newsdaily24

update रहें…हर दम, हर पल

  • बंदियों को सुधारने के लिए किया जा रहा है हर तरह का प्रयास

    दीपावली पर जेल के बंदियों के बनाए कंडील और दीयों से  जगमगाएंगे घर

    बिजनौर। दीपावली पर्व को लेकर जिला कारागार के बंदी कंडील और दीपक बना रहे हैं। जेल प्रशासन द्वारा सेल लगाकर ये बेचे जाएंगे। जेल में अधिकांश बंदी इन दिनों मिट्टी के दीए बनाकर उन पर रंग-बिरंगे रंग कर रहे हैं, इनमें महिला बंदियों की संख्या अधिक है। दीपावली से पहले एक सामाजिक संस्था द्वारा इन दीए और कंडील की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।

    जेलर रविन्द्रनाथ सरोज ने बताया कि बंदियों को दीपावली पर्व पर दीए और कंडील बनाने के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। बंदी मेहनत से काम में लगे हुए हैं। इनको प्रदर्शनी के जरिए नीलाम कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि दीपावली के अलावा भी जिला कारागार बिजनौर में बंदियों को सुधारने के लिए हर तरह का प्रयास किया जा रहा है। अलग-अलग आपराधिक घटनाओं में लिप्त इन बंदियों को जेल में ही लकड़ी की कुर्सी-मेज और माटी के बर्तन बनाने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। कई बंदी प्रशिक्षण पाकर कारीगर भी बन गए हैं। इनके द्वारा बनाए गए उपकरणों को बाजार में बेच कर प्राप्त आमदनी के पैसे बंदी को दिए जाते हैं। मतलब यह कि जेल में सजा काट रहे बंदियों को उनके अपराध की सजा के साथ उन्हें आमदनी का जरिया भी मुहैया कराया जा रहा है, ताकि उनका आगे का जीवन में सुधार आ सके और जो अपराध वो करके आए हैं, जेल की चारदीवारी से बाहर निकलकर उसकी पुनरावृत्ति न करें।

  • उर्वरकों की कालाबाजारी करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाईः जसवीर सिंह तेवतिया

    बिजनौर। जनपद में खरीफ फसलों की कटाई का कार्य प्रारंभ हो चुका है। कुछ दिनों में रबी फसलों की बुवाई का कार्य प्रारम्भ हो जाएगा। जनपद के किसानों को उर्वरकों की प्राप्ति में कोई समस्या ना आए इसके संबंध में उर्वरक निरीक्षक/जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में पर्याप्त मात्रा में फास्फेटिक उर्वरक (डीएपी एनपीके, एस एस पी) एवं यूरिया उर्वरक उपलब्ध है।

    उन्होंने बताया कि जनपद के सहकारी, गन्ना समिति और निजी निजी उर्वरक विक्रेताओं के केंद्रों एव बफर गोदाम पर क्रमश यूरिया 23522 मै. टन, डीएपी 5066 मै. टन, एनपीके 3191 मै. टन एवं एसएसपी 1628 मै. टन उपलब्ध है। रबी फसलों की बुवाई के लिए आवश्यक मांग के अनुसार उर्वरकों का वितरण करने को समस्त सहकारी एवं गन्ना समितियां एवं निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों को निर्देशित किया गया है कि उर्वरकों के वितरण में कृषकों को आवश्यकता अनुसार एवं जोत बही तथा संस्तुति के आधार पर सुगमतापूर्वक उर्वरक का वितरण करें। साथ ही कृषक भाइयों से यह भी अपील है कि फसलों की बुवाई के लिए केवल डीएपी पर निर्भर न रहें। जनपद में पर्याप्त मात्रा में सिंगल सुपर फास्फेट भी उपलब्ध है। फसलों की बुवाई में उसका भी प्रयोग किया जाए। उन्होंने समस्त थोक एवं उर्वरक बिक्री केंद्रों को निर्देशित किया कि कृषकों की तत्कालीन आवश्यकता के अनुसार ही फास्फेटिक उर्वरकों, विशेषकर यूरिया, डीएपी, एनपीके, उर्वरक का वितरण निर्धारित दर पर किया जाए। बिना पोस मशीन के उर्वरकों का वितरण न किया जाए। किसी भी दशा में ऊर्वरकों की बिक्री बल्क में न की जाए एवं कृषक को उनकी जोतबही/खतौनी एवं फसलवार संस्तुति के अनुसार उर्वरकों का वितरण किया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि कोई भी उर्वरक विक्रेता निर्धारित दर से अधिक दर पर बिक्री करता हुआ एवं प्रचलित उर्वरकों के साथ-साथ अन्य उर्वरकों की टैगिंग करता हुआ पाया जाता है तो संबंधित उर्वरक विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अंतर्गत विधिक कार्रवाई अमल में लायी जाएगी। उन्होंने उर्वरक विक्रेताओं को यह भी निर्देश दिये कि कृषकों को वितरित उर्वरकों की रसीद अवश्य उपलब्ध कराई जाए।

  • Natraj Pencil कंपनी दे रही है वर्क फ्रॉम होम जॉब ? जानिए क्या है सच Sonu Sood ने नटराज पेंसिल कंपनी में सभी को नौकरी के लिए बुलाया? https://www.gnttv.com/shows/fact-check/video/natraj-pencil-company-giving-work-home-job-know-what-truth-480765-2022-12-08 नटराज पेंसिल/पैन पैकिंग जॉब ऑफर: सोशल मीडिया पर सर्कुलेट की जा रही एक पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि नटराज मैन्युफैक्चरिंग कंपनी घर से […]

    Natraj Pencil कंपनी दे रही है वर्क फ्रॉम होम जॉब ? जानिए क्या है सच
  • चढ़ने के लिए सीढ़ी, उतरने के लिए पाइप,  आखिर कैसे फरार हो गए 2 कैदी?

    छह कर्मचारियों काे निंलबित कर चुका है जेल मुख्यालय

    आखिरकार जेल अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं?

    हरिद्वार। रामलीला मंचन के दौरान रोशनाबाद जेल से दो कैदी फरार होने के मामले में जेल मुख्यालय ने शाम होते-होते छह कर्मचारियों काे निंलबित कर दिया, लेकिन जेल अधीक्षक मनोज आर्य की कोई जिम्मेदारी या जवाबदेही तय नहीं की गई। इसको लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। भले ही अधीक्षक अवकाश पर थे, लेकिन ऐसा नहीं है कि कैदियों ने एक ही दिन में प्लानिंग की और उसी दिन फरार हो गए।

    उत्तराखंड प्रदेश की सबसे ज्यादा संवेदनशील जेल, जिसमें खूंखार अपराधियो को रखने के लिए हाई सिक्योरिटी बैरक का निर्माण चल रहा है, उसमें सुरक्षा को लेकर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो गई। कैदियों को दीवार पर चढ़ने के लिए सीढ़ी भी आसानी से मिल गई और लटक कर उतरने के लिए पानी का पाइप भी जेल के अंदर मिल गया। सीढ़ी, रस्सी, पाइप को हथियार बनाकर कैदी फरार हो सकते हैं या एक दूसरे को नुकसान पहुंचा सकते हैं, इस पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया। इसलिए जेल अधीक्षक की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं कि जेल महकमा खुद मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के अधीन है।फिलहाल जेल मुख्यालय ने प्रभारी अधीक्षक व कारापाल प्यारे लाल आर्य, उप कारापाल सर्किल जेलर कुंवर पाल सिंह, दिन हैड वार्डर प्रेमशंकर यादव, हैड वार्डर – प्रभारी गिर्दा हेड विजय पाल सिंह, बंदीरक्षक प्रभारी निर्माण स्थल। ओमपाल सिंह और हेड वार्डर-प्रभारी गेटकीपर नीलेश कुमार को सस्पेंड किया है, मगर अधीक्षक पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

    गौरतलब है कि हरिद्वार की रोशनाबाद जेल से रामलीला मंचन के वक्त दो खूंखार कैदी जेल से फरार हो गए। जेल से कैदियों के फरार होने की खबर सामने आने के बाद पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है। इस घटना के पीछे कई सवाल उठ रहे हैं। कैदियों को जेल के अंदर सीढ़ी और प्लास्टिक की पाइप जैसे सामान आखिर कैसे मिल गए। दोनों फरार हुए कैदियों में एक शार्प शूटर भी है। एसएसपी परमेन्द्र सिंह डोभाल द्वारा कई टीमें गठित की गई हैं। कैदियों की तलाश में पुलिस जगह-जगह पर दबिश दे रही है। आरोपियों के रिश्तेदारों और तमाम अलग-अलग ठिकानों पर पुलिस की नज़रें बनी हुई हैं, हालांकि अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।

    पहले भी हो चुकी है लापरवाही

    जिला प्रशासन की टीम के औचक निरीक्षण के वक्त जेल के अंदर मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। सवाल यह खड़ा होता है की जेल प्रशासन आखिरकार इन अपराधियों को लेकर गंभीर क्यों नहीं है!

  • सावधान! अब पेंशनर्स को निशाना बना रहे हैं साइबर अपराधी

    “साइबर अपराधियों का पेंशन धारकों को ठगने का नया तरीका”

    आजकल साइबर अपराधियों द्वारा पेंशन धारकों को “जीवन प्रमाण पत्र” ऑनलाइन अपडेट करने के लिए कॉल किया जा रहा है, उनके पास पेंशन धारकों का पूरा डेटा जैसे नियुक्ति का दिनांक, सेवानिवृत्ति का दिनांक, पीपीओ नंबर (पेंशनभोगी भुगतान आदेश संख्या), आधार कार्ड संख्या, स्थाई पता, ईमेल आईडी, सेवानिवृत्ति पर प्राप्त राशि, मासिक पेंशन, नॉमिनी आदि की जानकारी होती है। वे उन्हें इस पूरे डेटा के साथ कॉल करते हैं, ताकि पेंशन धारक को यह विश्वास दिलाया जा सके कि वे पेंशन निदेशालय से हैं। वे पेंशन धारकों का पूरा डेटा बताते हुए उनका जीवन प्रमाण पत्र अपडेट करने हेतु ओटीपी साझा करने के लिए कहते हैं। एक बार जब पेंशन धारक फोन पर आए हुए ओटीपी को साझा कर देते हैं तो, जालसाजों को पेंशन धारक के बैंक खाते का डायरेक्ट एक्सेस कन्ट्रोल मिल जाता है। तत्पश्चात वे पेंशन धारक के खाते में जमा समस्त राशि को तुरन्त दुसरे ‘फर्जी बैंक खातों’ या ‘वॉलेट’ में स्थानांतरित कर देते हैं। इसलिए जागरूक रहें, ‘पेंशन निदेशालय’ कभी भी किसी पेंशन धारक को उनका ‘जीवन प्रमाण पत्र’ ऑनलाइन अपडेट करने के लिए कॉल नहीं करता है और न ही ऑनलाइन जीवन प्रमाण पत्र अपडेट करता है। यह पेंशन धारकों का कर्तव्य है कि वे अपने जीवन प्रमाण पत्र को व्यक्तिगत रूप से पेंशन निदेशालय में जाकर अपडेट करायें । इस तरह आने वाली फर्जी कॉल्स से बचें व साइबर क्राइम सेल हजरतगंज लखनऊ को सूचित करें। कृपया यह जानकारी पेंशन धारकों को जागरूक करने के लिए साझा करें।

    ऑनलाइन शिकायत के लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के होमपेज  https://www.cybercrime.gov.in/ पर जाएं।

    गृह मंत्रालय ने “नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग और प्रबंधन प्रणाली” मॉड्यूल पर वित्तीय धोखाधड़ी की तत्काल रिपोर्ट करने और “राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल” ( http://www.cybercrime.gov.in ) पर साइबर अपराध की घटनाओं को दर्ज करने में सहायता प्राप्त करने के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर ‘1930’ (पहले ‘155260’)

    मथुरा में सामने आए पेंशनर्स के साथ धोखाधड़ी के मामले

    दरअसल मथुरा प्रशासन को जानकारी मिली कि कुछ शातिर लोग पेंशनर्स को फोन करके उनका महत्वपूर्ण डेटा लेकर उनके खाते से पैसा निकाल रहे हैं। इसके लिए उनके द्वारा ट्रेजरी ऑफिस के नाम का सहारा लिया जा रहा है। अपराधी खुद को ट्रेजरी से जुड़ा बताते हैं, इसलिए लोग उनकी बातों में भी आ जाते हैं। मथुरा में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें पेंशनर्स को फोन करके उनसे खाते आदि की जानकारी मांगी गई और फिर खातों से पैसा निकाल लिया गया। ऐसे दो मामलों में एफआईआर भी दर्ज की गई है।

    खाते की कोई भी जानकारी ना करें शेयर’

    मथुरा के वरिष्ठ कोषाधिकारी संतोष कुमार कुशवाहा ने बताया कि पेंशन पाने वाले लोगों के साथ साइबर अपराधियों की ओर से धोखाधड़ी के मामलों की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर रिटायरमेंट के बाद पेंशनर्स के खातों में पर्याप्त पैसा जमा होता है, इसलिए उनके बारे में जानकारी एकत्र करके उन्हें ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि साइबर ठगी करने वाले मथुरा कोषागार के नाम से पेंशनर्स को एरियर और अन्य भुगतान करने का लालच देकर उनसे बैंक खाते का विवरण, आधार संख्या के साथ ओटीपी पूछकर बैंक खाते से पैसा निकाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुछ अन्य जिलों से भी ऐसे मामले सामने आए हैं। वरिष्ठ कोषाधिकारी ने बताया कि इस प्रकार के साइबर क्राइम की जांच तो पुलिस की साइबर सेल करेगी, लेकिन हम सभी पेंशनर्स से यह अपील रहे हैं कि वो इस प्रकार के किसी फोन कॉल के झांसे में ना आएं और बैंक खातों से जुड़ी कोई भी जानकारी ना दें। उन्होंने यह भी कहा कि ना तो ऐसा कोई फोन किया जाता है और ना ही इस प्रकार की कोई जानकारी मांगी जाती है।

  • पुलिस की सराहना करते हुए जिलाध्यक्ष, जल्द मिलेंगे एसपी स

    कारी साहब के सर को भी बरामद करना अति आवश्यक: वसीम अकरम (एङ)

    बिजनौर। जनपद के थाना हल्दौर अंतर्गत ग्राम खारी में लगभग 20 दिन पहले कारी सैफूररहमान साहब की कब्र खोद कर उनका सर काट कर ले जाने की घटना के खुलासे के लिए कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के जिलाध्यक्ष वसीम अकरम (एड.) ने पुलिस अधीक्षक, सीओ सिटी, थानाध्यक्ष हल्दौर, चौकी इंचार्ज झालू व अन्य पुलिस टीम का धन्यवाद व्यक्त किया है। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि हज़रत कारी सैफूररहमान साहब के सर को भी बरामद किया जाना अति आवश्यक है। वसीम अकरम (एड.) ने कहा कि एक डेलिगेशन पुलिस अधीक्षक महोदय से मिल कर हज़रत के सर की मांग को लेकर वार्ता करेगा।

  • हल्की फुल्की धाराओं में केस दर्ज करा कर अपराधियों को पहुंचाया फायदा

    उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, अनुशासनहीनता और सत्यनिष्ठा पर गम्भीर आरोप

    भक्षक बने अमानगढ़ रेंज के वन रक्षक नईम अली निलम्बित

    बिजनौर। अमानगढ़ रेंज के वन रक्षक नईम अली को विभिन्न मामलों को लेकर निलम्बित कर दिया गया है। यह जानकारी डीएफओ ज्ञान सिंह ने दी।

    डीएफओ ज्ञान सिंह ने बताया कि वन रक्षक अमानगढ़ रेंज नईम अली के विरुद्ध अवैध पातन अवैध निकासी, वन क्षेत्र से अवैध लकड़ी की निकासी क्षेत्र में प्रभावी गश्त व निगरानी न करने, वन अपराधों में प्रभावी नियंत्रण न कर पाने से संबंधित प्राप्त शिकायतों की जांच उप प्रभागीय वनाधिकारी नजीबाबाद से कराई गई। जांच अधिकारी ने अपने प्रतिवेदन में वन रक्षक नईम अली द्वारा अवैध पातन पर प्रभावी नियंत्रण न कर पाने, प्रतिबंधित प्रजाति आम के 74 आम एवं जामुन कुल 75 प्रतिबंधित प्रजाति के वृक्षों के अवैध पातन की घटना को छुपाने, समय से घटना को संज्ञान में न लाने, केस का अल्पीकरण करके सीमित धाराओं में केस जारी कर अपराधियों को फायदा पहुंचाने का भरपूर प्रयास करने, अवैध कटे वृक्षों का सम्पूर्ण प्रकाष्ठ बरामद न करने एवं अपने राजकीय दायित्वों का पूर्ण निष्ठा से पालन न करने, उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना एवं अनुशासनहीनता तथा इनकी सत्यनिष्ठा पर गम्भीर आरोप लगाते हुए निलंबन की प्रबल संस्तुति की। डीएफओ ज्ञान सिंह ने बताया कि जांच अधिकारी उप प्रभागीय वनाधिकारी, नजीबाबाद की जाँच के आधार पर नईम अली वन रक्षक को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है।

  • आबकारी विभाग की दबिश में चंडीगढ़ की शराब भी बरामद

    ठेके पर नकली शराब बेचते पकड़ा गया महिला ठेकेदार का बेटा

    लखनऊ। आबकारी विभाग ने ठेके पर छापा मार कर नकली शराब बरामद की है। कानपुर रोड बिजनौर थाना क्षेत्र में छापेमारी के दौरान ठेके से ब्लेंडर ब्लैक, रॉयल स्टैग, इंपीरियल ब्लू और मैकडॉवेल ब्रांड की नकली शराब बरामद की गई। यही नहीं चंडीगढ़ के राजधानी ब्रांड की शराब भी बरामद हुईं। खास बात यह है कि ठेके पर नकली शराब बेचते पकड़ा गया आरोपी महिला ठेकेदार का बेटा है।

    जांच में नकली पाए गए QR कोड और ढक्कन

    जिला आबकारी अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि आबकारी विभाग की टीम ने गुरुवार को बिजनौर थाना क्षेत्र के नटकूर विदेशी मदिरा दुकान के साथ आसपास के क्षेत्र में दबिश दी। दुकान के काउंटर के अंदर रखी शराब की विभिन्न ब्रांड के बोतल, अद्धा और पौवा के क्यूआर कोड स्कैन करने पर नकली पाए गए, ढक्कन भी नकली थे।

    चंडीगढ़ से लाया गया नकली सामान

    ठेके से चंडीगढ़ के राजधानी ब्रांड की शराब भी बरामद हुई। कुल 1,440 बोतल छिपाकर रखी गई थीं। इसके साथ ही 1005 नकली QR कोड की बोतल भी पकड़ी गईं। इसमें ब्लेंडर ब्लैक, रॉयल स्टैग, इंपीरियल ब्लू और मैकडॉवेल ब्रांड के 6141 ढक्कन के साथ ही दो बोरी शीशियां भी बरामद हुईं। पूछताछ में पता चला कि प्रेमवती के नाम पर आवंटित इस दुकान का काम उसका बेटा विशाल जायसवाल देखता है। यह भी पता चला कि फर्जी ढक्कन, QR कोड, ख़ाली शीशियां कार द्वारा चंडीगढ़ से लाए गए थे। आबकारी अधिकारियों ने दुकान का स्टॉक जब्त कर लिया है। आरोपी हिमांशु जायसवाल को वैधानिक कार्रवाई के तहत जेल भेज दिया गया है।

  • पूजा पाठ में जरूर अपनाएं ये उपाय

    दशहरे पर अपराजिता के फूल बदल देंगे जिंदगी

    लखनऊ (शैली सक्सेना)। अधर्म पर धर्म की जीत का पर्व दशहरा हिंदू धर्म के मुख्य त्योहारों में से एक है। प्रत्येक वर्ष आश्विन माह में शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर यह पर्व मनाया जाता है, जो नवरात्र समापन के अगले दिन पड़ता है। इस बार दशहरा शनिवार 12 अक्टूबर को मनाया जाएगा।

    अपराजिता के फूल से करें उपाय

    दशहरे के दिन की जाने वाली पूजा में अपराजिता के फूलों को शामिल करना काफी शुभ माना जाता है। इस त्योहार पर अपराजिता के फूल से जुड़े कुछ उपाय कर के काफी लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

    उपाय से होगा धन लाभ 

    दशहरे के दिन पूजा-पाठ के दौरान मां लक्ष्मी को अपराजिता के फूल जरूर अर्पित करनी चाहिए। ऐसा करने से साधक को मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और घर में धन-समृद्धि का वास बना रहता है। पूजा में मां लक्ष्मी को अपराजिता के 7 फूलों से बनी माला चढ़ाएं। पूजा समाप्त होने के बाद इस माला को अपने घर की तिजोरी में रख लें। ऐसा करने से धन आकर्षित होता है और तिजोरी कभी खाली नहीं होती।

    खुलेंगे समृद्धि के मार्ग

    आर्थिक तंगी से छुटकारा पाने के लिए दशहरे पर मुख्य द्वार पर एक बर्तन में पानी भरकर उनमें कुछ अपराजिता के फूल डालें। इससे आर्थिक तंगी दूर होने के साथ ही व्यक्ति के लिए समृद्धि के मार्ग खुलने लगते हैं।

    स्नान करने से समस्याएं होंगी दूर

    अपने घर में स्थापित श्रीयंत्र पर पूजा के दौरान अपराजिता के फूल अर्पित करें। इससे साधक को धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता। यही नहीं दशहरे पर 5 अपराजिता के फूल पानी में मिलाकर स्नान करने से भी लाभ मिल सकता है।

    नकारात्मकता होगी दूर

    दशहरे के मौके पर घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में किसी बर्तन में अपराजिता के फूलों को डालकर रख दें। इस उपाय को करने से जातक को घर में मौजूद सभी प्रकार की नकारात्मकताओं से छुटकारा मिल सकता है। इससे न सिर्फ गृह-क्लेश जैसी समस्याएं दूर होंगी, बल्कि घर में सुख-शांति का माहौल बना रहता है।

    अस्वीकरण: इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।

  • फिल्म का मुहूर्त पटना में और शूटिंग हिमाचल प्रदेश में करेंगे निर्देशक नित्या निकेश कुशवाहा

    भोजपुरी फिल्म मोहब्बत कर गईल अखियाँ का पहला ऑफिशियल पोस्टर जारी

    मुंबई। लेखक व निर्देशक नित्या निकेश कुशवाहा की भोजपुरी फिल्म मोहब्बत कर गईल अखियाँ का पहला ऑफिशियल पोस्टर जारी कर मुहूर्त व शूटिंग की घोषणा की गई। पोस्टर सोशल मीडिया में खूब शेयर किया जा रहा है, जिससे निकेश के प्रशंसकों में खुशी की लहर है। उन्होंने बताया कि वे मोहब्बत कर गईल अखियाँ का मुहूर्त पटना में करेंगे, वहीं शूटिंग हिमाचल प्रदेश में होगी। दिसंबर में इस फिल्म की शूटिंग शुरू की जाएगी। फिलहाल फिल्म का प्री – प्रोडक्शन जारी है। लगभग कलाकारों का चयन हो चुका है और जल्दी ही फिल्म का मुहूर्त पटना में किया जायेगा।

    फर्स्ट लुक आउट होने के साथ ही उत्सुकता बढ़ गई है और प्रशंसकों को बेसब्री से फिल्म का इंतजार है। कहानी पारिवारिक और मनोरंजन पृष्ठभूमि पर आधारित है, जो पूर्ण रूप से दर्शकों की पसंद के अनुसार बनाई जाएगी। ज्ञात रहे इससे पूर्व निकेश कई फिल्मों में बतौर सहायक निर्देशक कार्य कर चुके हैं। भोजपुरी के सुपरस्टार और अनुभवी निर्देशकों के साथ अनुभव प्राप्त कर चुके हैं, जिसके बाद ही उन्होंने बतौर निर्देशक की जिम्मेदारी ली है।

    मौर्या द अंपायर फिल्म्स के बैनर तले बनने जा रही इस फिल्म के निर्माता एनआरआई अभिषेक भट्टाचार्य, सह निर्मात्री अदिति मौर्या, लेखक – निर्देशक नित्या निकेश कुशवाहा, छायांकन रत्नजीत बाबू, रचनात्मक निर्देशक मनोरंजन मिश्रा, सहायक निर्देशक प्रदीप के यादव व मेहताब आलम, गीत संगीत अर्जुन सावरिया, परिधान विवेक व जगरनाथ, नृत्य निर्देशक नंदू राज और समूह, एक्शन नूर मोहम्मद अंसारी, कला शशि लाल यादव, प्रोडक्शन आदित्य कुमार दुबे व महेश मौर्या, प्रचारक युधिष्ठिर महतो हैं।

  • चिकित्सा सेवा सलाहकार समिति के सदस्यों ने दी चेतावनी

    डीएम से मिल कर सौंपा ज्ञापन

    आरएमओ (अन्क्वालिफाइड) डॉक्टर्स को न बोला जाए झोलाछाप

    मेरठ। आरएमओ (अन्क्वालिफाइड) डॉक्टर्स को झोलाछाप बोलने और उनकी प्रैक्टिस का अधिकार छीने जाने का विरोध किया है। इस संबंध में चिकित्सा सेवा सलाहकार समिति के सदस्यों ने जिलाधिकारी को धरना देने की चेतावनी दी।

    चिकित्सा सेवा सलाहकार समिति के सदस्यों ने शासनादेश के खिलाफ जिलाधिकारी से मिल कर ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कहा कि करोड़ों आरएमओ (अन्क्वालिफाइड) डाक्टर इस पेशे से जुड़े है। ये डॉक्टर गांव व शहर में कम खर्च पर गरीब मरीजों का इलाज करते हैं। यदि इन आरएमओ (अन्क्वालिफाइड) डॉक्टर्स के क्लीनिक बंद करा दिए गए तो गरीब मरीज इलाज नहीं करा पाएंगे। समिति के सदस्यों ने यह भी याद दिलाया कि इन डॉक्टर्स की कोरोना काल की सेवाओं को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने प्रोत्साहित किया था। समिति ने मांग की कि गरीबों के इलाज के लिए सरकार एमबीबीएस से फ्री में इलाज कराए। यह भी मांग की कि डॉक्टर्स की सेवाओं को झोलाछाप न बोला जाए। साथ ही यह चेतावनी दी कि इन आरएमओ (अन्क्रालिफाइट) डॉक्टर का काम बन्द होता है तो धरना दिया जाएगा।

  • उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षणेत्तर संघ ने उठाई आवाज़

    डीआइओएस को सौंपा मुख्यमंत्री को संबोधित 11 सूत्री मांग पत्र

    डीआइओएस कार्यालय पर धरना प्रदर्शन

    बिजनौर। शिक्षक पद पर पदोन्नति, नकदीकरण, पुरानी की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षणेत्तर संघ ने डीआइओएस कार्यालय पर प्रदर्शन कर धरना दिया। साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित 11 सूत्री मांग पत्र डीआइओएस जयकरण यादव को सौंपा।

    धरना प्रदर्शन के दौरान आयोजित सभा में वक्ताओं ने जिले के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की शिक्षक पद पर पदोन्नति, चिकित्सा सुविधा, प्रबंध समिति में भागेदारी, पदोन्नति में ट्रिपल सी की अनिवार्यता हटाने, आउट सोर्सिंग कर्मचारियों को समय से वेतन दिलाने आदि मांग की। वहीं जनपद के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की समस्त देयकों का भुगतान कराने, एसीपी प्रकरण समय से निपटाने, जीपीएफ ऋण समय से स्वीकृत करने, कार्यालय में भ्रष्टाचार समाप्त करने, पदोन्नति का लाभ देने की भी मांग उठाई। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष आसिफ गयूर ने धरना स्थल पहुंच कर लंबित मांगों का समर्थन किया। धरने के दौरान डीआईओएस कार्यालय पहुंचे उप शिक्षा निदेशक मुरादाबाद मनोज कुमार द्विवेदी से भेंटकर कर्मचारियों की समस्याएं बताईं।

    इस दौरान जिलाध्यक्ष मुकेश सिन्हा, संरक्षक रामचरण सिंह, अंशुल शर्मा, जिवेन्द कुमार, योगेश कुमार, महीपाल सिंह, अबरार अहमद, हरेन्द सिंह, आशीष अग्रवाल, निर्मलो यादव आदि मौजूद रहे।

  • मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने शासन को भेजी रिपोर्ट

    कार्य में लापरवाही बरतने पर दो पशु चिकित्सकों को हटाने की सिफारिश

    अलीगढ़। चर्बी की दुर्गंध को लेकर चल रहे हंगामे के जिला प्रशासन ने अल्लाना और एमएचए मीट फैक्ट्री पर तैनात पशु चिकित्सकों को हटाने की सिफारिश की है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. एनएन शुक्ला ने इसकी रिपोर्ट शासन को भेज कर दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति भी की है।

    जानकारी के अनुसार दोनों पशु चिकित्सकों पर अपने कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप हैं। शासन को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले दिनों फ्रिगेरियो कन्जर्वा अल्लाना मीट फैक्ट्री में पशुवध के बाद अवशेषों को नष्ट कराया गया था। नियमानुसार अवशेषों का निस्तारण इंटीग्रेटेड पशुवधशाला में ही किया जाना चाहिए, लेकिन डा. कप्तान सिंह ने सही तरीके से पर्यवेक्षण नहीं किया। इससे स्पष्ट है कि पशु चिकित्साधिकारी ने कार्यों में लापरवाही बरती। कप्तान सिंह की तैनाती भी नियम विरुद्ध है। वह पशु चिकित्साधिकारी के पद पर हरौथा में तैनात हैं। मीट फैक्ट्री में इनकी ड्यूटी 30 किलोमीटर दूर है। इसके अलावा एमएचए एग्रो इंडीस्ट्रीज में तैनात पशु चिकित्साधिकारी डा. अमित कुमार पाल पर भी लापरवाही के आरोप लगाते हुए हटाने की सिफारिश की गई है।

  • कुटू का आटा, किशमिश, मूंगफली समेत अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए

    जांच को भेजे गए खाद्य सामग्री के नौ नमूने

    बिजनौर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने अभियान चलाकर कुटू का आटा, किशमिश, मूंगफली समेत अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच को प्रयोगशाला भेज दिए।

    सहायक आयुक्त (खाद्य) नादिर अली और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजीव सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों पर चेकिंग की। टीम में शामिल इन अधिकारियों ने बड़ी मंडी धामपुर बाजार से दो-दो नमूने लालमिर्च और किशमिश, एक-एक नमूना, मूंगफली, रंगीन कचरी और बेसन का लिया। इसके अलावा नगीना से एक-एक नमूना कुटू का आटा एवं मावे और नहटौर से गोल गप्पे के पानी का नमूना लिया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी धामपुर के साथ जनपद बिजनौर स्थित मुख्य बाजारों में खाद्य पदार्थ के नमूना संग्रहण की कार्यवाही कर व्यापारी विक्रेताओं को खराब, पुराना, एक्सपायर्ड कुटू के आटा को न बेचने के संबंध में जागरूक किया गया। साथ ही अनहाइजीनिक तरीके से खाद्य पदार्थों को भंडारित नहीं करने की सलाह दी। इन अधिकारियों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह पांच दिनों से अधिक पुराने खुले एवं पैकेट के कुटटू के आटे, खुले मसाले, रंगीन कचरी-पापड़ की खरीद-फरोख्त न करें।

    धड़ाधड़ बंद हो गए दर्जनों दुकानों के शटर

    खाद्य विभाग की टीम के नूरपुर कस्बे में छापेमारी करने की अफवाह के चलते किराने की दर्जनों दुकानों के शटर धड़ाधड़ बंद होने शुरू हो गए। टीम के आने की खबर झूठी होने का पता लगने पर फिर से दुकानें खुली। कस्बा चांदपुर व निकटवर्ती गांवों में कुटू के आटे से बने खाद्य पदार्थ खाने से सैकड़ों लोगों के बीमार होने के बाद से सक्रिय हुई खाद्य विभाग की टीम लगातार किराने की दुकानों पर छापेमारी कर रही है।

  • एक पेड़ माँ के नाम, वेटलैण्ड संरक्षण वन, मित्र वन, विरासत वृक्ष वाटिका, पवित्र धारा वृक्षारोण, भाई-बहन वृक्षारोपण, एक वृक्ष गुरु के नाम को विकसित करने व उसकी उपयोगिता बताई प्रदेश में हरित आवरण वृद्धि का लक्ष्य प्राप्ति के लिए योजना व रणनीति लखनऊ। वन विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा वानिकी नव वर्ष के शुभारम्भ हेतु […]

    प्रदेश में हरित आवरण वृद्धि का लक्ष्य प्राप्ति के लिए योजना व रणनीति
  • Ashtami and Navami date Puja Muhurta :

    10, 11 या 12 अक्टूबर में से किस दिन की जाएगी अष्टमी-नवमी की पूजा? जानिए सही तारीख और पूजा मुहूर्त

    इस बार एक नवरात्र बढ़ जाने के कारण आम लोग अष्टमी और नवमी तिथि को लेकर असमंजस में हैं. ऐसे में हम आपको इस लेख में अष्टमी और नवमी तिथि की सही तारीख बताने जा रहे हैं ताकि आप विधिपूर्वक नवरात्रि का समापन कर सकें.

    वैदिक पंचांग के अनुसार शारदीय नवरात्रि हर साल अश्विन माह में आने वाली शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से आरंभ होती है, जिसका समापन नवमी तिथि पर होता है. इस साल नवरात्रि 3 अक्तूबर दिन गुरुवार से शुरू हुई है, जिसका समापन 11 अक्तूबर को होगा. वहीं, मूर्ति का विसर्जन 12 अक्तूबर को किया जाएगा. इस बार एक नवरात्र बढ़ जाने के कारण आम लोग अष्टमी और नवमी तिथि को लेकर थोड़े असमंजस में हैं.

    11 तारीख को अष्टमी और नवमी तिथि का व्रत –

    पंचांग के अनुसार, इस साल शारदीय नवरात्रि की अष्टमी तिथि की शुरूआत 10 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट से हो रही है, जिसका समापन अगले दिन 11 अक्तूबर को 12 बजकर 6 मिनट पर होगा. इसके समापन के तुरंत बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी, जो 12 अक्तूबर सुबह 10 बजकर 57 मिनट पर होगी. उदयातिथि पड़ने के कारण अष्टमी और नवमी तिथि का व्रत 11 तारीख को ही रखा जाएगा.

    (Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. newsdaily24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

  • एक पेड़ माँ के नाम, वेटलैण्ड संरक्षण वन, मित्र वन, विरासत वृक्ष वाटिका, पवित्र धारा वृक्षारोण, भाई-बहन वृक्षारोपण, एक वृक्ष गुरु के नाम को विकसित करने व उसकी उपयोगिता बताई

    प्रदेश में हरित आवरण वृद्धि का लक्ष्य प्राप्ति के लिए योजना व रणनीति

    लखनऊ। वन विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा वानिकी नव वर्ष के शुभारम्भ हेतु राज्य स्तरीय समारोह कार्यक्रम इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान लखनऊ के प्लूटो हॉल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ० अरुण कुमार सक्सेना, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, जन्तु उद्यान, उoप्रo तथा गणमान्य अतिथि के रूप में मनोज सिंह, अपर मुख्य सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, उ०प्र० सहित सुधीर कुमार शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक और विभागाध्यक्ष, उ0प्र0 सुनील चौधरी, प्रबन्ध निदेशक, उ०प्र०, वन निगम एवं संजय श्रीवास्तव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्य जीव उoप्रo तथा अशोक कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, अनुश्रवण एवं कार्ययोजना, उ०प्र० व श्रीमती अनुराधा वेमुरी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण उ०प्र० सहित प्रदेश के समस्त मुख्य वन संरक्षक व वन संरक्षक तथा प्रभागीय वनाधिकारी / निदेशक व वन कर्मचारी उपस्थित रहे।

    सर्वप्रथम मुख्य अतिथि डॉ० अरूण कुमार सक्सेना, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पर्यावरण,
    वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, जन्तु उद्यान, उ०प्र० सहित द्वारा गणमान्य अतिथि के रूप में मनोज सिंह, अपर मुख्य सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, उ0प्र0 द्वारा वानकी नव वर्ष 2024-25 के कार्यों से सम्बन्धित प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। तत्पश्चात् प्रधान मुख्य वन संरक्षक और विभागाध्यक्ष, उ०प्र०, लखनऊ द्वारा मुख्य अतिथि सहित गणमान्य अतिथि को पुष्प गुच्छ व मोमेंटो भेंट कर उनका स्वागत करते हुए अपना उद्बोधन दिया।

    वानिकी नव वर्ष कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए पी०पी० सिंह, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, प्रचार-प्रसार, उ०प्र०, लखनऊ द्वारा पेड़ लगाओ, पेड़ बचाओ अभियान-2024 के लोगो का प्रस्तुतीकरण करते हुए लोगो के उद्देश्य के बारे में बताया गया। सुजॉय बनर्जी, महाप्रबन्धक कार्मिक,
    उ०प्र०, वन निगम द्वारा वन निगम द्वारा किये जा रहे कार्यों के बारे में विस्तार से बताते हुए वन निगम की उपलब्धियों जैसे ई-ऑक्सन के बारे में किये गए नवाचार पर प्रकाश डाला गया। इसके पश्चात् सुनील चौधरी, प्रबन्ध निदेशक, उ०प्र०, निगम द्वारा वानिकी नव वर्ष 2024 में प्राप्त उपलब्धियों पर प्रस्तुतीकरण करते हुए पेड़ लगाओ, पेड़ बचाओ जन अभियान – 2024 के संबंध में बताया गया कि प्रदेश में हरित आवरण वृद्धि का लक्ष्य प्राप्ति के लिए योजना व रणनीति बनाते हुए हरित आवरण के लक्ष्य को किस प्रकार से बढ़ाया जा सकता है, इसके बारे में विस्तार से बताया गया तथा विगत में हुए वृक्षारोपण से संबंधित समस्त कार्यक्रमों का प्रस्तुतीकरण करते हुए विभिन्न प्रकार के वनों जैसे एक पेड़ माँ के नाम, वेटलैण्ड संरक्षण वन, मित्र वन, विरासत वृक्ष वाटिका, पवित्र धारा वृक्षारोण, भाई-बहन वृक्षारोपण, एक वृक्ष गुरु के नाम को विकसित करने व उसकी उपयोगिता के बारे में प्रकाश डालते हुए पेड़ बचाओ अभियान 03 अक्टूबर 2024 से 14 जनवरी, 2025 तक जिला वृक्षारोपण समिति की भूमिका व प्रस्तावित कार्यवाहियों के बारे में जानकारी दी गयी, इसके साथ ही रोपित किये गये पौधों की सुरक्षा व्यवस्था, अनुरक्षण व
    अनुश्रवण के संबंध में किये जाने वाले वानिकी कार्यों के बारे में बताया गया। संजय श्रीवास्तव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्य जीव उoप्रo द्वारा वन्य जीव संरक्षण व महत्वपूर्ण उपलब्धियों व उत्तर प्रदेश में वन्य जीव संरक्षण 2023-24 का प्रस्तुतीकरण करते हुए मानव वन्य जीव संघर्ष को न्यून करने हेतु आगामी रणनीति के बारे में बताया गया। इसके पश्चात् सुधीर कुमार शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक और विभागाध्यक्ष, उ०प्र०, द्वारा मुख्य अतिथि के स्वागत उद्बोधन में वानिकी नव वर्ष 2024-25 में वन विभाग द्वारा अभी तक वानिकी के क्षेत्र में किये गये निरन्तर कार्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि विगत में जो भी कार्यक्रम हुए हैं, जो भी योजनाएं बनाई गयी हैं। मुख्य अतिथि के निर्देशन में विभाग को वानिकी क्षेत्र में किये गये हर संभव प्रयास व मार्ग दर्शन तथा सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया।

    इस कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों द्वारा वानिकी वर्ष 2023-24 में स्थापित विशिष्ट वनों से संबंधित
    बुकलेट, वानिकी वर्ष 2023-24 में प्राप्त उपलब्धियों पर बुकलेट, ई-मैगजीन, सिल्वीकल्चर प्लॉन ऑफ
    ऑपरेशन का अनावरण करते हुए मंचासीन अतिथियों द्वारा उ०प्र० कैम्पा वेबसाइट का उद्घाटन किया
    गया। तत्पश्चात् वृक्षारोपण जन अभियान-2024 के मिशन टीम में सम्मिलित अधिकारियों का सम्मान करते
    हुए उन्हे स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।

    मुख्य अतिथि द्वारा पेड़ लगाओ, पेड़ बचाओ जनअभियान – 2025 के मिशन टीम की घोषणा करते हुए नवगठित मिशन टीम को Baton ( वैटन ) का हस्तान्तरण किया गया तत्पश्चात् पेड़ बचाओ अभियान त्रैमास की घोषणा की गई। इसके पश्चात् अतिथि मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, उ०प्र० शासन द्वारा अपने सम्बोधन में वन विभाग द्वारा किये गये कार्यों की
    प्रशंसा करते हुए बताया गया कि शासन स्तर से वन विभाग को समस्त आवश्यक सहयोग इसी तरह भविष्य में भी मिलता रहेगा। मुख्य अतिथि डॉ० अरूण कुमार सक्सेना, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा जन्तु उद्यान विभाग, उ०प्र०, शासन द्वारा अपने आर्शीवचन में सभी का सहयोग और बधाई देते हुए वानिकी नव वर्ष 2024-25 की सराहना करते हुए बताया गया कि वानिकी नव वर्ष के पर्व पर वन विभाग द्वारा विभिन्न कार्य किये गये हैं। मुख्य अतिथि ने बताया कि विभिन्न संस्थाओं के सहयोग व आम जनमानस के सहयोग से पौध रोपण कार्य किया गया है। उत्तर प्रदेश में विगत व वर्तमान में किये गये वृक्षारोपण लक्ष्य की सराहना तथा “एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में उत्तर प्रदेश का स्थान प्रथम रहा है, जिसकी सराहना प्रधानमंत्री द्वारा “मन की बात’ कार्यक्रम में की गयी। मुख्य अतिथि ने कहा कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व में काफी संख्या में बाघों की बढ़ोत्तरी हुई है तथा दुधवा नेशनल पार्क में भी बाघ बढ़े हैं, पूरे प्रदेश में बाघों की संख्या बढ़ी है। उत्तर प्रदेश आज वृक्षारोपण के मामले में अन्य राज्यों की अपेक्षा ज्यादा सक्रिय योगदान दे रहा है, जिससे प्रदेश के वनावरण व हरीतिमा में वृद्धि हो रही है। मुख्य अतिथि ने एग्रो फारेस्ट्री पर अधिक बल दिया व बताया कि इस अभियान में किसानों को अधिक से अधिक संख्या में जागरूक व प्रोत्साहित करते हुए हर खेत में मेड़, हर मेड़ पर पेड़ की महत्ता बताते हुए वृक्षारोपण कार्य कराया जाए, जिससे उनकी आय में भी वृद्धि हो सके तथा प्रदेश के
    अन्दर ही टिम्बर का निस्तारण हो सके। मुख्य अतिथि द्वारा प्रदेश के प्रत्येक जनपद में ईको-टूरिज्म
    विकसित करने पर जोर दिया गया जिससे रोजगार का सृजन हो सके। उन्होंने बताया कि कुकरैल में जल्द ही नाइट सफारी के कार्य का जल्द ही शिलान्यास किया जाएगा। उन्होंने पेड़ों के ट्रांसलोकेशन पर विशेष ध्यान दिये जाने के निर्देश दिये, जिससे पेडों को कटने से बचाया जा सके। इसके साथ ही वन विभाग द्वारा किये जा रहे प्रत्येक कार्यों की सराहना की तथा इस क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र वितरित किया गया। कार्यक्रम में दीपक कुमार, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, प्रशासन (अराजपत्रित), उ०प्र० कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

  • हाई कोर्ट के जजों का आचरण संदेह के दायरे में, जिनके आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

    ईशा फाउंडेशन के खिलाफ जांच पर सुप्रीम कोर्ट की रोक: कहा- पुलिस आगे एक्शन न ले; फाउंडेशन पर लड़कियों को बंधक बनाने का आरोप

    एक और संत सदगुरु जग्गी वासुदेव के मिशन को ख़त्म करने का रचा गया षडयंत्र!

    मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम और जस्टिस वी. शिव गणनम ने एक तरह से सदगुरु जग्गी वासुदेव के ईशा फाउंडेशन के खिलाफ लगता है किसी सोची समझी साजिश के तहत उसे कलंकित करके बंद करने की कोशिश शुरू की थी – तमिलनाडु एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड प्रोफेसर एस कामराज की याचिका में लगाए गए आरोपों पर तथ्यों से हट कर फाउंडेशन के विरुद्ध आदेश दिए और पुलिस जांच शुरू करा दी। कामराज ने आरोप लगाया कि उसकी 42 साल और 39 साल की दो बेटियों लता और गीता को ईशा फाउंडेशन ने बंधक बनाकर रखा है और उनका ब्रेन वॉश कर साध्वी बना दिया जबकि जग्गी वासुदेव ने खुद अपनी बेटी की शादी कर दी। यह भी कहा कि जग्गी वासुदेव के फाउंडेशन के खिलाफ कई आपराधिक केस दर्ज हैं और लंबित हैं।

    याचिका के संदर्भ में बिल्कुल अनावश्यक थीं पीठ की 2 बातें

    -पहली: “चूंकि फाउंडेशन के खिलाफ कई आपराधिक शिकायतें हैं, इसलिए इस मुद्दे पर आगे विचार किया जाना चाहिए”; और
    -दूसरी: “हम जानना चाहते हैं कि एक शख्स, जिसने अपनी बेटी की शादी कर दी और उसे जीवन में अच्छी तरह से स्थापित किया, वह दूसरों की बेटियों को सिर मुंडवाने और एकांतवासी का जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित क्यों कर रहा है। यही संदेह है।” – यह बात अपनी मक्कारी भरी आदत के अनुसार “मौखिक” टिप्पणी में कहीं। जो मामला कामराज ने उठाया है अपनी बेटियों का, आप केवल उस पर विचार कीजिए, इसका अन्य शिकायतों से क्या मतलब है, वो शिकायतें कामराज की तो नहीं है और यह इंगित करता है कि बेंच एक Predetermined Notion से काम कर रही है।

    एक बात और… गुरु जग्गी की बेटी ने की तो इसका भी कामराज की याचिका से कोई लेना देना नहीं है – कोई व्यक्ति शादी करना चाहता है, उसके लिए वह स्वतंत्र है और कोई सन्यासी बनना चाहता है, तो उसके लिए वह भी स्वतंत्र है – गुरु जग्गी की बेटी ने शादी करनी चाही तो कर ली और कामराज की बेटियों ने साधवी बनना चाहा तो बन गई। अगर गुरु जग्गी ब्रेन वॉश कर रहे होते तो अभी तक तो फाउंडेशन में लाखों लोग सन्यासी बन गए होते। हाई कोर्ट के आदेश पर 150 पुलिस कर्मियों की टीम एक वरिष्ठ अधिकारी के नेतृत्व में ईशा फाउंडेशन में ऐसे रेड मारने गई थी, जैसे किसी आतंकी संगठन के ठिकाने पर रेड करने गई हो।

    सुप्रीम कोर्ट में फाउंडेशन की अपील पर 3 अक्टूबर को हुई सुनवाई में कामराज की दोनों बेटियों ने video conferencing से बताया कि वे स्वेच्छा से वहां रह रही हैं और उन पर किसी का कोई दबाव नहीं है – CJI चंद्रचूड़, जस्टिस पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने हाई कोर्ट के आदेश और पुलिस कार्रवाई पर रोक लगाते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया आरोप में कोई सच्चाई नहीं लगती कि दोनों महिलाओं को वहां जबरन रोका हुआ है। हाई कोर्ट के दोनों जज कहीं DMK के सनातन ख़त्म करो अभियान के पैरोकार तो नहीं है जो आनन फानन में जग्गी वासुदेव पर तलवार तान दी? लगता है मंदिरों की तरह Isha Foundation से DMK सरकार को कमाई नहीं हो रही।

    इन सनातन के शत्रुओं को सदगुरु जग्गी वासुदेव ने ठोक कर जवाब देते हुए कहा – “सनातन ही इस दुनिया का भविष्य है। हमारे देश में कुछ जोंक जैसे लोग रहते हैं। ये हमारे देश में रहकर देश का ही खून चूस रहे हैं। वो लोग नहीं चाहते कि इस देश में सनातन का अस्तित्व रहे, आप कुछ भी कहेंगे तो वो आपको गाली देंगे; लेकिन हम लोग भी कायर नहीं हैं, हमारे भगवान शिव को ही देखिए उनके हाथ में त्रिशूल है।
    अगर आप अपने सनातन के लिए लड़ना सीख जाएंगे तो ऐसे जोंक का अस्तित्व स्वतः ही समाप्त हो जाएगा”

    सनातन के खिलाफ षड्यंत्रों से सावधान रहना चाहिए –

    (सुभाष चन्द्र)
    “मैं वंशज श्री राम का” 08/10/2024 @followers

    गौरतलब है कि मद्रास हाईकोर्ट ने 30 सितंबर को कहा था कि पुलिस ईशा फाउंडेशन से जुड़े सभी क्रिमिनल केसों की डिटेल पेश करे। अगले दिन 1 अक्टूबर को करीब 150 पुलिसकर्मी आश्रम में जांच करने पहुंचे। सद्गुरु ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया, अगली सुनवाई 18 अक्टूबर को होगी।

    CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा-

    आप सेना या पुलिस को ऐसी जगह दाखिल होने की इजाजत नहीं दे सकते। उन्होंने कहा कि दोनों लड़कियां 2009 में आश्रम में आईं। उस वक्त उनकी उम्र 24 और 27 साल थी। वे अपनी मर्जी से वहां रह रही हैं। उन्होंने बताया कि कल रात से आश्रम में मौजूद पुलिस अब चली गई है। फैसले से पहले CJI चंद्रचूड़ ने दोनों महिला संन्यासियों से अपने चेंबर में चर्चा भी की। इनमें से एक ने कहा कि दोनों ही बहनें अपनी मर्जी से ईशा योग फाउंडेशन में हैं। उनके पिता पिछले 8 साल से परेशान कर रहे हैं।

    रिटायर्ड प्रोफेसर एस कामराज ने कहा था कि उनकी बेटियों को कुछ खाना और दवा दी जा रही है, जिससे उनकी सोचने-समझने की शक्ति खत्म हो गई है। जब से बेटियों ने उन्हें छोड़ा है, उनका जीवन नर्क बन गया है। बड़ी बेटी गीता UK की एक यूनिवर्सिटी से M.Tech है। उसे 2004 में उसी यूनिवर्सिटी में लगभग ₹1 लाख के वेतन पर नौकरी मिली थी। उसने 2008 में अपने तलाक के बाद ईशा फाउंडेशन में योग क्लासेज में भाग लेना शुरू किया। जल्द ही गीता की छोटी बहन लता भी उसके साथ ईशा फाउंडेशन में रहने लगी। दोनों बहनों ने अपना नाम बदल लिया और अब माता-पिता से मिलने से भी इंकार कर रही हैं। हाईकोर्ट ने कहा था- अपनी बेटियों की शादी करने वाला दूसरों को संन्यासी बना रहा मद्रास हाईकोर्ट ने 30 अक्टूबर को कहा था, “जब आपने अपनी बेटी की शादी कर दी है, तो दूसरों की बेटियों को सिर मुंडवाने और सांसारिक जीवन त्यागकर संन्यासियों की तरह रहने के लिए क्यों प्रोत्साहित कर रहे हैं।”

    30 सितंबर की सुनवाई में मद्रास हाईकोर्ट की दो टिप्पणियां…

    याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि ईशा फाउंडेशन के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और पेंडिग हैं। आरोपों की सच्चाई को समझने की आवश्यकता है। इसलिए पुलिस सभी मामलों की जानकारी दे। जस्टिस सुब्रमण्यम ने ईशा फाउंडेशन से कहा कि आप नहीं समझेंगे क्योंकि आप एक खास पार्टी के लिए पेश हो रहे हैं। यह अदालत न तो किसी के पक्ष में है और न ही किसी के खिलाफ है। हम केवल याचिकाकर्ता के साथ न्याय करना चाहते हैं।

    सुप्रीम कोर्ट बोला- जेल मैनुअल से भेदभाव बढ़ाने वाले नियम हटाएं

    सुप्रीम कोर्ट ने जेल मैनुअल से जातिगत भेदभाव बढ़ाने वाले नियमों को हटाने को कहा। शीर्ष कोर्ट ने कुछ राज्यों को निर्देश दिए हैं कि जेल में जाति के आधार पर काम का बंटवारा न किया जाए। इन चीजों की अनुमति नहीं दी जा सकती।

    दरअसल पत्रकार सुकन्या शांता ने दिसंबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने जेल मैनुअल से जातिगत भेदभाव बढ़ाने वाले नियमों को हटाने को कहा। शीर्ष कोर्ट ने कुछ राज्यों को निर्देश दिए कि जेल में जाति के आधार पर काम का बंटवारा न किया जाए।

    जेल में जातिगत आधार पर काम के बंटवारे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई गई थी। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने आदेश में कहा कि इन चीजों की अनुमति नहीं दी जा सकती। सुप्रीम कोर्ट ने ऑर्डर में ये भी कहा कि किसी विशेष जाति के कैदियों से सीवर टैंक साफ कराना गलत है। पुलिस को इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए। शीर्ष कोर्ट ने राज्य सरकारों को आदेश दिया कि जेल मैनुअल में जातिगत भेदभाव बढ़ाने वाले नियमों में 3 महीने में बदलाव किया जाए।

    17 राज्यों की जेलों में कैदियों के साथ भेदभाव

    पत्रकार सुकन्या शांता ने दिसंबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर दलील दी कि देश के करीब 17 राज्यों में जेलों में बंद कैदियों के साथ जाति आधारित भेदभाव हो रहा है। इस पर पहली सुनवाई जनवरी 2024 में हुई। कोर्ट ने 17 राज्यों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा। छह महीने के अंदर केवल उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल ने ही अपना जवाब कोर्ट में दाखिल किया। याचिकाकर्ता सुकन्या शांता मानवाधिकार कानून और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर लिखती हैं। उन्होंने अपनी खबरों के जरिए जेल में जातिगत भेदभाव का मुद्दा उठाया। इस मुद्दे पर 2020 में रिसर्च रिपोर्ट भी तैयार की। रिपोर्ट में जिक्र था कि भारत के 17 राज्यों में कैदियों को काम का बंटवारा उनकी जाति देखकर किया जाता है। सुकन्या की यह रिपोर्ट ‘द वायर’ पर पब्लिश हुई थी।

    याचिकाकर्ता ने दिया 3 मुख्य राज्यों का उदाहरण …

    • राजस्थान: राजस्थान में कैदी अगर नाई होगा तो उसे बाल और दाढ़ी बनाने का काम मिलेगा; वहीं, ब्राह्मण कैदी को खाना पकाने का काम मिलता है। वाल्मीकि समाज के कैदी सफाई करते हैं।
    • केरल: केरल में आदतन अपराधी और दोबारा दोषी ठहराए गए अपराधी के बीच अंतर किया जाता है। आदतन डकैत या चोर को अलग अलग कैटेगरी में बांटा गया। बाकी से अलग रखा जाता है।
    • उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश जेल मैनुअल, 1941 में कैदियों के जातिगत पूर्वाग्रहों को बनाए रखने और जाति के आधार पर सफाई, संरक्षण और झाड़ू लगाने का काम करने का प्रावधान है।

    सुप्रीम कोर्ट ने 10 महीने के अंदर सुनवाई पूरी कर ली। 10 जुलाई को आखिरी सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उत्तर प्रदेश जेल नियमावली के कुछ प्रावधानों को भी अदालत में पढ़ा था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने तर्क दिया कि हमारी जेलों में कोई जातिगत भेदभाव नहीं है, लेकिन चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने जेल नियमों को पढ़ा और उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाई।

    नियम 158 में मैला ढोने के कर्तव्य (जिम्मेदारी) का जिक्र है। यह क्या है? इसमें मैला ढोने वालों की जाति क्यों लिखी गई है। क्या है इसका मतलब? – डीवाई चंद्रचूड़, CJI

    CJI की अध्यक्षता वाली बेंच ने पश्चिम बंगाल के वकीलों से जेल नियम भी पढ़ने को कहा। वहां भी जेल नियम में इसका जिक्र था कि सफाई कर्मचारी कौन होना चाहिए। इसे पढ़ने के बाद बेंच ने पूछा कि क्या आपको इसमें कोई समस्या नजर नहीं आती है? सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि जेल के ये नियम बेहद तकलीफदेह हैं।

    गृह मंत्रालय ने फरवरी में नोटिस जारी कर कहा कि गैर कानूनी है भेदभाव

    केंद्र सरकार ने इसी साल फरवरी में को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक अधिसूचना जारी की थी। इसमें कहा गया कि मंत्रालय के ध्यान में आया है कि कुछ राज्य के जेल मैनुअल कैदियों को जाति और धर्म के आधार पर बांटते हैं और उसी आधार पर उन्हें काम सौंपते हैं। जाति, धर्म, नस्ल, जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव होता है। यह भारत के संविधान के तहत गैर-कानूनी है। इसमें कहा गया कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके राज्य जेल नियमों में किसी तरह का कोई भेदभावपूर्ण प्रावधान नहीं हो।

    Ya.. Ya.. Ya.. बोलने पर वकील से नाराज CJI बोले- Yes कहिए, यह कोर्ट है, कॉफी शॉप नहीं

    चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ 30 सितंबर को एक सुनवाई के दौरान वकील के अंग्रेजी में ‘या.. या..’ कहने पर नाराज हो गए। उन्होंने वकील को डांटते हुए कहा- यह कोई कॉफी शॉप नहीं है। ये क्या है या.. या..। मुझे इससे बहुत एलर्जी है। इसकी परमिशन नहीं दी जा सकती। आप यस बोलिए।

    सुप्रीम कोर्ट से कहा- ये कानूनी नहीं सामाजिक मुद्दा

    केंद्र सरकार ने 3 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल कर मैरिटल रेप को अपराध घोषित करने की मांग वाली याचिकाओं का विरोध किया। केंद्र ने कहा कि मैरिटल रेप को अपराध घोषित करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इसके लिए कई अन्य सजाएं भारतीय कानून में मौजूद हैं। 

  • अटल द्वार के निर्माण हेतु भूमि पूजन

    बिजनौर। जिला कृषि औद्योगिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी के मुख्य द्वार पर अटल द्वार के निर्माण हेतु भूमि पूजन किया गया।

    जिला कृषि औद्योगिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी के मुख्य द्वार पर आज 07 अक्टूबर 2024 को प्रातः 11:00 बजे भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व० श्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में (अटल द्वार) के निर्माण हेतु भूमि पूजन नगर पालिका परिषद्, बिजनौर की अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह व डा० बीरबल सिंह, संयोजक सहकारिता प्रकोष्ठ भाजपा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के द्वारा किया गया।

    भूमि पूजन कार्यक्रम में अधिशासी अधिकारी विकास कुमार, सभासद घनश्याम दास गुप्ता, नीरज शर्मा, संजय विश्नोई, मौ० कासिम उर्फ साहू, राजवीर सिंह, मनोज कुमार, प्रभाकर, अतुल, शमशाद अंसारी, वसीम अहमद, मोहसिन, राजकुमार अग्रवाल, दीपक गर्ग एवं एडवोकेट अर्पित चौधरी, विजेन्द्र सिंह भाजपा नेता, प्रतीक चौधरी, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक गोविन्द कुमार, अवर अभियन्ता (सिविल) यशवंत कुमार, निर्माण लिपिक श्रीमती सोनिका, आवेश ठेकेदार आदि उपस्थित रहे।

  • हर महीने मिलती रही सैलरी, प्रिंसिपल ने कर रखा था ऐसा जुगाड़

    छह साल से तनख्वाह लेती रहीं मैडम, लेकिन नहीं पहुंची स्कूल

    लखनऊ। मेरठ के परीक्षितगढ़ के एक प्राथमिक विद्यालय में एक टीचर ने नियुक्ति के बाद स्कूल आना ही बंद कर दिया। बहाली के बाद 2920 दिन में टीचर मात्र 759 दिन ही स्कूल आई। बाकी के दिनों में वो नदारद रहीं, लेकिन इसके बावजूद टीचर के खाते में लगातार सैलरी क्रेडिट हो रही थी। चेकिंग में पता चला कि टीचर की अटेंडेंस लगातार बनती जा रही थी। इस कारण उसकी सैलरी क्रेडिट की जा रही थी। अब इस मामले में एक्शन लिया गया है।

    जांच में सामने आ गई सच्चाई

    दरअसल परीक्षितगढ़ के सरकारी स्कूल साहनी की टीचर सुजाता यादव लंबे समय से स्कूल नहीं आईं। उनकी अनुपस्थिति के कारण बच्चों की पढ़ाई काफी ज्यादा प्रभावित हो रही थी। जब बार-बार छुट्टी के एप्लिकेशन एप्रूव हुए, तब ये मामला संज्ञान में आया। जब टीचर की अटेंडेंस रजिस्टर जांची गई तो पता चला कि स्कूल ना आने के बाद भी उसकी पूरी हाजिरी लगी हुई थी। इसके बाद जांच कमेटी ने टीचर को सस्पेंड करने के साथ ही साथ स्कूल के प्रिंसिपल धर्म सिंह को भी नाप दिया।

    शिक्षकों और कर्मचारियों में हड़कंप

    जानकारी छुपाने के जुर्म में स्कूल के हेड मास्टर को भी सस्पेंड किया गया है। दोनों के निलंबन के बाद स्कूल के शिक्षकों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। स्कूल के एक शिक्षक ने बताया कि मैडम की अनुपस्थिति के कारण स्कूल के काम पर असर पड़ता था, लेकिन तत्कालीन प्रधानाध्यापक ने कभी भी उनकी अनुपस्थिति को गंभीरता से नहीं लिया। इस बीच बच्चों की पढ़ाई भी डिस्टर्ब हो रही थी।

    स्कूल से गायब, फिर भी समय से मिलती थी सैलरी

    स्कूल न आने की वजह देखने के लिए अटेंडेंस रजिस्टर खंगाला गया तो पता चला की मैडम स्कूल नहीं आ रहीं लेकिन अटेंडेंस पूरी लग रही है। इस कारण उनको सैलरी भी समय में प्राप्त होती रही। मामला पता चला तो बीएसए आशा चौधरी ने जांच बैठा दी। जांच में मैडम सुजाता दोषी पाई गईं। बीएसए ने मैडम और हेड मास्टर धर्म सिंह को भी सस्पेंड कर दिया।

    त्रिस्तरीय जांच कमेटी

    बीएसए आशा चौधरी ने बताया कि सुजाता यादव की अनुपस्थिति के कारण स्कूल के बच्चों की शिक्षा पर असर पड़ा। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो सके। उन्होंने बताया कि शिकायत प्राप्त होने पर इस मामले में त्रिस्तरीय जांच कमेटी गठित की गई थी। इसकी जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सुजाता यादव को स्वीकृत सीमा से ज्यादा अवकाश लेना और उसमे दोषी पाए जाने के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। तथ्यों को छिपाया गया था। हेड मास्टर धर्म सिंह को सस्पेंड किया गया है।

  • स्वच्छता ही सेवा 2024 के अन्तर्गत प्रत्येक वार्ड से तीन स्वच्छ घर चिन्हित कर किया गया प्रशस्ति पत्रों का वितरण

    स्कूल / कॉलेजेज व अन्य परिसरों में दिलाई गई स्वच्छता की शपथ

    नगर पालिका परिषद ने चलाया 155 घंटे का महासफाई अभियान

    बिजनौर। स्वच्छता ही सेवा 2024 के अन्तर्गत नगर पालिका बिजनौर द्वारा दिनांक 17 सितंबर 2024 से 02 अक्टूबर 2024 तक स्वच्छता संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसके अन्तर्गत सफाई सुरक्षा शिविर लगाए गए। प्रत्येक वार्ड से तीन स्वच्छ घर चिन्हित कर प्रशस्ति पत्रों का वितरण किया गया। स्कूल / कॉलेजेज व अन्य परिसरों में स्वच्छता की शपथ दिलाई गई तथा बाईक रैली द्वारा आमजन को स्वच्छता के सम्बन्ध में जागरूक किया गया।

    इसी के साथ दिनांक 26.09.2024 से दिनांक 01.10.2024 तक 155 घंटे का महासफाई अभियान चलाया गया जिसमें ऐसे स्थानों का चिन्हित कर, जिनकी नियमित रूप से सफाई किया जाना संभव नहीं हो पा रहा था जैसे बैराज गंगा घाट आदि। उक्त महा सफाई अभियान को पालिका स्टाफ व सफाई – मित्रों द्वारा नॉन स्टॉप कार्य कर सफल बनाया गया।

    इसके अन्तर्गत पालिका अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह, अधिशासी अधिकारी विकास कुमार, वरिष्ठ भाजपा नेता डा० बीरबल सिंह, समस्त सभासद, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक गोविन्द कुमार, अवर अभियन्ता (सिविल) यशवंत कुमार समस्त राजस्व निरीक्षक व लिपिक आदि द्वारा पालिका कार्यालय से रोडवेज तक सड़कों पर साफ-सफाई कर श्रमदान किया गया।

    पीडब्ल्यूडी कालोनी के बाहर बने गार्बेज वर्निबल प्वाइंट (जीवीपी) को समाप्त कर, सौन्दर्यकरण कराया गया तथा स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय से सम्बंधित आवश्यक स्थानों पर वॉल पेंटिंग व स्लोगन लिखाकर जनसाधारण को जागरूक करने का कार्य कराया गया, जिसकी लाइव मॉनीटरिंग डीसीसीसी के माध्यम से शासन द्वारा की गई।

    गौरतलब है कि राष्ट्रीय मिशन निदेशक, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र संख्या-13/7/2024-एस०बी०एम०-IV, दिनांक 28.08.2024 के क्रम में जारी राज्य मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय, राज्य मिशन निदेशालय लखनऊ के पत्र दिनांकित 10 सितम्बर, 2024 के द्वारा स्वच्छता ही सेवा 2024 के अन्तर्गत नगर पालिका बिजनौर द्वारा दिनांक 17.09.2024 से 02.10.2024 तक स्वच्छता संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

  • “नवरात्रि” पर विशेष…!! 

    ==================

    सम्पूर्ण सृष्टि को परमात्मा ने जोड़े से उत्पन्न किया है। सृष्टि के मूल में नारी को रखते हुए उसका महिमामण्डन स्वयं परमात्मा ने किया है। नारी के बिना सृष्टि की संकल्पना ही व्यर्थ है। नारी की महिमा को प्रतिपादित करते हुए हमारे शास्त्रों में लिखा है :-

    “वद नारी विना कोन्यो,
    निर्माता मनुसन्तते !
    महत्त्व रचनाशक्ते: ,
    स्वस्या नार्या हि ज्ञायताम् !!”

    अर्थात :- मनुष्य की निर्मात्री/जन्मदात्री नारी ही है, सम्पूर्ण समाज के साथ-साथ नारी को भी अपनी शक्ति का महत्त्व समझना चाहिए। नारी से ही मनुष्य उत्पन्न होता है, पिता के वीर्य की एक बूँद ही निमित्त होती है शेष बालक के समस्त अंग-प्रत्यंग माता के रक्त से ही निर्मित होते हैं। नारी शक्ति महत्ता दर्शाने का पर्व है “शारदीय नवरात्र”। भारत में नवरात्र एक ऐसा पर्व है, जो हमारी संस्कृति में महिलाओं के गरिमामय स्थान को दर्शाता है। नारी शक्ति को उद्दीपित करता हुआ यह पर्व यही बताता है कि नारी कभी भी अबला नहीं हो सकती। महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती के पूजन के साथ ही महामाया के दिव्य नौ स्वरूपों की पूजा नवरात्र में की जाती है। नवदुर्गा के पूजन के क्रम में प्रथम शक्ति हैं “माँ शैलपुत्री” किसी भी नारी के जीवन का प्रथम अध्याय पुत्री के रूप में ही लिखा जाता है। नारी की प्रथम पहचान किसी की पुत्री के ही रूप में होती है। यदि पुत्रियाँ नहीं होंगी तो विचार कीजिए कि संसार में आगे की सृष्टि कैसे चलेगी ? पुत्रियों की आवश्यकता स्थापित करने के लिए ही महामाया आदिशक्ति ने हिमालय के यहाँ “शैलपुत्री” के रूप में अवतार लिया था। नवरात्र का व्रत एवं पूजन सर्वप्रथम भगवान श्रीराम ने किया था जिसके फलस्वरूप आदिशक्ति के वरदान के बल पर उन्होंने रावण जैसे दुर्दान्त निशाचर का वध किया। प्रेम से किया गया पूजन विधान कभी निष्फल नहीं जाता है। संसार में पुत्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से ही हमारे मनीषियों ने यह बताने का प्रयास किया है कि नवरात्रि का व्रत एवं पूजन बिना कन्या पूजन व कन्या भोज के सम्पन्न ही नहीं हो सकता, अत: यदि नवरात्रि में आदिशक्ति की पूजा का फल प्राप्त करना है तो प्रथम दिवस शैलपुत्री का पूजन करते हुए पुत्रियों के संरक्षण का संकल्प भी लेना चाहिए।

    ०३ अक्टूबर से चारों ओर दुर्गापूजा की धूम मच गई है। गांव-गांव में शहर-शहर में पंडाल लगा कर के दुर्गा जी की प्रतिमा स्थापित करके ०९ दिन तक तरह-तरह से लोग शक्ति का यह पर्व मनाएंगे। इन ०९ दिनों में लोगों के अंदर जितना भक्ति भाव जागृत होता है यदि वही वर्ष भर रहे तो इस संसार का स्वरूप ही बदल जाय। आज के परिवेश को देखते हुए कन्या पूजन का महत्व कुछ समझ में नहीं आता।

    हमारा (पनपा “गोरखपुरी”) का तो यह मानना है कि आज जिस प्रकार से  स्त्रियों की गर्भ में ही हत्या कर दी जा रही है और विकृत समाज एवं परिवेश में जिस प्रकार से कन्याओं का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में यह कन्या पूजन कहीं न कहीं से उन कन्याओं के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है। किसी भी पूजन को प्रारंभ करने के पहले संकल्प लिया जाता है जिसका अर्थ होता है प्रतिज्ञा करना। आज इस बात का संकल्प लेने की आवश्यकता है कि हम जिस नारी शक्ति का पूजन करने का संकल्प ले रहे हैं वह किसी भी रूप में हो उसकी सुरक्षा एवं सम्मान बचाना यह हमारा परम धर्म कर्तव्य है, क्योंकि जिस शक्ति की पूजा करने का आयोजन इतना भव्य किया जा रहा है उन शक्तियों के संरक्षण का भार भी इन्हीं नवयुवकों के कंधे पर है। यह उनकी नैतिक जिम्मेदारी है कि जिस प्रकार महामाया के विभिन्न स्वरूपों में नारी का सम्मान वे अपने घर में करते हैं उसी प्रकार सभी नारियों का सम्मान करने का संकल्प लेने से ही दुर्गापूजा मनाने का उद्देश्य पूर्ण होगा। प्रथम दिवस “मैया शैलपुत्री” के लिए समर्पित होता है, अत: पहले दिन से ही पुत्रियों के संरक्षण का संकल्प लेना होगा, अन्यथा यह पर्व मनाना व्यर्थ ही है। यह पर्व मनाते समय जब मनुष्य शक्ति की उपासना करता है तो उसके हृदय में नारियों के प्रति सम्मान स्वयं जग जाता है शायद इसीलिए आदिशक्ति के पूजन का प्रचलन हुआ, जिससे कि अपने संस्कारों से विमुख होता यह समाज एक बार पुनः स्वयं को स्थापित करने का प्रयास करे, और यह तभी संभव होगा जब मनुष्य की मानसिकता में परिवर्तन होगा। आज गर्भ में ही अपनी पुत्री की हत्या करवा देने वाले कन्या पूजन के लिए घर घर में कन्याओं को ढूंढ रहे हैं। विचार कीजिए आप जिस शक्ति का पूजन कर रहे हैं जब आपने उसी शक्ति के प्रथम स्वरूप अपनी ही पुत्री का वध कर दिया तो नवरात्र का व्रत रखने का कोई औचित्य नहीं, अतः यदि इस महापर्व के पूजन का फल प्राप्त करने हेतु सर्वप्रथम कन्याओं के संरक्षण का संकल्प लेना होगा।

    कलश स्थापना करने के साथ ही यह संकल्प भी लेने की आवश्यकता है कि समाज में किसी भी नारी के ऊपर अत्याचार ना तो बर्दाश्त ही किया जाय और ना ही उनके सम्मान पर कोई आंच आने पाए। यह संकल्प लेने के बाद ही महामाया जगज्जननी मां पराअंबा जगदंबा भगवती दुर्गा हमारा पूजन स्वीकार करेंगी। अन्यथा यह पूजन का दिखावा मात्र होगा, जिसका परिणाम सुखद नहीं हो सकता।

    ~पनपा “गोरखपुरी”

  • ‘सीनियर्स ने 48 घंटे खड़ा रखा, अचानक महिला दोस्त ने बात करना किया बंद!’

    प्रयागराज में डॉक्टर की मौत पर जेल अधीक्षक बहन ने खड़े किए कई सवाल

    अनसुलझा सवाल? बिजनौर जेल अधीक्षक के इकलौते भाई की हत्या या आत्महत्या!

    लखनऊ। प्रयागराज (इलाहाबाद) में मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के डॉ. कार्तिकेय श्रीवास्तव की मौत का मामला हत्या और आत्महत्या के बीच उलझ गया है! पुलिस ने मृतक की बहन डॉक्टर अदिति श्रीवास्तव की तहरीर पर स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल के तीन डॉक्टर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। डॉक्टर अदिति श्रीवास्तव वर्तमान में पश्चिम उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की जेल अधीक्षक हैं।

    प्रयागराज जिले में मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एमएस छात्र डॉ. कार्तिकेय श्रीवास्तव (28 वर्ष) संदिग्ध परिस्थितियों में अपनी कार में मृत पाए गए थे। पुलिस उपायुक्त (नगर) अभिषेक भारती के अनुसार मृतक डॉक्टर की बहन डॉ. अदिति श्रीवास्तव की शिकायत पर एसआरएन अस्पताल के डॉ. शिवम गुप्ता, डॉ. सचिन यादव और डॉ. अनामिका के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है। डॉ. की बहन ने दूसरे वर्ष के एक सीनियर छात्र पर शारीरिक और मानसिक शोषण का भी आरोप लगाया है। 

    शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ना?

    एसीपी कोतवाली मनोज कुमार सिंह ने बताया कि उत्तराखंड के कोटद्वार निवासी ऑर्थोपेडिक्स के दूसरे वर्ष के एमएस छात्र डॉ. कार्तिकेय श्रीवास्तव शनिवार रात मोतीलाल नेहरू मेडिकल से संबद्ध एसआरएन अस्पताल में अपनी कार में मृत पाए गए। कथित तौर पर उन्होंने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी!

    शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ना ?

    डीसीपी भारती ने बताया कि मृतक कार्तिकेय श्रीवास्तव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल सकेगा। एफआईआर में डॉ. अदिति श्रीवास्तव ने आरोप लगाया है कि उनका भाई जूनियर रेजिडेंट था और उसका द्वितीय वर्ष का सीनियर शिवम गुप्ता उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था।

    अचानक गर्लफ्रेंड ने बात करना कर दिया बंद

    बकौल डॉ. अदिति श्रीवास्तव, उनके भाई कार्तिकेय के इस बारे में कई बार एसोसिएट प्रोफेसर (ऑर्थोपेडिक्स) सचिन यादव से शिकायत के बावजूद उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। कार्तिकेय के पैर में समस्या जानते हुए भी सचिन यादव ने उसे 36 से 48 घंटे तक खड़ा रखा। इसके अलावा एक साल से कार्तिकेय की दोस्त जूनियर रेजिडेंट (नेत्र रोग) अनामिका ने अचानक उससे बात करना बंद कर दिया था। कार्तिकेय ने जब अनामिका से इस बारे में बात की तो उसने बताया कि वह किसी और के साथ है। हालांकि इसके बाद कार्तिकेय ने कभी उसे फोन नहीं किया, लेकिन अनामिका समय-समय पर उसे फोन करती रहती थी। कार्तिकेय की बहन ने शिकायत में संदेह जताया है कि अनामिका के दोस्त ने उससे छुटकारा पाने के लिए कार्तिकेय की हत्या की होगी!

    एसीपी कोतवाली मनोज कुमार सिंह ने बताया कि कोटद्वार उत्तराखंड के रहने वाले ऑर्थोपेडिक्स के दूसरे वर्ष के एमएस छात्र डॉ. कार्तिकेय श्रीवास्तव (28) शनिवार रात मोतीलाल नेहरू मेडिकल से संबद्ध एसआरएन अस्पताल में अपनी कार में संदिग्ध अवस्था में मृत पाए गए थे।

    गले की मांसपेशियों में चोट, सांस की नली भी टूटी

    पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टर के गले की मांसपेशियों में चोट मिले हैं। सांस की नली भी टूटी हुई है। परिवार के लोग हत्या का आरोप लगा रहे हैं। परिजनों का कहना है कि वो घर आने की बात कहकर गए, ऐसे में आत्महत्या कैसे कर सकते हैं। पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है।

    ‘मेरे हाथ में वीगो लगा दो’: डॉ. कार्तिकेय श्रीवास्तव

    उत्तराखंड के कोटद्वार के अपार कालावड़ इलाके निवासी डॉ. कार्तिकेय श्रीवास्तव मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में ऑर्थोपेडिक डिपार्टमेंट में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर थे। शनिवार सुबह करीब 8 बजे वह अस्पताल की ओटी में पहुंचे। उन्होंने अपने जूनियर से कहा- ‘मेरे हाथ में वीगो लगा दो। हम इंजेक्शन बाद में लेंगे’ वीगो लगाने के बाद वह सीधे ओटी से निकल गए। दिन भर उनकी कोई खबर नहीं रही। उनका मोबाइल भी बंद रहा। रविवार। देर शाम डॉ. कार्तिकेय श्रीवास्तव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चला कि कार्तिकेय श्रीवास्तव के गले की मांसपेशियों में चोट के निशान हैं। सांस की नली भी टूटी है। निशान इस तरह के हैं कि उसे देखकर हत्या या आत्महत्या के बारे में कुछ भी कह पाना मुश्किल है। कुछ सैंपल लैब में भेजे गए हैं। जांच के बाद ही खुलासा होगा की मौत कैसे हुई।

    बेटे कार्तिकेय ने की थी पिता से बात

    डॉक्टर कार्तिकेय के पिता कृष्ण कुमार श्रीवास्तव पूर्व में प्रोफेसर थे। कृष्ण कुमार ने बताया कि कार्तिकेय ने बात कर कहा था कि उसकी ड्यूटी आज ओटी में है। एक ऑपरेशन करने के बाद वह आ जाएंगे। … लेकिन रात में उसकी मौत की सूचना आ गई। बेटे की मौत के बाद पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर रोते हुए बताया कि रोज की तरह ही मेरा बेटा सोकर सुबह उठा। अपनी दीदी और जीजा को छोड़ने के लिए रेलवे स्टेशन भी गया। वापस लौटकर घर आया। हम लोगों के साथ ही कॉफी पिया। हास्पिटल जाने के लिए तैयार हो गया। जाते समय बेटे ने कहा कि मैं जल्दी आऊंगा। फिर मम्मी के साथ आपको लेकर अस्पताल चलूंगा। दो बहनों में इकलौते भाई कार्तिकेय सबसे छोटे थे। डॉ. दीप्ति बिजनौर में जेल अधीक्षक हैं। दूसरी बहन अंकिता भी डॉक्टर है।

  • यह देशवासियों को उनके विचारों और कार्यों की दिलाता है याद

    जाट बाल विद्यालय में बड़े धूमधाम के साथ मनाई गई लाल बहादुर शास्त्री एवं महात्मा गांधी की जयंती

    भारतीय इतिहास में 02 अक्टूबर का एक विशेष स्थान: राजेंद्र सिंह

    बिजनौर। भारतीय इतिहास में 02 अक्टूबर का दिन एक विशेष स्थान रखता है, जब भारत देश के दो महान नेताओं महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती मनाई जाती है। यह देशवासियों को उनके विचारों और कार्यों की याद दिलाता है। यह बात जाट बाल विद्यालय प्रबंधक राजेंद्र सिंह ने कही।

    जाट बाल विद्यालय में लाल बहादुर शास्त्री एवं महात्मा गांधी जी की जयंती बड़े धूमधाम के साथ मनाई गई। प्रबंधक राजेंद्र सिंह ने तिरंगा फहराया। इसके साथ ही महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्रों का अनावरण भी किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को गांधी जी एवं शास्त्री जी के बताए हुए मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।

    इस अवसर पर जाट बाल विद्यालय के प्रबंधक राजेंद्र सिंह ने कहा कि 02 अक्टूबर का दिन राष्ट्रीय स्तर पर बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके बावजूद किसी कई लोगों को आज के दिन के महत्व और इतिहास के विषय में जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि….

    महात्मा गांधी जी की जयंती

    1. गांधी जी का योगदान: महात्मा गांधी को देश का राष्ट्रपिता कहा जाता है। गांधी जी ने भारत को स्वतंत्रता दिलाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके अहिंसा और सत्याग्रह के सिद्धांतों ने; न केवल भारत में बल्कि विश्व स्तर पर कई सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों को प्रभावित किया।

    2. अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस: 15 जून 2007 में, संयुक्त राष्ट्र ने 2 अक्टूबर को ‘अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ के रूप में मान्यता दी, जिससे गांधी जी की शिक्षाओं का वैश्विक स्तर पर सम्मान बढ़ा।

    लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती

    1. शास्त्री जी का नेतृत्व: शास्त्री जी 1964 से 1966 तक भारत के प्रधान मंत्री के रूप में कार्यरत रहे। उनकी सादगी, ईमानदारी और ‘जय जवान, जय किसान’ जैसे नारों ने उन्हें लोकप्रिय बना दिया।

    2. जयंती का मनाना: शास्त्री जी की जयंती को मनाने का उद्देश्य उनके विचारों और कार्यों को याद करना और उनकी प्रेरणा को आगे बढ़ाना है। 1966 में शास्त्री जी के निधन के बाद, देशवासियों में उनके योगदान को पहचानने और याद करने के लिए 2 अक्टूबर को उनकी जयंती के तौर पर घोषित किया गया।

    संयुक्त रूप से मनाना

    1. एक साथ मनाना: चूंकि दोनों नेता 02 अक्टूबर को जन्मे हैं। इसलिए यह तारीख दोनों जयंती एक साथ मनाने का एक अच्छा अवसर बन गई। इससे न केवल दोनों नेताओं की विचारधारा का सम्मान होता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे उनके विचार भारतीय समाज को आकार देने में महत्वपूर्ण रहे हैं। शास्त्री जी का जन्म 02 अक्टूबर 1904 को वाराणसी में हुआ था और बापू का जन्म 02 अक्टूबर  1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था, उनका मूल नाम मोहनदास करमचंद गांधी था।

    2. राष्ट्रीय महत्व: भारत सरकार ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर मनाने का निर्णय लिया, जिससे यह दिन केवल व्यक्तिगत जयंती नहीं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया।

    इस अवसर पर प्रधानाचार्या अनिता सैनी, अध्यापिका शिल्पी चौधरी, राशि शर्मा, रूपा चौधरी, सुनीता सिंह एवं अभिभावक सूरज सिंह, शिवानी, हरेंद्र सिंह (अधिवक्ता) सुनील चौधरी आदि उपस्थित रहे।

  • ग्रामीणों को खेत पर ग्रुप बनाकर जाने की हिदायत

    पिंजरे में कैद हुआ गुलदार

    बिजनौर। वन विभाग द्वारा अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव भिक्कावाला में लगाए गए पिंजरे में गुलदार कैद हो गया है। इसके बाद अब ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। दूसरी ओर वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को सचेत करते हुए खेत पर ग्रुप बनाकर जाने की हिदायत दी है।

    पिछले करीब एक महीने से अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव भिक्कावाला के इर्दगिर्द गुलदार लगातार चहलकदमी कर रहा था। गुलदार की मौजूदगी से ग्रामीण भयभीत थे। गुलदार को पकड़ने के लिए बीते दिनों वन विभाग द्वारा सेंट मेरिस इन्टर कॉलेज के समीप पिंजड़ा लगाया गया था। मंगलवार रात करीब 9 बजे पिंजड़े में गुलदार के फंसने की जानकारी मिलने के बाद मौके पर भारी भीड़ एकत्र हो गई। लोगों ने पिंजड़े में कैद गुलदार के वीडियो और फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। इसके बाद वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और गुलदार को रेस्क्यू कर ले गए। बीते एक महीने के दौरान गुलदार हमला करके दर्जनभर से अधिक मवेशियों को निवाला बना चुका था। वन विभाग उसे पकड़ने की कवायद में जुटा था। वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजड़े में गुलदार के कैद होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वहीं वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को सचेत करते हुए खेत पर ग्रुप बनाकर जाने की हिदायत दी है।

  • थाने में की आइंदा गलती दोहराने से तौबा

    ट्यूबवेल ऑपरेटर द्वारा दलित को पानी न पीने देने का मामला

    newsdaily24 की ख़बर का असर, आरोपी ने पैर पड़ कर मांगी माफी

    बिजनौर। नजीबाबाद किरतपुर रोड वर्धमान कॉलेज के सामने ट्यूबवेल नं. 16 पर तैनात ऑपरेटर ने दलित युवक के पैर पड़ कर माफी मांग ली है। थाना शहर कोतवाली में इंस्पेक्टर उदय प्रताप सिंह के सामने आरोपी ने कहा कि आइंदा जिंदगी में कभी ऐसी गलती नहीं होगी। वह किसी भी समाज के लिए कोई गलत शब्द नहीं बोलेगा। इस पर वाशू फ्लावर डेकोरेशन नाम से दुकान चलाने वाले पीड़ित ग्राम आदमपुर निवासी अनुज कुमार पुत्र मुरारी सिंह ने भी सहृदयता दिखाते हुए उसे न सिर्फ माफ़ कर दिया बल्कि किसी तरह की कानूनी कार्रवाई से भी इंकार कर दिया।

    newsdaily24 ने रविवार 29 सितंबर 2024 को "सरकारी ट्यूबवेल पर दलित को पानी पीने से रोका" शीर्षक से खबर का प्रकाशन प्रमुखता से किया था। सोशल मीडिया पर खबर वायरल होते ही थाना शहर कोतवाली के इंस्पेक्टर उदय प्रताप सिंह ने तुरंत संज्ञान लिया और आरोपी को थाने बुलवा भेजा। ये है वो ख़बर... https://wp.me/pcjbvZ-9Aq


    गौरतलब है कि थाना शहर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम आदमपुर निवासी अनुज कुमार पुत्र मुरारी सिंह की वाशू फ्लावर डेकोरेशन नाम से दुकान नजीबाबाद किरतपुर रोड वर्धमान कॉलेज के सामने नगर पालिका परिषद के ट्यूबवेल नंबर 16 के पास स्थित है। आरोप है कि ट्यूबवेल पर तैनात ऑपरेटर मनीष सैनी पुत्र जगदीश सैनी ट्यूबवेल को अपनी निजी सम्पत्ति समझकर लोगों को पानी पीने व भरने से मना करता है। पुलिस को दी तहरीर में अनुज कुमार ने आरोप लगाया कि शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे वह पानी पीने के लिए ट्यूबवेल पर गया तो ऑपरेटर मनीष ने उसको साले चमट्टे कहते हुए गंदी गालियां देनी शुरू कर दीं। इतना ही नहीं मना करने पर धक्कामुक्की करते हुए पानी नहीं पीने दिया। साथ ही धमकी भी दी कि अगर फिर से पानी पीने आया तो हाथ पैर तुड़वा दूंगा। इंस्पेक्टर उदय प्रताप सिंह ने कड़ी कार्रवाई की बात कही थी।

    इस पर ट्यूबवेल नं. 16 पर तैनात ऑपरेटर मनीष सैनी ने दलित अनुज कुमार के पैर पड़ कर माफी मांगी। थाना शहर कोतवाली में इंस्पेक्टर उदय प्रताप सिंह के सामने आरोपी ने कहा कि जिंदगी में आइंदा कभी ऐसी गलती नहीं होगी। वह किसी भी समाज के लिए कोई गलत शब्द नहीं बोलेगा।पीड़ित अनुज ने भी सहृदयता दिखाते हुए उसे न सिर्फ माफ़ कर दिया बल्कि किसी तरह की कानूनी कार्रवाई से भी इंकार कर दिया।

  • क्यों नहीं होगी नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा

    नवरात्रि में इन नौ शक्तियों की करते हैं पूजा

    शारदीय नवरात्रि 2024: पूजा में किस दिन पहनें किस रंग के कपड़े

    शारदीय नवरात्रि कब से – हिन्दू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास की शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि की शुरुआत अक्टूबर 02, 2024 को रात 12:18 बजे से होगी, जिसकी समाप्ति अक्टूबर 03, 2024 की रात 02:58 बजे होगी। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, 03 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होगी।

    नवरात्रि मां दुर्गा की पूजा का उत्सव है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा अर्चना के अनुष्ठान किए जाते हैं। हर स्वरूप के अलग नवरात्रि भोग लगाए जाते हैं। इस तरह मां के नौ रूपों के अलग रंग है।

    Navratri Colour: नवरात्रि पूजा में नौ दिन पहनें इन रंगों के कपड़े, मां दुर्गा सुन लेंगी हर प्रार्थना | क्या आपको मालूम है शारदीय नवरात्रि के नौ कलर कौन से हैं और शारदीय नवरात्रि 2024 के किस दिन पूजा में किस रंग के कपड़े पहनने चाहिए ? जानिए शारदीय नवरात्रि 2024 में किस दिन पहनें कौन से रंग का कपड़ा…

    नवरात्रि पूजा में पहनें इस रंग के कपड़े

    नवरात्रि के त्योहार में रंगों का विशेष महत्व है। इन नौ दिनों के लिए नौ अलग-अलग रंग हैं। मान्यता है कि व्यक्ति नौ दिनों तक दिन के अनुसार इन रंगों को धारण करता है या इस रंग के कपड़े पहनकर देवी मां की पूजा करता है तो उसे मां दुर्गा का आशीर्वाद और शुभ परिणाम मिलता है। मां भक्त की हर प्रार्थना सुन लेगी और कष्ट दूर कर देगी। इससे आपका जीवन सुखी हो जाएगा।

    नवरात्रि पहला दिन
    साल 2024 में नवरात्रि के पहले दिन व्यक्ति को नारंगी रंग के कपड़े पहनने चाहिए। नारंगी रंग को पहन कर पूजा करने से आपके जीवन में सकारात्मकता आएगी।

    नवरात्रि दूसरा दिन
    नवरात्रि 2024 के दूसरे दिन लोगों को सफेद रंग के कपड़े पहनने चाहिए। ऐसा करने से आपको आत्मशांति मिलेगी।

    नवरात्रि तीसरा दिन
    नवरात्रि के तीसरे दिन लाल रंग का प्रयोग करना चाहिए। इस रंग का प्रयोग माता की पूजा के लिए भी कर सकते हैं क्योंकि लाल रंग माता को अतिप्रिय होता है।

    नवरात्रि चौथा दिन
    नवरात्रि के चौथे दिन गहरा नीला रंग सबसे शुभ रहेगा। नीला रंग आपके जीवन में समृद्धि और शांति लाता है। इस रंग के वस्त्र पहनें और माता का ध्यान करें।

    नवरात्रि पांचवां दिन
    नवरात्रि के पांचवें दिन पीले रंग के कपड़े पहनने से आप खुश और सकारात्मक बनेंगे, पीला एक नर्म और मन को खुशी देने वाला रंग है। पांचवें दिन पूजा में इसे शामिल करने से मां का आशीर्वाद मिलेगा।

    नवरात्रि छठा दिन
    नवरात्रि के छठे दिन हरा रंग पहनना चाहिए। हरा रंग प्रकृति से जुड़ा होता है। यह सभी चीजों के शुभ फलदायक, शांतिपूर्ण और स्थिर होने का संकेत देता है। देवी की प्रार्थना करते समय हरा रंग पहनना, आपको शांति प्रदान करेगा।

    नवरात्रि सातवां दिन
    नवरात्रि के सातवें दिन स्लेटी रंग के कपड़े पहनने चाहिए या अन्य चीजें अपने जीवन में शामिल करना चाहिए। यह आपकी सोच को संतुलित करने में मदद करेगा। इसकी ऊर्जा से आप अधिक व्यावहारिक होंगे।

    नवरात्रि आठवां दिन
    नवदुर्गा पूजा के दौरान आठवें दिन बैंगनी रंग का उपयोग करना चाहिए। इससे समृद्धि और सफलता प्राप्त हो सकती है। इसलिए अगर आप देवी मां का आशीर्वाद चाहते हैं, तो यह रंग अवश्य चुनें।

    नवरात्रि नौवां दिन
    नवरात्रि के नौवें दिन आपको मोर वाले हरे रंग के कपड़े पहनने चाहिए। यह हरे और नीले रंग से मिलकर बनता है। यह रंग समृद्धि से जुड़ा होता है और मां सिद्धिदात्री का आशीर्वाद मिलता है।

    नवरात्रि में इन नौ शक्तियों की करते हैं पूजा, मां दुर्गा के ये नौ सरल मंत्र हर कष्ट से दिलाते हैं छुटकारा

    नवरात्रि में मां जगदंबा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इन सभी नौ शक्तियों के अलग मंत्र हैं, जिसके जाप से मां दुर्गा भक्त की गुहार सुनकर उसके दुख दूर कर देती हैं। क्या आपको मालूम हैं इन नौ शक्तियों के प्रिय मंत्र, जो दिलाते हैं हर कष्ट से छुटकारा ….

    पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा
    Ma Shailputri: नवरात्रि का पहला दिन देवी शैलपुत्री को समर्पित है। देवी ने सती के रूप में आत्मदाह कर लिया था और फिर देवी पार्वती के रूप में पर्वतराज हिमालय की पुत्री के रूप में जन्म लिया। पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण ही देवी मां के इस स्वरूप को शैलपुत्री कहा जाता है।
    मां शैलपुत्री, त्रिमूर्ति अर्थात ब्रह्मा, विष्णु और महेश की शक्ति का प्रतीक हैं। नवरात्रि के पहले दिन ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे, ऊँ शैलपुत्री देव्यै नमः या ऊँ शं शैलपुत्री देव्यै नमः मंत्र जपना चाहिए। साथ ही माता शैलपुत्री का आशीर्वाद प्राने के लिए देसी घी को प्रसाद स्वरूप अर्पित करना चाहिए।

    दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी की पूजा
    Ma Brahmacharini: नवरात्रि का दूसरा दिन देवी ब्रह्मचारिणी को समर्पित है। देवी पार्वती के तपस्विनी और अविवाहित रूप को देवी ब्रह्मचारिणी के रूप में पूजा जाता है। देवी का यह अवतार दृढ़ता और तपस्या का प्रतीक है।
    साधक को देवी के इन गुणों की प्राप्ति के लिए शक्कर का प्रसाद अर्पित करना चाहिए। इस दिन ह्रीं श्रीं अंबिकायै नमः या ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नमः मंत्र जपना चाहिए।

    तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा
    Ma Chandraghanta: नवरात्रि का तीसरा दिन देवी चन्द्रघण्टा को समर्पित है। देवी चन्द्रघण्टा, देवी पार्वती का विवाहित स्वरूप हैं। भगवान शिव से विवाह करने के बाद देवी पार्वती ने अर्ध चन्द्र को अपने मस्तक पर सुशोभित करना आरम्भ कर दिया था, जिसके कारण उन्हें देवी चन्द्रघण्टा के रूप में जाना जाने लगा।
    देवी चन्द्रघण्टा अपने भक्तों को साहस प्रदान कर, उन्हें समस्त अवगुणों से दूर रखती हैं। इनकी पूजा के लिए ऊँ ऐं श्रीं शक्तयै नमः मंत्र जपना चाहिए। देवी चन्द्रघण्टा को प्रसाद स्वरूप खीर अर्पित करनी चाहिए।

    चौथे दिन कूष्मांडा की पूजा
    Ma Kushmanda: नवरात्रि के चौथे दिन देवी कूष्माण्डा की पूजा की जाती है। माता कूष्माण्डा सूर्य के अंदर अर्थात सूर्य मण्डल में निवास करती हैं, उनके अतिरिक्त अन्य किसी में यह शक्ति और क्षमता नहीं है। देवी कूष्माण्डा की देह सूर्य के समान दिव्य और तेजोमय है।
    देवी कूष्माण्डा अपने भक्तों के जीवन से अंधकार का नाश करती हैं और उन्हें धन और स्वास्थ्य प्रदान करती हैं। इनकी पूजा के लिए ऊँ कूष्माण्डायै नमः मंत्र या या देवी सर्वभूतेषू सृष्टि रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः मंत्र जपना चाहिए। माता कूष्माण्डा को मालपुआ का प्रसाद अर्पित करना चाहिए।

    पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा
    Ma Skandmata: नवरात्रि के पांचवे दिन जगदंबा के स्कंदमाता स्वरूप की पूजा जाती है। देवी पार्वती के ज्येष्ठ पुत्र भगवान कार्तिकेय हैं, जिन्हें स्कंद देव के नाम से भी जाना जाता है। इसी कारण माता पार्वती को देवी स्कंदमाता भी कहा जाता है।
    देवी स्कंदमाता अपने भक्तों को समृद्धि और शक्ति प्रदान करती हैं। इनकी पूजा के लिए ऊँ देवी स्कंदमातायै नमः मंत्र जपना चाहिए। साथ ही नवरात्रि में देवी स्कंदमाता को केले का प्रसाद अर्पित करें।

    छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा
    Ma Katyayani: नवरात्रि के छठे दिन देवी कात्यायनी की पूजा की जाती है। महिषासुर दैत्य का अंत करने के लिए देवी पार्वती ने देवी कात्यायनी रूप धारण किया था। यह देवी पार्वती का सर्वाधिक हिंसक रूप है।
    देवी कात्यायनी का यह स्वरूप क्रोध के सकारात्मक उपयोग को प्रदर्शित करता है। इनकी पूजा के लिए क्लीं श्री त्रिनेत्रायै नमः या ऊं देवी कात्यायन्यै नमः मंत्र जपना चाहिए। साथ ही देवी कात्यायनी को मधु अर्थात शहद का प्रसाद अर्पित करना चाहिए।

    सातवें दिन काली की पूजा
    Ma Kalratri: नवरात्रि के सातवें दिन देवी कालरात्रि की पूजा की जाती है। देवी पार्वती ने शुम्भ-निशुम्भ नामक राक्षसों का वध करने के लिए अपने स्वर्ण वर्ण का त्याग कर दिया था। देवी के इस भयंकर स्वरूप को देवी कालरात्रि के रूप में जाना जाता है। यह देवी पार्वती का सर्वाधिक उग्र और क्रूर रूप है।
    देवी कालरात्रि की देह से उत्सर्जित होने वाली शक्तिशाली ऊर्जा को ग्रहण करने के लिए नवरात्रि में देवी कालरात्रि को गुड़ का प्रसाद चढ़ाना चाहिए। इनकी पूजा के लिए ऊँ श्री कालिकायै नमः या ऊँ क्रीं ह्रुं ह्रीं मंत्र का जाप करना चाहिए।

    आठवें दिन महागौरी पूजा
    Ma Mahagauri: नवरात्रि के आठवें दिन देवी महागौरी की पूजा की जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार सोलह वर्ष की आयु में देवी शैलपुत्री अत्यंत सुंदर थीं और उन्हें गौर वर्ण का वरदान प्राप्त था।
    इनके गौर वर्ण के कारण उन्हें देवी महागौरी के नाम से जाना जाता है। देवी महागौरी को प्रसाद स्वरूप नारियल अर्पित करने से मनुष्य पाप मुक्त होता है और विभिन्न प्रकार के भौतिक सुखः भोगता है। इनकी पूजा में ऊँ देवी महागौर्यै नमः मंत्र जपना चाहिए।

    नवें दिन सिद्धिदात्री की पूजा
    Ma Siddhidatri: नवरात्रि के नवें दिन देवी सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। सृष्टि के आरंभ में भगवान रुद्र ने सृष्टि निर्माण के लिए आदि-पराशक्ति की पूजा की थी। यह माना जाता है कि देवी आदि-पराशक्ति का कोई रूप नहीं था और वह निराकार थीं।
    शक्ति की सर्वोच्च देवी, आदि-पराशक्ति, भगवान शिव के बायें आधे भाग से सिद्धिदात्री के रूप में प्रकट हुईं। देवी सिद्धिदात्री की आराधना से समस्त प्रकार की सिद्धियों की प्राप्ति होती है।
    नवरात्रि में देवी सिद्धिदात्री को तिल या तिल से बने पदार्थों का प्रसाद अर्पित करना चाहिए। इनकी पूजा के लिए सिद्ध गंधर्व यक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी या ऊँ सिद्धिदात्र्यै नमः मंत्र जपना चाहिए।

    नवरात्रि के चौथे दिन नहीं होगी मां कूष्मांडा की पूजा

    नवरात्रि के चौथे दिन जगदंबा के चौथे स्वरूप कूष्मांडा की पूजा की जाती है। लेकिन साल 2024 में यह नहीं हो पाएगा, इसके लिए भक्तों को अगले दिन का इंतजार करना होगा। इसकी वजह ये है कि नवरात्रि के चौथे दिन 06 अक्टूबर रविवार को अश्विन शुक्ल चतुर्थी सुबह 7.49 बजे से लग रही है और यह 07 अक्टूबर को सुबह 9.47 बजे संपन्न होगी यानी चौथे दिन सूर्योदय के समय तृतीया तिथि ही रहेगी। इस कारण माता कूष्मांडा की पूजा अगले दिन 07 अक्टूबर को होगी।

    हालांकि विनायक चतुर्थी पूजा में चंद्र पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दिन विनायक चतुर्थी पूजा सुबह 10.58 बजे से दोपहर 01: 19 बजे तक यानी 2 घंटे 21 मिनट तक है।इसलिए इस दिन विनायक चतुर्थी मनाई जाएगी।

  • प्याज और गुड़ मिला कर खाने से मिलते हैं ये 6 फायदे

    प्याज और गुड़ मिला कर खाने से मिलते हैं ये 6 फायदे प्लेटलेट्स बढ़ाने में मददगार डेंगू (Dengue) की बीमारी होने पर प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं, लेकिन डेंगू की शिकायत होने पर अगर आप प्याज और गुड़ का सेवन करते हैं, तो इससे प्लेटलेट्स बढ़ाने में मदद मिलती है। इम्यूनिटी होती है मजबूत प्याज […]

    प्याज और गुड़ मिला कर खाने से मिलते हैं ये 6 फायदे
  • काशी के बड़ा गणेश मंदिर से साईं मूर्ति को हटाया गया

    अब तक 10 मंदिरों से हटाई जा चुकी हैं साईं प्रतिमाएं

    काशी के मंदिरों से हटाई जा रहीं साईं प्रतिमाएं

    वाराणसी। धर्म नगरी काशी के मंदिरों में स्थापित साईं प्रतिमाओं को हटाने की शुरुआत हो गई है। सबसे पहले सनातन रक्षक दल के सदस्यों ने रविवार रात बड़ा गणेश मंदिर में स्थापित साईं की प्रतिमा को कपड़े में लपेट कर मंदिर से हटा दिया। अब अगस्तेश्वर मंदिर और भूतेश्वर मंदिर के साथ अन्य मंदिरों में विराजमान साईं प्रतिमा को भी हटाने की तैयारी है। अब तक 10 मंदिरों से साईं प्रतिमाओं को हटाया जा चुका है।

    सनातन रक्षक दल की ओर से मंदिरों में स्थापित साईं प्रतिमाओं को हटाने का अभियान चलाया गया है। सनातन रक्षक दल के अध्यक्ष अजय शर्मा ने कहा कि मंदिर प्रबंधन की मंजूरी के बाद प्रतिमाओं को हटाया गया है। इस अभियान का आगाज शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने किया था, लेकिन अब इसे अभियान बनाया गया है।

    जानकारी के अभाव में हो रही थी साईं की पूजा

    बड़ा गणेश मंदिर के महंत रम्मू गुरु ने कहा कि जानकारी के अभाव में साईं की पूजा हो रही थी। शास्त्र के अनुसार, इनकी पूजा वर्जित है। जानकारी होने के बाद स्वेच्छा से प्रतिमा हटवा दी गई। अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकर पुरी ने कहा कि शास्त्रों में कहीं भी साईं की पूजा का वर्णन नहीं मिलता है, इसलिए अब मंदिर में स्थापित मूर्ति हटाई जा रही है। हिंदू युवा वाहिनी हेमू कलाणी मंडल के अध्यक्ष शिवांशु यदुवंश व शुभम सोनकर ने कहा कि मंदिरों में साईं की प्रतिमा स्थापित करना उचित नहीं है।

    सनातन रक्षक दल के सदस्य

    अलग मंदिर बनाकर हो उनकी पूजा

    सनातन रक्षक दल के अध्यक्ष अजय शर्मा ने कहा कि हम साईं के विरोधी नहीं हैं, लेकिन गणेश मंदिर में साईं प्रतिमा का क्या काम? साईं बाबा का अलग मंदिर बनाकर वहां उनकी पूजा हो। उन्होंने कहा कि काशी में एकमात्र महादेव ही पूजनीय हैं। अज्ञानतावश लोगों ने मंदिरों में साईं की प्रतिमा लगवाई, जिसको लेकर नाराजगी थी।

    क्या है विवाद ?

    सनातन रक्षक दल के अध्यक्ष अजय शर्मा ने कहा कि साजिश के तहत चांद मियां को साईं बाबा के तौर पर प्रचारित किया गया। उन्होंने कहा कि शास्त्रों के अनुसार, किसी भी देवालय या मंदिर में मृत मनुष्यों की मूर्ति स्थापित कर पूजा वर्जित है। हिंदू धर्म में मंदिरों में केवल पंच देवों- सूर्य, विष्णु, शिव, शक्ति, और गणपति के स्वरूपों की मूर्तियां ही स्थापित की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि सभी मंदिरों से अनुमति लेकर ससम्मान साईं प्रतिमाओं को हटाया जा रहा है।

  • पंडित श्रद्धाराम फिल्लौरी
    ====================
    ३० सितम्बर,१८३७/जन्म-दिवस
    ========================

    ॐ जय जगदीश हरे के रचयिता पंडित श्रद्धा राम की जयंती है आज

    पंडित श्रद्धाराम शर्मा का जन्म ३० सितम्बर १८३७ को पंजाब के जालंधर के फिल्लोर ग्राम में हुआ। आगे चलकर वह पंडित श्रद्धा राम फिल्लौरी के नाम से प्रसिद्ध हुए। पंडित श्रद्धा राम ओम् जय जगदीश हरे आरती के रचयिता के साथ-साथ वे सनातन धर्म प्रचारक, ज्योतिषी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, संगीतज्ञ तथा हिन्दी के ही नहीं, बल्कि पंजाबी के भी श्रेष्ठ साहित्यकारों में से एक थे। इनकी गिनती उन्नीसवीं शताब्दी के श्रेष्ठ साहित्यकारों में होती थी।

    अपनी विलक्षण प्रतिभा और ओजस्वी वक्तृता के बल पर उन्होंने पंजाब में नवीन सामाजिक चेतना एवं धार्मिक उत्साह जगाया, जिससे आगे चलकर आर्य समाज के लिये पहले से निर्मित उर्वर भूमि मिली। उनका लिखा उपन्यास ‘भाग्यवती’ हिन्दी के आरंभिक उपन्यासों में गिना जाता है। पं. श्रद्धाराम शर्मा गुरुमुखी और पंजाबी के अच्छे जानकार थे और उन्होंने अपनी पहली पुस्तक गुरुमुखी में ही लिखी थी; परंतु वे मानते थे कि हिन्दी के माध्यम से इस देश के अधिक से अधिक लोगों तक अपनी बात पहुंचाई जा सकती है। उन्होंने अपने साहित्य और व्याख्यानों से सामाजिक कुरीतियों और अंधविश्वासों के विरुद्ध जबर्दस्त माहौल बनाया था। उन्होंने सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार किया और उसी क्रम में ३२ वर्ष की आयु में सन् १८७० को ओम जय जगदीश हरे आरती रची।

    पंडित श्रद्धाराम शर्मा ने सन १८६६ में पंजाबी (गुरुमुखी) में ‘सिखों दे राज दी विथिया’ और ‘पंजाबी बातचीत’ जैसी किताबें लिखकर मानो क्रांति ही कर दी। अपनी पहली ही पुस्तक ‘सिखों दे राज दी विथिया’ से वे पंजाबी साहित्य के पितृपुरुष के रूप में प्रतिष्ठित हो गए और उनको “आधुनिक पंजाबी भाषा के जनक” की उपाधि मिली। बाद में इस रचना का रोमन में अनुवाद भी हुआ। इस पुस्तक में सिक्ख धर्म की स्थापना और इसकी नीतियों के बारे में बहुत सार गर्भित रूप से बताया गया है। पुस्तक में तीन अध्याय हैं। इसके तीसरे और अंतिम अध्याय में पंजाब की संकृति, लोक परंपराओं, लोक संगीत, व्यवहार आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। इसी कारण से शायद इस पुस्तक को उच्च कक्षा की पढ़ाई के लिए चुना गया। अंग्रेज़ सरकार ने तब होने वाली आई.सी.एस. (जिसका भारतीय नाम अब ‘आई.ए.एस.’ हो गया है) परीक्षा के कोर्स में, अनिवार्य पठनीय पुस्तक विषय के रूप में इस पुस्तक को शामिल किया था।

    पंजाबी बातचीत में मालवा, मझ्झ जैसे प्रान्तों में जो प्रयोग की जातीं हैं, वह बोली, बातचीत, पहनावा, सोच, मुहावरे, कहावतें जैसी बातों को समेटा गया है। “पंजाबी बातचीत” को अंग्रेज़ ब्रिटिश राज के समय पंजाबी भाषा सीखने के लिए सबसे बड़ा सहारा समझते थे। पंडित श्रद्धाराम शर्मा का गुरुमुखी और हिन्दी साहित्य में महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है। उनकी विद्वता और भारतीय धार्मिक विषयों पर उनकी वैज्ञानिक दृष्टि के लोग कायल हो गए थे। जगह-जगह पर उनको धार्मिक विषयों पर व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया जाता था और तब हजारों की संख्या में लोग उनको सुनने आते थे। वे लोगों के बीच जब भी जाते, अपनी लिखी ‘ओम जय जगदीश हरे’ की आरती गाकर सुनाते। उनकी आरती सुनकर तो मानों लोग बेसुध से हो जाते थे। आरती के बोल लोगों की जुबान पर ऐसे चढ़े कि आज कई पीढ़ियाँ गुजर जाने के बाद भी उनके शब्दों का जादू क़ायम है।

    भारत के घर-घर और मंदिरों में ‘ओम जय जगदीश हरे’ के शब्द वर्षों से गूंज रहे हैं। दुनिया के किसी भी कोने में बसे किसी भी सनातनी हिन्दू परिवार में ऐसा व्यक्ति खोजना कठिन है, जिसके हृदय-पटल पर बचपन के संस्कारों में ‘ओम जय जगदीश हरे’ के शब्दों की छाप न पड़ी हो। इस आरती के शब्द उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत के हर घर और मंदिर मे पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ गाए जाते हैं। बच्चे से लेकर युवाओं को और कुछ याद रहे या न रहे, इसके बोल इतने सहज, सरल और भावपूर्ण है कि एक दो बार सुनने मात्र से इसकी हर एक पंक्ति दिल और दिमाग में रच-बस जाती है।

    हजारों वर्ष पूर्व हुए हमारे ज्ञात-अज्ञात ऋषियों ने परमात्मा की प्रार्थना के लिए जो भी श्लोक और भक्ति गीत रचे, ‘ओम जय जगदीश’ की आरती की भक्ति रस धारा ने उन सभी को अपने अंदर समाहित-सा कर लिया है। यह एक आरती संस्कृत के हजारों श्लोकों, स्तोत्रों और मंत्रों का निचोड़ है।

    हरेक सनातनी, हिन्दू धर्मी के लिए श्रद्धा का पर्याय

    किसी भी कृति का कालजयी होना इसी तथ्य से प्रमाणित होता है कि जब कृति उस कर्ता की न होकर समाज के प्रत्येक व्यक्ति की, अपनी-सी बन जाये। जिस तरह ‘रामचरितमानस’ या ‘श्रीमद्भगवद गीता’ या ‘नानक बानी’ कालांतर में बन पायी है। इसी तरह श्रद्धाराम शर्मा जी द्वारा लिखी ‘ओम जय जगदीश हरे’ आज हरेक सनातनी, हिन्दू धर्मी के लिए श्रद्धा का पर्याय बन गयी है। इस आरती का प्रत्येक शब्द श्रद्धा से भीगा हुआ, ईश्वर की प्रार्थना और मनुष्य की श्रद्धा को प्रतिबिंबित करता है।

    २४ जून १८८१ को लाहौर में केवल ४३ वर्ष की आयु में आप पंचतत्व में विलीन हो गए। पंजाब से उसका एक बड़ा दूरदर्शी साहित्यकार, जो सामाजिक आन्दोलनों को नेतृत्व प्रदान करने में भी अपना सानी नहीं रखता है।

    १९५५ में पंजाब सरकार ने इनकी मूर्ति को फिल्लौर के बस अड्डे पर स्थापित किया। तब से प्रतिवर्ष उनकी जयन्ती पर कार्यक्रम करके उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है।

    दुनिया भर के हिन्दू मन्दिरों में प्रातः सांय गूंजने वाली आरती ओम् जय जगदीश हरे के रचयिता पंडित श्रद्धा राम फिल्लौरी को उनके जन्म-दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि प्रणाम्।

    ~पनपा “गोरखपुरी”

  • किरतपुर रोड नगर पालिका परिषद के ट्यूबवेल नंबर 16 का मामला

    थाना कोतवाली शहर पुलिस को पीड़ित ने दी तहरीर

    सरकारी ट्यूबवेल पर दलित को पानी पीने से रोका!

    बिजनौर। नगर पालिका परिषद के एक ट्यूबवेल पर जाति के आधार पर भेदभाव करके दलितों को पानी पीने से रोका जा रहा है। इस मामले में थाना शहर कोतवाली पुलिस से शिकायत की गई है।

    प्रतीकात्मक चित्र

    थाना शहर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम आदमपुर निवासी अनुज कुमार पुत्र मुरारी सिंह की वाशू फ्लोवर डेकोरेशन नाम से दुकान किरतपुर रोड वर्धमान कॉलेज के सामने नगर पालिका परिषद के ट्यूबवेल नंबर 16 के पास स्थित है। बताया गया है कि ट्यूबवेल पर मनीष सैनी पुत्र जगदीश सैनी ऑपरेटर पद पर तैनात है। आरोप है कि ऑपरेटर मनीष ट्यूबवेल को अपनी निजी सम्पत्ति समझकर लोगों को पानी पीने व भरने से मना करता है। अनुज कुमार का कहना है कि शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे वह पानी पीने के लिए ट्यूबवेल पर गया तो ऑपरेटर मनीष ने उसको साले चमट्टे कहते हुए गंदी गालियां देनी शुरू कर दीं। इतना ही नहीं मना करने पर धक्कामुक्की करते हुए पानी नहीं पीने दिया। साथ ही धमकी भी दी कि अगर फिर से पानी पीने आया तो हाथ पैर तुड़वा दूंगा।

    थाना कोतवाली शहर पुलिस को दी तहरीर में पीड़ित अनुज ने यह भी आरोप लगाया कि ऑपरेटर मनीष ट्यूबवेल पर अन्य लोगों के साथ में नशीले पदार्थों का सेवन करता है। पीड़ित अनुज ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। वहीं इंस्पेक्टर उदय प्रताप सिंह ने बताया कि कार्रवाई की जा रही है।

  • व्यापारी एकता परिषद की नूरपूर कार्यकारिणी का गठन

    चेतावनी: किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा उत्पीड़न

    दीपक सक्सेना नगर अध्यक्ष, सौरभ जुनेजा महामंत्री मनोनीत

    बिजनौर। व्यापारी एकता परिषद के सदस्यता अभियान को जारी रखते हुए व्यापारी एकता परिषद के पदाधिकारियों ने नूरपूर पहुंचकर कार्यकारिणी का गठन किया।

    व्यापारी एकता परिषद के द्वारा नूरपुर नगर स्थित अन्नपूर्णा रेस्टोरेंट पर बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री प्रशांत चौधरी एवं जिला मंत्री विकास विश्वकर्मा ने संयुक्त रुप से किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अनुज शर्मा ने की। बैठक में मुख्य वक्ता के तौर पर प्रदेश अध्यक्ष राहुल वर्मा, प्रदेश महामंत्री देवेश चौधरी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गोपाल धीमान उपस्थित रहे।

    इस दौरान सदस्यता अभियान को अधिक से अधिक चलाए जाने और अधिक से अधिक व्यापारियों को संगठन से जोड़ने के विषय पर चर्चा की गई। संगठन के द्वारा अन्नपूर्णा रेस्टोरेंट प्रतिष्ठान के मालिक दीपक सक्सेना को नूरपुर का नगर अध्यक्ष मनोनीत किया गया। साथ ही हंसराज स्वीट के मालिक सौरभ जुनेजा को नगर का महामंत्री, उमेश कुमार को नगर उपाध्यक्ष, सलमान कुरेशी को नगर मंत्री मनोनीत किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि किसी भी स्थिति में अपने व्यापारी भाइयों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेंगे। व्यापारी का किसी विभाग के द्वारा यदि उत्पीड़न किया जा रहा है, तो वह किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उसके लिए आंदोलन भी करना पड़ा तो संगठन पीछे नहीं हटेगा। संगठन का मुख्य उद्देश्य केवल व्यापारी की सुरक्षा, सम्मान है। व्यापारी देश की आर्थिक रीढ़ मानी जाती है, लेकिन समय समय पर व्यापारी कहीं न कहीं अपने आप को ठगा सा महसूस करता है। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष राहुल वर्मा, प्रदेश महामंत्री देवेश चौधरी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गोपाल धीमान, जिला अध्यक्ष अनुज शर्मा, जिला महामंत्री प्रशांत चौधरी, जिला मंत्री विकास धीमान आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे।

  • छापे में कई खुलासे, बम्लेश्वरी माता के मंदिर में सप्लाई होते हैं पैकेट !

    मजहर खान के मुर्गी फॉर्म में बन रहा था बम्लेश्वरी माता के मंदिर का ‘श्री भोग प्रसाद’

    खाद्य विभाग की टीम ने एक पोल्ट्री फॉर्म में छापा मार कर बड़ा खुलासा किया है। छापेमारी के दौरान पोल्ट्री फॉर्म में बम्लेश्वरी देवी मंदिर परिसर में संचालित दुकानों के लिए सप्लाई किए जाने वाले श्री भोग प्रसाद के पैकेट मिले हैं।

    राजनांदगांव। नवरात्रि से पहले छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में आस्था से खिलवाड़ का नया कुचक्र सामने आया है। खाद्य विभाग की टीम ने एक पोल्ट्री फॉर्म में छापा मार कर श्रीप्रसाद के पैकेट बरामद किए हैं। यह प्रसाद डोगरगढ़ स्थिति प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां बम्लेश्वरी देवी के परिसर में लगी दुकानों में सप्लाई किया जाता है। खाद्य सुरक्षा टीम ने डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र स्थित राका गांव के एवन ट्रेडर्स में छापामारी की। इस दौरान यहां प्रसाद का निर्माण भी पाया गया। हाल ही में आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर को लेकर भी विवाद सामने आया था।

    खाद्य विभाग की टीम जब गुरुवार को पोल्ट्री फॉर्म पहुंची तो मां बम्लेश्वरी मंदिर में बंटने वाले प्रसाद के बड़े पैमाने में पैकेट मिले। इसके साथ ही मुर्गी पालन पोल्ट्री फॉर्म संचालक द्वारा भोग प्रसाद इलायची दाना बनाया जा रहा था। जांच के दौरान पता चला कि करीब 5000 स्क्वायर फीट के कैंपस में पोल्ट्री फॉर्म के साथ ही प्रसाद बनाने की फैक्ट्री संचालित होती है। इसे ‘श्री भोग प्रसाद’ के नाम से बनाया जा रहा था। यह प्रसाद मां बम्लेश्वरी देवी के दर्शन करने वाले भक्त खरीदते हैं इसकी सप्लाई मंदिर के पास दुकानों में होती है।

    ज्ञात हो कि मंदिर का संचालन सरकारी नियंत्रण के तहत एक पब्लिक ट्रस्ट करता है,जिसका चुनाव प्रत्येक 3 वर्ष में संपन्न होता है। वर्तमान में ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल हैं।

    जहां बन रहा था प्रसाद उस पोल्ट्री फॉर्म का संचालक है मजहर खान

    बताया जा रहा है कि मुर्गी फार्म का संचालक मजहर खान है। जिस पैकेट में ये इलायची दाना बेचा जा रहा था उसमें लिखा है इसे ‘साफ एवं पवित्र वातावरण में निर्मित’ किया गया है। जहां प्रसाद बनाया जा रहा है वहां मुर्गी पालन, अंडे निकालना और मुर्गियों को मांस -के लिए बेचने का भी काम होता है। खाद्य विभाग की टीम ने इलायची दाना के सैंपल लिए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में खाद्य विभाग के अधिकारियों को इलायची दाना निर्माण से जुड़ी कोई भी अनुमति के दस्तावेज नहीं मिले हैं।

    वहीं, फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों का दावा है कि पोल्ट्री फार्म उसी परिसर में है, लेकिन वहां काम करने वाले मजदूर अलग हैं। डोंगरगढ़ के जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डोमेन धुर्वे ने इसकी पुष्टि की है कि पोल्ट्री फार्म में इलायची दाना बनाया जा रहा था और बड़ी मात्रा में प्रसाद के पैकेट बरामद हुए हैं। उन्होंने बताया कि संचालित फैक्ट्री का पंजीयन नहीं है। साथ ही पैकेजिंग में बड़ी गड़बड़ी दिखी है। इसमें मानक, तिथि, बैच नंबर भी अंकित नहीं है।

    छत्तीसग़ढ सरकार ने जारी किया है अलर्ट

    आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर में मिलावटी प्रसाद मिलने के बाद छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार अलर्ट मोड पर है। प्रदेश सरकार ने एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें देवभोग के घी का ही उपयोग प्रसाद बनाने में किया जाना अनिवार्य किया गया है।

    किसी संस्था का प्रसाद नहीं चढ़ता: मनोज अग्रवाल

    बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट समिति डोंगरगढ़ के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल के अनुसार – मां बम्लेश्वरी मंदिर में चढ़ने वाले प्रसाद का किसी प्रकार से कोई टेंडर नहीं दिया जाता है। यहां ऐसा कोई नियम नहीं है कि किसी एक ही संस्था या फैक्ट्री का बना हुआ प्रसाद आएगा और वही चढ़ाया जायेगा। उन्होंने कहा की यहां भक्तों द्वारा चढ़ाए गए नारियल को ही प्रसाद स्वरूप बांटा जाता है।

    विवादित रहा है बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट समिति का प्रबंधन

    बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट समिति डोंगरगढ़ के अध्यक्ष, मनोज अग्रवाल के घर पिछले दिनों छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग घोटाले की जाँच के दौरान ED का छापा भी पड़ा था। छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग घोटाला भूपेश बघेल सरकार के दौरान ली गयी डेढ़ सौ करोड़ की रिश्वत की जांच से सम्बंधित है। जांच के तहत पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश भघेल के करीबी माने जाने वाले छतीसग़ढ राइस मिलर्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर को पिछले साल ED ने गिरफ्तार किया था। मां बम्लेश्वरी देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल पर रोशन चंद्राकर से सम्बंधित होने के कारण ED द्वारा छापेमारी की गयी थी।

    2000 हजार वर्ष पुराना है मां बम्लेश्वरी का मंदिर

    राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ की पहाड़ियों पर स्थित मां बम्लेश्वरी का भव्य मंदिर है। राज्य की सबसे ऊंची चोटी पर विराजमान डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी मंदिर का इतिहास काफी पुराना है। पहाड़ के नीचे छोटी बम्लेश्वरी माता का भी मंदिर है। वैसे तो साल भर यहां भक्तों की भीड़ लगी रहती है, लेकिन इस कामाख्या नगरी में नवरात्रि के दौरान अलग ही दृश्य होता है। डोंगरगढ़ में जमीन से करीब 2 हजार फीट की ऊंचाई पर विराजती हैं मां बमलेश्वरी। मां की एक झलक पाने के लिए दूर-दूर से भक्तों का जत्था माता के इस धाम में पहुंचता है। कोई रोप वे का सहारा लेकर तो कोई पैदल ही चलकर पहुंचता है। मां बम्लेश्वरी को उज्जैन के महाप्रतापी राजा विक्रमादित्य की कुलदेवी भी माना जाता है। मंदिर की अधिष्ठात्री देवी माँ बगुलामुखी हैं। यह कलचुरी कालीन मंदिर है। इसका निर्माण लगभग 2000 वर्ष पूर्व हुआ था।

  • शहीद भगत सिंह
    ===============
    २८ सितम्बर/जन्मोत्सव
    ==================

    हंसते-हंसते देश पर अपनी जान न्यौछावर करने वाले शहीद-ए-आजम भगत सिंह का जन्म पंजाब प्रांत के लायपुर जिले के बंगा में २८ सितंबर १९०७ को हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है. उस समय उनके चाचा अजीत सिंह और श्वान सिंह भारत की आज़ादी में अपना सहयोग दे रहे थे. ये दोनों करतार सिंह सराभा द्वारा संचालित गदर पार्टी के सदस्य थे।

    भगत सिंह पर इन दोनों का गहरा प्रभाव पड़ा था. इसलिए ये बचपन से ही अंग्रेज़ों से घृणा करते थे. भगत सिंह अपने चाचा करतार सिंह सराभा और लाला लाजपत राय से अत्यधिक प्रभावित थे. १३ अप्रैल १९१९ को जलियांवाला बाग हत्याकांड ने भगत सिंह के बाल मन पर गहरा प्रभाव डाला. देश के सबसे बड़े क्रांतिकारी और अंग्रेजी हुकूमत की जड़ों को अपने साहस से झकझोर देने वाले भगत सिंह ने नौजवानों के दिलों में आजादी का जुनून भरा था।

    अहिंसावादी विचारधारा से मोहभंग

    १४ वर्ष की आयु में ही भगत सिंह ने सरकारी स्कूलों की पुस्तकें और कपड़े जला दिये थे. महात्‍मा गांधी ने जब १९२२ में चौरीचौरा कांड के बाद असहयोग आंदोलन को खत्‍म करने की घोषणा की तो भगत सिंह का अहिंसावादी विचारधारा से मोहभंग हो गया. उसके बाद चन्द्रशेखर आज़ाद के नेतृत्व में गठित हुई गदर दल के हिस्सा बन गये. उन्‍होंने १९२६ में देश की आजादी के लिए नौजवान भारत सभा की स्‍थापना की।

    २३ मार्च १९३१ की रात भगत सिंह को सुखदेव और राजगुरु के साथ लाहौर षडयंत्र के आरोप में अंग्रेजी सरकार ने फांसी पर लटका दिया. मृत्युदण्ड के लिए २४ मार्च की सुबह ही तय थी, मगर जनाक्रोश से डरी सरकार ने २३-२४ मार्च की मध्यरात्रि ही फांसी पर लटका दिया था।

    हिन्दी, उर्दू, अंग्रेज़ी, संस्कृत, पंजाबी, बंगला और आयरिश भाषा के मर्मज्ञ चिन्तक और विचारक भगत सिंह भारत में समाजवाद के पहले व्याख्याता थे. भगत सिंह अच्छे वक्ता, पाठक और लेखक भी थे. उन्होंने अकाली और कीर्ति दो अखबारों का संपादन भी किया।

    जेल में भगत सिंह लगभग दो साल रहे, इस दौरान वे लेख लिखकर अपने क्रांतिकारी विचार व्यक्त करते रहे. जेल में भगत सिंह व उन के साथियों ने ६४ दिनों तक भूख  हड़ताल  की. उनके एक साथी यतीन्द्र नाथ दास ने तो भूख हड़ताल में अपने प्राण ही त्याग दिये थे।

    बलिदानी भगत सिंह के विचार:-

    ०१.  बम और पिस्तौल से क्रान्ति नहीं आती, क्रान्ति की तलवार विचारों की सान पर तेज होती है।

    ०२. निष्‍ठुर आलोचना और स्‍वतन्त्र विचार, ये दोनों क्रांतिकारी सोच के दो अहम लक्षण हैं।

    ०३ राख का हर एक कण मेरी गर्मी से गतिमान है. मैं एक ऐसा पागल हूं जो जेल में आजाद है।

    ०४. प्रेमी पागल और कवि एक ही चीज से बने होते हैं और देशभक्‍तों को अक्‍सर लोग पागल कहते हैं।

    ०५. जिन्दगी तो केवल अपने कन्धों पर जी जाती है, दूसरों के कन्धे पर तो केवल जनाजे उठाए जाते हैं।

    ०६. व्‍यक्तियों को कुचलकर भी आप उनके विचार नहीं मार सकते हैं।

    ०७. निष्ठुर आलोचना और स्वतन्त्र विचार ये क्रांतिकारी सोच के दो अहम लक्षण हैं।

    ०८. आम तौर पर लोग चीजें जैसी हैं उसी के अभ्यस्त हो जाते हैं. बदलाव के विचार से ही उनकी कंपकंपी छूटने  लगती है. इसी निष्क्रियता की भावना को क्रांतिकारी भावना से बदलने की दरकार है।

    ०९. वे मुझे कत्ल कर सकते हैं, मेरे विचारों को नहीं. वे मेरे शरीर को कुचल सकते हैं, लेकिन मेरे जज्बे को नहीं।

    १०. अगर बहरों को अपनी बात सुनानी है तो आवाज़ को जोरदार होना होगा. जब हमने बम फेंका तो हमारा उद्देश्य किसी को मारना नहीं था. हमने अंग्रेजी हुकूमत पर बम गिराया था. अंग्रेजों को भारत छोड़ना और उसे आजाद करना चाहिए।

    ऐसे महान क्रांतिकारी, शहीद-ए-आजम भगत सिंह के जन्म-दिवस पर देश उन्हें कोटि-कोटि नमन् करता है।

    ~पनपा “गोरखपुरी”

  • स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा अंतर्गत गीता नगरी में जुटा पालिका का अमला

    उत्कृष्ट कार्य करने वाले सफाई मित्रों को प्रशस्ति पत्र

    बिजनौर। नगर पालिका परिषद के वार्ड नंबर 21 गीता नगरी में स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा अंतर्गत अपने घरों एवं आसपास साफ सफाई रखने वाले निवासियों एवं वार्ड में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सफाई मित्रों को अध्यक्ष नगर पालिका परिषद बिजनौर श्रीमती इंदिरा सिंह द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

    कार्यक्रम में वार्ड सभासद राजवीर सिंह, अधिशासी अधिकारी विकास कुमार, सफाई एवं खाद निरीक्षक गोविंद कुमार, एसबीएम लिपिक संदीप कुमार, स्वास्थ्य लिपिक विपिन देसाई आदि उपस्थित रहे।

    गौरतलब है कि राष्ट्रीय मिशन निदेशक, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली भारत सरकार के निर्णयानुसार जारी दिशानिर्देशों के क्रम में राज्य मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन नगरीय, राज्य मिशन निदेशालय लखनऊ के निर्देशानुसार दिनांक 17 सितंबर 2024 से 02 अक्टूबर 2024 तक स्वच्छता ही सेवा (एस.एच. एस.) अभियान चलाया जा रहा है।

  • किसी भी कैमिस्ट का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा: गोयल

    कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन के जिला अध्यक्ष बने राजकुमार गोयल

    बिजनौर। कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन उत्तर प्रदेश द्वारा पूरे उत्तर प्रदेश के केमिस्ट का कार्यक्रम झांसी के पास ओरछा रिसोर्ट में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में 75 जिलों के हजारों केमिस्ट ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर बिजनौर जिले के वरिष्ठ समाजसेवी राजकुमार गोयल को कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन का जिला अध्यक्ष मनोनीत किया गया। तत्पश्चात कार्यक्रम में नव जिला अध्यक्ष और उनके साथियों का फूलमालाओं से स्वागत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष संदीप कुमार चतुर्वेदी व जनरल सेक्रेटरी उत्तर प्रदेश सुरेश गुप्ता ने की, जबकि संचालन राकेश सिंह ने किया।

    उधर जैसे ही बिजनौर जिले के कैमिस्ट को यह खबर मिली तो उनमें खुशी की लहर दौड़ गई और राजकुमार गोयल के बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया। लोगों ने मोबाइल और सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें बधाई देने शुरू कर दी। जब राजकु‌मार गोयल जनपद में वापस पहुंचे तो लोगों ने उन्हें फूल मालाएं पहना कर एवं मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दी।

    इस अवसर पर राजकुमार गोयल ने कहा कि प्रदेश के शीर्ष नेताओं और जिले के कैमिस्ट ने जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है, वे उसका निर्वहन पूरी ईमानदारी व कर्तव्यनिष्ठा से करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी कैमिस्ट का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। अगर किसी भी अधिकारी ने कैमिस्ट को प्रताड़ित करने का प्रयास किया तो संगठन धरना प्रदर्शन करते हुए हर स्तर पर कैमिस्ट की लड़ाई लड़ते को तैयार रहेगा।

  • बंदूक और ट्रांसफार्मर का कीमती सामान लूट कर ले गए बदमाश

    गोल्डन एवेन्यू कालोनी में गार्डों को बंधक बनाकर लूट

    मेरठ। मवाना में गुरुवार आधी रात को बदमाशों ने गोल्डन एवेन्यू कालोनी में दो गार्डों को बंधक बना कर राइफल और ट्रांसफार्मर का कीमती सामान लूट लिया। वारदात की सूचना पर मवाना पुलिस मौके पर पहुंची। बदमाशों की तलाश की जा रही है।

    मवाना थाना क्षेत्र के मेरठ हाइवे पर गोल्डन एवेन्यू कालोनी निर्माणाधीन कोर्ट बिल्डिंग के बराबर में है। गुरुवार रात करीब साढ़े 12 बजे चार बदमाशों ने कालोनी के गार्ड मनोज व दीपक को हथियारों के बल पर जान से मारने की धमकी देते हुए बंधक बना लिया। उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी और गन लूट ली। इसके बाद बदमाशों ने वहां रखे ट्रांसफार्मर से कीमती सामान लूटा और कॉलोनी के तीन घरों से पानी की मोटर भी निकाल ली। बदमाश दोनों गार्डों के मोबाइल और वहां लगे सीसीटीवी की डीवीआर भी निकालकर ले गए।

    वारदात की सूचना मिलने पर कार्यवाहक मवाना सीओ अभिषेक पटेल, थाना प्रभारी राजेश कांबोज ने घटनास्थल पहुंचकर दोनों गार्ड से जानकारी ली। एसपी देहात राकेश मिश्रा ने बताया कि बदमाशों की तलाश की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज चेक की जा रही है। पुलिस ने पीड़ित के बयान दर्ज कर लिए हैं और चोरी हुए सामान का विवरण जुटाया जा रहा है। गार्ड से मिली जानकारी के आधार पर जांच शुरू हो गई है।

  • फेलनिक-सीवी टेबलेट, सेफेक्सीम ओरल सस्पेंशन, साफी-एक्स ड्राई सिरप, रेबकोस डीएसआर, मॅगापोड और वाइडरोब 200 के नमूने फेल

    जांच के लिए भेजे गए छह दवाओं के नमूने पाए गए नकली

    बिजनौर। जांच के लिए भेजे गए छह दवाओं के नमूनों में नकली व अधोमानक पाए गए हैं। इनमें सरकारी आपूर्ति में आया ड्रग वेयर हाउस की दवा का नमूना भी अधोमानक निकला है। औषधि निरीक्षक की ओर से दवा कंपनियों व संबंधित के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया गया है।

    जानकारी के अनुसार कि मंडावर के मोहल्ला शाहविलायत में क्वालिटी मेडिकोज से फेलनिक-सीवी टेबलेट का नमूना लिया गया था। यूनिशॉर्प ऑर्गन प्राइवेट लिमिटेड’ आलमगीर कंपनी से निर्मित यह दवा जांच में नकली पाई गई। इसके अलावा ड्रग वेयरहाउस से लिया गया सेफेक्सीम ओरल सस्पेंशन जांच में अधोमानक निकला। यह दवा रेमसन रेमिडेज, अमृतसर की कंपनी में बनी थी। बिजनौर के आबकारी पुलिस चौकी के पास मनि मेडिकोज से लिया गया साफी-एक्स ड्राई सिरप का नमूना जांच में अधोमानक मिला। इस दवा को उपकार फार्मास्युटिकल गोंडपुर, सिरमोर की कंपनी ने बनाया था। कासमपुर गढ़ी में अदनान मेडिकल स्टोर से रेबकोस डीएसआर का नमूना लिया था, यह भी जांच में अधोमानक पाया गया। यह दवा फोरगो फार्मास्युटिकल बरोटीवाला, बही, सोलन की कंपनी में बनी थी। बिजनौर में सुपर मेडिकल हॉल से लिया गया मॅगापोड दवा नमूना भी जांच में अधोमानक निकला। यह दवा एलवी लाइफ साइंस, वीपीओ गुरुमाजरा, बद्दी की कंपनी में बनी थी। इसके अलावा वाइडरोब 200 का नमूना बिजनौर में सिविल लाइन स्थित मेडिसिन प्वाइंट शिप्रा मार्केट से लिया था, जो जांच में अधोमानक मिला। यह दवा श्री रामसेठ इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड जूडीकलां बद्दी की कंपनी में बना था।

    सभी दवा कंपनियों व संबंधित के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद दायर करा दिया गया है। सरकारी आपूर्ति का सेफेक्सीम ओरल सस्पेंशन भी अधोमानक निकलने के कारण इसके वितरण पर रोक को पहले ही सूचित कर चुके हैं। ~उमेश भारती, औषधि निरीक्षक, बिजनौर 
  • ■ एडीएम कोर्ट में संबंधित के खिलाफ वाद दायर किया जाएगा

    ■ सहायक आयुक्त खाद्य नादिर अली ने दी जांच रिपोर्ट की जानकार

    ■ खाद्य पदार्थों के 15 नमूने फेल निकले

    बिजनौर। संदेह के आधार पर जांच को भेजे गए खाद्य पदार्थों के 15 नमूने फेल निकले। प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर सभी में संबंधित के खिलाफ एडीएम कोर्ट में वाद दायर किया जाएगा। सहायक आयुक्त खाद्य नादिर अली ने पुष्टि की है।

    जानकारी के अनुसार बिजनौर में जानी का चौराहा से ग्राम जहानाबाद निवासी बलजीत सिंह, ग्राम मुबारकपुर निवासी आरिफ और हल्दौर क्षेत्र के ग्राम सुल्तानपुर आबाद निवासी राजीव कुमार से लिया गया दूध, कोतवाली देहात निवासी लवकेश कुमार जैन से लिया गया खोया, चांदपुर क्षेत्र के ग्राम कमालपुर निवासी से अशरफ का क्रीम, चांदपुर क्षेत्र के ग्राम वीरोपुर निवासी धर्मवीर से लिया गया पनीर का नमूना जांच में फेल पाया गया है।

    इसी प्रकार ग्राम अकबरपुर निवासी पीयूष से लिया गया खोया, नहटौर में नईम अहमद की दुकान से लिया गया आनंद ब्रांड दही, चंदक में राजकमल रस्तोगी की दुकान और बिजनौर के मोहल्ला काजीपाड़ा निवासी जुबैर की दुकान से लिया गया दही, बिजनौर के मोहल्ला जाटान में ओमपाल की दुकान से लिया गया छेना मिठाई, बिजनौर में मोहल्ला काजीपाड़ा में मनोज की दुकान से लिया गया छेना रसगुल्ला एवं नजीबाबाद क्षेत्र के ग्राम बदौला निवासी जोगेंद्र की दुकान से लिया गया बेसन के सेल का नमूना जांच में फेल पाया गया। सहायक आयुक्त खाद्य नादिर अली ने बताया कि सभी के खिलाफ एडीएम कोर्ट में वाद दायर करने की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है।

  • पितृपक्ष एवं श्राद्घ का पुराणों में महत्त्व (भाग ३)
    ========================
    श्राद्ध कर्म करते हुए मन होना चाहिए बहुत ही पवित्र एवं पितरों के प्रति समर्पित

    श्राद्ध से श्रेष्ठ अन्य कोई कल्याणकारी उपाय नहीं

    कोई भार समझकर श्राद्ध कर्म कदापि न किया जाए क्योंकि श्राद्ध करते समय मन का शांत होना बहुत आवश्यक है, यदि मन में कोई हलचल हुई तो श्राद्ध करने का फल नहीं प्राप्त होता। जैसा कि कहा गया है:-

    “योऽनेन् विधिना श्राद्धं
    कुर्याद् वै शान्तमानस: !
    व्यपेतकल्मषो नित्यं
    याति नावर्तते पुन: !!”
    (यमस्मृति)

    अर्थात: जो प्राणी विधिपूर्वक शांत मन होकर श्राद्ध करता है वह सभी पापों से रहित होकर मुक्ति को प्राप्त होता है तथा फिर संसार चक्र में नहीं आता।

    अत: प्राणी को पितृगण की संतुष्टि तथा अपने कल्याण के लिए भी शांत मन से श्राद्ध अवश्य करना चाहिए। इस संसार में श्राद्ध करने वाले के लिए श्राद्ध से श्रेष्ठ अन्य कोई कल्याणकारी उपाय नहीं है। इस तथ्य की पुष्टि करते हुए कहा गया है:-

    “श्राद्धात् परतरं
    नान्यच्छ्रेयस्करमुदाहृतम् !*
    तस्मात् सर्वप्रयत्नेन्
    श्राद्धं कुर्याद्विचक्षण: !!”
    (कूर्मपुराण)

    अर्थात्- इस संसार में श्राद्ध से श्रेष्ठ अन्य कोई कल्याणप्रद उपाय नहीं है।

    अत: बुद्धिमान मनुष्य को यत्नपूर्वक श्राद्ध अवश्य करना चाहिए। श्राद्धकर्म सिर्फ पितरों के लिए किया गया कर्म नहीं मानना चाहिए। यह स्वयं के कल्याण के लिए भी करना चाहिए। किये गए श्राद्धकर्म से जब पितर संतुष्ट होते हैं तो उनके आशीर्वाद से परिजन सुखी तो होते ही हैं साथ ही उनको आयु, बल, ऐश्वर्य भी प्राप्त होता है। यथा:

    “आयु: पुत्रान् यश: स्वर्गं
    कीर्तिं पुष्टिं बलं श्रियम् !
    पशून सौख्यं धनं धान्यं
    प्राप्नुयात् पितृपूजनात् !!”
    (गरुड़ पुराण)

    अर्थात्:- श्राद्ध अपने अनुष्ठाता अर्थात श्राद्ध करने वालों की आयु को बढ़ा देता है, पुत्र प्रदान कर कुल परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखता है। धन – धान्य का अंबार लगा देता है, शरीर में बल – पौरुष का संचार करता है, पुष्टि प्रदान करता है और यश का विस्तार करते हुए सभी प्रकार के सुख प्रदान करता है। इन सभी शुभ अवसरों को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक मनुष्य को अपने पितरों का श्राद्ध अवश्य करना चाहिए।

    इतना ही नहीं बल्कि श्राद्ध सांसारिक जीवन को तो सुखमय बनाता ही है इसके साथ ही परलोक को भी सुधार देता है और अंत में श्राद्ध करने वाले को मुक्ति भी प्रदान करता है। जैसा कि कहा गया है:–

    “आयु: प्रजां धनं विद्यां
    स्वर्गं मोक्षं सुखानि च !
    प्रयच्छन्ति तथा राज्यं
    पितर: श्राद्धतर्पिता: !
    (मार्कण्डेय पुराण)

    अर्थात- श्राद्ध से संतुष्ट होकर पितृगण श्राद्धकर्ता को दीर्घायु, संतति, धन, विद्या, राज्य, सुख, स्वर्ग एवं मोक्ष प्रदान करते हैं।

    इतना ही नहीं यदि सच्चे मन से अपने पितरों का श्राद्ध किया जाए तो पितरों की कृपा से मनुष्य मोक्ष से भी आगे बढ़कर परमगति को भी प्राप्त किया जा सकता है।

    “पुत्रो व भ्रातरो वापि
    दौहित्र: पौत्रकस्तथा !
    पितृकार्ये प्रसक्ता ये
    ते यान्ति परमां गतिम् !!”
    (अत्रिसंहिता)

    अर्थात- जो पुत्र, भ्राता, पौत्र अथवा दौहित्र आदि पितृकार्य (श्राद्ध अनुष्ठान) में संलग्न रहते हैं वे निश्चय ही परम गति को प्राप्त होते हैं। मात्र श्राद्ध करने ही वाले ही नहीं बल्कि और किसे श्राद्ध का फल मिलता है यह बताते हुए कहा गया है…

    “उपदेष्टानुमन्ता च
    लोके तुल्यफलौ स्मृतौ”
    (बृहस्पति संहिता)

    अर्थात- जो श्राद्ध करता है, जो उसके विधि-विधान को जानता है, जो श्राद्ध  करने की सलाह देता है और जो श्राद्ध का अनुमोदन करता है इन सभी को श्राद्ध का पुण्य फल मिल जाता है।

    अब श्राद्ध करने से क्या
    फल मिलता है यह भी जानें…
    सनातन ग्रन्थों में श्राद्ध न करने से होने वाली जो हानि बताई गई है उसे सुनकर या जानकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

    अत: श्राद्धतत्व से परिचित होना तथा उसके अनुष्ठान के लिए तत्पर रहना प्रत्येक मनुष्य का कर्तव्य बन जाता है। यह सर्वविदित है कि मृत व्यक्ति इस महायात्रा में अपना स्थूल शरीर भी साथ में नहीं ले जा सकता। तब वह पाथेय (अन्न जल) कैसे ले जा सकता है ? उस समय उसके सगे संबंधी श्राद्ध विधि से उसे जो कुछ देते हैं वही उसे मिलता है। शास्त्र ने मरणोपरांत पिंडदान की व्यवस्था की है। सर्वप्रथम शव यात्रा के अंतर्गत ०६ पिण्ड दिए जाते हैं जिनसे भूमि की अधिष्ठातृ देवताओं की प्रसन्नता तथा भूत पिशाचों द्वारा होने वाली बाधाओं का निराकरण आदि प्रयोजन सिद्ध होते हैं। इसके साथ ही दसगात्र में दिए जाने वाले १० पिण्डों के द्वारा जीव को आतिवाहिक सूक्ष्म शरीर की प्राप्ति होती है।

    यह मृत व्यक्ति की महायात्रा के प्रारंभ की बातें हुई। अब आगे उसके रास्ते के भोजन अन्न जल की आवश्यकता पड़ती है जो उत्तमषोडशी में दिए जाने वाले पिंडदान से उसे प्राप्त होता है। यदि परिजनों के द्वारा उपरोक्त श्राद्धक्रिया नहीं की जाती है तो…

    “लोकान्तरेषु ये तोयं
    लभन्ते नान्नमेव च।
    दत्तं न वंशजैर्येषां ते
    व्यथां यान्ति दारुणम् !!”
    (कूर्मपुराण)

    अर्थात्: यदि सगे – संबंधी पुत्र – पौत्र आदि उपरोक्त कर्म नहीं करते हैं, मृतक का पिंडदान अन्न – जल से नहीं करते हैं तो आत्मा को भूख प्यास से बहुत दारुण दु:ख होता है।

    यह तो रही मृत आत्मा की बात कि उसे कितना कष्ट होता है और अब यह जान लिया जाए कि मृतक के परिजन यदि मृत आत्मा का श्राद्ध नहीं करते हैं तो परिजनों को क्या कष्ट होता है।

    श्राद्ध न करने वाले को भी पग पग पर कष्ट का सामना करना पड़ता है। मृत प्राणी बाध्य होकर श्राद्ध न करने वाले अपने सगे संबंधियों का रक्त चूसने लगता है ! यथा

    “श्राद्धं न कुरुते मोहात्
    तस्य रक्तं पिबन्तिते”
    (ब्रह्मपुराण)

    इतना ही नहीं पितर अपने ही परिजनों को श्राप भी देते हैं। यथा:

    “पितरस्तस्य शापं
    दत्वा प्रयान्ति च”
    (नागरखण्ड)

    पितरों के श्राप से श्रापित होकर अभिशप्त परिवार को जीवन भर कष्ट ही कष्ट झेलना पड़ता है।

    “न तत्र वीरा जायन्ते
    नारोग्यं न शतायुष:!
    न च श्रेयोधिगच्छन्ति
    यत्र श्राद्धं विवर्जितम् !!”
    (हारीतस्मृति)

    अर्थात्: उस परिवार में पुत्र नहीं उत्पन्न होते, कोई निरोग नहीं रहता, किसी की लंबी आयु नहीं होती। कहने का तात्पर्य है कि किसी भी प्रकार से उस परिवार का कल्याण नहीं होता।  सिर्फ इतना ही नहीं…

    “श्राद्धमेतन्न कुर्वाणो
    नरकं प्रतिपद्यते”
    {विष्णुस्मृति)

    अर्थात्: पितरों का श्राद्ध न करने वाले परिजनों को नरक भी जाना पड़ता है। इसलिए सभी को समयानुसार अपने पितरों के लिए श्राद्घकर्म करते रहना चाहिए। उपनिषद में कहा गया है…

    देवपितृकार्याभ्यां
    न प्रमादितव्यम्”
    (तैत्तरीय उपनिषद)

    अर्थात: किसी भी मनुष्य को देवता तथा पितरों के कार्यों में प्रमाद कदापि नहीं करना चाहिए क्योंकि प्रमाद से प्रत्यवाय होता है।

    इसलिए यह सब का कर्तव्य बनता है कि हम जिन पूर्वजों की संपत्तियों पर ऐश्वर्य भोग रहे हैं उनके लिए पितृयज्ञ अर्थात श्राद्ध कर्म अवश्य करें।
    क्रमशः शेष अगले लेख में…

    ~पनपा “गोरखपुरी”

  • साथ ही दी गई गीले व सूखे कूड़े को पृथक करने की जानकारी

    17 सितंबर 2024 से 02 अक्टूबर 2024 तक जारी स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) अभियान

    बच्चों को सिखाई हाथ धोने की सही विधि

    बिजनौर। शासन द्वारा दिनांक 17 सितंबर 2024 से 02 अक्टूबर 2024 तक मनाए जा रहे स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) कार्यक्रम अंतर्गत प्रतिदिन विभिन्न गतिविधियां जारी हैं। इसी क्रम में गुरुवार 26 सितंबर 2024 को पालिका क्षेत्रान्तर्गत सिविल लाईन स्थित फूड स्ट्रीट, प्रदर्शनी चौक, बस स्टैंड व पोस्ट ऑफिस पर सफाई कराई गई। दूसरी ओर चिन्हित सी.टी.ओ. (ब्लैक स्पॉट) को कर्मचारियों द्वारा सफाई कर समाप्त किया गया।

    इस दौरान रेनबो पब्लिक स्कूल में स्वच्छता कार्यक्रम के साथ ही विद्यार्थियों को स्वच्छता के बारे में जागरूक किया गया। उन्हें हाथ धोने की सही विधि से अवगत कराते हुए कुछ बच्चों के हैण्ड वॉश भी कराए गए। साथ ही गीले व सूखे कूड़े को पृथक करने की जानकारी दी गई।

    पालिका अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह व अधिशासी अधिकारी विकास कुमार के निर्देशन में स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। स्वच्छता संवाद कार्यक्रम में स्वच्छता संदेश लिखित पम्पलेट आदि का वितरण किया गया। सभी से अपने आसपास साफ-सफाई करने व गंदगी को रोकने की अपील भी की गई, जिसकी लाइव मॉनीटरिंग डी०सी०सी०सी० के माध्यम से शासन द्वारा की गई।

    उक्त कार्यक्रम में सफाई एवं खाद्य निरीक्षक गोविन्द कुमार व पालिका स्टाफ से लिपिक विपिन देसाई, संदीप कुमार व अन्य कर्मचारीगण आदि उपस्थित रहे।

    विदित हो कि राष्ट्रीय मिशन निदेशक, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली भारत सरकार के निर्णयानुसार जारी दिशानिर्देशों के क्रम में राज्य मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन नगरीय, राज्य मिशन निदेशालय लखनऊ के निर्देशानुसार दिनांक 17 सितंबर 2024 से 02 अक्टूबर 2024 तक स्वच्छता ही सेवा (एस.एच. एस.) अभियान चलाया जा रहा है।

  • मध्यकालीन शैक्षिक प्रणाली को पूरी तरह से किया पुनर्निर्मित

    लिया था अशिक्षा और रूढ़िवादिता को दूर करने का संकल्प

    ईश्वरचंद्र विद्यासागर को है विधवा विवाह को क़ानूनी स्वीकृति दिलाने का श्रेय

    ईश्वरचंद्र विद्यासागर
    =================
    २६ सितम्बर/जन्म दिवस
    =========≈========

    ईश्वर चन्द्र का जन्म हिन्दू ब्राह्मण परिवार में थकुरदास बांंडोपाध्याय और भगवती देवी के लिए २६ सितंबर १८२० को पश्चिम बंगाल के बिर्सिंगा गाँव में हुआ था। ०९ वर्ष की आयु में, वह कलकत्ता गए और रहने लगे बुराबाजार में भागबत चरण के घर में, जहां ठाकुरदास कुछ वर्षों से पहले ही रह रहे थे।  

    उन्होंने १८२९ से १८४१ के दौरान संस्कृत कॉलेज में वेदांत, व्याकरण, साहित्य, रेटोरिक, स्मृति और नैतिकता सीखी। उन्होंने नियमित छात्रवृत्ति अर्जित की। उन्होंने सन् १८३९ में संस्कृत में एक प्रतियोगिता परीक्षण ज्ञान में भाग लिया और ‘विद्यासागर’ का अर्थ अर्जित किया, जिसका अर्थ ज्ञान का महासागर था। उसी वर्ष ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने सफलतापूर्वक अपनी कानून परीक्षा को मंजूरी दे दी। विद्यासागर ने चौदह वर्ष की आयु में दीनामनी देवी से विवाह किया और इस जोड़े के पुत्र है नारायण चन्द्र। विद्यासागर को संस्कृत कॉलेज में प्रचलित मध्यकालीन शैक्षिक प्रणाली को पूरी तरह से पुनर्निर्मित करने और शिक्षा प्रणाली में आधुनिक अंतर्दृष्टि लाने की भूमिका के साथ श्रेय दिया जाता है। जब वह प्रोफेसर के रूप में संस्कृत कॉलेज वापस आए, तब विद्यासागर ने पहला परिवर्तन संस्कृत के अलावा अंग्रेजी और बंगाली को सीखने के माध्यम के रूप में शामिल करना था। उन्होंने वैदिक ग्रंथों के साथ यूरोपीय इतिहास, दर्शनशास्त्र और विज्ञान के पाठ्यक्रम पेश किए।

    ईश्वरचंद्र विद्यासागर ब्रह्म समाज नामक संस्था के सदस्य थे। स्त्री की शिक्षा के साथ-साथ उन्होंने विधवा विवाह और विधवाओं की दशा सुधारने का काम भी किया। इसके लिए ईश्वरचंद्र विद्यासागर को बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अंत में विधवा विवाह को क़ानूनी स्वीकृति प्राप्त हो गई। सुधारवादी विचारधाराओं का जनता के बीच प्रचार करने के लिए ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने अंग्रेजी व बंगला में पत्र निकाले।

    ईश्वरचंद्र विद्यासागर का कहना था की कोई भी व्यक्ति अच्छे कपडे पहनने, अच्छे मकान में रहने तथा अच्छा खाने से ही बड़ा नहीं होता बल्कि अच्छे काम करने से बड़ा होता है। १९वी शताब्दी के महान विभूति ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने अपने समय में फैली अशिक्षा और रूढ़िवादिता को दूर करने का संकल्प लिया। अनेक कठिनाइयों का सामना करते हुए उन्होंने शैक्षिक, सामाजिक और महिलाओं की स्थिति में सुधार किये। अपनी सहनशीलता, सादगी तथा देशभक्ति के लिए प्रसिद्ध और एक शिक्षाशास्त्री के रूप में विशिष्ट योगदान करने वाले ईश्वर चन्द्र विद्यासागर का निधन २९ जुलाई, १८९१ को कोलकाता में हुआ। विद्यासागर जी ने आर्थिक संकटों का सामना करते हुए भी अपनी उच्च पारिवारिक परम्पराओं को अक्षुण्ण बनाए रखा था। संकट के समय में भी वह कभी अपने सत्य के मार्ग से नहीं डिगे। उनके जीवन से जुड़े अनेक प्रेरक प्रसंग आज भी युवा वर्ग को प्रेरणा प्रदान करते हैं।

    ~पनपा “गोरखपुरी”

  • केएल इंटरनेशनल स्कूल के म्यूजिक टीचर ने किया सुसाइड

    पुलिस कर रही जांच, आत्महत्या का कारण पारिवारिक कलह या स्कूल का कोई विवा

    ट्रेन के सामने कूद कर म्यूजिक टीचर ने की आत्महत्या

    मेरठ। केएल इंटरनेशनल स्कूल के म्यूजिक टीचर ने योगा एक्सप्रेस ट्रेन के सामने कूद कर आत्महत्या कर ली। जेब के पर्स में मिली पर्ची से पहचान के बाद परिजनों को पुलिस ने सूचना दी। आत्महत्या का कारण पारिवारिक कलह है या फिर स्कूल में हुआ कोई विवाद, पुलिस सभी संभावित कारणों की जांच में जुट गई है। घटना बुधवार देर रात की बताई जा रही है।

    गंगानगर एम-475 निवासी संजय सक्सेना मेडिकल क्षेत्र स्थित केएल इंटरनेशनल स्कूल में म्यूजिक टीचर थे। शाम पांच बजे संजय ने अपना मोबाइल घर पर छोड़ दिया और बाइक पर सवार होकर निकल गए। बाइक कैंट स्टेशन की पार्किंग में खड़ी कर दी। पार्किंग की रसीद पर्स में रखी। पर्स में ही एक कागज पर अपना पूरा नाम, पता, मोबाइल नंबर लिखकर रखा था। जिटौली रेलवे ओवरब्रिज से रात नौ बजे सहारनपुर की तरफ से दिल्ली जा रही योगा एक्सप्रेस के आगे कूद गए। ट्रेन से टकराकर उनके शरीर के चिथड़े बिखरकर दूर तक फैल गए। जानकारी मिलते ही चालक ने कुछ समय के लिए ट्रेन रोकी और स्टेशन मास्टर को सूचना दी, इसके बाद ट्रेन आगे चली गई।

    सूचना पर तत्काल जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और ट्रैक से शव को हटाते हुए शिनाख्त का प्रयास किया। मृतक के जेब से मिली पर्ची से उसकी पहचान मेरठ के गंगानगर एम-475 निवासी संजय सक्सेना के रूप में हुई। संजय सक्सेना मेडिकल क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध केएल इंटरनेशनल स्कूल में म्यूजिक टीचर थे।

    फाइल फोटो, संजय सक्सेना

    कई पहलुओं पर जांच कर रही पुल‍िस

    एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि मृतक की जेब से कैंट स्टेशन की बाइक पार्किंग की रसीद मिली है। जांच की जा रही है कि वह लगभग पांच किलोमीटर दूर जिटौली आरओबी पर कैसे पहुंचे। इसके अलावा दो अन्य एंगल पर आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। पहला पारिवारिक, दूसरा स्कूल का कोई विवाद, जांच के बाद ही आत्महत्या के कारणों का खुलासा हो पाएगा।

    सीओ शुचिता सिंह ने बताया कि पल्लवपुरम पुलिस ने मृतक के परिजनों को जानकारी दी। संजय सक्सेना की पत्नी, बेटा और स्कूल के कई शिक्षक मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सीओ ने बताया कि सभी संभावित पहलुओं पर जांच की जा रही है। जांच में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। पुलिस उनके मोबाइल आदि की जांच कर आत्महत्या का कारण पता लगाने का प्रयास कर रही है।

    स्कूल से लौटने के बाद थे गुमसुम

    पुलिस के मुताबिक, पत्नी ने बताया कि बुधवार को संजय स्कूल से लौटने के बाद गुमसुम थे। शाम को वह बिना बताए ही घर से निकल गए। उन्हें काल की लेकिन मोबाइल घर पर ही था। उनकी तलाश की ही जा रही थी कि मौत की सूचना आ गई।

    10 साल से स्कूल में दे रहे थे अपनी सेवाएं

    स्कूल की मीडिया कोऑर्डिनेटर शालिनी ने बताया कि घटना से हमारा पूरा स्कूल बेहद दु:खी है। संजय पिछले करीब 10 साल से स्कूल में कार्यरत थे। वह जिंदादिल इंसान होने के साथ-साथ अच्छे टीचर भी थे। बच्चों के साथ वह अच्छा व्यवहार करते थे।

  • अंतिम वर्ष के विधि छात्रों और नामांकन प्रमाण पत्र के बिना उम्मीदवारों के लिए एआईबीई पात्रता

    बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने जारी की अधिसूचना

    आगामी अखिल भारतीय बार परीक्षा में बैठने की अनुमति

    नई दिल्ली। अंतिम वर्ष के विधि छात्रों और नामांकन प्रमाण पत्र के बिना उम्मीदवारों के लिए AIBE के लिए पंजीकरण के संबंध में अधिसूचना जारी की गई है।

    बार काउंसिल ऑफ इंडिया के संयुक्त सचिव अवनीश कुमार पांडेय ने एआईबीई विभाग बार काउंसिल ऑफ इंडिया नई दिल्ली को अंतिम वर्ष के विधि छात्रों और नामांकन प्रमाण पत्र के बिना उम्मीदवारों के लिए एआईबीई पात्रता के संबंध में पत्र लिखा है। इसमें माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा हाल ही में जारी निर्देश के आलोक में कहा गया है कि, जिन अभ्यर्थियों के पास नामांकन प्रमाण-पत्र नहीं है, साथ ही जो अभ्यर्थी वर्तमान में 3-वर्षीय या 5-वर्षीय एकीकृत एल.एल.बी. डिग्री पाठ्यक्रम के अंतिम सेमेस्टर में हैं, तथा जिनका पिछले सेमेस्टरों से कोई बैकलॉग नहीं है, उन्हें अब आगामी अखिल भारतीय बार परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई है।

    ऐसे उम्मीदवार 25 सितंबर 2024 से शुरू होने वाले AIBE-XIX के लिए पंजीकरण कर सकते हैं। उन्हें निम्नलिखित वचन (स्व-सत्यापित, स्कैन किए गए पर्याप्त दस्तावेज़ों के साथ) प्रस्तुत करना होगा।

  • पितृपक्ष एवं श्राद्घ का पुराणों में महत्त्व (भाग २)
    ========================

    प्रत्येक मनुष्य अपने जीवन में पुत्र की कामना करता है क्योंकि हमारे धर्म शास्त्रों के लिखा है …..

    अपुत्रस्तो गतिर्नास्ति

    अर्थात्:- बिना पुत्र के सद्गति नहीं प्राप्त हो सकती ! पुत्र का क्या कार्य है ? यह बताते हुए हमारे शास्त्र कहते हैं ….

    “पुन्नामनरकात्
    त्रायते इति पुत्र:’

    अर्थात:- नर्क से जो रक्षा
    करता है वही पुत्र है !

    सामान्यत: जीव से इस जीवन में पाप और पुण्य दोनों होते रहते हैं ! पुण्य का फल है स्वर्ग और पाप का फल है नर्क, नर्क में पापी को घोर यातना भोगनी पड़ती है। स्वर्ग – नरक भोगने के बाद जीव पुनः अपने कर्मों के अनुसार चौरासी लाख योनियों में भटकने लगता है। पुण्यात्मा मनुष्य योनि अथवा देवयोनि को प्राप्त करते हैं और पापात्मा पशु-पक्षी, कीट – पतंगा🪰 आदि तिर्यक योनि को प्राप्त करते हैं। अतः अपने शास्त्रों के अनुसार पुत्र – पौत्रादिकों का यह कर्तव्य होता है कि वे अपने माता-पिता तथा पूर्वजों के निमित्त “श्रद्धा पूर्वक” कुछ ऐसे शास्त्रोक्त कर्म करें जिससे उन मृत प्राणियों को परलोक में अथवा अन्य योनियों में भी सुख की प्राप्ति हो सके।

    इसीलिए भारतीय संस्कृति तथा सनातन धर्म में पितृ ऋण से मुक्त होने के लिए अपने माता-पिता तथा परिवार के मृतक प्राणियों के निमित्त श्राद्ध करने की अनिवार्य आवश्यकता बताई गई है। श्राद्ध कर्म को पितृकर्म भी कहते हैं। पितृकर्म का तात्पर्य है पितृ पूजा से।

    एक बात विशेष ध्यान रखना चाहिए पितृकार्य में या श्राद्ध करते समय वाक्य की शुद्धता तथा क्रिया की शुद्धता मुख्य रूप से आवश्यक है क्योंकि,

    “पितरो वाक्यमिच्छन्ति
    भावमिच्छन्ति देवता”

    अर्थात:– पितृ वाक्य और क्रिया शुद्ध होने पर ही पूजा स्वीकार करते हैं जबकि देवता भावना शुद्ध होने पर क्रिया तथा वाक्य में कोई त्रुटि हो जाए तो भी वह प्रसन्न हो जाते हैं और अपने भक्तों की पूजा स्वीकार कर लेते हैं। अत: पितृकार्य में देव कार्य की अपेक्षा अधिक सावधानी की आवश्यकता है।

    तभी श्राद्ध करना सफल हो सकता है।  कुछ अनभिज्ञ यह भी पूछते रहते हैं कि श्राद्ध क्या है ? वे भी ध्यान दें।

    “श्रद्धया पितृन् उद्दिश्य
    विधिना क्रियते
    यत्कर्म तत् श्राद्धम्”

    अर्थात:- पितरों के उद्देश्य से विधिपूर्वक जो कर्म किये जाते हैं उसे ही श्राद्ध कहा जाता है ! श्रद्धा शब्द से ही श्राद्ध की निष्पत्ति होती है !

    यथा: श्रद्धार्थमिदं
    श्राद्धम् श्रद्धया कृतं
    सम्पादितमिदम्
    श्रद्धया दीयते
    यस्मात् तच्छ्राद्धम्
    एवं
    श्रद्धया इदं श्राद्धम्

    अर्थात्:- अपने मृत पितृगण के उद्देश्य से श्रद्धा पूर्वक किए जाने वाले कर्मविशेष को *श्राद्ध* शब्द के नाम से जाना जाता है। इसे ही *पितृयज्ञ* भी कहते हैं जिसका वर्णन मनुस्मृति आदि धर्मशास्त्रों पुराणों में मिलता है !

    देशे काले च पात्रे च
    विधिना हविषा च यत् !
    तिलैर्दर्भैश्च मन्त्रैश्च श्राद्धं
    स्याच्छ्राद्धया युतम् !! (कूर्मपुराण)

    अर्थात्:- देश, काल, तथा पात्र में हविष्यादि विधि द्वारा जो कर्म तिल (यव) और दर्भ (कुश) तथा मन्त्रों से युक्त होकर श्रद्धापूर्वक किया जाता है ! वही श्राद्ध है।

    संस्कृतं व्यञ्जनाद्यं च
    पयोमधुघृतान्वितम् !
    श्रद्धया दीयते
    यल्माच्छ्राद्धं तेन निगद्यते !!
    (कूर्मपुराण)

    अर्थात्:- जिस कर्म विशेष में दुग्ध, घृत, मधु से युक्त सुसंस्कृत (अच्छी प्रकार से पकाये हुए) उत्तम व्यंजन को श्रद्धापूर्वक पितृगण के उद्देश्य से ब्राह्मणादि को प्रदान किया जाय ! उसे श्राद्ध कहते हैं !

    देशे काले च पात्रे
    श्रद्धया विधिना च यत् !
    पितृनुद्दिश्य विप्रेभ्यो
    दत्तं श्राद्धमुदाहृतम् !!
    (ब्रह्मपुराण)

    अर्थात्:- देश , काल और पात्र में विधिपूर्वक श्रद्धा से पितरों के उद्देश्य से जो ब्राह्मण को दिया जाय उसे श्राद्ध कहते हैं।

    क्रमश: शेष अगले भाग में…

    ~पनपा “गोरखपुरी”

  • गीता इण्टर कालेज में स्वच्छता शपथ ग्रहण कार्यक्रम

    अपने आसपास साफ-सफाई करने व गंदगी को रोकने की अपील

    बिजनौर। स्वच्छता ही सेवा (एस.एच. एस.) कार्यक्रम के अन्तर्गत बुधवार 25 सितंबर 2024 को पालिका क्षेत्रान्तर्गत स्थित गीता इण्टर कालेज में स्वच्छता शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान लगभग 270 छात्र/छात्राओं व अध्यापक/अध्यापिकाओं आदि द्वारा प्रतिभाग किया गया।

    पालिका अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह व अधिशासी अधिकारी विकास कुमार के निर्देशन में स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। इसके अलावा स्वच्छता संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें स्वच्छता संदेश लिखित पम्पलेट आदि का वितरण करने के साथ-साथ स्कूल स्टाफ व छात्र-छात्राओं को गीला-सूखा कूड़ा पृथक-पृथक करने की जानकारी दी गई तथा अपने आसपास साफ-सफाई करने व गंदगी को रोकने की अपील भी की गई। कार्यक्रम की लाइव मॉनीटरिंग डी०सी०सी०सी० के माध्यम से शासन द्वारा की गयी। उक्त कार्यक्रम में सफाई एवं खाद्य निरीक्षक गोविन्द कुमार व पालिका स्टाफ से लिपिक विपिन देसाई, संदीप कुमार व कर्मचारीगण आदि उपस्थित रहे।

    गौरतलब है कि राष्ट्रीय मिशन निदेशक, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली भारत सरकार के निर्णयानुसार जारी दिशानिर्देशों के क्रम में राज्य मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन नगरीय, राज्य मिशन निदेशालय लखनऊ के निर्देशानुसार दिनांक 17 सितंबर 2024 से 02 अक्टूबर 2024 तक स्वच्छता ही सेवा (एस.एच. एस.) अभियान चलाया जा रहा है।

  • 25 सितंबर 2024 से AIBE-XIX के लिए कर सकते हैं पंजीकरण

    भारतीय विधिज्ञ परिषद ने पंजीकरण के संबंध में जारी की अधिसूचना

    अखिल भारतीय बार परीक्षा में बैठने की अनुमति

    नई दिल्ली। भारतीय विधिज्ञ परिषद बार काउंसिल ऑफ इंडिया (अधिवक्ता अधिनियम, 1961 के तहत गठित वैधानिक निकाय) ने दिनांक: 23.09.2024 को अंतिम वर्ष के उम्मीदवारों और नामांकन प्रमाणपत्र के बिना उम्मीदवारों के लिए AIBE के लिए पंजीकरण के संबंध में अधिसूचना जारी की है।

    बार काउंसिल ऑफ इंडिया के संयुक्त सचिव अवनीश कुमार पांडे के जारी पत्र में कहा गया है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा हाल ही में जारी किए गए निर्देश के आलोक में, जिन उम्मीदवारों के पास नामांकन प्रमाणपत्र नहीं हैं, साथ ही वे जो वर्तमान में 3-वर्षीय या 5-वर्षीय एकीकृत एलएलबी डिग्री कोर्स के अंतिम सेमेस्टर में हैं, जिनके पास पिछले सेमेस्टर से कोई बैकलॉग नहीं है, उन्हें अब आगामी अखिल भारतीय बार परीक्षा में बैठने की अनुमति है। ऐसे उम्मीदवार 25 सितंबर 2024 से AIBE-XIX के लिए पंजीकरण कर सकते हैं। उन्हें अंडरटेकिंग (स्व-सत्यापित, स्कैन किए गए पर्याप्त दस्तावेज़ों के साथ) जमा करने की आवश्यकता होगी।

    गौरतलब है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के संयुक्त सचिव अवनीश कुमार पांडे ने AIBE विभाग बार काउंसिल ऑफ इंडिया नई दिल्ली को अंतिम वर्ष के विधि छात्रों और नामांकन प्रमाण पत्र के बिना उम्मीदवारों के लिए AIBE पात्रता के संबंध में वचनबद्धता हेतु पत्र भेजा है।

  • 🙏बुरा मानो या भला🙏 बा अदब-बा नसीब, बे अदब-बदनसीब- मनोज चतुर्वेदी फ़िल्म “लावारिस” में अमज़द खान साहब का एक डायलॉग था- “औलाद अगर न हो तो मां-बाप को दुःख होता है, अगर होकर मर जाये तो बहुत दुःख होता है, और अगर ज़िंदा रहे लेकिन नालायक़ निकल जाए तो मां-बाप की जिंदगी नासूर बन जाती […]

    बा अदब-बा नसीब, बे अदब- बदनसीब- मनोज चतुर्वेदी
  • पंडित दीनदयाल उपाध्याय
    =======================
    २५ सितम्बर/जन्म-दिवस
    ==================

    भारतीय राजनीति के पुरोधा थे पंडित दीनदयाल उपाध्याय

    पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय जनसंघ के नेता थे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक प्रखर विचारक, उत्कृष्ट संगठनकर्ता तथा एक ऐसे नेता थे जिन्होंने जीवनपर्यन्त अपनी व्यक्तिगत ईमानदारी व सत्यनिष्ठ को महत्व दिया। पंडित जी मज़हब और संप्रदाय के आधार पर भारतीय संस्कृति का विभाजन करने वालों को देश के विभाजन का ज़िम्मेदार मानते थे।

    वे भारतीय राजनीति के पुरोधा थे। दीनदयाल जी की मान्यता थी कि हिन्दू कोई धर्म या संप्रदाय नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय संस्कृति है।

    पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म २५ सितम्बर १९१६ को धनकिया नामक स्थान, जयपुर अजमेर रेलवे लाइन के पास राजस्थान में हुआ था। उनके पिता का नाम भगवती प्रसाद उपाध्याय था, नगला चंद्रभान; दीनदयाल जी का पैतृक गांव था और नगला चंद्रभान (फरह, मथुरा) के निवासी थे। उनकी माता का नाम रामप्यारी था, जो धार्मिक प्रवृत्ति की थीं। पिता रेलवे में जलेसर रोड स्टेशन के सहायक स्टेशन मास्टर थे। रेल की नौकरी होने के कारण उनके पिता का अधिक समय बाहर ही बीतता था। कभी-कभी छुट्टी मिलने पर ही घर आते थे।

    मृत्यु-दर्शन से गहन साक्षात्कार

    दीनदयाल अभी ०३ वर्ष के भी नहीं हुए थे, कि उनके पिता का देहान्त हो गया। पति की मृत्यु से माँ रामप्यारी को अपना जीवन अंधकारमय लगने लगा। वे अत्यधिक बीमार रहने लगीं। उन्हें क्षय रोग लग गया और ०८ अगस्त १९२४ को उनका भी देहावसान हो गया। उस समय दीनदयाल ०७ वर्ष के थे। १९२६ में नाना चुन्नीलाल भी नहीं रहे। १९३१ में पालन करने वाली मामी का निधन हो गया। १८ नवम्बर १९३४ को अनुज शिवदयाल ने भी उपाध्याय जी का साथ सदा के लिए छोड़कर दुनिया से विदा ले ली। १९३५ में स्नेहमयी नानी भी स्वर्ग सिधार गईं। १९ वर्ष की अवस्था तक उपाध्याय जी ने मृत्यु-दर्शन से गहन साक्षात्कार कर लिया था।

    मेधावी विद्यार्थी थे पंडित दीनदयाल उपाध्याय

    ०८वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उपाध्याय जी ने कल्याण हाईस्कूल, सीकर, राजस्थान से दसवीं की परीक्षा में बोर्ड में प्रथम स्थान प्राप्त किया। १९३७ में पिलानी से इंटरमीडिएट की परीक्षा में पुनः बोर्ड में प्रथम स्थान प्राप्त किया। १९३९ में कानपुर के सनातन धर्म कालेज से बी०ए० की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। एम०ए० करने के लिए सेंट जॉन्स कालेज, आगरा में प्रवेश लिया और पूर्वार्द्ध में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। बीमार बहन रामादेवी की शुश्रूषा में लगे रहने के कारण उत्तरार्द्ध न कर सके। बहन की मृत्यु ने उन्हें झकझोर कर रख दिया। मामाजी के बहुत आग्रह पर उन्होंने प्रशासनिक परीक्षा दी, उत्तीर्ण भी हुए किन्तु अंग्रेज़ सरकार की नौकरी नहीं की। १९४१ में प्रयाग से बी०टी० की परीक्षा उत्तीर्ण की। बी०ए० और बी०टी० करने के बाद भी उन्होंने नौकरी नहीं की।

    १९३७ में जब वह कानपुर से बी०ए० कर रहे थे, अपने सहपाठी बालूजी महाशब्दे की प्रेरणा से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सम्पर्क में आए। संघ के संस्थापक डॉ० हेडगेवार का सान्निध्य कानपुर में ही मिला। उपाध्याय जी ने पढ़ाई पूरी होने के बाद संघ का दो वर्षों का प्रशिक्षण पूर्ण किया और संघ के जीवनव्रती प्रचारक हो गये। आजीवन संघ के प्रचारक रहे।

    संघ के माध्यम से ही उपाध्याय जी राजनीति में आए। २१ अक्टूबर १९५१ को डॉ० श्यामाप्रसाद मुखर्जी की अध्यक्षता में ‘भारतीय जनसंघ’ की स्थापना हुई। गुरुजी (गोलवलकर जी) की प्रेरणा इसमें निहित थी। १९५२ में इसका प्रथम अधिवेशन कानपुर में हुआ। उपाध्याय जी इस दल के महामंत्री बने। इस अधिवेशन में पारित १५ प्रस्तावों में से ०७ उपाध्याय जी ने प्रस्तुत किये। डॉ० मुखर्जी ने उनकी कार्यकुशलता और क्षमता से प्रभावित होकर कहा- “यदि मुझे दो दीनदयाल मिल जाएं, तो मैं भारतीय राजनीति का नक्शा बदल दूँ।”

    १९६७ तक उपाध्याय जी भारतीय जनसंघ के महामंत्री रहे। १९६७ में कालीकट अधिवेशन में उपाध्याय जी भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। वह मात्र ४३ दिन जनसंघ के अध्यक्ष रहे। १०/११ फरवरी १९६८ की रात्रि में मुगलसराय स्टेशन पर उनकी हत्या कर दी गई। ११ फरवरी को प्रातः पौने चार बजे सहायक स्टेशन मास्टर को खंभा नं० १२७६ के पास कंकड़ पर पड़ी हुई लाश की सूचना मिली। शव प्लेटफार्म पर रखा गया तो लोगों की भीड़ में से कोई चिल्लाया- “अरे, यह तो जनसंघ के अध्यक्ष दीन दयाल उपाध्याय हैं।” पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई।

    ~पनपा “गोरखपुरी”

  • पीड़िता ने की खण्ड शिक्षा अधिकारी और पुलिस से शिकायत

    शिक्षिका को प्रधानाचार्य से अपनी जान और आबरू का खतरा!

    बिजनौर। पूर्व माध्यमिक विद्यालय खैराबाद में प्रधानाचार्य और शिक्षिका के बीच घमासान जारी है। शिक्षिका ने प्रधानाचार्य पर परीक्षा में बच्चों को नकल कराने का आरोप लगाते हुए विरोध करने पर अभद्रता करते हुए दुपट्टा खींचने तथा चप्पल से पिटाई करने का प्रयास जाए जाने की शिकायत बीईओ से की है। शिकायत में प्रधानाचार्य से अपनी जान और आबरू को भी खतरा बताया है।

    खण्ड शिक्षा अधिकारी हल्दौर अलका अग्रवाल को दिए शिकायती पत्र में पूर्व माध्यमिक विद्यालय खैराबाद में तैनात सहायक अध्यापिका प्रीति वर्मा ने आरोप लगाया कि उनके विद्यालय में 20 सितंबर को सामाजिक विषय की सत्र परीक्षा में प्रधानाचार्य सुंदरलाल बच्चों को नकल करा रहे थे। उन्होंने नकल का विरोध करते हुए अपने मोबाइल में प्रधानाचार्य की वीडियो बनानी शुरू कर दी। दरअसल उन्होंने बोर्ड पर प्रश्न लिखे और मोबाइल पर google से सर्च करा कर उत्तर बता दिए।

    प्रीति वर्मा का आरोप है कि प्रधानाचार्य सुंदरलाल ने अभद्रता करते हुए उनके गाल पर नाखून मारते हुए मोबाइल छीन लिया और दुपट्टा खींचते हुए उन्हें चप्पल से मारने के लिए पीछे दौड़े। यह सूचना और वीडियो उन्होंने व्हाट्सएप पर बीईओ को दे दी थी। सिंगल पेरेंट्स होने के कारण प्रीति वर्मा ने प्रधानाचार्य सुंदरलाल से अपनी जान और आबरू को खतरा बताते हुए अपना स्थानांतरण अथवा किसी अन्य विद्यालय में अटैच किए जाने की इच्छा जताई। साथ ही अपने साथ भविष्य में विद्यालय में घटने वाली किसी भी घटना के लिए प्रधानाचार्य सुंदरलाल को जिम्मेदार ठहराए जाने की मांग की। उन्होंने मामले की लिखित शिकायत थाना हल्दौर पुलिस से भी की है।

    बताया जाता है कि प्रधानाचार्य और शिक्षिका के खिलाफ पिछले काफी समय से विवाद चला आ रहा है जिस कारण समय समय पर ये दोनों एक दूसरे पर आरोप लगाते रहते हैं। वर्तमान में लगाए गए आरोपों की सच्चाई का पता तो विभागीय अधिकारी ही जांच करके लगा सकते है लेकिन इस विवाद के कारण शिक्षा का मंदिर कहा जाने वाला विद्यालय और शिक्षण कार्य जैसा पवित्र कार्य बहुत ज्यादा कलंकित हो रहा है।

    बीईओ ने की शिकायत मिलने की पुष्टि

    इस संबंध में बीईओ अलका अग्रवाल से बात की गई तो उन्होंने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि कल कुछ लोग उनसे मिलने आए थे। ऑन लाइन मीटिंग में होने के कारण वे ज्यादा बात नहीं कर सकीं। बीएसए योगेंद्र कुमार से उनके सीयूजी नंबर पर बात करने का प्रयास किया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। प्रधानाचार्य सुंदरलाल का मोबाइल नंबर उपलब्ध न होने के कारण उनसे बात नहीं हो सकी।

    विद्यालय में सोते रहते हैं प्रधानाचार्य

    पूर्व माध्यमिक विद्यालय खैराबाद में ड्यूटी टाइम कुर्सी पर सोते हुए प्रधानाचार्य सुंदरलाल

    शिक्षिका प्रीति वर्मा ने बीईओ को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाए कि प्रधानाचार्य सुंदरलाल विद्यालय में सोते रहते हैं। बच्चों को पढ़ाते नहीं है और न ही कोई विभागीय कार्य पूरा करते हैं। वह विद्यालय में खुद के प्रधानाचार्य होने को धौंस दिखाते रहते हैं। प्रीति वर्मा ने एक वीडियो सार्वजनिक करते हुए आरोप लगाया कि विद्यालय में ड्रेस रखी हुई है, जिन्हें प्रधानाचार्य द्वारा बेचा जा रहा है। साथ ही प्रधानाचार्य के सोते हुए फोटो साझा करते हुए दावा किया कि ये दोनों फोटो विद्यालय में सोते समय लिए गए हैं।

  • मन से निकला आशीर्वाद सबसे बड़ा धन: विजय सेठ

    समाजसेवी विजय सेठ कर रहे वानर भंडारा, गौ भंडारा और पशुओं का उपचार

    पितृपक्ष में सेवा भाव से जारी है गौ कृपा रसोई का भंडारा

    ~विनीत पांडेय

    सीतापुर। किसी भूखे जरूरतमंद को भरपेट भोजन करा दिया और बदले में कुछ नहीं लिया। किसी की आत्मा को तृप्त करने से बड़ी समाजसेवा और क्या हो सकती है। वह भले ही पैसे न दे पा रहा हो, लेकिन उसके मन से निकला आशीर्वाद सबसे बड़ा धन है। यह सोचना है पशु सेवा समिति के अध्यक्ष व समाजसेवी विजय सेठ का।

    वह जिला महिला चिकित्सालय के बाहर गौ कृपा रसोई संचालित करते हैं। वर्तमान में यहां चल रहे भंडारा में पहुंचने वाले प्रत्येक जरूरतमंद को भरपेट स्वादिष्ट भोजन कराया जा रहा है। केवल मनुष्यों के लिए ही नहीं बल्कि पशुओं के लिए भी भंडारे का प्रबंध है। प्रेरित होकर लोग अपने पूर्वजों के नाम से उनकी रसोई में सामग्री दे जाते हैं और शेष वह स्वयं से जुटाते हैं।

    • गो कृपा रसोई के माध्यम से विजय सेठ पितृपक्ष भर रहे नि:शुल्क भोजन

    • प्रतिदिन चार से पांच सौ जरूरतमंद कर रहे भरपेट भोजन

    दो वर्ष पूर्व शुरू की गो कृपा रसोई

    विजय सेठ बताते हैं कि अगस्त 2022 में पहुंचने वाले प्रत्येक जरूरतमंद को भरपेट स्वादिष्ट भोजन कराया जा रहा है। केवल मनुष्यों के लिए ही नहीं बल्कि पशुओं के लिए भी भंडारे का प्रबंध है। उनकी रसोई में प्रेरित होकर लोग अपने पूर्वजों के नाम से सामग्री दे जाते हैं और शेष वह स्वयं से जुटाते हैं। जिनके पास दस रुपए भी नहीं होते हैं, उनको भी नि:शुल्क भोजन करा दिया जाता है। रसोई में आने वाली राशि से जरूरत की वस्तुएं जुटाने के बाद वानर भंडारा, गौ भंडारा, पशुओं का उपचार आदि सामाजिक कार्य किए जाते हैं। पैसे की कमी को पूरा करने के लिए अपने स्वर्ण व्यापार से व्यवस्था करते हैं। समय-समय पर समाज के संभ्रांत लोग भी सहयोग कर देते हैं। विजय सेठ ने बताया कि पितृपक्ष भर अपनी रसोई में भंडारा चला रखा है। इस दौरान प्रतिदिन पांच सौ लोगों को नि:शुल्क भोजन कराया जा रहा है।

    बेसहारा पशुओं के उपचार से प्रारंभ हुई सेवा

    वर्ष 2011-12 से विजय सेठ ने बेसहारा पशुओं की सेवा कार्य प्रारंभ किया। वह इधर-उधर घूमते बेसहारा पशुओं का उपचार करते थे। एक फोन पर पहुंच जाते और घायल पशु का उपचार कर देते। धीरे-धीरे यह सिलसिला चलता रहा और पशु सेवा समिति का गठन कर लिया गया। तब से पशुओं की सेवा का यह क्रम चालू है। कोरोना काल में उन्होंने वानरों के लिए भंडारे की सेवा शुरू की थी।

  • मौके पर धूपबत्ती, अगरबत्ती, केले के पत्ते, फूल आदि सामग्री बरामद

    सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात, शरारती तत्वों की खोजबीन शुरू

    कब्र खोदकर कारी साहब का सिर काट कर ले गए तांत्रिक!

    बिजनौर। हल्दौर थाना क्षेत्र अंतर्गत झालू नगर के समीप गांव खारी से हैरतअंगेज मामला सामने आया है। यहां शरारती तत्व एक कब्र खोदकर शव का सिर काट कर अपने साथ ले गए। मौके पर बरामद धूपबत्ती, अगरबत्ती, केले के पत्ते, फूल आदि सामग्री मिलने से मामले के पीछे तांत्रिक क्रिया की संभावना जताई जा रही है।

    घटना का पता सोमवार सुबह तब चला जब गांव का ही एक व्यक्ति अपने बुजुर्गों का फातिहा पढ़ने वहां पहुंचा। सूचना मिलते ही परिजनों व ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई। मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक संजीव वाजपेई ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घटना में संलिप्त लोगों को पुलिस जल्दी ही खोज निकालेगी।

    जानकारी के अनुसार हल्दौर थाना क्षेत्र अंतर्गत कस्बा झालू – बिजनौर रोड के बीच ग्राम खारी के नामचीन हस्ती कारी सैफुररहमान (85 वर्ष) की दो माह पूर्व लंबी बीमारी के चलते मौत हो गई थी। हजारों लोगों की उपस्थिति में काजी के शव को उन्हीं के क्षेत्र के कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया गया था। बताया गया है कि 22 सितंबर रविवार की रात्रि कुछ अज्ञात लोग कब्रिस्तान पहुंचे और कब्र खोदकर कर पेश इमाम कारी सैफुररहमान की गर्दन काटकर सिर धड़ से अलग करके ले गए।

    सोमवार सुबह गांव का ही आरिफ अपने बुजुर्गों का फातिहा पढ़ने पहुंचा तो उसने कारी साहब की कब्र क्षतिग्रस्त देखी। उसने कॉल कर अपने साथी को मौके पर बुलाया। साथ ही सूचना उनके परिजनों को दी गई। सूचना मिलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते गांव में सनसनी फैल गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की।

    सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक संजीव वाजपेई, एसडीएम अविनाश कुमार त्यागी, सीओ सिटी संग्राम सिंह, हल्दौर थानाध्यक्ष राम प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर पहुंची फॉरेंसिक टीम सैंपल इकट्ठा करके अपने साथ ले गई। पुलिस के अनुसार कब्र के पास से तंत्र क्रिया की सामग्री पड़ी मिली। गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

    ग्राम प्रधान नदीम अहमद ने बताया कि इस घटना को अंजाम देना किसी तांत्रिक का ही काम है, क्योंकि कब्र के पास से तंत्र क्रिया की सामग्री जैसे धूपबत्ती, अगरबत्ती, केले के पत्ते, फूल आदि सामग्री मिली है। ग्रामवासियों ने पुलिस से आरोपी को जल्दी ही पकड़ने की मांग की है। अपर पुलिस अधीक्षक संजीव वाजपेई ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घटना में संलिप्त लोगों को पुलिस जल्दी ही खोज निकलेगी।

  • राज्य मंत्री ने किया महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय स्वाहेड़ी बिजनौर का स्थलीय निरीक्षण

    मेडिकल कालेज का पहुंच मार्ग दुरुस्त करने प्रकाश की समुचित व्यवस्था के निर्देश

    परस्पर सहमति के साथ कार्य करें अधिकारी: कपिल देव अग्रवाल

    बिजनौर। राज्य मंत्री व्यावसायिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश शासन कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि अधिकारी परस्पर सहमति के साथ कार्य करें और कॉलेज निर्माण को शीघ्र पूरा करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान उपलब्ध कराएं। राज्य मंत्री ने सोमवार शाम 4ः00 बजे महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय स्वाहेड़ी, बिजनौर का स्थलीय निरीक्षण करते हुए यह निर्देश दिए।

    राज्य मंत्री ने महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय स्वाहेड़ी, बिजनौर का स्थलीय विस्तृत निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया व संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    राज्य मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्ग से मेडिकल कालेज की ओर पहुंच मार्ग को दुरुस्त करने के साथ ही वहां प्रकाश की भी समुचित व्यवस्था करना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेज की मार्गदर्शन के लिए सांकेतिक साइनबोर्ड स्थापित कराएं। उन्होंने मार्ग के दोनों ओर साफ-सफाई की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    उन्होंने मेडिकल कॉलेज कैम्पस को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए समुचित प्रकाश व्यवस्था तथा सीसीटीवी कैमरों की स्थापना करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कॉलेज परिसर की पूरी बाउंड्री पर ज्यादा प्रकाश वाले एलईडी बल्ब लगाएं तथा बाउंड्री के आसपास कोई भी स्थान रात्रि के समय अंधेरे में नहीं रहना चाहिए।

    राज्य मंत्री ने मेडिकल कॉलेज में कक्षाएं संचालित होने की जानकारी प्राप्त की तो प्रकाश में आया किया आगामी माह अक्टूबर से कॉलेज में कक्षाएं संचालित हो जाएंगी, इसको ध्यान में रखते हुए उन्होंने सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने विभागीय कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में छात्र-छात्राओं की क्षमता की भी जानकारी प्राप्त की।

    उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज के कार्य में कोई अवरोध उत्पन्न नहीं होना चाहिए, इसके लिए परस्पर सहमति के साथ कार्य करें और कॉलेज को शीघ्र पूरा करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान उपलब्ध कराएं।

    इस अवसर पर जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल, जिलाध्यक्ष भाजपा भूपेंद्र चौहान, उप जिलाधिकारी सदर अवनीश कुमार, मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य उर्मिला सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

  • नगर पालिका परिषद का स्वच्छता ही सेवा अभियान जारी

    स्कूलों में स्वच्छता की शपथ और वार्डों में संवाद कार्यक्रम

    बिजनौर। स्वच्छता ही सेवा (एस.एच. एस.) कार्यक्रम के अन्तर्गत सोमवार 23 सितंबर 2024 को पालिका क्षेत्रान्तर्गत स्थित कन्या इण्टर कालेज में स्वच्छता शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 500 छात्राओं व अध्यापिकाओं आदि द्वारा प्रतिभाग किया गया।

    दूसरी ओर पालिका परिसर में वेस्ट-टू-वण्डर पार्क में पालिका अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह द्वारा स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। इसके अलावा विभिन्न वार्डों में स्वच्छता संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किये गए। इस दौरान स्वच्छता संदेश लिखित पम्पलेट आदि का वितरण करने के साथ-साथ स्कूल स्टाफ व छात्र-छात्राओं को गीला सूखा कूड़ा पृथक-पृथक करने की जानकारी दी गई। सभी से अपने आस-पास साफ-सफाई करने व गंदगी को रोकने की अपील भी की गई। कार्यक्रम की लाइव मॉनीटरिंग डी०सी०सी०सी० के माध्यम से शासन द्वारा की गई। उक्त कार्यक्रम पालिका अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी विकास कुमार के दिशा-निर्देशन में किया गया। इस दौरान पालिका स्टाफ से लिपिक विपिन देसाई, संदीप कुमार, नदीम अहमद खान, मौ० काशिफ लिपिक, श्रीमती सोनिका सोनिका, श्रीमती नेहा शर्मा, सईदुर्रहमान आदि उपस्थित रहे।

  • सीताराम कश्यप को मिली कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी, महामंत्री का पदभार संभालेंगे अमित कुमार, कोषाध्यक्ष बने विजेंद्र स्वरुप निगम

    संस्कार भारती अवध प्रान्त की नवीन कार्यकारणी गठित

    संस्कार भारती अवध प्रान्त की नई अध्यक्ष बनीं अनुराधा गोयल

    लखनऊ। संस्कार भारती अवध प्रान्त की नई अध्यक्ष श्रीमती अनुराधा गोयल एवं महामंत्री अमित कुमार होंगे।

    संस्कार भारती अवध प्रान्त की नई कार्यकारिणी का गठन आज रविवार 22 सितम्बर 2024 को नेता जी सुभाष चंद्र बोस महाविद्यालय अलीगंज में किया गया। उपाध्यक्ष विजय त्रिपाठी के अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पूर्व समिति का कार्यकाल पूर्ण होने पर नवीन समिति का गठन सर्वसम्मति से हुआ।

    नई कार्यकारिणी में अध्यक्ष का दायित्व श्रीमती अनुराधा गोयल को सौंपा गया जबकि कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सीताराम कश्यप निभाएंगे। इनके अलावा महामंत्री अमित कुमार व कोषाध्यक्ष पद पर विजेंद्र स्वरुप निगम का मनोनयन किया गया। बैठक केन्द्रीय अधिकारी सुभाष अग्रवाल अखिल भारती कोषाध्यक्ष की उपस्थिति में संपन्न हुई। इस अवसर पर सीतापुर, बिसवां, बहराइच, अयोध्या ,बलरामपुर, बाराबंकी, गोंडा, लखनऊ महानगर आदि जिलों से वर्तमान तथा पूर्व पदाधिकारी उपस्थित रहे।

  • शोध का विषय रहा “प्रिंट मीडिया पर पड़ने वाले नागरिक पत्रकारिता के प्रभाव”

    पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीएचडी (डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी) की उपाधि

    लखनऊ के ‘आकाश’ को पत्रकारिता में पीएचडी की उपाधि

    लखनऊ। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के 28वें दीक्षांत समारोह में लखनऊ निवासी आकाश यादव पुत्र दीन दयाल यादव, को पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीएचडी (डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी) की उपाधि प्रदान की गई। आकाश को यह उपाधि उनके शोध विषय “प्रिंट मीडिया पर पड़ने वाले नागरिक पत्रकारिता के प्रभाव” के लिए दी गई।

    अपने शोध में आकाश ने हिंदी अखबारों का गहन अध्ययन कर यह आंकलन किया कि नागरिक पत्रकारिता का प्रिंट मीडिया पर क्या प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि नागरिक पत्रकारिता न केवल समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वाह है, बल्कि यह मीडिया में समाज की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम भी है। आकाश का मानना है कि उनके शोधकार्य से भविष्य में नागरिक पत्रकारिता को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

    आकाश यादव ने लखनऊ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर किया है और 2017 में यूजीसी द्वारा आयोजित नेट परीक्षा उत्तीर्ण की। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने ‘अमर उजाला’ में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर की। इस दौरान उन्होंने पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का अनुभव प्राप्त किया और समाचारों कि बारीकीयों को समझा। इसके बाद उन्होंने ‘समृद्धि न्यूज़’ के साथ जुड़कर संपादकीय विभाग में महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारियां निभाईं।

    पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने पर आकाश ने सर्वप्रथम अपने माता-पिता का आभार व्यक्त किया और अपने शोध निर्देशक सहायक प्रोफेसर सुरेश प्रताप दीक्षित, प्रोफेसर मुकुल श्रीवास्तव, प्रोफेसर राजेश कुशवाहा, डॉक्टर सुरेंद्र यादव, डॉक्टर नितिन और आकांक्ष पटेल का भी धन्यवाद किया। आकाश ने कहा कि गुरुजनों के आशीर्वाद और परिवार के सहयोग के बिना उनका शोध सफर मुश्किल होता। जब भी किसी कठिनाई का सामना हुआ, गुरुजनों ने मार्गदर्शन किया और परिवार ने हर कदम पर साथ दिया।

  • रिजर्व पुलिस लाइन्स बिजनौर परेड ग्राउंड में किया गया आयोजन

    स्वस्थ जीवन शैली, तनाव मुक्त जीवन एवं दैनिक जीवन में योगाभ्यास का बहुत महत्व

    बिजनौर। स्वस्थ जीवन शैली, तनाव मुक्त जीवन हेतु योगा कार्यक्रम का आयोजन रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन्स बिजनौर परेड ग्राउंड में किया गया।

    योगा कार्यक्रम में मुख्य आरक्षी नागरिक पुलिस (पदोन्नत) कोर्स प्राप्त कर रहे मुख्य आरक्षी एवं रिजर्व पुलिस लाइन्स के पुलिस बल द्वारा योगाभ्यास में प्रतिभाग किया गया।

    योगा कार्यक्रम का संचालन योगी अनन्त योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा ट्रस्ट जनपद बिजनौर के डॉ. नरेन्द्र सिंह (आहार आयुर्वेदाचार्य एवं प्राकृतिक चिकित्सक), योग गुरू सोमदत्त शर्मा, आईएनओ के जिलाध्यक्ष ओपी शर्मा, संरक्षक अजय गर्ग, सदस्य प्रबोध रंजन एवं गजेन्द्र शर्मा द्वारा किया गया।

    इस दौरान पुलिस बल को स्वस्थ जीवन, योग करके तनाव मुक्त रहने तथा दैनिक जीवन में योगाभ्यास करके स्वयं को स्वस्थ रखने आदि की जानकारी दी गई। योग कार्यक्रम की थीम “बिना दवाई के अपना डॉक्टर कैसे बनें”, रखी गई।

    योगा कार्यक्रम को सकुशल सम्पन्न कराने हेतु प्रतिसार निरीक्षक रिजर्व पुलिस लाइन्स देवेन्द्र सिंह सिकरवार, उपनिरीक्षक सशस्त्र पुलिस जगदीश सिंह व राममेहर सिंह, मुख्य आरक्षी प्रमोद कुमार (लाईन मेजर) व अन्य अधिकरी / कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट द्वारा जिला कारागार में योग आसन और प्राणायाम

    बड़े भाग मानुष तन पावा। सुर दुर्गम सद्ग्रंथनि गावा।।

    बिजनौर। योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट साकेत कॉलोनी अध्यक्ष योगेश कुमार के निर्देशन में जिला कारागार में योग का कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    इस अवसर पर डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने सभी बंदियों को स्वास्थ्य लाभ के लिए आसन कराए। आसनों में ग्रीवा संचालन, ताड़ासन, वृक्षासन, पश्चिमोत्तानासन, कटी चक्रासन, उत्तानपादासन, मयूरासन, भुजंगासन, नौकासन, मर्कट आसन, प्राणायाम के अंतर्गत सूक्ष्म व्यायाम, बाह्य अभ्यंतर प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम, कपालभाति, अनुलोम विलोम चक्रों का जागरण एवं परमपिता परमात्मा का ध्यान कराया। डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने कहा कि जीवन अमूल्य है।

    उन्होंने श्री राम चरित मानस की चौपाई के माध्यम से कहा कि…
    बड़े भाग मानुष तन पावा।
    सुर दुर्गम सदग्रंथनी गावा।। अर्थात वह लोग भाग्यवान हैं जिन्होंने मानस तन पाया है। आपका बहुत कीमती समय इस जिला कारागार में व्यर्थ हो गया। आगे के जीवन के लिए कोई ऐसा कार्य न करें, जिससे इस कारागार में उन्हें आने की नौबत आए। अच्छे कर्म करें, अपने समाज के लिए कार्य करें, अपने परिवार के लिए कार्य करें, अपने राष्ट्र के लिए कार्य करें। राष्ट्र धर्म सर्वोपरि धर्म है और मानव सेवा धर्म सबसे बड़ा पुरुषार्थ। अगर परमात्मा की सेवा करनी है, तो समाज की सेवा करें, मानव की सेवा करें, मानव सेवा ही परमात्मा की सेवा है। इस अवसर पर जेलर रविंद्र नाथ, उपकारापाल अरविंद, जेल का समस्त स्टाफ एवं बंदी उपस्थित रहे।

  • छात्राओं व शिक्षकों आदि को दिलाई स्वच्छता की शपथ

    गरीब व असहाय व्यक्तियों को कपड़े, जूते-चप्पल व खिलौने आदि वितरित

    पांचवें दिन भी जारी अभियान में आमजन की भागीदारी

    बिजनौर। स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) कार्यक्रम अन्तर्गत शनिवार 21 सितंबर 2024 को पूर्वान्ह 11:00 बजे आर्य वैदिक कन्या इण्टर कॉलेज (आर्य समाज), बिजनौर में छात्राओं व शिक्षकों आदि को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में लगभग 250 विद्यार्थी व शिक्षक उपस्थित रहे।

    17 सितम्बर 2024 से शुरू होकर 02 अक्टूबर 2024 तक चलने वाले स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) अभियान के तहत रोडवेज चौराहे पर स्थित आर०आर०आर० सेंटर पर गरीब व असहाय व्यक्तियों को कपड़े, जूते-चप्पल व खिलौने आदि वितरित किये गए। इसमें आमजन ने व्यक्तिगत रुचि लेते हुए बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया तथा प्रबल सहयोग प्रदान किया।

    कार्यक्रम पालिका अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह व अधिशासी अधिकारी विकास कुमार के निर्देशन में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर डा० बीरबल सिंह वरिष्ठ समाजसेवी भाजपा, सभासदगण व सफाई एवं खाद्य निरीक्षक गोविन्द कुमार, अवर अभियन्ता (सिविल) यशवंत कुमार, पालिका स्टाफ से लिपिक विपिन देसाई, संदीप कुमार, दिलीप कुमार कर-संग्रहकर्ता आदि उपस्थित रहे।

  • यूपी से चुराकर उत्तराखंड में लगाते थे ठिकाने

    पुलिस ने दबोचे मुजफ्फरनगर, शामली और ऋषिकेश के पांच शातिर चोर

    लक्जरी कार चोर गिरोह का खुलासा

    बिजनौर। थाना कोतवाली नगर पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से एक होंडा सिटी कार, एक सेन्ट्रो कार, 03 कार कटी हुई (होन्डा सिटी, आल्टो, सेन्ट्रो), 40 स्टेपनी मय टायर, भारी मात्रा में गाड़ियों के कटे हुए पुर्जे तथा गाड़ियों के पुर्जों का कटा हुआ करीब 05 टन स्क्रेप बरामद किया गया है। चोर लग्जरी गाड़ियों को अपना निशाना बनाते थे और कबाड़ी को बेच देते थे। पकड़े गए शातिर चोर मुजफ्फरनगर, शामली और ऋषिकेश के हैं।

    एएसपी सिटी संजीव कुमार वाजपेई ने पुलिस लाइन के सभागार में अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का खुलासा करते हुए बताया कि बिजनौर नगर में पिछले काफी समय एक वाहन चोर गैंग सक्रिय था। इस गिरोह के सदस्य लग्जरी गाड़ियों को अपना निशाना बनाते थे। उन्होंने बताया कि वाहन चोरी को खुलासा करने के लिए थाना कोतवाली शहर पुलिस स्वाट / सर्विलांस टीम समेत तीन टीम लगाई गई थीं। सीसीटीवी खंगालने पर टीम को आरिफ और शमीम की पहचान हुई। इन दोनों को कोतवाली नगर पुलिस ने मंडावर मार्ग स्थित मालन नदी के पुल के पास गिरफ्तार कर लिया। इन्हीं की निशानदेही पर अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से होंडा सिटी समेत तीन कार, तीन कार कटी हुई, 40 स्टेपनी मय टायर और गाड़ियों के पार्टस बरामद किए गए हैं। बरामद होंडा सिटी रुड़की से चोरी की गई थी। 

    ऋषिकेश में बेचते थे चोरी के वाहन

    एएसपी सिटी ने बताया कि वाहन चोरी की घटनाओं को आरिफ, शमीम, इजहार और फारूख अंजाम देते थे। इसके बाद वाहनों को उत्तराखंड के ऋषिकेश में मोहसिन को 15 से 20 हजार रुपए में बेच देते थे। मोहसिन सभी वाहनों के पार्ट्स अलग-अलग कर बेच देता था। आरिफ और शमीम ने बिजनौर के बुखारा रोड से 15 सितंबर की रात सरफराज आलम की गाड़ी चुरा कर मोहसिन को बेच दिया था। पुलिस के मुताबिक होंडा सिटी गाडी के पार्ट्स की काफी मांग रहती है। इसीलिए यह होंडा सिटी आदि कारों को निशाना बनाते थे।

    ये चढ़े पुलिस के हत्थे

    पुलिस ने आरिफ निवासी मोहल्ला रहमतनगर उर्फ मक्खीनगर कस्बा व थाना कोतवाली नगर मुजफ्फरनगर, शमीम पुत्र नसीम निवासी मिमनाला रोड कुटटी मशीन वाली गली कोतवाली नगर मुजफ्फरनगर, मोहसिन निवासी गुमानी वाली गली थाना श्यामपुर ऋषिकेश देहरादून उत्तराखंड, इजहार निवासी दक्षिण सिविल लाइन तकिया अंसारियान थाना सिविल लाइन मुजफ्फरनगर और फारूख निवासी गांव खेड़ी करमू शामली को गिरफ्तार किया है।

    बरामदगी –

    एक होंडा सिटी कार, एक सेन्ट्रो कार, 03 कार कटी हुई (होन्डा सिटी, आल्टो, सेन्ट्रो), 40 स्टेपनी मय टायर, भारी मात्रा में गाडियो के कटे हुये पुर्जे तथा गाडियों के पुर्जों का कटा हुआ करीब 05 टन स्क्रेप।

  • नगर पालिका का स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) कार्यक्रम

    शिविर लगाकर 268 सफाई मित्रों का स्वास्थ्य परीक्षण

    बिजनौर। स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) मिशन के अंतर्गत सफाई मित्र सुरक्षा शिविर लगाया गया। शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 268 सफाई मित्रों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।

    शुक्रवार 20 सितंबर को पूर्वान्ह 11:00 बजे नगर पालिका परिसर में आयोजित कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग व नगरीय विकास अभिकरण (डूडा), बिजनौर द्वारा जारी जनकल्याण योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम पालिका परिषद अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह व अधिशासी अधिकारी विकास कमार के निर्देशन में सम्पन्न हुआ।

    इस अवसर पर डा० बीरबल सिंह वरिष्ठ समाजसेवी भाजपा, सभासदगण अभिषेक राणा, राजवीर सिंह, संजय विश्नोई, प्रभाकर, तुफैल अहमद, शमशाद अंसारी, अफजाल पहाड़ी, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक गोविन्द कुमार, अवर अभियन्ता (सिविल) यशवंत कुमार, पालिका स्टाफ से लिपिक विपिन देसाई लिपिक, संदीप कुमार, नदीम अहमद खान, काशिफ तथा दिलीप कुमार कर-समाहकर्ता आदि उपस्थित रहे।

    विदित हो कि राज्य मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय, राज्य मिशन निदेशालय लखनऊ के अनुपालन में दिनांक 17.09.2024 से 02.10.2024 तक स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) कार्यक्रम चलाया जा रहा है। स्वच्छता ही सेवा अभियान भारत की राष्ट्रव्यापी स्वच्छता पहल का आधार है, जिसका उद्देश्य सभी नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना है। यह अभियान, व्यापक स्वच्छ भारत मिशन का हिस्सा है, जिसे स्वच्छ भारत मिशन की दस साल की सफलता के आधार पर सात वर्षों से सक्रिय रूप से लागू किया जा रहा है।

  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश में माहेश्वरी दम्पति के तीसरी संतान होने का पहला मामला

    अपनी घटती संख्या को लेकर चिंतित है माहेश्वरी समाज

    अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी सेवा सदन पुष्कर की जननी सम्मान निधि योजना

    तीसरी संतान प्राप्ति पर शीतल माहेश्वरी का सम्मान

    बिजनौर। एक ओर जहां देश की आबादी विस्फोटक स्थिति में पहुंच गई है, वहां दूसरी ओर माहेश्वरी समाज अपनी घटती संख्या को लेकर चिंतित है। जनसंख्या वृद्धि के लिये अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी सेवा सदन पुष्कर द्वारा जननी सम्मान निधि योजना आरम्भ की गई है। इसके अन्तर्गत माहेश्वरी समाज के किसी भी दम्पति को तीसरी संतान होने पर 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

    बिजनौर शहर के निवासी अनूप कुमार माहेश्वरी व श्रीमती शीतल माहेश्वरी के यहां मई 2023 में तीसरी संतान का जन्म हुआ, जिस पर उन्हें चांदपुर में पूरी माहेश्वरी समाज की सभा में सम्मानित किया गया। इतना ही नहीं श्रीमती शीतल माहेश्वरी को चांदपुर की सभा में विशिष्ट अतिथि बनाया गया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश माहेश्वरी सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अखिल डागा ने बताया कि अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा की कार्यसमिति की बैठक में निर्णय लिया गया था कि जिस माता ने तीसरी संतान को जन्म दिया है, उनसे सामाजिक कार्यक्रमों में दीप प्रज्वलित कराकर उन्हें सम्मानित किया जाए। उन्होंने बताया कि किसी माहेश्वरी दम्पति के तीसरी संतान होने का पश्चिमी उत्तर प्रदेश का यह पहला मामला है।

  • बार संघ के नोटिस बोर्ड पर कर दें चस्पा: चेयरमैन ने भेजा यूपी के समस्त बार एसोसिएशन अध्यक्ष/मंत्री को पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भ्रामक मैसेज को लेकर हड़कंप अधिवक्ताओं के हित में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश की सजगता बार संघ के नोटिस बोर्ड पर कर दें चस्पा इलाहाबाद/लखनऊ। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश प्रयागराज द्वारा अधिवक्ताओं को आवश्यक दिशा निर्देश […]

    बार संघ के नोटिस बोर्ड पर कर दें चस्पा
  • नगर पालिका परिषद व आई०टी०सी० सुनहरा कल की संयुक्त टीम पहुंची जनता के बीच

    स्कूल स्टाफ व छात्र-छात्राओं को दी गई गीला-सूखा कूड़ा पृथक-पृथक करने की जानकारी

    स्वच्छता ही सेवा मिशन: ग्रहण कराई गई स्वच्छता की शपथ

    बिजनौर। स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) कार्यक्रम के अन्तर्गत गुरुवार 19.09.2024 को नगर पालिका परिषद की टीम व आई०टी०सी० सुनहरा कल की संयुक्त टीम द्वारा पालिका अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह व अधिशासी अधिकारी विकास कुमार के निर्देशन में वार्ड संख्या-23 नई बस्ती बी-14 में स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) के अन्तर्गत स्वच्छता की शपथ ग्रहण कराई गई।

    कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता संदेश लिखित पम्पलेट आदि का वितरण करने के साथ-साथ सेंट जॉन्स पब्लिक स्कूल स्टाफ व छात्र-छात्राओं को गीला-सूखा कूड़ा पृथक-पृथक करने की जानकारी दी गई। इसी के साथ अपने आसपास साफ-सफाई करने व गंदगी को रोकने की अपील भी की गई। इसकी लाइव मॉनीटरिंग डी०सी०सी०सी० के माध्यम से शासन द्वारा की गई।

    कार्यक्रम पालिका अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह व अधिशासी अधिकारी विकास कुमार के दिशा-निर्देशन में संपन्न हुआ।इस दौरान पालिका स्टाफ से लिपिक विपिन देसाई, संदीप कुमार आदि के अलावा आई०टी०सी० सुनहरा कल के क्लस्टर सुपरवाईजर ललित कुमार व अन्य वार्डवासी उपस्थित रहे।

    गौरतलब है कि राज्य मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय, राज्य मिशन निदेशालय लखनऊ के निर्देशानुसार स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) कार्यक्रम 17 सितंबर 2024 से शुरू किया गया है जो 02 अक्टूबर 2024 तक चलाया जाएगा।

  • जुलूस, प्रदर्शन के बाद दिव्यांगजनों ने किया कलेक्ट्रेट का घेराव

    विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे दिव्यांगजन

    हीनभावना से देखते हैं पुलिस और सरकारी अधिकारी: पाशा

    बिजनौर। राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन के बैनर तले विभिन्न मांगों को लेकर दिव्यांगजन सड़कों पर उतर आए। उन्होंने जुलूस, प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस दौरान जिलाध्यक्ष ने पुलिस और सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली पर जमकर प्रहार किए।

    इससे पहले राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन की बैठक बुधवार को गन्ना समिति बिजनौर में आयोजित की गई। अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष एमआर पाशा तथा संचालन जिला उपाध्यक्ष मास्टर साकिर व जीवन अग्रवाल ने संयुक्त रूप से किया। गन्ना समिति से दिव्यांगजन जुलूस प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे तथा डीएम कार्यालय का घेराव किया।मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के नाम ज्ञापन जिलाधिकारी बिजनौर को ज्ञापन सौंपा।

    इस अवसर पर राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एमआर पाशा ने कहा उत्तर प्रदेश में दिव्यांगों की संख्या दो करोड़ तथा पूरे भारतवर्ष में 11 करोड़ है। जिला बिजनौर में दिव्यांगजन संख्या 40 हजार से अधिक हैं, लेकिन दिव्यांगों के लिए कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसलिए दिव्यांगजनों ने अपनी समस्त मांगों को लेकर डीएम कार्यालय का घेराव किया तथा धरना दिया जा रहा है।

    राष्ट्रीय अध्यक्ष एमआर पाशा ने आरोप लगाया कि हर सोमवार को सीएमओ कार्यालय पर दिव्यांग बोर्ड लगता है। वहां पर पांच-सात व्यक्ति गिरोह बनाकर कर्मचारियों से मिले हुए हैं और वहां जमकर दिव्यांगजनों से दलाली करते हैं। वे कहते हैं कि आपकी परसेंटेज बनवा देंगे, पेंशन बनवा देंगे आदि लालच देकर उनसे हजारों रुपए ले लेते हैं। वहां पर दलाली तुरंत रुकवाई जाए और दलालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। दिव्यांगजनों का सरकारी कार्यालयों और पुलिस विभाग में बहुत उत्पीड़न होता है। सभी सरकारी अधिकारी व पुलिस विभाग दिव्यांगजनों को हीन भावना की नजरों से देखते हैं। दिव्यांग जनों के साथ इतना अन्याय क्यों ? इनको क्यों हीनभावना की नजरों से देखा जाता है ? इनको क्यों सम्मान नहीं मिलता ? उन्होंने दिव्यांगजनों को समस्त सरकारी कार्यालयों में सम्मान देने की मांग की। राष्ट्रीय अध्यक्ष एमआर पाशा ने कहा कि डूडा विभाग तीसरी मंजिल पर है, जहां पर दिव्यांगजन नहीं जा सकता और इस कारण डूडा विभाग में प्रचलित योजना का लाभ नहीं ले पाता। इसलिए डूडा विभाग नीचे शिफ्ट किया जाए। इसी तरह चांदपुर तहसील में एसडीएम कार्यालय दूसरी मंजिल पर है, जहां पर दिव्यांगजन नहीं जा सकता। इसलिए एसडीएम कार्यालय नीचे शिफ्ट किया जाए। यह भी कहा कि मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत दिव्यांग जनों के आवास बनने थे लेकिन पात्रों के आवास नहीं बन पा रहे हैं। आरोप लगाया कि अपात्र के आवास बन रहे हैं क्योंकि ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी अपात्रों से 25 से तीस हजार रुपए ले रहे हैं। गरीब पात्र दिव्यांगजन रिश्वत नहीं दे सकता, इसलिए उनके आवास नहीं बन पा रहे हैं। उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारियों तथा ग्राम प्रधानों के खिलाफ कार्रवाई कर पात्र दिव्यांग जनों के मुख्यमंत्री आवास बनवाने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार देने तथा ऋण देने की मांग की। इस दौरान जिला अध्यक्ष मोहम्मद खालिद, युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मास्टर एजाज अहमद, ब्लॉक अध्यक्ष विनीत कुमार, शहजाद गोविंदपुर वाले वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, जिला सचिव इकबाल उस्मानी, सुशील आदि मौजूद रहे।

  • नुमाइश में होने वाले मुशायरे की सभी तैयारियां पूर्ण

    मुशायरे में देश के जाने माने शायर सुनाएंगे कलाम

    बिजनौर। जिला कृषि औद्योगिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी में 19 सितम्बर को होने वाले ऑल इंडिया मुशायरे की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। मुशायरा रात्रि ठीक 8 बजे शुरू हो जाएगा। यह जानकारी देते हुए मुशायरा कन्वीनर वरिष्ठ पत्रकार मरगूब रहमानी व आरिफ गांधी ने बताया कि मुशायरे के मुख्य अतिथि सांसद चन्दन चौहान होंगे। मुशायरे की शमा रौशन नगर पालिका की चेयरपर्सन श्रीमती इंदिरा सिंह और सदारत डा. बीरबल सिंह करेंगे।

    कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पूर्व सांसद मुंशीराम पाल, सांध्य दैनिक चिंगारी के संपादक डॉ. सूर्यमणि रघुवंशी, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रवीण सिंह देशवाल, वरिष्ठ नेता नीरज चौधरी, साइम राजा व हमायूँ बेग हैं। मुशायरे में देश के जाने माने शायर डा. नवाज़ देवबंदी, अबरार काशिफ, महशर आफरीदी, मणिका दुबे, इक़बाल अशहर, नदीम शाद, हाशिम फ़िरोज़ाबादी, शकील जमाली, अल्ताफ जिया, शाहिद अंजुम, हिमांशी बाबरा, कलीम समर, सज्जाद झंझट, राहुल शर्मा, खुर्शीद हैदर, खुर्रम सुलतान व महनाज़ आदि तशरीफ ला रहे हैं। मुशायरे की निजामत प्रसिद्ध शायर नदीम खुर्रम करेंगे। कार्यक्रम के अध्यक्ष सीनियर सभासद जुल्फिकार बेग उर्फ बेबी, श्रीमती अफसाना व श्रीमती बानो हैं।

  • स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) कार्यक्रम

    घर-घर जाकर जनसाधारण को किया स्वच्छता के प्रति जागरूक

    बिजनौर। स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) कार्यक्रम के अन्तर्गत आज दिनांक 18.09.2024 को पालिका टीम द्वारा जनभागीदारी हेतु डोर-टू-डोर स्वच्छता संबंधित जनजागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान घर-घर जाकर जनसाधारण को स्वच्छता के प्रति सजग सजग करने के साथ ही बिजनौर को स्वच्छ व सुन्दर बनाने हेतु भागीदारी करने के लिए अपील की गई।

    इसके अलावा स्वच्छता संदेश लिखित पम्पलेट आदि का वितरण करने के साथ-साथ गीला-सूखा कूड़ा पृथक-पृथक कर पालिका वाहनों को उपलब्ध कराने हेतु जागरूक किया गया। इसकी लाइव मॉनीटरिंग डी०सी०सी०सी० के माध्यम से शासन द्वारा की गयी। उक्त कार्यक्रम पालिका अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह व अधिशासी अधिकारी विकास कुमार के दिशा-निर्देशन में किया गया। इस दौरान राजवीर सभासद, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक गोविन्द कुमार, अवर अभियन्ता (सिविल) यशवंत कुमार, पालिका स्टाफ में लिपिक विपिन देसाई, संदीप कुमार आदि व अन्य वार्डवासी उपस्थित रहे।

  • चेयरमैन ने भेजा यूपी के समस्त बार एसोसिएशन अध्यक्ष/मंत्री को पत्र

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भ्रामक मैसेज को लेकर हड़कंप

    अधिवक्ताओं के हित में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश की सजगता

    बार संघ के नोटिस बोर्ड पर कर दें चस्पा

    इलाहाबाद/लखनऊ। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश प्रयागराज द्वारा अधिवक्ताओं को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किया गया है कि जो अधिवक्ता अपना पंजीकरण करा चुके हैं और उन्होंने अपने सी ओ पी को प्राप्त नहीं किया है तो ऐसी स्थिति में वे अधिवक्ता बंधु कोर्ट कैंपस में केवल काली टाई ही पहनने के हकदार हैं। वह काली कोट या बैण्ड को नहीं पहनेंगे। अगर कोट और बैंड पहने हुए पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध कार्यवाही बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश द्वारा की जा सकती है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस मैसेज को लेकर असमंजस की स्थिति तो उत्पन्न हुई ही है, हड़कंप भी मचा हुआ है।

    इस संबंध में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश प्रयागराज के चेयरमैन शिव कुमार गौड़ ने उत्तर प्रदेश के समस्त बार एसोसिएशन अध्यक्ष/मंत्री को पत्र भेजा है। पत्र में कहा, मेरे संज्ञान में आया है कि कुछ अधिवक्ताओं द्वारा उक्त भ्रामक मैसेज सोशल मीडिया के माध्यम से वायरल किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि चूंकि बार काउंसिल ऑफ इण्डिया द्वारा नए पंजीकृत अधिवक्ताओं को 02 वर्ष के अन्दर 04 बार AIBE परीक्षा देने की व्यवस्था की गयी है। इस बीच में 02 वर्ष तक ऐसे सभी अधिवक्ता वकालत का व्यवसाय कर सकते हैं। अतः उपरोक्त प्रकार का कोई प्रतिबंध असंवैधानिक है।

    साथ ही उन्होंने समस्त अधिवक्ताओं को यह भी निर्देशित किया है कि ऐसे अधिवक्ता जो इस प्रकार का भ्रामक मैसेज वायरल कर रहे हैं, की पहचान होने पर तुरन्त बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को सूचित करें, ताकि उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जा सके। साथ ही साथ यह भी निर्देशित किया है कि यदि किसी बार संघ द्वारा इस प्रकार का कोई आदेश पारित किया गया है तो उसे अविलम्ब वापस ले लें। उपरोक्त भ्रामक संदेश के परिप्रेक्ष्य में सभी अध्यक्ष/मंत्री को निर्देशित किया है कि इस प्रकार का कोई भी आदेश पारित नहीं करेंगे तथा मेरा यह पत्र बार संघ के नोटिस बोर्ड पर अधिवक्ताओं के सूचनार्थ चस्पा करना सुनिश्चित करें।

  • मिशन स्वच्छता ही सेवा:

    बाइक रैली निकाली, सफाई मित्र सुरक्षा शिविर

    बिजनौर। स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) कार्यक्रम के अन्तर्गत आज मंगलवार दिनांक 17.09.2024 को प्रातः 8:00 बजे बाइक रैली का आयोजन किया गया। शुभारम्भ नगर पालिका परिषद के सामने से चेयरपर्सन श्रीमती इन्दिरा सिंह ने हरी झंडी दिखाकर किया। बाइक रैली में लगभग 100 बाइक पर 200 व्यक्त्ति शामिल हुए।

    सफाई मित्र सुरक्षा शिविर में 270 का स्वास्थ्य परीक्षण

    इसके बाद पूर्वान्ह 11:00 बजे स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) कार्यक्रम के ही अन्तर्गत पालिका परिसर में सफाई मित्र सुरक्षा शिविर लगाया गया। शिविर में लगभग 270 सफाई मित्रों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा की गई। शिविर में समाज कल्याण विभाग व नगरीय विकास अभिकरण (डूडा), बिजनौर द्वारा जारी जनकल्याण योजनाओं की जानकारी दी गई।

    350 सफाई मित्रों को दो जोड़े वर्दी का वितरण

    ऐजाज अली हॉल बिजनौर में पालिका अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह द्वारा स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.) की शपथ दिलाई गई और अंत में 350 सफाई मित्रों को दो जोड़े वर्दी का वितरण किया गया।

    समस्त कार्यक्रम पालिका अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह की अध्यक्षता में आयोजित किए गए। इस दौरान अधिशासी अधिकारी विकास कुमार, डा० बीरबल सिंह वरिष्ठ समाजसेवी भाजपा, सभासद अभिषेक राणा, राजवीर, तुफैल अहमद, शमशाद अंसारी, अफजाल पहाड़ी, संजय विश्नोई, दीपक गर्ग उर्फ मोनू, प्रभाकर आदि के अलावा सफाई एवं खाद्य निरीक्षक गोविन्द कुमार, अवर अभियन्ता (सिविल) यशवंत कुमार, राजस्व निरीक्षक ऋषिपाल सिंह, पालिका के लिपिक स्टाफ से विपिन देसाई, संदीप कुमार, नदीम अहमद खान, काशिफ एवं दिलीप कुमार कर-समाहकर्ता आदि उपस्थित रहे।

    02 अक्तूबर तक चलेगा स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) कार्यक्रम:

    गौरतलब है कि राष्ट्रीय मिशन निदेशक, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र संख्या-13/7/2024- एस०बी०एम०-IV, दिनांक 28.08.2024 के क्रम में जारी राज्य मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय, राज्य मिशन निदेशालय लखनऊ के पत्र दिनांकित 10 सितम्बर, 2024 के द्वारा दिनांक 17.09.2024 से 02.10.2024 तक स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) कार्यक्रम चलाया जाना प्रस्तावित है।

  • मेरठ के शारदा एक्सपोर्ट के घर-फैक्ट्री में कई टीम ने डाली रेड

    दुनिया के 7 से ज्यादा देशों में होती है कालीन सप्लाई

    मशहूर कालीन कारोबारी के घर प्रतिष्ठानों पर ईडी का छापा

    लखनऊ। मेरठ के मशहूर कालीन कारोबारी के यहां मंगलवार सुबह ईडी ने छापा डाला। साकेत में मेरठ के नामचीन उद्यमी शारदा एक्सपोर्ट्स के मालिक के घर के अलावा फैक्ट्री आदि संस्थानों में मंगलवार सुबह अचानक ईडी की टीम ने छापा मारा।

    शारदा एक्सपोर्ट्स के मालिक जितेंद्र गुप्ता कॉरपेट के बड़े कारोबारी हैं। इनका साकेत में घर और परतापुर रिठानी में फैक्ट्री है। फैक्ट्री में बड़े स्तर पर कालीन बनाए जाते हैं। शारदा एक्सपोर्ट से देश विदेश में कालीन सप्लाई होती है। इसके अलावा रेलवे रोड बर्फ खाने में बर्फ की फैक्ट्री और आलू कोल्ड स्टोर है।

    शारदा एक्सपोर्ट्स के मालिक जितेंद्र गुप्ता दुनिया के 7 से ज्यादा देशों में कालीन सप्लाई करते हैं। ईडी की अलग अलग टीम ने जितेंद्र गुप्ता के साकेत स्थित घर, परतापुर रिठानी में उनकी कॉरपेट फैक्ट्री, रेलवे रोड बर्फखाने में आइस फैक्ट्री और आलू कोल्ड स्टोर में रेड डाली। सीओ सिविल लाइन अभिषेक कुमार के अनुसार टीम की सभी गाड़ियां और अधिकारी अंदर ही हैं। समाचार लिखे जाने तक ऑफिसर दस्तावेज खंगालने में जुटे हैं।

    बड़े समाजसेवियों के रूप में है पहचान

    बताया गया है कि जितेंद्र गुप्ता के दो बेटे हैं, जो ज्यादातर विदेश में रहते हैं। जितेंद्र गुप्ता स्वच्छ भारत अभियान समिति के सदस्य हैं और 2014 में प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान में 9 रत्नों में शामिल थे। इन्होंने मेरठ के ग्रामीण इलाकों में 4 हजार से ज्यादा शौचालय नि:शुल्क अपने खर्चे से बनवाए हैं। भारत सरकार के लिए लगभग एक करोड़ रुपए खर्च कर चुके हैं। साथ ही 20 से ज्यादा आरओ प्लांट गांवों में लगवा चुके हैं। प्रधानमंत्री ने जितेंद्र गुप्ता से स्वच्छता प्रहरी के रूप में मुलाकात भी की। वहीं प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने जितेंद्र गुप्ता को उनके उत्कृष्ट समाजिक कार्यों के लिए 2 अक्टूबर 2019 में स्वच्छता ही सेवा सम्मान के लिए लखनऊ में सम्मानित किया।

  • पितृ पक्ष में मुहूर्त के अनुसार कर सकते हैं खरीदारी

    …लेकिन मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए

    पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का महापर्व है पितृ पक्ष पं. ललित शर्मा

    पितृ पक्ष को पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का महापर्व माना जाता है। यह जानकारी देते हुए सिविल लाइन बिजनौर स्थित धार्मिक संस्थान विष्णुलोक के ज्योतिषविद् पण्डित ललित शर्मा ने बताया कि इस बार पंचांग के अनुसार, पितृ पक्ष की शुरुआत 17 सितंबर 2024 से हो कर समापन 02 अक्टूबर को होगा।

    उन्होंने बताया कि श्राद्ध पक्ष को लेकर लोगों में यह धारणा बनी हुई है कि यह अशुभ समय होता है। इस दौरान कोई नई चीज नहीं खरीदनी चाहिए। इन दिनों नई चीज खरीदने से पितृ नाराज होते हैं। ऐसी भी मान्यता है कि पितृ पक्ष में खरीदी गई चीजें पितरों को समर्पित होती हैं, जिसका उपयोग करना अनुचित है। परन्तु शास्त्रों में कहीं भी इस प्रकार का उल्लेख नहीं मिलता है कि पितृ पक्ष में खरीदारी नहीं करनी चाहिए। पितृपक्ष में खरीदारी करने में कोई विघ्न नहीं होता, बल्कि पितरों के आशीर्वाद की प्राप्ति होती है। पितृ पक्ष में मुहूर्त के अनुसार खरीदारी कर सकते हैं। शास्त्रों के अनुसार पितृ-पक्ष सौभाग्य को जागृत करने वाला महापर्व होता है क्योंकि ये दिन पितरों को समर्पित होते हैं और उनके लिए धार्मिक अनुष्ठान, तर्पण, पिंडदान इत्यादि किए जाते हैं। परन्तु पितृ-पक्ष में मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृहप्रवेश, नया व्यवसाय शुरु करने से बचना चाहिए।

    पितृ-पक्ष में श्राद्ध तर्पण के कुछ निर्देश –

    1. पितृ-पक्ष में तामसिक भोजन, मांसाहार और मद्यपान से बचना चाहिए।
    2. क्रोध से दूर रहना चाहिए।
    3. गाय, कुत्ते और कौवे के लिए भोजन निकालना चाहिए।

    श्राद्ध के द्वारा प्रसन्न हुए पितृगण मनुष्यों को पुत्र, धन, विद्या, आयु, आरोग्य तथा अलौकिक सुख आदि प्रदान करते हैं। पितरों के प्रति श्रद्धा भाव से कृतज्ञता प्रकट करने का दिन श्राद्ध है। पूरी श्रद्धा के साथ अपने पितरों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का दिन है।

  • ऐतिहासिक होगा 18 सितंबर का धरना प्रदर्शन: एमआर पाशा

    बिजनौर। राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष व स्वीप आइकॉन ब्रांड एम्बेसडर सामान्य लोकसभा चुनाव 2024 एमआर पाशा ने सोमवार को कैंप कार्यालय बूढ़नपुर में संगठन की मीटिंग को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बिजनौर में 18 सितंबर को धरना प्रदर्शन ऐतिहासिक होगा। अधिक से अधिक संख्या में सभी दिव्यांगजन, बुजुर्ग, विधवाएं, गरीब वर्ग पहुंचे। नुमाइश ग्राउंड के सामने इकट्ठा होकर गन्ना समिति में बैठक करके डीएम साहब के ऑफिस का घेराव किया जाएगा और वहीं पर धरना दिया जाएगा जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होगी तब तक हम नहीं हटेंगे चाहे धरना लंबा चले, हम हर तरह से तैयार हैं, जब तक शासन हमारी मांगे नहीं मान लेता, तब तक हम हटने वाले नहीं है। उन्होंने सभी सम्मानित साथियों से अनुरोध किया कि अधिक से अधिक संख्या में 18 सितंबर को नुमाइश ग्राउंड के सामने एकत्रित हों। उसके बाद गन्ना समिति में बैठक होगी। बैठक के बाद डीएम साहब को ज्ञापन दिया जाएगा। इसलिए अधिक से अधिक संख्या में बिजनौर पहुंचने का कष्ट करें नुमाइश ग्राउंड के सामने और उसके बाद गन्ना समिति बिजनौर।

  • बरेली लिट्रेचर फाउंडेशन ने कराया गजल महोत्सव का आयोजन

    कवियों, शायरों ने देर शाम तक समां बांधे रखा

    बरेली। बरेली लिट्रेचर फाउंडेशन के तत्वावधान से स्थानीय जवाहर पैलेस में एक शानदार ग़ज़ल महोत्सव का आयोजन शायर आरिश हाफ़ी के संयोजन में किया गया। कार्यक्रम की सदारत मशहूर शायरा सिया सचदेव ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इनवर्टिस यूनिवर्सिटी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर पार्थ गौतम रहे।

    विशिष्ट अतिथिगण बरेली के मशहूर शायर आशु मिश्रा, अहमद अज़ीम, गीतकार उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट, मध्यम सक्सेना, दिल्ली से पधारे शायर शकील बरेलवी, खटीमा उत्तराखंड के शायर अली हैदर, बदायूं की कवयित्री अनुकृति सोलंकी एवं शायर मुसारिफ़ हुसैन मंसूरी रहे। इन्होंने अपनी गजलों के रंग में मंच को रंग दिया सभी कवि/ शायरों ने इस ग़ज़ल महोत्सव को बेहतरीन शायरी एवं कविताओं से एक नया मोड़ प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन अली शारिक ने किया। गजल महोत्सव में देश के कोने-कोने से आए सभी शायरों ने अपने बेहतरीन कलाम प्रस्तुत किए और देर शाम तक समां बांधे रखा। महफ़िल को सजाने में मोहम्मद अरबाज, एवरन राजपूत, रफील खान एवं शेख इमरान हाशमी का विशेष सहयोग रहा। अंत में संयोजक / संस्थापक आरिश हाफी ने सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

  • हर संघर्ष में सदेव एक दूसरे का साथ देंगे दोनों संगठन

    भाकियू (अराजनीतिक) के प्रदर्शन को व्यापारी एकता परिषद का समर्थन

    बिजनौर। भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के 19 सितंबर को होने वाले प्रदर्शन में व्यापारी भी अपनी भागीदारी निभायेंगे। व्यापारी एकता परिषद ने किसान आंदोलन को समर्थन दिया है।

    व्यापारी एकता परिषद ओर से महामंत्री देवेश चौधरी और जिला उपाध्यक्ष इंद्रदेव सिंह सोमवार सुबह भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के कैंप कार्यालय पहुंचे। वहां युवा विंग प्रदेश अध्यक्ष को व्यापारी एकता परिषद का समर्थन पत्र देते हुए कहा कि 19 सितंबर को जिला कलेक्ट्रेट पर होने वाले आंदोलन केवल किसानों के लिए नहीं है, बल्कि हर वर्ग को प्रभावित करने वाली समस्याओं के खिलाफ यह आंदोलन है। जनपद के प्रत्येक वर्ग से आने वाले लोगों को इस आंदोलन में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। देवेश चौधरी ने कहा कि हमारा संगठन प्रदर्शन में शामिल होने वाले सभी किसानों का स्वागत करेगा। उन्होंने कहा कि किसानों की अनेक समस्याएं अपनी हैं, लेकिन इस बार किसान संगठन ने जो समस्याएं उठाई हैं वह प्रत्येक नागरिक की समस्या है। कोरोना काल की फीस वापस का मुद्दा हो अथवा भ्रष्टाचार का विषय हो, यह आम जनमानस से जुड़ा विषय है। इसलिए किसानों का सहयोग हर वर्ग के लोगों को करना चाहिए। उसी क्रम में व्यापारी एकता परिषद अग्रिम पंक्ति में खड़ा होकर किसानों का सहयोग करेगा और बिजनौर आने वाले किसानों के लिए जलपान की व्यवस्था भी व्यापारियों की ओर से रहेगी। इस संघर्ष में व्यापारी एकता परिषद कंधे से कंधा मिलाकर किसानों के साथ रहेगा। चौ. दिगंबर सिंह ने व्यापारी नेताओं को भरोसा दिलाया कि जिस प्रकार किसान के साथ व्यापारी खड़ा है, उसी प्रकार व्यापारियों के उत्पीड़न के खिलाफ किसान खड़ा रहेगा। केवल किसान ही नहीं बल्कि व्यापारी और आम जनमानस को प्रभावित करने वाले प्रत्येक मुद्दे को लेकर भाकियू (अराजनीतिक) भविष्य में भी आंदोलन करती रहेगी।

  • मेरठ की जाकिर कॉलोनी में हुआ भयानक दर्दनाक हादसा

    मकान ढहने से मरने वालों की संख्या दस पर पहुंची

    मेरठ। जाकिर कॉलोनी में कल तीन मंजिला मकान ढहने से मरने वालों की संख्या 10 पर पहुंच गई है।

    गौरतलब है कि शनिवार को जाकिर कॉलोनी में तीन मंजिला मकान ढहने से पूरा परिवार उसमें दब गया था। मलबा हटाकर लोगों को निकालने का काम पूरी रात चलता रहा। छह लोग की पहले ही मौत हो गई थी। अब मृतक संख्या बढ़कर दस पर पहुंच गई है। मरने वालों में महिलाओं और बच्चों समेत दो पुरुष भी शामिल हैं। इनके अलावा कई पशु भी मलबे में दब कर मारे गए हैं। बचाव कार्य समाचार लिखे जाने तक जारी है। घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

    मृतकों की पहचान साजिद (40), पुत्री सानिया (15), पुत्र साकिब (11), सिमरा (डेढ़ वर्ष), रीजा (सात), नफ्फो (63), फरहाना (20), अलीशा (18), आलिया (छह) और रिम्सा (पांच माह) के रूप में की गई है। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल पांच लोगों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    इससे पहले, राज्य के राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से सुबह जारी एक बयान में कहा गया था, ‘‘मकान के अचानक ढहने से मलबे में 15 लोग दब गए। अब तक कुल 13 लोगों को मलबे से निकाला जा चुका है, जिनमें से आठ की मौत हो गई, पांच घायलों को लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। शेष को मलबे से निकालने का प्रयास जारी है।’’
    अधिकारियों ने बताया कि यह घटना शनिवार शाम को हुई, जिसकी जानकारी तत्काल आपात सेवाओं को दी गई। बचाव अभियान की निगरानी के लिए मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) डीके ठाकुर, मंडलायुक्त सेल्वा कुमारी जे, पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) नचिकेता झा और वरिष्‍ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. विपिन ताडा समेत वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल, दमकल विभाग और पुलिस की टीम मलबे से लोगों को निकालने का प्रयास कर रही है। शनिवार शाम से शुरू हुआ राहत और बचाव कार्य रविवार को भी जारी है।

  • जरूरत पड़ी तो आन्दोलन से नहीं हटेंगे पीछे

    खाद्य विभाग कर रहा है व्यापारियों का उत्पीड़न: राहुल वर्मा

    बिजनौर/गंज। पिछले कुछ समय से खाद्य विभाग ने व्यापारियों का बहुत अधिक उत्पीड़न कर रखा है। यह बात सैनी धर्मशाला गंज में आयोजित व्यापारी एकता परिषद (रजि.) की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष राहुल वर्मा ने कही। उन्होंने कहा कि ये शिकायत जिले के प्रभारी/ राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल से भी कर दी गई है।

    बैठक को सम्बोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष राहुल वर्मा ने कहा कि प्रभारी/ राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने आश्वासन दिया है कि किसी भी व्यापारी का कोई विभाग उत्पीड़न करता है तो उसे सरकार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। श्री वर्मा ने कहा कि व्यापारी का उत्पीड़न रोकने के लिए अगर संगठन को आन्दोलन भी करना पड़ा तो कार्यकर्ता पीछे नहीं हटेंगे।

    इस दौरान प्रदेश महामंत्री देवेश चौधरी ने कहा कि व्यापारी एकता परिषद का हर एक सदस्य व्यापारियों की लड़ाई लड़ रहा है। उनके संगठन का मुख्य उद्देश्य ही व्यापारी की सुरक्षा और सम्मान है। अगर व्यापारी के सम्मान और अधिकार के लिए किसी से भी आरपार की लड़ाई लड़नी पड़ी तो भी व्यापारी पीछे नहीं हटेगा। जिला महामंत्री प्रशांत चौधरी ने कहा कि किराना व्यापारी अपने दुकानों के फूड लाइसेंस बनवाएं, बाट माप सर्टिफिकेट रखें  अगर व्यापारियों के सभी काग़ज़ पूरे होंगे तभी हम उनकी लड़ाई लड़ सकते हैं।

    इस मौके पर संगठन की प्रदेश कोषाध्यक्ष राजीव वर्मा  ने नगर कार्यकारिणी का गठन करते हुए कल्याण सिंह व सुमेर सिंह को मुख्य संरक्षक, राकेश कुमार को नगर अध्यक्ष, ओमपाल सिंह को नगर महामंत्री, मूलचंद सिंह को उपाध्यक्ष, सोनू कुमार नगर मंत्री, वीर सिंह उपाध्यक्ष, सोनू प्रजापति नगर मंत्री, तिलक राम उपाध्यक्ष, अभय कुमार व शेर सिंह को जिला उपाध्यक्ष, रविन्द्र सैनी व जीशान अहमद नगर संगठन मंत्री मनोनीत किया। बैठक में जिला उपाध्यक्ष इंद्रदेव सिंह, विकास धीमान, सोम सैनी आदि व्यापारी उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान कल्याण सिंह सैनी तथा संचालन गोपाल धीमान एवं प्रशांत चौधरी ने संयुक्त रूप से किया।

  • तथाकथित प्रबन्धक की मनमर्जी से चल रहा है पूरा खेल

    मुख्यमंत्री से की गई शिकायत का भी कोई असर नहीं

    चहेतों को कर लिया मदरसे में भर्ती!

    बिजनौर। शासन द्वारा मान्यता प्राप्त अनुदानित मदरसा मिफ़्ताह उल उलूम, चान्दपुर बिजनौर प्रबन्ध समिति के तथाकथित प्रबन्धक की मनमर्जी से चल रहा है। मुख्यमंत्री से की गई शिकायत का भी कोई असर नहीं होता दिख रहा।

    मदरसा मिफ़्ताह उल उलूम, चान्दपुर (बिजनौर) के पूर्व उप सचिव/उप प्रबन्धक इफ्तेखार अहमद ने प्रदेश के मुख्यमन्त्री को दी बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज, मिफ्ताह उल उलूम, चान्दपुर, बिजनौर / मदरसा मिफ्ताह उल उलूम, कराल रोड, चान्दपुर, जिला- बिजनौर, की प्रबन्ध समिति के तथाकथित प्रबन्धक मौ० जीशान द्वारा फर्जी विज्ञापन प्रकाशित कर शासन के आदेशों के विपरीत पुनः की जा रही अवैद्य नियुक्तियों को निरस्त करने के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें बताया गया कि मदरसा मिफ्ताह उल उलूम, कराल रोड, चान्दपुर जिला बिजनौर शासन द्वारा मान्यता प्राप्त अनुदानित मदरसा है। इसका संचालन सोसायटी बायलॉज एवं शासन द्वारा निर्गत नियमावली / संशोधित नियमावली 2016 के दिशा निर्देशों के अनुसार होता है। इस के वर्तमान में तथाकथित एवं विवादित प्रबन्धक मौ० जीशान, जिनकी प्रबन्ध समिति से सम्बन्धित वाद माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में याचिका संख्या 10898/2022 के अन्तर्गत लम्बित एवं विचाराधीन है। तथाकथित प्रबन्धक मौ० जीशान द्वारा सभी नियमों एवं नियमावली में अंकित दिशा निर्देशों का उल्लंघन करते हुए वर्ष 2022 में अनेक पदों पर उपर्युक्त संस्था / मदरसे में फर्जी तरीके से नियुक्ति करके अधिकारियों से सांठ-गांठ कर अनुमोदन प्राप्त कर लिया गया था तथा उक्त सभी की गई फर्जी नियुक्तियों पर विभाग द्वारा वेतन आहरित करा रहे हैं।उक्त सम्बन्ध में द्वारा शासन एवं उच्च अधिकारियों को निरन्तर शिकायत की जाती रही हैं। इस सम्बन्ध में रजिस्ट्रार / निरीक्षक, उ०प्र० मदरसा शिक्षा परिषद, लखनऊ द्वारा अपने कार्यालय पत्रांक 577/ म०शि०प०-नि०-अनु०दि०नि० / 2022-23, दिनांक: 30 मई 2022 द्वारा अवगत कराया गया था, कि यदि किसी संस्था/ मदरसे की प्रबन्ध समिति का विवाद किसी मा० न्यायालय / माननीय उच्च न्यायालय में लम्बित / विचाराधीन है, तो नियुक्ति प्रक्रिया प्रारम्भ नहीं की जा सकती, जब तक उक्त वाद माननीय न्यायालय से निस्तारित ना हो जाए। आरोप है कि पूर्व में की गई शिकायतों का कोई निस्तारण इतना समय बीत जाने पर अद्यतन नहीं किया गया। फर्जी नियुक्तियों के आधार पर मदरसे के अनेक अध्यापक एवं क्लर्क नियम विरूद्ध विभाग से विधि विरूद्ध वेतन आहरित करते चले आ रहे हैं।

    गौरतलब है कि रजिस्ट्रार/निरीक्षक, उ०प्र० मदरसा शिक्षा परिषद, 704, जवाहर भवन, लखनऊ ने प्रदेश के समस्त जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को 30 मई, 2022 में पत्र भेजा था। इसमें जनपद स्थित राज्यानुदानित मदरसों में रिक्त / रिक्त होने वाले पदों पर नियुक्ति किए जाने के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश संसूचित किए गए थे। कहा गया कि 01. पद मूल रूप से सक्षम स्तर से सृजित हो, 02. मदरसा प्रबन्ध समिति सक्षम स्तर से पंजीकृत / अनुमोदित हो, 03. मदरसा प्रबंध समिति अविवादित हो और किसी न्यायालय में कोई मामला लम्बित न हो। चयन / नियुक्ति के समय प्रबन्ध समिति की पंजीकृत सूची सक्षम स्तर से निर्गत की गई हो, 04. पद विवाद रहित हो। ऐसे पद पर नियुक्ति न की जाए, जिन पदों पर नियुक्ति की गई हो और किसी कारणवश पद/नियुक्त शिक्षक का विवाद न्यायालय / उच्च न्यायालय / उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन हो, 05. नियुक्ति तब तक न की जाए जब तक पद का विवाद न्यायालय द्वारा अन्तिम रूप से निस्तारित न कर दिया जाए। इसके अलावा यह भी कहा गया कि मदरसा प्रबन्ध तंत्र के विवादित होने अथवा प्रबन्ध समिति के किसी पद के विवाद को गोपन करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया सम्पन्न कर ली जाती है और सक्षम स्तर से समिति की सूची पंजीकृत न होने की शिकायत प्राप्त होती है। तथ्य प्रकाश में आने के उपरान्त न्यायालय में याद की स्थिति उत्पन्न होती है, जिससे विभाग को विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जो उचित नहीं है। इस आशय का निर्देश समस्त जनपद स्थित राज्यानुदानित मदरसों को दे दिया जाए तथा नियुक्ति / चयन का प्रस्ताव प्राप्त करते समय शपथपत्र भी प्राप्त कर लिया जाए। कहा गया कि उ०प्र० अशासकीय अरबी और फारसी मदरसा मान्यता प्रशासन एवं सेवा विनियमावली 2016 की सुसंगत धाराओं में निहित व्यवस्थान्तर्गत मदरसों से नियुक्ति विषयक प्राप्त होने वाले प्रस्तावों का परीक्षण उपरोक्त बिन्दुओं को सम्मिलित करते हुए अनुमोदन हेतु प्रस्ताव रजिस्ट्रार / निरीक्षक जगमोहन सिंह को स्पष्ट संस्तुति के साथ ही उपलब्ध कराया जाए।

    शाह टाइम्स में फर्जी विज्ञापन!

  • हल्दौर नगर कार्यकारिणी का गठन

    मनोज वर्मा मुख्य संरक्षक लक्ष्मी कांत बने नगर अध्यक्ष

    बर्दाश्त नहीं किया जाएगा व्यापारी का उत्पीड़न: राहुल वर्मा

    बिजनौर। व्यापारी एकता परिषद की बैठक हल्दौर के मुख्य बाजार मे संपन्न हुई। बैठक में हल्दौर नगर कार्यकारिणी का गठन के साथ ही संगठन के विस्तार पर जोर दिया गया। संचालन जिला महामंत्री प्रशांत चौधरी ने तथा अध्यक्षता वरिष्ठ व्यापारी मनोज वर्मा (बॉबी ज्वेलर्स) ने की। मुख्य वक्ता के रूप में प्रदेश अध्यक्ष राहुल वर्मा तथा जिला मंत्री विकास विश्वकर्मा, जिला मंत्री राहुल राणा उपस्थित रहे।

    इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष राहुल वर्मा ने कहा कि किसी भी रूप में व्यापारी का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रोजाना किसी ना किसी विभाग के द्वारा व्यापारी का उत्पीड़न किया जाता है। कभी पन्नी के नाम पर, कभी फूड सैंपलिंग के नाम पर, कभी बाट माप तो कभी जीएसटी के नाम पर! लेकिन अब किसी भी व्यापारी का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जायगा। संगठन का पूरा प्रतिनिधिमंडल हर समय व्यापारियों की समस्याओं के लिए उपस्थित रहेगा। अगर आवश्यकता पड़ी तो धरना प्रदर्शन आंदोलन करने के लिए  भी तैयार रहेगा। संगठन का मुख्य उद्देश्य केवल व्यापारी की सुरक्षा से है।

    व्यापारी MLC भी बनाए सरकार: प्रशांत चौधरी

    जिला महामंत्री प्रशांत चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को व्यापारियों की सुरक्षा हेतु जल्द ही व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन करना चाहिए। उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा शिक्षक विधायक MLC की तर्ज़ पर व्यापारी MLC भी सरकार द्वारा बनाए जाने चाहिए। प्रशांत चौधरी ने कहा कि आगामी महीनों में कई त्योहार आने वाले हैं। कई विभागों के द्वारा जांच के नाम पर उत्पीड़न अब बंद किया जाना चाहिए, जिससे व्यापारी अपना व्यापार अच्छे से कर सके।

    हल्दौर नगर कार्यकारिणी का गठन

    बैठक में प्रदेश अध्यक्ष ने वरिष्ठ व्यापारी मनोज वर्मा (बॉबी ज्वेलर्स) को मुख्य संरक्षक एवं डॉ. लक्ष्मीकांत को नगर अध्यक्ष मनोनीत किया। इनके अलावा सतीश वर्मा नगर संरक्षक, विनीत कुमार एवं गौरव रस्तोगी नगर उपाध्यक्ष, विमल कुमार एवं मनीष कुमार नगर मंत्री, प्रमोद कुमार नगर संगठन मंत्री, कपिल वालिया नगर महामंत्री, आशीष रस्तोगी, अनूप अग्रवाल एवं अरविंद रस्तोगी नगर उपाध्यक्ष, अंकुश रस्तोगी, आकाश रस्तोगी मनोनीत किए गए।

  • मुझ से पूछे बिना प्लॉट पर गए क्यों, बोले कोतवाल साहब!

    उस पर तुर्रा ये कि… कप्तान से कह के कर क्या लिया

    पुलिस के खेल निराले: पीड़ित का ही कर दिया चालान !

    पीड़ित तेजपाल सिंह

    बिजनौर। पुलिस के भी खेल निराले हैं। यदि आदमी पहुंच वाला नहीं है तो उसके साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता है। कम से कम हालिया मामला तो यही साबित कर रहा है। उस पर तुर्रा ये भी है कोतवाल साहब कहते हैं कि पुलिस कप्तान से कह के कर क्या लिया? कुल मिलाकर हुआ यूं कि अपने ही प्लॉट पर चिनाई कराने वाले का तो शांति भंग की धाराओं में चालान कर दिया और उस पर हमलावरों को बाइज्जत बरी कर दिया गया।

    बताया गया है कि तहसील चांदपुर के ग्राम केलनपुर निवासी तेजपाल सिंह ने बिजनौर थाना कोतवाली शहर अंतर्गत ग्राम रशीदपुर गढ़ी (बाहर चक्कर रोड) में एक प्लॉट खरीदा। तेजपाल सिंह ने यह प्लॉट गांव अहमदपुर चंदर उर्फ गड़ाना वाले राहुल से 04 दिसंबर 2017 को खरीदा था।

    रविवार सुबह उसने वहां चिनाई का काम शुरू कराया। तभी छत्रपाल सिंह और उसकी पुत्री प्रियंका अपने साथियों सहित वहां पहुंच गए। इन लोगों ने निर्माणाधीन बाउंड्री वॉल को गिरा दिया। पथराव किया और उसके साथ मारपीट की। सूचना पर पहुंची थाना कोतवाली शहर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को उठाकर अपने साथ थाने ले गई। आरोप है कि पुलिस ने हमलावर छत्रपाल सिंह और प्रियंका को तो छोड़ दिया लेकिन तेजपाल सिंह का शांति भंग की धाराओं में चालान कर दिया।

    एसडीएम कोर्ट से जमानत कराने के बाद तेजपाल सिंह ने बताया कि इस मामले को लेकर उसने सीओ सिटी और पुलिस अधीक्षक तक से शिकायत की थी। एसपी अभिषेक झा ने जांच सीओ सिटी संग्राम सिंह को सौंप दी थी। इसी बीच यह वाकया हो गया। तेजपाल सिंह के अनुसार कोतवाल साहब कहते हैं कि पुलिस कप्तान से कह के कर क्या लिया? इस मामले को लेकर सीओ सिटी और शहर कोतवाल का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी।

  • अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर सरस काव्य संध्या

    छोटे बच्चे हमने देखे, मजदूरी कर समय बिताते, कोई बर्तन साफ कर रहा, कोई देखा जूठन खाते।।

    बरेली। कवि गोष्ठी आयोजन समिति के तत्वावधान में स्थानीय इंदिरा नगर में सुकवि हरिकांत मिश्र ‘चातक’ के संयोजन में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर सरस काव्य संध्या का आयोजन किया गया। अध्यक्षता साहित्यकार रणधीर प्रसाद गौड़ ‘धीर’ ने की। मुख्य अतिथि विनय सागर जायसवाल एवं विशिष्ट अतिथि सुभाष रावत राहत बरेलवी रहे। संचालन राज शुक्ल गजल राज ने किया।

    कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
    गीतकार उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट ने अपना  गीत इस प्रकार प्रस्तुत किया – कई चले अभियान यहाँ पर, हुई सर्व शिक्षा भी कैसी।। कागज पर चल रहे आँकड़े, नहीं रही वह ऐसी- वैसी।। छोटे बच्चे हमने देखे, मजदूरी कर समय बिताते, कोई बर्तन साफ कर रहा, कोई देखा जूठन खाते।।

    संयोजक कवि हरिकांत मिश्र चातक ने अपनी व्यंग्य कविता इस प्रकार प्रस्तुत की – मेरी बीवी थी अनपढ़ और गंवार
    मेरा दोस्त आया बोला, भाभी जी नमस्कार
    वह बोली देवर जी यह कौन सी है कार
    मेरी बीवी थी अनपढ़ और गंवार।

    सरस काव्य संध्या में कवियों ने अपनी एक से बढ़कर एक रचनाओं के माध्यम से साक्षरता दर बढ़ाने पर जोर दिया।
    कार्यक्रम में संस्था के सचिव उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट, दीपक मुखर्जी दीप, श्रीकांत मिश्रा, पवन अंचल, विनीत सक्सेना, राम कुमार कोली, डॉ अखिलेश गुप्ता, राम प्रकाश सिंह ओज, अश्वनी कुमार तन्हा, डॉ. राजेश शर्मा ककरेली, उमेश अद्भुत, अभिषेक अग्निहोत्री, राज कुमार अग्रवाल, मनोज सक्सेना मनोज, रीतेश साहनी रमेश रंजन एवं मनोज कुमार आदि उपस्थित रहे।

  • विश्व फ़िज़ियोथेरेपी दिवस पर विशेष

    तनाव कम करने में भी मददगार है यह थेरेपी

    जटिल शारीरिक समस्याओं का समाधान फ़िज़ियोथेरेपी: ऊषा बंसल

    विश्व भौतिक चिकित्सा परिषद ने 1996 में 8 सितंबर को विश्व भौतिक चिकित्सा दिवस के रूप में घोषित किया। WCPT वर्तमान में विश्व फिजियोथेरेपी के रूप में जाना जाता है।

    वर्ल्ड कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ फ़िज़ियोथेरेपी (WCPT) ने वर्ष 1996 में, 08 सितंबर को विश्व PT दिवस के रूप में घोषित किया (इसे अब वर्ल्ड फ़िज़ियोथेरेपी के नाम से जाना जाता है)। इसी दिन 1951 में विश्व फ़िज़ियोथेरेपी की स्थापना हुई थी। यह दिन वैश्विक फ़िज़ियोथेरेपी समुदाय की एकता और एकजुटता का प्रतीक है। हर साल, दुनिया 8 सितंबर को विश्व भौतिक चिकित्सा दिवस मनाती है।

    श्रीमती ऊषा बंसल वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट

    उक्त जानकारी देते हुए जिला बिजनौर की जानी मानी फिजियोथेरेपिस्ट ऊषा बंसल ने बताया कि यह दिन दुनिया भर के फिजियोथेरेपिस्ट्स के लिए एक मंच प्रदान करता है। इससे उनकी संबंधित भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलती है। फिजियोलॉजी का उद्देश्य मरीजों की बीमारियां, बीमारी और स्वास्थ्य को बहाल करना, संरक्षित करना है। फिजियोथेरेपिस्ट आपको; आपके उपचार में शामिल करते हैं। फिजियोप्लास्टी यह सुनिश्चित करने में मदद करती है कि व्यक्तिगत सक्रियता और सुगमता बनी रहे। विश्व फिजियोथेरेपी सदस्य अपने वैज्ञानिकों को इस विशेषज्ञ को लोकप्रिय बनाने और उनकी क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं। यह विश्व पीटी दिवस पर ध्यान केन्द्रित करके ऐसा बताता है।

    जिला बिजनौर की वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट श्रीमती ऊषा बंसल ने बताया कि फिजियोथेरेपी सिर्फ दर्द ही नहीं बल्कि शारीरिक जटिलताओं को दूर करने के साथ ही तनाव कम करने में मददगार है। यह थेरेपी दवाओं की निर्भरता कम करने का भी काम करती है।

    फिजियोथेरेपी कराने वालों की संख्या बढ़ी

    इसे जागरूकता ही कहेंगे कि जिला बिजनौर में समय के साथ न सिर्फ फिजियोथेरेपी कराने वालों की तादाद बढ़ी, बल्कि फिजियोथेरेपिस्ट की संख्या भी बढ़ गई है। जिला मुख्यालय पर कुछ साल पहले तक जिला अस्पताल के अलावा तीन या चार ही निजी फिजियोथेरेपी सेंटर थे, लेकिन आज यह संख्या करीब 19 से अधिक पहुंच चुकी है। पहले तहसील स्तर पर निजी सेंटर नहीं थे, लेकिन आज पांचों तहसील पर इसके लिए निजी सेंटर खुल चुके हैं। जिला अस्पताल में यूं तो फिजियोथेरेपी की सुविधा करीब 12 साल से है, लेकिन पहले जानकारी के अभाव में इसका लाभ उठाने बहुत कम ही लोग पहुंचते थे। वर्ष 2014 से फिजियोथेरेपिस्ट के पद पर तैनात मुकेश कुमार के अनुसार पहले दिन में दो या तीन मरीज ही आते थे, लेकिन अब संख्या काफी बढ़ गई है। एक व्यक्ति की फिजियोथेरेपी में करीब 40 मिनट लग जाते हैं। फिलहाल यहां रोजाना 25 से 30 मरीजों की  फिजियोथेरेपी हो रही है।

    ~ वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट ऊषा बंसल 075058 43705

  • मुलायम इडली बनाने के टिप्स ~ शालिनी सक्सेना (शैली) 1. मुलायम इडली बनाने के लिए इसका घोल तैयार करते समय कभी भी बासमती चावल का इस्तेमाल न करें। बेहतर होगा कि आप ‘इसके लिए इडली राइस या पारबॉइल्ड राइस (उसना चावल) का उपयोग करें। मध्यम या छोटे दाने वाले चावल घोल बनाने के लिए इस्तेमाल […]

    मुलायम इडली बनाने के टिप्स
  • घायल इलेक्ट्रीशियन को अस्पताल में कराया गया भर्ती

    भीख न देने पर भिखारी ने घोंप दिया चाकू

    बिजनाैर। भीख न देने पर भिखारी ने इलेक्ट्रीशियन के पेट में चाकू घोंप दिया। घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने भिखारी पर मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

    किसी भिखारी को भीख देने से मना करने से पहले हजार बार सोचना पड़ेगा। वजह ये है कि अब भीख मांगने में भी जबरदस्ती होने लगी है। बिजनौर की नई बस्ती में हुई आज की घटना तो यही साबित कर रही है। दरअसल नई बस्ती में शनिवार को एक भिखारी भीख मांग रहा था। बताया जाता है कि इलेक्ट्रीशियन नईम (45) पुत्र रईस ने भीख देने से मना कर दिया। इसके बाद वह नईम के पड़ोस वाले घर में भीख मांगने लगा। उस घर में भी महिला ने भीख नहीं दी। इस पर भिखारी महिला से भीख देने के लिए जबरदस्ती करने लगा। दोनों में बहस होते देख नईम भी वहां पहुंच गया। नईम ने भिखारी को डांट दिया। गुस्साए भिखारी ने गाली गलौज शुरू कर दी। गाली देने से मना करने पर भिखारी ने जेब से चाकू निकाला और नईम के पेट पर वार कर दिया। शोर शराबा सुनकर आसपास के लोग एकत्र हो गए। पुलिस को सूचना दी गई और घायल नईम को अस्पताल में भर्ती कराया गया।भिखारी की शिनाख्त नसीर अहमद पुत्र गुलाम मौहम्मद निवासी बसी थाना किरतपुर के रुप में हुई है। शहर कोतवाल उदय प्रताप ने बताया कि आरोपी भिखारी को हिरासत में ले लिया गया है। उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

  • नई सोशल मीडिया पॉलिसी में कई झोल, खोल रहे पोल

    योगी सरकार के जयचंद बना रहे योजनाएं

    सबका साथ! बड़ों का विकास और छोटों का विनाश ?

    यूपी में कैसे होंगे छोटे क्रिएटर्स प्रोत्साहित https://youtu.be/AWJxl_zJTbA

    नई सोशल मीडिया नीति बनाते समय कई बातों की अनदेखी
    https://wp.me/pcjbvZ-9uF

    सीएम योगी की सलाहकार टीम में कुछ जयचंद हैं! यह हम वैसे ही नहीं कह रहे बल्कि आपको सुबूत के साथ बताएंगे! (link खोलकर वीडियो देखिए)। सलाहकार टीम में शामिल जयचंद ऐसे नीतियां बना रहे हैं, जिससे योगी की छवि आमजन के बीच खराब हो जाए और उनकी मोदी से दूरी बढ़ जाए।

    पीएम मोदी जी का नारा ‘सबका साथ सबका विकास है, वहीं योगी के जयचंद सलाहकारों ने जो नई सोशल मीडिया पॉलिसी बनाई है, जिसमें “सबका साथ बड़ों का विकास” को प्राथमिकता दी गई है। जयचंद ने नई पॉलिसी को योगी से सोशल मीडिया के छोटे क्रिएटर्स को नाराज करने के उद्देश्य से बनाया, वहीं मोदी जी के उस नारे के विपरीत भी है, जिसमें सबका साथ सबका विकास की गारंटी दी गई है।
    इस पॉलिसी से जहां योगी से सोशल मीडिया के छोटे क्रिएटर्स नाराज होंगे, वहीं मोदी जी की भी दूरी योगी से बढ़ती जाएगी। सीएम योगी जी की सलाहकार टीम में शामिल जयचंद ने कांवड़ यात्रा के दौरान भी उनको एक सलाह दी थी। इसके तहत कांवड़ यात्रा मार्ग पर संचालित प्रत्येक ढाबा व दुकान संचालक को अपना नाम लिखना आदेश जारी कर दिया गया, जिस पर बाद में कोर्ट ने रोक लगा दी थी। इस मामले में योगी जी को विपक्ष की आलोचना भी सहनी पड़ी थी।

    सीएम योगी की छवि को खराब करना उद्देश्य

    सीएम योगी की छवि को खराब करने के लिए सलाहकार टीम में शामिल जयचंद ऐसी योजना बनाते हैं जो देखने में तो जनहित की दिखाई देती है और उसके फायदे भी गिनवा देते हैं लेकिन वास्तव में वह सीएम योगी की छवि को खराब करने के उद्देश्य से नीति बनाते हैं। नई सोशल मीडिया पॉलिसी लागू करना वास्तव में योगी सरकार की एक ऐतिहासिक पहल है लेकिन इस नीति में जयचंद की कारस्तानियों की बू आ रही है। जयचंद ने बड़ी होशियारी से नई सोशल मीडिया पॉलिसी में ऐसे प्रतिबंधों को लगाया है, जिससे सोशल मीडिया के छोटे क्रिएटर्स लाभ न ले सकें बल्कि मात्र बड़ों को लाभ मिल सके। वह भी ऐसे बड़ों को, जिनके फालोवर्स और सब्सक्राइबर्स कम से कम एक एक लाख हैं लेकिन उनके वीडियो और पोस्टों को देखने व लाइक करने वाले नाम मात्र ही है। सोशल मीडिया पॉलिसी बनाने वालों ने योगी को बताया कि इस नीति से सोशल मीडिया के छोटे क्रिएटर्स को लाभ मिलेगा और वह सरकार के साथ जुड़ जाएंगे। आपको यह कहने का भी मौका मिलेगा कि हम छोटे का ध्यान रखते हैं, उनके उत्थान के लिए नई-नई नीतियां बना रहे हैं।

    योगी जी बताइए किसको प्रोत्साहन?

    हम सोशल मीडिया के बड़े क्रिएटर्स के विरोध में नहीं हैं, बल्कि हम यह चाहते हैं कि सरकार की नीति के तहत छोटे क्रिएटर्स को भी प्रोत्साहित किया जाए। जैसा कि कहा गया है कि यह योजना सोशल मीडिया के छोटे क्रिएटर्स को प्रोत्साहित करने के लिए बनाई गई है। योगी जी आप बता सकते हैं इस योजना के तहत छोटे क्रिएटर्स कैसे प्रोत्साहित हो रहे हैं?
    इस योजना को उदाहरण से समझिए। सोशल मीडिया के अजय क्रिएटर्स के एक हजार सब्सक्राइबर्स है, लेकिन उसकी वीडियो को देखने वालों का एवरेज बीस हजार व्यूज है, जो लाइक व कमेंट भी करते हैं। वहीं सोशल मीडिया के राजेश क्रिएटर्स के एक लाख सब्सक्राइबर्स हैं, लेकिन उसकी वीडियो को देखने वालों का एवरेज दस हजार व्यूज है, लाइक व शेयर करने वाले भी कम हैं।
    यूपी सरकार की पॉलिसी के तहत राजेश को पैसा मिलेगा, अजय को नहीं, जबकि अजय को पैसा मिलना चाहिए राजेश को नहीं। अजय की पोस्ट को देखने व लाइक करने वाले अधिक हैं जबकि राजेश की पोस्ट को देखने वाले व लाइक करने वाले कम हैं। सोशल मीडिया में सब्सक्राइबर्स से अधिक व्यूज, लाइक और कमेंट पर ध्यान दिया जाता है।
    यूट्यूब संचालक एक हजार सब्सक्राइबर और 03 लाख व्यूज पूरे होने पर क्रिएटर्स को विज्ञापन जारी कर देते हैं, अर्थात पैसा देना शुरू कर देते हैं। योगी के जयचंद ने एक लाख सब्सक्राइबर्स का प्रतिबंध छोटों को नहीं बड़े क्रिएटर्स को लाभ देने के लिए लगाया है।
    योगी सरकार और उनके सलाहकार वास्तव में अगर छोटे क्रिएटर्स को प्रोत्साहित करना चाहते हैं तो उन्हें ऐसे छोटे क्रिएटर्स को चुनना होगा जो यूट्यूब की नीति के तहत एक हजार सब्सक्राइबर पूरे कर चुके हैं लेकिन वह तीन माह में तीन लाख न्यूज़ पूरे करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
    मेरे विचार से जो योगी समर्थक व क्रिएटर्स सहमत हैं, वह इस वीडियो, पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर व लाइक करें तथा उनके मन में अगर कोई विचार है तो कमेंट बॉक्स में लिखकर या वीडियो के माध्यम से व्यक्त कर सकते हैं ताकि छोटे क्रिएटर्स की आवाज सरकार तक पहुंच सके और योगी जी को जयचंद से मुक्ति मिल सके।

    ~ वरिष्ठ पत्रकार योगेन्द्र सिंह
    (यूट्यूबर्स @yesnews1)

  • बिजनौर और मंडावर में श्रद्धालुओं ने चढ़ाया प्रसाद

    बूढ़े बाबा के प्राचीन मंदिर पर लगा श्रद्धालुओं का जमावड़ा

    बिजनौर। बूढ़े बाबा के प्राचीन मंदिर में आज दूसरे दिन श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहा। रोडवेज चौराहे के समीप स्थित बूढ़े बाबा के प्राचीन मंदिर पर प्रात: से ही श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहा। श्रद्धालुओं ने प्रसाद चढ़ाकर प्रार्थना की।

    श्रद्धालु सुबह 5 बजे से ही मंदिर परिसर में आने शुरू हो गए थे तथा प्रसाद चढ़कर अपने परिवार के लिए मन्नत मांगी। श्रद्धालु सुबह से ही अपने परिवार के साथ मंदिर पर पहुंचने शुरू हो गए थे। वहीं डाकखाना चौराहा ओर से आने वाले जाम को यातायात पुलिस द्वारा डायवर्ट किया जा रहा था। यातायात को डाइवर्ट कर दिए जाने से रोडवेज चौराहे पर जाम की स्थिति नहीं रही। पुलिस की सतर्कता के चलते शरारती तत्व व जेबकतरे आसपास फटक नहीं पाए।

    वहीं मंडावर क्षेत्र गांव शाहबाजपुर केलावाला आदर्श विद्या निकेतन इंटर कॉलेज गेट के पास प्राचीन बुड्ढे वाले बाबा का मंदिर पर मेला लगा। भाद्रपद के शुक्ल पक्ष तिथि दोयज में प्राचीन बुड्ढे वाले बाबा के मंदिर पर मंडावर क्षेत्र के सभी गांव से लोग आकर प्रसाद दादफूल और पूड़े का प्रसाद भी चढ़ाते हैं। यह एक प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर के पास मेले का आयोजन किया जाता है। दूर-दूर से आए दुकानदार 2 दिन पहले से ही अपनी दुकान इस मेले में लगाते हैं। यह मेला तीन दिन तक चलता है। हजारों की तादाद में ग्रामीण इस मेले में आते हैं। मेले में मंडावर पुलिस भी अपनी ड्यूटी देती है ताकि कोई भी उत्पात ना हो सके और मेला शांतिपूर्ण संभव हो सके। मंडावर थाना प्रभारी ने बताया कि मेले में पुलिस सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मेले में उत्पात मचाने वाले को बख्शा नहीं जाएगा, सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • इस्लामनगर में घर के अंदर से गाय को खींच ले गया बाघ

    घटना के बाद से लोगों में भय का माहौल, क्रोध भी चरम पर

    बाघ ने एक हफ्ते में तीसरी गाय को बनाया निवाला

    बिजनौर/कालागढ़। जनपद बिजनौर में इस वक्त वन्य जीव के आतंक से भय का माहौल कायम है। आए दिन बाघ और गुलदार के हमले की घटना प्रकाश में आ रही है। ताजा मामला कालागढ़ से सामने आया है, जहां बाघ ने घर में घुसकर एक गाय को अपना निवाला बना लिया।

    जानकारी के अनुसार कालागढ़ के नजदीक इस्लामनगर ग्राम पंचायत के हाजी रईस की गाय को एक बाघ ने मार दिया। रईस ने बताया कि रात को किसी वक्त बाघ ने आंगन में बंधी गाय को मार डाला। उन्होंने बताया कि बाघ गाय को गन्ने के खेत में ले गया मारकर मार कर आधा खा लिया। बाघ के हमले की सूचना आग की तरह फैल गई। सुबह सवेरे से ही हाजी रईस के खेत पर लोगों का जमावड़ा लग गया। घटना को देखकर लोगों क्रोधित हो उठे।

    गौरतलब है कि पिछले काफी समय से कालागढ़ के परिक्षेत्र में बाघ सक्रिय हैं। रात की जगह दिन में ही बाघ को कई बार अलग अलग जगह पर देखा जा चुका है। इस बाबत वन विभाग को एक पत्र लिखकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई थी। इसको वन विभाग की उदासीनता कहें या लापरवाही जिसका नतीजा यह हुआ कि बाघ ने एक गाय को बीती रात अपना निवाला बना लिया। इस सप्ताह में बाघ की यह तीसरी घटना है। इससे पहले हेड़िया बस्ती से दो गायों को अपना निवाला बना चुका है। घटना की सूचना मिलने पर इस्लामनगर ग्राम पंचायत के प्रधान गितेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए और घटना की कागजी कार्रवाई कर वन विभाग को पत्र लिखा। घटना के बाद से लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से बाघ को यहां से रेस्क्यू कराने की मांग की है।

  • सिर्फ 15 मिनट में काम करना शुरू कर देगी दवा की एक बूंद

    चश्मा हटा देगा यह आईड्रॉप! जानें क्या है PresVu

    मात्र साढ़े तीन सौ रुपए में चश्मा हटा देगा ये आईड्रॉप

    मुंबई की एक फार्मा कंपनी ने ऐसा आईड्रॉप डेवलप किया है, जो चश्मा हटाने में मददगार साबित हो सकता है। इस आई ड्राप को भारत की ड्रग रेगुलेटरी एजेंसी ने अप्रूव कर दिया है और यह प्रेसबायोपिया, जो 40 पार के लोगों में होती है, के इलाज में मददगार होगा।

    मुंबई (एजेंसी)। चश्मा लगाने वाले लाखों करोड़ों लोगों के लिए खुशखबरी है। मुंबई की एक फार्मा कंपनी ने आईड्रॉप डेवलप किया है जो चश्मा हटाने में मददगार साबित होगी। आईड्रॉप को भारत की ड्रग रेगुलेटरी एजेंसी DGCI ने अप्रूव कर दी है। प्रेसबायोपिया, 40 पार लोगों में होता है। समस्या बढ़ती उम्र के लोगों में होती है और उम्र के साथ बढ़ती जाती है।

    क्या होता है प्रेसबायोपिया?

    प्रेसबायोपिया (Presbyopia) आंखों की समस्या है जो उम्र के साथ होती है। 40 के बाद उम्र में लोगों को कुछ पढ़ने में कठिनाई होती है। आंखों को नजदीक देखने में दिक्कत होती है। दरअसल, प्रेसबायोपिया का मुख्य कारण आंख के लेंस की लचीलापन (Flexibility) में कमी है। जब हम युवा होते हैं तो हमारी आंख का लेंस नरम और लचीला होता है, जिससे यह आसानी से आकार बदल सकता है और विभिन्न दूरियों पर फोकस कर सकता है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ लेंस धीरे-धीरे कठोर और कम लचीला हो जाता है, जिससे नजदीकी चीजों पर नजर केंद्रित करना मुश्किल हो जाता है।

    Entod फार्मा को मिला अप्रूवल

    Entod फार्मास्युटिकल्स को भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल की ओर से अप्रवूल मिल गया है। मैन्युफैक्चरर ने आईड्रॉप के पेटेंट के लिए आवेदन कर दिया है। इस आईड्राप की मदद से रीडिंग ग्लासेस यानी पढ़ने वाला चश्मा हटाया जा सकता है। Entod फार्मा के सीईओ निखिल के. मसूरकर ने बताया कि यह देश का पहला आईड्रॉप है, जो रीडिंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले चश्मा का इस्तेमाल खत्म कर देगा। प्रेसवू (PresVu) आईड्रॉप लाखों लोगों के लिए मददगार साबित होगा।

    6 घंटे तक बढ़ी रहेगी आंखों की रौशनी

    एन्टोड फार्मास्यूटिकल्स के सीईओ निखिल के. मसूरकर ने कहा कि दवा की एक बूंद सिर्फ 15 मिनट में काम करना शुरू कर देती है और इसका असर अगले छह घंटों तक रहता है। अगर पहली बूंद के तीन से छह घंटे के भीतर दूसरी बूंद भी डाली जाए, तो असर और भी लंबे समय तक रहेगा। बताया कि, “अब तक, धुंधली, पास की नजर के लिए पढ़ने के चश्मे, कॉन्टैक्ट लेंस या कुछ शल्य चिकित्सा को छोड़कर कोई दवा-आधारित समाधान नहीं था.”

    कब आएगा बाजार में और कीमत

    Entod के सीईओ ने बताया कि प्रेसवू (PresVu) नाम का यह आईड्रॉप बाजार में इस साल अक्टूबर में आ जाएगा। इसकी कीमत 350 रुपए रखी गई है। यह देश भर की फार्मेंसी पर उपलब्ध होगा। इसे वैश्विक बाजार में भी लांच किया जाएगा।

  • अचानक जल स्तर बढ़ने से भंवर में पलट गई नाव

    गंगा में डूबे तीन ग्रामीण, दो लापता, तलाश में जुटे गोताखोर

    (अपडेट के लिए इसी लिंक को चैक करते रहिए)

    गंगा में डूबे तीन लोगों में से सही सलामत बचे ग्राम काजीवाला के यूसुफ

    बिजनौर। मंडावर थाना क्षेत्र के ग्राम रावली में गंगा पार से नाव पर सवार होकर लौटते तीन ग्रामीण अचानक भंवर में फंसकर गहरे पानी में डूब गए। इनमें से एक अच्छा तैराक होने के कारण किसी प्रकार बच निकलने में कामयाब हो गया। मंगलवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे की इस दुर्घटना के शिकार दो अन्य समाचार लिखे जाने तक लापता हैं। मौके पर पहुंची पुलिस गोताखोरों की मदद से डूबे हुए लोगों की तलाश में जुटी हुई है।

    मंडावर थाना क्षेत्र के ग्राम काजीवाला और सेवारामपुर के तीन ग्रामीण रावली में गंगा पार से नाव पर सवार होकर लौट रहे थे। इसी बीच जल स्तर बढ़ने लगा और नाव डगमगाई। नाव सवार तीनों ग्रामीण अचानक भंवर में फंसकर गहरे पानी में डूब गए। इनमें से एक अच्छा तैराक होने के कारण किसी प्रकार बच निकलने में कामयाब हो गया। दुर्घटना मंगलवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे की बताई जा रही है। 

    गंगा में डूबे तीन लोगों में से सही सलामत बचे ग्राम काजीवाला के यूसुफ ने बताया कि सेवारामपुर निवासी शमशाद और शमून गहरे पानी में डूब गए। नाव डूबने की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से डूबे हुए दो लोगों की तलाश में जुटी हुई है।

    दरअसल बिजनौर के गंगा किनारे बसे कई गांव के लोग प्रतिदिन नाव के सहारे गंगा के उस पार खेती करने और अपने पशुओं के लिए चारा लेने जाते हैं। पहले भी कई बार पानी अधिक होने अथवा अचानक जल स्तर बढ़ने के चलते ऐसे हादसे हो चुके हैं।

  • अपात्र क्रिएटर्स को लाभ मिलेगा, छोटे क्रिएटर्स रह जायेंगे वंचित

    सोशल मीडिया पर फालोवर्स और सब्सक्राइबर्स के साथ व्यूज़ भी महत्वपूर्ण

    नई सोशल मीडिया पॉलिसी बनाते समय कई बातों की अनदेखी

    ~ वरिष्ठ पत्रकार योगेन्द्र सिंह यूट्यूबर्स @yesnews1

    बिजनौर। योगी सरकार की नई सोशल मीडिया पॉलिसी से जहां अपात्र क्रिएटर्स को लाभ मिलेगा, वहीं ऐसे छोटे क्रिएटर्स जो बिना किसी लालच के सरकार की नीतियों का प्रचार प्रसार कर रहे थे, उन्हें लाभ नहीं मिलेगा।

    नई सोशल मीडिया पॉलिसी बनाते समय कई बातों पर ध्यान नहीं रखा गया। नई सोशल मीडिया नीति में सिर्फ सब्सक्राइबर और फॉलोअर्स पर ध्यान दिया गया है इसे ही लाभ देने का पात्रता बनाया गया है जबकि सब्सक्राइबर्स और फालोवर्स के साथ व्यूज की पात्रता निश्चित होनी चाहिए थी, जो नहीं की गई है। सोशल मीडिया पर फालोवर्स और सब्सक्राइबर्स के साथ व्यूज़ महत्वपूर्ण है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे बहुत सारे चैनल हैं, जिनके फालोवर्स और सब्सक्राइबर्स तो काफी है लेकिन उनके चैनल पर राजनीतिक व सरकारी योजनाओ की पोस्ट व वीडियो को देखने वाले नहीं है अर्थात व्यूज नहीं है। इसी प्रकार फालोवर्स तो बहुत हैं लेकिन उनके आर्टिकल और वीडियो को देखने व लाइक करने वाले नाम मात्र हैं। सोशल मीडिया पॉलिसी के तहत व्यूज को पात्रता में शामिल नहीं किया गया, जिससे अपात्र क्रिएटर्स को लाभ मिलेगा और पात्र लाभ से वंचित रह जाएंगे। व्यूज के अतिरिक्त सरकार को पॉलिसी में ऐसे क्रिएटर्स को भी शामिल करना चाहिए, जिन्होंने बिना किसी लालच के सरकार की नीतियों का प्रचार प्रसार किया है। क्रिएटर्स को सूचीबद्ध करने से पूर्व उनकी पोस्टों और वीडियो के व्यूज का अवलोकन करना चाहिए तभी उन्हें सूचीबद्ध कर लाभ दिया जाए।

    सरकार का कहना है कि छोटे क्रिएटर्स को प्रोत्साहित करने के लिए यह योजना बनाई गई है। इस योजना से छोटे क्रिएटर्स को लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि उन्हें लाभ मिलेगा, जिन्हें पहले से ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म संचालक और उद्योगपति लाभ दे रहे हैं। सरकार के सबका साथ सबका विकास नारे का यह सोशल मीडिया नीति मखौल उड़ा रही है। सरकार को अपनी नई सोशल मीडिया नीति पर पुनः विचार करना होगा, तभी सरकार की मंशा पूर्ण हो पाएगी। उदाहरण के तौर पर मान लीजिए यूट्यूब पर सिलाई कढ़ाई का एक चैनल है, जो सिलाई कढ़ाई में रुचि रखते हैं, वही उसे सब्सक्राइब करेंगे। अगर उस चैनल पर कोई राजनीतिक व सरकारी योजना से संबंधित पोस्ट या वीडियो डाल दिया जाए तो उसके सब्सक्राइबर उसे नहीं देखेंगे। तो फिर सरकार को सब्सक्राइबर से क्या फायदा होगा सरकार को ऐसे क्रिएटर्स को प्रोत्साहित करना चाहिए, जो सरकार की योजनाओं और राजनीतिक पोस्ट व वीडियो डालते हैं। अगर वह अपने चैनल पर सरकार की किसी नीति का वीडियो या पोस्ट डालते हैं तो उसके सब्सक्राइबर उसे देखेंगे और लाईक व कमेन्ट भी करेंगे। नई नीति में जनपदवार क्रिएटर सूचीबद्ध किए जाएं, ताकि हर जिले के क्रिएटर को लाभ मिल सके। प्रोत्साहन राशि चाहे कम कर दी जाए लेकिन लाभ सबको मिलना चाहिए। इससे हर जिले की समस्याएं भी सरकार के पास आसानी से पहुंच पाएंगी। मेरे विचार से जो क्रिएटर्स सहमत है वह वीडियो को अधिक से अधिक शेयर व लाईक करें, ताकि योगी सरकार तक हमारी बात पहुंच सके। छोटे क्रिएटर से मेरा अनुरोध है कि आपके मन में अगर कोई विचार हो तो कमेंट करके अवश्य बताएं, ताकि मैं उस पर भी वीडियो बना कर आपकी आवाज को योगी सरकार के कानों तक पहुंचा सकूं। नई सोशल मीडिया नीति से संबंधित वीडियो का लिंक डिस्क्रिप्शन में दिया गया है।

  • फाइनल रिपोर्ट लगाने के एवज में मांगी थी रकम

    भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज

    20 हजार रुपए रिश्वत लेते चौकी इंचार्ज गिरफ्तार

    लखनऊ। विजिलेंस की टीम ने पारा थाने के डॉक्टरखेड़ा चौकी इंचार्ज को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी दरोगा पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। दरोगा ने फाइनल रिपोर्ट लगाने के एवज में उक्त रकम मांगी थी।

    विजिलेंस के मुताबिक प्रतापगढ़ के रानीगंज निवासी दिनेश कुमार पटेल के खिलाफ पारा थाने में एक एफआईआर दर्ज है। इसकी विवेचना डॉक्टरखेड़ा चौकी इंचार्ज दरोगा राम देव गुप्ता को सौंपी गई थी। विवेचना के दौरान आरोपी के खिलाफ साक्ष्य नहीं मिले। लिहाजा विवेचक को उसमें फाइनल रिपोर्ट लगानी थी। लेकिन, फाइनल रिपोर्ट लगाने के एवज में दरोगा राम देव गुप्ता ने दिनेश कुमार से 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। दिनेश ने विजिलेंस टीम से इसकी शिकायत की। टीम ने दरोगा को रंगेहाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया। प्लानिंग के तहत सोमवार को दिनेश चौकी में दरोगा को रिश्वत की रकम देने पहुंचे। जैसे ही उनको रकम दी, वैसे ही साथ में आई विजिलेंस की टीम ने राम देव गुप्ता को दबोच लिया। आरोपी दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।

  • सभी पुलिस आयुक्त, एसएसपी, एसपी को भेजा गया पत्र

    डीजी के निर्देश पर एडीजी कानून एवं व्यवस्था ने मांगा जवाब

    पत्रकारों की समस्याओं के निराकरण को सजग हुई सरकार

    लखनऊ। लम्बे समय से तमाम तरह के जोखिम और उत्पीड़न, अत्याचार झेल रहे पत्रकारों के पक्ष में प्रदेश पुलिस मुखिया ने एक सराहनीय कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार के निर्देश पर एडीजी कानून एवं व्यवस्था ने प्रदेश के सभी पुलिस आयुक्त, एसएसपी, एसपी को पत्रकार एवं उनके परिवार से जुड़े बिंदुओं से सम्बंधित सवालों का एक पत्र जारी किया है। इस पर दो दिन में जवाब भी मांगा गया है।

    पत्रकारों की समस्याओं के निराकरण के लिए डीजीपी ने सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों-पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजकर इसके लिए लिए नोडल अधिकारी बनाने का आदेश दिया है। डीजीपी ने यह पत्र प्रदेश में पत्रकारों व उनके परिजनों पर बिना जांच के दर्ज होने वाले मुकदमों की लगातार शिकायत मिलने के बाद भेजा है।

  • स्वास्थ्य विभाग में बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप

    लापरवाह 26 सरकारी डॉक्टर की बर्खास्तगी के निर्देश

    लखनऊ (एजेंसी)। ड्यूटी के प्रति लापरवाह रहने और गैर हाजिर होने के कारण स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को इन सभी चिकित्सकों को बर्खास्त करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा तीन चिकित्सकों की दो साल के लिए दो-दो वेतन वृद्धियां रोकीं गई हैं और एक को परनिंदा प्रविष्टि दी गई है।

    अब गैरहाजिर चल रहे चिकित्सकों की खैर नहीं

    यूपी सरकार स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले चिकित्सकों को लेकर एक्शन मोड में आ गई है। डिप्टी सीएम ने सचेत कर दिया है कि अगर कोई भी डॉक्टर ड्यूटी के दौरान लापरवाही करता है तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जो चिकित्सक गैर हाजिर चल रहे हैं उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

    लपेटे में आए 26 चिकित्सक

    लापरवाही करने और ड्यूटी से लगातार गैर हाजिर रहने वाले 26 चिकित्सक कार्रवाई के लपेटे में आए हैं। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इन सभी को बर्खास्त करने का निर्देश दिया है। इनमें जालौन, बरेली, मैनपुरी, सिद्धार्थनगर, ललितपुर, बलिया, बस्ती, रायबरेली, मथुरा, फिरोजाबाद, बहराइच, सहारनपुर और शाहजहांपुर के डॉक्टर शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को उच्च श्रेणी की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की पहली प्राथमिकता है। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मामले में स्वास्थ्य महानिदेशालय में संयुक्त निदेशक के पद पर तैनात डॉ. नीना वर्मा से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

  • संवेदनशील पुलिस ही कम कर सकती है पीड़ित की पीड़ा

    सीएम योगी ने ली डिप्टी एसपी पासिंग आउट परेड की सलामी

    मुरादाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. भीमराव अंबेडकर पुलिस अकादमी में डिप्टी एसपी की पासिंग आउट परेड की सलामी ली। सभी को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान सभी मनोयोग से काम करें। संवेदनशील पुलिस ही पीड़ित की पीड़ा कम कर सकती है।

    CM Yogi Visit: inaugurate projects worth Rs 401 crore in Moradabad, hand over appointment letters youth
    मुरादाबाद के पुलिस अकादमी में सलामी लेते सीएम योगी आदित्यनाथ 

    डॉ. भीमराव अंबेडकर पुलिस अकादमी से प्रशिक्षण प्राप्त कर 74 डिप्टी एसपी पास आउट हुए हैं। इनमें 18 महिला एवं 56 पुरुष अधिकारी शामिल हैं। दीक्षांत परेड में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशिक्षण के दौरान अंत: कक्षीय विषयों, बाह्य कक्षीय विषयों में उत्कृष्ट प्रर्दशन करने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों को सम्मानित किया।

    सर्वांग सर्वोत्तम का पुरस्कार ट्रेनी डिप्टी एसपी प्रखर पांडेय, अन्तःकक्षीय विषयों में सर्वोत्तम का पुरस्कार ट्रेनी डिप्टी एसपी आकांक्षा पांडेय, बाह्य विषयों में सर्वोत्तम का पुरस्कार ट्रेनी डिप्टी एसपी उदित नारायण पालीवाल को प्रदान किया गया। इसके अलावा परेड कमांडर ट्रेनी डिप्टी एसपी उदित नारायण पालीवाल को भी मुख्यमंत्री ने पुरस्कृत किया। इस कार्यक्रम के बाद सीएम ने मुरादाबाद में जिले की 401 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। सीएम लगभग साढ़े चार घंटे का समय शहर में बिताएंगे। वह रोजगार मेले में भी शामिल होंगे जहां युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। इसके बाद भाजपा नेताओं के साथ बैठक भी प्रस्तावित है। 

    कार्यक्रम को लेकर भारी फोर्स रही तैनात

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा को लेकर आर्यभट्ट स्कूल से लेकर शहर में डेढ़ हजार पुलिस कर्मियों के अलावा ढाई कंपनी पीएसी तैनात की गई। इससे पहले डीआईजी मुनिराज जी ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। एसएसपी सतपाल अंतिल ने रविवार की रात आर्यभट्ट इंटर नेशनल स्कूल में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। सुरक्षा के लिए 10 एएसपी, 30 सीओ 55 एसएचओ और इंस्पेक्टर, 300 दरोगा, 900 पुलिसकर्मी और 2.5 कंपनी पीएसी की टुकड़ियां तैनात रहीं।

  • जीतमल देवता मंदिर पर उमड़े श्रद्धालु

    योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट ने कराया भंडारा

    बिजनौर। योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट की कोषाध्यक्ष श्रीमती सुनीता पत्नी डॉक्टर नरेंद्र सिंह, अध्यक्ष योगेश कुमार, सचिव अनंत कुमार ने मंडावर रोड जीतमल देवता पर भंडारे का आयोजन किया।

    कार्यक्रम के दौरान सर्वप्रथम यज्ञ किया गया। यज्ञ के अनुष्ठान में साधु संतों ने प्रतिभाग किया। तत्पश्चात भंडारे में लगभग 600 भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।

    मुख्य अतिथि एसके बबली अध्यक्ष बार एसोसिएशन जिला बिजनौर के अलावा समाज कल्याण अधिकारी जागेश्वर सिंह, क्षय रोग अधिकारी डॉ. नरेंद्र सिंह, डॉ. पंकज भारद्वाज पत्रकार, जिला अस्पताल से डॉक्टर गजेंद्र कुमार शर्मा, डॉक्टर अमर सिंह, केदारनाथ से पंकज भारद्वाज, चंडीगढ़ से भूपेंद्र कुमार, कुंतेश देवी, चाहल नर्सिंग होम से डॉक्टर सुशील कुमार, डॉक्टर सीमा चौधरी, आरजेपी इंटर कॉलेज से मास्टर विनोद कुमार, जिला क्षय रोग चिकित्सालय से विनोद कुमार, आदित्य गौतम, विनीत कुमार, पंकज कुमार शर्मा, जिला अस्पताल से डॉक्टर सुधीर कुमार, सीटी स्कैन सेंटर बिजनौर, इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन इकाई बिजनौर के जिला अध्यक्ष ओपी शर्मा, सचिव सोमदत्त शर्मा, महासचिव राकेश कुमार, उपाध्यक्ष रामनाथ सिंह, उपाध्यक्ष रामनाथ सिंह पत्रकार, संयुक्त सचिव प्रभोद रंजन, राजकुमार, श्रीमती पुष्पा उपस्थित रहे।भंडारे में भक्तों की भीड़ रही। कार्यक्रम के अंत में सभी साधु संतों का फूलों से स्वागत किया गया।

  • सरकारी कार्य में लापरवाही, स्वेच्छाचारिता तथा अनुशासनहीनता के आरोप

    सिविल लाइंस चौकी प्रभारी निलंबित, विभागीय कार्यवाही भी प्रारम्भ

    बिजनौर। पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने थाना कोतवाली शहर के उप निरीक्षक हरिओम गौतम को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया है। इनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही भी प्रारम्भ की गई है।

    सिविल लाइंस चौकी प्रभारी के रूप में तैनात उप निरीक्षक हरिओम गौतम पर सरकारी कार्य में लापरवाही, स्वेच्छाचारिता तथा अनुशासनहीनता के आरोप हैं। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने उक्त कार्यवाही की। उप निरीक्षक हरिओम गौतम तत्काल प्रभाव से निलम्बित करने के साथ ही इनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही भी प्रारम्भ की गई है।
    पुलिस अधीक्षक द्वारा जनपद के समस्त पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि कोई भी पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों, दायित्वों के प्रति उदासीनता, शिथिलता न बरते अन्यथा सम्बन्धित के विरुद्ध कड़ी दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।

  • दरोगा के हाथ और बदमाश के पैर में लगी गोली

    दो तमंचे, दो बाइक और 67 हजार रुपए बरामद

    पुलिस मुठभेड़ में पांच पशु चोर गिरफ्तार

    बिजनौर। थाना कोतवाली देहात पुलिस ने मुठभेड़ में पांच पशु चोरों को गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ के दौरान एक पशु चोर के पैर में गोली लगी, जबकि बदमाशों की फायरिंग में एक दरोगा के हाथ में गोली लगी है।

    एएसपी ग्रामीण राम अर्ज ने बताया कि शनिवार देर रात कोतवाली देहात प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार अपनी टीम के साथ इस्लामपुर लालू उर्फ मालीवाला तिराहे पर वाहन चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान उन्हें दो बाइकों पर सवार पांच लोग आते दिखे। शक के आधार पर पुलिस टीम ने इन्हें रोकने का प्रयास किया तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी और भागने लगे। बदमाशों की गोली दरोगा आशीष पुनिया के हाथ में लगी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी बदमाशों पर फायरिंग करते हुए तंजीम, अनस, शुएब, अरशद, आदिल को गिरफ्तार कर लिया। इनमें से तंजीम नामक बदमाश के पैर में लगी है। सभी बदमाश पशु चोरी समेत कई अपराधों में वांछित चल रहे थे। पुलिस ने गिरफ्तार बदमाशों के पास से दो तमंचे, दो बाइक और 67 हजार रुपए बरामद किए हैं।

    दोनों घायल जिला अस्पताल में भर्ती घायल दरोगा आशीष पुनिया और पैर में गोली लगने से घायल बदमाश तंजीम उर्फ भूरा पुत्र मुन्ने निवासी कोतवाली देहात को बिजनौर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों ने दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई है।


    दिल्ली के हैं गिरफ्तार पशु चोर

    एएसपी रामअर्ज ने बताया कि पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार पशु चोरों में तंजीम उर्फ भूरा पुत्र मुन्ने निवासी उमरी थाना कोतवाली देहात हाल निवासी बी 141 गली नंबर 7 सुभाष विहार नॉर्थ गोंडा चौक थाना भजनपुरा दिल्ली, मोहम्मद अनस पुत्र तौकीर, अस्सद उर्फ असद पुत्र सुलेमान, आदिल निवासीगण बी 22 राम गली नंबर 1 सुभाष मोहल्ला नार्थ गोंडा थाना भजनपुर दिल्ली और शुएब पुत्र रफीक निवासी विजय पार्क सी 12 गली नंबर 18 थाना भजनपुर दिल्ली शामिल हैं। उक्त बदमाश मवेशियों की चोरी कर उन्हें विभिन्न स्थानों पर बेचते थे।

    घायल दरोगा आशीष पुनिया और पैर में गोली लगने से घायल बदमाश तंजीम उर्फ भूरा पुत्र मुन्ने निवासी कोतवाली देहात को बिजनौर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों ने दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई है।

    दिल्ली के हैं गिरफ्तार पशु चोर

    एएसपी रामअर्ज ने बताया कि पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार पशु चोरों में तंजीम उर्फ भूरा पुत्र मुन्ने निवासी उमरी थाना कोतवाली देहात हाल निवासी बी 141 गली नंबर 7 सुभाष विहार नॉर्थ गोंडा चौक थाना भजनपुरा दिल्ली, मोहम्मद अनस पुत्र तौकीर, अस्सद उर्फ असद पुत्र सुलेमान, आदिल निवासीगण बी 22 राम गली नंबर 1 सुभाष मोहल्ला नार्थ गोंडा थाना भजनपुर दिल्ली और शुएब पुत्र रफीक निवासी विजय पार्क सी 12 गली नंबर 18 थाना भजनपुर दिल्ली शामिल हैं। उक्त बदमाश मवेशियों की चोरी कर उन्हें विभिन्न स्थानों पर बेचते थे।

  • सनातन धर्म में इस अमावस्या का है खास महत्व

    सोमवती अमावस्या पर सिद्ध और शिव योग का संयोग

    ~शैली सक्सेना, लखनऊ

    Somvati Amavasya 2024: इस साल 02 और 03 सितंबर को सोमवती और भौमवती अमावस्या का विशेष संयोग बन रहा है। इस दिन तर्पण, दान करने से पितर प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद आपको मिलता है। साथ ही सुख- समृद्धि का जीवन में वास बना रहता है। इतना ही नहीं ये दिन काल सर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए भी खास होता है। सोमवती अमावस्या के दिन जरूरतमंद लोगों को अन्न का दान करना चाहिए, बड़े बुर्जुगों और महिलाओं का अपमान नहीं करना चाहिए। इस दिन शुभ और मांगलिक करना कार्य करना वर्जित है। पीपल और तुलसी के पत्ते तोड़ने से बचना चाहिए।

    पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति

    हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित होती है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और इसके बाद दान करने का खास महत्व है। मान्यता है कि इस दिन ऐसा करने से पितृ दोष से भी मुक्ति मिल जाती है। पंचांग के अनुसार इस बार भाद्रपद अमावस्या 02 सितंबर 2024 को मनाई जाएगी। इस दिन सोमवार पड़ने की वजह से इसे सोमवती अमावस्या कहा जाएगा। कुछ क्षेत्रों में इसे भादो अमावस्या या भादी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है।

    तिथि और दान- स्नान का शुभ मुहूर्त…

    ज्योतिष पंचांग के अनुसार भाद्रपद अमावस्या का मुहूर्त 02 सितंबर की सुबह 05:22 से 03 सितंबर की सुबह 07:25 बजे तक रहेगा। इस बीच में दान – स्नान किया जा सकता है।

    बन रहे हैं दो शुभ योग

    वैदिक पंचांग के अनुसार इस बार सोमवती अमावस्या को दो विशेष योग बन रहे हैं। एक है शिव योग और दूसरा है सिद्धि योग। ज्योतिष में इन योगों का विशेष महत्व है। इन योगों में पूजा का दोगुना फल प्राप्त होता है।

    सोमवती अमावस्या का महत्व

    सोमवती अमावस्या पर सूर्योदय से पहले नदी में स्नान करना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में सुख – समृद्धि का वास बना रहता है। इस दिन तर्पण, दान करने से पितर प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद आपको मिलता है। ये दिन काल सर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए भी खास होता है। इस दिन जरूरतमंद लोगों को अन्न का दान करना चाहिए। सोमवती अमावस्या के दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए भगवान भोलेनाथ की पूजा अचर्ना करती हैं। इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा और जल अर्पित करने से त्रिदेवों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

    1. ॐ पितृ देवतायै नम:

    2. ॐ पितृ गणाय विद्महे जगतधारिणे धीमहि तन्नो पित्रो प्रचोदयात्

    (disclaimer: समस्त जानकारी विभिन्न स्रोतों से प्राप्त कर प्रकाशित की गई है। newsdaily24 का इन पर कोई आधिकारिक दावा नहीं है।)

  • जिले भर में 68 गुमशुदा एवं अपहृत बरामद

    “ऑपरेशन स्माईल” अभियान में बिजनौर पुलिस की सफलता

    अभिषेक झा एएसपी बिजनौर

    बिजनौर। जिला बिजनौर पुलिस द्वारा “ऑपरेशन स्माईल” अभियान के अन्तर्गत माह अगस्त में कुल – 68 गुमशुदा एवं अपहृतों को बरामद किया गया है।

    एएसपी बिजनौर अभिषेक झा के कुशल नेतृत्व में जनपद पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान “ऑपरेशन स्माईल” के अन्तर्गत माह अगस्त में कुल- 68 गुमशुदा एवं अपहृतों को सकुशल बरामद कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की गई। सोशल मीडिया सैल के अनुसार इस अभियान के अन्तर्गत जनपद के सभी थानों पर पुलिस टीमों का गठन कर बरामदगी हेतु लगाया गया था, जिनके द्वारा गुमशुदा एवं अपहृतों को सकुशल बरामद किया गया है।

  • गांव कुलचाना में लगे पिंजरे में गुलदार हुआ कैद

    गुलदार ने बाइक पर बैठी बच्चियों पर मारा झपट्टा

    बिजनौर। तहसील नगीना क्षेत्र में गुलदार के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। इसी बीच ग्राम सैदपुरी महिचंद के जंगल में एक गुलदार ने बाइक पर पीछे बैठी दो बच्चियों पर झपट्टा मार दिया। पंजा लगने से दोनों बच्चियां घायल हो गईं। सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। उधर ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने पूरी रात गुलदार की तलाश में सर्च अभियान चलाया। सुबह को दो माह से गांव कुलचाना में लगे पिंजरे में एक गुलदार कैद पाया गया।

    नगीना क्षेत्र के ग्राम सैदपुरी महिचंद के जंगल से गुजर रही बाइक सवार दो बच्चियों पर गुलदार ने झपट्टा मार दिया। पंजा लगने से दोनों बच्चियां मामूली रूप से घायल हो गईं।बाइक चालक धीरेंद्र के शोर मचाने पर ग्रामीणों को आता देख गुलदार जंगल में भाग गया। घटना की सूचना मिलने के बाद ट्रैक्टरों पर सवार ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने पूरी रात गुलदार की तलाश में सर्च अभियान चलाया। सुबह को दो माह से गांव कुलचाना में लगे पिंजरे में एक गुलदार कैद मिला। वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप कुमार शर्मा, वन दरोगा धर्मेंद्र कुमार, वन दरोगा जगत सिंह राणा, वन दरोगा अनिल कुमार, वन कर्मी लाल सिंह माली ने टीम के साथ पकड़े गए गुलदार को नगीना के कृषि अनुसंधान केंद्र पर पहुंचाया। इसके बाद गुलदार को बिजनौर के लिए रवाना कर दिया गया। वहीं सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।

    गुलदार को भेजा गया गोरखपुर चिड़ियाघर

    गांव कुलचाना में लगे पिंजरे में पकड़े गए गुलदार को वन विभाग की टीम बिजनौर के इंदिरा पार्क में ले आई। सुबह और दोपहर में गुलदार को खाने के लिए करीब साढे़ चार किलो मुर्गा दिया गया। एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि गुलदार को गोरखपुर चिड़िया घर भेज दिया गया है।

    ~मो. नादिर मलिक संवाददाता जिला बिजनौर