पूर्व इंचार्ज/क्राइम रिपोर्टर दैनिक जागरण उरई (जालौन), मेरठ, बिजनौर, धामपुर, मुजफ्फरनगर। समाचार संपादक दैनिक प्रयाण हरिद्वार। पूर्व महामंत्री श्रमजीवी पत्रकार यूनियन। अध्यक्ष ऑल मीडिया एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन।
बिजनौर। तहसील नगीना क्षेत्र में गुलदार के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। इसी बीच ग्राम सैदपुरी महिचंद के जंगल में एक गुलदार ने बाइक पर पीछे बैठी दो बच्चियों पर झपट्टा मार दिया। पंजा लगने से दोनों बच्चियां घायल हो गईं। सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। उधर ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने पूरी रात गुलदार की तलाश में सर्च अभियान चलाया। सुबह को दो माह से गांव कुलचाना में लगे पिंजरे में एक गुलदार कैद पाया गया।
नगीना क्षेत्र के ग्राम सैदपुरी महिचंद के जंगल से गुजर रही बाइक सवार दो बच्चियों पर गुलदार ने झपट्टा मार दिया। पंजा लगने से दोनों बच्चियां मामूली रूप से घायल हो गईं।बाइक चालक धीरेंद्र के शोर मचाने पर ग्रामीणों को आता देख गुलदार जंगल में भाग गया। घटना की सूचना मिलने के बाद ट्रैक्टरों पर सवार ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने पूरी रात गुलदार की तलाश में सर्च अभियान चलाया। सुबह को दो माह से गांव कुलचाना में लगे पिंजरे में एक गुलदार कैद मिला। वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप कुमार शर्मा, वन दरोगा धर्मेंद्र कुमार, वन दरोगा जगत सिंह राणा, वन दरोगा अनिल कुमार, वन कर्मी लाल सिंह माली ने टीम के साथ पकड़े गए गुलदार को नगीना के कृषि अनुसंधान केंद्र पर पहुंचाया। इसके बाद गुलदार को बिजनौर के लिए रवाना कर दिया गया। वहीं सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।
गुलदार को भेजा गया गोरखपुर चिड़ियाघर
गांव कुलचाना में लगे पिंजरे में पकड़े गए गुलदार को वन विभाग की टीम बिजनौर के इंदिरा पार्क में ले आई। सुबह और दोपहर में गुलदार को खाने के लिए करीब साढे़ चार किलो मुर्गा दिया गया। एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि गुलदार को गोरखपुर चिड़िया घर भेज दिया गया है।
मोटे कमीशन के चक्कर में गर्भवती महिलाओं को अवैध संचालित हॉस्पिटल में ले जाती हैं स्वास्थ्य विभाग की आशाएं
“डीएम साहब बचा लीजिए आम जनता को इन झोलाछाप के चीरफाड़ और जबरन मौत से”
बिजनौर। डीएम साहब कृपया जिले में संचालित अस्पतालों में हो रही मौत को संज्ञान में लीजिए। जनहित में अवैध संचालित हॉस्पिटल सेंटरों की मजिस्ट्रेट जांच कराकर इन झोलाछाप डॉक्टरों से गर्भवती महिलाओं की जान को बचा लीजिए। बिना डिग्री धारक झोलाछाप डॉक्टर्स द्वारा ऑपरेशन किए जा रहे हैं। इन अधिकांश अनट्रेंड झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा गलत ऑपरेशन करके गर्भवती महिलाओं को मौत की नींद सुला दिया जाता है और परिजन हंगामा कर के रह जाते हैं। सोशल मीडिया पर हो रहे इस वायरल मैटर ने मीडिया में प्रकाशित करने के लिए मजबूर कर दिया। डीएम साहब इन अवैध संचालित हॉस्पिटल में अनट्रेंड डॉक्टर्स द्वारा ऑपरेशन किए जा रहे हैं।
~डीएम साहब जिन हॉस्पिटल के बाहर बोर्ड पर बड़े बड़े अक्षरों में एमबीबीएस एमएस लिखा हुआ है, उनके सीसीटीवी फुटेज की जांच भी हो। ~डीएम साहब हॉस्पिटल के मानक तो बहुत दूर की बात है, इनमें तो डिग्री धारक डॉक्टर भी नहीं बैठते। ~डीएम साहब इन झोलाछाप डॉक्टर्स के द्वारा ऑपरेशन हो रहे हैं। यह बात किसी से छुपी हुई नहीं है। ~डीएम साहब एनेस्थीसिया को गंभीरता से लेकर मजिस्ट्रेट जांच शुरू कराएं, तभी इन झोलाछाप डॉक्टर्स द्वारा ऑपरेशन से मौत का सिलसिला बंद हो सकता है। ~डीएम साहब ये बिना सोचे समझे ही दे डालते हैं नशे का इंजेक्शन कुछ तो सुधार हो इन हॉस्पिटल में। ~डीएम साहब कुछ ही दिनों में हो गई कई मौत फिर भी इनकी आ रही है मौज!
मौत पर मौत का जिम्मेदार कौन?
जिलाधिकारी साहब हाल ही में बिजनौर के हॉस्पिटल में मौत, स्योहारा के हॉस्पिटल में मौत, कोतवाली देहात केहॉस्पिटल में मौत, नूरपुर दौलतपुर केहॉस्पिटल में मौत, नहटौर केहॉस्पिटल में मौत, अफजलगढ़ बादीगढ़ के हॉस्पिटल में मौत, नूरपुर के हॉस्पिटल में गलत इलाज के कारण मौत और अब नूरपुर के एक केयर सेंटर पर मरीज के परिजनों का हंगामा हुआ है, जिसमें ऑपरेशन को लेकर विवाद करते हुए नारेबाजी की गई। इस हॉस्पिटल पर महिला का ऑपरेशन किया गया। डॉक्टर साहिबा का कहना है कि ऑपरेशन एमबीबीएस डॉक्टर द्वारा किया गया है। इस केयर सेंटर पर लगे सीसीटीवी फुटेज से यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन डिग्री धारक डॉक्टर मौजूद रहते हैं और किन एमबीबीएस, एमएस डॉक्टर ने ऑपरेशन किया है। जनहित में हॉस्पिटल की मजिस्ट्रेट जांच हो जाए तो सब कुछ सामने आ जायेगा।
~डीएम साहब उन बच्चों की सुनो चीख पुकार, जिनका जीवन हो गया बेकार। ~डीएम साहब आगे किसी के सर से उसकी मां का साया ना छिने, देर से ही सही, पर उनको भी दंड मिले। ~डीएम साहब जीवन में उन मासूम बच्चों के अंधेरा रह गया उनकी मां के जाने से कल का भविष्य दर दर भटक गया। ~डीएम साहब पूर्व में कई मामले प्रकाश में आए हैं, जिन हॉस्पिटल में मौत हुई, उन पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। ~डीएम साहब आप ही बचा सकते हो इन झोलाछाप डॉक्टर्स के चीरफाड़ और इनकी लापरवाही की मौत से।
राजेंद्र सिंह, जिला प्रभारी विश्व हिंदू महासंघ बिजनौर
बिजनौर। दिल्ली जा रही मसूरी एक्सप्रेस के सामने कूदकर 25 वर्षीय युवक ने जान दे दी। घटना बीती रात लगभग 2:00 बजे किरतपुर रेलवे स्टेशन की बताई गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों को जीशान की मौत की सूचना कश्मीर दे दी गई है।
बताया गया है कि मोहल्ला कोटला निवासी जीशान (25 वर्ष) पुत्र इर्तजा हुसैन के परिजन कश्मीर में रहते हैं। उसकी अपने परिवार के कुछ सदस्यों से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। इस कारण वह बेहद हताशा में था। बीती रात लगभग 2:00 बजे वह किरतपुर रेलवे स्टेशन पहुंच गया। इसी दौरान दिल्ली जा रही मसूरी एक्सप्रेस वहां से रवाना हुई। जैसे ही ट्रेन कुछ आगे निकली तभी वहां पहले से मौजूद जीशान ने उसके आगे छलांग लगा दी गई। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। तुरंत ही ट्रेन चालक ने स्टेशन मास्टर को तथा स्टेशन मास्टर ने सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को अपने कब्जे में ले लिया। स्टेशन मास्टर के जीशान जानबूझकर ट्रेन के आगे आत्महत्या करने के इरादे से कूदा था। परिजनों को जीशान की मौत की सूचना कश्मीर दे दी गई है। पुलिस ने जीशान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
90 दिन में जमा न होने पर वित्तीय तथा चल-अचल परिसम्पत्तियों के माध्यम से होगी वसूली
ग्राम पंचायतों से संबंधित ठेकेदारों आपूर्तिकर्ताओं पर कड़ी कार्यवाही
बिजनौर। जिला प्रशासन बिजनौर के प्रयासों द्वारा जनपद के विभिन्न विकास खण्डों की विभिन्न ग्राम पंचायतों द्वारा वित्तीय वर्ष 2019-20, 2020-21, 2021-22, 2022-23 एवं 2023-24 के विभिन्न विकास कार्यों के सापेक्ष ठेकेदारों / आपूर्तिकर्ताओं को किये गए भुगतान की सूचना मुख्य विकास अधिकारी बिजनौर के माध्यम से राज्य कर विभाग को प्राप्त हुई।
महात्मा विदुर सभागार में संबंधित विभागों की बैठक में जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि प्राप्त आकड़ों में से राज्य कर विभाग बिजनौर द्वारा केंद्रीय क्षेत्राधिकार से संबंधित ठेकेदारों / फर्मों की सूची सत्यापन / अग्रिम कार्यवाही हेतु केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर कार्यालय बिजनौर को प्रेषित कर दी गई है। साथ ही अनेक ऐसे प्रकरण जहां पर विभिन्न विकास खण्डों से प्राप्त सूचना में वित्तीय वर्ष अथवा फर्म के सही जीएसटीएन संबंधी सूचनाएं त्रुटिपूर्ण थी, उनके सुधार हेतु संबंधित खण्ड विकास अधिकारियों को वापस पत्राचार किया गया। इसी बीच प्रांतीय क्षेत्राधिकार से संबंधित फर्मों की सूचना को राज्य कर विभाग द्वारा क्षेत्राधिकार के अनुरूप छंटवाते हुए उनके आकड़ों को समेकित किया गया एवं विभिन्न विकास खण्डों से प्राप्त प्रांतीय क्षेत्राधिकार की फर्मों/ठेकेदारों के त्रुटिहीन आंकड़ों में वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक की प्राप्त सूचना का मिलान फर्मों द्वारा दाखिल उनके रिटर्नो से किया गया तथा जहां जहां विसंगतियां पाई गईं, उनमें कार्यवाही की गई। वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक की प्राप्त सूचना में से प्रान्तीय क्षेत्राधिकार के फर्मों/ठेकेदारों के संबंध में निहित भुगतान राशि रुपए 43.61 करोड़ थी, जिसमें कि विभिन्न वर्षों में शासकीय कार्य संविदा के अनुरूप निहित कर 7.13 करोड़ संभावित था। फर्मों के रिटर्नो की स्कूटनी पश्चात पाया गया कि उक्त प्राप्त भुगतान के सापेक्ष ठेकेदारों द्वारा पूर्व में ही 6.12 करोड़ की धनराशि कर के रूप में जमा कर रखी थी। इसके पश्चात ऐसे ठेकेदार, जिनके द्वारा कर नियमानुसार जमा नहीं किया गया, उनको UPGST अधिनियम 2017 की सुसंगत धाराओं में नोटिस जारी किया गया तथा 62.31 लाख रुपए जमा कराए गए, साथ ही 1.14 करोड़ की मांग ब्याज एवं अर्थदण्ड सहित सृजित की गई। साथ ही कई मामलों में अभी सुनवाई की प्रकिया नोटिस उपरान्त जारी है। अधिकांश प्रकरण में धनराशि / करावर्त की राशि छोटी है, परंतु कुछ बड़े मामलों में दीपा कांट्रेक्टर, जिनको वित्तीय वर्ष 2020-21, 2021-22 एवं 2022-23 में समस्त कर के भुगतान न किये जाने के कारण जुलाई, 2024 में आदेश पारित कर रुपए 66.36 लाख की मांग सृजित की गयी है, जिसमें अर्थदण्ड/पेनल्टी को कर के समान 100 प्रतिशत लगाया गया है। एक अन्य प्रकरण राधाकृष्णा कांट्रेक्टर के प्रकरण में वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक के प्राप्त भुगतान पर कर अदा न करने के कारण रुपए 25.03 लाख की मांग अगस्त, 2024 में सृजित की गयी है। उन्होंने बताया कि कृत कार्यवाहियों में सृजित मांग के सापेक्ष वसूली की कार्यवाही आदेश पारित किये जाने की तिथि के 90 दिन के पश्चात प्रारम्भ की जायेगी, जिसमें कि धनराशि के जमा न किए जाने की स्थिति में वित्तीय तथा चल-अचल परिसम्पत्तियों के माध्यम से वसूली सुनिश्चित की जाएगी।
“कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण हेतु खरीफ किसान गोष्ठी एवं मेला” का आयोजन
गांवों में ही बसती है भारत की आत्मा: जसवीर सिंह तेवतिया
बिजनौर। विकासखंड नहटौर के डबाकरा हाल में कृषि विभाग के सौजन्य से “कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण हेतु खरीफ किसान गोष्ठी एवं मेला” का आयोजन किया गया। अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख श्री राकेश कुमार ने की।
जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने कहा कि किसानों के अथक प्रयासों के कारण ही भारत अन्न और चीनी उत्पादन में विश्व में प्रथम स्थान पर है। भारत की आत्मा गांवों में ही बसती है। साथ ही कृषकों को निरंतर परिवर्तनशील खेती करने के लिए आग्रह करते हुए श्रीअन्न की फसलों को उगाने, जैविक खेती करने, जैव उर्वरकों का अधिक से अधिक प्रयोग करने एवं कृषि यंत्रीकरण की योजनाओं का लाभ उठाने के बारे में प्रोत्साहित किया।
पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर अनुराग चौधरी ने कृषकों को पशुओं में होने वाले रोगों के बारे में बताते हुए किसानों से निःशुल्क टीकाकरण अभियान के अंतर्गत पशुओं को टीका लगवाने का आग्रह किया।
गन्ना विकास विभाग से आए हुए श्री ओमप्रकाश ने नई प्रजातियों को उगाने एवं संवर्धन करने पर जोर दिया। बीडीओ प्रताप सिंह ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कृषि और किसान को विकसित करना अनिवार्य है। पूर्व एडीओ सत्यप्रकाश ने कीट रोग नियंत्रण के लिए जैविक उत्पाद ट्राइकोडर्मा एवं ब्यूवेरिया बैसियाना के उपयोग के बारे में बताया। प्राविधिक सहायक मोहित कुमार ने पीएम किसान योजना के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। प्रगतिशील कृषक विजयपाल सिंह ने शायराना अंदाज में नमस्कार करते हुए सभी किसानों से आग्रह किया कि वे कृषि विभाग की सभी योजनाओं से जुड़े और लाभ उठाएं। गोष्ठी में मुनीश त्यागी, सीतम सिंह, जयपाल सिंह, धर्मेंद्र, गुणप्रकाश, देशराज, जहीरूद्दीन, विकास, सुनील, घनश्याम, नरेश, सुरेशचंद, सुभाषचंद, शौनाथ, शैलेष राणा, मिथलेश, कमला, फूलवती, टीकम, कार्तिक, पीतम, रतिराम और सुनील आदि कृषकों ने भाग लिया।
बचाव व राहत कार्य में लगे संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश
फसलों के नुकसान से प्रभावित लोगों को बिना किसी भेदभाव के दी जाएगी क्षतिपूर्ति
सीतापुर की तहसील बिसवां क्षेत्रान्तर्गत शारदा सहायक नहर पटरी कटान का मामला
नहर कटान से प्रभावित पीड़ितों के बीच पहुंचे मंत्री स्वतंत्र देव सिंह
लखनऊ। जिला सीतापुर की तहसील बिसवां क्षेत्रान्तर्गत शारदा सहायक नहर पटरी कटान स्थल का जल शक्ति विभाग सिंचाई एवं जल संसाधन, बाढ़ नियंत्रण, परती भूमि विकास, लघु सिंचाई, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने स्थलीय निरीक्षण किया।
मंत्री ने प्रभावित गांव के लोगों का हालचाल लिया व स्थानीय निवासियों से वार्ता करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार द्वारा हर सम्भव मदद व सहायता प्रदान की जायेगी। उन्होंने बचाव व राहत कार्य में लगे संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए, यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में इस तरह की घटना न होने पाए। समय-समय पर नहर पटरी व बांधों का निरीक्षण किया जाए। जिलाधिकारी व कमिश्नर रोशन जैकब द्वारा रात्रि निरीक्षण व राहत शिविरों आदि के भ्रमण की जानकारी भी प्राप्त की तथा जिला प्रशासन को निर्देश दिये कि जल्द से जल्द सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएं। मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने नहर कटान से जल प्रभावित ग्राम रमुवापुर के प्राथमिक विद्यालय में बने राहत शिविर का निरीक्षण कर वहां ठहरे लोगों मुलाकात कर दु:ख साझा किया। जलभराव से पीड़ित लोगों से उनकी फसलों की जानकारी लेकर सर्वे कराकर ससमय मुआवजा दिलाने का आश्वासन देने के साथ ही यह आश्वासन भी दिया कि फसलों के नुकसान से प्रभावित लोगों को बिना किसी भेदभाव के क्षतिपूर्ति दी जाएगी। इस घटना से जिन लोगों के मकानों का नुकसान हुआ है उनको आवास दिलाया जाएगा। खाने पीने की व्यवस्था की जानकारी अपर जिला अधिकारी नीतीश कुमार सिंह से लेकर समय से वितरण करते रहने के निर्देश प्रदान किए। मंत्री ने जिलाधिकारी अभिषेक आनंद को निर्देश दिये कि प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कराते रहें व स्थानीय प्रशासन को सक्रिय रखें। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अभिषेक आनंद ने मंत्री जलशक्ति को जिला प्रशासन एवं सिंचाई विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों के विषय में अवगत कराते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि युद्ध स्तर पर कार्य कराते हुए शीघ्र ही नहर पटरी को दुरूस्त कराया जायेगा। उन्होंने बताया कि अनवरत वरिष्ठ अधिकारियों के निकट पर्यवेक्षण में राहत एवं बचाव कार्य संचालित हैं।
निरीक्षण के दौरान बिसवां विधायक निर्मल वर्मा, भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला, अपर जिलाधिकारी नीतीश कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी बिसवां मनीष कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. हरपाल सिंह, मुख्य अभियन्ता शारदा सहायक प्रभाकर प्रसाद, प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष अखिलेश सचान, प्रमुख अभियन्ता परिकल्पना एवं नियोजन संदीप कुमार, अधिशाषी अभियन्ता शारदा नहर विशाल पोरवाल सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।
यूपी के सरकारी गेस्ट हाउस हो जायेंगे 5 स्टार होटल में तब्दील
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में आज मंगलवार शाम यूपी के माध्यमिक स्कूलों की स्कॉलरशिप समेत 14 प्रस्ताव रखे गए। इनमें से 13 प्रस्ताव पारित हो गए। इसमें सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव में सरकारी पर्यटक अतिथि गृहों को निजी हाथों में सौंपने का फैसला शामिल है। राज्य पर्यटन विकास निगम के सरकारी पर्यटक आवास गृह (यानी सरकारी गेस्ट हाउस) को निजी हाथों में 30 साल के लिए देने का प्रस्ताव है। निजी कंपनियां इन आवास गृहों के रखरखाव के साथ इनका संचालन करेंगी और सरकार को भी इससे आय होगी। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि राज्य में कुल 87 ऐसे टूरिस्ट गेस्ट हाउस हैं, जिनमें से घाटे में चल रहे गेस्ट हाउस को निजी कंपनियों को सौंपा जाएगा। कैबिनेट मीटिंग में शिक्षा, नमामि गंगे, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स, अवस्थापना, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन और चिकित्सा से जुड़े प्रस्ताव पेश किए गए।
संस्कृत विद्यालयों में छात्रवृत्ति की दरों में वृद्धि
संस्कृत विद्यालयों में छात्रवृत्ति की दरों में वृद्धि के प्रस्ताव पर भी मंजूरी हो गई है। इससे संस्कृत शिक्षा को प्रोत्साहन मिलने के साथ ही छात्रों को वित्तीय मदद भी मिल सकेगी।
संपत्ति की रजिस्ट्री पर स्टांप शुल्क में छूट
संपत्ति से जुड़े विवादों में आसानी और पारिवारिक सौहार्द्र बढ़ाने के लिए निर्णय लिया गया है कि पारिवारिक संबंधियों के बीच संपत्ति की रजिस्ट्री पर स्टांप शुल्क में छूट दी जाएगी। इसके तहत बंटवारा पत्र (विभाजन विलेख/पार्टीशन डीड) व समझौता पत्र (सेटलमेंट डीड) पर किसी भी तरह का स्टांप शुल्क नहीं लगेगा। इसमें मात्र रुपए 05 हजार का ही इसमें खर्च आएगा।
जल जीवन मिशन और डाटा सेंटर नीति
जलशक्ति विभाग के जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप पेयजल आपूर्ति योजना संचालन हेतु अनुरक्षण नीति 2024 को मंजूरी दी गई है। वहीं उत्तरप्रदेश डाटा सेंटर नीति में संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए डाटा सेंटर्स में ग्रिड द्वारा विद्युत नेटवर्क प्रदान करने के प्रस्ताव (संशोधन) को स्वीकृति प्रदान की गई।
इनके अलावा आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स “उप्र डाटा सेन्टर (प्रथम संशोधन) नीति-2021” के अन्तर्गत निवेशक को दो ग्रिड लाईनों द्वारा विद्युत आपूर्ति का लाभ प्रदान किए जाने, गंगा एक्प्रेस वे परियोजना हेतु वीजीएफ की सम्पूर्ण धनराशि राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के अधीन उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद, समस्त विकास प्राधिकरण आदि तथा नगर विकास विभाग के अधीन स्थानीय निकायों के अन्तर्गत अवस्थित अचल सम्पत्तियों के अन्तरण पर विभिन्न अधिनियमों के अन्तर्गत अधिसूचित क्षेत्रों में स्थित अचल सम्पत्ति के अन्तरण विलेखों पर संग्रहीत 02 प्रतिशत अतिरिक्त स्टाम्प शुल्क की धनराशि के वितरण की प्रक्रिया निर्धारित करने के सम्बन्ध में निर्गत शासनादेश दिनांक 13 सितम्बर, संशोधन। वर्ष 2013 में भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013 की धारा-10 (2) एवं धारा-10 (4) के अन्तर्गत निर्गत अधिसूचना दिनांक 31-08-2015 के अधीन भूमि के अधिग्रहण हेतु अधिसूचित अधिकतम सीमा 5 प्रतिशत को केवल जनपद गौतमबुद्धनगर के लिए शिथिल करने, नागरिक उड्यन अनुभाग के तहत प्रदेश की विभिन्न हवाई पट्टियों पर तैनात कर्मचारियों का सदुपयोग निदेशालय एवं नवनिर्मित हवाई पट्टियों पर करने, माध्यमिक शिक्षा के तहत राजकीय इण्टर कालेज/राजकीय हाईस्कूल की अनुपयोगी भूमि पर पाठ्येत्तर गतिविधियों का विकास के सम्बन्ध में प्रस्ताव शामिल हैं।
पूर्व में नियुक्त ऐसे व्यक्तियों को पद से हटा कर उनसे वसूला जाए सरकारी वेतन
लेटरल इंट्री के खिलाफ कांग्रेस ने भेजा पीएम को ज्ञापन
बिजनौर। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन शाहनवाज़ आलम के निर्देशानुसार और वसीम अकरम (एङ) ज़िलाध्यक्ष कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग बिजनौर के नेतृत्व में लेटरल इंट्री के जरिए हुई नियुक्तियों के विरोध में प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया गया। कलक्ट्रेट में आज 27-08-2024 को दिए गए ज्ञापन में पूर्व में लेटरल एंट्री के माध्यम से नियुक्त हुए व्यक्तियों को पद से हटाने और उन्हें दिए गए सरकारी वेतन को वसूलने की मांग भी की गई।
ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले दिनों (17 अगस्त 2024) को आपकी सरकार द्वारा ज्वाइंट सेक्रेटरी, डायरेक्टर और डेप्युटी डायरेक्टर पोस्ट समेत 45 नियुक्तियों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने 19 अगस्त को इन नियुक्तियों को पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों को मिले आरक्षण के संवैधानिक अधिकारों पर हमला बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की थी। उनकी इस मांग के बाद दूसरे दिन यानी 20 अगस्त को सरकार द्वारा लेटरल एंट्री के लिए जारी विज्ञापन को आरक्षण का प्रावधान न होने का हवाला देते हुए वापस लेने का स्वागत योग्य काम किया गया, लेकिन सवाल यह है कि 2019 से अब तक जिन 63 लोगों की लेटरल एंट्री के जरिए नियुक्तियां हुई हैं, उन्हें भी क्यों नहीं पद से हटाया गया। जब यह योजना गैर संवैधानिक पाए जाने के कारण ही रद्द की गई तो तार्किक तौर पर पूर्व में इस असंवैधानिक योजना से नौकरी पाए लोगों की नियुक्ति भी स्वयं अवैध हो जाती है। इन 63 में से 6 लोग तो सरकार से मोटी तनख़्वाह लेकर फ़िर से निजी सेक्टर में भाग चुके हैं। ज्ञापन में प्रधानमंत्री से मांग की गई कि अपनी संवैधानिक ज़िम्मेदारी का निर्वहन करते हुए इन लोगों को पद से हटाएं और उन्हें दिये गए वेतन और अन्य भत्तों की तय समय सीमा में वसूली सुनिश्चित करें।
इस दौरान वसीम अकरम (एङ) ज़िलाध्यक्ष कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक बिजनौर, अल्पसंख्यक प्रदेश उपाध्यक्ष हुमांयू बेग, आदित्य राजपूत वरिष्ठ कांग्रेस नेता, विशाल अग्रवाल वरिष्ठ कांग्रेस नेता, वकार अहमद सभासद, मौ.नादिर मलिक ज़िला सचिव बिजनौर, सारिम नबी, वकार अहमद मेम्बर, तहजीब अमान, शादाब यूनुस, उज़ैर एड, जुल्फिकार अहमद, शाहिद मंसूरी, अफजाल अंसारी, पप्पू हलवाई, रिज्वान कुरैशी, डॉक्टर नदीम, वसीम मंसूरी, मुख्तार अंसारी, रशीद अहमद, डॉक्टर जुनैद अली, डॉक्टर अजीम अहमद, मतीन चौधरी, मौहम्मद हिफज़ान, शाहबाज़ अंसारी, नौशाद मलिक, दिलशाद अंसारी, महमूद अंसारी, जावेद, मौहम्मद दिलशाद, मोहम्मद अजमल, मास्टर अली, जमाल अब्बास, अशरफ अंसारी, रशीद मंसूरी, शफीक सैफी, इमरान सिद्दीकी, कुतुबुद्दीन अहमद, असिफ अंसारी, मौहम्मद आरिफ, आदिल अहमद आदि मौजूद रहे।
भागीरथ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट मदन लाल सैनी ने किया शुभारंभ
सिरधनी बिजनौर के दुर्गा मंदिर पर पूजन कार्यक्रम
बिजनौर। श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर ग्राम सिरधनी बिजनौर के दुर्गा मंदिर पर एडवोकेट मदन लाल सैनी राष्ट्रीय अध्यक्ष भागीरथ सेना एवं विशेष आमंत्रित सदस्य समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश एवं जिला अध्यक्ष महिला सभा प्रभा चौधरी, अंकुर प्रताप सैनी एवं अशोक कुमार शर्मा द्वारा फीता काटकर पूजा का शुभारंभ किया गया। इसके आयोजक कमल कुमार, जोगिंदर चौधरी, ओमप्रकाश सिंह आदि हैं।
इस अवसर पर राधा कृष्ण भगवान रूपी बच्चों ने सबका मन मोह लिया। कार्यक्रम में काफी संख्या में महिलाएं, बच्चे व पुरुष पूजा अर्चना करते हुए जय श्री कृष्णा का उद्घोष कर रहे थे।
बिजनौर। धनोरा चांदपुर रोड पर दरवाड़ा के पास देर रात ग्राम वागडपुर निवासी हर्ष वर्मा पुत्र सुशील वर्मा का अज्ञात वाहन से एक्सीडेंट हो गया। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हर्ष वर्मा का अखिलेश वर्मा व राजीव कुमार आदि की मदद से समाजसेवी शिवसेना जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह ने डॉक्टर पुलकित शर्मा के यहां इलाज कराया। इलाज करने के बाद जीवन ज्योति नर्सिंग होम में रेफर किया गया है।
साईं प्ले स्कूल में धूमधाम से मनाया गया जन्माष्टमी पर्व
उनकी संतान की तरह है स्कूल का प्रत्येक बच्चा: सुलेखा खन्ना
बिजनौर। साईं प्ले स्कूल में जन्माष्टमी महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। व्यापारी एकता परिषद ने राधा कृष्ण बने बच्चों को पुरस्कृत किया।
शहर के मोहल्ला खत्रियान में सुदामा पार्क के पास स्थित साईं प्ले स्कूल में जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। राधा और कृष्ण के भेष में सजधज कर आए नन्हे मुन्ने बच्चों ने जमकर डांस किया। इस दौरान व्यापारी एकता परिषद के तत्वाधान में राधा कृष्ण बनो प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। निर्णायक मंडल में वरिष्ठ पत्रकार अवनीश गौड़, व्यापारी एकता परिषद के प्रदेश महामंत्री देवेश चौधरी तथा स्कूल संस्थापिका सुलेखा खन्ना रही। इस प्रतियोगिता में कृष्ण के रूप में हरसुल शर्मा और आरुष देवल तथा राधा के रूप में अनु चावला और अदिति खन्ना को प्रथम स्थान पर चुना गया। इनके अलावा राधा कृष्ण का भेष धारण किए 10 बच्चों को भी विशेष पुरस्कार दिए गए। साथ ही विद्यालय के सभी शेष बच्चों और श्रेष्ठ शिक्षण कार्य के लिए विद्यालय के स्टाफ को भी पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर देवेश चौधरी ने कहा कि इस तरह के उत्सव और प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को अपने धर्म एवं संस्कृति का ज्ञान होता है। अवनीश गौड़ ने साईं स्कूल प्ले की संस्थापिका तथा समस्त स्टाफ की सराहना करते हुए कहा कि बहुत कम विद्यालय है जहां पढ़ाई के साथ इतनी एक्टिविटी कराई जाती है कि बच्चों को पता ही नहीं चल पाता कि खेल-खेल में वे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। संस्थापिका सुलेखा खन्ना ने कहा कि उनके स्कूल का प्रत्येक बच्चा उनकी संतान की तरह है। जैसे वे अपने बच्चों को कामयाब देखना चाहती हैं, इस तरह स्कूल के प्रति एक बच्चों को भी कामयाब करना चाहती हैं। अगर बच्चे की शुरुआती शिक्षा मजबूत होगी तो वह जिंदगी के हर इम्तिहान में कामयाब होगा। इसलिए उनका ध्यान बच्चों का बेस मजबूत करने पर है। कार्यक्रम में व्यापारी एकता परिषद से इंद्रदेव सिंह, स्कूल की अध्यापिकाएं मीना, प्रिया, मोनिका, आरजू, अंजुम, फरहाना, उजमा, अमिता, सानिया, शिवानी व सपना के साथ ही स्कूल के सह संस्थापक सागर खन्ना का विशेष सहयोग रहा।
फैन्सी ड्रेस प्रतियोगिता में मानस प्रथम, काव्या द्वितीय एवं आरवी ने प्राप्त किया तृतीय स्थान
जन्माष्टमी पर्व पर पुलिस लाइन में आयोजित किये गए कार्यक्रम
बिजनौर। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के पावन पर्व पर वामा सारथी उ०प्र० पुलिस फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वाधान में फैन्सी ड्रेस प्रतियोगिता एवं डान्स प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम आज दिनांक: 26 अगस्त 2024 को रिजर्व पुलिस लाइन्स, जनपद बिजनौर में संपन्न हुए।
वामा सारथी अध्यक्ष श्रीमती रिया पत्नी श्री अभिषेक, पुलिस अधीक्षक जनपद बिजनौर के निर्देशन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस परिवार से पुलिस कर्मियों के बच्चों ने प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। फैन्सी ड्रेस प्रतियोगिता में मानस ने प्रथम स्थान, काव्या ने द्वितीय स्थान एवं आरवी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम में श्रीमती विम्मी वाजपेयी पत्नी श्री संजीव कुमार वाजपेयी अपर पुलिस अधीक्षक नगर, श्रीमती वान्या सिंह पत्नी श्री संग्राम सिंह क्षेत्राधिकरी नगर एवं श्रीमती मीरा सिकरवार पत्नी श्री देवेन्द्र सिंह सिकरवार, प्रतिसार निरीक्षक रिजर्व पुलिस लाइन जनपद बिजनौर उपस्थित रहीं।
लोगों की सेहत को सुधारने और उनके खाने में पोषण के स्तर को बढ़ाने की योजना
राशन कार्ड धारकों को अब फ्री चावल की जगह मिलेंगी ये 09 जरूरी चीजेें
नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत सरकार ने गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए फ्री राशन योजना में एक बड़ा बदलाव किया है. पहले राशन कार्ड धारकों को फ्री चावल दिया जाता था, लेकिन अब फ्री चावल की जगह 09 जरूरी चीजेें दी जाएंगी.
क्या हैं ये जरूरी चीजें
भारत सरकार की फ्री राशन स्कीम के तहत देश के 90 करोड़ लोगों को फ्री राशन दिया जाता है. इनमें लोगों को पहले फ्री चावल दिए जाते थे, लेकिन अब नए फैसले के बाद फ्री चावल मिलना बंद हो जाएगा. सरकार ने लोगों की सेहत को सुधारने और उनके खाने में पोषण के स्तर को बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया है. इससे लोगों की क्वालिटी ऑफ लाइफ भी बेहतर होगी. अब सरकार फ्री चावल की जगह राशन कार्ड धारकों को 09 जरूरी चीजें देगी. इन चीजों में गेहूं, दालें, चना, चीनी, नमक, सरसों का तेल, आटा, सोयाबीन और मसाले शामिल हैं.
कैसे बनवा सकते हैं राशन कार्ड
अगर अब तक आपका राशन कार्ड नहीं बना है और आप इसके लिए पात्र हैं. तो फिर आप राशन कार्ड बनवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं. राशन कार्ड नजदीकी खाद्य और आपूर्ति विभाग कार्यालय से बन सकता है अथवा खाद्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से भी एप्लीकेशन फॉर्म डाउनलोड किया जा सकता है. एप्लीकेशन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सही से दर्ज करें. संबंधित दस्तावेज भी एप्लीकेशन के साथ अटैच करें. इसके बाद अपना एप्लीकेशन फॉर्म और संबंधित दस्तावेज नजदीकी राशनिंग कार्यालय में जमा कर दें. इसके बाद संबंधित अधिकारी आपके द्वारा दी गई जानकारी और एप्लीकेशन को वेरीफाई करेंगे. इसके बाद वह उसे आगे के लिए प्रोसेस करेंगे. वेरीफिकेशन प्रोसेस कंप्लीट होने के बाद आपका राशन कार्ड बन जाएगा और आप उस पर फ्री राशन ले सकेंगे.
5251 साल पहले हुआ था भगवान विष्णु के आठवें अवतार के रूप में भगवान श्री कृष्ण का जन्म
सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाई जाएगी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
~शैली सक्सेना
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। यह पर्व भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। भगवान श्री कृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र, वृषभ लग्न में मध्यरात्रि को हुआ था।
बिजनौर के सिविल लाइन स्थित धार्मिक संस्थान विष्णुलोक के ज्योतिषविद् पण्डित ललित शर्मा जी ने बताया कि धार्मिक ग्रन्थों के अनुसार, भगवान विष्णु के आठवें अवतार के रूप में भगवान श्री कृष्ण का जन्म आज से 5251 साल पहले हुआ था। इस साल जन्माष्टमी पर वही योग बन रहे हैं। 26 अगस्त को चन्द्रमा वृषभ राशि में ही विराजमान रहेंगे, रोहिणी नक्षत्र और अर्धरात्रि व्यापिनी अष्टमी तिथि रहेगी, सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण भी हो रहा है। अतः इस साल जन्माष्टमी बहुत शुभ फलदायी रहेगी। जब भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था, उस दिन सोमवार को रोहिणी नक्षत्र के साथ योग बना था। चन्द्रमा वृषभ राशि में गोचर कर रहे थे। रोहिणी नक्षत्र, अष्टमी तिथि, सर्वार्थ सिद्धि योग, वृषभस्थ चन्द्र के संयोग से जयंती योग बना था। यही योग 5251 साल बाद श्री कृष्ण के जन्मदिन 26 अगस्त 2024 को बन रहा है। इससे इस वर्ष जन्माष्टमी का महत्व कई गुना बढ़ जाएगा।
भगवान श्री कृष्ण की पूजन विधि:
इस दिन प्रातः काल सूर्योदय से पहले उठें और स्नान ध्यान करने के बाद एक चौकी पर आसन बिछाकर अपने लड्डू गोपाल को स्थापित करें। सबसे पहले पंचामृत से फिर उसके बाद शुद्ध जल से स्नान कराएं। इसके बाद कान्हा को नए वस्त्र पहनाकर उनका श्रृंगार करें तथा फल-फूल, धूप-दीप और भोग लगाकर पूजा अर्चना करें। जन्माष्टमी के दिन निम्न मंत्रों का जाप करना चाहिए –
“ॐ क्लीं कृष्णाय नमः”
“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः” साथ ही श्री गोपाल सहस्रनाम का पाठ करना चाहिए।
पूज्य पण्डित ललित शर्मा जी
इस साल जन्माष्टमी सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाई जाएगी। सर्वार्थ सिद्धि योग दोपहर 03 बजकर 55 मिनट से शुरू होकर 27 अगस्त को सुबह 05 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। वहीं रोहिणी नक्षत्र का प्रारंभ 26 अगस्त को दोपहर 03 बजकर 55 मिनट से हो रहा है और समापन 27 अगस्त को दोपहर 03 बजकर 38 मिनट मिनट पर होगा। अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में रात्रि पूजा का मुहूर्त 26 अगस्त को ही प्राप्त होगा।
आज से 5251 साल पहले हुआ था भगवान विष्णु के आठवें अवतार के रूप में भगवान श्री कृष्ण का जन्म
सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाई जाएगी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाई जाएगी। यह जानकारी देते हुए सिविल लाइन स्थित धार्मिक संस्थान विष्णुलोक के ज्योतिषविद् पण्डित ललित शर्मा ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। यह पूर्व भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। भगवान श्री कृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र, वृषभ लग्न में मध्यरात्रि को हुआ था। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 26 अगस्त 2024 को धूमधाम से मनाई जाएगी।
*पण्डित ललित शर्मा*
कुछ धार्मिक ग्रन्थों के अनुसार, भगवान विष्णु के आठवें अवतार के रूप में भगवान श्री कृष्ण का जन्म आज से 5251 साल पहले हुआ था। इस साल जन्माष्टमी पर वही योग बन रहे हैं। 26 अगस्त को चन्द्रमा वृषभ राशि में ही विराजमान रहेंगे रोहिणी नक्षत्र और अर्धरात्रि व्यापिनी अष्टमी तिथि रहेगी, सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण भी हो रहा है। अतः इस साल जन्माष्टमी बहुत शुभ फलदायी रहेगी। जब भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था, उस दिन सोमवार को रोहिणी नक्षत्र के साथ योग बना था। चन्द्रमा वृषभ राशि में गोचर कर रहे थे। रोहिणी नक्षत्र, अष्टमी तिथि सर्वार्थ सिद्धि योग, वृषभस्थ चन्द्र के संयोग से जयंती योग बना था। यही योग 5251 साल बाद श्री कृष्ण के जन्मदिन 26 अगस्त 2024 को बन रहा है। इससे इस वर्ष जन्माष्टमी का महत्व कई गुना बढ़ जाएगा।
भगवान श्री कृष्ण की पूजन विधि:
इस दिन प्रातः काल सूर्योदय से पहले उठें और स्नान ध्यान करने के बाद एक चौकी पर आसन बिछाकर अपने लड्डू गोपाल को स्थापित करें। सबसे पहले पंचामृत से; फिर उसके बाद शुद्ध जल से स्नान कराएं। इसके बाद कान्हा को नए वस्त्र पहनाकर उनका श्रृंगार करें तथा फल-फूल, धूप-दीप और भोग लगाकर पूजा अर्चना करें। जन्माष्टमी के दिन निम्न मंत्रों का जाप करना चाहिए –
“ॐ क्लीं कृष्णाय नमः” ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः” साथ ही… गोपाल सहस्रनाम का पाठ करना चाहिए।
सर्वार्थ सिद्धि योग में जन्माष्टमी –
इस साल जन्माष्टमी सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाई जाएगी। सर्वार्थ सिद्धि योग दोपहर 03 बजकर 55 मिनट से शुरू होकर 27 अगस्त को सुबह 05 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। वहीं रोहिणी नक्षत्र का प्रारंभ 26 अगस्त को दोपहर 03 बजकर 55 मिनट से हो रहा है और समापन 27 अगस्त को दोपहर 03 बजकर 38 मिनट मिनट पर होगा। अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में रात्रि पूजा का मुहूर्त 26 अगस्त को ही प्राप्त होगा।
शैली सक्सेना। शनिदेव की पीड़ा को शांत करने लिए पीपल के वृक्ष की पूजा का विधान बताया गया है। शनि की साढ़े साती या ढैय्या के चलते पीपल के पेड़ की पूजा करना और उसकी परिक्रमा करने से शनि की पीड़ा झेलनी नहीं पड़ती। वहीं पीपल का वृक्ष लगाने से शनि की कृपा प्राप्त होती है।
पद्म पुराण के अनुसार पीपल का वृक्ष भगवान विष्णु का स्वरूप है। इसलिए इस वृक्ष को धार्मिक क्षेत्र में श्रेष्ठ देव वृक्ष की पदवी मिली और इसका विधिवत पूजन आरंभ हुआ। पीपल के वृक्ष को प्रणाम कर उसकी परिक्रमा करने से मानव की आयु लंबी होती है। …जो व्यक्ति इसके वृक्ष पर जल समर्पित करता है, उसके सभी पापों का अंत होकर स्वर्ग की प्राप्ति होती है। शनिदेव की पीड़ा को शांत करने लिए भी पीपल के वृक्ष की पूजा का विधान बताया गया है।
पीपल में है त्रिदेव का वास
गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं – ‘अश्वत्थः सर्ववृक्षाणाम’ अर्थात; मैं सब वृक्षों में पीपल का वृक्ष हूँ’ इस कथन में उन्होंने अपने आपको पीपल के वृक्ष के समान ही घोषित किया है। पीपल ऐसा वृक्ष है जिसमें त्रिदेव निवास करते हैं। जिसकी जड़ में श्री विष्णु, तने में भगवान शंकर तथा अग्रभाग में साक्षात ब्रह्माजी निवास करते हैं। अश्वत्थ वृक्ष के रूप में साक्षात श्रीहरि ही इस भूतल पर निवास करते हैं। जैसे संसार में ब्राह्मण, गौ तथा देवता पूजनीय होते हैं,उसी प्रकार पीपल का वृक्ष भी अत्यंत पूजनीय माना गया है। पीपल को रोपने, रक्षा करने, छूने तथा पूजने से क्रमशः धन, उत्तम संतान, स्वर्ग और मोक्ष प्रदान करता है। इसके आलावा पीपल में पितरों का वास माना गया है,सब तीर्थों का इसमें निवास होता है इसलिए मुंडन आदि संस्कार पीपल के नीचे करवाने का विधान है। पीपल की छाया यज्ञ, हवन, पूजापाठ, पुराण कथा आदि के लिए श्रेष्ठ मानी गई है। इसके पत्तों की वंदनवार को शुभ कार्यों में द्वार पर लगाया जाता है।
शनि की शुभता के लिए पीपल की पूजा
ज्योतिषीय दृष्टि से पीपल का संबंध शनि से माना जाता है। पीपल की जड़ में शनिवार को जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है। शनि की साढ़े साती या ढैय्या के चलते पीपल के पेड़ की पूजा करना और उसकी परिक्रमा करने से शनि की पीड़ा झेलनी नहीं पड़ती। पीपल का वृक्ष लगाने से शनि की कृपा प्राप्त होती है।पीपल को मिला शनि का वरदान
पीपल को मिला शनि का वरदान
पौराणिक कथा के अनुसार एक बार अगस्त्य ऋषि दक्षिण दिशा में अपने शिष्यों के साथ गोमती नदी के तट पर गए और एक वर्ष तक यज्ञ करते रहे। उस समय स्वर्ग पर राक्षसों का राज था। कैटभ नाम के राक्षस ने पीपल का रूप लेकर यज्ञ में ब्राह्मणों को परेशान करना शुरू कर दिया, वह ब्राह्मणों को मारकर खा जाता था। जैसे ही कोई ब्राह्मण पीपल के पेड़ की टहनियां या पत्ते तोड़ने जाता तो राक्षस उनको खा जाता। लगातार अपनी संख्या कम होते देख ऋषि मुनि मदद के लिए शनि देव के पास गए। इसके बाद शनि देव ब्राह्मण का रूप लेकर पीपल के पेड़ के पास गए। वहीं पेड़ बना राक्षस शनि देव को साधारण ब्राह्मण समझकर खा गया। इसके बाद भगवान शनि उसका पेट चीरकर बाहर निकले और उस दैत्य का अंत किया। राक्षस का अंत होने से प्रसन्न ऋषि मुनियों ने शनि देव की जय जयकार करते हुए बहुत धन्यवाद दिया। शनि देव ने भी प्रसन्न होकर कहा कि जो भी प्राणी शनिवार के दिन पीपल के पेड़ का स्पर्श करेगा या उसकी पूजा करेगा, उसके सभी मनोरथ पूर्ण होंगे। वहीं जो भी व्यक्ति इस पेड़ के पास स्नान, ध्यान, हवन और पूजा करेगा, उसे मेरी पीड़ा कभी भी झेलनी नहीं पड़ेगी।
NACDAOR ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए लिस्ट की जारी
आज भारत बंद: बेहद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
नई दिल्ली / लखनऊ। आरक्षण के मुद्दे पर बुलाए गए भारत बंद का समर्थन बसपा, आरजेडी ने किया है। चिराग पासवान की पार्टी ने तो बंद का समर्थन किया, लेकिन जीतन राम मांझी और उनकी पार्टी बंद के खिलाफ हैं।
अनुसूचित जाति (SC) व जनजाति (ST) आरक्षण में क्रीमीलेयर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ देश भर के विभिन्न संगठनों ने आज 21 अगस्त को ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है। दलित और आदिवासी संगठनों ने हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए मजबूत प्रतिनिधित्व और सुरक्षा की मांग को लेकर ये बंद बुलाया है। दलित और आदिवासी संगठनों के राष्ट्रीय परिसंघ (NACDAOR) ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए न्याय और समानता सहित मांगों की एक लिस्ट जारी की है।
बंद की वजह?
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के सात न्यायाधीशों की पीठ द्वारा दिए गए एक फैसले के प्रति दलित और आदिवासी संगठनों के राष्ट्रीय परिसंघ NACDAOR ने विपरीत दृष्टिकोण अपनाया है। उनके अनुसार यह इंदिरा साहनी जैसे ऐतिहासिक मामले में नौ न्यायाधीशों की पीठ के पहले के फैसले को कमजोर करता है, जिसने भारत में आरक्षण के लिए रूपरेखा स्थापित की थी। NACDAOR ने सरकार से इस फैसले को खारिज करने का आग्रह करते हुए तर्क दिया कि यह एससी और एसटी के संवैधानिक अधिकारों को खतरा पहुंचाता है। संगठन एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षण पर संसद के एक नए अधिनियम के अधिनियमन की भी मांग कर रहा है, जिसे संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करके संरक्षित किया जाएगा। तर्क ये है कि इससे इन प्रावधानों को न्यायिक हस्तक्षेप से बचाया जा सकेगा और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा मिलेगा।
जाति-आधारित डेटा को तत्काल हो जारी
NACDAOR ने सरकारी सेवाओं में SC/ST/OBC कर्मचारियों के जाति-आधारित डेटा को तत्काल जारी करने की भी मांग की है ताकि उनका सटीक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके। इसके अलावा समाज के सभी वर्गों से न्यायिक अधिकारियों और न्यायाधीशों की भर्ती के लिए एक भारतीय न्यायिक सेवा की स्थापना की भी मांग की जा रही है, जिसका लक्ष्य हायर ज्यूडिशियरी में SC, ST और OBC श्रेणियों से 50 फीसदी प्रतिनिधित्व लेना है। संगठन ने केंद्र और राज्य सरकार के विभागों के साथ-साथ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में सभी बैकलॉग रिक्तियों को भरने का आह्वान किया है। निकाय ने कहा कि सरकारी प्रोत्साहन या निवेश से लाभान्वित होने वाली निजी क्षेत्र की कंपनियों को अपनी फर्मों में सकारात्मक कार्रवाई की नीतियां लागू करनी चाहिए। NACDAOR ने दलितों, आदिवासियों और ओबीसी से बुधवार को शांतिपूर्ण आंदोलन में भाग लेने की अपील की है।
ये हैं दो शर्त और मांग…
1. एससी के भीतर किसी एक जाति को 100% कोटा नहीं दिया जा सकता। 2. एससी में शामिल किसी जाति का कोटा तय करने से पहले उसकी हिस्सेदारी का पुख्ता डेटा होना चाहिए। इसके अलावा भारत बंद बुलाने वाले संगठनों की मांग है कि सुप्रीम कोर्ट कोटे में कोटा वाले फैसले को वापस ले या पुनर्विचार करे।
समर्थन में आरजेडी सहित कई दल
बसपा, आरजेडी और चिराग पासवान की पार्टी ने भी आरक्षण के मुद्दे पर बुलाए गए भारत बंद का समर्थन किया है। वहीं जीतन राम मांझी और उनकी पार्टी ने कहा कि वह बंद के खिलाफ हैं और इसका समर्थन नहीं करते। भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद, भारत आदिवासी पार्टी मोहन लात राउत का भी समर्थन मिल रहा है। समर्थन में कांग्रेस समेत कुछ पार्टियों के नेता भी हैं।
शांति बनाए रखने को कड़े उपाय
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुलिस अधिकारियों ने बंद की तैयारी का आंकलन करने के लिए बैठक की। सभी संभागीय आयुक्त, जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया। उन्हें बंद के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए जिलों में अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात करने का निर्देश दिया गया है।
खुली रहेंगी इमरजेंसी सेवाएं
बंद के दौरान एम्बुलेंस, हॉस्पिटल और चिकित्सा सेवाओं सहित इमरजेंसी सेवाएं खुली रहेंगी। सरकारी दफ्तर, बैंक, पेट्रोल पंप, स्कूल और कॉलेज में सामान्य रूप से कामकाज होगा, वहीं सार्वजनिक परिवहन, रेल सेवाएं चालू रहेंगी।
ट्रैक पर क्लैंप की मदद से बांधा गया था पटरी का टुकड़ा?
टीटीई, गार्ड, वेंडर समेत 02 हजार लोगों के लिए जाएंगे बयान
साबरमती ट्रेन को पलटाने की थी साजिश!
कानपुर (एजेंसी)। वाराणसी से अहमदाबाद जाती साबरमती एक्सप्रेस को पलटाने की साजिश रची गई थी? मौके पर मिले पटरी के टुकड़े और क्लैंप से ट्रेन हादसे के पीछे साजिश की आशंका से इंकार कोई अधिकारी नहीं कर रहा है।
साबरमती एक्सप्रेस (19168) के शुक्रवार देर रात पनकी क्षेत्र में बेपटरी हो गई थी। इस मामले को लेकर एटीएस, पुलिस, आरपीएफ के साथ ही अन्य जांच एजेंसियां सक्रिय हैं। जांच के दौरान करीब दो हजार लोगों के बयान लिए जाने की बात कही जा रही है। इसमें यात्रियों के अलावा टीटीई, गार्ड, वेंडर, क्रॉसिंग के गेटमैन आदि शामिल हैं। कुल मिलाकर अभी तक इस हादसे के पीछे किसी साजिश की आशंका से इंकार नहीं किया जा रहा!
गौरतलब है कि गोविंदपुरी स्टेशन से होते हुए भीमसेन स्टेशन की ओर जाते समय पनकी क्षेत्र में रात के करीब ढाई बजे किसी चीज से टकराकर साबरमती एक्सप्रेस के इंजन सहित सभी 22 बोगियां बेपटरी हो गईं थीं। बाद में पास ही एक पुरानी पटरी का एक टुकड़ा और क्लैंप बरामद हुआ था। फोरेंसिक टीम ने आशंका जताई थी कि पटरी के टुकड़े को क्लैंप की मदद से ट्रैक पर बांधा गया था। इससे इस आशंका को बल मिला है कि ट्रेन को पलटाने की साजिश रची गई होगी! पनकी पुलिस ने सीनियर सेक्शन इंजीनियर महेंद्र प्रताप सिंह सिसोदिया की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने शनिवार शाम से लेकर रविवार दोपहर तक घटनास्थल के नजदीक की इकाइयों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज हासिल किए। फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पड़ताल की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने ट्रेन में सवार सभी 1702 यात्रियों समेत पूरे स्टाफ के बयान दर्ज करने के लिए निर्देशित किया है। पुलिस ने सोमवार को औद्योगिक इकाइयों के कुछ गार्ड समेत कई के बयान लिए।
प्रयागराज एलआईयू और एटीएस
हादसे की जांच के लिए रविवार दोपहर प्रयागराज से आई एलआईयू की टीम ने गोविंदपुरी और सेंट्रल स्टेशन पर पूछताछ की। ट्रैक पर काम कर रहे कर्मियों, स्टाफ, रेलवे इंजीनियर और औद्योगिक इकाइयों के गार्ड के बयान लिए। वहीं एटीएस की टीम ने हादसे वाले क्षेत्र का मौका मुआयना किया। ट्रैक देखने के बाद रेलवे अधिकारियों से बातचीत की। लोको पायलट और गार्ड से भी जानकारी जुटाई। एटीएस ने पनकी पुलिस से आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज मांगे हैं। बताया जा रहा है कि गोविंदपुरी स्टेशन के स्टाफ, रास्ते में पड़ने वाली रेलवे क्रॉसिंग के गेटमैन से भी जानकारी जुटाई जाएगी।
जांच एसआईटी के हवाले
साबरमती एक्सप्रेस हादसे की जांच के लिए डीसीपी पश्चिम ने इंस्पेक्टर पनकी मानवेंद्र सिंह ने नेतृत्व में एसआईटी गठित की है। टीम में अतिरिक्त निरीक्षक सुनील कुमार त्रिपाठी, डीसीपी पश्चिम कार्यालय में तैनात राकेश कुमार सिंह, एसआई पुष्पराज सिंह, मुजम्मिल हुसैन, प्रियंका यादव, कांस्टेबल सुधीर चौधरी, गौरव सिंह, कुलदीप यादव और महिला कांस्टेबल रीनू को शामिल हैं।
प्राचीन काल से ही अपने देश के उत्सव एवं पर्व, सामाजिक, समरसता एवं सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ाने वाले रहे हैं। रक्षाबन्धन इसी परम्परा की एक सशक्त कड़ी है।
रक्षा बन्धन को श्रावणी-पर्व भी कहा जाता है। प्राचीन काल में श्रावणी-पर्व शिक्षा से सम्बन्धित पर्व माना जाता था। उस समय अपने देश में वर्षा-काल में यातायात के सुलभ साधन उपलब्ध न होने के कारण विद्या अध्ययन केन्द्र (गुरुकुल), जो नगरों से दूर बाहर जंगलों में होते थे, एकान्तवास रहता था। शिक्षा संस्थान इन दिनों बन्द कर दिये जाते थे। ऐसे समय में आचार्यवृन्द श्रावणी-पूर्णिमा से स्वाध्याय-रत होकर अधिक ज्ञानोपर्जन हेतु एक वृहद यज्ञ के रूप में उपाकर्म करते जो श्रावणी से आरम्भ होकर मार्गशीर्ष-मास तक निरन्तर चलता था।
समय के साथ-साथ इस पर्व का रूप भी परिवर्तित होता गया। इस पर्व का आरम्भ और विसर्जन एक ही दिन किया जाने लगा। स्कन्द पुराण के अनुसार श्रावणी-पूर्णिमा को प्रातः ब्रह्ममुहूर्त में विद्वान लोग ब्राह्मणादि (श्रृति-स्मृतिज्ञान में निपुण विद्वान) सरोवर में स्नान कर नवीन यज्ञोपवीत धारण करते थे तथा पितृ, ऋषि एवं देवताओं का तर्पण करने के पश्चात् राजाओं एवं अन्य बन्धु-बान्धवों तथा यजमानों के हाथ में शुद्ध स्वर्णिम सूत्र बान्धते हुए शुभ कामनाएं करते थे।
वर्तमान में रक्षाबन्धन के त्योहार को आमतौर पर भाई-बहनों का पर्व मानते हैं लेकिन, अलग-अलग स्थानों एवं लोक परम्परा के अनुसार अलग-अलग रूप में रक्षाबन्धन का पर्व मानते हैं। वैसे इस पर्व का सम्बन्ध रक्षा से है। जो भी आपकी रक्षा करने वाला है, उसके प्रति आभार दर्शाने के लिए आप उसे रक्षासूत्र बांध सकते हैं।
राखी या रक्षाबन्धन भाई और बहन के रिश्ते की पहचान माना जाता है। राखी का धागा बांध कर बहन अपने भाई से अपनी रक्षा का प्रण लेती है।
रक्षा बन्धन का ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व भी है, लक्ष्मी जी ने बांधी थी राजा बलि को राखी
राजा बलि ने यज्ञ संपन्न कर स्वर्ग पर अधिकार जमाने की कोशिश की थी। बलि की तपस्या से घबराए देवराज इंद्र ने भगवान विष्णु जी से प्रार्थना की। विष्णु जी वामन ब्राम्हण का रूप रखकर राजा बलि से भिक्षा अर्चन के लिए पहुंचे। गुरु शुक्राचार्य के मना करने पर भी बलि ने अपने संकल्प को नहीं छोड़ा और तीन पग भूमि दान कर दी। वामन रूपी भगवान ने तीन पग में आकाश-पाताल और धरती नाप कर राजा बलि को रसातल में भेज दिया। बलि ने भक्ति के बल पर विष्णु जी से हर समय अपने सामने रहने का वचन ले लिया। इससे लक्ष्मीजी चिंतित हो गईं। नारद जी के कहने पर लक्ष्मी जी बलि के पास गई और रक्षा सूत्र बांधकर उसे अपना भाई बनाया और संकल्प में बलि से विष्णु जी को अपने साथ ले आईं। उसी समय से राखी बांधने का क्रम शुरु हुआ जो आज भी अनवरत जारी है।
रक्षासूत्र बांधकर देवासुर संग्राम में इंद्राणी ने दिलाई थी विजय
सबसे महत्वपूर्ण घटना देवासुर संग्राम की है, जिससे रक्षा-सूत्र अथवा रक्षाबन्धन के महत्व का ज्ञान होता है। सर्व विदित है कि देव-दानव युद्ध बारह वर्षों तक चलता रहा। देवताओं की पराजय प्रायः निश्चित प्रतीत हो रही थी। देवराज इन्द्र युद्ध भूमि से भागने की स्थिति में आ गये थे। यह समाचार उनकी पत्नी शची (इन्द्राणी) ने देवगुरु बृहस्पति को जा कर सुनाया और अपने पति इन्द्र की विजय का उपाय पूछा। गुरु बृहस्पति के सुझाव से इन्द्राणी ने रक्षा-व्रत का आयोजन कर अपने सतीत्व बल के आधार पर देवराज इंद्र के दाहिने हाथ पर शक्ति-सम्पन्न रक्षा-सूत्र बांधते हुए कहा-
“अर्थात जिस (रेशमी सूत्र) ने महाशक्तिशाली असुर-राज बलि को भी बाँध दिया, उसी रक्षा-सूत्र से मैं आपको बाँधती हूँ, आप अपने धर्म पर सदा अचल रहें। इस प्रकार शची (इन्द्राणी) द्वारा प्रदत्त सतीत्व बल आधारित रक्षा-कवच के प्रभाव से देवराज इन्द्र ने युद्ध में विजय पाई।”
द्रौपदी ने बांधी थी भगवान कृष्ण को राखी
राखी का एक कथानक महाभारत काल से भी प्रसिद्ध है। भगवान श्रीकृष्ण ने रक्षा सूत्र के विषय में युधिष्ठिर से कहा था कि रक्षाबंधन का त्यौहार अपनी सेना के साथ मनाओ इससे पाण्डवों एवं उनकी सेना की रक्षा होगी। श्रीकृष्ण ने यह भी कहा था कि रक्षा सूत्र में अद्भुत शक्ति होती है।
रक्त रोकने के लिए बांधा धोती का कपड़ा
शिशुपाल का वध करते समय कृष्ण की तर्जनी में चोट आ गई, तो द्रौपदी ने रक्त रोकने के लिए अपनी धोती (साड़ी) फाड़ कर उनकी उंगली पर बांध दी थी। यह भी श्रावण मास की पूर्णिमा का दिन था। भगवान ने चीरहरण के समय उनकी लाज बचाकर यह कर्ज चुकाया था। उसी समय से राखी बांधने का क्रम शुरु हुआ।
वास्तव में यह पर्व सामाजिक समता व समरसता का पर्व है। इसमें समाज के सभी स्त्री-पुरुष, वर्ग व भेदभाव के एक दूसरे को रक्षा-सूत्र बाँधते हुए संकल्प लेते हैं कि मैं अपनी शक्ति व बल के आधार पर आपकी (जिस को रक्षा-सूत्र बाँधा जाता है) रक्षा करुंगा या करुंगी।
प्रत्येक व्यक्ति का अपना-अपना बल है। उदाहरणार्थ – किसी में बुद्धि बल है तो किसी में ज्ञान बल है, इसी प्रकार बाहुबल, धन-बल, तबोबल, सतीत्व बल आदि-आदि सब में अपने-अपने हैं, जिसमें जो बल या शक्ति है, वह उसी के द्वारा सामने वाले की रक्षा करेगा।
हम भी इस दिन परम वन्दनीय भगवाध्वज को रक्षा-सूत्र बाँध कर संकल्प करते हैं कि इस ध्वज की रक्षा का भार हम पर है। जिस समाज, राष्ट्र वा संस्कृति का यह पवित्र ध्वज प्रतीक है, हम उसकी रक्षा करेंगे। यह समाज का परस्परावलम्बी व अन्योन्याश्रित न्याय का पर्व है। ~ पनपा “गोरखपुरी” परमानंद पांडेय अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष भोजपुरी सेवा न्यास
~ पनपा “गोरखपुरी” परमानंद पांडेय अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष भोजपुरी सेवा न्यास
रक्षाबंधन पर भद्राकाल 19 अगस्त की रात 02.21 बजे से दोपहर 01.30 बजे तक रहेगा। सुबह 09.51 से 10.53 तक पर भद्रा पुंछ रहेगा। इसके बाद 10.53 से 12.37 तक भद्रा मुख रहेगा। भद्रा काल दोपहर 01.30 बजे समाप्त हो जाएगा। ज्योतिषियों के अनुसार इस रक्षाबंधन पर भद्रा काल का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। दरअसल, चंद्रमा के मकर राशि में होने के कारण भद्रा का निवास पाताल लोक में रहेगा। इसलिए धरती पर होने वाले शुभ कार्य बाधित नहीं होंगे। अतः रक्षाबंधन पर किसी भी समय राखी बांधी जा सकती है।
जिस लोक में वास, वहीं प्रभाव
भद्रा जिस लोक में वास करती है, वहीं प्रभावी रहती है। ज्योतिष गणना के अनुसार चंद्रमा जब कर्क, सिंह, कुंभ या मीन राशि में होता है, तब भद्रा का वास पृथ्वी में होता है। वहीं जब चंद्रमा मेष, वृष, मिथुन और वृश्चिक राशि में रहता है तब भद्रा स्वर्गलोक में रहती है। जब चंद्रमा कन्या, तुला, धनु या मकर राशि में होता है तो भद्रा का वास पाताल लोक में माना गया है।
भगवान शनि देव की बहन हैं भद्रा
शास्त्रों के अनुसार रक्षाबंधन पर भद्रा काल रहने के दौरान राखी बांधना अशुभ होता है। भद्रा के शुरू होने से पहले या फिर भद्रा के खत्म होने के बाद ही राखी बांधी जाती है। पौराणिक कथा के अनुसार भद्रा भगवान सूर्य और पत्नी छाया की पुत्री व भगवान शनि देव की बहन हैं। भद्रा जन्म से ही बहुत ही चंचल और उग्र स्वभाव की थीं। भद्रा यज्ञों में विघ्न-बाधा और मंगल कार्यों में उपद्रव मचाती थीं। साथ ही सारे जगत को पीड़ा पहुंचाने लगी। एक मान्यता यह भी है कि रावण की बहन ने भद्रा काल में राखी बांधी थी, इस कारण प्रभु राम के हाथों रावण का वध हुआ। (समस्त जानकारी विभिन्न स्रोतों से प्राप्त कर प्रकाशित की गई है)
संस्कृतोत्सव मूल कन्नड लेखक – नं. श्रीकंठ कुमार हिंदी अनुवाद- डा. करुणालक्ष्मी के.एस.
भाषा एक संचार साधन के रूप में जन्म लेकर बढती आयी है। हर एक भाषा का हजारों वर्ष का इतिहास देखने को मिलता है। दुनिया में हजारों भाषाएँ हैं, उनमें कई भाषाओं के लिए लिपि भी नहीं है, ऐसी भाषाएँ केवल संभाषण के रूप में चलती आयी हैं। संस्कृत अत्यंत प्राचीन भाषा मानी जाती है। यह भाषा भगवान के मुँह से निकली देवभाषा, गीर्वाण भाषा कही जाती है। उसकी प्राचीनता के संबंध में काल निश्चित करना संभव न होने पर भी प्राप्त जानकारी के अनुसार पाश्चात्यों ने ई.पू. 1500 तक इसकी प्राचीनता का अंदाजा लगाया है। यह भारतीयों के लिए गर्व का विषय है। यह मात्र प्राचीन ही नहीं, समृद्ध और वैज्ञानिक भी है और कई भाषाओं के लिए मातृस्वरूप है। हिंदी भाषा तथा कन्नड,तेलुगु, मलयालम आदि क्षेत्रीय भाषाओं को समग्र रूप से जानने के लिए संस्कृत का ज्ञान अत्यंत पूरक है। अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के लिए उस भौगोलिक प्रदेश की पृष्ठ्भूमि रहती है। लेकिन संस्कृत ऐसी भौगोलिक सीमाओं से परे राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर की भाषा भी है। उसमें निहित वेद, दर्शन, रामायण, महाभारत, शाकुंतल आदि ग्रंथ वैश्विक स्तर पर पूजनीय माने जाते हैं। इतना ही नहीं, संस्कृत भाषा से अनूदित साहित्य से क्षेत्रीय भाषाएँ समृद्ध हुई हैं। संस्कृत भाषा और साहित्य ने विश्व को महत्वपूर्ण योगदान दिया है। संस्कृत भाषा व साहित्य में कला और विज्ञान से संबंधित विशिष्ट बातों का उल्लेख है। सरल शब्दों में कला प्रतिभाप्रधान है। प्राचीन भारत में हर एक ज्ञान शाखा को और कला को ब्रह्मज्ञान पाने का पूरक मार्ग माना जाता था। कई संस्कृत ग्रंथों में कलाओं की संख्या 64 होने से और रामायण, महाभारत, पुराणादि ग्रंथ, वात्सायन कामसूत्र में भी 64 कलाओं का उल्लेख है। कंसवध के बाद सांदीपनी महर्षि के पास गुरुकुल में विद्या सीखने जाने पर श्री कृष्ण ने केवल 64 दिनों में 64 कलाएँ, 14 विद्याएँ सीखीं, ऐसा उल्लेख है। ऐसे ही काव्य, विज्ञान, अर्थशास्त्र, गणित, न्यायालय के निर्णय, आयुर्वेद और प्रस्तुत समय में प्रसिद्ध संस्थाओं के ध्येयवाक्यों को भी संस्कृत में देख सकते हैं।
संस्कृत और काव्य : कवि की कृति को ‘काव्य’ कहते हैं। लेकिन लिखनेवाला हर कोई कवि नहीं कहलाता। लिखा हुआ सब कुछ काव्य नहीं हो सकता। कवियों में पुराने जन्मों और अब के जन्म के उत्तम संस्कार, श्रेष्ठ गुरुओं के पास अध्ययन, उदात्त लोगों का निरंतर मार्गदर्शन, प्रवास, हर दिन पठन, चिंतन आदि होने चाहिए। तब जाकर वह कवि, महाकवि बन सकता है। वाल्मीकी जी दुनिया के प्रथम कवि माने जाते हैं। उनके द्वारा संसार को समर्पित रामायण ‘आदिकाव्य’ नाम से प्रसिद्ध है। सांकेतिक रूप से पाँच और कृतियाँ संस्कृत में महाकाव्य के रूप में प्रसिद्ध हैं। वे हैं – महाकवि कालिदास विरचित रघुवंश और कुमारसंभव, भारवी द्वारा रचित किरातार्जुनीय, माघ का शिशुपालवध और श्री हर्ष विरचित नैषधीयचरित। विश्वप्रसिद्ध पंचतंत्र के रचयिता विष्णुशर्मा, समकालीन कवि नागपुर के डा. श्रीधरभास्कर वर्णेकर द्वारा विरचित शिवराज्योदयम, ज्ञानपीठ पुरस्कृत संस्कृत महाकवि डा. सत्यव्रतशास्त्री विरचित रामकीर्तिमहाकाव्यम, बृहत्तर भारतम ऐसे कई महाकाव्य उल्लेखयोग्य हैं। राष्ट्रपति पुरस्कार से पुरस्कृत मैसूर के विद्वान डा. एच,वी.नागराजराव जी भारत के सुप्रसिद्ध संस्कृत महाकवि हैं, जिनके द्वारा रचित दसों शतक प्रसिद्ध हैं।
संस्कृत और विज्ञान: संस्कृत विज्ञान में अत्यंत बडी मात्रा में उपलब्ध खगोलशास्त्र की ज्ञानराशि हमारे प्राचीनकाल से हमारे साथ ही है। यह अवधि ई.पू.6000 ई के ऋग्वेद के मंत्र से लेकर 14 वें दशक के सायणाचार्य जी की व्याख्या तक पसरी हुई है। वेदकाल के बाद ख्यात ऋषिसदृश कई प्रसिद्ध वैज्ञानिकों को हम देख सकते हैं। प्रमुख रूप से ईसा की 5 वीं सदी का आर्यभट, 7 वीं सदी का भास्कर-1, ईसा की 12 वीं सदी का भास्कर-2 आदि। ऐसा बताया जाता है कि सूर्यदेव के प्रकाश की किरणों की गति को 19वीं सदी के पाश्चात्य वैज्ञानिक मैखालसन और मार्ले नामक व्यक्तियों ने अन्वेषित किया । लेकिन प्राचीन भारत के वैज्ञानिक महर्षियों ने ई.पू. 6000 साल से पहले ही इसका अन्वेषण किया था, यह गर्व की बात है।
संस्कृत और अर्थशास्त्र: अर्थशास्त्र अथर्ववेद का उपवेद है। यह राजनीति से संबंधित कई बातों की जानकारी देता है। आचार्य विष्णुगुप्त अर्थशास्त्र के प्रणेता है। चाणक्य, कौटिल्य, आदि उनके उपनाम हैं| जीवन निर्वाह के लिए जो आवश्यक है उसे कौटिल्य ने अर्थ कहा है। इस अर्थ के लाभ और संरक्षण के क्रम को अर्थशास्त्र विस्तृत रूप से जानकारी देता है। चाणक्य ने राज्य की रक्षा, किले, चार सांप्रदायिक विद्याएँ, चार राजकीय उपाय, छः प्रकार के विदेश नीति, मंडल व्यवस्था, राजा के दंडनाधिकार, मंत्रि परिषद की रचना, राजा द्वारा अपने पुत्र, पत्नी, बंधुओं की परीक्षा करने का विधान, राजा की मृत्यु पर मंत्री का कार्यभार, शत्रुओं का सामना करने के तंत्र, रक्षा के उपाय, गूढचर्या, विभिन्न विभागों के अध्यक्षों के कार्य, शिक्षा विधान आदि विचारों को कौटिल्य ने विस्तार से समझाया है। पहली बार कौटिल्य के अर्थशास्त्र ग्रंथ का संपादन करके मैसूर के रुद्रपट्टण के डा.आर.शामशास्त्री जी ने ग्रंथरूप में प्रकाशित किया। 1909 में इसे दुनिया में पहली बार मुद्रित करके प्रकाशित करने का गर्व मैसूर के प्राच्यविद्यासंशोधनालय का है।
संस्कृत और गणित : एक समय था, जब गणित को संस्कृत भाषा में पढाया जाता था। आज इसे सुनकर आश्चर्य होता है। किसी भी विषय को लय के द्वारा समझाने से मन को न केवल आह्लाद मिलता है, बल्कि वह ज्यादा समय तक मन में टिक भी जाता है, यह अनुभवजन्य सत्य है। इसलिए गणित जैसे कठिन विषय को भी लय, छ्न्दोबद्ध पदों के द्वारा न केवल सुस्पष्ट रूप से बल्कि सुलभ रीति से समझाया जाता था। हमारे स्कूलों-कालेजों में सिखाये जा रहे कई गणित प्रमेय पहले संस्कृत साहित्य में मौजूद थे, यह बात आज भी बहुत लोग नहीं जानते। इतिहास यह बताता है कि आज प्रौढशाला में सिखाया जानेवाला ‘पैथागोरस प्रमेय’ ईसा के 500 वर्षों से पहले ही अन्वेषित था। बताया जाता है कि उससे भी पहले ई.पू.600 सालों से पूर्व इस प्रमेय को संस्कृत के शुल्बसूत्रों में बताया गया था। शुल्ब सूत्र अपस्तंब, बोधायन, मानन, कात्यायन आदि पंडितों द्वारा बताया गया था। विज्ञान को न्यूटन से कई शतक पहले हमारे यहाँ प्रतिपादित करनेवाले थे द्वितीय भास्कराचार्य, जिनको हम कैल्कुलस के पितामह कह सकते हैं। त्रिकोन मति के विकास के लिए कारणीभूत प्रथम आर्यभट, द्वितीय आर्यभट, ब्रह्मगुप्त तथा माधव आदि का स्मरण करना अत्यंत आवश्यक है।
संस्कृत और न्यायालय: आज न्यायालयों में कई संदर्भों में वकालत करते समय साक्षी को महत्व दिया जाता है। हर कोई भरोसेमंद साक्षी नहीं बन सकता। उसके लिए कई मानदण्ड हैं। जो साक्षी देता है, उसे सत्य ही बोलना है, वह भरोसेमंद व्यक्ति होना चाहिए, आत्मविश्वासी होना चाहिए, निर्भीत होना चाहिए ऐसे गुणों का उल्लेख किया जा सकता है। इसे कई हजार साल पहले हमारे संस्कृत ग्रन्थों में स्पष्ट रूप से उल्लेखित किया गया है। यह कोई अतिशयोक्ति नहीं है। याज्ञवल्क्य स्मृति में आनेवाले व्यवहाराध्याय में साक्षी के गुणधर्मों की विवेचना की गई है। इतना ही नहीं, याज्ञवल्क्य स्मृति के प्रसिद्ध व्याख्याता विज्ञानेश्वर लिखित मिताक्षर नामक ग्रंथ का अनुसरण करके ही सर्वोच्च न्यायालय में कई निर्णय प्रकट होते हैं, यह ध्यान देने योग्य बात है।
संस्कृत और आयुर्वेद : आयुर्वेद मात्र भारतीयों को नहीं, विदेशियों को भी अपनी ओर खींचनेवाली विशिष्ट पद्धति है। आयु यानी आयुष्य, वेद यानी विज्ञान। अपनी संपूर्ण जीवतावधि को स्वस्थ होकर बिताने के लिए पालन किए जानेवाले विधानों के निरूपण के बारे में आयुर्वेद में महत्व दिया गया है। कई हजार साल पहले भूमि पर लोगों में रोग दिखाई देने पर ऋषिमुनिगण भगवान की शरण में जाते हैं। बताया जाता है कि तब ब्रह्मदेव ने आयुर्वेद शास्त्र का विवरण दिया। गुरु शिष्य परंपरा में कई ऋषियों ने इसके बारे में अध्ययन करके ग्रंथों की रचना की है। चरक संहिता, सुश्रुत संहिता, वाग्भट के ग्रंथ, प्राचीन तथा प्रमुख आयुर्वेद विज्ञान के ग्रंथ माने जाते हैं। आयुर्वेद ग्रंथों की रचना संस्कृत में हुई है। संस्कृत से विविध भाषाओं में अनूदित ग्रंथ अध्ययन के लिए उपलब्ध हैं। भाषांतर ग्रंथों से आयुर्वेद का परिचय मिलता है, फिर भी विषय के यथावत ग्रहण के लिए संस्कृत का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है।
संस्कृत और पत्रिका: ‘सुधर्मा’ संस्कृत की एकमात्र दिन पत्रिका है। 1970 के जुलाई 15 को पंडित के.एन.वरदराज अय्यंगार जी ने मैसूर के श्रीमन्महाराजा संस्कृत पाठशाला की श्री गणपति सन्निधि में पत्रिका आरंभ की। वे खुद उस पत्रिका के संपादक तथा प्रकाशक थे। वे सतत 20 साल संस्कृत पत्रिका का प्रकाशन करके भाषा प्रेमियों की प्रशंसा के पात्र बने। तब पत्रिका का मूल्य मात्र पाँच पैसे थे। इतना ही नहीं, 1976 में केंद्र सरकार ने आकाशवाणी में संस्कृतवार्ता का प्रसारण आरंभ किया। इसके कारणीभूत थे श्री वरदराज अय्यंगार्। श्री के.वरदराज अय्यंगार जी के निधन के बाद उनके पुत्र विद्वान श्री के.वी.संपतकुमार जी ने संस्कृत भाषा के प्रचार और प्रसार को ‘सुधर्मा’ का ध्येयोद्देश मानते हुए कई उतार चढाव के बाद भी पत्रिका चलाते रहे। सारे विश्व में ‘सुधर्मा’ संस्कृत दिनपत्रिका के रूप में सफल हुई तथा उसने दुनिया को कई लेखकों का परिचय कराया। विद्वानों द्वारा रचित कई पुस्तकों का ‘सुधर्मा’ ने प्रकाशित किया है। संस्कृत भाषा से संबंधित पुस्तक मेला का आयोजन करके संस्कृत भाषा और कई प्रकाशकों को प्रोत्साहन दे रहा है। 2019 में पत्रिका ने सुवर्ण वर्षोत्सव का आचरण किया, यह हर्ष का विषय है। 2020 में ‘सुधर्मा’ पत्रिका के संपादक श्री के वी संपतकुमार तथा श्रीमति जयलक्ष्मी जी को केंद्र सरकार ने ‘पद्मश्री’ पुरस्कार से सम्मानित किया है। 2021 में श्री संपतकुमार जी के निधन के बाद उनकी पत्नी जयलक्ष्मी जी ने आर्थिक संकष्टों के बावजूद भी पत्रिका के प्रसारण जारी रखा है, यह खुशी की बात होने पर भी पत्रिका के प्रसारण के लिए संस्कृत प्रेमियों की सहायता अत्यंत आवश्यक है। आज के दिनों में विद्यार्थी तथा इतर भाषाप्रेमी संस्कृत सीखने की ओर अत्यंत रुचि से प्रवृत्त हो रहे हैं। विदेशों में भी संस्कृत के बारे में आदर की भावना व्यक्त होकर उसको सीखने की तरफ लोगों का मुडना हम भारतीयों के लिए गर्व का विषय है। इस दिशा में सरकार देश के सभी विद्यालय, शोध संस्थान और निजी संघ-संस्थानों में भी श्रावण पूर्णिमा के संदर्भ में पिछले तीन दिन और अगले तीन दिन कुल मिलाकर एक सप्ताह भर संस्कृत सप्ताह मनाते हुए, इस सप्ताह में संस्कृत भाषा सीखने के लिए प्रोत्साहन दे रही है, यह हर्ष का विषय है। *****
– गौरव अवस्थी (लेखक वरिष्ठ पत्रकार साहित्यकार हैं। दैनिक हिंदुस्तान रायबरेली और लखनऊ से जुड़े रहे हैं)
प्राप्त होता है त्रिदेव और तीनों महादेवियों का आशीर्वाद
राखी बांधने से पहले भाइयों की कलाई पर बांधे कलावा
बहनों को भाईयों की कलाई पर राखी बांधने से पहले कलावा बांधना चाहिए। कलावा बांधने से तीनों देव अर्थात त्रिदेव और तीनों महादेवियों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। भाई के हाथ में पुष्प या कोई भी शुभ वस्तु रखकर कलावा बांधने से बल, बुद्धि, विद्या और धन की प्राप्ति होती है। आयुर्वेद शास्त्र में यह बताया गया है कि शरीर के कई प्रमुख अंगों तक पहुंचने वाली नसें कलाई से होकर गुजरती हैं। ऐसे में इस स्थान पर रक्षासूत्र बांधने से त्रिदोष यानी वात, पित्त और कफ से संबंधित समस्या दूर रहती हैं।
Pt. Lalit Sharma
रक्षाबंधन का त्योहार श्रावण माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के मस्तक पर टीका लगाकर रक्षा का बंधन बांधती हैं, जिसे राखी या रक्षा सूत्र कहते हैं। यह एक ऐसा पावन पर्व है जो भाई बहन के पवित्र रिश्ते को पूरा आदर और सम्मान देता है। यह ब्राह्मणों का सर्वोपरि त्योहार माना जाता है। इस दिन ब्राह्मण बंधु नवीन यज्ञोपवीत धारण करते हैं। अमरनाथ की अति विख्यात धार्मिक यात्रा रक्षाबंधन के दिन संपूर्ण होती है।
क्या है शुभ मुहूर्त …
बिजनौर सिविल लाइन स्थित धार्मिक संस्थान विष्णुलोक के ज्योतिषविद पंडित ललित शर्मा ने बताया कि 19 अगस्त 2024 दिन सोमवार को पूर्णिमा तिथि प्रातः 03 बजकर 04 मिनट से प्रारंभ हो जाएगी, रात्रि 11 बजकर 55 मिनट पर समाप्त होगी। 19 अगस्त को दोपहर 01 बजकर 31 मिनट के बाद ही रक्षाबंधन का शुभ कार्य करना प्रशस्त होगा। परन्तु आवश्यक परिस्थिति में प्रातः 09 बजकर 51 से 10 बज कर 54 मिनट तक रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा सकता है।
रक्षाबंधन पर बन रहे हैं 3 शुभ योग
इस साल रक्षाबंधन पर्व सावन के आखिरी सोमवार को है। इस दिन 03 शुभ योग बन रहे हैं। इस बार रक्षाबंधन पर्व पर सर्वार्थ सिद्धि योग, शोभन योग और रवि योग बन रहे हैं। इन शुभ योग में किए गए कार्य शुभफल देने वाले होते हैं।
क्या हरिद्वार के महानगर अध्यक्ष अमन वर्मा हटाए जाएंगे। क्या उनकी जगह कोई नया अध्यक्ष लाया जाएगा। सवाल ये भी है कि अमन गर्ग के खिलाफ कौन साजिश कर रहा है। क्या पार्टी के भीतर से ही उनकी कुर्सी हिलाने का षड़यंत्र रचा जा रहा है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि वो कौन है जिसके बारे में आला नेताओं को भी जानकारी है और जो पार्टी के भीतर माहौल खराब करने का प्रयास कर रहा है। महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग को हटाए जाने पर प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने क्या बोला। पूरी खबर नीचे तक पढ़ें।
कहां से आई खबर ?
असल में पछवा देहरादून के अध्यक्ष को लेकर हाईकमान ने क्लीयर नहीं किया है। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने हाईकमान को पत्र लिखा है। इस बीच खबरें मीडिया में आईं और पछवा दून के साथ ही हरिद्वार महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग का भी जिक्र छिड़ गया। ऐसा इसलिए कि अमन गर्ग पहले कार्यकारी महानगर अध्यक्ष थे और सतपाल ब्रह्मचारी महानगर अध्यक्ष। सतपाल ब्रह्मचारी सोनीपत से सांसद बन गए और उनकी जगह अमन गर्ग को कमान मिल गई, लेकिन अब अमन गर्ग को हटाए जाने की चर्चा या कहें अफवाह फैलाई जा रही है?
कौन कर रहा है साजिश ?
सवाल सबसे बड़ा ये है कि अमन गर्ग के खिलाफ साजिश कौन कर रहा है। क्या उनके अपने ही ऐसा कर रहे हैं या फिर कोई दूसरा गुट इसमें लगा है? सूत्रों के मुताबिक नगर निकाय चुनाव में अमन गर्ग खासे सक्रिय हैं और कोरीडोर मामले में आक्रामक हैं। संभावना है कि कांग्रेस के भीतर का ही एक गुट इसे हवा दे रहा हो!
क्या बोले प्रदेश अध्यक्ष ?
प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने कहा कि हरिद्वार महानगर अध्यक्ष को हटाए या बदले जाने की कोई चर्चा नहीं है। सिर्फ पछवा दून के अध्यक्ष को लेकर कुछ असमंजस है, जिसको लेकर पत्र लिख दिया गया है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार को लेकर प्रश्न उठना पूरी तरह निराधार है। कौन ये सब कर रहा है कि पार्टी उन पर नजर रख रही है। पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है। ऐसा ना करने पर पार्टी एक्शन ले सकती है।
अखंड भारत संकल्प दिवस कार्यक्रम में बोले क्षेत्र संगठन मंत्री
बड़ी संख्या में उपस्थित हुए बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता
राष्ट्र प्रथम की भावना से काम करें कार्यकर्ता: सोहन सोलंकी
बिजनौर। नगर स्थित एक बैंकट हॉल में बजरंग दल की ओर से अखंड भारत संकल्प दिवस मनाया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मेरठ क्षेत्र के क्षेत्र संगठन मंत्री सोहन सोलंकी ने कहा कि कार्यकर्ता राष्ट्र प्रथम की भावना से काम करें। उन्होंने कहा कि आज बजरंग दल हिंदुओं की सुरक्षा में अग्रिम भूमिका निभा रहा है, जिससे दूषित मानसिकता वाले लोग पूरी तरह भयभीत हैं। कार्यक्रम में जिले भर के हजारों कार्यकर्ता हिंदू समाज के लोग शामिल हुए। इस दौरान शक्ति चौक पर भारत माता की आरती का आयोजन किया गया।
अखंड भारत संकल्प दिवस पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए क्षेत्र संगठन मंत्री सोहन सोलंकी ने कहा कि आज बजरंग दल देश का ऐसा दल है जो संपूर्ण हिंदू समाज की सुरक्षा में अपना सर्वस्व निछावर कर सेवा सुरक्षा संस्कार की भावना से काम कर रहा है। लव जिहाद की घटना हो या धर्मांतरण, गौ हत्या हो या मठ मंदिर की सुरक्षा बजरंग दल के कार्यकर्ता हमेशा होने वाले इन हिन्दू समाज के विरुद्ध षड्यंत्रों को ध्वस्त करने में अग्रिम भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. खेमेन्द्र सिंह व संचालन जिला संयोजक अरुण चौधरी ने किया।
इस अवसर पर प्रांत सह मंत्री जितेंद्र चौधरी, प्रांत सह सत्संग प्रमुख कैलाश उपाध्याय, प्रांत समरसता प्रमुख रिशिपाल सिंह, विभाग मंत्री मनोज शर्मा, विभाग संगठन मंत्री जेलेश, विभाग संयोजक आशीष बालियां, जिला अध्यक्ष राजीव गोयल, जिला मंत्री सौरभ शर्मा, जिला सह मंत्री सुनील वर्मा, जिला संयोजक अरुण चौधरी, जिला सत्संग प्रमुख सीपी सिंह, प्रचार प्रमुख राजनरेंद्र आदि उपस्थित रहे।
भारत माता की आरती में हुए हजारों लोग शामिल
बिजनौर नगर स्थित शक्ति चौक पर भारत माता की आरती में जनपद के सभी प्रखंडों से पहुंचे विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के हजारों कार्यकर्ता व हिंदू समाज के लोग शामिल हुए।
गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने रोड पर शव रख कर लगा दिया जाम
नजीबाबाद गजरौला पैसेंजर ट्रेन को भी एक घंटे रोके रखा
गुलदार ने बेटों के सामने महिला को मार डाला
बिजनौर/चाँदपुर। हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पिलाना के जंगल में एक महिला पर गुलदार ने हमला कर मार डाला। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने महिला का शव रोड पर रख कर जाम लगा दिया। इसी बीच वहां से निकल रही नजीबाबाद गजरौला पैसेंजर ट्रेन को भी रोक दिया। पुलिस के समझाने पर ग्रामीणों ने करीब एक घंटे बाद ट्रेन को जाने दिया। ग्रामीण गुलदार को नरभक्षी घोषित कर उसे मारने की मांग कर रहे थे।
हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के गांव पिलाना के जंगल स्थित खेतों पर संतोष देवी (60 वर्ष) शनिवार सुबह अपने दो बेटों अमोद व सुबोध के साथ गई थी। दोनों लड़के खेत पर काम कर रहे थे, मां समीप ही डोल पर बैठी थी। इसी बीच गुलदार (तेंदुए) ने महिला पर हमला कर दिया। चीख सुनकर दोनों बेटों ने लाठी डंडों से गुलदार को भगाने का भरपूर प्रयास किया, लेकिन तब तक महिला की मौत हो गई। इसके बाद गुलदार जंगल की तरफ भाग गया।
महिला की मौत की सूचना मिलते ही आसपास के कई गांवों के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने चांदपुर – अम्हेड़ा मार्ग पर बैलगाड़ी पर मृतका के शव को रखकर जाम लगा कर हंगामा प्रदर्शन शुरू कर दिया। रोड जाम के दौरान नजीबाबाद गजरौला पैसेंजर ट्रेन गुजर रही थी। भारी तादाद में ग्रामीणों ने पिलाना गांव के रेलवे फाटक पर पहुंच कर ट्रेन को रोक दिया।
इसके बाद पुलिस रेलवे ट्रैक पर पहुंची और ग्रामीणों को समझा बुझाकर करीब एक घंटे बाद ट्रेन को आगे रवाना किया जा सका। ग्रामीण गुलदार को नरभक्षी घोषित कर उसे मारने की मांग कर रहे थे। किसान यूनियन और राष्ट्रीय लोकदल के पदाधिकारी कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। परिजन और ग्रामीण मौके पर डीएफओ से लेकर डीएम तक को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़ गए। मामला बढ़ता देख प्रशासन की ओर से कई थानों की पुलिस बुला ली गई।
वहीं थाना हीमपुर दीपा क्षेत्रान्तर्गत जंगली जानवर (गुलदार) के हमले में महिला की मृत्यु हो जाने पर जिलाधिकारी अंकित अग्रवाल एवं पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार एवं स्थानीय ग्रामीणों से घटना के संबंध में जानकारी / वार्ता की गई। साथ ही पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद किये जाने हेतु सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गए।
25 दिन में चार घटनाएं
गुलदार ने पिछले 25 दिन में अब तक क्षेत्र की चार महिलाओं पर हमला किया। पिछले महीने गांव की ही नवयुवती को मौत के घाट उतार दिया था। उसके बाद समीपवर्ती गांव ताहरपुर की महिला को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। दो दिन पहले ही सिसौना गांव की महिला पर हमला किया था। वह जिला अस्पताल में भर्ती है। आज फिर महिला पर हमला कर मार डाला। करीब 25 दिन के अन्दर चार घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश है। इस मामले में वन रेंजर दुष्यंत सिंह ने बताया कि नवयुवती पर हमले के बाद से इलाके में पिंजरे लगे हुए हैं। गुलदार पिंजरे में आ नहीं रहा है। उन्होंने बताया कि एक पिंजरा अखलासपुर में, दो पिंजरे पिलाना में, एक पिंजरा ताहरपुर में, एक पिंजरा सिसौना में लगा हुआ है। इसके अलावा कई ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं।
हादसे के वक्त करीब 90 किलोमीटर प्रति घंटे थी रफ्तार
16 ट्रेनों को किया गया रद्द, 10 के बदले गए रूट
साबरमती एक्सप्रेस के 22 डिब्बे पटरी से उतरे
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नगरी कानपुर में गोविंदपुरी स्टेशन के आगे साबरमती एक्सप्रेस के 22 डिब्बे पटरी से उतर गए। घटना होल्डिंग लाइन के पास शनिवार तड़के करीब 02.35 बजे की बताई गई है। हादसे के वक्त ट्रेन की रफ्तार करीब 90 किलोमीटर प्रति घंटे थी। बताया गया है कि किसी भारी वस्तु से टकरा कर डिब्बे पटरी से उतरे। डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।
भारतीय रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार ट्रेन संख्या 19168, साबरमती एक्सप्रेस वाराणसी से अहमदाबाद जा रही थी। इसी बीच कानपुर और भीमसेन स्टेशन के बीच एक ब्लॉक सेक्शन में तीन पटरी से उतर गई। हादसे में किसी प्रकार की कोई जनहानि नहीं हुई है। हादसा कानपुर शहर से 11 किमी दूर भीमसेन और गोविंदपुरी स्टेशन के बीच हुआ।
मौके पर रेलवे, पुलिस व फायर विभाग के आलाधिकारी पहुंच गए। राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। यात्रियों को बसों व थ्री फेज मेमू से सेंट्रल स्टेशन पहुंचाया जा रहा है। चालक के अनुसार, प्रथम दृष्टया एक बोल्डर इंजन से टकराया, जिससे इंजन का कैटल गार्ड बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो कर झुक गया। हादसे के वक्त ट्रेन की रफ्तार करीब 90 किलोमीटर प्रति घंटे थी। इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका गया। घटनास्थल पर पहुंचे तमाम अधिकारी जांच कर रहे हैं। शुरुआती जांच में हादसे वाली जगह पर तीन फीट की पुरानी रेलवे पटरी मिली है। ट्रैक बनाने के लिए कानपुर लोको शेड से एआरटी पहुंची, जबकि झांसी और प्रयागराज मंडल से भी एआरटी बुलाई गई। ट्रैक ठीक करने के लिए आधा दर्जन से अधिक जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं। ट्रैक के कल शाम तक ठीक होने की उम्मीद है। रेल अफसरों ने बताया- हादसे से 1 घंटे 20 मिनट पहले पटना-इंदौर एक्सप्रेस ट्रैक से गुजरी थी, तब तक ट्रैक सुरक्षित था। हादसे के बाद 16 ट्रेनों को रद्द किया गया। 10 ट्रेनों के रूट बदले गए हैं।
मौके पर पहुंचे कानपुर पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने आसपास के लोगों से पूछताछ की। पटरी के टुकड़े को भी देखा। आशंका जताई जा रही है कि इसी टुकड़े को पटरी पर रखा गया था, जिस वजह से ट्रेन डिरेल हुई। हादसे से पटरियां उखड़ गईं। लोहे की क्लिप उखड़ कर दूर जा गिरी। नॉर्दन सेंट्रल रेलवे के जीएम उपेंद्र चंद्र जोशी ने कहा कि हादसा इंजन के किसी चीज से टकराने से हुआ है।
कानपुर और भीमसेन स्टेशन के बीच एक ब्लॉक सेक्शन में साबरमती एक्सप्रेस के 22 डिब्बे पटरी से उतर गए हैं। किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। सभी यात्रियों को बस से वापस स्टेशन भेजा जा रहा है~ राकेश वर्मा एडीएम।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने X पर ट्वीट कर कहा कि ट्रेन का इंजन पटरी पर रखी किसी भारी चीज से टकराया। इंजन पर टकराने के निशान हैं। सबूत सुरक्षित रखे गए हैं। IB और UP पुलिस जांच कर रही है।
बिजनौर। स्वतंत्रता दिवस आजादी का अमृत महोत्सव मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में धूमधाम से मनाया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय परिसर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय कुमार गोयल ने ध्वजारोहण किया। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें अपने कर्तव्य के प्रति सजग रहना है। कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करते रहना है। तभी हम, हमारा देश आगे बढ़ सकता है। आज हमारा देश पांचवें स्थान पर है। देश का गौरव बुलंदियों पर बढ़ा है। इसलिए हमें अपने कर्तव्य करते रहने चाहिए।
नशा मुक्ति अभियान को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता
योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान से डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने कहा कि देश जिस तरह से तरक्की कर रहा है, उसको नकारा नहीं जा सकता परंतु पूरे भारत में नशा मुक्ति अभियान चलाना अति आवश्यक है नहीं तो देश आर्थिक मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर हो जाएगा। आने वाले 10 वर्षों में आंखों के रोगी 10 करोड़ और बहरे 15 करोड़ हो जाएंगे। इसका मुख्य कारण मोबाइल का नशा है, जो बच्चों, युवाओं महिलाओं में सब जगह फैला है। हवा में चलते-चलते बस में सफर करते-करते, यात्रा करते-करते जहां देखो मोबाइल का रोग लगा है। जहां तक मोबाइल के फायदे हैं, उससे ज्यादा बच्चों, बड़ों को नुकसान हुआ है। हम पाश्चात्य सभ्यता का अनुसरण करने लगे हैं। नशा मुक्ति अभियान भारत सरकार द्वारा स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर पूरे देश में चलाया जा रहा है और इसको जन आंदोलन बनाने की अति आवश्यकता है नहीं तो बीड़ी सिगरेट तंबाकू शराब टेलीविजन मोबाइल के नशे से लोग ग्रस्त होकर कमजोर हो जाएंगे और देश आर्थिक रूप से कमजोर हो जाएगा। 05 लाख तक का इलाज आयुष्मान कार्ड से सरकार ने घोषित किया है। इससे आर्थिक हानि होने की संभावना है। सबसे अच्छा तो यही है की रोग ही ना हो और हमारा भारत नशे से मुक्त हो। छोटी सी छोटी बीमारियों का इलाज हमारी रसोई घर में उपलब्ध है तथा आसपास की खड़ी जड़ी बूटियां उनका समाधान कर सकती हैं। असाध्य रोग होने पर हमारे चिकित्सक हमारे देश में अस्पताल आपकी सेवा के लिए तत्पर हैं। बिना परामर्श के कोई भी दवाई लेना हानिकारक है। इस अवसर पर नशा मुक्ति अभियान के लिए ओपी शर्मा जिला अध्यक्ष इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन ने नाटक प्रस्तुत किया…”यह सब सर पर”।
इस अवसर पर चिकित्सा स्वास्थ्य रेड क्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से टीकम सिंह सेंगर ने स्वास्थ्य के बारे में अपने विचार रखे। कार्यक्रम में रॉबिन बाबू, रोहित कुमार, प्रमोद रंजन, डॉक्टर गजेंद्र कुमार शर्मा, डॉक्टर अरुण कुमार, पंडित रमाकांत, सोमनाथ शर्मा, देवेंद्र चौहान उपस्थित रहे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय कुमार गोयल ने डॉक्टर नरेंद्र सिंह योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा आहार चिकित्सक डा. गजेंद्र कुमार शर्मा, सोमदत्त शर्मा, प्रमोद रंजन, डॉ. अरुण कुमार, रामनाथ सिंह, ओपी शर्मा को योग और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में कार्य करने के लिए प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया।
संतों के नेतृत्व में हजारों की संख्या में सड़कों पर उतरा हिंदू समाज
कलक्ट्रेट पहुंच कर जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार बंद करो के नारों से गूंजा बिजनौर
बिजनौर। संत समाज के आह्वान पर समस्त हिंदू समाज सड़कों पर उतर आया। हजारों की संख्या में रामलीला ग्राउंड से बांग्लादेश के हिंदुओं पर अत्याचार बंद करो, बंद करो के नारे बिजनौर नगर की सड़कों पर गूंज उठे। संत समाज के नेतृत्व में हजारों हिंदू, सामाजिक संस्था, मंदिर समिति, व्यापार मंडल, चिकित्सक, एडवोकेट आदि समाज के लोग कलक्ट्रेट पहुंचे और प्रधानमंत्री (भारत सरकार) के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस दौरान संतों ने कहा किसी भी रूप में बांग्लादेशी में हिंदुओं पर अत्याचार, माता बहनों के साथ अप्रिय घटनाएं, देव स्थलों की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे साधु संतों के नेतृत्व में हिंदू समाज के लोगों को संबोधित करते हुए महंत श्री 108 नरेंद्र गिरी जी महाराज ने कहा कि समूचा विश्व बांग्लादेश में हो रही अमानवीय हिंसा से अवगत है, लेकिन वहाँ हो रही हिंसा अब हिन्दू विरोधी हो चुकी है, जिस कारण वहाँ हिंदुओं की महिलाओं, पुरुषों व बच्चों पर अत्याचार हो रहा है। हिंदुओं के व्यापारिक स्थलों व धार्मिक स्थलों में लूट-पाट व आगजनी की जा रही है। हिंदुओं के घरों में घुसकर माता-बहनों व छोट-छोटे बच्चों के साथ अत्याचार किया जा रहा है, जो कि बहुत निंदनीय व दर्दनाक घटना है। अब समूचा हिन्दू समाज यह सहन नहीं करेगा। उन्होंने कहा बहुत ही दुःख का विषय है कि पूरे विश्व में कोई भी देश हिन्दुओं की हो रहीं निर्मम हत्याओं, लूटपाट, धार्मिक स्थलों व व्यापारिक स्थलों पर तोड़फोड़ के खिलाफ आवाज उठाने से परहेज कर रहा है। प्रधानमंत्री भारत सरकार से ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि वहां अन्तरिम सरकार का गठन हो चुका है। अतः आप तत्काल प्रभाव से उस सरकार से वार्ता कर या अन्तराष्ट्रीय स्तर पर हिन्दुओं के साथ हो रहे अत्याचारों पर अपना विरोध दर्ज कराकर, पूर्ण विराम लगाने व आरोपियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही कराने के लिए बांग्लादेश की सरकार को बाध्य करें। इस दौरान उन्होंने भारतवर्ष की पुण्य भूमि को अवैध रोहिंग्या मुस्लमानों से मुक्त कर देने की भी मांग की। साथ ही कहा कि हिन्दुओं के साथ हो रहे अत्याचारों को रोकने के लिए ठोस उचित कदम अतिशीघ्र उठाए जाएं, जो बहुत जरूरी है।
संतों के आह्वान पर जनाक्रोश रैली में बड़ी संख्या में शामिल हुए हिंदू समाज के लोग
बिजनौर। काकरान वाटिका निकट शिव मंदिर से संत समाज जूना अखाड़ा के महंत श्री श्री 108 महंत नरेंद्र गिरी महाराज ने अन्य संतों के साथ जनपद बिजनौर में प्रेस वार्ता कर संत समाज, हिंदू समाज, सामाजिक संस्था व्यापार मंडल, हिंदू संगठनों, मंदिर समिति अन्य सामाजिक संगठनों आदि से आह्वान किया था कि बांग्लादेश में हो रहे हिंदुओं पर हमले, बहन बेटियों के साथ हो रही घृणित घटनाएं व मंदिरों में आगजनी आदि की घटनाओं को शीघ्र विराम लगाया जाए। इसे हिंदू समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने संपूर्ण जिले के हिंदू समाज को एकत्र होकर 16 अगस्त को नगर स्थित रामलीला ग्राउंड में 10 बजे एकत्र होकर हिंदू शंखनाद करने का आह्वान किया था। इस पर शुक्रवार को बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग रामलीला ग्राउंड पर इकट्ठे हुए। इस दौरान बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार बंद करो… हम सब हिन्दू एक हैं… बहन बेटियों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं… अनेक नारों से बिजनौर की सड़कें गूंज उठी। हिंदू समाज के लोग बड़ी संख्या में रामलीला ग्राउंड से कलक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे थे। इस दौरान व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर समर्थन किया। जनाक्रोश रैली करते हुए सभी कलक्ट्रेट पहुंचे और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। ज्ञापन देने वालों में महंत श्री श्री 108 नरेंद्र गिरी जी महाराज, बच्चन दास जी महाराज, बाबा कुल्हाड़ी वाले, गोपाल दास जी महाराज, किशन दास जी महाराज, अवधेश गिरी जी सहित आदि संत समाज, साधु संत, धार्मिक संस्थान, मंदिर समितियां, हिंदू संगठन, हिंदू समाज के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
मातृशक्ति ने भी बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
बिजनौर। बांग्लादेश के खिलाफ जन आक्रोश रैली में बड़ी संख्या में मातृशक्ति ने भी बढ़ चढ़ कर भाग लिया। मातृशक्ति पदयात्रा करती हुई रैली के साथ कलक्ट्रेट पहुंची।
आह्वान के समर्थन में व्यापारियों ने बंद रखे प्रतिष्ठान
बिजनौर। साधु संतों के आह्वान पर बिजनौर के सभी प्रतिष्ठान लगभग बन्द रहे। व्यापारियों ने ऐसा जन आक्रोश रैली के समर्थन में किया और अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। अधिकांश व्यापारी रैली के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे।
रेडक्रास सोसायटी बिजनौर ने बल्ला शेरपुर में लगाया स्वास्थ्य शिविर
नेत्र दृष्टि से कमजोर 50 को नि:शुल्क चश्मों व 20 क्षय रोगियों को पोटली का वितरण
305 रोगियों व विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण
बिजनौर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रेडक्रास सोसायटी बिजनौर द्वारा कुसुम देवी सरस्वती विद्या मंदिर बल्ला शेरपुर में एक चिकित्सा कैंप लगाया गया। इस कैंप में राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के डा. आमिर इस्लाम फिजिशियन व डा. विशाल कुमार फिजिशियन ने शिविर में आए 305 रोगियों व विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
दन्त चिकित्सक द्वारा दांतों की जांच की व दांतों की रक्षा करने के तरीके बताए गए। सत्येन्द्र कुमार देशवाल नेत्र परीक्षण अधिकारी, नसीम अहमद व अनुराग सिसोदिया आप्टोमेट्रिस्ट द्वारा आंखों की जांच की गई तथा 50 चश्मों का निःशुल्क वितरण किया गया।
कैम्प में सभी रोगियों को नि:शुल्क दवा का वितरण करने में फार्मेसिस्ट अमन कुमार नितिन कुमार का सहयोग रहा। पंजीकृत क्षय रोग से पीड़ित 20 रोगियों को स्वास्थ्य वर्धक चिकित्सा पोटली का वितरण विशाल वर्मा व दानिश अहमद के सहयोग से वरिष्ठ तकनीकी पर्यवेक्षक नकुल कुमार व राजीव कुमार द्वारा किया गया।
इससे पूर्व रेडक्रास सोसायटी के चेयरमैन टीकम सिंह सेंगर ने विद्यार्थियों को रेडक्रास सोसायटी के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी। स्वास्थ्य शिविर को सफल बनाने में विद्यालय के प्रधानाचार्य देवेन्द्र सिंह व आचार्य गणों का शिविर की व्यवस्था बनाने में उल्लेखनीय सहयोग रहा। इस अवसर पर रेडक्रास सोसायटी के डायरेक्टर व मीडिया प्रभारी योगेन्द्र पाल सिंह “योगी”, डायरेक्टर जितेन्द्र चौधरी, योगेश ठाकुर व रोबिन कुमार आदि उपस्थित रहे तथा शिविर में आने वालों को रोगों संबंधित कक्ष की जानकारी देते रहे।
बिजनौर। जहां एक ओर व्यापारी संगठन केवल व्यापारियों के हित तथा उनकी सुरक्षा का काम करते हैं, वहीं जनपद में व्यापारियों का ऐसा भी संगठन है जो उनकी सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेता रहता है। इसी क्रम में व्यापारी एकता परिषद नगीना इकाई के द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन गोयल हॉस्पिटल धामपूर रोड नगीना में आयोजित किया गया। इस दौरान नगीना क्षेत्र के रक्त वीरों ने रक्तदान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीराम अर्ज ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित करके किया।संचालन जिला अध्यक्ष अनुज शर्मा ने एवं अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष कार्यक्रम संयोजक स्वेत कमल गोयल ने की।
बहुत ही नेक कार्य है रक्तदान: एडिशनल एसपी राम अर्ज
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीराम अर्ज ने रक्त वीरों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि यह बहुत ही नेक कार्य है और इसकी वजह से बहुत सारे लोगों की जान बचती है। इसके साथ-साथ रक्तदान करने से शरीर में उत्पन्न होने वाली कई बीमारियों का पता भी चलता है। समय-समय पर रक्तदान करने से शरीर में उत्पन्न होने वाली कई बीमारियां स्वयं ही खत्म हो जाती हैं। आगे भी इसी प्रकार के आयोजन समाज में करते रहने चाहिए, जिससे किसी भी व्यक्ति को रक्त की दिक्कत ना हो।
नगीना ब्लड सेवा समिति की समस्त टीम भी मुहिम में जुटी: प्रदेश उपाध्यक्ष स्वेत कमल गोयल
प्रदेश उपाध्यक्ष स्वेत कमल गोयल ने कहा हॉस्पिटल चलाने के साथ साथ सामाजिक कार्यक्रम में वह ज्यादा रुचि रखते हैं। उन्होंने कहा कि मैंने भी कई बार रक्तदान किया है। उनकी नगीना ब्लड सेवा समिति की समस्त टीम भी इसी मुहिम में काम कर रही है। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष राहुल वर्मा एवं प्रदेश उपाध्यक्ष स्वेत कमल के द्वारा सभी उपस्थित अतिथियों को मोमेंटो शील्ड देने के साथ ही सभी रक्तवीरों को गिफ्ट वितरण किए गए।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पुलिस क्षेत्राधिकारी नगीना राकेश वशिष्ठ, थाना प्रभारी नगीना प्रवेश कुमार पाठक, डॉ. एमपी सिंह हिन्दू युवा वाहिनी मंडल प्रभारी, प्रदेश संरक्षक एमपी सिंह, प्रदेश महामंत्री देवेश चौधरी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गोपाल धीमान, जिला मंत्री विकास धीमान, नगर अध्यक्ष मनजीत विश्नोई, अमन जोशी, समी पाल, इन्दर देव, कोमल सिंह, महबूब शेख, जावेद भाई, हाजी नईम अहमद, C.O (R) सलाहुद्दीन सिद्दिकी, 112 पर तैनात SI आंजनेय कुमार, कांस्टेबल पुष्कर कुमार, कांस्टेबल अंकित कुमार, समीपाल, सलाहुद्दीन, सचिन मित्तल आदि व्यापारी उपस्थित रहे।
व्यापारियों की सुरक्षा के साथ साथ सामाजिक कार्य भी आवश्यक: प्रदेश महामंत्री देवेश चौधरी
व्यापारी एकता परिषद ने बड़ी धूमधाम से मनाया स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम
बिजनौर। व्यापारी एकता परिषद ने ध्वजारोहण कर स्वतंत्रता दिवस मनाया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों के द्वारा भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया गया। उसके पश्चात ध्वजारोहण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप मे वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मनोज चौधरी, डॉ. अवधेश वशिष्ठ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला अध्यक्ष अनुज शर्मा एवं अध्यक्षता सभासद तुफैल अहमद जिला संगठन मंत्री ने की।
मुख्य अतिथि डॉ. मनोज चौधरी ने कहा कि यह एक ऐसा पर्व है जिसे हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, सभी सभी धर्म बड़ी हर्ष उल्लास के साथ मिलकर मानते हैं। यह पर्व हमें सिखाता है कि हमें आपसी भाई चारा बनाए रखना चाहिए।
डॉ. अवधेश वशिष्ठ ने कहा कि लाखों लोगों की कुर्बानी के बाद हमारा देश आजाद हुआ। कुर्बानी देने वाले भी सभी धर्मों के समुदाय रहे, हमें उनकी कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाने देनी चाहिए और सभी धर्मों को आपसी भाईचारा बनाकर रखना चाहिए और जिस प्रकार से हम स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम माना रहे हैं। उसी प्रकार से सभी त्योहारों को मानना चाहिए।
प्रदेश महामंत्री देवेश चौधरी ने कहा संगठन के मुख्य उद्देश्य में व्यापारियों की सुरक्षा के साथ साथ सामाजिक कार्य भी आवश्यक है। संगठन के सदस्य समय समय पर सामाजिक कार्यों में रुचि लेते हैं। रक्तदान शिविर, शोभायात्रा का स्वागत, पौधारोपण आदि प्रकार के कार्य संगठन के द्वारा किए जाते रहते हैं। देवेश चौधरी ने कहा कि व्यापारी एकता परिषद के होते हुए किसी भी व्यापारी का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा।
कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष राहुल वर्मा, प्रदेश महामंत्री देवेश चौधरी, जिला अध्यक्ष अनुज शर्मा, जिला संगठन मंत्री तुफैल अहमद, ब्रह्मपाल सिंह, सुनील अग्निहोत्री, वसीम अहमद, पवन, जितेंद्र राणा, नरेंद्र प्रधान, सलीम, जुबेर, मोहम्मद शाह, उमैद जैन, राकेश कुमार आदि व्यापारी उपस्थित रहे।
लखनऊ। अखिल भारतीय भंगी महासभा अनुसूचित जाति के आरक्षण में वर्गीकरण के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को उत्तर प्रदेश में लागू किए जाने को लेकर मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ को अनुरोध पत्र भेजेगा।
बौद्धाचार्य अर्थदर्सी भंगी राजतिलक, राष्ट्रीय संचालक अखिल भारतीय भंगी महासभा पूर्व उपाध्यक्ष नगर पालिका परिषद फतेहपुर उ. प्र. ने कहा कि वर्गीकरण नहीं होना चाहिए। इसके लिए ही 21 अगस्त 2024 से हम आंदोलन करेंगे।
विस्तार से बताई देश पर मिटने वाले वीर शहीदों की गाथा और स्वतंत्रता का महत्त्व
जाट बाल विद्यालय में प्रबंधक राजेंद्र सिंह ने किया ध्वजारोहण
बिजनौर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मोहल्ला जाटान स्थित जाट बाल विद्यालय में प्रबंधक राजेंद्र सिंह द्वारा ध्वजारोहण किया गया। ध्वजारोहण कार्यक्रम में उपस्थित छात्र छात्राओं को देश को मिली स्वतंत्रता के महत्त्व और देश पर मिटने वाले वीर शहीदों की गाथा को विस्तार से बताया।
इस के अलावा हमारे जीवन में तिरंगे का क्या महत्त्व है और इससे हमें क्या संदेश मिलता है, इस पर विस्तार से बताया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य सुनीता सिंह अध्यापिका अनीता सैनी, राशि शर्मा, रूपा चौधरी, शिल्पी चौधरी आदि उपस्थित रहे।
समाजवादी पार्टी मलिहाबाद विधानसभा क्षेत्र की मासिक बैठक
सुलेमान बेग प्रमुख महासचिव और पन्नालाल रावत बने महासचिव
लखनऊ। समाजवादी पार्टी मलिहाबाद विधानसभा क्षेत्र की मासिक बैठक का आयोजन विधानसभा अध्यक्ष सोनीष मौर्य के नेतृत्व में डांग बंगला में किया गया। इस दौरान सभी वक्ताओं ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए।
बैठक में विधानसभा कमेटी के पदाधिकारियों को मनोनयन पत्र दिए गए। पदाधिकारियों में सुलेमान बेग को प्रमुख महासचिव, पन्नालाल रावत को महासचिव, विजयश्री गौतम, राकेश गौतम, लालमुन यादव, अभिराज सिंह, औसान कनौजिया को उपाध्यक्ष बनाया गया। अजमल मिर्जा को कोषाध्यक्ष, सूरज रावत, राकेश सविता, मनोज यादव, धर्मेन्द्र रावत, बाबु भाई गाजी, रामविलास यादव, आजाद गौतम, नौशाद अली, पुष्पेंद्र यादव, राहुल यादव को सचिव बनाया गया।
एडवोकेट राम सिंह यादव को कानूनी सलाहकार व हर्षित निगम को मीडिया प्रभारी बनाया गया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष जय सिंह जयंत, प्रदेश उपाध्यक्ष सीएल वर्मा, जिला निर्वाचन प्रभारी टीबी सिंह, प्रदेश सचिव रामगोपाल यादव, निवर्तमान विधायक प्रत्याशी सोनू कनौजिया, पूर्व विधायक प्रत्याशी राजबाला रावत, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष हरिशंकर यादव, विरेंद्र प्रताप सिंह छोटे लाल यादव (नेता) सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
मायाराम यादव बने प्रदेश प्रभारी, रिया शुक्ला को प्रदेश सचिव युवा की जिम्मेदारी
भारतीय किसान यूनियन धर्मेंद्र गुट का विस्तार
बाराबंकी। रविवार को भारतीय किसान यूनियन की पदाधिकारी बैठक बाराबंकी के राम सनेही घाट पर राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह के नेतृत्व में सम्पन्न हुई । जिसमें किसानों की बढ़ती समस्याओं को देखते हुए संगठन का विस्तार किया गया । भारतीय किसान यूनियन धर्मेन्द्र की प्रदेश की कमान मायाराम यादव को दी गई। मायाराम यादव को प्रदेश प्रभारी व रिया शुक्ला को प्रदेश सचिव युवा, बाराबंकी जिला अध्यक्ष सूरज सिंह को कार्यभार दिया गया तथा मंडल व जिले का भी बड़ी शंख्या में विस्तार किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय महासचिव सुरेश तिवारी, राष्ट्रीय संगठन मंत्री विश्वनाथ पाल, मंडल अध्यक्ष फैज़ाबाद उदय नरायन पाठक आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पड़ोसी राष्ट्रों में बढ़ती अस्थिरता बढ़ाती भारत की चिंता
लखनऊ। बांग्लादेश जिसे एक समय दक्षिण एशिया में सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की उपाधि हासिल थी, दो साल पहले तक जिस बांग्लादेश ने जीडीपी के मामले में भारत को भी पछाड़ दिया था आज उसी राष्ट्र के हालात इतने नाजुक हो गए हैं कि उसकी प्रधानमन्त्री को देश छोड़ कर भागना पड़ा है और देश में अस्थिरता के भयावह मंजर देखने को मिल रहे हैं.
05 अगस्त को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना इस्तीफ़ा देती हैं और निर्णय लेती हैं कि देश की स्थिति को बिगड़ने से बचाने के लिए वह तुरंत बांग्लादेश छोड़ेंगी. यह निर्णय उस प्रधानमंत्री का है, जो पिछले 15 साल से देश पर बहुमत की सरकार के साथ शासन करती आ रही थी. वर्ष 1971 में जिस देश को आज़ाद करवाने का साहसिक कार्य भारत ने किया था आज उसके हालात देखकर हमारे माथे पर चिंता की लकीरें पड़ना स्वाभाविक है.
पाकिस्तान, अफगानिस्तान, म्यांमार, मालदीव के बाद अब बांग्लादेश में तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के मायने यह हैं कि अब भारत ऐसे पड़ोसियों से घिर चुका हैजो कि आतंरिक रूप से अस्थिर होते जा रहे हैं. पूर्व प्रधानमन्त्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि हम अपने दोस्त तो बदल सकते हैं मगर अपने पड़ो सी नहीं जिसके मायने अन्तराष्ट्रीय संबंधों में बड़े ही व्यापक निकलते हैं. बांग्लादेश में बदले हुए हालात के बीच भारत के सामने एक बड़ी चुनौती ये है कि पड़ोसी मुल्क में जो नई सरकार बन रही है, उसके साथ भारत के ताल्लुक कैसे होंगे? साथ ही भारत और बांग्लादेश 4096 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं. बांग्लादेश से भारी संख्या में लोग भारत आने का प्रयास करेंगे ताकि वो खुद को सुरक्षित महसूस कर सके, लेकिन भारत में इसके मद्देनजर बॉर्डर पर सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ा दी गई है. हमे यह भी नहीं भूलना चाहिए कि भारत का साउथ एशिया में सबसे ज्यादा 12 बिलियन डॉलर का व्यापार बांग्लादेश के साथ ही है.
इसी के साथ दिल्ली को यह भी ध्यान रखने की ज़रूरत है कि इस अवसर का फायदा उठाने का पाकिस्तान और चीन दोनों ही भरसक प्रयास करेंगे और ढाका में आने वाली किसी भी नई सरकार को भारत से दूर रखने की कोशिश ज़रूर होगी, जिसमें जमात ए इस्लामी जो कि पाकिस्तान द्वारा ऑपरेटेड है, जिसपर शेख हसीना ने प्रतिबन्ध लगाकर रखा था और जिसे भारत के खिलाफ काम करने के लिए जाना जाता है को मोहरा बनाने का काम किया जा सकता है.
भारत को बेहद ही सूझबूझ के साथ इस चुनौती से पार पाना होगा. हाल ही में नेपाल में प्रचंड की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओवादी सेंटर) ने नेपाली कांग्रेस से गठबंधन तोड़ नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के साथ गठबंधन बना लिया था. प्रचंड के इस हालिया फ़ैसले से नेपाली संसद में सबसे ज़्यादा 88 सीटें जीतने वाली नेपाली कांग्रेस पार्टी विपक्ष में हो गई है और यह जगजाहिर है कि ओली का झुकाव चीन की तरफ ज्यादा है, जिसे चीन आने वाले दिनों में भारत के खिलाफ मोहरा बना सकता है और जिसके परिणाम आने वाले समय में हमें देखने को मिलेंगे.
मालदीव में बनी मुइज्जू सरकार ने भी भारत को लगातार एक के बाद एक दो झटके दिए हैं. पहले उसने अपने यहां तैनात भारतीय सैनिकों की वापसी की मांग माने जाने का दावा किया और अब उसने भारत के साथ चार साल पहले हुए हाइड्रोग्राफ़िक सर्वे समझौते को रद्द कर दिया. इस सर्वे के तहत भारत और मालदीव को मिलकर मालदीव के इलाक़े में जल क्षेत्र, रीफ़, लैगून, सामुद्रिक लहरों और उसके स्तर का अध्ययन करना था. मोहम्मद मुइज़्ज़ु की प्रोग्रेसिव पार्टी ऑफ़ मालदीव पर चीन का काफी असर माना जाता है. राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान उनकी पार्टी ने ‘इंडिया आउट’ का नारा दिया था और कहा था कि वो मालदीव में भारतीय सैनिकों की मौजूदगी ख़त्म करेंगे.
वहीं हाल ही में संयुक्त राष्ट्र ने भी म्यांमार की स्थिति को लेकर चिंता जताई है. वहां पर गृहयुद्ध जैसे हालात लगातार बने हुए हैं. भारत की भावी रणनीति के बारे में सूत्र कहते हैं कि बहुत कुछ आने वाले दिनों में स्थिति किस तरह से करवट लेती है, इस पर निर्भर करेगा. साथ ही चीन और अमेरिका के रवैये पर नजर रखना होगा. जहां तक भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र की सुरक्षा का मामला है तो इस पर तुरंत कोई खतरा नहीं है, लेकिन चूंकि यह पूरा क्षेत्र ही कई वजहों से संवेदनशील है इसलिए भारत की तरफ से हर सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता किया जा रहा है. श्रीलंका में मंदी का दौर जारी है. कोरोना के बाद से ही यहां की जीडीपी लगातार गिरती जा रही है. महिंदा राजपक्षे की सरकार देश की अर्थव्यवस्था को बचाने में नाकाम रही थी. मई, 2022 में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा. अब विक्रमसिंघे की सरकार है, जो चीन समर्थक हैं. जबकि पाकिस्तान की अस्थिरता जगजाहिर है.
ऐसे में 2024 में पड़ोस में बनते और बिगड़ते हालातों को देखते हुए भारत को सामरिक तौर पर बेहद ही सोच-समझकर अपनी विदेश और पड़ोसी पहले की नीति को लागू करने की ज़रूरत पड़ने वाली है. किसी को आर्थिक सहयोग देकर से तो किसी को चीन के नापाक इरादों को बताकर हमें दक्षिण एशिया में शांति बहाल करनी होगी. साथ ही यह भी समझने की ज़रूरत होगी कि भारत बड़े भाई होने की छवि को त्यागकर एक मित्र की हैसीयत से ही अपने इन पड़ोसियों को चीन की गोद में बैठने से रोक सकता है.
वीरांगना फूलन देवी की जयंती पर नारी सम्मान समारोह का अयोजन
लखनऊ। समाजवादी पार्टी महिला सभा द्वारा वीरांगना फूलन देवी की जयंती पर मलिहाबाद डांग बंगला में नारी सम्मान समारोह का अयोजन किया।
मुख्य अतिथि महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह ने उपस्थित आशा बहू,आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को एक-एक साड़ी देकर सम्मानित किया। आशा बहुओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने अपनी विभागीय समस्याएं बताई। जूही सिंह ने कहा अत्याचार व शोषण के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद करने वाली सामाजिक न्याय की महान योद्धा पूर्व सांसद स्व.फूलन देवी की जयंती पर उन्हें शत शत नमन है। जूही सिंह ने कहा सपा सरकार बनाने पर सभी समस्याएं खत्म होंगी। उन्होंने कहा कि आशा बहुओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की समस्याएं विधानसभा और लोकसभा में समाजवादी पार्टी जोरशोर से उठाएगी।
कार्यक्रम आयोजक रिंकी सिंह ने कहा कि सभी की समस्याओं के समाधान के लिए सपा सड़क से लेकर सदन तक लड़ेगी। कार्यक्रम के शुभारंभ में वीरांगना फूलन देवी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सभी ने पुष्पांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम को मुख्य रूप से राष्ट्रीय महासचिव सुनीता सिंह, राष्ट्रीय सचिव सुनीता मित्रा,अंजू यादव, सरिता वर्मा, महंत त्रिभुवन नाथ ने सम्बोधित किया। इस दौरान मलिहाबाद, काकोरी, माल की आशा बहू और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।
बंगलादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ एसडीएम के माध्यम से सीएम पीएम को भेजा पत्र
लखनऊ (मलिहाबाद)। बंगलादेश में तख्ता पलट के बाद हिंदुओं के खिलाफ मारपीट लूटपाट के विरोध में राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी मलिहाबाद सौरभ सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को पत्र भेजा। पत्र में सरकार से वहां के हिंदुओं को समर्थन देने का आग्रह किया। साथ ही मांग की कि वहां की नवगठित सरकार को सख्त संदेश दिया जाए ताकि वहां के हिंदुओं पर अत्याचार को खत्म किया जाए। सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार जानकारी मिल रही है कि बांग्लादेश में हिंदुओं के घरों में घुसकर लूटपाट की जा रही है। हत्याएं की जा रही है, वहां के मंदिरों को तोड़ा जा रहा है। हिंदुओं के प्रतिष्ठान पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। बांग्लादेश के लोग लोग भारत में प्रवेश कर रहे हैं, उन्हें प्रतिबंधित किया जाए। ज्ञापन में भारत सरकार से यूनियन ने आग्रह किया कि वहां के हिंदुओं की रक्षा की जाए।
इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष भैया लाल, जिला महामंत्री संतोष कुमार सिंह, राजेश रावत अध्यक्ष माल, गुलजारी लाल ब्लॉक अध्यक्ष मलिहाबाद, सियाराम वरिष्ठ संगठन नेता लाल बहादुर महामंत्री रईस गाजी संगठन मंत्री, उमाशंकर रावत सलाहकार, रोहित प्रजापति, रामविलास मौर्या, राजेन्द्र मौर्या सहित लगभग दर्जनों पदाधिकारी मौजूद रहे।
अरहर की खूंटियों को खेत में गड़ी संगीनें समझते थे फिरंगी
स्वाधीनता संग्राम के सिलसिले में आमतौर पर अगस्त का महीना ‘अगस्त क्रांति’ या महात्मा गांधी द्वारा 09 अगस्त को छेड़े गए ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के रूप में जाना जाता है। यह महीना केवल इसी क्रांति से नहीं जुड़ा है। 1858 के इसी माह में अवध के ‘जन विद्रोह’ को दबाने या खत्म करने के लिए राजाओं, सामंतों, तालुकदारों जमींदारों और जनता को अपने पक्ष में करने के लिए ब्रिटिश संसद ईस्ट इंडिया कंपनी (कंपनी सरकार) का राज खत्म करके साम्राज्ञी के हाथ में शासन-सत्ता सौंपकर नई चाल चलने को मजबूर हुई थी। भारत की यह पहली ‘अगस्त क्रांति’ थी। भारत के अन्य भागों में तो राजा और सामंत ही कंपनी सरकार के खिलाफ लड़ रहे थे लेकिन अवध की क्रांति में राजा से लेकर जनता तक फिरंगियों के खिलाफ उठ खड़ी हुई थी। इसलिए इसे ‘जन विद्रोह’ का नाम दिया गया।
पेरिस से सुंदर और बड़ा था लखनऊ
उस समय अवध 12 जिलों में विभाजित था और 25000 वर्ग मील के क्षेत्र में फैला हुआ था। अवध का केंद्र लखनऊ था। भारत में यह युद्ध कवर करने वाले लंदन टाइम्स के संवाददाता रसेल ने लिखा था कि 30 मील के घेरे में बसे लखनऊ नगर के महलों, मीनारों, नीले और सुनहरे गुंबदों, सुंदर चौड़ी छतों, खंभों की लंबी पंक्तियां और हरियाली देखकर लगता है यह शहर पेरिस से बड़ा है और सुंदर भी (रसेल माई डायरी)।
अवध में सबसे लंबी चली लड़ाई
10 मई 1857 को क्रांतिकारी मंगल पांडे के विद्रोह से शुरू हुए इस विद्रोह को कंपनी सरकार ने म्यूटनी, सिपाही विद्रोह या गदर के रूप में प्रचारित किया। भारतीय इतिहासकारों ने इसे ‘प्रथम स्वाधीनता संग्राम’ की संज्ञा दी। भारत के अन्य भागों की तरह अवध में भी कंपनी सरकार के खिलाफ विद्रोह शुरू हुआ। कंपनी सरकार ने अन्य भागों में विद्रोह तो कुछ दिनों में ही दबाने में सफलता पा ली, लेकिन अवध में उसे डेढ़ साल तक नाको चने चबाने पड़े। ब्रिटिश अधिकारी टीएच कैवना ने अपनी एक रिपोर्ट में माना कि अक्टूबर’1858 के मध्य तक अवध का एक चौथाई इलाका भी ब्रिटिश शासन के अंतर्गत नहीं आ सका था।
बेगम हजरत महल के नेतृत्व में लड़ा गया युद्ध
दिल्ली के बादशाह बहादुर शाह जफर और अवध के बादशाह वाजिद अली शाह को गिरफ्तार कर कोलकाता भेजने के बाद बेगम हजरत महल ने शहजादे बिरजिसकदर को बादशाह नियुक्त कर फिरंगियों के खिलाफ मोर्चा संभाला था। बैसवारा के राजाओं जमीदारों और तालुकेदारों ने भी डटकर सामना किया। बेगम हजरत महल, नाना साहब पेशवा, तात्या टोपे (बिठूर) मौलवी अहमदुल्लाह शाह, राना बेनी माधव सिंह, राव रामबक्श सिंह अंत तक फिरंगियों के खिलाफ युद्ध लड़ते रहे। अवध के क्रांतिकारियों का एक समय इतना खौफ फैल गया था कि अंग्रेज अफसर और सैनिक अरहर की खूंटियों को खेतों में गड़ी संगीन समझ कर भाग खड़े होते थे।
गद्दार सेवकों ने राव रामबख्श सिंह को पकड़ाया
डौंडियाखेड़ा (बैसवारा) के प्रतापी राजा राव रामबख्श सिंह ब्रिटिश फौजों से परास्त होने के बाद बनारस में साधुवेश में एक गोसाई के मकान पर ₹4 महीने में रहने लगे। ब्रिटिश सरकार ने उन पर ₹8000 का पुरस्कार घोषित किया। रुपए के लालच में गद्दार सेवकों ने मुखबिरी करके उन्हें गिरफ्तार करा दिया। उन्हें 28 दिसंबर 1858 को डौंडियाखेड़ा (उन्नाव) के उसी स्थान पर पेड़ पर फांसी से लटकाया गया, जहां उन्होंने कानपुर से भाग रहे 08 अंग्रेज अफसरों को मौत के घाट उतारा था। फांसी के पहले गंगा स्नान किया और गीता के 23 श्लोकों का पाठ किया। उनको फांसी देने के वक्त दो बार रस्सी टूटी लेकिन ब्रिटिश हुकूमत नहीं पसीजी और तीसरी बार फांसी दिए जाने पर उनका प्राणांत हुआ
दगाबाज राजा ने मौलवी का सिर कलम किया
महान क्रांतिकारी फैजाबाद (अयोध्या) के मौलवी अहमदुल्लाह शाह ने बहादुरी से फिरंगी फौजों का सामना किया था। बेगम हजरत महल के वह खास सिपहसालार थे। मौलवी अहमदुल्लाह शाह रूहेलखंड में फिरंगियों का सामना कर रहे थे। 15 जून 1858 को पुवायां (शाहजहांपुर) के राजा जगन्नाथ सिंह के यहां गए। द्रोही राजा ने धोखे से अपनी गढ़ी में उनका सिर कलम करके शाहजहांपुर के मजिस्ट्रेट के सामने रख दिया। मजिस्ट्रेट ने उनके सिर को कोतवाली के गेट पर लटका दिया। इस दगाबाजी के बदले राजा को अंग्रेज सरकार से 50000 चांदी के रुपए पुरस्कार स्वरूप मिले थे। 22 जून 1858 वन को क्रांतिकारियों को मार डाला।
ऐसे लड़ाके पूरे भारत में कहीं नहीं देखे
ब्रिटिश हुकूमत के जनरल होपग्रांट ने बैसवारे में लड़े गए युद्ध का आंखों देखा वर्णन 2 जून 1858 को करते समय लिखा-‘ हिंदुस्तान में मैंने अनेक युद्ध देखे हैं और वीरों को जीतने या मरने का निश्चय लेकर लड़ते देखा लेकिन बैसवारे के जमींदारों से बड़े योद्धा नहीं देखे।’ इस युद्ध में उसे अपनी सेना लेकर पुरवा की तरफ भागना पड़ा था। -गौरव अवस्थी
यूपी के डीजीपी प्रशांत कुमार ने यूपी 112 के विशेष अभियान ‘एक पहल’ का शुभारंभ किया है। उन्होंने कहा कि ‘एक पहल’ जनता से सहयोग लेने का अभियान है।
लखनऊ। किसी को मुसीबत में देखकर वीडियो न बनाएं बल्कि यूपी 112 पर कॉल करें। संदिग्ध व्यक्ति और वस्तु की सूचना यूपी 112 को देने में संकोच न करें। यूपी के डीजीपी प्रशांत कुमार ने यह बात यूपी 112 के विशेष अभियान ‘एक पहल’ का शुभारंभ करते समय कही।
डीजीपी ने कहा कि ‘एक पहल’ आम लोगों को संवेदनशील और सतर्क बनाने का अभियान है। छेड़छाड़, छींटाकशी और सड़क पर पड़े घायल की अनदेखी न करें। यह अभियान एक जन जागृति है; एक पहल कीजिए … यूपी 112 को कॉल कीजिए। एक पहल आम लोगों से सहयोग लेने का अभियान है। इस मौके पर यूपी डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि बीते आठ साल में प्रदेश दस्यु मुक्त और फिरौती मुक्त हुआ है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है। आठ साल पहले यूपी 112 का रिस्पॉन्स टाईम 40-45 मिनट था जो अब 8-9 मिनट है।
₹35 लाख तक की कीमत वाले मकान के लिए ₹25 लाख तक का होम लोन लेने वाले लाभार्थी 12 वर्ष की अवधि तक के पहले 8 लाख रुपए के लोन पर 4 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी के पात्र होंगे।
PM Awas Yojana-Urban 2.0 Scheme:
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) 2.0 को मंजूरी दे दी है। इसके तहत शहरी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए 01 करोड़ आवास बनाए जाने हैं। इन 01 करोड़ घर, परिवारों के लिए 2.30 लाख करोड़ की सरकारी सब्सिडी दी जाएगी। यह सब्सिडी अलग-अलग तरीके से दी जाएगी। ऐसा ही एक तरीका-ब्याज सब्सिडी योजना का है।
योजना के दायरे में कौन ?
इस योजना के दायरे में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS)/निम्न आय वर्ग (LIG)/मध्यम आय वर्ग (MIG) परिवार आता है। ये वो परिवार हैं, जिनके पास देश में कहीं भी अपना कोई पक्का घर नहीं है। ऐसे लोग पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत घर खरीदने या निर्माण करने के पात्र होंगे।
EWS के दायरे में: ₹3 लाख तक की वार्षिक आय वाले परिवार LIG के दायरे में: ₹3 लाख से ₹6 लाख तक की वार्षिक आय वाले परिवार MIG के दायरे में: ₹6 लाख से ₹9 लाख तक वार्षिक आय वाले परिवार
ब्याज सब्सिडी योजना
EWS, LIG और MIG परिवारों के लिए होम लोन पर सब्सिडी दी जाएगी। ₹ 35 लाख तक की कीमत वाले मकान के लिए ₹25 लाख तक का होम लोन लेने वाले लाभार्थी 12 वर्ष की अवधि तक के पहले 08 लाख रुपए के लोन पर 04 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी के पात्र होंगे। पात्र लाभार्थियों को 5 – वार्षिक किश्तों में पुश बटन के माध्यम से ₹ 01.80 लाख की सब्सिडी जारी की जाएगी। लाभार्थी वेबसाइट, ओटीपी या स्मार्ट कार्ड के जरिए अपने खाते की जानकारी ले सकते हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी को वर्ष 2015 में शुरू किया गया था। इस योजना के तहत 01.18 करोड़ आवासों को स्वीकृति दी गई थी, जिनमें से 85.5 लाख से अधिक आवास पूरे कर लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं और बाकी आवास निर्माणाधीन हैं।
एसपी ने सौंपा प्रशस्ति पत्र, उज्ज्वल भविष्य की कामना
29वी वार्षिक उ0प्र0 पुलिस कुश्ती क्लस्टर प्रतियोगिता
बरेली जोन की टीम की ओर से किया प्रतिभाग
आरक्षी वतन ने हासिल किया बॉडी बिल्डिंग में द्वितीय स्थान
बिजनौर। 29वी वार्षिक उ0प्र0 पुलिस कुश्ती क्लस्टर प्रतियोगिता में बरेली जोन की टीम की ओर से भाग लेने वाले आरक्षी वतन ने बॉडी बिल्डिंग के 75 कि0ग्रा0 वर्ग में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। प्रतियोगिता का आयोजन 6वीं वाहिनी पीएसी मेरठ में किया गया।
उनकी इस उपलब्धि पर पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने आरक्षी वतन को प्रशस्ति पत्र देकर उत्साहवर्धन किया। साथ ही उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
प्रशासनिक व कृषि अधिकारियों की संयुक्त टीम का जिले भर में 37 प्रतिष्ठानों पर छापा
उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार कार्रवाई
छापे की भनक लगते ही ताला डाल कर भाग निकले दुकानदार
बिजनौर। प्रशासनिक व कृषि अधिकारियों की संयुक्त टीमों द्वारा बिजनौर, चांदपुर, धामपुर, नगीना तथा नजीबाबाद तहसील क्षेत्र में उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापा मारा गया। छापामार कार्रवाई के दौरान कुल 37 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। वहीं उपलब्ध यूरिया, डीएपी, एनपीके आदि उर्वरकों के स्टॉक का मिलान पीओएस मशीन व अभिलेखों के अनुसार किया गया तथा कुल 15 उर्वरकों के नमूने लिए गए। उधर बेगराजपुर चांदपुर में उर्वरक प्रतिष्ठान बन्द कर भाग जाने पर संबंधित दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश एवं जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया एवं उपजिलाधिकारी, चांदपुर तथा धामपुर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील चांदपुर एवं धामपुर क्षेत्र में उर्वरक विक्रेता के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार की कार्रवाई की गई। वहीं जिला कृषि रक्षा अधिकारी मनोज रावत व उपजिलाधिकारी नगीना एवं नजीबाबाद की संयुक्त टीम द्वारा तहसील नगीना एवं नजीबाबाद क्षेत्र में आकस्मिक छापामार कार्रवाई की गई। इसी प्रकार उप कृषि निदेशक गिरीश चन्द, एवं उपजिलाधिकारी बिजनौर मनोज कुमार सिंह की संयुक्त टीम द्वारा तहसील बिजनौर में उर्वरक विक्रेता के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार की कार्रवाई की गई। छापामार कार्रवाई के दौरान कुल 37 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान/गोदाम में उपलब्ध यूरिया, डीएपी, एनपीके आदि उर्वरकों के स्टॉक का मिलान पीओएस मशीन व अभिलेखों के अनुसार किया गया तथा कुल 15 उर्वरकों के नमूने लिए गए।
जिला कृषि अधिकारी बिजनौर जसवीर सिंह तेवतिया ने बताया कि मेसर्स ग्रीन वैली ट्रेडर्स बेगराजपुर, मेसर्स नौबतराय होती प्रसाद चांदपुर द्वारा उर्वरक प्रतिष्ठान बन्द कर भाग जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। छापामार कार्रवाई के दौरान ओवर रेटिंग एवं मुख्य उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग आदि का कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया।
निर्धारित दर पर किया जाए उर्वरक का वितरण
निरीक्षण के दौरान जसवीर सिंह तेवतिया, उर्वरक निरीक्षक/जिला कृषि अधिकारी बिजनौर द्वारा समस्त थोक/फुटकर/विनिर्माता उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि कृषकों की तत्कालीन आवश्यकता के अनुसार ही फास्फेटिक उर्वरकों, विशेषकर यूरिया, डीएपी, एनपीके, उर्वरक का वितरण निर्धारित दर पर किया जाए। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया बिना पोस मशीन के उर्वरकों का वितरण न किया जाए। किसी भी दशा में उर्वरकों की बिक्री बल्क में न करने एवं कृषक को उनकी जोत बही/खतौनी एवं फसलवार संस्तुति के अनुसार उर्वरकों का वितरण किया जाए। यदि कोई भी उर्वरक विक्रेता निर्धारित दर से अधिक दर पर बिक्री करता हुआ एवं प्रचलित उर्वरकों के साथ-साथ अन्य उर्वरकों की टैगिंग करता हुआ पाया जाता है तो संबंधित उर्वरक विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के अंतर्गत विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ ही उर्वरक विक्रेताओं को यह भी निर्देश दिये गए कि कृषकों को वितरित उर्वरकों की रसीद अवश्य उपलब्ध कराई जाए।
जब पूछा गया WhatsApp meta AI से ये सवाल, तो मिला ये जवाब …
विश्वसनीय और बड़ा ब्रांड होने के बावजूद विज्ञापन देने की क्यों पड़ी जरूरत?
WhatsApp meta AI से जब पूछा गया कि एक विश्वसनीय और बड़ा ब्रांड होने के बावजूद, भारत के अखबारों में विज्ञापन देने की जरूरत क्यों पड़ी? तो जवाब मिला ये…
व्हाट्सएप एक विश्वसनीय और बड़ा ब्रांड होने के बावजूद, भारत में अखबारों में विज्ञापन देने के कई कारण हो सकते हैं:
1. _नया फीचर प्रमोट करना_: व्हाट्सएप अपने नए फीचर्स या सेवाओं को प्रमोट करने के लिए विज्ञापन दे सकता है, जैसे कि पेमेंट सेवाएं या बिजनेस अकाउंट्स।
2. _भ्रामक खबरों से निपटना_: व्हाट्सएप भ्रामक खबरों और फर्जी संदेशों के प्रसार को रोकने के लिए जागरूकता फैलाने के लिए विज्ञापन दे सकता है।
3. _ब्रांड जागरूकता बढ़ाना_: व्हाट्सएप अपने ब्रांड को और अधिक मजबूत बनाने और अपने उपयोगकर्ताओं के साथ जुड़ाव बढ़ाने के लिए विज्ञापन दे सकता है।
4. _नियामकीय दबाव_: भारत सरकार या नियामक संस्थाओं के दबाव में व्हाट्सएप विज्ञापन दे सकता है ताकि वह अपने उपयोगकर्ताओं को जागरूक कर सके और अपने प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग को प्रमोट कर सके।
कुल मिलाकर Meta AI का कहना था कि इन कारणों से व्हाट्सएप भारत में अखबारों में विज्ञापन दे सकता है, भले ही वह एक विश्वसनीय और बड़ा ब्रांड हो।
क्या है WhatsApp Meta AI ?
WhatsApp पर उपलब्ध मेटा एआई एक आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट है। यह टेक्स्ट के ज़रिए इमेज और GIFs जनरेट कर सकता है और सवालों के जवाब भी दे सकता है। मेटा एआई, फ़ेसबुक (अब मेटा) द्वारा लॉन्च किया गया एक आधुनिक AI प्लेटफ़ॉर्म है। यह नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, कंप्यूटर विज़न, रोबोटिक्स, और मशीन लर्निंग पर काम करता है।
WhatsApp Meta AI: Meta AI चैटबॉट फीचर दिखने में एक नीले गोले जैसा होता है। व्हाट्सएप के अंदर मौजूद यह फीचर अब और भी ज्यादा क्रिएटिव हो गया है। इस चैटबॉट फीचर की मदद से अब यूजर फोटो और यहां तक कि GIF भी बनवा सकते हैं। होम स्क्रीन पर दाएं कोने में नीचे की तरफ चैट आइकन के ऊपर मेटा एआई का आइकन मौजूद होता है। यूजर इस फीचर पर क्लिक कर, टाइप कर के अथवा माइक्रोफोन का इस्तेमाल करके सवाल को बोलकर भी पूछ सकते हैं। इसके बाद आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से यह फीचर कुछ ही सेकंड्स में यूजर को जानकारी प्रदान कर देता है।
गौरतलब है कि हाल ही में इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp पर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस यानी कि AI की मदद से चलने वाला एक फीचर जोड़ा गया है, जिसका नाम Meta AI है। इस फीचर को व्हाट्सएप की पेरेंट कंपनी मेटा ने बनाया है। व्हाट्सएप के साथ-साथ फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी जोड़े गए इस चैटबॉट फीचर को यूजर की मदद के लिए बनाया गया है। यह चैटबॉट यूजर को किसी भी टॉपिक के बारे में जानकारी दे सकता है।
कैसे बनाएं व्हाट्सएप Meta AI से GIF ?
1. सबसे पहले अपने व्हाट्सएप का लेटेस्ट वर्जन अपडेट करें 2. अपने स्मार्टफोन पर व्हाट्सएप खोलें। 3. अब उस चैट में जाएं, जिसे आप GIF शेयर करना चाहते हैं. 4. यहां चैटबॉक्स में राइट साइड पर लिंक आइकन पर टैप करें। 5. स्क्रीन पर एक पॉप-अप मैसेज खुलेगा, जिसमें आपको Imagine ऑप्शन मिलेगा, इस पर क्लिक करें। 6. इसके बाद एक स्क्रीन खुलेगी। 7. यहां आप जैसी इमेज चाहते हैं उसके बारे में डिस्क्रिप्शन दर्ज करें। 8. कुछ ही सेकंड्स में इमेज बनकर तैयार हो जाएगी। 9. अगर आप इस इमेज को एनिमेट करना चाहते हैं तो नीचे की तरफ स्थित Animate बटन पर क्लिक करें। 10. इस इमेज को शेयर करने के लिए नीचे की तरफ स्थित Share बटन पर क्लिक करें।
प्रकृति की ओर वापस आकर पाएं दैहिक दैविक भौतिक रोगों से मुक्ति: डा. नरेंद्र सिंह
बिजनौर। योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट अध्यक्ष योगेश कुमार, कोषाध्यक्ष सुनीता रानी, सचिव अनंत कुमार व डॉ नरेंद्र सिंह द्वारा हरियाली अमावस्या के दिन रविवार को गंगा बैराज पर प्राकृतिक चिकित्सा शिविर लगाया गया, जिसमें लोगों का आध्यात्मिक, मानसिक और शारीरिक उपचार किया गया। डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने एक्यूप्रेशर से मसाज कर लोगों का उपचार किया।
जिला अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर अमर सिंह ने उपचार करने में सहयोग किया तथा आहार परिवर्तन के माध्यम से स्वस्थ रहने के उपाय बताए। उपचार कराने वालों में जिलाधिकारी कार्यालय से अशोक कुमार, गंगा बैराज से नरेंद्र कुमार कश्यप, दिनेश गुप्ता, गायत्री देवी, ग्राम शादीपुर से सुशील कुमार, शशि देवी, सुशीला देवी, करण सिंह, मुकेश कुमार आदि शामिल रहे।
इस अवसर पर डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने कहा कि शारीरिक, मानसिक और कर्मों के अनुसार रोगों का उपचार प्रकृति के पास है, पतित पावनी मां गंगा के पास है। जो कर्मो के अनुसार रोग हैं उनको मां गंगा नाश कर देती है। शारीरिक व्याधियों को भी और मानसिक व्याधियों का भी उपचार मां गंगा के पास है, जो नित्य प्रतिदिन पतित पावनी मां गंगा के जल में स्नान करता है, पूजा अर्चना करता है, उसके शारीरिक मानसिक व्याधिया समाप्त हो जाती हैं। यहां तक कि जो हमने पूर्व जन्म में बुरे कर्म किए हैं, उनके अनुसार जो रोग आए हैं। उन रोगों का मां प्रकृति स्वयं ठीक कर देती है, प्रकृति की ओर वापस आईए दैहिक दैविक भौतिक रोगों से मुक्ति पाइए।
पिछले दिनों की गई थी स्टोन क्रशर पर भंडारण की जांच
खनिज भंडार में गड़बड़ी मिलने पर की गई कार्रवाई
35 स्टोन क्रशर पर 3.25 करोड़ का जुर्माना, 08 ईंट भट्टे सीज
बिजनौर। स्टोन क्रशर संचालक खनन सामग्री के स्टॉक में जबरदस्त हेराफेरी कर रहे हैं। जांच के दौरान स्टॉक में काफी गड़बड़ी सामने आई हैं। इस पर जिले के 35 स्टोन क्रशर पर करीब सवा तीन करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा आठ ईंट भट्ठों को भी सीज किया गया है।
प्रतीकात्मक चित्र
जिले की नदियों और पड़ोसी राज्य उत्तराखंड से भारी मात्रा में खनन सामग्री आती है। उक्त खनन सामग्री की खपत नजीबाबाद और नगीना तहसील में स्थापित स्टोन क्रशर पर होती है। स्टोन क्रशर पर खनन सामग्री के भंडार को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें सामने आई हैं। प्रशासन ने पिछले दिनों इनके स्टॉक की जांच कराई थी। कहीं पर स्टॉक ज्यादा मिला तो कहीं कम। ऐसे में सख्त कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया गया है।
जानकारी के अनुसार गुरूकृपा स्टोन क्रशर पर एक करोड़ पांच लाख रुपए, हिमगिरी स्टोन क्रशर पर 39 लाख रुपए, सतगुरु स्टोन क्रशर पर 13 लाख रुपए, राणा स्टोन क्रशर पर छह लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। जिले के 35 स्टोन क्रशर पर कुल मिलाकर सवा तीन करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। वहीं बताया गया है कि जिले में 18 ईंट भट्टों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पत्र भेजा था। अब प्रशासन ने आठ ईंट भट्टों को सीज कर दिया है। जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने बताया कि जांच में जहां-जहां कमी मिली थी, कार्रवाई की गई है।
पुरुषोत्तम दास टंडन जी की जयंती पर विचार एवं काव्य गोष्ठी
साथ चली हो हिंदी भाषा बनकर छाया जैसे: राम सिंह सुमन
धामपुर (बिजनौर)। वर्षो की परंपरा अनुसार उत्तर प्रदेश युवा साहित्यकार संघ के तत्वाधान में महान स्वतंत्रता सेनानी हिंदी के प्रबल समर्थक पुरुषोत्तम दास टंडन जी की जयंती के अवसर पर एक विचार एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया।
हरिकांत निवास पर आयोजित कार्यक्रम में कवि एवं शायरों ने अपनी रचनाओं से आयोजन को सफल बनाया। राम सिंह सुमन का कहना था; चलकर हिंदी पथ पर आया, जीवन भर में ऐसे। साथ चली हो हिंदी भाषा, बनकर छाया जैसे। डॉक्टर अनिल शर्मा अनिल ने कहा कि मौसम है यह सुहाना मनभावनी नजारे, हर मन को है लुभाती है सावन की बहार।नरेंद्र जीत अनाम ने कहा; मां तो घर की वृक्ष मूल थी और तना थे बाबू जी। राज कुमार वर्मा ने कहा; सावन में झूले पड़ते थे, घर घर मस्ती आवै थी, सांझ ढले जब महिलाएं मिल गीत झूलते गावे थीं। शायर वीरेंद्र बेताब का कलाम था; मेरे जख्म रिस रिस के ये कह रहे हैं, न भूलूंगा मैं दोस्ताना तुम्हारा। नरेश वर्मा ने कहा जब सावन की ऋतु आती है, तब हरियाली जश्न मनाती है।
इस अवसर पर विभूति कांत शर्मा, रजनीश शर्मा, इंदु कांत शर्मा, सुधाकर शर्मा, राजकुमार सिंह, केशव कांत शर्मा इत्यादि शामिल रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ राज कुमार वर्मा द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। अध्यक्षता राम सिंह सुमन ने एवं संचालन हरिकांत शर्मा ने किया।
उरई। जिला जालौन के कुठौंद थानांतर्गत बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर चेकिंग कर रहे ARTO को बालू भरे ओवरलोड ट्रक से कुचलने की कोशिश की गई। इतना ही नहीं खनन माफिया अभद्रता करते हुए ट्रक छुड़ा भी ले गया। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हुआ है। सीओ रामसिंह ने बताया कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर टीमों को गठित कर दिया है। जल्द से जल्द घटना में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर ARTO ने रोका ओवरलोड ट्रक
जानकारी के अनुसार कुठौंद थानांतर्गत बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर 236 से 240 किलोमीटर के बीच ARTO प्रवर्तन राजेश कुमार अपनी टीम के साथ चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान ओवरलोड ट्रक UP 79 AT 1979 को रोक लिया गया। जानकारी मिलते ही खनन माफिया मौके पर पहुंच गया और ARTO के साथ अभद्रता करते हुए जबरन ट्रक को छुड़ा लिया। आरोप है कि जान से मारने की नीयत से ARTO के ऊपर ट्रक चढ़ाने की कोशिश की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें आरोपी ARTO से अभद्रता करते और जबरन ट्रक को लेकर जाते दिखाई दे रहा है।
खनन माफिया ने छीनी सिपाही से चाबी
ARTO प्रवर्तन राजेश कुमार ने बताया कि वह बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर चेकिंग कर रहे थे। वहां से गुजरने वाले बालू से भरे ओवरलोड ट्रक रोककर चालान किए जा रहे थे। उक्त ट्रक को रोका गया तो चालक ने फोन के जरिए GPS लॉक कर दिया, जिस कारण एक्सप्रेस-वे पर गाड़ी खड़ी हो गई।थोड़ी देर में इटावा निवासी गाड़ी मालिक आ गया। उसने सिपाही से चाबी छीन ली और जबरन गाड़ी को ले जाने लगा। उसे रोकने का प्रयास किया तो अभद्रता की और गाड़ी को मेरे ऊपर चढ़ाने की कोशिश भी की।
04 के खिलाफ FIR: एसपी
SP डॉ. दुर्गेश कुमार के अनुसार ARTO राजेश कुमार अपने एक हमराही सिपाही के साथ चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान ट्रक (UP 79 AT 1979) को रोका गया। उसमें से दो व्यक्ति उतरे और उनसे बहस करते हुए ट्रक को भगा ले गए। चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने के साथ ही उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमों को रवाना किया गया है।
भारतीय गन्ना संस्थान, लखनऊ में निजी सचिव के पद पर कार्यरत
राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में 100 से अधिक कहानियाँ प्रकाशित
मन का दस्तावेज – कहानी संग्रह ‘अठारह पगचिन्ह’
रश्मि लहर, भारतीय गन्ना संस्थान, लखनऊ में निजी सचिव के पद पर कार्यरत रहने के साथ साहित्य जगत का भी जाना पहचाना नाम बन चुकी हैं। कई संकलनों के साथ उनकी अब तक विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में 100 से अधिक कहानियाँ प्रकाशित हो चुकी हैं। काव्य सम्मेलनों, काव्य गोष्ठियों में भाग लेने के के साथ उनका अपना यू – ट्यूब चैनल भी है, जो काफ़ी प्रसिद्ध है। रश्मि लहर को अब तक 38 सम्मान मिल चुके हैं।
बोधि प्रकाशन के संस्थापक मायामृग जी कहते हैं – यह आपकी कहानियाँ हैं, सिर्फ कहानीकार की नहीं, अक्षरशः सत्य है। वैसे भी वही अच्छा कथाकार है, जो समाज की हर घटना पर पैनी नजर रख सके तथा उन्हें अपनी कलम से ऊकेर कर समाज को सकारात्मक सन्देश दे सके। मुझे कहने में कोई संकोच नहीं है कि रश्मि जी ने जीवन के हर रिश्ते को स्वर देते हुए संवेदनशीलता के स्तर पर न्याय किया है। विभिन्न विषयों के चयन के साथ उनकी कहानियों की भाषा सहज, सरल और बोधगम्य है।
वे कहती हैं – अनुभव अपनी सीमाएं लाँघते रहे। कभी पीड़ा, कभी विस्मय तो कभी संतुष्टि की अभिव्यक्ति करते रहे। संवादहीनता के दुःखद दौर से उपजी व्यधाओं ने प्रबल होकर अभिव्यक्ति की चेष्टा कर डाली। फलस्वरूप तानों -बानों से उलझा सच तिलमिलाकर समय के मस्तक पर शिव के तीसरे नेत्र की भांति विराजित हो गया।
इस संग्रह की अधिकतर कहानियाँ छोटी हैं पर उनके बारे में यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी – देखन में छोटे लगें, घाव करें गंभीर।
‘लव यू नानी’ नानी और पोती के प्रेम से सराबोर बहुत ही अच्छी कहानी है, वहीं निस्वार्थ कर्म की शिक्षा देती है कहानी ‘अनोखा करवा चौथ’
रिश्तों के दांव पेंच के साथ रिश्तों के मर्म तक पहुँचती, पहुँचाती अपने परायों के भेद को इंगित करती मार्मिक कहानी है ‘प्रेम के रिश्ते’
एक पढ़ी लिखी लड़की कैसे अपने परिवार के जुल्मों से तंग आकर बावरी बन जाती है किन्तु जब वही बावरी अपनी मित्र की संगत और सहायता से कर्मयोगी बनती है, तो पाठकों को सुखद सन्देश दे जाती है। हर घटना को बखूबी उकेरा है लेखिका ने अपनी कहानी ‘बावरी’ में।
विशुद्ध प्रेम की भावनाओं के अवगूंठन में गुंथी अनोखी प्रेम कथा है ‘अनमोल’, जिसमें नायक जो स्वयं भी लेखक है, नायिका की रचनाओं में अपने जीवन की हर समस्या का समाधान पाकर उससे दिल से जुड़ जाता है। ज़ब वह अपनी भावनाओं को प्रकट करना चाहता है तो नायिका उसे गलत समझ लेती है। नायिका नायक की भावनाओं को समझ पाती है या नहीं, पढ़िए कहानी ‘अनमोल’ में।
‘दादा जी का चश्मा’ अत्यंत ही हृदयस्पर्शी कहानी है। इसमें दादाजी अपनी पोती की पढ़ाई की फीस जमा करने के लिए अपने चश्मे की सोने की कमानी बेच देते हैं।
रेप पीड़िता पर बुनी गईं समाज को सन्देश देती अच्छी कहानी है ‘अचानक’। लोगों को समझना होगा दोषी पीड़िता नहीं वरन कुकर्म करने वाला वह व्यक्ति है, जिसकी काम पिपासा ने एक लड़की को दोष न होते हुए भी दोषी बना दिया।
‘असली उत्सव’ में पोती ने अपने माता – पिता से नकारे जाने पर अपनी दादी को न केवल संभाला वरन उनकी देखभाल करने की भी जिम्मेदारी उठाई। जीवन के कटु यथार्थ को उकेरती समाज को दिशा देती शिक्षाप्रद कहानी।
कर भला होगा भला इस कहावत को चरितार्थ करती आत्मीयता के खूबसूरत धागों से बुनी कहानी है ‘अद्भुत डॉक्टर’
विपरीत परिस्थितियों में भी अगर इंसान सकारात्मक रहता है तो कायनात भी उसकी मदद करने लग जाती है। रश्मि लहर ने दर्शाया हैं अपनी कहानी ‘तेरी बिंदिया रे’ में।
कभी -कभी जीवन में ऐसा घट जाता है, जो इंसान की सोच से परे होता है। एक अप्रिय घटना पल भर में हँसते – खेलते जीवन को पंगु बना देती है। यही हुआ था गौरव और गार्गी के जीवन में। क्या गौरव और गार्गी सहज जीवन जी पाए ? हृदयस्पर्शी कहानी है ‘आई लव यू गौरव’
मानवीय रिश्तों के खोखलेपन को उकेरती बहुत मार्मिक कहानी है ‘गुलगुले’। लेखिका कहती हैं न धन की कमी, न रुतबे की कमी पर अपने – अपने अस्तित्व को ऊंचाई देने के लिए सबके मन के भीतर एक वैमनस्यता ने जन्म ले लिया। वैमनस्यता के कारण भाई – भाई के रिश्तों में आती दूरी में पिसते हैं बूढ़े माता -पिता। कभी -कभी बेटे – बहू को उन्हें अपने साथ रखना, उन्हें भरपूर भोजन देना भी भारी पड़ने लगता है। अपनी दूसरी बहू से सास अपनी मनोव्यथा बताने के साथ गुलगुले खाने की फरमाइश करती है, किन्तु क्या सास उसके बनाए गुलगुले खा पाती है!! स्थितियों का बेहद सजीव वर्णन किया है लेखिका ने अपनी कहानी ‘ गुलगुले’ में।
रिश्तों के खोखलेपन को दर्शाती कहानी है ‘अतीत के दस्तावेज ‘ नायिका पूजा के माता – पिता का देहावसान, 12 करोड़ की संपत्ति का मालिक होना, रिश्तेदारों की लोलुप निगाहें, उनसे बचने के लिए नौकरी के लिए बाहर जाना, वहां एक प्रतिष्ठित साहित्यकार से मिलना, जिसके बच्चे उसके बंगले को बेचकर, उससे प्राप्त धन से स्वयं ऐश करने की चाह उन्हें अपने वृद्ध पिता को वृद्धाश्रम में रखने की योजना बनाते हैं। संवेदनहीनता की पराकाष्ठा को दर्शाती, जीवन के कटु यथार्थ को लेखिका ने जिस तरह अपने शब्दों में पिरोया है वह काबिले तारीफ है। क्या पूजा इस समस्या का हल खोज पाई, इसे जानने के लिए पढ़िए कहानी ‘अतीत के दस्तावेज’
शिरीष, संयोग, कैसे -कैसे दुःख, नियति और अम्मा भी हृदयस्पर्शी कहानियाँ है।
रश्मि जी का माँ को समर्पित यह पहला कहानी संग्रह है जिसमें ‘अठारह पग-चिन्ह’ में उनकी 18 कहानियाँ हैं।
बोधि प्रकाशन से प्रकाशित 95 पेज की इस पुस्तक का मूल्य मात्र 150 रुपए है। यह पुस्तक अमेज़न पर भी उपलब्ध है।
रश्मि जी को इस पुस्तक की बधाई देते हुए मैं उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए, कामना करती हूँ कि उनकी लेखनी निरंतर प्रवाहमान रहे। ~सुधा आदेश, कथाकार
1905 में ब्रिटेन के सम्राट जार्ज पंचम ने लखनऊ भ्रमण के दौरान किया था विचार
यूपी में सात नए मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की अनुमति – एक खबर
यूपी के पहले मेडिकल कॉलेज की स्थापना का इतिहास
सात नए मेडिकल कॉलेज मिलने की खुशी के साथ ही उत्तर प्रदेश के पहले मेडिकल कॉलेज की स्थापना का इतिहास भी जानना जरूरी।
उत्तर प्रदेश में 13 नए मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं, लेकिन नए नियमों के आधार पर इनमें प्रवेश की अनुमति नहीं मिल रही थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कोशिश के चलते केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 07 मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की अनुमति प्रदान कर दी।
इस मेडिकल कॉलेज की स्थापना के बारे में 1905 में ब्रिटेन के सम्राट जार्ज पंचम ने अपने लखनऊ भ्रमण के दौरान विचार किया था। उनके इस विचार को जहांगीराबाद नरेश सर तसद्दुक रसूल खां ने आगे बढ़ाया। यूपी गवर्नमेंट के सेक्रेटरी ने 22 मार्च 1906 को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर कहा था कि लखनऊ में एक ऐसे मेडिकल कॉलेज की स्थापना होनी चाहिए जो पूर्व की दुनिया में अद्वितीय हो।
आगरा और अवध के राजा, रईसों, जमीदारों और ताल्लुकेदारों ने मेडिकल कॉलेज के लिए बढ़ चढ़ कर अनुदान दिया।
1906 में ही लखनऊ मेडिकल कॉलेज की नींव रखी गई।
1911 के अक्टूबर माह में लखनऊ मेडिकल कॉलेज में पहला सत्र प्रारंभ हुआ।
27 जनवरी सन 1912 को सर जाॅन हैवेट ने नई इमारत का उद्घाटन किया।
सम्राट की ताजपोशी पर आयोजित दरबारी जश्न में मेडिकल कॉलेज के साथ उनका नाम जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया।
मेडिकल कॉलेज भवन के निर्माण पर तब 30 लाख रुपए का खर्च आया था। भारत सरकार ने 10 लाख रुपए का अनुदान दिया था।
सबसे पहले 18 लाख रुपए की लागत से प्रशासनिक ब्लॉक की महलनुमा सुंदर इमारत बनकर तैयार हुई।
मेडिकल कॉलेज के गगनचुंबी इमारतों का नक्शा सर जैकब ने तैयार किया था। उन्होंने अवध के स्थापत्य को जिंदा रखने की हर संभव कोशिश की।
प्रारंभ में 231 बेड के साथ मेडिकल कॉलेज की शुरुआत हुई थी।
प्रारंभ में किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संबद्ध रहा। बाद में लखनऊ विश्वविद्यालय एक्ट बन जाने पर इसे 1921 में लखनऊ यूनिवर्सिटी से जोड़ दिया गया।
(इतिहासकार डॉ. योगेश प्रवीन की पुस्तक ‘लखनऊ नामा’ से साभार)
प्रस्तुति – गौरव अवस्थी (लेखक वरिष्ठ पत्रकार साहित्यकार हैं। दैनिक हिंदुस्तान रायबरेली और लखनऊ से जुड़े रहे हैं)
बीमा न कराने वाले अंतिम तिथि से 07 दिन पहले दें प्रार्थना पत्र
इफ्को-टोकियो जनरल इन्श्योरेंस को मिली फसल बीमे की जिम्मेदारी
बिजनौर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए इफ्को – टोकियो जनरल इन्श्योरेंस कम्पनी लिमिटेड को नामित किया गया है। इसके लिए किसानों को प्रचार प्रसार कर इफ्को टोकियो से बीमा कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है। साथ ही कंपनी से बीमा न कराने वालों को अंतिम तिथि से 07 दिन पहले तक इससे संबंधित प्रार्थना पत्र देने की नसीहत भी की जा रही है।
जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने बताया कि शासन द्वारा वर्ष 2023-24, 2024-25, 2025-26 खरीफ व रबी मौसम मे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना की कार्य योजना को जारी किया गया है। योजना के अन्तर्गत प्रतिकूल मौसमीय स्थितियों से अधिसूचित फसलों में खरीफ मौसम हेतु धान, उर्द मूंगफली तथा रबी मौसम हेतु अधिसूचित फसलें गेहूं, राई/सरसों, मसूर एवं आलू हैं। फसल की बुवाई न कर पाना, असफल बुवाई, फसल की मध्य अवस्था में क्षति, खड़ी फसल को प्राकृतिक आपदाओं, रोगों, कीटों से क्षति, ओलावृष्टि, जलभराव, बादल फटना, भूस्खलन, बिजली गिरने से क्षति, फसल कटाई के उपरान्त आगामी 14 दिन की अवधि तक खेत में सुखाई हेतु रखी हुई फसल को ओलावृष्टि, चक्रवात, बेमौसम वर्षा, चक्रवाती वर्षा आदि के नुकसान के जोखिम को कवर किया गया है। यह योजना स्वैच्छिक आधार पर लागू की गई है। यदि ऋणी कृषक योजना में शामिल नहीं होना चाहते हैं तो ऐसी स्थिति में अपने बैंक शाखा स्तर पर बीमा कराने की अन्तिम तिथि से 07 दिन पहले तक योजनान्तर्गत प्रतिभागिता नहीं करने के सम्बन्ध में लिखित रूप से अवगत कराना होगा। गैर ऋणी कृषक अपना पहचान पत्र, आधार कार्ड, फसल बुवाई का घोषणा पत्र, खतौनी की नकल, बैंक खाते का विवरण, आईएफएससी कोड के साथ निकट के कॉमन सर्विस सेन्टर (CSC) अथवा बैंक शाखा से फसल पर देय प्रीमियम अंश को जमा करते हुए अपनी फसल का बीमा करा सकते हैं।
अन्तिम तिथि अब की गई 10 अगस्त 2024
निदेशक कृषि सांख्यिकी एवं फसल बीमा उत्तर प्रदेश कृषि भवन लखनऊ के आदेश में 01 अगस्त 2024 के द्वारा खरीफ मौसम योजना में भागीदारी की अन्तिम तिथि 31 जुलाई 2024 से बढ़ाकर शनिवार 10 अगस्त 2024 कर दी गई है। निर्धारित तिथि 10 अगस्त 2024 से पूर्व ही जमा की गई प्रीमियम पर क्षति पूर्ति की धनराशि देय है। इसके बाद जमा की गई धनराशि पर फसल बीमित नहीं हो सकेगी व क्षति पूर्ति की धनराशि देय नहीं होगी।
कांवड़ियों, श्रद्धालुओंं व क्षेत्रीय आमजन को भंडारा भोज
शिव भक्तों की सेवा में जुट गए डीएम एसपी
बिजनौर। कांवड़ यात्रा व श्रावण शिवरात्रि पर्व जनपद भर में अपूर्व हर्षोल्लास एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस दौरान डीएम एसपी ने थाना मंडावली क्षेत्रान्तर्गत मोटामहादेव मंदिर परिसर का भ्रमण व निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल एवं पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने कांवड़ यात्रा और श्रावण शिवरात्रि पर्व को देखते हुए थाना मंडावली क्षेत्रान्तर्गत मोटामहादेव मंदिर परिसर का भ्रमण/निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने शिवलिंग पर जल चढ़ाते हुए सभी के लिए मंगल कामना की।
उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य बिन्दुओं पर सर्व संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। साथ ही कांवड़ियों, श्रद्धालुओंं तथा क्षेत्रीय आमजन को भंडारा भोज का वितरण किया। इस दौरान अन्य अधिकारीगण भी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि हाल ही में भागुवाला एवं मोटा महादेव मंदिर पर एक कार्यक्रम का आयोजन कर डीएम और एसपी ने भी भाजपा विधायक व कार्यकर्ताओं के साथ कांवड़ यात्रियों को फल आदि का वितरण किया। इस दौरान हरिद्वार से गंगा जल लेकर आने वाले कांवड़ यात्रियों पर पुष्प वर्षा की गई।डीएम अंकित कुमार, एसपी अभिषेक झा, ब्लाक प्रमुख तपराज सिंह ने फल वितरण किया और उनकी सेवा की।
एसपी ने कांवड़ यात्रियों से रास्ते में सुरक्षा व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी लेते हुए कहा कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति रास्ते में मिलता है या किसी प्रकार का विवाद करने का प्रयास करता है तो पुलिस को सूचना दें। स्वयं किसी भी विवाद का कारण ना बनें। उन्होंने सभी कांवड़ यात्रियों को सुखद व सुरक्षित कांवड़ यात्रा संपन्न होने के लिये शुभकामनाएं भी दीं।
10 अगस्त तक बढ़ाई गई हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने की अंतिम तिथि
इसके बाद भुगतना पड़ेगा 10 हजार तक का चालान
वाहनों पर HSRP लगाने को मिली थोड़ी और मोहलत
Vehicle HSRP Update
नई दिल्ली। परिवहन विभाग ने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाना अनिवार्य कर दिया है। पुराने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने की अंतिम तिथि 31 जुलाई रखी थी। अब ट्रांसपोर्ट और रोड सेफ्टी डिपार्टमेंट की ओर से एचएसआरपी लगवाने की अंतिम तिथि 10 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। इसके लिए परिवहन विभाग ने आदेश जारी किए हैं। पुराने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट नहीं लगवाने वाले लोगों को 10 अगस्त के बाद ₹10000 तक का चालान देना होगा।
परिवहन विभाग के आदेश अनुसार अब पुराने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने की अंतिम तिथि 10 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। वाहन मालिक 10 अगस्त तक एचएसआरपी नंबर प्लेट के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद बुकिंग स्लिप दिखाने पर भी चालान से बच सकेंगे 01 अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत पुराने वाहनों पर एचएसआरपी नंबर प्लेट लगवाने की अंतिम तिथि 31 जुलाई रखी गई थी। इसे लोगों की सुविधा के लिए बढ़कर 10 अगस्त कर दिया गया है। तय तिथि तक हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट के लिए विभाग के निर्धारित पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन नहीं करवाने वाले वाहन चालकों पर 5000 से 10000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। अभ्यर्थी चालान से बचने के लिए निर्धारित तिथि तक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए आवेदन जरूर करें और अपने वाहनों पर लगवा लें।
विदित हो कि सरकार की ओर से 01 अप्रैल 2019 से पहले खरीदे गए वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाना अनिवार्य कर दिया गया है। दरअसल एक अप्रैल 2019 से पहले उपलब्ध नंबर प्लेटों के साथ छेड़छाड़ करना आसान था। इन्हें आसानी से हटाया और बदला जा सकता है। इस कारण इनके चोरी होने पर ट्रैक करना भी मुश्किल हो जाता है। इसके बावजूद कई वाहन चालक अपने वहां पर नंबर प्लेट नहीं बदल रहे हैं।
हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट HSRP
हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट अल्युमिनियम से बनी एक प्लेट होती है। इन्हें कम से कम वन टाइम यूज्ड स्नैप-ऑन-लॉक के जरिए गाड़ी के फ्रंट और बैक में लगाया जाता है। इन्हें आसानी से हटाया नहीं जा सकता और ना ही एक बार हटाने के बाद दूसरी नंबर प्लेट लगाई जा सकती है। HSRP में लिखे अंक को अक्षरों और बॉर्डर पर एक हॉट स्टैंप वाली फिल्म लगाई जाती है। इसमें 45 डिग्री के एंगल पर इंडिया लिखा होता है। प्लेट पर अंक और अक्षर का साइज 10mm और एक खास फोंट होता है। लाइट पड़ने पर अंक और अक्सर चमक उठाते हैं और सीसीटीवी कैमरे में आसानी से कैप्चर हो जाते हैं। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट में ऊपर बाएं कोने पर नीले रंग में अशोक चक्र का हॉट स्टेप्ड क्रोमियम बेस्ट होलोग्राम होता है। इसके नीचे बाएं कोने पर 10 अंक का सीक्रेट कोड लेजर से लिखा होता है, जो यूनिवर्सल होता है। यह नंबर एक ही गाड़ी के फ्रंट और रियर नंबर प्लेट में अलग-अलग होता है। इस सीक्रेट कोड में गाड़ी से जुड़ी सारी डिटेल्स जैसे चेसिस और इंजन नंबर, परचेसिंग डेट, गाड़ी का मॉडल, डीलर और रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी आदि होता है।
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट: दुपहिया वाहन के लिए 425 रुपए, कार के लिए 695 रुपए, मध्यम एवं भारी वाहन के लिए 730 रुपए और ट्रैक्टर कृषि कार्य से जुड़े वाहनों के लिए 495 रुपए निर्धारित हैं।
एचएसआरपी (हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट) लगवाने की आवेदन प्रक्रिया ~
सबसे पहले सियाम पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट siam.in पर जाएं। इसके बाद अपने वाहन नंबर, इंजन नंबर, चेसिस नंबर आदि जानकारी के साथ रजिस्ट्रेशन करें। अपने वाहन निर्माता कंपनी, जिले और सबसे नजदीकी वाहन डीलर का चयन करने के बाद एचएसआरपी प्लेट के लिए शुल्क का भुगतान ऑनलाइन करें। अपना स्लॉट बुक करने के साथ ही अपने रिकॉर्ड के लिए भुगतान की रसीद प्राप्त कर लें। आपके पंजीकरण की सूचना मोबाइल नंबर पर भी प्राप्त हो जाएगी। निर्धारित तिथि पर आप चुने गए नजदीकी डीलर के पास जाकर एचएसआरपी ले सकते हैं। इसके लिए आपको ऑनलाइन पेमेंट के अलावा किसी भी प्रकार का कोई भुगतान नहीं देना होगा। एक बार हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के बाद हमेशा के लिए वैध है।
कानपुर के सरसौल स्थित सहायक चकबंदी कार्यालय का मामला
किसान से 10 हजार घूस लेते कानूनगो और लेखपाल रंगेहाथ गिरफ्तार
एंटी करप्शन लखनऊ की टीम ने कानपुर के सरसौल स्थित सहायक चकबंदी कार्यालय में किसान से 10 हजार रुपए घूस लेते कानूनगो और लेखपाल को रंगेहाथों पकड़ा है। दोनों को निलंबित कर दिया गया है।
कानूनगो विनोद गौतम
कानपुर। नर्वल तहसील के सरसौल चकबंदी कार्यालय में कार्यरत कानूनगो व लेखपाल को बुधवार सुबह एंटी करप्शन (भ्रष्टाचार निवारण संगठन) की टीम ने किसान से 10 हजार रुपए घूस लेते गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ महाराजपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
नर्वल के टीकरभाऊ निवासी नवल किशोर शुक्ला व नंद किशोर शुक्ला ने बताया गांव में चकबंदी चल रही है। चकबंदी के दौरान उनकी 21 बीघा कृषि भूमि में से साढ़े तीन बीघा जमीन कट रही थी। जमीन कटने से बचाने के लिए उन्होंने तहसील में आवेदन किया। आरोप है कि चकबंदी कार्यालय में तैनात कानूनगो विनोद गौतम व लेखपाल सूरज सिंह यादव ने उनसे 30 हजार रुपए रिश्वत मांगी। न देने पर तीन माह से लेखपाल उन्हें परेशान कर रहा था। इसके बाद उन्होंने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की। शुरुआती जांच में पुष्टि के बाद एंटी करप्शन की टीम ने कानूनगो और लेखपाल की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया। 10-10 हजार रुपए तीन बार में देने की बात तय हुई। पीड़ित किसान केमिकल लगे रुपए लेकर कानूनगो के कार्यालय पहुंचे, जहां रुपए लेते समय पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। भ्रष्टाचार निवारण संगठन के इंस्पेक्टर चंद्रभान सिंह की तहरीर पर दोनों के खिलाफ महाराजपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। गुरुवार को दोनों को लखनऊ की एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया गया।
लेखपाल सूरज सिंह यादव
चकबंदी कार्यालय में डाला ताला, कानूनगो और लेखपाल निलंबित
एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर चंद्रभान सिंह ने बताया कि कार्यालय पहुंचकर किसान ने 10 हजार रुपए कानूनगो के हाथों में दिए। उसने रुपए गिने और बगल में मौजूद लेखपाल सूरज यादव को दे दिए। इसी वजह से दोनों पकड़े गए। कार्रवाई के बाद चकबंदी कार्यालय में ताला डालने के साथ ही अभिलेख कब्जे में ले लिए गए। लेखपाल की कार व कानूनगो की बाइक भी थाने लाकर सीज कर दी गई है। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कानूनगो व लेखपाल को निलंबित कर दिया है।
परेशान हो कर, की लखनऊ शिकायत
पीड़ित नवल किशोर शुक्ला ने बताया कि पिछले तीन माह से पैमाइश करने व चक काटने के नाम पर 30 हजार रुपए मांगे जा रहे थे। लखनऊ में रहने वाले बड़े भाई नंदकिशोर गंभीर रोग से पीड़ित होने के बाद भी चकबंदी प्रक्रिया पूरी कराने के लिए आएदिन चक्कर लगा रहे थे। परेशान होकर उन्होंने सोमवार को लखनऊ एंटी करप्शन के अधिकारियों को जानकारी दी।
कैंसर से पीड़ित हैं कानूनगो
मूलरूप से उन्नाव के बारासगवर के बारा गांव निवासी लेखपाल सूरज सिंह यादव सरसौल में चकबंदी कार्यालय के नजदीक ही किराए के मकान में रहता है। वहीं, उन्नाव कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत पूरन नगर निवासी कानूनगो विनोद कुमार गौतम की गिरफ्तारी की सूचना पर उनके दोनों बेटे थाने पहुंचे। मेडिकल क्षेत्र में कार्यरत बड़े बेटे छोटू ने बताया कि लगभग तीन साल से पिता कैंसर से पीड़ित हैं।
एसएसपी सतपाल अंतिल ने मुरादाबाद में तैनात 63 दरोगाओं के तबादले कर दिए हैं। बीस पुलिस चौकी प्रभारी के कार्यक्षेत्र भी बदल दिए गए हैं। सभी से तुरंत प्रभार ग्रहण करने को कहा गया है।
मुरादाबाद। एसएसपी सतपाल अंतिल ने जिले में तैनात 63 दरोगाओं के तबादले कर दिए। पुलिस लाइन से 19 दरोगाओं को थानों और चौकियों में भेजने के अलावा 20 पुलिस चौकी के प्रभारियों का कार्यक्षेत्र भी बदल दिया।
मुरादाबाद में थाने का निरीक्षण करते एसएसपी सतपाल अंतिल – फोटो : पुलिस पीआरओ
मुरादाबाद पुलिस के पीआरओ से मिली जानकारी अनुसार पुलिस लाइन से दरोगा सीताराम को रिट सेल, राजेंद्र कुमार को छजलैट, शरद कुमार को डिलारी, सुभाष कुमार सिंह को सिविल लाइंस, शांति स्वरूप को कुंदरकी, कल्याण सिंह को मझोला, एसएसआई महेश पाल सिंह को थाना छजलैट, सलाउद्दीन को नागफनी, दीपक कुमार को कुंदरकी, संजीव कुमार, रवींद्र सिंह भाटी को मूंढापांडे, मुकेश कुमार को मूंढापांडे, देवेंद्र उपाध्यक्ष को मैनाठेर, शेरपाल, दुलीचंद, प्रदीप कुमार को कुंदरकी, अशोक कुमार को मैनाठेर, अखिल कुमार को डिलारी की जलालपुर चौकी का प्रभारी बनाया गया है। कस्बा बिलारी चौकी से नीतेश सहरावत को चौकी दांग, दस सराय चौकी से देवेंद्र सिंह को फकीरपुरा चौकी प्रभारी, महिला दरोगा रीता तेवतिया को चौकी इंचार्ज फैजगंज, अंकुर सिंह को चौकी फैजगंज से थाना मैनाठेर, सोमपाल सिंह चौकी इंचार्ज मकबरा को काशीपुर तिराहा चौकी, चौकी इंचार्ज काशीपुरा तिराहा ओम शुक्ला को चौकी इंचार्ज लालबाग की जिम्मेदारी दी है। लालबाग चौकी से नरेंद्र सिंह को जयंतीपुर, जयंतीपुर से पवन कुमार को आशियाना चौकी का प्रभारी बनाया है। आशियाना चौकी से कृष्ण कुमार को हटाकर कटघर थाने में भेजा है। पीतल बस्ती चौकी इंचार्ज हरेंद्र सिंह को हरथला चौकी इंचार्ज, प्रबोध कुमार को हरथला चौकी से पीतलबस्ती चौकी इंचार्ज, हरेंद्र सिंह को चौकी तहसील स्कूल से थाना कुंदरकी, विवेक यादव को साइबर थाने से चौकी इंचार्ज तहसील स्कूल, प्रवेंद्र कुमार को मझोला थाने से चौकी कांशीरामनगर, उचित कुमार सिंह को चौकी गुलाबबाड़ी से पुलिस लाइन, सौरभ त्यागी को पुलिस लाइन से गुलाबबाड़ी, पुलिस लाइन से अर्जुन सिंह को टीपी नगर चौकी इंचार्ज, टीपी नगर चौकी इंचार्ज सुशील चौधरी को चौकी इंचार्ज खदाना बनाया गया है। हरेंद्र सिंह को पुलिस लाइन से मकबरा, मनोज पवार को चौकी लाइनपार से थाना मैनाठेर, सर्वेश कुमार को पुलिस लाइन से लाइनपार चौकी, ओमपाल सिंह को कांशीराम नगर से थाना डिलारी, सुरेंद्र सिंह चौकी इंचार्ज रौंडा झोंडा से मैनाठेर, देव सिंह को चौकी इंचार्ज रानी नांगल से पुलिस लाइन, नीरजपाल सिंह को थाना डिलारी से पुलिस लाइन भेजा गया है।
इसी प्रकार रमेश गिरी को चुनाव सेल रानी नांगल, सविता तोमर को पुलिस लाइन से कोतवाली, हंसराज को पुलिस लाइन से मूंढापांडे, बबलू को मूंढापांडे से मैनाठेर, रामभूल सिंह को भगतपुर से कुंदरकी, उदयवीर सिंह मुगलपुरा से मूंढापांडे, महेश चंद गुुप्ता को पुलिस लाइन से मूंढापांडे, नरेश कुमार राठी को यूपी 112 से मूंढापांडे, स्वाति राणा को पुलिस लाइन से साइबर थाना, जयशंकर द्विवेदी को पुलिस लाइंस से पाकबड़ा, हेमंत कुमार मूंढापांडे से कटघर, सलीम मलिक कुंदरकी से नागफनी, देवेंद्र सिंह कोतवाली से पुलिस लाइंस, वंदना रस्तोगी को महिला थाना से पुलिस लाइन, रामगोपाल आर्य को गलशहीद से सिविल लाइंस थाने में तैनाती दी गई है।
टेक्नोलॉजी सर्विस प्रोवाइडर कंपनी सी-एज टेक्नोलॉजीज पर रैनसमवेयर अटैक
साइबर हमले से देशभर में बैंकिंग कामकाज ठप !
नई दिल्ली। टेक्नोलॉजी सर्विस प्रोवाइडर कंपनी सी-एज टेक्नोलॉजीज पर साइबर हमला हुआ। इस रैनसमवेयर हमले के कारण देशभर के करीब 300 छोटे बैंक और फाइनेंशियल इन्स्टीट्यूशन्स का बैंकिंग से जुड़ा कामकाज ठप हो गया। सी-एज टेक्नोलॉजीज कंपनी देशभर के छोटे बैंकों को बैंकिंग टेक्नोलॉजी सिस्टम उपलब्ध कराती है।
जानकारी के अनुसार साइबर हमले का असर SBI और TCS के जॉइंट वेंचर सी-एज टेक्नोलॉजीज पर निर्भर सहकारी बैंकों और ग्रामीण क्षेत्रीय बैंकों के ग्राहकों पर पड़ा। इससे ग्राहक ATM से नकदी नहीं निकाल पा रहे। वहीं, UPI से अमाउंट ट्रांसफर करने में भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और सॉफ्टवेयर कंपनी की ओर से इस बारे में अभी कोई बयान नहीं आया है और न ही किसी वित्तीय नुकसान की बात सामने आई है।
NPCI ने स्वीकारा सी-एज टेक्नोलॉजीज पर रैनसमवेयर हमला
पेमेंट सिस्टम की देखरेख करने वाली संस्था नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बुधवार रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी नोटिस में बताया कि ‘सॉफ्टवेयर कंपनी सी-एज टेक्नोलॉजीज पर रैनसमवेयर हमला हुआ है। इससे उनके कुछ सिस्टम प्रभावित हुए हैं।’ यह भी बताया कि ‘साइबर हमले के कारण सी-एज को NPCI की ओर से ऑपरेट किए जाने वाले रिटेल पेमेंट सिस्टम से अस्थायी रूप से क्वारेंटाइन (अलग) कर दिया गया है। सी-एज टेक्नोलॉजीज के साथ मिलकर बहाली का काम किया जा रहा है। NPCI ने कहा कि, ‘इन बैंकों के पेमेंट सिस्टम का सिक्योरिटी रिव्यू किया जा रहा है। सी-एज से सर्विस लेने वाले बैंकों के ग्राहक क्वारेंटाइन के दौरान पेमेंट सिस्टम तक पहुंच नहीं पाएंगे।’
बारिश में हुड़दंग: नापे गए एसीपी-डीसीपी, पूरी चौकी सस्पेंड
लखनऊ (शादाब)। बारिश में हुड़दंग मचाने के मामले को यूपी सरकार ने गंभीरता से लिया है। स्थानीय पुलिस उपायुक्त, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस उपायुक्त को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। इसके साथ ही स्थानीय प्रभारी निरीक्षक, चौकी इंचार्ज और चौकी पर मौजूद समस्त पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने अब तक 04 आरोपी गिरफ्तार किए हैं, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
बुधवार को लखनऊ में भारी बारिश के कारण विधानसभा, गोमतीनगर जैसे पॉश इलाके में पानी भर गया था। गोमती नगर स्थित ताज होटल पुल के नीचे सड़क पर भारी जलभराव के बीच 50 से 60 की संख्या में जुटे हुड़दंगियों ने वहां से निकलने वालों के साथ बद्तमीजी शुरू कर दी।गोमतीनगर पुलिस को इसकी खबर तक नहीं हो सकी। घटनास्थल से चंद कदम की दूरी पर ही अंबेडकर उद्यान चौकी भी है। शिकायत के बावजूद पुलिस से कोई मदद नहीं मिली।
वीडियो वायरल हुआ तो हरकत में आई पुलिस
सोशल मीडिया साइट एक्स पर तीस सेकेंड का एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें दिखाया गया कि ताज से अम्बेडकर पार्क की तरफ जा रहे बाइक सवार और युवती को रोक लिया। लगभग पांच युवकों ने बाइक को पीछे से पकड़ कर युवती पर पानी फेंकने के साथ ही नीचे धकेल दिया। करीब डेढ घंटे तक चले हुड़दंग के बीच सामाजिक परिवर्तन स्थल से ताज होटल की तरफ जाने वाले पुल पर भीड़ एकत्र हो गई। घटना के बाद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई। इंस्पेक्टर गोमतीनगर दीपक पाण्डेय ने बताया कि अम्बेडकर चौकी प्रभारी विवेक कुमार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीम लगाई गई।
सस्पेंड और हटाए गए पुलिसकर्मियों की जगह नई नियुक्तियां
सस्पेंड और हटाए गए पुलिसकर्मियों की जगह नई नियुक्तियां कर दी गईं हैं। जानकारी के अनुसार पूर्वी पुलिस उपायुक्त प्रबल प्रताप सिंह को पुलिस उपायुक्त 112, पूर्वी अपर पुलिस उपायुक्त अमित कुमावत को अपर पुलिस उपायुक्त मुख्यालय, दक्षिणी अपर पुलिस उपायुक्त शशांक सिंह को अपर पुलिस उपायुक्त/ सहायक पुलिस आयुक्त कैंट पंकज कुमार सिंह की जगह अपर पुलिस आयुक्त पूर्वी, अपर पुलिस उपायुक्त हाईकोर्ट कृपाशंकर को अपर पुलिस उपायुक्त यातायात, अपर पुलिस उपायुक्त मुख्यालय राघवेंद्र सिंह को अपर पुलिस उपायुक्त हाईकोर्ट, सहायक पुलिस आयुक्त गाजीपुर विकास कुमार जायसवाल को सहायक पुलिस आयुक्त गोमतीनगर और सहायक पुलिस आयुक्त गोमतीनगर अंशु जैन को सहायक पुलिस आयुक्त, महिला अपराध में नियुक्त किया गया है।
थाना नजीबाबाद का आकस्मिक निरीक्षण कर सर्वसंबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश
कांवड़ यात्रा मार्गों का डीआईजी ने किया भ्रमण निरीक्षण
बिजनौर। श्रावण माह एवं कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत पुलिस उपमहानिरीक्षक, मुरादाबाद परिक्षेत्र (मुरादाबाद) मुनिराज जी भ्रमण, निरीक्षण पर निकले। इस दौरान उनके साथ पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस अफसरों ने मंडावली क्षेत्रान्तर्गत मोटामहादेव मंदिर परिसर के साथ ही थाना नजीबाबाद क्षेत्रान्तर्गत कांवड़ यात्रा मार्गों का भ्रमण व निरीक्षण किया।
पुलिस उपमहानिरीक्षक, मुरादाबाद परिक्षेत्र (मुरादाबाद) मुनिराज जी ने श्रावण माह एवं कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत थाना मंडावली क्षेत्रान्तर्गत मोटामहादेव मंदिर परिसर के साथ ही थाना नजीबाबाद क्षेत्रान्तर्गत कांवड़ यात्रा मार्गों का भ्रमण व निरीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य बिन्दुओं पर सर्व संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। साथ ही कांवड़ियों से वार्ता कर उनकी कुशलता पूछी। इस दौरान पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
वहीं डीआईजी मुनिराज जी द्वारा थाना नजीबाबाद का आकस्मिक निरीक्षण भी किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना कार्यालय/परिसर, महिला हेल्प डेस्क, भोजनालय, अभिलेख आदि को चेक किया तथा सर्वसंबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे ।
श्रावण माह एवं कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत पुलिस उपमहानिरीक्षक, मुरादाबाद परिक्षेत्र (मुरादाबाद) मुनिराज जी भ्रमण, निरीक्षण पर निकले।
“एक पेड़ मां के नाम” की थीम के आधार पर हुआ कार्यक्रम
टीएस मिश्रा विश्वविद्यालय लखनऊ के परिसर में 110 पर्यावरणीय अनुकूल पौधों का रोपण
लखनऊ। अवध वन प्रभाग, लखनऊ के सरोजनी नगर रेंज अंतर्गत टीएस मिश्रा, विश्वविद्यालय, लखनऊ के परिसर में 110 पर्यावरणीय अनुकूल पौधों का रोपण किया गया। यह वृक्षारोपण कार्यक्रम वृक्षारोपण जन अभियान, 2024 के अंतर्गत प्रधानमंत्री जी, भारत सरकार की प्रेरणा से “एक पेड़ मां के नाम” की थीम के आधार पर किया गया।
वृक्षारोपण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मनोज सिंह अपर मुख्य सचिव पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग उ०प्र० शासन रहे तथा डीएफओ लखनऊ सितान्शु पाण्डेय सहित टीएस मिश्रा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ० प्रशान्त त्रिवेदी, कपिल मिश्रा प्रो० चांसलर, डा० अनिल कुमार अग्निहोत्री निदेशक, डा० ज्ञान प्रकाश सिंह, डॉ० अशोक कुमार श्रीवास्तव डीन उपस्थित रहे।
इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में टीएस मिश्रा, विश्वविद्यालय के छात्र – छात्राओं ने 110 पौधों का रोपण कर उ०प्र० के वृक्षारोपण जन अभियान, 2024 में अपनी सहभागिता दर्ज करायी। मुख्य अतिथि मनोज सिंह, अपर मुख्य सचिव, उoप्रo शासन द्वारा छात्र-छात्राओं को पौध भण्डारा के अंतर्गत पौध वितरित करते हुए अपने उद्बोधन में सभी छात्र – छात्राओं को अपने घर, अपने परिसर व रिक्त पड़ी भूमि सहित पार्क आदि में “एक पेड़ मां के नाम ” प्रधानमंत्री, भारत सरकार के आह्वान के अंतर्गत लगाए जाने हेतु प्रोत्साहित किया गया।
इसके अतिरिक्त मुख्य अतिथि द्वारा अपने उद्बोधन में सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने एवं अपने घरों में ऊर्जा प्रभावी उपकरणों का प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। उल्लेखनीय है कि वन विभाग द्वारा जनपद लखनऊ में 39 लाख पौधों का रोपण किया गया है एवं मुख्यमंत्री जी, के निर्देशों के अनुसार उत्तर प्रदेश में कुल 36.50 करोड़ का वृक्षारोपण कार्यक्रम भी 20 जुलाई, 2024 को सम्पन्न किया गया। इस वृक्षारोपण कार्यक्रम को डी०सी० पन्त, क्षेत्रीय वन अधिकारी, सरोजनीनगर एवं उनके अधीनस्थ स्टाफ द्वारा सफलता पूर्वक सम्पन्न कराया गया।
गुलदार की दहशत से ग्रामीण रात रात भर जागने को मजबूर
बिजनौर। हल्दौर थाना क्षेत्र के ग्राम अखलासपुर में गुलदार लगातार दस्तक दे रहा है। पूरा गांव गुलदार की दहशत में जाग जाग कर रात बिताने को मजबूर है। ग्रामीणों ने फोन पर रेंजर चांदपुर से बात की, लेकिन कोई सटीक जवाब नहीं मिला। यह सूचना भारतीय किसान यूनियन चढूनी के जिला उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने युवा प्रदेश अध्यक्ष विकास चौधरी को दी। श्री चौधरी ने रेंजर चांदपुर को फोन किया लेकिन रेंजर कोई सटीक जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने स्टाफ कम होने के कारण मामला सुबह के लिए टाल दिया। प्रदेश अध्यक्ष विकास चौधरी ने कहा कि अभी हाल ही में ग्राम पिलाना में गुलदार के हमले के कारण एक बच्ची ने अपनी जान गवाई है। अगर ऐसी घटना फिर दोबारा किसी गांव में हो जाए तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। उन्होंने कहा सूचना देने पर भी प्रशासन द्वारा कोई सुनवाई नहीं हो रही है। और स्टाफ कम होने का बहाना बनाकर वन विभाग अपना पल्ला झाड़ रहा है उन्होंने कहा यदि ग्राम में कोई अप्रिय घटना घटी है तब प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा।
नलकूप के आसपास कई दिन से घूम रहा गुलदार
दूसरी ओर नहटौर ग्राम करीमपुर मुबारक में धन सिंह के नलकूप के आसपास कई दिनों से गुलदार दिखाई देने से ग्रामीण भयभीत हैं। ग्रामीण सतेंद्र कुमार, बाबूराम, सोनी, नाथेराम, आशाराम, छोटे, हरपाल सिंह आदि का कहना है कि गुलदार के दिखाई देने से वह डरे हुए हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए भी खतरा बना हुआ है। ग्रामीण खेती का काम करने के लिए जंगल डर-डर के जा रहे हैं। जंगल में गुलदार कई लोगों को दिखाई दिया है। उन्होंने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगवाए जाने की मांग की है।
उन्नाव के क्रांतिकारियों ने फिरंगियों को चटा दी थी धूल
1857 का प्रथम स्वाधीनता संग्राम सभी को याद ही है। इस संग्राम में उन्नाव के रणबांकुरों ने अंग्रेजी फौजों से जम कर युद्ध किया था। उन्नाव की वीर भूमि पर सेनानियों ने कई बार फिरंगियों को पीछे धकेला। इसी का नतीजा था कि कानपुर में नाना राव पेशवा सरकार का पतन करके आगे बढ़ने वाले जनरल हैवलॉक को दो बार कदम पीछे हटाने पड़े थे।
कानपुर और बिठूर जीतने के बाद हैवलॉक जनरल नील को कानपुर की जिम्मेदारी देकर क्रांतिकारियों की कैद से अंग्रेज सैनिकों और उनके परिजनों को छुड़ाने के लिए गंगा पार करके लखनऊ की ओर बढ़ा। 28 जुलाई को गंगा पार करके वह मगरवारा पहुंचा। मगरवारा के घर घर में क्रांति की ज्वाला धड़क रही थी। फिरंगियों को धूल चटाने के लिए हर घर में छिद्र बनाए गए थे ताकि बंदूक और टॉप से लैस फिरंगियों को आगे बढ़ने से रोका जाए। असफल होने के बाद जनरल हैवलॉक 29 जुलाई को उन्नाव की ओर बढ़ा लेकिन क्रांतिकारियों ने घेरा डाल दिया। क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी सेनाओं का डटकर सामना किया। क्रांतिकारी सेना की कई देसी तोपें दलदल में फंस गईं। उन्नाव के उस युद्ध में क्रांतिकारियों की 15 तोपें टूट कर बेकार हो गईं। हैवलॉक ने इन तोपों को हथिया लिया। उस समर में 300 क्रांतिकारी शहीद हुए।
उन्नाव के युद्ध में क्रांतिकारियों को असफल करने के बाद हैवलॉक बशीरतगंज की तरफ बढ़ा। बशीरतगंज तब ऊंची दीवारों से घिरा एक शहर था। यहां क्रांतिकारी और अंग्रेजी सेनाओं के बीच तीन बार भीषण युद्ध हुए। फिरंगी सेनाओं को दो बार क्रांतिकारियों ने खदेड़ दिया। बशीरतगंज के प्रथम युद्ध में जनरल हैवलॉक की 1/6 सेना नष्ट हो गई थी। उसकी सेना के 88 लोग मारे गए। उसने कानपुर में जनरल नील से सैनिक सहायता मांगी लेकिन खुद क्रांतिकारियों से घिरा होने के कारण उसने असमर्थता जता दी। इसके चलते हैवलॉक अपने कदम पीछे हटाकर फिर मगरवारा पहुंच गया। सैनिक सहायता मिलने के बाद 04 अगस्त को हैवलॉक फिर लखनऊ की ओर आगे बढ़ा और बशीरतगंज में क्रांतिकारियों से दूसरा युद्ध हुआ। इस युद्ध में क्रांतिकारियों के साथ अनेक तालुकदार और जमींदार की सेनाएं भी शामिल हुईं थीं। दूसरे युद्ध में 25 अंग्रेज अफसर मारे गए और करीब ढाई सौ क्रांतिकारी शहीद हुए। बशीरतगंज के इस द्वितीय युद्ध के बारे में हैवलॉक ने खुद लिखा- ‘लखनऊ मार्ग का प्रत्येक गांव हमारे विरुद्ध था। आम लोग भी ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ उठ खड़े हुए थे।’ बशीरतगंज से 12 मील की दूरी पर फतेहपुर 84 में अपने सैनिकों के साथ नाना साहब पेशवा के जमे होने और ग्वालियर की सेनाओं के कालपी तक पहुंच जाने की खबरों की वजह से हैवलॉक लखनऊ बढ़ने के बजाय फिर मगरवारा वापस लौटने को मजबूर हुआ।
तीसरी बार जनरल हैवलॉक 11 अगस्त को गंगा पार करके लखनऊ की ओर चला। इस बार क्रांतिकारियों ने बशीरतगंज के पहले बुढ़िया की चौकी गांव के पास ही अंग्रेजी सेना से मोर्चा लिया। इस युद्ध में भी हैवलॉक को काफी क्षति पहुंची, 32 अंग्रेज सैनिक मारे गए और करीब 300 क्रांतिकारी शहीद हुए। बशीरतगंज के इस युद्ध में लौंडिया खेड़ा के राव रामबक्स सिंह, रसूलाबाद के मंसब अली और बांगरमऊ (तरफसराय) के जस्सा सिंह जनवार की सेनाओं के साथ जनसाधारण ने भी भाग लिया। युद्ध में सफल होने के बावजूद हैवलॉक क्रांतिकारी अवरोध के चलते लखनऊ की ओर बढ़ नहीं पा रहा था। इस पर कानपुर बिठूर पर काबिज उसकी सेना के द्वितीय अधिकारी जनरल नील ने पत्र लिखकर अपनी नाराजगी भी जाहिर की थी। क्रांतिकारियों के अवरोध के भीषण अवरोध के चलते ही हैवलॉक को लखनऊ पहुंचने में 02 महीने का वक्त लग गया था। मगरवारा में 21 सितंबर को हुए दूसरे युद्ध में भी ब्रिटिश फौजों को भीषण युद्ध का सामना करना पड़ा था। अगर उन्नाव में युद्ध घनघोर न होता तो ब्रिटिश हुकूमत लखनऊ पर 08 महीने पहले ही काबिज हो सकती थी।
जनरल हैवलॉक कानपुर में नाना साहब की सरकार के पतन के बाद जब पहली बार गंगा पार करके मगरवारा में डेरा डाले था तब मगरवारा के घर-घर से फिरंगियों पर हमले हुए थे। फिरंगियों से निपटने के लिए घर-घर में छेद बनाए गए थे इसका विवरण खुद हैवलाक ने अपने संस्मरण में लिखा है। उन्नाव के इन रणबांकुरों पर आज हम सभी को नाज तो है, लेकिन हम अपने इन बहादुर पूर्वजों के स्वर्णिम इतिहास से ही अपरिचित हैं। प्रथम स्वाधीनता संग्राम से जुड़े मगरवारा, बशीरतगंज, नवाबगंज की पवित्र माटी को माथे पर लगाने का नया रिवाज क्यों शुरू नहीं होना चाहिए। प्रथम स्वाधीनता संग्राम में अपनी आहुति देने वाले सभी ज्ञात-अज्ञात रणबांकुरों को शत-शत नमन
-गौरव अवस्थी (लेखक दैनिक हिंदुस्तान रायबरेली और लखनऊ से जुड़े रहे हैं तथा वरिष्ठ साहित्यकार हैं।)
सड़क दुर्घटना में दो कांवड़ियों की मौत, छह गंभीर रूप से घायल
बिजनौर। पवित्र सावन माह में गंगा जल लेने हरिद्वार जाते अलग अलग जिलों के दो कांवड़ियों की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। वहीं छह कांवड़िए गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए एक वाहन चालक को गिरफ्तार किया है।
बुलंदशहर के दो कांवड़िए दुर्घटना में घायल
जनपद बुलंदशहर के ग्राम मौजपुर थाना खुर्जा जंक्शन निवासी 08 कांवड़ियों का एक समूह पैदल गोमुख से जल लेकर अपने गंतव्य स्थान के लिए जा रहा था। चांदपुर से आगे ग्राम दरबाड़ा के पास HR51AD8774 बाइक सवार ने उक्त कांवड़ियों को टक्कर मार दी। दुर्घटना में प्रियांशु व विकास घायल हो गए। सूचना पर स्थानीय पुलिस, पीआरवी मोबाइल तत्काल मौके पर पहुंची तथा घायल दो कांवड़ियों को उपचार हेतु सीएचसी, चांदपुर भेजा गया। दोनों की हालत सामान्य है। पुलिस ने मोटरसाइकिल जब्त करते हुए उसके चालक को हिरासत में लिया है।
दो कांवड़िए मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर
थाना हीमपुर दीपा पुलिस के अनुसार मुकेश पुत्र छत्रपाल व टीटू पुत्र विनोद निवासी ग्राम खुशालपुर थाना रेहरा जनपद अमरोहा स्पलेन्डर बाइक नंबर UP23 AN0139 से हरिद्वार जल लेने जा रहे थे। छाछरी मोड़ के निकट बाइक को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। दुर्घटना में मुकेश व टीटू, दोनों घायल हो गए। स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची तथा घायल दोनों कांवड़ियों को 108 एम्बुलेंस द्वारा जिला अस्पताल बिजनौर भर्ती कराया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के दौरान दोनों को मेरठ मेडिकल कॉलेज के रेफर कर दिया गया।
सम्भल के दो कांवड़िए गंभीर घायल
थाना नूरपुर क्षेत्रांतर्गत 36 कांवड़ियों का जत्था सम्भल से हरिद्वार जल लेने के लिए जा रहा था। उक्त जत्थे से ही मोटरसाइकिल पर सवार दो कांवड़िए विकास पुत्र अतर सिंह व अर्जुन पुत्र अतर सिंह निवासीगण ग्राम गुलडिया कला थाना कूढ फतेहगढ जनपद सम्भल रास्ता भटक गए। पुलिस के अनुसार थाना नूरपुर क्षेत्रान्तर्गत अमरोहा रोड पर बाइक सवार उक्त कांवड़िए अन्य कावडियों के ट्रैक्टर से टकरा गए। दुर्घटना में विकास व अर्जुन घायल हो गए। इनको सिर व हाथ में चोट आयी है। स्थानीय पुलिस द्वारा घायल दोनों कांवड़ियों को सीएचसी नूरपुर में भर्ती कराया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को कॉसमॉस हॉस्पिटल मुरादाबाद के लिए रेफर कर दिया गया। पुलिस ने उनके परिजनों को सूचित कर दिया है।
आवारा पशु से टकरा कर बाइक सवार दो कांवड़ियों की मौत
थाना रेहड़ क्षेत्रांतर्गत 03 कांवड़िए गब्बर सिंह पुत्र तुलसा निवासी भीराखीरी थाना भीराज जनपद लखीमपुर, शिवम शर्मा पुत्र पप्पू शर्मा निवासी कोरइया खुर्द कला थाना सेरमऊ उत्तरी जनपद पीलीभीत तथा महेशपाल पुत्र प्रेम सिंह निवासी सिंहपुर टाण्डा थाना सेरमऊ उत्तरी जनपद पीलीभीत मोटरसाइकिल से जल लेने के लिए जनपद लखीमपुर से हरिद्वार जा रहे थे। ग्राम बादीगढ के पास इनकी मोटरसाइकिल आवारा पशु से टकराने से तीनों घायल हो गए। स्थानीय पुलिस द्वारा घायल तीनों कांवड़ियों को सीएचसी अफजलगढ़ में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने शिवम व महेशपाल को मृत घोषित कर दिया व गब्बर सिंह को मामूली चोटें आई। स्थानीय पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्यवाही के उपरान्त पोस्टमार्टम हेतु जिला अस्पताल मोर्चरी भेज दिया है।
एएसपी ग्रामीण ने किया कांवड़ मार्ग का भ्रमण
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम अर्ज ने थाना नूरपुर क्षेत्रान्तर्गत कांवड़ मार्ग का भ्रमण किया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान उनके साथ क्षेत्राधिकारी चांदपुर भी मौजूद रहे ।
बिजनौर। हीलर्स हॉस्पिटल में कावड़ियों के मेडिकल से संबंधित घायलों को अस्पताल लाने व इलाज फ्री किया जाएगा। हॉस्पिटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर संचालकों ने यह जानकारी दी है।
प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से डॉ. सौरभ, डॉ. नीरज, डॉ. बीना, प्रकाश आदि ने पत्रकारों व कांवड़ियों के लिए यह सुविधा दी है।
कावड़ियों के मेडिकल से संबंधित घायलों को अस्पताल लाना व इलाज फ्री करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए टोल फ्री नंबर भी किए जारी किए गए हैं। फ्री एंबुलेंस के साथ ही फ्री इलाज की सुविधा भी शुरू की गई है।
एंबुलेंस के लिए इन नंबर पर संपर्क कर सहयोग लिया जा सकता है… 9258291517 9258291518
सभी पत्रकार बंधुओं के परिवार को 100% ओपीडी फ्री करने के साथ ही दवाइयां 20% फ्री कर दी गई हैं। इनके मानक अनुसार फैमिली में माता-पिता पति-पत्नी और बच्चे रहेंगे। जानकारों के अनुसार हीलर्स हॉस्पिटल की यह व्यवस्था दूरगामी परिणाम देगी। हॉस्पिटल निरंतर प्रगति की ओर है। निकट भविष्य में और भी तरक्की करेगा।
वेटिंग में डाले गए एसपी देवरंजन वर्मा और एएसपी दुर्गा प्रसाद तिवारी
विजिलेंस करेगी सीओ, एसएचओ और चौकी इंचार्ज के खिलाफ उनकी संपत्ति की जांच
07 पुलिसकर्मियों समेत 23 के खिलाफ मुकदमा दर्ज
यूपी-बिहार बॉर्डर पर एडीजी जोन वाराणसी और डीआईजी आजमगढ़ ने की सिविल ड्रेस में रेकी
पैसे लेकर शराब, मवेशी और बालू लदे ट्रकों को बॉर्डर पार कराने का मामला पकड़ा
लखनऊ (पंचदेव यादव)। उत्तर प्रदेश के बलिया में यूपी-बिहार बॉर्डर पर अवैध वसूली की पुष्टि होने के बाद योगी सरकार ने वहां के एसपी देवरंजन वर्मा और एएसपी दुर्गा प्रसाद तिवारी को हटा कर वेटिंग में डाल दिया है। सीओ सदर शुभ सुचित को सस्पेंड करने के साथ ही सीओ, एसएचओ और चौकी इंचार्ज के खिलाफ उनकी संपत्ति की जांच विजिलेंस को सौंप दी है। पीएसी 37वीं वाहिनी से विक्रांत वीर को बलिया के एसपी पद पर तैनाती दी गई है।
इनपुट के आधार पर ADG वाराणसी पीयूष मोर्डिया ने STF टीम के साथ सिविल ड्रेस में बलिया के नरही थाना क्षेत्र अंतर्गत यूपी-बिहार बॉर्डर के एंट्री-एग्जिट पॉइंट भरौली तिराहे पर छापा मारा। बुधवार रात 12 बजे 02 पुलिसकर्मियों और 16 दलाल सहित 18 लोगों को रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
07 पुलिसकर्मियों समेत 23 के खिलाफ मुकदमा दर्ज
छापामार कार्यवाही के दौरान थानाध्यक्ष नरही पन्ने लाल समेत 05 पुलिसकर्मी मौके से फरार हो गए। ADG ने कोरंटाडीह चौकी के सभी 06 पुलिसकर्मियों और थानाध्यक्ष नरही पन्ने लाल को सस्पेंड कर दिया। वहीं 07 पुलिसकर्मियों समेत 23 के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इनके खिलाफ इनकी तैनाती के थाने में ही एफआईआर दर्ज कराई गई है।
पहले DIG ने की रेकी फिर डाली गई रेड
डीआईजी आजमगढ़ वैभव कृष्ण के अनुसार कुछ समय से सूचना मिल रही थी कि नरही क्षेत्र के भरौली तिराहे पर यूपी-बिहार के एंट्री-एग्जिट पॉइंट पर ट्रकों से अवैध वसूली चल रही है। इसके बाद एडीजी जोन वाराणसी के साथ सिविल ड्रेस में यहां की रेकी की। फिर अच्छे से प्लान बना कर रेड डाली गई। भरौली तिराहे पर पहुंची अधिकारियों की टीम ने 02 पुलिसकर्मियों को अवैध वसूली करते पकड़ा और उन्हें हिरासत में लिया जबकि 05 पुलिसकर्मी मौके से फरार होने में कामयाब हो गए। इस एंट्री-एग्जिट पॉइंट से रोजाना रात में 1000 ट्रक गुजरते हैं। यहां पुलिसवाले पैसे लेकर शराब, मवेशी और बालू लदे ट्रकों को बॉर्डर पार कराते थे। हर ट्रक से 500 रुपए की वसूली करते थे। हर रोज करीब 05 लाख की वसूली होती थी।
16 दलाल और 02 पुलिसकर्मी गिरफ्तार, एसओ समेत 05 फरार
बाद में टीम ने भरौली तिराहे के आगे कोरंटाडीह चौकी पर भी पुलिस कर्मियों को अवैध वसूली करते पाया। रहे थे। यहां से एक सिपाही और एक स्थानीय युवक को गिरफ्तार किया गया जबकि कुछ पुलिसकर्मी फरार हो गए। कुल मिलाकर 16 दलालों और 2 पुलिसकर्मियों को STF की टीम ने गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 37500 रुपए, 14 बाइक, 50 मोबाइल और वसूली रजिस्टर बरामद की गई। गुरुवार सुबह सभी आरोपियों को बॉर्डर से कैदी वाहन में नरही थाने पर लाया गया। थाना इंचार्ज के सरकारी आवास को भी सील कर दिया गया।
अवैध वसूली के कारण लगता था 18 किमी जाम
यहां तस्करी के ट्रकों से अवैध वसूली के कारण बलिया से गाजीपुर के पूर्वांचल एक्सप्रेस वे तक 18 किमी जाम लगता था। फिलहाल फरार थाना इंचार्ज नरहीं पन्ने लाल, चौकी इंचार्ज कोरंटाडीह SI राजेश कुमार प्रभाकर, हेड कांस्टेबल विष्णु यादव, सिपाही दीपक मिश्रा और सिपाही बलराम सिंह की तलाश की जा रही है। हिरासत में लिए पुलिसकर्मियों से पूछताछ जारी है।
बीच बचाव को आई बुजुर्ग की पत्नी को दिया धक्का, अंजाम भुगत लेने की धमकी
सोशल मीडिया पर सीसीटीवी फुटेज वायरल
पालिका अध्यक्ष के डा. पुत्र ने घर में घुसकर बुजुर्ग को पीटा
बिजनौर। नगर पालिका परिषद बिजनौर की चेयरपर्सन इंदिरा सिंह के पुत्र डॉक्टर अभिनव सिंह ने घर में घुसकर पड़ोसी बुजुर्ग से मारपीट की! ये पूरी घटना सीसीटीवी में भी रिकॉर्ड हो गई है। पीड़ित ने पुलिस को तहरीर देकर कार्यवाही की मांग की है।
थाना शहर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मंडावर मार्ग पर जजी चौराहे के पास रहने वाले अवधेश प्रताप सिंह पुत्र स्व. विजेंद्र पाल सिंह राणा ने थाना कोतवाली शहर पुलिस को तहरीर देकर कहा कि उनके पुत्र विभोर राणा की शादी 30.11.2020 को डा. तेजपाल सिंह की पुत्री अनामिका देशवाल से हुई थी।
बताया कि कुछ समय बाद से ही उनके पुत्र और पुत्रवधु के मध्य मनमुटाव हो गया था। वर्ष 2022 से वे दोनों अलग अलग रह रहे हैं। कई बार संभ्रांत व्यक्तियों द्वारा प्रयास के बावजूद फैसला नहीं हो सका। डा. तेजपाल सिंह, बिजनौर में डा. बीरबल सिंह के क्लीनिक पर कार्यरत हैं।
अवधेश प्रताप सिंह का आरोप है कि 23 जुलाई को सुबह करीब 11 बजे डा. अभिनव सिंह उनके घर में घुस आया। घर पर वह व उनकी पत्नी अकेले थे। अभिनव ने आते ही उनके साथ गाली गलौच व हाथापाई करनी शुरू कर दी। उनके मुंह पर घूसों से कई बार प्रहार किये। यह सारी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है। शोर शराबा होने पर डा. बीरबल के यहां से कुछ लोग भी घर में आ गए, जिन्होंने सारा वाक्या देखा और डा. अभिनव सिंह को रोका अन्यथा वह उन्हें जान से मार देता।
शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि डा. अभिनव सिंह ने जाते समय उन्हें, उनकी पत्नी तथा दोनों बेटों को जान से मारने की धमकी दी है। शिकायतकर्ता ने डा. अभिनव के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है। गौरतलब है कि घर में घुसकर बुजुर्ग से मारपीट करने का आरोपी डा. अभिनव सिंह बिजनौर नगर पालिका परिषद की चेयरपर्सन इन्दिरा सिंह और वरिष्ठ भाजपा नेता डा. बीरबल सिंह के पुत्र बताए जाते हैं।
लखनऊ(पंचदेव यादव)। लोकसभा चुनाव के दौरान सांसद रविकिशन के खिलाफ अपर्णा सोनी नाम की महिला व उनकी बेटी ने प्रेस वार्ता करते हुए, रविकिशन को अपना पिता बताया व कई गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद रविकिशन की पत्नी ने अपर्णा के ऊपर एफआईआर दर्ज कराई थी। जिला न्यायलय में अपर्णा की अग्रिम जमानत याचिका को सुनते हुए कोई भी राहत नहीं दी है।
आप को बता दें कि आरोप लगाने वाली अपर्णा व शिनोवा के मामले में, रविकिशन की पत्नी की ओर से भी एफआईआर दर्ज कराई गई थी। उक्त मामले में अपर्णा सोनी, बेटी शिनोवा व राजेश प्रेमनाथ सोनी की ओर से अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र जिला न्यायालय, लखनऊ में दाखिल किया गया था। सोमवार को अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान जिला न्यायालय की विशेष अदालत ने जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज त्रिपाठी व सांसद रविकिशन की पत्नी प्रीति शुक्ल के अधिवक्ता ऋषभ चौहान की आपत्ति को स्वीकार करते हुए अपर्णा के वकील को हिदायत देते हुए अगली तारीख 29 जुलाई नियत की है ।
विदित हो कि लोकसभा चुनाव से कुछ ही दिन पहले एक महिला अपर्णा सोनी उर्फ अपर्णा ठाकुर ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मेगास्टार Ravi Kishan पर सनसनीखेज आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि रवि किशन उनकी बेटी शिनोवा के बायलोजिकल पिता हैं। महिला ने इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हुए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक इन आरोपों के साथ पहुंचने की कोशिश की थी। ऐसे में सांसद रवि किशन मुश्किलों में घिरते हुए नजर आए थे लेकिन 26 अप्रैल को मुम्बई के दिंडोशी कोर्ट के अंदर से आए इस केस के फैसले से रवि किशन को बहुत बड़ी राहत मिली। रवि किशन के करीबियों का कहना है कि इस पूरे मामले में बड़ी साजिश रची गई थी, जिसका भंडाफोड़ अदालत के अंदर हो गया है और अब इस मामले में दोषियों को अंदर जाने के लिए तैयार रहना होगा।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने गैसड़ी से जीते राकेश यादव को दिलाई विधायक पद की शपथ
पूर्व मंत्री डॉ. एसपी यादव के पुत्र नवनिर्वाचित विधायक राकेश यादव ने ली शपथ
लखनऊ। हाल ही में सम्पन्न विधानसभा के उपचुनाव में बलरामपुर के गैसड़ी से पूर्व मंत्री डॉ. एसपी यादव के निधन से रिक्त हुई सीट पर उनके सुपुत्र राकेश यादव ने जीत दर्ज की थी। जीत के उपरांत विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना द्वारा पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।
राकेश यादव के शपथ लेने पर गैसड़ी विधानसभा की जनता में खुशी की लहर है। राकेश ने जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह अपने क्षेत्र कि जनता के लिए 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे। उनके सुख-दु:ख में सदैव पहले की ही तरह पूरी तत्परता के साथ खड़े रहेंगे।
समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य थे राकेश के पिता
समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य, बलरामपुर से गैसड़ी विधायक 78 वर्षीय डा. एसपी यादव का निधन 26 जनवरी को हो गया था। हरियाणा के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती श्री एसपी यादव काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। वह डेंगू व वाल्व में संक्रमण के कारण बीते दो माह से अस्वस्थ थे। बीते दिनों लखनऊ में चल रहे इलाज के दौरान हालत गंभीर हो जाने के बाद उन्हें गुड़गांव स्थित मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वह चार बार विधायक व दो बार मंत्री रह चुके हैं।
1993 में सपा के टिकट पर गैसड़ी से पहली बार चुने गए विधायक
डॉ. शिव प्रताप यादव ने महारानी लाल कुवंरि पीजी कॉलेज में रसायन विज्ञान के प्रवक्ता के रूप में एक जुलाई 1980 में नौकरी की शुरुआत की थी। वर्ष 2013 में सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हाेंने लोकदल से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। 1980 में वह बलरामपुर सदर से विधानसभा का पहला चुनाव भी लड़े। 1986 में वह लोकदल के जिलाध्यक्ष बने और 1989 में जनता दल से गैसड़ी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़े। इसके बाद 1991 में फिर समाजवादी जनता पार्टी से चुनाव लड़े, लेकिन इन चुनावों में वह जीत नहीं सके। 1993 में सपा ने उन्हें गैसड़ी से टिकट दिया और वह पहली बार विधायक चुने गए। इसके बाद 2002, 2012, 2022 में भी यहीं से सपा के विधायक बने। साल 2003 में मुलायम सिंह की सरकार में वह कृषि राज्य मंत्री, 2005 में उत्तर प्रदेश वित्त विकास निगम के उपाध्यक्ष, 2012 में जंतु उद्यान राज्यमंत्री तथा 2015 में चिकित्सा स्वास्थ्य राज्यमंत्री के बतौर भी काम काज किया था।
समस्याओं का निराकरण न होने पर 22 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
सिंचाई विभाग के डिप्लोमा इंजीनियर्स का विरोध प्रदर्शन जारी
बिजनौर। सिंचाई विभाग के डिप्लोमा इंजीनियर्स ने अपनी समस्याओं के निराकरण को लेकर विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रखा। वहीं, 22 अगस्त से प्रमुख अभियंता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग उ.प्र. लखनऊ कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना प्रारम्भ करने की तैयारी भी है।
सिविल डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ सिंचाई विभाग उ.प्र. के प्रान्तीय नेतृत्व के आह्वान पर बिजनौर, कालागढ, नजीबाबाद एवं धामपुर स्थित खण्डों में सिविल डिप्लोमा इंजीनियर्स ने आज दूसरे दिन भी काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
बताया गया है कि प्रमुख अभियंता (परियोजना) सिंचाई विभाग उ.प्र. की हठधर्मिता एवं मनमानी के चलते विभिन्न समस्याओं के समाधान को लम्बित रखने के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया गया। संघ के जिलाध्यक्ष इंजी. मनोज कुमार ने बताया कि समस्याओं का निराकरण न होने पर 22 अगस्त से प्रमुख अभियंता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग उ.प्र. लखनऊ कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना प्रारम्भ किया जायेगा।
लखनऊ/मुरादाबाद। रामपुर में दिल्ली हाईवे पर सोमवार सुबह 4 बजे भैरव बाबा मंदिर के पास जनरथ और वॉल्वो बस की भिड़ंत हो गई। हादसे में जनरथ के ड्राइवर सहित चार यात्रियों की मौत हो गई। दोनों बसों के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। हादसे में 60 यात्री घायल हो गए, जबकि पांच बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार साहिबाबाद डिपो की जनरथ बस लखनऊ से दिल्ली जा रही थी। वहीं सामने से हरिद्वार से श्रावस्ती जा रही प्राइवेट वॉल्वो बस आ रही थी। दोनों बसों की स्पीड काफी तेज थी, जिससे दोनों बसों की आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। दोनों बसों के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। घटना के बाद चीख- पुकार मच गई।
बताया जा रहा है कि सावन में रोड वन वे होने की वजह से ही दोनों बसों की आमने-सामने की टक्कर हुई। हादसे में 60 यात्री घायल हुए, जबकि पांच बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
दुर्घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों बसों के घायल यात्रियों को अस्पताल पहुंचाया। भारी संख्या में घायलों के अस्पताल पहुंचने से डॉक्टर और अस्पताल के कर्मचारी भी परेशान हो गए। अस्पताल के परिसर फर्श पर लेटे घायल दर्द से कराह रहे थे। गंभीर रूप से घायल 18 यात्रियों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। अन्य यात्री प्राथमिक उपचार के बाद अपने घर चले गए। हादसे की जानकारी होते ही जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल पहुंचकर जायजा लिया। इसके बाद अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल-चाल जाना और बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
नवनियुक्त सपा जिला अध्यक्ष शेख जाकिर हुसैन का भव्य स्वागत
किसी भी कार्यकर्ता का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा: शेख जाकिर हुसैन
बिजनौर। समाजवादी पार्टी के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष शेख जाकिर हुसैन ने कहा कि किसी भी कार्यकर्ता का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। सभी को सम्मान दिया जाएगा। जिला मुख्यालय स्थित सपा कार्यालय पर अपने स्वागत समारोह में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने सभी से बैर भाव भुलाकर साथ चलने का आह्वान किया। इसी सप्ताह उन्हें जिलाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इससे पहले जनपद बिजनौर की सीमा में प्रवेश करने से लेकर जिला मुख्यालय पहुंचने तक उनका कई स्थान पर भव्य स्वागत किया गया। हाल ही के लोकसभा चुनाव में पार्टी के अभूतपूर्व प्रदर्शन से उत्साहित पार्टी कार्यकर्ता जमकर नारेबाजी करते रहे।
समाजवादी पार्टी के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष शेख जाकिर हुसैन का प्रथम बार बिजनौर आगमन पर अभूतपूर्व स्वागत किया गया। जिला कार्यालय पर आयोजित स्वागत समारोह में विधायक स्वामी ओमवेश, विधायक तस्लीम अहमद, नासिर हुसैन, महिला जिला अध्यक्ष प्रभा चौधरी, नगीना लोकसभा से लोक सभा चुनाव प्रत्याशी सेवानिवृत्त जज मनोज, सतपाल, जिला प्रवक्ता अखलाक अहमद पप्पू, पूर्व जिला अध्यक्ष राशिद हुसैन, पूर्व जिला अध्यक्ष अनिल यादव, डॉक्टर रमेश तोमर इत्यादि मौजूद रहे।
गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर इसी सप्ताह अनिल यादव के स्थान पर जाकिर हुसैन को पार्टी का नया जिलाध्यक्ष बनाया गया है। अनिल यादव का वर्तमान कार्यकाल 26 मार्च 2023 से अब तक का रहा। इससे पहले भी एक बार वह जिलाध्यक्ष रहे थे और अब दूसरी बार जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे थे। बिजनौर शहर में चांदपुर की चुंगी के निकट के रहने वाले जाकिर हुसैन पूर्व सभासद होने के साथ ही समाजवादी पार्टी के प्रति काफी समय से निष्ठावान रहे हैं। प्रदेश कार्यसमिति में विशेष आमंत्रित सदस्य, जिला कार्यकारिणी के विशेष आमंत्रित सदस्य रह चुके हैं। 2018 में जब बिजनौर नगर पालिका से वरिष्ठ सपा नेता शमशाद अंसारी की पत्नी रुखसाना परवीन जीत कर चेयरपर्सन बनी थी तो उस समय उनके चुनाव प्रभारी जाकिर हुसैन ही थे।
पहुंचना तो बहुत आसान पर पहुंच से दूर होते जा रहे हैं भगवान
अयोध्या का टूर: पहुंच आसान-दर्शन दूर…
~गौरव अवस्थी
‘स्वस्थ भारत’ स्वयंसेवी संगठन के सभापति आशुतोष कुमार सिंह की तरफ से आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज में चल रही तीन दिवसीय सेमिनार का आज आखिरी दिन था। नई दिल्ली से प्रकाशित पाक्षिक पत्रिका ‘युगवार्ता’ के संपादक भाई संजीव कुमार ने ‘अमृत काल में भारत का स्वास्थ्य और मीडिया की भूमिका’ विषय पर चर्चा के लिए आदेशित किया। इसी सिलसिले में कुमारगंज जाना था लेकिन अनुज करुणा शंकर मिश्र ने इस बहाने हनुमानगढ़ी में दर्शन का नया क्लाज जोड़ दिया। कलयुग के जीवित देवता हनुमान जी के दर्शन का प्रस्ताव कोई कैसे ठुकरा सकता है? फिर हम तो ठहरे गहरे हनुमान भक्त। सो, तुरंत तैयार। साथ उनका; सारथी हमारा।
इस सबके चलते आज अयोध्या कई वर्षों बाद जाना हुआ। रायबरेली से अयोध्या 120 किलोमीटर दूर है। पहले सिंपल सी सड़क थी और अब हाईवे। तब जनपद का नाम फैजाबाद हुआ करता था और अब अयोध्या। रायबरेली मार्ग से फैजाबाद होते हुए अयोध्या जाया करता था। यह सड़क पहले टू-लेन थी और अब फोरलेन। मोहनगंज के पास थोड़ी दिक्कत छोड़ दें तो बाकी का कष्टरहित सफर। अयोध्या पहुंचने के लिए अब हिचकोले नहीं खाने पड़ते। 25-30 किलोमीटर पहले हाईवे के डिवाइडर पर लगे बिजली के कलात्मक खंबों के बीच में कमल की पंखुड़ियों के नीचे नए स्टाइल में विभिन्न रंगों से अंग्रेजी में लिखा ‘अयोध्या’ आपका ध्यान आकर्षित करने लगता है। अंग्रेजी में इसे ‘लोगो’ कह सकते हैं। हिंदी वाले इस ‘प्रतीक चिन्ह’ कहते हैं। फैजाबाद पहुंचने पर अयोध्या की दूरी 10 किलोमीटर लिखी दिखती थी, अब नए हाईवे पर लिखा मिलेगा-‘ अयोध्या-0 किमी और अयोध्या धाम-10 किमी। यानी अयोध्या-टू-अयोध्या धाम। भक्तों के लिए ‘रामनगरी अयोध्या’ और सरकारी बोर्ड में ‘अयोध्या धाम’। प्रदेश के किसी भी तरफ से आपका अयोध्या पहुंचना तो बहुत आसान हो गया है पर भगवान पहुंच से दूर होते जा रहे हैं। तीखी धूप। लंबी कतार। पसीना अपार। तब मिलेगा देवता का द्वार। अब रायबरेली को ही लें। रायबरेली से अयोध्या पहुंचने में पहले करीब 3 घंटे लग जाते थे लेकिन हनुमानगढ़ी में दर्शन तुरंत मिल जाते थे। रायबरेली से अब आप अयोध्या 2 घंटे में आसानी से पहुंच जाएंगे लेकिन अगर दिन शनिवार और मंगलवार है तो दर्शन में घंटे भर भी लग सकते हैं। कभी-कभी इससे ज्यादा भी। पहले खाकी वर्दी मंदिर में ऊपर प्रवेश द्वार पर ही दिखती थी और अब भक्तों की भीड़ के चलते नीचे सीढ़ियों से 100 मीटर पहले से हनुमानगढ़ी के हनुमान जी महाराज के विग्रह के सामने तक पुलिस ही पुलिस। इच्छा भरकर दर्शन की इच्छा पूरी करने की जरा भी कोशिश आपको धक्का दिला सकती है या कर्कश शब्दों से सामना करा सकती है।
अब जब हनुमान गढ़ी में दर्शन का यह हाल है तो उनके इष्टदेव भगवान राम के दर्शनों में होने वाली दिक्कतों का अंदाज आप खुद लगाइए। राम जन्मभूमि में दर्शन के लिए पहले भी काफी चक्कर लगाना पड़ता था और अब भी। एक भजन है- कभी-कभी भगवान को भी भक्तों से काम पड़े..। भक्ति के उमड़ रहे ज्वार में अब भक्तों को ही भगवान से काम पड़ रहा है, भगवान को नहीं। मंदिरों मठों में कदम कदम पर पहरा गहरा है। राम-राम रटते हुए ही भगवान राम के दर्शन पा सकते हैं।
यह सही है अब अयोध्या पहले वाली नहीं रही। ‘दिव्य-नव्य-भव्य’ की सरकारी उपमा रत्तीभर गलत नहीं है। अयोध्या का सीन पूरा चेंज है। सड़कें बदल गई हैं। रास्ते की क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर है। सुंदर सजे-धजे चौराहे। कहीं आओ-कहीं जाओ। सब सिस्टमैटिक। पहले अयोध्या की मुख्य सड़क पर गाड़ी खड़ी कर आप हनुमानगढ़ी के दर्शन को जा सकते थे। कुछ खा सकते थे लेकिन अब ऐसा संभव ही नहीं। गाड़ी खड़ी करने पर चालान का स्वाद चखना पड़ सकता है। पहले अयोध्या में साधारण से खाने के जुगाड़ बहुत कम होते थे। घर से पूड़ी बांध कर ले जाओ या किसी मठ में प्रसाद पाओ या ऐसे ही काम चलाओ। अब नई अयोध्या में नए-नए होटल-रेस्टोरेंट की भरमार है। साउथ इंडियन खाना है तो उडुपी रेस्टोरेंट जाइए और गुजराती थाल खानी है तो ‘नमो नमो ग्रुप’ के रेस्टोरेंट और आदि-आदि में। ₹200 वाले डोसे और ढाई सौ रुपए थाल (उत्तर भारतीय खाना) वाले रेस्टोरेंट एक नहीं कई हो गए हैं। अगर आपकी जेब इजाजत दे रही हो तो इससे महंगे भी होटल-रेस्टोरेंट मिल जाएंगे। इस सबके बावजूद अयोध्या ने अपना सांसद क्यों बदला? इस सवाल का जवाब खोजने के लिए नई नवेली अयोध्या के बजाये आपको पहले की तरह वाले गांवों की गलियों से गुजरना ही पड़ेगा।
किराए पर रहती “कौशल्या”
आदर्श पुत्र और आदर्श भाई का सर्वोत्तम उदाहरण प्रस्तुत करने वाले मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की लीला स्थली में हनुमानगढ़ी मंदिर के बाहर सड़क के एक किनारे आंचल फैलाए बैठीं वृद्धा कौशल्या भोजपुर बिहार की रहने वाली हैं। उनके दो बेटे हैं लेकिन दोनों में तनिक भी मातृमोह नहीं। पिछले 18 वर्षों से वह यहां ₹1500 प्रतिमाह किराए के कमरे में रहते हुए भीख मांग कर गुजारा कर रही हैं। वह नित्य 2 घंटे पूजा अर्चना के बाद सुबह 11 बजे हनुमानगढ़ी मंदिर के बाहर आकर बैठ जाती है। बताती हैं, ₹300 तक रोज मिल जाते हैं। इसी से उनका बस गुजर-बसर हो रहा है।
चार पैसों के लिए धूप से दो-चार
आज धूप कड़ी थी और उमस तेज। अयोध्या नगर के तुलसीबाड़ी के रहने वाले अनिल कुमार चार पैसों के लिए बालक राम की फोटो बेचने का काम करते हैं। सुबह जल्दी पहुंच कर शाम को देर से घर जाना होता है। पेट की भूख के आगे कड़ी धूप उनके लिए कुछ भी नहीं। अनिल बताने लगे, मीडियम साइज की भगवान राम की फोटो चार रुपए में मिल जाती है और ₹10 में बेचते हैं। अगर 100 फोटो बिक गई तो ₹600 की बचत हो जाती है।
(लेखक हिंदुस्तान रायबरेली और लखनऊ से जुड़े रहे वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार हैं।)
पीड़ित की शिकायत पर LIU ऑफिस में विजिलेंस की छापामार कार्रवाई
रिश्वत लेते एलआईयू इंस्पेक्टर और कांस्टेबल विजिलेंस के हत्थे चढ़े
रामनगर (नैनीताल)। भ्रष्टाचार और घूसखोरी के खिलाफ सतर्कता विभाग की कार्रवाई के क्रम में पासपोर्ट सत्यापन के एवज में 2000 रुपए रिश्वत की मांग करने वाले रामनगर एलआईयू के इंस्पेक्टर समेत दो कार्मिकों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार उप निरीक्षक सौरभ राठी और हेड कॉन्स्टेबल गुरप्रीत सिंह एलआईयू की रामनगर यूनिट में तैनात हैं। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है।
शनिवार को पुलिस उपाधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान, सेक्टर हल्द्वानी नैनीताल अनिल सिंह मनराल के पर्यवेक्षण और निरीक्षक ललिता पांडे के नेतृत्व में विजिलेंस टीम ने एक शिकायत पर रामनगर में तैनात उपनिरीक्षक (सब इंस्पेक्टर) एलआईयू सौरभ राठी और मुख्य आरक्षी (हेड कॉन्स्टेबल) एलआईयू गुरप्रीत सिंह को शिकायतकर्ता से 2 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
एक व्यक्ति ने सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत की थी कि उसका पासपोर्ट बनाने के लिये सत्यापन अभिसूचना इकाई, रामनगर से होना था। सत्यापन कराने के एवज में उपनिरीक्षक सौरभ राठी द्वारा 2,500/- रुपए रिश्वत की मांग की जा रही है। 19 जुलाई को पुनः उपनिरीक्षक से मिलने पर उनके द्वारा शिकायतकर्ता से 2000 रुपए रिश्वत देने को कहा गया। वह रिश्वत नहीं देना चाहता, बल्कि उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही चाहता है।
शिकायत पर पुलिस उपाधीक्षक अनिल सिंह मनराल द्वारा शिकायतकर्ता के शिकायती प्रार्थना पत्र की जांच कराने पर तथ्य सही पाए जाने पर निरीक्षक ललिता पाण्डे के नेतृत्व में ट्रैप टीम का गठन किया गया। शिकायतकर्ता से रिश्वत लेने पर ट्रैप टीम ने नियमानुसार कार्यवाही करते हुए 20 जुलाई को अभिसूचना इकाई रामनगर के उपनिरीक्षक सौरभ राठी एवं मुख्य आरक्षी गुरप्रीत सिंह को रंगे हाथो गिरफ्तार किया। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है।
गुड वर्क: धामपुर से किडनैप बच्चा गाजियाबाद में बरामद
बिजनौर। गिरवी जमीन छुड़ाने के लिए एक युवक ने अपने तीन दोस्तों के साथ चचेरे भाई का अपहरण किया था। पुलिस ने गाजियाबाद से मुख्य आरोपी को दबोचने के साथ ही बालक को सकुशल बरामद कर लिया है। एसपी अभिषेक झा ने घटना का खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपए के पुरस्कार की घोषणा की है।
दिनदहाड़े उठा ले गए थे घर के ही पास से …
शुक्रवार की दोपहर मीमला निवासी आशुतोष का 11 वर्षीय पुत्र शशांक शिखर शिशु सदन स्कूल धामपुर से पढ़ कर घर आ रहा था। स्कूल की वैन ने रोज की भांति दो बजे गांव की परचून की दुकान पर चार बच्चों को उतार दिया। इसमें से तीन बच्चे अपने घर पहुंच गये, लेकिन शशांक अपने घर नहीं पहुंचा। पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर चार अभियुक्तों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया। धामपुर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सीसीटीवी कैमरों को चैक किया तथा आसपास के लोगों से पूछताछ की। एसपी अभिषेक झा ने घटनास्थल का निरीक्षण कर बच्चे की बरामदगी के लिए तीन टीमों का गठन किया। धामपुर पुलिस व स्वाट सर्विलांस टीम द्वारा सीसीटीवी कैमरे की मदद से पहचान में आये अर्जुन तोमर पुत्र मान सिंह निवासी विवेकानंद नगर गाजियाबाद मूल निवासी गांव मऊ खास थाना मुडाली जनपद मेरठ को गिरफ्तार करने के साथ ही अपहृत शशांक को सकुशल बरामद कर लिया। मौके से तीन अन्य साथी फरार हो गए, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं ।
अपने परिजनों के साथ, सकुशल बरामद शशांक
पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा के अनुसार आरोपी अर्जुन तोमर ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2021 में उसने बीसीए की पढाई IMSVC कॉलेज से की थी। साथ गौरव चौहान पुत्र मनोज चौहान निवासी ग्राम मीमला थाना धामपुर जनपद बिजनौर भी पढता था। गौरव से दोस्ती होने के बाद एक दूसरे के घर आना जाना था। दोस्त गौरव ने बताया कि जमीन गिरवी रखकर हमने कर्जा लिया है। घर से नौकरी करने का दबाव बनने लगा, लेकिन नौकरी नहीं लगी। गौरव ने बताया कि उसकी जमीन गाँव में ही उसके चाचा आशुतोष चौहान के पास गिरवी रखी है। उनसे मेरे पापा ने 17 लाख रुपए कर्जा ले रखा है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा और बच्चे को बरामद करने वाली टीम व गिरफ्तार अभियुक्त
चचेरे भाई शशांक के अपहरण की योजना
सूर्य प्रताप उर्फ सूरज, निराला पुत्र दिनेश कुमार निवासी ग्राम मीमला, गौरव चौहान पुत्र मनोज कुमार निवासी ग्राम मीमला, बल्ली सिंह निवासी कानपुर ने मिलकर गौरव के चचेरे भाई शशांक के अपहरण की योजना बनाई। आरोपी अर्जुन तोमर ने बताया कि टाटा पंच गाड़ी से अपने दोस्तों के साथ मिलकर शुक्रवार की दोपहर आशुतोष के बेटे का अपहरण कर लिया। सूर्य प्रताप उर्फ सूरज निराला ने सारी घटना की रेकी की थी और शशांक के अपहरण के पश्चात सूरज निराला रास्ते में ही गाड़ी से उतर गया था। तीनों दोस्त शशांक को लेकर गाजियाबाद के लिये जा रहे थे। रास्ते में शशांक पेशाब करने को कहने लगा तो ग्राम दुजाना के जंगल में सड़क के किनारे गाड़ी को रोका। तभी पुलिस ने पकड़ लिया, जबकि गाड़ी में बैठे दो साथी बल्ली व गौरव मौके से गाड़ी सहित फरार हो गये। उसने बताया कि फिरौती की मांग फेसबुक के माध्यम से आशुतोष के फेसबुक पर कॉल व मैसेज से की थी पर उसने कॉल व मैसेज का कोई उत्तर नहीं दिया। जिस फोन से आशुतोष को फेसबुक के माध्यम से काल की थी, वह फोन गाड़ी में ही था, जो अब उसके साथियों के पास है। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर यह अपहरण फिरौती के लिये किया था। फिरौती मिलने पर उसमें से एक लाख रुपए गौरव को तथा कुछ रुपए सूर्य कुमार व बल्ली सिंह को भी देने की बात तय हुई थी। एसपी ने घटना का खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपए के पुरस्कार की घोषणा की है। गिरफ्तार करने वाली टीम में स्वाट प्रभारी अमित कुमार, प्रभारी निरीक्षक धामपुर किशन अवतार, हेड कांस्टेबल विशाल चिकारा, प्रवेंद्र कुमार आदि शामिल रहे।
गौरव के परिवार के हालात बेहद खराब
शशांक की मां के अनुसार उसकी शादी गौरव चौहान के परिवार ने ही कराई थी। शशांक की मौसी की शादी गौरव के परिवार में हुई है। गौरव, शशांक की मौसी की ननद का बेटा है। गौरव ने नोएडा से बीसीए की पढ़ाई की है। उसे नौकरी नहीं मिली, वह बेरोजगार है। वह शेयर मार्केट में अच्छी खासी रकम गंवा चुका है। गौरव के परिवार के हालात इतने खराब हैं कि उन्होंने अपनी जमीन शशांक के परिवार को ठेके पर दे रखी है। गौरव के परिवार पर शशांक के परिवार के 17 लाख रुपए उधार भी हैं।
हाई कोर्ट लखनऊ इकाई के अधिवक्ता परिषद की कार्यकारिणी घोषित
दिवाकर सिंह अध्यक्ष व अमरेंद्र नाथ त्रिपाठी बने अधिवक्ता परिषद के महामंत्री
शिवांशु गोस्वामी बने अधिवक्ता परिषद के मंत्री
लखनऊ। अधिवक्ता परिषद अवध प्रांत इकाई की एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को अमृत विशाल सभागार, सरस्वती विद्या मंदिर निराला नगर लखनऊ में संपन्न हुई। बैठक में प्रांत महामंत्री मीनाक्षी परिहार सिंह के द्वारा, उच्च न्यायालय लखनऊ इकाई की कार्यकारिणी के पुनर्गठन की घोषणा की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रान्त अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता ओपी श्रीवास्तव ने प्रांत पदाधिकारियों के साथ मां भारती के चित्र पर पुष्पांजलि और दीप प्रज्ज्वलित कर बैठक को प्रारम्भ किया। अधिवक्ता परिषद उच्च न्यायालय इकाई लखनऊ में अध्यक्ष पद पर दिवाकर सिंह कौशिक, महामंत्री अमरेंद्र नाथ त्रिपाठी एवं कोषाध्यक्ष के पद पर आलोक सरन के नामों की घोषणा हुई। इसके अतिरिक्त उपाध्यक्ष पद पर राम आसरे वर्मा, सूर्यमणि सिंह रायकवार, प्रीती चौधरी कश्यप, अश्विनी कुमार सिंह एवं मन्त्री पद पर रुपेश कसौधन, पायल सिंह, दिव्यांशु प्रताप, शिवांशु गोस्वामी के अलावा प्रांत महामंत्री ने अन्य कार्यकारिणी सदस्यों के नामों की भी घोषणा की। बैठक का आयोजन लखनऊ जिला इकाई के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया, जिन्हें प्रांत महामंत्री ने विषेश धन्यवाद ज्ञापित किया, साथ ही विद्यालय प्रबंधन का भी आभार व्यक्त किया। बैठक में मंचस्थ प्रांत के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल दुबे ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए संगठन के मूल उद्देश्यों और चुनौतियों पर सभी का ध्यान आकृष्ट किया।
इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रांतीय उपाध्यक्ष अरविंद सिंह ने कहा कि परिषद का दायित्व होना एक चुनौतीपूर्ण कार्य के साथ- साथ अपनी क्षमता को विकसित करने का अवसर भी है। अधिवक्ता परिषद अवध प्रान्त के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता ओपी श्रीवास्तव जी ने नवगठित उच्चन्यायालय इकाई के सभी पदाधिकारियों एवं उपस्थित कार्यकर्ताओं को विषेश शुभकामना और बधाई दी।उपाध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय, कोषाध्यक्ष प्रेम चन्द्र राय, प्रांत मंत्री अमर बहादुर सिंह एवं सिद्धार्थ शंकर दुबे उपस्थित रहे। प्रांत के कार्यकरिणी सदस्य के रूप में डाक्टर पूजा सिंह उपस्थित रही।
उपेन्द्र अग्रवाल को सौंपी गई ईओडब्ल्यू की जिम्मेदारी
यूपी सरकार ने किए तीन आईपीएस अफसरों के तबादले
लखनऊ के नए जेसीपी लॉ एंड ऑर्डर बने अमित वर्मा
लखनऊ। प्रदेश सरकार ने शनिवार को तीन आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। इनमें दो डीआईजी के विभागों में अदलाबदली की गई है जबकि पुलिस मुख्यालय में तैनात एसपी को तकनीकी सेवा शाखा में भेजा गया है।
ईओडब्ल्यू में डीआईजी अमित वर्मा को लखनऊ कमिश्नरेट में संयुक्त पुलिस आयुक्त (जेपीसी) कानून-व्यवस्था के पद पर तैनात किया गया है। इससे पहले इस पद पर तैनात उपेन्द्र अग्रवाल को अब डीआईजी ईओडब्ल्यू की जिम्मेदारी सौंपी गई है। लखनऊ कमिश्नरेट में जेपीसी कानून-व्यवस्था रहे उपेन्द्र अग्रवाल लंबे समय से चिकित्सकीय अवकाश पर थे। इनके अलावा पुलिस मुख्यालय में तैनात एसपी संतोष मिश्रा को तकनीकी सेवा शाखा में तैनाती दी गई है।
स्टॉक रजिस्टर सत्यापन के लिए हर महीने के हिसाब से मांगी रिश्वत
स्टॉक रजिस्टर सत्यापन को रिश्वत लेते महिला सप्लाई इंस्पेक्टर गिरफ्तार
मेरठ। जिला पूर्ति विभाग की एक इंस्पेक्टर को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते विजिलेंस टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। सतर्कता अधिष्ठान मेरठ सेक्टर की टीम ने शुक्रवार दोपहर उन्हें पकड़ा।
जानकारी के अनुसार लिसाड़ी गेट निवासी मोहम्मद शारिक की लक्खीपुरा गली नंबर 18 में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान है। हर महीने पूर्ति निरीक्षक दुकान पर आने वाले राशन का स्टॉक रजिस्टर से सत्यापन करते हैं। शारिक की दुकान का सत्यापन अप्रैल माह से रुका हुआ था। उन्होंने क्षेत्र की पूर्ति निरीक्षक तारावती से संपर्क किया तो आरोप है कि पूर्ति निरीक्षक ने प्रति महीने के हिसाब से स्टॉक के सत्यापन की एवज में पांच हजार रुपए की मांग की। शारिक ने आर्थिक स्थिति का हवाला दिया, लेकिन पूर्ति निरीक्षक नहीं मानी और 10 हजार रुपए में सेटेलमेंट का ऑफर दिया। शारिक ने तीन दिन पहले पिता शाहिद खान से विजिलेंस में लिखित शिकायत दर्ज करा दी। विजिलेंस ने शिकायत की पुष्टि की और जाल बिछा दिया।
विजिलेंस टीम की गिरफ्त में नीली ड्रेस पहने पूर्ति निरीक्षक तारावती
विजिलेंस टीम ने केमिकल लगे नोट लेकर भेजा
विजिलेंस टीम ने केमिकल लगे नोट लेकर शारिक को शुक्रवार दोपहर केसरगंज हीरालाल बिल्डिंग स्थित क्षेत्रीय कार्यालय भेजा। पूर्ति निरीक्षक तारावती अपनी सीट पर थी। शारिक ने जैसे ही तारावती को नोट थमाए, वैसे ही विजिलेंस टीम ने उन्हें रंगेहाथों पकड़ लिया। विजिलेंस की कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया। टीम ने शेष प्रक्रिया को पूर्ण कराया और पूर्ति निरीक्षक तारावती को हिरासत में लालकुर्ती थाने ले गई।
05 हजार महीना दोगे, तभी होगा वेरिफाई
शारिक ने बताया कि अप्रैल महीने से उनके राशन को इंस्पेक्टर ने वेरिफाई नहीं किया। इंस्पेक्टर तारावती राशन वेरिफिकेशन के लिए 10 हजार रुपए मांग रही थी। इंस्पेक्टर कई बार कह चुकी थीं कि पैसे दोगे तभी राशन वेरिफाई करूंगी। यह भी कहा कि 5 हजार रुपए महीना के अनुसार दोगे तभी राशन वेरिफाई करुंगी नहीं तो नहीं करूंगी।
शिकायत के आधार पर एक्शन
इंदु सिद्धार्थ, एसपी विजिलेंस मेरठ।
“सतर्कता अधिष्ठान मेरठ को शिकायत मिली थी कि जिला आपूर्ति विभाग की इंस्पेक्टर तारावती स्टॉक सत्यापन के लिए रिश्वत की मांग कर रही है। शिकायत मिलने के बाद उनको ट्रैक किया गया। उनको विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों पकड़ा है।” ~ इंदु सिद्धार्थ, एसपी विजिलेंस मेरठ।
खाली पड़े स्थान में जंगल उगाकर शहरी वनीकरण के लिए अनूठी विधि
नगर पालिका परिषद ने शुरू किया “वृक्षारोपण जन अभियान-2024”
मियावाकी पद्धति से रोपे जाएंगे साढ़े 10 हजार पौधे
बिजनौर। नगर पालिका प्रशासन की ओर से वृहद वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। दरअसल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आह्वान पर “वृक्षारोपण जन अभियान-2024” के अन्तर्गत मियावाकी पद्धति से नगर पालिका क्षेत्रान्तर्गत 10500 वृहद वृक्षारोपण किया जाना है।
नगर पालिका परिषद बिजनौर के अधिशासी अधिकारी ने बताया कि इसी क्रम में शनिवार 20 जुलाई 2024 को प्रातः 06:00 बजे से सिरधनी रोड, फरीदपुर उद्दा स्थित प्राथमिक विद्यालय के सामने पालिका की भूमि पर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा, प्रभागीय वन अधिकारी, अरूण कुमार सिंह, क्षेत्रीय वन अधिकारी ज्ञान सिंह, क्षेत्रीय वन अधिकारी अंशुल मित्तल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन अधिशासी अधिकारी विकास कुमार द्वारा किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ सभासद घनश्याम दास गुप्ता, जुल्फुकार बेग व सभासदगण नीरज शर्मा, सुजीत, मनोज चौधरी, मुस्तकीम, शमशाद अहमद अंसारी, मो. आदिल अहमद तथा विकास कुमार, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक गोविन्द कुमार, अवर अभियन्ता (सिविल) यशवंत कुमार, राजस्व निरीक्षक सुन्दर लाल, ऋषिपाल सिंह, अभिनव कुमार, लिपिक श्रीमती सोनिका, सईदुर्रहमान, मो. काशिफ, नदीम अहमद खान, विपिन देसाई, संदीप कुमार, कर-संग्रहकर्ता दिलीप कुमार, रमेश कुमार व अशरफ तथा आउटसोसिंग स्टाफ से हिमांशु, वसीम अकरम, समीर अहमद एवं पालिका कर्मचारी/ अधिकारी मौजूद रहे।
बेहद कारगर है मियावाकी तकनीक: विकास कुमार
अधिशासी अधिकारी विकास कुमार ने बताया कि मियावाकी एक ऐसा उपयोगी तरीका है जिसे हाल ही में भारत में अपनाया गया है। जापानी वनस्पति शास्त्री अकीरा मियावाकी ने देशी पौधों के साथ घने जंगल बनाने के लिए मियावाकी तकनीक का प्रतिपादन किया था। किसी खाली पड़े स्थान में जंगल उगाकर शहरी वनीकरण के लिए इस अनूठी विधि का प्रयोग अब दुनिया भर में किया जाने लगा है। मियावाकी वनरोपण विधि के लिए काफी छोटी जगह की आवश्यकता होती है, कम से कम 20 वर्ग फीट। इसमें जगह बचाने और पौधों की सघन वृद्धि के लिए पौधों को बहुत पास-पास लगाया जाता है। इससे युवा पेड़ एक-दूसरे की रक्षा कर सकेंगे और जंगल की ज़मीन पर सूरज की रोशनी पड़ने से रोक सकेंगे, जिससे परजीवी पौधों की वृद्धि को रोका जा सकेगा।
जमीदारों के अलावा आयकर दाता भी उठा रहे मुफ्त राशन योजना का लाभ
शासन से मिली लिस्ट देख अफसरों के होश हुए फाख्ता
ढाई हजार मुर्दे खा रहे हैं सरकारी कोटे का फ्री राशन
अमेठी जिले में 2440 मुर्दे राशन ले रहे हैं। इतना ही नहीं दो हेक्टेयर से अधिक कृषि योग्य भूमि वाले 8911 लोग और 5220 आयकर दाता परिवार भी गरीब बनाकर मुफ्त राशन का लाभ उठा रहे हैं।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में मुर्दे भी गरीब कल्याण (फ्री राशन) योजना का जमकर लाभ उठा रहे हैं। मृत्यु को प्राप्त हो चुके 2440 दिवंगतों के नाम पर बाकायदा हर माह राशन जारी हो रहा है। यही नहीं दो हेक्टेयर से अधिक खेती वाले 8911 लोग भी गरीब बनकर मुफ्त राशन योजना का लाभ उठा रहे हैं। पूर्ति विभाग में शासन से अपात्रों की सूची मिलने के बाद हड़कंप मचा हुआ है।
पूर्ति विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की 765 दुकान संचालित हैं। इनसे 345000 राशन कार्ड धारकों को राशन सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। अंत्योदय कार्ड धारकों और पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को हर माह मुफ्त राशन का लाभ दिया जाता है।
हमेशा देखा गया है कि काफी लोग मुफ्त राशन के लिए राशन कार्ड बनवाने की फिराक में लगे रहते हैं। संबंधित विभागों के भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी काम आसानी से हो भी जाते हैं। बताते हैं कि प्रदेश भर से आ रही ऐसी तमाम शिकायतों के बाद सरकार ने ई केवाईसी की सुविधा लागू की है। ऐसे में इस योजना में तरह-तरह के घपले पकड़ में आ रहे हैं। हाल ही में शासन द्वारा विभाग को भेजी गई सूची को देखकर अधिकारियों के होश फाख्ता हो गए हैं। दरअसल सूची में बताया गया है कि जिले में 2440 ऐसे लोगों के नाम राशन सामग्री जारी हो रही है, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। प्रति यूनिट के हिसाब से संचालित राशन व्यवस्था का लाभ उठाकर इन मृतकों के नाम पर भी हर महीने राशन जारी हो रहा है। इसके अलावा लिस्ट से एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जिले भर में मुफ्त राशन योजना का लाभ लेने वाले 8911 लोग ऐसे भी हैं, जिनके पास दो हेक्टेयर से अधिक जमीन है। शासन द्वारा भेजी गई सूची के अनुसार मृतकों और जमीदारों के अलावा आयकर दाता भी मुफ्त राशन योजना का लाभ ले रहे हैं। बताया गया है कि ऐसे 5220 परिवार चिन्हित किए गए हैं।
सूची का स्थलीय सत्यापन कार्य शुरू: डीएसओ
शासन द्वारा प्राप्त सूची में मृतकों, दो हेक्टेयर से अधिक भूमि वालों और आयकर दाताओं के राशन लेने की आशंका जताई गई है। सूची का स्थलीय सत्यापन कराया जा रहा है। ऐसे फर्जी लोग, जिनके नाम मुफ्त राशन जारी हो रहा है, उन सभी के राशन कार्ड निरस्त किए जाएंगे। ~ नीलेश उत्पल, डीएसओ अमेठी।
कार सवार बदमाशों ने घर के पास दिया वारदात को अंजाम
11 वर्षीय बच्चे के अपहरण के पीछे जमीनी रंजिश का शक
कक्षा 04 के छात्र को दिनदहाड़े उठा ले गए बदमाश
बिजनौर। धामपुर थाना क्षेत्र के गांव मीमला में कार सवार बदमाश 11 वर्षीय छात्र को दिनदहाड़े उसके घर के पास से उठा ले गए। शिखर शिशु सदन धामपुर में कक्षा 04 के छात्र के अपहरण की वारदात को उस समय अंजाम दिया गया, जब वह छुट्टी होने के बाद स्कूली वैन से उतर कर गांव के अन्य बच्चों के साथ घर जा रहा था। घटना की सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। एसपी अभिषेक झा, एएसपी पूर्वी धर्म सिंह मार्छाल ने पुलिस बल के साथ गांव पहुंच कर परिजनों से बात की।
गांव मीमला के आशुतोष चौहान ने पुलिस को बताया कि उनका इकलौता पुत्र शशांक (11 वर्ष) धामपुर के शिखर शिशु सदन में चौथी कक्षा का छात्र है। पिछले काफी समय से गांव के एक व्यक्ति से जमीन को लेकर उनकी रंजिश चली आ रही है। उक्त व्यक्ति परिवार समेत देख लेने की धमकी कई बार दे चुका है। आशुतोष चौहान ने उन्हीं लोगों पर अपहरण करने का शक जाहिर किया।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार को उनका पुत्र शशांक रोज की तरह स्कूली वैन से उतर कर अपने घर की ओर आ रहा था। इस दौरान कार में सवार कुछ युवकों ने उनके पुत्र का अपहरण कर लिया। उनके पुत्र के पैर का एक जूता घर से करीब 50 मीटर की दूरी पर बरामद हुआ है। घटना का पता लगते ही एएसपी पूर्वी धर्म सिंह मार्छाल, सीओ सर्वम कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से जानकारी हासिल की। साथ ही अपहृत बालक को जल्द बरामद करने का भरोसा दिया।
वहीं ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी, शशांक को नूरपुर थाना क्षेत्र की ओर से ले गए। संदिग्ध आरोपी की मौसी भी उसी थाना क्षेत्र के एक गांव की बताई गई है। बताया गया है कि पुलिस ने शक के आधार पर एक व्यक्ति को पकड़ कर पूछताछ शुरू कर दी है।
छात्र की बरामदगी को कई टीमें लगी
सीओ सर्वम कुमार ने बताया कि अपहृत शशांक को बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस की कई टीमों को लगाया गया है। परिजनों से तहरीर मिलने पर रिपोर्ट कायम कर कार्रवाई की जाएगी।
पिकनिक मना कर वापस लौटी राशन डीलर की जांच को पहुंची टीम!
~रोहित चौधरी
बिजनौर। राशन डीलर की शिकायत को गांव पहुंची टीम पर शिकायतकर्ताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जांच को आई टीम ने उन्हें यह कहकर टरका दिया कि वह जांच करने के लिए आवश्यक पत्रावली अपने साथ नहीं लाए हैं। वह अपने कार्यालय में जाकर ही आरोपों की जांच करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा लग रहा था कि टीम राशन डीलर की जांच करने नहीं, बल्कि पिकनिक मनाने आई हो!
मामला नजीबाबाद तहसील के ग्राम जलालपुर सुल्तान से जुड़ा है। यहां का राशन डीलर रघुवीर सिंह है। ग्रामीणों की शिकायत पर राशन डीलर की जांच करने पूर्ति निरीक्षक गुरुवार को गांव पहुंचे थे। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि राशन डीलर ने टीम के पहुंचने से पहले ही अपने लोगों को वहां बैठा रखा था, जिसकी वजह से शिकायकर्ताओं की बातों को गंभीरता से नहीं सुना गया। जब शिकायतकर्ताओं ने पूर्ति निरीक्षक से कहा कि वह उनके आरोपों की जांच करें तो उन्हें यह कहकर टरका दिया कि वह जांच करने के लिए आवश्यक फाइल यानि पत्रावली नहीं लाए हैं, इस वजह से जांच अपने कार्यालय में जाकर करेंगे।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जब वह जांच करने के लिये आवयश्क कागजात ही नहीं लाए थे, तो जांच किस चीज की करने आए हैं। उन्होंने बताया कि पूर्ति निरीक्षक ने शिकायकर्ताओं की पूरी बात भी नहीं सुनी। शिकायतकर्ताओं ने राशन कार्डाें में यूनिट को फेरबदल की पूरी सूची भी पूर्ति निरीक्षक को दिखाई, लेकिन पूर्ति निरीक्षक शिकायतों के प्रति गंभीर दिखाई नहीं दिए तथा एक दो शिकायतकर्ताओं के ही बयान लेकर अपने कार्य की इतिश्री कर ली। यह आरोप भी लगाया कि पूर्ति निरीक्षक राशन डीलर का पक्ष कर रहे हैं। इसलिए उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने किसी न्यायिक अधिकारी से उक्त राशन डीलर पर लगे आरोपों और की जांच कराने की मांग की है, हालांकि शिकायकर्ताओं ने बताया कि आने से पहले ही टीम ने उनको फोन कर जांच करने की सूचना दे दी थी।
अब सीएम से शिकायत की तैयारी
शिकायतकर्ता ग्रामीणों ने बताया कि वह मामले की शिकायत अब लखनऊ जाकर सीएम से करेंगे। उन्होंने कहा कि पूरे जनपद में राशन डीलर जमकर गरीबों के हकों पर डाका डाल रहे हैं। गांव के कुछ खास लोगों को दावत खिलाकर अपने पक्ष में रखते हैं। यदि कोई शिकायत भी करता है तो उसे गंभीरता से नहीं सुना जाता।
डीएम से की थी यूनिट में फेरबदल की शिकायत
विगत 26 जून को ग्राम जलालपुर सुल्तान के ही पूर्व प्रधान राम सिंह कश्यप, चौधरी रघुनाथ सिंह, विजयपाल सिंह, लाखन सिंह, विकास कुमार, कामेन्द्र सिंह, अतर सिंह, रामेन्द्र सिंह, दिनेश कुमार, मंदीप, जयपाल सिंह, रोहित चिकारा, रिंकू कुमार सहित तमाम लोगों ने राशन डीलर रघुवीर सिंह की शिकायत डीएम से की थी। शिकायतकर्ताओं ने आरोप आरोप लगाया था कि राशन डीलर ने कार्डाें की यूनिट में बड़ा फेरबदल कर रखा है। राशन कार्ड किसी का है तो उसमें यूनिट गांव के अन्य लोगों की जुड़ी हुई हैं। इसके अलावा राशन डीलर ने अपने व अपने परिजनों के राशन कार्ड बनवा रखे हैं। शिकायतकर्ता अपने राशन कार्ड बनवाने की बात करते हैं तो राशन डीलर उन्हें अपात्र होने की बात कहकर टरका देता है। राशन कार्ड धारक की यूनिटों में उसके परिजनों के नाम न हो कर गांव के अन्य लोगों के नाम शामिल कर रखे हैं। आरोप लगाया था कि राशन डीलर शासन से मिलने वाले खाद्यान्न को ब्लैक में बेच रहा है। उन्होंने उनके गांव के राशन कार्डाें की जांच कराने की मांग की।
शिकायतों की जांच को गांव गए थे। शिकायतकर्ताओं को फोन पर सूचना दी गई थी। उनके बयान दर्ज किए गए। अब ऑनलाइन राशन कार्ड और उनके यूनिट की जांच की जा रही है। इसके बाद ही अग्रिम कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। ~ धर्मेन्द्र वर्मा, पूर्ति निरीक्षक।
■ बैंक खाते की आधार सीडिंग एवं एनपीसीआई से मैपिंग करा कर खाते को सक्रिय कराना जरूरी
■ मैपिंग न होने के कारण रिजेक्ट कर दिए गए 4774 लाभार्थियों के बैंक खाते
■ वित्तीय वर्ष के प्रथम तिमाही 47,181 लाभार्थियों को हो चुका है भुगतान
■ सावधान: रुक सकती है इन लोगों की विधवा पेंशन
बिजनौर। निराश्रित महिला पेंशन योजना (विधवा पेंशन) के लाभार्थियों का इस वित्तीय वर्ष की प्रथम तिमाही का भुगतान किया जा रहा है। अभी तक 47,181 लाभार्थियों को प्रथम तिमाही में पेंशन का भुगतान किया जा चुका है जबकि 4774 लाभार्थियों के बैंक खाते एनपीसीआई (नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) से मैपिंग न होने के कारण रिजेक्ट कर दिए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा ने सभी लाभार्थियों से अपील की है कि अपने बैंक से संपर्क कर बैंक खाते को आधार सीडिंग एवं एनपीसीआई से मैपिंग कराते हुए खाते को सक्रिय करा लें, अन्यथा उनकी पेंशन की धनराशि खाते में हस्तांतरित नहीं हो पाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा ने बताया कि विधवा पेंशन के लाभार्थियों की पेंशन का भुगतान प्रथम तिमाही से समस्त पात्र लाभार्थियों को आधार बेस के माध्यम से किया जा रहा है। इसमें 47,181 लाभार्थियों को प्रथम तिमाही में पेंशन का भुगतान किया जा चुका है तथा 4774 लाभार्थियों के बैंक खाते एनपीसीआई (नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) से मैपिंग न होने के कारण रिजेक्ट कर दिया है। सीडीओ ने अपील की है कि जिन लाभार्थियों को पेंशन का भुगतान नहीं हुआ है, वे सभी लाभार्थी बैंक से संपर्क कर अपने बैंक खाते को आधार सीडिंग एवं एनपीसीआई (नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) से मैपिंग कराते हुए खाते को सक्रिय करा लें, अन्यथा उनकी पेंशन की धनराशि खाते में हस्तांतरित नहीं हो पाएगी।
एक नामी कंपनी को टैंकर से होती है नकली दूध की सप्लाई
बुलंदशहर FDA की टीम ने पकड़ा नकली दूध से भरा टैंकर
70,000 रुपए का 1400 लीटर दूध बरामद
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में नकली दूध तैयार करने की फैक्ट्री पकड़ी गई है. खुलासा हुआ है कि टैंकरों के जरिए इस दूध की सप्लाई दिल्ली सहित पूरे एनसीआर में की जा रही है. बुलंदशहर खाद्य सुरक्षा विभाग (एफडीए) की टीम ने नकली दूध से भरे एक टैंकर को पकड़ा तो पूरा मामला सामने आया. बताया गया है कि एक नामी कंपनी को नकली दूध की सप्लाई की जा रही थी.
बुलंदशहर FDA की टीम को मिली सफलता
बुलंदशहर के खाद्य सुरक्षा विभाग ने नकली दूध बनाकर सप्लाई करने के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है. यहां बड़े पैमाने पर नकली दूध बनाकर दिल्ली – NCR की नामी-गिरामी कंपनी को सप्लाई की जा रही थी. गोपनीय सूचना के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग बुलंदशहर की टीम ने बुधवार को टैंकर पकड़ा. सूचना मिली थी कि नकली दूध का टैंकर सिकंदराबाद की एक डेयरी को जा रहा है. इसके बाद एफडीए की टीम ने मौके पर पहुंच कर लगभग 1400 लीटर नकली दूध से भरे टैंकर को पकड़ा. पूछताछ में ड्राइवर ने बताया कि वह कुबेर डेयरी से दूध को लेकर आ रहा था. उस दूध को ग्लूकोज और रिफाइण्ड तेल से तैयार किया गया था. टैंकर से दूध का नमूना जांच के लिए ले लिया गया. टैंकर में भरे 1400 लीटर दूध का अनुमानित मूल्य 70,000 रुपए बताया गया है. उक्त नकली दूध को एफडीए की टीम ने नष्ट कर दिया.
एफडीए की टीम ने ड्राइवर से पूछताछ के आधार पर खानपुर थाना क्षेत्र के शेखपुर गड़वा में डेयरी चलाने वाले पवन की डेयरी पर छापा मारा. वह जेके डेयरी गजरौला तथा गज डेयरी सिकंदराबाद के लिए दूध कलेक्शन का काम करता है. उसके घर के अलावा बरौली वासुदेवपुर स्याना जनपद बुलन्दशहर पर स्थित कुबेर डेयरी पर भी जांच की गई.
Whey Powder, रिफाइंड तेल और ग्लूकोज से बनाते हैं नकली दूध
पवन के घर पर 15 किलोग्राम Whey Powder, 150 लीटर लिक्विड ग्लूकोज, 15 लीटर रिफाइण्ड तेल, एक बर्तन में खुला रिफाइण्ड तेल और एक बर्तन में दूध मिला. सभी के चार नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला में भेज दिए गए. मौके पर मौजूद सभी सामान जब्त कर लिया गया. प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सम्बन्धित सभी लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया जाएगा.
नष्ट किया गया 1400 लीटर नकली दूध
बुलंदशहर के सहायक खाद्य आयुक्त विनीत कुमार के अनुसार टैंकर से बरामद 1400 लीटर दूध जांच में नकली पाया गया. नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं. सभी को नष्ट कर दिया गया. यह दूध गांव शेखपुर गढ़वा से बनकर आ रहा था. टीम ने गांव पहुंचकर जांच की, वहां नकली दूध बनाने के समान मिले. ग्लूकोज पाउडर, रिफाइंड तेल और वे पाउडर के नमूने ले लिए गए हैं.
लोकसभा चुनाव के बाद बीजेपी में रार है जारी, तंज कसने में पीछे नहीं अखिलेश
मानसून ऑफर : 100 लाओ सरकार बनाओ
लखनऊ (पंचदेव यादव)। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने केशव प्रसाद मौर्य का नाम लिए बिना बड़ा ऑफर दिया है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया साइट X पर पोस्ट कर कहा कि मानसून ऑफर है 100 लाओ, सरकार बनाओ।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव लगातार यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को लेकर तंज कस रहे हैं। इस बार उन्होंने बिना केशव प्रसाद मौर्य का नाम लिए एक्स हैंडल पर पोस्ट कर कहा कि मॉनसून ऑफर है 100 लाओ, सरकार बनाओ। गुरुवार सुबह ऑफिशियल हैंडल पर सपा मुखिया की पोस्ट को केशव प्रसाद मौर्य से जोड़कर देखा जा रहा है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने बुधवार को पोस्ट में कहा था कि यूपी बीजेपी में कुर्सी की लड़ाई चल रही है। उत्तर प्रदेश में शासन प्रशासन ठंडे बस्ते में चला गया है। तोड़फोड़ की राजनीति का काम जो भाजपा दूसरे दलों में करती थी, वही काम उसके अंदर चल रहा है। बीजेपी अंदरूनी झगड़ों के दलदल में धंसती जा रही है। बीजेपी में कोई भी यूपी की जनता के बारे में सोचने वाला नहीं है। वहीं देर रात को रात को अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि लौट के बुद्धू घर वापस आए। हालांकि केशव प्रसाद मौर्य ने भी पलटवार कर कहा कि बीजेपी की देश और प्रदेश दोनों जगह मजबूत संगठन और सरकार है। सपा का पीडीए धोखा है। यूपी में सपा के गुंडाराज की वापसी संभव है। बीजेपी 2027 विधानसभा चुनाव में 2017 दोहराएगी।
यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव 2024 में यूपी में भारतीय जनता पार्टी को मात्र 33 सीटों पर जीत मिली। वहीं, विपक्षी गठबंधन इंडिया ने 43 सीटों पर जीत दर्ज की। 37 सीटों पर जीत कर समाजवादी पार्टी यूपी की राजनीति में नंबर वन बन गई, जबकि सहयोगी कांग्रेस ने 6 सीटों पर जीत दर्ज की। इसके बाद से लगातार भाजपा में मंथन और दिल्ली से लेकर लखनऊ तक बैठकों का दौर चल रहा है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य दिल्ली में आलाकमान से मुलाकात कर चुके हैं। वहीं सपा मुखिया अखिलेश यादव लगातार भाजपा के भीतर गहराई राजनीति को लेकर बयान जारी कर रहे हैं।
विधानसभा का गणित?
उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के आंकड़े के लिए 202 विधायकों का समर्थन होना जरूरी है। वर्तमान में 251 विधायकों के साथ इस समय भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ा दल है। समाजवादी पार्टी के पास 105, अपना दल सोनेलाल के पास 13, राष्ट्रीय लोक दल के पास आठ, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के पास 6, निषाद पार्टी के पास पांच, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के पास दो, कांग्रेस के पास दो और बहुजन समाज पार्टी के पास एक विधायक हैं। पार्टी को तोड़ने के लिए दो-तिहाई विधायक जरूरी होते हैं। ऐसे में अगर भारतीय जनता पार्टी के 100 विधायकों के साथ केशव प्रसाद मौर्य अलग गुट बनाकर अखिलेश यादव से मिलते हैं तो फिर वह सरकार बना सकते हैं। क्योंकि भाजपा को तोड़ने के लिए कम से कम 167 विधायकों का एक तरफ आना जरूरी होगा। हालांकि, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पाला बदलने वाले विधायकों पर दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है।
शासन प्रशासन की तमाम कोशिश के बावजूद रुकने का नाम नहीं ले रहीं सड़क दुर्घटनाएं
दो सड़क दुर्घटनाओं में तीन लोगों की मौत
बिजनौर। शासन प्रशासन की तमाम कोशिश के बावजूद सड़क दुर्घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रहीं। आज 16 जुलाई 2024 को ही दो अलग अलग सड़क दुर्घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। हालांकि सड़क दुर्घटनाओं को लेकर आज ही मुरादाबाद में संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक भी बुलाई गई थी।
केस नंबर 01
थाना कोतवाली शहर क्षेत्रान्तर्गत किरतपुर रोड पर शाम करीब छह बजे ट्रैक्टर से कुचलकर एक साइकिल सवार की मौत हो गई। पुलिस द्वारा बताया गया है कि एक ट्रैक्टर चालक ने लापरवाही से साइकिल सवार को टक्कर मार दी। साइकिल सवार शमशाद पुत्र सईद अहमद निवासी ग्राम पेंदा थाना कोतवाली शहर जनपद बिजनौर की मृत्यु हो गई। सूचना पर स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। पोस्टमार्टम हेतु शव को मोर्चरी भेजा गया है। ट्रैक्टर को कब्जे में लिया गया। अन्य विधिक कार्यवाही प्रचलित है।
केस नंबर 02
थाना नजीबाबाद क्षेत्रान्तर्गत नजीबाबाद – कोतवाली मार्ग पर पीएनएस स्कूल के सामने दिनांक 16 जुलाई 2024 को शाम करीब पौने पांच बजे रोडवेज बस की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की जान चली गई। पुलिस के अनुसार रोडवेज बस रजि. सं. UP20BT2726 के चालक ने लापरवाही से मोटरसाइकिल रजि.सं. UP14AJ5711 में टक्कर मार दी। मोटरसाइकिल सवार 02 युवक, नीलू (26 वर्ष) पुत्र बाबू निवासी ग्राम डबलगढ़ थाना मंडावर जनपद बिजनौर व राजकुमार (30 वर्ष) पुत्र श्यामलाल निवासी ग्राम भोगनी थाना कोतवाली देहात जनपद बिजनौर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उपचार हेतु तत्काल सीएचसी, समीपुर भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। परिजनों को सूचना दे दी गई। शवों को पंचायतनामा की कार्यवाही के उपरान्त पोस्टमार्टम हेतु मोर्चरी भेजा गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने रोडवेज बस को कब्जे में ले लिया है। अन्य विधिक कार्यवाही प्रचलित है।
भारी वाहन चालकों की गलती ?
हालांकि ये बात पता नहीं चल सकी है कि पुलिस द्वारा किए जाने वाले दावों के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में लापरवाही भारी वाहन चालकों की ही क्यों और कैसे होती है? कम से कम रोडवेज में कोई भी बस चालक बिना कड़े परीक्षण के भर्ती किया ही नहीं जा सकता! दरअसल समाज के प्रबुद्ध वर्ग के कई लोग पुलिस की इस आकस्मिक थ्योरी से इत्तफाक नहीं रखते! उनका कहना है कि पुलिस ट्रैफिक रूल्स का कड़ाई से पालन करना ही नहीं चाहती!
कोई कर दिया जाता है गायब तो कोई इनके खौफ से कर लेता है आत्महत्या!
कृषि कार्ड बनाने के नाम पर देते हैं धोखा
धोखे से जमीन का बैनामा कराने वालों का गिरोह सक्रिय
बिजनौर। चांदपुर तहसील क्षेत्र में कृषि कार्ड बनाने के नाम पर उनकी जमीन का बैनामा धोखे से कराने वालों का गिरोह सक्रिय है। यह गिरोह किसी को गायब कर देता है तो कोई इनके खौफ से आत्महत्या कर लेता है। समाजसेवी विरेन्द्र सिंह के साथ पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर लिखित शिकायत की है। बताया गया है कि 53 बैनामे जितेन्द्र कुमार व 17 बैनामे गौरव कुमार के नाम पर हैं।
समाजसेवी एवं सूचना अधिकार संरक्षण संगठन के चेयरमैन विरेन्द्र सिंह को कुछ लोगों ने उनके साथ कृषि कार्ड बनाने के नाम पर उनकी जमीन का बैनामा धोखे से कराने की जानकारी दी थी। इस पर विरेन्द्र सिंह द्वारा रजिस्ट्रार चांदपुर कार्यालय से बेनामों की लिस्ट प्राप्त की गई। इसमें 53 बैनामे जितेन्द्र कुमार पुत्र इश्वर सिंह निवासी ग्राम व पोस्ट बसन्तपुर थाना चांदपुर जनपद बिजनौर व 17 बैनामे गौरव कुमार पुत्र हरेन्द्र सिंह ग्राम अहरोला पोस्ट बास्टा थाना चांदपुर के नाम पर हैं। आरोप है कि ओमपाल सिंह पुत्र अतर सिंह निवासी दरवड पोस्ट बसन्तपुर की 22 बीघा जमीन शराब पिलाकर धोखे से बिना किसी लेन देन के जितेन्द्र ने अपने नाम बैनामा करा लिया था। ओमपाल सिंह की शिकायत पर डीआईजी मुरादाबाद ने उक्त प्रकरण को एसपी बिजनौर को स्वयं देखने के आदेश दिये, जिसके फलस्वरूप जितेन्द्र पर एफआईआर दर्ज हुई तथा एसपी बिजनौर ने इस प्रकरण से पीड़ित अन्य व्यक्तियों को 15 जुलाई को उपस्थित होने को कहा था।
जमीन हड़प कर पति की हत्या !
श्रीमती संतोष पत्नी स्वः ओमप्रकाश निवासी भगौडा पोस्ट नगला थाना चांदपुर ने पुलिस अधीक्षक बिजनौर को दिये प्रार्थना पत्र में बताया कि वह व उसके पति अनपढ हैं। कृषि कार्ड बनाने के नाम से जितेन्द्र कुमार से हमसाज होकर गवाह कातिब, रजिस्ट्रार, इण्डियन बैंक चांदपुर शाखा मैनेजर ने उसके पति ओमप्रकाश की लगभग 24 बीघा जमीन षड्यंत्र रचकर अपने नाम करा ली। उसमें से 8 बीघा जमीन 45,000,00 लाख रुपए लेकर जितेन्द्र ने वापस की। इस मामले की कोई कहीं शिकायत ना कर दे इसलिए जितेन्द्र, पति ओमप्रकाश व पत्नी संतोष को धमकाता रहता था। यह भी आरोप लगाया कि एक दिन उसके पति खेत पर गए, लेकिन वापस नहीं आए। अगले दिन पति अपने खेत पर मृत मिले। महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति की हत्या जितेन्द्र कुमार व उसके साथियों द्वारा कराई गई है।
कृषि कार्ड के नाम पर हड़पे लाखों
दूसरा प्रार्थना पत्र नौसिंह पुत्र रामस्वरूप सिंह निवासी ग्राम बाडीवाला पोस्ट बसन्तपुर थाना चांदपुर ने पुलिस अधीक्षक को देकर अवगत कराया कि वह अनपढ व्यक्ति है। जितेन्द्र कुमार ने उसका कृषि कार्ड बनवाया था। जितेन्द्र ने 92 हजार रुपये मुझे दिये कुछ समय बाद बैंक का नोटिस आया तब पता चला कि जितेन्द्र ने 3 लाख रुपए निकाल रखे हैं।
पीड़ित पति ने की आत्महत्या, पुत्र की हत्या!
तीसरा प्रार्थना पत्र देकर शकुन्तला पत्नी लेखराज सिंह निवासी बाडीवाला थाना चांदपुर ने अवगत कराया कि वह अनपढ महिला है। इण्डियन बैंक चांदपुर से लोन लेना चाहती थी। बैंक मैनेजर ने उसे जितेन्द्र के पास भेज दिया। जितेन्द्र ने कहा कि बैंक से कृषि कार्ड बनवाने में कई महीने लगेंगे, तुम मुझसे 1 लाख रुपए ले लो तथा मुझे एक बीघा जमीन का इकरारनामा कर दो, 2 प्रतिशत ब्याज लगेगा। कार्ड बनने पर पैसा वापस कर देना। जितेन्द्र के झांसे में आकर उसके पति से इकरारनामे के नाम पर धोखे से 2 बीघा जमीन का बैनामा करा लिया। जब मेरे पति को इसका पता चला तो उन्होने आत्महत्या कर ली। इसकी कहीं शिकायत न कर दें, इसके लिए जितेन्द्र जितेन्द्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर मेरे 17 वर्ष के बेटे को बहुत मारा पीटा, जिससे उसकी भी मृत्यु हो गई। सूचना अधिकार संरक्षण संगठन के चेयरमैन विरेन्द्र सिंह ने कहा कि उक्त जालसाजों और समाज विरोधी कृत्य में संलिप्त सभी लोगों को न्याय दिलाने के लिए वह ईंट से ईंट बजा देंगे।
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने ज्वाइन कराई पार्टी
कांग्रेस में शामिल हुए पत्रकार श्रीप्रकाश विश्वकर्मा
लखनऊ। लोकसभा चुनाव में i.n.d.i. गठबंधन की सफलता के बाद जहां सपा में उत्साह बढ़ा हैवहीं यूपी कांग्रेस की बंजर धरती मे भी हरियाली दिखने लगी है। यूपी में भाजपा की बादशाहत को धराशाई करने वाले गठबंधन के मुख्य राजनीतिक दल कांग्रेस के यूपी अध्यक्ष अजय राय को बड़ा श्रेय जाता है। इनके प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद लम्बे समय बाद पार्टी को सफलता मिली और यहां एक से 6 लोकसभा सीटें जीतने की बड़ी उपलब्धि हासिल हुई। साथ ही श्री राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे लोकप्रिय नेता को वाराणसी जैसी धर्म नगरी में लोकसभा चुनाव में करारी चुनौती देते हुए मोदी की जीत का अंतर लाखों में कम कर दिया।
इन उपलब्धियों के बाद विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों की हस्तियों का कांग्रेस में शामिल होने का सिलसिला तेज हो गया है। आज लखनऊ के जाने पहचाने पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता श्रीप्रकाश विश्वकर्मा को श्री राय ने प्रदेश कार्यालय में पार्टी ज्वाइन करवाई। श्री विश्वकर्मा लखनऊ में कई प्रतिष्ठित हिन्दी समाचार पत्रों में बतौर पत्रकार सेवाएं दे चुके हैं। साथ ही ये कई सामाजिक संगठनों में रहे हैं।
अपराध पर पूर्ण नियंत्रण एवं अपराधियों के विरुद्ध होगी प्रभावी कार्रवाई
बिजनौर। नवांगतुक पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने थाना स्तर पर ही शिकायतों के निस्तारण पर जोर दिया है। वहीं उन्होंने आगामी त्योहारों पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े बंदोबस्त करने की बात भी कही।
पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते एसपी अभिषेक झा
पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते हुए 2015 बैच के आईपीएस अभिषेक झा ने शिकायतों के निस्तारण थाना स्तर पर कराए जाने को प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि यदि थानों पर फरियादियों की सुनवाई नहीं होती तो संबंधित थाना प्रभारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। इसके लिए थानों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। डायल 112 पर शिकायत मिलने पर त्वरित कार्यवाही की जाएगी और उनको सीरियस लिया जाएगा। साथ ही अपराध पर पूर्ण नियंत्रण एवं अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही को सुनिश्चित किया जाएगा। पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहेगा।
गौरतलब है कि पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन का स्थानांतरण हरदोई जनपद होने के साथ ही शामली के एसपी अभिषेक झा को बिजनौर जनपद में तैनाती दी गई है।
इससे पहले आईपीएस अभिषेक झा ने बिजनौर पुलिस अधीक्षक पद का कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही अधीनस्थ अधिकारियों व कर्मचारियों को अपनी प्राथमिकताओं से अवगत करा दिया। वहीं, निवर्तमान एसपी नीरज कुमार जादौन को भावभीनी विदाई दी गई। पुलिसकर्मियों और जिले के तमाम लोगों ने उनसे मुलाकात कर पुष्प भेंट किए और हरदोई तैनाती की शुभकामनाएं दी।
निवर्तमान एसपी नीरज कुमार जादौन को भावभीनी विदाई
रविवार दोपहर बाद शामली से तबादला होकर पहुंचे आईपीएस अभिषेक झा ने बिजनौर एसपी का पदभार ग्रहण करने के बाद पुलिस लाइन व एसपी कार्यालय परिसर का निरीक्षण किया। वहीं पुलिस लाइन सभागार में पुलिस अधिकारियों और सभी थाना प्रभारी और शाखा प्रभारी के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधीनस्थ अधिकारियों व कर्मचारियों को अपनी प्राथमिकताओं से अवगत कराते हुए जनपद में कानून व शांति व्यवस्था, अपराध नियंत्रण आगामी त्योहार, कांवड़ यात्रा को लेकर दिशा निर्देश दिए।
इसके अलावा पुलिस अधीक्षक ने थाना मंडावली का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने थाना कार्यालय/परिसर, महिला हेल्प डेस्क, अभिलेख आदि को चेक किया तथा सर्व संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने आगामी श्रावण माह एवं कांवड यात्रा के दृष्टिगत थाना मंडावली क्षेत्रान्तर्गत बिजनौर – हरिद्वार (उत्तराखण्ड) कोटावाली बॉर्डर एवं थाना नजीबाबाद क्षेत्रान्तर्गत कांवड यात्रा मार्गों का निरीक्षण किया तथा ड्यूटीरत् पुलिसकर्मियों को संदिग्ध व्यक्ति/वाहनों की सघन चेकिंग किये जाने के सम्बंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
इसी के साथ थाना मंडावली क्षेत्रान्तर्गत मोटामहादेव मंदिर मार्ग एवं भागूवाला तिराहे का भ्रमण/निरीक्षण किया तथा सर्व संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। इस दौरान क्षेत्राधिकारी नजीबाबाद, थाना प्रभारी, मंडावली मौजूद रहे। मोटामहादेव मंदिर परिसर के भ्रमण/निरीक्षण के दौरान सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड को चेक कर सुरक्षा व्यवस्था आदि अन्य बिन्दुओं पर आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
पूरे धार्मिक रीति रिवाज से पूर्ण हुआ 17 मुस्लिम व 11 हिंदू जोड़ों का विवाह
पालिका परिषद ने वर-वधु को प्रदान किया स्नेहिल आशीर्वाद
“मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना”, एक दूजे के हुए 28 जोड़े
बिजनौर। नगर पालिका परिषद के टाउन हॉल में “मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना” के अन्तर्गत नगर पालिका परिषद, बिजनौर में आज दिनांक 15 जुलाई 2024 को पूर्वाह्न 11:100 बजे विवाह सम्पन्न कराए गए। इस अवसर पर 17 मुस्लिम व 11 हिंदू जोड़ों का विवाह पूरे धार्मिक रीति रिवाज के अनुसार पूर्ण कराया गया।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी द्वारा नामित नोडल अधिकारी सुश्री लक्ष्मी गुप्ता जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी बिजनौर व अधिशासी अधिकारी विकास कुमार, सभासद नीरज शर्मा, मनोज कुमार, सुजीत चौधरी, प्रभाकर, हिमांशु, श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, श्रीमती डोली, शमशाद अंसारी, जुल्फकार अली बेग आदि के अलावा कर्मचारियों ने उपस्थित होकर नव वर-वधु को अपना स्नेहिल आशीर्वाद प्रदान किया।
नगर पालिका परिषद बिजनौर के अधिशासी अधिकारी विकास कुमार ने योजना का उद्देश्य बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बेटियों के विवाह तथा विधवा/तलाकशुदा महिला के पुनर्विवाह में सहायता करने के लिए उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी युगल के विवाह पर प्रदेश सरकार कुल रु० 51,000/- धनराशि व्यय की जाती है।
इसके लिए पात्रता
उम्र- आवेदक कन्या/ महिला की आयु 18 वर्ष या इससे अधिक और वर की आयु 21 वर्ष या इससे अधिक की होनी चाहिए। वर्ग- अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछडा वर्ग/सामान्य/ अल्पसंख्यक। आय- परिवार की वार्षिक आय रु० 2 लाख तक होनी चाहिए। मूल निवास- आवेदिका को उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए। विशेष मानदण्ड- इस योजना का लाभ उन्हीं कन्याओं को दिया जाएगा, जिनका विवाह तय हो गया है व पूर्व में विवाह नहीं किया है। जिन महिलाओं का कानूनी रूप से तलाक हो गया है, वह भी इस योजना का लाभ लेने की पात्र हैं। विधवा महिलाएं भी इस योजना का लाभ लेने की पात्र है।
रु० 51,000.00 की आर्थिक सहायता
इस योजना के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रति युगल रु० 51,000.00 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है-
इसमें से रु० 35,000.00 कन्या के बैंक खाते में अन्तरित किए जाते हैं। रु० 10,000.00 के वैवाहिक उपहार वर-वधू को विवाह के समय उपलब्ध करवाए जाते हैं। । रु० 6,000.00 विवाह के समारोहपूर्वक आयोजन जैसे- बिजली, पानी, पण्डाल, भोजन आदि की व्यवस्था पर खर्च किए जाते हैं।
क्या हैं आवश्यक औपचारिकाएं
आधार कार्ड (वर व वधू) कन्या के परिवार का आय प्रमाण पत्र निवास प्रमाण पत्र जाति प्रमाण पत्र (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछडा वर्ग की दशा में) वर-वधू की फोटो मोबाइल नंबर बैंक खाता विवरण
श्रावण माह / कांवड यात्रा के दृष्टिगत जनपद बिजनौर में किया गया रूट डायवर्जन…
अन्तर्जनपदीय यातायात डायवर्जन –
1. दिनांक 17.07.2024 की प्रातः से दिनांक 05.08.2024 तक यातायात रूट डायवर्जन प्लान –
(क) हरिद्वार की तरफ जाने-आने वाले कावड़ियों के हल्के मध्यम वाहन वाया बिजनौर से मण्डावर चौराहा, कस्बा मण्डावर, चंदक, भागूवाला, चिड़ियापुर बार्डर होते हुए हरिद्वार जायेंगे।
(ख) जनपद पौड़ी को जाने वाले हल्के एवं भारी वाहन बिजनौर से वाया देव पेट्रोल पम्प तिराहा कस्बा जलालाबाद (नजीबाबाद) से कोटद्वार होते हुए जनपद पौड़ी जायेंगे तथा इसी मार्ग से वापस आयेंगे।
2. जनपद बिजनौर से मुरादाबाद की ओर जाने वाले सभी हल्के वाहनों का मार्ग –
जनपद बिजनौर से मुरादाबाद जाने वाले सभी हल्के वाहन वाया नूरपुर छजलैट होते हुये मुरादाबाद जाएंगे। यदि इस मार्ग पर कावड़ियों की संख्या बढती है तो आवश्यकता पड़ने पर इस रूट को बंद कर कालिका माता मन्दिर चौराहा शहर बिजनौर, नहटौर, धामपुर, शेरकोट, अफजलगढ़ जसपुर टी पाईन्ट से मुरादाबाद की ओर भेजा जायेगा व इसी मार्ग से वापस आएंगे।
3. जनपद मेरठ से हरिद्वार आने व जाने वाले सभी हल्के वाहन का मार्ग –
जनपद मेरठ से हरिद्वार आने व जाने वाले सभी हल्के वाहन गंगा बैराज पुल, बिजनौर से मण्डावर, भागूवाला, चिड़ियापुर होते हुए हरिद्वार जाएंगे तथा इसी मार्ग से वापस आयेंगे।
4. जनपद मुजफ्फननगर / मेरठ से बिजनौर होते हुए पौड़ी आने व जाने वाले हल्के व भारी / माल वाहक वाहनों का मार्ग
जनपद मुजफ्फनगर से बिजनौर होते हुए जनपद पौड़ी की तरफ जाने व आने वाले हल्के व भारी वाहन गंगा बैराज पुल, बिजनौर से जलालाबाद (नजीबाबाद) देव पेट्रोल पम्प से समीपुर नहर से होते हुए कोटद्वार से जनपद पौड़ी जायेंगे तथा इसी मार्ग से वापस आयेंगे।
5. कावड़ मेला पर्व के दौरान दिनांक 17.07.2024 की प्रातः से हरिद्वार की तरफ से आने वाले हल्के एवं भारी वाहनों का मार्ग –
जनपद हरिद्वार की तरफ से आने वाले हल्के एवं भारी वाहन समीपुर नहर से डायवर्जन कर चौकी गंगनहर (नजीबाबाद) से कोटद्वार जनपद पौड़ी भेजे जायेंगे ।
6. जनपद मेरठ / मुजफ्फरनगर की ओर से मुरादाबाद, काशीपुर (उधमसिंह नगर) की तरफ जाने वाले हल्के एवं मध्यम वाहनों का मार्ग –
जनपद मेरठ मु० नगर की ओर से मुरादाबाद, काशीपुर (उधमसिंह नगर) को जाने व आने वाले हल्के वाहन गंगा बैराज पुल, बिजनौर वाया नहटौर-धामपुर-अफजलगढ़ से जसपुर को भेजे जायेंगे तथा इसी मार्ग से वापस आयेंगे। 7. जनपद मुजफ्फरनगर से जनपद मुरादाबाद, की ओर जाने व आने वाले भारी / मालवाहक वाहनों का मार्ग –
जनपद मुजफ्फरनगर की ओर से मुरादाबाद की ओर जाने व आने वाले भारी वाहन/मालवाहक वाहन मीरापुर (मोन्टी तिराहा) मुजफ्फरनगर बैरियर से ही मेरठ की ओर डायवर्जन कर मुरादाबाद को जायेंगे तथा इसी मार्ग से वापस आयेंगे।
8. उपरोक्त अवधि कावड़ श्रावण मास मेला 2024 के दौरान जनपद बिजनौर से रोडवेज बसों का संचालन निम्न मार्गों से रहेगा –
1- बिजनौर से मुरादाबाद आने व जाने वाली रोडवेज बसें बिजनौर से वाया नहटौर, धामपुर, शेरकोट, अफजलगढ़, जसपुर होते हुए मुरादाबाद पहुंचेंगी तथा इसी मार्ग से वापस आयेंगी।
2- बिजनौर से मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली आने-जाने वाली रोडवेज बसों का रूट वाया गंगा बैराज से गाजियाबाद होते हुए दिल्ली रहेगा तथा उक्त वाहन इसी मार्ग से वापस आयेंगे।
3- बिजनौर से हरिद्वार की तरफ आने व जाने वाली कावड़ियों की रोडवेज बसें वाया मण्डावर चौराहा, मण्डावली, भागूवाला, चिड़ियापुर होते हुए हरिद्वार जायेंगी तथा इसी मार्ग से वापस आयेंगी।
4- बिजनौर से अमरोहा को जाने वाली रोडवेज की बस वर्तमान की भांति यथावत रूट से जायेंगी व आयेंगी।
नोट – कांवड़-श्रावण मास पर्व 2024 के दौरान जनपद बिजनौर के निम्न मार्गों पर भारी वाहनों का आवागमन पूर्ण रूप से प्रतिबन्धित रहेगा।
1- नजीबाबाद-नगीना-धामपुर- स्योहारा-सहसपुर मार्ग पर (कांवडियों के वाहनों के अतिरिक्त) समस्त हल्के / मध्यम / भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेंगे।
2- बिजनौर से चांदपुर-धनौरा मार्ग पर भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेंगे।
3- बिजनौर से नूरपुर-दौलतपुर मार्ग पर भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेंगे।
4- चिड़ियापुर बार्डर से भागूवाला चौकी, वालिया तिराहा कट से मोटा महादेव, नजीबाबाद, को० देहात, नहटौर, नूरपुर, शिवाला कलां, नौगावां सादात मार्ग पर (कांवड़ियों के वाहनों के अतिरिक्त) समस्त हल्के / मध्यम / भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेंगे।
5- बिजनौर से हरिद्वार की तरफ जाने वाले सभी मार्गों पर (कांवड़ियों के वाहनों के अतिरिक्त) हल्के / मध्यम / भारी वाहन / मालवाहक वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेंगे।
द्वितीय चरण रूट डायवर्जन प्लान चतुर्थ सोमवार से पंचम सोमवार तक कांवड मेला श्रावण मास 2024 जनपद बिजनौर।
श्रावण शिवरात्रि पर्व के सम्पन्न होने के उपरान्त श्रावण मास के शेष सोमवार, चतुर्थ एवं पंचम सोमवार हेतु पूर्व की भांति हल्के भारी/मालवाहक वाहनों का रूट डायवर्जन निम्नांकित दिनांक अनुसार लागू रहेगा।
1- दिनांक 09-08-2024 की मध्य रात्रि से 12-08-2024 चतुर्थ सोमवार की मध्य रात्रि तक
2- दिनांक 16-08-2024 की मध्य रात्रि से 19-08-2024 पंचम सोमवार की मध्य रात्रि तक
अन्तर्जनपदीय यातायात डायवर्जन चतुर्थ सोमवार से पंचम सोमवार के दृष्टिगत –
1. श्रावण शिवरात्रि पर्व के सम्पन्न होने के उपरान्त श्रावण मास के शेष सोमवार चतुर्थ एवं पंचम सोमवार हेतु पूर्व की भांति हल्के भारी/मालवाहक वाहनों का रूट डायवर्जन निम्नांकित दिनांक अनुसार लागू रहेगा।
(क) हरिद्वार की तरफ जाने-आने वाले कांवड़ियों के हल्के / मध्यम वाहन वाया बिजनौर से मण्डावर चौराहा, कस्बा मणडावर, चंदक, भागूवाला, चिड़ियापुर बार्डर होते हुए हरिद्वार जाएंगे।
(ख) जनपद पौड़ी को जाने वाले हल्के एवं भारी वाहन बिजनौर से वाया देव पेट्रोल पम्प तिराहा कस्बा जलालाबाद (नजीबाबाद) से कोटद्वार होते हुए जनपद पौड़ी जायेंगे तथा इसी मार्ग से वापस आयेंगे।
2- जनपद बिजनौर से मुरादाबाद की ओर जाने वाले सभी हल्के वाहनों का मार्ग –
जनपद बिजनौर से मुरादाबाद जाने वाले सभी हल्के वाहन वाया नूरपुर छजलैट होते हुए मुरादाबाद जाएंगे यदि इस मार्ग पर कावडियों की संख्या बढती है तो आवश्यकता पड़ने पर इस रूट को बंद कर कालिका माता मन्दिर चौराहा शहर बिजनौर, नहटौर धामपुर, शेरकोट, अफजलगढ जसपुर टी पाइंन्ट से मुरादाबाद की ओर भेजे जाएंगे व इसी मार्ग से वापस आएंगे।
3- जनपद मेरठ से हरिद्वार आने व जाने वाले सभी हल्के वाहन का मार्ग –
(क) जनपद मेरठ से हरिद्वार आने व जाने वाले सभी हल्के वाहन गंगा बैराज पुल, बिजनौर से मण्डावर, भागूवाला, चिड़ियापुर होते हुए हरिद्वार जाएंगे तथा इसी मार्ग से वापस आयेंगे।
प्रतीकात्मक चित्र
4- जनपद मुजफ्फननगर, मेरठ से बिजनौर होते हुए पौड़ी आने व जाने वाले हल्के व भारी / माल वाहक वाहनों का मार्ग-
जनपद मुजफ्फरनगर से बिजनौर होते हुए जनपद पौड़ी की तरफ जाने व आने वाले हल्के व भारी वाहन गंगा बैराज पुल, बिजनौर से जलालाबाद (नजीबाबाद) देव पेट्रोल पम्प से समीपुर नहर से होते हुए कोटद्वार से जनपद पौड़ी जायेंगे तथा इसी मार्ग से वापस आयेंगे।
4- कांवड़ श्रावण मास पर्व 2024 में पड़ने वाले प्रत्येक सोमवार के दृष्टिगत हरिद्वार से कोटद्वार की तरफ आने व जाने वाले हल्के एवं भारी वाहनों का मार्ग –
जनपद हरिद्वार की तरफ से आने वाले हल्के एवं भारी वाहन समीपुर नहर से डायवर्जन कर चौकी गंगनहर (नजीबाबाद) से कोटद्वार जनपद पौड़ी भेजे जायेंगे।
5- जनपद मेरठ / मु० नगर की ओर से मुरादाबाद, काशीपुर (उधमसिंह नगर) की तरफ जाने वाले हल्के एवं मध्यम वाहनों का मार्ग –
जनपद मेरठ मु०नगर की ओर से मुरादाबाद, काशीपुर (उधमसिंह नगर) को जाने व आने वाले हल्के वाहन गंगा बैराज पुल, बिजनौर वाया नहटौर, धामपुर, अफजलगढ़ से जसपुर को भेजे जायेंगे तथा इसी मार्ग से वापस आयेंगे।
6- जनपद मु० नगर की ओर से जनपद मुरादाबाद की ओर जाने व आने वाले भारी / मालवाहक वाहनों का मार्ग- जनपद मु०नगर की ओर से मुरादाबाद की ओर जाने व आने वाले भारी वाहन/मालवाहक वाहन मीरापुर (मोन्टी तिराहा) मुजफ्फरनगर बैरियर से ही मेरठ की ओर डायवर्जन कर मुरादाबाद को जायेंगे तथा इसी मार्ग से वापस आएंगे।
उपरोक्त अवधि कांवड़ श्रावण मास पर्व 2024 में चतुर्थ सोमवार से पंचम सोमवार तक के दृष्टिगत रुट डायवर्जन के दौरान जनपद बिजनौर से रोडवेस बसों का संचालन निम्न मार्गों से रहेगा
1. बिजनौर से मुरादाबाद आने व जाने वाली रोडवेज बसें बिजनौर से वाया नहटौर, धामपुर, अफजलगढ़, जसपुर होते हुए मुरादाबाद पहुंचेंगी तथा इसी मार्ग से वापस आयेंगी।
2. बिजनौर से मेरठ गाजियाबाद दिल्ली आने-जाने वाली रोडवेज बसें वाया गंगा बैराज से गाजियाबाद होते हुए दिल्ली जायेंगी तथा इसी मार्ग से वापस आयेंगी।
3. बिजनौर से हरिद्वार की तरफ आने व जाने वाली कावड़ियों की रोडवेज बसें वाया मण्डावर चौराहा, मण्डावली, भागूवाला, चिड़ियापुर होते हुए हरिद्वार जायेंगी तथा इसी मार्ग से वापस आयेंगी।
4. बिजनौर से सहारनपुर, देहरादून की तरफ जाने वाले हल्के एवं मध्यम वाहन वाया गंगा बैराज से मुजफ्फरनगर होते हुए सहारनपुर, देहरादून जायेंगे तथा इसी मार्ग से वापस आयेंगे।
5. बिजनौर से अमरोहा को जाने वाली रोडवेज की बस वर्तमान की भांति यथावत रूट से जायेंगी व आयेंगी।
नोट- जनपद बिजनौर मे कावड़-श्रावण मास पर्व 2024 चतुर्थ सोमवार से पंचम सोमवार तक के दृष्टिगत जनपद बिजनौर के निम्न मार्गों पर भारी वाहनों का आवागमन पूर्ण रूप से प्रतिबन्धित रहेगा।
1. नजीबाबाद, नगीना, धामपुर, स्योहारा, सहसपुर मार्ग पर (कांवड़ियों के वाहनों के अतिरिक्त) समस्त हल्के/मध्यम/भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित।
2. बिजनौर से चांदपुर, बवनपुरा मार्ग पर भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित।
3. बिजनौर से नूरपुर, दौलतपुर मार्ग पर भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित।
4. चिड़ियापुर बार्डर से भागूवाला चौकी, वालिया तिराहा कट से मोटा महादेव, नजीबाबाद, कोतवाली देहात, नहटौर, नूरपुर, शिवाला कला, नौगांवा सादात मार्ग पर (कांवड़ियों के वाहनों के अतिरिक्त) समस्त हल्के / मध्यम / भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित।
5. बिजनौर से हरिद्वार की तरफ जाने वाले सभी मार्गों पर (कांवड़ियों के वाहनों के अतिरिक्त) हल्के / मध्यम / भारी वाहन / मालवाहक वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित।
अयोध्या, औरैया, सोनभद्र, देवरिया व बदायूं में नए जिलाधिकारियों की तैनाती
10 आईपीएस के बाद पांच जिलों के डीएम सहित 11 आईएएस का तबादला
लखनऊ। यूपी में देर रात 11 आईएएस अफसरों का तबादला कर दिया गया। इनमें पांच जिलों के डीएम भी शामिल हैं। औरैया, देवरिया, अयोध्या, सोनभद्र और बदायूं के डीएम को राज्य सरकार ने बदल दिया है।
यूपी की सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा फेरबदल किया है। शनिवार को दिन में 10 आईपीएस के बाद देर रात 11 आईएएस अफसरों के भी तबादले कर दिए गए। अयोध्या, औरैया, सोनभद्र, देवरिया व बदायूं में नए जिलाधिकारियों की तैनाती की गई है।
लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष इंद्रमणि त्रिपाठी को औरैया का जिलाधिकारी बना कर भेजा गया है, जबकि उनके स्थान पर विशेष सचिव मुख्यमंत्री व अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी इन्वेस्ट यूपी प्रथमेश कुमार को लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। प्रतीक्षारत चल रहीं निधि श्रीवास्तव को जिलाधिकारी बदायूं ,मनोज कुमार जिलाधिकारी बदायूं से सचिव उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग प्रयागराज, दिव्या मित्तल मुख्य कार्यपालक अधिकारी उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण लखनऊ से जिलाधिकारी देवरिया बनाई गई हैं। देवरिया के जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह अब मुख्य कार्यपालक अधिकारी उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण विकास प्राधिकरण लखनऊ का दायित्व संभालेंगे। चन्द्र विजय सिंह जिलाधिकारी सोनभद्र से जिलाधिकारी अयोध्या, नीतीश कुमार जिलाधिकारी अयोध्या से प्रबंध निदेशक दक्षिण विद्युत वितरण निगम लिमिटेड आगरा भेजे गए हैं। राज्यपाल के विशेष सचिव बद्रीनाथ सिंह को जिलाधिकारी सोनभद्र, नेहा प्रकाश जिलाधिकारी औरैया से निदेशक प्रशिक्षण एवं सेवायोजन उत्तर प्रदेश की तैनाती दी गई है। वहीं सदस्य न्यायिक राजस्व परिषद प्रयागराज देवीशरण उपाध्याय को प्रतीक्षारत कर दिया गया है।
दिन में हुए छह जिलों के एसपी समेत 10 आईपीएस के तबादले
शनिवार को दिन में शासन ने एटा, बिजनौर, हरदोई, गाजीपुर, शामली व जालौन कुल छह जिलों के एसपी समेत 10 आईपीएस अफसरों का तबादला कर दिया था।
बिना हेलमेट कार चलाना पड़ा भारी, ₹ 01 हजार का चालान!
उत्तर प्रदेश के औरैया से एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है. दरअसल यहां पुलिस ने एक शख्स का चालान बिना हेलमेट कार चलाने के लिए कर दिया. जब कार मालिक को इसके बारे में जानकारी मिली तो उसने अपना सिर पीट लिया।
औरैया। ट्रैफिक नियमों को लेकर अक्सर सख्त रहने वाली पुलिस ने अजीब कारनामा कर दिया है. आपने बिना हेलमेट पहने बाइक चलाने पर चालान कटने के बारे में तो कई बार सुना होगा, लेकिन क्या कभी सुना है कि हेलमेट नहीं लगाने पर किसी कार ड्राइवर का चालान काट दिया गया हो. ये अजब- गजब कारनामा उत्तर प्रदेश की औरैया पुलिस ने कर दिखाया है. सोशल मीडिया पर काफी वायरल होते यूपी पुलिस के कारनामे पर यूजर्स खूब चटखारे ले रहे हैं.
मामला औरैया जनपद के अयाना थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है. दरअसल औरैया पुलिस ने बिना हेलमेट पहने कार चलाने वाले शख्स पर 01 हजार रुपए का चालान ठोक दिया है. इतना ही नहीं बकायदा गाड़ी के फोटो के साथ चालान भी अपलोड किया है. इस चालान की कॉपी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है.
हैरान परेशान कार चालक ने ली कोर्ट की शरण
फाइन के बारे में पता चलते ही कार चालक के भी होश उड़ गए. मामला 12 जून 2022 का बताया जा रहा है. आरटीओ ऑफिस से पता चला बिना हेलमेट कार चलाने पर चालान किया गया है. इसके बाद अब मामला अदालत में चल रहा है. दरोगा का ट्रांसफर भी हो चुका है. वैसे पुलिस इस मामले में कुछ भी कहने से बच रही है.
पहले भी हुए बिना हेलमेट पहने कार चलाने पर चालान
पहले भी बिना हेलमेट पहने कार चलाने पर चालान के मामले सामने आ चुके हैं। उत्तर प्रदेश के झांसी में स्थानीय ट्रक यूनियन के प्रमुख बहादुर सिंह परिहार को शहर की यातायात पुलिस से मई 2024 में एक संदेश मिला जिसमें उन्हें जुर्माने की सूचना दी गई। परिवहन वेबसाइट की जांच करने पर उन्होंने पाया कि उसमें लिखा था कि उन्हें बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाते हुए पकड़ा गया है। लेकिन वह अपनी ऑडी कार चला रहे थे। इस अनोखे अपराध के लिए उन पर 1,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया। वहीं अगस्त 2019 में अलीगढ़ में सुरेश गुप्ता का 500 रुपए का ई चालान महज इसलिए काट दिया गया कि उन्होंने कार चलाते वक्त हेलमेट नहीं पहना था।
शामली, बिजनौर, जालौन, एटा, हरदोई और गाजीपुर के पुलिस अधीक्षकों के तबादले
यूपी में 10 आईपीएस अफसरों के तबादले, छह जिलों के एसपी बदले
लखनऊ। यूपी में शनिवार को जालौन, एटा, हरदोई, शामली, बिजनौर और गाजीपुर के पुलिस अधीक्षकों के तबादले किए गए हैं। इन छह जिलों के समेत प्रदेश में कुल 10 आईपीएस अफसरों के ट्रांसफर किए गए हैं।
यूपी में शनिवार को छह जिलों के पुलिस अधीक्षक समेत 10 आईपीएस अफसरों के तबादले कर दिए गए। मिली जानकारी अनुसार शामली, बिजनौर, जालौन, एटा, हरदोई और गाजीपुर के पुलिस अधीक्षकों के तबादले किए गए हैं। आईपीएस श्याम नारायण सिंह एटा के नए पुलिस अधीक्षक बनाए गए हैं। आईपीएस अभिषेक बिजनौर, आईपीएस नीरज कुमार जादौन को हरदोई, आईपीएस ईराज राजा को गाजीपुर, आईपीएस रामसेवक गौतम को शामली का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही लखनऊ और वाराणसी कमिश्नरेट में भी फेरबदल हुए हैं। कुल 10 आईपीएस अफसरों के तबादले कर दिए गए हैं।
फतेहपुर के विकास का दावा- नाग ने सपने में आकर कही ये बात
नहीं बचा सकेगी कोई भी शक्ति, तांत्रिक और डॉक्टर
अब तक 6 बार काट चुका है नाग
‘तीन बार और डसूंगा, नौवीं बार तू नहीं बचेगा…’
फतेहपुर। सर्पदंश से पीड़ित युवक ने दावा किया है कि सपने में आए सांप ने 09 बार काटने की चेतावनी दी है. सांप ने कहा कि आठवीं बार तक तो बच जायेगा, लेकिन नौंवी बार कोई भी शक्ति, तांत्रिक और डॉक्टर नहीं बचा पाएगा.
यूपी के फतेहपुर जिले में विकास दुबे नाम के युवक को डेढ़ महीने के अंदर सांप ने छठी बार काट लिया. गनीमत है कि इलाज के बाद विकास इस बार भी ठीक हो गया. इस घटना से विकास के परिजनों के साथ-साथ डॉक्टर भी हैरान हैं. परिजन बड़ी अनहोनी की आशंका से डरे-सहमे हैं. इस बीच पीड़ित विकास ने एक नया दावा कर सभी को चौंका दिया.
शनिवार और रविवार को ही डसा
विकास दुबे के अनुसार सांप ने उसे हमेशा शनिवार और रविवार को ही डसा है. जब सांप ने तीसरी बार काटा था तो उसी रात वो सांप सपने में भी आया था और बोला कि मैं तुझे 9 बार काटूंगा. आठवीं बार तक तो तू बच जाएगा, लेकिन नौंवी बार तुझे कोई भी शक्ति, तांत्रिक और डॉक्टर नहीं बचा पाएगा. तुझे अपने साथ ले जाऊंगा.
34 दिन में छठी बार सांप ने काटा
सर्पदंश से पीड़ित 24 वर्षीय विकास दुबे फतेहपुर के मलवा थाना क्षेत्र के सौरा गांव का रहने वाला है. विकास ने बताया कि उसे 34 दिन में छठी बार सांप ने काटा है. हर बार सांप के काटने से पहले ही उसे खतरे का आभास भी हो जाता है. शनि-रवि के दिन ही सांप काटता है. तीन बार जब सांप काट चुका था तो इलाज करने वाले डॉक्टर साहब ने सलाह दी थी कि तुम अपना घर छोड़ कर कहीं बाहर रहो. इसके बाद मैं अपने मौसी के यहां चला गया. मगर सांप ने वहां भी मुझे काट लिया. उसके बाद मैं अपने चाचा के घर पर रहने गया, लेकिन सांप ने मेरा पीछा वहां भी नही छोड़ा और छठी बार डस लिया।
विकास के मुताबिक, जब सांप काटता है तो पहले से अभास हो जाता है कि आज मुझे सांप काटने वाला है. अपने घर में सबको बता देता हूं कि आज के दिन मुझे सांप डसेगा. हाल ही में सांप ने सपने में आकर कहा है कि वो तीन बार अभी और काटेगा. नौवीं बार में जान चली जाएगी. कोई दैवीय शक्ति या डॉक्टर नहीं बचा पाएगा. ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार से मेरी मांग है कि मेरा आयुष्मान कार्ड बनवा दिया जाए और कुछ आर्थिक मदद की जाए.
डेढ़ महीने से सांप के डसने का सिलसिला चल रहा
पीड़ित के परिजनों के मुताबिक, पहली बार 2 जून की रात करीब नौ बजे बिस्तर से उतरते हुए विकास को सांप ने काटा था. जिसपर वो उसे एक प्राइवेट नर्सिंग होम में इलाज के लिए ले गए. वहां दो दिन तक विकास भर्ती रहा. इलाज के बाद ठीक होकर घर आ गया.
इसके बाद फिर 10 जून की रात विकास को सांप ने काट लिया. परिजन उसी निजी अस्पताल में विकास को ले गए. इलाज हुआ और विकास फिर ठीक होकर घर चला आया. हालांकि, तमाम सावधानी बरतने के बाद भी 17 जून को फिर सांप ने डस लिया. परिजन फिर से उसे उसी अस्पताल में ले गए और इलाज हुआ और विकास ठीक हो गया. चौथी बार सांप ने इस घटना के चार दिन बाद ही विकास को अपना शिकार बना लिया.
वह भागकर मौसी के यहां गया लेकिन सांप ने उसका पीछा नहीं छोड़ा. बीते दिनों वो चाचा के यहां गया था मगर फिर से वही कांड हो गया. सांप ने चाचा के यहां भी विकास को डस लिया. इस घटना से परिजन दहशत में हैं.
मेडिकल बोर्ड ने शुरू की जांच
सीएमओ डा. राजीव नयन गिरी के मुताबिक, पीड़ित के परिजनों द्वारा बताया गया कि सांप काटने पर वे हर बार एक ही प्राइवेट अस्पताल में जाते हैं. इसकी भी जांच की जा रही है कि आखिर उसी अस्पताल में क्यों इलाज होता है. पता तो चले वहां कैसा इलाज किया जा रहा है. चूंकि, बार-बार एंटीवेनम दवा से साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं. फिलहाल, मेडिकल बोर्ड बना दिया गया है. दो-तीन दिन में जांच रिपोर्ट आ जाएगी. वैसे हमारे जिले के सभी अस्पतालों में एंटीवेनम इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. हमारी टीम उस अस्पताल में जाएगी और मरीज से भी मिलेगी. टीम वहां देखेगी कि युवक की बॉडी पर कहां-कहां कितने बाइट हैं. सात बार सांप काटने का मतलब है कि सात निशान होंगे. वहीं, फतेहपुर के डीएफओ रामानुज त्रिपाठी ने बताया कि सूचना मिली थी कि एक ही व्यक्ति को सात बार सांप काट चुका है, लेकिन ये स्पष्ट नहीं हो सका है कि एक ही सांप ने काटा है या अलग-अलग सांप ने ?. प्रयास किया जा रहा है कि सांप को पकड़ा जाए और रेस्क्यू कर उसे जू में छोड़ दिया जाए.
विदित हो कि सर्पदंश से पीड़ित 24 वर्षीय विकास मलवा थाना क्षेत्र के सौरा गांव का रहने वाला है, जिसे 40 दिनों के अंदर सांप ने सातवीं बार काटा है. सांप इस कदर उसके पीछे पड़ा है कि भागकर मौसी और चाचा के घर जाने पर सांप उसे डस ले रहा है. गनीमत रही कि हर बार इलाज के बाद वो ठीक हो गया. मगर सातवीं बार स्नेक अटैक के बाद उसकी हालत गंभीर है. परिजन लगातार इस अकल्पनीय घटना से खासा परेशान और भयभीत हैं. उन्होंने सरकार से मदद की गुहार लगाई है.
लखनऊ। उ०प्र० सरकार में ऊर्जा मंत्री को नगीना विधायक मनोज पारस ने आइना दिखाया है। हैण्डी क्राफ्ट, वुडन क्राफ्ट से जुड़े लोगों व उनके परिवारों के हित में उन्होंने विद्युत आपूर्ति का शैड्यूल निर्धारित करने की मांग की है।
उनको ऊर्जा मंत्री को सौंपे ज्ञापन में कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र नगीना जनपद बिजनौर के नगर पालिका क्षेत्र नगीना में वुडन हैण्डी क्राफ्ट का काम किया जाता है। नगीना की लगभग 60 प्रतिशत आबादी हैण्डी क्राफ्ट के कार्य को कर अपनी रोजी-रोटी कमाती है। वुडन क्राफ्ट से निर्मित सभी सामान एक्सपोर्ट होता है, जिससे कि सरकार को करोड़ों रुपए का राजस्व विदेशी मुद्रा के रूप में प्राप्त होता है। … लेकिन वहां का विद्युत आपूर्ति का शैड्यूल एवं कटौती की वजह से काष्ठ हस्त शिल्प कला के कारीगर अपना कार्य सुचारू रूप से नहीं कर पाते। पूर्व में भी अनुरोध किया गया था एवं उ०प्र० विधान मण्डल के अनुसूचित जातियों / जनजातियों तथा विमुक्त जातियों सम्बन्धी संयुक्त समिति की कार्यवाही के माध्यम से भी आपसे इसके लिए अनुरोध किया गया था। इस सम्बन्ध में अधिशासी अभियन्ता नगीना, चीफ मुरादाबाद एवं एमडी पश्चिमांचल द्वारा भी नगीना के शैड्यूल को काष्ठ कला के व्यापारियों के अनुरूप बनाने हेतु समय-समय पर आपसे अनुरोध किया जाता रहा है।
विधायक मनोज पारस ने कहा कि पूर्व में नगीना विद्युत आपूर्ति शैड्यूल काष्ठ कला व्यापारियों की कटौती मुक्त मांग के अनुरूप शैड्यूल सुबह 8:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक एवं दोपहर 2:00 बजे से शाम 6:30 तक 31-05-2024 तक के आदेश आप द्वारा दिये गये थे, परन्तु वर्तमान में फिर से इस शैड्यूल को बदल को बदल दिया गया है। इसके तहत सुबह 8:00 बजे से 10:00 बजे तक एवं 12:00 से दोपहर 2:00 बजे तक एवं पुनः शाम 4:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक कटौती की जा रही है। इस तरह दिन में बार-बार कटौती करने/लाईट जाने की वजह हैण्डी क्रॉफ्ट के कारीगर अपना काम नहीं कर पा रहे हैं। इससे उनके प्रोडक्शन पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। इस सन्दर्भ मे हैण्डी क्राफ्ट के व्यापारी एसोसिएशन की तरफ से भी आपसे मांग की गई है। उनके एवं अधीक्षण अभियन्ता विद्युत वितरण मण्डल धामपुर द्वारा किये गए अनुरोध का पत्र भी दिया गया। उन्होंने अनुरोध किया कि उपरोक्त परिस्थिति को देखते हुए एवं नगीना के हस्त शिल्प या हैण्डी क्राफ्ट के उद्यमियों या कारीगरों की मांग के अनुररूप नगीना टाउन का कटौती मुक्त शैड्यूल सुबह 8:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक एवं दोपहर 2:00 बजे से शाम 6:30 तक विद्युत आपूर्ति सुचारू रूप से देने हेतु कम से कम एक वर्ष के लिये सम्बन्धित को आदेशित करने का कष्ट करें।
03 किग्रा० प्लास्टिक गिलास जब्त कर जारी की गई मौखिक चेतावनी
दुकानों / हॉस्पिटल्स / घरों के सामने अवैध/अनावश्यक रूप से निर्मित चबूतरों व जेनरेटर आदि को हटाया
स्टेशन चौराहे से सेंट मैरी चौराहे तक चलाया गया अतिक्रमण हटाओ अभियान
बिजनौर। शासन / प्रशासन के निर्देशन में पालिका क्षेत्रान्तर्गत स्टेशन चौराहे से सेंट मैरी स्कूल के चौराहे तक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इसके अन्तर्गत उक्त क्षेत्र में लोगों द्वारा अपनी दुकानों / हॉस्पिटल्स / घरों के सामने अवैध/अनावश्यक रूप से निर्मित चबूतरों व जेनरेटर आदि को हटाया गया।
अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत नायब तहसीलदार फैसल कमर की उपस्थिति में अधिशासी अधिकारी विकास कुमार, टीएसआई बलराम सिंह, अवर अभियन्ता सिविल यशवंत कुमार, कार्यवाहक टीएसआई सुन्दर लाल, राजस्व निरीक्षक अभिनव विश्नोई, संदीप कुमार लिपिक, विपिन देसाई लिपिक एवं अन्य पालिका स्टाफ द्वारा पुलिस बल की सहायता से संयुक्त रूप से पालिका के संसाधानों द्वारा स्थाई / अस्थाई अतिक्रमण हटवाया गया।
अधिशासी अधिकारी विकास कुमार ने बताया कि कुछ अतिक्रमणकर्ताओं को हाथों हाथ नोटिस भी जारी किये गए। अभियान के दौरान प्रतिबंधित पॉलीथीन / प्लास्टिक के अन्तर्गत 03 किग्रा० प्लास्टिक गिलास जब्त कर मौखिक चेतावनी जारी की गई। उन्होंने बताया कि आगे भी अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी रहेगा।
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