पूर्व इंचार्ज/क्राइम रिपोर्टर दैनिक जागरण उरई (जालौन), मेरठ, बिजनौर, धामपुर, मुजफ्फरनगर। समाचार संपादक दैनिक प्रयाण हरिद्वार। पूर्व महामंत्री श्रमजीवी पत्रकार यूनियन। अध्यक्ष ऑल मीडिया एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन।
जेनेरिक और ब्रांडेड दवाओं के दामों में जमीन आसमान का अंतर
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर सस्ती मिल रहीं सभी दवाएं
उरई (जालौन)। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में समस्त प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। मेडिकल कॉलेज में रोजाना सुबह से प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर लम्बी लाइन लग जाती है। प्रतिदिन जन औषधि केंद्र पर लगभग 400 मरीज सस्ती दवा खरीदने आते हैं।
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों की शुरूआत लोगों को सस्ती दर पर दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। जेनेरिक और ब्रांडेड दवाओं के दामों में जमीन आसमान का अंतर होता है। कई लोगों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं होती कि वह ब्रांडेड दवाएं खरीद सकें, ऐसे लोगों को जेनेरिक दवाएं काफी राहत देती हैं।
प्राइवेट मेडिकल स्टोर पर ₹ 200 में मिलने वाली एंटीबायोटिक टेबलेट अमोक्सी दावा जन औषधि केंद्र पर 56 रुपए की मिलती है। मरीज नेहा गोयल ने बताया कि वह जेनेरिक दवा की दुकान तलाश रही थी। कहा कि उनके परिवार में कई लोगों ने जेनेरिक दवाएं मंगाई हैं। बताया कि शुगर की जो दवा पर मेडिकल स्टोर से 119 रुपए प्रिंट रेट पर मिलती है, वही दवा प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र से 68 रुपए में मिली।
महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन उ.प्र., लखनऊ के एडीजी ने किए प्रदान
दो महिला आरक्षियों को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो
बिजनौर। महिला सशक्तिकरण हेतु किये गए कार्यो में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए जिले की दो महिला आरक्षी सम्मानित की गई हैं। अपर पुलिस महानिदेशक, महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन उ.प्र., लखनऊ द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो प्रदान किए गए हैं।
पुलिस कार्यालय में पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने महिला आरक्षी भावना शर्मा व प्रेरणा धामा को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया।
जनसुनवाई: 57 शिकायतों के निस्तारण के निर्देश
दूसरी तरफ पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन द्वारा पुलिस कार्यालय पर जनसुनवाई के दौरान कुल 57 शिकायतों को सुना गया। उन्होंने समस्त प्रार्थना पत्र (शिकायतों) पर प्रभावी कार्यवाही हेतु सम्बन्धित को निर्देशित किया।
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
opposition to the sale of Over-the-Counter (OTC) Medicines
बिना फार्मासिस्ट व लाइसेंस ओटीसी दवाओं की बिक्री का विरोध
बिजनौर। जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने सामान्य एवं किराना स्टोर पर बिना फार्मासिस्ट एवं बिना लाइसेंस के ओटीसी दवाओं की बिक्री की अनुमति देने संबंधित भारत सरकार के प्रस्तावित कदम पर आपत्ति जताई है। एसोसिएशन की बिजनौर जनपद इकाई ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन कलक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि अप्रैल 2024 में देश भर के विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार की विषय वस्तु से ज्ञात होता है कि केंद्र सरकार सामान्य स्टोर एवं किराना स्टोर में ओटीसी दवाओं की बिक्री की अनुमति देने के तरीके का पता लगाने के लिए समिति गठित करने पर विचार कर रही है। इसका उद्देश्य आम जनता को ऐसी दवाओं की आसान पहुंच उपलब्ध कराना है। संगठन की ओर से कहा गया कि वर्तमान में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम एवं नियम के तहत ओटीसी दवाओं की कोई परिभाषा लक्षित नहीं है। इसलिए कोई भी दवा, जिसके लिए डॉक्टर के पर्चे की आवश्यकता नहीं होती ऐसी दवा स्वतः ही ओटीसी के रूप में योग्य हो जाती हैं और फार्मासिस्ट ऐसे उत्पादों को अपनी मर्जी से बेचने के लिए स्वतंत्र होते हैं। मरीज भी बिना किसी चिकित्सकीय सलाह या परामर्श के उन्हें खरीद सकते हैं। इसलिए आम जनता के हित में उन्हें भविष्य में अप्रत्याशित स्वास्थ्य के खतरे से बचने के लिए हम जनरल स्टोर और किराना स्टोर में ओटीसी दवा बिक्री की अनुमति देने के केंद्र सरकार के इस कदम का कड़ा विरोध करते हैं।
जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोशिएशन के प्रतिनिधिमंडल में चेयरमैन देवेंद्र कुमार गुप्ता, संरक्षक चौधरी वीरपाल सिंह, अध्यक्ष सुबोध कुमार, महामंत्री सतीश गहलौत, प्रवक्ता एवं उपाध्यक्ष पीएस मलिक, जमीरुद्दीन उस्मानी, प्रदीप कुमार, केके अग्रवाल, मोहम्मद कमर और शफीक अहमद आदि शामिल रहे।
बिजनौर। जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल व पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने मंगलवार दिनांक 30 अप्रैल 2024 को संयुक्त रूप से जिला कारागार बिजनौर का आकस्मिक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जेल की सुरक्षा व्यवस्था एवं बंदियों को मिलने वाली सुविधाओं को चैक कर संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
इस दौरान जिला कारागार के वरिष्ठ अधिकारीगण भी मौजूद रहे।
निर्धन व्यक्तियों के लिए न्यूनतम मुद्राओं पर सेवा उपलब्ध
आमजन व निर्धन व्यक्तियों की मदद को तनवीर फार्मेसी का शुभारंभ
सीतापुर। आमजन व निर्धन व्यक्तियों की हर संभव मदद करने के उद्देश्य से तनवीर फार्मेसी का शुभारंभ किया गया है। पुलिस लाइन के पीछे, सरदार कालोनी के समीप ग्वाल मंडी में डॉक्टर तनवीर मेराज के नवीनतम प्रतिष्ठान तनवीर फार्मेसी का शुभारंभ पशु सेवा समिति के संस्थापक व प्रदेश अध्यक्ष विजय सेठ ने फीता काट कर किया। उन्होंने प्रतिष्ठान के प्रति मंगल कामनाएं प्रदान की।
इस अवसर पर संस्थापक व प्रदेश अध्यक्ष ने नवीन प्रतिष्ठान व डॉक्टर तनवीर मेराज पर ईश्वर से अपनी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की। उन्होंने बताया कि निर्धन व्यक्तियों के लिए ये सेवा न्यूनतम मुद्राओं पर उपलब्ध है जबकि असहाय व्यक्तियों के लिए पूर्णतया नि:शुल्क है।
उन्होंने बताया कि उनका स्वयं तथा डॉक्टर तनवीर का ये सदैव सपना रहा है किसी भी आमजन व निर्धन व्यक्तियों की हर संभव मदद हो सके। उसी क्रम में कम दर पर ये सेवा प्रारंभ की जा रही है, ताकि उपचार के अभाव में किसी गरीब व आमजन को असुविधा का सामना न करना पड़े। इस अवसर पर डॉक्टर सफैयत हुसैन, पुलिस विभाग से सेवानिवृत मिराज अहमद आदि मौजूद रहे।
डॉक्टर तनवीर
ज्ञातव्य हो कि श्री विजय सेठ द्वारा पशु सेवा समिति के माध्यम से विभिन्न धार्मिक कृत्य का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 30 अप्रैल 2024 को वानर भंडारा के 1481 दिन पूर्ण हुए जबकि गौ कृपा रसोई 493 दिन पूर्ण हो गए हैं। इच्छुक व्यक्ति सहयोग प्रदान करने को 9506564444 पर संपर्क कर सकते हैं।
भारतीय किसान यूनियन खालसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पदाधिकारियों सहित पारिवारिक कार्यक्रम में पहुंचे
स्वामी अंश चैतन्य महाराज के सुपुत्र को जन्मदिन पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
स्वामी अंश चैतन्य महाराज
मुरादाबाद। स्वामी अंश चैतन्य महाराज, राष्ट्रीय अध्यक्ष हिंदू युवा सेवा, संस्थापक भ्रष्टाचार मुक्त भारत मिशन, संस्थापक संचालक मां आदिशक्ति पीठ कामाख्या धाम महात्मा विदुर कुटी जनपद बिजनौर, प्रदेश अध्यक्ष संत सुरक्षा मिशन वरिष्ठ नेता भारतीय जनता पार्टी, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी एवं संस्थापक भ्रष्टाचार मुक्त भारत मिशन के सुपुत्र मंत्र चैतन्य के जन्मदिन के शुभ अवसर पर शुभचिंतकों ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं हैं। समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उनके आवास पर पहुंच कर मंत्र चैतन्य को आशीर्वाद प्रदान किया।
स्वामी अंश चैतन्य महाराज जी के सुपुत्र मंत्र चैतन्य के जन्मदिन पर मां आदिशक्ति कामाख्या काली मंदिर लालबाग मुरादाबाद में प्रसाद चढ़ावा करके पूजा पाठ इत्यादि किया गया। भगवान श्री राम के चरणों में प्रार्थना की गई। इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन खालसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार राजिंदर सिंह ने अपने पदाधिकारियों मंडल अध्यक्ष मुरादाबाद सुशील कुमार, एडवोकेट अफसर अली, किसान सेवक वंश कुमार सहित पारिवारिक कार्यक्रम में पहुंच कर आशीर्वाद प्रदान किया।
किसान यूनियन खालसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार राजिंदर सिंह व पदाधिकारी
स्वामी चैतन्य महाराज जी के मौसीरे भाई का परसों निधन होने के कारण कार्यक्रम पारिवारिक स्तर पर ही किया गया। परिवार में उक्त दु:खद घटना होने के कारण किसी प्रकार के भव्य कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्रीमती सपना चैतन्य अध्यक्ष सूर्य उपासना ट्रस्ट, गिरीश शर्मा कोषाध्यक्ष सूर्य उपासना आश्रम ट्रस्ट, राजेश कुमार मीडिया प्रभारी राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिनिधि, अनमोल अग्रवाल मृदुल, अभिनव, सृष्टि चैतन्य, सत्यम सम्मिलित हुए। वहीं newsdaily24 ने भी जन्मदिन के शुभ अवसर पर मंत्र चैतन्य को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
कांग्रेस सांस्कृतिक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष बने अंकित यादव
प्रयागराज। लोक सभा चुनाव के मद्देनजर संगठन की मजबूती पर जोर देने पर जुटी कांग्रेस भारत जोड़ो यात्रा के साथ भारत की सांस्कृतिक व साहित्यिक समृद्धि के लिए इलाहाबाद के युवा रंगकर्मी व अधिवक्ता अंकित सिंह यादव को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी सांस्कृतिक प्रकोष्ठ का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
अंकित सिंह यादव हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष हीरा लाल यादव के पुत्र है और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं मध्यप्रदेश/ छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल स्वर्गीय राम नरेश यादव के पारिवारिक सदस्य भी है। अंकित सिंह यादव गांधी व नेहरू की विचार धारा से प्रेरित रहे हैं। पिछले दो दशक से ज़्यादा वक्त से सक्रिय रंगमंच से जुड़े हुए हैं। साथ ही महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केन्द्र प्रयागराज में डॉ. विधु खरे दास के सानिध्य में रंगमंच एवं फ़िल्म अध्ययन में परास्नातक किया है। श्री यादव ने अपनी रंगयात्रा की शुरुआत समानान्तर संस्था से अनिल रंजन भौमिक के सानिध्य में की, वर्तमान में बुनियाद फाउंडेशन के संयुक्त सचिव व द कलर्स फाउंडेशन के उपाध्यक्ष भी हैं।
जनसुनवाई के दौरान कुल 57 शिकायतों को सुनकर निस्तारण के निर्देश
कानून व्यवस्था मुकम्मल बनाए रखने को पुलिस अधीक्षक की कवायद
मुख्य मार्गों, बाजार एवं अन्य भीड़ वाले स्थानों पर पैदल गश्त
बिजनौर। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन द्वारा स्थानीय पुलिस बल के साथ नगर बिजनौर में मुख्य मार्गों, बाजार एवं अन्य भीड़ वाले स्थानों पर पैदल गश्त की गई।
इस पूरी कवायद के पीछे अपराध नियंत्रण/शांति एवं कानून व्यवस्था तथा आमजन में सुरक्षा का भाव जागृत करना मुख्य उद्देश्य रहा। पैदल गश्त के दौरान संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहनों की चेकिंग कराई गई। साथ ही सर्वसंबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गए। इस दौरान क्षेत्राधिकारी नगर भी मौजूद रहे।
वहीं पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस कार्यालय पर जनसुनवाई के दौरान कुल 57 शिकायतों को सुना गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने समस्त प्रार्थना पत्र (शिकायतों) पर प्रभावी कार्यवाही हेतु सम्बन्धित को निर्देशित किया।
हल्दौर-बिजनौर मार्ग पर बेखौफ होकर दौड़ रहे मिट्टी से भरे डम्पर
आकाओं की मिलीभगत से चल रहा मिट्टी के अवैध खनन का खेल
धरती का सीना छलनी कर रहे हैं खनन माफिया !
बिजनौर। आकाओं की सरपरस्ती में इन दिनों मिट्टी के अवैध खनन का धंधा परवान पर है। खनन माफिया धरती का सीना छलनी कर अवैध कालोनियों में भराव कर रहे हैं। खनन फावड़े के बजाय जेसीबी से हो रहा है, अनुमति से अधिक स्थानों पर हो रहा है, जितने गहराई तक खुदाई की अनुमति है, उसके दोगुना खोदा जा रहा है। …और यह सब राजनीतिक और कुछ प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से चल रहा है। पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों तक को इस बात की सूचना होने के बावजूद अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई खनन माफियाओं के खिलाफ नहीं की गई?
प्रतीकात्मक चित्र
हवा में उड़ गए एनजीटी के आदेश!
एनजीटी के आदेशों को पूरी तरह हवा में उड़ाते हुए खनन माफिया; पुलिस, प्रशासन और खनन विभाग तीनों से सेटिंग कर धड़ल्ले से अपना काम कर रहे हैं। क्षेत्र में बन रही कालोनियों में भराव के नाम पर रातों-रात खनन कर सैकड़ों ट्रालियां डंपर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। बताया जाता है कि अवैध मिट्टी खनन की शिकायतें लोगों ने कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से कीं, लेकिन खनन माफिया पर कोई कार्रवाई नहीं की गई! इस कारण खनन माफिया भराव के नाम पर ठेका ले रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि देहात क्षेत्रों में मिट्टी के अवैध खनन का कारोबार बड़े स्तर पर चल रहा है। दिन भर सड़कों पर मिट्टी से भरे डंपर दौड़ते रहते हैं। बिजनौर – झालू के बीच के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है। इतना ही नहीं अनुमति से दोगुना स्थानों पर अवैध खनन और वो भी जेसीबी से किया जा रहा है। यही नहीं जितनी गहराई तक खुदाई की अनुमति मिली है, उससे दोगुना से ज्यादा खुदाई करने के कारण बहुत स्थानों पर खाई बन गई हैं।
अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों को फार्म ~ वी (V) जमा करने का नोटिस जारी
तीन माह में 12 अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लाइसेंस निरस्त
बिजनौर। स्वास्थ्य विभाग ने अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। तीन माह में 12 अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। इसके बाद अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों को फार्म ~ वी (V) विभाग में जमा करने का नोटिस जारी किया गया है।
फाइल चित्र
पीसीपीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. केके राहुल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डीएम के निर्देश पर अल्ट्रासाउंड सेंटरों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण में कमियों के मिलने पर कार्रवाई की गई है। इसके चलते बीते शुक्रवार को न्यू स्योहारा डायग्नोस्टिक सेंटर, एम्स अल्ट्रासाउंड सेंटर आदर्श कॉलोनी अफजलगढ़, जनता अल्ट्रासाउंड सेंटर बास्टा, यूनिक अल्ट्रासाउंड सेंटर फीना, एचएमएच नजीबाबाद, डॉ. विवेक कूपर दीप अल्ट्रासाउंड सेंटर कोतवाली देहात का लाइसेंस निरस्त किया गया है। इससे पहले फरवरी में एएचएम हॉस्पिटल राजा का ताजपुर, हुड्डा क्लीनिक धामपुर, धनवंतरी नर्सिंग होम हंसुपुरा, अल इकबाल बिजनौर, सिटी मेडिसिटी सेंटर स्योहारा, राधेश्याम सेंटर बिजनौर अल्ट्रासाउंड सेंटर का लाइसेंस निरस्त किया गया था।
लाइसेंस निरस्त होने की वजह
– निरीक्षण के समय पंजीकृत चिकित्सक नहीं मिला – अल्ट्रासाउंड सेंटर कक्ष के बाहर भ्रूण परीक्षण नहीं होता, नहीं लिखा था – अल्ट्रासाउंड सेंटर पर पीसीपीएनडीटी बुक नहीं मिली – सेंटर पर फार्म वी (V) नहीं मिला था
जिले में लगातार लापरवाही बरतने वाले अल्ट्रासाउंड सेंटर पर कार्रवाई की जा रही है। फरवरी से अब तक 12 अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। – डॉ. केके राहुल, नोडल अधिकारी, पीसीपीएनडीटी, बिजनौर
होमगार्ड पुत्र ने सरकारी नौकरी न मिलने पर उठाया कदम
वाहनों की चैकिंग करते पहले भी पकड़ा जा चुका है दो बार
असली पुलिस के हत्थे चढ़ा नकली दरोगा
बिजनौर। नगीना थाना पुलिस ने वर्दी पहनकर वाहनों का चालान करते एक फर्जी दरोगा को गिरफ्तार किया है। आरोपी पूर्व में पहले भी दो बार हल्दौर और शहर कोतवाली बिजनौर में भी पुलिस की वर्दी पहन कर ऐसे कार्य को अंजाम देते हुए पकड़ा जा चुका है।
रविवार शाम नगीना पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक नगीना हरेवली मार्ग पर खो नदी के पुल के पास दरोगा की वर्दी में अकेला वाहनों का ऑनलाइन चालान कर रहा है। सूचना पर जब पुलिस मौके पर पहुंची तो दरोगा की वर्दी में पहने खड़ा युवक पुलिस कर्मी नहीं निकला। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में पकड़े गए युवक ने अपना नाम थाना हल्दौर के ग्राम शेरपुर कडियान निवासी सेंटी (24) पुत्र सोमपाल सिंह बताया। थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि आरोपी युवक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा लिखा गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि वह 2021 में हल्दौर में पुलिस का दीवान बनकर व 2022 में शहर कोतवाली बिजनौर में दरोगा बनाकर वाहनों का चालान करते हुए पकड़ा जा चुका है।
पुलिस कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जनपद में अपराध व अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में रविवार दिनांक 28.04.2024 को थाना नगीना पुलिस द्वारा चेकिंग की जा रही थी। इस दौरान थाना नगीना क्षेत्र में खो नदी के पुल के पास से उत्तर प्रदेश पुलिस दरोगा की वर्दी धारण किये हुए व रौब दिखाकर सड़क पर आने-जाने वाले वाहनों को रोककर रुपए लेने का प्रयास करते हुए अभियुक्त सैन्टी कुमार पुत्र सोमपाल सिंह निवासी ग्राम शेरपुर कडियान थाना हल्दौर जनपद बिजनौर को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के कब्जे से उत्तर प्रदेश पुलिस दरोगा की एक पूर्ण वर्दी, 1150/-रुपए, एक मोबाईल फोन व एक मोटर साइकिल बरामद की गई है। इस संबंध में थाना नगीना पर मु0अ0सं0 119/2024 धारा 171/420/468 भादवि पंजीकृत किया गया है।
सरकारी नौकरी न मिली तो बन बैठा फर्जी दरोगा
अभियुक्त ने पूछताछ पर बताया कि उसने वर्धमान डिग्री कॉलेज बिजनौर से बीएससी पास की है तथा उसके पिताजी होम गार्ड हैं। उसने भी सरकारी नौकरी पाने के लिये काफी तैयारी की थी तथा कई बार पुलिस की परीक्षा भी दी, लेकिन नौकरी नहीं लग सकी। काफी समय से बेरोजगार था। पिताजी की वर्दी को देखकर उसे भी पुलिस की वर्दी पहनने का मन होता था। इसी के चलते पहले भी दो बार पुलिस की फर्जी वर्दी पहनकर रुपए ऐंठता हुआ थाना हल्दौर व थाना कोतवाली शहर बिजनौर में पकड़ा जा चुका है। आरोपी ने बताया कि उसे रुपयों की सख्त जरुरत थी तो फिर से पुलिस के दरोगा की एक वर्दी की व्यवस्था करके, अलग- अलग जगहों पर चेकिंग के नाम पर वाहनों को रोककर ऑनलाईन चालान करने का डर दिखाकर रुपए ले रहा था।
ये हुआ बरामद – 1-उत्तर प्रदेश पुलिस उप निरीक्षक की एक पूर्ण वर्दी (उत्तर प्रदेश पुलिस का ताज, पी-कैप, दोनों कंधों पर दो दो स्टार (कुल 04 स्टार), दो बैज, सीटी डोरी, मोनोग्राम, अंग्रेजी में PULKIT SALIYAN, PNo. 234111767 लिखी नेम प्लेट, आईकार्ड, बैल्ट मय चपरास, एक होल्सटर, ब्राउन रंग के एक जोडी जूते, खाकी रंग के मौजे, एक शर्ट व एक पेंट रंग खाकी, 2-एक मोटर साईकिल हीरो स्पलेण्डर UP20AX-4685 तथा 3-1150/-रुपए नकद।
आपराधिक इतिहास – 1- मु.अ.सं. 296/2021 धारा 170, 171, 406, 420, 468, 506 भादवि थाना हल्दौर जनपद बिजनौर। 2- मु.अ.सं. 604/2022 धारा 171, 419, 420, 467, 468, 471 भादवि थाना कोतवाली शहर बिजनौर। 3- मु.अ.सं. 119/2024 धारा 171, 420, 468 भादवि थाना नगीना जनपद बिजनौर।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम – थाना नगीना जनपद बिजनौर के उ0नि0 सरवेज खां, उ0नि0 रामचन्द्र तथा आरक्षी सुनील कुमार।
समाजवादी पार्टी को यूपी में मिल रहीं 17 सीटें, जानिए क्या है इस वायरल मैसेज का सच
सोशल मीडिया पर इंडिया टुडे के ‘मूड ऑफ द नेशन’ सर्वे के ग्राफिक्स के साथ एक स्क्रीनशॉट वायरल है. इसमें समाजवादी पार्टी (सपा) यूपी में 17 लोकसभा सीटें जीतती नजर आ रही है. वायरल स्क्रीनशॉट में दावा किया गया है कि सपा 7 सीटें जीत रही है.
Mood of the Nation Survey Viral Screenshot Fact Check:
लोकसभा चुनाव 2024 के दो चरणों के मतदान के बाद एनडीए और इंडिया गठबंधन की जीत हार को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं. इन सबके बीच तरह-तरह के मैसेज भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. ऐसा ही एक मैसेज सोशल मीडिया पर इन दिनों काफी शेयर किया जा रहा है. दरअसल, हम जिस मैसेज की बात कर रहे हैं, वो इंडिया टुडे के ‘मूड ऑफ द नेशन’ सर्वे के ग्राफिक्स के साथ एक स्क्रीनशॉट है. इसमें समाजवादी पार्टी (सपा) यूपी में 17 लोकसभा सीटें जीतती नजर आ रही है. जब ABP News – बूम लाइव ने इसका फैक्ट चेक किया तो यह वायरल स्क्रीनशॉट एडिटेड निकला. इंडिया टुडे के असल ग्राफिक्स में यूपी में सपा को 7 लोकसभा सीटें जीतने की संभावना व्यक्त की गई है.
यूपी में एनडीए और I.N.D.I.A के बीच है मुकाबला
गौरतलब है कि देश में लोकसभा चुनाव जारी हैं, जिसके लिए 19 और 26 अप्रैल को दो चरणों का मतदान हो चुका है. अब तीसरे चरण का मतदान 7 मई को होना है. उत्तर प्रदेश में लोकसभा की सबसे ज्यादा 80 सीटें हैं. यूपी में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी के गठबंधन एनडीए और विपक्ष के नेतृत्व वाले I.N.D.I.A गठबंधन के बीच है. I.N.D.I.A गठबंधन में सपा और कांग्रेस भी शामिल हैं.
क्या किया गया है दावा?
एक एक्स यूजर ने इंडिया टुडे के ग्राफिक्स वाला स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा है, “इंडिया टुडे ने उत्तर प्रदेश के अपने सर्वे में सपा को 17 सीट दी हैं, कांग्रेस को 5 सीट दी हैं, बस देखते जाओ ये तो बस शुरुआत है, सपा 30 से अधिक सीटें अकेले जीतेगी.”
क्या निकला पड़ताल में?
बूम ने वायरल स्क्रीनशॉट की पड़ताल शुरू की. इसके लिए इंडिया टुडे के यूट्यूब चैनल को देखा. हमें चैनल पर 20 मार्च 2024 को अपलोड किया गया मूल वीडियो मिला. वीडियो में 1:35:52 काउंटर पर सर्वे के अनुसार पार्टियों को मिलने वाली संभावित सीटों की संख्या को दिखाया गया है. सर्वे में उत्तर प्रदेश में बीजेपी को 70 सीटें, अपना दल को 2 सीटें, कांग्रेस को 1 सीट, एसपी को 7 सीट, बीएसपी को 0 सीट और अन्य को 0 सीट दी गई थीं.
वायरल स्क्रीनशॉट और मूल ग्राफिक्स के बीच तुलना देखी जा सकती है.
क्या निकला निष्कर्ष?
सभी तथ्यों को देखने के बाद ये साफ हो गया कि वायरल स्क्रीनशॉट को एडिट किया गया है. जितनी सीट का दावा इसमें इंडिया गठबंधन खासकर सपा के लिए किया गया है, उतनी सीटें असल वीडियो में कहीं भी नहीं दिखाई दी. इस तरह का कोई दूसरा सर्वे भी इंडिया टुडे ने नहीं किया है. इससे साफ है कि यह स्क्रीनशॉट एडिटेड है.
पीड़िता ने डीएम एसपी से की लिखित शिकायत, वीडियो वायरल
डीएम ने एसडीएम को सौंपी जांच, एलआईयू सक्रिय
नायब तहसीलदार पर युवती से अश्लील चैटिंग करने का आरोप !
बिजनौर। सदर तहसील में तैनात नायब तहसीलदार पर एक युवती ने सोशल मीडिया पर अश्लील चैट करने का आरोप लगाते हुए डीएम अंकित कुमार अग्रवाल व एसपी नीरज कुमार जादौन से शिकायत की है। इस मामले में डीएम ने तत्काल एसडीएम सदर मनोज कुमार को जांच कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। मामले से संबंधित वीडियो क्लिप भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है!
जानकारी के अनुसार सदर में तैनात एक नायब तहसीलदार प्रिंस (काल्पनिक नाम) पर एक युवती ने अश्लील चैट करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने डीएम अंकित कुमार अग्रवाल व पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन से शिकायत करते हुए कहा कि पहले नायब तहसीलदार ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अश्लील मैसेज भेजे। फिर मिलने के लिए दबाव बनाने लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने जांच एसडीएम सदर मनोज कुमार को सौंपी है। इस बीच एलआईयू भी सक्रिय हो गई है। आरोपी के विषय में जानकारी जुटाई जा रही है। बताया गया है कि मामले से संबंधित वीडियो क्लिप भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है!
दरअसल नगर निवासी एक युवती ने आरोप लगाया है कि उसकी फेसबुक आईडी पर फरवरी में एक नायब तहसीलदार का संदेश आया था। इसके बाद संदेश के जरिये बातचीत करनी शुरू कर दी। कुछ दिन बाद उसे अश्लील संदेश भेजने शुरू कर दिए। नायब तहसीलदार ने मोबाइल नंबर भी ले लिया। पीड़िता का कहना है कि नायब तहसीलदार उसके मोबाइल पर फोन करने लगे। इससे परेशान होकर युवती ने वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही तो आरोपी ने उसे धमकी दी। इस संबंध में आरोपी सदर नायब तहसीलदार व जांचकर्ता एसडीएम सदर मनोज कुमार को कॉल की गई, जो रिसीव नहीं हुई।
“सरकारी अधिकारी हूं…कुछ नहीं बिगाड़ सकती”
युवती का आरोप है कि नायब तहसीलदार उसको अश्लील मैसेज भेज कर मिलने के लिए बुलाने लगा, मना करने पर भी वह बाज नहीं आया। युवती ने शिकायत करने की बात कही तो नायब तहसीलदार ने उसे धमकी दी और कहा मैं सरकारी अधिकारी हूं, तू मेरा कुछ नहीं बिगड़ सकती है। तहरीर में बताया गया है कि युवती को झूठे मुकदमे में फंसाकर जान से मारने की धमकी भी दी गई। अब पीड़ित महिला ने कोर्ट में शिकायती पत्र दिया है।
2024 के आम चुनाव की बिसात बिछ चुकी है। चुनावी योद्धा अपने-अपने मोर्चे पर डटे हुए हैं। इसी में एक है केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी। अपने बयानों से हमेशा चर्चा में रहने वाली ईरानी आजकल इस अमेठी में ज्यादा सक्रिय हैं, जिसे उन्होंने ‘अपना’ बना लिया है। अपना बनाने का मतलब आशियाने से है। ‘बेघर’ राहुल गांधी को 2019 के आम चुनाव में परास्त कर ईरानी ने राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से भी ‘बेघर’ कर दिया था। यहां यह बताना जरूरी है कि राहुल गांधी का अमेठी में अपना कोई घर नहीं है। वह राजीव गांधी चाइल्ड टेबल ट्रस्ट या राजीव गांधी फाउंडेशन द्वारा संचालित संजय गांधी अस्पताल के गेस्ट हाउस से ही अपनी चुनावी गतिविधियां चलाए रखते थे।
पिछले चुनाव में 55000 वोटों से जीत दर्ज कराने वाली ईरानी अब अमेठी की वोटर और भाजपा की प्रत्याशी दोनों ही हैं। चुनाव की घोषणा होने के बाद से ही ईरानी लगातार अमेठी संसदीय क्षेत्र में जनसंपर्क करने में जुटी हैं। इसमें कोई नई बात नहीं। यह तो प्रत्याशी का धर्म ही है। अमेठी में अपना आशियाना बनाने के बाद उन्होंने खुद को ‘अजेय’ मान ही लिया। छोटे पर्दे की लोकप्रिय अभिनेत्री होने के चलते फिल्मों के एक चर्चित गाने-‘ जीना यहां मरना यहां.. इसके सिवा जाना कहां..’ वाला भाव भी प्रदर्शित किया। गृह प्रवेश के मौके पर भी राहुल गांधी पर तंज करने से वह नहीं चूकी थीं।
जैसे-जैसे चुनाव की सक्रियता बढ़ती गई वैसे-वैसे स्मृति ईरानी राजनीतिक रूप से बेघर बनाए जा चुके राहुल गांधी के नाम की ‘रट’ भी बढ़ाती चली जा रही हैं। उनका कोई भी भाषण राहुल नाम के बिना पूरा ही नहीं होता जैसे कोई यज्ञ बिना ‘स्वाहा’ की ध्वनि के संपन्न नहीं होता। जिस चुनाव में उन्हें 05 साल में कराए गए विकास कार्यों की रट लगानी चाहिए थी, उस चुनाव में वह राम नाम से ज्यादा राहुल नाम इस समय जप रही हैं। बीच-बीच में वह 05 साल में कराए गए काम के बारे में भी बताती है लेकिन इतनी दमदारी से नहीं जितनी गंभीरता राहुल नाम को लेकर उनके भाषणों में दिखती है। हालांकि उनका दावा रहता है कि अमेठी में 05 साल में वह काम कर दिए जो आज तक प्रधानमंत्री रहते राजीव गांधी भी नहीं कर पाए। राहुल गांधी द्वारा कराए गए कामों को वह कोई काम मानती ही नहीं लेकिन कांग्रेस के मीडिया प्रभारी अनिल सिंह उनके कराए कई कामों को राहुल गांधी द्वारा प्रारंभ किया हुआ मानते हैं। भाजपा कार्यकर्ता और आम मतदाता भी हैरान है कि आखिर सांसद स्मृति ईरानी उन राहुल गांधी पर इतना हमलावर क्यों हैं? जिन्होंने अभी तक अमेठी से चुनाव लड़ने की घोषणा तक नहीं की है?
रायबरेली के राजनीतिक विश्लेषक डॉ. राम बहादुर वर्मा मानते हैं कि स्मृति ईरानी इस समय ‘राहुल फोबिया’ से ग्रसित नजर आ रही हैं। कांग्रेस और गांधी परिवार जब रायबरेली और अमेठी के बारे में अंतिम क्षण तक फैसला नहीं कर पा रहा है तब स्मृति ईरानी ने अपनी सभा में इस बात का ऐलान तक कर दिया कि 26 के बाद राहुल गांधी अमेठी आ जाएंगे। राहुल नाम रटने के पीछे एक यही कारण माना जा सकता है कि कोई उनसे 05 साल का हिसाब न मांगे और जवाबदेही तय न की जा सके लेकिन सुल्तानपुर के वरिष्ठ पत्रकार राज खन्ना इसे सुनियोजित रणनीति मानते हैं। वह कहते हैं कि स्मृति ईरानी उस रणनीति पर अमल कर रही है जिसमें कहा जाता है कि इतना शोर करो कि दुश्मन आने की हिम्मत ही न जुटा पाए। वह यह भी कहते हैं कि इसकी वजह देने वाले भी खुद राहुल गांधी हैं हारने के बाद अगर वह 05 साल अमेठी से अपना संपर्क न तोड़ते तो आज स्मृति ईरानी के इन हमलों का जवाब जनता खुद दे रही होती। उनका मानना है कि राहुल पर हमले इसलिए ज्यादा प्रसारित हो रहे हैं कि मीडिया भाषण के उन्हीं अंशों को हाईलाइट करता है, जो पढ़ने में चटपटे हों।
यह 20 मई को अमेठी के मतदाता तय करेंगे कि राहुल नाम की रट स्मृति ईरानी को चुनावी वैतरणी पार कराएगी या उनका वोट बैंक चट कर जाएगी। अमेठी में पांचवें चरण में मतदान होना है नामांकन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है लेकिन गांधी परिवार अभी भी असमंजस में है।
– गौरव अवस्थी (लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक हैं)
एफएसटी प्रभारी भानुलाल यादव व एसआई रमेशचंद्र स्थानीय कोंच चौराहा पर वाहन रोक कर चेकिंग कर रहे थे ताकि चुनाव प्रभावित करने के लिए नशीले पदार्थ, नकदी व अन्य सामग्री पहुंचाने वालों की समय रहते धर पकड़ की जा सके। चेकिंग अभियान के दौरान औरैया की ओर से आ रही कार को रोककर जब उसकी तलाशी ली गई तो कार में 02 लाख 60 हजार रुपए नकद बरामद हुए। कार चालक आमिर निवासी मोहल्ला भवानीराम से टीम ने जब रुपए को लेकर पूछताछ की तो वह गोलमोल जबाव देने लगा, जिसके चलते फिलहाल टीम ने धनराशि जब्त कर ली। चालक से जब्त की गई राशि के संबंध में संबंधित कागजात के साथ अपना दावा प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। कोतवाल विमलेश कुमार ने बताया कि यदि नकदी के बारे में कोई संतोषजनक जानकारी मिलती है तो यह धनराशि उसके मालिक को सौंप दी जाएगी।
गौरतलब है कि जालौन लोकसभा सीट पर पांचवें चरण में 20 मई को मतदान होना है। इसी दिन मोहनलालगंज, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, झांसी, हमीरपुर, बांदा, फतेहपुर, कौशांबी, बाराबंकी, फैजाबाद, कैसरगंज और गोंडा में भी मतदान प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी।
नूरपुर में हुआ इन्टर स्कूल कब्बड्डी प्रतियोगिता का आयोजन
प्रतिदिन एक घंटे अवश्य खेलना चाहिए: योगेन्द्र पाल सिंह “योगी”
बालिका व बालक वर्ग दोनों में विजेता बनी चिल्ड्रन एकेडमी की टीम
बिजनौर। चिल्ड्रन एकेडमी नूरपुर में इन्टर स्कूल कब्बड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि योगेन्द्र पाल सिंह “योगी” अध्यक्ष क्रीड़ा भारती बिजनौर व सब इंस्पेक्टर यासीन द्वारा संयुक्त रूप से फीता काट कर एवं हनुमान जी की मूर्ति के सम्मुख मैदान में नारियल फोड़कर किया गया। इससे पूर्व मां सरस्वती की मूर्ति के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्प अर्पित किए गए।
प्रतियोगिता में 16 टीमों द्वारा प्रतिभाग किया गया। बालिका व बालक वर्ग की दोनों प्रतियोगिता में आयोजक चिल्ड्रन एकेडमी विजेता रही। बालक वर्ग में मार्डन ऐरा बिजनौर उप विजेता जबकि बालिका वर्ग में नेहरू स्टेडियम बिजनौर की टीम उप विजेता बनी जबकि तृतीय स्थान पर स्योहारा के एमएम पब्लिक स्कूल की टीम रही। विजेता टीमों को शील्ड व मेडल देकर मुख्य अतिथि योगेन्द्र पाल सिंह योगी व विद्यालय के चेयरमैन सत्यवीर गुप्ता द्वारा पुरस्कृत किया गया।
प्रतियोगिता को सम्पन्न कराने में क्रीड़ा भारती पदाधिकारी अरविन्द अहलावत, राजेन्द्र सोलंकी, विनय तितोरिया, संजीव डवास, अतुल चौधरी, मनित ढाका व आकाश चौधरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मुख्य अतिथि योगेन्द्र पाल सिंह “योगी” ने खेलों को स्वस्थ रहने व शिक्षा का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को प्रतिदिन एक घंटे अवश्य खेलना चाहिए। कालेज के चेयरमैन सत्यवीर गुप्ता, प्रधानाचार्य गौरव गोयल, रविकांत कौशिक उपप्रधानाचार्य द्वारा प्रथम बार भव्य खेल प्रतियोगिता आयोजित कराने के लिए बहुत बहुत शुभकामनाएं दी गई।
बिजनौर। स्व. रविशंकर मोनू की स्मृति में कुन्दीर चैरिटेबिल ट्रस्ट द्वारा ग्रान्ड फिनाले का आयोजन किया गया। स्व० रवि शंकर उर्फ मोनू गायक आईडियल सिंगर एवं डांसर-6 एवं रे फिल्म्स प्रोडक्शन की स्वच्छता अभियान पर बनी राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित फिल्म “प्रयास” की रीलीज के 15 वर्ष पूरे होने पर उसका प्रदर्शन एवं सेलिब्रेशन एजाज अली हॉल, नगर पालिका परिसर बिजनौर में 27 अप्रैल, 2024 शाम 7:30 बजे से किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर फुरकान कुरैशी (कार्यकारी निर्माता- बॉलीवुड फिल्म गदर-2, देवदास) एवं विशिष्ट अतिथि दीपक गर्ग (M.D. तिरूपति व्हीकल्स बिजनौर), एसके बबली (अध्यक्ष, जिला बार ऐसोसियेशन बिजनौर), सूर्यमणि रघुवंशी (सम्पादक सांध्य दैनिक चिंगारी), डॉ० रोहन चौधरी (वरिष्ठ बाल दंत रोग विशेषज्ञ), डॉ० निकिता चौधरी (पेरियोडोंटिस्ट एण्ड इम्प्लांटोलॉजिस्ट) रहे।
निर्णायक मंडल में ताहिर कमाल खान (फिल्म अभिनेता), कृष्ण कुमार रंजन (फिल्म गीतकार), डॉ. निरूपमा चौधरी रहे। अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार हितेश विश्वकर्मा ने की, जबकि स्वतंत्र पत्रकार संजय सक्सेना (newsdaily24) लखनऊ, लवी चौधरी, जितेन्द्र सैनी, नरपाल सिंह का सहयोग रहा। संयोजक डॉ० अजरा, शमशेर, सह संयोजक विनोद सैनी एड०, राघव कश्यप, जयपाल, सोनल कुमार, शिवम सैनी, मनोज कुमार शर्मा (सम्पादक) आईना विजन न्यूज़ चैनल आलोक गोविल एड० (मैनेजिंग डायरेक्टर) रे-फिल्मस एवं आईना विजन न्यूज़ चैनल ने सभी का आभार व्यक्त किया।
भारत को बनाना है भ्रष्टाचार मुक्त: स्वामी अंश चैतन्य जी महाराज
SWAMI ANSH CHATNIYA JI MAHARAJ
मैं तुम्हें धार्मिक बनाना चाहता हूं। मैं तुम्हें राजनीतिक बनाना चाहता हूं। जिंदगी के लिए घुट घुट कर जीने से क्या फायदा। आओ मेरे साथ मिलकर के आवाज उठाओ। भ्रष्टाचार मुक्त भारत बने। भ्रष्टाचार मुक्त भारत मिशन में किसी भी प्रकार का जाति संबंधित विभाग नहीं होगा। आओ मेरे साथ क्रांति वीर बनो।
सत्यमेव जयते जय मां कामाख्या जय श्री राम हर हर महादेव
निवेदक:स्वामी अंश चैतन्य महाराज, राष्ट्रीय अध्यक्ष हिंदू युवा सेवा, संस्थापक भ्रष्टाचार मुक्त भारत मिशन, संस्थापक व संचालक मां आदिशक्ति पीठ कामाख्या धाम महात्मा विदुर कुटी जनपद बिजनौर, प्रदेश अध्यक्ष संत सुरक्षा मिशन, वरिष्ठ नेता भारतीय जनता पार्टी, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी।
दूसरे चरण में 89 सीटों पर 26 अप्रैल को मतदान होना है। इनमें केरल की (20) सीट, कर्नाटक (14), राजस्थान (13), महाराष्ट्र (08), उत्तर प्रदेश (08), मध्य प्रदेश (07), असम (05), बिहार (05) पर मतदान होगा । इसके अलावा छत्तीसगढ़ (03), पश्चिम बंगाल (03), मणिपुर, त्रिपुरा और जम्मू-कश्मीर में 1-1 सीट पर मतदान होगा।
पश्चिम उत्तर प्रदेश की आठ सीट
अठारहवीं लोकसभा के चुनाव के दूसरे चरण में यूपी की आठ सीटों पर 26 अप्रैल को मतदान होगा। भाजपा ने 2019 में अमरोहा को छोड़ इस चरण की शेष सात सीटें जीती थीं। अमरोहा पर बसपा काबिज हुई थी। मिशन-80 का लक्ष्य लेकर चल रही भाजपा इस चरण की सभी सीटें जीतने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है तो पिछले चुनाव में मात्र एक सीट जीत पाई बसपा के लिए अपनी सफलता को दोहराने की चुनौती होगी। आइएनडीआइए के तहत कोटे में आई 17 सीटों में से अब तक 15 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर चुकी कांग्रेस के लिए भी दूसरा चरण प्रतिष्ठापरक है। कांग्रेस इस चरण की आठ सीटों में से चार पर अपने उम्मीदवारों के साथ मैदान में है, जबकि शेष चार सीटों पर सपा ताल ठोंक रही है। इस लिहाज से दूसरा चरण सपा-कांग्रेस गठबंधन के लिए भी कसौटी साबित होगा।
अलीगढ़: ब्राह्मण जाति से ताल्लुक रखने वाले भाजपा प्रत्याशी सतीश गौतम तीसरी जीत का तानाबाना बुन रहे हैं तो बसपा ने भी पैंतरा बदल कर यहां सजातीय प्रत्याशी उतारा है। अपने मुस्लिम प्रत्याशी गुफरान नूर का टिकट काटकर उसने भगवा खेमा छोड़कर आए हितेन्द्र कुमार उर्फ बंटी उपाध्याय पर दांव खेला है। सपा ने जाट बिरादरी के पूर्व सांसद चौधरी बिजेन्द्र सिंह पर फिर भरोसा जताया है। अलीगढ़ सीट पर सर्वाधिक मुस्लिम मतदाता हैं। बावजूद इसके प्रमुख दलों का कोई मुस्लिम उम्मीदवार मैदान में नहीं है। मुस्लिम मतों का झुकाव या बिखराव यहां के परिणाम पर असर डालेगा।
अमरोहा: वर्ष 1980 के बाद से किसी प्रत्याशी को लगातार दो बार लोकसभा न भेजने वाली यह सीट इसी तर्ज को कायम रखेगी या पिछले साढ़े चार दशक से चली आ रही परंपरा को तोड़ेगी, इस पर निगाहें लगी हैं। हाथी से उतरकर हाथ थामने वाले मौजूदा सांसद कुंवर दानिश अली मुस्लिम बहुल इस सीट पर साइकिल का साथ मिलने से दोबारा बाजी मारने के लिए कमर कस रहे हैं तो रालोद के साथ आने से भाजपा के कंवर सिंह तंवर भी ढोलक पर जोरदार थाप लगाकर 2014 की सफलता हासिल करने के लिए प्रयासरत हैं। मुस्लिमों की बड़ी तादाद वाली इस सीट पर बसपा उम्मीदवार मुजाहिद हुसैन मुकाबले का तीसरा कोण उभारने की कोशिश में लगे हैं।
बागपत: चौधरी चरण सिंह के परिवार का गढ़ रही इस सीट पर 47 वर्षों बाद इस परिवार का कोई सदस्य चुनाव नहीं लड़ रहा है। रालोद ने राष्ट्रीय सचिव राजकुमार सांगवान को उतारा है। सपा ने पहले पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी को और आखिरी दौर में साहिबाबाद के पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा को उतार दिया। बसपा ने दिल्ली हाई कोर्ट के अधिवक्ता प्रवीण बंसल पर दांव लगाया है। भाजपा ने जाट, सपा ने ब्राह्मण और बसपा ने गुर्जर प्रत्याशी को मैदान में उतारा है। पिछले दो चुनावों में यहां आमने-सामने रहीं भाजपा और रालोद के हाथ मिलाने से एनडीए समर्थक यहां हैंडपंप को मजबूत मान रहे हैं।
बुलंदशहर: अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित यह सीट दो वर्तमान सांसदों के बीच चुनावी जंग की गवाह बनी हुई है। भाजपा ने यहां पिछली दो बार लगातार जीत दर्ज कर चुके भोला सिंह को जीत की हैट्रिक लगाने की मुराद पूरी करने का अवसर दिया है तो बसपा ने नगीना के सांसद गिरीश चंद्र को मैदान में उतार कर चुनावी संग्राम में गर्मी पैदा करने की कोशिश की है। कांग्रेस ने आल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सदस्य और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव शिवराम वाल्मीकि को प्रत्याशी बनाया है। वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव को अपवाद मान लें तो 1991 से अब तक भाजपा यहां अपराजेय रही है।
गाजियाबाद: पिछले दो बार के सांसद जनरल वीके सिंह की जगह मैदान में उतरे पूर्व राज्य मंत्री और गाजियाबाद के विधायक अतुल गर्ग इस सीट पर भाजपा की चौथी जीत के सूत्रधार बनने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हैं। वीके सिंह का टिकट कटने से ठाकुर बिरादरी की शुरुआती नाराजगी से पार पाने के लिए भाजपा को मशक्कत करनी पड़ी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यहां रोड शो किया। कांग्रेस ने डाली शर्मा पर फिर भरोसा जताया है। बसपा ने अंशय कालरा का टिकट काटकर ठाकुर बहुल इस सीट पर इसी बिरादरी के नंद किशोर पुंडीर को मैदान में उतारकर मुकाबले को रोचक बनाने की कोशिश की है।
मथुरा: इस लोकसभा क्षेत्र में भाजपा सांसद हेमा मालिनी जीत की तिकड़ी लगाने की तैयारी में जुटी हैं तो उनकी राह रोकने के लिए कांग्रेस के मुकेश धनगर और जाट बिरादरी के सेवानिवृत्त आइआरएस अधिकारी सुरेश सिंह बसपा प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं। कांग्रेस को पिछली बार यहां 20 वर्ष पहले सफलता मिली थी, जबकि बसपा का यहां अब तक खाता नहीं खुल पाया है। भाजपा ने अपने इरादे जता दिए हैं। मथुरा से प्रचार अभियान का श्रीगणेश कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कह चुके हैं कि अपनी जन्मभूमि पर विराजित प्रभु श्रीराम ने होली खेली तो मथुरा-वृंदावन को भी इसका इंतजार है।
मेरठ: रामायण में प्रभु श्रीराम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल के बतौर भाजपा प्रत्याशी मैदान में उतरने से यह सीट चर्चा में है। गोविल मेरठ सीट पर भाजपा सांसद राजेन्द्र अग्रवाल की जीत की हैट्रिक के सिलसिले को आगे बढ़ाने के लिए पसीना बहा रहे हैं। सपा ने पहले यहां दलित बिरादरी के भानु प्रताप को प्रत्याशी बनाया, फिर सरधना विधायक अतुल प्रधान पर दांव लगाया, जिन्होंने नामांकन भी कर दिया और इसके चंद घंटों बाद शहर की पूर्व महापौर सुनीता वर्मा को मैदान में उतार दिया। बसपा ने देवव्रत त्यागी को उतारा है। मुसलमानों की बड़ी संख्या वाली सीट पर सपा व बसपा ने मुस्लिम प्रत्याशी से परहेज कर मुकाबले को रोचक बना दिया है।
गौतमबुद्ध नगर: यहां दो डाक्टरों के बीच चुनावी जंग में बसपा तीसरा कोण उभारने में जुटी है। पेशे से चिकित्सक सांसद डा. महेश शर्मा इस सीट से जीत की तिकड़ी बनाने के लिए मैदान में हैं। सपा ने पहले यहां डा. महेन्द्र नागर को प्रत्याशी बनाया, फिर राहुल अवाना को, लेकिन पांच दिन बाद ही फिर डा. महेन्द्र नागर पर भरोसा जताया। बसपा ने पार्टी सुप्रीमो मायावती के गृह जिले की सीट से पूर्व विधायक राजेन्द्र सिंह सोलंकी को उतारा है। तीनों पार्टियों ने अलग-अलग जातियों के उम्मीदवारों पर दांव खेला है। डा. महेश शर्मा ब्राह्मण हैं, वहीं डा. महेन्द्र नागर गुर्जर और राजेन्द्र सिंह सोलंकी ठाकुर हैं।
पहले चरण के चुनाव में कम मतदान को लेकर मीडिया में कई तरह की रिपोर्ट्स और विश्लेषण पढ़ने-सुनने को मिल रहे हैं। कुछ में कम वोटिंग को लेकर चिंता जताई जा रही है और कुछ विश्लेषण में सत्ता पक्ष के सामने आने वाली मुश्किलों को बढ़ा चढ़ा कर पेश किया जा रहा है। चर्चा के बजाय जिस बिंदु पर ध्यान अधिक जाना चाहिए उस तरफ न पार्टियों का ध्यान जा रहा है और न जिम्मेदार संस्था चुनाव आयोग का। असली बहस जिस मुद्दे पर होनी चाहिए वह मीडिया, पार्टी से लेकर सत्ता तक सिरे से गायब है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कम मतदान के लिए गर्मी, सहालग और फसल कटाई के कारण गिनाए गए। यह चिंताएं सतह पर होने वाली हलचल की तरह ही हैं। गर्मी और कटाई के कारण फिजूल हैं क्योंकि पिछले चुनाव भी इसी मौसम में हुए थे।
मतदान ऐच्छिक है न कि अनिवार्य!
माना जा सकता है कि कम मतदान के लिए मतदाताओं की उदासीनता ही इसके लिए जिम्मेदार है लेकिन सोचना यह भी होगा कि आखिर लोकतंत्र का भविष्य विधाता अपने इस कर्तव्य से च्युत क्यों रहता है? इसके पीछे नेताओं की गिरती विश्वसनीयता तो नहीं! फिर भी पहले मतदान शब्द की व्याख्या। यह मत+दान संधि से बना हुआ शब्द है। हिंदू धर्म में दान ऐच्छिक माना गया है। साफ है कि मतदान शब्द को अंगीकार करते समय ही स्वीकार कर लिया गया कि मतदान ऐच्छिक है न कि अनिवार्य। जब मत देना अनिवार्य किया ही नहीं गया तो कैसे किसी मतदाता को कम मतदान के लिए जिम्मेदार माना जा सकता है। सबके अपने-अपने तर्क हैं और अपनी-अपनी मजबूरियां।
अपने यहां मताधिकार को भी इस तरह प्रचारित किया गया, जैसे लोकतंत्र की चाबी हमने वयस्क लोगों को पकड़ा दी। वास्तव में है भी लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू यह है कि वयस्कों में मत के प्रति कर्तव्य की भावना भरने की सच्ची कोशिश से परहेज ही रहा। तंत्र कोई भी हो अपना अधिकार पाना कौन नहीं चाहता लेकिन कम लोग ही होते हैं जो अधिकार को कर्तव्य मानकर आगे बढ़ते हैं। अधिकार का इस्तेमाल सिर्फ अपने लिए ही नहीं दूसरों के लिए भी होता है। फिर देश से बड़ा तो कोई है ही नहीं। धर्म न वर्ग और न जाति-संप्रदाय।
गौरव अवस्थी, स्वतंत्र पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक
5 साल में 5 मिनट देश के लिए जरूर निकालें
मत को कर्तव्य से जोड़ने की महत्वपूर्ण बात अभी हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने जिस गंभीरता के साथ उठाई है, उसके लिए उनके प्रति हम सबको धन्यवाद अदा करना चाहिए। उनकी यह अपील भी महत्वपूर्ण है कि 5 साल में 5 मिनट देश के लिए जरूर निकालें। सोचिए, जिस देश में 35-40% लोगों के पास देश के लिए 5 मिनट नहीं है, वह क्या केवल अपील से अपने मताधिकार का उपयोग करने लगेंगे। इतनी आसानी से अपने इस कर्तव्य का जिम्मेदारी से निर्वहन करने लगेंगे?
वोटिंग के लिए बाध्य किया जाए
घर में कर्तव्य मां ही सिखाती है। लोकतंत्र में सरकार ही मां की भूमिका में होती है। सरकार की ही जिम्मेदारी है कि वह अपने देश के वयस्क लोगों को मत देने के लिए जागरूक करे। 75 साल बाद भी अगर हम अपने वयस्क नागरिक को मत का महत्व नहीं समझा पाए हैं तो मेरी नजर में अब एक ही रास्ता बचता है वोट न देने वाले को वोटिंग के लिए बाध्य किया जाए। इसका एक ही रास्ता है-नियम और कानून। सत्ता के लिए राजनीति करने वाले दलों और उनके नेताओं से ऐसे किसी नियम कानून की उम्मीद तो बेमानी ही है। अब इसका रास्ता भी कानून की चौखट से होकर ही आ सकता है।
यह बात हम पहले भी लिख चुके हैं कि 75 साल के लोकतंत्र में हमने हर क्षेत्र में कई कई गुना तरक्की की है लेकिन मतदान के प्रतिशत में अब तक केवल 22 फ़ीसदी का ही अधिकतम इजाफा हो पाया है। वह भी चुनाव-दर-चुनाव घटता-बढ़ता रहता है। जैसा इसी आम चुनाव के पहले चरण में ही सामने आया। मतदान की इस धीमी प्रगति पर न अब तक किसी का ध्यान गया है और न आज जा रहा है। दुनिया के कई छोटे-छोटे देशों में 95% तक मतदान होते हैं। कुछ देशों में वोट का इस्तेमाल न करने वाले वोटरों पर प्रतीकात्मक जुर्माने का भी प्रावधान है। अगर वोट न देने की मतदाता की बात तर्कसंगत होती है तो जुर्माने से छूट भी मिल जाती है। बात कुछ तल्ख जरूर है लेकिन मतदाता जब अपनी मनपसंद का प्रतिनिधि चुनने का अधिकार पाकर खुश हो सकते हैं तो बाध्यता पर नाराज क्यों होंगे? आप सहमत हों या ना हों स्वस्थ लोकतंत्र के लिए अब यह जरूरी लगने लगा है।
– गौरव अवस्थी (लेखक स्वतंत्र पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक हैं)
नई दिल्ली।सुप्रीम कोर्ट ने स्त्रीधन (विवाह के समय मिले गहने और अन्य सामान) पर उनके अधिकार को लेकर गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने साफ कहा कि महिला का स्त्रीधन उसकी पूर्ण संपत्ति है। उसे अपनी मर्जी से खर्च करने का पूरा अधिकार है।
मुसीबत के समय इस्तेमाल तो कर सकता है पति, लेकिन…
सुप्रीम कोर्ट ने कहा- पत्नी के स्त्रीधन पर पति का कंट्रोल नहीं हो सकता। पति मुसीबत के समय स्त्रीधन का इस्तेमाल तो कर सकता है, लेकिन बाद में उसे लौटाना उसका नैतिक दायित्व है। कोर्ट ने यह फैसला एक व्यक्ति को उसकी पत्नी के खोए हुए गोल्ड के बदले में 25 लाख रुपए देने का निर्देश देते हुए सुनाया।
पहले समझिए क्या है पूरा मामला?
केरल की महिला ने दावा किया कि शादी के समय उसके परिवार ने उसे सोने के सिक्के उपहार में दिए थे। विवाह के बाद पिता ने उसके पति को 2 लाख रुपए का चेक भी दिया था। महिला के मुताबिक, शादी की पहली रात पति ने उसके सारे गहने अपने कब्जे में ले लिए। कहा कि वे इसे सुरक्षित रखेंगे, लेकिन बाद में उसने अपनी मां को सौंप दिया। पत्नी ने आरोप लगाया कि पति और उसकी मां ने अपनी पहले से मौजूद वित्तीय देनदारियों (उधारी) को पूरा करने के लिए सभी आभूषणों का दुरुपयोग किया।
फैमिली कोर्ट ने पति और उसकी मां के खिलाफ सुनाया फैसला
विवाद के बाद 2011 में मामला फैमिली कोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने माना कि पति और उसकी मां ने वास्तव में अपीलकर्ता के सोने के आभूषणों का दुरुपयोग किया था। इसलिए पत्नी नुकसान की भरपाई की हकदार है।
केरल हाईकोर्ट ने पलट दिया फैसला
केरल हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट की राहत को आंशिक रूप से खारिज कर दिया। कहा कि महिला, पति और उसकी मां द्वारा सोने के आभूषणों की हेराफेरी को साबित करने में सक्षम नहीं है। इसलिए वह उसके नुकसान की भरपाई के लिए हकदार नहीं है। इसके बाद महिला ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
कोर्ट रूम live
जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। बेंच ने कहा कि स्त्रीधन पत्नी और पति की संयुक्त संपत्ति नहीं है।
• बेंच ने कहा, ‘महिला को अपने स्त्रीधन पर पूरा अधिकार है, जिसमें शादी से पहले, शादी के दौरान या बाद में मिली हुईं सभी चीजें शामिल हैं, जैसे कि माता-पिता, ससुराल वालों, रिश्तेदारों और दोस्तों से मिले उपहार- धन, गहने, जमीन, बर्तन आदि।
• बेंच ने कहा कि स्त्रीधन पति-पत्नी की संयुक्त संपत्ति नहीं कही जा सकती। पति के पास इसका स्वामित्व या स्वतंत्र अधिकार नहीं है। अगर स्त्रीधन का बुरी नीयत से दुरुपयोग किया जाता है तो पति या उसके परिवार के सदस्यों पर IPC की धारा 406 के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है।
• कोर्ट ने कहा, ‘विवाह की अवधारणा पति-पत्नी के आपसी विश्वास पर टिकी है। यह दाम्पत्य संबंध में अनिवार्य रूप से शामिल है। यह मान लेना कि महिला को पहले दिन से ही अपने पति पर भरोसा नहीं था, यह गलत है। केरल हाईकोर्ट ने इन तथ्यों को नहीं देखा।
कोर्ट ने 25 लाख रुपए देने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह एक आपराधिक मुकदमा नहीं था, जहां क्राइम सीन से गायब सामान का पता लगाया जाना था। इस पर भी कोई विवाद नहीं था कि महिला अपने मायके से पर्याप्त मात्रा में आभूषण लेकर आई थी, जो उसने शादी के दौरान पहने थे। इसका सबूत शादी की तस्वीरों में है।
महिला ने सोने के सिक्के के बदले पैसा मांगा, जिसकी कीमत 2009 में 8.90 लाख रुपए थी। इस समय बिना किसी और बात के केवल फैमिली कोर्ट के फैसले को बरकरार रखना, उसके साथ अन्याय होगा। समय बीतने, जीवन यापन की लागत में बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए, हम भारत के संविधान के अनुच्छेद 142 द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए महिला को 25 लाख रुपए देने का निर्देश देते हैं।
हिन्दू युवा सेना के प्रदेश अध्यक्ष बने रवि पांचाल व अनमोल कुमार
राष्ट्रीय अध्यक्ष, स्वामी अंश चैतन्य जी महाराज ने छेड़ी संगठन विस्तार की मुहिम
नई दिल्ली। हिन्दू धर्म के रक्षार्थ, सनातन धर्म और संस्कृति के विस्तार और भ्रष्टाचार मुक्त भारत अभियान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हिन्दू युवा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह संस्थापक स्वामी अंश चैतन्य जी महाराज ने मुहिम छेड़ दी है। इसी क्रम में स्वामी जी ने राष्ट्रीय मण्डल की सहमति संगठन विस्तार करते हुए अनमोल कुमार को बिहार एवं गाजियाबाद के रवि कुमार पांचाल को उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष मनोनीत किया है।
अनमोल कुमार प्रदेश अध्यक्ष बिहार
सर्व श्री श्यामनाथ सिंह, राजकिशोर सिंह, भोला प्रसाद, राजन कुमार मिश्रा, अंकेश कुमार आदि ने हिन्दू युवा सेना बिहार का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर अनमोल कुमार को शुभकामनाएं एवं हार्दिक बधाई दी है।
स्वामी अंश चैतन्य जी महाराज, राष्ट्रीय अध्यक्ष, सह संस्थापक हिन्दू युवा सेना
नव मनोनीत प्रदेश अध्यक्षों अनमोल कुमार एवं रवि पांचाल ने बताया कि श्री स्वामी अंश चैतन्य जी महाराज संगठन विस्तार के दौरान उड़ीसा के प्रभारी शरद गर्ग के सौजन्य से दिनांक 07 से 09 मई तक जगन्नाथ पुरी, भुवनेश्वर (उड़ीसा) प्रस्थान कर रहे हैं।
रवि कुमार पांचाल अध्यक्ष उत्तर प्रदेश
जब तक भ्रष्टाचार मुक्त नहीं होगा देश, तब तक जारी रहेगा आन्दोलन
हिन्दू युवा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह संस्थापक स्वामी अंश चैतन्य जी महाराज ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त भारत अभियान अनवरत जारी रहेगा। चुनाव अचार संहिता खत्म होने के बाद इस मुद्दे पर महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भ्रष्टाचार उन्मूलन के लिए स्मरण – पत्र देंगे और जब तक देश भ्रष्टाचार मुक्त नहीं होगा, तब तक आन्दोलन जारी रहेगा।
47 मुख्य कलाकार, 103 संगत और सहयोगी कलाकार लगाएंगे हाजिरी
संकटमोचन संगीत समारोह के 101वें संस्करण की भव्य तैयारी
वाराणसी (राहुल वर्मा)। संकटमोचन संगीत समारोह के 101वें संस्करण में 47 मुख्य कलाकार, 103 संगत और सहयोगी कलाकार हाजिरी लगाएंगे। 27 अप्रैल से 2 मई तक होने वाले छह निशाव्यापी समारोह में 17 कलाकार पहली बार आमंत्रित किए गए हैं। वहीं कुल कलाकारों में 13 पद्मअलंकृत हैं। यह जानकारी संकटमोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वम्भरनाथ मिश्र ने रविवार को तुलसी घाट पर बातचीत में दी।
फाइल फोटो
उन्होंने बताया कि गत वर्ष मलमास के कारण इस वर्ष संगीत समारोह अप्रैल के अंतिम सप्ताह में हो रहा है। अमेरिका में होने वाले सांगीतिक आयोजन में आमंत्रित होने से देश के कई बड़े कलाकार इस वर्ष शुरुआती निशाओं में ही दरबार में हाजिरी लगाएंगे। इस बार समारोह में युवा कलाकारों को खास तरजीह दी गई है। वहीं कुछ ऐसे कलाकार भी हैं जो लंबे अंतराल के बाद मंच पर दिखेंगे। ध्रुपद गायक पं. उमाकांत एवं अनंत रमाकांत गुंदेचा करीब 25 साल बाद, काशी के सितारवादक डॉ. वीरेंद्रनाथ मिश्र 22 साल बाद, मुंबई के बांसुरी वादक पं. राकेश चौरसिया 20 साल बाद तथा मुंबई के सितारवादक पं. नयन घोष 15 साल बाद मंच पर होंगे। वाराणसी की बालवय तबलावादक अवंतिका महाराज, मुंबई की गायिका नंदिनी नरेंद्र बेडेकर आदि शामिल हैं।
इंद्रलोक कॉलोनी में टैंक में गिरने से 03 वर्षीय बालक की मौत
बिजनौर। नजीबाबाद रोड स्थित इंद्रलोक कॉलोनी के एक नव निर्माणाधीन मकान के टैंक में गिरने से तीन वर्षीय बालक की मौत हो गई। कॉलोनी निवासी मास्टर देवेंद्र का 03 वर्षीय पुत्र शिवेंद्र टैंक में गिर गया था। बुधवार को एम्स ऋषिकेश (हॉस्पिटल) में उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इस ह्रदयविदारक घटना से पूरे कॉलोनी में शोक की लहर दौड़ गई है।
देवेंद्र मास्टर कुलचाना चांदपुर के पास के रहने वाले हैं। उनके दो पुत्र हैं, बड़ा पुत्र जानू इंटरमीडिएट में पढ़ रहा है और जिस बालक की टैंक में गिरने से मृत्यु हुई है, उसका नाम शिवेंद्र है। घटना से देवेंद्र के पूरे परिवार में शोक व्याप्त हो गया है। इंद्रलोक कॉलोनी निवासी एके सिंह के अनुसार सभी कॉलोनी वासियों की तरफ से मृतक बालक की आत्मा की शांति एवं परिवार को यह असहनीय दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करने हेतु प्रार्थना की गई तथा शोक व्यक्त किया गया।
बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में हुआ कार्यक्रम
“भारतीय ज्ञान परंपरा दृष्टि एवं सृष्टि” शीर्षक पर व्याख्यान
राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान नई दिल्ली के कुलपति प्रोफेसर श्रीनिवास बरखेड़ी पहुंचे लखनऊ
संस्कृत भाषा के महत्व के साथ पाश्चात्य और भारतीय दृष्टि की चर्चा
लखनऊ। “भारतीय ज्ञान परंपरा दृष्टि एवं सृष्टि” शीर्षक पर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान नई दिल्ली के कुलपति प्रोफेसर श्रीनिवास बरखेड़ी द्वारा व्याख्यान दिया गया। उन्होंने संस्कृत भाषा के महत्व को बताते हुए पाश्चात्य और भारतीय दृष्टि अर्थात खंडित और एकात्मक दृष्टि की चर्चा की। साथ ही उन्होंने डॉक्टर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के प्रसिद्ध कथन, जिसमें आर्य द्रविड़ सिद्धांत के भेद का खंडन किया गया है, पर विस्तार पूर्वक चर्चा की। उन्होंने भारतीय चिंतन परंपरा तथा इतिहास आदि को कालचक्र की भांति बताया, जो कि अनवरत चलता रहता है। उन्होंने पाश्चात्य चिंतन परंपरा को रेखीय बताया, जो कि कल सापेक्ष है। कहा कि प्रत्येक भारतीय चार सिद्धांतों को अवश्य ही मानता है जो कि हैं, कर्म सिद्धांत, भक्ति, आस्था व पुनर्जन्म। उन्होंने उपनिवेशवाद के प्रभावों का भारतीयों की मानसिकता पर क्या प्रभाव पड़ा उसकी भी विस्तार पूर्वक चर्चा की।
कुलपति प्रोफेसर श्रीनिवास बरखेड़ी द्वारा व्याख्यान में सम्मिलित अन्य बिन्दु....... 1. संस्कृत को प्राचीन और क्लासिक भाषा न कहा जाए, यह समसामयिक प्रासंगिक भाषा है। 2. हमारी भारत वर्ष की दृष्टि एकत्ववादी है दो से एक की, वही पाश्चात्य की एक से दो की। 3. विदेशी आक्रांताओं ने हमारी सम्पदा की लूट की। 4. आक्रांताओं ने हमें बताया कि आर्य बाहर से आये परंतु वो भारतीय थे और उन्होंने बाबा साहेब अम्बेडकर का कथन उद्धरित किया। 5. उन्होंने कहा कि हमें बताया गया कि शहरी सही है श्रेष्ठ है और वन में रहने वाले जैसे आदिवासी हेय है परंतु हमारे यहां ज्ञान की परंपरा अरण्य से आई है ज्ञान वहां से शहर आया।
बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर केन्द्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के संस्कृत एवं वैदिक अध्ययन विभाग के द्वारा अम्बेडकर सामाजिक अध्ययन पीठ सभागार में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। संगोष्ठी का समन्वय विभागाध्यक्ष प्रो. रिपुसूदन सिंह तथा संयोजन डा. बिपिन कुमार झा एवं डा. रमेशचन्द्र नैलवाल ने संयुक्त रूप से किया।
बाबा साहेब अम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्वलन से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। हिमांशु निकिता एवं प्रिया आदि ने मंगलाचरण किया। प्रोफेसर रिपुसूदन सिंह ने शाल मेमेण्टो से अतिथियों का स्वागत किया। डा. बिपिन कुमार झा ने अतिथि एवं विभाग परिचय प्रस्तुत किया। मुख्यातिथि के रूप में पधारे आचार्य श्रीनिवास वरखेडी (कुलपति, केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली) ने संस्कृत चिन्तन की अभिनव दृष्टि हेतु अभिप्रेरित किया। आचार्य ने भारतीय होने हेतु भारती का बोध को आवश्यक बताया। रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य शिशिर पाण्डेय ने मौलिक चिन्तन पर जोर दिया।
कार्यक्रम में शोध पत्रवाचन भी हुआ, जिसके सार रूप में कहा जा सकता है कि सनातन गङ्गा प्रवाहवत् अनवरत प्रवाहित भारतीय ज्ञान परम्परा वेद एवं वाङ्मय की विविध विधाओं में लिखित ज्ञान-विज्ञान के विविध ग्रन्थों के माध्यम से वैश्विक सन्दर्भ में आज भी अत्यन्त प्रासङ्गिक एवं उपादेय हैं। प्राचीन काल से ही यह ज्ञान सम्पदा भारतीय मनीषियों के द्वारा परिष्कार पूर्वक संरक्षित एवं प्रचारित की जाती रही है। वर्तमान राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भी भारतीय ज्ञान परम्परा के महत्त्व को विस्तृत रूप से रेखाङ्कित किया गया है, जिसमें प्रायः ज्ञान-विज्ञान के सभी क्षेत्रों में भारतीय ज्ञान परम्परा को अपनाने एवं नवीन प्रकार से प्रकाशित करने का आह्वान किया गया है। इस अवसर पर संकायाध्यक्ष प्रो. सर्वेश सिंह ने छात्रों को संस्कृत अध्ययन हेतु प्रोत्साहित किया। अन्त में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। विभागीय छात्रा मैथ्रेया ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कल्याण मन्त्र से सभा का समापन किया गया। सभा का संचालन डा. रमेश चन्द्र नैलवाल ने किया। कार्यक्रम में योग, इतिहास, राजनीति शास्त्र, विधि आदि विभागों के विभागाध्यक्ष आचार्य एवं छात्रों की उपस्थिति रही।
व्यस्ततम दिनचर्या के बीच दुनियादारी निभाने से पीछे नहीं हटते विधायक मनोज पारस
बिजनौर। पूर्व मंत्री एवं नगीना विधायक मनोज पारस अपनी व्यस्ततम दिनचर्या के बीच दुनियादारी निभाने से पीछे नहीं हटते। यही कारण है कि आमजन हो या खास, उन्हें अपने पारिवारिक समारोहों में आमंत्रित जरूर करते हैं।
इसी क्रम में पूर्व मंत्री एवं नगीना विधायक मनोज पारस ने मुनीम चौक मोहल्ला लालसराय नगीना के निवासी हाजी फखरे आलम साहब की बेटी की शादी में कृष्ण बैंकट हॉल नगीना में शिरकत की। उन्होंने बहुत-बहुत बधाई देते हुए नवदंपति को उनके खुशहाल शादीशुदा जिंदगी के लिए दुआ की।
इसके अलावा विधायक नगीना (पूर्व मंत्री) मनोज पारस ग्राम मलकपुर देहरी में नरेश प्रधान जी के सुपुत्र के लग्न रिश्ते के समारोह में शामिल हुए। उन्होंने नरेश प्रधान जी को हार्दिक बधाई देते हुए उनके सुपुत्र को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
वहीं उन्होंने गणपति बैंकेट हॉल में ग्राम मलकपुर देहरी निवासी अशोक देशवाल जी के सुपुत्र के लग्न रिश्ते के समारोह में शामिल होकर हार्दिक बधाई दी।
मलिहाबाद में बड़े धूमधाम से मनाया हनुमान जन्मोत्सव, भंडारा
मलिहाबाद, लखनऊ। हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर श्री दयालु बालाजी सरकार मन्दिर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हनुमान भक्तों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हुए प्रशाद ग्रहण किया।
ग्राम पंचायत भदवाना के ग्राम वाजिद नगर में स्थित श्री दयालु बालाजी सरकार मन्दिर पर सोमवार को हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। दूसरे मंगलवार को यहां के संस्थापक मोहित यादव (टिल्लन) द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम उनके द्वारा दर्जनों कन्याओं की पूजा कर उन्हें प्रसाद ग्रहण कराया गया। उन्होंने कहा कि हनुमान चालीसा का पाठ करने से अंतरात्मा को शांति मिलती है। इसलिये हमें प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिये। संस्थापक मोहित यादव ने कहा कि बुराई के खिलाफ जीत हासिल करने व सुरक्षा प्रदान करने की क्षमता वाले देवता के रूप में हनुमान जी को पूजा जाता है। हनुमान जी को देवता वायु यानी पवन देवता का पुत्र कहा जाता है। सनातन धर्म के अनुसार सूर्य देव को हनुमान जी का गुरु माना जाता है। इस अवसर पर ग्राम प्रधान कालेश्वर प्रसाद सहित सैकड़ों भक्त मौजूद रहे।
बिजनौर। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन द्वारा पुलिस कार्यालय पर जनसुनवाई के दौरान मंगलवार को कुल 54 शिकायतों को सुना गया।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने समस्त प्रार्थना पत्र (शिकायतों) पर प्रभावी कार्यवाही हेतु सम्बन्धित अधिकारी कर्मचारी को निर्देशित किया।
इसके अलावा पुलिस अधीक्षक ने स्ट्रांग रुम के आउटर कॉर्डन का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने ड्यूटीरत अधिकारियों कर्मचारियों को चैक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बिहार और झारखंड से तस्कर ले जाते हैं हिमाचल प्रदेश
चांदपुर पुलिस व स्वाट सर्विलांस टीम ने किया नेटवर्क का भंडाफोड़
प्याज व बन्दगोभी के बोरों के बीच छिपा कर डोडा की तस्करी
बिजनौर। थाना चांदपुर पुलिस व स्वाट सर्विलांस टीम ने बिहार से तस्करी कर हिमाचल प्रदेश ले जाया जा रहा 380 किलो डोडा चूर्ण बरामद किया है। करीब 15 लाख रुपए कीमत के इस माल के साथ 03 तस्कर गिरफ्तार किए गए हैं। प्याज व बन्दगोभी के बोरों के बीच 08 बोरों में छिपाकर रखा उक्त नशीला पदार्थ एक ट्रक में लदा हुआ था। पकड़े गए तीनों आरोपी शिमला के रहने वाले हैं और लम्बे अरसे से नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त बताए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन के निर्देश पर जनपद में अवैध मादक पदार्थों के निर्माण/विक्रय/परिवहन आदि करने वाले अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना चाँदपुर पुलिस व स्वाट सर्विलांस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर चैकिंग के दौरान ट्रक रजि0सं0 HP63B3755 को चैक किया गया। ट्रक से 19 बोरे प्याज व 13 बोरे बन्दगोभी की आड़ में रखे प्लास्टिक के 08 बोरों में भरा डोडा चूर्ण कुल 380 कि०ग्रा० (अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपए) सहित 03 अभियुक्त इरफान पुत्र सुलेमान, अब्दुल वारी उर्फ रहमान पुत्र लियाकत अली एवं महबूब पुत्र नूर अहमद निवासीगण ग्राम तरसानू थाना नेरूआ जनपद शिमला हिमाचल प्रदेश को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से 03 मोबाइल फोन, 38000/- रुपए भी बरामद हुए। इस सम्बन्ध में थाना चाँदपुर पर आईपीसी की धारा 183/2024 धारा 8/18 एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज किया गया है।
पूछताछ में उगल डाली कहानी
पुलिस के अनुसार अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि वह लोग डोडा आदि नशीले पदार्थों को बिहार, झारखण्ड से लाकर पहाड़ी क्षेत्रों में बेच देते हैं। इससे उन्हें अच्छा मुनाफा हो जाता है। वह लोग शराब की तस्करी भी करते हैं। दिनांक 12 अप्रैल 2024 को वह तीनों गाड़ी संख्या HP63B3755 को लेकर शिमला से सब्जी लेकर बनारस (वाराणसी) गए थे। लगभग 3-4 दिन पहले पोन्टा निवासी साहिब जाकिर ने अपना माल डोबी बिहार से पोन्टा साहिब लाने के लिये कहा। हम लोग डोबी बिहार से प्याज तथा बन्दगोभी के कट्टे के बीच में डोडे के 08 बोरे दबाकर ला रहे थे। जाकिर माल लदवा कर अपनी गाड़ी से चला गया था। वह लोग वापस पोन्टा साहिब के लिये चल दिये, बिजनौर में पुलिस ने पकड़ लिया। इससे पूर्व दिनांक 14 मार्च 2024 को भी बिजनौर में एक शराब की पेटियों से भरी पकड़ी गयी गाड़ी भी उनके साथी राजेश मधईक की थी।
गिरफ्तार अभियुक्तों का नाम व पता –
1. इरफान पुत्र सुलेमान निवासी ग्राम तरसानू थाना नेरूआ जनपद शिमला हिमाचल प्रदेश, 2. अब्दुल वारी उर्फ रहमान पुत्र लियाकत अली निवासी ग्राम तरसानू थाना नेरूआ जनपद शिमला हिमाचल प्रदेश, 3. महबूब पुत्र नूर अहमद निवासी ग्राम तरसानू थाना नेरूआ जनपद शिमला हिमाचल प्रदेश
बरामदगी –
पुलिस ने ट्रक रजिस्ट्रेशन नंबर HP63B3755 में लदे 19 बोरे प्याज व बन्दगोभी के 13 बोरे के बीच छिपाकर रखे प्लास्टिक के 08 बोरों में भरा करीब 15 लाख रुपए कीमत का 380 किलोग्राम डोडा चूर्ण के अलावा 03 मोबाइल फोन और 38,000 /- रुपए नगद बरामद किए।
इरफान व महबूब के खिलाफ दर्ज दो – दो मामले –
1. मु.अ.सं. 26/21 धारा 429/34 भादवि व 11 पशु क्रूरता अधिनियम थाना नेहरवा (नेरूआ) जनपद शिमला हिमाचल प्रदेश
जनपद बिजनौर की स्वाट व सर्विलांस टीम से ये रहे शामिल…
उप निरीक्षक जयवीर सिंह प्रभारी सर्विलांस टीम, उ.नि. शौकत अली प्रभारी स्वाट टीम तथा सर्विलांस टीम से हेड कांस्टेबल जोगेन्द्र, का. विशाल चिकारा, कां. सुजीत तोमर, कां. मोनू कुमार, कां. दीपक जावला के अलावा स्वाट टीम से कां. आकाश।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, बिजनौर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर समेत कई जिलों में बारिश की चेतावनी
UP Weather: गर्मी के बीच आज बदलेगा मौसम, इन जिलों में बारिश, आंधी तूफान का अलर्ट
उत्तर प्रदेश के मेरठ, बिजनौर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर समेत कई जिलों में आज 22 अप्रैल को बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है। साथ ही आंधी तूफान व बिजली कड़कने की भी चेतावनी दी है।
बिजनौर (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश – बिहार समेत कई राज्यों में तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। कई जिलों में हीट वेव की भी चेतावनी जारी की गई है। इस बीच मौसम विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज सोमवार 22 अप्रैल को बारिश, आंधी तूफान का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मेरठ, बिजनौर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर समेत कई जिलों में 22 अप्रैल को बारिश होगी। इसके अलावा, आंधी तूफान व बिजली कड़कने की भी चेतावनी जारी की गई है। बारिश होने की वजह से तापमान में गिरावट आ सकती है। हालांकि, पश्चिमी यूपी को छोड़कर यूपी के अन्य इलाकों में काफी गर्मी रहने की संभावना है। आजमगढ़, भदोही, वाराणसी जैसे जिलों में हीट वेव की चेतावनी है।
इसके अलावा उत्तर भारत के अन्य राज्यों; जम्मू कश्मीर, लद्दाख में 22 अप्रैल, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में 22 और 23 अप्रैल को मध्य बारिश, आंधी तूफान और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है। वहीं पूर्वी राजस्थान में भी 22 अप्रैल को बारिश, आंधी तूफान, बिजली कड़कने का अलर्ट है। इन राज्यों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम विभाग का दावा है कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 26 अप्रैल से एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भी दस्तक देने वाला है।
फरार आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू
कारोबारियों के जश्न में हुई सनसनीखेज वारदात
पार्टी के दौरान युवक को होटल की छत से फेंका
बरेली। होटल रेडिसन में एक पार्टी के दौरान दो लोगों ने युवक के साथ मारपीट कर उसे छत से फेंक दिया। इज्जतनगर पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। घटना की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। दोनों पक्ष कारोबारी बताए गए हैं। पीड़ित युवक की हालत गंभीर बनी हुई है।
राजेंद्र नगर निवासी व्यापारी सुरक्षा फोरम में वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय अग्रवाल का केमिकल सप्लाई का कारोबार है। उनका पुत्र सार्थक अग्रवाल अपने दोस्तों कीर्ति नगर निवासी तुषार मित्तल व प्रेमनगर निवासी नंदीकर सक्सेना के साथ शनिवार शाम पार्टी में शामिल होने होटल रेडिसन गया था। होटल में ड्राई फ्रूट कारोबारी ब्रजसूरी के भाई का रोका था। आरोप है कि समारोह में जनकपुर निवासी कपड़ा कारोबारी रिदिम अरोड़ा व उसका पिता सतीश अरोड़ा दोनों ही शराब पीये हुए थे।
छत से फेंकने का सीसीटीवी फुटेज
बताया गया है कि होटल की छत पर कहासुनी हो गई और रिदिम अरोड़ा ने अपने पिता संजीव अरोड़ा को बुला लिया। आरोप है कि पिता पुत्र ने सार्थक अग्रवाल के साथ मारपीट की और धक्का देकर होटल की छत के नीचे फेंक दिया। शोर सुनकर होटल स्टाफ मौके पर पहुंचा और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही इज्जतनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल सार्थक को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। होटल रेडिसन में मारपीट और कहासुनी की घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। रात 2:40 पर धक्का दे कर युवक को छत के नीचे फेंक दिया गया। इंस्पेक्टर इज्जतनगर जयशंकर सिंह ने बताया कि पिता पुत्र के खिलाफ मारपीट, जानलेवा हमला आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस लाइन परेड ग्राउण्ड में एसपी ने काफिले को दिखाई हरी झंडी
सातवें चरण का 01 जून को होना है मतदान
बिजनौर पुलिस चुनाव कराने महाराजगंज रवाना
बिजनौर। लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 की ड्यूटी हेतु जनपद बिजनौर की पुलिस फोर्स गैर जनपद रवाना हो गई। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने रविवार को पुलिस लाइन परेड ग्राउण्ड में हरी झंडी दिखाई। बिजनौर के 810 पुलिस कर्मियों की ड्यूटी महाराजगंज में लगाई गई है।
इससे पहले पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने पुलिस लाइन परेड ग्राउण्ड में लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 की ड्यूटी हेतु गैर जनपद जाने वाले पुलिस फोर्स को ब्रीफ कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि 810 पुलिस कर्मी अर्थात बिजनौर का एक तिहाई पुलिस फोर्स जनपद महाराजगंज में चुनाव सकुशल संपन्न कराने के लिए जा रहा है।
मतगणना 04 जून को होनी है अतः 03 तारीख को ब्रीफिंग की जाएगी। इसलिए शाम तक बिजनौर पहुंच जाएं। ईवीएम की मतगणना जल्दी हो जाती है, फिर भी सतर्कता बरतना जरूरी है, ताकि कोई जुलूस न निकाले और लड़ाई झगड़ा न करे।
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के आखिरी एवं सातवें चरण का मतदान 01 जून को होगा। इस दिन महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव (एससी), घोसी , सलेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौसी, वाराणसी, मिर्जापुर और राबर्ट्सगंज (एससी) कुल 13 सीट पर मतदान होना है।
एसपी ने बिजनौर में सकुशल चुनाव कराने के लिए सभी की प्रशंसा करते हुए आशा जताई कि जिस तरह आप लोगों ने बिजनौर और प्रदेश पुलिस का नाम रौशन किया वैसे ही में वहां भी करेंगे।
बाद में उन्होंने वाहनों के काफिले को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक नगर संजीव वाजपेई एवं अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम अर्ज मौजूद रहे।
केंद्रीय चुनाव आयोग के एलान के साथ ही 18वीं लोकसभा के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वर्तमान 17वीं लोकसभा का कार्यकाल 16 जून, 2024 को पूरा हो रहा है।
चुनाव सात चरणों में होंगे और सभी सीटों के लिए मतों की गिनती 04 जून को होगी।
पहले चरण में 21 राज्यों की 102 सीटों के लिए 19 अप्रैल को मतदान हो चुका है। गज़ेट नोटिफिकेशन 20 मार्च को जारी हुआ था। इस दिन अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नगालैंड, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, अंडमान निकोबार, जम्मू कश्मीर, लक्षद्वीप, पुद्दुचेरी की कुल 102 सीटों पर वोट डाले गए।
दूसरा चरण (13 राज्यों की 89 सीटों के लिए चुनाव)
28 मार्च को गज़ेट नोटिफिकेशन। 26 अप्रैल को मतदान। असम, बिहार, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, राजस्थान, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, जम्मू कश्मीर की कुल 89 सीटों पर मतदान होगा।
तीसरा चरण (12 राज्यों की 94 सीटों के लिए चुनाव)
12 अप्रैल को गज़ेट नोटिफिकेशन। 07 मई को मतदान। असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दादर नागर हवेली और दमन दीव की कुल 94 सीटों पर वोट डाले जाएंगे।
चौथा चरण (10 राज्यों की 96 सीटों के लिए चुनाव)
18 अप्रैल को गज़ेट नोटिफिकेशन। 13 मई को मतदान। आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, जम्मू कश्मीर की कुल 96 सीटों पर वोट डाले जाएंगे।
पांचवां चरण (8 राज्यों की 49 सीटों के लिए चुनाव)
26 अप्रैल को गज़ेट नोटिफिकेशन। 20 मई को मतदान। छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तर प्रेदश, पश्चिम बंगाल, जम्मू कश्मीर, लद्दाख की 49 सीटों पर मतदान होगा।
छठा चरण (7 राज्यों की 57 सीटों के लिए चुनाव)
29 अप्रैल गज़ेट नोटिफिकेशन। 25 मई को मतदान। बिहार, हरियाणा, झारखंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली की कुल 57 सीटों पर मतदान होगा।
सातवां चरण (8 राज्यों की 57 सीटों के लिए चुनाव)
07 मई को गज़ेट नोटिफिकेशन। 01 जून को मतदान। बिहार, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, चंडीगढ़ की कुल 57 सीटों पर वोट डाले जाएंगे।
मुरादाबाद लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी कुं. सर्वेश सिंह का निधन
नई दिल्ली (एजेंसी)। मुरादाबाद लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी कुंवर सर्वेश कुमार सिंह उर्फ राकेश सिंह का निधन हो गया है। गंभीर बीमारी के चलते उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था। एक दिन पहले ही संसदीय सीट के लिए मुरादाबाद में मतदान हुआ था।
सर्वेश कुमार (फाइल फोटो- पीटीआई)
भारतीय जनता पार्टी के मुरादाबाद लोकसभा सीट से प्रत्याशी कुंवर सर्वेश सिंह का निधन हो गया है। उन्होंने शनिवार शाम 06:30 बजे दिल्ली AIIMS में अंतिम सांस ली, वे 71 वर्ष के थे। टिकट मिलने के समय भी कुंवर सर्वेश अस्पताल में भर्ती थे। इस सीट पर 19 अप्रैल शुक्रवार को लोकसभा चुनाव के पहले चरण के तहत मतदान हुआ था। पीएम मोदी ने उनके निधन पर दु:ख जताते हुए कहा, “उनका जाना पार्टी के लिए एक अपूरणीय क्षति है।”
मुरादाबाद में करीब 60 फीसदी मतदान हुआ था। इस सीट पर वर्ष 2019 में 65.39 फीसदी वोटिंग हुई थी। पेशे से बिजनेसमैन कुंवर सर्वेश कुमार की गिनती उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेताओं में थी। वर्ष 2014 में सर्वेश सिंह मुरादाबाद से सांसद बने थे। इससे पहले वह ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट से 4 बार विधायक चुने गए थे। सर्वेश सिंह के बेटे सुशांत सिंह बिजनौर की बढ़ापुर सीट से भाजपा से विधायक हैं।
मुंह में कुछ तकलीफ के चलते कुछ दिन पहले सर्वेश सिंह की दिल्ली में सर्जरी हुई थी। वह अमित शाह की रैली में मंच पर दिखे थे। 19 अप्रैल को मतदान के बाद फिर से तबीयत असहज लगने पर वह शुक्रवार को देर रात दिल्ली के एम्स में डॉक्टर को दिखाने पहुंचे थे। पूर्व सांसद के भतीजे व प्रतिनिधि अमित सिंह ने बताया कि दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। देर रात तक उनका शव पैतृक गांव लाया जाएगा। उनके निधन की जानकारी मिलते ही सियासी और सामाजिक हलके में शोक की लहर दौड़ गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “मुरादाबाद लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार और पूर्व सांसद कुंवर सर्वेश सिंह जी के असामयिक निधन से अत्यंत दु:ख हुआ है। वे अपने आखिरी पल तक जनसेवा और समाजसेवा के प्रति समर्पित रहे। उनका जाना पार्टी के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है कि उनके परिजनों को इस गहरे शोक को सहने की शक्ति प्रदान करे।”
मुरादाबाद सीट से 2014 में बने थे सांसद
कुंवर सर्वेश सिंह 2014 में मुरादाबाद सीट से सांसद चुने गए थे। इससे पहले 2009 में वह पहली बार इस सीट से सांसद का चुनाव लड़े पर कांग्रेस प्रत्याशी मोहम्मद अजहरुद्दीन से हार गए थे। वर्ष 2019 में भी भाजपा ने उन्हें प्रत्याशी बनाया पर सपा बसपा के गठबंधन में वह सपा प्रत्याशी डा. एसटी हसन से चुनाव हार गए। इस बार भी पहले उनका टिकट होल्ड पर रहा, बाद में पार्टी ने उन्हें ही प्रत्याशी घोषित कर दिया। सर्वेश सिंह सांसद बनने से पूर्व ठाकुरद्वारा विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रह चुके हैं। उनके पिता रामपाल सिंह भी इसी सीट से चार बार विधायक और एक बार अमरोहा लोकसभा सीट से सांसद रह चुके हैं।
कार्यकर्ताओं के लिए अफसरों से भिड़ जाते थे सर्वेश
अपनी दबंग छवि के लिए जाने वाले सर्वेश सिंह की अपने क्षेत्र में मजबूत पकड़ रही। उनके विधायक और सांसद रहते कार्यकर्ताओं के लिए अफसरों से भिड़ने के कई किस्से हैं। वर्ष 2007 का चुनाव बसपा से हारने के बाद सपा के शासन काल में 2012 में ठाकुरद्वारा से विधायक बने। इस बीच 2014 का लोकसभा चुनाव लड़े और जीते। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी उनके अच्छे संबंध रहे।
काउंटिंग पर पड़ेगा असर ?
नियमों के अनुसार वोटिंग से पहले किसी राजनीतिक दल के प्रत्याशी के निधन पर चुनाव कैंसिल हो जाता है। इस सीट पर वोटिंग हो चुकी है, इसलिए काउंटिंग पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ेगा। मतगणना के बाद अगर सर्वेश सिंह जीतते हैं तो यह सीट रिक्त घोषित हो जाएगी और दोबारा चुनाव की प्रक्रिया होगी। इस सीट पर सपा से रुचि वीरा और बसपा से इरफान सैफी चुनाव मैदान में हैं।
शनि कमजोर होने पर व्यक्ति को करना पड़ता है इन भयानक स्थितियों का सामना
जानें कैसे कम सकते हैं प्रभाव
शनि देव अगर किसी व्यक्ति से प्रसन्न रहते हैं तो उस पर धन, सफलता और संपन्नता की बारिश कर देते हैं। वहीं अगर किसी व्यक्ति का शनि कमजोर हो तो उसे जीवन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
Written By : Chirag Bejan Daruwalla, Edited by : Shalie
यदि कुंडली में शनि कमजोर हो तो शनि दोष उत्पन्न होता है जिसके कारण व्यक्ति के जीवन में कई परेशानियां आने लगती हैं। शनि दोष होने पर कई लक्षण दिखाई देने लगते हैं, उन संकेतों को जानकर आप शनि दोष से छुटकारा पा सकते हैं।
शनि दोष के लक्षण यदि कुंडली में शनि दोष हो तो व्यक्ति का धन और संपत्ति धीरे-धीरे अनावश्यक कार्यों में खर्च होने लगती है।
शनि दोष के कारण वाद-विवाद की स्थिति बनती है और व्यक्ति पर झूठे आरोप लगते हैं। इसके अलावा कोर्ट केस भी बनते हैं।
शराब, जुआ और अन्य बुरी आदतें भी शनि दोष का कारण बनती हैं।
बनते काम में रुकावट आना, कर्ज का बोझ होना, घर में आग लग जाना, घर का बिक जाना या उसका कोई हिस्सा टूट जाना आदि भी शनि दोष के लक्षण माने जाते हैं।
यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि दोष हो तो उसके बाल समय से पहले झड़ने लगते हैं, आंखें खराब होने लगती हैं और कानों में दर्द रहता है।
खराब शनि के कारण शारीरिक कमजोरी, पेट दर्द, टीबी, कैंसर, त्वचा रोग, फ्रैक्चर, लकवा, सर्दी, अस्थमा आदि रोग होते हैं।
अगर किसी का शनि खराब है तो उसे अपनी मेहनत का फल नहीं मिलता है। नौकरी में परेशानियां और घर में छोटी-छोटी बातों पर झगड़े होते रहते हैं।
कैसे ठीक करें शनि दोष ? शनि साढ़ेसाती, ढैय्या जैसे शनि दोष से छुटकारा पाने के लिए शनिवार के दिन काले तिल, काला कपड़ा, काली उड़द दाल, सरसों का तेल, जूता-चप्पल, गुड़ और काले रंग के वस्तुओं का दान करें। किसी गरीब जरूरतमंद को इन चीजों का दान करने से शनि दोष ठीक होता है। शनि दोष से छुटकारा पाने के लिए हर दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें। इसके अलावा शनिवार के दिन शनि देव के साथ बजरंगबली की पूजा भी जरूर करें। शनिवार के दिन सूर्योदय से पहले पीपल के पेड़ की पूजा करें। पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाने के बाद तेल का दीया जलाएं। ऐसा करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है, जिससे सभी दोष से मुक्ति मिलती है। साढ़ेसाती का प्रभाव कम करने लिए शनिवार के दिन शनि देव के मंत्रों का जरूर करें। साथ ही शनि चालीसा का पाठ करने से भी ढैय्या, साढ़ेसाती का प्रभाव कम होता है।
पुराणों में शनि ग्रह के प्रति अनेक आख्यान प्राप्त होते हैं।शनिदेव को सूर्यदेव का सबसे बड़ा पुत्र एवं कर्मफल दाता माना जाता है। इसी के साथ ही पितृ शत्रु भी, शनि ग्रह के सम्बन्ध में अनेक भ्रान्तियाँ हैं और इसीलिए उसे मारक, अशुभ और दु:ख कारक माना जाता है। पाश्चात्य ज्योतिषी भी उसे दु:ख देने वाला मानते हैं। लेकिन शनि उतना अशुभ और मारक नही है, जितना उसे माना जाता है। इसलिए वह शत्रु नहीं मित्र है। मोक्ष को देने वाला एक मात्र ग्रह शनि ही है। सत्य तो यही है कि शनि प्रकृति में संतुलन पैदा करता है, और हर प्राणी के साथ उचित न्याय करता है। जो लोग अनुचित विषमता और अस्वाभाविक समता को आश्रय देते हैं, शनि केवल उन्ही को दण्डिंत (प्रताडित) करते हैं। अनुराधा नक्षत्र के स्वामी शनि हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)
पुलिस अधिकारियों ने किया स्ट्रांग रुम व मतगणना स्थल का निरीक्षण
बिजनौर। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम अर्ज द्वारा शनिवार देर शाम लोकसभा निर्वाचन 2024 के दृष्टिगत स्ट्रांग रुम व मतगणना स्थल (वेयरहाउस) का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया तथा सुरक्षा व्यवस्था हेतु ड्यूटी में लगे अधिकारियों कर्मचारियों को चैक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
वहीं दिन में क्षेत्राधिकारी नगर ने स्ट्रांग रुम व मतगणना स्थल (वेयरहाउस) का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया तथा सर्वसंबधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
इससे पहले शुक्रवार को जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल व पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने स्ट्रांग रुम व मतगणना स्थल (वेयरहाउस) का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने वेयरहाउस पर सीसीटीवी कैमरे, वाहन पार्किंग, यातायात व्यवस्था, बैरिकेडिंग आदि के संबंध में सर्वसंबधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
22 से 24 अप्रैल 2024 तक त्रिदिवसीय कार्यक्रम का आयोजन
श्री राम चरित मानस अखण्ड रामायण पाठ, स्वर्ण श्रृंगार के दर्शन, विशाल शोभा यात्रा की तैयारी
धूमधाम से मनाया जाएगा श्री बाला जी मंदिर स्थापना दिवस
बिजनौर। श्री बाला जी मंदिर स्थापना दिवस पर त्रिदिवसीय कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 22 से 24 अप्रैल 2024 तक किया जा रहा है। इस अवसर पर श्री राम चरित मानस अखण्ड रामायण पाठ के साथ ही स्वर्ण श्रृंगार के दर्शन होंगे एवं विशाल शोभा यात्रा निकाली जाएगी। यही नहीं 151 किलो के एक लड्डू का भोग लगा कर प्रशाद के रूप में वितरित किया जायेगा।
भक्तों की आस्था के मुख्य कार्यक्रम श्री बाला जी जन्मोत्सव की शहरवासियों को बेसब्री से प्रतीक्षा रहती है। संस्थापक संरक्षक पीठाधीश्वर गुरु जी श्री श्री 108 अजय दास जी महाराज की प्रेरणा से दिनांक 22 अप्रैल 2024 से दिनांक 24 अप्रैल 2024 तक बिजनौर के साहित्य विहार नजीबाबाद रोड स्थित श्री बाला जी मंदिर प्रांगण में स्थापना दिवस पर त्रिदिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। तैयारी लगभग पूर्ण कर ली गयी है। दिनांक 22 अप्रैल को श्री राम चरित मानस अखण्ड रामायण पाठ के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। साथ ही श्री बालाजी महाराज के स्वर्ण श्रृंगार के दर्शन होंगे। दिनांक 23 अप्रैल को प्रात: 09 बजे से विशाल शोभा यात्रा मंदिर प्रांगण से प्रारम्भ होगी, जिसमें मुख्य आकर्षण श्री बाला जी महाराज का डोला व भगवान राम लला की भव्य झांकी होगी। सांय 07 बजे 151 किलो के एक लड्डू का भोग लगाने के साथ ही प्रशाद के रूप में वितरण किया जायेगा। दिनांक 24 अप्रैल को प्रातः 09 बजे संकट मोचन यज्ञ व 11 बजे से विशाल भण्डारा प्रारम्भ होगा। श्री बालाजी सेवा समिति ने सभी भक्तों से आग्रह किया है कि कार्यक्रम में पधार कर धर्म लाभ उठाएं व समारोह की शोभा बढ़ाएं।
जिले भर के विभिन्न मतदान केन्द्रों का भ्रमण कर जाने हालात
डीएम एसपी ने किया निर्भीक व निडर होकर मतदान करने के लिये प्रेरित
बिजनौर। लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 को शांतिपूर्वक/निर्विघ्न/निष्पक्ष सम्पन्न कराए जाने के दृष्टिगत जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल और एसपी नीरज कुमार जादौन ने जिले भर के कई मतदान केन्द्रों का भ्रमण किया। अधिकारीद्वय ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस व अर्द्धसैनिक बल को चैक किया। इसी के साथ सर्वसंबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। इस दौरान उन्होंने मतदाताओं से वार्ता कर सभी को निर्भीक व निडर होकर मतदान करने के लिये प्रेरित किया।
जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल व पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 को शांतिपूर्वक/निर्विघ्न/निष्पक्ष सम्पन्न कराए जाने के दृष्टिगत थाना कोतवाली शहर क्षेत्रान्तर्गत प्राथमिक विद्यालय नई बस्ती, सैंट जोसेफ स्कूल व राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज बिजनौर समेत अन्य कई मतदान केन्द्रों का भ्रमण किया।
इस दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस व अर्द्धसैनिक बल को चैक किया गया तथा सर्वसंबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गए। दोनों अधिकारियों ने मतदाताओं से वार्ता कर सभी को निर्भीक/निडर होकर मतदान करने के लिये प्रेरित किया।
इसी प्रकार दोनों अफसरों ने थाना मंडावली, थाना नांगल, थाना नजीबाबाद, थाना नगीना देहात, बढ़ापुर, नगीना, शेरकोट, नूरपुर, नहटौर क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न मतदान केन्द्रों का भ्रमण किया।
इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक ने मतदान के दृष्टिगत थाना मण्डावर क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न मतदान केन्द्रों का भ्रमण कर सर्व सम्बन्धित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने मतदाताओं से वार्ता कर सभी को निर्भीक/निडर होकर मतदान करने के लिये प्रेरित किया।
बाद में जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक स्ट्रांग रुम व मतगणना स्थल (वेयरहाउस) का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने वेयरहाउस पर सीसीटीवी कैमरे, वाहन पार्किंग, यातायात व्यवस्था, बैरिकेडिंग आदि के संबंध में सर्वसंबधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
बिजनौर व नगीना (सुरक्षित) लोकसभा सीट पर कुल मतदान प्रतिशत
यूपी की 08 लोकसभा सीट पर शाम 05 बजे तक 57.54 प्रतिशत मतदान की खबर है।
लोकसभा चुनाव के पहले चरण में उत्तर प्रदेश की 08 सीटों पर वोटिंग शाम 05 बजे खत्म हो गई। कुल 57.54 प्रतिशत मतदान हुआ।
05 बजे तक कुल मतदान~
बिजनौर में 54.68%
कैराना में 58.68%
मुरादाबाद में 57.65%
मुजफ्फरनगर में 54.91%
नगीना में 58.05%
पीलीभीत में 60.23%
रामपुर में 52.42%
सहारनपुर में 63.29%
उत्तर प्रदेश की 08 लोकसभा सीट पर तीन बजे तक 47.44 फीसदी मतदान
बिजनौर 45.70 प्रतिशत कैराना 48.92 प्रतिशत मुरादाबाद 46.28 प्रतिशत मुजफ्फरनगर 45.18 प्रतिशत नगीना 48.15 प्रतिशत पीलीभीत 49.06 प्रतिशत रामपुर 42.77 प्रतिशत सहारनपुर 53.31 प्रतिशत
बिजनौर जिले की दोनों लोकसभा सीट नगीना (सुरक्षित) और बिजनौर सीट पर शुक्रवार सुबह 7:00 से मतदान शुरू हुआ।
दोपहर 03 बजे तक नगीना में 48.15% प्रतिशत मतदान हुआ। बिजनौर पर सीट 45.70 प्रतिशत मतदान की सूचना है।
दोपहर 01 बजे तक बिजनौर में मतदान~ 34 प्रतिशत नगीना~ 38 प्रतिशत
प्रातः 11 बजे तक मतदान प्रतिशत बिजनौर 25. 54 %, नगीना 26.93 %
बिजनौर लोकसभा सीट पर प्रातः 09 बजे तक कुल मतदान प्रतिशत 12.37 विधानसभा मतदान मीरापुर 12.98 पुरकाजी 11.20 हस्तिनापुर 11.90 बिजनौर 11.50 चांदपुर 14.50
नगीना (सुरक्षित) लोकसभा सीट पर प्रातः 09 बजे तक कुल मतदान प्रतिशत 13.91 नगीना 15.91 नूरपुर 14.31 नहटौर 13.63 नजीबाबाद 11.81 धामपुर 13.90
24 अंतर्राज्यीय और अन्तर्जनपदीय प्वाइंट पर चलाया जा रहा सघन चेकिंग अभियान
शांतिपूर्वक निर्विघ्न निष्पक्ष चुनाव को बेहद सतर्कता बरत रहा पुलिस विभाग
बिजनौर। लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 को शांतिपूर्वक/निर्विघ्न/निष्पक्ष सम्पन्न कराए जाने के दृष्टिगत पुलिस विभाग बेहद सतर्कता बरत रहा है। अंतर्राज्यीय और अन्तर्जनपदीय बॉर्डर पर संदिग्ध व्यक्ति/वाहनों की सघन चेकिंग कराई जा रही है। अंतर्राज्यीय 11 प्वाइंट और अन्तर्जनपदीय 13 कुल 24 प्वाइंट पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। बड़े पैमाने पर मुचलका पाबंद कार्रवाई की गई है जबकि लापता हिस्ट्रीशीटर भी तलाश लिए गए हैं।
इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन द्वारा लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 के दृष्टिगत थाना स्योहारा क्षेत्रान्तर्गत बिजनौर – मुरादाबाद अन्तर्जनपदीय बॉर्डर पर संदिग्ध व्यक्ति/वाहनों की सघन चेकिंग करायी गई तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों व सर्वसंबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
वहीं पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने थाना स्योहारा क्षेत्रान्तर्गत मतदान केन्द्रों पर तैनात पुलिस व अर्द्धसैनिक बल को चैक किया। इस दौरान उन्होंने सर्वसंबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी धर्म सिंह मार्छाल भी मौजूद रहे ।
इससे पहले पुलिस अधीक्षक द्वारा लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 को शांतिपूर्वक/निर्विघ्न/निष्पक्ष सम्पन्न कराए जाने के दृष्टिगत थाना नूरपुर क्षेत्रान्तर्गत मतदान केन्द्रों पर तैनात पुलिस व अर्द्धसैनिक बल को चैक किया गया तथा सर्वसंबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गए।
विपक्ष: सैद्धांतिक कटिबद्धता का बुरी तरह अभाव और निजी स्वार्थ सबसे ऊपर
~केपी सिंह, जालौन टाइम्स (लेखक बुंदेलखंड क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार हैं)
भारतीय जनता पार्टी जिस तरह से हिन्दू आधिपत्य वाले राष्ट्र के लिए सैद्धांतिक तौर पर सुगठित है विपक्ष के खेमे में सिद्धांतों को लेकर ऐसी स्पष्टता नजर नहीं आती जो उसकी कमजोरी का एक मुख्य कारण साबित हो रहा है। यह साफ दिखायी देता है कि विपक्षी नेताओं में निजी स्वार्थ सबसे ऊपर है और उनमें सैद्धांतिक कटिबद्धता का बुरी तरह अभाव है। इसी के चलते उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा का गठबंधन तो संभव हो ही नहीं पाया है साथ ही सपा स्वामी प्रसाद मौर्य, पल्लवी निरंजन और चन्द्रशेखर जैसे नेताओं को गंवाने से भी नहीं बच सकी है। इसके चलते इंडिया गठबंधन के पक्ष में पिछड़ों और दलितों की लामबंदी का स्वप्न बिखर रहा है फिर भी यह गठबंधन सबक सीखने को तैयार नहीं है सपा ने स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर असमंजस को बनाये रखते हुए आखिरकार उन्हें कोई लिफ्ट न देने का फैसला कर लिया जबकि पहले अखिलेश ने कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डेय से स्वामी प्रसाद को लेकर कहा था कि मौर्य सपा छोड़कर गये ही कब थे जो उनको फिर से अपनाने की सोची जाये। इससे लगा था कि अखिलेश स्वामी प्रसाद मौर्य को अपने पाले में बनाये रखेंगे लेकिन उन्होंने मौर्य का तिरस्कार कर दिया। न केवल इतना बल्कि कांग्रेस ने मौर्य को अपने सिंबल पर प्रत्याशी बनाने को कहा तो उन्होंने इस पर भी आपत्ति कर दी। ऐसे में स्वामी प्रसाद मौर्य कुशीनगर से चुनाव मैदान में कूद पड़े। साथ ही उन्होंने यह घोषणा भी की है कि वे नगीना में चन्द्रशेखर का समर्थन करेंगे। इतना सब कुछ होने के बावजूद स्वामी प्रसाद मौर्य ने यह कहने में संकोच नहीं किया कि वे अन्य सीटों पर इंडिया के साथ रहेंगे। यह उनकी सदाशयता है जबकि अखिलेश में अहंकार नजर आता है।
प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह चलाई जा रही सपा
इंडिया गठबंधन में न तो अखिलेश पीडीए के अपने घोषित नारे का निर्वाह कर पा रहे हैं और न ही राहुल गांधी द्वारा अपनी हर सभा में जातिगत जनगणना और आरक्षण का दायरा बढ़ाने की दुहाई दी जाने के बावजूद बहुजन समाज का रूख कांग्रेस की तरफ हो पा रहा है। सपा और कांग्रेस दोनों की अपनी समस्याएं हैं। सपा अभी भी एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह चलाई जा रही है जिसके कारण उसमें सामूहिक नेतृत्व नहीं उभर पा रहा है जबकि इसकी बहुत अपेक्षा है। प्रत्यक्ष दिखाई दे रहा है कि भाजपा उन धार्मिक विचारों को पुष्ट कर रही है जिनसे समाज और व्यक्ति का नैतिक चरित्र तो मजबूत नहीं होता पर मनुवादी व्यवस्था को नए सिरे से ताकत मिले। बावजूद इसके सामाजिक दासता के लंबे अभ्यास में वंचित जातियां इस कदर हीनभावना की शिकार हैं कि वे अपने प्रति शोषण और अत्याचार के लिए जिम्मेदार तबकों की गोद में जा बैठने की भूल करने से नहीं बच पाती। उनमें उपनिवेशवादी धर्म के प्रति इस कदर सम्मोहन है कि जरा सा इस ओर उन्हें दुलराया जाये तो वे भाव विभोर हो जाती हैं। देखा जा चुका है कि रामनाथ कोविद जब राष्ट्रपति पद पर थे उस समय दलित होने के कारण उनके साथ पुरी के जगन्नाथ मंदिर में धक्का-मुक्की कर दी गई थी फिर भी ये मुद्दा दलितों में कोई आक्रोश नहीं जता सका था। कुछ दशक पहले तक ऐसे सामाजिक आंदोलनों ने जोर पकड़ रखा था जिनके चलते राजनीतिक मंचों पर भी विद्रोह की आंच सुलगती देखी जाती थी। नतीजतन ऐसा दबाव बन रहा था जिससे परंपरागत धार्मिक और सामाजिक व्यवस्थाओं के सूत्रधार इनमें व्याप्त अप्रासंगिक कुरीतियों को त्यागने और मानवीय आधार पर अपनी व्यवस्थाओं को समंजित करने की सोचने लगे थे। पर सत्ताएं हमेशा अपने अस्तित्व के लिए निहित स्वार्थों से समझौता करके यथास्थिति बन जाने को अभिशप्त रहती हैं और सत्ताओं के इसी चरित्र के अनुरूप सपा, बसपा और राजद जैसे दलों के परिवर्तनवादी नेताओं ने यथा स्थितिवाद के आगे समर्पण कर दिया। उत्तर प्रदेश में सपा ने स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ-साथ पल्लवी पटेल और चंद्रशेखर को भी वाया कांग्रेस इंडिया गठबंधन से नहीं जुड़ने दिया तो बिहार में राजद ने पूर्णियां से पप्पू यादव का टिकट कांग्रेस से नहीं होने दिया जबकि अगर पप्पू को टिकट मिलता तो कांग्रेस की यह सीट पक्की हो जाती।
हिन्दू आधिपत्य कायम करने के लिए कटिबद्ध भाजपा
दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा तबका देश में हिन्दू आधिपत्य कायम करने के लिए कटिबद्ध रहा है और भाजपा उसकी इस मंशा को हठधर्मिता की किसी भी सीमा तक जाकर पूरा करने के लिए समर्पित है। इसके चलते सैद्धांतिकता के धरातल पर भाजपा का पलड़ा विपक्ष पर बहुत भारी पड़ रहा है। कांग्रेस की बिडंवना यह है कि राहुल गांधी सामाजिक न्याय के लिए जो जिहादी तेवर अपनाये हुए हैं उनकी प्रमाणिकता को मजबूत करने के लिए वंचित वर्ग के ऐसे नेताओं की टीम का उसमें अभाव है जो राहुल गांधी के सुर में सुर मिलाकर बहुजन को भरोसे में लेेने में मदद कर सकें। ऐसे में राहुल गांधी का अभियान पूरी तरह बांझ साबित हो रहा है। फिर भी विपक्ष मुगालते में है तो इसे आश्चर्यजनक ही कहा जायेगा। चुनावी तस्वीर की सच्चाई यह है कि जनमत एक ओर दिशाहीनता के भंवर में डूब रहा है। दूसरी ओर संसाधनों और धनबल की उपलब्धता से भी भाजपा पूरा चुनावी माहौल कैप्चर करने में सक्षम नजर आ रही है। नतीजतन पूरे आसार हैं कि मोदी सरकार तीसरी बार फिर सत्ता में पहुंचने में सफल हो जायेगी।
अन्तर्जनपदीय बैरियर पर कराई संदिग्ध व्यक्ति/वाहनों की सघन चेकिंग
एसपी ने चैक की IP व सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड
बिजनौर। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने कन्ट्रोल रुम कर्मियों को चुनाव ड्यूटी हेतु ब्रीफ किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न स्थानों पर लगाए गए आईपी (IP camera) कैमरों व महत्वपूर्ण मुख्य चौराहों के सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड को चेक किया तथा सम्बन्धित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
वहीं पुलिस अधीक्षक द्वारा लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 के दृष्टिगत थाना कोतवाली शहर क्षेत्रान्तर्गत चौकी भगीरथ गंगा पर स्थित अन्तर्जनपदीय बैरियर पर संदिग्ध व्यक्ति/वाहनों की सघन चेकिंग कराई गई तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों व सर्वसंबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
एसपी पूर्वी की मीटिंग
दूसरी तरफ अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी धर्म सिंह मार्छल द्वारा थाना अफजलगढ पर लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 के दृष्टिगत ड्यूटी मे लगे पुलिस बल को ब्रीफ किया गया व संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। इस दौरान क्षेत्राधिकारी अफजलगढ़ मौजूद रहे।
बिजनौर से बसपा प्रत्याशी चौधरी विजेंद्र ने लिया बुजुर्गों का आशीर्वाद
चांदपुर के पूर्व विधायक मोहम्मद इकबाल रहे प्रचार में साथ
बिजनौर सीट पर रचा जाएगा जीत का नया इतिहास : चौधरी विजेंद्र सिंह
मवाना। पहले चरण के चुनाव प्रचार के आखिरी दिन बिजनौर सीट से बसपा प्रत्याशी चौधरी विजेद्र सिंह ने लोस क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों में धुंआधार जनसंपर्क किया। प्रचार में उनके साथ चांदपुर के पूर्व विधायक एवं कद्दावर नेता मोहम्मद इकबाल भी रहे। बसपा प्रत्याशी ने सभी लोगों से बसपा सुप्रीमो मायावती को हाथ मजबूत करने के लिए उन्हें वोट देने की अपील की। उन्होंने कहा कि दलित-मुस्लिम, जाट, ठाकुर सहित सर्वसमाज के सहयोग से उनकी जीत इतनी बड़ी होगी कि बिजनौर सीट पर एक नया इतिहास रचा जाएगा।
आत्मविश्वास से लबरेज बसपा प्रत्याशी चौधरी विजेंद्र सिंह प्रचार के अंतिम दिन अपनी जीत के प्रति आश्वस्त दिखाई दिए। उन्होंने चांदपुर के पूर्व विधायक मोहम्मद इकबाल के साथ पुरकाजी, बिजनौर और चांदपुर के कई इलाकों में जनसंपर्क किया। उन्होंने कहा कि बिजनौर की गलियों में वे नेता जाने से डर रहे थे जो जीतने के पांच साल बाद यहां के लोगों की समस्याएं जानने तक नहीं पहुंचे। उन्होंने और उनकी टीम ने बिजनौर लोस क्षेत्र की एक-एक गली और एक-एक घर तक पहुंचकर जनता को अपनी और पार्टी की नीतियों से अवनत कराया है। जीतने के बाद भी वह क्षेत्र की जनता से सीधे संपर्क में रहेंगे और जनता की हर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
जनता के बीच पहुंचकर बसपा प्रत्याशी ने बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया। युवाओं का भरपूर सहयोग उन्हें मिला। कई स्थानों पर उनका व उनकी टीम का भव्य स्वागत किया गया। बसपा प्रत्याशी के खास सहयोगी चौधरी गजेंद्र सिंह नीलकंठ, सुरजीत धनकड, अमित सिवाच आदि ने भी अलग-अलग टीमें बनाकर जनता से बसपा प्रत्याशी को वोट देने की अपील की।
निर्वाचन ड्यूटी में लगे अधिकारियों/कर्मचारियों की ब्रीफिंग तथा आवश्यक दिशा निर्देश
बिजनौर। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने रिजर्व पुलिस लाइन में लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 के दृष्टिगत निर्वाचन ड्यूटी में लगे अधिकारियों/कर्मचारियों की ब्रीफिंग की तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए। गोष्ठी में समस्त अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी/थाना प्रभारी, महिला क्यूआरटी/कलस्टर डयूटी में लगे पुलिस बल तथा बाहर से आने वाले पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।
इसके अलावा पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने रिजर्व पुलिस लाइन के सभागार कक्ष में लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 के दृष्टिगत निर्वाचन ड्यूटी में लगे अधिकारियों/कर्मचारियों की ब्रीफिंग की तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिये गए। गोष्ठी में समस्त अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी/थाना प्रभारी, महिला क्यूआरटी/कलस्टर डयूटी में लगे पुलिस बल द्वारा प्रतिभाग किया गया ।
पोलिंग पार्टियों की रवानगी को चिन्हित स्थलों का निरीक्षण
वहीं अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम अर्ज ने आगामी लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 के दृष्टिगत थाना कोतवाली शहर क्षेत्रान्तर्गत पोलिंग पार्टियों को रवाना किये जाने हेतु चिन्हित किये गये स्थलों का भ्रमण/निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य बिन्दुओं पर सर्वसम्बंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
एसजीपीजीआई के पूर्व न्यूरोलॉजिकल विभागाध्यक्ष का जागरूकता अभियान
युवाओं में भी तेजी से फैल रही पार्किंसन बीमारी- डॉ. सुनील प्रधान
लखनऊ। पार्किंसन बीमारी को लेकर अक्सर कई तरह की बातें सुनने को मिलती हैं, जिनका सच आम आदमी खुद से नहीं जान पाता है। ऐसे में इस बीमारी को लेकर अधिक जागरूकता फैलाने के लिए डॉ. प्रधान न्यूरोलॉजिकल क्लीनिक ने बुधवार को एक जागरूकता अभियान का आयोजन किया। इस अभियान में वह तमाम जरूरी बातें बताई गईं, जिनसे इस बीमारी की पहचान समय रहते की जा सकती है।
बहुत चिंताजनक विषय
कुछ बीमारियां वयस्कों को अधिक प्रभावित करती हैं इन्हीं में से एक है पार्किंसन। यह बड़े लोगों को अपनी चपेट में जल्दी लेती है हालांकि अब यह परेशानी युवाओं में भी देखने को मिल रही है जो की बहुत चिंताजनक विषय है। यह जानकारी एसजीपीजीआई के न्यूरोलॉजिकल विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील प्रधान ने दी। डॉ. प्रधान ने कहा कि इस वर्ष विश्व पार्किंसन दिवस को इंटीग्रेटेड हेल्थ केयर थीम के तहत सेलिब्रेट किया जा रहा है। इस बीमारी में दिमाग की विशिष्ट मस्तिष्क कोशिकाओं में नुकसान होने के कारण मूवमेंट प्रभावित होने लगता है। हाथ-पैरों में कंपन होता रहता है, मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं, शारीरिक संतुलन बनाने में मुश्किलें आती हैं। इस बीमारी को संतुलन में रखने के लिए विभिन्न तरह की दवाइयां दी जाती हैं, जिनका सेवन बिना डॉक्टर के सलाह के बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
डाइट में कुछ बदलाव
उन्होंने कहा कि डाइट में कुछ बदलाव लाकर भी इस बीमारी को मैनेज किया जा सकता है। कई तरह की खाद्य सामग्री जैसे एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थ, फिश ऑयल, विटामिन बी 1, सी, डी से भरपूर चीज इस बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति को खाने मे देना चाहिए, जिससे पार्किंसन के लक्षणों को कंट्रोल किया जा सकता है। साथ ही इन लोगों को अधिक चीनी, नमक, प्रोसेस्ड फूड, हाई कोलेस्ट्रॉल, सैचुरेटेड फैट आदि बिल्कुल भी खाने के लिए नहीं देना चाहिए। जागरूक यूता अभियान में डॉक्टर विक्रम, सुभाष तिवारी, अनिल, योगेश, कृष्णा, नीरज आदि लोग उपस्थित रहे।
विरोधी बौद्धिक लाबी ने बचकाना उत्साह दिखाने में बाकी नहीं रखीबीकोई कसर
ईवीएम मुकद्दमे में सुप्रीम कोर्ट के जजों की नसीहत का तोड़ क्यों नहीं विरोधी खेमे के पास?
~केपी सिंह जालौन टाइम्स (लेखक बुंदेलखंड क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार हैं)
ईवीएम को लेकर एडीआर व अन्य संस्थाओं द्वारा उच्चतम न्यायालय में दायर याचिकाओं की सुनवाई दो सदस्यीय खंडपीठ कर रही है, जिसमें जस्टिस संजीव खन्ना व जस्टिस दीपांकर दत्ता शामिल हैं। भारत में हाल में कुछ उच्च न्यायालयों द्वारा प्रदर्शित विचित्रताओं को छोड़ दें तो कुल मिलाकर देश की न्याय पालिका का रिकार्ड पूर्वाग्रहों से परे होकर कानून, नियम, प्रक्रियाओं व न्याय के मूलभूत सिद्धातों के आधार पर निष्कर्ष प्रतिपादित करने का रहा है। फिर भी न्यायपालिका के रूख के निर्णायक रूप में सामने आने के पहले ही पक्षकारों द्वारा अपनी-अपनी सोच के मुताबिक उसके विनिश्चय को चित्रित करने की चेष्टाएं शुरू कर दी जाती हैं। ईवीएम को लेकर हो रही सुनवाई के संदर्भ में भी मोदी सरकार की विरोधी बौद्धिक लाबी ने ऐसा ही बचकाना उत्साह दिखाने में कोई कसर बाकी नहीं रखी थी लेकिन मंगलवार को सुनवाई कर रहे जजों की याचिकाकर्ता संगठनों के वकीलों की दलीलों पर टिप्पणी ने प्याले के इस तूफान पर ठंडा पानी डाल दिया है। सुनवाई कर रहे जजों ने स्पष्ट कर दिया है कि ईवीएम से जुड़े सभी मुद्दों पर ठंडे दिमाग से मनन करने की पूरी क्षमता न्यायपालिका में है और उसका संतुलित रूख इस बात की गवाही नहीं दे रहा कि सरकार के खिलाफ न्यायपालिका बेवजह कोई क्रांतिकारी रूख अख्तियार कर ले।
इकतरफा हैं याचिकाएं!
दरअसल इस संबंध में दायर याचिकाओं में जिन मांगों को शामिल किया गया है वे इकतरफा हैं। जजों ने याचिकाकर्ता के वकीलों से कहा कि आखिर उन्हें एक सिस्टम में काम करना पड़ेगा भले ही हर सिस्टम में गड़बड़ी की जाने की आशंका है। प्रशांत भूषण द्वारा जर्मनी के उदाहरण को दिए जाने पर जस्टिस दीपांकर दत्ता ने कहा कि वे मशीन की जगह बैलेट पेपर से काम करा सकते हैं क्योंकि जर्मनी में केवल छह करोड़ के करीब आबादी है, जो उनके गृह राज्य पश्चिम बंगाल से भी कम है। लेकिन भारत में 97 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं। सोचिये उनके लिए मत पत्रों से चुनाव कराने में कितना ज्यादा तामझाम करना पड़ेगा जो बहुत खर्चीला भी होगा। इसके अलावा मत पत्रों से चुनाव जब होते थे तो धांधलियों की पराकाष्ठा थी। जजों ने प्रशांत भूषण से कहा कि आपको तो इस बारे में अच्छी तरह मालूम है। जजों की बात सही है। वर्ष 1967 में जब उत्तर प्रदेश में विपक्ष के विधायक बड़ी तादात में चुन गये थे तो कहा जाता है कि मैडम यानी इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री निवास से कई जिलों के कलेक्टरों को फोन कराया। उस समय जागरूकता की कमी थी। कई विधायक निर्वाचन का प्रमाण पत्र लिये बिना जुलूस लेकर निकल गये। कलेक्टर ने उनके क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी का पुनर्मतगणना का प्रार्थना पत्र लिया और रिकाउंटिंग कराकर उसे विजयी घोषित कर दिया। बिहार में मत पत्रों से चुनाव कैसे होते थे, यह तो बुजुर्गी की ओर आगे दर आगे बढ़ती जा रही पीढ़ी अच्छी तरह जानती है। उत्तर प्रदेश में भी जसवंत नगर में 1991 में मुलायम सिंह ने पूरे बूथ लुटवा लिये थे। कहने का तात्पर्य यह है कि सत्ताधारी दल को मत पत्रों से चुनाव में भी पूरी गड़बड़ी कराने की पूरी गुंजाइश रहती है और ईवीएम में भी। इसलिए ईवीएम को हटाकर पुनः मत पत्रों से चुनाव की ओर लौटने की मांग का कोई औचित्य नहीं है।
वरिष्ठ पत्रकार केपी सिंह
लोकतंत्र के प्रति आस्था करनी होगी मजबूत
लोगों में लोकतंत्र के प्रति आस्था मजबूत करनी होगी जो आजादी के बाद से अभी तक नहीं किया जा सका। यह हमारे राष्ट्र निर्माताओं की बहुत बड़ी विफलता है। एक समय था जब माना जाता था कि वर्ण व्यवस्था में मिले प्रभुत्व का फायदा जो जातियां उठाती हैं उनके नेता इसे कायम रखने के लिए लोकतंत्र की सुचारू व्यवस्था नहीं बनने देते। सामाजिक न्याय के सिद्धांत ने जोर पकड़ा तो लगा कि वंचित जातियां सत्ता के सिंहद्वार में पहुंचकर लोकतंत्र को धांधलियों से बचाएंगी, पर वंचित जातियों के नेता ज्यादा बड़े फासिस्ट साबित हुए। उन्होंने समाज के परिशोधन की मशीनरी को फेल कर दिया। इस तरह लोकतंत्र के एक परिवर्तनकारी चक्र का दुखांत हो गया। फिर उम्मीद जगी कि धर्म की दुहाई देने वाले लोगों को अवसर दिया जायेगा तो समाज में चारित्रिक उत्थान के प्रयास मजबूत होंगे जिससे स्वच्छ लोकतांत्रिक व्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी। भाजपा की ही बात करें तो अटल युग में इसके प्रतिमान स्थापित हुए, जिससे सकारात्मक वातावरण को मजबूती मिली लेकिन परिवर्तन का यह चक्र भी मोदी युग आते-आते ढ़हने को अभिशप्त हो गया।
दोराहे पर खड़े हैं मोदी युग में लोग
मोदी युग में लोग दोराहे पर खड़े हैं। वर्तमान सरकार ने एक ओर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत को एक बड़ी ताकत के रूप में स्थापित किया है, विकास के मोर्चे पर इन्फ्रास्ट्रक्चर के मामले में देश की प्रगति को नए पंख लगा दिये हैं, भारतीयों के आत्मविश्वास को उस बुलंदी पर पहुंचा दिया है जिसकी कल्पना हाल के वर्षों में वे नहीं कर पा रहे थे। दूसरी ओर यह निजाम सारी मर्यादाओं और शील को तिलांजलि देने में लगा हुआ है, जिसमें इसने मध्य युगीन बर्बर आक्रांताओं की शहजोरी को भी पीछे छोड़ने का प्रण ले लिया है। साथ ही साथ देश के बहुसंख्यक गरीब बेरोजगारों के लिए इसका क्रोनी कैप्टलिज्म विनाशकारी साबित हो रहा है। इसके परिणाम आने वाले कुछ वर्षो में और ज्यादा स्पष्ट रूप से सामने आयेंगे तो कैसी विभीषिका उपस्थित होगी इसका अनुमान सिहरन पैदा कर देता है। बहुसंख्यक आबादी गुलामी से ज्यादा बदतर जिंदगी के अंधेरे में धकेली जा सकती है।
निरंकुशता पर लगाम के लिए तैयार नहीं
आश्चर्य यह है कि इसके बावजूद आम जनता पर मोदी सरकार का सम्मोहन इस कदर तारी है कि उसकी निरंकुशता पर किसी तरह की लगाम के लिए वह तैयार नहीं हो रहा है। एबीवीपी सी वोटर का ताजा सर्वे सामने आया है जिसके मुताबिक भारतीय जनता पार्टी अकेले 373 सीटें जीतने की स्थिति में है जबकि विपक्ष केवल 155 सीटों पर सिमट जाने को मजबूर है। मोदी विरोध में अंधे लोग इस सर्वे को नकार सकते हैं। वे अभी तक भाजपा को स्पष्ट बहुमत न मिल पाने के स्वप्न लोक में विचरण कर रहे हैं। एबीवीपी सी वोटर जैसी एजेंसियों के सर्वे को ये लोग यह कहकर ठुकरा देते हैं कि भारतीय जनता पार्टी से इन एजेंसियों को फंडिंग होती है जिसके लालच में मतदाता का मनोबल गिराने के लिए ऐसे निष्कर्ष इन लोगों को जारी कर दिये जाते हैं। ऐसे लोग ये नहीं मानते कि इन एजेंसियों को अपने साख की चिंता करनी पड़ती है जिसकी वजह से किसी पार्टी के कहने से इनके द्वारा काम करना संभव नहीं है। फिर अतीत का इनका रिकार्ड भी बताता है कि इस एजेंसी के सर्वे काफी हद तक सही साबित होते हैं।
विपक्ष का मारक कौशल कमजोर
विचारणीय यह नहीं है कि इस इस सर्वे को नकारा जाए। मुद्दा यह है कि लोकतंत्र को इन चुनौतियों के बीच पटरी पर रखने का पराक्रम विपक्ष कैसे दिखाए। ईवीएम से गड़बड़ी की एक सीमा है। अगर सत्तारूढ़ पार्टी की तानाशाही के खिलाफ विपक्ष इतनी वितृष्णा लोगों में भर सके कि भाजपा के उम्मीदवार एक लाख से अधिक वोटों से पिछड़ सकें तो ईवीएम कुछ नहीं कर सकती। क्या विपक्ष का मारक कौशल इतना है कि यह लक्ष्य वह पूरा कर सके। इस पर वह विचार करेगा तो स्पष्ट हो जायेगा कि उसका मारक कौशल कमजोर है। उसमें मतदाताओं की ऐसी कमजोर नस को छूने का माद्दा नहीं है जिससे वे बगावत पर आमादा हो जायें। क्या उज्जवल लोकतंत्र के लिए बेहतर प्रतिज्ञाएं विरोधी खेमे के पास हैं या वह जातिवाद, परिवारवाद और वीर भोग्या वसुंधरा की कारा से बाहर निकलने को तत्पर नहीं हैं। आर्थिक नीतियों को लेकर क्या उसके पास कारपोरेट से लड़कर मानवीय खाके पर आधारित नया माडल प्रतिपादित करने की क्षमता है?
राहुल के कायल बहुसंख्यक
मोदी और उनकी टीम राहुल गाधी को व्यक्तिगत तौर पर कितनी ही निकंम्मा और भौंदा युवराज साबित करने की कोशिश करें लेकिन देश का बहुसंख्यक उनकी ईमानदारी के सोच का कायल है और मोदी के विकल्प में उन्हीं को निहारता है। पर क्या राहुल देश को एक खुदमुख्तार विकल्प देने में सक्षम हैं। वे बदलाव के लिए उन क्षेत्रीय शक्तियों पर निर्भर हैं, जिनका एजेंडा खुद और अपने परिवार के लिए सत्ता हासिल करने पर है। ऐसे में अगर मोदी अपनी तमाम मनमानियों के बावजूद सत्ता में फिर से वापिसी के लिए अग्रसर हैं तो इसमें आश्चर्य क्या है?
बिजनौर। पश्चिम यूपी से इस बार बीजेपी का सफाया होने जा रहा है। उन्होंने किसान को धोखा दिया है। किसानों की आय दोगुनी करने का दावा और एमएसपी देने में भी सरकार विफल रही। इस बार उनकी 400 पार नहीं बल्कि 400 हार होने जा रही है।
पार्टी प्रत्याशी पूर्व जज मनोज कुमार के समर्थन में नजीबाबाद में जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्य मंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि यह पहले भी कहा, अब फिर कह रहा हूं। ”भाजपा भ्रष्टाचारियों का गोदाम बन गई है, सारे भ्रष्टाचारी अब वहीं हैं। यह सरकार संस्थानों के साथ खेल रही है। अगर संस्थाएं कमजोर होती हैं तो लोकतंत्र भी कमजोर होता है।” अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि सड़कें, अस्पताल, पुलिस विभाग समेत अन्य बहुत सी सुविधाएं सपा सरकार ने लोगों को दी हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ आप सांसद सिंह भी पहुंचे थे।
विशाल जनसभा में मुख्य रूप से मंच पर आप सांसद संजय सिंह के अलावा कई नेता मौजूद रहे। अध्यक्षता जाहिद अंसारी ने की, जबकि संचालन आयोजक विधायक तसलीम अहमद और अख़लाक़ अहमद पप्पू ने संयुक्त रूप से किया। मंच पर जिलाध्यक्ष अनिल यादव, राष्ट्रीय सचिव डॉ. रमेश तोमर, शेरबाज पठान, मनोज पारस, नईमउल हसन, अरशद खान, यशवीर सिंह, ओमवती, मोअज्जम खान, भोलू कुरैशी, कमरुल इस्लाम, अब्दुल मन्नान, जावेद अख्तर, आरके सिंह, तेजपाल सिंह, शेख आबिद, जमील अंसारी, मेराज अहमद, याक़ूब राईन, हाजी फैसल, जगमीम जीत आदि मौजूद रहे।
थम गया चुनाव प्रचार
बुधवार शाम को चुनाव प्रचार थम गया। पिछले तीन दिन से बिजनौर और नगीना लोकसभा क्षेत्र में भाजपा, सपा और बसपा के दिग्गजों का जमावड़ा लगा रहा। सभी दलों के बड़े नेताओं ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक डाली। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, पूर्व मुख्यमंत्री बसपा सुप्रीमो मायावती, डिप्टी सीएम, प्रदेशाध्यक्ष समेत कई बड़े नेताओं ने दोनों लोकसभा क्षेत्र में रैलियों को संबोधित किया।
हिंदू महासभा के मुद्दों को धार देती भाजपा का अगला प्लान क्या?
पिछले दिनों अखबारों में छपी एक खबर पर नजर पड़ी। खबर थी अखिल भारत हिंदू महासभा द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से देश की पहली किन्नर महामंडलेश्वर हिमांगी सखी को चुनाव मैदान में उतारा गया। करीब 10 दिन बाद ही हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चक्रपाणि महाराज ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में हिमांगी सखी की प्रत्याशिता वाराणसी से वापस लेने वाली एक पोस्ट वायरल की। नरेंद्र मोदी के खिलाफ अखिल भारत हिंदू महासभा द्वारा प्रत्याशी खड़ा करने का निर्णय तो सामान्य था लेकिन प्रत्याशिता वापस लेने की पोस्ट खास महसूस हुई। आप सोचेंगे इसमें खास क्या है? खासियत जानने के लिए लौटना होगा इतिहास की ओर।
इसकी तह में पहुंचने के लिए अखिल भारत हिंदू महासभा का इतिहास जान लेना जरूरी है। वैसे तो हिंदू महासभा 1915 में महामना मदन मोहन मालवीय के नेतृत्व में स्थापित हुई। तीन तैयारी सत्रों (हरिद्वार, लखनऊ और दिल्ली) के बाद अप्रैल 1915 में राजा मणींद्र चंद्र नाथ महासभा के प्रथम अध्यक्ष बने। कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच हुए समझौते और 1926 में प्रांतों के प्रथम निर्वाचन में मुसलमान के लिए विशेष क्षेत्र रिजर्व किए जाने का भी महासभा ने ही तीव्र विरोध किया। 1937 में वीर सावरकर के अध्यक्ष बनने के बाद महासभा हिंदू हितों के लिए खास तौर पर जानी-पहचानी जाने लगी।
जनसंघ ने छोड़ दिए हिंदुत्व के कई मुद्दे
नाथूराम गोडसे और वीर सावरकर पर महात्मा गांधी की हत्या के आरोप के बाद महासभा का राजनीतिक अस्तित्व खतरे में आ गया। महासभा के अध्यक्ष रह चुके श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ नाम से एक नया राजनीतिक दल बनाया। महासभा के अधिकतर नेता-कार्यकर्ता भारतीय जनसंघ में शामिल तो हो गए लेकिन हिंदुत्व के कई मुद्दे छोड़ दिए। इतिहास भी यही है कि जनसंघ ने मंदिरों; खासकर काशी विश्वनाथ, राम जन्मभूमि और कृष्ण जन्मभूमि के पुनरुद्धार के लिए कभी कोई आंदोलन नहीं किया।
हिंदू महासभा और भारतीय जनसंघ के बीच राजनीतिक मनमुटाव
यहीं से हिंदू महासभा और भारतीय जनसंघ के बीच राजनीतिक मनमुटाव की शुरुआत भी हुई। जनसंघ ने हिंदू महासभा द्वारा उठाए गए कश्मीर में धारा 370 आदि मुद्दे तो अपने एजेंडे में शामिल किए लेकिन हिंदुओं का सैनिकीकरण, संस्कृत को राष्ट्रभाषा बनाने, ब्रिटिश राष्ट्रमंडल से संबंध विच्छेद, मंदिरों का पुनरुद्धार आदि मुद्दों को विवादित या गए जरूरी समझकर तिलांजल दे दी। इसी वजह से हिंदू महासभा राजनीति के मैदान में भारतीय जनसंघ की मुखालफत करती रही। हिंदू महासभा ने 1967 के चौथे आम चुनाव के अपने घोषणा पत्र में यहां तक लिखा कि कम्युनिस्ट पार्टी और जनसंघ दोनों ही सत्ता लोलुप हैं और कांग्रेस के विरुद्ध देशभर में उभर रहे मानसिक क्षोभ का लाभ उठाने के लिए प्रयत्नशील। घोषणा पत्र की यह इबारत महत्वपूर्ण है- ‘जनसंघ और स्वतंत्र पार्टी पश्चिमी ढंग के पूंजीवाद में विश्वास रखते हैं और उन दोनों के ही मन में भारत के हिंदू विरोधी तत्वों और पाकिस्तान के प्रति सदाशयता है क्योंकि वह धर्मनिरपेक्षता के पुरस्कर्ता हैं।’
विपक्षी एकता का विघटन और जनसंघ की जगह भाजपा का जन्म
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ विपक्षी एकता के विघटन के बाद जनसंघ की जगह भाजपा का जन्म हुआ। भाजपा ने महासभा के हिंदू मंदिरों के पुनरुद्धार के मुद्दे को अपना चुनावी एजेंडा बनाया और प्रधानमंत्री मोदी ने इस एजेंडे को अंजाम तक पहुंचाया। मंदिरों का पुनरुद्धार एक तरह से हिंदू महासभा का ही मुद्दा था। महात्मा गांधी की हत्या के बाद महासभा से निकले जिन नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जनसंघ को जन्म दिया, उसी जनसंघ ने मंदिरों के पुनरुद्धार समेत हिंदू महासभा के कई मुद्दों को छोड़ दिया था।
किन्नर महामंडलेश्वर हिमांगी सखी का नाम वापस
यही वजह थी कि महासभा ने जनसंघ का कभी साथ नहीं दिया और राजनीतिक रूप से उसे कम्युनिस्ट की श्रेणी में ही खड़ा किया लेकिन भाजपा ने उसके इस प्रमुख एजेंडे को पूरा कर दिया। इसीलिए संभवत: हिंदू महासभा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ उतारे गए देश के पहले किन्नर महामंडलेश्वर हिमांगी सखी का नाम बतौर प्रत्याशी वापस लेने की घोषणा की है। हालांकि हिंदू महासभा के अभी कई ऐसे मुद्दे हैं, जिन्हें भारतीय जनता पार्टी से भी कोई तवज्जो नहीं मिली है। देखना होगा कि हिंदू महासभा के अन्य मुद्दों को लेकर भाजपा का भविष्य में क्या प्लान है? भाजपा उसके मुद्दों को लेकर आगे बढ़गी या सत्ता में बने रहने के लिए अपनी राजनीति का कोई नया एजेंडा तय करेगी।
पत्र सूचना शाखा (मुख्यमंत्री सूचना परिसर) सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, उ0प्र0
रामनवमी पर प्रदेश वासियों को मुख्यमंत्री की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
लखनऊ : 16 अप्रैल, 2024
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामनवमी के पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। आज यहां जारी एक सन्देश में मुख्यमंत्री ने कहा कि रामनवमी भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव है। रामनवमी के पर्व के साथ ही चैत्र नवरात्रि का पूजन भी सम्पन्न होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम ने हमें धर्म का अनुसरण करते हुए जीवन जीने की प्रेरणा दी। उनका सम्पूर्ण जीवन हमें भारतीय संस्कृति के उदात्त गुणों-श्रद्धा, भक्ति, शक्ति, शान्ति, शील तथा सदाचार की प्रेरणा प्रदान करता है।
त्याग, मर्यादाओं के पालन और कर्तव्य परायणता की सीख
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम का चरित्र जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अनुकरणीय आदर्श प्रस्तुत करता है। उनका जीवन चरित्र आदर्श जीवन के साथ ही आचरण की शुद्धता के लिए प्रेरित करता है। मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में भगवान श्रीराम का जीवन हम सभी को त्याग, मर्यादाओं के पालन और कर्तव्य परायणता की सीख देता है। उनके महान चरित्र की उच्च वृत्तियां जन मानस को शान्ति और आनन्द प्रदान करती हैं। उनके चरित्र में पग-पग पर मर्यादा, त्याग, प्रेम और लोक व्यवहार के दर्शन होते हैं।
संकल्पित होने का अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामनवमी का पर्व मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के संदेशों को अपने व्यक्तित्व में उतारने के लिए संकल्पित होने का अवसर है। उत्तर प्रदेश के लिये यह अत्यन्त गौरवपूर्ण है कि भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या यहीं पर है। प्रत्येक वर्ष रामनवमी के अवसर पर देश के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां आते हैं। रामनवमी के पावन अवसर पर भगवान श्रीराम के जन्म को श्रद्धा और भक्तिभाव से मनाने के साथ ही, हमें इस तथ्य का भी बोध होना चाहिए कि प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने आचरण में उतारने की आवश्यकता है।
कांग्रेस सपा बसपा के गठजोड़ ने समाज को जाति के नाम पर बांटा
आपका एक वोट तकदीर और तस्वीर बदलने की रखता है ताकत
सपा कांग्रेस के रहते राम जन्म भूमि का भी देना पड़ा प्रमाण
अब माफिया, गुंडों व दंगाइयों का इलाज राम-राम सत्य: योगी आदित्यनाथ
बिजनौर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस और सपा की नीतियों के चलते भगवान राम की जन्म भूमि का भी प्रमाण यहां के लोगों को देना पड़ा। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार में समस्याओं को रखते नहीं बल्कि उनको समाधान तक पहुंचाते हैं। दुनिया में भारत को आज सम्मान के रूप में देखा जाता है।
नहटौर में कोतवाली देहात मार्ग स्थित मैदान में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा सरकार ने दलितों को सबसे अधिक सम्मान दिया है। बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर से जुड़े पांच स्थानों को पंच तीर्थ के रूप में विकसित किया है और संत गुरु रविदास की पावन धरा पर उनकी 25 फीट ऊंची प्रतिमा क्षेत्र को विकसित किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगीना लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी ओम कुमार के समर्थन में नहटौर में आयोजित जनसभा में कहा कि देश में आतंकवाद नक्सलवाद खत्म हुआ है। सपा कांग्रेस ऐसी पार्टी है, जिसने बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को भी चुनाव हराने का काम किया था। पूर्व में प्रदेश में सपा की सरकार आते ही दलित विभूतियों के स्मारकों को तुड़वाने की बात भी कही गई। मोदी जी ने बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के पंच तीर्थ का निर्माण कराया और संत गुरु रविदास की पावन जन्मभूमि गोवर्धन में भव्य स्मारक बनवाते हुए उनकी 25 फीट की प्रतिमा बनवाई। भाजपा सरकार में दलितों को सम्मान मिला है। कांग्रेस सपा बसपा के गठजोड़ ने समाज को जाति के नाम पर बांटा है। कांग्रेस की सरकार ने चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न नहीं दिया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भारत रत्न देकर किसानों का सम्मान किया है। 80 करोड़ लोगों को अन्न योजना का लाभ भाजपा सरकार में मिला है। 50 करोड़ लोग जनधन, 12 करोड़ लोग किसान सम्मान निधि, 12 करोड़ लोग घरों में शौचालय, 10 करोड़ लोग उज्जवला गैस योजना और 4 करोड़ लोग प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित हुए हैं। भाजपा के संकल्प पत्र में आगे भी 3 करोड़ आवास बनाने की और 5 वर्ष तक फ्री राशन, आयुष्मान कार्ड का लाभ और किसान सम्मान निधि का लाभ दिया जाएगा। बिजनौर में फोरलेन मार्ग और महात्मा विदुर के नाम एक मेडिकल कॉलेज देकर क्षेत्र की समस्या को दूर किया है। किसानों के लिए नलकूप फ्री बिजली का लाभ दिया है। आपका एक वोट तकदीर और तस्वीर बदलने की ताकत रखता है। इसलिए 19 अप्रैल को बढ़ चढ़कर मतदान करें। चुनावी जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपने 2014 से पहले का भारत देखा है। आज का नया भारत भी आपके सामने है। पिछले 10 वर्षों में कोई देश किस कदर तेजी से विकास के पद पर अग्रसर हो सकता है, दुनिया में इसका उदाहरण भारत है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने प्रदेश में सुरक्षा का माहौल देने का काम किया, जबकि विपक्षी पार्टियां खास कर सपा के राज में माफिया को गले का हार बनाया जाता था। अब माफिया, गुंडों व दंगाइयों का इलाज राम-राम सत्य के रूप में हो रहा है। उन्होंने तीसरी बार मोदी को देश का प्रधानमंत्री बनने के लिए ओम कुमार को सांसद बनाने का आह्वान किया।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम का संचालन महेंद्र धनौरिया ने किया। क्षेत्रीय भाजपा अध्यक्ष सतेंद्र सिसोदिया, क्षेत्रीय महामंत्री एवं जिला प्रभारी हरिओम शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष भूपेंद्र चौहान बॉबी, रालोद जिलाध्यक्ष नागेंद्र सिंह, विधायक अशोक राणा, एमएलसी गोपाल अंजान, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह, पूर्व एमएलसी सुबोध पाराशर, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि, भाजपा महिला मोर्चा जिला उपाध्यक्ष शोभा रानी, किरतपुर ब्लॉक प्रमुख अंकित चौधरी, नहटौर ब्लॉक प्रमुख राकेश चौधरी, नूरपुर ब्लॉक प्रमुख आकांक्षा चौहान, अल्हैपुर ब्लॉक प्रमुख क्षमा हेमलता चौहान, सत्यपाल सैनी, अनूप बाल्मीकि, पूर्व सांसद शीशराम रवि, जिला महामंत्री मुकेन्द्र त्यागी, डीसीबी चेयरमैन दिनेश कुमार, रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष महावीर सिंह, प्रियंकर राणा, महेंद्र प्रताप सिंह व एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा मंत्र के प्रतिपालक बाबा फुलसन्दे वाले आदि मौजूद रहे।
पदोन्नति में आरक्षण संशोधन विधेयक की प्रतियां सपा ने फाड़ी: मायावती
बीएसपी सुप्रीमो ने गन्ना किसानों को भरमाया
बीजेपी के राज में मुस्लिम व अन्य अल्पसंख्यकों की बुरी हालत: मायावती
बिजनौर में मायावती के निशाने पर रहे भाजपा सपा
बिजनौर। लोकसभा चुनाव के पहले चरण में 19 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले बिजनौर पहुंची पूर्व मुख्यमंत्री बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने बीजेपी सहित विपक्षी दलों को निशाने पर रखा। बिजनौर सीट से पार्टी प्रत्याशी चौधरी विजेंदर सिंह और नगीना प्रत्याशी सुरेन्द्र पाल को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने समाजवादी पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब वह राज्यसभा सांसद थीं तो पदोन्नति में आरक्षण के लिए संशोधन विधेयक लाया गया। सपा ने इसका विरोध किया और इस बिल को पास नहीं होने दिया। इसकी कॉपी तक फाड़ दी। इस समाजवादी पार्टी को हराने की जिम्मेदारी आपकी है। कांग्रेस, भाजपा या किसी भी दल के साथ गठबंधन न कर बीएसपी अकेले अपने बलबूते यह लोकसभा चुनाव लड़ रही है। बीजेपी और उसके सहयोगी दल केंद्र व काफी राज्यों में काबिज हैं। अपनी जातिवादी, पूंजीवादी, संकीर्ण और द्वेषपूर्ण नीतियों के कारण बीजेपी फिर आसानी से सत्ता में आने वाली नहीं है। बीजेपी के राज में मुस्लिम व अन्य अल्पसंख्यकों की बुरी हालत है। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि इस बार के चुनाव में जुमलेबाजी, नाटकबाजी और गारंटी काम आने वाली नहीं है। सरकार ने गरीबों और मेहनत करने वाले लोगों के लिए अच्छे दिन के वायदे किए थे, कागजी गारंटी का जमीनी हकीकत में एक चौथाई हिस्सा भी पूरा नहीं हुआ है। भाजपा पूंजीपतियों को अधिक मालामाल करने और उन्हें बचाने में लगी है। भाजपा ने भी कांग्रेस की तरह जांच एजेंसियों का राजनीतिकरण कर दिया है। बीएसपी सुप्रीमो ने गन्ना किसानों को भरमाते हुए कहा कि जब जब हमारी पार्टी की सरकार रही, किसान भाइयों के हितों का ध्यान रखा। उनकी फसल गन्ना का भुगतान पिछली और वर्तमान सरकार से ज्यादा दिया। सभा में भीड़ जमकर उमड़ी।
नगीना (सुरक्षित) लोकसभा सीट:
नगीना (सुरक्षित) लोकसभा सीट से बसपा के सुरेन्द्र पाल चुनाव मैदान में हैं। सपा-कांग्रेस अलायंस की तरफ से भूतपूर्व जज मनोज कुमार उम्मीदवार हैं। वहीं भीम आर्मी चीफ खुद चंद्रशेखर चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि बीजेपी से ओम कुमार को प्रत्याशी हैं।
कन्नड लेखक- नं श्रीकंठ कुमार हिंदी अनुवाद- करुणालक्ष्मी.के.एस. मैसूरु
प्रभु श्री रामचंद्र जी की वंशावली
सौजन्य से ~ गौरव अवस्थी रायबरेली (वरिष्ठ पत्रकार, लेखक व सामाजिक चिंतक)
सनातनियों के लिए अयोध्या, मथुरा, माया, काशी, कांची, आवंतिपुरी और द्वारकापुरी मोक्षदायक सप्त क्षेत्र माने जाते हैं। इनमें अयोध्या प्रथम पुण्यक्षेत्र है। कहा जाता है कि सरयू नदी के किनारे स्थित धन-धान्य से समृद्ध कोसल नामक विशाल राज्य की प्रजा उत्तरोत्तर अभिवृद्धि पाते हुए आनंद से निवास करती थी। अयोध्या नामक लोकप्रसिद्ध नगर उसकी राजधानी था। यह प्रतीति है कि मनु नामक चक्रवर्ती ने अयोध्या नगर का निर्माण किया। माना जाता है कि वह महानगर बारह योजन लंबा और तीन योजन चौड़ा था। नगर में बड़े बड़े रास्ते थे। उन सुंदर रास्तों को हर रोज बुहारकर पानी छिड़क कर स्वच्छ करके उन पर फूल बिछाए जाते थे। अयोध्या नगरी देवेंद्र की नगरी के समान सुंदर द्वारों, तोरणों से नित्य सुशोभित होती थी। नगर में दुकान आदि क्रमबद्ध थे। अयोध्या में नाना प्रकार के कुशल कलाओं में निपुण शिल्पी लोग बसे हुए थे। अनेक प्रकार के युद्धोपयोगी यंत्र, आयुध भरे हुए थे। हाथी, घोड़ा, गाय, बैल, ऊँट आदि प्राणी विशेष रूप से पाले जाते थे। सामंत राजा अयोध्या के महाराजा को अर्पित करने के लिए उपहारों को लेकर प्रतीक्षा करते थे। नाना देशों से वणिज आकर व्यापार किया करते थे। विस्मय से भरी अयोध्या चतुरंग की तरह विन्यस्त थी। सात मंजिल वाले विमान नामक गृह पंक्तियों में सिद्ध पुरुष, सज्जन वास करते थे। ऐसी अयोध्या सुमनोहर थी। कहा जाता है कि वहां सफेद चावल समृद्ध रूप से मिल रहा था। इतना ही नहीं, नगर में गन्ने के रस जैसा मीठा पानी हमेशा मिलता था। दुंदुभि, तबला, मृदंग, वीणा, आदि वाद्यों की मधुर ध्वनि से भरी अयोध्या पुरी सारी पृथ्वी में अत्युत्तम नगरी मानी जाती थी। अयोध्या शस्त्रास्त्र विशारद और महारथी वीर योद्धाओं से रक्षित थी। ऐसे ही अहिताग्नि, शम दमादि गुणशाली, वेद वेदांगों के पारंगत, दानशील, सत्यशील, ब्राह्मण श्रेष्ठ, ऋषि, महर्षि वहां के निवासी थे। वे अपनी अपनी संपत्ति से तृप्त थे, पराए धन का लोभ उन्हें नहीं था। यह ध्यातव्य है कि अयोध्या में कामुक, क्रूरी, विद्याहीन अथवा नास्तिक नहीं थे। अयोध्या सत्यनगरी भी कही जाती थी। सभी स्त्री पुरुष धर्मशील, इंद्रियों को अपने वश में रखनेवाले थे, सौजन्य सदाचारी होकर, संतुष्ट रहने वाले, परिशुद्ध हृदयी थे। यह विशेष बात थी कि हर कोई कानों में कुंडल पहनता था। सारी प्रजा राजभक्ति संपन्न थी।
वंशावली
माना जाता है कि अगोचर ब्रह्मवस्तु से अनादि, नाशरहित, परिणामरहित ब्रह्माजी का आविर्भाव हुआ। ब्रह्माजी के वंशस्थ होने पर भी श्री सूर्यनारायण देव के आराधक मरीचि के वंशजों में उंनचालीस महापुरुष, राजा-महाराजा, चक्रवर्तियों ने अयोध्या को राजधानी बनाकर कोसल राज्य पर राज किया था। प्रथम रूप से श्री ब्रह्माजी के श्रेष्ठ पुत्र महर्षि मरीचि के पुत्र कश्यप, बाद में विवस्वत मनु, काकुत्थ्स्य, इक्श्वाकु महाराज, कुक्षी, विकुक्षी, बाण, अनरण्य, पृथु, त्रिशंकु महाराज, धुंधुमार, युवनाश्व, मांधातृ चक्रवर्ती, सुसंधि, ध्रुवसंधि, भरत चक्रवर्ती, असीत, सगर महाराज, असमंज, अंशुमंत, दिलीप चक्रवर्ती, भगीरथ महर्षि, काकुत्थ्स्य, रघु चक्रवर्ती, प्रवृद्ध, शंखण, सुदर्शन, अग्निवर्ण, श्रीव्रग, मरु, प्रशश्रुक, अंबरीष महाराज, नहुष चक्रवर्ती, ययाति, नाभाग, अज महाराज, दशरथ चक्रवर्ती, प्रभु श्रीरामचंद्र महाराज और उनके पुत्र लव-कुश ने अयोध्या पर राज किया। इसकी जानकारी महर्षि वाल्मीकीजी ने श्रीमद्वाल्मीकि रामायण में विस्तृत रूप से दी है। इनमें ऋषि श्रेष्ठ कश्यप जी, त्रिशंकु महाराज, मनु चक्रवर्ती, सगर चक्रवर्ती, दिलीप चक्रवर्ती, महर्षी भगीरथ, रघु चक्रवर्ती, अंबरीष महाराज, दशरथ महाराज, श्रीरामचंद्र प्रभु प्रमुख हैं।महा तेजस्वी मनु धर्म का पालन करते हुए प्रजाओं की रक्षा करते थे। उसके सैनिक अग्नि के समान तेजस्वी थे। साथ ही वे प्रजाओं से सौजन्यपूर्ण बर्ताव करते थे। कहा जाता है कि वे युद्ध तंत्र में परिणत थे। त्रिशंकु सत्यवादी के रूप में ख्यात थे। जानकारी के अनुसार, बड़े धर्मनिष्ठ, उदारशील इनसे ही इक्ष्वाकु वंश का प्रारंभ हुआ। एक बार त्रिशंकु को सशरीर स्वर्ग में जाने की प्रबल इच्छा हुई। उन्होंने अपनी यह इच्छा अपने कुल गुरु वशिष्ठ जी से निवेदित की, पर वशिष्ठ जी ने असंभव कहकर इस प्रस्ताव को तिरस्कृत किया। उसके बाद वशिष्ठ जी के पुत्र के पास जाकर अपनी यह अभिलाषा प्रकट करने पर उन्होंने क्रोधित होकर त्रिशंकु को श्राप दिया। श्रापित त्रिशंकु को देखकर उस पर तरस खाकर महर्षि विश्वामित्र ने उन्हें अपने पास आसरा देकर यज्ञ की तैयारी करके यज्ञ में हविर्भाग ग्रहण करने के लिए समस्त देवताओं को आमंत्रित किया। कोई देवता हविस स्वीकार करने के लिए यज्ञ में नहीं आया। इससे क्रोधित होकर विश्वामित्रजी के त्रिशंकु महाराज को अपने तपोबल से सशरीर होकर स्वर्ग जाने के लिए कहने पर त्रिशंकु सशरीर स्वर्ग में गए। त्रिशंकु के देवलोक में प्रवेश करने पर अन्य देवताओं के साथ आकर देवेंद्र ने उनका रास्ता रोका और अधोमुख होकर वापस जाने के लिए कहा। तुरंत त्रिशंकु नीचे गिरने लगे और त्राहि त्राहि कहते हुए विश्वामित्र को पुकारने लगे। विश्वामित्र ने तुरंत वहीं पर रुकने का आदेश देकर उन्हें आसमान में ही रोक दिया। इतना ही नहीं, सप्तर्षि मंडल की सृष्टि करके उसके अनुरूप नक्षत्रों की पंक्ति की रचना की। तब ऋषि, देवासुर भीत होकर विश्वामित्र से विनती करने लगे। इस पर विश्व्वामित्र जी ने कहा कि जब तक यह जग रहेगा, तब तक अपने द्वारा निर्मित सारे नक्षत्र, उनके बीच त्रिशंकु उल्टा लटकते हुए प्रकाशित होते हुए स्थिर रहेंगे।
आगे सगर नामक धर्मात्मा राजा ने अधिपति बनकर अयोध्या में राज किया। सगर चक्रवर्ती समुद्र को खुदवाकर उसे सागर नाम आने के लिए कारण बने। उनकी पहली पत्नी विदर्भ राजा की बेटी केशनी थी और दूसरी पत्नी कश्यप ऋषि की बेटी सुमति थी। केशनी का एक पुत्र हुआ। उसका नाम असमंज रखा गया। असमंज ने अयोध्या में कई साल राज किया। कालानंतर असमंज को अंशुमंत नामक पुत्र का जन्म हुआ। वह महारथी, वीर, प्रियंवद होकर सब लोगों का प्रीतिपात्र था। अंशुमंत को दिलीप नामक पुत्ररत्न का जनन हुआ। अंशुमंत कई सालों तक राज्यभार करते हुए बाद में अपने पुत्र दिलीप को राज्याधिकार सौंपकर हिमालय शिखर पर तपस्या करके स्वर्गस्थ हुआ। उत्तम रूप से राज्यभार करनेवाले दिलीप अपने पितामहों को तर्पण न देने के कारण बहुत चिंतित थे। धर्ममार्ग पर चलनेवाले दिलीप को भगीरथ नामक पुत्र हुआ। दिलीप अपने अंतिम दिनों में भगीरथ का राज्याभिषेक करके स्वर्गस्थ हुआ। भगीरथ कई वर्षों तक राज्यभार करके राज्य को मंत्रियों के वश में देकर देवगंगा को भूमि पर लाने का अचल संकल्प लिए दीर्घ तप करने लगे। तपस्या से सुप्रीत होकर समस्त देवताओं के साथ दर्शन देकर ब्रह्माजी ने उनसे अभीष्ट वर मांगने के लिए कहा। तब भगीरथ ने तप के फल के रूप में अपने पूर्वज सगर के पुत्रों को तर्पण देने का वर प्रदान करने की विनती की। उन महात्माओं के भस्म पर गंगा प्रवाह बहाकर अपने प्रपितामहों को स्वर्ग की प्राप्ति होने का और अपने लिए पुत्र संतान का वर मांगा। उसके बाद वे अयोध्या लौटे। आगे अज महाराज के पुत्र राजा दशरथ ने चक्रवर्ती बनकर अयोध्या पर राज किया। वे वेदवेदार्थों के ज्ञाता, विद्वानों, शूर वीरों के प्रोत्साहक थे। वे दीर्घदर्शी तथा तेजस्वी होकर सभी के प्रीतिपात्र थे। दस हजार महारथियों के साथ अकेले युद्ध करने की सामर्थ्यवाले अतिरथी थे। कहा जाता है कि दशरथजी के पास चतुरंग सेना थी। देवेंद्र के समान, कुबेर के समान वे धन-कनक से समृद्ध तथा जितेंद्रिय थे। दशरथजी के वश में कांबोज, बाह्लीक, वनायु और सिंधु देशों के श्रेष्ठ अश्व थे। उनके पास महान बलशाली पर्वताकार के विशालकाय हाथियों का समूह था। उनमें कई विंध्य पर्वत, हिमवत्पर्वत में जन्मे हुए थे। दशरथ के दरबार में दृष्टि, जयंत, विजय, सिद्धार्थ, अर्थसाधक, अशोक, मंत्रपाल और सुमंत नामक आठ अमात्य थे, जो गुणशाली तथा राजकार्यों में दक्ष थे। वे दूसरों के इंगित जानने में निपुण, राजा को प्रिय और हितकर कार्यों में सदा निरत रहते थे। वे सभी निष्कपट रीति से महाराजा में अनुरक्त होकर क्रम से राजाज्ञा का परिपालन करते थे। वशिष्ठ और वामदेव नामक दो व्यक्ति उनके मुख्य पुरोहित थे। प्रभावी राजा दशरथ को अपने कुलोद्धारक पुत्र संतान न होने की वजह से चिंता थी। वशिष्ठ महर्षि जी की सलाह के अनुसार उन्होंने सरयू नदी के किनारे पर वेदपारंगत महर्षि ऋष्यशृन्ग जी को आमंत्रित करके उनके नेतृत्व में पुत्रकामेष्टि यज्ञ आयोजित किया। यज्ञ के लिए देव देवादियों को आमंत्रित करके, महाविष्णु जी की स्तुति करते हुए उनसे लोकहित के लिए दशरथ महाराजा का पुत्र बनकर अवतरित होने की प्रार्थना करने लगे। यज्ञकुंड में से प्रजापत्य पुरुष आविर्भूत होकर दशरथ को पायस देकर उसे अपनी पत्नियों में बांटने के लिए कहा और उन्होंने यह भी सूचना दी कि यज्ञ के फलस्वरूप दशरथ को पुत्रों की प्राप्ति होगी। इस तरह दशरथ के मनोरथ के पूर्ण करने के बारहवें महीने चैत्रमास शुक्ल पक्ष के नवमी तिथि के पुनर्वसु नक्षत्र में रवि, कुज, गुरु और शुक्र ग्रहों के उच्च स्थान में रहने के सुमुहूरत में महारानी कौशल्या देवी के गर्भ से सर्वलोक पूजित, दिव्य लक्षण संयुत श्री रामचंद्र जी का जन्म हुआ। उसके बाद साक्षात महाविष्णुजी के एक अंश वाले भरत कैकई के तथा लक्ष्मण-शत्रुघ्न सुमित्रा के पुत्र बनकर आश्लेष नक्षत्र कर्काटक लग्न में जन्मे।
मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीरामचंद्र
मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीरामचंद्र ने राष्ट्र की आत्मा बनकर, राष्ट्र धर्म निरूपक बनकर, कोशल प्रदेश पर अयोध्या से राज किया। आज भी श्री रामचंद्र प्रभुजी के राज्यभार की रीति को रामराज्य के रूप में स्मरण किया जाता है। बाद में श्री रामचंद्र प्रभुजी के पुत्र लव-कुश ने वंश को आगे बढाया। कहा जाता है कि श्री रामचंद्र प्रभुजी के जन्मस्थान अयोध्या में कुश ने पहली बार भव्य दिव्य मंदिर की स्थापना की। इस तरह त्रेतायुग में इक्ष्वाकु वंशजों ने सुभिक्ष रूप से राज्यभार किया। वे सभी प्रशासन दक्षता में सार्वकालिक श्रेष्ठ माने जाते हैं। यह जानकारी संस्कृत भाषा में आदिकवि वाल्मीकीजी ने विस्तार से दी है।
7th pay commission : सरकारी कर्मचारियों के 06 प्रकार के भत्तों में इजाफा, अधिसूचना जारी
सरकारी कर्मचारी उठाएं 06 प्रकार के भत्तों का लाभ
सातवें वेतन आयोग ने उन सभी भत्तों की समीक्षा की, जो केंद्र सरकार के कर्मचारियों को दिए गए थे। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए लागू भत्ते जिन्हें संशोधित किया गया है वे इस प्रकार हैं: मार्च 2024 में डीए में बढ़ोतरी की गई थी। बढ़ोतरी के साथ, 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप अन्य सभी संबंधित भत्ते जैसे मकान किराया भत्ता, दैनिक भत्ता, ग्रेच्युटी सीमा और छात्रावास सब्सिडी में वृद्धि की गई है।
कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने हाल ही में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए उपलब्ध संशोधित भत्तों को अधिसूचित किया। मार्च 2024 में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) 04 फीसदी बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया गया है। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पहले के 46 प्रतिशत से 04 प्रतिशत की अतिरिक्त महंगाई राहत (डीआर) को भी मंजूरी दे दी।
1. महंगाई भत्ता
महंगाई भत्ता या डीए जीवन यापन की लागत समायोजन भत्ता है, जो केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के अपने वर्तमान और सेवानिवृत्त सदस्यों को प्रदान करती है। पिछले महीने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (डीए) 04 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया गया था। केंद्र सरकार के पेंशन भोगियों के लिए महंगाई राहत (डीआर) में भी 04 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई, जो 50 फीसदी तक पहुंच गई है। ये समायोजन 01 जनवरी, 2024 से प्रभावी हैं। बढ़े हुए महंगाई भत्ते से लगभग 49.18 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों और 67.95 लाख पेंशन भोगियों को लाभ होगा।
2. बाल शिक्षा भत्ता
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए भत्ते को मूल भत्ते के 25 प्रतिशत तक संशोधित किया गया है जो पहले 50 प्रतिशत निर्धारित था। हालाँकि, बाल शिक्षा भत्ता या छात्रावास सब्सिडी अधिकतम दो बच्चों तक सीमित है, जिसकी सब्सिडी दर प्रति माह 6,750 रुपए है। ऐसी स्थितियों में जहां केंद्र सरकार के किसी कर्मचारी का बच्चा विकलांग है, उनके बाल शिक्षा भत्ते पर विशेष ध्यान दिया जाता है और इसे मानक दर से दोगुना समायोजित किया जाता है।
अधिसूचना में कहा गया है कि “सरकारी कर्मचारी के दिव्यांग बच्चों के लिए सीईए की प्रतिपूर्ति सीईए की सामान्य दर से दोगुनी यानी 4500/- रुपये प्रति माह पर देय होगी। ऐसे मामले में जहां दिव्यांग बच्चा स्कूल जाने में सक्षम नहीं है, शिक्षा का लाभ उठाने के लिए सीईए की प्रतिपूर्ति /निवास पर विशेष शिक्षा, शिक्षक/प्रशिक्षक आदि द्वारा प्राप्त भुगतान की प्रस्तुति और केंद्र सरकार के कर्मचारी द्वारा अपने निवास पर अपने बच्चे की शिक्षा प्राप्त करने के लिए स्व-प्रमाणन के अधीन सीईए की सामान्य दरों से दोगुनी दर पर की जाएगी।
3. जोखिम भत्ता
यह भत्ता खतरनाक कर्तव्यों में लगे केंद्र सरकार के कर्मचारियों को प्रदान किया जाता है या जिनके काम से समय के साथ उनके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। मुआवजा संरचना के भीतर वर्गीकरण में स्पष्टता सुनिश्चित करने के लिए डीओपीटी ने कहा कि जोखिम भत्ते को किसी भी उद्देश्य के लिए “वेतन” नहीं माना जाता है।
4. रात्रि ड्यूटी भत्ता
7वें वेतन आयोग के संशोधित मानदंडों के अनुसार, रात्रि ड्यूटी भत्ते (एनडीए) में समायोजन किया गया है। रात्रि ड्यूटी को रात 10 बजे से सुबह 06 बजे तक की समय-सीमा के रूप में परिभाषित किया गया है। एक कर्मचारी एनडीए के लिए तब पात्र हो जाता है जब वह 43,600 रुपए की मूल मासिक वेतन सीमा प्राप्त कर लेता है।
प्रति घंटा एनडीए दर की गणना इस सूत्र के उपयोग के माध्यम से होती है: [(मूल वेतन + महंगाई भत्ता)/200], इस फॉर्मूले में, मूल वेतन और महंगाई भत्ता दोनों 07वें केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा निर्धारित उनकी वर्तमान दरों से प्राप्त होते हैं। प्रत्येक व्यक्ति की एनडीए राशि की गणना किसी भी रात्रि ड्यूटी प्रदर्शन दिवस पर उस कर्मचारी द्वारा अर्जित विशिष्ट मूल वेतन पर निर्भर करती है।
5. ओवरटाइम भत्ता
विभागों और मंत्रालयों को ‘ऑपरेशनल स्टाफ’ के रूप में वर्गीकृत कर्मियों के लिए एक रजिस्टर तैयार करने का कर्तव्य सौंपा गया है। इस प्रक्रिया में ओवरटाइम भत्ता दरों में कोई वृद्धि शामिल नहीं होनी चाहिए। मानक कामकाजी घंटों से परे कर्तव्यों के निर्धारण में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से, ओवरटाइम भत्ते के समावेश को बायोमेट्रिक उपस्थिति निगरानी प्रणालियों के साथ जोड़ा जा सकता है।
6. विशेष भत्ता
विकलांग महिला कर्मचारियों, विशेष रूप से छोटे बच्चों वाली महिलाओं और विकलांग बच्चों को अतिरिक्त लाभ प्रदान करने के लिए, विशेष भत्ता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। 07वें वेतन आयोग के तहत संशोधित इस व्यवस्था के तहत दिव्यांग महिलाओं को 3000 रुपए प्रति माह मिलेंगे। यह भत्ता बच्चे के जन्म से लेकर उसके दो साल का होने तक दिया जाएगा।
संसद सहायकों के लिए विशेष भत्ता
सत्र के दौरान संसद के कर्तव्यों में पूरी तरह से लगे व्यक्तियों को दिए जाने वाले विशेष भत्ते में 50 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। सहायकों और यूडीसी के लिए पिछली दरें क्रमशः 1500 रुपए और 1200 रुपए थीं। अब इसे बढ़ाकर 2,250 रुपए और 1,800 रुपए कर दिया गया है।
यह भत्ता प्रत्येक कैलेंडर माह के लिए पूर्ण दरों पर दिया जाएगा, जिसमें संसद कम से कम 15 दिनों के लिए बुलाई जाएगी। हालाँकि, छोटे सत्र वाले महीनों के लिए भत्ता निर्धारित दरों से आधा होगा। इसके अलावा, जिन कैलेंडर महीनों में संसद सत्र चल रहा है, उनके लिए संसद सहायकों को कोई ओवर टाइम भत्ता (ओटीए) का भुगतान नहीं किया जाएगा। (एजेंसी)
How to withdraw money after death of account holder without nominee? बिना नॉमिनी वाले खाताधारक की मृत्यु के बाद कैसे निकालें पैसे? नॉमिनी मृतक व्यक्ति के खाते से पैसे निकाल सकता है, लेकिन क्या होगा अगर कोई नॉमिनी नहीं है? जानिए कि पैसे की निकासी कैसे हो सकती है?यदि आपने कभी बैंक खाता खोला है, […]
बिजनौर सीट से बसपा प्रत्याशी चौधरी विजेंद्र सिंह ने मंच से भरी हुंकार
मुजफ्फरनगर रैली में बिजनौर सीट को भी साध गईं मायावती
मवाना। मुजफ्फरनगर में हुई बसपा की महारैली में बसपा सुप्रीमो मायावती ने बिजनौर और मुजफ्फरनगर के प्रत्याशियों के लिए वोट की अपील की। उन्होंने कहा कि बिजनौर सीट पर बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी चौधरी विजेंद्र सिंह बहुत बड़े अंतर से जीतने वाले हैं। उन्होंने भाजपा पर जमकर निशाना साधा और भाजपा को कॉर्पोरेट की सरकार बताया।
बसपा सुप्रीमो मायावती के संबोधन से पहले बिजनौर से प्रत्याशी चौधरी विजेंन्द्र सिंह ने मंच से हुंकार भरते हुए केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया और द्वेष की राजनीति से परे सामाजिक समरसता और एकता का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपनी 10 साल की सरकार में जुमलों और झूठे वादों के अलावा जनता को कुछ नहीं दिया, अतः सभी मिलकर झूठी सरकार को बदलने के लिए वोट दें।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने सरकार और मुख्य विपक्षी दलों को जमकर खरी खोटी सुनाई और कहा हम सत्ता के भूखे नहीं हैं, लेकिन सामाजिक परिवर्तन के लिए सत्ता में आना जरुरी है। वक़्त आ गया है ज़ब सर्वसमाज को एकजुट होकर बाबा साहेब अम्बेडकर जी के विचारों और संविधान की रक्षा का जिम्मा उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यदि इस बार भी भाजपा की सरकार बन गई तो बाबा साहेब के संविधान को नष्ट कर दिया जाएगा।
बाबा साहब की जयंती पर मुजफ्फरनगर में बसपा सुप्रीमो की रैली का असर देखने को मिला। लाखों की संख्या में भीड़ मायावती को सुनने पहुंची। राजनीतिक हलकों में भी इस रैली को लेकर चर्चाएं रहीं। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि बसपा सुप्रीमो की इस रैली से मुजफ्फरनगर और बिजनौर सीट पर बसपा प्रत्याशियों की स्थिति मजबूत होगी।
किसानों तक पहुंचती रहेगी किसान सम्मान निधि: नायब सिंह सैनी
चंदन चौहान के समर्थन में बिजनौर पहुंचे हरियाणा के सीएम और आरएलडी अध्यक्ष
चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न पर विपक्ष के पेट में हुआ दर्द: नायब सिंह सैनी
बिजनौर। लोकसभा सीट बिजनौर से राष्ट्रीय लोकदल के प्रत्याशी चन्दन चौहान के समर्थन में हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी व अध्यक्ष जयंत चौधरी ने जनता से वोटों की अपील की।
नुमाइश ग्राउंड में आयोजित जनसभा में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भारत माता की जयकारे के साथ अपनी बात शुरू की। उन्होंने कहा कि आरएलडी और बीजेपी ने चंदन चौहान को आपके बीच में उम्मीदवार बनाकर भेजा है, उनको जिताने का काम करें। अबकी बार बीजेपी आरएलडी के गठबंधन प्रत्याशी चंदन चौहान को भारी मतों से विजयी बनाना है। आरएलडी प्रत्याशी चंदन चौहान को 19 अप्रैल को भारी मतों से विजयी बनाने के लिए नल का बटन दबाकर वोट देने का काम करें।
उन्होंने उपस्थित लोगों और बिजनौर की धरती को नमन करते हुए राम मंदिर बनने पर सभी को बधाई दी। कहा कि भारत का नाम जिसने पूरी दुनिया में रौशन किया है, उनका नाम नरेंद्र मोदी है। जब नरेंद्र मोदी ने चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिया तो विपक्ष के पेट में दर्द हो रहा था। इन दस वर्षो के अंदर नरेंद्र मोदी ने गरीबी हटाने का काम किया है। साल 2015~16 की बात है जब मैं मंत्री था लोगों ने मुझे पकड़ लिया कहा गुंडागर्दी खत्म कर दीजिए। मैंने कहा फूल पर मोहर लगा दो, गुंडागर्दी खत्म हो जाएगी। आयुष्मान कार्ड बनाकर मोदी सरकार ने गरीब का फायदा किया। विपक्षी गठबंधन ने देश को बदनाम करने का काम किया है। धारा 370 की बात हो या विकास की बात हो, देश ऊंचाइयों को छू रहा है।
हरियाणा के सीएम ने कहा कि एक संकल्प लेकर आपके बीच में आया हूं कि तीसरी बार नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाना है। मोदी जी ने संकल्प लिया है कि किसान सम्मान निधि किसानों तक पहुंचती रहेगी। आप एक एक वोट बिजनौर के उम्मीदवार चंदन चौहान को दे दो। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव हमेशा इस फिराक में रहते हैं कि वह कैसे जीतें और फिर से एक बार उत्तर प्रदेश में गुंडागर्दी का आलम हो।
अखिलेश को दिखाएंगे शतरंज की ढाई चाल
आरएलडी अध्यक्ष जयंत चौधरी ने अखिलेश के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अखिलेश ने मेरी कीमत 1 रुपया लगाई है; अखलेश जी मैं आपको शतरंज की ढाई चाल से एक बार फिर से शिकस्त देने का काम करूंगा।
03 साल के दौरान हुई प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री की होगी बड़ी जांच पड़ताल
लखनऊ। पूरे उत्तर प्रदेश में 03 साल के दौरान हुई प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री की जांच पड़ताल कराई जाएगी। उन रजिस्ट्री की जांच होगी जो रजिस्ट्री उत्तर प्रदेश में कहीं पर भी भौतिक स्टांप पेपर के द्वारा हुई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह जांच होगी। पिछले 03 साल से उत्तर प्रदेश में ई-स्टाम्प के द्वारा प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री हो रही है।
उत्तर प्रदेश में हुआ स्टांप का फर्जीवाड़ा
हाल ही में उत्तर प्रदेश में स्टांप पेपर का बड़ा फर्जीवाडा पकड़ा गया। गोरखपुर, देवरिया व कुशीनगर के रहने वाले आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने स्टांप छापने वाली मशीन, एक करोड़ 52 लाख 30 हजार रुपए के फर्जी स्टांप के साथ ही यूपी, बिहार के गैर न्यायिक स्टांप, रसीदी टिकट आदि बरामद किए थे। यही नहीं, इनके पास से ब्रिटिश काल के स्टांप का भी एक बंडल पाया गया। इनमें ज्यादातर 25 पैसे, 50 पैसे के स्टांप शामिल थे। आशंका जताई जा रही है कि जालसाजों द्वारा इनका इस्तेमाल बड़े शहरों की काफी पुरानी कीमती संपत्तियों को लेकर न्यायालयों में चलने वाले वादों को उलझाने या इनमें अपना पक्ष मजबूत करने के लिए फर्जी वसीयत बनाने में किया जाता होगा। इस मामले में अब तक आठ लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। एआइजी स्टांप प्रदीप राणा ने कहा कि शासन की ओर से तीन साल पहले तक हुई उन सभी संपत्तियों की रजिस्ट्री के जांच के आदेश हुए है, जिनमें भौतिक स्टांप का प्रयोग हुआ है। यद्यपि, इनकी संख्या बहुत ज्यादा नहीं है। पहले ऐसी रजिस्ट्री की सूची तैयार की जाएगी फिर एक-एक स्टांप के नंबर जांचे जाएंगे और उसकी अलग सूची बनाई जाएगी। फिर इसे कोषागार कार्यालय को भेजा जाएगा, जिससे पता चलेगा कि संबंधित नंबरों वाले स्टांप वहां से ही जारी किए गए हैं या नहीं!
खुलेंगे सारे राज
उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले से स्टांप पेपर के द्वारा होने वाले फर्जी वाडे के सारे राज खुल जाएंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश का निबंधन (रजिस्ट्री विभाग) जांच के काम में जुट गया है। जानकारों का कहना है कि पूरे उत्तर प्रदेश में इस जांच का काम जल्दी ही पूरा कर लिया जाएगा।
बसपा प्रत्याशी बोले, बिजनौर की दशा और दिशा बदलने के लिए आया हूं
संविधान नहीं बदलने देंगे: चौ. विजेन्द्र सिंह
बिजनौर। बाबा साहब ने शोषित वंचित पिछड़ा वर्ग अति पिछड़ा वर्ग के लिए समानता के अधिकार का प्रावधान किया और इस वर्ग को उनके अधिकार दिलवाए। आज के समय में संविधान को बदलने के प्रयास किया जा रहे हैं जिनको बहन मायावती जी के नेतृत्व में ऐसा कभी हम होने नहीं देंगे। यह बात बिजनौर लोक सभा सीट से बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी चौ. विजेन्द्र सिंह ने अंबेडकर जयंती पर कही।
चौधरी विजेंद्र ने कहा कि बहन मायावती जी की सरकार में जैसा सुशासन था, वह आज कहीं भी नहीं दिख रहा आज उत्तर प्रदेश में कोई सर्व समाज को साथ लेने वाला नहीं है, सर्व समाज की एकमात्र नेता बहन मायावती जी हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन कमजोर तबके के कल्याण में लगा दिया। जब बसपा की सरकार थी, तो समाज के हर वर्ग को न्याय मिलता था लेकिन आज हमारे पास यह चुनौती है कि समाज का एक वर्ग अभी भी अपने अधिकारों की अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहा है। अल्पसंख्यक पिछड़ा अति पिछड़ा दलित और कमजोर समाज इस चुनौती का सामना कर रहा है। हमें मिलकर इस लड़ाई को साथ लड़ना है।
चौधरी विजेंद्र सिंह ने कहा कि मैं बिजनौर की दशा और दिशा बदलने के लिए आया हूं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि यदि आप लोगों ने मुझे चुना तो मैं बिजनौर के विकास के सर्वांगीण प्रयास करूंगा और आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं एक-एक गांव के एक-एक व्यक्ति की संसद में आवाज बनेगा। उन्होंने अपील की कि आप निर्भय होकर मतदान करें और ऐसे व्यक्ति को चुनें जो आपकी हर समस्या के लिए सड़क पर संघर्ष कर सके यदि आपने मुझे चुना तो मैं यह भरोसा दिलाता हूं कि मैं हमेशा आपके बीच रहूंगा।
फूड इंस्पेक्टर पर रिश्वत मांगने का आरोप, व्यापारियों का हंगामा
व्यापारियों का आरोप है कि बिजनौर में तैनात फूड इंस्पेक्टर रामवीर सिंह सैंपलिंग के नाम पर फूड इंस्पेक्टर व्यापारियों का शोषण करते हैं और रात में भी सैंपल लेने प्रतिष्ठानों पर पहुंच जाते हैं। आरोप है अनाज मंडी स्थित एक व्यापारी के प्रतिष्ठान पर पहुंचे फूड इंस्पेक्टर रामवीर सिंह ने लाइसेंस में खामियों के नाम पर धमकाया।
बिजनौर। व्यापारियों ने फूड इंस्पेक्टर पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। मामले की शिकायत डीएम से की गई है।
शहर की सब्जी मण्डी में व्यापारी साहिल अग्रवाल की अग्रवाल सेल्स कार्पोरेशन के नाम से दुकान है। आरोप है कि शनिवार देर शाम फूड इंस्पेक्टर रामवीर सिंह ने सैम्पल भरने के नाम पर रिश्वत की मांग की और न देने की स्थिति में सैम्पल भरकर सख्त कार्यवाही करने की चेतावनी भी दी। फूड इंस्पेक्टर की इस नाजायज मांग पर व्यापारी साहिल अग्रवाल ने अन्य व्यापारियों को सूचित कर अपने प्रतिष्ठान पर बुला लिया।
काफी देर नोंकझोंक के बाद आखिर में फूड इंस्पेक्टर को पकड़कर पैदल ही एसडीएम कार्यालय ले जाया गया। व्यापारियों ने एसडीएम मनोज कुमार के समक्ष आरोप लगाया कि फूड इंस्पेक्टर रिश्वत लेने के लिए परेशान करता है। सैंपल लेने का समय शाम छह बजे तक का है, जबकि ये साढ़े सात बजे के बाद प्रतिष्ठान पर आते हैं। बताया कि फूड इंस्पेक्टर लाइसेंस बनाने के नाम पर भी रिश्वत मांगते है, बिना रिश्वत के लाइसेंस बन ही नहीं सकता है।
व्यापारियों ने चेताया कि अगर फूड विभाग के अफसर नहीं सुधरे तो आंदोलन किया जाएगा। बाद में पीड़ित व्यापारी साहिल अग्रवाल ने डीएम को इस संबंध में शिकायती पत्र सौंपा। पत्र में फूड इंस्पेक्टर रामवीर सिंह पर सैम्पल भरने के नाम पर अवैध वसूली करने का आरोप लगाते हुए कार्यवाही की मांग की गई है।
महर्षि मेधा ने कहा- हे राजन्! इस प्रकार देवी के उत्तम माहात्म्य का वर्णन मैंने तुमको सुनाया। जगत को धारण करने वाली इस देवी का ऐसा ही प्रभाव है, वही देवी ज्ञान को देने वाली है और भगवान विष्णु की इस माया के प्रभाव से तुम और यह वैश्य तथा अन्य विवेकीजन मोहित होते हैं और भविष्य में मोहित होंगे। हे राजन्! तुम इसी परमेश्वरी की शरण में जाओ। यही भगवती आराधना करने पर मनुष्य को भोग, स्वर्ग तथा मोक्ष प्रदान करती है। मार्कण्डेय जी ने कहा-महर्षि मेधा की यह बात सुनकर राजा सुरथ ने उन उग्र व्रत वाले ऋषि को प्रणाम किया और राज्य के छिन जाने के कारण उसके मन में अत्यन्त ग्लानि हुई और वह राजा तथा वैश्य तपस्या के लिये वन को चले गये और नदी के तट पर आसन लगाकर भगवती के दर्शनों के लिये तपस्या करने लगे।
दोनों ने नदी के तट पर देवी की मूर्ति बनाई और पुष्प, धूप, दीप तथा हवन द्वारा उसका पूजन करने लगे। पहले उन्होंने आहार को कम कर दिया। फिर बिलकुल निराहार रहकर भगवती में मन लगाकर एकाग्रतापूर्वक उसकी आराधना करने लगे। वह दोनों अपने शरीर के रक्त से देवी को बलि देते हुए तीन वर्ष तक लगातार भगवती की आराधना करते रहे। तीन वर्ष के पश्चात जगत का पालन करने वाली चण्डिका ने उनको प्रत्यक्ष दर्शन देकर कहा, देवी बोली-हे राजन्! तथा अपने कुल को प्रसन्न करने वाले वैश्य! तुम जिस वर की इच्छा रखते हो वह मुझसे माँगो, वह वर मैं तुमको दूँगी क्योंकि मैं तुम पर अत्यन्त प्रसन्न हूँ।
मार्कण्डेय जी कहते हैं-यह सुन राजा ने अगले जन्म में नष्ट न होने वाला अखण्ड राज्य और इस जन्म में बलपूर्वक अपने शत्रुओं को नष्ट करने के पश्चात अपना पुन: राज्य प्राप्त करने के लिये भगवती से वरदान माँगा और वैश्य ने भी जिसका चित्त संसार की ओर से विरक्त हो चुका था, भगवती से अपनी ममता तथा अहंकार रूप आसक्ति को नष्ट कर देने वाले ज्ञान को देने के लिए कहा। देवी ने कहा-हे राजन्! तुम शीघ्र ही अपने शत्रुओं को मारकर पुन: अपना राज्य प्राप्त कर लोगे, तुम्हारा राज्य स्थिर रहने वाला होगा फिर मृत्यु के पश्चात आप सूर्यदेव के अंश से जन्म लेकर सावर्णिक मनु के नाम से इस पृथ्वी पर ख्याति को प्राप्त होगें।
हे वैश्य! कुल में श्रेष्ठ आपने जो मुझसे वर माँगा है वह आपको देती हूँ, आपको मोक्ष को देने वाले ज्ञान की प्राप्ति होगी। मार्कण्डेय जी कहते हैं-इस प्रकार उन दोनों को मनोवांछित वर प्रदान कर तथा उनसे अपनी स्तुति सुनकर भगवती अन्तर्धान हो गई और इस प्रकार क्षत्रियों में श्रेष्ठ वह राजा सुरथ भगवान सूर्यदेव से जन्म लेकर इस पृथ्वी पर सावर्णिक मनु के नाम से विख्यात हुए।
श्री दुर्गा सप्तशती के पाठ के बाद “सिद्धकुंजिका स्तोत्र” का पाठ अवश्य करना चाहिए, इससे सभी मनोरथ पूरे होते हैं.
ध्यान~ मैं तीन नेत्रों वाली दुर्गादेवी का ध्यान करता (करती) हूँ। उनके श्री अंगो की प्रभा बिजली के समान है। हाथों में तलवार और ढाल लिये, अनेक कन्याएँ उनकी सेवा में खड़ी हैं। वे अपने हाथों में, चक्र, गदा, तलवार, ढाल, बाण, धनुष, पाश और तर्जनी मुद्रा धारण किये हुए हैं। उनका स्वरूप अग्रिमय है तथा वे माथे पर, चन्द्रमाका मुकुट धारण करती हैं।
माँ दुर्गा, देवताओं को, सप्तशती पाठ के लाभ बताती हैं
देवी बोली- हे देवताओं! जो पुरुष इन स्तोत्रों द्वारा एकाग्रचित्त होकर मेरी स्तुति करेगा उसके सम्पूर्ण कष्टों को नि:संदेह हर लूँगी। मधुकैटभ के नाश, महिषासुर के वध और शुम्भ तथा निशुम्भ के वध की जो मनुष्य कथा कहेंगे, मेरे महात्म्य को अष्टमी, चतुर्दशी व नवमी के दिन एकाग्रचित्त से भक्तिपूर्वक सुनेंगे, उनको कभी कोई पाप न रहेगा, पाप से उत्पन्न हुई विपत्ति भी उनको न सताएगी, उनके घर में दरिद्रता न होगी और न उनको प्रियजनों का बिछोह होगा, उनको किसी प्रकार का भय न होगा। इसीलिए प्रत्येक मनुष्य को भक्तिपूर्वक मेरे इस कल्याणकारक माहात्म्य को सदा पढ़ना और सुनना चाहिए। मेरा यह माहात्म्य महामारी से उत्पन्न हुए सम्पूर्ण उपद्रवों को एवं तीन प्रकार के उत्पातों को शान्त कर देता है। जिस घर व मंदिर में या जिस स्थान पर मेरा यह स्तोत्र विधि पूर्वक पढ़ा जाता है, उस स्थान का मैं कभी भी त्याग नहीं करती और वहाँ सदा ही मेरा निवास रहता है।
बलिदान, पूजा, होम तथा महोत्सवों में मेरा यह चरित्र उच्चारण करना तथा सुनना चाहिए। ऐसा हवन या पूजन मनुष्य जानकर या बिना जाने करे, मैं उसे तुरन्त ग्रहण कर लेती हूँ और शरद काल में प्रत्येक वर्ष जो महापूजा की जाती है उनमें मनुष्य भक्तिपूर्वक मेरा यह माहात्म्य सुनकर सब विपत्तियों से छूट जाता है और धन, धान्य तथा पुत्रादि से सम्पन्न हो जाता है और मेरे इस माहात्म्य व कथाओं इत्यादि को सुनकर मनुष्य निर्भय हो जाता है और माहात्म्य के श्रवण करने वालों के शत्रु नष्ट हो जाते हैं तथा कल्याण की प्राप्ति होती है और उनका कुल आनन्दित हो जाता है, सब कष्ट शांत हो जाते हैं तथा भयंकर स्वप्न दिखाई देना तथा घरेलू दु:ख इत्यादि सब मिट जाते हैं। बालग्रहों में ग्रसित बालकों के लिए यह मेरा माहात्म्य परम शान्ति देने वाला है। मनुष्यों में फूट पड़ने पर यह भली भाँति मित्रता करवाने वाला है।
मेरा यह माहात्म्य मनुष्यों को मेरी जैसी सामर्थ्य की प्राप्ति करवाने वाला है। पुष्प, अर्ध्य, धूप, गन्ध, दीपक इत्यादि सामग्रियों द्वारा पूजन करने से, ब्राह्मण को भोजन करा के हवन कर के प्रतिदिन अभिषेक कर के नाना प्रकार के भोगों को अर्पण कर के और प्रत्येक वर्ष दान इत्यादि कर के जो मेरी आराधना की जाती है और उससे मैं जैसी प्रसन्न हो जाति हूँ, वैसी प्रसन्न मैं इस चरित्र के सुनने से हो जाती हूँ। यह माहात्म्य श्रवण करने पर पापों को हर लेता है तथा आरोग्य प्रदान करता है, मेरे प्रादुर्भाव का कीर्तन दुष्ट प्राणियों से रक्षा करने वाला है, युद्ध में दुष्ट दैत्यों का संहार करने वाला है। इसके सुनने से मनुष्य को शत्रुओं का भय नहीं रहता।
हे देवताओं! तुमने जो मेरी स्तुति की है अथवा ब्रह्माजी ने जो मेरी स्तुति की है, वह मनुष्यों को कल्याणमयी बुद्धि प्रदान करने वाली है। वन में सूने मार्ग में अथवा दावानल से घिर जाने पर, वन में चोरों से घिरा हुआ या शत्रुओं द्वारा पकड़ा हुआ, जंगल में सिंहों से, व्याघ्रों से या जंगली हाथियों द्वारा पीछा किया हुआ, राजा के क्रुद्ध हो जाने पर मारे जाने के भय से, समुद्र में नाव के डगमगाने पर भयंकर युद्ध में फँसा होने पर, किसी भी प्रकार की पीडा से पीड़ित, घोर बाधाओं से दुखी हुआ मनुष्य, मेरे इस चरित्र को स्मरण करने से संकट से मुक्त हो जाता है।
मेरे प्रभाव से सिंह, चोर या शत्रु इत्यादि दूर भाग जाते हैं और पास नहीं आते। महर्षि ने कहा-प्रचण्ड पराक्रम वाली भगवती चण्डिका यों कहने के पश्चात सब देवताओं के देखते ही देखते अन्तर्धान हो गई और सम्पूर्ण देवता अपने शत्रुओं के मारे जाने पर पहले की तरह यज्ञ भाग का उपभोग करने लगे और उनको अपने अधिकार फिर से प्राप्त हो गये तथा युद्ध में देवताओं के शत्रुओं शुम्भ व निशुम्भ के देवी के हाथों मारे जाने पर बाकी बचे हुए राक्षस पाताल को चले गये। हे राजन्! इस प्रकार भगवती अम्बिका नित्य होती हुई भी बार-बार प्रकट होकर इस जगत का पालन करती है, इसको मोहित करती है, जन्म देती है और प्रार्थना करने पर समृद्धि प्रदान करती है।
हे राजन्! भगवती ही महाप्रलय के समय महामारी का रुप धारण करती है और वही सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में व्याप्त है और वही भगवती समय-समय पर महाकाली तथा महामारी का रूप बनाती है और स्वयं अजन्मा होती हुई भी सृष्टि के रूप में प्रकट होती है, वह सनातनी देवी प्राणियों का पालन करती है और वही मनुष्य के अभ्युदय के समय घर में लक्ष्मी का रूप बनाकर स्थित हो जाती है तथा अभाव के समय दरिद्रता बनकर विनाश का कारण बन जाती है। पुष्प, धूप और गन्ध आदि से पूजन करके उसकी स्तुति करने से वह धन एवं पुत्र देती है और धर्म में शुभ बुद्धि प्रदान करती है।
इस प्रकार श्रीमार्कंडेयपुराण में सावर्णिक मन्वंतर की कथा के अंतर्गत देवीमाहाम्य में फलस्तुति नामक बारहवां अध्याय पूरा हुआ। (साभार astrodisha)
नवरात्रि पर्व: सातवें दिन दुर्गा माता के सातवें स्वरूप माँ कालरात्रि की पूजा
नवरात्रि पर्व के सातवें दिन दुर्गा माता के सातवें स्वरूप माँ कालरात्रि की पूजा अर्चना की जाती है। मान्यता है इस दिन पूरी श्रद्धा के साथ माता की आराधना करने और व्रत रखने से अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है। मां कालरात्रि को गुड़ का भोग प्रिय है।
देवी कालरात्रि मां दुर्गा का सप्तम रूप है। माता अत्यंत दयालु-कृपालु हैं। यह देवी सर्वत्र विजय दिलाने वाली, मन एवं मस्तिष्क के समस्त विकारों को दूर करने वाली है। यह मां दुर्गा की सातवीं शक्ति तथा कालरात्रि के नाम से जानी जाती है अर्थात जिनके शरीर का रंग घने अंधकार की तरह एकदम काला है। इनका रूप भयानक है। सिर के बाल बिखरे हुए हैं और गले में विद्युत की तरह चमकने वाली माला है। अंधकारमय स्थितियों का विनाश करने वाली शक्ति हैं कालरात्रि। काल से भी रक्षा करने वाली यह शक्ति है। इस देवी के तीन नेत्र हैं। ये तीनों ही नेत्र ब्रह्मांड के समान गोल हैं। इनकी सांसों से अग्नि निकलती रहती है। ये गर्दभ की सवारी करती हैं। ऊपर उठे हुए दाहिने हाथ की वर मुद्रा भक्तों को वर देती है। दाहिनी ही तरफ का नीचे वाला हाथ अभय मुद्रा में है। यानी भक्तों हमेशा निडर, निर्भय रहो। बाईं तरफ के ऊपर वाले हाथ में लोहे का कांटा तथा नीचे वाले हाथ में खड्ग है। इनका रूप भले ही भयंकर हो लेकिन ये सदैव शुभ फल देने वाली मां हैं। इसीलिए ये शुभंकरी कहलाईं अर्थात् इनसे भक्तों को किसी भी प्रकार से भयभीत या आतंकित होने की कतई आवश्यकता नहीं। उनके साक्षात्कार से भक्त पुण्य का भागी बनता है। कालरात्रि की उपासना करने से ब्रह्मांड की सारी सिद्धियों के दरवाजे खुलने लगते हैं और तमाम आसुरी शक्तियां उनके नाम के उच्चारण से ही भयभीत होकर दूर भागने लगती हैं। इसलिए दानव, दैत्य, राक्षस और भूत-प्रेत उनके स्मरण से ही भाग जाते हैं। ये ग्रह बाधाओं को भी दूर करती हैं और अग्नि, जल, जंतु, शत्रु और रात्रि भय दूर हो जाते हैं। इनकी कृपा से भक्त हर तरह के भय से मुक्त हो जाता है। (साभार)
अग्निशमन सेवा स्मृति दिवस: सेवा सुरक्षा सप्ताह शुरू
लखनऊ/बिजनौर।“अग्निशमन सेवा स्मृति दिवस” आज रविवार 14 अप्रैल को मनाया जा रहा है। इस अवसर पर पश्चिम उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर में पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने अग्निशमन सेवा सुरक्षा सप्ताह (14 अप्रैल से 20 अप्रैल) का हरी झण्डी दिखाकर शुभारम्भ किया। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम अर्ज व मुख्य अग्निशमन अधिकारी उपस्थित रहे।
शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह का शुभारंभ किया गया। अग्निशमन वाहनों की रैली कार्यालय पुलिस अधीक्षक बिजनौर से शुरू होकर नुमाईश ग्राउण्ड, जजी चौक, रोडवेज बस स्टैंड, सिविल लाईन, शक्ति चौक, कोतवाली तिराहा, जानी के चौराहे, झालू रोड काली के मन्दिर, सेन्ट मैरी चौराहे, चक्का चौराहा से होते हुए वापस फायर स्टेशन पर समाप्त हुई।
इस वर्ष की थीम: “अग्नि सुरक्षा सुनिश्चित करें, राष्ट्र निर्माण में योगदान दें”
मुख्य अग्निशमन अधिकारी बिजनौर के नेतृत्व में फायर स्टेशन बिजनौर पर दिवंगत अग्निशमन कर्मियो को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अग्निशमन विभाग ने इस बार “अग्नि सुरक्षा सुनिश्चित करें, राष्ट्रीय निर्माण में योगदान दें” स्लोगन जारी किया है। इस वर्ष की थीम है “Ensure Fire Safety, Contribute towards Nation Building” “अग्नि सुरक्षा सुनिश्चित करें, राष्ट्र निर्माण में योगदान दें”। इसका मकसद अधिक से अधिक लोगों को अग्नि सुरक्षा से बचाव के तरीके सिखाकर अग्निकांड की घटनाओं व उससे होने वाले नुकसान में कमी लाना है। इस अवसर पर फायर स्टेशन बिजनौर पर आयोजित स्मृति दिवस परेड के अवसर पर प्रभारी अग्निशमन अधिकारी बिजनौर सहित अग्निशमन तथा आपात सेवा बिजनौर के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे। मुख्य अग्निशमन अधिकारी बिजनौर द्वारा जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक नगर / ग्रामीण, जनपद बिजनौर सहित अन्य अधिकारीगणों को पिन फ्लैग लगाए गए।
इसी प्रकार फायर स्टेशन नगीना / नजीबाबाद / चान्दपुर / धामपुर पर भी स्मृति दिवस परेड का आयोजन किया गया जिसमें दिवंगत अग्निशमन कर्मियो को पुष्पचक्र चढा कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अग्निशमन रैली में समस्त चौराहों पर वाहनों को रोककर आम नागरिकों में अग्नि सुरक्षा प्रचार-प्रसार किया तथा अग्नि निरोधक पम्पलेट वितरित किए गए।
20 तक मनाया जाएगा अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह
आज से 20 अप्रैल तक मनाए जाने वाले अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत शिक्षा संस्थानों में अग्नि सुरक्षा विषय पर निबंध, चित्रकला व व्याख्यान का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा भवनों, व्यावसायिक प्रतिष्ठान व सभागारों का निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरुक कर अग्नि निवारण, जीवन संरक्षा एवं अग्निशमन व्यवस्थाओं की जांच एवं मॉक ड्रिल अभियान चलाया जाएगा। आग से बचाव और रोकथाम के प्रति जागरूकता लाने को दमकल कर्मी रैली निकालेंगे।
66 अग्निशमन कर्मियों की स्मृति में मनाते हैं दिवस
14 अप्रैल 1944 को मुंबई बंदरगाह पर मालवाहक जहाज फोर्ट स्टीकेन में आग लग गई थी। इस आग पर काबू पाने के प्रयास में 66 दमकलकर्मी शहीद हो गए थे। तभी से शहीदों की याद में हर साल 14 अप्रैल को अग्निशमन सेवा दिवस मनाया जाता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को हनुमान जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। वर्ष 2024 में हनुमान जन्मोत्सव 23 अप्रैल, मंगलवार को है। ऐसा माना जाता है कि हनुमान जी का जन्म सूर्योदय के समय हुआ था।
हनुमान जन्मोत्सव पर्व के दिन भक्त बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए विधि-विधान से पूजा करते हैं और उपवास रखते हैं। हनुमान जन्मोत्सव के दिन मंदिरों में प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में आध्यात्मिक प्रवचनों का आयोजन किया जाता है, जो सूर्योदय के साथ ही समाप्त हो जाते हैं।
हनुमान जन्मोत्सव पर बन रहा अद्भुत संयोग :
हनुमान जन्मोत्सव पर वर्ष 2024 में सालों बाद अद्भुत संयोग बन रहा है। शास्त्रों में मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित माना गया है और 2024 में हनुमान जन्मोत्सव के दिन भी मंगलवार पड़ रहा है। मंगलवार के दिन हनुमान जन्मोत्सव होने के कारण इस दिन का महत्व और बढ़ रहा है।
हनुमान जन्मोत्सव 2024 शुभ मुहूर्त-
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ 23 अप्रैल 2024 को सुबह 03 बजकर 25 मिनट से शुरू होकर 06 24 अप्रैल 2023 को सुबह 05 बजकर 18 मिनट पर समाप्त होगी।
हनुमान जन्मोत्सव की आवश्यक सामग्री-
सिंदूर, लाल फूल, जनेऊ, कलश, चमेली का तेल, लाल कपड़ा या लाल लंगोट, गंगाजल, गंगाजल, इत्र, घी, धूप, अगरबत्ती, दीप, पंचामृत, नारियल, चंदन, फल, मिठाई, तुलसी पत्र, मोतीचूर का लड्डू, पान, पूजा की चौकी व अक्षत आदि।
हनुमान जी की पूजा विधि –
1. हनुमान जन्मोत्सव व्रत की पूर्व रात को जमीन पर सोने से पहले भगवान राम और माता सीता के साथ-साथ हनुमान जी का स्मरण करें। 2. प्रात: जल्दी उठकर दोबारा राम-सीता एवं हनुमान जी को याद करें। 3. अब हाथ में गंगाजल लेकर व्रत का संकल्प करें। 4. इसके बाद, पूर्व की ओर भगवान हनुमान जी की प्रतिमा को स्थापित करें। 5. अब भावपूर्ण बजरंगबली की प्रार्थना करें। 6. विधि विधान से श्री हनुमानजी की आराधना करें।
हनुमान जन्मोत्सव से जुड़ी पौराणिक कथा
पौराणिक कथाओं के अनुसार, अंजना एक अप्सरा थीं। श्राप के कारण उनका जन्म पृथ्वी पर हुआ था। यह श्राप उन पर से तभी हट सकता था, जब वे एक संतान को जन्म देतीं। वाल्मीकि रामायण के अनुसार महाराज केसरी बजरंगबली जी के पिता थे। वे सुमेरू के राजा थे और केसरी बृहस्पति के पुत्र थे। अंजना ने संतान प्राप्ति के लिए 12 वर्षी तक भगवान शिव की घोर तपस्या की। परिणाम स्वरूप उन्होंने संतान के रूप में हनुमानजी को प्राप्त किया। हनुमान जी को भगवान शिव का ही अवतार माना जाता है।
रावण को प्रदान किया मोक्ष
विष्णु जी के राम अवतार के बाद रावण को दिव्य शक्ति प्रदान हो गई। रावण ने अपनी मोक्ष प्राप्ति हेतु शिवजी से कोई उपाय बताने की प्रार्थना की। तब शिवजी ने राम के हाथों मोक्ष प्रदान करने के लिए लीला रची। शिवजी की लीला के अनुसार उन्होंने हनुमान के रूप में जन्म लिया ताकि रावण को मोक्ष दिलवा सकें। इस कार्य में रामजी का साथ देने हेतु स्वयं शिवजी के अवतार हनुमान जी आए थे, जो कि सदा के लिए अमर हो गए। वरदान के अनुसार रावण को मृत्यु के साथ साथ मोक्ष भी दिलवाया।
डॉ. अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर बरेली में हुआ कार्यक्रम
लोकप्रिय कवि दीपक मुखर्जी ‘दीप’ को भीम स्मृति सम्मान -2024
बरेली। साहित्यिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए लोकप्रिय कवि दीपक मुखर्जी ‘दीप’ को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर संस्था द्वारा भीम स्मृति सम्मान -2024 से अलंकृत किया गया
साहित्यिक संस्था- कवि गोष्ठी आयोजन समिति के तत्वावधान में स्थानीय पांचालपुरी में संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ.भीमराव अंबेडकर की 134 वीं जयंती की पूर्व संध्या पर सरस कवि गोष्ठी एवं सम्मान कार्यक्रम समाजसेवी योगेश जौहरी के संयोजन में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि रणधीर प्रसाद गौड़ ‘धीर’ ने की, मुख्य अतिथि साहित्यकार डॉ. महेश मधुकर रहे। माँ शारदे एवं अंबेडकर जी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान साहित्यिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए लोकप्रिय कवि दीपक मुखर्जी ‘दीप’ को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर संस्था द्वारा भीम स्मृति सम्मान -2024 से अलंकृत किया गया। इस अवसर पर संस्था के सचिव उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट ने अंबेडकर जयंती पर अपनी रचना प्रस्तुत करते हुए कहा कि-
संविधान के निर्माता के, सुंदर कथन- वचन, काम कर गए इतने ऊँचे, बौना लगे गगन; आओ उनके आदर्शों को, हम सब अपनाएंँ, करें जयंती पर उनको हम,सौ-सौ बार नमन।
सम्मानित साहित्यकार डॉ. महेश मधुकर ने बाबा साहेब को समर्पित अपनी रचना इस प्रकार प्रस्तुत की-
विधिवेत्ता, शिक्षाविद, दर्शन, राजनीति के ज्ञानी थे। विषय अछूता रहा न कोई, बाबा अद्भुत प्रानी थे।।
साहित्यकार रणधीर प्रसाद गौड़ “धीर” ने अपनी रचना के माध्यम से कहा कि …
भीम राव का जन्मदिन सुबह सुहानी शाम।। अटल रही अविचल रही कर्मठता अविराम।।
सरस कवि गोष्ठी में कवियों ने भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार बाबा साहेब को अपनी रचनाओं के माध्यम से याद किया और उनकी महिमा का गुणगान किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से अतुल सक्सेना, सुभाष रावत, राहत बरेलवी, बृजेंद्र तिवारी अकिंचन, रामकुमार भारद्वाज, अफरोज, उमेश अद्भुत, अश्वनी कुमार तन्हा, राजकुमार अग्रवाल एवं रीतेश साहनी आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मनोज दीक्षित टिंकू ने किया। अंत में आभार कार्यक्रम संयोजक योगेश जौहरी ने सभी के प्रति प्रकट किया।
योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट बिजनौर की मुहिम
जिला कारागार बिजनौर में योग का जन आंदोलन
बिजनौर। योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट बिजनौर अध्यक्ष योगेश कुमार की टीम योगाचार्य राम सिंह पाल, डॉक्टर सुनील राजपूत, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सक डॉक्टर गजेंद्र कुमार शर्मा जिला अस्पताल बिजनौर, सोमदत्त शर्मा योग एवं प्राकृतिक चिकित्सक, डॉ. नरेंद्र सिंह आहार आयुर्वेदाचार्य प्राकृतिक चिकित्सक योगाचार्य के द्वारा जिला कारागार में कैदियों एवं जिला कारागार के स्टाफ को योग आसन और प्राणायाम कराया गया।
इस दौरान सूर्य नमस्कार, ग्रीवा संचालन, स्कंद चालन, कटि संचालन, घुटना संचालन, वृक्ष आसन, तिर्यक आसन, कोणासन, मंडूकासन, गोमुखासन, मर्जरी आसन, पश्चिमोत्तानासन, उत्तानपादासन, सर्वांगासन, हलासन, उष्ट्रासन, पद्मासन, मयूरी आसन, मयूरासन, प्राणायाम में अनुलोम विलोम, भ्रामरी गीत, भस्त्रिका, कपालभाति एवं चक्रों का जागरण एवं ध्यान कराया गया।
डॉ नरेंद्र सिंह ने कहा कि पाप बड़ा होता है पापी नहीं। आंखें एक ही होती है परंतु नजरिया बदल जाता है। ईश्वर सर्वव्यापक है, मंदिर में मस्जिद में गुरुद्वारे में चर्च में सभी जगह एक ही ईश्वर का निवास है। सभी जीवों के अंदर एक ही परमपिता परमात्मा का निवास है। हमें मानव के कल्याण के लिए, राष्ट्र के निर्माण के लिए कार्य करना है। डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने कैदियों से कहा कि जिला कारागार से बाहर जाने के बाद अच्छे कार्य करें, अपने परिवार के लिए कार्य करें। समाज के लिए कार्य करें। राष्ट्र के लिए कार्य करें और ऐसे कार्य करें कि पुनः इस कारागार में आने की नौबत ना आए।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि जिला जेलर रविंद्र कुमार का फूल मालाओं से स्वागत किया गया। कार्यक्रम के अंत में जेलर रविंद्र कुमार द्वारा कैदियों को योग कराने के लिए सभी योगाचार्य को हार्दिक धन्यवाद दिया तथा जलपान कराया।
काशी विश्वनाथ मंदिर में पुजारी के वेश में पुलिसकर्मियों की तैनाती
वाराणसी (एजेंसी)। काशी विश्वनाथ मंदिर में पुजारी के वेश में पुलिसकर्मियों की तैनाती पर अखिलेश यादव भड़क गए हैं। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में पुजारियों की पोशाक में पुलिसकर्मियों को तैनात करने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने मंदिर में पुजारियों की पोशाक में पुलिसकर्मी तैनात करने का आदेश देने वाले अधिकारी को निलंबित करने की मांग की है। बताया गया है कि वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के आदेश पर मंदिर में पुजारी की पोशाक में पुरुष और महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पुरुष पुलिसकर्मी धोती-कुर्ता पहने हुए हैं, वहीं महिला पुलिसकर्मी सलवार कुर्ता पहने हुए हैं।
अखिलेश यादव ने निंदनीय बताया: अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि ‘पुजारी के वेश में पुलिसकर्मियों का होना किस ‘पुलिस मैन्युअल’ के हिसाब से सही है? इस तरह का आदेश देने वालों को निलंबित किया जाए। कल को इसका लाभ उठाकर कोई भी ठग भोली-भाली जनता को लूटेगा तो उत्तर प्रदेश शासन-प्रशासन क्या जवाब देगा, निंदनीय है ये।’
काशी विश्वनाथ में तैनात पुलिस
वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट का फैसला
विदित हो कि काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या रिकॉर्ड तोड़ बढ़ रही है। इसे लेकर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से काशी विश्वनाथ के गर्भगृह में पुलिसकर्मियों की ड्रेस पुजारियों की तरह रखने का फैसला लिया गया। गेरुआ वेशभूषा में तैनात इन सुरक्षाकर्मी के गले में रुद्राक्ष, माथे पर त्रिपुंड होगा। पुलिस के अनुसार, जिस तरह मंदिर में पुलिसकर्मी तैनात होते हैं, इससे दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को धक्का-मुक्की का भी सामना करना पड़ा रहा था। साथ ही उनके साथ दुर्व्यवहार जैसी शिकायतें भी मिल रही थीं। इसी बात का संज्ञान लेते हुए यह फैसला लिया गया।
काशी विश्वनाथ में तैनात पुलिस
क्या बोले वाराणसी पुलिस कमिश्नर
वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बताया कि मंदिर में ड्यूटी अन्य जगहों से अलग है क्योंकि पुलिस को यहां विभिन्न प्रकार की भीड़ का प्रबंधन करना पड़ता है। यहां भीड़ कानून और व्यवस्था की समस्या पैदा करने के लिए नहीं है। पुलिस यहां लोगों को आसान दर्शन सुनिश्चित करने और उनकी सहायता और मार्गदर्शन करने के लिए है। उन्होंने कहा, “पुलिसकर्मियों द्वारा धक्का दिए जाने पर भक्तों को चोट लगती है, अगर यही बात पुजारी करते हैं तो वे इसे सकारात्मक तरीके से लेते हैं। नो टच पॉलिसी का पालन करते हुए, पुजारियों की पोशाक में पुलिसकर्मियों को तैनात किया जा रहा है।” इसके अलावा ऐसा नहीं है कि सभी पुलिसकर्मी पुजारी के ही वेश में रहेंगे। कुछ पुलिसकर्मी अपनी वर्दी में तैनात रहेंगे और महिला पुलिसकर्मी महिलाओं को दर्शन के बाद आगे बढ़ते रहने के लिए अपील करती रहेंगी। वीआईपी मूवमेंट के समय पुलिसकर्मी आमतौर पर श्रद्धालुओं को हटा देते हैं। इससे उनको ठेस पहुंचती है और वह नकारात्मक सोच लेकर मंदिर से जाते हैं।
काशी विश्वनाथ में तैनात पुलिस
बकायदा 03 दिन की होगी ट्रेनिंग
मंदिर में ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों को बकायदा 3 दिन की ट्रेनिंग दी जाएगी। थानों पर ड्यूटी से बिल्कुल अलग मंदिर पर ड्यूटी करना होता है। मंदिर में जो पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, उन्हें मृदुभाषी होने के साथ-साथ दूसरी भाषाओं का थोड़ा-थोड़ा ज्ञान दिया जाएगा ताकि दूसरे राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को समझा सकें। इसके लिए प्रशासन की ओर से एक हेल्प डेस्क की व्यवस्था मंदिर में की जा रही है।ट्रेनिंग के दौरान पुलिसकर्मियों को काशी के प्रमुख स्थलों के बारे में भी बताया जाएगा और उनको श्रद्धालुओं को देने के लिए पर्चा भी दिया जाएगा ताकि वे श्रद्धालुओं की जिज्ञासा को पूरी तरह से शांत कर सकें।
महर्षि कात्यायन के यहां महिषासुर मर्दिनी ने लिया था जन्म
मां कात्यायनी की कथा
महर्षि कात्यायन ने देवी आदिशक्ति की घोर तपस्या की थी। इसके परिणामस्वरूप उन्हें देवी उनकी पुत्री के रूप में प्राप्त हुई थीं। देवी का जन्म महर्षि कात्यायन के आश्रम में हुआ था। इनकी पुत्री होने के चलते ही इन्हें कात्यायनी पुकारा जाता है। देवी का जन्म जब हुआ था उस समय महिषासुर नाम के राक्षस का अत्याचार बहुत ज्यादा बढ़ गया था। असुरों ने धरती के साथ-साथ स्वर्ग में त्राहि त्राहि मचा दी थी। त्रिदेवों के तेज देवी ने ऋषि कात्यायन के घर अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन जन्म लिया था। इसके बाद ऋषि कात्यायन ने मां का पूजन तीन दिन तक किया। इसके बाद दशमी तिथि के दिन महिषासुर का अंत मां ने किया था। इतना ही नहीं, शुम्भ और निशुम्भ ने स्वर्गलोक पर आक्रमण कर दिया था। वहीं, इंद्र का सिंहासन भी छीन लिया था। सिर्फ इतना ही नहीं नवग्रहों को बंधक भी बना लिया था। असुरों ने अग्नि और वायु का बल भी अपने कब्जे में कर लिया था। स्वर्ग से अपमानित कर असुरों ने देवताओं को निकाल दिया। तब सभी देवता देवी के शरण में गए और उनसे प्रार्थना की कि वो उन्हें असुरों के अत्याचार से मुक्ति दिलाए। मां ने इन असुरों का वध किया और सबको इनके आतंक से मुक्त किया।
!! देवताओं का देवी की स्तुति करना और देवी का देवताओं को वरदान देना !!
महर्षि मेधा कहते हैं-दैत्य के मारे जाने पर इन्द्रादि देवता अग्नि को आगे कर के कात्यायनी देवी की स्तुति करने लगे, उस समय अभीष्ट की प्राप्ति के कारण उनके मुख खिले हुए थे। देवताओं ने कहा-हे शरणागतों के दु:ख दूर करने वाली देवी! तुम प्रसन्न होओ, हे सम्पूर्ण जगत की माता! तुम प्रसन्न होओ। विन्ध्येश्वरी! तुम विश्व की रक्षा करो क्योंकि तुम इस चर और अचर की ईश्वरी हो। हे देवी! सम्पूर्ण जगत की आधार रूप हो क्योंकि तुम पृथ्वी रूप में भी स्थित हो और अत्यन्त पराक्रम वाली देवी हो, तुम विष्णु की शक्ति हो और विश्व की बीज परम माया हो और तुमने ही इस सम्पूर्ण जगत को मोहित कर रखा है। तुम्हारे प्रसन्न होने पर ही यह पृथ्वी मोक्ष को प्राप्त होती है।
हे देवी! सम्पूर्ण विद्याएँ तुम्हारे ही भिन्न-भिन्न स्वरुप हैं। इस जगत में जितनी स्त्रियाँ हैं वह सब तुम्हारी ही मूर्त्तियाँ हैं। एक मात्र तुमने ही इस जगत को व्याप्त कर रखा है। तुम्हारी स्तुति किस प्रकार हो सकती है क्योंकि तुम परमबुद्धि रूप हो और सम्पूर्ण प्राणिरूप स्वर्ग और मुक्ति देने वाली हो। अत: इसी रूप में तुम्हारी स्तुति की गई है। तुम्हारी स्तुति के लिए इससे बढ़कर और क्या युक्तियाँ हो सकती हैं, सम्पूर्ण जनों के हृदय में बुद्धिरुप होकर निवास करने वाली, स्वर्ग तथा मोक्ष प्रदान करने वाली हे नारायणी देवी! तुमको नमस्कार है। कलाकाष्ठा आदि रुप से अवस्थाओं को परिवर्तन की ओर ले जाने वाली तथा प्राणियों का अन्त करने वाली नारायणी तुमको नमस्कार है।
हे नारायणी! सम्पूर्ण मंगलों के मंगलरुप वाली! हे शिवे, हे सम्पूर्ण प्रयोजनों को सिद्ध करने वाली! हे शरणागतवत्सला, तीन नेत्रों वाली गौरी! तुमको नमस्कार है, सृष्टि, स्थिति तथा संहारव की शक्तिभूता, सनातनी देवी गुणों का आधार तथा सर्व सुखमयी नारायणी तुमको नमस्कार है! हे शरण में आये हुए शरणागतों दीन दुखियों की रक्षा में तत्पर, सम्पूर्ण पीड़ाओं को हरने वाली हे नारायणी! तुमको नमस्कार है। हे नारायणी! तुम ब्रह्माणी का रूप धारण करके हंसों से जुते हुए विमान पर बैठती हो तथा कुश से अभिमंत्रित जल छिड़कती रहती हो, तुम्हें नमस्कार है, माहेश्वरी रूप से त्रिशूल, चन्द्रमा और सर्पों को धारण करने वाली हे महा वृषभ वाहन वाली नारायणी! तुम्हें नमस्कार है।
मोरों तथा मुक्कुटों से घिरी रहने वाली, महाशक्ति को धारण करने वाली हे कौमारी रूप धारिणी! निष्पाप नारायणी! तुम्हें नमस्कार है। हे शंख, चक्र, गद फर श्रांग धनुष रूप आयुधों को धारण करने वाली वैष्णवी शक्ति रूपा नारायणी! तुम हम पर प्रसन्न होओ, तुम्हें नमस्कार है। हे दाँतों पर पृथ्वी धारण करने वाली वाराह रूपिणी कल्याणमयी नारायणी! तुम्हे नमस्कार है। हे उग्र नृसिंह रुप से दैत्यों को मारने वाली, त्रिभुवन की रक्षा में संलग्न रहने वाली नारायणी! तुम्हें नमस्कार है। हे मस्तक पर किरीट और हाथ में महावज्र धारण करने वाली, सहस्त्र नेत्रों के कारण उज्जवल, वृत्रासुर के प्राण हरने वाली ऎन्द्रीशक्ति, हे नारायणी! तुम्हें नमस्कार है, हे शिवदूती स्वरुप से दैत्यों के महामद को नष्ट करने वाली, हे घोररुप वाली! हे महाशब्द वाली! हे नारायणी! तुम्हें नमस्कार है।
दाढ़ो के कारण विकराल मुख वाली, मुण्डमाला से विभूषित मुण्डमर्दिनी चामुण्डारूपा नारायणी! तुम्हें नमस्कार है। हे लक्ष्मी, लज्जा, महाविद्या, श्रद्धा, पुष्टि, स्वधा, ध्रुवा, महारात्रि तथा महाविद्यारूपा नारायणी! तुमको नमस्कार है। हे मेधा, सरस्वती, सर्वोत्कृष्ट, ऎश्वर्य रूपिणी, पार्वती, महाकाली, नियन्ता तथा ईशरूपिणी नारायणी! तुम्हें नमस्कार है। हे सर्वस्वरूप सर्वेश्वरी, सर्वशक्तियुक्त देवी! हमारी भय से रक्षा करो, तुम्हे नमस्कार है। हे कात्यायनी! तीनों नेत्रों से भूषित यह तेरा सौम्यमुख सब तरह के डरों से हमारी रक्षा करे, तुम्हें नमस्कार है। हे भद्रकाली! ज्वालाओं के समान भयंकर, अति उग्र एवं सम्पूर्ण असुरों को नष्ट करने वाला तुम्हारा त्रिशूल हमें भयों से बचावे, तुमको नमस्कार है। हे देवी! जो अपने शब्द से इस जगत को पूरित कर के दैत्यों के तेज को नष्ट करता है वह आपका घण्टा इस प्रकार हमारी रक्षा करे जैसे कि माता अपने पुत्रों की रक्षा करती है। हे चण्डिके! असुरों के रक्त और चर्बी से चर्चित जो आपकी तलवार है, वह हमारा मंगल करे! हम तुमको नमस्कार करते हैं।
हे देवी! तुम जब प्रसन्न होती हो तो सम्पूर्ण रोगों को नष्ट कर देती हो और जब रूष्ट हो जाती हो तो सम्पूर्ण वांछित कामनाओं को नष्ट कर देती हो और जो मनुष्य तुम्हारी शरण में जाते हैं उन पर कभी विपत्ति नहीं आती। बल्कि तुम्हारी शरण में गये हुए मनुष्य दूसरों को आश्रय देने योग्य हो जाते हैं। अनेक रूपों से बहुत प्रकार की मूर्तियों को धारण कर के इन धर्मद्रोही असुरों का तुमने संहार किया है, वह तुम्हारे सिवा कौन कर सकता था? चतुर्दश विद्याएँ, षटशास्त्र और चारों वेद तुम्हारे ही प्रकाश से प्रकाशित हैं, उनमें तुम्हारा ही वर्णन है और जहाँ राक्षस, विषैले सर्प शत्रुगण हैं वहाँ और समुद्र के बीच में भी तुम साथ रहकर इस विश्व की रक्षा करती हो।
हे विश्वेश्वरि! तुम विश्व का पालन करने वाली विश्वरूपा हो इसलिए सम्पूर्ण जगत को धारण करती हो. इसीलिए ब्रह्मा, विष्णु, महेश की भी वन्दनीया हो। जो भक्तिपूर्वक तुमको नमस्कार करते हैं, वह विश्व को आश्रय देने वाले बन जाते हैं. हे देवी! तुम प्रसन्न होओ और असुरों को मारकर जिस प्रकार हमारी रक्षा की है, ऎसे ही हमारे शत्रुओं से सदा हमारी रक्षा करती रहो। सम्पूर्ण जगत के पाप नष्ट कर दो और पापों तथा उनके फल स्वरूप होने वाली महामारी आदि बड़े-2 उपद्रवों को शीघ्र ही दूर कर दो। विश्व की पीड़ा को हरने वाली देवी! शरण में पड़े हुओं पर प्रसन्न होओ। त्रिलोक निवासियों की पूजनीय परमेश्वरी हम लोगों को वरदान दो।
देवी ने कहा-हे देवताओं! मैं तुमको वर देने को तैयार हूँ। आपकी जेसी इच्छा हो, वैसा वर माँग लो मैं तुमको दूँगी। देवताओं ने कहा-हे सर्वेश्वरी! त्रिलोकी के निवासियों की समस्त पीड़ाओं को तुम इसी प्रकार हरती रहो और हमारे शत्रुओं को इसी प्रकार नष्ट करती रहो। देवी ने कहा-वैवस्वत मन्वन्तर के अट्ठाईसवें युग में दो और महा असुर शुम्भ और निशुम्भ उत्पन्न होगें। उस समय मैं नन्द गोप के घर से यशोदा के गर्भ से उत्पन्न होकर विन्ध्याचल पर्वत पर शुम्भ और निशुम्भ का संहार करूँगी, फिर अत्यन्त भयंकर रूप से पृथ्वी पर अवतीर्ण होकर मैं वैप्रचित्ति नामक दानवों का नाश करूँगी। उन भयंकर महा असुरों को भक्षण करते समय मेरे दाँत अनार पुष्प के समान लाल होगें, इसके पश्चात स्वर्ग में देवता और पृथ्वी पर मनुष्य मेरी स्तुति करते हुये मुझे रक्त दन्तिका कहेंगी फिर जब सौ वर्षों तक वर्षा न होगी तो मैं ऋषियों के स्तुति करने पर आयोनिज नाम से प्रकट होऊँगी और अपने सौ नेत्रों से ऋषियों की ओर देखूँगी। अत: मनुष्य शताक्षी नाम से मेरा कीर्तन करेगें। उसी समय मैं अपने शरीर से उत्पन्न हुए प्राणों की रक्षा करने वाले शाकों द्वारा सब प्राणियों का पालन करूँगी और तब इस पृथ्वी पर शाकम्भरी के नाम से विख्यात होऊँगी और इसी अवतार में मैं दुर्ग नामक महा असुर का वध करूँगी और इससे मैं दुर्गा देवी के नाम से प्रसिद्ध होऊँगी। इसके पश्चात जब मैं भयानक रूप धारण कर के हिमालय निवासी ऋषियों महर्षियों की रक्षा करूँगी तब भीमा देवी के नाम से मेरी ख्याति होगी और जब फिर अरुण नामक असुर तीनों लोकों को पीड़ित करेगा तब मैं असंख्य भ्रमरों का रूप धारण कर के उस महा दैत्य का वध करूँगी तब स्वर्ग में देवता और मृत्युलोक में मनुष्य मेरी स्तुति करते हुए मुझे भ्रामरी नाम से पुकारेगें। इस प्रकार जब-जब पृथ्वी राक्षसों से पीड़ित होगी तब-तब मैं अवतरित होकर शत्रुओं का नाश करूँगी।
मां दुर्गा के नौ रूपों में कात्यायनी देवी का है छठा रूप
चैत्र नवरात्रि के छठे दिन होती है मां कात्यायनी की पूजा
मां दुर्गा के नौ रूपों में छठा रूप कात्यायनी देवी का है, यजुर्वेद में प्रथम बार ‘कात्यायनी’ नाम का उल्लेख मिलता है। आदि शक्ति मां दुर्गा के नौ रूपों में छठा रूप कात्यायनी देवी का है। आपको बता दें कि यजुर्वेद में प्रथम बार ‘कात्यायनी’ नाम का उल्लेख मिलता है। माना जाता है कि देवताओं का कार्य सिद्ध करने के लिए आदि शक्ति देवी के रूप में महर्षि कात्यायन के आश्रम में प्रकट हुई थीं। महर्षि ने देवी को अपनी कन्या माना था, तभी से उनका नाम ‘कात्यायनी’ पड़ गया। कात्यायनी की पूजा- अर्चना करने से व्यक्ति को अपनी सभी इंद्रियों को वश में करने की शक्ति प्राप्त होती है। कात्यायनी मां को दानवों, असुरों और पापियों का नाश करने वाली देवी कहा गया है। मां कात्यायनी की चार भुजाएं हैं और इनकी सवारी सिंह है। महिषासुर नामक दैत्य का वध करने वाली माता भी यही हैं।
पूजा- विधि, मंत्र और आरती…
पूजा विधि:
भक्तों को सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि से निवृत होकर स्वच्छ कपड़े पहनने चाहिए। फिर लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मां कात्यायनी (दुर्गा मां) की मूर्ति स्थापित करें। मां को रोली और सिंदूर का तिलक लगाएं। फिर मंत्रों का जाप करते हुए कात्यायनी देवी को फूल अर्पित करें और शहद का भोग लगाएं। घी का दीपक जलाकर दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। बाद में दुर्गा चालीसा का पाठ कर, आरती करें और मां से सुख- समृद्धि की कामना करें। साथ ही आखिर में प्रसाद सभी लोगों में बांट दें।
पौराणिक कथा
पौराणिक कथाओं अनुसार महर्षि कात्यायन ने भगवती जगदम्बा को पुत्री के रूप में प्राप्त करने के लिए कठिन तपस्या की थी। कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर महर्षि कात्यायन के यहां देवी ने पुत्री के रूप में जन्म लिया, जिससे वह मां कात्यायनी कहलायीं। मां ने कई राक्षसों का वध कर, संसार को भय मुक्त कराया। कहा जाता है कि नवरात्रि के छठवें दिन इनकी पूजा करने से साधक का मन आज्ञा चक्र में स्थित रहता है।
मां कात्यायनी की आरती
जय जय अम्बे, जय कात्यायनी।
जय जगमाता, जग की महारानी।
बैजनाथ स्थान तुम्हारा।
वहां वरदाती नाम पुकारा।
कई नाम हैं, कई धाम हैं।
यह स्थान भी तो सुख धाम है।
हर मंदिर में जोत तुम्हारी।
कहीं योगेश्वरी महिमा न्यारी।
हर जगह उत्सव होते रहते।
हर मंदिर में भक्त हैं कहते।
कात्यायनी रक्षक काया की।
ग्रंथि काटे मोह माया की।
झूठे मोह से छुड़ाने वाली।
अपना नाम जपाने वाली।
बृहस्पतिवार को पूजा करियो।
ध्यान कात्यायनी का धरियो।
हर संकट को दूर करेगी।
भंडारे भरपूर करेगी।
जो भी मां को भक्त पुकारे।
कात्यायनी सब कष्ट निवारे।
इन मंत्रों का करें जाप:
1. ॐ देवी कात्यायन्यै नमः॥
2. या देवी सर्वभूतेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता।
गर्मियों में गुड़हल के पौधे में डालें ठंडे खाद, फूलों से भर जाएगी डाली
~(Her Zindagi)
गर्मी के दस्तक देते ही इंसान हो या पेड़-पौधे सभी की परेशानी बढ़ने लगती है। आज हम बात कर रहे हैं गुड़हल के पौधे की, जो अधिक गर्मी से मुरझाने लगते हैं और इसमें फूल खिलने भी बंद हो जाते हैं। ऐसे में आज हम आपको गुड़हल के पौधों में गर्मी में डाले जाने वाले खाद के बारे में बताने वाले हैं, जो प्लांट्स को ठंडक देने के साथ-साथ उसे हरा-भरा बनाने में भी आपकी मदद करेंगे। इस खाद की खास बात यह है कि इसे घर पर ही बिना केमिकल के तैयार कर सकते हैं और आपको बहुत ज्यादा खर्च करने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। दरअसल आज हम आपको गुड़हल के पौधे में केले के छिलके को सुखाकर खाद बनाने की टिप्स बताने वाले हैं। यह न केवल आपके गुड़हल के पौधे को पोषक तत्व प्रदान करेगा, बल्कि गर्मियों में इसे ठंडा रखने में भी मदद कर सकता है।
गुड़हल या जवाकुसुम वृक्षों के मालवेसी परिवार से संबंधित एक फूलों वाला पौधा है। इसका वनस्पतिक नाम है- हीबीस्कूस् रोज़ा साइनेन्सिस। इस परिवार के अन्य सदस्यों में कोको, कपास, भिंडी और गोरक्षी आदि प्रमुख हैं। यह विश्व के समशीतोष्ण, उष्णकटिबंधीय और अर्द्ध उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है।
गुड़हल के पौधे के लिए ठंडा खाद बनाने की आवश्यक सामग्री
02 से 03 केले के छिलके सूखा और धूप वाला स्थान पीसने के लिए मिक्सर या सिलवट गुड़हल के पौधे के लिए कैसे बनाएं ठंडा खाद? इसके लिए सबसे पहले आपको केले के छिलकों को धोकर पतले-पतले टुकड़ों में काट लें। इसके बाद, 4-5 दिनों तक छिलकों को धूप में पूरी तरह सूखने दें। तब तक सुखाएं जब तक छिलकों से पूरी नमी सूख न जाए। फिर, इस सूखे छिलकों को मिक्सर या ग्राइंडर में पीसकर बारीक पाउडर बना लें। इस पाउडर को आप एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करके रख सकते हैं।
केले के छिलकों से बने खाद का कैसे करें इस्तेमाल?
गुड़हल के पौधे के पास वाली मिट्टी में एक मुट्ठी केले के छिलके का पाउडर मिला दें। फिर, मिट्टी में हल्का पानी डालें। हर 03 सप्ताह में इस प्रक्रिया को दोहराएं। आप देखेंगे कि मुरझाए हुए पौधे में फिर से जान आ गई है।
केले के छिलकों के खाद के फायदे केले के छिलके को पोटेशियम का अच्छा स्रोत माना जाता है, जो फूलों की वृद्धि और विकास को बढ़ावा देने में मदद करता है। केले के छिलके में कार्बन, नाइट्रोजन और अन्य पोषक तत्व होते हैं, जो मिट्टी को पोषक तत्व प्रदान करता है। केले के छिलके मिट्टी में कार्बनिक पदार्थों को जोड़ते हैं, जो पानी को बेहतर ढंग से बनाए रखने में सहायक होता है। यह मिट्टी के ऊपर एक आवरण बना देते हैं, जो कि गर्मियों में मिट्टी के तापमान को कम रखने में मदद करता है।
पूजा करने से होती है ज्ञान और शुभ फलों की प्राप्ति
मां दुर्गा का पांचवां स्वरूप हैं स्कंदमाता
नवरात्रि के पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा की जाती है। स्कंदमाता मां दुर्गा का पांचवां स्वरूप है। स्कंदमाता की पूजा करने पर संतान प्राप्ति की मनोकामना पूर्ण होती है। भगवती पुराण के अनुसार नवरात्र के पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा करने से ज्ञान और शुभ फलों की प्राप्ति होती है। स्कंदमाता को केले का भोग अति प्रिय है, इसके अलावा मां भगवती को खीर का प्रसाद भी अर्पित करना चाहिए। स्कंदमाता चार भुजाधारी कमल के पुष्प पर बैठती हैं, इसलिए इनको पद्मासना देवी भी कहा जाता है।
माँ स्कंदमाता की उपासना से भक्त की समस्त इच्छाएँ पूर्ण हो जाती हैं। इस मृत्युलोक में ही उसे परम शांति और सुख का अनुभव होने लगता है। उसके लिए मोक्ष का द्वार स्वमेव सुलभ हो जाता है। स्कंदमाता की उपासना से बालरूप स्कंद भगवान की उपासना भी स्वमेव हो जाती है। यह विशेषता केवल इन्हीं को प्राप्त है, अतः साधक को स्कंदमाता की उपासना की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए।
स्कंदमाता की पूजा के लिए शुभ समय चैत्र नवरात्र के पांचवें दिन पंचमी तिथि है। पंचमी तिथि में स्कंदमाता की पूजा की जाएगी। पंचमी तिथि 12 अप्रैल 2024 दिन शुक्रवार को शाम 04 बजकर 50 मिनट से आरंभ हो रही है, जो 13 अप्रैल 2024 दिन शनिवार को 03 बजकर 55 मिनट तक रहेगी। नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा करने के लिए शुभ समय सुबह 05 बजकर 28 मिनट से 11 बजे तक है। मां स्कंदमाता को इन चीजों का लगाएं भोग स्कंदमाता को केले का भोग अति प्रिय है, इसके अलावा मां भगवती को खीर का प्रसाद भी अर्पित करना चाहिए। स्कंदमाता की पूजा में फल, मिठाई, लौंग, इलाइची, अक्षत, बताशा, पान, सुपारी, लौंग, धूप, लाल फूल, दीप और केले का फल अर्पित करें। मां स्कंदमाता को सफेद रंग काफी पसंद है, इस दिन सफेद रंग पहनना शुभ माना जाता है। इसलिए सफेद रंग का वस्त्र धारण करके ही मां स्कंदमाता की पूजा करें। स्कंदमाता की पूजा करने से सभी सुखों की प्राप्ति होती है।
मां स्कंदमाता का स्वरूप नवरात्रि की पांचवीं देवी को स्कंदमाता कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव की अर्द्धांगिनी के रूप में मां ने स्वामी कार्तिकेय को जन्म दिया था। स्वामी कार्तिकेय का दूसरा नाम स्कंद है, इसलिए मां दुर्गा के इस स्वरूप को स्कंदमाता कहा गया है, जो कि प्रेम और वात्सल्य की मूर्ति हैं। स्कंदमाता चार भुजाओं वाली देवी हैं, जो कि स्वामी कार्तिकेय को अपनी गोद में लेकर शेर पर विराजमान हैं। स्कंदमाता के दोनों हाथों में कमल शोभायमान हैं, इस रूप में मां समस्त ज्ञान, विज्ञान, धर्म, कर्म और कृषि उद्योग सहित पंच आवरणों से समाहित विद्यावाहिनी दुर्गा भी कहलाती हैं।
मां स्कंदमाता के स्वयं सिद्ध बीज मंत्र ह्रीं क्लीं स्वमिन्यै नम:।
मां स्कंदमाता का पूजन मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं स्कन्दमातायै नम:।
या देवी सर्वभूतेषु माँ स्कंदमाता रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
मां स्कंदमाता की आरती जय तेरी हो स्कंद माता। पांचवा नाम तुम्हारा आता।। सब के मन की जानन हारी। जग जननी सब की महतारी।। तेरी ज्योत जलाता रहूं मैं। हरदम तुम्हें ध्याता रहूं मैं।। कई नामों से तुझे पुकारा। मुझे एक है तेरा सहारा।। कही पहाड़ो पर हैं डेरा। कई शहरों में तेरा बसेरा।। हर मंदिर में तेरे नजारे। गुण गाये तेरे भगत प्यारे।। भगति अपनी मुझे दिला दो। शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो।। इंद्र आदी देवता मिल सारे। करे पुकार तुम्हारे द्वारे।। दुष्ट दत्य जब चढ़ कर आएं। तुम ही खंडा हाथ उठाएं।। दासो को सदा बचाने आई। ‘चमन’ की आस पुजाने आई।।
चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के स्कंदमाता स्वरूप की पूजा की जाती है। मां दुर्गा के सभी रूपों में स्कंदमाता का रूप ममतामयी है। इनकी पूजा करने से बुद्धि का विकास होता है और ज्ञान की प्राप्ति होती है। स्कंद कुमार अर्थात स्वामी कार्तिकेय की माता होने के कारण मां के पांचवे स्वरूप को स्कंदमाता कहा जाता है।
स्कंदमाता (संस्कृत: स्कंदमाता) महादेवी के नवदुर्गा रूपों में पांचवां है। उनका नाम स्कंद से आया है, जो युद्ध के देवता कार्तिकेय और माता का एक वैकल्पिक नाम है, जिसका अर्थ है माँ। नवदुर्गा में से एक के रूप में स्कंदमाता की पूजा नवरात्रि के पांचवें दिन होती है।
राजा ने कहा-हे ऋषिराज! आपने रक्तबीज के वध से संबंध रखने वाला वृतान्त मुझे सुनाया। अब मैं रक्तबीज के मरने के पश्चात क्रोध में भरे हुए शुम्भ व निशुम्भ ने जो कर्म किया, वह सुनना चाहता हूँ। महर्षि मेधा ने कहा-रक्तबीज के मारे जाने पर शुम्भ और निशुम्भ को बड़ा क्रोध आया और अपनी बहुत बड़ी सेना का इस प्रकार सर्वनाश होते देखकर निशुम्भ देवी पर आक्रमण करने के लिए दौड़ा, उसके साथ बहुत से बड़े-बड़े असुर देवी को मारने के वास्ते दौड़े और महापराक्रमी शुम्भ अपनी सेना सहित चण्डिका को मारने के लिए बढ़ा, फिर शुम्भ और निशुम्भ का देवी से घोर युद्ध होने लगा और वह दोनो असुर इस प्रकार देवी पर बाण फेंकने लगे जैसे मेघों से वर्षा हो रही हो, उन दोनो वो के चलाए हुए बाणों को देवी ने अपने बाणों से काट डाला और अपने शस्त्रों की वर्षा से उन दोनो दैत्यों को चोट पहुँचाई, निशुम्भ ने तीक्ष्ण तलवार और चमकती हुई ढाल लेकर देवी के सिंह पर आक्रमण किया, अपने वाहन को चोट पहुँची देखकर देवी ने अपने क्षुरप्र नामक बाण से निशुम्भ की तलवार व ढाल दोनो को ही काट डाला।
तलवार और ढाल कट जाने पर निशुम्भ ने देवी पर शक्ति से प्रहार किया। देवी ने अपने चक्र से उसके दो टुकड़े कर दिए। फिर क्या था दैत्य मारे क्रोध के जल भुन गया और उसने देवी को मारने के लिए उसकी ओर शूल फेंका, किन्तु देवी ने अपने मुक्के से उसको चूर-चूर कर डाला, फिर उसने देवी पर गदा से प्रहार किया, देवी ने त्रिशूल से गदा को भस्म कर डाला, इसके पश्चात वह फरसा हाथ में लेकर देवी की ओर लपका। देवी ने अपने तीखे वाणों से उसे धरती पर सुला दिया। अपने पराक्रमी भाई निशुम्भ के इस प्रकार से मरने पर शुम्भ क्रोध में भरकर देवी को मारने के लिये दौड़ा। वह रथ में बैठा हुआ उत्तम आयुधों से सुशोभित अपनी आठ बड़ी-बड़ी भुजाओं से सारे आकाश को ढके हुए था। शुम्भ को आते देख कर देवी ने अपना शंख बजाया और धनुष की टंकोर का भी अत्यन्त दुस्सह शब्द किया, साथ ही अपने घण्टे के शब्द से जो कि सम्पूर्ण दैत्य सेना के तेज को नष्ट करने वाला था सम्पूर्ण दिशाओं में व्याप्त कर दिया।
इसके पश्चात देवी के सिंह ने भी अपनी दहाड़ से जिसे सुन बड़े-बड़े बलवानों ला मद चूर-चूर हो जाता था, आकाश, पृथ्वी और दसों दिशाओं को पूरित कर दिया, फिर आकाश में उछलकर काली ने अपने दाँतों तथा हाथों को पृथ्वी पर पटका, उसके ऎसा करने से ऎसा शब्द हुआ, जिससे कि उससे पहले के सारे शब्द शान्त हो गये, इसके पश्चात शिवदूती ने असुरों के लिए भय उत्पन्न करने वाला अट्टहास किया जिसे सुनकर दैत्य थर्रा उठे और शुम्भ को बड़ा क्रोध हुआ, फिर अम्बिका ने उसे अरे दुष्ट! खड़ा रह!!, खड़ा रह!!! कहा तो आकाश से सभी देवता ‘जय हो, जय हो’बोल उठे। शुम्भ ने वहाँ आकर ज्वालाओं से युक्त एक अत्यन्त भयंकर शक्ति छोड़ी जिसे आते देखकर देवी ने अपनी महोल्का नामक शक्ति से काट डाला।
हे राजन्! फिर शुम्भ के सिंहनाद से तीनों लोक व्याप्त हो गये और उसकी प्रतिध्वनि से ऎसा घोर शब्द हुआ, जिसने इससे पहले के सब शब्दों को जीत लिया। शुम्भ के छोड़े बाणों को देवी ने और देवी के छोड़े बाणों को शुम्भ ने अपने बाणों से काट सैकड़ो और हजारों टुकड़ो में परिवर्तित कर दिया। इसके पश्चात जब चण्डीका ने क्रोध में भर शुम्भ को त्रिशूल से मारा तो वह मूर्छित होकर पृथ्वी पर गिर पड़ा, जब उसकी मूर्छा दुर हुई तो वह धनुष लेकर आया और अपने बाणों से उसने देवी काली तथा सिंह को घायल कर दिया, फिर उस राक्षस ने दस हजार भुजाएँ धारण करके चक्रादि आयुधों से देवी को आच्छादित कर दिया, तब भगवती दुर्गा ने कुपित होकर अपने बाणों से उन चक्रों तथा बाणों को काट डाला, यह देखकर निशुम्भ हाथ में गदा लेकर चण्डिका को मारने के लिए दौडा, उसके आते ही देवी ने तीक्ष्ण धार वाले ख्ड्ग से उसकी गदा को काट डाला।
उसने फिर त्रिशूल हाथ में ले लिया, देवताओं को दुखी करने वाले निशुम्भ त्रिशूल हाथ में लिए हुए आता देखकर चण्डिका ने अपने शूल से उसकी छाती पर प्रहार किया और उसकी छाती को चीर डाला, शूल विदीर्ण हो जाने पर उसकी छाती में से एक उस जैसा ही महा पराक्रमी दैत्य ठहर जा! ठहर जा!! कहता हुआ निकला। उसको देखकर देवी ने बड़े जोर से ठहाका लगाया। अभी वह निकलने भी न पाया था किन उसका सिर अपनी तलवार से काट डाला। सिर के कटने के साथ ही वह पृथ्वी पर गिर पड़ा। तदनन्तर सिंह दहाड़-दहाड़ कर असुरों का भक्षण करने लगा और काली शिवदूती भी राक्षसों का रक्त पीने लगी। कौमारी की शक्ति से कितने ही महादैत्य नष्ट हो गए। ब्रह्माजी के कमण्डल के जल से कितने ही असुर समाप्त हो गये।
कई दैत्य माहेश्वरी के त्रिशूल से विदीर्ण होकर पृथ्वी पर गिर पड़े और बाराही के प्रहारों से छिन्न-भिन्न होकर धराशायी हो गये। वैष्णवी ने भी अपने चक्र से बड़े-बड़े महा पराक्रमियों का कचमूर निकालकर उन्हें यमलोक भेज दिया और ऎन्द्री से कितने ही महाबली राक्षस टुकड़े-2 हो गये। कई दैत्य मारे गए, कई भाग गए, कितने ही काली शिवदूती और सिंह ने भक्षण कर लिए ।
। । श्री मार्कण्डेयपुराणे सावर्णिके मन्वन्तरे देवीमाहात्म्ये निशुम्भवधो नाम नवमोऽध्यायः सम्पूर्णं । ।
श्री दुर्गा सप्तशती: दशम अध्याय
!! शुम्भ वध !! महर्षि मेधा ने कहा- हे राजन्! अपने प्यारे भाई को मरा हुआ तथा सेना को नष्ट हुई देखकर क्रोध में भरकर दैत्यराज शुम्भ कहने लगा- दुष्ट दुर्गे! तू अहंकार से गर्व मत कर क्योंकि तू दूसरों के बल पर लड़ रही है। देवी ने कहा- हे दुष्ट! देख मैं तो अकेली ही हूँ। इस संसार में मेरे सिवा दूसरा कौन है ? यह सब मेरी शक्तियाँ हैं। देख, यह सब की सब मुझ में प्रविष्ट रही हैं। इसके पश्चात ब्राह्मणी आदि सब देवियाँ उस देवी के शरीर में समा गई और देवी अकेली रह गई तब देवी ने कहा- मैं अपनी ऐश्वर्य शाक्त से अनेक रूपों में यहाँ उपस्थित हुई थी। उन सब रूपों को मैंने समेट लिया है अब अकेली ही यहाँ खड़ी हूँ, तुम भी यहीं ठहरो । महर्षि मेधा ने कहा-तब देवताओं तथा राक्षसों के देखते-2 देवी तथा शुम्भ में भयंकर युद्ध होने लगा। अम्बिका देवी ने सैकड़ों अस्त्र-शस्त्र छोड़े, उधर दैत्यराज ने भी भयंकर अस्त्रों का प्रहार आरम्भ कर दिया। देवी के छोड़े हुए सैकड़ो अस्त्रों को दैत्य ने अपने अस्त्रों द्वारा काट डाला, इसी प्रकार शुम्भ ने जो अस्त्र छोड़े उनको देवी ने अपनी भयंकर हुँकार के द्वारा ही काट डाला।
दैत्य ने जब सैकड़ो बाण छोड़कर देवी को ढक दिया तो क्रोध में भर कर देवी ने अपने बाणों से उसका धनुष नष्ट कर डाला। धनुष कट जाने पर दैत्येन्द्र ने शक्ति चलाई लेकिन देवी ने उसे भी काट कर फेंक दिया फिर दैत्येन्द्र चमकती हुई ढाल लेकर देवी की ओर दौड़ा किन्तु जब वह देवी के समीप पहुँचा तो देवी ने अपने तीक्ष्ण वाणों से उसकी चमकने वाली ढाल को भी काट डाला फिर दैत्येन्द्र का घोड़ा मर गया, रथ टूट गया, सारथी मारा गया तब वह भयंकर मुद्गर लेकर देवी पर आक्रमण करने के लिए चला किन्तु देवी ने अपने तीक्ष्ण बाणों से उसके मुद्गर को भी काट दिया। इस पर दैत्य ने क्रोध में भरकर देवी की छाती में बड़े जोर से एक मुक्का मारा, दैत्य ने जब देवी को मुक्का मारा तो देवी ने भी उसकी छाती में जोर से एक थप्पड़ मारा, थप्पड़ खाकर पहले तो दैत्य पृथ्वी पर गिर पड़ा किन्तु तुरन्त ही वह उठ खड़ा हुआ फिर वह देवी को पकड़ कर आकाश की ओर उछला और वहाँ जाकर दोनों में युद्ध होने लगा, वह युद्ध ऋषियों और देवताओं को आश्चर्य में डालने वाला था । देवी आकाश में दैत्य के साथ बहुत देर तक युद्ध करती रही फिर देवी ने उसे आकाश में घुमाकर पृथ्वी पर गिरा दिया। दुष्टात्मा दैत्य पुनः उठकर देवी को मारने के लिए दौड़ा तब उसको अपनी ओर आता हुआ देखकर देवी ने उसकी छाती विदीर्ण कर के उसको पृथ्वी पर पटक दिया। देवी के त्रिशूल से घायल होने पर उस दैत्य के प्राण पखेरू उड़ गए और उसके मरने पर समुद्र, द्वीप, पर्वत और पृथ्वी सब काँपने लग गये। तदनन्तर उस दुष्टात्मा के मरने से सम्पूर्ण जगत प्रसन्न व स्वस्थ हो गया तथा आकाश निर्मल हो गया। पहले जो उत्पात सूचक मेघ और उल्कापात होते थे वह सब शान्त हो गये। उसके मारे जाने पर नदियाँ अपने ठीक मार्ग से बहने लगी। सम्पूर्ण देवताओं का हृदय हर्ष से भर गया और गन्धर्वियाँ सुन्दर गान गाने लगी । गन्धर्व बाजे बजाने लगे और अप्सराएँ नाचने लगी, पपवित्र वायु बहने लगी, सूर्य की कांति स्वच्छ हो गई, यज्ञशालाओं की बुझी हुई अग्नि अपने आप प्रज्वलित हो उठी तथा चारों दिशाओं में शांति फैल गई।
। । श्री मार्कण्डेयपुराणे सावर्णिके मन्वन्तरे देवीमाहात्म्ये निशुम्भवधो नाम दशम सम्पूर्णं । ।
नवरात्रि: छठवें दिन कात्यायिनी रूप में माता पार्वती की पूजा
नवरात्रि के छठवें दिन माता पार्वती की पूजा कात्यायिनी रूप में होती है। उमा, गौरी, काली, हेेमावती व ईश्वरी आदि इन्हीं के अन्य नाम हैं। देवी भगवत की एक कथा के अनुसार एक बार ऋषि कात्यायन ने देवी भगवती की प्रसन्नता हेतु घोर तपस्या की। देवी भगवती ने प्रसन्न होकर उनको दर्शन देकर वरदान माँगने को कहा। कात्यायन ऋषि ने देवी से उनकी पुत्री रूप में जन्म लेने की प्रार्थना की। भक्त की प्रसन्नता के लिए देवी ऋषि कात्यायन के घर में पुत्री रूप में प्रकट हुईं। तभी से कात्यायन ऋषि की पुत्री होने के कारण देवी भगवती कात्यायिनी कहलाईं। एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार , जब समस्त देवताओं के तेज से देवी भगवती का प्राकट्य हुआ । तब सभी देवताओं और ऋषियों ने देवी की स्तुति और पूजन किया। इनमें सबसे पहले कात्यायन ऋषि ने देवी का पूजन किया।कात्यायन ऋषि द्वारा पुत्रीभाव से देवी का पूजन स्तवन करने के कारण वे उनका एक नाम कात्यायिनी पड़ा।
दुर्गा सप्तशती के अनुसार गोपराज नन्द, जिनके घर भगवान श्रीकृष्ण का पालन हुआ था, उनके घर यही देवी महामाया बनकर प्रकट हुई थीं। कंस द्वारा पटक कर मारे जाने के प्रयास में देवी विद्युत की तरह उसके हाथ से छूट गईं और भयभीत कर देने वाले अट्टहास के साथ कंस को भगवान श्रीकृष्ण के आगमन की सूचना दी । इसी कारण ये नन्दा अथवा गोपसुता भी कहलाती हैं।
देवी का स्वरूप देवी कात्यायिनी का स्वरूप सौम्य और सुंदर है। उनका सुवर्ण के समान दैदीप्यमान वर्ण है। इनकी चार भुजाएँ है । दाहिने भाग के एक हाथ को अभयमुद्रा में ऊपर उठाएँ हुए हैं और दूसरा हाथ अपने भक्तों के कल्याण हेतु वरदमुद्रा धारण किए हुए हैं। बाईं तरफ़ एक हाथ में आर्त जनों के रक्षार्थ चंद्रहास नामक खड्ग धारण किए हैं , और एक हाथ में सुख-समृद्धि-शांति का प्रतीक कमल-पुष्प शोभायमान है। वे रक्तवर्ण के वस्त्र धारण किए हुए हैं। देवी अपने प्रिय वाहन सिंह पर सवार हैं।
विवाह के लिए कात्यायिनी देवी की उपासना देवी कात्यायिनी शीघ्र प्रसन्न होकर वरदान देने वाली हैं। वे अपने भक्तों की मनोकामनाओं को शीघ्र पूर्ण करती हैं । श्रीमद् भागवत की कथा के अनुसार , गोपियों ने श्रीकृष्ण को पति रूप में पाने के लिए इन्हीं कात्यायिनी देवी की तपस्या की थी और मनोवांछित वरदान पाया था। इसीलिए आज भी उत्तम जीवन साथी पाने के लिए युवक-युवती भगवती कात्यायिनी देवी की उपासना करते हैं।
जिन कन्याओं के विवाह में विलम्ब हो रहा हो, उन्हे इस दिन माँ कात्यायनी की उपासना अवश्य करनी चाहिए, जिससे उन्हे मनोवान्छित वर की प्राप्ति होती है।
कन्याओं के विवाह के लिये कात्यायनी मन्त्र–
ॐ कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरि ।
नंदगोपसुतम् देवि पतिम् मे कुरुते नम:॥
~श्रीमद् भागवत
विवाह योग्य युवकों को देवी की उपासना इस मंत्र से करनी चाहिए ~
पत्नी मनोरमा देहि मनोवृत्तनुसारिणीम्।
तारिणीं दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम्॥
~श्री दुर्गासप्तशती
कात्यायिनी देवी की उपासना का फल कात्यायिनी देवी भक्तों के रोग-शोक-व्याधि का नाश कर आनंद प्रदान करती हैं । ये देवी प्रसन्न होने पर चारों पुरुषार्थों धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष प्रदायिनी हैं। इसीलिए वे सर्वकामप्रदा भी कहलाती हैं।
कात्यायिनी देवी को प्रणाम करने का मंत्र ऊँ कात्यायिनी देव्यै नम:।
या देवी सर्व भूतेषु कात्यायिनी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै,नमस्तस्यै,नमस्तस्यै नमोनम:॥
कात्यायिनी देवी की स्तुति करने का मंत्र चन्द्र हासोज्ज्वलकरा शार्दूलवर वाहना।
बसपा प्रत्याशी विजेंद्र सिंह के साथ कार्यकर्ताओं ने प्रचार में झोंकी ताकत
बिजनौर/मवाना। आगामी 19 अप्रैल को होने वाले लोस चुनाव को लेकर प्रत्याशियों के प्रचार में और तेजी आ गई है। इसी क्रम में बसपा प्रत्याशी गुरूवार को बिजनौर की जामा मस्जिद पहुंचे और मुस्लिम समाज के लोगों को ईद की मुबारकबाद दी।
उनके अलावा पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने भी ईदगाह मवाना, मीरापुर, चांदपुर, पुरकाजी, बहसूमा, ईदगाह सैफपुर कर्मचंदपुर आदि पर पहुंचकर ईद की मुबारकबाद दी। कई स्थानों पर मुस्लिम समाज के लोगों ने बसपा प्रत्याशी का जोरदार स्वागत किया और चुनाव में जीत का भरोसा दिलाया।
ईद के मौके पर बसपा प्रत्याशी चौधरी विजेंद्र सिंह ने रात्रि में बिजनौर में प्रवास किया और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। सुबह के समय वह ईद की नमाज के समय बिजनौर शहर की जामा मस्जिद पहुंचे और शहर काजी के साथ ही समस्त मुस्लिम समाज के लोगों को ईद की मुबारकबाद दी।
उसके बाद उन्होंने जमालपुर पठानी में डा मंसूर प्रधान के निवास पर और मंडावर में चेयरमैन आसिफ के निवास पर पहुंचकर मुबारकबाद दी।
इसके अलावा बुरहानद्दीनपुर आदि गांवों में पहुंचकर लोगों को एकता और सामाजिक समरसता बनाए रखते हुए उन्हें वोट देने की अपील की। हर गांव में बसपा प्रत्याशी का जोरदार स्वागत हुआ। जोश में भरे पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने भी पूरे क्षेत्र में पहुंचकर ईद की बधाई दी और बसपा प्रत्याशी को जिताने की अपील की।
बाद में बसपा प्रत्याशी चांदपुर कस्बे में पहुंचे और पूर्व विधायक मोहम्मद इकबाल के आवास पर पहुंचे और उन्हें ईद की मुबारकबाद दी।
बसपा प्रत्याशी के अलावा गजेंद्र सिंह नीलकंठ, सुरजीत धनकड़, हस्तिनापुर के पूर्व चेयरमैन अरुण कुमार, बहसूमा की पूर्व चेयरमैन राजेश कुमारी आदि ने भी जनसंपर्क कर चौधरी विजेंद्र सिंह को वोट देने की अपील की।
नवरात्रि में माता की पूजा-अर्चना में शंख, सिंदूर, रोली, मौली, कपूर, धूप, लाल पुष्प या पुष्पहार, साबुत सुपारी, हल्दी की गांठ, पटरा, आसन, चौकी, पंचमेवा, जायफल, जावित्री, कमलगट्टा, नैवेद्य, बताशा, मधु, शक्कर, नारियल, गंगाजल आदि की आवश्यकता पड़ती है।
चैत्र नवरात्रि में कलश स्थापना के लिए मुख्य रूप से पीतल, तांबे या मिट्टी का कलश, मिट्टी का पात्र, कलावा, नारियल, छोटी लाल चुनरी, आम के पत्ते, जौ, सिंदूर, जल, दीपक, बालू या रेत, तिल का तेल या घी, मिट्टी आदि सामग्री की आवश्यकता होती है।
सात्विक भोजन और सोना है जमीन पर
जो लोग नवरात्रि के 09 दिन उपवास रखते हैं, वे सुबह-शाम पूजा करें। दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। जमीन पर सोएं और सात्विक भोजन ग्रहण करें। व्रत रखने वालों को बिस्तर पर नहीं सोना चाहिए, बल्कि जमीन पर सोए। नवरात्रि में शुद्ध और सात्विक भोजन ही करना चाहिए। इस दौरान तामसिक भोजन, प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा, शराब आदि का सेवन करना गलत है।
नवरात्रि में 9 दिन क्या खाएं
नवरात्रि में 9 दिन बहुत से घरों में सात्विक भोजन बनता है और प्याज-लहसुन खाने से बचा जाता है। ऐसे में कई बार ये मुश्किल काम होता है कि नौ दिन, क्या बनाएं और क्या खाएं? क्योंकि एक ही चीज को बार-बार खाकर आपका मन भर सकता है। साथ ही नाश्ता, स्नैक्स और दिन-रात के खाने के बारे में भी सोचना होता है। ऐसे में बनाए क्या?
1. पहले दिन- कुट्टू की पकौड़ी नवरात्रि में सात्विक भोजन करना होता है और अनाज से परहेज किया जाता है। ऐसे में आप कुट्टू की पकौड़ी खा सकते हैं। इसे बनाने के लिए आपको कुट्टू के आटे में आलू को मैश कर लेना है। इसमें हरी, धनिया और मिर्च काटकर मिला लें। थोड़ा सा सेंधा नमक नमक डालें और इसका लुत्फ उठाएं।
2. दूसरे दिन-कसूरी आलू और कुट्टू पूड़ी कसूरी आलू और पूड़ी बहुत टेस्टी होता है। साथ ही इसे बनाना भी बेहद आसान है। तो, आलू उबाल लें और फिर फ्राई पैन में थोड़ा सा सरसों का तेल जीरा, हरी मिर्च और कसूरी मेथी डालकर इसे भून लें। हरी धनिया डालें। अब कुट्टू के आटे की पूड़ी बनाएं। दोनों को साथ में खाएं।
3. तीसरे दिन-लौकी का हलवा लौकी का हलवा आपके लिए मीठे का एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। इसे बनाने के लिए लौकी को घिसकर इसे घी में भून लें। फिर इसमें थोड़ा सा चीनी और दूध मिलाएं। अच्छे से पकाएं और ड्राई फ्रूट्स मिलाकर खाएं।
4. चौथे दिन-कुट्टू का हलवा चौथे दिन आप कुट्टू का हलवा खा सकते हैं। ये बहुत टेस्टी होता है। आपको करना ये है कि घी में कुट्टू के आटे को भून लें और फिर इसे दूध में अच्छी तरह से पका लें। ऊपर से ड्राई फ्रूट्स मिलाएं और इसे खाएं।
5. पांचवां दिन-राजगीरा की खीर और रोटी राजगीरा की खीर और रोटी व्रत के लिए परफेक्ट भोजन हो सकता है। तो, आपको करना ये है कि राजगीरा लें और इसे दूध में पकाकर खीर बना लें। फिर इस खीर में ड्राई फ्रूट्स से गार्मिश करें और रोटी के साथ इसे खाएं।
6. छठां दिन-सिंघाड़े की कढ़ी सिंघाड़े की कढ़ी बहुत टेस्टी होती है। आपको करना ये है कि बस रेगुलर कढ़ी में जैसे बेसन का इस्तेमाल करते हैं उसकी जगह सिंघाड़े के आटे का प्रयोग करना है। इसमें आप बस राई का तड़का लगा सकते हैं।
7. सातवें दिन-मखाने की सब्जी और पूड़ी मखाने की सब्जी और पूड़ी आपके लिए दो समय का खाना हो सकता है। इस सब्जी को बनाने के लिए आपको दही और मूंगफली की ग्रेवी बना सकते हैं और फिर इसमें मखाने को मिलाकर पका सकते हैं। साथ ही अपने अनुसार मसाला और सेंधा नमक डालें। फिर इस सब्जी को पूड़ी के साथ खाएं।
8. आठवें दिन-समा के चावल के पुलाव समा के चावल का पुलाव बहुत टेस्टी होता है। इसे आप घी, जीरा और काजू के साथ मिलाकर बना सकते हैं। इसके अलावा आप इसे कई प्रकार की सब्जियों के साथ आराम से बैठकर खा सकते हैं।
9. नौवां दिन-समा आलू डोसा समा आलू डोसा बहुत टेस्टी होता है। इसमें आपको डोसा के बैटर के लिए समा के चावल को पीसकर इस्तेमाल करना है। इसके बाद आप इसमें आलू भरकर डोसा तैयार कर सकते हैं और इसे कभी भी खा सकते हैं। कुल मिलाकर नवरात्रि के नौ दिन आप इन चीजों को अपने भोजन का हिस्सा बना सकते हैं।
संत सुरक्षा मिशन के प्रदेश अध्यक्ष स्वामी अंश चैतन्य महाराज के विचार
योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने से बढ़ा संतों का सम्मान
बिजनौर। संत सुरक्षा मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी राजेंद्र देव जी महाराज फरीदाबाद से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं।प्रदेश अध्यक्ष संत सुरक्षा मिशन, हिंदू युवा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष, संस्थापक संचालक मां आदिशक्ति कामाख्या पीठ विदुर कुटी जनपद बिजनौर, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी स्वामी अंश चैतन्य महाराज ने उक्त जानकारी देते हुए कहा कि यह बहुत खुशी की बात है। योगी आदित्यनाथ जी के मुख्यमंत्री बनने से सभी संतों का सम्मान बढ़ा है। जो लोग संतों के लिए अपशब्द बोलते थे, संतों का अपमान करते थे, वह लोग भी सुधर गए।
उन्होंने कहा कि योगी जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद सनातन धर्म की जय जयकार होने लगी। उन्होंने हिंदू युवा सेवा के सभी कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि आदरणीय महाराज जी के लिए प्रचार प्रसार करें और सहयोग करें। साथ ही चुनाव प्रचार में चलने के लिए भी तैयार रहें। उन्होंने कहा कि सभी संतों और धार्मिक व्यक्तियों को महाराज जी का सहयोग करने की आवश्यकता है। ज्यादा से ज्यादा संत अगर संसद में जाएंगे तभी भ्रष्टाचार बंद होगा। महाराज जी की भी योजना है कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगे। मैं महाराज जी के ही प्रेरणा से आंदोलन चल रहा हूं। महाराज जी का पूर्ण आशीर्वाद प्राप्त है।
भाजपा के भारतेंद्र को पछाड़ कर नागर ने कब्जाई थी सीट
गठबंधन फार्मूले पर आरएलडी के खाते में है लोकसभा सीट
बिजनौर सीट पर अब होगा दिलचस्प मुकाबला
बिजनौर। पांच विधान सभा सीट शामिल किए बिजनौर लोकसभा सीट पर अब दिलचस्प मुकाबला होने के संकेत हैं।गठबंधन फार्मूले के तहत यह लोकसभा सीट आरएलडी के खाते में है। यहां पूर्व दिवंगत सांसद सांसद संजय चौहान के सुपुत्र मीरापुर विधायक चंदन चौहान चुनाव मैदान में हैं। गुरुवार सुबह वर्तमान सांसद मलूक नागर के बीएसपी छोड़ कर आरएलडी में शामिल होने के बाद समीकरणों में भारी भरकम बदलाव आया है।
बिजनौर लोक सभा सीट पर फिलहाल बहुजन समाज पार्टी के मलूक नागर का कब्जा है। बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री चौधरी नारायण सिंह के पोते श्री चौहान को चुना, जो भी गुर्जर समुदाय से हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में, श्री चौहान समाजवादी पार्टी के उन तीन उम्मीदवारों में से एक थे, जिन्होंने आरएलडी के प्रतीक पर चुनाव लड़ा था। चंदन चौहान के पिता संजय चौहान ने 2009 में आरएलडी के टिकट पर बिजनौर का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन उनकी मृत्यु के बाद जब पूर्व आरएलडी सुप्रीमो अजीत सिंह ने अपने बेटे के बजाय जयाप्रदा को चुना, तो श्री चौहान अखिलेश यादव की ओर चले गए। हालाँकि, 2022 की जीत के बाद, जब रालोद अध्यक्ष ने श्री चौहान को पार्टी के युवा मामलों का प्रभारी बनाया, तो इसे युवा गुर्जर चेहरे को सपा से दूर करने के एक कदम के रूप में देखा गया।
बिजनौर लोक सभा क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा की 05 सीटें आती हैं, जिनमें मीरापुर, बिजनौर, हस्तिनापुर, चांदपुर और पुरकाजी शामिल हैं।
बिजनौर लोक सभा सीट का इतिहास: वर्ष 1957 में हुए पहले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के अब्दुल लतीफ ने इस सीट पर कब्जा जमाया था। इसके बाद 1967 से 71 तक इस सीट पर कांग्रेस का ही कब्जा बना रहा। वर्ष 1977 में बीएलडी के मिहीलाल और 1980 में जेएनपी के मंगल राम सांसद बने।इसके बाद 1984 में कांग्रेस के गिरधारी लाल, 1989 में BSP की मायावती, 1991 से 1996 तक भाजपा के मंगलराम प्रेमी जीते। वर्ष 1998 में सपा की ओमवती देवी, 1999 में भाजपा के शीशराम रवि, 2004 में रालोद के मुंशीराम और 2009 में भी रालोद के ही संजय सिंह चौहान सांसद रह चुके हैं। वर्ष 2014 के चुनाव में लोकसभा सीट बिजनौर पर भाजपा उम्मीदवार भारतेंद्र ने बाजी मारी थी, उन्हें 4,86,913 वोट मिले थे। वहीं, समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार शाहनवाज राणा 2,81,139 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे थे। वर्ष 2019 के चुनाव में बीएसपी के मलूक नागर ने भाजपा के भारतेंद्र सिंह को पराजित कर इस सीट पर कब्जा जमाया।
Bijnor Lok Sabha Election Results 2019
दोनों लोकसभा सीट पर हारी थी भाजपा
बिजनौर और नगीना दोनों लोकसभा सीटें वर्ष 2019 के चुनाव में बसपा के खाते में गईं थी। तभी से भाजपा इन सीटों पर कब्जा जमाने की जुगत में है। इस बार भाजपा ने प्रदेश की सभी 80 सीटों पर जीत का लक्ष्य निर्धारित किया है। उसी के तहत नामांकन के साथ ही भाजपा में अपना चुनावी प्रचार अभियान जोर शोर से शुरू कर दिया था। अभी तक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से लेकर मुख्यमंत्री तक तीन कार्यक्रम कर चुके हैं, जबकि उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जनसभा को संबोधित कर चुके हैं। कुल मिलाकर बदले हुए हालात में बसपा के सामने अपनी पूर्व में जीती गई बिजनौर और नगीना सीटों को बचाने की चुनौती है तो वहीं सपा में भाजपा के प्रदेश की सभी 80 सीटों पर जीत के सपने को तोड़ने की छटपटाहट!
सूरमाओं की होने वाली हैं रैलियां
भाजपा गठबंधन के लिए जयंत चौधरी 12 और 15 अप्रैल को बिजनौर लोकसभा क्षेत्र में जनसभाएं करेंगे। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव नगीना लोकसभा क्षेत्र के नहटौर में 13 अप्रैल को जनसभा करने वाले हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती का 16 अप्रैल को बिजनौर और नगीना में जनसभा का कार्यक्रम है।
18 साल बाद गुरुवार सुबह ही परिवार संग किया था बीएसपी से किनारा
250 करोड़ के मलूक नागर RLD में शामिल
नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी के सांसद मलूक नागर पार्टी छोड़ कर जयंत चौधरी के राष्ट्रीय लोकदल में शामिल हो गए हैं। पश्चिमी यूपी के सबसे अमीर सांसद मलूक नागर के घर में ईडी भी छापेमारी कर चुकी है। चुनाव से ठीक पहले उन्होंने पार्टी बदल ली है। मलूक नागर ने कहा कि वह पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर हैं। उनका परिवार लंबे समय से बीएसपी का हिस्सा रहा है। वह खुद दो बार बीएसपी के टिकट पर चुनाव हारने के बाद सांसद बने, लेकिन अब उन्होंने पाला बदल कर आरएलडी का दामन थाम लिया है।
17वीं संसद में उठाए सबसे ज्यादा मुद्दे
17वीं संसद में सबसे ज्यादा 854 मुद्दों को उठाने वाले मलूक नागर का जन्म हापुड़ के शकरपुर में हुआ। उन्होंने 1980 में हाईस्कूल और 1985 में बीएससी की डिग्री करने के बाद बिजनेस शुरू किया।
आयकर विभाग ने मारा था छापा
उत्तर प्रदेश के बड़े कारोबारियों में शामिल मलूक नागर ने 2019 के चुनावी हलफनामे में अपनी कुल संपत्ति करीब 250 करोड़ रुपए बताई थी। इसमें 115 करोड़ की अचल संपत्ति शामिल थी। उनके ऊपर 101 करोड़ रुपए का बैंक कर्ज था। एसबीआई ने उनके और उनके भाई के खिलाफ 54 करोड़ रुपए का वसूली नोटिस भी जारी किया। इसके बाद आयकर विभाग ने उनके कुछ ठिकानों पर छापेमारी की थी।
चौधरी चरण सिंह और टिकैत को भारत रत्न देने की उठाई थी मांग
बसपा सासंद मलूक नागर ने किसानों के मसीहा कहे जाने वाले चौधरी चरण सिंह, किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत, महानायक कांशीराम, स्वतंत्रता सेनानी विजय पथिक और कांग्रेस नेता राजेश पायलट को भारत रत्न दिए जाने की मांग उठाई थी। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने यह भी कहा था कि रालोद जिसकी साथ चली जाएगी, वह जीत जाएगा। वहीं जयंत चौधरी के एनडीए में जाने के बाद और चौधरी साहब को भारत रत्न दिए जाने के बाद वह मुबारकबाद देने भी गए थे। तभी से ही कयास लगाए जा रहे थे कि वह रालोद में शामिल हो सकते हैं!
मलूक नागर ने भाई व पत्नी समेत बीएसपी से दिया इस्तीफा
लोकसभा चुनाव से पहले माया के सांसद ने दिया तगड़ा झटका
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में पहले चरण के मतदान से ठीक 08 दिन पहले बिजनौर से सांसद मलूक नागर ने बीएसपी से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी ने इस बार बिजनौर सीट से नागर का टिकट काटकर ऐन चुनाव के वक्त लोकदल छोड़कर आए चौधरी विजेंदर सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है। मलूक नागर ने पार्टी सुप्रीमो मायावती को अपना इस्तीफा भेज दिया है।
सांसद मलूक नागर ने एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा, ”मौजूदा हालातों और राजनीतिक माहौल को देखकर, आज मैं, मेरे बड़े भाई श्री लखीराम नागर, (पूर्व मंत्री, उ.प्र. सरकार), मेरी धर्मपत्नी श्रीमती सुधा नागर, (पूर्व ज़िला पंचायत अध्यक्ष) हम सभी, बहुजन समाज पार्टी को छोड़ रहे है।”
सांसद ने मायावती के नाम लिखा पत्र
सांसद ने बसपा प्रमुख मायावती के नाम एक अन्य पत्र में लिखा, ”हमारे परिवार में करीब पिछले 39 वर्षों से लगातार कांग्रेस व बसपा द्वारा कई बार ब्लॉक प्रमुख व कई बार चेयरमैन जिला परिषद/अध्यक्ष जिला पंचायत व कई बार विधायक (M.L.A/M.L.C) व उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री व देश में सांसद लगातार रहते आ रहे हैं, इस करीब 39 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ कि हम विधायक भी नहीं लड़ पाए और सांसद भी नहीं लड़ पाए। हमने दिसंबंर 2006 में आपके आशीर्वाद से बहुजन समाज पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी, आपके आशीर्वाद से हम कई पदों पर रहे, इसके लिए हम हमेशा आपके आभारी रहेंगे, हमारे परिवार की राजनीतिक हैसियत और सामाजिक हैसियत या देश स्तर पर पहचान वाला कोई भी व्यक्ति नहीं जो हमारे जितना लंबे समय के लिए बसपा में रहा हो, उसे कुछ सालों में पार्टी द्वारा निकाल दिया गया या वह खुद बसपा छोड़कर चला जाता है। मैं दावे से कह सकता हूं कि मैं व मेरा परिवार इतने लंबे समय तक कई बार उतार-चढाव देखने के बाद भी बसपा में ही रहे। श्री नागर ने लिखा कि मैं 2019 में जब बिजनौर लोकसभा से बसपा, सपा, आरएलडी के साथ उम्मीदवार के रूप में सांसद बना, तो आपने मुझे सदन में उपनेता भी बनाया। पिछले पांच सालों में, मैंने हमेशा किसानों, दलितों, पिछड़ों, गरीबों, मजदूरों की लड़ाइयां लड़ी। मैंने लोकसभा में 864 मुद्दों को उठाया, या ये कहे कि 17वीं लोकसभा में सबसे अधिक मुद्दों को उठाया। हमने बाबा अंबेडकर साहब, कांशीराम साहब, चौधरी चरण सिंह व सभी जाति धर्म में जन्मे महापुरुषों की आवाज भी उठाई। बिजनौर लोकसभा और पूरे देश के हर हिस्से में किसानों, दलितों, पिछड़ों, गरीबों की आवाज संसद में उठाई। आज के परिवेश व कई राजनीतिक कारणों से हम बसपा पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा देते हैं।“
यूपी के सबसे अमीर सांसदों में शुमार
यूपी के सबसे अमीर सांसदों में शुमार मलूक नागर की गिनती मायावती के भरोसेमंद नेताओं में होती रही है। वर्ष 2009 और 2014 में मेरठ व बिजनौर सीट से चुनाव हारने के बाद भी बीएसपी सुप्रीमो ने उन पर भरोसा जताया था और 2019 में फिर बिजनौर से प्रत्याशी बनाया था। सपा के साथ गठबंधन का फायदा मिलने की वजह से उन्हें जीत मिली और वो संसद में पहुंचे।
भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर पदयात्रा पर निकले विजय हिंदुस्तानी
बेड़ियों में जकड़े सभी का ध्यान आकर्षित कर रहा है युवा हिन्दुस्तानी
~(नरेन्द्र मारवाड़ी)
बिजनौर, 11अप्रैल 2024 | भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव को शहीदों का दर्जा दिये जाने की मांग को लेकर विजय हिंदुस्तानी भारत भ्रमण पर निकले हैं। नंगे बदन, खुद को बेड़ियों में जकड़े हुए, एक हाथ में झंडा दूसरे हाथ में शहीदों को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग का पोस्टर लिए हुए वह 2 मार्च से पदयात्रा पर निकले हुए हैं | युवा हिंदुस्तानी ने अपने बदन पर 267 शहीद सैनिकों के नाम गुदवाये हुए हैं। अपनी क्रांतिकारी वेशभूषा में वे हर आमों शख्स का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं |
बातचीत में उन्होंने बताया कि बिजनौर उनका 20वा जिला है| वह हर जिले में पहुंचकर राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन जिले के डीएम को देते हैं, जिसमें तीनों क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु तथा सुखदेव को शहिद का दर्जा दिए जाने की मांग शामिल है। उन्होंने बताया कि वह देश भ्रमण पर निकले हैं तथा इस मांग के प्रति जन जागरण कर रहे हैं। बिजनौर के बाद वह अमरोहा, फिर मुरादाबाद पहुंचेंगे |
02 मार्च को शामली से यात्रा शुरू करने वाले विजय हिंदुस्तानी अब तक लगभग 1300 से 1400 किलोमीटर की यात्रा कर चुके हैं | लोग विजय हिंदुस्तानी को इस भेष में देखकर सेल्फी लेते हैं। वह जिज्ञासुओं से बात भी करते हैं तथा उन्हें अपने ध्येय के बारे में वह जानकारी देते हैं | विजय हिंदुस्तानी ने कहा कि वह इस बात को लेकर दु:खी हैं कि देश आजाद हुए 07 दशक से ऊपर हो गए, पर इन क्रांतिकारियों को आज तक शहीद का दर्जा सरकार द्वारा नहीं दिया गया है |
मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर, क्या है मंदिर और मंदिर के महंत के चमत्कारों की कहानी? जानें धाम से सम्बंधित सभी जानकारी
आस्था और विश्वास का केंद्र बना मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर
~शैली,शालिनी सक्सेना
खाटू श्याम का वास्तविक मंदिर राजस्थान के खाटू नामक शहर में स्थित है। इस मंदिर में ही खाटू श्याम के कटे हुए शीश की पूजा की जाती है। हम जिस खाटू श्याम मंदिर की बात कर रहे हैं, वह बरेली जिले के आँवला शहर में स्थित है। इसे “मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर” के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर खाटू श्याम और उन्ही के भक्त ओमेंद्र चौहान की वजह से आज बरेली और देश में काफी लोकप्रिय हो रहा है।
आज आप इस ब्लॉग में खाटू श्याम मंदिर और मंदिर के महंत के चमत्कारों के बारे में जानेंगे। आप यहां किस प्रकार से पहुंच सकते हैं? आप कहां रुकें? और भी बहुत सी महत्वपूर्ण जानकारी …
कहां स्थित है मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर ?
मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के बरेली जिले के आँवला शहर के एक छोटे से गांव मनौना में स्थित है। यह मंदिर बरेली से 44 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। बरेली से मनौना धाम तक की दूरी को आप आराम से सड़क मार्ग द्वारा कम्पलीट कर सकते हैं।
मनौना धाम का इतिहास
बरेली और उससे जुड़े हुए कुछ शहरों का इतिहास बहुत ही पुराना रहा है। आँवला और उससे जुड़े कुछ जगहों के बारे में कहा जाता है की यह जगह पांडवों से जुड़ी हुई रही है। पांडवों ने अपने वनवास के दौरान एक साल का एकांतवास भी काटा था। महाभारत काल से जुड़े होने कारण ही इस जगह का काफी महत्व रहा है। मनौना धाम और यहां बने मंदिर का इतिहास ज्यादा पुराना नहीं है। इस मंदिर का अस्तित्व 2022 में आया, जब इस मंदिर के महंत ओमेंद्र चौहान के द्वारा लोगों के कष्ट का निवारण शुरू हुआ। बताया जाता है कि ओमेंद्र चौहान जी के द्वारा बहुत से भक्त अपनी बीमारी से छुटकारा पा चुके हैं।
मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर की कहानी
बताया जाता है कि मनौना में खाटू श्याम के एक परम भक्त ओमेंद्र चौहान हर वर्ष राजस्थान में स्थित खाटू श्याम मंदिर में बाबा के दर्शन के लिए जाया करते थे। जब 2019 के आखिर में भारत में कोरोना की शुरुआत हुई, तब कोरोना के केस बढ़ने के कारण पूरे भारत में लॉक डाउन लगा दिया गया। लॉक डाउन की वजह से महंत जी बाबा के दर्शन के लिए राजस्थान नहीं जा सके। इस कारण महंत जी बहुत दु:खी हुए और अपने घर में ही बाबा की पूजा और उनके दर्शन करने की इच्छा लिए हर वक़्त बाबा से प्रार्थना करने लगे। एक रात महंत जी के सपने में आकर खाटू श्याम उनके घर के पास में ही मंदिर बनाने के लिए कहते हैं और अपने भक्तों के कष्ट निवारण का ज्ञान बताते हैं। उसके बाद महंत ओमेंद्र चौहान ने यह बात अपने घर में बताई और मंदिर का निर्माण शुरू कराया और यहां आने वाले लोगों के कष्टों और बीमारियों को ठीक करना शुरू किया। ऐसे ही धीरे धीरे इस धाम के प्रति लोगों की आस्था गहरी होती चली गई। अब इस धाम में एक मेले जैसी रौनक रहती है और यहां लोग दूर दूर से खाटू श्याम के दर्शन करने और महंत जी का आशीर्वाद लेने आते हैं।
क्यों प्रसिद्ध है मनौना धाम ?
मनौना धाम यहां बने मंदिर और मंदिर के महंत ओमेंद्र चौहान जी की वजह से प्रसिद्ध है। यहां आने वाले श्रद्धालु बताते हैं कि महंत जी पर खाटू श्याम जी की कृपा है, जिसके कारण वे धाम में आने वाले श्रद्धालु, जो किसी न किसी बीमारी से ग्रसित हैं, उन्हें ठीक कर देते हैं। लोगों का मानना है कि महंत जी द्वारा बहुत से मरीजों की बीमारी ठीक हुई हैं, जिस वजह से मनौना धाम इतना प्रसिद्ध हो रहा है। यहां महंत जी से मिलने के लिए भक्तों की बहुत लम्बी लाइन लगती है। अब इन बातों में कितनी सच्चाई है, इस बारे में हम पूर्णत: नहीं कहे सकते हैं।
मंदिर आने का सबसे अच्छा समय
इस मंदिर में दर्शन करने के लिए आप कभी भी आ सकते हैं। इस मंदिर की सबसे ज्यादा रौनक खाटू श्याम के जन्मदिन के दिन रहती है। यहां आप किसी भी मौसम में आ सकते हैं, अधिकतर मौसम अच्छा ही रहता है। गांव होने के कारण यहां कुछ ज्यादा ठण्ड रहती है तो ऐसे में गर्म कपड़े अपने साथ जरूर रखें।
मंदिर खुलने का समय
मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर में सुबह 5 बजे से भक्तों की भीड़ लगना शुरू हो जाती है। यह मंदिर सुबह 4 बजे से शाम में 10 बजे तक खुला रहता है, तो आप इस समय कभी भी खाटू श्याम के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर लगी रेलिंग, जिसके द्वारा भक्त मंदिर तक जाते हैं, उस पर लोग मन्नतों की डोरी बांधते हैं।
मनौना धाम आने पर कहां रुकें ?
मनौना धाम का अभी उस प्रकार से विस्तार नहीं हुआ है तो आपको यहाँ पर रुकने के लिए एक दो के अलावा कोई भी धर्मशाला या होटल्स नहीं मिलेंगे। आप मनौना धाम में न रुक कर आँवला मुख्य शहर में रुकें। यदि आप बरेली डिस्ट्रिक्ट के बाहर से आ रहे हैं तो आप बरेली में एक रात रुक कर फिर अगले दिन से मनौना धाम में दर्शन के लिए जा सकते हैं। या फिर आप मनौना धाम में दर्शन के पश्चात आँवला से निकलकर बरेली में आकर एक रात रुक सकते हैं।
बस द्वारा मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर कैसे पहुंचें?
मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर बरेली के आँवला शहर में है। बरेली मुख्य शहर से मंदिर तक की दूरी 44 किलोमीटर है और मंदिर तक की दूरी 44 किलोमीटर है। सरकारी रोडवेज बस आपको मुख्य सड़क पर आँवला में छोड़ देती है। उसके बाद मंदिर तक की दूरी को टेम्पो और रिक्शा द्वारा पूरा करना होगा। दिल्ली से बरेली की दूरी 286 किलोमीटर की है। दिल्ली ISBT से निरंतर बरेली के लिए बस चलती रहती हैं। इसके बाद बरेली से मंदिर तक की दूरी को बस द्वारा तय किया जा सकता है।
ट्रेन द्वारा मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर कैसे पहुंचे?
मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर के सबसे निकट आँवला रहतुइया रेलवे स्टेशन है। यह स्टेशन मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर से 7.6 किलोमीटर की दूरी पर है, जिसे पूरा करने में आपको वहां के लोकल वाहन द्वारा लगभग 20 मिनट लगेंगे। आँवला रहतुइया रेलवे स्टेशन बरेली जिला और उत्तर प्रदेश के काफी स्टेशन से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। यदि आँवला रेलवे स्टेशन के लिए सीधे ट्रेन नहीं मिलती हैं तो पहले बरेली आ सकते हैं। बरेली रेलवे स्टेशन से आँवला के लिए आसानी से ट्रेन मिल जाएंगी।
फ्लाइट द्वारा मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर कैसे पहुंचे?
अगर आप फ्लाइट से यहाँ आने के लिए सोच रहे हैं तो मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर के सबसे निकट एयरपोर्ट बरेली एयरपोर्ट है। यह एयरपोर्ट 08 मार्च 2021 में शुरू हुआ। आप एयरपोर्ट से प्राइवेट गाड़ी द्वारा बरेली बस अड्डा आ सकते हैं, जहाँ से आँवला के लिए सरकारी बस मिल जाएगी। आँवला बस स्टैंड से प्राइवेट गाड़ी द्वारा आप मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर तक पहुंच सकते हैं।
मनौना धाम की कुछ महत्वपूर्ण बातें
धाम के महंत जी से मिलने के लिए आपको अर्ज़ी लगानी होती है जो कि मनौना धाम पहुंच कर ही लगाई जाती है। मनौना धाम में रुकने के लिए एक या दो ही धर्मशालाए हैं तो आपका बरेली या आँवला मुख्य शहर में रुकना सही रहेगा। आप मंदिर में दर्शन करने के लिए जल्दी ही जाएं, क्यूंकि यहां दिन निकलते ही भक्तों की भीड़ लगना शुरू हो जाती है। मुख्य सड़क पर मनौना धाम के द्वार से मंदिर अंदर 01 से 1.5 किलोमीटर की दूरी पर है, जिसे आप पैदल या ऑटो द्वारा पूरा कर सकते हैं। यह मंदिर सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है इसलिए आपको यहाँ पहुंचने में कोई भी दिक्कत नहीं होगी।
(Disclaimer: लेख में दी गई जानकारियां विभिन्न स्रोतों से प्राप्त की गई हैं। newsdaily24 इस संबंध में कोई दावा नहीं करता है।)
चौधरी विजेंदर सिंह ने हर दरवाजे तक पहुंचा दिया चुनाव प्रचार अभियान
आम आदमी पार्टी से पूर्व मेजर कैप्टन जोगेंद्र सिंह बीएसपी में शामिल
बिजनौर/मवाना। लोकसभा चुनाव का पहला चरण जैसे जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे वैसे बसपा के बिजनौर लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी चौधरी विजेंदर सिंह ने अपने चुनाव प्रचार अभियान को हर दरवाजे तक पहुंचा दिया है।
आज इसी कड़ी में चौधरी विजेंन्द्र सिंह ने अपने कार्यकर्ताओं व बसपा पदाधिकारियों के साथ मवाना विधानसभा क्षेत्र स्थित चुनाव कार्यालय में समीक्षा बैठक की और चुनावी तैयारीयों का जायजा लिया। उसके बाद वे बिजनौर विधानसभा पहुंचे जहां, लगभग दर्जन भर गांवों का दौरा किया और लोगों को जागरूक करते हुए वोट की अपील की।चौधरी विजेंदर सिंह किसानों द्वारा दिए जाने वाले टैक्स का मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि टैक्स देते तो हैं किसान लेकिन उन्हें लेकर दिल्ली नहीं जा सकते तो क्यों नहीं डबल इंजन की सरकार पिछले 10 साल का सारा टैक्स का पैसा वापस कर दे! उन्होंने आगे कहा की जो सुगमता शहरों में गाड़ी के लोन पर होती है, वही किसानों के ट्रेक्टर लेने पर क्यों नहीं! जहां भी चौधरी विजेंदर सिंह गए वहीं उनका भव्य स्वागत हुआ। सभी कार्यकर्ता और पदाधिकारी जोश में दिखे।
चौधरी विजेंदर सिंह किसानों द्वारा दिए जाने वाले टैक्स का मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि टैक्स देते तो हैं किसान लेकिन उन्हें लेकर दिल्ली नहीं जा सकते तो क्यों नहीं डबल इंजन की सरकार पिछले 10 साल का सारा टैक्स का पैसा वापस कर दे!
उन्होंने आगे कहा की जो सुगमता शहरों में गाड़ी के लोन पर होती है, वही किसानों के ट्रेक्टर लेने पर क्यों नहीं! जहां भी चौधरी विजेंदर सिंह गए वहीं उनका भव्य स्वागत हुआ। सभी कार्यकर्ता और पदाधिकारी जोश में दिखे।
इससे पहले मवाना स्थित बसपा चुनाव कार्यालय पर आम आदमी पार्टी से पूर्व मेजर कैप्टन जोगेंद्र सिंह पार्टी में शामिल हुए। उन्होंने चौधरी विजेंदर सिंह को मजबूती से चुनाव लड़ाने का संकल्प किया।
वीआईपी भ्रमण कार्यक्रम के दृष्टिगत कार्यक्रम स्थल, हैलीपेड, पार्किंग व अन्य तैयारियों का निरीक्षण
पुलिस व अर्द्धसैनिक बल के साथ एसपी ने किया एरिया डोमिनेशन
बिजनौर। लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 को शांतिपूर्वक/निर्विघ्न/निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में सम्पन्न कराए जाने के दृष्टिगत बिजनौर पुलिस कृत संकल्पित है। पुलिस अधिकारी लगातार जनपद के विभिन्न स्थानों पर भ्रमण कर रहे हैं।
इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने आमजन में सुरक्षा की भावना जागृत करने के उद्देश्य से स्थानीय पुलिस व अर्द्धसैनिक बल के साथ कस्बा नहटौर में एरिया डोमिनेशन किया।
वहीं पुलिस अधीक्षक ने आगामी वीआईपी भ्रमण कार्यक्रम के दृष्टिगत थाना नहटौर क्षेत्रान्तर्गत कार्यक्रम स्थल, हैलीपेड, पार्किंग व अन्य तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य बिन्दुओं पर सर्व संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान क्षेत्राधिकारी, धामपुर मौजूद रहे।
भाजपा की महिला विधान परिषद सदस्य के पति के बागी सुर
एमएलसी पति का वीडियो वायरल!
सांसद अनुराग शर्मा के लिए बजी खतरे की घंटी
झाँसी | भाजपा की महिला विधान परिषद सदस्य के पति के बागी सुरों ने चुनाव के मद्देनजर सांसद अनुराग शर्मा के लिए खतरे की घंटी बजा दी है | उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वे सजातियों को सांसद के खिलाफ भड़काते सुने जा रहे हैं हालांकि जालौन टाइम्स इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता | एमएलसी सदस्य पति से उक्त वीडियो के बारे में वर्जन लेने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन वे उपलब्ध नहीं हुए |
विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन मूल रूप से जालौन जिले की निवासी हैं | पहली बार वे सपा के नेतृत्व से तार जोड़ कर राज्य के उच्च सदन में पहुंची थी | बाद में जब सपा सत्ता से अपदस्थ हो गई तो पाला बदल कर वे भाजपा में आ गईं और एक बार फिर विधान परिषद में स्थान पाने में सफल रहीं |
रमा निरंजन के पति आरपी निरंजन झांसी में राजकीय पालीटेक्निक कालेज में प्रवक्ता रहे हैं, इसलिए उन्होंने अपना एक आवास झांसी में भी बनवा रखा है | सेवानिवृत्त होने के बाद पत्नी के जन संपर्क का मोर्चा वे ही सम्हालते हैं । वहीं उद्योगपति से सांसद बने अनुराग शर्मा के बारे में यह आम शिकायत है वे लोगों से जुड़ने के लिए उपलब्ध नहीं रह पाते | भाजपा नेतृत्व को भी इसके कारण सांसद के प्रति उनके क्षेत्र में लोगों में जबरदस्त असंतोष की खबर रही है, जिसको देखते हुए आरपी निरंजन ने उनके स्थान पर पार्टी की उम्मीदवारी झटकने का प्रयास किया था लेकिन बुंदेलखंड के सामाजिक समीकरणों और अनुराग शर्मा के धन बल के ग्लैमर के कारण उनका टिकट कटना संभव नहीं हो पाया !
इसके चलते आरपी निरंजन बौखलाहट में आपा खो बैठे | उन्होंने टहरौली में सजातियों के बीच एक सभा में अनुराग शर्मा को लक्ष्य करते हुए कहा कि वे साढे 4 वर्ष हमें गाली दें और अब वोट मागने लगें, यह नहीं चलेगी | अगर उन्हें वोट लेना है तो हमारे यहाँ नाक रगड़े | अगर इस तरह का वायरल वीडिओ सही है तो आरपी निरंजन ने अनुराग विरोधी अपनी मुहिम को कुर्मी बिरादरी के स्वाभिमान से जोड़ने में कसर बाकी नहीं रखी है | वैसे भी बुंदेलखंड में इस बार राजनीतिक हवा बदली हुई है | कभी यह इलाका बसपा का गढ़ था लेकिन वर्तमान चुनाव में इस अंचल की चारों सीटों पर अभी तक वह लड़ाई से बाहर नजर आ रही है और उसका कोर वोटर बहुतायत में इंडि गठबंधन में शिफ्ट हो रहा है | झांसी में तो गठबंधन प्रत्याशी प्रदीप जैन को पीपुल्स कनेक्ट का महारथी माना जाता है, जिसके चलते पहले दिन से ही उनका चुनाव अभियान चौकड़ी भर रहा है | हालांकि भाजपा के सूत्र कह रहे हैं कि आरपी निरंजन की कथित बयानबाजी अनुराग शर्मा के लिए वरदान साबित हो रही है | आरपी निरंजन के भाषण से भड़के ब्राह्मण अनुराग शर्मा के साथ लामबंद हो उठे हैं जिससे उनके चुनाव की फिजा बदलने के आसार बन गए हैं | ~(साभार)
गठबंधन प्रत्याशी मनोज कुमार एवं विधायक नगीना पूर्व मंत्री मनोज कुमार पारस ने शाहबपुर रतन में किया डोर टू डोर जनसंपर्क एवं नुक्कड़ सभा
जगह जगह हुई फूलों की बारिश
अकेला ही चला था जानिब ए मंजिल, मगर लोग आते गए और कारवां बढ़ता गया
बिजनौर। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस व पीडीए, इंडी गठबंधन से नगीना लोकसभा क्षेत्र से संयुक्त प्रत्याशी मनोज कुमार (पूर्व अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश) ने नगीना विधायक एवं पूर्व मंत्री मनोज कुमार पारस को साथ लेकर नगीना विधानसभा क्षेत्र के ग्राम शादीपुर में डोर टू डोर जनसंपर्क एवं मोहम्मद रईस भाई की बैठक पर एक नुक्कड़ सभा का आयोजन किया।
सभा की अध्यक्षता वर्तमान ग्राम प्रधान प्रेम सिंह ने की, जबकि संचालन भूरे सिंह एससी एसटी प्रकोष्ठ एवं लोकसभा नगीना चुनाव प्रभारी समाजवादी पार्टी ने किया। भारी भीड़ की मौजूदगी में सभी ने मिलकर मनोज कुमार को फूलों से लाद दिया। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस पार्टी (INDI गठबंधन) के प्रत्याशी मनोज कुमार ने आने वाली 19 अप्रैल 2024 को साइकिल के सामने वाला बटन दबाकर भारी मतों से कामयाब बनाने की अपील की। इस अवसर पर जयपाल सिंह, ओम प्रकाश सिंह, राजेश सिंह, उमेश सिंह, नरेश कुमार, छोटे सिंह, मोहम्मद इस्लाम, चौधरी नरपाल सिंह, वसीम अहमद, हाजी मकबूल अहमद आदि ग्रामवासियों ने एकजुट होकर गठबंधन के पक्ष में वोट करने का एलान किया। इस दौरान शेख मोहम्मद जाहिद विधानसभा अध्यक्ष समाजवादी पार्टी, विजयपाल सिंह एससी एसटी प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष समाजवादी पार्टी, जयप्रकाश चंदेल प्रदेश सचिव एससी एसटी बाबा अंबेडकर वाहिनी समाजवादी पार्टी, ज्ञानेश्वर राजपूत उर्फ नीटू भाई जिला उपाध्यक्ष समाजवादी पार्टी, नजाकत अली कांग्रेस नेता कंभौर आदि पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी मनोज कुमार को भारी मतों से कामयाब बनाने की अपील की।
बाइक सवार दो हमलावरों ने 28 मार्च को गोली मारकर की थी बाबा की हत्या
पुलिस मुठभेड़ में मारा गया बाबा तरसेम सिंह का हत्यारा
हरिद्वार। उत्तराखंड के नानकमत्ता डेरा प्रमुख जत्थेदार बाबा तरसेम सिंह की हत्या का मुख्य आरोपी शार्प शूटर अमरजीत उर्फ बिट्टू एनकाउंटर में मारा गया। उत्तराखंड एसटीएफ और हरिद्वार पुलिस ने थाना भगवानपुर क्षेत्र में मुठभेड़ में उसे मार गिराया। उधम सिंह नगर के श्री नानकमत्ता गुरुद्वारे में दो बाइक सवार हमलावरों ने 28 मार्च को गोली मारकर बाबा तरसेम सिंह की हत्या कर दी थी। घटना के समय बाबा रोज की तरह डेरे पर बैठे हुए थे। इस वारदात के बाद से बदमाश अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टू फरार चल रहा था। वहीं दूसरा आरोपी फरार हो गया। उसकी तलाश में STF और पुलिस जुटी हुई है।
बाबा तरसेम सिंह लंबे समय से उधमसिंह नगर के प्रसिद्ध श्री नानकमत्ता साहिब गुरुद्वारे के कार सेवा प्रमुख थे। डीजीपी उत्तराखंड अभिनव कुमार ने बताया कि 28 मार्च की सुबह नानकमत्ता डेरा के प्रमुख तरसेम सिंह की हत्या कर दी गई थी। सोमवार देर रात उत्तराखंड पुलिस और STF को सूचना मिली कि बिट्टू अपने साथी के साथ उत्तराखंड से UP भागने की फिराक में है। इस इनपुट पर STF-पुलिस ने भगवानपुर क्षेत्र में उसकी घेराबंदी की। आरोपी ने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में बिट्टू को गोली लग गई। बिट्टू का एक साथी मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश की जा रही है।
पूर्व आईएएस अधिकारी समेत 03 पर एफआईआर
बताया गया है कि हत्या के लिए पूर्व आईएएस अधिकारी हरबंश सिंह चुघ के अलावा प्रीतम सिंह और बाबा अनूप सिंह के खिलाफ नानकमत्ता पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज है। कार सेवा के एक सेवादार जसबीर सिंह ने आरोप लगाया कि हरबंश सिंह चुघ और दो अन्य लोगों ने कार सेवा प्रमुख की हत्या की साजिश रची थी। उन्होंने यह भी कहा कि हत्या की साजिश में इन तीनों के अलावा और भी लोग शामिल हैं।
ये आरोपी पुलिस गिरफ्त में
नानकमत्ता पुलिस ने बाबा तरसेम सिंह की हत्या की साजिश रचने के आरोप में पीलीभीत के तुलापुर, बिलसंडा निवासी परगट सिंह को शनिवार देर रात खटीमा के मेलाघाट रोड, झनकईया से गिरफ्तार किया गया। वहीं, बाजपुर के केशोवाला मोड़ निवासी जसपाल सिंह भट्टी को रामपुर जेल रोड और बाजपुर के बन्नाखेड़ा निवासी सुखदेव सिंह गिल उर्फ सोनू गिल रविवार को बाजपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
दोनों मुख्य आरोपी अमरजीत सिंह और सरबजीत सिंह फरार थे। पुलिस ने इन पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। हत्या की इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। अमरजीत सिंह बाइक पर पीछे बैठा था जबकि सरबजीत सिंह बाइक चला रहा था।
अस्वस्थ या नशे के आदी पुलिसकर्मी से न कराएं स्कॉर्ट या गार्ड ड्यूटी
लखनऊ। बीमार और नशेड़ी पुलिसकर्मी से स्कॉर्ट ड्यूटी लेने पर डिप्टी एसपी व आरआई जिम्मेदार होंगे। ऐसे पुलिसकर्मियों को शस्त्र देकर ड्यूटी न करवाई जाए। अस्वस्थ या नशे के आदी किसी पुलिसकर्मी से अगर स्कॉर्ट या गार्ड ड्यूटी कराई गई तो डिप्टी एसपी, पुलिस लाइंस और प्रतिसार निरीक्षक (आरआई) जिम्मेदार होंगे। डीजीपी प्रशांत कुमार ने इस बाबत मातहतों को आदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि सशस्त्र गार्ड ड्यूटी अत्यंत महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील होती है। इसमें कोई भी लापरवाही घातक हो सकती है।
डीजीपी प्रशांत कुमार द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि बीते दिनों कुछ ऐसे प्रकरण सामने आए हैं, जहां महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील स्थलों पर लगाई गई सुरक्षा गार्ड/स्कॉर्ट ड्यूटी में तैनात कर्मियों की अनुशासनहीनता एवं असंतुलित व्यवहार से अप्रिय स्थिति उत्पन्न हुई। ऐसी घटनाओं से पुलिस की छवि धूमिल होती है। वहीं रक्षक के भक्षक हो जाने से जनता में असुरक्षा की भावना पनपती है। उन्होंने निर्देश दिया कि मानसिक रूप से परेशान किसी भी पुलिसकर्मी को अन्य पुलिसकर्मियों के साथ शस्त्र सहित ड्यूटी न लगाई जाए तथा बंदियों के साथ भी ड्यूटी लगाने में सतर्कता बरती जाए। ड्यूटी पर लगाने से पहले आरआई द्वारा गार्ड/स्कॉर्ट की संख्या, उनकी मानसिक स्थिति, व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्या आदि पता कर ली जाए। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि ड्यूटी करने वाला पुलिसकर्मी नशे का आदी न हो। यदि कोई कर्मी अस्वस्थ या किसी अन्य कारण से परेशान है तो उसे ड्यूटी से हटाकर उसकी समस्या का निराकरण कराया जाए।
बिजनौर। थाना किरतपुर पुलिस व स्वाट सर्विलांस टीम ने मुठभेड़ के दौरान लूट की योजना बनाते 04 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ में दो बदमाश व एक सिपाही घायल हुए हैं। बदमाशों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 02 मोटरसाइकिल, 03 अवैध शस्त्र, 02 अवैध चाकू व ₹ 28,000 /- नगदी बरामद की गई।
जानकारी के अनुसार रविवार रात लगभग 8:00 बजे नजीबाबाद रोड पर स्थित अमन कॉलोनी में कुछ बदमाश लूट की योजना बना रहे थे। इस सूचना पर थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह और स्वाट टीम प्रभारी जयवीर सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। वहां पहले से मौजूद बदमाशों ने पुलिस कर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस टीम की जवाबी फायरिंग में दो बदमाश घायल हो गए, जबकि स्वाट टीम के हेड कांस्टेबल परविंदर के दाएं हाथ में गोली लगी। वहीं थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह की बुलेट प्रूफ जैकेट में एक गोली लगी। पुलिस ने घेराबंदी कर पांचों बदमाशों को गिरफ्तार लिया। मुठभेड़ में घायल दोनों बदमाशों और घायल सिपाही को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन और एसपी सिटी संजीव वाजपेई तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे और घायल सिपाही परविंदर के स्वास्थ्य की जानकारी ली। पकड़े गए बदमाशों के नाम सोमपाल पुत्र मुंशीराम, श्याम पुत्र कमल, धारा पुत्र कमल, सूरज पुत्र राजकुमार निवासी अहमदगढ़ थाना झिंझाना जिला शामली तथा बंटी पुत्र बृजलाल निवासी थानूडेरा थाना झिंझाना जनपद शामली हाल निवासी गांव बल्दिया थाना हल्दौर बिजनौर बताए गए हैं। पुलिस की गोली से सोमपाल व बंटी घायल हुए हैं। पकड़े गए बदमाशों के खिलाफ कई थानों में काफी संख्या में मुकदमे दर्ज हैं। बदमाशों के कब्जे से अवैध तमंचे कारतूस चाकू, अन्य सामान व ₹ 28,000 /- नकदी बरामद हुए हैं।
पूछताछ में उगली कई वारदात
पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि उनके द्वारा दिनांक 29 मार्च 2024 को थाना अमरोहा नगर जनपद अमरोहा व दिनांक 06 मार्च 2024 को कस्बा व थाना धनौरा जनपद बिजनौर से महिला से चेन छीनी थी। दिनांक 28 मार्च 2024 को थाना धामपुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम जैतरा के निकट स्कूटी सवार महिला से रास्ता पूछने के बहाने से चेन झपटी थी। उक्त सम्बन्ध में थाना धामपुर पर मु०अ०सं० 161/24 धारा 392 भादवि पंजीकृत है। घटना में प्रयुक्त स्पलेन्डर मोटरसाइकिल उनके द्वारा जनपद पानीपत (हरियाणा) से चोरी की गई थी। अभियुक्त सोमपाल शातिर किस्म का अपराधी है, जिसके विरुद्ध उ0प्र0 सहित अन्य राज्यों के विभिन्न थानों पर लूट/चोरी सहित गम्भीर धाराओं में करीब एक दर्जन अभियोग पंजीकृत हैं। इनके अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है।
बढ़ते भ्रष्टाचार को रोकने के लिए एकजुट होने की आवश्यकता
संसद में तैयार हो कानून, बनाया जाए आयोग
भ्रष्टाचार मुक्त भारत की मुहिम छेड़ेंगे स्वामी अंश चैतन्य महाराज
बिजनौर। आदि शक्ति कामाख्या शक्ति पीठ महात्मा विदुर कुटी धाम के संस्थापक संचालक, राष्ट्रीय अध्यक्ष हिंदू युवा सेना, प्रदेश अध्यक्ष संत सुरक्षा मिशन एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी स्वामी अंश चैतन्य महाराज ने कहा कि भारत में बढ़ते भ्रष्टाचार को रोकने के लिए एकजुट होने की आवश्यकता है।
आप सभी लोगों के सहयोग से ही यह भ्रष्टाचार मुक्त भारत हो सकता है। उन्होंने कहा कि जिस अधिकारी के ऊपर 10 से 15 शिकायत हैं ,या दर्ज हो जाएं, उसको सरकार तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दे। इससे युवाओं को रोजगार भी मिलेगा और भ्रष्टाचार से मुक्ति भी मिलेगी। भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने के लिए आप सभी के सहयोग की आवश्यकता है। सब लोग सहयोग करें और अपने-अपने क्षेत्र के विधायकों और सांसदों से इस बात की मांग करें कि संसद में यह कानून पास हो कि जिस भी अधिकारी के ऊपर भ्रष्टाचार से संबंधित 10 से 15 शिकायत दर्ज हो जाएं, उसे तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले को लेकर वह राष्ट्रपति महोदय से मिलने के लिए समय लेंगे। राष्ट्रपति जी से मिलकर उनसे आग्रह करेंगे और ज्ञापन देंगे। एक आयोग तैयार हो, जिसमें आम जनता अपनी शिकायत दर्ज करवा सके और अपने शिकायत में सबूत दे सके।
पुलिस ने पकड़ा किराने का सामान तो सैंपल लेने पहुंची खाद्य विभाग की टीम
सब कुछ पुलिस ही करे! खाद्य विभाग करेगा क्या?
बिजनौर। कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस पर है। इसके बावजूद अन्य विभाग अपनी जिम्मेदारी सही से नहीं निभा रहे। इन्हीं में से एक है खाद्य विभाग।
जानकारी के अनुसार मंडावली पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ई-रिक्शा में भरे किराने का सामान पकड़ लिया। नकली होेने के संदेह पर पुलिस सामान से भरी ई-रिक्शा को थाने ले गई। सूचना पर पहुंची खाद्य विभाग की टीम ने जांच के लिए कई खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए। बताया गया है कि मंडावली थाना के सामने एसआई हरिओम गौतम ने मुखबिर की सूचना पर एक ई-रिक्शा में भरे किराने के सामान को जब्त कर लिया। पुलिस सामान के नकली होने की आशंका पर मिर्जापुर सैद अहमद किराने स्टोर पर जा रहे नौ कट्टे मिल्क पाउडर, 10 बैग कृष्ण भोग आटा, मयूर वनस्पति के पांच डब्बों को जब्त कर थाने ले गई। किराना स्टोर स्वामी नजीबाबाद ओम इंटरप्राइजेज से सामान ई-रिक्शा में भरकर ला रहा था। सूचना पर खाद्य निरीक्षक संजीव सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश यादव मंडावली थाने पहुंचे और जांच के लिए मिल्क पाउडर, कृष्ण भोग आटा, मयूर वनस्पति के सैंपल लिए। खाद्य विभाग की टीम ने कहा कि सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। नकली सामान होने पर ही कार्रवाई की जाएगी। सैंपल लेने के बाद सामान किराना स्टोर स्वामी को सौंप दिया गया।
पश्चिम बंगाल की जेलों में महिला कैदी हो रहीं प्रेग्नेंट
कलकत्ता हाईकोर्ट में दायर एक रिपोर्ट में बताया गया कि पश्चिम बंगाल की जेलों में गर्भवती महिला कैदियों की तादाद लगातार बढ़ रही है। आंकड़ों के मुताबिक, 2023 तक जेल में बंद महिला कैदियों ने 196 बच्चों को जन्म दिया। केंद्र और तमाम राज्य सरकारें महिला सुरक्षा के लंबे-चौड़े दावे करती रही हैं।
कोलकाता (एजेंसी)। पश्चिम बंगाल की जेलों में महिला कैदियों के प्रेग्नेंट होने का मुद्दा कोर्ट तक पहुंच गया है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस मामले को आपराधिक खंडपीठ को स्थानांतरित करने का आदेश दिया, जिसमें न्याय मित्र ने दावा किया था कि पश्चिम बंगाल के सुधार गृहों में बंद कुछ महिला कैदी गर्भवती हो रही हैं और 196 बच्चे इस तरह के विभिन्न सुधार गृहों में रह रहे हैं।
वकील तापस कुमार भांजा को जेलों में कैदियों की अधिक संख्या पर 2018 के स्वत: संज्ञान मामले में अदालत द्वारा न्यायमित्र नियुक्त किया गया था। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष इन मुद्दों और सुझावों वाला एक ज्ञापन दाखिल किया। पीठ ने कहा; न्यायमित्र ने दावा किया है कि महिला कैदी हिरासत में गर्भवती हो रही हैं। ज्ञापन में कहा गया कि पश्चिम बंगाल की विभिन्न जेल में लगभग 196 बच्चे रह रहे हैं। तापस कुमार ने सुधार गृहों के पुरुष कर्मचारियों के महिला कैदियों की जेल में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का सुझाव दिया। खंडपीठ में न्यायमूर्ति सुप्रतिम भट्टाचार्य भी शामिल थे। मुख्य न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि इस संबंध में उचित आदेश के लिए मामला उनके समक्ष रखा जाए। अदालत ने निर्देश दिया, “इन सभी मामलों पर प्रभावी निर्णय लेने के लिए, हम इसे उचित मानते हैं कि मामले को आपराधिक रोस्टर निर्धारण वाली माननीय डिवीजन बेंच के समक्ष रखा जाना चाहिए।” मुख्य न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि इस संबंध में उचित आदेश के लिए मामला उनके समक्ष रखा जाए।
हिन्दू नव वर्ष पूजा-पाठ की दृष्टि से माना जाता है बहुत ही महत्वपूर्ण
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा मंगलवार 09 अप्रैल 2024 को नव वर्ष 2081 शुरू
09 दिन तक मां दुर्गा की पूर्ण श्रद्धा से की जाएगी पूजा
हिंदू धर्म में नव वर्ष विक्रम संवत चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि से आरंभ होता है. इस बार आज 09 अप्रैल से नव विक्रम संवत्सर 2081 आरंभ हो गया है। साथ ही इस दिन से ही चैत्र नवरात्रि भी आरंभ है। इस नवसंवत्सर 2081 को काल युक्त नामक संवत्सर के रूप में जाना जाएगा।
हिंदू नववर्ष का प्रारंभ चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से माना जाता है। इसे हिंदू नव संवत्सर या नया संवत भी कहते हैं। ऐसी मान्यता है कि भगवान ब्रह्मा ने इसी दिन से सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी। इसी दिन से विक्रम संवत के नए साल की शुरुआत होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार हिंदू नववर्ष की शुरुआत मंगलवार 09 अप्रैल 2024 से हो रही है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा अर्थात मंगलवार 09 अप्रैल 2024 को नव वर्ष 2081 शुरू हो गया है। ब्रह्म पुराण के अनुसार, ब्रह्मा जी ने सृष्टि का आरंभ इसी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन से किया था। महापराक्रमी सम्राट विक्रमादित्य ने अपने नाम से संवत्सर का प्रारंभ भी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन से किया, इसलिए इस संवत्सर को विक्रमी संवत्सर भी कहा जाता है। हमारे धार्मिक कार्यों में सूर्य का बहुत ही प्रमुख स्थान माना गया है तो वहीं चंद्रमा का स्थान भी कम महत्वपूर्ण नहीं है। जीवन के मुख्य आधार वनस्पतियों को चंद्रमा से ही सोमरस की प्राप्ति होती है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के लिए चंद्र की कला का प्रथम (परेवा) दिन होता है, इसलिए हमारे ऋषियों ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन को नव वर्ष के लिए सर्वथा उपयुक्त माना है। भगवान श्रीराम ने चैत्र शुक्ल की नवमी के दिन जन्म लिया था, जिससे इस माह का और भी महत्व बढ़ जाता है। ज्योतिष गणना के अनुसार, हिन्दू नव वर्ष का पहला दिन जिस भी दिवस पर पड़ता है, पूरा साल उस ग्रह का स्वामित्व माना जाता है। हिन्दू नव वर्ष पूजा-पाठ की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। हिन्दू नव वर्ष की शुरुआत चैत्र महीने में होती है और बसंत ऋतु का आगमन होता है। चैत्र माह और हिन्दू नव वर्ष का पहला त्योहार नवरात्रि पड़ता है, जिसमें 9 दिन तक मां दुर्गा की पूर्ण श्रद्धा से पूजा की जाती है।
हिंदू नववर्ष: चैत्र नवरात्रि के पहले दिन शैलपुत्री की पूजा
कलश स्थापना मुहूर्त, राहुकाल, दिशाशूल
चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि मंगलवार 09 अप्रैल 2024 को हिन्दू नववर्ष है। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से हिंदू नव वर्ष की शुरुआत होती है। यह विक्रम संवत् 2081 है, इसके राजा मंगल और मंत्री शनि हैं। कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त हैं। एक मुहूर्त सूर्योदय के समय सुबह 06:02 से प्रारंभ है। आज का पंचांग 9 अप्रैल 2024: आज चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि से हिंदू नववर्ष का प्रारंभ हो गया है। यह विक्रम संवत् 2081 है, इसके राजा मंगल और मंत्री शनि हैं। आज से चैत्र नवरात्रि का प्रारंभ हुआ है। आज चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि, रेवती नक्षत्र, वैधृति योग, किंस्तुघ्न करण, उत्तर दिशाशूल और मंगलवार का दिन है। आज कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की पूजा होती है। पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त हैं। एक मुहूर्त सूर्योदय के समय से ही यानी 06:02 से प्रारंभ है, जबकि दूसरा मुहूर्त दिन में अभिजीत मुहूर्त में है।
शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करने के साथ ही मां दुर्गा का आह्वान करते हैं। उसके बाद से शैलपुत्री की पूजा करें। जो लोग सोमवार का व्रत थे, वे सूर्योदय के बाद तुलसी के पत्ते खाकर पारण कर लें। उसके बाद नवरात्रि का व्रत प्रारंभ कर लें। इस बार मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर आई हैं, इससे सत्ता परिवर्तन के संकेत हैं। इस बार की चैत्र नवरात्रि 9 दिन की है। राम नवमी के दिन ही पारण और हवन होगा।
मंगलवार के दिन हनुमान जी की भी पूजा करते हैं। वीर हनुमान जी को लड्डू का भोग लगाएं और सिंदूर का चोला अर्पित करें। हनुमान चालीसा का पाठ करें। बजरंगबली की कृपा से आपके जीवन के सभी संकट दूर होंगे। मंगलवार का व्रत और हनुमान जी की पूजा करने से कुंडली का मंगल दोष भी दूर होता है। पंचांग से जानते हैं आज का शुभ मुहूर्त, योग, सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, चंद्रास्त, राहुकाल, दिशाशूल आदि.
आज का पंचांग, 9 अप्रैल 2024 आज की तिथि- प्रतिपदा – 08:30 शाम तक, फिर द्वितीया तिथि। आज का नक्षत्र- रेवती – 07:32 सुबह तक, उसके बाद अश्विनी – 05:06 सुबह, 10 अप्रैल तक। आज का करण- किंस्तुघ्न – 10:08 सुबह तक, बाद में बालव। आज का पक्ष- शुक्ल। आज का योग- वैधृति – 02:18 दोपहर तक, फिर विष्कम्भ। आज का दिन- मंगलवार। चंद्र राशि- मीन – 07:32 सुबह तक, फिर मेष राशि में।
चैत्र नवरात्रि 2024 के शुभ मुहूर्त और योग कलश स्थापना मुहूर्त सुबह 06:02 से सुबह 10:16 तक। कलश स्थापना मुहूर्त दोपहर 11:57 बजे से 12:48 बजे तक। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 07:32 से सुबह 05:06 तक, 10 अप्रैल अमृत सिद्धि योग: सुबह 07:32 बजे से कल सुबह 05:06 बजे तक। गजकेसरी योग सुबह 07:32 बजे से।
मानवाधिकार परिषद ने किया कैदियों और बंदियों को जरूरत का सामान वितरित
जेल में बंद सभी लोग दोषी नहीं होते: मौलाना अनवारुल हक
बिजनौर। मानवाधिकार परिषद ने पूर्व वर्ष की तरह इस साल भी जिला कारागार बिजनौर में कैदियों और बंदियों को जरूरत का सामान वितरित किया। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष मौलाना अनवारुल हक ने कहा कि जेल में बंद सभी लोग दोषी नहीं होते, यह अदालत तय करती है कि कौन दोषी है कौन निर्दोष!
मौलाना अनवारुल हक ने कहा कि जेल के बाहर हम अपने हैसियत अनुसार मदद करते हैं, लेकिन जेल में बंद लोगों की कोई मदद नहीं करता, जबकि हमारी मदद के सबसे ज्यादा हकदार जेलों में बंद लोग हैं। विश्व मानवाधिकार परिषद देशभर में कैदियों की मदद के साथ-साथ निर्दोष बंदियों के नि:शुल्क मुकदमे लड़ने का कार्य भी करता है। उन्होंने कहा कि अदालत से रिहा होने के बाद भी कुछ लोग जेलों में लंबे समय से सिर्फ इसलिए बंद है क्योंकि वह जुर्माना अदा नहीं कर सके और ऐसे लोगों की देश में बड़ी तादाद है, मगर लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। अगर सब लोग मिलकर कोशिश करें तो उनको रिहा कराना कोई मुश्किल काम नहीं है। प्रदेश सचिव ठेकेदर शहाबुद्दीन प्रधान ने कहा कि जेल में बंद व्यक्ति के लिए मदद के सभी रास्ते बंद होते हैं। हमें चाहिए कि हम के प्रशासन से मिलकर जो भी सहयोग हो सके वह करते रहें। जिला महासचिव एडवोकेट मोहम्मद मोहसिन ने कहा कि हम रमजान के पवित्र माह में ईद की तैयारी करते हैं, मगर जेल में बंद लोगों को और विशेष तौर पर उनके परिवार वालों को भूल जाते हैं कि उनका भी हमारे ऊपर कोई हक है या नहीं।
इस मौके पर जेल अधीक्षक आदिति श्रीवास्तव, जेलर रविन्द्रनाथ, संगठन के मुरादाबाद मंडल यूथ अध्यक्ष मोहम्मद अदिल, शाहिद प्रधान, कारी मोहम्मद अजमल, विवेक चौधरी, हारुन अंसारी, अखिलेश वर्मा, मोहम्मद अशफ़, कारी शाहनवाज, कृष्णा चौधरी, कारी मोहम्मद नदीम मोहम्मद वसीम, मास्टर मो. राशिद वकार अहमद, मो. अशरफ, मो. अफ़ज़ल, मौलाना गुलफाम, शफीक बिजनौरी, शाह आलम, सुलेमान ठेकेदार हाफ़िज़ आमिल आदि मौजूद रहे।
लखनऊ में भी जोरों पर है प्रत्याशी बदलने की सुगबुगाहट
कार्यकर्ता तक कंफ्यूज: आखिरकार प्रत्याशी कौन?
लखनऊ। समाजवादी पार्टी में लखनऊ में भी प्रत्याशी बदलने की सुगबुगाहट जोरों पर है! हाल ही में पार्टी ने रामपुर, मुरादाबाद और मेरठ में इतनी बार टिकट बदले कि उसके कार्यकर्ता अब तक कंफ्यूज हैं कि उनका प्रत्याशी आखिरकार है कौन और कौन हो जाएगा? अब सूत्र दावा कर रहे हैं कि सपा मुखिया अखिलेश यादव लखनऊ प्रत्याशी भी बदलने की फिराक में हैं।
लोकसभा चुनाव नजदीक होने के बावजूद समाजवादी पार्टी में टिकट बदलने का खेल जारी है। हालत ये हो गई है कि सपा में कब, किसका टिकट कट जाए और कटकर दोबारा मिल जाए और फिर काट कर किसी और को थमा दिया जाए, कोई पक्का भरोसा नहीं है। हाल ही में सपा ने रामपुर, मुरादाबाद और मेरठ में इतनी बार टिकट बदले कि उसके कार्यकर्ता अब तक कंफ्यूज हैं कि आखिरकार उनका प्रत्याशी है कौन? अब लखनऊ का प्रत्याशी बदलने की अटकलें लगाई जा रही हैं!
सूत्रों का दावा है कि लखनऊ के सपा प्रत्याशी रविदास मेहरोत्रा से पार्टी मुखिया अखिलेश यादव नाराज हैं। वजह ये बताई जा रही है कि रविदास मेहरोत्रा अपने लोकसभा क्षेत्र में सही तरीके से प्रचार नहीं कर रहे हैं। उनकी जगह लव भार्गव समेत कई नाम रेस में हैं।
टिकट बदलने का खेल अनवरत जारी
सपा ने मेरठ में पहले दलित चेहरा भानु प्रताप को उम्मीदवार बनाया। उसके बाद सपा विधायक अतुल प्रधान को टिकट दिया और उसके कुछ ही घंटों बाद योगेश वर्मा की पत्नी सुनीता वर्मा को टिकट दे दिया। वहीं बागपत में जाट बिरादरी के मनोज चौधरी को टिकट दिया, फिर काटकर अमरपाल शर्मा को टिकट दिया। बदायूं में पहले धर्मेंद्र यादव और बाद में शिवपाल यादव को टिकट दिया गया। अब शिवपाल के बेटे आदित्य यादव के नाम की चर्चा है। गौतमबुद्ध नगर से पहले महेंद्र नागर को प्रत्याशी बनाया फिर उनकी जगह राहुल अवाना को टिकट दिया। बाद में फिर से महेंद्र नागर को उम्मीदवार बना दिया। 24 मार्च को मुरादाबाद से एसटी हसन को टिकट दिया। उन्होंने 26 को पर्चा भी भर दिया।अगले ही दिन आजम खान गुट की रुचि वीरा को सिंबल देकर नामांकन करवा दिया गया। इसी तरह रामपुर सीट पर पहले आजम के करीबी असीम राजा को टिकट की चर्चा थी, लेकिन बाद में दिल्ली पार्लियामेंट स्ट्रीट जामा मस्जिद इमाम मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी को टिकट दे दिया गया।
यूपी में है सपा-कांग्रेस गठबंधन
उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में गठबंधन है। इसमें सपा 63 और कांग्रेस 17 सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस अभी तक सभी सीटों पर प्रत्याशी नहीं उतार पाई है, वहीं सपा में बार-बार प्रत्याशी बदले जा रहे हैं।
नहटौर, धामपुर एवं स्योहारा क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न मतदान केन्द्रों का निरीक्षण
लोकसभा चुनाव को लेकर भ्रमण पर डीएम एसपी
बिजनौर। जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल व पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 के दृष्टिगत रविवार को भ्रमण पर निकले। दोनों अधिकारियों ने थाना नहटौर, धामपुर एवं स्योहारा क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न मतदान केन्द्रों का भ्रमण/निरीक्षण किया । इस दौरान सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित कराए जाने के संबंध में संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही क्षेत्रीय लोगों से वार्ता की गई। इस दौरान अन्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
यूपी यूके के पुलिस अधिकारियों की बैठक
अपर पुलिस अधीक्षक नगर संजीव कुमार वाजपेई द्वारा कोटद्वार में लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 की तैयारियों के परिप्रेक्ष्य में उ0प्र0 और उत्तराखण्ड राज्य के सीमावर्ती जनपद के पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय गोष्ठी आयोजित कर संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
रिजर्व पुलिस लाइन्स में तीन दिवसीय अन्तर्जनपदीय खेल प्रतियोगिताओं का समापन
बरेली जोन के सभी 08 जनपदों की टीमों ने किया प्रतिभाग
विजेता अब जोनल प्रतियोगिता में दिखाएंगे दमखम
जीते अन्तर्जनदीय, अब जोनल प्रतियोगिता की तैयारी
पुरुष वॉलीबाल में बिजनौर, पुरुष टेबल टेनिस में अमरोहा और महिला टेबल टेनिस में मुरादाबाद की टीम ने फहराई विजय पताका
बिजनौर। रिजर्व पुलिस लाइन्स में आयोजित तीन दिवसीय अन्तर्जनपदीय खेल प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने अपना दमखम दिखाया। पुरुष वॉलीबाल में बिजनौर, पुरुष टेबल टेनिस में अमरोहा और महिला टेबल टेनिस में मुरादाबाद की टीम ने विजय पताका फहराई। अब तैयारी जोनल प्रतियोगिता की है।
रिजर्व पुलिस लाइन्स बिजनौर में 05 से 07 अप्रैल 2024 तक आयोजित तीन दिवसीय अन्तर्जनपदीय खेल प्रतियोगिताओं का समापन डीआईजी मुरादाबाद ने किया।
बरेली जोन बरेली वर्ष-2024 की इन खेल प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने अपने हुनर और काबिलियत का लोहा मनवा दिया।
पुरुष वॉलीबाल में बिजनौर, पुरुष टेबल टेनिस में अमरोहा और महिला टेबल टेनिस में अमरोहा की टीम ने विजय पताका फहराई।
रिजर्व पुलिस लाइन में अन्तर्जनपदीय खेल प्रतियोगिताओं के दौरान वॉलीबाल, बास्केटबाल, हैण्डबाल, टेबिल टेनिस, सेपक टकरा एवं योगा प्रतियोगताओं का आयोजन किया गया।
प्रतियोगताओं में बरेली जोन के सभी 08 जनपदों की टीमों ने भाग लिया। इनमें प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों की संख्या कुल 150 रही।
कुशल निर्णायकों एवं चयन समिति की संस्तुति के आधार पर जोनल प्रतियोगिता हेतु जनपदों से खिलाड़ियों का चयन उनकी प्रतिभा एवं कुशलता को दृष्टिगत रखते हुए किया गया।
पुरुष वॉलीबाल में बिजनौर अव्वल
पुरुष वॉलीबाल का प्रथम मैच जनपद बिजनौर व मुरादाबाद के बीच फाइनल मैच खेला गया। इसमें बिजनौर की टीम ने 03-00 से विजय प्राप्त की।
अमरोहा ने पुरुष टेबल टेनिस में बाजी मारी
पुरुष टेबल टेनिस का फाइनल मैच जनपद अमरोहा व बरेली के बीच खेला गया। इसमें कड़े मुकाबले के बीच अमरोहा की टीम ने विजय प्राप्त की।
महिला टेबल टेनिस में मुरादाबाद को मिली विजय
महिला टेबल टेनिस का प्रथम मैच जनपद मुरादाबाद व बरेली के बीच खेला गया। इसमें मुरादाबाद ने विजय प्राप्त की।
योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट एवं इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन की मुहिम
जेल में कैदियों, बंदियों, स्टाफ ने किया योगासन और प्राणायाम
बिजनौर। योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट एवं इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन इकाई जनपद बिजनौर के द्वारा जिला कारागार में कैदियों, बंदियों एवं समस्त स्टाफ को योगासन और प्राणायाम कराया गया।
सोमदत्त शर्मा ने वॉकिंग जोकिंग एवं एक्सरसाइज कराई। ओपी शर्मा जिला अध्यक्ष इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन ने हास्यासन एवं प्राकृतिक चिकित्सा के बारे में विस्तार से वर्णन किया। पतंजलि प्रभारी राम सिंह पाल ने प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम, अनुलोम विलोम, उज्जाई प्राणायाम, अग्निसार कराया। डॉक्टर गजेंद्र कुमार शर्मा ने अनावश्यक दवाइयां का प्रयोग हानिकारक बताते हुए कहा कि दवाई किसी एक्सपर्ट चिकित्सक की देखरेख में लेनी चाहिए। अनावश्यक दवाई जीवन के लिए हानिकारक हो सकती है, इसलिए किसी अच्छे चिकित्सक से परामर्श कर दवाइयां का प्रयोग करना चाहिए।
योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट एवं इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ नरेंद्र सिंह ने सूर्य नमस्कार, वृक्षासन, ताड़ासन, पश्चिमोत्तानासन, स्कंद आसान, अर्ध मत्स्येंद्रासन, उत्तानपादासन, हल आसान, भुजंगासन, धनुरासन, मयूरासन, मार्जरी आसन एवं चक्रों का जागरण ध्यान कराया। डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने कहा कि पाप बुरा होता है पापी नहीं। उन्होंने कैदियों से कहा कि जिस गलती के कारण आप यहां आए हैं, वह गलती दोबारा नहीं होनी चाहिए। यहां से बाहर जाने के बाद अपने परिवार का अपने समाज का अपने राष्ट्र का कार्य करना चाहिए। इस अवसर पर जिला जेलर रविंद्रनाथ ने सभी योगाचार्य को कैदियों एवं जेल के स्टाफ को योग कराने के लिए धन्यवाद दिया।
बिजनौर। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन के सभागार कक्ष में जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारी/थाना प्रभारियों के साथ लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 के दृष्टिगत गोष्ठी आयोजित की गई।
गोष्ठी में एसपी ने निरोधात्मक कार्यवाही, हिस्ट्रीशीटर का सत्यापन, मतदान केन्द्रों का भ्रमण/निरीक्षण, अन्तर्राज्यीय बैरियर चेकिंग, आगामी त्योहारों आदि की समीक्षा कर सर्वसंबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
पुलिस ने जारी किया हेल्प लाइन नंबर 9258994566
इस बीच Bijnor Police द्वारा आगामी लोकसभा सामान्य निर्वाचन 2024 के दृष्टिगत सर्वसाधारण के लिए सूचना जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि दिनांक 16 मार्च 2024 से आदर्श आचार संहिता लागू हुई है। इस संबंध में बिजनौर पुलिस द्वारा हेल्पलाइन नम्बर 9258994566 जारी किया गया है। यदि किसी भी व्यक्ति को चुनाव के दृष्टिगत आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने वाला कोई आपत्तिजनक एसएमएस या व्हाट्सएप मैसेज प्राप्त होता है, तो हेल्पलाइन नम्बर 9258994566 पर फॉरवर्ड/व्हाट्सएप कर सकते हैं तथा कॉल करके अवगत करा सकते हैं। आपकी शिकायत को अत्यन्त गंभीरता से लिया जायेगा तथा उस पर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। शिकायत दर्ज कराने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
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