आजादी का अमृत महा उत्सव: बिना दवा के नि:शुल्क उपचार



बिजनौर। योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान साकेत कॉलोनी सिविल लाइंस 2 बिजनौर अध्यक्ष योगेश कुमार, महासचिव ओपी शर्मा, इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाईजेशन के जिलाध्यक्ष डॉ नरेंद्र सिंह, भारतीय स्वाभिमान से श्री राम सिंह पाल द्वारा नि:शुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर लगाया गया। शिविर में रोगियों को एक्यूप्रेशर चिकित्सा मसाज चिकित्सा, कटि स्नान, स्टीम बाथ, आहार परिवर्तन के माध्यम से रोगियों का उपचार किया गया। उपचार कराने में ग्राम भोगपुर ताजपुर से पिंकी, सचिन, बिजनौर से मानसिंह, अशोक, राजवीर सिंह एडवोकेट सागर, नगीना से भूपेंद्र कुमार, अमरोहा तखतपुर से खचडूसिंह, नैनपुर नगीना से रुपा, नूतन, उषा देवी, मेसी देवी ने प्राकृतिक उपचार कराया। संगठन का उद्देश्य बिना दवाई के लोगों का उपचार करना है। समाज को बिना दवाई के स्वस्थ करना है। कार्यक्रम से पहले यज का आयोजन विनोद गोस्वामी, राम सिंह पाल, डॉ. नरेंद्र सिंह ओपी शर्मा ने किया।

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान रजत जयंती वर्ष समारोह का वार्षिक कैलेंडर

लीजिए, हाजिर है..

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान रजत जयंती वर्ष समारोह का वार्षिक कैलेंडर

∆ अब से 8 मई 2023 तक प्रतिमाह कम से कम एक कार्यक्रम की योजना आप सबके सहयोग और स्नेह से प्रतिफलित होनी तय..

∆ आचार्य द्विवेदी की धर्मपत्नी द्वारा बनवाए गए महावीर चौरे पर 25 जून को शाम 4:00 बजे से सुंदरकांड के पाठ के साथ रजत जयंती वर्ष का शुभारंभ हो चुका है
और
∆ 9 जुलाई शनिवार नई दिल्ली के गांधी शांति प्रतिष्ठान के सभागार से कार्यक्रमों की श्रंखला का आगाज

∆ दिसंबर 2022 तक के सभी आयोजनों की तारीखें आपके कैलेंडर में,

आगे के महीनों की तारीखें तय होते ही नई सूचना आपके व्हाट्सएप पर होगी,

समिति के सभी सदस्यों, समस्त सहयोगियों और शुभचिंतकों को हृदय से धन्यवाद!!!

आपका
गौरव अवस्थी रायबरेली

आम महोत्सव-2022 का ‘लोगो’ लांच

प्रमुख सचिव उद्यान ने किया आम महोत्सव-2022 का ‘लोगो’ लांच

आम महोत्सव का उद्देश्य किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य दिलाना एवं जागरूकता पैदा करना है

चयनित प्रविष्टियाँ को समापन समारोह के दिन किया जायेगा सम्मानित-श्री राजेश कुमार सिंह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण श्री राजेश कुमार सिंह ने आज लोक भवन स्थित मीडिया सेन्टर में लखनऊ आम महोत्सव-2022 का लोगो लांच करते हुए बताया कि यह महोत्सव 04 जुलाई से 07 जुलाई तक अवध शिल्पग्राम, लखनऊ में पर्यटन विभाग, सूचना और जनसम्पर्क विभाग और 20 से अधिक राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मंत्रालय और विभागों के सहयोग से आयोजित किया जाएगा।


उन्होंने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा इन फलों से बनने वाले उप उत्पादों को बनाने की दिशा में और बेहतर प्रयास किया जायेगा। आम महोत्सव में आध्यात्मिक सत्र के साथ बच्चों के लिए कार्यशालाए एवं असीमित आम खाने प्रतियोगिताएं होंगी, तथा आम कार्निवाल के माहौल में चार चांद लगाने के लिए खेल के स्टॉल भी लगाए जायेंगे। प्रमुख रसोइया आम व्यंजनों का प्रदर्शन करेंगे तथा फोटोग्राफर, छायाकार और ब्लागर भी बढ़ चढ़ कर इसमें हिस्सा ले सकते हैं और सोशल मीडिया पर अपनी रचनात्मक कलाओं के साथ पोस्ट कर सकते हैं। चयनित प्रविष्टियाँ को 07 जुलाई 2022 को आम महोत्सव समापन समारोह में सम्मानित किया जायेगा।


श्री आर0के0 सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश विश्व में आमों की उच्चतम उत्पादकता (17 मीट्रिक प्रति हेक्टेयर) के लिए प्रसिद्ध है। लखनऊ को आम क्लस्टर के रूप में घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य आम की उत्पादकता को बढ़ाने के साथ ही किसानों की आय को बढ़ाना है। इस महोत्सव के माध्यम से किसानों को मार्केटिंग के प्रति जागरूक करना भी है। इसी के दृष्टिगत विभिन्न विभागों एवं कंपनियों को इस महोत्सव में आमंत्रित किया गया है और उनके बेहतर सुझावों को विभाग द्वारा अपनाने का प्रयास किया जायेगा।


प्रमुख सचिव उद्यान ने लोगों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में आकर आम महोत्सव का लुफ्त उठाएं और लगाये गये आम विभिन्न प्रजातियों अवगत हों। प्रेसवार्ता के अंत में आम महोत्सव से जुड़े विषय पर एक डॉक्यूमेन्टरी भी दिखायी गयी।
प्रेसवार्ता के दौरान निदेशक उद्यान डॉ0 आर.के. तोमर एवं संयुक्त निदेशक उद्यान श्री बी.पी. द्विवेदी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए 15 दिवसीय सिलाई कटिंग ट्रेनिंग सेंटर का समापन

शहजाद हुसैन एडवोकेट अध्यक्ष मानव कल्याण सोसायटी

बिजनौर। महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की योजना अंतर्गत 15 दिवसीय सिलाई कटिंग ट्रेनिंग सेंटर का आज समापन हो गया।

इस अवसर पर अधिकारीगण ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं और बालिकाओं को सर्टिफिकेट देकर योजनाओं के लाभ से अवगत कराया।

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए खादी ग्राम उद्योग बोर्ड नजीबाबाद द्वारा संचालित सिलाई 15 दिवसीय सिलाई सेंटर ट्रेनिंग का आज समापन हो गया।

बिजनौर के ब्लॉक हल्दौर में आयोजित इस ट्रेनिंग में 25 महिलाओं और बालिकाओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में खादी ग्राम उद्योग बोर्ड की तरफ से आए अधिकारी गण ग्राम प्रधान, अध्यक्ष महिला समिति मौजूद रहे।

अनुदान पर सोलर पंप ले सकेंगे किसान

जनपद को मिला कुल 283 सोलर पम्प वितरण का लक्ष्य

कृषक अनुदान पर सोलर पम्प पाने हेतु करें ऑनलाइन आवेदन- उप कृषि निदेशक

बिजनौर। प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान योजना (पी0एम0-कुसुम) अन्तर्गत जनपद बिजनौर को वर्ष 2022-23 में कुल 283 सोलर पम्प वितरण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। उप कृषि निदेशक गिरीश चन्द्र ने जनपद के कृषक भाइयों को सूचित करते हुए बताया कि पीएम-कुसुम योजना के तहत जनपद में 2 एचपी के 120, 3 एचपी के 120, 5 एचपी के 35, 7.5 एचपी के 06 एवं 10 एचपी के 02 कुल 283 सोलर पम्प वितरण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। सोलर पम्प लेने वाले इच्छुक किसान भाइयों को विभागीय बेवसाइट http://www.upagriculture.com पर ऑनलाइन टोकन जनरेट/बुकिंग करनी होगी। सोलर पम्प की बुकिंग पहले आओ पहले पाओ के सिद्धान्त पर की जायेगी।

इस तरह है व्यवस्था- उप कृषि निदेशक गिरीश चन्द्र ने बताया कि 10 एचपी, 7.5 एचपी, 5 एचपी एवं 3 एचपी सोलर पम्प स्थापित करने हेतु शक्ति पम्प इण्डिया लिमिटेड संस्था तथा 2 एचपी सोलर पम्प स्थापित करने हेतु टाटा पॉवर सोलर सिस्टम लि0 संस्था नामित है। सभी प्रकार के सोलर पम्प पर 60 प्रतिशत अनुदान तथा 40 प्रतिशत कृषक अंश निर्धारित है। सोलर पम्प लेने वाले कृषक को कृषक अंश की धनराशि टोकन निर्गत होने की दिनांक से 07 दिन के अन्दर इण्डियन बैंक की किसी भी शाखा में निर्धारित बैंक खाता सं० में जमा करनी होगी। उप कृषि निदेशक ने बताया कि सोलर पम्प का लाभ लेने हेतु कृषकों का विभागीय बेवसाइट http://www.upagriculture.com पर किसान पंजीकरण होना अनिवार्य है।

पहले आओ, पहले आओ- सोलर पम्प की बुकिंग जनपद के लक्ष्य की सीमा से 200 प्रतिशत तक पहले आओ पहले पाओ के सिद्धान्त पर की जायेगी। 2 एचपी सरफेस सोलर पम्प अधिकतम 22 फिट गहराई जल स्तर 2 एचपी सबमर्सिबल अधिकतम 50 फिट गहराई जल स्तर, 3 एचपी अधिकतम 150 फिट गहराई जल स्तर, 5 एचपी अधिकतम 200 फिट गहराई जल स्तर, 7.5 एचपी एवं 10 एचपी सोलर पम्प अधिकतम 300 फिट गहराई जल स्तर हेतु उपयुक्त होंगे। 2 एचपी सोलर पम्प हेतु 4 इंच, 3 एचपी एवं 5 एचपी सोलर पम्प हेतु 6 इंच एवं 7.5 एचपी, 10 एचपी सोलर पम्प हेतु 8 इंच का क्रियाशील बोरिंग कृषक के पास होना अनिवार्य है।

करें संपर्क- उप कृषि निदेशक ने बताया कि इच्छुक कृषक भाई जो अपने प्रक्षेत्र पर सोलर पम्प स्थापित कराना चाहते हैं वह अपने विकास खण्ड स्तर पर राजकीय कृषि निवेश बीज भण्डार से अथवा जनपद स्तर पर उप कृषि निदेशक बिजनौर के कार्यालय से सम्पर्क स्थापित कर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

जिले को पॉलीथिन एवं प्रदूषण मुक्त बनाने को आगे आएं एनजीओ


जिले को सुन्दर, आकर्षक और पॉलीथिन एवं प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं को आगे आकर कार्य करने का आह्वान, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जिला प्रशासन द्वारा उनको आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का दिया आश्वासन।

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कलक्ट्रेट सभागार में एनजीओ के पदाधिकारियों का आह्वान करते हुए कहा कि जिले को सुन्दर, आकर्षक और पॉलीथिन मुक्त बनाने के लिए आगे आएं। जिला प्रशासन द्वारा उनको आवश्यक सहयोग और सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़कों के किनारे अथवा ख़ाली सार्वजनिक भूमि, तालाबों के तटों तथा पार्काें में पौधे रोपित कराएं। इसके लिए उन्हें आवश्यकता के अनुसार पौध तथा उसकी सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड उपलब्ध कराएं जाएंगें। उन्होंने निर्देश दिए कि तालाबों और पार्काें के सौंदर्यकरण के क्षेत्र में कार्य करें। जिलाधिकारी श्री मिश्रा ने ”नमो फाउण्डेशन“ नामक स्वयंसेवी संस्था के सेक्रेट्री सुशील कुमार राजपूत को निर्देशित करते हुए कहा कि सौंदर्यकरण के साथ ही जिले को प्रदूषण मुक्त बनाने में भी संस्था को सहायोग उपलब्ध कराने के लिए आगे लाएं।


इस पर अवसर विधायक चांदपुर स्वामी ओमवेश, मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, पिछड़ा कल्याण विभाग के अधिकारियों सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

आज है विश्व संगीत दिवस

शायद ही कोई ऐसा इंसान हो जिसे संगीत पसंद ना हो। संगीत ऐसी चीज है, जो लोगों के दिल और दिमाग पर गहरा प्रभाव डालती है। इसी वजह से दुनिया भर के गायकों और संगीतकारों को म्यूजिक के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मान देने के उद्देश्य से आज (21 जून) विश्व भर में ‘वर्ल्ड म्यूजिक डे’ सेलिब्रेट किया जाता है। इस दिन कई देशों में संगीत प्रोग्राम आयोजित किए जाते हैं।

हर साल 21 जून को मनाए जाने वाले विश्व संगीत दिवस की एक खास थीम होती है। संगीत दिवस 2022 की थीम ‘चौराहों पर संगीत’ (Music At Intersections) है। इसी थीम पर इस साल के सभी कार्यक्रम आयोजित होंगे। संगीत दिवस का उद्देश्य दुनियाभर के गायकों और संगीतकारों का संगीत के क्षेत्र में योगदान को सम्मान देना है।

फ्रांस में 1982 में जब पहला संगीत दिवस मनाया गया तो इसे 32 से ज्यादा देशों का समर्थन मिला। इस दौरान कई कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। उसके बाद से अब भारत समेत इटली, ग्रीस, रूस, अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, पेरू, ब्राजील, इक्वाडोर, मैक्सिको, कनाडा, जापान, चीन, मलेशिया और दुनिया के तमाम देश विश्व संगीत दिवस हर साल 21 जून को मनाते हैं।

योग भारत की धरती से पूरे विश्व को एक बहुत बड़ी देन- मण्डलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह


आठवें अंतर्राष्ट्रीय योगा दिवस पर मंडलायुक्त मुरादाबाद मंडल आन्जनेय कुमार सिंह की अध्यक्षता में नेहरू स्टेडियम बिजनौर में हुआ सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम

जनपद में अष्टम अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित हुए कार्यक्रम

योग को बनाएं जीवन का हिस्सा, नियमित योग अभ्यास रोग दूर करने में सहायक- मण्डलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह

कोई भी देश, समाज व विश्व बिना स्वस्थ नागरिकों के विकास नहीं कर सकता- मण्डलायुक्त

योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थय की कुंजी -जिलाधिकारी

योग जीवन को स्वस्थ व निरोग रखने में सहायक- जिलाधिकारी उमेश मिश्रा

देश हमें देता है सब कुछ हम भी तो कुछ देना सीखें।।

बिजनौर। जनपद मे आज अष्टम अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर मुख्य कार्यक्रम का आयोजन नेहरू स्टेडियम व गंगा बैराज घाट पर किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि आयुक्त मुरादाबाद मण्डल, पूर्व सांसद व जिलाधिकारी ने दीप प्रज्जवलन कर किया। मण्डलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि आज योग दिवस पूरे विश्व मे मनाया जा रहा है। योग भारत की धरती से पूरे विश्व को एक बहुत बडी देन है। गंगा बैराज घाट पर मां गंगा को दूध व पुष्प अर्पित कर मां गंगा की आरती की गयी। सभी अधिकारियों कर्मचारियों व आमजन ने योगाभ्यास में प्रतिभाग किया।

आयुक्त श्री सिंह ने कहा कि किसी भी देश के लिए उसकी सबसे महत्वपूर्ण संपदा उसकी मानव संपदा होती है। आज योग दिवस पूरे विश्व में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दक्ष मानव संपदा है तो बेहतर है लेकिन उसके साथ-साथ स्वस्थ मानव संपदा का होना अत्यन्त आवश्यक है। मनुष्य का शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ होना आवश्यक है। शारीरिक स्वास्थय के साथ-साथ मन का स्वस्थ होना भी आवश्यक है। योग के माध्यम से मानसिक स्वास्थय का व शारीरिक स्वास्थय दोनो को ठीक रखा जा सकता है।

आयुक्त ने कहा कि योग हमारे शारीरिक व मन को स्वस्थ रखने मे सहायक होता है और अगर हम शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ है तो देश व समाज के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं। हमारे प्रधानमंत्री ने योग को आगे बढाया और आज पूरा विश्व इसे स्वीकार कर रहा है। योग भारत की धरती से पूरे विश्व को एक बहुत बडी देन है। योग एक बहुत बडी संपदा है जो हमारे पूर्वजो, ऋषियों व मुनियों ने हमें सौंपी है। योग को स्वीकार व अंगीकार करते हुए अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। कोई भी देश समाज व विश्व बिना अपने स्वस्थ नागरिकों के विकास नहीं कर सकता। नियमित योग अभ्यास रोग दूर करने मे सहायक होता है। योग पांचवी चिकित्सीय परामर्श के रूप मे माना जाने लगा है।

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थय की कुंजी है। उन्होंने आमजन से योग अपनाने की अपील की। योग जीवन को स्वस्थ व निरोग रखने मे सहायक होता है। उन्होंने बताया कि आठवें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2022 की थीम मानवता के लिए योग घोषित की गयी है।

नेहरू स्टेडियम मे आयोजित कार्यक्रम में प्रशांत महर्षि ने योगाभ्यास सिखाया और भारती गौड व विनोद गोस्वामी का सहयोग रहा। वहीं गंगा बैराज घाट पर आयोजित कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक तिलकराम ने योगाभ्यास सिखाया और सदभावना, हिमानी आदि का सहयोग रहा।

योग दिवस पर आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रम में योग प्रशिक्षकों द्वारा प्राणायाम, भ्रामरी, शीतली प्राणायाम, कपाल भाती, अनुलोम विलोम सहित करीब 35 योगा आसन सिखाये गए। योग प्रशिक्षकों ने कहा कि योेग हमें अनुशासन सिखाता है। इस अवसर पर ब्रहम कुमारी ने मण्डलायुक्त को पुस्तिका भेंट की।

इस अवसर पर पूर्व सांसद भारतेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक डा0 धर्मवीर सिंह, जिला वन अधिकारी डा0 अनिल पटेल, मुख्य विकास अधिकारी केपी0 सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, पीडी डीआरडीए ज्ञानेश्वर तिवारी सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी, क्रीडा भारती के सदस्य व बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

अग्निवीर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी

अग्निवीर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, 8वीं पास भी कर सकेंगे अप्‍लाई

नई दिल्ली (एजेंसी)। अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर भर्ती रैली के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। भारतीय सेना ने नोटिफिकेशन में कहा है कि ट्रेनिंग पीरियड सहित चार साल की सेवा अवधि के लिए उम्मीदवारों को नामांकित किया जाएगा। इसके तहत उम्‍मीदवारों को ऑनलाइन रजिस्‍ट्रेशन करना अनिवार्य है। इसके बाद भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट joinindianarmy.nic.in पर विजिट करना होगा।

अग्निवीर सेना अधिनियम, 1950 के अधीन होंगे। ऐसे में उन्हें भूमि, समुद्र या वायु मार्ग से कहीं पर भी आने जाने के लिए उत्तरदायी माना जाएगा। नोटिफिकेशन के मुताबिक, उम्मीदवारों की भर्ती चार सालों के लिए होगी। इस दौरान हर साल उन्हें 30 दिन की छुट्टी भी मिलेगी। सेवा के पहले साल 30 हजार रुपए, दूसरे साल 33 हजार रुपए, तीसरे साल 36,500 रुपए और आखिरी साल यानी चौथे साल 40 हजार रुपए वेतन तथा भत्ते दिए जाएंगे।

नोटिफिकेशन के अनुसार, भर्तियां पूरी तरह से उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर मेरिट आधारित होंगी। केवल भर्ती प्रक्रिया में पास होने वाले उम्मीदवारों को सेना में भर्ती का दावा करने का कोई अधिकार नहीं होगा। यह भी कहा गया है कि जिन उम्मीदवारों के पास जरूरी सर्टिफिकेट नहीं होंगे, वे खुद रिजेक्शन के लिए उत्तरदायी होंगे।

NCC सर्टिफिकेट धारकों को मिलेंगे बोनस मार्क्स
सभी पदों पर भर्ती के लिए NCC-A सर्टिफिकेट धारकों को 05 बोनस मार्क्स मिलेंगे। NCC-B सर्टिफिकेट धारकों को 10 बोनस अंक मिलेंगे जबकि NCC-C सर्टिफिकेट धारकों को 15 बोनस अंक मिलेंगे। अग्निवीर जनरल ड्यूटी और क्‍लर्क/स्‍टोरकीपर पदों के लिए NCC-C सर्टिफिकेट धारकों को CEE (कॉमन एंट्रेंस एग्‍जाम) से छूट मिलेगी।

Indian Army Agniveer Requirement Notification Out Know Eligibility Process  Application Date Here joinindianarmy.nic.in Sarkari Naukri - Agniveer  Recruitment: भारतीय सेना ने जारी की अग्निवीर भर्ती रैली की ...

पद जिनके लिए होगी भर्ती
भारतीय सेना द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन के मुताबिक, ‘अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर टेक्निकल, अग्निवीर टेक्निकल (एविएशन/ एम्युनिशन एग्जामनर), अग्निवीर क्लर्क/स्टोर कीपर टेक्निकल, अग्निवीर ट्रेडमैन 10 वीं पास और अग्निवीर ट्रेड्समैन 8 वीं पास के लिए संबंधित एआरओ द्वारा जुलाई 2022 से रजिस्ट्रेशन ओपन होगा।’ यानी कि इन पांच ट्रेड्स पर भर्ती होनी है।

जरूरी योग्यताएं
– जनरल ड्यूटी के लिए उम्मीदवारों के पास में 45 फीसदी अंकों के साथ में 10वीं पास की योग्यता होनी चाहिए।
– अग्निवीर तकनीकी (विमानन/गोला-बारूदपरीक्षक) के लिए फिजिक्स, केमेस्ट्री, मैथ्स और इंग्लिश सब्जेक्ट में 50 फीसदी अंकों के साथ में 12वीं पास।
– क्लर्क/ स्टोरकीपर पदों के लिए 60 फीसदी अंकों के साथ 12वीं पास की योग्यता। अंग्रेजी और गणित में 50 फीसदी अंक जरूरी।
– ट्रेड्समैन के लिए 10वीं और 8वीं पास उम्मीदवारों की अलग-अलग भर्ती होगी। आवेदक के सभी विषयों में 33 फीसदी अंक होने चाहिए।

नियम और शर्तें
-अग्निवीरों को सेना अधिनियम 1950 के तहत 4 वर्ष की सेवा अवधि के लिए नामांकित किया जाएगा।
-आवेदकों की आयुसीमा 17.5 वर्ष से 23 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
-अग्निवीरों को आदेश के अनुसार थल, जल और वायु कहीं भी भेजा जा सकेगा।
-नामांकित अग्निवीर किसी भी तरह की पेंशन या ग्रेच्युटी के पात्र नहीं होंगे।
-सभी अग्निवीरों को चार वर्ष की सेवा पूरी होने पर सेवामुक्त कर दिया जाएगा।
– सेवा मुक्ति के समय उन्हें सेवा नीधि दी जाएगी।

सर्विस के बाद
चार साल की सर्विस पूरी होने के बाद अग्निवीरों को सेवा निध‍ि पैकेज, अग्निवीर स्किल सर्टिफिकेट और कक्षा 12वीं के समकक्ष योग्‍यता प्रमाणपत्र भी मिलेगा। जो उम्‍मीदवार 10वीं पास हैं उन्‍हें 4 साल के बाद 12वीं समकक्ष पास सर्टिफिकेट भी मिलेगा जिसकी पूरी जानकारी बाद में जारी की जाएगी।

आम जवानों जैसी सहूलियत, एक करोड़ का बीमा

अग्निपथ पर चले अग्निवीरों को आम जवानों जैसी सहूलियत, एक करोड़ का बीमा

नई दिल्ली। अग्निपथ योजना के विरोध में चल रहे प्रदर्शन से निपटने के लिए बैठकों का दौर लगातार जारी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तीनों सेनाओं के प्रमुख दृढ़ता से डटे हुए हैं। रविवार को रक्षा मंत्रालय ने एक अहम प्रेस कांफ्रेंस में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि अग्निपथ स्कीम रोलबैक नहीं होगी। यह भी बताया कि अग्निवीर के जरिए भारतीय सेना में किस तरह से जोश और होश का संतुलन बनाने की योजना है।

अब सभी रिक्रूटमेंट केवल अग्निवीर से- प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मौजूद वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि सेना में अब सभी रिक्रूटमेंट केवल अग्निवीर के तहत ही होंगे। उन्होंने कहा कि जिन्होंने पहले अप्लाई किया था, उनके लिए एज लिमिट बढ़ा दी गई है। सभी को नए सिरे से अप्लाई करना होगा। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि वैकल्पिक भर्ती की कोई योजना नहीं है ।

सैन्य मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अरुण पुरी ने कहा कि यह योजना काफी विचार-विमर्श करके लाई गई है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं के जोश-होश के बीच तालमेल बनाना है। उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना युवाओं के लिए फायदेमंद है। सभी अग्निवीरों को आम जवानों की तरह फायदे मिलेंगे। उन्होंने कहा कि आज की तुलना में अग्निवीरों को ज्यादा अलाउंस मिलेगा। उन्होंने कहा कि दो साल से इस योजना पर चर्चा चल रही थी। अरुण पुरी ने कहा कि हर साल लगभग 17,600 लोग तीनों सेवाओं से समय से पहले सेवानिवृत्ति ले रहे हैं। किसी ने कभी उनसे यह पूछने की कोशिश नहीं की कि वे सेवानिवृत्ति के बाद क्या करेंगे? उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं के भविष्य के लिए सोच-समझकर उठाया गया कदम है। इन सब के बीच भारतीय वायुसेना ने अग्निपथ योजना के तहत भर्ती करने के लिए विवरण जारी किया है। इस विवरण में वायुसेना ने बताया है कि अग्निपथ सशस्त्र बलों के लिए एक नई मानव संसाधन प्रबंधन योजना है। इस योजना के माध्यम से शामिल किए गए उम्मीदवारों को अग्निवीर कहा जाएगा। इनकी भर्ती वायुसेना अधिनियम 1950 के तहत चार वर्षों के लिए की जाएगा।

अभी है योजना की शुरुआत

लेफ्टिनेंट जनरल पुरी ने कहा कि अभी योजना के शुरू में 46000 अग्निवीरों की भर्ती की जा रही है, यह क्षमता अभी और बढ़ेगी। अगले 4-5 सालों में यह संख्या 50,000-60,000 होगी और फिर इसे 90 हजार से बढ़ाकर एक लाख किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सेना की योजना में 1.25 लाख तक अग्निवीरों की भर्ती की जाएगी। इस प्रकार से यदि 25 फीसदी को परमानेंट रखा जाएगा तो ऑटोमैटिकली 46,000 अग्निवीर परमानेंट रूप से भर्ती होंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई अग्निवीर देशसेवा के दौरान शहीद होता है उसे एक करोड़ रुपए की आर्थिक मदद मिलेगी।

FIR है दर्ज तो नहीं बन सकेंगे अग्निवीर

केंद्र सरकार की ओर से तीनों सेनाओं में भर्ती के लिए लाई गई अग्निपथ योजना के विरोध के बीच सेना की ओर से उम्मीदवारों को साफतौर पर चेतावनी देते हुए कहा गया है कि अगर उनके खिलाफ FIR दर्ज होती है तो वह ‘अग्निवीर’ नहीं बन सकेंगे। सेना ने कहा कि भर्ती में शामिल होने वाले हर उम्मीदवार को लिखित में यह बताना होगा कि वो अग्निपथ योजना के विरोध के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ करने वालों में शामिल नहीं थे। सैन्य मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि उम्मीदवारों को एक लिखित प्रमाण पत्र देना होगा कि वे विरोध या तोड़फोड़ का हिस्सा नहीं थे। पुरी ने कहा कि भारतीय सेना की नींव में अनुशासन है। आगजनी या तोड़फोड़ के लिए कोई जगह नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति को एक प्रमाण पत्र देना होगा कि वे विरोध या तोड़फोड़ का हिस्सा नहीं थे। पुलिस सत्यापन अनिवार्य है, इसके बिना कोई भी शामिल नहीं हो सकता है।

सेना में अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं

लेफ्टिनेंट जनरल पुरी ने आगे कहा अगर किसी उम्मीदवार के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज की जाती है तो वे सेना में शामिल नहीं हो सकते। सशस्त्र बलों में अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं है। केंद्र सरकार की ओर से मंगलवार को योजना के ऐलान के बाद बुधवार को बिहार में अग्निपथ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था।

वायुसेना में कब से शुरू होगी Agniveer भर्ती ?

एयर मार्शल एसके झा ने बताया कि पहले बैच के अग्निवीर भर्ती के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 24 जून 2022 से शुरू से होगी। इस बैच के लिए फेज-1 की ऑनलाइन परीक्षा 24 जुलाई से शुरू होगी। वहीं पहले बैच की ट्रेनिंग के लिए रजिस्ट्रेशन दिसंबर में शुरू होंगे और इस प्रक्रिया को 30 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।

नौसेना में Agniveer भर्ती के आवेदन 21 नवंबर से वाइस एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि पहले नवल अग्निवीर 21 नवंबर 2022 से ओडिशा स्थिति आईएनएस चिल्का में ट्रेनिंग के लिए पहुंचना शुरू कर देंगे। नौसेना में महिला और पुरुष दोनों अग्निवीरों की भर्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि नौसेना में पहले से ही विभिन्न जहाजों में 30 महिला अधिकारी तैनात हैं। ऐसे में नौसेना ने अग्निपथ योजना के तहत भी महिला अग्निवीरों की भर्ती का फैसला किया है।

रोड पर गलत तरीके से खड़े वाहन की फोटो खींच कर पाओ इनाम

नई दिल्ली (एजेंसी)। सड़क पर गलत तरीके से खड़े किए गए वाहन की तस्वीर भेजने वाले को उसे 500 रुपए का इनाम दिया जाएगा। वहीं गलत तरीके से पार्किंग करने वाले वाहन मालिक से 1,000 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा। सरकार जल्द इस तरह का एक कानून लाने जा रही है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि वह सड़क पर गलत तरीके से वाहन खड़ा करने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए एक कानून लाने पर विचार कर रहे हैं। गडकरी ने कहा, ‘‘मैं एक कानून लाने वाला हूं कि रोड पर जो वाहन खड़ा करेगा, उसपर 1,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं गलत तरीके से वाहन खड़ा करने वाले की तस्वीर खींचकर भेजने वाले को इसमें से 500 रुपए दिए जाएंगे।’’ मंत्री ने इस बात पर क्षोभ जताया कि लोग अपने वाहनों के लिए पार्किंग की जगह नहीं बनाते हैं। इसके बजाय वे अपना वाहन सड़क पर खड़ा करते हैं।

उन्होंने कहा, नागपुर में मेरे रसोइये के पास भी दो सेकेंड हैंड वाहन हैं। आज चार सदस्यों के परिवार के पास छह कारें होती हैं। ऐसा लगता है कि दिल्ली के लोग भाग्यशाली हैं। हमने उनका वाहन खड़ा करने के लिए सड़क बनाई है।

रोड पर गलत तरीके से खड़े वाहन की फोटो खींच कर पाओ इनाम

नई दिल्ली (एजेंसी)। सड़क पर गलत तरीके से खड़े किए गए वाहन की तस्वीर भेजने वाले को उसे 500 रुपए का इनाम दिया जाएगा। वहीं गलत तरीके से पार्किंग करने वाले वाहन मालिक से 1,000 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा। सरकार जल्द इस तरह का एक कानून लाने जा रही है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि वह सड़क पर गलत तरीके से वाहन खड़ा करने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए एक कानून लाने पर विचार कर रहे हैं। गडकरी ने कहा, ‘‘मैं एक कानून लाने वाला हूं कि रोड पर जो वाहन खड़ा करेगा, उसपर 1,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं गलत तरीके से वाहन खड़ा करने वाले की तस्वीर खींचकर भेजने वाले को इसमें से 500 रुपए दिए जाएंगे।’’ मंत्री ने इस बात पर क्षोभ जताया कि लोग अपने वाहनों के लिए पार्किंग की जगह नहीं बनाते हैं। इसके बजाय वे अपना वाहन सड़क पर खड़ा करते हैं।

उन्होंने कहा, नागपुर में मेरे रसोइये के पास भी दो सेकेंड हैंड वाहन हैं। आज चार सदस्यों के परिवार के पास छह कारें होती हैं। ऐसा लगता है कि दिल्ली के लोग भाग्यशाली हैं। हमने उनका वाहन खड़ा करने के लिए सड़क बनाई है।

पानी व शर्बत पिलाएं, लेकिन गंदगी तो न छोड़ें: भूपेंद्र निरंकारी

बिजनौर। सभी धर्मों के लोग इस भीषण गर्मी में छबील व प्याऊ लगाकर लोगों को पानी और शर्बत पिला रहे हैं। यह बेशक ही बहुत पुण्य वाला कार्य है, क्योंकि प्यासे को पानी पिलाने से बड़ी कोई सेवा नहीं है। नर सेवा ही नारायण सेवा है, लेकिन छबील और प्याऊ के पीछे एक बेहद निराशाजनक कहानी भी सामने आ रही है। भूपेंद्र कुमार निरंकारी का कहना है कि जब भी कहीं शर्बत या पानी पिलाया जाता है, तो कार्य खत्म होने के बाद झूठे गिलासों व अन्य गंदगी को वहीं छोड़ दिया जाता है। यह गिलास हवा में उड़ कर दूर तक गंदगी फैलाते हैं। इतना ही नहीं इन पर मक्खी भी मंडराती हैं। प्याऊ लगाकर लोगों की सेवा कर पुण्य भले ही कमाया जाता है, लेकिन उसके बाद उसी स्थान को गंदगी से भरा छोड़कर पाप की भागीदारी भी होती है। ठंडे पानी और शर्बत से लोगों को गर्मी से राहत, तो मिलती है, लेकिन झूठे गिलासों से गंदगी होने पर बीमारियां फैलने का भी खतरा होता है। भूपेंद्र ने इस तरह के शिविर का आयोजन करने वालों का आह्वान किया कि शिविर की समाप्ति पर शिविर के आसपास हजारों की संख्या में बिखरे ग्लास व गंदगी को भी साफ करने का प्रबंध करें।

अगले छह महीने में क्या करने वाले हैं सीएम योगी

अगले छह महीने में क्या करने वाले हैं सीएम योगी। यूपी के 75 जिलों को लेकर दिया आदेश। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 6 महीने में प्रदेश के समस्त 75 जनपदों में 150 हाईटेक नर्सरी (सब्जी पौध) सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना का काम पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 6 महीने में प्रदेश के समस्त 75 जनपदों में 150 हाईटेक नर्सरी (सब्जी पौध) सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना का काम पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हाईटेक नर्सरी में कार्य और संचालन उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा कराया जाए।

मुख्यमंत्री रविवार को अपने सरकारी आवास पर प्रदेश में हाईटेक नर्सरीज़ की स्थापना की समीक्षा कर रहे थे। सीएम ने निर्देश दिए कि हाईटेक नर्सरी के संचालन में सुपरविजन एवं तकनीकी इनपुट का कार्य कृषि विज्ञान केन्द्र या विश्वविद्यालय अथवा उद्यान विभाग के रिसर्च केन्द्र के परिसर के इंचार्ज द्वारा किया जाए। उन्होंने कहा कि अप्रैल में समक्ष ग्राम्य विकास सेक्टर के प्रस्तुतिकरण के दौरान हर जिले में दो हाईटेक नर्सरी की स्थापना के निर्देश दिए गए थे। इन सभी नर्सरियों की स्थापना का कार्य मनरेगा के तहत कम्युनिटी कार्यों के मद की सहायता से पूर्ण कराया जाए।
उन्होंने कहा कि हाईटेक नर्सरी की स्थापना प्रदेश के कृषि विज्ञान केन्द्रों, कृषि विश्वविद्यालयों के परिसरों अथवा उद्यान विभाग के रिसर्च केन्द्रों में की जाए। इससे यह स्थान कृषकों के प्रशिक्षण के लिए भी प्रयोग किए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नर्सरी की स्थापना इज़राइल की तकनीकी पर की जाए। शाकभाजी उत्पादन में स्वस्थ पौध की बड़ी भूमिका है। इज़राइल सरकार के सहयोग से एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत कन्नौज तथा बस्ती में सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की गई है। 

आज भी राष्ट्रप्रेम जगा देती हैं अमरेश की कविताएं

पुण्यतिथि विशेष
-जनपद के कालजई साहित्यकार कवि अमर बहादुर सिंह ‘अमरेश’ की 43वीं पुण्यतिथि आज
-एक मार्च 1929 को पूरे रूप मजरे कंदरावा में हुआ था जन्म
-मलिक मोहम्मद जायसी राना बेनी माधव और महावीर प्रसाद द्विवेदी के जीवन को समाज के सामने रखा था

रायबरेली। साहित्यकार अमर बहादुर सिंह ‘अमरेश’ की आज 43वीं पुण्यतिथि है। आज ही के दिन उनका जीवन पूर्ण हुआ था। पेशे से नायब तहसीलदार रहे अमरेश जी की कविताएं आज भी राष्ट्रप्रेम जगा देती हैं। महात्मा गांधी की हत्या के बाद 13 दिन तक व्रत धारण करके 13 कविताएं लिखीं। उनमें एक रचना-‘दिल्ली तू कैसे देख सकी बापू की खून भरी छाती’ सुनकर सभाओं में लोग रोने लगते थे। विभिन्न विधाओं में कालजयी साहित्य लिखने वाले अमरेश जी को आज जनपद भुल सा चुका है।
1 मार्च 1929 को ऊंचाहार तहसील के पूरे रूप मजरे का निरहुआ में जन्म लेने वाले अमरेश जी बाल्यकाल से ही कविताएं लिखने लगे थे। पहली कविता “नागरिक कक्षा” उन्होंने कक्षा तीन में पढ़ते हुए लिखी थी। अपने जीवन के प्रारंभिक दौर में कालजई कविताएं लिखने वाले अमरेश जी उपन्यास और एकांकी, बालोपयोगी साहित्य लिखने के साथ-साथ संपादन कार्य से भी जुड़े रहे। हिंदी दैनिक स्वतंत्र भारत में उनका स्तंभ ‘गांव की चिट्ठी’ काफी लोकप्रिय रहा। जीवन के आखिरी वक्त तक वह स्वतंत्र भारत में इस कॉलम के लिए लिखते रहे।
बाद में उनका जीवन एक अनुसंधानकर्ता के रूप में भी सामने आया। उन्होंने जनपद की पहचान सूफी काव्य धारा के जनक माने जाने वाले मलिक मोहम्मद जायसी, स्वाधीनता संग्राम के महान शूरवीर राणा बेनी माधव और हिंदी के युग प्रवर्तक आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी पर भी लेखनी चलाई। एक अनुसंधानकर्ता के रूप में उनकी जायसी पर लिखी किताबें ‘कहरानामा’, ‘मसलानामा’, ‘राणा बेनी माधव’ और ‘आचार्य द्विवेदी गांव में’ काफी पसंद की गई।
जनपद के साहित्यिक आकाश के चमकते सितारे अमर बहादुर सिंह को आज जनपद भूल सा चुका है। उनकी यादें धुंधला गई हैं। कवि दुर्गाशंकर वर्मा दुर्गेश कहते हैं कि ऐसे कालजई साहित्यकार के साहित्य को पुर्नप्रकाशित कर समाज के सामने लाने की आवश्यकता है। शबिस्ता बृजेश ने कहा कि अमरेश जी की यादें जनपद के हिंदी साहित्य की धरोहर हैं। उनके पुत्र अशोक सिंह उनका साहित्य संजोए हुए हैं। वह किसी ऐसे व्यक्ति की तलाश में है जो इस साहित्य की धरोहर को आगे बढ़ा सके।


कॉलोनी तो बस आई गई लेकिन यादें सुरक्षित नहीं

रायबरेली विकास प्राधिकरण ने अमर बहादुर सिंह अमरेश की स्मृति में शहर में कानपुर रोड पर वर्ष 1978 में अमरेश पुरी कॉलोनी बसाई। यह आज शहर की पॉश कॉलोनी मानी जाती है। ..लेकिन कॉलोनी का न तो अपना कोई भव्य गेट है और ना ही यहां अमरेश जी के जीवन वृत्त को प्रदर्शित करने वाला कोई शिलालेख। इससे अमरेश जी का नाम तो जीवित है लेकिन उनके जीवन वृत्त से नई पीढ़ी अपरिचित है।

आचार्य द्विवेदी स्मृति रजत जयंती वर्ष का नया लोगो रिलीज

आचार्य द्विवेदी स्मृति रजत जयंती वर्ष का नया लोगो

लखनऊ। आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान के रजत जयंती वर्ष के लिए राष्ट्रीय स्मारक समिति ने नया लोगो गुरुवार को रिलीज किया।
गुरुवार को एक ऑनलाइन कार्यक्रम में नया लोगो रिलीज करते हुए आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति के अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने बताया कि नया लोगो नई दिल्ली के डिजाइनर राजीव कुमार ने तैयार किया है। नए लोगो में 25 साल की स्मृति यात्रा दर्शाने के साथ-साथ आचार्य द्विवेदी के राष्ट्र प्रेम, समाज उत्थान की भावना का भी समावेश किया गया है।

आचार्य द्विवेदी स्मृति रजत जयंती वर्ष का नया लोगो


समिति की अमेरिका इकाई की अध्यक्ष श्रीमती मंजु मिश्रा ने कहा कि आचार्य द्विवेदी ईश्वर के संरक्षण अभियान का रजत जयंती वर्ष यादगार बनाया जाएगा। अमेरिका इकाई भी इस यज्ञ में अपनी आहुति डालेगी। महामंत्री अनिल मिश्र ने कहा कि वर्ष पर्यंत कार्यक्रमों की श्रंखला चलेगी।

आचार्य द्विवेदी स्मृति रजत जयंती वर्ष का नया लोगो रिलीज

आचार्य द्विवेदी स्मृति रजत जयंती वर्ष का नया लोगो

लखनऊ। आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान के रजत जयंती वर्ष के लिए राष्ट्रीय स्मारक समिति ने नया लोगो गुरुवार को रिलीज किया।
गुरुवार को एक ऑनलाइन कार्यक्रम में नया लोगो रिलीज करते हुए आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति के अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने बताया कि नया लोगो नई दिल्ली के डिजाइनर राजीव कुमार ने तैयार किया है। नए लोगो में 25 साल की स्मृति यात्रा दर्शाने के साथ-साथ आचार्य द्विवेदी के राष्ट्र प्रेम, समाज उत्थान की भावना का भी समावेश किया गया है।

आचार्य द्विवेदी स्मृति रजत जयंती वर्ष का नया लोगो


समिति की अमेरिका इकाई की अध्यक्ष श्रीमती मंजु मिश्रा ने कहा कि आचार्य द्विवेदी ईश्वर के संरक्षण अभियान का रजत जयंती वर्ष यादगार बनाया जाएगा। अमेरिका इकाई भी इस यज्ञ में अपनी आहुति डालेगी। महामंत्री अनिल मिश्र ने कहा कि वर्ष पर्यंत कार्यक्रमों की श्रंखला चलेगी।

75 साहित्यकार एवं समाजसेवी कुमुद सम्मान से अलंकृत

साहित्यकार ज्ञान स्वरूप ‘कुमुद’ जी की जयंती पर कुमुद सम्मान से अलंकृत 75 साहित्यकार एवं समाजसेवी

बरेली। रोटरी क्लब भवन चौपुला में साहित्यकार ज्ञान स्वरूप ‘कुमुद’ जी की जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर 75 साहित्यकार एवं समाजसेवी कुमुद सम्मान से अलंकृत किए गए।

हास्य कवि निर्मल सक्सेना ( कासगंज), वरिष्ठ शायर जीतेश राज नक़्श (पीलीभीत), मुख्य अतिथि आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ सत्येंद्र सिंह, विशिष्ट अतिथिगण बरेली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद कुमार श्रीवास्तव, बरेली बार एसोसिएशन के सचिव वीपी ध्यानी, वरिष्ठ साहित्यकार एवं कार्यक्रम अध्यक्ष आचार्य देवेंद्र देव एवं कार्यक्रम संचालक कवि रोहित राकेश को संस्था के संस्थापक एवं कार्यक्रम आयोजक एडवोकेट उपमेंद्र सक्सेना एवं संस्था अध्यक्ष करुणा निधि गुप्ता ने उत्तरीय, प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर कुमुद सम्मान से अलंकृत किया

इसके अलावा 75 कवियों एवं समाजसेवियों को भी समारोह में सम्मानित किया गया। आमंत्रित कवियों में निर्मल सक्सेना एवं जीतेश राज ‘नक़्श’ ने अपने काव्य पाठ से सभी का दिल जीत लिया और खूब वाहवाही लूटी।

खटीमा से पधारे सुप्रसिद्ध कवि प्रिय भाई रामरतन यादव द्वारा बहुत सुंदर सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। साहित्यकार डॉ महेश मधुकर एवं साहित्यकार रणधीर प्रसाद गौड़ धीर ने ‘कुमुद’ जी के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कार्यक्रम आयोजक एडवोकेट उपमेंद्र सक्सेना एवं संस्था अध्यक्ष  करुणा निधि गुप्ता ने सभी अतिथियों को हृदय से साधुवाद एवं आभार व्यक्त किया।

चौथा बड़ा मंगल: हनुमान मंदिरों पर उमड़ पड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

मलिहाबाद लखनऊ। चौथे बड़े मंगल पर जगह-जगह भण्डारे आयोजित किए गए। भोर से ही हनुमान मंदिरों पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने मंदिरों पर पहुंच कर माथा टेका व विधि-विधान से पूजा-आरती की। वहीं सुबह से ही लोगों ने स्टाल लगाकर शर्बत, पूड़ी सब्जी व प्रसाद का वितरण किया, जो शाम तक चलता रहा। बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। मलिहाबाद, रहीमाबाद, कसमण्डी क्षेत्र सुबह से ही भारी संख्या में मंदिरों श्रद्धालुओं की भीड़ रही। लोगों ने मन्दिरों में विधि विधान से हनुमान जी की पूजा अर्चना की। बड़े मंगलवार को क्षेत्र के गोपेश्वर गोशाला में राजा स्वरूप में विराजमान चिंताहरण हनुमान जी के दरबार मे ब्रम्ह मुहूर्त में दिव्य और मनमोहक श्रृंगार कर आरती उतारी गई। पंडित लवकुश बाजपेई ने सुबह प्रथम पूजन के बाद मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिए।गोशाला परिवार के प्रबंधक उमाकांत गुप्ता ने बताया कि इस अवसर पर गोशाला में पल रही गायों की पूजा के साथ ही बड़ा मंगल मनाया गया।

कई जगह विशाल भंडारे का आयोजन-
क्षेत्र के कई जगह भण्डारे का आयोजन हुआ। इस क्रम में मलिहाबाद कस्बे में मीडिया ऑफिस व माँ वैष्णो इंटरप्राइजेज द्वारा विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया। हनुमान जी की मूर्ति पर प्रसाद चढ़ाकर पूजा अर्चना करके भंडारे की शुरूआत की गई। देखते ही देखते हजारों की संख्या में लोगो ने पहुँचकर प्रसाद ग्रहण किया। वहीं विशाल भण्डारे में नगर पंचायत की टीम ने भी भरपूर सहयोग किया।
भंडारा सुबह से शाम 6 बजे तक चलता रहा। इस दौरान भण्डारे का संचालन अजीत सिंह मीडिया ऑफिस की टीम के लोगो के सहयोग से सम्पन्न हुआ। प्रसाद वितरण कार्यक्रम में शैलेश, कल्लू, विकास, रवि, शनि, सोनू यादव द्वारा सहयोग किया गया।

आजादी का अमृत महोत्सव: एक, दो, पांच, 10 और 20 रुपए के नए सिक्के लॉन्च

नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी का अमृत महोत्सव को समर्पित एक, दो, पांच, 10 और 20 रुपयों के नए सिक्के लॉन्च किए। सिक्कों की इस विशेष सीरीज की पहचान नेत्रहीन लोग भी आसानी से कर सकेंगे। ये सिक्के आजादी का अमृत महोत्सव को समर्पित किए गए हैं।

इस तरह के हैं ये सिक्के
स्पेशल सीरीज के तहत इन सिक्कों पर AKAM का लोगो है। इससे पहले पीएमओ के बयान में कहा गया था कि “सिक्कों की इन स्पेशल सीरीज में AKAM के लोगो की थीम होगी और दृष्टिबाधित व्यक्तियों को भी आसानी से पहचाना जा सकेगा।” विशेष रूप से, इस सप्ताह को 6 से 11 जून, 2022 तक ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ (AKAM) के हिस्से के रूप में मनाया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने इस मौके पर कहा कि ये सिक्के लगातार लोगों को अमृत काल के लक्ष्यों की याद दिलाएंगे और उन्हें राष्ट्र के विकास में योगदान करने के लिए प्रेरित करेंगे। प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम में उपस्थित वित्त और कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के अधिकारियों, कर्मचारियों से कहा, ‘आप सभी इस विरासत का हिस्सा हैं। देश के आम जन के जीवन को आसान बनाना हो, या देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त करना हो, बीते 75 वर्षों में अनेक साथियों ने इसमें बहुत योगदान दिया है। बीते वर्षों में वित्त मंत्रालय और कॉरपोरेट मंत्रालय ने अपने कार्यों के द्वारा, सही समय पर सही निर्णयों के द्वारा अपनी एक विरासत बनाई है, एक बेहतरीन सफर तय किया है।’

वित्त और कार्पोरेट कार्य मंत्रालय 6 से 11 जून तक ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत आइकानिक समारोह आयोजित करेगा। इस दौरान कार्पोरेट कार्य मंत्रालय और वित्त मंत्रालय का प्रत्येक विभाग अपने समृद्ध इतिहास और विरासत के साथ-साथ आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए तत्परता का प्रदर्शन करेगा। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्रेडिट लिंक्ड सरकारी योजनाओं के लिए ‘जन समर्थ पोर्टल’ शुरू किया। यह पोर्टल अलग-अलग योजनाओं को एक ही मंच पर उपलब्ध कराएगा। यह अपने आप में पहला ऐसा पोर्टल होगा जो लाभार्थियों को ऋणदाताओं से जोड़ेगा।

देशभर में सिंगल यूज प्लास्टिक होने वाली है पूरी तरह बैन

अब पानी पी कर की फेंक नहीं पाएंगे बोतल, देशभर में सिंगल यूज प्लास्टिक हो जाएगी पूरी तरह बैन

विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण को बचाने के लिए केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. एक तरफ जहां दुनिया को बचाने की मुहिम में भारत पूरी मुस्तैदी से अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है, वहीं अब इस सिलसिले में केंद्र सरकार देशभर में सिंगल यूज प्लास्टिक बैन करने की तैयारी में है.

सिंगल यूज प्‍लास्टिक पर पूरी तरह बैन की तैयारी

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक खासकर पिन्नियों और पानी की बोतलों से पर्यावरण को हो रहे नुकसान को रोकने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है. दरअसल केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी करते हुए सिंगल-यूज प्लास्टिक (Single-Use Plastic) को चरणबद्ध तरीके से बंद करने की सलाह दी है. केंद्र ने कहा है कि इससे ‘स्वच्छ और हरित’ पर्यावरण को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. सरकार का कहना है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यावरण मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक देश के 4,704 में से 2,591 शहरी स्थानीय निकायों ने सिंगल-यूज प्लास्टिक को पहले से प्रतिबंधित (Ban) कर रखा है. ऐसे में अब सभी राज्यों (States) और केंद्र शासित प्रदेश (UT’s) मिलकर ये सुनिश्चित करें कि बाकी बचे 2,100 से अधिक निकाय भी 30 जून, 2022 तक हर हाल में इसे प्रतिबंधित कर दे.

#WorldEnvironmentDay2022: Centre writes to states to phase out Single Use Plastic #WorldEnvironmentDay https://t.co/cSFvL7ffOS— Zee News English (@ZeeNewsEnglish) June 5, 2022

बड़े पैमाने पर चलेगा अभियान

जारी की गई सरकारी एडवायजरी में पर्यावरण बचाने को लेकर भारत की प्रतिबद्धता के तहत केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 30 जून तक जिन आदेशों को पूरा करने के लिए कई गतिविधियां शुरू करने को कहा गया है. इसमें खासकर प्लास्टिक की पन्नी और पानी की बोतलों वाले कचरे की सफाई के लिए बड़े पैमाने पर सफाई और ‘प्लॉगिंग’ अभियान चलाने को कहा गया है. बता दें कि फिलहाल स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय जो काम कर रहे हैं उसमें प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन और एसयूपी का उन्मूलन भी शामिल है. 

गलती करने वालों पर लगेगा जुर्माना

रिपोर्ट के अनुसार केंद्र की एडवायजरी में ये भी कहा गया है कि सफाई के काम में तेजी के लिए यूएलबी को एसयूपी ‘हॉटस्पॉट’ की पहचान करने और उन्हें नष्ट करने की जरूरत होगी. इस सलाह में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों की कार्रवाई का लाभ उठाने के साथ कुछ और विशेष प्रवर्तन दस्तों का गठन करने को कहा गया है. इसी तरह तय लक्ष्य को पूरा करने के लिए एजेंसियों को औचक निरीक्षण बढ़ाने को कहा गया है. इसी तरह SUP प्रतिबंधों को लागू करने के लिए गलती करने वालों पर भारी जुर्माना यानी कठोर अर्थदंड लगाने की सलाह दी गई है.

प्रतिबंध के बाद भी हो रहा प्रयोग

गौरतलब है कि प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधन) नियम, 2021 के मुताबिक, 75 माइक्रोन यानि 0.075 मिमी मोटाई से कम के प्लास्टिक से बने कैरी बैग के निर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री और किसी भी तरह के उपयोग पर 30 सितंबर, 2021 से प्रतिबंध लगा हुआ है. ऐसे में बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद अपेक्षित सफलता नहीं मिलने की वजह से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम कर रहे संगठन सरकार से कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं.

मेरी प्यारी गौरैया: परवान चढ़ती एक मुहिम

लखनऊ। विश्व पार्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर मेरी प्यारी गौरैया मुहिम व लखनऊ वन रेंज अवध वन प्रभाग के संयुक्त तत्वावधान में रेंज परिसर में गोष्ठी आयोजित की गई।

इस अवसर पर उपस्थित सभी गणमान्य लोगों को पक्षी प्रेमी महेश साहू ने चांदनी, नींबू, मेंहदी, कनेर के पौधे व नन्ही गौरैया के पानी के लिए मिट्टी का पात्र व काकून के पैकेट वितरित किए।


इस मौके पर पूर्व ब्लाक प्रमुख काकोरी कुंवर रामविलास, बाबू त्रिलोकी सिंह इंटर कालेज के प्रधानाचार्य निर्मल श्रीवास्तव, श्री बुद्धेश्वर उधोग व्यापार मंडल पूर्व अध्यक्ष हिमांशु गुप्ता, सेवाभारती मनीष गुप्ता व पत्रकार सीमा मौर्या, रचित मौर्या, रेंजर शिवाकांत शर्मा, डिप्टी रेंजर मनीष कनौजिया, वन दरोगा शिवम यादव, वन रक्षक दीपक कनौजिया, मंगटू प्रसाद, शैलेन्द्र सिंह लोधी, प्रीति पाण्डेय, शिल्पी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

रेस्टोरेंट में जबरन नहीं वसूला जा सकता सर्विस चार्ज!

नई दिल्ली (एजेंसी)। रेस्टोरेंट में अक्सर खाने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। सरकार कुछ ऐसा करने की तैयारी में है, जिससे रेस्टोरेंट में खाना सस्ता हो सके। केंद्र सरकार जल्द रेस्टोरेंट्स और होटल्स में वसूले जाने वाले सर्विस चार्ज पर रोक लगाने के लिए नियम बनाएगी। रेस्टोरेंट और उपभोक्ता संघों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद केंद्र सरकार ने रेस्टोरेंट्स और होटल्स से ग्राहकों से सर्विस चार्ज नहीं वसूलने को कहा है। राजस्थान कैडर के आईएएस और वर्तमान में उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह ने यह जानकारी दी।

पिछले कुछ समय से रेस्टोरेंट में लगने वाले सर्विस चार्ज को लेकर काफी चर्चा चल रही थी। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने रेस्टोरेंट की तरफ से सर्विस चार्ज लगाए जाने को गैर कानूनी बताते हुए नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) से कहा कि वह तत्काल प्रभाव से बिल में सर्विस चार्ज ऐड करना बंद करे। मंत्रालय ने कहा कि सर्विस चार्ज लगाने के कारण कंज्यूमर्स पर बुरा असर होता है। इधर होटल इंडस्ट्री ने खानपान के बिल में सर्विस चार्ज लेने से रोकने के लिए कानूनी व्यवस्था किए जाने की घोषणा को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताते हुए कहा कि इससे उपभोक्ताओं को सेवा देने वाले आम कर्मचारियों के हितों को चोट पहुंचेगी। एनआरएआई के अध्यक्ष कबीर सूरी ने कहा कि इस मुद्दे पर अभी कोई कानून नहीं बना है लिहाजा इस बारे में आने वाले प्रावधान का इंतजार किया जा रहा है।

‘रेस्टोरेंट किसी बिल में अलग से सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकते हैं। अगर आपको लगता है कि कर्मचारियों को कुछ अधिक लाभ देने हैं तो आप उसका बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाल सकते हैं। आप चाहें तो खानपान उत्पादों की दरें बढ़ा सकते हैं।’ -पीयूष गोयल, केंद्रीय मंत्री

कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने कहा है कि रेस्टोरेंट अपने बिल में अलग से सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए सरकार एक कानून लाने के बारे में भी सोच रही है। इस घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए सूरी ने कहा कि सर्विस चार्ज रेस्टोरेंट में आने वाले मेहमानों को सेवा देने वाले कर्मचारियों के लिए होता है। इसे रेस्टोरेंट में काम करने वाले सभी कर्मचारियों के बीच बांट दिया जाता है। एक रेस्टोरेंट मालिक के रूप में हम उसी राशि को खानपान वाले उत्पादों के बिल में जोड़ सकते हैं, लेकिन फिर खाना परोसने वाले स्टाफ को कुछ नहीं मिलेगा।

सर्विस चार्ज की बात करें तो रेस्टोरेंट्स टोटल बिल का करीब 10 फीसदी सर्विस चार्ज के रूप में वसूलते हैं। इस मुद्दे पर कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री के सेक्रेटरी रोहित कुमार सिंह ने कहा कि रेस्टोरेंट अपने मन से सर्विस चार्ज ऐड कर देते हैं। नियम के अनुसार यह वैकल्पिक होना चाहिए, जब तक कोई कंज्यूमर नहीं चाहता है। रेस्टोरेंट की तरफ से बिल में सर्विस चार्ज को नहीं जोड़ा जा सकता है।

मंत्रालय की तरफ से जारी लेटर में कहा गया कि सर्विस चार्ज रेस्टोरेंट की तरफ से जबरन वसूला जाता है। कंज्यूमर्स को इसको लेकर गलत जानकारी दी जाती है। जब कोई कंज्यूमर इस चार्ज को हटाने की बात करता है तो उसके साथ कई मौकों पर बदसलूकी भी की गई गई है। यह मामला रोजाना और पल-पल के कामों से संबंधित है। ऐसे में जरूरी है कि एक उचित नियम हो। हालिया फैसले से कंज्यूमर्स की भलाई होगी।

केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि खाने के बिल में रेस्टोरेंट सर्विस चार्ज (Food Bill Service Charge) नहीं जोड़ सकते हैं। हालांकि, अगर ग्राहक चाहें तो अपनी मर्जी से होटल में अलग से टिप दे सकते हैं। गोयल (Piyush Goyal) ने कहा है कि अगर रेस्त्रां के मालिक अपने कर्मचारियों को अधिक वेतन देना चाहता है तो वे खाने के मेन्यू कार्ड में रेट बढ़ा सकते हैं, क्योंकि देश में कोई प्राइस कंट्रोल नहीं है। उन्होंने रेस्त्रां मालिकों के इस तर्क को खारिज कर दिया कि सर्विस चार्ज हटाने के बाद उन्हें नुकसान होगा।

घर बैठे डाकिया के माध्यम से पाएं PM किसान सम्मान निधि की राशि– पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

घर बैठे डाकिया के माध्यम से पाएँ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि– पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

डाक विभाग का 13 जून तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के भुगतान हेतु विशेष अभियान- पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

‘आपका बैंक,आपके द्वार’ की तर्ज पर घर बैठे डाकिया के माध्यम से पाएं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

लखनऊ। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और अन्य डीबीटी योजनाओं के तहत बैंक खातों में प्राप्त राशि की निकासी हेतु अब बैंक या एटीएम जाने की जरुरत नहीं है। डाक विभाग इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से घर बैठे लोगों को अपने बैंक खातों से यह राशि निकालने की सुविधा दे रहा है। आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (ए.ई.पी.एस) द्वारा बैंक खातों से भुगतान की सुविधा घर बैठे डाकिया के द्वारा प्राप्त हो सकेगी।

वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्रीकृष्ण कुमार यादव ने सभी मंडलाधीक्षकों और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के शाखा प्रबंधकों को इस हेतु व्यापक रूप से सघन अभियान चलाने हेतु निर्देशित किया है। 4 जून को इस हेतु उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में महाभियान चलाया जायेगा, जो कि 13 जून तक अनवरत जारी रहेगा। इस अभियान के दौरान ‘आपका बैंक, आपके द्वार’ की तर्ज पर ज्यादा से ज्यादा लोगों को बैंक खातों से धन निकासी की सुविधा दी जायेगी तथा किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किश्त का भुगतान विशेष प्राथमिकता रहेगी। इसके तहत रसोई से लेकर दुकान व खेत-खलिहान तक, गलियों से लेकर नदियों में नाव तक धन निकासी की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। डाकियों के पास उपलब्ध माइक्रो एटीएम से प्रतिदिन एक व्यक्ति द्वारा आधार लिंक्ड अपने बैंक खाते से दस हजार रूपए तक की रकम निकाली जा सकती है।

वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्रीकृष्ण कुमार यादव ने बताया कि आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, डाकिया और ग्रामीण डाक सेवकों द्वारा घर-घर जाकर लोगों के आधार लिंक्ड बैंक खाते से पैसा निकालने की सुविधा दे रहा है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत भेजी गई डीबीटी रकम घर बैठे लोग अब अपने इलाके के डाकिया के माध्यम से निकाल पा रहे हैं, इसके लिए किसी बैंक या एटीएम पर जाने की जरूरत नहीं है। श्री यादव ने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र में अभी तक लगभग 15 लाख लोगों ने घर बैठे विभिन्न बैंकों के अपने खातों से 4.74 अरब रुपए की राशि डाक विभाग के माध्यम से निकाली है। वहीं, इस वित्तीय वर्ष में अभी तक 55 हजार लोगों ने 23 करोड़ रुपए से अधिक की राशि निकाली है। ‘आपका बैंक, आपके द्वार’ को चरितार्थ करते डाक विभाग की इस पहल को लोगों ने हाथों-हाथ लिया है।

पोस्टमास्टर जनरल श्रीकृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, असहाय लोग जो कि शारीरिक रूप से अक्षम हैं, वृद्ध या फिर सुदूर ग्रामीण क्षेत्र जहाँ पर एटीएम की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां पर भी डाक विभाग का डाकिया जाकर बैंक खातों से पैसे निकाल कर लोगों को उपलब्ध करा रहा है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश भर के किसानों के लिए कल्याणकारी योजना के रूप में ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ के तहत 2000 रुपयों की सलाना तीन किश्तें जारी की जाती हैं। इस योजना से उत्तर प्रदेश के दो करोड़ से अधिक किसानों को सीधा फायदा हो रहा है। अभी मंगलवार को ही प्रधानमंत्री ने शिमला में गरीब कल्याण योजना के लाभार्थियों के साथ वर्चुअल संवाद करने के साथ ही देश के लघु और सीमांत किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपए की किसान सम्मान निधि जारी की। अब किसान घर बैठे यह राशि डाकिया के माध्यम से निकाल सकेंगे।

आचार्य द्विवेदी स्मृति अभियान के रजत जयंती समारोह में होगा देशभर के साहित्यकारों-पत्रकारों का जमावड़ा

आचार्य द्विवेदी स्मृति अभियान का 25वां वर्ष

रजत जयंती समारोह में होगा देशभर के साहित्यकारों-पत्रकारों का जमावड़ा

मुख्य आकर्षण
-दौलतपुर में महावीर चौरा पर सुंदरकांड पाठ से रजत जयंती समारोह की शुरुआत
-दो दिवसीय मुख्य वार्षिक समारोह 11-12 नवंबर को
-ऐतिहासिक दस्तावेजों और दुर्लभ फोटो वाली प्रदर्शनी का आयोजन
-रायबरेली शहर में आचार्य द्विवेदी स्मृति खेल महाकुंभ
-गीत-संगीत, नृत्य और नाटक के माध्यम से आचार्य द्विवेदी के जीवन वृत्त की प्रस्तुति
-“आचार्य पथ” स्मारिका/पत्रिका का विशेषांक

रायबरेली से शुरू हुआ आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर गया है। अभियान की रजत जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। रजत जयंती वर्ष को यादगार बनाने की तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं। 11-12 नवंबर 2022 को आयोजित होने वाले रजत जयंती समारोह में देशभर के साहित्यकारों पत्रकारों को आमंत्रित किया जाएगा। लखनऊ और दिल्ली में भी कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया गया। आचार्य पथ स्मारिका का विशेषांक भी निकालने की तैयारी है।
आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की रायबरेली के आशीर्वाद इन होटल में आयोजित बैठक में तय किया गया कि रजत जयंती वर्ष में आचार्य द्विवेदी की स्मृतियों को नए रूप में संजोया जाएगा। वर्ष पर्यंत कार्यक्रमों की श्रंखला चलेगी। इसकी शुरुआत आचार्य द्विवेदी के जन्म ग्राम दौलतपुर में सुंदरकांड के पाठ के साथ होगी। आचार्य द्विवेदी स्मृति खेल महाकुंभ के साथ ही जनपद के साहित्यिक स्वाधीनता संग्राम इतिहास को समेटने वाली प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। 12 नवंबर को वार्षिक आयोजन भी इस बार दो दिवसीय होगा। इसमें देशभर के पत्रकार-साहित्यकार शामिल होंगे। आचार्य द्विवेदी के जीवन वृत्त को गीत-संगीत, नाटक और नृत्य के माध्यम से भी प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है।


अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने बताया कि स्मृति संरक्षण अभियान 9 मई 1998 को समाज और सरकार को जगाने के लिए ध्यानाकर्षण धरने के माध्यम से प्रारंभ हुआ था। यह स्मृति अभियान 9 मई से रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर गया है। 25 वर्ष के सफर में कई सोपान तय किए गए। शहर से लेकर गांव तक तीन स्मृति द्वार बनाए गए। कई सरकारी और निजी संस्थाओं में सभागार आचार्य द्विवेदी के नाम पर रखे गए।
उन्होंने बताया कि आचार्य द्विवेदी की स्मृतियां सात समंदर पार अमेरिका तक पहुंच गई। अमेरिका इकाई की कमान श्रीमती मंजु मिश्रा एवं सदस्य श्रीमती रचना श्रीवास्तव, श्रीमती शुभ्रा ओझा, कुसुम नैपसिक, डॉक्टर ममता त्रिपाठी संभाले हुए हैं। अमेरिका इकाई साल में आचार्य द्विवेदी की स्मृति और हिंदी के प्रचार- प्रसार के लिए ऑनलाइन चार कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इनमें बच्चों की प्रतियोगिताएं भी शामिल हैं।

कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग प्रभारियों की नियुक्ति-
महामंत्री अनिल मिश्र ने बताया कि कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग प्रभारियों की नियुक्ति की गई है। खेल प्रतियोगिताओं के लिए मुन्ना लाल साहू, स्मिता दुबे, अनुपमा रावत और हिमांशु तिवारी को प्रभारी बनाया गया है। नाटक-नृत्य आदि के लिए अमित सिंह, रवि प्रताप सिंह और क्षमता मिश्रा को जिम्मेदारी दी गई है। प्रदर्शनी का प्रभार अभिषेक द्विवेदी, नीलेश मिश्रा और अरुण पांडे को सौंपा गया है।
बैठक के अंत में डॉ सुशील चंद्र मिश्र ने सभी को रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएं दीं। बैठक में राजीव भार्गव, दिनेश शुक्ला, सुधीर द्विवेदी, स्वतंत्र पांडे, राजेश वर्मा, श्रीमती रजनी सक्सेना, रामेंद्र मिश्रा, अमर द्विवेदी, दीपक तिवारी, लंबू बाजपेई, शशिकांत अवस्थी, घनश्याम मिश्रा, राकेश मोहन मिश्रा, राजेश द्विवेदी, कृष्ण मनोहर मिश्रा, अभिषेक मिश्रा, रोहित मिश्रा, यशी अवस्थी, शिखर अवस्थी, हर्षित द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

आचार्य द्विवेदी के नाम पर चौराहे का सुंदरीकरण करने का सुझाव

रजत जयंती वर्ष की तैयारियों के सिलसिले में आयोजित बैठक में कई सुझाव भी आए। समिति के सदस्य राजेश वर्मा ने सुझाव दिया कि आचार्य द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान के रजत जयंती वर्ष को यादगार बनाने के लिए शहर के एक चौराहे को विकसित किया जाए। सदस्य चंद्रमणि बाजपेई ने छात्र-छात्राओं के लिए पुस्तकालय- वाचनालय स्थापित किए जाने पर जोर दिया।

आचार्य द्विवेदी के साहित्य का डिजिटलाइजेशन भी होगा

रजत जयंती वर्ष मनाने की तैयारियों से संबंधित बैठक में आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की अमेरिका इकाई की अध्यक्ष श्रीमती मंजु मिश्रा भी ऑनलाइन शामिल हुईं। उन्होंने आचार्य द्विवेदी के साहित्य समेत अन्य विषयों पर लिखी गई पुस्तकों को डिजिटल फॉर्म पर उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने आश्वस्त किया कि इस दिशा में भी काम तेज किया जाएगा।

सारे उत्तर भारत में वैचारिक क्रांति की मशाल जलाने वाले उरई निवासी युवा पत्रकार नीरज भाई पटेल के बहाने आज की पत्रकारिता की एक पड़ताल-


01 जून को नेशनल जनमत न्यूज चैनल और मासिक पत्रिका मिशन जनमत के प्रधान संपादक नीरज भाई पटेल का जन्म दिन था। वैसे तो इस युवा पत्रकार के प्रशंसकों की जमात समूचे उत्तर भारत में फैली हुई है जिससे उनको जगह-जगह से बधाइंया मिली लेकिन उनके गृह जनपद उरई में स्वाभाविक रूप से उत्साह कुछ अधिक ही रहा। इसके दो दिन पहले 30 मई को हिन्दी पत्रकारिता दिवस मनाया गया। इस दिन पत्रकारों की दशा और दिशा को लेकर कई जगह व्यापक चर्चायें हुई। नीरज पटेल का संदर्भ जुड़ने से ये चर्चायें नये आयामों को छूने लगती हैं। चिंतन के वे आयाम जो समकालीन परिस्थितियों में बहुत जरूरी हैं।
नीरज पटेल की पत्रकारिता अतीत की पत्रकारिता की याद दिला देती है। आधुनिक पत्रकारिता के उदय काल में इस विधा का मुख्य उद्देश्य जनमत का निर्माण करना था जिसकी वजह से पत्रकारिता में सूचनाओं के व्यापार के स्थान पर विचारों को प्रसारित करने पर बल रहता था। स्वाधीनता की लड़ाई के महानायक गांधी जी की पत्रकारिता को इस संदर्भ में स्मरण किया जाना प्रासंगिक है। उन्होंने जब यंग इंडिया के संपादन का दायित्व स्वीकार किया उस समय इस द्विसाप्ताहिक समाचार पत्र की प्रसार संख्या मात्र 1200 थी लेकिन तीन वर्षो में ही इसका प्रसार 40 हजार की संख्या पर पहुंच गया था। इसलिए नहीं कि गांधी जी ने उसमें खबरों की संख्या बढ़ा दी हो या आज की पत्रकारिता की तरह प्रसार और टीआरपी बढ़ाने के बाजारू हथकंडे इस्तेमाल किये हों बल्कि लोग गांधी जी के विचारों से प्रेरणा ग्रहण करते थे और गांधी जी के उस समय की हर घटना परिघटना पर विचारों को जानने की ललक लोगों को यंग इंडिया की ओर तेजी से खींचने में कामयाब हुई। जब यंग इंडिया में लिखे उनके विचारों से नाराज होकर अंग्रेजों ने उन पर देश द्रोह का अभियोग लगाकर उन्हें कारावासित करा दिया तो कुछ ही दिनों में यंग इंडिया का प्रसार घटकर मात्र 08 हजार रह गया क्योंकि उसमें लोगों को अब गांधी जी के विचार पढ़ने का अवसर उपलब्ध नहीं रह गया था।
आजादी के बाद भी अखबार मूल रूप से विचारों के लिए ही पढ़े जाते थे। मैने अपने किशोर जीवन में दैनिक वीर अर्जुन में उसके प्रधान संपादक के0 नरेन्द्र के संपादकीय पढ़ने के लिए उस समय के प्रौढ़ों और बुजुर्गो में दीवानगी का आलम देखा था। के0 नरेन्द्र का लेखन हिन्दूवादी था और कांग्रेस का जमाना होते हुए भी एक खासा वर्ग ऐसे विचारों से प्रभावित रहता था जिसकी भीड़ सार्वजनिक पुस्तकालय के खुलने पर वीर अर्जुन पर उसमें प्रकाशित अग्र लेखों को पढ़ने के लिए टूट सी पड़ती थी। बैनेट कोलमैन एंड कंपनी की राजनीतिक पत्रिका दिनमान पर सोशलिस्टों का कब्जा रहता था और वे अपने एंगल से राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर वैचारिक प्रस्तुतियां पत्रिका में सजाते थे। इस पत्रिका की भी बहुत डिमांड थी साथ-साथ में बहुत प्रतिष्ठा भी। हर कुलीन घर में चाहे उसके लोग दिनमान पढ़ें या न पढ़ें पर अपने बैठके में रखने के लिए दिनमान मंगाते जरूर थे। ड्राइंग रूम में दिनमान का होना स्टेट्स सिम्बल का पर्याय था। बाद में बैनेट कोलमैन एंड कंपनी के मालिकों की नई पीढ़ी ने दिनमान को बंद करने का फरमान यह कहते हुए जारी कर दिया था कि इसमें गरीबों और नंगे भूखों की चर्चायें छपती हैं जो बाजार में कोई अहमियत नहीं रखते इस कारण उनके बीच प्रसार के आधार पर दिनमान के लिए हमें कभी विज्ञापन नहीं मिलेगें और घाटे वाले प्रकाशन हमको मंजूर नहीं हैं। बाद में लेआउट के महारथी बनकर पत्रकारिता जगत में स्थापित हुए घनश्याम पंकज ने दिनमान को फायदे में चलाने का मोर्चा संभाला और उसके वैचारिक तत्व को समाप्त कर उसे बाजारू सांचे में ढ़ाल डाला। यह दूसरी बात है कि इसके बावजूद वे दिनमान में कोई करिश्मा नहीं कर पाये।
जहां तक मीडिया के वर्तमान के ज्यादा से ज्यादा विज्ञापन बटोरने के प्रयोजन की बात है गांधी जी तो इसके बहुत खिलाफ थे। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में रहने के अपने समय में ही इडियन ओपिनियन नाम के अखबार का संपादन किया था और इस दौरान यह संकल्प ले लिया था कि वे अपने अखबार के एक इंच स्पेस को भी विज्ञापन के लिए जाया नहीं होने देंगे। भारत आने के बाद उन्होंने यंग इंडिया, नवजीवन और हरिजन अखबारों में भी इस व्रत का पालन किया। उनके प्रभाव के कारण आजादी के बाद भी कई दशकों तक पत्र-पत्रिकाओं को लेकर अलग तरह की स्थिति बनी रही। कुलीन सेठों का रूझान पत्र-पत्रिकायें निकालने की ओर हुआ तो उन्होंने इस बात का ध्यान रखा कि भले ही उनमें घाटा हो जिसकी पूर्ति उनके अन्य धंधों से की जाये पर उनके प्रकाशनों की समाज में गरिमापूर्ण वैचारिक प्रतिष्ठा रहे। टाइम्स आफ इंडिया के मालिकान साहू शांति प्रसाद जैन अपने प्रकाशनों में इसी ख्याल का निर्वाह करते थे इसलिए उनके प्रकाशनों के संपादक साहित्य, संस्कृति और राजनीतिक विज्ञान की असाधारण हस्तियों में से चयनित किये जाते थे जिनके काम में खुद साहू शांति प्रसाद जैन भी दखल नहीं कर पाते थे पर उन्हें इसमें कोई हेठी महसूस नहीं होती थी।
पर जब मीडिया उद्योग बनने की ओर अग्रसर हुई तो पत्रकारिता के सरोकार बदल गये। जिन दिग्गज लिक्खाड़ों को यह गुमान था कि अखबार या न्यूज चैनल उनकी वजह से चलते हैं और अगर उन्होंने छोड़ दिया तो गांधी जी के हट जाने की तरह वे जिस प्रतिष्ठान में काम करते हैं वह भी औंधे मुंह जा गिरेगा उन सभी को मीडिया जगत से आज आउट किया जा चुका है। पुण्य प्रसून वाजपेयी के हटने के बाद आज तक न्यूज चैनल टीआरपी में पिछड़ने की बजाय आगे बढ़ा है। प्रिंट मीडिया का भी यही आलम है। किसी अखबार को चलाने के लिए अब दिग्गज संपादक की कोई जरूरत नहीं रह गई है।
लेकिन अब बात यही आती है कि क्या पत्रकारिता का उद्देश्य वास्तव में बदला जाना संभव है। अखबार और न्यूज चैनल सिर्फ विज्ञापनों के संवाहक हैं जिसके लिए पत्रकारिता में हर तरह का समझौता जायज है। इसी दृष्टि के चलते आज यह मांग भी उठने लगी है कि न्यूज चैनलों का दर्जा बदल कर उन्हें मनोरंजन चैनल के रूप में पंजीकृत किया जाना चाहिए। आज पाठको और दर्शकों की तादात कई गुना बढ़ चुकी है लेकिन क्या मीडिया रचनात्मक जनमत के निर्माण में कोई सक्षम भूमिका निर्वाह कर पा रहा है। इसी बिन्दु से आगे के विमर्श की राह खुलती है। मीडिया को व्यापारिक उद्यम की तरह चलाने की प्रवृत्ति ने पत्रकारिता के स्वरूप को ही बदल डाला है। अखबारों में हर जिले के लिए चार पेज एलाट किये जाते तो इसलिए नहीं कि उनमें लोगों को अपने क्षेत्र की सार्थक सूचनायें ज्यादा से ज्यादा परिमाण में दी जा सकें बल्कि सूचनाओं के नाम पर पीआरशिप को बढ़ावा दिया जा रहा है। कोई कार्यक्रम होता है तो रिपोर्टर काम के लोड के कारण उसकी सही रिपोर्टिंग के लिए पूरा समय नहीं दे सकता। वह फोटो खींचता है और चल देता है। इसके बाद आयोजक एक विज्ञप्ति बनाकर उसके पास भिजवा देते हैं कि कार्यक्रम में अमुक-अमुक ने प्रतिभाग किया। रिपोर्टर मुख्य अतिथि के संबोधन की पंक्तियां अपने मन से लिखकर और प्रतिभागियों की लिस्ट टांचकर फोटो के साथ हैडिंग और क्रासर का इस्तेमाल करके चार कालम की खबर साया कर देता है। अगर कोई अकादमिक आयोजन हुआ तो उसे भी यही ट्रीटमेंट मिलेगा और राजनैतिक हुआ तो उसे भी। ऐसी खबरों की क्या सार्थकता हो सकती है। सूचनाओं की अधिकता व्यापार बढ़ाने में सहायक होती है इसलिए अंधाधुंध सूचनायें बढ़ा दी गई हैं जबकि विचार और विश्लेषण के लिए स्पेस सिकोड़ दिया गया है। न्यूज चैनलों में भी यही हाल है। न्यूज चैनलों और अखबारों के मुकाबले प्रमुख पत्रकारों, विचारकों द्वारा संचालित पोर्टलों के दर्शकों का बढ़ना यह बताता है कि संक्रमण कालीन अलबेली, अटपटी पत्रकारिता से लोग ऊबने लगे हैं।
नीरज पटेल की पत्रकारिता विचारों की पत्रकारिता के पुनर्जीवन का आभास कराने वाली है। सामाजिक उपनिवेशवाद के पुनरूत्थान के इस दौर के खतरों को समय रहते भांपने की जरूरत है वरना यह देश फिर उसी कगार पर पहुंच जायेगा जहां इसने दासता की कई सदियों को भोगा है। सामाजिक अन्याय के सोच पर उनका चैनल और पत्रिका जबरदस्त प्रहार कर रहे हैं जिससे वंचितों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आने की प्रेरणा मिल रही है। सबसे बड़ी बात यह है कि नीरज की पत्रकारिता में प्रतिशोध और प्रतिक्रिया का कोई पुट नहीं है जबकि सामाजिक न्याय की वैचारिकी में इस तरह के जोखिम की बहुतायत होती है। इसीलिए वे डा0 लोहिया से लेकर वीपी सिंह तक को नवाजने से नहीं चूकते जो भले ही उस वर्ग से आये हों जो सामाजिक अन्याय के लिए जिम्मेदार रहा है पर उन्होंने व्यवस्था और समाज को मानवीय बनाने में योगदान दिया। नीरज पटेल कहते हैं कि वंचितों को ऐसे महापुरूषों के लिए कृतज्ञता ज्ञापित करने में संकोच नहीं करना चाहिए। वे वंचितों के बीच के विभीषणों की शिनाख्त में भी पूरी तरह निर्मम रहते हैं जो एक पत्रकार की बेबाकी के अनुरूप है। युवा होते हुए भी उनकी परिपक्वता बेमिसाल है। सामाजिक परिवर्तन के कई अभियान गिरोहबंदी की भावना की तार्किक परिणति पर पहुंचने के पहले ही बलि चढ़ा दिये गये। मधु लिमये इसका उदाहरण है जिनके त्याग पर संदेह नहीं किया जा सकता पर उन्हें मालूम था कि मंडल आयोग की रिपोर्ट लागू होने के बाद लोहियावाद की अग्रसरता किस ओर होना चाहिए फिर भी शायद उनकी वर्ग चेतना जाग गई या अन्य कारणों से वे गिरोहबाजी निभाने के लिए अभिशप्त हो गये। उन्हांेने लोहियावाद का बाना पहन रखा फिर भी उन्हें मुलायम सिंह की वंशवादी, परिवारवादी और डाला सीमेंट फैक्ट्री के मजदूरों पर गोली चलवाने की राजनीति का समर्थन करने में कोई धर्म संकट महसूस नहीं हुआ क्योंकि उन्हें बाहर से आये वीपी सिंह को सामाजिक न्याय की राजनीति को तार्किक परिणति पर पहुंचाने का श्रेय मिलना गवारा नहीं था। पौराणिक युग के उन तपस्यियों और ऋषियों को याद किया जाना चाहिए जिन्होंने त्यागपूर्ण जीवन इसलिए जिया ताकि सामाजिक उपनिवेशवाद को नैतिक प्रतिष्ठा दिलवाने के लिए अपना उपयोग करा सकें। हर शातिर षणयंत्र में ऐसे अवयव जुड़कर महत्वपूर्ण योगदान करते रहे हैं। बहरहाल नीरज पटेल किसी ऐसी गिरोहबंदी की जकड़ में नहीं हैं इसलिए दोहरे चेहरे वाले अपने भी उनके तीरों से बेहाल रहते हैं। जन्म दिन पर मेरी ओर से भी उन्हें बधाई और उनकी पत्रकारिता के फलदायी होने की शुभकामनाएं।

-केपी सिंह (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

ट्रेन में सोइए चद्दर तान के, अब नहीं छूटेगा आपका स्टेशन

नई दिल्ली (एजेंसी)। स्टेशन छूटने की चिंता अब यात्रियों के लिए पुरानी बात हो जाएगी। अब वह निश्चिंत होकर ट्रेन में चद्दर तान के सोएं या घोड़े बेच के! कुल मिला कर अब वे पूरे इत्मीनान से नींद ले सकेंगे। लंबी दूरी वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने वेकअप एलर्ट सुविधा शुरू की है। इसके तहत डेस्टिनेशन स्टेशन आने से 20 मिनट पहले अब यात्री को इसकी जानकारी दी जायेगी। भारतीय रेल ने अपने यात्रियों की सेवाओं में एक और इजाफा करते हुए, डेस्टिनेशन अलर्ट वेकअप अलार्म सुविधा शुरू की है।

कई बार यात्रा के समय नींद में या किसी और वजह से यात्रियों का स्टेशन पीछे छूट जाता है या जम्प हो जाता है। रात के सफर के दौरान ऐसा ज्यादा होता है। इसलिए रेलवे ने अब डेस्टिनेशन अलर्ट वेकअप अलार्म सुविधा शुरू की है।

दरअसल रेलवे की तरफ से 139 नंबर की पूछताछ सेवा पर आईवीआरएस के माध्यम से अलार्म सेवा शुरू की गई है। यात्री अब 139 नंबर के इन्क्वायरी सिस्टम पर अलर्ट की सुविधा मांग सकते हैं। इस सुविधा को लेने वाले यात्री को 20 मिनट पहले फोन कर उसके गंतव्य स्टेशन के बारे में बताया जाता है।

रेलवे के अनुसार इसके लिए यात्री को सबसे पहले भारतीय रेल के सहयोगी उपक्रम आईआरसीटीसी के 139 नंबर पर मोबाइल से कॉल या मैसेज करना होगा। कॉल रिसीव होने पर भाषा का चयन करना होगा। उसके बाद डेस्टिनेशन अलर्ट के लिए पहले 7 नंबर और फिर 2 नंबर दबाना होगा। इसके बाद यात्री से 10 अंकों का पीएनआर नंबर पूछा जाएगा जिसके बाद पीएनआर नम्बर डायल करने के बाद कन्फर्म करने के लिए 1 डायल करना होगा।

इस प्रक्रिया के बाद सिस्टम पीएनआर नंबर का सत्यापन कर गंतव्य स्टेशन के लिए वेक अप अलर्ट फीड कर देगा। इसके बाद मोबाइल पर कंफर्मेशन का एसएमएस मिलेगा। जिसके तहत गंतव्य स्टेशन आने से 20 मिनट पहले मोबाइल पर वेक अप कॉल आएगी। इस सुविधा को लेने के लिए यात्री को प्रति अलर्ट 3 रुपये एसएमएस चार्ज लगेगा। गौरतलब है कि आईआरसीटीसी ने फिलहाल ये सुविधा रात 11 बजे से सुबह 7 बजे तक के लिए उपलब्ध कराई है।

गाने जो हिट थे हिट रहेंगे ! बिनाका गीतमाला और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल !!

गाने जो हिट थे हिट रहेंगे  ! बिनाका गीतमाला और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल !! साभार-अजय पौंडरिक

एक संगीत प्रेमी के रूप में हम बीनका गीतमाला में श्री अमीन सयानी द्वारा मापे गए गीतों की लोकप्रियता पर विश्वास करते हैं…।

साल 1953 में…

बिनाका गीतमाला हिंदी सिनेमा के शीर्ष फिल्मी गीतों का एक साप्ताहिक रेडियो काउंटडाउन शो था, जिसे लाखों हिंदी संगीत प्रेमियों ने सुना, जिसे 1953 से 1988 तक रेडियो सीलोन पर प्रसारित किया गया और फिर 1989 में ऑल इंडिया रेडियो नेटवर्क की विविध भारती सेवा में स्थानांतरित कर दिया गया। 1994 तक चला। यह भारतीय फिल्मी गीतों का पहला रेडियो काउंटडाउन शो था और इसके चलने के दौरान इसे भारत में सबसे लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम के रूप में उद्धृत किया गया है। इसे बिनाका द्वारा प्रायोजित किया गया था, जहां से इसे इसका नाम मिला। बिनाका गीतमाला, और इसके बाद के अवतारों का नाम सिबाका, सिबाका संगीतमाला, सिबाका गीतमाला, और कोलगेट सिबाका संगीतमाला के नाम पर रेडियो सीलोन पर और फिर विविध भारती पर 1954 से 1994 तक चला, जिसमें वार्षिक वर्ष के अंत की सूची 1954 से 1993 तक प्रसारित हुई।

बिनाका गीतमाला के वार्षिक प्रोग्राम में बजनेवाले  “फाइनल गीतों” की गिनती करें, तो 1953 से 1993 तक “फाइनल  गीतों ” की संख्या 40 वर्षों में 1259 हो जाती है

लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल          २४५  गाने 

शंकर-जयकिशन               १४४  गाने     

राहुल देव बर्मन                  १३३  गाने 

कल्याणजी-आनंदजी            ७५ गाने   

सचिन देव बर्मन                   ५५ गाने     

रवि                                  ४६ गाने  

बप्पी लाहिरी                       ४४ गाने 

नौशाद                             ३४  गाने                           

ओ  पी  नय्यर                    ३३  गाने 

राजेश रोशन                      २८  गाने

मदन मोहन                        २४ गाने 

रोशन                              १७ गाने 

सलिल  चौधरी                  १५  गाने 

AMIN SAYANI & PYARELAL (Laxmikant-Pyarelal)

बिनाका गीतमाला में लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के २४५”फाइनल गीतों” की वर्षवार सूची / स्थिति।

1963

लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, जिन्होंने कुछ “पारसमणि” फिल्म के अविस्मरणीय संगीत के साथ धमाकेदार शुरुआत की. इस फिल्म से उनकी चार रचनाओं को बिनाका गीतमाला साप्ताहिक और दो गाने फाइनल में शामिल किया गया जो पायदान नंबर १५ और  पायदान नम्बर ६ पर बजे. बहोत ही बढियाँ शरुआत,लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के लिए.. 

नंबर 15   वो जब याद आया लता – रफ़ी.. “पारसमणि”

नंबर 06  हसता  हुआ नूरानी चेहरा, लता – कमल बारोट “पारसमणि”

1964

बिनाका गीतमाला में  वर्ष के अंत में 32 “फाइनल गीत” हैं। लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के  “हरिश्चंद्र तारामती” के कुछ बेहतरीन  गीत हैं. “दोस्ती” से लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल – मोहम्मद रफ़ी (३७९ गाने ) और  “मिस्टर एक्स इन बॉम्बे” से लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल – किशोर कुमार (४०२ गाने ) का लम्बा दौर चला.  “मिस्टर एक्स इन बॉम्बे” से लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल और आनंद बक्शी की रिकॉर्ड ब्रेकिंग पार्टनरशिप शुरू (३०२ फिल्म्स और १६८० गाने )

नंबर 30  मैं एक नन्हा सा .. लता .. “हरिश्चंद्र तारामती”

नंबर 26  राही मनावा .. रफ़ी ..”दोस्ती”

नंबर 21  चाहुंगा मैं तुझे..रफ़ी..”दोस्ती”

नंबर 06  मेरे महबूब क़यामत ..किशोर .. “मिस्टर एक्स इन बॉम्बे”

1965

बिनाका गीतमाला 1965 भले ही बॉलीवुड संगीत निर्देशकों के बीच धीरे-धीरे लेकिन लगातार बदलाव देख रहा हो, क्योंकि इस बार शीर्ष स्लॉट सहित अधिकांश स्लॉट पर कल्याणजी आनंदजी, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल,       आर डी बर्मन जैसे नवागंतुकों का कब्जा था।

जैसा कि पहले के वर्षों में हुआ था, इस वर्ष भी भारत में एक फिल्मी गीत को पंथ का दर्जा ( cult status) प्राप्त हुआ। यह गीत था- संत ज्ञानेश्वर का “ज्योत से ज्योत जगाते ते चलो”।

नंबर 29  खुदा मुहब्बत ना होती..रफ़ी…”बॉक्सर”

नंबर 25  कोई जब रहा ना पाये..रफी..दोस्ती’

नंबर 24  नींद निगाहो की .. लता .. “लुटेरा”

नंबर 18  अजनबी तुम जाने…किशोर..हम सब उस्ताद है”

नंबर 04  ज्योत से ज्योत जगाते चलो … लता-मुकेश “संत ज्ञानेश्वर”

नंबर 02  चाहुंगा मैं तुझे … रफ़ी “दोस्ती”

1966

नंबर 26  दिन जवानी की चार यार ..किशोर .. “प्यार किए जा”

नंबर 24  गोर हाथों पर ना जुल्म..रफ़ी.”प्यार किए जा”

नंबर 20   पायल की झंकार रस्ते .. लता .. “मेरे लाल”

नंबर 14   ये आज कल के लडके..उषा “दिल्लगी”

1967

लक्ष्मीकांत प्यारेलाल के संगीत निर्देशन में मिलन के गीतों ने 1967 में पूरे देश में धूम मचा दी और बिनाका गीतमाला कोई अपवाद नहीं था। एक और नवागंतुक, आर डी बर्मन, जिनका संगीत निर्देशक के रूप में करियर 1961 के बाद रुका हुआ था, ने अचानक अपने करियर को बड़े पैमाने पर आगे बढ़ते हुए पाया- “तीसरी मंजिल” में उनके संगीत के लिए धन्यवाद।

नंबर  33 ये कली जब त क..लता – महेंद्र “आए दिन बहार के”

नंबर  24 माँ मुझे अपने आँचल .. लता .. “छोटा भाई”

नंबर  23 मैं देखु  जिस और..लता..”अनीता”

नंबर  21 मेरा यार बड़ा शर्मिला .. रफी .. “मिलन की रात”

नंबर  17 मुबारक हो सबको..मुकेश..’मिलन’

नंबर 13 मेरे दुश्मन तू .. रफ़ी ..” आए दिन बहार के “

नंबर  07 ना बाबा ना बाबा..लता..अनीता”

नंबर  06 हम तुम युग युग .. लता-मुकेश .. “मिलन”

नंबर  01 सावन का महीना  ..लता-मुकेश .. “मिलन”

1968

नंबर  32 मस्त बहारों का मैं..रफ़ी..”फ़र्ज”

नंबर  24 छलकाए  जाम..रफ़ी..”मेरे हमदम मेरे दोस्त’

नंबर  22 बड़े मियां दीवाने..’शागिर्द’

नंबर  20 महबूब मेरे..लता-मुकेश..”पत्थर के सनम”

नंबर  16 मेरा नाम है चमेली .. लता .. “राजा और रैंक”

नंबर  14 चलो सजना .. लता .. “मेरे हमदम मेरे दोस्त”

नंबर  11 बड़दु क्या लाना..लता…”पत्थर के सनम”

नंबर  01 दिल बिल प्यार व्यार .. लता .. “शागिर्द”

1969

नंबर  31 वो कौन है .. लता-मुकेश … “अंजना”

नंबर  25 महबूबा महबूबा .. रफ़ी .. “साधु और शैतान”

नंबर  23 रेशम की डोरी..लता-रफ़ी..”साजन”

नंबर  22 रुक जा जरा … लता .. “इज्जत”

नंबर 19 आया सावन झूम के..लता-रफी..”आया सावन झूम के’

नंबर 18 बड़ी मस्तानी है..रफ़ी..”जीने की राह”

नंबर 16 दिल में क्या है..लता-रफ़ी. “जिगरी दोस्त”

नंबर 12 एक तेरा साथ.लता-रफ़ी.. “वापस”

नंबर 09 जे हम तुम चोरी से..लता-मुकेश.. “धरती कहे पुकार के”

नंबर 06 आ मेरे हमजोली आ..लता-रफी..’ जीने की राह’

नंबर 01 कैसे रहूँ चुप , .. लता .. “इन्तेकाम

1970

लगातार चौथे वर्ष, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल की रचना वर्ष के शीर्ष गीत के रूप में उभरी।

नंबर  28 हाय रे हाय निंद नहीं .. लता-रफी .. “हमजोली”

नंबर  18 झिल मिल सितारोंका .. लता-रफी .. “जीवन मृत्यु”

नंबर  16 है शुक्र के तू है लडका..रफ़ी..’हिम्मत’

नंबर  14 वो कौन है। लता-मुकेश .. “अंजना”

नंबर  12 छुप गए सारे..लता-रफ़ी..’दो रास्ते’

नंबर  11 शादी के लिए..रफ़ी..’देवी’

नंबर  09 शराफत छोड दी..लता, “शराफत”

नंबर  08 सा रे गा मा पा..लता-किशोर .. “अभिनेत्री”

नंबर  05 खिलोना जान कर..रफ़ी..खिलोना”

नंबर  01 बिंदिया चमकेगी..लता…”दो रास्ते

1971

नंबर  32 सोना लाई जा रे .. लता .. “मेरा गांव मेरा देश”

नंबर  31 जवानी ओ दीवानी तू ..किशोर .. “आन मिलो सजना”

नंबर  26 तारों ने सज के..मुकेश..जल बिन मछली नृत्य बिन बिजली”

नंबर  22 ओ मितवा ओ मितवा … लता .. “जल बिन मछलील नृत्य बिन बिजली”

नंबर  14 तुमको भी तो ..लता-किशोर .. “आप आए बहार आई”

नंबर  06 चल चल चल मेरे साथी..किशोर..’हाथी मेरे साथी’

नंबर  02 अच्छा तो हम चलते हैं..लता-किशोर .. “आन मिलो सजना”

1972

नंबर  33  मैंने देखा तूने देखा..लता.”दुश्मन’

नंबर  34 ना तू ज़मीन के लिए..रफ़ी..”दास्तान”

नंबर  29 एक प्यार का नगमा है, लता-मुकेश “शोर”

नंबर  28 रेशमा जवान हो गई..रफ़ी..’मॉम की गुड़िया’

नंबर  24 राम ओ राम ..मुकेश .. “एक बेचारा”

नंबर  23 दिल की बात दिल ही जाने..किशोर-लता..’रूप तेरा मस्ताना’

नंबर  20 शीश भारी गुलाब की … लता .. “जीत”

नंबर  16 मैं एक राजा हूं..रफी..उपहार’

नंबर  08 ये जीवन है..किशोर .. “पिया का घर”

नंबर  04 वादा तेरा वादा..किशोर..दुश्मन”

1973

नंबर  34 जरा सा उसे छुआ तो..लता..”शोर”

नंबर  32 झूठ बोले कौवा कटे..लता-शैलेंद्र सिंह..’बॉबी’

नंबर  29 आज मौसम बड़ा..रफ़ी..’लोफ़र’

नंबर  20 मेरे दिल में आज क्या है..किशोर..’दाग’

नंबर 16 धीरे धीरे बोल कोई .. लता-मुकेश .. “गोरा और काला”

नंबर 12 एबीसीडी छोडो .. लता .. “राजा जानी”

नंबर  07 अब चाहे मा रूठे .. लता-किशोर .. “दाग”

नंबर  02 और चाबी खो जाए .. लता-शैलेंद्र सिंह, “बॉबी”

1974

नंबर  32 बैठ जा बैठ गई..किशोर-लता..”अमीर गरीब”

नंबर  26 दाल रोटी खाओ ..किशोर-लता .. “ज्वार भाटा”

नंबर  25 गम का फसाना..किशोर..’मनचली”

नंबर  24 ओ मनचली कहां चली…किशोर..”मनचली”

नंबर  23 तू रु तू रु तेरा मेरा..किशोर..”ज्वर भाटा’

नंबर  22 शोर मच गया शोर..किशोर.. “बदला”

नंबर  12 मैं शायर तो नहीं..शैलेंद्र सिंह..”बॉबी”

नंबर  04 गड़ी बुला रही है..किशोर…”दोस्त”

नंबर  03 झूठ बोले कौवा कटे .. लता-शैलेंद्र सिंह। “बॉबी”

1975

नंबर  26 मैं जाट यमला पगला..रफ़ी..”प्रतिज्ञा”

नंबर  23 फौजी गया जब गांव मैं..किशोर..”आक्रमण’

नंबर  21 आएगी जरूर चिट्ठी..लता…”दुल्हन”

नंबर  20 जीजाजी जीजाजी..आशा-किशोर..”पोंगा पंडित”

नंबर 15 ये जो पब्लिक है..किशोर…”रोटी”

नंबर 13 कभी खोले ना ..किशोर ..”बिदाई”

नंबर 10 चल दरिया मैं डुब जाए..किशोर-लता.. “प्रेम कहानी”

नंबर 02 हाय ये मजबूरी .. लता .. “रोटी कपड़ा और मकान”

नंबर  01 महंगाई  मार गई .. लता-मुकेश-चंचल-जानीबाबू .. “रोटी कपड़ा और मकान”

1976

1963 के बाद पहली बार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के गाने पहली १० में नहीं आ रहे हैं..

नंबर  33 की गल है कोई नहीं .. लता-किशोर .. “जेन मैन”

नंबर  28 जीजाजी जीजाजी मेरी ने किया ..किशोर-आशा ..”पोंगा पंडित”

नंबर  26 कल की हसीन मुलकात .. लता-किशोर .. “चरस”

नंबर  25 आजा तेरी याद आई..लता-आनंद बक्सी-रफी..’चरस’

नंबर  24 मुझे दर्द रहता है..लता-मुकेश..दस नंबरी’

नंबर  22 जेन मैन जेन मैन..किशोर ..”जेन मैन”

नंबर 10 कहत कबीर सुनो..मुकेश..दस नंबरी’

1977

लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने पीक पीरियड के अपने दूसरे चरण में वापसी की।

नंबर  41 तैयब अली प्यार का दुश्मन..रफ़ी-मुकरी..’अमर अकबर एंथनी’

नंबर  34 आते जाते खूबसूरत..किशोर..अनुरोध’

नंबर  29 मेरी दिलरुबा ..किशोर ..”आस पास”

नंबर  24 ड्रीम गर्ल ड्रीम गर्ल किशोर ..’ड्रीम गर्ल’

नंबर  21 बुरे काम का बुरा..रफ़ी-शैलेंद्र सिंह, “चाचा भतीजा”

नंबर 18 यार दिलदार तुझे कैसा..आशा-किशोर..’छैला बाबू”

नंबर 17 तेरी मेरी शादी पंडित ना..आशा-किशोर..”दिलदार”

नंबर 11 अनहोनी को होनी  कर दे..महेंद्र-किशोर-शैलेंद्र.. “अमर अकबर एंथनी”

नंबर 06 सत्यम शिवम सुंदरम .. लता .. “सत्यं शिवम सुंदरम”

नंबर 05 आप के अनुरोध पे … किशोर ..”अनुरोध”

नंबर 03 ओ मेरी महबूबा .. रफ़ी .. “धर्मवीर”

नंबर 02 पर्दा है परदा .. रफी .. “अमर अकबर एंथनी”

1978

नंबर  33 अजी ठहरो जरा सोचो..किशोर, रफी, शैलेंद्र सिंह “परवरिश”

नंबर  28 सोमवार को हम मिले … किशोर, सुलक्षणा पंडित .. “अपनापन”

नंबर  26 हम प्रेमी प्रेम कराना  जाने..किशोर, रफी, शैलेंद्र सिंह “परवरिश”

नंबर  25 ये खिडकी जो बंद रहती है… रफ़ी..”मैं तुलसी तेरे आंगन की”

नंबर  24 चंचल शीतल निर्मल कोमल .. मुकेश .. “सत्यम शिवम सुंदरम”

नंबर  23 मैं तुलसी तेरे आंगन की .. लता .. “मैं तुलसी तेरे आंगन की”

नंबर  19 जब आती होगी याद मेरी..रफ़ी-सुलक्षणा पंडित..’फंसी’

नंबर  07 यशोमती मैय्या से .. लता, मननाडे .. “सत्यं शिवम सुंदरम”

नंबर 02 आदमी मुसाफिर है .. लता-रफी .. “अपनापन”

1979

नंबर  36 मन्नूभाई मोटर चली ..किशोर .. “फूल खिले है गुलशन गुलशन”

नंबर  32 डफ़लीवाले डफ़ली बजा ..लता-रफ़ी, “सरगम”

नंबर  26 चलो रे डोली उठाओ .. रफ़ी .. “जानी दुश्मन”

नंबर  20 मेरी दुश्मन है ये … रफी .. “मैं तुलसी तेरे आंगन की”

नंबर 16 मैं तेरे प्यार मैं पागल..किशोर, लता.. “प्रेम बंधन”

नंबर 15 ओ मेरी जान ..किशोर, अनुराधा .. “जानी दुश्मन”

नंबर 10 तेरे हाथो मैं पहचान के..आशा-रफ़ी..”जानी दुश्मन”

नंबर 06 मैं तुलसी तेरे आंगन की .. लट्टा .. “मैं तुलसी तेरे आंगन की”

नंबर 04 ना जाने कैसे..किशोर, रफ़ी, सुमन.. “बदलते रिश्ते”

1980

लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के ऊपर के तीन गाने शीर्ष स्थान पर. 

नंबर  32 बने चाहे  दुश्मन..किशोर-रफ़ी..’दोस्ताना’

नंबर  30 मार गई मुजे…किशोर-आशा..”जुदाई”

नंबर  23  परबत के हम पर..लता-रफ़ी..”सरगम”

नंबर  22 हम तो चले परदेस..रफ़ी..’सरगम’

नंबर  16 मैं तो बेघर हौं..आशा..”सुहाग”

नंबर 15 मैं सोला बार्स की ..लता-किशोर .. “कर्ज़”

नंबर 11 तेरी रब ने बना दी..रफ़ी, आशा, शैलेंद्र..’सुहाग’

नंबर 09 ऐ यार सुन यारी तेरी..रफ़ी-शैलेंद्र सिंग-आशा..’सुहाग’

नंबर 07 कोयल बोली..लता-रफ़ी..”सरगम”

नंबर 03 शीशा हो या दिल..लता। “आशा”

नंबर 02 ओम शांति ओम..किशोर .. “कर्ज़”

नंबर 01 डफलीवाले डफली बजा .. लता-रफी .. “सरगम”

1981

नंबर  32 हम बने तुम बने..लता-एसपीबी..’एक दूजे के लिए’

नंबर  30 मेरे नसीब मैं .. लता “नसीब”

नंबर  27 मेरे दोस्त किस्सा..रफ़ी..’दोस्ताना’

नंबर  26 लुई शमशा उई .. लता-नितिन मुकेश .. “क्रांति”

नंबर 16 चल चमेली .. लता-सुरेश वाडकर .. “क्रोधी”

नंबर 12 एक रास्ता दो रही..रफ़ी-किशोर..’राम बलराम’

नंबर 10 जॉन जॉनी जनार्दन..रफी, “नसीब”

नंबर  08 मेरे जीवन साथी ..एसपीबी-अनुर्धा .. “एक दूजे के लिए”

नंबर  07 मार्च गई मुजे..किशोर-आशा..’जुदाई’

नंबर  06 चना ज़ोर गरम..किशोर, रफ़ी, किशोर, एन मुकेश .. “क्रांति”

नंबर  05 तेरे मेरे बीच मैं..लता/एसपीबी..’एक दूजे के लिए’

नंबर  03 चल चल मेरे भाई .. रफ़ी, अमिताभ .. “नसीब”

नंबर  02 जिंदगी की ना टूटी लादी..लता-एन मुकेश..’क्रांति’

1982

नंबर  31 मेघा रे मेघा रे..लता-सुरेश वाडकर..”प्यासा सावन”

नंबर  29 मेरी किस्मत में तू नहीं शायद .. लता-सुरेश वाडकर “प्रेम रोग”

नंबर  28 मेरे दिलदार का बकपन..रफ़ी-किशोर..”दीदार-ए-यार’

नंबर  25 सारा दिन सत्ते हो..किशोर-आशा..’रास्ते प्यार के’

नंबर  21 मेरे महबूब तुझे सलाम..रफ़ी-आशा। ”बगावत”

नंबर  20 अपने अपने मियां पे..आशा..”अपना बना लो’

नंबर  18 खातून की खिदमत मैं…किशोर…”देश प्रेमी”

नंबर  13 छोड मजा हाट ..किशोर-आशा .. “फिफ्टी फिफ्टी”

नंबर  12 मैं तुम मैं समां…एसपीबी-आशा..”रास्ते प्यार के”

नंबर  10 मोहब्बत है क्या चीज़..लता-सुरेश..”प्रेम रोग”

नंबर  09 प्यार का वादा फिफ्टी फिफ्टी ..आशा-किशोर ..”फिफ्टी फिफ्टी”

नबर  07 है राजू है डैडी..राजेश्वरी-एसपीबी .. “एक ही भूल”

नंबर 05 मैं हूं प्रेम रोगी .. सुरेश वाडकर .. “प्रेम रोग”

1983

1963 के बाद से दूसरी बार, यह पाया गया कि पहले TEN में LP गाने गायब हैं।

नंबर 29 ये अंधा कानून है ..किशोर कुमार .. “अंधा कंतों”

नंबर 25 ज़िंदगी मौज उड़ने का नाम ..महेंद्र कपूर “अवतार”

नंबर 19 लिखानेवाले ने लिख डाले .. लता-सुरेश वाडकर .. “अर्पण”

नंबर 12 मेरी किस्मत मैं तू नहीं शायद। लता-सुरेश वाडकर “प्रेम रोग”

1984

नंबर 26 लंबी जुदाई .. रेशमा … “हीरो”

नंबर 21 बिच्छू बालक गया ..किशोर-आशा “इंकलाब”

नंबर 17 मुझे पीने का शंख नहीं .. शब्बीर-अनुराधा “कुली”

नंबर 11 डिंग डोंग ओ बेबी एक गाना गाओ .. मनहर उधास-अनुराधा पंडवाल .. “हीरो”

नंबर 10 प्यार करनेवाले कभी ..मनहर उधास- लता “हीरो”

नंबर  08 ऊई मार्गई डॉ बाबू..अलका दग्निक – शैलेंद्र सिंह “घर एक मंदिर”

नंबर  05 दोनो जवानी के मस्ती मैं .. शब्बीर – आशा .. “कुली”

नंबर 01 तू मेरा जानू है। अनुराधा-मन्हार … “हीरो”

1985

नंबर  32 मन क्यों बेहका .. लता-आशा .. “उत्सव”

नंबर  26 दिल बेकरार था दिल बेकरार है..अनुराधा-शब्बीर..’तेरी मेहरबानियां’

नंबर  18 तेरी मेहरबानियां..शब्बीर कुमार..’तेरी मेहरबानियां’

नंबर  15 जिंदगी हर कदम .. लता-शब्बीर ..”मेरी जंग”

नंबर  14 ज़िहाल-ए-मुश्किल .. लता-शब्बीर … “गुलाम”

नंबर  10 श्री देवी तू नहीं .किशोर कुमार… “सीराफोरश”

नंबर  09 तुम याद न आया करो..शब्बीर-लता..’ जीने नहीं दूंगा’

नंबर  05 चाह लाख तूफान आए..लता-शब्बीर..प्यार झुकता नहीं’

नंबर  02 तुमसे मिल के ना जाने क्यों .. शब्बीर-कविता “प्यार झुकता नहीं”

1986

एक बार फिर टॉप थ्री गाने लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के हैं

नंबर  38 ओ मिस दे दे किस ..सुरेश वाडेकर-शैलेंद्र सिघ … “लव 86”

नंबर  35 तू कल चला जाएगा…मोहम्मद अजीज-मन्हर..”नाम”

नंबर  34 बोल बेबी बोल रॉक-एन-रोल ..किशोर-एस जानकी .. “मेरी जंग”

नंबर  29 भला है बुरा है… अनुराधा..”नसीब अपना अपना”

नंबर  27 एक लड़की जिस्का नाम..मोहम्मद अजीज-कविता…”आग और शोला”

नंबर  26 अमीरों के शाम ..मोहम्मद अजीज…’नाम’..

नंबर  23 मायका पिया बुलावे .. सुरेश वाडकर-लता .. “सुर संगम”

नंबर  17 मन क्यों बेहका .. लता-आशा ..”उत्सव”

नंबर  15 प्यार किया है .. शब्बीर-कविता “प्यार किता है प्यार करें”

नंबर  12 चिचि आई है.. पंकज उहदेस “नाम”

नंबर  11 बहरों की रंगिनीयों ..शब्बीर .. “नसीब अपना अपाना”

नंबर  07 गोरी का साजन..एस जानकी-मोहम्मद अजीज..आखिरी रास्ता”

नंबर  05 जिंदगी हर कदम..लता-शब्बीर..’मेरी जंग’

नंबर  03 हर करम अपना करेंगे .. कविता-मोहम्मद अजीज .. “कर्म”

नंबर  02 दुनिया मैं कितना घुम है..मोहम्मद अजीज..’अमृत’

नंबर  01 यशोदा का नंदलाला … लता मंगेशकर … “संजोग”

1987

नंबर  26 ना तुमने किया ना मैंने किया … लता … “नचे मयूरी”

नंबर  24 राम राम बोल..शब्बीर-अलका-कविता..”हुकुमत”

नंबर  19 नाम सारे..मोहम्मद अजीज-लता… ”सिंदूर”

नंबर  14 हवा हवाई .. कविता .. “मिस्टर इंडिया”

नंबर  13 डी डी डीड फुटबॉल..कविता..मिस्टर इंडिया”

नंबर  11 कराटे है हम प्यार..किशोर-कविता..’मिस्टर इंडिया’

नंबर  08 अमीरों की शाम..मोहम्मद अजीज..’नाम’

नंबर  05 तूने बैचैन इतना किया..मोहम्मद अजीज..”नगीना”

नंबर  04 मैं तेरी दुशमन… लता….”नगीना”

नंबर  03 न जयो परदेश..कविता.”कर्मा”

नंबर  01 चिट्ठी  आई है .. पंकज उधास .. “नाम”

1988

नंबर  27 लोग जहां पर रहते हैं..सुरेश-मोहम्मद अजीज-कविता..प्यार का मंदिर’

नंबर  25 फूल गुलाब का … अनुराधा-मोहम्मद अजीज .. “कीवी हो तो ऐसी”

नंबर  22 मैंने ही एक गीत लिखा है… शब्बीर कुमार..”हमारा खांडन”

नंबर  17 पतज़ड़ सावन बसंत बहार..सुरेश वाडकर-लता, “सिंदूर”

नंबर  13 कह दो की तुम मेरी हो .. अनुराधा-अमित कुमार .. “तेज़ाब”

नंबर  12 जब प्यार किया..मोहम्मद अजीज-अनुराधा..’वतन के रखवाले’

नंबर  11 आज फिर तुम से प्यार आया है..अनुराधा-पंकज उहदेस “दयावान”

नंबर  09 एक दो तीन चार..अलका याज्ञनिक/अमित कुमार…”तेज़ाब”

नंबर  07 ऊँगली  मैं अंगुठी .. मोहम्मद अजीज-लता, “राम अवतार”

नंबर  02 तुझे इतना प्यार करेन..लता-शब्बीर,। ” ”कुदरत का कानून”

1989

नंबर 19 चाहे तू मेरी जान ले ले..जॉली मुखर्जी..”दयावान”

नंबर 18 दिल तेरा किसने तोड़ा..मोहम्मद अजीज..”दयावान”

नंबर 10 मुझसे तुमसे है बिल्ली का बच्चा … मनहर उधास-अनुराधा “राम लखन”

नंबर 08 सो गया ये जहान..नितिन मुकेश, अलका, शब्बीर “तेज़ाब”

नंबर 07 तेरे लखन ने बड़ा दुख..लता मंगेशकर..’राम लखन’

नंबर 06 कहदो के तुम हो .. अनुराधा-अमित कुमार .. “तेज़ाब”

नंबर 04 हम तुम्हारे इतन प्यार करेंगे .. अनुराधा-मोहम्मद अजीज … “बीस साल बाद”

नंबर 01 एक दो का चार..मोहम्मद अजीज.. “राम लखन”

1990

नंबर  25 तेरा बीमार  मेरा दिल..मोहम्मद अजीज-कविता।” चालबाज़ “

नंबर  21 कहना ना तुम ये किस से..सलमा आगा-मोहम्मद अजीज..”पति पत्नी और तवायफ”

नंबर 19 ना जाने कहां से आई है..अमित-कविता- “चलबाज़”

नंबर  05 जुम्मा चुम्मा दे दे… सुदेश भोंसले..”हम”

1991

नंबर 19 इमली का बूटा .. सुदेश भोंसले-मोहम्मद अजीज ..”सौदागर”

नंबर 15 कागज़ कलाम दावत .. मोहम्मद अजीज-शोआ जोशी .. “हम”

नंबर 11 जां तुम चाहो जहां ..अमित कुमार-अलका याज्ञनिक “नरसिंह”

नंबर 09 इलु इलु क्या है..मनहर-कविता.. “सौदागर”

नंबर 05 सौदागर सौदा कर..कविता-मन्हार-सुखविंदर सिंह। “सौदागर”

1992

नंबर  22 तू रूप की रानी ..अमित कुमार-कविता .. “कमरे की रानी चोरों का राजा”

नंबर  13 पी पी पिया .. अलका-उदित नारायण .. “प्रेम दीवाने”

नंबर  03 तू मेज़ कुबुल मैं तुझे कुबुल ..मोहम्मद अजीज-कविथा.. “खुदा गवाह”

1993

नंबर  23 मैं तेरा आशिक हूं .. रूप कुमार राठौड़  “गुमराह”

नंबर 16 नायक नहीं कहलनायक हूं मैं…विनोद राठौड़-कविता..”खलनायक”

नंबर  01 चोली के पिछे  क्या है … अलका याग्निक -इला अरुण “खलनायक”

1993 से 1998 के बाद कई गाने आए लेकिन फिर बिनाका गीतमाला बंद हो गई।

बिनाका गीतमाला के इतिहास में लक्ष्मीकांत प्यारेलाल सबसे सफल संगीत निर्देशक हैं

जिले को अवैध कब्जा मुक्त कराने तक जारी रहेगा अभियान: डीएम


जिले में सड़क सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत सड़क से हटाए गए अतिक्रमण एवं अवैध होल्डिंग्स, 22 मई से संचालित अभियान के अंतर्गत 0.0041 टन पॉलिथीन जब्त करते हुए 4700/- रुपए का वसूल किया गया जुर्माना।

बिजनौर। जनपद के समस्त 18 नगरीय निकायों में विगत 22 मई 2022 से संचालित सड़क सुरक्षा अभियान के अन्तर्गत कार्यवाही अनवरत जारी है। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि शासन के निर्देशानुसार अभियान जिले को पूर्ण रूप से अवैध कब्जों से मुक्त कराने तक संचालित रहेगा।

उन्होंने बताया कि जिले के नगरीय निकायों में नगर पालिका परिषद शेरकोट सहित सड़कों के किनारे से अब तक 30 अवैध अतिक्रमणों को हटाया गया। इसके अलावा जनपद के मुख्य चौराहों से 03 अवैध अतिक्रमणों एवं 49 अवैध होर्डिग्स को हटवाया गया। निकाय क्षेत्रों में कुल 133 वेन्डिंग जोन चिन्हित किये गये हैं। उन्होंने बताया कि 1174 स्ट्रीट वेन्डर्स को वेन्डिंग जोन में व्यवस्थित कराया गया है तथा मार्ग प्रकाश व्यवस्था के अन्तर्गत जनपद के निकायों में 49 खराब / बन्द स्ट्रीट लाईटों को ठीक कराकर पुनः संचालित किया गया है।

जिलाधिकारी ने बताया कि प्रतिबन्धित पॉलिथीन के विरूद्ध नगर पालिका परिषद धामपुर, स्योहारा, अफजलगढ, चॉदपुर, बढापुर एवं नगीना में अभियान के अंतर्गत 0.0041 टन पॉलिथीन जब्त करते हुए 4700/- रुपए का जुर्माना वसूल किया गया। उन्होंने बताया कि उक्त अभियान जिले को पूर्ण रूप से अवैध कब्जों से मुक्त कराने तक संचालित रहेगा।

बिना दवा के प्राकृतिक चिकित्सा शिविर में मरीजों ने उठाया लाभ

आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत लगाया बिना दवाई के उपचार को प्राकृतिक चिकित्सा शिविर

बिजनौर। आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत योगी अनंत एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान साकेत कॉलोनी सिविल लाइन सेकंड पर आरोग्य भारती इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाईजेशन भारत स्वाभिमान द्वारा नि:शुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में राम सिंह पाल जिला प्रभारी पतंजलि इंटरनेशनल, नेचुरोपैथी ऑर्गनाइजेशन इकाई बिजनौर के जिलाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र सिंह, सेवा भारती के जिला मंत्री ओपी शर्मा द्वारा यज्ञ किया गया। उसके पश्चात उनका प्राकृतिक उपचार, मिट्टी चिकित्सा, मसाज चिकित्सा, एक्यूप्रेशर चिकित्सा, स्टीम बाथ, आहार परिवर्तन व जल चिकित्सा द्वारा रोगियों का नि:शुल्क उपचार किया गया। शिविर में मिथलेश मुरादाबाद, सुमालखेड़ी से बलवंत, रूकनपुर नंगला से प्रीति, योगेंद्र सिंह डिंडोली, मुरादाबाद से नकुल विकुल बिजनौर से भुवनेश्वरी, गंगा बैराज से चंचल, राहुल, नमन पाल, अंजू, इकराम, नजीबाबाद से पुष्पा आदिअन्य लोगों ने नि:शुल्क उपचार कराया।

प्राकृतिक उपचार चिकित्सक ओपी शर्मा, सोमदत्त शर्मा, डॉ. नरेंद्र सिंह योगी, अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान के अध्यक्ष योगेश कुमार, कोषाध्यक्ष श्रीमती सुनीता, उपाध्यक्ष राजवीर सिंह एडवोकेट, संरक्षक एसके बबली, आरोग्य भारती के प्रांत अध्यक्ष वैद्य अजय गर्ग ने शिविर में प्रतिभाग किया। आयोजकों ने बताया कि सभी संगठनों का उद्देश्य रोगियों को बिना दवाई के स्वस्थ करना है।

बेहतर कानून व्यवस्था की व्यापारियों द्वारा प्रशंसा

व्यापारियों ने किया एडीजी राजकुमार, डीएम उमेश मिश्रा, एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी सिटी डॉ. प्रवीण रंजन आदि पुलिस अधिकारियों का स्वागत। डीएम एसपी ने व्यापारियों से मांगे जिले की व्यवस्था और बेहतर करने के लिए सुझाव। उद्योग व्यापार मंडल की ओर से जैन धर्मशाला में आयोजित हुआ कार्यक्रम।

बिजनौर। उद्योग व्यापार मंडल की ओर से व्यापारियों ने जैन धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में एडीजी राजकुमार, डीएम उमेश मिश्रा, एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी सिटी डॉ. प्रवीण रंजन आदि पुलिस अधिकारियों का स्वागत किया। व्यापारियों ने जिले में अच्छी कानून व्यवस्था की भी प्रशंसा की। कार्यक्रम में डीएम उमेश मिश्रा और एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने सभी व्यापारियों से जिले की व्यवस्था और बेहतर करने के लिए सुझाव मांगे। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की ओर से रजनीश अग्रवाल, मनोज कुच्छल, मुनीष त्यागी, बीएस राजपूत, दिलशाद खान, डॉ. उस्मानी, दीपक अरोड़ा, सौरभ सिंघल, गुलाम साबिर आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला कोषाध्यक्ष बीएस राजपूत ने किया।

…अब कुतुब मीनार की खुदाई की तैयारी

नई दिल्ली (एजेंसी)। कुतुब मीनार को लेकर छिड़े विवाद के बीच ऐतिहासिक परिसर में खुदाई की जाएगी। संस्कृति मंत्रालय ने निर्देश दिए हैं कि कुतुब मीनार में मूर्तियों की Iconography कराई जाए। एक रिपोर्ट के आधार पर कुतुब मीनार परिसर में खुदाई का काम किया जाएगा। इसके बाद ASI संस्कृति मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।

संस्कृति सचिव ने अधिकारियों के साथ निरीक्षण करने के बाद यह फैसला लिया है। लिहाजा कुतुब मीनार के साउथ में और मस्जिद से 15 मीटर दूरी पर खुदाई का काम शुरू किया जा सकता है। बता दें कि कुतुब मीनार ही नहीं, अनंगताल और लालकोट किले पर भी खुदाई का काम किया जाएगा।

कुतुब मीनार परिसर में खुदाई के निर्णय से पहले संस्कृति सचिव गोविंद मोहन ने 12 लोगों की टीम के साथ निरीक्षण किया। इस टीम में 3 इतिहासकार, ASI के 4 अधिकारी और रिसर्चर मौजूद थे। इस मामले में ASI के अधिकारियों का कहना है कि कुतुबमीनार में 1991 के बाद से खुदाई का काम नहीं हुआ है।

ASI के अधिकारियों का कहना है कि कुतुब मीनार में 1991 के बाद से खुदाई का काम नहीं हुआ है। इसके अलावा कई रिसर्च भी पेंडिंग हैं, जिसकी वजह से ये फैसला लिया गया है।

विष्णु स्तम्भ नाम देने की मांग- कुतुब मीनार का नाम बदलने की मांग भी हाल ही में की गई थी। इसके बाद वहां हिंदू संगठनों के कुछ कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ किया था। हिंदू संगठनों ने कुतुब मीनार का नाम बदलकर विष्णु स्तम्भ करने की मांग की थी। हिंदू संगठन के एक कार्यकर्ता ने कहा था कि मुगलों ने हमसे इसे छीना था। इसे लेकर हम अपनी मांगों को रख रहे हैं। हमारी मांग है कि कुतुब मीनार का नाम बदलकर विष्णु स्तम्भ किया जाए।

भारत की मैंकल नामदेव व अमेरिका के ऋत्विक ने जीती अंतर्राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता

पेंड्रा की मैंकल नामदेव और अमेरिका के ऋत्विक ने जीती निबंध प्रतियोगिता
-अमेरिका वर्ग से अयाति ओझा दूसरे स्थान पर रहीं
-भारत वर्ग से रायबरेली की आद्या गुप्ता दूसरे और फातिमा अंसारी तीसरे स्थान पर रहीं
-7 बच्चों के निबंध सांत्वना पुरस्कार के रुप में चुने गए
-अमेरिका में भारत के चांसरी प्रमुख रमाकांत कुमार ने की विजेता बच्चों के नामों की घोषणा
-मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ कृपाशंकर चौबे ने समिति के प्रयासों की सराहना की

नई दिल्ली आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की भारत और अमेरिका इकाई द्वारा संयुक्त रूप से 12 से 18 वर्ष के बच्चों की आयोजित की गई अंतर्राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की मैंकल नामदेव और अमेरिका के ऋत्विक अग्रवाल विजेता रहे।

मैकल नामदेव को पुरस्कार में प्रमाणपत्र के साथ 21 सौ रुपए और ऋत्विक को 50 डालर दिए जाएंगे। इसी तरह दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे विजेता बच्चों को भी प्रमाण पत्र और नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया जाएगा। चयनित सभी निबंधों को ‘आचार्य पथ’ स्मारिका में भी स्थान देने का ऐलान किया गया।

विजेता बच्चों के नामों की घोषणा रविवार को आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में अमेरिका में भारत के चांसरी प्रमुख रमाकांत कुमार ने की। करतल ध्वनि से सभी विजेता बच्चों को बधाई दी गई। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में अमेरिका वर्ग से ऋत्विक अग्रवाल प्रथम और अयाति ओझा दूसरे स्थान पर रही। भारत वर्ग से मैंकल नामदेव प्रथम, आद्या गुप्ता द्वितीय और फातिमा अंसारी तीसरे स्थान पर रहीं। तमिलनाडु की प्रतिभागी संजना एच, कात्यायनी त्रिवेदी, हिमांशी सिंह, गुनगुन मिश्रा, श्रवण कुमार मिश्रा, शान्तनु पांडेय और पंकज कुमार के निबंध भी सराहे गए। सभी को सांत्वना पुरस्कार देने की घोषणा की गई। विजेता बच्चों ने अपने-अपने निबंध भी पढ़कर सुनाए।

पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि एवं अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. कृपा शंकर चौबे ने सभी विजेता बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि जब हिंदी की विभिन्न विधाओं पर संकट गहरा रहा है ऐसे समय में आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति द्वारा बच्चों के लिए निबंध प्रतियोगिता आयोजित करना बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है। बच्चे के अंदर एक रचना छुपी होती है और उस रचना को निखारने एवं सामने लाने का अवसर देना निहायत जरूरी है।

समिति की अमेरिका इकाई की अध्यक्ष श्रीमती मंजु मिश्रा ने सभी प्रतिभागी बच्चों के साथ- साथ कार्यक्रम में उपस्थित निर्णायक मंडल की सदस्य प्रोफेसर नीलू गुप्ता (अमेरिका), डॉ. पद्मावती (चेन्नई), डॉ भारती सिंह (नोएडा), अनुपम परिहार (प्रयागराज), डॉ. सुमन फुलारा (उत्तराखंड) और बद्री दत्त मिश्र (रायबरेली) का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हिंदी को बचाने और बढ़ाने के लिए भारत के साथ-साथ प्रवासी भारतीयों के बच्चों को मातृभाषा से जोड़े रखने के ही यह छोटे-छोटे प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत से करीब 122 निबंध प्राप्त हुए।

भारत इकाई के अध्यक्ष विनोद शुक्ल ने कहा कि हिंदी को नया व्याकरण और भाषा देने वाले आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के योगदान को आज सभी स्वीकार कर रहे हैं। उनकी स्मृतियों को संरक्षित करने में समाज जागृत हो चुका है लेकिन सरकार का जागृत होना बाकी है।

आभार ज्ञापित करते हुए समिति के संयोजक गौरव अवस्थी ने कहा कि आचार्य द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान का यह 25वां वर्ष है। सभी के प्रयासों और सहयोग से आचार्य द्विवेदी की स्मृतियां सात समंदर पार तक पहुंचने में सफल हुई हैं। भविष्य में भी ऐसा ही सहयोग बनाए रखने का अनुरोध किया।

कार्यक्रम का संचालन अमेरिकी इकाई की वरिष्ठ सदस्य श्रीमती रचना श्रीवास्तव ने किया और अमेरिका की शोनाली श्रीवास्तव ने सुमधुर स्वर में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम में अमेरिकी इकाई की सदस्य डॉ कुसुम नैपसिक, श्रीमती ममता त्रिपाठी, गणेश दत्त, सुश्री नीलम सिंह, श्रीमती संगीता द्विवेदी, सुधीर द्विवेदी, करुणा शंकर मिश्रा, अभिषेक द्विवेदी आदि उपस्थित रहे।

गीत-संग्रह ‘पुन: युधिष्ठिर छला गया है’ एवं ‘मेंहदी रचे हाथ’ का लोकार्पण सम्पन्न

लखनऊ। साहित्य प्रोत्साहन संस्थान मनकापुर गोंडा के तत्वावधान एवं सुनील त्रिपाठी के संयोजन में स्थानीय डिप्लोमा इंजीनियर्स सभागार हजरतगंज लखनऊ में कवि व गीतकार राहुल द्विवेदी ‘स्मित’ एवं कवि चन्द्रगत भारती की काव्य कृतियों ‘पुन: युधिष्ठिर छला गया है’ एवं ‘मेंहदी रचे हाथ’ का लोकार्पण किया गया।

लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. हरिशंकर मिश्र की अध्यक्षता में सम्पन्न इस लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि कार्यक्रम अधिशासी दूरदर्शन ओबी भट्टाचार्य, विशिष्ट अतिथि डॉ० सुशील कुमार राय, कार्यक्रम अधिशासी, आकाशवाणी लखनऊ एवं संपादक सांध्य दैनिक ‘पब्लिक इमोशन’ बिजनौर डॉ पंकज भारद्वाज तथा मुख्य वक्ता वरिष्ठ नवगीतकार मधुकर अस्थाना, अन्तर्राष्ट्रीय व्यंग्यकार सर्वेश अस्थाना एवं वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्र शुक्ल ‘राज’ ने मंच को सुशोभित किया।

कार्यक्रम का आरम्भ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीपक प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात दोनों पुस्तकों का लोकार्पण संस्था के संस्थापक सचिव धीरज श्रीवास्तव एवं मंचस्थ अतिथियों द्वारा किया गया। लोकार्पित कृतियों पर अपने विचार रखते हुए मुख्य वक्ता मधुकर अस्थाना ने कहा कि पुनः युधिष्ठिर छला गया है; गीतकृति अपने शीर्षक से ही प्रतीक और व्यंजना की छाप छोड़ने लगती है, जिससे स्पष्ट होता है कि कवि की वाणी में पूरे  समाज की अन्तरात्मा की अभिव्यक्ति हो रही है और उनके गीत जीवन मूल्यों की प्रतिस्थापना हेतु प्रयत्नशील दिखाई देते हैं।

मुख्य अतिथि ओबी भट्टाचार्य ने राहुल द्विवेदी को उनकी पुस्तक के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इस पुस्तक में कल्पना, संवेदना, यथार्थ की अनुभूति और संघर्ष की अभिव्यक्ति के संग लेखनी के तारतम्य का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। युवा कवि राहुल द्विवेदी स्मित एवं चन्द्रगत भारती में छुपी क्षमता को उनकी पुस्तकें स्वत‍: ही प्रकाशित करती हैं। डॉ० सुशील कुमार राय ने दोनों कृतिकारों को उनकी पुस्तकों हेतु बधाई दी साथ ही पुस्तकों को समय की शिला पर अंकित पृष्ठों का संकलन कहा।

डॉ० पंकज भारद्वाज ने कहा कि ‘पुनः युधिष्ठिर छला गया है’ कृति के प्रत्येक गीत मानवीय चेतना को जगाने में सफल होंगे।चन्द्रगत भारती की पुस्तक ‘मेंहदी रचे हाथ’ पर वक्तव्य देते हुए वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्र शुक्ल राज ने कहा कि विपुल संवेदनाओं के धनी गीतकवि चन्द्रगत भारती हिन्दी साहित्य की रत्नमाला के आकर्षक व्यक्तित्व हैं। उनके गीत संग्रह ‘मेंहदी रचे हाथ’ में कोमल हृदय की भाव-तरलता के साथ-साथ युगीन बोध की सघनता पाठकों के हृदय को सहज ही मोह लेती है।

अन्तर्राष्ट्रीय व्यंग्यकार सर्वेश अष्ठाना ने कहा कि राहुल द्विवेदी स्मित के गीतों में गहरी संवेदना की प्रभावशाली अभिव्यक्ति है। अंत में कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो हरिशंकर मिश्र ने कहा कि अरसा बाद एक विशुद्ध साहित्यिक कार्यक्रम में गीतों पर हुई चर्चा का विस्तृत स्वरूप देख रहा हूँ।दोनों पुस्तकें अपने कलेवर और रचनात्मक गुणवत्ता से पाठक को आकर्षित करती है।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में शिक्षा, साहित्य एवं पत्रकारिता से जुड़ी ग्यारह हस्तियों को उनके अपने क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इनमें वरिष्ठ साहित्यकार कमलेश मौर्य मृदु, साहित्य भूषण शिवकांत मिश्र विद्रोही, डॉ अजय प्रसून, केवल प्रसाद सत्यम, रामानन्द सागर, डॉ सीके मिश्र, शालिनी सिंह, मनोज मानव, केदारनाथ शुक्ल, करन सिंह परिहार रहे। समारोह के प्रथम चरण का संचालन नवगीतकार अवनीश त्रिपाठी ने तथा द्वितीय चरण का संचालन ओज कवि उमाकांत पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम का समापन संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष उमाशंकर शुक्ल के कृतज्ञता ज्ञापन से हुआ।

कार्यक्रम में सुनील त्रिपाठी, नरेंद्र भूषण, मनोज मानव, साहित्य भूषण कमलेश मौर्य ‘मृदु’, डॉ अजय प्रसून, केदारनाथ शुक्ल, केवल प्रसाद सत्यम, करन सिंह परिहार, कुलदीप बृजवासी, साहित्य भूषण शिवाकांत मिश्र विद्रोही, मंजुल मिश्र मंजर ,  मुकेश कुमार मिश्र, हितेश शर्मा ‘पथिक’, धीरज मिश्रा, राजाभैया गुप्ता ‘राजाभ’, ज्ञान प्रकाश ‘आकुल’, ओमप्रकाश शर्मा, आत्मप्रकाश मिश्र, पुनीता देवी, रेनू सिंह, श्रीमती प्रमिला, रियाज अहमद, अलका अस्थाना, अनुज ‘अब्र’, कमल किशोर भावुक, प्रतिभा गुप्ता, शुभदा बाजपेई ,योगी योगेश शुक्ल, निशा सिंह, महेश प्रकाश अष्ठाना,आदि नगर के अनेक साहित्यिक संस्था-प्रमुखों, कवियों, साहित्यकारों और समाजसेवियों की उपस्थिति रही।

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति अंतर्राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण एवं आशीर्वाद समारोह 22 मई रविवार को


आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति अंतर्राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण एवं आशीर्वाद समारोह 22 मई 2022 रविवार को भारतीय समय के अनुसार सुबह 8:00 बजे ऑनलाइन आयोजित किया गया है।
समारोह में बतौर मुख्य अतिथि रमाकांत कुमार (चांसरी प्रमुख, भारतीय कौंसलावास सैनफ्रांसिस्को-अमेरिका) और डॉ. कृपा शंकर चौबे (अध्यक्ष-जनसंचार विभाग, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा-महाराष्ट्र) निबंध प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले भारत और अमेरिका के बच्चों को आशीर्वाद एवं पुरस्कार प्रदान करेंगे।
पुरस्कार वितरण एवं आशीर्वाद समारोह का लाइव प्रसारण हमारी भाषा हिंदी फेसबुक पेज पर भी किया जाएगा। आपकी उपस्थिति हम सबका उत्साहवर्धन करेगी।
यह जानकारी आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की श्रीमती मंजु मिश्रा अध्यक्ष अमेरिका इकाई एवं विनोद शुक्ल अध्यक्ष भारत इकाई ने संयुक्त रूप से दी।

जिला अस्पताल में कांग्रेस जनों ने मरीजों को बांटे फल और बिस्किट

कांग्रेस जनों ने जिला अस्पताल में मरीजों को बांटे फल और बिस्किटजिला कार्यालय पर पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि। कम्प्यूटर/संचार क्रांति का निर्माता बताया और उनके जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला।

बिजनौर। भारत रत्न देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की पुण्य तिथि के अवसर पर कांग्रेस जनों ने जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को फल/बिस्किट आदि वितरित किये। वहीं जिला कांग्रेस कार्यालय पर स्व०राजीव गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

भारत रत्न देश के पूर्व प्रधानमंत्री संचार क्रांति के निर्माता स्व. राजीव गांधी की पुण्य तिथि पर कांग्रेस जनों ने उन्हें याद किया। इस अवसर पर जिला/शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों का हालचाल जानने के साथ ही मरीज़ों को फल/बिस्किट आदि वितरित किये गए।

इससे पहले जिला कार्यालय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष शेरबाज पठान ने तथा संचालन जिला महासचिव नज़ाकत अल्वी ने किया। कांग्रेस जनों ने स्व०राजीव गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने स्व. राजीव जी को कम्प्यूटर/संचार क्रांति का निर्माता बताया और उनके जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान, मुनीश त्यागी, बाबू डूंगर सिंह, जिला महासचिव नज़ाकत अल्वी, बिजनौर शहर अध्यक्ष मोनू गोयल, हाजी नसीम अंसारी, श्रीमती मीनाक्षी सिंह, हुकुम सिंह, इकबाल अहमद, वीरेश गहलोत, काज़ी आतिफ, यश गोयल, एड. ज़फ़र मलिक, अब्दुल समद आज़ाद, पदम् सिंह, विमल शर्मा, हीरा देवी, कविता, वसीम अहमद, आमोद शर्मा, मो. राशिद आदि मौजूद रहे।

कायस्थ चेतना मंच द्वारा दूसरा प्याऊ संचालित

बरेली। कायस्थ चेतना मंच के तत्वावधान में 17 मई 2022 दिन मंगलवार को प्याऊ का उद्घाटन संस्था के संरक्षक डॉक्टर पवन सक्सेना एवं संस्था के वरिष्ठ सदस्य पार्षद सतीश कातिब मम्मा जी द्वारा किया गया।

डॉक्टर पवन सक्सेना ने इसे संस्था का सराहनीय कार्य बताया। सतीश मम्मा ने कहा कि समय समय पर ऐसे कार्य कराने से संस्था की छवि और उज्जवल होगी। अध्यक्ष संजय सक्सेना ने बताया संस्था द्वारा एक प्याऊ बदायूं रोड स्थित पानी की टंकी के सामने 3 मई अक्षय तृतीया से संचालित हो रहा है, जिससे बदायूं रोड पर राहगीरों के लिए बहुत आराम मिलता है। चौपला पुल से लेकर करगैना तक और कोहरापीर पुलिस चौकी के आसपास भी पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। राहगीरों के लिए बहुत परेशानी होती है। यह विचार मन में आया था। इसीलिए प्याऊ संचालित किए गए हैं। अभी दो प्याऊ और संचालित करने का विचार है।

संस्था के वरिष्ठ उपाध्याय अखिलेश सक्सेना ने सभी का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया म। इस कार्यक्रम में महिला अध्यक्ष श्रीमती माया सक्सेना, श्रीमती प्रतिभा जौहरी, अविनाश सक्सेना, बीनू सिन्हा, महासचिव अमित सक्सेना बिंदु, निर्भय सक्सैना, पंकज सक्सेना पंछी आदि लोग उपस्थित रहे।

इससे पहले व्यंजन रेस्टोरेंट पर रेस्टोरेंट के मालिक गुप्ता के विशेष सहयोग से राहगीरों को भीषण गर्मी से राहत देने के लिए एक प्याऊ की व्यवस्था की गई। कायस्थ चेतना मंच संरक्षक डॉक्टर पवन सक्सेना वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा नारियल फोड़कर प्याऊ का उद्घाटन किया गया।

अध्यक्ष संजय सक्सेना, महासचिव अमित सक्सेना बिंदु, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अविनाश चंद्र सक्सेना, अखिलेश कुमार सक्सेना, सुरेंद्र बीनू सिन्हा, निर्भय सक्सैना वरिष्ठ पत्रकार, जिला महिला अध्यक्ष श्रीमती माया सक्सेना, पार्षद सतीश कातिब मम्मा, वरिष्ठ पार्षद एवं बीडीए सदस्य पंकज जौहरी पंछी, श्रीमती प्रतिमा जौहरी आदि ने कार्यक्रम में सहयोग किया अंत में अखिलेश कुमार ने सभी का आभार व्यक्त किया।

वीणा जी को याद कर हो गई आंखें नम

उरई (जालौन)। बुंदेलखंड कोकिला के नाम से संगीत की दुनिया में नवाजी जाती रहीं  सुर साम्राज्ञी स्वर्गीय वीणा श्रीवास्तव के जन्मदिन के उपलक्ष्य में उन्ही के द्वारा स्थापित रंगमंचीय सांस्कृतिक संस्था “वातायन” के तत्वावधान में शनिवार की रात राजमार्ग स्थित मणीन्द्रालय प्रेक्षागृह में मधुर यादें शीर्षक से संगीतमय भावभीना  कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस अधीक्षक रवि कुमार और विशिष्ट अतिथि लोक कला मर्मग्य अयोध्या प्रसाद कुमुद उपस्थित रहे। इस अवसर पर वीणा जी से जुड़े खट्टे मीठे संस्मरणों को भी साझा किया गया, जिससे सभा में मौजूद उनके प्रशंसकों  की आँखे नम हो गईं।

इस अवसर पर नन्हें बाल कलाकारों की प्रस्तुतियों ने लोगों को मुग्ध कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि उरई के लोगों के लिए यहाँ की सांस्कृतिक विरासत उनके गौरव को स्थापित करने वाली है, जिसमें वीणा जी जैसी शख्सियतों का महत्वपूर्ण योगदान है। इस तरह के लोगों की स्मृति होने वाले आयोजनों से यहाँ की समृद्ध सृजन धारा अविरल बनी रहेगी और पीढी दर पीढी इसकी मशाल थामने वाली प्रतिभाएं जन्म लेती रहेंगी।

वातायन के अध्यक्ष और वीणा जी के पति डॉ अरुण श्रीवास्तव ने जब वातायन संस्था के इतिहास पर प्रकाश डालने के साथ वीणा जी से जुडीं तमाम यादें ताजा की तो माहौल भावुक हो गया। कार्यक्रम का संचालन महेश अरोरा ने किया। संरक्षक डॉ आदित्य सक्सेना ने भी वीणा जी की बहुआयामी प्रतिभा के अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डाला तो लोग रोमांच और कौतूहल से भर उठे।

संगठन उपाध्यक्ष चौधरी जय करण सिंह और कार्यक्रम उपाध्यक्ष डॉ स्वयं प्रभा द्विवेदी ने मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। वातायन के अन्य पदाधिकारियों में कार्यक्रम सचिव वर्षा राहुल सिंह, संगठन सचिव अमर सिंह, कोषाध्यक्ष गिरीश चन्द्र श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी अरविंद नायक, कार्यक्रम निदेशक हेम प्रधान, कार्यक्रम उपनिदेशक डॉ विश्वप्रभा त्रिपाठी, कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती पूर्णिमा सक्सेना, श्रीमती इंदु सक्सेना, सुधीर प्रकाश सिंह, श्रीमती शशि अरोड़ा, डॉ केएन सिंह निरंजन, श्रीमती रत्ना प्रधान, डॉ कुमारेन्द्र  सिंह ने भी कार्यक्रम को सफलता पूर्वक संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सौजन्य से जालौन टाइम्स उरई  

झालू में विनायक अस्पताल के कैम्प में 307 मरीजों ने कराया फ्री इलाज

बिजनौर। शांति देवी चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से परिवार दिवस पर विनायक हॉस्पिटल ने कस्बा झालू में रविदास मंदिर धर्मशाला में रविवार को मुफ्त स्वास्थ्य शिविर आयोजित कराया। शिविर में 307 मरीजों ने मुफ्त उपचार और दवाइयां ली।


हॉस्पिटल इंचार्ज व फिजिशियन डॉक्टर दिग्विजय चौधरी और डॉक्टर रूपक की अगुवाई में शिविर में डॉक्टर इशरत जहां ने काफी महिलाओं की बीमारियों का चेकअप किया और उन्हें फ्री दवाइयां उपलब्ध कराई।


इनके साथ ही जनरल फिजिशियन डॉक्टर रूपक, नैचुरोपैथी चिकित्सक डॉक्टर अमित उपाध्याय, डॉक्टर यश कुमार और डॉक्टर प्रशंसा आदि चिकित्सकों ने अनेक बीमारियों से ग्रसित बीमारों का फ्री उपचार किया।

ट्रस्ट की ओर से हॉस्पिटल महाप्रबंधक राकेश मलिक ने शिविर में अधिक से अधिक मरीजों की समस्याओं को दूर करने का आह्वान किया। बताया कि विनायक अस्पताल के डॉक्टर के साथ शांति देवी चैरिटेबल ट्रस्ट समाज की सेवा के प्रति हमेशा काम कर रहा है। कहा कि समाज सेवा ही मानव का सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने बताया कि हर साल ट्रस्ट की ओर से लोगों को फ्री चिकित्सा दिलाने के लिए कैम्प आयोजित कराए जाते हैं।

कैम्प में फ्री चेकअप के साथ ही दवाइयां भी वितरित की जाती हैं। कैम्प में विनायक कॉलेज शिक्षिका रश्मि चौधरी, संदीप सिंह, निकुंज शर्मा, स्वास्थ्य कर्मी बबली, पूजा रानी, जितेंद्र सिंह, नितिन कुमारी, तनुजा शर्मा, अलका सैनी, निखिल आदि ने मरीजों की सेवा की।

व्हाट्सएप्प ग्रुप के जरिये समस्या सुलझाएंगे बिजली अधिकारी


राज्यमंत्री ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग उत्तर प्रदेश सोमेंद्र तोमर ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को विधानसभावार व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर उसमें जन प्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से शामिल करने तथा ग्रुप पर प्राप्त होने वाली जन शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने एवं जनप्रतिनिधियों से नियमित रूप से संपर्क एवं समन्वय बनाए रखने के दिए निर्देश

बिजनौर। राज्यमंत्री ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग उत्तर प्रदेश सोमेंद्र तोमर ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन प्रतिनिधियों के साथ नियमित रूप से समन्वय बनाए रखें और विद्युत चोरी रोकने तथा विद्युत देयकों के भुगतान जैसे अहम कार्यों में उनका सहयोग प्राप्त करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जन सामान्य की विद्युत से संबंधित समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ निस्तारण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि पूर्ण गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निचले स्तर पर ही समस्या का निराकरण कर दिया जाए तो समस्या विकराल रूप धारण नहीं कर सकती। उन्होंने सभी अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देश दिए कि विधानसभावार व्हाट्सएप ग्रुप बनाएं और उसमें जन प्रतिनिधियों को भी अनिवार्य रूप से शामिल करें। विद्युत विभाग के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि विद्युत देय के बड़े बक़ायादारों की सूची बना कर उनसे वसूली के लिए गंभीरतापूर्वक प्रयास करें।


राज्यमंत्री श्री तोमर कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित विद्युत विभाग के कार्याें की प्रगति से संबंधित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के नागरिकों को हर सम्भव राहत और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्व है और उसमें ज्यादा से ज्यादा सुधार के लिए प्रयासरत भी है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में निर्धारित रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति करना सुनिश्चित करें तथा किसी कारणवश विद्युत आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होती है तो उसकी सूचना संबंधित क्षेत्र के आम नागरिकों को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कार्य में पारदर्शिता लाने के लिए निर्देशित किया कि सभी अधिशासी अभियन्ता विधानसभावार व्हाट्सअप ग्रुप बनाएं और उसमें क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से शामिल करते हुए महत्वपूर्ण कार्य की सूचना उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वाहट्सअप ग्रुप पर आने वाली समस्याओं का निस्तारण भी पूर्ण गंभीरता और तत्परता के साथ करें ताकि उक्त समस्या इसी स्तर पर निस्तारित हो सके।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ऊर्जा के क्षेत्र में नए प्रयास किए जा रहे हैं, जिसमें उपभोक्ताओं को विद्युत ऊर्जा के अलावा वैकल्पिक ऊर्जा के तौर पर सौर ऊर्जा के साथ-साथ पवन ऊर्जा भी उपलब्ध कराई जाएगी। भविष्य में वैकल्पिक ऊर्जा अपना महत्वपूर्ण स्थान ग्रहण करेगी, जिससे आम नागरिकों को सस्ती ऊर्जा के साथ ही स्वच्छ पर्यावरण का लाभ भी प्राप्त होगा।

अब सोलर ऊर्जा के साथ उपभोक्ताओं को मिलेगी पवन ऊर्जा- जिले के दौरे पर आए राज्यमंत्री ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग सोमेंद्र तोमर ने कहा कि बिजली ही नहीं अब सोलर ऊर्जा के साथ उपभोक्ताओं को पवन ऊर्जा भी उपलब्ध कराने की दिशा में सार्थक प्रयास चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यूपी के कुछ जिलों में ही बिजली पहुंच पाती थी। आज सभी जिलों में एकरूपता के आधार पर बिजली दी जा रही है। 2017 के बाद उत्तर प्रदेश विकास के पथ पर और संस्कृति में भी आगे बढ़ा है। पहले उत्तर प्रदेश बीमार राज्य कहा जाता था, आज 40 स्थानों में उत्तर प्रदेश नंबर एक पर है। उन्होंने आश्रवस्त करते हुए कहा कि कुछ समय पहले विद्युत आपूर्ति के सम्बन्ध में कुछ कारणों से थोड़ी समस्या उत्पन्न हुई थी, लेकिन वर्तमान में उसमें सुधार कर लिया गया है और आगे भी निरन्तर रूप से सुधार किया जाएगा। वर्तमान में बिजली की आपूर्ति पहले से बेहतर है।
श्री तोमर ने यह भी बताया कि सरकार प्रयास कर रही है कि सभी सरकारी दफ्तरों पर सोलर एनर्जी से कनैक्शन दिये जायें, जिसके अंतर्गत वैकल्पिक ऊर्जा स्त्रोतों के दोहन कर कुछ जगह सरकारी संस्थाओं में इसकी शुरुआत भी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए प्रदेश में विद्युत नेटवर्क को बेहतर व आधुनिक बनाने के क्षेत्र में लगातार सार्थक रूप से प्रयास किए जा रहे हैं ताकि आमजन और उद्योगों को भरपूर बिजली मिले।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक नहटौर ओम कुमार, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, अधीक्षण अभियंता विद्युत के अलावा विद्युत विभाग के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

राज्यपाल ने किया सखी वन स्टॉप सेंटर का लोकार्पण

राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा जिला संयुक्त चिकित्सालय स्थित महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का लोकार्पण किया गया, अधिकारियों से महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न इत्यादि मामलों के बारे में चर्चा की और मामलों को शीघ्र निस्तारित करने तथा वन स्टाप सेंटर के तहत सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को अधिकतम पांच दिन तक अस्थायी आश्रय, पुलिस-डेस्क, विधि सहायता, चिकित्सा एवं काउंसिलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

बिजनौर। राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा जिला बिजनौर भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का लोकार्पण किया गया। कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग बिजनौर द्वारा निर्मित किए जाने वाले सखी वन स्टॉप सेंटर को रुपए 24,34,686 की लागत से तैयार किया गया है।
One Stop Center Helpline- महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित वन स्टाप सेंटर योजना (सखी) महिलाओं के लिए मददगार साबित हो रही है। किसी महिला के साथ मारपीट, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न या अन्य कोई घटना होती है तो वन स्टाप सेंटर के माध्यम से पीड़ित को न्याय दिलाया जाता हैै।


राज्यपाल ने जिला अस्पताल में विभागीय अधिकारियों से महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न इत्यादि मामलों के बारे में चर्चा की और मामलों को शीघ्र निस्तारित करने तथा वन स्टाप सेंटर के तहत सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को अधिकतम पांच दिन तक अस्थायी आश्रय, पुलिस-डेस्क, विधि सहायता, चिकित्सा एवं काउंसिलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि महिला उत्पीडन से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता के लिए वन स्टाप सेंटर हेल्पलाइन नंबर पर सहायता के संपर्क स्थापित किया जा सकता है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉक्टर प्रवीन रंजन, संजय कुमार यादव के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

मातृ दिवस पर साहित्यानुरागिनी एवं समाज सेविका मिथलेश गौड़ को किया सम्मानित

बरेली। कवि गोष्ठी आयोजन समिति के तत्वावधान में स्थानीय साहूकारा में मातृ दिवस पर कवि गोष्ठी एवं सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम श्री नत्थू लाल सदाचारी के संयोजन में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विनय सागर जायसवाल ने की। मुख्य अतिथि डॉ शिव शंकर यजुर्वेदी एवं विशिष्ट अतिथि डॉ रामशंकर ‘प्रेमी’ रहे।


कार्यक्रम का शुभारंभ माँ शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण कर हुआ। वंदना बृजेंद्र तिवारी “अकिंचन” ने प्रस्तुत की। कार्यक्रम में मातृ दिवस पर साहित्यानुरागिनी श्रीमती मिथलेश गौड़ को समाज सेवा एवं परिवार में सामंजस्य के साथ उत्कृष्ट योगदान के लिए संस्था के सचिव उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट द्वारा सम्मानित किया गया।


काव्य गोष्ठी में कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से माताओं की महिमा का गुणगान किया और जगत में उन्हें सबसे महान बताते हुए माताओं की सेवा का संकल्प लिया।


कार्यक्रम में संस्थाध्यक्ष रणधीर प्रसाद गौड़ ‘धीर’, सचिव उपमेंद्र सक्सेना एड., संयोजक नत्थू लाल सदाचारी, एस. ए. हुदा सोंटा, सत्यवती सिंह ‘सत्या’, ठा.राम प्रकाश ‘ओज’, अमित मनोज, पीयूष गोयल ‘बेदिल’, मिलन कुमार ‘मिलन’, जगदीश निमिष, उमेश त्रिगुणायत, रीतेश साहनी, रजत कुमार एवं व्यास नंदन शर्मा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राज शुक्ल ‘गजल राज’ने किया।

गौरैया संरक्षण को लेकर बच्चों में दिखा उत्साह

गौरैया संरक्षण को लेकर हुई प्रतियोगिता

प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को प्रमाण पत्र व पुरस्कार देकर किया सम्मानित।

लखनऊ। राजधानी में गौरैया संरक्षण को लेकर गुरुवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय बंशीगढ़ी व भरोसा में मेरी प्यारी गौरैया मुहिम व अवध वन प्रभाग की ओर से चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बच्चों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को प्रमाण पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। उच्च प्राथमिक विद्यालय वंशी गढ़ी की विभा शर्मा, पूर्वी शर्मा, विशाल, तुसार व उच्च प्राथमिक विद्यालय भरोसा की सोनालिका, नेहा सिंह, जाईना को प्रमाण पत्र व उपहार देकर सम्मानित किया गया।

इस मौके पर मुहिम संचालक व पक्षी प्रेमी महेश साहू ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नन्ही गौरैया के संरक्षण के लिए हम सबको आगे आना होगा क्योंकि नन्ही गौरैया की प्रजाति पर संकट मंडरा रहा है। इस तपती गर्मी में नन्ही गौरैया व अन्य पक्षियों के लिए दाना पानी रखने व कृत्रिम घोंसले लगाने की अपील की। वहीं रेंजर शिवाकांत शर्मा ने प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को शुभकामनाएं दी और सभी छात्र छात्राओं को नन्ही गौरैया संरक्षण की शपथ दिलाई। इस मौके पर समाजसेवी हिमांशु गुप्ता, विद्यालय के प्रधानाचार्या वीरेंद्र यादव, प्रीति त्रिवेदी, वन दरोगा शिवम यादव, अमित सिंह वन रक्षक दीपक कनौजिया, मंगटू प्रसाद, शैलेन्द्र सिंह लोधी सहित कई लोग मौजूद रहे।

व्हाट्सएप्प ने लगाया 14 लाख से अधिक खातों पर प्रतिबंध

नई दिल्ली (एजेंसी)। मेटा के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप ने मार्च के महीने में भारत में 18 लाख से अधिक खातों पर प्रतिबंध लगाया है। सोमवार को कंपनी ने कहा कि नए आईटी नियम 2021 का अनुपालन करते हुए प्लेटफॉर्म ने फरवरी में देश में ऐसे 14 लाख से अधिक खातों पर प्रतिबंध लगाया था। उसे देश से उसी महीने में 597 शिकायत रिपोर्ट भी मिलीं, और ‘कार्रवाई’ वाले 74 खाते थे।

Big blow to WhatsApp users, company banned more than 30 lakh accounts

व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, आईटी नियम 2021 के अनुसार, हमने मार्च 2022 महीने के लिए अपनी रिपोर्ट प्रकाशित की है। इस उपयोगकर्ता-सुरक्षा रिपोर्ट में उपयोगकर्ता की शिकायतों का विवरण और व्हाट्सएप द्वारा की गई संबंधित कार्रवाई के साथ-साथ व्हाट्सएप की स्वयं की निवारक कार्रवाइयां शामिल हैं। प्रवक्ता ने कहा, व्हाट्सएप ने मार्च महीने में 1.8 मिलियन (1,805,000) से अधिक खातों पर प्रतिबंध लगा दिया। 

अब जितने किलोमीटर, उतना ही टोल टैक्स

नई दिल्ली (एजेंसी)। टैक्स वसूलने के लिए अब सरकार नया हाईटेक सिस्टम लाने की तैयारी में है। इसके बाद फास्टैग सिस्टम को खत्म कर दिया जाएगा। नया सिस्टम सेटेलाइट नेविगेशन सिस्टम पर आधारित होगा।

किलोमीटर के हिसाब से लगेगा पैसा
सूत्रों के मुताबिक नए सिस्टम पर काम शुरू हो गया है और इसका पायलट प्रोजेक्ट भी लॉन्च हो चुका है। इसे हरी झंडी मिलते ही फास्टैग की जगह पर नेविगेशन सिस्टम से टोल वसूली का काम शुरू कर दिया जाएगा। नए सिस्टम में किलोमीटर के हिसाब से या तय की गई दूरी के हिसाब से टोल टैक्स लिया जाएगा। अभी फास्टैग में एक बार टोल टैक्स काटने का नियम है। अगर किसी हाइवे पर गाड़ी चलती है तो टोल प्लाजा पर एक निश्चित राशि फास्टैग अकाउंट से काट ली जाती है। इस राशि का सफर की दूरी या किलोमीटर से कोई वास्ता नहीं होता। नेविगेशन सिस्टम में किलोमीटर के हिसाब से पैसा लिया जाएगा। नए सिस्टम में हाइवे या एक्सप्रेसवे पर जितने किलोमीटर का सफर तय होगा, उतने किलोमीटर का टोल टैक्स देना होगा।

क्या होगा नए सिस्टम में
किसी हाईवे या एक्सप्रेसवे पर जैसे ही गाड़ी चलनी शुरू होगी, उसके टोल का मीटर ऑन हो जाएगा। अपना सफर खत्म करने के बाद गाड़ी जैसे ही हाइवे से स्लिप रोड या किसी सामान्य सड़क पर उतरेगी, तय दूरी के हिसाब से नेविगेशन सिस्टम पैसा काट लेगा। यह नया सिस्टम भी फास्टैग की तरह होगा, लेकिन पैसा उतना ही लगेगा जितना फासला तय होगा। अभी भारत में तकरीबन 97 फीसदी गाड़ियों में फास्टैग लगा है जिससे टोल वसूली होती है।   

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति निबंध प्रतियोगिता 22 को

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति निबंध प्रतियोगिता 22 को

रायबरेली। आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की स्मृति में भारत और अमेरिका के बच्चों की निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई है। प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा 22 मई को ऑनलाइन कार्यक्रम में की जाएगी।


आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की अमेरिका इकाई की अध्यक्ष श्रीमती मंजू मिश्रा ने बताया कि आचार्य द्विवेदी की जयंती 9 मई के उपलक्ष में 18 वर्ष के बच्चों की यह प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। छात्र छात्राओं के लिए निबंध के तीन विषय निर्धारित किए गए हैं।
निर्धारित किए गए तीन विषयों-
1-आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के लेखन की वर्तमान युग में प्रासंगिकता,
2-हिंदी को युवा वर्ग में लोकप्रिय कैसे बनाया जाए
3-हिन्दी की विदेशों में गूंज; पर ही निबंध स्वीकार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निबंध भेजने की अंतिम तारीख 15 मई है। अंतिम तिथि के बाद कोई भी निबंध स्वीकार नहीं किया जाएगा। निबंध प्रतियोगिता में भाग लेने वाले छात्र छात्राएं अपने निबंध गूगल फॉर्म भरते समय ही भेज सकेंगे।
समिति की  भारत इकाई के अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने बताया कि पुरस्कार समारोह को भारत और अमेरिका के हिंदी के विद्वान संबोधित करेंगे। विजेता बच्चों को भी अपने निबंध पढ़ने का अवसर प्रदान किया जाएगा। 

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति निबंध प्रतियोगिता

भारत व अमेरिका में आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति – निबंध प्रतियोगिता का आयोजन। ज़ूम के माध्यम से किया जाएगा कार्यक्रम का आयोजन।


लखनऊ। हमारी भाषा हिंदी तथा आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की भारत एवं अमेरिका इकाई द्वारा आयोजित ‘आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति निबंध प्रतियोगिता’ में भाग लेने के लिए भारत एवं अमेरिका के 12 से 18 वर्ष की उम्र के सभी छात्रों का स्वागत है। यह जानकारी देते हुए आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी समिति अमेरिका की अध्यक्ष मंजू मिश्रा ने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन ज़ूम के माध्यम से किया जाएगा तथा इसका लाइव प्रसारण हमारी भाषा हिंदी के फ़ेसबुक पेज से किया जाएगा।

Program Details / कार्यक्रम का समय :

21 मई, 2022 शाम 7.30 बजे PST (कैलिफ़ोर्निया समय)
22 मई, 2022 प्रात: 8.00 बजे IST (भारतीय समय)

इच्छुक प्रतिभागी इस गूगल फॅार्म में प्रतिभागिता आवेदन के साथ सूची में दिए गए विषयों में से किसी एक विषय पर 250 – 300 शब्दों का निबंध 15 मई, 2022 तक जमा कर दें। विजेताओं को पुरस्कार के साथ कार्यक्रम में अपने निबंध पढ़ कर सुनाने का अवसर भी प्रदान किया जाएगा। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा ।पुरस्कृत निबंध आचार्य पथ स्मारिका में भी प्रकाशित किए जाएंगे।


https://forms.gle/qTcWbdb7o9jm9fMTA

कार्यक्रम का आयोजन ज़ूम के माध्यम से किया जाएगा तथा इसका लाइव प्रसारण हमारी भाषा हिंदी के फ़ेसबुक पेज से किया जाएगा। आवेदन करने वाले सभी प्रतिभागियों ज़ूम लिंक तथा अन्य आवश्यक सूचना ईमेल के द्वारा भेजी जाएगी।

Essay Topics / निबंध के विषय :

  1. वर्तमान समय में आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के विचारों की प्रासंगिकता
  2. युवा वर्ग में हिंदी को कैसे लोकप्रिय बनाया जाए
  3. विदेशों मे हिंदी की गूंज

Competition Rules / प्रातिभागिता के नियम :

  1. निबंध भेजने की अंतिम तिथि – 15 मई, 2022
  2. आयु सीमा : 12 से 18 वर्ष
  3. शब्द सीमा 250 – 300 ( 300 शब्दों से अधिक होने पर निबंध पर विचार नहीं किया जाएगा)

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी समिति अमेरिका की अध्यक्ष मंजू मिश्रा ने अनुरोध किया है कि यह संदेश ज्यादा से ज्यादा लोगों तक प्रसारित करने में अपना सहयोग प्रदान करें।

मलिहाबाद पहुंचे पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा

मलिहाबाद,लखनऊ। भाजपा के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा सोमवार दोपहर एक निजी कार्यक्रम मुण्डन संस्कार मे शामिल होने देवम लॉन मलिहाबाद पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र के भाजपा नेताओं से भेंट कर उनकी कुशलक्षेम जानी।

वह दोपहर पाठक गंज मे अपनी बहन संध्या पाठक के घर पहुंचे। यहां पर शांतनु पाठक,  कार्तिकेय पाठक, सुमित पाठक,अनादि पाठक, राजीव तिवारी, प्रमोद पाठक आदि परिजनों के साथ मिलकर कुल देवी की पूजा अर्चना के उपरांत कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।


देवम लॉन के संचालक विकास पाठक ने दर्जनों भाजपा कार्यकर्ताओं एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष धर्मेन्द्र प्रधान,  विधायक प्रतिनिधि विकास किशोर आशू ने जोरदार स्वागत किया। 

इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता सैय्यद खलील अहमद, पूर्व ब्लाक प्रमुख पति अनिल सिंह चौहान, उमाकांत गुप्ता, बबलू सिंह, विशाल पाठक, मारूफ अंसारी सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं से मिलकर कुशल क्षेम जानी। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन मजबूत रखने की अपील की। फिर बच्चे को आशीर्वाद देकर उनका काफिला लखनऊ की तरफ निकल गया।

आरसी फाउंडेशन संस्था ने किया जरूरतमंद लोगों को खाद्यान्न वितरित

आर सी फाउंडेशन संस्था द्वारा जरूरतमंद लोगों को खाद्यान्न वितरण किया गया

मलिहाबाद लखनऊ। आरसी फाउंडेशन सामाजिक संस्था के द्वारा संस्थापक डॉ मानुवेंद्र प्रताप सिंह व श्रीमती पुष्पा यादव के द्वारा स्वर्गीय रमेश चंद्र यादव की तीसरी पुण्यतिथि पर मलिहाबाद के अमानीगंज स्थित प्राथमिक विद्यालय, घुसौली प्राथमिक विद्यालय व मलिहाबाद प्राथमिक उपचार केंद्र पर फल, बिस्किट व कोल्ड ड्रिंक आदि जरूरत के सामान का वितरण किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य रुप से संस्था के संरक्षक शिव कुमार यादव, रिटायर्ड एडिशनल एसपी राहुल यादव, शशिकांत, सूर्यकांत, उज्जवल यादव, राहुल यादव प्रधान जी व संस्था से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

सत्संग भवन पर 24 अप्रैल को रक्तदान शिविर

मनाया जायेगा मानव एकता दिवस। कोरोना गाइड लाइन का पूर्णत: पालन करने की अपील की।

बिजनौर। आगामी 24 अप्रैल (रविवार) को झालू रोड स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन पर सदगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के आदेशानुसार बाबा गुरुबचन सिंह जी की याद में मानव एकता दिवस मनाया जायेगा। यह जानकारी संत निरंकारी मण्डल, ब्रांच बिजनौर के संयोजक महात्मा बाबूराम निरंकारी व मीडिया प्रभारी भूपेन्द्र कुमार ने एक प्रेस नोट के माध्यम से दी।

उन्होंने बताया कि इस अवसर पर प्रातः 9 से एक बजे तक एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जायेगा। इस दौरान जनपद की अन्य ब्रांचों के मुखी महात्मा भी उपस्थित रहेंगे। संयोजक महात्मा बानूराम निरंकारी ने सभी संतों महापुरुषों, सेवादल के पदाधिकारियों व समस्त सदस्यों से कोरोना गाइड लाइन का पूर्णत: पालन करते हुए मॉस्क लगाकर आने की अपील की है। इस अवसर पर साध संगत का आयोजन भी किया जायेगा।

वैष्णोंदेवी: एक घंटे में डेढ़ हजार श्रद्धालु रोपवे से पहुंचेंगे अधकुंवारी

नई दिल्ली (एजेंसी)। जम्मू में 700 साल पुराने माता वैष्णो देवी मंदिर में तीर्थयात्रा की सुविधा के लिए श्राइन बोर्ड ने कटरा और अधकुंवारी के बीच 1,281 मीटर लंबे रोपवे के निर्माण के बहुप्रतीक्षित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की 69वीं बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिसकी अध्यक्षता बोर्ड के अध्यक्ष जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने की। कटरा और अधकुंवारी के बीच का ट्रेक 6 किमी है।

No ropeway service on 8th to 10th february in mata vaishno devi bhawan - माता  वैष्णो देवी भवन में 8 फरवरी से 10 फरवरी तक रोपवे सेवा रहेगी बंद

दिल्ली स्थित श्राइन बोर्ड के सदस्य के.के. शर्मा ने एआईएमआईएल फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के विवरण साझा करते हुए आईएएनएस को बताया कि इस प्रस्ताव पर लंबे समय से चर्चा चल रही थी। उन्होंने कहा, वास्तव में, 2012 में पहली बार 51वीं बैठक में बोर्ड ने रोपवे की संभावनाओं का पता लगाने के लिए राइट्स लिमिटेड (एक रेलवे उपक्रम) के साथ एक अध्ययन करने का निर्णय लिया था। राइट्स ने 2017 में बोर्ड को अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें पाया गया कि यह कटरा और अधकुंवारी के बीच रोपवे के निर्माण के लिए उपयुक्त है।

तब से यह प्रस्ताव लगातार लंबित था, जिसे मंगलवार को हुई नवगठित बोर्ड की पहली बैठक में मंजूरी दे दी गई। सबसे पवित्र हिंदू मंदिरों में से एक वैष्णो देवी, जम्मू जिले के कटरा शहर में स्थित है। मंदिर कटरा से लगभग 12 किमी दूर 5,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। 

प्रस्ताव के अनुसार 1,281.20 मीटर लंबे रोपवे का निर्माण अधिकतम 590.75 मीटर की ऊंचाई के साथ किया जाएगा। इसकी क्षमता आठ लोगों की क्षमता वाले प्रत्येक केबिन के साथ प्रति घंटे एक तरफ 1,500 लोगों को ले जाने की होगी। जबकि इसके निर्माण का अनुमान 94.23 करोड़ रुपये है, राइट्स का कहना है कि परिचालन लागत का 63 प्रतिशत वसूल किया जा सकता है यदि प्रति यात्री यात्रा शुल्क 200 रुपये रखा जाए। शर्मा ने कहा कि निर्माण जल्द शुरू होगा। तीर्थस्थल पर तीर्थयात्रियों की संख्या 2021 में 55.77 लाख से अधिक थी, जबकि पिछले वर्ष कोरोनो वायरस महामारी के कारण 17 लाख थी।

बेटी बेटा एक समान सबको शिक्षा सबको ज्ञान

बेटी बेटा एक समान सबको शिक्षा सबको ज्ञान बोलते हुए बच्चों ने स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ

काकोरी, लखनऊ। विकासखंड काकोरी के परिषदीय विद्यालयों में मंगलवार को स्कूल चलो अभियान की रैली निकाली गई। कम्पोजिट विद्यालय खुशहाल गंज में खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी राममूर्ति यादव एवं शिक्षक संघ के जिला मंत्री वीरेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर स्कूल चलो अभियान की रैली को रवाना किया। कंपोजिट विद्यालय खुशहालगंज के बच्चों ने बेटी बेटा एक समान सबको शिक्षा सबको ज्ञान, आधी रोटी खाएंगे पढ़ने रोज जाएंगे आदि नारे लिखी हुई तख्तियों को लेकर पूरी ग्राम पंचायत में अपनी प्रधानाध्यापक अंजलि सक्सेना, सरोज खरे, शुभ्रा महेश्वरी, इरम फातिमा, रूपा, इशरत परवीन, शैलजा गुप्ता मोबिना बानो अगम के साथ पूरे गांव में घूमते हुए विद्यालय में रैली का समापन किया। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी राममूर्ति यादव ने कहा कि गांव का एक भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित ना रहे; इसलिए गांव के लोगों को जागरूक करने के लिए यह रैली प्रत्येक ग्राम पंचायत में निकाली जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को कंपोजिट विद्यालय खुशहाल गंज, प्राथमिक विद्यालय गुरुदीन खेड़ा इंचार्ज अध्यापक अधिकार फातिमा, सुशील यादव, भटऊ जमालपुर प्राथमिक विद्यालय में बीनिश फातिमा, आनंद सिंह यादव, माधुरी यादव, खानपुर मऊ में जैनेंद्र सिंह आदि द्वारा रैली निकालकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। अगले 15 दिन तक इसी तरह प्रत्येक विद्यालय में रैली निकाली जाएगी व 6 से 14 वर्ष के बच्चों को प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालय में नामांकित किया जाएगा। उसके बाद हाउसहोल्ड सर्वे किया जाएगा, जिसमें देखा जाएगा कि कहीं कोई बच्चा ऐसा तो नहीं है जो विद्यालय जाने से वंचित रह गया हो। यदि किसी गांव में ऐसा बच्चा मिलता है, तो उसके माता-पिता से बात करके उसकी उम्र के अनुसार उसे विद्यालय में नामांकित करा कर शिक्षित करने का कार्य किया जाएगा। सबको शिक्षा का अधिकार है, इसके लिए केंद्र सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत है।

शिक्षक संघ के जिला मंत्री वीरेंद्र सिंह ने कहा कि स्कूल चलो अभियान को सफल बनाने के लिए लखनऊ जनपद के सभी शिक्षक तन, मन से कार्य कर रहे हैं। इसमें ग्राम प्रधानों का भी सहयोग मिल रहा है। इस बार सबसे अधिक नामांकन प्राथमिक विद्यालयों में होंगे और यह प्रयास किया जा रहा है कि प्राइवेट स्कूल से अच्छी शिक्षा प्राथमिक विद्यालय में दी जा सके। इसके लिए सरकार द्वारा समय-समय पर शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अजय सिंह, ब्लॉक महामंत्री महेंद्र कुमार एआरपीटीपी द्विवेदी व दर्जनों अभिभावकों सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

होम्योपैथी सर्वसुलभ एवं दुष्प्रभाव रहित चिकित्सा पद्धति: डॉ. शूरवीर सिंह

विश्व होम्योपैथिक दिवस पर होम्योपैथी के जनक डॉ. हैनिमैन को किया याद। 267 वें जन्म दिवस पर हुआ कार्यक्रम का आयोजन। कोरोना महामारी के दौरान होम्योपैथिक दवाइयों के योगदान को सराहा। सर्वसम्मति से अगले सत्र के लिये चुने गए डॉ. स्नेह प्रताप अध्यक्ष व डॉ. अन्तरिक्ष छिल्लर सचिव।

बिजनौर। विश्व होम्योपैथिक दिवस पर होम्योपैथी के जनक डॉ. हैनिमैन के 267वें जन्म दिवस (10 अप्रैल) पर होम्योपैथिक मेंडिकल एसोसिएशन बिजनौर ने इम्प्रेशन रेस्टोरेन्ट में एक कार्यक्रम का आयोजन किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. शूरवीर सिंह व संचालन सचिव डॉ. नीरज कुमार ने किया। मुख्य अतिथि डॉ. रमेश तोमर ने दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ ही डॉ. हैनिमैन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस दौरान सर्व सम्मति से अगले सत्र के लिये डॉ. स्नेह प्रताप को अध्यक्ष व डॉ. अन्तरिक्ष छिल्लर को सचिव चुना गया। मुख्य अतिथि डॉ. रमेश तोमर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सक का धर्म है कि बिना भेदभाव के सभी के स्वास्थ्य तथा मानवता की भलाई के लिये कार्यरत रहे। कोरोना महामारी के दौरान चिकित्सकों ने अपना धर्म बखूबी निभाया।

अध्यक्ष डॉ. शूरवीर सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि होम्योपैथी एक सर्वसुलभ एवं दुष्प्रभाव रहित चिकित्सा पद्धति है। कोरोना महामारी के दौरान होम्योपेथिक दवाईयों ने बहुत ही अच्छा काम किया। होथोपैथिक दवाईयां बचाव व इम्युनिटी बूस्टर के रूप में अत्यधिक लाभदायक रही हैं।

सचिव डॉ. नीरज कुमार ने कहा कि होम्योपैथी द्वारा पुरानी एवं जटिल से जटिल बीमारियों का सफल इलाज संभव है। होम्योपैथिक दवाइयों के सेवन से पूर्ण लाभ प्राप्त होता है तथा इसका कोई दुष्प्रभाव भी नहीं पड़ता। कोरोना महामारी के दौरान होम्योपैथिक दवाइयों ने बहुत ही योगदान दिया है।

इस अवसर पर डॉ. अजवीर सिंह, डॉ. युवराज सिंह, डॉ. संजीव, डॉ. अमित राणा, डॉ. विनोद सिंह, डॉ. राहुल त्यामी, डॉ. सुमित विश्नोई, डॉ. धर्मेन्द्र सिंह, डॉ. ध्यान सिंह आदि उपस्थित रहे।

सैकड़ों लोगों ने उठाया निःशुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर का लाभ


बिजनौर। आरोग्य भारती द्वारा योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान साकेत कॉलोनी सिविल लाइन सेकंड बिजनौर अध्यक्ष योगेश द्वारा प्राकृतिक चिकित्सा का शिविर नि:शुल्क लगाया गया। शिविर में मिट्टी चिकित्सा, एक्यूप्रेशर चिकित्सा, स्टीम बाथ, मसाज नि:शुल्क की गई। उपचार करने वालों में प्राकृतिक चिकित्सक सोमदत्त शर्मा, ओपी शर्मा ने प्राकृतिक चिकित्सा की। डॉक्टर नरेंद्र सिंह एवं राम सिंह पाल जिला प्रभारी पतंजलि ने यज्ञ किया।

राम नवमी के अवसर पर डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने सभी को हार्दिक बधाई दी और कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों पर चलना है, हमें उनके भाइयों से सीखना है, पिताजी दशरथ से सीखना है, भाइयों के आदर्श पर चलना है, माता सीता के आदर्शों पर चलना है, हमें समाज के कल्याण के लिए राष्ट्र के निर्माण के लिए कार्य करना है। इस अवसर पर जीतू सिरोही, अश्वनी सिरोही, सदुपुरा से श्री राम सिंह, रामपुर दास नगीना से राखी, धामपुर से किरण, भोगपुर से रामलाल, आदमपुर से कविता, रिंकू, पृथ्वी मलकपुर से सुमन, नगीना से जयमाला, बाकरपुर से कृष्ण कुमार, धनवाला से रवि कुमार, मौजमपुर जान से रिया, प्रेमवती, पिंकी, अक्षय, साकेत कॉलोनी से सोनम आदि सभी लोगों ने उपचार कराया।

राष्ट्रव्यापी कोविड टीकाकरण के तहत अब तक लगाए गए 185.70 करोड़ से अधिक टीके

राष्ट्रव्यापी कोविड टीकाकरण के तहत अब तक 185.70 करोड़ से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं


12-14 आयु वर्ग में 2.21 करोड़ से अधिक खुराकें लगाई गई

भारत में कोरोना के सक्रिय मामले 11,132 हैं

पिछले 24 घंटों में 1,054 नए मामले सामने आए

स्वस्थ होने की वर्तमान दर 98.76 प्रतिशत

साप्ताहिक सक्रिय मामलों की दर 0.23 प्रतिशत है।

नई दिल्ली (PIB)। भारत का कोविड-19  टीकाकरण  कवरेज  आज सुबह 7 बजे तक  अंतिम रिपोर्ट के  अनुसार 185.70 करोड़ (1,85,70,71,655) से अधिक हो गया।इस उपलब्धि को 2,24,70,964 टीकाकरण  सत्रों के जरिये प्राप्त किया गया है।

12-14 आयु वर्ग के लिए कोविड-19 टीकाकरण 16 मार्च,2022 को प्रारंभ हुआ था। अब तक 2.21 करोड़ (2,21,97,507) से अधिक किशोरों को कोविड-19 टीके की पहली खुराक लगाई गई है।

लगातार गिरावट दर्ज करते हुए भारत में सक्रिय मामले आज कम होकर 11,132 रह गए। सक्रिय मामले कुल मामलों के 0.03 प्रतिशत हैं।

नतीजतन, भारत में स्वस्थ होने की दर 98.76 प्रतिशत है।पिछले 24 घंटों में 1258 रोगियों के ठीक होने के साथ  ही स्वस्थ होने वाले मरीजों (महामारी की शुरुआत के बाद से) की कुल संख्या बढ़कर 4,25,02,454हो गई है।

बीते 24 घंटे में कोरोना के 1,054 नए मामले सामने आए।पिछले 24 घंटों में कुल 4,18,345 जांच की गई हैं। भारत ने अब तक कुल 79.38 करोड़ से अधिक  (79,38,47,740) जांच की गई हैं।

साप्ताहिक और दैनिक पुष्टि वाले मामलों की दर में भी लगातार गिरावट दर्ज की गई है। देश में साप्ताहिक पुष्टि वाले मामलों की दर 0.23।प्रतिशत है और दैनिक रूप से पुष्टि वाले मामलों की दर भी 0.25 प्रतिशत है।

आज से 31 मई तक परीक्षा पर्व-4.0 मनाएगा NCPCR

एनसीपीसीआर 11 अप्रैल से लेकर 31 मई, 2022 तक परीक्षा पर्व 4.0 मनाएगा

नई दिल्ली (PIB)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम से प्रेरणा लेते हुए और परीक्षाओं को एक आनंददायक गतिविधि बनाने की दिशा में अपने प्रयास को जारी रखते हुए, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) 11 अप्रैल, 2022 से लेकर 31 मई, 2022 तक परीक्षा पर्व- 4.0 मनाएगा। एनसीपीसीआर 2019 से अपने अभियान ‘परीक्षा पर्व’ के साथ परीक्षा का जश्न मना रहा है, जिसका उद्देश्य एक मंच पर परीक्षा के कारण होने वाले तनाव के प्रति बच्चों के दृष्टिकोण में बदलाव लाना और परीक्षा परिणाम से पहले उनकी चिंता को दूर करना है।

परीक्षा पर्व 4.0 छात्रों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को अपने विचार साझा करने और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन एवं महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त करने के लिए मंच प्रदान करने का एक प्रयास है। तनावपूर्ण समय में, असहज एवं भ्रमित करने वाले विचारों के बारे में बात करने और उन्हें साझा करने से छात्रों के तनाव एवं चिंता को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी।

इस वर्ष बच्चों के अलावा शिक्षकों और अभिभावकों तक पहुंचने के उद्देश्य से एक बहुआयामी दृष्टिकोण को अपनाया जाएगा। परीक्षा पर्व4.0 में निम्नलिखित गतिविधियां शामिल होंगी:

i)      परीक्षा परिणाम से पहले छात्रों को परीक्षा के कारण होने वाले तनाव और चिंता को कम करने के लिए विशेषज्ञों के साथ बातचीत करने में समर्थ बनाने के लिए 11 अप्रैल, 2022 से लेकर 31 मई, 2022 तक एनसीपीसीआर के फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब और दूरदर्शन नेशनल एवं न्यू इंडिया जंक्शन के यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीमिंग सत्र।

ii)  संवेदना-(1800-121-2830) कोविड से संबंधित तनाव से निपटने के लिए प्रशिक्षित परामर्शदाताओं द्वारा चलाई जाने वाली एनसीपीसीआर की एक टोल-फ्री टेली परामर्श सेवा है। इस परामर्श सेवा का विस्तार अब छात्रों के लिए परीक्षा तथा परिणाम संबंधी प्रश्नों, तनाव और चिंता से निपटने के उद्देश्य से किया जाएगा।

निगम की भंडारण क्षमता का शत प्रतिशत उपयोग किया जाए: जेपीएस राठौर

निगम की भंडारण क्षमता का शत प्रतिशत उपयोग किया जाए: जेपीएस राठौर
मंत्री जेपीएस राठौर ने की भंडारण निगम के अधिकारियों संग बैठक


लखनऊ। सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने शुक्रवार को यूपी राज्य भंडारण निगम के क्षेत्रीय प्रबंधकों व वरिष्ठ अधिकारियों संग बैठक कर निगम की मासिक प्रगति की समीक्षा की। बैठक में मौजूद अधिकारियों को निगम को सुचारू रूप से चलाने के दिशा निर्देश दिए गए।

राठौर ने क्षेत्रीय प्रबंधकों को अपने अधीनस्थ सभी केंद्रों का माह में एक बार विधिवत निरक्षण करने का आदेश दिया। साथ ही निगम की भंडारण क्षमता का शत-प्रतिशत उपयोग करने को कहा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गेहूँ के सुरक्षित भंडारण के दृष्टिगत साइलों व पीईजी के गोदामों का निर्माण निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाए।

उन्होंने कहा कि निगम द्वारा अपने कार्यों का आगामी 5 वर्षों के लिए तैयार किये गए रोड मैप का क्रियान्वयन निर्धारित समय पर किया जाए। निगम कार्यों को पारदर्शी प्रक्रिया के अंतर्गत समस्त केंद्रों का ऑनलाइन डिपो सिस्टम से इस प्रकार जोड़ा जाए कि उसकी सेंट्रलाइज मॉनिटरिंग प्रधान कार्यालय पर की जाए। समस्त भण्डार गृहों को सोलर पैनल से संचालित किए जाने की व्यवस्था जल्द से जल्द की जाए। बैठक में भंडारण एमडी श्रीकांत गोस्वामी, विशेष कार्याधिकारी धीरज चंद्रा, महाप्रबंधक संजीव कुमार आदि अधिकारीगण मौजूद रहे।

गौरैया संरक्षण के प्रति छात्र छात्राओं को किया गया जागरूक

लखनऊ। राजधानी के राजाजीपुरम ए- ब्लॉक स्थित लखनऊ पब्लिक स्कूल में मेरी प्यारी गौरैया मुहिम द्वारा नन्ही गौरैया के संरक्षण प्रति आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में डीएफओ अवध डॉ रवि कुमार सिंह ने छात्र छात्राओं को नन्ही गौरैया संरक्षण की शपथ दिलाई। छात्र छात्राओं को नन्ही गौरैया के पानी के लिए मिट्टी का पात्र, काकून के पैकेट, व कृत्रिम घोंसले का वितरण किया गया।
मेरी प्यारी गौरैया मुहिम संचालक पक्षी प्रेमी महेश साहू ने डीएफओ अवध डॉ रवि कुमार सिंह व विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती भारती गोसाई को पौधा भेंट कर स्वागत किया।


डीएफओ अवध डॉ रवि कुमार ने छात्र छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि नन्ही गौरैया का पर्यावरण में अपना महत्व है। नन्ही गौरैया उन कीटों को खाती है, जो हम सबके के लिए नुकसानदायक है। मनुष्य पेड़ों की कटाई करने लगा और समय के साथ – साथ गौरैया की प्रजाति नष्ट होने लगी। गौरैया ज्यादातर पेड़ों पर अपना घोसला बनाकर रहती थी, लेकिन पेड़ों की कटाई होने से वो अपना घोसला नहीं बना पाती हैं और उनको रहने के लिए उचित जगह नहीं मिल रही हैं |
कई लोग अपने खेती की फसलों पर हानिकारक दवाइयों का उपयोग करते हैं, आब कीड़ों को खाने से उनकी मृत्यु होने लगी हैं। पर्यावरण प्रदूषित होने के कारण भी गौरैया की प्रजाती नष्ट हो रही हैं। इन पक्षियों की प्रजाति विलुप्त होने के कारण प्रकृति की सुंदरता गायब हो रही है। नन्ही गौरैया संरक्षण के प्रति सभी को आगे आना होगा।


वहीं पक्षी प्रेमी महेश साहू ने कहा कि नन्ही गौरैया घर के आंगन एवं खेत खलिहानों में अक्सर चहचहाहट करती नजर आया करती थी। घर के आगंन में बिखेरे अनाज के दानों को अपनी चोंच में दबाकर अपने घोसले की तरफ उड़ान भरने के नजारे अधिक पुराने नहीं हैं। लेकिन इंसान के अपने स्वार्थ की वजहों से आज नन्ही गौरैया की प्रजाति पूर्ण खतरे में पड़ चुकी है, अक्सर घर के बच्चों की तरह आंगन में उछल कूद मचाने वाली गौरैया मनुष्य की सहजीवी पक्षी जाति रही है‌। हमारे शहरीकरण एवं प्रकृति के साथ स्वार्थ के खेल ने इसे अपने घर से बेघर कर दिया है। अभी भी समय है हम नन्ही गौरैया के संरक्षण के लिए आगे आएं।
इस अवसर पर उपस्थित सभी छात्र छात्राओं व अन्य लोगों ने नन्ही गौरैया के लिए कृत्रिम घोंसले लगा कर उसके आशियाने के लिए सुरक्षित स्थान देने के साथ ही इस तपती गर्मी में कोई पक्षी भूख व प्यास से काल के गाल में ना समाए, इसके लिए अपनी छतों व घर के आसपास मिट्टी के पात्र में पानी, दाना काकून रखने का संकल्प लिया।
इस मौके पर क्षेत्रीय वनाधिकारी सिटी, डिप्टी रेंजर विनीत प्रकाश श्रीवास्तव, वन दरोगा शिवम यादव, वन रक्षक दीपक कनौजिया, रामधीरज व विधालय के अध्यापक व अध्यापिकाएं उपस्थित रहीं।

सिंगल नर्सरी की विशेषताओं को समझाया

बिजनौर। अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव झाड़पुरा में महिला समूह द्वारा तैयार सिंगल नर्सरी के वितरण का जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह द्वारा मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया। इस दौरान गांव में ही एक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक विश्वमित्र पाठक, सचिव साहब सिंह सत्यार्थी, चीनी मिल अफजलगढ़ के प्रधान प्रबंधक एसपी सिंह, गन्ना महाप्रबंधक अजय कुमार ढाका, चीनी मिल फील्ड कर्मचारी मनोज कुमार, गन्ना पर्यवेक्षक प्रमोद कुमार सिंह उपस्थित रहे।

गांव झाड़पुरा में ग्राम प्रधान कपिल कुमार के आवास पर गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने बताया कि महिला स्वावलंबन के दृष्टिगत विभाग द्वारा ग्रामीण महिलाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा सिंगल बड़ व बडचिप पद्धति से पौध तैयार करने पर विभाग द्वारा 1.30 व रू० 1.50 की दर से अनुदान दिया जाता है। इस पद्धति से तैयार पौध को लगाने में जहां आय में बढ़ोतरी होती है, वहीं गन्ने का जमाव इस विधि से 95% तक देखा जा रहा है। नैनो यूरिया को स्प्रे के माध्यम से फसलों में प्रयोग किया जाता है; जिसे पौधे द्वारा अपने स्टूमेटा द्वारा अवशोषित कर उपयोग कर लिया जाता है।

महिला ग्रुप के किये गये कार्यों के निरीक्षण के पश्चात ग्राम झाड़पुरा मे कृषक गोष्ठी की गयी। कृषक गोष्ठी में नैनो यूरिया के संबंध में कृषकों को जानकारी दी गई। गोष्ठी में सचिव साहब सिंह द्वारा नैनो यूरिया के महत्व एवं उपयोग पर बल दिया गया। साथ ही अवगत कराया गया कि नैनो यूरिया समिति के सभी गोदामों पर रू० 240 प्रति 500 मि० ली० की दर पर उपलब्ध है। इस अवसर पर गोष्ठी में ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक विश्वमित्र पाठक द्वारा नैनो यूरिया के संबंध में बताया गया कि परम्परागत यूरिया से नैनो यूरिया सही व इसकी उपयोगिता 90% तक है जबकि परम्परागत यूरिया मात्र 30% तक ही पौधे इस्तेमाल कर पाते हैं 70% भाग का प्रयोग पौधे नहीं कर पाते। इस अवसर पर ग्राम प्रधान कपिल कुमार के अलावा बलेश कुमार, नन्हे सिंह, रामपाल सिंह, सूरज पाल सिंह, शक्ति स्वरूप, राजपाल सिंह, महेंद्र सिंह, ऋषि पाल सिंह तथा अजीत सिंह आदि उपस्थित रहे।

नेत्रा आई केयर ने लगाया निःशुल्क नेत्र शिविर

नि:शुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का हुआ आयोजन। मीरमपुर बेगा में ग्राम प्रधान के कार्यालय पर वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह ने किया शिविर का शुभारंभ। ग्राम वासियों ने लिया सुविधा का लाभ।

बिजनौर। मंडावली क्षेत्र के ग्राम पंचायत मीरमपुर बेगा में ग्राम प्रधान साजिद हुसैन के कार्यालय पर नेत्रा आई केयर सेंट मेरिज हॉस्पिटल नजीबाबाद की ओर से नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया।

ग्राम प्रधान साजिद हुसैन के सौजन्य से हुए नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर का शुभारंभ वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह ने किया। शिविर में ग्रामीणों ने अपनी आंखों की जांच कराई। जांच करने वाली टीम में डॉ राम अवतार, सोनी एवं रवि कुमार शामिल रहे। इस दौरान ग्रामीणों को उनकी आंखों की देखभाल के लिए उचित टिप्स भी दिए गए। ग्राम प्रधान साजिद हुसैन ने बताया कि यह नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर उनके द्वारा ग्रामीणों की आंखों की जांच के लिए लगवाया गया है। ग्रामीणों ने नेत्रा आई केयर सेंट मैरी हॉस्पिटल नजीबाबाद की टीम और ग्राम प्रधान का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान दिलीप कुमार, जोगराज सिंह, सचिन कुमार आदि उपस्थित रहे।

गंगा बैराज पर डीपीआरओ ने चलाया सफाई अभियान

बिजनौर। स्वच्छता अभियान के तहत गंगा बैराज पुल पर  डीपीआरओ सतीश कुमार ने विशेष सफाई अभियान चलाया। इसके लिए वह स्वयं सहायक विकास अधिकारी पंचायत अनिल कुमार एवं रविकान्त को साथ लेकर टीम के साथ प्रातः 7 बजे गंगा बैराज पर पहुंचे एवं विशेष सफाई अभियान के तहत गंगा घाट की सफाई कराई। उन्होंने वहां पड़ी पॉलिथीन व कचरे को इकट्ठा करवाकर खड़ी झाड़ियों की कटाई कराई।

इस दौरान उन्होंने कहा कि गंगा मैया में लोगों की आस्था है, इसीलिए गंगा बैराज पर इसी तरह से समय समय पर विशेष सफाई अभियान चलाया जाए। गंगा बैराज पर साफ़-सफाई होना बहुत आवश्यक है।

डीपीआरओ बिजनौर सतीश कुमार

डीपीआरओ ने कहा कि गंदगी की वजह से लोगों को समस्या ना हो इसीलिए गंगा बैराज पर सफ़ाई कार्य के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। वह सभी गम्भीरता के साथ प्रतिदिन सफ़ाई करें। स्वच्छता में लापरवाही हरगिज़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिर भी यदि गंगा बैराज पर गंदगी मिलती है तो यहाँ नियुक्त कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही अमल में लायी जाएगी। इस संबंध में सहायक विकास अधिकारी पंचायत देवमल को कड़े निर्देश भी दिए गए।

पीएम की इस योजना के तहत पाएं फ्री सिलाई मशीन

पीएम की इस योजना के तहत पाएं फ्री सिलाई मशीन, नहीं करना पड़ेगा एक भी रुपया खर्च

पीएम की इस योजना के तहत पाएं फ्री सिलाई मशीन, नहीं करना पड़ेगा एक भी रुपया खर्च

नई दिल्ली (एजेंसी)। महिलाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पीएम फ्री सिलाई मशीन योजना 2022 के तहत 20 से 40 साल की उम्र की महिलाओं को सिलाई मशीन लेने के लिए एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ेगा।

पीएम फ्री सिलाई मशीन योजना 2022 के तहत महिलाओं को बस एक आवेदन करने की जरूरत है। ये योजना हर एक राज्य की 50,000 महिलाओं की सुविधा के लिए बनाई गई है।

महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने का मौका

पीएम फ्री सिलाई मशीन योजना देश की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने का मौका देगी। भारत की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ये एक अच्छा कदम साबित हो सकता है। पीएम फ्री सिलाई मशीन योजना 2022 के तहत 20 से 40 साल की उम्र की महिलाओं को सिलाई मशीन लेने के लिए एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ेगा।

नवरेह मनाने 2 अप्रैल को घाटी पहुंचेंगे कश्मीरी पंडित

नई दिल्ली। कश्मीरी पंडित नवरेह मनाने 2 अप्रैल को घाटी पहुंचेंगे। द कश्मीर फाइल्स में कश्मीरी पंडितों के विस्थापन का दर्द सामने आने के बाद इस बार नए साल यानी नवरेह पर घाटी में पंडितों की वापसी की आवाज बुलंद होगी। देशभर से कश्मीरी पंडित नवरेह मनाने 2 अप्रैल को घाटी पहुंचेंगे।
जम्मू से भी बस के जरिये कश्मीरी पंडित घाटी में जाकर हरि पर्वत पर मां शारिका मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ ही पंडितों की वापसी की कामना करेंगे। सार्वजनिक समारोह कर वापसी के लिए अनुकूल माहौल बनाने के प्रयास होंगे, जिसमें सभी धर्मों व संप्रदाय के लोग शामिल होंगे। भाजपा नेता डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी व शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी भी इस मौके की साक्षी होंगी।
जेके पीस फोरम की ओर से देशभर के कश्मीरी पंडितों को नवरेह पर दो अप्रैल को कश्मीर में जुटाने की तैयारियां की गई हैं। इसके तहत शारिका मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ ही शेर-ए कश्मीर पार्क में नवरेह मिलन कार्यक्रम होगा। घाटी में भाईचारे को बढ़ावा देने के साथ ही पंडितों की सम्मानजनक वापसी की आवाज बुलंद की जाएगी।
कार्यक्रम का उद्देश्य 30 साल के विस्थापन के बीच धार्मिक-सांस्कृतिक रीति-रिवाजों से नई पीढ़ी को अवगत कराना और दहशत में घर-बार छोड़ने के लिए मजबूर लोगों के लिए सुरक्षा व आत्म सम्मान की भावना जगाना है। फोरम के चेयरमैन सतीश महालदार ने बताया कि इस बार कोशिश है कि सभी धर्मों के लोगों को एक मंच पर लाकर पंडितों की वापसी का माहौल बनाया जाए। इसके लिए अंतर समुदाय सांस्कृतिक महोत्सव भी कराया जा रहा है। कोशिश होगी कि सभी लोग एक-दूसरे की भावनाओं को समझें व सभी के प्रति सम्मान का भाव जगे। विस्थापन का दर्द झेल रहे पंडितों को सम्मान मिले।
सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत भी नवरेह पर इस बार ऑनलाइन संबोधित करेंगे। संजीवनी शारदा केंद्र जम्मू के माध्यम से इस कार्यक्रम का आयोजन तीन अप्रैल को होगा। सर संघचालक पिछले साल संबोधन करने वाले थे, लेकिन अस्वस्थ होने की वजह से यह संभव नहीं हो पाया था।

नि:शुल्क रिफाइंड तेल, नमक व चना वितरण की डेट बढ़ी

लखनऊ। नि:शुल्क रिफाइंड तेल, नमक व चना का वितरण अब 28 मार्च तक होगा। तमाम कोटे की दुकानों तक चना, तेल व नमक न पहुंच पाने के कारण सरकार ने वितरण की तारीख को दूसरी बार पांच दिनों के लिए और बढ़ा दिया है। अभी तक राशन का वितरण 23 मार्च तक निर्धारित था। 

सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक होगा वितरण 

डीएसओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि राशन का वितरण सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक चलेगा। अंत्योदय कार्डधारकों को 35 किलो राशन (15 किलो चावल व 20 किलो गेहूं) और पात्र गृहस्थी को प्रति यूनिट पांच किलो राशन फ्री में वितरित किया जाएगा। साथ ही एक लीटर तेल, एक किलो नमक व एक किलो चना भी नि:शुल्क वितरित होगा।

नि:शुल्क तेल, नमक व चना का अंतिम माह 

नि:शुल्क तेल, नमक व चना के वितरण का यह अंतिम माह है। सरकार प्रदेश भर के सभी अंत्योदय व पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को दिसम्बर 2021 से नि:शुल्क तेल, नमक ,चना व राशन उपलब्ध करा रही है। राशन व तेल, नमक, चना के नि:शुल्क वितरण का समय इस माह पूरा हो रहा है।  

28 को भी ओटीपी से राशन वितरण  

वितरण की तारीख दोबारा बढ़ने के बाद अब 28 मार्च को भी ओटीपी के जरिए राशन मिलेगा। ऐसे कार्डधारक जिनका ईपॉश मशीन पर उंगलियों के निशान का मिलान नहीं हो पाता है, ऐसे कार्डधारकों को ओटीपी सत्यापन के जरिए राशन दिया जाता है।  

अब इन लोगों के खाते में आयेंगे गैस Subsidy के पैसे

958 रूपये पहुंचा गैस सिलेंडर का दाम, सरकार ने शुरू की सब्सिडी, अब इन लोगों के खाते में आयेंगे Subsidy के पैसे

LPG Subsidy: घरेलू गैस सिलेंडर की महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। इसको लेकर आम आदमियों को बहुत ही दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने एक आंतरिक मूल्यांकन किया था जिसके परिणाम मिले थे कि उपभोक्ता एक सिलेंडर के लिए ₹1000 तक दे सकता है। घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर सरकार ने एक नया प्लान बनाया है।

इस प्लान के अंतर्गत सरकार बिना सब्सिडी के सभी उपभोक्ताओं को सिलेंडर देगी या चुने हुए उपभोक्ताओं को सरकार सब्सिडी का लाभ देगी। घरेलू गैस सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं इसको लेकर सरकार नए से नए प्लान बना कर उन पर अमल करना चाह रही है।

सरकार ने दिया नया प्लान

घरेलू गैस सिलेंडर की बढ़ती महंगाई को देखते हुए सरकार ने सब्सिडी देने के बारे में अभी तक कुछ स्पष्ट नहीं किया है। कई लोगों का मानना है कि 10 लाख रुपए इंकम का नियम सरकार जारी रखेगी। इसके अलावा सरकार उज्जवला योजना के उपभोक्ताओं की सब्सिडी लागू रखेगी। वहीं अन्य उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ बंद किया जा सकता है। सरकार ने पिछले कई महीनों से घरेलू गैस सिलेंडर पर सब्सिडी चालू कर दी थी।

आसमान छू रही घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत

पिछले कुछ सालों से घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसके अलावा पिछले साल यानी कि 2021 से गैस सिलेंडरों की कीमत में कुछ ज्यादा ही उछाल दर्ज की गई है। इस कारण आम आदमियों की दिक्कत बढ़ती जा रही है। आम आदमी को घरेलू गैस सिलेंडर खरीदने के लिए बहुत ही ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के कारण घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में और ज्यादा उछाल आने की संभावना जताई जा रही है। इससे आम आदमियों पर बहुत ज्यादा असर पड़ेगा।

योगी पार्ट-2 के लिये सजाया गया लखनऊ

  • हवाई अड्डे से स्टेडियम तक के चौराहों का रंग-रोगन किया जा रहा है
  • 12 ब्लाक में विभाजित किया गया है स्टेडियम

लखनऊ। योगी आदित्यनाथ 25 मार्च को एकबार फिर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. योगी आदित्यनाथ का शपथ ग्रहण समारोह अटल बिहारी वाजपेयी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम (Ekana Stadium) में आयोजित किया जा रहा है. शपथ ग्रहण समारोह के लिए पूरे स्टेडियम में बड़े-बड़े पोस्टर्स लगाए जा रहे हैं. इन पोस्टर्स पर योगी सरकार 2.0 का नया नारा भी दिया गया है. 

पोस्टर्स पर लिखा है, ‘हम निकल पड़े है प्रण करके, नए भारत का नया उत्तर प्रदेश बनाने को, शपथ राष्ट्रवाद की, सुशासन,सुरक्षा की,विकास की.’

पीएम मोदी, साधु, संत और उद्योगपति होंगे शपथ ग्रहण में शामिल

योगी के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, उद्योगपति, साधु संत व समाजसेवी भी शिरकत करेंगे. इतने भव्य शपथ ग्रहण समारोह को लेकर विभागों ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं. जिला प्रशासन, एलडीए, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस समेत सभी विभागों को शपथ ग्रहण समारोह में अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है और सभी के नोडल अफसर बनाए गए हैं, ताकि कार्यक्रम में शिरकत करने आ रहे राजनेताओं को किसी तरह की परेशानी न हो.

गमले और लाइटों से सजाए जा रहे हैं चौराहे

लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लेकर प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई इकाना स्टेडियम तक का इलाका 25 मार्च को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के लिए सबसे वीवीआईपी इलाका होगा. एयरपोर्ट से लेकर इकाना स्टेडियम तक हर चौराहा हर गली पर साफ सफाई सजावट की व्यवस्था की गई है. स्टेडियम के पूरे रूट पर लगभग 5000 छोटे-बड़े गमले रखे गए हैं. ट्रैफिक के सिग्नल को ठीक कर दिया गया है, सड़कों पर रंग रोगन किया जा रहा है. चौराहे पर बने फव्वारों को गमले और लाइटों से सजाया जा रहा है. जिसमें 2000 से अधिक स्पाइनल लाइट 200 से अधिक पेड़ों पर झालर की लाइटें लगाई गई हैं. लखनऊ नगर निगम ने इकाना स्टेडियम के पूरे इलाके को 12 ब्लॉक में विभाजित कर चार अधिकारियों को तैनात किया है, जो पूरे परिसर की सफाई व्यवस्था पानी की व्यवस्था देखेंगे.

5000 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था

लखनऊ जिला प्रशासन ने शपथ ग्रहण समारोह में आने वाले लोगों के लिए पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की है. तीन जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है. इकाना स्टेडियम के ठीक सामने पलासियो मॉल के मैदान पर लगभग 5000 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था है. मेदांता अस्पताल के पास 1000 बसों के खड़े करने की व्यवस्था की गई है. वहीं, चक गंजरिया के पास पार्किंग की व्यवस्था की गई है. प्रधानमंत्री व तमाम अन्य वीवीआईपी के हेलीकॉप्टर से आने के लिए 3 हेलीपैड बनाए गए है. पीएम मोदी का विशेष विमान इकाना स्टेडियम के ठीक पीछे बनाए गए अस्थाई हेलीपैड पर उतरेगा. इसके अलावा दो हेलीपैड पुलिस कंट्रोल रूम के पास बनाया गया है जिसको जरूरत के अनुसार उपयोग में लाया जाएगा.

मेहमानों के रुकने का खास इंतजाम

आने वाले मेहमानों के ठहरने के लिये राज्य संपत्ति विभाग ने सरकार के सभी 5 वीआईपी और वीवीआईपी गेस्ट हाउस, साकेत, यमुना, गोमती, सरयू, और नैमिषारण्य गेस्ट हाउस बुक कर दिए हैं. इन सभी सरकारी गेस्ट हाउस में लगभग 1500 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है. इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी व बिजली विभाग के भी गेस्ट हाउस बुक कराए गए हैं. सरकारी गेस्ट हाउस के साथ-साथ लखनऊ शहर के होटलों को भी बुक कराया गया है. गैर जनपद से आने वाले पुलिस अफसरों के लिए हजरतगंज, गोमती नगर, विभूति खंड, सरोजिनी नगर, हुसैनगंज, नाका इलाके में 200 से अधिक कमरे बुक कराए गए हैं.

शेखपुरा आलम में पशुपालन विभाग ने लगाया निःशुल्क पशु आरोग्य शिविर


पशुपालन विभाग ने किया किसान गोष्ठी एवं नि:शुल्क पशु स्वास्थ्य शिविर का आयोजन। गौ पूजन के साथ हुआ शुभारंभ

बिजनौर। नजीबाबाद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत शेखपुरा आलम में पशुपालन विभाग द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु आरोग्य शिविर लगाया गया। शुभारंभ नजीबाबाद के ब्लाक प्रमुख तपराज सिंह देशवाल, वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह, मंडल अध्यक्ष भाजपा जुगनेश कुमार ने संयुक्त रुप से गौ पूजन तथा मुख्य द्वार पर बंधा फीता काटकर किया।

इस अवसर पर उप जिला मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ विनोद कुमार ने विस्तार से पशुपालन विभाग की योजनाओं के बारे में शिविर में उपस्थित किसानों एवं पशुपालकों को बताया। उन्होंने कहा कि सरकार अनेक योजनाएं चलाकर किसानों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए कार्य कर रही है जिसमें पशुपालन विभाग पशुओं के लिए नि:शुल्क दवाइयां नि:शुल्क उपचार टीकाकरण आदि की व्यवस्था कर रहा है। अपने संबोधन में पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ कर्मवीर सिंह एवं डा अंकित चौधरी ने कहा कि पशुओं की किसी भी समस्या के लिए हम सब तत्पर हैं। हर समय जो भी समस्या किसी को होती है, वह किसान भाई संपर्क कर सकते हैं।

ब्लाक प्रमुख तपराज सिंह देशवाल ने कहा कि पशुपालन विभाग द्वारा दी जा रही योजनाओं का समुचित प्रचार-प्रसार ना होने के कारण क्षेत्र के किसान भाई सरकारी योजनाओं से अनभिज्ञ रह जाते हैं। उन्होंने अधिकारियों से अधिक से अधिक प्रचार प्रसार का आह्वान करते हुए सभी किसान भाइयों से आग्रह किया कि सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

अपने संबोधन में वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह ने कहा कि सरकार सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास के आधार पर विकास योजनाएं चलाकर जनता के विकास का कार्य कर रही है। इसमें पशुपालन विभाग पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु आरोग्य शिविर लगाकर घर-घर तक विभागीय योजनाओं का लाभ किसान भाइयों, पशुपालकों तक पहुंचने का कार्य कर रही है। यह विभाग का सराहनीय कार्य है। उन्होंने सभी से उन सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। इस अवसर पर ग्राम प्रधान भागीरथ सिंह की अध्यक्षता एवं अनुज कुमार के संचालन में किसान गोष्ठी एवं पशु आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य रूप से ब्लाक प्रमुख तपराज सिंह देशवाल, चौधरी ईशम सिंह, गजेंद्र सिंह, अनुज कुमार, चमन सिंह सैनी, राम कुमार सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य अतर सिंह चौहान, ओमप्रकाश सिंह, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ अंकित कुमार, पैरावेट जुगनेश कुमार, युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष अभय रघुवंशी, सुधीर चौधरी चंदोक सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर पशु आरोग्य शिविर में 406 पशुओं का पंजीकरण हुआ, जिसमें 404 बड़े पशु एवं दो छोटे पशु शामिल हैं। शिविर में 104 पशुओं की सामान्य चिकित्सा की गई। कृमि नाशक दवाइयों का वितरण 404 पशुओं के लिए किया गया, बांझपन चिकित्सा 32, पशुओं की गर्भधान 12, बधियाकरण दो, टीकाकरण 300, पशुओं का किया गया, उक्त सभी कार्य नि:शुल्क किए गए।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय आरोग्य पशु मेले में हुआ 433 पशुओं का पंजीकरण

ग्राम धौलागढ में हुआ पंडित दीनदयाल उपाध्याय आरोग्य पशु मेले का आयोजन। मेले में हुआ 433 पशुओं का हुआ पंजीकरण।

बिजनौर। नूरपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत धौलागढ में पशुपालन विभाग द्वारा एक दिवसीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु आरोग्य शिविर व मेला का आयोजन किया गया।
बुधवार को आयोजित मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान चंद्रप्रभा ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इसके बाद गोपूजन किया। इस अवसर पर नूरपुर के पशु चिकित्सा अधिकारी डा. मोहम्मद अहमद ने पशुपालन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न प्रकार की योजनाओं की जानकारी पशुपालकों को दी। उन्होंने पशु टीकाकरण, बांझपन, संतुलित आहार आदि के प्रति पशु पालकों को जागरूक किया। मेले में वैक्सीनेटर मुनेश कुमार, मोहम्मद दानिश, अमन कुमार आदि उपस्थित रहे। मेले में कुल 433 पशुओं का पंजीकरण हुआ। विभाग की ओर से पशु पालकों को निःशुल्क मिनरल मिक्सचर का वितरण किया गया।

गरीबों ने उठाया फ्री मेडिकल कैम्प का फायदा

चेयरपर्सन पति शमशाद अंसारी के प्रयासों से किया गया फ्री मेडिकल कैंप का आयोजन। उपलब्ध रही मेन्टोल हॉस्पिटल के चिकित्सकों की टीम। गरीब असहाय लोगों को मिली मुफ्त में इलाज व जांच की सुविधा।


बिजनौर। मेन्टोल हॉस्पिटल की ओर से मोहल्ला खत्रियान में एक फ्री कैंप का आयोजन किया गया। इसमें सभी गरीब असहाय लोगों को मुफ्त में इलाज की सुविधा प्रदान की गई और मुफ्त में कई बीमारियों की जांच भी की गई। कैम्प का लाभ उठा कर गरीब असहाय लोगों ने काफी राहत महसूस की।
बिजनौर के नजीबाबाद मार्ग स्थित स्वयंवर बैंक्विट हॉल के पास मेन्टोल हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर जुबेर व डॉक्टर अयूब के नेतृत्व में शहर के मोहल्ला खत्रियान में नगरपालिका चेयरपर्सन पति शमशाद अंसारी के कैंप कार्यालय पर एक फ्री मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। कैम्प में आसपास क्षेत्रों से आए गरीब मरीजों का मुफ्त में इलाज कराया गया। बता दें कि मेन्टोल हॉस्पिटल की ओर से लगातार गरीबों को सस्ता और अच्छा इलाज मुहैया कराने की कवायद की जा रही है, ताकि गरीब लोग इसका फायदा उठा सकें। कैंप में सैकड़ों की संख्या में गरीब लोगों का मुफ्त में इलाज कराया गया।

क्षय रोगियों के बेहतर इलाज के लिये कटिबद्धता जताई

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने बताया कि भारत सरकार के आह्वान पर प्रदेश सरकार का यह संकल्प है कि उत्तर प्रदेश को क्षय रोग से पूरी तरह मुक्त किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इसके लिये क्षय रोगियों के चिन्हॉकन के पश्चात उनकी चिकित्सा नियमित रूप से सुनिश्चित की जा रही है ताकि कोई भी व्यक्ति इस बीमारी के समुचित इलाज से वंचित न रहने पाए और स्वास्थ्य लाभ हासिल कर स्वस्थ समाज का हिस्सा बने। उन्होंने चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि पूरी गहनता और गंभीरता के साथ क्षय रोगियों के चिन्हिीकरण का कार्य करें और जो भी रोगी पाया जाए उसके समुचित इलाज की व्यवस्था के साथ-साथ चिकित्सा की अवधि में उत्तम पोषण उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे पूर्णरूप से स्वस्थ हो सके। जिलाधिकारी श्री मिश्रा कल देर शाम विकास भवन के सभागार में आगामी 24 मार्च 2022 को आयोजित होने वाले विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर सम्पन्न होने वाले कार्यक्रमों से संबंधित बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दे रहे थे। उन्होंने नोडल अधिकारी क्षय रोग को निर्देश दिए कि जिले में सुनियोजित एवं सुव्यस्थित रूप से क्षय रोगियों का चिन्हिकरण का कार्य कराएं और एक भी क्षय रोगी इलाज से वंचित न रहने पाए। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर जिले में भिन्न-भिन्न श्रेणी के क्षय रोगियों को विभिन्न समाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों / शैक्षणिक संस्थानों एवं अधिकारियों को गोद लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है ताकि जनसहयोग के साथ इस बीमारी से जिला बिजनौर को मुक्त किया जाना सम्भव हो सके।

इसी क्रम में जनपद बिजनौर में उक्त दिवस पर अधिक से अधिक मरीजों को गोद लिया जायेगा। उन्होंने सभी चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि उनकी संज्ञान में कोई ऐसा व्यक्ति आए जिसे दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रही है, तो तत्काल उसकी जांच कराना सुनिश्चित करें तथा सभी शैक्षिक संस्थाओं के व्यवस्थापकों एंव अध्यापकगणों को भी सूचित करें कि यदि कोई विद्यार्थी दो हफतों से अधिक खांसी से पीड़ित है तो उसको भी तत्काल जांच के लिए चिकित्सालय भेजना सुनिश्तिच करें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. विजय कुमार गोयल, सभी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, प्राईवेट चिकित्सक, नर्सिंग होम संचालक, समस्त स्कूल प्रधानाचार्य तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी मौजूद थे।

कविता इंसान को सिर्फ जिंदा नहीं रखती, जवान भी रखती है: डॉ. पंकज भारद्वाज

ग्रीन लाइट सीनियर सेंकेडरी पब्लिक स्कूल में हुआ काव्य गोष्ठी का आयोजन। गोष्ठी में कवियों ने प्रस्तुत की रचनाएं। मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए सांध्य हिंदी दैनिक पब्लिक इमोशन के संपादक डॉ. पंकज भारद्वाज।

बिजनौर। साहित्य संगम के तत्वावधान में ग्रीन लाइट सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल अभिभुरा मंडावली में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया।

मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार डॉ. पंकज भारद्वाज ने कहा कि कविता इंसान को सिर्फ जिंदा नहीं रखती बल्कि जवान रखती है। उन्होंने कहा कि कविता के जरिए मौहब्बत एवं पीड़ा को व्यक्त किया जा सकता है किंतु नफरत बांटने का जरिया कविता को नहीं बनाया जा सकता। संयोजक रविंद्र कुमार और संरक्षक कर्मवीर सिंह के सानिध्य में हुई गोष्ठी की अध्यक्षता श्याम प्रकाश तिवारी व संचालन जितेंद्र सिंह कक्कड़ ने किया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि द्वारा माता सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवल एवं माल्यार्पण से हुआ। इसके बाद संरक्षक कर्मवीर सिंह ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। तत्पश्चात काव्य गोष्ठी में कुमुद कुमार ने कहा- शौर्य के पन्नों पर लिखा हमनें इतिहास भारत का; शस्त्र और शास्त्र से सजाया हमनें इतिहास भारत का।

वरिष्ठ कवि प्रदीप डेजी ने कहा-अपने आंसू पीते पीते हम प्यास बुझाना भूल गए; थोड़े से बस क्या बड़े हुए हम वक्त पुराना भूल गए। जितेंद्र कक्कड़ ने कहा- दर्द जमाने का सह लेते तो सफर कैसा होता; हम तो पी लेते पर आशियाने का क्या होता। राजेंद्र त्यागी ने कहा नफरतों को मेरे दोस्त दिल से हटा; दु:ख को मैं तेरे तू मेरे दु:ख को बंटा। संत भगीरथ सिंह ने कहा- नफरतों की आग को दिल से बुझाने आ गया हूं। डा. प्रमोद शर्मा प्रेम ने कहा- सारी नफरत जहाँ से हटा दीजिये; कोई रूठे अगर फिर मना लीजिए। अशोक सविता ने कहा- भावनाओं को लहूलुहान करना पड़ता है। मनोज कुमार मानव ने कहा – लाया पुत्र विशेष था जाकर बसा विदेश; घर पर सेवा कर रहा नालायक अवशेष। बेगराज यादव ने कहा- मेरे अपने अपने से नहीं लगते; मिलते हैं होली लेकिन दिल से नहीं मिलते। जयपाल रसिक ने कहा- कौन कहता है चार दिन चांदनी फिर अंधेरी रात है। मैं मर कर भी मेरी जान तुझे चाहूंगा। गमगीन साबिर ने कहा- पहले नफरत की दीवार गिराई जाए फिर होली और ईद मनाई जाए। रंग बिरंगी बहुरंगी सतरंगी छटा सजाई है। यह कौन है तेरा जिसने सुंदर तस्वीर बनाई है।

गोष्ठी में कर्मवीर सिंह, रविंद्र काकरण आदि ने भी रचनाएं प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। बालक अंश प्रताप ने शिव तांडव सुनाकर सभी का अशीर्वाद प्राप्त किया। अशोक कुमार अग्रवाल ने सभी कवियों की रचनाओं पर समीक्षा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्याम प्रकाश तिवारी ने सभी कवियों के प्रति अपना आभार प्रकट किया। साथ ही सभी कवियों के काव्य पर अपना विचार प्रकट कर संबोधित किया। अंत में मुख्य अतिथि पंकज भारद्वाज, कार्यक्रम अध्यक्ष श्याम प्रकाश तिवारी व संचालन कर रहे जितेंद्र कक्कड़ को शाल और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

NPCI ने लांच की UPI Lite सर्विस

Paytm UPI Lite – NPCI ने लांच की UPI Lite सर्विस ! Paytm या किसी भी एप्प से UPI Lite के जरिये बिना इंटरनेट कर सकेंगे पैसे ट्रांसफर ! 

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नई दिल्ली। NPCI यूपीआई को लेकर समय समय पर काफी बदलाव लाते रहती है, अभी कुछ दिन पहले ही NPCI ने Aadhaar OTP के जरिये UPI Pin बनाने की सर्विस शुरू करने के लिये सभी बैंको को बोला था और अभी फिर से NPCI ने UPI Lite सर्विस शुरू करने जा रही है। इस सर्विस के जरिये अब कोई भी व्यक्ति बिना इंटरनेट के ही Paytm, Phone Pe, Google Pay जैसे UPI एप्प से पैसे भेज पायेंगे।

NPCI ने जारी किया UPI को लेकर नोटिफिकेशन –

अभी हॉल ही में NPCI ने 16 मार्च 2022 को सभी UPI मेंबर बैंक को एक एप्लीकेशन लिखा है, यह एप्लीकेशन UPI से सम्बंधित है। एप्लीकेशन के अनुसार NPCI यूपीआई से सम्बंधित एक नयी सर्विस शुरू करने वाली है। इस नयी सर्विस का नाम UPI Lite रखा गया है, इस नयी सर्विस से यूजर्स को Wallet जैसी सर्विस मिलने वाली है।

NPCI ऑफिसियल नोटिफिकेशन – https://www.npci.org.in/PDF/npci/upi/circular/2022/UPI-OC-138-Introduction-of-On-Device-wallet-UPI-Lite-for-Small-Value-Transactions.pdf

सभी एप्प में मिलेंगी Paytm Wallet जैसी सुविधा –

यह जो UPI Lite है यह एक On Device Wallet है, मतलब Paytm, Phone Pe में जैसे Wallet होते है, उसी तरह के wallet आपको सभी UPI एप्प में मिलेंगे। ऐसे कई UPI एप्प है, जैसे BHIM, Google Pe जिसमे आपको वॉलेट सुविधा नहीं मिलती है, लेकिन अब UPI Lite के जरिये इन एप्प में भी आपको Wallet जैसी सुविधा मिलने लगेंगी।

इस वजह से लांच हुआ है UPI Lite –

जब से UPI Payment सर्विस लांच हुई है, दिनों दिन इसके ट्रांजेक्शन बढ़ते जा रहे है। पर इन ट्रांजेक्शन में 75% ट्रांजेक्शन 100 रूपये से कम के है और 50% ट्रांजेक्शन 200 रूपये से कम के। और इन छोटे UPI ट्रांजेक्शन होने के कारण कई बार Bank का सर्वर डाउन हो जाता है, और कई UPI ट्रांजेक्शन Fail हो जाते है। और इन छोटे छोटे ट्रांजेक्शन होने के कारन बैंक में भी बहुत ज्यादा एंट्री हो जाती है। जिसके कारण बैंक पर भी लोड पड़ता है, तो इन्ही समस्या को देखते हुआ UPI Lite लांच किया है।

ऐसे काम करेंगा UPI Lite –

UPI Lite में आप Wallet की तरह पैसे Add कर पायेंगे और किसी को भी बिना इंटरनेट के ही पेमेंट कर पायेंगे। पर UPI Lite में आप बहुत ज्यादा पैसे add नहीं कर पायेंगे। क्यूंकि यूपीआई लाइट में पैसे लोड करने की लिमिट 2 हजार रूपये ही है। UPI Lite में लोड हुए पैसे को आप किसी भी व्यक्ति को भेज पायेंगे। पर एक बार में आप 200 रूपये से ज्यादा नहीं भेज पायेगे। अगर आपको 200 रूपये से ज्यादा भेजना होगा तो फिर आपको 2-3 या इससे ज्यादा बार में पैसे भेजना पड़ेगा।

साभार Career Bhaskar

Video from Sanjay Saxena

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कृष्ण जन्मभूमि की अद्भुत-अवर्णनीय लठामार होली

मथुरा यात्रा-२
कृष्ण जन्मभूमि की अद्भुत-अवर्णनीय लठामार होली

रंगभरनी एकादशी कृष्ण जन्मभूमि और यहां की होली देखने आने वालों दोनों के लिए एक खास अवसर है। इस बार की मथुरा यात्रा का खास मकसद ही जन्म भूमि की लठामार होली ही थी। कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट द्वारा संचालित अंतरराष्ट्रीय विश्राम गृह का कमरा नंबर- 6 ही अपना ठिकाना बना। मथुरा की होली ऐसे ही आकर्षित करती है। उस पर रंगभरनी एकादशी का दिन हो तो नींद कहां से आए?
सुबह 5 बजे ही आंख खुल गई। चाय की तलब जन्म भूमि के मुख्य द्वार के सामने “दनादन चायवाले” की तरफ खींच ले गई। कई युवा, महिलाएं रंगभरनी एकादशी की होली का मजा लेने के लिए बाहर बरामदे में, खुले में रात बिताती नजर आई। गेट पर कतार लगनी शुरू हो चुकी थी। कुछ लड़कियां फोटो खींचने में मशगूल थीं और कुछ लड़के सेल्फी लेने में। सुबह का आगाज ही यह एहसास कराने लगा था कि आज मंदिर में कुछ खास है।
घड़ी की सुई बढ़ती जा रही थी और अपनी होली वाली टोली (विनय द्विवेदी, करुणाशंकर मिश्रा, सुधीर द्विवेदी, अमर द्विवेदी, यादवेंद्र प्रताप सिंह, चंद्रमणि बाजपेई, सुनील मिश्रा “सेनानी”) की धड़कन। ट्रस्ट के ही भोजनालय में दोपहर का भोजन ग्रहण करने के बाद विश्राम गृह के सेवादार प्रेम शंकर दीक्षित उर्फ पप्पू मंदिर में प्रवेश कराने के लिए सक्रिय हो चुके थे। कृष्ण जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के सचिव श्री कपिल शर्मा जी और भाई वात्सल्य राय जी ने विश्राम गृह के केयरटेकर रणधीर सिंह एवं पप्पू को ही लट्ठमार होली महोत्सव स्थल केशव वाटिका तक पहुंचाने की हम सबकी जिम्मेदारी इन्हीं दोनों को सौंपी थी।
दो बजते-बजते हम सब जन्मभूमि परिसर में शॉर्टकट से दाखिल हो गए। धूप तेज थी और होली महोत्सव देखने की जिज्ञासा उससे भी ज्यादा। उस समय केशव वाटिका का मैदान लगभग खाली ही था। अपनी जगह सुनिश्चित करने के लिए हम सब एक जगह कुर्सियों पर जम गए। थोड़ी देर बाद होली गीतों की धुन, आर्केस्ट्रा के कलाकार बजानी शुरू करते हैं। एंकरिंग के लिए एक मोटी सी महिला स्टेज पर ही कपिल‌ शर्मा के साथ कुछ होमवर्क के साथ अवतरित होती है और शुरू हो जाता है लठामार होली महोत्सव।
ब्रज और बुंदेलखंड से आए कलाकारों-गायकों से सुसज्जित होली महोत्सव के मंच पर गणेश वंदना के बाद शुरू होते हैं होली के गीत। श्री श्री 1008 स्वामी गुरुशरणानंद जी महाराज की उपस्थिति इस मंच और महोत्सव दोनों की शोभा बढ़ाती है। धीरे-धीरे-धीरे-धीरे माहौल होली मय होना शुरू होता है तो होता ही चला जाता है। कभी कृष्ण कन्हाई और राधा रानी के वेश में सजे दो बच्चों की झांकी धूम-धड़ाके के साथ पहुंचती है। घड़ी की सुई जैसे ही 5:00 बजे के आगे बढ़नी शुरू होती है वैसे-वैसे होली का मजा भी बढ़ता चला जाता है। ब्रज का प्रसिद्ध चरकुला नृत्य (जिसमें कलाकार सिर पर मटकी, जलते हुए दीपकों को रखकर नृत्य प्रस्तुत करते हैं) देखकर होली का रोमांच बढ़ गया।
फूलों की होली के बीच ही द्वारकाधीश मंदिर से उठने वाला जन्मभूमि का डोला पुराने केशव देव मंदिर होते हुए केशव वाटिका पहुंचना शुरू होता है। डोले के साथ सैकड़ों गोपियां और ग्वाल बाल लट्ठमार होली खेलते हुए चल रहे हैं। यह होरिहारे और गोपियां बरसाना वृंदावन और नंदी गांव से खास तौर पर होली खेलने के लिए आई हैं। होली के उल्लास में डूबे होरिहारों में गोपियों के लट्ठे से बचने के लिए बीच-बीच में भगदड़ मचती है और यह भगदड़ आपको मजा भी देती है और डराती भी है। होरिहारों और लट्ठ से लैस इस जत्थे केशव वाटिका पहुंचते ही शुरू होता है जन्मभूमि की लठामार होली। मंच पर होली गीतों पर थिरकते कलाकार और मैदान में और होरिहारों पर लठ बरसाती गोपियों के दृश्य अद्भुत हैं और अवर्णनीय भी।
लठामार होली देखने-सुनने के आई भक्तों की भारी भीड़ से केशव वाटिका का मैदान छोटा पड़ गया। जन्मभूमि की सारी व्यवस्थाएं छोटी पड़ गई। सुरक्षा बौनी हो गई। वाटिका में तैनात पुलिस वाले खुद होली के रंग में डूब से गए। पूरे देश से आए लोगों से खचाखच भरे मैदान में अबीर गुलाल से आसमान रंगीन हो गया। लाल-हरे-नीले-पीले-बैगनी रंगों से पटे इस आसमान के नीचे चल रही लट्ठमार होली के दौरान कभी इस हिस्से में भगदड़ कभी उस हिस्से में भगदड़। लट्ठ लगने से कुछ होरिहारे लंगड़ाते हुए भी गए। गोपियों के लट्ठ से खाकी वर्दीधारी भी बच नहीं पाते। हमेशा दूसरों पर लाठी बरसाने वाले यह खाकी वर्दीधारी आज गोपियों के लट्ठ हंसते हुए खा रहे हैं। भाग रहे हैं।
एक घंटे तक चलने वाली इस लट्ठमार होली में टैंट के स्ट्रक्चर के ऊपर लगी पिचकारियों से टेसू के फूल वाले बरसते रंग में भीगते हुए होली की मस्ती में डूबना अब सपना ही है। इस सपने को सच करता है रंगभरनी एकादशी पर कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट की ओर से आयोजित लठमार होली महोत्सव। स्थानीय और विभिन्न राज्यों के हजारों-हज़ार महिलाएं-पुरुष-बच्चे भाग लेने पहुंचे हुए हैं। लट्ठ लगने का डर भी सभी को मजा लूटने से रोक नहीं पाता। जय श्री कृष्ण- जय श्री राधे

द्वारकाधीश मंदिर
कृष्ण जन्म भूमि से सिर्फ डेढ़ किलोमीटर दूर चौक बाजार में स्थित दो-ढाई सौ वर्ष पुराने द्वारकाधीश मंदिर की होली का भी अपना अलग ही मजा है। रंगभरनी एकादशी पर हम सबकी होली खेलने की शुरुआत द्वारकाधीश मंदिर से ही हुई। ई-रिक्शा की सवारी का मजा लेते हुए हम सब सुबह 8:00 बजे ही द्वारकाधीश मंदिर पहुंच गए। मुगल काल में मथुरा के मंदिर तोड़े जाने के बाद लक्ष्मीचंद जैन ने द्वारिकाधीश मंदिर बनवाया। आजकल पुष्टिमार्गीय संतों की देखरेख में द्वारकाधीश मंदिर संचालित है। सुबह 8:25 मिनट पर श्रंगार आरती और 10:00 बजे द्वारिकाधीश को भोग के बाद शुरू हुआ होली गीत-फाग और अबीर-गुलाल उड़ने का सिलसिला। एक घंटे तक गीत गूंजते रहे और अबीर गुलाल उड़ता रहा। नाचते गाते एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाते कब 11:00 बज गए पता ही नहीं चला। आरती के बाद पट बंद होने पर मंदिर की होली ने विश्राम ले लिया।

यमुना जी का तट और विश्राम घाट
जगदीश मंदिर में होली के बाद हम सब यमुना जी के दरस परस के लिए हम सब विश्राम घाट की ओर बढ़े।
घाट पर पहुंचने के पहले ही भाई-बहन के पवित्र प्रेम के लिए प्रसिद्ध धर्मराज यमराज और यमुना जी के मंदिर में माथा टेकने का सुयोग भी इस बार ही बना। इस मंदिर में यम द्वितीया पर यमुना जी में स्नान में बाद भाई बहन के साथ-साथ पूजा-प्रार्थना की परंपरा है। यह मंदिर देखकर मन अपने आप भावुक इसलिए हुआ कि भैया (स्मृति शेष नीरज अवस्थी) पहले कई बार हमसे और दीदी (गरिमा मिश्रा) से यह द्वितीया पर यहां आने के लिए कहते रहे लेकिन शायद द्वारकाधीश को यह मंजूर नहीं था। यमुना जी के दरस-परस के बाद बोटिंग के दौरान यमुना जी के बदबूदार काले पानी को देखकर मन खिन्न हो गया। हालांकि, पढ़ाई के साथ-साथ गाइड काम करने वाली युवा माधव चतुर्वेदी लगातार इस बात पर ही जोर देता रहा कि यमुना मिशन अच्छे से चल रहा है और नाले का गंदा पानी साफ होकर ही यमुना में गिर रहा है।
अथ होली यात्रा समाप्तम..

गौरव अवस्थी
रायबरेली/ उन्नाव

सैकड़ों लोगों ने उठाया योग एवं नेचुरोपैथी कैंप का लाभ


बिजनौर। इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन इकाई बिजनौर के संरक्षक एसके बबली द्वारा अपने आवास पर योग एवं नेचुरोपैथी का कैंप का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न रोगों की आहार द्वारा चिकित्सा, मिट्टी के द्वारा चिकित्सा, जल द्वारा चिकित्सा, वायु द्वारा चिकित्सा, उपवास द्वारा चिकित्सा, योग द्वारा चिकित्सा के बारे में बताया गया।

कैम्प में ओपी शर्मा ने मंत्रों द्वारा चिकित्सा, राम सिंह पाल प्रभारी जिला ने यज्ञ द्वारा चिकित्सा, बीआर पाल ने आसनों के बारे में बताया। डॉक्टर सुनील राजपूत ने भ्रामरी प्राणायाम के लाभ बताए। डॉ कैलाश ने फलों से चिकित्सा, डॉक्टर ओपी राणा ने अनुलोम विलोम के बारे में लाभ बताए। डॉ. राकेश कुमार ने मिट्टी चिकित्सा, डॉ लीना तोमर ने प्राकृतिक चिकित्सा से रोगों को ठीक करने के बारे में बताया। राजवीर एडवोकेट ने आधुनिक विज्ञान के दवाइयों के अवगुण बताए, विनोद एडवोकेट ने बिना दवाई के स्वस्थ रहने के उपाय बताए। डॉक्टर जावेद ने प्रकृति से ताल में बनाए रखने के लिए कहा। डॉ राहत ने स्त्री रोगों के बारे में बताया, बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ की संरक्षक ने गर्भ में पल रहे बच्चे के संस्कार, कुसुम लता ने नारी के उत्थान के बारे में बताया। मीनू गोयल ने नारी एकता पर बल दिया, डॉ रामकुमार ने प्राकृतिक चिकित्सा को सेमिनार के माध्यम से घर-घर पहुंचाने के लिए कह। हुक्का बिजनौरी ने कविता पाठ किया। फारुख बिजनौरी ने होली पर मिट्टी द्वारा चिकित्सा के लाभ बताए। योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के अध्यक्ष योगेश कुमार द्वारा एक्यूप्रेशर चिकित्सा की गई।

कार्यक्रम का संचालन ओपी शर्मा ने किया। मुख्य अतिथि एवं इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन के जिला कोऑर्डिनेटर जिला जेलर शैलेंद्र प्रताप सिंह एवं पूर्व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके बबली रहे।

जिला बार एसोसिएशन के शिव कुमार गुप्ता, संजीव राजन, लकी चोपड़ा एडवोकेट, सुरेंद्र कपूर एडवोकेट, देवेंद्र पाल चौहान एडवोकेट, प्रशांत गोयल एडवोकेट, नईम अहमद एडवोकेट, फारुख बिजनौरी, देवेंद्र कुमार, मुकेश चौधरी, श्रीमती नीता अग्रवाल बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ अध्यक्ष कुसुम लता, मीनू गोयल, अनिल शर्मा, जसवीर सिंह, रंजीत सिंह एडवोकेट, सुरेश कश्यप प्रभारी जजी, इंतजार चौधरी एडवोकेट, महेंद्र सिंह एडवोकेट, राकेश कुमार एवं जिला जेल से आए कर्मचारी जजी से आए एडवोकेट ने अपने अपने विचार रखे।

आईएनओ संगठन बिजनौर अधिवक्ता संगठन बिजनौर ने साथ मिलकर सेमिनार को चार चांद लगा दिया। बाद में होली मिलन कार्यक्रम हुआ। संरक्षक एसके बबली द्वारा आए हुए लगभग 300 लोगों को भोजन जलपान कराया गया। जिला जेलर शैलेंद्र प्रताप एसके बबली का आईएनओ संगठन के द्वारा धन्यवाद दिया गया। कार्यक्रम के अंत में डॉक्टर नरेंद्र सिंह जिला अध्यक्ष इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन यूनिक बिजनौर ने प्रकृति से तालमेल बनाए रखने के लिए बताते हुए कहा कि हम प्राकृतिक चिकित्सा को भारत के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाकर ही दम लेंगे। हम घर घर जाकर योग और प्राकृतिक चिकित्सा स्टैमिना लगाएंगे। प्रत्येक नागरिक का स्वस्थ होना अति आवश्यक है। इस अवसर पर मानव के कल्याण के लिए तथा राष्ट्र के निर्माण के लिए सभी के स्वस्थ रहने के लिए कामना की गई और सभी का धन्यवाद किया गया।

अंत में होली मिलन कार्यक्रम हुआ। साथ ही जिला जेलर शैलेंद्र प्रताप को योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा हेतु कार्य करने के लिए प्रमाण पत्र डॉक्टर नरेंद्र सिंह, एसके बबली एवं संगठन के पदाधिकारियों द्वारा दिया गया और इसी प्रकार सहयोग करने की अपेक्षा की गई।

यूपी: सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी बुजुर्ग महिलाएं; सर्वे पूरा, आज भेजी जाएगी रिपोर्ट

लखनऊ। शासन ने 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को बसों में मुफ्त सफर कराने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) ने सफर करने वाली इस आयु वर्ग की महिलाओं का सर्वे करने का निर्देश दिया है। क्षेत्रीय प्रबंधकों से रिपोर्ट मांगी गई है कि उनकी बसों में रोजाना कितने यात्री सफर करते हैं? उनमें सीनियर सिटीजन महिलाओं की संख्या कितनी होती है? क्षेत्रीय प्रबंधक आज सोमवार को यह रिपोर्ट मुख्यालय को भेजेंगे।

₹99: महीने में चाहे जितनी बार करें सफर-
प्रमुख सचिव (परिवहन) राजेश कुमार सिंह ने बीते शुक्रवार को अफसरों के साथ बैठक कर सीनियर सिटीजन महिलाओं को मुफ्त बस सफर कराने का निर्देश दिया था। मुफ्त सफर कराने पर शासन से प्रतिपूर्ति हासिल करने का भी सुझाव तैयार किया है। इसके तहत बुजुर्ग महिलाओं को मुफ्त सफर कराने के एवज में प्रति माह 99 रुपये का भुगतान करने पर उस महीने में जितनी बार चाहे, बस सफर की सुविधा दी जा सकती है। परिवहन निगम ने राजस्थान की तर्ज पर मुफ्त बस सफर कराने की तैयारी शुरू की है।

समाज कल्याण विभाग से मंगाया पेंशनर्स का ब्योरा-
प्रबंध निदेशक, परिवहन निगम राजेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश में 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं की संख्या के लिए समाज कल्याण विभाग से पेंशनर्स का ब्योरा मंगाया गया है। बुजुर्ग महिलाएं साधारण बस ही नहीं, एसी सेवा में भी मुफ्त सफर की सुविधा पाएंगी। यानी वे वॉल्वो, स्कैनिया, जनरथ, महिला स्पेशल पिंक स्पेशल, शताब्दी में सफर कर सकेंगी। साथ ही, सीनियर सिटीजन महिलाओं को बस अड्डे अन्य सहूलियतें दी जाएंगी। इन महिलाओं को मुफ्त सफर कराने पर शासन से प्रतिपूर्ति हासिल करने का भी सुझाव तैयार किया है। इसके तहत बुजुर्ग महिलाओं को मुफ्त सफर कराने के एवज में प्रति माह 99 रुपये का भुगतान करने पर उस महीने में जितनी बार चाहे, बस सफर की सुविधा दी जा सकती है।

स्ट्रीट वैण्डर्स निधि योजना में धीमी प्रगति पर डीएम नाराज़


अपर जिलाधिकारी प्रशासन को नगर निकाय क्षेत्रों में एमआरएफ सेंटर शुरू न कराने वाले अधिशासी अधिकारियों को चेतावनी जारी करने तथा प्रधानमंत्री स्ट्रीट वैण्डर्स निधि योजना के अंतर्गत 31 मार्च से पूर्व शत प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के अधिशासी अधिकारियों को दिए निर्देश-जिलाधिकारी उमेश मिश्रा

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने प्रधानमंत्री स्ट्रीट वैण्डर्स निधि योजना के अंतर्गत अपेक्षित प्रगति न पाए जाने पर असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने अपर जिलाधिकारी प्रशासन को निर्देश दिए कि पूरी गम्भीरता और तत्परता के साथ इस महत्वपूर्ण कार्य में अपेक्षित प्रगति लाएं। साथ ही जिन निकायों द्वारा कार्य में शिथिलता अथवा लापरवाही बरती जा रही है, उनके विरूद्व कार्यवाही अमल में लाएं।

समीक्षा के दौरान डीएम ने लक्ष्य के सापेक्ष कम प्रतिशत वैण्डर्स को ऋण उपलब्ध कराए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्थिति खेदजनक है। उन्होंने जिला अग्रिणी बैंक प्रबंधक को निर्देश दिए कि स्ट्रीट वैण्डर्स को ऋण उपलब्ध कराने वाली स्वीकृत पत्रावली को अनावश्यक रूप से लम्बित न रहने दें और प्राथमिकता के आधार पर उन्हें ऋण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। सभी अधिशासी अधिकारी नगर निकाय को निर्देश दिए कि होली के दृष्टिगत विशेष सफाई अभियान चलाएं और सुनिश्चित करें कि किसी भी स्थान पर सड़क के किनारे कूड़े का ढेर नजर नहीं आना चाहिए और शहीद स्मारकों की भी विशेष रूप से साफ-सफाई कराना सुनिश्चित कराएं। उन्होंने अपर जिलाधिकारी प्रशासन को नगर निकाय क्षेत्रों में एमआरएफ सेंटर शुरू न कराने वाले अधिशासी अधिकारियों को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी श्री मिश्रा कलक्ट्रेट स्थित सभागार में प्रधानमंत्री स्ट्रीट वैण्डर्स निधि योजना के अंतर्गत आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कार्य की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह़, जिला अग्रिणी बैंक प्रबंधक, परियोजना अधिकारी सहित बैंकर्स एवं सभी नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी मौजूद थे।

नगर कल्याण समिति ने बताया महिला दिवस का सार

बिजनौर। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर नगर कल्याण समिति की इकाई राष्ट्र सेवा समिति द्वारा एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता विद्यालय की उप प्रधानाचार्या श्रीमती रेखा ने की। कार्यक्रम का संचालन समिति की अध्यक्ष श्रीमती राजुल त्यागी ने किया।

कार्यक्रम की संयोजिका श्रीमती छवि कौशल ने, नारी शक्ति महान है; गीत प्रस्तुत कर के कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। उसके उपरान्त वक्ताओं ने नारी सशक्तिकरण पर विभिन्न प्रकार के सुविचार प्रस्तुत किये। डॉ. मंजुला कुमार ने महिला दिवस मनाए जाने के विषय में विस्तार से बताया। श्रीमती मंजू गुप्ता ने बताया कि घर परिवार में रहकर भी एक महिला समाज की  नींव मजबूत कर सकती है। रश्मि गुप्ता ने बताया कि अब महिलाओं को भी शिक्षा रूपी पंख लग चुके हैं। डा. रंजना राजपूत ने महिलाओं की शैक्षिक स्थिति में आए सुधार के विषय में बताया। रचना खन्ना ने बताया कि महिला के पूर्ण विकास में सबसे महत्वपूर्ण रोल महिला की माँ का ही होता है। मनुश्री अशोक निर्दोष ने महिला सशक्तिकरण पर कविता का सुन्दर का पाठ किया।

इस अवसर पर समिति की ओर से समाज सेविका श्रीमती ऊषा चौधरी, पुष्पा, अनीता चौधरी, नीरा अग्रवाल, डॉ.नीता सिंह, डा. मीना बक्शी व राजीव अग्रवाल उपस्थित रहे।

घरेलू कामगारों, ड्राइवरों को भी मिलेगी पेंशन

मोदी सरकार ने शुरू की नई स्कीम, घरेलू कामगारों, ड्राइवरों को भी मिलेगा पेंशन का फायदा

नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन (पीएम-एसवाईएम) पेंशन योजना के तहत ‘दान-ए-पेंशन’ की घोषणा की। इसमें घरों और प्रतिष्ठानाें में काम करने वाले कामगारों, ड्राइवरों, सहायकों हेल्पर, देखभाल करने वालों, नर्सों जैसे अपने तत्काल सहायक कर्मचारियों को Oप्रीमियम योगदान किया जा सकता है। यादव ने ई-श्रम पोर्टल पर 25 करोड़ से ज्यादा पंजीकरण होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस योजना के तहत दाता किसी भी समय के लिए सहायक की ओर से योगदान का भुगतान कर सकता है। इसलिए इस पहल से उन लोगों के भविष्य को सुरक्षित करने में मदद मिलेगी, जो किसी के दैनिक कामकाज करते हैं।


केंद्रीय मंत्री ने स्वयं अपने घरेलू कामगारों और सहायकों को पेंशन दान करके इस योजना की शुरुआत की और कामना की, कि उनका बुढ़ापा बेहतर होगा। पीएम-एसवाईएम के माध्यम से 3000 रुपये की मासिक सुनिश्चित पेंशन के रूप में घरेलू कामगारों को वृद्धावस्था में मिलेगी। इस अवसर पर राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि ई श्रम पोर्टल ने “सबका साथ-सबका विकास-सबका प्रयास” के आदर्श वाक्य को पूरा किया है। छह महीने से भी कम समय में 25 करोड़ पंजीकरण सामूहिक इच्छाशक्ति को दर्शाता है। ई. श्रम पोर्टल पर उत्तरप्रदेश, ओडिशा और उत्तराखंड अग्रणी राज्य हैं। जम्मू कश्मीर, दिल्ली और चंडीगढ़ अग्रणी केंद्र शासित प्रदेश थे। उन्होंने बताया कि उमंग मोबाइल एप्लिकेशन पर अब ईएसएचआरएम पोर्टल भी उपलब्ध कराया गया है, जिसके माध्यम से असंगठित श्रमिक आसानी से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। उन्हें अपने घर की सुविधा से ई. श्रम पर खुद को पंजीकृत करने का अधिकार है।

संत निरंकारी मण्डल ब्रांच बिजनौर की फिजिकल साध संगत होगी 27 फरवरी से शुरू

बिजनौर। वैश्विक महामारी कोरोना के कारण विगत दो वर्षो से बंद संत निरंकारी मण्डल ब्रांच बिजनौर की फिजिकल साध संगत 27 फरवरी रविवार से शुरू हो जायेगी। ऐसा सतगुरु माता सुदीक्षा जी के आदेशानुसार किया जा रहा है।

संत निरंकारी मण्डल ब्रांच बिजनौर के संयोजक बाबूराम तोमर निरंकारी ने बताया कि वैश्विक महामारी कोरोना के कारण विगत दो वर्षो से फिजिकल साध संगत बंद थी। सतगुरु माता सुदीक्षा जी के आदेश अनुसार आगामी 27 फरवरी रविवार से फिजिकल साध संगत शुरू हो जायेगी। उन्होंने सभी से दोपहर 12 बजे सत्संग में पहुंचने की अपील की है।

संत निरंकारी मंडल ने मनाया सदगुरू बाबा हरदेव सिंह जी महाराज का जन्मदिन

बिजनौर। सदगुरू बाबा हरदेव सिंह जी महाराज के जन्मदिन पर संत निरंकारी मंडल की ओर से साफ-सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान सत्संग भवन में पौधारोपण भी किया गया।

सदगुरू माता सुदीक्षा ने बताया कि बाबा हरदेव सिंह का जीवन बड़ा ही सराहनीय रहा है। उन्होंने सभी को गले लगाकर प्यार व अमन का पैगाम दिया और अनुयाईयों को सत्य व अंहिसा का मार्ग दिखाया।

इस अवसर पर संयोजक बाबूराम संचालक विनोद सिंह, पूर्व संचालक कृपाल सिंह त्यागी, डीके सागर, दीपक आदित्य, सोनू, राजवीर सिंह, चंद्रपाल सिंह, दयाराम, विक्रांत, सुरेंद्र पाल, ब्रजवीर, अक्षय, सुशीला, प्रियांशी, फूलवती, विजय, कविता, पिंकी, विमला, रेनू, नीरज गौतम, सलोनी, खुशी, प्रियंका सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

हस्तिनापुर सैंक्चुरी में अब हो सकेंगे विकास कार्य, लगेंगे उद्योग

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 25 हजार हेक्टेयर रकबा अपने नियंत्रण क्षेत्र से किया बाहर। हस्तिनापुर सैंक्चुरी में अब रह गया 25,900 हेक्टेयर रकबा। लगेंगे उद्योग और हो सकेंगे विकास कार्य। एनजीटी से जिले के उद्यमी कई साल से लगातार कर रहे थे मांग।

बिजनौर। हस्तिनापुर सैंक्चुरी का रकबा अब 25,900 हेक्टेयर रह गया है। एनजीटी ने बिजनौर और चांदपुर तहसील का 25 हजार हेक्टेयर रकबा अपने नियंत्रण क्षेत्र से बाहर कर दिया है। जिले के उद्यमी कई साल से लगातार हस्तिनापुर सैंक्चुरी का दायरा कम करने की मांग कर रहे थे।

विदित हो कि वन्य जीवों की सुरक्षा को देखते हुए हस्तिनापुर सैंक्चुरी क्षेत्र में निर्माण कार्य व नए उद्योग जैसे विकास कार्य पर पाबंदी लगी हुई थी। जिले के उद्यमी विकास कार्य एवं नए उद्योग लगाने के लिए कई साल से लगातार हस्तिनापुर सैंक्चुरी का दायरा कम करने की मांग एनजीटी से कर रहे थे। अब एनजीटी के आदेश पर बिजनौर और चांदपुर तहसील अंतर्गत हस्तिनापुर सेंक्चुरी का करीब 25 हजार हेक्टेयर रकबा बाहर कर दिया गया है। इस कारण अब इस क्षेत्र में न सिर्फ नए उद्योग लग सकेंगे बल्कि विकास कार्य भी हो सकेंगे। एनजीटी की इस कार्यवाही के बाद अब जो रकबा बचा है, उसमें जंगल की भूमि, ग्राम समाज की भूमि, सिंचाई की जमीन आदि है। डीएफओ डॉ. अनिल कुमार पटेल का कहना है कि यह प्रक्रिया पिछले कई सालों से चल रही थी। हस्तिनापुर सैंक्चुरी का रकबा अब 25,900 हेक्टेयर रह गया है।

मेधावी विद्यार्थियों की आर्थिक मदद करेगा हनुमत अलवर दैवीय स्थल ट्रस्ट

बिजनौर। हनुमत अलवर दैवीय स्थल ट्रस्ट हाई स्कूल और इंटरमीडिएट में 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को आगे पढ़ाई करने के लिए स्कूल और कॉलेज की फीस जमा कराएगा। मोहल्ला जाटान घेर रामबाग में ट्रस्ट के कार्यालय पर हुई मीटिंग में यह निर्णय लिया गया।

हनुमत अलवर दैवीय स्थल ट्रस्ट की मीटिंग में ट्रस्टी जिम्मी सिंह ने कहा कि मध्यम वर्ग के छात्र छात्राओं के भविष्य को अधिक से अधिक उज्जवल बनाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस किसी छात्र या छात्रा के हाई स्कूल और इंटरमीडिएट में 95 प्रतिशत से अधिक अंक आते हैं तो उन छात्र-छात्राओं को ट्रस्ट की ओर से आगे पढ़ाई करने के लिए स्कूल और कॉलेज की फीस इत्यादि का खर्च हनुमत अलवर दैवीय स्थल ट्रस्ट की ओर से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो भी छात्र इंजीनियरिंग, टेक्निकल कोर्स या आईएएस, आईपीएस, पीसीएस व विभिन्न परीक्षाओं में सम्मिलित होना चाहते हैं और उनके अभिभावकों की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं है तो ऐसे छात्रों के आगे बढ़ाने के लिए भी हनुमत अलवर दैवीय स्थल ट्रस्ट की ओर से बच्चों की पढ़ाई का शुल्क वहन किया जाएगा। मुख्य ट्रस्टी अशोक चौधरी ने बताया कि इससे मेधावी छात्रों को आगे बढ़ने के लिए एक नया मार्गदर्शन मिलेगा।

नई पेंशन योजना लाने की तैयारी में सरकार

देश के करोड़ों कर्मचारियों के काम की खबर, नई पेंशन योजना लाने की तैयारी में सरकार

नई दिल्ली (एजेंसी)। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) संगठित क्षेत्र के 15,000 रुपये से अधिक का मूल वेतन पाने वाले तथा कर्मचारी पेंशन योजना-1995 (ईपीएस-95) के तहत अनिवार्य रूप से नहीं आने वाले कर्मचारियों के लिए एक नई पेंशन योजना लाने पर विचार कर रहा है। वर्तमान में संगठित क्षेत्र के वे कर्मचारी जिनका मूल वेतन (मूल वेतन और महंगाई भत्ता) 15,000 रुपये तक है, अनिवार्य रूप से ईपीएस-95 के तहत आते हैं। एक सूत्र ने कहा, ‘‘ईपीएफओ के सदस्यों के बीच ऊंचे योगदान पर अधिक पेंशन की मांग की गई है। अगर इस तरह का फैसला लिया जाता है तो देश के करोडो़ं कर्मचारियों को फायदा हो सकता है। इस प्रकार उन लोगों के लिए एक नया पेंशन उत्पाद या योजना लाने के लिए सक्रिय रूप से विचार किया जा रहा है, जिनका मासिक मूल वेतन 15,000 रुपये से अधिक है।’’



सूत्र के अनुसार, इस नए पेंशन उत्पाद पर प्रस्ताव 11 और 12 मार्च को गुवाहाटी में ईपीएफओ के निर्णय लेने वाले शीर्ष निकाय केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की बैठक में आ सकता है। बैठक के दौरान सीबीटी द्वारा नवंबर, 2021 में पेंशन संबंधी मुद्दों पर गठित एक उप-समिति भी अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। सूत्र ने बताया कि ऐसे ईपीएफओ अंशधारक हैं जिन्हें 15,000 रुपये से अधिक का मासिक मूल वेतन मिल रहा है, लेकिन वे ईपीएस-95 के तहत 8.33 प्रतिशत की कम दर से ही योगदान कर पाते हैं। इस तरह उन्हें कम पेंशन मिलती है। ईपीएफओ ने 2014 में मासिक पेंशन योग्य मूल वेतन को 15,000 रुपये तक सीमित करने के लिए योजना में संशोधन किया था। 15,000 रुपये की सीमा केवल सेवा में शामिल होने के समय लागू होती है। संगठित क्षेत्र में वेतन संशोधन और मूल्यवृद्धि की वजह से इसे एक सितंबर, 2014 से 6,500 रुपये से ऊपर संशोधित किया गया था। बाद में मासिक मूल वेतन की सीमा को बढ़ाकर 25,000 रुपये करने की मांग हुई और उसपर विचार-विमर्श किया गया, लेकिन प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल पाई।




उद्योग के अनुमान के अनुसार, पेंशन योग्य वेतन बढ़ाने से संगठित क्षेत्र के 50 लाख और कर्मचारी ईपीएस-95 के दायरे में आ सकते हैं। पूर्व श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने दिसंबर, 2016 में लोकसभा में एक लिखित जवाब में कहा था, ‘‘कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के तहत ‘कवरेज’ के लिए वेतन सीमा 15,000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 25,000 रुपये मासिक करने का प्रस्ताव ईपीएफओ ने पेश किया था, लेकिन इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ। सूत्र ने कहा कि उन लोगों के लिए एक नए पेंशन उत्पाद की आवश्यकता है जो या तो कम योगदान करने के लिए मजबूर हैं या जो इस योजना की सदस्यता नहीं ले सके हैं, क्योंकि सेवा में शामिल होने के समय उनका मासिक मूल वेतन 15,000 रुपये से अधिक था।

स्नान, दान के लिए 16 को माघी पूर्णिमा स्नान

माघ मास की  पूर्णिमा तिथि को माघी पूर्णिमा कहते हैं। इस वर्ष माघी पूर्णिमा 16 फरवरी को है। माघ पूर्णिमा को स्नान, दान एवं यज्ञ का बड़ा महत्व है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन देवतागण गंगा स्नान के लिए तीर्थराज प्रयाग की धरा पर आते हैं। इसी दिन माघ स्नान का अन्तिम स्नान होता है और इसी के साथ कल्पवास समाप्त होता है। पूर्णिमा तिथि 15 फरवरी की रात्रि 9:42 से प्रारंभ होकर 16 फरवरी की रात्रि 10:25 पर समाप्त होगी। पदम् पुराण में माघ स्नान का महत्व बताते हुए महादेव ने कहा है कि चक्र तीर्थ में श्री हरि का और मथुरा में श्री कृष्ण का दर्शन करने से मनुष्य का जो फल मिलता है वहीं माघ मास में स्नान करने से फल मिलता है।

माघ पूर्णिमा के दिन गंगा तट या किसी तीर्थ स्नान के सरोवर या नदी तट पर स्नान करने का विशेष महत्व है। इस दिन गाय, तिल, गुड़, कपास, घी, लडडू , फल, अन्न एवं कम्बल के दान करने से पापों से मुक्ति मिल जाती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करनी चाहिए। पितरों का श्राद्ध भी करना चाहिए। मान्यता के अनुसार माघ पूर्णिमा पर प्रातःकाल स्नान करने से रोगों का नाश होता है। दान करने से व्यक्ति के जीवन में आने वाली तमाम बाधाएं दूर होती हैं। देवताओं का विशेष आर्शीवाद प्राप्त होता है। माघी पूर्णिमा पर स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

 – ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल, स्वास्तिक ज्योतिष केन्द्र, अलीगंज, लखनऊ

बिना भय, लालच के अपना मतदान कर लोकतंत्र को मजबूत बनाएं: जय सिंह

गीत संगीत के माध्यम से जगह जगह मतदान के लिए दिया गया संदेश

लखनऊ। प्रादेशिक लोक संपर्क ब्यूरो, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से चार दिवसीय मतदाता जागरूकता अभियान के तहत गुरुवार को राजधानी के विभिन्न स्थानों पर मतदाता जागरूकता के तहत गीत के माध्यम से मतदान की विशेषता को बताया गया।

दर्शकों को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी जय सिंह ने बताया कि इस जागरूकता अभियान के तहत लखनऊ शहर में जागरूकता प्रचार वाहन घूम घूम कर लोगों को आडियो के माध्यम से मतदान जनजागरूकता संदेश दिया जा रहा है। साथ ही साथ गीत संगीत व पंपलेट, स्टिकर वितरित करके उनको मतदान करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

लखनऊ के विभिन्न भीड़भाड़ वाली जगहों पर विभाग के पंजीकृत सांस्कृतिक दल द्वारा नाटक, गीत के माध्यम से संदेश दिया जा रहा है। प्रचार अभियान के दूसरे दिन हजरतगंज, कचहरी, चारबाग, लखनऊ विश्वविद्यालय, बर्लिंगटन चौराहा, गंज चौराहा, गोल चौराहा, महानगर इत्यादि जगहों पर जागरूकता अभियान चलाया गया।

मंदिर के दो वर्ष पूरे होने पर भंडारे में उमड़े श्रद्धालु

लखनऊ। मलिहाबाद तहसील क्षेत्र के रूपनगर मजरे माधवपुर गांव में बने मंदिर के दो वर्ष पूरे होने पर ग्रामीणों के सहयोग से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।

मंदिर और आयोजित भंडारे में आसपास के गांव के महिलाओं बच्चों व पुरुषों ने प्रसाद ग्रहण किया। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि शिव शक्ति धाम देवलोक मंदिर में दो साल पूर्व हनुमान जी की मूर्ति स्थापित की गई थी। इस उपलक्ष्य में क्षेत्रवासियों ने विशाल भंडारे का आयोजन किया। व्यवस्थापक गांव के ही जयेंद्र पाल ने बताया कि उनके पूर्वजों के आशीर्वाद से मूर्ति की स्थापना की गई थी। इस मंदिर से गांव के लोगों की बहुत ही श्रद्धा जुड़ी हुई है और लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा भी लिया है। इस बार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर को देखते हुए शिवपाल, धीरज पाल, कमलेश पाल, रिंकू पाल, कमल, डाॅ मनु सेठ, जोगिंदर सक्सेना, अनिल यादव, क्षेत्र पंचायत सदस्य विमल यादव व प्रदीप यादव, पप्पू, जतिन, प्रियम सहित केंद्रीय मंत्री कौश