पूर्व इंचार्ज/क्राइम रिपोर्टर दैनिक जागरण उरई (जालौन), मेरठ, बिजनौर, धामपुर, मुजफ्फरनगर। समाचार संपादक दैनिक प्रयाण हरिद्वार। पूर्व महामंत्री श्रमजीवी पत्रकार यूनियन। अध्यक्ष ऑल मीडिया एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन।
UP, केरल और पंजाब विधानसभा उपचुनाव की तारीख में बदलाव
चुनाव आयोग ने बदली तीन राज्यों की 14 विधानसभा सीट पर उपचुनाव की तारीख
नई दिल्ली। भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने सोमवार को 14 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव की तारीख 13 नवंबर से बदलकर 20 नवंबर करने की घोषणा की है। जिन राज्यों के निर्वाचन क्षेत्रों में उपचुनाव की डेट में बदलाव किया गया है, उनमें केरल, पंजाब और उत्तर प्रदेश शामिल हैं। इससे पहले चुनाव आयोग ने कुल 48 विधानसभा क्षेत्रों और दो लोकसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए 13 नवंबर की तिथि तय की थी। मतदान की तिथि अचानक तब बदली गई, जब नामांकन की प्रक्रिया काफी पहले पूर्ण हो चुकी है। नामांकन प्रक्रिया के बाद इतने बड़े पैमाने पर मतदान की तिथि बदलने का चलन नहीं रहा है। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों ने तैयारी भी लगभग पूरी कर ली थी। नेताओं के प्रचार कार्यक्रम के बीच आयोग ने मतदान की तारीख में बदलाव करके इसे अब 20 नवंबर कर दिया है।
बड़े पैमाने पर सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम
चुनाव आयोग ने इस संबंध में कहा, “विभिन्न मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों (BJP, कांग्रेस, BSP, RLD सहित) और कुछ सामाजिक संगठनों से 13 नवंबर, 2024 को उपचुनाव वाले कुछ विधानसभा क्षेत्रों में मतदान की तारीख में बदलाव के लिए आयोग को ज्ञापन प्राप्त हुए हैं, क्योंकि उस दिन बड़े पैमाने पर सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम होने से बड़ी संख्या में लोगों को असुविधा हो सकती है, विभिन्न लॉजिस्टिक मुद्दे पैदा हो सकते हैं और मतदान के दौरान मतदाताओं की भागीदारी कम हो सकती है।”
इन निर्वाचन क्षेत्रों की तारीख बदली
केरल का पलक्कड़, पंजाब का डेरा बाबा नानक, छबेवाल (एससी), गिद्दड़बाहा, बरनाला विधानसभा क्षेत्र के अलावा उत्तर प्रदेश की मीरापुर, कुंदरकी, गाजियाबाद, खैर (एससी), करहल, शीशमऊ, फूलपुर, कटेहरी और मझवां सीट पर भी 20 नवंबर को वोटिंग होगी। इसमें कानपुर की सीसामऊ सीट को छोड़कर अन्य सभी सीटें विधायकों के सांसद बन जाने की वजह से खाली हुई हैं। वहीं सीसामऊ से इरफान सोलंकी के सजायाफ्ता हो जाने की वजह से सीट पर उपचुनाव हो रहा है। अयोध्या जिले की मिल्कीपुर विधानसभा सीट को लेकर अभी तक कोई ऐलान नहीं हुआ है।
थाना नूरपुर पुलिस ने वांछित 05 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार
कबूतर उड़ाने के विवाद में चल गए लाठी डंडे व धारदार हथियार
बिजनौर।थाना नूरपुर पुलिस ने मु. अ. संख्या 426/2024 धारा 191 (2) /191(3)/190/115(2)/117(2)/118(1)/109/125 बीएनएस में वांछित 05 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार दिनांक 01 नवंबर 2024 को थाना नूरपुर जनपद बिजनौर पर तैनात उप निरीक्षक देवीप्रसाद गौतम ने थाना नूरपुर पर तहरीर दी कि ग्राम अस्करीपुर में एक पक्ष के 1. विजेन्द्र उर्फ छोटू, 2. जयवीर पुत्रगण बलकरन सिंह, 3. अंकित पुत्र रामकुँवर, 4. नरेश पुत्र सुखदेव सिंह नि०गण ग्राम अस्करीपुर थाना नूरपुर जनपद बिजनौर व दूसरे पक्ष के 1. नौशाद, 2. सद्दाम, 3. राजा पुत्र गण मो0 आलम, 4. सलमान पुत्र महबूब, 5. मो0 आलम पुत्र वनिया नि०गण अस्करीपुर थाना नूरपुर जनपद-बिजनौर के मध्य कबूतर उड़ाने को लेकर झगड़ा हो गया था तथा लाठी डंडों व धारदार हथियारों से जान से मारने की नीयत से एक दूसरे पर वार तथा मारपीट की गई। दोनों पक्षों की तरफ से कुछ लोग घायल हो गए थे। तहरीर के आधार पर थाना नूरपुर पर मु0अ0सं0 426/2024 धारा 191(2)/191(3)/190/115(2)/117(2)/118 (1)/109/125 बी0 एन० एस० पंजीकृत किया गया। थाना नूरपुर पुलिस द्वारा उपरोक्त अभियोग में वांछित अभियुक्तों ग्राम अस्करीपुर थाना नूरपुर जनपद बिजनौर निवासी विजेन्द्र उर्फ छोटू पुत्र बलकरन सिंह उर्फ बलराम, अंकित पुत्र रामकुमार, नौशाद अली पुत्र मौ० आलम, सद्दाम उर्फ शादाब पुत्र मौ० आलम, राजा पुत्र मौ० आलम को गिरफ्तार किया गया। शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं और विधिक कार्यवाही प्रचलित है।
गिरफ्तार अभियुक्तों का नाम व पता
1. विजेन्द्र उर्फ छोटू पुत्र बलकरन सिंह उर्फ बलराम, 2. अंकित पुत्र रामकुमार, 3. नौशाद अली पुत्र मौ० आलम, 4. सद्दाम उर्फ शादाब पुत्र मौ० आलम तथा 5. राजा पुत्र मौ० आलम नि० ग्राम अस्करीपुर थाना नूरपुर जनपद बिजनौर।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना नूरपुर जनपद बिजनौर के उप निरीक्षक अनिल कुमार, उप निरीक्षक देवीप्रसाद गौतम, उप निरीक्षक सागर चौधरी, कांस्टेबल राहुल, कांस्टेबल अंकित कुमार, कांस्टेबल सचिन कुमार, कांस्टेबल अकुल तथा कांस्टेबल हरिओम शामिल रहे।
बिजनौर। पंचम राज्य स्तरीय कला, क्रॉफ्ट एवं पपेट्री के माध्यम से शिक्षण सम्बन्धी प्रतियोगिता का आयोजन 21 से 25 अक्टूबर के बीच राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) लखनऊ में किया गया। इस प्रतियोगिता के प्रथम चरण का आयोजन – डायट ईस्माइलपुर में किया गया।
प्रतियोगिता में प्राथमिक स्तर के लिए विकास क्षेत्र नूरपुर से प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली प्रा. वि. बड़ी ऊमरी की सहायक अध्यापिका पूजा सिंह ने प्रतिभाग किया। क्रॉफ्ट एवं पपेट्री के माध्यम से बने प्राथमिक स्तर के गणित TLM “स्थानीयमान की समझ” को अत्यधिक सराहा गया तथा राज्य उत्तर प्रदेश के टॉप 10 में स्थान प्राप्त किया। पूजा सिंह सुपुत्री महेन्द्र सिंह निवासी चांदपुर (बिजनौर) के शून्य निवेश पर आधारित TLM को राष्ट्रीय स्तर के लिए चयन किया गया। स०अ० ने अपनी प्रस्तुति में बताया कि इसके माध्यम से बच्चों में गणित के प्रति बेहतर समझ एवं रुचि उत्पन्न होगी।
बिजनौर। थाना कोतवाली शहर पुलिस ने दो शातिर चोरों को गिरफ्तार कर 03 मोबाईल फोन, एक ईयर फोन, एक मोबाईल चार्जर व एक बैग आदि बरामद किया है। इनके दो साथियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार दिनांक 18 अक्टूबर 2024 को जीत कुमार पुत्र स्व० मूला सिंह निवासी ग्राम फरीदपुर भोगी उर्फ धनुवाला थाना कोतवाली शहर जनपद बिजनौर ने थाना कोतवाली शहर पर तहरीर दी कि उसके घर से सोने की चेन, कानों के कुण्डल, रुपए व तीन मोबाईल फोन अज्ञात व्यक्ति द्वारा चोरी कर लिए गए हैं। तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली शहर पर मु०अ०सं० 986/2024 धारा 305 बी०एन०एस० पंजीकृत किया गया।
विवेचनात्मक कार्यवाही के दौरान अभियोग में अभियुक्तगण 1- सुबोध पुत्र मेहर सिंह निवासी ग्राम मारकपुर थाना हीमपुर दीपा जनपद बिजनौर, 2- इश्तेकार पुत्र अब्दुल रशीद निवासी मौ० पठानपुरा थाना नजीबाबाद जनपद बिजनौर, 3 – नीटू पुत्र कैलाश सिंह निवासी ग्राम बाखरपुर गढी थाना कोतवाली शहर जनपद बिजनौर, 4 – दीपू उर्फ दीपेन्द्र पुत्र परम सिंह निवासी ग्राम हमीदपुर थाना कोतवाली नगर जनपद बिजनौर का नाम प्रकाश में आए। इस पर थाना कोतवाली शहर पुलिस द्वारा उपरोक्त अभियोग में वांछित अभियुक्तों 1- सुबोध पुत्र मेहर सिंह निवासी ग्राम मारकपुर थाना हीमपुर दीपा जनपद बिजनौर 2- इश्तेकार पुत्र अब्दुल रशीद निवासी मौ० पठानपुरा थाना नजीबाबाद जनपद बिजनौर को 03 मोबाईल फोन, एक ईयर फोन, एक मोबाईल चार्जर व एक बैग आदि सहित गिरफ्तार किया गया। शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। अभियोग में धारा 317 (2)/317 (5) बी०एन०एस० की वृद्धि की गई। विधिक कार्यवाही प्रचलित है।
आपराधिक इतिहास सुबोध –
1. मु0अ0स0 294/2018 धारा 380/457/411 भादवि थाना नूरपुर जनपद बिजनौर, 2. मु0अ0स0 123/2020 धारा 380/457/411 भादवि थाना मण्डावली जनपद बिजनौर, 3. मु0अ0स0 124/2020 धारा 380/411 भादवि थाना मण्डावली जनपद बिजनौर, 4. मु0अ0स0 126/2020 धारा 4/25 आयुद्ध अधि० थाना मण्डावली जनपद बिजनौर, 5. मु0अ0स0 205/2019 धारा 380/411 थाना हीमपुर दीपा जनपद बिजनौर, 6. मु0अ0स0 986/2024 धारा 305/317 (2)/317 (5) बी0एन0एस0 थाना को० शहर जनपद बिजनौर
आपराधिक इतिहास इश्तेकार –
1.मु0अ0स0 18/2016 धारा 363/366/504/506 भादवि थाना नजीबाबाद जनपद बिजनौर 2.मु0अ0स0 986/2024 धारा 305/317 (2)/317 (5) बी0एन0एस0 थाना को० शहर जनपद बिजनौर
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना कोतवाली शहर जनपद बिजनौर के उ0नि0 प्रशान्त सिंह, हेड कांस्टेबल अरुण कुमार, कांस्टेबल मोहित कुमार, संदीप और अरूण पवार शामिल रहे।
बिजनौर। जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल व पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने यातायात माह – नवम्बर 2024 के अवसर पर पुलिस लाइन से हरी झंडी दिखाकर यातायात रैली का शुभारंभ किया।
रैली में यातायात पुलिस के साथ एनसीसी कैडेट्स/स्कूली बच्चों द्वारा स्लोगन/पोस्टर/बैनर के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों का पालन करने हेतु जागरुक किया गया।
इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक नगर संजीव वाजपेई एवं अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम अर्ज सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।
कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन में सर्वसम्मति से सौंपी गई जिम्मेदारी
संजीव चौधरी नगराध्यक्ष व मनोज शर्मा चुने गए नगर महामंत्री
बिजनौर। कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन में सर्वसम्मति से संजीव चौधरी (पूजा मेडिकल स्टोर) को नगराध्यक्ष तथा मनोज शर्मा (आयुष्मान हैल्थ केयर) को नगर महामंत्री चुना गया है।
राजकुमार गोयल जिला अध्यक्ष कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन
सिविल लाइन स्थित शिप्रा होटल में कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की बैठक में दवा व्यापारियों की समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। तत्पश्चात सर्वसम्मति से जिला अध्यक्ष राजकुमार गोयल ने संजीव चौधरी को नगर अध्यक्ष और मनोज शर्मा को नगर महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपने की घोषणा की। जिला उपाध्यक्ष संजीव रस्तोगी, जिला चेयरमैन देवेश चौधरी तथा राजकुमार मंचासीन रहे।
कार्यक्रम में सर्वश्री कृष्ण कुमार अग्रवाल, दिपेश दुबे, संजीव चौधरी केयर कैमिस्ट, इंद्र देव सिंह, संतोष धीमान, मनोज वर्मा, अमित कौशिक, अमित शर्मा, सचिन गुप्ता, सुधाकर रस्तौगी, राकेश त्यागी, वीशु अग्रवाल, सुनील गुप्ता, अरविंद कुमार, राकेश रस्तौगी, सीपी सिंह, शिव कुमार गोयल, नेतराम सिंह, महेश चौधरी, जनरल सिंह टिंकू गुप्ता आदि ने विचार व्यक्त किए।
त्योहारों पर कानून व्यवस्था पर रहेगा विशेष रूप से ध्यान
28 अक्तूबर से 15 नवंबर तक 24 घंटे अनवरत मिलेगी बिजली
~शैली सक्सेना
लखनऊ। दीपावली और छठ सहित आने वाले प्रमुख त्योहारों को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। साथ ही त्योहारों पर कानून व्यवस्था पर विशेष रूप से ध्यान देने की बात कही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी पर्व-त्योहारों के सुचारु आयोजन, स्वच्छता, बेहतर कानून व्यवस्था आदि महत्वपूर्ण विषयों के संबंध में शासन-प्रशासन के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। इस संबंध में समस्त मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (ज़ोन), पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उप महानिरीक्षक आदि वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
कई त्योहार, संवेदनशील है समय
आने वाले दिनों में धनतेरस, अयोध्या दीपोत्सव, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई-दूज, देवोत्थान एकादशी, वाराणसी देव दीपावली और छठ महापर्व जैसे विशेष त्योहार हैं। इसके अलावा अयोध्या में पंचकोसी, 14 कोसी परिक्रमा, कार्तिक पूर्णिमा स्नान आदि मेलों का आयोजन भी इसी अवधि में है। शांति, सुरक्षा और सुशासन के दृष्टिगत यह समय संवेदनशील है।
24×7 अलर्ट पर उत्तर प्रदेश
पर्व- त्योहारों के इस समय में पुलिस और प्रशासन सहित पूरी टीम यूपी को 24×7 अलर्ट रहना होगा। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश हैं कि उल्लास और उमंग के इस अवसर पर यह सुनिश्चित किया जाए कि आगामी 28 अक्टूबर से 15 नवंबर तक पूरे प्रदेश में 24 घंटे अनवरत बिजली आपूर्ति हो। पॉवर कॉर्पोरेशन को इस संबंध में आवश्यक तैयारी के निर्देश दिए गए हैं।
कार्तिक मास की अमावस्या 31 अक्टूबर और 01 नवंबर दो दिन रहने से इस साल दीपावली की तारीख को लेकर पंचांग भेद हैं। यही कारण है कि इस बार दीपोत्सव 5 नहीं 6 दिन का रहेगा।
29 अक्टूबर को धनतेरस
दीपोत्सव मंगलवार, 29 अक्टूबर से शुरू हो जाएगा। इस दिन धनतेरस मनाई जाएगी। धनतेरस पर भगवान धनवंतरि जयंती भी मनाते हैं। धनतेरस की रात में यमराज के लिए दीपक जलाने की परंपरा है। इस तिथि पर देवी लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है।
30 अक्टूबर को नरक चतुर्दशी
नरक चतुर्दशी बुधवार, 30 अक्टूबर को मनाई जाएगी, इसे रूप चौदस भी कहते हैं। इस दिन उबटन लगाने की परंपरा है।
31 अक्टूबर को दीपावली
इस साल कार्तिक अमावस्या 31 अक्टूबर की दोपहर करीब 03 बजे से शुरू हो जाएगी और अगले दिन अर्थात 01 नवंबर की शाम करीब 4.40 बजे तक रहेगी। कार्तिक अमावस्या की रात में लक्ष्मी पूजा करने की परंपरा है। इसलिए 31 अक्टूबर की रात लक्ष्मी पूजा करनी चाहिए, क्योंकि 31 की रात में ही अमावस्या तिथि रहेगी और 01 नवंबर की रात में कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि रहेगी। इसलिए 31 तारीख को दीपावली मनाई जाएगी। दीपावली पर पूजन का शुभ मुहूर्त 31 अक्टूबर को स्थिर लग्न वृषभ शाम 6:27 बजे से रात 8:23 बजे तक है। यह सबसे अच्छा मुहूर्त है।
01 तारीख को स्नान दान की अमावस्या
01 तारीख को स्नान दान की अमावस्या होगी। इस दिन कोई त्योहार तो नहीं है, लेकिन स्नान और दान पुण्य का विधान उत्तम है।
02 नवंबर शनिवार को गोवर्धन पूजा
कार्तिक अमावस्या 01 नवंबर तक रहने वाली है। वहीं गोवर्धन पूजा कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि पर मनाया जाता है। ऐसे में प्रतिपदा तिथि 01 नवम्बर को शाम 06 बजकर 16 मिनट पर शुरू हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन 02 नवंबर को रात 08 बजकर 21 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, गोवर्धन का पर्व शनिवार, 02 नवंबर को मनाना अधिक शुभ माना जा रहा है। गोवर्धन पूजा प्रातःकाल मुहूर्त – सुबह 06 बजकर 34 मिनट से सुबह 08 बजकर 46 मिनट तक। गोवर्धन पूजा सायंकाल मुहूर्त – दोपहर 03 बजकर 23 मिनट से शाम 05 बजकर 35 मिनट तक
Disclaimer: इस लेख फीचर में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। newsdaily24 लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है।निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं।
जिले भर की पुलिस कर रही मुख्य मार्गों, बाजार व अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पैदल गश्त
शांति एवं कानून व्यवस्था, आमजन में जगाना है सुरक्षा का भाव
बिजनौर (SMC Bijnor)। पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा के निर्देश पर जनपद पुलिस द्वारा आगामी त्योहार को देखते हुए शांति एवं कानून व्यवस्था तथा आमजन में सुरक्षा का भाव जागृत करने के उद्देश्य से मुख्य मार्गों, बाजार व अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पैदल गश्त की जा रही है।
इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी, क्षेत्राधिकारी धामपुर, क्षेत्राधिकारी अफजलगढ, क्षेत्राधिकारी नगर, पुलिस उपाधीक्षक (प्रशिक्षु) महिला थाना बिजनौर, क्षेत्राधिकारी अपराध, क्षेत्राधिकारी नगीना द्वारा अपने अपने क्षेत्रों में एवं क्षेत्राधिकारी नजीबाबाद द्वारा स्थानीय पुलिस बल के साथ कस्बा किरतपुर में पैदल गश्त की गई। मंशा थी आगामी त्योहार को देखते हुए शांति एवं कानून व्यवस्था तथा आमजन में सुरक्षा का भाव जागृत करना।
वहीं अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम अर्ज द्वारा स्थानीय पुलिस बल के साथ कस्बा चांदपुर में आगामी त्योहार को देखते हुए शांति एवं कानून व्यवस्था कायम रखने तथा आमजन में सुरक्षा का भाव जागृत करने के उद्देश्य से मुख्य मार्गों, बाजार व अन्य भीड़ वाले स्थानों पर पैदल गश्त के दौरान शराब की दुकानों, पिकेट ड्यूटी आदि को चेक किया गया। उन्होंने सर्व संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश भी दियेे। इस दौरान क्षेत्राधिकारी चांदपुर मौजूद रहे।
प्रतिमा की आंखों पर बंधी पट्टी को हटाया और एक हाथ में तलवार की जगह संविधान
न्याय की देवी की मूर्ति: बार एसोसिएशन से क्यों नहीं लिया गया परामर्श?
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में न्याय की देवी की मूर्ति में तब्दीली को लेकर बार एसोसिएशन ने सवाल खड़ा किया है।न्याय की देवी की मूर्ति की आंखों से पट्टी हटाने पर आपत्ति जताते हुए प्रस्ताव पारित कर कहा कि परिवर्तन से पहले बार एसोसिएशन से कोई परामर्श नहीं किया गया!
पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट में न्याय की देवी की मूर्ति में तब्दीली किए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने सवाल उठाते हुए पुरानी मूर्ति में परिवर्तन करके लगाई गई नई मूर्ति पर अपनी आपत्ति जताई है। बार एसोसिएशन ने प्रस्ताव पारित करते हुए कहा है कि इस परिवर्तन से पहले बार एसोसिएशन के सदस्यों से किसी भी तरह का परामर्श नहीं किया गया है!
बार एसोसिएशन ने कहा कि किस परिभाषा के आधार पर यह परिवर्तन किए गए हैं, इस बाबत हमें कोई जानकारी नहीं है। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट में लगी न्याय की देवी की मूर्ति को लेकर कुछ समय पहले ही कुछ परिवर्तन किए गए थे, जिसमें प्रतिमा की आंखों पर बंधी पट्टी को हटा दिया गया है और एक हाथ में तलवार की जगह संविधान ने ले ली है।
भुइयार एजूकेशनल सोसायटी ने शिक्षा के लिए किया प्रेरित
गांव धौकलपुर में बच्चों को वितरित की शिक्षण सामग्री
शिक्षा की अलख जगा कर ही होगा समाज का विकास : राजेंद्र कुमार
बिजनौर। शिक्षा की अलख जगा कर ही समाज का विकास किया जा सकता है, यह बात भुइयार एजूकेशनल वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार ने कही। उन्होंने ग्रामीणों से बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का आह्वान किया। गांव धौकलपुर में आयोजित कार्यक्रम में भुइयार समाज के बच्चों को शिक्षण सामग्री वितरित की गई। इस दौरान ग्रामीणों को तकनीकी शिक्षा के बारे में भी जानकारी दी गई।
भुइयार एजूकेशनल वेलफेयर सोसायटी की ओर से गांव धौकलपुर में आयोजित कार्यक्रम में सोसायटी के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार ने ग्रामीणों से बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के द्वारा ही हम समाज व राष्ट्र का विकास कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बच्चों को उच्च शिक्षा से जोड़ने की जरूरत है। समाज के नन्हे मुन्ने बच्चे ही कल का भविष्य हैं। महामंत्री केशव शरण ने तकनीकी शिक्षा सहित उच्च शिक्षा के कई कोर्स के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। इस दौरान सोसायटी द्वारा किए जा रहे कार्य के बारे में भी ग्रामीणों को जानकारी दी गई।
कोषाध्यक्ष मास्टर तेजपाल सिंह भुइयार ने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर ही हम विकसित समाज की कल्पना कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के लिए समिति की ओर से जन जागरण अभियान शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य समाज के बच्चों को शिक्षा के लिए नई ऊर्जा देना है। उन्होंने समिति द्वारा अब तक किए गए कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस मौके पर सोसायटी की ओर से समाज कक्षा एक से पांच तक अध्यनरत कई छात्र छात्राओं को शिक्षण सामग्री वितरित की गई। शिक्षण सामग्री प्राप्त कर बच्चे खुश हुए। बच्चों ने कहा कि हम मन लगाकर पढ़ाई करेंगे। पूर्व प्रधान सुनील कुमार भुइयार ने कहा कि नन्हे मुन्ने बच्चे ही कल का भविष्य हैं। बच्चों का भविष्य संवारने के लिए अच्छी शिक्षा जरूरी है। समिति द्वारा शुरू किए गए जन जागरण अभियान की ग्रामीणों ने सराहना की। समिति के पदाधिकारियों ने नन्हे मुन्ने बच्चों से काफी देर तक शिक्षा पर बातचीत की।
निर्मल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार, केशव शरण, तेजपाल सिंह, कार्मेंद्र सिंह भुइयार, मास्टर दीपक कुमार भुइयार, हरि प्रकाश सिंह, राहुल कुमार, मनोज कुमार, टीकम सिंह भुइयार, राधेश्याम सिंह, बलजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह, बलबीर सिंह, हरि सिंह, पूर्व प्रधान सुनील कुमार रामपाल आदि ने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री केशव शरण ने किया।
खाद्य विभाग की टीम के छापे से हड़कंप, कई जगह से लिए गए नमूने
बिजनौर। दीपावली पर्व को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने जगह-जगह छापेमारी अभियान चला रखा है। इसी क्रम में मिठाई, मावा व अन्य खाद्य पदार्थो के 10 नमूने भरे गए। फूड सेफ्टी वैन के जरिए भी लोगों को जागरूक किया गया। दूसरी ओर एसडीएम सदर व एफडीए की एक संयुक्त टीम ने शहबाजपुर में मावा रसगुल्ला निर्माण इकाई पर भी छापा मारकर पांच नमूने भरे।
■ जांच को भेजे गए मिठाई, मवाना समेत कई चीजों के सैंपल
सहायक आयुक्त (खाद्य) नादिर अली ने बताया, कि जनपद के मुख्य बाजारों में खाद्य पदार्थ के नमूना संग्रहण की कार्यवाही कर व्यापारियों, विक्रेताओं को खराब / पुराना/एक्सपायर्ड प्रकार के खोया, पनीर एवं रंगीन मिठाईयां को न बेचने के संबंध में जागरूक किया गया। फूड सेफ्टी वैन के जरिए खाद्य पदार्थों की टेस्टिंग कर अधिक रंग से तैयार मिठाई एवं अन्य खाद्य पदार्थ एवं सिंथेटिक रंग से बने खाद्य पदार्थों के सेवन नहीं करने के बारे में आम जनमानस को जागरूक किया गया।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजीव सिंह के नेतृत्व में गठित सचल दल टीम में राजीव कुमार, अनिल कुमार, शंभू दयाल, डीके वर्मा, नरेश कुमार, रेनू सिंह, अनुपम यादव आदि खाद्य सुरक्षा अधिकारी शामिल रहे। नगीना खोया मंडी, नगर पालिका बिजनौर बाजार खोया मंडी पर औचक निरीक्षण कर कुल 10 नमूने संग्रहित किए गए। दूसरी ओर एसडीएम सदर व एफडीए की एक संयुक्त टीम ने शहबाजपुर में मावा रसगुल्ला निर्माण इकाई पर भी छापा मारकर पांच नमूने लिए।
बेटी का जन्मदिन मनाने को मायके से मंगाए थे 40 हजार रुपए
लूडो में 50 हजार रुपए हारने पर दो बच्चियों की मां ने लगाई फांसी
मुरादाबाद। ऑनलाइन गेम लूडो में 50 हजार रुपए हारने पर शुक्रवार को बाजपुर में दो बच्चों की मां ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली। जान देने से पहले उसने अपने पति को फोन कर गेम में हारने की जानकारी देते हुए कहा कि अब वह जीना नहीं चाहती। पति के घर पहुंचने से पहले ही महिला जान दे चुकी थी। अगले महीने नवंबर में बेटी का जन्मदिन धूमधाम से मनाने के लिए उसने बिजनौर स्थित अपने मायके से 40 हजार रुपए मंगवाए थे।
पुलिस के अनुसार बाजपुर के वार्ड नंबर 12 भौना कॉलोनी जीजीआईसी स्कूल के पास रहने वाली पल्लवी शर्मा (25 वर्ष) पत्नी अनुभव शर्मा ने शुक्रवार दोपहर अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। इससे पहले उसने पति को फोन कर रोते हुए बताया कि वह आज फिर ऑनलाइन लूडो में 40 हजार रुपए हार गई है। इससे पहले भी वह करीब 10 हजार रुपए हार चुकी है। इसका पश्चाताप करने के लिए वह अब जीना नहीं चाहती, फिर उसने फोन काट दिया। इस पर पति तुरंत घर पहुंचा, लेकिन तब तक पल्लवी फांसी लगाकर आत्महत्या कर चुकी थी। परिजनों की सूचना पर इंस्पेक्टर नरेश चौहान टीम के साथ मौके पर पहुंचे। फंदे से उतारकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पल्लवी अपने पीछे ढाई साल और एक साल की दो पुत्रियां छोड़ गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। महिला के मोबाइल को भी कब्जे में लिया गया है।
■ फांसी लगाने से पहले महिला ने पति को फोन कर बताया
■ बाजपुर के अनुभव से हुई थी बिजनौर की पल्लवी की शादी
पुलिस भर्ती की तैयारी कर रही थी पल्लवी: पल्लवी शर्मा पुलिस में भर्ती होने की तैयारी कर रही थी। उसने करीब तीन महीने पहले ऑनलाइन लूडो खेलना शुरू किया था। नवंबर में बेटी का जन्मदिन धूमधाम से मनाने के लिए उसने बिजनौर यूपी स्थित अपने मायके से 40 हजार रुपए मंगवाए थे। बताया गया है कि वह शुक्रवार को लूडो में उक्त रुपए हार गई।
महोदय,सहर्ष अवगत कराना है कि प्रदेश की राजधानी लखनऊ से प्रकाशित हिंदी दैनिक तीसरा विकल्प न्यूज़ इस वर्ष भी दीपावली एवं त्योहार श्रृंखला के शुभ अवसर पर विशेषांक का प्रकाशन करने जा रहा है।
अस्तु आप व्यक्तिगत अथवा अपने विभाग से संबंधित विज्ञापन जारी करने का कष्ट करें।
धन्यवाद।
~ संजय सक्सेना, विशेष संवाददाता जनपद बिजनौर
पूर्व इंचार्ज/क्राइम रिपोर्टर दैनिक जागरण उरई (जालौन), झांसी, मेरठ, बिजनौर, धामपुर, मुजफ्फरनगर। पूर्व जिला संवाददाता राष्ट्रीय स्वरूप लखनऊ व दैनिक जनप्रिय ललितपुर, रायबरेली। पूर्व नगर मंत्री अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उरई जालौन। पूर्व जिला प्रवक्ता भारतीय जनता युवा मोर्चा उरई जालौन। पूर्व जिला प्रवक्ता हिन्दू जागरण मंच उरई जालौन। पूर्व महामंत्री श्रमजीवी पत्रकार यूनियन। अध्यक्ष ऑल मीडिया एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन।
कोतवाली देहात में सलीम ने सास को उतारा था मौत के घाट
गंज के महेंद्र ने मां को सुला दिया मौत की नींद
दामाद और बेटे को अदालत ने सुनाई कड़ी सजा
घोर कलियुग, कठोर फैसला
बिजनौर। कलियुग के इस दौर में रिश्ते नातों का तानाबाना तार तार हो चुका है। कहीं जमीन जायदाद के लिए रिश्तों का खून बहा दिया जाता है तो कहीं मामूली सी बात पर भी अपने ही हत्या तक घिनौनी वारदात कर बैठते हैं। ऐसे ही दो अलग अलग मामलों में अदालत ने एक दामाद और एक बेटे को कड़ी सजा सुनाई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोतवाली देहात थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते सास की गोली मार कर हत्या करने के आरोप में दामाद समेत दो को फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक के अपर जिला जज खुशतर दानिश ने उम्रकैद की सजा का सुनाई है और दोनों पर दो-दो लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। एडीजीसी मुकुल कुमार ने बताया कि कोतवाली देहात के मोहल्ला शेखनान निवासी गुलनाज पुत्री अब्दुल रशीद ने मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी शादी धामपुर थाना क्षेत्र के गांव बगदाद अंसार निवासी सलीम पुत्र शकील से आठ साल पहले हुई थी। सलीम एक अपराधी प्रवृत्ति का था, इसके कारण दोनों में आएदिन विवाद होता था। इसके चलते सलीम और उसका तलाक हो गया। 24 जुलाई 2019 को वादी गुलनाज, उसकी बहन जोया और माता नूरजहां घर पर थे, तभी रात में सलीम अपने एक साथी इमरान के साथ घर आया। दोनों आरोपियों ने गाली गलौज करते हुए तमंचे से उसकी मां नूरजहां को गोली मार दी। इलाज के लिए मेरठ से दिल्ली ले जाते समय नूरजहां की मौत हो गई थी।
■ दोषी का अपनी पत्नी से चल रहा था विवाद, हो चुका था तलाक ■ अपने साथी के साथ मिलकर आरोपी दामाद ने की थी सास की हत्या
कोर्ट में पेश किए गए कुल नौ गवाह
पूछताछ में सलीम ने पुलिस को अपने साथी इमरान उर्फ छोटू पुत्र रियासत निवासी भीखनपुर छजलैट जिला मुरादाबाद का नाम भी बताया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद किया था। विचारण के दौरान अभियोजन ने मामले के समर्थन में अदालत में नौ गवाहों को पेश किया। गुरुवार को कोर्ट ने दोनों को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा का फैसला सुनाया है और चार लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
मां की हत्या के दोषी पुत्र को 10 साल कठोर कारावास
दूसरी तरफ पॉक्सो कोर्ट के अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश प्रकाश चंद्र शुक्ला ने मां की हत्या में दोषी में दोषी पुत्र को दस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है और 20 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया। बेटे ने हत्या के बाद मां के शव को बाग में छिपा दिया था। एडीजीसी मुकेश चौहान ने बताया कि कोतवाली नगर थाना क्षेत्र के दारानगर गंज निवासी ऋषिपाल सिंह पुत्र चतरू सिंह हाल निवासी देहरादून ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि वह अपने दो भाइयों के साथ देहरादून में रहता है, जबकि उसका छोटा भाई महेंद्र व मां यशोदा गांव में ही रहते हैं। छोटा भाई महेंद्र शराब पीकर अकसर मां के साथ झगड़ा करता था। मां यशोदा 22 अगस्त 2017 को घर से अचानक लापता हो गई थी। पुलिस ने तीन दिन बाद उनका शव एक बाग से बरामद किया। पुलिस ने शव को लावारिस समझकर अंतिम संस्कार कर दिया। वादी ने यह भी आरोप लगाया था कि लापता से होने से एक दिन पहले मां यशोदा ने फोन पर बताया कि उसका छोटा भाई महेंद्र शराब पीकर उसके साथ मारपीट करता है। वादी ऋषिपाल ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था और कपड़ों से यशोदा की पहचान की थी।
■ संपत्ति विवाद में मारपीट के दौरान हुई थी मौत
पुलिस की जांच में सामने आया कि महेंद्र ने संपत्ति विवाद में डंडा मारकर यशोदा की हत्या करने के बाद शव को बाग में छिपा दिया था। अभियोजन की ओर से इस मामले में छह गवाह पेश किए गए। गुरुवार को अदालत ने मृतका के छोटे पुत्र महेंद्र को 10 साल कठोर कारावास सजा सुनाई और 20 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया।
गौवध अधिनियम में दर्ज है मुकदमा, पुलिस कर रही थी तलाश, साथी फरार
मुठभेड़ में दबोचा गौकशी का आरोपी, सिपाही घायल
बिजनौर। थाना नूरपुर पुलिस ने गौवध अधिनियम में वांछित अभियुक्त को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान 02 अभियुक्त अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस से घिरने के बाद आरोपियों की फायरिंग में गोली लगने से आरक्षी घायल हो गया, जबकि जवाबी कार्रवाई में उक्त आरोपी को दबोच लिया गया। अभियुक्त के कब्जे से अवैध शस्त्र व गौवध करने के उपकरण बरामद किये गए हैं।
बताया गया है कि दिनांक 23 अक्टूबर 2024 को राहुल कुमार पुत्र अशोक कुमार निवासी ग्राम गुनियाखेडी थाना नूरपुर जनपद बिजनौर ने थाना नूरपुर पर तहरीर दे कर बताया था कि ग्राम गुनियाखेडी के जंगल में प्रतिबन्धित गौवंशीय अवशेष मिले हैं। इस संबंध में थाना नूरपुर पर मु0अ0सं0 416/24 धारा 3/5/8 गौवध अधिनियम पंजीकृत किया गया। वरिष्ठ अधिकारीगणों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर, घटना के अनावरण हेतु टीमों का गठन किया गया। इसी क्रम में शमशाद निवासी ग्राम गुनियाखेड़ी थाना नूरपुर जनपद बिजनौर के मकान से गौकशी की घटना में प्रयुक्त उपकरण बरामद किये गए। विवेचनात्मक कार्यवाही के दौरान अभियोग में नाजिर पुत्र मेहन्दी निवासी ग्राम बेड़ा खुर्द थाना नूरपुर जनपद बिजनौर, शाहरूख पुत्र नईमुद्दीन, श्रीमती गुलशन पत्नी शमशाद व शोएब पुत्र फईमुद्दीन निवासीगण ग्राम गुनियाखेड़ी थाना नूरपुर जनपद बिजनौर के नाम प्रकाश में आए।
गौकशी करने की फिराक में थे आरोपी
पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही के संबंध में बताया गया कि दिनांक 23/24 अक्टूबर 2024 की रात्रि में थाना नूरपुर पुलिस टीम को गश्त के दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम गुनियाखेडी के जंगल में गौकशी की घटना कारित करने वाले अभियुक्तगण ग्राम गुनियाखेडी के जंगल में खड़े हैं और गौकशी करने की फिराक में हैं। स्थानीय पुलिस द्वारा तत्काल गुनियाखेडी के जंगल में पहुंचकर अभियुक्तगणों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया गया तो बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नियत से फायरिंग कर दी। बदमाशों की फायरिंग में एक गोली आरक्षी कुलदीप खोखर के बाएं बाजू में लगी। पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी फायरिंग में बदमाश के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसको घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 02 अभियुक्त अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। स्थानीय पुलिस ने घायल को उपचार हेतु तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया। घायल बदमाश ने अपना नाम शाहरुख पुत्र नईमुद्दीन निवासी ग्राम गुनियाखेडी थाना नूरपुर जनपद बिजनौर बताया तथा अपने फरार साथियों का नाम; नाजिर पुत्र मेहन्दी निवासी ग्राम बेड़ा खुर्द थाना नूरपुर जनपद बिजनौर व शोएब पुत्र फईमुद्दीन निवासी ग्राम गुनियाखेड़ी थाना नूरपुर जनपद बिजनौर बताए।
अभियुक्त शाहरुख के कब्जे से 01 अवैध तमंचा 315 बोर मय 01 खोखा कारतूस व 01 जिन्दा कारतूस 315 बोर तथा गौवध करने के उपकरण बरामद किये गए। इस संबंध में थाना नूरपुर पर मु०अ०सं० 418/2024 धारा 3(5)/109 बीएनएस व 3/25/27 आयुध अधिनियम पंजीकृत किया गया है। पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि दिनांक 22/23 की रात्रि में उसने अपने दो अन्य फरार साथियों के साथ मिलकर गुनियाखेडी के रहने वाले अपने चाचा शमशाद के घर गौकशी की घटना की थी, जिसमें चाची गुलशन भी शामिल थी। अभियुक्त से विस्तृत पूछताछ जा रही है। शेष अभियुक्तगणों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना नूरपुर जनपद बिजनौर के प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र कुमार, उप निरीक्षक रवि कुमार, राहुल कुमार थाना नूरपुर जनपद बिजनौर । 4-का0 सोनू कुमार के अलावा कांस्टेबल कुलदीप खोखर, परमवीर पंवार तथा संदीप कुमार शामिल रहे।
प्राइवेट अस्पताल एवं नर्सिंग होम परिसर में संचालित मेडिकल स्टोर्स पर लगेगी रोक
लखनऊ। प्राइवेट अस्पताल एवं नर्सिंग होम परिसर में संचालित मेडिकल स्टोर्स पर सरकार की नजर टेढ़ी हो गई है।औषधि निरीक्षक खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम जल्दी ही अभियान चला कर इस गोरखधंधे को पकड़ेगी।
अपर आयुक्त (प्रशासन) रेखा एस. चौहान ने उत्तर प्रदेश के समस्त औषधि निरीक्षक खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन को प्राइवेट अस्पताल एवं नर्सिंग होम परिसर में संचालित औषधि प्रतिष्ठानों के संबंध में विभागीय पत्र लिखा है। दिनांक 21 अक्टूबर, 2024 को प्रेषित इस पत्र में कहा गया है कि प्राइवेट अस्पताल एवं नर्सिंग होम में मरीजों को औषधियों उपलब्ध कराये जाने हेतु औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथान्तर्गत बनी नियामवली के अधीन यथावश्यक फुटकर एवं थोक औषधि विक्रय लाईसेंस प्राप्त किये जाते हैं, जिनके माध्यम से मरीजों को औषधियों की बिक्री की जाती है। यह संज्ञान में लाया गया है कि कतिपय अस्पताल नर्सिंग होम द्वारा दवा निर्माता कंपनियों से साठ-गांठ करके ऐसी औषधियों को अपने भण्डार में रखा जाता है, जो अन्य दवा विक्रेता के यहां उपलब्ध नहीं होती हैं। इसके अलावा, अस्पताल नर्सिंग होम संचालक द्वारा मरीजों को अस्पताल एवं नर्सिंग होम में संचालित औषधि विक्रय प्रतिष्ठान से ऊंचे दामों पर औषधियों को क्रय करने के लिये बाध्य भी किया जाता है, जबकि उसी औषधि का दूसरा ब्राण्ड सस्ते दाम पर अन्य औषधि विक्रय प्रतिष्ठान पर उपलब्ध होता है। इस प्रकार कतिपय प्राइवेट अस्पताल/नर्सिंग होम द्वारा एकाधिकार बनाकर मरीजों से अधिक धन लिया जाता है। पत्र में कहा गया, उल्लेखनीय है कि जन सामान्य को उचित मूल्य पर गुणवत्तापरक औषधि की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है, जिसके लिये आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अधीन औषधि मूल्य नियंत्रण आदेश (Drug Price Control Order- DPCO), 2013 लागू किया गया है। डीपीसीओ के अंतर्गत औषधियों का अधिकतम खुदरा मूल्य एवं उनकी उपलब्धता नियंत्रित किया जाता है, जिसके प्राविधानानुसार कोई दवा निर्माता किसी औषधि विक्रेता को अकारण औषधि विक्रय करने से इंकार नहीं कर सकता है।
यह भी संज्ञान में आया है कि कतिपय अस्पताल, नर्सिंग होम में स्थित फुटकर औषधि विक्रय प्रतिष्ठान पर फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में गैर तकनीकी व्यक्तियों द्वारा औषधियों की बिक्री की जाती है, जो लाईसेंस की शर्तों एवं औषधि नियमावली, 1945 के नियम 65 का उल्लंघन है।
उपरोक्त तथ्यों के दृष्टिगत निम्न निर्देश निर्गत किये गए हैं-
1. अस्पताल/नर्सिंग होम में स्थित औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण करके यह सुनिश्चित करें कि औषधियों की बिक्री तकनीकी व्यक्ति/फार्मासिस्ट की उपस्थिति में ही किया जा रहा है।
2. अस्पताल/नर्सिंग होम में स्थित औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों में उपलब्ध औषधियों का परीक्षण डीपीसीओ के प्राविधानों के अधीन करें तथा एनपीपीए द्वारा निर्धारित खुदरा मूल्य से अधिक मूल्य पर जाने पर नियमानुसार कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करें।
3. यह सुनिश्चित करें कि अस्पताल/नर्सिंग होम में स्थित औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों पर उपलब्ध औषधियां आस-पास के औषधि विक्रय प्रतिष्ठान पर भी उपलब्ध हों तथा यदि कोई निर्माता फर्म/डिस्ट्रीब्यूटर/पोक औषधि विक्रेता वांछित औषधियों की आपूर्ति करने से मना करता है तो, उसके विरुद्ध डीपीसीओ एवं अन्य सुसंगत नियमों के अन्तर्गत कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।
पॉलीथीन के प्रयोग से वातावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव से भी अवगत कराया
पालिका प्रशासन ने जब्त की 4 किलो पॉलीथीन
बिजनौर। पालिका प्रशासन ने अभियान चला कर 4 किलो पॉलीथीन जब्त की। वहीं 03 हजार रुपए जुर्माना भी वसूला गया। दुकानदारों / ठेलों/ फड़ धारकों एवं आम जनता को पॉलीथीन के प्रयोग से वातावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव से भी अवगत कराने के साथ ही पॉलीथीन (प्लास्टिक बैग) आदि का प्रयोग न करने की अपील की गई।
जिला प्रशासन/शासन के निर्देशों के अनुपालन में अतिक्रमण हटाओ अभियान एवं पॉलीथीन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के उपरान्त 23 अक्टूबर, 2024 को शहर बिजनौर में पॉलीथीन उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने हेतु नायब तहसीलदार, अधिशासी अधिकारी के नेतृत्व में पालिका टीम व पुलिस प्रशासन के द्वारा अभियान चलाया गया।
इस दौरान विभिन्न दुकानों/ठेलों / फड़ धारकों से लगभग 04 किग्रा0 पॉलीथीन जब्त कर 03 हजार रुपए जुर्माना वसूला गया। इस दौरान संपूर्ण कार्यवाही की फोटोग्राफी भी की गई। सभी को निर्देश दिये गए कि वह पॉलीथीन आदि का प्रयोग बिलकुल न करें। कपड़ा / पेपर बैग से बने थैले का ही प्रयोग करें। साथ ही चेतावनी भी दी गई कि यदि भविष्य में पॉलीथीन अथवा प्लास्टिक बैग एवं डिस्पॉज़ल ग्लासेस आदि का उपयोग भण्डारण विक्रय करते पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। दुकानदारों / ठेलों/ फड़ धारकों एवं आम जनता को पॉलीथीन के प्रयोग से वातावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव से भी अवगत कराया और पॉलीथीन (प्लास्टिक बैग) आदि का प्रयोग न करने की अपील की गई।
अभियान के दौरान नायब तहसीलदार, अधिशासी अधिकारी विकास कुमार, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक गोविन्द कुमार, संदीप कुमार लिपिक, सफाई नायक शुभम, विशाल, विवेक, योगेश, नीरज राणा आदि संयुक्त रूप से रहे। अभियान में पुलिस बल एवं जिला प्रशासन का पूर्ण सहयोग रहा। (नायब तहसीलदार का नाम लिख लें और हमें भी बता दें।)
कृष्णा कॉलेज, बिजनौर में “अमर उजाला फाउंडेशन” का कार्यक्रम
पुलिस की पाठशाला में समझाया कानून का सम्मान, कानून से जीवन
बिजनौर। पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा द्वारा कृष्णा कॉलेज, बिजनौर में “अमर उजाला फाउंडेशन” द्वारा आयोजित कार्यक्रम पुलिस की पाठशाला में प्रतिभाग किया गया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को कानून का सम्मान, कानून से जीवन आसान विषय पर संबोधित किया।
साथ ही यातायात नियमों, साइबर क्राइम, विभिन्न कानूनों एवं सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों के सदुपयोग तथा दुरुपयोग के बारे में जागरुक किया। इस अवसर पर कॉलेज स्टाफ के अलावा छात्र छात्राओं की भारी संख्या में उपस्थिति रही।
पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, साध्य योग, अमृत सिद्धि योग और पुष्य नक्षत्र का सुंदर संयोग
गुरु पुष्य योग में खरीदारी का विशेष महत्व
24 अक्टूबर गुरुवार को 5 शुभ संयोग में है अहोई अष्टमी व्रत
बिजनौर। इस वर्ष अहोई अष्टमी 24 अक्टूबर गुरुवार को है।अहोई अष्टमी व्रत इस बार 5 शुभ संयोग में है। इस दिन गुरु पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, साध्य योग, अमृत सिद्धि योग और पुष्य नक्षत्र का सुंदर संयोग बन रहा है। गुरु पुष्य योग का संबंध देवताओं के गुरु बृहस्पति और शनि से जोड़ा जाता है। बृहस्पति को शुभ कार्य, भाग्य के लिए महत्वपूर्ण समझा जाता है जबकि शनि को स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। इसलिए गुरु पुष्य योग में खरीदारी का विशेष महत्व है। इस योग में खरीदी हुईं वस्तुएं अक्षय फल देती हैं।
उक्त जानकारी देते हुए सिविल लाइंस स्थित धार्मिक संस्थान विष्णुलोक के ज्योतिषविद् पंडित ललित शर्मा ने बताया कि अहोई अष्टमी के दिन माताएं अपनी संतान की कुशलता के लिये उषाकाल, अर्थात भोर से लेकर गोधूलि बेला, सायंकाल तक उपवास करती हैं। सायंकाल के समय आकाश में तारों का दर्शन करने के पश्चात व्रत सम्पूर्ण किया जाता है। कुछ महिलाएं चन्द्रमा के दर्शन करने के पश्चात व्रत पूर्ण करती हैं, किन्तु इसका अनुसरण करना कठिन होता है, क्योंकि अहोई अष्टमी की रात्रि में चन्द्रोदय विलम्ब से होता है। अहोई अष्टमी व्रत का दिन करवा चौथ के चार दिन पश्चात तथा दीवाली पूजा से आठ दिन पूर्व पड़ता है। अहोई अष्टमी का दिन अहोई आठें के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि यह व्रत अष्टमी तिथि को किया जाता है। आकाश में तारों का दर्शन करने के पश्चात ही उपवास का पारण किया जाता है।
अहोई अष्टमी शुभ मुहूर्त
इस दिन पूजा करने का शुभ मुहूर्त शाम को 05 बजकर 42 मिनट से लेकर 06 बजकर 59 मिनट तक है। इस दौरान महिलाएं अहोई माता और भगवान गणेश की उपासना कर सकती हैं।
माताएं क्यों देती हैं अहोई अष्टमी पर तारों को अर्घ्य
अहोई अष्टमी पर तारों को अर्घ्य देने के पीछे उद्देश्य ये है कि जिस तरह आकाश में तारे हमेशा चमकते रहते हैं, वैसे ही हमारे परिवार के सभी बच्चों का भविष्य भी चमकता रहे, आयु लंबी हो। माताएं अहोई माता से यही प्रार्थना कर तारों को अर्घ्य देती हैं।
अगर आप बिना किसी की इजाजत के फोन कॉल रिकॉर्ड करते हैं तो यह निजता के अधिकार का उल्लंघन है और आपके खिलाफ पुलिस कार्रवाई हो सकती है। बिना किसी की इजाजत के कॉल recording निजता के अधिकार का उल्लंघन कॉल रिकॉर्डिंग करने पर लगती है कौन सी धारा ? अगर आप किसी की इजाजत […]
मलबे में अभी भी कई कर्मचारियों के दबे होने की आशंका
आर्डनेंस फैक्ट्री में ब्लास्ट से दो कर्मचारियों की मौत, 13 घायल
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर की आयुध निर्माणी खमरिया के एफ-6 अनुभाग में मंगलवार सुबह पिच्योरा बम को बॉयल्ड आउट करते समय फायर हो गया। ब्लास्ट के वक्त भवन में लगभग 12 से 13 लोग काम कर रहे थे। हादसे में सभी लोग घायल हो गए। सभी घायलों का महाकौशल हॉस्पिटल में उपचार जारी है। गंभीर घायलों के नाम श्यामलाल और रणधीर बताए गए हैं। अन्य मामूली घायलों का उपचार किया जा रहा है। मलबे में अभी भी कई कर्मचारियों के दबे होने की आशंका जताई गई है। राहत और बचाव कार्य जारी है।
जबलपुर की आयुध निर्माणी खमरिया के एफ-6 अनुभाग में मंगलवार सुबह पिच्योरा बम को बॉयल्ड आउट करते समय फायर हो गया। ब्लास्ट के वक्त भवन में लगभग 12 से 13 लोग काम कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, कई कर्मचारियों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के तुरंत बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने बचाव कार्य शुरू कर दिया। राहत और बचाव टीम मौके पर पहुंचकर दबे हुए कर्मचारियों को निकालने में जुट गई। प्रशासन भी स्थिति पर नज़र बनाए हुए है और घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
प्रोफेसर बनना है वर्धमान कॉलेज की छात्रा रजनी का लक्ष्य
हिन्दी विषय में यूजीसी नेट परीक्षा उत्तीर्ण
शाबाश ! रिक्शा चालक की बेटी ने तोड़ा नेट परीक्षा का जाल
बिजनौर। साधन व सुविधाओं की मोहताज नहीं होती प्रतिभाएं… वह अपनी लगन व मेहनत से लक्ष्य को प्राप्त कर ही लेती हैं। पश्चिम उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर की ऐसी ही एक प्रतिभाशाली छात्रा है कु. रजनी, जिसने तमाम अभावों के बीच अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में प्रयास अनवरत जारी रखा। … और नतीजा ये कि उसने हिन्दी विषय में यूजीसी नेट परीक्षा उत्तीर्ण कर ली।
दरअसल रजनी के पिता रोहताश सिंह रिक्शा चलाते हैं। रजनी पढ़ – लिखकर कुछ बनना चाहती है। वर्धमान कॉलेज बिजनौर से बीए और एमए की परीक्षा अच्छे अंकों से उत्तीर्ण करने वाली रजनी का लक्ष्य प्रोफेसर बनना है। इसके लिये उसने हिन्दी विषय में यूजीसी नेट परीक्षा उत्तीर्ण की है।इसका श्रेय मुख्य रूप से रजनी अपने जॉनी भैया को देती है। इसके साथ ही वर्धमान कालेज हिन्दी विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर शशिप्रभा, डा. अंजू बंसल और डा. ओपी सिंह का विशेष आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने उसे निरन्तर प्रोत्साहित किया। रजनी के उज्जवल भविष्य की कामना के साथ newsdaily24 की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
सौ से ज्यादा टेबल लगाकर कैसीनो चला रही थीं दिल्ली और मुंबई की मॉडल्स
होटल हारमनी इन में पकड़ा गया कैसीनो, मालिक समेत 15 गिरफ्तार
मेरठ। गढ़ रोड स्थित होटल हारमनी इन में कैसीनो पकड़ा गया है। दिल्ली और मुंबई की मॉडल्स सौ से ज्यादा टेबल लगाकर कैसीनो चला रही थीं। पुलिस को छापेमारी के दौरान 1.5 करोड़ कॉइन बरामद हुए हैं। छापे में बीजेपी नेता नवीन अरोड़ा समेत 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 6 युवतियां भी शामिल हैं।
मेरठ एसएसपी डा. विपिन ताड़ा को किसी अज्ञात व्यक्ति ने सूचना दी कि होटल हारमनी इन में कैसीनो चलाया जा रहा है। इसमें दिल्ली और मुंबई समेत कई राज्यों के लोग शामिल हैं। एसएसपी ने एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया। टीम में सीओ ब्रह्मपुरी, सीओ कोतवाली और सीओ दौराला के अलावा इन सर्किल के थानेदारों को भी साथ लिया गया।
देर रात एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह के नेतृत्व में होटल पर छापा मार कर 6 युवतियों और दो दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया। मौके से डेढ़ करोड़ की कॉइन भी बरामद हुई, जिससे पता चलता है कि काफी दिनों से होटल में यह सब चल रहा था।
होटल मालिक नवीन अरोड़ा
पुलिस ने होटल मालिक नवीन अरोड़ा समेत 15 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। होटल मालिक नवीन अरोड़ा बीजेपी महानगर के कोषाध्यक्ष भी रह चुके हैं। सभी के खिलाफ नौचंदी थाने में मुकदमा लिखा गया। बाद में सभी को मुचलके पर छोड़ दिया गया।
पुलिस टीम को मिला चलता हुआ कैसीनो
होटल हारमनी इन होटल के फर्स्ट फ्लोर पर दिल्ली और मुंबई की मॉडल्स कैसीनो चलाती मिलीं। कैसिनो की एंट्री फीस एक लाख रुपए रखी गई थी। यही नहीं ऑनलाइन पार्टी बुक की जा रहीं थी। यहां अर्द्धनग्न अवस्था में मॉडल्स डांस करती देखी गईं। पुलिस ने मौके से छह युवतियों और 15 रसूखदार लोगों को हिरासत में लिया है।
फिर भी लीक हो गई छापे की सूचना !
पुलिस के छापे सूचना लीक होने पर होटल में अंधेरा कर दिया गया। अंधेरे का फायदा उठा 35 से ज्यादा लोग पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गए। जो भाग नहीं पाए वो टेबल के नीचे छिप गए। एसपी सिटी ने बताया कि होटल की सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ली गई है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर फरार हुए लोगों की पहचान कर रही है।पूरे होटल की जांच पड़ताल हो रही है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नौचंदी पुलिस की मिलीभगत ?
आशंका जताई जा रही है कि यह सब खेल नौचंदी पुलिस की मिलीभगत से चल रहा था। इसीलिए छापे के दौरान नौचंदी पुलिस को साथ नहीं लिया गया और पुलिस की रेड कामयाब रही।
“पुलिस स्मृति दिवस-2024” पर मुख्यमंत्री की पुलिस कर्मियों को सौगात
शहीद पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों के परिजनों का सम्मान
शहीद पुलिस कर्मियों को नमन व भावभीनी श्रद्धांजलि
अभिषेक झा पुलिस अधीक्षक बिजनौर
लखनऊ /बिजनौर। “पुलिस स्मृति दिवस-2024” के अवसर पर रिजर्व पुलिस लाइन बिजनौर में कर्तव्य पालन के दौरान शहीद हुए पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों को पुलिस अधीक्षक अभिषेक व अन्य पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा नमन किया गया व भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अभिषेक द्वारा कर्तव्य पालन के दौरान शहीद हुए पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों के परिजनों को सम्मानित किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक नगर संजीव वाजपेई, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम अर्ज, अपर पुलिस अधीक्षक
पुलिस लाइंस बिजनौर
सिपाही रोहित कुमार की शहादत: फतेहगढ़ के नवाबगंज थाने में तैनात सिपाही रोहित कुमार आठ जून, 2024 को अपने चौकी प्रभारी संतोष कुमार व साथी विजय सिंह के साथ खनन की सूचना पर पहुंचे थे। ट्रैक्टर ट्रॉली से मिट्टी ले जाई जा रही थी। एक बाइक से अवैध खनन वाले जा रहे थे। सिपाही रोहित ने पीछा किया तो बाइक सवारों ने तेजी से सामने कट मारा, जिससे ट्रॉली की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई थी।
शहीद हुए सचिन राठी: कन्नौज के छिबरामऊ थाने में तैनात सिपाही सचिन राठी 25 दिसम्बर, 2023 को थानेदार व फोर्स के साथ मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त बदमाशों के घर दबिश देने गए थे। टीम जैसे ही तस्कर अशोक कुमार के घर पहुंची, तो अशोक, उसके बेटे टिंकू, पत्नी ने फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली सचिन राठी को लगी। अस्पताल में चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
“पुलिस स्मृति दिवस-2024” पर मुख्यमंत्री ने पुलिस कर्मियों को दीं कई सौगातें
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस स्मृति दिवस पर सोमवार को पुलिस कर्मियों को कई सौगातें दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्यूटी पर शहीद पुलिस, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों तथा भारतीय सेवा में तैनात रहे 115 शहीदों के आश्रितों को 36 करोड़ 20 लाख की मदद दी गई है। पुलिस कर्मियों को बेहतर सुविधाओं के लिए साढ़े तीन करोड़, कल्याण के लिए चार करोड़, पुलिसकर्मी व उनके आश्रितों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए 30 लाख 56 हजार रुपए दिए गए हैं। पांच लाख से अधिक चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए 12 करोड़ 60 लाख दिए गए। 306 मृतक पुलिस कर्मियों के आश्रितों को लगभग नौ करोड़ रुपए और आश्रितों को कैशलेस उपचार के तहत 31 लाख 16 हजार रुपए, पुलिस कर्मियों के 205 मेधावी बच्चों को 53 लाख 30 हजार रुपए की छात्रवृत्ति दी गई। 1000 से अधिक पुलिस कर्मी अति उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित मुख्यमंत्री ने कहा कि 114 पुलिस अफसरों व जवानों को स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति के पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। केन्द्रीय गृह मंत्रालय की ओर से 1,013 पुलिस कर्मियों को अति उत्कृष्ट सेवा पदक और 729 कर्मियों को उत्कृष्ट सेवा पदक से नवाजा गया। तीन राजपत्रित अधिकारियों के साथ कई कर्मचारियों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक दिया गया। डीजीपी के उत्कृष्ट और सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह से 455 पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया।
बढ़ाया गया पुलिस कर्मचारियों का वर्दी और बैरक भत्ता
पुलिस कर्मचारियों का वर्दी और बैरक भत्ता बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा शहीद पुलिसकर्मियों के पत्नी और माता-पिता के जीवित नहीं रहने की दशा में परिवार के अन्य सदस्यों को एकमुश्त अनुग्रह राशि सरकार उपलब्ध कराएगी।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने पुलिसकर्मियों के वर्दी भत्ते में 70 प्रतिशत की वृद्धि के साथ-साथ बैरक में रहने वाले कॉन्स्टेबल और हेड कॉन्स्टेबल के एकोमोडेशन अलाउंस में 25 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की। इससे पहले वर्ष 2019 में वर्दी भत्ते में बढ़ोतरी हुई थी। अब इसमें 70 फीसदी की बढ़ोतरी किए जाने से 58 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च आएगा। इससे इंस्पेक्टर से लेकर चतुर्थ श्रेणी के करीब चार लाख पुलिसकर्मी लाभान्वित होंगे। पहले इंस्पेक्टर, एसआई और एएसआई को पांच वर्ष में वर्दी भत्ते के 7500 रुपए मिलते थे। घोषणा के बाद प्रति वर्ष तीन हजार रुपए मिलेंगे। वहीं, हेड कॉन्स्टेबल को तीन हजार के बजाय पांच हजार और चतुर्थ श्रेणी कर्मी को दो हजार की जगह तीन हजार रुपए प्रति वर्ष दिए जाएंगे। इसके अलावा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेलों में भाग लेने वाले पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण-आहार और अन्य मदों के लिए बजट को 70 लाख से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपए कर दिया गया है। इन सब पर सरकार करीब 115 करोड़ रुपए खर्च करेगी। शहीद पुलिसकर्मियों के पत्नी और माता-पिता के जीवित नहीं रहने की दशा में परिवार के अन्य सदस्यों को एकमुश्त अनुग्रह राशि उपलब्ध कराई जाएगी। पुलिसकर्मियों के लिए बने करीब 200 बहुमंजिला भवनों और प्रशासनिक भवनों के रखरखाव के लिए 1,380 करोड़ रुपए के कॉरपस फंड की घोषणा भी की गई। इससे लिफ्ट, अग्निशमन उपकरण, सोलर संयंत्र, एसटीपी का रखरखाव किया जाएगा। लखनऊ के रिजर्व पुलिस लाइन में परेड की सलामी लेने के बाद उन्होंने कहा कि पिछले 7 वर्ष में 17 जवानों ने अपनी शहादत दी, जबकि 1,618 पुलिसकर्मी घायल हुए। डिप्टी एसपी आभा पांडेय शहीद पुस्तिका को सलामी मंच तक लेकर आईं, सीएम ने डीजीपी प्रशांत कुमार के जरिए इसे मंच पर प्रतिस्थापित किया।
बैरक में रहने वाले कॉन्स्टेबल और हेड कॉन्स्टेबल
वर्ष 2013 में पुलिस एकोमोडेशन अलाउंस की व्यवस्था किए जाने के बाद से बैरक में रहने वाले कॉन्स्टेबल और हेड कॉन्स्टेबल को बतौर आवासीय भत्ता अभी 456 रुपए प्रति माह मिलते हैं। 25 फीसदी बढ़ोत्तरी के बाद अब उन्हें 750 रुपए प्रति माह मिलेंगे। इस पर सरकार करीब 47 करोड़ अतिरिक्त खर्च करेगी।
आश्रितों को 36.20 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद
पुलिस, केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों और सेना में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए यूपी के 115 जवानों के आश्रितों को 36.20 करोड़ की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को अति उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया जा चुका है।
बिजनौर। जच्चा बच्चा की मौत के मामले में एसीएमओ डॉ. अनिल कुमार सिंह ने अपनी टीम के साथ हल्दौर पहुंचकर डिलीवरी करने वाली डॉक्टर के क्लीनिक को सील कर दिया। कार्यवाही से नगर के अन्य झोलाछापों में भी हड़कंप मच गया।
रविवार को एक जच्चा बच्चा की मौत के बाद उसके परिजनों ने नगर के एक क्लीनिक पर जमकर हंगामा किया था। प्रकरण संज्ञान में आने पर सीएमओ डा. कौशलेंद्र सिंह के निर्देश पर एसीएमओ डा.अनिल कुमार सिंह ने अपनी टीम के साथ पहुंच कर क्लीनिक को सील कर दिया।
जानकारी के अनुसार हल्दौर नगर के मोहल्ला सराय में संचालित एक क्लीनिक पर रविवार सुबह प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत हो गई थी। वहीं महिला की भी हालत बिगड़ने पर परिजन उसे बिजनौर के एक निजी अस्पताल में ले गए। वहां से महिला को मेरठ के लिए रेफर कर दिया, जबकि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
जच्चा-बच्चा की मौत से गुस्साए परिजनों ने घर में संचालित उक्त क्लीनिक पर जमकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि क्लीनिक पर कोई भी डिग्री धारक डॉक्टर तैनात नहीं है। इस दौरान गुस्साए परिजनों की एक महिला एएनएम व उसके पुत्र के साथ नोकझोंक भी हुई। मायके वालों ने लड़के पक्ष पर भी महिला को किसी अच्छे अस्पताल में भर्ती नहीं कराने का आरोप लगाया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ डा. कौशलेंद्र सिंह ने उक्त क्लीनिक की जांच कराने और अनाधिकृत चिकित्सा अभ्यास करते पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की बात कही थी।
एक साल पहले भी हुआ था सील
क्षेत्र के लोगों के अनुसार इस क्लीनिक को डिप्टी सीएमओ द्वारा करीब एक वर्ष पूर्व सील किया था, लेकिन कुछ दिनों बाद ही क्लीनिक फिर से शुरू हो गया।
बिजनौर। जंगली जानवरों की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। जिले के लगभग हर हिस्से में इनका आतंक चरम पर है। हालात यहां तक खराब हो गए हैं कि अब तो शहर के करीब इनकी आमद बढ़ गई है।
बिजनौर में घेर राम बाग के जंगल से लेकर हेमराज कालोनी तक करीब तीन किलोमीटर के दायरे में एक साथ चार गुलदार खेतों में घूमते दिखाई दे रहे हैं! कुछ माह पहले एक व्यक्ति ने तीन गुलदार की वीडियो भी बनाई थी। अब यह संख्या चार बताई जा रही है। जंगल में गन्ने के खेतों में गुलदार दिखाई देने से ग्रामीणों में भय का माहौल व्याप्त है। इस क्षेत्र में गन्ने के खेतों में मरे हुए गोवंश भी किसानों को मिल रहे हैं। ऐसे में गुलदार द्वारा खेतों में घूम रहे गोवंशों को निवाला बनाने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों में भी गुलदार का डर बना हुआ है। हालात ऐसे है कि ग्रामीण खेतों पर जाते डर रहे हैं। ग्रामीणों ने गुलदार को पकड़वाने के लिए वन विभाग के अफसरों से पिंजरा लगवाने की मांग की है। पिछले दिनों चांदपुर चुंगी से ग्राम कंभौर के रास्ते में भी गुलदार देखे गए थे।
पिंजरा लगवाएगा वन विभाग
रेंजर महेश गौतम ने कहा कि गुलदारों को पकड़ने के लिए पिंजरा लगवाया जाएगा। एसडीओ अंशुमान मित्तल ने बताया कि मामला संज्ञान में है। गुलदार को पकड़ने के लिए जल्द ही क्षेत्र में पिंजरा लगवाया जाएगा। गुलदार को पकड़ने का हर सम्भव प्रयास किया जाएगा।
बैल बुग्गी के सामने आ गया गुलदार
दूसरी ओर नहटौर क्षेत्रांतर्गत ग्राम मलकपुर में जंगल से लौटते समय किसान की बैल बुग्गी के सामने आ कर एक गुलदार बैलों पर हमला करने की फिराक में था। किसान ने परिवार के साथ शोर शराबा करते हुए गुलदार को भगाया। ग्राम मलकपुर निवासी अभिषेक उर्फ छोटू पुत्र बाले अपने परिवार के साथ धान की कटाई करके बैल बुग्गी से घर लौट रहा था। इसी दौरान ग्राम से पूरब की ओर रास्ते में गुलदार अपने दो बच्चों के साथ रास्ते पर आकर खड़ा हो गया और बैलों पर हमला करने का प्रयास किया। गुलदार को देखकर किसान व उसके परिवार में दहशत फैल गई। उन्होंने शोर मचाया। शोरगुल होने पर गुलदार ईख के खेत में घुस गया। पांच दिन पूर्व गुलदार के हमले से ग्राम मलकपुर निवासी बिलंद कुमार की आठ वर्षीय पुत्री तानिया की मौत हो चुकी है। हालात यह हैं कि धान की कटाई के लिए किसान व मजदूर जान जोखिम में डालकर जंगल जाने को मजबूर हैं। वन विभाग ने गुलदार पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया भी था, लेकिन गुलदार अभी भी पकड़ से दूर हैं।
दुर्गा वाहिनी ने मेरठ प्रांत के जिला/ महानगरों में लगाए हिंदू बहनों को मेहंदी लगाने के शिविर
त्योहारों के चलते हिंदू बहनों के सहयोग का लिया गया निर्णय
मातृशक्ति, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल का भी सहयोग
समरसता का भाव रखकर हम पूरी दुनिया में बन सकते हैं श्रेष्ठ: काजल
मेरठ (ललित जोशी)। करवा चौथ के अवसर पर मेरठ महानगर में आयोजित मेहंदी शिविर में प्रांत संयोजिका दुर्गा वाहिनी काजल सैनी ने कहा आज परिवार टूट रहे हैं और संस्कार समाप्त हो रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि परिवार को जोड़कर समाज में समरसता का भाव उत्पन्न किया जाए। ऐसा करने से हिंदू समाज के समक्ष खड़ी चुनौती से लड़ा जा सकता है और पूरी दुनिया में हम श्रेष्ठ बन सकते हैं। उन्होंने कहा दुर्गा वाहिनी, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल सदैव राष्ट्र, धर्म, संस्कृति के लिए कार्य करते हैं।
करवा चौथ के अवसर पर मेरठ महानगर सहित प्रांत के जिला महानगरों में मेरठ महानगर 11, संभल 2, बागपत 4, अनूपशहर 4, गाजियाबाद 1, मुरादाबाद महानगर 7, नोएडा महानगर 6, लक्ष्मी नगर 13 सहित अन्य जिला महानगरों में भी कई स्थानों पर ‘मेहंदी शिविर’ आयोजित किये गए और हिंदू बहनों से आग्रह किया गया कि वह मेहंदी शिविरों में पहुंचकर मेहंदी लगवाएं। जिहादियों को हिंदू महिलाओं के हाथों में मेहंदी न लगाने दें और मेहंदी जिहाद से बचें। यह ‘शिविर’ हिंदू त्योहार करवा चौथ पर आयोजित हुए, जो कि शुक्रवार से शुरू हो कर रविवार करवा चौथ तक जारी रहे।
प्रांत संयोजिका काजल सैनी ने कहा, देश के गौरवशाली इतिहास को पढ़कर आने वाली पीढ़ी संस्कार युक्त रहे, इसके लिए जरूरी है कि हमारा हिंदू समाज लव जिहाद जैसी समस्याओं से मुक्त हो। हमारे समुदाय की छोटी-छोटी बच्चियां इन लोगों के पास जाकर मेहंदी लगवाती हैं और इस दौरान ये लोग उनके हाथ पकड़ते हैं। इसके साथ ही अगले कार्य के लिए मोबाइल नंबर का लेनदेन करती हैं और इसी से लव जिहाद को बढ़ावा मिलता है। “जिहादी लड़के पवित्र धागा (जिसे हिंदू अपनी कलाई पर बांधते हैं) पहनकर अपनी पहचान छिपाते हैं। हिंदू लड़कियों के साथ अपने फोन नंबर का आदान-प्रदान करते हैं। यह लव जिहाद का पहला कदम है।”
उन्होंने कहा कि शुरुआत में दुकानदारों को ऐसे मेंहदी कलाकारों को काम पर न रखने के लिए राजी किया गया था और अब लोगों को उनके दरवाजे पर ही विकल्प देने के लिए शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इनसे हम हिंदू लड़कियों को लव जिहाद, धर्म परिवर्तन आदि जिहादी गतिविधियों से बचा सकेंगे।
बिजनौर। थाना बढ़ापुर पुलिस ने दो अलग अलग मामलों में दो लोगों को अवैध शराब के साथ गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में चालान कर दिया।
पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद के आदेश पर आगामी त्योहारों के दृष्टिगत अवैध एवं जहरीली शराब के कारोबार संचयन निष्करण परिसंचरण /तस्करी की घटनाओं पर प्रभावी रोकथाम एवं संलिप्त अपराधियों के सत्यापन पर प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही हेतु शनिवार से सात दिवसीय अभियान शुरू किया गया है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक अभिषेक के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम अर्ज व सीओ नगीना के निकट पर्यवेक्षण में थाना बढ़ापुर पुलिस व आबकारी टीम ने दो अलग अलग मामलों में दो लोगों को अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया है।
बताया गया है कि टीम ने थाना क्षेत्र के ग्राम हमजापुर कठेर स्कूल से भगवानपुर जाने वाले रास्ते से कपिल कुमार पुत्र अतर सिंह निवासी ग्राम भगवानपुर थाना बढ़ापुर जनपद बिजनौर को देसी शराब के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से सुनामी नामक देसी शराब के 200 मिलीलीटर शराब के करीब 16 पाउच मिले। इस संबंध में बढ़ापुर पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
वहीं दूसरी ओर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बेनीपुर कोपा से आगे गन्ना सेंटर के पास से अमित कुमार पुत्र हरस्वरूप सिंह निवासी ग्राम बेनीपुर थाना बढ़ापुर जनपद बिजनौर को अवैध कच्ची शराब के साथ गिरफ्तार किया गया। आरोपी के पास से एक केन में करीब 20 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई। पकड़े गए आरोपी अमित के खिलाफ भी बढ़ापुर पुलिस द्वारा संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।अमित कुमार व कपिल कुमार पर पूर्व में भी कच्ची शराब के कई मामलों दर्ज हैं। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक विनोद कुमार, आरक्षी अरविंद कुमार, जितेंद्र कुमार, योगेश कुमार, आबकारी आरक्षी विपुल चौधरी शामिल रहे।
मार्निंग वॉक के दौरान हिंदूवादी नेता पर प्राणघातक हमला
बिजनौर। झालू में मॉर्निंग वॉक पर निकले हिंदू वादी नेता प्राणघातक हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मामले में दो को नामजद करते हुए चार लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई है।
हल्दौर थाना क्षेत्र के कस्बा झालू में छतरी वाला कुआं के पास रहने वाले चौधरी ज्ञानेश्वर सिंह दशकों से हिंदू राजनीति में सक्रिय हैं। वह विभिन्न हिन्दू संगठनों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। बताया जाता है कि प्रतिदिन की तरह वह रविवार सुबह साइकिल से मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। सुबह करीब 6 बजे जब वे झालू से गोलबाग के बीच स्थित गौशाला के सामने पहुंचे तो आरोप है कि दो बाईकों पर सवार चार युवकों ने उन्हें घेर लिया। ज्ञानेश्वर चौधरी के अनुसार उनमें से एक ने डंडे से हाथ पर हमला किया, जबकि दूसरे ने सिर पर कोई धारदार हथियार से वार कर दिया, जिससे वह लहूलुहान हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद चारों हमलावर अपनी बाईकों समेत खेतों के रास्ते से फरार हो गए। लहूलुहान हालत में किसी तरह ज्ञानेश्वर चौधरी झालू पुलिस चौकी पहुंचे और उन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने उनके परिजनों को इस संबंध में अवगत कराया। गंभीर रूप से घायल होने के कारण ज्ञानेश्वर चौधरी को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने झालू के ही दो लोगों को नामजद करते हुए चार के खिलाफ थाना पुलिस को तहरीर दी है।
उधर परिजनों का आरोप है कि तहरीर दिए जाने के बाद सुबह के समय तो पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके घर दबिश दी थी, लेकिन उसके बाद पुलिस ने दबिश नहीं दी। नामजद हमलावर खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस पर राजनीतिक दबाव का आरोप लगाया जा रहा है। इस संबंध में हल्दौर थाना प्रभारी रामप्रताप सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर दो लोगों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। हमलावरों की तलाश जारी है।
दिल्ली में करोड़ों की लूट के 28 लाख हैड कांस्टेबल के घर से बरामद
नई दिल्ली/मुजफ्फरनगर/मेरठ। दिल्ली पुलिस ने जानी खुर्द कस्बे में यूपी पुलिस के एक हैड कांस्टेबल के मकान पर छापा मारकर दिल्ली में हुई करोड़ों की लूट में अठाईस लाख रुपए बरामद किए हैं। बताया गया है कि लूट का आरोपी पुलिस के कब्जे में था। वहीं दिल्ली पुलिस की भनक पाकर यूपी पुलिस का हैड कांस्टेबल फरार हो गया।
रविवार को दिल्ली कीर्ति नगर थाना पुलिस दो गाड़ियों से कस्बा जानी खुर्द स्थित मुजफ्फरनगर जनपद में तैनात हेड कास्टेबल बीर सिंह के मकान पर पहुंची। दिल्ली पुलिस की भनक पाकर दीवान बीर सिंह चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस ने मकान को चारों तरफ से घेरकर तलाशी ली तो दो थैलों में भरे करीब अठाईस लाख रुपए बरामद हुए।
सूत्रों के अनुसार इस करोड़ों की लूट को दिल्ली पुलिस ने चोरी की धाराओं में दर्ज किया था। पुलिस शातिर बदमाश सोहनबीर को साथ लेकर आई थी। पुलिस ने बताया कि यूपी पुलिस का दीवान बीर सिंह मुजफ्फरनगर ट्रैफिक पुलिस में तैनात है। उसकी बेटी की शादी शातिर बदमाश सोहनवीर सिंह के बेटे से हुई है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार बदमाश ने लूट की इस रकम को यहां छुपा दिया था। वहीं स्थानीय पुलिस ने भी घटना को संज्ञान में लेकर जांच शुरू कर दी है।
बिजनौर की हीमपुरदीपा थाना पुलिस को मिली बड़ी सफलता
पांच चोर और माल खरीदने वाले तीन सर्राफ गिरफ्तार
बिजनौर। हीमपुरदीपा थाना पुलिस ने चोरी की 10 घटनाओं का खुलासा किया है। पुलिस ने पांच चोरों के साथ ही चोरी के आभूषण खरीदने के आरोपी तीन सर्राफ को भी गिरफ्तार किया है। कुल 26 हजार रुपए नकद और गहने समेत चोरी का अन्य बरामद किया गया है।
एएसपी ग्रामीण रामअर्ज ने शनिवार को पुलिस लाइन के सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि हीमपुर दीपा पुलिस ने पांच शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। ये चोर पांच अलग-अलग स्थानों पर 10 चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। चोरों ने नूरपुर के गांव सेलपुरा में तीन घरों, 17 दिन पहले गांव कुंडा खुर्द में दो घरों में चोरी की घटना को अंजाम दिया था। हल्दौर थाना क्षेत्र के गांव अखलासपुर में धर्म कांटे की दुकान से गल्ला तोड़कर 50 हजार रुपए चोरी किए थे। तीन दिन पहले चांदपुर के गांव इस्माइलपुर में भी एक घर से सोने के दो टॉप्स चोरी किए थे। स्योहारा के गांव गैंडाजूड में एक बाइक और घर में रखे रुपए चोरी किए थे।डेढ़ महीना पहले गांव पिलाना, गांव रोनिया में बिजली की दुकान से चोरी की थी।
सुनार ने गला दिए सभी आभूषण
अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि आरोपियों ने चोरी के आभूषण किरतपुर में एक सुनार को बेच दिए थे। सुनार ने सभी आभूषण गला दिए थे। चोरी के आभूषण खरीदने और गलाने के मामले में भी तीन सर्राफ को पकड़ा गया है।
पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक पुष्पा देवी, दरोगा जगत सिंह, मुकेश, हिमांशू गोस्वामी और धर्मेद्र आदि शामिल रहे।
इन्हें किया गया गिरफ्तार: 1. शांतनु पुत्र जगदेव निवासी मुस्तफापुर थाना किरतपुर, 2. रवि पुत्र पप्पू निवासी खत्रियान थाना कोतवाली शहर, 3. मोहित पुत्र समर सिंह निवासी रजपुरा थाना नगीना देहात, 4. विशाल पुत्र नरेंद्र निवासी मदनपुर, 5. मोहित पुत्र धर्मेद्र निवासी भूदपुर, 6. संतोष पुत्र सदाशिव निवासी डब्लेश्वर जनपद सांगला महाराष्ट्र हाल निवासी किरतपुर, 7. फिरोज पुत्र मुस्तकीम निवासी किरतपुर, 8. अफजल सुनार निवासी किरतपुर को गिरफ्तार किया गया है।
pib के अनुसार केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह पुलिस स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार, 21 अक्टूबर 2024 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
पुलिस स्मृति दिवस की पूर्व संध्या पर देखें सुनें डीजीपी का संदेश
आकाशवाणी का लिन्क 👆 दिनांक : 20.10.2024 समय : 19:31 बजे सायं
👆👆👆👆👆 पुलिस स्मृति दिवस की पूर्व संध्या पर पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश प्रशांत कुमार के सन्देश को दूरदर्शन एवं आकाशवाणी पर उपलब्ध कराए जा रहे लिंक के माध्यम से दिनांक 20.10.2024 को निर्धारित समय पर देखा व सुना जा सकता है।
pib के अनुसार केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह पुलिस स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार, 21 अक्टूबर 2024 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
गौरतलब है कि 21 अक्तूबर, 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में सशस्त्र चीनी टुकड़ी द्वारा किए हमले में पुलिस के 10 वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। इन शहीदों एवं ड्यूटी के दौरान प्राणों की आहुति देने वाले अन्य सभी पुलिसकर्मियों की स्मृति में 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है। पुलिसकर्मियों द्वारा दिए गए बलिदान को चिरस्मरणीय बनाने तथा राष्ट्रीय सुरक्षा व एकता बनाए रखने में पुलिस की उत्कृष्ट भूमिका का सम्मान करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2018 में चाणक्यपुरी, नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक (NPM) देश को समर्पित किया।
केंद्रीय शिल्पकृति के अलावा ‘शौर्य की दीवार’ तथा एक संग्रहालय
यह स्मारक पुलिस बलों में राष्ट्रीय पहचान, गर्व, उद्देश्यों में एकरूपता, एक समान इतिहास और भविष्य की भावना भरने के साथ-साथ उनकी इस प्रतिबद्धता को भी और मजबूत करता है कि उन्हें अपने प्राणों की कीमत पर भी देश की रक्षा करनी है। पुलिस स्मारक में एक केंद्रीय शिल्पकृति के अलावा ‘शौर्य की दीवार’ तथा एक संग्रहालय भी है। केंद्रीय शिल्पकृति के रूप में मौजूद एक 30 फुट ऊँचा ग्रेनाइट का एकल पाषाण खंड पुलिस कर्मियों की शक्ति, विनम्रता और नि:स्वार्थ सेवा का प्रतीक है। इसी प्रकार “शौर्य की दीवार” जिस पर शहीदों के नाम उत्कीर्ण हैं, कर्तव्य के पथ पर अपने प्राण न्यौछावर करने वाले पुलिस कर्मियों की बहादुरी और बलिदान के अचल प्रतीक के रूप में उपस्थित है। यहॉं मौजूद संग्रहालय की संकल्पना में भारतीय पुलिस व्यवस्था के इतिहास और विकास यात्रा के दर्शन होते हैं। यह स्थान पुलिस बल और आम नागरिकों, दोनों के मन में एक तीर्थ जैसा आदर रखता है। यह स्मारक आम जनता के लिए सोमवार के अलावा अन्य सभी दिन खुला रहता है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) द्वारा प्रत्येक शनिवार और रविवार को सूर्यास्त से एक घंटा पूर्व यहॉं बैंड, परेड और रिट्रीट समारोह का आयोजन भी किया जाता है।
देश भर में शहीद पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि
‘पुलिस स्मृति दिवस’ अर्थात् 21 अक्तूबर को देश भर में शहीद पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है जबकि मुख्य कार्यक्रम राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में आयोजित किया जाता है, जिसकी अध्यक्षता परंपरागत रूप से केन्द्रीय गृह मंत्री द्वारा की जाती है। कार्यक्रम में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और दिल्ली पुलिस की एक संयुक्त परेड भी आयोजित की जाती है। गृह मंत्री, गृह राज्य मंत्री, सांसदों, CAPF/CPO प्रमुखों द्वारा शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की जाती है। इसके पश्चात्, गृह मंत्री शहीदों को स्मरण करते हुए उपस्थित जन समूह को संबोधित करते हैं और पुलिस व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों का उल्लेख करते हैं। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त महानिदेशक, पुलिस अधिकारी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होते हैं। यह कार्यक्रम हॉट स्प्रिंग्स के शहीदों को समर्पित वेदिका पर गृह मंत्री द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित किए जाने के साथ संपन्न होता है।
22 से 30 अक्तूबर के बीच CAPFs/CPOs द्वारा विभिन्न स्मृति कार्यक्रम
पुलिस स्मृति दिवस के पश्चात् 22 से 30 अक्तूबर के बीच CAPFs/CPOs द्वारा राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर विभिन्न स्मृति कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिसमें शहीदों के परिजनों को स्मारक पर आमंत्रित करना, पुलिस बैंड डिस्पले, मोटर साईकल रैली, शहीदों के निमित्त दौड़ आदि का आयोजन करने के साथ-साथ पुलिस बल कर्मियों के बलिदान, शौर्य तथा सेवा को दर्शाने वाली फिल्में भी दिखाई जाती हैं। इस अवधि के दौरान सभी पुलिस बलों द्वारा देश भर में इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
एसपी सिटी के व्यापारियों को सुरक्षा और व्यापारिक गतिविधियों संबंधी दिशा-निर्देश
व्यापारियों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन
बिजनौर। एसपी सिटी संजीव वाजपेई ने व्यापारियों को सुरक्षा और व्यापारिक गतिविधियों संबंधी दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने व्यापारियों की समस्याओं के हर संभव समाधान का आश्वासन भी दिया है।
नगर पालिका परिषद स्थित एजाज अली हाल के पुस्तकालय कक्ष में शुक्रवार दोपहर व्यापारियों व संभ्रांत व्यक्तियों के साथ गोष्ठी का आयोजन पुलिस विभाग की ओर से किया गया।
इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक नगर संजीव वाजपेई ने व्यापारियों की समस्याओं को सुना और उनके हर संभव समाधान का आश्वासन दिया। बैठक में व्यापारियों को सुरक्षा और व्यापारिक गतिविधियों से संबंधित दिशा-निर्देश दिए गए। व्यापारियों ने भी बेबाकी से विभिन्न मुद्दों को पुलिस अधिकारियों के समक्ष रखा।
कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी नगर संग्राम सिंह के अलावा व्यापारी नेता मनोज कुच्छल, मुनीश त्यागी, राहुल वर्मा, विकास विश्वकर्मा, तूफैल अहमद, वार्ड सभासद गोपाल धीमान, शिवम शर्मा, मंजू चौधरी, सुरेंद्र कपूर, अनिल गंभीर आदि भी मौजूद रहे।
जिले भर में उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार कार्रवाई
कृषि और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम की मुहिम
छापे की भनक लगते ही दुकानें बन्द कर हुए रफूचक्कर
बिजनौर। जिले भर में उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर कृषि और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने आकस्मिक छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया। छापे की भनक लगते ही अपने उर्वरक प्रतिष्ठान बन्द कर भाग गए। धामपुर क्षेत्र के इस मामले में संबंधित को नोटिस जारी किए गए हैं।
कुल 39 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण
उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश एवं जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में गुरुवार 17.10.2024 को जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया एवं उपजिलाधिकारी नजीबाबाद की संयुक्त टीम द्वारा तहसील नजीबाबाद, मनोज रावत जिला कृषि रक्षा अधिकारी एवं उपजिलाधिकारी नगीना, धामपुर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील नगीना एवं धामपुर, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप ए कार्यालय जिला कृषि अधिकारी बिजनौर एवं उप जिलाधिकारी बिजनौर, चांदपुर में उर्वरक विक्रेता के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार कार्रवाई की गई। दौरान कुल 39 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।
कुल 11 उर्वरकों के लिए गए नमूने
निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान/गोदाम में उपलब्ध यूरिया, डीएपी, एनपीके आदि उर्वरकों के स्टॉक का मिलान पीओएस मशीन व अभिलेखों के अनुसार किया गया तथा कुल 11 उर्वरकों के नमूने लिए गए। छापे की भनक लगते ही मै. आरव खाद भंडार धामपुर, मै. इफको कृषक सेवा केंद्र धामपुर, मै. भगवती देवी कृषि बीज भंडार धामपुर, मै. तत्सत बीज भण्डार हरेवली, मै. अभिषेक ट्रेडर्स धामपुर अपने उर्वरक प्रतिष्ठान बन्द कर भाग गए। इस पर इन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
… अन्यथा होगी आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के अंतर्गत विधिक कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान जसवीर सिंह तेवतिया, उर्वरक निरीक्षक/जिला कृषि अधिकारी बिजनौर द्वारा समस्त थोक/फुटकर/विनिर्माता उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि कृषकों को उनकी तत्कालीन आवश्यकता के अनुसार ही फास्फेटिक उर्वरकों, विशेषकर डीएपी, एनपीके, उर्वरक का वितरण निर्धारित दर पर किया जाए।
साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि बिना पोस मशीन के उर्वरकों का वितरण न किया जाए तथा किसी भी दशा में उर्वरकों की बिक्री बल्क में न की जाए। कृषक को उनकी जोतबही/खतौनी एवं फसलवार संस्तुति के अनुसार उर्वरकों का वितरण किया जाए, यदि कोई भी उर्वरक विक्रेता निर्धारित दर से अधिक दर पर बिक्री करता हुआ एवं प्रचलित उर्वरकों के साथ-साथ अन्य उर्वरकों की टैगिंग करता हुआ पाया जाता है तो संबंधित उर्वरक विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के अंतर्गत विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
१७ अक्टूबर/इतिहास स्मृति ===================== श्री गुरुजी और राजा हरिसिंह की ऐतिहासिक भेंट =====================
१५ अगस्त, १९४७ का दिन स्वतन्त्रता के साथ अनेक समस्याएँ भी लेकर आया। एक ओर देश-विभाजन के कारण अपना सब कुछ लुटाकर पंजाब और बंगाल से हिन्दू आ रहे थे, तो दूसरी ओर कुछ लोग भारत में ही गृहयुद्ध का वातावरण उत्पन्न कर रहे थे। अंग्रेजों ने जाते हुए एक भारी षड्यन्त्र किया। वे सभी रियासतों को यह अधिकार दे गये कि वे अपनी इच्छानुसार भारत या पाकिस्तान में मिल सकते हैं या स्वतन्त्र भी रह सकते हैं।
इस सुविधा का लाभ उठाकर भारत की कुछ रियासतों ने पाकिस्तान में मिलने या स्वतन्त्र रहने का विचार बनाया। ऐसी सब रियासतों को सरदार पटेल ने साम, दाम, दण्ड और भेद का सहारा लेकर भारत में विलीन कर लिया; पर जम्मू-कश्मीर के विलीनीकरण का प्रश्न प्रधानमन्त्री नेहरू जी ने अपने हाथ में ले लिया; क्योंकि वे मूलतः कश्मीर के ही निवासी थे। इसके साथ ही उनके वहाँ के एक पाकिस्तान प्रेमी मुस्लिम नेता शेख अब्दुल्ला से कुछ अत्यन्त निजी व गहरे सम्बन्ध भी थे। वे उसे भी उपकृत करना चाहते थे।
जम्मू-कश्मीर रियासत के राजा हरिसिंह अनिर्णय की स्थिति में थे। वे जानते थे कि पाकिस्तान में मिलने का अर्थ है अपने राज्य के हिन्दुओं की जान और माल की भारी हानि; पर नेहरू जी से कटु सम्बन्धों के कारण वे भारत के साथ आने में भी हिचकिचा रहे थे। स्वतन्त्र रहना भी एक विकल्प था; लेकिन ऐसा होने पर यह निश्चित था कि धूर्त पाकिस्तान हमलाकर उसे हड़प लेगा। जिन्ना और शेख अब्दुल्ला इस षड्यन्त्र का तानाबाना बुन रहे थे।
कश्मीर घाटी के कुछ मुसलमानों को यदि छोड़ दें, तो पूरे राज्य की प्रजा भारत के साथ मिलना चाहती थी। इस राज्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संघचालक पंडित प्रेमनाथ डोगरा ने कश्मीर के अनेक सामाजिक व राजनीतिक संगठनों की ओर से प्रस्ताव पारित कर राजा को भेजे कि वे भारत से मिलने में देर न करें और विलय पत्र पर हस्ताक्षर कर दें। पंजाब के संघचालक बद्रीदास जी स्वयं राजा से मिले; पर राजा असमंजस में ही थे।
उधर पाकिस्तान तथा कश्मीर घाटी के मुसलमानों का साहस बढ़ रहा था। १४ अगस्त, १९४७ को श्रीनगर के डाक तार कर्मियों ने डाकघर पर पाकिस्तानी झण्डा फहरा दिया। संघ के स्वयंसेवकों को यह सब षड्यन्त्र पता थे। उन्होंने रात में ही वह झण्डा उतार दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने हजारों तिरंगे झण्डे तैयार कर पूरे नगर में बाँट रखे थे। १५ अगस्त की सुबह जब सब ओर तिरंगा फहराता दिखाई दिया, तो पाक समर्थकों के चेहरे उतर गए।
इधर सरदार पटेल बहुत चिन्तित थे। कश्मीर के विलय का काम नेहरू जी के जिम्मे था, इसलिए वे सीधे रूप से कुछ कर नहीं सकते थे। अन्ततः उन्होंने संघ के सर संघचालक श्री गुरुजी गोलवलकर जी से आग्रह किया कि वे कश्मीर जाकर राजा हरिसिंह से बात करें और उन्हें विलय के लिए तैयार करें।
१७ अक्तूबर, १९४७ को श्री गुरुजी विमान से श्रीनगर पहुँचे और महाराजा हरिसिंह से मिले। इस भेंट में राजा ने भारत में विलय के लिए अपनी स्वीकृति दे दी।
श्री गुरुजी दो दिन श्रीनगर में रुक कर १९ अक्तूबर को दिल्ली आ गये। यद्यपि इसके बाद भी कई बाधाएँ आईं; पर अंततः २६ अक्तूबर, १९४७ को महाराजा हरिसिंह ने विलय पत्र पर हस्ताक्षर कर जम्मू-कश्मीर का भारत में पूर्ण विलय स्वीकार कर लिया। इस बीच पाकिस्तानी सेना ने कश्मीर घाटी के काफी हिस्से पर कब्जा कर लिया। राजनेताओं की ढिलाई और मुस्लिम तुष्टीकरण के कारण कश्मीर समस्या आज भी नासूर बनी है; पर जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय के लिए श्री गुरुजी का प्रयास सदा अविस्मरणीय रहेगा!
दुनिया की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है साइबर क्राइम: डीआईजी
इसलिए सबसे जरूरी है साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता
लखनऊ में हुआ वन डे मास्टर्स ट्रेनर ट्रेनिंग प्रोग्राम ऑन साइबर सेफ
ज्यादातर पढ़े लिखे लोग हो रहे हैं साइबर क्राइम का शिकार: एसपी
लखनऊ। इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से सीडैक और इनोवेशन हब के सहयोग से वन डे मास्टर्स ट्रेनर ट्रेनिंग प्रोग्राम ऑन साइबर सेफ उत्तर प्रदेश का आयोजन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय में बुधवार को किया गया। इस कार्यक्रम में पूरे प्रदेश से पुलिस के अधिकारियों, शिक्षकों और छात्रों ने भागीदारी की। कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा को लेकर मंथन किया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि बहुत तेजी और विविध तरीके से साइबर क्राइम बढ़ रहा है। इससे निपटने के लिए सबसे जरूरी कदम है जागरूकता। साइबर सुरक्षा को लेकर जितना अधिक सचेत रहेंगे उतना ही इसके शिकार होने से बचा जा सकता है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए डीआईजी साइबर क्राइम पवन कुमार ने विभिन्न तथ्यों के आधार पर साइबर खतरे की ओर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आज के दौर में साइबर क्राइम दुनिया की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। यह तेजी से फैल रही है। इसके फ्रॉड के तरीके भी रोज बदल रहे हैं। साइबर क्राइम करने वाला किसी को भी आसानी से अपना शिकार बना लेता है। जितनी तेजी से तकनीकी विकसित हो रही है उसी अनुसार उसके कई खतरे भी हैं।
तकनीकी के फायदे हैं तो कई तरह के खतरे भी
एसपी साइबर क्राइम राजेश कुमार यादव ने कहा कि हम डिजिटल युग में जी रहे हैं। हर काम डिजिटली हो रहा है। तकनीकी के फायदे हैं तो कई तरह के खतरे भी हैं। साइबर क्राइम उन्हीं खतरों में से एक है। साइबर क्राइम का ज्यादातर शिकार पढ़े लिखे लोग हो रहे हैं। इसलिए साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता सबसे जरूरी है। पुलिसवालों को सबसे पहले खुद साइबर सुरक्षा और इसके विभिन्न पहलुओं के बारे में जानने की जरूरत है। फिर आम जनता को भी जागरूक करें। सीडैक के एम जगदीश बाबू ने साइबर सुरक्षा के विभिन्न तरीकों पर प्रकाश डाला। वित्त अधिकारी केशव सिंह ने भी साइबर क्राइम से बचने के लिए जागरूक होने को सबसे जरूरी बताया। संचालन वंदना शर्मा ने तो धन्यवाद इनोवेशन हब के हेड महीप सिंह ने दिया।
पीएम कुसुम योजना अन्तर्गत अब तक स्थापित कराए कुल 2548 सोलर पम्प
सोलर पम्पों के संचालन एवं रख-रखाव के लिए कृषकों को प्रशिक्षण
2548 सोलर पम्प से बचाई गई 95 लाख यूनिट से अधिक बिजली
बिजनौर। पीएम कुसुम योजना अंतर्गत जिले में अब तक कुल 2548 सोलर पम्प स्थापित कराए जा चुके हैं। इन सोलर पम्पों से 95 लाख यूनिट से अधिक बिजली की बचत हुई। इसी कड़ी में सोलर पम्पों के संचालन एवं रख-रखाव हेतु कृषकों को तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रशिक्षण दिलाया गया।
उपनिदेशक कृषि गिरीश चन्द ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि कृषि निदेशालय उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम – कुसुम) योजना अन्तर्गत स्थापित कराए गए सोलर पम्पों के संचालन एवं रख-रखाव हेतु कृषकों को तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए संस्थाओं के इंजीनियर/तकनीशियन के माध्यम से प्रशिक्षण आयोजित कराने के निर्देश दिये गए हैं। इसी के अनुपालन में बुधवार 16 अक्टूबर, 2024 को कृषि भवन के सभागार कक्ष में सोलर पम्प स्थापित करने वाली संस्थाओं के तकनीशियनों के माध्यम से कृषकों को प्रशिक्षण दिलाया गया। प्रशिक्षण में जिला कृषि रक्षा अधिकारी मनोज रावत, विषय वस्तु विशेषज्ञ आदित्यवीर, प्रीमियर इनर्जी/इकोजन प्रा. लि. के तकनीशियन सुरेन्द्र मौर्य, प्रकाश गोल्ड इंडस्ट्रीज़ के तकनीशियन राहुल कुमार, शक्ति पम्प इण्डिया के तकनीशियन भानुप्रताप, केएसबी प्रा. लि. के तकनीशियन अभिषेक शर्मा एवं जनपद के दूर-दराज ग्रामों से आए लगभग 125 कृषकों द्वारा प्रतिभाग किया गया। सर्वप्रथम सुरेन्द्र मौर्य तकनीशियन द्वारा प्रशिक्षण में आए कृषकों को सोलर पम्प के संचालन के विषय में विस्तृत रूप से जानकारी उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि किसी भी प्रकार की कोई समस्या आती है तो मेरे मोबाइल नम्बर 9838258468 पर संपर्क करें, समस्या का समाधान किया जायेगा। इसी प्रकार अन्य कम्पनियों के प्रतिनिधियों द्वारा भी अपने मोबाइल नम्बर कृषकों को उपलब्ध कराए गए। इनमें राहुल कुमार (7668107980), भानुप्रताप (9756229246) अभिषेक शर्मा (798207992) शामिल हैं।
वर्ष 2024-25 में 1380 सोलर पम्प स्थापित कराने का लक्ष्य
उपनिदेशक कृषि गिरीश चन्द ने बताया कि जनपद में पीएम कुसुम योजना अन्तर्गत कुल 2548 सोलर पम्प कृषकों के यहां स्थापित कराए गए हैं। (वर्ष 2015-16 में 123 सोलर पम्प, वर्ष 2016-17 में 120 सोलर पम्प, वर्ष 2017-18 में 92 सोलर पम्प, वर्ष 2018-19 मेें 362 सोलर पम्प, वर्ष 2019-20 में 231 सोलर पम्प, वर्ष 2020-21 में 138 सोलर पम्प, वर्ष 2022-23 में 906 सोलर पम्प एवं वर्ष 2023-24 में 576 सोलर पम्प)। यह जानकारी भी दी कि वर्ष 2024-25 में कृषि निदेशालय द्वारा 1380 सोलर पम्प स्थापित कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष अब तक 368 कृषकों द्वारा ऑन लाइन बुकिंग की जा चुकी है। वर्ष 2015-16 से वर्ष 2022-23 तक स्थापित सोलर पम्पों से 95 लाख यूनिट से अधिक बिजली की बचत हुई है।
दून हाइवे पर बाइक सवार बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम
शराब दुकानों के कैशियर से 5 लाख की लूट
मेरठ। दिल्ली देहरादून हाईवे के खिर्वा फ्लाईओवर पर बाइक सवार बदमाश दिनदहाड़े शराब की दुकानों के कलेक्शन एजेंट अंकुर सोम से लगभग 05 लाख रुपए से भरा बैग लूट कर फरार हो गए। शराब की दुकानों से कैश एकत्र कर अंकुर सोम वापस लौट रहा था। इसी दौरान बाइक सवार तीन बदमाशों ने ओवरटेक करके हथियारों के बल पर अंकुर की बाइक को रोक लिया और बैग लूट कर फरार हो गए। घटनास्थल हाईवे पुलिस चौकी से 100 मीटर की दूरी पर बताया जा रहा है। सूचना मिलते ही एसएसपी डॉ विपिन ताडा समेत तमाम पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि बदमाशों की घेराबंदी के लिए कंकरखेड़ा थाना पुलिस के साथ एसओजी और सर्विलांस समेत तीन टीम लगाई गई हैं। आसपास के सीसीटीवी कैमरों से फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा लिखा जा रहा है।
चड्ढा ग्रुप से कोई संबंध नहीं
वारदात की सूचना पर थाने पहुंचे लिकर कलेक्शन कंपनी के अनिल शर्मा ने बताया कि हम अलग-अलग नाम से दुकानों से रकम लेते हैं। अंकुर सोम रोजाना कैश कलेक्शन का काम करता है। आज बुधवार को भी वो 5-6 दुकानों से कैश कलेक्ट कर वापस लौट रहा था। लास्ट कैश जिटौली की दुकान से लेकर वापस लौटते समय खिर्वा रोड पर उसके साथ यह वारदात हुई। तीन बदमाश एक बाइक पर आए और कैश लूट ले गए। कहा कि चड्ढा ग्रुप से उनका कोई संबंध नहीं है। यह भी बताया कि कुछ रकम हमें पेटीएम से मिलती है कुछ पेमेंट कैश आता है।
संयुक्त शिक्षा निदेशक द्वादश मण्डल मुरादाबाद को भेजा प्रार्थना पत्र
आर्य समाज बिजनौर के अध्यक्ष सतेन्द्र कुमार शर्मा ने भेजी शिकायत
असामाजिक तत्वों ने डी.ए.वी. इंटर कालेज पर जमा रखा है अधिकार!
बिजनौर। वर्ष 1956 से आर्य प्रतिनिधि सभा उ.प्र. लखनऊ द्वारा संचालित डी.ए.वी. इंटर कालेज की प्रशासन योजना में मनमाने ढंग से संशोधन कर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा इस संस्था पर अधिकार जमा लिया गया है! यह आरोप आर्य समाज बिजनौर के अध्यक्ष सतेन्द्र कुमार शर्मा ने लगाया है। उनका कहना है कि वर्ष 1991 में मातृ संस्था के साथ छल व कपटपूर्ण व्यवहार कर उक्त साजिश को अंजाम दिया गया। इस संशोधित/अनुमोदित प्रशासन योजना को निरस्त करने के संबंध में श्री शर्मा ने 14-10-2024 को संयुक्त शिक्षा निदेशक द्वादश मण्डल मुरादाबाद को प्रार्थना पत्र दिया है।
आर्य समाज बिजनौर के अध्यक्ष सतेन्द्र कुमार शर्मा ने कहा कि आर्य प्रतिनिधि सभा उ.प्र. लखनऊ एक पंजीकृत संस्था है। इसका नवीनीकरण दिनांक 16-01-2021 को सहायक निबंधक लखनऊ द्वारा किया गया है। इसी पंजीकृत संस्था द्वारा समूचे उ.प्र. में आर्य समाज एवं तत्संबंधी शिक्षण संस्थाओं का संचालन भी किया जाता है। ये सभी संस्थाएं पंजीकृत आर्य प्रतिनिधि सभा उ.प्र. लखनऊ की अनुमोदित नियमावली से नियंत्रित व संचालित होती हैं। इसी क्रम में सतेन्द्र कुमार शर्मा ने अवगत कराया कि वह स्वयं आर्य समाज बिजनौर के अध्यक्ष हैं। नियमावली की संगत धाराओं में वर्णित सूत्रों के अनुसार आर्य समाज का प्रधान ही सभी शिक्षण संस्थाओं का भी पदेन अध्यक्ष होता है।
1956 से ही मातृ संस्था आर्य प्रतिनिधि सभा उ.प्र. लखनऊ द्वारा संचालित
संयुक्त शिक्षा निदेशक द्वादश मण्डल मुरादाबाद को भेजे प्रार्थना पत्र में श्री शर्मा ने कहा कि संस्था डी.ए.वी. इंटर कालेज बिजनौर वर्ष 1956 से ही मातृ संस्था आर्य प्रतिनिधि सभा उ.प्र. लखनऊ द्वारा संचालित है। आरोप है कि वर्ष 1991 में प्रशासन योजना में मनमाने ढंग से संशोधन कर मातृ संस्था के साथ छल व कपटपूर्ण व्यवहार कर कुछ असमाजिक तत्वों द्वारा इस संस्था पर अधिकार जमा लिया गया है। अनेक बार उच्च अधिकारियों को इस समस्या के समाधान हेतु लिखा भी गया है। डी.ए.वी. इंटर कालेज बिजनौर की प्रशासन योजना में कूटरचित योजना षड्यंत्र एवं दस्तावेज़ों में तथ्यों को छुपाकर मातृ संस्था के साथ धोखा किया गया है, जिसका निरस्त किया जाना अति आवश्यक है। शासनादेश संख्या 11-54/15-09-08-25/8 दिनांक 20 अक्टूबर 2008 के आलोक में जिला विद्यालय निरीक्षक बिजनौर द्वारा चुनाव को मान्य किए जाने के आदेश पारित किए हैं, यद्यपि वस्तुस्तिथि बिल्कुल इसके विपरीत है। प्रार्थना पत्र में अध्यक्ष श्री शर्मा ने वर्ष 1991 में मातृ संस्था के साथ छल कपट कर मनमाने ढंग से संशोधित /अनुमोदित प्रशासन योजना को निरस्त करने के आदेश पारित करने के साथ ही वर्ष 1991 से पूर्व मूल प्रशासन योजना के अनुसार ही चुनाव संबंधी क्रियान्वयन किए जाने के आदेश देने की मांग की है।
आर्य समाज बिजनौर के अध्यक्ष सतेन्द्र कुमार शर्मा ने इसकी प्रतिलिपि प्रधान आर्य प्रतिनिधि सभा उ.प्र. लखनऊ एवं शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) 18 पार्क रोड लखनऊ को भी प्रेषित की है।
कवि गोष्ठी में भगवान श्री राम के आदर्शों को अपनाने का संदेश
डॉ. राम शंकर प्रेमी रामदूत सम्मान से विभूषित
बरेली। कवि गोष्ठी आयोजन समिति के तत्वावधान में स्थानीय पांचालपुरी में सामाजिक कार्यकर्ता योगेश जौहरी के संयोजन में कवि गोष्ठी एवं सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राम कुमार भारद्वाज अफरोज ने की।
बुराई पर अच्छाई के प्रतीक विजयदशमी पर्व के दूसरे दिन रविवार को आयोजित कवि गोष्ठी में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राम शंकर शर्मा “प्रेमी” को संस्था के अध्यक्ष रणधीर प्रसाद गौड़ धीर एवं सचिव उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट द्वारा रामदूत सम्मान से विभूषित किया गया। इससे पहले माँ शारदे की वंदना एवं उनके समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा किया गया।
वरिष्ठ साहित्यकार रणधीर प्रसाद गौड़ धीर ने भगवान श्री राम के प्रति अपनी रचना इस प्रकार प्रस्तुत की – नाम जो मुख पर कभी श्री राम का लाता नहीं वह नरक को भोगता है स्वर्ग को पाता नहीं। गीतकार उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट ने अपनी रचना इस प्रकार प्रस्तुत की- सीखो ‘रामचरितमानस’ से, जीने के आयाम। राम -नाम ही सत्य जगत में, बोलो जय श्री राम। अश्वनी कुमार तन्हा ने अपनी रचना के माध्यम से कहा कि सर्वोपरि है मनुजता, खुद पर कर उपकार सत्य प्रेम के तीर से रावण- तम को मार। प्रताप मौर्य मृदुल ने अपनी रचना इस प्रकार प्रस्तुत की- जन्मभूमि के रख वालों का, दोष मिटा है तिरपालों का भव्य भुवन में चार कला के, दर्शन कर लो राम लला के। राज कुमार अग्रवाल ने अपनी ग़ज़ल इस प्रकार कही- तेरी हर बात जाने जां पुरानी याद आती है हसीं लम्हात की दिलकश कहानी याद आती है कवि मनोज दीक्षित टिंकू ने अपनी रचना इस प्रकार प्रस्तुत की- रावण मारा राम ने, गया स्वर्ग के धाम रावण रावण ही रहा, राम हैं अब भी राम। कवि किशन बेधड़क नें सुनाया- ईमान गया सब कुछ गया मानुष मृत समान। कवि गोष्ठी में कवियों ने भगवान श्री राम की महिमा का गुणगान किया और अपनी एक से बढ़कर एक रचनाओं के माध्यम से भगवान श्री राम के आदर्शों को अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन मनोज दीक्षित टिंकू ने किया। अंत में सभी के प्रति आभार कार्यक्रम संयोजन योगेश जौहरी ने प्रकट किया।
सांस व दमा के रोगियों को खिलाई जाएगी 17 अक्टूबर को औषधि युक्त खीर
बिजनौर। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 17 अक्टूबर को नहटौर क्षेत्रांतर्गत ग्राम नन्हेड़ा में नरेन्द्र वर्मा के आवास पर सांस एवं दमा के मरीजों को निःशुल्क खीर खिलाई जायेगी।
उक्त जानकारी देते हुए आयोजक नरेन्द्र वर्मा ने बताया कि दवाइयों से निर्मित यह खीर शरद पूर्णिमा को चांद की रोशनी में रखकर 17 अक्टूबर की प्रातः अजान के समय (5 बजे) सांस व दमा के मरीजों को खिलाई जायेगी। उन्होंने सांस व दमा के रोगियों को समय पर पहुंचकर लाभ उठाने की अपील की है।
शरद पूर्णिमा की खीर और सेहत का कनेक्शन
धार्मिक दृष्टि से शरद पूर्णिमा के दिन का बहुत महत्व है। यह दिन स्वास्थ्य, धन, संपदा, शुभ कार्य, धार्मिक भावना सहित अन्य रूप से शुभ दिवस होता है। कहा जाता है आश्विन शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली इस पूर्णिमा के दिन अमृत की वर्षा होती है। इस दिन चंद्रमा हल्के नीले रंग (blue moon) का दिखाई देता है। इस दिन रात को खीर बनाकर चंद्रमा को खीर में रखा जाता है। अगली सुबह उसका सेवन किया जाता है। इसका सेवन करने से कई प्रकार के रोगों से निजात मिलती है या रोगों का असर कम होता है। विद्वानों का कहना है कि इस दिन चंद्रमा 16 कलाओं का होता है और इससे निकलने वाली किरणें अमृत समान मानी जाती हैं। इसीलिए खीर में चंद्रमा की किरणें पड़ने से यह कई गुना लाभकारी हो जाती है। अत: दूध या खीर को चंद्रमा के प्रकाश में रखकर इसका सेवन किया जाता है। इस संबंध में यह भी माना जाता है कि किसी दिव्य औषधि को खीर में मिलाकर शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणों में रखने से उसके औषधीय गुण तो कई गुना बढ़ ही जाते हैं, इसके अलावा दूध में भरपूर मात्रा में पाया जाने वाला लैक्टिक एसिड, चांद की किरणों से मिलने वाला अमृत तत्व तथा चावलों में पाए जाने वाला स्टार्च के कारण यह खीर शरीर के लिए काफी फायदेमंद होती है। वहीं चांदी के बर्तन में रोग-प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है। अत: यदि खीर को चांदी के बर्तन में भरकर शरद पूर्णिमा की रात बाहर खुले आसमान में रखा जाए तो वो और भी अधिक लाभदायी होती है।
सेहत के लाभ-
1. दमा- दमा के मरीजों को शरद पूर्णिमा की खीर का सेवन जरूर करना चाहिए। इस खीर को चांद की रोशनी में रखकर सुबह 4 बजे इसका सेवन करने की सलाह दी जाती है। सालभर में शरद पूर्णिमा का दिन दमा रोगियों के लिए अमृत के समान माना जाता है।
2. आंखों की रोशनी – शरद पूर्णिमा के दिन खीर का सेवन तो किया जाता है। साथ ही चांद की रोशनी में 100 बार सुई में धागा पिरोने की परंपरा भी है। कहा जाता है कि ऐसा करने से आंखों की रोशनी तेज होती है। इस दिन खीर का सेवन करने से आंखों से संबंधित परेशानी दूर होती है। चंद्रमा को एकटक देखने पर आंखों की रोशनी बढ़ती है।
3. स्किन समस्या – शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा घुली हुई खीर खाने से चर्म रोग में आराम मिलता है। स्किन समस्या से जूझ रहे हैं तो इस दूध का सेवन करें। स्किन केयर के साथ त्वचा का ग्लो भी बढ़ता है।
4. दिल की सेहत – हृदय रोगियों के लिए भी इस खीर का सेवन करना फायदेमंद होता है। इस दिन खासकर चांदी के बर्तन में खीर या दूध रखना चाहिए। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और विषाणु भी दूर होते हैं। साथ ही उच्च रक्तचाप में भी आराम मिलता है।
5. मलेरिया – इन दिनों मौसम ठंडा-गरम होने पर मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ जाता है, जिससे मलेरिया का खतरा होता है। हालांकि बैक्टीरिया उपयुक्त वातावरण में पनपते हैं। लेकिन बैक्टीरिया जब पित्त के संपर्क में आते हैं तो वह धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैलने लगता है। पित्त को नियंत्रित कर के मलेरिया की चपेट में आने से बचा जा सकता है। इसलिए इस खीर को खाने की परंपरा है।
घुटनों में ग्रीस की प्रॉब्लम है और चलते समय आपको दर्द होता है, तो आज से ही इन चीजों का सेवन करना शुरू कर दें।
घुटनों का दर्द या ग्रीस कम होने के कारण
बॉडी में कैल्शियम की कमी, कम मात्रा में पानी पीना या खड़े होकर पानी पीना, तली हुई चीजें बहुत ज्यादा खाना, फास्ट-फूड का अधिक सेवन खाना, जल्दी-जल्दी खाने की आदत, कब्ज रहना, अधिक वजन होना, गिरने से चोट लगना, अधिक चिंता करना और रात को जागने की आदत इस समस्या के कारण हो सकते हैं।
अखरोट खाकर बढ़ाएं घुटनों की ग्रीस
घुटनों की ग्रीस बढ़ाने के लिए अखरोट काफी फायदेमंद होता है। आप हर रोज दो अखरोट का सेवन जरूर कीजिए। ऐसा करने से घुटनों का ग्रीस बढ़ने लगता है। इसलिए क्योंकि अखरोट में प्रोटीन, फैट, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन ई, बी-6, कैल्शियम और मिनरल भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके अलावा अखरोट में एंटी-ऑक्सीडेंट के साथ-साथ ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। यह एक प्रकार का फैट है जो सूजन को कम करने में हेल्प करता है।
जादू कर देंगे हरसिंगार के पत्ते
हरसिंगार को पारिजात और नाइट जैस्मिन भी कहते हैं। इसके फूल, पत्ते और छाल का उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है। इसके पौधे आपको अपने घर के आसपास भी देखने को मिल जाएंगे। इसके पत्ते जोड़ों के दर्द को दूर करने और घुटनों की ग्रीस बढ़ाने में मददगार होते हैं। इन पत्तों में टेनिक एसिड, मिथाइल सिलिसिलेट और ग्लूकोसाइड होता है। ये द्रव्य औषधीय गुणों से भरपूर हैं। घुटनों की ग्रीस बढ़ाने के लिए हरसिंगार के 3 पत्तों को पीसकर पेस्ट बना लें। फिर इस पेस्ट को 1 बड़े गिलास पानी में मिलाकर धीमी आंच पर पकाएं। जब पानी आधा से भी कम रह जाए तब इसे छानकर हल्का ठंडा करके पियें। इस काढ़े का सेवन सुबह खाली पेट करें।
नारियल पानी भी है बेहतरीन उपाय
खाली पेट नारियल का पानी पीने से भी घुटनों में लचीलापन आता है। एक महीना इस उपाय को करके देखें। आपको बहुत फायदा मिलेगा। जरूरी विटामिन और मिनरल के अलावा यह मैग्नीज जैसे तत्वों से भरपूर है। सूखने के दौरान इसमें नेचुरल ऑयल बनने लगता है जो हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत करता है।
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बंदियों को सुधारने के लिए किया जा रहा है हर तरह का प्रयास
दीपावली पर जेल के बंदियों के बनाए कंडील और दीयों से जगमगाएंगे घर
बिजनौर। दीपावली पर्व को लेकर जिला कारागार के बंदी कंडील और दीपक बना रहे हैं। जेल प्रशासन द्वारा सेल लगाकर ये बेचे जाएंगे। जेल में अधिकांश बंदी इन दिनों मिट्टी के दीए बनाकर उन पर रंग-बिरंगे रंग कर रहे हैं, इनमें महिला बंदियों की संख्या अधिक है। दीपावली से पहले एक सामाजिक संस्था द्वारा इन दीए और कंडील की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
जेलर रविन्द्रनाथ सरोज ने बताया कि बंदियों को दीपावली पर्व पर दीए और कंडील बनाने के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। बंदी मेहनत से काम में लगे हुए हैं। इनको प्रदर्शनी के जरिए नीलाम कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि दीपावली के अलावा भी जिला कारागार बिजनौर में बंदियों को सुधारने के लिए हर तरह का प्रयास किया जा रहा है। अलग-अलग आपराधिक घटनाओं में लिप्त इन बंदियों को जेल में ही लकड़ी की कुर्सी-मेज और माटी के बर्तन बनाने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। कई बंदी प्रशिक्षण पाकर कारीगर भी बन गए हैं। इनके द्वारा बनाए गए उपकरणों को बाजार में बेच कर प्राप्त आमदनी के पैसे बंदी को दिए जाते हैं। मतलब यह कि जेल में सजा काट रहे बंदियों को उनके अपराध की सजा के साथ उन्हें आमदनी का जरिया भी मुहैया कराया जा रहा है, ताकि उनका आगे का जीवन में सुधार आ सके और जो अपराध वो करके आए हैं, जेल की चारदीवारी से बाहर निकलकर उसकी पुनरावृत्ति न करें।
उर्वरकों की कालाबाजारी करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाईः जसवीर सिंह तेवतिया
बिजनौर। जनपद में खरीफ फसलों की कटाई का कार्य प्रारंभ हो चुका है। कुछ दिनों में रबी फसलों की बुवाई का कार्य प्रारम्भ हो जाएगा। जनपद के किसानों को उर्वरकों की प्राप्ति में कोई समस्या ना आए इसके संबंध में उर्वरक निरीक्षक/जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में पर्याप्त मात्रा में फास्फेटिक उर्वरक (डीएपी एनपीके, एस एस पी) एवं यूरिया उर्वरक उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि जनपद के सहकारी, गन्ना समिति और निजी निजी उर्वरक विक्रेताओं के केंद्रों एव बफर गोदाम पर क्रमश यूरिया 23522 मै. टन, डीएपी 5066 मै. टन, एनपीके 3191 मै. टन एवं एसएसपी 1628 मै. टन उपलब्ध है। रबी फसलों की बुवाई के लिए आवश्यक मांग के अनुसार उर्वरकों का वितरण करने को समस्त सहकारी एवं गन्ना समितियां एवं निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों को निर्देशित किया गया है कि उर्वरकों के वितरण में कृषकों को आवश्यकता अनुसार एवं जोत बही तथा संस्तुति के आधार पर सुगमतापूर्वक उर्वरक का वितरण करें। साथ ही कृषक भाइयों से यह भी अपील है कि फसलों की बुवाई के लिए केवल डीएपी पर निर्भर न रहें। जनपद में पर्याप्त मात्रा में सिंगल सुपर फास्फेट भी उपलब्ध है। फसलों की बुवाई में उसका भी प्रयोग किया जाए। उन्होंने समस्त थोक एवं उर्वरक बिक्री केंद्रों को निर्देशित किया कि कृषकों की तत्कालीन आवश्यकता के अनुसार ही फास्फेटिक उर्वरकों, विशेषकर यूरिया, डीएपी, एनपीके, उर्वरक का वितरण निर्धारित दर पर किया जाए। बिना पोस मशीन के उर्वरकों का वितरण न किया जाए। किसी भी दशा में ऊर्वरकों की बिक्री बल्क में न की जाए एवं कृषक को उनकी जोतबही/खतौनी एवं फसलवार संस्तुति के अनुसार उर्वरकों का वितरण किया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि कोई भी उर्वरक विक्रेता निर्धारित दर से अधिक दर पर बिक्री करता हुआ एवं प्रचलित उर्वरकों के साथ-साथ अन्य उर्वरकों की टैगिंग करता हुआ पाया जाता है तो संबंधित उर्वरक विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अंतर्गत विधिक कार्रवाई अमल में लायी जाएगी। उन्होंने उर्वरक विक्रेताओं को यह भी निर्देश दिये कि कृषकों को वितरित उर्वरकों की रसीद अवश्य उपलब्ध कराई जाए।
चढ़ने के लिए सीढ़ी, उतरने के लिए पाइप, आखिर कैसे फरार हो गए 2 कैदी?
छह कर्मचारियों काे निंलबित कर चुका है जेल मुख्यालय
आखिरकार जेल अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं?
हरिद्वार। रामलीला मंचन के दौरान रोशनाबाद जेल से दो कैदी फरार होने के मामले में जेल मुख्यालय ने शाम होते-होते छह कर्मचारियों काे निंलबित कर दिया, लेकिन जेल अधीक्षक मनोज आर्य की कोई जिम्मेदारी या जवाबदेही तय नहीं की गई। इसको लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। भले ही अधीक्षक अवकाश पर थे, लेकिन ऐसा नहीं है कि कैदियों ने एक ही दिन में प्लानिंग की और उसी दिन फरार हो गए।
उत्तराखंड प्रदेश की सबसे ज्यादा संवेदनशील जेल, जिसमें खूंखार अपराधियो को रखने के लिए हाई सिक्योरिटी बैरक का निर्माण चल रहा है, उसमें सुरक्षा को लेकर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो गई। कैदियों को दीवार पर चढ़ने के लिए सीढ़ी भी आसानी से मिल गई और लटक कर उतरने के लिए पानी का पाइप भी जेल के अंदर मिल गया। सीढ़ी, रस्सी, पाइप को हथियार बनाकर कैदी फरार हो सकते हैं या एक दूसरे को नुकसान पहुंचा सकते हैं, इस पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया। इसलिए जेल अधीक्षक की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं कि जेल महकमा खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अधीन है।फिलहाल जेल मुख्यालय ने प्रभारी अधीक्षक व कारापाल प्यारे लाल आर्य, उप कारापाल सर्किल जेलर कुंवर पाल सिंह, दिन हैड वार्डर प्रेमशंकर यादव, हैड वार्डर – प्रभारी गिर्दा हेड विजय पाल सिंह, बंदीरक्षक प्रभारी निर्माण स्थल। ओमपाल सिंह और हेड वार्डर-प्रभारी गेटकीपर नीलेश कुमार को सस्पेंड किया है, मगर अधीक्षक पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
गौरतलब है कि हरिद्वार की रोशनाबाद जेल से रामलीला मंचन के वक्त दो खूंखार कैदी जेल से फरार हो गए। जेल से कैदियों के फरार होने की खबर सामने आने के बाद पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है। इस घटना के पीछे कई सवाल उठ रहे हैं। कैदियों को जेल के अंदर सीढ़ी और प्लास्टिक की पाइप जैसे सामान आखिर कैसे मिल गए। दोनों फरार हुए कैदियों में एक शार्प शूटर भी है। एसएसपी परमेन्द्र सिंह डोभाल द्वारा कई टीमें गठित की गई हैं। कैदियों की तलाश में पुलिस जगह-जगह पर दबिश दे रही है। आरोपियों के रिश्तेदारों और तमाम अलग-अलग ठिकानों पर पुलिस की नज़रें बनी हुई हैं, हालांकि अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।
पहले भी हो चुकी है लापरवाही
जिला प्रशासन की टीम के औचक निरीक्षण के वक्त जेल के अंदर मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। सवाल यह खड़ा होता है की जेल प्रशासन आखिरकार इन अपराधियों को लेकर गंभीर क्यों नहीं है!
सावधान! अब पेंशनर्स को निशाना बना रहे हैं साइबर अपराधी
“साइबर अपराधियों का पेंशन धारकों को ठगने का नया तरीका”
आजकल साइबर अपराधियों द्वारा पेंशन धारकों को “जीवन प्रमाण पत्र” ऑनलाइन अपडेट करने के लिए कॉल किया जा रहा है, उनके पास पेंशन धारकों का पूरा डेटा जैसे नियुक्ति का दिनांक, सेवानिवृत्ति का दिनांक, पीपीओ नंबर (पेंशनभोगी भुगतान आदेश संख्या), आधार कार्ड संख्या, स्थाई पता, ईमेल आईडी, सेवानिवृत्ति पर प्राप्त राशि, मासिक पेंशन, नॉमिनी आदि की जानकारी होती है। वे उन्हें इस पूरे डेटा के साथ कॉल करते हैं, ताकि पेंशन धारक को यह विश्वास दिलाया जा सके कि वे पेंशन निदेशालय से हैं। वे पेंशन धारकों का पूरा डेटा बताते हुए उनका जीवन प्रमाण पत्र अपडेट करने हेतु ओटीपी साझा करने के लिए कहते हैं। एक बार जब पेंशन धारक फोन पर आए हुए ओटीपी को साझा कर देते हैं तो, जालसाजों को पेंशन धारक के बैंक खाते का डायरेक्ट एक्सेस कन्ट्रोल मिल जाता है। तत्पश्चात वे पेंशन धारक के खाते में जमा समस्त राशि को तुरन्त दुसरे ‘फर्जी बैंक खातों’ या ‘वॉलेट’ में स्थानांतरित कर देते हैं। इसलिए जागरूक रहें, ‘पेंशन निदेशालय’ कभी भी किसी पेंशन धारक को उनका ‘जीवन प्रमाण पत्र’ ऑनलाइन अपडेट करने के लिए कॉल नहीं करता है और न ही ऑनलाइन जीवन प्रमाण पत्र अपडेट करता है। यह पेंशन धारकों का कर्तव्य है कि वे अपने जीवन प्रमाण पत्र को व्यक्तिगत रूप से पेंशन निदेशालय में जाकर अपडेट करायें । इस तरह आने वाली फर्जी कॉल्स से बचें व साइबर क्राइम सेल हजरतगंज लखनऊ को सूचित करें। कृपया यह जानकारी पेंशन धारकों को जागरूक करने के लिए साझा करें।
गृह मंत्रालय ने “नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग और प्रबंधन प्रणाली” मॉड्यूल पर वित्तीय धोखाधड़ी की तत्काल रिपोर्ट करने और “राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल” ( http://www.cybercrime.gov.in ) पर साइबर अपराध की घटनाओं को दर्ज करने में सहायता प्राप्त करने के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर ‘1930’ (पहले ‘155260’)
मथुरा में सामने आए पेंशनर्स के साथ धोखाधड़ी के मामले
दरअसल मथुरा प्रशासन को जानकारी मिली कि कुछ शातिर लोग पेंशनर्स को फोन करके उनका महत्वपूर्ण डेटा लेकर उनके खाते से पैसा निकाल रहे हैं। इसके लिए उनके द्वारा ट्रेजरी ऑफिस के नाम का सहारा लिया जा रहा है। अपराधी खुद को ट्रेजरी से जुड़ा बताते हैं, इसलिए लोग उनकी बातों में भी आ जाते हैं। मथुरा में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें पेंशनर्स को फोन करके उनसे खाते आदि की जानकारी मांगी गई और फिर खातों से पैसा निकाल लिया गया। ऐसे दो मामलों में एफआईआर भी दर्ज की गई है।
‘खाते की कोई भी जानकारी ना करें शेयर’
मथुरा के वरिष्ठ कोषाधिकारी संतोष कुमार कुशवाहा ने बताया कि पेंशन पाने वाले लोगों के साथ साइबर अपराधियों की ओर से धोखाधड़ी के मामलों की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर रिटायरमेंट के बाद पेंशनर्स के खातों में पर्याप्त पैसा जमा होता है, इसलिए उनके बारे में जानकारी एकत्र करके उन्हें ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि साइबर ठगी करने वाले मथुरा कोषागार के नाम से पेंशनर्स को एरियर और अन्य भुगतान करने का लालच देकर उनसे बैंक खाते का विवरण, आधार संख्या के साथ ओटीपी पूछकर बैंक खाते से पैसा निकाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुछ अन्य जिलों से भी ऐसे मामले सामने आए हैं। वरिष्ठ कोषाधिकारी ने बताया कि इस प्रकार के साइबर क्राइम की जांच तो पुलिस की साइबर सेल करेगी, लेकिन हम सभी पेंशनर्स से यह अपील रहे हैं कि वो इस प्रकार के किसी फोन कॉल के झांसे में ना आएं और बैंक खातों से जुड़ी कोई भी जानकारी ना दें। उन्होंने यह भी कहा कि ना तो ऐसा कोई फोन किया जाता है और ना ही इस प्रकार की कोई जानकारी मांगी जाती है।
पुलिस की सराहना करते हुए जिलाध्यक्ष, जल्द मिलेंगे एसपी से
कारी साहब के सर को भी बरामद करना अति आवश्यक: वसीम अकरम (एङ)
बिजनौर। जनपद के थाना हल्दौर अंतर्गत ग्राम खारी में लगभग 20 दिन पहले कारी सैफूररहमान साहब की कब्र खोद कर उनका सर काट कर ले जाने की घटना के खुलासे के लिए कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के जिलाध्यक्ष वसीम अकरम (एड.) ने पुलिस अधीक्षक, सीओ सिटी, थानाध्यक्ष हल्दौर, चौकी इंचार्ज झालू व अन्य पुलिस टीम का धन्यवाद व्यक्त किया है। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि हज़रत कारी सैफूररहमान साहब के सर को भी बरामद किया जाना अति आवश्यक है। वसीम अकरम (एड.) ने कहा कि एक डेलिगेशन पुलिस अधीक्षक महोदय से मिल कर हज़रत के सर की मांग को लेकर वार्ता करेगा।
हल्की फुल्की धाराओं में केस दर्ज करा कर अपराधियों को पहुंचाया फायदा
उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, अनुशासनहीनता और सत्यनिष्ठा पर गम्भीर आरोप
भक्षक बने अमानगढ़ रेंज के वन रक्षक नईम अली निलम्बित
बिजनौर। अमानगढ़ रेंज के वन रक्षक नईम अली को विभिन्न मामलों को लेकर निलम्बित कर दिया गया है। यह जानकारी डीएफओ ज्ञान सिंह ने दी।
डीएफओ ज्ञान सिंह ने बताया कि वन रक्षक अमानगढ़ रेंज नईम अली के विरुद्ध अवैध पातन अवैध निकासी, वन क्षेत्र से अवैध लकड़ी की निकासी क्षेत्र में प्रभावी गश्त व निगरानी न करने, वन अपराधों में प्रभावी नियंत्रण न कर पाने से संबंधित प्राप्त शिकायतों की जांच उप प्रभागीय वनाधिकारी नजीबाबाद से कराई गई। जांच अधिकारी ने अपने प्रतिवेदन में वन रक्षक नईम अली द्वारा अवैध पातन पर प्रभावी नियंत्रण न कर पाने, प्रतिबंधित प्रजाति आम के 74 आम एवं जामुन कुल 75 प्रतिबंधित प्रजाति के वृक्षों के अवैध पातन की घटना को छुपाने, समय से घटना को संज्ञान में न लाने, केस का अल्पीकरण करके सीमित धाराओं में केस जारी कर अपराधियों को फायदा पहुंचाने का भरपूर प्रयास करने, अवैध कटे वृक्षों का सम्पूर्ण प्रकाष्ठ बरामद न करने एवं अपने राजकीय दायित्वों का पूर्ण निष्ठा से पालन न करने, उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना एवं अनुशासनहीनता तथा इनकी सत्यनिष्ठा पर गम्भीर आरोप लगाते हुए निलंबन की प्रबल संस्तुति की। डीएफओ ज्ञान सिंह ने बताया कि जांच अधिकारी उप प्रभागीय वनाधिकारी, नजीबाबाद की जाँच के आधार पर नईम अली वन रक्षक को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है।
ठेके पर नकली शराब बेचते पकड़ा गया महिला ठेकेदार का बेटा
लखनऊ। आबकारी विभाग ने ठेके पर छापा मार कर नकली शराब बरामद की है। कानपुर रोड बिजनौर थाना क्षेत्र में छापेमारी के दौरान ठेके से ब्लेंडर ब्लैक, रॉयल स्टैग, इंपीरियल ब्लू और मैकडॉवेल ब्रांड की नकली शराब बरामद की गई। यही नहीं चंडीगढ़ के राजधानी ब्रांड की शराब भी बरामद हुईं। खास बात यह है कि ठेके पर नकली शराब बेचते पकड़ा गया आरोपी महिला ठेकेदार का बेटा है।
जांच में नकली पाए गए QR कोड और ढक्कन
जिला आबकारी अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि आबकारी विभाग की टीम ने गुरुवार को बिजनौर थाना क्षेत्र के नटकूर विदेशी मदिरा दुकान के साथ आसपास के क्षेत्र में दबिश दी। दुकान के काउंटर के अंदर रखी शराब की विभिन्न ब्रांड के बोतल, अद्धा और पौवा के क्यूआर कोड स्कैन करने पर नकली पाए गए, ढक्कन भी नकली थे।
चंडीगढ़ से लाया गया नकली सामान
ठेके से चंडीगढ़ के राजधानी ब्रांड की शराब भी बरामद हुई। कुल 1,440 बोतल छिपाकर रखी गई थीं। इसके साथ ही 1005 नकली QR कोड की बोतल भी पकड़ी गईं। इसमें ब्लेंडर ब्लैक, रॉयल स्टैग, इंपीरियल ब्लू और मैकडॉवेल ब्रांड के 6141 ढक्कन के साथ ही दो बोरी शीशियां भी बरामद हुईं। पूछताछ में पता चला कि प्रेमवती के नाम पर आवंटित इस दुकान का काम उसका बेटा विशाल जायसवाल देखता है। यह भी पता चला कि फर्जी ढक्कन, QR कोड, ख़ाली शीशियां कार द्वारा चंडीगढ़ से लाए गए थे। आबकारी अधिकारियों ने दुकान का स्टॉक जब्त कर लिया है। आरोपी हिमांशु जायसवाल को वैधानिक कार्रवाई के तहत जेल भेज दिया गया है।
लखनऊ (शैली सक्सेना)। अधर्म पर धर्म की जीत का पर्व दशहरा हिंदू धर्म के मुख्य त्योहारों में से एक है। प्रत्येक वर्ष आश्विन माह में शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर यह पर्व मनाया जाता है, जो नवरात्र समापन के अगले दिन पड़ता है। इस बार दशहरा शनिवार 12 अक्टूबर को मनाया जाएगा।
अपराजिता के फूल से करें उपाय
दशहरे के दिन की जाने वाली पूजा में अपराजिता के फूलों को शामिल करना काफी शुभ माना जाता है। इस त्योहार पर अपराजिता के फूल से जुड़े कुछ उपाय कर के काफी लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
उपाय से होगा धन लाभ
दशहरे के दिन पूजा-पाठ के दौरान मां लक्ष्मी को अपराजिता के फूल जरूर अर्पित करनी चाहिए। ऐसा करने से साधक को मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और घर में धन-समृद्धि का वास बना रहता है। पूजा में मां लक्ष्मी को अपराजिता के 7 फूलों से बनी माला चढ़ाएं। पूजा समाप्त होने के बाद इस माला को अपने घर की तिजोरी में रख लें। ऐसा करने से धन आकर्षित होता है और तिजोरी कभी खाली नहीं होती।
खुलेंगे समृद्धि के मार्ग
आर्थिक तंगी से छुटकारा पाने के लिए दशहरे पर मुख्य द्वार पर एक बर्तन में पानी भरकर उनमें कुछ अपराजिता के फूल डालें। इससे आर्थिक तंगी दूर होने के साथ ही व्यक्ति के लिए समृद्धि के मार्ग खुलने लगते हैं।
स्नान करने से समस्याएं होंगी दूर
अपने घर में स्थापित श्रीयंत्र पर पूजा के दौरान अपराजिता के फूल अर्पित करें। इससे साधक को धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता। यही नहीं दशहरे पर 5 अपराजिता के फूल पानी में मिलाकर स्नान करने से भी लाभ मिल सकता है।
नकारात्मकता होगी दूर
दशहरे के मौके पर घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में किसी बर्तन में अपराजिता के फूलों को डालकर रख दें। इस उपाय को करने से जातक को घर में मौजूद सभी प्रकार की नकारात्मकताओं से छुटकारा मिल सकता है। इससे न सिर्फ गृह-क्लेश जैसी समस्याएं दूर होंगी, बल्कि घर में सुख-शांति का माहौल बना रहता है।
अस्वीकरण: इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।
फिल्म का मुहूर्त पटना में और शूटिंग हिमाचल प्रदेश में करेंगे निर्देशक नित्या निकेश कुशवाहा
भोजपुरी फिल्म मोहब्बत कर गईल अखियाँ का पहला ऑफिशियल पोस्टर जारी
मुंबई। लेखक व निर्देशक नित्या निकेश कुशवाहा की भोजपुरी फिल्म मोहब्बत कर गईल अखियाँ का पहला ऑफिशियल पोस्टर जारी कर मुहूर्त व शूटिंग की घोषणा की गई। पोस्टर सोशल मीडिया में खूब शेयर किया जा रहा है, जिससे निकेश के प्रशंसकों में खुशी की लहर है। उन्होंने बताया कि वे मोहब्बत कर गईल अखियाँ का मुहूर्त पटना में करेंगे, वहीं शूटिंग हिमाचल प्रदेश में होगी। दिसंबर में इस फिल्म की शूटिंग शुरू की जाएगी। फिलहाल फिल्म का प्री – प्रोडक्शन जारी है। लगभग कलाकारों का चयन हो चुका है और जल्दी ही फिल्म का मुहूर्त पटना में किया जायेगा।
फर्स्ट लुक आउट होने के साथ ही उत्सुकता बढ़ गई है और प्रशंसकों को बेसब्री से फिल्म का इंतजार है। कहानी पारिवारिक और मनोरंजन पृष्ठभूमि पर आधारित है, जो पूर्ण रूप से दर्शकों की पसंद के अनुसार बनाई जाएगी। ज्ञात रहे इससे पूर्व निकेश कई फिल्मों में बतौर सहायक निर्देशक कार्य कर चुके हैं। भोजपुरी के सुपरस्टार और अनुभवी निर्देशकों के साथ अनुभव प्राप्त कर चुके हैं, जिसके बाद ही उन्होंने बतौर निर्देशक की जिम्मेदारी ली है।
मौर्या द अंपायर फिल्म्स के बैनर तले बनने जा रही इस फिल्म के निर्माता एनआरआई अभिषेक भट्टाचार्य, सह निर्मात्री अदिति मौर्या, लेखक – निर्देशक नित्या निकेश कुशवाहा, छायांकन रत्नजीत बाबू, रचनात्मक निर्देशक मनोरंजन मिश्रा, सहायक निर्देशक प्रदीप के यादव व मेहताब आलम, गीत संगीत अर्जुन सावरिया, परिधान विवेक व जगरनाथ, नृत्य निर्देशक नंदू राज और समूह, एक्शन नूर मोहम्मद अंसारी, कला शशि लाल यादव, प्रोडक्शन आदित्य कुमार दुबे व महेश मौर्या, प्रचारक युधिष्ठिर महतो हैं।
चिकित्सा सेवा सलाहकार समिति के सदस्यों ने दी चेतावनी
डीएम से मिल कर सौंपा ज्ञापन
आरएमओ (अन्क्वालिफाइड) डॉक्टर्स को न बोला जाए झोलाछाप
मेरठ। आरएमओ (अन्क्वालिफाइड) डॉक्टर्स को झोलाछाप बोलने और उनकी प्रैक्टिस का अधिकार छीने जाने का विरोध किया है। इस संबंध में चिकित्सा सेवा सलाहकार समिति के सदस्यों ने जिलाधिकारी को धरना देने की चेतावनी दी।
चिकित्सा सेवा सलाहकार समिति के सदस्यों ने शासनादेश के खिलाफ जिलाधिकारी से मिल कर ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कहा कि करोड़ों आरएमओ (अन्क्वालिफाइड) डाक्टर इस पेशे से जुड़े है। ये डॉक्टर गांव व शहर में कम खर्च पर गरीब मरीजों का इलाज करते हैं। यदि इन आरएमओ (अन्क्वालिफाइड) डॉक्टर्स के क्लीनिक बंद करा दिए गए तो गरीब मरीज इलाज नहीं करा पाएंगे। समिति के सदस्यों ने यह भी याद दिलाया कि इन डॉक्टर्स की कोरोना काल की सेवाओं को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने प्रोत्साहित किया था। समिति ने मांग की कि गरीबों के इलाज के लिए सरकार एमबीबीएस से फ्री में इलाज कराए। यह भी मांग की कि डॉक्टर्स की सेवाओं को झोलाछाप न बोला जाए। साथ ही यह चेतावनी दी कि इन आरएमओ (अन्क्रालिफाइट) डॉक्टर का काम बन्द होता है तो धरना दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षणेत्तर संघ ने उठाई आवाज़
डीआइओएस को सौंपा मुख्यमंत्री को संबोधित 11 सूत्री मांग पत्र
डीआइओएस कार्यालय पर धरना प्रदर्शन
बिजनौर। शिक्षक पद पर पदोन्नति, नकदीकरण, पुरानी की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षणेत्तर संघ ने डीआइओएस कार्यालय पर प्रदर्शन कर धरना दिया। साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित 11 सूत्री मांग पत्र डीआइओएस जयकरण यादव को सौंपा।
धरना प्रदर्शन के दौरान आयोजित सभा में वक्ताओं ने जिले के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की शिक्षक पद पर पदोन्नति, चिकित्सा सुविधा, प्रबंध समिति में भागेदारी, पदोन्नति में ट्रिपल सी की अनिवार्यता हटाने, आउट सोर्सिंग कर्मचारियों को समय से वेतन दिलाने आदि मांग की। वहीं जनपद के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की समस्त देयकों का भुगतान कराने, एसीपी प्रकरण समय से निपटाने, जीपीएफ ऋण समय से स्वीकृत करने, कार्यालय में भ्रष्टाचार समाप्त करने, पदोन्नति का लाभ देने की भी मांग उठाई। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष आसिफ गयूर ने धरना स्थल पहुंच कर लंबित मांगों का समर्थन किया। धरने के दौरान डीआईओएस कार्यालय पहुंचे उप शिक्षा निदेशक मुरादाबाद मनोज कुमार द्विवेदी से भेंटकर कर्मचारियों की समस्याएं बताईं।
इस दौरान जिलाध्यक्ष मुकेश सिन्हा, संरक्षक रामचरण सिंह, अंशुल शर्मा, जिवेन्द कुमार, योगेश कुमार, महीपाल सिंह, अबरार अहमद, हरेन्द सिंह, आशीष अग्रवाल, निर्मलो यादव आदि मौजूद रहे।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने शासन को भेजी रिपोर्ट
कार्य में लापरवाही बरतने पर दो पशु चिकित्सकों को हटाने की सिफारिश
अलीगढ़। चर्बी की दुर्गंध को लेकर चल रहे हंगामे के जिला प्रशासन ने अल्लाना और एमएचए मीट फैक्ट्री पर तैनात पशु चिकित्सकों को हटाने की सिफारिश की है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. एनएन शुक्ला ने इसकी रिपोर्ट शासन को भेज कर दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति भी की है।
जानकारी के अनुसार दोनों पशु चिकित्सकों पर अपने कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप हैं। शासन को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले दिनों फ्रिगेरियो कन्जर्वा अल्लाना मीट फैक्ट्री में पशुवध के बाद अवशेषों को नष्ट कराया गया था। नियमानुसार अवशेषों का निस्तारण इंटीग्रेटेड पशुवधशाला में ही किया जाना चाहिए, लेकिन डा. कप्तान सिंह ने सही तरीके से पर्यवेक्षण नहीं किया। इससे स्पष्ट है कि पशु चिकित्साधिकारी ने कार्यों में लापरवाही बरती। कप्तान सिंह की तैनाती भी नियम विरुद्ध है। वह पशु चिकित्साधिकारी के पद पर हरौथा में तैनात हैं। मीट फैक्ट्री में इनकी ड्यूटी 30 किलोमीटर दूर है। इसके अलावा एमएचए एग्रो इंडीस्ट्रीज में तैनात पशु चिकित्साधिकारी डा. अमित कुमार पाल पर भी लापरवाही के आरोप लगाते हुए हटाने की सिफारिश की गई है।
कुटू का आटा, किशमिश, मूंगफली समेत अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए
जांच को भेजे गए खाद्य सामग्री के नौ नमूने
बिजनौर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने अभियान चलाकर कुटू का आटा, किशमिश, मूंगफली समेत अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच को प्रयोगशाला भेज दिए।
सहायक आयुक्त (खाद्य) नादिर अली और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजीव सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों पर चेकिंग की। टीम में शामिल इन अधिकारियों ने बड़ी मंडी धामपुर बाजार से दो-दो नमूने लालमिर्च और किशमिश, एक-एक नमूना, मूंगफली, रंगीन कचरी और बेसन का लिया। इसके अलावा नगीना से एक-एक नमूना कुटू का आटा एवं मावे और नहटौर से गोल गप्पे के पानी का नमूना लिया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी धामपुर के साथ जनपद बिजनौर स्थित मुख्य बाजारों में खाद्य पदार्थ के नमूना संग्रहण की कार्यवाही कर व्यापारी विक्रेताओं को खराब, पुराना, एक्सपायर्ड कुटू के आटा को न बेचने के संबंध में जागरूक किया गया। साथ ही अनहाइजीनिक तरीके से खाद्य पदार्थों को भंडारित नहीं करने की सलाह दी। इन अधिकारियों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह पांच दिनों से अधिक पुराने खुले एवं पैकेट के कुटटू के आटे, खुले मसाले, रंगीन कचरी-पापड़ की खरीद-फरोख्त न करें।
धड़ाधड़ बंद हो गए दर्जनों दुकानों के शटर
खाद्य विभाग की टीम के नूरपुर कस्बे में छापेमारी करने की अफवाह के चलते किराने की दर्जनों दुकानों के शटर धड़ाधड़ बंद होने शुरू हो गए। टीम के आने की खबर झूठी होने का पता लगने पर फिर से दुकानें खुली। कस्बा चांदपुर व निकटवर्ती गांवों में कुटू के आटे से बने खाद्य पदार्थ खाने से सैकड़ों लोगों के बीमार होने के बाद से सक्रिय हुई खाद्य विभाग की टीम लगातार किराने की दुकानों पर छापेमारी कर रही है।
एक पेड़ माँ के नाम, वेटलैण्ड संरक्षण वन, मित्र वन, विरासत वृक्ष वाटिका, पवित्र धारा वृक्षारोण, भाई-बहन वृक्षारोपण, एक वृक्ष गुरु के नाम को विकसित करने व उसकी उपयोगिता बताई प्रदेश में हरित आवरण वृद्धि का लक्ष्य प्राप्ति के लिए योजना व रणनीति लखनऊ। वन विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा वानिकी नव वर्ष के शुभारम्भ हेतु […]
10, 11 या 12 अक्टूबर में से किस दिन की जाएगी अष्टमी-नवमी की पूजा? जानिए सही तारीख और पूजा मुहूर्त
इस बार एक नवरात्र बढ़ जाने के कारण आम लोग अष्टमी और नवमी तिथि को लेकर असमंजस में हैं. ऐसे में हम आपको इस लेख में अष्टमी और नवमी तिथि की सही तारीख बताने जा रहे हैं ताकि आप विधिपूर्वक नवरात्रि का समापन कर सकें.
वैदिक पंचांग के अनुसार शारदीय नवरात्रि हर साल अश्विन माह में आने वाली शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से आरंभ होती है, जिसका समापन नवमी तिथि पर होता है. इस साल नवरात्रि 3 अक्तूबर दिन गुरुवार से शुरू हुई है, जिसका समापन 11 अक्तूबर को होगा. वहीं, मूर्ति का विसर्जन 12 अक्तूबर को किया जाएगा. इस बार एक नवरात्र बढ़ जाने के कारण आम लोग अष्टमी और नवमी तिथि को लेकर थोड़े असमंजस में हैं.
11 तारीख को अष्टमी और नवमी तिथि का व्रत –
पंचांग के अनुसार, इस साल शारदीय नवरात्रि की अष्टमी तिथि की शुरूआत 10 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट से हो रही है, जिसका समापन अगले दिन 11 अक्तूबर को 12 बजकर 6 मिनट पर होगा. इसके समापन के तुरंत बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी, जो 12 अक्तूबर सुबह 10 बजकर 57 मिनट पर होगी. उदयातिथि पड़ने के कारण अष्टमी और नवमी तिथि का व्रत 11 तारीख को ही रखा जाएगा.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. newsdaily24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
एक पेड़ माँ के नाम, वेटलैण्ड संरक्षण वन, मित्र वन, विरासत वृक्ष वाटिका, पवित्र धारा वृक्षारोण, भाई-बहन वृक्षारोपण, एक वृक्ष गुरु के नाम को विकसित करने व उसकी उपयोगिता बताई
प्रदेश में हरित आवरण वृद्धि का लक्ष्य प्राप्ति के लिए योजना व रणनीति
लखनऊ। वन विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा वानिकी नव वर्ष के शुभारम्भ हेतु राज्य स्तरीय समारोह कार्यक्रम इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान लखनऊ के प्लूटो हॉल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ० अरुण कुमार सक्सेना, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, जन्तु उद्यान, उoप्रo तथा गणमान्य अतिथि के रूप में मनोज सिंह, अपर मुख्य सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, उ०प्र० सहित सुधीर कुमार शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक और विभागाध्यक्ष, उ0प्र0 सुनील चौधरी, प्रबन्ध निदेशक, उ०प्र०, वन निगम एवं संजय श्रीवास्तव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्य जीव उoप्रo तथा अशोक कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, अनुश्रवण एवं कार्ययोजना, उ०प्र० व श्रीमती अनुराधा वेमुरी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण उ०प्र० सहित प्रदेश के समस्त मुख्य वन संरक्षक व वन संरक्षक तथा प्रभागीय वनाधिकारी / निदेशक व वन कर्मचारी उपस्थित रहे।
सर्वप्रथम मुख्य अतिथि डॉ० अरूण कुमार सक्सेना, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, जन्तु उद्यान, उ०प्र० सहित द्वारा गणमान्य अतिथि के रूप में मनोज सिंह, अपर मुख्य सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, उ0प्र0 द्वारा वानकी नव वर्ष 2024-25 के कार्यों से सम्बन्धित प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। तत्पश्चात् प्रधान मुख्य वन संरक्षक और विभागाध्यक्ष, उ०प्र०, लखनऊ द्वारा मुख्य अतिथि सहित गणमान्य अतिथि को पुष्प गुच्छ व मोमेंटो भेंट कर उनका स्वागत करते हुए अपना उद्बोधन दिया।
वानिकी नव वर्ष कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए पी०पी० सिंह, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, प्रचार-प्रसार, उ०प्र०, लखनऊ द्वारा पेड़ लगाओ, पेड़ बचाओ अभियान-2024 के लोगो का प्रस्तुतीकरण करते हुए लोगो के उद्देश्य के बारे में बताया गया। सुजॉय बनर्जी, महाप्रबन्धक कार्मिक, उ०प्र०, वन निगम द्वारा वन निगम द्वारा किये जा रहे कार्यों के बारे में विस्तार से बताते हुए वन निगम की उपलब्धियों जैसे ई-ऑक्सन के बारे में किये गए नवाचार पर प्रकाश डाला गया। इसके पश्चात् सुनील चौधरी, प्रबन्ध निदेशक, उ०प्र०, निगम द्वारा वानिकी नव वर्ष 2024 में प्राप्त उपलब्धियों पर प्रस्तुतीकरण करते हुए पेड़ लगाओ, पेड़ बचाओ जन अभियान – 2024 के संबंध में बताया गया कि प्रदेश में हरित आवरण वृद्धि का लक्ष्य प्राप्ति के लिए योजना व रणनीति बनाते हुए हरित आवरण के लक्ष्य को किस प्रकार से बढ़ाया जा सकता है, इसके बारे में विस्तार से बताया गया तथा विगत में हुए वृक्षारोपण से संबंधित समस्त कार्यक्रमों का प्रस्तुतीकरण करते हुए विभिन्न प्रकार के वनों जैसे एक पेड़ माँ के नाम, वेटलैण्ड संरक्षण वन, मित्र वन, विरासत वृक्ष वाटिका, पवित्र धारा वृक्षारोण, भाई-बहन वृक्षारोपण, एक वृक्ष गुरु के नाम को विकसित करने व उसकी उपयोगिता के बारे में प्रकाश डालते हुए पेड़ बचाओ अभियान 03 अक्टूबर 2024 से 14 जनवरी, 2025 तक जिला वृक्षारोपण समिति की भूमिका व प्रस्तावित कार्यवाहियों के बारे में जानकारी दी गयी, इसके साथ ही रोपित किये गये पौधों की सुरक्षा व्यवस्था, अनुरक्षण व अनुश्रवण के संबंध में किये जाने वाले वानिकी कार्यों के बारे में बताया गया। संजय श्रीवास्तव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्य जीव उoप्रo द्वारा वन्य जीव संरक्षण व महत्वपूर्ण उपलब्धियों व उत्तर प्रदेश में वन्य जीव संरक्षण 2023-24 का प्रस्तुतीकरण करते हुए मानव वन्य जीव संघर्ष को न्यून करने हेतु आगामी रणनीति के बारे में बताया गया। इसके पश्चात् सुधीर कुमार शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक और विभागाध्यक्ष, उ०प्र०, द्वारा मुख्य अतिथि के स्वागत उद्बोधन में वानिकी नव वर्ष 2024-25 में वन विभाग द्वारा अभी तक वानिकी के क्षेत्र में किये गये निरन्तर कार्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि विगत में जो भी कार्यक्रम हुए हैं, जो भी योजनाएं बनाई गयी हैं। मुख्य अतिथि के निर्देशन में विभाग को वानिकी क्षेत्र में किये गये हर संभव प्रयास व मार्ग दर्शन तथा सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया।
इस कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों द्वारा वानिकी वर्ष 2023-24 में स्थापित विशिष्ट वनों से संबंधित बुकलेट, वानिकी वर्ष 2023-24 में प्राप्त उपलब्धियों पर बुकलेट, ई-मैगजीन, सिल्वीकल्चर प्लॉन ऑफ ऑपरेशन का अनावरण करते हुए मंचासीन अतिथियों द्वारा उ०प्र० कैम्पा वेबसाइट का उद्घाटन किया गया। तत्पश्चात् वृक्षारोपण जन अभियान-2024 के मिशन टीम में सम्मिलित अधिकारियों का सम्मान करते हुए उन्हे स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
मुख्य अतिथि द्वारा पेड़ लगाओ, पेड़ बचाओ जनअभियान – 2025 के मिशन टीम की घोषणा करते हुए नवगठित मिशन टीम को Baton ( वैटन ) का हस्तान्तरण किया गया तत्पश्चात् पेड़ बचाओ अभियान त्रैमास की घोषणा की गई। इसके पश्चात् अतिथि मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, उ०प्र० शासन द्वारा अपने सम्बोधन में वन विभाग द्वारा किये गये कार्यों की प्रशंसा करते हुए बताया गया कि शासन स्तर से वन विभाग को समस्त आवश्यक सहयोग इसी तरह भविष्य में भी मिलता रहेगा। मुख्य अतिथि डॉ० अरूण कुमार सक्सेना, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा जन्तु उद्यान विभाग, उ०प्र०, शासन द्वारा अपने आर्शीवचन में सभी का सहयोग और बधाई देते हुए वानिकी नव वर्ष 2024-25 की सराहना करते हुए बताया गया कि वानिकी नव वर्ष के पर्व पर वन विभाग द्वारा विभिन्न कार्य किये गये हैं। मुख्य अतिथि ने बताया कि विभिन्न संस्थाओं के सहयोग व आम जनमानस के सहयोग से पौध रोपण कार्य किया गया है। उत्तर प्रदेश में विगत व वर्तमान में किये गये वृक्षारोपण लक्ष्य की सराहना तथा “एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में उत्तर प्रदेश का स्थान प्रथम रहा है, जिसकी सराहना प्रधानमंत्री द्वारा “मन की बात’ कार्यक्रम में की गयी। मुख्य अतिथि ने कहा कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व में काफी संख्या में बाघों की बढ़ोत्तरी हुई है तथा दुधवा नेशनल पार्क में भी बाघ बढ़े हैं, पूरे प्रदेश में बाघों की संख्या बढ़ी है। उत्तर प्रदेश आज वृक्षारोपण के मामले में अन्य राज्यों की अपेक्षा ज्यादा सक्रिय योगदान दे रहा है, जिससे प्रदेश के वनावरण व हरीतिमा में वृद्धि हो रही है। मुख्य अतिथि ने एग्रो फारेस्ट्री पर अधिक बल दिया व बताया कि इस अभियान में किसानों को अधिक से अधिक संख्या में जागरूक व प्रोत्साहित करते हुए हर खेत में मेड़, हर मेड़ पर पेड़ की महत्ता बताते हुए वृक्षारोपण कार्य कराया जाए, जिससे उनकी आय में भी वृद्धि हो सके तथा प्रदेश के अन्दर ही टिम्बर का निस्तारण हो सके। मुख्य अतिथि द्वारा प्रदेश के प्रत्येक जनपद में ईको-टूरिज्म विकसित करने पर जोर दिया गया जिससे रोजगार का सृजन हो सके। उन्होंने बताया कि कुकरैल में जल्द ही नाइट सफारी के कार्य का जल्द ही शिलान्यास किया जाएगा। उन्होंने पेड़ों के ट्रांसलोकेशन पर विशेष ध्यान दिये जाने के निर्देश दिये, जिससे पेडों को कटने से बचाया जा सके। इसके साथ ही वन विभाग द्वारा किये जा रहे प्रत्येक कार्यों की सराहना की तथा इस क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र वितरित किया गया। कार्यक्रम में दीपक कुमार, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, प्रशासन (अराजपत्रित), उ०प्र० कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
हाई कोर्ट के जजों का आचरण संदेह के दायरे में, जिनके आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
ईशा फाउंडेशन के खिलाफ जांच पर सुप्रीम कोर्ट की रोक: कहा- पुलिस आगे एक्शन न ले; फाउंडेशन पर लड़कियों को बंधक बनाने का आरोप
एक और संत सदगुरु जग्गी वासुदेव के मिशन को ख़त्म करने का रचा गया षडयंत्र!
मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम और जस्टिस वी. शिव गणनम ने एक तरह से सदगुरु जग्गी वासुदेव के ईशा फाउंडेशन के खिलाफ लगता है किसी सोची समझी साजिश के तहत उसे कलंकित करके बंद करने की कोशिश शुरू की थी – तमिलनाडु एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड प्रोफेसर एस कामराज की याचिका में लगाए गए आरोपों पर तथ्यों से हट कर फाउंडेशन के विरुद्ध आदेश दिए और पुलिस जांच शुरू करा दी। कामराज ने आरोप लगाया कि उसकी 42 साल और 39 साल की दो बेटियों लता और गीता को ईशा फाउंडेशन ने बंधक बनाकर रखा है और उनका ब्रेन वॉश कर साध्वी बना दिया जबकि जग्गी वासुदेव ने खुद अपनी बेटी की शादी कर दी। यह भी कहा कि जग्गी वासुदेव के फाउंडेशन के खिलाफ कई आपराधिक केस दर्ज हैं और लंबित हैं।
याचिका के संदर्भ में बिल्कुल अनावश्यक थीं पीठ की 2 बातें
-पहली: “चूंकि फाउंडेशन के खिलाफ कई आपराधिक शिकायतें हैं, इसलिए इस मुद्दे पर आगे विचार किया जाना चाहिए”; और -दूसरी: “हम जानना चाहते हैं कि एक शख्स, जिसने अपनी बेटी की शादी कर दी और उसे जीवन में अच्छी तरह से स्थापित किया, वह दूसरों की बेटियों को सिर मुंडवाने और एकांतवासी का जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित क्यों कर रहा है। यही संदेह है।” – यह बात अपनी मक्कारी भरी आदत के अनुसार “मौखिक” टिप्पणी में कहीं। जो मामला कामराज ने उठाया है अपनी बेटियों का, आप केवल उस पर विचार कीजिए, इसका अन्य शिकायतों से क्या मतलब है, वो शिकायतें कामराज की तो नहीं है और यह इंगित करता है कि बेंच एक Predetermined Notion से काम कर रही है।
एक बात और… गुरु जग्गी की बेटी ने की तो इसका भी कामराज की याचिका से कोई लेना देना नहीं है – कोई व्यक्ति शादी करना चाहता है, उसके लिए वह स्वतंत्र है और कोई सन्यासी बनना चाहता है, तो उसके लिए वह भी स्वतंत्र है – गुरु जग्गी की बेटी ने शादी करनी चाही तो कर ली और कामराज की बेटियों ने साधवी बनना चाहा तो बन गई। अगर गुरु जग्गी ब्रेन वॉश कर रहे होते तो अभी तक तो फाउंडेशन में लाखों लोग सन्यासी बन गए होते। हाई कोर्ट के आदेश पर 150 पुलिस कर्मियों की टीम एक वरिष्ठ अधिकारी के नेतृत्व में ईशा फाउंडेशन में ऐसे रेड मारने गई थी, जैसे किसी आतंकी संगठन के ठिकाने पर रेड करने गई हो।
सुप्रीम कोर्ट में फाउंडेशन की अपील पर 3 अक्टूबर को हुई सुनवाई में कामराज की दोनों बेटियों ने video conferencing से बताया कि वे स्वेच्छा से वहां रह रही हैं और उन पर किसी का कोई दबाव नहीं है – CJI चंद्रचूड़, जस्टिस पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने हाई कोर्ट के आदेश और पुलिस कार्रवाई पर रोक लगाते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया आरोप में कोई सच्चाई नहीं लगती कि दोनों महिलाओं को वहां जबरन रोका हुआ है। हाई कोर्ट के दोनों जज कहीं DMK के सनातन ख़त्म करो अभियान के पैरोकार तो नहीं है जो आनन फानन में जग्गी वासुदेव पर तलवार तान दी? लगता है मंदिरों की तरह Isha Foundation से DMK सरकार को कमाई नहीं हो रही।
इन सनातन के शत्रुओं को सदगुरु जग्गी वासुदेव ने ठोक कर जवाब देते हुए कहा – “सनातन ही इस दुनिया का भविष्य है। हमारे देश में कुछ जोंक जैसे लोग रहते हैं। ये हमारे देश में रहकर देश का ही खून चूस रहे हैं। वो लोग नहीं चाहते कि इस देश में सनातन का अस्तित्व रहे, आप कुछ भी कहेंगे तो वो आपको गाली देंगे; लेकिन हम लोग भी कायर नहीं हैं, हमारे भगवान शिव को ही देखिए उनके हाथ में त्रिशूल है। अगर आप अपने सनातन के लिए लड़ना सीख जाएंगे तो ऐसे जोंक का अस्तित्व स्वतः ही समाप्त हो जाएगा”
सनातन के खिलाफ षड्यंत्रों से सावधान रहना चाहिए –
(सुभाष चन्द्र) “मैं वंशज श्री राम का” 08/10/2024 @followers
गौरतलब है कि मद्रास हाईकोर्ट ने 30 सितंबर को कहा था कि पुलिस ईशा फाउंडेशन से जुड़े सभी क्रिमिनल केसों की डिटेल पेश करे। अगले दिन 1 अक्टूबर को करीब 150 पुलिसकर्मी आश्रम में जांच करने पहुंचे। सद्गुरु ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया, अगली सुनवाई 18 अक्टूबर को होगी।
CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा-
आप सेना या पुलिस को ऐसी जगह दाखिल होने की इजाजत नहीं दे सकते। उन्होंने कहा कि दोनों लड़कियां 2009 में आश्रम में आईं। उस वक्त उनकी उम्र 24 और 27 साल थी। वे अपनी मर्जी से वहां रह रही हैं। उन्होंने बताया कि कल रात से आश्रम में मौजूद पुलिस अब चली गई है। फैसले से पहले CJI चंद्रचूड़ ने दोनों महिला संन्यासियों से अपने चेंबर में चर्चा भी की। इनमें से एक ने कहा कि दोनों ही बहनें अपनी मर्जी से ईशा योग फाउंडेशन में हैं। उनके पिता पिछले 8 साल से परेशान कर रहे हैं।
रिटायर्ड प्रोफेसर एस कामराज ने कहा था कि उनकी बेटियों को कुछ खाना और दवा दी जा रही है, जिससे उनकी सोचने-समझने की शक्ति खत्म हो गई है। जब से बेटियों ने उन्हें छोड़ा है, उनका जीवन नर्क बन गया है। बड़ी बेटी गीता UK की एक यूनिवर्सिटी से M.Tech है। उसे 2004 में उसी यूनिवर्सिटी में लगभग ₹1 लाख के वेतन पर नौकरी मिली थी। उसने 2008 में अपने तलाक के बाद ईशा फाउंडेशन में योग क्लासेज में भाग लेना शुरू किया। जल्द ही गीता की छोटी बहन लता भी उसके साथ ईशा फाउंडेशन में रहने लगी। दोनों बहनों ने अपना नाम बदल लिया और अब माता-पिता से मिलने से भी इंकार कर रही हैं। हाईकोर्ट ने कहा था- अपनी बेटियों की शादी करने वाला दूसरों को संन्यासी बना रहा मद्रास हाईकोर्ट ने 30 अक्टूबर को कहा था, “जब आपने अपनी बेटी की शादी कर दी है, तो दूसरों की बेटियों को सिर मुंडवाने और सांसारिक जीवन त्यागकर संन्यासियों की तरह रहने के लिए क्यों प्रोत्साहित कर रहे हैं।”
30 सितंबर की सुनवाई में मद्रास हाईकोर्ट की दो टिप्पणियां…
याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि ईशा फाउंडेशन के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और पेंडिग हैं। आरोपों की सच्चाई को समझने की आवश्यकता है। इसलिए पुलिस सभी मामलों की जानकारी दे। जस्टिस सुब्रमण्यम ने ईशा फाउंडेशन से कहा कि आप नहीं समझेंगे क्योंकि आप एक खास पार्टी के लिए पेश हो रहे हैं। यह अदालत न तो किसी के पक्ष में है और न ही किसी के खिलाफ है। हम केवल याचिकाकर्ता के साथ न्याय करना चाहते हैं।
सुप्रीम कोर्ट बोला- जेल मैनुअल से भेदभाव बढ़ाने वाले नियम हटाएं
सुप्रीम कोर्ट ने जेल मैनुअल से जातिगत भेदभाव बढ़ाने वाले नियमों को हटाने को कहा। शीर्ष कोर्ट ने कुछ राज्यों को निर्देश दिए हैं कि जेल में जाति के आधार पर काम का बंटवारा न किया जाए। इन चीजों की अनुमति नहीं दी जा सकती।
दरअसल पत्रकार सुकन्या शांता ने दिसंबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने जेल मैनुअल से जातिगत भेदभाव बढ़ाने वाले नियमों को हटाने को कहा। शीर्ष कोर्ट ने कुछ राज्यों को निर्देश दिए कि जेल में जाति के आधार पर काम का बंटवारा न किया जाए।
जेल में जातिगत आधार पर काम के बंटवारे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई गई थी। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने आदेश में कहा कि इन चीजों की अनुमति नहीं दी जा सकती। सुप्रीम कोर्ट ने ऑर्डर में ये भी कहा कि किसी विशेष जाति के कैदियों से सीवर टैंक साफ कराना गलत है। पुलिस को इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए। शीर्ष कोर्ट ने राज्य सरकारों को आदेश दिया कि जेल मैनुअल में जातिगत भेदभाव बढ़ाने वाले नियमों में 3 महीने में बदलाव किया जाए।
17 राज्यों की जेलों में कैदियों के साथ भेदभाव
पत्रकार सुकन्या शांता ने दिसंबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर दलील दी कि देश के करीब 17 राज्यों में जेलों में बंद कैदियों के साथ जाति आधारित भेदभाव हो रहा है। इस पर पहली सुनवाई जनवरी 2024 में हुई। कोर्ट ने 17 राज्यों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा। छह महीने के अंदर केवल उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल ने ही अपना जवाब कोर्ट में दाखिल किया। याचिकाकर्ता सुकन्या शांता मानवाधिकार कानून और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर लिखती हैं। उन्होंने अपनी खबरों के जरिए जेल में जातिगत भेदभाव का मुद्दा उठाया। इस मुद्दे पर 2020 में रिसर्च रिपोर्ट भी तैयार की। रिपोर्ट में जिक्र था कि भारत के 17 राज्यों में कैदियों को काम का बंटवारा उनकी जाति देखकर किया जाता है। सुकन्या की यह रिपोर्ट ‘द वायर’ पर पब्लिश हुई थी।
याचिकाकर्ता ने दिया 3 मुख्य राज्यों का उदाहरण …
राजस्थान: राजस्थान में कैदी अगर नाई होगा तो उसे बाल और दाढ़ी बनाने का काम मिलेगा; वहीं, ब्राह्मण कैदी को खाना पकाने का काम मिलता है। वाल्मीकि समाज के कैदी सफाई करते हैं।
केरल: केरल में आदतन अपराधी और दोबारा दोषी ठहराए गए अपराधी के बीच अंतर किया जाता है। आदतन डकैत या चोर को अलग अलग कैटेगरी में बांटा गया। बाकी से अलग रखा जाता है।
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश जेल मैनुअल, 1941 में कैदियों के जातिगत पूर्वाग्रहों को बनाए रखने और जाति के आधार पर सफाई, संरक्षण और झाड़ू लगाने का काम करने का प्रावधान है।
सुप्रीम कोर्ट ने 10 महीने के अंदर सुनवाई पूरी कर ली। 10 जुलाई को आखिरी सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उत्तर प्रदेश जेल नियमावली के कुछ प्रावधानों को भी अदालत में पढ़ा था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने तर्क दिया कि हमारी जेलों में कोई जातिगत भेदभाव नहीं है, लेकिन चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने जेल नियमों को पढ़ा और उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाई।
नियम 158 में मैला ढोने के कर्तव्य (जिम्मेदारी) का जिक्र है। यह क्या है? इसमें मैला ढोने वालों की जाति क्यों लिखी गई है। क्या है इसका मतलब? – डीवाई चंद्रचूड़, CJI
CJI की अध्यक्षता वाली बेंच ने पश्चिम बंगाल के वकीलों से जेल नियम भी पढ़ने को कहा। वहां भी जेल नियम में इसका जिक्र था कि सफाई कर्मचारी कौन होना चाहिए। इसे पढ़ने के बाद बेंच ने पूछा कि क्या आपको इसमें कोई समस्या नजर नहीं आती है? सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि जेल के ये नियम बेहद तकलीफदेह हैं।
गृह मंत्रालय ने फरवरी में नोटिस जारी कर कहा कि गैर कानूनी है भेदभाव
केंद्र सरकार ने इसी साल फरवरी में को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक अधिसूचना जारी की थी। इसमें कहा गया कि मंत्रालय के ध्यान में आया है कि कुछ राज्य के जेल मैनुअल कैदियों को जाति और धर्म के आधार पर बांटते हैं और उसी आधार पर उन्हें काम सौंपते हैं। जाति, धर्म, नस्ल, जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव होता है। यह भारत के संविधान के तहत गैर-कानूनी है। इसमें कहा गया कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके राज्य जेल नियमों में किसी तरह का कोई भेदभावपूर्ण प्रावधान नहीं हो।
Ya.. Ya.. Ya.. बोलने पर वकील से नाराज CJI बोले- Yes कहिए, यह कोर्ट है, कॉफी शॉप नहीं
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ 30 सितंबर को एक सुनवाई के दौरान वकील के अंग्रेजी में ‘या.. या..’ कहने पर नाराज हो गए। उन्होंने वकील को डांटते हुए कहा- यह कोई कॉफी शॉप नहीं है। ये क्या है या.. या..। मुझे इससे बहुत एलर्जी है। इसकी परमिशन नहीं दी जा सकती। आप यस बोलिए।
सुप्रीम कोर्ट से कहा- ये कानूनी नहीं सामाजिक मुद्दा
केंद्र सरकार ने 3 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल कर मैरिटल रेप को अपराध घोषित करने की मांग वाली याचिकाओं का विरोध किया। केंद्र ने कहा कि मैरिटल रेप को अपराध घोषित करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इसके लिए कई अन्य सजाएं भारतीय कानून में मौजूद हैं।
बिजनौर। जिला कृषि औद्योगिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी के मुख्य द्वार पर अटल द्वार के निर्माण हेतु भूमि पूजन किया गया।
जिला कृषि औद्योगिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी के मुख्य द्वार पर आज 07 अक्टूबर 2024 को प्रातः 11:00 बजे भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व० श्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में (अटल द्वार) के निर्माण हेतु भूमि पूजन नगर पालिका परिषद्, बिजनौर की अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह व डा० बीरबल सिंह, संयोजक सहकारिता प्रकोष्ठ भाजपा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के द्वारा किया गया।
भूमि पूजन कार्यक्रम में अधिशासी अधिकारी विकास कुमार, सभासद घनश्याम दास गुप्ता, नीरज शर्मा, संजय विश्नोई, मौ० कासिम उर्फ साहू, राजवीर सिंह, मनोज कुमार, प्रभाकर, अतुल, शमशाद अंसारी, वसीम अहमद, मोहसिन, राजकुमार अग्रवाल, दीपक गर्ग एवं एडवोकेट अर्पित चौधरी, विजेन्द्र सिंह भाजपा नेता, प्रतीक चौधरी, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक गोविन्द कुमार, अवर अभियन्ता (सिविल) यशवंत कुमार, निर्माण लिपिक श्रीमती सोनिका, आवेश ठेकेदार आदि उपस्थित रहे।
हर महीने मिलती रही सैलरी, प्रिंसिपल ने कर रखा था ऐसा जुगाड़
छह साल से तनख्वाह लेती रहीं मैडम, लेकिन नहीं पहुंची स्कूल
लखनऊ। मेरठ के परीक्षितगढ़ के एक प्राथमिक विद्यालय में एक टीचर ने नियुक्ति के बाद स्कूल आना ही बंद कर दिया। बहाली के बाद 2920 दिन में टीचर मात्र 759 दिन ही स्कूल आई। बाकी के दिनों में वो नदारद रहीं, लेकिन इसके बावजूद टीचर के खाते में लगातार सैलरी क्रेडिट हो रही थी। चेकिंग में पता चला कि टीचर की अटेंडेंस लगातार बनती जा रही थी। इस कारण उसकी सैलरी क्रेडिट की जा रही थी। अब इस मामले में एक्शन लिया गया है।
जांच में सामने आ गई सच्चाई
दरअसल परीक्षितगढ़ के सरकारी स्कूल साहनी की टीचर सुजाता यादव लंबे समय से स्कूल नहीं आईं। उनकी अनुपस्थिति के कारण बच्चों की पढ़ाई काफी ज्यादा प्रभावित हो रही थी। जब बार-बार छुट्टी के एप्लिकेशन एप्रूव हुए, तब ये मामला संज्ञान में आया। जब टीचर की अटेंडेंस रजिस्टर जांची गई तो पता चला कि स्कूल ना आने के बाद भी उसकी पूरी हाजिरी लगी हुई थी। इसके बाद जांच कमेटी ने टीचर को सस्पेंड करने के साथ ही साथ स्कूल के प्रिंसिपल धर्म सिंह को भी नाप दिया।
शिक्षकों और कर्मचारियों में हड़कंप
जानकारी छुपाने के जुर्म में स्कूल के हेड मास्टर को भी सस्पेंड किया गया है। दोनों के निलंबन के बाद स्कूल के शिक्षकों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। स्कूल के एक शिक्षक ने बताया कि मैडम की अनुपस्थिति के कारण स्कूल के काम पर असर पड़ता था, लेकिन तत्कालीन प्रधानाध्यापक ने कभी भी उनकी अनुपस्थिति को गंभीरता से नहीं लिया। इस बीच बच्चों की पढ़ाई भी डिस्टर्ब हो रही थी।
स्कूल से गायब, फिर भी समय से मिलती थी सैलरी
स्कूल न आने की वजह देखने के लिए अटेंडेंस रजिस्टर खंगाला गया तो पता चला की मैडम स्कूल नहीं आ रहीं लेकिन अटेंडेंस पूरी लग रही है। इस कारण उनको सैलरी भी समय में प्राप्त होती रही। मामला पता चला तो बीएसए आशा चौधरी ने जांच बैठा दी। जांच में मैडम सुजाता दोषी पाई गईं। बीएसए ने मैडम और हेड मास्टर धर्म सिंह को भी सस्पेंड कर दिया।
त्रिस्तरीय जांच कमेटी
बीएसए आशा चौधरी ने बताया कि सुजाता यादव की अनुपस्थिति के कारण स्कूल के बच्चों की शिक्षा पर असर पड़ा। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो सके। उन्होंने बताया कि शिकायत प्राप्त होने पर इस मामले में त्रिस्तरीय जांच कमेटी गठित की गई थी। इसकी जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सुजाता यादव को स्वीकृत सीमा से ज्यादा अवकाश लेना और उसमे दोषी पाए जाने के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। तथ्यों को छिपाया गया था। हेड मास्टर धर्म सिंह को सस्पेंड किया गया है।
स्वच्छता ही सेवा 2024 के अन्तर्गत प्रत्येक वार्ड से तीन स्वच्छ घर चिन्हित कर किया गया प्रशस्ति पत्रों का वितरण
स्कूल / कॉलेजेज व अन्य परिसरों में दिलाई गई स्वच्छता की शपथ
नगर पालिका परिषद ने चलाया 155 घंटे का महासफाई अभियान
बिजनौर। स्वच्छता ही सेवा 2024 के अन्तर्गत नगर पालिका बिजनौर द्वारा दिनांक 17 सितंबर 2024 से 02 अक्टूबर 2024 तक स्वच्छता संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसके अन्तर्गत सफाई सुरक्षा शिविर लगाए गए। प्रत्येक वार्ड से तीन स्वच्छ घर चिन्हित कर प्रशस्ति पत्रों का वितरण किया गया। स्कूल / कॉलेजेज व अन्य परिसरों में स्वच्छता की शपथ दिलाई गई तथा बाईक रैली द्वारा आमजन को स्वच्छता के सम्बन्ध में जागरूक किया गया।
इसी के साथ दिनांक 26.09.2024 से दिनांक 01.10.2024 तक 155 घंटे का महासफाई अभियान चलाया गया जिसमें ऐसे स्थानों का चिन्हित कर, जिनकी नियमित रूप से सफाई किया जाना संभव नहीं हो पा रहा था जैसे बैराज गंगा घाट आदि। उक्त महा सफाई अभियान को पालिका स्टाफ व सफाई – मित्रों द्वारा नॉन स्टॉप कार्य कर सफल बनाया गया।
इसके अन्तर्गत पालिका अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह, अधिशासी अधिकारी विकास कुमार, वरिष्ठ भाजपा नेता डा० बीरबल सिंह, समस्त सभासद, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक गोविन्द कुमार, अवर अभियन्ता (सिविल) यशवंत कुमार समस्त राजस्व निरीक्षक व लिपिक आदि द्वारा पालिका कार्यालय से रोडवेज तक सड़कों पर साफ-सफाई कर श्रमदान किया गया।
पीडब्ल्यूडी कालोनी के बाहर बने गार्बेज वर्निबल प्वाइंट (जीवीपी) को समाप्त कर, सौन्दर्यकरण कराया गया तथा स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय से सम्बंधित आवश्यक स्थानों पर वॉल पेंटिंग व स्लोगन लिखाकर जनसाधारण को जागरूक करने का कार्य कराया गया, जिसकी लाइव मॉनीटरिंग डीसीसीसी के माध्यम से शासन द्वारा की गई।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय मिशन निदेशक, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र संख्या-13/7/2024-एस०बी०एम०-IV, दिनांक 28.08.2024 के क्रम में जारी राज्य मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय, राज्य मिशन निदेशालय लखनऊ के पत्र दिनांकित 10 सितम्बर, 2024 के द्वारा स्वच्छता ही सेवा 2024 के अन्तर्गत नगर पालिका बिजनौर द्वारा दिनांक 17.09.2024 से 02.10.2024 तक स्वच्छता संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
सम्पूर्ण सृष्टि को परमात्मा ने जोड़े से उत्पन्न किया है। सृष्टि के मूल में नारी को रखते हुए उसका महिमामण्डन स्वयं परमात्मा ने किया है। नारी के बिना सृष्टि की संकल्पना ही व्यर्थ है। नारी की महिमा को प्रतिपादित करते हुए हमारे शास्त्रों में लिखा है :-
“वद नारी विना कोन्यो, निर्माता मनुसन्तते ! महत्त्व रचनाशक्ते: , स्वस्या नार्या हि ज्ञायताम् !!”
अर्थात :- मनुष्य की निर्मात्री/जन्मदात्री नारी ही है, सम्पूर्ण समाज के साथ-साथ नारी को भी अपनी शक्ति का महत्त्व समझना चाहिए। नारी से ही मनुष्य उत्पन्न होता है, पिता के वीर्य की एक बूँद ही निमित्त होती है शेष बालक के समस्त अंग-प्रत्यंग माता के रक्त से ही निर्मित होते हैं। नारी शक्ति महत्ता दर्शाने का पर्व है “शारदीय नवरात्र”। भारत में नवरात्र एक ऐसा पर्व है, जो हमारी संस्कृति में महिलाओं के गरिमामय स्थान को दर्शाता है। नारी शक्ति को उद्दीपित करता हुआ यह पर्व यही बताता है कि नारी कभी भी अबला नहीं हो सकती। महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती के पूजन के साथ ही महामाया के दिव्य नौ स्वरूपों की पूजा नवरात्र में की जाती है। नवदुर्गा के पूजन के क्रम में प्रथम शक्ति हैं “माँ शैलपुत्री” किसी भी नारी के जीवन का प्रथम अध्याय पुत्री के रूप में ही लिखा जाता है। नारी की प्रथम पहचान किसी की पुत्री के ही रूप में होती है। यदि पुत्रियाँ नहीं होंगी तो विचार कीजिए कि संसार में आगे की सृष्टि कैसे चलेगी ? पुत्रियों की आवश्यकता स्थापित करने के लिए ही महामाया आदिशक्ति ने हिमालय के यहाँ “शैलपुत्री” के रूप में अवतार लिया था। नवरात्र का व्रत एवं पूजन सर्वप्रथम भगवान श्रीराम ने किया था जिसके फलस्वरूप आदिशक्ति के वरदान के बल पर उन्होंने रावण जैसे दुर्दान्त निशाचर का वध किया। प्रेम से किया गया पूजन विधान कभी निष्फल नहीं जाता है। संसार में पुत्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से ही हमारे मनीषियों ने यह बताने का प्रयास किया है कि नवरात्रि का व्रत एवं पूजन बिना कन्या पूजन व कन्या भोज के सम्पन्न ही नहीं हो सकता, अत: यदि नवरात्रि में आदिशक्ति की पूजा का फल प्राप्त करना है तो प्रथम दिवस शैलपुत्री का पूजन करते हुए पुत्रियों के संरक्षण का संकल्प भी लेना चाहिए।
०३ अक्टूबर से चारों ओर दुर्गापूजा की धूम मच गई है। गांव-गांव में शहर-शहर में पंडाल लगा कर के दुर्गा जी की प्रतिमा स्थापित करके ०९ दिन तक तरह-तरह से लोग शक्ति का यह पर्व मनाएंगे। इन ०९ दिनों में लोगों के अंदर जितना भक्ति भाव जागृत होता है यदि वही वर्ष भर रहे तो इस संसार का स्वरूप ही बदल जाय। आज के परिवेश को देखते हुए कन्या पूजन का महत्व कुछ समझ में नहीं आता।
हमारा (पनपा “गोरखपुरी”) का तो यह मानना है कि आज जिस प्रकार से स्त्रियों की गर्भ में ही हत्या कर दी जा रही है और विकृत समाज एवं परिवेश में जिस प्रकार से कन्याओं का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में यह कन्या पूजन कहीं न कहीं से उन कन्याओं के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है। किसी भी पूजन को प्रारंभ करने के पहले संकल्प लिया जाता है जिसका अर्थ होता है प्रतिज्ञा करना। आज इस बात का संकल्प लेने की आवश्यकता है कि हम जिस नारी शक्ति का पूजन करने का संकल्प ले रहे हैं वह किसी भी रूप में हो उसकी सुरक्षा एवं सम्मान बचाना यह हमारा परम धर्म कर्तव्य है, क्योंकि जिस शक्ति की पूजा करने का आयोजन इतना भव्य किया जा रहा है उन शक्तियों के संरक्षण का भार भी इन्हीं नवयुवकों के कंधे पर है। यह उनकी नैतिक जिम्मेदारी है कि जिस प्रकार महामाया के विभिन्न स्वरूपों में नारी का सम्मान वे अपने घर में करते हैं उसी प्रकार सभी नारियों का सम्मान करने का संकल्प लेने से ही दुर्गापूजा मनाने का उद्देश्य पूर्ण होगा। प्रथम दिवस “मैया शैलपुत्री” के लिए समर्पित होता है, अत: पहले दिन से ही पुत्रियों के संरक्षण का संकल्प लेना होगा, अन्यथा यह पर्व मनाना व्यर्थ ही है। यह पर्व मनाते समय जब मनुष्य शक्ति की उपासना करता है तो उसके हृदय में नारियों के प्रति सम्मान स्वयं जग जाता है शायद इसीलिए आदिशक्ति के पूजन का प्रचलन हुआ, जिससे कि अपने संस्कारों से विमुख होता यह समाज एक बार पुनः स्वयं को स्थापित करने का प्रयास करे, और यह तभी संभव होगा जब मनुष्य की मानसिकता में परिवर्तन होगा। आज गर्भ में ही अपनी पुत्री की हत्या करवा देने वाले कन्या पूजन के लिए घर घर में कन्याओं को ढूंढ रहे हैं। विचार कीजिए आप जिस शक्ति का पूजन कर रहे हैं जब आपने उसी शक्ति के प्रथम स्वरूप अपनी ही पुत्री का वध कर दिया तो नवरात्र का व्रत रखने का कोई औचित्य नहीं, अतः यदि इस महापर्व के पूजन का फल प्राप्त करने हेतु सर्वप्रथम कन्याओं के संरक्षण का संकल्प लेना होगा।
कलश स्थापना करने के साथ ही यह संकल्प भी लेने की आवश्यकता है कि समाज में किसी भी नारी के ऊपर अत्याचार ना तो बर्दाश्त ही किया जाय और ना ही उनके सम्मान पर कोई आंच आने पाए। यह संकल्प लेने के बाद ही महामाया जगज्जननी मां पराअंबा जगदंबा भगवती दुर्गा हमारा पूजन स्वीकार करेंगी। अन्यथा यह पूजन का दिखावा मात्र होगा, जिसका परिणाम सुखद नहीं हो सकता।
‘सीनियर्स ने 48 घंटे खड़ा रखा, अचानक महिला दोस्त ने बात करना किया बंद!’
प्रयागराज में डॉक्टर की मौत पर जेल अधीक्षक बहन ने खड़े किए कई सवाल
अनसुलझा सवाल? बिजनौर जेल अधीक्षक के इकलौते भाई की हत्या या आत्महत्या!
लखनऊ। प्रयागराज (इलाहाबाद) में मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के डॉ. कार्तिकेय श्रीवास्तव की मौत का मामला हत्या और आत्महत्या के बीच उलझ गया है! पुलिस ने मृतक की बहन डॉक्टर अदिति श्रीवास्तव की तहरीर पर स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल के तीन डॉक्टर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। डॉक्टर अदिति श्रीवास्तव वर्तमान में पश्चिम उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की जेल अधीक्षक हैं।
प्रयागराज जिले में मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एमएस छात्र डॉ. कार्तिकेय श्रीवास्तव (28 वर्ष) संदिग्ध परिस्थितियों में अपनी कार में मृत पाए गए थे। पुलिस उपायुक्त (नगर) अभिषेक भारती के अनुसार मृतक डॉक्टर की बहन डॉ. अदिति श्रीवास्तव की शिकायत पर एसआरएन अस्पताल के डॉ. शिवम गुप्ता, डॉ. सचिन यादव और डॉ. अनामिका के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है। डॉ. की बहन ने दूसरे वर्ष के एक सीनियर छात्र पर शारीरिक और मानसिक शोषण का भी आरोप लगाया है।
शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ना?
एसीपी कोतवाली मनोज कुमार सिंह ने बताया कि उत्तराखंड के कोटद्वार निवासी ऑर्थोपेडिक्स के दूसरे वर्ष के एमएस छात्र डॉ. कार्तिकेय श्रीवास्तव शनिवार रात मोतीलाल नेहरू मेडिकल से संबद्ध एसआरएन अस्पताल में अपनी कार में मृत पाए गए। कथित तौर पर उन्होंने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी!
शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ना ?
डीसीपी भारती ने बताया कि मृतक कार्तिकेय श्रीवास्तव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल सकेगा। एफआईआर में डॉ. अदिति श्रीवास्तव ने आरोप लगाया है कि उनका भाई जूनियर रेजिडेंट था और उसका द्वितीय वर्ष का सीनियर शिवम गुप्ता उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था।
अचानक गर्लफ्रेंड ने बात करना कर दिया बंद
बकौल डॉ. अदिति श्रीवास्तव, उनके भाई कार्तिकेय के इस बारे में कई बार एसोसिएट प्रोफेसर (ऑर्थोपेडिक्स) सचिन यादव से शिकायत के बावजूद उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। कार्तिकेय के पैर में समस्या जानते हुए भी सचिन यादव ने उसे 36 से 48 घंटे तक खड़ा रखा। इसके अलावा एक साल से कार्तिकेय की दोस्त जूनियर रेजिडेंट (नेत्र रोग) अनामिका ने अचानक उससे बात करना बंद कर दिया था। कार्तिकेय ने जब अनामिका से इस बारे में बात की तो उसने बताया कि वह किसी और के साथ है। हालांकि इसके बाद कार्तिकेय ने कभी उसे फोन नहीं किया, लेकिन अनामिका समय-समय पर उसे फोन करती रहती थी। कार्तिकेय की बहन ने शिकायत में संदेह जताया है कि अनामिका के दोस्त ने उससे छुटकारा पाने के लिए कार्तिकेय की हत्या की होगी!
एसीपी कोतवाली मनोज कुमार सिंह ने बताया कि कोटद्वार उत्तराखंड के रहने वाले ऑर्थोपेडिक्स के दूसरे वर्ष के एमएस छात्र डॉ. कार्तिकेय श्रीवास्तव (28) शनिवार रात मोतीलाल नेहरू मेडिकल से संबद्ध एसआरएन अस्पताल में अपनी कार में संदिग्ध अवस्था में मृत पाए गए थे।
गले की मांसपेशियों में चोट, सांस की नली भी टूटी
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टर के गले की मांसपेशियों में चोट मिले हैं। सांस की नली भी टूटी हुई है। परिवार के लोग हत्या का आरोप लगा रहे हैं। परिजनों का कहना है कि वो घर आने की बात कहकर गए, ऐसे में आत्महत्या कैसे कर सकते हैं। पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है।
‘मेरे हाथ में वीगो लगा दो’: डॉ. कार्तिकेय श्रीवास्तव
उत्तराखंड के कोटद्वार के अपार कालावड़ इलाके निवासी डॉ. कार्तिकेय श्रीवास्तव मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में ऑर्थोपेडिक डिपार्टमेंट में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर थे। शनिवार सुबह करीब 8 बजे वह अस्पताल की ओटी में पहुंचे। उन्होंने अपने जूनियर से कहा- ‘मेरे हाथ में वीगो लगा दो। हम इंजेक्शन बाद में लेंगे’ वीगो लगाने के बाद वह सीधे ओटी से निकल गए। दिन भर उनकी कोई खबर नहीं रही। उनका मोबाइल भी बंद रहा। रविवार। देर शाम डॉ. कार्तिकेय श्रीवास्तव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चला कि कार्तिकेय श्रीवास्तव के गले की मांसपेशियों में चोट के निशान हैं। सांस की नली भी टूटी है। निशान इस तरह के हैं कि उसे देखकर हत्या या आत्महत्या के बारे में कुछ भी कह पाना मुश्किल है। कुछ सैंपल लैब में भेजे गए हैं। जांच के बाद ही खुलासा होगा की मौत कैसे हुई।
बेटे कार्तिकेय ने की थी पिता से बात
डॉक्टर कार्तिकेय के पिता कृष्ण कुमार श्रीवास्तव पूर्व में प्रोफेसर थे। कृष्ण कुमार ने बताया कि कार्तिकेय ने बात कर कहा था कि उसकी ड्यूटी आज ओटी में है। एक ऑपरेशन करने के बाद वह आ जाएंगे। … लेकिन रात में उसकी मौत की सूचना आ गई। बेटे की मौत के बाद पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर रोते हुए बताया कि रोज की तरह ही मेरा बेटा सोकर सुबह उठा। अपनी दीदी और जीजा को छोड़ने के लिए रेलवे स्टेशन भी गया। वापस लौटकर घर आया। हम लोगों के साथ ही कॉफी पिया। हास्पिटल जाने के लिए तैयार हो गया। जाते समय बेटे ने कहा कि मैं जल्दी आऊंगा। फिर मम्मी के साथ आपको लेकर अस्पताल चलूंगा। दो बहनों में इकलौते भाई कार्तिकेय सबसे छोटे थे। डॉ. दीप्ति बिजनौर में जेल अधीक्षक हैं। दूसरी बहन अंकिता भी डॉक्टर है।
यह देशवासियों को उनके विचारों और कार्यों की दिलाता है याद
जाट बाल विद्यालय में बड़े धूमधाम के साथ मनाई गई लाल बहादुर शास्त्री एवं महात्मा गांधी की जयंती
भारतीय इतिहास में 02 अक्टूबर का एक विशेष स्थान: राजेंद्र सिंह
बिजनौर। भारतीय इतिहास में 02 अक्टूबर का दिन एक विशेष स्थान रखता है, जब भारत देश के दो महान नेताओं महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती मनाई जाती है। यह देशवासियों को उनके विचारों और कार्यों की याद दिलाता है। यह बात जाट बाल विद्यालय प्रबंधक राजेंद्र सिंह ने कही।
जाट बाल विद्यालय में लाल बहादुर शास्त्री एवं महात्मा गांधी जी की जयंती बड़े धूमधाम के साथ मनाई गई। प्रबंधक राजेंद्र सिंह ने तिरंगा फहराया। इसके साथ ही महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्रों का अनावरण भी किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को गांधी जी एवं शास्त्री जी के बताए हुए मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर जाट बाल विद्यालय के प्रबंधक राजेंद्र सिंह ने कहा कि 02 अक्टूबर का दिन राष्ट्रीय स्तर पर बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके बावजूद किसी कई लोगों को आज के दिन के महत्व और इतिहास के विषय में जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि….
महात्मा गांधी जी की जयंती
1. गांधी जी का योगदान: महात्मा गांधी को देश का राष्ट्रपिता कहा जाता है। गांधी जी ने भारत को स्वतंत्रता दिलाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके अहिंसा और सत्याग्रह के सिद्धांतों ने; न केवल भारत में बल्कि विश्व स्तर पर कई सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों को प्रभावित किया।
2. अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस: 15 जून 2007 में, संयुक्त राष्ट्र ने 2 अक्टूबर को ‘अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ के रूप में मान्यता दी, जिससे गांधी जी की शिक्षाओं का वैश्विक स्तर पर सम्मान बढ़ा।
लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती
1. शास्त्री जी का नेतृत्व: शास्त्री जी 1964 से 1966 तक भारत के प्रधान मंत्री के रूप में कार्यरत रहे। उनकी सादगी, ईमानदारी और ‘जय जवान, जय किसान’ जैसे नारों ने उन्हें लोकप्रिय बना दिया।
2. जयंती का मनाना: शास्त्री जी की जयंती को मनाने का उद्देश्य उनके विचारों और कार्यों को याद करना और उनकी प्रेरणा को आगे बढ़ाना है। 1966 में शास्त्री जी के निधन के बाद, देशवासियों में उनके योगदान को पहचानने और याद करने के लिए 2 अक्टूबर को उनकी जयंती के तौर पर घोषित किया गया।
संयुक्त रूप से मनाना
1. एक साथ मनाना: चूंकि दोनों नेता 02 अक्टूबर को जन्मे हैं। इसलिए यह तारीख दोनों जयंती एक साथ मनाने का एक अच्छा अवसर बन गई। इससे न केवल दोनों नेताओं की विचारधारा का सम्मान होता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे उनके विचार भारतीय समाज को आकार देने में महत्वपूर्ण रहे हैं। शास्त्री जी का जन्म 02 अक्टूबर 1904 को वाराणसी में हुआ था और बापू का जन्म 02 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था, उनका मूल नाम मोहनदास करमचंद गांधी था।
2. राष्ट्रीय महत्व: भारत सरकार ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर मनाने का निर्णय लिया, जिससे यह दिन केवल व्यक्तिगत जयंती नहीं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया।
इस अवसर पर प्रधानाचार्या अनिता सैनी, अध्यापिका शिल्पी चौधरी, राशि शर्मा, रूपा चौधरी, सुनीता सिंह एवं अभिभावक सूरज सिंह, शिवानी, हरेंद्र सिंह (अधिवक्ता) सुनील चौधरी आदि उपस्थित रहे।
बिजनौर। वन विभाग द्वारा अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव भिक्कावाला में लगाए गए पिंजरे में गुलदार कैद हो गया है। इसके बाद अब ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। दूसरी ओर वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को सचेत करते हुए खेत पर ग्रुप बनाकर जाने की हिदायत दी है।
पिछले करीब एक महीने से अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव भिक्कावाला के इर्दगिर्द गुलदार लगातार चहलकदमी कर रहा था। गुलदार की मौजूदगी से ग्रामीण भयभीत थे। गुलदार को पकड़ने के लिए बीते दिनों वन विभाग द्वारा सेंट मेरिस इन्टर कॉलेज के समीप पिंजड़ा लगाया गया था। मंगलवार रात करीब 9 बजे पिंजड़े में गुलदार के फंसने की जानकारी मिलने के बाद मौके पर भारी भीड़ एकत्र हो गई। लोगों ने पिंजड़े में कैद गुलदार के वीडियो और फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। इसके बाद वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और गुलदार को रेस्क्यू कर ले गए। बीते एक महीने के दौरान गुलदार हमला करके दर्जनभर से अधिक मवेशियों को निवाला बना चुका था। वन विभाग उसे पकड़ने की कवायद में जुटा था। वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजड़े में गुलदार के कैद होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वहीं वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को सचेत करते हुए खेत पर ग्रुप बनाकर जाने की हिदायत दी है।
ट्यूबवेल ऑपरेटर द्वारा दलित को पानी न पीने देने का मामला
newsdaily24 की ख़बर का असर, आरोपी ने पैर पड़ कर मांगी माफी
बिजनौर। नजीबाबाद किरतपुर रोड वर्धमान कॉलेज के सामने ट्यूबवेल नं. 16 पर तैनात ऑपरेटर ने दलित युवक के पैर पड़ कर माफी मांग ली है। थाना शहर कोतवाली में इंस्पेक्टर उदय प्रताप सिंह के सामने आरोपी ने कहा कि आइंदा जिंदगी में कभी ऐसी गलती नहीं होगी। वह किसी भी समाज के लिए कोई गलत शब्द नहीं बोलेगा। इस पर वाशू फ्लावर डेकोरेशन नाम से दुकान चलाने वाले पीड़ित ग्राम आदमपुर निवासी अनुज कुमार पुत्र मुरारी सिंह ने भी सहृदयता दिखाते हुए उसे न सिर्फ माफ़ कर दिया बल्कि किसी तरह की कानूनी कार्रवाई से भी इंकार कर दिया।
newsdaily24 ने रविवार 29 सितंबर 2024 को "सरकारी ट्यूबवेल पर दलित को पानी पीने से रोका" शीर्षक से खबर का प्रकाशन प्रमुखता से किया था। सोशल मीडिया पर खबर वायरल होते ही थाना शहर कोतवाली के इंस्पेक्टर उदय प्रताप सिंह ने तुरंत संज्ञान लिया और आरोपी को थाने बुलवा भेजा। ये है वो ख़बर... https://wp.me/pcjbvZ-9Aq
गौरतलब है कि थाना शहर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम आदमपुर निवासी अनुज कुमार पुत्र मुरारी सिंह की वाशू फ्लावर डेकोरेशन नाम से दुकान नजीबाबाद किरतपुर रोड वर्धमान कॉलेज के सामने नगर पालिका परिषद के ट्यूबवेल नंबर 16 के पास स्थित है। आरोप है कि ट्यूबवेल पर तैनात ऑपरेटर मनीष सैनी पुत्र जगदीश सैनी ट्यूबवेल को अपनी निजी सम्पत्ति समझकर लोगों को पानी पीने व भरने से मना करता है। पुलिस को दी तहरीर में अनुज कुमार ने आरोप लगाया कि शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे वह पानी पीने के लिए ट्यूबवेल पर गया तो ऑपरेटर मनीष ने उसको साले चमट्टे कहते हुए गंदी गालियां देनी शुरू कर दीं। इतना ही नहीं मना करने पर धक्कामुक्की करते हुए पानी नहीं पीने दिया। साथ ही धमकी भी दी कि अगर फिर से पानी पीने आया तो हाथ पैर तुड़वा दूंगा। इंस्पेक्टर उदय प्रताप सिंह ने कड़ी कार्रवाई की बात कही थी।
इस पर ट्यूबवेल नं. 16 पर तैनात ऑपरेटर मनीष सैनी ने दलित अनुज कुमार के पैर पड़ कर माफी मांगी। थाना शहर कोतवाली में इंस्पेक्टर उदय प्रताप सिंह के सामने आरोपी ने कहा कि जिंदगी में आइंदा कभी ऐसी गलती नहीं होगी। वह किसी भी समाज के लिए कोई गलत शब्द नहीं बोलेगा।पीड़ित अनुज ने भी सहृदयता दिखाते हुए उसे न सिर्फ माफ़ कर दिया बल्कि किसी तरह की कानूनी कार्रवाई से भी इंकार कर दिया।
क्यों नहीं होगी नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा
नवरात्रि में इन नौ शक्तियों की करते हैं पूजा
शारदीय नवरात्रि 2024: पूजा में किस दिन पहनें किस रंग के कपड़े
शारदीय नवरात्रि कब से – हिन्दू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास की शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि की शुरुआत अक्टूबर 02, 2024 को रात 12:18 बजे से होगी, जिसकी समाप्ति अक्टूबर 03, 2024 की रात 02:58 बजे होगी। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, 03 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होगी।
नवरात्रि मां दुर्गा की पूजा का उत्सव है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा अर्चना के अनुष्ठान किए जाते हैं। हर स्वरूप के अलग नवरात्रि भोग लगाए जाते हैं। इस तरह मां के नौ रूपों के अलग रंग है।
Navratri Colour: नवरात्रि पूजा में नौ दिन पहनें इन रंगों के कपड़े, मां दुर्गा सुन लेंगी हर प्रार्थना | क्या आपको मालूम है शारदीय नवरात्रि के नौ कलर कौन से हैं और शारदीय नवरात्रि 2024 के किस दिन पूजा में किस रंग के कपड़े पहनने चाहिए ? जानिए शारदीय नवरात्रि 2024 में किस दिन पहनें कौन से रंग का कपड़ा…
नवरात्रि पूजा में पहनें इस रंग के कपड़े
नवरात्रि के त्योहार में रंगों का विशेष महत्व है। इन नौ दिनों के लिए नौ अलग-अलग रंग हैं। मान्यता है कि व्यक्ति नौ दिनों तक दिन के अनुसार इन रंगों को धारण करता है या इस रंग के कपड़े पहनकर देवी मां की पूजा करता है तो उसे मां दुर्गा का आशीर्वाद और शुभ परिणाम मिलता है। मां भक्त की हर प्रार्थना सुन लेगी और कष्ट दूर कर देगी। इससे आपका जीवन सुखी हो जाएगा।
नवरात्रि पहला दिन साल 2024 में नवरात्रि के पहले दिन व्यक्ति को नारंगी रंग के कपड़े पहनने चाहिए। नारंगी रंग को पहन कर पूजा करने से आपके जीवन में सकारात्मकता आएगी।
नवरात्रि दूसरा दिन नवरात्रि 2024 के दूसरे दिन लोगों को सफेद रंग के कपड़े पहनने चाहिए। ऐसा करने से आपको आत्मशांति मिलेगी।
नवरात्रि तीसरा दिन नवरात्रि के तीसरे दिन लाल रंग का प्रयोग करना चाहिए। इस रंग का प्रयोग माता की पूजा के लिए भी कर सकते हैं क्योंकि लाल रंग माता को अतिप्रिय होता है।
नवरात्रि चौथा दिन नवरात्रि के चौथे दिन गहरा नीला रंग सबसे शुभ रहेगा। नीला रंग आपके जीवन में समृद्धि और शांति लाता है। इस रंग के वस्त्र पहनें और माता का ध्यान करें।
नवरात्रि पांचवां दिन नवरात्रि के पांचवें दिन पीले रंग के कपड़े पहनने से आप खुश और सकारात्मक बनेंगे, पीला एक नर्म और मन को खुशी देने वाला रंग है। पांचवें दिन पूजा में इसे शामिल करने से मां का आशीर्वाद मिलेगा।
नवरात्रि छठा दिन नवरात्रि के छठे दिन हरा रंग पहनना चाहिए। हरा रंग प्रकृति से जुड़ा होता है। यह सभी चीजों के शुभ फलदायक, शांतिपूर्ण और स्थिर होने का संकेत देता है। देवी की प्रार्थना करते समय हरा रंग पहनना, आपको शांति प्रदान करेगा।
नवरात्रि सातवां दिन नवरात्रि के सातवें दिन स्लेटी रंग के कपड़े पहनने चाहिए या अन्य चीजें अपने जीवन में शामिल करना चाहिए। यह आपकी सोच को संतुलित करने में मदद करेगा। इसकी ऊर्जा से आप अधिक व्यावहारिक होंगे।
नवरात्रि आठवां दिन नवदुर्गा पूजा के दौरान आठवें दिन बैंगनी रंग का उपयोग करना चाहिए। इससे समृद्धि और सफलता प्राप्त हो सकती है। इसलिए अगर आप देवी मां का आशीर्वाद चाहते हैं, तो यह रंग अवश्य चुनें।
नवरात्रि नौवां दिन नवरात्रि के नौवें दिन आपको मोर वाले हरे रंग के कपड़े पहनने चाहिए। यह हरे और नीले रंग से मिलकर बनता है। यह रंग समृद्धि से जुड़ा होता है और मां सिद्धिदात्री का आशीर्वाद मिलता है।
नवरात्रि में इन नौ शक्तियों की करते हैं पूजा, मां दुर्गा के ये नौ सरल मंत्र हर कष्ट से दिलाते हैं छुटकारा
नवरात्रि में मां जगदंबा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इन सभी नौ शक्तियों के अलग मंत्र हैं, जिसके जाप से मां दुर्गा भक्त की गुहार सुनकर उसके दुख दूर कर देती हैं। क्या आपको मालूम हैं इन नौ शक्तियों के प्रिय मंत्र, जो दिलाते हैं हर कष्ट से छुटकारा ….
पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा Ma Shailputri: नवरात्रि का पहला दिन देवी शैलपुत्री को समर्पित है। देवी ने सती के रूप में आत्मदाह कर लिया था और फिर देवी पार्वती के रूप में पर्वतराज हिमालय की पुत्री के रूप में जन्म लिया। पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण ही देवी मां के इस स्वरूप को शैलपुत्री कहा जाता है। मां शैलपुत्री, त्रिमूर्ति अर्थात ब्रह्मा, विष्णु और महेश की शक्ति का प्रतीक हैं। नवरात्रि के पहले दिन ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे, ऊँ शैलपुत्री देव्यै नमः या ऊँ शं शैलपुत्री देव्यै नमः मंत्र जपना चाहिए। साथ ही माता शैलपुत्री का आशीर्वाद प्राने के लिए देसी घी को प्रसाद स्वरूप अर्पित करना चाहिए।
दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी की पूजा Ma Brahmacharini: नवरात्रि का दूसरा दिन देवी ब्रह्मचारिणी को समर्पित है। देवी पार्वती के तपस्विनी और अविवाहित रूप को देवी ब्रह्मचारिणी के रूप में पूजा जाता है। देवी का यह अवतार दृढ़ता और तपस्या का प्रतीक है। साधक को देवी के इन गुणों की प्राप्ति के लिए शक्कर का प्रसाद अर्पित करना चाहिए। इस दिन ह्रीं श्रीं अंबिकायै नमः या ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नमः मंत्र जपना चाहिए।
तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा Ma Chandraghanta: नवरात्रि का तीसरा दिन देवी चन्द्रघण्टा को समर्पित है। देवी चन्द्रघण्टा, देवी पार्वती का विवाहित स्वरूप हैं। भगवान शिव से विवाह करने के बाद देवी पार्वती ने अर्ध चन्द्र को अपने मस्तक पर सुशोभित करना आरम्भ कर दिया था, जिसके कारण उन्हें देवी चन्द्रघण्टा के रूप में जाना जाने लगा। देवी चन्द्रघण्टा अपने भक्तों को साहस प्रदान कर, उन्हें समस्त अवगुणों से दूर रखती हैं। इनकी पूजा के लिए ऊँ ऐं श्रीं शक्तयै नमः मंत्र जपना चाहिए। देवी चन्द्रघण्टा को प्रसाद स्वरूप खीर अर्पित करनी चाहिए।
चौथे दिन कूष्मांडा की पूजा Ma Kushmanda: नवरात्रि के चौथे दिन देवी कूष्माण्डा की पूजा की जाती है। माता कूष्माण्डा सूर्य के अंदर अर्थात सूर्य मण्डल में निवास करती हैं, उनके अतिरिक्त अन्य किसी में यह शक्ति और क्षमता नहीं है। देवी कूष्माण्डा की देह सूर्य के समान दिव्य और तेजोमय है। देवी कूष्माण्डा अपने भक्तों के जीवन से अंधकार का नाश करती हैं और उन्हें धन और स्वास्थ्य प्रदान करती हैं। इनकी पूजा के लिए ऊँ कूष्माण्डायै नमः मंत्र या या देवी सर्वभूतेषू सृष्टि रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः मंत्र जपना चाहिए। माता कूष्माण्डा को मालपुआ का प्रसाद अर्पित करना चाहिए।
पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा Ma Skandmata: नवरात्रि के पांचवे दिन जगदंबा के स्कंदमाता स्वरूप की पूजा जाती है। देवी पार्वती के ज्येष्ठ पुत्र भगवान कार्तिकेय हैं, जिन्हें स्कंद देव के नाम से भी जाना जाता है। इसी कारण माता पार्वती को देवी स्कंदमाता भी कहा जाता है। देवी स्कंदमाता अपने भक्तों को समृद्धि और शक्ति प्रदान करती हैं। इनकी पूजा के लिए ऊँ देवी स्कंदमातायै नमः मंत्र जपना चाहिए। साथ ही नवरात्रि में देवी स्कंदमाता को केले का प्रसाद अर्पित करें।
छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा Ma Katyayani: नवरात्रि के छठे दिन देवी कात्यायनी की पूजा की जाती है। महिषासुर दैत्य का अंत करने के लिए देवी पार्वती ने देवी कात्यायनी रूप धारण किया था। यह देवी पार्वती का सर्वाधिक हिंसक रूप है। देवी कात्यायनी का यह स्वरूप क्रोध के सकारात्मक उपयोग को प्रदर्शित करता है। इनकी पूजा के लिए क्लीं श्री त्रिनेत्रायै नमः या ऊं देवी कात्यायन्यै नमः मंत्र जपना चाहिए। साथ ही देवी कात्यायनी को मधु अर्थात शहद का प्रसाद अर्पित करना चाहिए।
सातवें दिन काली की पूजा Ma Kalratri: नवरात्रि के सातवें दिन देवी कालरात्रि की पूजा की जाती है। देवी पार्वती ने शुम्भ-निशुम्भ नामक राक्षसों का वध करने के लिए अपने स्वर्ण वर्ण का त्याग कर दिया था। देवी के इस भयंकर स्वरूप को देवी कालरात्रि के रूप में जाना जाता है। यह देवी पार्वती का सर्वाधिक उग्र और क्रूर रूप है। देवी कालरात्रि की देह से उत्सर्जित होने वाली शक्तिशाली ऊर्जा को ग्रहण करने के लिए नवरात्रि में देवी कालरात्रि को गुड़ का प्रसाद चढ़ाना चाहिए। इनकी पूजा के लिए ऊँ श्री कालिकायै नमः या ऊँ क्रीं ह्रुं ह्रीं मंत्र का जाप करना चाहिए।
आठवें दिन महागौरी पूजा Ma Mahagauri: नवरात्रि के आठवें दिन देवी महागौरी की पूजा की जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार सोलह वर्ष की आयु में देवी शैलपुत्री अत्यंत सुंदर थीं और उन्हें गौर वर्ण का वरदान प्राप्त था। इनके गौर वर्ण के कारण उन्हें देवी महागौरी के नाम से जाना जाता है। देवी महागौरी को प्रसाद स्वरूप नारियल अर्पित करने से मनुष्य पाप मुक्त होता है और विभिन्न प्रकार के भौतिक सुखः भोगता है। इनकी पूजा में ऊँ देवी महागौर्यै नमः मंत्र जपना चाहिए।
नवें दिन सिद्धिदात्री की पूजा Ma Siddhidatri: नवरात्रि के नवें दिन देवी सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। सृष्टि के आरंभ में भगवान रुद्र ने सृष्टि निर्माण के लिए आदि-पराशक्ति की पूजा की थी। यह माना जाता है कि देवी आदि-पराशक्ति का कोई रूप नहीं था और वह निराकार थीं। शक्ति की सर्वोच्च देवी, आदि-पराशक्ति, भगवान शिव के बायें आधे भाग से सिद्धिदात्री के रूप में प्रकट हुईं। देवी सिद्धिदात्री की आराधना से समस्त प्रकार की सिद्धियों की प्राप्ति होती है। नवरात्रि में देवी सिद्धिदात्री को तिल या तिल से बने पदार्थों का प्रसाद अर्पित करना चाहिए। इनकी पूजा के लिए सिद्ध गंधर्व यक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी या ऊँ सिद्धिदात्र्यै नमः मंत्र जपना चाहिए।
नवरात्रि के चौथे दिन नहीं होगी मां कूष्मांडा की पूजा
नवरात्रि के चौथे दिन जगदंबा के चौथे स्वरूप कूष्मांडा की पूजा की जाती है। लेकिन साल 2024 में यह नहीं हो पाएगा, इसके लिए भक्तों को अगले दिन का इंतजार करना होगा। इसकी वजह ये है कि नवरात्रि के चौथे दिन 06 अक्टूबर रविवार को अश्विन शुक्ल चतुर्थी सुबह 7.49 बजे से लग रही है और यह 07 अक्टूबर को सुबह 9.47 बजे संपन्न होगी यानी चौथे दिन सूर्योदय के समय तृतीया तिथि ही रहेगी। इस कारण माता कूष्मांडा की पूजा अगले दिन 07 अक्टूबर को होगी।
हालांकि विनायक चतुर्थी पूजा में चंद्र पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दिन विनायक चतुर्थी पूजा सुबह 10.58 बजे से दोपहर 01: 19 बजे तक यानी 2 घंटे 21 मिनट तक है।इसलिए इस दिन विनायक चतुर्थी मनाई जाएगी।
प्याज और गुड़ मिला कर खाने से मिलते हैं ये 6 फायदे
प्याज और गुड़ मिला कर खाने से मिलते हैं ये 6 फायदे प्लेटलेट्स बढ़ाने में मददगार डेंगू (Dengue) की बीमारी होने पर प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं, लेकिन डेंगू की शिकायत होने पर अगर आप प्याज और गुड़ का सेवन करते हैं, तो इससे प्लेटलेट्स बढ़ाने में मदद मिलती है। इम्यूनिटी होती है मजबूत प्याज […]
काशी के बड़ा गणेश मंदिर से साईं मूर्ति को हटाया गया
अब तक 10 मंदिरों से हटाई जा चुकी हैं साईं प्रतिमाएं
काशी के मंदिरों से हटाई जा रहीं साईं प्रतिमाएं
वाराणसी। धर्म नगरी काशी के मंदिरों में स्थापित साईं प्रतिमाओं को हटाने की शुरुआत हो गई है। सबसे पहले सनातन रक्षक दल के सदस्यों ने रविवार रात बड़ा गणेश मंदिर में स्थापित साईं की प्रतिमा को कपड़े में लपेट कर मंदिर से हटा दिया। अब अगस्तेश्वर मंदिर और भूतेश्वर मंदिर के साथ अन्य मंदिरों में विराजमान साईं प्रतिमा को भी हटाने की तैयारी है। अब तक 10 मंदिरों से साईं प्रतिमाओं को हटाया जा चुका है।
सनातन रक्षक दल की ओर से मंदिरों में स्थापित साईं प्रतिमाओं को हटाने का अभियान चलाया गया है। सनातन रक्षक दल के अध्यक्ष अजय शर्मा ने कहा कि मंदिर प्रबंधन की मंजूरी के बाद प्रतिमाओं को हटाया गया है। इस अभियान का आगाज शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने किया था, लेकिन अब इसे अभियान बनाया गया है।
जानकारी के अभाव में हो रही थी साईं की पूजा
बड़ा गणेश मंदिर के महंत रम्मू गुरु ने कहा कि जानकारी के अभाव में साईं की पूजा हो रही थी। शास्त्र के अनुसार, इनकी पूजा वर्जित है। जानकारी होने के बाद स्वेच्छा से प्रतिमा हटवा दी गई। अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकर पुरी ने कहा कि शास्त्रों में कहीं भी साईं की पूजा का वर्णन नहीं मिलता है, इसलिए अब मंदिर में स्थापित मूर्ति हटाई जा रही है। हिंदू युवा वाहिनी हेमू कलाणी मंडल के अध्यक्ष शिवांशु यदुवंश व शुभम सोनकर ने कहा कि मंदिरों में साईं की प्रतिमा स्थापित करना उचित नहीं है।
सनातन रक्षक दल के सदस्य
अलग मंदिर बनाकर हो उनकी पूजा
सनातन रक्षक दल के अध्यक्ष अजय शर्मा ने कहा कि हम साईं के विरोधी नहीं हैं, लेकिन गणेश मंदिर में साईं प्रतिमा का क्या काम? साईं बाबा का अलग मंदिर बनाकर वहां उनकी पूजा हो। उन्होंने कहा कि काशी में एकमात्र महादेव ही पूजनीय हैं। अज्ञानतावश लोगों ने मंदिरों में साईं की प्रतिमा लगवाई, जिसको लेकर नाराजगी थी।
क्या है विवाद ?
सनातन रक्षक दल के अध्यक्ष अजय शर्मा ने कहा कि साजिश के तहत चांद मियां को साईं बाबा के तौर पर प्रचारित किया गया। उन्होंने कहा कि शास्त्रों के अनुसार, किसी भी देवालय या मंदिर में मृत मनुष्यों की मूर्ति स्थापित कर पूजा वर्जित है। हिंदू धर्म में मंदिरों में केवल पंच देवों- सूर्य, विष्णु, शिव, शक्ति, और गणपति के स्वरूपों की मूर्तियां ही स्थापित की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि सभी मंदिरों से अनुमति लेकर ससम्मान साईं प्रतिमाओं को हटाया जा रहा है।
पंडित श्रद्धाराम फिल्लौरी ==================== ३० सितम्बर,१८३७/जन्म-दिवस ========================
ॐ जय जगदीश हरे के रचयिता पंडित श्रद्धा राम की जयंती है आज
पंडित श्रद्धाराम शर्मा का जन्म ३० सितम्बर १८३७ को पंजाब के जालंधर के फिल्लोर ग्राम में हुआ। आगे चलकर वह पंडित श्रद्धा राम फिल्लौरी के नाम से प्रसिद्ध हुए। पंडित श्रद्धा राम ओम् जय जगदीश हरे आरती के रचयिता के साथ-साथ वे सनातन धर्म प्रचारक, ज्योतिषी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, संगीतज्ञ तथा हिन्दी के ही नहीं, बल्कि पंजाबी के भी श्रेष्ठ साहित्यकारों में से एक थे। इनकी गिनती उन्नीसवीं शताब्दी के श्रेष्ठ साहित्यकारों में होती थी।
अपनी विलक्षण प्रतिभा और ओजस्वी वक्तृता के बल पर उन्होंने पंजाब में नवीन सामाजिक चेतना एवं धार्मिक उत्साह जगाया, जिससे आगे चलकर आर्य समाज के लिये पहले से निर्मित उर्वर भूमि मिली। उनका लिखा उपन्यास ‘भाग्यवती’ हिन्दी के आरंभिक उपन्यासों में गिना जाता है। पं. श्रद्धाराम शर्मा गुरुमुखी और पंजाबी के अच्छे जानकार थे और उन्होंने अपनी पहली पुस्तक गुरुमुखी में ही लिखी थी; परंतु वे मानते थे कि हिन्दी के माध्यम से इस देश के अधिक से अधिक लोगों तक अपनी बात पहुंचाई जा सकती है। उन्होंने अपने साहित्य और व्याख्यानों से सामाजिक कुरीतियों और अंधविश्वासों के विरुद्ध जबर्दस्त माहौल बनाया था। उन्होंने सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार किया और उसी क्रम में ३२ वर्ष की आयु में सन् १८७० को ओम जय जगदीश हरे आरती रची।
पंडित श्रद्धाराम शर्मा ने सन १८६६ में पंजाबी (गुरुमुखी) में ‘सिखों दे राज दी विथिया’ और ‘पंजाबी बातचीत’ जैसी किताबें लिखकर मानो क्रांति ही कर दी। अपनी पहली ही पुस्तक ‘सिखों दे राज दी विथिया’ से वे पंजाबी साहित्य के पितृपुरुष के रूप में प्रतिष्ठित हो गए और उनको “आधुनिक पंजाबी भाषा के जनक” की उपाधि मिली। बाद में इस रचना का रोमन में अनुवाद भी हुआ। इस पुस्तक में सिक्ख धर्म की स्थापना और इसकी नीतियों के बारे में बहुत सार गर्भित रूप से बताया गया है। पुस्तक में तीन अध्याय हैं। इसके तीसरे और अंतिम अध्याय में पंजाब की संकृति, लोक परंपराओं, लोक संगीत, व्यवहार आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। इसी कारण से शायद इस पुस्तक को उच्च कक्षा की पढ़ाई के लिए चुना गया। अंग्रेज़ सरकार ने तब होने वाली आई.सी.एस. (जिसका भारतीय नाम अब ‘आई.ए.एस.’ हो गया है) परीक्षा के कोर्स में, अनिवार्य पठनीय पुस्तक विषय के रूप में इस पुस्तक को शामिल किया था।
पंजाबी बातचीत में मालवा, मझ्झ जैसे प्रान्तों में जो प्रयोग की जातीं हैं, वह बोली, बातचीत, पहनावा, सोच, मुहावरे, कहावतें जैसी बातों को समेटा गया है। “पंजाबी बातचीत” को अंग्रेज़ ब्रिटिश राज के समय पंजाबी भाषा सीखने के लिए सबसे बड़ा सहारा समझते थे। पंडित श्रद्धाराम शर्मा का गुरुमुखी और हिन्दी साहित्य में महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है। उनकी विद्वता और भारतीय धार्मिक विषयों पर उनकी वैज्ञानिक दृष्टि के लोग कायल हो गए थे। जगह-जगह पर उनको धार्मिक विषयों पर व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया जाता था और तब हजारों की संख्या में लोग उनको सुनने आते थे। वे लोगों के बीच जब भी जाते, अपनी लिखी ‘ओम जय जगदीश हरे’ की आरती गाकर सुनाते। उनकी आरती सुनकर तो मानों लोग बेसुध से हो जाते थे। आरती के बोल लोगों की जुबान पर ऐसे चढ़े कि आज कई पीढ़ियाँ गुजर जाने के बाद भी उनके शब्दों का जादू क़ायम है।
भारत के घर-घर और मंदिरों में ‘ओम जय जगदीश हरे’ के शब्द वर्षों से गूंज रहे हैं। दुनिया के किसी भी कोने में बसे किसी भी सनातनी हिन्दू परिवार में ऐसा व्यक्ति खोजना कठिन है, जिसके हृदय-पटल पर बचपन के संस्कारों में ‘ओम जय जगदीश हरे’ के शब्दों की छाप न पड़ी हो। इस आरती के शब्द उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत के हर घर और मंदिर मे पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ गाए जाते हैं। बच्चे से लेकर युवाओं को और कुछ याद रहे या न रहे, इसके बोल इतने सहज, सरल और भावपूर्ण है कि एक दो बार सुनने मात्र से इसकी हर एक पंक्ति दिल और दिमाग में रच-बस जाती है।
हजारों वर्ष पूर्व हुए हमारे ज्ञात-अज्ञात ऋषियों ने परमात्मा की प्रार्थना के लिए जो भी श्लोक और भक्ति गीत रचे, ‘ओम जय जगदीश’ की आरती की भक्ति रस धारा ने उन सभी को अपने अंदर समाहित-सा कर लिया है। यह एक आरती संस्कृत के हजारों श्लोकों, स्तोत्रों और मंत्रों का निचोड़ है।
हरेक सनातनी, हिन्दू धर्मी के लिए श्रद्धा का पर्याय
किसी भी कृति का कालजयी होना इसी तथ्य से प्रमाणित होता है कि जब कृति उस कर्ता की न होकर समाज के प्रत्येक व्यक्ति की, अपनी-सी बन जाये। जिस तरह ‘रामचरितमानस’ या ‘श्रीमद्भगवद गीता’ या ‘नानक बानी’ कालांतर में बन पायी है। इसी तरह श्रद्धाराम शर्मा जी द्वारा लिखी ‘ओम जय जगदीश हरे’ आज हरेक सनातनी, हिन्दू धर्मी के लिए श्रद्धा का पर्याय बन गयी है। इस आरती का प्रत्येक शब्द श्रद्धा से भीगा हुआ, ईश्वर की प्रार्थना और मनुष्य की श्रद्धा को प्रतिबिंबित करता है।
२४ जून १८८१ को लाहौर में केवल ४३ वर्ष की आयु में आप पंचतत्व में विलीन हो गए। पंजाब से उसका एक बड़ा दूरदर्शी साहित्यकार, जो सामाजिक आन्दोलनों को नेतृत्व प्रदान करने में भी अपना सानी नहीं रखता है।
१९५५ में पंजाब सरकार ने इनकी मूर्ति को फिल्लौर के बस अड्डे पर स्थापित किया। तब से प्रतिवर्ष उनकी जयन्ती पर कार्यक्रम करके उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है।
दुनिया भर के हिन्दू मन्दिरों में प्रातः सांय गूंजने वाली आरती ओम् जय जगदीश हरे के रचयिता पंडित श्रद्धा राम फिल्लौरी को उनके जन्म-दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि प्रणाम्।
किरतपुर रोड नगर पालिका परिषद के ट्यूबवेल नंबर 16 का मामला
थाना कोतवाली शहर पुलिस को पीड़ित ने दी तहरीर
सरकारी ट्यूबवेल पर दलित को पानी पीने से रोका!
बिजनौर। नगर पालिका परिषद के एक ट्यूबवेल पर जाति के आधार पर भेदभाव करके दलितों को पानी पीने से रोका जा रहा है। इस मामले में थाना शहर कोतवाली पुलिस से शिकायत की गई है।
प्रतीकात्मक चित्र
थाना शहर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम आदमपुर निवासी अनुज कुमार पुत्र मुरारी सिंह की वाशू फ्लोवर डेकोरेशन नाम से दुकान किरतपुर रोड वर्धमान कॉलेज के सामने नगर पालिका परिषद के ट्यूबवेल नंबर 16 के पास स्थित है। बताया गया है कि ट्यूबवेल पर मनीष सैनी पुत्र जगदीश सैनी ऑपरेटर पद पर तैनात है। आरोप है कि ऑपरेटर मनीष ट्यूबवेल को अपनी निजी सम्पत्ति समझकर लोगों को पानी पीने व भरने से मना करता है। अनुज कुमार का कहना है कि शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे वह पानी पीने के लिए ट्यूबवेल पर गया तो ऑपरेटर मनीष ने उसको साले चमट्टे कहते हुए गंदी गालियां देनी शुरू कर दीं। इतना ही नहीं मना करने पर धक्कामुक्की करते हुए पानी नहीं पीने दिया। साथ ही धमकी भी दी कि अगर फिर से पानी पीने आया तो हाथ पैर तुड़वा दूंगा।
थाना कोतवाली शहर पुलिस को दी तहरीर में पीड़ित अनुज ने यह भी आरोप लगाया कि ऑपरेटर मनीष ट्यूबवेल पर अन्य लोगों के साथ में नशीले पदार्थों का सेवन करता है। पीड़ित अनुज ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। वहीं इंस्पेक्टर उदय प्रताप सिंह ने बताया कि कार्रवाई की जा रही है।
चेतावनी: किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा उत्पीड़न
दीपक सक्सेना नगर अध्यक्ष, सौरभ जुनेजा महामंत्री मनोनीत
बिजनौर। व्यापारी एकता परिषद के सदस्यता अभियान को जारी रखते हुए व्यापारी एकता परिषद के पदाधिकारियों ने नूरपूर पहुंचकर कार्यकारिणी का गठन किया।
व्यापारी एकता परिषद के द्वारा नूरपुर नगर स्थित अन्नपूर्णा रेस्टोरेंट पर बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री प्रशांत चौधरी एवं जिला मंत्री विकास विश्वकर्मा ने संयुक्त रुप से किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अनुज शर्मा ने की। बैठक में मुख्य वक्ता के तौर पर प्रदेश अध्यक्ष राहुल वर्मा, प्रदेश महामंत्री देवेश चौधरी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गोपाल धीमान उपस्थित रहे।
इस दौरान सदस्यता अभियान को अधिक से अधिक चलाए जाने और अधिक से अधिक व्यापारियों को संगठन से जोड़ने के विषय पर चर्चा की गई। संगठन के द्वारा अन्नपूर्णा रेस्टोरेंट प्रतिष्ठान के मालिक दीपक सक्सेना को नूरपुर का नगर अध्यक्ष मनोनीत किया गया। साथ ही हंसराज स्वीट के मालिक सौरभ जुनेजा को नगर का महामंत्री, उमेश कुमार को नगर उपाध्यक्ष, सलमान कुरेशी को नगर मंत्री मनोनीत किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि किसी भी स्थिति में अपने व्यापारी भाइयों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेंगे। व्यापारी का किसी विभाग के द्वारा यदि उत्पीड़न किया जा रहा है, तो वह किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उसके लिए आंदोलन भी करना पड़ा तो संगठन पीछे नहीं हटेगा। संगठन का मुख्य उद्देश्य केवल व्यापारी की सुरक्षा, सम्मान है। व्यापारी देश की आर्थिक रीढ़ मानी जाती है, लेकिन समय समय पर व्यापारी कहीं न कहीं अपने आप को ठगा सा महसूस करता है। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष राहुल वर्मा, प्रदेश महामंत्री देवेश चौधरी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गोपाल धीमान, जिला अध्यक्ष अनुज शर्मा, जिला महामंत्री प्रशांत चौधरी, जिला मंत्री विकास धीमान आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे।
छापे में कई खुलासे, बम्लेश्वरी माता के मंदिर में सप्लाई होते हैं पैकेट !
मजहर खान के मुर्गी फॉर्म में बन रहा था बम्लेश्वरी माता के मंदिर का ‘श्री भोग प्रसाद’
खाद्य विभाग की टीम ने एक पोल्ट्री फॉर्म में छापा मार कर बड़ा खुलासा किया है। छापेमारी के दौरान पोल्ट्री फॉर्म में बम्लेश्वरी देवी मंदिर परिसर में संचालित दुकानों के लिए सप्लाई किए जाने वाले श्री भोग प्रसाद के पैकेट मिले हैं।
राजनांदगांव। नवरात्रि से पहले छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में आस्था से खिलवाड़ का नया कुचक्र सामने आया है। खाद्य विभाग की टीम ने एक पोल्ट्री फॉर्म में छापा मार कर श्रीप्रसाद के पैकेट बरामद किए हैं। यह प्रसाद डोगरगढ़ स्थिति प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां बम्लेश्वरी देवी के परिसर में लगी दुकानों में सप्लाई किया जाता है। खाद्य सुरक्षा टीम ने डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र स्थित राका गांव के एवन ट्रेडर्स में छापामारी की। इस दौरान यहां प्रसाद का निर्माण भी पाया गया। हाल ही में आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर को लेकर भी विवाद सामने आया था।
खाद्य विभाग की टीम जब गुरुवार को पोल्ट्री फॉर्म पहुंची तो मां बम्लेश्वरी मंदिर में बंटने वाले प्रसाद के बड़े पैमाने में पैकेट मिले। इसके साथ ही मुर्गी पालन पोल्ट्री फॉर्म संचालक द्वारा भोग प्रसाद इलायची दाना बनाया जा रहा था। जांच के दौरान पता चला कि करीब 5000 स्क्वायर फीट के कैंपस में पोल्ट्री फॉर्म के साथ ही प्रसाद बनाने की फैक्ट्री संचालित होती है। इसे ‘श्री भोग प्रसाद’ के नाम से बनाया जा रहा था। यह प्रसाद मां बम्लेश्वरी देवी के दर्शन करने वाले भक्त खरीदते हैं इसकी सप्लाई मंदिर के पास दुकानों में होती है।
ज्ञात हो कि मंदिर का संचालन सरकारी नियंत्रण के तहत एक पब्लिक ट्रस्ट करता है,जिसका चुनाव प्रत्येक 3 वर्ष में संपन्न होता है। वर्तमान में ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल हैं।
जहां बन रहा था प्रसाद उस पोल्ट्री फॉर्म का संचालक है मजहर खान
बताया जा रहा है कि मुर्गी फार्म का संचालक मजहर खान है। जिस पैकेट में ये इलायची दाना बेचा जा रहा था उसमें लिखा है इसे ‘साफ एवं पवित्र वातावरण में निर्मित’ किया गया है। जहां प्रसाद बनाया जा रहा है वहां मुर्गी पालन, अंडे निकालना और मुर्गियों को मांस -के लिए बेचने का भी काम होता है। खाद्य विभाग की टीम ने इलायची दाना के सैंपल लिए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में खाद्य विभाग के अधिकारियों को इलायची दाना निर्माण से जुड़ी कोई भी अनुमति के दस्तावेज नहीं मिले हैं।
वहीं, फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों का दावा है कि पोल्ट्री फार्म उसी परिसर में है, लेकिन वहां काम करने वाले मजदूर अलग हैं। डोंगरगढ़ के जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डोमेन धुर्वे ने इसकी पुष्टि की है कि पोल्ट्री फार्म में इलायची दाना बनाया जा रहा था और बड़ी मात्रा में प्रसाद के पैकेट बरामद हुए हैं। उन्होंने बताया कि संचालित फैक्ट्री का पंजीयन नहीं है। साथ ही पैकेजिंग में बड़ी गड़बड़ी दिखी है। इसमें मानक, तिथि, बैच नंबर भी अंकित नहीं है।
छत्तीसग़ढ सरकार ने जारी किया है अलर्ट
आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर में मिलावटी प्रसाद मिलने के बाद छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार अलर्ट मोड पर है। प्रदेश सरकार ने एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें देवभोग के घी का ही उपयोग प्रसाद बनाने में किया जाना अनिवार्य किया गया है।
किसी संस्था का प्रसाद नहीं चढ़ता: मनोज अग्रवाल
बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट समिति डोंगरगढ़ के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल के अनुसार – मां बम्लेश्वरी मंदिर में चढ़ने वाले प्रसाद का किसी प्रकार से कोई टेंडर नहीं दिया जाता है। यहां ऐसा कोई नियम नहीं है कि किसी एक ही संस्था या फैक्ट्री का बना हुआ प्रसाद आएगा और वही चढ़ाया जायेगा। उन्होंने कहा की यहां भक्तों द्वारा चढ़ाए गए नारियल को ही प्रसाद स्वरूप बांटा जाता है।
विवादित रहा है बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट समिति का प्रबंधन
बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट समिति डोंगरगढ़ के अध्यक्ष, मनोज अग्रवाल के घर पिछले दिनों छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग घोटाले की जाँच के दौरान ED का छापा भी पड़ा था। छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग घोटाला भूपेश बघेल सरकार के दौरान ली गयी डेढ़ सौ करोड़ की रिश्वत की जांच से सम्बंधित है। जांच के तहत पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश भघेल के करीबी माने जाने वाले छतीसग़ढ राइस मिलर्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर को पिछले साल ED ने गिरफ्तार किया था। मां बम्लेश्वरी देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल पर रोशन चंद्राकर से सम्बंधित होने के कारण ED द्वारा छापेमारी की गयी थी।
2000 हजार वर्ष पुराना है मां बम्लेश्वरी का मंदिर
राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ की पहाड़ियों पर स्थित मां बम्लेश्वरी का भव्य मंदिर है। राज्य की सबसे ऊंची चोटी पर विराजमान डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी मंदिर का इतिहास काफी पुराना है। पहाड़ के नीचे छोटी बम्लेश्वरी माता का भी मंदिर है। वैसे तो साल भर यहां भक्तों की भीड़ लगी रहती है, लेकिन इस कामाख्या नगरी में नवरात्रि के दौरान अलग ही दृश्य होता है। डोंगरगढ़ में जमीन से करीब 2 हजार फीट की ऊंचाई पर विराजती हैं मां बमलेश्वरी। मां की एक झलक पाने के लिए दूर-दूर से भक्तों का जत्था माता के इस धाम में पहुंचता है। कोई रोप वे का सहारा लेकर तो कोई पैदल ही चलकर पहुंचता है। मां बम्लेश्वरी को उज्जैन के महाप्रतापी राजा विक्रमादित्य की कुलदेवी भी माना जाता है। मंदिर की अधिष्ठात्री देवी माँ बगुलामुखी हैं। यह कलचुरी कालीन मंदिर है। इसका निर्माण लगभग 2000 वर्ष पूर्व हुआ था।
शहीद भगत सिंह =============== २८ सितम्बर/जन्मोत्सव ==================
हंसते-हंसते देश पर अपनी जान न्यौछावर करने वाले शहीद-ए-आजम भगत सिंह का जन्म पंजाब प्रांत के लायपुर जिले के बंगा में २८ सितंबर १९०७ को हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है. उस समय उनके चाचा अजीत सिंह और श्वान सिंह भारत की आज़ादी में अपना सहयोग दे रहे थे. ये दोनों करतार सिंह सराभा द्वारा संचालित गदर पार्टी के सदस्य थे।
भगत सिंह पर इन दोनों का गहरा प्रभाव पड़ा था. इसलिए ये बचपन से ही अंग्रेज़ों से घृणा करते थे. भगत सिंह अपने चाचा करतार सिंह सराभा और लाला लाजपत राय से अत्यधिक प्रभावित थे. १३ अप्रैल १९१९ को जलियांवाला बाग हत्याकांड ने भगत सिंह के बाल मन पर गहरा प्रभाव डाला. देश के सबसे बड़े क्रांतिकारी और अंग्रेजी हुकूमत की जड़ों को अपने साहस से झकझोर देने वाले भगत सिंह ने नौजवानों के दिलों में आजादी का जुनून भरा था।
अहिंसावादी विचारधारा से मोहभंग
१४ वर्ष की आयु में ही भगत सिंह ने सरकारी स्कूलों की पुस्तकें और कपड़े जला दिये थे. महात्मा गांधी ने जब १९२२ में चौरीचौरा कांड के बाद असहयोग आंदोलन को खत्म करने की घोषणा की तो भगत सिंह का अहिंसावादी विचारधारा से मोहभंग हो गया. उसके बाद चन्द्रशेखर आज़ाद के नेतृत्व में गठित हुई गदर दल के हिस्सा बन गये. उन्होंने १९२६ में देश की आजादी के लिए नौजवान भारत सभा की स्थापना की।
२३ मार्च १९३१ की रात भगत सिंह को सुखदेव और राजगुरु के साथ लाहौर षडयंत्र के आरोप में अंग्रेजी सरकार ने फांसी पर लटका दिया. मृत्युदण्ड के लिए २४ मार्च की सुबह ही तय थी, मगर जनाक्रोश से डरी सरकार ने २३-२४ मार्च की मध्यरात्रि ही फांसी पर लटका दिया था।
हिन्दी, उर्दू, अंग्रेज़ी, संस्कृत, पंजाबी, बंगला और आयरिश भाषा के मर्मज्ञ चिन्तक और विचारक भगत सिंह भारत में समाजवाद के पहले व्याख्याता थे. भगत सिंह अच्छे वक्ता, पाठक और लेखक भी थे. उन्होंने अकाली और कीर्ति दो अखबारों का संपादन भी किया।
जेल में भगत सिंह लगभग दो साल रहे, इस दौरान वे लेख लिखकर अपने क्रांतिकारी विचार व्यक्त करते रहे. जेल में भगत सिंह व उन के साथियों ने ६४ दिनों तक भूख हड़ताल की. उनके एक साथी यतीन्द्र नाथ दास ने तो भूख हड़ताल में अपने प्राण ही त्याग दिये थे।
बलिदानी भगत सिंह के विचार:-
०१. बम और पिस्तौल से क्रान्ति नहीं आती, क्रान्ति की तलवार विचारों की सान पर तेज होती है।
०२. निष्ठुर आलोचना और स्वतन्त्र विचार, ये दोनों क्रांतिकारी सोच के दो अहम लक्षण हैं।
०३ राख का हर एक कण मेरी गर्मी से गतिमान है. मैं एक ऐसा पागल हूं जो जेल में आजाद है।
०४. प्रेमी पागल और कवि एक ही चीज से बने होते हैं और देशभक्तों को अक्सर लोग पागल कहते हैं।
०५. जिन्दगी तो केवल अपने कन्धों पर जी जाती है, दूसरों के कन्धे पर तो केवल जनाजे उठाए जाते हैं।
०६. व्यक्तियों को कुचलकर भी आप उनके विचार नहीं मार सकते हैं।
०७. निष्ठुर आलोचना और स्वतन्त्र विचार ये क्रांतिकारी सोच के दो अहम लक्षण हैं।
०८. आम तौर पर लोग चीजें जैसी हैं उसी के अभ्यस्त हो जाते हैं. बदलाव के विचार से ही उनकी कंपकंपी छूटने लगती है. इसी निष्क्रियता की भावना को क्रांतिकारी भावना से बदलने की दरकार है।
०९. वे मुझे कत्ल कर सकते हैं, मेरे विचारों को नहीं. वे मेरे शरीर को कुचल सकते हैं, लेकिन मेरे जज्बे को नहीं।
१०. अगर बहरों को अपनी बात सुनानी है तो आवाज़ को जोरदार होना होगा. जब हमने बम फेंका तो हमारा उद्देश्य किसी को मारना नहीं था. हमने अंग्रेजी हुकूमत पर बम गिराया था. अंग्रेजों को भारत छोड़ना और उसे आजाद करना चाहिए।
ऐसे महान क्रांतिकारी, शहीद-ए-आजम भगत सिंह के जन्म-दिवस पर देश उन्हें कोटि-कोटि नमन् करता है।
स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा अंतर्गत गीता नगरी में जुटा पालिका का अमला
उत्कृष्ट कार्य करने वाले सफाई मित्रों को प्रशस्ति पत्र
बिजनौर। नगर पालिका परिषद के वार्ड नंबर 21 गीता नगरी में स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा अंतर्गत अपने घरों एवं आसपास साफ सफाई रखने वाले निवासियों एवं वार्ड में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सफाई मित्रों को अध्यक्ष नगर पालिका परिषद बिजनौर श्रीमती इंदिरा सिंह द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में वार्ड सभासद राजवीर सिंह, अधिशासी अधिकारी विकास कुमार, सफाई एवं खाद निरीक्षक गोविंद कुमार, एसबीएम लिपिक संदीप कुमार, स्वास्थ्य लिपिक विपिन देसाई आदि उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय मिशन निदेशक, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली भारत सरकार के निर्णयानुसार जारी दिशानिर्देशों के क्रम में राज्य मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन नगरीय, राज्य मिशन निदेशालय लखनऊ के निर्देशानुसार दिनांक 17 सितंबर 2024 से 02 अक्टूबर 2024 तक स्वच्छता ही सेवा (एस.एच. एस.) अभियान चलाया जा रहा है।
किसी भी कैमिस्ट का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा: गोयल
कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन के जिला अध्यक्ष बने राजकुमार गोयल
बिजनौर। कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन उत्तर प्रदेश द्वारा पूरे उत्तर प्रदेश के केमिस्ट का कार्यक्रम झांसी के पास ओरछा रिसोर्ट में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में 75 जिलों के हजारों केमिस्ट ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर बिजनौर जिले के वरिष्ठ समाजसेवी राजकुमार गोयल को कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन का जिला अध्यक्ष मनोनीत किया गया। तत्पश्चात कार्यक्रम में नव जिला अध्यक्ष और उनके साथियों का फूलमालाओं से स्वागत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष संदीप कुमार चतुर्वेदी व जनरल सेक्रेटरी उत्तर प्रदेश सुरेश गुप्ता ने की, जबकि संचालन राकेश सिंह ने किया।
उधर जैसे ही बिजनौर जिले के कैमिस्ट को यह खबर मिली तो उनमें खुशी की लहर दौड़ गई और राजकुमार गोयल के बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया। लोगों ने मोबाइल और सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें बधाई देने शुरू कर दी। जब राजकुमार गोयल जनपद में वापस पहुंचे तो लोगों ने उन्हें फूल मालाएं पहना कर एवं मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर राजकुमार गोयल ने कहा कि प्रदेश के शीर्ष नेताओं और जिले के कैमिस्ट ने जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है, वे उसका निर्वहन पूरी ईमानदारी व कर्तव्यनिष्ठा से करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी कैमिस्ट का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। अगर किसी भी अधिकारी ने कैमिस्ट को प्रताड़ित करने का प्रयास किया तो संगठन धरना प्रदर्शन करते हुए हर स्तर पर कैमिस्ट की लड़ाई लड़ते को तैयार रहेगा।
बंदूक और ट्रांसफार्मर का कीमती सामान लूट कर ले गए बदमाश
गोल्डन एवेन्यू कालोनी में गार्डों को बंधक बनाकर लूट
मेरठ। मवाना में गुरुवार आधी रात को बदमाशों ने गोल्डन एवेन्यू कालोनी में दो गार्डों को बंधक बना कर राइफल और ट्रांसफार्मर का कीमती सामान लूट लिया। वारदात की सूचना पर मवाना पुलिस मौके पर पहुंची। बदमाशों की तलाश की जा रही है।
मवाना थाना क्षेत्र के मेरठ हाइवे पर गोल्डन एवेन्यू कालोनी निर्माणाधीन कोर्ट बिल्डिंग के बराबर में है। गुरुवार रात करीब साढ़े 12 बजे चार बदमाशों ने कालोनी के गार्ड मनोज व दीपक को हथियारों के बल पर जान से मारने की धमकी देते हुए बंधक बना लिया। उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी और गन लूट ली। इसके बाद बदमाशों ने वहां रखे ट्रांसफार्मर से कीमती सामान लूटा और कॉलोनी के तीन घरों से पानी की मोटर भी निकाल ली। बदमाश दोनों गार्डों के मोबाइल और वहां लगे सीसीटीवी की डीवीआर भी निकालकर ले गए।
वारदात की सूचना मिलने पर कार्यवाहक मवाना सीओ अभिषेक पटेल, थाना प्रभारी राजेश कांबोज ने घटनास्थल पहुंचकर दोनों गार्ड से जानकारी ली। एसपी देहात राकेश मिश्रा ने बताया कि बदमाशों की तलाश की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज चेक की जा रही है। पुलिस ने पीड़ित के बयान दर्ज कर लिए हैं और चोरी हुए सामान का विवरण जुटाया जा रहा है। गार्ड से मिली जानकारी के आधार पर जांच शुरू हो गई है।
फेलनिक-सीवी टेबलेट, सेफेक्सीम ओरल सस्पेंशन, साफी-एक्स ड्राई सिरप, रेबकोस डीएसआर, मॅगापोड और वाइडरोब 200 के नमूने फेल
जांच के लिए भेजे गए छह दवाओं के नमूने पाए गए नकली
बिजनौर। जांच के लिए भेजे गए छह दवाओं के नमूनों में नकली व अधोमानक पाए गए हैं। इनमें सरकारी आपूर्ति में आया ड्रग वेयर हाउस की दवा का नमूना भी अधोमानक निकला है। औषधि निरीक्षक की ओर से दवा कंपनियों व संबंधित के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया गया है।
जानकारी के अनुसार कि मंडावर के मोहल्ला शाहविलायत में क्वालिटी मेडिकोज से फेलनिक-सीवी टेबलेट का नमूना लिया गया था। यूनिशॉर्प ऑर्गन प्राइवेट लिमिटेड’ आलमगीर कंपनी से निर्मित यह दवा जांच में नकली पाई गई। इसके अलावा ड्रग वेयरहाउस से लिया गया सेफेक्सीम ओरल सस्पेंशन जांच में अधोमानक निकला। यह दवा रेमसन रेमिडेज, अमृतसर की कंपनी में बनी थी। बिजनौर के आबकारी पुलिस चौकी के पास मनि मेडिकोज से लिया गया साफी-एक्स ड्राई सिरप का नमूना जांच में अधोमानक मिला। इस दवा को उपकार फार्मास्युटिकल गोंडपुर, सिरमोर की कंपनी ने बनाया था। कासमपुर गढ़ी में अदनान मेडिकल स्टोर से रेबकोस डीएसआर का नमूना लिया था, यह भी जांच में अधोमानक पाया गया। यह दवा फोरगो फार्मास्युटिकल बरोटीवाला, बही, सोलन की कंपनी में बनी थी। बिजनौर में सुपर मेडिकल हॉल से लिया गया मॅगापोड दवा नमूना भी जांच में अधोमानक निकला। यह दवा एलवी लाइफ साइंस, वीपीओ गुरुमाजरा, बद्दी की कंपनी में बनी थी। इसके अलावा वाइडरोब 200 का नमूना बिजनौर में सिविल लाइन स्थित मेडिसिन प्वाइंट शिप्रा मार्केट से लिया था, जो जांच में अधोमानक मिला। यह दवा श्री रामसेठ इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड जूडीकलां बद्दी की कंपनी में बना था।
सभी दवा कंपनियों व संबंधित के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद दायर करा दिया गया है। सरकारी आपूर्ति का सेफेक्सीम ओरल सस्पेंशन भी अधोमानक निकलने के कारण इसके वितरण पर रोक को पहले ही सूचित कर चुके हैं। ~उमेश भारती, औषधि निरीक्षक, बिजनौर
■ एडीएम कोर्ट में संबंधित के खिलाफ वाद दायर किया जाएगा
■ सहायक आयुक्त खाद्य नादिर अली ने दी जांच रिपोर्ट की जानकारी
■ खाद्य पदार्थों के 15 नमूने फेल निकले
बिजनौर। संदेह के आधार पर जांच को भेजे गए खाद्य पदार्थों के 15 नमूने फेल निकले। प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर सभी में संबंधित के खिलाफ एडीएम कोर्ट में वाद दायर किया जाएगा। सहायक आयुक्त खाद्य नादिर अली ने पुष्टि की है।
जानकारी के अनुसार बिजनौर में जानी का चौराहा से ग्राम जहानाबाद निवासी बलजीत सिंह, ग्राम मुबारकपुर निवासी आरिफ और हल्दौर क्षेत्र के ग्राम सुल्तानपुर आबाद निवासी राजीव कुमार से लिया गया दूध, कोतवाली देहात निवासी लवकेश कुमार जैन से लिया गया खोया, चांदपुर क्षेत्र के ग्राम कमालपुर निवासी से अशरफ का क्रीम, चांदपुर क्षेत्र के ग्राम वीरोपुर निवासी धर्मवीर से लिया गया पनीर का नमूना जांच में फेल पाया गया है।
इसी प्रकार ग्राम अकबरपुर निवासी पीयूष से लिया गया खोया, नहटौर में नईम अहमद की दुकान से लिया गया आनंद ब्रांड दही, चंदक में राजकमल रस्तोगी की दुकान और बिजनौर के मोहल्ला काजीपाड़ा निवासी जुबैर की दुकान से लिया गया दही, बिजनौर के मोहल्ला जाटान में ओमपाल की दुकान से लिया गया छेना मिठाई, बिजनौर में मोहल्ला काजीपाड़ा में मनोज की दुकान से लिया गया छेना रसगुल्ला एवं नजीबाबाद क्षेत्र के ग्राम बदौला निवासी जोगेंद्र की दुकान से लिया गया बेसन के सेल का नमूना जांच में फेल पाया गया। सहायक आयुक्त खाद्य नादिर अली ने बताया कि सभी के खिलाफ एडीएम कोर्ट में वाद दायर करने की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है।
पितृपक्ष एवं श्राद्घ का पुराणों में महत्त्व (भाग ३) ======================== श्राद्ध कर्म करते हुए मन होना चाहिए बहुत ही पवित्र एवं पितरों के प्रति समर्पित
श्राद्ध से श्रेष्ठ अन्य कोई कल्याणकारी उपाय नहीं
कोई भार समझकर श्राद्ध कर्म कदापि न किया जाए क्योंकि श्राद्ध करते समय मन का शांत होना बहुत आवश्यक है, यदि मन में कोई हलचल हुई तो श्राद्ध करने का फल नहीं प्राप्त होता। जैसा कि कहा गया है:-
अर्थात: जो प्राणी विधिपूर्वक शांत मन होकर श्राद्ध करता है वह सभी पापों से रहित होकर मुक्ति को प्राप्त होता है तथा फिर संसार चक्र में नहीं आता।
अत: प्राणी को पितृगण की संतुष्टि तथा अपने कल्याण के लिए भी शांत मन से श्राद्ध अवश्य करना चाहिए। इस संसार में श्राद्ध करने वाले के लिए श्राद्ध से श्रेष्ठ अन्य कोई कल्याणकारी उपाय नहीं है। इस तथ्य की पुष्टि करते हुए कहा गया है:-
अर्थात्- इस संसार में श्राद्ध से श्रेष्ठ अन्य कोई कल्याणप्रद उपाय नहीं है।
अत: बुद्धिमान मनुष्य को यत्नपूर्वक श्राद्ध अवश्य करना चाहिए। श्राद्धकर्म सिर्फ पितरों के लिए किया गया कर्म नहीं मानना चाहिए। यह स्वयं के कल्याण के लिए भी करना चाहिए। किये गए श्राद्धकर्म से जब पितर संतुष्ट होते हैं तो उनके आशीर्वाद से परिजन सुखी तो होते ही हैं साथ ही उनको आयु, बल, ऐश्वर्य भी प्राप्त होता है। यथा:
अर्थात्:- श्राद्ध अपने अनुष्ठाता अर्थात श्राद्ध करने वालों की आयु को बढ़ा देता है, पुत्र प्रदान कर कुल परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखता है। धन – धान्य का अंबार लगा देता है, शरीर में बल – पौरुष का संचार करता है, पुष्टि प्रदान करता है और यश का विस्तार करते हुए सभी प्रकार के सुख प्रदान करता है। इन सभी शुभ अवसरों को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक मनुष्य को अपने पितरों का श्राद्ध अवश्य करना चाहिए।
इतना ही नहीं बल्कि श्राद्ध सांसारिक जीवन को तो सुखमय बनाता ही है इसके साथ ही परलोक को भी सुधार देता है और अंत में श्राद्ध करने वाले को मुक्ति भी प्रदान करता है। जैसा कि कहा गया है:–
“आयु: प्रजां धनं विद्यां स्वर्गं मोक्षं सुखानि च ! प्रयच्छन्ति तथा राज्यं पितर: श्राद्धतर्पिता: ! (मार्कण्डेय पुराण)
अर्थात- श्राद्ध से संतुष्ट होकर पितृगण श्राद्धकर्ता को दीर्घायु, संतति, धन, विद्या, राज्य, सुख, स्वर्ग एवं मोक्ष प्रदान करते हैं।
इतना ही नहीं यदि सच्चे मन से अपने पितरों का श्राद्ध किया जाए तो पितरों की कृपा से मनुष्य मोक्ष से भी आगे बढ़कर परमगति को भी प्राप्त किया जा सकता है।
“पुत्रो व भ्रातरो वापि दौहित्र: पौत्रकस्तथा ! पितृकार्ये प्रसक्ता ये ते यान्ति परमां गतिम् !!” (अत्रिसंहिता)
अर्थात- जो पुत्र, भ्राता, पौत्र अथवा दौहित्र आदि पितृकार्य (श्राद्ध अनुष्ठान) में संलग्न रहते हैं वे निश्चय ही परम गति को प्राप्त होते हैं। मात्र श्राद्ध करने ही वाले ही नहीं बल्कि और किसे श्राद्ध का फल मिलता है यह बताते हुए कहा गया है…
“उपदेष्टानुमन्ता च लोके तुल्यफलौ स्मृतौ” (बृहस्पति संहिता)
अर्थात- जो श्राद्ध करता है, जो उसके विधि-विधान को जानता है, जो श्राद्ध करने की सलाह देता है और जो श्राद्ध का अनुमोदन करता है इन सभी को श्राद्ध का पुण्य फल मिल जाता है।
अब श्राद्ध करने से क्या फल मिलता है यह भी जानें… सनातन ग्रन्थों में श्राद्ध न करने से होने वाली जो हानि बताई गई है उसे सुनकर या जानकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
अत: श्राद्धतत्व से परिचित होना तथा उसके अनुष्ठान के लिए तत्पर रहना प्रत्येक मनुष्य का कर्तव्य बन जाता है। यह सर्वविदित है कि मृत व्यक्ति इस महायात्रा में अपना स्थूल शरीर भी साथ में नहीं ले जा सकता। तब वह पाथेय (अन्न जल) कैसे ले जा सकता है ? उस समय उसके सगे संबंधी श्राद्ध विधि से उसे जो कुछ देते हैं वही उसे मिलता है। शास्त्र ने मरणोपरांत पिंडदान की व्यवस्था की है। सर्वप्रथम शव यात्रा के अंतर्गत ०६ पिण्ड दिए जाते हैं जिनसे भूमि की अधिष्ठातृ देवताओं की प्रसन्नता तथा भूत पिशाचों द्वारा होने वाली बाधाओं का निराकरण आदि प्रयोजन सिद्ध होते हैं। इसके साथ ही दसगात्र में दिए जाने वाले १० पिण्डों के द्वारा जीव को आतिवाहिक सूक्ष्म शरीर की प्राप्ति होती है।
यह मृत व्यक्ति की महायात्रा के प्रारंभ की बातें हुई। अब आगे उसके रास्ते के भोजन अन्न जल की आवश्यकता पड़ती है जो उत्तमषोडशी में दिए जाने वाले पिंडदान से उसे प्राप्त होता है। यदि परिजनों के द्वारा उपरोक्त श्राद्धक्रिया नहीं की जाती है तो…
“लोकान्तरेषु ये तोयं लभन्ते नान्नमेव च। दत्तं न वंशजैर्येषां ते व्यथां यान्ति दारुणम् !!” (कूर्मपुराण)
अर्थात्: यदि सगे – संबंधी पुत्र – पौत्र आदि उपरोक्त कर्म नहीं करते हैं, मृतक का पिंडदान अन्न – जल से नहीं करते हैं तो आत्मा को भूख प्यास से बहुत दारुण दु:ख होता है।
यह तो रही मृत आत्मा की बात कि उसे कितना कष्ट होता है और अब यह जान लिया जाए कि मृतक के परिजन यदि मृत आत्मा का श्राद्ध नहीं करते हैं तो परिजनों को क्या कष्ट होता है।
श्राद्ध न करने वाले को भी पग पग पर कष्ट का सामना करना पड़ता है। मृत प्राणी बाध्य होकर श्राद्ध न करने वाले अपने सगे संबंधियों का रक्त चूसने लगता है ! यथा
“श्राद्धं न कुरुते मोहात् तस्य रक्तं पिबन्तिते” (ब्रह्मपुराण)
इतना ही नहीं पितर अपने ही परिजनों को श्राप भी देते हैं। यथा:
“पितरस्तस्य शापं दत्वा प्रयान्ति च” (नागरखण्ड)
पितरों के श्राप से श्रापित होकर अभिशप्त परिवार को जीवन भर कष्ट ही कष्ट झेलना पड़ता है।
“न तत्र वीरा जायन्ते नारोग्यं न शतायुष:! न च श्रेयोधिगच्छन्ति यत्र श्राद्धं विवर्जितम् !!” (हारीतस्मृति)
अर्थात्: उस परिवार में पुत्र नहीं उत्पन्न होते, कोई निरोग नहीं रहता, किसी की लंबी आयु नहीं होती। कहने का तात्पर्य है कि किसी भी प्रकार से उस परिवार का कल्याण नहीं होता। सिर्फ इतना ही नहीं…
अर्थात्: पितरों का श्राद्ध न करने वाले परिजनों को नरक भी जाना पड़ता है। इसलिए सभी को समयानुसार अपने पितरों के लिए श्राद्घकर्म करते रहना चाहिए। उपनिषद में कहा गया है…
देवपितृकार्याभ्यां न प्रमादितव्यम्” (तैत्तरीय उपनिषद)
अर्थात: किसी भी मनुष्य को देवता तथा पितरों के कार्यों में प्रमाद कदापि नहीं करना चाहिए क्योंकि प्रमाद से प्रत्यवाय होता है।
इसलिए यह सब का कर्तव्य बनता है कि हम जिन पूर्वजों की संपत्तियों पर ऐश्वर्य भोग रहे हैं उनके लिए पितृयज्ञ अर्थात श्राद्ध कर्म अवश्य करें। क्रमशः शेष अगले लेख में…
साथ ही दी गई गीले व सूखे कूड़े को पृथक करने की जानकारी
17 सितंबर 2024 से 02 अक्टूबर 2024 तक जारी स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) अभियान
बच्चों को सिखाई हाथ धोने की सही विधि
बिजनौर। शासन द्वारा दिनांक 17 सितंबर 2024 से 02 अक्टूबर 2024 तक मनाए जा रहे स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) कार्यक्रम अंतर्गत प्रतिदिन विभिन्न गतिविधियां जारी हैं। इसी क्रम में गुरुवार 26 सितंबर 2024 को पालिका क्षेत्रान्तर्गत सिविल लाईन स्थित फूड स्ट्रीट, प्रदर्शनी चौक, बस स्टैंड व पोस्ट ऑफिस पर सफाई कराई गई। दूसरी ओर चिन्हित सी.टी.ओ. (ब्लैक स्पॉट) को कर्मचारियों द्वारा सफाई कर समाप्त किया गया।
इस दौरान रेनबो पब्लिक स्कूल में स्वच्छता कार्यक्रम के साथ ही विद्यार्थियों को स्वच्छता के बारे में जागरूक किया गया। उन्हें हाथ धोने की सही विधि से अवगत कराते हुए कुछ बच्चों के हैण्ड वॉश भी कराए गए। साथ ही गीले व सूखे कूड़े को पृथक करने की जानकारी दी गई।
पालिका अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह व अधिशासी अधिकारी विकास कुमार के निर्देशन में स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। स्वच्छता संवाद कार्यक्रम में स्वच्छता संदेश लिखित पम्पलेट आदि का वितरण किया गया। सभी से अपने आसपास साफ-सफाई करने व गंदगी को रोकने की अपील भी की गई, जिसकी लाइव मॉनीटरिंग डी०सी०सी०सी० के माध्यम से शासन द्वारा की गई।
उक्त कार्यक्रम में सफाई एवं खाद्य निरीक्षक गोविन्द कुमार व पालिका स्टाफ से लिपिक विपिन देसाई, संदीप कुमार व अन्य कर्मचारीगण आदि उपस्थित रहे।
विदित हो कि राष्ट्रीय मिशन निदेशक, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली भारत सरकार के निर्णयानुसार जारी दिशानिर्देशों के क्रम में राज्य मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन नगरीय, राज्य मिशन निदेशालय लखनऊ के निर्देशानुसार दिनांक 17 सितंबर 2024 से 02 अक्टूबर 2024 तक स्वच्छता ही सेवा (एस.एच. एस.) अभियान चलाया जा रहा है।
मध्यकालीन शैक्षिक प्रणाली को पूरी तरह से किया पुनर्निर्मित
लिया था अशिक्षा और रूढ़िवादिता को दूर करने का संकल्प
ईश्वरचंद्र विद्यासागर को है विधवा विवाह को क़ानूनी स्वीकृति दिलाने का श्रेय
ईश्वरचंद्र विद्यासागर ================= २६ सितम्बर/जन्म दिवस =========≈========
ईश्वर चन्द्र का जन्म हिन्दू ब्राह्मण परिवार में थकुरदास बांंडोपाध्याय और भगवती देवी के लिए २६ सितंबर १८२० को पश्चिम बंगाल के बिर्सिंगा गाँव में हुआ था। ०९ वर्ष की आयु में, वह कलकत्ता गए और रहने लगे बुराबाजार में भागबत चरण के घर में, जहां ठाकुरदास कुछ वर्षों से पहले ही रह रहे थे।
उन्होंने १८२९ से १८४१ के दौरान संस्कृत कॉलेज में वेदांत, व्याकरण, साहित्य, रेटोरिक, स्मृति और नैतिकता सीखी। उन्होंने नियमित छात्रवृत्ति अर्जित की। उन्होंने सन् १८३९ में संस्कृत में एक प्रतियोगिता परीक्षण ज्ञान में भाग लिया और ‘विद्यासागर’ का अर्थ अर्जित किया, जिसका अर्थ ज्ञान का महासागर था। उसी वर्ष ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने सफलतापूर्वक अपनी कानून परीक्षा को मंजूरी दे दी। विद्यासागर ने चौदह वर्ष की आयु में दीनामनी देवी से विवाह किया और इस जोड़े के पुत्र है नारायण चन्द्र। विद्यासागर को संस्कृत कॉलेज में प्रचलित मध्यकालीन शैक्षिक प्रणाली को पूरी तरह से पुनर्निर्मित करने और शिक्षा प्रणाली में आधुनिक अंतर्दृष्टि लाने की भूमिका के साथ श्रेय दिया जाता है। जब वह प्रोफेसर के रूप में संस्कृत कॉलेज वापस आए, तब विद्यासागर ने पहला परिवर्तन संस्कृत के अलावा अंग्रेजी और बंगाली को सीखने के माध्यम के रूप में शामिल करना था। उन्होंने वैदिक ग्रंथों के साथ यूरोपीय इतिहास, दर्शनशास्त्र और विज्ञान के पाठ्यक्रम पेश किए।
ईश्वरचंद्र विद्यासागर ब्रह्म समाज नामक संस्था के सदस्य थे। स्त्री की शिक्षा के साथ-साथ उन्होंने विधवा विवाह और विधवाओं की दशा सुधारने का काम भी किया। इसके लिए ईश्वरचंद्र विद्यासागर को बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अंत में विधवा विवाह को क़ानूनी स्वीकृति प्राप्त हो गई। सुधारवादी विचारधाराओं का जनता के बीच प्रचार करने के लिए ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने अंग्रेजी व बंगला में पत्र निकाले।
ईश्वरचंद्र विद्यासागर का कहना था की कोई भी व्यक्ति अच्छे कपडे पहनने, अच्छे मकान में रहने तथा अच्छा खाने से ही बड़ा नहीं होता बल्कि अच्छे काम करने से बड़ा होता है। १९वी शताब्दी के महान विभूति ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने अपने समय में फैली अशिक्षा और रूढ़िवादिता को दूर करने का संकल्प लिया। अनेक कठिनाइयों का सामना करते हुए उन्होंने शैक्षिक, सामाजिक और महिलाओं की स्थिति में सुधार किये। अपनी सहनशीलता, सादगी तथा देशभक्ति के लिए प्रसिद्ध और एक शिक्षाशास्त्री के रूप में विशिष्ट योगदान करने वाले ईश्वर चन्द्र विद्यासागर का निधन २९ जुलाई, १८९१ को कोलकाता में हुआ। विद्यासागर जी ने आर्थिक संकटों का सामना करते हुए भी अपनी उच्च पारिवारिक परम्पराओं को अक्षुण्ण बनाए रखा था। संकट के समय में भी वह कभी अपने सत्य के मार्ग से नहीं डिगे। उनके जीवन से जुड़े अनेक प्रेरक प्रसंग आज भी युवा वर्ग को प्रेरणा प्रदान करते हैं।
केएल इंटरनेशनल स्कूल के म्यूजिक टीचर ने किया सुसाइड
पुलिस कर रही जांच, आत्महत्या का कारण पारिवारिक कलह या स्कूल का कोई विवाद
ट्रेन के सामने कूद कर म्यूजिक टीचर ने की आत्महत्या
मेरठ। केएल इंटरनेशनल स्कूल के म्यूजिक टीचर ने योगा एक्सप्रेस ट्रेन के सामने कूद कर आत्महत्या कर ली। जेब के पर्स में मिली पर्ची से पहचान के बाद परिजनों को पुलिस ने सूचना दी। आत्महत्या का कारण पारिवारिक कलह है या फिर स्कूल में हुआ कोई विवाद, पुलिस सभी संभावित कारणों की जांच में जुट गई है। घटना बुधवार देर रात की बताई जा रही है।
गंगानगर एम-475 निवासी संजय सक्सेना मेडिकल क्षेत्र स्थित केएल इंटरनेशनल स्कूल में म्यूजिक टीचर थे। शाम पांच बजे संजय ने अपना मोबाइल घर पर छोड़ दिया और बाइक पर सवार होकर निकल गए। बाइक कैंट स्टेशन की पार्किंग में खड़ी कर दी। पार्किंग की रसीद पर्स में रखी। पर्स में ही एक कागज पर अपना पूरा नाम, पता, मोबाइल नंबर लिखकर रखा था। जिटौली रेलवे ओवरब्रिज से रात नौ बजे सहारनपुर की तरफ से दिल्ली जा रही योगा एक्सप्रेस के आगे कूद गए। ट्रेन से टकराकर उनके शरीर के चिथड़े बिखरकर दूर तक फैल गए। जानकारी मिलते ही चालक ने कुछ समय के लिए ट्रेन रोकी और स्टेशन मास्टर को सूचना दी, इसके बाद ट्रेन आगे चली गई।
सूचना पर तत्काल जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और ट्रैक से शव को हटाते हुए शिनाख्त का प्रयास किया। मृतक के जेब से मिली पर्ची से उसकी पहचान मेरठ के गंगानगर एम-475 निवासी संजय सक्सेना के रूप में हुई। संजय सक्सेना मेडिकल क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध केएल इंटरनेशनल स्कूल में म्यूजिक टीचर थे।
फाइल फोटो, संजय सक्सेना
कई पहलुओं पर जांच कर रही पुलिस
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि मृतक की जेब से कैंट स्टेशन की बाइक पार्किंग की रसीद मिली है। जांच की जा रही है कि वह लगभग पांच किलोमीटर दूर जिटौली आरओबी पर कैसे पहुंचे। इसके अलावा दो अन्य एंगल पर आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। पहला पारिवारिक, दूसरा स्कूल का कोई विवाद, जांच के बाद ही आत्महत्या के कारणों का खुलासा हो पाएगा।
सीओ शुचिता सिंह ने बताया कि पल्लवपुरम पुलिस ने मृतक के परिजनों को जानकारी दी। संजय सक्सेना की पत्नी, बेटा और स्कूल के कई शिक्षक मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सीओ ने बताया कि सभी संभावित पहलुओं पर जांच की जा रही है। जांच में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। पुलिस उनके मोबाइल आदि की जांच कर आत्महत्या का कारण पता लगाने का प्रयास कर रही है।
स्कूल से लौटने के बाद थे गुमसुम
पुलिस के मुताबिक, पत्नी ने बताया कि बुधवार को संजय स्कूल से लौटने के बाद गुमसुम थे। शाम को वह बिना बताए ही घर से निकल गए। उन्हें काल की लेकिन मोबाइल घर पर ही था। उनकी तलाश की ही जा रही थी कि मौत की सूचना आ गई।
10 साल से स्कूल में दे रहे थे अपनी सेवाएं
स्कूल की मीडिया कोऑर्डिनेटर शालिनी ने बताया कि घटना से हमारा पूरा स्कूल बेहद दु:खी है। संजय पिछले करीब 10 साल से स्कूल में कार्यरत थे। वह जिंदादिल इंसान होने के साथ-साथ अच्छे टीचर भी थे। बच्चों के साथ वह अच्छा व्यवहार करते थे।
अंतिम वर्ष के विधि छात्रों और नामांकन प्रमाण पत्र के बिना उम्मीदवारों के लिए एआईबीई पात्रता
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने जारी की अधिसूचना
आगामी अखिल भारतीय बार परीक्षा में बैठने की अनुमति
नई दिल्ली। अंतिम वर्ष के विधि छात्रों और नामांकन प्रमाण पत्र के बिना उम्मीदवारों के लिए AIBE के लिए पंजीकरण के संबंध में अधिसूचना जारी की गई है।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के संयुक्त सचिव अवनीश कुमार पांडेय ने एआईबीई विभाग बार काउंसिल ऑफ इंडिया नई दिल्ली को अंतिम वर्ष के विधि छात्रों और नामांकन प्रमाण पत्र के बिना उम्मीदवारों के लिए एआईबीई पात्रता के संबंध में पत्र लिखा है। इसमें माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा हाल ही में जारी निर्देश के आलोक में कहा गया है कि, जिन अभ्यर्थियों के पास नामांकन प्रमाण-पत्र नहीं है, साथ ही जो अभ्यर्थी वर्तमान में 3-वर्षीय या 5-वर्षीय एकीकृत एल.एल.बी. डिग्री पाठ्यक्रम के अंतिम सेमेस्टर में हैं, तथा जिनका पिछले सेमेस्टरों से कोई बैकलॉग नहीं है, उन्हें अब आगामी अखिल भारतीय बार परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई है।
ऐसे उम्मीदवार 25 सितंबर 2024 से शुरू होने वाले AIBE-XIX के लिए पंजीकरण कर सकते हैं। उन्हें निम्नलिखित वचन (स्व-सत्यापित, स्कैन किए गए पर्याप्त दस्तावेज़ों के साथ) प्रस्तुत करना होगा।
पितृपक्ष एवं श्राद्घ का पुराणों में महत्त्व (भाग २) ========================
प्रत्येक मनुष्य अपने जीवन में पुत्र की कामना करता है क्योंकि हमारे धर्म शास्त्रों के लिखा है …..
अपुत्रस्तो गतिर्नास्ति
अर्थात्:- बिना पुत्र के सद्गति नहीं प्राप्त हो सकती ! पुत्र का क्या कार्य है ? यह बताते हुए हमारे शास्त्र कहते हैं ….
“पुन्नामनरकात् त्रायते इति पुत्र:’
अर्थात:- नर्क से जो रक्षा करता है वही पुत्र है !
सामान्यत: जीव से इस जीवन में पाप और पुण्य दोनों होते रहते हैं ! पुण्य का फल है स्वर्ग और पाप का फल है नर्क, नर्क में पापी को घोर यातना भोगनी पड़ती है। स्वर्ग – नरक भोगने के बाद जीव पुनः अपने कर्मों के अनुसार चौरासी लाख योनियों में भटकने लगता है। पुण्यात्मा मनुष्य योनि अथवा देवयोनि को प्राप्त करते हैं और पापात्मा पशु-पक्षी, कीट – पतंगा🪰 आदि तिर्यक योनि को प्राप्त करते हैं। अतः अपने शास्त्रों के अनुसार पुत्र – पौत्रादिकों का यह कर्तव्य होता है कि वे अपने माता-पिता तथा पूर्वजों के निमित्त “श्रद्धा पूर्वक” कुछ ऐसे शास्त्रोक्त कर्म करें जिससे उन मृत प्राणियों को परलोक में अथवा अन्य योनियों में भी सुख की प्राप्ति हो सके।
इसीलिए भारतीय संस्कृति तथा सनातन धर्म में पितृ ऋण से मुक्त होने के लिए अपने माता-पिता तथा परिवार के मृतक प्राणियों के निमित्त श्राद्ध करने की अनिवार्य आवश्यकता बताई गई है। श्राद्ध कर्म को पितृकर्म भी कहते हैं। पितृकर्म का तात्पर्य है पितृ पूजा से।
एक बात विशेष ध्यान रखना चाहिए पितृकार्य में या श्राद्ध करते समय वाक्य की शुद्धता तथा क्रिया की शुद्धता मुख्य रूप से आवश्यक है क्योंकि,
“पितरो वाक्यमिच्छन्ति भावमिच्छन्ति देवता”
अर्थात:– पितृ वाक्य और क्रिया शुद्ध होने पर ही पूजा स्वीकार करते हैं जबकि देवता भावना शुद्ध होने पर क्रिया तथा वाक्य में कोई त्रुटि हो जाए तो भी वह प्रसन्न हो जाते हैं और अपने भक्तों की पूजा स्वीकार कर लेते हैं। अत: पितृकार्य में देव कार्य की अपेक्षा अधिक सावधानी की आवश्यकता है।
तभी श्राद्ध करना सफल हो सकता है। कुछ अनभिज्ञ यह भी पूछते रहते हैं कि श्राद्ध क्या है ? वे भी ध्यान दें।
अर्थात्:- अपने मृत पितृगण के उद्देश्य से श्रद्धा पूर्वक किए जाने वाले कर्मविशेष को *श्राद्ध* शब्द के नाम से जाना जाता है। इसे ही *पितृयज्ञ* भी कहते हैं जिसका वर्णन मनुस्मृति आदि धर्मशास्त्रों पुराणों में मिलता है !
देशे काले च पात्रे च विधिना हविषा च यत् ! तिलैर्दर्भैश्च मन्त्रैश्च श्राद्धं स्याच्छ्राद्धया युतम् !! (कूर्मपुराण)
अर्थात्:- देश, काल, तथा पात्र में हविष्यादि विधि द्वारा जो कर्म तिल (यव) और दर्भ (कुश) तथा मन्त्रों से युक्त होकर श्रद्धापूर्वक किया जाता है ! वही श्राद्ध है।
अर्थात्:- जिस कर्म विशेष में दुग्ध, घृत, मधु से युक्त सुसंस्कृत (अच्छी प्रकार से पकाये हुए) उत्तम व्यंजन को श्रद्धापूर्वक पितृगण के उद्देश्य से ब्राह्मणादि को प्रदान किया जाय ! उसे श्राद्ध कहते हैं !
देशे काले च पात्रे श्रद्धया विधिना च यत् ! पितृनुद्दिश्य विप्रेभ्यो दत्तं श्राद्धमुदाहृतम् !! (ब्रह्मपुराण)
अर्थात्:- देश , काल और पात्र में विधिपूर्वक श्रद्धा से पितरों के उद्देश्य से जो ब्राह्मण को दिया जाय उसे श्राद्ध कहते हैं।
बिजनौर। स्वच्छता ही सेवा (एस.एच. एस.) कार्यक्रम के अन्तर्गत बुधवार 25 सितंबर 2024 को पालिका क्षेत्रान्तर्गत स्थित गीता इण्टर कालेज में स्वच्छता शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान लगभग 270 छात्र/छात्राओं व अध्यापक/अध्यापिकाओं आदि द्वारा प्रतिभाग किया गया।
पालिका अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह व अधिशासी अधिकारी विकास कुमार के निर्देशन में स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। इसके अलावा स्वच्छता संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें स्वच्छता संदेश लिखित पम्पलेट आदि का वितरण करने के साथ-साथ स्कूल स्टाफ व छात्र-छात्राओं को गीला-सूखा कूड़ा पृथक-पृथक करने की जानकारी दी गई तथा अपने आसपास साफ-सफाई करने व गंदगी को रोकने की अपील भी की गई। कार्यक्रम की लाइव मॉनीटरिंग डी०सी०सी०सी० के माध्यम से शासन द्वारा की गयी। उक्त कार्यक्रम में सफाई एवं खाद्य निरीक्षक गोविन्द कुमार व पालिका स्टाफ से लिपिक विपिन देसाई, संदीप कुमार व कर्मचारीगण आदि उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय मिशन निदेशक, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली भारत सरकार के निर्णयानुसार जारी दिशानिर्देशों के क्रम में राज्य मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन नगरीय, राज्य मिशन निदेशालय लखनऊ के निर्देशानुसार दिनांक 17 सितंबर 2024 से 02 अक्टूबर 2024 तक स्वच्छता ही सेवा (एस.एच. एस.) अभियान चलाया जा रहा है।
25 सितंबर 2024 से AIBE-XIX के लिए कर सकते हैं पंजीकरण
भारतीय विधिज्ञ परिषद ने पंजीकरण के संबंध में जारी की अधिसूचना
अखिल भारतीय बार परीक्षा में बैठने की अनुमति
नई दिल्ली। भारतीय विधिज्ञ परिषद बार काउंसिल ऑफ इंडिया (अधिवक्ता अधिनियम, 1961 के तहत गठित वैधानिक निकाय) ने दिनांक: 23.09.2024 को अंतिम वर्ष के उम्मीदवारों और नामांकन प्रमाणपत्र के बिना उम्मीदवारों के लिए AIBE के लिए पंजीकरण के संबंध में अधिसूचना जारी की है।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के संयुक्त सचिव अवनीश कुमार पांडे के जारी पत्र में कहा गया है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा हाल ही में जारी किए गए निर्देश के आलोक में, जिन उम्मीदवारों के पास नामांकन प्रमाणपत्र नहीं हैं, साथ ही वे जो वर्तमान में 3-वर्षीय या 5-वर्षीय एकीकृत एलएलबी डिग्री कोर्स के अंतिम सेमेस्टर में हैं, जिनके पास पिछले सेमेस्टर से कोई बैकलॉग नहीं है, उन्हें अब आगामी अखिल भारतीय बार परीक्षा में बैठने की अनुमति है। ऐसे उम्मीदवार 25 सितंबर 2024 से AIBE-XIX के लिए पंजीकरण कर सकते हैं। उन्हें अंडरटेकिंग (स्व-सत्यापित, स्कैन किए गए पर्याप्त दस्तावेज़ों के साथ) जमा करने की आवश्यकता होगी।
गौरतलब है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के संयुक्त सचिव अवनीश कुमार पांडे ने AIBE विभाग बार काउंसिल ऑफ इंडिया नई दिल्ली को अंतिम वर्ष के विधि छात्रों और नामांकन प्रमाण पत्र के बिना उम्मीदवारों के लिए AIBE पात्रता के संबंध में वचनबद्धता हेतु पत्र भेजा है।
🙏बुरा मानो या भला🙏 बा अदब-बा नसीब, बे अदब-बदनसीब- मनोज चतुर्वेदी फ़िल्म “लावारिस” में अमज़द खान साहब का एक डायलॉग था- “औलाद अगर न हो तो मां-बाप को दुःख होता है, अगर होकर मर जाये तो बहुत दुःख होता है, और अगर ज़िंदा रहे लेकिन नालायक़ निकल जाए तो मां-बाप की जिंदगी नासूर बन जाती […]
पंडित दीनदयाल उपाध्याय ======================= २५ सितम्बर/जन्म-दिवस ==================
भारतीय राजनीति के पुरोधा थे पंडित दीनदयाल उपाध्याय
पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय जनसंघ के नेता थे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक प्रखर विचारक, उत्कृष्ट संगठनकर्ता तथा एक ऐसे नेता थे जिन्होंने जीवनपर्यन्त अपनी व्यक्तिगत ईमानदारी व सत्यनिष्ठ को महत्व दिया। पंडित जी मज़हब और संप्रदाय के आधार पर भारतीय संस्कृति का विभाजन करने वालों को देश के विभाजन का ज़िम्मेदार मानते थे।
वे भारतीय राजनीति के पुरोधा थे। दीनदयाल जी की मान्यता थी कि हिन्दू कोई धर्म या संप्रदाय नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय संस्कृति है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म २५ सितम्बर १९१६ को धनकिया नामक स्थान, जयपुर अजमेर रेलवे लाइन के पास राजस्थान में हुआ था। उनके पिता का नाम भगवती प्रसाद उपाध्याय था, नगला चंद्रभान; दीनदयाल जी का पैतृक गांव था और नगला चंद्रभान (फरह, मथुरा) के निवासी थे। उनकी माता का नाम रामप्यारी था, जो धार्मिक प्रवृत्ति की थीं। पिता रेलवे में जलेसर रोड स्टेशन के सहायक स्टेशन मास्टर थे। रेल की नौकरी होने के कारण उनके पिता का अधिक समय बाहर ही बीतता था। कभी-कभी छुट्टी मिलने पर ही घर आते थे।
मृत्यु-दर्शन से गहन साक्षात्कार
दीनदयाल अभी ०३ वर्ष के भी नहीं हुए थे, कि उनके पिता का देहान्त हो गया। पति की मृत्यु से माँ रामप्यारी को अपना जीवन अंधकारमय लगने लगा। वे अत्यधिक बीमार रहने लगीं। उन्हें क्षय रोग लग गया और ०८ अगस्त १९२४ को उनका भी देहावसान हो गया। उस समय दीनदयाल ०७ वर्ष के थे। १९२६ में नाना चुन्नीलाल भी नहीं रहे। १९३१ में पालन करने वाली मामी का निधन हो गया। १८ नवम्बर १९३४ को अनुज शिवदयाल ने भी उपाध्याय जी का साथ सदा के लिए छोड़कर दुनिया से विदा ले ली। १९३५ में स्नेहमयी नानी भी स्वर्ग सिधार गईं। १९ वर्ष की अवस्था तक उपाध्याय जी ने मृत्यु-दर्शन से गहन साक्षात्कार कर लिया था।
मेधावी विद्यार्थी थे पंडित दीनदयाल उपाध्याय
०८वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उपाध्याय जी ने कल्याण हाईस्कूल, सीकर, राजस्थान से दसवीं की परीक्षा में बोर्ड में प्रथम स्थान प्राप्त किया। १९३७ में पिलानी से इंटरमीडिएट की परीक्षा में पुनः बोर्ड में प्रथम स्थान प्राप्त किया। १९३९ में कानपुर के सनातन धर्म कालेज से बी०ए० की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। एम०ए० करने के लिए सेंट जॉन्स कालेज, आगरा में प्रवेश लिया और पूर्वार्द्ध में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। बीमार बहन रामादेवी की शुश्रूषा में लगे रहने के कारण उत्तरार्द्ध न कर सके। बहन की मृत्यु ने उन्हें झकझोर कर रख दिया। मामाजी के बहुत आग्रह पर उन्होंने प्रशासनिक परीक्षा दी, उत्तीर्ण भी हुए किन्तु अंग्रेज़ सरकार की नौकरी नहीं की। १९४१ में प्रयाग से बी०टी० की परीक्षा उत्तीर्ण की। बी०ए० और बी०टी० करने के बाद भी उन्होंने नौकरी नहीं की।
१९३७ में जब वह कानपुर से बी०ए० कर रहे थे, अपने सहपाठी बालूजी महाशब्दे की प्रेरणा से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सम्पर्क में आए। संघ के संस्थापक डॉ० हेडगेवार का सान्निध्य कानपुर में ही मिला। उपाध्याय जी ने पढ़ाई पूरी होने के बाद संघ का दो वर्षों का प्रशिक्षण पूर्ण किया और संघ के जीवनव्रती प्रचारक हो गये। आजीवन संघ के प्रचारक रहे।
संघ के माध्यम से ही उपाध्याय जी राजनीति में आए। २१ अक्टूबर १९५१ को डॉ० श्यामाप्रसाद मुखर्जी की अध्यक्षता में ‘भारतीय जनसंघ’ की स्थापना हुई। गुरुजी (गोलवलकर जी) की प्रेरणा इसमें निहित थी। १९५२ में इसका प्रथम अधिवेशन कानपुर में हुआ। उपाध्याय जी इस दल के महामंत्री बने। इस अधिवेशन में पारित १५ प्रस्तावों में से ०७ उपाध्याय जी ने प्रस्तुत किये। डॉ० मुखर्जी ने उनकी कार्यकुशलता और क्षमता से प्रभावित होकर कहा- “यदि मुझे दो दीनदयाल मिल जाएं, तो मैं भारतीय राजनीति का नक्शा बदल दूँ।”
१९६७ तक उपाध्याय जी भारतीय जनसंघ के महामंत्री रहे। १९६७ में कालीकट अधिवेशन में उपाध्याय जी भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। वह मात्र ४३ दिन जनसंघ के अध्यक्ष रहे। १०/११ फरवरी १९६८ की रात्रि में मुगलसराय स्टेशन पर उनकी हत्या कर दी गई। ११ फरवरी को प्रातः पौने चार बजे सहायक स्टेशन मास्टर को खंभा नं० १२७६ के पास कंकड़ पर पड़ी हुई लाश की सूचना मिली। शव प्लेटफार्म पर रखा गया तो लोगों की भीड़ में से कोई चिल्लाया- “अरे, यह तो जनसंघ के अध्यक्ष दीन दयाल उपाध्याय हैं।” पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई।
पीड़िता ने की खण्ड शिक्षा अधिकारी और पुलिस से शिकायत
शिक्षिका को प्रधानाचार्य से अपनी जान और आबरू का खतरा!
बिजनौर। पूर्व माध्यमिक विद्यालय खैराबाद में प्रधानाचार्य और शिक्षिका के बीच घमासान जारी है। शिक्षिका ने प्रधानाचार्य पर परीक्षा में बच्चों को नकल कराने का आरोप लगाते हुए विरोध करने पर अभद्रता करते हुए दुपट्टा खींचने तथा चप्पल से पिटाई करने का प्रयास जाए जाने की शिकायत बीईओ से की है। शिकायत में प्रधानाचार्य से अपनी जान और आबरू को भी खतरा बताया है।
खण्ड शिक्षा अधिकारी हल्दौर अलका अग्रवाल को दिए शिकायती पत्र में पूर्व माध्यमिक विद्यालय खैराबाद में तैनात सहायक अध्यापिका प्रीति वर्मा ने आरोप लगाया कि उनके विद्यालय में 20 सितंबर को सामाजिक विषय की सत्र परीक्षा में प्रधानाचार्य सुंदरलाल बच्चों को नकल करा रहे थे। उन्होंने नकल का विरोध करते हुए अपने मोबाइल में प्रधानाचार्य की वीडियो बनानी शुरू कर दी। दरअसल उन्होंने बोर्ड पर प्रश्न लिखे और मोबाइल पर google से सर्च करा कर उत्तर बता दिए।
प्रीति वर्मा का आरोप है कि प्रधानाचार्य सुंदरलाल ने अभद्रता करते हुए उनके गाल पर नाखून मारते हुए मोबाइल छीन लिया और दुपट्टा खींचते हुए उन्हें चप्पल से मारने के लिए पीछे दौड़े। यह सूचना और वीडियो उन्होंने व्हाट्सएप पर बीईओ को दे दी थी। सिंगल पेरेंट्स होने के कारण प्रीति वर्मा ने प्रधानाचार्य सुंदरलाल से अपनी जान और आबरू को खतरा बताते हुए अपना स्थानांतरण अथवा किसी अन्य विद्यालय में अटैच किए जाने की इच्छा जताई। साथ ही अपने साथ भविष्य में विद्यालय में घटने वाली किसी भी घटना के लिए प्रधानाचार्य सुंदरलाल को जिम्मेदार ठहराए जाने की मांग की। उन्होंने मामले की लिखित शिकायत थाना हल्दौर पुलिस से भी की है।
बताया जाता है कि प्रधानाचार्य और शिक्षिका के खिलाफ पिछले काफी समय से विवाद चला आ रहा है जिस कारण समय समय पर ये दोनों एक दूसरे पर आरोप लगाते रहते हैं। वर्तमान में लगाए गए आरोपों की सच्चाई का पता तो विभागीय अधिकारी ही जांच करके लगा सकते है लेकिन इस विवाद के कारण शिक्षा का मंदिर कहा जाने वाला विद्यालय और शिक्षण कार्य जैसा पवित्र कार्य बहुत ज्यादा कलंकित हो रहा है।
बीईओ ने की शिकायत मिलने की पुष्टि
इस संबंध में बीईओ अलका अग्रवाल से बात की गई तो उन्होंने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि कल कुछ लोग उनसे मिलने आए थे। ऑन लाइन मीटिंग में होने के कारण वे ज्यादा बात नहीं कर सकीं। बीएसए योगेंद्र कुमार से उनके सीयूजी नंबर पर बात करने का प्रयास किया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। प्रधानाचार्य सुंदरलाल का मोबाइल नंबर उपलब्ध न होने के कारण उनसे बात नहीं हो सकी।
विद्यालय में सोते रहते हैं प्रधानाचार्य
पूर्व माध्यमिक विद्यालय खैराबाद में ड्यूटी टाइम कुर्सी पर सोते हुए प्रधानाचार्य सुंदरलाल
शिक्षिका प्रीति वर्मा ने बीईओ को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाए कि प्रधानाचार्य सुंदरलाल विद्यालय में सोते रहते हैं। बच्चों को पढ़ाते नहीं है और न ही कोई विभागीय कार्य पूरा करते हैं। वह विद्यालय में खुद के प्रधानाचार्य होने को धौंस दिखाते रहते हैं। प्रीति वर्मा ने एक वीडियो सार्वजनिक करते हुए आरोप लगाया कि विद्यालय में ड्रेस रखी हुई है, जिन्हें प्रधानाचार्य द्वारा बेचा जा रहा है। साथ ही प्रधानाचार्य के सोते हुए फोटो साझा करते हुए दावा किया कि ये दोनों फोटो विद्यालय में सोते समय लिए गए हैं।
समाजसेवी विजय सेठ कर रहे वानर भंडारा, गौ भंडारा और पशुओं का उपचार
पितृपक्ष में सेवा भाव से जारी है गौ कृपा रसोई का भंडारा
~विनीत पांडेय
सीतापुर। किसी भूखे जरूरतमंद को भरपेट भोजन करा दिया और बदले में कुछ नहीं लिया। किसी की आत्मा को तृप्त करने से बड़ी समाजसेवा और क्या हो सकती है। वह भले ही पैसे न दे पा रहा हो, लेकिन उसके मन से निकला आशीर्वाद सबसे बड़ा धन है। यह सोचना है पशु सेवा समिति के अध्यक्ष व समाजसेवी विजय सेठ का।
वह जिला महिला चिकित्सालय के बाहर गौ कृपा रसोई संचालित करते हैं। वर्तमान में यहां चल रहे भंडारा में पहुंचने वाले प्रत्येक जरूरतमंद को भरपेट स्वादिष्ट भोजन कराया जा रहा है। केवल मनुष्यों के लिए ही नहीं बल्कि पशुओं के लिए भी भंडारे का प्रबंध है। प्रेरित होकर लोग अपने पूर्वजों के नाम से उनकी रसोई में सामग्री दे जाते हैं और शेष वह स्वयं से जुटाते हैं।
• गो कृपा रसोई के माध्यम से विजय सेठ पितृपक्ष भर रहे नि:शुल्क भोजन
• प्रतिदिन चार से पांच सौ जरूरतमंद कर रहे भरपेट भोजन
दो वर्ष पूर्व शुरू की गो कृपा रसोई
विजय सेठ बताते हैं कि अगस्त 2022 में पहुंचने वाले प्रत्येक जरूरतमंद को भरपेट स्वादिष्ट भोजन कराया जा रहा है। केवल मनुष्यों के लिए ही नहीं बल्कि पशुओं के लिए भी भंडारे का प्रबंध है। उनकी रसोई में प्रेरित होकर लोग अपने पूर्वजों के नाम से सामग्री दे जाते हैं और शेष वह स्वयं से जुटाते हैं। जिनके पास दस रुपए भी नहीं होते हैं, उनको भी नि:शुल्क भोजन करा दिया जाता है। रसोई में आने वाली राशि से जरूरत की वस्तुएं जुटाने के बाद वानर भंडारा, गौ भंडारा, पशुओं का उपचार आदि सामाजिक कार्य किए जाते हैं। पैसे की कमी को पूरा करने के लिए अपने स्वर्ण व्यापार से व्यवस्था करते हैं। समय-समय पर समाज के संभ्रांत लोग भी सहयोग कर देते हैं। विजय सेठ ने बताया कि पितृपक्ष भर अपनी रसोई में भंडारा चला रखा है। इस दौरान प्रतिदिन पांच सौ लोगों को नि:शुल्क भोजन कराया जा रहा है।
बेसहारा पशुओं के उपचार से प्रारंभ हुई सेवा
वर्ष 2011-12 से विजय सेठ ने बेसहारा पशुओं की सेवा कार्य प्रारंभ किया। वह इधर-उधर घूमते बेसहारा पशुओं का उपचार करते थे। एक फोन पर पहुंच जाते और घायल पशु का उपचार कर देते। धीरे-धीरे यह सिलसिला चलता रहा और पशु सेवा समिति का गठन कर लिया गया। तब से पशुओं की सेवा का यह क्रम चालू है। कोरोना काल में उन्होंने वानरों के लिए भंडारे की सेवा शुरू की थी।
मौके पर धूपबत्ती, अगरबत्ती, केले के पत्ते, फूल आदि सामग्री बरामद
सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात, शरारती तत्वों की खोजबीन शुरू
कब्र खोदकर कारी साहब का सिर काट कर ले गए तांत्रिक!
बिजनौर। हल्दौर थाना क्षेत्र अंतर्गत झालू नगर के समीप गांव खारी से हैरतअंगेज मामला सामने आया है। यहां शरारती तत्व एक कब्र खोदकर शव का सिर काट कर अपने साथ ले गए। मौके पर बरामद धूपबत्ती, अगरबत्ती, केले के पत्ते, फूल आदि सामग्री मिलने से मामले के पीछे तांत्रिक क्रिया की संभावना जताई जा रही है।
घटना का पता सोमवार सुबह तब चला जब गांव का ही एक व्यक्ति अपने बुजुर्गों का फातिहा पढ़ने वहां पहुंचा। सूचना मिलते ही परिजनों व ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई। मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक संजीव वाजपेई ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घटना में संलिप्त लोगों को पुलिस जल्दी ही खोज निकालेगी।
जानकारी के अनुसार हल्दौर थाना क्षेत्र अंतर्गत कस्बा झालू – बिजनौर रोड के बीच ग्राम खारी के नामचीन हस्ती कारी सैफुररहमान (85 वर्ष) की दो माह पूर्व लंबी बीमारी के चलते मौत हो गई थी। हजारों लोगों की उपस्थिति में काजी के शव को उन्हीं के क्षेत्र के कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया गया था। बताया गया है कि 22 सितंबर रविवार की रात्रि कुछ अज्ञात लोग कब्रिस्तान पहुंचे और कब्र खोदकर कर पेश इमाम कारी सैफुररहमान की गर्दन काटकर सिर धड़ से अलग करके ले गए।
सोमवार सुबह गांव का ही आरिफ अपने बुजुर्गों का फातिहा पढ़ने पहुंचा तो उसने कारी साहब की कब्र क्षतिग्रस्त देखी। उसने कॉल कर अपने साथी को मौके पर बुलाया। साथ ही सूचना उनके परिजनों को दी गई। सूचना मिलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते गांव में सनसनी फैल गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की।
सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक संजीव वाजपेई, एसडीएम अविनाश कुमार त्यागी, सीओ सिटी संग्राम सिंह, हल्दौर थानाध्यक्ष राम प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर पहुंची फॉरेंसिक टीम सैंपल इकट्ठा करके अपने साथ ले गई। पुलिस के अनुसार कब्र के पास से तंत्र क्रिया की सामग्री पड़ी मिली। गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
ग्राम प्रधान नदीम अहमद ने बताया कि इस घटना को अंजाम देना किसी तांत्रिक का ही काम है, क्योंकि कब्र के पास से तंत्र क्रिया की सामग्री जैसे धूपबत्ती, अगरबत्ती, केले के पत्ते, फूल आदि सामग्री मिली है। ग्रामवासियों ने पुलिस से आरोपी को जल्दी ही पकड़ने की मांग की है। अपर पुलिस अधीक्षक संजीव वाजपेई ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घटना में संलिप्त लोगों को पुलिस जल्दी ही खोज निकलेगी।
राज्य मंत्री ने किया महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय स्वाहेड़ी बिजनौर का स्थलीय निरीक्षण
मेडिकल कालेज का पहुंच मार्ग दुरुस्त करने प्रकाश की समुचित व्यवस्था के निर्देश
परस्पर सहमति के साथ कार्य करें अधिकारी: कपिल देव अग्रवाल
बिजनौर। राज्य मंत्री व्यावसायिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश शासन कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि अधिकारी परस्पर सहमति के साथ कार्य करें और कॉलेज निर्माण को शीघ्र पूरा करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान उपलब्ध कराएं। राज्य मंत्री ने सोमवार शाम 4ः00 बजे महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय स्वाहेड़ी, बिजनौर का स्थलीय निरीक्षण करते हुए यह निर्देश दिए।
राज्य मंत्री ने महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय स्वाहेड़ी, बिजनौर का स्थलीय विस्तृत निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया व संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
राज्य मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्ग से मेडिकल कालेज की ओर पहुंच मार्ग को दुरुस्त करने के साथ ही वहां प्रकाश की भी समुचित व्यवस्था करना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेज की मार्गदर्शन के लिए सांकेतिक साइनबोर्ड स्थापित कराएं। उन्होंने मार्ग के दोनों ओर साफ-सफाई की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने मेडिकल कॉलेज कैम्पस को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए समुचित प्रकाश व्यवस्था तथा सीसीटीवी कैमरों की स्थापना करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कॉलेज परिसर की पूरी बाउंड्री पर ज्यादा प्रकाश वाले एलईडी बल्ब लगाएं तथा बाउंड्री के आसपास कोई भी स्थान रात्रि के समय अंधेरे में नहीं रहना चाहिए।
राज्य मंत्री ने मेडिकल कॉलेज में कक्षाएं संचालित होने की जानकारी प्राप्त की तो प्रकाश में आया किया आगामी माह अक्टूबर से कॉलेज में कक्षाएं संचालित हो जाएंगी, इसको ध्यान में रखते हुए उन्होंने सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने विभागीय कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में छात्र-छात्राओं की क्षमता की भी जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज के कार्य में कोई अवरोध उत्पन्न नहीं होना चाहिए, इसके लिए परस्पर सहमति के साथ कार्य करें और कॉलेज को शीघ्र पूरा करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान उपलब्ध कराएं।
इस अवसर पर जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल, जिलाध्यक्ष भाजपा भूपेंद्र चौहान, उप जिलाधिकारी सदर अवनीश कुमार, मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य उर्मिला सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
स्कूलों में स्वच्छता की शपथ और वार्डों में संवाद कार्यक्रम
बिजनौर। स्वच्छता ही सेवा (एस.एच. एस.) कार्यक्रम के अन्तर्गत सोमवार 23 सितंबर 2024 को पालिका क्षेत्रान्तर्गत स्थित कन्या इण्टर कालेज में स्वच्छता शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 500 छात्राओं व अध्यापिकाओं आदि द्वारा प्रतिभाग किया गया।
दूसरी ओर पालिका परिसर में वेस्ट-टू-वण्डर पार्क में पालिका अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह द्वारा स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। इसके अलावा विभिन्न वार्डों में स्वच्छता संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किये गए। इस दौरान स्वच्छता संदेश लिखित पम्पलेट आदि का वितरण करने के साथ-साथ स्कूल स्टाफ व छात्र-छात्राओं को गीला सूखा कूड़ा पृथक-पृथक करने की जानकारी दी गई। सभी से अपने आस-पास साफ-सफाई करने व गंदगी को रोकने की अपील भी की गई। कार्यक्रम की लाइव मॉनीटरिंग डी०सी०सी०सी० के माध्यम से शासन द्वारा की गई। उक्त कार्यक्रम पालिका अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी विकास कुमार के दिशा-निर्देशन में किया गया। इस दौरान पालिका स्टाफ से लिपिक विपिन देसाई, संदीप कुमार, नदीम अहमद खान, मौ० काशिफ लिपिक, श्रीमती सोनिका सोनिका, श्रीमती नेहा शर्मा, सईदुर्रहमान आदि उपस्थित रहे।
सीताराम कश्यप को मिली कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी, महामंत्री का पदभार संभालेंगे अमित कुमार,कोषाध्यक्ष बने विजेंद्र स्वरुप निगम
संस्कार भारती अवध प्रान्त की नवीन कार्यकारणी गठित
संस्कार भारती अवध प्रान्त की नई अध्यक्ष बनीं अनुराधा गोयल
लखनऊ। संस्कार भारती अवध प्रान्त की नई अध्यक्ष श्रीमती अनुराधा गोयल एवं महामंत्री अमित कुमार होंगे।
संस्कार भारती अवध प्रान्त की नई कार्यकारिणी का गठन आज रविवार 22 सितम्बर 2024 को नेता जी सुभाष चंद्र बोस महाविद्यालय अलीगंज में किया गया। उपाध्यक्ष विजय त्रिपाठी के अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पूर्व समिति का कार्यकाल पूर्ण होने पर नवीन समिति का गठन सर्वसम्मति से हुआ।
नई कार्यकारिणी में अध्यक्ष का दायित्व श्रीमती अनुराधा गोयल को सौंपा गया जबकि कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सीताराम कश्यप निभाएंगे। इनके अलावा महामंत्री अमित कुमार व कोषाध्यक्ष पद पर विजेंद्र स्वरुप निगम का मनोनयन किया गया। बैठक केन्द्रीय अधिकारी सुभाष अग्रवाल अखिल भारती कोषाध्यक्ष की उपस्थिति में संपन्न हुई। इस अवसर पर सीतापुर, बिसवां, बहराइच, अयोध्या ,बलरामपुर, बाराबंकी, गोंडा, लखनऊ महानगर आदि जिलों से वर्तमान तथा पूर्व पदाधिकारी उपस्थित रहे।
शोध का विषय रहा “प्रिंट मीडिया पर पड़ने वाले नागरिक पत्रकारिता के प्रभाव”
पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीएचडी (डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी) की उपाधि
लखनऊ के ‘आकाश’ को पत्रकारिता में पीएचडी की उपाधि
लखनऊ। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के 28वें दीक्षांत समारोह में लखनऊ निवासी आकाश यादव पुत्र दीन दयाल यादव, को पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीएचडी (डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी) की उपाधि प्रदान की गई। आकाश को यह उपाधि उनके शोध विषय “प्रिंट मीडिया पर पड़ने वाले नागरिक पत्रकारिता के प्रभाव” के लिए दी गई।
अपने शोध में आकाश ने हिंदी अखबारों का गहन अध्ययन कर यह आंकलन किया कि नागरिक पत्रकारिता का प्रिंट मीडिया पर क्या प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि नागरिक पत्रकारिता न केवल समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वाह है, बल्कि यह मीडिया में समाज की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम भी है। आकाश का मानना है कि उनके शोधकार्य से भविष्य में नागरिक पत्रकारिता को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
आकाश यादव ने लखनऊ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर किया है और 2017 में यूजीसी द्वारा आयोजित नेट परीक्षा उत्तीर्ण की। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने ‘अमर उजाला’ में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर की। इस दौरान उन्होंने पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का अनुभव प्राप्त किया और समाचारों कि बारीकीयों को समझा। इसके बाद उन्होंने ‘समृद्धि न्यूज़’ के साथ जुड़कर संपादकीय विभाग में महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारियां निभाईं।
पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने पर आकाश ने सर्वप्रथम अपने माता-पिता का आभार व्यक्त किया और अपने शोध निर्देशक सहायक प्रोफेसर सुरेश प्रताप दीक्षित, प्रोफेसर मुकुल श्रीवास्तव, प्रोफेसर राजेश कुशवाहा, डॉक्टर सुरेंद्र यादव, डॉक्टर नितिन और आकांक्ष पटेल का भी धन्यवाद किया। आकाश ने कहा कि गुरुजनों के आशीर्वाद और परिवार के सहयोग के बिना उनका शोध सफर मुश्किल होता। जब भी किसी कठिनाई का सामना हुआ, गुरुजनों ने मार्गदर्शन किया और परिवार ने हर कदम पर साथ दिया।
रिजर्व पुलिस लाइन्स बिजनौर परेड ग्राउंड में किया गया आयोजन
स्वस्थ जीवन शैली, तनाव मुक्त जीवन एवं दैनिक जीवन में योगाभ्यास का बहुत महत्व
बिजनौर। स्वस्थ जीवन शैली, तनाव मुक्त जीवन हेतु योगा कार्यक्रम का आयोजन रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन्स बिजनौर परेड ग्राउंड में किया गया।
योगा कार्यक्रम में मुख्य आरक्षी नागरिक पुलिस (पदोन्नत) कोर्स प्राप्त कर रहे मुख्य आरक्षी एवं रिजर्व पुलिस लाइन्स के पुलिस बल द्वारा योगाभ्यास में प्रतिभाग किया गया।
योगा कार्यक्रम का संचालन योगी अनन्त योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा ट्रस्ट जनपद बिजनौर के डॉ. नरेन्द्र सिंह (आहार आयुर्वेदाचार्य एवं प्राकृतिक चिकित्सक), योग गुरू सोमदत्त शर्मा, आईएनओ के जिलाध्यक्ष ओपी शर्मा, संरक्षक अजय गर्ग, सदस्य प्रबोध रंजन एवं गजेन्द्र शर्मा द्वारा किया गया।
इस दौरान पुलिस बल को स्वस्थ जीवन, योग करके तनाव मुक्त रहने तथा दैनिक जीवन में योगाभ्यास करके स्वयं को स्वस्थ रखने आदि की जानकारी दी गई। योग कार्यक्रम की थीम “बिना दवाई के अपना डॉक्टर कैसे बनें”, रखी गई।
योगा कार्यक्रम को सकुशल सम्पन्न कराने हेतु प्रतिसार निरीक्षक रिजर्व पुलिस लाइन्स देवेन्द्र सिंह सिकरवार, उपनिरीक्षक सशस्त्र पुलिस जगदीश सिंह व राममेहर सिंह, मुख्य आरक्षी प्रमोद कुमार (लाईन मेजर) व अन्य अधिकरी / कर्मचारी उपस्थित रहे।
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