उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में 13 अधिकारियों के तबादले

उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में 13 अधिकारीयों के तबादले

4 RM, 4 ARM, 5 SM के हुए ताबदले

RM मनोज पुंडीर आगरा से लखनऊ मुख्यालय भेजे गए

RM अशोक कुमार चित्रकूट धाम से आगरा भेजे गए

RM मनोज त्रिवेदी हरदोई से प्रयागराज भेजे गए

RM परवेज़ खान अलीगढ़ से मुरादाबाद भेजे गए

ARM मुकेश कुमार चन्दौली से SM प्रयागराज बने

ARM अपराजित श्रीवास्तव RM हरदोई

ARM विमल रंजन कैसरबाग से RM अयोध्या भेजे गए

ARM राजीव कुमार RM चित्रकूट धाम भेजे गए

SM केपी सिंह चित्रकूट धाम से मुख्यालय लखनऊ भेजे गए

SM राहुल चौधरी सहारनपुर से गाज़ियाबाद भेजे गए

SM गौरव पांडे नॉएडा से सहारनपुर भेजे गए

SM मनोज कुमार गाज़ियाबाद से नॉएडा भेजे गए

SM राजीव आनंद प्रयागराज से कानपुर भेजे गए

यूपी: सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी बुजुर्ग महिलाएं; सर्वे पूरा, आज भेजी जाएगी रिपोर्ट

लखनऊ। शासन ने 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को बसों में मुफ्त सफर कराने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) ने सफर करने वाली इस आयु वर्ग की महिलाओं का सर्वे करने का निर्देश दिया है। क्षेत्रीय प्रबंधकों से रिपोर्ट मांगी गई है कि उनकी बसों में रोजाना कितने यात्री सफर करते हैं? उनमें सीनियर सिटीजन महिलाओं की संख्या कितनी होती है? क्षेत्रीय प्रबंधक आज सोमवार को यह रिपोर्ट मुख्यालय को भेजेंगे।

₹99: महीने में चाहे जितनी बार करें सफर-
प्रमुख सचिव (परिवहन) राजेश कुमार सिंह ने बीते शुक्रवार को अफसरों के साथ बैठक कर सीनियर सिटीजन महिलाओं को मुफ्त बस सफर कराने का निर्देश दिया था। मुफ्त सफर कराने पर शासन से प्रतिपूर्ति हासिल करने का भी सुझाव तैयार किया है। इसके तहत बुजुर्ग महिलाओं को मुफ्त सफर कराने के एवज में प्रति माह 99 रुपये का भुगतान करने पर उस महीने में जितनी बार चाहे, बस सफर की सुविधा दी जा सकती है। परिवहन निगम ने राजस्थान की तर्ज पर मुफ्त बस सफर कराने की तैयारी शुरू की है।

समाज कल्याण विभाग से मंगाया पेंशनर्स का ब्योरा-
प्रबंध निदेशक, परिवहन निगम राजेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश में 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं की संख्या के लिए समाज कल्याण विभाग से पेंशनर्स का ब्योरा मंगाया गया है। बुजुर्ग महिलाएं साधारण बस ही नहीं, एसी सेवा में भी मुफ्त सफर की सुविधा पाएंगी। यानी वे वॉल्वो, स्कैनिया, जनरथ, महिला स्पेशल पिंक स्पेशल, शताब्दी में सफर कर सकेंगी। साथ ही, सीनियर सिटीजन महिलाओं को बस अड्डे अन्य सहूलियतें दी जाएंगी। इन महिलाओं को मुफ्त सफर कराने पर शासन से प्रतिपूर्ति हासिल करने का भी सुझाव तैयार किया है। इसके तहत बुजुर्ग महिलाओं को मुफ्त सफर कराने के एवज में प्रति माह 99 रुपये का भुगतान करने पर उस महीने में जितनी बार चाहे, बस सफर की सुविधा दी जा सकती है।

₹6 हजार तक बढ़कर मिलेगी रोडवेज कर्मियों को तनख्वाह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) के कर्मचारियों को जनवरी माह के वेतन के साथ फरवरी में 17 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) मिलेगा। इसके लिए परिवहन निगम के वित्त नियंत्रक संजय सिंह ने शुक्रवार को आदेश जारी कर दिया है। इससे प्रदेश भर के हजारों रोडवेज कर्मियों को दो से छह हजार रुपए प्रति माह का फायदा मिलने की उम्मीद है।

पहली बार रोडवेज कर्मचारियों को 17 प्रतिशत महंगाई भत्ता जनवरी माह के वेतन के साथ फरवरी में एक मुश्त मिलने जा रहा है। परिवहन निगम के कर्मचारियों को अभी तक सात फीसदी महंगाई भत्ता मिल रहा था। अब दस प्रतिशत और बढ़कर कुल 17 फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा। फिलहाल रोडवेज कर्मचारियों को एक जुलाई 2021 से 17 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की मंजूरी उत्तर प्रदेश शासन से मिली है। इससे प्रदेश भर के हजारों रोडवेज कर्मियों को हर माह सैलरी दो हजार से छह हजार रुपए बढ़कर मिलेगी।

परिवहन निगम के वित्त नियंत्रक संजय सिंह ने जनवरी माह के वेतन के साथ फरवरी में 17 प्रतिशत महंगाई भत्ता नियमित कर्मचारियों को देने का आदेश जारी कर दिया है। परिवहन निगम की तरफ से पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी 17 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा। दरअसल, 27 दिसंबर, 2021 को सार्वजनिक उद्यम विभाग की अध्यक्षता में गठित अधिकृत कमेटी ने डीए यानी महंगाई भत्ते के पेमेंट को मंजूरी दे दी थी।

रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष चंद्रशेखर पांडे व महामंत्री गिरीश मिश्र ने बताया कि प्रमुख सचिव परिवहन से बीते 14 दिसम्बर 2021 को हुई वार्ता में रोडवेज कर्मचारियों को 17 फीसदी महंगाई भत्ता देने का निर्णय लिया गया था। उसी निर्णय के क्रम में अब आदेश जारी करने के लिए प्रमुख सचिव परिवहन और प्रबंध निदेशक नवदीप रिणवा को धन्यवाद ज्ञापित करते हैं।

विदित हो कि यूपी रोडवेज और दूसरे सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारी संगठन अरसे से महंगाई भत्ते को लेकर लड़ाई लड़ रहे थे। रोडवेज के भी कर्मचारी संगठन महंगाई भत्ते को लेकर लगातार मांग कर रहे थे।

बसों में लोड फैक्टर 70 फीसदी लाने की अपील
उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह, महामंत्री रमाकांत सचान और अवध यादव ने इसे कर्मचारियों की जीत बताया है। उन्होंने कर्मचारियों से निगम की आमदनी बढ़ाने के लिए 70 फीसदी यात्री लोड फैक्टर लाने की अपील की है।

दीपावली पर रोडवेज अधिकारियों कर्मचारियों की बल्ले बल्ले

लखनऊ। दीपावली के दौरान दो से 11 नवंबर तक ड्यूटी करने वाले ड्राइवर-कंडक्टर समेत कर्मचारी और अधिकारी को प्रोत्साहन भत्ता मिलेगा। निगम प्रशासन ने नौ दिनों तक उपस्थित होकर ड्यूटी करने वाले नियमित और संविदा चालक/परिचालक औसतन किलोमीटर बस संचालन पर प्रतिदिन 350 रुपये व एक मुश्त 3150 का विशेष प्रोत्साहन का भुगतान करेगा।

वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के बीच बस संचालन पर न्यूनतम 300 किमी. पर 250 रुपये मिलेगा। वहीं तय किलोमीटर से अधिक किमी. बस चलाने पर 55 पैसे प्रति किमी की दर से अतिरिक्त मानदेय मिलेगा। 10 दिन लगातार ड्यूटी करने वाले डिपो कार्यशाला एवं क्षेत्रीय कार्यशाला में कार्यरत कार्मिकों को एक मुश्त 12 सौ व नौ दिन ड्यूटी करने वाले कार्यशाला कार्मिकों को एक मुश्त एक हजार प्रोत्साहन मिलेगा।

अधिकारी को 10 हजार मिलेगा

क्षेत्रीय प्रबंधक को दस हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। जिसका वितरण क्षेत्रीय समिति की संस्तुति पर पर्व अवधि के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले क्षेत्र के कर्मचारियों में बांटेंगे। एआरएम 50 रुपये प्रति निगम एवं अनुबंधित बस के आधार पर प्रोत्साहन पाएंगे। जोकि स्वयं नहीं लेंगे, बल्कि डिपो के उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों में वितरण करेंगे।

स्टेशन इंचार्ज को पांच हजार पुरस्कार 

मुख्य बस स्टेशनों पर तैनात कार्मिकों व पर्यवेक्षकों को पांच हजार रुपये प्रति बस स्टेशन की दर से 80 हजार रुपये की स्वीकृति की गई है। दीपावली के पर्व पर संचालन व्यवस्था बनाये रखने में उत्कृष्ट कार्य करने पर पांच हजार रुपये मिलेगा। 

तीन आरएम व दस एआरएम को प्रशस्ति पत्र मिलेगा

क्षेत्रीय एवं डिपो स्तर पर प्रोत्साहन सर्वाधिक लोड फैक्टर, बस संचालन, प्रति बस आय, डीजल औसत प्राप्त करने वाले तीन क्षेत्रीय प्रबंधक एवं सेवा प्रबंधक व 10 डिपो के एआरएम को निगम प्रबंधक प्रशस्ति पत्र देगा।  

मलिहाबाद क्षेत्रवासी बेसब्री से कर रहे इलेक्ट्रिक बसों का इंतजार

लखनऊ। कुछ वर्ष पहले राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र में उप नगरीय बसों का संचालन होता था। ग्रामीण क्षेत्र के लोग उप नगरीय बसों से सफर करते हुए जल्द ही अपनी मंजिल तक पहुंच जाते थे,  लेकिन बसों का संचालन बंद होने से ग्रामीण रूटों पर बसों की कमी बनी हुई है। इन रूटों पर आने वाले दर्जनों गांवों के यात्री बस सेवा शुरू न होने से परेशान हैं। गांवों में बस सुविधा न होने से जहां विद्यार्थी समय पर स्कूल-कॉलेज नहीं पहुंच पा रहे हैं, वहीं उनकी शिक्षा की डोर छूट रही है। ग्रामीणों के जरूरी काम भी अटक रहे हैं। गांवों में बस सेवा शुरू करने की मांग के लिए ग्रामीण कई बार अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन हर बार उनकी मांग को अनसुना कर दिया जाता है, जिससे ग्रामीणों में रोष है।

बतातें चलें कि लखनऊ से तहसील क्षेत्र के माल तक उप नगरीय इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जा रही हैं लेकिन मलिहाबाद क्षेत्रवासी आज भी इलेक्ट्रिक बसों के आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। क्षेत्रवासियों की समस्याओं को देखते हुए समाजसेवी तुषार मिश्रा व सचिन यादव ने उप जिलाधिकारी मलिहाबाद को एक ज्ञापन देते हुए बताया कि लखनऊ-हरदोई राजमार्ग पर मलिहाबाद से लखनऊ प्रतिदिन क्षेत्र के छात्र-छात्राओं, दैनिक मजदूर, महिलाएं, सरकारी कर्मचारी, संविदा कर्मचारी सभी को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मलिहाबाद से लखनऊ आने-जाने हेतु कोई भी सरकारी इलेक्ट्रॉनिक बसों की सुविधा नहीं हैं। उप जिलाधिकारी नवीन चन्द्र ज्ञापन लेते हुए कहा कि जल्द ही समस्या का समाधान होगा।

अवैध रूप से चलती मिलीं छह बस सीज

एआरटीओ की कार्रवाई से अवैध बस संचालकों में हडकंप

रुद्रपुर। कुमाऊँ से दिल्ली के लिए बिना परमिट व अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज के बिना संचालित हो रहे वाहनों, चालकों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। एआरटीओ (ई) बीके सिंह अपने दस्ते के साथ सड़कों पर वाहनों की चेकिंग के लिए सड़कों पर उतरे। इस दौरान उन्हें छह बस बिना वैध परमिट और बिना टैक्स जमा किये चलती हुए मिली। परिवहन विभाग की टीम ने सभी 6 बसों को जब्त कर लिया है और उनके विरुद्ध एमवी एक्ट 192 ए का उल्लंघन करने पर चालान किया गया है।
एआरटीओ बीके सिंह ने बताया कि डग्गामार वाहनों की रोकने के लिये सघन चैकिंग अभियान चलाया जा रह है। ऐसे अवैध और डग्गामार वाहनों को सड़कों पर नहीं चलने दिया जायेगा। यातायात नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जायेगी। गौरतलब है कि नियमों को धत्ता बताकर जिले से बडे पैमाने पर डग्गामार बसें दिल्ली के लिए आवाजाही करती हैं। साथ ही दिल्ली से बसोंं में बिना टैक्स चुकाए लाखों का सामान ढोया जा रहा है। हैरानी वाली बात यह है कि अवैध रुप से संचालित इन बसोंं को न तो बार्डर पर रोका जाता है और न ही पुलिस कभी इनको रोकती है। फिलहाल एआरटीओ की कार्रवाई से अवैध बस संचालकों में हडकंप मचा हुआ है।

UP रोडवेज कर्मियों को डीए अब 4 नहीं 7 प्रतिशत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के कर्मियों को अब सात फीसदी डीए मिलेगा। अभी तक इन कर्मियों को चार फीसदी डीए मिल रहा था। सार्वजनिक उद्यम विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार की ओर से परिवहन निगम में कार्यरत नियमित कार्मिकों को सातवें वेतनमान में मूल वेतन का सात फीसदी महंगाई भत्ता एक जुलाई 2020 से देने का आदेश जारी कर दिया है।

20 हजार कर्मियों को लाभ- आदेश में यह भी कहा है कि एक जुलाई 2017 से एक जुलाई 2020 के बीच कोई एरियर देय नहीं होगा। भविष्य में महंगाई भत्ते की बढ़ी हुई किस्त के भुगतान की अनुमति के लिए निगम पुन: प्रकरण अधिकृत कमेटी को भेजकर अनुमति लेगा। शासन के इस निर्णय से रोडवेज के करीब 20 हजार कर्मियों में भत्ते का लाभ मिलेगा। 
 

रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद लखनऊ क्षेत्र के चारबाग ट्रैफिक शाखा का चुनाव निर्विरोध

लखनऊ। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद लखनऊ क्षेत्र के चारबाग ट्रैफिक शाखा का अध्यक्ष मोहम्मद नसीम को चुना गया है। इसके अलावा रंजीत कुमार सुमन को मंत्री, उमेश चंद्र यादव व राजेंद्र सिंह भदौरिया को क्षेत्रीय प्रतिनिधि चुना गया। रोडवेज कर्मचारियों ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को फूल माला पहनाकर स्वागत किया।

रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद लखनऊ क्षेत्र के चारबाग ट्रैफिक शाखा का वार्षिक चुनाव शनिवार को सरोजनीनगर में अमौसी औद्योगिक क्षेत्र अमौसी रोडवेज वर्कशॉप में संपन्न हुआ। चुनाव अधिकारी रजनीश कुमार मिश्रा और राजेश वर्मा की देखरेख में मोहम्मद नसीम को संगठन का अध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा रंजीत कुमार सुमन को मंत्री, उमेश चंद्र यादव व राजेंद्र सिंह भदौरिया को क्षेत्रीय प्रतिनिधि चुना गया। इन सभी पदाधिकारियों के विरोध में कोई भी नामांकन न होने के कारण यह सभी निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। रोडवेज कर्मचारियों ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को फूल माला पहनाकर स्वागत किया।

धामपुर रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद का चुनाव संपन्न

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। धामपुर रोडवेज डिपो में रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद का चुनाव संपन्न कराया गया। नामांकन प्रक्रिया श्री राधेश्याम की अध्यक्षता में नजीबाबाद स्टेशन प्रभारी श्री भाई लाल जी चुनाव अधिकारी द्वारा संपन्न कराई गई।

इस दौरान सर्वसमिति से शाखा अध्यक्ष करणवीर सिंह, शाखा मंत्री तपराज सिंह, कोषाध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह, शाखा उपाध्यक्ष हिमांशु आर्य व रामगोपाल, संयुक्त मंत्री पवन टांक, प्रथम संयुक्त मंत्री शीतल कुमार, द्वितीय संगठन मंत्री पुष्पेंद्र कुमार, प्रसार प्रचार मंत्री प्रदीप कुमार, लेखा परीक्षक सुनील कुमार वालिया को चुना गया।

शाखा के समस्त सदस्य का भी चयन किया गया। चयन प्रक्रिया में किसी भी अन्य कार्मिक द्वारा कोई नामांकन उपरोक्त पदाधिकारियों के विरोध में नहीं किया गया।

अंत में सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।

विदुर कुटी, बिजनौर के बीच रोडवेज बस सेवा का शुभारंभ

विशाल अग्रवाल (एकलव्य बाण समाचार)

गंज (बिजनौर)। विदुर कुटी के वानप्रस्थ आश्रम व दारानगर के निवासियों की बरसों पुरानी मुराद पूरी हो गई है। विदुर कुटी से बिजनौर चलने वाली बस सेवा का शुभारंभ हो गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष चौधरी साकेन्द्र प्रताप सिंह ने गुरुवार को हरी झंडी दिखाकर रोडवेज बस को रवाना किया।

विदुर कुटी के वानप्रस्थ आश्रम व दारानगर के निवासी जिला मुख्यालय आवागमन के लिए प्राइवेट वाहनों के भरोसे थे। यहां के निवासी बहुत समय से इस रूट पर रोडवेज बस संचालन की मांग कर रहे थे। रोडवेज अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से कई बार इस मामले में गुहार लगाई गई।

इसको देखते हुए रोडवेज अधिकारियों ने प्रस्ताव बनाकर प्रदेश मुख्यालय भेजा। हाल ही में उक्त रूट पर बस संचालन की अनुमति मिल गई।

इसी क्रम में गुरुवार सुबह 10 बजे एक सादे समारोह में बस सेवा का शुभारंभ हुआ। जिला पंचायत अध्यक्ष चौधरी साकेन्द्र प्रताप सिंह ने फीता काटकर व हरी झंडी दिखाकर बस को रवाना किया। इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों के अलावा सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।

मुरादाबाद में मजदूरों से भरी बस पलटी, 4 की मौत, 14 घायल

मुरादाबाद (एकलव्य बाण समाचार) पाकबड़ा में मुरादाबाद बरेली हाईवे पर मजदूरों से भरी एक बस पलटने से सिपाही समेत चार लोगों की मौके पर मौत हो गई। डीसीएम से टक्कर के बाद बस पलटी। दुर्घटना में घायल 14 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, इनमें चार की हालत गंभीर है।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि एक पिकअप को ट्रैफिक पुलिस ने बीच में अचानक रोका, जिससे पीछे आ रही बस का ड्राइवर नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद बस डीएसीएम से टकरा गई। बस हिमाचल प्रदेश से मजदूरों को पीलीभीत ले जा रही थी। हादसे के बाद ट्रैफिक पुलिस वाले मौके से भाग गए। घटना की सूचना मिलते ही डीएम शैलेंद्र सिंह, एसएसपी पवन कुमार घटना स्थल पहुंचे और बाद में अस्पताल जा कर डाक्टरों से घायलों की जानकारी ली। एसपी सिटी व अन्य ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। हादसा इतना भीषण था कि शव बुरी तरह कुचल गए। मौके पर राहत कार्य जारी है।

ARTO ने DM व CMO को भेजी एंबुलेंस की सूची

एआरटीओ ने एंबुलेंस की सूची डीएम व सीएमओ को भेजी। जनपद के एंबुलेंस की सूची जारी होने से आमजन को होगी सुविधा। आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा ने मुख्यमंत्री से की थी मांग।

बिजनौर। वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौर में एंबुलेंस की जानकारी न होने के अभाव में रोगियों को बाहर ले जाने को लेकर हो रही परेशानी से आमजन को काफी राहत मिलने वाली है। इसका कारण आरटीआई कार्यकर्ता की ओर से मुख्यमंत्री से की गयी मांग पर एआरटीओ कार्यालय की ओर से जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी बिजनौर को जनपद भर की एंबुलेंस की सूची बनाकर भेज दी गयी है। इसके जल्द सार्वजनिक होने की उम्मीद जतायी जा रही है।

नजीबाबाद के आदर्श नगर निवासी मनोज शर्मा (आरटीआई कार्यकर्ता) ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए जनपद बिजनौर में पंजीकृत एंबुलेंस संचालकों की सूची मोबाइल नंबर सहित जारी करने की मांग की थी। इस पर मामला परिवहन निगम को जानकारी देने के लिए भेज दिया गया। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक बिजनौर डिपो ने मामला अपने कार्यालय से सम्बन्धित न होना बताते हुए विभाग को पत्र भेेज दिया था। हालांकि मांगकर्ता मनोज शर्मा ने एआरएम बिजनौर से उक्त पत्र को पूर्व में ही उप संभागीय परिवहन अधिकारी बिजनौर को हस्तानांतरित किए जाने की मांग की थी। परिवहन विभाग के पल्ला झाडऩे के बाद इस सम्बन्ध में मनोज शर्मा की ओर से प्रधानमंत्री कार्यालय को अवगत कराया गया। इस पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को कार्रवाई के दिशा निर्देश जारी किए। उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त सचिव भास्कर पांडे ने उप संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) बिजनौर को कार्रवाई के दिशा निर्देश जारी किए। वहीं अब उप संभागीय परिवहन कार्यालय बिजनौर ने जनपद के समस्त एंबुलेंस संचालकों की सूची जिलाधिकारी कार्यालय और मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को सौंप दी हैं।

अब देखना यह है कि कितने दिनों में जनहित में लोगों की सुविधा के लिए यह सूची जारी हो पााएगी? माना जाता है कि जनपद भर में संचालित एंबुलेंस की सूची जारी होने से आमजन को इसका लाभ मिलेगा। आवश्यकता होने पर कोई भी व्यक्ति एंबुलेंस चालकों से संपर्क कर एंबुलेंस सेवा का समय रहते लाभ ले सकेगा। साथ ही इस सूची के जारी होने के बाद जनपद में अपंजीकृत रूप से संचालित की जा रही एंबुलेंस का भी पर्दाफाश हो सकेगा।

मंत्रियों ने भी कर दिया था अनसुना- शिकायतकर्ता मनोज शर्मा ने जनपद भर में संचालित एंबुलेंस की सूची जनहित में सार्वजनिक करने के लिए जिले के प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल तथा जनपद से नाता रखने वाले प्रदेश के परिवहन मंत्री अशोक कटारिया से भी आग्रह किया था। उनकी ओर से भी मनोज शर्मा की मांग को अनुसुना कर दिया गया था। दोनों मंत्रियों की ओर से सहयोग न मिल पाने पर मनोज शर्मा ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर कार्रवाई किए जाने की मांग की थी।

पूर्व में करा चुके हैं एंबुलेंस की दरें निर्धारित- वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण के तेजी से फैलने के दिनों में एंबुलेंस संचालकों की ओर से रोगियों को अस्पताल पहुंचाने के लिए तीमारदारों से मनमाना किराया वसूले जाने के मामले प्रकाश में आने के बाद मनोज शर्मा ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए प्रदेश भर में एंबुलेंस की दरें तय किए जाने की मांग की थी। इस पर प्रदेश भर में जिला स्तरों पर किराया तय किया गया था। उत्तर प्रदेश में एबुंलेंस के लिए तय की गयी किराए की दरें पड़ोसी प्रदेश बिहार की दरों से काफी महंगी तय होना बताई जा रही हैं। 

रोडवेज पर बसें तो हैं, लेकिन यात्री नहीं

रोडवेज पर बसें तो हैं, लेकिन यात्री नहीं पिछली बार की तरह पसरा है सन्नाटा 

बिजनौर (आसिफ अली)। लॉकडाउन के चलते रोडवेज पर बसें तो खड़ी हैं, लेकिन यात्री नहीं है। ईद उल फितर के त्योहार के मौके पर रोडवेज पर यात्रियों की भीड़ लगी रहती थी। बसें खचाखच भर कर चलती थीं, लेकिन इस बार कोविड-19 महामारी के कारण बसें तो रोडवेज पर खड़ी हैं, लेकिन यात्री नहीं हैं। रोडवेज को भी कोविड-19 के कारण काफी घाटा हो रहा है।रोडवेज पर ऐसे जरूरतमंद लोग भी घूमते हैं जो यात्रियों से मांग कर अपनी जरूरत पूरी करते हैं। कुछ लोग बसों में अपना सामान बेचकर परिवार चलाते हैं। यह लोग भी मायूस हैं क्योंकि इस बार भी ईद के मौके पर रोडवेज पर यात्री ही नहीं हैं। विदित हो कि पिछली ईद पर भी लॉक डाउन लगा हुआ था और रोडवेज पर इसी तरह का हाल था, यानी यह दूसरी ईद है जब रोडवेज पर सन्नाटा पसरा पड़ा है। इस लॉकडाउन ने जरूरतमंदों की कमर तोड़ कर रख दी है। उनका हाल पूछने वाला कोई नहीं है। ई-रिक्शा चलाने वाले भी अपनी रोजी की तलाश में भटक रहे हैं। उन्हें भी सवारी नहीं मिल रही और पुलिस का डर भी उन्हें सताता है। कोविड-19 के चलते इस वर्ष भी ईद का त्योहार फीका रहा। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए सरकार की गाइडलाइन का पालन किया। लोग ईदगाह में नमाज अदा करने नहीं पहुंचे। मुस्लिम समाज के लोगों ने घरों में ही रहकर ईद की नमाज अदा की। पुलिस ईदगाह,मस्जिदों पर सुबह से ही तैनाती रही।

घंटों बसें रोककर बनवा रहे उत्तराखंड में आवागमन को ई-पास

उत्तराखंड में आवागमन को घंटों बसें रोककर बनवा रहे ई-पास
बिजनौर। वैश्विक महामारी कोरोना के चलते रोजी-रोटी के जुगाड़ में लगे लोग बसों में सवार होकर एक राज्य से दूसरे राज्य में कारोबार के लिए आवागमन कर रहे हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड में प्रवेश के लिए आवश्यक ई-पास को बनवाने के लिए बसों के चालक-परिचालक घंटों बसों को भागूवाला क्षेत्र में रोककर यात्रियों के ई-पास बनवाने में लगे हुए हैं। इसके चलते क्षेत्र में कोरोना संक्रमण के फैलने का खतरा बना हुआ है। लॉकडाउन के दौर में भी लोग अपनी रोजी रोटी को लेकर परेशान हैं, जिसके चलते बड़ी संख्या में मजदूर पेशा लोग उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश में चल रही फैक्ट्रियों में कामकाज के सिलसिले में उत्तर प्रदेश राज्य सडक़ परिवहन निगम व उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों से यात्रा कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के कोरोना संक्रमण की अधिक दर वाले क्षेत्रों से बड़ी संख्या में यात्री लखनऊ डिपो, सीतापुर डिपो, चारबाग डिपो आदि की बसों में सवार होकर उत्तराखंड में पहुंचने के लिए आ रहे हैं। तहसील के भागूवाला क्षेत्र में कई लोगों ने ई-पास जारी करने का धंधा शुरु किया हुआ है। जहां यात्रियों से एक ई-पास बनवाने के लिए 80 से लेकर एक सौ रुपए तक वसूले जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश राज्य सडक़ परिवहन निगम के कई डिपो के चालक व परिचालक भी यात्रियों के ई-पास बनवाने के लिए अपनी बसों को ई-पास बनाने वालों के स्थान पर ले जाकर घंटों खड़ा कर देते हैं। बसों से यहां पहुंचने वाले यात्री सामान आदि की खरीददारी के लिए इधर-उधर क्षेत्र में घूमते रहते हैं। साथ ही बस चालक-परिचालक बसों को रास्ते में खाने की व्यवस्था के लिए चोरी-छिपे संचालित होटलों पर भी रोक रहे हैं। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को कोरोना संक्रमण के फैलने का खतरा बना हुआ है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि ई-पास बनाने वालों तथा होटल संचालित करने वालों ने बसों के चालकों व परिचालकों से सांठगांठ की हुयी है। इसके चलते चालक-परिचालक बसों को घंटों उनके यहां लाकर खड़ा कर देते हैं।

क्षेत्रीय नागरिकों पुष्पेंद्र, सत्यम, रईस, शहजाद, मुकेश आर्य, मुकेश राजपूत का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर में कोरोना संक्रमण ने गांवों तक दस्तक दे दी है। ऐसे में कोरोना संक्रमण के अधिक मामलों वाले प्रदेश की राजधानी लखनऊ आदि क्षेत्रों से आने वाले लोगों का क्षेत्र में इस तरह व घंटों खुलेआम घूमने से क्षेत्र में कोरोना संक्रमण के खतरे को बढ़ावा देने वाला मान जा रहा है। उन्होंने बाहर से आने वाली बसों को क्षेत्र में न रोके जाने की मांग की है।

कैसरबाग बस स्टेशन पर परिवहन कर्मियों को निःशुल्क काढ़ा वितरित

लखनऊ के कैसरबाग बस स्टेशन पर विनायक ग्रामोद्योग संस्थान के तत्वाधान में परिवहन निगम के कर्मचारियों एवं उपस्थित मीडिया कर्मियों को नि:शुल्क काढ़ा वितरण, मीडिया संबोधन एवं सम्मान, करोना के विरुद्ध जंग जारी है।

लखनऊ। (समय चक्र टाइम्स) संकट का साथी परिवहन निगम के कर्मचारी विशेष रूप से चालक, परिचालक एवं अन्य फील्ड स्टाफ लगातार लोगों के सम्पर्क में रहते हैं। कोरोना की महामारी के दृष्टिगत इन कार्मिकों को कोविड की गाइड लाइन का अनुपालन करने के निर्देश निगम प्रबन्धन द्वारा बराबर दिये जा रहे हैं। कोरोना से जारी जंग के निमित्त यह आवश्यक है कि हमारे कार्मिकों की इम्युनटी उच्च स्तरीय हो।

इस तथ्य को मद्देनजर रखते हुए विनायक ग्रामोद्योग संस्थान के अध्यक्ष शैलेन्द्र श्रीवास्तव द्वारा कैसरबाग बस स्टेशन पर परिवहन निगम के कर्मचारियों एवं उपस्थित मीडिया कर्मियों को नि:शुल्क काढ़ा वितरण किया गया।

“विनायक ग्रामोद्योग संस्थान के अध्यक्ष शैलेन्द्र श्रीवास्तव के अथक प्रयास से राजकीय आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज लखनऊ द्वारा उपलब्ध इम्युनिटी बढ़ाने में सहायक काढ़ा का वितरण कैसरबाग बस स्टेशन पर परिवहन निगम के कार्मिकों के मध्य किया गया। उनके द्वारा यह भी आश्वासन दिया गया है कि वह इस काढ़े को परिवहन निगम के समस्त कार्मिकों को वितरित करेंगे। इसके लिये वह लखनऊ के अन्य बस स्टेशनों पर इसके लिये कैम्प लगायेंगे, साथ ही कैसरबाग बस स्टेशन पर पुनः इस प्रकार का कार्यक्रम शीघ्र ही आयोजित करेंगे। टीम कैसरबाग बस स्टेशन मैनेजमेंट श्री शैलेन्द्र श्रीवास्तव के इस भगीरथी प्रयास की सराहना करती है।”
-रमेश सिंह बिष्ट, सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक, कैसरबाग बस स्टेशन प्रबन्धन, लखनऊ।

परिचालक-यात्री विवाद में तीन घंटे फंसे रहे यात्री

परिचालक-यात्री विवाद में तीन घंटे फंसे रहे यात्री
-मामूली कहासुनी मारपीट में हुयी तब्दील
– परिचालक ने रच डाला लूट का ड्रामा

बिजनौर। कोटद्वार से सवारियां लेकर दिल्ली जा रही उत्तराखंड परिवहन निगम के कोटद्वार डिपो की बस में यात्री व बस परिचालक के बीच मामूली विवाद हो गया। इसके चलते मारपीट हो गयी। परिचालक ने नजीबाबाद के आजाद चौक पर रोककर पुलिस को गुमराह करते हुए कैश लूटने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए यात्री को पुलिस के हवाले कर दिया। जिसके बाद रोडवेज बस के खड़े रहने से बस में सवार यात्रियों को घंटों प्रतीक्षा के बाद गंतव्य के लिए रवाना किया जा सका। जिसकी वजह से .यात्रियों को तेज धूप में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रविवार को पूर्वाह्न करीब ११ बजे उत्तराखंड के कोटद्वार डिपो की बस संख्या के ०७ पीए-३०१९ सवारियां लेकर कोटद्वार से दिल्ली के लिए रवाना हुयी। कोटद्वार डिपो की उक्त बस में किसी बात को लेकर परिचालक संदीप कुमार की तहसील के ग्राम मड़का निवासी धर्मेंद्र कश्यप और उनके पुत्र संजीव कुमार से कहासुनी हो गयी। बताया गया कि बस में सीट को लेकर परिचालक और यात्री के बीच कहासुनी हुई। आरोप है कि बस के परिचालक संदीप कुमार ने यात्री के साथ मारपीट की। जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। यात्री और बस परिचालक के बीच जमकर मारपीट होने के बाद बस परिचालक ने ११२ नंबर वाहन को नजीबाबाद-बिजनौर मार्ग स्थित आजाद चौक पर खड़ा देख बस को रुकवा लिया। साथ ही उसने पुलिस को कैश लूटने का प्रयास करने की सूचना दे दी। इसी बीच सूचना मिलने पर भाकियू नेता बाबूराम तोमर, वीर सिंह, ऋषिपाल, राबिन, कुलदीप आदि भी मौके पर पहुंच गए। किसान नेताओं ने बस परिचालक की ओर से झूठा आरोप लगाने का विरोध किया। पुलिस दोनों पक्षों को जलालाबाद पुलिस चौकी ले गई। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक नजीबाबाद डिपो प्रभात चौधरी, डिपो इंचार्ज भाईलाल भी मौके पर पहुंच गए। बस में बैठे यात्रियों ने परिचालक की ओर से मारपीट शुरू करने के बाद हंगामा होने और कैश लूट का आरोप भ्रामक होने की जानकारी दी। किसान नेताओं ने परिचालक को निलंबित करने की मांग की। हालांकि बस में बैठी सवारियों के बयानों के आधार पर छानबीन करने पर मामला झूठा व मनगढ़ंत पाया गया। जिस पर रोडवेज बस परिचालक संदीप कुमार ने अपनी गलती स्वीकार की। जिसके बाद मामला शांत हो गया। इस दौरान बस को रोककर रखे जाने की वजह से बस में सवार बच्चों, महिलाओं व बुजुर्गों सहित सबी सवारियों को तेज धूप में रहते हुए मामला शांत होने तक प्रतीक्षा करनी पड़ी। शाम को तीन बजेे के बाद बस दिल्ली के लिए रवाना की जा सकी। जिससे यात्रियों का भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

चारबाग बस स्टेशन पर किया गया कर्मचारियों का हैल्थ चेकअप

लखनऊ। सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत एक दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के चारबाग बस स्टेशन पर किया गया। दिन भर चले इस कार्यक्रम का आयोजन उपनगरीय हैदरगढ़ डिपो व कर्मचारियों के लिए विनायक ग्रामोद्योग संस्थान लखनऊ व मेडिकल पार्टनर वागा हॉस्पिटल द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कैम्प का उद्घाटन मुख्य अतिथि अपर पुलिस उपायुक्त यातायात लखनऊ सुरेश चंद्र रावत, अति विशिष्ट अतिथि सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक काशी प्रसाद, अति विशिष्ट अतिथि सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक मनोज कुमार श्रीवास्तव, अति विशिष्ट अतिथि ऋतु राज रस्तोगी सिविल डिफेन्स व सामाजिक कार्यकर्ता शिखा सिंह ने किया। इस अवसर पर संविदा चालक, परिचालकों व चारबाग बस स्टेशन के कर्मचारियों का नेत्र परीक्षण, शुगर,ब्लड प्रेशर, हड्डियों की जांच के लिए बीएमडी टेस्ट व जनरल हेल्थ चेकअप किया गया व दवा वितरित की गई। विनायक ग्रामोद्योग संस्थान के अध्यक्ष शैलेन्द्र श्रीवास्तव व वागा हॉस्पिटल के पब्लिक रिलेशन एग्जेक्युटिव शरद मिश्रा ने सभी अतिथियों को अंग वस्त्र ओढ़ाकर व मोमेंटो, नव वर्ष कैलेण्डर देकर सम्मानित किया। कैम्प में 200 से ज्यादा कर्मचारियों ने जांच करवाई। कैम्प में डॉक्टर नुजरतुल इस्लाम, डॉक्टर मनोज कुमार ,डॉक्टर कविता ,डॉक्टर आयुष, डॉक्टर नूपुर सिंह ने अपनी निःशुल्क चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान कीं।

कोहरे में भिड़ीं यूपी व उत्तराखंड की रोडवेज बस

बिजनौर। थाना कोतवाली शहर बिजनौर अंतर्गत किरतपुर रोड पर यूपी व उत्तराखंड रोडवेज की बसों में भीषण टक्कर हो गई। कोहरे के कारण हुए हादसे में उत्तराखंड की बस ने आग पकड़ ली। सूचना पर पहुंची फायर सर्विस द्वारा आग पर काबू पाया गया। बिजनौर पब्लिक स्कूल के सामने हुई इस दुर्घटना में 15 सवारियों के घायल होने की सूचना है।

जानकारी के अनुसार थाना कोतवाली शहर बिजनौर अंतर्गत किरतपुर रोड पर रविवार सुबह रोडवेज बस संख्या यूपी 15 बीटी 9121 व उत्तराखंड रोडवेज बस संख्या यूके 07 एफए 2049 में आमने सामने की टक्कर हो गई।

बिजनौर पब्लिक स्कूल के सामने हुई इस दुर्घटना में उत्तराखंड की बस में आग लग गई।  सूचना पर पहुंची फायर सर्विस द्वारा आग पर काबू पाया गया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी कोतवाली शहर ने मौके पर पहुंच कर राहत व बचाव कार्य शुरू कराया। 15 सवारियों के घायल होने की सूचना है। सभी घायलों को उपचार के लिये अस्पताल ले जाया गया। दोनों बसों की सवारियों को अन्य वाहनों से उनके गंतव्य स्थान की ओर रवाना किया गया। वहीं पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर ने मौका मुआयना कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

किसान आंदोलन: लखनऊ-दिल्ली रूट की बसें बंद होने से यात्री परेशान

किसान आंदोलन ने बंद करा दीं लखनऊ-दिल्ली रूट की बसें, यात्री रहे परेशान

लखनऊ। किसान आंदोलन के कारण मंगलवार को दिल्ली से लखनऊ रूट पर रोडवेज बसों का संचालन रोक दिया गया। कौशांबी बस अड्डे से लेकर, आनंद विहार टर्मिनल से लखनऊ के बीच चलने वाली बसों का संचालन ठप रहा। इस दौरान कैसरबाग समेत कई बस अड्डे से दिल्ली रूट पर चलने वाली बसें डिपो में खड़ी रहीं। आलमबाग बस टर्मिनल पर दिल्ली की बसें नदारद रहीं। बस पकड़ने बस अड्डे पहुंचे यात्री बसों के चलने के इंतजार में परेशान दिखे।

स्थिति सामान्य होने का इंतजार- क्षेत्रीय प्रबंधक एके सिंह ने बताया कि कुछ समय के लिए बसों का आवागमन रोक दिया गया है। स्थिति सामान्य होने पर बसें चलाई जाएंगी। इस आंदोलन से सबसे अधिक साधारण बसों पर असर किया है। उन्होंने ऐसे में लखनऊ, दिल्ली की बसों को धीरे-धीरे भेजने का आश्वासन दिया।