ ट्रस्ट एवं योग ग्राम के अधिकृत अम्बरीश कुमार निवासी ग्राम औरंगाबाद ने थाना सिडकुल को इस मामले की लिखित शिकायत दी है। योगग्राम के नाम पर फ्रॉड से सावधानी रखें फेसबुक, गूगल आदि पर जालसाज लोग फर्जी अकॉउंट बनाकर योगग्राम के नाम से जालसाजी करके लोगों को ठगते हैं। इस ठगी से बचें और केवल योगग्राम के ऑफिशियल नंबर आपको आस्था पर मिलते हैं। वहाँ पर अपना रजिस्ट्रेशन करवाएं। योगग्राम पंजीकरण pic.twitter.com/Gcck5AQZ3W – स्वामी रामदेव (@yogrishiramdev) February 16, 2022

पुलिस को दी तहरीर में बताया गया कि योग ग्राम के नाम से फर्जी वेबसाइटों का संचालन किया जा रहा है। साथ ही इन वेबसाइटों से योग ग्राम में इलाज व कमरा बुकिंग के नाम पर धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। अम्बरीश कुमार का कहना है कि फर्जी वेबसाइट से योग ग्राम की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इसके साथ ही जो आर्थिक व वाणिज्यिक लाभ प्रतिष्ठान को मिलना चाहिए, उसको भी उक्त आरोपियों द्वारा धोखाधड़ी से हड़पा जा रहा है।

पहले भी हुआ फर्जीवाड़ा : इस बार तो वेबसाइट के जरिए फर्जीवाड़ा किया जा रहा है, जबकि कुछ माह पहले एसओजी ने पतंजलि ग्राम के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक व्यक्ति को आगरा से गिरफ्तार किया था। उसके पास से भारी मात्रा में ऐसी फर्जी दवाएं मिली थी, जिसे वह बाबा रामदेव का फोटो लगाकर आसानी से बेच रहा था।

पुलिस का कहना-सिडकुल थाना प्रभारी प्रमोद उनियाल ने बताया कि ऑनलाइन फर्जीवाड़े की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में अब गहनता से जांच शुरू कर दी गई है जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

आतंकियों का साथी निकला शिमला का एसपी; एनआईए ने किया गिरफ्तार

NIA की बड़ी कार्रवाई, शिमला के SP अरविंद दिग्विजय गिरफ्तार, आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा से कनेक्शन का आरोप। 5 अन्य लोग भी गिरफ्त में।

नई दिल्ली (एजेंसी)। NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) ने आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा से कनेक्शन के आरोप में हिमाचल कैडर के आईपीएस अरविंद दिग्विजय नेगी को गिरफ्तार किया है। इस पुलिस अधिकारी पर खुफिया जानकारी लीक करने का आरोप है। वहीं, एसपी के अलावा एनआईए ने 5 अन्य लोगों को भी इस मामले में गिरफ्तार किया है। एनआईए के प्रवक्ता से मिली सूचना के अनुसार भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 2011 बैच में पदोन्नत नेगी को पिछले साल छह नवंबर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा दर्ज एक मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एनआईए 6 नवंबर 2021 में दर्ज हुए ओवर ग्राउंड वर्कर्स नेटवर्क केस की जांच कर रही है। इसमें लश्कर के आतंकियों को लोकल सपोर्ट मुहैया कराने के मामले की जांच चल रही है। इन आतंकियों को भारत में खौफनाक वारदातों को अंजाम देने के लिए मदद पहुंचाई जाती थी। अब तक एजेंसी ने केस में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान एजेंसी ने आरोपी नेगी की भूमिका संदिग्ध पाई थी। प्रवक्ता ने बताया कि एनआईए से लौटने के बाद शिमला में तैनात नेगी की भूमिका की जांच की गई और उनके घरों की तलाशी ली गई। इसके बाद शिमला के एसपी अरविंद दिग्विजय नेगी की पहचान साबित की गई। अधिकारी पर सीक्रेट दस्तावेजों को लीक करने का भी आरोप है। नेगी ने ओवर ग्राउंड वर्कर्स के साथ इन दस्तावेजों को शेयर किया था, जिसका लश्कर के साथ कनेक्शन है।

न्याय के लिए 4 मार्च को भाकियू का जिला मुख्यालय पर आन्दोलन


बिजनौर। भाकियू कार्यकर्ता 13 फरवरी को कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के ग्राम चंदूपुरा में नितिन सिरोही के हमलावरों के विरुद्ध कार्यवाही न होने से बहुत नाराज हैं। किसान पंचायत के दौरान जिलाधिकारी को प्रेषित ज्ञापन में 4 मार्च को जिला मुख्यालय पर बड़े आन्दोलन की चेतावनी दी गई है।


जानकारी के अनुसार किसान यूनियन से जुड़े नितिन सिरोही के साथ ग्राम के बूथ पर कुछ लोगों ने मारपीट की। वहां मौजूद फोर्स ने एक व्यक्ति को पकड़ पुलिस को सौपा था। यूनियन का आरोप है कि नितिन सिरोही के लिखित शिकायत करने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई और सरकारी अस्पताल में घटों बैठने के बाद मेडिकल नहीं किया गया। उल्टे पीड़ित नितिन सिरोही के विरुद्ध ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया।

एसओ और डॉक्टर के प्रति नाराजगी-
भाकियू ने आरोप लगाया कि डा० प्रमोद ने 14 फरवरी में भी मेडिकल नहीं किया जबकि दूसरे पक्ष का फर्जी मेडिकल बना दिया गया है। इस कारण कोतवाली देहात थानाध्यक्ष व डा० प्रमोद के विरुद्ध भाकियू में काफी रोष व्याप्त है। ब्लॉक अध्यक्ष चौधरी समरपाल सिंह ने कहा कि प्रशासनिक आश्वासन के बाद अभी आंदोलन स्थगित किया जा रहा है। साथ ही चेताया कि इस सम्बन्ध में 3 मार्च तक कार्यवाही नहीं की गई तो भाकियू 4 मार्च को जिला मुख्यालय पर घेराव व आन्दोलन के लिए विवश होगी।

न्याय के लिए महापंचायत: भाकियू ने कसी कमर

बिजनौर। कोतवाली देहात में कल होने वाली किसानों की महापंचायत के लिए भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव में संपर्क साधना शुरू कर दिया है। किसान नेताओं ने क्षेत्र के दर्जनों गांवों का दौरा कर महापंचायत को सफल बनाने का आह्वान किया।

बताया गया है कि दो दिन पूर्व ग्राम प्रधान सहित पांच लोगों ने थाना क्षेत्र के गांव चंदुपुरा निवासी भाकियू के पूर्व युवा जिला अध्यक्ष नितिन सिरोही पुत्र देवराज सिंह के साथ जमकर मारपीट की थी। हमलावरों में से एक व्यक्ति ने नितिन सिरोही के ऊपर फायरिंग भी की थी। नितिन सिरोही व उसके परिजनों ने नितिन पुत्र मानसिंह को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। पुलिस ने नितिन को रात भर थाने में बैठाए रखा तथा सुबह को बिना किसी कार्य के ही उसे छोड़ दिया था इसके बाद दूसरे पक्ष ने भी नितिन सिरोही व उसके परिजनों के खिलाफ जान से मारने के संबंध में एक तहरीर थाने में सौंपी थी। पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से धारा 307 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया था।

सत्ता पक्ष का दबाव!- भारतीय किसान यूनियन के नेता चौधरी दिगंबर सिंह का आरोप है कि सत्ता के दवाव में आकर पुलिस ने दूसरे पक्ष का फर्जी मेडिकल करवाया तथा दूसरे पक्ष की ओर से झूठी एफआईआर दर्ज की गई है। भारतीय किसान यूनियन के नेता चौधरी दिगंबर सिंह ने 17 फरवरी को उक्त प्रकरण सहित थाने व स्वास्थ्य केंद्र में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ किसानों की महापंचायत का आह्वान किया है। महापंचायत को सफल बनाने के लिए क्षेत्रीय किसान नेताओ ने दर्जनों गांव का तूफानी दौरा किया। उन्होंने किसानों से महापंचायत में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की। क्षेत्र का दौरा करने वालों में समरपाल सिंह, मुनेश, मानवीर, मुकुल त्यागी, बंटी, अनुज तोमर, विकास, रसीद, रोहित, जितेंद्र, डॉ योगेंद्र सिंह, महेश प्रधान, रामेन्द्र, ओमप्रकाश, आसाराम, मुन्नू, निर्मित, नामेन्द्र, राहुल, नागेंद्र, सबु प्रधान, पुरन सिंह, धर्मपाल सिंह आदि किसान शामिल रहे।

भाकियू नेता का आरोप- भाकियू नेता दिगंबर सिंह का आरोप है कि जिस हमलावर को पीड़ित व उसके परिजनों ने सही सलामत पकड़कर पुलिस को सौंपा था। अचानक 10 घंटे बाद उसकी तबीयत कैसे खराब हो गई, जिसके चलते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर ने आनन-फानन में उसे इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया तथा उसका फर्जी मेडिकल भी तैयार कर दिया गया। आरोपित व्यक्तियों ने पुलिस व डॉक्टर से हमसाज होकर पीड़ित के खिलाफ थाने में मुकदमा पंजीकृत करा दिया है।

पंखुड़ी पाठक को मोर्फ फोटो के नाम पर ब्लैकमेल करने की कोशिश!

नोएडा से बड़ी खबर ,पंखुड़ी पाठक को मोर्फ फोटो के नाम पर ब्लैकमेल करने की कोशिश, रवि किशन की फेक आईडी से मिली धमकी

नोएडा विधानसभा से कांग्रेस के टिकट पर पंखुड़ी पाठक ने चुनाव लड़ा। पंखुड़ी पाठक को कांग्रेस ने स्टार प्रचारक नियुक्त किया है। वह इस समय फिरोजाबाद में चुनाव प्रचार कर रही हैं, लेकिन अब चुनाव के बाद पंखुड़ी पाठक को लोग परेशान करने लगे हैं। उनको ट्विटर और अन्य सोशल प्लेटफार्म के माध्यम से परेशान किया जा रहा है। इस बात की शिकायत पंखुड़ी पाठक के समर्थकों ने पुलिस को दी है।

सैकड़ों अकाउंट किए ब्लॉक”

पंखुड़ी पाठक ने टीम से बात करते हुए बताया, “चुनाव होने के बाद उनके लिए ट्विटर अकाउंट पर कुछ लोग लगातार लोग अपशब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं। लोग उनके पोस्ट पर अपशब्द लिख रहे हैं। उन्होंने काफी सारे ट्विटर अकाउंट को ब्लॉक भी कर दिया है, लेकिन उसके बावजूद भी लगातार उनको परेशान किया जा रहा है।” पंखुड़ी पाठक का आरोप है कि कुछ लोग उनसे सोशल मीडिया पर बोल रहे है कि जितने अकाउंट ब्लॉक करने हैं कर लो। पंखुड़ी पाठक ने अभी तक सैकड़ों ट्विटर अकाउंट ब्लॉक कर दिए हैं, उसके बावजूद भी उनको परेशान किया जा रहा है।

मॉर्फेड फोटो वायरल करने के नाम पर मिली धमकी

पंखुड़ी पाठक ने बताया, “एक अकाउंट द्वारा मेरी मॉर्फेड फोटो फैलाई जा रही हैं और बैंक अकाउंट डिटेल देकर लिखा गया है कि अगर एक लाख रुपए नहीं जमा किए तो मॉर्फेड फोटो आगे भी फैलाई जाएगी। यह जानकारी उन्होंने अपने ट्वीटर अकाउंट पर भी शेयर की है, जिस पर रवि किशन का फोटो पीएम मोदी के साथ लगा हुआ है और यह आईडी फेक है।

भाजपा आईटी सेल पर लगाए आरोप

पंखुड़ी पाठक ने बातचीत के दौरान भाजपा पर हमला बोला है। उन्होंने कहा, “यह सब भारतीय जनता पार्टी आईटी सेल का काम है। भाजपा आईटी सेल द्वारा ही अलग-अलग अकाउंट से उनको परेशान किया जा रहा है। उनकी ट्विटर आईडी पर भद्दे-भद्दे कमेंट किए जा रहे हैं। मैंने काफी सारे फर्जी ट्विटर अकाउंट ब्लॉक भी कर दिए हैं, लेकिन उसके बाद भी मुझको परेशान किया जा रहा है।” पंखुड़ी पाठक ने पुलिस कमिश्नर नोएडा और नोएडा पुलिस को टैग करते हुए शिकायत की है।

उन्होंने ट्विटर से ऐसे हैंडल्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है. मामले को लेकर पुलिस उपायुक्त (महिला और बाल सुरक्षा) वृंदा शुक्ला ने कहा कि पुलिस को शिकायत मिली है और साइबर सेल ने इस पर काम शुरू कर दिया है.

उन्होंने कहा, “हम इस तरह की शिकायतों का बहुत तत्परता से संज्ञान में लेते हैं और जल्द से जल्द अपराधी का पता लगाने की कोशिश जारी है.” अधिकारी ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी कानून के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है और पुलिस आरोपियों के ठिकाने का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

कौन हैं पंखुड़ी पाठक- वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की राष्ट्रीय मीडिया पैनलिस्ट हैं। नॉएडा की रहने वाली हैं व उनकी राजनैतिक कर्मभूमि उत्तर प्रदेश है। पंखुड़ी ने अपने राजनैतिक जीवन की शुरुआत दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज में छात्र राजनीति से की। पंखुड़ी पाठक सामाजिक मुद्दों को हमेशा गंभीरता से उठती रही हैं।

डॉ नीरज के समर्थन में उतरे अधिवक्ता

रालोद सपा गठबंधन प्रत्याशी डॉक्टर नीरज चौधरी

बिजनौर। रालोद सपा गठबंधन प्रत्याशी डॉक्टर नीरज चौधरी के समर्थन में जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर विवादित वीडियो में छेड़छाड़ करने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसपी को दिए ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा कि बिजनौर विधानसभा क्षेत्र से सपा-रालोद गठबंधन प्रत्याशी डॉ. नीरज चौधरी के विरुद्ध थाना शहर कोतवाली में धारा 188,171 एच, 269, 270,290,124, 153, 295ए, आईपीसी 51 बी आपदा प्रबंधन अधिनियम 2003 महामारी अधिनियम 1857 में पंजीकृत किया गया है। जिस वीडियो के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है, उसमें एडिटिंग करके छेड़छाड़ की गई है। डा. नीरज व उनके समर्थकों द्वारा देश विरोधी गतिविधि एवं नारेबाजी नहीं की गई है। उन्होंने मामले की जांच कराने तथा वीडियो के साथ छेड़छाड़ करने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की। ज्ञापन देने वालों में रमेश, शेर सिंह, विनीत राणा, मनोज, ललित चौधरी, जावेद अहमद आदि अधिवक्ता मौजूद थे।

ओवैसी को मिली Z+ सुरक्षा, देशभर में करेगा सुरक्षा CRPF जवानों का काफिला

ओवैसी को मिली Z+ सुरक्षा, भारत सरकार ने किया ऐलान। CRPF जवानों का काफिला देशभर में करेगा सुरक्षा। UP में काफिले पर हुई थी फायरिंग।

नई दिल्ली (एजेंसी)। हैदराबाद के लोकसभा सांसद और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के चीफ असदुद्दीन ओवैसी को जेड प्लस सिक्योरिटी मुहैया कराई गई है। भारत सरकार ने इसका ऐलान किया है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की जेड प्लस सिक्योरिटी उनके साथ पूरे देश में रहेगी। 

असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi). -फाइल फोटो.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, असदुद्दीन ओवैसी को जेड प्लस सिक्योरिटी में 22 सुरक्षा जवान मिलेंगे। जो हर दिन 24 घंटे उनके साथ रहेंगे। वहीं उनके आवास पर भी एक पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर और सिक्योरिटी रहेगी।

Attack On Asaduddin Owaisi Z Category Security Provided To Asaduddin Owaisi  After Attack | UP Election 2022: हमले के बाद Asaduddin Owaisi की सिक्योरिटी  बढ़ाई गई, सरकार ने दी Z कैटेगरी की

गौरतलब है कि केंद्र का यह फैसला यूपी में ओवैसी के काफिले पर हुई गोलीबारी के बाद लिया गया है। AIMIM प्रमुख ओवैसी के काफिले पर हापुड़ टोल प्लाजा पर गोलीबारी हुई थी। माना जा रहा है कि AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी आज 3:30 बजे स्पीकर से मिल सकते हैं। लोकसभा में भी आज ओवैसी अपने ऊपर हमले का मसला उठाएंगे। 

प्रशासन कर रहा एकतरफा कार्यवाही: डॉक्टर नीरज चौधरी

बौखलाहट में भाजपा को नहीं दिख रहा आकिब व पाकिस्तान में फर्क


बिजनौर। डॉक्टर नीरज चौधरी ने कहा कि भाजपा नेताओं को बौखलाहट में आकिब की जगह पाकिस्तान दिख रहा है।
दरसल मामला बीती रात का है, जब मोहल्ला जुलाहान निवासी सभासद आकिब अंसारी के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में डॉ नीरज चौधरी पहुंचे। उनके समर्थकों ने डॉक्टर नीरज चौधरी जिंदाबाद व आकिब भाई जिंदाबाद के नारे लगाए। इस दौरान युवाओं ने उस नारेबाजी सहित कार्यक्रम की वीडियो बनाई।

भाजपा आईटी सेल पर आरोप
डॉक्टर नीरज चौधरी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि उस वीडियो को भाजपा का आईटी सेल गलत तरीके से वायरल कर रहा है। भाजपा आईटी सेल के लोग सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं कि उक्त वीडियो में आकिब भाई जिंदाबाद की जगह पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाया जा है। डॉक्टर नीरज चौधरी ने कहा कि भाजपा अपनी हार की बौखलाहट में यह सब कर रही है। जब वह किसी गांव में जाते हैं तो उनके पीछे पुलिस की गाड़ियां लगा दी जाती है। उनके खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन के भी दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

भाजपा नेता कर रहे उत्पीड़न- भाजपा नेता गठबंधन प्रत्याशी का उत्पीड़न कर रहे हैं। वह हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई आपसी भाईचारे पर चुनाव लड़ रहे हैं। उनका मुद्दा भाईचारा कायम रखना है, जबकि दूसरे दल हिंदू मुस्लिम की राजनीति करते हैं। उन्होंने पूरे जिले का माहौल खराब कर रखा है, लेकिन वह बिजनौर में भाईचारा कायम करके ही दम लेंगे। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन एकतरफा कार्यवाही कर रहा है, इसीलिए वीडियो की बिना जांच किए उनके व उनके समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया। इस प्रकरण में डॉक्टर नीरज चौधरी ने मामले की शिकायत ऑब्जर्वर व डीएम से की है।

BJP पर मेहरबान प्रशासन- डॉक्टर नीरज चौधरी ने यह भी कहा कि भाजपा नेता की वीडियो वायरल हो रही है, जिसमें वह हमारे मुस्लिम भाइयों से कुरान पर हाथ रखकर कसम खाने की बात करते हुए उन्हें प्रलोभन दे रहे हैं; जो सीधा सीधा आचार संहिता का उल्लंघन है, लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। पुलिस प्रशासन एकतरफा गठबंधन प्रत्याशी के खिलाफ लगातार कार्यवाही कर रहा है, जिससे लोगों में रोष है।

आयोजक ने दी तहरीर- उधर बीती रात हुए कार्यक्रम के आयोजक सभासद आकिब अंसारी ने थाना कोतवाली शहर में तहरीर देकर शहर की फिजा बिगाड़ने की कोशिश करने वाले व वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

सोशल मीडिया भी है पुलिस की निगहबानी में: एसपी सिटी

विधानसभा चुनाव को लेकर मौजूदा हालात का जायजा लेने नजीबाबाद पहुंचे एसपी सिटी डाॅ. प्रवीन रंजन सिंह। अर्द्धसैनिक बलों के ठहरने वाले स्थानों का भ्रमण कर सम्बंधित अधिकारियों को दिये आवश्यक दिशा निर्देश। सोशल मीडिया पर भी है पुलिस की पैनी नजर। शान्ति भंग होने के साथ चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने वाली कोई न करे कोई पोस्ट।

बिजनौर। एसपी सिटी डाॅ. प्रवीन रंजन सिंह ने नजीबाबाद पहुँच कर अर्द्धसैनिक बलों के ठहरने वाले स्थानों का भ्रमण कर सम्बंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। साथ ही थाना नजीबाबाद क्षेत्रान्तर्गत उत्तराखण्ड बार्डर पर संदिग्ध वाहन चैकिग अभियान भी चलाया।

एसपी सिटी डाॅ. प्रवीन रंजन सिंह ने मंगलवार को भारी पुलिस फोर्स के साथ नजीबाबाद व कस्बा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में आगामी विधान सभा चुनाव 2022 को सकुशल शांति पूर्ण, निष्पक्ष व क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रखने के मद्देनजर पैदल मार्च निकाला। उन्होंने नजीबाबाद क्षेत्रान्तर्गत अर्द्धसैनिक बलों के ठहरने वाले स्थानों का भ्रमण कर सम्बंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। इसी के साथ
विधानसभा निर्वाचन – 2022 के दृष्टिगत थाना नजीबाबाद क्षेत्रान्तर्गत उत्तराखण्ड बार्डर पर संदिग्ध वाहन चेकिंग अभियान चलाया। एसपी सिटी ने क्षेत्र के लोगों से असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखने व ऐसे लोगों की सूचना पुलिस को देने के साथ साथ क्षेत्र के लोगों से शांति व्यवस्था बनाये रखने की अपील की। उन्होंने लोगों से शांति व्यवस्था कायम रखने में सहयोग करने की अपील करते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करने का आह्वान किया। साथ ही कोविड 19 के नियमों का पालन करने की अपील की।इसके अलावा पुलिस को चुनाव आचार संहिता का पालन कराने के लिए भी निर्देशित किया गया।

उन्होंने कहा कि पुलिस सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखे हुए है। कोई भी ऐसी पोस्ट न करे, जिससे शान्ति भंग होने के साथ चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन हो। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि जो चुनाव आचार सहिता का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।

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नहटौर पुलिस ने दबोचे ट्रक ड्राइवर की हत्या व लूट के 6 आरोपी

6 आरोपी गिरफ्तार, डेढ़ करोड़ की लूट में थे शामिल। घटना में प्रयुक्त दो ट्रक व एक कार भी बरामद। चंडीगढ़ पंजाब का था ट्रक चालक


बिजनौर। थाना नहटौर क्षेत्र में 4 दिन पूर्व ड्राइवर की हत्या कर ट्रक लूट कर शव को झाड़ियों में फेंक कर फरार हुए छह अभियुक्तों को बिजनौर पुलिस व स्वाट टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे व निशानदेही पर लूटा गया ट्रक व नकदी के अलावा घटना में उपयोग किये गए दो ट्रक व एक कार भी बरामद किए गए हैं। यह जानकारी पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह ने प्रेस वार्ता में दी।


थाना नहटौर क्षेत्र के हल्दौर मार्ग पर गांव बेगराजपुर के पास एक अधेड़ व्यक्ति का शव 4 दिन पूर्व झाड़ियों में पड़ा मिला था। उसकी शिनाख्त की कोशिश में असफल होने पर पुलिस ने शव का फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल करते हुए शिनाख्त की अपील की थी। बताया गया कि मृतक के पुत्र ने नहटौर थाने पहुंचकर शव की शिनाख्त की। चंडीगढ़ पंजाब निवासी ट्रक चालक नारायण सिंह ट्रक लेकर चंडीगढ़ से निकला था। तभी से कुछ बदमाश उसके लूट के इरादे से पीछे लग गए। बिजनौर में योजनाबद्ध तरीके से सभी बदमाशों ने उसको शराब का सेवन करा कर हत्या कर दी और शव झाड़ियों में फेंक कर फरार हो गए। ट्रक में लाखों रुपए का माल (स्क्रैप) व 40 हजार की नकदी थी।

बिजनौर स्वाट टीम व स्थानीय पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें से दो अभियुक्त थाना अफजलगढ़ क्षेत्र के बताए जा रहे हैं, जबकि अन्य सभी अभियुक्त गैर जनपद के हैं।

एसपी डॉ धर्मवीर सिंह ने प्रेस वार्ता में घटना का खुलासा करते हुए बताया कि 4 दिन पूर्व थाना नहटौर क्षेत्र के अंतर्गत हुई ड्राइवर की हत्या और लूट के आरोपी अभियुक्तों गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। अभियुक्तों के कब्जे से से लूट का माल, नगदी व घटना में उपयोग किये गए दो ट्रक व एक कार बरामद किए गए हैं।

पुलिस की मौजूदगी में हुआ था पथराव, न्याय दिलाने को भाकियू देगी धरना

पुलिस की मौजूदगी में हुआ था पूंडरी कला में पथराव, शिकायत के बावजूद पुलिस ने नहीं की कार्रवाई। भाकियू नेता चौधरी दिगंबर सिंह ने जताया रोष। न्याय दिलाने को देंगे धरना।

बिजनौर। दो दिन पूर्व ग्राम पूंडरी कला में नींव की दीवार गिराने के मामले में नांगल सोती पुलिस शिकायत के बावजूद कार्रवाई करने से बच रही है। आरोप है कि दोनों पक्षों के बीच पथराव के दौरान मौके पर पुलिस मौजूद थी। इस मामले में पीड़ित पक्ष को उसकी जमीन पर काबिज कराने तथा आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही कराए जाने के लिए भाकियू ने हुंकार भरी है।

गौरतलब है कि 2 दिन पूर्व ग्राम पूंडरी कला में सुरेश राठी पक्ष की कूड़ी (जमीन का हिस्सा) के कब्जे को हटाकर नींव बनवाई गई। आरोप है कि नांगल पुलिस और प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में दूसरे पक्ष ने पथराव करने के साथ ही लाठी-डंडों से हमला कर बनाई गई नीव की दीवार को गिरा दिया था। इस संघर्ष में सुरेश पक्ष के चार लोग घायल भी हो गए थे। नांगल थाना पुलिस ने सुरेश राठी की तहरीर पर कोई कार्यवाही करना जरूरी नहीं समझा। इस पर भारतीय किसान यूनियन के मुरादाबाद मंडल अध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह ने कड़ा रोष व्यक्त किया है। चौधरी दिगंबर सिंह, सुरेश राठी के साथ एसडीएम नजीबाबाद से मिलने की बात कह रहे हैं। दिगंबर सिंह के मुताबिक प्रशासन ने उक्त मामले में चुनाव होने तक का समय मांगा है। अगर 14 फरवरी तक मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही तथा किसान सुरेश राठी को जमीन पर काबिज नहीं कराया गया तो वह किसानों के साथ धरने पर बैठेंगे। वहीं शिकायत किए जाने के बावजूद नांगल थाना प्रभारी रविंद्र कुमार किसी भी पक्ष द्वारा तहरीर न मिलने की बात कहते हुए कार्रवाई न किए जाने की बात कह रहे हैं।

बसपा प्रत्याशी समेत तीन के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा दर्ज

बसपा प्रत्याशी समेत तीन के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा दर्ज

बिजनौर। नगीना विधानसभा क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी के विरुद्ध आदर्श चुनाव संहिता व कोविड 19 महामारी के नियमों का उल्लंघन करने के मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है।
एसआई अजय कुमार की ओर से नगीना थाने में लिखाई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि बहुजन समाज पार्टी के नगीना विधानसभा के प्रत्याशी इंजी. बृजपाल सिंह व उनके साथियों ने चुनाव आयोग की गाईड लाईन के विरुद्ध मोहल्ला मनीहारी सराय में चुनावी जनसभा आयोजित कर आदर्श चुनाव संहिता का उलंधन करने के साथ महामारी कोविड़ 19 के नियमों का उल्लंघन किया है। प्रभारी कृष्ण मुरारी दोहरे ने बताया कि एसआई की रिपोर्ट पर बसपा प्रत्याशी व उनके 2 अज्ञात साथियों के विरुद्ध धारा 171 एच व धारा 188, 269, 270 सहित महामारी अधिनियम की धारा 3/4 में मामला दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है।

चुनाव के मद्देनजर बीएसएफ जवानों का फ्लैग मार्च

बिजनौर। आगामी विधानसभा निर्वाचन 2022 चुनाव के मद्देनजर नजीबाबाद नगर में बीएसएफ व पुलिस बल के साथ थानाध्य्क्ष व एसएसआई राजीव चौधरी के नेतृत्व में फ्लैग मार्च निकाला गया।

आगामी चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए नगर में फ्लैग मार्च निकाला गया। फ्लैग मार्च सराय चौकी से शुरू होकर नगर के मुख्य चौराहों से होते हुए विभिन्न क्षेत्रों में होकर वापस स्टेशन स्थित सराय चौकी पहुंचा। चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन हर तैयारी के साथ पूरी तरह तैयार है। नगर के मोहल्ले कूचे-कूचे में बीएसएफ जवानों के साथ रिमझिम बारिश में अपराधियो के मन मे भय पैदा करने व चुनाव में किसी प्रकार की गड़बड़ी करने वालों को पुलिस ने हिदायत दी और कहा कि सभी अपने मत का इस्तेमाल करे और चुनाव को शांतिपूर्ण सम्पन्न कराने में प्रशासन का सहयोग करें। फ्लैग मार्च में थाना अध्य्क्ष, एसएसआई राजीव चौधरी, पुलिस बल व बीएसएफ जवान भारी संख्या में मौजूद रहे।

नेताजी की जयंती पर फायरिंग लाठीचार्ज

नई दिल्ली (एजेंसी)। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर, पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। फायरिंग हुई और पथराव भी। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। तनाव को देखते हुए इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। 

दोनों समूहों के सदस्यों के बीच उस समय झगड़ा शुरू हुआ, जब भाजपा कार्यकर्ता नेताजी की जयंती मनाने के लिए लोगों को मास्क और सैनिटाइजर बांट रहे थे। बताया गया है कि इसी दौरान बाद पार्टी नेता अर्जुन सिंह मानिकपुर क्षेत्र के भाटपारा पहुंचे और उन पर कथित तौर पर टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा हमला किया गया। पश्चिम बंगाल के भाटपारा में नेताजी को श्रद्धांजलि देते वक्त हालात इतने बिगड़े कि बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह के सुरक्षाकर्मियों को हवाई फायर करनी पड़ी।

इसके अलावा, भाजपा नेता की कार में भी तोड़फोड़ की गई। इसे ट्विटर पर शेयर करते हुए पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता ने कहा कि टीएमसी भाजपा को अलग-थलग करने के लिए ‘गंदी चाल’ खेल रही है ताकि लोग उनकी ‘गुंडागिरी’ से डरें।

नहटौर में बीएसफ व पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च

बिजनौर। आगामी विधान सभा चुनाव के मद्देनजर शहर इंचार्ज बब्लू सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल व बीएसएफ के जवानों ने नहटौर नगर में पैदल फ्लैग मार्च निकाला। इस दौरान लोगों से विधानसभा चुनाव में शांति व्यवस्था कायम रखने की अपील की गई।
शहर इंचार्ज बब्लू सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल व बीएसएफ के जवानों ने थाना प्रांगण से फ्लैग मार्च शुरू किया। फ्लैग मार्च एजेंसी चोराहा, नहटौर धामपुर मार्ग, जोशियान, अफगानान, कपड़ा बाजार, नेजो सराय, पोगजान, मीरा सराय, मुख्य बाजार आदि में पैदल फ्लैग मार्च निकाला गया। शहर इंचार्ज बब्लू सिंह ने लोगों से शांति व्यवस्था कायम रखने में सहयोग करने की अपील करते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करने का आह्वान किया।साथ ही कोविड 19 के नियमों का पालन करने की अपील की गई। पुलिस को चुनाव आचार संहिता का पालन कराने के लिए भी निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखे हुई है। कोई भी ऐसी पोस्ट न करे, जिससे शान्ति भंग होने के साथ चुनाव आचार सहिता का उल्लंघन हो। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि जो चुनाव आचार सहिता का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। उन्होंने शान्ति व्यवस्था कायम रखने के लिए लोगों से पुलिस का सहयोग करने की अपील भी की।

परिंदे मार न सकेंगे पर.., adg हैं अलर्ट

परिंदे मार न सकेंगे पर.., adg हैं अलर्ट बिजनौर। आगामी विधानसभा चुनाव – 2022 के दृष्टिगत अपर पुलिस महानिदेशक बरेली जोन, बरेली राजकुमार ने कलक्ट्रेट परिसर में नामांकन स्थल का भ्रमण /निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस ऑफिस का भ्रमण/निरीक्षण कर दस्तावेजों का रखरखाव, कार्यालय की साफ-सफाई आदि के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।

उन्होंने नामांकन स्थल पर ड्यूटी पर लगे पुलिस बल को ब्रीफ कर कोविड–19 की गाइडलाईन का शत -प्रतिशत अनुपालन करने/कराने व निर्वाचन आयोग द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशों का कडाई से पालन कराने हेतु निर्देशित किया। इस दौरान जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक एवं अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे। इसके बाद रिजर्व पुलिस लाईन सभागार में उन्होंने जनपद के मीडिया बंधुओं के साथ प्रेसवार्ता भी की।

इससे पहले रिजर्व पुलिस लाइन स्थित निर्माणाधीन डिस्ट्रिक्ट ट्रेनिंग यूनिट भवन व पुलिस लाइन ग्राउन्ड का निरीक्षण किया गया। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।

BJP में ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रही हैं मुस्लिम महिलाएं: निदा खान

मौलाना तौकीर रजा खान को भी निदा खान ने लिया आड़े हाथ। सपा सरकार के दौरान फर्जी मुकदमे लिखाने की हुई कोशिश।

बरेली। कभी आला हजरत खानदान की बहू रहीं निदा खान एक बार फिर सुर्खियों में हैं। मीडिया में उनके भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं चलने लगीं लेकिन उन्होनें इसे कोरी अफवाह बताते हुए खबर का खंडन किया। इसके बावजूद कई टीवी चैनलों को दिए अपने बयानों में वह भाजपा का समर्थन करती नजर आईं। निदा खान ने कांग्रेस को समर्थन देने वाले आईएमसी प्रमुख और खानदान-ए-आला हजरत के मौलाना तौकीर रजा खान को भी आड़े हाथों लिया।

मौलाना तौकीर रजा के बयान पर उन्होंने कहा कि वह तो कुछ भी कह सकते हैं। निदा ने कहा कि आज मौलाना तौकीर प्रियंका गांधी के साथ लड़की हूं, लड़ सकती हूं का नारा लगा रहे हैं। यह वही लोग हैं, जो लड़कियों का उत्पीड़न करते हैं। अगर कभी उन्होंने महिलाओं का साथ दिया होता तो महिलाएं उनके साथ खड़ी होतीं। आज हम जहां खड़े हैं, वो भाजपा की ही देन है। सपा की सरकार के दौरान हमारे ऊपर फर्जी मुकदमे लिखाने की कोशिश हुई; लेकिन भाजपा सरकार के आने के बाद यह सब बंद हुआ। लिहाजा अब मौलाना कांग्रेस के साथ आ गए क्योंकि वह चाहते हैं कि कैसे भी करके भाजपा सरकार को हटाया जाए। उन्होंने कहा कि जब मेरा तीन तलाक का मामला चल रहा था, तब मेरे खिलाफ फतवे दिए गए। समाज से मेरा बहिष्कार तक किया गया। भाजपा में महिलाओं को सम्मान मिलता है ।

तीन तलाक का जो कानून बना था। उसका लोगों ने विरोध किया लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि काफी लोगों का घर टूटने से बच गया। सपा सरकार के दौरान मुझे धमकियां दी गईं; लेकिन भाजपा सरकार से काफी संख्या में मुस्लिम महिलाएं प्रेरित हैं। इस सरकार में मुस्लिम महिलाएं ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रही हैं। हालांकि उन्होंने भाजपा में जाने की बात से इंकार कर दिया।

भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ मुकदमा दर्ज

बिजनौर। नूरपुर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी सीपी सिंह को टिकट मिलने के बाद मिठाई बांटने पर चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार उप निरीक्षक विपिन कुमार हमराह पुलिसकर्मियों के साथ कस्बे में विधानसभा चुनाव आचार संहिता के अनुपालन में थे। इस दौरान वायरल हुई एक वीडियो से पता चला कि भाजपा प्रत्याशी सीपी सिंह की एक सभा में उनके समर्थक कोविड-19 के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं तथा प्रलोभन स्वरूप उपस्थित लोगों को मिठाई वितरण कर आचार संहिता का उलंघन किया जा रहा है। इस संबंध में हमराही कर्मी सुरेश चंद की ओर से सीपी सिंह व कुछ अज्ञात के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

असामाजिक और गुंडा तत्वों को दी जा रही सख्त चेतावनी

एरिया डोमिनेशन के अंतर्गत चांदपुर क्षेत्र में आगामी सामान्य निर्वाचन विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर पुलिस और बीएसएफ के जवानों ने पैदल मार्च निकाला। चांदपुर के संवेदनशील क्षेत्रों में भी की जाएगी एरिया डोमिनेशन की कार्यवाही। असामाजिक तत्व और गुंडा तत्व को दी जा रही है सख्त चेतावनी। जनता फ्रीफेयर होकर मतदान करें पुलिस चुनाव की कार्यवाही में लगी हुई है-अपर पुलिस अधीक्षक राम अर्ज।

बिजनौर। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पुलिस और बीएसएफ के जवानों ने एरिया डोमिनेशन के अंतर्गत चांदपुर क्षेत्र में पैदल मार्च निकाला।

चुनाव आचार संहिता लगते ही पुलिस फोर्स अलर्ट हो गई है। पुलिस और बीएसएफ के जवान पैदल मार्च निकालकर लोगों को भय मुक्त कर रहे हैं तथा जनता को बता रहे हैं कि आने वाले चुनाव को लेकर शांति से आप लोग मतदान करें। बिजनौर पुलिस ने चुनावी तैयारियों को पूरा कर लिया है। जनता आने वाले विधानसभा चुनाव में 14 फरवरी को भयमुक्त और निष्पक्ष होकर बढ़-चढ़कर चुनाव करें।

चांदपुर और क्षेत्र में पुलिस ने एरिया डोमिनेशन के अंतर्गत पैदल मार्च की कार्यवाही कर रही है तथा अति संवेदनशील क्षेत्र में जाकर भी एरिया डोमिनेशन की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने पैदल मार्च के दौरान गुंडा तत्वों और असामाजिक तत्व को चुनाव के दौरान गुस्ताखी ना करने की सख्त चेतावनी दी। पैदल मार्च में अपर पुलिस अधीक्षक राम अर्ज, कोतवाल मनोज कुमार, क्राइम इंस्पेक्टर अता मोहम्मद सहित पुलिस फोर्स और बीएसएफ के जवान मौजूद रहे।

एसपी ग्रामीण राम अर्ज ने बताया कि जनपद में सामान्य निर्वाचन विधानसभा चुनाव 2022 संपन्न होना है। उसी को लेकर पुलिस तैयारियों में लगी हुई है। इस के तहत पुलिस फोर्स और बीएसएफ के जवानों के साथ एरिया डोमिनेशन के अंतर्गत चांदपुर कस्बे में पैदल मार्च किया गया। चांदपुर क्षेत्र में और जगह भी पैदल मार्च किया जायेगा। अति संवेदनशील इलाकों का भी भ्रमण किया जाएगा। सामान्य निर्वाचन आगामी विधानसभा चनाव 14 तारीख को जनपद में मतदान होना है, जनता उसमें फ्री फेयर होकर मतदान करे। इसके लिए हम सारी तैयारियां कर रहे हैं। चुनाव के संबंध में जो भी कार्यवाही की जानी है, वह हम कर रहे हैं ताकि 14 तारीख का सामान्य निर्वाचन चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न हो।

रामअर्ज एएसपी

क्षेत्र में और जगह भी एरिया डोमिनेशन के अंतर्गत पैदल मार्च किया जाएगा, जो भी असामाजिक तत्व हैं, गुंडा तत्व हैं, उनको संदेश दिया जा रहा है कि किसी तरह की भी गुस्ताखी करने का प्रयास ना करें। गुस्ताखी करने पर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी। सरकार द्वारा कोविड-19 की गाइडलाइन जारी की गई है, उसका सभी लोग कड़ाई से पालन करें क्योंकि संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। फोर्स के लोग भी बूस्टर वैक्सीन लगवा रहे हैं। सभी लोगों से अपील है कि 2 गज की दूरी व मास्क का कड़ाई से पालन करें। सभी लोगों से अपील है कि सामान्य निर्वाचन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और निष्पक्ष और फ्रीफेयर होकर मतदान करें पुलिस उनकी सेवा में लगी हुई है।

अवैध शराब सहित माफिया को चांदपुर पुलिस ने किया गिरफ्तार

चांदपुर पुलिस ने अवैध शराब सहित माफिया को किया गिरफ्तार, बरामद 2300 लीटर लाहन को पुलिस ने किया नष्ट

बिजनौर (इमरान अंसारी)। चांदपुर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर खेत में अवैध रूप से कच्ची शराब बनाकर बेच रहे एक शराब माफिया को मौके से गिरफ्तार किया है। लगभग 50 लीटर अवैध कच्ची शराब, ₹910 नगद के अलावा शराब बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस ने 2300 लीटर बरामद लाहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया।

चांदपुर पुलिस को उस समय बड़ी कामयाबी मिली जब मुखबिर की सूचना पर कच्ची शराब बनाकर बेचते हुए एक शराब माफिया को लगभग 50 लीटर शराब तथा मय उपकरण के गिरफ्तार कर लिया। स्थानीय पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम बसंतपुर के पास खेत में अवैध रूप से कच्ची शराब बनाने के स्थान पर छापा मारा। पुलिस को करीब 40 लीटर कच्ची शराब, एक जरीकेन में 5 लीटर तथा सफेद थैले में प्लास्टिक की पन्नी के पाउच लगभग 5 लीटर व 910 रुपए नकद तथा शराब बनाने के उपकरण बरामद हुए।

उप निरीक्षक रविंद्र कुमार ने बताया कि ग्राम बसंतपुर निवासी हरिओम पुत्र सीताराम को गिरफ्तार किया गया है। मौके से करीब 23 सौ लीटर शराब बनाने में काम आने वाला लाहन भी बरामद हुआ। जिसे नष्ट कर दिया गया। आरोपी को धारा 60 के तहत गिरफ्तार कर उसका चालान कर दिया गया है।

BSF के साथ पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च

झालू (बिजनौर)। विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत पुलिस व सीमा सुरक्षा बल ने संयुक्त रूप से झालू व निकटवर्ती ग्रामों में फ्लैग मार्च निकाला।
अपर पुलिस अधीक्षक प्रवीण रंजन सिंह के नेतृत्व में पुलिस क्षेत्राधिकारी कुलदीप गुप्ता, हल्दौर कोतवाल उदय प्रताप सिंह, झालू चौकी प्रभारी हरीश कुमार व विनोद कुमार के अलावा भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कमांडर राकेश कुमार ने अपनी कंपनी व भारी पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च निकाला। झालू चौकी से प्रारंभ करते हुए मोहल्ला रामलीला, महाजनान, मेन बाजार, छतरी वाला कुआं, सादात, नसिरीयान होते हुए फ्लैग मार्च निकाला गया।

इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक प्रवीण रंजन सिंह ने कहा कि आगामी 2022 विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत थाना क्षेत्र के ग्राम खारी, धर्मपुरा, रसूलपुर आबाद, चिडिया खेड़ा, कान्हा नंगला, रुकनपुर, नांगल जट, इनामपुरा, कस्बा हल्दौर, बल्दीया, बिसाठ, शेरपुर, कल्याण, अमहेडा, धनोरी, पावटी, ताहरपुर, करनपुर गावड़ी, फजलपुर ढाकी, गाजीपुर, उमरीबड़ी, खासपुर, बमनोला, अथाई जमरुद्दीन, सोत खेरी, भानीपुर, महमदाबाद में पुलिस व बीएसएफ द्वारा आमजन की सुरक्षा व विश्वास कायम रखने तथा शरारती तत्व, उपद्रव मचाने वालों में भय पैदा करने के उद्देश्य से फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है।

फ्लैग मार्च में सिपाही नरेश पूनिया, अनुज पवार, गुलाब सिंह, रोहित त्यागी, प्रमोद कुमार, सुनील मलिक, शोएब अहमद आदि समेत भारी पुलिस बल मौजूद रहा।

विधान सभा चुनाव की रणनीति में जुटे एसपी सिटी


पुलिस अधिकारियों की बैठक में एसपी सिटी डॉ, प्रवीन रंजन ने दिए आवश्यक दिशा निर्देश


बिजनौर। विधानसभा चुनावों के मद्देनजर एसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन ने पुलिस लाइन में सैक्टर पुलिस अधिकारियों की बैठक ली और उन्हें चुनाव से सम्बंधित आवश्यक दिशा – निर्देश दिये। बैठक में एसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन ने सैक्टर प्रभारियों को हिदायत दी कि वे अपने-अपने सैक्टरों में मतदान केंद्रों का पहले से भ्रमण कर लें और अपने चौकी, हलका व थाना प्रभारियों के फोन नम्बर चस्पां करा दें । मतदान केंद्रों पर लोगों की बैठक लेकर उन्हें एमसीसी के बारे में बतायें और सख्ती से उसके अनुपालन की हिदायत दे दें। जिन मतदान केंद्रों पर चार बूथ या उससे अधिक हों और वहां चारदीवारी न हो, ऐसी स्थिति में राजस्व विभाग के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर बैरिकेडिंग करा दें। मतदान केंद्र के अंदर असामाजिक तत्वों, ट्रबुल मैकर की पहचान कर उन्हें लाल कार्ड दे दें और प्राप्ति के हस्ताक्षर करा लें। मतदान केंद्रों के आसपास के पांच – पांच व्यक्तियों को पीला कार्ड दे दें और उनके मोबाइल नम्बर नोट कर उन्हें हिदायत दें कि मतदान वाले दिन वे अपना मोबाइल फोन खुला रखें, कोई समस्या हो तो पुलिस अधिकारियों को तुरंत अवगत करायें । कुछ भले लोगों को अपने विवेक से हरे कार्ड भी उपलब्ध करायें। इन कार्डों पर पुलिस अधिकारियों के नम्बर अंकित हैं। मतदान केंद्रों पर पर्ची का बस्ता लगाने वाले राजनीतिक दलों के लोगों की पहले से जानकारी कर लें और उन्हें ब्रीफ कर दें। उनके लिये स्थान चिन्हित कर उन्हें बता दें। मतदान के 48 घंटे पूर्व से किसी भी दशा में शराब या अन्य कोई सामग्री वितरित न होने पाये, इसके लिये सैक्टर प्रभारी पहले से पुख्ता जाल बिछा दें। मतदान की पूर्व संध्या पर मतदान केंद्रों पर मतदान पार्टियों एवं पुलिस बल को चैक कर अपने थाना प्रभारी कंट्रोल रूम, चुनाव कार्यालय को रिपोर्ट करें कोई समस्या हो तो अधिकारियों को अवगत करायें । मतदान केंद्रों पर जिन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगे उन्हें तमाम बारीकियां पहले से समझा दी जायें। एएसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन ने जोर देकर कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। कोई भी पुलिसकर्मी चुनावों के दौरान अनावश्यक रूप से किसी का विरोध या फेवर किसी भी हालत में न करे। यदि शिकायत मिली तो ऐसे पुलिसकर्मी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी। चुनावों के दौरान न किसी का विरोध करने न फेवर।

परिंदा तक न मार सकेगा पर; प्रशासन मुस्तैद


चुनाव के मद्देनजर यूपी-उत्तराखंड के अधिकारियों की बैठक
जनपद की सीमाओं पर सतर्कता बरतने के निर्देश


बिजनौर। डीएम उमेश मिश्रा ने बिजनौर एवं उत्तराखंड के सीमावर्ती जिलों पुलिस एवं आबकारी अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2022 के दृष्टिगत जिला बिजनौर से मिलने वाली सीमाओं पर विशेष सर्तकता एवं सजगता की आवश्यता है। इसके लिए दोनों राज्य विशेष रूप से बिजनौर के सीमावर्ती जिलों के पुलिस एवं आबकारी अधिकारियों को आपसी
समन्वय के साथ कार्य करने की आवश्यकता है ताकि असामाजिक एवं अपराधिक तत्व चुनाव के दौरान शराब, अवैध धन तथा किसी भी प्रकार की सामग्री की तस्करी न
करने पाएं जो निर्वाचन प्रक्रिया अथवा मतदाताओं को कुप्रभावित कर सके। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों के विरूद्व संयुक्त रूप से विषेश सर्चिंग अभियान चलाया जाए और गश्त की प्रक्रिया में भी वृद्धि की जाए।

डीएम उमेश मिश्रा बरकातपुर चीनी मिल के प्रांगण में आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2022 के दृष्टिगत जिला बिजनौर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्य के सीमावर्ती जिले के प्रशासनिक, पुलिस एवं आबकारी अधिकारियों के साथ आयोजित समन्वय बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दे रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि विधानसभा चुनाव-2022 के दृष्टिगत जिला बिजनौर के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उत्तराखण्ड के सीमावर्ती थानों के सीयूजी नंबर, सीमावर्ती मार्गों, सीमावर्ती नदी एंवं वन क्षेत्रों के नक्शों के साथ-साथ वांछित वारंटी एवं कोविड-19 के दौरान अंतरिम जमानत पर रिहा अभियुक्तों, इनामी, पंजीकृत गैंग एवं संपत्ति संबंधी अपराधों में संलिप्त रहे अभियुक्तों की सूची भी प्राप्त कर लें ताकि सीमा पर संदिग्ध असामाजिक/अवांछित व्यक्तियों के आवागमन पर नियंत्रण स्थापित हो सके तथा अवैध शराब एवं मादक पदार्थों, अवैध हथियारों, तथा अवैध धन की तस्करी पर नियंत्रण रखना सम्भव हो सके। उन्होंनेे निर्देशित किया कि विधानसभा निर्वाचन को लेकर अंतर्राज्यीय सीमावर्ती जिलों में आवागमन के मार्गों पर नियमित दृष्टि रखी जाए और संयुक्त रूप से गश्त एवं सजगता के लिए कार्यक्रम का निर्धारण किया जाए ताकि उसके अनुसार कार्यों का संचालन किया जा सके। उन्होंने थाना पुलिस व अभिसूचना इकाई को सक्रिय कर सीमावर्ती अवैध शराब, मादक पदार्थ की तस्करी करने वालों पर नजर रखने के भी निर्देश दिए। इस मौके पर बिजनौर एवं उत्तराखंड के हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, उधम सिंह
नगर के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने अपने मुद्दों को रखते हुए आपस में समन्वय बातचीत बैठक करने का आश्वासन देते हुए सहमति प्रकट की ताकि चुनाव
को पारदर्शिता के साथ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर डा.
प्रवीण रंजन, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रामाअर्ज, पूर्वी ओमवीर, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, कोटद्वार के पुलिस एवं आबकारी अधिकारी सहित जिले के सभी उप जिलाधिकारी, उपाधीक्षक पुलिस एवं सीमावर्ती जिलों के थानाध्यक्ष मौजूद थे।

गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई होते ही संपत्ति हो सकेगी जब्त

नई नियमावली में धारा 376डी सामूहिक दुष्कर्म, 302 हत्या, 395 लूट, 396 डकैती और 397 हत्या कर लूट जैसे अपराधों में गैंगस्टर लगाया जा सकता है। साथ ही अब अगर कोई नाबालिग भी गंभीर धाराओं में अपराध करता है तो उस पर डीएम की अनुमति से गैंगस्टर की कार्रवाई की जा सकेगी। पहले नाबालिग इस तरह की कार्रवाई से बच जाते थे।

लखनऊ। अब गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई होते ही अपराधी की संपत्ति जब्त हो सकेगी। अपराधियों पर नकेल कसने के लिए शासन ने प्रदेश में पहली बार लागू हुई गैंगस्टर नियमावली-2021 में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।

गौरतलब है कि पहले जब्तीकरण की कार्रवाई वैकल्पिक थी। नई नियमावली 27 दिसंबर 2021 से प्रदेश में लागू हो चुकी है। गत सोमवार रात सभी थानाध्यक्षों को नियमावली में हुए, बदलाव की जानकारी दे दी गई है। डीएम विजय किरन आनंद का कहना है कि इससे अपराधियों में भय का माहौल बनेगा।

नई नियमावली के प्रावधानों के मुताबिक संपत्ति जब्त करने की रिपोर्ट आने पर डीएम खुद संपत्तियों की जांच कर सकते हैं या किसी विधि अधिकारी से जांच करा सकते हैं। गैंगरेप, हत्या, डकैती, हत्या कर लूट जैसे अपराधों में से किसी एक भी अपराध में मुकदमा दर्ज होते ही तत्काल संबंधित अपराधी/अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकेगी। पुरानी व्यवस्था में कितनी भी गंभीर धारा हो, गैंगस्टर की कार्रवाई करने के लिए एक से अधिक केस का होना अनिवार्य था। यही नहीं डीएम की अनुमति से इन अपराधों में शामिल नाबालिग पर भी गैंगस्टर की कार्रवाई हो सकेगी।

गैंग चार्ट में नाम नहीं, फिर भी विवेचना में जोड़ा जा सकेगा नाम

नियमावली के अनुसार यदि गैंग चार्ट में नाम नहीं है और विवेचना के दौरान यह बात सामने आती है कि किसी की संबंधित अपराध में संलिप्तता रही है या अपराधी का किसी रूप में सहयोग किया है तो डीएम की अनुमति से उसका नाम भी गैंगस्टर में जोड़कर चार्जशीट दाखिल की जा सकती है। विवेचना की समीक्षा हर तीन महीने पर डीएम करेंगे। हर छह महीने पर कमिश्नर एवं एक साल पर अपर मुख्य सचिव गृह इसकी समीक्षा करेंगे।

गलत कार्रवाई पर हट जाएगा नाम

यदि किसी पर गैंगस्टर के तहत कार्रवाई गलती से कर दी गई है तो विवेचना के दौरान डीएम उसे वापस ले सकेंगे। यदि आरोप पत्र दाखिल हो चुका है, तो राज्य सरकार से संस्तुति की जाएगी। गैंग चार्ट में जिस विषय वस्तु का उल्लेख किया जाएगा, उसके सही होने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित थाना प्रभारी की होगी।

गैंगस्टर से संबंधित नई नियमावली लागू हो गई है। स्थानीय स्तर पर पुलिस को भी बदले हुए प्रावधानों की जानकारी दे दी गई है। अब अपराधियों में भय व्याप्त होगा। वे गंभीर अपराध करने से घबराएंगे। -विजय किरन आनंद जिलाधिकारी उरई जालौन

साभार- संजय श्रीवास्तव- प्रधान सम्पादक एवं स्वत्वाधिकारी यंग भारत, अनिल शर्मा निदेशक, शिवम श्रीवास्तव- जी. एम.

हत्थे चढ़ा पुलिसकर्मी से राइफल लूट का दूसरा बदमाश

बिजनौर। पुलिसकर्मी से राइफल लूट के दूसरे बदमाश को भी दबोच लिया गया है। स्वाट, सर्विलांस व अफजलगढ़ पुलिस की कालागढ़ मार्ग पर मुठभेड़ में दरोगा की बुलेट प्रूफ जैकेट व बदमाश के बाएं पैर में गोली लगी है। घायल बदमाश को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल भर्ती कराया गया।

विदित हो कि अफजलगढ़ के भूतपुरी तिराहे पर बाइक सवार दो बदमाश; एक सिपाही व होमगार्ड से मारपीट के बाद सिपाही की इंसास रायफल लूट कर फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने बुधवार की शाम उत्तराखंड के काशीपुर में स्थानीय पुलिस की मदद से रहमान को दबोच लिया था। वहीं गुरूवार की शाम स्वाट, सर्विलांस टीम व अफजलगढ़ पुलिस को सूचना मिली कि राइफल लूट कांड का दूसरा बदमाश काशीपुर के मोहल्ला विजय नगर नई बस्ती निवासी हैदर कालागढ़ मार्ग से जा रहा है। पुलिस कालागढ़ मार्ग पर पहुंची, तो पुलिस को देखते ही बदमाश हैदर ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी। बदमाश की गोली दरोगा दिनेश शर्मा की बुलेट प्रूफ जैकेट में फंस गई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में बदमाश हैदर के बाएं पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस टीमों ने बदमाश को दबोच लिया। पुलिस ने घायल हो उपचार के लिए सरकारी अस्पताल भर्ती कराया है। उसके पास से पुलिस ने 315 बोर का एक तमंचा, दस जिंदा कारतूस, बाइक व राइफल की मैग्जीन व बीस कारतूस बरामद हुए हैं।

इस ऑपरेशन में सीओ सुनीता दहिया के अलावा कोतवाल मनोज कुमार, कमल कुमार सिंह, एसओजी प्रभारी जर्रार हुसैन, एसएसआई दिनेश कुमार शर्मा, रेहड़ थाना अध्यक्ष रविन्द्र कुमार भाटी, शेरकोट थाना अध्यक्ष मनोज कुमार, कस्बा इंचार्ज टेकराम किशोर, कांस्टेबल राजकुमार नागर आदि मौजूद रहे।

मुठभेड़ के बाद राइफल लूट के बाद दूसरे आरोपी को भी दबोच लिया है। बदमाश की गोली एक दरोगा की बुलैट प्रूप जैकेट लगी है। बदमाश को उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। -एसपी डा. धर्मवीर सिंह

5 हजार रुपए रिश्वत लेते दरोगा गिरफ्तार

लखनऊ। एंटी करप्शन विभाग की टीम ने राजधानी के बिजनौर थाना क्षेत्र के नतकुर चौकी इंचार्ज राधेश्याम यादव को 5 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी दरोगा ठगी के मामले में दर्ज एफआईआर में धाराएं बढ़ाने के नाम पर रिटायर्ड सीओ बीएल दोहरे से रिश्वत मांग रहा था। रिश्वत देने के लिए दोहरे के साथ पहुंची भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने बिजनौर चौराहे पर रंगे हाथों आरोपी दरोगा को दबोच लिया।

20 लाख की ठगी का मामला
हिन्द नगर निवासी रिटायर्ड सीओ बीएल दोहरे के मुताबिक एक साल पहले उनकी मुलाकात मलिहाबाद के चौकराना निवासी सौरभ सैनी व ऋषभ सैनी से हुई थी। जालसाजों ने उन्हें एक करोड़ रुपए देने पर मंडी परिषद का चेयरमैन बनाने की बात कही थी। झांसे में लेने के लिए बीजेपी के कई बड़े नेताओं के साथ अपनी फोटो भी दिखाई। 20 लाख रुपए रिश्वत दे भी दी, लेकिन उन्हें चेयरमैन का पद नहीं मिला। रकम वापस मांगने पर आरोपित टालमटोल करने लगे। इस पर उन्होंने सरोजनी नगर थाने में सौरभ सैनी समेत सात लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई थी। यह मुकदमा नव सृजित थाना बिजनौर में स्थानांतरित हो गया। इसकी विवेचना दरोगा राधेश्याम यादव कर रहे थे। आरोप है कि दरोगा बिना रिश्वत के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करना चाह रहे थे। कुछ भी कहने पर वह रिश्वत की मांग कर रहे थे।


टीम ने पकड़ा रंगे हाथ- गुरुवार की दोपहर बीएल दोहरे करीब साढ़े तीन बजे सरोजनी नगर के बिजनौर चौराहे पर पहुंचे। वहां मिठाई की एक दुकान पर उन्होंने दरोगा राधेश्याम यादव को पांच हजार रुपए घूस दी। रकम लेकर जेब में रखते ही एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर लक्ष्मी नारायण यादव व उनकी टीम ने दरोगा राधेश्याम यादव को धर दबोचा तो राधेश्याम टीम के पुलिसकर्मियों से धक्कामुक्की करने लगा, लेकिन किसी तरह उसे काबू कर लिया गया। इसके बाद दरोगा को पीजीआई थाने ले जाया गया। पीजीआई इंस्पेक्टर धर्मपाल सिंह ने बताया कि घूस लेते पकड़े गए बिजनौर थाने के दरोगा राधेश्याम यादव निवासी ग्राम व पोस्ट डुमरी, थाना फेफना, जिला बलिया के खिलाफ एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर लक्ष्मी नारायण यादव ने तहरीर दी है। मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी दरोगा को कोर्ट में पेश किया जाएगा। रिटायर्ड डीएसपी श्री दोहरे का कहना है कि मुकदमे में कार्रवाई के लिए विवेचक राधेश्याम यादव छह महीने से दौड़ा रहे थे। वह कहते थे कि कार्रवाई कराना है तो कुछ खर्च करो…, धारा बढ़वानी है और गिरफ्तारी करानी है तो कुछ खर्च करो…। एंटी करप्शन टीम का कहना है कि आरोपी दारोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

रिश्वतखोर सिपाही को एसपी ने किया सस्पेंड

एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह

बिजनौर। किरतपुर थाना क्षेत्र में डायल 112 पर तैनात एक पुलिस कर्मी द्वारा खाकी वर्दी को दागदार करने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस कर्मी द्वारा ग्राम प्रधान के घर रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। मामले को लेकर पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने वायरल वीडियो का  संज्ञान लेते हुए आरोपी पुलिस कर्मी को सस्पेंड कर दिया।

जानकारी के अनुसार किरतपुर थाना क्षेत्र में पीआरवी-2436 (डायल 112) पर तैनात पुलिसकर्मी मंटल कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें उक्त पुलिस कर्मी गांव शाहजहांपुर रोशन में ग्राम प्रधान के घर पर कुछ पैसों की डिमांड करके रिश्वत लेते दिख रहा है। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पुलिस कर्मी द्वारा वर्दी को दागदार करने का वायरल वीडियो जब एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह के संज्ञान में आया तो उन्होंने तत्काल प्रभाव से उसे निलंबित कर दिया।

तम्बाकू न देने पर पत्नी की आंख में घुसेड़ दी जलती हुई लकड़ी, मौत

रायपुर (एजेंसी)। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक शख्स ने तंबाकू नहीं देने के कारण रसोई घर के चूल्हे में जल रही लकड़ी निकाल कर पत्नी की आंख में घुसा दी। उसकी मौत हो गई। मैनपुर पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड जेल भेज दिया है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रेश ठाकुर ने बताया कि आदिवासी ब्लॉक मैनपुर के कुल्हाड़ी घाट गांव से सूचना मिली थी कि एक महिला का शव नाली में पड़ा है। जांच में पता चला मृतका का नाम रमुला बाई (52) है और उसके पति फूलसिंह नेताम (57 वर्ष) ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। आरोपी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसने अपनी पत्नी से खाने के लिए तंबाकू मांगा था। नहीं देने पर आक्रोशित होकर रसोई के चूल्हे में जल रही लकड़ी को निकालकर हमला कर दिया। उसका का सिर फट गया। गुस्से में जलती लकड़ी को पत्नी के दाहिने आंख में घुसा दिया। रमुला बाई जान बचाने बाहर भागी और गड्ढे में जा गिरी। सिर व आंख में गंभीर चोट की वजह से महिला की मौत हो गई। 

पुलिस का कहना है कि कि आरोपी ने पहले तो महिला के सिर पर मार दिया, जिससे उसका सिर फट गया। जब इससे भी मन नहीं भरा तो उसने चूल्हे से लकड़ी निकालकर पत्नी की आंख में घुसा दी, जिससे उसकी मौत हो गई।

…जिंदा है शीना बोरा तो रायगढ़ में मिली लाश थी किसकी?

देश विदेश में चर्चित शीना बोरा हत्याकांड की मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी ने अब एक बड़ा दावा करके हड़कंप मचा दिया है। CBI निदेशक को लिखी गई एक चिट्ठी में इंद्राणी मुखर्जी ने दावा किया है कि उनकी बेटी शीना बोरा जिंदा है और कश्मीर में रह रही है।

मुंबई। अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या के आरोप में जेल मे बंद पूर्व मीडिया कार्यकारी इंद्राणी मुखर्जी ने सीबीआई को एक पत्र लिखकर सनसनीखेज दावा किया है। इंद्राणी मुखर्जी ने सीबीआई के निदेशक को लिखे पत्र में दावा किया है कि शीना बोरा अभी जिंदा है और वह कश्मीर में है। मुखर्जी ने लिखा है कि वह हाल ही में जेल में एक महिला से मिली थीं, जिसने कहा था कि कश्मीर में उसकी मुलाकात शीना बोरा से हुई थी। मुखर्जी ने कहा कि सीबीआई कश्मीर में शीना बोरा की तलाश करे। अगर इंद्राणी की बात सच मान ली जाए तो सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि रायगढ़ के जंगल से मिली लाश के अवशेष शीना के नहीं थे, तो वो लाश किसकी थी?

24 अप्रैल, 2012 को 24 साल की अपनी बेटी शीना की हत्या करने के आरोप में मुखर्जी का ट्रायल चल रहा है। उन्हें खार पुलिस ने 25 अगस्त 2015 को गिरफ्तार किया था और वह सितंबर 2015 से बायकुला जेल में बंद है। उनके पूर्व पति पीटर मुखर्जी और संजीव खन्ना इस मामले में सह-आरोपी हैं। पीटर को पिछले साल जमानत मिली थी।

इंद्राणी की वकील ने पुष्टि की है कि मुखर्जी ने बायकुला महिला जेल से सीबीआई को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि वह 28 दिसंबर को निचली अदालत के समक्ष एक याचिका दायर करेंगी। मुखर्जी को कोविड-19 प्रतिबंधों के कारण सुनवाई के लिए शारीरिक तौर पर पेश नहीं किया गया था। मुखर्जी ने अपने पत्र में, दावा किया है कि जेल की एक कैदी ने बताया कि उसने शीना को कश्मीर में देखा था।

हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी इंद्राणी की जमानत की याचिका

पिछले महीने, इंद्राणी की जमानत याचिका बॉम्बे हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी। बताया जा रहा है कि इंद्राणी अब जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती हैं। शीना बोरा हत्याकांड का खुलासा तब हुआ जब इंद्राणी का ड्राइवर श्यामवर राय बंदूक के साथ गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान उसने बताया था कि वह दूसरे मामले में शामिल था और उसने कथित तौर पर एक मर्डर देखा था। श्यामवर राय ने मुंबई पुलिस को बताया था कि इंद्राणी मुखर्जी ने 2012 में एक कार में शीना बोरा का गला घोंट दिया था, जिसे वह अपनी बहन बताती थी।

छात्राओं को अश्लील मैसेज भेजने वाले गुरु जी पहुंचे हवालात

बिजनौर। अपनी ही छात्रा को विल यू मैरी मी कहने वाला वीरा इंजीनियरिंग कॉलेज का शिक्षक हवालात पहुंच गया है। मंगलवार शाम को पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ केस दर्ज करने के साथ ही देर रात गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले पीड़ित छात्रा की शिकायत के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज में पहुंच कर हंगामा किया। कॉलेज प्रबंधन ने तुरंत ही आरोपी शिक्षक अरशद को बर्खास्त कर दिया।

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बताया गया है कि वीरा इंजीनियरिंग कॉलेज की एक छात्रा ने इंग्लिश पढ़ाने वाले शिक्षक अरशद से व्हाट्सएप पर पढ़ाई से संबंधित कुछ जानकारी मांगी थी। इस पर शिक्षक ने पहले छात्रा को दोस्ती करने का मैसेज भेजा। इसके बाद शिक्षक ने छात्रा को संदेश भेजा ‘तुम्हारा BF बन सकता हूं, विल यू मैरी मी’? इस पर छात्रा ने विरोध जताते हुए कॉलेज में शिक्षक की शिकायत की तो पता चला कि उसने कुछ अन्य छात्राओं को भी इस तरह का मैसेज भेजा है। छात्राओं की शिकायत पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज में प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह पूरा प्रकरण सोशल मीडिया पर छा गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ खुद ही केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। दरअसल, छात्राओं के परिजनों ने इस मामले में कोई तहरीर नहीं दी थी।

ये हुई पुलिस कार्रवाई

पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 13.12.2021 को थाना कोतवाली शहर क्षेत्रान्तर्गत वीरा इन्जिनियरिंग कॉलेज के शिक्षक अरशद फरीदी (41 वर्ष) पुत्र इफ्तेहार अहमद निवासी मोहल्ला चाहशीरी बी-21 थाना कोतवाली नगर जनपद बिजनौर द्वारा कॉलेज की छात्राओं को व्हाट्सएप्प पर आपत्तिजनक मैसेज भेजने के सम्बन्ध में स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हुए। उक्त प्रकरण के सम्बन्ध में थाना कोतवाली शहर पर मु0अ0सं0 848/21 धारा 294 भादवि व धारा 67 आई0टी एक्ट बनाम अरशद उपरोक्त पंजीकृत किया गया। आज दिनांक 15.12.2021 को थाना कोतवाली शहर पुलिस द्वारा आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार किया गया, विधिक कार्यवाही की जा रही है।

मंदिर में लाठी डंडे से पीट कर पुजारी की नृशंस हत्या

बिजनौर। नजीबाबाद सर्किल के नांगल सोती थाना क्षेत्र में एक मंदिर के पुजारी की लाठी डंडे से पीटकर हत्या कर दी गई। वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह समेत विभागीय अमला मौके पर पहुंच गया।  साक्ष्य जुटाने के लिए डॉग स्क्वायड एवं स्वाट टीम की मदद ली जा रही है। पूछताछ के लिए एक महिला समेत मंदिर के एक कर्मचारी को पुलिस थाने ले गई है। एसपी ने मामले के खुलासे के लिए तीन टीम का गठन किया है।

नांगल सोती थाना क्षेत्र के गंगा घाटी स्थित महाकाली मंदिर के पुजारी बाबा रामदास गिरी महाराज (60) का शव शनिवार तड़के साढ़े पांच बजे बरामद किया गया। वह करीब 20 वर्ष से यहां रह रहे थे। उनका निवास स्थान उत्तर प्रदेश का जिला गोरखपुर बताया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महाराज के सिर पर गहरी चोट के निशान हैं और मौके पर काफी खून बिखरा पड़ा है। सूचना मिलते ही भारी संख्या में इलाके के लोग मौके पर पहुंच गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक (सिटी) प्रवीण रंजन सिंह, सीओ गजेंद्र पाल सिंह, थानाध्यक्ष नांगल रावेन्द्र सिंह, थानाध्यक्ष मंडावली नरेंद्र गौड़ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। सूत्रों का कहना है कि जिस स्थान पर बाबा का शव बरामद हुआ है, वहां से कुछ ही दूर राम मंदिर का दान पात्र टूटा हुआ था। दीवार पर खून के निशान थे। साथ ही जिस कमरे में बाबा रहते थे, उसका शटर उठा हुआ था। हत्या के लिए लाठी डंडे का इस्तेमाल किया गया होगा।

सटोरियों का है अड्डा– सूत्रों का कहना है कि मंदिर में सटोरियों की काफी आवाजाही रहती है। पुजारी कई बार उन्हें टोकते भी थे। सूत्र आशंका जता रहे हैं कि कहीं इस वारदात के पीछे किसी सटोरिये का हाथ तो नहीं?

महिला समेत दो से पूछताछ- पुलिस एक महिला व सबसे पहले मंदिर पहुंचे भारत कश्यप को पूछताछ के लिए थाने ले गई है। बताया जा रहा है कि उक्त महिला के फोन की अंतिम बातचीत बाबा के मोबाइल फोन में पाई गई है।

मानवाधिकार दिवस पर पुलिस ने ली शपथ


नूरपुर/बिजनौर। आज शुक्रवार दिनांक 10 दिसंबर 2021 को मानवाधिकार दिवस पर पुलिस ने ली शपथ। थाना प्रांगण में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियोँ ने मानवाधिकार दिवस पर मानवाधिकारों का सही पालन करने की शपथ ग्रहण की।

सर्राफा शोरूम में दिनदहाड़े गोली मारकर लाखों की लूट; राजधानी के व्यापारी आक्रोशित

लखनऊ। बेखौफ बदमाशों ने दिनदहाड़े अलीगंज थाना क्षेत्र के तिरुपति ज्वेलर्स में कर्मचारी को गोली मारकर लाखों रुपए की लूट को अंजाम दिया। सीने और पेट में दो गोली लगने से गंभीर घायल कर्मचारी मड़ियांव निवासी श्रवण को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। इस घटना से व्यापारियों में आक्रोश व्याप्त हो गया। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष रामबाबू रस्तोगी ने मुख्यमंत्री से लूट में गए हुए माल के मुआवजा की मांग करते हुए कहा कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।

राजधानी लखनऊ के कपूरथला अलीगंज थाना क्षेत्र के सेक्टर बी में सर्राफा व्यापारी निखिल अग्रवाल का श्री तिरुपति जेम्स एंड ज्वैल्स प्राइवेट लिमिटेड नाम से सोने के आभूषण का प्रतिष्ठान है। आज दिनदहाड़े घुसे बदमाशों ने उनके कर्मचारी श्रवण को 2 गोलियां मारीं। एक सीने में दूसरी पेट में। बदमाश दुकान के अंदर रखे सोने चांदी के जेवरात और नकदी लूट ले गए। इस घटना से व्यापारियों में आक्रोश व्याप्त हो गया है।

दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुट गई। कारोबारी निखिल के मुताबिक बुधवार दोपहर करीब 12:00 बजे बाइक सवार बदमाशों ने दुकान में घुसकर फायरिंग की और करीब पांच से सात लाख के जेवरात और नकदी लूट ले गए। वारदात के समय निखिल और उनका कर्मचारी मड़ियांव निवासी श्रवण मौजूद थे। श्रवण को दो गोलियां लगी हैं। उसे गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है।

4 दिन का अल्टीमेटम, वरना आंदोलन- लूट एवं गोली कांड की जानकारी पाकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष रामबाबू रस्तोगी संगठन के साथियों व व्यापारियों के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने एवं माल बरामद करने के लिए 4 कार्यदिवस का समय दिया। साथ ही चेताया कि अगर 4 दिन के अन्दर घटना को अंजाम देने वाले अपराधी माल के साथ नहीं  पकड़े गए, तो प्रसपा व्यापार सभा आंदोलन करेगी। व्यापारी नेता रामबाबू रस्तोगी ने मुख्यमंत्री से लूट में गए हुए माल के मुआवजा की मांग करते हुए कहा कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।

पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश कर रही है। शहर में चारों तरफ नाकेबंदी कर दी गई है। -अली अब्बास एसीपी अलीगंज।

सड़क हादसे में नूरपुर के दो युवकों की दर्दनाक मौत, एक गंभीर घायल

सड़क दुर्घटना में नूरपुर के दो युवकों की दर्दनाक मौत, एक गंभीर घायल। हीमपुर बुजुर्ग गांव के पास हुआ सड़क हादसा।


नूरपुर/बिजनौर। मंगलवार की देर शाम करीब 7 बजे नूरपुर चांदपुर रोड पर हीमपुर बुजुर्ग गांव के पास हुए सड़क हादसे में कस्बे के दो युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना में एक युवक गंभीर रुप से घायल हो गया। परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।


जानकारी के अनुसार कस्बे के मोहल्ला इस्लामनगर निवासी सुल्तान पुत्र चन्नू (22 वर्ष), सारिक पुत्र नईम अहमद (23 वर्ष) एवं फैजान पुत्र नसीम (22 वर्ष) मंगलवार की शाम करीब सात बजे बाईक द्वारा चांदपुर से घर लौट रहे थे। बताया जाता है कि नूरपुर चांदपुर मार्ग पर गांव हीमपुर बुजुर्ग के पास तेज रफ्तार से आ रहे ट्रक ने बाईक को चपेट में ले लिया। परिणामस्वरूप सुल्तान और सारिक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि फैजान गंभीर रुप से घायल हो गया। सूचना पर चांदपुर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल भिजवाया। चिकित्सकों ने उसकी हालत नाजुक देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रैफर कर दिया। उधर, घटना की खबर मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया तथा परिजन और मोहल्लावासी घटनास्थल की दौड पड़े। घटना से क्षेत्र में गम का माहौल है।

रिश्वत लेते आरपीएफ इंस्पेक्टर और सिपाही गिरफ्तार

लखनऊ। सीबीआई ने आरपीएफ इंस्पेक्टर और सिपाही को 63 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों की गिरफ्तारी बाराबंकी रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया से शनिवार की देर रात की गई। टीम दोनों आरोपियों को पहले कोतवाली और फिर लखनऊ ले आई। 

बाराबंकी जिले के एक व्यापारी ने सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरपीएफ बाराबंकी इंस्पेक्टर अखिलेश यादव उस पर काम के लिए रिश्वत देने का दबाव बना रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीबीआई ने मुकदमा पंजीकृत किया था। शनिवार की देर रात सीबीआई ने बाराबंकी रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया से इंस्पेक्टर आरपीएफ अखिलेश यादव और सिपाही आशुतोष तिवारी को 63 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम दोनों आरोपियों को लेकर नगर कोतवाली पहुंची। इसके बाद सुबह करीब आठ बजे आरोपी इंस्पेक्टर और सिपाही को टीम लखनऊ लेकर रवाना हो गई।

बताया जा रहा है आरोपी इंस्पेक्टर के आवास से पांच लाख रुपए भी बरामद हुए हैं। मंडल सुरक्षा आयुक्त लखनऊ अभिषेक कुमार ने बताया कि सीबीआई ने शिकायत पर आरपीएफ बाराबंकी इंस्पेक्टर व सिपाही को गिरफ्तार किया है। इस मामले में सीबीआई ने मुक