एंटी करप्शन लखनऊ की टीम ने की छापामार कार्रवाई
कानपुर के सरसौल स्थित सहायक चकबंदी कार्यालय का मामला
किसान से 10 हजार घूस लेते कानूनगो और लेखपाल रंगेहाथ गिरफ्तार
एंटी करप्शन लखनऊ की टीम ने कानपुर के सरसौल स्थित सहायक चकबंदी कार्यालय में किसान से 10 हजार रुपए घूस लेते कानूनगो और लेखपाल को रंगेहाथों पकड़ा है। दोनों को निलंबित कर दिया गया है।

कानपुर। नर्वल तहसील के सरसौल चकबंदी कार्यालय में कार्यरत कानूनगो व लेखपाल को बुधवार सुबह एंटी करप्शन (भ्रष्टाचार निवारण संगठन) की टीम ने किसान से 10 हजार रुपए घूस लेते गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ महाराजपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

नर्वल के टीकरभाऊ निवासी नवल किशोर शुक्ला व नंद किशोर शुक्ला ने बताया गांव में चकबंदी चल रही है। चकबंदी के दौरान उनकी 21 बीघा कृषि भूमि में से साढ़े तीन बीघा जमीन कट रही थी। जमीन कटने से बचाने के लिए उन्होंने तहसील में आवेदन किया। आरोप है कि चकबंदी कार्यालय में तैनात कानूनगो विनोद गौतम व लेखपाल सूरज सिंह यादव ने उनसे 30 हजार रुपए रिश्वत मांगी। न देने पर तीन माह से लेखपाल उन्हें परेशान कर रहा था। इसके बाद उन्होंने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की। शुरुआती जांच में पुष्टि के बाद एंटी करप्शन की टीम ने कानूनगो और लेखपाल की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया। 10-10 हजार रुपए तीन बार में देने की बात तय हुई। पीड़ित किसान केमिकल लगे रुपए लेकर कानूनगो के कार्यालय पहुंचे, जहां रुपए लेते समय पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। भ्रष्टाचार निवारण संगठन के इंस्पेक्टर चंद्रभान सिंह की तहरीर पर दोनों के खिलाफ महाराजपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। गुरुवार को दोनों को लखनऊ की एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया गया।

चकबंदी कार्यालय में डाला ताला, कानूनगो और लेखपाल निलंबित
एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर चंद्रभान सिंह ने बताया कि कार्यालय पहुंचकर किसान ने 10 हजार रुपए कानूनगो के हाथों में दिए। उसने रुपए गिने और बगल में मौजूद लेखपाल सूरज यादव को दे दिए। इसी वजह से दोनों पकड़े गए। कार्रवाई के बाद चकबंदी कार्यालय में ताला डालने के साथ ही अभिलेख कब्जे में ले लिए गए। लेखपाल की कार व कानूनगो की बाइक भी थाने लाकर सीज कर दी गई है। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कानूनगो व लेखपाल को निलंबित कर दिया है।

परेशान हो कर, की लखनऊ शिकायत
पीड़ित नवल किशोर शुक्ला ने बताया कि पिछले तीन माह से पैमाइश करने व चक काटने के नाम पर 30 हजार रुपए मांगे जा रहे थे। लखनऊ में रहने वाले बड़े भाई नंदकिशोर गंभीर रोग से पीड़ित होने के बाद भी चकबंदी प्रक्रिया पूरी कराने के लिए आएदिन चक्कर लगा रहे थे। परेशान होकर उन्होंने सोमवार को लखनऊ एंटी करप्शन के अधिकारियों को जानकारी दी।
कैंसर से पीड़ित हैं कानूनगो
मूलरूप से उन्नाव के बारासगवर के बारा गांव निवासी लेखपाल सूरज सिंह यादव सरसौल में चकबंदी कार्यालय के नजदीक ही किराए के मकान में रहता है। वहीं, उन्नाव कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत पूरन नगर निवासी कानूनगो विनोद कुमार गौतम की गिरफ्तारी की सूचना पर उनके दोनों बेटे थाने पहुंचे। मेडिकल क्षेत्र में कार्यरत बड़े बेटे छोटू ने बताया कि लगभग तीन साल से पिता कैंसर से पीड़ित हैं।








































































































































































































































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