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update रहें…हर दम, हर पल

  • योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट द्वारा जिला कारागार में योग आसन और प्राणायाम

    बड़े भाग मानुष तन पावा। सुर दुर्गम सद्ग्रंथनि गावा।।

    बिजनौर। योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट साकेत कॉलोनी अध्यक्ष योगेश कुमार के निर्देशन में जिला कारागार में योग का कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    इस अवसर पर डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने सभी बंदियों को स्वास्थ्य लाभ के लिए आसन कराए। आसनों में ग्रीवा संचालन, ताड़ासन, वृक्षासन, पश्चिमोत्तानासन, कटी चक्रासन, उत्तानपादासन, मयूरासन, भुजंगासन, नौकासन, मर्कट आसन, प्राणायाम के अंतर्गत सूक्ष्म व्यायाम, बाह्य अभ्यंतर प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम, कपालभाति, अनुलोम विलोम चक्रों का जागरण एवं परमपिता परमात्मा का ध्यान कराया। डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने कहा कि जीवन अमूल्य है।

    उन्होंने श्री राम चरित मानस की चौपाई के माध्यम से कहा कि…
    बड़े भाग मानुष तन पावा।
    सुर दुर्गम सदग्रंथनी गावा।। अर्थात वह लोग भाग्यवान हैं जिन्होंने मानस तन पाया है। आपका बहुत कीमती समय इस जिला कारागार में व्यर्थ हो गया। आगे के जीवन के लिए कोई ऐसा कार्य न करें, जिससे इस कारागार में उन्हें आने की नौबत आए। अच्छे कर्म करें, अपने समाज के लिए कार्य करें, अपने परिवार के लिए कार्य करें, अपने राष्ट्र के लिए कार्य करें। राष्ट्र धर्म सर्वोपरि धर्म है और मानव सेवा धर्म सबसे बड़ा पुरुषार्थ। अगर परमात्मा की सेवा करनी है, तो समाज की सेवा करें, मानव की सेवा करें, मानव सेवा ही परमात्मा की सेवा है। इस अवसर पर जेलर रविंद्र नाथ, उपकारापाल अरविंद, जेल का समस्त स्टाफ एवं बंदी उपस्थित रहे।

  • छात्राओं व शिक्षकों आदि को दिलाई स्वच्छता की शपथ

    गरीब व असहाय व्यक्तियों को कपड़े, जूते-चप्पल व खिलौने आदि वितरित

    पांचवें दिन भी जारी अभियान में आमजन की भागीदारी

    बिजनौर। स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) कार्यक्रम अन्तर्गत शनिवार 21 सितंबर 2024 को पूर्वान्ह 11:00 बजे आर्य वैदिक कन्या इण्टर कॉलेज (आर्य समाज), बिजनौर में छात्राओं व शिक्षकों आदि को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में लगभग 250 विद्यार्थी व शिक्षक उपस्थित रहे।

    17 सितम्बर 2024 से शुरू होकर 02 अक्टूबर 2024 तक चलने वाले स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) अभियान के तहत रोडवेज चौराहे पर स्थित आर०आर०आर० सेंटर पर गरीब व असहाय व्यक्तियों को कपड़े, जूते-चप्पल व खिलौने आदि वितरित किये गए। इसमें आमजन ने व्यक्तिगत रुचि लेते हुए बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया तथा प्रबल सहयोग प्रदान किया।

    कार्यक्रम पालिका अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह व अधिशासी अधिकारी विकास कुमार के निर्देशन में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर डा० बीरबल सिंह वरिष्ठ समाजसेवी भाजपा, सभासदगण व सफाई एवं खाद्य निरीक्षक गोविन्द कुमार, अवर अभियन्ता (सिविल) यशवंत कुमार, पालिका स्टाफ से लिपिक विपिन देसाई, संदीप कुमार, दिलीप कुमार कर-संग्रहकर्ता आदि उपस्थित रहे।

  • यूपी से चुराकर उत्तराखंड में लगाते थे ठिकाने

    पुलिस ने दबोचे मुजफ्फरनगर, शामली और ऋषिकेश के पांच शातिर चोर

    लक्जरी कार चोर गिरोह का खुलासा

    बिजनौर। थाना कोतवाली नगर पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से एक होंडा सिटी कार, एक सेन्ट्रो कार, 03 कार कटी हुई (होन्डा सिटी, आल्टो, सेन्ट्रो), 40 स्टेपनी मय टायर, भारी मात्रा में गाड़ियों के कटे हुए पुर्जे तथा गाड़ियों के पुर्जों का कटा हुआ करीब 05 टन स्क्रेप बरामद किया गया है। चोर लग्जरी गाड़ियों को अपना निशाना बनाते थे और कबाड़ी को बेच देते थे। पकड़े गए शातिर चोर मुजफ्फरनगर, शामली और ऋषिकेश के हैं।

    एएसपी सिटी संजीव कुमार वाजपेई ने पुलिस लाइन के सभागार में अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का खुलासा करते हुए बताया कि बिजनौर नगर में पिछले काफी समय एक वाहन चोर गैंग सक्रिय था। इस गिरोह के सदस्य लग्जरी गाड़ियों को अपना निशाना बनाते थे। उन्होंने बताया कि वाहन चोरी को खुलासा करने के लिए थाना कोतवाली शहर पुलिस स्वाट / सर्विलांस टीम समेत तीन टीम लगाई गई थीं। सीसीटीवी खंगालने पर टीम को आरिफ और शमीम की पहचान हुई। इन दोनों को कोतवाली नगर पुलिस ने मंडावर मार्ग स्थित मालन नदी के पुल के पास गिरफ्तार कर लिया। इन्हीं की निशानदेही पर अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से होंडा सिटी समेत तीन कार, तीन कार कटी हुई, 40 स्टेपनी मय टायर और गाड़ियों के पार्टस बरामद किए गए हैं। बरामद होंडा सिटी रुड़की से चोरी की गई थी। 

    ऋषिकेश में बेचते थे चोरी के वाहन

    एएसपी सिटी ने बताया कि वाहन चोरी की घटनाओं को आरिफ, शमीम, इजहार और फारूख अंजाम देते थे। इसके बाद वाहनों को उत्तराखंड के ऋषिकेश में मोहसिन को 15 से 20 हजार रुपए में बेच देते थे। मोहसिन सभी वाहनों के पार्ट्स अलग-अलग कर बेच देता था। आरिफ और शमीम ने बिजनौर के बुखारा रोड से 15 सितंबर की रात सरफराज आलम की गाड़ी चुरा कर मोहसिन को बेच दिया था। पुलिस के मुताबिक होंडा सिटी गाडी के पार्ट्स की काफी मांग रहती है। इसीलिए यह होंडा सिटी आदि कारों को निशाना बनाते थे।

    ये चढ़े पुलिस के हत्थे

    पुलिस ने आरिफ निवासी मोहल्ला रहमतनगर उर्फ मक्खीनगर कस्बा व थाना कोतवाली नगर मुजफ्फरनगर, शमीम पुत्र नसीम निवासी मिमनाला रोड कुटटी मशीन वाली गली कोतवाली नगर मुजफ्फरनगर, मोहसिन निवासी गुमानी वाली गली थाना श्यामपुर ऋषिकेश देहरादून उत्तराखंड, इजहार निवासी दक्षिण सिविल लाइन तकिया अंसारियान थाना सिविल लाइन मुजफ्फरनगर और फारूख निवासी गांव खेड़ी करमू शामली को गिरफ्तार किया है।

    बरामदगी –

    एक होंडा सिटी कार, एक सेन्ट्रो कार, 03 कार कटी हुई (होन्डा सिटी, आल्टो, सेन्ट्रो), 40 स्टेपनी मय टायर, भारी मात्रा में गाडियो के कटे हुये पुर्जे तथा गाडियों के पुर्जों का कटा हुआ करीब 05 टन स्क्रेप।

  • नगर पालिका का स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) कार्यक्रम

    शिविर लगाकर 268 सफाई मित्रों का स्वास्थ्य परीक्षण

    बिजनौर। स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) मिशन के अंतर्गत सफाई मित्र सुरक्षा शिविर लगाया गया। शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 268 सफाई मित्रों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।

    शुक्रवार 20 सितंबर को पूर्वान्ह 11:00 बजे नगर पालिका परिसर में आयोजित कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग व नगरीय विकास अभिकरण (डूडा), बिजनौर द्वारा जारी जनकल्याण योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम पालिका परिषद अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह व अधिशासी अधिकारी विकास कमार के निर्देशन में सम्पन्न हुआ।

    इस अवसर पर डा० बीरबल सिंह वरिष्ठ समाजसेवी भाजपा, सभासदगण अभिषेक राणा, राजवीर सिंह, संजय विश्नोई, प्रभाकर, तुफैल अहमद, शमशाद अंसारी, अफजाल पहाड़ी, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक गोविन्द कुमार, अवर अभियन्ता (सिविल) यशवंत कुमार, पालिका स्टाफ से लिपिक विपिन देसाई लिपिक, संदीप कुमार, नदीम अहमद खान, काशिफ तथा दिलीप कुमार कर-समाहकर्ता आदि उपस्थित रहे।

    विदित हो कि राज्य मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय, राज्य मिशन निदेशालय लखनऊ के अनुपालन में दिनांक 17.09.2024 से 02.10.2024 तक स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) कार्यक्रम चलाया जा रहा है। स्वच्छता ही सेवा अभियान भारत की राष्ट्रव्यापी स्वच्छता पहल का आधार है, जिसका उद्देश्य सभी नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना है। यह अभियान, व्यापक स्वच्छ भारत मिशन का हिस्सा है, जिसे स्वच्छ भारत मिशन की दस साल की सफलता के आधार पर सात वर्षों से सक्रिय रूप से लागू किया जा रहा है।

  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश में माहेश्वरी दम्पति के तीसरी संतान होने का पहला मामला

    अपनी घटती संख्या को लेकर चिंतित है माहेश्वरी समाज

    अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी सेवा सदन पुष्कर की जननी सम्मान निधि योजना

    तीसरी संतान प्राप्ति पर शीतल माहेश्वरी का सम्मान

    बिजनौर। एक ओर जहां देश की आबादी विस्फोटक स्थिति में पहुंच गई है, वहां दूसरी ओर माहेश्वरी समाज अपनी घटती संख्या को लेकर चिंतित है। जनसंख्या वृद्धि के लिये अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी सेवा सदन पुष्कर द्वारा जननी सम्मान निधि योजना आरम्भ की गई है। इसके अन्तर्गत माहेश्वरी समाज के किसी भी दम्पति को तीसरी संतान होने पर 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

    बिजनौर शहर के निवासी अनूप कुमार माहेश्वरी व श्रीमती शीतल माहेश्वरी के यहां मई 2023 में तीसरी संतान का जन्म हुआ, जिस पर उन्हें चांदपुर में पूरी माहेश्वरी समाज की सभा में सम्मानित किया गया। इतना ही नहीं श्रीमती शीतल माहेश्वरी को चांदपुर की सभा में विशिष्ट अतिथि बनाया गया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश माहेश्वरी सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अखिल डागा ने बताया कि अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा की कार्यसमिति की बैठक में निर्णय लिया गया था कि जिस माता ने तीसरी संतान को जन्म दिया है, उनसे सामाजिक कार्यक्रमों में दीप प्रज्वलित कराकर उन्हें सम्मानित किया जाए। उन्होंने बताया कि किसी माहेश्वरी दम्पति के तीसरी संतान होने का पश्चिमी उत्तर प्रदेश का यह पहला मामला है।

  • बार संघ के नोटिस बोर्ड पर कर दें चस्पा: चेयरमैन ने भेजा यूपी के समस्त बार एसोसिएशन अध्यक्ष/मंत्री को पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भ्रामक मैसेज को लेकर हड़कंप अधिवक्ताओं के हित में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश की सजगता बार संघ के नोटिस बोर्ड पर कर दें चस्पा इलाहाबाद/लखनऊ। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश प्रयागराज द्वारा अधिवक्ताओं को आवश्यक दिशा निर्देश […]

    बार संघ के नोटिस बोर्ड पर कर दें चस्पा
  • नगर पालिका परिषद व आई०टी०सी० सुनहरा कल की संयुक्त टीम पहुंची जनता के बीच

    स्कूल स्टाफ व छात्र-छात्राओं को दी गई गीला-सूखा कूड़ा पृथक-पृथक करने की जानकारी

    स्वच्छता ही सेवा मिशन: ग्रहण कराई गई स्वच्छता की शपथ

    बिजनौर। स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) कार्यक्रम के अन्तर्गत गुरुवार 19.09.2024 को नगर पालिका परिषद की टीम व आई०टी०सी० सुनहरा कल की संयुक्त टीम द्वारा पालिका अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह व अधिशासी अधिकारी विकास कुमार के निर्देशन में वार्ड संख्या-23 नई बस्ती बी-14 में स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) के अन्तर्गत स्वच्छता की शपथ ग्रहण कराई गई।

    कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता संदेश लिखित पम्पलेट आदि का वितरण करने के साथ-साथ सेंट जॉन्स पब्लिक स्कूल स्टाफ व छात्र-छात्राओं को गीला-सूखा कूड़ा पृथक-पृथक करने की जानकारी दी गई। इसी के साथ अपने आसपास साफ-सफाई करने व गंदगी को रोकने की अपील भी की गई। इसकी लाइव मॉनीटरिंग डी०सी०सी०सी० के माध्यम से शासन द्वारा की गई।

    कार्यक्रम पालिका अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह व अधिशासी अधिकारी विकास कुमार के दिशा-निर्देशन में संपन्न हुआ।इस दौरान पालिका स्टाफ से लिपिक विपिन देसाई, संदीप कुमार आदि के अलावा आई०टी०सी० सुनहरा कल के क्लस्टर सुपरवाईजर ललित कुमार व अन्य वार्डवासी उपस्थित रहे।

    गौरतलब है कि राज्य मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय, राज्य मिशन निदेशालय लखनऊ के निर्देशानुसार स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) कार्यक्रम 17 सितंबर 2024 से शुरू किया गया है जो 02 अक्टूबर 2024 तक चलाया जाएगा।

  • जुलूस, प्रदर्शन के बाद दिव्यांगजनों ने किया कलेक्ट्रेट का घेराव

    विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे दिव्यांगजन

    हीनभावना से देखते हैं पुलिस और सरकारी अधिकारी: पाशा

    बिजनौर। राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन के बैनर तले विभिन्न मांगों को लेकर दिव्यांगजन सड़कों पर उतर आए। उन्होंने जुलूस, प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस दौरान जिलाध्यक्ष ने पुलिस और सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली पर जमकर प्रहार किए।

    इससे पहले राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन की बैठक बुधवार को गन्ना समिति बिजनौर में आयोजित की गई। अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष एमआर पाशा तथा संचालन जिला उपाध्यक्ष मास्टर साकिर व जीवन अग्रवाल ने संयुक्त रूप से किया। गन्ना समिति से दिव्यांगजन जुलूस प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे तथा डीएम कार्यालय का घेराव किया।मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के नाम ज्ञापन जिलाधिकारी बिजनौर को ज्ञापन सौंपा।

    इस अवसर पर राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एमआर पाशा ने कहा उत्तर प्रदेश में दिव्यांगों की संख्या दो करोड़ तथा पूरे भारतवर्ष में 11 करोड़ है। जिला बिजनौर में दिव्यांगजन संख्या 40 हजार से अधिक हैं, लेकिन दिव्यांगों के लिए कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसलिए दिव्यांगजनों ने अपनी समस्त मांगों को लेकर डीएम कार्यालय का घेराव किया तथा धरना दिया जा रहा है।

    राष्ट्रीय अध्यक्ष एमआर पाशा ने आरोप लगाया कि हर सोमवार को सीएमओ कार्यालय पर दिव्यांग बोर्ड लगता है। वहां पर पांच-सात व्यक्ति गिरोह बनाकर कर्मचारियों से मिले हुए हैं और वहां जमकर दिव्यांगजनों से दलाली करते हैं। वे कहते हैं कि आपकी परसेंटेज बनवा देंगे, पेंशन बनवा देंगे आदि लालच देकर उनसे हजारों रुपए ले लेते हैं। वहां पर दलाली तुरंत रुकवाई जाए और दलालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। दिव्यांगजनों का सरकारी कार्यालयों और पुलिस विभाग में बहुत उत्पीड़न होता है। सभी सरकारी अधिकारी व पुलिस विभाग दिव्यांगजनों को हीन भावना की नजरों से देखते हैं। दिव्यांग जनों के साथ इतना अन्याय क्यों ? इनको क्यों हीनभावना की नजरों से देखा जाता है ? इनको क्यों सम्मान नहीं मिलता ? उन्होंने दिव्यांगजनों को समस्त सरकारी कार्यालयों में सम्मान देने की मांग की। राष्ट्रीय अध्यक्ष एमआर पाशा ने कहा कि डूडा विभाग तीसरी मंजिल पर है, जहां पर दिव्यांगजन नहीं जा सकता और इस कारण डूडा विभाग में प्रचलित योजना का लाभ नहीं ले पाता। इसलिए डूडा विभाग नीचे शिफ्ट किया जाए। इसी तरह चांदपुर तहसील में एसडीएम कार्यालय दूसरी मंजिल पर है, जहां पर दिव्यांगजन नहीं जा सकता। इसलिए एसडीएम कार्यालय नीचे शिफ्ट किया जाए। यह भी कहा कि मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत दिव्यांग जनों के आवास बनने थे लेकिन पात्रों के आवास नहीं बन पा रहे हैं। आरोप लगाया कि अपात्र के आवास बन रहे हैं क्योंकि ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी अपात्रों से 25 से तीस हजार रुपए ले रहे हैं। गरीब पात्र दिव्यांगजन रिश्वत नहीं दे सकता, इसलिए उनके आवास नहीं बन पा रहे हैं। उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारियों तथा ग्राम प्रधानों के खिलाफ कार्रवाई कर पात्र दिव्यांग जनों के मुख्यमंत्री आवास बनवाने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार देने तथा ऋण देने की मांग की। इस दौरान जिला अध्यक्ष मोहम्मद खालिद, युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मास्टर एजाज अहमद, ब्लॉक अध्यक्ष विनीत कुमार, शहजाद गोविंदपुर वाले वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, जिला सचिव इकबाल उस्मानी, सुशील आदि मौजूद रहे।

  • नुमाइश में होने वाले मुशायरे की सभी तैयारियां पूर्ण

    मुशायरे में देश के जाने माने शायर सुनाएंगे कलाम

    बिजनौर। जिला कृषि औद्योगिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी में 19 सितम्बर को होने वाले ऑल इंडिया मुशायरे की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। मुशायरा रात्रि ठीक 8 बजे शुरू हो जाएगा। यह जानकारी देते हुए मुशायरा कन्वीनर वरिष्ठ पत्रकार मरगूब रहमानी व आरिफ गांधी ने बताया कि मुशायरे के मुख्य अतिथि सांसद चन्दन चौहान होंगे। मुशायरे की शमा रौशन नगर पालिका की चेयरपर्सन श्रीमती इंदिरा सिंह और सदारत डा. बीरबल सिंह करेंगे।

    कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पूर्व सांसद मुंशीराम पाल, सांध्य दैनिक चिंगारी के संपादक डॉ. सूर्यमणि रघुवंशी, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रवीण सिंह देशवाल, वरिष्ठ नेता नीरज चौधरी, साइम राजा व हमायूँ बेग हैं। मुशायरे में देश के जाने माने शायर डा. नवाज़ देवबंदी, अबरार काशिफ, महशर आफरीदी, मणिका दुबे, इक़बाल अशहर, नदीम शाद, हाशिम फ़िरोज़ाबादी, शकील जमाली, अल्ताफ जिया, शाहिद अंजुम, हिमांशी बाबरा, कलीम समर, सज्जाद झंझट, राहुल शर्मा, खुर्शीद हैदर, खुर्रम सुलतान व महनाज़ आदि तशरीफ ला रहे हैं। मुशायरे की निजामत प्रसिद्ध शायर नदीम खुर्रम करेंगे। कार्यक्रम के अध्यक्ष सीनियर सभासद जुल्फिकार बेग उर्फ बेबी, श्रीमती अफसाना व श्रीमती बानो हैं।

  • स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) कार्यक्रम

    घर-घर जाकर जनसाधारण को किया स्वच्छता के प्रति जागरूक

    बिजनौर। स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) कार्यक्रम के अन्तर्गत आज दिनांक 18.09.2024 को पालिका टीम द्वारा जनभागीदारी हेतु डोर-टू-डोर स्वच्छता संबंधित जनजागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान घर-घर जाकर जनसाधारण को स्वच्छता के प्रति सजग सजग करने के साथ ही बिजनौर को स्वच्छ व सुन्दर बनाने हेतु भागीदारी करने के लिए अपील की गई।

    इसके अलावा स्वच्छता संदेश लिखित पम्पलेट आदि का वितरण करने के साथ-साथ गीला-सूखा कूड़ा पृथक-पृथक कर पालिका वाहनों को उपलब्ध कराने हेतु जागरूक किया गया। इसकी लाइव मॉनीटरिंग डी०सी०सी०सी० के माध्यम से शासन द्वारा की गयी। उक्त कार्यक्रम पालिका अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह व अधिशासी अधिकारी विकास कुमार के दिशा-निर्देशन में किया गया। इस दौरान राजवीर सभासद, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक गोविन्द कुमार, अवर अभियन्ता (सिविल) यशवंत कुमार, पालिका स्टाफ में लिपिक विपिन देसाई, संदीप कुमार आदि व अन्य वार्डवासी उपस्थित रहे।

  • चेयरमैन ने भेजा यूपी के समस्त बार एसोसिएशन अध्यक्ष/मंत्री को पत्र

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भ्रामक मैसेज को लेकर हड़कंप

    अधिवक्ताओं के हित में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश की सजगता

    बार संघ के नोटिस बोर्ड पर कर दें चस्पा

    इलाहाबाद/लखनऊ। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश प्रयागराज द्वारा अधिवक्ताओं को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किया गया है कि जो अधिवक्ता अपना पंजीकरण करा चुके हैं और उन्होंने अपने सी ओ पी को प्राप्त नहीं किया है तो ऐसी स्थिति में वे अधिवक्ता बंधु कोर्ट कैंपस में केवल काली टाई ही पहनने के हकदार हैं। वह काली कोट या बैण्ड को नहीं पहनेंगे। अगर कोट और बैंड पहने हुए पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध कार्यवाही बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश द्वारा की जा सकती है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस मैसेज को लेकर असमंजस की स्थिति तो उत्पन्न हुई ही है, हड़कंप भी मचा हुआ है।

    इस संबंध में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश प्रयागराज के चेयरमैन शिव कुमार गौड़ ने उत्तर प्रदेश के समस्त बार एसोसिएशन अध्यक्ष/मंत्री को पत्र भेजा है। पत्र में कहा, मेरे संज्ञान में आया है कि कुछ अधिवक्ताओं द्वारा उक्त भ्रामक मैसेज सोशल मीडिया के माध्यम से वायरल किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि चूंकि बार काउंसिल ऑफ इण्डिया द्वारा नए पंजीकृत अधिवक्ताओं को 02 वर्ष के अन्दर 04 बार AIBE परीक्षा देने की व्यवस्था की गयी है। इस बीच में 02 वर्ष तक ऐसे सभी अधिवक्ता वकालत का व्यवसाय कर सकते हैं। अतः उपरोक्त प्रकार का कोई प्रतिबंध असंवैधानिक है।

    साथ ही उन्होंने समस्त अधिवक्ताओं को यह भी निर्देशित किया है कि ऐसे अधिवक्ता जो इस प्रकार का भ्रामक मैसेज वायरल कर रहे हैं, की पहचान होने पर तुरन्त बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को सूचित करें, ताकि उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जा सके। साथ ही साथ यह भी निर्देशित किया है कि यदि किसी बार संघ द्वारा इस प्रकार का कोई आदेश पारित किया गया है तो उसे अविलम्ब वापस ले लें। उपरोक्त भ्रामक संदेश के परिप्रेक्ष्य में सभी अध्यक्ष/मंत्री को निर्देशित किया है कि इस प्रकार का कोई भी आदेश पारित नहीं करेंगे तथा मेरा यह पत्र बार संघ के नोटिस बोर्ड पर अधिवक्ताओं के सूचनार्थ चस्पा करना सुनिश्चित करें।

  • मिशन स्वच्छता ही सेवा:

    बाइक रैली निकाली, सफाई मित्र सुरक्षा शिविर

    बिजनौर। स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) कार्यक्रम के अन्तर्गत आज मंगलवार दिनांक 17.09.2024 को प्रातः 8:00 बजे बाइक रैली का आयोजन किया गया। शुभारम्भ नगर पालिका परिषद के सामने से चेयरपर्सन श्रीमती इन्दिरा सिंह ने हरी झंडी दिखाकर किया। बाइक रैली में लगभग 100 बाइक पर 200 व्यक्त्ति शामिल हुए।

    सफाई मित्र सुरक्षा शिविर में 270 का स्वास्थ्य परीक्षण

    इसके बाद पूर्वान्ह 11:00 बजे स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) कार्यक्रम के ही अन्तर्गत पालिका परिसर में सफाई मित्र सुरक्षा शिविर लगाया गया। शिविर में लगभग 270 सफाई मित्रों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा की गई। शिविर में समाज कल्याण विभाग व नगरीय विकास अभिकरण (डूडा), बिजनौर द्वारा जारी जनकल्याण योजनाओं की जानकारी दी गई।

    350 सफाई मित्रों को दो जोड़े वर्दी का वितरण

    ऐजाज अली हॉल बिजनौर में पालिका अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह द्वारा स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) की शपथ दिलाई गई और अंत में 350 सफाई मित्रों को दो जोड़े वर्दी का वितरण किया गया।

    समस्त कार्यक्रम पालिका अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह की अध्यक्षता में आयोजित किए गए। इस दौरान अधिशासी अधिकारी विकास कुमार, डा० बीरबल सिंह वरिष्ठ समाजसेवी भाजपा, सभासद अभिषेक राणा, राजवीर, तुफैल अहमद, शमशाद अंसारी, अफजाल पहाड़ी, संजय विश्नोई, दीपक गर्ग उर्फ मोनू, प्रभाकर आदि के अलावा सफाई एवं खाद्य निरीक्षक गोविन्द कुमार, अवर अभियन्ता (सिविल) यशवंत कुमार, राजस्व निरीक्षक ऋषिपाल सिंह, पालिका के लिपिक स्टाफ से विपिन देसाई, संदीप कुमार, नदीम अहमद खान, काशिफ एवं दिलीप कुमार कर-समाहकर्ता आदि उपस्थित रहे।

    02 अक्तूबर तक चलेगा स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) कार्यक्रम:

    गौरतलब है कि राष्ट्रीय मिशन निदेशक, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र संख्या-13/7/2024- एस०बी०एम०-IV, दिनांक 28.08.2024 के क्रम में जारी राज्य मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय, राज्य मिशन निदेशालय लखनऊ के पत्र दिनांकित 10 सितम्बर, 2024 के द्वारा दिनांक 17.09.2024 से 02.10.2024 तक स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) कार्यक्रम चलाया जाना प्रस्तावित है।

  • मेरठ के शारदा एक्सपोर्ट के घर-फैक्ट्री में कई टीम ने डाली रेड

    दुनिया के 7 से ज्यादा देशों में होती है कालीन सप्लाई

    मशहूर कालीन कारोबारी के घर प्रतिष्ठानों पर ईडी का छापा

    लखनऊ। मेरठ के मशहूर कालीन कारोबारी के यहां मंगलवार सुबह ईडी ने छापा डाला। साकेत में मेरठ के नामचीन उद्यमी शारदा एक्सपोर्ट्स के मालिक के घर के अलावा फैक्ट्री आदि संस्थानों में मंगलवार सुबह अचानक ईडी की टीम ने छापा मारा।

    शारदा एक्सपोर्ट्स के मालिक जितेंद्र गुप्ता कॉरपेट के बड़े कारोबारी हैं। इनका साकेत में घर और परतापुर रिठानी में फैक्ट्री है। फैक्ट्री में बड़े स्तर पर कालीन बनाए जाते हैं। शारदा एक्सपोर्ट से देश विदेश में कालीन सप्लाई होती है। इसके अलावा रेलवे रोड बर्फ खाने में बर्फ की फैक्ट्री और आलू कोल्ड स्टोर है।

    शारदा एक्सपोर्ट्स के मालिक जितेंद्र गुप्ता दुनिया के 7 से ज्यादा देशों में कालीन सप्लाई करते हैं। ईडी की अलग अलग टीम ने जितेंद्र गुप्ता के साकेत स्थित घर, परतापुर रिठानी में उनकी कॉरपेट फैक्ट्री, रेलवे रोड बर्फखाने में आइस फैक्ट्री और आलू कोल्ड स्टोर में रेड डाली। सीओ सिविल लाइन अभिषेक कुमार के अनुसार टीम की सभी गाड़ियां और अधिकारी अंदर ही हैं। समाचार लिखे जाने तक ऑफिसर दस्तावेज खंगालने में जुटे हैं।

    बड़े समाजसेवियों के रूप में है पहचान

    बताया गया है कि जितेंद्र गुप्ता के दो बेटे हैं, जो ज्यादातर विदेश में रहते हैं। जितेंद्र गुप्ता स्वच्छ भारत अभियान समिति के सदस्य हैं और 2014 में प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान में 9 रत्नों में शामिल थे। इन्होंने मेरठ के ग्रामीण इलाकों में 4 हजार से ज्यादा शौचालय नि:शुल्क अपने खर्चे से बनवाए हैं। भारत सरकार के लिए लगभग एक करोड़ रुपए खर्च कर चुके हैं। साथ ही 20 से ज्यादा आरओ प्लांट गांवों में लगवा चुके हैं। प्रधानमंत्री ने जितेंद्र गुप्ता से स्वच्छता प्रहरी के रूप में मुलाकात भी की। वहीं प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने जितेंद्र गुप्ता को उनके उत्कृष्ट समाजिक कार्यों के लिए 2 अक्टूबर 2019 में स्वच्छता ही सेवा सम्मान के लिए लखनऊ में सम्मानित किया।

  • पितृ पक्ष में मुहूर्त के अनुसार कर सकते हैं खरीदारी

    …लेकिन मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए

    पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का महापर्व है पितृ पक्ष पं. ललित शर्मा

    पितृ पक्ष को पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का महापर्व माना जाता है। यह जानकारी देते हुए सिविल लाइन बिजनौर स्थित धार्मिक संस्थान विष्णुलोक के ज्योतिषविद् पण्डित ललित शर्मा ने बताया कि इस बार पंचांग के अनुसार, पितृ पक्ष की शुरुआत 17 सितंबर 2024 से हो कर समापन 02 अक्टूबर को होगा।

    उन्होंने बताया कि श्राद्ध पक्ष को लेकर लोगों में यह धारणा बनी हुई है कि यह अशुभ समय होता है। इस दौरान कोई नई चीज नहीं खरीदनी चाहिए। इन दिनों नई चीज खरीदने से पितृ नाराज होते हैं। ऐसी भी मान्यता है कि पितृ पक्ष में खरीदी गई चीजें पितरों को समर्पित होती हैं, जिसका उपयोग करना अनुचित है। परन्तु शास्त्रों में कहीं भी इस प्रकार का उल्लेख नहीं मिलता है कि पितृ पक्ष में खरीदारी नहीं करनी चाहिए। पितृपक्ष में खरीदारी करने में कोई विघ्न नहीं होता, बल्कि पितरों के आशीर्वाद की प्राप्ति होती है। पितृ पक्ष में मुहूर्त के अनुसार खरीदारी कर सकते हैं। शास्त्रों के अनुसार पितृ-पक्ष सौभाग्य को जागृत करने वाला महापर्व होता है क्योंकि ये दिन पितरों को समर्पित होते हैं और उनके लिए धार्मिक अनुष्ठान, तर्पण, पिंडदान इत्यादि किए जाते हैं। परन्तु पितृ-पक्ष में मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृहप्रवेश, नया व्यवसाय शुरु करने से बचना चाहिए।

    पितृ-पक्ष में श्राद्ध तर्पण के कुछ निर्देश –

    1. पितृ-पक्ष में तामसिक भोजन, मांसाहार और मद्यपान से बचना चाहिए।
    2. क्रोध से दूर रहना चाहिए।
    3. गाय, कुत्ते और कौवे के लिए भोजन निकालना चाहिए।

    श्राद्ध के द्वारा प्रसन्न हुए पितृगण मनुष्यों को पुत्र, धन, विद्या, आयु, आरोग्य तथा अलौकिक सुख आदि प्रदान करते हैं। पितरों के प्रति श्रद्धा भाव से कृतज्ञता प्रकट करने का दिन श्राद्ध है। पूरी श्रद्धा के साथ अपने पितरों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का दिन है।

  • ऐतिहासिक होगा 18 सितंबर का धरना प्रदर्शन: एमआर पाशा

    बिजनौर। राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष व स्वीप आइकॉन ब्रांड एम्बेसडर सामान्य लोकसभा चुनाव 2024 एमआर पाशा ने सोमवार को कैंप कार्यालय बूढ़नपुर में संगठन की मीटिंग को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बिजनौर में 18 सितंबर को धरना प्रदर्शन ऐतिहासिक होगा। अधिक से अधिक संख्या में सभी दिव्यांगजन, बुजुर्ग, विधवाएं, गरीब वर्ग पहुंचे। नुमाइश ग्राउंड के सामने इकट्ठा होकर गन्ना समिति में बैठक करके डीएम साहब के ऑफिस का घेराव किया जाएगा और वहीं पर धरना दिया जाएगा जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होगी तब तक हम नहीं हटेंगे चाहे धरना लंबा चले, हम हर तरह से तैयार हैं, जब तक शासन हमारी मांगे नहीं मान लेता, तब तक हम हटने वाले नहीं है। उन्होंने सभी सम्मानित साथियों से अनुरोध किया कि अधिक से अधिक संख्या में 18 सितंबर को नुमाइश ग्राउंड के सामने एकत्रित हों। उसके बाद गन्ना समिति में बैठक होगी। बैठक के बाद डीएम साहब को ज्ञापन दिया जाएगा। इसलिए अधिक से अधिक संख्या में बिजनौर पहुंचने का कष्ट करें नुमाइश ग्राउंड के सामने और उसके बाद गन्ना समिति बिजनौर।

  • बरेली लिट्रेचर फाउंडेशन ने कराया गजल महोत्सव का आयोजन

    कवियों, शायरों ने देर शाम तक समां बांधे रखा

    बरेली। बरेली लिट्रेचर फाउंडेशन के तत्वावधान से स्थानीय जवाहर पैलेस में एक शानदार ग़ज़ल महोत्सव का आयोजन शायर आरिश हाफ़ी के संयोजन में किया गया। कार्यक्रम की सदारत मशहूर शायरा सिया सचदेव ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इनवर्टिस यूनिवर्सिटी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर पार्थ गौतम रहे।

    विशिष्ट अतिथिगण बरेली के मशहूर शायर आशु मिश्रा, अहमद अज़ीम, गीतकार उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट, मध्यम सक्सेना, दिल्ली से पधारे शायर शकील बरेलवी, खटीमा उत्तराखंड के शायर अली हैदर, बदायूं की कवयित्री अनुकृति सोलंकी एवं शायर मुसारिफ़ हुसैन मंसूरी रहे। इन्होंने अपनी गजलों के रंग में मंच को रंग दिया सभी कवि/ शायरों ने इस ग़ज़ल महोत्सव को बेहतरीन शायरी एवं कविताओं से एक नया मोड़ प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन अली शारिक ने किया। गजल महोत्सव में देश के कोने-कोने से आए सभी शायरों ने अपने बेहतरीन कलाम प्रस्तुत किए और देर शाम तक समां बांधे रखा। महफ़िल को सजाने में मोहम्मद अरबाज, एवरन राजपूत, रफील खान एवं शेख इमरान हाशमी का विशेष सहयोग रहा। अंत में संयोजक / संस्थापक आरिश हाफी ने सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

  • हर संघर्ष में सदेव एक दूसरे का साथ देंगे दोनों संगठन

    भाकियू (अराजनीतिक) के प्रदर्शन को व्यापारी एकता परिषद का समर्थन

    बिजनौर। भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के 19 सितंबर को होने वाले प्रदर्शन में व्यापारी भी अपनी भागीदारी निभायेंगे। व्यापारी एकता परिषद ने किसान आंदोलन को समर्थन दिया है।

    व्यापारी एकता परिषद ओर से महामंत्री देवेश चौधरी और जिला उपाध्यक्ष इंद्रदेव सिंह सोमवार सुबह भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के कैंप कार्यालय पहुंचे। वहां युवा विंग प्रदेश अध्यक्ष को व्यापारी एकता परिषद का समर्थन पत्र देते हुए कहा कि 19 सितंबर को जिला कलेक्ट्रेट पर होने वाले आंदोलन केवल किसानों के लिए नहीं है, बल्कि हर वर्ग को प्रभावित करने वाली समस्याओं के खिलाफ यह आंदोलन है। जनपद के प्रत्येक वर्ग से आने वाले लोगों को इस आंदोलन में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। देवेश चौधरी ने कहा कि हमारा संगठन प्रदर्शन में शामिल होने वाले सभी किसानों का स्वागत करेगा। उन्होंने कहा कि किसानों की अनेक समस्याएं अपनी हैं, लेकिन इस बार किसान संगठन ने जो समस्याएं उठाई हैं वह प्रत्येक नागरिक की समस्या है। कोरोना काल की फीस वापस का मुद्दा हो अथवा भ्रष्टाचार का विषय हो, यह आम जनमानस से जुड़ा विषय है। इसलिए किसानों का सहयोग हर वर्ग के लोगों को करना चाहिए। उसी क्रम में व्यापारी एकता परिषद अग्रिम पंक्ति में खड़ा होकर किसानों का सहयोग करेगा और बिजनौर आने वाले किसानों के लिए जलपान की व्यवस्था भी व्यापारियों की ओर से रहेगी। इस संघर्ष में व्यापारी एकता परिषद कंधे से कंधा मिलाकर किसानों के साथ रहेगा। चौ. दिगंबर सिंह ने व्यापारी नेताओं को भरोसा दिलाया कि जिस प्रकार किसान के साथ व्यापारी खड़ा है, उसी प्रकार व्यापारियों के उत्पीड़न के खिलाफ किसान खड़ा रहेगा। केवल किसान ही नहीं बल्कि व्यापारी और आम जनमानस को प्रभावित करने वाले प्रत्येक मुद्दे को लेकर भाकियू (अराजनीतिक) भविष्य में भी आंदोलन करती रहेगी।

  • मेरठ की जाकिर कॉलोनी में हुआ भयानक दर्दनाक हादसा

    मकान ढहने से मरने वालों की संख्या दस पर पहुंची

    मेरठ। जाकिर कॉलोनी में कल तीन मंजिला मकान ढहने से मरने वालों की संख्या 10 पर पहुंच गई है।

    गौरतलब है कि शनिवार को जाकिर कॉलोनी में तीन मंजिला मकान ढहने से पूरा परिवार उसमें दब गया था। मलबा हटाकर लोगों को निकालने का काम पूरी रात चलता रहा। छह लोग की पहले ही मौत हो गई थी। अब मृतक संख्या बढ़कर दस पर पहुंच गई है। मरने वालों में महिलाओं और बच्चों समेत दो पुरुष भी शामिल हैं। इनके अलावा कई पशु भी मलबे में दब कर मारे गए हैं। बचाव कार्य समाचार लिखे जाने तक जारी है। घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

    मृतकों की पहचान साजिद (40), पुत्री सानिया (15), पुत्र साकिब (11), सिमरा (डेढ़ वर्ष), रीजा (सात), नफ्फो (63), फरहाना (20), अलीशा (18), आलिया (छह) और रिम्सा (पांच माह) के रूप में की गई है। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल पांच लोगों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    इससे पहले, राज्य के राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से सुबह जारी एक बयान में कहा गया था, ‘‘मकान के अचानक ढहने से मलबे में 15 लोग दब गए। अब तक कुल 13 लोगों को मलबे से निकाला जा चुका है, जिनमें से आठ की मौत हो गई, पांच घायलों को लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। शेष को मलबे से निकालने का प्रयास जारी है।’’
    अधिकारियों ने बताया कि यह घटना शनिवार शाम को हुई, जिसकी जानकारी तत्काल आपात सेवाओं को दी गई। बचाव अभियान की निगरानी के लिए मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) डीके ठाकुर, मंडलायुक्त सेल्वा कुमारी जे, पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) नचिकेता झा और वरिष्‍ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. विपिन ताडा समेत वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल, दमकल विभाग और पुलिस की टीम मलबे से लोगों को निकालने का प्रयास कर रही है। शनिवार शाम से शुरू हुआ राहत और बचाव कार्य रविवार को भी जारी है।

  • जरूरत पड़ी तो आन्दोलन से नहीं हटेंगे पीछे

    खाद्य विभाग कर रहा है व्यापारियों का उत्पीड़न: राहुल वर्मा

    बिजनौर/गंज। पिछले कुछ समय से खाद्य विभाग ने व्यापारियों का बहुत अधिक उत्पीड़न कर रखा है। यह बात सैनी धर्मशाला गंज में आयोजित व्यापारी एकता परिषद (रजि.) की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष राहुल वर्मा ने कही। उन्होंने कहा कि ये शिकायत जिले के प्रभारी/ राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल से भी कर दी गई है।

    बैठक को सम्बोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष राहुल वर्मा ने कहा कि प्रभारी/ राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने आश्वासन दिया है कि किसी भी व्यापारी का कोई विभाग उत्पीड़न करता है तो उसे सरकार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। श्री वर्मा ने कहा कि व्यापारी का उत्पीड़न रोकने के लिए अगर संगठन को आन्दोलन भी करना पड़ा तो कार्यकर्ता पीछे नहीं हटेंगे।

    इस दौरान प्रदेश महामंत्री देवेश चौधरी ने कहा कि व्यापारी एकता परिषद का हर एक सदस्य व्यापारियों की लड़ाई लड़ रहा है। उनके संगठन का मुख्य उद्देश्य ही व्यापारी की सुरक्षा और सम्मान है। अगर व्यापारी के सम्मान और अधिकार के लिए किसी से भी आरपार की लड़ाई लड़नी पड़ी तो भी व्यापारी पीछे नहीं हटेगा। जिला महामंत्री प्रशांत चौधरी ने कहा कि किराना व्यापारी अपने दुकानों के फूड लाइसेंस बनवाएं, बाट माप सर्टिफिकेट रखें  अगर व्यापारियों के सभी काग़ज़ पूरे होंगे तभी हम उनकी लड़ाई लड़ सकते हैं।

    इस मौके पर संगठन की प्रदेश कोषाध्यक्ष राजीव वर्मा  ने नगर कार्यकारिणी का गठन करते हुए कल्याण सिंह व सुमेर सिंह को मुख्य संरक्षक, राकेश कुमार को नगर अध्यक्ष, ओमपाल सिंह को नगर महामंत्री, मूलचंद सिंह को उपाध्यक्ष, सोनू कुमार नगर मंत्री, वीर सिंह उपाध्यक्ष, सोनू प्रजापति नगर मंत्री, तिलक राम उपाध्यक्ष, अभय कुमार व शेर सिंह को जिला उपाध्यक्ष, रविन्द्र सैनी व जीशान अहमद नगर संगठन मंत्री मनोनीत किया। बैठक में जिला उपाध्यक्ष इंद्रदेव सिंह, विकास धीमान, सोम सैनी आदि व्यापारी उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान कल्याण सिंह सैनी तथा संचालन गोपाल धीमान एवं प्रशांत चौधरी ने संयुक्त रूप से किया।

  • तथाकथित प्रबन्धक की मनमर्जी से चल रहा है पूरा खेल

    मुख्यमंत्री से की गई शिकायत का भी कोई असर नहीं

    चहेतों को कर लिया मदरसे में भर्ती!

    बिजनौर। शासन द्वारा मान्यता प्राप्त अनुदानित मदरसा मिफ़्ताह उल उलूम, चान्दपुर बिजनौर प्रबन्ध समिति के तथाकथित प्रबन्धक की मनमर्जी से चल रहा है। मुख्यमंत्री से की गई शिकायत का भी कोई असर नहीं होता दिख रहा।

    मदरसा मिफ़्ताह उल उलूम, चान्दपुर (बिजनौर) के पूर्व उप सचिव/उप प्रबन्धक इफ्तेखार अहमद ने प्रदेश के मुख्यमन्त्री को दी बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज, मिफ्ताह उल उलूम, चान्दपुर, बिजनौर / मदरसा मिफ्ताह उल उलूम, कराल रोड, चान्दपुर, जिला- बिजनौर, की प्रबन्ध समिति के तथाकथित प्रबन्धक मौ० जीशान द्वारा फर्जी विज्ञापन प्रकाशित कर शासन के आदेशों के विपरीत पुनः की जा रही अवैद्य नियुक्तियों को निरस्त करने के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें बताया गया कि मदरसा मिफ्ताह उल उलूम, कराल रोड, चान्दपुर जिला बिजनौर शासन द्वारा मान्यता प्राप्त अनुदानित मदरसा है। इसका संचालन सोसायटी बायलॉज एवं शासन द्वारा निर्गत नियमावली / संशोधित नियमावली 2016 के दिशा निर्देशों के अनुसार होता है। इस के वर्तमान में तथाकथित एवं विवादित प्रबन्धक मौ० जीशान, जिनकी प्रबन्ध समिति से सम्बन्धित वाद माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में याचिका संख्या 10898/2022 के अन्तर्गत लम्बित एवं विचाराधीन है। तथाकथित प्रबन्धक मौ० जीशान द्वारा सभी नियमों एवं नियमावली में अंकित दिशा निर्देशों का उल्लंघन करते हुए वर्ष 2022 में अनेक पदों पर उपर्युक्त संस्था / मदरसे में फर्जी तरीके से नियुक्ति करके अधिकारियों से सांठ-गांठ कर अनुमोदन प्राप्त कर लिया गया था तथा उक्त सभी की गई फर्जी नियुक्तियों पर विभाग द्वारा वेतन आहरित करा रहे हैं।उक्त सम्बन्ध में द्वारा शासन एवं उच्च अधिकारियों को निरन्तर शिकायत की जाती रही हैं। इस सम्बन्ध में रजिस्ट्रार / निरीक्षक, उ०प्र० मदरसा शिक्षा परिषद, लखनऊ द्वारा अपने कार्यालय पत्रांक 577/ म०शि०प०-नि०-अनु०दि०नि० / 2022-23, दिनांक: 30 मई 2022 द्वारा अवगत कराया गया था, कि यदि किसी संस्था/ मदरसे की प्रबन्ध समिति का विवाद किसी मा० न्यायालय / माननीय उच्च न्यायालय में लम्बित / विचाराधीन है, तो नियुक्ति प्रक्रिया प्रारम्भ नहीं की जा सकती, जब तक उक्त वाद माननीय न्यायालय से निस्तारित ना हो जाए। आरोप है कि पूर्व में की गई शिकायतों का कोई निस्तारण इतना समय बीत जाने पर अद्यतन नहीं किया गया। फर्जी नियुक्तियों के आधार पर मदरसे के अनेक अध्यापक एवं क्लर्क नियम विरूद्ध विभाग से विधि विरूद्ध वेतन आहरित करते चले आ रहे हैं।

    गौरतलब है कि रजिस्ट्रार/निरीक्षक, उ०प्र० मदरसा शिक्षा परिषद, 704, जवाहर भवन, लखनऊ ने प्रदेश के समस्त जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को 30 मई, 2022 में पत्र भेजा था। इसमें जनपद स्थित राज्यानुदानित मदरसों में रिक्त / रिक्त होने वाले पदों पर नियुक्ति किए जाने के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश संसूचित किए गए थे। कहा गया कि 01. पद मूल रूप से सक्षम स्तर से सृजित हो, 02. मदरसा प्रबन्ध समिति सक्षम स्तर से पंजीकृत / अनुमोदित हो, 03. मदरसा प्रबंध समिति अविवादित हो और किसी न्यायालय में कोई मामला लम्बित न हो। चयन / नियुक्ति के समय प्रबन्ध समिति की पंजीकृत सूची सक्षम स्तर से निर्गत की गई हो, 04. पद विवाद रहित हो। ऐसे पद पर नियुक्ति न की जाए, जिन पदों पर नियुक्ति की गई हो और किसी कारणवश पद/नियुक्त शिक्षक का विवाद न्यायालय / उच्च न्यायालय / उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन हो, 05. नियुक्ति तब तक न की जाए जब तक पद का विवाद न्यायालय द्वारा अन्तिम रूप से निस्तारित न कर दिया जाए। इसके अलावा यह भी कहा गया कि मदरसा प्रबन्ध तंत्र के विवादित होने अथवा प्रबन्ध समिति के किसी पद के विवाद को गोपन करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया सम्पन्न कर ली जाती है और सक्षम स्तर से समिति की सूची पंजीकृत न होने की शिकायत प्राप्त होती है। तथ्य प्रकाश में आने के उपरान्त न्यायालय में याद की स्थिति उत्पन्न होती है, जिससे विभाग को विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जो उचित नहीं है। इस आशय का निर्देश समस्त जनपद स्थित राज्यानुदानित मदरसों को दे दिया जाए तथा नियुक्ति / चयन का प्रस्ताव प्राप्त करते समय शपथपत्र भी प्राप्त कर लिया जाए। कहा गया कि उ०प्र० अशासकीय अरबी और फारसी मदरसा मान्यता प्रशासन एवं सेवा विनियमावली 2016 की सुसंगत धाराओं में निहित व्यवस्थान्तर्गत मदरसों से नियुक्ति विषयक प्राप्त होने वाले प्रस्तावों का परीक्षण उपरोक्त बिन्दुओं को सम्मिलित करते हुए अनुमोदन हेतु प्रस्ताव रजिस्ट्रार / निरीक्षक जगमोहन सिंह को स्पष्ट संस्तुति के साथ ही उपलब्ध कराया जाए।

    शाह टाइम्स में फर्जी विज्ञापन!

  • हल्दौर नगर कार्यकारिणी का गठन

    मनोज वर्मा मुख्य संरक्षक लक्ष्मी कांत बने नगर अध्यक्ष

    बर्दाश्त नहीं किया जाएगा व्यापारी का उत्पीड़न: राहुल वर्मा

    बिजनौर। व्यापारी एकता परिषद की बैठक हल्दौर के मुख्य बाजार मे संपन्न हुई। बैठक में हल्दौर नगर कार्यकारिणी का गठन के साथ ही संगठन के विस्तार पर जोर दिया गया। संचालन जिला महामंत्री प्रशांत चौधरी ने तथा अध्यक्षता वरिष्ठ व्यापारी मनोज वर्मा (बॉबी ज्वेलर्स) ने की। मुख्य वक्ता के रूप में प्रदेश अध्यक्ष राहुल वर्मा तथा जिला मंत्री विकास विश्वकर्मा, जिला मंत्री राहुल राणा उपस्थित रहे।

    इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष राहुल वर्मा ने कहा कि किसी भी रूप में व्यापारी का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रोजाना किसी ना किसी विभाग के द्वारा व्यापारी का उत्पीड़न किया जाता है। कभी पन्नी के नाम पर, कभी फूड सैंपलिंग के नाम पर, कभी बाट माप तो कभी जीएसटी के नाम पर! लेकिन अब किसी भी व्यापारी का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जायगा। संगठन का पूरा प्रतिनिधिमंडल हर समय व्यापारियों की समस्याओं के लिए उपस्थित रहेगा। अगर आवश्यकता पड़ी तो धरना प्रदर्शन आंदोलन करने के लिए  भी तैयार रहेगा। संगठन का मुख्य उद्देश्य केवल व्यापारी की सुरक्षा से है।

    व्यापारी MLC भी बनाए सरकार: प्रशांत चौधरी

    जिला महामंत्री प्रशांत चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को व्यापारियों की सुरक्षा हेतु जल्द ही व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन करना चाहिए। उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा शिक्षक विधायक MLC की तर्ज़ पर व्यापारी MLC भी सरकार द्वारा बनाए जाने चाहिए। प्रशांत चौधरी ने कहा कि आगामी महीनों में कई त्योहार आने वाले हैं। कई विभागों के द्वारा जांच के नाम पर उत्पीड़न अब बंद किया जाना चाहिए, जिससे व्यापारी अपना व्यापार अच्छे से कर सके।

    हल्दौर नगर कार्यकारिणी का गठन

    बैठक में प्रदेश अध्यक्ष ने वरिष्ठ व्यापारी मनोज वर्मा (बॉबी ज्वेलर्स) को मुख्य संरक्षक एवं डॉ. लक्ष्मीकांत को नगर अध्यक्ष मनोनीत किया। इनके अलावा सतीश वर्मा नगर संरक्षक, विनीत कुमार एवं गौरव रस्तोगी नगर उपाध्यक्ष, विमल कुमार एवं मनीष कुमार नगर मंत्री, प्रमोद कुमार नगर संगठन मंत्री, कपिल वालिया नगर महामंत्री, आशीष रस्तोगी, अनूप अग्रवाल एवं अरविंद रस्तोगी नगर उपाध्यक्ष, अंकुश रस्तोगी, आकाश रस्तोगी मनोनीत किए गए।

  • मुझ से पूछे बिना प्लॉट पर गए क्यों, बोले कोतवाल साहब!

    उस पर तुर्रा ये कि… कप्तान से कह के कर क्या लिया

    पुलिस के खेल निराले: पीड़ित का ही कर दिया चालान !

    पीड़ित तेजपाल सिंह

    बिजनौर। पुलिस के भी खेल निराले हैं। यदि आदमी पहुंच वाला नहीं है तो उसके साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता है। कम से कम हालिया मामला तो यही साबित कर रहा है। उस पर तुर्रा ये भी है कोतवाल साहब कहते हैं कि पुलिस कप्तान से कह के कर क्या लिया? कुल मिलाकर हुआ यूं कि अपने ही प्लॉट पर चिनाई कराने वाले का तो शांति भंग की धाराओं में चालान कर दिया और उस पर हमलावरों को बाइज्जत बरी कर दिया गया।

    बताया गया है कि तहसील चांदपुर के ग्राम केलनपुर निवासी तेजपाल सिंह ने बिजनौर थाना कोतवाली शहर अंतर्गत ग्राम रशीदपुर गढ़ी (बाहर चक्कर रोड) में एक प्लॉट खरीदा। तेजपाल सिंह ने यह प्लॉट गांव अहमदपुर चंदर उर्फ गड़ाना वाले राहुल से 04 दिसंबर 2017 को खरीदा था।

    रविवार सुबह उसने वहां चिनाई का काम शुरू कराया। तभी छत्रपाल सिंह और उसकी पुत्री प्रियंका अपने साथियों सहित वहां पहुंच गए। इन लोगों ने निर्माणाधीन बाउंड्री वॉल को गिरा दिया। पथराव किया और उसके साथ मारपीट की। सूचना पर पहुंची थाना कोतवाली शहर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को उठाकर अपने साथ थाने ले गई। आरोप है कि पुलिस ने हमलावर छत्रपाल सिंह और प्रियंका को तो छोड़ दिया लेकिन तेजपाल सिंह का शांति भंग की धाराओं में चालान कर दिया।

    एसडीएम कोर्ट से जमानत कराने के बाद तेजपाल सिंह ने बताया कि इस मामले को लेकर उसने सीओ सिटी और पुलिस अधीक्षक तक से शिकायत की थी। एसपी अभिषेक झा ने जांच सीओ सिटी संग्राम सिंह को सौंप दी थी। इसी बीच यह वाकया हो गया। तेजपाल सिंह के अनुसार कोतवाल साहब कहते हैं कि पुलिस कप्तान से कह के कर क्या लिया? इस मामले को लेकर सीओ सिटी और शहर कोतवाल का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी।

  • अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर सरस काव्य संध्या

    छोटे बच्चे हमने देखे, मजदूरी कर समय बिताते, कोई बर्तन साफ कर रहा, कोई देखा जूठन खाते।।

    बरेली। कवि गोष्ठी आयोजन समिति के तत्वावधान में स्थानीय इंदिरा नगर में सुकवि हरिकांत मिश्र ‘चातक’ के संयोजन में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर सरस काव्य संध्या का आयोजन किया गया। अध्यक्षता साहित्यकार रणधीर प्रसाद गौड़ ‘धीर’ ने की। मुख्य अतिथि विनय सागर जायसवाल एवं विशिष्ट अतिथि सुभाष रावत राहत बरेलवी रहे। संचालन राज शुक्ल गजल राज ने किया।

    कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
    गीतकार उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट ने अपना  गीत इस प्रकार प्रस्तुत किया – कई चले अभियान यहाँ पर, हुई सर्व शिक्षा भी कैसी।। कागज पर चल रहे आँकड़े, नहीं रही वह ऐसी- वैसी।। छोटे बच्चे हमने देखे, मजदूरी कर समय बिताते, कोई बर्तन साफ कर रहा, कोई देखा जूठन खाते।।

    संयोजक कवि हरिकांत मिश्र चातक ने अपनी व्यंग्य कविता इस प्रकार प्रस्तुत की – मेरी बीवी थी अनपढ़ और गंवार
    मेरा दोस्त आया बोला, भाभी जी नमस्कार
    वह बोली देवर जी यह कौन सी है कार
    मेरी बीवी थी अनपढ़ और गंवार।

    सरस काव्य संध्या में कवियों ने अपनी एक से बढ़कर एक रचनाओं के माध्यम से साक्षरता दर बढ़ाने पर जोर दिया।
    कार्यक्रम में संस्था के सचिव उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट, दीपक मुखर्जी दीप, श्रीकांत मिश्रा, पवन अंचल, विनीत सक्सेना, राम कुमार कोली, डॉ अखिलेश गुप्ता, राम प्रकाश सिंह ओज, अश्वनी कुमार तन्हा, डॉ. राजेश शर्मा ककरेली, उमेश अद्भुत, अभिषेक अग्निहोत्री, राज कुमार अग्रवाल, मनोज सक्सेना मनोज, रीतेश साहनी रमेश रंजन एवं मनोज कुमार आदि उपस्थित रहे।

  • विश्व फ़िज़ियोथेरेपी दिवस पर विशेष

    तनाव कम करने में भी मददगार है यह थेरेपी

    जटिल शारीरिक समस्याओं का समाधान फ़िज़ियोथेरेपी: ऊषा बंसल

    विश्व भौतिक चिकित्सा परिषद ने 1996 में 8 सितंबर को विश्व भौतिक चिकित्सा दिवस के रूप में घोषित किया। WCPT वर्तमान में विश्व फिजियोथेरेपी के रूप में जाना जाता है।

    वर्ल्ड कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ फ़िज़ियोथेरेपी (WCPT) ने वर्ष 1996 में, 08 सितंबर को विश्व PT दिवस के रूप में घोषित किया (इसे अब वर्ल्ड फ़िज़ियोथेरेपी के नाम से जाना जाता है)। इसी दिन 1951 में विश्व फ़िज़ियोथेरेपी की स्थापना हुई थी। यह दिन वैश्विक फ़िज़ियोथेरेपी समुदाय की एकता और एकजुटता का प्रतीक है। हर साल, दुनिया 8 सितंबर को विश्व भौतिक चिकित्सा दिवस मनाती है।

    श्रीमती ऊषा बंसल वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट

    उक्त जानकारी देते हुए जिला बिजनौर की जानी मानी फिजियोथेरेपिस्ट ऊषा बंसल ने बताया कि यह दिन दुनिया भर के फिजियोथेरेपिस्ट्स के लिए एक मंच प्रदान करता है। इससे उनकी संबंधित भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलती है। फिजियोलॉजी का उद्देश्य मरीजों की बीमारियां, बीमारी और स्वास्थ्य को बहाल करना, संरक्षित करना है। फिजियोथेरेपिस्ट आपको; आपके उपचार में शामिल करते हैं। फिजियोप्लास्टी यह सुनिश्चित करने में मदद करती है कि व्यक्तिगत सक्रियता और सुगमता बनी रहे। विश्व फिजियोथेरेपी सदस्य अपने वैज्ञानिकों को इस विशेषज्ञ को लोकप्रिय बनाने और उनकी क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं। यह विश्व पीटी दिवस पर ध्यान केन्द्रित करके ऐसा बताता है।

    जिला बिजनौर की वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट श्रीमती ऊषा बंसल ने बताया कि फिजियोथेरेपी सिर्फ दर्द ही नहीं बल्कि शारीरिक जटिलताओं को दूर करने के साथ ही तनाव कम करने में मददगार है। यह थेरेपी दवाओं की निर्भरता कम करने का भी काम करती है।

    फिजियोथेरेपी कराने वालों की संख्या बढ़ी

    इसे जागरूकता ही कहेंगे कि जिला बिजनौर में समय के साथ न सिर्फ फिजियोथेरेपी कराने वालों की तादाद बढ़ी, बल्कि फिजियोथेरेपिस्ट की संख्या भी बढ़ गई है। जिला मुख्यालय पर कुछ साल पहले तक जिला अस्पताल के अलावा तीन या चार ही निजी फिजियोथेरेपी सेंटर थे, लेकिन आज यह संख्या करीब 19 से अधिक पहुंच चुकी है। पहले तहसील स्तर पर निजी सेंटर नहीं थे, लेकिन आज पांचों तहसील पर इसके लिए निजी सेंटर खुल चुके हैं। जिला अस्पताल में यूं तो फिजियोथेरेपी की सुविधा करीब 12 साल से है, लेकिन पहले जानकारी के अभाव में इसका लाभ उठाने बहुत कम ही लोग पहुंचते थे। वर्ष 2014 से फिजियोथेरेपिस्ट के पद पर तैनात मुकेश कुमार के अनुसार पहले दिन में दो या तीन मरीज ही आते थे, लेकिन अब संख्या काफी बढ़ गई है। एक व्यक्ति की फिजियोथेरेपी में करीब 40 मिनट लग जाते हैं। फिलहाल यहां रोजाना 25 से 30 मरीजों की  फिजियोथेरेपी हो रही है।

    ~ वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट ऊषा बंसल 075058 43705

  • मुलायम इडली बनाने के टिप्स ~ शालिनी सक्सेना (शैली) 1. मुलायम इडली बनाने के लिए इसका घोल तैयार करते समय कभी भी बासमती चावल का इस्तेमाल न करें। बेहतर होगा कि आप ‘इसके लिए इडली राइस या पारबॉइल्ड राइस (उसना चावल) का उपयोग करें। मध्यम या छोटे दाने वाले चावल घोल बनाने के लिए इस्तेमाल […]

    मुलायम इडली बनाने के टिप्स
  • घायल इलेक्ट्रीशियन को अस्पताल में कराया गया भर्ती

    भीख न देने पर भिखारी ने घोंप दिया चाकू

    बिजनाैर। भीख न देने पर भिखारी ने इलेक्ट्रीशियन के पेट में चाकू घोंप दिया। घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने भिखारी पर मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

    किसी भिखारी को भीख देने से मना करने से पहले हजार बार सोचना पड़ेगा। वजह ये है कि अब भीख मांगने में भी जबरदस्ती होने लगी है। बिजनौर की नई बस्ती में हुई आज की घटना तो यही साबित कर रही है। दरअसल नई बस्ती में शनिवार को एक भिखारी भीख मांग रहा था। बताया जाता है कि इलेक्ट्रीशियन नईम (45) पुत्र रईस ने भीख देने से मना कर दिया। इसके बाद वह नईम के पड़ोस वाले घर में भीख मांगने लगा। उस घर में भी महिला ने भीख नहीं दी। इस पर भिखारी महिला से भीख देने के लिए जबरदस्ती करने लगा। दोनों में बहस होते देख नईम भी वहां पहुंच गया। नईम ने भिखारी को डांट दिया। गुस्साए भिखारी ने गाली गलौज शुरू कर दी। गाली देने से मना करने पर भिखारी ने जेब से चाकू निकाला और नईम के पेट पर वार कर दिया। शोर शराबा सुनकर आसपास के लोग एकत्र हो गए। पुलिस को सूचना दी गई और घायल नईम को अस्पताल में भर्ती कराया गया।भिखारी की शिनाख्त नसीर अहमद पुत्र गुलाम मौहम्मद निवासी बसी थाना किरतपुर के रुप में हुई है। शहर कोतवाल उदय प्रताप ने बताया कि आरोपी भिखारी को हिरासत में ले लिया गया है। उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

  • नई सोशल मीडिया पॉलिसी में कई झोल, खोल रहे पोल

    योगी सरकार के जयचंद बना रहे योजनाएं

    सबका साथ! बड़ों का विकास और छोटों का विनाश ?

    यूपी में कैसे होंगे छोटे क्रिएटर्स प्रोत्साहित https://youtu.be/AWJxl_zJTbA

    नई सोशल मीडिया नीति बनाते समय कई बातों की अनदेखी
    https://wp.me/pcjbvZ-9uF

    सीएम योगी की सलाहकार टीम में कुछ जयचंद हैं! यह हम वैसे ही नहीं कह रहे बल्कि आपको सुबूत के साथ बताएंगे! (link खोलकर वीडियो देखिए)। सलाहकार टीम में शामिल जयचंद ऐसे नीतियां बना रहे हैं, जिससे योगी की छवि आमजन के बीच खराब हो जाए और उनकी मोदी से दूरी बढ़ जाए।

    पीएम मोदी जी का नारा ‘सबका साथ सबका विकास है, वहीं योगी के जयचंद सलाहकारों ने जो नई सोशल मीडिया पॉलिसी बनाई है, जिसमें “सबका साथ बड़ों का विकास” को प्राथमिकता दी गई है। जयचंद ने नई पॉलिसी को योगी से सोशल मीडिया के छोटे क्रिएटर्स को नाराज करने के उद्देश्य से बनाया, वहीं मोदी जी के उस नारे के विपरीत भी है, जिसमें सबका साथ सबका विकास की गारंटी दी गई है।
    इस पॉलिसी से जहां योगी से सोशल मीडिया के छोटे क्रिएटर्स नाराज होंगे, वहीं मोदी जी की भी दूरी योगी से बढ़ती जाएगी। सीएम योगी जी की सलाहकार टीम में शामिल जयचंद ने कांवड़ यात्रा के दौरान भी उनको एक सलाह दी थी। इसके तहत कांवड़ यात्रा मार्ग पर संचालित प्रत्येक ढाबा व दुकान संचालक को अपना नाम लिखना आदेश जारी कर दिया गया, जिस पर बाद में कोर्ट ने रोक लगा दी थी। इस मामले में योगी जी को विपक्ष की आलोचना भी सहनी पड़ी थी।

    सीएम योगी की छवि को खराब करना उद्देश्य

    सीएम योगी की छवि को खराब करने के लिए सलाहकार टीम में शामिल जयचंद ऐसी योजना बनाते हैं जो देखने में तो जनहित की दिखाई देती है और उसके फायदे भी गिनवा देते हैं लेकिन वास्तव में वह सीएम योगी की छवि को खराब करने के उद्देश्य से नीति बनाते हैं। नई सोशल मीडिया पॉलिसी लागू करना वास्तव में योगी सरकार की एक ऐतिहासिक पहल है लेकिन इस नीति में जयचंद की कारस्तानियों की बू आ रही है। जयचंद ने बड़ी होशियारी से नई सोशल मीडिया पॉलिसी में ऐसे प्रतिबंधों को लगाया है, जिससे सोशल मीडिया के छोटे क्रिएटर्स लाभ न ले सकें बल्कि मात्र बड़ों को लाभ मिल सके। वह भी ऐसे बड़ों को, जिनके फालोवर्स और सब्सक्राइबर्स कम से कम एक एक लाख हैं लेकिन उनके वीडियो और पोस्टों को देखने व लाइक करने वाले नाम मात्र ही है। सोशल मीडिया पॉलिसी बनाने वालों ने योगी को बताया कि इस नीति से सोशल मीडिया के छोटे क्रिएटर्स को लाभ मिलेगा और वह सरकार के साथ जुड़ जाएंगे। आपको यह कहने का भी मौका मिलेगा कि हम छोटे का ध्यान रखते हैं, उनके उत्थान के लिए नई-नई नीतियां बना रहे हैं।

    योगी जी बताइए किसको प्रोत्साहन?

    हम सोशल मीडिया के बड़े क्रिएटर्स के विरोध में नहीं हैं, बल्कि हम यह चाहते हैं कि सरकार की नीति के तहत छोटे क्रिएटर्स को भी प्रोत्साहित किया जाए। जैसा कि कहा गया है कि यह योजना सोशल मीडिया के छोटे क्रिएटर्स को प्रोत्साहित करने के लिए बनाई गई है। योगी जी आप बता सकते हैं इस योजना के तहत छोटे क्रिएटर्स कैसे प्रोत्साहित हो रहे हैं?
    इस योजना को उदाहरण से समझिए। सोशल मीडिया के अजय क्रिएटर्स के एक हजार सब्सक्राइबर्स है, लेकिन उसकी वीडियो को देखने वालों का एवरेज बीस हजार व्यूज है, जो लाइक व कमेंट भी करते हैं। वहीं सोशल मीडिया के राजेश क्रिएटर्स के एक लाख सब्सक्राइबर्स हैं, लेकिन उसकी वीडियो को देखने वालों का एवरेज दस हजार व्यूज है, लाइक व शेयर करने वाले भी कम हैं।
    यूपी सरकार की पॉलिसी के तहत राजेश को पैसा मिलेगा, अजय को नहीं, जबकि अजय को पैसा मिलना चाहिए राजेश को नहीं। अजय की पोस्ट को देखने व लाइक करने वाले अधिक हैं जबकि राजेश की पोस्ट को देखने वाले व लाइक करने वाले कम हैं। सोशल मीडिया में सब्सक्राइबर्स से अधिक व्यूज, लाइक और कमेंट पर ध्यान दिया जाता है।
    यूट्यूब संचालक एक हजार सब्सक्राइबर और 03 लाख व्यूज पूरे होने पर क्रिएटर्स को विज्ञापन जारी कर देते हैं, अर्थात पैसा देना शुरू कर देते हैं। योगी के जयचंद ने एक लाख सब्सक्राइबर्स का प्रतिबंध छोटों को नहीं बड़े क्रिएटर्स को लाभ देने के लिए लगाया है।
    योगी सरकार और उनके सलाहकार वास्तव में अगर छोटे क्रिएटर्स को प्रोत्साहित करना चाहते हैं तो उन्हें ऐसे छोटे क्रिएटर्स को चुनना होगा जो यूट्यूब की नीति के तहत एक हजार सब्सक्राइबर पूरे कर चुके हैं लेकिन वह तीन माह में तीन लाख न्यूज़ पूरे करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
    मेरे विचार से जो योगी समर्थक व क्रिएटर्स सहमत हैं, वह इस वीडियो, पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर व लाइक करें तथा उनके मन में अगर कोई विचार है तो कमेंट बॉक्स में लिखकर या वीडियो के माध्यम से व्यक्त कर सकते हैं ताकि छोटे क्रिएटर्स की आवाज सरकार तक पहुंच सके और योगी जी को जयचंद से मुक्ति मिल सके।

    ~ वरिष्ठ पत्रकार योगेन्द्र सिंह
    (यूट्यूबर्स @yesnews1)

  • बिजनौर और मंडावर में श्रद्धालुओं ने चढ़ाया प्रसाद

    बूढ़े बाबा के प्राचीन मंदिर पर लगा श्रद्धालुओं का जमावड़ा

    बिजनौर। बूढ़े बाबा के प्राचीन मंदिर में आज दूसरे दिन श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहा। रोडवेज चौराहे के समीप स्थित बूढ़े बाबा के प्राचीन मंदिर पर प्रात: से ही श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहा। श्रद्धालुओं ने प्रसाद चढ़ाकर प्रार्थना की।

    श्रद्धालु सुबह 5 बजे से ही मंदिर परिसर में आने शुरू हो गए थे तथा प्रसाद चढ़कर अपने परिवार के लिए मन्नत मांगी। श्रद्धालु सुबह से ही अपने परिवार के साथ मंदिर पर पहुंचने शुरू हो गए थे। वहीं डाकखाना चौराहा ओर से आने वाले जाम को यातायात पुलिस द्वारा डायवर्ट किया जा रहा था। यातायात को डाइवर्ट कर दिए जाने से रोडवेज चौराहे पर जाम की स्थिति नहीं रही। पुलिस की सतर्कता के चलते शरारती तत्व व जेबकतरे आसपास फटक नहीं पाए।

    वहीं मंडावर क्षेत्र गांव शाहबाजपुर केलावाला आदर्श विद्या निकेतन इंटर कॉलेज गेट के पास प्राचीन बुड्ढे वाले बाबा का मंदिर पर मेला लगा। भाद्रपद के शुक्ल पक्ष तिथि दोयज में प्राचीन बुड्ढे वाले बाबा के मंदिर पर मंडावर क्षेत्र के सभी गांव से लोग आकर प्रसाद दादफूल और पूड़े का प्रसाद भी चढ़ाते हैं। यह एक प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर के पास मेले का आयोजन किया जाता है। दूर-दूर से आए दुकानदार 2 दिन पहले से ही अपनी दुकान इस मेले में लगाते हैं। यह मेला तीन दिन तक चलता है। हजारों की तादाद में ग्रामीण इस मेले में आते हैं। मेले में मंडावर पुलिस भी अपनी ड्यूटी देती है ताकि कोई भी उत्पात ना हो सके और मेला शांतिपूर्ण संभव हो सके। मंडावर थाना प्रभारी ने बताया कि मेले में पुलिस सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मेले में उत्पात मचाने वाले को बख्शा नहीं जाएगा, सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • इस्लामनगर में घर के अंदर से गाय को खींच ले गया बाघ

    घटना के बाद से लोगों में भय का माहौल, क्रोध भी चरम पर

    बाघ ने एक हफ्ते में तीसरी गाय को बनाया निवाला

    बिजनौर/कालागढ़। जनपद बिजनौर में इस वक्त वन्य जीव के आतंक से भय का माहौल कायम है। आए दिन बाघ और गुलदार के हमले की घटना प्रकाश में आ रही है। ताजा मामला कालागढ़ से सामने आया है, जहां बाघ ने घर में घुसकर एक गाय को अपना निवाला बना लिया।

    जानकारी के अनुसार कालागढ़ के नजदीक इस्लामनगर ग्राम पंचायत के हाजी रईस की गाय को एक बाघ ने मार दिया। रईस ने बताया कि रात को किसी वक्त बाघ ने आंगन में बंधी गाय को मार डाला। उन्होंने बताया कि बाघ गाय को गन्ने के खेत में ले गया मारकर मार कर आधा खा लिया। बाघ के हमले की सूचना आग की तरह फैल गई। सुबह सवेरे से ही हाजी रईस के खेत पर लोगों का जमावड़ा लग गया। घटना को देखकर लोगों क्रोधित हो उठे।

    गौरतलब है कि पिछले काफी समय से कालागढ़ के परिक्षेत्र में बाघ सक्रिय हैं। रात की जगह दिन में ही बाघ को कई बार अलग अलग जगह पर देखा जा चुका है। इस बाबत वन विभाग को एक पत्र लिखकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई थी। इसको वन विभाग की उदासीनता कहें या लापरवाही जिसका नतीजा यह हुआ कि बाघ ने एक गाय को बीती रात अपना निवाला बना लिया। इस सप्ताह में बाघ की यह तीसरी घटना है। इससे पहले हेड़िया बस्ती से दो गायों को अपना निवाला बना चुका है। घटना की सूचना मिलने पर इस्लामनगर ग्राम पंचायत के प्रधान गितेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए और घटना की कागजी कार्रवाई कर वन विभाग को पत्र लिखा। घटना के बाद से लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से बाघ को यहां से रेस्क्यू कराने की मांग की है।

  • सिर्फ 15 मिनट में काम करना शुरू कर देगी दवा की एक बूंद

    चश्मा हटा देगा यह आईड्रॉप! जानें क्या है PresVu

    मात्र साढ़े तीन सौ रुपए में चश्मा हटा देगा ये आईड्रॉप

    मुंबई की एक फार्मा कंपनी ने ऐसा आईड्रॉप डेवलप किया है, जो चश्मा हटाने में मददगार साबित हो सकता है। इस आई ड्राप को भारत की ड्रग रेगुलेटरी एजेंसी ने अप्रूव कर दिया है और यह प्रेसबायोपिया, जो 40 पार के लोगों में होती है, के इलाज में मददगार होगा।

    मुंबई (एजेंसी)। चश्मा लगाने वाले लाखों करोड़ों लोगों के लिए खुशखबरी है। मुंबई की एक फार्मा कंपनी ने आईड्रॉप डेवलप किया है जो चश्मा हटाने में मददगार साबित होगी। आईड्रॉप को भारत की ड्रग रेगुलेटरी एजेंसी DGCI ने अप्रूव कर दी है। प्रेसबायोपिया, 40 पार लोगों में होता है। समस्या बढ़ती उम्र के लोगों में होती है और उम्र के साथ बढ़ती जाती है।

    क्या होता है प्रेसबायोपिया?

    प्रेसबायोपिया (Presbyopia) आंखों की समस्या है जो उम्र के साथ होती है। 40 के बाद उम्र में लोगों को कुछ पढ़ने में कठिनाई होती है। आंखों को नजदीक देखने में दिक्कत होती है। दरअसल, प्रेसबायोपिया का मुख्य कारण आंख के लेंस की लचीलापन (Flexibility) में कमी है। जब हम युवा होते हैं तो हमारी आंख का लेंस नरम और लचीला होता है, जिससे यह आसानी से आकार बदल सकता है और विभिन्न दूरियों पर फोकस कर सकता है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ लेंस धीरे-धीरे कठोर और कम लचीला हो जाता है, जिससे नजदीकी चीजों पर नजर केंद्रित करना मुश्किल हो जाता है।

    Entod फार्मा को मिला अप्रूवल

    Entod फार्मास्युटिकल्स को भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल की ओर से अप्रवूल मिल गया है। मैन्युफैक्चरर ने आईड्रॉप के पेटेंट के लिए आवेदन कर दिया है। इस आईड्राप की मदद से रीडिंग ग्लासेस यानी पढ़ने वाला चश्मा हटाया जा सकता है। Entod फार्मा के सीईओ निखिल के. मसूरकर ने बताया कि यह देश का पहला आईड्रॉप है, जो रीडिंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले चश्मा का इस्तेमाल खत्म कर देगा। प्रेसवू (PresVu) आईड्रॉप लाखों लोगों के लिए मददगार साबित होगा।

    6 घंटे तक बढ़ी रहेगी आंखों की रौशनी

    एन्टोड फार्मास्यूटिकल्स के सीईओ निखिल के. मसूरकर ने कहा कि दवा की एक बूंद सिर्फ 15 मिनट में काम करना शुरू कर देती है और इसका असर अगले छह घंटों तक रहता है। अगर पहली बूंद के तीन से छह घंटे के भीतर दूसरी बूंद भी डाली जाए, तो असर और भी लंबे समय तक रहेगा। बताया कि, “अब तक, धुंधली, पास की नजर के लिए पढ़ने के चश्मे, कॉन्टैक्ट लेंस या कुछ शल्य चिकित्सा को छोड़कर कोई दवा-आधारित समाधान नहीं था.”

    कब आएगा बाजार में और कीमत

    Entod के सीईओ ने बताया कि प्रेसवू (PresVu) नाम का यह आईड्रॉप बाजार में इस साल अक्टूबर में आ जाएगा। इसकी कीमत 350 रुपए रखी गई है। यह देश भर की फार्मेंसी पर उपलब्ध होगा। इसे वैश्विक बाजार में भी लांच किया जाएगा।

  • अचानक जल स्तर बढ़ने से भंवर में पलट गई नाव

    गंगा में डूबे तीन ग्रामीण, दो लापता, तलाश में जुटे गोताखोर

    (अपडेट के लिए इसी लिंक को चैक करते रहिए)

    गंगा में डूबे तीन लोगों में से सही सलामत बचे ग्राम काजीवाला के यूसुफ

    बिजनौर। मंडावर थाना क्षेत्र के ग्राम रावली में गंगा पार से नाव पर सवार होकर लौटते तीन ग्रामीण अचानक भंवर में फंसकर गहरे पानी में डूब गए। इनमें से एक अच्छा तैराक होने के कारण किसी प्रकार बच निकलने में कामयाब हो गया। मंगलवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे की इस दुर्घटना के शिकार दो अन्य समाचार लिखे जाने तक लापता हैं। मौके पर पहुंची पुलिस गोताखोरों की मदद से डूबे हुए लोगों की तलाश में जुटी हुई है।

    मंडावर थाना क्षेत्र के ग्राम काजीवाला और सेवारामपुर के तीन ग्रामीण रावली में गंगा पार से नाव पर सवार होकर लौट रहे थे। इसी बीच जल स्तर बढ़ने लगा और नाव डगमगाई। नाव सवार तीनों ग्रामीण अचानक भंवर में फंसकर गहरे पानी में डूब गए। इनमें से एक अच्छा तैराक होने के कारण किसी प्रकार बच निकलने में कामयाब हो गया। दुर्घटना मंगलवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे की बताई जा रही है। 

    गंगा में डूबे तीन लोगों में से सही सलामत बचे ग्राम काजीवाला के यूसुफ ने बताया कि सेवारामपुर निवासी शमशाद और शमून गहरे पानी में डूब गए। नाव डूबने की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से डूबे हुए दो लोगों की तलाश में जुटी हुई है।

    दरअसल बिजनौर के गंगा किनारे बसे कई गांव के लोग प्रतिदिन नाव के सहारे गंगा के उस पार खेती करने और अपने पशुओं के लिए चारा लेने जाते हैं। पहले भी कई बार पानी अधिक होने अथवा अचानक जल स्तर बढ़ने के चलते ऐसे हादसे हो चुके हैं।

  • अपात्र क्रिएटर्स को लाभ मिलेगा, छोटे क्रिएटर्स रह जायेंगे वंचित

    सोशल मीडिया पर फालोवर्स और सब्सक्राइबर्स के साथ व्यूज़ भी महत्वपूर्ण

    नई सोशल मीडिया पॉलिसी बनाते समय कई बातों की अनदेखी

    ~ वरिष्ठ पत्रकार योगेन्द्र सिंह यूट्यूबर्स @yesnews1

    बिजनौर। योगी सरकार की नई सोशल मीडिया पॉलिसी से जहां अपात्र क्रिएटर्स को लाभ मिलेगा, वहीं ऐसे छोटे क्रिएटर्स जो बिना किसी लालच के सरकार की नीतियों का प्रचार प्रसार कर रहे थे, उन्हें लाभ नहीं मिलेगा।

    नई सोशल मीडिया पॉलिसी बनाते समय कई बातों पर ध्यान नहीं रखा गया। नई सोशल मीडिया नीति में सिर्फ सब्सक्राइबर और फॉलोअर्स पर ध्यान दिया गया है इसे ही लाभ देने का पात्रता बनाया गया है जबकि सब्सक्राइबर्स और फालोवर्स के साथ व्यूज की पात्रता निश्चित होनी चाहिए थी, जो नहीं की गई है। सोशल मीडिया पर फालोवर्स और सब्सक्राइबर्स के साथ व्यूज़ महत्वपूर्ण है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे बहुत सारे चैनल हैं, जिनके फालोवर्स और सब्सक्राइबर्स तो काफी है लेकिन उनके चैनल पर राजनीतिक व सरकारी योजनाओ की पोस्ट व वीडियो को देखने वाले नहीं है अर्थात व्यूज नहीं है। इसी प्रकार फालोवर्स तो बहुत हैं लेकिन उनके आर्टिकल और वीडियो को देखने व लाइक करने वाले नाम मात्र हैं। सोशल मीडिया पॉलिसी के तहत व्यूज को पात्रता में शामिल नहीं किया गया, जिससे अपात्र क्रिएटर्स को लाभ मिलेगा और पात्र लाभ से वंचित रह जाएंगे। व्यूज के अतिरिक्त सरकार को पॉलिसी में ऐसे क्रिएटर्स को भी शामिल करना चाहिए, जिन्होंने बिना किसी लालच के सरकार की नीतियों का प्रचार प्रसार किया है। क्रिएटर्स को सूचीबद्ध करने से पूर्व उनकी पोस्टों और वीडियो के व्यूज का अवलोकन करना चाहिए तभी उन्हें सूचीबद्ध कर लाभ दिया जाए।

    सरकार का कहना है कि छोटे क्रिएटर्स को प्रोत्साहित करने के लिए यह योजना बनाई गई है। इस योजना से छोटे क्रिएटर्स को लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि उन्हें लाभ मिलेगा, जिन्हें पहले से ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म संचालक और उद्योगपति लाभ दे रहे हैं। सरकार के सबका साथ सबका विकास नारे का यह सोशल मीडिया नीति मखौल उड़ा रही है। सरकार को अपनी नई सोशल मीडिया नीति पर पुनः विचार करना होगा, तभी सरकार की मंशा पूर्ण हो पाएगी। उदाहरण के तौर पर मान लीजिए यूट्यूब पर सिलाई कढ़ाई का एक चैनल है, जो सिलाई कढ़ाई में रुचि रखते हैं, वही उसे सब्सक्राइब करेंगे। अगर उस चैनल पर कोई राजनीतिक व सरकारी योजना से संबंधित पोस्ट या वीडियो डाल दिया जाए तो उसके सब्सक्राइबर उसे नहीं देखेंगे। तो फिर सरकार को सब्सक्राइबर से क्या फायदा होगा सरकार को ऐसे क्रिएटर्स को प्रोत्साहित करना चाहिए, जो सरकार की योजनाओं और राजनीतिक पोस्ट व वीडियो डालते हैं। अगर वह अपने चैनल पर सरकार की किसी नीति का वीडियो या पोस्ट डालते हैं तो उसके सब्सक्राइबर उसे देखेंगे और लाईक व कमेन्ट भी करेंगे। नई नीति में जनपदवार क्रिएटर सूचीबद्ध किए जाएं, ताकि हर जिले के क्रिएटर को लाभ मिल सके। प्रोत्साहन राशि चाहे कम कर दी जाए लेकिन लाभ सबको मिलना चाहिए। इससे हर जिले की समस्याएं भी सरकार के पास आसानी से पहुंच पाएंगी। मेरे विचार से जो क्रिएटर्स सहमत है वह वीडियो को अधिक से अधिक शेयर व लाईक करें, ताकि योगी सरकार तक हमारी बात पहुंच सके। छोटे क्रिएटर से मेरा अनुरोध है कि आपके मन में अगर कोई विचार हो तो कमेंट करके अवश्य बताएं, ताकि मैं उस पर भी वीडियो बना कर आपकी आवाज को योगी सरकार के कानों तक पहुंचा सकूं। नई सोशल मीडिया नीति से संबंधित वीडियो का लिंक डिस्क्रिप्शन में दिया गया है।

  • फाइनल रिपोर्ट लगाने के एवज में मांगी थी रकम

    भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज

    20 हजार रुपए रिश्वत लेते चौकी इंचार्ज गिरफ्तार

    लखनऊ। विजिलेंस की टीम ने पारा थाने के डॉक्टरखेड़ा चौकी इंचार्ज को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी दरोगा पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। दरोगा ने फाइनल रिपोर्ट लगाने के एवज में उक्त रकम मांगी थी।

    विजिलेंस के मुताबिक प्रतापगढ़ के रानीगंज निवासी दिनेश कुमार पटेल के खिलाफ पारा थाने में एक एफआईआर दर्ज है। इसकी विवेचना डॉक्टरखेड़ा चौकी इंचार्ज दरोगा राम देव गुप्ता को सौंपी गई थी। विवेचना के दौरान आरोपी के खिलाफ साक्ष्य नहीं मिले। लिहाजा विवेचक को उसमें फाइनल रिपोर्ट लगानी थी। लेकिन, फाइनल रिपोर्ट लगाने के एवज में दरोगा राम देव गुप्ता ने दिनेश कुमार से 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। दिनेश ने विजिलेंस टीम से इसकी शिकायत की। टीम ने दरोगा को रंगेहाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया। प्लानिंग के तहत सोमवार को दिनेश चौकी में दरोगा को रिश्वत की रकम देने पहुंचे। जैसे ही उनको रकम दी, वैसे ही साथ में आई विजिलेंस की टीम ने राम देव गुप्ता को दबोच लिया। आरोपी दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।

  • सभी पुलिस आयुक्त, एसएसपी, एसपी को भेजा गया पत्र

    डीजी के निर्देश पर एडीजी कानून एवं व्यवस्था ने मांगा जवाब

    पत्रकारों की समस्याओं के निराकरण को सजग हुई सरकार

    लखनऊ। लम्बे समय से तमाम तरह के जोखिम और उत्पीड़न, अत्याचार झेल रहे पत्रकारों के पक्ष में प्रदेश पुलिस मुखिया ने एक सराहनीय कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार के निर्देश पर एडीजी कानून एवं व्यवस्था ने प्रदेश के सभी पुलिस आयुक्त, एसएसपी, एसपी को पत्रकार एवं उनके परिवार से जुड़े बिंदुओं से सम्बंधित सवालों का एक पत्र जारी किया है। इस पर दो दिन में जवाब भी मांगा गया है।

    पत्रकारों की समस्याओं के निराकरण के लिए डीजीपी ने सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों-पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजकर इसके लिए लिए नोडल अधिकारी बनाने का आदेश दिया है। डीजीपी ने यह पत्र प्रदेश में पत्रकारों व उनके परिजनों पर बिना जांच के दर्ज होने वाले मुकदमों की लगातार शिकायत मिलने के बाद भेजा है।

  • स्वास्थ्य विभाग में बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप

    लापरवाह 26 सरकारी डॉक्टर की बर्खास्तगी के निर्देश

    लखनऊ (एजेंसी)। ड्यूटी के प्रति लापरवाह रहने और गैर हाजिर होने के कारण स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को इन सभी चिकित्सकों को बर्खास्त करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा तीन चिकित्सकों की दो साल के लिए दो-दो वेतन वृद्धियां रोकीं गई हैं और एक को परनिंदा प्रविष्टि दी गई है।

    अब गैरहाजिर चल रहे चिकित्सकों की खैर नहीं

    यूपी सरकार स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले चिकित्सकों को लेकर एक्शन मोड में आ गई है। डिप्टी सीएम ने सचेत कर दिया है कि अगर कोई भी डॉक्टर ड्यूटी के दौरान लापरवाही करता है तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जो चिकित्सक गैर हाजिर चल रहे हैं उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

    लपेटे में आए 26 चिकित्सक

    लापरवाही करने और ड्यूटी से लगातार गैर हाजिर रहने वाले 26 चिकित्सक कार्रवाई के लपेटे में आए हैं। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इन सभी को बर्खास्त करने का निर्देश दिया है। इनमें जालौन, बरेली, मैनपुरी, सिद्धार्थनगर, ललितपुर, बलिया, बस्ती, रायबरेली, मथुरा, फिरोजाबाद, बहराइच, सहारनपुर और शाहजहांपुर के डॉक्टर शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को उच्च श्रेणी की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की पहली प्राथमिकता है। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मामले में स्वास्थ्य महानिदेशालय में संयुक्त निदेशक के पद पर तैनात डॉ. नीना वर्मा से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

  • संवेदनशील पुलिस ही कम कर सकती है पीड़ित की पीड़ा

    सीएम योगी ने ली डिप्टी एसपी पासिंग आउट परेड की सलामी

    मुरादाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. भीमराव अंबेडकर पुलिस अकादमी में डिप्टी एसपी की पासिंग आउट परेड की सलामी ली। सभी को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान सभी मनोयोग से काम करें। संवेदनशील पुलिस ही पीड़ित की पीड़ा कम कर सकती है।

    CM Yogi Visit: inaugurate projects worth Rs 401 crore in Moradabad, hand over appointment letters youth
    मुरादाबाद के पुलिस अकादमी में सलामी लेते सीएम योगी आदित्यनाथ 

    डॉ. भीमराव अंबेडकर पुलिस अकादमी से प्रशिक्षण प्राप्त कर 74 डिप्टी एसपी पास आउट हुए हैं। इनमें 18 महिला एवं 56 पुरुष अधिकारी शामिल हैं। दीक्षांत परेड में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशिक्षण के दौरान अंत: कक्षीय विषयों, बाह्य कक्षीय विषयों में उत्कृष्ट प्रर्दशन करने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों को सम्मानित किया।

    सर्वांग सर्वोत्तम का पुरस्कार ट्रेनी डिप्टी एसपी प्रखर पांडेय, अन्तःकक्षीय विषयों में सर्वोत्तम का पुरस्कार ट्रेनी डिप्टी एसपी आकांक्षा पांडेय, बाह्य विषयों में सर्वोत्तम का पुरस्कार ट्रेनी डिप्टी एसपी उदित नारायण पालीवाल को प्रदान किया गया। इसके अलावा परेड कमांडर ट्रेनी डिप्टी एसपी उदित नारायण पालीवाल को भी मुख्यमंत्री ने पुरस्कृत किया। इस कार्यक्रम के बाद सीएम ने मुरादाबाद में जिले की 401 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। सीएम लगभग साढ़े चार घंटे का समय शहर में बिताएंगे। वह रोजगार मेले में भी शामिल होंगे जहां युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। इसके बाद भाजपा नेताओं के साथ बैठक भी प्रस्तावित है। 

    कार्यक्रम को लेकर भारी फोर्स रही तैनात

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा को लेकर आर्यभट्ट स्कूल से लेकर शहर में डेढ़ हजार पुलिस कर्मियों के अलावा ढाई कंपनी पीएसी तैनात की गई। इससे पहले डीआईजी मुनिराज जी ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। एसएसपी सतपाल अंतिल ने रविवार की रात आर्यभट्ट इंटर नेशनल स्कूल में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। सुरक्षा के लिए 10 एएसपी, 30 सीओ 55 एसएचओ और इंस्पेक्टर, 300 दरोगा, 900 पुलिसकर्मी और 2.5 कंपनी पीएसी की टुकड़ियां तैनात रहीं।

  • जीतमल देवता मंदिर पर उमड़े श्रद्धालु

    योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट ने कराया भंडारा

    बिजनौर। योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट की कोषाध्यक्ष श्रीमती सुनीता पत्नी डॉक्टर नरेंद्र सिंह, अध्यक्ष योगेश कुमार, सचिव अनंत कुमार ने मंडावर रोड जीतमल देवता पर भंडारे का आयोजन किया।

    कार्यक्रम के दौरान सर्वप्रथम यज्ञ किया गया। यज्ञ के अनुष्ठान में साधु संतों ने प्रतिभाग किया। तत्पश्चात भंडारे में लगभग 600 भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।

    मुख्य अतिथि एसके बबली अध्यक्ष बार एसोसिएशन जिला बिजनौर के अलावा समाज कल्याण अधिकारी जागेश्वर सिंह, क्षय रोग अधिकारी डॉ. नरेंद्र सिंह, डॉ. पंकज भारद्वाज पत्रकार, जिला अस्पताल से डॉक्टर गजेंद्र कुमार शर्मा, डॉक्टर अमर सिंह, केदारनाथ से पंकज भारद्वाज, चंडीगढ़ से भूपेंद्र कुमार, कुंतेश देवी, चाहल नर्सिंग होम से डॉक्टर सुशील कुमार, डॉक्टर सीमा चौधरी, आरजेपी इंटर कॉलेज से मास्टर विनोद कुमार, जिला क्षय रोग चिकित्सालय से विनोद कुमार, आदित्य गौतम, विनीत कुमार, पंकज कुमार शर्मा, जिला अस्पताल से डॉक्टर सुधीर कुमार, सीटी स्कैन सेंटर बिजनौर, इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन इकाई बिजनौर के जिला अध्यक्ष ओपी शर्मा, सचिव सोमदत्त शर्मा, महासचिव राकेश कुमार, उपाध्यक्ष रामनाथ सिंह, उपाध्यक्ष रामनाथ सिंह पत्रकार, संयुक्त सचिव प्रभोद रंजन, राजकुमार, श्रीमती पुष्पा उपस्थित रहे।भंडारे में भक्तों की भीड़ रही। कार्यक्रम के अंत में सभी साधु संतों का फूलों से स्वागत किया गया।

  • सरकारी कार्य में लापरवाही, स्वेच्छाचारिता तथा अनुशासनहीनता के आरोप

    सिविल लाइंस चौकी प्रभारी निलंबित, विभागीय कार्यवाही भी प्रारम्भ

    बिजनौर। पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने थाना कोतवाली शहर के उप निरीक्षक हरिओम गौतम को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया है। इनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही भी प्रारम्भ की गई है।

    सिविल लाइंस चौकी प्रभारी के रूप में तैनात उप निरीक्षक हरिओम गौतम पर सरकारी कार्य में लापरवाही, स्वेच्छाचारिता तथा अनुशासनहीनता के आरोप हैं। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने उक्त कार्यवाही की। उप निरीक्षक हरिओम गौतम तत्काल प्रभाव से निलम्बित करने के साथ ही इनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही भी प्रारम्भ की गई है।
    पुलिस अधीक्षक द्वारा जनपद के समस्त पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि कोई भी पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों, दायित्वों के प्रति उदासीनता, शिथिलता न बरते अन्यथा सम्बन्धित के विरुद्ध कड़ी दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।

  • दरोगा के हाथ और बदमाश के पैर में लगी गोली

    दो तमंचे, दो बाइक और 67 हजार रुपए बरामद

    पुलिस मुठभेड़ में पांच पशु चोर गिरफ्तार

    बिजनौर। थाना कोतवाली देहात पुलिस ने मुठभेड़ में पांच पशु चोरों को गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ के दौरान एक पशु चोर के पैर में गोली लगी, जबकि बदमाशों की फायरिंग में एक दरोगा के हाथ में गोली लगी है।

    एएसपी ग्रामीण राम अर्ज ने बताया कि शनिवार देर रात कोतवाली देहात प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार अपनी टीम के साथ इस्लामपुर लालू उर्फ मालीवाला तिराहे पर वाहन चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान उन्हें दो बाइकों पर सवार पांच लोग आते दिखे। शक के आधार पर पुलिस टीम ने इन्हें रोकने का प्रयास किया तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी और भागने लगे। बदमाशों की गोली दरोगा आशीष पुनिया के हाथ में लगी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी बदमाशों पर फायरिंग करते हुए तंजीम, अनस, शुएब, अरशद, आदिल को गिरफ्तार कर लिया। इनमें से तंजीम नामक बदमाश के पैर में लगी है। सभी बदमाश पशु चोरी समेत कई अपराधों में वांछित चल रहे थे। पुलिस ने गिरफ्तार बदमाशों के पास से दो तमंचे, दो बाइक और 67 हजार रुपए बरामद किए हैं।

    दोनों घायल जिला अस्पताल में भर्ती घायल दरोगा आशीष पुनिया और पैर में गोली लगने से घायल बदमाश तंजीम उर्फ भूरा पुत्र मुन्ने निवासी कोतवाली देहात को बिजनौर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों ने दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई है।


    दिल्ली के हैं गिरफ्तार पशु चोर

    एएसपी रामअर्ज ने बताया कि पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार पशु चोरों में तंजीम उर्फ भूरा पुत्र मुन्ने निवासी उमरी थाना कोतवाली देहात हाल निवासी बी 141 गली नंबर 7 सुभाष विहार नॉर्थ गोंडा चौक थाना भजनपुरा दिल्ली, मोहम्मद अनस पुत्र तौकीर, अस्सद उर्फ असद पुत्र सुलेमान, आदिल निवासीगण बी 22 राम गली नंबर 1 सुभाष मोहल्ला नार्थ गोंडा थाना भजनपुर दिल्ली और शुएब पुत्र रफीक निवासी विजय पार्क सी 12 गली नंबर 18 थाना भजनपुर दिल्ली शामिल हैं। उक्त बदमाश मवेशियों की चोरी कर उन्हें विभिन्न स्थानों पर बेचते थे।

    घायल दरोगा आशीष पुनिया और पैर में गोली लगने से घायल बदमाश तंजीम उर्फ भूरा पुत्र मुन्ने निवासी कोतवाली देहात को बिजनौर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों ने दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई है।

    दिल्ली के हैं गिरफ्तार पशु चोर

    एएसपी रामअर्ज ने बताया कि पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार पशु चोरों में तंजीम उर्फ भूरा पुत्र मुन्ने निवासी उमरी थाना कोतवाली देहात हाल निवासी बी 141 गली नंबर 7 सुभाष विहार नॉर्थ गोंडा चौक थाना भजनपुरा दिल्ली, मोहम्मद अनस पुत्र तौकीर, अस्सद उर्फ असद पुत्र सुलेमान, आदिल निवासीगण बी 22 राम गली नंबर 1 सुभाष मोहल्ला नार्थ गोंडा थाना भजनपुर दिल्ली और शुएब पुत्र रफीक निवासी विजय पार्क सी 12 गली नंबर 18 थाना भजनपुर दिल्ली शामिल हैं। उक्त बदमाश मवेशियों की चोरी कर उन्हें विभिन्न स्थानों पर बेचते थे।

  • सनातन धर्म में इस अमावस्या का है खास महत्व

    सोमवती अमावस्या पर सिद्ध और शिव योग का संयोग

    ~शैली सक्सेना, लखनऊ

    Somvati Amavasya 2024: इस साल 02 और 03 सितंबर को सोमवती और भौमवती अमावस्या का विशेष संयोग बन रहा है। इस दिन तर्पण, दान करने से पितर प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद आपको मिलता है। साथ ही सुख- समृद्धि का जीवन में वास बना रहता है। इतना ही नहीं ये दिन काल सर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए भी खास होता है। सोमवती अमावस्या के दिन जरूरतमंद लोगों को अन्न का दान करना चाहिए, बड़े बुर्जुगों और महिलाओं का अपमान नहीं करना चाहिए। इस दिन शुभ और मांगलिक करना कार्य करना वर्जित है। पीपल और तुलसी के पत्ते तोड़ने से बचना चाहिए।

    पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति

    हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित होती है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और इसके बाद दान करने का खास महत्व है। मान्यता है कि इस दिन ऐसा करने से पितृ दोष से भी मुक्ति मिल जाती है। पंचांग के अनुसार इस बार भाद्रपद अमावस्या 02 सितंबर 2024 को मनाई जाएगी। इस दिन सोमवार पड़ने की वजह से इसे सोमवती अमावस्या कहा जाएगा। कुछ क्षेत्रों में इसे भादो अमावस्या या भादी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है।

    तिथि और दान- स्नान का शुभ मुहूर्त…

    ज्योतिष पंचांग के अनुसार भाद्रपद अमावस्या का मुहूर्त 02 सितंबर की सुबह 05:22 से 03 सितंबर की सुबह 07:25 बजे तक रहेगा। इस बीच में दान – स्नान किया जा सकता है।

    बन रहे हैं दो शुभ योग

    वैदिक पंचांग के अनुसार इस बार सोमवती अमावस्या को दो विशेष योग बन रहे हैं। एक है शिव योग और दूसरा है सिद्धि योग। ज्योतिष में इन योगों का विशेष महत्व है। इन योगों में पूजा का दोगुना फल प्राप्त होता है।

    सोमवती अमावस्या का महत्व

    सोमवती अमावस्या पर सूर्योदय से पहले नदी में स्नान करना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में सुख – समृद्धि का वास बना रहता है। इस दिन तर्पण, दान करने से पितर प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद आपको मिलता है। ये दिन काल सर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए भी खास होता है। इस दिन जरूरतमंद लोगों को अन्न का दान करना चाहिए। सोमवती अमावस्या के दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए भगवान भोलेनाथ की पूजा अचर्ना करती हैं। इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा और जल अर्पित करने से त्रिदेवों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

    1. ॐ पितृ देवतायै नम:

    2. ॐ पितृ गणाय विद्महे जगतधारिणे धीमहि तन्नो पित्रो प्रचोदयात्

    (disclaimer: समस्त जानकारी विभिन्न स्रोतों से प्राप्त कर प्रकाशित की गई है। newsdaily24 का इन पर कोई आधिकारिक दावा नहीं है।)

  • जिले भर में 68 गुमशुदा एवं अपहृत बरामद

    “ऑपरेशन स्माईल” अभियान में बिजनौर पुलिस की सफलता

    अभिषेक झा एएसपी बिजनौर

    बिजनौर। जिला बिजनौर पुलिस द्वारा “ऑपरेशन स्माईल” अभियान के अन्तर्गत माह अगस्त में कुल – 68 गुमशुदा एवं अपहृतों को बरामद किया गया है।

    एएसपी बिजनौर अभिषेक झा के कुशल नेतृत्व में जनपद पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान “ऑपरेशन स्माईल” के अन्तर्गत माह अगस्त में कुल- 68 गुमशुदा एवं अपहृतों को सकुशल बरामद कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की गई। सोशल मीडिया सैल के अनुसार इस अभियान के अन्तर्गत जनपद के सभी थानों पर पुलिस टीमों का गठन कर बरामदगी हेतु लगाया गया था, जिनके द्वारा गुमशुदा एवं अपहृतों को सकुशल बरामद किया गया है।

  • गांव कुलचाना में लगे पिंजरे में गुलदार हुआ कैद

    गुलदार ने बाइक पर बैठी बच्चियों पर मारा झपट्टा

    बिजनौर। तहसील नगीना क्षेत्र में गुलदार के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। इसी बीच ग्राम सैदपुरी महिचंद के जंगल में एक गुलदार ने बाइक पर पीछे बैठी दो बच्चियों पर झपट्टा मार दिया। पंजा लगने से दोनों बच्चियां घायल हो गईं। सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। उधर ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने पूरी रात गुलदार की तलाश में सर्च अभियान चलाया। सुबह को दो माह से गांव कुलचाना में लगे पिंजरे में एक गुलदार कैद पाया गया।

    नगीना क्षेत्र के ग्राम सैदपुरी महिचंद के जंगल से गुजर रही बाइक सवार दो बच्चियों पर गुलदार ने झपट्टा मार दिया। पंजा लगने से दोनों बच्चियां मामूली रूप से घायल हो गईं।बाइक चालक धीरेंद्र के शोर मचाने पर ग्रामीणों को आता देख गुलदार जंगल में भाग गया। घटना की सूचना मिलने के बाद ट्रैक्टरों पर सवार ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने पूरी रात गुलदार की तलाश में सर्च अभियान चलाया। सुबह को दो माह से गांव कुलचाना में लगे पिंजरे में एक गुलदार कैद मिला। वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप कुमार शर्मा, वन दरोगा धर्मेंद्र कुमार, वन दरोगा जगत सिंह राणा, वन दरोगा अनिल कुमार, वन कर्मी लाल सिंह माली ने टीम के साथ पकड़े गए गुलदार को नगीना के कृषि अनुसंधान केंद्र पर पहुंचाया। इसके बाद गुलदार को बिजनौर के लिए रवाना कर दिया गया। वहीं सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।

    गुलदार को भेजा गया गोरखपुर चिड़ियाघर

    गांव कुलचाना में लगे पिंजरे में पकड़े गए गुलदार को वन विभाग की टीम बिजनौर के इंदिरा पार्क में ले आई। सुबह और दोपहर में गुलदार को खाने के लिए करीब साढे़ चार किलो मुर्गा दिया गया। एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि गुलदार को गोरखपुर चिड़िया घर भेज दिया गया है।

    ~मो. नादिर मलिक संवाददाता जिला बिजनौर

  • अवैध संचालित हॉस्पिटल पैथोलॉजी लैब अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों की कराई जाए मजिस्ट्रियल जांच

    मोटे कमीशन के चक्कर में गर्भवती महिलाओं को अवैध संचालित हॉस्पिटल में ले जाती हैं स्वास्थ्य विभाग की आशाएं

    “डीएम साहब बचा लीजिए आम जनता को इन झोलाछाप के चीरफाड़ और जबरन मौत से”

    बिजनौर। डीएम साहब कृपया जिले में संचालित अस्पतालों में हो रही मौत को संज्ञान में लीजिए। जनहित में अवैध संचालित हॉस्पिटल सेंटरों की मजिस्ट्रेट जांच कराकर इन झोलाछाप डॉक्टरों से गर्भवती महिलाओं की जान को बचा लीजिए। बिना डिग्री धारक झोलाछाप डॉक्टर्स द्वारा ऑपरेशन किए जा रहे हैं। इन अधिकांश अनट्रेंड झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा गलत ऑपरेशन करके गर्भवती महिलाओं को मौत की नींद सुला दिया जाता है और परिजन हंगामा कर के रह जाते हैं।
    सोशल मीडिया पर हो रहे इस वायरल मैटर ने मीडिया में प्रकाशित करने के लिए मजबूर कर दिया। डीएम साहब इन अवैध संचालित हॉस्पिटल में अनट्रेंड डॉक्टर्स द्वारा ऑपरेशन किए जा रहे हैं।

    ~डीएम साहब जिन हॉस्पिटल के बाहर बोर्ड पर बड़े बड़े अक्षरों में एमबीबीएस एमएस लिखा हुआ है, उनके सीसीटीवी फुटेज की जांच भी हो।
    ~डीएम साहब हॉस्पिटल के मानक तो बहुत दूर की बात है, इनमें तो डिग्री धारक डॉक्टर भी नहीं बैठते।
    ~डीएम साहब इन झोलाछाप डॉक्टर्स के द्वारा ऑपरेशन हो रहे हैं। यह बात किसी से छुपी हुई नहीं है।
    ~डीएम साहब एनेस्थीसिया को गंभीरता से लेकर मजिस्ट्रेट जांच शुरू कराएं, तभी इन झोलाछाप डॉक्टर्स द्वारा ऑपरेशन से मौत का सिलसिला बंद हो सकता है।
    ~डीएम साहब ये बिना सोचे समझे ही दे डालते हैं नशे का इंजेक्शन कुछ तो सुधार हो इन हॉस्पिटल में।
    ~डीएम साहब कुछ ही दिनों में हो गई कई मौत फिर भी इनकी आ रही है मौज!

    मौत पर मौत का जिम्मेदार कौन?

    जिलाधिकारी साहब हाल ही में बिजनौर के हॉस्पिटल में मौत, स्योहारा के हॉस्पिटल में मौत, कोतवाली देहात के हॉस्पिटल में मौत, नूरपुर दौलतपुर के हॉस्पिटल में मौत, नहटौर के हॉस्पिटल में मौत, अफजलगढ़ बादीगढ़ के हॉस्पिटल में मौत, नूरपुर के हॉस्पिटल में गलत इलाज के कारण मौत और अब नूरपुर के एक केयर सेंटर पर मरीज के परिजनों का हंगामा हुआ है, जिसमें ऑपरेशन को लेकर विवाद करते हुए नारेबाजी की गई। इस हॉस्पिटल पर महिला का ऑपरेशन किया गया। डॉक्टर साहिबा का कहना है कि ऑपरेशन एमबीबीएस डॉक्टर द्वारा किया गया है। इस केयर सेंटर पर लगे सीसीटीवी फुटेज से यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन डिग्री धारक डॉक्टर मौजूद रहते हैं और किन एमबीबीएस, एमएस डॉक्टर ने ऑपरेशन किया है। जनहित में हॉस्पिटल की मजिस्ट्रेट जांच हो जाए तो सब कुछ सामने आ जायेगा।

    ~डीएम साहब उन बच्चों की सुनो चीख पुकार, जिनका जीवन हो गया बेकार।
    ~डीएम साहब आगे किसी के सर से उसकी मां का साया ना छिने, देर से ही सही, पर उनको भी दंड मिले।
    ~डीएम साहब जीवन में उन मासूम बच्चों के अंधेरा रह गया
    उनकी मां के जाने से कल का भविष्य दर दर भटक गया।
    ~डीएम साहब पूर्व में कई मामले प्रकाश में आए हैं, जिन हॉस्पिटल में मौत हुई, उन पर कोई कार्यवाही नहीं हुई।
    ~डीएम साहब आप ही बचा सकते हो इन झोलाछाप डॉक्टर्स के चीरफाड़ और इनकी लापरवाही की मौत से।

    राजेंद्र सिंह, जिला प्रभारी विश्व हिंदू महासंघ बिजनौर

  • गृहक्लेश से तंग आ कर उठाया खौफनाक कदम

    मसूरी एक्सप्रेस के सामने कूदकर युवक ने दी जान

    बिजनौर। दिल्ली जा रही मसूरी एक्सप्रेस के सामने कूदकर 25 वर्षीय युवक ने जान दे दी। घटना बीती रात लगभग 2:00 बजे किरतपुर रेलवे स्टेशन की बताई गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों को जीशान की मौत की सूचना कश्मीर दे दी गई है।

    बताया गया है कि मोहल्ला कोटला निवासी जीशान (25 वर्ष) पुत्र इर्तजा हुसैन के परिजन कश्मीर में रहते हैं। उसकी अपने परिवार के कुछ सदस्यों से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। इस कारण वह बेहद हताशा में था। बीती रात लगभग 2:00 बजे वह किरतपुर रेलवे स्टेशन पहुंच गया। इसी दौरान दिल्ली जा रही मसूरी एक्सप्रेस वहां से रवाना हुई। जैसे ही ट्रेन कुछ आगे निकली तभी वहां पहले से मौजूद जीशान ने उसके आगे छलांग लगा दी गई। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। तुरंत ही ट्रेन चालक ने स्टेशन मास्टर को तथा स्टेशन मास्टर ने सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को अपने कब्जे में ले लिया। स्टेशन मास्टर के जीशान जानबूझकर ट्रेन के आगे आत्महत्या करने के इरादे से कूदा था। परिजनों को जीशान की मौत की सूचना कश्मीर दे दी गई है। पुलिस ने जीशान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

  • कर के समान 100 प्रतिशत लगाई गई पेनाल्टी

    90 दिन में जमा न होने पर वित्तीय तथा चल-अचल परिसम्पत्तियों के माध्यम से होगी वसूली

    ग्राम पंचायतों से संबंधित ठेकेदारों आपूर्तिकर्ताओं पर कड़ी कार्यवाही

    बिजनौर। जिला प्रशासन बिजनौर के प्रयासों द्वारा जनपद के विभिन्न विकास खण्डों की विभिन्न ग्राम पंचायतों द्वारा वित्तीय वर्ष 2019-20, 2020-21, 2021-22, 2022-23 एवं 2023-24 के विभिन्न विकास कार्यों के सापेक्ष ठेकेदारों / आपूर्तिकर्ताओं को किये गए भुगतान की सूचना मुख्य विकास अधिकारी बिजनौर के माध्यम से राज्य कर विभाग को प्राप्त हुई।

    महात्मा विदुर सभागार में संबंधित विभागों की बैठक में जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि प्राप्त आकड़ों में से राज्य कर विभाग बिजनौर द्वारा केंद्रीय क्षेत्राधिकार से संबंधित ठेकेदारों / फर्मों की सूची सत्यापन / अग्रिम कार्यवाही हेतु केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर कार्यालय बिजनौर को प्रेषित कर दी गई है। साथ ही अनेक ऐसे प्रकरण जहां पर विभिन्न विकास खण्डों से प्राप्त सूचना में वित्तीय वर्ष अथवा फर्म के सही जीएसटीएन संबंधी सूचनाएं त्रुटिपूर्ण थी, उनके सुधार हेतु संबंधित खण्ड विकास अधिकारियों को वापस पत्राचार किया गया। इसी बीच प्रांतीय क्षेत्राधिकार से संबंधित फर्मों की सूचना को राज्य कर विभाग द्वारा क्षेत्राधिकार के अनुरूप छंटवाते हुए उनके आकड़ों को समेकित किया गया एवं विभिन्न विकास खण्डों से प्राप्त प्रांतीय क्षेत्राधिकार की फर्मों/ठेकेदारों के त्रुटिहीन आंकड़ों में वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक की प्राप्त सूचना का मिलान फर्मों द्वारा दाखिल उनके रिटर्नो से किया गया तथा जहां जहां विसंगतियां पाई गईं, उनमें कार्यवाही की गई। वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक की प्राप्त सूचना में से प्रान्तीय क्षेत्राधिकार के फर्मों/ठेकेदारों के संबंध में निहित भुगतान राशि रुपए 43.61 करोड़ थी, जिसमें कि विभिन्न वर्षों में शासकीय कार्य संविदा के अनुरूप निहित कर 7.13 करोड़ संभावित था। फर्मों के रिटर्नो की स्कूटनी पश्चात पाया गया कि उक्त प्राप्त भुगतान के सापेक्ष ठेकेदारों द्वारा पूर्व में ही 6.12 करोड़ की धनराशि कर के रूप में जमा कर रखी थी। इसके पश्चात ऐसे ठेकेदार, जिनके द्वारा कर नियमानुसार जमा नहीं किया गया, उनको UPGST अधिनियम 2017 की सुसंगत धाराओं में नोटिस जारी किया गया तथा 62.31 लाख रुपए जमा कराए गए, साथ ही 1.14 करोड़ की मांग ब्याज एवं अर्थदण्ड सहित सृजित की गई। साथ ही कई मामलों में अभी सुनवाई की प्रकिया नोटिस उपरान्त जारी है।
    अधिकांश प्रकरण में धनराशि / करावर्त की राशि छोटी है, परंतु कुछ बड़े मामलों में दीपा कांट्रेक्टर, जिनको वित्तीय वर्ष 2020-21, 2021-22 एवं 2022-23 में समस्त कर के भुगतान न किये जाने के कारण जुलाई, 2024 में आदेश पारित कर रुपए 66.36 लाख की मांग सृजित की गयी है, जिसमें अर्थदण्ड/पेनल्टी को कर के समान 100 प्रतिशत लगाया गया है। एक अन्य प्रकरण राधाकृष्णा कांट्रेक्टर के प्रकरण में वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक के प्राप्त भुगतान पर कर अदा न करने के कारण रुपए 25.03 लाख की मांग अगस्त, 2024 में सृजित की गयी है।
    उन्होंने बताया कि कृत कार्यवाहियों में सृजित मांग के सापेक्ष वसूली की कार्यवाही आदेश पारित किये जाने की तिथि के 90 दिन के पश्चात प्रारम्भ की जायेगी, जिसमें कि धनराशि के जमा न किए जाने की स्थिति में वित्तीय तथा चल-अचल परिसम्पत्तियों के माध्यम से वसूली सुनिश्चित की जाएगी।

  • “कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण हेतु खरीफ किसान गोष्ठी एवं मेला” का आयोजन

    गांवों में ही बसती है भारत की आत्मा: जसवीर सिंह तेवतिया

    बिजनौर। विकासखंड नहटौर के डबाकरा हाल में कृषि विभाग के सौजन्य से “कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण हेतु खरीफ किसान गोष्ठी एवं मेला” का आयोजन किया गया। अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख श्री राकेश कुमार ने की।

    जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने कहा कि   किसानों के अथक प्रयासों के कारण ही भारत अन्न और चीनी उत्पादन में विश्व में प्रथम स्थान पर है। भारत की आत्मा गांवों में ही बसती है। साथ ही कृषकों को निरंतर परिवर्तनशील खेती करने के लिए आग्रह करते हुए श्रीअन्न की फसलों को उगाने, जैविक खेती करने, जैव उर्वरकों का अधिक से अधिक प्रयोग करने एवं कृषि यंत्रीकरण की योजनाओं का लाभ उठाने के बारे में प्रोत्साहित किया।

    पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर अनुराग चौधरी ने कृषकों को पशुओं में होने वाले रोगों के बारे में बताते हुए किसानों से निःशुल्क टीकाकरण अभियान के अंतर्गत पशुओं को टीका लगवाने का आग्रह किया।

    गन्ना विकास विभाग से आए हुए श्री ओमप्रकाश ने नई प्रजातियों को उगाने एवं संवर्धन करने पर जोर दिया। बीडीओ प्रताप सिंह ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कृषि और किसान को विकसित करना अनिवार्य है। पूर्व एडीओ सत्यप्रकाश ने कीट रोग नियंत्रण के लिए जैविक उत्पाद ट्राइकोडर्मा एवं ब्यूवेरिया बैसियाना के उपयोग के बारे में बताया। प्राविधिक सहायक मोहित कुमार ने पीएम किसान योजना के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। प्रगतिशील कृषक विजयपाल सिंह ने शायराना अंदाज में नमस्कार करते हुए सभी किसानों से आग्रह किया कि वे कृषि विभाग की सभी योजनाओं से जुड़े और लाभ उठाएं। गोष्ठी में मुनीश त्यागी, सीतम सिंह, जयपाल सिंह, धर्मेंद्र, गुणप्रकाश, देशराज, जहीरूद्दीन, विकास, सुनील, घनश्याम, नरेश, सुरेशचंद, सुभाषचंद, शौनाथ, शैलेष राणा, मिथलेश, कमला, फूलवती, टीकम, कार्तिक, पीतम, रतिराम और सुनील आदि कृषकों ने भाग लिया।

  • बचाव व राहत कार्य में लगे संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश

    फसलों के नुकसान से प्रभावित लोगों को बिना किसी भेदभाव के दी जाएगी क्षतिपूर्ति

    सीतापुर की तहसील बिसवां क्षेत्रान्तर्गत शारदा सहायक नहर पटरी कटान का मामला

    नहर कटान से प्रभावित पीड़ितों के बीच पहुंचे मंत्री स्वतंत्र देव सिंह

    लखनऊ। जिला सीतापुर की तहसील बिसवां क्षेत्रान्तर्गत शारदा सहायक नहर पटरी कटान स्थल का जल शक्ति विभाग सिंचाई एवं जल संसाधन, बाढ़ नियंत्रण, परती भूमि विकास, लघु सिंचाई, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने स्थलीय निरीक्षण किया।

    मंत्री ने प्रभावित गांव के लोगों का हालचाल लिया व स्थानीय निवासियों से वार्ता करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार द्वारा हर सम्भव मदद व सहायता प्रदान की जायेगी। उन्होंने बचाव व राहत कार्य में लगे संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए, यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में इस तरह की घटना न होने पाए। समय-समय पर नहर पटरी व बांधों का निरीक्षण किया जाए। जिलाधिकारी व कमिश्नर रोशन जैकब द्वारा रात्रि निरीक्षण व राहत शिविरों आदि के भ्रमण की जानकारी भी प्राप्त की तथा जिला प्रशासन को निर्देश दिये कि जल्द से जल्द सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएं। मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने नहर कटान से जल प्रभावित ग्राम रमुवापुर के प्राथमिक विद्यालय में बने राहत शिविर का निरीक्षण कर वहां ठहरे लोगों मुलाकात कर दु:ख साझा किया। जलभराव से पीड़ित लोगों से उनकी फसलों की जानकारी लेकर सर्वे कराकर ससमय मुआवजा दिलाने का आश्वासन देने के साथ ही यह आश्वासन भी दिया कि फसलों के नुकसान से प्रभावित लोगों को बिना किसी भेदभाव के क्षतिपूर्ति दी जाएगी। इस घटना से जिन लोगों के मकानों का नुकसान हुआ है उनको आवास दिलाया जाएगा। खाने पीने की व्यवस्था की जानकारी अपर जिला अधिकारी नीतीश कुमार सिंह से लेकर समय से वितरण करते रहने के निर्देश प्रदान किए। मंत्री ने जिलाधिकारी अभिषेक आनंद को निर्देश दिये कि प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कराते रहें व स्थानीय प्रशासन को सक्रिय रखें। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अभिषेक आनंद ने मंत्री जलशक्ति को जिला प्रशासन एवं सिंचाई विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों के विषय में अवगत कराते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि युद्ध स्तर पर कार्य कराते हुए शीघ्र ही नहर पटरी को दुरूस्त कराया जायेगा। उन्होंने बताया कि अनवरत वरिष्ठ अधिकारियों के निकट पर्यवेक्षण में राहत एवं बचाव कार्य संचालित हैं।

    निरीक्षण के दौरान बिसवां विधायक निर्मल वर्मा, भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला, अपर जिलाधिकारी नीतीश कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी बिसवां मनीष कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. हरपाल सिंह, मुख्य अभियन्ता शारदा सहायक प्रभाकर प्रसाद, प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष अखिलेश सचान, प्रमुख अभियन्ता परिकल्पना एवं नियोजन संदीप कुमार, अधिशाषी अभियन्ता शारदा नहर विशाल पोरवाल सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

    ~सीतापुर से राकेश पाण्डेय की रिपोर्ट tvn

  • निजी कंपनियां देखेंगी 30 साल तक व्यवस्था

    कैबिनेट मीटिंग में लिए गए कई महत्वपूर्ण फैसले

    यूपी के सरकारी गेस्ट हाउस हो जायेंगे 5 स्टार होटल में तब्दील

    लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में आज मंगलवार शाम यूपी के माध्यमिक स्कूलों की स्कॉलरशिप समेत 14 प्रस्ताव रखे गए। इनमें से 13 प्रस्ताव पारित हो गए। इसमें सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव में सरकारी पर्यटक अतिथि गृहों को निजी हाथों में सौंपने का फैसला शामिल है। राज्य पर्यटन विकास निगम के सरकारी पर्यटक आवास गृह (यानी सरकारी गेस्ट हाउस) को निजी हाथों में 30 साल के लिए देने का प्रस्ताव है। निजी कंपनियां इन आवास गृहों के रखरखाव के साथ इनका संचालन करेंगी और सरकार को भी इससे आय होगी। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि राज्य में कुल 87 ऐसे टूरिस्ट गेस्ट हाउस हैं, जिनमें से घाटे में चल रहे गेस्ट हाउस को निजी कंपनियों को सौंपा जाएगा। कैबिनेट मीटिंग में शिक्षा, नमामि गंगे, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स, अवस्थापना, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन और चिकित्सा से जुड़े प्रस्ताव पेश किए गए।

    संस्कृत विद्यालयों में छात्रवृत्ति की दरों में वृद्धि

    संस्कृत विद्यालयों में छात्रवृत्ति की दरों में वृद्धि के प्रस्ताव पर भी मंजूरी हो गई है। इससे संस्कृत शिक्षा को प्रोत्साहन मिलने के साथ ही छात्रों को वित्तीय मदद भी मिल सकेगी।

    संपत्ति की रजिस्ट्री पर स्टांप शुल्क में छूट

    संपत्ति से जुड़े विवादों में आसानी और पारिवारिक सौहार्द्र बढ़ाने के लिए निर्णय लिया गया है कि पारिवारिक संबंधियों के बीच संपत्ति की रजिस्ट्री पर स्टांप शुल्क में छूट दी जाएगी। इसके तहत  बंटवारा पत्र (विभाजन विलेख/पार्टीशन डीड) व समझौता पत्र (सेटलमेंट डीड) पर किसी भी तरह का स्टांप शुल्क नहीं लगेगा। इसमें मात्र रुपए 05 हजार का ही इसमें खर्च आएगा।

    जल जीवन मिशन और डाटा सेंटर नीति 

    जलशक्ति विभाग के जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप पेयजल आपूर्ति योजना संचालन हेतु अनुरक्षण नीति 2024 को मंजूरी दी गई है। वहीं उत्तरप्रदेश डाटा सेंटर नीति में संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए डाटा सेंटर्स में ग्रिड द्वारा विद्युत नेटवर्क प्रदान करने के प्रस्ताव (संशोधन) को स्वीकृति प्रदान की गई।

    इनके अलावा आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स “उप्र डाटा सेन्टर (प्रथम संशोधन) नीति-2021” के अन्तर्गत निवेशक को दो ग्रिड लाईनों द्वारा विद्युत आपूर्ति का लाभ प्रदान किए जाने, गंगा एक्प्रेस वे परियोजना हेतु वीजीएफ की सम्पूर्ण धनराशि राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के अधीन उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद, समस्त विकास प्राधिकरण आदि तथा नगर विकास विभाग के अधीन स्थानीय निकायों के अन्तर्गत अवस्थित अचल सम्पत्तियों के अन्तरण पर विभिन्न अधिनियमों के अन्तर्गत अधिसूचित क्षेत्रों में स्थित अचल सम्पत्ति के अन्तरण विलेखों पर संग्रहीत 02 प्रतिशत अतिरिक्त स्टाम्प शुल्क की धनराशि के वितरण की प्रक्रिया निर्धारित करने के सम्बन्ध में निर्गत शासनादेश दिनांक 13 सितम्बर, संशोधन। वर्ष 2013 में भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013 की धारा-10 (2) एवं धारा-10 (4) के अन्तर्गत निर्गत अधिसूचना दिनांक 31-08-2015 के अधीन भूमि के अधिग्रहण हेतु अधिसूचित अधिकतम सीमा 5 प्रतिशत को केवल जनपद गौतमबुद्धनगर के लिए शिथिल करने, नागरिक उड्यन अनुभाग के तहत प्रदेश की विभिन्न हवाई पट्टियों पर तैनात कर्मचारियों का सदुपयोग निदेशालय एवं नवनिर्मित हवाई पट्टियों पर करने, माध्यमिक शिक्षा के तहत राजकीय इण्टर कालेज/राजकीय हाईस्कूल की अनुपयोगी भूमि पर पाठ्येत्तर गतिविधियों का विकास के सम्बन्ध में प्रस्ताव शामिल हैं।

  • पूर्व में नियुक्त ऐसे व्यक्तियों को पद से हटा कर उनसे वसूला जाए सरकारी वेतन

    लेटरल इंट्री के खिलाफ कांग्रेस ने भेजा पीएम को ज्ञापन

    बिजनौर। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन शाहनवाज़ आलम के निर्देशानुसार और वसीम अकरम (एङ) ज़िलाध्यक्ष कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग बिजनौर के नेतृत्व में लेटरल इंट्री के जरिए हुई नियुक्तियों के विरोध में प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया गया। कलक्ट्रेट में आज 27-08-2024 को दिए गए ज्ञापन में पूर्व में लेटरल एंट्री के माध्यम से नियुक्त हुए व्यक्तियों को पद से हटाने और उन्हें दिए गए सरकारी वेतन को वसूलने की मांग भी की गई।

    ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले दिनों (17 अगस्त 2024) को आपकी सरकार द्वारा ज्वाइंट सेक्रेटरी, डायरेक्टर और डेप्युटी डायरेक्टर पोस्ट समेत 45 नियुक्तियों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने 19 अगस्त को इन नियुक्तियों को पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों को मिले आरक्षण के संवैधानिक अधिकारों पर हमला बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की थी। उनकी इस मांग के बाद दूसरे दिन यानी 20 अगस्त को सरकार द्वारा लेटरल एंट्री के लिए जारी विज्ञापन को आरक्षण का प्रावधान न होने का हवाला देते हुए वापस लेने का स्वागत योग्य काम किया गया, लेकिन सवाल यह है कि 2019 से अब तक जिन 63 लोगों की लेटरल एंट्री के जरिए नियुक्तियां हुई हैं, उन्हें भी क्यों नहीं पद से हटाया गया। जब यह योजना गैर संवैधानिक पाए जाने के कारण ही रद्द की गई तो तार्किक तौर पर पूर्व में इस असंवैधानिक योजना से नौकरी पाए लोगों की नियुक्ति भी स्वयं अवैध हो जाती है। इन 63 में से 6 लोग तो सरकार से मोटी तनख़्वाह लेकर फ़िर से निजी सेक्टर में भाग चुके हैं। ज्ञापन में प्रधानमंत्री से मांग की गई कि अपनी संवैधानिक ज़िम्मेदारी का निर्वहन करते हुए इन लोगों को पद से हटाएं और उन्हें दिये गए वेतन और अन्य भत्तों की तय समय सीमा में वसूली सुनिश्चित करें।

    इस दौरान वसीम अकरम (एङ) ज़िलाध्यक्ष कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक बिजनौर, अल्पसंख्यक प्रदेश उपाध्यक्ष हुमांयू बेग, आदित्य राजपूत वरिष्ठ कांग्रेस नेता, विशाल अग्रवाल वरिष्ठ कांग्रेस नेता, वकार अहमद सभासद, मौ.नादिर मलिक‌ ज़िला सचिव बिजनौर, सारिम नबी, वकार अहमद मेम्बर, तहजीब अमान, शादाब यूनुस, उज़ैर एड, जुल्फिकार अहमद, शाहिद मंसूरी, अफजाल अंसारी, पप्पू हलवाई, रिज्वान कुरैशी, डॉक्टर नदीम, वसीम मंसूरी, मुख्तार अंसारी, रशीद अहमद, डॉक्टर जुनैद अली, डॉक्टर अजीम अहमद, मतीन चौधरी, मौहम्मद हिफज़ान, शाहबाज़ अंसारी, नौशाद मलिक, दिलशाद अंसारी, महमूद अंसारी, जावेद, मौहम्मद दिलशाद, मोहम्मद अजमल, मास्टर अली, जमाल अब्बास, अशरफ अंसारी, रशीद मंसूरी, शफीक सैफी, इमरान सिद्दीकी, कुतुबुद्दीन अहमद, असिफ अंसारी, मौहम्मद आरिफ, आदिल अहमद आदि मौजूद रहे।

  • भागीरथ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट मदन लाल सैनी ने किया शुभारंभ

    सिरधनी बिजनौर के दुर्गा मंदिर पर पूजन कार्यक्रम

    बिजनौर। श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर ग्राम सिरधनी बिजनौर के दुर्गा मंदिर पर एडवोकेट मदन लाल सैनी राष्ट्रीय अध्यक्ष भागीरथ सेना एवं विशेष आमंत्रित सदस्य समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश एवं जिला अध्यक्ष महिला सभा प्रभा चौधरी, अंकुर प्रताप सैनी एवं अशोक कुमार शर्मा द्वारा फीता काटकर पूजा का शुभारंभ किया गया। इसके आयोजक कमल कुमार, जोगिंदर चौधरी, ओमप्रकाश सिंह आदि हैं।

    इस अवसर पर राधा कृष्ण भगवान रूपी बच्चों ने सबका मन मोह लिया। कार्यक्रम में काफी संख्या में महिलाएं, बच्चे व पुरुष पूजा अर्चना करते हुए जय श्री कृष्णा का उद्घोष कर रहे थे।

  • गंभीर घायल का इलाज कराया

    बिजनौर। धनोरा चांदपुर रोड पर दरवाड़ा के पास देर रात ग्राम वागडपुर निवासी हर्ष वर्मा पुत्र सुशील वर्मा का अज्ञात वाहन से एक्सीडेंट हो गया। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हर्ष वर्मा का अखिलेश वर्मा व राजीव कुमार आदि की मदद से समाजसेवी शिवसेना जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह ने डॉक्टर पुलकित शर्मा के यहां इलाज कराया। इलाज करने के बाद जीवन ज्योति नर्सिंग होम में रेफर किया गया है।

  • साईं प्ले स्कूल में धूमधाम से मनाया गया जन्माष्टमी पर्व

    उनकी संतान की तरह है स्कूल का प्रत्येक बच्चा: सुलेखा खन्ना

    बिजनौर। साईं प्ले स्कूल में जन्माष्टमी महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। व्यापारी एकता परिषद ने राधा कृष्ण बने बच्चों को पुरस्कृत किया।

    शहर के मोहल्ला खत्रियान में सुदामा पार्क के पास स्थित साईं प्ले स्कूल में जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। राधा और कृष्ण के भेष में सजधज कर आए नन्हे मुन्ने बच्चों ने जमकर डांस किया। इस दौरान व्यापारी एकता परिषद के तत्वाधान में राधा कृष्ण बनो प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। निर्णायक मंडल में वरिष्ठ पत्रकार अवनीश गौड़, व्यापारी एकता परिषद के प्रदेश महामंत्री देवेश चौधरी तथा स्कूल संस्थापिका सुलेखा खन्ना रही। इस प्रतियोगिता में कृष्ण के रूप में हरसुल शर्मा और आरुष देवल तथा राधा के रूप में अनु चावला और अदिति खन्ना को प्रथम स्थान पर चुना गया। इनके अलावा राधा कृष्ण का भेष धारण किए 10 बच्चों को भी विशेष पुरस्कार दिए गए। साथ ही विद्यालय के सभी शेष बच्चों और श्रेष्ठ शिक्षण कार्य के लिए विद्यालय के स्टाफ को भी पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर देवेश चौधरी ने कहा कि इस तरह के उत्सव और प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को अपने धर्म एवं संस्कृति का ज्ञान होता है। अवनीश गौड़ ने साईं स्कूल प्ले की संस्थापिका तथा समस्त स्टाफ की सराहना करते हुए कहा कि बहुत कम विद्यालय है जहां पढ़ाई के साथ इतनी एक्टिविटी कराई जाती है कि बच्चों को पता ही नहीं चल पाता कि खेल-खेल में वे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। संस्थापिका सुलेखा खन्ना ने कहा कि उनके स्कूल का प्रत्येक बच्चा उनकी संतान की तरह है। जैसे वे अपने बच्चों को कामयाब देखना चाहती हैं, इस तरह स्कूल के प्रति एक बच्चों को भी कामयाब करना चाहती हैं। अगर बच्चे की शुरुआती शिक्षा मजबूत होगी तो वह जिंदगी के हर इम्तिहान में कामयाब होगा। इसलिए उनका ध्यान बच्चों का बेस मजबूत करने पर है। कार्यक्रम में व्यापारी एकता परिषद से इंद्रदेव सिंह, स्कूल की अध्यापिकाएं मीना, प्रिया, मोनिका, आरजू, अंजुम, फरहाना, उजमा, अमिता, सानिया, शिवानी व सपना के साथ ही स्कूल के सह संस्थापक सागर खन्ना का विशेष सहयोग रहा।

  • फैन्सी ड्रेस प्रतियोगिता में मानस प्रथम, काव्या द्वितीय एवं आरवी ने प्राप्त किया तृतीय स्थान

    जन्माष्टमी पर्व पर पुलिस लाइन में आयोजित किये गए कार्यक्रम

    बिजनौर। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के पावन पर्व पर वामा सारथी उ०प्र० पुलिस फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वाधान में फैन्सी ड्रेस प्रतियोगिता एवं डान्स प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम आज दिनांक: 26 अगस्त 2024 को रिजर्व पुलिस लाइन्स, जनपद बिजनौर में संपन्न हुए।

    वामा सारथी अध्यक्ष श्रीमती रिया पत्नी श्री अभिषेक, पुलिस अधीक्षक जनपद बिजनौर के निर्देशन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस परिवार से पुलिस कर्मियों के बच्चों ने प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। फैन्सी ड्रेस प्रतियोगिता में मानस ने प्रथम स्थान, काव्या ने द्वितीय स्थान एवं आरवी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

    कार्यक्रम में श्रीमती विम्मी वाजपेयी पत्नी श्री संजीव कुमार वाजपेयी अपर पुलिस अधीक्षक नगर, श्रीमती वान्या सिंह पत्नी श्री संग्राम सिंह क्षेत्राधिकरी नगर एवं श्रीमती मीरा सिकरवार पत्नी श्री देवेन्द्र सिंह सिकरवार, प्रतिसार निरीक्षक रिजर्व पुलिस लाइन जनपद बिजनौर उपस्थित रहीं।

  • लोगों की सेहत को सुधारने और उनके खाने में पोषण के स्तर को बढ़ाने की योजना

    राशन कार्ड धारकों को अब फ्री चावल की जगह मिलेंगी ये 09 जरूरी चीजेे

    नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत सरकार ने गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए फ्री राशन योजना में एक बड़ा बदलाव किया है. पहले राशन कार्ड धारकों को फ्री चावल दिया जाता था, लेकिन अब फ्री चावल की जगह 09 जरूरी चीजेें दी जाएंगी.

    क्या हैं ये जरूरी चीजें

    भारत सरकार की फ्री राशन स्कीम के तहत देश के 90 करोड़ लोगों को फ्री राशन दिया जाता है. इनमें लोगों को पहले फ्री चावल दिए जाते थे, लेकिन अब नए फैसले के बाद फ्री चावल मिलना बंद हो जाएगा. सरकार ने लोगों की सेहत को सुधारने और उनके खाने में पोषण के स्तर को बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया है. इससे लोगों की क्वालिटी ऑफ लाइफ भी बेहतर होगी. अब सरकार फ्री चावल की जगह राशन कार्ड धारकों को 09 जरूरी चीजें देगी. इन चीजों में गेहूं, दालें, चना, चीनी, नमक, सरसों का तेल, आटा, सोयाबीन और मसाले शामिल हैं.

    कैसे बनवा सकते हैं राशन कार्ड

    अगर अब तक आपका  राशन कार्ड नहीं बना है और आप इसके लिए पात्र हैं. तो फिर आप राशन कार्ड बनवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं. राशन कार्ड नजदीकी खाद्य और आपूर्ति विभाग कार्यालय से बन सकता है अथवा खाद्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से भी एप्लीकेशन फॉर्म डाउनलोड किया जा सकता है. एप्लीकेशन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सही से दर्ज करें. संबंधित दस्तावेज भी एप्लीकेशन के साथ अटैच करें. इसके बाद अपना एप्लीकेशन फॉर्म और संबंधित दस्तावेज नजदीकी राशनिंग कार्यालय में जमा कर दें. इसके बाद संबंधित अधिकारी आपके द्वारा दी गई जानकारी और एप्लीकेशन को वेरीफाई करेंगे. इसके बाद वह उसे आगे के लिए प्रोसेस करेंगे. वेरीफिकेशन प्रोसेस कंप्लीट होने के बाद आपका राशन कार्ड बन जाएगा और आप उस पर फ्री राशन ले सकेंगे.

  • 5251 साल पहले हुआ था भगवान विष्णु के आठवें अवतार के रूप में भगवान श्री कृष्ण का जन्म

    सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाई जाएगी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

    ~शैली सक्सेना

    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। यह पर्व भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। भगवान श्री कृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र, वृषभ लग्न में मध्यरात्रि को हुआ था।

    बिजनौर के सिविल लाइन स्थित धार्मिक संस्थान विष्णुलोक के ज्योतिषविद् पण्डित ललित शर्मा जी ने बताया कि धार्मिक ग्रन्थों के अनुसार, भगवान विष्णु के आठवें अवतार के रूप में भगवान श्री कृष्ण का जन्म आज से 5251 साल पहले हुआ था। इस साल जन्माष्टमी पर वही योग बन रहे हैं। 26 अगस्त को चन्द्र‌मा वृषभ राशि में ही विराजमान रहेंगे, रोहिणी नक्षत्र और अर्धरात्रि व्यापिनी अष्टमी तिथि रहेगी, सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण भी हो रहा है। अतः इस साल जन्माष्टमी बहुत शुभ फलदायी रहेगी। जब भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था, उस दिन सोमवार को रोहिणी नक्षत्र के साथ योग बना था। चन्द्रमा वृषभ राशि में गोचर कर रहे थे। रोहिणी नक्षत्र, अष्टमी तिथि, सर्वार्थ सिद्धि योग, वृषभस्थ चन्द्र के संयोग से जयंती योग बना था। यही योग 5251 साल बाद श्री कृष्ण के जन्मदिन 26 अगस्त 2024 को बन रहा है। इससे इस वर्ष जन्माष्टमी का महत्व कई गुना बढ़ जाएगा।

    भगवान श्री कृष्ण की पूजन विधि:

    इस दिन प्रातः काल सूर्योदय से पहले उठें और स्नान ध्यान करने के बाद एक चौकी पर आसन बिछाकर अपने लड्डू गोपाल को स्थापित करें। सबसे पहले पंचामृत से फिर उसके बाद शुद्ध जल से स्नान कराएं। इसके बाद कान्हा को नए वस्त्र पहनाकर उनका श्रृंगार करें तथा फल-फूल, धूप-दीप और भोग लगाकर पूजा अर्चना करें। जन्माष्टमी के दिन निम्न मंत्रों का जाप करना चाहिए –

    “ॐ क्लीं कृष्णाय नमः”

    “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः” साथ ही श्री गोपाल सहस्रनाम का पाठ करना चाहिए।

    पूज्य पण्डित ललित शर्मा जी

    इस साल जन्माष्टमी सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाई जाएगी। सर्वार्थ सिद्धि योग दोपहर 03 बजकर 55 मिनट से शुरू होकर 27 अगस्त को सुबह 05 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। वहीं रोहिणी नक्षत्र का प्रारंभ 26 अगस्त को दोपहर 03 बजकर 55 मिनट से हो रहा है और समापन 27 अगस्त को दोपहर 03 बजकर 38 मिनट मिनट पर होगा। अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में रात्रि पूजा का मुहूर्त 26 अगस्त को ही प्राप्त होगा।

  • आज से 5251 साल पहले हुआ था भगवान विष्णु के आठवें अवतार के रूप में भगवान श्री कृष्ण का जन्म

    सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाई जाएगी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

    इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाई जाएगी। यह जानकारी देते हुए सिविल लाइन स्थित धार्मिक संस्थान विष्णुलोक के ज्योतिषविद् पण्डित ललित शर्मा ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। यह पूर्व भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। भगवान श्री कृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र, वृषभ लग्न में मध्यरात्रि को हुआ था। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 26 अगस्त 2024 को धूमधाम से मनाई जाएगी।

    *पण्डित ललित शर्मा*

    कुछ धार्मिक ग्रन्थों के अनुसार, भगवान विष्णु के आठवें अवतार के रूप में भगवान श्री कृष्ण का जन्म आज से 5251 साल पहले हुआ था। इस साल जन्माष्टमी पर वही योग बन रहे हैं। 26 अगस्त को चन्द्र‌मा वृषभ राशि में ही विराजमान रहेंगे रोहिणी नक्षत्र और अर्धरात्रि व्यापिनी अष्टमी तिथि रहेगी, सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण भी हो रहा है। अतः इस साल जन्माष्टमी बहुत शुभ फलदायी रहेगी। जब भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था, उस दिन सोमवार को रोहिणी नक्षत्र के साथ योग बना था। चन्द्रमा वृषभ राशि में गोचर कर रहे थे। रोहिणी नक्षत्र, अष्टमी तिथि सर्वार्थ सिद्धि योग, वृषभस्थ चन्द्र के संयोग से जयंती योग बना था। यही योग 5251 साल बाद श्री कृष्ण के जन्मदिन 26 अगस्त 2024 को बन रहा है। इससे इस वर्ष जन्माष्टमी का महत्व कई गुना बढ़ जाएगा।

    भगवान श्री कृष्ण की पूजन विधि: 

    इस दिन प्रातः काल सूर्योदय से पहले उठें और स्नान ध्यान करने के बाद एक चौकी पर आसन बिछाकर अपने लड्डू गोपाल को स्थापित करें। सबसे पहले पंचामृत से; फिर उसके बाद शुद्ध जल से स्नान कराएं। इसके बाद कान्हा को नए वस्त्र पहनाकर उनका श्रृंगार करें तथा फल-फूल, धूप-दीप और भोग लगाकर पूजा अर्चना करें। जन्माष्टमी के दिन निम्न मंत्रों का जाप करना चाहिए –

    “ॐ क्लीं कृष्णाय नमः” ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः” साथ ही… गोपाल सहस्रनाम का पाठ करना चाहिए।

    सर्वार्थ सिद्धि योग में जन्माष्टमी –

    इस साल जन्माष्टमी सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाई जाएगी। सर्वार्थ सिद्धि योग दोपहर 03 बजकर 55 मिनट से शुरू होकर 27 अगस्त को सुबह 05 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। वहीं रोहिणी नक्षत्र का प्रारंभ 26 अगस्त को दोपहर 03 बजकर 55 मिनट से हो रहा है और समापन 27 अगस्त को दोपहर 03 बजकर 38 मिनट मिनट पर होगा। अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में रात्रि पूजा का मुहूर्त 26 अगस्त को ही प्राप्त होगा।

  • क्यों पूजनीय है पीपल का वृक्ष

    पीपल की पूजा करने पर किन की मिलती है कृपा

    पीपल की पूजा कर के प्राप्त करें इन भगवान की कृपा

    शैली सक्सेना। शनिदेव की पीड़ा को शांत करने लिए पीपल के वृक्ष की पूजा का विधान बताया गया है। शनि की साढ़े साती या ढैय्या के चलते पीपल के पेड़ की पूजा करना और उसकी परिक्रमा करने से शनि की पीड़ा झेलनी नहीं पड़ती। वहीं पीपल का वृक्ष लगाने से शनि की कृपा प्राप्त होती है।

    पद्म पुराण के अनुसार पीपल का वृक्ष भगवान विष्णु का स्वरूप है। इसलिए इस वृक्ष को धार्मिक क्षेत्र में श्रेष्ठ देव वृक्ष की पदवी मिली और इसका विधिवत पूजन आरंभ हुआ। पीपल के वृक्ष को प्रणाम कर उसकी परिक्रमा करने से मानव की आयु लंबी होती है। …जो व्यक्ति इसके वृक्ष पर जल समर्पित करता है, उसके सभी पापों का अंत होकर स्वर्ग की प्राप्ति होती है। शनिदेव की पीड़ा को शांत करने लिए भी पीपल के वृक्ष की पूजा का विधान बताया गया है। 

    पीपल में है त्रिदेव का वास

    गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं – ‘अश्वत्थः सर्ववृक्षाणाम’ अर्थात; मैं सब वृक्षों में पीपल का वृक्ष हूँ’ इस कथन में उन्होंने अपने आपको पीपल के वृक्ष के समान ही घोषित किया है। पीपल ऐसा वृक्ष है जिसमें त्रिदेव निवास करते हैं। जिसकी जड़ में श्री विष्णु, तने में भगवान शंकर तथा अग्रभाग में साक्षात ब्रह्माजी निवास करते हैं। अश्वत्थ वृक्ष के रूप में साक्षात श्रीहरि ही इस भूतल पर निवास करते हैं। जैसे संसार में ब्राह्मण, गौ तथा देवता पूजनीय होते हैं,उसी प्रकार पीपल का वृक्ष भी अत्यंत पूजनीय माना गया है। पीपल को रोपने, रक्षा करने, छूने तथा पूजने से क्रमशः धन, उत्तम संतान, स्वर्ग और मोक्ष प्रदान करता है। इसके आलावा पीपल में पितरों का वास माना गया है,सब तीर्थों का इसमें निवास होता है इसलिए मुंडन आदि संस्कार पीपल के नीचे करवाने का विधान है। पीपल की छाया यज्ञ, हवन, पूजापाठ, पुराण कथा आदि के लिए श्रेष्ठ मानी गई है। इसके पत्तों की वंदनवार को शुभ कार्यों में द्वार पर लगाया जाता है।

    शनि की शुभता के लिए पीपल की पूजा

    ज्योतिषीय दृष्टि से पीपल का संबंध शनि से माना जाता है। पीपल की जड़ में शनिवार को जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है। शनि की साढ़े साती या ढैय्या के चलते पीपल के पेड़ की पूजा करना और उसकी परिक्रमा करने से शनि की पीड़ा झेलनी नहीं पड़ती। पीपल का वृक्ष लगाने से शनि की कृपा प्राप्त होती है।पीपल को मिला शनि का वरदान

    पीपल को मिला शनि का वरदान

    पौराणिक कथा के अनुसार एक बार अगस्त्य ऋषि दक्षिण दिशा में अपने शिष्यों के साथ गोमती नदी के तट पर गए और एक वर्ष तक यज्ञ करते रहे। उस समय स्वर्ग पर राक्षसों का राज था। कैटभ नाम के राक्षस ने पीपल का रूप लेकर यज्ञ में ब्राह्मणों को परेशान करना शुरू कर दिया, वह ब्राह्मणों को मारकर खा जाता था। जैसे ही कोई ब्राह्मण पीपल के पेड़ की टहनियां या पत्ते तोड़ने जाता तो राक्षस उनको खा जाता। लगातार अपनी संख्या कम होते देख ऋषि मुनि मदद के लिए शनि देव के पास गए। इसके बाद शनि देव ब्राह्मण का रूप लेकर पीपल के पेड़ के पास गए। वहीं पेड़ बना राक्षस शनि देव को साधारण ब्राह्मण समझकर खा गया। इसके बाद भगवान शनि उसका पेट चीरकर बाहर निकले और उस दैत्य का अंत किया। राक्षस का अंत होने से प्रसन्न ऋषि मुनियों ने शनि देव की जय जयकार करते हुए बहुत धन्यवाद दिया। शनि देव ने भी प्रसन्न होकर कहा कि जो भी प्राणी शनिवार के दिन पीपल के पेड़ का स्पर्श करेगा या उसकी पूजा करेगा, उसके सभी मनोरथ पूर्ण होंगे। वहीं जो भी व्यक्ति इस पेड़ के पास स्नान, ध्यान, हवन और पूजा करेगा, उसे मेरी पीड़ा कभी भी झेलनी नहीं पड़ेगी।

  • बसपा, आरजेडी ने किया भारत बंद का समर्थन

    NACDAOR ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए लिस्ट की जारी

    आज भारत बंद: बेहद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

    नई दिल्ली / लखनऊ आरक्षण के मुद्दे पर बुलाए गए भारत बंद का समर्थन बसपा, आरजेडी ने किया है। चिराग पासवान की पार्टी ने तो बंद का समर्थन किया, लेकिन जीतन राम मांझी और उनकी पार्टी बंद के खिलाफ हैं।

    अनुसूचित जाति (SC) व जनजाति (ST) आरक्षण में क्रीमीलेयर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ देश भर के विभिन्न संगठनों ने आज 21 अगस्त को ‘भारत बंद’ का  आह्वान किया है। दलित और आदिवासी संगठनों ने हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए मजबूत प्रतिनिधित्व और सुरक्षा की मांग को लेकर ये बंद बुलाया है। दलित और आदिवासी संगठनों के राष्ट्रीय परिसंघ (NACDAOR) ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए न्याय और समानता सहित मांगों की एक लिस्ट जारी की है।

    बंद की वजह?

    हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के सात न्यायाधीशों की पीठ द्वारा दिए गए एक फैसले के प्रति दलित और आदिवासी संगठनों के राष्ट्रीय परिसंघ NACDAOR ने विपरीत दृष्टिकोण अपनाया है। उनके अनुसार यह इंदिरा साहनी जैसे ऐतिहासिक मामले में नौ न्यायाधीशों की पीठ के पहले के फैसले को कमजोर करता है, जिसने भारत में आरक्षण के लिए रूपरेखा स्थापित की थी। NACDAOR ने सरकार से इस फैसले को खारिज करने का आग्रह करते हुए तर्क दिया कि यह एससी और एसटी के संवैधानिक अधिकारों को खतरा पहुंचाता है। संगठन एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षण पर संसद के एक नए अधिनियम के अधिनियमन की भी मांग कर रहा है, जिसे संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करके संरक्षित किया जाएगा। तर्क ये है कि इससे इन प्रावधानों को न्यायिक हस्तक्षेप से बचाया जा सकेगा और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा मिलेगा।

    जाति-आधारित डेटा को तत्काल हो जारी

    NACDAOR ने सरकारी सेवाओं में SC/ST/OBC कर्मचारियों के जाति-आधारित डेटा को तत्काल जारी करने की भी मांग की है ताकि उनका सटीक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके। इसके अलावा समाज के सभी वर्गों से न्यायिक अधिकारियों और न्यायाधीशों की भर्ती के लिए एक भारतीय न्यायिक सेवा की स्थापना की भी मांग की जा रही है, जिसका लक्ष्य हायर ज्यूडिशियरी में SC, ST और OBC श्रेणियों से 50 फीसदी प्रतिनिधित्व लेना है। संगठन ने केंद्र और राज्य सरकार के विभागों के साथ-साथ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में सभी बैकलॉग रिक्तियों को भरने का आह्वान किया है। निकाय ने कहा कि सरकारी प्रोत्साहन या निवेश से लाभान्वित होने वाली निजी क्षेत्र की कंपनियों को अपनी फर्मों में सकारात्मक कार्रवाई की नीतियां लागू करनी चाहिए। NACDAOR ने दलितों, आदिवासियों और ओबीसी से बुधवार को शांतिपूर्ण आंदोलन में भाग लेने की अपील की है।

    ये हैं दो शर्त और मांग…

    1. एससी के भीतर किसी एक जाति को 100% कोटा नहीं दिया जा सकता।
    2. एससी में शामिल किसी जाति का कोटा तय करने से पहले उसकी हिस्सेदारी का पुख्ता डेटा होना चाहिए। इसके अलावा भारत बंद बुलाने वाले संगठनों की मांग है कि सुप्रीम कोर्ट कोटे में कोटा वाले फैसले को वापस ले या पुनर्विचार करे।

    समर्थन में आरजेडी सहित कई दल

    बसपा, आरजेडी और चिराग पासवान की पार्टी ने भी आरक्षण के मुद्दे पर बुलाए गए भारत बंद का समर्थन किया है। वहीं जीतन राम मांझी और उनकी पार्टी ने कहा कि वह बंद के खिलाफ हैं और इसका समर्थन नहीं करते। भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद, भारत आदिवासी पार्टी मोहन लात राउत का भी समर्थन मिल रहा है। समर्थन में कांग्रेस समेत कुछ पार्टियों के नेता भी हैं।

    शांति बनाए रखने को कड़े उपाय

    वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुलिस अधिकारियों ने बंद की तैयारी का आंकलन करने के लिए बैठक की। सभी संभागीय आयुक्त, जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने  बैठक में भाग लिया। उन्हें बंद के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए जिलों में अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात करने का निर्देश दिया गया है।

    खुली रहेंगी इमरजेंसी सेवाएं

    बंद के दौरान एम्बुलेंस, हॉस्पिटल और चिकित्सा सेवाओं सहित इमरजेंसी सेवाएं खुली रहेंगी। सरकारी दफ्तर, बैंक, पेट्रोल पंप, स्कूल और कॉलेज में सामान्य रूप से कामकाज होगा, वहीं सार्वजनिक परिवहन, रेल सेवाएं चालू रहेंगी।

  • Sabarmati Express Derail

    ट्रैक पर क्लैंप की मदद से बांधा गया था पटरी का टुकड़ा?

    टीटीई, गार्ड, वेंडर समेत 02 हजार लोगों के लिए जाएंगे बयान

    साबरमती ट्रेन को पलटाने की थी साजिश!

    कानपुर (एजेंसी)। वाराणसी से अहमदाबाद जाती साबरमती एक्सप्रेस को पलटाने की साजिश रची गई थी? मौके पर मिले पटरी के टुकड़े और क्लैंप से ट्रेन हादसे के पीछे साजिश की आशंका से इंकार कोई अधिकारी नहीं कर रहा है।

    साबरमती एक्सप्रेस (19168) के शुक्रवार देर रात पनकी क्षेत्र में बेपटरी हो गई थी। इस मामले को लेकर एटीएस, पुलिस, आरपीएफ के साथ ही अन्य जांच एजेंसियां सक्रिय हैं। जांच के दौरान करीब दो हजार लोगों के बयान लिए जाने की बात कही जा रही है। इसमें यात्रियों के अलावा टीटीई, गार्ड, वेंडर, क्रॉसिंग के गेटमैन आदि शामिल हैं। कुल मिलाकर अभी तक इस हादसे के पीछे किसी साजिश की आशंका से इंकार नहीं किया जा रहा!

    गौरतलब है कि गोविंदपुरी स्टेशन से होते हुए भीमसेन स्टेशन की ओर जाते समय पनकी क्षेत्र में रात के करीब ढाई बजे किसी चीज से टकराकर साबरमती एक्सप्रेस के इंजन सहित सभी 22 बोगियां बेपटरी हो गईं थीं। बाद में पास ही एक पुरानी पटरी का एक टुकड़ा और क्लैंप बरामद हुआ था। फोरेंसिक टीम ने आशंका जताई थी कि पटरी के टुकड़े को क्लैंप की मदद से ट्रैक पर बांधा गया था। इससे इस आशंका को बल मिला है कि ट्रेन को पलटाने की साजिश रची गई होगी! पनकी पुलिस ने सीनियर सेक्शन इंजीनियर महेंद्र प्रताप सिंह सिसोदिया की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने शनिवार शाम से लेकर रविवार दोपहर तक घटनास्थल के नजदीक की इकाइयों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज हासिल किए। फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पड़ताल की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने ट्रेन में सवार सभी 1702 यात्रियों समेत पूरे स्टाफ के बयान दर्ज करने के लिए निर्देशित किया है। पुलिस ने सोमवार को औद्योगिक इकाइयों के कुछ गार्ड समेत कई के बयान लिए।

    प्रयागराज एलआईयू और एटीएस

    हादसे की जांच के लिए रविवार दोपहर प्रयागराज से आई एलआईयू की टीम ने गोविंदपुरी और सेंट्रल स्टेशन पर पूछताछ की। ट्रैक पर काम कर रहे कर्मियों, स्टाफ, रेलवे इंजीनियर और औद्योगिक इकाइयों के गार्ड के बयान लिए। वहीं एटीएस की टीम ने हादसे वाले क्षेत्र का मौका मुआयना किया। ट्रैक देखने के बाद रेलवे अधिकारियों से बातचीत की। लोको पायलट और गार्ड से भी जानकारी जुटाई। एटीएस ने पनकी पुलिस से आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज मांगे हैं। बताया जा रहा है कि गोविंदपुरी स्टेशन के स्टाफ, रास्ते में पड़ने वाली रेलवे क्रॉसिंग के गेटमैन से भी जानकारी जुटाई जाएगी।

    जांच एसआईटी के हवाले

    साबरमती एक्सप्रेस हादसे की जांच के लिए डीसीपी पश्चिम ने इंस्पेक्टर पनकी मानवेंद्र सिंह ने नेतृत्व में एसआईटी गठित की है। टीम में अतिरिक्त निरीक्षक सुनील कुमार त्रिपाठी, डीसीपी पश्चिम कार्यालय में तैनात राकेश कुमार सिंह, एसआई पुष्पराज सिंह, मुजम्मिल हुसैन, प्रियंका यादव, कांस्टेबल सुधीर चौधरी, गौरव सिंह, कुलदीप यादव और महिला कांस्टेबल रीनू को शामिल हैं।

  • रक्षाबन्धन महोत्सव

    रक्षा करने वाले को बांध सकते हैं रक्षासूत्र

    प्राचीन काल से ही अपने देश के उत्सव एवं पर्व, सामाजिक, समरसता एवं सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ाने वाले रहे हैं। रक्षाबन्धन इसी परम्परा की एक सशक्त कड़ी है।

    रक्षा बन्धन को श्रावणी-पर्व भी कहा जाता है। प्राचीन काल में श्रावणी-पर्व शिक्षा से सम्बन्धित पर्व माना जाता था। उस समय अपने देश में वर्षा-काल में यातायात के सुलभ साधन उपलब्ध न होने के कारण विद्या अध्ययन केन्द्र (गुरुकुल), जो नगरों से दूर बाहर जंगलों में होते थे, एकान्तवास रहता था। शिक्षा संस्थान इन दिनों बन्द कर दिये जाते थे। ऐसे समय में आचार्यवृन्द श्रावणी-पूर्णिमा से स्वाध्याय-रत होकर अधिक ज्ञानोपर्जन हेतु एक वृहद यज्ञ के रूप में उपाकर्म करते जो श्रावणी से आरम्भ होकर मार्गशीर्ष-मास तक निरन्तर चलता था।

    समय के साथ-साथ इस पर्व का रूप भी परिवर्तित होता गया। इस पर्व का आरम्भ और विसर्जन एक ही दिन किया जाने लगा। स्कन्द पुराण के अनुसार श्रावणी-पूर्णिमा को प्रातः ब्रह्ममुहूर्त में विद्वान लोग ब्राह्मणादि (श्रृति-स्मृतिज्ञान में निपुण विद्वान) सरोवर में स्नान कर नवीन यज्ञोपवीत धारण करते थे तथा पितृ, ऋषि एवं देवताओं का तर्पण करने के पश्चात् राजाओं एवं अन्य बन्धु-बान्धवों तथा यजमानों के हाथ में शुद्ध स्वर्णिम सूत्र बान्धते हुए शुभ कामनाएं करते थे।

    वर्तमान में रक्षाबन्धन के त्योहार को आमतौर पर भाई-बहनों का पर्व मानते हैं लेकिन, अलग-अलग स्थानों एवं लोक परम्परा के अनुसार अलग-अलग रूप में रक्षाबन्धन का पर्व मानते हैं। वैसे इस पर्व का सम्बन्ध रक्षा से है। जो भी आपकी रक्षा करने वाला है, उसके प्रति आभार दर्शाने के लिए आप उसे रक्षासूत्र बांध सकते हैं।

    राखी या रक्षाबन्धन भाई और बहन के रिश्ते की पहचान माना जाता है। राखी का धागा बांध कर बहन अपने भाई से अपनी रक्षा का प्रण लेती है।

    रक्षा बन्धन का ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व भी है, लक्ष्मी जी ने बांधी थी राजा बलि को राखी

    राजा बलि ने यज्ञ संपन्न कर स्वर्ग पर अधिकार जमाने की कोशिश की थी। बलि की तपस्या से घबराए देवराज इंद्र ने भगवान विष्णु जी से प्रार्थना की। विष्णु जी वामन ब्राम्हण का रूप रखकर राजा बलि से भिक्षा अर्चन के लिए पहुंचे। गुरु शुक्राचार्य के मना करने पर भी बलि ने अपने संकल्प को नहीं छोड़ा और तीन पग भूमि दान कर दी। वामन रूपी भगवान ने तीन पग में आकाश-पाताल और धरती नाप कर राजा बलि को रसातल में भेज दिया। बलि ने भक्ति के बल पर विष्णु जी से हर समय अपने सामने रहने का वचन ले लिया। इससे लक्ष्मीजी चिंतित हो गईं। नारद जी के कहने पर लक्ष्मी जी बलि के पास गई और रक्षा सूत्र बांधकर उसे अपना भाई बनाया और संकल्प में बलि से विष्णु जी को अपने साथ ले आईं। उसी समय से राखी बांधने का क्रम शुरु हुआ जो आज भी अनवरत जारी है।

    रक्षासूत्र बांधकर देवासुर संग्राम में इंद्राणी ने दिलाई थी विजय

    सबसे महत्वपूर्ण घटना देवासुर संग्राम की है, जिससे रक्षा-सूत्र अथवा रक्षाबन्धन के महत्व का ज्ञान होता है। सर्व विदित है कि देव-दानव युद्ध बारह वर्षों तक चलता रहा। देवताओं की पराजय प्रायः निश्चित प्रतीत हो रही थी। देवराज इन्द्र युद्ध भूमि से भागने की स्थिति में आ गये थे। यह समाचार उनकी पत्नी शची (इन्द्राणी) ने देवगुरु बृहस्पति को जा कर सुनाया और अपने पति इन्द्र की विजय का उपाय पूछा। गुरु बृहस्पति के सुझाव से इन्द्राणी ने रक्षा-व्रत का आयोजन कर अपने सतीत्व बल के आधार पर देवराज इंद्र के दाहिने हाथ पर शक्ति-सम्पन्न रक्षा-सूत्र बांधते हुए कहा-

    येन बद्धो बलिः राजा
    दानवेन्द्रो महाबलः
    तेन त्वाम् अनुबध्नामि
    रक्षे माचल-माचलः

    “अर्थात जिस (रेशमी सूत्र) ने महाशक्तिशाली असुर-राज बलि को भी बाँध दिया, उसी रक्षा-सूत्र से मैं आपको बाँधती हूँ, आप अपने धर्म पर सदा अचल रहें। इस प्रकार शची (इन्द्राणी) द्वारा प्रदत्त सतीत्व बल आधारित रक्षा-कवच के प्रभाव से देवराज इन्द्र ने युद्ध में विजय पाई।”

    द्रौपदी ने बांधी थी भगवान कृष्ण को राखी

    राखी का एक कथानक महाभारत काल से भी प्रसिद्ध है। भगवान श्रीकृष्ण ने रक्षा सूत्र के विषय में युधिष्ठिर से कहा था कि रक्षाबंधन का त्यौहार अपनी सेना के साथ मनाओ इससे पाण्डवों एवं उनकी सेना की रक्षा होगी। श्रीकृष्ण ने यह भी कहा था कि रक्षा सूत्र में अद्भुत शक्ति होती है।

    रक्त रोकने के लिए बांधा धोती का कपड़ा

    शिशुपाल का वध करते समय कृष्ण की तर्जनी में चोट आ गई, तो द्रौपदी ने रक्त रोकने के लिए अपनी धोती (साड़ी) फाड़ कर उनकी उंगली पर बांध दी थी। यह भी श्रावण मास की पूर्णिमा का दिन था। भगवान ने चीरहरण के समय उनकी लाज बचाकर यह कर्ज चुकाया था। उसी समय से राखी बांधने का क्रम शुरु हुआ।

    वास्तव में यह पर्व सामाजिक समता व समरसता का पर्व है। इसमें समाज के सभी स्त्री-पुरुष, वर्ग व भेदभाव के एक दूसरे को रक्षा-सूत्र बाँधते हुए संकल्प लेते हैं कि मैं अपनी शक्ति व बल के आधार पर आपकी (जिस को रक्षा-सूत्र बाँधा जाता है) रक्षा करुंगा या करुंगी।

    प्रत्येक व्यक्ति का अपना-अपना बल है। उदाहरणार्थ – किसी में बुद्धि बल है तो किसी में ज्ञान बल है, इसी प्रकार बाहुबल, धन-बल, तबोबल, सतीत्व बल आदि-आदि सब में अपने-अपने हैं, जिसमें जो बल या शक्ति है, वह उसी के द्वारा सामने वाले की रक्षा करेगा।

    हम भी इस दिन परम वन्दनीय भगवाध्वज को रक्षा-सूत्र बाँध कर संकल्प करते हैं कि इस ध्वज की रक्षा का भार हम पर है। जिस समाज, राष्ट्र वा संस्कृति का यह पवित्र ध्वज प्रतीक है, हम उसकी रक्षा करेंगे। यह समाज का परस्परावलम्बी व अन्योन्याश्रित न्याय का पर्व है। ~ पनपा “गोरखपुरी” परमानंद पांडेय अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष भोजपुरी सेवा न्यास

    ~ पनपा “गोरखपुरी” परमानंद पांडेय अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष भोजपुरी सेवा न्यास

  • ~पनपा “गोरखपुरी” परमानंद पांडेय अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष भोजपुरी सेवा न्यास

    बंद करो ये नाटक राखी का …
    =================

    बहन से कलाई पर
    राखी तो बंधवा ली,
    ५०० रू देकर रक्षा
    का वचन भी दे डाला!

    राखी गुजरी, और
    धागा भी टूट गया,
    इसी के साथ बहन का
    मतलब भी पीछे छूट गया!

    फिर वही चौराहों पर
    महफिल सजने लगी,
    लड़की दिखते ही सीटी
    फिर बजने लगी!

    रक्षा बंधन पर आपकी
    बहन को दिया हुआ वचन,                                        आज सीटियों की
    आवाज में तब्दील हो गया !

    रक्षाबंधन का ये
    पावन त्यौहार,
    भरे बाजार में आज
    जलील हो गया !!

    पर जवानी के
    इस आलम में,
    एक बात तुझे
    ना याद रही!

    वो भी तो किसी
    की बहन होगी
    जिस पर छींटाकशी
    तूने करी !!

    बहन तेरी भी है,
    चौराहे पर भी जाती है,
    सीटी की आवाज उसके
    कानों में भी आती है!

    क्या वो सीटी तुझसे
    सहन होगी,
    जिसकी मंजिल तेरी
    अपनी ही बहन होगी?

    अगर जवाब तेरा हाँ है,
    तो सुन,
    चौराहे पर तुझे बुलावा है!
    फिर कैसी राखी, कैसा प्यार
    सब कुछ बस एक छलावा है!!

    बन्द करो ये नाटक राखी का,
    जब सोच ही तुम्हारी खोटी है!

    हर लड़की को इज़्ज़त दो,
    यही रक्षाबंधन की कसौटी है…

  • ब्रेकिंग न्यूज बिजनौर

    DIG के PRO अब संभालेंगे किरतपुर थाने की कमान

    DIG मुरादाबाद के PRO इंस्पेक्टर जय भगवान सिंह यादव का बिजनौर ट्रान्सफर।

    बिजनौर के किरतपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक बनाए गए।

    15 अगस्त को गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सराहनीय सेवा के लिए इंस्पेक्टर जय भगवान सिंह यादव को DIG मुरादाबाद द्वारा सम्मानित किया गया है।

    ~N Tv News
    ~News Distt Bijnor Group

  • पाताल लोक में रहेगा भद्रा का वास

    रक्षाबंधन पर कब तक भद्रा काल ?

    रक्षाबंधन पर भद्राकाल 19 अगस्त की रात 02.21 बजे से दोपहर 01.30 बजे तक रहेगा। सुबह 09.51 से 10.53 तक पर भद्रा पुंछ रहेगा। इसके बाद 10.53 से 12.37 तक भद्रा मुख रहेगा। भद्रा काल दोपहर 01.30 बजे  समाप्त हो जाएगा। ज्योतिषियों के अनुसार इस रक्षाबंधन पर भद्रा काल का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। दरअसल, चंद्रमा के मकर राशि में होने के कारण भद्रा का निवास पाताल लोक में रहेगा। इसलिए धरती पर होने वाले शुभ कार्य बाधित नहीं होंगे। अतः रक्षाबंधन पर किसी भी समय राखी बांधी जा सकती है।

    जिस लोक में वास, वहीं प्रभाव

    भद्रा जिस लोक में वास करती है, वहीं प्रभावी रहती है। ज्योतिष गणना के अनुसार चंद्रमा जब कर्क, सिंह, कुंभ या मीन राशि में होता है, तब भद्रा का वास पृथ्वी में होता है। वहीं जब चंद्रमा मेष, वृष, मिथुन और वृश्चिक राशि में रहता है तब भद्रा स्वर्गलोक में रहती है। जब चंद्रमा कन्या, तुला, धनु या मकर राशि में होता है तो भद्रा का वास पाताल लोक में माना गया है।

    भगवान शनि देव की बहन हैं भद्रा

    शास्त्रों के अनुसार रक्षाबंधन पर भद्रा काल रहने के दौरान राखी बांधना अशुभ होता है। भद्रा के शुरू होने से पहले या फिर भद्रा के खत्म होने के बाद ही राखी बांधी जाती है। पौराणिक कथा के अनुसार भद्रा भगवान सूर्य और पत्नी छाया की पुत्री व भगवान शनि देव की बहन हैं। भद्रा जन्म से ही बहुत ही चंचल और उग्र स्वभाव की थीं। भद्रा यज्ञों में विघ्न-बाधा और मंगल कार्यों में उपद्रव मचाती थीं। साथ ही सारे जगत को पीड़ा पहुंचाने लगी। एक मान्यता यह भी है कि रावण की बहन ने भद्रा काल में राखी बांधी थी, इस कारण प्रभु राम के हाथों रावण का वध हुआ। (समस्त जानकारी विभिन्न स्रोतों से प्राप्त कर प्रकाशित की गई है)

  • संस्कृतोत्सव
    मूल कन्नड लेखक – नं. श्रीकंठ कुमार
    हिंदी अनुवाद- डा. करुणालक्ष्मी के.एस.

    भाषा एक संचार साधन के रूप में जन्म लेकर बढती आयी है। हर एक भाषा का हजारों वर्ष का इतिहास देखने को मिलता है। दुनिया में हजारों भाषाएँ हैं, उनमें कई भाषाओं के लिए लिपि भी नहीं है, ऐसी भाषाएँ केवल संभाषण के रूप में चलती आयी हैं। संस्कृत अत्यंत प्राचीन भाषा मानी जाती है। यह भाषा भगवान के मुँह से निकली देवभाषा, गीर्वाण भाषा कही जाती है। उसकी प्राचीनता के संबंध में काल निश्चित करना संभव न होने पर भी प्राप्त जानकारी के अनुसार पाश्चात्यों ने ई.पू. 1500 तक इसकी प्राचीनता का अंदाजा लगाया है। यह भारतीयों के लिए गर्व का विषय है। यह मात्र प्राचीन ही नहीं, समृद्ध और वैज्ञानिक भी है और कई भाषाओं के लिए मातृस्वरूप है। हिंदी भाषा  तथा कन्नड,तेलुगु, मलयालम आदि क्षेत्रीय भाषाओं को समग्र रूप से जानने के लिए संस्कृत का ज्ञान अत्यंत पूरक है। अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के लिए उस भौगोलिक प्रदेश की पृष्ठ्भूमि रहती है। लेकिन संस्कृत ऐसी भौगोलिक सीमाओं से परे राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर की भाषा भी है। उसमें निहित वेद, दर्शन, रामायण, महाभारत, शाकुंतल आदि ग्रंथ वैश्विक स्तर पर पूजनीय माने जाते हैं। इतना ही नहीं, संस्कृत भाषा से अनूदित साहित्य से क्षेत्रीय भाषाएँ समृद्ध हुई हैं।
    संस्कृत भाषा और साहित्य ने विश्व को महत्वपूर्ण योगदान दिया है।  संस्कृत भाषा व साहित्य में कला और विज्ञान से संबंधित विशिष्ट बातों का उल्लेख है। सरल शब्दों में कला प्रतिभाप्रधान है। प्राचीन भारत में हर एक ज्ञान शाखा को और कला को ब्रह्मज्ञान पाने का पूरक मार्ग माना जाता था। कई संस्कृत ग्रंथों में कलाओं की संख्या 64 होने से और रामायण, महाभारत, पुराणादि ग्रंथ, वात्सायन कामसूत्र में भी 64 कलाओं का उल्लेख है। कंसवध के बाद सांदीपनी महर्षि के पास गुरुकुल में विद्या सीखने जाने पर श्री कृष्ण ने केवल 64 दिनों में 64 कलाएँ, 14 विद्याएँ सीखीं, ऐसा उल्लेख है। ऐसे ही  काव्य, विज्ञान, अर्थशास्त्र, गणित, न्यायालय के निर्णय, आयुर्वेद और प्रस्तुत समय में प्रसिद्ध संस्थाओं के ध्येयवाक्यों को भी संस्कृत में देख सकते हैं।

    संस्कृत और काव्य : कवि की कृति को ‘काव्य’ कहते हैं। लेकिन लिखनेवाला हर कोई कवि नहीं कहलाता। लिखा हुआ सब कुछ काव्य नहीं हो सकता। कवियों में पुराने जन्मों और अब के जन्म के उत्तम संस्कार, श्रेष्ठ गुरुओं के पास अध्ययन, उदात्त लोगों का निरंतर मार्गदर्शन, प्रवास, हर दिन पठन, चिंतन आदि होने चाहिए। तब जाकर वह कवि, महाकवि बन सकता है। वाल्मीकी जी दुनिया के प्रथम कवि माने जाते हैं। उनके द्वारा संसार को समर्पित रामायण ‘आदिकाव्य’ नाम से प्रसिद्ध है। सांकेतिक रूप से पाँच और कृतियाँ संस्कृत में महाकाव्य के रूप में प्रसिद्ध हैं। वे हैं – महाकवि कालिदास विरचित रघुवंश और कुमारसंभव, भारवी द्वारा रचित किरातार्जुनीय, माघ का शिशुपालवध और श्री हर्ष विरचित नैषधीयचरित। विश्वप्रसिद्ध पंचतंत्र के रचयिता विष्णुशर्मा, समकालीन कवि नागपुर के डा. श्रीधरभास्कर वर्णेकर द्वारा विरचित शिवराज्योदयम, ज्ञानपीठ पुरस्कृत संस्कृत महाकवि डा. सत्यव्रतशास्त्री विरचित रामकीर्तिमहाकाव्यम, बृहत्तर भारतम ऐसे कई महाकाव्य उल्लेखयोग्य हैं। राष्ट्रपति पुरस्कार से पुरस्कृत मैसूर के विद्वान डा. एच,वी.नागराजराव जी भारत के सुप्रसिद्ध संस्कृत महाकवि हैं, जिनके द्वारा रचित दसों शतक प्रसिद्ध हैं।


    संस्कृत और विज्ञान: संस्कृत विज्ञान में अत्यंत बडी मात्रा में उपलब्ध खगोलशास्त्र की ज्ञानराशि हमारे प्राचीनकाल से हमारे साथ ही है। यह अवधि ई.पू.6000 ई के ऋग्वेद के मंत्र से लेकर 14 वें दशक के सायणाचार्य जी की व्याख्या तक पसरी हुई है। वेदकाल के बाद ख्यात ऋषिसदृश कई प्रसिद्ध वैज्ञानिकों को हम देख सकते हैं। प्रमुख रूप से ईसा की 5 वीं सदी का आर्यभट, 7 वीं सदी का भास्कर-1, ईसा की 12 वीं सदी का भास्कर-2 आदि। ऐसा बताया जाता है कि सूर्यदेव के प्रकाश की किरणों की गति को 19वीं सदी के पाश्चात्य वैज्ञानिक मैखालसन और मार्ले नामक व्यक्तियों ने अन्वेषित किया । लेकिन प्राचीन भारत के वैज्ञानिक महर्षियों ने ई.पू. 6000 साल से पहले ही इसका अन्वेषण किया था, यह गर्व की बात है।

    संस्कृत और अर्थशास्त्र: अर्थशास्त्र अथर्ववेद का उपवेद है। यह राजनीति से संबंधित कई बातों की जानकारी देता है। आचार्य विष्णुगुप्त अर्थशास्त्र के प्रणेता है।  चाणक्य, कौटिल्य, आदि उनके उपनाम हैं| जीवन निर्वाह के लिए जो आवश्यक है उसे कौटिल्य ने अर्थ कहा है। इस अर्थ के लाभ और संरक्षण के क्रम को अर्थशास्त्र विस्तृत रूप से जानकारी देता है। चाणक्य ने राज्य  की रक्षा, किले, चार सांप्रदायिक विद्याएँ, चार राजकीय उपाय, छः प्रकार के विदेश नीति, मंडल व्यवस्था, राजा के दंडनाधिकार, मंत्रि परिषद की रचना, राजा द्वारा अपने पुत्र, पत्नी, बंधुओं की परीक्षा करने का विधान, राजा की मृत्यु पर मंत्री का कार्यभार, शत्रुओं का सामना करने के तंत्र, रक्षा के उपाय, गूढचर्या, विभिन्न विभागों के अध्यक्षों के कार्य, शिक्षा विधान आदि विचारों को कौटिल्य ने विस्तार से समझाया है।  पहली बार कौटिल्य के अर्थशास्त्र ग्रंथ का संपादन  करके मैसूर के रुद्रपट्टण के डा.आर.शामशास्त्री जी ने ग्रंथरूप में प्रकाशित किया। 1909 में इसे दुनिया में पहली बार मुद्रित करके प्रकाशित करने का गर्व मैसूर के प्राच्यविद्यासंशोधनालय का है।

    संस्कृत और गणित : एक समय था, जब गणित को संस्कृत भाषा में पढाया जाता था। आज इसे सुनकर आश्चर्य होता है। किसी भी विषय को लय के द्वारा समझाने से मन को न केवल आह्लाद मिलता है, बल्कि वह ज्यादा समय तक मन में टिक भी जाता है, यह अनुभवजन्य सत्य है। इसलिए गणित जैसे कठिन  विषय को भी लय, छ्न्दोबद्ध पदों के द्वारा न केवल सुस्पष्ट रूप से बल्कि सुलभ रीति से समझाया जाता था। हमारे स्कूलों-कालेजों में सिखाये जा रहे कई गणित प्रमेय पहले संस्कृत साहित्य में मौजूद थे, यह बात आज भी बहुत लोग नहीं जानते। इतिहास यह बताता है कि आज प्रौढशाला में सिखाया जानेवाला ‘पैथागोरस प्रमेय’ ईसा के 500 वर्षों से पहले ही अन्वेषित था।  बताया जाता है कि उससे भी पहले ई.पू.600 सालों से पूर्व इस प्रमेय को संस्कृत के शुल्बसूत्रों में बताया गया था। शुल्ब सूत्र अपस्तंब, बोधायन, मानन, कात्यायन आदि पंडितों द्वारा बताया गया था। विज्ञान को न्यूटन से कई शतक पहले हमारे यहाँ प्रतिपादित करनेवाले थे द्वितीय भास्कराचार्य, जिनको हम कैल्कुलस के पितामह कह सकते हैं। त्रिकोन मति के विकास के लिए कारणीभूत प्रथम आर्यभट, द्वितीय आर्यभट, ब्रह्मगुप्त तथा माधव आदि का स्मरण करना अत्यंत आवश्यक है।

    संस्कृत और न्यायालय: आज न्यायालयों में कई संदर्भों में वकालत करते समय साक्षी को महत्व दिया जाता है। हर कोई भरोसेमंद साक्षी नहीं बन सकता।  उसके लिए कई मानदण्ड हैं। जो साक्षी देता है, उसे सत्य ही बोलना है, वह भरोसेमंद व्यक्ति होना चाहिए, आत्मविश्वासी होना चाहिए, निर्भीत होना चाहिए ऐसे गुणों का उल्लेख किया जा सकता है। इसे कई हजार साल पहले हमारे संस्कृत ग्रन्थों में स्पष्ट रूप से उल्लेखित किया गया है। यह कोई अतिशयोक्ति नहीं है। याज्ञवल्क्य स्मृति में आनेवाले व्यवहाराध्याय में साक्षी के गुणधर्मों की विवेचना की गई है। इतना ही नहीं, याज्ञवल्क्य स्मृति के प्रसिद्ध व्याख्याता विज्ञानेश्वर लिखित मिताक्षर नामक ग्रंथ का अनुसरण करके ही सर्वोच्च न्यायालय में कई निर्णय प्रकट होते हैं, यह ध्यान देने योग्य बात है।

    संस्कृत और आयुर्वेद : आयुर्वेद मात्र भारतीयों को नहीं, विदेशियों को भी अपनी ओर खींचनेवाली विशिष्ट पद्धति है। आयु यानी आयुष्य, वेद यानी विज्ञान। अपनी संपूर्ण जीवतावधि को स्वस्थ होकर बिताने के लिए पालन किए जानेवाले विधानों के निरूपण के बारे में आयुर्वेद में महत्व दिया गया है। कई हजार साल पहले भूमि पर लोगों में रोग दिखाई देने पर ऋषिमुनिगण भगवान की शरण में जाते हैं। बताया जाता  है कि तब ब्रह्मदेव ने आयुर्वेद शास्त्र का विवरण दिया। गुरु शिष्य परंपरा में कई ऋषियों ने इसके बारे में अध्ययन करके ग्रंथों की रचना की  है। चरक संहिता, सुश्रुत संहिता, वाग्भट के ग्रंथ, प्राचीन तथा प्रमुख आयुर्वेद विज्ञान के ग्रंथ माने जाते हैं। आयुर्वेद ग्रंथों की रचना संस्कृत में हुई है। संस्कृत से विविध भाषाओं में अनूदित ग्रंथ अध्ययन के लिए उपलब्ध हैं। भाषांतर ग्रंथों से आयुर्वेद का परिचय मिलता है, फिर भी विषय के यथावत ग्रहण के लिए संस्कृत का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है।

    संस्कृत और पत्रिका: ‘सुधर्मा’ संस्कृत की एकमात्र दिन पत्रिका है। 1970 के जुलाई 15 को पंडित के.एन.वरदराज अय्यंगार जी ने मैसूर के श्रीमन्महाराजा संस्कृत पाठशाला की श्री गणपति सन्निधि में पत्रिका आरंभ की। वे खुद उस पत्रिका के संपादक तथा प्रकाशक थे। वे सतत 20 साल संस्कृत पत्रिका का प्रकाशन करके भाषा प्रेमियों की प्रशंसा के पात्र बने। तब पत्रिका का मूल्य मात्र पाँच पैसे थे। इतना ही नहीं, 1976 में केंद्र सरकार ने आकाशवाणी में संस्कृतवार्ता का प्रसारण आरंभ किया। इसके कारणीभूत थे श्री वरदराज अय्यंगार्। श्री के.वरदराज अय्यंगार जी के निधन के बाद उनके पुत्र विद्वान श्री के.वी.संपतकुमार जी ने संस्कृत भाषा के प्रचार और प्रसार को ‘सुधर्मा’ का ध्येयोद्देश मानते हुए कई उतार चढाव के बाद भी पत्रिका चलाते रहे। सारे विश्व में ‘सुधर्मा’ संस्कृत दिनपत्रिका के रूप में सफल हुई तथा उसने दुनिया को कई लेखकों का परिचय कराया। विद्वानों द्वारा रचित कई पुस्तकों का ‘सुधर्मा’ ने प्रकाशित किया है। संस्कृत भाषा से संबंधित  पुस्तक मेला का आयोजन करके संस्कृत भाषा और कई प्रकाशकों को प्रोत्साहन दे रहा है। 2019 में पत्रिका ने सुवर्ण वर्षोत्सव का आचरण किया, यह हर्ष का विषय है। 2020 में ‘सुधर्मा’ पत्रिका के संपादक श्री के वी संपतकुमार तथा श्रीमति जयलक्ष्मी जी को केंद्र सरकार ने ‘पद्मश्री’ पुरस्कार से सम्मानित किया है। 2021 में श्री संपतकुमार जी के निधन के बाद उनकी पत्नी जयलक्ष्मी जी ने आर्थिक संकष्टों के बावजूद भी पत्रिका के प्रसारण जारी रखा है, यह खुशी की बात होने पर भी पत्रिका के प्रसारण के लिए संस्कृत प्रेमियों की सहायता अत्यंत आवश्यक है।
    आज के दिनों में विद्यार्थी तथा इतर भाषाप्रेमी संस्कृत सीखने की ओर अत्यंत रुचि से प्रवृत्त हो रहे हैं। विदेशों में भी संस्कृत के बारे में आदर की भावना व्यक्त होकर उसको सीखने की तरफ लोगों का मुडना हम भारतीयों के लिए गर्व का विषय है। इस दिशा में सरकार देश के सभी विद्यालय, शोध संस्थान और निजी संघ-संस्थानों में भी श्रावण पूर्णिमा के संदर्भ में पिछले तीन दिन और अगले तीन दिन कुल मिलाकर एक सप्ताह भर संस्कृत सप्ताह मनाते हुए, इस सप्ताह में संस्कृत भाषा सीखने के लिए प्रोत्साहन दे रही है, यह हर्ष का विषय है। 
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    – गौरव अवस्थी (लेखक वरिष्ठ पत्रकार साहित्यकार हैं। दैनिक हिंदुस्तान रायबरेली और लखनऊ से जुड़े रहे हैं)

  • प्राप्त होता है त्रिदेव और तीनों महादेवियों का आशीर्वाद

    राखी बांधने से पहले भाइयों की कलाई पर बांधे कलावा

    बहनों को भाईयों की कलाई पर राखी बांधने से पहले कलावा बांधना चाहिए। कलावा बांधने से तीनों देव अर्थात त्रिदेव और तीनों महादेवियों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। भाई के हाथ में पुष्प या कोई भी शुभ वस्तु रखकर कलावा बांधने से बल, बुद्धि, विद्या और धन की प्राप्ति होती है। आयुर्वेद शास्त्र में यह बताया गया है कि शरीर के कई प्रमुख अंगों तक पहुंचने वाली नसें कलाई से होकर गुजरती हैं। ऐसे में इस स्थान पर रक्षासूत्र बांधने से त्रिदोष यानी वात, पित्त और कफ से संबंधित समस्या दूर रहती हैं।

    Pt. Lalit Sharma

    रक्षाबंधन का त्योहार श्रावण माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के मस्तक पर टीका लगाकर रक्षा का बंधन बांधती हैं, जिसे राखी या रक्षा सूत्र कहते हैं। यह एक ऐसा पावन पर्व है जो भाई बहन के पवित्र रिश्ते को पूरा आदर और सम्मान देता है। यह ब्राह्मणों का सर्वोपरि त्योहार माना जाता है। इस दिन ब्राह्मण बंधु नवीन यज्ञोपवीत धारण करते हैं। अमरनाथ की अति विख्यात धार्मिक यात्रा रक्षाबंधन के दिन संपूर्ण होती है।

    क्या है शुभ मुहूर्त …

    बिजनौर सिविल लाइन स्थित धार्मिक संस्थान विष्णुलोक के ज्योतिषविद पंडित ललित शर्मा ने बताया कि 19 अगस्त 2024 दिन सोमवार को पूर्णिमा तिथि प्रातः 03 बजकर 04 मिनट से प्रारंभ हो जाएगी, रात्रि 11 बजकर 55 मिनट पर समाप्त होगी। 19 अगस्त को दोपहर 01 बजकर 31 मिनट के बाद ही रक्षाबंधन का शुभ कार्य करना प्रशस्त होगा। परन्तु आवश्यक परिस्थिति में प्रातः 09 बजकर 51 से 10 बज कर 54 मिनट तक रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा सकता है।

    रक्षाबंधन पर बन रहे हैं 3 शुभ योग

    इस साल रक्षाबंधन पर्व सावन के आखिरी सोमवार को है। इस दिन 03 शुभ योग बन रहे हैं। इस बार रक्षाबंधन पर्व पर सर्वार्थ सिद्धि योग, शोभन योग और रवि योग बन रहे हैं। इन शुभ योग में किए गए कार्य शुभफल देने वाले होते हैं।

  • क्या बोले प्रदेश अध्यक्ष, कौन कर रहा साजिश!

    Haridwar Congress News

    ~रतनमणी डोभाल

    क्या हरिद्वार के महानगर अध्यक्ष अमन वर्मा हटाए जाएंगे। क्या उनकी जगह कोई नया अध्यक्ष लाया जाएगा। सवाल ये भी है कि अमन गर्ग के खिलाफ कौन साजिश कर रहा है। क्या पार्टी के भीतर से ही उनकी कुर्सी हिलाने का षड़यंत्र रचा जा रहा है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि वो कौन है जिसके बारे में आला नेताओं को भी जानकारी है और जो पार्टी के भीतर माहौल खराब करने का प्रयास कर रहा है। महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग को हटाए जाने पर प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने क्या बोला। पूरी खबर नीचे तक पढ़ें।

    कहां से आई खबर ?

    असल में पछवा देहरादून के अध्यक्ष को लेकर हाईकमान ने क्लीयर नहीं किया है। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने हाईकमान को पत्र लिखा है। इस बीच खबरें मीडिया में आईं और पछवा दून के साथ ही हरिद्वार महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग का भी जिक्र छिड़ गया। ऐसा इसलिए कि अमन गर्ग पहले कार्यकारी महानगर अध्यक्ष थे और सतपाल ब्रह्मचारी महानगर अध्यक्ष। सतपाल ब्रह्मचारी सोनीपत से सांसद बन गए और उनकी जगह अमन गर्ग को कमान मिल गई, लेकिन अब अमन गर्ग को हटाए जाने की चर्चा या कहें अफवाह फैलाई जा रही है?

    कौन कर रहा है साजिश ?

    सवाल सबसे बड़ा ये है कि अमन गर्ग के खिलाफ साजिश कौन कर रहा है। क्या उनके अपने ही ऐसा कर रहे हैं या फिर कोई दूसरा गुट इसमें लगा है? सूत्रों के मुताबिक नगर निकाय चुनाव में अमन गर्ग खासे सक्रिय हैं और कोरीडोर मामले में आक्रामक हैं। संभावना है कि कांग्रेस के भीतर का ही एक गुट इसे हवा दे रहा हो!

    क्या बोले प्रदेश अध्यक्ष ?

    प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने कहा कि हरिद्वार महानगर अध्यक्ष को हटाए या बदले जाने की कोई चर्चा नहीं है। सिर्फ पछवा दून के अध्यक्ष को लेकर कुछ असमंजस है, जिसको लेकर पत्र लिख दिया गया है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार को लेकर प्रश्न उठना पूरी तरह निराधार है। कौन ये सब कर रहा है कि पार्टी उन पर नजर रख रही है। पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है। ऐसा ना करने पर पार्टी एक्शन ले सकती है।

  • अखंड भारत संकल्प दिवस कार्यक्रम में बोले क्षेत्र संगठन मंत्री

    बड़ी संख्या में उपस्थित हुए बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता

    राष्ट्र प्रथम की भावना से काम करें कार्यकर्ता: सोहन सोलंकी

    बिजनौर। नगर स्थित एक बैंकट हॉल में बजरंग दल की ओर से अखंड भारत संकल्प दिवस मनाया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मेरठ क्षेत्र के क्षेत्र संगठन मंत्री सोहन सोलंकी ने कहा कि कार्यकर्ता राष्ट्र प्रथम की भावना से काम करें। उन्होंने कहा कि आज बजरंग दल हिंदुओं की सुरक्षा में अग्रिम भूमिका निभा रहा है, जिससे दूषित मानसिकता वाले लोग पूरी तरह भयभीत हैं। कार्यक्रम में जिले भर के हजारों कार्यकर्ता हिंदू समाज के लोग शामिल हुए। इस दौरान शक्ति चौक पर भारत माता की आरती का आयोजन किया गया।

    अखंड भारत संकल्प दिवस पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए क्षेत्र संगठन मंत्री सोहन सोलंकी ने कहा कि आज बजरंग दल देश का ऐसा दल है जो संपूर्ण हिंदू समाज की सुरक्षा में अपना सर्वस्व निछावर कर सेवा सुरक्षा संस्कार की भावना से काम कर रहा है। लव जिहाद की घटना हो या धर्मांतरण, गौ हत्या हो या मठ मंदिर की सुरक्षा बजरंग दल के कार्यकर्ता हमेशा होने वाले इन हिन्दू समाज के विरुद्ध षड्यंत्रों को ध्वस्त करने में अग्रिम भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. खेमेन्द्र सिंह व संचालन जिला संयोजक अरुण चौधरी ने किया।

    इस अवसर पर प्रांत सह मंत्री जितेंद्र चौधरी, प्रांत सह सत्संग प्रमुख कैलाश उपाध्याय, प्रांत समरसता प्रमुख रिशिपाल सिंह, विभाग मंत्री मनोज शर्मा, विभाग संगठन मंत्री जेलेश, विभाग संयोजक आशीष बालियां, जिला अध्यक्ष राजीव गोयल, जिला मंत्री सौरभ शर्मा, जिला सह मंत्री सुनील वर्मा, जिला संयोजक अरुण चौधरी, जिला सत्संग प्रमुख सीपी सिंह, प्रचार प्रमुख राजनरेंद्र आदि उपस्थित रहे।

    भारत माता की आरती में हुए हजारों लोग शामिल

    बिजनौर नगर स्थित शक्ति चौक पर भारत माता की आरती में जनपद के सभी प्रखंडों से पहुंचे विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के हजारों कार्यकर्ता व हिंदू समाज के लोग शामिल हुए।

  • गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने रोड पर शव रख कर लगा दिया जाम

    नजीबाबाद गजरौला पैसेंजर ट्रेन को भी एक घंटे रोके रखा

    गुलदार ने बेटों के सामने महिला को मार डाला

    बिजनौर/चाँदपुर। हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पिलाना के जंगल में एक महिला पर गुलदार ने हमला कर मार डाला। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने महिला का शव रोड पर रख कर जाम लगा दिया। इसी बीच वहां से निकल रही नजीबाबाद गजरौला पैसेंजर ट्रेन को भी रोक दिया। पुलिस के समझाने पर ग्रामीणों ने करीब एक घंटे बाद ट्रेन को जाने दिया। ग्रामीण गुलदार को नरभक्षी घोषित कर उसे मारने की मांग कर रहे थे।

    हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के गांव पिलाना के जंगल स्थित खेतों पर संतोष देवी (60 वर्ष) शनिवार सुबह अपने दो बेटों अमोद व सुबोध के साथ गई थी। दोनों लड़के खेत पर काम कर रहे थे, मां समीप ही डोल पर बैठी थी। इसी बीच गुलदार (तेंदुए) ने महिला पर हमला कर दिया। चीख सुनकर दोनों बेटों ने लाठी डंडों से गुलदार को भगाने का भरपूर प्रयास किया, लेकिन तब तक महिला की मौत हो गई। इसके बाद गुलदार जंगल की तरफ भाग गया।

    महिला की मौत की सूचना मिलते ही आसपास के कई गांवों के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने चांदपुर – अम्हेड़ा मार्ग पर बैलगाड़ी पर मृतका के शव को रखकर जाम लगा कर हंगामा प्रदर्शन शुरू कर दिया। रोड जाम के दौरान नजीबाबाद गजरौला पैसेंजर ट्रेन गुजर रही थी। भारी तादाद में ग्रामीणों ने पिलाना गांव के रेलवे फाटक पर पहुंच कर ट्रेन को रोक दिया।

    इसके बाद पुलिस रेलवे ट्रैक पर पहुंची और ग्रामीणों को समझा बुझाकर करीब एक घंटे बाद ट्रेन को आगे रवाना किया जा सका। ग्रामीण गुलदार को नरभक्षी घोषित कर उसे मारने की मांग कर रहे थे। किसान यूनियन और राष्ट्रीय लोकदल के पदाधिकारी कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। परिजन और ग्रामीण मौके पर डीएफओ से लेकर डीएम तक को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़ गए। मामला बढ़ता देख प्रशासन की ओर से कई थानों की पुलिस बुला ली गई।

    वहीं थाना हीमपुर दीपा क्षेत्रान्तर्गत जंगली जानवर (गुलदार) के हमले में महिला की मृत्यु हो जाने पर जिलाधिकारी अंकित अग्रवाल एवं पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार एवं स्थानीय ग्रामीणों से घटना के संबंध में जानकारी / वार्ता की गई। साथ ही पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद किये जाने हेतु सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गए।

    25 दिन में चार घटनाएं

    गुलदार ने पिछले 25 दिन में अब तक क्षेत्र की चार महिलाओं पर हमला किया। पिछले महीने गांव की ही नवयुवती को मौत के घाट उतार दिया था। उसके बाद समीपवर्ती गांव ताहरपुर की महिला को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। दो दिन पहले ही सिसौना गांव की महिला पर हमला किया था। वह जिला अस्पताल में भर्ती है। आज फिर महिला पर हमला कर मार डाला। करीब 25 दिन के अन्दर चार घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश है। इस मामले में वन रेंजर दुष्यंत सिंह ने बताया कि नवयुवती पर हमले के बाद से इलाके में पिंजरे लगे हुए हैं। गुलदार पिंजरे में आ नहीं रहा है। उन्होंने बताया कि एक पिंजरा अखलासपुर में, दो पिंजरे पिलाना में, एक पिंजरा ताहरपुर में, एक पिंजरा सिसौना में लगा हुआ है। इसके अलावा कई ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं।

  • हादसे के वक्त करीब 90 किलोमीटर प्रति घंटे थी रफ्तार

    16 ट्रेनों को किया गया रद्द, 10 के बदले गए रूट

    साबरमती एक्सप्रेस के 22 डिब्बे पटरी से उतरे

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नगरी कानपुर में गोविंदपुरी स्टेशन के आगे साबरमती एक्सप्रेस के 22 डिब्बे पटरी से उतर गए। घटना होल्डिंग लाइन के पास शनिवार तड़के करीब 02.35 बजे की बताई गई है। हादसे के वक्त ट्रेन की रफ्तार करीब 90 किलोमीटर प्रति घंटे थी। बताया गया है कि किसी भारी वस्तु से टकरा कर डिब्बे पटरी से उतरे। डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।

    भारतीय रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार ट्रेन संख्या 19168, साबरमती एक्सप्रेस वाराणसी से अहमदाबाद जा रही थी। इसी बीच कानपुर और भीमसेन स्टेशन के बीच एक ब्लॉक सेक्शन में तीन पटरी से उतर गई। हादसे में किसी प्रकार की कोई जनहानि नहीं हुई है। हादसा कानपुर शहर से 11 किमी दूर भीमसेन और गोविंदपुरी स्टेशन के बीच हुआ।

    मौके पर रेलवे, पुलिस व फायर विभाग के आलाधिकारी पहुंच गए। राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। यात्रियों को बसों व थ्री फेज मेमू से सेंट्रल स्टेशन पहुंचाया जा रहा है। चालक के अनुसार, प्रथम दृष्टया एक बोल्डर इंजन से टकराया, जिससे इंजन का कैटल गार्ड बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो कर झुक गया। हादसे के वक्त ट्रेन की रफ्तार करीब 90 किलोमीटर प्रति घंटे थी। इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका गया। घटनास्थल पर पहुंचे तमाम अधिकारी जांच कर रहे हैं। शुरुआती जांच में हादसे वाली जगह पर तीन फीट की पुरानी रेलवे पटरी मिली है। ट्रैक बनाने के लिए कानपुर लोको शेड से एआरटी पहुंची, जबकि झांसी और प्रयागराज मंडल से भी एआरटी बुलाई गई। ट्रैक ठीक करने के लिए आधा दर्जन से अधिक जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं। ट्रैक के कल शाम तक ठीक होने की उम्मीद है। रेल अफसरों ने बताया- हादसे से 1 घंटे 20 मिनट पहले पटना-इंदौर एक्सप्रेस ट्रैक से गुजरी थी, तब तक ट्रैक सुरक्षित था। हादसे के बाद 16 ट्रेनों को रद्द किया गया। 10 ट्रेनों के रूट बदले गए हैं।

    मौके पर पहुंचे कानपुर पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने आसपास के लोगों से पूछताछ की। पटरी के टुकड़े को भी देखा। आशंका जताई जा रही है कि इसी टुकड़े को पटरी पर रखा गया था, जिस वजह से ट्रेन डिरेल हुई। हादसे से पटरियां उखड़ गईं। लोहे की क्लिप उखड़ कर दूर जा गिरी। नॉर्दन सेंट्रल रेलवे के जीएम उपेंद्र चंद्र जोशी ने कहा कि हादसा इंजन के किसी चीज से टकराने से हुआ है।

    कानपुर और भीमसेन स्टेशन के बीच एक ब्लॉक सेक्शन में साबरमती एक्सप्रेस के 22 डिब्बे पटरी से उतर गए हैं। किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। सभी यात्रियों को बस से वापस स्टेशन भेजा जा रहा है~ राकेश वर्मा एडीएम।



    रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने X पर ट्वीट कर कहा कि ट्रेन का इंजन पटरी पर रखी किसी भारी चीज से टकराया। इंजन पर टकराने के निशान हैं। सबूत सुरक्षित रखे गए हैं। IB और UP पुलिस जांच कर रही है।

  • जहां देखो लगा है मोबाइल का रोग: डा. नरेंद्र सिंह

    हमें अपने कर्तव्य के प्रति रहना है सजग: सीएमओ

    बिजनौर। स्वतंत्रता दिवस आजादी का अमृत महोत्सव मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में धूमधाम से मनाया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय परिसर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय कुमार गोयल ने ध्वजारोहण किया। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें अपने कर्तव्य के प्रति सजग रहना है। कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करते रहना है। तभी हम, हमारा देश आगे बढ़ सकता है। आज हमारा देश पांचवें स्थान पर है। देश का गौरव बुलंदियों पर बढ़ा है। इसलिए हमें अपने कर्तव्य करते रहने चाहिए।

    नशा मुक्ति अभियान को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता

    योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान से डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने कहा कि देश जिस तरह से तरक्की कर रहा है, उसको नकारा नहीं जा सकता परंतु पूरे भारत में नशा मुक्ति अभियान चलाना अति आवश्यक है नहीं तो देश आर्थिक मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर हो जाएगा। आने वाले 10 वर्षों में आंखों के रोगी 10 करोड़ और बहरे 15 करोड़ हो जाएंगे। इसका मुख्य कारण मोबाइल का नशा है, जो बच्चों, युवाओं महिलाओं में सब जगह फैला है। हवा में चलते-चलते बस में सफर करते-करते, यात्रा करते-करते जहां देखो मोबाइल का रोग लगा है। जहां तक मोबाइल के फायदे हैं, उससे ज्यादा बच्चों, बड़ों को नुकसान हुआ है। हम पाश्चात्य सभ्यता का अनुसरण करने लगे हैं। नशा मुक्ति अभियान भारत सरकार द्वारा स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर पूरे देश में चलाया जा रहा है और इसको जन आंदोलन बनाने की अति आवश्यकता है नहीं तो बीड़ी सिगरेट तंबाकू शराब टेलीविजन मोबाइल के नशे से लोग ग्रस्त होकर कमजोर हो जाएंगे और देश आर्थिक रूप से कमजोर हो जाएगा। 05 लाख तक का इलाज आयुष्मान कार्ड से सरकार ने घोषित किया है। इससे आर्थिक हानि होने की संभावना है। सबसे अच्छा तो यही है की रोग ही ना हो और हमारा भारत नशे से मुक्त हो। छोटी सी छोटी बीमारियों का इलाज हमारी रसोई घर में उपलब्ध है तथा आसपास की खड़ी जड़ी बूटियां उनका समाधान कर सकती हैं। असाध्य रोग होने पर हमारे चिकित्सक हमारे देश में अस्पताल आपकी सेवा के लिए तत्पर हैं। बिना परामर्श के कोई भी दवाई लेना हानिकारक है। इस अवसर पर नशा मुक्ति अभियान के लिए ओपी शर्मा जिला अध्यक्ष इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन ने नाटक प्रस्तुत किया…”यह सब सर पर”।

    इस अवसर पर चिकित्सा स्वास्थ्य रेड क्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से टीकम सिंह सेंगर ने स्वास्थ्य के बारे में अपने विचार रखे। कार्यक्रम में रॉबिन बाबू, रोहित कुमार, प्रमोद रंजन, डॉक्टर गजेंद्र कुमार शर्मा, डॉक्टर अरुण कुमार, पंडित रमाकांत, सोमनाथ शर्मा, देवेंद्र चौहान उपस्थित रहे।

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय कुमार गोयल ने डॉक्टर नरेंद्र सिंह योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा आहार चिकित्सक डा. गजेंद्र कुमार शर्मा, सोमदत्त शर्मा, प्रमोद रंजन, डॉ. अरुण कुमार, रामनाथ सिंह, ओपी शर्मा को योग और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में कार्य करने के लिए प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया।

  • हिंदुओं का शंखनाद…

    संतों के नेतृत्व में हजारों की संख्या में सड़कों पर उतरा हिंदू समाज

    कलक्ट्रेट पहुंच कर जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

    बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार बंद करो के नारों से गूंजा बिजनौर

    बिजनौर। संत समाज के आह्वान पर समस्त हिंदू समाज सड़कों पर उतर आया। हजारों की संख्या में रामलीला ग्राउंड से बांग्लादेश के हिंदुओं पर अत्याचार बंद करो, बंद करो के नारे बिजनौर नगर की सड़कों पर गूंज उठे। संत समाज के नेतृत्व में हजारों हिंदू, सामाजिक संस्था, मंदिर समिति, व्यापार मंडल, चिकित्सक, एडवोकेट आदि समाज के लोग कलक्ट्रेट पहुंचे और प्रधानमंत्री (भारत सरकार) के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस दौरान संतों ने कहा किसी भी रूप में बांग्लादेशी में हिंदुओं पर अत्याचार, माता बहनों के साथ अप्रिय घटनाएं, देव स्थलों की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।

    बड़ी संख्या में  कलेक्ट्रेट पहुंचे साधु संतों के नेतृत्व में हिंदू समाज के लोगों को संबोधित करते हुए महंत श्री 108 नरेंद्र गिरी जी महाराज ने कहा कि समूचा विश्व बांग्लादेश में हो रही अमानवीय हिंसा से अवगत है, लेकिन वहाँ हो रही हिंसा अब हिन्दू विरोधी हो चुकी है, जिस कारण वहाँ हिंदुओं की महिलाओं, पुरुषों व बच्चों पर अत्याचार हो रहा है। हिंदुओं के व्यापारिक स्थलों व धार्मिक स्थलों में लूट-पाट व आगजनी की जा रही है। हिंदुओं के घरों में घुसकर माता-बहनों व छोट-छोटे बच्चों के साथ अत्याचार किया जा रहा है, जो कि बहुत निंदनीय व दर्दनाक घटना है। अब समूचा हिन्दू समाज यह सहन नहीं करेगा। उन्होंने कहा बहुत ही दुःख का विषय है कि पूरे विश्व में कोई भी देश हिन्दुओं की हो रहीं निर्मम हत्याओं, लूटपाट, धार्मिक स्थलों व व्यापारिक स्थलों पर तोड़फोड़ के खिलाफ आवाज उठाने से परहेज कर रहा है। प्रधानमंत्री भारत सरकार से ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि वहां अन्तरिम सरकार का गठन हो चुका है। अतः आप तत्काल प्रभाव से उस सरकार से वार्ता कर या अन्तराष्ट्रीय स्तर पर हिन्दुओं के साथ हो रहे अत्याचारों पर अपना विरोध दर्ज कराकर, पूर्ण विराम लगाने व आरोपियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही कराने के लिए बांग्लादेश की सरकार को बाध्य करें। इस दौरान उन्होंने भारतवर्ष की पुण्य भूमि को अवैध रोहिंग्या मुस्लमानों से मुक्त कर देने की भी मांग की। साथ ही कहा कि हिन्दुओं के साथ हो रहे अत्याचारों को रोकने के लिए ठोस उचित कदम अतिशीघ्र उठाए जाएं, जो बहुत जरूरी है।

    संतों के आह्वान पर जनाक्रोश रैली में बड़ी संख्या में शामिल हुए हिंदू समाज के लोग

    बिजनौर। काकरान वाटिका निकट शिव मंदिर से संत समाज जूना अखाड़ा के महंत श्री श्री 108 महंत नरेंद्र गिरी महाराज ने अन्य संतों के साथ जनपद बिजनौर में प्रेस वार्ता कर संत समाज, हिंदू समाज, सामाजिक संस्था व्यापार मंडल, हिंदू संगठनों, मंदिर समिति अन्य सामाजिक संगठनों आदि से आह्वान किया था कि बांग्लादेश में हो रहे हिंदुओं पर हमले, बहन बेटियों के साथ हो रही घृणित घटनाएं व मंदिरों में आगजनी आदि की घटनाओं को शीघ्र विराम लगाया जाए। इसे हिंदू समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने संपूर्ण जिले के हिंदू समाज को एकत्र होकर 16 अगस्त को नगर स्थित रामलीला ग्राउंड में 10 बजे एकत्र होकर हिंदू शंखनाद करने का आह्वान किया था। इस पर शुक्रवार को बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग रामलीला ग्राउंड पर इकट्ठे हुए। इस दौरान बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार बंद करो… हम सब हिन्दू एक हैं… बहन बेटियों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं… अनेक नारों से बिजनौर की सड़कें गूंज उठी। हिंदू समाज के लोग बड़ी संख्या में रामलीला ग्राउंड से कलक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे थे। इस दौरान व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर समर्थन किया। जनाक्रोश रैली करते हुए सभी कलक्ट्रेट पहुंचे और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। ज्ञापन देने वालों में महंत श्री श्री 108 नरेंद्र गिरी जी महाराज, बच्चन दास जी महाराज, बाबा कुल्हाड़ी वाले, गोपाल दास जी महाराज, किशन दास जी महाराज, अवधेश गिरी जी सहित आदि संत समाज, साधु संत, धार्मिक संस्थान, मंदिर समितियां, हिंदू संगठन, हिंदू समाज के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

    मातृशक्ति ने भी बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

    बिजनौर। बांग्लादेश के खिलाफ जन आक्रोश रैली में बड़ी संख्या में मातृशक्ति ने भी बढ़ चढ़ कर भाग लिया। मातृशक्ति पदयात्रा करती हुई रैली के साथ कलक्ट्रेट पहुंची।

    आह्वान के समर्थन में व्यापारियों ने बंद रखे प्रतिष्ठान

    बिजनौर। साधु संतों के आह्वान पर बिजनौर के सभी प्रतिष्ठान लगभग बन्द रहे। व्यापारियों ने ऐसा जन आक्रोश रैली के समर्थन में किया और अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। अधिकांश व्यापारी रैली के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे।

  • रेडक्रास सोसायटी बिजनौर ने बल्ला शेरपुर में लगाया स्वास्थ्य शिविर

    नेत्र दृष्टि से कमजोर 50 को नि:शुल्क चश्मों व 20 क्षय रोगियों को पोटली का वितरण

    305 रोगियों व विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण

    बिजनौर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रेडक्रास सोसायटी बिजनौर द्वारा कुसुम देवी सरस्वती विद्या मंदिर बल्ला शेरपुर में एक चिकित्सा कैंप लगाया गया। इस कैंप में राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के डा. आमिर इस्लाम फिजिशियन व डा. विशाल कुमार फिजिशियन ने शिविर में आए 305 रोगियों व विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।

    दन्त चिकित्सक द्वारा दांतों की जांच की व दांतों की रक्षा करने के तरीके बताए गए। सत्येन्द्र कुमार देशवाल नेत्र परीक्षण अधिकारी, नसीम अहमद व अनुराग सिसोदिया आप्टोमेट्रिस्ट द्वारा आंखों की जांच की गई तथा 50 चश्मों का निःशुल्क वितरण किया गया।

    कैम्प में सभी रोगियों को नि:शुल्क दवा का वितरण करने में फार्मेसिस्ट अमन कुमार नितिन कुमार का सहयोग रहा। पंजीकृत क्षय रोग से पीड़ित 20 रोगियों को स्वास्थ्य वर्धक चिकित्सा पोटली का वितरण विशाल वर्मा व दानिश अहमद के सहयोग से वरिष्ठ तकनीकी पर्यवेक्षक नकुल कुमार व राजीव कुमार द्वारा किया गया।

    इससे पूर्व रेडक्रास सोसायटी के चेयरमैन टीकम सिंह सेंगर ने विद्यार्थियों को रेडक्रास सोसायटी के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी। स्वास्थ्य शिविर को सफल बनाने में विद्यालय के प्रधानाचार्य देवेन्द्र सिंह व आचार्य गणों का शिविर की व्यवस्था बनाने में उल्लेखनीय सहयोग रहा। इस अवसर पर रेडक्रास सोसायटी के डायरेक्टर व मीडिया प्रभारी योगेन्द्र पाल सिंह “योगी”, डायरेक्टर जितेन्द्र चौधरी, योगेश ठाकुर व रोबिन कुमार आदि उपस्थित रहे तथा शिविर में आने वालों को रोगों संबंधित कक्ष की जानकारी देते रहे।

  • गोयल हॉस्पिटल पर संपन्न हुआ कार्यक्रम

    नगीना क्षेत्र के रक्त वीरों ने किया रक्तदान

    व्यापारी एकता परिषद नगीना इकाई ने किया ध्वजारोहण

    बिजनौर। जहां एक ओर व्यापारी संगठन केवल व्यापारियों के हित तथा उनकी सुरक्षा का काम करते हैं, वहीं जनपद में व्यापारियों का ऐसा भी संगठन है जो उनकी सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेता रहता है। इसी क्रम में व्यापारी एकता परिषद नगीना इकाई के द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन गोयल हॉस्पिटल धामपूर रोड नगीना में आयोजित किया गया। इस दौरान नगीना क्षेत्र के रक्त वीरों ने रक्तदान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीराम अर्ज ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित करके किया।संचालन जिला अध्यक्ष अनुज शर्मा ने एवं अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष कार्यक्रम संयोजक स्वेत कमल गोयल ने की।

    बहुत ही नेक कार्य है रक्तदान: एडिशनल एसपी राम अर्ज

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीराम अर्ज ने रक्त वीरों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि यह बहुत ही नेक कार्य है और इसकी वजह से बहुत सारे लोगों की जान बचती है। इसके साथ-साथ रक्तदान करने से शरीर में उत्पन्न होने वाली कई बीमारियों का पता भी चलता है। समय-समय पर रक्तदान करने से शरीर में उत्पन्न होने वाली कई बीमारियां स्वयं ही खत्म हो जाती हैं। आगे भी इसी प्रकार के आयोजन समाज में करते रहने चाहिए, जिससे किसी भी व्यक्ति को रक्त की दिक्कत ना हो।

    नगीना ब्लड सेवा समिति की समस्त टीम भी मुहिम में जुटी: प्रदेश उपाध्यक्ष स्वेत कमल गोयल

    प्रदेश उपाध्यक्ष स्वेत कमल गोयल ने कहा हॉस्पिटल चलाने के साथ साथ सामाजिक कार्यक्रम में वह ज्यादा रुचि रखते हैं। उन्होंने कहा कि मैंने भी कई बार रक्तदान किया है। उनकी नगीना ब्लड सेवा समिति की समस्त टीम भी इसी मुहिम में काम कर रही है। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष राहुल वर्मा एवं प्रदेश उपाध्यक्ष स्वेत कमल के द्वारा सभी उपस्थित अतिथियों को मोमेंटो शील्ड देने के साथ ही सभी रक्तवीरों को गिफ्ट वितरण किए गए।

    कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पुलिस क्षेत्राधिकारी नगीना राकेश वशिष्ठ, थाना प्रभारी नगीना प्रवेश कुमार पाठक, डॉ. एमपी सिंह हिन्दू युवा वाहिनी मंडल प्रभारी, प्रदेश संरक्षक एमपी सिंह, प्रदेश महामंत्री देवेश चौधरी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गोपाल धीमान, जिला मंत्री विकास धीमान, नगर अध्यक्ष मनजीत विश्नोई, अमन जोशी, समी पाल, इन्दर देव, कोमल सिंह, महबूब शेख, जावेद भाई, हाजी नईम अहमद, C.O (R) सलाहुद्दीन सिद्दिकी, 112 पर तैनात SI आंजनेय कुमार, कांस्टेबल पुष्कर कुमार, कांस्टेबल अंकित कुमार, समीपाल, सलाहुद्दीन, सचिन मित्तल आदि व्यापारी उपस्थित रहे।

  • व्यापारियों की सुरक्षा के साथ साथ सामाजिक कार्य भी आवश्यक: प्रदेश महामंत्री देवेश चौधरी

    व्यापारी एकता परिषद ने बड़ी धूमधाम से मनाया स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम

    बिजनौर। व्यापारी एकता परिषद ने ध्वजारोहण कर स्वतंत्रता दिवस मनाया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों के द्वारा भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया गया। उसके पश्चात ध्वजारोहण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप मे वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मनोज चौधरी, डॉ. अवधेश वशिष्ठ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला अध्यक्ष अनुज शर्मा एवं अध्यक्षता सभासद तुफैल अहमद जिला संगठन मंत्री ने की।

    मुख्य अतिथि डॉ. मनोज चौधरी ने कहा कि यह एक ऐसा पर्व है जिसे हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, सभी सभी धर्म बड़ी हर्ष उल्लास के साथ मिलकर मानते हैं। यह पर्व हमें सिखाता है कि हमें आपसी भाई चारा बनाए रखना चाहिए।

    डॉ. अवधेश वशिष्ठ ने कहा कि लाखों लोगों की कुर्बानी के बाद हमारा देश आजाद हुआ। कुर्बानी देने वाले भी सभी धर्मों के समुदाय रहे, हमें उनकी कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाने देनी चाहिए और सभी धर्मों को आपसी भाईचारा बनाकर रखना चाहिए और जिस प्रकार से हम स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम माना रहे हैं। उसी प्रकार से सभी त्योहारों को मानना चाहिए।

    प्रदेश महामंत्री देवेश चौधरी ने कहा संगठन के मुख्य उद्देश्य में व्यापारियों की सुरक्षा के साथ साथ सामाजिक कार्य भी आवश्यक है। संगठन के सदस्य समय समय पर सामाजिक कार्यों में रुचि लेते हैं। रक्तदान शिविर, शोभायात्रा का स्वागत, पौधारोपण आदि प्रकार के कार्य संगठन के द्वारा किए जाते रहते हैं। देवेश चौधरी ने कहा कि व्यापारी एकता परिषद के होते हुए किसी भी व्यापारी का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा।

    कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष राहुल वर्मा, प्रदेश महामंत्री देवेश चौधरी, जिला अध्यक्ष अनुज शर्मा, जिला संगठन मंत्री तुफैल अहमद, ब्रह्मपाल सिंह, सुनील अग्निहोत्री, वसीम अहमद, पवन, जितेंद्र राणा, नरेंद्र प्रधान, सलीम, जुबेर, मोहम्मद शाह, उमैद जैन, राकेश कुमार आदि व्यापारी उपस्थित रहे।

  • लखनऊ। अखिल भारतीय भंगी महासभा अनुसूचित जाति के आरक्षण में वर्गीकरण के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को उत्तर प्रदेश में लागू किए जाने को लेकर मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ को अनुरोध पत्र भेजेगा।

    बौद्धाचार्य अर्थदर्सी भंगी राजतिलक, राष्ट्रीय संचालक अखिल भारतीय भंगी महासभा पूर्व उपाध्यक्ष नगर पालिका परिषद फतेहपुर उ. प्र. ने कहा कि वर्गीकरण नहीं होना चाहिए। इसके लिए ही 21 अगस्त  2024 से हम आंदोलन करेंगे।

  • विस्तार से बताई देश पर मिटने वाले वीर शहीदों की गाथा और स्वतंत्रता का महत्त्व

    जाट बाल विद्यालय में प्रबंधक राजेंद्र सिंह ने किया ध्वजारोहण

    बिजनौर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मोहल्ला जाटान स्थित जाट बाल विद्यालय में प्रबंधक राजेंद्र सिंह द्वारा ध्वजारोहण किया गया। ध्वजारोहण कार्यक्रम में उपस्थित छात्र छात्राओं को देश को मिली स्वतंत्रता के महत्त्व और देश पर मिटने वाले वीर शहीदों की गाथा को विस्तार से बताया।

    इस के अलावा हमारे जीवन में तिरंगे का क्या महत्त्व है और इससे हमें क्या संदेश मिलता है, इस पर विस्तार से बताया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य सुनीता सिंह अध्यापिका अनीता सैनी, राशि शर्मा, रूपा चौधरी, शिल्पी चौधरी आदि उपस्थित रहे।

  • समाजवादी पार्टी मलिहाबाद विधानसभा क्षेत्र की मासिक बैठक

    सुलेमान बेग प्रमुख महासचिव और पन्नालाल रावत बने महासचिव

    लखनऊ। समाजवादी पार्टी मलिहाबाद विधानसभा क्षेत्र की मासिक बैठक का आयोजन विधानसभा अध्यक्ष सोनीष मौर्य के नेतृत्व में डांग बंगला में किया गया। इस दौरान सभी वक्ताओं ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए।

    बैठक में विधानसभा कमेटी के पदाधिकारियों को मनोनयन पत्र दिए गए। पदाधिकारियों में सुलेमान बेग को प्रमुख महासचिव, पन्नालाल रावत को महासचिव, विजयश्री गौतम, राकेश गौतम, लालमुन यादव, अभिराज सिंह, औसान कनौजिया को उपाध्यक्ष बनाया गया। अजमल मिर्जा को कोषाध्यक्ष, सूरज रावत, राकेश सविता, मनोज यादव, धर्मेन्द्र रावत, बाबु भाई गाजी, रामविलास यादव, आजाद गौतम, नौशाद अली, पुष्पेंद्र यादव, राहुल यादव को सचिव बनाया गया।

    एडवोकेट राम सिंह यादव को कानूनी सलाहकार व हर्षित निगम को मीडिया प्रभारी बनाया गया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष जय सिंह जयंत, प्रदेश उपाध्यक्ष सीएल वर्मा, जिला निर्वाचन प्रभारी टीबी सिंह, प्रदेश सचिव रामगोपाल यादव, निवर्तमान विधायक प्रत्याशी सोनू कनौजिया, पूर्व विधायक प्रत्याशी राजबाला रावत, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष हरिशंकर यादव, विरेंद्र प्रताप सिंह छोटे लाल यादव (नेता) सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

  • मायाराम यादव बने प्रदेश प्रभारी, रिया शुक्ला को प्रदेश सचिव युवा की जिम्मेदारी

    भारतीय किसान यूनियन धर्मेंद्र गुट का विस्तार

    बाराबंकी। रविवार को भारतीय किसान यूनियन की पदाधिकारी बैठक बाराबंकी के राम सनेही घाट पर राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह के नेतृत्व में सम्पन्न हुई । जिसमें किसानों की बढ़ती समस्याओं को देखते हुए संगठन का विस्तार किया गया । भारतीय किसान यूनियन धर्मेन्द्र की प्रदेश की कमान मायाराम यादव को दी गई। मायाराम यादव को प्रदेश प्रभारी व रिया शुक्ला को प्रदेश सचिव युवा, बाराबंकी जिला अध्यक्ष सूरज सिंह  को कार्यभार दिया गया तथा मंडल व जिले का भी बड़ी शंख्या में विस्तार किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय महासचिव सुरेश तिवारी, राष्ट्रीय संगठन मंत्री विश्वनाथ पाल, मंडल अध्यक्ष फैज़ाबाद उदय नरायन पाठक आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।

  • देखने को मिल रहे हैं अस्थिरता के भयावह मंजर

    पड़ोसी राष्ट्रों में बढ़ती अस्थिरता बढ़ाती भारत की चिंता

    लखनऊ। बांग्लादेश जिसे एक समय दक्षिण एशिया में सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की उपाधि हासिल थी, दो साल पहले तक जिस बांग्लादेश ने जीडीपी के मामले में भारत को भी पछाड़ दिया था आज उसी राष्ट्र के हालात इतने नाजुक हो गए हैं कि उसकी प्रधानमन्त्री को देश छोड़ कर भागना पड़ा है और देश में अस्थिरता के भयावह मंजर देखने को मिल रहे हैं. 

    05 अगस्त को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना इस्तीफ़ा देती हैं और निर्णय लेती हैं कि देश की स्थिति को बिगड़ने से बचाने के लिए वह तुरंत बांग्लादेश छोड़ेंगी. यह निर्णय उस प्रधानमंत्री का है, जो पिछले 15 साल से देश पर बहुमत की सरकार के साथ शासन करती आ रही थी. वर्ष 1971 में जिस देश को आज़ाद करवाने का साहसिक कार्य भारत ने किया था आज उसके हालात देखकर हमारे माथे पर चिंता की लकीरें पड़ना स्वाभाविक है.

    पाकिस्तान, अफगानिस्तान, म्यांमार, मालदीव के बाद अब बांग्लादेश में तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के मायने यह हैं कि अब भारत ऐसे पड़ोसियों से घिर चुका हैजो कि आतंरिक रूप से अस्थिर होते जा रहे हैं. पूर्व प्रधानमन्त्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि हम अपने दोस्त तो बदल सकते हैं मगर अपने पड़ो सी नहीं जिसके मायने अन्तराष्ट्रीय संबंधों में बड़े ही व्यापक निकलते हैं. बांग्लादेश में बदले हुए हालात के बीच भारत के सामने एक बड़ी चुनौती ये है कि पड़ोसी मुल्क में जो नई सरकार बन रही है, उसके साथ भारत के ताल्लुक कैसे होंगे? साथ ही भारत और बांग्लादेश 4096 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं. बांग्लादेश से भारी संख्या में लोग भारत आने का प्रयास करेंगे ताकि वो खुद को सुरक्षित महसूस कर सके, लेकिन भारत में  इसके मद्देनजर बॉर्डर पर सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ा दी गई है. हमे यह भी नहीं भूलना चाहिए कि भारत का साउथ एशिया में सबसे ज्यादा 12 बिलियन डॉलर का व्यापार बांग्लादेश के साथ ही है.

    इसी के साथ दिल्ली को यह भी ध्यान रखने की ज़रूरत है कि इस अवसर का फायदा उठाने का पाकिस्तान और चीन दोनों ही भरसक प्रयास करेंगे और ढाका में आने वाली किसी भी नई सरकार को भारत से दूर रखने की कोशिश ज़रूर होगी, जिसमें जमात ए इस्लामी जो कि पाकिस्तान द्वारा ऑपरेटेड है, जिसपर शेख हसीना ने प्रतिबन्ध लगाकर रखा था और जिसे भारत के खिलाफ काम करने के लिए जाना जाता है को मोहरा बनाने का काम किया जा सकता है.

    भारत को बेहद ही सूझबूझ के साथ इस चुनौती से पार पाना होगा. हाल ही में नेपाल में प्रचंड की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओवादी सेंटर) ने नेपाली कांग्रेस से गठबंधन तोड़ नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के साथ गठबंधन बना लिया था. प्रचंड के इस हालिया फ़ैसले से नेपाली संसद में सबसे ज़्यादा 88 सीटें जीतने वाली नेपाली कांग्रेस पार्टी विपक्ष में हो गई है और यह जगजाहिर है कि ओली का झुकाव चीन की तरफ ज्यादा है, जिसे चीन आने वाले दिनों में भारत के खिलाफ मोहरा बना सकता है और जिसके परिणाम आने वाले समय में हमें देखने को मिलेंगे.

    मालदीव में बनी मुइज्जू सरकार ने भी भारत को लगातार एक के बाद एक दो झटके दिए हैं. पहले उसने अपने यहां तैनात भारतीय सैनिकों की वापसी की मांग माने जाने का दावा किया और अब उसने भारत के साथ चार साल पहले हुए हाइड्रोग्राफ़िक सर्वे समझौते को रद्द कर दिया. इस सर्वे के तहत भारत और मालदीव को मिलकर मालदीव के इलाक़े में जल क्षेत्र, रीफ़, लैगून, सामुद्रिक लहरों और उसके स्तर का अध्ययन करना था. मोहम्मद मुइज़्ज़ु की प्रोग्रेसिव पार्टी ऑफ़ मालदीव पर चीन का काफी असर माना जाता है. राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान उनकी पार्टी ने ‘इंडिया आउट’ का नारा दिया था और कहा था कि वो मालदीव में भारतीय सैनिकों की मौजूदगी ख़त्म करेंगे.

    वहीं हाल ही में संयुक्त राष्ट्र ने भी म्यांमार की स्थिति को लेकर चिंता जताई है. वहां पर गृहयुद्ध जैसे हालात लगातार बने हुए हैं. भारत की भावी रणनीति के बारे में सूत्र कहते हैं कि बहुत कुछ आने वाले दिनों में स्थिति किस तरह से करवट लेती है, इस पर निर्भर करेगा. साथ ही चीन और अमेरिका के रवैये पर नजर रखना होगा. जहां तक भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र की सुरक्षा का मामला है तो इस पर तुरंत कोई खतरा नहीं है, लेकिन चूंकि यह पूरा क्षेत्र ही कई वजहों से संवेदनशील है इसलिए भारत की तरफ से हर सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता किया जा रहा है. श्रीलंका में मंदी का दौर जारी है. कोरोना के बाद से ही यहां की जीडीपी लगातार गिरती जा रही है. महिंदा राजपक्षे की सरकार देश की अर्थव्यवस्था को बचाने में नाकाम रही थी. मई, 2022 में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा. अब विक्रमसिंघे की सरकार है, जो चीन समर्थक हैं. जबकि पाकिस्तान की अस्थिरता जगजाहिर है.

    ऐसे में 2024 में पड़ोस में बनते और बिगड़ते हालातों को देखते हुए भारत को सामरिक तौर पर बेहद ही सोच-समझकर अपनी विदेश और पड़ोसी पहले की नीति को लागू करने की ज़रूरत पड़ने वाली है. किसी को आर्थिक सहयोग देकर से तो किसी को चीन के नापाक इरादों को बताकर हमें दक्षिण एशिया में शांति बहाल करनी होगी. साथ ही यह भी समझने की ज़रूरत होगी कि भारत बड़े भाई होने की छवि को त्यागकर एक मित्र की हैसीयत से ही अपने इन पड़ोसियों को चीन की गोद में बैठने से रोक सकता है.

    ~डॉ. आकाश यादव, सोशल रिसर्चर व एनालिस्ट

  • आशा बहू,आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भेंट की साड़ी

    वीरांगना फूलन देवी की जयंती पर नारी सम्मान समारोह का अयोजन

    लखनऊ। समाजवादी पार्टी महिला सभा द्वारा वीरांगना फूलन देवी की जयंती पर मलिहाबाद डांग बंगला में नारी सम्मान समारोह का अयोजन किया।

    मुख्य अतिथि महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह ने उपस्थित आशा बहू,आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को एक-एक साड़ी देकर सम्मानित किया। आशा बहुओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने अपनी विभागीय समस्याएं बताई। जूही सिंह ने कहा अत्याचार व शोषण के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद करने वाली सामाजिक न्याय की महान योद्धा पूर्व सांसद स्व.फूलन देवी की जयंती पर उन्हें शत शत नमन है। जूही सिंह ने कहा सपा सरकार बनाने पर सभी समस्याएं खत्म होंगी। उन्होंने कहा कि आशा बहुओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की समस्याएं विधानसभा और लोकसभा में समाजवादी पार्टी जोरशोर से उठाएगी।

    कार्यक्रम आयोजक रिंकी सिंह ने कहा कि सभी की समस्याओं के समाधान के लिए सपा सड़क से लेकर सदन तक लड़ेगी। कार्यक्रम के शुभारंभ में वीरांगना फूलन देवी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सभी ने पुष्पांजलि अर्पित की।

    कार्यक्रम को मुख्य रूप से राष्ट्रीय महासचिव सुनीता सिंह, राष्ट्रीय सचिव सुनीता मित्रा,अंजू यादव, सरिता वर्मा, महंत त्रिभुवन नाथ ने सम्बोधित किया। इस दौरान मलिहाबाद, काकोरी, माल की आशा बहू और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।

  • राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन ने जताई चिंता

    बंगलादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ एसडीएम के माध्यम से सीएम पीएम को भेजा पत्र

    लखनऊ (मलिहाबाद)। बंगलादेश में तख्ता पलट के बाद हिंदुओं के खिलाफ मारपीट लूटपाट के विरोध में राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी मलिहाबाद सौरभ सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को पत्र भेजा। पत्र में सरकार से वहां के हिंदुओं को समर्थन देने का आग्रह किया। साथ ही मांग की कि वहां की नवगठित सरकार को सख्त संदेश दिया जाए ताकि वहां के हिंदुओं पर अत्याचार को खत्म किया जाए। सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार जानकारी मिल रही है कि बांग्लादेश में हिंदुओं के घरों में घुसकर लूटपाट की जा रही है। हत्याएं की जा रही है, वहां के मंदिरों को तोड़ा जा रहा है। हिंदुओं के प्रतिष्ठान पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। बांग्लादेश के लोग लोग भारत में प्रवेश कर रहे हैं, उन्हें प्रतिबंधित किया जाए। ज्ञापन में भारत सरकार से यूनियन  ने आग्रह किया कि वहां के हिंदुओं की रक्षा की जाए।

    इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष भैया लाल, जिला महामंत्री संतोष कुमार सिंह, राजेश रावत अध्यक्ष माल, गुलजारी लाल ब्लॉक अध्यक्ष मलिहाबाद, सियाराम वरिष्ठ संगठन नेता लाल बहादुर महामंत्री रईस गाजी संगठन मंत्री, उमाशंकर रावत सलाहकार, रोहित प्रजापति, रामविलास मौर्या, राजेन्द्र मौर्या सहित लगभग दर्जनों पदाधिकारी मौजूद रहे।

  • अरहर की खूंटियों को खेत में गड़ी संगीनें समझते थे फिरंगी

    स्वाधीनता संग्राम के सिलसिले में आमतौर पर अगस्त का महीना ‘अगस्त क्रांति’ या महात्मा गांधी द्वारा 09 अगस्त को छेड़े गए ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के रूप में जाना जाता है। यह महीना केवल इसी क्रांति से नहीं जुड़ा है। 1858 के इसी माह में अवध के ‘जन विद्रोह’ को दबाने या खत्म करने के लिए राजाओं, सामंतों, तालुकदारों जमींदारों और जनता को अपने पक्ष में करने के लिए ब्रिटिश संसद ईस्ट इंडिया कंपनी (कंपनी सरकार) का राज खत्म करके साम्राज्ञी के हाथ में शासन-सत्ता सौंपकर नई चाल चलने को मजबूर हुई थी। भारत की यह पहली ‘अगस्त क्रांति’ थी। भारत के अन्य भागों में तो राजा और सामंत ही कंपनी सरकार के खिलाफ लड़ रहे थे लेकिन अवध की क्रांति में राजा से लेकर जनता तक फिरंगियों के खिलाफ उठ खड़ी हुई थी। इसलिए इसे ‘जन विद्रोह’ का नाम दिया गया।

    पेरिस से सुंदर और बड़ा था लखनऊ

    उस समय अवध 12 जिलों में विभाजित था और 25000 वर्ग मील के क्षेत्र में फैला हुआ था। अवध का केंद्र लखनऊ था। भारत में यह युद्ध कवर करने वाले लंदन टाइम्स के संवाददाता रसेल ने लिखा था कि 30 मील के घेरे में बसे लखनऊ नगर के महलों, मीनारों, नीले और सुनहरे गुंबदों, सुंदर चौड़ी छतों, खंभों की लंबी पंक्तियां और हरियाली देखकर लगता है यह शहर पेरिस से बड़ा है और सुंदर भी (रसेल माई डायरी)।

    अवध में सबसे लंबी चली लड़ाई

    10 मई 1857 को क्रांतिकारी मंगल पांडे के विद्रोह से शुरू हुए इस विद्रोह को कंपनी सरकार ने म्यूटनी, सिपाही विद्रोह या गदर के रूप में प्रचारित किया। भारतीय इतिहासकारों ने इसे ‘प्रथम स्वाधीनता संग्राम’ की संज्ञा दी। भारत के अन्य भागों की तरह अवध में भी कंपनी सरकार के खिलाफ विद्रोह शुरू हुआ। कंपनी सरकार ने अन्य भागों में विद्रोह तो कुछ दिनों में ही दबाने में सफलता पा ली, लेकिन अवध में उसे डेढ़ साल तक नाको चने चबाने पड़े। ब्रिटिश अधिकारी टीएच कैवना ने अपनी एक रिपोर्ट में माना कि अक्टूबर’1858 के मध्य तक अवध का एक चौथाई इलाका भी ब्रिटिश शासन के अंतर्गत नहीं आ सका था।

    बेगम हजरत महल के नेतृत्व में लड़ा गया युद्ध

    दिल्ली के बादशाह बहादुर शाह जफर और अवध के बादशाह वाजिद अली शाह को गिरफ्तार कर कोलकाता भेजने के बाद बेगम हजरत महल ने शहजादे बिरजिसकदर को बादशाह नियुक्त कर फिरंगियों के खिलाफ मोर्चा संभाला था। बैसवारा के राजाओं जमीदारों और तालुकेदारों ने भी डटकर सामना किया। बेगम हजरत महल, नाना साहब पेशवा, तात्या टोपे (बिठूर) मौलवी अहमदुल्लाह शाह, राना बेनी माधव सिंह, राव रामबक्श सिंह अंत तक फिरंगियों के खिलाफ युद्ध लड़ते रहे। अवध के क्रांतिकारियों का एक समय इतना खौफ फैल गया था कि अंग्रेज अफसर और सैनिक अरहर की खूंटियों को खेतों में गड़ी संगीन समझ कर भाग खड़े होते थे।

    गद्दार सेवकों ने राव रामबख्श सिंह को पकड़ाया

    डौंडियाखेड़ा (बैसवारा) के प्रतापी राजा राव रामबख्श सिंह ब्रिटिश फौजों से परास्त होने के बाद बनारस में साधुवेश में एक गोसाई के मकान पर ₹4 महीने में रहने लगे। ब्रिटिश सरकार ने उन पर ₹8000 का पुरस्कार घोषित किया। रुपए के लालच में गद्दार सेवकों ने मुखबिरी करके उन्हें गिरफ्तार करा दिया। उन्हें 28 दिसंबर 1858 को डौंडियाखेड़ा (उन्नाव) के उसी स्थान पर पेड़ पर फांसी से लटकाया गया, जहां उन्होंने कानपुर से भाग रहे 08 अंग्रेज अफसरों को मौत के घाट उतारा था। फांसी के पहले गंगा स्नान किया और गीता के 23 श्लोकों का पाठ किया। उनको फांसी देने के वक्त दो बार रस्सी टूटी लेकिन ब्रिटिश हुकूमत नहीं पसीजी और तीसरी बार फांसी दिए जाने पर उनका प्राणांत हुआ

    दगाबाज राजा ने मौलवी का सिर कलम किया

    महान क्रांतिकारी फैजाबाद (अयोध्या) के मौलवी अहमदुल्लाह शाह ने बहादुरी से फिरंगी फौजों का सामना किया था। बेगम हजरत महल के वह खास सिपहसालार थे। मौलवी अहमदुल्लाह शाह रूहेलखंड में फिरंगियों का सामना कर रहे थे। 15 जून 1858 को पुवायां (शाहजहांपुर) के राजा जगन्नाथ सिंह के यहां गए। द्रोही राजा ने धोखे से अपनी गढ़ी में उनका सिर कलम करके शाहजहांपुर के मजिस्ट्रेट के सामने रख दिया। मजिस्ट्रेट ने उनके सिर को कोतवाली के गेट पर लटका दिया। इस दगाबाजी के बदले राजा को अंग्रेज सरकार से 50000 चांदी के रुपए पुरस्कार स्वरूप मिले थे। 22 जून 1858 वन को क्रांतिकारियों को मार डाला।

    ऐसे लड़ाके पूरे भारत में कहीं नहीं देखे

    ब्रिटिश हुकूमत के जनरल होपग्रांट ने बैसवारे में लड़े गए युद्ध का आंखों देखा वर्णन 2 जून 1858 को करते समय लिखा-‘ हिंदुस्तान में मैंने अनेक युद्ध देखे हैं और वीरों को जीतने या मरने का निश्चय लेकर लड़ते देखा लेकिन बैसवारे के जमींदारों से बड़े योद्धा नहीं देखे।’ इस युद्ध में उसे अपनी सेना लेकर पुरवा की तरफ भागना पड़ा था। -गौरव अवस्थी

  • किसी को मुसीबत में देखकर वीडियो न बनाएं: DGP

    ‘एक पहल’ करें और यूपी 112 पर करें कॉल

    यूपी के डीजीपी प्रशांत कुमार ने यूपी 112 के विशेष अभियान ‘एक पहल’ का शुभारंभ किया है। उन्होंने कहा कि ‘एक पहल’ जनता से सहयोग लेने का अभियान है।

    लखनऊ। किसी को मुसीबत में देखकर वीडियो न बनाएं बल्कि यूपी 112 पर कॉल करें। संदिग्ध व्यक्ति और वस्तु की सूचना यूपी 112 को देने में संकोच न करें। यूपी के डीजीपी प्रशांत कुमार ने यह बात यूपी 112 के विशेष अभियान ‘एक पहल’ का शुभारंभ करते समय कही।

    डीजीपी ने कहा कि ‘एक पहल’ आम लोगों को संवेदनशील और सतर्क बनाने का अभियान है। छेड़छाड़, छींटाकशी और सड़क पर पड़े घायल की अनदेखी न करें। यह अभियान एक जन जागृति है; एक पहल कीजिए … यूपी 112 को कॉल कीजिए। एक पहल आम लोगों से सहयोग लेने का अभियान है। इस मौके पर यूपी डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि बीते आठ साल में प्रदेश दस्यु मुक्त और फिरौती मुक्त हुआ है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है। आठ साल पहले यूपी 112 का रिस्पॉन्स टाईम 40-45 मिनट था जो अब 8-9 मिनट है।

  • ₹8 लाख के होम लोन पर 4% ब्याज सब्सिडी

    मिडिल क्लास के लिए मोदी सरकार का तोहफा


    ₹35 लाख तक की कीमत वाले मकान के लिए ₹25 लाख तक का होम लोन लेने वाले लाभार्थी 12 वर्ष की अवधि तक के पहले 8 लाख रुपए के लोन पर 4 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी के पात्र होंगे।

    PM Awas Yojana-Urban 2.0 Scheme:

    केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) 2.0 को मंजूरी दे दी है। इसके तहत शहरी गरीब और मध्‍यम वर्गीय परिवारों के लिए 01 करोड़ आवास बनाए जाने हैं। इन 01 करोड़ घर, परिवारों के लिए 2.30 लाख करोड़ की सरकारी सब्सिडी दी जाएगी। यह सब्सिडी अलग-अलग तरीके से दी जाएगी। ऐसा ही एक तरीका-ब्याज सब्सिडी योजना का है।

    योजना के दायरे में कौन ?

    इस योजना के दायरे में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS)/निम्न आय वर्ग (LIG)/मध्यम आय वर्ग (MIG) परिवार आता है। ये वो परिवार हैं, जिनके पास देश में कहीं भी अपना कोई पक्का घर नहीं है। ऐसे लोग पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत घर खरीदने या निर्माण करने के पात्र होंगे।

    EWS के दायरे में: ₹3 लाख तक की वार्षिक आय वाले परिवार
    LIG के दायरे में: ₹3 लाख से ₹6 लाख तक की वार्षिक आय वाले परिवार
    MIG के दायरे में: ₹6 लाख से ₹9 लाख तक वार्षिक आय वाले परिवार

    ब्याज सब्सिडी योजना

    EWS, LIG और MIG परिवारों के लिए होम लोन पर सब्सिडी दी जाएगी। ₹ 35 लाख तक की कीमत वाले मकान के लिए ₹25 लाख तक का होम लोन लेने वाले लाभार्थी 12 वर्ष की अवधि तक के पहले 08 लाख रुपए के लोन पर 04 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी के पात्र होंगे। पात्र लाभार्थियों को 5 – वार्षिक किश्तों में पुश बटन के माध्यम से ₹ 01.80 लाख की सब्सिडी जारी की जाएगी। लाभार्थी वेबसाइट, ओटीपी या स्मार्ट कार्ड के जरिए अपने खाते की जानकारी ले सकते हैं।

    प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी को वर्ष 2015 में शुरू किया गया था। इस योजना के तहत 01.18 करोड़ आवासों को स्वीकृति दी गई थी, जिनमें से 85.5 लाख से अधिक आवास पूरे कर लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं और बाकी आवास निर्माणाधीन हैं।

  • एसपी ने सौंपा प्रशस्ति पत्र, उज्ज्वल भविष्य की कामना

    29वी वार्षिक उ0प्र0 पुलिस कुश्ती क्लस्टर प्रतियोगिता

    बरेली जोन की टीम की ओर से किया प्रतिभाग

    आरक्षी वतन ने हासिल किया बॉडी बिल्डिंग में द्वितीय स्थान

    बिजनौर। 29वी वार्षिक उ0प्र0 पुलिस कुश्ती क्लस्टर प्रतियोगिता में बरेली जोन की टीम की ओर से भाग लेने वाले आरक्षी वतन ने बॉडी बिल्डिंग के 75 कि0ग्रा0 वर्ग में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। प्रतियोगिता का आयोजन 6वीं वाहिनी पीएसी मेरठ में किया गया।

    उनकी इस उपलब्धि पर पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने आरक्षी वतन को प्रशस्ति पत्र देकर उत्साहवर्धन किया। साथ ही उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

  • प्रशासनिक व कृषि अधिकारियों की संयुक्त टीम का जिले भर में 37 प्रतिष्ठानों पर छापा

    उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार कार्रवाई

    छापे की भनक लगते ही ताला डाल कर भाग निकले दुकानदार

    बिजनौर। प्रशासनिक व कृषि अधिकारियों की संयुक्त टीमों द्वारा बिजनौर, चांदपुर, धामपुर, नगीना तथा नजीबाबाद तहसील क्षेत्र में उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापा मारा गया। छापामार कार्रवाई के दौरान कुल 37 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। वहीं उपलब्ध यूरिया, डीएपी, एनपीके आदि उर्वरकों के स्टॉक का मिलान पीओएस मशीन व अभिलेखों के अनुसार किया गया तथा कुल 15 उर्वरकों के नमूने लिए गए। उधर बेगराजपुर चांदपुर में उर्वरक प्रतिष्ठान बन्द कर भाग जाने पर संबंधित दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

    उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश एवं जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया एवं उपजिलाधिकारी, चांदपुर तथा धामपुर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील चांदपुर एवं धामपुर क्षेत्र में उर्वरक विक्रेता के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार की कार्रवाई की गई। वहीं जिला कृषि रक्षा अधिकारी मनोज रावत व उपजिलाधिकारी नगीना एवं नजीबाबाद की संयुक्त टीम द्वारा तहसील नगीना एवं नजीबाबाद क्षेत्र में आकस्मिक छापामार कार्रवाई की गई। इसी प्रकार उप कृषि निदेशक गिरीश चन्द, एवं उपजिलाधिकारी बिजनौर मनोज कुमार सिंह की संयुक्त टीम द्वारा तहसील बिजनौर में उर्वरक विक्रेता के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार की कार्रवाई की गई। छापामार कार्रवाई के दौरान कुल 37 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान/गोदाम में उपलब्ध यूरिया, डीएपी, एनपीके आदि उर्वरकों के स्टॉक का मिलान पीओएस मशीन व अभिलेखों के अनुसार किया गया तथा कुल 15 उर्वरकों के नमूने लिए गए।

    जिला कृषि अधिकारी बिजनौर जसवीर सिंह तेवतिया ने बताया कि मेसर्स ग्रीन वैली ट्रेडर्स बेगराजपुर, मेसर्स नौबतराय होती प्रसाद चांदपुर द्वारा उर्वरक प्रतिष्ठान बन्द कर भाग जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। छापामार कार्रवाई के दौरान ओवर रेटिंग एवं मुख्य उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग आदि का कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया।

    निर्धारित दर पर किया जाए उर्वरक का वितरण

    निरीक्षण के दौरान जसवीर सिंह तेवतिया, उर्वरक निरीक्षक/जिला कृषि अधिकारी बिजनौर द्वारा समस्त थोक/फुटकर/विनिर्माता उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि कृषकों की तत्कालीन आवश्यकता के अनुसार ही फास्फेटिक उर्वरकों, विशेषकर यूरिया, डीएपी, एनपीके, उर्वरक का वितरण निर्धारित दर पर किया जाए। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया बिना पोस मशीन के उर्वरकों का वितरण न किया जाए। किसी भी दशा में उर्वरकों की बिक्री बल्क में न करने एवं कृषक को उनकी जोत बही/खतौनी एवं फसलवार संस्तुति के अनुसार उर्वरकों का वितरण किया जाए। यदि कोई भी उर्वरक विक्रेता निर्धारित दर से अधिक दर पर बिक्री करता हुआ एवं प्रचलित उर्वरकों के साथ-साथ अन्य उर्वरकों की टैगिंग करता हुआ पाया जाता है तो संबंधित उर्वरक विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के अंतर्गत विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ ही उर्वरक विक्रेताओं को यह भी निर्देश दिये गए कि कृषकों को वितरित उर्वरकों की रसीद अवश्य उपलब्ध कराई जाए।

  • जब पूछा गया WhatsApp meta AI से ये सवाल, तो मिला ये जवाब …

    विश्वसनीय और बड़ा ब्रांड होने के बावजूद विज्ञापन देने की क्यों पड़ी जरूरत?

    WhatsApp meta AI से जब पूछा गया कि एक विश्वसनीय और बड़ा ब्रांड होने के बावजूद, भारत के अखबारों में विज्ञापन देने की जरूरत क्यों पड़ी? तो जवाब मिला ये…

    व्हाट्सएप एक विश्वसनीय और बड़ा ब्रांड होने के बावजूद, भारत में अखबारों में विज्ञापन देने के कई कारण हो सकते हैं:

    1. _नया फीचर प्रमोट करना_: व्हाट्सएप अपने नए फीचर्स या सेवाओं को प्रमोट करने के लिए विज्ञापन दे सकता है, जैसे कि पेमेंट सेवाएं या बिजनेस अकाउंट्स।

    2. _भ्रामक खबरों से निपटना_: व्हाट्सएप भ्रामक खबरों और फर्जी संदेशों के प्रसार को रोकने के लिए जागरूकता फैलाने के लिए विज्ञापन दे सकता है।

    3. _ब्रांड जागरूकता बढ़ाना_: व्हाट्सएप अपने ब्रांड को और अधिक मजबूत बनाने और अपने उपयोगकर्ताओं के साथ जुड़ाव बढ़ाने के लिए विज्ञापन दे सकता है।

    4. _नियामकीय दबाव_: भारत सरकार या नियामक संस्थाओं के दबाव में व्हाट्सएप विज्ञापन दे सकता है ताकि वह अपने उपयोगकर्ताओं को जागरूक कर सके और अपने प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग को प्रमोट कर सके।

    कुल मिलाकर Meta AI का कहना था कि इन कारणों से व्हाट्सएप भारत में अखबारों में विज्ञापन दे सकता है, भले ही वह एक विश्वसनीय और बड़ा ब्रांड हो।

    क्या है WhatsApp Meta AI ?

    WhatsApp पर उपलब्ध मेटा एआई एक आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट है। यह टेक्स्ट के ज़रिए इमेज और GIFs जनरेट कर सकता है और सवालों के जवाब भी दे सकता है। मेटा एआई, फ़ेसबुक (अब मेटा) द्वारा लॉन्च किया गया एक आधुनिक AI प्लेटफ़ॉर्म है। यह नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, कंप्यूटर विज़न, रोबोटिक्स, और मशीन लर्निंग पर काम करता है।

    WhatsApp Meta AI: Meta AI चैटबॉट फीचर दिखने में एक नीले गोले जैसा होता है। व्हाट्सएप के अंदर मौजूद यह फीचर अब और भी ज्यादा क्रिएटिव हो गया है। इस चैटबॉट फीचर की मदद से अब यूजर फोटो और यहां तक कि GIF भी बनवा सकते हैं। होम स्क्रीन पर दाएं कोने में नीचे की तरफ चैट आइकन के ऊपर मेटा एआई का आइकन मौजूद होता है। यूजर इस फीचर पर क्लिक कर, टाइप कर के अथवा माइक्रोफोन का इस्तेमाल करके सवाल को बोलकर भी पूछ सकते हैं। इसके बाद आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से यह फीचर कुछ ही सेकंड्स में यूजर को जानकारी प्रदान कर देता है।

    गौरतलब है कि हाल ही में इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp पर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस यानी कि AI की मदद से चलने वाला एक फीचर जोड़ा गया है, जिसका नाम Meta AI है। इस फीचर को व्हाट्सएप की पेरेंट कंपनी मेटा ने बनाया है। व्हाट्सएप के साथ-साथ फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी जोड़े गए इस चैटबॉट फीचर को यूजर की मदद के लिए बनाया गया है। यह चैटबॉट यूजर को किसी भी टॉपिक के बारे में जानकारी दे सकता है।

    कैसे बनाएं व्हाट्सएप Meta AI से GIF ?

    1. सबसे पहले अपने व्हाट्सएप का लेटेस्ट वर्जन अपडेट  करें
    2. अपने स्मार्टफोन पर व्हाट्सएप खोलें।
    3. अब उस चैट में जाएं, जिसे आप GIF शेयर करना चाहते हैं.
    4. यहां चैटबॉक्स में राइट साइड पर लिंक आइकन पर टैप करें।
    5. स्क्रीन पर एक पॉप-अप मैसेज खुलेगा, जिसमें आपको Imagine ऑप्शन मिलेगा, इस पर क्लिक करें।
    6. इसके बाद एक स्क्रीन खुलेगी।
    7. यहां आप जैसी इमेज चाहते हैं उसके बारे में डिस्क्रिप्शन दर्ज करें।
    8. कुछ ही सेकंड्स में इमेज बनकर तैयार हो जाएगी।
    9. अगर आप इस इमेज को एनिमेट करना चाहते हैं तो नीचे की तरफ स्थित Animate बटन पर क्लिक करें।
    10. इस इमेज को शेयर करने के लिए नीचे की तरफ स्थित Share बटन पर क्लिक करें।

  • गंगा बैराज पर लगाया प्राकृतिक चिकित्सा शिविर

    प्रकृति की ओर वापस आकर पाएं दैहिक दैविक भौतिक रोगों से मुक्ति: डा. नरेंद्र सिंह

    बिजनौर। योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट अध्यक्ष योगेश कुमार, कोषाध्यक्ष सुनीता रानी, सचिव अनंत कुमार व डॉ नरेंद्र सिंह द्वारा हरियाली अमावस्या के दिन रविवार को गंगा बैराज पर प्राकृतिक चिकित्सा शिविर लगाया गया, जिसमें लोगों का आध्यात्मिक, मानसिक और शारीरिक उपचार किया गया। डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने एक्यूप्रेशर से मसाज कर लोगों का उपचार किया।

    जिला अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर अमर सिंह ने उपचार करने में सहयोग किया तथा आहार परिवर्तन के माध्यम से स्वस्थ रहने के उपाय बताए। उपचार कराने वालों में जिलाधिकारी कार्यालय से अशोक कुमार, गंगा बैराज से नरेंद्र कुमार कश्यप, दिनेश गुप्ता, गायत्री देवी, ग्राम शादीपुर से सुशील कुमार, शशि देवी, सुशीला देवी, करण सिंह, मुकेश कुमार आदि शामिल रहे।

    इस अवसर पर डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने कहा कि शारीरिक, मानसिक और कर्मों के अनुसार रोगों का उपचार प्रकृति के पास है, पतित पावनी मां गंगा के पास है। जो कर्मो के अनुसार रोग हैं उनको मां गंगा नाश कर देती है। शारीरिक व्याधियों को भी और मानसिक व्याधियों का भी उपचार मां गंगा के पास है, जो नित्य प्रतिदिन पतित पावनी मां गंगा के जल में स्नान करता है, पूजा अर्चना करता है, उसके शारीरिक मानसिक व्याधिया समाप्त हो जाती हैं। यहां तक कि जो हमने पूर्व जन्म में बुरे कर्म किए हैं, उनके अनुसार जो रोग आए हैं। उन रोगों का मां प्रकृति स्वयं ठीक कर देती है, प्रकृति की ओर वापस आईए दैहिक दैविक भौतिक रोगों से मुक्ति पाइए।

  • पिछले दिनों की गई थी स्टोन क्रशर पर भंडारण की जांच

    खनिज भंडार में गड़बड़ी मिलने पर की गई कार्रवाई

    35 स्टोन क्रशर पर 3.25 करोड़ का जुर्माना, 08 ईंट भट्टे सीज

    बिजनौर। स्टोन क्रशर संचालक खनन सामग्री के स्टॉक में जबरदस्त हेराफेरी कर रहे हैं। जांच के दौरान स्टॉक में काफी गड़बड़ी सामने आई हैं। इस पर जिले के 35 स्टोन क्रशर पर करीब सवा तीन करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा आठ ईंट भट्ठों को भी सीज किया गया है।

    प्रतीकात्मक चित्र

    जिले की नदियों और  पड़ोसी राज्य उत्तराखंड से भारी मात्रा में खनन सामग्री आती है। उक्त खनन सामग्री की खपत नजीबाबाद और नगीना तहसील में स्थापित स्टोन क्रशर पर होती है। स्टोन क्रशर पर खनन सामग्री के भंडार को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें सामने आई हैं। प्रशासन ने पिछले दिनों इनके स्टॉक की जांच कराई थी। कहीं पर स्टॉक ज्यादा मिला तो कहीं कम। ऐसे में सख्त कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया गया है।

    जानकारी के अनुसार गुरूकृपा स्टोन क्रशर पर एक करोड़ पांच लाख रुपए, हिमगिरी स्टोन क्रशर पर 39 लाख रुपए, सतगुरु स्टोन क्रशर पर 13 लाख रुपए, राणा स्टोन क्रशर पर छह लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। जिले के 35 स्टोन क्रशर पर कुल मिलाकर सवा तीन करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। वहीं बताया गया है कि जिले में 18 ईंट भट्टों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पत्र भेजा था। अब प्रशासन ने आठ ईंट भट्टों को सीज कर दिया है। जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने बताया कि जांच में जहां-जहां कमी मिली थी, कार्रवाई की गई है।

  • पुरुषोत्तम दास टंडन जी की जयंती पर विचार एवं काव्य गोष्ठी

    साथ चली हो हिंदी भाषा बनकर छाया जैसे: राम सिंह सुमन

    धामपुर (बिजनौर)। वर्षो की परंपरा अनुसार उत्तर प्रदेश युवा साहित्यकार संघ के तत्वाधान में महान स्वतंत्रता सेनानी हिंदी के प्रबल समर्थक पुरुषोत्तम दास टंडन जी की जयंती के अवसर पर एक विचार एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया।

    हरिकांत निवास पर आयोजित कार्यक्रम में कवि एवं शायरों ने अपनी रचनाओं से आयोजन को सफल बनाया। राम सिंह सुमन का कहना था; चलकर हिंदी पथ पर आया, जीवन भर में ऐसे। साथ चली हो हिंदी भाषा, बनकर छाया जैसे। डॉक्टर अनिल शर्मा अनिल ने कहा कि मौसम है यह सुहाना मनभावनी नजारे, हर मन को है लुभाती है सावन की बहार।नरेंद्र जीत अनाम ने कहा; मां तो घर की वृक्ष मूल थी और तना थे बाबू जी। राज कुमार वर्मा ने कहा; सावन में झूले पड़ते थे, घर घर मस्ती आवै थी, सांझ ढले जब महिलाएं मिल गीत झूलते गावे थीं। शायर वीरेंद्र बेताब का कलाम था; मेरे जख्म रिस रिस के ये कह रहे हैं, न भूलूंगा मैं दोस्ताना तुम्हारा। नरेश वर्मा ने कहा जब सावन की ऋतु आती है, तब हरियाली जश्न मनाती है।

    इस अवसर पर विभूति कांत शर्मा, रजनीश शर्मा, इंदु कांत शर्मा, सुधाकर शर्मा, राजकुमार सिंह, केशव कांत शर्मा इत्यादि शामिल रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ राज कुमार वर्मा द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। अध्यक्षता राम सिंह सुमन ने एवं संचालन हरिकांत शर्मा ने किया।

  • अभद्रता करते हुए ट्रक छुड़ा ले गया खनन माफिया

    सोशल मीडिया पर मामले का वीडियो वायरल

    ARTO को बालू भरे ओवरलोड ट्रक से कुचलने की कोशिश

    उरई। जिला जालौन के कुठौंद थानांतर्गत बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर चेकिंग कर रहे ARTO को बालू भरे ओवरलोड ट्रक से कुचलने की कोशिश की गई। इतना ही नहीं खनन माफिया अभद्रता करते हुए ट्रक छुड़ा भी ले गया। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हुआ है। सीओ रामसिंह ने बताया कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर टीमों को गठित कर दिया है। जल्द से जल्द घटना में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

    बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर ARTO ने रोका ओवरलोड ट्रक

    जानकारी के अनुसार कुठौंद थानांतर्गत बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर 236 से 240 किलोमीटर के बीच ARTO प्रवर्तन राजेश कुमार अपनी टीम के साथ चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान ओवरलोड ट्रक UP 79 AT 1979 को रोक लिया गया। जानकारी मिलते ही खनन माफिया मौके पर पहुंच गया और ARTO के साथ अभद्रता करते हुए जबरन ट्रक को छुड़ा लिया। आरोप है कि जान से मारने की नीयत से ARTO के ऊपर ट्रक चढ़ाने की कोशिश की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें आरोपी ARTO से अभद्रता करते और जबरन ट्रक को लेकर जाते दिखाई दे रहा है।

    खनन माफिया ने छीनी सिपाही से चाबी

    ARTO प्रवर्तन राजेश कुमार ने बताया कि वह बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर चेकिंग कर रहे थे। वहां से गुजरने वाले बालू से भरे ओवरलोड ट्रक रोककर चालान किए जा रहे थे। उक्त ट्रक को रोका गया तो चालक ने फोन के जरिए GPS लॉक कर दिया, जिस कारण एक्सप्रेस-वे पर गाड़ी खड़ी हो गई।थोड़ी देर में इटावा निवासी गाड़ी मालिक आ गया। उसने सिपाही से चाबी छीन ली और जबरन गाड़ी को ले जाने लगा। उसे रोकने का प्रयास किया तो अभद्रता की और गाड़ी को मेरे ऊपर चढ़ाने की कोशिश भी की।

    04 के खिलाफ FIR: एसपी

    SP डॉ. दुर्गेश कुमार के अनुसार ARTO राजेश कुमार अपने एक हमराही सिपाही के साथ चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान ट्रक (UP 79 AT 1979) को रोका गया। उसमें से दो व्यक्ति उतरे और उनसे बहस करते हुए ट्रक को भगा ले गए। चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने के साथ ही उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमों को रवाना किया गया है।

  • साहित्य जगत का जाना पहचाना नाम रश्मि लहर की कलम

    भारतीय गन्ना संस्थान, लखनऊ में निजी सचिव के पद पर कार्यरत

    राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में 100 से अधिक कहानियाँ प्रकाशित

    मन का दस्तावेज – कहानी संग्रह ‘अठारह पगचिन्ह’

    रश्मि लहर, भारतीय गन्ना संस्थान, लखनऊ में निजी सचिव के पद पर कार्यरत रहने के साथ साहित्य जगत का भी जाना पहचाना नाम बन चुकी हैं। कई संकलनों के साथ उनकी अब तक विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में 100 से अधिक कहानियाँ प्रकाशित हो चुकी हैं। काव्य सम्मेलनों, काव्य गोष्ठियों में भाग लेने के के साथ उनका अपना यू – ट्यूब चैनल भी है, जो काफ़ी प्रसिद्ध है। रश्मि लहर को अब तक 38 सम्मान मिल चुके हैं।

    बोधि प्रकाशन के संस्थापक मायामृग जी कहते हैं – यह आपकी कहानियाँ हैं, सिर्फ कहानीकार की नहीं, अक्षरशः सत्य है। वैसे भी वही अच्छा कथाकार है, जो समाज की हर घटना पर पैनी नजर रख सके तथा उन्हें अपनी कलम से ऊकेर कर समाज को सकारात्मक सन्देश दे सके। मुझे कहने में कोई संकोच नहीं है कि रश्मि जी ने जीवन के हर रिश्ते को स्वर देते हुए संवेदनशीलता के स्तर पर न्याय किया है। विभिन्न विषयों के चयन के साथ उनकी कहानियों की भाषा सहज, सरल और बोधगम्य है।

    वे कहती हैं – अनुभव अपनी सीमाएं लाँघते रहे। कभी पीड़ा, कभी विस्मय तो कभी संतुष्टि की अभिव्यक्ति करते रहे। संवादहीनता के दुःखद दौर से उपजी व्यधाओं ने प्रबल होकर अभिव्यक्ति की चेष्टा कर डाली। फलस्वरूप तानों -बानों से उलझा सच तिलमिलाकर समय के मस्तक पर शिव के तीसरे नेत्र की भांति विराजित हो गया।

    इस संग्रह की अधिकतर कहानियाँ छोटी हैं पर उनके बारे में यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी – देखन में छोटे लगें, घाव करें गंभीर।

    ‘लव यू नानी’ नानी और पोती के प्रेम से सराबोर बहुत ही अच्छी कहानी है, वहीं निस्वार्थ कर्म की शिक्षा देती है कहानी ‘अनोखा करवा चौथ’

    रिश्तों के दांव पेंच के साथ रिश्तों के मर्म तक पहुँचती, पहुँचाती अपने परायों के भेद को इंगित करती मार्मिक कहानी है ‘प्रेम के रिश्ते’

    एक पढ़ी लिखी लड़की कैसे अपने परिवार के जुल्मों से तंग आकर बावरी बन जाती है किन्तु जब वही बावरी अपनी मित्र की संगत और सहायता से कर्मयोगी बनती है, तो पाठकों को सुखद सन्देश दे जाती है। हर घटना को बखूबी उकेरा है लेखिका ने अपनी कहानी ‘बावरी’ में।

    विशुद्ध प्रेम की भावनाओं के अवगूंठन में गुंथी अनोखी प्रेम कथा है ‘अनमोल’, जिसमें नायक जो स्वयं भी लेखक है, नायिका की रचनाओं में अपने जीवन की हर समस्या का समाधान पाकर उससे दिल से जुड़ जाता है। ज़ब वह अपनी भावनाओं को प्रकट करना चाहता है तो नायिका उसे गलत समझ लेती है। नायिका नायक की भावनाओं को समझ पाती है या नहीं, पढ़िए कहानी ‘अनमोल’ में।

    ‘दादा जी का चश्मा’ अत्यंत ही हृदयस्पर्शी कहानी है। इसमें दादाजी अपनी पोती की पढ़ाई की फीस जमा करने के लिए अपने चश्मे की सोने की कमानी बेच देते हैं।

    रेप पीड़िता पर बुनी गईं समाज को सन्देश देती अच्छी कहानी है ‘अचानक’। लोगों को समझना होगा दोषी पीड़िता नहीं वरन कुकर्म करने वाला वह व्यक्ति है, जिसकी काम पिपासा ने एक लड़की को दोष न होते हुए भी दोषी बना दिया।

    ‘असली उत्सव’ में पोती ने अपने माता – पिता से नकारे जाने पर अपनी दादी को न केवल संभाला वरन उनकी देखभाल करने की भी जिम्मेदारी उठाई। जीवन के कटु यथार्थ को उकेरती समाज को दिशा देती शिक्षाप्रद कहानी।

    कर भला होगा भला इस कहावत को चरितार्थ करती आत्मीयता के खूबसूरत धागों से बुनी कहानी है ‘अद्भुत डॉक्टर’

    विपरीत परिस्थितियों में भी अगर इंसान सकारात्मक रहता है तो कायनात भी उसकी मदद करने लग जाती है। रश्मि लहर ने दर्शाया हैं अपनी कहानी ‘तेरी बिंदिया रे’ में।

    कभी -कभी जीवन में ऐसा घट जाता है, जो इंसान की सोच से परे होता है। एक अप्रिय घटना पल भर में हँसते – खेलते जीवन को पंगु बना देती है। यही हुआ था गौरव और गार्गी के जीवन में। क्या गौरव और गार्गी सहज जीवन जी पाए ? हृदयस्पर्शी कहानी है ‘आई लव यू गौरव’

    मानवीय रिश्तों के खोखलेपन को उकेरती बहुत मार्मिक कहानी है ‘गुलगुले’।  लेखिका कहती हैं न धन की कमी, न रुतबे की कमी पर अपने – अपने अस्तित्व को ऊंचाई देने के लिए सबके मन के भीतर एक वैमनस्यता ने जन्म ले लिया। वैमनस्यता के कारण भाई – भाई के रिश्तों में आती दूरी में पिसते हैं बूढ़े माता -पिता। कभी -कभी बेटे – बहू को उन्हें अपने साथ रखना, उन्हें भरपूर भोजन देना भी भारी पड़ने लगता है। अपनी दूसरी बहू से सास अपनी मनोव्यथा बताने के साथ गुलगुले खाने की फरमाइश करती है, किन्तु क्या सास उसके बनाए गुलगुले खा पाती है!! स्थितियों का बेहद सजीव वर्णन किया है लेखिका ने अपनी कहानी ‘ गुलगुले’ में।

    रिश्तों के खोखलेपन को दर्शाती कहानी है ‘अतीत के दस्तावेज ‘ नायिका पूजा के माता – पिता का देहावसान, 12  करोड़ की संपत्ति का मालिक होना, रिश्तेदारों की लोलुप निगाहें, उनसे बचने के लिए नौकरी के लिए बाहर जाना, वहां एक प्रतिष्ठित साहित्यकार से मिलना, जिसके बच्चे उसके बंगले को बेचकर, उससे प्राप्त धन से स्वयं ऐश करने की चाह उन्हें अपने वृद्ध पिता को वृद्धाश्रम में रखने की योजना बनाते हैं। संवेदनहीनता की पराकाष्ठा को दर्शाती, जीवन के कटु यथार्थ को लेखिका ने जिस तरह अपने शब्दों में पिरोया है वह काबिले तारीफ है। क्या पूजा इस समस्या का हल खोज पाई, इसे जानने के लिए पढ़िए कहानी ‘अतीत के दस्तावेज’

    शिरीष, संयोग, कैसे -कैसे दुःख,
    नियति और अम्मा भी हृदयस्पर्शी कहानियाँ है।

    रश्मि जी का माँ को समर्पित यह पहला कहानी संग्रह है जिसमें
    ‘अठारह पग-चिन्ह’ में उनकी 18 कहानियाँ हैं।

    बोधि प्रकाशन से प्रकाशित 95 पेज की इस पुस्तक का मूल्य मात्र 150 रुपए है। यह पुस्तक अमेज़न पर भी उपलब्ध है।

    रश्मि जी को इस पुस्तक की बधाई देते हुए मैं उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए, कामना करती हूँ कि उनकी लेखनी निरंतर प्रवाहमान रहे। ~सुधा आदेश, कथाकार

  • 1905 में ब्रिटेन के सम्राट जार्ज पंचम ने लखनऊ भ्रमण के दौरान किया था विचार

    यूपी में सात नए मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की अनुमति – एक खबर

    यूपी के पहले मेडिकल कॉलेज की स्थापना का इतिहास

    सात नए मेडिकल कॉलेज मिलने की खुशी के साथ ही उत्तर प्रदेश के पहले मेडिकल कॉलेज की स्थापना का इतिहास भी जानना जरूरी।

    उत्तर प्रदेश में 13 नए मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं, लेकिन नए नियमों के आधार पर इनमें प्रवेश की अनुमति नहीं मिल रही थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कोशिश के चलते केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 07 मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की अनुमति प्रदान कर दी।

    इस मेडिकल कॉलेज की स्थापना के बारे में 1905 में ब्रिटेन के सम्राट जार्ज पंचम ने अपने लखनऊ भ्रमण के दौरान विचार किया था। उनके इस विचार को जहांगीराबाद नरेश सर तसद्दुक रसूल खां ने आगे बढ़ाया। यूपी गवर्नमेंट के सेक्रेटरी ने 22 मार्च 1906 को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर कहा था कि लखनऊ में एक ऐसे मेडिकल कॉलेज की स्थापना होनी चाहिए जो पूर्व की दुनिया में अद्वितीय हो।

    आगरा और अवध के राजा, रईसों, जमीदारों और ताल्लुकेदारों ने मेडिकल कॉलेज के लिए बढ़ चढ़ कर अनुदान दिया।

    1906 में ही लखनऊ मेडिकल कॉलेज की नींव रखी गई।

    1911 के अक्टूबर माह में लखनऊ मेडिकल कॉलेज में पहला सत्र प्रारंभ हुआ।

    27 जनवरी सन 1912 को सर जाॅन हैवेट ने नई इमारत का उद्घाटन किया।

    सम्राट की ताजपोशी पर आयोजित दरबारी जश्न में मेडिकल कॉलेज के साथ उनका नाम जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया।

    मेडिकल कॉलेज भवन के निर्माण पर तब 30 लाख रुपए का खर्च आया था। भारत सरकार ने 10 लाख रुपए का अनुदान दिया था।

    सबसे पहले 18 लाख रुपए की लागत से प्रशासनिक ब्लॉक की महलनुमा सुंदर इमारत बनकर तैयार हुई।

    मेडिकल कॉलेज के गगनचुंबी इमारतों का नक्शा सर जैकब ने तैयार किया था। उन्होंने अवध के स्थापत्य को जिंदा रखने की हर संभव कोशिश की।

    प्रारंभ में 231 बेड के साथ मेडिकल कॉलेज की शुरुआत हुई थी।

    प्रारंभ में किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संबद्ध रहा। बाद में लखनऊ विश्वविद्यालय एक्ट बन जाने पर इसे 1921 में लखनऊ यूनिवर्सिटी से जोड़ दिया गया।

    (इतिहासकार डॉ. योगेश प्रवीन की पुस्तक ‘लखनऊ नामा’ से साभार)

    प्रस्तुति – गौरव अवस्थी (लेखक वरिष्ठ पत्रकार साहित्यकार हैं। दैनिक हिंदुस्तान रायबरेली और लखनऊ से जुड़े रहे हैं)

  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए कम्पनी नामित

    बीमा न कराने वाले अंतिम तिथि से 07 दिन पहले दें प्रार्थना पत्र

    इफ्को-टोकियो जनरल इन्श्योरेंस को मिली फसल बीमे की जिम्मेदारी

    बिजनौर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए इफ्को – टोकियो जनरल इन्श्योरेंस कम्पनी लिमिटेड को नामित किया गया है। इसके लिए किसानों को प्रचार प्रसार कर इफ्को टोकियो से बीमा कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है। साथ ही कंपनी से बीमा न कराने वालों को अंतिम तिथि से 07 दिन पहले तक इससे संबंधित प्रार्थना पत्र देने की नसीहत भी की जा रही है।

    जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने बताया कि शासन द्वारा वर्ष 2023-24, 2024-25, 2025-26 खरीफ व रबी मौसम मे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना की कार्य योजना को जारी किया गया है। योजना के अन्तर्गत प्रतिकूल मौसमीय स्थितियों से अधिसूचित फसलों में खरीफ मौसम हेतु धान, उर्द मूंगफली तथा रबी मौसम हेतु अधिसूचित फसलें गेहूं, राई/सरसों, मसूर एवं आलू हैं। फसल की बुवाई न कर पाना, असफल बुवाई, फसल की मध्य अवस्था में क्षति, खड़ी फसल को प्राकृतिक आपदाओं, रोगों, कीटों से क्षति, ओलावृष्टि, जलभराव, बादल फटना, भूस्खलन, बिजली गिरने से क्षति, फसल कटाई के उपरान्त आगामी 14 दिन की अवधि तक खेत में सुखाई हेतु रखी हुई फसल को ओलावृष्टि, चक्रवात, बेमौसम वर्षा, चक्रवाती वर्षा आदि के नुकसान के जोखिम को कवर किया गया है। यह योजना स्वैच्छिक आधार पर लागू की गई है। यदि ऋणी कृषक योजना में शामिल नहीं होना चाहते हैं तो ऐसी स्थिति में अपने बैंक शाखा स्तर पर बीमा कराने की अन्तिम तिथि से 07 दिन पहले तक योजनान्तर्गत प्रतिभागिता नहीं करने के सम्बन्ध में लिखित रूप से अवगत कराना होगा। गैर ऋणी कृषक अपना पहचान पत्र, आधार कार्ड, फसल बुवाई का घोषणा पत्र, खतौनी की नकल, बैंक खाते का विवरण, आईएफएससी कोड के साथ निकट के कॉमन सर्विस सेन्टर (CSC) अथवा बैंक शाखा से फसल पर देय प्रीमियम अंश को जमा करते हुए अपनी फसल का बीमा करा सकते हैं।

    अन्तिम तिथि अब की गई 10 अगस्त 2024

    निदेशक कृषि सांख्यिकी एवं फसल बीमा उत्तर प्रदेश कृषि भवन लखनऊ के आदेश में 01 अगस्त 2024 के द्वारा खरीफ मौसम योजना में भागीदारी की अन्तिम तिथि 31 जुलाई 2024 से बढ़ाकर शनिवार 10 अगस्त 2024 कर दी गई है। निर्धारित तिथि 10 अगस्त 2024 से पूर्व ही जमा की गई प्रीमियम पर क्षति पूर्ति की धनराशि देय है। इसके बाद जमा की गई धनराशि पर फसल बीमित नहीं हो सकेगी व क्षति पूर्ति की धनराशि देय नहीं होगी।

  • मोटामहादेव मंदिर परिसर का भ्रमण, निरीक्षण

    कांवड़ियों, श्रद्धालुओंं व क्षेत्रीय आमजन को भंडारा भोज

    शिव भक्तों की सेवा में जुट गए डीएम एसपी

    बिजनौर। कांवड़ यात्रा व श्रावण शिवरात्रि पर्व जनपद भर में अपूर्व हर्षोल्लास एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस दौरान डीएम एसपी ने थाना मंडावली क्षेत्रान्तर्गत मोटामहादेव मंदिर परिसर का भ्रमण व निरीक्षण किया।

    जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल एवं पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने कांवड़ यात्रा और श्रावण शिवरात्रि पर्व को देखते हुए थाना मंडावली क्षेत्रान्तर्गत मोटामहादेव मंदिर परिसर का भ्रमण/निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने शिवलिंग पर जल चढ़ाते हुए सभी के लिए मंगल कामना की।

    उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य बिन्दुओं पर सर्व संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। साथ ही कांवड़ियों, श्रद्धालुओंं तथा क्षेत्रीय आमजन को भंडारा भोज का वितरण किया। इस दौरान अन्य अधिकारीगण भी मौजूद रहे।

    गौरतलब है कि हाल ही में भागुवाला एवं मोटा महादेव मंदिर पर एक कार्यक्रम का आयोजन कर डीएम और एसपी ने भी भाजपा विधायक व कार्यकर्ताओं के साथ कांवड़ यात्रियों को फल आदि का वितरण किया। इस दौरान हरिद्वार से गंगा जल लेकर आने वाले कांवड़ यात्रियों पर पुष्प वर्षा की गई।डीएम अंकित कुमार, एसपी अभिषेक झा, ब्लाक प्रमुख तपराज सिंह ने फल वितरण किया और उनकी सेवा की।

    एसपी ने कांवड़ यात्रियों से रास्ते में सुरक्षा व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी लेते हुए कहा कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति रास्ते में मिलता है या किसी प्रकार का विवाद करने का प्रयास करता है तो पुलिस को सूचना दें। स्वयं किसी भी विवाद का कारण ना बनें। उन्होंने सभी कांवड़ यात्रियों को सुखद व सुरक्षित कांवड़ यात्रा संपन्न होने के लिये शुभकामनाएं भी दीं।

  • 10 अगस्त तक बढ़ाई गई हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने की अंतिम तिथि

    इसके बाद भुगतना पड़ेगा 10 हजार तक का चालान

    वाहनों पर HSRP लगाने को मिली थोड़ी और मोहलत

    Vehicle HSRP Update

    नई दिल्ली। परिवहन विभाग ने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाना अनिवार्य कर दिया है। पुराने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने की अंतिम तिथि 31 जुलाई रखी थी। अब ट्रांसपोर्ट और रोड सेफ्टी डिपार्टमेंट की ओर से एचएसआरपी लगवाने की अंतिम तिथि 10 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। इसके लिए परिवहन विभाग ने आदेश जारी किए हैं। पुराने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट नहीं लगवाने वाले लोगों को 10 अगस्त के बाद ₹10000 तक का चालान देना होगा।

    परिवहन विभाग के आदेश अनुसार अब पुराने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने की अंतिम तिथि 10 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। वाहन मालिक 10 अगस्त तक एचएसआरपी नंबर प्लेट के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद बुकिंग स्लिप दिखाने पर भी चालान से बच सकेंगे 01 अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत पुराने वाहनों पर एचएसआरपी नंबर प्लेट लगवाने की अंतिम तिथि 31 जुलाई रखी गई थी। इसे लोगों की सुविधा के लिए बढ़कर 10 अगस्त कर दिया गया है। तय तिथि तक हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट के लिए विभाग के निर्धारित पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन नहीं करवाने वाले वाहन चालकों पर 5000 से 10000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। अभ्यर्थी चालान से बचने के लिए निर्धारित तिथि तक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए आवेदन जरूर करें और अपने वाहनों पर लगवा लें।

    विदित हो कि सरकार की ओर से 01 अप्रैल 2019 से पहले खरीदे गए वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाना अनिवार्य कर दिया गया है। दरअसल एक अप्रैल 2019 से पहले उपलब्ध नंबर प्लेटों के साथ छेड़छाड़ करना आसान था। इन्हें आसानी से हटाया और बदला जा सकता है। इस कारण इनके चोरी होने पर ट्रैक करना भी मुश्किल हो जाता है। इसके बावजूद कई वाहन चालक अपने वहां पर नंबर प्लेट नहीं बदल रहे हैं।

    हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट HSRP

    हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट अल्युमिनियम से बनी एक प्लेट होती है। इन्हें कम से कम वन टाइम यूज्ड स्नैप-ऑन-लॉक के जरिए गाड़ी के फ्रंट और बैक में लगाया जाता है। इन्हें आसानी से हटाया नहीं जा सकता और ना ही एक बार हटाने के बाद दूसरी नंबर प्लेट लगाई जा सकती है। HSRP में लिखे अंक को अक्षरों और बॉर्डर पर एक हॉट स्टैंप वाली फिल्म लगाई जाती है। इसमें 45 डिग्री के एंगल पर इंडिया लिखा होता है। प्लेट पर अंक और अक्षर का साइज 10mm और एक खास फोंट होता है। लाइट पड़ने पर अंक और अक्सर चमक उठाते हैं और सीसीटीवी कैमरे में आसानी से कैप्चर हो जाते हैं। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट में ऊपर बाएं कोने पर नीले रंग में अशोक चक्र का हॉट स्टेप्ड क्रोमियम बेस्ट होलोग्राम होता है। इसके नीचे बाएं कोने पर 10 अंक का सीक्रेट कोड लेजर से लिखा होता है, जो यूनिवर्सल होता है। यह नंबर एक ही गाड़ी के फ्रंट और रियर नंबर प्लेट में अलग-अलग होता है। इस सीक्रेट कोड में गाड़ी से जुड़ी सारी डिटेल्स जैसे चेसिस और इंजन नंबर, परचेसिंग डेट, गाड़ी का मॉडल, डीलर और रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी आदि होता है।

    हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट: दुपहिया वाहन के लिए 425 रुपए, कार के लिए 695 रुपए, मध्यम एवं भारी वाहन के लिए 730 रुपए और ट्रैक्टर कृषि कार्य से जुड़े वाहनों के लिए 495 रुपए निर्धारित हैं।

    एचएसआरपी (हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट) लगवाने की आवेदन प्रक्रिया ~

    सबसे पहले सियाम पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट siam.in पर जाएं। इसके बाद अपने वाहन नंबर, इंजन नंबर, चेसिस नंबर आदि जानकारी के साथ रजिस्ट्रेशन करें। अपने वाहन निर्माता कंपनी, जिले और सबसे नजदीकी वाहन डीलर का चयन करने के बाद एचएसआरपी प्लेट के लिए शुल्क का भुगतान ऑनलाइन करें। अपना स्लॉट बुक करने के साथ ही अपने रिकॉर्ड के लिए भुगतान की रसीद प्राप्त कर लें। आपके पंजीकरण की सूचना मोबाइल नंबर पर भी प्राप्त हो जाएगी। निर्धारित तिथि पर आप चुने गए नजदीकी डीलर के पास जाकर एचएसआरपी ले सकते हैं। इसके लिए आपको ऑनलाइन पेमेंट के अलावा किसी भी प्रकार का कोई भुगतान नहीं देना होगा। एक बार हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के बाद हमेशा के लिए वैध है।

  • एंटी करप्शन लखनऊ की टीम ने की छापामार कार्रवाई

    कानपुर के सरसौल स्थित सहायक चकबंदी कार्यालय का मामला

    किसान से 10 हजार घूस लेते कानूनगो और लेखपाल रंगेहाथ गिरफ्तार

    एंटी करप्शन लखनऊ की टीम ने कानपुर के सरसौल स्थित सहायक चकबंदी कार्यालय में किसान से 10 हजार रुपए घूस लेते कानूनगो और लेखपाल को रंगेहाथों पकड़ा है। दोनों को निलंबित कर दिया गया है।

    कानूनगो विनोद गौतम

    कानपुर। नर्वल तहसील के सरसौल चकबंदी कार्यालय में कार्यरत कानूनगो व लेखपाल को बुधवार सुबह एंटी करप्शन (भ्रष्टाचार निवारण संगठन) की टीम ने किसान से 10 हजार रुपए घूस लेते गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ महाराजपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

    नर्वल के टीकरभाऊ निवासी नवल किशोर शुक्ला व नंद किशोर शुक्ला ने बताया गांव में चकबंदी चल रही है। चकबंदी के दौरान उनकी 21 बीघा कृषि भूमि में से साढ़े तीन बीघा जमीन कट रही थी। जमीन कटने से बचाने के लिए उन्होंने तहसील में आवेदन किया। आरोप है कि चकबंदी कार्यालय में तैनात कानूनगो विनोद गौतम व लेखपाल सूरज सिंह यादव ने उनसे 30 हजार रुपए रिश्वत मांगी। न देने पर तीन माह से लेखपाल उन्हें परेशान कर रहा था। इसके बाद उन्होंने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की। शुरुआती जांच में पुष्टि के बाद एंटी करप्शन की टीम ने कानूनगो और लेखपाल की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया। 10-10 हजार रुपए तीन बार में देने की बात तय हुई। पीड़ित किसान केमिकल लगे रुपए लेकर कानूनगो के कार्यालय पहुंचे, जहां रुपए लेते समय पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। भ्रष्टाचार निवारण संगठन के इंस्पेक्टर चंद्रभान सिंह की तहरीर पर दोनों के खिलाफ महाराजपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। गुरुवार को दोनों को लखनऊ की एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया गया।

    लेखपाल सूरज सिंह यादव

    चकबंदी कार्यालय में डाला ताला, कानूनगो और लेखपाल निलंबित

    एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर चंद्रभान सिंह ने बताया कि कार्यालय पहुंचकर किसान ने 10 हजार रुपए कानूनगो के हाथों में दिए। उसने रुपए गिने और बगल में मौजूद लेखपाल सूरज यादव को दे दिए। इसी वजह से दोनों पकड़े गए। कार्रवाई के बाद चकबंदी कार्यालय में ताला डालने के साथ ही अभिलेख कब्जे में ले लिए गए। लेखपाल की कार व कानूनगो की बाइक भी थाने लाकर सीज कर दी गई है। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कानूनगो व लेखपाल को निलंबित कर दिया है।

    परेशान हो कर, की लखनऊ शिकायत

    पीड़ित नवल किशोर शुक्ला ने बताया कि पिछले तीन माह से पैमाइश करने व चक काटने के नाम पर 30 हजार रुपए मांगे जा रहे थे। लखनऊ में रहने वाले बड़े भाई नंदकिशोर गंभीर रोग से पीड़ित होने के बाद भी चकबंदी प्रक्रिया पूरी कराने के लिए आएदिन चक्कर लगा रहे थे। परेशान होकर उन्होंने सोमवार को लखनऊ एंटी करप्शन के अधिकारियों को जानकारी दी।

    कैंसर से पीड़ित हैं कानूनगो

    मूलरूप से उन्नाव के बारासगवर के बारा गांव निवासी लेखपाल सूरज सिंह यादव सरसौल में चकबंदी कार्यालय के नजदीक ही किराए के मकान में रहता है। वहीं, उन्नाव कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत पूरन नगर निवासी कानूनगो विनोद कुमार गौतम की गिरफ्तारी की सूचना पर उनके दोनों बेटे थाने पहुंचे। मेडिकल क्षेत्र में कार्यरत बड़े बेटे छोटू ने बताया कि लगभग तीन साल से पिता कैंसर से पीड़ित हैं।