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update रहें…हर दम, हर पल

  • गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों के लिए सुविधाएं नहीं, सिर्फ बहाने!

    इलाज नहीं, सिर्फ रेफर सेंटर बन कर रह गया अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज !

    अल्मोड़ा। पहाड़ की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के उद्देश्य से स्थापित अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज अब अपने मूल उद्देश्य से भटक चुका है। यह इलाज का केंद्र बनने के बजाय एक रेफरल सेंटर बन गया है। संसाधनों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण गंभीर मरीजों को बिना उचित इलाज के हल्द्वानी भेजा जा रहा है।

    गर्भवती महिलाओं के लिए अस्पताल नहीं, सिर्फ “रेफर” करने की जगह!

    इन दिनों जिला महिला चिकित्सालय में पुनर्निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे सिजेरियन ऑपरेशन पूरी तरह बंद हैं। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है, लेकिन वहां भी सुविधाओं की कमी और डॉक्टरों के अभाव के कारण उन्हें हल्द्वानी रेफर कर दिया जाता है।

    सबसे बड़ा सवाल – जिन गर्भवती महिलाओं को अल्मोड़ा में “गंभीर” बताकर हल्द्वानी रेफर किया जाता है, वहीं हल्द्वानी में उनका सामान्य प्रसव आसानी से हो जाता है!

    ➡ कभी N.I.C.U. (नेओनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट) फुल होने का बहाना बनाया जाता है।
    ➡ कभी P.I.C.U. (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) में जगह न होने की बात कहकर मरीजों को हल्द्वानी भेज दिया जाता है।

    यह लापरवाही नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी और पहाड़ के लोगों के साथ धोखा है।

    मेडिकल कॉलेज: सिर्फ इमारतें बनाना ही समाधान नहीं!

    उत्तराखंड सरकार हर साल नए मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणाएं कर रही है, लेकिन पहले से बने कॉलेजों की हालत बद से बदतर होती जा रही है।

    ✅ अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में न्यूरोसर्जन, कार्डियोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट सहित कई विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी है।
    ✅ जरूरी उपकरणों की अनुपलब्धता के कारण मरीजों को हल्द्वानी रेफर किया जा रहा है।
    ✅ जनप्रतिनिधि सिर्फ ज्ञापन देने तक सीमित हैं, लेकिन किसी ने इस मुद्दे को सदन में नहीं उठाया।

    सबसे बड़ा सवाल – जब विशेषज्ञ डॉक्टर ही नहीं हैं, तो सरकार नए मेडिकल कॉलेजों की घोषणाएं क्यों कर रही है?
    क्या सरकार सिर्फ इमारत खड़ी करने को ही स्वास्थ्य सुविधा मान रही है?

    सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे के प्रयासों से तीन विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति

    हालांकि, सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे के निरंतर प्रयासों से गायनी (स्त्री रोग), सर्जरी और फार्मा विभाग में तीन विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती हो चुकी है। यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन समस्या का संपूर्ण समाधान नहीं।

    जनता की मांग – अब वादे नहीं, ठोस कदम उठाने होंगे!

    ✔ मेडिकल कॉलेज में तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति हो।
    ✔ गर्भवती महिलाओं के लिए सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा बहाल की जाए।
    ✔ रेडियोलॉजिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट और न्यूरोसर्जन की तैनाती अनिवार्य की जाए।
    ✔ जनप्रतिनिधि सिर्फ ज्ञापन न दें, बल्कि इस मुद्दे को सदन में मजबूती से उठाएं।
    ✔ मेडिकल कॉलेज को पूरी तरह सक्षम बनाने के लिए संसाधनों की तुरंत व्यवस्था की जाए।

    मामला मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज, उच्चाधिकारियों से सीधा संपर्क जारी

    इस गंभीर समस्या को लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (CMHL) नंबर 220258702596 पर शिकायत दर्ज करवाई गई है।

    ✔ स्वास्थ्य सचिव और मुख्यमंत्री के मुख्य सचिव को ईमेल के माध्यम से पूरी स्थिति से अवगत कराया गया है।
    ✔ उच्चाधिकारियों से फोन पर लगातार संपर्क कर समाधान की मांग की जा रही है।

    अगर जल्द ही कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज सिर्फ एक दिखावटी इमारत बनकर रह जाएगा, जिससे पहाड़ के लोगों की उम्मीदें हमेशा के लिए टूट जाएंगी। अब समय आ गया है कि सरकार और जनप्रतिनिधि नींद से जागें और जनता को उनका हक दिलाएं!

  • गाजियाबाद में सीजीएसटी की बड़ी कार्रवाई

    राजश्री और कमलापसंद के गोदाम पर छापा

    राजश्री और कमला पसंद ने की 50 लाख की कर चोरी!

    लखनऊ। केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) की टीम ने गाजियाबाद में राजश्री और कमला पसंद के एक अवैध गोदाम पर छापेमारी कर 50 लाख रुपए से अधिक की चोरी पकड़ी! सूचना मिली थी कि यह गोदाम बिना पंजीकरण के लंबे समय से गुटखा सप्लाई कर रहा था।

    कार्रवाई के तहत सुबह करीब 11 बजे सीजीएसटी की टीम ने गोदाम पर पहुंच कर बड़ी मात्रा में कंपनी का माल पाया। दस्तावेजों की जांच करने पर कर चोरी का खुलासा हुआ। टीम ने मौके पर ही जांच शुरू की, जो देर रात तक जारी रही। इसके बाद 50 लाख रुपए की कर वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई।

    अधिकारियों ने बताया कि बिना पंजीकरण के गुटखा सप्लाई करने से सरकार को बड़े पैमाने पर राजस्व का नुकसान हो रहा था। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है, और आगे भी कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।

  • मुख्य सचिव के आदेश 28 फरवरी तक कर्मचारी दें संपत्ति का ब्यौरा

    कई बार बढ़ाई जा चुकी है नियत तिथि, अब अल्टीमेटम

    संपत्ति का ब्यौरा न देने पर मार्च में नहीं मिलेगा वेतन

    लखनऊ (एजेंसी)। मानव संपदा पोर्टल पर अपनी संपत्ति का विवरण नहीं देने वाले राज्य कर्मचारियों को फरवरी के वेतन का भुगतान मार्च में नहीं किया जाएगा। यूपी के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने इस संबंध में कड़े आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से 28 फरवरी तक अपनी चल और अचल संपत्ति का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर देना है। प्रदेश में जिन भी कर्मचारियों ने यह ब्योरा नहीं दिया है, उनका फरवरी माह का वेतन रोक दिया जाएगा।

    गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के सभी कर्मचारियों को 31 दिसंबर 2024 को ही अपनी चल और अचल संपत्ति का ब्योरा देना था। इसके बाद संपत्ति का ब्योरा देने की यह तिथि बार-बार बढ़ाई जाती रही। जनवरी और फरवरी के पहले सप्ताह में यह तिथि दो बार बढ़ाई गई।

    सीएम योगी ने निर्देश दिए थे कि सर्विस बुक को मानव संपदा पोर्टल पर ई-सर्विस बुक के रूप में परिवर्तित करते हुए सभी तरह के अवकाश और एसीपी आदि संबंधी कार्य भी 1 जनवरी 2024 से मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से ही किए जाएं। वर्ष 2023-24 की वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट (एपीआर) मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से ही ऑनलाइन दाखिल की जाए। स्थानांतरण की स्थिति में कार्यमुक्त किए जाने और कार्यभार ग्रहण करने की कार्यवाही भी मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से की जाए। इस डेट को दो बार बढ़ाया जा चुका है।

  • उत्तर प्रदेश में माँ गंगा का प्रथम द्वार है जनपद बिजनौर 

    बिजनौर में सबसे अधिक 115 किलोमीटर में है बहाव क्षेत्र

    पालिका परिषद धामपुर की पूर्व अध्यक्ष लीना सिंघल ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र

    प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेस-वे को वाया बिजनौर से हरिद्वार तक जोड़ने की मांग ने जोर पकड़ा

    लखनऊ/बिजनौर। प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेस-वे को वाया बिजनौर से हरिद्वार तक जोड़ने की मांग जोर पकड़ गई है। बिजनौर लोकसभा क्षेत्र की सह प्रभारी एवं नगर पालिका परिषद धामपुर की पूर्व अध्यक्ष लीना सिंघल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को इस बाबत पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने नजीबाबाद सहकारी चीनी मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने का भी आग्रह किया है।

    बिजनौर लोकसभा क्षेत्र की सह प्रभारी एवं नगर पालिका परिषद धामपुर की पूर्व अध्यक्ष लीना सिंघल ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रयागराज से मेरठ तक तथा आगे हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेस-वे प्रस्तावित है। पत्र के अनुसार मुख्यमंत्री द्वारा नजीबाबाद जनसभा में इस प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेस-वे को मेरठ से वाया बिजनौर होते हुए हरिद्वार तक जोड़ने की घोषणा की गई थी किंतु दिनांक 24 जनवरी 2025 को प्रयागराज महाकुंभ में हुई कैबिनेट की बैठक का हवाला देते हुए समाचार पत्रों में एक खबर प्रकाशित हुई, जिसमें यह कहा गया है कि गंगा एक्सप्रेस-वे को हरिद्वार तक ले जाने के लिए मुजफ्फरनगर से सर्वे कराए जाने के आदेश हो गए हैं। इस खबर के प्रकाशित होने के बाद मन में यह शंका उत्पन्न हुई है कि गंगा एक्सप्रेस-वे बिजनौर से न बनकर किसी अन्य जगह से जाएगा, जबकि उत्तर प्रदेश में माँ गंगा का प्रथम द्वार बिजनौर जनपद ही है।

    माँ गंगा बिजनौर जनपद में सबसे अधिक 115 किलोमीटर क्षेत्र में बहती है। बिजनौर में कोई ऐसा एक्सप्रेस-वे भी नहीं है। आसपास के हर जनपद में कोई न कोई एक्सप्रेस-वे कनेक्ट है। जनपद के सर्वांगीण विकास हेतु गंगा एक्सप्रेस-वे का बिजनौर से होकर जाना जनहित में अत्यंत आवश्यक है। यदि गंगा एक्सप्रेस-वे बिजनौर से होकर जाता है तो बिजनौर के विकास महात्मा विदुर की भूमि, महाराजा भरत की भूमि का विकास होगा। इसके अतिरिक्त भाजपा नेत्री ने पत्र में कहा कि नजीबाबाद सहकारी चीनी मिल की पेराई क्षमता भी बढ़ाने की घोषणा की गई थी। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि जनपद बिजनौर तथा आसपास के क्षेत्र के विकास हेतु दोनों परियोजनाओं के कार्यान्वयन हेतु अग्रिम कार्यवाही करें, जिससे आम जनता को आर्थिक तथा सामाजिक लाभ मिल सके।

  • दृष्टि बाधित 40 मरीजों को निःशुल्क चश्मा और दवा वितरित

    स्वास्थ्य शिविर में 267 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण

    बिजनौर। रेडक्रॉस सोसायटी बिजनौर द्वारा ग्राम रतनगढ़ के गोमती पब्लिक स्कूल में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। इस दौरान 267 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ ही दृष्टि बाधित 40 मरीजों को निःशुल्क चश्मा और दवा वितरित की गई।

    सोसायटी के चेयरमैन टीकम सिंह सेंगर ने बताया कि हर महीने एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन ग्राम स्तर पर किया जा रहा है। स्वास्थ्य शिविर में मेडिकल ऑफिसर नूरपुर पीएचसी डा. आशीष चौहान के नेतृत्व में डॉ रंजना सिंह, स्त्री रोग विशेषज्ञ, पवन कुमार नेत्र परीक्षण अधिकारी, योगेश कुमार डेन्टल हाइजेनिस्ट, मीनू देवी एएनएम, अनुज पाठक एलटी की स्वास्थ्य टीम द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कार्य किया गया। सभी मरीजों को निःशुल्क दवा का वितरण किया गया।

    शिविर को सफल बनाने में विद्यालय के प्रबंधक ब्रह्मपाल सिंह व संजीव डवास अध्यक्ष विवेकानन्द दिव्य भारती द्वारा किए गए वृहद प्रसार प्रचार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
    इस अवसर पर रेडक्रास सोसायटी के डायरेक्टर डा. विशाल, डा. सुनिल कुमार, डा. सुबोध कुमार, योगेश ठाकुर, जितेंद्र चौधरी, रोबिन सिंह आदि उपस्थित रहे।

  • बिजली विभाग ने दिया डिग्री कालेज के प्राचार्य को झटका

    डिग्री कालेज का बिजली बिल 7 अरब 99 करोड़ रुपए

    आजमगढ़। जिले के एक डिग्री कालेज के प्राचार्य को बिजली विभाग ने 7 अरब 99 करोड़ 99 लाख रुपए का बिल थमा दिया। पिछले 6 महीने से प्राचार्य बिल में सुधार कराने के लिए दौड़ रहे हैं। पीड़ित के अनुसार उन्होंने अधिकारियों से कई बार लिखित और मौखिक शिकायत की। इसके बावजूद विभाग ने बिल में संशोधन नहीं किया।

    बिलरियागंज थाना क्षेत्र के श्रीनगर सियरहा गांव निवासी डॉ. बिजेंद्र राय तरवां क्षेत्र के एक डिग्री कालेज में प्राचार्य हैं। उन्होंने ब्रह्मस्थान स्थित आराजीबाग मोहल्ले में अपनी मां साधना राय के नाम से जमीन खरीदी थी। इस पर उन्होंने एक साल पहले मकान भी बनवा लिया है। उन्होंने बताया कि मां के नाम से उन्होंने निर्माण के दौरान ही अस्थायी कनेक्शन लिया था। उस दौरान तक बिजली बिल ठीक आ रहा था।
    बाद में विभाग ने उन्हें स्थायी कनेक्शन दे दिया। इसके बाद 7 अरब 99 करोड़ 99 लाख रुपए का बिजली का बिल थमा दिया। प्राचार्य ने बताया कि 6 महीने से वह बिजली बिल को सही कराने के लिए दौड़ रहे हैं। अफसरों को शिकायती पत्र भी दे चुके हैं। इसके बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।

    डॉ. बिजेंद्र राय ने बताया कि वह पहले की तरह हर महीने 700 से 800 रुपए का बिजली बिल जमा करते चले आ रहे हैं। विभाग ने उन्हें आश्वासन दिया था कि बिजली बिल सही हो जाएगा, लेकिन हर महीने भारी-भरकम बिल जुड़कर आ रहा है। यह विभाग की बड़ी लापरवाही है।
    प्राचार्य ने बताया कि उनके खानदान के लोग अपनी पूरी संपत्ति बेच दे तो भी इतने बिल का भुगतान नहीं हो सकता है। कई महीने से परिवार के लोग भी टेंशन में हैं। विद्युत निगम के मुख्य अभियंता नरेश कुमार ने बताया कि मीडिया के जरिए मामले की जानकारी हुई है। बिल की कापी मंगवाई गई है। बिल में सुधार के लिए सोमवार को प्राचार्य को बुलाया है। जांच के बाद इसे सही करा दिया जाएगा।

  • रंग-बिरंगे झंडे पोस्टर के साथ शांति और समानता का संदेश

    LGBTQ के अधिकारों के लिए निकली Queer Pride Walk


    https://thh.newzo.in/Lnk/SRWR202502231708313022343993

    लखनऊ। एलजीबीटीक्यू यानी लेस्बियन, गे, बाइसेक्सुअल, ट्रांसजेंडर और क्वीर ने अपने अधिकार और समाज से स्नेह की मांग करते हुए मार्च निकाला। इस समुदाय को सरकार और समाज से उम्मीद है कि बराबर से समझा जाए। राजधानी में रविवार को ‘क्वीर प्राइड परेड’ निकाली गई। इस परेड में एलजीबीटीक्यू समुदाय के लोगों का मकसद अधिकारों के प्रति जानकारी देना है। इनके खिलाफ उत्पीड़न की गाथा बहुत लंबी पुरानी है, लेकिन दु:ख की बात है कि यह भारत और अन्य जगहों पर सबसे अधिक अनदेखा, उपेक्षित और तुच्छ मुद्दा है। लोग समझने का प्रयास नहीं करते हैं कि यह वर्ग भी समाज का हिस्सा है।

    गौरतलब है कि लैंगिक समानता और LGBTQ समुदाय के अधिकारों के लिए कई शहरों में क्वीर प्राइड वॉक निकाली जाती है। इन वॉक में रंग-बिरंगे झंडे और पोस्टर के साथ शांति और समानता का संदेश दिया जाता है।

    क्वीर प्राइड वॉक के कुछ उदाहरण:

    दिल्ली क्वीर प्राइड परेड

    दिल्ली में क्वीर प्राइड परेड बाराखंभा रोड से शुरू होकर जंतर-मंतर पर खत्म होती है। वर्ष 2023 की इस परेड में करीब 15,000 लोगों ने हिस्सा लिया था।

    कानपुर क्वीर प्राइड परेड

    कानपुर में क्वीर प्राइड परेड का आयोजन किया जाता है. इस परेड का मकसद LGBTQIA+ समुदाय के लोगों के अधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक करना है।

    अवध क्वीर प्राइड वॉक

    लखनऊ में अवध क्वीर प्राइड वॉक निकाली जाती है। इस वॉक में रंग-बिरंगे झंडे, चमकीले परिधान पहने लोग शामिल होते हैं।

    क्वीर प्राइड वॉक के ज़रिए दिए जाते हैं ये संदेश:

    सभी के लिए समानता, सम्मान और स्वतंत्रता की मांग
    सरकार और अधिकारियों से अपील की जाती है कि वे समानता के अधिकारों के संरक्षण के लिए कदम उठाएं।समाज में बदलाव की दिशा में क्वीर प्राइड वॉक अहम कदम है। हर व्यक्ति के साथ उसकी लिंग पहचान या यौन अभिविन्यास की परवाह किए बिना सम्मान के साथ व्यवहार किया जाना चाहिए।

  • बड़ी मुश्किल में फंसे एटा की कासगंज पुलिस लाइंस के दरोगा जी

    सोशल मीडिया पर तरफदारों की भी नहीं कमी

    शराब के नशे में दरोगा का वीडियो वायरल, निलंबित

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के जिला एटा की पुलिस लाइंस कासगंज के एक दरोगा जी बड़ी मुश्किल में फंस गए हैं। शराब के नशे में धुत होकर दरोगा जी एक महिला को गलबहियां कर रहे हैं। ये वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल हो गया है। पुलिस अधीक्षक ने वायरल वीडियो को संज्ञान में लेते हुए दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

    वहीं बताया गया है कि दरोगा जी के साथ उनकी धर्मपत्नी है, जो उनकी हालत देख कर उन्हें सामान्य करने के प्रयास में है। सोशल मीडिया पर तरफदारों की भी कमी नहीं है। कईयों की पोस्ट से साफ साबित हो रहा है कि कार्रवाई से पहले मामले की तह तक जाना चाहिए था।

  • रिजर्व पुलिस लाइन में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ की महत्वपूर्ण बैठक

    प्रमुख त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डीआईजी के विशेष निर्देश

    बिजनौर। आगामी कांवड़ यात्रा, महाशिवरात्रि, रमजान और होली जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डीआईजी मुरादाबाद मुनिराज ने विशेष निर्देश दिए हैं।

    इस सिलसिले में मुरादाबाद के डीआईजी मुनिराज ने बिजनौर पुलिस लाइन का दौरा किया और रिजर्व पुलिस लाइन के सभागार कक्ष में जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा करना था।

    डीआईजी मुनिराज ने कांवड़ यात्रा, महाशिवरात्रि, रमजान और होली जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने त्योहारों के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।डीआईजी ने अधिकारियों को त्योहारों के समय पूरी सतर्कता बरतने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस बल को सतर्क रहकर कार्य करने और जिले में अमन-चैन बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की हिदायत दी। सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने, संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखने और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पूरी मुस्तैदी ड्यूटी करने के निर्देश दिए।

    बैठक में एसपी अभिषेक झा, एसपी सिटी संजीव वाजपेई, एसपी ग्रामीण राम अर्ज और एसपी पूर्वी धर्म सिंह मार्छल के साथ जिले के सभी सर्किल ऑफिसर और थाना प्रभारी भी उपस्थित रहे।

  • मंडावर पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दबोचा हिस्ट्रीशीटर बदमाश

    गंभीर धाराओं में दर्ज हैं ढ़ाई दर्जन मुकदमे

    फर्जी तरीके से जमानत कराई और करने लगा लूट

    बिजनौर। थाना मंडावर पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान न्यायालय से फर्जी जमानत कराकर थाना नगीना देहात क्षेत्र में लूट की घटना को अंजाम देने वाले हिस्ट्रीशीटर अभियुक्त को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया है। अभियुक्त के खिलाफ विभिन्न थानों में हत्या, लूट, चोरी, गैंगस्टर एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में करीब ढ़ाई दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। 

    जानकारी के अनुसार दिनांक 09 फरवरी 2025 को सचिन कुमार पुत्र किशोरी सिंह निवासी ग्राम कनकपुर कलां थाना नजीबाबाद जनपद बिजनौर ने थाना नगीना देहात पर तहरीर दी कि वह अपनी पत्नी व बेटे के साथ अपनी ससुराल जा रहा था। रास्ते में जंगल ग्राम आब्दीपुर के पास एक मोटरसाइकिल पर सवार 03 अज्ञात बदमाशों ने उसकी मोटरसाइकिल को रुकवा लिया तथा तमंचे से डरा धमका कर मोबाइल फोन, नगदी व उसकी पत्नी से आभूषण छीन लिए। इस संबंध में थाना नगीना देहात पर मु.अ.सं. 27/25 धारा 309 (4) बीएनएस पंजीकृत किया गया।

    विवेचनात्मक कार्यवाही के दौरान उक्त अभियोग में मनोज उर्फ नेवला पुत्र ध्यान सिंह निवासी ग्राम अकबरपुर अंगाखेडी थाना मंडावर जनपद बिजनौर, विनोद उर्फ काना पुत्र बलराम निवासी ग्राम रानीकोटा थाना नगीना देहात जनपद बिजनौर तथा रोहित पुत्र धनीराम निवासी ग्राम शाहपुर उर्फ खैरुल्लापुर थाना नजीबाबाद जनपद बिजनौर के नाम प्रकाश में आए। थाना नगीना देहात पुलिस द्वारा दिनांक 20 फरवरी 2025 को अभियुक्त को लूटे गए मोबाइल फोन व नगदी सहित गिरफ्तार किया जा चुका है। अभी विनोद उर्फ काना पुलिस गिरफ्त से बाहर है।

    बताया गया है कि  21 फरवरी 2025 को थाना मंडावर पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि थाना मंडावर का हिस्ट्रीशीटर अपराधी मनोज उर्फ नेवला थाना क्षेत्र में कोई घटना को अंजाम देने के लिए किरतपुर की तरफ से मंडावर की ओर आ रहा है। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल मौहंडिया पुलिया पर पहुंचकर चेकिंग प्रारंभ की गई। इस दौरान किरतपुर की तरफ से आ रही मोटरसाइकिल को रोकने की कोशिश की गई तो उस पर सवार व्यक्ति ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नियत से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी फायरिंग में अभियुक्त के पैर में गोली लगी, जिसे घायल अवस्था में पुलिस हिरासत में लिया गया। पूछताछ पर अभियुक्त ने अपना नाम मनोज उर्फ नेवला बताया। उसके कब्जे से एक अवैध तमंचा 315 बोर, 02 जिन्दा कारतूस व 02 खोखा कारतूस, बिना नंबर प्लेट की एक मोटर साईकिल होण्डा SF बरामद की गई। पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त मनोज उपरोक्त को उपचार हेतु जिला चिकित्साल्य, बिजनौर मे भर्ती किया गया है। इस संबंध में थाना मंडावर पर मु.अ.सं. 35/2025 धारा 109 (1) बीएनएस व 3/25/27 आयुध अधिनियम पंजीकृत करने के साथ ही अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।

    कोर्ट में लगाए थे फर्जी जमानती

    पुलिस पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह अपने पूर्व के मुकदमों में पिछले काफी समय से जेल में बंद था तथा उसकी हाईकोर्ट से जमानत हो गई थी, लेकिन जमानती न मिलने के कारण वह अपने वकील के माध्यम से नजीबाबाद कोर्ट में फर्जी जमानती लगाकर दिनांक 02.01.2025 को जेल से बाहर आ गया था। इसके बाद दिनांक 09.02.2025 को उसने अपने साथी विनोद व रोहित के साथ मिलकर थाना नगीना देहात क्षेत्र में एक दंपति के साथ लूट की घटना की थी।

    खास बात…

    अभियुक्त मनोज उर्फ नेवला द्वारा अपने साथियों के मिलकर थाना नगीना देहात क्षेत्रान्तर्गत लूट की घटना के संबंध में थाना नगीना देहात पर मु.अ.सं. 27/25 धारा 309 (4) बीएनएस पंजीकृत है तथा अभियुक्त द्वारा नजीबाबाद कोर्ट में थाना मण्डावर क्षेत्र के फर्जी जमानती लगाकर फर्जी जमानत लेने के संबंध में मृदुल कुमार, प्रभारी निरीक्षक थाना मंडावर द्वारा अभियुक्त मनोज उर्फ नेवला के विरुद्ध थाना नजीबाबाद पर मु.अ.सं. 51/25 धारा 319(2)/318(4)/338/336(3)/340(2)/61 (2) बी.एन.एस. पंजीकृत कराया गया है। उपरोक्त दोनों अभियोगों में अभियुक्त मनोज उर्फ नेवला वांछित चल रहा था।

    अभियुक्त मनोज उर्फ नेवला थाना मंडावर का हिस्ट्रीशीटर अभियुक्त है, जिसके विरुद्ध जनपद बिजनौर के विभिन्न थानो पर हत्या, लूट, चोरी, गैंगस्टर एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में करीब ढ़ाई दर्जन अभियोग पंजीकृत हैं। 

    अभियुक्त मनोज उर्फ नेवला का आपराधिक इतिहास –

    1. मु.अ.सं. 1509/05 धारा 398, 401 भादवि थाना मण्डावर जनपद बिजनौर।
    2. मु.अ.सं. 1510/05 धारा 25 आयुध एक्ट थाना मण्डावर जनपद बिजनौर।
    3. मु.अ.सं. 981/06 धारा 356 भादवि थाना मण्डावर जनपद बिजनौर।
    4. मु.अ.सं. 57/07 धारा 25 आयुध एक्ट थाना मण्डावर जनपद बिजनौर।
    5. मु.अ.सं. 288/07 धारा 4/25 आयुध एक्ट थाना मण्डावर जनपद बिजनौर।
    6. मु.अ.सं. 976/08 धारा 392/411 भादवि थाना मण्डावर जनपद बिजनौर।
    7. मु.अ.सं. 1053/08 धारा 392,411 भादवि थाना मण्डावर जनपद बिजनौर।

    8. मु.अ.सं. 1054/08 धारा 25 आयुध एक्ट थाना मण्डावर जनपद बिजनौर।
    9. मु.अ.सं. 188/11 धारा 356 भादवि थाना मण्डावर जनपद बिजनौर।
    10. मु.अ.सं. 237/11 धारा 379/411 भादवि थाना हीमपुर जनपद बिजनौर।
    11. मु.अ.सं. 88/11 धारा 356 भादवि थाना मण्डावर जनपद बिजनौर।
    12. मु.अ.सं. 261/12 धारा 389/411 भादवि थाना किरतपुर जनपद बिजनौर।
    13. मु.अ.सं. 305/12 धारा 3 (1) गैंगस्टर एक्ट थाना किरतपुर जनपद बिजनौर।
    14. मु.अ.सं. 288/12 धारा 25 आयुध एक्ट थाना मण्डावर जनपद बिजनौर।
    15. मु.अ.सं. 261/12 धारा 392,411 भादवि थाना मण्डावर जनपद बिजनौर।
    16. मु.अ.सं. 25/14 धारा 323,504,302 भादवि थाना किरतपुर जनपद बिजनौर।
    17. मु.अ.सं. 48/16 धारा 302, 201, 120 बी भादवि थाना नहटौर जनपद बिजनौर।
    18. मु.अ.सं. 346/16 धारा 3 (1) गैंगस्टर एक्ट थाना नहटौर जनपद बिजनौर।
    19. मु.अ.सं. 227/19 धारा 392,411 भादवि थाना नगीना जनपद बिजनौर।
    20. मु.अ.सं. 264/19 धारा 3/25 आयुध एक्ट थाना नगीना जनपद बिजनौर।
    21. मु.अ.सं. 363/19 धारा 3 (1) गैंगस्टर एक्ट थाना नगीना जनपद बिजनौर।
    22. मु.अ.सं. 549/19 धारा 392, 411 भादवि थाना कोतवाली शहर जनपद बिजनौर।
    23. मु.अ.सं. 46/19 धारा 392, 411 भादवि थाना नांगल जनपद बिजनौर।
    24. मु.अ.सं. 141/19 धारा 392, 411 भादवि थाना कोतवाली देहात जनपद बिजनौर।
    25. मु.अ.सं. 142/19 धारा 392, 411 भादवि थाना कोतवाली देहात जनपद बिजनौर।
    26. मु.अ.सं. 204/19 धारा 392, 411, 420 भादवि थाना हल्दौर जनपद बिजनौर।
    27. मु.अ.सं. 282/19 धारा 307 भादवि थाना नगीना जनपद बिजनौर।
    28. मु.अ.सं. 51/25 धारा 318(4), 319 (2), 336(3), 338, 340(2), 61 (2) बीएनएस थाना नजीबाबाद जनपद बिजनौर।
    29. मु.अ.सं. 27/25 धारा 309 (4) बीएनएस थाना नगीना देहात जनपद बिजनौर।
    30. मु.अ.सं. 35/25 धारा 109 (1) बीएनएस व 3/25/27 आर्म्स एक्ट थाना मंडावर जनपद बिजनौर।

    गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना मंडावर प्रभारी निरीक्षक मृदुल कुमार सिंह, उपनिरीक्षक मीर हसन, उपनिरीक्षक विपिन कुमार, मुख्य आरक्षी कपिल शर्मा, कांस्टेबल विपिन एवं कांस्टेबल प्रविश शामिल थे।

  • अल्मोड़ा और आसपास के मरीजों के लिए राहत भरी खबर!

    मरीजों को सुनने की क्षमता की जांच के लिए नहीं जाना पड़ेगा दूरदराज

    अब अल्मोड़ा जिला अस्पताल में उपलब्ध होगी ऑडियोमेट्री टेस्ट की सुविधा

    अल्मोड़ा। पंडित हर गोविंद पंत जिला चिकित्सालय, अल्मोड़ा में ऑडियोमेट्री टेस्ट की सुविधा पुनः शुरू होगी ऑडियोलॉजिस्ट ऋतुराज ने कार्यभार संभाल लिया है, जिससे अब मरीजों को अपनी सुनने की क्षमता की जांच के लिए दूरदराज नहीं जाना पड़ेगा।

    इस सुविधा के शुरू होने से न केवल अल्मोड़ा जिले के मरीजों को बल्कि सीमावर्ती पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। पहले, श्रवण संबंधी समस्याओं के निदान और जांच के लिए मरीजों को हल्द्वानी या अन्य मैदानी इलाकों का रुख करना पड़ता था, जिससे न केवल समय बल्कि अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ता था।

    किन मरीजों को पड़ती है ऑडियोमेट्री टेस्ट की जरूरत ?

    ऑडियोमेट्री टेस्ट कानों की सुनने की क्षमता का मूल्यांकन करने के लिए किया जाता है और यह श्रवण संबंधी कई समस्याओं की पहचान में मदद करता है, जैसे –

    ✔ कम सुनाई देना या बहरापन
    ✔ कान में लगातार सीटी बजने या आवाज़ गूंजने की समस्या (टिनिटस)
    ✔ सुनने की क्षमता में अचानक गिरावट
    ✔ शारीरिक या न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के कारण सुनने की क्षमता प्रभावित होना
    ✔ उम्र बढ़ने के कारण सुनने की क्षमता में कमी (बुजुर्गों में सामान्य समस्या)
    ✔ बच्चों में जन्मजात श्रवण दोष की जांच और उपचार।

    संजय पाण्डे के प्रयासों से स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार

    सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे के अथक प्रयासों से अल्मोड़ा जिला अस्पताल में पहले ही नाक, कान और गला (ईएनटी) विशेषज्ञ की नियुक्ति हो चुकी है। अब ऑडियोमेट्री टेस्ट की सुविधा भी शुरू होने से कानों से जुड़ी समस्याओं की समय रहते पहचान कर, उचित इलाज संभव हो सकेगा।

    अभी भी है इन विशेषज्ञों की जरूरत – संजय पाण्ड

    सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने कहा कि अल्मोड़ा जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं में अभी भी सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने लेप्रोस्कोपिक मशीन (दूरबीन पद्धति से सर्जरी करने वाली मशीन) की अनुपलब्धता पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि वह इसे जल्द से जल्द अस्पताल में उपलब्ध कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं। इसके अलावा, अल्मोड़ा जिला अस्पताल में अभी भी एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, मानसिक रोग विशेषज्ञ, अस्थि रोग विशेषज्ञ (ऑर्थोपेडिक सर्जन) और महिला चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट की कमी बनी हुई है। इन पदों की नियुक्ति के लिए शासन स्तर पर लगातार वार्ता और पत्राचार जारी है, ताकि जल्द से जल्द इन रिक्तियों को भरा जा सके और मरीजों को समुचित चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।

    जनता की ओर से आभार

    ऑडियोमेट्री टेस्ट की सुविधा बहाल होने पर संजय पाण्डे ने समस्त अल्मोड़ा की जनता की ओर से प्रशासन और जिला चिकित्सालय प्रबंधन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आशा जताई कि आने वाले समय में अल्मोड़ा जिला अस्पताल में और भी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

  • काकोरी स्मृति कला उत्सव 2025 का भव्य समापन

    राज्य ललित कला अकादमी एवं बाबू त्रिलोकी सिंह इंटर कॉलेज के संयुक्त तत्वाधान में कार्यक्रम

    समृद्ध भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाएं युवा: डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा

    लखनऊ। राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश एवं बाबू त्रिलोकी सिंह इंटर कॉलेज के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित काकोरी स्मृति कला उत्सव 2025 का भव्य समापन विद्यालय परिसर में किया गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे प्रसिद्ध चित्रकार एवं राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा ने उपस्थित कलाकारों को संबोधित करते हुए कहा की काकोरी का ट्रेन एक्शन भारतीय स्वतंत्रता के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। वॉल पेंटिंग के माध्यम से कलाकारों ने न सिर्फ काकोरी की घटना का चित्रांकन किया है वरन स्वयं उस समय की घटना का साक्षात्कार भी किया होगा। उन्होंने समृद्ध भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं को प्रेरित किया।

    कलाकारों के मंगलमय भविष्य की कामना

    विशिष्ट अतिथि के रूप में स्थानीय समाजसेवी एवं व्यापारी रमाकांत गुप्त ने कार्यशाला में प्रतिभागियों को उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए अपनी तूलिका के माध्यम से समाज में अच्छा संदेश देने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में सभी कलाकारों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए एवं अतिथियों ने उनके मंगलमय भविष्य की कामना की।

    30 से अधिक चित्रकारों ने किया प्रतिभाग

    बाबू त्रिलोकी सिंह इंटर कॉलेज काकोरी की दीवारों पर अलंकृत काकोरी घटना के चित्रांकन की इस चार दिवसीय कार्यशाला में 30 से अधिक चित्रकारों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का प्रारंभ मां सरस्वती के चित्र पर मल्यार्पण एवं वंदना से किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राजकुमार सिंह ने आमंत्रित अतिथियों एवं कलाकारों का स्वागत अभिनंदन करते हुए कार्यशाला के आयोजन एवं उसके उद्देश्य पर प्रकाश डाला।

    संपूर्ण आयोजन के मुख्य संयोजक तथा विद्यालय के कला शिक्षक अमित कुमार ने कार्यक्रम का संचालन तथा अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर ललित कला अकादमी के सदस्य डॉक्टर सुनील कुमार सिंह कुशवाहा सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिकों समेत विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाओं की उपस्थिति रही।

  • अधिकतर लक्जरी गाड़ियों के बरसों से जमा नहीं किए गए चालान

    अब भी राजसी सुख भोग रहे साइकिल वाले भइया जी के करीबी

    Happy Birthday पर नेता जी को मंहगे गिफ्ट थमा गए लाखों के डिफॉल्टर

    (वाहनों की सूची पार्ट~2 में)

    लखनऊ। सत्ता के खेल निराले हैं, ये कहावत तो अमूमन आम सी बात हो कर रह गई है। सत्ता हो तो बड़े और छुटभैया भी तीरंदाज हो जाते हैं। … लेकिन जब बड़े पद पर रहे लोगों का आचरण निचले स्तर का हो जाए तो स्थिति विकट हो जाती है।

    दरअसल साइकिल वाले भइया जी के एक करीबी अब भी राजसी सुख भोग रहे हैं। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार कानपुर रोड स्थित राजधानी की एक पाश कॉलोनी में बना उनका कई (टू, थ्री, फोर या फाइव) स्टार मानिंद बंगला हमेशा गुलज़ार रहता है। उस पर सरकार से मिले खाकी वर्दी वाले की अनवरत तैनाती नेता जी की राजनीतिक पहुंच का भी खुलासा करती नज़र आती है। रोजाना उनके दरबार में मत्था टेकने वाले मजमा लगाए रहते हैं। इतने बड़े नेता हैं तो उनसे मिलने वाले लक्जरी गाड़ियों से ही पहुंचेंगे भी, इसलिए पार्किंग सड़क और खाली पड़े प्लॉट्स में ही होगी! लिहाजा कालोनी वालों को अपने वाहन निकालने तक में पापड़ बेलने पड़ जाते हैं। बोल इसलिए नहीं सकते चूंकि हर गाड़ी पर “झंडा ऊंचा रहे हमारा” जो बुलंद हो रहा है।

    खैर, रही सही कसर हाल ही में उनके हैप्पी बर्थडे पार्टी ने पूरी कर दी। सुबह से ही हार्दिक बधाई देने वाले जुटने शुरू हुए तो ये सिलसिला देर रात तक जारी रहा। मालूम करने पर रोचक तथ्य सामने आया कि अधिकतर लक्जरी गाड़ियों के चालान बरसों से जमा तक नहीं किए गए हैं। इनमें ओवर स्पीड, सीट बैल्ट आदि ट्रैफिक रूल्स उल्लंघन के हैं।

    हद तो तब हो गई जब हैप्पी बर्थडे पार्टी के बाद कूड़ा करकट देर रात कालोनी में ही एक खाली पड़े प्लॉट के सुपुर्द कर दिया गया। इसमें उपहारों के रैपर, बुके, खाने की डिस्पोजल प्लेट, कटोरी आदि काफी कुछ शामिल रहे। एक जागरूक नागरिक से हासिल फोटो असलियत खुद बयां कर रहे हैं। अगली सुबह लखनऊ नगर निगम की कूड़ा उठाने वाली गाड़ी के आने से पहले तक आवारा पशुओं ने खूब धमाल मचाया और खुलकर कचरा सड़कों पर फैलाया।

    चालान जमा न करने पर तीन गुना तक बढ़ सकता है जुर्माना

    गौरतलब है कि वाहन का चालान जमा न करने पर जुर्माना तीन गुना तक बढ़ सकता है। इसके अलावा, गाड़ी को ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अगर चालान का भुगतान समय पर नहीं किया जाता, तो मामला वर्चुअल कोर्ट में भेजा जा सकता है। कोर्ट में चालान के पैसे जमा करने के लिए पेश होना पड़ सकता है। कोर्ट चालान के पैसों की रिकवरी के लिए ऑर्डर जारी करेगा। इसके बाद पुलिस रिकवरी करने के लिए एक्शन लेगी। अगर किसी गाड़ी के पहले से पांच चालान कटे हैं, लेकिन 90 दिनों के अंदर जमा नहीं किए तो गाड़ी ब्लैकलिस्ट हो सकती है। ब्लैकलिस्ट होने के बाद वाहन मालिक अपनी गाड़ी का फ़िटनेस, प्रदूषण, ओनरशिप ट्रांसफ़र जैसी कोई भी सुविधा नहीं ले पाएगा। ट्रैफ़िक नियमों का उल्लंघन करने पर ट्रैफ़िक पुलिसकर्मी चालान कर सकते हैं। गाड़ी मालिक या जिसके नाम पर चालान कटा है उसे तय समय के अंदर जुर्माना भरना पड़ता है।

    बार बार नियम तोड़ने पर 315 वाहनों पर कड़ी कार्रवाई

    पिछले दिनों लखनऊ में सड़क पर चलने के नियमों को बार-बार तोड़ने वाले 315 वाहनों पर बड़ी कार्रवाई की गई। अब ये सभी वाहन तीन माह तक सड़कों पर नहीं दिखेंगे। एआरटीओ प्रशासन प्रदीप कुमार सिंह ने इन वाहनों का पंजीकरण तीन माह के लिए निलंबित कर दिया। पंजीकरण निलंबन के बाद भी यदि वाहन सड़क पर चलता है और कोई घटना होती है तो वाहन स्वामी जिम्मेदार होगा। घटना के संबंध में बीमा क्लेम भी नहीं मिलेगा। राजधानी के विभिन्न चौराहों पर रेड लाइट जंपिंग, बिना हेलमेट दो पहिया वाहन चलाना, बिना सीट बेल्ट चार पहिया वाहन चलाना, नो पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करना, बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाला वाहन चलाना, ओवर स्पीडिंग सहित अन्य तरह की गतिविधियां वाहन चालक अक्सर करते रहे हैं। सभी वाहन चालक व वाहन स्वामी यह मानकर चल रहे थे, चालान होने भर से उनका क्या हो जाएगा? चालान जमा कर देंगे।पुलिस उपायुक्त यातायात लखनऊ ने ऐसे वाहनों की निगरानी की, जिन्होंने यातायात नियमों को बार-बार तोड़ा, शहर में सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले 319 वाहन स्वामी चिह्नित हुए, उन सभी पर कार्रवाई करने के लिए एआरटीओ प्रशासन को रिपोर्ट भेजा।
    एआरटीओ प्रशासन ने सभी वाहन स्वामियों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा, उनमें से सिर्फ चार लोगों ने कार्यालय पहुंचकर जवाब दिया। उनके जवाब को नियमानुसार सही मानते हुए कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, जिन 315 वाहन स्वामियों ने कई चालान के बाद नोटिस का जवाब देना भी उचित नहीं समझा, मोटर वाहन अधिनियम 1988 के तहत प्रावधान का प्रयोग करके ऐसे वाहन स्वामियों का पंजीकरण तीन माह के लिए निलंबित कर दिया गया। एआरटीओ प्रशासन ने यह भी अल्टीमेटम दिया है कि सुधार न होने पर संबंधित वाहन स्वामी का पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा। (वाहनों की सूची पार्ट~2 में)

  • मौत के चार महीने बाद कब्र से बाहर निकाली गई लाश

    उठने वाला है शाइस्ता की मौत से पर्दा

    बिजनौर। शाइस्ता की मौत की वजह पीएम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट हो जाएगी। डीएम के आदेश पर मौत के चार माह बाद शाइस्ता की लाश कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दी गई है।

    कोतवाली अफजलगढ़ क्षेत्र के ग्राम गोवर्धनपुर उर्फ नाबका निवासी मौ. यामीन उर्फ नेता के पुत्र नाजिम अंसारी का विवाह सन 2013 में काजी सराय शेरकोट निवासी शाइस्ता पुत्री सईद अंसारी के साथ हुआ था। शाइस्ता से एक पुत्री निशा परवीन हुई, जो अब 10 वर्ष की है। उसके बाद पैदा हुए एक बच्चे की पैदाइश के वक्त ही मौत हो गई थी। 26 अक्टूबर 2024 को शाइस्ता की अचानक मौत हो जाने का मामला सामने आया। उस समय शाइस्ता के पति मौ. नाजिम आदि ससुराल पक्ष के लोगों का कहना था कि शाइस्ता की मौत बीमारी के चलते हुई है, जबकि शाइस्ता के मायके वालों को संदेह था कि शाइस्ता की हत्या की गई है। इसी के चलते शाइस्ता के पिता ने कार्यवाही की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई। डीएम ने शाइस्ता के शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिये, जिसके अनुपालन में नायब तहसीलदार कपिल कुमार आजाद सहयोगी टीम के साथ ग्राम नाबका पहुंचे और कब्र से शाइस्ता के शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस दौरान एसओ अफजलगढ़ सुमित राठी, ग्राम प्रधान मुस्तकीम मलिक व गांव के तमाम लोग भी मौजूद रहे।

  • हरिद्वार से संबंधित मार्गों पर निरीक्षण, भ्रमण शुरू

    कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी सजग

    बिजनौर। महाशिवरात्रि पर्व पर कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस ने सुरक्षा और यातायात के पुख्ता इंतजाम किए हैं। जिले भर में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लगातार संबंधित मार्गों पर निरीक्षण, भ्रमण शुरू कर दिया गया है।

    धामपुर के उपजिलाधिकारी कुंवर बहादुर सिंह व पुलिस क्षेत्राधिकारी सर्वम सिंह ने धामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आगामी कांवड़ पर्व के संबंध में कांवड़ मार्गों का भ्रमण कर रूट डायवर्जन, बैरिकेडिंग, पिकेट स्थल आदि को चेक किया। उन्होंने संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

    धामपुर क्षेत्र है महत्वपूर्ण

    धामपुर तहसील क्षेत्र की सीमा से होकर शिवभक्त बड़ी संख्या में कांवड़ लेने के लिए हरिद्वार रवाना होते हैं। धामपुर से होकर गुजरने वाले बाहरी वाहनों के रूट डायवर्ट का प्लान 19 फरवरी से प्रभावी हो गया है। काशीपुर, हल्द्वानी, बरेली, पीलीभीत, संभल, मुरादाबाद, रामपुर, शाहजहांपुर समेत अनेक जनपदों के शिवभक्त हरिद्वार से कांवड़ लेकर धामपुर तहसील क्षेत्र की सीमा से होकर अपने गंतव्य को रवाना होते हैं। बताया गया है कि दुर्गा विहार कालोनी से बाईपास को होकर बड़े वाहन गुजरेंगे, यहां से सीधे नगीना चौराहा की तरह कोई भी बड़ा वाहन नहीं जाएगा।

    निरीक्षण को पहुंचे ASP ग्रामीण 

    इसी प्रकार अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने थाना कोतवाली देहात तथा थाना नगीना क्षेत्रांतर्गत कांवड़ पर्व के संबंध में कांवड़ मार्ग का भ्रमण किया। उन्होंने रूट डायवर्जन, बैरिकेडिंग, पिकेट ड्यूटी आदि को चैक कर सर्वसंबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

    मिशन पर CO अफजलगढ़ और धामपुर 

    आगामी कांवड़ यात्रा को लेकर क्षेत्राधिकारी अफजलगढ़ व क्षेत्राधिकारी धामपुर भी मिशन पर निकले। उन्होंने थाना शेरकोट क्षेत्रान्तर्गत व धामपुर बॉर्डर पर आगामी कांवड़ यात्रा के संबंध में कांवड़ रुट मार्गो का भ्रमण कर रूट डायवर्जन, बैरिकेडिंग आदि को चेक कर सर्वसंबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

    CO नगीना ने किया निरीक्षण

    इसी प्रकार क्षेत्राधिकारी नगीना द्वारा कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत थाना नगीना क्षेत्रान्तर्गत पुरैनी टोल प्लाजा पर कांवड़ यात्रा मार्ग का भ्रमण / निरीक्षण कर रूट डायवर्जन, बैरिकेडिंग आदि को चेक कर सर्वसंबंधित का आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।

    सीओ नजीबाबाद भी मैदान में

    क्षेत्राधिकारी नजीबाबाद द्वारा थाना नजीबाबाद व थाना मंडावली क्षेत्रान्तर्गत आगामी कांवड़ यात्रा के संबंध में कांवड़ रुट मार्गो का भ्रमण कर रूट डायवर्जन, बैरिकेडिंग आदि को चेक कर सर्वसंबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।

  • कक्षा एक से आठवीं तक एनसीईआरटी की पुस्तकें ही लागू करने की मांग

    प्राइवेट टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने भेजा सीएम को ज्ञापन

    निजी स्कूलों में हर साल बदल दी जाती हैं किताबें

    ~शैली सक्सेना

    लखनऊ। निजी स्कूलों में हर साल किताबें बदलने और महंगे प्रकाशनों की पुस्तकें अनिवार्य करने की प्रथा पर रोक नहीं लगाई जा सकी है। इसे लेकर प्राइवेट टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन ने कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए एनसीईआरटी की पुस्तकें ही लागू करने की मांग की, ताकि अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।

    प्राइवेट टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार सिंह और संयोजक शिशिर कुमार वाजपेयी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मुलाकात करने पहुंचा। उन्होंने डीएम को ज्ञापन देकर कहा कि लखनऊ के अधिकांश निजी स्कूल हर साल अपने मनमाने प्रकाशनों की किताबें बदलते हैं। इन्हें अपनी ही दुकानों से बेचकर भारी कमीशन कमाते हैं। इससे अभिभावकों को किताबें खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

    40 से 50 प्रतिशत तक कमीशन लेकर बेचते हैं किताबें

    प्राइवेट टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया कि निजी स्कूल 40 से 50 प्रतिशत तक कमीशन लेकर महंगी किताबें बेचते हैं, जबकि सरकार की शिक्षा नीति के तहत कक्षा एक से आठ तक एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्य रूप से लागू होनी चाहिए। एसोसिएशन ने स्कूलों में जुलाई-अगस्त में औचक निरीक्षण कराने की मांग की है। वजह बताई गई कि इससे सुनिश्चित किया जा सकेगा कि वहां एनसीईआरटी की किताबें लागू की जा रही हैं या नहीं। उन्होंने सभी निजी स्कूल प्रबंधकों से इस संबंध में लिखित स्पष्टीकरण भी लेने का अनुरोध किया। साथ ही जनहित में इस शिकायत पर तत्काल कार्रवाई और सभी निजी स्कूलों को एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू करने का निर्देश देने की मांग की।

  • दुनिया की पहली हवाई डाक सेवा ने पूरे किए 114 वर्ष

    6,500 पत्रों को लेकर उड़ा था विमान – पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव

    प्रयाग कुंभ मेले से 18 फरवरी 1911 को शुरू हुई थी दुनिया की पहली हवाई डाक सेवा

    डाक सेवाओं ने पूरी दुनिया में एक लम्बा सफर तय किया है। भारत को यह सौभाग्य प्राप्त है कि दुनिया की पहली हवाई डाक सेवा यहीं से आरम्भ हुई। उत्तर गुजरात परिक्षेत्र, अहमदाबाद के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि यह ऐतिहासिक घटना 114 वर्ष पूर्व 18 फरवरी, 1911 को प्रयागराज में हुई थी। संयोग से उस साल कुंभ का मेला भी लगा था। उस दिन फ्रेंच पायलट मोनसियर हेनरी पिक्वेट ने एक नया इतिहास रचा था। वे अपने विमान में प्रयागराज से नैनी के लिए 6500 पत्रों को अपने साथ लेकर उड़े। विमान था हैवीलैंड एयरक्राफ्ट और इसने दुनिया की पहली सरकारी डाक ढोने का एक नया दौर शुरू किया।

    पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव के अनुसार प्रयागराज में उस दिन डाक की उड़ान देखने के लिए लगभग एक लाख लोग इकट्ठे हुए थे जब एक विशेष विमान ने शाम को साढ़े पांच बजे यमुना नदी के किनारे से उड़ान भरी और वह नदी को पार करता हुआ 15 किलोमीटर का सफर तय कर नैनी जंक्शन के नजदीक उतरा जो प्रयागराज के बाहरी इलाके में सेंट्रल जेल के नजदीक था। आयोजन स्थल एक कृषि एवं व्यापार मेला था, जो नदी के किनारे लगा था और उसका नाम ‘यूपी एक्जीबिशन’ था। इस प्रदर्शनी में दो उड़ान मशीनों का प्रदर्शन किया गया था। विमान का आयात कुछ ब्रिटिश अधिकारियों ने किया था। इसके कलपुर्जे अलग अलग थे जिन्हें आम लोगों की मौजूदगी में प्रदर्शनी स्थल पर जोड़ा गया। प्रयागराज से नैनी जंक्शन तक का हवाई सफ़र आज से 114 साल पहले मात्र 13 मिनट में पूरा हुआ था।

    पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि हालांकि यह उड़ान महज छह मील की थी, पर इस घटना को लेकर प्रयागराज में ऐतिहासिक उत्सव सा वातावरण था। ब्रिटिश एवं कालोनियल एयरोप्लेन कंपनी ने जनवरी 1911 में प्रदर्शन के लिए अपना एक विमान भारत भेजा था जो संयोग से तब प्रयागराज आया जब कुम्भ का मेला भी चल रहा था। वह ऐसा दौर था जब जहाज देखना तो दूर लोगों ने उसके बारे में ठीक से सुना भी बहुत कम था। ऐसे में इस ऐतिहासिक मौके पर अपार भीड़ होना स्वाभाविक ही था। इस यात्रा में हेनरी ने इतिहास तो रचा ही पहली बार आसमान से दुनिया के सबसे बड़े प्रयाग कुंभ का दर्शन भी किया।

    भारतीय डाक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी  श्री कृष्ण कुमार यादव के अनुसार कर्नल वाई विंधाम ने पहली बार हवाई मार्ग से कुछ मेल बैग भेजने के लिए डाक अधिकारियों से संपर्क किया, जिस पर उस समय के डाक प्रमुख ने अपनी सहर्ष स्वीकृति दे दी। मेल बैग पर ‘पहली हवाई डाक’ और ‘उत्तर प्रदेश प्रदर्शनी, इलाहाबाद’ लिखा था। इस पर एक विमान का भी चित्र प्रकाशित किया गया था। इस पर पारंपरिक काली स्याही की जगह मैजेंटा स्याही का उपयोग किया गया था। आयोजक इसके वजन को लेकर बहुत चिंतित थे, जो आसानी से विमान में ले जाया जा सके। प्रत्येक पत्र के वजन को लेकर भी प्रतिबंध लगाया गया था और सावधानीपूर्वक की गई गणना के बाद सिर्फ 6,500 पत्रों को ले जाने की अनुमति दी गई थी। विमान को अपने गंतव्य तक पहुंचने में 13 मिनट का समय लगा।

    पहली हवाई डाक सेवा का शुल्क छह आना रखा गया था। यानी, तकरीबन 37 पैसे। बाद में तो यह सिक्का ही प्रचलन से बाहर हो गया। मगर, पहली सांकेतिक डाक से हुई आय जरूर ऑक्सफोर्ड एंड कैंब्रिज हॉस्टल, इलाहाबाद को दान कर दी गई थी। 

    भारत में डाक सेवाओं पर तमाम लेख और एक पुस्तक ‘इंडिया पोस्ट : 150 ग्लोरियस ईयर्ज़’ लिख चुके श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया  कि इस पहली हवाई डाक सेवा का विशेष शुल्क छह आना रखा गया था और इससे होने वाली आय को आक्सफोर्ड एंड कैंब्रिज हॉस्टल, इलाहाबाद को दान में दिया गया। इस सेवा के लिए पहले से पत्रों के लिए खास व्यवस्था बनाई गई थी। 18 फरवरी को दोपहर तक इसके लिए पत्रों की बुकिंग की गई। पत्रों की बुकिंग के लिए ऑक्सफोर्ड कैंब्रिज हॉस्टल में ऐसी भीड लगी थी कि उसकी हालत मिनी जी.पी.ओ सरीखी हो गई थी। डाक विभाग ने यहाँ तीन-चार कर्मचारी भी तैनात किए थे। चंद रोज में हॉस्टल में हवाई सेवा के लिए 3000 पत्र पहुँच गए। एक पत्र में तो 25 रुपए का डाक टिकट लगा था। पत्र भेजने वालों में प्रयागराज की कई नामी गिरामी हस्तियाँ तो थी हीं, राजा महाराजे और राजकुमार भी थे।

    आज दुनिया भर में संचार के तमाम माध्यम हैं, परंतु पत्रों की जीवंतता का अपना अलग स्थान है। ये पत्र अपने समय का जीवंत दस्तावेज हैं। इन पत्रों में से न जाने कितने तो साहित्य के पन्नों में ढल गए। आज हवाई जहाज के माध्यम से देश-दुनिया में डाक पहुँच रही हैं, परंतु इसका इतिहास कुंभ और प्रयागराज से अभिन्न रूप से जुड़ा हुआ है। इन पत्रों ने भूमंडलीकरण की अवधारणा को उस दौर में परिभाषित किया, जब विदेश जाना भी एक दु:स्वप्न था। हवाई डाक सेवा ने न सिर्फ पत्रों को पंख लगा दिए, बल्कि लोगों के सपनों को भी उड़ान दी। देश-विदेश के बीच हुए तमाम ऐतिहासिक घटनाओं से जुड़ी बातों और पहलुओं को एक-जगह से दूसरी जगह ले जाने में हवाई डाक सेवा का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।

  • बाबू त्रिलोकी सिंह इंटर कॉलेज काकोरी, लखनऊ में कार्यक्रम

    राज्य ललित कला अकादमी उ. प्र. का सराहनीय सहयोग

    बाउंड्री वॉल पेंटिग का तीन दिवसीय कार्य शुरू

    ~ पंचदेव यादव

    लखनऊ। बाबू त्रिलोकी सिंह इंटर कॉलेज काकोरी, लखनऊ एवं राज्य ललित कला अकादमी उ. प्र. के संयुक्त तत्वाधान में विद्यालय की बाउंड्री वॉल पेंटिग का कार्य शुरू किया गया। उक्त कार्यक्रम के तहत विद्यालय की लगभग 180 मीटर वॉल पेंटिग का कार्य सोमवार 17 फरवरी से आगामी तीन दिन तक चलेगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में काकोरी के चेयरमैन रोहित साहू एवं विशिष्ठ अतिथि के रूप में राज्य ललित कला अकादमी उ.प्र. की निदेशक डॉ. श्रद्धा शुक्ला उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य एवं विशिष्ठ अतिथि द्वारा सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम शहर के 30 कलाकारों द्वारा पूर्ण किया जाएगा। अध्यक्षता कर रहे मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में काकोरी ट्रेन एक्शन के शहीदों को नमन करते हुए कार्यक्रम की सराहना की एवं विशेष रूप से राज्य ललित कला अकादमी एवं विद्यालय को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम से तथा वॉल पर अंकित काकोरी ट्रेन एक्शन की स्मृति युवाओं में नई चेतना का संचार करेगी। विशिष्ट अतिथि ने विद्यालय द्वारा इस प्रकार के कार्यक्रम के आयोजन की सराहना की। साथ ही कहा कि इस प्रकार के आयोजनों द्वारा समाज में हमारे शहीदों के योगदान का सदैव स्मरण किया जाता रहेगा।

    अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राजकुमार सिंह ने सभी को, विशेष रूप से काकोरी चेयरमैन एवं राज्य ललित कला अकादमी उ.प्र. की निदेशक को धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम संयोजक अमित कुमार (राष्ट्रीय कलाकार) ने सभी को धन्यवाद दिया एवं सभी कलाकारों को कार्यक्रम से जुड़ी आवश्यक जानकारी प्रदान की।

    इस अवसर पर दैनिक जागरण के आलोक कश्यप, अमर उजाला के पंकज विश्वकर्मा, हिंदुस्तान के अरुण कुमार पांडे, राष्ट्रीय सहारा के रेहान अहमद, कैनविज टाइम्स के ज्ञान सिंह, जन संदेश टाइम्स के केशरी राव धारा सिंह, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पंचदेव यादव, पत्रकार एसपी सिंह चौहान तथा विद्यालय के समस्त शिक्षक एवं कर्मचारियों ने काकोरी के शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किया।

  • बिलखते मासूमों को देख भर आई लोगों की आंख

    प्रेमिका संग दो बच्चों के पिता ने जहर खा कर दे दी जान

    बिजनौर। नूरपुर के पास एक गांव में दो बच्चों के पिता ने प्रेमिका समेत जहर खा कर जान दे दी। युवक के दोनों बच्चे बिलखते रह गए। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बिलखते मासूमों को देख भर लोगों की आंख आई। युवक के परिजनों ने पुलिस को तहरीर दी है।

    जानकारी के अनुसार नूरपुर के समीप स्थित एक गांव निवासी विवाहित सौरभ (27) पुत्र गजेंद्र सिंह व दूसरी जाति की युवती हरिद्वार में रहकर किसी निजी कंपनी में काम करते थे। इसी दौरान दोनों में प्रेम संबंध बन गए। करीब चार दिन पूर्व ही दोनों गांव आए थे। सोमवार की सुबह दोनों ने गांव के पास स्थित जंगल में एक ईंट भट्टे के पास जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। जंगल में काम करने वालों ने युवक के परिजनों को घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंचे परिजन दोनों को बेहोशी की हालत में उपचार के लिए बिजनौर ले गए। उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों के अनुसार मृतक युवक दो बच्चों का पिता था। युवक के परिजनों की ओर से आत्महत्या करने की तहरीर पुलिस को दी गई है। वहीं युवती के परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। थाना प्रभारी निरीक्षक रविंद्र कुमार ने बताया कि जांच की जा रही है, उसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी।

  • कोटेदार फैला रहे लोगों में राशन कार्ड से नाम कटने का डर

    डीएम से मुलाकात कर कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने दिए सुझाव

    फिंगर प्रिंट अपडेट न होने के कारण नहीं हो पा रही केवाईसी

    आधार कार्ड अपडेट कराने को भटक रही है जनता

    बिजनौर। चाँदपुर नगर की जनता आधार कार्ड अपडेट कराने को भटक रही है। पोस्ट ऑफिस में स्थित एकमात्र आधार केंद्र से चार~चार माह का समय दिया जा रहा है। लोगों के फिंगर प्रिंट अपडेट न होने के कारण के.वाई.सी. नहीं हो पा रही है। इस मामले को लेकर चेयरपर्सन पति और कांग्रेस अध्यक्ष शेरबाज़ पठान ने सोमवार सुबह जिलाधिकारी से मुलाकात की। उन्होंने डीएम को कई सुझाव भी दिए।

    कांग्रेस नेता शेरबाज़ पठान ने जिलाधिकारी जसजीत कौर को अवगत कराते हुए कहा कि इतनी बड़ी आबादी वाले चाँदपुर नगर में मात्र पोस्ट ऑफिस में एक आधार केंद्र है। आधार अपडेट कराने के लिए जनता को चार~चार माह का समय दिया जा रहा है। लोगों के फिंगर प्रिंट अपडेट ना होने के कारण के.वाई.सी. नहीं हो पा रही है, जो कि बहुत बड़ी समस्या बनी हुई है। उधर कोटेदारों की बात सुनकर जनता डरी हुई है कि राशन कार्ड में से नाम काट दिए जाएंगे।
    कांग्रेस नेता शेरबाज़ पठान ने जिलाधिकारी से इस समस्या का समाधान कराने का आग्रह किया। साथ ही सुझाव दिया कि समाचार पत्र के माध्यम से और मुनादी कराकर जनता को जागरूक कराने का कष्ट करें। आधार केंद्र की संख्या बढ़वाएं या हर मोहल्ले में एक कैम्प लगवाएं। इससे जनता के हित में आपकी तरफ से बड़ी मदद मिल जाएगी और चार चार माह के इंतजार से राहत मिलेगी।

  • लखनऊ। पंचायत चुनाव में गलत तरीके से अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी करवाकर आरक्षण प्राप्त करने वाले नव निर्वाचित ग्राम प्रधान का शपथ ग्रहण रद करने के लिए ग्रामीणों ने शिकायत की है। इस मामले में डाक द्वारा कानून मंत्री, पंचायती राज मंत्री, पंचायती राज अधिकारी, जिलाधिकारी, राज्य निर्वाचन आयोग, उपजिलाधिकारी, अनुसूचित जाति आयोग, […]

    गलत तरीके से अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी करवा कर बना प्रधान!
  • कांग्रेस नेता की माता जी की तेरहवीं में शामिल हुए पार्टीजन

    बिजनौर। धामपुर ब्लाक कांग्रेस कमेटी के ब्लाक अध्यक्ष जसराम सिंह की पूजनीय माता जी श्रीमती स्व० रेशों देवी जी की तेरहवीं विधि/रस्म पगड़ी में जिले के कांग्रेस जनों ने पहुंच कर शोक संवेदना प्रकट की और ईश्वर से मृतका की आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना की। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय पूर्व मंत्री के द्वारा भेजा गया शोक संवेदना पत्र बिजनौर कांग्रेस जिलाध्यक्ष शेरबाज़ पठान ने जसराम सिंह को दिया और कहा कि इस दुःख की घड़ी में जिले का एक एक कांग्रेस कार्यकर्ता आपके और आपके परिवार के साथ है।

    शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में जिलाध्यक्ष शेरबाज़ पठान, जिला उपाघ्यक्ष नज़ाकत अल्वी, जिला महासचिव फुरकान महमूद अंसारी, अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश महासचिव हाजी नासिर चौधरी, विचार विभाग के प्रदेश महासचिव अहसन जमील, व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव अनिल कुमार, कांग्रेस सूचना का अधिकार विभाग के जिला चेयरमैन रिफाकत चौधरी, पीसीसी सदस्य ठाकुर आदित्य सिंह, जिला सचिव अब्दुल समद आजाद, नहटौर नगर अध्यक्ष सैयद जहांगीर जैदी, शेरकोट नगर अध्यक्ष मेराज सिद्दिकी, बुढ़नपुर ब्लाक अध्यक्ष हरि सिंह सागर, चांदपुर नगर अध्यक्ष हाफिज अरशद अहमद, धामपुर नगर उपाध्यक्ष नदीम नज़ाकत खां, अदनान शेख, जुबैर खान, लोकेंद्र चौहान आदि कांग्रेस जन शामिल रहे।

  • खाकी वर्दी वाले के रंगबाज बेटे की हरकत

    पुलिस वाले डैडी की बिगड़ैल औलाद ने तोड़ डाले दर्जनों गाड़ियों के शीशे !

    बिजनौर। जिला मुख्यालय के पॉश इलाके में शुमार आवास विकास में एक बार फिर बड़ी संख्या में गाड़ियों के शीशे तोड़े जाने की वारदात को अंजाम दिया गया। हालांकि इस बार लोगों ने आरोपी युवक को रंगेहाथ पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। वह कोतवाली शहर में ही तैनात एक पुलिसकर्मी का पुत्र बताया गया है।

    शहर की आवास विकास कॉलोनी उन नामचीन कॉलोनी में शुमार है जो आर्थिक रूप से संपन्न लोगों से बसी हुई है। लोगों को घरों में तो गाड़ियां खड़ी रहती हैं, लेकिन तमाम गाड़ियां सड़कों पर भी खड़ी की जाती हैं। आवास विकास की सड़कें चौड़ी होने के कारण आने जाने वाले लोगों को इन गाड़ियों से कोई खास समस्या भी नहीं होती, लेकिन कुछ खुराफाती कॉलोनी वासियों के लिए परेशानी का सबब बन जाते हैं। ऐसी ही घटना शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे हुई।

    बताया जाता है कि एक युवक ने एलआईसी की तरफ से आवास विकास में प्रवेश करने वाले मुख्य मार्ग पर खड़ी गाड़ियों के शीशे तोड़ने शुरू कर दिए। उसने एक के बाद एक दर्जनभर से अधिक गाड़ियों के शीशे तोड़ डाले। शीशे टूटने के कारण हुई आवाज और गाड़ियों में लगे सायरन से आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। गाड़ियों के मालिक और अन्य लोगों ने आरोपी युवक को पकड़ लिया। शीशे तोड़े जाने की घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। लोगों ने आरोपी युवक को पुलिस के हवाले कर दिया। सबूत के तौर पर कालोनीवासियों ने पुलिसकर्मियों को अपने घरों के बाहर लगे सीसीटीवी की फुटेज भी दिखाई।

    हरकती के पिता ने दिखाया वर्दी का रौब!

    कालोनीवासियों का कहना है कि आरोपी के पिता पुलिस विभाग में हैं और वर्तमान में कोतवाली शहर क्षेत्र में ही तैनात है। वह पुलिस लाइन स्थित सरकारी आवास में अपने परिवार के साथ रहता है। कॉलोनी वासियों का आरोप है कि न केवल आरोपी युवक बल्कि उसका पिता भी अपने वर्दी का रौब दिखा रहा है! पुलिसकर्मी अपने पुत्र के खिलाफ किसी भी कीमत पर कोई कार्यवाही न होने देने की बात कह रहा है। इससे आहत कॉलोनी के लोग शनिवार को बड़ी संख्या में एसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की। कार्रवाई का इंतजार है।

  • बिजनौर पुलिस ने किया प्लान निर्धारित

    हल्के, भारी वाहन, रोडवेज और आवश्यक वस्तु (खाद्य सामग्री / पैट्रोलियम / गैस / मेडिकल सामग्री) वाले वाहनों के लिए निर्देश

    कांवड़ यात्रा के दौरान 16 से 27 फरवरी 2025 तक रूट डायवर्जन

    बिजनौर। फाल्गुन माह में कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए बिजनौर पुलिस ने व्यापक तैयारियां की हैं। पुलिस अधीक्षक अभिषेक कुमार झा के निर्देशानुसार 16 फरवरी 2025 से 27 फरवरी 2025 तक रूट डायवर्जन प्लान तैयार किया गया है।

    फाल्गुन माह में कांवड़ यात्रा के दौरान 16 से 27 फरवरी 2025 तक सुबह 08 बजे से शाम 05 बजे तक रूट डायवर्जन का प्लान निर्धारित किया गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जनपद बिजनौर में व्यवस्था इस प्रकार रहेगी…

    1- बिजनौर से जनपद हरिद्वार, जनपद पौड़ी को आने व जाने वाले वाहनों का मार्ग (ट्रक, डम्पर, डीसीएम, पिकअप, ट्रैक्टर ट्राली इत्यादि) –

    > बिजनौर से हरिद्वार जाने वाले सभी वाहन (हल्के भारी) बिजनौर से गंगा बैराज, मोन्टी तिराहा (मुजफ्फरनगर) होते हुए हरिद्वार की ओर जाएंगे।

    > बिजनौर से हरिद्वार की ओर जाने वाले कावड़ियों के समस्त वाहन परम्परागत मार्ग बिजनौर से मण्डावर चौराहा से वाया कस्बा मण्डावर, नांगल, मण्डावली, भागूवाला, चिड़ियापुर होते हुए हरिद्वार की ओर जाएंगे।

    ➤ जनपद पौड़ी को जाने वाले हल्के वाहन सेन्टमैरी चौराहा शहर बिजनौर से वाया कस्बा किरतपुर, देव पैट्रोल पम्प जलालाबाद से नहर बाईपास (नजीबाबाद) से कोटद्वार होते हुए जनपद पौड़ी जाएंगे तथा इसी मार्ग से वापस आएंगे।

    2- जनपद मुरादाबाद की ओर से वाया बिजनौर, सहारनपुर, हरिद्वार, देहरादून, मेरठ / मुजफ्फरनगर को आने व जाने वाले सभी भारी वाहनों का मार्ग (ट्रक, डम्पर, डीसीएम, पिकअप, टैक्टर ट्राली इत्यादि) –

    ➤ जनपद मुरादाबाद/काशीपुर की ओर से आने वाले सभी भारी वाहन वाया मुरादाबाद, जोया, (अमरोहा) गजरौला, हापुड़, मेरठ होते हुए अपने-अपने गन्तव्य स्थानों को जाएंगे तथा इसी मार्ग से वापस आएंगे।

    ➤ जनपद मुजफ्फरनगर, हरिद्वार की ओर से वाया बिजनौर मुरादाबाद/काशीपुर की ओर जाने वाले भारी वाहन वाया मुजफ्फरनगर, खतौली, मेरठ, हापुड़ गजरौला अमरोहा, मुरादाबाद होते हुए अपने-अपने गन्तव्य स्थानों को जाएंगे तथा इसी मार्ग से वापस आएंगे।

    3- जनपद मेरठ की ओर से वाया बिजनौर हरिद्वार जाने वाले सभी हल्के एवं भारी वाहनों का मार्ग (ट्रक, डम्पर, डीसीएम, टैक्टर ट्राली, पिकअप, कार, मैजिक, टैम्पो इत्यादि)

    ➤ जनपद मेरठ की ओर से वाया बिजनौर से हरिद्वार जाने वाले सभी हल्के एवं भारी वाहन मोन्टी तिराहा (मीरापुर) से जानसठ, मुजफ्फरनगर होते हुए हरिद्वार जाएंगे तथा इसी मार्ग से वापस आएंगे।

    रखें ध्यान :- जनपद बिजनौर की सीमा में सभी भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगा। केवल आवश्यक वस्तु (खाद्य सामग्री / पैट्रोलियम / गैस / मेडिकल सामग्री) वाहनों का ही प्रवेश रहेगा, जिन वाहनों को जनपद बिजनौर में आवश्यक वस्तु लोड या अनलोड करना है।

    4- जनपद बिजनौर से रोडवेज बसों के संचालन की व्यवस्था –

    > बिजनौर से मुरादाबाद आने व जाने वाली रोडवेज बसें बिजनौर से वाया कृष्णा कॉलेज तिराहा बिजनौर, बालकिशन चौराहा, हल्दौर, नहटौर, धामपुर, शेरकोट, अफजलगढ़, रेहड़, काशीपुर, जसपुर से ठाकुरद्वारा होते हुए मुरादाबाद पहुंचेंगी तथा इसी मार्ग से वापस आएंगी।

    > बिजनौर से मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, देहरादून, गाजियाबाद व दिल्ली आने व जाने वाली रोडवेज बस वाया गंगा बैराज से होते हुए अपने गन्तव्य स्थान को जाएंगी तथा इसी मार्ग से वापस आएंगी।

    > बिजनौर, नजीबाबाद की ओर से हरिद्वार को जाने वाली सभी बसें वाया बिजनौर, गंगा बैराज, मोन्टी तिराहा (मीरापुर) मुजफ्फरनगर होते हुए हरिद्वार जाएंगी तथा हरिद्वार से वाया चिड़ियापुर बार्डर, समीपुर नहर पटरी से होते हुए नजीबाबाद, बिजनौर वापस आएंगी।

    > बिजनौर से अमरोहा जाने वाली रोडवेज बसें वर्तमान की भांति यथावत रूप से आएंगी व जाएंगी।

    > बिजनौर से कोटद्वार जाने वाली रोडवेज बसें वर्तमान की भांति यथावत रूप से आएंगी व जाएंगी।

    5- हल्के वाहनों का मार्ग (कार, मैजिक, छोटा हाथी, टैम्पो इत्यादि) –

    ➤ जनपद बिजनौर से जाने वाले सभी हल्के वाहन वाया नूरपुर, छजलैट होते हुए मुरादाबाद जाएंगे, यदि इस मार्ग पर कावड़ियों की संख्या बढ़ती है तो आवश्यकता पड़ने पर इस रुट को बन्द कर सभी वाहन कृष्णा कॉलेज तिराहा बिजनौर, बालकिशन चौराहा, हल्दौर, नहटौर, धामपुर, शेरकोट, अफजलगढ़, रेहड़, काशीपुर, ठाकुरद्वारा से मुरादाबाद जाएंगे तथा इसी मार्ग से वापस आएंगे।

    > बिजनौर से हरिद्वार जाने वाले वाले वाहन बिजनौर से गंगा बैराज, मोन्टी तिराहा (मुजफ्फरनगर) होते हुए हरिद्वार की ओर जाएंगे तथा इसी मार्ग से वापस आएंगे।

    > बिजनौर से कोटद्वार, पौढ़ी जाने वाले वाहन सैन्ट मैरी चौराहा बिजनौर से किरतपुर, देव पैट्रोल पम्प तिराहा, नहर बाईपास नजीबाबाद से होते हुए कोटद्वार, पौढ़ी की ओर जाएंगे।

    > बिजनौर से हल्दौर, नहटौर, धामपुर की ओर जाने वाले वाहन कृष्णा कॉलेज तिराहा बिजनौर से वाया चौधरी चरण सिंह चौक (बाल किशन चौराहा) हल्दौर, नहटौर, धामपुर की ओर जाएंगे तथा इसी मार्ग से वापस आएंगे।

    > बिजनौर से मण्डावर की ओर जाने वाले वाहन सैन्ट मैरी चौराहा बिजनौर से किरतपुर होते हुए मण्डावर जाएंगे तथा इसी मार्ग से वापस आएंगे।

    > बिजनौर से चांदपुर की ओर जाने वाले वाहन कृष्णा कॉलेज तिराहा बिजनौर से अम्हेड़ा तिराहा (नूरपुर रोड) से चांदपुर की ओर जाएंगे तथा इसी मार्ग से वापस आएंगे।

    > बिजनौर से स्योहारा की ओर जाने वाले वाहन बिजनौर से नूरपुर से स्योहारा की ओर जाएंगे तथा इसी मार्ग से वापस आएंगे।

    > बिजनौर से नूरपुर की ओर जाने वाले वाहन वर्तमान की भांति यथावत रुप से जाएंगे तथा आएंगे।

    > नजीबाबाद से चांदपुर की ओर जाने वाले वाहन नजीबाबाद से किरतपुर, बिजनौर, अम्हेड़ा तिराहा (नूरपुर रोड) से चांदपुर की ओर जाएंगे तथा इसी मार्ग से वापस आएंगे।

    > नजीबाबाद से नगीना की ओर जाने वाले वाहन नजीबाबाद से किरतपुर, बिजनौर, नगीना चौराहा बिजनौर होते हुए नगीना जाएंगे तथा इसी मार्ग से वापस आएंगे।

    > नजीबाबाद से नूरपुर की ओर जाने वाले वाहन नजीबाबाद से किरतपुर, बिजनौर, होते हुए नूरपुर की ओर जाएंगे तथा इसी मार्ग से वापस आएंगे।

    > नजीबाबाद से हल्दौर, नहटौर, धामपुर की ओर जाने वाले वाहन नजीबाबाद से किरतपुर, बिजनौर, कृष्णा कॉलेज तिराहा बिजनौर से चौधरी चरण सिंह चौक (बाल किशन चौराहा) हल्दौर, नहटौर, धामपुर की ओर जाएंगे तथा इसी मार्ग से वापस आएंगे।

    > नजीबाबाद से स्योहारा की ओर जाने वाले वाहन नजीबाबाद से किरतपुर बिजनौर से नूरपुर, ताजपुर, स्योहारा की ओर जाएंगे तथा इसी मार्ग से वापस आएंगे।

    > नगीना से हल्दौर, नहटौर, धामपुर की ओर जाने वाले वाहन नगीना से बिजनौर, कृष्णा कॉलेज तिराहा बिजनौर से वाया चौधरी चरण सिंह चौक (बाल किशन चौराहा) हल्दौर, नहटौर, धामपुर की ओर जाएंगे तथा इसी मार्ग से वापस आएंगे।

    > नगीना से चांदपुर की ओर जाने वाले वाहन नगीना से बिजनौर, अम्हेड़ा तिराहा (नूरपुर रोड), चांदपुर की ओर जाएंगे तथा इसी मार्ग से वापस आएंगे।

    ▶ नगीना से नूरपुर की ओर जाने वाले वाहन नगीना से बिजनौर, कृष्णा कॉलेज तिराहा बिजनौर से चौधरी चरण सिंह चौक (बाल किशन चौराहा) से नूरपुर की ओर जाएंगे तथा इसी मार्ग से वापस आएंगे।

    ➤ चांदपुर से हल्दौर, नहटौर धामपुर की ओर जाने वाले वाहन चांदपुर से अम्हेड़ा तिराहा, चौधरी चरण सिंह चौक (बाल किशन चौराहा) हल्दौर, नहटौर, धामपुर की ओर जाएंगे तथा इसी मार्ग से वापस आएंगे।

    ➤ चांदपुर से स्योहारा की ओर जाने वाले वाहन चांदपुर से नूरपुर, स्योहारा की ओर जाएंगे तथा इसी मार्ग से वापस आएंगे।

    > चांदपुर से नूरपुर की ओर जाने वाले वाहन वर्तमान की भांति यथावत रुप से जाएंगे व आएंगे।

    > नूरपुर से हल्दौर, नहटौर की ओर जाने वाले वाहन नूरपुर से चौधरी चरण सिंह चौक (बाल किशन चौराहा) हल्दौर, नहटौर, धामपुर की ओर जाएंगे तथा इसी मार्ग से वापस आएंगे।

    > धामपुर से नूरपुर की ओर जाने वाले वाहन वर्तमान की भांति यथावत रुप से जाएंगे व आएंगे।

    > धामपुर से स्योहारा की ओर जाने वाले वाहन धामपुर से नूरपुर, ताजपुर, स्योहारा की ओर जाएंगे तथा इसी मार्ग से वापस आएंगे।

    फाइल फोटो

    6- आवश्यक वस्तु (खाद्य सामग्री / पैट्रोलियम / गैस / मेडिकल सामग्री) वाले वाहनों का मार्ग-

    > बिजनौर से मुरादाबाद की ओर जाने वाले आवश्यक वस्तु वाले वाहन बिजनौर से कृष्णा कॉलेज तिराहा बिजनौर से वाया चौधरी चरण सिंह चौक (बाल किशन चौराहा) हल्दौर, नहटौर, धामपुर, शेरकोट, अफजलगढ़, रेहड़, काशीपुर, जसपुर से ठाकुरद्वारा होते हुए मुरादाबाद जाएंगे तथा इसी मार्ग से वापस आएंगे।

    विशेष :- फाल्गुन माह काँवड़ मेला 2025 के दौरान जनपद बिजनौर के निम्न मार्गों पर भारी वाहनों का आवागमन पूर्ण रुप से प्रतिबन्धित रहेगा

    1. थाना मण्डावली, मोटा महादेव, नजीबाबाद, नगीना, धामपुर, स्योहारा, सहसपुर मार्ग पर (कांवड़ियों के वाहनों के अतिरिक्त) समस्त हल्के, मध्यम व भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेंगे।

    2. बिजनौर से चांदपुर, बबनपुरा मार्ग पर भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेंगे।

    3. बिजनौर से नूरपुर, दौलतपुर मार्ग पर भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेंगे।

    4. चिड़ियापुर बार्डर से भागूवाला चौकी, बालिया तिराहा कट से मोटा महादेव, नजीबाबाद, कोतवाली देहात, नहटौर, नूरपुर, शिवाला कलां मार्ग पर (कांवड़ियो के वाहनों के अतिरिक्त) समस्त हल्के, मध्यम व भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेंगे।

    5. बिजनौर से हरिद्वार की ओर जाने वाले सभी मार्गो पर (ककांवड़ियों के वाहनों के अतिरिक्त) भारी / मालवाहक वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेंगे।

    थाना मोबाइल एस्कॉर्ट :- आवश्यक वस्तु (खाद्य सामग्री / पैट्रोलियम / गैस / मेडिकल सामग्री) वाले सभी वाहनों को सम्बन्धित थाना प्रभारी द्वारा थाना मोबाइल एस्कोर्ट के साथ ही अपने अपने थाना क्षेत्र से पार कराया जायेगा।

    ✓ आवश्यक वस्तु लाने व ले जाने वाले वाहनों का समय रात्रि 12:00 बजे से प्रातः 04:00 बजे तक निर्धारित रहेगा अन्य किसी भी समय में आवश्यक वस्तु वाले वाहन नहीं चलेंगे।
    ✓ आवश्यक वस्तु लाने व ले जाने वाले वाहनों की गति सीमा 30 किमी प्रतिघंटा से अधिक नहीं रहेगी।

    बात जो है सबसे खास~ यदि कांवड मार्ग में कावंडियों की भीड बढ़ती है तो डायवर्जन में आवश्यकतानुसार बदलाव किया जा सकता है। साथ ही हल्के वाहनों के लिये निर्धारित रुट को भी प्रतिबन्धित किया जा सकता है।

  • अपना दल एस के कैंप कार्यालय में जुटे कार्यकर्ता

    जयंती पर संतराम बीए को श्रद्धासुमन अर्पित

    बिजनौर। अपना दल एस के कैंप कार्यालय में प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य अनूप वाल्मिकी के नेतृत्व, सूर्यप्रताप के संचालन शैलेंद्र चौधरी की अध्यक्षता में संतराम प्रजापति बीए की जन्म जयंती मनाई गई।

    इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि जब हम
    संतराम जयंती बीए को याद करते हैं तब हमारे सामने एक ऐसे व्यक्ति की शख्सियत उभरती है जो जितनी सज्जनता से अपनी सामाजिक गतिविधियों मे आगे बढ़चढ़ कर हिस्सा लेता था उससे अधिक तीखी निगाह से अपने साथियों और समकालीनों के विचारों और व्यवहारों को देखता, उनका विश्लेषण करता और फिर अपनी स्पष्ट सहमति अथवा असहमति बनाता था। संतराम जी भारतीय सामाजिक इतिहास के ऐसे नायक हैं, जिनका मूल्यांकन किसी लहर के कारण नहीं हुआ, बल्कि जैसे-जैसे दलितों और पिछड़ों ने अपने इतिहास पुरुषों की खोज शुरू की और जातिविहीन तथा समतामूलक समाज की परियोजना की मजबूत वैचारिक परंपरा की खोज शुरू हुई, वैसे-वैसे संतराम बीए हमारे बौद्धिक संसार के अपरिहार्य अंग बनते गए। यह साहित्य तथा इतिहास की जातिवादी दृष्टि और सामाजिक दुर्भावनाओं के विरुद्ध बहुजन समाजों के विद्रोह की एक अनिवार्य परिणति और मंजिल है।

    कुम्हार परिवार में हुआ था जन्म

    संतराम बी.ए. 14 फरवरी, 1887 को पंजाब के होशियारपुर जिले के डेरा बस्सी गांव के एक सम्पन्न कुम्हार परिवार मे पैदा हुए थे। अपनी आत्मकथा ‘मेरे जीवन के अनुभव’ में उन्होंने लिखा है कि उनके परिवार के लोग सम्पन्न थे। वे व्यापार करते थे। उनके पास खच्चर थे, जिन पर सामान लादकर बाहर के इलाकों में जाया करते थे। कुम्हार जाति भारत की अति पिछड़ी जाति है और उत्तर प्रदेश तथा बिहार आदि में खेती-किसानी, मिट्टी के बर्तन बनाने का काम, मेहनत-मजदूरी आदि अनेक कामों से आजीविका कमाती है। इसे सामाजिक अपमान और उत्पीड़न से भी दो-चार होना पड़ता है लेकिन संतराम बी.ए. को अपने गांव मे जाति की हीनता का कोई बोध नहीं था। जब वे अंबाला में पढ़ने आए तो उनके सहपाठी उन्हें कुम्हार कहकर चिढ़ाते और अपमानित करते थे। तभी पहली बार उन्हें समझ में आया कि उनकी जाति नीची है।

    कड़वे अनुभवों के बाद खुद बनाई अपनी राह

    धीरे-धीरे संतराम बी.ए. को जीवन के कड़वे अनुभव होते गए और उन्होंने देखा कि भारतीय समाज जात-पात की सड़ांध से बजबजा रहा है बल्कि तथाकथित उच्च और शुद्ध लोग अपने जाति अभिमान को बनाए रखने के लिए पाखंड और झूठ का लगातार सहारा भी लेते हैं। इसके अनेक अनुभव उन्हें हुए। उन दिनों होटलों मे गोमांस पकाने पर कोई रोकटोक नहीं थी, लेकिन अधिकांश ब्राह्मण ऊपर से गोमांस का विरोध करते थे, जबकि स्वयं गोमांस बड़े चाव से खाया करते थे। स्वयं संतराम बी.ए. की किताब में इस बात का ज़िक्र है कि स्वामी श्रद्धानंद ने एक अखबार के संपादक पंडित गोपीनाथ के खिलाफ एक मुक़द्दमे में सबूत पेश किया था कि पंडित गोपीनाथ गोमांस खाते थे। हुआ यह कि संतराम जी ने अपने खेत मे मरे हुए जानवरों की हड्डियां डलवा दी थीं, जिससे अच्छी खाद बन सके लेकिन इलाके के ब्राह्मणों ने अखबारों में लिखकर विरोध किया कि यह गाय का अपमान है। ऐसा लिखने वालों मे अखबार के संपादक पंडित गोपीनाथ भी थे। इस प्रकार हम देखते हैं कि संतराम बी.ए. अपने व्यवहार में अत्यंत प्रगतिशील थे, वे वैज्ञानिक चेतना का प्रचार-प्रसार करते थे। किसी भी तरह का पोंगापंथ उन्हें नाकाबिले बर्दाश्त तो था ही, जातिगत पेशे के कारण अपमान और जिल्लत सहने वाले लोगों के प्रति उनके मन मे अत्यंत करुणा भी थी। वे बिलकुल ही हिन्दू समाज की जाति व्यवस्था और उसके गलीज सिद्धांतों को बर्दाश्त करने के लिए तैयार नहीं थे। वे चाहते थे कि इस समाज का जितना जल्दी पतन हो, उतना ही अच्छा है, क्योंकि जब तक यह इसी रूप मे रहेगा तब तक मानवता पद दलित ही रहेगी।
    संतराम बी.ए. वास्तव में भारतीय समाज की संरचना और उसकी व्यवस्थाओं को लेकर बहुत उद्विग्न और बेचैन थे तथा इसी बेचैनी में वे अपने उद्देश्यों की राह तलाश रहे थे। उन्होंने तमाम पाखंडों और सिद्धांतों की बखिया उधेड़ते हुए अपनी वैचारिकी का निर्माण जारी रखा तथा युवावस्था में जब उन्होंने देखा कि आर्य समाज हिन्दू समाज व्यवस्था और विषमता को खत्म करके समाज को आगे ले जाना चाहता है, तब उन्होंने बड़ी आस्था के साथ आर्य समाज से जुड़कर काम करना शुरू किया। उस समय उनके समकालीन महात्मा हंसराज और परमानंद सरीखे लोग थे। संतराम बी. ए. अत्यंत मेधावी और प्रखर विचारक थे। उनका बड़ा कद था, लेकिन हम देखते हैं कि वे उस सम्मान से सर्वथा वंचित ही रहे जिसके कि वे वास्तविक हकदार थे।
    आज हम देख सकते हैं कि दिल्ली में महात्मा हंसराज के नाम पर एक सड़क और हंसराज कॉलेज स्थापित किया गया है और भाई परमानंद के नाम पर एक विशाल अस्पताल और अन्य कई संस्थाएं हैं लेकिन उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलने वाले संतराम बी.ए. के नाम से कुछ नहीं है। अपने एक लेख में सुप्रसिद्ध दलित लेखक कंवल भारती ने उल्लेख किया है कि 1997-98 के आसपास संतराम जी की एकमात्र जीवित पुत्री गार्गी चड्ढा ने भारती जी से अनुरोध किया कि उनके पिता के लेखों का संकलन किताबों के रूप में आ जाय तो बड़ी मेहरबानी होगी। गार्गी चड्ढा ने उसके पहले भी अनेक प्रकाशकों से संपर्क किया था, लेकिन किसी ने इस बात की नोटिस नहीं ली। यह सब बताता है कि संतराम बी.ए. किस प्रकार के जातिवादी और घृणित सोच के लोगों के बीच काम करते रहे और आखिर क्यों उनका मोहभंग हुआ। वे क्यों लगातार तल्ख से तल्खतर होते गए और अपने ही साथियों द्वारा बहिष्कृत और उपेक्षित किए गए। ऐसे संतराम बी.ए. के भीतर जातिवादी व्यवस्था के बीच कैसी आग धधकती होगी इसकी सहज ही कल्पना की जा सकती है।

    आर्य समाज से मोहभंग

    संतराम जी ने अपनी आत्मकथा में लिखा कि वे स्वामी दयानंद के सिद्धांतों से प्रभावित हो गए कि वर्णव्यवस्था जन्म से नहीं बल्कि गुण-कर्म और स्वभाव से होती है, लेकिन जब वे आर्य समाज मे सक्रिय हुए तो जल्दी ही इस संगठन का मुलम्मा उतारने लगा और इसका असली रूप सामने आने लगा। संतराम जी चाहते थे कि वर्णव्यवस्था और जात-पात का विनाश हो जबकि आर्य समाज मे अनेक लोग ऐसे थे जो वर्णव्यवस्था और जात-पात की वकालत करते थे। इन तमाम सारे विरोधाभासों ने संतराम जी को बहुत आहत किया। उनकी बेचैनी और बढ़ गई। वे चाहते थे कि आर्य समाज जात-पात के विरुद्ध एक निर्णायक जंग छेड़े। वर्ष 1922 में जात-पात तोड़क मंडल की स्थापना हुई। उस समय के कद्दावर आर्य समाजी परमानंद उसके अध्यक्ष बनाए गए और संतराम बी.ए. मंत्री बने। वास्तव में तो इस संगठन के जन्मदाता संतराम बी.ए. ही थे लेकिन आर्य समाज की मर्यादाओं के अनुरूप उसका मुख्य चेहरा भाई परमानद ही बनाए गए थे। यह एक विडंबना ही थी, जिसे इतिहास ने और भी शिद्दत से ज़ाहिर कर दिया। कहने को यह आर्य समाज की कोख से पैदा हुआ जात-पात तोड़क मंडल था, लेकिन इसके अधिकांश पदाधिकारी जात-पात की भावना में पूरा विश्वास रखते थे।

    सन्तराम बीए एक प्रतिबद्ध जाति तोड़क

    जल्दी ही यह पता चल गया कि आर्य समाज में जात-पात तोड़क मंडल हाथी के दांत की तरह है। स्वयं संतराम जी ने लिखा है कि कई बार इसमें अजीबोगरीब स्थितियां पैदा हो जाती थीं। कुछ लोग कहते थे कि इसका नाम वर्णव्यवस्थापक मंडल होना चाहिए, जात-पात तोड़क मंडल नहीं। संतराम इस बात पर डटे हुए थे कि इस संगठन का काम जात-पात का विनाश ही है और वे इससे जौ भर भी नहीं हटे। एक बार तो दिल्ली के किसी सेठ ने इसका नाम बदलकर काम करने की सलाह दी और बदले में दस हजार रुपए का दान देने की पेशकश भी की। मंडल के तत्कालीन अध्यक्ष भाई परमानंद इस लपेटे में आ गए और बहुत ज़ोर लगाया कि संगठन का नाम बदलकर दस हजार का दान ले लिया जाय, लेकिन संतराम बी.ए. ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया।

    आंबेडकर के विचारों से हुए प्रभावित

    संतराम बी.ए. भारतीय इतिहास, धर्मशास्त्र, समाज और जाति-व्यवस्था के गंभीर अध्येता थे। उन्होंने अपने विचारों और तर्कों को बहुत शिद्दत से गढ़ा था। उनके विचार कागज के विचार नहीं थे कि हालात की आंधी आए तो उड़ जाये या संकट की बूंदे बरसें तो गल जाएं। उनका सबसे क्रांतिकारी व्यक्तित्व तब उभरा जब उस समय के महान भारतीय विचारक डॉ. आंबेडकर से खतो-किताबत शुरू किया और महाराष्ट्र मे उनके कामों के प्रभावों को देखते हुए पंजाब में उनकी भूमिका की अनिवार्यता को महसूस किया। डॉ. आंबेडकर  चावदार आंदोलन और कालाराम मंदिर सत्याग्रह के साथ ही महाराष्ट्र में मुरली, देवदासी आदि घृणित कुप्रथायों के खिलाफ आंदोलन छेड़े हुए थे। एक तरफ वे दलितों की नारकीय स्थिति के खिलाफ ब्रिटिश सत्ता से संघर्ष कर रहे थे और दूसरी ओर महाराष्ट्र में हिन्दू समाज व्यवस्था के खिलाफ निर्णायक संघर्ष छेड़े हुए थे। पूना पैक्ट के बाद वे और भी ताकत के साथ अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने में लगे थे। पंजाब में संतराम बी.ए. को जल्दी ही यह लग गया कि डॉ. आंबेडकर ही पीड़ित मानवता के सच्चे मसीहा हैं। उन्होंने 1936 मे जात-पात तोड़क मंडल के वार्षिक अध्यक्षता के लिए डॉ. आंबेडकर को आमंत्रित किया। डॉ. आंबेडकर ने अपना अध्यक्षीय भाषण लिखित रूप में तैयार किया था। इसे पहले ही आयोजकों ने मंगवा लिया था। उसमें उन्होंने यह भी लिखा था कि एक हिन्दू के नाते मेरा यह आखिरी भाषण होगा। संतराम जी ने उस वाक्य को निकाल देने की प्रार्थना की और कहा कि इस बात को किसी और मौके पर कहें, लेकिन डॉ. आंबेडकर ने इस बात से मना कर दिया। अपनी बात पर अड़े रहे। इसकी सुगबुगाहट आर्य समाज के कई लोगों को हुई तो कुछेक लोगों ने डॉ. आंबेडकर को काला झंडा दिखाने की योजना बनाई। संतराम जी को जब इसका आभास हुआ तो उन्होंने इस असहज स्थिति से बचने का प्रयास किया। कुल मिलाकर हुआ यह कि संतराम जो कि स्वयं इस भाषण के मुरीद थे और लिखते हैं कि जातिगत व्यवस्था और उसके विनाश की परियोजना को लेकर इससे अधिक विद्वत्तापूर्ण लेख उन्होंने दूसरा नहीं देखा। लेकिन संतराम जी की अपनी सीमा थी। वे डॉ. आंबेडकर के सम्मान को लेकर संवेदनशील थे और उनकी अडिग प्रतिबद्धता में उनकी आस्था थी।

    गांधी को दिया जवाब

    दुनिया जानती है कि कालांतर में “जाति का विनाश” के नाम से प्रसिद्ध हुए इस भाषण ने उस समय जात-पात तोड़क मंडल के सदस्यों को विचलित और असहज कर दिया। उन्होंने व्याख्यान के अनेक अंशों को हटाने की बात की, जिसे डॉ. आंबेडकर ने सिरे से खारिज कर दिया। अंतत: 1936 में जात-पात तोड़क मंडल का वार्षिक अधिवेशन स्थगित हो गया, लेकिन इस पूरी घटना ने संतराम जी को बहुत व्यथित कर दिया और वे गुस्से से भर उठे। इसलिए जब गांधी जी ने अपने समाचार पत्र ‘हरिजन’ में इसके खिलाफ टिप्पणियां लिखीं तो संतराम जी चुप न रह सके। उन्होंने उन टिप्पणियों का खुलकर जवाब दिया। उनका कहना था कि आपका वर्णव्यवस्था का सिद्धांत अब अप्रासंगिक हो चुका है और भविष्य में भी वह परवान नहीं चढ़ सकेगा। आप वर्णव्यवस्था की उपयोगिता बताकर समाज का बहुत बड़ा नुकसान कर रहे हैं। अस्पृश्यता निवारण का आपका कार्यक्रम ढोंग हुआ जाता है। आप कीचड़ से कीचड़ को धोने की कोशिश कर रहे हैं।
    संतराम बी.ए. की निगाह इतनी तेज थी कि वे लोगों के व्यवहार की एक-एक बात और उसके निहितार्थ आसानी से समझ लेते थे। अपनी आत्मकथा में उन्होंने लिखा है कि एक बार अछूत जाति के एक युवा ने उनसे आर्य समाज द्वारा संचालित किसी संस्था में नौकरी दिलाने की प्रार्थना की। वे उसे लेकर एक आर्य समाजी नेता के पास गए और कहा कि आपके हाथ मे कई संस्थाएं हैं, उनमें से किसी में इस युवा को नौकरी दे दीजिये। पहले तो नेता ने उनको टाल दिया, लेकिन बाद में बोले कि मैं नहीं चाहता कि अछूत चौथी-पांचवीं से ज्यादा पढ़ें। हमारे बच्चों के लिए तो नौकरियां हैं नहीं, इनको कहां से नौकरी दें। संतराम जी को यह सुनकर बहुत गहरा धक्का लगा। इनको समझ में आ गया कि क्यों डॉ. आंबेडकर हिन्दू जाति व्यवस्था के खिलाफ कमर कसकर लड़ रहें हैं। जल्दी ही उन्हें यह भी समझ आ गया कि लोग ऊपर से चाहे जैसा भी चोंगा पहनें लेकिन अंदर से उनके भीतर जाति कभी मरती नहीं, बल्कि वह पाखंड और दिखावे के पत्थर के नीचे भले ही कुंठित हो और पीली पड़ती रहे, लेकिन जैसे ही उसके ऊपर से पाखंड का वह पत्थर हटता है वैसे ही वह हरी-भरी हो जाती है। एक बार गांधी जी की इस बात पर कि जातिव्यवस्था बनी रहने से लोगों को आसानी से काम मिल जाता है और वह पैतृक व्यवसाय में बिना अतिरिक्त ट्रेनिंग के काम करने लगता है, संतराम जी इस बात से इतना चिढ़े कि उन्होंने साफ-साफ कहा कि महात्मा जी आप जाति से बनिया हैं। बनिए का काम नमक, तेल बेचना है, फिर आप हमें उपदेश क्यों देते हैं? जाइए कहीं जाकर आटे-दाल की दुकान खोल लीजिये। इस प्रकार हम देखते हैं कि इतिहास ने भले ही संतराम बी.ए. का मूल्यांकन करने में देर की लेकिन वे अपने दौर के ऐसे महान व्यक्ति थे जो किसी के आगे दबने को तैयार नहीं थे।

    अपने विचारों के प्रति रहे अडिग

    उन्होंने 21 वर्षों तक जात-पात तोड़क मंडल में काम किया लेकिन तमाम घटनाओं ने उन्हें इसकी असलियत और छद्म से परिचित करवा दिया। 1943 तक वे मानसिक रूप से इससे बाहर निकाल चुके थे क्योंकि वे स्वयं इसके भीतर के जातिवाद से दिन-रात लड़ रहे थे और एक समय ऐसा आया कि इन पाखंडियों को उनकी बातें बर्दाश्त से बाहर लगने लगीं। संतराम जी जानते थे कि आज़ादी चाहे जितनी धूमधाम से आए लेकिन जब तक जातिव्यवस्था खत्म नहीं होती तब तक उसका कोई अर्थ नहीं है। वे 1988 तक जीवित रहे और अपनी परियोजनाओं मे लगे रहे। समाज को जागरूक बनाने के लिए वे अपने पैसे से पुस्तिकाएं और पर्चे छ्पवाकर बांटते रहे। वे चाहते थे कि लोगों में जाति व्यवस्था के खिलाफ वास्तविक नफरत पैदा हो और इसे पूरी तरह नष्ट करके एक नया समाज बनाएं,  लेकिन उन्हें दु:ख था कि हिन्दू जात-पात के बंधुवे हैं और इसे नष्ट नहीं करना चाहते। वे वर्णव्यवस्था में भी आदर्श की कल्पना करके उससे चिपटे रहते हैं। जिन लोगों के व्यक्तित्व और कृतित्व की रोशनी से सामाजिक न्याय ज़िंदा और आलोकित हो रहा है उनमें संतराम बी.ए. कभी न भुलाए जाने वाले व्यक्तित्व हैं।बैठक में उपस्थित लोगों ने पुष्प अर्पित किए दीपक जाटव, अंकुर जी, यतंद्र शर्मा, वकील अहमद, टीकम सिंह, राजीव, अनुकूल शर्मा, सूर्या प्रताप, पवन, अयूब जी आदि लोग उपस्थित रहे।

  • सात दिन से पकड़ने में वन विभाग नाकाम

    मेरठ में गुमशुदा अजगर की तलाश, पब्लिक ने लगाए पोस्टर

    मेरठ। मेरठ के कीर्ति पैलेस में स्थानीय निवासियों ने अजगर की गुमशुदगी के पोस्टर लगाए हैं। लोगों का कहना है कि 7 दिन से ज्यादा गुजर चुका लेकिन अब तक वन विभाग इलाके में घूम रहे अजगर को पकड़ नहीं पाया है। रोजाना वो अजगर बाहर निकलता है फिर छिप जाता है। इसके बावजूद वन विभाग की टीम अजगर को पकड़ने में असफल है। इलाके में अजगर खुलेआम घूम रहा है इसकी वजह से लोगों को परेशानी हो रही है। मन में दहशत बनी है फिर भी सुनवाई नहीं हो रही है। अब खुद ही सतर्कता बरतते हुए हमने अजगर की गुमशुदगी के पोस्टर लगाए हैं।

    कालोनी में रहने वाले छात्र नेता विनीत चपराणा ने बताया कि 7 दिन से ज्यादा हो गया अब तक वन विभाग की टीम ने अजगर नहीं पकड़े। हम लगातार कह रहे हैं यहां अजगर का खतरा है। कालोनी में 2 अजगर दिखाई दिए थे। वन विभाग ने शिकायत पर टीम भेजी थी। तो बड़े अजगर की जगह उन्होंने छोटा बच्चा अजगर पकड़ लिया और वापस चले गए। दोबारा जब बड़ा अजगर दिखा तो कालोनी के लोगों ने फिर विभाग को बताया और विभाग ने टीम भेजी।

  • रेस्क्यू टीम पर हमले में वन दरोगा घायल

    सुरक्षा के लिए महिलाओं और बच्चों को अलग-अलग कमरों में बंद किया

    बाघ की दहशत के बीच शादी समारोह में पहुंचा तेंदुआ

    लखनऊ। राजधानी के बुद्धेश्वर इलाके में एमएम मैरिज लॉन में शादी समारोह के दौरान बुधवार की रात करीब साढ़े दस बजे एक तेंदुआ घुस आया। तेंदुए को देख लोग जान बचाकर इधर-उधर भागे। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम तेंदुए की तलाश में जुट गई। इस बीच तेंदुए के हमले में वन दरोगा घायल हो गया। काफी मशक्कत के बाद गुरुवार सुबह किसी प्रकार तेंदुए को पकड़ा जा सका।

    लखनऊ के रहमान खेड़ा क्षेत्र में बाघ की दहशत के बीच बुधवार रात बुद्देश्वर स्थित एमएम मैरिज लॉन में तेंदुआ घुस गया। उस समय आलमबाग निवासी यूट्यूबर अक्षय का विक्रमनगर निवासी ज्योति के साथ शादी समारोह चल रहा था। रात करीब साढ़े 10 बजे एक व्यक्ति लॉन में बने भवन की दूसरी मंजिल पर किसी काम से गया। वहां सामने तेंदुए को देखकर घबरा कर नीचे कूद पड़ा, इससे उसे काफी चोट आईं हैं। बिल्डिंग में तेंदुए की मौजूदगी की जानकारी पर भगदड़ मच गई। आनन फानन में महिलाओं और बच्चों को सुरक्षा के लिए अलग-अलग कमरों में बंद किया गया। लॉन के मालिक रहमान और शादी में आए हरसेवक प्रसाद द्विवेदी ने वन विभाग को सूचित किया। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को रेस्क्यू करने में जुट गई। इस बीच तेंदुआ सीढ़ियों के रास्ते नीचे भागा और मलिहाबाद रेंज के दरोगा मुकद्दर अली पर झपट्टा मारते हुए कहीं और जा कर छिप गया। गुरुवार सुबह तेंदुए को पकड़ने की सूचना मिली है। डीएफओ लखनऊ सीतांशु पांडेय खुद इस ऑपरेशन की कमान संभाले रहे।

    गौरतलब है कि जिस एमएम लॉन में तेंदुआ घुसा वहां से करीब 10 किलोमीटर दूर रहमान खेड़ा जंगल है। क्षेत्र में बीते 68 दिनों से बाघ होने की खबर से लोगों में डर है तो अब तेंदुआ दिखाई पड़ा है। आएदिन बाघ वन विभाग की टीम को चकमा देकर जंगल से 20 से 25 किलोमीटर दूर निकल जाता है।

    लोगों ने समझा, होगा आवारा कुत्ता

    डीसीपी विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि स्थानीय दीपक कुमार की बहन की शादी थी। सूचना मिलते ही एक पुलिस टीम तुरंत मौके पर भेजी गई और वन विभाग को सूचित किया गया। एक अन्य टीम मौके पर पहुंची और समारोह स्थल को खाली कराया, जबकि वन विभाग ने जंगली जानवर को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया। डीसीपी ने बताया कि मेहमान भोजन कर रहे थे और फोटोग्राफर खास पलों को कैद कर रहे थे तभी तेंदुआ टेंट के पीछे से मैरिज हॉल में घुस आया। शुरू में, कुछ मेहमानों ने सोचा कि यह कोई शरारत है या कोई आवारा कुत्ता है। हालांकि, जैसे ही तेंदुआ भीड़ की ओर बढ़ा दहशत फैल गई। इस अफरा-तफरी में दो कैमरामैन गिर गए और उन्हें चोटें आईं। हंगामे से घबराया तेंदुआ हॉल क्षेत्र की छत पर चढ़ गया।

  • घर के बाहर भारी फोर्स तैनात

    न्यू दिल्ली पब्लिक स्कूल के मालिक के घर एंटी करप्शन का छापा

    मेरठ। न्यू दिल्ली पब्लिक स्कूल के मालिक महेंद्र सैनी के जागृति विहार स्थित घर पर एंटी करप्शन टीम ने छापा डाला है। सुबह सुबह टीमें यहां पहुंची और आवश्यक कार्रवाई में जुट गईं। महेंद्र सैनी के स्कूल व उनके कीर्ति पैलेस स्थित घरों पर यह रेड डाली गई है। घर के बाहर भारी फोर्स तैनात है वहीं टीम की गाड़ियां भी खड़ी हैं।

  • तलाशने में जुटी स्वाट और सर्विलांस टीम

    हत्यारोपी रिंकू पर 25 हजार का इनाम

    मेरठ। जानी के पांचली खुर्द गांव में इमरान की हत्या करने वाले आरोपी रिंकू गुर्जर पर एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने 25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए स्वाट टीम और सर्विलांस टीम को भी लगा दिया गया है। हत्यारोपी की तलाश में 5 टीमें दे रहीं दबिश।

    पांचली खुर्द निवासी रिंकू गुर्जर पुत्र रामे हत्या के मामले में 10 साल से जेल में बंद था। वह हाल में ही जेल से छूटकर आया था। शनिवार को वह बाइक पर गांव के इमरान को लेकर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के पास गया था। इसके बाद इमरान ने अपने भाई सलमान और जावेद को फोन करके बीयर लाने को कहा था। जावेद पहले 10 बीयर लेकर आया। बीयर खत्म होने के बाद 10 और मंगाई, 20 बीयर खत्म होने के बाद रिंकू ने पीने के लिए और मांगी। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा का कहना है कि आरोपी रिंकू पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं, जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • गला काटकर प्रधान के भाई की हत्या

    मेरठ। हस्तिनापुर थाना क्षेत्र में किसान की गला रेतकर हत्या कर दी गई। किसान सोमवार को खेतों में पानी देने गया था। तभी से मिसिंग था। घरवाले उसे लगातार तलाश रहे थे। आज मंगलवार सुबह उसकी लाश खेत में नग्न हालत में मिली है। पूरी लाश खून से लथपथ थी। देखा तो पता चला कि गला रेता गया है।

    सूचना पर पहुंची थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक रविशंकर ग्राम प्रधान सुबेराम का चचेरा भाई था। हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के गांव लुकाधडी के जंगल में एक किसान की गला काटकर निर्मम हत्या कर दी गई। सूचना मिलते ही थाना पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और जांच में जुट गए। किसान रवि सोमवार को खेत में पानी लगाने गया था। सुबह ग्रामीणों को उसका शव पड़ा मिला। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने आकर जांच की। वहीं परिजनों ने हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग की है।

  • बिजनौर के ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार का आरोप: गोवंश आश्रय स्थल के बैंक अकाउंट की जांच की मांग –

    Target Tv Live

    https://targettvlive.com/104365/

    रिपोर्ट : अवनीश त्यागी

    बिजनौर। जिले के विकासखंड कोतवाली देहात की ग्राम पंचायत जापरपुर में संचालित अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल में वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आरोप है कि ग्राम पंचायत सचिव और प्रधान द्वारा गोवंश आश्रय स्थल के बैंक अकाउंट से भुगतान के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।

    क्या है मामला ?

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैंक अकाउंट से भुगतान चेक के माध्यम से किया जाना चाहिए, लेकिन कथित रूप से लाभार्थियों को नकद भुगतान किया जा रहा है। यह संदेह पैदा करता है कि कहीं न कहीं वित्तीय गड़बड़ी हो सकती है।

    पहले भी हुई अनियमितता

    सूत्रों के मुताबिक, पहले भी इस तरह की अनियमितता सामने आई थी, जब एक पूर्व सचिव ने अपने चहेतों को नकद भुगतान दिलवाया था। इस मामले की जांच भी चल रही है। अब, वर्तमान सचिव सरिता सैनी और प्रधान पर आरोप है कि वे अपने नजदीकी लोगों को चेक जारी कर रहे हैं, जिससे भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ गई है।

  • काशी विश्वनाथ मंदिर में सुरक्षा के साथ खिलवाड़: एक गंभीर मामला

    बाउंड्री वाल कूद कर काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन!

    https://a.newsaddaindia.com/Lnk/SRWR202502111119553022341581

    ~विकास यादव

    वाराणसी, 11 फरवरी 2025, मंगलवार। काशी में स्थित अतिसंवेदनशील काशी विश्वनाथ मंदिर में सुरक्षा के साथ खिलवाड़ का मामला सामने आया है। एक वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि मंदिर के बाहर कुछ लोग दर्शनार्थियों से धन लेकर उन्हें मंदिर की बाउंड्री वाल पार करवा रहे हैं। यह मामला काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। मंदिर प्रशासन ने कहा है कि मामले की जांच कराई जाएगी, लेकिन यह घटना आतंकियों के निशाने पर रहने वाले इस मंदिर की सुरक्षा के प्रति गंभीर चिंता पैदा करती है।

    काशी विश्वनाथ मंदिर का इतिहास बहुत पुराना है, और यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह मंदिर हिंदू धर्म के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में होती है। इस मामले में केंद्रीय ब्राह्मण सभा के प्रदेश अध्यक्ष व सनातन रक्षक दल प्रमुख अजय शर्मा ने कहा है कि महाकुंभ के पलट प्रवाह के चलते काशी में प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु काशी विश्वनाथ मंदिर आ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि मंदिर के बाहर कई दलाल श्रद्धालुओं से पैसे लेकर उन्हें मंदिर की बाउंड्री वाल पार करवाकर दर्शन करवा रहे हैं। अजय शर्मा ने कहा कि चेकिंग के नाम वृद्ध, विकलांग और मासूम बच्चों को विश्व के नाथ विश्वनाथ के दर्शन के लिए घण्टों लाइन में लगाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर दलाल पैसे लेकर बाउंड्री डका कर मंदिर के अंदर प्रवेश करवा रहे हैं। ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

    वाराणसी के समाजसेवी विकास शुक्ला ने कहा कि काशी विश्वनाथ मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था में यह घटना एक बड़ी लापरवाही है। उन्होंने कहा है कि मंदिर में इतनी अचूक सुरक्षा होने के बावजूद भी बॉउंड्री वाल पार करके आपत्तिजनक सामग्री आसानी से अंदर ले जाई जा सकती है। यह सवाल उठता है कि अगर मंदिर में इतनी सख्त सुरक्षा है, तो फिर आम लोगों को महाकुंभ मेले में चेकिंग के नाम पर परेशान क्यों किया जा रहा है?

    यह मामला काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है। मंदिर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को इस मामले की जांच करनी चाहिए और आवश्यक कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

  • ऑडियो क्लिप ने किया संदिग्ध भूमिका का खुलासा ?

    सरकारी अफसर की मिलीभगत से हो रहा है अवैध खनन!

    बिजनौर। अवैध मिट्टी खनन को लेकर प्रशासन की भूमिका हमेशा संदेह के घेरे में रही है, लेकिन जब भ्रष्टाचार को लेकर किए गए आरोपों की पुष्टि खुद प्रशासनिक अधिकारियों की बातचीत से होने लगे, तो मामला और गंभीर हो जाता है!  हाल ही में सामने आई एक ऑडियो रिकॉर्डिंग (क्लिप) ने इस मुद्दे पर प्रशासन की संदिग्ध भूमिका को उजागर कर दिया है! इस ऑडियो में एक पत्रकार और सरकारी अधिकारी के बीच हुई बातचीत रिकॉर्ड है। इसमें उक्त अधिकारी खुद को बचाने के लिए कुतर्कों का सहारा लेते नजर आ रहे हैं?

    AUD-20241223-WA0007

    प्रतीकात्मक चित्र

    पत्रकारः सर, आपके इलाके में मिट्टी खनन की शिकायत की थी।

    साहब: हमने चैक कराया था कोई अवैध खनन नहीं किया जा रहा है। उनके पास rawanna वगैरह सब था।

    पत्रकारः …लेकिन लोडर का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। लोडर का इस्तेमाल किया जा सकता है?

    साहब: लोडर सेमी ऑटोमैटिक में आता है। बस JCB नहीं चलनी चाहिए…

    पत्रकारः बिना नंबर के ट्रैक्टर चल रहे हैं।

    साहब: (गुस्से में) इसके लिए ARTO से बात कीजिए।

    अधिकारी का पूरा संरक्षण!

    इस बातचीत से स्पष्ट हो जाता है कि उक्त प्रशासनिक अधिकारी न केवल अवैध खनन से वाकिफ हैं, बल्कि वे इसे रोकने में दिलचस्पी भी नहीं रखते। बल्कि यह कहना अनुचित नहीं होगा कि अवैधानिक खनन को उनका पूरा संरक्षण हासिल है! उन्होंने जेसीबी मशीनों पर तो प्रतिबंध की बात तो मानी, लेकिन लोडर को सेमी ऑटोमैटिक बता कर, उसके इस्तेमाल की खुली छूट दी है?… जबकि खनन परमिशन में स्पष्ट लिखा होता है कि केवल हस्तचलन विधि से ही मिट्टी निकालने की अनुमति है।

    सूत्रों के अनुसार, अवैध खनन करने वाले ठेकेदारों से इन साहब को माहवारी (नियमित रिश्वत) मिलती है, जिसके कारण वे इस गोरखधंधे पर आंख मूंदे बैठे हैं। जब कोई खननकर्ता माहवारी देना बंद कर देता है, तो प्रशासन उसी के ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर कार्रवाई का दिखावा करता है। …लेकिन जिनसे माहवारी मिलती रहती है, उनके लोडर और मशीनें बेरोकटोक चलती रहती हैं।

    प्रशासन की मिलीभगत पर उठते सवाल

    इस मामले में कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं:

    1. अगर साहब को खनन स्थल की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है, तो वे मशीनों के उपयोग को लेकर चुप क्यों हैं?
    2. जेसीबी और लोडर, दोनों ही मशीनें हैं- फिर एक पर रोक और दूसरी पर चुप्पी क्यों?
    3. जब पत्रकार ने गैर-पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर सवाल उठाया, तो साहब ने ARTO पर जिम्मेदारी डालकर खुद को बचाने की कोशिश क्यों की?
    4. क्या प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ दिखावे के लिए होती है, ताकि असली दोषी बच सकें?
    5. यह ऑडियो रिकॉर्डिंग इस बात का पुख्ता सबूत है कि उनकी भूमिका संदिग्ध है और वे अवैध खनन को संरक्षण दे रहे हैं? अब देखना यह होगा कि प्रशासन और सरकार इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई करती है या फिर यह मामला भी अन्य घोटालों की तरह धीरे-धीरे दबा दिया जाएगा! जनता को इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठानी होगी, ताकि प्राकृतिक संसाधनों की यह लूट रोकी जा सके।
    • क्या हो सकता है समाधान ?
    • स्वतंत्र जांचः इस मामले की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए, ताकि प्रशासनिक मिलीभगत का खुलासा हो सके।
    • सख्त कानून और जवाबदेहीः ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए जो अवैध खनन को संरक्षण देते हैं।
    • जनता की भागीदारीः स्थानीय लोगों और पत्रकारों को गुमनाम तरीके से शिकायत दर्ज कराने की सुविधा दी जाए।
    • तकनीकी निगरानीः खनन स्थलों की निगरानी के लिए ड्रोन और सैटेलाइट सर्विलांस का उपयोग किया जाए।

    सौजन्य से….

    अवैध मिट्टी खनन प्रशासन की मिलीभगत: ऑडियो में उजागर हुआ SDM का भ्रष्टाचार – Target Tv Live

    https://targettvlive.com/104211/

  • 29 दिव्यांगों को कृत्रिम अंग उपकरणों का स्वर्गीय आत्म प्रकाश गुप्ता स्मृति समिति द्वारा वितरण

    स्वर्गीय आत्म प्रकाश गुप्ता जी की तृतीय पुण्यतिथि पर विशेष कार्यक्रम

    विभिन्न क्षेत्र की 11 विभूतियों का सम्मान

    बिजनौर। स्वर्गीय आत्म प्रकाश गुप्ता स्मृति समिति द्वारा आत्म प्रकाश गुप्ता जी की तृतीय पुण्यतिथि पर जनपद की विभिन्न क्षेत्रों की 11 विभूतियों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा 29 दिव्यांगों को कृत्रिम अंग उपकरणों का भी वितरण किया गया।

    इंदिरा बाल भवन में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन अग्रवाल, भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह व व्यापारी सुरक्षा फोरम संस्थान महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती नीतू अग्रवाल ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

    साहित्यकार डॉ. पंकज भारद्वाज के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. अरविंद शर्मा (आध्यात्म व ज्योतिष), यशपाल शर्मा (शिक्षाविद्), डाॅ. जूही अग्रवाल (समाजसेविका), सविता अग्रवाल (समाजसेविका), वैद्य अजय गर्ग (समाज सुधारक), सुरेंद्र गर्ग (पत्रकारिता), डॉ. अंशुल (नशामुक्ति एवं कैंसर जागरूकता हेतु), डॉ. पंकज त्यागी (चिकित्सा), डॉ. आदित्य अग्रवाल धामपुर (चिकित्सा) तथा रविदास मंदिर बिजनौर के अध्यक्ष अंबरीश कुमार को सामाजिक क्षेत्र में किए जा रहे योगदान के लिए अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

    इनके अलावा 29 दिव्यांग भाई-बहनों को समिति के सचिव विवेक गुप्ता व अध्यक्ष श्रीमती नीतू गुप्ता, कुशाग्र सिंघल, शिवम सिंघल एवं कृतिका सिंघल द्वारा कृत्रिम अंगों का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर जनपद से आए तमाम लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया। देवेश अग्रवाल द्वारा स्वर्गीय आत्मा प्रकाश गुप्ता के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला गया जबकि प्रेम सिंह द्वारा भजनों की शानदार प्रस्तुति ने सभी को भाव विभोर कर दिया।

    इनके अलावा कार्यक्रम में अनिता गुप्ता पुत्री स्वर्गीय श्री आत्म प्रकाश गुप्ता, अनिल कंबोज, प्रदीप अग्रवाल, भरत गर्ग, व्यापारी सुरक्षा फोरम के प्रदेश महामंत्री संजीव अग्रवाल, सभासद राजवीर सिंह, सुरेंद्र प्रकाश भटनागर, हितेश शर्मा, अनुज त्यागी, प्रशांत महर्षि, प्रशांत गोयल एडवोकेट, संजीव बबली एडवोकेट, क्रांति शर्मा, आरबी यादव, भाजपा की जिला मंत्री माया पाल, आभ्रा पाठक, भावना भारद्वाज, संजू शर्मा, गौरव अग्रवाल, अभिषेक राणा, विकास लाटियान, विनोद शर्मा, राजीव लोचन, मंदीप चौधरी, अमरपाल शर्मा, अशोक अग्रवाल सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

    • मकान मालिक, होटल, लॉज, धर्मशाला प्रबंधक, भवन निर्माण ठेकेदार आदि के लिए आवश्यक आदेश जारी
    • बाहरी व्यक्तियों की जानकारी नजदीकी पुलिस स्टेशन में देना अनिवार्य

    मंडला (जबलपुर)। किसी भी व्यक्ति को मकान किराए पर देने, होटल, लॉज, धर्मशाला में ठहरने वाले व्यक्तियों, भवन निर्माण हेतु ठेकेदारों के अंतर्गत काम में नियोजित व्यक्तियों की जानकारी उनके चरित्र सत्यापन हेतु पहचान पत्र संबंधित थाना/चौकी प्रभारियों को आवश्यक रूप से देनी होगी।

    भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के अंतर्गत जन सामान्य के हित/जान/माल एवं लोक शांति बनाए रखने हेतु कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी द्वारा आदेश जारी किया गया है। इस आदेशानुसार mandla जिले के सम्पूर्ण राजस्व सीमा क्षेत्र में मकान मालिक, होटल, लॉज, धर्मशाला के प्रबंधक, भवन निर्माण के ठेकेदार एवं अन्य व्यक्तियों को काम में रखने वाली कम्पनी एवं निजी सुरक्षा एजेंसी के संचालक किसी भी व्यक्ति को मकान किराए पर देने, होटल, लॉज, धर्मशाला में ठहरने वाले व्यक्तियों, भवन निर्माण हेतु ठेकेदारों के अंतर्गत काम में नियोजित व्यक्तियों की जानकारी उनके चरित्र सत्यापन हेतु पहचान पत्र संबंधित थाना/चौकी प्रभारियों को आवश्यक रूप से उपलब्ध कराएँ। उपर्युक्त आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दण्डनीय होगा। पुलिस अधीक्षक मंडला के पत्र क्रमांक 244, 27 जनवरी 2025 द्वारा आगामी पर्वों को देखते हुए कानून व्यवस्था की स्थिति को सुदृढ़ करने हेतु उक्त आदेश को पुनः प्रचलन में लाए जाने को दृष्टिगत रखते हुए जारी आदेश का पूर्ववत कड़ाई से पालन करने के निर्देश के साथ दो माह हेतु बढ़ाया गया है।

  • जिला बिजनौर के मदरसा मिफ्ताहुल उलूम का मामला

    District Minority Welfare Officer issued notice to the Principal along with the present and former President

    Case in High Court, still appointments were made

    लखनऊ। प्रबन्ध समिति से संबंधित वाद मा. उच्च न्यायालय में लम्बित होने के बावजूद मदरसे में अनेक पदों पर नियुक्ति कर ली गई। मामला जिला बिजनौर की तहसील चान्दपुर स्थित मदरसा मिफ्ताहुल उलूम का है। आरोप है कि नियुक्तियों में सभी नियमों एवं नियमावली में अंकित दिशा निर्देशों का खुल कर उल्लघंन किया गया। बिजनौर के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने इस संबंध में वर्तमान एवं पूर्व अध्यक्ष के अलावा प्रधानाचार्य समेत तीन लोगों को नोटिस जारी किया है। सुनवाई मंगलवार 11 फरवरी 2025 को होनी है।

    आखिर मामला है क्या!

    दरअसल बिजनौर की तहसील चान्दपुर अंतर्गत मदरसा मिफ्ताहुल उलूम में प्रबन्ध समिति से संबंधित वाद मा. उच्च न्यायालय में वाद याचिका संख्या 10988/2022 लम्बित बताया गया है। इसके बावजूद प्रबन्ध समिति ने मदरसे में सभी नियमों एवं नियमावली में अंकित दिशा निर्देशों का उल्लघंन करते हुए अनेक पदों पर नियुक्ति कर ली। यह भी आरोप है कि उनके द्वारा वेतन आहरित किया जा रहा है। इसके अलावा मदरसे में 04 पदों पर भी नियुक्ति की जा रही है। इसी क्रम में तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के कार्यालय पत्रांक 643/अ०स०क०/2024-25 दिनांक 23.09.2024 के द्वारा प्रकरण की जांच पूरी होने तक 04 पदों पर की जा रही नियुक्ति की प्रक्रिया स्थगित की गई है।

    जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से की शिकायत

    चांदपुर के मौहल्ला सराय रफी अहमद नगर धनौरा रोड निवासी इफ्तेखार अहमद पुत्र स्व० मोहम्मद अख्तर ने विभिन्न माध्यमों से शिकायती पत्र प्रेषित कर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को उक्त मामले से अवगत कराया था। शिकायत के आधार पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी बिजनौर द्वारा मदरसा मिफ्ताहुल उलूम चान्दपुर में की गई नियुक्तियों के संबंध में दिनांक 04.02.2025 प्रबन्धक मौहम्मद जीशान, प्रधानाचार्य लियाकत अली और पूर्व अध्यक्ष जावेद हसन को नोटिस जारी किया गया। इसमें उन्हें निर्देशित किया कि मदरसे में वर्ष 2022 से अब तक की गई नियुक्तियों से सम्बन्धित समस्त प्रपत्र तथा मीटिंग की कार्यवाही लेकर दिनांक 06.02.2025 को अपरान्ह 03 बजे कार्यालय में उनके समक्ष स्वयं उपस्थित होना सुनिश्चित करें। निर्धारित तारीख के बीतने के बाद अब अगली तारीख मंगलवार 11 फरवरी सुनिश्चित की गई है।

  • जोमैटो ने बदला अपने पेरेंट कंपनी का नाम

    … लेकिन App के नाम में नहीं होगा कोई बदलाव

    अब Eternal Ltd. के नाम से जाना जाएगा zomato

    देश की मशहूर फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो ने अपने पेरेंट कंपनी का नाम बदल दिया है। अब इसे ‘इटरनल लिमिटेड’ (Eternal Ltd.) के नाम से जाना जाएगा। हालांकि, ग्राहकों के लिए Zomato ब्रांड नेम, ऐप और सर्विसेज में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। कंपनी के सीईओ दीपिंदर गोयल ने खुद इस बात की जानकारी दी कि Zomato ब्रांड नेम, ऐप और सर्विसेज में कोई बदलाव नहीं होगा और ऐप को Zomato के नाम से ही जाना जाएगा।

    सिर्फ ‘पेरेंट कंपनी’ का नाम बदला

    🔹 जोमैटो का नया नाम ‘इटरनल लिमिटेड’ रखा गया है।
    🔹 जोमैटो ऐप और ब्लिंकिट पहले की तरह ही काम करेंगे।
    🔹 यह बदलाव बोर्ड की मंजूरी के बाद हुआ, लेकिन अब शेयरहोल्डर्स की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।

    ‘फूडीबे’ से ‘इटरनल’ तक जोमैटो का सफर:
    🔹 2007 – कंपनी की शुरुआत ‘Foodiebay’ के नाम से हुई।
    🔹 2010 – नाम बदलकर ‘Zomato’ कर दिया गया।
    🔹 2021 – जोमैटो ने ब्लिंकिट (Blinkit) का अधिग्रहण किया।
    🔹 2024 – अब पेरेंट कंपनी का नाम बदलकर ‘Eternal Ltd.’ कर दिया गया।

    ग्राहकों पर क्या असर होगा?

    🔹 नाम बदलने का कोई प्रभाव जोमैटो और ब्लिंकिट के ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा।
    🔹 फूड डिलीवरी सेवाएं पहले की तरह ही जारी रहेंगी।
    🔹 ‘इटरनल’ सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि कंपनी का मिशन स्टेटमेंट भी है, जो बताता है कि इसका अस्तित्व लंबे समय तक बना रहेगा।

    क्या रही वजह?

    🔸 ब्लिंकिट की बढ़ती सफलता को देखते हुए, पेरेंट कंपनी का नाम बदलने की जरूरत महसूस हुई।
    🔸 जोमैटो के शुरुआती दिनों में ही यह तय किया गया था कि अगर भविष्य में कोई और प्रोडक्ट बड़ा बनता है, तो कंपनी का नाम ‘इटरनल’ रखा जाएगा।
    🔸 रीब्रांडिंग के तहत यह बदलाव किया गया है ताकि कंपनी और ऐप के बीच स्पष्ट अंतर बना रहे।

    सीईओ दीपिंदर गोयल ने किया खुलासा

    सीईओ दीपिंदर गोयल ने अपने शेयर होल्डर्स को लिखे नोट में कहा कि, नया नाम कंपनी के बड़े सपनों और अलग-अलग बिजनेस में विस्तार की दिशा को दर्शाता है। हमने सोचा था कि जिस दिन जोमैटो से परे कंपनी भविष्य में एक महत्वपूर्ण मुकाम हासिल कर लेगी, तब हम कंपनी का नाम सार्वजनिक तौर पर जोमैटो से इटरनल कर देंगे। आज ब्लिंकिट के साथ मुझे लगता है कि वह पल आ गया है। गोयल ने आगे कहा कि हम कंपनी का नाम जोमैटो लिमिटेड से बदलकर इटरनल लिमिटेड कर रहे हैं। फूड डिलीवरी ब्रांड/ऐप के नाम में कोई बदलाव नहीं होगा। CEO ने यह भी कहा कि एक बार नया नाम मंज़ूर हो जाने के बाद, मुख्य वेबसाइट को zomato.com से बदलकर eternal.com कर दिया जाएगा, और शेयर बाजार टिकर ZOMATO से ETERNAL हो जाएगा। कंपनी के होल्डिंग के तहत चार बिजनेस ब्रांड होंगे -Zomato (फूड डिलीवरी), Blinkit (क्विक कॉमर्स), District, Hyperpure (रेस्टोरेंट सप्लाई चेन)। कंपनी ने 6 फरवरी को बीएसई (BSE) में रेगुलेटरी फाइलिंग के जरिए इस बदलाव की जानकारी दी। (एजेंसियां)

  • बरेली में हुआ सरस काव्य गोष्ठी, पुस्तक विमोचन एवं सम्मान समारोह का आयोजन

    राजबाला धैर्य रचित ‘विशिष्ट बचपन पत्रिका’ का विमोचन

    बरेली। कवि गोष्ठी आयोजन समिति एवं विशिष्ट बचपन के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय बदायूं रोड पर सरस काव्य गोष्ठी, पुस्तक विमोचन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि रणधीर प्रसाद गौड़ ‘धीर’ ने की। मुख्य अतिथि हास्य व्यंग्यकार दीपक मुखर्जी ‘दीप’ रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ माॅं शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

    प्रथम सत्र में लोकप्रिय कवयित्री राजबाला धैर्य रचित ‘विशिष्ट बचपन पत्रिका’ जनवरी – मार्च 25 का विमोचन अथिति कवियों ने किया। द्वितीय सत्र में साहित्यिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए वरिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार गणेश पथिक एवं शाहजहांपुर के प्रख्यात कवि प्रदीप बैरागी को शाॅल ओढ़ा कर एवं स्मृति चिन्ह प्रदान करके कार्यक्रम संयोजिका राजबाला धैर्य एवं संस्था के सचिव उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट ने सम्मानित किया। तृतीय सत्र में सरस काव्य गोष्ठी हुई जिसमें कवियों ने अपनी एक से बढ़कर एक बेहतरीन रचनाएं प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी।

    गीतकार उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट ने अपना श्रृंगारिक गीत इस प्रकार प्रस्तुत किया-
    मत रूठो अब छोड़ो गुस्सा, प्रेम- रंग जीवन में छाया।
    आ जाओ भुजपाशों में तुम, मौसम आज वसंती आया।।

    कवयित्री राजबाला धैर्य ने सुनाया –
    भाव पुष्प हृदय में लेकर
    करते हम सब भारत माॅं का वंदन
    आम, नीम, बरगद और पीपल
    महक रहा है शीतल चंदन।

    रामकुमार अफरोज ने अपना शेर इस प्रकार कहा –
    चुटकुले इतने चुटीले हो गए
    शायरी के पेंच ढीले हो गए।

    इस अवसर पर संतोष कुमार श्रद्धा, भारतेंद्र सिंह, विनीत सक्सेना, रामधनी निर्मल, रामकुमार अफरोज, राजकुमार अग्रवाल, कुमार आदित्य यदुवंशी, डॉ अखिलेश गुप्ता, सात्विक चौधरी, बीना,रीतेश साहनी एवं रमेश रंजन आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मनोज दीक्षित टिंकू ने किया।

  • SP के निर्देश पर हरकत में आई पुलिस

    हर्ष फायरिंग की वीडियो वायरल, आरोपी गिरफ्तार

    बिजनौर। थाना नूरपुर पुलिस ने रिश्ता लगन समारोह में हर्ष फायरिंग के मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

    कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर थाना नूरपुर क्षेत्रान्तर्गत दो नाली बंदूक से हर्ष फायरिंग की वीडियो वायरल हुई थी। मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक कुमार झा ने थाना प्रभारी नूरपुर को वायरल वीडियो की जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया। जांच के क्रम में यह तथ्य प्रकाश में आए कि दिनांक 04 फरवरी 2025 की रात्रि में थाना नूरपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम शादपुरी निवासी सुनील पुत्र हरफूल सिंह के पुत्र अवधेश का लगन का कार्यक्रम ग्राम में ही चल रहा था। कार्यक्रम में नाच गाना के दौरान सुनील द्वारा अपनी लाईसेंसी बन्दूक से हवाई फायरिंग की गई। विधि लापरवाही पूर्वक कृत्य करते हुए आस पड़ोस व कार्यक्रम में आए हुए लोगों की जान जोखिम में डालते हुए अपनी लाइसेंसी बन्दूक से हवाई फायरिंग की गयी। इस संबंध में थाना नूरपुर पर मु.अ.सं. 46/2025 धारा 125 बीएनएस व 25 (9)/30 आयुध अधिनियम पंजीकृत किया गया।

    पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार थाना नूरपुर पुलिस द्वारा उक्त मामले से संबंधित अभियुक्त सुनील पुत्र हरफूल सिंह निवासी ग्राम शादपुरी थाना नूरपुर जनपद बिजनौर को लाइसेंसी बन्दूक के साथ हिरासत में लिया गया। आवश्यक कार्यवाही प्रचलित है। शस्त्र निरस्तीकरण की रिपोर्ट अलग से प्रेषित की जा रही है। थाना नूरपुर की टीम में उप निरीक्षक पवन कुमार,आरक्षी बोबी व आरक्षी सिद्धान्त शामिल रहे।

  • वाराणसी पुलिस ने नोएडा से पकड़े आरोपी

    साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश: 80 लाख रुपए की ठगी के मास्टरमाइंड गिरफ्तार

    ऑस्ट्रेलिया में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगे ₹80 लाख, 03 गिरफ्तार

    जानिए पूरी कहानी…

    https://a.newsaddaindia.com/Lnk/SRWR202502091204463022342325

    वाराणसी, 9 फरवरी 2025, रविवार। नोएडा में एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश हुआ है, जहां साइबर अपराधी लोगों को विदेशी कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगते थे। इस गिरोह ने 80 लाख रुपए की साइबर ठगी को अंजाम दिया था।

    बता दें, 17 जनवरी 2025 को सारनाथ निवासी अखिलेश कुमार पांडेय ने साइबर क्राइम थाना में शिकायत दर्ज कराई कि उनका डेटा जॉब प्रोवाइडर कंपनी से हासिल कर साइबर अपराधियों ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके लिए उनसे विभिन्न शुल्क और टैक्स के नाम पर कुल 80 लाख रुपए ठग लिए गए। थाना साइबर क्राइम वाराणसी में मुकदमा संख्या 05/2025 के तहत मामला दर्ज किया गया और निरीक्षक विजय कुमार यादव को विवेचना सौंपी गई। पुलिस जांच में पता चला कि ये अपराधी जॉब पोर्टल कंपनियों के रिक्रूटर पोर्टल को अवैध तरीके से एक्सेस कर जॉब सीकर्स का डेटा चोरी कर लेते थे। इसके बाद वे फर्जी टेली-कॉलर्स के माध्यम से जॉब सीकर्स से संपर्क करते और उन्हें विदेशों में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। इन अपराधियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी म्यूल बैंक अकाउंट और फर्जी नाम-पते पर रजिस्टर्ड सिम कार्ड का इस्तेमाल किया। वे फर्जी दस्तावेजों का भी इस्तेमाल करते थे, जैसे कि जॉब ऑफर लेटर, इंटेंट लेटर और इंटरव्यू लेटर, जिससे शिकार लोगों को विश्वास हो जाता था कि उन्हें वास्तव में विदेशी कंपनियों में नौकरी मिल रही है।

    पुलिस ने इस मामले में तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दीपक कुमार, भानु प्रताप और कुनाल विश्वास शामिल हैं। इन अपराधियों के पास से कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और नकदी बरामद की गई है, जिनमें बड़ी मात्रा में iOS मोबाइल, कीपैड मोबाइल, एंड्रॉयड मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर डेस्कटॉप और 20,690 रुपए नगदी शामिल हैं।

    वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल और डीसीपी अपराध प्रमोद कुमार के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। मामले की जांच एडीसीपी साइबर क्राइम श्रुति श्रीवास्तव और एसीपी गौरव कुमार की निगरानी में की गई। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और नोएडा और अन्य शहरों में इनके नेटवर्क की जांच जारी है। पुलिस ने जिन लोगों को ठगा गया है, उनसे संपर्क कर पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।

  • सीआईसी ने की निंदा, जारी किया कारण बताओ नोटिस

    सैनिक स्कूल के पीआईओ ने की आरटीआई जवाब देने में 3 साल की देरी !

    ~By Vinita Deshmukh

    हाल ही में, एक केंद्रीय सूचना आयुक्त ने दिल्ली के एक रक्षा सैनिक स्कूल के दो केंद्रीय लोक सूचना अधिकारियों (सीपीआईओ) को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा कि तीन वर्षों तक सूचना देने में देरी करने के लिए उन्हें दंडित क्यों न किया जाए। साथ ही, उन्हें चार सप्ताह के भीतर, यानी फरवरी के अंत तक आवश्यक सूचना उपलब्ध कराने का आदेश दिया।

    जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर निवासी सूचना के अधिकार (आरटीआई) आवेदक जयंत कुमार सिंह ने स्कूल के निर्माण ठेके के संबंध में ठेकेदारों और स्कूल कर्मचारियों के बीच सांठगांठ से जुड़ी कथित अनियमितताओं के बारे में जानकारी मांगी थी।
    सीआईसी विनोद कुमार तिवारी ने 31 जनवरी 2025 को दूसरी अपील की सुनवाई के दौरान पाया कि सैनिक स्कूल द्वारा दिया गया जवाब न केवल टालमटोल वाला था बल्कि अधूरा भी था। उन्होंने पाया कि सीपीआईओ में से एक ने आवश्यक जानकारी की प्रकृति का पर्याप्त अध्ययन किए बिना ही आरटीआई आवेदन का यांत्रिक रूप से निपटारा कर दिया था। दूसरे सीपीआईओ, उन्हें भेजे गए नोटिस के बावजूद संशोधित और उचित जवाब देने में विफल रहे। इसने सीआईसी श्री तिवारी को दो सीपीआईओ – अशोक कुमार (वर्तमान सीपीआईओ) और शैलेश राणा (पूर्व सीपीआईओ, 28 दिसंबर 2021 तक) को कारण बताओ नोटिस जारी करने के लिए प्रेरित किया, जिसमें उनसे चार सप्ताह के भीतर यह बताने के लिए कहा गया कि आरटीआई अधिनियम की धारा 20(1) के तहत अधिकतम जुर्माना उनमें से प्रत्येक पर क्यों नहीं लगाया जाना चाहिए।

    आरटीआई आवेदक सिंह ने आठ अस्थाई पारिवारिक आवासों, दो हॉल और सामान्य कर्मचारियों के लिए नामित दो कमरों के निर्माण अनुबंध से जुड़े विभिन्न दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियां मांगी थीं। उन्हें जो दस्तावेज चाहिए थे, उनमें विज्ञापन सामग्री की प्रतियां, निविदा फॉर्म की बिक्री और संबंधित निविदा फॉर्म रजिस्टर, बयाना राशि जमा (ईएमडी) की गणना विवरण, प्रदर्शन गारंटी के लिए मांग पत्र, कार्य आदेश के लिए दस्तावेज और पूर्ण बोली प्रस्ताव (बीपी), बिना किसी काले या रिक्त जानकारी के अपरिवर्तित रिकॉर्ड शामिल हैं।

    श्री सिंह ने ठेकेदारों के पिछले तीन वर्षों के पैन कार्ड और आयकर रिटर्न (आईटीआर), वार्षिक जीएसटी रिटर्न, भवन निर्माण में अपेक्षित अनुभव को प्रमाणित करने वाले दस्तावेज, निर्माण ठेकेदार के रूप में वर्गीकरण का प्रमाण, बिहार सरकार और भवन, सड़क, पुलिया, पुल और अंडरपास निर्माण से संबंधित अन्य सरकारी विभागों के साथ पंजीकरण, निविदा फॉर्म शुल्क विवरण और ईएमडी जानकारी तथा निविदा के दिन की उपस्थिति शीट के बारे में भी जानकारी मांगी।

    आरटीआई आवेदक सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि सार्वजनिक प्राधिकरणों को सार्वजनिक धन के व्यय में पारदर्शिता बरतनी चाहिए और भले ही उन्हें आरटीआई अधिनियम की धारा 24(4) के तहत छूट प्राप्त हो, भ्रष्टाचार से संबंधित जानकारी का खुलासा किया जाना चाहिए।

    आरटीआई आवेदन को खारिज करते हुए सीपीआईओ ने जवाब दिया कि उनकी भूमिका सूचना प्रदान करने तक सीमित है और श्री सिंह ने अतिरिक्त सूचना मांगी थी जिसके लिए शोध की आवश्यकता थी और आवेदन में व्याख्यात्मक लहजा था। सीपीआईओ ने दूसरी अपील की सुनवाई के दौरान सीआईसी तिवारी को यह भी बताया कि आरटीआई आवेदक सिंह, एक पूर्व कर्मचारी होने के नाते और सेवा से बर्खास्त होने के बाद, 2012 से सैनिक स्कूल और अन्य सार्वजनिक प्राधिकरणों को कई आरटीआई अनुरोध प्रस्तुत कर रहे थे।

    सीपीआईओ ने आगे कहा कि स्कूल नियमित रूप से आरटीआई जवाब देता रहा है, लेकिन वह श्री सिंह के आरटीआई आवेदन का जवाब नहीं दे सकते क्योंकि इसमें “सूचना के व्यापक संग्रह और मिलान की आवश्यकता थी, जो सोसायटी के संसाधनों को असंगत रूप से हटा देगा, जिससे आरटीआई अधिनियम, 2005 की धारा 7 (9) के प्रावधान लागू होंगे।”
    उन्होंने 2015 के सुधीर कुमार बनाम शिक्षा निदेशालय, पूर्वी जिला, जीएनसीटीडी, दिल्ली के सीआईसी मामले का हवाला देते हुए सीआईसी श्री तिवारी के संज्ञान में लाया कि सीआईसी ने तब टिप्पणी की थी कि “आवेदक द्वारा बार-बार, परेशान करने वाले और प्रतिशोधी आवेदन देकर सार्वजनिक प्राधिकरण के समय और संसाधन की आपराधिक बर्बादी करने को हतोत्साहित किया जाना चाहिए” जो आरटीआई अधिनियम के दुरुपयोग के समान है।

    27 अप्रैल 2020 को दिए गए एक महत्वपूर्ण फैसले में, केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने जयंत कुमार सिंह बनाम सीपीआईओ सैनिक स्कूल और सीपीआईओ सैनिक स्कूल सोसाइटी के मामले में परेशान करने वाले वादियों द्वारा पेश की गई चुनौतियों को संबोधित किया। आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि तुच्छ मुकदमों के विघटनकारी प्रभाव को अच्छी तरह से पहचाना जाता है, खासकर जब यह अर्ध-न्यायिक निकायों के कामकाज में बाधा डालता है।

    चूंकि आरटीआई अधिनियम के तहत भारत का कोई भी नागरिक आरटीआई अधिनियम का सहारा ले सकता है और सीपीआईओ को इस कानून के तहत सूचना मांगने वाले किसी भी आवेदक के पीछे कोई उद्देश्य बताने का कोई अधिकार नहीं है, इसलिए सीआईसी श्री तिवारी ने कहा कि दोनों पीआईओ ने अपनी जिम्मेदारियों का पालन नहीं किया है।
    https://www.moneylife.in/article/cic-slams-3year-delay-of-an-rti-reply-by-sainik-schools-pio-issues-showcause-notification/76299.html

    (विनीता देशमुख मनी लाइफ की सलाहकार संपादक हैं। वे पुणे मेट्रो जागृति अभियान की संयोजक भी हैं। उन्हें ग्रामीण रिपोर्टिंग के लिए स्टेट्समैन पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जिसे उन्होंने 1998 और 2005 में दो बार जीता था। इसके अलावा उन्हें डॉव केमिकल्स पर उनकी जांच श्रृंखला के लिए उत्कृष्ट मीडियाकर्मी के लिए चमेली देवी जैन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। उन्होंने विनीता कामटे के साथ मिलकर “टू द लास्ट बुलेट – द इंस्पायरिंग स्टोरी ऑफ ए ब्रेवहार्ट – अशोक कामटे” पुस्तक लिखी है और वे “द माइटी फॉल” की लेखिका हैं।)

  • https://zeenews.india.com/hindi/technology/sparkcat-virus-found-in-28-apps-poses-a-serious-risk-to-personal-and-financial-data/2635180

    Hackers के टारगेट पर 28 Apps! अपने स्मार्टफोन से Delete करें तुरन्त

    एक नया और खतरनाक मैलवेयर SparkCat बहुत तेजी से फैल रहा है और दुनिया भर में हजारों डिवाइसेज को संक्रमित कर चुका है. अगर आपने अनजाने में किसी इंफेक्टिड ऐप को डाउनलोड कर लिया है, तो आपका फाइनेंशियल और पर्सनल डेटा खतरे में पड़ सकता है.

    अगर आप स्मार्टफोन यूजर हैं, चाहे वह Android हो या iPhone, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. एक नया और खतरनाक मैलवेयर SparkCat बहुत तेजी से फैल रहा है और दुनिया भर में हजारों डिवाइसेज को संक्रमित कर चुका है. आम वायरस की तुलना में, SparkCat अधिक खतरनाक है क्योंकि यह क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट रिकवरी फ्रेज सहित संवेदनशील डेटा चुराने में सक्षम है.

    क्या है SparkCat मैलवेयर?

    रिसर्च कंपनी Kaspersky की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, SparkCat एक मैलिशियस सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट (SDK) है, जो Google Play Store और Apple App Store पर मौजूद कई ऐप्स में पाया गया है. यह मैलवेयर यूजर्स के फोन में स्टोर्ड इमेज को स्कैन करके उनकी निजी जानकारी चुरा सकता है. अगर आपने अनजाने में किसी इंफेक्टिड ऐप को डाउनलोड कर लिया है, तो आपका फाइनेंशियल और पर्सनल डेटा खतरे में पड़ सकता है.

    कौन-कौन से ऐप्स SparkCat से इंफेक्टिड हैं?

    अब तक 18 एंड्रॉइड ऐप्स और 10 iOS ऐप्स इस मैलवेयर से संक्रमित पाए गए हैं. इनमें से एक ChatAi नाम का ऐप भी है, जो SparkCat मैलवेयर से प्रभावित है. अगर आपके फोन में यह या कोई अन्य संदिग्ध ऐप मौजूद है, तो उसे तुरंत अनइंस्टॉल कर दें और अपना डेटा सुरक्षित करें.

    कैसे चोरी करता है SparkCat आपका डेटा?

    1. फोन की फोटो स्कैन करता है – SparkCat आपके फोन में मौजूद इमेजेस को स्कैन करता है, खासकर क्रिप्टो वॉलेट रिकवरी फ्रेज़ से जुड़ी जानकारी निकालने के लिए.
    2. OCR तकनीक का इस्तेमाल करता है – यह Google ML Kit OCR का उपयोग करके इमेज से टेक्स्ट पढ़ लेता है और संवेदनशील जानकारी चुरा सकता है.
    3. अलग-अलग भाषाएं पहचान सकता है – यह मैलवेयर अंग्रेज़ी, हिंदी, चीनी, जापानी, फ्रेंच, इटालियन सहित कई भाषाओं के कीवर्ड पहचानने में सक्षम है, जिससे यह बेहद खतरनाक बन जाता है.

    कैसे बचाएं अपना स्मार्टफोन SparkCat से?

    1. अनजान ऐप्स डाउनलोड करने से बचें – हमेशा विश्वसनीय सोर्स और अच्छे रिव्यू वाले ऐप्स ही डाउनलोड करें.
    2. ऐप परमिशन चेक करें – यदि कोई ऐप बिना जरूरत के स्टोरेज या कैमरा एक्सेस मांग रहा है, तो उसे इंस्टॉल न करें.
    3. सॉफ़्टवेयर अपडेट करते रहें – समय-समय पर फोन और ऐप्स को अपडेट करते रहें, ताकि सिक्योरिटी खामियां दूर हो सकें.
    4. रिलाएबल एंटीवायरस का इस्तेमाल करें – एक अच्छे सिक्योरिटी ऐप का उपयोग करें, जो मैलवेयर को पहचानकर ब्लॉक कर सके.
    5. क्रिप्टो वॉलेट रिकवरी फ्रेज़ को स्क्रीनशॉट में न रखें – इसे सुरक्षित जगह लिखकर स्टोर करें बजाय फोन में इमेज के रूप में रखने के.

  • पहले बनाई फैक्ट्री पत्रकारों की, अब MP और MLA की बारी

    पुरोधाओं से तिस्कृत हो कर उठाया सर्व समाज के कल्याण का बीड़ा

    विनेश भइया की हो रही जय जयकार

    बहुत फड़फड़ा चुके कबूतर, बाज अब उड़ने वाला है, माहौल बदलने वाला है…

  • रामपुर, संभल व बिजनौर जिलों में 10 मुकदमे हैं दर्ज

    पुलिस मुठभेड़ में शातिर बिल्ली गिरफ्तार, सिपाही घायल

    राम अर्ज अपर पुलिस अधीक्षक देहात

    बिजनौर। थाना नूरपुर पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान अन्तर्जनपदीय शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। इस दौरान एक कांस्टेबल भी गोली लगने से घायल हुआ है। चोर के कब्जे से तमंचा, चोरी की घटना में प्रयुक्त लोहे का एक सब्बल व एक सैन्ट्रो कार बरामद हुए हैं। इस शातिर चोर के खिलाफ जनपद रामपुर में छह, संभल में दो और बिजनौर के नूरपुर थाने में दो समेत 10 मुकदमे दर्ज हैं।

    पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 06/07 फरवरी 2025 की रात्रि में थाना नूरपुर पुलिस टीम को चेकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक संदिग्ध व्यक्ति चोरी के इरादे से ग्राम रोशनपुर जागीर स्थित एक सीमेंट स्टोर की दुकान के आसपास एक रॉड जैसी वस्तु लेकर घूम रहा है। उसके पास एक कार भी है। सूचना पर थाना नूरपुर पुलिस टीम द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर देखा कि उक्त संदिग्ध एक रॉड से दुकानों के तालों को उलट पलट कर देख रहा है तथा पास ही एक सैन्ट्रो कार खड़ी है। पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त को गिरफ्तार करने का प्रयास किया गया तो अभियुक्त द्वारा पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नियत से फायर किया, इस दौरान एक गोली आरक्षी राहुल कुमार के बाएं हाथ में लगी। पुलिस टीम की आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग में अभियुक्त के बाएं पैर में गोली लगी, जिसे मौके पर ही घायल अवस्था में हिरासत में ले लिया गया।

    घायल अभियुक्त ने अपना नाम मौहम्मद अफरोज उर्फ बिल्ली पुत्र मौहम्मद यासीन निवासी ग्राम हमीरपुर माजरा मिल्क थाना टाण्डा जनपद रामपुर बताया। पुलिस द्वारा घायल पुलिसकर्मी व घायल अभियुक्त को उपचार हेतु सीएचसी नूरपुर में भर्ती कराया गया।

    अभियुक्त मौहम्मद अफरोज के कब्जे से 01 अवैध तमंचा 315 बोर मय 01 जिन्दा व 01 खोखा कारतूस 315 बोर, एक लोहे की सब्बल व एक सैन्ट्रो कार नं. UP16J-8456 बरामद की गई। इस संबंध में थाना नूरपुर पर मु.अ.सं. 48/2025 धारा 109(1) बीएनएस व धारा 3/25/27 आयुध अधिनियम पंजीकृत करने के साथ ही अग्रिम कार्यवाही प्रचलित है।

    दो दिन पहले भी किया था चोरी का प्रयास

    अभियुक्त ने पूछताछ पर बताया कि दो दिन पहले रात्रि में उसने ग्राम रोशनपुर जागीर में सब्बल से एक दुकान का शटर उठाकर उसमें चोरी करने का प्रयास किया था, जिसमें वह सफल नहीं हो सका। पकड़े जाने के डर से अपनी सैन्ट्रो कार में बैठकर वहां से फरार हो गया था। उक्त घटना के संबंध में थाना नूरपुर पर मु.अ.सं. 45/2025 धारा 62/305(ए)/331(4) बीएनएस पंजीकृत है। आज फिर दोबारा वह ग्राम रोशनपुर जागीर मे चोरी की घटना को अंजाम देने के लिये आया था।

    आपराधिक इतिहास मौहम्मद अफरोज –

    1. मु.अ.सं. 63/2020 धारा 307/401 भादवि थाना शाहबाद जनपद रामपुर।
    2. मु.अ.सं. 234/2020 धारा 4/25 आर्मस एक्ट थाना शाहबाद जनपद रामपुर।
    3. मु.अ.सं. 301/2022 धारा 8/20 NDPS ACT थाना टांडा जनपद रामपुर।
    4. मु.अ.सं. 382/2022 धारा 379/427/436 भादवि थाना टांडा जनपद रामपुर।
    5. मु.अ.सं. 87/2024 धारा 8/20 NDPS ACT थाना टांडा जनपद रामपुर।
    6. मु.अ.सं. 155/2024 धारा 380/411 भादवि थाना बहजोई जनपद सम्भल ।
    7. मु.अ.सं. 173/2024 धारा 3/25 आर्मस एक्ट थना बहजोई जनपद सम्भल ।
    8. मु.अ.सं. 599/2024 धारा 4/25 आर्मस एक्ट थाना टांडा जनपद रामपुर ।
    9. मु.अ.सं. 45/2025 धारा 62/305 (a)/331 (4) बीएनएस थाना नूरपुर जनपद बिजनौर।
    10. मु.अ.सं. 48/2025 धारा 109 (1) बीएनएस व 3/25/27 आर्म्स एक्ट थाना नूरपुर जनपद बिजनौर।

    गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना नूरपुर जनपद बिजनौर के थाना प्रभारी रविन्द्र कुमार, उप निरीक्षक कुलदीप कुमार, उप निरीक्षक देवीप्रसाद गौतम, उप निरीक्षक सुशील पंवार, कांस्टेबल हरिओम, कांस्टेबल नीरज पंवार, कांस्टेबल अमित कुमार, कांस्टेबल राहुल कुमार, कांस्टेबल आर्यन, कांस्टेबल अंकित कुमार, कांस्टेबल विकास कुमार एवं कांस्टेबल कुलदीप खोखर शामिल रहे।

    https://x.com/Uppolice/status/1887518016939688423?t=LlbCTy0Ra4Virczb3EZXLA&s=19

  • नहटौर ब्लॉक में टेंडर प्रकाशन में घोटाला: नियमों की अनदेखी या भ्रष्टाचार ?

    मनमाने तरीके से भुगतान, नियमों की अनदेखी

    भ्रष्टाचार का पर्याय बने ग्राम पंचायतों में विकास कार्य !

    पूरी खबर सिर्फ Target Tv Live पर, ये रहा लिंक https://targettvlive.com/104082/

    बिजनौर। नहटौर ब्लॉक की ग्राम पंचायत अथाई शेख में टेंडर प्रकाशन को लेकर बड़े घोटाले की आशंका जताई जा रही है! आरोप है कि टेंडर विज्ञापन के नाम पर भुगतान नियमों की अनदेखी करते हुए ठेकेदार के नाम किया जा रहा है, जबकि आमतौर पर यह भुगतान संबंधित अखबार या सरकारी एजेंसी को होना चाहिए।

    सूत्रों के अनुसार, इस प्रक्रिया में कई अनियमितताएँ सामने आई हैं

    1. बिना अखबार का बिल टेंडर प्रकाशन का कोई आधिकारिक प्रमाण पत्र या बिल उपलब्ध नहीं है।

    2. DAVP दरों की अनदेखी सरकारी विज्ञापनों के लिए निर्धारित सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की DAVP (Directorate of Advertising and Visual Publicity) दरों का पालन नहीं किया गया है।

    3. ठेकेदार को भुगतान यह सबसे गंभीर आरोप है कि अखबार को सीधे भुगतान करने के बजाय ठेकेदार के नाम से भुगतान किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    कौन है जिम्मेदार ?

    ग्राम पंचायत से जुड़े अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। आमतौर पर, टेंडर विज्ञापन को स्थानीय या राष्ट्रीय अखबार में प्रकाशित किया जाता है, जिसके बाद भुगतान अखबार के खाते में ही किया जाना चाहिए। लेकिन इस मामले में ठेकेदार के माध्यम से लेन-देन किया जा रहा है, जिससे भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ गई है।

    क्या कहता है नियम ?

    सरकारी टेंडरों और विज्ञापन प्रकाशन के लिए स्पष्ट नियम हैं:

    • DAVP दरों पर ही भुगतान होगा- सरकारी विभागों और पंचायतों को अखबारों में विज्ञापन देने के लिए DAVP द्वारा तय की गई दरों का पालन करना होता है।

    • सीधे अखबार को भुगतान – विज्ञापन प्रकाशन का भुगतान सीधे समाचार पत्र को किया जाना चाहिए, न कि किसी तीसरे पक्ष (जैसे ठेकेदार) को।

    • प्रकाशन प्रमाण पत्र अनिवार्य – टेंडर विज्ञापन के भुगतान के लिए अखबार से प्रकाशन का प्रमाण पत्र (पीआईबी/आरएनआई पंजीकरण) लिया जाना चाहिए।

    जांच की जरूरत

    यह मामला न केवल नियमों के उल्लंघन का संकेत देता है, बल्कि भ्रष्टाचार की भी ओर इशारा करता है। प्रशासन को चाहिए कि इस घोटाले की निष्पक्ष जांच कराए और यदि कोई अधिकारी या ठेकेदार दोषी पाया जाए, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

    सरकारी प्रक्रियाओं की अनदेखी और संभावित वित्तीय अनियमितताओं का गंभीर उदाहरण

    नहटौर ब्लॉक की अथाई शेख ग्राम पंचायत में टेंडर प्रकाशन का यह मामला सरकारी प्रक्रियाओं की अनदेखी और संभावित वित्तीय अनियमितताओं का गंभीर उदाहरण है। यदि इसमें भ्रष्टाचार साबित होता है, तो यह न केवल शासन की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करेगा, बल्कि जनता के धन के दुरुपयोग की पुष्टि भी करेगा। ऐसे में स्थानीय प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप कर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए, ताकि जिम्मेदार लोगों को सजा मिल सके और भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।

    जिला पंचायत राज अधिकारी दमनप्रीत अरोरा ने कहा कि इस मामले में जांच करा कर उचित करवाई अमल में लाई जाएगी

  • शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार पर बड़े अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में!

    Target Tv Live

    पढ़ें पूरी ख़बर…. https://targettvlive.com/103863/

    बिजनौर: शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका एक और प्रमाण हाल ही में तब मिला जब जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) जय करण यादव के कार्यालय में वरिष्ठ सहायक देवेंद्र चौहान को दस हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। इससे पहले, मिड डे मील समन्वयक रासु चौहान को भी रिश्वत लेते पकड़ा गया था। संयोग यह है कि दोनों ही घटनाएं तब हुईं जब जय करण यादव बिजनौर के बीएसए (BSA) थे।

    क्या केवल अधीनस्थ ही दोषी हैं ?

    यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब जय करण यादव शिक्षा विभाग के उच्च पदों पर थे, तब उनके ही अधीन कार्य करने वाले कर्मचारी बार-बार रिश्वत लेते पकड़े गए। क्या यह सिर्फ संयोग है, या फिर पूरा तंत्र भ्रष्टाचार में लिप्त है? यदि उनके अधीनस्थ लगातार रिश्वतखोरी में पकड़े जा रहे हैं, तो क्या यह संभव है कि उनके वरिष्ठ अधिकारी इससे अनभिज्ञ हों ?

  • ड्राफ्ट्समैन को अभियंता का लाइसेंस: नियत प्राधिकारी की कार्यशैली पर सवाल !

    Target Tv Live

    https://targettvlive.com/104023/

    कैसे हुआ नियमों का उल्लंघन ?

    नियमों के अनुसार, अभियंता का लाइसेंस केवल योग्यताधारी इंजीनियर को ही प्रदान किया जा सकता है, जिसे मान्यता प्राप्त संस्थान से डिग्री या डिप्लोमा प्राप्त हो। लेकिन, इस मामले में नियत प्राधिकारी ने एक ड्राफ्ट्समैन को अभियंता के रूप में मान्यता दे दी, जो सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है। सूत्रों के अनुसार, इस प्रक्रिया में न केवल तकनीकी मानकों को नजरअंदाज किया गया, बल्कि इस निर्णय से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है। एक गैर-प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा अभियंता की भूमिका निभाना सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

  • “भारत रत्न डा० भीमराव अम्बेडकर” के नाम से जाना जाएगा पालिका सभागार

    बिजनौर। 15वां वित्त आयोग व 02 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क की प्राप्त धनराशि से समस्त वार्डों में कराए गए विकास कार्यों एवं नवनिर्मित सभागार का लोकार्पण अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह के कर कमलों द्वारा दिनांक 04 फरवरी 2025 को पूर्वान्ह 11:00 बजे नगर पालिका कार्यालय में किया गया।

    इस दौरान समस्त सभासदगण व पालिका के बोर्ड की सहमति से नए कार्यालय के प्रथम तल पर निर्मित सभागार का नामकरण “भारत रत्न डा० भीमराव अम्बेडकर सभागार” के नाम से किया गया।

    उक्त कार्यक्रम अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें अधिशासी अधिकारी श्री विकास कुमार, डा० बीरबल सिंह वरिष्ठ समाजसेवी भाजपा, सम्मानित सभासदगण घनश्याम दास गुप्ता, जुल्फकार बेग, दीपक अग्रवाल, श्रीमती कांति देव, प्रभाकर, प्रिंस रवि सिद्धार्थ, श्रीमती बबीता, श्रीमती शानू जिंघाला, सुजीत कमार, श्रीमती बानो, श्रीमती बरखा सैनी, श्रीमती आशो, शमशाद अंसारी, नीरज शर्मा, श्रीमती तरूणा, संजय कुमार विश्नोई, सचिन गुप्ता, अमित ठाकुर, श्रीमती पर्णिता, मनोज कुमार उर्फ मनी, श्रीमती वंझा अग्रवाल, राजवीर सिंह, अफजाल पहाड़ी, तुफैल अहमद, जुबैर अहमद, मौ० कासिम, मौ० शारिक, श्रीमती नरगिस, मौ० आदिल अहमद, श्रीमती अफसाना व सफाई एवं खाद्य निरीक्षक गोविन्द कुमार, अवर अभियन्ता (सिविल) यशवंत कुमार, अवर अभियन्ता (जल) व समस्त पालिका स्टॉफ आदि उपस्थित रहे।

  • नेपाल का वीडियो प्रयागराज का बताकर फैलाई जा रही थी अफवाह!

    महाकुंभ से संबंधित भ्रामक पोस्ट: 07 “X” हैंडल पर FIR दर्ज

    प्रयागराज। महाकुंभ से संबंधित भ्रामक पोस्ट करने पर 07 “X” हैंडल पर पुलिस ने FIR दर्ज की है। जानकारी के अनुसार इनके नाम ये हैं….

    1- बृजेश कुमार प्रजापति (@brajeshkmpraja)
    2- रज्जन शाक्य (@RAJJANS206251)
    3- अशफाक खान (@AshfaqK12565342)
    4- सत्यप्रकाश नागर (@Satyapr78049500)
    5- प्रियंका मौर्य (@Priyank232332)
    6- आकाश सिंह भारत (@Akashsinghjatav)
    7- अभिमन्यु सिंह जर्नलिस्ट (@Abhimanyu1305)

    पुलिस ने कहा– नेपाल के वीडियो को महाकुंभ प्रयागराज का बताकर पोस्ट करते हुए यह अफवाह फैलाई जा रही थी!

    “महाकुंभ 2025 प्रयागराज यानी मौत का महाकुम्भ”. “भगदड़ कांड में एक परिवार से तीन-तीन लोगों की जान गई। परिजन पोस्टमार्टम हाऊस से कंधे पर शवों को लेकर जा रहे हैं। कम से कम एम्बुलेंस के माध्यम से शवों को उनके जन्म स्थान तक पहुंचाने में मदद करनी चाहिए”

    UP पुलिस द्वारा वीडियो का Fact Check करने पर यह नेपाल का पाया गया

    हालांकि इनमें से एक अभिमन्यु सिंह ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए X पर अपना पक्ष भी रखा है।

  • उत्तर प्रदेश के गोल्ड मेडल जीतने में निभाई शानदार भूमिका

    हरिद्वार में आयोजित हुई 38 वे राष्ट्रीय खेलों की कब्बड्डी प्रतियोगिता

    कबड्डी में जिले का नाम रौशन कर रहे हैं बिजनौर के खिलाड़ी

    बिजनौर। उत्तराखंड के हरिद्वार में आयोजित 38 वे राष्ट्रीय खेलों की कब्बड्डी प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के गोल्ड मेडल जीतने में बिजनौर के खिलाड़ियों की शानदार भूमिका रही।

    उत्तर प्रदेश की कब्बड्डी टीम में जनपद बिजनौर के बाबरपुर और ढाकी गांव के दो खिलाड़ी विकुल लाम्बा और मौ. अमान भी शामिल थे। इनके द्वारा डिफेंस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए विपक्षी खिलाड़ियों को कैच कर अनेक पाइंट बनाए। साथ ही उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में विपक्षी खिलाड़ियों पर दबाव बनाए रखा और पाइंट बनाने से रोका। जहां टूर्नामेंट में उत्तर प्रदेश की टीम का हिस्सा थे ये दो खिलाड़ी वहीं गांव बागड़पुर के अरविंद कुमारसुधीर कुमार टूर्नामेंट के आफिशियल में शामिल रहे। सेमीफाइनल में यूपी की टीम ने सर्विसेज को 43-42 से और फाइनल में चण्डीगढ़ की टीम को 57-43 से हराया।

    जनपद बिजनौर कब्बड्डी एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र बजाज व सचिव सुधीर कुमार ने दोनों खिलाड़ियों के उज्जवल भविष्य की कामना की है। वहीं विवेकानन्द दिव्य भारती के अध्यक्ष योगेन्द्र पाल सिंह ‘योगी’ ने दोनों खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की बधाई देते हुए आशा व्यक्त की है कि भविष्य में दोनों खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनके इस प्रदर्शन से अन्य खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी।

  • वृद्ध सेवा आश्रम विदुर कुटी बिजनौर पर हुआ आयोजन

    प्राकृतिक चिकित्सा शिविर में सैकड़ों मरीजों ने लिया स्वास्थ्य लाभ

    बिजनौर। वृद्ध सेवा आश्रम विदुर कुटी बिजनौर पर प्राकृतिक चिकित्सा कैंप का आयोजन जिला समाज कल्याण अधिकारी जागेश्वर सिंह एवं रिटायर्ड तहसीलदार इंद्रदेव शर्मा के निर्देशन में किया गया।

    इंटरनेशनल नेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन इकाई जनपद बिजनौर के प्राकृतिक चिकित्सा शिविर के दौरान लगभग 162 मरीजों ने प्रतिभाग किया। शिविर का उद्घाटन करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र सिंह ने मरीजों का उपचार किया। जिला अध्यक्ष ओपी शर्मा ने कैंप आरंभ होने से पहले यज्ञ का आयोजन किया तथा सभी वृद्धों, महिलाओं एवं बच्चों को फल एवं अंकुरित आहार का वितरण किया।

    इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन उपाध्यक्ष रामनाथ सिंह ने ब्लड प्रेशर की जांच की तथा एक्यूप्रेशर से रोगियों का उपचार किया। सभी वृद्धों की मसाज ओपी शर्मा ने की, डा. सुखराम सिंह सैनी प्राकृतिक चिकित्सा ने बॉडी एनालाइजर मशीन से रोगियों का परीक्षण किया।

    सोमदत्त शर्मा ने रोगियों को योगासन और प्राणायाम के विषय में विस्तार से बताते हुए सूक्ष्म व्यायाम कराए और प्राणायाम के द्वारा स्वस्थ रहने के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि वृद्ध लोग अपने कपड़ों में ही बैठकर प्राणायाम कर सकते हैं।

    कार्यक्रम के अंत में वृद्ध सेवा आश्रम की अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी देवी ने सभी प्राकृतिक चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया और फूल महिलाओं से स्वागत किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इसी प्रकार वृद्ध सेवा आश्रम में अपनी सेवाएं समय समय पर प्रदान करते रहेंगे।

  • UP Weather : यूपी को ठंड से राहत, प्रदेश के इन जिलों में बारिश के आसार, कोहरे को लेकर मौसम विभाग ने किया अलर्ट

    https://lalluram.newzo.in/Lnk/SRWR202502040802403022346073

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है। प्रदेश में अब सर्दी का असर धीरे-धीरे कम हो रहा है। कोहरे का कहर भी धीरे-धीरे कम होता नजर आ रहा है। आज यूपी के कई जिलों में गरज चमक के साथ बारिश हो सकती है। वहीं कुछ जिलों में कोहरे का कहर देखने को मिल सकता है। जिसके लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।

    अलर्ट: इन जिलों में हो सकती है बारिश

    मौसम विभाग के अनुसार आज मंगलवार को उत्तर प्रदेश के बागपत, मथुरा, गाजियाबाद, बदायूं, अलीगढ़, सहारनपुर, आगरा, रामपुर, हाथरस, हापुड़, फिरोजाबाद, इटावा, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, गौतमबुद्ध नगर, बिजनौर, शाहजहांपुर, मेरठ, बरेली और शामली जिले के आसपास के इलाके में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।

    सबसे ज्यादा ठंडा रहा नजीबाबाद

    बीते 24 घंटे में सबसे ज्यादा नजीबाबाद में ठंड रही। यहां का न्यूनतम तापमान 8.5 ड‍िग्री सेल्‍स‍ियस रिकॉर्ड किया गया। कानपुर शहर का न्यूनतम तापमान 11.4 ड‍िग्री सेल्‍सियस और अधिकतम तापमान 29.4 रहा। राजधानी लखनऊ का न्यूनतम तापमान 11.5 और अधिकतम तापमान 29.2 ड‍िग्री सेल्‍स‍ियस रहा। आगरा का न्यूनतम तापमान 11.4 और अधिकतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मेरठ का न्यूनतम तापमान 8.6 और अधिकतम तापमान 22.3 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा वाराणसी का न्यूनतम तापमान 14.0 और अधिकत तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम विभाग के अनुसार 06 फरवरी से प्रदेश का मौसम एक बार फिर से शुष्क होगा, लेकिन कई जगह हल्की धुंध और कोहरे से राहत नहीं मिलेगी। गुरुवार से प्रदेश में 20-30 किमी की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 09 फरवरी तक ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान जताया गया है। अगले दो दिन तक अधिकतम तापमान में बारिश की वजह से 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है, उसके बाद धीरे-धीरे तापमान बढ़ने लगेगा।

  • शिरडी साईं बाबा संस्थान के 2 कर्मचारियों की चाकुओं से घोंप कर हत्या

    महाराष्ट्र: शिरडी साईं बाबा संस्थान के 2 कर्मचारियों की चाकुओं से घोंप कर हत्या, तीसरे की हालत गंभीर। अज्ञात हमलावरों ने दिनदहाड़े दिया वारदात को अंजाम। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस।

    https://thh.newzo.in/Lnk/SRWR202502031937253022346656

    शिरडी डबल मर्डर:
    शिरडी में अज्ञात हमलावरों ने दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया है। साईं बाबा संस्थान के तीन कर्मचारी ड्यूटी के लिए घर से निकले थे, तभी उनमें से दो की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई। अज्ञात हमलावरों ने अलग-अलग स्थानों पर तीन लोगों पर चाकू से हमला किया, जिसमें एक गंभीर रूप से घायल है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि अन्य दो की मौके पर ही मौत हो गई। एक की हत्या कॉर्डोबा नगर चौक पर चाकू से की गई, जबकि दूसरे पर साकोरी शिव क्षेत्र में हमला किया गया। दोहरे हत्याकांड के आरोपी फरार हैं।

    जांच जारी, पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव

    हत्या की खबर सुनते ही शिरडी पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है और यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अपराध करने के पीछे उनका मकसद क्या था। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसके बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस के अनुसार हत्या का संभावित कारण पुरानी रंजिश हो सकती है।

  • बिजनौर निवासी सिपाही की लखनऊ में थी तैनाती

    थाने के सरकारी क्वार्टर में सिपाही ने की आत्महत्या

    लखनऊ। बंथरा थाने के सरकारी क्वार्टर में रविवार को सिपाही ने फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली। वर्तमान में सिपाही की तैनाती सरोजनीनगर थाने में थी, लेकिन वह कृष्णानगर एसीपी कार्यालय में संबद्ध थे। एसीपी कृष्णानगर सौम्या पांडेय के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पारिवारिक कलह को आत्महत्या की वजह माना जा रहा है।

    मुरादाबाद मंडल अंतर्गत जिला बिजनौर के नहटौर निवासी अजय (27 वर्ष) 2019 बैच के सिपाही थे। करीब 10 माह से सरोजनीनगर थाने में तैनात अजय अपनी पत्नी काजल और ढाई माह की बच्ची के साथ रहते थे। रविवार को उनकी छुट्टी थी और वह परिवार के साथ घर पर थे। दोपहर करीब दो बजे सिपाही अजय का किसी बात पर पत्नी से विवाद हो गया। नाराज होकर सिपाही ने पत्नी को कमरे के अंदर कर बाहर से कुंडी लगा दी। फिर बरामदे में लगे पंखे के हुक से दुपट्टे के सहारे लटक कर जान दे दी। काजल ने खिड़की का शीशा तोड़कर देखा तो अजय का शव लटका मिला। चीख पुकार सुनकर पास में ही रहने वाली बंथरा थाने में तैनात महिला सिपाही क्वार्टर का मेन गेट खोलकर पहुंची तो अजय को फर्श पर अचेत पड़ा पाया, गले में दुपट्टा बंधा था। महिला सिपाही ने कमरे की कुंडी खोली, तब काजल बाहर निकलीं। खबर पाकर इंस्पेक्टर बंथरा व अन्य पुलिसकर्मी भी पहुंच गए। अजय को लोकबंधु अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन वहां से अपोलो हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान अजय की मौत हो गई। एसीपी कृष्णा नगर सौम्या पांडेय ने बताया कि परिजनों के आने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। शुरुआती जांच में पारिवारिक कलह की बात सामने आ रही है।

  • अर्जुन अवॉर्डी नवदीप, अजीत, संदीप सहित पैरालंपिक विजेताओं का सम्मान

    लखनऊ। प्रदेश महामंत्री एवं विधान परिषद सदस्य सुभाष यदुवंश ने अपने आवास पर अर्जुन अवार्ड से सम्मानित नवदीप, अजीत यादव, संदीप सहित पैरा ओलंपिक विजेताओं को सम्मानित किया।

    सुभाष यदुवंश ने खिलाड़ियों से बातचीत में कहा कि आप लोगों ने पैरा ओलंपिक में जीत कर पूरे देश का सम्मान बढ़ाया है। पूरा देश आप लोगो की उपलब्धियों से गौरवान्वित महसूस करता है। आप में से प्रत्येक ने जीवन की चुनौतियों पर विजय प्राप्त की है और विजेता के रूप में उभरे हैं। आप सभी भारत के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी देश के लिए जी-जान लगाकर खेलते हैं तो वर्तमान की केंद्र और राज्य सरकार खिलाड़ियों को खेल के लिए उचित सुविधाओं के साथ साथ, सम्मान, पद और पुरस्कार दे कर खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा रही है। इससे प्रोत्साहन भी मिलता है। 

    खिलाड़ियों ने कहा कि 2014 के बाद से पूरे देश के परिदृश्य में परिवर्तन आया है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंच पर बुलाकर खिलाड़ियों को सम्मानित करते हैं, जबकि पहले ऐसा नहीं था। अपने प्रदेश में सम्मान मिलने से बेहतर करने के प्रति हमारा उत्तरदायित्व के साथ साथ आगामी आयोजनों की जीत की जिम्मेदारी का भी एहसास भी कराती है।

  • ढाई महीने से परेशानियों का सामना कर रहे स्थानीय नागरिक

    जन सुविधा केंद्र में सेवाएं ठप, प्रशासनिक उपेक्षा से जनता परेशान

    अल्मोड़ा। नगर निगम परिसर स्थित जन सुविधा केंद्र में बीते कई महीनों से खाता-खतौनी, जीवित प्रमाण पत्र जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं बाधित हैं। 16 नवंबर 2024 से यह सेवाएं पूरी तरह से ठप पड़ी हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति तब उत्पन्न हुई जब तत्कालीन जिलाधिकारी वंदना सिंह ने इस केंद्र की स्थापना के दौरान आश्वासन दिया था कि वे इसकी नियमित निगरानी करेंगी और हर सप्ताह निरीक्षण करेंगी, लेकिन उनके कार्यकाल के बाद यह केंद्र प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार हो गया।

    संजय पाण्डे के प्रयासों से हुई थी जन सुविधा केंद्र की स्थापना

    सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे के निरंतर प्रयासों से ही जन सुविधा केंद्र की स्थापना हुई थी। सबसे पहले इन्हीं के द्वारा इस केंद्र की आवश्यकता को उजागर किया गया और इसके लिए लगातार प्रशासन से मांग की गई। पिछले वर्ष नए कंप्यूटर सिस्टम और प्रिंटर भी संजय पाण्डे के प्रयासों से ही स्थापित किए गए थे। इसको लेकर उन्होंने तत्कालीन जिलाधिकारी विनीत तोमर के खिलाफ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और देहरादून स्थित उच्चाधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई थी। मामला रेवेन्यू बोर्ड तक पहुंचने के बाद ही जीवित प्रमाण पत्र बनने शुरू हुए थे। अब फिर से यह केंद्र प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीक बन चुका है। संजय पाण्डे का कहना है कि बार-बार उन्हें ही शिकायत दर्ज करानी पड़ती है, लेकिन उच्च अधिकारी इस केंद्र पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

    मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज

    इस बार भी संजय पाण्डे ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है, जिसका क्रमांक CHML 220258691666 है। इसके साथ ही उन्होंने जिलाधिकारी से फोन द्वारा वार्ता भी की है और तुरंत समाधान की मांग की है।

    सुझाव एवं समाधान

    जन सुविधा केंद्र को सॉफ्टवेयर की स्थिर और सुरक्षित कॉपी उपलब्ध कराई जाए, जिससे तकनीकी खराबी के कारण कार्य प्रभावित न हो।
    जिलाधिकारी नगर निगम परिसर में या मल्ला महल में सप्ताह में दो दिन कैंप कार्यालय स्थापित करें और इस केंद्र की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें, ताकि दूर-दराज से आने वाले नागरिकों को राहत मिल सके।
    अगर इस समस्या का स्थाई समाधान नहीं किया गया, तो यह मामला सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) भेजा जाएगा। जनता की मूलभूत आवश्यकताओं को लेकर इस प्रकार की लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होगी।

  • चचेरे भाई ने की थी अनमोल की हत्या!

    अवैध संबंधों के चलते युवक गंवा बैठा अपनी जान !

    बिजनौर। अवैध संबंधों के चलते युवक को अपनी जान गंवानी पड़ गई। उसके ही चचेरे भाई ने अपने चाचा और उसके बेटे के साथ मिलकर मौत के घाट उतारा और शव गांगन नदी में फेंक दिया। थाना धामपुर पुलिस ने मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है जबकि अन्य दो आरोपियों की तलाश जारी है।

    धामपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया थाने के मु.अ.सं. 514/24 धारा 103 (1)/238/140(1) बीएनएस में वांछित अभियुक्त

    पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार थाना धामपुर जनपद बिजनौर के ग्राम मटौरामान निवासी दिनांक 02 नवंबर 2024 को हरगूलाल पुत्र स्व० मुरारी सिंह  ने थाना धामपुर पर तहरीर दी कि उनका पुत्र अनमोल दिनांक 01 नवंबर 2024 से घर से लापता है। काफी तलाश करने के पश्चात भी कुछ पता नहीं चला। इस संबंध में थाना धामपुर पर अज्ञात के खिलाफ मु.अ.सं. 514/24 धारा 137(2) बीएनएस बनाम अज्ञात पंजीकृत किया गया।दिनांक 02 नवंबर 2024 को अनमोल का शव गांगन नदी में बरामद किया गया।

    पुलिस जांच में सामने आया नाम

    स्थानीय पुलिस द्वारा शव का पंचायतनामा की कार्यवाही के उपरान्त पोस्टमार्टम कराया गया। मृतक के परिजनों ने किसी अज्ञात अभियुक्त द्वारा अनमोल की हत्या करने के संबंध में तहरीर दी। विवेचनात्मक कार्यवाही के दौरान अभियोग में धारा 137 (2) बीएनएस का लोप कर धारा 103(1)/238/140 (1) बीएनएस की वृद्धि की गई। अभियोग में गांव के ही अभियुक्त अमित कुमार पुत्र राजेश कुमार का नाम प्रकाश में आया। दिनांक 02 फरवरी 2025 को थाना धामपुर पुलिस द्वारा वांछित अमित कुमार को गिरफ्तार किया गया। शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी रखते हुए विधिक कार्यवाही प्रचलित है।

    रिश्ते हुए तार तार

    अभियुक्त अमित से की गई पूछताछ पर तथ्य प्रकाश में आए कि मृतक अनमोल अभियुक्त का चचेरा भाई था। अनमोल अभियुक्त की पत्नी के पास आता जाता था जो कि अभियुक्त को पसंद नहीं था। इसी बात को लेकर अभियुक्त का अपनी पत्नी से अक्सर विवाद रहता था और इस बात से उसकी व उसके परिवार वालों की काफी बदनामी हो रही थी। दिनांक 01 नवंबर 2024 की शाम को जब उसने अनमोल को उसकी पत्नी के साथ देखा तो वह अपने चाचा श्रवण और उसके बेटे अंकित के साथ मिलकर अनमोल को पीटते हुए बाहर वाले कमरे में ले गए और वहीं पर लोहे की फाल से अनमोल के सिर पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी। तीनों ने योजना बनाकर रात्रि में अनमोल के शव को खेतों के रास्ते जाकर गांगन नदी में फेंक दिया था और जिस लोहे की फाली से अनमोल की हत्या की थी वह भी नदी में ही फेंक दी थी।

    गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना धामपुर जनपद बिजनौर के उप निरीक्षक राजेश कुमार, उप निरीक्षक ब्रजकिशोर शर्मा, मुख्य आरक्षी संजय कुमार तथा आरक्षी धर्मेन्द्र कुमार शामिल रहे।

  • चोरी का काफी सामान बरामद, रंगे हाथ पकड़ा जा चुका है साथी

    दस साल से सक्रिय चोर के खिलाफ 10 मामले हैं दर्ज

    शातिर चोर को गिरफ्तार कर चार घटनाओं का खुलासा

    बिजनौर। थाना कोतवाली शहर पुलिस ने एक शातिर चोर को गिरफ्तार कर चोरी की चार घटनाओं का खुलासा किया है। उसके कब्जे से चोरी किया गया काफी सामान भी बरामद हुआ है। दूसरी ओर चोर का एक साथी मौका ए वारदात पर रंगे हाथों पकड़ा जा चुका है।

    पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार थाना कोतवाली नगर क्षेत्रांतर्गत ग्राम निजामतपुरा सलमान पुत्र सफीक अहमद ने दिनांक 28 जनवरी 2025 को थाना कोतवाली शहर जनपद बिजनौर पर तहरीर देकर आरोप लगाया कि थाना क्षेत्र के गांव बड़कला निवासी हारुन पुत्र सदरुद्दीन और ग्राम काजीवाला निवासी अकरम पुत्र शमीम ने उसके घर के से दो जोड़ी चाँदी की पाजेब, एक चाँदी की अँगूठी व एक छल्ला चोरी कर लिया था। जाते समय एक अभियुक्त हारुन को मौके से ही पकड़ लिया गया था। इस संबंध में थाना कोतवाली शहर मु.अ.स. 70/2025 धारा 305(1)/317(2)/331(4) बीएनएस पंजीकृत किया गया था। इसके अलावा दिनांक 28 जनवरी 2025 को ही ग्राम निजामतपुरा के महताब पुत्र हमीदुल्ला ने थाना कोतवाली शहर पर तहरीर दे कर अज्ञात अभियुक्त के खिलाफ उसके घर का ताला तोड़कर एक घड़ी, एक अगूंठी, 35000 रुपए व कपड़े चोरी कर ले जाने के संबंध में मु.अ.स. 72/2025 धारा 305 (ए)/331 (4) बीएनएस दर्ज कराया था।

    इससे पहले दिनांक 15 अक्टूबर 24 को ग्राम जहानाबाद निवासी श्रीमती अफसरी पत्नी तसलीम ने थाना कोतवाली शहर जनपद बिजनौर पर गांव के ही वसीम और सलीम पुत्रगण मुखतार के खिलाफ उसके घर में चोरी करने के आरोप में थाना कोतवाली शहर पर मु.अ.स. 984/2024 धारा 305 (1) बीएनएस पंजीकृत कराया था। वहीं दिनांक 31 दिसंबर 2024 को ग्राम फरीदपुर भोगन उर्फ भोगनवाला निवासी शकील अहमद पुत्र अब्दुल रज्जाक ने थाना कोतवाली शहर पर तहरीर दी कि अज्ञात अभियुक्त द्वारा उसके पुत्र आरिफ के घर से एक लाकेट, एक जोड़ी बुंदे व 40,000 रुपए तथा गांव के ही जाकिर पुत्र मोहम्मद हुसैन के घर से एक लाकेट, एक जोड़ी बुंदे, एक पेन्डिल, एक जोड़ी पायल व एक घड़ी चोरी कर लिए गए। इस संबंध में थाना कोतवाली शहर पर मु.अ.स. 1183/2024 धारा 305 बीएनएस पंजीकृत किया गया। उक्त मामलों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही थी। इस बीच थाना कोतवाली शहर पुलिस द्वारा मुखबिर की सूचना पर अभियुक्त अकरम को चांदपुर रोड पर पेट्रोल पम्प के पास से गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से 02 घड़ी, पीली धातु की दो अंगूठी, सफेद धातु की दो जोड़ी पाजेब, सफेद धातु का एक जोड़ी हथफूल, पीली धातु का एक जोड़ी बूंदा/झुमकी व पीली धातु का एक गले का लॉकेट के अलावा एक बैग में चोरी किए गए कपड़े बरामद हुए। पुलिस द्वारा उपरोक्त अभियोगों में धारा 317 (2) बीएनएस की वृद्धि की गई।

    थाना कोतवाली नगर जनपद बिजनौर में अकरम का आपराधिक इतिहास :-

    1. मु.अ.सं. 49/2015 धारा 379/411 भादवि
    2. मु.अ.सं 177/2015 धारा 379/41/4141 भादवि 3/5ए/8 गौवध अधि० व 3/25 आयुध अधिनियम
    3. मु.अ.सं 427/2023 धारा 323/324/427/506 भादवि
    4. मु.अ.सं 819/2022 धारा 4/25 आयुद्ध अधिनियम
    5. मु.अ.सं 1219/2014 धारा 382/394/411/120बी भादवि
    6. मु.अ.सं 1334/2014 धारा 380/411 भादवि
    7. मु.अ.सं 0072/2025 धारा 305ए/331 (4)/317 (2) बीएनएस
    8. मु.अ.सं 0070/2025 धारा 305/331(4)/317 (2) बीएनएस
    9. मु.अ.सं 0984/2024 धारा 305(1)/317 (2) बीएनएस
    10. मु.अ.सं 1183/2024 धारा 305 (1) 317 (2) बीएनएस

    शातिर चोर को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना कोतवाली शहर जनपद बिजनौर के उप निरीक्षक विनोद कुमार, कांस्टेबल सुनील कुमार, कांस्टेबल संदीप तथा कांस्टेबल गौरव निर्वाल शामिल रहे।

  • शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं कर रही हीमपुर थाना पुलिस

    शेरकोट की महिला ने लगाई एसपी के दरबार में गुहार

    बहू ने परिजनों संग मिलकर बेटे को मार डाला! 

    बिजनौर। शेरकोट थानांतर्गत मोहल्ला कोठरा निवासी जैतून पत्नी रईस अहमद ने अपने पुत्र की हत्या का आरोप अपनी पुत्रवधू व उसके मायके वालों पर लगाया है। महिला ने मामले की लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक से की है।

    ससुराल छोड़कर मायके रह रही पुत्रवधू

    शेरकोट थानांतर्गत मोहल्ला कोठरा निवासी जैतून पत्नी रईस अहमद ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर बताया कि उसके दूसरे नम्बर के पुत्र तसलीम की शादी ग्राम हीमपुर बुजुर्ग थाना चांदपुर के एक परिवार में मुस्लिम रीति रिवाज के अनुसार लगभग 13 साल पहले हुई थी। उनके तीन बच्चे पैदा हुए। आरोप लगाया कि शुरू से ही बदतमीज व आजाद ख्याल की बहू शादी के बाद से ही ज्यादातर अपने मायके हीमपुर में रहती थी। समझाने पर बदतमीजी करती व लड़ती थी। पिछले करीब 6 साल से बहू अपने मायके हीमपुर में ही रह रही है और लड़ झगड़ कर तसलीम को भी अपने साथ रख रखा था।

    नाजायज ताल्लुकात बने क़त्ल की वजह!

    यह आरोप भी लगाया कि बहू के नाजायज ताल्लुकात अपने खलेरे भाई से हैं। कई बार तसलीम ने दोनों को आपत्तिजनक अवस्था में पकड़ा था। जब तसलीम अपनी पत्नी को उसके खलेरे भाई से मिलने जुलने को मना करता तो अपने परिजनों समेत बहू उसको बहुत मारते थे, लेकिन तसलीम बच्चों की मौहब्बत में अपनी ससुराल में ही रहता था। तसलीम जो भी कमाता था वो सब भी अपनी ससुराल पर ही खर्च करता था। अगर तसलीम कुछ पैसे अपने पास बचाकर रख लेता था तो उक्त आरोपी तसलीम को मारपीट कर पैसे छीन लेते थे। तसलीम ने बताया था कि ससुराल वाले अब बहुत बदतमीजी कर रहे हैं क्योंकि अब उसकी पत्नी और उसका खलेरा भाई मिया बीवी की तरह रहते हैं। उसे अपनी ससुराल वालों से जान को खतरा बना हुआ है।

    शिकायतकर्ता के अनुसार उसने अपने पुत्र तसलीम को समझाने की बहुत कोशिश की थी, कि हीमपुर बुजुर्ग न जाए और अपने ही घर पर रहे लेकिन वह नहीं माना। दिनांक 17 दिसम्बर 2024 को किसी समय पुत्रवधू ने अपने परिजनों समेत आठ लोगों के साथ मिलकर एक राय होकर तसलीम को ग्राम हीमपुर बुजुर्ग में ही लाठी डंडों से पीट पीट कर मार डाला और चांदपुर – नूरपुर रोड पर आदोपुर घूँधली के पास फेंक दिया। दिनांक 01 जनवरी 2025 को फोन करने पर पुत्रवधू ने बताया कि तसलीम मर गया है, उसकी लाश आदोपुर घूँधली में पड़ी मिली थी। शिकायतकर्ता महिला के अनुसार अगले दिन वह अपने परिवार वालों को लेकर नूरपुर पुलिस चौकी तिराहा पर पहुंची, तो पुलिस वालों ने मुझे तसलीम की फोटो दिखा कर तसदीक कराई। यह भी बताया कि उक्त मुल्जिमान में शामिल एक आरोपी मोहल्ला बुखारा थाना कोतवाली शहर का रहने वाला पुत्रवधू का मामा कबाड़ी है। थाना पुलिस ने शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की।

  • पुलिस टीम पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में मिली सफलता

    जिले भर में रात्रि गश्त पर पुलिस अधिकारी, एसपी देहात पहुंचे गंगा बैराज

    मुठभेड़ में नजीबाबाद पुलिस के हत्थे चढ़े दो बदमाश

    बिजनौर। थाना नजीबाबाद पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से अवैध शस्त्र, कारतूस, चोरी किये गए माल तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाईकिल बरामद की गई है। इनमें एक अभियुक्त घायल हुआ है।

    क्षेत्राधिकारी नजीबाबाद जनपद बिजनौर

    जनपद बिजनौर की थाना नजीबाबाद पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। मंगलवार देर रात्रि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ बदमाश किसी वारदात को अंजाम देने के इरादे से ग्राम महावतपुर व ग्राम गुढ़ा के रास्ते से जा रहे हैं। इस पर पुलिस टीम ने चेकिंग शुरू कर दी। इस दौरान वहां से गुजरी बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर सवार दो लोगों को रोकने का प्रयास किया। बाइक सवारों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। उनके तीन साथी अंधेरे का फायदा उठा कर फरार होने में कामयाब हो गए। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से अवैध शस्त्र, कारतूस, चोरी किया गया माल तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाईकिल बरामद की गई है। मुठभेड़ में घायल एक अभियुक्त चंदन उर्फ कालू निवासी ग्राम चौगावां थाना शिवालाकला को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया गया है। पूछताछ में अभियुक्तों ने 21/22 की रात्रि चोरी की एक घटना में अपना हाथ होना स्वीकार किया है।

    वहीं अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी धर्म सिंह मार्छल द्वारा थाना रेहड़ क्षेत्रान्तर्गत ग्राम जाफराबाद में सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत पैदल गश्त की गई। इस दौरान उन्होंने गश्त कर रहे ग्राम सुरक्षा समिति के सदस्यों एवं पुलिसबल को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान थानाध्यक्ष रेहड़ मौजूद रहे।

    इसी के साथ अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी धर्म सिंह मार्छल ने थाना अफजलगढ़ क्षेत्रान्तर्गत जटपुरा बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत ड्यूटी पर लगे पुलिसबल को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

    इस बीच बुधवार को मौनी अमावस्या के अवसर पर गंगा बैराज पर चल रहे गंगा स्नान के दृष्टिगत अपर पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण राम अर्ज ने बिजनौर भ्रमण/निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं को चेक कर सर्वसंबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

  • इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन की ओर से कुष्ठ आश्रम में फल वितरण

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    बिजनौर। इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन की ओर से
    गणतंत्र दिवस के अवसर पर कुष्ठ आश्रम बिजनौर में फलों का वितरण किया गया। जिला समाज कल्याण अधिकारी जागेश्वर सिंह, योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान के चिकित्सा प्रमुख डॉक्टर नरेंद्र सिंह, रामनाथ सिंह, ओपी शर्मा, गोविंद दास, रविंद्र कुमार, पुष्पेंद्र कुमार ने कुष्ठ आश्रम बिजनौर में सभी निवासियों को बच्चों को महिलाओं को फल वितरण किया।

    समाज कल्याण अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि योगासन प्राणायाम प्राकृतिक चिकित्सा के द्वारा स्वस्थ रहा जा सकता है। राष्ट्र के निर्माण के लिए सबसे पहले अपने आप को स्वस्थ करना अति आवश्यक है। स्वयं को ठीक करना ही राष्ट्र को ठीक करना है। देश का प्रत्येक व्यक्ति अहम होता है। डॉ. नरेंद्र सिंह योगी ने कहा यदि स्वस्थ रहना है तो पुनः प्रकृति की ओर वापस आना होगा, अपनी भारतीय संस्कृति पर आना होगा। कार्यक्रम का संचालन कर रहे ओपी शर्मा ने स्वस्थ रहने के उपाय बताए। राम नाथ सिंह ने सूर्य की रोशनी के गुण बताए और कहा कि जैसा प्रकृति हमें देती है वैसा प्रयोग करें, तभी हम स्वस्थ रह सकते हैं।


    इससे पहले गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर डॉक्टर कौशलेंद्र सिंह ने ध्वजारोहण किया। साथ में सभी एसीएमओ, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के अध्यक्ष टीकम सिंह सेंगर, आरोग्य भारती के प्रांत संरक्षक वैद्य अजय गर्ग, इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन के संरक्षक एवं मंदिर के प्रबंधक देवेंद्र सिंह चौहान, ऑर्गनाइजेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह योगी एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट के पदाधिकारीगण सोमदत्त, राजवीर सिंह एडवोकेट, अनंत कुमार, योगेश कुमार, श्रीमती सुनीता, डॉक्टर अरुण कुमार तथा कार्यालय के लेखा संवर्ग के सभी अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि हमारा विभाग स्वास्थ्य के क्षेत्र में सबसे अहम भूमिका निभाता है, जो राष्ट्र के हितों के लिए सर्वोपरि है। इसलिए हमें अपने कर्तव्य को ध्यान में रखते हुए राष्ट्र के कार्यों में सहयोग करना है। ओपी शर्मा ने टीवी मुक्त भारत के लिए सभी को शपथ दिलाई। डॉ. नरेंद्र सिंह ने कहा कि जब तक हमारा राष्ट्र एक धर्म राष्ट्र धर्म और एक जाति मानव जाति के लिए कार्य नहीं करेगा, तब तक हमारा देश आगे नहीं बढ़ सकता। राष्ट्र निर्माण के लिए, मानव कल्याण के लिए केवल एक धर्म अपनाना होगा। क्रांतिकारियों ने अपना बलिदान देकर इस देश को आजाद कराया, उसको अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए हमें अपने कर्तव्य का पालन करना होगा।

    डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने भगवान कृष्ण का उपदेश देते हुए कहा कि भगवान कृष्ण ने कर्म का उपदेश दिया। इसलिए हम सबको अपने-अपने प्रति सजग रहना है। कर्म करना है।उन्होंने प्रधानमंत्री के पद चिन्हों पर चलने का आह्वान किया तथा राष्ट्र एवं मानव कल्याण के लिए कर्म करने को कहा। इस अवसर पर इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन इकाई जनपद बिजनौर, योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान की ओर से मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रशस्ति पत्र भेंट किया और आशा व्यक्त की कि संगठन का सहयोग करते रहेंगे।

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने योग को प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में कार्य करने के लिए डॉ. नरेंद्र सिंह, ओपी शर्मा, सोमदत्त शर्मा, रामनाथ सिंह, देवेंद्र सिंह चौहान, वैद्य अजय गर्ग को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। संगठन की ओर से सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को फल वितरण किए गए।

  • थमने का नाम नहीं ले रहा पूर्व और वर्तमान विधायक के बीच का विवाद

    चैम्पियन के समर्थकों ने बुलाई गुर्जर महापंचायत, उमेश ने ब्राह्मण समाज की बैठक

    हरिद्वार। खानपुर विधायक उमेश कुमार और पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन के बीच जारी विवाद थमने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। चैंपियन के जेल जाने के बाद लक्सर में उनके समर्थकों ने कल 29 जनवरी लक्सर के केवी इंटर कॉलेज के मैदान में गुर्जर महापंचायत बुलाई है। सोशल मीडिया पर महापंचायत का पोस्टर जमकर वायरल हो रहा है। इसमें गुर्जर समाज के लोगों से बड़ी से बड़ी संख्या में पहुंचने का आह्वान किया गया है।

    दूसरी ओर विधायक उमेश कुमार ने भी 31 जनवरी को लक्सर में ब्राह्मण समाज की बैठक बुला कर सर्व समाज के लोगों को आमंत्रित किया है। विधायक उमेश कुमार ने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट करके लोगों से बैठक में भाग लेने की अपील की है। बैठक लक्सर स्थित उनके कार्यालय पर बुलाई गई है।

    दोनों में वर्ष 2022 से जारी है रंजिश

    दरअसल चैंपियन और उमेश कुमार के बीच सियासी रंजिश की शुरुआत वर्ष 2022 में हुई थी। तब दोनों खानपुर विधानसभा सीट से चुनाव में आमने-सामने थे। पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन खानपुर से चार बार विधायक रहे, लेकिन आखिरी समय में उनका टिकट काट कर बीजेपी ने उनकी पत्नी देवयानी को टिकट दे दिया। इस चुनाव में उमेश कुमार ने देवयानी को करारी शिकस्त दी। इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों एक-दूसरे पर छींटाकशी में जुटे रहे।

    आरोप है कि चैंपियन ने उमेश कुमार के परिवार पर कथित तौर पर अभद्र टिप्पणी की थी तो बदले में सोशल मी़डिया पर उमेश कुमार ने लाइव आकर उन्हें भला-बुरा कहा, गालियां दीं। उमेश कुमार ने चैंपियन के रुड़की वाले ऑफिस में पहुंच कर उन्हें ललकारा। सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल हुआ।

    अब चैंपियन ने 26 जनवरी की शाम उमेश कुमार के दफ्तर पर धावा बोलकर गाली गलौच और फायरिंग की। पुलिस ने दोनों को उनके गुर्गों सहित गिरफ्तार कर लिया। इसी के साथ अपराध में इस्तेमाल की गई सारी गाड़ियां और हथियार भी जब्त कर लिए गए। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने दोनों ही नेताओं के सभी हथियारों के लाइसेंस निरस्त कर दिए। फिलहाल विधायक उमेश कुमार जमानत पर रिहा हैं जबकि चैंपियन न्यायिक हिरासत में हैं।

  • UCC लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना उत्तराखंड

    पूरे देश के लिए ऐतिहासिक है ये दिन: धामी

    उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू

    देहरादून। उत्तराखंड में Uniform Civil Code (समान नागरिक संहिता) सोमवार से लागू हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऑफिशल पोर्टल लॉन्च करते हुए ऐलान कर दिया। उत्तराखंड यूसीसी (Uniform Civil Code) लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। 27 जनवरी को यूसीसी लागू किए जाने की तारीख पहले से तय की थी। मुख्यमंत्री ने UCC का पोर्टल लॉन्च करते हुए कहा, ‘आज का दिन उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक है। ड्राफ्ट बनाने में टीम ने कड़ी मेहनत की है। हमने जनता से किया वादा पूरा किया है। यूसीसी किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि इससे अब राज्य में सभी धर्मों की महिलाओं को एक समान अधिकार मिलेगा। यूसीसी से महिलाएं सशक्त होंगी। हलाला प्रथा, बहुविवाह, बाल विवाह पर रोक लगेगी।’

    गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड में यूसीसी को लागू करना भाजपा के प्रमुख चुनावी वादे में शामिल था। पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में कैबिनेट की पहली ही बैठक में यूसीसी प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए उसका मसौदा तैयार करने के लिए विशेषज्ञ कमिटी के गठन पर मुहर लगा दी गई थी। उत्तराखंड यूसीसी विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, लिव-इन रिलेशनशिप और इनसे संबंधित अन्य विषयों को रेगुलेट करेगा। यूसीसी में सभी धर्मों में पुरुषों और महिलाओं के लिए समान शादी की उम्र, तलाक के आधार और प्रक्रियाएं तय की गईं हैं, जबकि बहुविवाह और हलाला पर बैन लगाया गया है।

    दरअसल सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में 27 मई 2022 को विशेषज्ञ समिति गठित की गई थी। समिति ने लगभग डेढ़ वर्ष में कई वर्गों से बातचीत के आधार पर चार भाग में तैयार अपनी रिपोर्ट 02 फरवरी 2024 को राज्य सरकार को सौंपी। रिपोर्ट के आधार पर 07 फरवरी 2024 को विधानसभा के विशेष सत्र में यूसीसी विधेयक पास हुआ और उसके एक महीने बाद 12 मार्च 2024 को राष्ट्रपति ने भी उसे अपनी मंजूरी दे दी।

  • साइबर ठगों से सावधान रहने को यूपी पुलिस ने जारी किया OTP Scam पर जागरूकता VIDEO

    किसी भी अज्ञात व्यक्ति से शेयर न करें अपना OTP: डीजीपी प्रशांत कुमार

    प्रशांत कुमार डीजीपी उत्तर प्रदेश

    OTP fraud: government issues warning to save you from fraud

    https://x.com/Uppolice/status/1883497366545908019?t=MifxDzHsHrbSDAeRRJFHMg&s=19


    लखनऊ/बिजनौर। महाकुंभ 2025 में आने वाले श्रद्धालुओं एवं आमजन को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा एक शॉर्ट फिल्म का निर्माण कराया गया है। इस फिल्म में प्रख्यात बॉलीवुड फिल्म अभिनेता संजय मिश्रा द्वारा शम्भू शिकारी नामक एक साधु महात्मा का रोल निभाया गया है।

    ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) फ़्रॉड एक तरह की साइबर धोखाधड़ी है। इसमें स्कैमर्स लोगों को अपना ओटीपी बताने के 
    लिए मनाते हैं। इससे फ़ाइनेंशियल अकाउंट में अनऑथराइज़्ड एक्सेस मिल जाता है और पैसे का नुकसान हो सकता है।

    शॉर्ट फिल्म के जरिए से यह दिखाया गया है कि कैसे साइबर ठग शम्भू शिकारी को फोन करके उन्हे बताता है कि वह किसी वेबसाईट कि तरफ से बात कर रहा है तथा उन्होंने (साधु शम्भू शिकारी ने) लन्दन का ट्रिप जीता है, जिसमें उनकी कंपनी द्वारा शम्भू शिकारी के साथ एक अन्य व्यक्ति को मुफ़्त में लन्दन आने-जाने, घूमने फिरने, वहाँ पर खाने-पीने तथा ठहरने का सारा खर्च दिया जाएगा, जब शम्भू शिकारी द्वारा यह बताया जाता है कि उनके 02 शिष्य है तो कॉलर द्वारा उनको 03 लोगों को मुफ़्त में घूमने का ऑफर देकर उन 02 लोगों का नाम पूछकर, उनका नाम दर्ज करने के लिए OTP मांगा जाता है। इस पर साधू शम्भू शिकारी उसको 1930 और UP112 का नम्बर बताकर साइबर ठग को यह एहसास कराता है कि वह बाबा है कोई मूर्ख नहीं। अन्त में इस शॉर्ट फिल्म के जरिए से संजय मिश्रा आमजन को किसी से अभी अपना OTP शेयर नहीं करने एवं साइबर सेफ रहने की सलाह देते हैं।

    साइबर अपराध से सुरक्षित रखने के लिए निरन्तर प्रयासरत है UP पुलिस

    उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) प्रशांत कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश पुलिस महाकुंभ के दृष्टिगत आने वाले श्रद्धालुओं तथा आमजन को साइबर अपराध से सुरक्षित रखने के लिए निरन्तर प्रयासरत है। इस दिशा में आमजन को जागरूक एवं सचेत किया जा रहा है। इसी क्रम में पहली फिल्म Accommodation Scam पर बनाई गई थी तथा यह दूसरी फिल्म OTP Scam पर बनाई गई है। डीजीपी यूपी ने आमलोगों से अपील भी की है कि वह किसी भी अज्ञात व्यक्ति से अपना OTP शेयर नहीं करें।

    ओटीपी फ़्रॉड से बचने के लिए, इन बातों का रखें ध्यान :

    ~ किसी भी अनजान नंबर से आने वाली कॉल या मैसेज पर बैंक की जानकारी, ओटीपी, कार्ड नंबर, और डेट ऑफ़ बर्थ जैसी निजी जानकारी न दें.
    ~ बैंक से जुड़े किसी भी नंबर को वेरिफ़ाई करने के लिए, बैंक की आधिकारिक वेबसाइट का इस्तेमाल करें.
    ~ अगर कोई अनजान नंबर से कॉल आए और कैशबैक या डिस्काउंट का लालच दिया जाए, तो सावधान रहें.
    ~ किसी के साथ बैंक की जानकारी शेयर करने से पहले, उसे सही तरीके से वेरिफ़ाई करें.
    ~ किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें.

    बातें कुछ खास…

    • ओटीपी फ्रॉड में साइबर अपराधी बैंक टोल फ्री नंबर का सहारा लेते हैं।
    • कई मामलों में साइबर अपराधी खुद को किसी वित्तीय संस्थान का अधिकारी बताते हैं।
    • साइबर अपराधी कई मामलों में खुद को पुलिस अधिकारी बताता है।
    • साइबर अपराधी लोगों के क्रेडिट और डेबिट कार्ड की डिटेल, कार्ड नंबर, सीवीवी नंबर, ओटीपी नंबर और संवेदनशील जानकारी चुराते हैं।

    बचाव में काम आएंगी ये टिप्स:

    • केंद्र सरकार की साइबर एजेंसी सीईआरटी-इन ने देश में बढ़ते ओटीपी फ्रॉड को लेकर चेतावनी जारी की है। 
    • सरकारी एजेंसी ने कहा कि बीते कुछ समय में साइबर अपराधी कुछ खास तरह के लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। 
    • एजेंसी ने अपनी चेतावनी में कहा है कि लोगों की जरा सी गलती की वजह से साइबर अपराधियों के साथ पर्सनल बैकिंग डिटेल पहुंच सकती है। 
    • केंद्र सरकार की साइबर एजेंसी सीईआरटी-इन ने देश में बढ़ते ओटीपी फ्रॉड को लेकर चेतावनी जारी की है। सरकारी एजेंसी ने कहा कि बीते कुछ समय में साइबर अपराधी कुछ खास तरह के लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। 
    • सरकारी एजेंसी ने कहा कि बीते कुछ समय में साइबर अपराधी कुछ खास तरह के लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। 
    • एजेंसी ने अपनी चेतावनी में कहा है कि लोगों की जरा सी गलती की वजह से साइबर अपराधियों के साथ पर्सनल बैकिंग डिटेल पहुंच सकती है। 

    जनपद बिजनौर के सोशल मीडिया सेल ने जागरूकता अभियान के तहत बताया कि सीईआरटी-इन ने अपनी चेतावनी में कहा है कि किसी भी अंजान नंबर से आने वाली कॉल को नजरअंदाज करें।
    फोन कॉल या मैसेज पर किसी के साथ भी पर्सनल जानकारी साझा नहीं करनी है. जैसे ओटीपी, कार्ड नंबर, कार्ड एक्सपायरी डेट और सीवीवी नंबर आदि।
    अगर कोई अनजान नंबर से कॉल आए और उस पर किसी कैशबैक या डिस्काउंट ऑफर का लालच दिया जाए तो सावधान होने की जरूरत है, यह फ्रॉड हो सकता है।
    किसी के साथ भी बैंक डिटेल साझा करने से पहले उसे सही तरीके से वेरिफाइ करें। हालांकि, बैंक की तरफ से कभी भी पर्सनल जानकारी नहीं मांगी जाती है।

  • “आपका खाता ब्लॉक हो गया है, कृपया जानकारी अपडेट करें।”

    ऐसे संदेशों से सावधान रहें! यह सिर्फ एक जाल है, जिसे ‘फिशिंग’ कहते हैं। ऐसे संदेश आपकी व्यक्तिगत जानकारी चुराने के लिए होते हैं।

    रुको, सोचो और सही कदम उठाओ। साइबर अपराध की शिकायत 📞1930 पर करें और #CyberDost को फॉलो करें ताकि आप सुरक्षित रह सकें।

    #I4C #AapkaCyberDost #ByeToScamIn2025 #PhishingScam #VerifyBeforeClick #UnknownLink #StopThinkTakeAction #SafeDigitalIndia #StaySafeOnline

  • लखनऊ की अलीगंज शाखा में हुआ कार्यक्रम

    AU Small Finance ने धूमधाम से मनाया गणतंत्र दिवस

    लखनऊ। AU Small Finance के अलीगंज शाखा द्वारा 26 जनवरी, 2025 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर मधुबन सोसाइटी, अलीगंज में झंडा फहराने का एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। सोसाइटी के अध्यक्ष कमल श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष सुदीश मेहरोत्रा और मनीषी बरनवाल का बहुत अच्छा समर्थन मिला।

    कार्यक्रम के दौरान सोसाइटी के सदस्यों को फूलों के गमले और मिठाइयां वितरित की गईं। इसके साथ ही AU Small Finance Bank की अलीगंज की शाखा प्रबंधक ऋचा पांडे ने बैंकों के उत्पादों और सेवाओं के बारे में चर्चा की, जिससे सभी को वित्तीय जागरूकता बढ़ाने का अवसर मिला। कार्यक्रम सफल बनाने में ब्रांच के ब्रांच रिलेशनशिप मैनेजर कृष्णा और चंद्रा पांडे को सभी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

  • स्वतंत्र भारत का पहला राज्य, जहां प्रभावी होगा  यह कानून

    उत्तराखंड में आज से लागू हो जाएगी समान नागरिक संहिता

    देहरादून: 27 जनवरी, 2025

    उत्तराखंड में 27 जनवरी 2025 से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी। इसी के साथ उत्तराखंड स्वतंत्र भारत का पहला राज्य बनेगा जहां यह कानून प्रभावी होगा। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) 27 जनवरी से लागू होगी। सीएम के सचिव शैलेष बगोली ने सभी उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा है। वहीं, इसी दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी यूसीसी पोर्टल का भी शुभारंभ करेंगे। नए कानून की अधिसूचना 27 जनवरी से ही जारी होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे 2022 के विधानसभा चुनावों में किए गए वादे को पूरा करने का प्रमाण बताया है।

    न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देहरादून पहुंचने से एक दिन पहले इसे लागू किया जाएगा। सीएम के सचिव शैलेष बगोली ने कहा कि यूसीसी पोर्टल 27 जनवरी को दोपहर 12:30 बजे सचिवालय में लॉन्च होगा। इसके साथ ही उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला प्रदेश बनेगा। यूसीसी लागू करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसमें अधिनियम की नियमावली को मंजूरी और संबंधित अधिकारियों का प्रशिक्षण शामिल है। यूसीसी से समाज में एकरूपता आएगी और सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और दायित्व सुनिश्चित होंगे।

    मुख्यमंत्री के अनुसार समान नागरिक संहिता प्रधानमंत्री द्वारा देश को विकसित, संगठित, समरस और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के लिए किए जा रहे महान यज्ञ में हमारे प्रदेश द्वारा अर्पित की गई एक आहुति मात्र है। समान नागरिक संहिता के अंतर्गत जाति, धर्म, लिंग आदि के आधार पर भेद करने वाले व्यक्तिगत नागरिक मामलों से संबंधित सभी कानूनों में एकरूपता लाने का प्रयास किया गया है।

    क्या है समान नागरिक संहिता (UCC)?

    यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) का मतलब है कि देश में रहने वाले सभी नागरिकों (हर धर्म, जाति, लिंग के लोग) के लिए एक ही कानून होना। अगर किसी राज्य में सिविल कोड लागू होता है तो विवाह, तलाक, बच्चा गोद लेना और संपत्ति के बंटवारे जैसे तमाम विषयों में हर नागरिकों के लिए एक सा कानून होगा। संविधान के चौथे भाग में राज्य के नीति निर्देशक तत्व का विस्तृत ब्यौरा है, जिसके अनुच्छेद 44 में कहा गया है कि सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करना सरकार का दायित्व है।

  • हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनाया गया 76वां गणतंत्र दिवस समारोह

    सभी को दिलाई गई संविधान की प्रस्तावना की शपथ

    कैबिनेट मंत्री, डीएम, एसपी ने ध्वजारोहण कर दी राष्ट्रध्वज को सलामी

    सराहनीय सेवा उत्कृष्ट कार्याें के लिए पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र, सम्मान चिन्ह

    बिजनौर। जनपद में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनाया गया। इस पावन अवसर पर कैबिनेट मंत्री, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग उत्तर प्रदेश अनिल कुमार, जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक अभिषेक कुमार झा ने पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देने के साथ ही परेड का निरीक्षण किया। पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी को संविधान की प्रस्तावना की शपथ दिलाई गई। रिजर्व पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में परेड देखकर लोग आत्मविभोर हो गए।

    मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अनिल कुमार, जिलाधिकारी श्रीमती जसजीत कौर व पुलिस अधीक्षक अभिषेक कुमार झा ने सराहनीय सेवा/उत्कृष्ट कार्याें के लिए पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र/सम्मान चिन्ह से सम्मानित किया।


    इस अवसर पर मुख्य अतिथि मुख्य अतिथि, जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस महानिदेशक, उ. प्र. द्वारा सराहनीय सेवा/उत्कृष्ट कार्याें के लिए पुलिसकर्मियों को प्रदान किए गए प्रशंसा चिन्ह/प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।


    गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक, जनपद बिजनौर द्वारा मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग उत्तर प्रदेश अनिल कुमार को स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया।


    मुख्य अतिथि मुख्य अतिथि, जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सम्मानित किया गया।


    गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जनपद के विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने प्रतिभाग किया। मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

    इससे पहले पुलिस अधीक्षक अभिषेक कुमार झा द्वारा कैम्प कार्यालय पर ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी गई। उन्होंने पुलिसकर्मियों को संविधान की शपथ ग्रहण कराई एवं सभी को मिष्ठान वितरित कर गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।

    अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम अर्ज द्वारा पुलिस कार्यालय पर ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी गई। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को संविधान की प्रस्तावना की शपथ ग्रहण करायी तथा सभी को मिष्ठान वितरित कर गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।

    अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी धर्म सिंह मार्छल ने अपने कार्यालय पर ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को संविधान की प्रस्तावना की शपथ ग्रहण कराई एवं सभी को मिष्ठान वितरित कर गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।

    जाट बाल विद्यालय में फहराया तिरंगा

    बिजनौर के मोहल्ला जाटान स्थित जाट बाल विद्यालय में 76वें गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष अनिल बिश्नोई द्वारा तिरंगा फहराया गया। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधक राजेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य अनिता सैनी, अध्यापिका राशि शर्मा, शिल्पी चौधरी, सुनीता सिंह, अनूप कुमार, कमल सिंह, हरेंद्र एडवोकेट, सूरज सिंह, आलोक कुमार आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

  • अल्मोड़ा के रामशिला वार्ड में शानदार जीत हासिल कर बने पार्षद

    निर्दलीय प्रत्याशी नवीन चंद्र आर्य (बबलू भाई) ने रच दिया इतिहास

    अल्मोड़ा। रामशिला वार्ड में इतिहास रचते हुए निर्दलीय प्रत्याशी नवीन चंद्र आर्य (बबलू भाई) ने पार्षद पद पर शानदार जीत हासिल की। उन्हें 115 वोट मिले, और यह विजय न केवल उनकी बल्कि जनता की उस भावना की जीत है, जो अब सादगी, ईमानदारी और सेवा को प्राथमिकता देती है।

    इस चुनाव की सबसे बड़ी विशेषता रही इसकी सादगी। न चाय-पानी का वितरण, न मांस-मदिरा का सहारा। नवीन चंद जी ने हर प्रलोभन से दूर रहकर, नैतिकता और सच्चाई के साथ जनता का दिल जीता। यह एक ऐसा चुनाव था, जिसने दिखा दिया कि ईमानदारी और जनसेवा की भावना धन-बल से कहीं अधिक प्रभावशाली है।

    सामाजिक कार्यों में हमेशा अग्रणी रहे हैं बबलू भाई

    फड़ एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में नवीन चंद्र आर्य हमेशा सामाजिक कार्यों में अग्रणी रहे हैं। उन्होंने अपने कार्यों से समाज के हर वर्ग में विश्वास और सम्मान अर्जित किया है। बिना किसी संसाधन या बड़े प्रचार के, उन्होंने अपनी छवि और सेवा भाव के बल पर जनता के बीच अपनी जगह बनाई। उनकी यह जीत इस बात का प्रमाण है कि सच्चा नेतृत्व धन-बल नहीं, बल्कि निष्ठा और कर्मठता से परिभाषित होता है।

    सफलता बनी पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा

    नवीन चंद्र जी की यह सफलता न केवल रामशिला वार्ड के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा है। उनकी यह जीत एक संदेश है कि अगर नेतृत्व सच्चा हो, तो जनता उसे सिर आंखों पर बिठाने में कभी पीछे नहीं रहती। यह विजय रामशिला वार्ड के उज्जवल भविष्य और सतत विकास की नई उम्मीद लेकर आई है।

  • किरतपुर की सम्मानित जनता से विधायक पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार मनोज पारस ने किया हुआ अपना वादा किया पूरा

    मार्च 2025 तक पूर्ण कर दिया जाएगा कार्य

    सड़क चौड़ीकरण एवं शुद्धिकरण का कार्य स्वीकृत

    बिजनौर। विधायक नगीना मनोज पारस के प्रयासों से बालावाली किरतपुर – नहटौर चांदपुर फ़ीना मार्ग के शेष भाग के चौड़ीकरण एवं शुद्धिकरण का कार्य स्वीकृत हो गया है। इसमें किरतपुर मरियम स्कूल से बहादुरपुर असगरपुर रोड तक लंबाई लगभग 1600 मीटर सड़क का चौड़ीकरण एवं शुद्धिकरण कार्य प्रस्तावित है। कार्य का टेंडर लग गया है और इस पर जल्दी ही काम शुरू कर मार्च 2025 तक पूर्ण कर दिया जाएगा।

    विधायक नगीना पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार मनोज पारस ने दिनांक 08 जनवरी 2025 को प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग उत्तर प्रदेश से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने किरतपुर क्षेत्र की जनता की सुविधा के लिए सड़क के चौड़ीकरण एवं शुद्धिकरण की आवश्यकता बताई। उनके प्रयासों से बालावाली किरतपुर – नहटौर चांदपुर फ़ीना मार्ग का शेष भाग किरतपुर मरियम स्कूल से बहादुरपुर असगरपुर रोड तक लंबाई लगभग 1600 मीटर सड़क के चौड़ीकरण एवं शुद्धिकरण का कार्य स्वीकृत हो गया है।

    विधायक की ओर से बताया गया कि इसका टेंडर लग गया है और इस पर जल्द ही काम लगा दिया जाएगा, जो मार्च 2025 तक पूर्ण कर दिया जाएगा। इस कार्य से किरतपुर की सम्मानित जनता को किरतपुर से मंडावर जाने के लिए असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।

  • मूरतगंज (कौशाम्बी) प्रयागराज में महा आयोजन

    संगम में की गई है पवित्र स्नान की व्यवस्था

    15 और 16 फरवरी को अखिल भारतीय मीडिया महाकुंभ

    Lucknow: राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ (आरपीएम) 15 और 16 फरवरी (शनिवार और रविवार) 2025 को मूरतगंज (कौशाम्बी) प्रयागराज (इलाहाबाद) में अखिल भारतीय मीडिया महाकुंभ (एआईएमएम) के नाम से दो दिवसीय मीडिया कॉन्क्लेव का आयोजन करने जा रहा है।

    डॉ. पबित्र मोहन सामंतराय राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय मंत्रियों, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों, विधान सभा के सदस्यों (एमएलए), विधान परिषद के सदस्यों (एमएलसी), संसद सदस्यों (एमपी), प्रसिद्ध अतिथियों और पत्रकारों सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों को माननीय के रूप में इस अवसर की शोभा बढ़ाने के लिए आमंत्रित किया गया है।

    इस अवसर पर संस्थापक सदस्यों, प्रतिनिधियों नेताओं और प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा
    सभी प्रतिनिधियों को भागीदारी प्रमाणपत्र दिया जाएगा

    16 फरवरी (रविवार) को संगम में पवित्र स्नान की व्यवस्था की गई है, जिसके बाद अभिनंदन (विजय तिलक, प्रसाद सेवन) का आयोजन ब्रह्मानंद महर्षि वैदिक विजन फाउंडेशन कैंप, साउथ जोन, सेक्टर 24, निषाद घाट, मेला क्षेत्र, प्रयागराज (संपर्क:) पर किया गया है। 9890328741//7007879512)

    डॉ. पबित्र मोहन सामंतराय राष्ट्रीय अध्यक्ष, सुशील कुमार शर्मा आयोजन सचिव, धीरज कुमार राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, इश्तियाक अहमद यूपी प्रदेश संयोजक, बीडी देशपांडेय संयोजक एआईएमएम, डॉ. एसपी सिंह, एआईएमएम, सह संयोजक, नजम आशान एआईएमएम उप. सह संयोजक, वीरेंद्र प्रसाद सैनी दिल्ली एनसीआर प्रदेश अध्यक्ष, श्रीमती केशरी देबी मिश्रा दिल्ली एनसीआर प्रदेश महासचिव

    राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ (आरपीएम) 🙏
    संपर्क: (9956201213/9113488409)
    यहां जाएं: Www.rashtriapatrakarmahsangh.in🙏



    लखनऊ। Rashtriya Patrakaar Mahasangh( RPM) is going to organize a two days Media conclave in the name of All india media Mahakumbh ( AIMM) at  MURATGANJ (Kaushambi) Prayagraj (Allahabad) on 15 th & 16 th February ( saturday and Sunday) 2025, Eminent dignitaries of different areas including Central ministers, Ministers of Uttar Pradesh Government, Members Of Legislative Assembly ( MLA), Members of legislative Council ( MLC), Members of Parliament ( MP) , Renowned Bureaucrats & Journalists Have been invited to grace the occasion as Hounrable guests.

    Founder members, Delegates leaders & eminent dignitaries will be felicitated on this occasion. All delegates will be given Certificate of Participation.

    On 16 th february ( Sunday) arrangements have been made for holy dip at sangam followed by Felicitations( Vijay tilak, Prasad sevan) at Brahmananda Maharishi Vedic vision foundation CAMP, South Zone, Sector 24,Nishad Ghat, Mela Area, Prayagraj ( Contact: 9890328741  / / 7007879512)

  • राजपत्रित व अन्य अधिकारियों के साथ गोष्ठी में जताई शासन की मंशा

    राजधानी से पहुंचे दो सीनियर पुलिस अधिकारियों के विशेष निर्देश

    बिजनौर। राजधानी लखनऊ से आए दो विभागों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जनपद के राजपत्रित अधिकारियों एवं अन्य अधिकारियों के साथ गोष्ठी कर सर्व संबंधित को आवश्यक दिशा – निर्देश दिए।

    पुलिस लाइंस सभागार में दो विशेष बैठकों  का आयोजन किया गया। इन बैठकों में राजधानी लखनऊ से आए दो विभागों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जनपद के राजपत्रित अधिकारियों एवं अन्य अधिकारियों के साथ गोष्ठी कर सर्व संबंधित को आवश्यक दिशा – निर्देश दिये।

    पहली गोष्ठी पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश, लखनऊ श्रीमती तिलोत्तमा वर्मा एवं पुलिस अधीक्षक बिजनौर अभिषेक कुमार झा द्वारा की गई। इस दौरान आगामी पुलिस प्रशिक्षण के संबंध में उन्होंने जनपद के राजपत्रित अधिकारियों एवं अन्य अधिकारियों आवश्यक दिशा – निर्देश दिये।

    दूसरी गोष्ठी उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक, नियम एवं ग्रन्थ आशीष गुप्ता ने पुलिस अधीक्षक के साथ की। इसमें जनपद के राजपत्रित अधिकारियों एवं अन्य अधिकारियों के साथ SPEL कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही सर्व संबंधित को आवश्यक दिशा – निर्देश दिये गए।

  • 128वीं जयंती पर भावपूर्ण स्मरण

    नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धा सुमन अर्पित

    बिजनौर। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा बिजनौर के कार्यकर्ताओं ने सुभाष चौक पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस को 128 भी जयंती पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा के नारे के साथ श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इसके पश्चात जिला अध्यक्ष सुरेंद्र प्रकाश भटनागर के आवास पर उन्हीं की अध्यक्षता एवं महामंत्री योगेश भटनागर एडवोकेट के संचालन में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।

    विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने बताया कि नेताजी का जन्म 23 जनवरी 1897 को कटक उड़ीसा में हुआ था। सन 1920 में प्रतिष्ठित आईसीएस की प्रतियोगिता में चौथा स्थान प्राप्त करने पर भी उन्होंने भारत को स्वतंत्र कराने का निर्णय लिया। जुलाई 1921 में इंग्लैंड से भारत लौटने पर सुभाष चंद्र बोस महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन में कूद पड़े। सन 1938 में कांग्रेस के हरिपुरा गुजरात अधिवेशन में वह कांग्रेस अध्यक्ष चुने गए। 1939 में नेताजी ने देश भर में फैले अपने समर्थकों के आग्रह को मानकर त्रिपुरी मध्य प्रदेश अधिवेशन में पुनः अध्यक्ष बनने की इच्छा प्रकट की। महात्मा गांधी उन्हें अध्यक्ष पद पर नहीं देखना चाहते थे, इसलिए उन्होंने पट्टाभिसीता रमैया को उनके विरुद्ध चुनाव में खड़ा कर दिया। इस चुनाव में नेताजी ने भारी मतों से जीत प्राप्त की, परंतु गांधी जी ने इसे अपनी नैतिक हार बताया। अतः में नेता जी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया।

    नेताजी देश के सभी बड़े नेताओं से मिले और देश की स्वतंत्रता के संबंध में विचार विमर्श किया। सन 1943 में आजाद हिंद फौज का गठन कर कुछ दिन बाद नेताजी ने आजाद हिंदुस्तान की एक प्रांतीय सरकार का गठन किया और उसका मुख्यालय सिंगापुर बनाया। विश्व के कई देशों जापान, जर्मनी, इटली, कोरिया, बर्मा आदि ने इस सरकार को मान्यता प्रदान की। कहा जाता है कि 1945 में एक विमान दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई। मृत्यु की जांच हेतु अनेक आयोग का गठन किया गया, परंतु आज भी उनकी मृत्यु रहस्य बनी हुई है। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानी सुभाष चंद्र बोस अपनी देशभक्ति, त्याग और बलिदान के कारण भारतीय जनता में नेताजी के नाम से प्रसिद्ध हैं, परंतु आज के नेता उन्हें भूल गए हैं। श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों में सुरेंद्र प्रकाश भटनागर, योगेश भटनागर एडवोकेट, छोटेलाल भटनागर, अजय भटनागर, बृज बिहारी सक्सेना, संजीव श्रीवास्तव, अरुण श्रीवास्तव, प्रदीप भटनागर, राजवर्धन भटनागर, मयंक भटनागर, भुवन कश्यप, संजीव भटनागर, प्रीति भटनागर, मीडिया प्रभारी रितेश भटनागर, राजवीर सिंह एडवोकेट सभासद, डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर मिशन के संरक्षक मान सिंह अशोक, वैद्य अजय गर्ग आदि उपस्थित रहे।

    धामपुर में मनाया गया पराक्रम दिवस

    नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती के अवसर पर धामपुर के चित्रांश बंधुओं ने अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के तत्वाधान में सुभाष चौक पर एकत्रित होकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 128वीं जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया। सर्वप्रथम संस्था अध्यक्ष अरुण कुमार भटनागर व संरक्षक डा. ए.के. सक्सेना, डा. संजय भटनागर, ई. राजेंद्र कुमार भटनागर ने नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। संरक्षक व वरिष्ठ होम्योपैथिक विशेषज्ञ डा. एके सक्सेना ने अपने संबोधन में कहा कि देश के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के हृदय में देशप्रेम, स्वाभिमान और साहस बहुत काम आयु से ही दिखता था, उनके द्वारा दिया गया जय हिन्द का नारा आज पूरे भारतवर्ष का नारा है। कार्यक्रम संयोजक पंकज भटनागर ने कहा कि नेताजी अपने जीवन में राष्ट्र की स्वाध निता को सर्वोपरि मानते थे। भारत को गुलामी से मुक्त कराने के लिए उन्होंने अंग्रेजी साम्राज्य के विरुद्ध लड़ने हेतु आजाद हिन्द फौज का गठन किया था। अध्यक्ष अरुण कुमार भटनागर अपने विचार रखते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का पूरा जीवन प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणादायक और अभिमान का विषय है, उनका नारा तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा, आज भी प्रत्येक राष्ट्रभक्त के हृदय में अमिट है। इस अवसर पर रवि माथुर, अर्पित माथुर, सरन माथुर, राजीव माथुर, नितिन भटनागर, डा. करिश्मा सक्सेना फिजियोथेरेपिस्ट, शशांक भटनागर, अर्जुन माथुर, देवेंद्र भटनागर, डा. शिवांशु सक्सेना, निशांक भटनागर, विकास सिन्हा, डा. कुशाग्र सक्सेना, राजीव भटनागर, मनोज भटनागर, अखिलेश सक्सेना, सतेंद्र भटनागर तथा व्यापारी नेता स. गुरुशरण सिंह मोहन (जगत ट्रेडर्स), अरुण अग्रवाल (वालसन वाले) आदि उपस्थित रहे।

  • भव्यता और धूमधाम से गणतंत्र दिवस समारोह मनाएगा जश्ने आजादी ट्रस्ट

    सभी धर्मो के धर्म गुरु आजादी के इस कार्यक्रम में देंगे सामाजिक सद्भाव एवं एकता का संदेश

    देशभक्ति के तराने से सजी कल्चरल संध्या का भी आनंद लेंगे लखनऊ वासी

    लखनऊ। जश्न ए आजादी ट्रस्ट और हजरतगंज ट्रेडर्स एसोसिएशन के तत्वाधान में विगत कई वर्षों से राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस के अवसर पर हजरतगंज स्थित हनुमान मंदिर के पास ध्वजारोहण होता आ रहा है। पूर्व वर्षो की भांति भी इस वर्ष भी 26 जनवरी,2025 दिन रविवार को समय दोपहर ठीक 01:05 बजे हजरतगंज स्थित मल्टीलेवल पार्किंग के पास झंडारोहण किया जायेगा।

    झंडारोहण में विभिन्न गणमान्य  व्यक्तियों सहित सभी धर्मों के धर्म गुरु शामिल होकर एकता और अखंडता का संदेश देंगे।शाम को उसी स्थान पर भारत पर्व का रंगारंग समारोह भी मनाया जाएगा। इस दौरान देशभक्ति तरानों के साथ मुशायरा और देशभक्ति के गीतों, नृत्य का प्रदर्शन, लखनऊ के कलाकारों द्वारा हजरतगंज में किया जायेगा।

    इस संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक सहारा गंज के सामने रॉयल कैफे होटल में संपन्न हुई। बैठक में जश्ने आजादी ट्रस्ट के अध्यक्ष मुरलीधर आहूजा एवं चेयरपर्सन रजिया नवाज ने संयुक्त रूप से समस्त शहरवासियों से अपील की है कि अपने धार्मिक पर्वों से बढ़कर हमें इस राष्ट्रीय पर्व को भी हर्षौल्लास के साथ धूमधाम से मनाना चाहिए। संस्थापक सदस्य अब्दुल वहीद एवं जुबैर अहमद ने बताया कि इस अवसर पर 5 कबूतर और तिरंगे गुब्बारे भी उड़ाए जायेंगे। साथ ही संविधान की 76 प्रतियां एवं गरीबों में कंबल भी वितरित की जाएंगी। एक अन्य सम्बोधन में वामिक खान एवं मुर्तज़ा अली ने बताया कि इस अवसर पर एक बड़ा लड्डू केक के रूप में काटकर लोगों में वितरित किया जाएगा।

    जश्ने आजादी ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारी कवि वेद व्रत वाजपेई ने बताया कि 26 जनवरी को सुबह 8:15 बजे देश भारती पब्लिक इंटर कॉलेज की समस्त शाखाओं पर झंडा रोहण किया जाएगा और मेधावी बच्चों को सम्मानित भी किया जाएगा। आज की इस बैठक में भारी संख्या में गणमान्य नागरिक समाजसेवी, पत्रकारों सहित कई राजनेता, प्रमुखता से उपस्थित रहे। इनमें मुख्य रूप से ट्रस्ट की महामंत्री निगहत खान, वरिष्ठ पत्रकार सुशील दुबे, पूर्व राज्य मंत्री हरपाल सिंह जग्गी, लोकदल के रोहित अग्रवाल, वेद ब्रत वाजपेयी, आरडी दिवेदी, कुदरत उल्लाह खान, रूबी राज सिन्हा, प्रदीप सिँह बब्बू, मोहमद अली साहिल, सलाउद्दीन शीबू, हसन काजमी, संजय सिंह, मो. एबाद, प्रेम प्रकाश वर्मा, अजीज सिद्दीकी, अजय वर्मा, भानु प्रताप सिंह, महेश दीक्षित, महेन्द्र सिँह, महेश दीक्षित, साकेत शर्मा, तौसीफ हुसैन आदि प्रमुखता से उपस्थित रहे।

  • बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों में प्रथम चरण में कक्षा-3 से 5 में डेस्क-बैंच विहीन छात्र-छात्राओं के लिये डेस्क-बेंच की आपूर्ति हेतु वित्त विभाग ने दी स्वीकृति

    सात लाख बच्चों को अब जमीन पर बैठकर नहीं करनी पड़ेगी पढ़ाई, बेसिक शिक्षा विभाग ने जारी किया बजट, जल्द होगी आपूर्ति

    14,452 परिषदीय वि‌द्यालयों के लिए डेस्क-बेंच हेतु प्रति फर्नीचर (थ्री सीटर) लागत रुपए 7,172/- की दर से प्रथम चरण में धनराशि जारी

    सात लाख बच्चों को पढ़ने के लिए मिलेंगी डेस्क बैंच

    लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के बच्चे अब जमीन में बैठकर पढ़ाई नहीं करेंगे। बेसिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए अभियान चलाकर फर्नीचर (डेस्क-बेंच) की व्यवस्था सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू की है। पहले चरण में 130 करोड़ से 14452 विद्यालयों में फर्नीचर की आपूर्ति की जाएगी। इससे इन विद्यालयों में पढ़ रहे कक्षा तीन से पांच के 763117 विद्यार्थियों के लिए फर्नीचर की व्यवस्था हो जाएगी।

    प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कई जगह पर अवस्थापना सुविधाओं की कमी है। इसे देखते हुए विभाग की ओर से विभिन्न स्तर पर कवायद की जा रही है। एक तरफ जहां स्मार्ट क्लास आदि की सुविधा बढ़ाई जा रही है। वहीं भवन निर्माण आदि के कार्य भी किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब उन विद्यालयों में फर्नीचर की भी व्यवस्था की जा रही है। जहां के बच्चे इसके अभाव में जमीन में बैठकर पढ़ाई करते हैं।

    दरअसल वित्तीय वर्ष 2024-25 में बेसिक शिक्षा विभाग के अनुदान संख्या-71 के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के उप मद संख्या-24 वृहद् निर्माण कार्य मद के एकमुश्त बजट व्यवस्था के सापेक्ष प्रदेश के चिन्हित 14,452 परिषदीय प्राथमिक वि‌द्यालयों के लगभग 7,63,117 छात्र-छात्राओं हेतु 2,59,180 फर्नीचर (डेस्क-बेंच) हेतु प्रति फर्नीचर (थ्री सीटर) इकाई लागत रुपए 7,172/- की दर से प्रथम चरण में प्रथम किश्त के रूप में वांछित बजट रुपए 1,30,11.87272 लाख मात्र (रुपए एक सौ तीस करोड़ ग्यारह लाख सत्तासी हजार दो सौ बहत्तर मात्र) की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए जनपदवार धनराशि अवमुक्त करने का अनुरोध किया गया था। इस पर राज्यपाल द्वारा जनपदवार विवरण एवं वित्तीय फॉट के अनुसार धनराशि व्यय करने की स्वीकृति निर्धारित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन प्रदान की गई है।

  • विद्यालयों की ऑनलाइन होती है मान्यता, फिर भी 586 प्रकरण लंबित

    बीईओ की लापरवाही पर 70 जिलों के बीएसए को नोटिस जारी

    लखनऊ। प्रदेश में अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों की नई मान्यता की सभी कार्यवाही ऑनलाइन पोर्टल पर करने की व्यवस्था है। इसमें मान्यता संबंधी प्रकरण 10 दिन में निस्तारित होने चाहिए लेकिन खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) के स्तर पर लापरवाही की जा रही है। वर्तमान में ऐसे 586 प्रकरण लंबित हैं। इस पर 70 जिलों के बीएसए को नोटिस जारी किया गया है। उनसे कहा गया कि संबंधित बीईओ से तीन दिन में स्पष्टीकरण लें।

    बेसिक शिक्षा विभाग ने मान्यता संबंधी जनहित गारंटी अधिनियम में शामिल किया गया है। इसमें बीईओ को ऐसे प्रकरणों का निस्तारण 10 दिन में करने का प्रावधान है। इसके बावजूद ऐसे मामले में 10 दिन से ज्यादा तक लंबित रखे जा रहे हैं। फर्रुखाबाद, बुलंदशहर, चित्रकूट, अमरोहा व उन्नाव को छोड़कर प्रदेश के शेष 70 जिलों की स्थिति खराब मिली है। विभाग के अनुसार कई जिलों में दो-दो माह तक लंबित रह रहे हैं।

    अपर शिक्षा निदेशक बेसिक गणेश कुमार ने लंबित मामलों से जुड़े 70 जिलों के बीएसए को जारी किया है। उन्होंने कहा है कि संबंधित बीईओ से तीन दिन में स्पष्टीकरण लें। स्पष्टीकरण न मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नए सत्र में उन्होंने समय से विद्यालयों की मान्यता की प्रक्रिया पूरी करने के भी निर्देश दिए हैं।

  • गांव गांव पी-डी-ए (PDA) चर्चा के कार्यक्रम के तहत मीटिंग कर रहे विधायक

    संविधान और आरक्षण को बचाने के लिए सपा की मुहिम

    बिजनौर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशानुसार दिनांक 22 जनवरी 2025 को नगीना विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नैनपुरा, ग्राम छोटा किरतपुर एवं ग्राम अस्दुल्लापुर कल्याण उर्फ गावड़ी में विधायक नगीना पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार मनोज पारस ने सभी ग्रामवासियों से मुलाकात कर उनका एवं उनके परिवार वालों का कुशलक्षेम जाना।

    इस दौरान सभी गांवों में पी-डी-ए (PDA) चर्चा के कार्यक्रम के तहत मीटिंग को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि संविधान और आरक्षण को बचाने के लिए समाजवादी पार्टी प्रतिबद्ध है। प्रयास है कि संविधान व आरक्षण के महत्व को लोगों तक पहुंचाया जा सके और समाज में समानता के अधिकार को बल मिल सके, लेकिन यह भाजपा सरकार निजीकरण करके नौकरियों में आरक्षण का अमल न करके इसे समाप्त कर रही है। यह सरकार युवाओं को नौकरी भी सिर्फ इसलिए नहीं दे रही है, जिससे कहीं आरक्षण ना देना पड़ जाए और दलितों,पिछड़ों, वाचितों को उनका हक न मिल जाए। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पीडिए के तहत पिछड़ा अल्पसंख्यकों के साथ-साथ दलितों को सम्मान देने और दिलाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने सभी सम्मानित ग्राम वासियों से 2027 में एकजुट होकर भाजपा सरकार से मुक्त होकर समाजवादी सरकार बनवाने एवं अखिलेश जी को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने की अपील की।

    इस मौके पर कुंवरसेन सिंह ग्राम प्रधान नैनपुरा, जयप्रकाश चंदेल प्रदेश सचिव समाजवादी पार्टी बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी, भूरे सिंह प्रदेश सचिव एससी एसटी प्रकोष्ठ समाजवादी पार्टी, अकील मंसूरी साहब जिला सचिव समाजवादी पार्टी, सुधीर राठी प्रदेश सचिव समाजवादी पार्टी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ, उस्मान कुरैशी साहब, आसिफ भाई नैनपुर वाले, अहमद हसन साहब जिला पंचायत सदस्य, प्रेम सिंह, मौहम्मद नसीम अहमद, ग्राम प्रधान नूर अलीपुर भगवन्त उर्फ डेहरी, कल्लू शाह साहब, साबिर साहब, मास्टर राजेश कुमार आदि ग्रामवासी मौजूद रहे।

    ग्राम छोटा किरतपुर में सोनू सिंह, जयप्रकाश चंदेल प्रदेश सचिव समाजवादी पार्टी बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी, भूरे सिंह प्रदेश सचिव एससी एसटी प्रकोष्ठ समाजवादी पार्टी, अकील मंसूरी जिला सचिव समाजवादी पार्टी, सुधीर राठी प्रदेश सचिव समाजवादी पार्टी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ, उस्मान कुरैशी, आसिफ भाई नैनपुर वाले, अहमद हसन जिला पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान नूर अलीपुर भगवन्त उर्फ डेहरी, कल्लू शाह, साबिर, मास्टर राजेश कुमार, विशन सिंह, प्रताप सिंह, कुंवर पाल सिंह, अमित कुमार, सचिन कुमार, दीपक कुमार, सोमपाल सिंह, चंद्रपाल सिंह, भरत सिंह, घनश्याम सिंह, वीर सिंह, मगन सिंह, नत्थू सिंह, महराज सिंह, प्रवेश सिंह, रोहित सिंह, उमेश कुमार, जितेंद्र कुमार, अंकुल कुमार, हिमेंद्र कुमार आदि ग्रामवासी मौजूद रहे।

    वहीं ग्राम अस्दुल्लापुर कल्याण उर्फ गावड़ी में सोनू सिंह, जयप्रकाश चंदेल प्रदेश सचिव समाजवादी पार्टी बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी, भूरे सिंह प्रदेश सचिव एससी एसटी प्रकोष्ठ समाजवादी पार्टी, अकील मंसूरी जिला सचिव समाजवादी पार्टी, सुधीर राठी प्रदेश सचिव समाजवादी पार्टी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ, उस्मान कुरैशी, आसिफ भाई नैनपुर वाले अहमद हसन जिला पंचायत सदस्य, प्रेम सिंह, मौहम्मद नसीम अहमद, ग्राम प्रधान नूर अलीपुर भगवन्त उर्फ डेहरी, कल्लू शाह, साबिर, मास्टर राजेश कुमार, नीरज कुमार, अमर सिंह, यादराम सिंह, किशन सिंह, रूपचंद सिंह, मनोज कुमार, रामकुमार सैनी, गौरव कुमार,अंकित कुमार, लोकेंद्र सिंह, विकास कुमार, विपिन कुमार, ऋषिपाल सिंह, भागीरथ सिंह आदि ग्रामवासी मौजूद रहे।

  • ऊपर के अधिकारी नहीं मान रहे इसलिए दो और रुपए 50 हजार

    मजबूरन पीड़ित को खटखटानी पड़ी एसपी की चौखट

    होमगार्ड को ब्लैकमेल कर 50 हजार खा गए दरोगा जी!

    बिजनौर। रंजिशन फंसाए गए एक होमगार्ड को अभयदान देने के एवज में दरोगा जी ही ब्लैकमेलिंग पर उतारू हो गए। पुलिस केस से नाम हटाने के नाम पर दरोगा जी पहले तो ₹ 50 हजार खा गए, लेकिन जब फिर से उन्होंने और ₹ 50 हजार देने का दबाव बनाया तो मजबूरन पीड़ित को पुलिस अधीक्षक के दरबार में दस्तक देनी पड़ी।

    जानकारी के अनुसार गांव गढ़ी बगीची के होमगार्ड शक्ति सिंह पुत्र स्व० राजेन्द्र सिंह की गांव के ही सुरेन्द्र सिंह पुत्र गोपी सिंह से शिव मन्दिर के नव निर्माण को लेकर रंजिश चल रही है। विवाद को देखते हुए उक्त शिव मन्दिर का निर्माण होमगार्ड अपनी निजी आवासीय भूमि में सक्षम अधिकारियों से अनुमति लेकर करवा रहा है। आरोप है कि सुरेन्द्र आदि मन्दिर का निर्माण न होने देने की कोशिश कर रहे हैं।

    बताया गया है कि दिनांक 25-10-24 को होमगार्ड ड्यूटी जाने के लिए घर से तैयार होकर निकल रहा था। तभी सुरेन्द्र की पुत्री व पत्नी ने अपने घर में शोर मचाते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दी। इसके बाद होमगार्ड व अन्य के खिलाफ एक जाली व फर्जी तहरीर बनाकर थाने पर रिपोर्ट दर्ज करा दी। ये मु० अ० सं० 1015/24 धारा 191 (2),333,115 (2)351(2), 352,74 324 (4) थाना कोतवाली शहर बिजनौर में दर्ज हुई। इस मामले की तफ्तीश  पेदा पुलिस चौकी के इंचार्ज एस० आई० अमित कुमार कर रहे हैं।

    इसके बाद तफ्तीश के लिए एस० आई० अमित कुमार ने होमगार्ड को थाने पर बुलाकर रुपए 50,000 मांगे और धमकाया कि रुपए नहीं दिये तो तुम्हारा नाम झूठा ही आगे बढ़ा दूंगा। होमगार्ड ने झूठे मुकदमे से बचने के लिये एस० आई० अमित कुमार को 40,000 रुपए नकद व 10,000 रुपए उनके मोबाइल नंबर 7683094605 पर पेटीएम द्वारा दिनांक 12-01-25 को अपने मोबाइल नंबर 09927478222 से ट्रांसफर कर दिए। इसके बावजूद एस० आई० अमित कुमार ने होमगार्ड पर फिर से 50,000 रुपए और देने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। दरोगा जी का कहना था कि ऊपर के अधिकारी नहीं मान रहे हैं। इसलिए तुम्हें 50,000 रुपए और देने ही पड़ेंगे। मजबूरन पीड़ित होमगार्ड ने पुलिस अधीक्षक के दरबार में दस्तक दी। लिखित प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसके पास आय का एक सीमित साधन है। वह किसी भी हालत में और पैसे देने में सक्षम नहीं है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा से मांग की, कि थाना कोतवाली शहर बिजनौर अंतर्गत पेदा चौकी इंचार्ज एस० आई० अमित कुमार के विरुद्ध दबाव में लेकर नाजायज रूप से 50,000 रुपए ठगने व इसके बाद भी और 50,000 रुपए मांगने के आरोप में कानूनी कार्यवाही के साथ साथ मुकदमा पंजीकृत कराया जाए।

  • जिला सहकारी बैंक लिमिटेड की महत्वपूर्ण बैठक

    समितियों के सचिव, अध्यक्ष व सहकारी चीनी मिल नजीबाबाद से समन्वय स्थापित करना उद्देश्य

    कृषकों को उपलब्ध है 03 प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण

    बिजनौर। जिला सहकारी बैंक लिमिटेड द्वारा मुख्यालय पर एक विशेष और महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य जनपद में कार्यरत समितियों के सचिव एवं अध्यक्ष तथा सहकारी चीनी मिल नजीबाबाद के पदाधिकारी से समन्वय स्थापित करना था।

    जिला सहकारी बैंक लिमिटेड बिजनौर द्वारा जनपद में कार्यरत सहकारी गन्ना विकास समिति लि० बिजनौर, हल्दौर, धामपुर, चाँदपुर, नगीना, नजीबाबाद, नूरपुर, स्योहारा एवं अफजलगढ़ समितियों के सचिव एवं अध्यक्ष तथा सहकारी चीनी मिल नजीबाबाद के पदाधिकारी से समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से एक आवश्यक बैंक सभापति दिनेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

    कृषकों को उपलब्ध कराया जाता है 3 प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पकालीन कृषि ऋण

    सचिव/ मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रवीण कुमार ने बैठक में उपस्थित समस्त अतिथियों का स्वागत करने के बाद जानकारी दी कि ‘वर्ष 2025 विश्व सहकारिता वर्ष के रूप में मनाने हेतु सहकारिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा निर्देश दिये गए हैं। जिला सहकारी बैंक लिमिटेड बिजनौर द्वारा गन्ना समितियों के माध्यम से जनपद के कृषकों को 3 प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पकालीन कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाता है। बैंक द्वारा गन्ना सहकारी समिति एवं अन्य सहकारी संस्थाओं के कर्मचारियों को सामान्य प्रचलित ब्याज दर से 0.5 प्रतिशत अधिक ब्याज दर पर सावधि जमा निक्षेप की योजना बैंक में संचालित है। बैंक द्वारा समितियों की जमाओं पर भी सामान्य ग्राहकों से देय ब्याज दर से अधिक ब्याज दिया जा रहा है।

    बैंक की वित्तीय स्थिति काफी सुदृढ़

    बैंक अध्यक्ष दिनेश कुमार, संचालक मण्डल सदस्यों एवं बैंक के अधिकारियों द्वारा जिला सहकारी गन्ना पीएन सिंह, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, जनपद बिजनौर राजवीर सिंह एवं जनपद के सहकारी गन्ना समितियों के अध्यक्ष एवं सचिवों का सम्मान किया गया।प्रबन्ध समिति के उपाध्यक्ष हेमराज सिंह ने उपस्थित अतिथियों को अवगत कराया कि जिला सहकारी बैंक लि०, बिजनौर उ०प्र० सहकारिता के क्षेत्र में एक अग्रणी स्थान रखता है। बैंक की वित्तीय स्थिति काफी सुदृढ़ है। बैंक की जमा निक्षेप का उपयोग जनपद के ही विकास में उपयोग किया जाता है।

    सचिव सहकारी गन्ना विकास समिति धामपुर ने बैंक प्रबन्धन द्वारा प्रथम बार सहकारी गन्ना समितियों एवं बैंक के मध्य समन्वय स्थापित करने हेतु बैठक करने पर आभार व्यक्त किया। इनके बाद जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष ने समस्त उपस्थित अतिथियों का बैठक में प्रतिभाग करने पर धन्यवाद किया। जनपद की समस्त सहकारी गन्ना समितियों की जिला सहकारी बैंक लि०, बिजनौर का सदस्य होने एवं बैंक प्रबन्धन में सहकारी गन्ना समितियों की भी सहभागिता होती है। अध्यक्ष ने अनुरोध किया कि समस्त गन्ना समिति के सचिव/ अध्यक्ष गन्ना समितियों का निक्षेप जिला सहकारी बैंक में रखें तथा गन्ना सहकारी समितियों के कर्मचारियों के खाते जिला सहकारी बैंक लि०, बिजनौर की शाखाओं में खुलवाने का कष्ट करें, जिससे जनपद के विकास हेतु उक्त निक्षेप का उपयोग किया जा सके। अन्त में बैंक सभापति ने समस्त उपस्थित अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बैठक समाप्त की। बैठक में जिला गन्ना अधिकारी, जिला सहायक निबंधक सहकारिता जनपद में कार्यरत समस्त सहकारी गन्ना समितियों के सचिव/ अध्यक्ष, बैंक प्रबन्ध समिति के सदस्यगण हेमराज सिंह, भूपेन्द्र कुमार, राणा प्रियंकर सिंह, वीर सिंह, विनीत कुमार, श्रीमती अंशु, श्रीमती रूबी, श्रीमती शिवानी सिंह, प्रेमपाल सिंह, राजेन्द्र सिंह, अभिनव तोमर, यशपाल सिंह, बलराज सिंह, पूर्व संचालक चन्द्रपाल सिंह, सिद्धार्थ सिंह एवं शाखा प्रबंधकों ने हिस्सा लिया।

  • भूमाफियाओं का कहर: आजिज ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से की शिकायत

    वन विभाग, पुलिस व प्रधान की मिलीभगत से काट डाले हरे भरे पेड़! 

    लखनऊ। जनपद बिजनौर के चांदपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हीमपुर बुजुर्ग में भूमाफियाओं ने ग्राम समाज की आराजी पर न केवल अवैध कब्जा किया, बल्कि मौके पर खड़े 40-50 प्रतिबंधित पेड़ों को कटवा कर बेच भी डाला! इससे हासिल रकम वन विभाग और पुलिस विभाग के जिम्मेदारों के साथ बंदरबांट भी कर ली गई? जागरूक ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इस मामले की जांच करा कर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

    चांदपुर थाना क्षेत्र के ग्राम हीमपुर बुजुर्ग के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मंगलवार को लिखित शिकायत की। शिकायत में आरोप लगाया कि क्षेत्र के ही ग्राम मीरापुर के सतीश पुत्र सुरेश, महेश पुत्र रामस्वरूप व नरेश पुत्र राजाराम व राकेश पुत्र रामस्वरूप ने ग्राम प्रधान अली वारिस, वन विभाग के रेंजर दुष्यन्त सिंह व पुलिस प्रशासन के साथ हमसाज होकर ग्राम समाज की आराजी पर अवैध कब्जा कर लिया! इतना ही नहीं ग्राम समाज की आराजी में खड़े प्रतिबंधित 40-50 पेड़ों को कटवा कर बेच दिया है! इस कृत्य से सरकार लगभग 5 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।

    शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उक्त लोग दबंग व शातिर किस्म के व्यक्ति हैं। इनके संबंध में कई बार शिकायत करने पर भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। इस कारण इन सभी के हौसले बुलन्द हैं। ग्रामीणों ने इस मामले में जांच कराकर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्यवाही कराने के लिए आदेश पारित करने का अनुरोध किया है।

    हमारा नहीं कोई मतलब: रेंजर

    वन विभाग के रेंजर दुष्यन्त सिंह ने इस मामले में साफ तौर पर पल्ला झाड़ लिया! पूछने पर उन्होंने बताया कि ग्राम समाज की आराजी का मामला है और ग्राम प्रधान ही रिपोर्ट दर्ज कराएंगे। प्रतिबंधित पेड़ों के कटान के विषय में बताया कि उसी रिपोर्ट में ये मामला भी शामिल हो जाएगा। वहीं हल्दौर रोड पर प्रतिबंधित सागौन के पेड़ काटने के मामले में बताया कि वन विभाग के दरोगा को मौके पर भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। खास बात ये है कि जिस ग्राम प्रधान के खिलाफ ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शिकायत की है, उसकी ओर से रिपोर्ट क्यों दर्ज कराई जाएगी?

    थाने में नहीं कोई F.I.R.

    मजेदार बात ये है कि जिस मामले को लेकर इतना बखेड़ा खड़ा हुआ है, उसकी एफआईआर भी अब तक दर्ज नहीं हुई है। हलका दरोगा के अलावा क्षेत्र के पटवारी ने भी साफ इंकार किया है।

  • ग्राम सुरक्षा समिति के सदस्यों एवं पुलिसबल को आवश्यक दिशा निर्देश

    कानून व शान्ति व्यवस्था के लिए संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों की चेकिंग

    बिजनौर। कानून व शान्ति व्यवस्था के दृष्टिगत संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों की चेकिंग कराने को जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी 19/20 जनवरी 2025 की रात्रि में सड़कों पर उतरे। इस दौरान सर्व संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

    अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी धर्म सिंह मार्छल द्वारा थाना अफजलगढ़ क्षेत्रान्तर्गत जटपुरा बैरियर पर कानून व शान्ति व्यवस्था के दृष्टिगत संदिग्ध व्यक्तियों/वाहनों की चेकिंग कराई गई। उन्होंने सर्व संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    इसके अलावा अपर पुलिस अधीक्षक, पूर्वी राम अर्ज द्वारा थाना अफजलगढ़ क्षेत्रान्तर्गत ग्राम महेन्द्रनगर में सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत गश्त की गई। उन्होंने गश्त कर रहे ग्राम सुरक्षा समिति के सदस्यों एवं पुलिसबल को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान क्षेत्राधिकारी अफजलगढ भी मौजूद रहे।

    अपर पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण ने थाना नूरपुर क्षेत्र के ग्राम अब्दुल्लापुर दाहना बॉर्डर बैरियर पर संदिग्ध व्यक्ति/वाहनों को चेक किया। इसके अलावा उन्होंने रात्रि गश्त कर रहे ग्राम सुरक्षा समिति सदस्यों एवं पुलिसबल को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

    दूसरी ओर अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने थाना शिवालाकला के भवानी बॉर्डर चेक पोस्ट बैरियर ड्यूटी को चेक कर संदिग्ध वाहनों को चेक किया। उन्होंने ड्यूटीरत पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

  • लोगों को बचाने के लिए पड़ोसी की तरफ से तोड़नी पड़ी मकान की दीवार

    मकान में आग लगने से परिवार के चार लोगों की जलकर मौत

    गाजियाबाद। लोनी कोतवाली क्षेत्र में रविवार की सुबह एक मकान में आग लगने से जलकर परिवार के तीन मासूम बच्चे और एक महिला की मौत हो गई। दंपति की हालत गंभीर बनी हुई है। उन्हें दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आग लगने की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों को आग बुझाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। आग से घिरे परिवार के अन्य लोगों को बचाने के लिए पड़ोसी की तरफ से मकान की दीवार तोड़नी पड़ी।

    मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि लोनी कोतवाली क्षेत्र के चार खंभा रोड़ गली नंबर 5 कंचन पार्क में रविवार की सुबह करीब 6:30 बजे तीन मंजिला मकान में आग लगने की जानकारी मिली थी। सूचना मिलने पर लोनी और साहिबाबाद फायर स्टेशन से कई गाड़ियां मौके पर पहुंची तथा फायर कर्मियों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि मकान में दो भाई शमशाद और शाहनवाज अपने-अपने परिवार के साथ पहली और दूसरी मंजिल पर रहते थे तथा ग्राउंड फ्लोर पर दोनों का साझे में कपड़ों की कटिंग का काम था। दोनों भाई दिल्ली के गांधीनगर के अलावा अन्य स्थानों से कपड़े लाते थे एवं उनकी कटिंग करने के बाद वापस उसी स्थान पर पहुंचाते थे। उन्होंने बताया कि मकान में कपड़ा भरा होने के चलते आग तेजी के साथ फैल गई और पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। इसके चलते पड़ोस में जाकर मकान की दीवार को तोड़ा गया और आग में फंसे परिवार के लोगों को बाहर निकाला जा सका। दो-तीन लोग मकान की छत पर बेहोशी की हालत में मिले, जबकि शमशाद और शमशाद की 30 वर्षीय पत्नी आयशा के अलावा उनका 4 वर्षीय पुत्र आयान एवं उनके छोटे भाई शाहनवाज की 32 वर्षीय पत्नी गुलबहार और उनका 5 वर्षीय बेटा जुबैर व 8 वर्षीय पुत्र शान आग से बुरी तरह से झुलस चुके थे। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां आयान, गुलबहार, जुबेर और शान की मौत हो गई, जबकि शमशाद और उनकी पत्नी आयशा की स्थिति गंभीर है। उन्होंने बताया कि मकान में परिवार के कुल 10 लोग थे। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शार्ट सर्किट माना जा रहा है।

  • उत्तरायणी मेले में हुई वारदात का वीडियो वायरल

    मौके पर पहुंची पुलिस ने किया दो लोगों को गिरफ्तार

    बागेश्वर में थूक लगा कर युवक बना रहा था रोटी


    बागेश्वर के उत्तरायणी मेले में बाहर से आए समुदाय विशेष के व्यापारी की दुकान में थूककर रोटी पकाने का वीडियो वायरल होने से बवाल

    बागेश्वर। उत्तरायणी मेले में बाहर से आए समुदाय विशेष की दुकान पर थूककर रोटियां बनाने का वीडियो वायरल होने के बाद बवाल हो गया। डीएम आशीष भटगांई ने मामले में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी। दोनों को न्यायालय में पेशी के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में अल्मोड़ा जेल भेज दिया गया है। दोनों के खिलाफ बीएनएस की धारा 196 (1)/274/299 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं सख्ती  बढ़ाने के साथ ही मेला क्षेत्र में निगरानी तेज कर दी है।

    वायरल वीडियो का स्टिल चित्र

    शुक्रवार की रात सोशल मीडिया पर बागेश्वर के सुप्रसिद्ध उत्तरायणी मेले की एक दुकान में थूककर रोटियां बनाने का वीडियो वायरल हुआ। इसमें एक युवक तंदूर में रोटियां डालने से पहले उन पर थूकते हुए दिखाई दे रहा था। जानकारी मिलते ही जिला अभिहित अधिकारी ललित मोहन पांडेय, तहसीलदार दलीप सिंह, ईओ मोहम्मन यामीन शेख, कोतवाल कैलाश सिंह नेगी ने पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंच कर दुकान के मालिक और वहां काम कर रहे कुछ लोगों को हिरासत में लेकर कोतवाली पहुंचा दिया। आरोपियों से पूछताछ के बाद दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

    बागेश्वर में पहली घटना

    जिला बागेश्वर के उत्तरायणी मेले में रोटियों पर थूकने का मामला इस तरह की पहली घटना बताया जा रहा है। शुक्रवार शाम वीडियो वायरल होने के बाद से देर रात तक नगर में गहमागहमी का माहौल बना रहा। हालांकि पुलिस द्वारा  आरोपियों को गिरफ्तार कर दुकान बंद करवाने के चलते किसी तरह की अप्रिय घटना होने से बच गई।

    पुलिस हिरासत में आरोपी

    बजरंग दल कार्यकर्ताओं की नारेबाजी

    वीडियो देखकर बजरंग दल के जिला संयोजक विजय परिहार, युवा नेता मनोज बचखेती समेत अनेक कार्यकर्ता व युवक भी मौके पर पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने तत्काल आरोपियों को कोतवाली पहुंचाया तो नारेबाजी करते हुए युवा भी वहीं पहुंच गए। वह इस तरह की घटना को निंदनीय बताते हुए आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करने लगे।कोतवाल नेगी और युवाओं के बीच काफी देर तक बहस होती रही। कड़ी कार्रवाई के आश्वासन के बाद आखिरकार युवा माने और लौट गए। दूसरी तरफ वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही दुकान के आगे पहरा लगा दिया। किसी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी रात और शनिवार को भी पुलिस पहरे पर डटी रही।

    खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से केस: आरोपी की दुकान से आटे के गोले और रोटियों के सैंपल लिए गए हैं। उसके खिलाफ जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालय में अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में भोजन निर्माण के आरोप में केस दर्ज कराया जाएगा। घटना को देखते हुए मेला क्षेत्र में लगी खाद्य की दुकानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान रेवड़ी, नमकीन, मिठाई, टॉफी आदि के छह सैंपल भी लिए गए। अभियान आगे भी जारी रहेगा। ~ ललित मोहन पांडेय, जिला अभिहित अधिकारी

    मेला क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के निर्देश: कोतवाली पुलिस ने सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने के आरोप में उत्तर प्रदेश के जिला रामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव टांडा बादली निवासी आमिर (30) और फिरासत (25) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ 196(1)/274/299 बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। वीडियो सामने आते ही पुलिस ने तत्परता से आरोपियों को पकड़कर किसी तरह की अप्रिय घटना होने से रोककर सराहनीय कार्य किया है। मामले में दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। सभी कोणाें से घटना की जांच की जा रही है। पुलिस को मेला क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। -चंद्रशेखर आर घोड़के, एसपी बागेश्वर।

  • सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे के प्रयासों से पंडित हरगोविंद पंत और विक्टर मोहन जोशी का नाम जिला अस्पताल की पर्चियों पर पुनः अंकित

    जिला अस्पताल की पर्चियों पर फिर अंकित हुआ स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का नाम

    अल्मोड़ा। जिला अस्पताल की पर्चियों पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पंडित हरगोविंद पंत और विक्टर मोहन जोशी का नाम अब स्थाई रूप से अंकित कर दिया गया है। इस बदलाव के पीछे सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे के प्रयास और प्रतिबद्धता रही।

    पिछले वर्ष महिला अस्पताल के जिला अस्पताल में विलय के बाद, अस्पताल की पर्चियों से इन दोनों महापुरुषों का नाम गायब हो गया था। इस त्रुटि को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन स्वतंत्रता सेनानी विक्टर मोहन जोशी की 85वीं पुण्यतिथि के अवसर पर संजय पाण्डे ने यह मुद्दा विक्टर मोहन जोशी स्मारक समिति और अस्पताल प्रबंधन के समक्ष उठाया। उन्होंने इसे स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में गंभीर चूक करार दिया। अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एच.सी. गड़कोटी ने इस गलती को स्वीकारते हुए इसे अनजाने में हुई त्रुटि बताया और तत्काल सुधार का आश्वासन दिया। प्रारंभ में, पर्चियों पर केवल मुहर लगाकर नाम अंकित किया गया था, लेकिन संजय पाण्डे इससे संतुष्ट नहीं थे। उनका कहना था कि पंडित हरगोविंद पंत और विक्टर मोहन जोशी; दोनों ने ही आजादी की लड़ाई में अमूल्य योगदान दिया है और दोनों को समान रूप से सम्मान देना आवश्यक है। संजय पाण्डे के दृढ़ प्रयास और स्मारक समिति के समर्थन के बाद, प्रशासन ने पर्चियों पर स्थाई रूप से इन दोनों स्वतंत्रता सेनानियों के नाम अंकित कर दिए।

    संजय पाण्डे, सामाजिक कार्यकर्ता अल्मोड़ा
    संजय पाण्डे ने इस ऐतिहासिक सुधार पर खुशी जताते हुए कहा..."यह केवल एक नाम भर नहीं है, बल्कि यह हमारी स्वतंत्रता संग्राम की धरोहर और इन सेनानियों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है।" इस सुधार के लिए उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और डॉ. गड़कोटी का आभार व्यक्त किया। यह पहल स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सम्मान और उनकी विरासत को बनाए रखने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
  • पुलिस महानिदेशक, उ०प्र० के निर्देशन में साइबर क्राइम मुख्यालय द्वारा तैयार “उ०प्र० पुलिस की साइबर वेबसाइट” की लॉचिंग

    उ०प्र० पुलिस की साइबर वेबसाइट लांच

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक प्रशान्त कुमार ने शुक्रवार 17 जनवरी 2025 को अपर पुलिस महानिदेशक, साइबर क्राइम के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम मुख्यालय द्वारा तैयार की गई “उ०प्र० पुलिस की साइबर वेबसाइट” की लॉचिंग की।

    उत्तर प्रदेश पुलिस की साइबर वेबसाइट एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन प्लेटफार्म है, जो आम नागरिकों तथा पुलिस को ध्यान में रखते हुए साइबर सुरक्षा से संबंधित जानकारी, संसाधन तथा सेवाएं प्रदान करने हेतु तैयार की गई है। वेबसाइट उत्तर प्रदेश पुलिस की वेबसाइट uppolice.gov.in से भी लिंक है। वेबसाइट का लिंक cyberpolice.uppolice.gov.in है, जिसके मुख्य पृष्ठ पर Citizen centric से संबंधित निम्न लिंक प्रदर्शित हैं-

    • साइबर हेल्प लाइन नम्बर 1930 कॉल करने हेतु

    • साइबर अपराध सम्बन्धी शिकायत दर्ज करने हेतु http://www.cybercrime.gov.in

    • भारतीय साइबर क्राइम समन्वय केन्द्र की वेबसाइट https://i4c.mha.gov.in

    • साइबर अपराध शिकायत की स्थिति जानने हेतु

    • मोबाइल नम्बर के खोने/ चोरी होने पर नम्बर को ब्लाक आदि कराने हेतु CEIR

    • संदिग्ध तथा धोखाधड़ी वाली कॉल को रिपोर्ट करने हेतु Chakshu

    • अपनी आईडी से सम्बन्धित मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी करने हेतु Tafcop

    • साइबर जागरुकता से सम्बन्धित सामग्री को देखने हेतु ISEA

    • वित्तीय अनियमिताओं सम्बन्धी शिकायत हेतु RBI का Sachet Portal

    • विदेश भेजने वाले वैध तथा अवैध भर्ती एजेन्टों (Recruiting Agents) की जानकारी हेतु emigrate

    • साइबर जागरुकता तथा समाचार से सम्बन्धित सोशल मीडिया प्लेटफार्म लिंक

    • सोशल मीडिया से सम्बंधित विभिन्न प्लेटफार्मों संबंधी शिकायतों (Hack/Fake accounts) हेतु Citizen Centric रिपोर्टिंग लिंक

    • महाकुम्भ-2025 सम्बंधी महत्वपूर्ण जानकारियां

    इसके अतिरिक्त मुख्य डैशबोर्ड के माध्यम से सुरक्षा उपायों तथा अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं तक पहुंचने हेतु विभिन्न category के अन्तर्गत लिंक प्रदर्शित किये गए जिनका विवरण निम्न है…

    1- About us- इसके माध्यम से हम साइबर क्राइम मुख्यालय का संगठनात्मक ढांचा तथा साइबर क्राइम थानों की स्थापना आदि के सम्बन्ध में संक्षिप्त जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

    2- Nodal/Cyber Crime Police station इसके माध्यम से प्रदेश के 75 जनपदों के साइबर नोडल (राजपत्रित अधिकारी) तथा सभी साइबर क्राइम थानों के प्रभारी निरीक्षकों के मोबाइल नम्बर व मेल आईडी प्राप्त कर सकते हैं।

    3- Awareness- इसके माध्यम से साइबर अपराध से बचाव सम्बन्धी कन्टेन्ट (ऑडियो, वीडियो, पोस्टर्स) आदि देख सकते हैं।

    4- Act & Rules- इसके माध्यम से साइबर अपराध की रोकथाम हेतु प्रचलित IT- Act. IT Rules, DPDP Act, BNS, BNSS, BSA आदि की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

    5- Cyber Literature इसके माध्यम से साइबर मुख्यालय द्वारा प्रकाशित की जाने वाली साप्ताहिक साइबर Digest तथा जागरूकता से सम्बंधित मैगजीन प्राप्त कर सकते हैं।

    6- Gallery- इसके माध्यम से पुलिस मुख्यालय तथा 75 जनपदों द्वारा अपलोड की फोटो व वीडियो प्रदर्शित होंगी।

    7- For Official Use इसके माध्यम से पुलिस अधिकारियों को साइबर संबंधी डीजी परिपत्रों तथा जांच / विवेचना, प्रशिक्षण में सहायक समन्वय, सहयोग, प्रतिबिम्ब, साइबर सेफ, Header information portal, cytrain आदि पोर्टल के लिंक प्राप्त होंगे।

    8- Press Release इसके माध्यम से साइबर क्राइम मुख्यालय तथा समस्त जनपदों द्वारा लॉगिन करके साइबर अपराधियों के विरुद्ध कार्यवाही तथा जागरूकता से संबंधित प्रेस नोट आदि अपलोड किये जायेंगे।

    साइबर इको सिस्टम को मजबूत करना उद्देश्य: डीजीपी

    पुलिस महानिदेशक प्रशान्त कुमार ने वेबसाइट की लांचिंग के दौरान अपने संबोधन में कहा कि साइबर क्राइम से निपटने के लिये सभी जिलों में साइबर क्राइम थाना खोला गया है।सभी थानों पर भी हेल्प डेस्क की स्थापना भी की गई है। हमारा प्रयास होना चाहिए कि थानों तथा डेस्क पर ट्रेंड कर्मी नियुक्त हों। साइबर वेबसाइट का मोटो है कि साइबर इको सिस्टम को मजबूत किया जाए। हमारे पास फॉरेंसिक साइन्स का एक विश्वस्तरीय इन्स्टीट्यूट भी है, जिसमें बहुत जानकार तथा विशेषज्ञ लोग तैनात हैं। इनके सहयोग से जोन, रेन्ज व जिले स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों को प्रशिक्षित किया जा सकता है तथा अधिक से अधिक अवेयरनेस कार्यकम भी हर स्तर पर आयोजित किये जाने चाहिए। सभी स्तर पर पूर्व में भी प्रशिक्षण कार्यकम व जागरूकता अभियान चलाए जा चुके हैं।