डाक विभाग ने हर-घर तिरंगा अभियान के तहत निकाली जन जागरण यात्रा

हर-घर तिरंगा अभियान के तहत डाक विभाग ने निकाली जन जागरण यात्रा

बिजनौर। भारतीय डाक विभाग द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव पर हर-घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत एक जन जागरण यात्रा अधीक्षक डाकघर बिजनौर मुकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में निकाली गई।
जन जागरण यात्रा में डाक कर्मचारी सामान्य जनमानस को तिरंगा लगाने के लिए प्रेरित कर रहे थे। डाक कर्मचारियों ने बताया कि राष्ट्रीय ध्वज 25/- मूल्य पर डाकघर में आम जनता के लिए उपलब्ध है। बीच-बीच में आम जनता को राष्ट्रीय ध्वज के सामान्य नियम की भी जानकारी दी गई, जैसे यदि कोई अन्य झंडा लग रहा हो तो राष्ट्रीय ध्वज अन्य किसी झंडे से ऊपर लगाया जाएगा, केसरिया रंग राष्ट्रीय ध्वज में सदा ऊपर ही रहेगा आदि।

जन जागरण यात्रा प्रधान डाकघर बिजनौर से सिविल लाइन होते हुए शक्ति चौक पहुंची, शक्ति से जजी चौराहा, नुमाइश ग्राउंड होते हुए कलक्ट्रेट के सामने से रोडवेज चौराहा तथा वहां से प्रधान डाकघर पहुंचकर संपन्न हुई।
यात्रा में झंडे भी उपलब्ध थे तथा सैकड़ों लोगों ने निर्धारित शुल्क देकर उन्हें खरीदा भी। यात्रा में सहायक अधीक्षक डाकघर एसबी यादव, निरीक्षक डाकघर दक्षिणी श्री अंकित चौधरी पोस्ट मास्टर प्रधान डाकघर बिजनौर लक्ष्मीकांत जोशी, अशोक शर्मा, अनुराग मेहरोत्रा, संजीव कुमार, यक्ष चौहान, गौरव कुमार, अभिषेक मेहरोत्रा, दिनेश चंद्र सेन, आबिद, रजनीश कुमार, चक्षु गौड़, विशाल यादव, शकील अहमद, गिरवर पाल, आकांक्षा गुप्ता, नेहा भारद्वाज, राजकुमार सिंह, मोहम्मद इरशाद, राजीव चौधरी, लोकेंद्र पाल सिंह, हरेंद्र सिंह, बालेश राजपूत आदि उपस्थित रहे।
अब तक 5000 से अधिक राष्ट्रीय ध्वज की बिक्री बिजनौर मंडल के डाकघरों से हो चुकी है।

5 हजार तिरंगे झंडे वितरित करने का संकल्प

बिजनौर। आजादी की 75 वीं वर्षगांठ पर इस वर्ष देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। इसके अंतर्गत 11 से 17 अगस्त 2022 तक हर घर तिरंगा लहराया जाना है, जिसके लिए जनपद के राजकीय निजी आईटीआई एवं कौशल विकास मिशन से जुड़े निजी प्रशिक्षण प्रदाताओं के लिए 5000 तिरंगे झंडे वितरित करने का निर्णय लिया है।  इसके लिए राजकीय आईटीआई बिजनौर के प्रधानाचार्य मंजुल मयंक ने आईटीआई में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षुओं को झंडा वितरित करते हुए कहा कि इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाएं तथा झंडे के नियमों का पालन करते हुए हर घर पर झंडा अवश्य लगाएं। इस अवसर पर प्रधान सहायक राकेश शर्मा, सनी तोमर, मनोज कुमार,  योगेश कुमार एवं इकबाल हसन उपस्थित रहे।

डाक विभाग के इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में ₹299 में होगा 10 लाख का बीमा – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

डाक विभाग के इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में ₹299 में होगा 10 लाख का बीमा – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

लखनऊ। महंगे प्रीमियम पर बीमा करवाने में असमर्थ लोगों के लिए डाक विभाग का इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक एक विशेष सामूहिक दुर्घटना सुरक्षा बीमा लेकर आया है, जिसमें वर्ष में महज 299 और 399 रुपए के प्रीमियम के साथ लाभार्थी का 10 लाख रुपए का बीमा होगा। एक साल खत्म होने के बाद अगले साल यह बीमा रिन्यू करवाना होगा। इसके लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में लाभार्थी का खाता होना अनिवार्य है। उक्त जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने दी।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और टाटा ए.आई.जी के मध्य हुए एक एग्रीमेंट के तहत 18 से 65 वर्ष आयु के लोगों को यह सामूहिक दुर्घटना बीमा सुरक्षा मिलेगी। इसके तहत, दोनों प्रकार के बीमा कवर में दुर्घटना से मृत्यु, स्थाई या आंशिक पूर्ण अपंगता, अंग विच्छेद या पैरालाइज्ड होने पर 10 लाख रुपए का कवर मिलेगा। साथ ही साथ इस बीमा में दुर्घटना से हॉस्पिटल में भर्ती रहने के दौरान इलाज हेतु 60,000 रुपए तक का आई.पी.डी खर्च और ओ.पी.डी में 30,000 रुपए तक का क्लेम मिलेगा। वहीं, 399 रुपए के प्रीमियम बीमा में उपरोक्त सभी लाभों के अलावा दो बच्चों की पढ़ाई के लिए एक लाख तक का खर्च, दस दिन अस्पताल में रोजाना का एक हजार खर्च, किसी अन्य शहर में रह रहे परिवार हेतु ट्रांसपोर्ट का 25,000 रूपए तक का खर्च और मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए 5,000 तक का खर्च मिलेगा।

इस बीमा सुविधा में पंजीकरण के लिए लोग अपने नजदीकी डाकघर में संपर्क कर सकते हैं। इसके तहत ज्यादा से ज्यादा लोगों को कवर करने हेतु डाक विभाग द्वारा ‘मिशन सुरक्षा’ अभियान 15 अगस्त तक चलाया जा रहा है।

अब डाकघरों में भी मिलेगी एन.ई.एफ.टी सुविधा

डाकघरों में भी आरम्भ हुई एन.ई.एफ.टी सुविधा, बैंक और पोस्ट ऑफिस के बीच लेनदेन हुआ आसान

एन.ई.एफ.टी सुविधा हेतु पोस्टऑफिस का आई.एफ.एस.सी कोड  IPOS0000DOP – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

लखनऊ। भारत सरकार ने डाकघर के बचत खाताधारकों के लिए भी इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (एन.ई.एफ.टी) की सुविधा आरम्भ कर दी है। इससे किसी भी बैंक के खाते से डाकघर खाते में और डाकघर खाते से बैंक खाते में राशि ऑनलाइन ट्रांसफर हो सकेगी। डाकघर काउण्टर्स, इंटरनेट बैंकिंग अथवा मोबाइल बैंकिंग के जरिए इस सुविधा का लाभ उठाया जा सकता है। काउंटर्स के माध्यम से इस सेवा का लाभ लेने के लिए ग्राहकों का डाकघर में बचत खाता होना चाहिए तथा एन.ई.एफ.टी द्वारा राशि ट्रांसफर के लिए ग्राहकों को एक मैंडेट फॉर्म भरकर काउंटर पर देना होगा। उक्त जानकारी देते हुए वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाकघर खातों में धनराशि के ट्रांसफर के लिए देश के सभी डाकघरों के लिए केवल एक ही आई.एफ.एस.सी कोड  IPOS0000DOP होगा। पूरे भारत के सभी डाकघरों का एक ही आई.एफ.एस.सी कोड होने से ग्राहकों को प्रत्येक डाकघर का अलग से आई.एफ.एस.सी कोड नहीं ढूँढना पड़ेगा।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर की सुविधा से लोगों को काफी सहूलियत होगी। डाकघरों के लोक भविष्य निधि (पी.पी.एफ) व सुकन्या समृद्धि योजना के खाताधारक अपने इन खातों में बैंक के जरिये एन.ई.एफ.टी द्वारा घर बैठे राशि जमा कर सकते हैं। एन.ई.एफ.टी में राशि ट्रांसफर करने की न्यूनतम सीमा 1 रुपये तथा अधिकतम सीमा 15 लाख है। इंटरनेट बैंकिंग अथवा मोबाइल बैंकिंग के तहत एक दिन में अधिकतम 5 ट्रांजैक्शन तथा प्रति ट्रांजैक्शन अधिकतम 2 लाख रुपए एवं प्रतिदिन 10 लाख रुपए एन.ई.एफ.टी किये जा सकते हैं। पोस्टमास्टर जनरल श्री यादव ने आगे बताया कि दस हजार रुपए तक की एन.ई.एफ.टी के लिए खाताधारकों को 2.50 रुपए व जी.एस.टी देना होगा। दस हजार से एक लाख रुपए तक के लिए यह चार्ज बढकर पाँच रुपए व जी.एस.टी होगा। इसके अलावा एक लाख से दो लाख रुपए तक के लिए 15 रुपए व जी.एस.टी और 2 लाख से अधिक की रकम के लिए 25 रुपए व जी.एस.टी देना होगा। इंटरनेट बैंकिंग अथवा मोबाइल बैंकिंग के तहत यह सुविधा 24 घण्टे मुफ्त में उपलब्ध है।

गौरतलब है कि वित्तीय समावेशन में डाकघरों की अहम भूमिका है। ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी अधिकांश लोगों के खाते डाकघरों में खुले हुए हैं। ऐसे में भारत सरकार द्वारा पोस्ट ऑफिस में भी एन.ई.एफ.टी सुविधा आरम्भ करने से लोगों को काफी सहूलियत होगी। 

डाकघरों में अब मिल सकेगा ट्रेन का टिकट

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय रेलवे ने देशभर में 45,000 डाकघरों में टिकट बुकिंग की व्यवस्था की तैयारी कर ली है। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों को ध्यान में रखकर ये फैसल लिया गया है।

इसके लिए रेलवे ने 45,000 डाकघरों में टिकटिंग की व्यवस्था की है। यात्री बिना किसी परेशानी के यहां से टिकट ले सकते हैं। पिछले दिनों खजुराहो में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी घोषणा करते हुए यह भी बताया था कि अब रेल टिकट लेने में यात्रियों को परेशानी नहीं होगी। इसके साथ ही खजुराहो और दिल्ली के बीच वंदेभारत ट्रेन पर अपडेट देते हुए रेल मंत्री ने बताया था कि इस रूट पर अगस्त तक इलेक्ट्रिफिकेशन का काम पूरा हो जाएगा। तब तक वंदे भारत ट्रेन भी चलने लगेगी। अर्थात अगस्त के बाद कभी भी मध्य प्रदेश को वंदे भारत ट्रेन की सौगात मिल सकती है, जिसके लिए डाकघर से ही टिकट बुक हो सकता है।

गौरतलब है कि स्टेशन से दूर दराज में रहने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डाक घरों में रेल आरक्षण कराने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है ताकि रेल रिजर्वेशन के लिए लोगों को भटकना न पड़े। इन डाक घरों में रेल आरक्षण बुकिंग का कार्य डाक घर के प्रशिक्षित कर्मचारियों द्वारा किया जाता है। रेलवे द्वारा नेटवर्क कनेक्टिविटी के साथ हार्डवेयर उपलब्ध कराया गया है। इस योजना से शहर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को आस पास के डाकघरों से अपनी ट्रेनों के लिए रिजर्वेशन कराने की सुविधा मिलेगी। रेलवे ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वर्तमान में रेलवे द्वारा डाक घरों में प्रदत्त कराई गई रेल आरक्षण बुकिंग की सुविधा का लाभ उठाएं।

ऑटोमेटिक टिकट वेंडिग मशीन- इससे पहले भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए उन्हें वेटिंग और लम्बी कतारों से मुक्ति देते हुए ई-टिकटिग की नई सुविधा भी शुरू की है। इसके तहत रेल यात्री अब यात्रा टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट और मंथली पास के नवीकरण के लिए ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन पर पेटीएम, फोनपे, फ्रीचार्ज जैसे यूपीआई बेस्ड मोबाइल ऐप से क्यूआर कोड स्कैन कर डिजीटल पेमेंट कर सकेंगे। इस सुविधा में यात्री ऑटोमेटिक टिकट वेंडिग मशीन से मिलने वाली सुविधाओं के लिए डिजिटिल ट्रांजेक्शन से भी भुगतान कर सकेंगे। यात्री इसके जरिये एटीवीएम स्मार्ट कार्ड को भी रिचार्ज करा सकते हैं। क्यूआर कोड को स्कैन कर यात्री फोन के माध्यम से डिजीटल भुगतान कर टिकट प्राप्त कर सकते हैं।

इसे स्कैन करने और पेमेंट करने के बाद यात्रियों को तुरन्त अपने गंतव्य का टिकट मिल जाएगा। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा डिजीटल मोड में पेमेंट करें और लंबी लाइन से छुटकारा पाएं।

गौरतलब है कि रेलवे बोर्ड को ऐसे स्टेशनों पर अक्सर यात्रियों की तरफ से घंटों लाइन में लग कर टिकट लेने की शिकायत मिली थी। कई बार स्टेशनों पर लंबी-लंबी लाइन में लगने से यात्रियों की ट्रेन छूट जाती है। लेकिन अब टिकट बिक्री के विकेंद्रीकरण के बाद यात्रियों को घंटों लंबी कतारों में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। शहरी और ग्रामीण दोनों तरह के यात्रियों को ध्यान में रखकर दो अगल-अलग सुविधाओं के बेहतर किया गया है।

घर बैठे डाकिया के माध्यम से पाएं PM किसान सम्मान निधि की राशि– पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

घर बैठे डाकिया के माध्यम से पाएँ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि– पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

डाक विभाग का 13 जून तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के भुगतान हेतु विशेष अभियान- पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

‘आपका बैंक,आपके द्वार’ की तर्ज पर घर बैठे डाकिया के माध्यम से पाएं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

लखनऊ। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और अन्य डीबीटी योजनाओं के तहत बैंक खातों में प्राप्त राशि की निकासी हेतु अब बैंक या एटीएम जाने की जरुरत नहीं है। डाक विभाग इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से घर बैठे लोगों को अपने बैंक खातों से यह राशि निकालने की सुविधा दे रहा है। आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (ए.ई.पी.एस) द्वारा बैंक खातों से भुगतान की सुविधा घर बैठे डाकिया के द्वारा प्राप्त हो सकेगी।

वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्रीकृष्ण कुमार यादव ने सभी मंडलाधीक्षकों और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के शाखा प्रबंधकों को इस हेतु व्यापक रूप से सघन अभियान चलाने हेतु निर्देशित किया है। 4 जून को इस हेतु उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में महाभियान चलाया जायेगा, जो कि 13 जून तक अनवरत जारी रहेगा। इस अभियान के दौरान ‘आपका बैंक, आपके द्वार’ की तर्ज पर ज्यादा से ज्यादा लोगों को बैंक खातों से धन निकासी की सुविधा दी जायेगी तथा किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किश्त का भुगतान विशेष प्राथमिकता रहेगी। इसके तहत रसोई से लेकर दुकान व खेत-खलिहान तक, गलियों से लेकर नदियों में नाव तक धन निकासी की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। डाकियों के पास उपलब्ध माइक्रो एटीएम से प्रतिदिन एक व्यक्ति द्वारा आधार लिंक्ड अपने बैंक खाते से दस हजार रूपए तक की रकम निकाली जा सकती है।

वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्रीकृष्ण कुमार यादव ने बताया कि आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, डाकिया और ग्रामीण डाक सेवकों द्वारा घर-घर जाकर लोगों के आधार लिंक्ड बैंक खाते से पैसा निकालने की सुविधा दे रहा है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत भेजी गई डीबीटी रकम घर बैठे लोग अब अपने इलाके के डाकिया के माध्यम से निकाल पा रहे हैं, इसके लिए किसी बैंक या एटीएम पर जाने की जरूरत नहीं है। श्री यादव ने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र में अभी तक लगभग 15 लाख लोगों ने घर बैठे विभिन्न बैंकों के अपने खातों से 4.74 अरब रुपए की राशि डाक विभाग के माध्यम से निकाली है। वहीं, इस वित्तीय वर्ष में अभी तक 55 हजार लोगों ने 23 करोड़ रुपए से अधिक की राशि निकाली है। ‘आपका बैंक, आपके द्वार’ को चरितार्थ करते डाक विभाग की इस पहल को लोगों ने हाथों-हाथ लिया है।

पोस्टमास्टर जनरल श्रीकृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, असहाय लोग जो कि शारीरिक रूप से अक्षम हैं, वृद्ध या फिर सुदूर ग्रामीण क्षेत्र जहाँ पर एटीएम की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां पर भी डाक विभाग का डाकिया जाकर बैंक खातों से पैसे निकाल कर लोगों को उपलब्ध करा रहा है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश भर के किसानों के लिए कल्याणकारी योजना के रूप में ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ के तहत 2000 रुपयों की सलाना तीन किश्तें जारी की जाती हैं। इस योजना से उत्तर प्रदेश के दो करोड़ से अधिक किसानों को सीधा फायदा हो रहा है। अभी मंगलवार को ही प्रधानमंत्री ने शिमला में गरीब कल्याण योजना के लाभार्थियों के साथ वर्चुअल संवाद करने के साथ ही देश के लघु और सीमांत किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपए की किसान सम्मान निधि जारी की। अब किसान घर बैठे यह राशि डाकिया के माध्यम से निकाल सकेंगे।

आ गया पोस्ट ऑफिस का भी IFSC कोड ! बिना पोस्ट ऑफिस जाए, कहीं से भी भेज सकेंगे पैसे

Post Office IFSC Code – आ गया पोस्ट ऑफिस का भी IFSC कोड ! कहीं से भी भेज सकेंगे पैसे, पोस्ट ऑफिस जाने की जरुरत नहीं ! – Career Bhaskar

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Post Office IFSC Code – अगर आपका पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट है तो आपको कई बार बैंक जाना पड़ता रहा होगा, क्यूंकि पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट का IFSC कोड नहीं होता है, जिसके कारण आप NEFT/RTGS जैसी सुविधा का लाभ नहीं ले पाते है, और कोई भी काम करने के लिये आपको बार बार पोस्ट ऑफिस जाना पड़ता रहा होगा। …पर अब आपको बार बार पोस्ट ऑफिस नहीं जाना पड़ेगा।

आ गया Post Office Saving Account का IFSC कोड –

जिनका भी पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट है, उन सब के लिये एक अच्छी अपडेट आई है। पोस्ट ऑफिस ने हाल ही में अपना IFSC कोड जारी किया है, यह IFSC कोड IPOS0000DOP है। पोस्ट ऑफिस ने यह एक ही IFSC कोड जारी किया है, जो सभी ब्रांच के लिये काम करेगा। पहले पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट का IFSC कोड नहीं था, जिसके कारण NEFT/RTGS जैसी सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता था, लेकिन अब IFSC कोड आ गया है, अब सभी लोग NEFT/RTGS जैसी सुविधा का लाभ ले सकेंगे।

Post Office Saving Account और IPPB में है अंतर

पोस्ट ऑफिस में आपके दो प्रकार के अकाउंट ओपन होते है। एक होता है Post Office Saving Account जो कि पासबुक वाला होता है, और इसे पोस्ट ऑफिस द्वारा 500 रूपये में खुलवाया जाता है। और दूसरा होता है IP (India Post Payment Bank) अकाउंट, जिसे Zero Balance के साथ भी खोला जा सकता है। इसे आप Online खुद से ही या पोस्ट ऑफिस से भी खोल सकते हैं। India Post Payment Bank में आपको पहले से NEFT/RTGS, UPI जैसी सर्विस मिलती है, पर Post Office Saving Account में आपको ये सर्विस नहीं मिलती है।

इन दिन से लागु हो जायेंगा यह IFSC कोड –

IPOS0000DOP ये जो Post Office Saving Account का IFSC कोड है, यह 1 मई 2022 के बाद में एक्टिवट होगा जबकि IPPB के IFSC कोड पहले से चल रहे हैं। यदि आप गूगल पर Post Office Saving Account का IFSC कोड सर्च करते हैं तो वहां पर आपको यह IPOS0000001 IFSC कोड दिखाई दे सकता है, तो आपको कंफ्यूज नहीं होना है, यह IFSC कोड IPPB का है, जिसका यूज आपको तब ही करना है, जब आपका अकाउंट IPPB में होता है।

IFSC कोड डालते वक्त इस बात का रखे ख्याल –

IFSC कोड को लेकर बहुत झंझट होता है, पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट और IPPB दोनों प्रकार के अकाउंट के लिये अलग अलग IFSC कोड है, यदि आप पोस्ट ऑफिस के खाता नंबर में IPPB का IFSC कोड दाल देंते हैं, तो आपका पैसा फस सकता है या आपका पैसा गलत खाते में जा सकता है। तो यदि आपका अकाउंट IPPB में है, तो वहां पर आपको IFSC Code – IPOS0000001 लगाना है, और अगर आपका अकाउंट Post Office Saving Account में है, तब आपको IPOS0000DOP IFSC कोड लगाना है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी हेतु सम्मानित हैं पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव व उनका परिवार

विश्व हिंदी दिवस (10 जनवरी) : तीन पीढ़ियों संग हिंदी के विकास में जुटा है पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव का परिवार

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हिंदी हेतु कई सम्मानों से विभूषित हैं पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव व उनका परिवार

लखनऊ। ‘विश्व हिन्दी दिवस’ प्रति वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य विश्व में हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिये जागरूकता पैदा करना व हिन्दी को अंतर्राष्ट्रीय भाषा के रूप में पेश करना है। हिंदी को लेकर तमाम संस्थाएँ, सरकारी विभाग व विद्वान अपने स्तर पर कार्य कर रहे हैं। इन सबके बीच उत्तर प्रदेश में वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव का अनूठा परिवार ऐसा भी है, जिसकी तीन पीढ़ियाँ हिंदी की अभिवृद्धि के लिए न सिर्फ प्रयासरत हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी कई देशों में सम्मानित हैं।

वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव के परिवार में उनके पिता श्री राम शिव मूर्ति यादव के साथ-साथ पत्नी आकांक्षा यादव और दोनों बेटियाँ अक्षिता व अपूर्वा भी हिंदी को अपने लेखन से लगातार नए आयाम दे रही हैं। देश-दुनिया की तमाम पत्रिकाओं में प्रकाशन के साथ श्री कृष्ण कुमार यादव की 7 और पत्नी आकांक्षा की 3 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। हिंदी ब्लॉगिंग के क्षेत्र में इस परिवार का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अग्रणी है।

‘दशक के श्रेष्ठ ब्लॉगर दम्पति’ सम्मान से विभूषित यादव दम्पति को नेपाल, भूटान और श्रीलंका में आयोजित ‘अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ब्लॉगर सम्मेलन’ में ‘परिकल्पना ब्लॉगिंग सार्क शिखर सम्मान’ सहित अन्य सम्मानों से नवाजा जा चुका है। जर्मनी के बॉन शहर में ग्लोबल मीडिया फोरम (2015) के दौरान ‘पीपुल्स चॉइस अवॉर्ड’ श्रेणी में सुश्री आकांक्षा यादव के ब्लॉग ‘शब्द-शिखर’ को हिंदी के सबसे लोकप्रिय ब्लॉग के रूप में भी सम्मानित किया जा चुका है।

सनबीम स्कूल, वरुणा, वाराणसी में अध्ययनरत इनकी दोनों बेटियाँ अक्षिता (पाखी) और अपूर्वा भी इसी राह पर चलते हुए अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई के बावजूद हिंदी में सृजनरत हैं। अपने ब्लॉग ‘पाखी की दुनिया’ हेतु अक्षिता को भारत सरकार द्वारा सबसे कम उम्र में ‘राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ से सम्मानित किया जा चुका है, वहीं अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ब्लॉगर सम्मेलन, श्रीलंका (2015) में भी अक्षिता को “परिकल्पना कनिष्ठ सार्क ब्लॉगर सम्मान” से सम्मानित किया गया। अपूर्वा ने भी कोरोना महामारी के दौर में अपनी कविताओं से लोगों को सचेत किया।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव का कहना है कि, सृजन एवं अभिव्यक्ति की दृष्टि से हिंदी दुनिया की अग्रणी भाषाओं में से एक है। डिजिटल क्रान्ति के इस युग में हिन्दी में विश्व भाषा बनने की क्षमता है। वहीं, उनकी पत्नी आकांक्षा यादव का मानना है कि हिन्दी भाषा भारतीय संस्कृति की अभिव्यक्ति का माध्यम होने के साथ-साथ भारत की भावनात्मक एकता को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है। आप विश्व में कहीं भी हिन्दी बोलेगें तो आप एक भारतीय के रूप में ही पहचाने जायेंगे।

डाकघर में आधार कार्ड बनाने की सुविधा शुरू


नजीबाबाद (बिजनौर)। डाकघरों में स्वीकृत आधार केंद्रों पर कई माह से अधिक समय से आधार कार्ड नहीं बनने और उनमें विभिन्न परिवर्तन की सुविधा ना मिलने की शिकायत के बाद अब यह सुविधा शुरू हो गई है।

आरटीआई का हथियार आया काम
आरटीआई कार्यकर्ता आदर्श नगर निवासी मनोज शर्मा ने केंद्रीय संचार मंत्री भारत सरकार से शिकायत में कहा था कि जनपद के नजीबाबाद, साहनपुर, मंडावर, नगीना में स्वीकृत आधार केंद्रों पर कई माह से कार्य बंद होने से आमजन को परेशानी का सामना उठाना पड़ रहा है। उक्त डाकघरों में आधार कार्ड बनाने का पूरा साजो-सामान होने के बाद भी आधार कार्ड नहीं बनने तथा आधार कार्ड में होने वाले परिवर्तनों के सही ना होने से विद्यार्थियों, महिलाओं, बुजर्गों, विकलांगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग पेंशन के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा कई लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। आमजन आएदिन उक्त डाकघरों के चक्कर काट रहे हैं।

हुई जांच और काम शुरू
इस पर जांच शुरू हुई और डाक विभाग के बिजनौर कार्यालय से इन आधार केंद्रों पर जनमानस को सुविधा का लाभ नहीं मिलने के संबंध में स्पष्टीकरण भी मांगा गया। अब नजीबाबाद में थाने के पास मौजूद उपडाकघर पर आधार कार्ड बनाने और उसमें विभिन्न परिवर्तनों का काम शुरू हो गया है।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पर विशेष चित्रात्मक मुहर जारी

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी पर पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने जारी किया विशेष चित्रात्मक मुहर

अब देश-विदेश के पत्रों पर लगेगी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के चित्र वाली मुहर

देश-दुनिया में सांस्कृतिक दूत का कार्य करेगी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर अंकित विशेष मुहर -पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

बनारस। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी नगरी की प्राचीनता, ऐतिहासिकता, आध्यामिकता और सांस्कृतिक गौरव को अपने में सहेजे हुए है। इसके दर्शन के लिए देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। दुनिया भर के करोड़ों शिव भक्तों के सपने साकार करने वाला यह प्राचीन दिव्य मंदिर काशी की संस्कृति को जीवंतता प्रदान करता है। उक्त उद्गार वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी पर एक स्पेशल पिक्टोरियल कैंसिलेशन (Special Pictorial Cancellation) जारी करते हुए व्यक्त किये। इस मुहर के मध्य में मंदिर के शिखर और उस पर अंकित धर्म ध्वजा को उकेरा गया है एवं किनारे गोलाई में हिंदी व अंग्रेजी में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी अंकित किया गया है। मुहर के निचले भाग में दिनांक के साथ वाराणसी प्रधान डाकघर व इसका पिनकोड-221001 लिखा गया है। अब विश्वेश्वरगंज स्थित वाराणसी प्रधान डाकघर से देश-दुनिया को आने-जाने वाले पत्रों पर सामान्य मुहर की बजाय श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के चित्र वाली विशेष मुहर लगेगी।

क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि यह एक अद्भुत संयोग है कि आज ही के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का अपने नव्य, भव्य व दिव्य रूप में लोकार्पण किया जा रहा है। ऐसे में डाक विभाग की यह पहल इस दिन को और भी विशिष्टता प्रदान करेगी। डाक विभाग सदैव से सांस्कृतिक राजदूत की भूमिका निभाता रहा है। ऐसे में यह विशिष्ट चित्रमय मुहर देश-विदेश के सभी आने-जाने वाले पत्रों पर अंकित होने से न सिर्फ देश के भीतर बल्कि वैश्विक स्तर पर भी वाराणसी के सांस्कृतिक दूत का कार्य करेगा। मुहर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के शिखर का चित्र होने से लोगों की आस्था का विस्तार होगा तथा युवा पीढ़ी में भी इसके बारे में जानने के लिए उत्सुकता बढ़ेगी। श्री यादव ने आगे कहा कि इस विशेष मुहर से पूरे विश्व में वाराणसी और भगवान शिव से जुड़े सांस्कृतिक संबंधों का प्रसार होगा। दुनिया भर के शिव भक्तों के लिए यह एक अमूल्य निधि की तरह साबित होगा। इसका उद्देश्य श्री काशी विश्वनाथ की महिमा, उसकी संस्कृति, उसकी पवित्रता सहित काशी के इतिहास को देश-दुनिया तक पहुँचाना है। दिव्य-काशी, भव्य-काशी के साथ यह काशी के सांस्कृतिक गौरव और अस्मिता को नई पहचान देगा।

वाराणसी (पूर्वी) मंडल के प्रवर अधीक्षक डाकघर श्री राजन राव ने कहा कि अब वाराणसी प्रधान डाकघर में देश-दुनिया से आने-जाने वाली सभी चिट्ठियों-पत्रों पर प्रतिदिन श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के स्पेशल पिक्टोरियल कैंसिलेशन की मुहर अंकित कर इसे धरोहर के रूप में संजोया जा सकेगा। वाराणसी प्रधान डाकघर से प्रति माह देश-विदेश में 3 लाख से ज्यादा डाक की बुकिंग होती है, वहीं लगभग 1 लाख डाक का वितरण होता है। ऐसे में डाक टिकट संग्राहकों के लिए यह एक अनमोल उपहार साबित होगा। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस दौरान अधीक्षक डाकघर संजय कुमार वर्मा, सहायक निदेशक राम मिलन, लेखा अधिकारी एमपी वर्मा, सहायक डाक अधीक्षक अजय कुमार, सहायक लेखा अधिकारी संतोषी राय, डाक निरीक्षक श्रीकांत पाल, वीएन द्विवेदी और रामचंद्र यादव, श्रीप्रकाश गुप्ता, राजेन्द्र यादव, राहुल कुमार सहित तमाम अधिकारी – कर्मचारी, फ़िलेटलिस्ट इत्यादि उपस्थित रहे।

स्वच्छता के संदेश के साथ डाक विभाग ने मनाया ‘स्वच्छता पखवाड़ा’

डाक विभाग ने दिया स्वच्छता का संदेश, 16 से 30 नवंबर तक मनाया ‘स्वच्छता पखवाड़ा’

‘स्वच्छता पखवाड़ा’ के समापन पर पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने सफाई कर्मियों को किया सम्मानित

लखनऊ। भारत सरकार के ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत डाक विभाग द्वारा 16 से 30 नवंबर तक ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ मनाया गया। इसके तहत लोगों को स्वच्छता व पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कई कदम उठाए गए।

क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित समापन कार्यक्रम में वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्रीकृष्ण कुमार यादव ने कहा कि स्वच्छता हमारे संस्कारों में शामिल है, ऐसे में हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि अपने परिसर को स्वच्छ रखने के साथ-साथ लोगों को भी इस हेतु जागरूक करें। पोस्टमैन डाक बाँटने के साथ-साथ ‘स्वच्छता दूत’ के रूप में लोगों को स्वच्छता के प्रति भी जागरूक कर रहे हैं। श्री यादव ने सफाईकर्मियों की भूमिका की सराहना करते हुए विभिन्न डाकघरों के 13 सफाईकर्मियों को सम्मानित भी किया। सम्मानित होने वालों में महेंद्र प्रसाद, राजू प्रसाद, मुन्ना लाल, किरन देवी, राकेश कुमार, दीपक कुमार, संकठा प्रसाद, नन्हकू यादव, प्रहलाद प्रसाद, योगेंद्र कुमार शर्मा, जीवन लाल, आशु, राहुल शामिल रहे।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ के दौरान स्वच्छता शपथ समारोह, स्वच्छता मार्च, डाकघरों और कॉलोनियों में सफाई अभियान और पौधारोपण, लेटर बॉक्स पेंटिंग, जल संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान, स्वच्छता और आजादी का अमृत महोत्सव पर वेबिनार, राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी का स्वच्छता को लेकर दृष्टिकोण पर परिचर्चा, कोरोना से बचाव के प्रति जागरूकता एवं मास्क, सेनिटाइजर, साबुन इत्यादि का वितरण, स्वच्छता पर निबंध, क्विज और पोस्टर प्रतियोगिता जैसे तमाम कार्यक्रम आयोजित किये गए। वहीं स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री, पार्सल और अन्य पत्रों पर स्वच्छता पर आधारित विभिन्न स्लोगन की मुहर लगाकर गंतव्य स्थान के लिए भेजा गया ताकि जिनके हाथों में लिफाफा, पैकेट या पार्सल मिले वे स्वच्छता के प्रति जागरूक हो सकें।

इस अवसर पर प्रवर डाक अधीक्षक राजन राव, सीनियर पोस्टमास्टर चंद्रशेखर सिंह बरुआ, सहायक निदेशक राम मिलन, कृष्ण चंद्र, लेखाधिकारी महेंद्र प्रताप वर्मा, सहायक अधीक्षक अजय कुमार, डाक निरीक्षक श्रीकान्त पाल, वीएन द्विवेदी, सहायक लेखाधिकारी संतोषी कुमारी राय, राजेन्द्र प्रसाद यादव, अभिलाषा राजन, श्रीप्रकाश गुप्ता, सहित तमाम अधिकारी – कर्मचारी उपस्थित रहे।

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने किया पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर उपडाकघर का निरीक्षण

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर उपडाकघर का किया निरीक्षण

डाक विभाग घर बैठे उपलब्ध करा रहा तमाम सेवाएं – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

वाराणसी। डाक विभाग नित नवाचार के साथ अपनी सेवाओं को व्यापक बना रहा है तथा एक ही छत के नीचे तमाम सेवाएं उपलब्ध कराकर डाकघरों को कस्टमर-फ्रेंडली बनाया गया है। उक्त उद्गार वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर उपडाकघर, चंदौली की विजिट के दौरान व्यक्त किये। पोस्टमास्टर जनरल आज अचानक पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर उपडाकघर पहुँचे और वहाँ डाक सेवाओं की प्रगति का जायजा लिया।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने डाक अधिकारियों व सभी कर्मचारियों से विभिन्न सेवाओं में विभागीय लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने हेतु कहा। सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत 10 साल की उम्र तक की सभी बेटियों को चिन्हित करते हुए डाकघरों में उनके सुकन्या समृद्धि खाते खुलवाने एवं समस्त गावों को सम्पूर्ण सुकन्या ग्राम बनाने हेतु जोर दिया और वित्तीय समावेशन के तहत अधिकाधिक लोगों को डाकघर बचत, डाक जीवन बीमा योजना और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की योजनाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। सभी प्रकार के बचत खातों से आधार एवं मोबाइल संख्या लिंक करने पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि आज भी डाकघर बचत योजनाओं में ब्याज सर्वाधिक है और डाक विभाग घर बैठे भी कई सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। किसानों सहित अन्य तमाम लाभार्थियों के बैंक खातों में आने वाली डीबीटी राशि की निकासी के लिए अब किसी को भी बैंक या एटीएम जाने की जरूरत नहीं, बल्कि घर बैठे ही सभी अपने आधार लिंक्ड बैंक खाते से डाकिया के माध्यम से निकासी कर सकते है। दुपहिया-चौपहिया वाहनों का बीमा भी अब इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक कर रहा है। सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने हेतु आधार जरूरी है, ऐसे में अब घर बैठे डाकिया के माध्यम से ही आधार से लिंक मोबाइल नम्बर भी अपडेट किया जा सकता है। श्री यादव ने बताया कि एक अन्य सुविधा के रूप में अब पेंशनरों को जीवित प्रमाणपत्र जमा करने के लिए कोषागार या बैंक जाने की जरूरत नहीं, बल्कि घर बैठे डाकिया के माध्यम से बायोमेट्रिक डिवाइस द्वारा डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनवा सकते है। आमजन को विभिन्न सेवाओं के लिए भटकना न पड़े और सारी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो सकें, इसके लिए अब डाकघरों में भी काॅमन सर्विस सेंटर की स्थापना की जा रही है। यहाँ एक साथ केंद्र व विभिन्न राज्य सरकारों की 73 सेवाएँ मिलेंगी। शीघ्र ही काॅमन सर्विस सेंटर की सेवा अब सभी शाखा डाकघरों से भी प्राप्त हो सकेगी ।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कर्मचारियों को जनमानस से नियमित संवाद कर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा डाक मेला लगाकर विभिन्न क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा व्यवसाय अर्जित करने तथा गाँवों को 5 स्टार विलेज बनाने हेतु निर्देशित किया ।

इस अवसर पर प्रवर अधीक्षक डाकघर राजन राव, निरीक्षक डाकघर बलबीर सिंह, श्रीकान्त पाल, पोस्टमास्टर अनुज कुमार शुक्ला तथा मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव दिनेश तिवारी सहित तमाम अधिकारी -कर्मचारी उपस्थित रहे।

‘डाकिया डाक लाया’ टॉप हिंदी ब्लॉग्स में शामिल हुआ पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव यादव का ब्लॉग

टॉप हिंदी ब्लॉग्स में शामिल हुआ पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव यादव का ब्लॉग ‘डाकिया डाक लाया’

लखनऊ। देश-विदेश में इंटरनेट पर हिंदी के व्यापक प्रचार-प्रसार और ब्लॉगिंग के माध्यम से अपनी रचनाधर्मिता को विस्तृत आयाम देने वाले वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव के ब्लॉग ‘डाकिया डाक लाया’ (http://dakbabu.blogspot.com/) को टॉप हिंदी ब्लॉग्स में शामिल किया गया है।

इंडियन टॉप ब्लॉग्स नामक सर्वे एजेंसी ने विश्व के हिंदी ब्लॉग पर किये गए सर्वे के आधार पर इसे सर्वश्रेष्ठ हिंदी ब्लॉग की डायरेक्टरी में सम्मिलित किया है, जिसमें वर्ष 2021 में 107 हिंदी ब्लॉगों को स्थान मिला है। सौ से ज्यादा देशों में देखे-पढ़े जाने वाले ‘डाकिया डाक लाया’ पर अब तक 1226 पोस्ट प्रकाशित हैं। इसे 6.72 लाख से ज्यादा लोगों ने पढ़ा है। वर्ष 2008 से ब्लॉगिंग में सक्रिय एवम ‘दशक के श्रेष्ठ हिंदी ब्लॉगर दम्पति’ और सार्क देशों के सर्वोच्च ‘परिकल्पना ब्लॉगिंग सार्क शिखर सम्मान’ से सम्मानित श्री कृष्ण कुमार यादव हिंदी ब्लॉगिंग के क्षेत्र में जाना-पहचाना नाम बन चुके हैं। ‘डाकिया डाक लाया’ ब्लॉग अपनी विभिन्न पोस्ट के माध्यम से डाक सेवाओं की व्यापकता, विविधता और आधुनिक दौर में उनमें हो रहे तमाम बदलावों को रेखांकित करता है। इसके माध्यम से डाक सेवाओं से सम्बंधित तमाम छुए-अनछुए पहलुओं को सामने लाने का प्रयास भी किया गया है।

भारतीय डाक सेवा के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी होने के साथ-साथ साहित्य और लेखन में भी सक्रिय पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव की अब तक 7 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं- ‘अभिलाषा’ (काव्य-संग्रह), ‘अभिव्यक्तियों के बहाने’ व ‘अनुभूतियाँ और विमर्श’ (निबंध-संग्रह), ‘India Post : 150 Glorious Years’ (2006), ‘क्रांति-यज्ञ : 1857-1947 की गाथा’, ‘जंगल में क्रिकेट’ (बाल-गीत संग्रह) और ’16 आने 16 लोग’ (निबंध-संग्रह)। विभागीय दायित्वों और हिन्दी के प्रचार-प्रसार के क्रम में अब तक वह लंदन, फ़्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, दक्षिण कोरिया, भूटान, श्रीलंका, नेपाल जैसे देशों की यात्रा कर चुके हैं। ‘शब्द सृजन की ओर’ (http://kkyadav.blogspot.com) और ‘डाकिया डाक लाया’ (http://dakbabu.blogspot.com) उनके चर्चित ब्लॉग हैं। नेपाल, भूटान और श्रीलंका सहित तमाम देशों में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर्स सम्मेलन में वह सम्मानित हो चुके हैं। देश के विभिन्न भागों- सूरत (गुजरात), कानपुर, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, इलाहाबाद, जोधपुर, लखनऊ में विभिन्न पदों पर कार्य करने के उपरांत सम्प्रति वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल पद पर कार्यरत हैं।

डाक विभाग में आरम्भ ‘सतर्कता जागरूकता सप्ताह’

डाक विभाग में आरम्भ हुआ ‘सतर्कता जागरूकता सप्ताह’, पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने दिलाई डाककर्मियों को सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा

वाराणसी। केन्द्रीय सतर्कता आयोग द्वारा प्रत्येक वर्ष सरदार वल्लभ भाई पटेल के जन्मदिन पर पड़ने वाले सप्ताह में ‘‘सतर्कता जागरूकता सप्ताह’’ का आयोजन किया जाता है, जिसका उद्देश्य सरकार व समाज के सभी साझेदारों को भ्रष्टाचार जैसी कुप्रथा को रोकने हेतु योगदान देने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ भ्रष्टाचार के दुष्प्रभावों के प्रति भी जागरूक करना है। इसी क्रम में डाक विभाग द्वारा वाराणसी में ‘सतर्कता जागरूकता सप्ताह’ (26 अक्टूबर से 1 नवंबर) का वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने शुभारम्भ किया। उन्होंने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रत्येक क्षेत्र में नीतिपरक कार्य पद्धतियों को बढ़ावा देने, ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और पारदर्शिता बनाये रखने के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहने, भ्रष्टाचार उन्मूलन हेतु निर्बाध रूप से कार्य करने, कार्य से सम्बद्ध नियमों, विनियमों आदि के बारे में सुग्राही बनने, अपने संगठन के विकास एवं प्रतिष्ठा के प्रति सचेत रहने और साथ ही सबंधित पक्षों एवं समाज के अधिकारों व हितों का संरक्षण करने की प्रतिज्ञा दिलाई।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के क्रम में इस वर्ष की थीम ‘स्वतंत्र भारत @75 : सत्यनिष्ठा से आत्मनिर्भरता’ है और डाक विभाग इसे आत्मसात करते हुए सभी मंडलों में मना रहा है। सतर्कता जागरूकता के दौरान लोकहित प्रकटीकरण और मुखबिर संरक्षण (पीआईडीपीआई) के अंतर्गत शिकायतों के विषय में जन जागरूकता के लिए वाराणसी परिक्षेत्र के अंतर्गत डाकघरों में बैनर व पोस्टर लगाये गये हैं। पीआईडीपीआई के अंतर्गत केन्द्र सरकार सहित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और संघ शसित प्रदेशों इत्यादि के कर्मचारियों के विरूद्ध भ्रष्टाचार सम्बन्धी शिकायतें डाकघरों के माध्यम से की जा सकती हैं। इस प्रकार की शिकायतों के लिए शिकायतकर्ता लिफाफे पर पीआईडीपीआई लिखकर सचिव, केन्द्रीय सतर्कता आयोग सतर्कता भवन, ब्लाक-ए जीपीओ कॉम्प्लेक्स, आईएनए नई दिल्ली को सम्बोधित कर सकते हैं। इस दौरान शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है।

सहायक निदेशक (सतर्कता) राम मिलन ने बताया कि सर्तकता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत अधिकारियों/कर्मचारियों हेतु भ्रष्टाचार निवारक उपायों के सम्बन्ध में कार्यशाला, जनपरिवादों के निस्तारण हेतु विशेष आयोजन, कर्मचारियों हेतु क्विज एवं भाषण प्रतियोगिता, तहसील स्तर पर भ्रष्टाचार के दुष्प्रभावों के सम्बन्ध में ग्राम सभा जागरूकता जैसे तमाम कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।

इस अवसर पर सहायक निदेशक कृष्ण चन्द्र, सहायक अधीक्षक (सतर्कता) अजय कुमार, लेखा अधिकारी एमपी वर्मा, सहायक लेखाधिकारी संतोषी राय, जाँच निरीक्षक श्रीकांत पाल, मनीष कुमार, शम्भू कुमार, श्रीप्रकाश गुप्ता, राजेंद्र यादव, अभिलाषा, अजिता सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय डाक सप्ताह: मनाया गया डाक जीवन बीमा दिवस

‘राष्ट्रीय डाक सप्ताह’ के तहत मनाया गया डाक जीवन बीमा दिवस, पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने वितरित किये पॉलिसी बांड

डाक जीवन बीमा दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मियों को पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने किया सम्मानित

वाराणसी। डाक विभाग, जीवन बीमा के क्षेत्र में भी एक लम्बे समय से कार्यरत है। 1 फरवरी 1884 को आरंभ ‘डाक जीवन बीमा’ भारत में सरकारी व अर्द्ध सरकारी कर्मचारियों के लिए सबसे पुरानी बीमा योजना है, जिसका लाभ अब निजी क्षेत्र के प्रोफेशनल्स भी उठा सकते हैं। उक्त उद्गार वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने ‘राष्ट्रीय डाक सप्ताह’ के अंतर्गत ‘डाक जीवन बीमा दिवस’ पर व्यक्त किये। क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी में आयोजित सम्मान समारोह में ‘फील्ड ऑफिसर’ श्रेणी में पूरे उत्तर प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु श्री आर.बी.मौर्या एवं श्री बी.बी. मिश्रा को क्रमशः प्रथम व तृतीय स्थान प्राप्त होने पर पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने चीफ पोस्टमास्टर जनरल उत्तर प्रदेश की तरफ से प्रमाण पत्र व नकद राशि प्रदान कर सम्मानित किया। डाक जीवन बीमा दिवस के अवसर पर वाराणसी परिक्षेत्र के अधीन 6 जनपदों के 62 स्थानों पर आयोजित मेले में 2500 से ज्यादा लोगों ने डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा पॉलिसी ली और बीमाधारकों को पॉलिसी बांड सौंपकर उनके सुखी भविष्य की कामना की गई।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि बीमा के क्षेत्र में भी डाक विभाग नित नये आयाम स्थापित कर रहा है। डाकघरों में लोगों की आयु और आवश्यकता के हिसाब से जीवन बीमा की तमाम योजनायें हैं, जिनमें सुरक्षा, संतोष, सुविधा, युगल सुरक्षा, सुमंगल व चिल्ड्रेन पालिसी शामिल हैं। वाराणसी परिक्षेत्र में डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा में वर्तमान में कुल 1.38 लाख से ज्यादा पॉलिसियाँ संचालित हैं। कोरोना महामारी के दौर में इस वित्तीय वर्ष में 6 हजार से ज्यादा पॉलिसियाँ जारी की गईं। कोरोना महामारी की भयावहता को देखते हुए आज के दौर में जीवन बीमा एक अभिन्न आवश्यकता बन गया है, जिससे भारत सरकार के 100 प्रतिशत स्वामित्व वाले डाक जीवन बीमा की मांग बढती जा रही है। एक अभिनव पहल करते हुए वाराणसी परिक्षेत्र के 205 गाँवों में सभी योग्य लोगों का बीमा करते हुए इन्हें ‘सम्पूर्ण बीमा ग्राम’ बना दिया गया है।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग ने नवीन टेक्नालॉजी अपनाते हुए कोर इंश्योरेंस सर्विस के तहत मैककेमिश सॉफ्टवेयर के माध्यम से बीमा सेवाओं को भी ऑनलाइन बनाया है। अब प्रीमियम की राशि ऑनलाइन जमा की जा सकती है।

डाक जीवन बीमा के अन्तर्गत लाभों की चर्चा करते हुए प्रवर अधीक्षक डाकघर वाराणसी पूर्वी मंडल श्री राजन ने कहा कि निवेश की सुरक्षा पर सरकार की गांरटी, धारा 80 के तहत आयकर में छूट, कम प्रीमियम व अधिक बोनस, पालिसी पर लोन की सुविधा, ऑनलाइन प्रीमियम जमा करने की सुविधा, देश के किसी भी डाकघर में प्रीमियम जमा करने की सुविधा और अग्रिम प्रीमियम पर छूट दी जाती है।

सहायक निदेशक श्री राम मिलन ने बताया कि डाक जीवन बीमा में अधिकतम बीमित सीमा 50 लाख और ग्रामीण डाक जीवन बीमा में 10 लाख है। वाराणसी परिक्षेत्र में 62 विभिन्न जगहों पर डाक बीमा मेले लगाकर ‘डाक जीवन बीमा दिवस’ मनाया गया, जिसमें लोगों को इसके बारे में जागरूक किया गया और लोगों का बीमा भी किया गया।

इस अवसर पर प्रवर डाक अधीक्षक राजन, सहायक निदेशक राममिलन, अधीक्षक डाकघर वाराणसी पश्चिम मंडल संजय वर्मा, लेखा अधिकारी एमपी वर्मा, सहायक लेखा अधिकारी संतोषी राय, सहायक डाक अधीक्षक अजय कुमार मौर्या, डाक निरीक्षक श्रीकांत पाल, विशम्भर नाथ द्विवेदी, श्री प्रकाश गुप्ता, राजेन्द्र यादव सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

16 अक्टूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह

बिजनौर। इस वर्ष 16 अक्टूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह मनाया जा रहा है। इस उपलक्ष्य में बिजनौर मंडल के प्रधान डाकघरों पर सजावट व रौशनी कराई गई है।

अधीक्षक डाकघर मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि  सोमवार को राष्ट्रीय डाक सप्ताह के प्रथम दिवस को बैंकिंग दिवस के रूप में मनाया गया। बिजनौर मंडल में विभिन्न जगह पर डाक मेलों का आयोजन कर सुकन्या खाते खोले गए। मेलों में अधीक्षक डाकघर मुकेश कुमार सिंह, सहायक अधीक्षक धामपुर ईशम सिंह, निरीक्षक डाकघर उत्तरी हीरा सिंह दसीला, निरीक्षक डाकघर दक्षिणी रमेश कुमार, मरगूब अहमद, अवधेश त्यागी, राजेश कुमार, शिवनाथ, अवधेश, बाबू राम, अंकित चौधरी, रचना कपूर आदि उपस्थित रहे। ग्राम रसूलाबाद, एमपी बिल्लौच, छोईया नंगली सहित 21 ग्रामों को संपूर्ण सुकन्या ग्राम घषित किया गया। इसी के साथ शत प्रतिशत छोटी बच्चियों के सुकन्या खाते खुलवाने का लक्ष्य रखा गया।

9 अक्टूबर विश्व डाक दिवस: 9-16 अक्टूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह का आयोजन – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

9 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस, 9-16 अक्टूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह का आयोजन – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में डाक विभाग की अहम भूमिका – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

वाराणसी। डाक विभाग देश के सबसे पुराने विभागों में से एक है जो कि देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह एक ऐसा संगठन है जो न केवल देश के भीतर बल्कि देश की सीमाओं से बाहर अन्य देशों तक पहुँचने में भी हमारी मदद करता है। पूरे विश्व में हर वर्ष 9 अक्टूबर को “अंतर्राष्ट्रीय डाक दिवस” और उसी क्रम में 9-16 अक्टूबर तक भारत में राष्ट्रीय डाक सप्ताह मनाया जायेगा। उक्त जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने दी। इस दौरान ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ के संबंध में भी लोगों को जागरूक किया जायेगा।

इसलिए मनाया जाता है विश्व डाक दिवस

9 अक्टूबर को “अंतर्राष्ट्रीय डाक दिवस” मनाये जाने के बारे में पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि ‘एक विश्व-एक डाक प्रणाली’ की अवधारणा को साकार करने हेतु 9 अक्टूबर, 1874 को ‘यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन’ की स्थापना बर्न, स्विटजरलैण्ड में की गई, जिससे विश्व भर में एक समान डाक व्यवस्था लागू हो सके। भारत प्रथम एशियाई राष्ट्र था, जो कि 1 जुलाई 1876 को इसका सदस्य बना। कालांतर में वर्ष 1969 में टोकियो, जापान में सम्पन्न यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन कांग्रेस में इस स्थापना दिवस को ‘विश्व डाक दिवस’ के रूप में मनाने हेतु घोषित किया गया। तब से पूरी दुनिया में इस दिन को प्रतिवर्ष धूमधाम से मनाया जाता है। विश्व डाक दिवस के क्रम में ही पूरे सप्ताह को राष्ट्रीय डाक सप्ताह के रूप में मनाया जायेगा, इस दौरान तमाम कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।

विश्व डाक दिवस के क्रम में राष्ट्रीय डाक सप्ताह का आयोजन

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि परिक्षेत्र के विभिन्न डाक मंडलों में भी ‘विश्व डाक दिवस’ और तदन्तर 9 से 16 अक्टूबर तक ‘राष्ट्रीय डाक सप्ताह’ का आयोजन किया जा रहा है। इस क्रम में 9 अक्टूबर को ‘विश्व डाक दिवस’, 11 अक्टूबर को बैंकिंग दिवस, 12 अक्टूबर को डाक जीवन बीमा दिवस, 13 अक्टूबर को फिलेटली दिवस, 14 अक्टूबर को व्यवसाय विकास दिवस और 16 अक्टूबर को मेल दिवस के रूप में मनाया जायेगा।

पोस्टमास्टर जनरल श्री यादव ने कहा कि ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ के परिप्रेक्ष्य में इस दौरान क्षेत्रीय, मंडलीय कार्यालय और प्रधान डाकघरों को रोशनी से सुसज्जित करने के साथ-साथ उन पर अमृत महोत्सव का बोर्ड भी प्रदर्शित किया जायेगा। सेवाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं राजस्व अर्जन में वृद्धि पर जोर दिया जायेगा, वहीं उत्कृष्टता हेतु डाक कर्मियों का सम्मान, कस्टमर मीट, डाक सेवाओं की कार्य-प्रणाली को समझने हेतु स्कूली बच्चों द्वारा डाकघरों का भ्रमण, माई स्टैम्प, पेंटिंग व क्विज प्रतियोगिता, बचत बैंक, सुकन्या समृद्धि योजना, इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक व डाक जीवन बीमा मेला, आधार कैम्प इत्यादि तमाम कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।

वाराणसी में डाक सेवाएं

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि वाराणसी में डाक सेवाओं का पुराना इतिहास रहा है। आजादी के पहले से ही डाक सेवाओं ने यहाँ के सामाजिक-आर्थिक परिवेश को प्रभावित किया है। वाराणसी डाक क्षेत्र के अधीन वाराणसी पूर्वी, वाराणसी पश्चिमी, गाजीपुर, जौनपुर और बलिया डाक मंडल अवस्थित हैं। वाराणसी में डाक सेवाओं की महत्ता के मद्देनजर ही वर्ष 2016 में यहाँ पोस्टमास्टर जनरल का पद सृजित किया गया, उससे पहले यहाँ का डाक प्रशासन पोस्टमास्टर जनरल, इलाहाबाद परिक्षेत्र के अधीन था। वाराणसी परिक्षेत्र में कुल 1699 डाकघर हैं, जिनमें से 6 मंडलों के अधीन कुल 6 प्रधान डाकघर, 268 उपडाकघर और 1425 शाखा डाकघर हैं। अकेले वाराणसी जनपद में कुल 252 डाकघर हैं। आज भी वाराणसी प्रधान डाकघर और वाराणसी सिटी डाकघर हेरिटेज भवनों में संचालित हैं। वाराणसी सिटी डाकघर सम्पूर्ण महिला डाकघर के रूप में कार्यरत है। विशेश्वरगंज स्थित प्रधान डाकघर में आज भी आजादी से पहले का लेटर बॉक्स धरोहर रूप में लगाया गया है, वहीं डाक बाँटने हेतु डाकियों द्वारा इस्तेमाल किये गए भाले इत्यादि भी सुरक्षित रखे गए हैं। प्रधान डाकघर में स्थित फिलेटलिक ब्यूरो डाक टिकट संग्रह के शौकीनों हेतु प्रमुख स्थल है, जहाँ तमाम नए-पुराने डाक टिकट प्रदर्शित हैं। डाक विभाग से तमाम मशहूर हस्तियों का भी नाता रहा है। उपन्यास सम्राट के नाम से प्रसिद्ध मुंशी प्रेमचंद के पिताजी भी डाक विभाग में ही कार्य करते थे।

हिन्दी सिर्फ साहित्य नहीं बल्कि विज्ञान व नवाचार की भी भाषा – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

हिन्दी सिर्फ साहित्य नहीं बल्कि विज्ञान व नवाचार की भी भाषा – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

डाक विभाग द्वारा पोस्टमास्टर जनरल कार्यालय, वाराणसी में हुआ हिंदी पखवाड़े का समापन

वाराणसी। सृजन एवं अभिव्यक्ति की दृष्टि से हिंदी दुनिया की अग्रणी भाषाओं में से एक है। हिन्दी अपनी सरलता, सुबोधता, वैज्ञानिकता के कारण ही आज विश्व में दूसरी सबसे बड़ी बोली जाने वाली भाषा है। हिन्दी सिर्फ साहित्य ही नहीं बल्कि विज्ञान से लेकर संचार-क्रांति, सूचना – प्रौद्योगिकी और नवाचार की भाषा भी है। हिंदी हमारी मातृभाषा के साथ-साथ राजभाषा भी है, ऐसे में इसके विकास के लिए जरुरी है कि हम हिंदी भाषा को व्यवहारिक क्रियाकलापों के साथ-साथ राजकीय कार्य में भी प्राथमिकता दें।

उक्त उद्गार वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने डाक विभाग, क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी द्वारा 28 सितंबर को आयोजित ‘हिंदी पखवाड़ा’ के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किये। पोस्टमास्टर जनरल ने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के हिंदी के प्रोफ़ेसर एवं वरिष्ठ हिंदी साहित्यकार डॉ. सदानंद शाही के साथ पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित भी किया।

मुख्य अतिथि के रूप में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के हिंदी के प्रोफ़ेसर एवं वरिष्ठ हिंदी साहित्यकार डॉ. सदानंद शाही ने कहा कि संविधान में वर्णित सभी प्रांतीय भाषाओं का पूर्ण आदर करते हुए इस विशाल बहुभाषी राष्ट्र को एक सूत्र में बांधने में हिन्दी की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में हिंदी भाषा के प्रयोग पर हमें गर्व महसूस करना चाहिए। हिंदी भाषा की सरलता सहज ही अपनी तरफ सभी को आकर्षित कर लेती है। यह ऐसी भाषा है, जिसके माध्यम से समाज का हर वर्ग आसानी से अपनी भावनाओं व विचारों को एक दूसरे तक पहुँचा सकता है।

सहायक निदेशक (राजभाषा) श्री राम मिलन ने बताया कि डाक विभाग की ओर से 14 से 28 सितंबर तक आयोजित हिंदी पखवाडे़ में कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें सभी कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और हिन्दी पखवाड़े को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।

हिंदी पखवाड़ा के दौरान आयोजित कार्यक्रम के विजेताओं को भी इस अवसर पर पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव और प्रो. सदानंद शाही ने सम्मानित किया। हिंदी निबंध प्रतियोगिता में कु.अभिलाषा राजन, श्री प्रकाश गुप्ता, शम्भू कुमार, हिंदी टंकण प्रतियोगिता में कुमारी अजिता, ललित कुमार, विजय कुमार, हिन्दी टिप्पण एवं आलेखन प्रतियोगिता में शम्भू कुमार, मनीष कुमार, राहुल कुमार, हिंदी पत्र लेखन प्रतियोगिता में श्री प्रकाश गुप्ता, शम्भू प्रसाद गुप्ता, श्रवण कुमार सिंह, काव्य पाठ प्रतियोगिता में शम्भू प्रसाद गुप्ता, कुमारी अजिता, मो. नौशाद एवं हिंदी श्रुतलेखन प्रतियोगिता में प्रशांत पाण्डेय, नागेन्द्र कुमार को क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में प्रवर डाकघर अधीक्षक वाराणसी पूर्वी मंडल राजन, डाकघर अधीक्षक वाराणसी पश्चिमी मंडल कृष्ण चन्द्र, सहायक निदेशक (राजभाषा) राम मिलन, लेखा अधिकारी एमपी वर्मा, सहायक अधीक्षक अजय कुमार, सहायक लेखा अधिकारी संतोषी राय, डाक निरीक्षक विश्वम्भर नाथ द्विवेदी, श्रीकांत पाल, प्रमोद कुमार, राजेन्द्र यादव, रामचंद्र, भूपेंद्र, नरेंद्र, पंकज कुमार सहित तमाम विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन गणेश गंभीर ने किया।

डाक अदालत में निपटाए कई मामले

डाक विभाग द्वारा वाराणसी में ‘डाक अदालत’ का आयोजन, पोस्टमास्टर जनरल केके यादव ने लम्बित मामलों में त्वरित कार्यवाही के दिये निर्देश

लखनऊ। डाक सेवाओं के उपभोक्ताओं की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव की अध्यक्षता में डाक अदालत का आयोजन क्षेत्रीय कार्यालय में किया गया। इस डाक अदालत हेतु वाराणसी, चंदौली, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, बलिया जिले में डाक सेवाओं से संबंधित समस्याएं या शिकायतें, लोगों से 21 सितम्बर तक पूर्ण विवरण के साथ उपलब्ध कराने को कहा गया था। इसमें सिर्फ वही मामले लिए जा सकते हैं, जिनका मंडल स्तर पर निस्तारण नहीं हुआ हो। इस क्रम में डाक अदालत में कुल 4 लोगों के आवेदन प्राप्त हुए, जिनका निस्तारण किया गया।

डाक अदालत में प्रथम मामला पुरुषोत्तम कुमार द्वारा उनके टीडीएस भुगतान से संबंधित था, जो कि 1 सितंबर को फाइल कर दिया गया है। अन्य तीन मामले वाराणसी कैंट प्रधान डाकघर में गबन से संबंधित थे, जिसमें सिद्धार्थ पांडेय, ओम प्रकाश पांडेय व श्रीमती पुष्पा पांडेय के 13 खाते शामिल हैं। इनमें से 1 खाते का भुगतान हेतु ज्ञापन जारी किया जा चुका है, वहीं 4 खाते रिस्टोरेशन हेतु सेंटर फॉर एक्सेलेंस इन पोस्टल टेक्नोलॉजी, चेन्नई को भेजे जा चुके हैं। 2 खातों में हस्ताक्षर में भिन्नता होने के कारण फोरेंसिक लैब में भेजने के निर्देश दिए गए हैं तथा 6 खातों में भुगतान की स्वीकृति प्रक्रियाधीन है। पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने प्रक्रियाधीन मामलों में त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। डाक अदालत के दौरान सहायक निदेशक (सतर्कता) राममिलन, जाँच निरीक्षक श्रीकान्त पाल तथा कार्यालय सहायक अजिता कुमारी ने समन्वय एवं सहयोग किया।

तुर्की ने जारी की पीएम मोदी के नाम पर डाक टिकट, सोशल मीडिया पर भ्रामक दावा

तुर्की ने जारी की पीएम मोदी के नाम पर डाक टिकट, सोशल मीडिया पर भ्रामक दावा

तुर्की सरकार द्वारा जारी एक डाक टिकट, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर और भारतीय राष्ट्रध्वज दिखाई दे रहे हैं, सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। डाक टिकट पर नीचे अंकित वाक्य इस प्रकार है- “भारत गणराज्य के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी”। एक ट्विटर उपयोगकर्ता @Pooja09876089 ने इस डाक टिकट की तस्वीर यह कहते हुए ट्वीट की है – “तुर्की ने टिकिट निकाल दिया हमारे यहां गाली देने से ही फुर्सत नहीं है।”

भारतीय जनता पार्टी, असम के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने भी इस डाक टिकट की तस्वीर को ट्वीट करते हुए लिखा कि भारतीय राजनीति के सबसे महान नेताओं में से एक होने के कारण प्रधानमंत्री को बड़ा सम्मान प्रदान किया गया है।

इस डाक टिकट के आधार पर सोशल मीडिया में कई व्यक्तियों ने दावा किया है कि यह तुर्की की प्रतीकात्मक स्वीकृति है कि पीएम मोदी ‘महान नेताओं में से एक हैं’। यह दावा फेसबुक और ट्विटर पर कम से कम नवंबर, 2015 से वायरल हो रहा है।

यह सिर्फ प्रधानमंत्री के लिए नहीं

यह डाक टिकट वास्तव में तुर्की ने जारी किया था, मगर केवल पीएम मोदी के लिए नहीं, जैसा सोशल मीडिया में दावा किया गया है। जी-20 के अंताल्या शिखर सम्मेलन के दौरान, जो 15 नवंबर, 2015 को आयोजित हुआ था, द तुर्किश पोस्टेज (PTT) द्वारा स्मारक शृंखला के तहत इस शिखर सम्मेलन में उपस्थित सभी नेताओं के व्यक्तिगत डाक टिकट जारी किए गए थे।

जी-20 तुर्की के आधिकारिक हैंडल ने भी इस विशेष संस्करण स्टाम्प संग्रह की एक तस्वीर पोस्ट की थी।

बिजनेस टुडे द्वारा 19 नवंबर, 2015 को प्रकाशित एक लेख के अनुसार, “कुल मिलाकर, दुनिया और यूरोपीय संघ की 19 सबसे बड़ी और शक्तिशाली अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं सहित 33 टिकट जारी किए गए थे।” (अनुवाद)

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो, जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल और जापानी प्रधानमंत्री शिंजो अबे जैसे अन्य प्रमुख विश्व नेताओं के डाक टिकट भी जारी किए गए थे।

भ्रामक कैप्शन

गौरव प्रधान और आलोक गुप्ता, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फॉलो किया जाता है, ने उसी सन्देश के साथ इस तस्वीर को ट्वीट किया है।

हालांकि, यह सच है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का व्यक्तिगत डाक टिकट जारी किया गया था, मगर, यह बताना कि यह भारतीय राजनीति के “सबसे महान नेताओं में एक” के सम्मान में था, केवल अतिशयोक्ति है। यह कोई पहली बार नहीं है, जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री को अंतर्राष्ट्रीय डाक टिकट में छापा गया है। जी-20 शिखर सम्मेलन में उपस्थित सभी विश्व नेताओं पर जारी स्मारक डाक टिकट को वर्तमान प्रधानमंत्री द्वारा अर्जित विशेष और अनूठी स्वीकृति के रूप में दर्शाने का प्रयास, सोशल मीडिया में चल रहे राजनीतिक प्रचार को रेखांकित करता है।

भाईयों के लिए बहनें स्पीड पोस्ट से भेज रही राखियाँ

राखी के धागों की अहमियत बरकरार, देश के साथ-साथ विदेशों में भी भाईयों के लिए भी बहनें स्पीड पोस्ट से भेज रही राखियाँ

विदेशों में भी राखी का क्रेज : डाकघरों द्वारा अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर सहित तमाम देशों में भेजी जा रही राखियाँ

विदेशों में भी भाईयों की कलाई पर सजेगी राखी, डाकघरों द्वारा अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर सहित तमाम देशों में भेजी गई राखियाँ

राखी त्यौहार के मद्देनजर रविवार (22 अगस्त) को भी होगा राखी डाक का वितरण – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

रेशम के धागों ने सोशल मीडिया पर चल रही वर्चुअल राखियों को बौना साबित कर दिया है। वाट्सएप, फेसबुक, स्काइप, टेलीग्राम जैसे बड़े सोशल प्लेटफॉर्म को छोडकर बहनें, भाईयों की कलाइयाँ सजाने के लिए डाक से रंग-बिरंगी राखियाँ भेजना पसंद कर रही हैं। डाक विभाग भी इसके लिए मुस्तैद है और तमाम तैयारियाँ किए हुये है। वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र से अब तक 50 हजार से ज्यादा राखियॉं विभिन्न डाकघरों से बुक होकर देश-विदेश में भेजी गईं।

राखी का क्रेज देश से बाहर विदेशों में भी खूब है। पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि वाराणसी से विदेशों के लिए भी स्पीड पोस्ट और रजिस्टर्ड डाक द्वारा राखियाँ भेजी जा रही हैं। इस माह में 500 से अधिक राखियाँ वाराणसी के डाकघरों द्वारा विदेशों के लिए बुक की गईं। इनमें ज्यादातर राखियाँ संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, जर्मनी, फ़्रांस, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका इत्यादि देशों में भेजी गई हैं। वहीं विदेशों में रह रही बहनें भी वाराणसी में अपने भाईयों को राखी भेज रही हैं, जो डाक विभाग के माध्यम से तुरंत वितरित हो रही हैं। विदेशों में राखियाँ भेजने के लिए बहनें पहले से ही तैयारी करने लगती हैं, ताकि सही समय पर भाईयों को राखी पहुँच जाये और उनकी कलाई सूनी न रहे।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि राखी डाक की बुकिंग के साथ-साथ स्पेशल सॉर्टिंग और इनके त्वरित वितरण हेतु डाकघरों से लेकर रेलवे मेल सर्विस और नेशनल सॉर्टिंग हब तक में विशेष प्रबंध किये गए हैं। राखी त्यौहार के मद्देनजर रविवार (22 अगस्त) को भी डाकियों द्वारा राखी डाक का वितरण किया जायेगा, ताकि किसी भाई की कलाई सूनी न रहे।

वाराणसी में डाक विभाग ने मनाया आजादी का अमृत महोत्सव

ध्वजारोहण करते वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

वाराणसी। स्वतंत्रता दिवस की 75 वीं वर्षगांठ आजादी का अमृत महोत्सव के रूप में डाक विभाग द्वारा हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। वाराणसी कैंट प्रधान डाकघर परिसर में आयोजित समारोह में वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 27 डाककर्मियों को सम्मानित किया गया।

वाराणसी कैंट प्रधान डाकघर परिसर में आयोजित समारोह में उपस्थित विभागीय कर्मी

आजादी को नए सिरे से करें महसूस- इस अवसर पर पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, स्वतंत्रता दिवस सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि गौरव और सम्मान का प्रतिमान है। हम अपने क्षेत्र में ईमानदारी से कार्य करते हुए और लोगों की मदद करके भी देश की प्रगति में अपना योगदान दे सकते हैं। अमृत महोत्सव हमें यह अवसर देता है कि हम आजादी को नए सिरे से महसूस करें और अधिकारों के साथ कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक हों। स्वाधीनता के मूल्य को पहचानने और देश के लिए त्याग व बलिदान देने वाले महापुरुषों को याद करते हुए नई पीढ़ी को जोड़ने का कार्य भी करना होगा।

वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

पोस्टमास्टर जनरल ने कहा कि भारत सरकार की तमाम कल्याणकारी योजनाएं डाकघरों के माध्यम से संचालित हो रही हैं। इन्हें समाज के सभी लोगों तक पहुंचाकर हम लोगों को उनका अधिकार दिला सकते हैं और अपने कर्तव्यों की पूर्ति कर सकते हैं। यही स्वतंत्रता दिवस की असली सार्थकता होगी।

सम्मानित होने वाले विभागीय अधिकारी व कर्मचारी

27 डाककर्मियों का सम्मान- कार्यक्रम के दौरान पोस्टमास्टर जनरल श्री यादव ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 27 डाककर्मियों को सम्मानित किया। इनमें क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी के सहायक निदेशक राम मिलन, सहायक अधीक्षक अजय कुमार, सहायक लेखाधिकारी संतोषी राय, जांच निरीक्षक विश्वम्भर नाथ द्विवेदी, श्रीकांत पाल, कार्यालय सहायक श्रवण कुमार सिंह, ललित कुमार सिंह, शम्भू प्रसाद गुप्ता, शम्भू कुमार, शशिकांत वर्मा, विजय कुमार, राकेश कुमार, वाराणसी पूर्व मंडल के डाक सहायक शोभनाथ, अतुल कुमार मौर्या, अनिल कुमार शर्मा, सुयष मिश्रा, डाक अधिदर्शक महेश प्रसाद शुक्ला, पोस्टमैन खदेरन यादव, निखिल कुमार, एमटीएस दिनेश तिवारी, ग्रामीण डाक सेवक अनुज कुमार, सुरेश कुमार एवं वाराणसी पश्चिम मंडल के डाक अधिदर्शक संजय कुमार, ग्रामीण डाक सेवक दीपू शर्मा, प्रीती गुप्ता, सुरेन्द्र कुमार सिंह, मो. हफीज़ अहमद शामिल रहे।

कार्यक्रम में वाराणसी पूर्व मंडल के प्रवर डाकघर अधीक्षक राजन, वाराणसी पश्चिम मंडल के डाकघर अधीक्षक कृष्ण चंद्र, सहायक निदेशक राम मिलन, सीनियर पोस्टमास्टर चंद्रशेखर सिंह बरुआ, पोस्टमास्टर कैंट प्रधान डाकघर आरएस वर्मा के अलावा अन्य अधिकारी-कर्मचारी सम्मिलित हुए।

अब घर बैठे डाकिया के माध्यम से कराएं बाइक और वाहन का बीमा – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

अब घर बैठे डाकिया के माध्यम से कराएं बाइक और वाहन का बीमा – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

लखनऊ। अगर आपको कार या बाइक का बीमा कराना है तो किसी बीमा कंपनी कार्यालय के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है, बल्कि घर बैठे डाक विभाग के द्वारा वाहन बीमा कराया जा सकता है। आपके क्षेत्र का डाकिया चंद मिनट में स्मार्ट फोन के माध्यम से वाहन बीमा कर देगा और कोई अतिरिक्त चार्ज भी नहीं लेगा। इसके लिए इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक का खाता होना जरुरी है या निकट संबंधी के आईपीपीबी खाते से भी भुगतान संभव है। डाक विभाग ने इस हेतु दो बीमा कंपनियों बजाज आलियांज और टाटा एआइजी जनरल इंश्योरेंस के साथ करार किया है। उक्त जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने दी।

अब सब कुछ तत्काल- पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाकिया घर पहुँचकर ग्राहक से वाहन की आरसी के साथ उसका मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, नॉमिनी का विवरण और इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक खाता संख्या लेगा और अपने स्मार्ट फोन (माइक्रो एटीएम) से वाहन का तत्काल बीमा कर देगा। बीमा की धनराशि ग्राहक के आईपीपीबी खाते से डेबिट हो जायेगी और बीमा पालिसी ग्राहक के ईमेल आईडी पर तत्काल पहुँच जाएगी। डाक विभाग द्वारा कराया जाने वाला बीमा पूर्णतः पेपरलेस होगा। बीमा कराने के लिये किसी प्रकार की कागजी कार्रवाई की जरूरत नहीं होगी। वाराणसी परिक्षेत्र में 6 अगस्त को इसके लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाकर लगभग 100 वाहनों का बीमा डाककर्मियों द्वारा किया गया।

घर आ जाएगा डाकिया- पोस्टमास्टर जनरल श्री यादव ने बताया कि, वाहन बीमा की सुविधा प्रधान डाकघर, उप डाकघर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित शाखा डाकघर से भी ली जा सकती है। इसके साथ ही अगर ग्राहक डाकघर तक पहुँचने में असमर्थ है तो घर पर भी डाकिया को बुलाकर वाहन का बीमा करा सकते हैं। इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। डाकिया का अगर पर्सनल नंबर है तो उस पर कॉल कर दें, अन्यथा इंडिया पोस्ट पैमेंट्स बैंक सेवा के टोल फ्री-नंबर 155299 पर कॉल करके डाकिया को घर बुला सकते हैं। वाराणसी परिक्षेत्र में फ़िलहाल इसके लिए 212 डाककर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है और अन्य डाककर्मियों को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है।

वाटरप्रूफ डिजायनर राखी, लिफाफे, डाकघरों से शुरू होगी बिक्री

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने जारी किए वाटरप्रूफ डिजायनर राखी लिफाफे, डाकघरों से शुरू होगी बिक्री

पहल : डाक विभाग द्वारा राखी भेजने हेतु वाटरप्रूफ डिजायनर लिफाफे, मूल्य मात्र ₹10

कोरोना संक्रमण के दौर में डाक विभाग ने आसान की बहनों की मुश्किलें, अब वाटरप्रूफ डिजायनर लिफाफे में भेजें राखी

वाराणसी। कोरोना संक्रमण के बीच भाई-बहन के प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व 22 अगस्त को मनाया जायेगा और इसके लिए डाक विभाग ने अभी से तैयारियाँ आरंभ कर दी हैं। इसी क्रम में वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने विशेष रुप से निर्मित रंगीन डिजाइनर वाटरप्रूफ राखी लिफाफे कैंट प्रधान डाकघर में आयोजित एक कार्यक्रम में जारी किए। अब वाराणसी परिक्षेत्र के डाकघरों में बिक्री के लिए ये उपलब्ध होंगे।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि ये डिजानइर राखी लिफाफे वाटर प्रूफ तथा सुरक्षा की दृष्टि से मजबूत हैं, जिससे बारिश के मौसम में भी बहनों द्वारा भेजी गई राखियाँ सुदूर रहने वाले भाइयों तक सुरक्षित पहुँच सकें। 11 सेमी X 22 से.मी. आकार के इन राखी लिफाफों का मूल्य दस रुपया मात्र है, जो डाक शुल्क के अतिरिक्त है। वाटरप्रूफ लिफाफे के बाएं हिस्से के ऊपरी भाग में भारतीय डाक के लोगो और रक्षाबंधन की डिजाइन के साथ अंग्रेजी में राखी लिफाफा और नीचे दाहिने तरफ ‘हैप्पी राखी’ लिखा गया है। पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि रंगीन और डिजाइनदार होने की वजह से इन्हें अन्य डाक से अलग करने में समय की बचत और रक्षाबन्धन पर्व के पूर्व वितरण कराने में भी सहूलियत होगी।

सहायक निदेशक श्री संजय वर्मा ने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र में सभी प्रधान डाकघरों को बिक्री के लिए राखी लिफाफे भिजवाए जा रहे हैं, जहाँ से डाक अधीक्षक आवश्यकतानुसार इसे अन्य डाकघरों में भी बिक्री के लिए उपलब्ध कराएंगे। कैंट प्रधान डाकघर में लिफाफे खरीदने आई रश्मि श्रीवास्तव ने कहा कि कोविड 19 के संक्रमण दौर में दूर शहर में नौकरी करने वाले अपने भाईयों को अब इस डिजाइनर लिफाफे के माध्यम से डाक विभाग द्वारा राखी भेजकर निश्चिन्त हो सकेंगी।

डाक विभाग का महालॉगिन अभियान: वाराणसी परिक्षेत्र में खुले एक दिन में 6 हजार से ज्यादा इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक खाते

डाक विभाग का महालॉगिन अभियान : वाराणसी परिक्षेत्र में खुले एक दिन में 6 हजार से ज्यादा इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक खाते, घर बैठे पेपरलेस खाते खोल रहा डाक विभाग

डाकिया बना चलता-फिरता बैंक, कोरोना वॉरियर्स के रूप में अब नई भूमिका – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

लखनऊ। डाक विभाग द्वारा वाराणसी परिक्षेत्र में विशेष महालॉगिन अभियान चलाकर एक ही दिन में 12 जुलाई को छ: हजार से ज्यादा लोगों के इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक खाते खुलवाए गए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देते हुए मात्र आधार व मोबाईल नम्बर द्वारा ये पेपरलेस खाते खोले गए।

उक्त जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्रीकृष्ण कुमार यादव ने दी। वाराणसी परिक्षेत्र में अब तक 3.72 लाख लोग इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक से जुड़ चुके हैं और घर बैठे इसकी सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। अब आईपीपीबी खाते में अधिकतम राशि 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख कर दी गई है।

पोस्टमास्टर जनरल श्रीकृष्ण कुमार यादव ने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंटस बैंक के माध्यम से हर किसी के लिए घर से लेकर खेतों तक सहजता से डिजिटल और पेपरलेस बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे लोगों को भविष्य में भी घर बैठे आईपीपीबी के माध्यम से डीबीटी राशि प्राप्त करने में आसानी होगी। इस खाते के माध्यम से मोबाईल व डीटीएच रिचार्ज, बिजली व पानी बिल भुगतान जैसी तमाम सुविधाएँ मिलेंगी। जहाँ कोई नहीं पहुँचता, वहाँ डाकिया पहुँच रहा है। अब डाकिया और ग्रामीण डाक सेवक चलते- फिरते बैंक बन गए हैं।

पोस्टमास्टर जनरल श्री यादव ने बताया कि इसी क्रम में आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम द्वारा अन्य बैंकों में प्राप्त डीबीटी राशि या जमा राशि का भी माइक्रो एटीएम द्वारा भुगतान किया जा रहा है। इसके लिए भी 10 जुलाई को पूरे वाराणसी परिक्षेत्र में विशेष महालॉगिन अभियान चलाकर 1 करोड़ 73 लाख रुपये की राशि लोगों उनके दरवाजे पर उपलब्ध कराई गई। इससे कुल 10,650 लोग लाभान्वित हुए। कोरोना महामारी के दौरान अब तक डाक विभाग इसके तहत 10 लाख से ज्यादा लोगों को 314 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान कर चुका है।

‘नेशनल पोस्टल वर्कर्स डे’ आज: अपने क्षेत्र के डाक कर्मियों को धन्यवाद कहना न भूलें

नेशनल पोस्टल वर्कर्स डे’ : डाककर्मियों की भूमिका में हुए तमाम बदलाव, निभा रहे ‘कोरोना योद्धा’ की भूमिका

‘नेशनल पोस्टल वर्कर्स डे’ पर अपने क्षेत्र के डाककर्मियों को धन्यवाद कहना न भूलें

चिट्ठी-पत्री बाँटने वाला डाकिया हुआ स्मार्ट, हाथ में स्मार्ट फोन व बैग में डिजिटल डिवाइस के साथ नई भूमिका

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। कभी आपने सोचा है कि आपके क्षेत्र का डाकिया कितनी मुश्किलों के बीच आपके दरवाजे तक डाक पहुँचाता है। कभी आपने अपने डाकिया बाबू को इसके लिए धन्यवाद कहा है ! यदि नहीं तो 1 जुलाई को आप ‘नेशनल पोस्टल वर्कर्स डे’ के दिन उसका आभार व्यक्त कर सकते हैं। ‘नेशनल पोस्टल वर्कर डे’ की अवधारणा अमेरिका से आई, जहाँ वाशिंगटन राज्य के सीऐटल शहर में वर्ष 1997 में कर्मचारियों के सम्मान में इस विशेष दिवस की शुरुआत की गई । धीरे-धीरे इसे भारत सहित अन्य देशों में भी मनाया जाने लगा। यह दिन दुनिया भर में डाक कर्मियों द्वारा की जाने वाली सेवा के सम्मान में मनाया जाता है।

वाराणसी क्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक सेवाओं ने संचार के क्षेत्र में पूरी दुनिया में अपनी अहम भूमिका निभाई है। जब संचार के अन्य साधन नहीं थे, तो डाक सेवाएँ ही दुनिया भर में लोगों के बीच संवाद का अहम जरिया थीं। आज भी डाककर्मी उतनी ही तन्मयता से लोगों तक पत्रों, पार्सल और मनीऑर्डर के रूप में जरूरी चीजें पहुँचाने का कार्य कर रहे हैं। जाड़ा, गर्मी, बरसात की परवाह किये बिना सुदूर क्षेत्रों, पहाड़ी, मरुस्थली और दुर्गम क्षेत्रों में डाक सेवाएँ प्रदान करने के साथ-साथ दरवाजे पर जाकर डाक वितरण कर रहे हैं। नियुक्ति पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार, चेक बुक, एटीएम जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ-साथ विभिन्न मंदिरों के प्रसाद और टीबी बलगम तक डाकियों द्वारा पहुँचाये जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण के दौर में दवाओं, मास्क, पीपीई किट्स, कोरोना किट्स के वितरण से लेकर घर-घर बैंकिंग सेवा पहुँचाने वाले डाककर्मी अब ‘कोरोना योद्धा’ बन गए हैं, जो कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी भी इसके लिए डाककर्मियों की सराहना कर चुके हैं।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग का सबसे मुखर चेहरा डाकिया है। डाकिया की पहचान चिट्ठी-पत्री और मनीऑर्डर बाँटने वाली रही है, पर अब डाकिए के हाथ में स्मार्ट फोन है और बैग में एक डिजिटल डिवाइस भी है। इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के शुभारम्भ के बाद आर्थिक और सामाजिक समावेशन के तहत पोस्टमैन चलते-फिरते एटीएम के रूप में नई भूमिका निभा रहे हैं। वाराणसी परिक्षेत्र में लगभग 2400 डाकिया लोगों के दरवाजे पर हर रोज दस्तक लगाते हैं। सामान्य दिनों में प्रति माह साढ़े 4 लाख तो कोविड काल के दौरान 1 लाख 70 हजार स्पीड पोस्ट, पंजीकृत पत्र वितरित किये जाते हैं। इसके अलावा प्रतिमाह लगभग 12 लाख साधारण पत्रों का वितरण भी डाकियों द्वारा वाराणसी परिक्षेत्र में किया जाता है। ई-कामर्स को बढ़ावा देने हेतु कैश ऑन डिलीवरी, लेटर बाक्स से नियमित डाक निकालने हेतु नन्यथा मोबाईल एप एवं डाकियों द्वारा एण्ड्रोयड बेस्ड स्मार्ट फोन आधारित डिलीवरी जैसे तमाम कदम डाक विभाग की अभिनव पहल हैं।

मनुष्य के मानसिक, शारीरिक व आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाता है योग: पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

मनुष्य के मानसिक, शारीरिक व आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाता है योग – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

डाक विभाग ने ‘बी विद योगा, बी एट होम’ के तहत मनाया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, चिट्ठियों पर लगी विशेष मुहर

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने जारी किया स्पेशल कैंसिलेशन, चिट्ठियों ने भी किया लोगों को जागरूक

कोरोना महामारी के दौर में योग को अपनाकर स्वस्थ भारत के निर्माण में बनें सहभागी -पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव स्पेशल कैंसिलेशन जारी करते हुए

वाराणसी। ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ पर डाक विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने कोविड प्रोटोकाल के तहत घर पर रहकर योग दिवस मनाया। कोरोना महामारी के चलते इस वर्ष भारत सरकार ने लोगों से ‘बी विद योगा, बी एट होम’ का अनुपालन करते हुए 21 जून को सातवाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने की अपील की थी। इसी क्रम में वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव सहित अधिकारियों कर्मचारियों ने घर पर योग किया और लोगों को भी इस ओर प्रेरित किया।

सपरिवार योग करते हुए पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

इसी क्रम में लोगों को योग दिवस की महत्ता बताने हेतु कैण्ट प्रधान डाकघर में पोस्टमास्टर जनरल ने विशेष विरूपण (स्पेशल कैंसिलेशन) भी जारी किया, जिसे सभी प्रधान डाकघरों में योग दिवस के दिन प्राप्त होनी वाली समस्त डाक पर लगाया गया। वेबिनार के माध्यम से भी डाककर्मियों को योगाभ्यास कराया गया।

सपरिवार योग करते हुए पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

इस अवसर पर पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, योग जीवन का वह दर्शन है,जो मनुष्य को उसकी आत्मा से जोड़ता है और मनुष्य के मानसिक, शारीरिक व आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाता है। योग न सिर्फ हमें नकारात्मकता से दूर रखता है अपितु हमारे मनोमस्तिष्क में अच्छे विचारों का निर्माण भी करता है। श्री यादव ने कहा कि, कोरोना महामारी के दौर में योग का महत्त्व और अधिक बढ़ जाता है, जिसे अपनाकर हम सभी को स्वस्थ भारत के निर्माण में सहभागी बनना चाहिए। डाक विभाग के अधिकारी-कर्मचारी इस समय ‘कोरोना वॉरियर्स’ के रूप में कार्य करते हुए फील्ड में तमाम सेवाएँ दे रहे हैं, ऐसे में ‘योग फॉर वेलनेस’ की भावना उन्हें और भी मजबूत बनाएगी।

सपरिवार योग करते हुए पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

सहायक निदेशक राम मिलन ने कहा कि, भारतीय संस्कृति की अमूल्य और विलक्षण धरोहर एवं मानव के उत्तम स्वास्थ्य का आधार योग है। वाराणसी पश्चिमी मंडल के अधीक्षक डाकघर संजय कुमार वर्मा ने कहा कि मानसिक व शारीरिक लाभ के साथ नैतिक बल भी प्रदान करने वाली योग पद्धति ने कोरोना महामारी में बहुत संबल प्रदान किया है। इस अवसर पर कैण्ट प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर रमाशंकर वर्मा, सहायक अधीक्षक अजय कुमार, सहायक लेखा अधिकारी संतोषी राय, डाक निरीक्षक श्रीकांत पाल, वीएन द्विवेदी, श्री प्रकाश गुप्ता, भी उपस्थित रहे।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस: 21 जून को डाक विभाग जारी करेगा विशेष विरूपण

(चित्र में : डाक विभाग द्वारा प्रथम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 2015 में जारी डाक टिकट)

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का महत्व बताने हेतु 21 जून को डाक विभाग जारी करेगा विशेष विरूपण – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

चिट्ठियाँ करेंगी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के प्रति लोगों को जागरूक, डाक विभाग लगाएगा विशेष मुहर

वाराणसी। 7वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को यादगार बनाने हेतु डाक विभाग सभी प्रधान डाकघरों में 21 जून को प्रत्येक डाक पर एक विशेष विरूपण (स्पेशल कैंसिलेशन) लगाएगा। योग के महत्व को लोगों तक पहुँचाने के लिए विभाग ने यह प्रयास किया है। योग दिवस के दिन वाराणसी प्रधान डाकघर और कैण्ट प्रधान डाकघर सहित देश के सभी 810 प्रधान डाकघरों में इस विशेष विरूपण को सचित्र डिजाइन के साथ जारी किया जाएगा, जो जन जागरूकता फ़ैलाने के साथ-साथ डाक टिकट संग्रह करने वालों के लिए भी विशेष धरोहर होगा। उक्त जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने दी। इसके अलावा विभिन्न डाकघरों में बैनर और एलईडी के माध्यम से भी योग दिवस के संबंध में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। एस्पिरेशनल जनपद के रूप में चंदौली के सकलडीहा में डाक विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में योग हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि, ‘योग’ एवं ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ डाक टिकट संग्रह के लिए भी लोकप्रिय विषय बन गया है। वर्ष 2015 में भारतीय डाक विभाग ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर दो डाक टिकट एवं एक मिनिएचर शीट का सेट जारी किया था। वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सूर्य नमस्कार पर स्मारक डाक टिकट जारी किया गया। वर्ष 2017 में संयुक्त राष्ट्र डाक प्रशासन ने योग के दस आसनों को दिखाते हुए न्यूयार्क में डाक टिकट जारी किया। वर्तमान में ये सभी डाक टिकट और उनसे जुड़ी चीजें फिलेटलिस्ट्स के संग्रह का अभिन्न अंग बन चुकी हैं। श्री यादव ने कहा कि, कोई भी इच्छुक व्यक्ति आसानी से फिलाटेलिक जमा खाता देश के किसी भी डाकघर में 200 रुपए जमा कर खुलवा सकता है और स्मारक डाक टिकट एवं अन्य फिलेटलिक सामग्री को घर बैठे प्राप्त कर सकता है ।

अब स्पीड पोस्ट से अस्थि विसर्जन

वाराणसी, प्रयागराज, हरिद्वार एवं गया में अस्थि विसर्जन हेतु डाक विभाग से भेज सकेंगे स्पीड पोस्ट, ओम दिव्य दर्शन संस्था द्वारा कराया जायेगा अस्थि विसर्जन व श्राद्ध कर्मकांड – पोस्टमास्टर जनरल केके यादव

कोरोना संक्रमण के बीच मृतक के परिवार वालों हेतु विशेष सहूलियत, वाराणसी, प्रयागराज, हरिद्वार एवं गया में अस्थि विसर्जन हेतु डाक विभाग से भेज सकेंगे स्पीड पोस्ट -पोस्टमास्टर जनरल केके यादव

वाराणसी। कोरोना संक्रमण के दौर में तमाम लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया, पर विधिवत उनका अंतिम संस्कार नहीं कर पाए। हिन्दू धर्म में पवित्र गंगा नदी में अस्थि विसर्जन की परम्परा है और लोग वाराणसी, प्रयागराज, हरिद्वार एवं गया में अस्थि विसर्जन और श्राद्ध कर्मकांड करके मृतात्माओं को शांति दिलाते हैं।कोविड महामारी के इस दौर में अब डाक विभाग ने ओम दिव्य दर्शन नामक सामाजिक-धार्मिक संस्था से मिलकर ऐसे लोगों हेतु पहल की है। देश के किसी भी कोने से अब अस्थियाँ डाकघरों से स्पीड पोस्ट के माध्यम से इन जगहों पर भेजी जा सकेंगीं, जिनका विधिवत कर्मकांड ओम दिव्य दर्शन संस्था द्वारा संपन्न किया जायेगा। उक्त जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने दी।

वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि, इस सुविधा को प्राप्त करने हेतु इच्छित व्यक्ति को ओम दिव्य दर्शन संस्था के पोर्टल htpp://omdivysdarshan.org पर अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद उक्त व्यक्ति द्वारा डाकघर के माध्यम से अस्थियों का पैकेट स्पीड पोस्ट से वाराणसी, प्रयागराज, हरिद्वार एवं गया भेजा जा सकेगा। अस्थि पैकेट को अच्छी तरह से पैक कर इस पर मोटे अक्षरों में ‘ओम दिव्य दर्शन’ अंकित करना होगा, ताकि इसे अलग से पहचाना जा सके। पैकेट पर प्रेषक अपना पूर्ण नाम, पता, मोबाइल नंबर इत्यादि लिखेगा। स्पीड पोस्ट का चार्ज प्रेषक द्वारा ही वहन किया जाएगा। श्री यादव ने बताया कि स्पीड पोस्ट बुक करने के बाद प्रेषक को ओम दिव्य दर्शन संस्था के पोर्टल पर स्पीड पोस्ट बार कोड नंबर सहित बुकिंग डिटेल्स अपडेट करना होगा। डाकघर में पैकेट प्राप्त होने के बाद इसे ओम दिव्य दर्शन के पते पर वितरित कर दिया जायेगा। तत्पश्चात, ओम दिव्य दर्शन संस्था द्वारा इसे पंडितों के माध्यम से इसका विधिवत अस्थि विसर्जन एवं श्राद्ध संस्कार पूर्व निर्धारित समय के अनुसार किया जायेगा, जिसे वेबकास्ट के माध्यम से मृतक के परिवार वाले भी देख सकेंगे। सारे संस्कारों के बाद संस्था द्वारा मृतक के परिवार को डाकघर द्वारा एक बोतल गंगा जल भी भेजा जायेगा।

प्रकृति का संतुलन बरकरार रखने के लिए वृक्षारोपण जरुरी: पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

प्रकृति का संतुलन बरकरार रखने के लिए वृक्षारोपण जरुरी – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

पर्यावरण शुद्ध रहेगा तो आचरण भी शुद्ध रहेगा – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

कोरोना महामारी के दौर में मानव व पर्यावरण के संबंधों पर पुनर्विचार की जरूरत – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

डाक विभाग ने मनाया ‘विश्व पर्यावरण दिवस’, पोस्टमास्टर जनरल केके यादव ने डाककर्मियों से की पौधा लगाने की अपील

वाराणसी। पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण बेहद जरुरी है। वृक्ष न सिर्फ हमारे पर्यावरण को शुद्ध करते हैं, बल्कि जीवन के लिए उपयोगी प्राणवायु भी उपलब्ध कराते हैं। कोरोना महामारी ने भी यही चेताया है कि पर्यावरण से खिलवाड़ घातक है। ऐसे में सम्पूर्ण धरा और प्रकृति को सुरक्षित व संतुलित रखने हेतु हमें पर्यावरण के प्रति लोगों को सजग बनाना होगा। उक्त उद्गार वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ पर वाराणसी कैण्ट प्रधान डाकघर कैम्पस में पौधारोपण करते हुए व्यक्त किये। इस अवसर पर डाक विभाग के तमाम अधिकारियों कर्मचारियों ने भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, कोरोना महामारी के दौर में मनुष्य और पर्यावरण के संबंधों पर पुनर्विचार करने की जरूरत है। भारतीय परंपरा में पेड़-पौधों को परमात्मा का प्रतीक मान कर उनकी पूजा का विधान बनाया गया है। पर्यावरण शुद्ध रहेगा तो आचरण भी शुद्ध रहेगा। पर्यावरण को शुद्ध और प्रदूषण मुक्त रखने में वृक्षों का महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे में हर व्यक्ति की यह जिम्मेदारी है कि वह एक पौधा अवश्य लगाए।

पोस्टमास्टर जनरल ने इस अवसर पर डाककर्मियों से पर्यावरण में बढ़ रहे प्रदूषण और उसके चलते पैदा हो रही विसंगतियों की ओर ध्यान आकर्षित करके हर डाककर्मी से पौधारोपण द्वारा उनके निवारण में भागीदार बनने का भी आह्वान किया। श्री यादव ने कहा कि हमारी परंपरा में एक वृक्ष को दस संतानों के समान माना गया है, क्योंकि वृक्ष पीढ़ियों तक हमारी सेवा करते हैं। उन्होंने कहा कि पौधारोपण और उनके रक्षण के दायित्व का निर्वाह कर सृष्टि को भावी विनाश से बचाया जा सकता है ।

इस अवसर पर वाराणसी पश्चिमी मंडल के अधीक्षक डाकघर संजय कुमार वर्मा, सहायक निदेशक राम मिलन, सहायक डाक अधीक्षक अजय कुमार, जाँच निरीक्षक श्रीकांत पाल, कैण्ट प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर रमाशंकर वर्मा, राजेंद्र यादव, श्री प्रकाश गुप्ता, राकेश कुमार सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

डाक विभाग की पहल: श्री काशी विश्वनाथ के बाद अब श्री सोमनाथ आदि ज्योतिर्लिंग मंदिर का प्रसाद भी स्पीड पोस्ट से

डाक विभाग की पहल : श्री काशी विश्वनाथ के बाद अब श्री सोमनाथ आदि ज्योतिर्लिंग मंदिर का प्रसाद भी स्पीड पोस्ट से

₹ 251 का ई-मनीऑर्डर भेजकर स्पीड पोस्ट से मँगायें सोमनाथ आदि ज्योतिर्लिंग मंदिर का प्रसाद

कोरोना संक्रमण के इस दौर में लोगों के लिए मंदिरों में जाना मुश्किल है। ऐसे में डाक विभाग ने पहल करते हुए तमाम प्रमुख मंदिरों के प्रसाद को स्पीड पोस्ट द्वारा भिजवाने की व्यवस्था की है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी के बाद अब गुजरात के पाटन में स्थित श्री सोमनाथ आदि ज्योतिर्लिंग मंदिर का प्रसाद भी श्रद्धालु घर बैठे स्पीड पोस्ट से मंगा सकेंगे। उक्त जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्रीकृष्ण कुमार यादव ने दी।

पोस्टमास्टर जनरल श्रीकृष्ण कुमार यादव ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट की भाँति श्री सोमनाथ ट्रस्ट ने भी कोरोना महामारी के समय श्रद्धालुओं को घर बैठे प्रसाद उपलब्ध कराने हेतु भारतीय डाक विभाग से एक समझौता किया है। इस समझौते के तहत कोई भी श्रद्धालु मैनेजर, श्री सोमनाथ ट्रस्ट, प्रभास पाटन, जिला- जूनागढ़, गुजरात-362268 को 251 रुपए का ई-मनीऑर्डर कर स्पीड पोस्ट द्वारा प्रसाद मंगा सकता है। इस ई-मनीऑर्डर पर “प्रसाद के लिए बुकिंग’ अंकित करना होगा। तदोपरांत श्री सोमनाथ ट्रस्ट द्वारा द्वारा संबंधित श्रद्धालु को 400 ग्राम का प्रसाद का पैकेट स्पीड पोस्ट द्वारा भेजा जायेगा। इस प्रसाद में 200 ग्राम बेसन लड्डू, 100 ग्राम तिल की चिक्की और 100 ग्राम मावा की चिक्की रहेगी। यह प्रसाद स्पीड पोस्ट के माध्यम से श्रद्धालु के घर पर शीघ्रता से वितरित किया जायेगा।

कोविड टीकाकरण के लिये ग्रामीण क्षेत्रों में पोस्ट ऑफिस भी करेंगे रजिस्ट्रेशन व एप्वाइनमेंट – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

कोविड टीकाकरण के लिये ग्रामीण क्षेत्रों में पोस्ट ऑफिस भी करेंगे रजिस्ट्रेशन व एप्वाइनमेंट – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के गोराईं शाखा डाकघर में आरम्भ हुई सेवा, शीघ्र ही 300 अन्य शाखा डाकघरों में भी होगी शुरुआत

लखनऊ। कोरोना महामारी के प्रकोप से बचाव हेतु टीकाकरण बेहद जरुरी है। पर ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी लोगों के पास स्मार्ट फोन न होने के कारण वे टीकाकरण के लिए रजिस्ट्रेशन व अप्वाइंटमेंट नहीं करा पा रहे हैं। ऐसे में डाक विभाग अब ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित शाखा डाकघरों के माध्यम से लोगों का टीकाकरण के लिए रजिस्ट्रेशन करेगा, जहाँ पर पोस्ट ऑफिस कॉमन सर्विस सेंटर खोले जायेंगे। इसके लिए डाकघरों का चयन और उनके प्रशिक्षण की प्रक्रिया आरम्भ हो गई है। उक्त जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने दी।

वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि शाखा डाकघरों में टीकाकरण के लिए पोस्ट ऑफिस कॉमन सर्विस सेंटर खोलने की कवायद आरम्भ हो गई है। ये मोबाइल एप के माध्यम से वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन और एप्वाइनमेंट का कार्य को-विन एप्लिकेशन के माध्यम से करेंगे, जिसके लिए कोई भी शुल्क नहीं लिया जायेगा। लोगों को निर्धारित फोटो आईडी और मोबाइल के साथ शाखा डाकघर पहुँचना होगा, जहाँ पर ओटीपी के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मॉडल ब्लॉक के तौर पर विकसित किये जा रहे सेवापुरी ब्लॉक में मिर्जामुराद उप डाकघर के अधीन गोराईं शाखा डाकघर में वैक्सीनेशन रजिस्ट्रेशन व एप्वाइनमेंट का शुभारम्भ कर दिया गया है, जहाँ 25 से ज्यादा लोगों ने टीकाकरण के लिए रजिस्ट्रेशन करा भी लिया है।

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव यादव ने बताया कि शीघ्र ही वाराणसी परिक्षेत्र के 300 अन्य शाखा डाकघरों में भी इसे आरम्भ किया जायेगा। इसमें वाराणसी के 73, चंदौली के 26, भदोही के 21, जौनपुर के 60, गाजीपुर के 60 और बलिया के 60 शाखा डाकघर शामिल हैं। इसके बाद अगले फेज में 475 और भी शाखा डाकघरों में इसे आरम्भ करने की योजना है।

प्रधान डाकघर वाराणसी कैंट में डाककर्मियों का वैक्सिनेशन

वाराणसी कैंट प्रधान डाकघर में डाककर्मियों का टीकाकरण करती स्वास्थ्यकर्मी)

पोस्टमास्टर जनरल की पहल : प्रधान डाकघर वाराणसी कैंट में डाककर्मियों का हुआ वैक्सिनेशन

वाराणसी। कोरोना को हराना है तो मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, हैंड वाश के साथ-साथ वैक्सिनेशन भी जरूरी है। इसी क्रम में वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव की पहल पर वाराणसी कैंट स्थित प्रधान डाकघर में 17 मई को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 45 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के डाककर्मियों को कोरोना वैक्सीन लगाई।

वाराणसी कैंट प्रधान डाकघर में डाककर्मियों का टीकाकरण करती स्वास्थ्यकर्मी)

गौरतलब है कि भारत सरकार द्वारा डाक सेवाओं को आवश्यक सेवाओं की सूची में रखा गया है,अतः डाकघर नियमित रूप से कार्य कर रहे हैं। ऐसे में कोरोना वॉरियर्स के रूप में पोस्टमैन व ग्रामीण डाक सेवक डाक बाँटने के लिए नियमित रूप से क्षेत्र में जा रहे हैं, वहीं काउंटर पर भी स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री, पार्सल बुकिंग के अलावा बचत बैंक, बीमा, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, आधार जैसी तमाम सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इससे पूर्व भी 15 व 16 अप्रैल को स्वास्थ्य विभाग द्वारा विश्वेश्वरगंज स्थित वाराणसी प्रधान डाकघर में डाककर्मियों का वैक्सिनेशन किया जा चुका है।

अब घर बैठे किसी भी बैंक खाते में भेजें नकद राशि

डाकघर के माध्यम से अब घर बैठे किसी भी बैंक खाते में भेजें नकद राशि – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

डाक विभाग ने की इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से ‘डोमेस्टिक मनी ट्रान्सफर’ (कैश टू अकाउंट) सुविधा प्रारंभ

सिर्फ मोबाइल नम्बर से पैसे भेजने की सुविधा, बैंक खाते में तुरंत जमा हो जाएगी राशि

लखनऊ। कोरोना वैश्विक महामारी के बीच डाक विभाग ने नागरिकों के लिए एक और अनूठी शुरुआत की है। घर बैठे कैश जमा करने की सुविधा के बारे में शायद ही कभी आपने सोचा होगा, लेकिन अब ये सच होने वाला है। अब किसी भी बैंक खाते में कैश जमा करने की सुविधा डाक विभाग ने देनी शुरू कर दी है। डाकिया के अतिरिक्त डाकघरों के काउंटर पर पहुँच कर भी कैश जमा कराया जा सकता है। उक्त जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने दी। डाकिया आपके घर पहुँचकर मोबाइल के माध्यम से कुछ प्रकिया पूर्ण करायेगा और कैश डाकिया के हाथ में पहुंचते ही आपके द्वारा बताये गए खाते में क्रेडिट हो जायेगा। इसके लिए नकद भेजने वाले के पास बैंक एकाउंट होना जरूरी नहीं है, सिर्फ मोबाइल नम्बर होना अनिवार्य है।

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि, डाक विभाग द्वारा इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम द्वारा घर बैठे किसी भी बैंक खाते से नकद निकालने की सुविधा पहले से ही दी जा रही है, लेकिन अब घर बैठे कैश जमा करने की सुविधा भी डाक विभाग ने आरम्भ कर दिया है। इस “डोमेस्टिक मनी ट्रांसफर” सेवा के तहत ग्राहक को प्राप्तकर्ता के खाते का नंबर, आईएफएससी कोड व अपना मोबाइल नंबर बताकर कैश देना होगा। डाकिया अपने मोबाइल से तुंरत बताये गये खाते में रुपये ट्रांसफर करेगा तो ग्राहक के मोबाइल पर एक ओटीपी आयेगा, जिसे डाकिया से शेयर करना होगा। ओटीपी डालते ही खाते में बैलेंस क्रेडिट हो जायेगा और ग्राहक के मोबाइल पर एक और कंफर्म मैसेज पहुंच जायेगा।

महीने में अधिकतम एक लाख जमा

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि, डोमेस्टिक मनी ट्रांसफर सेवा के तहत घर बैठे रुपये जमा करने पर कुछ शर्तें लागू हैं। इसके तहत पैन कार्डधारक एक बार में ₹25,000, एक दिन में ₹ 49,999 और एक माह में अधिकतम एक लाख रुपये किसी भी बैंक खाते में नकद जमा करा सकते हैं। वहीं बिना पैनकार्ड वाले व्यक्ति द्वारा एक बार में ₹ 5,000 रू., एक दिन में ₹ 25,000 और एक माह में भी अधिकतम ₹ 25,000 घर बैठे किसी भी बैंक खाते में नकद जमा करा सकते हैं। इस सेवा के तहत न्यूनतम 100 रुपया जमा कराया जा सकता है।

ग्राहक से लिया जायेगा न्यूनतम शुल्क

डोमेस्टिक मनी ट्रांसफर सेवा का लाभ लेने के लिये नाम मात्र का शुल्क रखा गया है, जो न्यूनतम 10 ₹ या जमा की गयी धनराशि का एक फीसदी जो भी अधिक हो वह लिया जायेगा। पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, इस सुविधा से लोगों को बैंकों में लाइन में नहीं लगना पड़ेगा और किसी भी व्यक्ति के खाते में धन जमा करवाना संभव हो पायेगा। महिलाओं, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांग जनों, दुकानदार, प्रवासी श्रमिकों इत्यादि को इससे काफी सहूलियत मिलेगी। गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों तक डाक विभाग के विस्तृत नेटवर्क के चलते यह सुविधा हमेशा लोगों के लिए फायदेमंद रहेगी।कोरोना वैश्विक महामारी के बीच अब घर बैठे अपने परिवार के सदस्यों, मित्रों और शहरों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए नकद पैसा भेजना भी बहुत आसान व सुरक्षित हो जाएगा।

सौजन्य से-Kridha’s icecream parlour Neelkamal Road civil lines Bijnor

मात्र ₹251 में घर बैठे लीजिए श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद: पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

डाक विभाग की पहल: घर बैठे स्पीड पोस्ट से मंगाएं श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद

मात्र ₹ 251 में घर बैठे मिलेगा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद -पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

श्रद्धालु महिला को श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद प्रदान करते पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

काशी। महाशिवरात्रि में भगवान शंकर की पूजा और उनके प्रसाद की बड़ी महिमा है। अक्सर लोगों की इच्छा होती है कि काश घर बैठे ही उन्हें बाबा भोलेनाथ का प्रसाद मिल सके। ऐसे में लोगों को अब निराश नहीं होना पड़ेगा। अब वे घर बैठे स्पीड पोस्ट द्वारा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद प्राप्त कर सकेंगे। उक्त जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने दी।

इस संबंध में जानकारी देते हुए वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के बीच हुए एक एग्रीमेण्ट के तहत नए स्वरूप में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद स्पीड पोस्ट सेवा द्वारा लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके तहत अपने नजदीकी डाकघर से मात्र 251 रूपये का ई-मनीआर्डर प्रवर अधीक्षक डाकघर, वाराणसी (पूर्वी) मंडल के नाम भेजना होगा। ई-मनीऑर्डर प्राप्त होते ही डाक विभाग द्वारा तत्काल दिए गए पते पर प्रसाद भेज दिया जाएगा। डिब्बा बंद प्रसाद टेंपर प्रूफ इनवेलप में होगा । इससे किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी। इसके अलावा इसे मात्र ₹201 में वाराणसी सिटी डाकघर के काउंटर से भी प्राप्त किया जा सकता है।

प्रसाद में शामिल होंगी ये वस्तुएं-
पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि प्रसाद में श्री काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग की छवि, महामृत्युंजय यंत्र, श्री शिव चालीसा, 108 दाने की रुद्राक्ष की माला, बाबा को चढ़ा बेलपत्र, माता अन्नपूर्णा से भिक्षाटन करते भोले बाबा की छवि अंकित सिक्का, मेवा, भस्म, चंदन, रक्षा सूत्र एवं मिश्री का पैकेट इत्यादि शामिल होंगे।

प्रवर अधीक्षक डाकघर, वाराणसी पूर्वी मंडल सुमीत कुमार गाट ने बताया कि डाक विभाग ने इस बात के भी प्रबंध किए हैं कि भक्तों को मोबाइल नंबर पर स्पीड पोस्ट का विवरण एसएमएस के माध्यम से मिलेगा। इसके लिए भक्तों को ई-मनीऑर्डर में अपना पूरा पता, पिन कोड और मोबाइल नंबर लिखना अनिवार्य होगा।

सौजन्य से-Kridha’s icecream parlour Neelkamal Road civil lines Bijnor

कोरोना काल में महिला डाककर्मियों ने निभाई अहम भूमिका: पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने प्रधान डाकघर में महिला कर्मियों को किया सम्मानित

कोरोना काल में महिला डाककर्मियों ने निभाई अहम भूमिका-पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव
सामाजिक व आर्थिक बदलाव लाने में नारी की अहम भूमिका – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

वाराणसी। नारी आज न सिर्फ सशक्त हो रही है, बल्कि लोगों को भी सशक्त बना रही है। नारी सशक्तिकरण के लिए डाक विभाग द्वारा तमाम सेवाएँ संचालित की जा रही हैं। सुकन्या समृद्धि योजना से लेकर विभिन्न बचत योजनाओं, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और डाक जीवन बीमा में महिलाओं को निवेश के लिए प्रेरित कर उनका आर्थिक सशक्तिकरण भी किया जा रहा है। पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ पर प्रधान डाकघर, वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम में उक्त उद्गार व्यक्त किये। इस अवसर पर पोस्टमास्टर जनरल ने डाक सेवाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित कर उनकी हौसला आफजाई की, वहीं विभिन्न बचत योजनाओं, सुकन्या समृद्धि योजना, डाक जीवन बीमा में तमाम बालिकाओं व महिलाओं के खाते खुलवाकर उन्हें पासबुक व बांड प्रदान कर आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण की ओर उन्हें प्रेरित किया।

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि कोरोना काल में महिला डाककर्मियों ने घर-घर जाकर सेवाएँ प्रदान कीं। दवाओं, खाद्य सामग्री के वितरण से लेकर घर बैठे पैसे के भुगतान में अहम योगदान दिया। वाराणसी में सिटी डाकघर को महिला डाकघर के रूप में स्थापित किया गया है। डाकघरों में आवर्ती जमा खाता में निवेश हेतु महिला अभिकर्ताओं को ही बढ़ावा दिया गया है। भारत सरकार की तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं की बदौलत महिलाएं आज सामाजिक व आर्थिक बदलाव की नई कहानियां गढ़ रही हैं। ऐसे में नारी का आर्थिक सशक्तिकरण आज सिर्फ एक जरूरत ही नहीं बल्कि विकास और प्रगति का अनिवार्य तत्व है।

वाराणसी मंडल के प्रवर अधीक्षक डाकघर सुमीत कुमार गाट ने कहा कि नारी सशक्तिकरण के माध्यम से ही समाज और राष्ट्र को और अधिक मजबूत किया जा सकता है।

सहायक निदेशक शम्भु राय ने कहा कि डाकघरों का माहौल सदैव से वूमेन फ्रेंडली रहा है।

इस अवसर पर वाराणसी पश्चिमी मण्डल के अधीक्षक डाकघर राम मिलन, सीनियर पोस्टमास्टर प्रधान डाकघर वाराणसी चंद्रशेखर सिंह बरुआ, सहायक अधीक्षक सुरेश चंद्र, आईपीपीबी मैनेजर सुबलेश सिंह, श्रीप्रकाश गुप्ता, सहित तमाम अधिकारी, कर्मचारी व महिलाएं उपस्थित रहीं।

सम्मानित होने वाली महिलाएं-

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने वाराणसी सिटी डाकघर की पोस्टमास्टर सी. अनीता ब्रांच पोस्टमास्टर आशापुर, मंजू मिश्रा ब्रांच पोस्टमास्टर सिखारी बड़की, निर्मला देवी डाक सहायक राजिया हसन, सुनीता पटेल, प्रतिमा मौर्य, मंजू, अभिलाषा राजन, अजिता भार्गव, डीएलडब्ल्यू डाकघर की पोस्टमैन कविता गुप्ता, एमटीएस संवर्ग में जहां आरा आलम, राधा देवी, स्पोर्ट्स हेतु रुपाली रॉय, पोस्टमास्टर अस्सी व महिला अभिकर्ता मंजू देवी को सम्मानित किया।

डाक विभाग नवाचार के साथ अपनी सेवाओं को बना रहा व्यापक – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

डाक विभाग नवाचार के साथ अपनी सेवाओं को बना रहा व्यापक – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने वाराणसी परिक्षेत्र के सभी मंडलाधीक्षकों की ली बैठक

वाराणसी। डाक विभाग नित नवाचार के साथ जहां अपनी सेवाओं को व्यापक बना रहा है, वहीं वैश्विक महामारी कोरोना के दौर में डाककर्मियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए कोरोना वॉरियर्स के रूप में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। कोरोना महामारी के बीच डाक सेवाओं ने आवश्यक सेवाओं के रूप में नित नए आयाम रचे। उक्त उद्गार पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने 23 फरवरी को वाराणसी परिक्षेत्र के विभिन्न मंडलों के कार्यों की समीक्षा को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किए।

कैंट स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में वाराणसी पूर्वी मण्डल के प्रवर अधीक्षक सुमीत कुमार गाट, पश्चिमी मंडल के डाक अधीक्षक राम मिलन, बलिया के डाक अधीक्षक संजय त्रिपाठी, गाजीपुर के डाक अधीक्षक बीके पांडेय व जौनपुर के डाक अधीक्षक पीसी तिवारी ने पोस्टमास्टर जनरल के समक्ष अपने मंडलों में डाक सेवाओं की प्रगति, विभिन्न योजनाओं और लक्ष्य प्राप्ति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इस दौरान विभिन्न उपमंडलों के सहायक डाक अधीक्षक व उपमंडलीय निरीक्षक भी मौजूद रहे। पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने इस दौरान वित्तीय वर्ष के शेष माह में व्यापक अभियान चलाकर विभिन्न सेवाओं में आवंटित लक्ष्यों की प्राप्ति पर जोर दिया।

विभिन्न मंडलों और डाकघरों के कार्यों की समीक्षा के बाद पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र के डाकघरों में वित्तीय वर्ष 2020-21 में कोरोना के बीच 2.69 लाख नए बचत खाते, 1.52 लाख इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक खाते, 15 हजार बच्चियों के सुकन्या समृद्धि खाते खोले गए। इस दौरान 260 गांवों को ‘सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम’ व 55 गांवों को ‘सम्पूर्ण बीमा ग्राम’ बनाया गया। 2.63 लाख लोगों ने डाकघरों में आधार सेवाओं का लाभ उठाया। वाराणसी परिक्षेत्र में स्पीड पोस्ट से 6.54 करोड़ रुपए, व्यवसाय विकास सेवाओं से 2.32 करोड़ रुपए और बचत बैंक सेवाओं से 71 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। डाक जीवन बीमा में 21.71 करोड़ व ग्रामीण डाक जीवन बीमा में 5.37 करोड़ रुपए का कुल प्रीमियम जमा हुआ।
पोस्टमास्टर जनरल ने कहा कि डाक विभाग पत्रों के साथ-साथ बचत बैंक, डाक जीवन बीमा, सुकन्या समृद्धि खाता, इण्डिया पोस्ट पेमेन्ट्स बैंक, डाकघर पासपोर्ट सेवा केन्द्र, आधार नामांकन एवं अद्यतनीकरण जैसे तमाम जनोन्मुखी कार्य कर रहा है। सहायक निदेशक शम्भु राय ने कहा कि फील्ड में आम जन एवं ग्राहकों से नियमित संवाद करने के साथ ही कैम्प लगाकर विभिन्न क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा व्यवसाय अर्जित किया जायेगा। सहायक निदेशक प्रवीण प्रसून ने आभार ज्ञापन दिया।

दूरदर्शन उत्तर प्रदेश पर पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव से विशेष बातचीत का प्रसारण आज

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव से विशेष बातचीत का प्रसारण करेगा दूरदर्शन उत्तर प्रदेश
प्रशासन के साथ-साथ साहित्य व ब्लॉगिंग में भी चर्चित नाम हैं कृष्ण कुमार यादव

लखनऊ। प्रख्यात साहित्यकार एवं ब्लॉगर कृष्ण कुमार यादव से विशेष बातचीत का प्रसारण 21 फरवरी, रविवार को दोपहर 12 बजे दूरदर्शन उत्तर प्रदेश पर किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन देश दीपक सिंह व निर्देशन मयंक श्रीवास्तव ने किया है। प्रशासन के साथ-साथ साहित्यिक क्षेत्र में भी चर्चित कृष्ण कुमार यादव संप्रति वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल पद पर कार्यरत हैं।

कार्यक्रम के निर्देशक मयंक श्रीवास्तव ने बताया कि उक्त बातचीत का प्रसारण दूरदर्शन उत्तर प्रदेश के कार्यक्रम ‘एक मुलाक़ात’ के अंतर्गत किया जाएगा। कार्यक्रम में कृष्ण कुमार यादव की साहित्यिक जीवन की यात्रा व व्यस्ततम प्रशासनिक दायित्वों के साथ साहित्यिक अभिरुचि के समन्वय पर बात की जाएगी। गौरतलब है कि देश-विदेश की तमाम पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित और सात पुस्तकों के लेखक कृष्ण कुमार यादव को अवध सम्मान, परिकल्पना सार्क शिखर सम्मान, दशक के श्रेष्ठ ब्लॉगर दंपती सहित देश-विदेश में शताधिक सम्मानों से विभूषित किया जा चुका है।

फरवरी 1911 में प्रयागराज में आरम्भ हुई थी दुनिया की पहली हवाई डाक सेवा

फरवरी 1911 में प्रयागराज में आरम्भ हुई थी दुनिया की पहली हवाई डाक सेवा – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

एयरमेल सेवा ने पूरा किया 110 साल का सफरनामा, उ.प्र. में प्रयागराज से हुई थी शुरुआत

लखनऊ। डाक सेवाओं ने पूरी दुनिया में एक लम्बा सफर तय किया है। डाक सेवाओं के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का स्थान प्रमुख है। उ.प्र. के प्रयागराज शहर को यह सौभाग्य प्राप्त है कि दुनिया की पहली हवाई डाक सेवा यहीं से आरम्भ हुई। वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि यह ऐतिहासिक घटना 110 वर्ष पूर्व 18 फरवरी 1911 को प्रयागराज में हुई थी। संयोग से उस साल कुंभ का मेला भी लगा था। उस दिन दिन  फ्रेंच पायलट मोनसियर हेनरी पिक्वेट ने एक नया इतिहास रचा था। वे अपने विमान में प्रयागराज से नैनी के लिए 6500 पत्रों को अपने साथ लेकर उड़े। विमान था हैवीलैंड एयरक्राफ्ट और इसने दुनिया की पहली सरकारी डाक ढोने का एक नया दौर शुरू किया। 

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव के अनुसार प्रयागराज में उस दिन डाक की उड़ान देखने के लिए लगभग एक लाख लोग इकट्ठे हुए थे जब एक विशेष विमान ने शाम को साढ़े पांच बजे यमुना नदी के किनारों से उड़ान भरी और वह नदी को पार करता हुआ 15 किलोमीटर का सफर तय कर नैनी जंक्शन के नजदीक उतरा, जो प्रयागराज के बाहरी इलाके में सेंट्रल जेल के नजदीक था। आयोजन स्थल एक कृषि एवं व्यापार मेला था जो नदी के किनारे लगा था और उसका नाम ‘यूपी एक्जीबिशन’ था। इस प्रदर्शनी में दो उड़ान मशीनों का प्रदर्शन किया गया था। विमान का आयात कुछ ब्रिटिश अधिकारियों ने किया था। इसके कलपुर्जे अलग अलग थे, जिन्हें आम लोगों की मौजूदगी में प्रदर्शनी स्थल पर जोड़ा गया। प्रयागराज से नैनी जंक्शन तक का हवाई सफ़र आज से 110  साल पहले मात्र  13 मिनट में पूरा हुआ था।

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि हालांकि यह उडान महज छह मील की थी, पर इस घटना को लेकर प्रयागराज में ऐतिहासिक उत्सव सा वातावरण था। ब्रिटिश एवं कालोनियल एयरोप्लेन कंपनी ने जनवरी 1911 में प्रदर्शन के लिए अपना एक विमान भारत भेजा था, जो संयोग से तब प्रयागराज आया जब कुम्भ का मेला भी चल रहा था। वह ऐसा दौर था जब जहाज देखना तो दूर लोगों ने उसके बारे में ठीक से सुना भी बहुत कम था। ऐसे में इस ऐतिहासिक मौके पर अपार भीड होना स्वाभाविक ही था। इस यात्रा में हेनरी ने इतिहास तो रचा ही पहली बार आसमान से दुनिया के सबसे बडे प्रयाग कुंभ का दर्शन भी किया। 

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव के अनुसार कर्नल वाई विंधाम ने पहली बार हवाई मार्ग से कुछ मेल बैग भेजने के लिए डाक अधिकारियों से संपर्क किया, जिस पर उस समय के डाक प्रमुख ने अपनी सहर्ष स्वीकृति दे दी। मेल बैग पर ‘पहली हवाई डाक’ और ‘उत्तर प्रदेश प्रदर्शनी, इलाहाबाद’ लिखा था। इस पर एक विमान का भी चित्र प्रकाशित किया गया था। इस पर पारंपरिक काली स्याही की जगह मैजेंटा स्याही का उपयोग किया गया था। आयोजक इसके वजन को लेकर बहुत चिंतित थे, जो आसानी से विमान में ले जाया जा सके। प्रत्येक पत्र के वजन को लेकर भी प्रतिबंध लगाया गया था और सावधानीपूर्वक की गई गणना के बाद सिर्फ 6,500 पत्रों को ले जाने की अनुमति दी गई थी। विमान को अपने गंतव्य तक पहुंचने में 13 मिनट का समय लगा।

भारत में डाक सेवाओं पर तमाम लेख और एक पुस्तक ‘इंडिया पोस्ट : 150 ग्लोरियस ईयर्ज़’ लिख चुके कृष्ण कुमार यादव ने बताया  कि इस पहली हवाई डाक सेवा का विशेष शुल्क छह आना रखा गया था और इससे होने वाली आय को आक्सफोर्ड एंड कैंब्रिज हॉस्टल, इलाहाबाद को दान में दिया गया। इस सेवा के लिए पहले से पत्रों के लिए खास व्यवस्था बनाई गई थी। 18 फरवरी को दोपहर तक इसके लिए पत्रों की बुकिंग की गई। पत्रों की बुकिंग के लिए आक्सफोर्ड कैंब्रिज हॉस्टल में ऐसी भीड़ लगी थी कि उसकी हालत मिनी जी.पी.ओ सरीखी हो गई थी। डाक विभाग ने यहाँ तीन-चार कर्मचारी भी तैनात किए थे। चंद रोज में हॉस्टल में हवाई सेवा के लिए 3000 पत्र पहुँच गए। एक पत्र में तो 25 रूपये का डाक टिकट लगा था। पत्र भेजने वालों में प्रयागराज की कई नामी गिरामी हस्तियाँ तो थी हीं, राजा महाराजे और राजकुमार भी थे।

डाक विभाग की 25 वीं अखिल भारतीय कैरम टूर्नामेंट का समापन

डाक विभाग की 25 वीं अखिल भारतीय कैरम टूर्नामेंट का समापन, 17 परिमण्डलों के 144 खिलाडियों ने भाग लिया। टूर्नामेंट के दौरान टीम और व्यक्तिगत स्तर के कुल 330 मैच खेले गए।

लखनऊ। केडी सिंह बाबू स्टेडियम में 09 फरवरी से चल रही 25 वीं अखिल भारतीय डाक कैरम प्रतियोगिता का समापन समारोह 13 फरवरी को महानिदेशक, कारागार प्रशासन एवं सुधार, उ.प्र. आनंद कुमार के मुख्य आतिथ्य तथा द्रोणाचार्य एवं यशभारती से सम्मानित, पैरा-बैडमिंटन टीम के राष्ट्रीय कोच गौरव खन्ना के विशिष्ट आतिथ्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता चीफ पोस्टमास्टर जनरल उत्तर प्रदेश कौशलेंद्र कुमार सिन्हा ने की। कार्यक्रम के दौरान सेवानिवृत्त प्रिंसिपल चीफ पीएमजी एसपी ओझा, पोस्टमास्टर जनरल कानपुर विनोद कुमार वर्मा, पोस्टमास्टर जनरल बरेली परिक्षेत्र संजय सिंह, पोस्टमास्टर जनरल वाराणसी परिक्षेत्र कृष्ण कुमार यादव, पोस्टमास्टर जनरल लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र विवेक कुमार दक्ष, महाप्रबन्धक (वित्त) आर के वर्मा तथा निदेशक डाक सेवाएं (मु) मो. शाहनवाज अख्तर मंच पर उपस्थित रहे।

इस टूर्नामेंट में मेजबान उत्तर प्रदेश समेत 17 परिमण्डलों के 144 खिलाडियों ने भाग लिया। टूर्नामेंट के दौरान टीम और व्यक्तिगत स्तर के कुल 330 मैच खेले गये। टूर्नामेंट कमेटी के अध्यक्ष पोस्टमास्टर जनरल कानपुर श्री विनोद कुमार वर्मा ने टूर्नामेंट की रिपोर्ट पढ़ी तथा टूर्नामेंट की विस्तृत जानकारी दी।

महिला संवर्ग के टीम चैम्पियनशिप में महाराष्ट्र टीम विजयी रही तथा तेलंगाना व तमिलनाडु की टीमें दूसरे व तीसरे स्थान पर रहीं। वहीं पुरुष संवर्ग के टीम चैम्पियनशिप में तमिलनाडु की टीम विजयी रही एवं असोम दूसरे व मेजबान उत्तर प्रदेश तीसरा स्थान पाने में सफल रही।

महिला संवर्ग के युगल चैम्पियनशिप में तेलंगाना की यू. सविता देवी व ए.रामश्री की जोड़ी विजयी रही तथा महाराष्ट्र की सोनल मेहर व भाग्यश्री राने दूसरे व तमिलनाडु की आशा पद्मनाभन व मुमताज़ बेगम की जोड़ी तीसरे स्थान पर रहीं। पुरुष संवर्ग के युगल चैम्पियनशिप में कर्नाटक के बी.राजेश व जे.एन. श्यामसुंदर की जोड़ी विजयी रही तथा तमिलनाडु के सी. भारतीदासन व किशोर कुमार की जोड़ी दूसरे व उत्तर प्रदेश के इमरान खान व मो. ओवैस की जोड़ी तीसरे स्थान पर रहीं।

महिला संवर्ग के एकल चैम्पियनशिप में आंध्र प्रदेश की आर.विनीता चैम्पियन बनीं तथा तेलंगाना की यू. सविता देवी उपविजेता व महाराष्ट्र की सोनल मेहर तीसरे स्थान पर रहीं। वहीं पुरुष संवर्ग के एकल चैम्पियनशिप में तमिलनाडु के एम सुमन विजयी रहे तथा कर्नाटक के जे एन श्यामसुंदर उपविजेता रहे। बिहार के जलज कुमार तीसरे स्थान पर कब्ज़ा करने में सफल रहे।

कार्यक्रम के दौरान सभी विजेताओं को मुख्य अथिति श्री आनंद कुमार व विशिष्ट अतिथि गौरव खन्ना द्वारा मेडल, ट्रॉफी व प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।

विशिष्ट अतिथि गौरव खन्ना ने अपने उदबोधन में कहा कि उनका केडी सिंह बाबू स्टेडियम से बहुत ही लगाव है क्योंकि उन्होंने अपने खेल कॅरिअर की शुरुआत इसी स्टेडियम से की है और यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने विजेताओं को शुभकामनाएं दी तथा अन्य सभी खिलाड़ियों को भविष्य के लिये अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित किया ।

मुख्य अतिथि आनंद कुमार ने कहा कि खेल हमें शांति और अनुशासन की सीख देता है और लक्ष्य प्राप्ति की प्रेरणा देता है। विभागों को इस प्रकार के खेल कार्यक्रमों का समय-समय पर आयोजन करते रहना चाहिए।

श्री सिन्हा ने सभी टीमों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि सभी खिलाडियों ने पूरे टूर्नामेंट में एकता, अनुशासन और टीम भावना का परिचय दिया। श्री सिन्हा ने खिलाड़ियों से आगे भी जीत के लिए तैयारी करते रहने का सन्देश दिया।

समारोह के अतिथियों का स्वागत पोस्टमास्टर जनरल बरेली संजय सिंह व आभार ज्ञापन पोस्टमास्टर जनरल मुख्यालय परिक्षेत्र विवेक कुमार दक्ष द्वारा किया गया। कार्यक्रम में प्रवर अधीक्षक डाकघर आलोक ओझा, सतर्कता अधिकारी शशि कुमार उत्तम, चीफ पोस्टमास्टर लखनऊ जीपीओ आर एन यादव एवं सहायक निदेशक खेल एवं कल्याण विनीत शुक्ला समेत तमाम अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे । मंच संचालन अखण्ड प्रताप सिंह द्वारा किया गया ।

लखनऊ में 25वीं अखिल भारतीय डाक कैरम प्रतियोगिता का शुभारम्भ

25वीं अखिल भारतीय डाक कैरम प्रतियोगिता का केडी सिंह बाबू स्टेडियम लखनऊ में हुआ शुभारम्भ

लखनऊ। 25वीं अखिल भारतीय डाक कैरम प्रतियोगिता का आज 9 फरवरी, 2021 को लखनऊ के केडी सिंह बाबू स्टेडियम में शुभारम्भ हो गया। उद्घाटन उत्तर प्रदेश परिमण्डल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा ने किया। कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि रुद्र प्रताप सिंह, पूर्व सदस्य भारतीय क्रिकेट टीम ने शिरकत कर सभी प्रतिभागियों और खेल प्रेमियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में विभिन्न डाक परिक्षेत्रों के पोस्टमास्टर जनरल एसके स्वाइन, आकाशदीप चक्रवर्ती, विनोद कुमार वर्मा, संजय सिंह, कृष्ण कुमार यादव, महाप्रबंधक वित्त आर के वर्मा मंचासीन रहे।

कार्यक्रम के आरम्भ में विभिन्न परिमण्डलों की टीम ने मार्च पास्ट किया और चीफ पोस्टमास्टर जनरल ने ध्वजारोहण कर सलामी ली। मेजबान उत्तर प्रदेश कैरम टीम के कप्तान मोहम्मद ओवैस ने सभी टीमों को शपथ दिलाई। इस प्रतियोगिता में 17 राज्यों के 144 कैरम खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, जिनके बीच 13 फरवरी तक टीम और वैयक्तिक स्तर पर कुल 425 मैच खेले जायेंगे। प्रथम दिन कुल 93 मैच खेले गए।

इस अवसर पर चीफ पोस्टमास्टर जनरल कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा ने कहा कि कैरम का खेल, जीवन के कई सबक सिखाता है। टीम भावना और अनुशासन के साथ किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति की जा सकती है। खिलाड़ियों को अंतिम समय तक अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए हार नहीं माननी चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश में इस अखिल भारतीय प्रतियोगिता के आयोजन पर ख़ुशी भी जताई।

अपने संबोधन में विशिष्ट अतिथि एवं भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सदस्य रूद्र प्रताप सिंह ने कहा कि केडी सिंह बाबू स्टेडियम से मेरा आत्मीय नाता रहा है क्योंकि अपने गृह जनपद रायबरेली से लखनऊ पहली बार इसी स्टेडियम में आया था। उन्होंने डाक विभाग को धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से श्रेष्ठ खिलाड़ी आगे आएंगे। अनुशासन सिर्फ खेल मैदान पर ही नहीं, बल्कि व्यक्तिगत व सामाजिक जीवन में भी होना चाहिये। कार्यक्रम में स्वागत भाषण इलाहाबाद परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल सुवेंदु कुमार स्वाइन और आभार ज्ञापन वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने व्यक्त किया।

इस अवसर पर निदेशक डाक सेवाएं शाहनवाज़ अख्तर, सुनील कुमार, सतर्कता अधिकारी शशि कुमार उत्तम, प्रवर डाक अधीक्षक आलोक ओझा, चीफ पोस्ट मास्टर आरएन यादव, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक एजीएम अविनाश सिन्हा, स्मृति श्रीवास्तव, सहायक निदेशक खेल एवं कल्याण विनीत कुमार शुक्ला, खेल विकास अधिकारी नुपुर सिंह सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी व खिलाड़ी उपस्थित रहे।

25वीं अखिल भारतीय डाक कैरम प्रतियोगिता आज से लखनऊ में

25वीं अखिल भारतीय डाक कैरम प्रतियोगिता का 9 से 13 फरवरी तक केडी सिंह बाबू स्टेडियम लखनऊ में आयोजन

चीफ पोस्टमास्टर जनरल उत्तर प्रदेश परिमंडल करेंगे शुभारम्भ

अखिल भारतीय डाक कैरम प्रतियोगिता में 17 डाक परिमण्डलों के 144 कैरम खिलाडी लेंगे भाग

लखनऊ। उत्तर प्रदेश डाक परिमण्डल द्वारा 9 से 13 फरवरी, 2021 तक केडी सिंह बाबू स्टेडियम, लखनऊ में 25वीं अखिल भारतीय डाक कैरम प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। इस प्रतियोगिता में पूरे देश से 17 डाक परिमण्डलों के 144 कैरम खिलाडी भाग लेंगे, जिनके बीच टीम और वैयक्तिक स्तर पर कुल 425 मैच खेले जायेंगे। इनमें मेजबान उत्तर प्रदेश के अलावा तमिलनाडु, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, कर्नाटक, हरियाणा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, पंजाब, तेलंगाना और ओडिशा परिमंडल की टीमें शामिल हैं। उक्त जानकारी उत्तर प्रदेश परिमण्डल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा ने इस संबंध में मंथन हॉल में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए दी। कांफ्रेंस के आरंभ में पोस्टमास्टर जनरल, वाराणसी परिक्षेत्र कृष्ण कुमार यादव ने श्री सिन्हा का स्वागत करते हुए पौधा भेंट किया। प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों का भी स्वागत किया।

चीफ पोस्टमास्टर जनरल कौशलेंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि विगत वर्ष अखिल भारतीय डाक कैरम प्रतियोगिता का आयोजन उत्तराखंड परिमण्डल द्वारा किया गया था, जिसमें तमिलनाडु टीम विजेता और उत्तर प्रदेश टीम उप-विजेता रही थी।

प्रतियोगिता का उद्घाटन 9 फरवरी को प्रातः 10:30 बजे केडी सिंह बाबू स्टेडियम, लखनऊ में चीफ पोस्टमास्टर जनरल, उ.प्र. परिमंडल कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा द्वारा आर.पी सिंह, पूर्व सदस्य, भारतीय क्रिकेट टीम के विशिष्ट आतिथ्य में होगा। 13 फरवरी को शाम 3 बजे समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता के लिए हरियाणा परिमण्डल के संजय कपूर को केन्द्रीय पर्यवेक्षक तथा आंध्र प्रदेश के श्रीपति कामले को तकनीकी प्रतिनिधि नामित किया गया है।


श्री सिन्हा ने कहा कि, कोविड-19 के मद्देनजर विभिन्न परिमण्डलों से आने वाली टीमों, कोच मैनेजर एवं टूर्नामेन्ट से जुडे अन्य लोगों के लिए लखनऊ में समुचित व्यवस्था की जा रही है। टूर्नामेंट के कुशल प्रबंधन हेतु सभी पोस्टमास्टर जनरल और महाप्रबंधक (वित्त) की अध्यक्षता में कुल 8 कमेटियां बनाई गई हैं। इस बीच खिलाड़ियों के स्वास्थ्य के प्रति सजगता बरतते हुए एक मेडिकल टीम 24 घण्टे तैनात रहेगी और एक आइसोलेशन कक्ष भी बनाया गया है। उ.प्र. की संस्कृति से खिलाडियों और टीम सदस्यों को रूबरू करने के लिए 12 फरवरी की शाम एक सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया जायेगा। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों से अपेक्षा की कि कोविड-19 प्रोटोकाल का अनुपालन करते हुए वे इस प्रतियोगिता को यादगार बनाएं तथा अनुशासन व उत्तम खेल भावना का परिचय देते हुए उत्तर प्रदेश डाक परिमण्डल का नाम रोशन करें।

इस अवसर पर विनोद कुमार वर्मा पोस्टमास्टर जनरल कानपुर, संजय सिंह पोस्टमास्टर जनरल बरेली, कृष्ण कुमार यादव पोस्टमास्टर जनरल वाराणसी, आरके वर्मा महाप्रबंधक वित्त, शाहनवाज अख़्तर निदेशक डाक सेवाएं (मुख्यालय), आलोक ओझा प्रवर डाक अधीक्षक लखनऊ मण्डल, शशि कुमार उत्तम सतर्कता अधिकारी, विनीत कुमार शुक्ला, सहायक निदेशक (खेल एवं कल्याण), सुश्री नूपुर सिंह, खेल विकास अधिकारी सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

25वीं अखिल भारतीय डाक कैरम प्रतियोगिता आज से लखनऊ में

25वीं अखिल भारतीय डाक कैरम प्रतियोगिता का 9 से 13 फरवरी तक केडी सिंह बाबू स्टेडियम लखनऊ में आयोजन

चीफ पोस्टमास्टर जनरल उत्तर प्रदेश परिमंडल करेंगे शुभारम्भ

अखिल भारतीय डाक कैरम प्रतियोगिता में 17 डाक परिमण्डलों के 144 कैरम खिलाडी लेंगे भाग

लखनऊ। उत्तर प्रदेश डाक परिमण्डल द्वारा 9 से 13 फरवरी, 2021 तक केडी सिंह बाबू स्टेडियम, लखनऊ में 25वीं अखिल भारतीय डाक कैरम प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। इस प्रतियोगिता में पूरे देश से 17 डाक परिमण्डलों के 144 कैरम खिलाडी भाग लेंगे, जिनके बीच टीम और वैयक्तिक स्तर पर कुल 425 मैच खेले जायेंगे। इनमें मेजबान उत्तर प्रदेश के अलावा तमिलनाडु, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, कर्नाटक, हरियाणा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, पंजाब, तेलंगाना और ओडिशा परिमंडल की टीमें शामिल हैं। उक्त जानकारी उत्तर प्रदेश परिमण्डल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा ने इस संबंध में मंथन हॉल में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए दी। कांफ्रेंस के आरंभ में पोस्टमास्टर जनरल, वाराणसी परिक्षेत्र कृष्ण कुमार यादव ने श्री सिन्हा का स्वागत करते हुए पौधा भेंट किया। प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों का भी स्वागत किया।

चीफ पोस्टमास्टर जनरल कौशलेंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि विगत वर्ष अखिल भारतीय डाक कैरम प्रतियोगिता का आयोजन उत्तराखंड परिमण्डल द्वारा किया गया था, जिसमें तमिलनाडु टीम विजेता और उत्तर प्रदेश टीम उप-विजेता रही थी।

प्रतियोगिता का उद्घाटन 9 फरवरी को प्रातः 10:30 बजे केडी सिंह बाबू स्टेडियम, लखनऊ में चीफ पोस्टमास्टर जनरल, उ.प्र. परिमंडल कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा द्वारा आर.पी सिंह, पूर्व सदस्य, भारतीय क्रिकेट टीम के विशिष्ट आतिथ्य में होगा। 13 फरवरी को शाम 3 बजे समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता के लिए हरियाणा परिमण्डल के संजय कपूर को केन्द्रीय पर्यवेक्षक तथा आंध्र प्रदेश के श्रीपति कामले को तकनीकी प्रतिनिधि नामित किया गया है।


श्री सिन्हा ने कहा कि, कोविड-19 के मद्देनजर विभिन्न परिमण्डलों से आने वाली टीमों, कोच मैनेजर एवं टूर्नामेन्ट से जुडे अन्य लोगों के लिए लखनऊ में समुचित व्यवस्था की जा रही है। टूर्नामेंट के कुशल प्रबंधन हेतु सभी पोस्टमास्टर जनरल और महाप्रबंधक (वित्त) की अध्यक्षता में कुल 8 कमेटियां बनाई गई हैं। इस बीच खिलाड़ियों के स्वास्थ्य के प्रति सजगता बरतते हुए एक मेडिकल टीम 24 घण्टे तैनात रहेगी और एक आइसोलेशन कक्ष भी बनाया गया है। उ.प्र. की संस्कृति से खिलाडियों और टीम सदस्यों को रूबरू करने के लिए 12 फरवरी की शाम एक सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया जायेगा। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों से अपेक्षा की कि कोविड-19 प्रोटोकाल का अनुपालन करते हुए वे इस प्रतियोगिता को यादगार बनाएं तथा अनुशासन व उत्तम खेल भावना का परिचय देते हुए उत्तर प्रदेश डाक परिमण्डल का नाम रोशन करें।

इस अवसर पर विनोद कुमार वर्मा पोस्टमास्टर जनरल कानपुर, संजय सिंह पोस्टमास्टर जनरल बरेली, कृष्ण कुमार यादव पोस्टमास्टर जनरल वाराणसी, आरके वर्मा महाप्रबंधक वित्त, शाहनवाज अख़्तर निदेशक डाक सेवाएं (मुख्यालय), आलोक ओझा प्रवर डाक अधीक्षक लखनऊ मण्डल, शशि कुमार उत्तम सतर्कता अधिकारी, विनीत कुमार शुक्ला, सहायक निदेशक (खेल एवं कल्याण), सुश्री नूपुर सिंह, खेल विकास अधिकारी सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

चौरी चौरा शताब्दी महोत्सव पर डाक टिकट जारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चौरी चौरा शताब्दी महोत्सव पर जारी किया डाक टिकट

गोरखपुर। चौरी-चौरा शताब्दी वर्ष के शुभारंभ अवसर को अविस्मरणीय बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 4 फरवरी को चौरी-चौरा शताब्दी महोत्सव पर आधारित कस्टमाइज्ड डाक टिकट जारी किया। प्रधानमंत्री और उ.प्र. की राज्यपाल इस समारोह में वर्चुअली शामिल हुए। वहीं शहीद स्मारक स्थित कार्यक्रम स्थल पर उत्तर प्रदेश के चीफ पोस्टमास्टर जनरल कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को डाक टिकट व विशेष आवरण का सेट भेंट किया। वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव व गोरखपुर परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल आकाश दीप चक्रवर्ती भी विशेष तौर पर मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में डाक टिकट को रेखांकित करते हुए कहा कि, देश आजादी के 75 वें वर्ष की ओर अग्रसर है, ऐसे में शहीदों से जुड़े ऐसे आयोजन इसे और भी प्रासंगिक बनाते हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री जी द्वारा डाक टिकट जारी किए जाने की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे शताब्दी महोत्सव को नई पहचान मिलेगी।

उत्तर प्रदेश परिमण्डल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा ने कहा कि चौरी-चौरा घटना का राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन में ऐतिहासिक महत्व है और इसकी शताब्दी पर जारी कस्टमाइज्ड डाक टिकट के माध्यम से न सिर्फ वर्तमान बल्कि आने वाली पीढ़ियाँ भी इसे व्यापक परिप्रेक्ष्य में देख सकेंगी। इस डाक टिकट की 5 हजार शीट्स मुद्रित की गयीं हैं, जिनमें कुल 60 हजार डाक टिकट हैं।

वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग व उ प्र. संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘चौरी-चौरा शताब्दी महोत्सव’ पर जारी डाक टिकट व विशेष आवरण चौरी-चौरा को वैश्विक पटल पर स्थान दिलाने के साथ-साथ यहाँ शोधार्थियों और पर्यटन को भी बढ़ावा देंगे। चौरी-चौरा में अवस्थित ‘शहीद स्मारक‘ आज भी उस आंदोलन की याद दिलाता है कि किस प्रकार लोगों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।

गोरखपुर परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल आकाश दीप चक्रवर्ती ने बताया कि इस कस्टमाइज्ड डाक टिकट शीट व विशेष आवरण का मूल्य क्रमशः रु. 300/- तथा रु. 25/- रखा गया है। फिलेटलिक ब्यूरो, प्रधान डाकघर के साथ-साथ चौरी डाकघर से भी ये बिक्री किये जायेंगे।

इस अवसर पर महाप्रबंधक वित्त आरके वर्मा, निदेशक डाक सेवाएं बीबी शरन, प्रवर डाकघर अधीक्षक मनीष कुमार, सहायक निदेशक एचके राव, सत्येंद्र प्रताप सिंह, सुनील गुप्त, सन्तोष कुमार सिंह सहित तमाम विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

डाक जीवन बीमा का 138वें वर्ष में प्रवेश, मनाया गया ‘डाक जीवन बीमा’ दिवस

जीवन बीमा के क्षेत्र में भी नित नये आयाम स्थापित कर रहा डाक विभाग – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव
‘डाक जीवन बीमा’ का 138वें वर्ष में प्रवेश, मनाया गया ‘डाक जीवन बीमा’ दिवस

वाराणसी परिक्षेत्र में 145 गांव बने ‘सम्पूर्ण बीमा ग्राम’

डाक जीवन बीमा आज के दौर की एक अनिवार्य आवश्यकता

वाराणसी। डाक विभाग, जीवन बीमा के क्षेत्र में भी एक लम्बे समय से कार्यरत है। 1 फरवरी 1884 को आरंभ ‘डाक जीवन बीमा’ भारत में सरकारी व अर्द्ध सरकारी कर्मचारियों के लिए सबसे पुरानी बीमा योजना है, जिसका लाभ अब निजी क्षेत्र के प्रोफेशनल्स भी उठा सकते हैं। उक्त उद्गार वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने डाक जीवन बीमा के गौरवशाली 138वें  वर्ष में प्रवेश होने पर  कैण्ट प्रधान डाकघर में आयोजित कार्यक्रम में  व्यक्त किए। इस अवसर पर उन्होंने बीमाधारकों को पीएलआई पॉलिसी बांड सौंपकर उनके सुखी भविष्य की भी कामना की।

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि बीमा के क्षेत्र में भी डाक विभाग नित नये आयाम स्थापित कर रहा है। डाकघरों में लोगों की आयु और आवश्यकता के हिसाब से जीवन बीमा की तमाम योजनाएं हैं, जिनमें सुरक्षा, संतोष, सुविधा, युगल सुरक्षा, सुमंगल व चिल्ड्रेन पालिसी शामिल हैं। वाराणसी परिक्षेत्र में डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा में वर्तमान में कुल 1.30 लाख से ज्यादा पॉलिसियाँ संचालित हैं। कोरोना काल में ढाई हजार से ज्यादा पॉलिसियाँ जारी की गईं।

पोस्टमास्टर जनरल ने कहा कि जीवन बीमा आज के दौर की एक अनिवार्य आवश्यकता है एवं  डाक विभाग अपने विस्तृत नेटवर्क के माध्यम से सुदूर क्षेत्र में रह रहे लोगों को भी बीमित करने के लिए संकल्प है। एक अभिनव पहल करते हुए वाराणसी परिक्षेत्र के 145 गाँवों में सभी योग्य लोगों का बीमा करते हुए इन्हें ‘सम्पूर्ण बीमा ग्राम’ बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि डाक विभाग ने नवीन टेक्नालॉजी अपनाते हुए कोर इंश्योरेंस सर्विस के तहत मैककेमिश सॉफ्टवेयर के माध्यम से बीमा सेवाओं को भी ऑनलाइन बनाया है।  ‘डाक जीवन बीमा’ योजना का दायरा भी बढ़ा दिया गया है। पहले मात्र सरकारी व अर्द्धसरकारी कर्मचारियों तक सीमित डाक जीवन बीमा अब निजी शिक्षण संस्थाओं /विद्यालयों/महाविद्यालयों आदि के कर्मचारियों, डॉक्टरों, इंजीनियरों, प्रबंधन सलाहकारों, चार्टेड एकाउंटेंट, वास्तुकारों, वकीलों, बैंकर  जैसे पेशेवरों और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज तथा बम्बई स्टॉक एक्सचेंज के सूचीबद्ध कम्पनी के कर्मचारियों के लिए भी उपलब्ध है।

डाक जीवन बीमा के अन्तर्गत लाभों की चर्चा करते हुए वाराणसी पश्चिमी मंडल के डाकघर अधीक्षक श्रीराम मिलन ने कहा कि निवेश की सुरक्षा पर सरकार की गांरटी, धारा 80 के तहत आयकर में छूट, कम प्रीमियम व अधिक बोनस, पालिसी पर लोन की सुविधा, ऑनलाइन प्रीमियम जमा करने की सुविधा,  देश के किसी भी डाकघर में प्रीमियम जमा करने की सुविधा और अग्रिम प्रीमियम पर छूट दी जाती है। डाक जीवन बीमा में अधिकतम बीमित सीमा  50 लाख और ग्रामीण डाक जीवन बीमा में 10 लाख है।

सहायक निदेशक शम्भु राय बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न जगहों पर डाक बीमा मेले लगाकर ‘डाक जीवन बीमा दिवस’  मनाया गया, जिसमें लोगों  को इसके बारे में जागरूक किया गया और लोगों का बीमा भी किया गया।

इस अवसर पर सहायक डाक अधीक्षक अजय कुमार मौर्या, सहायक डाक अधीक्षक पंकज श्रीवास्तव, डाक निरीक्षक शशिभूषण यादव, डाक निरीक्षक विशम्भर नाथ द्विवेदी, पोस्टमास्टर कैंट रमाशंकर वर्मा, राजेन्द्र यादव, अजिता, एसपी गुप्ता, राहुल वर्मा, घनश्याम पटेल, रामबदन यादव, ओम कृष्ण यादव सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने फहराया तिरंगा

गणतंत्र दिवस पर पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने क्षेत्रीय कार्यालय, वाराणसी में फहराया तिरंगा

सराहनीय कार्य हेतु डाककर्मियों को किया सम्मानित

वाराणसी। डाक विभाग द्वारा वाराणसी परिक्षेत्र में 26 जनवरी, 2021 को 72वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कैंट प्रधान डाकघर कैम्पस स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पर तिरंगा झंडा फहराया। सराहनीय सेवाओं के लिए 12 डाककर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि आज ही के दिन हमने संविधान के तहत लोकतान्त्रिक व्यवस्था को अंगीकार कर देश के प्रत्येक नागरिक के कल्याण एवं सर्वोन्मुखी विकास का संकल्प लिया था। ऐसे में संविधान में प्रदत्त अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी विवेकपूर्ण अनुपालन आवश्यक है। आज के दिन हम सभी को लोकतंत्र की उपलब्धियों का उत्सव मनाना चाहिए और एक शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं प्रगतिशील भारत के निर्माण में स्वयं को समर्पित करने का संकल्प लेना चाहिए। श्री यादव ने कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक और सरकारी व्यवस्था के अंग दोनों रूप में, संविधान द्वारा स्थापित तंत्र की मजबूती हेतु कार्य करते हुए हमारा दायित्व होना चाहिए कि सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाएं आम जन तक पहुंचें और इसके लिए हमें अधिक प्रभावी और प्रतिबद्ध रूप में कार्य करना होगा।

सहायक निदेशक प्रवीण प्रसून ने कहा कि, डाक विभाग आम जन से जुड़ा हुआ है, ऐसे में गणतंत्र में इसकी भूमिका और भी अहम हो जाती है।
इस अवसर पर वाराणसी पश्चिमी डाक मंडल के अधीक्षक डाकघर राम मिलन, लेखा अधिकारी महेंद्र प्रताप वर्मा , संतोषी राय, पोस्टमास्टर कैंट प्रधान डाकघर रमाशंकर वर्मा सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।


12 लोगों का हुआ सम्मान –

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने सराहनीय सेवाओं हेतु क्षेत्रीय कार्यालय से श्रीप्रकाश गुप्ता, राजेन्द्र प्रसाद यादव, नरेंद्र राम, राहुल कुमार वर्मा, मनीष कुमार, ललित कुमार सिंह, शंभू प्रसाद गुप्ता एवं मंडलीय कार्यालय से सर्वेश पांडेय, वाराणसी कैंट प्रधान डाकघर से संतोष दूबे, कपिलमुनि शुक्ला, राम आसरे यादव व महेंद्र प्रसाद को सम्मानित किया।

लोकगीतों में बिरहा को हीरालाल यादव ने दिलाई पहचान: पोस्टमास्टर जनरल

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बिरहा सम्राट पद्मश्री हीरालाल यादव के तैल चित्र व ‘नागरी’ पत्रिका का किया लोकार्पण

नागरी प्रचारिणी सभा में लगेगा बिरहा सम्राट पद्मश्री हीरालाल यादव का भी चित्र, पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने किया लोकार्पण

लोकगीतों में बिरहा को विधा के तौर पर हीरालाल यादव ने दिलाई पहचान – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

वाराणसी (धारा न्यूज़): भारतीय संस्कृति में लोकचेतना का बहुत महत्त्व है और लोकगायक इसे सुरों में बांध कर समाज के विविध पक्षों को सामने लाते हैं। लोकगीतों में बिरहा की अपनी एक समृद्ध परम्परा रही है, जिसे हीरालाल यादव ने नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। हीरालाल की गायकी राष्ट्रीयता से ओतप्रोत होने के साथ-साथ सामाजिक बुराइयों से लड़ने की अपील भी करती थी। डिजिटल होते दौर में उनके बिरहा गायन को संरक्षित करके आने वाली पीढ़ियों हेतु भी जीवंत रखना जरुरी है। किसान फाउण्डेशन, उत्तर प्रदेश व नागरी प्रचारिणी सभा, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में लोकगीत बिरहा के संवाहक पद्मश्री हीरालाल यादव की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में उक्त विचार वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल एवं चर्चित साहित्यकार कृष्ण कुमार यादव ने व्यक्त किये। इस अवसर पर स्वर्गीय हीरालाल यादव के तैल चित्र एवं लोक साहित्य पर केंद्रित ‘नागरी’ पत्रिका का लोकार्पण भी किया गया।

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि हीरालाल यादव ने बिरहा विधा न सिर्फ विशेष विधा के तौर पर पहचान दिलाई, बल्कि राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी इसे लोकप्रिय बनाया। उन्हें इसके लिए संगीत नाटक अकादमी सम्मान, यश भारती, भिखारी ठाकुर सम्मान से लेकर पद्मश्री तक से नवाजा गया। ऐसे में बनारस के तमाम स्थापित साहित्यकारों के चित्रों के बीच नागरी प्रचारिणी सभा, वाराणसी में ‘बिरहा सम्राट’ के चित्र को शामिल किया जाना एक नई परम्परा को जन्म देगा।

‘नागरी’ पत्रिका का लोकार्पण करते पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार हरिराम द्विवेदी (हरी भैया) ने कहा कि नागरी पत्रिका लोक विधा की कुंजी है, जिसमें लोक साहित्य एवं हीरालाल यादव का पूरा कृतित्व व व्यक्तित्व वर्णित है। साहित्य में ऐसी पत्रिकाओं की आवश्यकता है। बिरहा को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करने का श्रेय हीरालाल को जाता है।

विशिष्ट अतिथि डाॅ. जितेन्द्र नाथ मिश्र ने कहा कि हीरालाल बिरहा के रसिया थे, जिनकी मधुर आवाज ने समाज को झंकृत किया। बिरहा मात्र मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह लोक रंजन की जीवनधार है। यह समाज में उत्साह, उमंग एवं सद्भाव पैदा करती है।

कविमंगल ने हीरालाल पर आधारित गीत से लोगों को भाव-विभोर कर दिया- “उड़ गया पंछी कहां न जाने, करके पिजड़ा खाली, बिरहा की बगिया कर सूनी, हुआ अलविदा माली।” बिरहा गायक रामदेव के सुपुत्र शारदा ने भी गीत सुनाया।

नागरी प्रचारिणी सभा के सहायक मंत्री सभाजीत शुक्ल ने कहा कि हीरालाल यादव का नागरी प्रचारिणी सभा से गहरा नाता था। सभा के माध्यम से वह संसद में बिरहा गायन किये, वे सुरीली आवाज के जादूगर व ग्राम्यांचल के चितेरे रहे।

अतिथियों का स्वागत कवि शंकरानन्द, धन्नूभगत एवं किशन जायसवाल ने किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. जयशंकर जय एवं धन्यवाद ज्ञापन बृजेश चन्द्र पाण्डेय ने किया। स्व. हीरालाल के सुपुत्र रामजी यादव, प्रोफेसर सर्वेशानन्द, प्रोफेसर दयानन्द यादव, डाक्टर राजेन्द्र, डाक्टर उमाशंकर यादव, इन्जीनियर अशोक यादव, डाक्टर दुर्गाप्रसाद श्रीवास्तव व चपाचप बनारसी ने विचार व्यक्त किया। इस अवसर पर नरोत्तम शिल्पी, सिद्धनाथ शर्मा, ज्ञान प्रकाश, सुनील यादव, चौधरी शोभनाथ, राम जनम शरण, हरिहर जख्मी, कविराज, लालजी बाबा जी सहित तमाम साहित्यकार व बुद्धिजीवी उपस्थित रहे।

बालिकाओं के सशक्तिकरण में सुकन्या समृद्धि योजना की अहम भूमिका: केके यादव

बालिकाओं के सशक्तिकरण में अहम भूमिका निभा रही सुकन्या समृद्धि योजना -पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

पहल: डाक विभाग ने वाराणसी परिक्षेत्र में 1.75 लाख बालिकाओं के खोले सुकन्या समृद्धि खाते, 190 गांवों को बनाया सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम

वाराणसी। बालिकाएं आने वाले कल का भविष्य हैं। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए अभी से उन्हें आर्थिक व सामाजिक रूप से सुदृढ़ करने की जरूरत है। इसमें ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उक्त उद्गार ‘राष्ट्रीय बालिका दिवस’ पर वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने व्यक्त किये। इस दिवस को विशेष बनाने के लिए डाकघरों के साथ विभिन्न स्कूलों व ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजन कर डाक विभाग द्वारा बालिकाओं को सम्मानित किया गया, उनके सुकन्या समृद्धि खाते खुलवाकर उन्हें उपहार भी दिए गए।

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि समाज में बालिकाओं का स्थान अहम है। सुकन्या समृद्धि योजना सिर्फ निवेश का ही एक माध्यम नहीं है, बल्कि यह बालिकाओं के उज्ज्वल व समृद्ध भविष्य से भी जुड़ा हुआ है। श्री यादव ने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र में अब तक लगभग 1 लाख 75 हजार बालिकाओं के सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाये जा चुके हैं और 190 गांवों को संपूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम बनाया जा चुका है। श्री यादव ने कहा कि इस योजना के आर्थिक के साथ-साथ सामाजिक आयाम भी महत्वपूर्ण हैं। इसमें जमा धनराशि पूर्णतया बालिकाओं के लिए ही होगी, जो उनकी शिक्षा, कैरियर एवं विवाह में उपयोगी होगी। यह योजना बालिकाओं के सशक्तिकरण के द्वारा भविष्य में नारी सशक्तिकरण को भी बढ़ावा देगी।

वाराणसी पूर्वी मंडल के प्रवर अधीक्षक डाकघर सुमीत कुमार गाट ने कहा कि किसी भी डाकघर में न्यूनतम 250 ₹ से दस साल तक की बालिकाओं का सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाया जा सकता है। इसमें एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 1,000 और अधिकतम डेढ़ लाख रूपये जमा किये जा सकते हैं। वहीं, वाराणसी पश्चिमी मंडल के अधीक्षक डाकघर श्रीराम मिलन ने बताया कि सुकन्या की उम्र 18 वर्ष होने पर जमा राशि का 50 प्रतिशत व सम्पूर्ण राशि 21 वर्ष पूरा होने पर निकाली जा सकती है। सहायक निदेशक शम्भू राय ने बताया कि सुकन्या समृद्धि योजना में ब्याज दर 7.6 प्रतिशत है और जमा धनराशि में आयकर छूट का भी प्रावधान है।

अब भेजिये माफिया डॉन की टिकट लगी चिट्ठी!

अब भेजिये माफिया डॉन की टिकट लगी डाक!
कानपुर में जारी हुए छोटा राजन और मुन्ना बजरंगी के डाक टिकट

लखनऊ। कानपुर के प्रधान डाकघर से अंतर्राष्ट्रीय माफिया छोटा राजन और बागपत जेल में गैंगवार में मारे गए मुन्ना बजरंगी के डाक टिकट जारी हुए हैं। इनके जरिए देश में कहीं भी चिट्ठयां भेजी जा सकती हैं।
केंद्र सरकार ने 2017 में विश्व फिलैटली प्रदर्शनी के दौरान माई स्टैंप योजना शुरू की थी। इसके तहत 300 रुपये शुल्क जमा करके कोई भी अपनी या अपने परिजनों की तस्वीरों वाले 12 डाक टिकट जारी करवा सकता है। ये डाक टिकट अन्य डाक टिकटों की तरह मान्य होते हैं। इन्हें चिपका कर देश के किसी भी कोने में डाक भेजा जा सकता है।
इस बीच कानपुर प्रधान डाकघर ने भारतीय डाक विभाग की ‘माई स्टैंप’ योजना के तहत छोटा राजन और मुन्ना बजरंगी के डाक टिकट छाप दिए। पांच रुपए वाले 12 डाक टिकट छोटा राजन और 12 मुन्ना बजरंगी के हैं। डाक विभाग को इसके लिए निर्धारित 600 रुपए फीस अदा की गई। आरोप है कि टिकट छापने से पहले न फोटो की पड़ताल की गई न किसी तरह का प्रमाण पत्र मांगा गया।

कई प्रक्रियाओं के बाद बनता है टिकट

डाक टिकट बनाने के लिए आवेदक से पासपोर्ट साइज की फोटो और पूरा ब्यौरा लेने के साथ फार्म भरवाया जाता है, जिसमें पूरी जानकारी ली जाती है। आधार कार्ड, ड्राइविग लाइसेंस या वोटर आईडी की एक-एक फोटो कापी विभाग में जमा होती है। क्रॉस चेकिंग के बाद आवेदक की फोटो वाला डाक टिकट जारी होता है।

ऐसे बने माफियाओं के टिकट

एक राष्ट्रीय हिंदी दैनिक के संवाददाता ने आम ग्राहक की तरह औपचारिकताओं का पालन किया। मुन्ना बजरंगी (प्रेमप्रकाश सिंह) और छोटा राजन (राजेन्द्र एस. निखलजे) के नाम से फार्म भरा। इन दोनों की फोटो दीं और अपना पहचान पत्र दिया। डाककर्मी ने पूछा कि यह कौन हैं। एक परिचित हैं, यह बताने पर वह संतुष्ट हो गया। आरोप है कि योजना को लोकप्रिय बनाने की जल्दबाजी में बिना छानबीन किए ही डाक विभाग ने पूरी प्रक्रिया को ताक पर रख दिया और माफियाओं के डाक टिकट छाप दिए।

जांच के आदेश-
डाक विभाग के पोस्ट मास्टर जनरल वी के वर्मा का कहना है कि आवश्यक दस्तावेज लेने के बाद ही डाक टिकट जारी किया जाता है। किसी माफिया का डाक टिकट जारी होने की कोई जानकारी नहीं है, जांच कराई जाएगी।

विश्वास के कत्ल को स्टिंग ऑपरेशन का नाम ?

डाक विभाग में इस प्रकरण को लेकर चिंता है। विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों का कहना है कि स्टिंग ऑपरेशन के नाम पर यह विश्वास के कत्ल की घटना है। डाक घर में टिकट बनाने की प्रक्रिया पूरी करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों ने पत्रकार के विश्वास में आ कर यह किया। ऐसा कैसे हो सकता है कि पत्रकार जिस बीट में रिपोर्टिंग करता है, उसे वहां के लोग पहचानते न हों! कहते हैं कि यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई होती है तो उक्त पत्रकार के खिलाफ भी होनी चाहिये।

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डाक विभाग का विशेष अभियान: मात्र एक दिन में साढ़े चार हजार लोगों का आधार नामांकन व अपडेशन

डाक विभाग का विशेष अभियान: मात्र एक दिन में साढ़े चार हजार लोगों का आधार नामांकन व अपडेशन

वाराणसी। डाक विभाग द्वारा नया आधार कार्ड बनवाने या फिर उसमे संशोधन कराने के लिए वाराणसी परिक्षेत्र के डाकघरों में 19 दिसम्बर, दिन शनिवार को विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान एक दिन में ही लगभग साढ़े चार हजार लोगों का आधार नामांकन और अपडेशन किया गया। यह अभियान वाराणसी, भदोही, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर व बलिया के 129 डाकघरों में चला, जिसे लोगों ने भरपूर सराहा। लोगों की भीड़ के चलते अधिकतर डाकघरों में देर शाम तक आधार का कार्य हुआ, ताकि लोगों को निराश न लौटना पड़े। कई डाकघर जहाँ पर ज्यादा लम्बी कतार थी और किन्हीं कारणोंवश किसी का आधार नामांकन या संशोधन का कार्य नहीं हो सका, उनका अगले कार्यदिन में प्राथमिकता के आधार पर आधार का कार्य किया जाएगा।

अब तक 5 लाख से ज्यादा का आधार नामांकन व संशोधन

वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि पोस्ट ऑफिस में आधार सेवाओं का लाभ कोई भी ले सकता है। वाराणसी परिक्षेत्र में अब तक लगभग 5 लाख से ज्यादा लोगों का आधार नामांकन व संशोधन किया जा चुका है। अकेले कोरोना महामारी के दौरान 1 लाख 80 हज़ार लोगों का आधार नामांकन व संशोधन किया गया है।

डेमोग्राफिक और बायोमेट्रिक संशोधन के शुल्क हैं निर्धारित

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाकघरों में नया आधार पूर्णतया नि:शुल्क बनाया जाता है। डेमोग्राफिक संशोधन (नाम, जन्म तिथि, लिंग, पता, मोबाइल व ईमेल) हेतु ₹50/- और बायोमेट्रिक संशोधन (फिंगरप्रिंट, आईरिस व फोटो) हेतु ₹100/- शुल्क देना होता है। यह अभियान वाराणसी के 46, गाजीपुर के 19, जौनपुर के 27, बलिया के 22, भदोही के 5 व चंदौली जनपद के 10 कुल 129 डाकघरों में चला।

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कोरोना और ठण्ड के बीच घर बैठे रकम पहुंचा रहे डाक योद्धा

डाक विभाग की कोरोना और ठण्ड के बीच वाराणसी में अनूठी पहल

डाक विभाग की अनूठी पहल: कोरोना और ठण्ड के बीच घर बैठे पाएं रकम

वाराणसी। कोरोना और ठण्ड के मौसम में लोगों को घर बैठे उनके दरवाजे पर पैसे निकालने की सुविधा देने के क्रम में डाक विभाग ने वाराणसी परिक्षेत्र में 16 दिसंबर को आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम का महाअभियान चलाकर एक दिन में लगभग दस हजार लोगों को लाभान्वित किया। इसके तहत रसोई से लेकर दुकान व खेत-खलिहान तक, गलियों से लेकर नदियों में नाव तक ऑनस्पॉट 1.85 करोड़ रुपए की राशि लोगों को उनके बैंक खातों से निकालकर प्रदान की गई। उक्त जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने दी। कोरोना विपदा और ठण्ड के इस दौर में डाक विभाग की इस पहल को काफी सराहना मिल रही है।

6.65 लाख लोगों को प्रदान किये 1अरब 92 करोड़ रुपए

वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से डाकिया और ग्रामीण डाक सेवकों द्वारा घर-घर जाकर किसी भी बैंक खाते से पैसा निकाल कर लोगों को उपलब्ध करा रहा है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत भेजी गई डीबीटी रकम भी घर बैठे लोग अब डाकिया के माध्यम से निकाल पा रहे हैं। श्री यादव ने बताया कि कोरोना के दौरान वाराणसी परिक्षेत्र में अभी तक 6.65 लाख लोगों को 1अरब 92 करोड़ रुपये की राशि उनके बैंक खातों से निकालकर घर बैठे डाकिया द्वारा प्रदान की जा चुकी है।

डाकियों के पास उपलब्ध हैं माइक्रो एटीएम

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, असहाय लोग जो कि शारीरिक रूप से अक्षम हैं, वृद्ध या फिर सुदूर ग्रामीण क्षेत्र जहां पर एटीएम की सुविधा उपलब्ध नहीं है वहां पर भी डाक विभाग का डाकिया जाकर बैंक खातों से पैसे निकाल कर लोगों को उपलब्ध करा रहा है। डाकियों के पास उपलब्ध माइक्रो एटीएम से प्रतिदिन एक व्यक्ति द्वारा आधार लिंक्ड अपने बैंक खाते से दस हजार रूपए तक की रकम निकाली जा सकती है। कोरोना महामारी के इस दौर में डाककर्मी सोशल डिस्टेंसिंग व पूरी एहतियात बरतते हुए समर्पण भाव के साथ कोरोना योद्धा के रूप में कार्य कर रहे हैं।

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