newsdaily24

update रहें…हर दम, हर पल

  • सावन में बन रहा शुभ संयोग, इस बार पड़ रहे हैं पांच सोमवार

    72 साल बाद सोमवार से शुरू और समाप्त होगा सावन

    पहला सोमवार 22 जुलाई, दूसरा 29 जुलाई, तीसरा 05 अगस्त, चौथा 12 अगस्त और पांचवां व अंतिम सोमवार 19 अगस्त को

    भीलवाड़ा: भगवान शिव के भक्तों के लिए सावन का पवित्र महीना विशेष महत्व रखता है. इस पूरे महीने में, भक्त श्रद्धा और भक्तिभाव से भगवान शिव की पूजा करते हैं. इस बार, सावन की शुरुआत और समाप्ति दोनों ही सोमवार से हो रही है. यह घटना करीब 72 साल बाद घट रही है, जो इसे और भी खास बनाती है. इस बार सावन में पांच सोमवार होंगे, जो भगवान शिव की पूजा के लिए अति उत्तम माने जाते हैं. वहीं इस बार सावन माह में 5 सोमवार होने वाले हैं.

    इस बार सावन की शुरुआत 22 जुलाई से होगी. इस दिन सुबह से शाम तक प्रीति योग रहेगा. सावन माह 19 अगस्त को संपन्न होगा. सावन की शुरुआत और समापन सोमवार से होना दुर्लभ संयोग है. पंडित कमलेश व्यास जी के अनुसार 72 साल बाद सावन में ऐसा योग बन रहा हैं, जिसमें सावन की शुरुआत और समापन भी सोमवार से हो रही है. इस बार सावन माह 29 दिनों का होने वाला है. पहला सोमवार 22 जुलाई, दूसरा 29 जुलाई, तीसरा 05 अगस्त, चौथा 12 अगस्त और पांचवां व अंतिम सोमवार 19 अगस्त को पड़ेगा. पिछले साल सावन में आठ सोमवार पड़े थे. ऐसा अधिक मास होने से हुआ था. चातुर्मास भी चार की जगह पांच माह का रहा था.

    मां मंगला गौरी के चार व्रत

    सावन में अमूमन तीन मंगलवार पड़ते हैं. इस दिन मां मंगला गौरी का व्रत होता है. इस बार मंगला गौरी व्रत चार होंगे. पहला व्रत 23 जुलाई, दूसरा 30 जुलाई, तीसरा 06 अगस्त व चौथा 13 अगस्त को होगा.

    15 जुलाई से लगेगा ये मुहूर्त

    आषाढ़ मास शुरू हो चुका है. इसके साथ ही जुलाई से विवाह के मुहूर्त भी प्रारंभ हो जाएंगे. इस माह भडल्या नवमी अबूझ मुहूर्त के साथ 06 अन्य मुहूर्त हैं. भडल्या नवमी 15 जुलाई को है. उसके बाद 17 जुलाई को देवशयनी एकादशी है. इस कारण मांगलिक कार्यों पर प्रतिबंध लग जाएगा. मई और जून में शुभ मुहूर्त नहीं थे. जुलाई में 09, 10, 11, 12, 13, 14 और 15 तारीख को शादी-ब्याह के मुहूर्त हैं.

    17 से लगेगा चातुर्मास

    देवशयनी एकादशी के बाद चातुर्मास के कारण 17 जुलाई से 25 नवंबर तक शुभ लग्न नहीं है. 26 नवंबर को देव उठनी एकादशी से विवाह आयोजन प्रारंभ होंगे. नवंबर में 12, 13, 16,17, 18, 2 23, 25, 26, 28 और 29 तारीख को विवाह की शुभ घड़ी हैं. दिसंबर में 4, 5, 9, 10, 14 व 15 तारीख को मुहूर्त है. (साभार)

  • जल निगम के रिटायर्ड इंजीनियर के घर में दिया था वारदात को अंजाम

    घर में कुछ दिन पहले काम करने आई लेवर पर सच निकला शक

    मुठभेड़ में दबोचे गए हत्या व लूट के आरोपी दो बदमाश

    मेरठ। कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम ने रिटायर्ड इंजीनियर के घर हत्या और लूट में शामिल दो बदमाशों को देर रात मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। इनमें से एक को गोली लगी है। बदमाशों के कब्जे और निशानदेही पर इंजीनियर के घर से लूट का माल, सोने, चांदी की ज्वैलरी, तमंचा और एक बिना नंबर की बाइक बरामद की गई है। मास्टरमाइंड अभी भी फरार है।

    पुलिस के अनुसार 16 जून को कोतवाली थाना क्षेत्र के स्वामीपाड़ा में जल निगम के रिटायर्ड इंजीनियर के घर में तीन बदमाशों ने धावा बोल दिया था। इंजीनियर की बेटी अंजू की गला रेतकर हत्या करने के साथ ही बदमाशों ने उनकी पत्नी सविता को भी मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बाद घर में रखी नगदी सहित 25 लाख कीमत की सोने, चांदी की ज्वैलरी लूट कर फरार हो गए। छोटी बेटी ने घर पहुंचने पर बहन की लाश देखी तो पुलिस, पड़ोसियों को बुलाया। पुलिस का पहला शक घर में कुछ दिन पहले काम करने आई लेवर पर गया। शक सही निकला और पुलिस को बदमाशों का सुराग लग गया। मुखबिर की सूचना पर कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम ने परतापुर क्षेत्र में नाकाबंदी कर दी। इसी दौरान बाइक पर सवार दो युवक आते दिखे तो उन्हें रुकने का इशारा किया गया। इस पर बदमाश पुलिस टीम पर फायरिंग कर फरार होने का प्रयास करने लगे। पुलिस टीम ने जवाबी फायरिंग की। एक गोली बदमाश के पैर में लगी और बाइक लड़खड़ा कर गिर गई। घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया गया।

    पकड़े गए आरोपियों के नाम समर पुत्र लियाकत निवासी काशी गांव मेरठ और अयान पुत्र इमरान निवासी इंचौली मेरठ बताए गए हैं। मुठभेड़ के दौरान समर के पैर में गोली लगी है । इनके खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बदमाशों के कब्जे और निशानदेही पर इंजीनियर के घर से लूट का माल, सोने, चांदी की ज्वैलरी, तमंचा और एक बिना नंबर की बाइक बरामद की है।मास्टरमाइंड उमर अभी फरार है, पुलिस टीम उसकी तलाश में हैं।  

  • पितरों की नाराजगी के मुख्य संकेत

    आषाढ़ अमावस्या पर दु:खों से मुक्ति पाने के लिए करें पितरों को प्रसन्न

    डेस्क। सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का बेहद खास महत्व बताया गया है। हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के अगले दिन अमावस्या का पर्व मनाया जाता है। वर्ष 2024 में आषाढ़ अमावस्या 05 जुलाई को होगी। इस दिन नाराज पितरों के आशीर्वाद से घर और पूरे परिवार की उन्नति प्राप्त करने के लिए उनको खुश करते हैं। पितरों की नाराजगी के कारण परिवार की तरक्की रुक जाती है। अमावस्या पर भगवान विष्णु व पितरों की पूजा और गंगा स्नान करने का विधान है। इसके बाद सूर्य देव को जल अर्पित कर पितरों की उपासना करने के साथ ही पितृ स्तोत्र का पाठ करना शास्त्र सम्मत है। अंत में श्रद्धा अनुसार गरीब लोगों में दान करें। ऐसा करने से इंसान को सुख-शांति की प्राप्ति होती है और पितरों का आशीर्वाद मिलता है। 

    ।।पितृ स्तोत्र का पाठ।।

    अर्चितानाममूर्तानां पितृणां दीप्ततेजसाम् ।

    नमस्यामि सदा तेषां ध्यानिनां दिव्यचक्षुषाम्।।

    इन्द्रादीनां च नेतारो दक्षमारीचयोस्तथा ।

    सप्तर्षीणां तथान्येषां तान् नमस्यामि कामदान् ।।

    मन्वादीनां च नेतार: सूर्याचन्दमसोस्तथा ।

    तान् नमस्यामहं सर्वान् पितृनप्युदधावपि ।।

    नक्षत्राणां ग्रहाणां च वाय्वग्न्योर्नभसस्तथा ।

    द्यावापृथिवोव्योश्च तथा नमस्यामि कृताञ्जलि:।।

    देवर्षीणां जनितृंश्च सर्वलोकनमस्कृतान् ।

    अक्षय्यस्य सदा दातृन् नमस्येहं कृताञ्जलि: ।।

    प्रजापते: कश्पाय सोमाय वरुणाय च ।

    योगेश्वरेभ्यश्च सदा नमस्यामि कृताञ्जलि: ।।

    नमो गणेभ्य: सप्तभ्यस्तथा लोकेषु सप्तसु ।

    स्वयम्भुवे नमस्यामि ब्रह्मणे योगचक्षुषे ।।

    सोमाधारान् पितृगणान् योगमूर्तिधरांस्तथा ।

    नमस्यामि तथा सोमं पितरं जगतामहम् ।।

    अग्रिरूपांस्तथैवान्यान् नमस्यामि पितृनहम् ।

    अग्रीषोममयं विश्वं यत एतदशेषत: ।।

    ये तु तेजसि ये चैते सोमसूर्याग्रिमूर्तय:।

    जगत्स्वरूपिणश्चैव तथा ब्रह्मस्वरूपिण: ।।

    तेभ्योखिलेभ्यो योगिभ्य: पितृभ्यो यतामनस:।

    नमो नमो नमस्तेस्तु प्रसीदन्तु स्वधाभुज ।।

    ।।पितृ कवच का पाठ।।

    कृणुष्व पाजः प्रसितिम् न पृथ्वीम् याही राजेव अमवान् इभेन।

    तृष्वीम् अनु प्रसितिम् द्रूणानो अस्ता असि विध्य रक्षसः तपिष्ठैः॥

    तव भ्रमासऽ आशुया पतन्त्यनु स्पृश धृषता शोशुचानः।

    तपूंष्यग्ने जुह्वा पतंगान् सन्दितो विसृज विष्व-गुल्काः॥

    प्रति स्पशो विसृज तूर्णितमो भवा पायु-र्विशोऽ अस्या अदब्धः।

    यो ना दूरेऽ अघशंसो योऽ अन्त्यग्ने माकिष्टे व्यथिरा दधर्षीत्॥

    उदग्ने तिष्ठ प्रत्या-तनुष्व न्यमित्रान् ऽओषतात् तिग्महेते।

    यो नोऽ अरातिम् समिधान चक्रे नीचा तं धक्ष्यत सं न शुष्कम्॥

    ऊर्ध्वो भव प्रति विध्याधि अस्मत् आविः कृणुष्व दैव्यान्यग्ने।

    अव स्थिरा तनुहि यातु-जूनाम् जामिम् अजामिम् प्रमृणीहि शत्रून्। 

    क्यों लगता है पितृ दोष ?

    अमावस्या या पितृ पक्ष के समय में तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध कर्म आदि न करने से पितर क्रोधित होते हैं। वे अतृप्त होने से दु:खी हो जाते हैं। इसके कारण परिवार को पितृ दोष लगता है। शास्त्रों में पितरों की नाराजगी से संबंधित कुछ संकेतों के बारे में बताया गया है…

    1. यदि आपके पितर नाराज होते हैं तो उस परिवार के वंश की वृद्धि नहीं होती है। उस परिवार के सदस्य संतानहीन होते हैं। इस वजह से उस परिवार की अगली पीढ़ी खत्म हो जाती है। संतान दोष को पितरों की नाराजगी का एक कारण माना जाता है। कई बार पितृ दोष के कारण विवाह में भी बाधा आती है या दांपत्य जीवन कष्टकारी हो जाता है।

    2. यदि आपके कार्यों में लगातार बाधाएं आती हैं, जो भी काम शुरु करते हैं, वह बीच में ही अटक जाता है। किसी भी कार्य में सफलता नहीं मिलती है तो यह भी पितरों की नाराजगी का कारण माना जाता है।

    3. यदि घर के आंगन में पीपल का पौधा उग जाता है तो इसे अशुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितरों की नाराजगी के कारण घर के अंदर पीपल का पौधा उगता है।

    4. घर में हमेशा अशांति बनी रहती है। परिवार के सदस्यों के बीच छोटी-छोटी बातों पर वाद विवाद या झगड़े की स्थिति बन जाती है तो यह पितरों की नाराजगी का संकेत होता है।

    5. घर का कोई न कोई सदस्य अचानक दुर्घटना का शिकार हो रहा हो या फिर किसी रोग से पीड़ित हो रहा हो तो इसे भी पितरों की नाराजगी का संकेत माना जाता है।

    6. पितरों की नाराजगी के कारण अचानक धन हानि हो सकती है। बिजनेस में लगातार घाटा होना भी इसी का संकेत है। आर्थिक संकट में फंसे रहना भी नाराज पितरों का संकेत माना जाता है।

    7. घर के मांगलिक कार्यों जैसे विवाह, उनपयन संस्कार आदि में पितरों की पूजा न करने, उनका तिरस्कार करने से भी वे नाराज हो जाते हैं।

    इस संकेतों की मदद से पितर बताना चाहते हैं कि उनके वंश के लोग उन्हें तृप्त करें। उनके लिए तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध, पंचबलि कर्म आदि करें, जिससे वे तृप्त हों, उनको मुक्ति मिल सके।

    (अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं।)

  • अनिवार्य की गई ई-केवाईसी

    01 जुलाई से इन लोगों को नहीं मिलेगा फ्री का राशन!

    नई दिल्ली। सरकार ने राशन कार्ड का लाभ लेने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी है। ई-केवाईसी यानी इलेक्ट्रॉनिक-नो योर कस्टमर (electronic know your customer). यह प्रक्रिया राशन कार्ड धारकों की जानकारी को अपडेट और सत्यापित करने में मदद करती है। अगर आप ई-केवाईसी नहीं करवाते हैं, तो 01 जुलाई से आपको राशन कार्ड का लाभ मिलना बंद हो सकता है।

    राशन कार्ड की ई-केवाईसी एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। यह न केवल आपके राशन कार्ड को अपडेट रखती है, बल्कि सरकारी योजनाओं का सही लाभ पाने में भी मदद करती है। इसलिए, अगर आपने अभी तक अपने राशन कार्ड की ई-केवाईसी नहीं कराई है, तो जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी कर लें। याद रखें, सही जानकारी और समय पर अपडेट किया गया राशन कार्ड आपको और आपके परिवार को लंबे समय तक लाभ पहुंचाएगा।

    ई-केवाईसी के फायदे

    ई-केवाईसी से आप अपने परिवार के सदस्यों का नाम आसानी से राशन कार्ड में जोड़ या हटा सकते हैं। इससे नए सदस्यों को भी तुरंत लाभ मिलना शुरू हो जाता है। यह प्रक्रिया पारदर्शिता लाती है और गलत जानकारी को रोकती है।

    आवश्यक दस्तावेज

    ई-केवाईसी करवाने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज चाहिए होते हैं। इनमें शामिल हैं:
    1. मुखिया और सभी सदस्यों का आधार कार्ड
    2. राशन कार्ड
    3. पैन कार्ड
    4. जाति और निवास प्रमाण पत्र
    5. आय प्रमाण पत्र
    6. पासपोर्ट साइज फोटो
    7. मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी

    दो तरीकों से कराई जा सकती है ई-केवाईसी

    1. जन सेवा केंद्र पर:
    – सभी दस्तावेजों के साथ जन सेवा केंद्र जाएं।
    – जोड़ने या हटाने वाले सदस्य की जानकारी दें।
    – केंद्र संचालक आपकी जानकारी अपडेट करेगा।
    – सभी सदस्यों की फिंगरप्रिंट लेकर ई-केवाईसी पूरी की जाएगी।

    2. राशन डीलर के पास:
    – राशन कार्ड लेकर उचित मूल्य की दुकान पर जाएं।
    – डीलर सभी सदस्यों की बायोमेट्रिक ई-केवाईसी करेगा।

    सावधानियां और सुझाव

    ई-केवाईसी कराते समय कुछ बातों का ध्यान रखें:
    1. सभी दस्तावेज साथ लेकर जाएं।
    2. सही और सटीक जानकारी दें।
    3. अगर कोई समस्या आए तो तुरंत संबंधित अधिकारी से संपर्क करें।
    4. ई-केवाईसी की पावती जरूर लें और उसे संभालकर रखें।

    राशन कार्डधारकों को आपूर्ति विभाग और खाद्य व रसद विभाग की तरफ से ई-केवाईसी करवाने की आखिरी तारीख 30 जून 2024 दी गई है। सभी राशन डीलर्स को इस तारीख तक ई-केवाईसी करवाने का लक्ष्य दिया गया है।

  • अभी और अधिकारियों के ट्रांसफर की तैयारी!

    08 आईपीएस अधिकारियों का तबादला, कई जिलों के डीएम भी बदले

    लखनऊ। लोक सभा चुनाव 2024 के बाद उत्तर प्रदेश में अफसरों के ट्रांसफर और पोस्टिंग की चर्चा शुरू हो गई थी. इसी बीच 08 आईपीएस और कई जिलों के डीएम बदल दिए गए हैं. सूत्रों का कहना है कि अभी और सूचियां निकाली जाएंगी! शासन स्तर पर तैयारियां चल रही हैं।

    अपर पुलिस महानिदेशक, कार्मिक द्वारा जारी सूची के अनुसार सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विपिन टाडा अब मेरठ, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  मुरादाबाद हेमराज मीना पुलिस अधीक्षक आजमगढ़, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली घुले सुशील चंद्रभान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ, पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ अनुराग आर्य अब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ रोहित सिंह सजवान अब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर, पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ सतपाल  अब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुरादाबाद, अनिल कुमार द्वितीय पुलिस अधीक्षक चंदौली अब प्रतापगढ़ और पुलिस अधीक्षक रेलवे आगरा आदित्य लांग्हे को चंदौली में तैनाती दी गई है।

    इसी प्रकार रवीश गुप्ता को डीएम बस्ती, नागेंद्र सिंह को डीएम बाँदा, अनुज कुमार को डीएम मुरादाबाद, राजेंद्र पैसिया को डीएम संभल, अजय द्विवेदी को डीएम श्रावस्ती की जिम्मेदारी सौंपी गई है. आईएएस मेधा रूपम कासगंज की डीएम बनाई गईं हैं. मानवेंद्र सिंह को विशेष सचिव आयुष जबकि बस्ती के डीएम आंद्रा वामसी को विशेष सचिव स्टाम्प एवं पंजीयन एवं एआईजी पंजीयन बनाया गया है.

  • नगरीय क्षेत्र व आसपास के गांवों का मानचित्र तैयार 

    एडीएम के सभी नियत प्राधिकारी व तहसीलदारों को प्रस्ताव भेजने के निर्देश

    अब बनेगा बिजनौर विकास प्राधिकरण, सर्वे शुरू

    बिजनौर। प्रशासन ने बिजनौर मुख्यालय समेत जिले के अन्य तहसील शहरों में भी विकास प्राधिकरण बनाने का खाका तैयार कर लिया है। मतलब ये कि लंबे समय से उठी आ रही विकास प्राधिकरण की मांग अब पूरी होने की उम्मीद जगी है। अब शहर में आम आदमी का अच्छा घर बनाने का सपना जल्द पूरा होगा। साथ ही आम आदमी की जेब पर कालोनाइजरों की मनमानी नहीं चलेगी।

    बताया जा रहा है कि जिला मुख्यालय के चारों ओर कालोनियां विकसित हो रही हैं। कालोनियों में बिक्री का कोई मानक नहीं है, यानि कालोनी काटने वाले अपनी मनमानी से प्लाट का मूल्य वसूल रहे हैं। अब ऐसा नहीं होगा। वजह, विकास प्राधिकरण का गठन होने जा रहा है। विकास प्राधिकरण के लिए मानचित्र तैयार हो गया है। एडीएम प्रशासन विनय कुमार सिंह ने जिला मुख्यालय समेत सभी तहसील के अधिकारियों को नगरीय क्षेत्र व आसपास के राजस्व ग्रामों को सम्मिलित करने को कहा। कहा कि प्रशासन दृष्टिकोण से प्रस्तावित नगरीय क्षेत्र तथा राजस्व ग्रामों की सूची सहित प्रस्ताव तैयार कर विनियमित क्षेत्र कार्यालय में जमा करें। अफसरों के अनुसार प्राधिकरण से प्राप्त राजस्व का उपयोग संबंधित क्षेत्रों के विकास में व्यय किया जाएगा। नक्शे स्वीकृत करने, भवन योजना आदि कार्य होंगे।

    विकास प्राधिकरण के लिए सर्वे का कार्य शुरू करा दिया है। इससे शहर के विकास को रफ्तार मिलेगी। प्राधिकरण से अच्छी कालोनियां विकसित होंगी और सड़कों का निर्माण होगा। – मनोज कुमार, एसडीएम सदर बिजनौर।

    बिजनौर विकास प्राधिकरण में विनियमित क्षेत्र बिजनौर की सीमा में आने वाले क्षेत्र के अतिरिक्त अन्य नगर निकायों व राजस्व ग्रामों को सम्मिलित किया जाएगा। सभी नियत प्राधिकारी, एसडीएम एवं तहसीलदारों को दो सप्ताह के अंदर सर्वे आदि कार्य कर प्रस्ताव देने के निर्देश दिए गए हैं।
    – विनय कुमार सिंह, एडीएम प्रशासन बिजनौर।

  • विज्ञान ने किया दुनिया का सबसे बड़ा कमाल

    अब “मरे हुए पूर्वजों से बात” करना संभव !

    क्या कभी आप सोच भी सकते हैं कि मरे हुए व्यक्तियों से बात करना संभव है, शायद नहीं…मगर अब विज्ञान और तकनीकि ने इसे भी संभव बना दिया है। अब कोई भी व्यक्ति अपने मर चुके पूर्वजों से वीडियो कॉलिंग पर बात कर सकेगा और उनका हालचाल जान सकेगा। हालांकि यह दावा आपको बेहद चौंकाने वाला लग सकता है। मगर एआइ की वजह से यह संभव है।

    कैनबरा (पीटीआई)। विज्ञान के विकास और तकनीकि के तजुर्बे ने अब वह भी संभव कर दिखाया है, जिसकी कल्पना तक कर पाना संभव नहीं था। क्या आप कभी सोच भी सकते थे कि सैकड़ों वर्ष पहले मर चुके अपने पूर्वजों से बात करना संभव है?….शायद नहीं। मगर वैज्ञानिकों ने अब इस असंभव को संभव कर दिया है। द कन्वरसेशन की रिपोर्ट के मुताबिक अब विज्ञान और तकनीकि के बल पर आप भी अपने मरे हुए पूर्वजों से आमने-सामने बैठकर बात कर सकते हैं। उन्हें अपनी बातें बता सकते हैं, उनका सारा हालचाल जान सकते हैं। पूर्वज आपके हर सवाल का जवाब भी देंगे और आपको जीवन में आगे बढ़ने के लिए मर चुका होने के बाद भी सामने से आकर आशीर्वाद देंगे। यह सुनकर ही आपके होश उड़ गए होंगे। मगर चौंकिये मत आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस (एआइ) और कुछ अन्य तकनीकियों की वजह से अब मरे हुए लोगों से बात करना संभव हो गया है। हालांकि यह सुनने में बेहद डरावना और जोखिम भरा लग सकता है, लेकिन अब विज्ञान ने दुनिया का सबसे बड़ा चमत्कार कर डाला है। वैज्ञानिकों का यह दावा भले ही आपको शायद एक आभासी वास्तविकता (वीआर) हेडसेट के माध्यम से  काल्पनिक फिल्म में कदम रखने जैसा लग रहा हो, जो रोमांचकारी भी है और थोड़ा डरावना भी। मगर डिजिटल दुनिया में अब ये संभव हो गया है।

    कैसे होगी पूर्वजों से वीडियो पर बात

    जैसे ही आप इस डिजिटल बातचीत शुरू करेंगे। आप खुद को एक भावनात्मक रोलरकोस्टर पर पाएंगे। फिर आप उन रहस्यों और कहानियों को उजागर करेंगे, जिन्हें आप कभी नहीं जानते थे, जिससे वास्तविक व्यक्ति को याद करने का आपका तरीका बदल जाता है। यह कोई दूर की बात या काल्पनिक परिदृश्य नहीं है। अब यह डिजिटल आफ्टरलाइफ़ उद्योग की वजह से संभव हो गया है, जो तेजी से विकसित हो रहा है। कई कंपनियां मृत व्यक्तियों के डिजिटल पदचिह्नों के आधार पर उनका आभासी पुनर्निर्माण करने का वादा करती हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) चैटबॉट और वर्चुअल अवतार से लेकर होलोग्राम तक, यह तकनीक आराम और व्यवधान का एक अजीब मिश्रण प्रदान करती है। यह हमें गहरे व्यक्तिगत अनुभवों में खींच सकता है जो अतीत और वर्तमान, स्मृति और वास्तविकता के बीच की रेखाओं को धुंधला कर देता है।

    डिजिटल आफ्टरलाइफ उद्योगों की आएगी बाढ़

    आपको अपने पूर्वजों से वीडियो कॉलिंग पर बात कराने के लिए अब डिजिटल आफ्टरलाइफ़ उद्योग बढ़ने लगा है, हालांकि यह कई महत्वपूर्ण नैतिक और भावनात्मक चुनौतियां खड़ी करता है। इनमें सहमति, गोपनीयता और जीवन पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव के बारे में चिंताएं भी शामिल हैं। डिजिटल आफ्टरलाइफ़ उद्योग क्या है? वीआर और एआई प्रौद्योगिकियां हमारे प्रियजनों के आभासी पुनर्निर्माण को संभव बना रही हैं। इस विशिष्ट उद्योग में कंपनियां डिजिटल व्यक्तित्व बनाने के लिए सोशल मीडिया पोस्ट, ईमेल, टेक्स्ट संदेश और वॉयस रिकॉर्डिंग से डेटा का उपयोग करती हैं जो जीवित लोगों के साथ बातचीत कर सकती हैं, हालाँकि यह अभी उतना व्यापक नहीं है। डिजिटल आफ्टरलाइफ़ उद्योग में ऐसे लोगों की संख्या बढ़ रही है। हेयरआफ्टर उपयोगकर्ताओं को उनके जीवनकाल के दौरान कहानियों और संदेशों को रिकॉर्ड करने की क्षमता देता है, जिसे बाद में उनके प्रियजनों द्वारा मरणोपरांत एक्सेस किया जा सकता है।

    मौत के बाद भी पूर्वजों का आएगा संदेश

    यह बात और अधिक कौतूहल पैदा करने वाली है और हैरान करने वाली भी…कि मरने के बाद क्या कोई व्यक्ति आपको मोबाइल पर संदेश भेज सकता है? आपको फिलहाल भरोसा तो नहीं होगा, मगर अब इसका उत्तर हां हो सकता है। दरअसल माईविशिज जीवित लोगों के जीवन में उपस्थिति बनाए रखते हुए मौत के बाद पूर्व-निर्धारित संदेश भेजने की क्षमता प्रदान करता है। हैनसन रोबोटिक्स ने रोबोटिक बस्ट बनाए हैं जो मृतक की यादों और व्यक्तित्व लक्षणों का उपयोग करके लोगों के साथ संवाद करते हैं। प्रोजेक्ट दिसंबर उपयोगकर्ताओं को उन लोगों के साथ पाठ-आधारित बातचीत में संलग्न होने के लिए तथाकथित “डीप एआई” तक पहुंच प्रदान करता है, जिनकी मौत हो चुकी है। जनरेटिव एआई डिजिटल आफ्टरलाइफ़ उद्योग में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ये प्रौद्योगिकियाँ अत्यधिक यथार्थवादी और इंटरैक्टिव डिजिटल व्यक्तित्व के निर्माण को सक्षम बनाती हैं।

    सुविधा के साथ खतरे भी अधिक

    यह तकनीकि सुविधा के साथ खतरे भी लेकर आई है। यथार्थवाद का उच्च स्तर वास्तविकता और अनुकरण के बीच की रेखा को धुंधला कर सकता है। यह उपयोगकर्ता के अनुभव को बढ़ा सकता है, लेकिन भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक संकट भी पैदा कर सकता है। डिजिटल आफ्टरलाइफ़ प्रौद्योगिकियाँ मृतक के साथ निरंतरता और संबंध प्रदान करके शोक प्रक्रिया में सहायता कर सकती हैं। किसी प्रियजन की आवाज़ सुनने या उनकी समानता देखने से आराम मिल सकता है और नुकसान से उबरने में मदद मिल सकती है। हममें से कुछ के लिए, ये डिजिटल अमर चिकित्सीय उपकरण हो सकते हैं। वे हमें सकारात्मक यादों को संरक्षित करने और प्रियजनों के निधन के बाद भी उनके करीब महसूस करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन दूसरों के लिए, भावनात्मक प्रभाव गहरा नकारात्मक हो सकता है, जो दु:ख को कम करने के बजाय और बढ़ा सकता है। यदि प्रियजनों के साथ अवांछित बातचीत होती है तो प्रियजनों को मनोवैज्ञानिक नुकसान होने की संभावना होती है। यह अनिवार्य रूप से “डिजिटल खौफ” का कारण बन सकता है।

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद की गहन समीक्षा

    उत्तर प्रदेश में सभी परिवारों की बनेगी यूनिक आईडी

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सभी परिवारों की यूनिक आईडी बनाई जाएगी। यूनिक आईडी को ‘परिवार आईडी’ का नाम दिया गया है।

    बेहद खास है नई पहल

    उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में रहने वाले सभी परिवारों की परिवार आईडी यानी की परिवार पहचान पत्र बनवाएगी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश सरकार की इस पहल की खुद गहन समीक्षा की है। समीक्षा के बाद सीएम योगी ने प्रदेश के अधिकारियों को खास निर्देश भी जारी किए।

    उत्तर प्रदेश सरकार की परिवार आईडी योजना

    उत्तर प्रदेश में “एक परिवार एक पहचान” योजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश में प्रत्येक परिवार को एक विशिष्ट नंबर जारी किया जा रहा है, जिससे राज्य के परिवारों का एक व्यापक डेटाबेस बनेगा। इससे लाभार्थियों के लिए योजनाओं के बेहतर प्रबंधन, पारदर्शी संचालन और योजना का शत-प्रतिशत लाभ मिलेगा। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में रहने वाले लगभग 3.60 करोड़ परिवार के 15.07 करोड़ लोग राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ ले रहे हैं। इन परिवारों की राशनकार्ड संख्या ही फैमिली आईडी है, जबकि 01 लाख से अधिक गैर राशन कार्ड धारकों को फैमिली आईडी कार्ड जारी किया जा चुका है। ऐसे परिवार जो कि राशन कार्ड धारक नहीं है, उनके लिए familyid.up.gov. in पर पंजीयन कर परिवार आईडी प्राप्त करने की व्यवस्था बनाई गई है। इस योजना का ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि राज्य में कोई भी परिवार इससे वंचित न रहे।

    उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार संचालित 76 योजनाओं/सेवाओं को फैमिली आईडी से लिंक किया जा चुका है और बाकी बची योजनाओं को परिवार आईडी से आगे जोड़ा जाएगा। केन्द्र सरकार के सहयोग से संचालित समस्त योजनाओं का डेटाबेस प्राप्त कर उसे परिवार कल्याण पासबुक और फैमिली आईडी से लिंक कर दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने यह भी फैसला लिया है कि सरकार की सभी योजनाओं के लाभार्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन में आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा। उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के समय आधार ऑथेंटिकेशन कराना होगा और इसे भी फैमिली आईडी से जोड़ा जाएगा। 

    • आवेदक को (familyid.up.gov.in) पर लॉगइन करना होगा।
    • मुख्य पेज पर रजिस्ट्रेशन टैब पर क्लिक करने पर पेज खुलेगा जिस पर आपको नाम और आधार मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी बटन पर क्लिक करना होगा।
    • पंजीकरण के बाद पेज पर नीचे की ओर दिए गए साइन इन पर क्लिक करना होगा।
    • साइन इन करते ही एक पेज खुलेगा जिसमें मोबाइल नंबर डालकर फिर से सेंड ओटीपी पर क्लिक करना होगा।
    • इसके बाद आवेदन का फार्म एसडीएम और बीडीओ स्तर पर जांच के लिए पहुंच जाएगा। जांच के बाद फैमिली आईडी जारी कर दी जाएगी।
  • स्वाति शर्मा को मिली महिला थाना बिजनौर की कमान

    अब महिला थाना संभालेंगी लेडी सिंघम

    बिजनौर। एंटी रोमियो अभियान में सड़क छाप मजनूओं की धूल उतारने वाली लेडी सिंघम स्वाति शर्मा को महिला थाने की कमान मिली है। एसपी ने उन्हें महिला थाना बिजनौर का प्रभारी बनाया है।

    महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए स्थापित किए गए महिला थानों पर पुलिस अधिकारियों का विशेष ध्यान रहता है। शासन क मंशानुसार महिलाओं को त्वरित न्याय मिल सके, इसके लिए महिला थानों की कमान चुस्त दुरुस्त और साहसी पुलिस अफसर के हाथ में दी जाती है। इसी के चलते पुलिस अधीक्षक ने महिला थाना बिजनौर की प्रभारी पद पर फेरबदल की है। उन्होंने स्वाति शर्मा को महिला थाना का प्रभारी बनाया है।

    वर्तमान में स्वाति शर्मा वन स्टॉप सेंटर की कमान थामे हुए हैं। इससे पहले वह एंटी रोमियो स्क्वाड में रहते हुए महिलाओं को परेशान करने वाले सड़क छाप मजनूओं की धूल उतार चुकी हैं। उनके नेतृत्व में एंटी रोमियो टीम इतनी सक्रिय थी कि स्कूल, कालेज तथा बाजारों में लड़कियों व महिलाओं पर छींटाकशी करने वाले सड़क छाप मजनू लगभग गायब से हो गए थे। उन्होंने सड़क छाप मजनू को सबक सिखाकर उन्हें वर्दी की ताकत का अहसास कराया था, इस कारण उन्हें लेडी सिंघम कहा जाने लगा था। अब स्वाति शर्मा को महिला थाना बिजनौर की कमान मिलने से उम्मीद जताई जा रही जा रही है कि थाने में आने वाली महिलाओं को त्वरित न्याय मिलेगा तथा उन्हें पुलिस की छत्रछाया दी जाएगी।

  • पहले मझोले फिर छोटे अखबारों को मारेगी सरकार!

    छोटे और मझोले अखबारों को खत्म करने की तैयारी लखनऊ तीसरा (विकल्प न्यूज़- ब्यूरो) – भारत सरकार ने एक सोची समझी रणनीति के तहत एक नई पालिसी को तैयार किया है। लोकसभा चुनाव से पहले इस पालिसी को इसलिए लागू नहीं किया गया क्योंकि सरकार को इसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ सकते थे। अगर ये पालिसी चुनाव से पहले लागू की जाती तो ज़मीन पर काम करने वाले अखबार मालिक सरकार को उसकी ज़मीन दिखा देते। हो सकता है कि सत्ता परिवर्तन भी हो जाता। इस पालिसी के लागू होने के बाद देश में सिर्फ 2 प्रतिशत अखबार ही जीवित रहेंगे। छोटे अखबार, जिनकी प्रसार संख्या 25000 से कम होगी उन्हें कोई विज्ञापन नहीं मिलेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि 98 प्रतिशत अखबार इसी केटेगरी में आ जाएँगे। सरकार एक रणनीति के तहत पहले मझोले अखबारों को मारेगी। फिर नीचे वालों को। छोटे अखबारों की हैसियत से सरकार बखूबी वाकिफ़ है। वह जानती है कि ये कभी एक नहीं हो सकते। रही बार मीडिया ऑर्गेनाइजेशनों की तो वह पहले से ही निष्क्रिय है। सब अपनी अपनी राजनीति चमकाने में व्यस्त है। भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित इस पालिसी में एक से एक नये नये बिंदु डाले गये हैं कि कहीं से भी कोई

    लखनऊ (तीसरा विकल्प न्यूज़- ब्यूरो) – भारत सरकार ने एक सोची समझी रणनीति के तहत एक नई पालिसी को तैयार किया है। लोकसभा चुनाव से पहले इस पालिसी को इसलिए लागू नहीं किया गया क्योंकि सरकार को इसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ सकते थे। अगर ये पालिसी चुनाव से पहले लागू की जाती तो ज़मीन पर काम करने वाले अखबार मालिक सरकार को उसकी ज़मीन दिखा देते। हो सकता है कि सत्ता परिवर्तन भी हो जाता। इस पालिसी के लागू होने के बाद देश में सिर्फ 2 प्रतिशत अखबार ही जीवित रहेंगे। छोटे अखबार, जिनकी प्रसार संख्या 25000 से कम होगी उन्हें कोई विज्ञापन नहीं मिलेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि 98 प्रतिशत अखबार इसी केटेगरी में आ जाएँगे।

    सरकार एक रणनीति के तहत पहले मझोले अखबारों को मारेगी। फिर नीचे वालों को। छोटे अखबारों की हैसियत से सरकार बखूबी वाकिफ़ है। वह जानती है कि ये कभी एक नहीं हो सकते। रही बार मीडिया ऑर्गेनाइजेशनों की तो, वह पहले से ही निष्क्रिय हैं। सब अपनी अपनी राजनीति चमकाने में व्यस्त है। भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित इस पालिसी में एक से एक नये नये बिंदु डाले गये हैं कि कहीं से भी कोई निकल ना पाए। मिसाल के तौर पर सर्कुलेशन वेरिफिकेशन के लिये अपनी स्वयं की प्रेस होने के अलावा अब कोई विकल्प नहीं रहेगा प्लेस ऑफ पब्लिकेशन अगर एक वर्ष के बीच में बदला गया है तो आप अपने अखबार की वेरिफिकेशन नहीं करा सकते अख़बार वितरण से होने वाली आय 24-48 घंटों के भीतर बैंक खाते में जमा की जानी चाहिए अब से सिर्फ डेस्क ऑडिट होगा। अब से आप अखबार छापो या मत छापो। सिर्फ कागज पूरे करके डिपार्टमेंट में जमा कर दो। फिजिकल वेरफिकेशन नहीं की जाएगी। मशीन रूम रिटर्न का प्रारूप प्रस्तावित आर. ऐन. आई. के हिसाब से ही होना चाहिए। मिनट दर मिनट रिपोर्ट करना होगा। कब प्लेट लगाई, कब मशीन का बटन दबाया, कब पेपर फटा, कितनी स्पीड पर मशीन चली, मशीन पर 8 घंटे में कितने अख़बार छपते हैं। मशीन का मेक और मॉडल कौन सा है। रील का वज़न कितना है, उसमें से पेपर कितना निकला, गत्ता कितना निकला, वेस्टेज कितनी हुई। हर चीज़ का वजन आर. ऐन. आई. द्वारा प्रस्तावित प्रारूप में भरना होगा प्रिंटिंग प्रेस में काग़ज़ का स्टॉक कितना है। उसे रील टू रील, प्रति ग्राम के हिसाब से लिखना होगा।

    कुल मिलाकर 4 कर्मचारी प्रेस वाला इसी में लगाएगा कि वह हर डिटेल भरे। हर चीज़ का वजन करे। उसे एम.आर.आर. मैकेनिक रूम रिटर्न में अंकित करे। अगर आपकी स्वयं प्रेस नहीं है तो मान के चलिए आप इस प्रक्रिया को पूरा करना तो दूर, इस प्रक्रिया से गुज़र भी नहीं पायेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रिंटिंग प्रेस वाले के पास आर. ऐन. आई. द्वारा एक पत्र भेजा जाएगा, जिसमें छपाई से जुड़ा प्रारूप होगा। इसमें छपाई के जीएसटी बिल, प्रिंटिंग शेड्यूल, मशीन की क्षमता, प्रेस का मासिक बिजली बिल अथवा जनरेटर और डीजल बिल, प्रेस पर छपने वाले सभी अखबारों के नाम, उनकी प्रसार संख्या, काग़ज़ पार्टी द्वारा उपलब्ध करवाया गया है या प्रेस द्वारा, काग़ज़ के बिल, पूरे महीने में इस्तेमाल की जाने वाली इंक (शाई) की कुल खपत के अलावा कई और पैरामीटर शामिल किए गए हैं और ये सारी जानकारी एक प्रेस वाले को बाकायदा एफिडेविट पर देनी होगी। अब आप स्वयं हो सोच लीजिए कि कितने प्रिंटर इसके लिए राजी होंगे? ये तो भारत सरकार की प्रस्तावित पालिसी के कुछ अंश भर है। एक बार आप स्वयं बढ़ लें। हम सभी लोग समाचार पत्रों – के व्यवसाय से लगभग 30-40 सालों से जुड़े हुए हैं। यकीन मानिए की अगर ये पालिसी लागू हो गई तो देश में सिर्फ 2 प्रतिशत ही अख़बार बचेंगे। वह भी सिर्फ हिंदुस्तान टाइम्स या टाइम्स ऑफ़ इंडिया जैसे। ये पूरी इंडस्ट्री खत्म हो जाएगी। कुछ लोग अगर ये सोच रहे हैं कि हम तो अपने अखबार स्मॉल केटेगरी में रख लेंगे। तो आप ये मत भूलिए कि पालिसी कभी किसी एक व्यक्ति या संस्था विशेष के लिए नहीं बनती। ये एक सोची समझी रणनीति के तहत लोकतंत्र को खत्म करने की ओर बढ़ाया गया एक और कदम है। एक पुरानी कहावत है कि बकरा कब तक खैर मनाएगा। इसके अलावा गौर करने योग्य पहलू कौन सा प्रिंटर आपका अखबार छापने को तैयार होगा? न्यूज़पेपर इंडस्ट्री से लाखों लोग रातों रात सड़क पर आ जाएंगे पीआईबी डीआईपी कार्ड सहित पत्रकारों को मिलने वाली सभी सुविधाएं समाप्त हो जायेंगी देश भर के प्रेस क्लब सहित पत्रकारों के हितों के लिए बनी संस्थाएँ, एडिटर्स एसोसिएशन इत्यादि अपने आप ही समाप्त हो जायेगी। अभी आर. ऐन. आई. की एनुअल रिटर्न ही नहीं भरी जा पा रही। इसके लिए हर पब्लिशर धक्के खा रहा है। इसके साथ ही सरकार एक और कुठाराघात करने की तैयारी कर चुकी है। सिर्फ ऊपर के आकाओं से निर्देश मिलने का इंतज़ार है। सरकार अखबार के काग़ज़ की खपत के बिल माँगे, इंक के बिल माँगे। ये सब समझ में आता है लेकिन इतनी सारी फ़ॉर्मेलिटीज लगाना असल में अखबार वालों का मनोबल तोड़ने का उद्देश्य है। ज़्यादातर अखबार वाले इतनी सारी काग़ज़ी कार्यवाही से ही डरकर हथियार डाल देंगे। यही सरकार चाहती है। बहरहाल, अगर इस पालिसी को लागू होने से नहीं रोका गया तो अखबारों को इतिहास का हिस्सा बनते देर नहीं लगेगी।

  • उन्नाव जिले की बीघापुर सर्किल में पोस्टेड डिप्टी एसपी कृपाशंकर कन्नौजिया को डिमोट किया गया है। कानपुर के होटल में महिला सिपाही संग रंगरेलियां मनाते पकड़े जाने के बाद विभागीय कार्रवाई के तहत उन्हें प्रथम पद कांस्टेबल पर वापस भेजा गया। गोरखपुर PAC में बतौर कांस्टेबल नई पोस्टिंग मिली है।

    आशिकी के चक्कर में फिर सिपाही बना दिए गए CO साहब

    उन्नाव के बीघापुर सर्किल में पोस्टेड थे डीएसपी कृपाशंकर
    सहयोगी महिला सिपाही के साथ उनका इश्क परवान चढ़ा
    कानपुर के होटल में पकड़े गए तो पुलिस विभाग का ऐक्शन
    गोरखपुर पीएसी में बतौर प्रथम कांस्टेबल वापस भेजा गया।

    लखनऊ/उन्नाव (अंकुर तिवारी): छुट्टी लेकर कानपुर में महिला सिपाही के साथ आशिक मिजाजी एक साहब को इस कदर भारी पड़ेगी उन्होंने सोचा न था। रंगरेलियां मनाते हुए रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद हुई विभागीय जांच के नतीजे ने उन्हें साहब से सीधे सिपाही बना दिया। साहब गोरखपुर स्थित पीएसी की जिस 26वीं वाहिनी में डिप्टी कमांडेंट के पद पर तैनात थे। अब वहीं उनकी ड्यूटी सिपाही के रूप में वाहिनी व्यवस्था में लगा दी गई है।

    घर में काम बताकर ली छुट्टी लेकिन घर नहीं पहुंचे

    बात जुलाई 2021 की है। साहब से सिपाही बने डिप्टी एसपी कृपाशंकर कन्नौजिया उस दौरान उन्नाव जिले की बीघापुर सर्किल में तैनात थे। सहयोगी महिला सिपाही के साथ उनका इश्क परवान चढ़ा। इश्क में डूबे सीओ साहब ने घर में जरूरी काम बताकर छह जुलाई को अपने कप्तान से छुट्टी ली, लेकिन घर नहीं पहुंचे। घरवालों ने उनके फोन पर संपर्क किया लेकिन बात नहीं हो पाई। घबराई पत्नी ने अनहोनी की आशंका जताते हुए उन्नाव के एसपी से संपर्क किया। डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारी की गुमशुदगी की सूचना ने साहब को चिंता में डाल दिया। उनकी तलाश के लिए जिले की सर्विलांस टीम के साथ अन्य पुलिस टीमों को लगा दिया गया।

    कानपुर में मिली थी लोकेशन

    सर्विलांस टीम ने पड़ताल शुरू की तो पता चला कि उनकी आखिरी लोकेशन कानपुर के माल रोड में आई है। सर्विलांस टीम सीओ को तलाशते हुए माल रोड के एक होटल में पहुंची। वहां उनकी फोटो दिखाकर मैनेजर से पूछा कि क्या ये यहां आए थे। मैनेजर ने बताया कि साहब किसी महिला के साथ होटल के कमरे में ही रुके हुए हैं। टीम ने सीओ साहब से संपर्क कर कहा कि घरवाले परेशान हैं वह पत्नी से बात कर लें।

    डीजीपी मुख्यालय ने लिया ऐक्शन

    सीओ ने पत्नी को वीडियो कॉल करके बताया कि वह किसी शादी समारोह में शामिल होने के लिए कानपुर आए हैं, लेकिन सीओ साहब की पूरी पोल पट्टी खुल गई। डीजीपी मुख्यालय ने सीओ को निलंबित करते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद उन्हें डिमोट करके उनके मूल पद पर भेज दिया गया है।

    लेखक के बारे में
    ऐश्वर्य कुमार राय
    ऐश्वर्य कुमार राय नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में बतौर प्रिंसिपल डिजिटल कॉन्टेंट प्रड्यूसर कार्यरत। गृहनगर पूर्वी उत्तर प्रदेश का गोरखपुर, जहां जन्म से लेकर स्कूल तक शिक्षा-दीक्षा हुई। ग्रैजुएशन दिल्ली यूनिवर्सिटी से करने के बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पत्रकारिता में पीजी-डिप्लोमा की पढ़ाई। पेशेवर सफर देश की एकमात्र त्रिभाषीय एजेंसी UNI-वार्ता से शुरू हुआ। फिर NBT के साथ आगे की यात्रा। दिल्ली और लखनऊ कर्मभूमि। यात्रा, सिनेमा, दर्शन, इतिहास में दिलचस्पी।

  • शहर अध्यक्ष ने किया फल वितरण व पौधारोपण

    जिलाध्यक्ष ने केक काटकर मनाया राहुल गांधी जन्मदिवस

    दो गुटों में बंटी कांग्रेस ने अलग-अलग तरीके से मनाया राहुल गांधी का जन्मदिन

    उरई (जालौन)। कांग्रेस जिलाध्यक्ष धीरेन्द्र शुक्ला व शहर कांग्रेस अध्यक्ष रेहान सिद्दीकी के बीच गुटबाजी आएदिन सामने दिखाई देने लगी है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष कोई कार्यक्रम करते हैं तो शहर अध्यक्ष शामिल नहीं होते! अगर शहर अध्यक्ष रेहान सिद्दीकी कोई कार्यक्रम करते हैं तो जिलाध्यक्ष व उनकी टीम शामिल नहीं होती।

    अभी पश्चिम बंगाल के ट्रेन हादसे में हुई मौत पर मृतकों को श्रृद्धांजलि देने के लिए जिलाध्यक्ष धीरेन्द्र शुक्ला ने अपनी टीम के साथ  कैंडिल मार्च निकाला था। उसके दूसरे दिन शहर कांग्रेस अध्यक्ष रेहान सिद्दीकी ने अपनी टीम के साथ श्रृद्धांजलि देने को कैंडिल मार्च निकाला। बुधवार को प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद राहुल गांधी का जन्मदिन मनाया जाना सुनिश्चित किया गया था। दोनों गुटों के कांग्रेसजनों ने अपने-अपने तरीके से राहुल गांधी का जन्मदिन मनाया। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष धीरेंद्र शुक्ला ने शहीद भवन रामनगर जिला कार्यालय में अपनी टीम के साथ केक काटकर राहुल गांधी का जन्मदिन मनाया, तो वहीं दूसरी ओर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रेहान सिद्दीकी ने अपनी टीम के साथ पौधारोपण एवं अस्पताल में मरीजों को फल वितरण कर मनाया राहुल गांधी का जन्मदिन। सूत्रों का कहना है कि दो गुटों में बंटी कांग्रेस से संगठन की भी हालत पतली होती जा रही है और जो लोग कांग्रेस से जुड़ना भी चाहते हैं तो वह भी गुटबाजी को देखकर छिटकते दिखाई देने लगे हैं। वैसे तो जनपद जालौन में कांग्रेस पार्टी का संगठन धरातल पर ही नजर आ रहा है और जो रहा सहा है उसे आपस की गुटबाजी निपटाए दे रही है!

    जय कांग्रेस विजय कांग्रेस

    सैय्यद फिराक रिजवी ने फेसबुक पर कमेंट किया कि भाई जब शहर और जिले की कार्यकारणी अलग अलग है तो अपने अपने स्तर से दोनों काम कर रहे हैं। इसमें काँग्रेस कमज़ोर कहाँ से हुई? जिला अध्यक्ष ने शहीद भवन में राहुल जी का जन्मदिन केक काट के मनाया। शहर अध्यक्ष ने पौधे और पेड़ लगा कर मरीज़ों को फल वितरण करके।… ये तो अच्छी बात हुई। दोनों ही काँग्रेस के सच्चे सिपाही हैं। हमें काँग्रेस को जिले में मज़बूत करना है। इसको गुटबाज़ी नाम न दो दाऊ साहब जय कांग्रेस विजय कांग्रेस।

    जबकि राजीव मिश्रा ने फेसबुक पर कमेंट किया कि जब शहर और जिला अलग-अलग संगठन है अपने – अपने कार्यक्रम तो करना ही चाहिए। तभी दोनों की ताकत का एहसास होता है। इसलिए अलग-अलग कार्यक्रम करना कमजोरी नहीं; जय कांग्रेस विजय कांग्रेस।

  • कला कुटुम्ब फाउंडेशन जयपुर का 28 वा इंटरनेशनल इंस्पायर्ड ऑनलाइन आर्ट कम्पटीशन- 2024

    इंटरनेशनल अवार्ड से नवाजी गई बिजनौर की कृतिका चौहान

    बिजनौर। चित्रकार श्रीमती कृतिका चौहान को चित्रकला के क्षेत्र में इंटरनेशनल चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लेकर शानदार पेंटिंग बनाने पर प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया है।इस बात को लेकर उनके परिजनों में हर्ष व्याप्त हैं।

    डॉ. केएस चौहान की सुपुत्री व पुलकित शर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती कृतिका चौहान चित्रकला की एक होनहार चित्रकार हैं। गत दिनों उन्होंने कला कुटुम्ब फाउंडेशन जयपुर द्वारा आयोजित 28 वें इंटरनेशनल इंस्पायर्ड ऑनलाइन आर्ट कम्पटीशन- 2024 में भाग लिया। इसमें उनके अलावा दुनिया भर के हजारों चित्रकारों ने भी भाग लिया था।

    प्रतियोगिता में कृतिका चौहान को आदिवासी जनजीवन विषय पर पेंटिंग बनानी थी। उनके द्वारा वर्किंग वूमेंन विद हर चाइल्ड इन ट्रीबल एरिया की शानदार पेंटिंग बनाने के लिए उन्हें फाउंडेशन द्वारा प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया।

    फाउंडेशन द्वारा उनको एक सर्टिफिकेट और ट्रॉफी प्रदान की गई हैं। इससे उनके परिवार में खुशी का माहौल है। कृतिका चौहान इससे पूर्व भी चित्रकला के क्षेत्र में कई नामचीन नेशनल व इंटरनेशनल अवार्ड प्राप्त कर चुकी हैं।

  • सख्त एसपी की बेहद कड़ी कार्रवाई

    अब रेड लेबल दारू मांगने में नापे गए दरोगा जी

    बिजनौर। काम के बदले भाजपा नेता से महंगी शराब की बोतलें मांगने के मामले में कस्बा प्रभारी नाप दिए गए हैं। दरअसल मामले का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस जैसे अनुशासित विभाग की फजीहत होते देखना एसपी नीरज कुमार जादौन को गवारा न हुआ। उन्होंने दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया।

    दिनांक 19 जून 2024 को सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ। इसमें थाना मण्डावर पर नियुक्त सब इंस्पेक्टर धर्मेन्द्र गिरि द्वारा फोन कॉल पर वार्ता करते हुए दूसरे व्यक्ति से अनुचित मांग की जा रही है। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने वायरल ऑडियो का तत्काल संज्ञान लेकर एसआई धर्मेन्द्र गिरि को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी (अपराध) को 02 दिवस में जांच पूर्ण कर आख्या प्रेषित जांच प्रेषित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के साथ पुलिस अधीक्षक द्वारा जनपद के समस्त पुलिस अधिकारी/कर्मचारीगणों को निर्देशित किया गया है कि कोई भी पुलिसकर्मी ऐसा कोई कृत्य न करें, जिससे पुलिस जैसे अनुशासित विभाग की छवि धूमिल हो अन्यथा सम्बन्धित के विरुद्ध कड़ी दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।

    कस्बा प्रभारी से भाजपा नेता की उक्त बातचीत पिछले साल नवंबर की बताई जा रही है। दरोगा धर्मेंद्र गिरी ने फोन पर बीजेपी नेता मोहम्मद अजमल उमर से रेड लेबल शराब की दो बोतल की मांग की थी। जब दरोगा उम्मीद पर खरे नहीं उतरे तो ऑडियो को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर वायरल कर दिया गया। गौरतलब है कि दो दिन पूर्व ही एसपी ने चांदपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बास्टा पुलिस चौकी पर तैनात दो सिपाहियों हिमांशु भड़ाना व हेमंत को एक व्यक्ति के साथ मारपीट के मामले में एसपी ने निलंबित कर दिया था।

  • जांच जारी होने के बावजूद पीड़ित ने सोशल मीडिया पर रोया दुखड़ा

    एसएसपी ने किया निलंबित, अब सीओ पर लटकी कार्रवाई की तलवार

    सीओ ने हेड कांस्टेबल से मांगा एसी और होम थियेटर !

    बरेली। सीओ लाइन पर एसी लगवाने का आरोप लगाने वाले हेड कांस्टेबल को एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने निलंबित कर दिया है। वहीं सीओ लाइन पर कार्रवाई लगभग तय है!

    जानकारी के अनुसार बरेली में मुख्य आरक्षी (हेड कांस्टेबल) धर्मेंद्र कुमार ने सीओ लाइन प्रियतोष त्रिपाठी पर एसी व होम थिएटर लगवाने का आरोप लगाया था! एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान के आदेश पर मई में जांच शुरू हुई। इस मामले में तीन दिन पहले हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार की शिकायत सोशल मीडिया पर वायरल हुई! इसकी जांच एसएसपी ने एसपी दक्षिणी मानुष पारीक को सौंप दी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर धर्मेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया। एसएसपी ने कहा कि भ्रष्टाचार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसलिए अब सीओ लाइन पर शिकंजा कसना लगभग तय माना जा रहा है।

    विभाग की छवि हुई धूमिल

    धर्मेंद्र ने खरीदारी कराने के दौरान इसकी शिकायत न तो आरआई से की और न किसी अन्य अधिकारी से। जब उसे पद से हटा दिया गया तो उसने शिकायतें कीं। इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि शिकायत पर जब उच्च स्तरीय अधिकारी जांच कर रहे थे तो इसे सोशल मीडिया पर डालकर अनावश्यक तूल दिया गया। इससे विभाग की छवि धूमिल हुई।

    फ्री में ले चुके हैं फ्रीज और डिश का कनेक्शन

    मामले को कदाचार की श्रेणी में माना गया है, क्योंकि संभव है कि यदि उसे पद से न हटाया जाता तो यह शिकायत कभी नहीं की जाती। पुलिस लाइन के मुख्य आरक्षी धमेंद्र कुमार ने आरोप लगाया था कि उसने आरआई के मौखिक निर्देश पर सीओ के सरकारी आवास में एसी लगवाया। जब वह एसी के अनुमति पत्र पर हस्ताक्षर कराने गया तो सीओ ने कहा कि इसे एडजस्ट करो। यह भी आरोप है कि इससे पहले सीओ फ्रीज और डिश का कनेक्शन भी ले चुके हैं, जिसका भुगतान नहीं किया गया। अब वह 46 हजार रुपए के होम थियेटर की मांग कर रहे थे। जब उसने मना किया तो सीओ ने उसे स्टोर इंचार्ज के पद से हटा दिया।

  • नई व्यवस्था लागू, पीडीएस डीलर्स की धांधली रोकने को कवायद

    अब 01 दिन में सिर्फ 03 लोगों को मिलेगा राशन

    पहले फिंगर प्रिंट और फिर ओटीपी के माध्यम से ही राशन मिलता था, लेकिन कई बार पोश मशीन में फिंगर प्रिंट नहीं लगने से कई राशन कार्ड धारक राशन से वंचित रह जाते थे. इसके बाद विभाग ने आंखों की पुतली स्कैन कर राशन देने का नया तरीका निकाला.

    जयपुर (एजेंसी)। खाद्य सुरक्षा योजना में गड़बड़ी रोकने के लिए सरकार ने ओटीपी योजना शुरू की थी, लेकिन इसमें भी गड़बड़ी होती रही तो इसमें फिर बदलाव किया गया है. अब डीलर एक दिन में केवल तीन ही लाभार्थियों को राशन दे सकेगा. इनके बीच; यानि राशन देने के बीच 30 मिनट से ज्यादा का समय होना जरूरी है. इसके अलावा फिंगर प्रिंट और आइज़ स्कैन की प्रक्रिया पहले की तरह ही रहेगी.

    फिंगर प्रिंट नहीं तो ओटीपी

    राशन कार्ड धारकों को पोश मशीन के आधार पर राशन दिया जाता है, लेकिन कई बार लाभार्थी के हाथ की रेखाएं घिसने या स्किन संबंधी कोई परेशानी होने पर मशीन उसका फिंगर प्रिंट नहीं ले पाती. ऐसे में लाभार्थी के परिवार के किसी सदस्य के हाथों के निशान या रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजकर उसे कन्फर्म करके राशन दिया जाता है.

    बाजार में बेचते हैं राशन

    जनाधार या आधार कार्ड से जुड़े फोन नंबर पर ओटीपी भेजकर राशन डीलर गड़बड़ी कर रहे हैं. ऐसी शिकायतें विभाग को लगातार मिल रही हैं कि जो उपभोक्ता राशन का गेहूं नहीं उठाते डीलर उनके फोन नंबर पर ओटीपी भेजते हैं। फिर उसे कन्फर्म कर उनके हिस्से का बाजार में बेच रहे हैं. ये धांधली रोकने के लिए विभाग ने फिलहाल प्रायोगिक तौर पर एक दिन में सिर्फ तीन ओटीपी भेजकर राशन देने का फैसला किया है.

    OTP के बाद आइज़ स्कैन

    पहले फिंगर प्रिंट और फिर ओटीपी के माध्यम से ही राशन मिलता था, लेकिन कई बार पोश मशीन में फिंगर प्रिंट नहीं लगने से कई राशन कार्ड धारक राशन से वंचित रह जाते थे. इसके बाद विभाग ने आंखों की पुतली स्कैन कर राशन देने का नया तरीका निकाला, जो अब लागू है. अब लाभार्थियों के लिए विंग मशीन विद आइज़ स्कैनर भी मुहैया कराई गई है. इससे लाभार्थी की आंख की पुतली को स्कैन कर जानकारी कन्फर्म की जा सकती है.

  • राम नाम का 1008 बार जप के साथ ही भगवान विष्णु के मंत्र ‘ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय नमः’ का भी जप

    निर्जला एकादशी और बड़ा मंगल के दुर्लभ संयोग में करें ये कार्य

    निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु और बड़ा मंगल के दिन भगवान विष्णु के अवतार श्री राम के परम भक्त हनुमान जी की पूजा की जाती है। ऐसे में निर्जला एकादशी और बड़ा मंगल का एक ही दिन होना बेहद दुर्लभ संयोग माना जा रहा है। साल 2024 में ये दुर्लभ संयोग 18 जून को बन रहा है। इस दिन निर्जला एकादशी व्रत भी है और बड़ा मंगल भी। ऐसे में इस दिन कुछ कार्य आपको जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिला सकते हैं।

    भगवान विष्णु की पूजा के बाद ही हनुमान चालीसा का पाठ

    निर्जला एकादशी का व्रत रखने वालों को इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ भी अवश्य करना चाहिए। ध्यान रखें कि भगवान विष्णु की पूजा समाप्त करने के बाद ही हनुमान चालीसा का पाठ करें। हनुमान जी विष्णु भगवान के अवतार राम जी के भक्त हैं, ऐसे में वो विष्णु जी के भी भक्त हुए और भगवान से पहले भक्त की पूजा करना धार्मिक रूप से शुभ नहीं माना जाता।
    बड़ा मंगल के दिन हनुमान जी की पूजा का तो लाभ मिलता ही है, लेकिन बड़ा मंगल के साथ ही अगर एकादशी तिथि भी आ जाए तो इस दिन राम जी की पूजा भी करनी चाहिए। अगर आप इस दिन किसी हनुमान मंदिर में जाकर, लाल रंग के आसन पर बैठें और राम नाम का 1008 बार जप करें तो जीवन की सभी समस्याओं का अंत हो सकता है। राम नाम के जप के साथ ही भगवान विष्णु के मंत्र ‘ ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय नमः’ का भी जप करना चाहिए।
    एकादशी तिथि के दिन विष्णु जी की पूजा के साथ ही दान का भी बड़ा महत्व है। हनुमान जी भी उन लोगों से प्रसन्न होते हैं जो जरूरतमंद लोगों की मदद करते हैं। इसलिए अपने सामर्थ्य के अनुसार इस दिन दान अवश्य करना चाहिए। तांबे से बनी चीजें, दूध, चावल, जल आदि का दान करने से भगवान विष्णु और हनुमान जी आपको सुख-समृद्धि प्रदान करेंगे।

    सुंदरकांड का पाठ

    अगर आपके जीवन में शनि, मंगल या राहु-केतु जैसे ग्रहों के कारण परेशानियां चल रही हैं तो निर्जला एकादशी और बड़ा मंगल के दुर्लभ संयोग के दिन घर में रामचरितमानस का पाठ करना चाहिए। अगर पूरी रामचरितमानस पढ़ना संभव न हो तो सुंदरकांड का पाठ  कर सकते हैं।

    इन उपायों से भी होगा लाभ

    ~गुरुजनों को पुस्तक, पेन आदि वस्तुएं उपहार में दें।
    ~किसी अनाथालय या वृद्धाश्रम में जाकर दान करें।
    ~राहगीरों को शरबत पिलाएं।
    ~किसी मंदिर में जाकर कम से कम 11 लोगों को भोजन करवाएं। (साभार)

    (Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।)

  • देश और कौम की खुशहाली के लिए अल्लाह ताला की इबादत

    हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ईद उल अजहा का पर्व

    बिजनौर। जिले भर में ईद उल अजहा का पर्व हर्षोल्लास एवं शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न हुआ। सोमवार को बड़ी संख्या में मुसलमानों ने ईदगाह पर नमाज अदा की। बिजनौर, नजीबाबाद, धामपुर, नगीना, नहटौर, चांदपुर, हल्दौर, नूरपुर आदि जगहों पर बकरीद की नमाज अदा की गई।

    इस दौरान देश और कौम की खुशहाली के लिए अल्लाहताला की इबादत की गई। बाद में लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद उल अजहा की बधाई दी। पुलिस प्रशासन की व्यवस्था चाक चौबंद रही।

    बिजनौर ईदगाह पर एसपी नीरज कुमार जादौन, एएसपी सिटी संजीव वाजपेई, एसडीएम सदर मनोज कुमार सिंह, सीओ सिटी संग्राम सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

    धामपुर में नगीना मार्ग स्थित ईदगाह पर शहर इमाम मुफ्ती मोहम्मद कमर कासमी ने ईद की नमाज अदा कराई। पुलिस प्रशासन ने किसी को भी ईदगाह से बाहर सड़क पर नमाज अदा करने की इजाजत नहीं दी।

    इस अवसर पर एएसपी धर्म सिंह, एसडीएम रितु रानी, सीओ सरवम कुमार, कोतवाल किशन अवतार, एलआईयू इंस्पेक्टर विनेश सिंह आदि पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे।

  • विभाग की छवि धूमिल करने पर एसपी ने की कड़ी कार्रवाई

    कमजोर को सताने में नापे गए दो पुलिसकर्मी

    बिजनौर। चांदपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बास्टा पुलिस चौकी पर तैनात दो सिपाहियों को एक व्यक्ति के साथ मारपीट के मामले में एसपी ने निलंबित कर दिया है।

    जानकारी के अनुसार विनोद पुत्र चरण सिंह निवासी मानपुर द्वारा सीयूजी नंबर पर पुलिस अघीक्षक नीरज कुमार जादौन को सूचना दी गई कि आरक्षी हिमांशु भड़ाना व हेमंत ने अनावश्यक रुप से मारपीट की है। प्रकरण की जांच प्रभारी निरीक्षक चांदपुर से कराई गई तो आरोप सत्य पाए गए। प्रभारी निरीक्षक थाना चांदपुर की प्रेषित रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अघीक्षक ने आरक्षी हिमांशु भड़ाना व हेमंत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पीड़ित का मेडिकल परिक्षण कराकर विधिक कार्यवाही की जा रही है।

  • आयुष विभाग, जिला प्रशासन व क्रीड़ा भारती का संयुक्त आयोजन

    दशम अन्तर्राष्ट्रीय योग सप्ताह: इंदिरा पार्क में हुआ योगाभ्यास

    बिजनौर। आयुष विभाग, जिला प्रशासन व क्रीड़ा भारती द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किए जा रहे दशम अन्तर्राष्ट्रीय योग सप्ताह के अन्तर्गत तीसरे दिन इंदिरा पार्क बिजनौर में  योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अतिथि गणों का स्वागत क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा अधिकारी डा. राकेश कुमार द्वारा किया गया।

    प्रशांत महर्षि द्वारा प्रोटोकॉल के अनुसार योग क्रियाएं कराई गई। डॉ. विमल कुमार द्वारा योग साधकों का आभार व्यक्त किया गया एवं उन्होंने बताया कि इस बार योग का थीम योग स्वयं व समाज के लिए रखा गया है, अतः समाज के अन्य लोगों को भी योग के लिए प्रेरित करना जरूरी है। कल्याण मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। योगाभ्यास में नगर वासियों ने सैकड़ों की संख्या में प्रतिभाग किया।

    कार्यक्रम सफल बनाने में क्रीड़ा भारती के स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस अवसर पर विकास लाठियां, अरविंद अहलावत, राजेन्द्र सोलंकी, संजय कटार आदि उपस्थित रहे।

  • लंबे समय से व्यापार और नौकरी में नहीं मिल रही सफलता, तो जरुर करें कपूर के ये उपाय

    अगर आप मनचाही नौकरी पाना चाहते हैं तो नियमित रूप से स्नान करने के बाद पूजा घर में कपूर के कुछ ज्योतिषीय उपाय करना चाहिए. आइए जानते है कपूर के उपाय…

    सुख शांति और समृद्धि को जरूर करें कपूर के ये उपाय

    कपूर के टोटके: हिंदू धर्म में कपूर को अत्यंत शुद्ध पदार्थ माना जाता है, इसका मुख्य उपयोग पूजा-पाठ में होता है, लेकिन यह घर के वास्तु दोष निवारण और नकारात्मकता दूर करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. कपूर की धुनी देने से घर का वातावरण शुद्ध और सकारात्मक होता है. इसके अलावा, यदि किसी व्यक्ति को नौकरी से संबंधित समस्याएं हो रही हैं, तो कपूर के उपाय काफी प्रभावी साबित हो सकते हैं. आज हम जानेंगे कपूर से जुड़े कुछ उपाय के बारे में, जो आपकी नौकरी में तरक्की ला सकती हैं और आपको मनचाही नौकरी प्राप्त करने में मदद करेगा.

    मनचाही नौकरी प्राप्त करने के उपाय
    अगर आप मनचाही नौकरी पाना चाहते हैं तो नियमित रूप से स्नान करने के बाद पूजा घर में कपूर जलाकर भगवान से अपनी जॉब के लिए प्रार्थना करें. यह बेहद सरल उपाय है और इसे लगातार करने पर आपकी कुंडली में जल्द ही मनचाही नौकरी प्राप्त होने का योग बनेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कपूर की शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा से आपके जीवन में नई संभावनाओं के द्वार खुल सकते हैं. अपने करियर में सफलता और मनचाही नौकरी पाने के लिए इस उपाय को आजमाएं.

    नौकरी और व्यापार में मिलेगी तरक्की
    यदि आप नौकरी और व्यापार में तरक्की पाना चाहते हैं, तो तेज पत्ता के साथ कपूर जलाने से लाभ हो सकता है. इसके लिए तेज पत्ता पर कपूर रखकर नियमित रूप से जलाएं. यह उपाय आपकी पेशेवर और व्यावसायिक सफलता में मददगार साबित हो सकता है. नियमित पालन से आप जल्दी ही सकारात्मक परिणाम देख सकते हैं.

    घर में आ रही परेशानियों के लिए करें ये उपाय
    घर में आ रही विभिन्न समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए कपूर और लौंग को एक साथ जलाना अत्यंत शुभ माना गया है, इसके लिए एक मिट्टी के दीए में कपूर के ऊपर तीन लौंग रखकर जलाएं. इसके धुएं को घर के चारों तरफ दिखाने से घर में शांति बढ़ती है और परिजनों में आपसी प्रेम बना रहता है.

    परिजनों में वाद-विवाद के उपाय
    अगर आपके घर में परिजनों के बीच अक्सर वाद-विवाद की स्थिति बनी रहती है, तो नियमित रूप से घी में भिगोकर कपूर जलाने से घर में उत्पन्न तनाव धीरे-धीरे खत्म हो सकता है. इस सरल उपाय से आप परिवार में शांति और सामंजस्य की भावना को बढ़ा सकते हैं, जिससे विवाद की स्थिति से छुटकारा मिल सकता है.

    शाम के समय करें ये उपाय
    शाम के समय चांदी की कटोरी में कपूर के साथ लौंग जलाने से व्यक्ति को जीवन में अद्भुत लाभ देखने को मिल सकते हैं. इस उपाय को रोजाना करने से व्यक्ति को धन की कमी नहीं रहती. वहीं गृह क्लेश की स्थिति से छुटकारा पाने के लिए कपूर और लौंग को जलाकर उसका धुआं पूरे घर में दिखाएं.

    (डिस्क्लेमर: यहां पर दी गई जानकारियां विभिन्न स्रोतों से प्राप्त कर प्रस्तुत की गई हैं, newsdaily24 इस संबंध में कोई दावा नहीं करता.)

  • ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश

    ईद-उल-अज़हा के अवसर पर चौकन्नी पुलिस की कवायद

    सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत पुलिस अधिकारियों ने किए भ्रमण व निरीक्षण

    बिजनौर। ईद-उल-अज़हा के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत जनपदीय पुलिस के अधिकारियों ने भ्रमण व निरीक्षण किए। इस दौरान बैरियर आदि को चेक कर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही स्थानीय लोगों से वार्ता भी की।

    पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने ईद-उल-अज़हा के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत थाना कोतवाली शहर क्षेत्रान्तर्गत ईदगाह का भ्रमण/निरीक्षण किया। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को चेक कर संबंधित को दिशा-निर्देश दिए गए। सभी को ईद-उल-अज़हा की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

    अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी धर्म सिंह मार्छल ने ईद-उल-अज़हा के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत थाना शेरकोट क्षेत्रान्तर्गत ईदगाह का भ्रमण व निरीक्षण किया। उन्होंने बैरियर आदि को चेक कर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

    वहीं अपर जिला अधिकारी प्रशासन व अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम अर्ज ने थाना नूरपुर क्षेत्रान्तर्गत ईदगाह का भ्रमण/निरीक्षण किया। साथ ही ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को चेक कर संबंधित को दिशा-निर्देश दिए।

    इसी प्रकार क्षेत्राधिकारी अफजलगढ सुनीता दहिया द्वारा थाना अफजलगढ क्षेत्रान्तर्गत ईदगाह का भ्रमण व निरीक्षण किया गया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को चेक कर संबंधित को दिशा-निर्देश दिए।

    दूसरी ओर अपर पुलिस अधीक्षक नगर संजीव वाजपेई द्वारा ईद-उल-जुहा पर्व के दृष्टिगत थाना कोतवाली शहर क्षेत्रान्तर्गत ईदगाह की सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत भ्रमण/निरीक्षण कर सम्बन्धित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये तथा स्थानीय लोगों से वार्ता की गई।

  • बसंती माता मंदिर पर पहुंच श्रद्धालुओं ने लगाए कुंडारे। आषाढ़ मास के तीसरे मेले में पूजन को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। दुकानदारों ने लगाईं खिलौनों व प्रसाद आदि की दुकानें। बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। प्रतिवर्ष आषाढ़ मास में बसंती माता मंदिरों पर लगाने वाले मेले कोरोना महामारी के चलते न लगाए जाने के बावजूद तीसरे […]

    बसंती माता मंदिर पर उमड़े श्रद्धालु
  • कुवैत में हुए अग्नि हादसे में मृत गोरखपुर के दो कामगारों के परिजन को दी पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता

    जम्मू के शिवखोड़ी में हुए आतंकी हमले में घायलों को दी एक-एक लाख रुपये की मदद

    पीड़ितों की वेदना में सीएम योगी में लगाया आर्थिक मदद व संवेदना का मरहम

    गोरखपुर, 16 जून। दु:ख और विपदा की घड़ी में हर व्यक्ति के साथ एक अभिभावक जैसे खड़े रहना, उसकी वेदना में संवेदना के साथ भरपूर मदद करना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली की विशिष्ट पहचान है। पीड़ितों के प्रति उनकी संवेदनशीलता और आत्मीयता का सजीव दर्शन रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में एक बार फिर देखने को मिला। बीते दिनों कुवैत में हुए एक अग्नि हादसे में जान गवाने वाले गोरखपुर के दो कामगारों के परिजनों और जम्मू के शिवखोड़ी में आतंकी हमले में घायल श्रद्धालुओं से मिलकर सीएम योगी ने न केवल उनकी पीड़ा पर संवेदना का मरहम लगाया बल्कि आर्थिक सहायता देकर उन्हें आश्वस्त किया कि उनके रहते किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है।

    गत दिनों कुवैत में एक बहुमंजिला भवन में आग लगने से करीब चार दर्जन लोगों की मौत हो गई थी। इनमें गोरखपुर के सदर तहसील क्षेत्र के जटेपुर उत्तरी निवासी अंगद गुप्ता और कैम्पियरगंज तहसील क्षेत्र के भम्मौर निवासी जयराम गुप्ता भी शामिल थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विदेश मंत्रालय और कुवैत में भारतीय दूतावास से संपर्क कर उनके शव को सम्मानपूर्वक उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था कराई। शनिवार को दोनों मृतकों के शव घर आए और ससम्मान अंतिम संस्कार किया गया। रविवार सुबह मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर में दोनों मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदना प्रकट की और ढांढस बंधाते हुए उन्हें आत्मीय संबल प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने अंगद गुप्ता की पत्नी रीता देवी और जयराम गुप्ता की पत्नी सुनीता को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक भी प्रदान किया। इस दौरान उन्होंने दोनों परिवारों से कहा कि दु:ख की इस घड़ी में वह उनके साथ खड़े हैं।

    सीएम योगी ने जम्मू के शिवखोड़ी में पिछले दिनों आतंकी हमले में घायल गोरखपुर के पुर्दिलपुर निवासी राजेश, रिकसोना, भैरोपुर निवासी गायत्री और सोनी को भी एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक दिया। रिकसोना की आर्थिक सहायता का चेक उनके पति राजेश ने प्राप्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इन सभी घायलों के स्वास्थ्य लाभ की जानकारी ली और कहा कि सरकार इलाज में कोई कमी नहीं आने देगी। उल्लेखनीय है कि शिवखोड़ी में हुए आतंकी हमले की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की टीम को घायलों के इलाज और वहां फंसे श्रद्धालुओं को सकुशल उनके घर वापस लाने के लिए लगाया था।

  • योग दिवस का ध्येय वाक्य: स्वयं एवं समाज के लिए योग

    दशम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का शुभारंभ

    बिजनौर। इंदिरा बाल भवन में दशम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस सप्ताह का शुभारंभ चांदपुर विधायक स्वामी ओमवेश, जिलाधिकारी अंकित अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा व नगर पालिका परिषद अध्यक्ष श्रीमती इंदिरा सिंह द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

    इस बार योग दिवस का ध्येय वाक्य स्वयं एवं समाज के लिए योग रखा गया है। कार्यक्रम का संचालन तिलकराज सिंह द्वारा एवं योग क्रियाएं प्रशांत महर्षि द्वारा कराई गई। इस अवसर पर नगर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

    हर वर्ष के भांति इस वर्ष भी आयुष विभाग, जिला प्रशासन व क्रीड़ा भारती बिजनौर द्वारा संयुक्त रूप से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

    कार्यक्रम को सफल बनाने में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक व यूनानी चिकित्सा अधिकारी, जिला होम्योपैथिक अधिकारी, योगेंद्र पाल सिंह योगी अध्यक्ष क्रीड़ा भारती बिजनौर, श्रीमती सुधा राठी गायत्री परिवार, राकेश शर्मा गोविंद क्लब, संदीप तोमर वरिष्ठ नागरिक समिति, विक्रांत शर्मा पर्यावरण प्रहरी, जयवीर सिंह जिला क्रीड़ा अधिकारी व एमपी सिंह गुड मॉर्निंग क्लब आदि का भरपूर सहयोग रहा।

  • बदमाश की फायरिंग में बाल बाल बचे एसएसआई

    जवाबी फायरिंग में घायल हुआ बदमाश

    पुलिस टीम को 25 हजार इनाम की घोषणा

    प्रॉपर्टी डीलर सुशील का हत्यारोपी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार

    बिजनौर। थाना कोतवाली शहर पुलिस एवं स्वाट सर्विलांस टीम ने प्रॉपर्टी डीलर सुशील की हत्या में वांछित अभियुक्त को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। बदमाश ने पुलिस पार्टी पर 05 राउंड फायर किए। एक गोली एसआईआई मृदुल कुमार की पहनी बुलेट प्रुफ जैकेट पर लगी। पुलिस टीम की 02 राउंड जवाबी फायरिंग में बदमाश घायल हो गया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने मौका मुआयना किया और पुलिस टीम के सराहनीय कार्य हेतु 25,000/- रुपए के इनाम की घोषणा की है।

    फायरिंग और जवाबी फायरिंग

    सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार दिनांक 15 जून 2024 को देर रात कोतवाली शहर पुलिस एवं स्वाट/सर्विलांस टीम को सूचना प्राप्त हुई कि सुशील की हत्या करने में शामिल एक बदमाश चांदपुर की तरफ से काले रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर किसी से मिलने बिजनौर आ रहा है। चेकिंग के दौरान मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति को रोकने का प्रयास किया गया तो वह नहर की पटरी-पटरी बैराज की तरफ भागने लगा। इस दौरान मोटरसाईकिल गिर गई। बदमाश ने पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से 05 राउंड फायर किये। एक गोली वरिष्ठ उप निरीक्षक मृदुल कुमार की पहनी बुलेट प्रुफ जैकेट पर लगी। पुलिस टीम ने खुद को बचाते हुए आत्मरक्षार्थ 02 राउंड जवाबी फायरिंग की। बाएं पैर में एक गोली लगने से बदमाश घायल हो गया। पुलिस ने उसे तत्काल हिरासत में लिया और जिला अस्पताल में भर्ती कराया।

    पुलिस के अनुसार पूछताछ पर बदमाश ने अपना नाम केशव उर्फ कमल पुत्र गोविन्द निवासी म. न. डी-5875 राजीव नगर शमसाबाद पलवर हरियाणा बताया। अभियुक्त के कब्जे से एक तमंचा 315 बोर व 02 जिंदा कारतूस तथा घटनास्थल से 05 खोखा कारतूस एवं स्प्लेन्डर मोटरसाइकिल बरामद की गयी। घायल बदमाश को उपचार हेतु जिला चिकित्सालय, बिजनौर में भर्ती कराया गया है। विधिक कार्यवाही प्रचलित है।

    09 पहले ही किए जा चुके गिरफ्तार

    उपरोक्त अभियुक्त थाना कोतवाली शहर पर पंजीकृत मु.अ.सं. 453/24 धारा 302/120-B/34 भादवि में वांछित है। थाना कोतवाली शहर पुलिस एवं स्वाट सर्विलांस टीम द्वारा उपरोक्त अभियोग का अनावरण करते हुए षडयंत्र रचने वाले 09 अभियुक्त 1. वसीम, 2. अतुल चौधरी, 3. नईमुद्दीन, 4. शुभम चौधरी, 5. अरनव तोमर, 6. हसीन, 7. फैजान, 8. सालिक व 9. अजीज को पूर्व में ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

    ढाई लाख रुपए की ली थी सुपारी, मारने थे 02 और …

    पुलिस के अनुसार विस्तृत पूछताछ करने पर अभियुक्त कमल ने बताया कि उसे व एक अन्य शूटर को सालिक ने जनपद बिजनौर के प्रॉपर्टी डीलर सुशील की हत्या करने के लिए बुलाया था और इस काम के लिये 2.5 लाख रुपए दिलवाए थे। योजनानुसार दिनांक 29 मई 2024 को उसने अपने एक अन्य साथी शूटर के साथ मिलकर प्रॉपर्टी डीलर की हत्या कर दी थी। यह भी बताया कि जनपद बिजनौर में ही दो अन्य लोगों की हत्या करने का भी प्लान था।

    पुलिस टीम को 25 हजार इनाम: पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने पुलिस टीम के सराहनीय कार्य हेतु 25,000/- रुपए के इनाम की घोषणा की है।

    गिरफ्तार अभियुक्त से बरामदगी: एक तमंचा 315 बोर व 02 जिंदा कारतूस तथा घटनास्थल से 05 खोखा कारतूस, स्प्लेन्डर मोटरसाइकिल, एक मोबाइल फोन व 500 रुपए नगद।

    गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में कोतवाली शहर जनपद बिजनौर के थाना प्रभारी उदय प्रताप, जयवीर सिंह प्रभारी सर्विलांस सैल, एसएसआई मृदुल कुमार, सब इंस्पेक्टर सुमित राठी, एसआई मीरहसन, स्वाट टीम से मुख्य आरक्षी प्रवेन्द्र सिंह व आरक्षी आकाश कुमार, सर्विलांस टीम से मुख्य आरक्षी जोगेन्द्र कुमार, आरक्षी विशाल चिकारा, आरक्षी सुजीत तोमर, आरक्षी मोनू कुमार, थाना कोतवाली शहर से आरक्षी विशाल, आरक्षी विजय देशवाल, आरक्षी विजय तोमर तथा आरक्षी शुभम सरोहा शामिल रहे।

  • जागरूक नागरिकों ने की जिलाधिकारी से लिखित शिकायत

    गौशाला में संदिग्ध परिस्थितियों में कई गौवंश की मौत !

    बिजनौर। नगर पालिका परिषद बिजनौर द्वारा संचालित गौशाला में संदिग्ध परिस्थितियों में कई गौवंश की मौत हो जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। नुमाइश ग्राउण्ड में स्थित इस गौशाला के मामले को लेकर एक अधिवक्ता सहित दर्जनों जागरूक नागरिकों ने जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल से लिखित शिकायत की है।

    शिकायत में कहा गया है कि नुमाइश ग्राउंड स्थित नगर पालिका परिषद बिजनौर द्वारा संचालित गौशाला में दिनांक 12 जून 2024 को भूख प्यास के चलते 35 से 40 गौवंशों की एक साथ मृत्यु हो गई। यह भी आरोप लगाया कि गौवंशों के मृत शरीर को साफ-सुथरे स्थान पर न दबाकर पालिका परिषद के ग्राम गंगदासपुर स्थित कूड़ा ट्रीटमेन्ट प्लांट में कुछ को कूड़े के अंदर ही दबा दिया और कुछ को कूड़े के ढेर पर डाल दिया गया, जिनके शरीर का कुछ हिस्सा कुत्तों ने खा लिया। शिकायत में कहा गया कि इस प्रकरण से हिन्दू धर्म प्रेमियों की भावनाएं आहत हुई हैं।

    गंभीर आरोप ?

    पूरे मामले का आरोपी नगर पालिका परिषद बिजनौर के एक वरिष्ठ अधिकारी एवं एक कनिष्ठ अधिकारी को ठहराते हुए आरोप लगाया कि उक्त दोनों ही जहां-जहां नियुक्त रहे, वहां वहां इन पर भ्रष्टाचार व अवैध धन की वसूली के आरोप लगे हैं। ये बदनाम अधिकारी हैं और पालिका परिषद बिजनौर में भी भ्रष्टाचार में इतने लिप्त हैं कि यह भूल गए कि वह खुद भी हिन्दू है। हिन्दू धर्म की आस्था गौ माता में है। उक्त दोनों अधिकारी अपने अधिकारों का नाजायज फायदा उठाकर सरकारी धन का बंदरबांट करते हैं। लालच इतना बढ़ गया है कि गौ माता के चारे के नाम पर भी सरकारी धन का गबन करने लगे। जिलाधिकारी से उक्त दोनों आरोपियों की सरकारी सेवा तुरन्त समाप्त करने एवं इनकी सम्पत्ति कुर्क करके पूर्व में गबन कर कमाए गए धन की रिकवरी करने की मांग की गई।

    शिकायत करने वालों में कुलदीप कुमार (एड०) पुत्र जय प्रकाश निवासी मोहल्ला जाटान बिजनौर, राधेश्याम, अमरदीप, विकास, सुनील कुमार, रवि सूद, रवि कुमार, रोहताश, विश्वास, देव मेहरा, भूपेंद्र, सुरेंद्र, टिंकू सिंह, दिनेश, निखिल, विशाल शामिल रहे।

    …लेकिन !

    वहीं कुछ सूत्रों का कहना है कि मृत गौवंशों की संख्या कई गुना बढ़ाकर बताई जा रही है। शवों को पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पोस्टमार्टम के बाद दफनाया गया! संबंधित विभागों के अधिकारियों के सम्पूर्ण समाधान दिवस में व्यस्त होने के कारण उनके पक्ष नहीं प्राप्त हो सके।

  • लाखों के जेवरात और नकदी बरामद

    रेहड़ पुलिस ने किया चोरी की वारदात का खुलासा, पकड़े हिस्ट्रीशीटर समेत 02 बदमाश

    बिजनौर। थाना रेहड़ पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर सहित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर चोरी की वारदात का खुलासा किया है। साथ ही चोरी किए गए करीब एक लाख रुपए कीमत के आभूषण, नगदी, मोबाइल फोन आदि एवं एक अवैध शस्त्र व चाकू सहित गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

    जानकारी के अनुसार थाना व कस्बा रेहड़ निवासी अनीस अहमद पुत्र अब्दुल रशीद ने दिनांक 13 जून 2024 को थाना पुलिस को तहरीर दी, कि 12/13 जून 2024 की रात्रि में उनके घर से सोने व चांदी के आभूषण, नगदी एवं मोबाइल फोन चोरी कर लिया गया है। तहरीर के आधार पर थाना रेहड़ पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना शुरू कर दी। कार्यवाही के दौरान थाना व कस्बा रेहड़ निवासी राशिद पुत्र बुन्दू शाह, शाकिब पुत्र शाहिद तथा दिलशाद उर्फ दिल्ला पुत्र अली हुसैन के नाम प्रकाश में आए। इसी क्रम में पुलिस ने राशिद और शाकिब को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर चोरी किए गए आभूषण, नगदी व मोबाइल फोन बरामद हो गए। इसके अलावा उनके कब्जे से एक जिन्दा कारतूस समेत 315 बोर का अवैध तमंचा तथा चाकू भी बरामद किया गया। अवैध शस्त्र/चाकू की बरामदगी के संबंध में धारा 3/4/25 आयुध अधिनियम दर्ज किया गया।

    कब्रिस्तान में छिपा दिया था चोरी का सामान

    पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने पुलिस को बताया कि उक्त तीनों ने मिलकर अपने गांव रेहड़ निवासी अनीस अहमद के घर से ज्वैलरी, नगदी, पर्स, टूटी गुल्लक आदि जो एक थैले में रखे थे तथा 12, 000 रुपए चोरी किए। रुपए आपस में बांटने के साथ ही चोरी के सामान को कब्रिस्तान में छिपा दिया था। तीनों ने मिलकर पहले भी कई चोरियां की।

    बेहद शातिर हैं अभियुक्त

    प्रभारी निरीक्षक धीरज सिंह सोलंकी ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों राशिद व शाकिब का विस्तृत आपराधिक इतिहास है। उनके विरुद्ध चोरी, गैंगस्टर आदि विभिन्न गम्भीर धाराओं में स्थानीय थाने पर अभियोग पंजीकृत हैं। राशिद हिस्ट्रीशीट संख्या 31ए का हिस्ट्रीशीटर अभियुक्त है। दिलशाद उर्फ दिल्ला की शीघ्र गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। आपराधिक इतिहास –

    हिस्ट्रीशीटर अभियुक्त राशिद उपरोक्त –

    1. मु0अ0सं0 156/2020 धारा 3/25 शस्त्र अधिनियम थाना रेहड जनपद बिजनौर 2. मु0अ0सं0 131/2020 धारा 380/457/411 भादवि थाना रेहड जनपद बिजनौर

    3.मु0अ0सं0 25/2021 धारा 60 (1) आबकारी अधिनियम थाना रेहड जनपद बिजनौर

    4.मु0अ0सं0 359/2021 धारा 8/20 एनडीपीएस अधिनियम थाना अफजलगढ जनपद बिजनौर

    5. मुअ0सं0 75/2024 धारा 457/380/411/413/414 भादवि थाना रेहड जनपद बिजनौर

    6.मु0अ0सं0 76/2024 धारा 3/4/25 आयुध अधिनियम थाना रेहड जनपद बिजनौर

    अभियुक्त शाकिब उपरोक्त –

    1. मु0अ0सं0 156/2020 धारा 3/25 शस्त्र अधिनियम थाना रेहड जनपद बिजनौर

    2. मु0अ0सं0 100/2021 धारा 4/25 आयुध अधिनियम थाना रेहड जनपद बिजनौर

    3.मु0अ0सं0 43/2022 धारा 4/25 आयुध अधिनियम थाना रेहड जनपद बिजनौर

    4. मु0अ0सं0 97/2022 धारा 380/411 भादवि थाना रेहड जनपद बिजनौर

    5. मु0अ0सं0 98/2022 धारा 380/411 भादवि थाना रेहड जनपद बिजनौर

    6.मु0अ0सं0 99/2022 धारा 411/413 भादवि व 41/102 सीआरपीसी थाना रेहड जनपद बिजनौर

    7.मु0अ0सं0 122/2022 धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट थाना रेहड जनपद बिजनौर

    8.मु0अ0सं0 117/2023 धारा 411 भादवि0 व 41/102 सीआरपीसी थाना रेहड जनपद बिजनौर

    9. मुअ0सं0 75/2024 धारा 457/380/411/413/414 भादवि थाना रेहड जनपद बिजनौर

    10.मु0अ0सं0 76/2024 धारा 3/4/25 आयुध अधिनियम थाना रेहड जनपद बिजनौर

    गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना रेहड जनपद बिजनौर के प्रभारी निरीक्षक धीरज सिंह सोलंकी, उप निरीक्षक प्रवीण कुमार, हेड कांस्टेबल श्यामवीर सिंह, कांस्टेबल ललित कुमार व कांस्टेबल सतेन्द्र कुमार शामिल रहे।

    आपराधिक इतिहास –

    हिस्ट्रीशीटर अभियुक्त राशिद

    1. मु. अ. संख्या 156/2020 धारा 3/25 शस्त्र अधिनियम थाना रेहड़ जनपद बिजनौर

    2. मु. अ. संख्या 131/2020 धारा 380/457/411 भादवि थाना रेहड़ जनपद बिजनौर

    3. मु. अ. संख्या 25/2021 धारा 60 (1) आबकारी अधिनियम थाना रेहड़ जनपद बिजनौर

    4. मु. अ. संख्या 359/2021 धारा 8/20 एनडीपीएस अधिनियम थाना अफजलगढ़ जनपद बिजनौर

    5. मु. अ. संख्या 75/2024 धारा 457/380/411/413/414 भादवि थाना रेहड़ जनपद बिजनौर

    6. मु. अ. संख्या 76/2024 धारा 3/4/25 आयुध अधिनियम थाना रेहड़ जनपद बिजनौर

    अभियुक्त शाकिब के खिलाफ थाना रेहड़ पर कुल 10 मुकदमे हैं दर्ज

    1. मु. अ. संख्या 156/2020 धारा 3/25 शस्त्र अधिनियम।

    2. मु. अ. संख्या 100/2021 धारा 4/25 आयुध अधिनियम।

    3. मु. अ. संख्या 43/2022 धारा 4/25 आयुध अधिनियम।

    4. मु. अ. संख्या 97/2022 धारा 380/411 आईपीसी।

    5. मु. अ. संख्या 98/2022 धारा 380/411 आईपीसी।

    6. मु. अ. संख्या 99/2022 धारा 411/413 आईपीसी व 41/102 सीआरपीसी।

    7. मु. अ. संख्या 122/2022 धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट।

    8. मु. अ. संख्या 117/2023 धारा 411 आईपीसी व 41/102 सीआरपीसी।

    9. मु. अ. संख्या 75/2024 धारा 457/380/411/413/414 आईपीसी।

    10. मु. अ. संख्या 76/2024 धारा 3/4/25 आयुध अधिनियम।

    गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना रेहड जनपद बिजनौर के प्रभारी निरीक्षक धीरज सिंह सोलंकी, उप निरीक्षक प्रवीण कुमार, हेड कांस्टेबल श्यामवीर सिंह, कांस्टेबल ललित कुमार व कांस्टेबल सतेन्द्र कुमार शामिल रहे।

  • बिजनौर के नजीबाबाद तहसील का एक लेखपाल चढ़ा एंटी करप्शन की भेंट

    नजीबाबाद तहसील का एक लेखपाल रिश्वतखो़री के मामले में एंटी करप्शन की टीम ने पकड़ा

    उक्त लेखपाल नजीबाबाद में पहले से ही रहा है विवादों में

    लेखपाल का नाम है डेविड चौहान

  • मात्र एक दिन में 2679 लोगों का दुर्घटना बीमा करके वाराणसी परिक्षेत्र ने उत्तर प्रदेश में बनाया रिकॉर्ड

    उत्तर प्रदेश में एक दिन में सर्वाधिक दुर्घटना बीमा कर वाराणसी डाक परिक्षेत्र ने बनाया नया कीर्तिमान

    वाराणसी। डाक विभाग के उपक्रम रूप में स्थापित इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक ने पाँच वर्षों के अपने सफर में ‘आपका बैंक, आपके द्वार’ को प्रोत्साहित करते हुए तमाम नए आयाम स्थापित किये हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन और डिजिटल इण्डिया के क्षेत्र में आज इसकी अहम् भूमिका है। समाज के अंतिम वर्ग के लोगों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने हेतु विभिन्न कंपनियों से एग्रीमेंट के तहत सस्ती दरों पर बीमा का लाभ भी आईपीपीबी द्वारा प्रदान किया जा रहा है। उक्त उद्गार वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक द्वारा क्षेत्रीय कार्यालय, वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किये।

    गौरतलब है कि वाराणसी परिक्षेत्र ने 13 जून को मात्र एक दिन में 2679 लोगों का दुर्घटना सुरक्षा बीमा करके उत्तर प्रदेश परिमंडल में एक दिन में सर्वाधिक बीमा करने का नया कीर्तिमान स्थापित किया, जिसके सापेक्ष साढ़े ग्यारह लाख रूपये का प्रीमियम जमा किया गया। यही नहीं, जीआई सर्वसुरक्षा अभियान के तहत पहले ही दिन प्रदत्त लक्ष्य के सापेक्ष 329 फीसदी सफलतापूर्वक प्राप्त कर वाराणसी परिक्षेत्र ने पूरे भारत में भी प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके उपलक्ष्य में इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने आईपीपीबी के चीफ मैनेजर श्री बृज किशोर और प्रवर डाक अधीक्षक श्री राजीव कुमार के संग केक काटकर लोगों से खुशियाँ बाँटी एवं डाक विभाग के ग्रामीण डाक सेवक, पोस्टमास्टर्स, निरीक्षक, सहायक अधीक्षक, मण्डलाधीक्षक और आईपीपीबी मैनेजर्स सहित समस्त स्टाफ को शुभकामनाएँ देते हुए भविष्य में नए कीर्तिमान स्थापित करने हेतु हौसलाअफ़जाई की।

    पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि आईपीपीबी की परिवर्तनकारी उपस्थिति ने बैंकिंग परिदृश्य को नया आकार दिया है, जो डोर-स्टेप बैंकिंग की पेशकश करता है एवं सुलभ सेवाओं का प्रतीक है जो परिवर्तन को प्रज्ज्वलित करता है। आईपीपीबी के माध्यम से डाकिया और ग्रामीण डाक सेवक आज एक चलते फिरते बैंक के रूप में कार्य कर रहे हैं। सीईएलसी के तहत घर बैठे बच्चों का आधार बनाने, मोबाइल अपडेट करने, डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट, डीबीटी, बिल पेमेंट, एईपीएस द्वारा बैंक खाते से भुगतान, वाहनों का बीमा, स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना जैसी तमाम सेवाएं आईपीपीबी द्वारा डाकिया के माध्यम से घर बैठे मुहैया कराई जा रही हैं। आईपीपीबी में खाता होने पर डाकघर की सुकन्या, आरडी, पीपीएफ, डाक जीवन बीमा में भी ऑनलाइन जमा किया जा सकता है। आईपीपीबी उन तमाम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनके पास बीमा और अन्य वित्तीय सेवाओं तक आसान पहुंच नहीं है।

    इस अवसर पर सहायक निदेशक बृजेश शर्मा, लेखाधिकारी प्लाबन नस्कर, सहायक अधीक्षक पल्लवी मिश्रा, निरीक्षक अनिकेत रंजन, दिलीप पांडेय, सहायक लेखाधिकारी संतोषी राय, मनीष मिश्रा, श्रीप्रकाश गुप्ता, आनंद प्रधान, राकेश कुमार सहित तमाम कर्मी उपस्थित रहे।

  • उपलब्धि

    – यह नया शोध उन लोगों के लिए वरदान साबित होगा जो रक्त परीक्षण से डरते हैं

    – यूरिन आधारित टेस्ट स्ट्रिप से ग्लूकोज मॉनिटरिंग अधिक सुलभ होगी

    – दौलतपुर गांव के रहने वाले विभव शुक्ला नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी रायपुर से कर रहे हैं शोध

    रायबरेली के छात्र ने डेवलप की यूरिन से शुगर जांचने वाली स्ट्रिप

    रायबरेली। शरीर में शुगर की जांच के लिए अब ब्लड सैंपल निकालना जरूरी नहीं होगा। शुगर लेवल की जांच यूरिन (पेशाब) से भी की जा सकेगी। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रायपुर में जनपद के शोध छात्र विभव शुक्ला ने ब्लड की जगह यूरिन से शुगर मापने वाल टेस्ट स्ट्रिप विकसित की है। उनका यह नया शोध उन लोगों के लिए वरदान साबित होगा जो रक्त परीक्षण से डरते हैं।

    यह नवाचार ग्लूकोज मॉनिटरिंग को बदलने का वादा करता है, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो डरते हैं। संस्थान के केमिस्ट्री डिपार्टमेंट में एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर कफील अहमद सिद्दिकी के निर्देशन में शोध कर रहे पीएचडी छात्र विभव शुक्ल सरेनी क्षेत्र के दौलतपुर गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता विनय कुमार शुक्ल हरिवंश लाल शुक्ल इंटर कॉलेज ऊँचगॉंव-उन्नाव में प्रधानाचार्य के रूप में कार्य का कार्यरत हैं। 

    विभव ने बताया कि पारंपरिक रूप से ग्लूकोज स्तर को डायबिटीज जैसी स्थितियों की निगरानी के लिए रक्त नमूनों का उपयोग करके मापा जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग, रक्त परीक्षण से डर और गलतफहमियों के कारण बचते हैं। वे मानते हैं कि एक बूंद खून बनने में एक साल लगता है।

    शुगर लेवल जांचने के लिए विभव नए शोध पर काम कर रहे थे। उनका लक्ष्य ऐसी टेस्ट स्ट्रिप्स बनाना था जो सस्ती और आसानी से उपलब्ध हो। जैसे, गर्भावस्था परीक्षण स्ट्रिप्स। उनका उद्देश्य यह है कि आम लोग अपने घर में बिना किसी इंजेक्शन या रक्त के अपने शुगर स्तर की सही जांच यूरिन के माध्यम से कर सकें। उनका कहना है कि शोध में ऐसी टेस्ट स्ट्रिप्स का विकास हुआ, जो इन ग्लूकोज सांद्रताओं पर एक विशिष्ट रंग परिवर्तन दिखाती हैं। उनका कहना है कि यूरिन-आधारित टेस्ट स्ट्रिप से ग्लूकोज मॉनिटरिंग अधिक सुलभ और कम डरावनी हो जाएगी।

    विभव शुक्ला ने बताया कि  उनका यह शोध प्रसिद्ध जर्नल ‘मटेरियल्स टुडे केमिस्ट्री’ में प्रकाशित भी हुआ है। विभव का यह शोध ग्लूकोज डिटेक्शन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतिनिधित्व करता है। दुनिया भर में उच्च शुगर स्तर से प्रभावित लाखों लोगों के साथ, यह नवाचार डायबिटीज प्रबंधन और समग्र स्वास्थ्य परिणामों में सुधार के लिए अपार संभावनाएं रखता है।

    शोध में ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क का उपयोग

    विभव शुक्ला ने अपने अनुसंधान में आयरन डोप्ड जिंक-बेस्ड मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क का उपयोग किया, जिसमें उन्होंने क्रिएटिनिन, क्रिएटिन, यूरिया, ग्लूकोज आदि सहित यूरिन के विभिन्न घटकों का परीक्षण किया। उन्होंने पाया कि आयरन डोप्ड जिंक-बेस्ड मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क जब ग्लूकोज के संपर्क में आता है, तो यूवी लाइट के तहत हरा रंग प्रदर्शित करता है, जबकि अन्य घटक कोई अलग रंग नहीं दिखाते। इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन के अनुसार, 2019 में लगभग 463 मिलियन वयस्क डायबिटीज से पीड़ित थे। वर्ष 2045 तक यह संख्या 700 मिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है।

    गांव में ही हुई विभव की प्रारंभिक शिक्षा

    गंगा किनारे बसे दौलतपुर में जन्मे विभव ने प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही प्राप्त की। सरस्वती विद्या मंदिर, उंचगाँव, उन्नाव से कक्षा 12 की पढ़ाई के बाद फिरोज गांधी कॉलेज से बीएससी और डीएवी कॉलेज-कानपुर से एमएससी की डिग्री प्राप्त की। 2019 में उन्होंने रसायन विज्ञान विषय में CSIR, NET/JRF परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 52 हासिल की और साथ ही GATE परीक्षा भी पास की। वर्तमान में, विभव शुक्ला नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रायपुर में पीएचडी कर रहे हैं।

  • ग्राम मथुरापुर मोर में खनन अनुज्ञा पत्र की शर्तों का उल्लंघन

    स्वीकृत खनन क्षेत्र के बाहर उपखनिजों का अवैध खनन

    अवैध खनन: पट्टाधारक पर 14 लाख रुपए जुर्माना

    बिजनौर। ग्राम मथुरापुर मोर में पट्टाधारक ने खनन अनुज्ञा पत्र की शर्तों का उल्लंघन किया। लिहाजा जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने रुपए 13,77,140/- जुर्माना लगाते हुए नोटिस निर्गत किया है। इसे जमा करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।

    प्रतीकात्मक चित्र

    जिलाधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम मथुरापुर मोर स्थित गाटा संख्या 98मि रकबा 1.140 हे0 में एकत्रित बालू/मौरम/बजरी/ बोल्डर को हटाकर कृषि योग्य बनाए जाने हेतु तीन माह का पट्टा तेजपाल सिंह पुत्र मनफूल निवासी ग्राम मथुरापुर मोर को हुआ था। स्थलीय निरीक्षण कराये जाने पर पाया गया कि परमिटधारक द्वारा बार-बार खनन अनुज्ञा पत्र की शर्तों का उल्लघंन कर स्वीकृत खनन क्षेत्र के बाहर उपखनिजों का अवैध खनन किया गया। ऐसी स्थिति में अवैध खनन पाए जाने पर कुल धनराशि रुपए 13,77,140/- परमिटधारक पर अधिरोपित करते हुए एक सप्ताह के भीतर राजकीय कोष में जमा करने हेतु नोटिस निर्गत किया गया है। ऐसा न करने की स्थिति में परमिटधारक को जारी की गई अनुज्ञा/अनुमति निरस्त कर दी जायेगी।

  • कार्रवाई न होने पर पीड़ित और परिजन भयभीत

    विकास अधिकारी कृषि पर गोली चलाने का आरोपी पुलिस पकड़ से दूर

    शामली। कांधला शामली में तैनात सहायक विकास अधिकारी कृषि पर गोली चलाने के आरोपी को पुलिस पकड़ नहीं पाई है। घटना के 88 दिन बीतने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने से पीड़ित व परिजन भयभीत हैं।

    कांधला में तैनात सहायक विकास अधिकारी कृषि जयदेव कुमार ने पुलिस अधीक्षक शामली को प्रार्थना पत्र दे कर अवगत कराया कि दिनांक 17 मार्च 2024 को रात्रि लगभग 08:30 बजे आरोपी मोनू कुमार पुत्र रामनिवास ग्राम भीमला जनपद शामली ने गोली चलाई थी। इस संबंध में थाना कांधला पर अभियोग संख्या 68/2024 पंजीकृत है। आरोप है कि तब से अब तक आरोपी को गिरफ्तार करने में पुलिस नाकामयाब रही है। कार्यालय खण्ड विकास अधिकारी कांधला में सहायक विकास अधिकारी कृषि (कृषि विभाग) पर पदेन कार्यरत जयदेव कुमार ने अवगत कराया कि उक्त आरोपी की गिरफ्तारी न होने के कारण वह और उनका परिवार लगातार मानसिक पीड़ा में हैं। वह अपने दैनिक राजकीय कार्यों का निष्पादन पूर्ण मनोयोग से नहीं कर पा रहे। परिवार भययुक्त जीवन व्यतीत करने को मजबूर है व घर से पलायन की स्थिति में है।

  • नूरपुर और चांदपुर बैरियर पर चेकिंग

    पुलिस लाइंस परेड ग्राउंड में सलामी और निरीक्षण

    बिजनौर। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन, बिजनौर के परेड ग्राउंड में शुक्रवार परेड की सलामी लेकर परेड का निरीक्षण किया गया। उन्होंने अनुशासन व एकरूपता बनाए रखने के लिए टोलीवार ड्रिल करवायी। तथा यूपी-112 वाहनों/ड्रोन कैमरा, क्वार्टर गार्द आदि का निरीक्षण कर सर्वसंबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। परेड के दौरान क्षेत्राधिकारी नगर संग्राम सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

    वहीं अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम अर्ज द्वारा थाना नूरपुर क्षेत्रान्तर्गत पुलिस चौकी गोरक्षधाम/ताजपुर बैरियर तथा थाना चांदपुर क्षेत्रान्तर्गत बैरियर पर डयूटीरत पुलिसकर्मियों को चेक कर सर्व संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गए। साथ ही संदिग्ध व्यक्ति/वाहनों की चेकिंग कराई गई।

  • चांदपुर में आमने सामने आए वाल्मीकि और दलित समाज

    पूरी न हुई मांग तो अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे सफाई कर्मचारी

    बिजनौर। चांदपुर में वाल्मीकि और दलित समाज आमने सामने आ गए हैं। आरोप है कि पूर्वजों की भूमि पर चारदीवारी कर रहे वाल्मीकि समाज के लोगों के साथ दलित समाज के लोगों द्वारा मारपीट की गई! वहां डॉ० भीम राव अम्बेडकर जी की मूर्ती भी स्थापित कर दी गई। जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर मांग पूरी न होने पर नगर पालिका चांदपुर के समस्त सफाई कर्मचारी 14 जून 2024 से अनिश्चितकालीन हड़ताल करने जा रहे हैं। 

    वाल्मीकि समाज के दर्जनों लोगों द्वारा जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर अवगत कराया गया कि 08 जून को वह लोग अपनी आराजी में निर्माण कार्य (चारदीवारी) करा रहे थे। तभी अचानक मोहल्ले के कुछ शातिर किस्म के व्यक्ति व महिलाएं मौके पर पहुंचे और उन्होंने गाली गलौच करते हुए मारपीट शुरू कर दी। लेवर के द्वारा किया गया निर्माण कार्य तोड़ दिया गया। वहां पर रखे सीमेन्ट के कट्टे, तस्ले, फावड़े व ईंटे उठाकर ले गए। उक्त हमलावरों ने प्लॉट पर डॉ० भीम राव अम्बेडकर जी की मूर्ती स्थापित कर दी। मामले की शिकायत रात्रि लगभग 08 बजे थाना चांदपुर पुलिस को दी गई थी। ज्ञापन में बताया कि उक्त आराजी उनके पूर्वजों के द्वारा खरीदी गई है। प्रार्थीगण के पास माननीय न्यायालय का निर्माण कार्य कराने संबंधी आदेश भी है। ज्ञापन में कहा गया कि उनके प्लॉट से उक्त मूर्ती को तुरंत हटाया जाए और मुल्जिमानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जाए। यदि 14 जून 2024 तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो सभी कर्मचारी हड़ताल पर जायेंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी।

    ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्य मंत्री, पुलिस निदेशक, जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक बिजनौर, उपजिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी एवं थाना प्रभारी चांदपुर को भेजी गई हैं। ज्ञापन देने वालों में रंजीत पुत्र जीवन, विशाल सैलानी पुत्र ओमप्रकाश, विकास पुत्र राम सिंह, प्रेम पुजारी पुत्र ओमप्रकाश नि० मोहल्ला शाहचन्दन कस्बा व थाना चान्दपुर जिला बिजनौर शामिल रहे।

  • कांग्रेस 18 बार जीत चुकी है चुनाव

    राहुल की जीत से रायबरेली में कांग्रेस बनी ‘बालिग’ 

    18वीं लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन में बेहतर सुधार के बाद ‘जननायक’ के रूप में देखे जा रहे कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के नाम यूपी में दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज करने का रिकॉर्ड दर्ज हुआ है। जीत के मामले में रायबरेली लोकसभा सीट से कांग्रेस को ‘बालिग’ बनाने का श्रेय भी राहुल गांधी को गया है। राहुल गांधी की जीत के साथ ही रायबरेली देश की इकलौती लोकसभा सीट बन गई है, जहां कांग्रेस 18 बार चुनाव जीत चुकी है। इस जीत में 15 आम चुनाव और तीन उपचुनाव शामिल हैं। देश में ऐसा कोई दूसरा उदाहरण मिलना मुश्किल है, जहां एक पार्टी एक सीट से 18 बार जीती हो।

    फिरोज गांधी से हुई थी शुरुआत

    रायबरेली के कांग्रेसियों के अनुरोध पर प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अपने दामाद और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पति फिरोज गांधी को 1952 में हुए देश के पहले आम चुनाव में प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ाया था। 1957 में दोबारा जीत दर्ज करने के बाद 1960 में फिरोज गांधी का असामयिक निधन हो गया। उनके निधन के बाद हुए उपचुनाव में कांग्रेस के टिकट पर राजेंद्र प्रताप सिंह जीते थे।

    इंदिरा गांधी की वजह से चर्चा में आई
    लोकसभा क्षेत्रों के परिसीमन में 1962 में रायबरेली सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गई। कांग्रेस ने यहां दो सदस्य सीट से फिरोज गांधी के साथ सांसद रह चुके बैजनाथ कुरील को चुनाव लड़ाया। उन्होंने जनसंघ की तारावती को हराकर कांग्रेस की जीत का रिकॉर्ड कायम रखा। 1967 में रायबरेली सीट सामान्य हो गई और इंदिरा गांधी ने पति की सीट को अपनी कर्मभूमि बनाया। 1967 और 1971 के दो चुनाव उन्होंने लगातार जीते। आपातकाल के बाद 1977 हुए चुनाव में राजनारायण के हाथों हार और 1980 में हुए मिड टर्म पोल में यहां बदला चुकाकर उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।

    सोनिया गांधी ने जीते पांच चुनाव
    इंदिरा गांधी की हत्या के बाद खानदान के अरुण नेहरू और शीला कौल ने दो-दो बार कांग्रेस के टिकट पर रायबरेली की नुमाइंदगी की। वर्ष 1999 में कैप्टन सतीश शर्मा कांग्रेस के टिकट पर ही चुने गए। इसके बाद गांधी परिवार की बहू सोनिया गांधी अमेठी छोड़कर 2004 में रायबरेली से चुनाव लड़ीं। उन्होंने एक उपचुनाव (2006) के साथ पांच बार इस सीट से जीत दर्ज की। इस सीट पर सबसे अधिक वोट शेयर (उपचुनाव में 80.49%) और सर्वाधिक मतों से जीत का रिकॉर्ड अभी तक सोनिया गांधी के नाम ही दर्ज है।

    बालिग बनाने का श्रेय राहुल के नाम
    सोनिया गांधी के सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने के बाद 18वीं लोकसभा के चुनाव में गांधी परिवार ने रायबरेली से राहुल गांधी को चुनाव लड़ने भेजा। राहुल के चुनाव लड़ने के पहले रायबरेली में 20 चुनाव हुए और 17 चुनाव में कांग्रेस जीत चुकी थी। 2024 का चुनाव राहुल गांधी ने 389341 मतों के बड़े अंतर से जीत कर 103 साल पुरानी पार्टी को जीत के मामले में एक ही चुनाव क्षेत्र में बालिग बना दिया। राहुल गांधी की यह जीत रायबरेली से कांग्रेस की 18वीं जीत है।

    तीन बार जीत चुके हैं विरोधी नेता

    नि:संदेह रायबरेली कांग्रेस का मजबूत किला है। इस किले को पहली बार भारतीय लोकदल के टिकट पर समाजवादी नेता राजनारायण ने इंदिरा गांधी को 1977 में हराकर भेदा था। इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या के बाद गांधी परिवार ने सक्रिय राजनीति से अपने को दूर रखा। इसीलिए वर्ष 1996 और 1998 में अशोक सिंह भाजपा से दो बार सांसद चुने गए। इसके बाद से विपक्ष की सभी कोशिशें बेकार सिद्ध हुई हैं।

    -गौरव अवस्थी

  • कांग्रेस के प्रति बढ़ा है वोटर्स का विश्वास

    कांग्रेस के सामने वोटर्स के बढ़े विश्वास को बढ़ाने की चुनौती

    आंकड़ों की लीला अजीब होती है। आंकड़े डराते हैं और सुखद अहसास भी कराते हैं। बशर्ते आंकड़े बदलने के लिए कड़ा पसीना बहाया गया हो आंकड़ों में जरा सा हेरफेर आसान है लेकिन हकीकत कठिन। पिछले दो चुनावों के आंकड़े कुछ ऐसे ही थे लेकिन इस बार आंकड़ों में हल्का सा उलट-पुलट कांग्रेस में नई जान डालने वाला साबित हुआ है।

    याद कीजिए, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़े गए 2014 के आम चुनाव में कांग्रेस को स्वतंत्रता के बाद हुए चुनाव में सबसे कम 44 सीटें मिलीं थीं। 2019 में कांग्रेस की सूरत थोड़ी ही बदली। हाल कमोबेश पहले जैसा ही था। कांग्रेस के इस हालात पर बड़े-बड़े राजनीतिक विश्लेषकों चिंतकों और मूर्धन्य पत्रकारों ने कांग्रेस के खत्म होने की भविष्यवाणी और प्रधानमंत्री मोदी ने तो कांग्रेस मुक्त भारत की कल्पना ही कर डाली। आपको याद होगा 2014 में करारी हार के बाद राहुल गांधी के अचानक एक महीने अज्ञातवास पर चले जाने को भी न जाने किस-किस चश्मे से देखा गया। उन्हें पलायनवादी बता दिया गया। कुछ विद्वानों ने तो कांग्रेस नेतृत्व को ‘अविश्वासी’ तक कहने में संकोच नहीं किया।

    वोट शेयर के आइने में आपको बहुत बदलाव नजर नहीं आएगा लेकिन कुल मिले वोटो का तुलनात्मक अध्ययन से कांग्रेस के प्रति वोटरों के बढ़ते विश्वास को आप महसूस कर सकेंगे। 2014 और 2019 के चुनाव में चुनाव में कांग्रेस को क्रमशः 10,69,35942 (19.53%) और 11,04,95214 (19.47%) वोट मिले। 2014 के मुकाबले 2019 में .06% वोट कम मिलने के बावजूद कांग्रेस के आठ सांसद ज्यादा जीते और करीब 36 लाख वोट अधिक मिले। वर्ष 2024 के आम चुनाव में 1.72% की वृद्धि के साथ कांग्रेस के खाते में 21.19% मत आए हैं। मामूली सी लगने वाली इस वृद्धि से कांग्रेस से 47 सांसद अधिक चुने गए हैं।

    इस चुनाव में कांग्रेस को 13,67,59,064 वोट मिले हैं। 2019 के मुकाबले इस बार के चुनाव में कांग्रेस के 1,72,63,850 वोट अधिक हैं। इसका साफ मतलब है कि कांग्रेस के प्रति वोटरों का विश्वास बढ़ा है लेकिन इन वोटरों का विश्वास बनाए रखते हुए वोट शेयर और बढ़ाने की चुनौती कांग्रेस के सामने अभी भी खड़ी है। यह भी सही है कि 40 साल बाद कांग्रेस 12 करोड़ वोटों से आगे के सफर पर निकली है। आप याद कीजिए, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी 2024 के चुनाव के 2 साल पहले वातानुकूलित कमरे छोड़कर भारत जोड़ो यात्रा पर कन्याकुमारी से कश्मीर तक पैदल चले। समय लगाया। पसीना बहाया। धूप देखी न बारिश। हवा न बर्फबारी। मणिपुर से मुंबई तक भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर निकले। इस मेहनत का अंजाम आंकड़ों में देखेंगे तो बहुत फर्क नजर नहीं आएगा लेकिन सांसदों की संख्या दोगुने के करीब पहुंच गई और नए वोटर जुड़ने का आंकड़ा सुखद एहसास कराने वाला है लेकिन इसका यह मतलब कतई नहीं है कि कांग्रेस चुपचाप बैठ जाए।

    अभी कांग्रेस और भाजपा के बीच करीब 10 करोड़ वोटों का फासला बना हुआ है। भाजपा को 24 के आम चुनाव में 23 करोड़ से ज्यादा वोट मिले हैं। इस फासले को खत्म करने के लिए अभी कांग्रेस या कह लीजिए इंडि गठबंधन को 5 करोड़ वोटरों को अपने पाले में लाने की चुनौती बरकरार है। इस उपलब्धि पर कांग्रेस या इंडि गठबंधन का इतराना आत्मघाती होगा। इसका सीधा मतलब है कि एनडीए को देश पर शासन करने के और मौके मयस्सर कराना।
    गौरव अवस्थी

  • 30 जून तक हो सकेंगे तबादले

    यूपी में नई तबादला नीति लागू

    लखनऊ। लोकसभा चुनाव के चलते लगी आचार संहिता हटने के बाद योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को नई तबादला नीति को मंजूरी दे दी। इस नीति के तहत विभागाध्यक्ष 30 जून तक तबादला कर सकेंगे। इसके बाद तबादला करने के लिए मुख्यमंत्री से अनुमति लेनी होगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में यह फ़ैसला हुआ। बैठक में नई ट्रांसफर नीति समेत 41 प्रस्तावों पर मुहर लगी। इसमें से 26 प्रस्ताव जल संसाधन मंत्रालय के हैं।

    आठ जून को हुई मंत्रियों की बैठक में दोनों डिप्‍टी सीएम दिल्‍ली में होने के चलते शामिल नहीं हो पाए थे। मंगलवार की बैठक में डिप्‍टी सीएम ब्रजेश पाठक मौजूद रहे जबकि डिप्‍टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य इस बार भी शामिल नहीं हुए। बताया जा रहा है कि वह अभी भी दिल्‍ली में हैं।

    कैबिनेट से तबादला नीति मंजूर होने के बाद आज ही शासनादेश जारी करने की तैयारी है। इस बार विभागाध्यक्षोंं को सिर्फ 19 दिन ही तबादले का अधिकार रहेगा, जो सभी विभागाध्यक्ष 30 जून तक ही कर सकेंगे। जिले में तीन और मंडल में सात साल वाले तबादले के दायरे में आएंगे। नई नीति के तहत समूह ‘क’ और ‘ख’ कर्मचारियों की कुल संख्या के अधिकतम 20 प्रतिशत तक तबादले किए जा सकेंगे। वहीं समूह ‘ग’ और ‘घ’ के कार्मिकों की संख्या के अधिकतम 10 प्रतिशत तक तबादले करने की अनुमति होगी। नई नीति में यह भी प्रावधान किया गया है कि अगर कोई विभाग समूह ग और घ में निर्धारित 10 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों का तबादला करना चाहता है, तो इसके लिए विभागीय मंत्री की इजाजत लेनी होगी।

    इसमें अधिकतम 20 प्रतिशत कर्मचारियों का तबादला किया जा सकेगा। इन तबादलों में उन कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी जो लंबे समय से एक ही जगह पर तैनात हैं। तबादला नीति में कहा गया है कि समूह ख और ग कर्मचारियों के ट्रांसफर में जहां तक संभव हो सके मेरिट बेस्ड ऑनलाइन ट्रांसफर सिस्टम से किया जाए। नीति के तहत असमर्थ दिव्यांग बच्चों के माता-पिता से तैनाती के लिए विकल्प लिया जाए। ऐसे कर्मचारियों का तबादला उन जगहों पर किया जाए, जहां उनकी उचित देखभाल हो सके और इलाज किया जा सके।

  • राहुल गांधी की जिम्मेदारी अब और ज्यादा

    रायबरेली में राहुल के लिए ‘पहला प्यार’ मां सोनिया से भी बड़ा

    रायबरेली से राहुल गांधी जीत गए। उन्हें जीतना था। रायबरेली के मतदाता पहली बार में ही इतने बड़े अंतर से जीत दिलाएंगे, इसका भरोसा तमाम कांग्रेसियों को भी नहीं रहा होगा। उन नेताओं को भी नहीं रहा होगा जो बाहर से यहां आकर राहुल गांधी के लिए प्रचार कर रहे थे। रायबरेली ने गांधी परिवार से अपने रिश्तों पर एक बार फिर मोहर लगाई है लेकिन इस मोहर की इंक सोनिया गांधी के नाम पर लगाई गई स्याही से ज्यादा गाढ़ी है।

    आप पूछेंगे कैसे? आइए! आंकड़ों की तरफ चलते हैं। सोनिया गांधी ने अपनी सास की कर्मभूमि को 2004 में अपनाया था। अपने के पहले अपने परिवार के हनुमान कहे जाने वाले कैप्टन सतीश शर्मा को 1999 में यहां चुनाव लड़ने के लिए भेजा। कैप्टन सतीश शर्मा ने येन केन प्रकारेन रायबरेली और गांधी परिवार के पारंपरिक रिश्ते को अपनी जीत के आधार पर प्रमाणित किया। इसके बाद सोनिया गांधी रायबरेली में पहला चुनाव लड़ने के लिए 2004 में आईं।

    राहुल गांधी को रायबरेली ने हाथों हाथ लिया

    गांधी परिवार की की बहू सोनिया गांधी पर भी रायबरेली ने पहली बार अपना प्यार लुटाया था लेकिन इतना नहीं जितना अपने बेटे सरीखे राहुल गांधी पर। 2004 के चुनाव में सोनिया गांधी को 378107 मत मिले थे यह कुल पड़े मतों का 58.75% था। सोनिया गांधी के के प्रति रायबरेली का यह पहला प्यार था। सोनिया गांधी के सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने पर रायबरेली से पहली बार चुनाव लड़ने आए राहुल गांधी को रायबरेली ने हाथों हाथ लिया और मां सोनिया गांधी से 10% अधिक मत पहले चुनाव में प्रदान किए। 10% मतों का अंतर बहुत बड़ा होता है इसीलिए मैं कह रहा हूं कि रायबरेली ने राहुल पर अपना पहला प्यार मां से अधिक बरसाया है। यह भी सच है कि उन्होंने 2019 में मां सोनिया गांधी के जीत के अंतर को सबसे कम करने वाले भाजपा उम्मीदवार दिनेश प्रताप सिंह के वोट शेयर में 10% की कमी लाकर मां का बदला ले लिया है।

    करनी होगी काफी मशक्कत

    हालांकि वर्ष 2009 के दूसरे चुनाव में सोनिया गांधी को 72% से अधिक मत मिले थे। दोहरे लाभ के पद के आरोप लगने के बाद सोनिया गांधी द्वारा दिए गए स्थिति पर वर्ष 2006 में हुए उपचुनाव में सोनिया को रिकॉर्ड 80% वोट मिले। राहुल गांधी को वोट शेयर के मामले में अभी मां सोनिया गांधी के रिकॉर्ड को छूने में काफी मशक्कत रायबरेली के विकास को लेकर करनी होगी, वह भी तब; जब राज्य और केंद्र में उनकी अपनी सरकार होने की संभावना अभी नहीं के बराबर है। कोई चमत्कार हो जाए समीकरण बदल जाए और कुछ नए साथी मिल जाए तो हो सकता है भले ही केंद्र में गठबंधन की सरकार बन जाए और राहुल गांधी महत्वपूर्ण भूमिका में आ जाए लेकिन यह इतना आसान भी नहीं।

    शुरू करें रिटर्न गिफ्ट की तैयारी

    कुछ भी हो राहुल गांधी को अब रायबरेली को रिटर्न गिफ्ट देने की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। वह कैसे होगा इसका ताना-बाना तो गांधी परिवार को ही बुनना पड़ेगा। रायबरेली के विकास में अब कोई अगर मगर नहीं चलेगा क्योंकि सोनिया गांधी के स्वास्थ्य को देखते हुए रायबरेली में उनकी 5 साल गैर मौजूदगी को सिरे से नजरअंदाज करके अपनी परिवारिकता को एक बार फिर प्रकट किया है। इसलिए भी राहुल गांधी की जिम्मेदारी अब और ज्यादा हो जाती है।

    -गौरव अवस्थी

  • अमेठी में आखिर हुआ वही जो होना था

    स्मृति ईरानी: राहुल-राहुल रटते-रटते छूटी रे अमेठिया!

    2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी में आखिर वही हुआ जो होना था। भाजपा की दमदार उम्मीदवार केंद्रीय मंत्री और अमेठी की संसद स्मृति ईरानी को पराजय का स्वाद गांधी परिवार के उस करीबी किशोरी लाल शर्मा से चखना पड़ा, जिन्हें उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उन्होंने गांधी परिवार का ‘चपरासी’ कहा था। उनके इस बड़बोलेपन का जवाब जनता ने ईवीएम का बटन दबा कर दिया। उन्होंने राहुल गांधी को 2019 के चुनाव में जितने वोटो से हराया था उससे दोगुनी से ज्यादा वोट से गांधी परिवार के करीबी किशोरी लाल शर्मा ने उन्हें परास्त कर दिया।

    नकारात्मक छवि हुई नाराजगी में तब्दील

    चुनाव परिणाम जानने के बाद लोगों की जिज्ञासा अब यह जानने में हो गई है कि अमेठी में आखिर ऐसा चमत्कार हुआ तो कैसे हुआ? इसके एक नहीं अनेक कारण माने और गिनाए जा सकते हैं। पहले तो यह कि स्मृति ईरानी को यह अंदाजा नहीं था कि राहुल गांधी अमेठी छोड़ देंगे। इसीलिए वह अमेठी में अपने काम गिनाने के बजाय 5 साल तक गांधी परिवार और खास तौर से राहुल गांधी को कोसने में ही लगी रहीं। अमेठी के लोगों में इसी से उनकी नकारात्मक छवि बनी और चुनाव आते-आते यह नकारात्मक छवि नाराजगी में तब्दील हो गई। वोटरों की इस नाराजगी को ईरानी और उनके प्रबंधक आखिर तक पहचान ही नहीं पाए। मतदान के पहले और मतदान के बाद भी ईरानी के लोगों की मनमानी जारी रही। किशोरी लाल शर्मा समेत कई लोगों पर दबाव बनाकर एफआईआर दर्ज कराई गईं। इनमें दो तो यूट्यूबर थे।

    स्मृति ईरानी की अपनी गलतियां

    दरअसल गांधी परिवार को पढ़ने में उनसे यहीं चूक हो गई। चुनाव दर चुनाव दुर्दशा के बावजूद गांधी परिवार देश का सबसे बड़ा राजनीतिक परिवार आज भी माना ही जाता है। गांधी परिवार को हल्के में लेना स्मृति ईरानी की रणनीतिक भूल रही। गांधी परिवार ने 40 साल से रायबरेली-अमेठी के लोगों के अपने माध्यम से सेवा कर रहे किशोरी लाल शर्मा की छवि और काम को आगे करके स्मृति ईरानी को जवाब देने की रणनीति बनाई और प्रियंका गांधी ने उस रणनीति को अपने धुआंधार प्रचार से धार दी। यह नोट करने वाली बात है कि प्रियंका गांधी ने जितना समय भाई के लिए रायबरेली में दिया उतना ही समय अपने परिवार की प्रतिष्ठा से जुड़ी सीट अमेठी में पार्टी प्रत्याशी किशोरी लाल शर्मा के लिए भी दिया। किशोरी लाल शर्मा ने भी अपने प्रचार के दौरान गांधी परिवार से रिश्तों और विकास की कहानी ही बताई स्मृति ईरानी का एक बार नाम भी नहीं लिया। चुनाव में उनकी अपनी यह रणनीति कारगर रही। मतदाताओं ने उनके इस व्यवहार को पसंद भी किया। प्रियंका गांधी की एग्रेसिव कैंपेनिंग तो काम आई ही साथ ही स्मृति ईरानी की अपनी गलतियां भी उनको पराजय के द्वार तक ले जाने में मददगार बनीं। 2019 में राहुल गांधी को हराने वाली ईरानी मदमस्त हो गई। संगठन को दरकिनार करके दूसरे दलों के एक वर्ग विशेष के नेताओं को तवज्जो देना भी उनके लिए चुनाव में घातक साबित हुआ। इन बड़े स्थानीय नेताओं से घिरे रहने की वजह से अमेठी के आम लोग उनसे दूर ही होते गए।

    अमेठी की ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान हमने यह खुद महसूस किया कि आम लोग ईरानी से केवल इसलिए नाराज थे कि वह बड़े लोगों को ही पहचानती हैं। उन्हीं के घर आती जाती हैं और आम लोगों से उनका कोई वास्ता नहीं। उनके इसी व्यवहार ने भाजपा के कट्टर समर्थकों तक को पार्टी से दूर कर दिया। ऐसा एक बड़ा वर्ग इस बार ईरानी को सबक सिखाने के लिए ही किशोरी लाल शर्मा या कांग्रेस के पक्ष में खुद-ब -खुद चला गया। ईरानी की हार में उनके प्रतिनिधि विजय गुप्ता भी एक बड़ा कारण बने। विजय गुप्ता का अहंकार ईरानी से भी बड़ा था। अमेठी के लोग तो यह भी कहते हैं कि ईरानी उसी से बात करती थी, जिसकी तरफ विजय गुप्ता इशारा करते थे। अमेठी में उनके पतन की एक अन्य वजह गैर सरकारी संगठन ‘उत्थान’ भी रहा। ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान लोगों और दबी जुबान भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस संगठन के बारे में भी जो बातें बताईं, वह अविश्वसनीय लगी लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद उन बातों पर गौर करना मजबूरी सा लग रहा है। अमेठी में यह चर्चा आम थी कि ईरानी के सरकारी और सांसद निधि के सारे काम उत्थान संस्था के मार्फत ही होते थे। अब इसमें कितनी सच्चाई है? यह पता करने वाली बात है।

    पूरे 5 साल स्मृति ईरानी आम जनता से तो दूर रहीं ही साथ ही अमेठी की उस परंपरा को भी वह नजरअंदाज कर गईं जो गैर गांधी परिवार के उम्मीदवार के लिए घातक साबित होती रही है। यह परंपरा है गैर गांधी परिवार के उम्मीदवार को दोबारा मौका न देने की। आम जनता इस चुनाव में इस इतिहास को डंके की चोट पर इतिहास कह-सुन रही थी, लेकिन स्मृति ईरानी और उनके इलेक्शन मैनेजर वह आवाज  नहीं सुन पाए। अगर जनता की इस बात को ही ईरानी के मैनेजरों ने गंभीरता से लिया होता तो परिणाम आज ऐसा न होता। अमेठी की जनता ने गैर गांधी परिवार के राजेंद्र प्रताप सिंह को 1977 कैप्टन सतीश शर्मा को 1996 संजय सिंह को 1998 और स्मृति ईरानी को 2019 में अवसर दिया। इतिहास है कि इन सभी को अमेठी की जनता ने दोबारा जीत का अवसर नहीं दिया। इनमें कैप्टन सतीश शर्मा तो कांग्रेस के ही टिकट पर जीते थे और गांधी परिवार के हनुमान कहे जाते थे लेकिन जनता ने उन्हें भी दोबारा आम चुनाव में अवसर नहीं दिया।

    -गौरव अवस्थी

  • तबादले की जद में आए कुल 11 इंस्पेक्टर और 06 सब इंस्पेक्टर

    दो कोतवाल समेत 04 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

    बिजनौर। लोकसभा चुनाव परिणाम आने के कुछ ही घंटों में पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने पुलिस महकमे में व्यापक फेरबदल कर दिया है। दो प्रभारी निरीक्षक, एक थानाध्यक्ष व एक उपनिरीक्षक समेत चार पुलिस कर्मियों को लाइंस भेज दिया गया है। कुल 11 इंस्पेक्टर और 06 सब इंस्पेक्टर तबादले की जद में आए हैं।

    पुलिस कार्यालय से जारी बयान के अनुसार विभागीय कार्यवाही में दोषी पाए जाने के कारण थाना नूरपुर के प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार और थाना नगीना के प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार को पुलिस लाइंस भेज दिया है। थाना साइबर क्राइम के निरीक्षक धीरेंद्र कुमार गंगवार अब प्रभारी निरीक्षक थाना नूरपुर का दायित्व संभालेंगे। वहीं क्राइम ब्रांच इन्वेस्टिंग विंग में तैनात निरीक्षक प्रवेश कुमार को प्रभारी निरीक्षक नगीना की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली शहर सुशील कुमार को थाना बढ़ापुर की कमान सौंपी गई है। वहीं बढ़ापुर के प्रभारी निरीक्षक कोमल सिंह को क्राइम ब्रांच इन्वेस्टिंग विंग भेजा गया है। प्रभारी निरीक्षक एएचटीयू श्रीमती पुष्पा को थाना हीमपुर दीपा का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है जबकि एएचटीयू में निरीक्षक प्रेमपाल सिंह अब एएचटीयू में ही प्रभारी निरीक्षक का कार्यभार संभालेंगे। थाना नूरपुर के निरीक्षक अपराध माधो सिंह बिष्ट को इसी पद पर थाना स्योहारा भेजा गया है। निरीक्षक अपराध थाना स्योहारा नरेशपाल सिंह को इसी पद पर थाना नूरपुर में तैनाती दी गई है। इनके अलावा थानाध्यक्ष नगीना देहात के अस्वस्थ होने के चलते 30 दिवस उपार्जित अवकाश पर होने के कारण अग्रिम आदेश तक निरीक्षक अजीत सिंह रोरिया कार्यवाहक थाना प्रभारी नगीना देहात के दायित्वों का निर्वहन करेंगे।

    इसी प्रकार 11 उप निरीक्षकों में से थानाध्यक्ष किरतपुर उदय प्रताप को थानाध्यक्ष कोतवाली शहर, थानाध्यक्ष शिवाला कलां तेजपाल सिंह को थानाध्यक्ष किरतपुर, प्रभारी चौकी अम्हेड़ा हल्दौर ब्रजकिशोर शर्मा को थानाध्यक्ष शिवाला कलां, थानाध्यक्ष हीमपुर दीपा श्रीमती अन्नू कुमारी एवं थाना चांदपुर से राजेंद्र कुमार को पुलिस लाइंस भेजा गया है।

  • सतीश मिश्र ‘अचूक’ को ज्ञान स्वरूप ‘कुमुद’ साहित्य शिरोमणि सम्मान

    राम किशोर वर्मा को ‘कुमुद’ साहित्य रत्न सम्मान

    ज्ञान स्वरूप ‘कुमुद’ की जयंती पर साहित्यकार सम्मानित

    बरेली। साहित्यकार ज्ञान स्वरूप ‘कुमुद’ स्मृति- सम्मान समिति, बरेली के तत्वावधान में कुमुद- जयंती पर स्थानीय लोक खुशहाली सभागार में उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट के संयोजन में कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। अध्यक्षता रामपुर के वरिष्ठ साहित्यकार जितेंद्र कमल आनंद ने की। मुख्य अतिथि समाजसेवी डॉ. विनोद पागरानी एवं विशिष्ट अतिथिगण लखनऊ से पधारे वरिष्ठ कवि कमलेश मौर्य ‘मृदु’ एवं सीता रसोई के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल रहे। कार्यक्रम का संचालन कवि रोहित राकेश ने किया।

    माँ शारदे एवं ‘कुमुद’ जी के चित्र पर माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा किया गया। इस अवसर पर साहित्यिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पूरनपुर से पधारे वरिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार सतीश मिश्र ‘अचूक’ को ज्ञान स्वरूप ‘कुमुद’ साहित्य शिरोमणि सम्मान एवं जयपुर के वरिष्ठ कवि राम किशोर वर्मा को कुमुद साहित्य रत्न सम्मान से विभूषित किया गया। सम्मान स्वरूप उत्तरीय, प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह कार्यक्रम- संयोजक उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट, संस्थाध्यक्ष करुणा निधि गुप्ता, रणधीर प्रसाद गौड़ ‘धीर’ एवं डॉ. महेश मधुकर ने प्रदान किया।

    ‘कुमुद’ जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. महेश मधुकर ने कहा कि ‘कुमुद’ जी ने वर्ष 1982 में कवि गोष्ठी आयोजन समिति की स्थापना की और जनपद के कवियों को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया। वरिष्ठ एवं नवोदित कवियों को एक साथ मंच उपलब्ध कराया। ‘कुमुद’ जी एक अच्छे साहित्यकार होने के साथ ही एक अच्छे इंसान भी थे। आज उनकी जयंती पर हम उन्हें उन्हीं की इन पंक्तियों के साथ नमन करते हैं-
    जीवन तो मेरा दास हुआ, मैं जीवन का दास नहीं
    मैंने तो चलना सीखा है, रुकने का अभ्यास नहीं।
    कवि सम्मेलन में नगर एवं बाहर के कवियों ने अपनी  रचनाओं के माध्यम से ‘कुमुद’ जी को याद किया।

    कार्यक्रम में डॉ. एमएन अग्रवाल, विशाल मेहरोत्रा, दिलीप कुमार अग्रवाल, ज्ञान देवी सत्यम् , इंद्रदेव त्रिवेदी, डॉ. दीपंकर गुप्त, डॉ. मुकेश मीत, पीएस भारती, निर्भय सक्सेना, राजबाला धैर्य, किरण प्रजापति दिलवारी, शैफाली सक्सेना, पूनम सक्सेना, प्रीती सक्सेना, अतुल सक्सेना, उत्पल स्वरूप, शंकर स्वरूप एवं योगेश जौहरी आदि बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

  • नहीं खोल पाई खाता, वोट शेयर भी गिर कर रह गया 9.39 प्रतिशत

    लोकसभा चुनाव: नतीजों से बसपा के अस्तित्व पर संकट

    लखनऊ (फुरकान)। लोकसभा चुनाव में यूपी की 80 सीटों के नतीजों ने दलितों की पार्टी बसपा के अस्तित्व पर ही संकट खड़ा कर दिया है।

    2024 के लोकसभा चुनाव मायावती की बहुजन समाज पार्टी उत्तर प्रदेश में खाता तक नहीं खोल पाई। इससे भी बड़ी बात यह है कि बसपा का वोट शेयर 2009 के 27.42 प्रतिशत से गिरकर इस चुनाव में मात्र 9.39 प्रतिशत ही रह गया है। बसपा के वोट शेयर में 18 प्रतिशत गिरावट ने बसपा के अस्तित्व पर ही संकट खड़ा कर दिया है। मतलब साफ है कि बसपा का कोर वोटर जाटव भी पार्टी से खिसक गया है।पिछले दस वर्ष में बसपा सुप्रीमो मायावती की राजनीति तथा कार्यशैली ने मुसलमानों को पूरी तरह आश्वस्त कर दिया कि मायावती जेल जाने के डर से भाजपा के निर्देश पर काम कर रही हैं और इसीलिए वह विपक्ष के इंडी गठबंधन में शामिल नहीं हुई। इन परिस्थितियों को भांप कर मुसलमानों ने सपा कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवारों को जमकर वोट दिया। नगीना सीट अपवाद रही।

    चुनाव के बीच आकाश आनंद को हटाना पड़ा भारी !

    बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर बसपा का नेशनल कोऑर्डिनेटर बना दिया था। युवा व ऊर्जावान आकाश आनंद के व्यक्तित्व और उनकी भाषण शैली से न केवल दलित समाज के युवाओं में ऊर्जा भर रही थी बल्कि मुसलमान भी आकाश आनंद को राजनीति में लंबी रेस का घोड़ा मान रहा था। आकाश आनंद ने अपनी राजनीति की शुरूवात नगीना से की। पांच अप्रैल को उन्होंने नगीना लोकसभा सीट के बसपा प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह के समर्थन में अपनी पहली चुनावी जनसभा को संबोधित किया। आकाश आनंद ने सीधे भाजपा पर ताबड़तोड़ हमले कर संकेत दिया कि भाजपा का मुकाबला केवल बसपा ही कर सकती है। उसके बाद भी आकाश आनंद ने अपनी अन्य चुनावी जनसभाओं में भी भाजपा पर ताबड़तोड़ हमले जारी रखे, लेकिन मायावती ने आनन फानन में आकाश आनंद को बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक, बसपा के स्टार प्रचारक समेत तमाम पदों से हटा दिया और उनकी चुनावी जनसभाओं पर रोक लगा दी। मायावती द्वारा बीच चुनाव में लिए गए इस फैसले से जनता में संदेश गया कि जेल जाने के डर से मायावती भाजपा की कठपुतली बन गई हैं। भाजपा की बी टीम बन चुकी मायावती की बसपा दलितों और मुसलमानों का कोई भला नहीं करेंगी?

    राजनैतिक गलतियों से नहीं लिया सबक

    बसपा सुप्रीमो मायावती ने 2019 का लोकसभा चुनाव सपा के साथ मिलकर लड़ा था। मायावती को इसका फायदा ये हुआ कि 2014 के लोकसभा चुनावों में एक भी सीट न जीत पाने वाली बसपा 2019 के लोकसभा चुनावों में यूपी में 10 सीटें जीत गई थी। हालांकि गठबंधन का सपा को कोई फायदा नहीं हुआ और सपा के मात्र पांच उम्मीदवार ही जीत पाए थे, लेकिन 2022 के विधानसभा चुनावों से पूर्व मायावती ने सपा से गठबंधन तोड़ दिया। वह अकेले चुनाव मैदान में उतरीं और यूपी की 403 विधानसभा सीटों में से मात्र एक सीट पर ही जीत दर्ज कर सकीं। जानकारों का कहना है कि मायावती ने अपनी राजनैतिक गलतियों से सबक नहीं लिया। 2024 के लोकसभा चुनावों में मायावती ने विपक्षी इंडी गठबंधन में शामिल होने से साफ इंकार कर अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया। इधर भाजपा के बड़े नेता लगातार संविधान बदलने की बात कर रहे थे, तो मुसलमान बसपा से पूरी तरह टूट गया और संविधान बदले जाने पर आरक्षण खत्म हो जाने के भय से दलितों ने भी किनारा कर लिया। मुसलमान और दलित सपा कांग्रेस गठबंधन के साथ चले गए इसलिए बसपा का वोट शेयर घट कर मात्र 9.39 प्रतिशत रह गया और बसपा का खाता तक भी नहीं खुल सका।

  • धामपुर शुगर मिल का कार्यक्रम

    शिवसेना जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह का सम्मान

    बिजनौर। धामपुर शुगर मिल के अधिकारियों द्वारा तोमर बैंक्विट हॉल बागड़पुर में एक किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चांदपुर क्षेत्र के किसान व मिल के अधिकारियों ने भाग लिया।

    गोष्ठी के उपरांत मिल के अधिकारियों धामपुर गन्ना प्रबंधक ओमवीर सिंह व मुजफ्फरनगर गन्ना शोध संस्थान के डॉक्टर अवधेश डागर, यूनिट हेड निष्काम गुप्ता, करुण अग्रवाल, लाल बहादुर व किसान यूनियन के पूर्व जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह ने समाजसेवी गुड सेमिटर्न उत्तर प्रदेश शिवसेना जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह को सामाजिक कार्य करने व दुर्घटनाओं में घायलों की तत्काल मदद करने पर शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। 

  • UP: दलितों का फर्जी जाति प्रमाण बनाकर आरक्षण का लाभ लेने का आरोप, तहसीलदार सहित आठ पर मुकदमा दर्ज

    नगीना तहसील से जारी हुआ एससी सर्टिफिकेट और शिकायतकर्ता विश्व दलित परिषद के अध्यक्ष भूपेंद्र चमार
    नगीना तहसील से जारी हुआ एससी सर्टिफिकेट और शिकायतकर्ता विश्व दलित परिषद के अध्यक्ष भूपेंद्र चमार

    विश्व दलित परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बिजनौर के नगीना थाने में दर्ज कराई एफआईआर

    उत्तर प्रदेश। यूपी के बिजनौर जिले में फर्जी अनुसूचित जाति (एससी) जाति प्रमाण पत्र बनवाकर आरक्षण का लाभ लेने का मामला सामने आया है। विश्व दलित परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस मामले में तहसीलदार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। इस मामले में नगीना पुलिस ने तहसीलदार सहित आठ लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। यह एफआईआर धोखाधड़ी और एससी-एसटी समेत अन्य धाराओं में दर्ज कराई गई है।

    नगीना तहसील से जारी हुआ एससी सर्टिफिकेट

    दरअसल पूरा मामला बिजनौर के नगीना का है। विश्व दलित परिषद के अध्यक्ष व आंबेडकर कॉलोनी के रहने वाले भूपेंद्र पाल सिंह पुत्र गंगाराम ने एसपी नीरज कुमार जादौन को प्रार्थना पत्र दे कर बताया था कि नगीना देहात थाना क्षेत्र के गांव साबूवाला निवासी जसवंत सिंह पुत्र मदन सिंह ने तहसीलदार और स्टाफ से हमसाज होकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 24 सितंबर 2002 को मूल जाति को छिपाकर अपना एससी का फर्जी प्रमाण पत्र बनावाया था। प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सभी को जसवंत सिंह ने मोटी रकम भी दी थी। भूपेंद्र पाल सिंह ने बताया कि, “मैं दलित होने के कारण अनुसूचित जाति समाज व अन्य समस्त गरीबों, महिलाओं, मजदूरों की आवाज अपने सामाजिक संगठन, विश्व दलित परिषद (वर्ल्ड दलित काउंसिल) के माध्यम से उठता हूँ। मेरा संगठन भारत में गरीबों, एससी एसटी महिलाओं पिछड़ों, किसानों पर हो रहे उत्पीड़न के खिलाफ एवं फर्जी, बोगस कूटरचित एससी, एसटी, ओबीसी सर्टिफिकेट्स पर अवैध रूप से विधि विरुद्ध लाभ लेने पर संवैधानिक व न्यायोचित तरीके से कानूनी कार्यवाही कराकर व शांतिपूर्वक आंदोलन, धरना प्रदर्शन, भूख हडताल कर पीड़ितों को न्याय दिलाता रहता है। इस तरह हजारों फर्जी, बोगस, कूटरचित एससी, एसटी, ओबीसी सर्टिफिकेट्स निरस्त कराए गए। इनमें से कुछ के विरुद्ध मुकदमा भी दर्ज कराया है।”

    फर्जी सर्टिफिकेट बनवाकर लाभ लेने वालों की संख्या बढ़ रही

    भूपेंद्र आगे बताते हैं, “भारत में अनुसूचित जाति का सर्टिफिकेट बनवाकर आरक्षण का लाभ लेने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रत्येक जिले में अनुमानित 1000-1500, 2000 फर्जी एससी, एसटी, ओबीसी सर्टिफिकेट्स धारक हैं और देश में अनुमानित इनकी संख्या 10 लाख के लगभग है। केंद्र सरकार, राज्य सरकारें, राजनीतिक पार्टियां व राजनीतिक लोग, एमसी, एसटी, ओबीसी समाज के पढ़े लिखे शिक्षित तथा कथित इंटेलेक्चुअल लोग अन्य सामाजिक संगठन, एक – दो संगठनों को छोड़कर अन्य लाखों संगठनों के पदाधिकारी भी इसमें विशेष रुचि नहीं लेते हैं, क्योंकि यह जोखिम व लंबा संघर्ष करने वाला कार्य है।”

    शिकायतकर्ता, भूपेंद्र चमार अध्यक्ष विश्व दलित परिषद

    भूपेंद्र के अनुसार, जसवंत सिंह पुत्र मदन सिंह निवासी ग्राम साबूवाला, तहसील – नगीना, जिला-बिजनौर, उत्तर प्रदेश, मूल निवासी ग्राम बैजनाथपुर, परगना व तहसील ठाकुरद्वारा जिला मुरादाबाद ने कूट रचनाकर, कूटरचित कागजातों के आधार पर व झूठे शपथ पत्र देकर, अपनी मूल जाति छिपाकर व तत्कालीन हलका लेखपाल कानूनगो, नाजिर लिपिक व तहसीलदार नगीना व अन्य तहसील कर्मचारियों नाम व पता अज्ञात से मिली भगत कर मोटी रिश्वत देकर भ्रष्टाचार के बल पर दिनांक 24 सितंबर 2024 को अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र संख्या 2480 नगीना तहसील से बनवा लिया और अनुसूचित जाति के लाभ ले रहा है।

    21 साल बाद गठित हुई जांच टीम

    भूपेंद्र बताते हैं, “विश्व दलित परिषद के लंबे संघर्ष एवं आंदोलन के 21 वर्ष बाद, जिलाधिकारी, बिजनौर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र स्कूटनी कमिटी ने 24 जनवरी 2024 को प्रमाण पात्र निरस्त कर दिया। इसके बाद जसवंत सिंह व उनके साथ दो व्यक्तियों ने रास्ते में रोककर गाली गलौज की व जान से मारने की धमकी दी।”

    फिलहाल एसपी नीरज जादौन के निर्देश पर नगीना पुलिस ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र के लाभार्थी जसवंत सिंह तत्कालीन तहसीलदार, हलका लेखपाल, कानूनगो, नाजिर, लिपिक समेत आठ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और एससी-एसटी समेत कई संगीना धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

  • सरकार बनाने का नंबर गेम: नीतीश-नायडू NDA छोड़ दें, तो भी कैसे तीसरी बार PM बनेंगे मोदी; 7 सिनेरियो से समझिए..!!

    नई दिल्ली (एजेंसियां)। लोकसभा चुनाव के नतीजे साफ हो चुके हैं। अब सवाल सरकार बनाने का है। BJP अपने बूते बहुमत हासिल नहीं कर पाई, लेकिन उसकी NDA ने 292 सीटें जीत ली हैं। यानी बहुमत से 20 ज्यादा।

    दूसरी तरफ 234 सीटों वाला इंडि एलायंस भी सरकार बनाने की जुगत में है, लेकिन पलड़ा NDA का भारी है। मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने से कुछ ही दिनों की दूरी पर हैं। मगर कैसे आइए 7 सिनेरियो से समझते हैं-

    सबसे पहले दोनों गठबंधनों के आंकड़े जान लेते हैं-

    लोकसभा में 543 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए कम से कम 272 सीटें चाहिए। BJP की अगुआई वाले NDA गठबंधन को 292 सीटें मिली हैं।


    पहला सिनेरियो : अगर चंद्र बाबू की TDP, NDA का साथ छोड़ती है तो-
    NDA के पास 292 सीटें हैं, इनमें TDP की हिस्सेदारी 16 है। अगर TDP, इंडी एलयांस के साथ जाती है, तो NDA के पास 276 सीटें बचेंगी। यानी बहुमत से 4 सीटें ज्यादा। NDA की सरकार बन जाएगी।
    292-16 = 276 (NDA बहुमत से 4 ज्यादा)

    दूसरा सिनेरियो : अगर नीतीश की जदयू, NDA का साथ छोड़ती है तो
    NDA के पास 292 सीटे हैं, जिसमें जदयू के पास 12 सीटें हैं। अगर जदयू, इंडी के साथ जाती है, तो NDA के पास 280 सीटें रहेंगी। यानी बहुमत से 8 सीटें ज्यादा। NDA की सरकार बन जाएगी।
    292-12=280 (NDA बहुमत से 8 ज्यादा)

    तीसरा सिनेरियो : अगर TDP और जदयू दोनों NDA का साथ छोड़ते हैं
    TDP की 16 और जदयू की 12 सीटें मिलकर 28 के आंकड़े पर पहुंचती हैं। अगर NDA की कुल 292 सीटों में से TDP और जदयू की सीटें माइनस कर दें तो आंकड़ा 264 पहुंचेगा। यानी बहुमत से 8 सीटें कम। ऐसे में NDA सरकार बहुमत से पीछे रह जाएगी।
    TDP+ जदयू यानी 16+12 = 28
    अब 292-28 = 264 (NDA बहुमत से 8 सीटें पीछे हो जाएंगी, लेकिन NDA बड़ा गठबंधन रहेगा)
    पहले और दूसरे सिनेरियो में NDA के पास बहुमत है। ऐसे में प्री पोल एलायंस को बहुमत मिलने की स्थिति में राष्ट्रपति, NDA के नेता को सरकार बनाने के लिए इनवाइट करेंगे। गठबंधन के नेता होने की वजह से मोदी प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे।

    तीसरे सिनेरियो में भले ही NDA बहुमत से पीछे रहेगी, लेकिन सबसे बड़ा गठबंधन होने की स्थिति में राष्ट्रपति उसे सरकार बनाने के लिए इनवाइट करेंगे। इस स्थिति में भी नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। हालांकि, बहुमत साबित करने के लिए उन्हें 8 सीटों की जरूरत होगी।

    इस बार निर्दलीय और कई छोटे-छोटे ऐसे दल, जो किसी गठबंधन में शामिल नहीं हैं, उन्हें कुल मिलाकर 18 सीटें मिली हैं। मोदी इन दलों या प्रत्याशियों को साथ लाकर बहुमत का आंकड़ा जुटा सकते हैं।

    क्या इंडी एलायंस की सरकार बन सकती है…आइए समझते हैं-

    पहला सिनेरियो : अगर जदयू, NDA छोड़कर इंडिया एलायंस के साथ आ जाए तो
    जदयू के पास 12 सीटें हैं। अगर वह इंडी एलायंस के साथ आती है, तो इनका आंकड़ा 246 पहुंच जाएगा। इसके बाद भी वह बहुमत के आंकड़े से 28 सीटें पीछे रह जाएगी।
    234+12 = 246 ( INDIA बहुमत से 28 सीटें कम)

    दूसरा सिनेरियो : अगर TDP, NDA छोड़कर इंडिया एलांयस के साथ आए तो
    TDP को 16 सीटों पर जीत मिली है। अगर वह इंडिया एलायंस के साथ आती है, तो इनका आंंकड़ा 250 पहुंच जाएगा। इसके बाद भी इंडिया बहुमत के आंकड़े से 22 सीटें पीछे रह जाएगी।234+16 = 250 ( INDIA बहुमत से 22 सीटें कम)

    तीसरा सिनेरियो : अगर जदयू और TDP दोनों इंडिया एलायंस में आ जाए तो
    TDP और जदयू को मिलाकर 28 सीटें हैं। ये दोनों इंडी एलायंस के साथ जुड़ती हैं, तो आंकड़ा 262 पहुंचेगा। इसके बाद भी इंडी एलायंस 10 सीटों से बहुमत से पीछे रह जाएगा।
    TDP + जदयू यानी 16+12 = 28
    अब 234+28 = 262 ( INDIA बहुमत से 10 सीटें पीछे)

    चौथा सिनेरियो : अगर जदयू, TDP और लोजपा (राम विलास) इंडिया के साथ आ गए तो
    TDP की 16, जदयू की 12 और लोजपा (राम विलास) की 5 सीटों को इंडिया एलायंस की सीटों में शामिल करें, तो इनका आंकड़ा पहुंचता है 267, यानी बहुमत से 5 सीटें कम। यानी इन तीनों पार्टियों के साथ आने के बाद भी इंडी एलायंस बहुमत से पीछ रह जाएगी।
    TDP + जदयू यानी+ लोजपा (राम विलास) 16+12+5 = 33
    अब 234+33 = 267 ( I.N.D.I.A. बहुमत से 5 सीटें पीछे)

    इलेक्शन के नंबर गेम से साफ है कि नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। संवैधानिक रूप से भी मोदी का पलड़ा भारी है।

    दरअसल, भारत के राष्ट्रपति परंपरा के मुताबिक सबसे बड़े एलायंस या सबसे बड़े दल को सरकार बनाने के लिए इनवाइट करते हैं। इस चुनाव में 292 सीटों के साथ NDA सबसे बड़ा गठबंधन है और 240 सीटों के साथ BJP सबसे बड़ा दल।

    अगर NDA के कुछ साथी साथ छोड़ देते हैं और इंडी एलायंस बहुमत का दावा करता है, तो भी राष्ट्रपति अपनी संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए BJP को बड़ा दल होने के नाते सरकार बनाने के लिए इनवाइट कर सकते हैं।

    एक्सपर्ट्स के मुताबिक एक बार सरकार बनाने के बाद मोदी को बहुमत जुटाने में खास दिक्कत नहीं होगी। यानी, इस बार भी मोदी के PM बनने की प्रबल संभावना है।

  • कायस्थ संपत्तियों पर कुदृष्टि, अवैध कब्जे

    2024 में चीखते चिल्लाते बिलबिलाते कराहते कायस्थों की कुछ पीड़ा भी सुनते जाना कायस्थों के साथ हो रहे अन्याय अत्याचार अपमान को भी पढ़ते जाना। लखनऊ का चित्रगुप्त मंदिर ठाकुरगंज, जिसमें परशुराम की मूर्ति लगा दी गई। उत्तर प्रदेश विधान भवन के सामने भारत रत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम पर बने हुए लोक भवन में अटल बिहारी बाजपेई की मूर्ति लगा दी गई। लोकनायक जयप्रकाश नारायण की मूर्ति का कुछ अता पता ही नहीं है।।

    https://youtu.be/bFl5Kdm-b98?si=8IFnGjocrPCGV_zB
    https://youtube.com/shorts/JlID4RXsFJg?si=VtwoXcNQspseKSzF

    चित्रगुप्त आश्रम मिर्रीकलां चित्रगुप्त सिटी लखनऊ कानपुर रोड, कायस्थ छात्रावास नवी उल्ला रोड अमीनाबाद, कायस्थ पाठशाला ट्रस्ट कठवारा सीतापुर रोड की विभिन्न सम्पत्तियां, चित्रगुप्त निगम मंदिर हुसेनगंज विधानसभा रोड, चित्रगुप्त मंदिर गौस नगर लखनऊ सहित विभिन्न कायस्थ संपत्तियों पर केवल कुदृष्टि ही नहीं है बल्कि अराजक आतंकी तत्व खुले आम अवैध कब्जा जमाए बैठे हुए हैं। कहां गई तथाकथित बुलडोजर एनकाउंटर गाड़ी पलटाऊ फर्जी राष्ट्र वादियों की सरकार जो कम से कम शांतिदूतों से तो कायस्थ संपत्तियों को मुक्त करा दे बाकी सब गैर कायस्थ खाते पीते मौज उड़ाते रहें कोई बात नहीं।

    कायस्थ समाज के महानुभाव जो पूरे देश दुनिया राष्ट्र के कायस्थ उत्थान का ठेका पट्टा कोटा कट्टा लिए घूमते फिरते रहते हैं सोशल मीडिया पर खूब हाय तौबा मचाते रहते हैं, उनसे करबद्ध निवेदन है कि इन कायस्थ  संपत्तियों पर अवैध कब्जे कर की जा रही लूट पर भी अपनी नजरें इनायत करें!

    ~महर्षि इन्द्र प्रकाश बौद्ध महिषासुर चित्रगुप्त आश्रम मिर्रीकलां चित्रगुप्त सिटी लखनऊ कानपुर रोड 8564923414, 9335790795

  • परमिशन की आड़ में दिन रात सड़कों पर दौड़ रहे हैं मिट्टी से भरे दर्जनों डंपर

    मिट्टी के अवैध खनन का धंधा परवान पर

    बिजनौर। हल्दौर रोड इण्डिया ढाबे और मंडावली क्षेत्र में बड़े पैमाने पर दिन रात चल रहे अवैध खनन से शासन प्रशासन को चूना लगाया जा रहा है। परमिशन की आड़ में कई दर्जन मिट्टी से भरे डंपर दिन रात सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
    खनन अधिकारी और प्रशासन की सरपरस्ती में इन दिनों मिट्टी के अवैध खनन का धंधा परवान पर है। खनन कारोबारी धरती का सीना छलनी कर अवैध कालोनियों में भराव कर रहे हैं। खनन फावड़े के बजाय जेसीबी से हो रहा है, अनुमति से अधिक स्थानों पर हो रहा है, जितने गहराई तक खुदाई की अनुमति है, उसके दोगुना खोदा जा रहा है। और यह सब राजनीतिक और कुछ प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से चल रहा है। जिले के आला अधिकारियों तक को इस बात की सूचना होने के बावजूद अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई खनन कारोबारी के खिलाफ नहीं की गई। बताया जाता है कि एनजीटी के आदेशों को पूरी तरह हवा में उड़ाते हुए खनन कारोबारी पुलिस, प्रशासन और खनन विभाग तीनों से सेटिंग कर धड़ल्ले से अपना काम कर रहे हैं। क्षेत्र में कालोनियों में भराव के नाम पर रातों-रात खनन कर कई दर्जन डंपर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। मिट्टी खनन की शिकायतें लोगों ने कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से कीं, लेकिन खनन कारोबारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

    इस कारण खनन कारोबारी भराव के नाम पर ठेका ले रहे हैं। शहर हो या देहात क्षेत्रों में मिट्टी के अवैध खनन का कारोबार बड़े स्तर पर चल रहा है। रात भर सड़कों पर मिट्टी से भरे डंपर दौड़ते रहते हैं। बिजनौर में इण्डिया ढाबे के पास भट्टे के अन्दर जा रहे मार्ग पर बड़े पैमाने पर मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है। इतना ही नहीं अनुमति से दोगुना स्थानों पर अवैध खनन और वो भी जेसीबी से किया जा रहा है। यही नहीं जितनी गहराई तक खुदाई की अनुमति मिली है, उससे दोगुना से ज्यादा खुदाई करने के कारण बहुत स्थानों पर खाई बन गई हैं। जानकारों का कहना है कि अवैध मिट्टी खनन के कारण खेतों से उर्वरा शक्ति समाप्त होती जा रही है। यही हाल रहा तो अधिकतर भूमि बंजर हो जाएगी।

    जेसीबी नहीं, फावड़े से है अनुमति

    मिट्टी खनन के लिए जेसीबी से खनन करने की मंजूरी नहीं दी जाती है। रायल्टी जमा करने के बाद भी जेसीबी से खनन करने की मंजूरी न देते हुए प्रशासन सिर्फ फावड़े से ही मिट्टी उठाने की अनुमति देता है। इसके बावजूद खुलेआम जेसीबी से खनन किया जा रहा है। खनन माफिया प्लाटिंग करने वालों से हर ट्राली के हिसाब से ठेका कर लेते हैं। खनन कारोबारी से हर ट्राली और डंपर के हिसाब से पुलिस और खनन विभाग पैसा लेता है, जिस वजह से उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। शिकायत पर अगर कोई अधिकारी कार्रवाई करने की रणनीति तैयार करते हैं तो सबसे पहले सूचना खनन माफिया तक पहुंच जाती है। सरकारी मानकों को दरकिनार कर मनमर्जी खुदाई से सरकार को भी करोड़ों का नुकसान हो रहा है। जिले के आला अधिकारियों तक को इस बात की सूचना होने के बावजूद अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई खनन माफियाओं के खिलाफ नहीं की गई।

    ये हैं नियम

    मिट्टी के खनन के लिए खनन विभाग की अनुमति जरूरी है। इसके लिए निर्धारित प्रारूप पर डीएम, एडीएम, खनन अधिकारी और बीडीओ के नाम पर एप्लीकेशन देनी होती है। आवेदक को जिस स्थान से मिट्टी लाई जा रही है, उसकी खतौनी के अनुसार भू स्वामी का भी पूरा ब्यौरा देना होता है। यह भी सूचना देनी होती है कि कितनी मिट्टी का खनन हो रहा है, जहां मिट्टी खोदी जा रही है, वहां से निर्माण स्थल कितनी दूर है। मिट्टी ढोने वाले वाहन का नंबर, चालक का नाम और उसका मोबाइल नंबर भी बताना होता है।

  • नगीना सीट पर चंद्रशेखर आजाद की रिकॉर्ड तोड़ जीत

    बिजनौर की नगीना सुरक्षित लोकसभा सीट पर आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी चंद्रशेखर आजाद ने रिकॉर्ड डेढ़ लाख मतों से जीत हासिल की। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी 1.50 लाख वोट से हराया। चंद्रशेखर की जीत का एलान होते ही काउंटिंग हाल के बाहर सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी कर जश्न मनाया।

    Nagina Lok Sabha Result 2024:

    नगीना लोकसभा सीट: यह सीट 2009 में सपा, 2014 में बीजेपी और 2019 में बसपा जीत चुकी है। 2024 के चुनाव में पहली बार दलित युवा नेता चंद्रशेखर आजाद यहां से चुनाव मैदान में उतरे। मुस्लिम और दलित वोटरों का रुख यहां चुनाव परिणाम तय करता है।

    नगीना सुरक्षित सीट से बीजेपी ने ओम कुमार, सपा से मनोज कुमार और बसपा से सुरेंद्र पाल सिंह चुनाव मैदान में उतरे। आजाद समाज पार्टी से चंद्रशेखर आजाद इस सीट से पहली बार चुनाव मैदान में कूदे। इस सीट पर पहले चरण में 19 अप्रैल को मतदान हुआ था। यहां कुल 59.54 प्रतिशत वोटिंग हुई। आज 04 जून को मतगणना संपन्न हुई।

    नगीना सीट पर चंद्रशेखर आजाद बहुत आगे …

    आजाद समाज पार्टी चंद्रशेखर आजाद

    – 11 बजे तक चंद्रशेखर आजाद को 1 लाख 76 हजार 137 वोट मिल चुके थे। वह 59 हजार 981 वोटों से आगे चल रहे थे। वहीं 01 लाख 16 हजार 156 वोट हासिल कर बीजेपी प्रत्‍याशी ओम कुमार दूसरे नंबर पर थे।

    पार्टी / कैंडिडेट
    बीजेपी ओम कुमार
    सपा मनोज कुमार
    बसपा सुरेंद्र पाल सिंह
    आजाद समाज पार्टी चंद्रशेखर आजाद

    2019 में बसपा ने बीजेपी से छीन ली थी सीट

    2019 आम चुनाव में बसपा प्रत्याशी गिरीश चंद्र को 05 लाख 68 हजार 378 वोट मिले थे (कुल वोट का 56.31 प्रतिशत)। बीजेपी के यशवंत सिंह को 04 लाख 1546 मत मिले (39.78 प्रतिशत वोट)। कांग्रेस की ओमवती देवी को 20 हजार 46 वोट (1.99 प्रतिशत) मिले थे। वहीं 06 हजार 528 मतदाताओं ने नोटा के पक्ष में वोट दिया था। यह कुल वोटिंग का 0.65 प्रतिशत था।

    2014 में बीजेपी ने सपा को दी थी मात

    बीजेपी ओम कुमार

    2014 आम चुनाव में बीजेपी ने सपा के कब्‍जे वाली सीट पर अपना परचम लहराया था। बीजेपी के यशवंत सिंह को 03 लाख 67 हजार 825 वोट मिले थे (कुल वोटों का 39.02 प्रतिशत)। सपा प्रत्‍याशी यशवीर सिंह को 02 लाख 75 हजार 435 वोट (29.22 प्रतिशत) मिले। बसपा के गिरीश चंद्र को 02 लाख 45 हजार 685 मत मिले थे (कुल वोट का 26.06 प्रतिशत)। इससे पहले 2009 लोकसभा चुनाव में सपा के यशवीर सिंह ने इस सीट से जीत हासिल की थी।

    मुस्लिम और दलित वोटर निर्णायक

    नगीना लोकसभा सीट पर तकरीबन 16 लाख मतदाता हैं। इसमें लगभग 46 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं जबकि 21 प्रतिशत दलित वोटर्स हैं। इस लोकसभा क्षेत्र में पांच विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं, जिनमें नहटौर, नजीबाबाद, नगीना, धामपुर और नूरपुर शामिल हैं। तकरीबन 70 प्रतिशत मतदाता मुस्लिम और दलित हैं। शेष 30 प्रतिशत मतदाताओं में चौहान, सैनी और कुछ अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाता हैं।

  • 28 हजार वोट से दर्ज की जीत, सपा के दीपक को मिले 364059 लाख वोट

    बहुजन समाज पार्टी के विजेंद्र सिंह हासिल कर सके 214812 वो

    बिजनौर सीट पर जीते रालोद प्रत्याशी चंदन चौहान

    दीपक समाजवादी पार्टी

    बिजनौर। लोकसभा सीट बिजनौर पर राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के प्रत्याशी चंदन चौहान ने जीत दर्ज की है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी दीपक को पराजित किया। रालोद प्रत्याशी चंदन चौहान ने 28 हजार वोट से जीत दर्ज की है। उत्तर प्रदेश के बिजनौर लोकसभा सीट पर पहले फेज में 19 अप्रैल को मतदान हुआ था। यहां से आरएलडी के चंदन चौहान और समाजवादी पार्टी के दीपक के बीच मुख्य मुकाबला रहा। वहीं बीएसपी, सहित अन्य पार्टियों से और निर्दलीय मिलाकर कुल 11 उम्मीदवार मैदान में उतरे थे। इस बार बिजनौर का वोटिंग प्रतिशत 58.21 रहा।

    लोकसभा चुनाव 2024 में राष्ट्रीय लोकदल के प्रत्याशी चंदन चौहान को 396125 वोट मिले हैं, तो वहीं समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी दीपक को 364059 लाख वोट प्राप्त हुए। बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी विजेंद्र सिंह को 214812 वोट मिले जबकि अब्दुल बारी 7947 वोटों के साथ चौथे स्थान पर हैं।

    2024 का वोट प्रतिशत –

    विजेंद्र सिंह बहुजन समाज पार्टी

    बिजनौर में इस बार काफी कम वोटिंग हुई। पिछली बार की तुलना में मतदान प्रतिशत 7.09 प्रतिशत कम रहा। इस बार जहां 58.21 प्रतिशत वोटिंग हुई, वहीं पिछली बार 2019 में 65.30 प्रतिशत मतदान हुआ था।

    लोकसभा चुनाव 2019 का परिणाम

    बिजनौर लोकसभा सीट पर कुल 13 उम्मीदवार मैदान में उतरे। बीजेपी से भारतेंद्र सिंह और गठबंधन से बीएसपी के मलूक नागर मैदान में थे। कांग्रेस से नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने चुनाव लड़ा था। इस सीट से बीएसपी के मलूक नागर ने जीत हासिल की, उन्हें 5,56,556 वोट मिले थे। वहीं बीजेपी के भारतेंद्र सिंह 4,86,362 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे और कांग्रेस के नसीमुद्दीन सिद्दीकी 25,833 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे थे।

  • सीनियर पीसीएस अफसर के खाना खाते समय का मामला

    कढ़ाई पनीर में निकली हड्डी, होटल सील

    सीनियर पीसीएस अफसर के खाना खाते समय कढ़ाई पनीर में हड्डी निकल आई। उनकी शिकायत पर एसडीएम के साथ मौके पर पहुंची खाद्य विभाग की टीम ने जांच के लिए सैंपल लिया। इस के साथ होटल सील कर दिया गया।

    अमरोहा। उत्तर प्रदेश के जिला अमरोहा में हाइवे पर स्थित एक होटल में उत्तराखंड के अफसर खाना खाने रुके, उन्होंने कड़ाही पनीर ऑर्डर किया। खाने के दौरान पनीर में हड्डी निकल आई। उन्होंने तुरंत इस मामले की शिकायत प्रशासन से की। इसके बाद अधिकारियों व खाद्य टीम ने मौके पर पहुंचकर सैंपल लिया और होटल को सील कर दिया। वहीं सीनियर पीसीएस अफसर उड़ीसा में अपनी ऑब्जर्वर की ड्यूटी के लिए रवाना हो गए।

    अमरोहा की औद्योगिक नगरी गजरौला में नेशनल हाइवे 9 पर कई होटल हैं। बताया गया है कि उत्तराखंड से सीनियर पीसीएस अधिकारी श्रीश कुमार दिल्ली जा रहे थे। वे हाइवे पर स्थित हवेली होटल पर खाना खाने रुके। उन्होंने खाने में कड़ाही पनीर ऑर्डर किया। खाने के दौरान कड़ाही पनीर में हड्डी निकल आई। पनीर में हड्डी देख सीनियर पीसीएस अधिकारी ने तुरंत इसकी शिकायत जिला प्रशासन से की।
    एसडीएम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए खाद्य विभाग की टीम को मौके पर बुलाया खाने के सैंपल लिए गए। वहीं होटल को सील कर दिया गया।

  • आचार्य वागभट्ट जी के अनुसार कीजिए एकरेखीय बर्तनों का त्याग

    जानिए लोटा और गिलास के पानी में अंतर

    कभी भी ना पियें गिलास में पानी

    ~ शैली सक्सेना

    भारत में हजारों साल की पानी पीने की जो सभ्यता है वो गिलास नहीं है, ये गिलास जो है विदेशी है. गिलास भारत का नहीं है. गिलास यूरोप से आया और यूरोप में पुर्तगाल से आया था. ये पुर्तगाली जबसे भारत देश में घुसे थे तब से गिलास में हम फंस गए. गिलास अपना नहीं है. अपना लोटा है और लोटा कभी भी एकरेखीय नहीं होता. तो आचार्य वागभट्ट जी कहते हैं कि जो बर्तन एकरेखीय हैं उनका त्याग कीजिए. वो काम के नहीं हैं. इसलिए गिलास का पानी पीना अच्छा नहीं माना जाता. लोटे का पानी पीना अच्छा माना जाता है. इस पोस्ट में हम गिलास और लोटा के पानी पर चर्चा करेंगे और दोनों में अंतर बताएँगे.

    फर्क सीधा सा ये है कि आपको तो सबको पता ही है कि पानी को जहाँ धारण किया जाए, वैसे ही गुण उसमें आते हैं. पानी के अपने कोई गुण नहीं हैं, जिसमें डाल दो उसी के गुण आ जाते हैं. दही में मिला दो तो छाछ बन गया, तो वो दही के गुण ले लेगा. दूध में मिलाया तो दूध का गुण.

    लोटे में पानी अगर रखा तो बर्तन का गुण आईगा. अब लोटा गोल है तो वो उसी का गुण धारण कर लेगा और अगर थोड़ा भी गणित आप समझते हैं तो हर गोल चीज का सरफेस टेंशन कम रहता है. क्योंकि सरफेस एरिया कम होता है तो सरफेस टेंशन कम होगा. तो सरफेस टेंशन कम हैं तो हर उस चीज का सरफेस टेंशन कम होगा और स्वास्थ्य की दष्टि से कम सरफेस टेंशन वाली चीज ही आपके लिए लाभदायक है. अगर ज्यादा सरफेस टेंशन वाली चीज आप पियेंगे तो बहुत तकलीफ देने वाला है क्योंकि उसमें शरीर को तकलीफ देने वाला एक्स्ट्रा प्रेशर आता है.

    गिलास और लोटा के पानी में अंतर

    गिलास के पानी और लोटे के पानी में जमीं आसमान का अंतर है. इसी तरह कुंए का पानी, कुंआ गोल है इसलिए सबसे अच्छा है. आपने थोड़े समय पहले देखा होगा कि सभी साधू संत कुंए का ही पानी पीते हैं. न मिले तो प्यास सहन कर जाते हैं, जहाँ मिलेगा वहीं पीयेंगे. वो कुंए का पानी इसीलिए पीते हैं क्यूंकि कुंआ गोल है, उसका सरफेस एरिया कम है. सरफेस टेंशन कम है और साधू संत अपने साथ जो केतली की तरह पानी पीने के लिए रखते हैं वो भी लोटे की तरह ही आकार वाली होती है.

    सरफेस टेंशन कम होने से पानी का एक गुण लम्बे समय तक जीवित रहता है. पानी का सबसे बड़ा गुण है सफाई करना. अब वो गुण कैसे काम करता है वो आपको बताते हैं. आपकी बड़ी आंत है और छोटी आंत है, आप जानते हैं कि उसमें मेम्ब्रेन है और कचरा उसी में जाके फंसता है. पेट की सफाई के लिए इसको बाहर लाना पड़ता है. ये तभी संभव है जब कम सरफेस टेंशन वाला पानी आप पी रहे हों. अगर ज्यादा सरफेस टेंशन वाला पानी है तो ये कचरा बाहर नहीं आएगा, मेम्ब्रेन में ही फंसा रह जाता है.

    दूसरे तरीके से समझें, आप एक एक्सपेरिमेंट कीजिए. थोड़ा सा दूध लें और उसे चेहरे पे लगाइए, 5 मिनट बाद रुई से पोंछिये. तो वो रुई काली हो जाएगी. स्किन के अन्दर का कचरा और गन्दगी बाहर आ जाएगी. इसे दूध बाहर लेकर आया. अब आप पूछेंगे कि दूध कैसे बाहर लाया तो आप को बता दें कि दूध का सरफेस टेंशन सभी वस्तुओं से कम है. तो जैसे ही दूध चेहरे पर लगाया, दूध ने चेहरे के सरफेस टेंशन को कम कर दिया क्योंकि जब किसी वस्तु को दूसरी वस्तु के सम्पर्क में लाते हैं तो वो दूसरी वस्तु के गुण ले लेता है.

    इस एक्सपेरिमेंट में दूध ने स्किन का सरफेस टेंशन कम किया और त्वचा थोड़ी सी खुल गई और त्वचा खुली तो अंदर का कचरा बाहर निकल गया. यही क्रिया लोटे का पानी पेट में करता है. आपने पेट में पानी डाला तो बड़ी आंत और छोटी आंत का सरफेस टेंशन कम हुआ और वो खुल गई, खुली तो सारा कचरा उसमें से बाहर आ गया, जिससे आपकी आंत बिल्कुल साफ़ हो गई. अब इसके विपरीत अगर आप गिलास का हाई सरफेस टेंशन का पानी पीयेंगे तो आंते सिकुडेंगी क्यूंकि तनाव बढेगा. तनाव बढते समय चीज सिकुड़ती है और तनाव कम होते समय चीज खुलती है. अब तनाव बढेगा तो सारा कचरा अंदर जमा हो जायेगा और वो ही कचरा भगन्दर, बवासीर, मुल्व्याद जैसी सैकड़ों पेट की बीमारियाँ उत्पन्न करेगा. इसलिए कम सरफेस टेंशन वाला ही पानी पीना चाहिए. इसलिए लौटे का पानी पीना सबसे अच्छा माना जाता है, गोल कुंए का पानी है तो बहुत अच्छा है. गोल तालाब का पानी, पोखर अगर गोल हो तो उसका पानी बहुत अच्छा. नदियों के पानी से कुंए का पानी अधिक अच्छा होता है. क्योंकि नदी में गोल कुछ भी नहीं है वो सिर्फ लम्बी है, उसमें पानी का फ्लो होता रहता है. नदी का पानी हाई सरफेस टेंशन वाला होता है और नदी से भी ज्यादा ख़राब पानी समुन्द्र का होता है उसका सरफेस टेंशन सबसे अधिक होता है.

    अगर प्रकृति में देखेंगे तो बारिश का पानी गोल होकर धरती पर आता है. मतलब सभी बूंदे गोल होती हैं क्यूंकि उसका सरफेस टेंशन बहुत कम होता है. तो गिलास की बजाय पानी लौटे में पीयें. तो लोटे ही घर में लाएं. गिलास का प्रयोग बंद कर दें. जब से आपने लोटे को छोड़ा है तब से भारत में लोटे बनाने वाले कारीगरों की रोजी रोटी ख़त्म हो गई. गाँव गाँव में कसेरे कम हो गए, वो पीतल और कांसे के लोटे बनाते थे. सब इस गिलास के चक्कर में भूखे मर गए. तो वागभट्ट जी की बात मानिए और लोटे को वापिस लौटा लाइए। (साभार)
    🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸🔹

  • खबर है और वह नहीं छपी तो यह ठीक नहीं, खबर छिपाने के पीछे क्या है राज : डॉ. सूर्यमणि

    हिंदी पत्रकारिता दिवस पर पत्रकार परिषद चांदपुर की विचार गोष्ठी

    वरिष्ठ पत्रकारों ने बेबाकी से रखी अपनी बात

    पक्षकार न बनें पत्रकार: डॉ. सूर्यमणि रघुवंशी

    बिजनौर। पत्रकार परिषद चांदपुर के तत्वावधान में आयोजित हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर विचार गोष्ठी एवं सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कई स्थानों से आए पत्रकारों एवं नगर के गणमान्य व्यक्तियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

    विशिष्ट जनों को अंग वस्त्र, स्मृति चिन्ह एवं सम्मान पत्र

    इस अवसर पर पत्रकार परिषद ने शिक्षा, चिकित्सा, समाज सेवा एवं स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन के क्षेत्र में कार्य करने वाले विशिष्ट जनों को अंग वस्त्र, स्मृति चिन्ह एवं सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में चिकित्सा के क्षेत्र में डॉ. केसी मित्तल, डॉ. सत्येंद्र शर्मा, समाजसेवा के क्षेत्र में चौधरी वीर सिंह, ज्ञान वर्मा, राधेश्याम कर्णवाल, साहित्य के क्षेत्र में चांदपुर के प्रमुख गजलकार शकील जमाली तथा स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले स्व. महेश चंद्र गुप्ता की पत्नी माया देवी एवं समाचार पत्र विक्रेताओं को भी  सम्मानित किया गया। इनके अलावा मंचासीन अतिथियों में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अमित गोयल को शिक्षा एवं चिकित्सा के क्षेत्र में कार्य करने पर अंग वस्त्र एवं सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्य वक्ता एवं प्रधान संपादक सांध्य चिंगारी डॉक्टर सूर्यमणि रघुवंशी, विशिष्ट अतिथि ज्योति लाल शर्मा, विशिष्ट अतिथि पब्लिक इमोशन के प्रधान संपादक डॉ. पंकज भारद्वाज को भी अंग वस्त्र एवं सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया।

    पत्रकारिता करना आसान कार्य नहीं

    कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं सांध्य दैनिक चिंगारी के प्रधान संपादक डॉ. सूर्यमणि रघुवंशी ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता के लिए आज के दौर में काम करना बहुत कठिन है। पहले लोग अखबार को मांग कर पढ़ते थे। अखबार की प्रतीक्षा करते थे कि अखबार कब आएगा, कब हम समाचार पढ़ेंगे परंतु समय के साथ परिवर्तन हुआ है आज सोशल मीडिया के जमाने में अखबार की पीडीएफ मोबाइल पर आ जाती है। लोग मोबाइल पर पीडीएफ को खोलकर अखबार पढने का काम निपटा देते हैं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पत्रकारिता करना आसान कार्य नहीं है एक पत्रकार की बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है, जिस समाचार को लिखा जाता है उसकी सच्चाई तथा गहराई तक जाने के साथ उसके प्रशासन तक पहुंचने की जिम्मेदारी पत्रकार की बनती है। उन्होंने कहा कि खबर न छपी तो कोई बात नहीं परंतु खबर है और वह नहीं छपी तो यह ठीक नहीं है। यहां पर यह कहना गलत नहीं होगा की खबर छिपाने के पीछे क्या राज है। एक स्वच्छ छवि वाले पत्रकार को पक्षकार नहीं बनना चाहिए। समाचार में दोनों पक्षों को बराबर रखते हुए समाचार बनाना चाहिए। उन्होंने बिजनौर टाइम्स एवं चिंगारी समाचार पत्र के संस्थापक स्वर्गीय बाबू सिंह चौहान का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होने जनपद बिजनौर में हिंदी पत्रकारिता की जोत जलाई थी, जिसको आज भी निरंतर रखा जा रहा है। बिजनौर जिले से चिंगारी एवं बिजनौर टाइम्स दोनों समाचार पत्र हिंदी भाषा में प्रकाशित हो रहे हैं।

    बुरे दौर से गुजर रही है पत्रकारिता : डॉ. पंकज भारद्वाज

    विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार डॉ. पंकज भारद्वाज ने कहा कि पत्रकारिता इस समय बुरे दौर से गुजर रही है। ऐसे लोग इसमें आ गए हैं जो पत्रकारिता की गरिमा व मर्यादाओं को तार-तार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी की जिम्मेदारी है कि ऐसे तत्वों को इस क्षेत्र में आने से रोक दें जो केवल स्वार्थ पूर्ति एवं ब्लैकमेल करने की नीयत से इस पेशे में घुस आए हैं।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता पत्रकार परिषद के संरक्षक गोविंद मित्तल ने तथा संचालन महासचिव अजय कुमार कौशिक ने किया। कार्यक्रम में पत्रकार परिषद चांदपुर के अध्यक्ष मो. अजमल, नरेश जावा, पवनराज शर्मा, जितेन्द्र शर्मा जीतू, श्याम बाबू गुप्ता, डा. एमके कटारिया, मनोज शर्मा, सुभाष जावा, इंजीनियरिंग कॉलेज के रजिस्ट्रार नरेश कुमार, डायरेक्टर नृपेंद्र बादल, डा. एस एस मिश्रा, प्रमोद सूर्या, नवीन अग्रवाल, मनोज कुमार अग्रवाल, विशेष शर्मा, डॉ. भानु प्रकाश वर्मा, नीरज शर्मा (गंज), यशपाल सिंह, राजपाल सिंह, नितिन शर्मा, इलियास कुरैशी, कृष्ण कुमार वर्मा, मोहम्मद हनीफ, शक्ति शर्मा आदि पत्रकार उपस्थित रहे।

  • नांगल और गाजियाबाद की महिला पत्रकार पर हमले का मुद्दा उठाया

    महामहिम को संबोधित ज्ञापन में जताई चिंता

    मीडिया कर्मियों पर हमलों को लेकर पत्रकार प्रेस महासंघ चिंतित

    बिजनौर। मीडिया कर्मियों पर हमलों को लेकर पत्रकार प्रेस महासंघ चिंतित है। चांदपुर में पत्रकार प्रेस महासंघ ने महामहिम राष्ट्रपति भारत सरकार को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंप कर अपनी भावनाओं से अवगत कराया। ज्ञापन में गाजियाबाद की महिला पत्रकार और नांगल सोती के पत्रकार पर हमले का मुद्दा उठाया गया।

    ज्ञापन में कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चतुर्थ स्तंभ है। भारत में मीडिया ने लोकतांत्रिक परंपराओं और प्रजातंत्र की रक्षा के लिए हमेशा महत्वपूर्ण योगदान दिया है। लोकतंत्र के रक्षक व समाज के सजग प्रहरी के रूप में पत्रकार अपनी भूमिका नि:स्वार्थ भाव से सफलता पूर्वक निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन पत्रकारों पर आएदिन हो रहे हमले व हत्याओं से पत्रकारिता जगत में भारी भय और शोक व्याप्त है। बीते दिनों जनपद गाजियाबाद में एक महिला पत्रकार के अलावा जनपद बिजनौर के मंडावली थाना क्षेत्र अंतर्गत नांगल सोती निवासी पत्रकार हिमांशु जोशी पर हुए हमले की पत्रकार प्रेस महासंघ ने घोर निंदा करते हुए लोकतंत्र के चतुर्थ स्तंभ को जीवित रखने के लिए भयमुक्त वातावरण व पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग की।

    पत्रकार सुरक्षा कानून की पैरवी

    ज्ञापन में कहा गया कि पत्रकार सुरक्षा कानून नहीं बनने तक पत्रकारों के लिए भयमुक्त वातावरण की कल्पना करना संभव नहीं है। ज्ञापन के माध्यम से पत्रकार प्रेस महासंघ ने पत्रकारों के उत्पीड़न पर उचित कार्रवाई की अपेक्षा की। ज्ञापन देने वालों में जिला अध्यक्ष विकास शर्मा, नगर अध्यक्ष निजामुद्दीन सैफी, इरफान अंसारी, अतीक अहमद, भुवन राजपूत, डॉक्टर जसवीर, लोकेश कुमार, रहमान, रईस अहमद आदि दर्जनों पत्रकार मौजूद रहे।

  • 01 जून से उत्तर प्रदेश में शासनादेश लागू

    पान मसाला खाने वालों के लिए बुरी खबर, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

    अब एक ही दुकान पर नहीं मिलेगा तंबाकू और पान मसाला

    सीएम योगी आदित्यनाथ

    लखनऊ। पान मसाला और तंबाकू का सेवन करने वालों के लिए बुरी खबर है. उत्तर प्रदेश में अब एक ही दुकान पर पान मसाला और तंबाकू की बिक्री पर रोक लगा दी गई है. यह जानकारी एक अधिसूचना में देते हुए बताया गया है कि आदेश 01 जून 2024 से प्रभावी होगा. 

    अधिसूचना में कहा गया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत प्रतिपादित खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विक्रय प्रतिषेध एवं निर्बन्धन) विनियम, 2011 के विनियम 2.3.4 में किसी भी खाद्य पदार्थ में तम्बाकू एवं निकोटिन को एक अवयव के रूप में प्रयोग किया जाना प्रतिबन्धित किया गया है, जिसके क्रम में ही उत्तर प्रदेश राज्य की सीमा में तम्बाकूयुक्त पान-मसाला/गुटखा के विनिर्माण / पैकिंग, भण्डारण, वितरण एवं विक्रय पर दिनांक 01.04.2013 से प्रतिबन्ध लगाया गया है. उक्त विनियम 2:3.4 से तम्बाकू का प्रभावी अपमिश्रक (Potential Adulterant) होना सिद्ध है.

    सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का अनुपालन

    अधिसूचना में कहा गया है कि संज्ञान में आया है कि विभिन्न पान-मसाला निर्माण इकाईयों द्वारा तम्बाकू का भी निर्माण पान-मसाला के ही ब्राण्डनेम अथवा किसी अन्य ब्राण्डनेम से किया जा रहा है तथा पान-मसाला के पाउच के साथ ही तम्बाकू के भी पाउच भण्डारित एवं विक्रय किए जा रहे हैं. उच्चतम न्यायालय द्वारा Transfer Case (Civil) No. 1/2010 titled as Central Arecanut
    Marketing Copn. & ors. Vs. Union of India में पारित आदेश दिनांक 23.09.2016 में उक्त विनियम 2.3.4 का अनुपालन पूर्णतः कराए जाने का आदेश पारित किया है. विनिर्माण इकाईयों द्वारा अपने ब्राण्ड के पान-मसाला के साथ ही तम्बाकू का निर्माण, भण्डारण, वितरण एवं विक्रय करने से उपरोक्त विनियम एवं मा. उच्चतम न्यायालय के आदेश की मूल भावना का अनुपालन नहीं हो पा रहा है.

    अधिसूचना में आदेशित किया गया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30 (2) (a) में आयुक्त, खाद्य सुरक्षा को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जनस्वास्थ्य के दृष्टिगत एतत द्वारा एक ही परिसर में समान ब्राण्डनेम अथवा भिन्न ब्राण्डनेम से प्रभावी अपमिश्रक तम्बाकू निकोटिन के साथ पान-मसाला का विनिर्माण / पैकिंग, भण्डारण, वितरण एवं विक्रय दिनांक 01.06.2024 से प्रतिबन्धित किया जाता है.

    पान मसाला और तंबाकू खाने से होते हैं ये नुकसान

    तंबाकू और पान मसाला का सेवन न केवल स्वयं के लिए हानिकारक है, बल्कि परिवार और समाज पर भी इसके नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं. इसलिए, इनके सेवन से बचना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना बहुत महत्वपूर्ण है. पान मसाला और तंबाकू के सेवन से होने वाले नुकसान बहुत गंभीर और व्यापक होते हैं :

    कैंसर: पान मसाला और तंबाकू के सेवन से मुंह, गला और फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है.

    मुंह की समस्याएं: तंबाकू और पान मसाला के सेवन से मुंह में छाले, घाव, और मसूड़ों की बीमारी (पेरिओडॉन्टल डिजीज आदि) हो सकती है. इससे दांत भी खराब हो सकते हैं.

    दिल की बीमारियां: तंबाकू के सेवन से दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जैसे हृदयाघात (हार्ट अटैक) और उच्च रक्तचाप.

    श्वास संबंधी समस्याएं: तंबाकू के सेवन से फेफड़ों की क्षमता कम हो जाती है, जिससे सांस लेने में कठिनाई, ब्रोंकाइटिस, और अस्थमा जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

    पाचन तंत्र की समस्याएं: पान मसाला और तंबाकू के सेवन से पेट में अल्सर और पाचन तंत्र से जुड़ी अन्य समस्याएं हो सकती हैं.

    प्रजनन स्वास्थ्य: तंबाकू का सेवन पुरुषों और महिलाओं दोनों के प्रजनन स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है. इससे पुरुषों में नपुंसकता और महिलाओं में गर्भपात और जन्मजात विकृतियाँ होने का खतरा बढ़ जाता है.

    मस्तिष्क पर असर: तंबाकू के सेवन से मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे याददाश्त कमजोर हो सकती है और मानसिक तनाव बढ़ सकता है.

    व्यसन (लत): तंबाकू और पान मसाला में निकोटिन होता है, जो अत्यधिक लत लगाने वाला पदार्थ है. इससे इसे छोड़ना बहुत मुश्किल हो जाता है.

    सामाजिक और आर्थिक प्रभाव: तंबाकू के सेवन से न केवल स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है, बल्कि इसके कारण आर्थिक समस्याएं भी होती हैं, जैसे कि इलाज पर खर्च और काम करने की क्षमता में कमी.

  • हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर अभियान

    समाचार पत्रों के संपादक एवं ब्यूरो चीफ़ पत्रकार सम्मान रत्न पत्र से सम्मानित

    व्यापारी सुरक्षा फोरम के पदाधिकारियों ने पत्रकारों से भेंट कर किया उनका सम्मान

    बिजनौर। व्यापारी सुरक्षा फोरम संस्थान (रजि.) जिला बिजनौर द्वारा हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर सभी समाचार पत्रों के सम्माननीय संपादक एवं ब्यूरो चीफ़ का सम्मान किया गया।

    व्यापारी सुरक्षा फोरम संस्थान की जिला कार्यकारिणी द्वारा सभी समाचार पत्रों के संपादक एवं ब्यूरो चीफ़ से मिल कर व्यापारी सुरक्षा फोरम के पत्रकार सम्मान रत्न पत्र से सम्मानित किया गया।

    संगठन के जिला अध्यक्ष विवेक गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि पत्रकार समाज का स्तंभ और समाज का दर्पण हैं। संगठन के युवा जिला अध्यक्ष वासु अग्रवाल ने कहा कि व्यापारियों और समस्त समाज के लिए पत्रकार हमेशा आगे आते हैं, इसीलिए हमें आज उनका सम्मान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

    कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष विवेक गुप्ता, जिला संरक्षक अनिल कंबोज, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीतू अग्रवाल, युवा जिला अध्यक्ष वासु अग्रवाल, नगर अध्यक्ष बिजनौर संजू शर्मा, इकाई अध्यक्ष मदन पाल सिंह, मुकेश भाटिया जी एवं मोहित अग्रवाल जी उपस्थित रहे।

  • 74 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर लिए गए 45 बीजों के नमूने

    छापे की भनक लगते ही दुकान बंद कर भागे 05 बीज विक्रेता, नोटिस जारी

    बिजनौर। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार कृषि, उद्यान, गन्ना विभाग की कई टीम ने जिले भर में बीज विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार कार्रवाई की. इस दौरान कुल 74 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 45 बीजों के नमूने लिए गए. प्रतिष्ठान बंद कर भागने वाले कुल 05 बीज विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस/ निलंबन जारी किया गया है.

    जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया व सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता राजवीर सिंह बिजनौर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील नजीबाबाद, नगीना क्षेत्र में स्थित बीज विक्रेता के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार कार्रवाई की गई.

    इनके अलावा अपर जिला कृषि अधिकारी एवं सहायक निदेशक मत्स्य, बिजनौर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील धामपुर एवं उप कृषि निदेशक एवं जिला गन्ना अधिकारी, बिजनौर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील बिजनौर एवं कृषि रक्षा अधिकारी/उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी एवं जिला उद्यान अधिकारी,  बिजनौर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील चांदपुर में बीज विक्रेता के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार कार्रवाई की गई.

    छापामार कार्रवाई के दौरान कुल 74 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान/गोदाम में उपलब्ध बीजों में से कुल 45 बीजों के नमूने लिए गए. साथ ही मै. किसान एग्रिक्लीनिक एण्ड एग्री बिजनेस सेन्टर, किरतपुर, मै0 खान खाद एवम बीज भंडार, किरतपुर, मै0 फैसल ट्रेडर्स, किरतपुर, मै0 एग्रिजंक्शन वन स्टाप शॉप, अकबराबाद एवं मै0 एग्रो पेस्टीसाइड, कोटद्वार रोड, नजीबाबाद द्वारा बीज प्रतिष्ठान बंद कर भाग जाने पर कुल 05 बीज विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस/ निलंबन जारी किया गया है.

  • रेहड़ थाने में वाहन चालक के पद पर थे तैनात

    मुरादाबाद के अस्पताल में ली अंतिम सांस

    हीट स्ट्रोक ने छीन ली पुलिस कांस्टेबल की जान

    बिजनौर। भीषण गर्मी की चपेट में आने से रेहड़ थाने के कांस्टेबल की मौत हो गई। हीट स्ट्रोक से तबीयत बिगड़ने के बाद आरक्षी चालक का इलाज मुरादाबाद के अस्पताल में चल रहा था।

    फाइल फोटो

    जिला बिजनौर पिछले कई दिन से भयंकर गर्मी ने तांडव मचा रखा है। हालात ये हैं कि पारा 45 से 47 डिग्री तक पहुंच गया है। गर्मी के चलते लोग बेहाल हैं और बीमार हो रहे हैं। सरकारी और प्राइवेट अस्पताल मरीजों से भरे पड़े हैं। दिन में अधिकांश सड़कों पर कर्फ्यू जैसा सन्नाटा पसरा रहता है।

    बताया गया है कि रामपुर जिले के मिलक क्षेत्र अंतर्गत गांव विक्रमपुर निवासी राकेश शर्मा रेहड़ थाने में ड्राइवर के पद पर तैनात रहे। गुरुवार शाम अचानक आरक्षी राकेश शर्मा की तबीयत बिगड़ गई। पुलिस स्टाफ ने देर शाम लगभग 08 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अफजलगढ़ में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें हीट स्ट्रोक बताते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन और पुलिस स्टाफ राकेश शर्मा को लेकर मुरादाबाद के विवेकानंद हॉस्पिटल पहुंचे, जहां उनका उपचार शुरू हो गया। आज शुक्रवार सुबह 06:22 बजे राकेश शर्मा की उपचार के दौरान मौत हो गई। रेहड़ कोतवाल धीरज सोलंकी ने पुष्टि करते हुए कहा कि अचानक तबीयत बिगड़ने पर राकेश शर्मा को अस्पताल पहुंचाया गया था, इलाज के दौरान उनकी जान गई है। मुरादाबाद में ही शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। घटना के बाद पुलिस महकमे में गम का माहौल है।

  • निजी नर्सिंग होम के एंबुलेंस चालक ने दिया खौफनाक वारदात को अंजाम

    गले सहित शरीर पर पेचकस के 30 निशान

    पेचकस से गोदकर पत्नी को मौत के घाट उतारा

    मेरठ। जयभीम नगर कॉलोनी में देर रात पति ने पत्नी की पेचकस से गोद-गोदकर हत्या कर दी। महिला की चीख पुकार सुनकर पड़ोसियों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मृतक महिला के शव को कब्जे में लेने के साथ ही आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस से सूचना पाकर मृतक महिला के परिजन मौके पर पहुंच गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार दीपा के गले सहित शरीर पर पेचकस के 30 निशान थे।

    पुलिस के अनुसार मेडिकल थाना क्षेत्र के कमालपुर निवासी दीपा की शादी करीब 10 साल पहले मवाना के ललित वर्मा पुत्र नरेंद्र के साथ हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ललित दीपा के साथ भावनपुर स्थित जयभीम नगर कॉलोनी में किराए के मकान में रहने लगा। पति एक निजी नर्सिंग होम की एंबुलेंस चलाता है। परिवार का सही से खर्च नहीं चलने के कारण पत्नी उससे कुछ और काम करने को कहती थी। इससे दोनों में झगड़ा होता रहता था। पति के घर वाले भी इनकी मदद नहीं करते थे।

    बुधवार शाम को ललित और दीपा में झगड़ा हुआ था। इसके बाद सभी सोने चले गए। रात के लगभग दो बजे ललित उठा और अपनी पत्नी दीपा के ऊपर पेचकस से ताबड़तोड़ 30 वार कर दिए। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दीपा के छोटे भाई अक्षत ने बताया कि ललित सनकी टाइप का आदमी था। वह दीदी से आएदिन झगड़ा करता था। काफी दिनों तक घर से लापता हो जाता था। हम लोगों ने भी उसको समझाने की कोशिश की थी, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं था। उसके दो बच्चे अंशुमन (7) और गुन्नू (6) हैं। एसओ भावनपुर संजय द्विवेद्वी ने बताया कि महिला की हत्यारोपी पति को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।

  • वारदात को अंजाम देकर फरार हुए बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाश

    जिला मुख्यालय की सनसनीखेज घटना से हड़कंप

    गुस्साए परिजनों की पुलिस से नोंकझोंक

    बिजनौर। थाना कोतवाली शहर क्षेत्र में बुधवार सरेशाम प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देकर दो हमलावर बाइक से फरार हो गए। एसपी नीरज कुमार जादौन ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीम गठित की हैं। पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है।

    मेरठ पौड़ी नेशनल हाईवे पर थाना कोतवाली बिजनौर शहर से सटे हुए गांव आदमपुर स्थित मन्नू पुरम कॉलोनी निवासी सुशील कुमार (45) पुत्र रामदिया बुधवार देर शाम करीब साढ़े आठ बजे श्री हॉस्पिटल के पास स्थित दुकान पर गए थे।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार वहां पहले से ही घात लगाए बैठे दो नकाबपोश हमलावरों ने सुशील कुमार की कनपटी से सटाकर गोली मार दी। आवाज सुनकर घटनास्थल से थोड़ी दूर स्थित सेंट मैरी चौराहे पर खड़ी यातायात पुलिस मौके पर पहुंची। सुशील कुमार को गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया गया, चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    वारदात की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। गुस्साए परिजनों व ग्रामीणों को पुलिस के साथ नोंकझोंक हो गई।

    जानकारी मिलते ही जिला अस्पताल पहुंचे पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने घटना के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने मामले के खुलासे के लिए तीन टीम का गठन किया है। एसपी देहात अर्ज, सीओ सिटी राजेश सोलंकी, हल्दौर, किरतपुर और मंडावर थाना पुलिस भी जिला अस्पताल पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया है।

  • खुशी के माहौल में शामिल हुए आसपड़ोस के बच्चे

    धूमधाम से मनाया कोको का जन्मदिन

    मेरठ। पशु – पक्षी, मानव समाज के अभिन्न अंग हैं। पशुओं के प्रति हमारा व्यवहार मानव की तरह ही प्रतिष्ठापूर्ण, दया और नम्रता भरा होना चाहिए। हमें पशुओं के बिना बोले ही उनके दु:ख कष्टों को समझकर दूर करने का प्रयास करना चाहिए। पशुओं को कठोरता से मारना पीटना व उन्हें सजा देने जैसा हमारा व्यवहार नहीं होना चाहिए। बल्कि हमें, पशुओं की रक्षा के साथ उनकी देखभाल के प्रति हमेशा समर्पित रहना चाहिए।

    जिस तरह हम इंसान के साथ व्यवहार व आचरण का प्रयास करते हैं, आदर भाव के साथ उनका हालचाल भी जानने की कोशिश करते हैं, इसी तरह पशु पक्षियों के प्रति भी मानव को संवेदनशील होने की जरूरत है। इन पंक्तियों को साकार किया है उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ की कनिष्का और अंजली ने…

    बिल्ली (कोको) का जन्मदिन मनाने वाली कनिष्का

    जनपद हापुड़ में एक परिवार ने घर के मेंबर की तरह बिल्ली के तीन वर्ष की होने पर केक काटकर उसका जन्मदिन बड़े धूमधाम के साथ मनाया। परिवार ने बिल्ली का नाम कोको रखा है और उसके जन्मदिन पर आसपड़ोस के बच्चे भी बुलाए गए। कोको के जन्मदिन पर सभी को केक और अन्य प्रसाद वितरित किया गया। परिवार के लोगों ने KOKO के जन्मदिन पर उसकी फेवरेट डिश भी बनाई।

    बिल्ली (कोको) का जन्मदिन मनाने वाली कनिष्का और अंजली ने बताया कि उनकी कैट का नाम कोको है। वो हर साल उसका जन्मदिन मनाते हैं।

    बिल्ली (कोको) का जन्मदिन मनाने वाली अंजली

    अब कोको तीन साल की हो गई है। उसका जन्मदिन मनाना उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है। एक फैमिली मेंबर की तरह वो उसको सेलिब्रेट करते हैं। इस दिन उसकी फेवरेट डिश बनई जाती है और उसका केक काटकर जन्मदिन सेलिब्रेट करते हैं। कोको के जन्मदिन पर आस पड़ोस से भी बच्चों को बुलाया गया। बच्चों को देखकर कोको भी बहुत ख़ुश होती है।

  • छोटी बड़ी घटनाओं पर भी लगाया जाता है फलौदी बाजार में सट्टा

    तकरीबन 500 साल पुराना है इसका इतिहास

    अबकी बार 400 पार, कहता है फलोदी सट्टा बाजार !

    जयपुर (एजेंसियां)। तकरीबन 500 साल का इतिहास समेटे राजस्थान के एक छोटे से जिले फलोदी से चलता है सट्टा बाजार. इसका नाम पूरे देश में मशहूर है. इस सट्टा बाजार का हाल यह है कि यहां पर छोटी-छोटी बातों पर सट्टा लगाया जाता है. जैसे- अगर किसी ने जूता हवा में फेंक दिया, तो वह जूता जमीन पर सीधा गिरेगा या उल्टा गिरेगा. अगर सड़क पर दो सांड़ लड़ाई कर रहे हैं तो उसमें से कौन जीतेगा. इस पर भी सट्टा लगाया जाता है. फलोदी सट्टा बाजार में करोड़ों रुपए का कारोबार होता है. फिलहाल फलोदी सट्टा बाजार में इस समय लोकसभा चुनावों को लेकर गरमाहट है. फलोदी के सटोरिये सबसे ज्यादा सुर्खियों में हैं. लोकसभा चुनाव नतीजों को लेकर फलोदी सट्टा बाजार में किसका भाव ज्यादा चल रहा है और किसका कम? इसकी चर्चा देशभर में हो रही है.

    बच्चे और बूढ़े तक कारोबार में शामिल ?

    फलोदी सट्टा बाजार का इतिहास तकरीबन 450-500 साल बताया जाता है. यह जगह पूरी दुनिया में अपने कारनामों के लेकर मशहूर है. फलोदी सट्टा बाजार में सुबह 11 बजे से कारोबार शुरू होता है और इसका सिलसिला देर रात तक चलता है. यहां पर 20-22 मुख्य सट्टा कारोबारी हैं. इन सबके अलावा यहां पर सैकड़ों दलाल और सटोरिए हैं. कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि यहां पर नुक्कड़ से लेकर सभी घरों में सट्टे का कारोबार होता है, जिसमें बच्चे से लेकर बूढ़े तक शामिल होते हैं. देशभर में फैला है कारोबार
    मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो वर्तमान में चल रहे लोकसभा चुनाव बारिश या शेयर मार्केट में हो रहे उतार-चढ़ाव को लेकर देश के बड़े-बड़े शहरों दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, उत्तर प्रदेश और बिहार में सट्टे लगाए जाते हैं. देश के दूसरे राज्यों में भी सटोरियों के पैसे लगते हैं. इन पैसों पर दलालों को तीन टका दलाली के तौर पर मिलता है. सटोरियों का पैसा दलाल पक्ष और विपक्ष में लगाते हैं.

    देश भर में फैला है कारोबार

    मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो वर्तमान में चल रहे लोकसभा चुनाव, बारिश या शेयर मार्केट में हो रहे उतार-चढ़ाव को लेकर देश के बड़े-बड़े शहरों दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, उत्तर प्रदेश और बिहार में सट्टे लगाए जाते हैं. देश के दूसरे राज्यों में भी सटोरियों के पैसे लगते हैं. इन पैसों पर दलालों को तीन टका दलाली के तौर पर मिलता है. सटोरियों का पैसा दलाल पक्ष और विपक्ष में लगाते हैं.

    कई बार सही हुआ फलोदी सट्टा बाजार का अनुमान

    बहुत बार यह देखा गया है कि फलोदी के सटोरियों का अनुमान बिल्कुल सही निकला है. ऐसे में यह सवाल उठता है कि कैसे सही-सही पता कर लेते हैं या इनका अनुमान कैसे सही हो जाता है. इसके पीछे उनके अपने तर्क होते हैं. मान लीजिए किसी चुनाव नतीजे पर प्रीडिक्शन करना होता है तो वो बताते हैं कि वे खबरें पढ़ते हैं. तमाम न्यूजपेपर्स और मीडिया रिपोर्ट्स को पढ़ते हैं. पार्टी के नेताओं की रैलियों पर बारीक नजरें रखते हैं. लोगों के साथ इसकी चर्चा करते हैं. पार्टी की स्थिति क्या है या नेटवर्क के दूसरे सटोरिए किस पर दांव लगा रहे हैं. इन सब पर विचार करने के बाद सामूहिक विचार तैयार करते हैं, जिसके आधार पर रुझान तय किए जाते हैं. किसी भी चुनाव के नतीजे के बारे में जीत-हार के दावे इसी आधार पर किए जाते हैं. शेयर मार्केट पर मजबूत पकड़

    शेयर मार्केट पर मजबूत पकड़

    शेयर मार्केट पर फलोदी की मजबूत पकड़ है. यहां के लगभग 300 लोग यहां पर काम करते हैं. उनके अनुमानों के आधार पर मार्केट में उतार-चढ़ाव आ सकता है, जिसके आधार पर लोग पैसे कमाते हैं. जिस शेयर का भाव फलोदी ने दे दिया उसमें लोग पैसे लगाते हैं.

    फलोदी सट्टा बाजार की सटीक भविष्यवाणी

    हाल ही में संपन्न कर्नाटक के विधानसभा चुनाव में फलोदी वालों ने 137 सीटें कांग्रेस को दी थी. कांग्रेस को 136 सीटें मिलीं और भाजपा को 55 सीटों दी थीं, तो 66 सीटें मिलीं. गुजरात चुनाव में भाजपा की वापसी का अनुमान सही साबित हुआ और हिमाचल में कांटे की टक्कर में कांग्रेस को बढ़त की बात की थी, जिसमें कांग्रेस सरकार बनी.

    (नोटः यहां पर दी गई जानकारी अखबार, मीडिया रिपोर्ट्स के माध्यम से दी गई है। हमारा उद्देश्य सट्टा को किसी भी प्रकार से प्रोत्साहन करना नहीं है।)

  • भक्तों ने श्रद्धाभाव से की अपने आराध्य बजरंगबली की पूजा अर्चना

    पहला बड़ा मंगल: हनुमान मंदिरों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

    लखनऊ। ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले सभी मंगलवार का अधिक महत्व है। इसे बड़ा मंगल और बुढ़वा मंगल के नाम से जाना जाता है। इस साल ज्येष्ठ के पहले मंगल 28 मई को देश प्रदेश के हनुमान मंदिरों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। भक्तों ने श्रद्धाभाव से अपने आराध्य बजरंगबली की पूजा अर्चना की। मान्यता है कि इस दिन के पूजा पाठ से जातक के हर एक कष्ट और बाधा दूर होती है।

    बिजनौर उत्तर प्रदेश के पंचमुखी हनुमान मंदिर में उमड़े श्रद्धालु

    पहली बार हनुमान जी से मिले थे प्रभु श्री राम

    हिंदू धर्म में मान्यता है कि दशरथ नंदन प्रभु श्री राम जी ज्येष्ठ के महीने में मंगलवार के ही दिन पहली बार हनुमान जी से मिले थे। इसीलिए इसे बड़ा मंगलवार कहा जाता है। बहुत से स्थान पर बड़ा मंगल को बुढ़वा मंगल के नाम से भी जानते हैं। अवध और लखनऊ में यह त्योहार विशेष रूप से मनाया जाता है।

    सनातन धर्म में मंगलवार का दिन मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के परम भक्त हनुमान की पूजा के लिए समर्पित है। बहुत से लोग जीवन में सुख-शांति के लिए इस दिन व्रत भी रखते हैं। मान्यता है कि इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से जातक के जीवन में आने वाले सभी संकट दूर होते हैं और कुंडली में व्याप्त अशुभ ग्रहों का प्रभाव भी समाप्त होता है।

    हनुमान जी की आरती

    आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।।

    जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके।।

    अंजनि पुत्र महाबलदायी। संतान के प्रभु सदा सहाई।।

    दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारी सिया सुध लाए।।

    लंका सो कोट समुद्र सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई।।

    लंका जारी असुर संहारे। सियारामजी के काज संवारे।।

    लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे। आनि संजीवन प्राण उबारे।।

    पैठि पताल तोरि जमकारे। अहिरावण की भुजा उखाड़े।।

    बाएं भुजा असुर दल मारे। दाहिने भुजा संतजन तारे।।

    सुर-नर-मुनि जन आरती उतारे। जै जै जै हनुमान उचारे।।

    कंचन थार कपूर लौ छाई। आरती करत अंजना माई।।

    लंकविध्वंस कीन्ह रघुराई। तुलसीदास प्रभु कीरति गाई।।

  • सोशल वेलफेयर रिस्पांसिबिलिटी कानून का किया जाए इस्तेमाल

    गुलदार से मुक्ति दिलाने को शुगर मिलों से जुटाया जाए धन: नितिन सिरोही

    बिजनौर। भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) ने जिले के किसानों को गुलदार से मुक्ति दिलाने के लिए सोशल वेलफेयर रिस्पांसिबिलिटी के तहत शुगर मिलों से पैसा दिलाने की मांग उठाई है। इसे लेकर जिलाधिकारी को संबोधित एक मांग पत्र उप जिलाधिकारी हर्ष चावला को सौंपा गया।

    जिलाधिकारी को संबोधित एक मांग पत्र उप जिलाधिकारी हर्ष चावला को सौंपा गया है। इसमें भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक की ओर से सुझाव दिया गया है कि गुलदार के आतंक से बिजनौर के किसानों व मजदूरों को बचाने के लिए 108 एंबुलेंस की तरह है गुलदार मुक्ति वाहन चलाया जाए। इसकी मॉनिटरिंग जिला वन अधिकारी के द्वारा होनी चाहिए। वाहन में जाल आदि रेस्क्यू करने का सामान लेकर वन विभाग के कर्मचारी मौजूद रहें। जनपद बिजनौर में कम से कम प्रत्येक रेंज कार्यालय पर एक वाहन होना चाहिए, जैसे कि वन विभाग के द्वारा बिजनौर जनपद को 6 रेंज में बांटा गया है, तो 6 वाहन वन विभाग के कर्मचारियों के पास यदि हों तो आसानी से मानव गुलदार संघर्ष को रोका जा सकता है और किसी भी जनहानि से बचा जा सकता है। गुलदार के हमले से अब तक बिजनौर जनपद में लगभग दो दर्जन जनहानि के अलावा सैकड़ों लोग घायल हो चुके हैं।  इसी संघर्ष में लगभग दो दर्जन गुलदारों की मौत भी हो चुकी है। गुलदार की मौत होने से ग्रामीणों को मुकदमे झेलने पड़ते हैं, जिससे वन विभाग के प्रति आक्रोश बना रहता है। वन विभाग की टीम गांव में जाकर जन समर्थन हासिल करने में नाकाम साबित हो जाती है। इस कार्य से वन विभाग के प्रति लोगों की हमदर्दी भी बढ़ेगी। इस तरह का प्रस्ताव गत वर्ष भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक की मांग पर वन विभाग के द्वारा तैयार कर भेजा गया था, जिसको शासन में भेज दिया गया है। धन आवंटन न हो पाने से इस पर कार्य नहीं हो पाया है। ज्ञापन में बताया गया कि बिजनौर गन्ना बाहुल्य जनपद है और जनपद के अंदर वर्तमान में 10 शुगर मिलें संचालित हैं। गुलदार के आतंक के कारण सबसे अधिक गन्ना किसान ही प्रभावित हैं। इसलिए कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 135 के अंतर्गत जनपद बिजनौर की समस्त शुगर मिलों से सोशल वेलफेयर रिस्पांसिबिलिटी के तहत पैसे की व्यवस्था की जा सकती है, क्योंकि कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 135 के तहत यह नियम है कि कंपनी को सोशल वेलफेयर में पैसा लगाना होगा। इसलिए इस कानून का कड़ाई से पालन कराया जाए।यदि कोई शुगर मिल अथवा जिला प्रशासन सोशल वेलफेयर रिस्पांसिबिलिटी में कोताही बरतता है तो संगठन को आंदोलन करना पड़ेगा।

    निजी स्कूलों की लूट रोकने के प्रयास अधर में? यूनियन के जिला अध्यक्ष नितिन कुमार सिरोही ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराया कि 17 मई को जिला कलेक्ट्रेट के विदुर सभागार में हुई बैठक के क्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा कोरोना काल की फीस वापस किए जाने तथा फीस ड्रेस और किताबों के नाम पर हो रही लूट पर सभी निजी विद्यालयों से जवाब मांगा था तीन दिन का नोटिस में समय दिया गया था किंतु आज तक भी निजी विद्यालयों के द्वारा प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया गया है। इसलिए जिलाधिकारी इस पर संज्ञान लें।

    जिला अध्यक्ष नितिन कुमार सिरोही के साथ मांग पत्र सौंपने वालों में जिला महासचिव नितेंद्र प्रधान, गौरव कुमार जंघाला, अंकित कुमार, अंकुर कुमार उर्फ डैनी, शुभम चौधरी, देवानंद, अतुल कुमार आदि शामिल रहे।

  • डीएम एसपी ने किया जेल का आकस्मिक निरीक्षण

    बिजनौर। जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल व पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन द्वारा आज दिनांक 27.05.2024 को संयुक्त रूप से जिला कारागार बिजनौर का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।

    निरीक्षण के दौरान जेल की सुरक्षा व्यवस्था एवं बंदियों को मिलने वाली सुविधाओं को चेक कर संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। इस दौरान जिला कारागार के वरिष्ठ अधिकारीगण भी मौजूद रहे।

  • घायलों में 07 महिला, 06 पुरुष व 03 बच्चे शामिल

    जम्मू कश्मीर जाते ईंट भट्टा मजदूरों की बस खाई में पलटी, 16 घायल

    बिजनौर। ईंट भट्टा मजदूरों को लखीमपुर खीरी से लेकर जम्मू कश्मीर जा रही बस खाई में पलट गई। दुर्घटना में 07 महिला, 06 पुरुष व 03 बच्चों समेत 16 लोग घायल हो गए। मामला थाना हल्दौर क्षेत्रान्तर्गत बिजनौर नूरपुर मार्ग पर अम्हेडा व पावटी के बीच का है। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सभी घायलों को उपचार हेतु सीएचसी हल्दौर में भर्ती कराया।

    थाना हल्दौर क्षेत्रान्तर्गत बिजनौर नूरपुर मार्ग पर अम्हेडा व पावटी के बीच सोमवार सुबह बस रजि० सं० UP27BT8501 अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई। बस में ईंट भट्ठे पर काम करने वाले कर्मी लखीमपुर खीरी से जम्मू कश्मीर जा रहे थे। दुर्घटना में 16 व्यक्ति (07 महिला, 06 पुरुष व 03 बच्चे) मामूली रूप से घायल हुए हैं।

    पुलिस कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार स्थानीय पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर सभी घायलों को उपचार हेतु सीएचसी हल्दौर भेजा गया। सभी की स्थिति सामान्य है। वहीं यातायात व्यवस्था सुचारु कराई गई।

  • जलालपुर क्षेत्र में वन विभाग की भूमि पर बरसों से कब्जा जमाए बैठे थे वन गूजर

    वन विभाग ने खदेड़ा था तमाम शिकायतों के बाद

    वन गूजरों के पशु अब रौंद रहे हैं सदूपुरा के किसानों की फसल

    बिजनौर। जलालपुर क्षेत्र में वन विभाग की भूमि पर बरसों से कब्जा जमाए बैठे वन गूजरों के पशुओं ने अब सदूपुरा के किसानों की फसलों को रौंदना शुरू कर दिया है। चौकी जाटान पुलिस से इस मामले की शिकायत की गई। इसके बावजूद स्थिति जस की तस है ? प्रशासन और पुलिस के तमाम अधिकारियों से शिकायत के बावजूद समस्या का कोई हल न निकलने के बाद अब मामला उत्तर प्रदेश के मुखिया के दरबार में पहुंचाने की तैयारी है।

    बमुश्किल उधर से खदेड़े गए, अब इधर तांडव!

    पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों से की गई शिकायत के अनुसार जलालपुर क्षेत्र में वन विभाग की भूमि पर बरसों से वन गूजरों के कब्जा जमाया हुआ था। उनके पशुओं ने वहां के किसानों की फसलों को खूब बर्बाद किया। बताया गया कि तमाम शिकायतों के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने उन्हें विभागीय भूमि से खदेड़ा। अब उनके पशुओं ने सदूपुरा के किसानों की फसलों को रौंदना शुरू कर दिया है।

    महीने की शुरुआत में ही की गई थी जाटान पुलिस से शिकायत

    माह मई के शुरुआती दिनों में भी सदूपुरा के किसानों के खेतों में घुस कर पशु उनकी फसलों को बर्बाद कर रहे थे। खेत मालिकों ने पशुओं के मालिकों को रोका तो उनके साथ गाली गलौच व मारपीट करने पर आमादा हो गए।

    जाटान चौकी पुलिस को 08 मई 2024 को दी गई तहरीर में शिकायतकर्ताओं द्वारा बताया गया कि उन्हें न उनके नाम पता है न ही निवास स्थान। पता है तो सिर्फ इतना कि जलालपुर क्षेत्र से करीब दो माह पूर्व वन विभाग ने उन्हें विभागीय भूमि से खदेड़ा था। इसके बाद वन गूजर बताए जाने वाले उक्त लोगों ने सदूपुरा क्षेत्र के किसानों की भूमि में झोपड़ियां डाल दीं।

    बताया गया कि जिन किसानों ने उन्हें पनाह दे रखी है, अगर उनसे शिकायत करते हैं कि इनके पशु हमारे खेत का नुकसान पहुंचा रहे हैं, तो वह इनसे कोई भी सम्बन्ध होने से इंकार कर देते हैं। साथ ही धमकाते भी हैं कि जो कार्यवाही करनी है, करो। आरोप यह भी है कि उक्त वन गुर्जर जान से मारने की धमकी भी देते हैं। 

    वन और पुलिस विभाग ने साधी चुप्पी ?

    दरअसल अभी तक इस मामले में वन और पुलिस विभाग ने  चुप्पी साध रखी है। किसी भी विभाग का अधिकारी, कर्मचारी खुलकर कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। हालांकि कई कर्मचारी नाम न छापने की शर्त पर दबी जुबान में बताते हैं कि ये लोग अवैध रूप से जिला बिजनौर में रह रहे हैं। कुछ कहा नहीं जा सकता है कि ये घुसपैठिए हैं? अब ये काम तो पुलिस प्रशासन का है, कि इनकी जानकारी हासिल करें!

    वहीं जाटान पुलिस चौकी प्रभारी का कहना है कि 08 मई को इस मामले में शिकायती पत्र प्राप्त हुआ था। प्रधान के समक्ष दोनों पक्षों में समझौता हो गया था। इसके बावजूद यदि कोई शिकायत मिलती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

  • संकल्प बन चुका जनता का नारा, अबकी बार 400 पार

    भाजपा करती है हर वर्ग का सम्मान: रितेश सैन

    नजीबाबाद (बिजनौर)। भाजपा पिछड़ा वर्ग सोशल मीडिया जिला प्रमुख रितेश सैन ने कहा कि हम नगीना लोकसभा सहित बिजनौर की दोनों सीटों पर प्रचंड जीत हासिल कर रहे हैं। दोनों प्रत्याशी रिकार्ड मतों से जीतने जा रहे हैं। प्रथम चरण में 19 में को हुए चुनाव में नगीना से भाई ओम कुमार और बिजनौर से चंदन चौहान रिकॉर्ड मतों से जीतकर संसद भवन की शोभा बढ़ाएंगे और नरेंद्र मोदी जी के हाथों को मजबूत करेंगे।

    भाजपा नेता रितेश सैन कहा कि भाजपा हर वर्ग का सम्मान करती है। हर वर्ग के लोगों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य करती है। इसी का परिणाम है कि चाहे वह दलित हो पिछड़ा हो सवर्ण हो या अल्पसंख्यक हो, हमें सभी का सम्मान मिला है और सभी ने भाजपा को बढ़-चढ़कर वोट देने का कार्य कर प्रधानमंत्री के हाथों को मजबूत करने का कार्य किया है। सभी वर्गों के लोगों में आज यही बात प्रचलित हो रही है कि आज राष्ट्र विश्व गुरु बनने की दिशा में जा रहा है। इसका सारा श्रेय भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। मोदी जी को पूरे विश्व ने अपना नेता मान लिया है और आने वाले समय में नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में पूरी दुनिया में भारत का डंका बजने वाला है। अबकी बार 400 पार का जो नारा दिया गया है, वह किसी पार्टी का या किसी नेता का नहीं बल्कि वह जनता का नारा है और नारा नहीं है, संकल्प बन चुका है।

  • वानर भंडारा के 1505 दिन एवं गौ कृपा रसोई 513 दिन पूर्ण

    हमारा सपना कोई भूखा न सोए अपना: विजय सेठ

    विशाल गौ भंडारे में लगाया गया 1500 किलो कद्दू का भोग

    सीतापुर, उत्तर प्रदेश। पशु सेवा समिति द्वारा विभिन्न धार्मिक कृत्य की श्रृंखला में कई वर्ष से वानर भंडारा एवं गौ कृपा रसोई का निर्बाध रूप से आयोजन किया जा रहा है। वानर भंडारा के 1505 दिन पूर्ण होने के साथ ही गौ कृपा रसोई 513 दिन पूर्ण हो गए हैं।

    24 मई 2024 को पशु सेवा समिति द्वारा आयोजित विभिन्न धार्मिक कृत्य की श्रृंखला में वानर भंडारा के 1505 दिन पूर्ण होने के साथ ही गौ कृपा रसोई 513 दिन पूर्ण हो गए। समिति के संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष विजय सेठ ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि सहयोग प्रदान करने हेतु 9506564444 का प्रयोग किया जा सकता है।

    उन्होंने यह भी बताया कि पशु सेवा समिति के साथियों द्वारा बटसगंज गौ आश्रय केंद्र सीतापुर में विशाल गौ भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गौ माता को 1500 किलो कद्दू का भोग लगाया गया।

  • वाहन पार्किंग, यातायात व्यवस्था, बैरिकेडिंग आदि के संबंध में एसपी के दिशा निर्देश

    मतगणना को लेकर राजनैतिक दलों के नुमाइंदों संग गोष्ठी

    बिजनौर। लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 की मतगणना के दृष्टिगत पुलिस प्रशासन गंभीरता से जुटा हुआ है।

    इसी क्रम में जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल व पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन द्वारा कलक्ट्रेट के महात्मा विदुर सभागार कक्ष में गोष्ठी का आयोजन किया गया।

    इस दौरान लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 की मतगणना के दृष्टिगत जनपद के राजनैतिक दल के प्रतिनिधियों के साथ संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम अर्ज, सहित अन्य संबंधित अधिकारियों के अलावा राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

    वाहन पार्किंग, यातायात व्यवस्था, बैरिकेडिंग पर नजर

    दूसरी तरफ पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन द्वारा लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 की मतगणना के दृष्टिगत वाहन पार्किंग, यातायात व्यवस्था, बैरिकेडिंग आदि के संबंध में संबधित को दिशा निर्देश दिए। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक नगर/ग्रामीण व क्षेत्राधिकारी नगर/यातायात भी मौजूद रहे।

  • हत्या का मतलब धारा 302 नहीं, बल्कि धारा 101 और धोखाधड़ी का मतलब धारा 420 नहीं, बल्कि धारा 316 होगा

    अपराध और न्याय प्रणाली से जुड़े भारत के 3 कानूनों में होने जा रहा है बड़ा बदलाव

    राजद्रोह खत्म और नहीं मिलेगी तारीख पर तारीख

    नई दिल्ली (एजेंसियां) हत्या मतलब धारा 302 और धोखाधड़ी मतलब धारा 420 लगभग सभी जानते हैं, लेकिन अब एक जुलाई से हत्या का मतलब धारा 302 नहीं बल्कि धारा 101 और धोखाधड़ी का मतलब धारा 420 नहीं, बल्कि धारा 316 होगा. दरअसल अपराध और न्याय प्रणाली से जुड़े भारत के 3 कानूनों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. इस बदलाव के बाद अपराध से संबंधित धाराओं,उनकी विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने मिलेगा.

    ब्रिटिशकाल से चले आ रहे भारतीय दंड संहिता (Indian Penal Code),भारतीय साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) और भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) में बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं. अब इन कानूनों के नए नाम भी होंगे. अब भारतीय कानून संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता नए नाम हो जाएंगे. इन कानूनों के लागू होने के पहले मध्यप्रदेश में पुलिस को प्रशिक्षित किया जा रहा है,ताकि अपराधिक विवेचना में कोई गलती ना हो. सागर स्थित जवाहरलाल नेहरू पुलिस अकादमी और पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में इन दिनों प्रशिक्षण चल रहा है.

    कैसा होगा इन बड़े कानूनों में बदलाव

    ये तीन कानून भारत की पुलिस और न्याय व्यवस्था की धुरी हैं. अपराध संबंधी विवेचना से लेकर कानूनी प्रक्रिया तक इनका उपयोग होता है. सामान्य नागरिक भी इन कानूनों की धाराओं से परिचित है और प्रमुख अपराधों से संबंधित धाराओं के बारे में जागरूक है, लेकिन इस बड़े बदलाव के बाद पूरी न्यायिक प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने मिलेगा. इन तीन प्रमुख कानूनों में बदलाव कुछ इस तरह होगा.

    1- भारतीय न्याय संहिता 2023

    भारतीय न्याय संहिता 2023 जो नया कानून है, ये भारतीय दंड संहिता 1860 (Indian Penal Code) की जगह लेगा. खास बात ये है कि Indian Penal Code -1860 में 511 धाराएं थी, लेकिन नए कानून भारतीय न्याय संहिता में सिर्फ 358 धाराएं हैं. भारतीय न्याय संहिता में राजद्रोह की धारा हटा दी गई है, लेकिन भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता के खिलाफ अलगाववाद या विद्रोह फैलाने की कोशिश के लिए राष्ट्रद्रोह के अंतर्गत परिभाषित किया गया है. नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म और माॅब लिंचिंग जैसे अपराध में मौत की सजा का प्रावधान है.

    2- भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023

    भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता- 1973 Criminal Procedure Code (CrPC) की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता- 2023 ले लेगी. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में Criminal की 484 धाराओं के मुकाबले 531 धाराएं हैं. कानून में किए गए बदलाव अपराध की विवेचना से लेकर न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाएंगे. इसमें मामलों की तय समय में जांच और सुनवाई का प्रावधान किया गया है. खास बात ये है कि जांच और सुनवाई पूरी होने के बाद 30 दिन के भीतर फैसला देने का प्रावधान भी है. यौन अपराध से जुड़े मामलों में पीड़ितों के बयान की वीडियोग्राफी अनिवार्य कर दी गई है. अपराध में संलिप्तता पाए जाने पर संपत्ति कुर्क करने के लिए इस कानून में नया प्रावधान किया गया है.

    3 – भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023

    ये नया कानून भारतीय साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) 1872 की जगह पर लागू होगा. नए कानून में 170 धाराएं हैं. जबकि Indian Evidence Act में 167 धाराएं थीं. अब अदालत में इलेक्ट्रानिक और डिजिटल साक्ष्य पेश किए जा सकेंगे. जिनमें स्मार्टफोन, लैपटॉप, एसएमएस, वेबसाइट, मेल, इलेक्ट्रानिक उपकरण, कंप्यूटर, डिजिटल रिकॉर्ड, ईमेल और सर्वर लॉग को पेश और स्वीकृत किया जा सकेगा. इनकी मान्यता कागज में रखे जाने वाले रिकार्ड के समकक्ष होगी. नए कानून के तहत केस डायरी, एफआईआर, आरोप पत्र और प्रकरण से संबंधित सभी जानकारी का डिजिटिलाइजेशन किया जाएगा.

    राजद्रोह की धारा हटी, लेकिन आतंकी गतिविधियों पर सख्त कानून

    भारतीय दंड संहिता 1860 का स्थान लेने जा रही भारतीय न्याय संहिता में राजद्रोह की धारा को खत्म किया गया है, लेकिन देश की एकता अखंडता और संप्रभुता को खतरा पहुंचाने,अलगाववाद और विद्रोह की कोशिश को राष्ट्रद्रोह के अंतर्गत परिभाषित किया गया है. देश को नुकसान पहुंचाने के लिए विस्फोटक पदार्थ और जहरीली वस्तुओं का उपयोग करने पर आतंकवाद की धाराओं में मुकदमा चलेगा. सजा और कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए विदेश भागने वालों पर मुकदमा चल सकेगा. अगर पुलिस विदेश में बैठे अपराधी को तय समय में नहीं पकड़ पाएगी, तो भी कोर्ट में प्रकरण पेश किया जा सकेगा. राजद्रोह के मामले में आईपीसी की धारा 124 -ए नए कानून के तहत धारा 150 के रूप में पहचानी जाएगी. भारत सरकार के खिलाफ उकसाने और युद्ध छेड़ने जैसे प्रयास पर आईपीसी की धारा 121 के तहत प्रावधान था लेकिन अब ये धारा 146 कहलाएगी.

    महिला अपराध में देश भर में कहीं भी होगी एफआईआर

    महिलाओं के साथ होने वाले अपराध के मामलों में कानून को सख्त और महिला वर्ग को ध्यान में रखकर प्रावधान किए गए हैं. नए प्रावधान के तहत किसी महिला के साथ हुए दुष्कर्म की घटना में पीड़िता देश के किसी भी राज्य में कहीं भी जीरो पर केस दर्ज करा सकेगी. अब तक ये व्यवस्था राज्य स्तर पर लागू थी लेकिन अब ये राष्ट्रीय स्तर पर लागू होगी. वहीं यौन अपराध से जुड़े मामले में प्रावधान किया गया है कि यौन संबंधों के लिए पहचान छिपाना और झूठे वादे अपराध की श्रेणी में माने जाएंगे. नाबालिग बच्चियों से दुष्कर्म को पॉक्सो एक्ट के साथ जोड़ दिया गया है. जिसमें आजीवन कारावास या मौत की सजा का प्रावधान किया गया है. सामूहिक दुष्कर्म के मामलों में 20 साल की कैद और आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है. आईपीसी में बलात्कार का मामला धारा 376 के अंतर्गत आता था. अब ये धारा 63 के अंतर्गत जाना जाएगा और धारा 64 में सजा के प्रावधान हैं. सामूहिक दुष्कर्म के मामले धारा 70 के अंतर्गत आएंगे.

    गंभीर अपराध में 3 साल के भीतर न्याय

    नए कानून के तहत गंभीर अपराध के मामले में विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया को लंबा नहीं खींचा जा सकेगा. कानून में बदलाव के कारण अब गंभीर अपराधों में 3 साल के भीतर न्याय प्रदान करना होगा. पुलिस की विवेचना में देरी और मनमर्जी पर अंकुश लगाने के लिए नयी धाराएं बनाकर प्रावधान किया गया है. इसके तहत तय समय सीमा में विवेचना, तलाशी और जब्ती की वीडियोग्राफी, गिरफ्तार व्यक्तियों के बारे में परिजनों को जानकारी देना अनिवार्य किया गया है.

    पीड़ितों और गवाहों को राहत वाले प्रावधान

    नए कानूनों के तहत पीड़ितों और गवाहों की समस्याओं को ध्यान में रखकर कई प्रावधान किए गए हैं. अब किसी मामले में कोई गवाह घर बैठकर वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से बयान दर्ज करा सकेगा. कोर्ट जाने की जरूरत नहीं होगी. 3 साल से कम सजा वाले केस और 60 से ज्यादा उम्र वालों से पूछताछ के लिए मजिस्ट्रेट की अनुमति अनिवार्य होगी. 7 साल से ज्यादा सजा के मामलों में फोरेसिंक रिपोर्ट अनिवार्य होगी. 7 साल से ज्यादा सजा के मामले में पुलिस हथकड़ी लगाने के लिए स्वतंत्र रहेगी.

    हिट एंड रन मामलों में सजा की अवधि बढ़ी

    सड़क दुर्घटना से संबंधित हिट एंड रन मामले में अब दोषी को 10 साल तक की सजा भुगतनी होगी. पहले सिर्फ दो साल की सजा होती थी, जिसे बढ़ाकर 10 साल कर दिया है. दरअसल हत्या जैसे अपराध से बचने के लिए हिट एंड रन जैसे मामले तेजी से बढ़ रहे हैं.

    सजा में समाजसेवा जैसे प्रावधान

    विदेशों की तर्ज पर कोर्ट अब अपराधी को समाजसेवा से जुड़ी सजा सुना सकता है. साफ सफाई, वृद्धाश्रम और अस्पताल में सेवा कार्य और पौध रोपण जैसे काम सजा के तौर पर सुनाने का प्रावधान किया गया है.

    भूल जाएं पुरानी धाराएं, नहीं तो हो जाएगी गफलत

    दरअसल लंबे समय से चले आ रहे इन प्रावधानों के कारण आम आदमी भी ज्यादातर अपराध को धारा से संबोधित करते हैं. जैसे हत्या के लिए धारा 302 लेकिन अब ये धारा 101 के तहत आएगी. खास बात ये है कि धारा 302 को अब चैन स्नेचिंग की धारा माना गया है. छेड़छाड़ की धारा 354 की पहचान अब मानहानि की धारा के तौर पर होगी. पहले मानहानि की धारा को 499 के तौर पर जाना जाता था. धोखाधड़ी से मामले में धारा 420 का प्रयोग अब नहीं किया जा सकेगा. धोखाधडी अब धारा 316 के तहत आएगी.

    (अस्वीकरण: यहां प्रकाशित सामग्री विभिन्न माध्यमों से एकत्र की गई है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पूर्व जांच पड़ताल कर लें।)

  • उत्तराखण्ड राज्य में चार धाम यात्रा पर जाने वाले उत्तर प्रदेश के सभी इच्छुक श्रद्धालुजन पंजीकरण कराने के बाद ही यात्रा हेतु वहां जाएं।

    श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखकर उत्तराखण्ड सरकार ने चार धाम यात्रा के लिए अनिवार्य पंजीकरण व्यवस्था लागू की।

    गृह विभाग, उ0प्र0 शासन द्वारा चार धाम यात्रा पर जा रहे अथवा जाने के इच्छुक प्रदेश के तीर्थ यात्रियों से अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराते हुए रजिस्ट्रेशन की तिथि पर ही उत्तराखण्ड जाने की अपील

    लखनऊ : (24 मई, 2024) उत्तराखण्ड राज्य में चार धाम यात्रा पर जाने वाले उत्तर प्रदेश के सभी इच्छुक श्रद्धालुजन पंजीकरण कराने के बाद ही यात्रा हेतु वहां जाएं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखकर उत्तराखण्ड सरकार द्वारा चार धाम यात्रा-2024 के लिए अनिवार्य पंजीकरण व्यवस्था लागू की गई है। बगैर पंजीकरण चार धाम यात्रा के लिए जाने पर श्रद्धालुओं को असुविधा हो सकती है।

    यह जानकारी आज यहां देते हुए प्रदेश सरकार के प्रवक्ता की ओर से पत्र सूचना शाखा, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, उ0प्र0 ने बताया कि गृह विभाग, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा चार धाम यात्रा (गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ एवं केदारनाथ) पर जा रहे अथवा जाने के इच्छुक प्रदेश के तीर्थ यात्रियों से यह अपील की गई है कि वे अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराते हुए रजिस्ट्रेशन की तिथि पर ही जाएं। प्रवक्ता ने बताया कि चार धाम यात्रा-2024 के लिए उत्तराखण्ड सरकार द्वारा URL https://registrationandtouristcare.uk.gov.in/signin.php अथवा मोबाइल ऐप  Toursit Care Uttarakhand पर अनिवार्य पंजीयन की व्यवस्था लागू की गई है। इसलिए चारधाम यात्रा-2024 के लिए अनिवार्य पंजीकरण प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले तीर्थ यात्री/श्रद्धालु चार धामों की यात्रा न करें। ऐसे यात्री, जिनका पंजीयन नहीं है, उन्हें निर्धारित चेक प्वांइन्ट्स पर रोक दिया जायेगा और वे उसके आगे नहीं जा सकेंगे। प्रदेश के समस्त टूर ऑपरेटर तथा ट्रैवल एजेन्ट भी यह सुनिश्चित कराएँ कि उनके ग्राहकों द्वारा यात्रा प्रारम्भ करने से पहले आवश्यक पंजीकरण करा लिया गया है। उत्तर प्रदेश के समस्त इच्छुक श्रद्धालु यात्रा सम्बन्धी दिशा-निर्देशों से अवगत रहें, जिससे उनकी चार धाम यात्रा बिना किसी व्यवधान के सुगमतापूर्ण ढंग से सम्पन्न हो सके।

  • 14 साल पहले हरियाणा के अंबाला हाईवे को जाम करने का मामला

    भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत को सहारनपुर MP-MLA कोर्ट ने दी जमानत सहारनपुर। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत शुक्रवार को कोर्ट में पेश हुए। दो दिन पहले सहारनपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। हालांकि, गिरफ्तारी से बचते हुए नरेश टिकैत खुद ही कोर्ट पहुंचे। कोर्ट ने 10 मिनट में ही उन्हें जमानत दे दी। मामला 14 साल पुराना साल 2010 का है। नरेश टिकैत पर हरियाणा के अंबाला हाईवे को जाम करने और बिना अनुमति के सम्मेलन करने का आरोप है। पेशी पर पहुंचे नरेश टिकैत ने कहा- परसों हमें जानकारी हुई कि कोर्ट में पेश होना है। कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए आया हूं।

    सहारनपुर (एजेंसी)। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत शुक्रवार को कोर्ट में पेश हुए। सहारनपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने दो दिन पहले गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। हालांकि, गिरफ्तारी से बचते हुए नरेश टिकैत खुद ही कोर्ट पहुंचे। कोर्ट ने 10 मिनट में ही उन्हें जमानत दे दी।

    बताया गया है कि मामला 14 साल पुराना साल 2010 का है। नरेश टिकैत पर हरियाणा के अंबाला हाईवे को जाम करने और बिना अनुमति के सम्मेलन करने का आरोप है। पेशी पर पहुंचे नरेश टिकैत ने कहा- “परसों हमें जानकारी हुई कि कोर्ट में पेश होना है। कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए आया हूं।”

    सूत्रों के अनुसार भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने वर्ष 2010 में सहारनपुर के सरसावा में अंबाला हाईवे जाम किया था। इस मामले में कांग्रेस नेता इमरान मसूद समेत 24 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। श्री टिकैत पर बिना अनुमति सम्मेलन और जाम लगाने का आरोप है।

  • 17 दिसंबर 2019 को हुई थी सनसनीखेज वारदात

    सीजेएम कोर्ट में हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास

    बिजनौर। दिल्ली पुलिस की हिरासत में अपने साथी जब्बार के साथ सीजेएम कोर्ट पहुंचे शाहनवाज की ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या के मामले में शामली निवासी सुमित को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इस बहुचर्चित मामले में अपर सत्र न्यायाधीश प्रकाश चंद शुक्ला ने उसे शाहनवाज की हत्या और जानलेवा हमले और अवैध शस्त्र रखने का दोषी माना है।

    बताया गया है कि 17 दिसंबर 2019 को दिल्ली पुलिस नजीबाबाद निवासी शाहनवाज एवं जब्बार को लेकर कोर्ट में पेश करने के लिए बिजनौर लाई थी। सीजेएम कोर्ट में दोपहर को अहसान हत्याकांड में दोनों को पेश किया गया।
    इस दौरान तीन लोगों ने कोर्ट में घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गोली लगने से शाहनवाज की मौके पर ही मौत हो गई। शाहनवाज के साथ आया जब्बार भगदड़ का फायदा उठाकर फरार हो गया था।

    पुलिस एवं अन्य सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीजेएम के गनर रवि, दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल, कोर्ट मोहर्रिर मनीष आदि पुलिस कर्मियों ने साहस का परिचय देते हुए तीनों हमलावरों नजीबाबाद के साहिल पुत्र अहसान, किरतपुर के अकराज और शामली के सुमित को पकड़ लिया था। घटनाक्रम में कोर्ट मोहर्रिर मनीष भी जबड़े में गोली लगने से घायल हो गया था।

    भरोसे का हुआ था कत्ल

    शासकीय अधिवक्ता मुकेश चौहान के अनुसार इस केस में गिरफ्तार किए गए नाबालिग साहिल पुत्र एहसान और अकराज की सुनवाई पर हाईकोर्ट से स्टे है।
    बुधवार को बहराइच से कड़ी सुरक्षा के बीच सुमित को बिजनौर कोर्ट लाया गया था और कोर्ट ने उसे हत्या, जानलेवा हमला और अवैध शस्त्र रखने का दोषी माना था। कोर्ट ने सुमित को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

  • महात्मा बुद्ध का संदेश सम्पूर्ण मानवता के लिए अमूल्य निधि

    मुख्यमंत्री ने बुद्ध पूर्णिमा पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

    पत्र सूचना शाखा (मुख्यमंत्री सूचना परिसर) सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उ०प्र० से जारी एक शुभकामना संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा बुद्ध का अहिंसा, करुणा और मैत्री का संदेश सम्पूर्ण मानवता के लिए अमूल्य निधि है। उन्होंने चित्त की शांति तथा हृदय में करुणा की शिक्षा दी। वर्तमान समय में महात्मा बुद्ध के बताए मार्ग पर चलकर विश्व में शांति एवं सद्भाव का वातावरण सृजित किया जा सकता है। महात्मा बुद्ध का संदेश मानव मात्र के लिए हमेशा प्रासंगिक बना रहेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा बुद्ध की शिक्षा हम सभी को जीवन में धर्म का आचरण करने, नैतिक मूल्यों और अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित करती है। महात्मा बुद्ध ने विश्व कल्याण के लिए मैत्री भावना तथा बिना किसी भेदभाव के संगठित रहने पर बल दिया। साथ ही, अतीत या भविष्य का चिंतन न करके वर्तमान का सदुपयोग करने की शिक्षा दी।

  • मुख्य अतिथि रहे अपर महाअधिवक्ता गवर्मेंट ऑफ उत्तर प्रदेश विनोद साही

    वन अप मोटर्स ने लांच की एपिक न्यू स्विफ्ट

    लखनऊ। वन अप मोटर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड एरिना के शोरूम बाला गंज पर मारुति सुजुकी की एपिक न्यू स्विफ्ट की लांचिंग समारोहपूर्वक की गई। मुख्य अतिथि विनोद साही अपर महाअधिवक्ता गवर्मेंट ऑफ उत्तर प्रदेश, वन अप ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर यशवर्धन अग्रवाल, सूर्यवर्धन अग्रवाल, अभिमन्यु मंगलम द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की।

    चौथी पीढ़ी की प्रीमियम हैचबैक

    वन अप मोटर्स ग्रुप के प्रेसीडेंट प्रशांत त्रिपाठी, वाइस प्रेसिडेंट मयंक साही एवं वन अप मोटर्स ग्रुप के मैनेजर सौरभ सिंह ने बताया कि यह गाड़ी चौथी पीढ़ी की प्रीमियम हैचबैक है।

    कई सुरक्षा सुविधाओं से युक्त

    उन्होंने यह भी बताया कि गाड़ी जेड सीरीज 1.2 ली. इंजन, छह एयरबैग, ईएसपी, ईवीडी के साथ एबीएस हिल होल्ड अतिरिक्त कई सुरक्षा सुविधाओं से युक्त है।

    50 नए फीचर्स और 09 कलर

    उन्होंने बताया कि इस गाड़ी को आधुनिक पचास नए फीचर्स के साथ नौ नए कलर में उतारा गया है। एपिक न्यू स्विफ्ट का माइलेज 25.75 प्रति लीटर का दावा है।

  • पहले एक महिला नेत्री आरोप लगाते हुए दर्ज करा चुकी रिपोर्ट

    …और अब अभिनेत्री के बाल संवारते पूर्व विधायक का वीडियो वायरल

    देहरादून। अभिनेत्री के बाल संवारते भाजपा के पूर्व विधायक, पहले भी महिला नेत्री लगा चुकी आरोप। पूर्व विधायक 27 – ज्वालापुर विधानसभा, हरिद्वार उत्तराखंड सुरेश चंद्र राठौर एक अभिनेत्री के बाल संवार रहे हैं। एक बड़े होटल के कमरे में बना वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल। कथित तौर पर टीवी सीरियल अभिनेत्री उर्मिला सनावर के साथ वायरल हो रहा वीडियो। खुद मोबाइल से क्लिप बनाकर नाम लेते नजर आ रही एक्ट्रेस! अभिनेत्री के साथ दो वर्षों से गलत तरीके से रहने की भी चर्चाएं। भाजपा के पूर्व विधायक के कारनामों को लेकर राजनीति भी गरमाई।

    03 साल पहले भाजपा नेत्री दर्ज करा चुकी रिपोर्ट

    03 साल पहले भाजपा नेत्री दर्ज करा चुकी रिपोर्ट ~ इससे पहले वर्ष 2021 में भाजपा की पूर्व महिला नेत्री ने हरिद्वार की ज्वालापुर विधानसभा सीट से विधायक सुरेश राठौर पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। दरअसल महिला नेत्री, उसके पति एवं तीन न्यूज पोर्टल के मीडिया कर्मियों समेत पांच आरोपियों को पुलिस ने उसी वर्ष 25 मई को विधायक से रंगदारी मांगने के आरोप में जेल भेजा था।

    जमानत पर छूटने के बाद महिला ने कोर्ट के माध्यम से विधायक के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। वहीं, विधायक सुरेश राठौर ने आरोपों को निराधार और राजनीतिक साजिश करार दिया था। विधायक का आरोप था कि उन्हें ब्लैकमेल कर डेढ़ करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी और सौदेबाजी के बाद 30 लाख रुपए में डील की गई।

  • अन्य संगठनों को छोड़कर शामिल हो रहे व्यापारी

    व्यापारी हित की लड़ाई लड़ने के लिए पुनः भरी गई हुंकार

    लगातार बढ़ता जा रहा व्यापारी एकता परिषद का कुनबा

    बिजनौर। हाल ही में अस्तित्व में आए व्यापारी एकता परिषद का कुनबा लगातार बढ़ता जा रहा है। संगठन की सक्रियता एवं मजबूती को देखते हुए बड़ी संख्या में व्यापारी अन्य संगठनों को छोड़कर इसमें शामिल हो रहे हैं। संगठन में शामिल हुए कई नए पदाधिकारियों का स्वागत किया गया, वहीं व्यापारी हित की लड़ाई लड़ने के लिए पुनः हुंकार भरी गई।

    व्यापारी एकता परिषद(रजि.) की बैठक शहर के झालू मार्ग पर राजदीप सैनी के प्रतिष्ठान पर संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला संगठन मंत्री सभासद तुफैल अहमद व संचालन जिला महामंत्री प्रशांत चौधरी ने किया। मुख्य वक्ता प्रदेश अध्यक्ष राहुल वर्मा एवं प्रदेश महामंत्री देवेश चौधरी रहे। बैठक में वक्ताओं ने संगठन में अधिक से अधिक व्यापारियों को जोड़ने पर विचार रखे। राहुल वर्मा ने कहा कि हमारा संगठन पूर्णतया अराजनीतिक संगठन है। हमारा संगठन किसी भी पार्टी का समर्थन नहीं करता। प्रत्येक व्यापारी की आस्था अलग-अलग राजनीतिक दल में होती है। हमारे संगठन में सभी धर्म जाति के व्यापारी जुड़े हुए हैं। इसलिए जाति धर्म की राजनीति हमारा संगठन नहीं करता। हमारे संगठन का उद्देश्य केवल और केवल हमारे व्यापारी की सुरक्षा एवं उनका सम्मान है। जहां भी किसी व्यापारी को उनके संगठन की आवश्यकता पड़ेगी, वह उसी समय पर उपस्थित होंगे। हमारा उद्देश्य व्यापारी सुरक्षा और व्यापारी के सम्मान को बढ़ाना है। संगठन के प्रदेश महामंत्री देवेश चौधरी ने कहा कि वह किसी भी स्थिति में अपने व्यापारी का उत्पीड़न नहीं होने देंगे, इसके लिए चाहे उन्हें किसी भी स्तर पर जाकर अपने व्यापारी की लड़ाई लड़नी पड़ी। अगर एक भी व्यापारी को प्रताड़ित किया जाता है तो समझो उन्हें और उनके संगठन को प्रताड़ित किया जा रहा है। देवेश चौधरी ने बताया कि जल्द ही जनपद की अलग-अलग तहसीलों व नगरों में इकाइयों का गठन किया जाएगा।

    संगठन का विस्तार कर सौंपीं जिम्मदारियां

    इस दौरान संगठन का विस्तार करते हुए वार्ड सदस्य मुस्तकीम अहमद को नगर अध्यक्ष, चौधरी ब्रह्मपाल सिंह को नगर महामंत्री, राकेश धीमान को जिला उपाध्यक्ष, वसीम अहमद को वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष, शमीम अहमद को जिला प्रभारी, कफील अहमद को जिला उपाध्यक्ष, प्रेम कुमार को नगर सह मंत्री, अतुल कुमार को नगर मंत्री, मोहम्मद अफसर को नगर कार्यकारिणी सदस्य, अशोक धीमान को नगर संरक्षक, आशु को नगर कार्यकारिणी सदस्य, शहजाद अहमद को नगर कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया। साथ ही संगठन द्वारा ईकाई महामंत्री जितेंद्र विश्वकर्मा को जिला सह संगठन मंत्री की जिम्मेदारी दी गई। बैठक में चौधरी ब्रह्मपाल सिंह, सुनील अग्निहोत्री, अरविंद कुमार, अशरफ अहमद, शगुन कुमार, गौरव सिंह, राहुल कुमार, अजीम अहमद, कासिफ अहमद आदि व्यापारी उपस्थित रहे।

  • सवालों के घेरे में ARTO रुद्रपुर

    हैरत: इस सरकारी ऑफिस के मेन गेट पर अंदर से लगता है ताला !

    ~मुकेश कुमार (अमन केसरी न्यूज़)

    रुद्रपुर। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय अक्सर अपने कारनामों की वजह से सुर्खियों में रहता है। हम बात करें रुद्रपुर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय की, तो बीते कई महीनों से कार्यालय के मुख्य द्वार (चैनल गेट)  में अंदर से ताला लगाने की प्रथा चली आ रही है।

    विभागीय अधिकारियों का कहना है कि विभाग में किसी भी प्रकार का कोई भी अवैध कार्य नहीं होता है, लेकिन आश्चर्यजनक बात यह है कि मुख्यालय के किसी भी विभाग के मुख्य द्वार पर अधिकारियों की मौजूदगी में ताला नहीं लगाया जाता है परंतु क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के मुख्य द्वार में अंदर से हमेशा ताला लगा रहता है।

    सोचनीय विषय है कि यह ताला किस अधिकारी के कहने पर लगता है और भविष्य में यह ताला कभी हटेगा भी या नहीं ! इस ताले को लेकर रुद्रपुर क्षेत्रीय परिवहन विभाग एक बार फिर सवालों के घेरे में खड़ा है कि मुख्य द्वार में यह ताला  अंदर से क्यों लगाया जाता है?

  • इस बार भी विद्यालय और अपने माता-पिता का नाम रौशन

    मलिहाबाद के बच्चों ने सीबीएसई बोर्ड में बेहतरीन प्रदर्शन कर किया टॉप

    लखनऊ। “सफा पब्लिक स्कूल” मलिहाबाद के बच्चों ने सीबीएसई बोर्ड में बेहतरीन प्रदर्शन से इस बार भी विद्यालय  और अपने माता-पिता का नाम रौशन किया है।

    हाई स्कूल में अफरा रियाज़ और मोहम्मद साद ने 96% और अल्मिशा नाज़ ने 92% अंक प्राप्त किए। इंटरमीडिएट में मोहम्मद अनस ने 91% अंक प्राप्त किए। विद्यालय के प्रबंधक अरशद ख़ान तथा प्रधानाचार्या श्रीमती अदीबा नदीम ख़ान ने फूल मालाओं से बच्चों का स्वागत किया। विद्यालय प्रबंधक अरशद ख़ान ने कहा कि जीवन में प्रगति पथ पर अग्रसर होने के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है। प्रधानाचार्या श्रीमती अदीबा नदीम ख़ान ने कहा जो छात्र लगन, मेहनत और ईमानदारी से अपने कार्य को पूरा करता है, वह एक दिन अवश्य अपना लक्ष्य प्राप्त करता है।

  • ग्रीन कार्ड के नाम पर चल रही अवैध वसूली का भंडाफोड़

    छह लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया

    ARTO ऑफिस के बाहर से दबोचे गए दलाल

    हरिद्वार (जीपी पांडेय)। रुड़की में एआरटीओ कार्यालय के पास चार धाम यात्रा पर जाने वाले टैक्सी संचालकों से तय फीस से कई गुना अधिक वसूली की शिकायत मिलने के बाद एआरटीओ और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। छापेमारी के दौरान एआरटीओ कार्यालय के आसपास मौजूद दलालों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने दलाली के आरोप में छह लोगों को हिरासत में लिया है।

    ग्रीन कार्ड के नाम पर अवैध वसूली

    उत्तराखंड में चार धाम यात्रा शुरू होने के चलते सभी आरटीओ ऑफिस के बाहर ग्रीन कार्ड व वाहन संबंधी अन्य दस्तावेज बनवाने के लिए वाहन चालकों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। इसका फायदा उठाते हुए आरटीओ ऑफिस के बाहर दलाल भी वाहन चालकों को अपने झांसे में लेकर निर्धारित शुल्क से लगभग चार से पांच गुना पैसा वसूल कर अवैध वसूली कर रहे हैं।

    छापेमारी से मचा दलालों में हड़कंप

    अवैध वसूली की शिकायत मिलने पर एसएसपी द्वारा मामले का संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्यवाई करने के निर्देश दिए गए। इसी क्रम में ARTO रुड़की और रुड़की कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा ARTO ऑफिस के बाहर चेकिंग की गई। अचानक पुलिस व परिवहन विभाग को चेकिंग करता देख दलालों में अफरातफरी मच गई। इस दौरान पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लिया है।

    वसूल रहे थे मोटी फीस

    गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों द्वारा ग्राहकों को कम समय में वाहन संबंधी दस्तावेज ग्रीन कार्ड बनवाने के नाम पर मोटी फीस वसूली की जा रही थी। उक्त व्यक्तियों द्वारा आरटीओ कार्यालय के सामने सीमेंट के गोदाम के अन्दर व बंद मकान के पीछे एक कमरे में अपना दफ्तर खोलकर चोरी छिपे ग्रीन कार्ड व लाइसेंस और वाहन संबंधित दस्तावेज का कार्य किया जा रहा था। उक्त व्यक्तियों द्वारा अवैध रूप से अलग-अलग वाहन डीलर एजेंसीयों से वाहन संबंधित दस्तावेज प्राप्त कर ग्राहकों से वाहन के रजिस्ट्रेशन करवाने के नाम पर तय शुल्क से कई गुना शुल्क वसूला जाता था, जबकि नियमानुसार वाहन संबंधित एजेंसी द्वारा ग्राहकों द्वारा क्रय किए गए वाहन संबंधित दस्तावेज सीधे आरटीओ ऑफिस को भेजने होते हैं। आरोपियों के खातों की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कई ग्राहकों द्वारा Paytm के माध्यम से अधिक भुगतान लिया गया था।

    पकड़े गए आरोपी और बरामदगी

    पुलिस के अनुसार मौहम्मद उमर पुत्र अब्दुल मलिक निवासी खेलपुर, मोहम्मद तैक़ीक पुत्र मोहम्मद इसरार निवासी, मिनहास अब्बास पुत्र अली अब्बास निवासी जैनपुर झंझेड़ी, विजय पुत्र जनार्दन सिंह निवासी सरस्वती विहार, यजुर प्रजापति पुत्र संजय प्रजापति निवासी कुम्हारों वाली गली, विशाल पुत्र पदम सिंह निवासी बेलड़ा को हिरासत में लिया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 5 लैपटॉप, भारी मात्रा में वाहन संबंधित दस्तावेज, आरसी व डीएल, ग्रीन कार्ड बरामद किए हैं।

    आरोपियों के खिलाफ की जाएगी कड़ी कार्रवाई : SSP

    पुलिस अब गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज करने की तैयारी कर रही है। मामले को लेकर एसएसपी हरिद्वार प्रमेंद्र डोबाल का कहना है कि ग्रीन कार्ड के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत मिल रही थी। मामले में मुकदमा दर्ज कर कारवाई की जाएगी।

  • उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कड़ी कार्रवाई

    भ्रष्टाचार मुक्त भारत मिशन के संस्थापक स्वामी अंश चैतन्य महाराज ने की सराहना

    लापरवाही में चार वन दरोगा समेत 10 वन कर्मचारी सस्पेंड

    देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर वन विभाग ने जंगल की आग रोकने में लापरवाही बरतने पर चार वन दरोगा समेत 10 वन कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही दो वन क्षेत्राधिकारियों (रेंजर) को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पांच कर्मचारियों को मुख्यालय से अटैच किया है। इस मामले में अभी कुछ और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना जताई गई है।

    दरअसल, उत्तराखंड के जंगलों में लगी भीषण आग को लेकर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अपने सभी राजनीतिक कार्यक्रम रद्द कर बुधवार को देहरादून में आपात समीक्षा बैठक की थी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से आग रोकने के अब तक किए गए उपायों के बारे में सवाल-जवाब किए। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सीएम धामी ने सख्त रुख दिखाते हुए लापरवाही बरतने पर एक्शन लेने और आग लगाने वाले अराजक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने ताकीद किया कि वनाग्नि पर पूरी तरह से काबू पाने के लिए सभी सचिवों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी दी जाए। उन्होंने कहा कि सभी सचिव वनाग्नि प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करें और वनाग्नि को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएं। फायर लाइन बनाने की कार्रवाई में उन्होंने जनप्रतिनिधियों को भी शामिल करने का सुझाव दिया। रुद्रप्रयाग में वह फायर लाइन बनाने के अभियान में शामिल हुए। बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु समेत विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

    स्वामी अंश चैतन्य जी महाराज अध्यक्ष भ्रष्टाचार मुक्त भारत मिशन

    इन कर्मचारियों पर गिरी गाज

    सीएम पुष्कर सिंह धामी के आदेश पर केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग, गोपेश्वर के वन दरोगा मनोज उनियाल, नैनीताल प्रभाग के वन दरोगा बद्री सिंह चिलवाल, केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के वन दरोगा हरीश सिंह मेहरा, सिविल सोयम अल्मोड़ के वन दरोगा प्रहलाद सिंह गोनिया, लैंसडौन प्रभाग के वन आरक्षी रवींद्र सिंह और विनय कुमार छिंद्रे, चंपावत वन प्रभाग के आरक्षी कृपाल गिरी गोस्वामी और शंकर सिंह, उत्तरकाशी वन प्रभाग के आरक्षी सूरत सिंह रावत, वाहन चालक, टिहरी वन प्रभाग के प्रमोद कुमार रतूड़ी सहायक कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं लैंसडौन वन प्रभाग के वन रेंजर विपिन चंद्र जोशी और केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के रेंजर प्रदीप कुमार गौड़ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा अल्मोड़ा वन प्रभाग के रेंजर गोपाल दत्त जोशी वन दरोगा पूरनचंद्र आर्या और संदीप सूठा, तराई पूर्वी वन प्रभाग के आरक्षी महेश चंद्र आर्या और सिविल सोयम अल्मोड़ा नरेंद्र सिंह बिष्ट को मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है।

    भ्रष्टाचार मुक्त भारत मिशन ने जताया आभार

    इस बीच मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार के द्वारा की गई कार्रवाई पर भ्रष्टाचार मुक्त भारत मिशन की ओर से आभार व्यक्त किया गया है। मिशन एवं हिंदू युवा सेना के संस्थापक संचालक, मां आदिशक्ति कामाख्या शक्तिपीठ महात्मा विदुर कुटी धाम बिजनौर के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत सुरक्षा मिशन के अध्यक्ष स्वामी अंश चैतन्य जी महाराज ने आभार व्यक्त करते हुए स्पष्ट संकल्प लिया कि ना जुर्म करेंगे, ना सहेंगे और ना होने देंगे।

  • बरेली में हुआ साहित्यिक संस्था कवि गोष्ठी आयोजन समिति का कार्यक्रम

    वरिष्ठ कवयित्री शिवरक्षा पांडेय मातृ दिवस पर सम्मानित

    बरेली। साहित्यिक संस्था कवि गोष्ठी आयोजन समिति के तत्वावधान में स्थानीय गुलाब नगर में अंतर्राष्ट्रीय मातृ दिवस पर सरस काव्य संध्या एवं सम्मान कार्यक्रम का आयोजन कवि दीपक मुखर्जी 'दीप' के संयोजन में किया गयाअध्यक्षता साहित्यकार रणधीर प्रसाद गौड़ धीर ने की। मुख्य अतिथि विनय सागर जायसवाल एवं विशिष्ट अतिथि समाजसेवी योगेश जौहरी रहे।

    कार्यक्रम का संचालन राज शुक्ल गजलराज ने किया। माँ शारदे के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। माँ शारदे की वंदना गीतकार उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट ने प्रस्तुत की। मातृ दिवस के अवसर पर वरिष्ठ कवयित्री शिवरक्षा पांडेय को साहित्यिक क्षेत्र में उनके अविस्मरणीय योगदान के लिए संस्था द्वारा स्मृतिचिन्ह प्रदानकर सम्मानित किया गया।

    कवि डॉ. प्रणव गौतम ने अपनी रचना के माध्यम से कहा कि
    कुन्द कुसुम सी दीप्त धवल
    मलयानिल सी हिम शीतल
    कज्जल द्वेष प्रभंजन में
    तुम केवल अवदात हो माँ।

    सुभाष रावत राहत बरेलवी ने माँ पर अपना दोहा इस प्रकार प्रस्तुत किया-
    मेरी आंखों में बसा, माँ का निर्मल रूप।
    सब को देती छाँव जो, ख़ुद सहती है धूप ।।

    सरस काव्य संध्या में कवियों ने अपनी एक से बढ़कर एक रचनाओं के माध्यम से माँ की महिमा का गुणगान किया।
    कार्यक्रम में संस्था के सचिव उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट, कार्यक्रम संयोजक दीपक मुखर्जी दीप,डॉ मुकेश शर्मा मीत, बृजेंद्र तिवारी अकिंचन, डी.पी. शर्मा निराला, मनोज दीक्षित टिंकू, रामकुमार कोली, रामकुमार अफरोज,राम प्रकाश सिंह ओज, अभिषेक अग्निहोत्री, सुभाष रावत राहत बरेलवी, डॉ. प्रणव गौतम, रामधनी निर्मल, अश्वनी कुमार तन्हा, मनोज सक्सेना मनोज, अभिजीत अभि,प्रताप मौर्य मृदुल, रामस्वरूप गंगवार एवं राजकुमार अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।

  • बीजेपी के सबका साथ सबका विकास नारे को अमली जामा पहना रहे माफिया

    वीरूवाला में बड़े पैमाने पर जारी अवैध खनन

    खनिज विभाग व पुलिस की मेहरबानी से खनन माफिया मालामाल

    बिजनौर। नजीबाबाद के वीरूवाला में डंके की चोट पर अवैध खनन हो रहा है? खनिज विभाग व स्थानीय पुलिस की मेहरबानी से खनन माफिया मालामाल हो रहे हैं! सबका साथ सबका विकास का नारा बुलंद करने वाली भाजपा सरकार की इससे जबरदस्त किरकिरी हो रही है!

    माफिया प्रदेश सरकार में सबसे मजबूत ?

    जानकारी के अनुसार मधुरापुर मोर में हुए खनन के पट्टे की आड़ में वीरूवाला में बड़े स्तर पर अवैध खनन हो रहा है। खुद को प्रदेश सरकार में सबसे मजबूत बताते हुए खनन माफिया डंके की चोट पर अवैध खनन कर रहे हैं! तमाम शिकायतों के बावजूद जिला प्रशासन, पुलिस के आलाधिकारी एवं खनिज अधिकारी अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं? सूत्रों का दावा है कि मशीनों से अवैध खनन किया जा रहा है। खनन सामग्री से भरे ओवरलोड वाहन नजीबाबाद तहसील क्षेत्र की सड़कों का दम निकाल रहे हैं। मजाल है कि कोई भी प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी इन ओवरलोड ट्रकों को सीज कर खनन माफियाओं को सबक सिखा सके।

    फाइल चित्र

    सवालों का नहीं कोई जवाब

    इस संबंध में गुरबाज सिंह ने डीएम व मंडलायुक्त को शिकायत कर कहा था कि नजीबाबाद तहसील क्षेत्र के ग्राम मथुरापुर मोर में गाटा संख्या 98 का क्षेत्रफल 1.140 है। इस पर तेजपाल सिंह पुत्र मनफूल निवासी मथुरापुर मोर के नाम से बालू, बजरी व बोल्डर हटाने का पट्टा स्वीकृत हुआ था, लेकिन अवैध खनन ग्राम वीरूवाला में किया जा रहा है। शर्त संख्या 15 का उल्लंघन कर सार्वजनिक भूमि को क्षति पहुंचाई जा रही है। मानक से अधिक खनन किया जा रहा है और अवैध रूप से इसका परिवहन किया जा रहा है। दो मीटर से ज्यादा अवैध खनन से पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। स्वीकृत स्थान से अलग बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है। शर्त संख्या 11 में अत्यधिक पेड़ों का कटान किया गया है, लेकिन क्षतिपूर्ति स्वरूप कोई भी पेड़ नहीं लगाया गया है। न ही इन पेड़ों को काटने की अनुमति दी गई है।

  • खनन टास्क फोर्स की बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

    अवैध खनन व परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने को डीएम ने अपनाई सख्ती

    बिजनौर। जिलाधिकारी ने जिले में अवैध खनन एवं परिवहन पर पूर्णतः अंकुश लगाने के संबंध में कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि अंतर्राज्यीय अथवा अंतर्जनपदीय स्तर पर अवैध रूप से खनन का परिवहन करने वाले वाहनों पर समुचित रूप से नियंत्रण स्थापित करने के लिए गुजरने वाले संभावित मार्गों पर चेकिंग करें तथा वहां पर आवागमन करने वाले वाहनों का रजिस्टर भी बनाएं।

    जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में खनन टास्क फोर्स की बैठक आयोजित हुई। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिये कि निर्धारित चेक प्वाइंट पर चौबीसों घंटे ड्यूटी भी लगाना सुनिश्चित करें एवं निर्धारित स्थानों पर चेकिंग करने वालों के लिये व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए हट जैसा बनाना सुनिश्चित करें, जिससे वह आसानी से चेकिंग को अंजाम दे सकें।

    उत्तराखंड की ओर से खनन

    जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि उत्तराखंड साइड से खनन की सूचना है। इसलिए बार्डर एरिया सहित निर्धारित एवं आशंकित स्थानों में शक्ति की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि चैकिंग के दौरान अवैध खनन परिवहन पाए जाने पर वाहनों का चालान कर उनके विरुद्ध उचित कार्यवाही भी अमल में लाएं। डीएम नेे गलत नम्बर प्लेट लगाकर अवैध खनन करने वाले वाहनों पर भी उचित कड़ी कार्यवाही करने के निर्दश दिये। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त वाहनों और क्रशरों पर भी कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
    उन्होंने अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए अधिकारियों को औचक निरीक्षण करने और छापेमारी कार्यवाही करने तथा बिना नंबर प्लेट व अवैध नंबर प्लेट वाले वाहनों पर भी कड़ी कार्यवाही की जाए।
    इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, वि/रा अरविंद कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डा. रामअर्ज सहित सभी उप जिलाधिकारी, समस्त खनन अधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

  • निष्पक्ष और अराजनैतिक होकर करेंगे काम

    हर लड़ाई लड़ने को मैदान में व्यापारी एकता परिषद

    बिजनौर। निष्पक्ष और अराजनैतिक होकर व्यापारियों की हित की लड़ाई लड़ने के लिए व्यापारी एकता परिषद की घोषणा कर दी गई है।

    गुरुवार को जिला मुख्यालय पर रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक रेस्टोरेंट में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शुभारंभ मुख्य अतिथि ज्योतिषविद पंडित ललित शर्मा, विशिष्ट अतिथि भाकियू अराजनैतिक के युवा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके बबली व वरिष्ठ समाजसेविका डा. मंजू चौधरी ने संयुक्त रूप से भारत माता के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके किया। 

    कार्यकारिणी का गठन

    कोर कमेटी की अनुमति के बाद पूर्व डीएसपी एमपी सिंह को प्रदेश संरक्षक, राहुल वर्मा को प्रदेश अध्यक्ष व देवेश चौधरी को प्रदेश महामंत्री घोषित किया गया। इनके अलावा प्रदेश कार्यकारिणी में पूर्व आईआरएस अधिकारी शेखर वर्मा गाजियाबाद को प्रदेश संरक्षक, कुलभूषण कुमार बजाज मुजफ्फरनगर को वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष, मनोज रुहेला लखनऊ को वरिष्ठ प्रदेश मंत्री, अमित दिवाकर मुरादाबाद को प्रदेश मंत्री, सौरभ बिश्नोई चंदौसी को प्रदेश उपाध्यक्ष, अजीत कुमार सर्राफ मेरठ को प्रदेश उपाध्यक्ष, राजीव वर्मा बिजनौर को प्रदेश कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया। इनके अलावा अनुज शर्मा को बिजनौर जिलाध्यक्ष, प्रशांत चौधरी को जिला महामंत्री, सभासद तुफैल अहमद को जिला संगठन मंत्री, वसीम अहमद को वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष, शमीम अहमद को जिला मीडिया प्रभारी, शकील अहमद को जिला मंत्री, अरशद अहमद को जिला उपाध्यक्ष, केशव सिंह को वरिष्ठ जिला मंत्री, राकेश कुमार सिंह को जिला उपाध्यक्ष, राकेश धीमान को जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। इनके अलावा शिवांग बिश्नोई, हेमराज सिंह व अजीम अहमद को जिला कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया।

    बोले पंडित ललित शर्मा

    इस अवसर पर मुख्य अतिथि पंडित ललित शर्मा ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि व्यापारी एकता परिषद प्रत्येक व्यापारी की समस्या का समाधान करने के लिए हर संभव लड़ाई लड़ेगा। अपने नाम के अनुरूप यह संगठन व्यापारियों को एकजुट करके चलेगा।

    चौधरी दिगंबर सिंह ने दिया भरोसा

    विशिष्ट अतिथि चौधरी दिगंबर सिंह ने कहा कि आज महाराणा प्रताप की जयंती है। जिस भी व्यक्ति ने जन्म लिया है उसे एक दिन इस संसार से जाना है लेकिन हमें प्रयास करना चाहिए कि ईश्वर ने हमें जैसे संसार में भेजा है, जाते समय आत्मा को संतुष्टि हो कि हमने संसार को बेहतर बनाने का प्रयास किया है। हमें महाराणा प्रताप के जीवन से सीख लेनी चाहिए कि आज सैकड़ों वर्ष बाद भी उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया जाता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि व्यापारी के हक की लड़ाई के लिए जब भी व्यापारी एकता परिषद को आवश्यकता होगी तो वह साथ खड़े होंगे।

    शुभकामनाएं: जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष एसके बबली

    विशिष्ट अतिथि जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके बबली एडवोकेट ने व्यापारी एकता परिषद के पदाधिकारी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पूर्ण निष्ठा के साथ व्यापारियों के लिए कार्य करें और जब भी व्यापार मंडल को उनकी आवश्यकता होगी तो वह उनका सहयोग करेंगे।

    रहेगा पूर्ण सहयोग: डॉ. मंजू चौधरी

    विशिष्ट अतिथि डॉ. मंजू चौधरी ने कहा कि जब भी किसी राजनीतिक दल को किसी भी कार्यक्रम के लिए आवश्यकता पड़ती है तो सबसे पहले वह व्यापारी के पास सहयोग के लिए जाकर खड़ा होता है, लेकिन व्यापारियों की बहुत सी समस्याएं है, जिन पर ध्यान नहीं दिया जाता। उन्होंने संगठन के पदाधिकरियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पूरी मेहनत के साथ व्यापारी हित में कार्य करें, उनका पूर्ण सहयोग संगठन को रहेगा।

    परिवार की तरह प्रत्येक सदस्य: डा. एमपी सिंह

    नवमनोनीत प्रदेश संरक्षक पूर्व डीएसपी डॉक्टर एमपी सिंह ने कहा कि संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता उनके परिवार के सदस्य की तरह है। जब भी किसी कार्यकर्ता अथवा व्यापारी पर आंच आएगी, तो वे तन मन धन से साथ खड़े दिखेंगे।

    कोई नहीं करेगा संगठन की ठेकेदारी: प्रदेश अध्यक्ष राहुल वर्मा

    प्रदेश अध्यक्ष राहुल वर्मा ने कहा कि व्यापारियों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। व्यापारी एकता परिषद अराजनीतिक है और अराजनीतिक ही रहेगा। संगठन का कोई भी पदाधिकारी व्यक्तिगत रूप से तो किसी भी राजनीतिक दल को सपोर्ट कर सकता है, लेकिन अपने संगठन की ठेकेदारी भविष्य में कभी नहीं करेगा क्योंकि प्रत्येक कार्यकर्ता स्वतंत्र है कि वह कौन से राजनीतिक दल के लिए कार्य करे।

    24 घंटे मुस्तैद संगठन: देवेश चौधरी

    प्रदेश महामंत्री देवेश चौधरी ने कहा कि व्यापारी एकता परिषद का जन्म व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करने के लिए हुआ है और व्यापारियों की हर समस्या संगठन की समस्या है। व्यापारियों की समस्या के समाधान के लिए संगठन 24 घंटे खड़ा रहेगा।

    कार्यक्रम का संचालन प्रवीण गर्ग ने किया, जबकि सुरेश त्यागी, वसीम अहमद, विमल वर्मा, गौरव वर्मा, जीशान अहमद, अभिराज शर्मा, अनुभव प्रताप, मनोज देवी, सत्यवीरा हांडा, इंद्रदेव सिंह, पवन जैन, अभिषेक भटनागर, चौधरी ओंकार सिंह, अंकुश शर्मा, शगुन चौधरी, तपेंद्र सिंह, सचिन कुमार, सुरेंद्र सिंह अरोड़ा, मनोज कुमार, सतीश कुमार, अशोक कुमार, रिटायर्ड सीओ रविंद्र सिंह, विकास राणा, डा. मनोज चौधरी, जयवीर सिंह, अंकित गोयल, आशु शर्मा, जिशान अहमद, अरविंद कुमार, संजय सिंघल आदि मौजूद रहे।

  • How to know someone is recording my call

    फोन में बात करते समय मिलें ये संकेत तो समझ लें आपकी कॉल हो रही है रिकॉर्ड!

    अगर आपको पता चले कि कोई आपकी मर्जी के बिना आपकी कॉल को रिकॉर्ड (Call Recording) कर रहा है तो शायद आपको यह बात बर्दाश्त नहीं होगी और गुस्सा भी आएगा। वैसे तो कई देशों में किसी की कॉल को रिकॉर्ड करना अपराध है जब तक कि उसकी इजाजत न हो। इसी को ध्यान में रखते हुए अब कई स्मार्टफोन से इन बिल्ट कॉल रिकॉर्डिंग का फीचर (Call Recording Feature) हटा दिया गया है। हालांकि अब भी कई ऐसे स्मार्टफोन या फिर ऐप्स मौजूद हैं जिनसे कॉल रिकॉर्डिंग की जा सकती है। आइए आपको बताते हैं कैसे जान सकते हैं कि कोई आपकी कॉल्स को रिकॉर्ड कर रहा है या नहीं?

     call recording sign, how to know someone is recording my call, कॉल रिकॉर्डिंग कैसे चालू करें, how t- India TV Hindi

    अगर कोई सामान्य व्यक्ति कॉल के दौरान आपकी कॉल को रिकॉर्ड कर रहा है तो आप इसका पता लगा सकते हैं लेकिन अगर कोई सरकारी एजेंसी आपकी कॉल्स को रिकॉर्ड कर रही है तो आप इसे नहीं पकड़ सकते। कॉल रिकॉर्डिंग शुरू होते ही कई ऐसे संकेत मिलते हैं, जिससे बड़ी ही आसानी से समझा जा सकता है कि सामने वाला व्यक्ति काल को रिकॉर्ड कर रहा है।

    कॉल रिकॉर्डिंग होने पर मिलते हैं ये संकेत

    1. अगर कोई थर्ड पार्टी ऐप से कॉल को रिकॉर्ड कर रहा है तो रिकॉर्डिंग शुरू होते ही आपको This Call is now being recorded की आवाज सुनाई देगी।
    2. अगर कोई पुराने स्मार्टफोन से कॉल रिकॉर्ड करता है तो आपको कॉल की शुरुआत में एक बीप की आवाज सुनाई देगी। आपको इस पर ध्यान देने की जरूरत है। 
    3. अगर आपको कॉल के दौरान बार बार बीप की आवाज आ रही है तो मतलब आपकी कॉल रिकॉर्ड हो रही है। 
    4. कई बार हैकर्स भी मोबाइल पर कॉल रिकॉर्डिंग का सॉफ्टवेयर इंस्टाल कर देते हैं जिससे कॉल रिकॉर्डिंग हो सकती है। 
    5. अगर आपको अपने स्मार्टफोन की डिस्प्ले के ऊपर माइक का आइकन नजर आता है तो आप समझ सकते हैं कि कॉल रिकॉर्ड हो रही है। 
    6. अगर कोई हर बार आपके कॉल को स्पीकर में रखकर बात कर रहा है तो हो सकता है कि वह दूसरे फोन से कॉल रिकॉर्ड कर रहा हो। (साभार)
  • अगर आप बिना किसी की इजाजत के फोन कॉल रिकॉर्ड करते हैं तो यह निजता के अधिकार का उल्लंघन है और आपके खिलाफ पुलिस कार्रवाई हो सकती है।

    बिना किसी की इजाजत के कॉल recording निजता के अधिकार का उल्लंघन


    कॉल रिकॉर्डिंग करने पर लगती है कौन सी धारा ?

    अगर आप किसी की इजाजत के बिना उसका मोबाइल कॉल रिकॉर्ड करते हैं तो आपके खिलाफ आईटी एक्ट-2000 की धारा 72 के तहत करवाई की जा सकती है। भारतीय संविधान के आर्टिकल 21 में हर व्यक्ति के पास निजता का अधिकार है। अगर सरकार या कानूनी एजेंसियों को किसी व्यक्ति पर गैरकानूनी या देश विरोधी काम में लिप्त होने का खतरा होता है तो उसका फोन टैपिंग किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में सरकार राज्य जनहित में किसी की भी बातचीत को उसे बिना बताए रिकॉर्ड कर सकती है।

    दूसरों का कॉल रिकॉर्ड करना पड़ सकता है महंगा, ऐसे कर सकते हैं कानूनी कार्रवाई

    वर्ष 2021 में पेगासस की फोन टैपिंग सॉफ्टवेयर ने दुनिया भर में हंगामा बरपा दिया था, लेकिन क्या आपको पता है कि आखिर फोन टैपिंग कैसे होती है। अगर कोई अनधिकृत तौर पर आपका फोन टैप किया तो उसे सजा भी हो सकती है।

    दैनिक जागरण में जमशेदपुर डेटलाइन से 22 जुलाई 2021 को प्रकाशित जितेंद्र सिंह की रिपोर्ट के अनुसार यदि आप मजाक में भी किसी दूसरे का कॉल रिकॉर्ड करते हैं और यदि इसकी शिकायत कर दी जाए तो आपको भारी महंगा पड़ सकता है। उस समय पेगासस स्पाइवेयर की मदद से भारतीय यूजर्स की जासूसी की रिपोर्ट पर जमकर हंगामा हुआ था। इससे पहले 2019 में भी भारत समेत दुनिया के 20 देशों में हो रहे पेगासस स्पाइवेयर को लेकर इजरायली स्पाइवेयर के निर्माता एनएसओ ग्रुप पर मुकदमा दायर किया था।

    आखिर क्या है फोन टैपिंग ?

    जमशेदपुर के जाने-माने वकील सुधीर कुमार पप्पू के अनुसार फोन टैपिंग के जरिए कोई राज्य या केंद्र सरकार तथा कानूनी एजेंसियां किसी व्यक्ति के फोन पर होने वाली बातचीत की निगरानी करती हैं। कानून के अनुसार किसी की भी बातचीत को रिकार्ड सुनना या दूसरे को सुनाना पूरी तरह गैर कानूनी है। यह निजता के अधिकार का हनन है। अगर सरकार या कानूनी एजेंसियों को किसी व्यक्ति पर गैरकानूनी या देश विरोधी काम में लिप्त होने का शक होता है तो उसका फोन टैपिंग किया जा सकता है। वैसे यह सब इतना आसान नहीं होता, इसके लिए बकायदा कानून बना हुआ है।

    इस कानून के तहत होता है रेगुलेशन

    इंडियन टेलिग्राफ एक्ट 1885 के सेक्शन 5(2) के तहत केंद्र या राज्य सरकार के पास फोन टैपिंग करने का अधिकार है। अगर सरकार या कानूनी एजेंसियों को किसी व्यक्ति पर गैरकानूनी या देश विरोधी काम में लिप्त होने का खतरा होता है तो उसका फोन टैपिंग किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में सरकार राज्य जनहित में किसी की भी बातचीत को उसे बिना बताए रिकॉर्ड कर सकती है। हालांकि, सामान्य परिस्थिति में किसी की भी बातचीत को उसकी बिना इजाजत के आर्टिकल 21 के तहत रिकार्ड करना गैरकानूनी है। उच्चतम न्यायालय के अनुसार आर्टिकल 21 के तहत जीवन का मूलभूत अधिकार दिया गया है और निजता का अधिकार उसका अखंड हिस्सा है।

    कॉल रिकॉर्ड कर उसे दूसरे को सुनाना पड़ेगा महंगा

    प्राय: देखने को मिलता है कि लोग आने वाले हर कॉल को रिकॉर्ड करते हैं। स्मार्टफोन के समय में तमाम ऐप्स ने यह बेहद आसान भी बना दिया है। बहुत सारे लोग किसी की कॉल को रिकॉर्ड कर उसे किसी दूसरे को सुनाते है लेकिन कानून की दृष्टि में यह निजता के अधिकार का उल्लंघन है। अगर आप किसी दूसरे का रिकॉर्ड रखते हैं और उसे पता चल जाता है तो वह आपके खिलाफ शिकायत कर सकता है। ऐसे में आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

    कॉल रिकॉर्ड हो तो ऐसे करें शिकायत

    यदि आपको लगता है कि कोई आपकी बातचीत को रिकार्ड कर रहा है तो आप इसकी शिकायत मानवाधिकार आयोग से कर सकते हैं। यदि आपको किसी पर शक है तो उसके खिलाफ थाने में एफआइआर दर्ज करा सकते हैं। यदि किसी अधिकारी ने केंद्र या राज्य सरकार के निर्देश पर कॉल रिकॉर्ड किया है और किसी ऐसे व्यक्ति को लीक कर दिया, जिसे नहीं करना चाहिए, ऐसी स्थिति में इंडियन टेलिग्राफ एक्ट के सेक्शन 26 बी के तहत आरोपित पर मुकदमा कर सकते हैं।

    क्या कॉल रिकॉर्डिंग भारतीय अदालत में मान्य है?

    हालाँकि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य को अदालत में स्वीकार किया जाता है, लेकिन भारत के संविधान, 1950 के अनुच्छेद 21 के तहत निजता के अधिकार के उल्लंघन और आपराधिक गतिविधि के बढ़ते जोखिम के कारण व्यक्तियों के लिए बिना अनुमति के बातचीत रिकॉर्ड करना कानूनी नहीं है।

    हाईकोर्ट का फैसला: बिना इजाजत मोबाइल कॉल रिकॉर्ड करना निजता का उल्लंघन, हो सकती है 2 साल की सजा

    (Recording mobile phone without permission is a violation of the right to privacy CG High Court
    punishment for call recording in india)

    अगर आप किसी की इजाजत के बिना उसका मोबाइल कॉल रिकॉर्ड करते हैं तो आपके खिलाफ आईटी एक्ट-2000 की धारा 72 के तहत करवाई की जा सकती है। भारतीय संविधान के आर्टिकल 21 में हर व्यक्ति के पास निजता का अधिकार है। अगर आप दोषी पाएं जाते हैं तो इसके तहत दो साल की सजा और 01 लाख रुपए का जुर्माना है। वेबसाइट http://www.naidunia.com के मुताबिक छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि किसी व्यक्ति की जानकारी के बिना उसके मोबाइल फोन पर बातचीत को रिकॉर्ड करना अनुच्छेद 21 के तहत निजता के अधिकार का उल्लंघन है। उच्च न्यायालय एक महिला द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें 2019 से लंबित रखरखाव मामले में उसके पति के आवेदन को अनुमति देने वाले पारिवारिक अदालत के आदेश को चुनौती दी गई थी। एचसी ने पाया कि पति द्वारा अपनी पत्नी की जानकारी के बिना उसकी फोन पर बातचीत रिकॉर्ड करना उसके निजता के अधिकार का उल्लंघन है और साथ ही संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त याचिकाकर्ता के अधिकार का भी उल्लंघन है।

    क्या कहता है कानून?

    अगर आप किसी की इजाजत के बिना उसका मोबाइल कॉल रिकॉर्ड करते हैं तो आपके खिलाफ आईटी एक्ट-2000 की धारा 72 के तहत करवाई की जा सकती है। इस आईटी एक्ट के तहत किसी भी इलेक्ट्रानिक डिवाइस के जरिए किसी थर्ड पार्टी व्यक्ति की मंजूरी के बिना उससे जुड़ी सूचना, दस्तावेज जैसी चीजों को उसकी मंजूरी या जानकारी के बिना पब्लिक करना धारा-72 का उल्लंघन माना जाएगा। भारतीय संविधान के आर्टिकल 21 में हर व्यक्ति के पास निजता का अधिकार है। अगर आप दोषी पाएं जाते हैं तो इसके तहत दो साल की सजा और 1 लाख रुपए का जुर्माना भरना पड़ सकता है।

    (विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर आधारित लेख। यह आवश्यक नहीं है कि newsdaily24 उक्त जानकारी से पूर्णतया अथवा आंशिक रूप से सहमत हो।)

  • उपस्थित होकर ब्राह्मण समाज को शक्तिशाली बनाएं- डॉ सत्येंद्र शर्मा ‘अंगिरस’

    भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर निकाली जाएगी शोभायात्रा

    बिजनौर। जनपद बिजनौर में 10 मई 2024, शुक्रवार तृतीया तिथि को भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर जनपद के समस्त ब्राह्मण समाज के तत्वाधान में जिला मुख्यालय पर विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस शोभायात्रा का आयोजन एकजुटता, आपसी सौहार्द्र एवं ब्राह्मण समाज की संख्या बल के प्रदर्शन के साथ-साथ सनातन धर्म की मजबूती का संदेश देने के रूप में किया जा रहा है।

    ब्राह्मण समाज के लिए समर्पित वरिष्ठ पदाधिकारी डॉ. सत्येंद्र शर्मा “अंगिरस” ने उक्त जानकारी देते हुए कहा कि भगवान परशुराम विष्णु भगवान के छठे अवतार के रूप में अवतरित हुए हैं। जो हमारे इष्टदेव हैं तथा अजर-अमर हैं। भव्य एवं विशाल शोभायात्रा की सफलता के लिए जनपद के ब्राह्मण समाज का युवा उत्साहित होकर घर-घर निमंत्रण देने में लगा है। उनके उत्साह और कर्तव्य निष्ठा को देखते हुए लगता है भगवान परशुराम का उनको भरपूर आशीर्वाद मिल रहा है और मिलता रहेगा। यह शोभायात्रा आने वाले समय में निःसंदेह ब्राह्मण समाज की दशा व दिशा तय करेगी।

    डॉ. सत्येंद्र शर्मा “अंगिरस” ने जनपद के सभी ब्राह्मणों का आह्वान करते हुए कहा कि इस शोभायात्रा में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर ब्रह्म शक्ति का परिचय दें। अपनी भावी पीढ़ी का उत्साह वर्धन करें, उचित मार्गदर्शन करें और समाज को संगठित करने का कार्य करें, जिससे ब्राह्मण समाज मजबूत होकर राजनीति एवं सामाजिक क्षेत्र में अपनी अहम भूमिका का निर्वहन करते हुए विशेष स्थान बना सके। इसलिए हम सभी मनोभाव के साथ अपने इष्ट देव भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर निकाली जाने वाली शोभायात्रा को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास करते रहें।

    भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर आयोजित कार्यक्रमों एवं शोभायात्रा की सफलता के लिए समाज के वरिष्ठ विप्रगण सुविख्यात ज्योतिष रत्न विज्ञान शिरोमणि ज्योतिषविद पंडित ललित शर्मा, पंडित सुबोध पाराशर पूर्व एमएलसी, पूर्व प्रधानाचार्य पंडित पियूष त्रिपाठी, वरिष्ठ पत्रकार डॉ सत्येंद्र शर्मा अंगिरस, अनिल शर्मा फौजी, मोहित शर्मा, आलोक भारद्वाज, पंडित आनंद प्रकाश शर्मा, पंडित जितेंद्र शर्मा, विभोर कौशिक एडवोकेट, पवन शर्मा एडवोकेट, डॉ मोहित शर्मा, पंडित मंगलेश शर्मा, अमरपाल शर्मा, आशीष शर्मा, डॉ रोशन लाल शर्मा, लोकेश भारद्वाज, डॉ संजीव दानी, आरडी शर्मा, विभूति कांत शर्मा धामपुर, संजीव शर्मा उर्फ गोपाल सभासद नगीना, राजेंद्र शर्मा उर्फ बॉबी, डॉ अशोक शर्मा, विजय वशिष्ठ, वरिष्ठ पत्रकार पंकज भारद्वाज, ग्राम प्रधान राजेश शर्मा, शोभित शर्मा, भोनेंद्र शर्मा आदि ब्राह्मण समाज को जागरुक कर शोभा यात्रा में शामिल होने की अपील कर रहे हैं। जनपद की ब्राह्मण युवा टीम दिन रात एक कर पूरे समाज को जोड़ने का सराहनीय कार्य कर रही है, जो बधाई की पात्र है।

  • बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने एक्स पर साझा की जानकारी

    आकाश आनंद पर कुछ दिन पहले सीतापुर में दर्ज की गई थी एफआईआर

    बुआ जी ने भतीजे से उत्तराधिकारी और नेशनल कोआर्डिटनेटर पद छीना

    नई दिल्ली। बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने उत्तराधिकारी और नेशनल कोआर्डिटनेटर आकाश आनंद को दोनों अहम जिम्मेदारियों से अलग कर दिया है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने यह फैसला सीतापुर में आकाश आनंद के भड़काऊ भाषण मामले को लेकर किया। मायावती ने मंगलवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी देते हुए, इसकी वजह उनका अपरिपक्व होना बताई है।

    विदित हो कि आकाश आनंद ने सीतापुर में जनसभा के दौरान भाजपा नेताओं की तुलना आतंकवादियों से करते हुए उन्हें जूतों से मारने की बात कही थी। इस मामले में आकाश आनंद एवं पार्टी के तीन प्रत्याशियों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज किया गया था। बसपा सुप्रीमो ने इसे बेहद गंभीरता से लेते हुए अपने भतीजे आकाश आनंद की रैलियों के आयोजन पर रोक लगा दी थी। बसपा सुप्रीमो ने मंगलवार को एक्स पर बयान जारी करके उनको नेशनल कोआर्डिटनेटर के पद और अपने उत्तराधिकारी की जिम्मेदारी से हटाने का ऐलान किया।

    जिम्मेदारी निभाते रहेंगे आकाश के पिता

    हालांकि उन्होंने आकाश आंनद के पिता और अपने भाई आनंद कुमार को पार्टी व मूवमेंट के हित में पहले की तरह अपनी जिम्मेदारी निभाते रहने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि बसपा का नेतृत्व पार्टी व मूवमेंट के हित में एवं डॉ. आंबेडकर के कारवां को आगे बढ़ाने में हर प्रकार का त्याग व कुर्बानी देने से पीछे हटने वाला नहीं है।इसके लिए कांशीराम जी व मैंने खुद भी अपनी पूरी जिन्दगी समर्पित की है और इसे गति देने के लिए नई पीढ़ी को भी तैयार किया जा रहा है। यह भी कहा कि मूवमेन्ट के व्यापक हित में पूर्ण परिपक्वता आने तक फिलहाल उन्हें इन दोनों जिम्मेदारियों से अलग रखा जाएगा।

    सियासी गलियारों में हलचल हुई तेज

    मायावती के इस फैसले के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। लोकसभा चुनाव के बीच मायावती का फैसला काफी चौंकाने वाला है। अचानक मायावती ने इतना बड़ा फैसला क्यों किया? इस फैसले के पीछे असली वजह क्या है? ऐसे कई सवाल खड़े हो गए हैं।

    आकाश ने क्या कहा था भाषण में?

    आकाश आनंद ने अपने भाषण में कहा था, ‘यह सरकार बुलडोजर सरकार और गद्दारों की सरकार है। जो पार्टी अपने युवाओं को भूखा छोड़ती है और बुजुर्गों को गुलाम बनाती है वह आतंकवादी सरकार है।’ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद बसपा ने बिना कोई कारण बताए पिछले दिनों आकाश आनन्द की सभी प्रस्तावित रैलियों को स्थगित कर दिया था। आकाश आनंद ने 06 अप्रैल को नगीना लोकसभा सीट से अपनी पार्टी का अभियान शुरू किया था। बाद में, उन्होंने आगरा, बुलंदशहर, मथुरा, वाराणसी, गोरखपुर, अंबेडकर नगर, आजमगढ़ और कौशांबी सहित पश्चिम और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई रैलियों को संबोधित किया।

    बढ़ता गया आकाश आनंद का कद

    बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद 28 साल के हैं। शुरुआती शिक्षा नोएडा में करने के बाद लंदन से एमबीए की पढ़ाई पूरी की। बीते साल मार्च में मायावती ने पार्टी के ही वरिष्ठ नेता अशोक सिद्धार्थ की बेटी प्रज्ञा से उनकी शादी बहुत धूमधाम से की थी। पहली बार 2017 में उनको मायावती के साथ सहारनपुर की सभा के दौरान देखा गया। उसके बाद मायावती ने लखनऊ में एक बैठक के दौरान उनका परिचय कराया था। इसके बाद से आकाश आनंद का कद पार्टी में धीरे-धीरे बढ़ता गया।

  • अशोक राणा के बाद अब निशाने पर शिवसेना जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह!

    लोक निर्माण विभाग के भ्रष्ट ठेकेदारों के खिलाफ शिव सैनिकों का प्रदर्शन, डीएम को ज्ञापन

    विधायक की तरह तुम्हें भी दिखा देंगे पिक्चर

    बिजनौर। धामपुर से सत्ताधारी पार्टी के विधायक अशोक राणा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। अबकी बार शिवसेना जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह को भी कथित तौर पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। समर्थकों के साथ प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे शिवसेना नेता ने इस बाबत जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

    चांदपुर धनौरा मार्ग पर लोक निर्माण विभाग की तरफ से सड़कों का चौड़ीकरण कार्य किया जा रहा है। शिवसेना जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह ने अनियमितताओं की शिकायत चांदपुर उप जिलाधिकारी, लोक निर्माण के अधिशासी अभियंता व अपर जिलाधिकारी बिजनौर से की थी। अभी तक कोई कार्रवाई न होने पर शिव सैनिकों ने कलेक्ट्रेट में शिवसेना जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह व विजय मोहन गुप्ता के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। साथ ही जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा।

    इस दौरान चौधरी वीर सिंह ने कहा कि इस निर्माण कार्य से संबंधित ठेकेदार द्वारा मुझ पर दबाव बनाकर शिकायत वापस लेने को कहा जा रहा है। वापस न लेने की स्थिति में अंजाम भुगत लेने की धमकी भी दी है और कहा है कि धामपुर विधायक अशोक राणा की तरह तुम्हें भी पिक्चर दिखा देंगे। अब वह शिकायत करने वाले सभी जनप्रतिनिधियों को इसी तरह का अंजाम भुगत लेने की धमकी दे रहे हैं। ऐसी भ्रष्ट कंपनियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की गई।

    बताया गया है कि कुछ दिन पूर्व धामपुर विधायक अशोक राणा व उनके पुत्र समेत कई ज्ञात अज्ञात लोगों के खिलाफ इसी निर्माण कंपनी ने मुकदमा दर्ज कराया है।

  • कंप्यूटर सेंटर पर छात्र ने दिनदहाड़े मारी थी गोली

    33 घंटे लड़कर मौत की जंग हारी शिक्षिका, संस्कार में पहुंचे युवक की गंगा में डूबकर मौत

    बिजनौर। मेरठ में 33 घंटे लड़कर महिला कंप्यूटर शिक्षिका मौत की जंग हार गई। वहीं अंतिम संस्कार में शामिल होने गंगा बैराज पहुंचे युवक की गंगा में डूबकर मौत हो गई। मृतक युवक के माता पिता की मौत पहले ही हो चुकी है जब एकमात्र विवाहित बहन उत्तराखंड के काशीपुर में रहती है।

    कोतवाली नगर स्थित काशीराम कॉलोनी रामलीला मैदान निवासी हिमांशु उर्फ भोलू (23 वर्ष) पुत्र मनीष रविवार को शिक्षिका कोमल के अंतिम संस्कार में अन्य युवकों के साथ गंगा बैराज गया था। इस दौरान वह घाट पर पहुंचा और नहाने के लिए गंगा में चला गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नहाते समय काफी आगे चला गया और रेत में फंस गया। जब वह डूब गया तो किसी ने उसके हाथ देखकर शोर मचा दिया। काफी देर बाद गंगा से हिमांशु को निकाल कर जिला अस्पताल लाया गया,जहां चिकित्सक रामकुमार ने हिमांशु को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि वह कांशीराम कॉलोनी में अकेला रहता था। उसके माता-पिता की मौत हो चुकी है। उसकी एक बहन उत्तराखंड के काशीपुर में रहती है। पुलिस ने घटना की जानकारी हिमांशु की बहन को दे दी है। प्रभारी निरीक्षक सुशील सैनी ने बताया कि युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

    कांशीराम कालोनी

    कांधा दिया और लकड़ियां भी चुनीं

    मेहनत मजदूरी कर अपना पेट पालने वाला हिमांशु उर्फ भोलू मिलनसार था। उसे जानने वाले और आसपड़ोस के लोग उसे अच्छा व्यक्ति बताते हैं। यही कारण रहा कि कंप्यूटर शिक्षिका कोमल के दाहसंस्कार में वह गंगा बैराज घाट तक गया। स्टेडियम तक उसने अर्थी को कांधा दिया और फिर बैराज पर चिता के लिए लकड़ियां भी चुनीं। इसी दौरान वह नहाने को नदी में घुसा और अपनी जान गंवा बैठा। किसी को क्या पता था कि मौत उसे वहां खींच ले जायेगी।

    मेरठ के अस्पताल में ली अंतिम सांस

    शुक्रवार सुबह दिनदहाड़े महिला कंप्यूटर शिक्षिका कोमल को सेंटर पर ही छात्र ने गोली मार दी थी। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल से मेरठ रेफर किया गया था। शरीर में फंसी गोली से कराहती शिक्षिका ने 32 घंटे 51 मिनट तक मौत से जंग लड़ी, लेकिन उसे बचाया न जा सका। इस मामले में पुलिस ने छात्र प्रशांत पुत्र लवकुश निवासी शादीपुर को गिरफ्तार किया था। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने वारदात में प्रयुक्त तमंचा चार साल पहले युवक रचित से खरीदा था। पुलिस आरोपी प्रशांत के पिता लवकुश को भी हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

    आरोपी करता था एक तरफा प्यार

    वर्ष 2022 में छात्र प्रशांत ने कंप्यूटर सेंटर में कोर्स किया था।इसी बीच वह शिक्षिका से एकतरफा प्यार करने लगा। कई बार उसने प्रपोज किया, मगर हर बार शिक्षिका मना कर देती थी। कोर्स के रिवीजन के बहाने वह फिर सेंटर पर आने लगा था।

    कंप्यूटर सेंटर में खौफ बरकरार

    घटना को लेकर विद्यार्थियों और शिक्षक शिक्षिकाओं में खौफ बरकरार है। यही कारण रहा कि शनिवार के बाद सोमवार को भी सेंटर की कक्षाओं में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति कम रही। वारदात को लेकर चर्चाएं भी होती रहीं।

    केस होगा हत्या की धाराओं में तरमीम

    एएसपी सिटी संजीव वाजपेयी ने बताया कि शिक्षिका को गोली मारने का आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। बेहतर इलाज दिलाने के बाद भी शिक्षिका को बचाया नहीं जा सका। वहीं आरोपी का चालान जानलेवा हमले की धाराओं में किया गया था। चालान के समय तक शिक्षिका अस्पताल में भर्ती और जिंदा थी। शिक्षिका की मौत होने के बाद अब पुलिस जानलेवा हमले के केस को हत्या की धारा में तरमीम करेगी।

  • न्यू पल्स केयर हॉस्पिटल में पकड़ी गई धांधली

    अस्पताल को पैनल से हटाने के लिए लिखा गया पत्र

    आयुष्मान कार्ड के बावजूद मरीज से वसूले 72 हजार!

    बिजनौर। न्यू पल्स केयर हॉस्पिटल में आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद इलाज के नाम पर मरीज से 72 हजार रुपए वसूले गए। इस मामले में शिकायत की जांच में सही पाए जाने पर रिकवरी का नोटिस देने के साथ ही पैनल से हटाने के लिए पत्र लिखा गया है। अनियमितताएं मिलने पर सुपर वेदांता मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के भुगतान पर भी रोक लगा दी गई है। पांच अन्य अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस भेजे गए हैं। दूसरी ओर एचएमएच हॉस्पिटल, श्रेया हॉस्पिटल, आरोग्यम हॉस्पिटल, पूजा हॉस्पिटल, एशियन हॉस्पिटल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

    आयुष्मान भारत योजना से जुड़े निजी अस्पतालों में पैसे लेकर इलाज करने की लगातार शिकायत मिल रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जब मरीजों से पूछताछ की तो उन्होंने पैसे लेकर इलाज करने की बात कही। इसके अलावा कुछ अस्पतालों ने इलाज किसी बीमारी का किया और पोर्टल पर कोई दूसरी बीमारी दिखाई थी।

    आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ डा. आरपी विश्वकर्मा के अनुसार न्यू पल्स केयर हॉस्पिटल में मरीज ने अपना इलाज कराया था। आयुष्मान कार्ड के बावजूद मरीज से 72 हजार रुपए लेकर इलाज करने की बात सामने आई। टीम ने जांच कर अस्पताल से 72 हजार रुपए की रिकवरी और अस्पताल को आयुष्मान योजना पैनल से हटाने का पत्र लिखा है।

  • किसी के घर का पता पूछने की नहीं होगी जरूरत

    यूनिक आईडी कोऑर्डिनेट सिस्टम से जोड़े जा रहे सभी भवन

    डिजिटल तकनीक से पहुंचें किसी के भी घर

    ~अनुज चौधरी

    बिजनौर। आने वाले समय में बिजनौर शहर में आने पर किसी के घर का पता पूछने की जरूरत नहीं होगी। डिजिटल के दौर में मैपिंग के सहारे किसी के भी घर पहुंचा जा सकेगा। तमाम सुविधाएं बढ़ेंगी। बिजनौर शहर में नगर पालिका की ओर से सभी भवन यूनिक आईडी कोऑर्डिनेट सिस्टम से जोड़े जा रहे हैं। इसके लिए शहर भर में मैपिंग का काम चल रहा है।

    बिजनौर नगर पालिका धीरे-धीरे डिजिटल की ओर बढ़ती नजर आ रही है। आने वाले समय में मैपिंग नंबर से बिजनौर शहर में किसी के भवन तक पहुंचना आसान हो जाएगा। पूर्व में जियोग्राफिक इंफार्मेशन सिस्टम सर्वे से भी टैक्स की दृष्टि से शहर के भवनों की पहचान की जा चुकी है। विभागीय जानकारी के अनुसार मैपिंग में शहर में कितने भवन हैं और उनका स्वरूप क्या है, इसका पूरा खाका बनाया जा रहा है।

    प्रतीकात्मक चित्र

    शहर के सभी भवनों को डिजिटल पहचान

    शहर के सभी भवनों को डिजिटल पहचान दी गई है। इसके लिए पालिका ने प्रत्येक भवन की यूनिक आईडी बनाई है। सरकारी अर्द्धसरकारी और निजी भवनों की यूनिक आईडी के साथ ही इनको कोआर्डिनेट सिस्टम से भी जोड़ा जा रहा है। को आर्डिनेट सिस्टम से शहर के प्रत्येक भवन का नंबर जारी किया जा रहा है। अगर कोई कोआर्डिनेट सिस्टम के मैपिंग नंबर को ट्रेस करता है तो गूगल उस भवन तक पहुंचाएगा, हालांकि इसे पूरा होने में अभी थोड़ा समय लगेगा।

    फिलहाल यूनिक आईडी से कूड़ा कलेक्शन की सुविधा होगी मुहैया

    यूनिक आईडी से ही गूगल मैप के जरिए घरों तक पहुंचना होगा आसान

    शहर में जारी तीन कैटेगरी में नंबर

    यूनिक आईडी नंबर से आसानी से ये भी पता चल पाएगा कि कौन सी संपत्ति आवासीय है और कौन सी संपत्ति व्यवसायिक है या फिर किसी अन्य श्रेणी में आती है। शहर में तीन कैटेगरी में ये नंबर जारी किए गए हैं। इसके अलावा अगर कोई अपना मकान बदलता है तो उसकी यूनिक आईडी नहीं बदलेगी। एक से अधिक मकान प्रतिष्ठान होने पर अभी तक पालिका अगल अलग नंबर देती थी लेकिन अब एक बार यूनिक आईडी जारी होने के बाद यह हमेशा के लिए बनी रहेगी।

    सेनेटरी इंस्पेक्टर गोविंद चौधरी ने बताया कि शहर के भवनों की यूनिक आईडी बनाई जा चुकी है इसके साथ ही कोआर्डिनेट सिस्टम से प्रत्येक भवन को जोड़ा गया है। कोआर्डिनेट सिस्टम के तहत प्रत्येक भवन का मैपिंग नंबर भी जारी किया जाएगा। मैपिंग का काम तीव्र गति से चल रहा है।

    मिल पाएंगी कई तरह की सुविधाएं

    मकान मालिक को ई गर्वर्नेस से जुड़ी 24 सेवाएं घर पर लगे यूनिक डिजिटल प्लेट को स्कैन करने से बड़ी आसानी से मिल जाएगी। यूनिक नंबर से प्रापर्टी टैक्स, डोर टू डोर कचरा कलेक्शन, नल कनेक्शन, नामांतरण, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड की आपातकालीन सेवाएं घर बैठे मिल सकेंगी। घर की जरूरी पहचान होने से डोर टू डोर डिलीवरी भी आसानी से हो सकेगी। मैपिंग पूरी होने पर गूगल मैप पर भी घर की सही लोकेशन लोगों को पता चल सकेगी।

    डिजिटल की दिशा में बिजनौर नगरपालिका तेजी से आगे बढ़ रही है। सरकारी, अर्द्ध सरकारी और निजी भवनों की यूनिक आईडी के साथ ही इनको कोआर्डिनेट सिस्टम से भी जोड़ा जा रहा है। मैपिंग का कार्य जून तक पूरा होने की उम्मीद है। ~विकास कुमार, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका परिषद, बिजनौर

  • रांची में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की बड़ी कार्रवाई

    मंत्री के पीएस के नौकर के घर मिले रुपए 30 करोड़

    रांची (एजेंसी)। लोकसभा चुनाव के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्‍य की राजधानी रांची में कई ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। इस क्रम में झारखंड सरकार के मंत्री आलमगीर आलम के पीएस के नौकर के घर से करीब 30 करोड़ रुपए मिले हैं। इसकी गिनती करने के लिए मशीन मंगाई गई है।

    ईडी ने वीरेंद्र राम मामले में झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के पीएस संजीव लाल के नौकर के घर से भारी मात्रा में नकदी बरामद की है। ईडी ने कुछ योजनाओं के कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फरवरी 2023 में झारखंड ग्रामीण विकास विभाग के मुख्य अभियंता वीरेंद्र के. राम को गिरफ्तार किया था। नोट गिनने के लिए मशीन मंगाई गई है। इसका वीडियो भी ईडी की ओर से जारी किया गया है। लोगों को नौकर के घर में नोटों का अंबार देखकर हैरानी हो रही है। यहां बैग, सूटकेस और पॉलिथीन में भरकर नोटों की गड्डी रखी गई थी।

  • दायरे में सीबीएसई/आईसीएसई बोर्ड के विद्यालय

    01 सप्ताह में देना होगा 03 साल में लिए गए शुल्क का विवरण

    जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में डीएम के निर्देश

    शिकंजा: पुस्तकें, यूनिफॉर्म आदि के लिए स्कूल करें बाध्य तो कीजिए शिकायत

    बिजनौर। जिले में संचालित समस्त सीबीएसई/आईसीएसई बोर्ड के विद्यालय विगत 03 वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 में लिये गये शुल्क का विवरण अधिकतम 01 सप्ताह में कार्यालय जिला विद्यालय निरीक्षक बिजनौर में उपलब्ध करायेंगे। यह निर्देश जिलाधिकारी ने दिए हैं।

    जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में शुक्रवार शाम 4:30 बजे कलक्ट्रेट स्थित उनके कार्यालय कक्ष में जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक आयोजित की गयी। जिलाधिकारी ने कहा कि समस्त सीबीएसई/आईसीएसई बोर्ड के विद्यालय छात्रों से लिये जाने वाले शुल्क का विवरण अपनी बेवसाइट तथा नोटिस बोर्ड पर अनिवार्य रूप से प्रकाशित करायेंगे। उन्होंने कहा; समस्त अभिभावकों को सूचित किया गया है कि विद्यालय द्वारा विशिष्ट दुकान / प्रतिष्ठान से पुस्तकें, यूनिफॉर्म, जूते मौजे आदि क्रय करने हेतु बाध्य किया जाता है, तो इसके सम्बन्ध में जिला शुल्क नियामक समिति से शिकायत की जा सकती है।
    बैठक में अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग खंड, वरिष्ठ कोषाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक उपस्थित रहे।

  • RCTI कम्प्यूटर सेंटर पर हुई वारदात से मची अफरातफरी

    गंभीर घायल शिक्षिका हायर सेंटर रेफर

    चंद घंटों में पुलिस ने आरोपी छात्र को दबोचा 

    कंप्यूटर शिक्षिका को क्लास रूम में छात्र ने दिनदहाड़े गोली मारी

    बिजनौर। नगर के एक कम्प्यूटर सेंटर पर पढ़ाते समय शिक्षिका को उसी सेंटर के छात्र ने दिनदहाड़े गोली मार दी। घायल शिक्षिका को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर देखते हुए उसे मेरठ रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही थाना कोतवाली नगर पुलिस मौके पर पहुंची। एएसपी सिटी संजीव कुमार वाजपेई व सीओ सिटी संग्राम सिंह ने मौका मुआयना किया। उधर चंद घंटों के भीतर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया। कंप्यूटर सेंटर के स्टाफ और अध्ययनरत छात्र छात्राओं में दिनदहाड़े हुई इस वारदात से दहशत व्याप्त हो गई है।

    जिला अस्पताल में भर्ती कंप्यूटर शिक्षिका

    जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब सवा 10 बजे नगर के नूरपुर रोड स्थित आरसीटीआई कम्प्यूटर सेंटर पर शिक्षिका कोमल देवल को उसी सेंटर पर पढ़ने वाले छात्र प्रशांत कुमार ने गोली मार दी। प्रत्यक्षदर्शी छात्र छात्राओं के अनुसार घटना से कोचिंग सेंटर में अफरातफरी मच गई। घटना की सूचना पाकर अपर पुलिस अधीक्षक नगर स्थानीय संजीव कुमार वाजपेई पुलिस के साथ पहुंचे। 

    कंप्यूटर सेंटर पर जांच, पड़ताल करते पुलिस

    कंप्यूटर सेंटर स्टाफ के अनुसार मोहल्ला चौधरियान निवासी शिक्षिका कोमल देवल पिछले तीन वर्षों से इस सेंटर में कोचिंग दे रही है। यह भी बताया कि ग्राम शादीपुर थाना कोतवाली देहात निवासी आरोपी छात्र प्रशांत कुमार पुत्र लवकुश ने वर्ष 2020 में कंप्यूटर सेंटर में कंप्यूटर कोर्स किया था। अब रिविजन करने के लिए सेंटर में आ रहा था। बताया गया कि आरोपी छात्र शिक्षिका को काफी दिनों से परेशान कर रहा था। कंप्यूटर सेंटर के स्टाफ और अध्ययनरत छात्र छात्राओं में दिनदहाड़े हुई इस वारदात से दहशत व्याप्त हो गई है।

    पुलिस हिरासत में आरोपी छात्र

    एएसपी सिटी संजीव कुमार वाजपेई ने बताया कि स्थानीय पुलिस व स्वाट सर्विलांस टीम द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए अभियुक्त प्रशांत को पुलिस हिरासत में लिया गया है। घटना में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद किया गया है। अभियुक्त से गहनता से पूछताछ की जा रही है।

    एएसपी सिटी संजीव कुमार वाजपेई
  • आरोपी रेहड़ी-पटरी संचालक वेलफेयर एसोसिएशन का उत्तर प्रदेश अध्यक्ष

    सीएम योगी का डीप फेक वीडियो बनाने का आरोपी गिरफ्तार

    लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एआई जेनरेटेड डीप फेक वीडियो बनाने वाले एक युवक को गौतमबुद्ध नगर से एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है।

    एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने बताया कि सीएम योगी का एआई से बनाया गया वीडियो वायरल होने की सूचना मिली थी। इस मामले में थाना साइबर क्राइम गौतमबुद्ध नगर में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में यूपी एसटीएफ को जांच में पता चला कि श्याम गुप्ता सेक्टर 49 बरौला गौतमबुद्ध नगर, पूर्व निवासी लखीमपुर खीरी ने भ्रामक व आपत्तिजनक वीडियो बनाकर एक्स (X) प्लेटफार्म पर प्रसारित किया था। एसटीएफ ने श्याम गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। वहीं बताया जाता है कि आरोपी रेहड़ी-पटरी संचालक वेलफेयर एसोसिएशन का उत्तर प्रदेश अध्यक्ष भी है।

    बताया गया है कि 01 मई 2024 को सोशल मीडिया साइट पर सीएम योगी आदित्यनाथ का डीप फेक एआई जनरेटेड वीडियो शेयर किया गया था। इस वीडियो को सोशल मीडिया साइट एक्स पर @shyamguptarpswa नाम के प्रोफाइल से शेयर किया गया था। साथ ही इस वीडियो को शेयर करते हुए आरोपी ने भ्रामक तथ्य साझा किए और राष्ट्रविरोधी चीजों को भी शेयर किया।

    गिरफ्तार आरोपी

    साइबर क्राइम अधिकारियों ने जारी किए विशेष निर्देश

    नोएडा साइबर क्राइम के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के डीप फेक वीडियो देश की अखंडता और सद्भावना को नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। अपराध और कानून व्यवस्था को लेकर सतर्क रहने के निर्देश देते हुए सरकार ने इस तरह की घटनाओं पर नजर रखने के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। अभी जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जल्द की जाएगी।।

    अमिताभ यश, अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था / एसटीएफ़ उत्तर प्रदेश
    सोशल मीडिया पर मुख्यमन्त्री उ.प्र. का AI Generated डीप फेक वीडीयो वायरल किया जा रहा था। इस प्रकरण में यूपी एसटीएफ़ द्वारा नोएडा में अभियुक्त को गिरफ़्तार किया गया है। ~ अमिताभ यश, अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था / एसटीएफ़ उत्तर प्रदेश

    कैसे बनाते हैं डीपफेक वीडियो?

    डीप फेक वीडियो एक नई तकनीक है, जिसमें मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जाता है। इन वीडियो को बनाने के लिए किसी व्यक्ति की आवाज और बोलने के लहजे को कंप्यूटर एल्गोरिदम की मदद से कैप्चर किया जाता है। फिर सॉफ्टवेयर की सहायता से एक नए वीडियो में इस व्यक्ति को बोलते हुए दिखाया जाता है, जबकि वास्तव में वह ऐसा कुछ नहीं कह रहा होता। इस प्रक्रिया में फेस स्वैपिंग और लिप सिंकिंग जैसी तकनीकें भी शामिल हैं। फेस स्वैपिंग में किसी दूसरे व्यक्ति के चेहरे को मूल वीडियो में जोड़ा जाता है, जबकि लिप सिंकिंग में होंठों की गति को मूल आवाज के अनुसार संशोधित किया जाता है। इस तरह बना डीपफेक वीडियो असली लगता है और धोखाधड़ी का एक खतरनाक हथियार बन सकता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल से डीपफेक की समस्या और बढ़ेगी। इसलिए जरूरी है कि इस पर नियंत्रण रखा जाए और जनता को इससे होने वाले खतरों के बारे में जागरूक किया जाए।

  • सपा पदाधिकारियों से चुनाव प्रचार के संदर्भ में की चर्चा

    अखिलेश यादव के प्रचार को कन्नौज पहुंचे मनोज पारस

    कन्नौज/बिजनौर। पश्चिम उत्तर प्रदेश की नगीना सीट से विधायक एवं पूर्व मंत्री मनोज कुमार पारस चुनाव प्रचार के वास्ते लोकसभा क्षेत्र कन्नौज पहुंच गए हैं।

    उन्होंने कन्नौज समाजवादी पार्टी कार्यालय पर पहुंच कर लोकसभा प्रभारी अरविंद गिरी, शिवम कश्यप, पूर्व राज्य मंत्री शुभाकर से मुलाकात की एवं लोकसभा कन्नौज चुनाव प्रचार के संदर्भ में चर्चा की।

    वहीं विधायक नगीना (पूर्व मंत्री) मनोज पारस; कन्नौज लोकसभा अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र रसूलाबाद में समाजवादी पार्टी के कार्यालय पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शैलेश यादव, धीरज यादव, गिरधारी लाल लोधी, श्रीमती नीता सचान से शिष्टाचार भेंट की एवं लोकसभा चुनाव प्रचार- प्रसार की रणनीति बनाई।

    इस मौके पर उनके साथ जयप्रकाश चंदेल प्रदेश सचिव बाबा साहब अम्बेडकर वाहिनी समाजवादी पार्टी, भूरे सिंह पूर्व प्रधान प्रदेश सचिव एससी/एसटी प्रकोष्ठ समाजवादी पार्टी मौजूद रहे।

    नगीना से कन्नौज रवाना होते विधायक एवं पूर्व मंत्री मनोज पारस

    इससे पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के दिशा-निर्देश पर विधायक नगीना (पूर्व मंत्री) मनोज पारस लोकसभा कन्नौज में चुनाव प्रसार के लिए प्रस्थान किया।

    लंबे अरसे बाद फिर इस सीट पर चुनावी मैदान में अखिलेश

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लंबे अरसे बाद फिर इस सीट पर चुनावी मैदान में उतरे हैं। सपा ने पीडीए (पिछड़ा दलित और अल्पसंख्यक) का नारा दिया है। हालांकि सपा की जीत का आधार यहां हमेशा से एमवाई (मुस्लिम व यादव) ही रहा है।

    इत्र नगरी कन्नौज से समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया ने वर्ष 1967 में सीट गठन के बाद यहां से पहला चुनाव जीता था। दूसरी ओर खुद को लोहिया का अनुयायी कहने वाले समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक मुलायम सिंह यादव, उनके पुत्र अखिलेश यादव और बहू डिंपल ने भी यहां से प्रतिनिधित्व किया। राज्य में पार्टी की सरकार बनने पर अखिलेश ने 2012 में कन्नौज लोकसभा सीट से त्यागपत्र दे दिया था। उपचुनाव में उनकी पत्नी डिंपल यादव निर्विरोध सांसद बनी थीं। यहां तक कि 2014 की नरेंद्र मोदी की लहर में भी इस सीट पर सपा का ही  कब्जा रहा। वर्ष 2019 के चुनाव में भाजपा ने इस सीट पर विजय हासिल की। बसपा ने चुनाव मैदान में मुस्लिम प्रत्याशी इमरान बिन जफर को उतारा है।

    मतदाताओं के हिसाब से….

    लोक सभा क्षेत्र कन्नौज में करीब 17 लाख से अधिक हिंदू और ढाई लाख से अधिक मुस्लिम मतदाता हैं। हिंदुओं में ढाई लाख यादव, दो लाख क्षत्रिय, दो लाख लोधी, पौने दो लाख ब्राह्मण, पाल और शाक्य ढाई लाख, अनुसूचित जाति के करीब तीन लाख मतदाता बताए जाते हैं।

    लोकसभा क्षेत्र कन्नौज में छिबरामऊ, तिर्वा, कन्नौज, बिधूना एवं रसूलाबाद कुल पांच विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं।

  • नेता हो या किसी भी विभाग का अधिकारी, कर्मचारी हो जाएं सावधान

    भ्रष्टाचार मुक्त भारत मिशन से की जा सकती है शिकायत

    भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने में निडर होकर निभाएं हिस्सेदारी: स्वामी अंश चैतन्य महाराज

    मुरादाबाद। कोई भी व्यक्ति जो नेताओं के द्वारा प्रताड़ित किया गया हो, सरकारी विभाग का कोई अधिकारी, कर्मचारी रिश्वत मांग रहा हो तो अब आप निश्चिंत हो जाइए। आपकी लड़ाई लड़ने के लिए भ्रष्टाचार मुक्त भारत मिशन के पदाधिकारियों ने कमर कस ली है। मिशन के संस्थापक स्वामी अंश चैतन्य महाराज ने संपर्क के लिए मोबाइल नंबर जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि समस्या का समाधान करने में पूर्ण सहयोग किया जाएगा।

    भ्रष्टाचार मुक्त भारत मिशन के संस्थापक स्वामी अंश चैतन्य जी महाराज ने भ्रष्टाचार मुक्त भारत मिशन में सभी देशवासियों से सहयोग की अपेक्षा की है। एक वक्तव्य में उन्होंने कहा कि आप सभी भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने में नि:संकोच एवं निडर होकर हिस्सेदारी निभाएं। स्वामी जी ने कहा कि कोई भी अधिकारी अथवा कर्मचारी अगर आपसे रिश्वत मांगता है या आपको परेशान करता है तो संस्था के संपर्क सूत्रों पर संपर्क करें और अपनी समस्या के विषय में बताएं। जो अधिकारी भी आपसे रिश्वत मांगता है, उसका नंबर और फोटो खींचकर भेजें। जल्दी से जल्दी हिंदू युवा सेना, भ्रष्टाचार मुक्त भारत के पदाधिकारी आपकी समस्या का समाधान करने में पूर्ण सहयोग करेंगे। कोई भी व्यक्ति जो नेताओं के द्वारा प्रताड़ित किया गया हो, सरकारी विभाग का कोई अधिकारी, कर्मचारी रिश्वत मांग रहा हो तो अब आप निश्चिंत हो जाइए। आपकी लड़ाई लड़ने के लिए भ्रष्टाचार मुक्त भारत मिशन के पदाधिकारियों ने कमर कस ली है। मिशन के संस्थापक स्वामी अंश चैतन्य महाराज ने संपर्क के लिए मोबाइल नंबर जारी किए हैं।

    हिंदू युवा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष, भ्रष्टाचार मुक्त भारत मिशन के संस्थापक, मां आदिशक्ति पीठ कामाख्या धाम महात्मा विदुर कुटी जनपद बिजनौर के संस्थापक संचालक, प्रदेश अध्यक्ष संत सुरक्षा मिशन तथा भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वामी अंश चैतन्य महाराज के संपर्क सूत्र~
    9458861192
    9917651358

    भारतीय किसान यूनियन खालसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार राजिंदर सिंह 9837821333, राष्ट्रीय संगठन मंत्री अरविंद कुमार 9371175356, रवि पांचाल 09899205998