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update रहें…हर दम, हर पल

  • Bhadas wins in High Court, will be able to publish news against HT Group

    ….But after taking the version!

    हाईकोर्ट में हम लोग जीत गए. हिंदुस्तान टाइम्स समूह के खिलाफ हमने एक केस किया था, लोवर कोर्ट के आदेश को चैलेंज करते हुए. लोवर कोर्ट ने कह दिया था कि हम हिंदुस्तान टाइम्स के खिलाफ कुछ छाप ही नहीं सकते. तो हाईकोर्ट ने आज कह दिया कि आप छाप सकते हैं, लेकिन पहले वर्जन लीजिए.

    यशवंत सिंह

    मोहलत 48 घंटे की …

    इसके लिए एक मेल आईडी मुहैया कराया है एचटी वालों ने. अगर 48 घंटे तक वे रिस्पांड नहीं करते हैं तो हम फिर छापने के लिए फ्री हैं. एचटी ग्रुप ने करोड़ों की मानहानि का केस किया था जिसके तहत लोवर कोर्ट ने एक रुपये का जुर्माना किया था. आज हमारे वकीलों ने एक रुपये जुर्माने की राशि को हाईकोर्ट में जमा कर दिया.

    कुल चौदह साल तक चला मुकदमा

    ये मकदमा लोवर कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट तक में कुल चौदह साल तक चला. हाईकोर्ट के आज के आदेश का फाइनल आर्डर आने पर इस पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. फिलहाल तो ये हम लोगों की बड़ी जीत है. एक रुपया जुर्माना देने का ग़म तो है, क्योंकि हम लोगों ने हिंदुस्तान समूह में भयंकर छंटनी की खबर प्रकाशित की थी जिससे प्रबंधन नाराज था. जेनुइन खबर छापने को भी मानहानि माना जाना गलत बात है.

    इसी तरह से अन्य मीडिया समूहों से अपील है कि वे भी अपना अपना मेल आईडी दे दें ताकि उनका पक्ष लेने में सहूलियत हो सके.

    हाईकोर्ट में इस केस को हमारे वकीलों मयूरी रघुवंशी और व्योम रघुवंशी व इनकी टीम ने मजबूती से रखा और जीत हासिल की. इन वकीलों ने भड़ास से कोई फीस नहीं ली क्योंकि ये मीडिया की आजादी का मामला था. इसलिए इन्होंने बिना एक पैसे लिए ये केस लड़ा. अभिव्यक्ति की आजादी को सुरक्षित रखने की मुहिम में भरपूर साथ देने के लिए हम एडवोकेट मयूरी रघुवंशी, एडवोकेट व्योम रघुवंशी और उनकी पूरी टीम के आभारी हैं. ज्ञात हो कि व्योम और मयूरी उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस अधिकारी विजय शंकर सिंह के बेटा-बहू हैं. (23/11/2023)

  • चाय में आवश्यकता से अधिक कीटनाशक मिलाने की बात आई सामने

    पानी पूरी और मंचूरियन के बाद अब चाय पर लग सकता है ‘बैन’

    नई दिल्ली। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया की जांच के दायरे में चाय भी आ गई है. दरअसल चाय आपके लिए कैंसर का कारण भी बन सकती है. चाय में मिलावट की बात सामने आने के बाद हरकत में आई कर्नाटक सरकार मंचूरियन और पानी पूरी की तरह ही चाय पर भी एक्शन लेने की तैयारी में है.

    शायद ही कोई हो, जिसे चाय पसंद न हो. चाय न मिले तो कुछ लोगों को सिरदर्द होने लगता है. मानसून के मौसम में चाय की तलब और बढ़ जाती है. सुहाने मौसम में सड़क किनारे ढाबों पर चाय की चुस्की लेना किसे पसंद नहीं होता? लेकिन अगर आप भी ऐसा करते हैं तो जरा ठहरिए. कहीं आप जहर वाली चाय तो नहीं पी रहे. क्या आपको पता है कि चाय आपके लिए कैंसर का कारण भी बन सकती है. जी हां, अब आपकी प्यारी चाय भी फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया की जांच के दायरे में आ गई है.  गोभी मंचूरियन, पानी पूरी, कॉटन कैंडी और कबाब जैसी खाने वाली चीजों में फूड कलर पर बैन लगाने के बाद अब चौंकाने वाली बात सामने आई है. फूड सेफ्टी अफसरों ने प्रोसेसिंग यानी प्रसंस्करण के दौरान चाय की पत्तियों और डस्ट यानी चूर्ण में बड़ी मात्रा में कीटनाशकों और रंगों का इस्तेमाल पाया है.

    बन सकती हैं कैंसर का कारण

    दरअसल, पता चला है कि खाने-पीने की चीजें बनाने और बेचने वाले लोग रोडामाइन-बी और कार्मोइसिन जैसे फूड कलर्स का इस्तेमाल करते हैं. ये कलर्स काफी जहरीले-विषैले माने जाते हैं. एफएसएसएआई के सूत्रों का कहना है कि चाय के केस में ये कीटनाशक और उर्वरक हैं. ये चीजें कैंसर का कारण बन सकती हैं. कर्नाटक का स्वास्थ्य मंत्रालय जल्द ही उन चाय बागानों पर कार्रवाई करने वाला है, जो चाय उगाते समय अधिक मात्रा में कीटनाशकों का इस्तेमाल करते हैं. इससे लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है.

    सैंपल्स जमा

    अभी तक कर्नाटक हेल्थ मिनिस्ट्री ने उत्तर कर्नाटक के अलग-अलग जिलों से 48 सैंपल्स जमा किए हैं, जहां चाय का कंजप्शन बहुत अधिक है. बागलकोट, बीदर, गादग, धारवाड़, हुबली, विजयनगर, कोप्पल और बल्लारी जैसे जिलों में फूड इंस्पेक्टर्स ने पाया है कि चाय में बड़ी मात्रा में कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जा रहा है. यह सेहत के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है.

    होगा तगड़ा एक्शन: हेल्थ मिनिस्टर

    कर्नाटक के हेल्थ मिनिस्टर दिनेश गुंडू राव ने कहा, ‘हम घटिया क्वालिटी वाली चाय बनाने वालों यानी चाय निर्माताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रहे हैं. हमारा मकसद लोगों को खराब क्वालिटी या बहुत अधिक प्रोसेस्ड खाना न खाने के लिए जागरूक करना और उन्हें हेल्दी खाने के लिए प्रोत्साहित करना है. हम हर चीज को ध्यान से देख रहे हैं और लोगों को मिलावट के बारे में अवेयर रहे हैं. हम कबाब या गोभी मंचूरियन पर बैन नहीं लगा रहे हैं, बल्कि इनमें यूज होने वाले हानिकारक पदार्थों पर बैन लगा रहे हैं. ऐसा ही चाय पत्ती पर भी लागू होता है.’

    चाय को जहरीली बना रहा कौन?

    फूड रेगुलेटरी अथॉरिटीज यानी खाद्य नियामक अधिकारियों ने पाया कि किसान और बाद में चाय उत्पादक प्रोसेसिंग यानी प्रसंस्करण के दौरान कीटनाशकों की जरूरी मात्रा से अधिक मात्रा मिलाते हैं. ये बाद में कैंसर का कारण बन जाते हैं और जिंदगी को प्रभावित करते हैं. एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि उन्हें चाय प्रोड्यूसर्स बड़ी मात्रा में कीटनाशकों का इस्तेमाल करते हुए मिले हैं. लैब में 35 से 40 से अधिक कंपाउंड या रसायनों का विश्लेषण किया जाएगा. कीटनाशकों की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई. इसीलिए यह अभियान चलाया जा रहा है.

    गोभी मंचूरियन और कबाब पर बैन

    कर्नाटक सरकार ने गोभी मंचूरियन, पानी पूरी और कबाब जैसे सड़कों पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों में आर्टिफिशियल रंगों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी. ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि यह पाया गया था कि उनमें रोडामाइन-बी और कार्मोइसिन जैसे फूड कलर्स का इस्तेमाल किया जा रहा था. इन कलर्स को कई अध्ययनों में जहरीली पाया गया है. जब इनका परीक्षण किया गया, तो देश के स्वास्थ्य मंत्रालयों में खतरे की घंटी बज गई. प्रयोगशाला परीक्षणों से पता चला कि कैंसर पैदा करने वाले रोडामाइन-बी और टार्ट्राजिन का इस्तेमाल खाने को आकर्षक बनाने के लिए किया जा रहा था, मगर ये बेहद जानलेवा थे. इससे पहले खाने में रंगों के खिलाफ अभियान के तहत यह पाया गया कि इन व्यंजनों में लगभग 107 असुरक्षित आर्टिफिशियल रंगों का इस्तेमाल किया गया था. खाद्य पदार्थों के मामले में किसी तरह के उल्लंघन पर 7 साल तक की कैद और 10 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है।

  • डीजीपी मुख्यालय ने जारी की स्थानांतरण सूची

    आईपीएस व पीपीएस संवर्ग में अन्य पुलिस अधिकारियों के स्थानांतरण की सूची जल्दी होगी जारी

    10 एडिशनल एसपी का तबादला

    लखनऊ। शासन ने 10 अपर पुलिस अधीक्षकों के कार्यक्षेत्र बदल दिए हैं। इनमें एएसपी कुंभ मेला के पद पर दो अधिकारियों की भी तैनाती की गई है। डीजीपी मुख्यालय ने स्थानांतरण सूची जारी कर दी है। सूत्रों का कहना है कि आईपीएस व पीपीएस संवर्ग में अन्य पुलिस अधिकारियों के स्थानांतरण की सूची जल्दी ही जारी हो सकती है।

    स्थानांतरित अधिकारी


    1. प्रवीन सिंह चौहान उपसेनानायक 4वीं वाहिनी पीएसी प्रयागराज एएसपी कुंभ मेला, प्रयागराज।
    2. अनित कुमार एएसपी अपराध, मेरठ उपसेनानायक 4वीं वाहिनी पीएसी प्रयागराज।
    3. अवनीश कुमार उपसेनानायक 2वीं वाहिनी एसएसएफ, गोरखपुर एएसपी अपराध, मेरठ।
    4. असीम चौधरी अपर पुलिस अधीक्षक, जालौन एएसपी कुंभ मेला, प्रयागराज।
    5. प्रदीप कुमार वर्मा उपसेनानायक 1वीं वाहिनी एसएसएफ, लखनऊ एएसपी जालौन।
    6. वीरेन्द्र कुमार (प्रथम) अपर पुलिस उपायुक्त, गाजियाबाद कमिश्नरेट उपसेनानायक 1वीं वाहिनी एसएसएफ, लखनऊ।
    7. पीयूष कुमार सिंह एएसपी पीटीएस, सुलतानपुर अपर पुलिस उपायुक्त, गाजियाबाद कमिश्नरेट।
    8. देवेश कुमार वर्मा एएसपी यातायात, मथुरा एएसपी यूपी पीसीएल मुख्यालय, लखनऊ।
    9. मनोज कुमार यादव एएसपी पुलिस अकादमी, मुरादाबाद एएसपी यातायात, मथुरा।
    10. कृष्णकांत सरोज अपर पुलिस उपायुक्त, वाराणसी कमिश्नरेट एएसपी ग्रामीण बदायूं (एएसपी राममोहन सिंह के 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होने पर)।

  • कभी अतीक पर चलवाया था बुलडोजर, डकैतों का किया था सफाया

    सिपाही को बचाने में डीआईजी जुगल किशोर सस्पेंड !

    लखनऊ। चित्रकूट में पाठा के जंगलों में दुर्दांत डकैत घनश्याम केवट का एनकाउंटर करने वाले आईपीएस अधिकारी डीआईजी फायर जुगल किशोर को शासन ने सस्पेंड कर दिया है। उन पर भ्रष्टाचार के मामले में फंसे सिपाही पर कार्रवाई नहीं करने और क्लीन चिट देने का आरोप है।

    दुर्दांत डकैत घनश्याम केवट का एनकाउंटर

    योगी आदित्यनाथ सरकार ने आईपीएस अधिकारी डीआईजी फायर के पद पर तैनात जुगल किशोर को सस्पेंड कर दिया है। 2008 बैच के IPS अधिकारी जुगल किशोर गाजीपुर, बांदा, वाराणसी, इलाहाबाद, लखनऊ, चित्रकूट और बहराइच से SP रह चुके हैं। चित्रकूट में तैनाती के दौरान पाठा के जंगलों में तीन दिन का अभियान चलाकर उन्होंने दुर्दांत डकैत घनश्याम केवट का एनकाउंटर किया था।

    मैंने नियमतः काम किया: जुगल किशोर

    आईपीएस अधिकारी डीआईजी फायर के पद पर तैनात जुगल किशोर पर आरोप है कि एक सिपाही पर भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई नहीं की और पूरे मामले में शिथिलता बरतते हुए उसे क्लीनचिट भी दे दी। हालांकि डीआईजी का इस बारे में अलग ही तर्क है। उन्होंने कहा कि मैंने नियमतः काम किया है। सूत्रों ने बताया कि करीब आठ माह पहले उनके खिलाफ डीजीपी मुख्यालय ने कार्रवाई करने की संस्तुति की थी।

    एक साथ दो सजा?

    जानकारी के अनुसार उन्नाव में तैनात फायरमैन को मिली सज़ा खत्म करने पर डीआईजी फायर सर्विस जुगल किशोर तिवारी को सस्पेंड किया गया है। उन्नाव में तैनात फायर विभाग का ड्राइवर बीमारी के चलते कई दिनों तक ड्यूटी से गायब था। बिना अनुमति के ड्यूटी से गायब रहने पर उसे एक साथ दो सजा दी गई थी।

    एक अपराध में दो सजा नहीं देने के सिद्धांत में डीआईजी जुगल किशोर तिवारी ने फायर विभाग के ड्राइवर को क्लीन चिट दे दी थी।

    ड्राइवर को क्लीन चिट देने पर ही डीआईजी जुगल किशोर तिवारी को सस्पेंड किया गया है। इस पूरे मामले पर जुगल किशोर तिवारी का कहना है कि मैंने नियमतः काम किया है, उचित फोरम में अपनी बात रखूंगा। विदित हो कि जुगल किशोर ने चित्रकूट के जंगलों से डकैतों का लगभग सफाया कर दिया था। इन्होंने चित्रकूट में पोस्टिंग के दौरान पूरे क्षेत्र में शांति बहाली का काम किया। यहां तब जुगल किशोर ने अतीक अहमद केयहां बुलडोजर चलवाया, जब उसकी तूती बोलती थी!

  • 19 से अधिक यात्री घायल, कुछ उन्नाव और कुछ लखनऊ भर्ती

    टैंकर से टकराने के बाद हाईवे पर कई बार पलटी डबल डेकर बस

    लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर भीषण सड़क हादसा, 18 यात्रियों की मौत

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में बुधवार सुबह लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे भीषण सड़क हादसे में 18 यात्रियों की मौत गई, जबकि 19 से अधिक यात्री घायल हो गए। मिली जानकारी अनुसार डबल डेकर बस एक टैंकर से टकराने के बाद हाईवे पर कई बार पलटी। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

    बताया गया है कि बिहार के शिवगढ़ से राजधानी दिल्ली जा रही स्लीपर डबल डेकर बस लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर बेहटा मुजावर थाना इलाके में हवाई पट्टी पर दूध से भरे टैंकर में भिड़ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस के परखच्चे उड़ गए। हादसे के स्थान पर लाशों का अंबार लग गया। सड़क पर लाश ही लाश दिखाई दे रहीं थीं। मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे में एक बच्चे और महिलाओं समेत 18 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 20 यात्री गंभीर रूप से जख्मी हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। शुरुआती जांच में पता चला है कि बस की स्पीड अधिक थी।

    प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि स्लीपर बस अनियंत्रित होकर टैंकर से टकराई, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ। भीषण हादसा देखकर घटनास्थल पर मौजूद लोग सहम गए। वहीं, पुलिस ने कुछ मृतकों की शिनाख्त कर ली है।

    उन्नाव के जिलाधिकारी गौरांग राठी ने बताया कि दिल्ली जा रही एक निजी बस में करीब 57 यात्री सवार थे। सुबह 5:15 बजे बस की दूध के कंटेनर से टक्कर होने से 18 लोगों की मौत हो गई और 19 अन्य घायल हो गए। करीब 20 लोग सुरक्षित हैं, जिन्हें दिल्ली भेजा जा रहा है। छह लोगों को ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है, बाकी का इलाज जिला अस्पताल में हो रहा है। हमारे पास इलाज के लिए पर्याप्त व्यवस्था है और हम जल्द से जल्द सभी आवश्यक कार्रवाई करेंगे।

    उन्नाव एसपी सिद्धार्थ शंकर मीणा ने बताया कि लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर एक बस एक दूध के कंटेनर से टकरा गई, जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई और 19 लोग घायल हो गए। घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। 5 घायलों को बेहतर उपचार के लिए लखनऊ रेफर किया गया है। मृतक और घायलों की पहचान की जा रही है, हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिए गए हैं।

  • अनुशासित कहे जाने वाली पार्टी के नेता का कारनामा

    12~14 साल से सिर्फ टहलाए जा रहे हैं नेता जी

    नेता जी हजम कर गए विज्ञापन के ₹ 30 हजार !

    सत्ता भी गजब की चीज है। जिसके हाथ में हो, वो सिकंदर बन जाता है। दरअसल अनुशासित कहे जाने वाली पार्टी के नेता ने ऐसा कारनामा किया है कि सुन कर लोग थू थू करने लगें। अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित करवा तो लिए, लेकिन पेमेंट देने की बारी आई तो …। कुल मिलाकर 30 हजार रुपए हजम किए बैठे हैं, करीब 12~14 साल से। पहले कई साल तक तो आजकल में कर देंगे, कहते रहे। फिर कॉल रिसीव करना ही बंद कर दिया। जुम्मा जुम्मा एक हफ्ते पहले कई साल बाद कॉल रिसीव कर ली और आधा पेमेंट करने का वायदा भी किया। … लेकिन वो भी नेता जी का वायदा ही तो था। अब फिर उन्हें सांप सूंघ गया है और वह कॉल रिसीव नहीं कर रहे। महत्वपूर्ण पदों पर बैठकर बेईमानी और दलाली से अकूत संपत्ति अर्जित कर चुके नेता जी की शिकायत उनके पार्टी अध्यक्ष आदि से कहने की तैयारी है। उनका नाम भी अगली पोस्ट में खोला जाएगा। उनके घर और गांव में पोस्टर भी लगेंगे, पंपलेट भी बंटेंगे। …और हां, उक्त रकम बैंक या डाक घर में जमा होती तो अब तक दो, तीन गुना हो गई होती!

  • पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव को भावभीनी विदाई

    विभागीय कार्यों में तत्परता के साथ सामाजिक-साहित्यिक सरोकारों से अटूट रहा लगाव

    वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल के रूप में कृष्ण कुमार यादव ने डाक सेवाओं को दिए नए आयाम

    पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने डाक सेवाओं के बारे में जनजागरूकता और भागीदारी को बढ़ाया

    वाराणसी। प्रशासन के साथ-साथ सामाजिक व साहित्यिक सरोकरों से जुड़े अधिकारी विरले ही मिलते हैं। ऐसे अधिकारी न सिर्फ विभाग को नई पहचान देते हैं बल्कि अपनी सक्रियता से समाज में भी विशिष्ट मुकाम हासिल करते हैं। उक्त उद्गार वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव के स्थानांतरण पश्चात अहमदाबाद के लिये भारमुक्त होने के बाद विदाई समारोह में वक्ताओं ने व्यक्त किये। डाक विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने श्री कृष्ण कुमार यादव को भावभीनी विदाई दी और उनके नये दायित्वों के बारे में शुभकामनाएं देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की।

    इस अवसर पर ऑल इण्डिया पोस्टल ऑफिसर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी एवं वाराणसी पूर्वी मंडल के प्रवर डाक अधीक्षक राजीव कुमार ने कहा कि अपने तीन वर्ष नौ माह के शानदार कार्यकाल में पोस्टमास्टर जनरल श्री यादव जी ने डाक सेवाओं को न सिर्फ लोगों से जोड़ा बल्कि उसे व्यापक आयाम भी प्रदान किये। विभागीय कार्यों में तत्परता के साथ – साथ सामाजिक और साहित्यिक सरोकारों से अटूट लगाव, उन्हें एक संवेदनशील और लोकप्रिय अधिकारी के रूप में प्रतिष्ठित करता है। सहायक निदेशक आरके चौहान और बृजेश शर्मा ने कहा कि इस दौरान न सिर्फ विभागीय लक्ष्यों की प्राप्ति के मामले में वाराणसी परिक्षेत्र ने नए आयाम स्थापित किये, बल्कि डाक सेवाओं के बारे में जनजागरूकता और भागीदारी भी बढ़ी।

    डाक अधीक्षक विनय कुमार और परमानन्द कुमार ने उनके बहुमुखी व्यक्तित्व और कृतित्व से सीखने की बात कही। डाक अधीक्षक हेमंत कुमार और पीके पाठक ने कहा कि पोस्टमास्टर जनरल के रूप में श्री कृष्ण कुमार यादव ने सभी को सकारात्मक रूप में कार्य करने को प्रोत्साहित किया। लेखाधिकारी प्लाबन नस्कर ने कहा कि आप स्टाफ और आमजन दोनों के प्रति संवदेनशील हैं।

    वाराणसी में अपने तीन वर्ष नौ माह के कार्यकाल के अनुभवों को शेयर करते हुए पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि वाराणसी परिक्षेत्र में डाक सेवाओं का व्यापक विस्तार करते हुए सभी विभागीय योजनाओं को तत्परता के साथ लागू किया गया। इसमें सभी कर्मियों ने भरपूर सहयोग दिया। श्री यादव ने कहा कि काशी में सिर्फ नौकरी नहीं सेवा होती है। उन्होंने वाराणसी के लोगों की आत्मीयता की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहाँ के लोगों  ने जो सहयोग एवं स्नेह दिया, वह सदैव याद रहेगा।

    इस अवसर पर पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव के परिजन, प्रवर डाक अधीक्षक वाराणसी पूर्वी राजीव कुमार, डाक अधीक्षक वाराणसी पश्चिमी विनय कुमार, डाक अधीक्षक बलिया हेमंत कुमार, डाक अधीक्षक जौनपुर परमानन्द कुमार, डाक अधीक्षक गाजीपुर पीके पाठक, सहायक निदेशक बृजेश शर्मा, आरके चौहान, लेखाधिकारी प्लाबन नस्कर, सहायक अधीक्षक पल्लवी मिश्रा, डाक निरीक्षक अनिकेत रंजन, दिलीप पांडेय, राकेश कुमार, राहुल कुमार, श्रीप्रकाश गुप्ता, मनीष कुमार, अजिता कुमारी, अभिलाषा गुप्ता सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • Hinduism is considered the cause of violence in India: Rahul Gandhi

    Statetics of the world

    10 countries with the highest rates of prostitution in the world:

      1. Thailand (Buddha)
      2. Denmark (Christ)
      3. Italian (Christian)
      4. German (Christ)
      5. French (Christian)
      6. Norway (Christian)
      7. Belgium (Christ)
      8. Spanish (Christ)
      9. UK (Christians)
      10. Finland (Christ)

    10 countries with the Highest Murder Rates (per 1 Lakh)

    1. El Salvador(52.06)
    2. Jamaica (43.85)
    3. Lesotho (43.56)
    4. Honduras (38.93)
    5. Belize (37.79)
    6. Venezuela =36.69)
    7. Saint Vincent and the Grenadines (36.59)
    8. South Africa (36.40)
    9. Saint Kitts and Nevis (36.09)
    10. Nigeria (34.52)

    10 Most Dangerous Countries for Women
    1. Afghanistan (Muslim)
    2. Syria (Muslim)
    3. Yemen (Muslim)
    4. Pakistan (Muslim)
    5. Iraq (Muslim)
    6. South Sudan (Muslim)
    7. Chad (Muslim)
    8. Democratic Republic of Congo (Muslim)
    9. Sudan (Muslim)
    10. Sierra Leone (Muslim)

    10 countries with the highest rape rates  per 100,000

    Botswana – 92.93
    Lesotho – 82.68
    South Africa – 72.10
    Bermuda – 67.29
    Sweden – 63.54
    Suriname – 45.21
    Costa Rica – 36.70
    Nicaragua – 31.60
    Grenada – 30.63
    Saint Kitts And Nevis – 28.62

    India is one of the lowest with figure of 1.81

    10 Most Alcoholic Countries in the World:
      1) Moldova (Christian)
      2) Belarusian (Christian)
      3) Lithuania (Christian)
      4) Russia (Christian)
      5) Czech Republic (Christian)
      6) Ukrainian (Christian)
      7) Andorra (Christian)
      8) Romanian (Christian)
      9) Serbian (Christian)
      10) Australia (Christian)

    Countries with the highest homicide rates in the world:

      1. Honduras (Christian)
      2. Venezuela (Christian)
      3. Belize (Christian)
      4. El Savador (Christian)
      5. Guatemala (Christian)
      6. South Africa (Christian)
      7. Saint Kitts and Nevis (Christian)
      8. Bahamas (Christian)
      9. Lesotho (Christian)
    10. Jamaica (Christian)

    Top 13 Most Violent Countries in the World

    1. Afghanistan – 3.631 (higher scores indicate less peace)
    2. Yemen – 3.407
    3. Syria – 3.371
    4. South Sudan – 3.363
    5. Iraq – 3.257
    6. Somalia – 3.211
    7. Congo (Dem. Rep of) – 3.196
    8. Libya – 3.166
    9. Central African Republic – 3.131
    10. Russia – 2.993
    11. Sudan – 2.936
    12. Venezuela – 2.934
    13. North Korea – 2.923

    Top Theft rate – Country rankings – thefts per 100,000
    1. Denmark (3949)
    2. Sweden (3817)
    3. Uruguay (3205)
    4. Australia (2460)
    5. Grenada (2307)
    6. UK (2283)
    7. Bermuda (2190)
    8. France (2135)
    9. Finland (2081)
    10. Norway (1991)
    11. Netherlands (1791)
    12. USA (1750)
    13. Switzerland (1712)
    14. Austria (1650)
    15. Germany (1576)
    16. Canada (1409)

    Top 10 Most Corrupt Countries in the World
    1. Iraq
    2. Colombia
    3. Mexico
    4. Brazil
    5. Russia
    6. Guatemala
    7. Kazakhstan
    8. Lebanon
    9. El Salvador
    10. Azerbaijan

    Among the 180 countries evaluated by the World Corruption Index, the worst 10 are Somalia, Syria, South Sudan, Venezuela, Yemen, Libya, North Korea, Haiti, Equatorial Guinea, and Burundi.

    Name of World’s Most Dangerous Gangster:

    1. Yakuza (Non-Muslims)
    2. Agberos (Christians)
    3. Wah Singh (Christian)
    4. Jamaica Pose (Christian)
    5. Primeiro (Christian)
    6. Aryan Brotherhood (Christian)
    7. Blood (Christian)
    8. 18th Street Gang (Christian)
    9. Mungiki (Christian)
    10. Mara Salvarucha (Christian)

    Big names of drug cartels in the world:
    1. Pablo Escobar-Colombia (Christian)
    2. Amado Carrillo-Colombia (Christian)
    3. Carlos Lehder-German (Christian)
    4. Griselda Blanco-Colombia (Christian)
    5. Joaquin Guzman-Mexico (Christian)
    6. Rafael Caro- Mexico (Christian)

    But Hinduism is considered the cause of violence in India. As per Rahul Gandhi all Hindus are violent people

    We must know such information & share it with everyone, especially with our youth…?

    Youth & Public are cheated & misinformed through social media regularly…?

  • किसी को रिवाॅल्वर, देशी कट्टा या पिस्टल लेनी हो तो संपर्क करें यह मैसेज सुनकर भले ही विश्वास नहीं हो, लेेकिन यह हकीकत सोशल मीडिया की है। हथियार तस्कर ऐसे विज्ञापन सोशल मीडिया पर खुलेआम पोस्ट कर रहे हैं। फेसबुक पर हथियार तस्कर वाट्सऐप नंबर उपलब्ध करा रहे हैं। गैंगस्टर Durlabh Kashyap के नाम से […]

    कट्टा रिवाल्वर पिस्टल की खुलेआम होम डिलीवरी
  • महंगी सब्जी के विरोध में अनोखा विरोध प्रर्दशन

    महंगाई: विरोध में यूनिवर्सिटी गेट पर छात्रों ने बेची सब्जी

    बिजनौर। सब्जियों के आसमान छूते दामों ने गरीब, मजदूर परिवारों का जीवन त्रस्त कर दिया है। इसके चलते चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के दर्जनों छात्रों ने सीसीएसयू के मुख्य द्वार पर सब्जी बेची। छात्रों ने टमाटर, आलू, प्याज, अदरक, लहसुन आदि महंगे होते सब्जी के दामों का सब्जी बेचकर विरोध दर्ज जताया।

    सब्जियों के महंगे होते दामों का विरोध करने सीसीएसयू पहुंचे छात्र नेता विनीत चपराना ने कहा कि अभी कांवड़ यात्रा में जगह जगह पर सेवा शिविर लगेंगे, जिसमें बड़े स्तर पर सब्जियों की आवश्यकता होगी। महंगी होती सब्जी का प्रभाव विवि के आसपास बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों पर भी हो रहा है। यहां छात्र रेंट पर रूम लेकर तैयारी करते हैं। छात्रों ने कांवड़ यात्रा के मद्देनजर लगने वाले सेवा शिविर को ध्यान में रखते हुए सब्जियों के दामों पर लगाम लगाए जाने की मांग की है। छात्र नेता विनीत चपराना ने टमाटर के बढ़ते दामों की सीबीआई जांच की मांग की।

  • सुल्ताना कैसे बना डाकू, क्या किया और फिर वो कैसे पहुंचा फांसी के फंदे तक ?

    100 साल पहले:

    जेल में फांसी के तख्ते पर लटकाया गया कुख्यात डाकू सुल्ताना

    ~Report by Margoob Rahmani, news action

    देखिए लिंक…. https://youtu.be/TalIru39FEQ?si=eEq4rZtEmtn9Tngn


    100 साल पहले आज ही के दिन कुख्यात सुल्ताना डाकू को आगरा की जेल में फांसी के तख्ते पर लटका दिया गया था। शायद ही कोई ऐसा हो, जिसने सुल्ताना डाकू के क़िस्से न सुने हों। सुल्ताना का इतना खौफ था कि पुलिस और तमाम बड़े बड़े लोग उसका नाम सुनते ही थर थर कांपने लगते थे।सुल्ताना बहुत चालाक था।उसने पुलिस की नाक में दम कर रक्खा था।

    लोगों में बहुत सी गलतफहमियां

    सुल्ताना डाकू को लेकर लोगों में बहुत सी गलतफहमियां हैं।कहते हैं कि सुल्ताना गरीबों की बहुत मदद करता था।सुल्ताना ने बचपन में मुर्गी का अंडा चुराया था। सुल्ताना को जितने रुपयों की ज़रूरत होती थी, वह डकैती डाल कर उतने ही रुपए लेता था। बाक़ी नक़दी ज़ेवर को हाथ भी नहीं लगाता था। यह सारी बातें मनगढ़त हैं। सुल्ताना कुख्यात डाकू था। लोगों में उसके गैंग की दहशत थी।

    सुल्ताना का जन्म 1890 के दशक में मुरादाबाद से सटे हरथला गांव में भांतू जाति में हुआ था। उसका नाम सुल्तान सिंह था। सुल्ताना डाकू का गैंग बिजनौर ज़िले और आसपास के क्षेत्रों में अधिक सक्रिय रहा, इसलिए बहुत से लोग उसे बिजनौर का ही रहने वाला समझते हैं। अगर यह कहा जाए तो शायद गलत न होगा कि कई एतिहसिक स्थानों के साथ साथ बिजनौर की पहचान सुल्ताना डाकू से भी होती है। 

    ब्रिटिश शासन के दौरान भांतु जाति को क्रिमनल ट्राइबस एक्ट 1871 के तहत अपराधी घोषित किया गया था। बाद में ब्रिटिश सरकार ने क्रिमनल ट्राइबस एक्ट के तहत रजिस्टर्ड जातियों के लोगों को सुधारने के लिए देश भर में कैम्प लगाए। इनमें से एक कैम्प बिजनौर जनपद के क़स्बा नजीबाबाद में स्थित नवाब नजीबुद्दौला के क़िले में भी बनाया गया था।

    बिजनौर से प्रकाशित सांध्य दैनिक अख़बार चिंगारी में प्रकाशित मरगूब रहमानी के एक लेख के अनुसार इस कैम्प में हरथला के भांतु जाति के कई परिवारों को रखा गया था। इन परिवारों में सुल्ताना का परिवार भी था। उस समय सुल्ताना की उम्र 15-16 साल थी। क़िले में कपड़ा बुनने की खड्डी लगाई गई थी, जिन पर भांतु जाति के लोगों से काम कराया जाता था। इन लोगों के किले से निकलने पर प्रतिबंध था। कोई भी व्यक्ति इजाज़त लेकर ही बाहर आ- जा सकता था। धीरे धीरे इन लोगों ने नजीबाबाद आना जाना शुरु कर दिया। छोटे- मोटे अपराध करने वाले स्थानीय लोगों से इनकी उठ-बैठ बढ़ी और इन्होंने उनके साथ मिलकर राहज़नी और चोरियों की वारदातें करना शुरु कर दीं। देखते ही देखते इन्होंने गिरोह तैयार कर लिया। उस वक़्त इनके गिरोह का सरदार बाल मुकुंद था।

    मारा गया गिरोह का सरदार

    बाल मुकुंद किला पठानपुरा नजीबाबाद में रहने वाले मुहम्मद मालूफ खां के हाथों मारा गया था। कई जानकार बताते हैं कि मालूफ खां को शिकार का शौक़ था। वे नजीबाबाद के आसपास के घने जंगलों में शिकार खेलने गए थे, वहां उनकी बाल मुकुंद गिरोह से मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में बाल मुकुंद मारा गया था। भान्तु जाति के लोगों ने बाल मुकुंद की लाश को पूरे सम्मान के साथ क़िले के दरवाज़े पर दफ़न कर उसे मढी की शक्ल दे दी थी। यह मढी बाल मुकुंद के नाम से मशहूर है।

    अब सरदार बन गया सुल्ताना

    बाल मुकुंद के मारे जाने के बाद गिरोह का सरदार सुल्तान सिंह बन गया। सरदार बनने के बाद ही सुल्तान सिंह का नाम सुल्ताना पड़ा था। गिरोह मालूफ खां से बाल मुकुंद की मौत का बदला लेना चाहता था। गिरोह के हर सदस्य के सीने में बदले की आग धधक रही थी। बाद में नजीबाबाद के अब्दुल ग़फ़ूर नामक व्यक्ति ने सुल्ताना से मुलाक़ात की और दोनों पक्षों के बीच फैसला करा दिया।

    इस समझौते से सुलताना के गिरोह को यह फायदा हुआ कि वह जंगलों में आज़ादी से रहने लगा और खुल कर घटनाएं करने लगा। कुछ ही दिनों में सुल्ताना के गिरोह की दूर~दूर तक धाक जम गई। वह बड़े बड़े हाथ मारने लगा। लोगों में सुल्ताना की इतनी दहशत हो गई कि वे उसका नाम सुनते ही सहम जाते थे। एक के बाद एक सुल्ताना ने कई बड़ी डकैतियां डालीं। पुलिस ने उसे पकड़ने की बहुत कोशिश की, लेकिन सुल्ताना हाथ नहीं आया। सुल्ताना की मुखबरी करने से लोग घबराते थे।

    सुल्ताना नजीबाबाद और आसपास के गावों के लोगों से दोस्ती रखता था। उसके लोगों से अच्छे सम्बन्ध थे, इसलिए भी पुलिस उसे पकड़ नहीं पाती थी। सुल्ताना नजीबाबाद और आसपास के क्षेत्र में डाके नहीं डालता था, लेकिन दोस्तों के कहने पर सुल्ताना ने अकबराबाद में क़ाज़ियों में और नांगल सोती क्षेत्र के गांव जालपुर मे चौधरी शिब्बा सिंह के यहाँ डकैती डाली थी।

    इश्तेहार लगा कर नहीं डालता था डकैती! थाना इंचार्ज था खास

    सुल्ताना के बारे में मशहूर यह बात भी गलत है कि वह इश्तेहार लगा कर डकैती डालता था। सच्चाई यह है कि सुल्ताना मौके पर पहुँचने तक भी गिरोह के लोगों को नहीं बताता था कि डकैती कहाँ डालनी है। उस समय का नजीबाबाद थाने का इंचार्ज मनोहर लाल सुल्ताना का खास आदमी था। उसने सुल्ताना से खूब दौलत कमाई। वह सुल्ताना को पुलिस विभाग की पल पल की खबर देता था।
    ग्राम जालपुर में चौधरी शिब्बा सिंह के यहाँ डकैती डालने के दौरान शिब्बा सिंह के गोरखा सुरक्षाकर्मियों ने सुल्ताना के गिरोह के एक आदमी को मार दिया था। सुल्ताना उसकी पहचान छुपाने के लिए उसकी गर्दन काट कर ले गया था। बाद में सुल्ताना ने शिब्बा सिंह के यहां कहर बरपाते हुए 18 हज़ार की डकैती डाली थी। उस समय यह रक़म बहुत बड़ी थी।

    शिब्बा सिंह के परिवार ने क्या कुछ कहा?

    शिब्बा सिंह के यहां पड़ी डकैती का मुक़दमा आज भी नांगल थाने के अभिलेखों में सुरक्षित है। यह मुक़दमा उर्दू लिपि में लिखा गया था। चौधरी शिब्बा सिंह की हवेली के मुख्य गेट को सुल्ताना डाकू के गिरोह ने कुल्हाड़ियों से तोड़ना चाहा था। इस गेट पर आज भी कुल्हाड़ियों और गोलियों के निशान मौजूद हैं। सुल्ताना के बढ़ते क़हर से तंग आकर उसे पकड़ने के लिए ब्रिटेन से पुलिस के तेज़ तर्रार अफसर फ्रेडी यंग को बिजनौर बुलाया गया था। उन्होंने नजीबाबाद के अब्दुल ग़फ़ूर खां से मुलाक़ात कर सुल्ताना को पकड़वाने का आग्रह किया, लेकिन अब्दुल ग़फ़ूर इसके लिए राज़ी नहीं हुए। बाद में किसी प्रकार अफसर ने किसी तरह अब्दुल ग़फ़ूर को राज़ी कर लिया। अब्दुल ग़फ़ूर ने फ्रेडी यंग को दहीरपुर गांव के मुंशी अब्दुल रज़ाक व उन सभी लोगों से मिलवाया जो सुल्ताना के संपर्क में थे।

    सुल्ताना के खास थानेदार का तबादला

    इन लोगों के कहने पर मिस्टर फ्रेडी यंग ने नजीबाबाद के कोतवाल मनोहर लाल का तबादला ज़िले से बाहर करवाया। उसकी जगह नजीबाबाद थाने का इंचार्ज हरी सिंह को बनाया गया। इससे सुल्ताना को झटका लगा। उसने हरी सिंह को भी लालच देने की कोशिश की लेकिन वह लालच में नहीं आया। फ्रेंडली यंग को सुल्ताना की गिरफ्तारी के लिए तेज़ तर्रार अधिकारियों के दस्ते के अलावा 300 सशस्त्र पुलिसकर्मी दिये गए थे। अधिकारियों के दस्ते में बिजनौर के वरिष्ठ अधिवक्ता खुर्शीद मोहसिन ज़ैदी व भारतीय हॉकी टीम की पूर्व कप्तान रज़िया ज़ैदी के दादा सीओ अबुल कासिम, जिम कारबेट और नजीबाबाद के अब्दुल ग़फ़ूर खा के भाई सब इंस्पेक्टर मोहम्मद याक़ूब खां  भी शामिल थे। ये वही जिम कारबेट हैं, जिनके नाम पर कालगढ़ में जिम कारबेट पार्क है। जिम कारबेट फॉरेस्ट आफिसर थे। दस्ते में इसलिए रखा गया था कि उन्हें जंगलों की जानकारी थी। दस्ते में रखे गए तेज़ तर्रार पुलिस आफिसर अबुल कासिम उस समय कानपुर में पोस्टेड थे। उनका पुलिस विभाग में बड़ा नाम था। उन्हे अंग्रेज़ सरकार पहले ही खान बहादुर का ख़िताब दे चुकी थी। उन्हें सुल्ताना को पकड़ने के लिए विशेष रूप से बिजनौर बुलाया गया था। बिजनौर का होने के नाते सीओ अबुल कासिम ने ही खास तौर से सुल्ताना को पकड़ने का माहौल तैयार किया था। पुलिस अफसर अबुल कासिम बिजनौर जनपद के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के गांव मिलक गंगोड़ा के रहने वाले थे। बाद मे उनका परिवार बिजनौर शहर में बस गया।

    खुर्शीद मोहसिन ज़ैदी सीनियर एडवोकेट

    अबुल कासिम के सगे पोते बिजनौर के सीनियर एडवोकेट खुर्शीद मोहसिन ज़ैदी ने बताया कि….

    मिस्टर फ्रेंडली यंग ने गिरोह से बाहर के सुल्ताना के सभी खास लोगों को विश्वास में लेकर उसे पकड़ने के लिए चारों ओर जाल बिछा दिया था। दहीरपुर के मुंशी अब्दुल रज़ाक़ की खबर पर पुलिस ने सुल्ताना को खेड़े के जंगल में मौला बख्श के डेरे पर घेर लिया, लेकिन पुलिस टीम में शामिल एक दरोगा के गोली चलाने में जल्दी करने से सारे किये धरे पर पानी फिर गया। सुल्ताना और उसके गिरोह के लोग बच कर भाग जाने में कामयाब हो गए। मुंशी अब्दुल रज़ाक़ ने इस घटना से अगले ही दिन सुल्ताना से मुलाक़ात की। मुंशी रज़ाक़ को पता था कि सुल्ताना गेंडी खाता गांव के चौकीदार मथुरा की बीवी को चाहता था। वह उसकी रखेल थी? मुन्शी रज़ाक़ ने जान बूझकर सुल्ताना से कहा कि गेंडी खाता मत जाना। सुल्ताना ने कहा कि वह गेंडी खाता ही जाएगा।
    पुलिस ने पहले ही चौकीदार मथुरा को सैट कर रखा था। मुंशी रज़ाक़ ने पुलिस को सूचना दे दी। उधर जब सुल्ताना अपने दो साथियों के साथ मथुरा के घर पहुंचा तो उसे योजना अनुसार छक कर शराब पिला दी गई। इस बीच पुलिस ने सुल्ताना को घेर लिया। नशे मे चूर सुल्ताना व उसके दोनों साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

    एड. आलोक गोविल फिल्म निर्माता निर्देशक

    निर्माता निर्देशक एड. आलोक गोविल बना रहे हैं फिल्म

    सुल्ताना की ज़िंदगी पर बड़े बजट की फिल्म बना रहे बिजनौर के फिल्म निर्माता निर्देशक एड. आलोक गोविल बताते हैं कि सुल्ताना ने जालपुर के चौधरी शिब्बा सिंह के यहां 23 मई 1922 को डकैती डाली थी। उसे गेंडी खाता से 23 दिसंबर 1923 को गिरफ्तार किया गया था।
    बाद में पुलिस ने सुल्ताना के गिरोह के कुल 130 लोगों को गिरफ्तार किया, जिन पर नैनीताल की कोर्ट में मुक़दमा चला। सुल्ताना डाकू का केस गन केस के नाम से मशहूर हुआ था। सुल्ताना को फांसी की सजा हुई। 07 जुलाई 1924 को उसे आगरा जेल मे फांसी के फंदे पर लटका दिया गया। 100 साल गुज़रने के बाद भी लोग सुल्ताना को नहीं भूले। आज भी लोग बड़े चाव से सुल्ताना के क़िस्से सुनते और सुनाते हैं।

  • विरोध में उतरा उत्तर प्रदेश बीटीसी – बीटीसी शिक्षक संघ

    राजधानी में बैठक कर तैयार करेंगे आगामी रणनीति

    आठ जुलाई से ही होगी शिक्षकों व कर्मचारियों की डिजिटल हाजिरी

    लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों व कर्मचारियों की डिजिटल हाजिरी अब आठ जुलाई से ही होगी। पहले इसके लिए 15 जुलाई की तिथि निर्धारित की गई थी। उत्तर प्रदेश बीटीसी ~ बीटीसी शिक्षक संघ ने इस आदेश पर अपना विरोध दर्ज कराया है।

    डीजी स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने भेजा सभी बीएसए को पत्र

    डीजी स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं केजीबी विद्यालयों में ग्रीष्मावकाश के बाद 25 जून से छात्र उपस्थिति पंजिका एवं एमडीएम पंजिकाएं डिजिटल रूप में तैयार किए जाने के निर्देश दिए गए थे। यह भी कहा गया था कि अन्य सभी पंजिकाएं 15 जुलाई से डिजिटल रूप में अपडेट की जाएंगी।

    विशिष्ट बीटीसी शिक्षक संघ ने जताया विरोध

    पहले 15 जुलाई से होनी थी डिजिटल हाजिरी

    डीजी स्कूल शिक्षा ने कहा है कि परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत सभी अध्यापक व कर्मचारी अब प्रतिदिन अपनी उपस्थिति, विद्यालय में आगमन व प्रस्थान का समय अब आठ जुलाई से ही डिजिटल उपस्थिति पंजिका में दर्ज करेंगे। उधर, उत्तर प्रदेश बीटीसी – बीटीसी शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों की डिजिटल फेशियल उपस्थिति का हर स्तर पर विरोध करेंगे। रविवार को लखनऊ में संघ की प्रांतीय बैठक में आंदोलन के बारे में निर्णय लिया जाएगा। शासन का यह आदेश अव्यवहारिक है।

  • पुण्य स्मरण (8 जुलाई)
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    बलिया लोकसभा सीट का संसद में आठ बार प्रतिनिधित्व

    चिरनिद्रा में विलीन भारतीय राजनीति का यह योद्धा खामोशी के साथ अपने सपने को दिन-प्रतिदिन बिखरते देख रहा है।

    भारत यात्रा केंद्र भोंडसी: दुर्दशा देखि न जाई…

    पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर का जन्म 17 अप्रैल 1927 को उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद के इब्राहिम पट्टी गांव में हुआ। उनकी स्कूली शिक्षा रामकरण इंटर कॉलेज भीमपुरा से पूरी हुई। विद्यार्थी राजनीति में उन्हें फायर ब्रांड नेता के रूप में पहचान मिली। वर्ष 1962 से 1977 तक वह राज्यसभा के सदस्य रहे और 1977 में पहली बार बलिया लोकसभा सीट से चुनकर संसद में पहुंचे। उन्होंने बलिया लोकसभा सीट का संसद में आठ बार प्रतिनिधित्व किया। अपनी नीति से उन्होंने भारतीय राजनीति को कई नए आयाम भी दिए। कांग्रेस के बाहरी समर्थन पर 1991 में केंद्र में सात महीने तक अल्पमत की सरकार भी चलाई। प्रधानमंत्री बनने के बाद चंद्रशेखर ने अधिकांश समय प्रधानमंत्री निवास के बजाय अपने इसी आश्रम में बिताया और समस्याओं के समाधान खोजते और हल निकालते रहे। सफल और सार्थक संसदीय जीवन के लिए 1995 में उन्हें ‘आउटस्टैंडिंग पार्लियामेंट अवार्ड’ से सम्मानित भी किया गया। अंतिम समय में चंद्रशेखर जी लाइलाज मर्ज कैंसर की चपेट में आए। 03 मई 2007 को उन्हें गंभीर अवस्था में नई दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 08 जुलाई 2007 को वह जिंदगी की जंग हार गए।

    नहीं था लाल बत्ती का मोह 

    चंद्रशेखर भारतीय राजनीति के ऐसे चमकते सितारे थे, जिन्होंने 1977 में जनता पार्टी की संयुक्त सरकार में लाल बत्ती का मोह छोड़कर जनता पार्टी के मुखिया का दायित्व संभालने में ज्यादा रुचि दिखाई थी। 0ड3 साल बाद ही गिरी इस संयुक्त सरकार और इंदिरा गांधी की पुनर्वापसी के बीच भारतीय राजनीति का वह दौर उथल-पुथल भरा था। गैर कांग्रेसी दलों की सक्रियता ‘टेकऑफ’ और “लैंडिंग” के बाद फिर टेकऑफ की तैयारी में थी। इसी दौर में चंद्रशेखर राजनीति की नई ‘इबारत’ लिखने और मूल समस्याओं पर विचार एवं चिंतन के लिए 06 जनवरी 1983 को कन्याकुमारी से 4250 किलोमीटर की पदयात्रा पर निकले।

    आश्रमों की आवश्यकता

    आपातकाल (25 जून 1977) की आठवीं बरसी 25 जून 1984 को उनकी इस पदयात्रा का समापन राजघाट पर बापू की समाधि पर हुआ। यात्रा के दौरान चंद्रशेखर कई स्थानों पर रुके और रहे। यही वह समय था जब युवा तुर्क को राजनीति से इतर समस्याओं के लिए विचार विनिमय के लिए आश्रमों की आवश्यकता महसूस हुई। उन्होंने केरल के पालघाट, तमिलनाडु के सेलम, कर्नाटक के कनकपुरा- बेंगलुरू, महाराष्ट्र के पुणे, मध्यप्रदेश के निवाड़ी और कटनी, पश्चिम बंगाल के पूर्णिया, झारखंड के कालाहांडी, उत्तर प्रदेश के लखनऊ एवं बहराइच और हरियाणा के भोंडसी में भारत यात्रा केंद्र स्थापित किए।

    इनमें सबसे पहला भोंडसी आश्रम (गुरुग्राम) था। उन्होंने नवगठित हरियाणा राज्य में अरावली पर्वतमाला के इस हिस्से को सबसे उपयुक्त पाया, जहां पानी की समस्या विकराल थी। उनका संकल्प और भोंडसी ग्राम पंचायत का आग्रह अरावली पहाड़ों की तलहटी में भारत यात्रा केंद्र की स्थापना का आधार बना।

    आश्रम के चिन्ह आश्रम में ही ढूंढने मुश्किल

    देश के दूसरे सबसे बड़े आईटी सिटी गुरुग्राम के प्रमुख केंद्र राजीव चौक से सोहना रोड (अब फोरलेन हाइवे) पर 09 किलोमीटर आगे दाहिनी ओर का लिंक मार्ग भोंडसी आश्रम को जाता है। अरावली पहाड़ों के बीच बसा भारत यात्रा केंद्र ‘भोंडसी आश्रम’ नाम से ही ज्यादा चर्चा में रहा है। कभी यह आश्रम देश की सियासत का ‘पहाड़’ हुआ करता था। आज इस आश्रम के चिन्ह आश्रम में ही ढूंढने मुश्किल हैं। पानी की समस्या के हल के लिए ही चंद्रशेखर ने अपने इस आश्रम में पौधारोपण को प्रमुखता दी। उन्हीं के प्रयासों का फल था कि यहां कुछ ही वर्षों में आम, आंवला, नीम, पाकड़ आदि समेत फल-फूलदार वाले 30-35 लाख से अधिक पौधे रोपे गए। समय के साथ यह पौधे पेड़ बने। अरावली का यह सूखा पहाड़ हरा-भरा हुआ। भूजल संरक्षण की दिशा में सार्थक प्रयास हुआ।

    25 हजार वृक्षों को मयस्सर नहीं पानी की एक बूंद

    समय पलटा और पहाड़ की किस्मत भी। चंद्रशेखर का यह आश्रम कानूनी जाल में उनके समय में ही उलझना शुरू हो गया। पदयात्रा में शामिल रहे एक अधिवक्ता की जनहित याचिका पर करीब 588 एकड़ से अधिक भूमि पर बने इस आश्रम की अधिकांश जमीन भारत यात्रा ट्रस्ट को वर्ष 2002 में हरियाणा सरकार को लौटानी पड़ी। आश्रम के सुरक्षित हिस्से में रह रहे पदयात्री उमेश चतुर्वेदी बताते हैं कि हरियाणा सरकार को जमीन लौटाते वक्त लिखापढ़ी में 21 लाख पेड़ का जिक्र भी हुआ था। आज यह पेड़ पानी की एक बूंद के लिए तरसते हैं। रही सही कसर वर्ष 2007 में चंद्रशेखर के निधन के बाद भारत यात्रा ट्रस्ट पर कब्जे को लेकर आपस में छिड़ी जंग पूरी कर रही है। दिल्ली हाईकोर्ट के ‘स्टे आर्डर’ से भोंडसी में ट्रस्ट के पास सुरक्षित 35 एकड़ जमीन पर खड़े करीब 25 हजार वृक्षों को भी अब बारिश के अलावा पानी की एक बूंद मयस्सर नहीं है।

    आश्रम में पहाड़ की तलहटी पर बनाया गया सूखा तालाब चिल्ला-चिल्लाकर भूजल संरक्षण की पुरानी कहानी सुनाता है। तालाब के चारों तरफ बनी सड़क कच्ची और हनुमान मंदिर एवं चंद्रशेखर के अस्थाई निवास (अब भुवनेश्वरी कला केंद्र) को जाने वाली सड़क सीमेंटेड है। कहने की जरूरत नहीं कि यह सड़कें भी बस नाम की रह गई हैं। कानूनी पचड़ों की वजह से ट्रस्ट भी सड़कों की तरह ही बस नाम का ही रह गया है। काम केवल हनुमान मंदिर आ रहा है, जहां पूजन-अर्चन विधिवत आज भी जारी है। कुछ दर्शनार्थी आज भी यहां माथा टेकने पहुंच जाते हैं। मंदिर में पुजारी का दायित्व चित्रकूट के पंडित शिवाशास्त्री और देखरेख का जिम्मा सुल्तानपुर के रहने वाले गौरीशंकर पांडेय के पास। बताया गया कि पांडेय जी भी चंद्रशेखर के सह पदयात्री रहे।

    मंदिर के पहले ही दाहिने हाथ बना भव्य भवन और परिसर भी धीरे-धीरे जर्जर अवस्था को प्राप्त होता जा रहा है। इस भवन के मुख्य गेट पर ‘भुवनेश्वरी कला केंद्र’ का बोर्ड जड़ा हुआ है। उमेश चतुर्वेदी के अनुसार, यह भवन ही चंद्रशेखर का अस्थाई निवास हुआ करता था। चंद्रशेखर के पारिवारीजनों ने बोर्ड जबरदस्ती लगा दिया। उन्हें उनकी नीयत में खोट दिखता है। गेट के बाहर और अंदर कुछ टूटी-फूटी मूर्तियां केंद्र की बदहाली की जीती जागती मिसाल हैं। गौशाला भवन भी बिना गायों के सूना-सूना सा है। कभी देश की सियासत का केंद्र रहने वाले इस भोंडसी आश्रम की दुर्दशा अब आपसे देखी नहीं जाएगी। यहां आने वाले को निराशा ही हाथ लगती है।

    पूर्व प्रधानमंत्री होने के नाते चंद्रशेखर की समाधि नई दिल्ली के राजघाट पर है लेकिन भारत यात्रा केंद्र भोंडसी में अस्थाई निवास के सामने भी उनकी एक समाधि बनी हुई है। चिरनिद्रा में विलीन भारतीय राजनीति का यह योद्धा खामोशी के साथ अपने सपने को दिन-प्रतिदिन बिखरते देख रहा है।

    – गौरव अवस्थी (लेखक हिंदुस्तान रायबरेली व लखनऊ से जुड़े रहे हैं)

  • स्योहारा, नगीना देहात, चांदपुर, शिवालाकलां और बढ़ापुर रैंकिंग में पिछड़े

    जनशिकायतों के निस्तारण में बिजनौर के 17 थाने प्रदेश में फर्स्ट

    बिजनौर। माह जून – 2024 में समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर प्राप्त जनशिकायतों के निस्तारण में जनपद बिजनौर के 17 थानों को प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।

    शासन द्वारा संचालित जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर प्राप्त जनशिकायतों के निस्तारण में प्रदेश स्तर पर मासिक मूल्यांकन रिपोर्ट जारी की गई है। पुलिस अधीक्षक, जनपद बिजनौर नीरज कुमार जादौन के निर्देशन व अपर पुलिस अधीक्षक नगर/नोडल अधिकारी (आईजीआरएस) संजीव वाजपेई के निकट पर्यवेक्षण में जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर जनपद के समस्त क्षेत्राधिकारी कार्यालय थानों पर प्राप्त जनशिकायतों का गुणवत्तापरक एवं समयबद्ध निस्तारण किया गया। फलस्वरुप शासन द्वारा प्रदेश स्तर पर निर्धारित की जाने वाली रैंकिंग में माह जून 2024 में पुलिस अधीक्षक, जनपद बिजनौर व जनपद के 17 थानों को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। उक्त रैंकिंग प्रार्थना पत्रों के समयबद्ध निस्तारण, शिकायतकर्ता/आवेदक द्वारा दिये गए फीडबैक, प्रार्थना पत्रों की ऑनलाइन फीडिंग आदि मानकों के आधार पर दी जाती है। पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले थाना प्रभारियों व आईजीआरएस शाखा में नियुक्त अधिकारियों/कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के साथ ही प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा।

  • अपराध पर लगाम लगाने में मिलेगी मदद

    चारों ओर की रिकॉर्डिंग करेंगे डायल 112 के हाई रिजॉल्यूशन कैमरे

    वाराणसी। डायल 112 की गाड़ियों में हाई रिजॉल्यूशन कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे 360 डिग्री पर घूमकर रिकार्डिंग करेंगे। इससे शहरी और ग्रामीण इलाकों में अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। अपराधियों व आपराधिक घटनाओं पर नजर भी रखी जा सकेगी।

    वाराणसी में डायल 112 की 105 गाडियां हैं। घटना की सूचना के बाद तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत पहुंचाने का काम करते हैं। इन गाड़ियों को अब हाई रिजॉल्यूशन कैमरों से लैस किया जा रहा है। डायल 112 की पुरानी गाड़ियों को भी आधुनिक बनाया जा रहा है। इन गाड़ियों में हाई रिजॉल्यूशन कैमरे और टेबलेट लगाए जा रहे हैं। ये कैमरे दो किलोमीटर तक 360 डिग्री घूमकर वीडियो रिकार्डिंग करने में सक्षम हैं।

    बाइक सवार कॉप को बॉडी वार्न कैमरा

    कैमरे की खासियत यह है कि इसमें रिकॉर्ड वीडियो एक माह तक सेव रहेंगे। कैमरे वाराणसी और लखनऊ कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे। डायल 112 प्रभारी प्रवीण सिंह ने बताया कि गाड़ियों में कैमरे और टैबलेट लगाए जा रहे हैं। बाइक सवार कॉप को बॉडी वार्न कैमरा भी दिया गया है।

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    ०६ जुलाई,१९०१/जन्म दिवस
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    सच्चे अर्थों में मानवता के उपासक और सिद्धान्तवादी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

    कलकत्ता के अत्यन्त प्रतिष्ठित परिवार में ०६ जुलाई १९०१ को डॉ॰ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का जन्म हुआ। उनके पिता सर आशुतोष मुखर्जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे एवं शिक्षाविद् के रूप में विख्यात थे। डॉ. मुखर्जी ने १९१७ में मैट्रिक किया तथा १९२१ में बीए की उपाधि प्राप्त की। १९२३ में लॉ की उपाधि अर्जित करने के पश्चात् वे विदेश चले गये और १९२६ में इंग्लैण्ड से बैरिस्टर बनकर स्वदेश लौटे। ३३ वर्ष की अल्पायु में वे कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति बने एवं २० से अधिक यूनिवर्सिटीज में इन्होंने कन्वोकेशन एड्रेस किया। इस पद पर नियुक्ति पाने वाले वे सबसे कम आयु के कुलपति थे।

    डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने स्वेच्छा से अलख जगाने के उद्देश्य से राजनीति में १९२९ में बंगाली लेजिस्लेटिव काउंसिल में कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में कलकत्ता विश्वविद्यालय को रिप्रजेंट करके प्रवेश किया। डॉ. मुखर्जी सच्चे अर्थों में मानवता के उपासक और सिद्धान्तवादी थे। वे सावरकर के राष्ट्रवाद के प्रति आकर्षित हुए और हिन्दू महासभा में सम्मिलित हुए।

    मुस्लिम लीग की राजनीति से बंगाल का वातावरण दूषित हो रहा था। वहाँ साम्प्रदायिक विभाजन की नौबत आ रही थी। साम्प्रदायिक लोगों को ब्रिटिश सरकार प्रोत्साहित कर रही थी। ऐसी विषम परिस्थितियों में उन्होंने यह सुनिश्चित करने का बीड़ा उठाया कि बंगाल के हिन्दुओं की उपेक्षा न हो। अपनी विशिष्ट रणनीति से उन्होंने बंगाल के विभाजन के मुस्लिम लीग के प्रयासों को पूरी तरह से नाकाम कर दिया। १९४२ में ब्रिटिश सरकार ने विभिन्न राजनैतिक दलों के छोटे-बड़े सभी नेताओं को जेलों में डाल दिया।

    सांस्कृतिक दृष्टि से एक हैं हम सब

    डॉ॰ मुखर्जी इस धारणा के प्रबल समर्थक थे कि सांस्कृतिक दृष्टि से हम सब एक हैं। इसलिए धर्म के आधार पर वे विभाजन के कट्टर विरोधी थे। वे मानते थे कि विभाजन सम्बन्धी उत्पन्न हुई परिस्थिति ऐतिहासिक और सामाजिक कारणों से थी। वे मानते थे कि आधारभूत सत्य यह है कि हम सब एक हैं। हममें कोई अन्तर नहीं है। हम सब एक ही रक्त के हैं। एक ही भाषा, एक ही संस्कृति और एक ही हमारी विरासत है। परन्तु उनके इन विचारों को अन्य राजनैतिक दल के तत्कालीन नेताओं ने अन्यथा रूप से प्रचारित-प्रसारित किया। बावजूद इसके लोगों के दिलों में उनके प्रति अथाह प्यार और समर्थन बढ़ता गया। अगस्त, १९४६ में मुस्लिम लीग ने जंग की राह पकड़ ली और कलकत्ता में भयंकर बर्बरतापूर्वक अमानवीय मारकाट हुई। उस समय कांग्रेस का नेतृत्व सामूहिक रूप से आतंकित था।

    ताक पर रखे कांग्रेस ने वायदे

    ब्रिटिश सरकार की भारत विभाजन की गुप्त योजना और षड्यन्त्र को एक कांग्रेस के नेताओं ने अखण्ड भारत सम्बन्धी अपने वादों को ताक पर रखकर स्वीकार कर लिया। उस समय डॉ. मुखर्जी ने बंगाल और पंजाब के विभाजन की माँग उठाकर प्रस्तावित पाकिस्तान का विभाजन कराया और आधा बंगाल और आधा पंजाब खण्डित भारत के लिए बचा लिया। गान्धी जी और सरदार पटेल के अनुरोध पर वे भारत के पहले मन्त्रिमण्डल में शामिल हुए। उन्हें उद्योग जैसे महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गयी। संविधान सभा और प्रान्तीय संसद के सदस्य और केन्द्रीय मन्त्री के नाते उन्होंने शीघ्र ही अपना विशिष्ट स्थान बना लिया। किन्तु उनके राष्ट्रवादी चिन्तन के चलते अन्य नेताओं से मतभेद बराबर बने रहे। फलत: राष्ट्रीय हितों की प्रतिबद्धता को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानने के कारण उन्होंने मन्त्रिमण्डल से त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने एक नई पार्टी बनायी जो उस समय विरोधी पक्ष के रूप में सबसे बड़ा दल था। २१ अक्टूबर, १९५१ में भारतीय जनसंघ का उद्भव हुआ, मुखर्जी इसके पहले अध्यक्ष बने।

    बिना परमिट लिये जम्मू कश्मीर की यात्रा

    डॉ. मुखर्जी जम्मू कश्मीर को भारत का पूर्ण और अभिन्न अंग बनाना चाहते थे। उस समय जम्मू कश्मीर का अलग झण्डा और अलग संविधान था। वहाँ का मुख्यमन्त्री (वजीरे-आज़म) अर्थात् प्रधानमन्त्री कहलाता था। संसद में अपने भाषण में डॉ. मुखर्जी ने धारा-३७० को समाप्त करने की भी जोरदार वकालत की। अगस्त १९५२ में जम्मू की विशाल रैली में उन्होंने अपना संकल्प व्यक्त किया था कि या तो मैं आपको भारतीय संविधान प्राप्त कराऊँगा या फिर इस उद्देश्य की पूर्ति के लिये अपना जीवन बलिदान कर दूँगा। उन्होंने तत्कालीन नेहरू सरकार को चुनौती दी तथा अपने दृढ़ निश्चय पर अटल रहे। अपने संकल्प को पूरा करने के लिये वे १९६३ में बिना परमिट लिये जम्मू कश्मीर की यात्रा पर निकल पड़े। वहाँ पहुँचते ही ११ मई को उन्हें गिरफ्तार कर नज़रबन्द कर लिया गया। २३ जून १९५३ को रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गयी।

    एक महान् क्रान्तिकारी, राष्ट्रवादी देशभक्त डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनके जन्म-दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि प्रणाम्।

    ~पनपा “गोरखपुरी”

  • वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल के रूप में कृष्ण कुमार यादव ने डाक सेवाओं को दिए नए आयाम

    पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव का अहमदाबाद स्थानांतरण, क्षेत्रीय कार्यालय में अभिनंदन

    वाराणसी। परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव का स्थानांतरण कार्यकाल पूरा होने के बाद इसी पद पर अहमदाबाद के लिए हो गया है। भारतीय डाक सेवा के वर्ष 2001 बैच के अधिकारी श्री यादव का कार्यकाल वाराणसी में 3 वर्ष 9 माह का रहा। वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल के रूप में श्री कृष्ण कुमार यादव ने डाक सेवाओं को न सिर्फ लोगों से जोड़ा बल्कि उसे व्यापक आयाम भी प्रदान किये। इस दौरान न सिर्फ विभागीय लक्ष्यों की प्राप्ति के मामले में वाराणसी परिक्षेत्र ने नए आयाम स्थापित किये, बल्कि डाक सेवाओं के बारे में जनजागरूकता और भागीदारी भी बढ़ी। वे वाराणसी परिक्षेत्र में सबसे लम्बे समय तक कार्य करने वाले पोस्टमास्टर जनरल भी रहे।

    क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित ‘शुभकामना एवं अभिनंदन समारोह’ में डाक विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव को सम्मानित किया और उनके नये दायित्वों के बारे में शुभकामनाएं देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की। सहायक निदेशक श्री आरके चौहान और बृजेश शर्मा ने कहा कि विभागीय कार्यों में तत्परता के साथ -साथ सामाजिक और साहित्यिक सरोकारों से अटूट लगाव, उन्हें एक संवेदनशील और लोकप्रिय अधिकारी के रूप में प्रतिष्ठित करता है।

    वाराणसी में अपने कार्यकाल के अनुभवों को शेयर करते हुए श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि पोस्टमास्टर जनरल के रूप में वाराणसी परिक्षेत्र में कार्य करना मेरे लिए सौभाग्य की बात रही। वाराणसी परिक्षेत्र में सभी विभागीय योजनाओं  को तत्परता के साथ लागू किया गया और इसमें सभी विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों ने भरपूर सहयोग दिया। श्री यादव ने कहा कि काशी में सिर्फ नौकरी नहीं सेवा होती है। उन्होंने वाराणसी के लोगों की आत्मीयता की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहाँ के लोगों ने जो सहयोग एवं स्नेह दिया, वह सदैव याद रहेगा। श्री यादव ने कहा कि, यह एक खूबसूरत संयोग है कि सिविल सेवाओं में अपने करियर की शुरुआत मैंने वरिष्ठ डाक अधीक्षक, सूरत मण्डल (जुलाई 2003-सितंबर 2004) के रूप में की थी। उसके बाद क्रमशः लखनऊ, कानपुर, अण्डमान-निकोबार द्वीप समूह, प्रयागराज, जोधपुर, लखनऊ, वाराणसी होते हुए पुन: एक बार गुजरात में नियुक्ति का अवसर प्राप्त हुआ है।

    इस अवसर पर प्रवर डाक अधीक्षक वाराणसी पूर्वी राजीव कुमार, डाक अधीक्षक वाराणसी पश्चिमी विनय कुमार, इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के चीफ मैनेजर बृज किशोर, डाक अधीक्षक बलिया हेमंत कुमार, डाक अधीक्षक जौनपुर परमानन्द कुमार, डाक अधीक्षक गाजीपुर पीके पाठक, सहायक निदेशक बृजेश शर्मा, आरके चौहान, सीनियर पोस्टमास्टर पीसी तिवारी, लेखाधिकारी प्लाबन नस्कर,  सहायक अधीक्षक पल्लवी मिश्रा, श्रीकांत पाल, डाक निरीक्षक अनिकेत रंजन, दिलीप पांडेय, राकेश कुमार, राहुल कुमार, श्रीप्रकाश गुप्ता, मनीष कुमार, अजिता कुमारी, अभिलाषा गुप्ता सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • पुलिस व खनिज विभाग के गठजोड़ से अवैध परिवहन एवं अवैध उत्खनन जारी

    खनिज महकमा नतमस्तक: भाजपा नेताओं का रेत खदानों से बढ़ा मोह.!!

    पंकज पाराशर छतरपुर✍️
    बुंदेलखंड के छतरपुर जिले के भाजपा नेताओं का रेत खदानों से अचानक मोह बढ़ गया है? इस कारण पूरे क्षेत्र में रेत माफियाओं की तूती बोल रही है। पुलिस एवं खनिज विभाग के गठजोड़ से लगातार अवैध परिवहन एवं अवैध उत्खनन जारी है! आरोप तो यहां तक हैं कि बुंदेलखंड क्षेत्र के पन्ना, टीकमगढ़ एवं छतरपुर जिले के जन प्रतिनिधि भी रेत खदानों में अपनी हिस्सेदारी बनाए हुए हैं और लगातार वे रेत माफियाओं को संरक्षण देकर अवैध रेत का व्यापार संचालित कर रहे हैं? जिला प्रशासन और उनके अधीनस्थ आने वाला खनिज विभाग मूक दर्शक बना हुआ है! 

    लवकुश नगर क्षेत्र में भाजपा के दिग्गजों के इशारे पर अवैध रेत की खदानें संचालित हो रही हैं। यह सभी खदानें कांग्रेस से भाजपा के गुर्गे चला रहे हैं, जिसके कारण न पुलिस प्रशासन कोई कार्यवाही करता और न ही खनिज विभाग का अमला। शाम ढलते ही रेत खदानों में पोकलेन एवं जेसीबी मशीन से हजारों की तादाद में ट्रकों और ट्रालों में यह रेत उत्तर प्रदेश सप्लाई की जा रही है। यह बात भी किसी से छिपी नहीं है। जिले के आला अधिकारी सब जानकारी होने के बाद भी चुपचाप हाथ पे हाथ धरे बैठे हुए हैं।

    गुप्त रूप से एक रेत माफिया ने जानकारी दी कि रेत के इस कारोबार में नेताओं और अधिकारियों का गठजोड़ बना हुआ है तभी यह अवैध उत्खनन धड़ल्ले से चल रहा है। भाजपा के छुटभैया नेता पूरे लवकुश नगर क्षेत्र में जगह जगह अवैध उत्खनन करा रहे हैं। उनके आकाओं को भी इस अवैध रेत के व्यापार में एक बड़ा हिस्सा प्रतिमाह मिलता है। इसके चलते वह प्रशासन और शासन पर अपना दबाव बनाए हुए हैं। बड़ामलहरा विधायक सुश्री रामसिया भारती ने रेत के अवैध व्यापार का मुद्दा कई बार उठाया इसके अलावा उन्होंने विधानसभा में भी यह मामला उठाया परंतु उन्हें भी शांत कर दिया गया है? और वह भी अब प्रशासन की हां में हां मिलाने में लगे हुए हैं ? खनिज महकमा नतमस्तक बना हुआ है।

  • कैमरा लगा कर मठ का महंत करता था गंदा काम, एक दिन मां-बेटी की पड़ी नजर तो उड़ गए होश, गाजियाबाद मेरठ के बीच छोटा हरिद्वार का मामला मुरादनगर। गाजियाबाद से मेरठ के बीच गंग नहर के किनारे बने मठ में महिला चेंजिंग रुम में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ था। खास बात यह है कि चेंजिंग […]

    मठ में लगा था कैमरा, मां बेटी की पड़ी नजर, तो खुल गई महंत की पोल
  • 10 महीने से सफाई कर्मियों को नहीं दिया गया वेतन

    डीएम को शपथ देकर अधिशासी अधिकारी और सफाई निरीक्षक पर लगाए गंभीर आरोप

    रिश्वत लेकर ठेके पर रखे आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारी!

    बिजनौर। नगर पालिका परिषद बिजनौर इन दिनों विवादों के बीच घिरी हुई है। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी और सफाई निरीक्षक पर लगातार गंभीर आरोप लग रहे हैं। आरोप है कि नगर पालिका परिषद बिजनौर के अधिशासी अधिकारी विकास कुमार व सरकारी सफाई निरीक्षक गोविंद चौधरी ने अनुसूचित जाति के गरीब अनपढ़ व्यक्तियों से आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों को ठेके में नौकरी पर रखने के नाम पर 40-40 हजार रुपए लेकर ठेके की नौकरी में रखा है। आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि, दस महीने से सफाई कर्मचारी कार्य कर रहे हैं और आज तक उन्हें कोई वेतन नहीं दिया गया। परेशान होकर छह महिला आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों ने शपथ पत्र लगाकर अधिशासी अधिकारी विकास कुमार और सफाई निरीक्षक गोविंद चौधरी की जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल से शिकायत की। उक्त अधिकारियों की निरंतर शिकायतों के बाद भी प्रशासन इन पर कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है।

    गौरतलब है कि नगर पालिका परिषद के अधीन नुमाइश ग्राउंड स्थित कान्हा गौशाला में दर्जनों गौवंश के मरने व उन्हें घायल अवस्था में दफनाने का आरोप भी लग चुका है। हाल ही का यह प्रकरण चर्चा का विषय बना रहा था। उधर सोशल मीडिया पर भाजपा नगर मंत्री एडवोकेट कुलदीप सिंह ने अपने फेसबुक वॉल पर पोस्ट करते हुए यह सभी शपथ पत्र पोस्ट किए हैं और अधिकारियों पर आरोप लगाए हैं। जिलाधिकारी को शपथ पत्र सौंपने वाली आउटसोर्सिंग महिला सफाई कर्मचारियों में मीना पत्नी महेश, नीलम पत्नी अमित, शीला पत्नी शौकीन, प्रीति देवी पत्नी जोगेंद्र, रीना पत्नी मुनेश निवासी मुकरपुर खेमा उर्फ बुखारा, आशू पत्नी धर्मेंद्र निवासी मोहल्ला जाटान बी-4 शामिल रहीं। इन सभी ने अधिशासी अधिकारी और सफाई निरीक्षक पर ठेके की नौकरी पर रखने के नाम पर 40-40 हजार रुपए लेने व उनका दस महीनों से वेतन नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए शपथ पत्र सौंपा।

    इस संबंध में जब नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी विकास कुमार से फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में नहीं है। डूडा विभाग में सीएलसी के माध्यम से आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारी रखे जाते हैं। उन्होंने उन पर लग रहे आरोपों को निराधार बताया।

  • कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के धारा रेंज में मादा बाघ का शव मिलने से हड़कंप

    झालू के निकट का मामला, ग्रामीणों में दहशत व्याप्त

    रसूलपुर रोड पर टहलकदमी कर रहे 4~5 गुलदार

    बिजनौर। नगर पंचायत झालू के निकट रसूलपुर रोड पर 4 से 5 गुलदार देखे जाने से किसानों में दहशत का माहौल है। शिक्षक संघ के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं किसान नेता मा. गिरिराज सिंह के नेतृत्व में किसानों ने नगर पंचायत अध्यक्ष लोकेंद्र चौधरी सहित एसडीओ एवम वन क्षेत्राधिकारी महेश चंद्र गौतम को समस्या से अवगत करा दिया है। दूसरी ओर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के धारा रेंज में मादा बाघ का शव मिलने से हड़कंप मच गया है।

    नगर पंचायत झालू में रसूलपुर रोड पर कान्हा गोशाला के निकट किसानों ने लाडो तालाब में 2 गुलदार देखे, जिससे उनमें दहशत व्याप्त हो गई। मोहल्ला नसीरयान निवासी प्रिंस पुत्र जितेंद सिंह, मोंटी पुत्र गौतम, संदीप पुत्र नरेश, सिद्धान्त पुत्र बलराम सिंह, संजीव कुमार पुत्र विजयपाल सिंह, संजय कुमार उर्फ दुष्यंत पुत्र रामपाल सिंह का कहना है कि झालू के निकट रसूलपुर रोड पर मौजा नसीरपुर नजमुद्दीन व लालपुर में कई गुलदार देखे गए है। उन्होंने कहा कि गुलदारों ने पूर्व में एक कुत्ते व बछड़े को खा लिया है। इन दिनों गुलदार खेतों में घूम कर दहशत फैला रहे हैं। किसान इधर-उधर छुपकर अपनी जान बचा रहे हैं। यदि जल्द ही इन गुलदारों को नहीं पकड़ा गया तो बड़ी अनहोनी हो सकती है, जिसका जिम्मेदार वन विभाग होगा।

    शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं किसान नेता मा. गिरिराज सिंह ने कहा कि गुलजारों ने क्षेत्र में दहशत का माहौल बना रखा है, जिससे किसान परेशान हैं। काफी दिनों से गुलदार झालू के निकट घूम रहा है किंतु वन विभाग ध्यान नहीं दे रहा है फिर भी हमने मीडिया के माध्यम से डीएफओ व एसडीओ एवं स्वयं वन क्षेत्र अधिकारी और झालू चेयरमैन लोकेंद्र चौधरी को इस संबंध में सूचना दे दी है। उम्मीद है कि जल्द ही क्षेत्रवासी गुलदारों की समस्या से निजात पा लेंगे।

    वन क्षेत्र अधिकारी महेश चंद गौतम का कहना है कि एक लेटर लिखवा कर विभाग में दिलवा दीजिए, जिसके बाद पिंजरा लगवा दिया जाएगा। झालू चैयरमेन लोकेंद्र चौधरी ने बताया कि लेटर भिजवाया जा रहा है और विभाग से भी इस संबंध में बात कर ली जाएगी। गुलदार को पकड़ने के लिए पूरा प्रयास किया जाएगा।

    धारा रेंज में मादा बाघ का शव

    अफजलगढ़। गुरुवार सुबह कॉर्बेट टाइगर रिजर्व स्थित धारा रेंज में मादा बाघ का शव मिलने से विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में मादा बाघ के शव को पोस्टमार्टम के लिए रेस्क्यू सेंटर लाया गया। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर धीरज पांडे ने बताया कि मृत मादा बाघ की उम्र लगभग 8 वर्ष थी। डॉक्टर के पैनल को बुलाकर मादा बाघ के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, ताकि मृत्यु के सही कारण का पता चल सके।

  • हज यात्रा से लौटे माता पिता को लेने गए थे तीन बेटे

    मुरादाबाद में रोडवेज बस की कार से भीषण टक्कर

    सड़क हादसे में पिता और तीन पुत्रों समेत पांच की मौत

    मुरादाबाद/रामपुर। दिल्ली-लखनऊ राजमार्ग स्थित मूंढापांडे में गुरुवार सुबह रोडवेज बस की टक्कर से हज करके लौट रहे कार सवार एक परिवार के पिता और तीन पुत्रों समेत पांच लोगों की मौत हो गई।

    हादसे के बाद अस्पताल पहुंचे लोग

    जानकारी के मुताबिक रामपुर जिले के स्वार कोतवाली क्षेत्र के मुकरमपुर गांव निवासी हाजी अशरफ अली (65) और उनकी पत्नी जैतून हज करने के लिए सऊदी अरब गए थे। हज के बाद वह बुधवार शाम दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरे। उन्हें दिल्ली से रिसीव कर घर लाने के लिए बुधवार को तीन बेटे नक्शे अली (42), आरिफ अली (24) और इंतेखाब अली (20) कार से एयरपोर्ट पहुंचे। कार गांव के ही अहसान (32) की थी और वही चला रहे थे। सभी करीब देर रात गांव मुकरमपुर के लिए रवाना हुए। बताया गया है कि गुरुवार सुबह करीब छह बजे मूंढापांडे में सामने से आ रही रोडवेज बस ने कार में टक्कर मार दी। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं कार में सवार अशरफ, उनके बेटे नक्शे अली व आरिफ तथा चालक अहसान की मौके पर ही मौत हो गई। तीसरे बेटे इंतेखाब ने अस्पताल में दम तोड़ा। दुर्घटना में घायल हाजी अशरफ की पत्नी और बेटे आसिफ का मुरादाबाद के अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। सूचना मिलने पर गांव मुकरमपुर में मातम पसर गया है।

  • जिला कृषि अधिकारी के उर्वरक विक्रेताओं को कड़े निर्देश

    उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) नियन्त्रण आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 में निहित प्रावधानों के अन्तर्गत विधिक कार्यवाही की चेतावनी

    उर्वरकों की टैगिंग, ओवर रेटिंग, कालाबाजारी व तस्करी रोकने को सख्ती

    बिजनौर। वर्तमान में कृषकों द्वारा खरीफ सीजन 2024-25 में मुख्यतः धान की रोपाई का कार्य तेजी से किया जा रहा है, जिसके कारण फास्फेटिक उर्वरकों की मांग कृषकों में तेजी से बढ रही है। कृषकों को उनकी जोत/कृषित भूमि के आधार पर उर्वरक वितरण करने, उर्वरकों की शत प्रतिशत बिक्री पीओएस मशीन से कराने, उर्वरकों विशेषकर फास्फेटिक एवं यूरिया उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग रोकने, ओवर रेटिंग, कालाबाजारी तथा उर्वरकों की तस्करी रोकने के कड़े निर्देश दिये गये हैं।

    जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह ने विशेष जानकारी देते हुए बताया कि जनपद के प्रत्येक कृषक को जोत एवं उगाई जाने वाली फसल की निर्धारित संस्तुतियों के आधार पर ही उर्वरक उपलब्ध कराये जाने हैं। तत्क्रम निम्नांकित बिन्दुओं पर प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    निर्धारित मूल्य पर अनिवार्य रूप से वितरण करें सुनिश्चित

    वर्तमान में प्रयोग होने वाले मुख्य फास्फेटिक उर्वरकों (डीएपी/एनपीके/यूरिया) की बिक्री कृषकों को निर्धारित मूल्य पर अनिवार्य रूप से वितरण करना सुनिश्चित करें, यदि किसी भी दशा में कोई उर्वरक विक्रेता अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक मूल्य पर उर्वरक बिक्री करता पाया जायेगा, तो उसके विरुद्ध उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) नियन्त्रण आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 में निहित प्रावधानों के अन्तर्गत विधिक कार्यवाही की जायेगी।

    अन्य उर्वरक/उत्पादों की न की जाए टैंगिग

    उर्वरक विक्रेताओं द्वारा फास्फेटिक उर्वरकों एवं यूरिया के साथ जबरन किसी भी प्रकार के अन्य उर्वरक/उत्पादों की टैंगिग न कि जाए, यदि किसी भी दशा में कोई उर्वरक विक्रेता अन्य उर्वरकों/उत्पादों की टैगिंग करके उर्वरक बिक्री करता पाया जायेगा, तो उसके विरुद्ध उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) नियन्त्रण आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 मे निहित प्राविधानों के अन्तर्गत विधिक कार्यवाही की जायेगी।

    पीओएस मशीन के माध्यम से हो उर्वरकों की बिक्री

    उर्वरक विनिर्माता/प्रदायकर्ता संस्थाओं द्वारा किसी भी थोक उर्वरक विक्रेता को प्रमुख फास्फेटिक एवं यूरिया उर्वरक की आपूर्ति किये जाने पर कम प्रचलित उर्वरक/उत्पाद भी क्रय करने हेतु बाध्य किया जाता है, तो सम्बन्धित विनिर्माता/प्रदायकर्ता संस्थाओं के विरुद्ध उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) नियन्त्रण आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 मे निहित प्राविधानों के अन्तर्गत विधिक कार्यवाही की जायेगी। कृषकों को उर्वरक की बिक्री करते समय उनकी जोत-बही/खतौनी देखकर उसमें अंकित कृषि भूमि एवं उगाई जाने वाली फसल की निर्धारित संस्तुति के अनुसार पीओएस मशीन के माध्यम से उर्वरकों की बिक्री सुनिश्चित की जाए।

    समस्त रिकॉर्ड रखें अप टू डेट

    उर्वरक विक्रेताओं द्वारा अपने विक्रय केन्द्रों पर उर्वरक बिक्री करते समय उर्वरकों का वितरण विक्रय रजिस्टर पर अनिवार्य रूप से अंकित किया जाए, जिसमें क्रेता कृषक का नाम, पिता का नाम, ग्राम, विकासखण्ड, तहसील, मोबाइल नम्बर के साथ-साथ जोत-बही/खतौनी एवं बोई जाने वाली फसल का विवरण भी अनिवार्य रूप से पृथक पंजिका में अंकित किया जाए।
    जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह ने कहा कि प्रत्येक उर्वरक व्यवसायी के स्तर पर स्टाक पंजिका, विक्रय पंजिका तथा रसीद अनिवार्य रूप से रखी जाए या ऐसे प्रारूप में डिजिटल स्टाक रजिस्टर, जो तिथिवार स्टाक स्थिति, आरम्भिक अवशेष, दिन के दौरान प्राप्तियों, दिन के दौरान विक्रय और अंतिम स्टाक को स्पष्टतः प्रदर्शित करता हो, का होना आवश्यक है। थोक/फुटकर उर्वरक विक्रेता को उर्वरकवार बिक्री केंद्रों पर दर तथा स्टाक का अंकन रेट एवं स्टाक बोर्ड पर प्रतिदिन अंकित किया जाए।

  • स्वामी विवेकानंद
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    ०४ जुलाई/पुण्य-तिथि
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    …और 15 मिनट तक तालियों से गूंजता रहा सारा सभागार

    स्वामी विवेकानंद जी का जन्म १२ जनवरी सन् १८६३ को कलकत्ता में हुआ था. इन का बचपन का नाम नरेंद्र नाथ था. इनके पिता श्री विश्वनाथ दत्त कलकत्ता हाईकोर्ट के एक प्रसिद्ध वकील थे. इनकी माता श्रीमती भुवनेश्वरी देवी जी बडे़ ही धार्मिक विचारों वाली थी।

    नरेंद्र की बुद्धि बचपन से ही बड़ी तीव्र थी और परमात्मा को पाने की लालसा भी बड़ी तीव्र थी. इस हेतु वे पहले ब्रह्म समाज में गये किन्तु वहाँ उनके चित्त को संतोष नहीं हुआ. वे वेदान्त और योग को पश्चिम संस्कृति में प्रचलित करने के लिए महत्वपूर्ण योगदान देना चाहते थे।

    दैवयोग से नरेंद्र के पिता विश्वनाथ दत्त की मृत्यु हो गयी. घर का भार नरेंद्र पर आ पडा़. घर की दशा बड़ी दयनीय थी, लेकिन अत्यंत दरिद्रता में भी नरेंद्र बडे़ अतिथि-सेवी थे. स्वयं भूखा रहकर भी अतिथि को भोजन कराते, स्वयं बाहर वर्षा में भीगते- ठिठुरते पड़े रहते परन्तु अतिथि को अपने बिस्तर पर सुला देते।

    स्वामी विवेकानंद अपना जीवन अपने गुरुदेव श्री रामकृष्ण को समर्पित कर चुके थे. गुरु देव का शरीर अंतिम दिनों में अत्यन्त रुग्ण हो गया था. वे गुरु के बिस्तर के पास रक्त, कफ आदि से भरी थूकदानी उठाकर फेंकते थे. गुरु के प्रति ऐसी अनन्य भक्ति और निष्ठा के प्रताप से ही वे अपने गुरु के शरीर और उनके दिव्यतम आदर्शों की उत्तम सेवा कर सके।

    २५ वर्ष की आयु में नरेंद्र ने भगवा (गेरुआ) वस्त्र धारण कर लिये. तत्पश्चात् उन्होंने पैदल ही पूरे भारत वर्ष की यात्रा की. सन् १८९३ में शिकागो (अमेरिका) में विश्व धर्म सम्मेलन हो रहा था. स्वामी विवेकानंद उसमें भारत के प्रतिनिधि के रूप में पहुँचे. यूरोप-अमेरिका के लोग उस समय भारतवासियों को बहुत ही हीन दृष्टि से देखते थे।

    वहाँ लोगों ने बहुत प्रयत्न किया कि स्वामी विवेकानंद को सर्वधर्म परिषद् में बोलने का समय ही ना मिले, लेकिन एक अमेरिकन प्रोफेसर के प्रयास से उन्हें थोड़ा समय मिला. उनके पास केवल ०५ मिनट ही बोलने का समय था. उन्होंने अपना भाषण अमेरिकन भाईयों और बहनों से सम्बोधित किया. जैसे ही वहाँ बैठे लोगों ने अपने लिए भाईयों और बहनों का शब्द सुना तो १५ मिनट तक तालियों से सारा सभागार गूँजता रहा।

    स्वामी विवेकानंद के विचार सुनकर सभी विद्वान चकित रह गये. स्वामी जी ने कहा – मैं एक ऐसे धर्म का अनुयायी होने में गर्व का अनुभव करता हूँ, जिसने संसार को सहिष्णुता तथा सार्वभौम स्वीकृति, दोनों की ही शिक्षा दी है. हम लोग सब धर्मों के प्रति केवल सहिष्णुता में ही विश्वास नहीं करते, वरन् समस्त धर्मों का सच्चा मानकर स्वीकार करते हैं. मुझे ऐसे देश का व्यक्ति होने का गर्व है, जिसने इस पृथ्वी के समस्त धर्मों और देशों के उत्पीड़ितों और शरणार्थियों को आश्रय दिया है।

    मुझे आपको यह बतलाते हुए गर्व होता है कि हमने अपने वक्ष में यहूदियों के विशुद्धतम अवशिष्ट को स्थान दिया था, जिन्होंने दक्षिण भारत आकर उसी वर्ष शरण ली थी जिस वर्ष उनका पवित्र मंदिर रोमन जाति के अत्याचार से धूल में मिला दिया गया था. ऐसे धर्म का अनुयायी होने में मैं गर्व का अनुभव करता हूँ जिसने महान् जरथुष्ट्र जाति के अवशिष्ट अंश को शरण दी और जिसका पालन वह अबतक कर रहा है।

    फिर तो अमेरिका में उनका अत्यधिक स्वागत हुआ. वहाँ इनके भक्तों का एक बड़ा समुदाय हो गया. तीन वर्ष तक वे अमेरिका में रहे और वहाँ के लोगों को भारतीय तत्व ज्ञान की अद्भुत ज्योति प्रदान करते रहे।

    उनकी वक्तृत्व-शैली तथा ज्ञान को देखते हुए वहाँ के मीडिया ने उन्हें साइक्लॉनिक हिन्दू का नाम दिया. स्वामी विवेकानंद का यह दृढ़ विश्वास था कि आध्यात्म-विद्या और भारतीय दर्शन के बिना विश्व अनाथ हो जायेगा. अमेरिका में उन्होंने रामकृष्ण मिशन की अनेक शाखाएँ स्थापित की. अनेक अमेरिकन विद्वानों ने उनका शिष्यत्व ग्रहण किया।

    गुरु रवींद्रनाथ टैगोर ने एक बार कहा था, यदि आप भारत को जानना चाहते हैं तो विवेकानंद को पढ़िये. उनमें आप सबकुछ सकारात्मक ही पाएँगे, नकारात्मक कुछ भी नहीं।

    रोमा रोलाँ ने उनके बारे में कहा था, उनके द्वितीय होने की कल्पना करना भी असम्भव है. वे जहाँ भी गये, सर्वप्रथम हुए. हर कोई उनमें अपने नेता का दिग्दर्शन करता।

    स्वामी विवेकानंद मैकाले द्वारा प्रतिपादित और उस समय प्रचलित अंग्रेज़ी शिक्षा व्यवस्था के घोर विरोधी थे. स्वामी जी कहते थे कि जो शिक्षा जनसाधारण को जीवन संघर्ष के लिए तैयार नहीं करती, जो चरित्र निर्माण नहीं करती, जो समाज सेवा की भावना विकसित नहीं करती तथा जो शेर जैसा साहस पैदा नहीं कर सकती, ऐसी शिक्षा से क्या लाभ।

    स्वामी विवेकानंद के शिक्षा दर्शन के आधारभूत सिद्धांत:-

    ०१~ शिक्षा ऐसी हो जिससे बालक का शारीरिक, मानसिक एवं आत्मिक विकास हो।

    ०२~ शिक्षा ऐसी हो जिसमें बालक के चरित्र का निर्माण हो, मन का विकास हो, बुद्धि विकसित हो तथा बालक आत्मनिर्भर बने।

    ०३~ बालक एवं बालिकाओं दोनों को समान शिक्षा देनी चाहिए।

    ०४~ धार्मिक शिक्षा, पुस्तकों द्वारा न देकर आचरण एवं संस्कारों द्वारा देनी चाहिए।

    ०५~ पाठ्यक्रम में लौकिक एवं परलौकिक दोनों प्रकार के विषयों को स्थान देना चाहिए।

    ०६~ शिक्षा, गुरु गृह में प्राप्त की जा सकती है।

    ०७~ शिक्षक एवं छात्र का सम्बन्ध अधिक से अधिक निकट का होना चाहिए।

    ०८~ सर्वसाधारण में शिक्षा का प्रचार एवं प्रसार किया जाना चाहिए।

    ०९~ देश की आर्थिक प्रगति के लिए तकनीकी शिक्षा की व्यवस्था की जाये।

    १०~ मानवीय एवं राष्ट्रीय शिक्षा परिवार से ही शुरू करनी चाहिए।

    स्वामी विवेकानंद भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के भी एक प्रमुख प्रेरणा-स्त्रोत बने. उनका विश्वास था कि पवित्र भारत वर्ष धर्म एवं दर्शन की पुण्य-भूमि है. यहीं पर बड़े-बड़े महात्माओं व ऋषियों का जन्म हुआ, यही संन्यास एवं त्याग की भूमि है. यहीं केवल यहीं आदिकाल से लेकर आज तक मनुष्य के लिए जीवन के सर्वोच्च आदर्श एवं मुक्ति का द्वार खुला हुआ है. उन्होंने कहा था…. उठो जागो, स्वयं जागकर औरों को जगाओ, अपने मनुष्य-जन्म को सफल करो और तब तक रुको नहीं, जब तक कि लक्ष्य प्राप्त न हो जाये।

    ०४ जुलाई, १९०२ को हावड़ा के बेलूर स्थित रामकृष्ण मठ में वह ध्यानमग्न अवस्था में महासमाधि धारण कर ज्योतिजोत समा गये। उनके शिष्यों और अनुयायियों ने उनकी स्मृति में वहाँ एक मन्दिर बनवाया और समूचे विश्व में विवेकानंद तथा उनके गुरु रामकृष्ण के संदेशों के प्रचार के लिए १३० से अधिक केन्द्रों की स्थापना की।

    ~पनपा “गोरखपुरी”

  • चोरी की घटनाओं में हुआ था इज़ाफा

    थाना नगीना व थाना कोतवाली देहात का मामला

    रात्रि गश्त में बरती लापरवाही, दो सिपाही निलम्बित

    बिजनौर। रात्रि डयूटी के दौरान गश्त में बरती गई लापरवाही से चोरी की घटनाएं होने के कारण अलग अलग थाना क्षेत्र में तैनात दो सिपाहियों को निलम्बित कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने क्षेत्राधिकारी नगीना और अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण द्वारा प्रेषित रिपोर्ट के आधार पर उक्त कार्रवाई की है।

    पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी अनुसार थाना नगीना पर तैनात आरक्षी भूपेन्द्र कुमार व थाना कोतवाली देहात पर तैनात आरक्षी सुमित कुमार द्वारा अपने-अपने थाना क्षेत्रान्तर्गत रात्रि डयूटी के दौरान गश्त में लापरवाही बरती गई। इस कारण से चोरी की घटनाएं हुईं। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने इस संबंध में आरक्षी भूपेन्द्र कुमार को क्षेत्राधिकारी नगीना द्वारा प्रेषित रिपोर्ट व आरक्षी सुमित कुमार को अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण द्वारा प्रेषित रिपोर्ट के आधार पर तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया। इस संबंध में प्रारंभिक जांच अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी व क्षेत्राधिकारी चांदपुर को इस निर्देश के साथ दी गई है कि 07 दिवस में जांच पूर्ण कर आख्या प्रेषित करें।

    पुलिस अधीक्षक द्वारा जनपद के समस्त पुलिस अधिकारी/कर्मचारीगणों को निर्देशित किया गया है कि कोई भी पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों/दायित्वों के प्रति उदासीनता/शिथिलता न बरते अन्यथा सम्बन्धित के विरुद्ध कड़ी दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी ।

  • सीएम योगी का फरमान जारी, 24 घंटे रहें अलर्ट

    अगले तीन माह तक नहीं होगा किसी का भी ट्रांसफर

    हर साल अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर में संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विभागों के कोऑर्डिनेशन के साथ विशेष अभियान संचालित होता है.

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून का आगमन हो चुका है. जगह-जगह भारी बारिश हो रही है. ऐसे में जल भराव व बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिसको ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है.

    संबंधित विभागों की विशेष बैठक में उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि आगामी तीन माह की अवधि में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत किसी सीएमओ और अन्य चिकित्सक का ट्रांसफर ना हो. इसके अलावा उन्होंने कहा कि बारिश का मौसम प्रारंभ हो चुका है. यह समय बीमारियों की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के पूरे तंत्र को चौबीस घंटे अलर्ट रहना होगा. कांवड़ यात्रियों को आपातकाल में तत्काल स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध होनी चाहिए. अयोध्या के श्रावण मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर सभी आवश्यक प्रबंध समय से कर लिया जाए.

    बैठक में सीएम योगी ने कहा कि हर साल अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर में संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विभागों के कोऑर्डिनेशन के साथ विशेष अभियान संचालित होता है. इस साल 1 जुलाई से इसका नया फेज शुरू हो गया है. अभियान को प्रभावी बनाना हर किसी की जिम्मेदारी है. पहले के अनुभवों को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान की सफलता के लिए अंतर्विभागीय कोऑर्डिनेशन महत्वपूर्ण है. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, मेडिकल एजुकेशन, ग्राम्य विकास, नगर विकास, महिला बाल विकास, बेसिक माध्यमिक शिक्षा द्वारा अंतर्विभागीय कोऑर्डिनेशन के साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा के ठोस प्रयास किए जाएं।

  • बाबू जी द्वारा किए गए कार्यों पर विस्तार से चर्चा

    प्रेम स्नेह रखने वालों ने किए श्रद्धा सुमन अर्पित

    पूर्व राज्यपाल स्वर्गीय रामनरेश यादव की 96 जयंती मनाई गई

    लखनऊ। रामनरेश यादव फाउंडेशन ट्रस्ट के प्रधान कार्यालय सी -1/706 विशाल खण्ड  गोमती नगर लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश और पूर्व राज्यपाल मध्य प्रदेश  स्वर्गीय रामनरेश यादव की 96वी जयंती विचार गोष्ठी के रूप में मनाई गई। इस मौके पर स्वर्गीय बाबूजी से प्रेम स्नेह रखने वाले समाज के तमाम गणमान्य लोगों ने भाग लिया और उनको श्रद्धा सुमन अर्पित किया।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता ट्रस्ट के चेयरमैन एवं पूर्व मुख्यमंत्री रामनरेश यादव के ज्येष्ठ पुत्र कमलेश यादव ने की। उन्होंने अपने संबोधन में बाबू जी द्वारा किए गए कार्यों पर विस्तार से चर्चा की। मुख्य रूप से हिंडालको की बिजली काटकर किसानों को देना, पिछड़े वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति, पिछड़े वर्ग के लोगों को सरकारी नौकरी व पदोन्नति में 15 प्रतिशत आरक्षण देना तथा अंत्योदय योजना की शुरुआत उत्तर प्रदेश में बाबूजी द्वारा ही किया गया था।

    मुख्य वक्ता मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं मुख्य प्रवक्ता व जिला पंचायत सदस्य निवाड़ी श्रीमती रोशनी यादव ने बाबू जी के सरल व्यक्तित्व पर विस्तार से चर्चा की।उन्होंने कहा कि राजनीति में आज चरित्रों एवं मूल्यों पर आधारित राजनीति करने की आवश्यकता है। सर्वधर्म सम्भाव के साथ चलने में ही मानवता और संपूर्ण समाज का कल्याण है।

    इस मौके पर जुबेर अहमद पत्रकार ने कहा कि बाबू जी बहुत ही सरल व्यक्तित्व के मालिक थे। उन्होंने गरीबों और वंचित तबके के कल्याण और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए बहुत सारे कदम उठाए थे। संगोष्ठी में सिद्धांत यादव (कोषाध्यक्ष), आईपी सिंह सीनियर एडवोकेट हाईकोर्ट,  अजीत यादव एडवोकेट, जुबेर अहमद सचिव पत्रकार एसोसिएशन, विजय कुमार बंधु इटावा, विपिन मिश्रा सामाजिक कार्यकर्ता, संजय यादव एटा, लालजीत अहीर प्रोफेसर लखनऊ विश्वविद्यालय एवं तमाम गणमान्य लोगों ने अपने विचार रखे और बाबू जी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

  • छह आईएएस अफसरों के तबादले, कई पीसीएस की तैयारी

    नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग में गुपचुप तरीके से आईएएस व पीसीएस अफसरों के तबादलों का दौर जारी है। सोमवार देर रात छह और आईएएस अधिकारियों के तबादले किए गए, लेकिन इन्हें बेहद ही गोपनीय रखने से चर्चाएं हैं।

    लखनऊ। नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग में आईएएस व पीसीएस अफसरों के तबादलों का दौर जारी है। नए मुख्य सचिव की ज्वाइनिंग के बाद यह सिलसिला और तेज हो गया है। मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के निर्देश पर सोमवार देर रात छह और आईएएस अधिकारियों के तबादले किए जाने की सूचना है। वहीं एसडीएम स्तर के PCS अधिकारियों की सूची फाइनल की जा चुकी है। अंतिम मोहर लगने के बाद इसे जारी कर दिया जाएगा। शीघ्र ही इनकी एक लंबी सूची आएगी।

    स्थानांतरित होने वाले आईएएस अफसरों में अजीत कुमार विशेष सचिव दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग से विशेष सचिव कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा व अमरनाथ उपाध्याय सदस्य न्यायिक राजस्व परिषद लखनऊ से विशेष सचिव दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग बनाए गए हैं। अर्पित उपाध्याय प्रतीक्षारत से मुख्य विकास अधिकारी रायबरेली, नरेंद्र सिंह अपर आयुक्त प्रशासन परिवहन लखनऊ से अपर आयुक्त लखनऊ मंडल लखनऊ बनाए गए हैं। धर्मेंद्र सिंह एडीएम वित्त एवं राजस्व लखनऊ से अपर महानिरीक्षक कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं यूपी व चित्रलेखा सिंह विशेष सचिव कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा से अपर आयुक्त प्रशासन परिवहन लखनऊ बनाए गए हैं।

    अमित किशोर बने रक्षा मंत्री के निजी सचिव

    वर्ष 2011 बैच के आईएएस अधिकारी अमित किशोर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के निजी सचिव बनाए गए हैं। वह फिलहाल दक्षिणी विद्युत आपूर्ति निगम लिमिटेड के एमडी थे।

    पांच दिन पहले हुए थे चार IPS अफसरों के तबादले

    प्रदेश में बीते शुक्रवार को भी चार आईपीएस अधिकारियों के तबादले हुए थे। विकास कुमार को बलरामपुर और आलोक प्रियदर्शी को फ़र्रुख़ाबाद का पुलिस कप्तान बनाया गया, जबकि एसपी एटीएस बृजेश सिंह को बदायूं जिले का एसपी बनाया गया। वहीं आईपीएस अधिकारी केशव कुमार प्रतीक्षारत कर दिए गए।

  • एसपी, एसपी ने स्टार लगाकर दी बधाई

    सब इंस्पेक्टर उदय प्रताप की पदोन्नति

    बिजनौर। थाना प्रभारी कोतवाली शहर, उप निरीक्षक उदय प्रताप सिंह निरीक्षक पद पर प्रोन्नत हो गए हैं। उनके वरिष्ठ अधिकारियों, सहयोगियों व अधीनस्थ स्टाफ ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं हैं।

    वहीं आज दिनांक 02.07.2024 को थाना प्रभारी कोतवाली शहर, उप निरीक्षक उदय प्रताप सिंह के निरीक्षक पद पर प्रोन्नत होने पर पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन व अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम अर्ज द्वारा स्टार लगाकर बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

  • पिछले महीने ही भारत में रोलआउट हुआ Meta AI फीचर

    WhatsApp पर Meta AI से यूजर्स बना सकेंगे अपना अवतार

    WhatsApp ने पिछले महीने ही भारत में Meta AI फीचर को रोलआउट किया है. जल्द ही इस प्लेटफॉर्म पर AI से जुड़ा नया फीचर आ सकता है, जिसकी मदद से यूजर्स AI अवतार क्रिएट कर पाएंगे.

    कैसे काम करेगा ये फीचर और इसका क्या होगा फायदा

    Meta ने अपने AI चैटबॉट Meta AI को भारत में पिछले महीने ही रोलआउट किया है. ये फीचर Instagram, Facebook Messenger के साथ-साथ WhatsApp पर भी उपलब्ध है. इस प्लेटफॉर्म पर AI को फ्री में एक्सेस किया जा सकता है. Meta AI का इस्तेमाल यूजर्स बड़े कामों में कर सकते हैं. कंज्यूमर्स इसकी मदद से जनरेटिव इमेज बना सकते हैं. अब वॉट्सऐप एक नए फीचर पर काम कर रहा है. यूजर्स इसकी मदद से जल्द ही अपना AI अवतार क्रिएट कर सकते हैं. फिलहाल इस फीचर को डेवलप किया जा रहा है.

    जल्द ही मिलेंगे कई AI मॉडल्स

    रिपोर्ट्स की मानें, तो कंपनी Meta AI Llama मॉडल चुनने के फीचर पर काम कर रही है. इस सेक्शन की मदद से यूजर्स अलग-अलग Llama मॉडल्स को अपनी सुविधा के मुताबिक चुन सकेंगे. सिंपल और तेज रिस्पॉन्स के लिए यूजर्स Llama 3-70B मॉडल यूज कर पाएंगे. वहीं कॉम्प्लेक्स सवालों के लिए Llama 3-40B मॉडल का इस्तेमाल कर सकेंगे. कंपनी WhatsApp यूजर्स का एक्सपीरियंस Meta AI के जरिए बेहतर करने पर काम कर रही है. WABetaInfo की रिपोर्ट के मुताबिक, प्लेटफॉर्म यूजर्स के अवतार पर काम कर रहा है.

    कैसे यूज कर सकते हैं ये फीचर?

    इस फीचर की मदद से यूजर्स Meta AI का इस्तेमाल करके अपनी जनरेटिव AI तस्वीर तैयार कर सकेंगे. इसके लिए यूजर्स को Imagine me प्रॉम्प्ट का इस्तेमाल करना होगा. यूजर्स को सबसे पहले Meta AI पर जाना होगा. इसके बाद उन्हें Imagine me टाइप करना होगा. इसके बाद Meta AI उन्हें एक AI तस्वीर बनाकर देगा.

    बड़े काम का फीचर

    ये फीचर बड़े काम का साबित हो सकता है. खासकर उन लोगों के लिए जो अपनी फोटो वॉट्सऐप या किसी दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नहीं लगाना चाहते हैं. यूजर्स अपनी तस्वीर की जगह पर अपना AI अवतार इस्तेमाल कर सकेंगे. Facebook पर भी ऐसा फीचर यूजर्स को मिलता है.

  • चोरी करते हैं यहां, बेचते हैं बदायूं और संभल

    चोरी की 08 बाइक सहित चार गिरफ्तार, पांचवां फरार 

    बिजनौर। नूरपुर पुलिस ने चार बाइक चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की आठ बाइक बरामद की हैं, जबकि उनका एक साथी फरार होने में कामयाब हो गया।

    मुखबिर की सूचना पर रविवार की रात नूरपुर पुलिस ने नहटौर रोड पर कुंडा बलदाना के समीप एक बंद भट्टे पर खड़ी विभिन्न कंपनी की आठ बाइक्स के साथ चार बाइक चोरों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्त में आए बाइक चोरों के नाम अनंत राठी उर्फ देशी पुत्र मनोज राठी निवासी बिराल थाना चाँदपुर, अमन यादव उर्फ शेरा पुत्र श्रवण सिंह यादव निवासी खजूरी थाना नूरपुर, रितिक यादव पुत्र छतरपाल यादव निवासी घूँधली थाना चाँदपुर तथा प्रियांशु गुर्जर पुत्र सतीश चौहान निवासी खन्द्रवली थाना कांधला जिला शामली बताए गए हैं। इनके फरार पांचवें साथी अक्षय कुमार की तलाश की जा रही है। पूछताछ में बताया कि वह लोग आसपास के क्षेत्र से बाइक चोरी करते हैं और संभल एवं बदायूं क्षेत्र के भोले भाले लोगों को बेच देते हैं। अभी इन बाइक को वाहन में लादकर ले जाने की फिराक में थे।

    गिरफ्तारी व बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में थाना नूरपुर जनपद बिजनौर के उप निरीक्षक सुनील कुमार दीक्षित, उप निरीक्षक सुशील कुमार, उप निरीक्षक राहुल कुमार, उप निरीक्षक प्रशिक्षु गौरव मलिक के अलावा हेड कांस्टेबल भूपेन्द्र सिंह, कांस्टेबल नरेन्द्र कुमार, सचिन कुमार, विकास कुमार, गौरव तोमर, अरूण कुमार व विपुल कुमार शामिल रहे।

  • मोबाइल शॉप के ताले तोड़कर चोरी का मामला

    कोतवाली देहात थाने में दर्ज हुआ बिजनौर का पहला मुकदमा

    बिजनौर। नए कानून के तहत जनपद का पहला मुकदमा कोतवाली देहात थाने में दर्ज किया गया है। मोबाइल शॉप के ताले तोड़कर चोरी के मामले में बीएनएस की धारा 305 (ए), 331 (4) के अंतर्गत दर्ज किया गया। पहले चोरी की रिपोर्ट आईपीसी की धारा 457 और 380 में दर्ज होती थी। वहीं दूसरा मुकदमा थाना कोतवाली नगर थाने में दर्ज किया गया।

    नगीना देहात के गांव अवधीपुर निवासी मोहम्मद वाजिद पुत्र मोहम्मद साजिद की कोतवाली देहात थाना क्षेत्र में मोबाइल की दुकान है। रविवार रात उसकी दुकान का दरवाजा खुला देखकर स्थानीय लोगों ने सूचना दी। वह आनन फानन में मौके पर पहुंचा। बताया गया कि दुकान के दरवाजे का कुंडा काटकर चोरी की घटना को अंजाम दिया गया है। सोमवार दोपहर करीब सवा दो बजे कोतवाली देहात थाने में नए कानून के अंर्तगत चोरी की बीएनएस की धाराओं 305 (ए), 331(4) में रिपोर्ट दर्ज की गई। पहले चोरी के मामले में आईपीसी की धारा 457 और 380 में रिपोर्ट दर्ज की जाती थी। वहीं जिले में दूसरा मुकदमा कोतवाली नगर थाने में दर्ज किया गया। इंद्रलोक कॉलोनी निवासी कपिल कुमार पुत्र राकेश कुमार ने बाइक में टक्कर मारने की शिकायत की थी। पुलिस ने बीएनएस की धारा 281 और 125 (ए) में रिपोर्ट दर्ज की है।

  • सरकार ने आम आदमी के लिए सुलभ कराया इंसाफ : सदर विधायक

    खत्म हो गया अंग्रेजों के जमाने का कानून: सूचि चौधरी

    बिजनौर। सरकार ने अंग्रेजों के जमाने के कानून को खत्म कर नया कानून बनाकर आम आदमी के लिए इंसाफ सुलभ कराया है। यह बात सदर विधायक सूचि चौधरी ने थाना शहर कोतवाली में आयोजित कार्यक्रम में कहीं।

    जिले के थानों में हुआ जागरूक गोष्ठी का आयोजन

    दरअसल नए कानून के बारे में जानकारी देने के लिए सोमवार को पूरे जिले के थानों में जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। सोमवार से तीन नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू हो गए हैं। जागरूकता गोष्ठियों में ग्राम प्रधान, गणमान्य लोग और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान उन्हें नए कानून के बारे में जानकारी दी गई।

    हर घटना की फोरेंसिक जांच

    इसी क्रम में शहर कोतवाली में आयोजित कार्यक्रम में एसपी नीरज कुमार जादौन ने कहा कि इस कानून से आमजन को लाभ मिलेगा। हर घटना की फोरेंसिक जांच होगी। फोरेंसिक जांच के लिए हर जिले में एक मोबाइल टीम रहेगी। उस गाड़ी में फोरेंसिक जांच के सभी उपकरण मौजूद रहेंगे। जांच और अपराधी से बरामदगी के समय वीडियोग्राफी बनाई जाएगी।

    पीड़ित की बढ़ेगी ताकत: ऐश्वर्य चौधरी “मौसम”

    वरिष्ठ भाजपा नेता ऐश्वर्य चौधरी “मौसम” ने कहा कि  नए कानून से पीड़ित की ताकत बढ़ेगी। कोई भी पीड़ित कहीं भी बैठकर किसी भी थाने में रिपोर्ट दर्ज करा सकता है। इस दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता डा. बीरबल सिंह, किसान नेता कैलाश लांबा, विनोद उर्फ बिट्टू, रालोद नेता शमशाद अंसारी, सीओ सिटी संग्राम सिंह और शहर कोतवाल उदयप्रताप सिंह मौजूद रहे।

  • उत्तर प्रदेश के अमरोहा में नए कानून के तहत दर्ज हुई पहली रिपोर्ट

    भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 के तहत दर्ज हुआ पहला मुकदमा

    नए कानून के तहत दर्ज हुई यूपी की पहली एफआईआर

    लखनऊ। भारत में तीन नए अपराध कानून आज 01 जुलाई से अस्तित्व में आ गए हैं. इनमें भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) शामिल हैं. खास बात ये है कि इन नए कानूनों पर सबसे पहले उत्तर प्रदेश में अमल किया गया है. नए कानून के तहत यूपी में पहली पुलिस रिपोर्ट दर्ज की है.

    आज जुलाई 2024 की पहली तारीख से लागू भारतीय न्याय संहिता के तहत उत्तर प्रदेश का पहला मुकदमा पश्चिम उत्तर प्रदेश के अमरोहा में दर्ज हुआ है. यह मुकदमा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 के तहत दर्ज हुआ है. अमरोहा के रेहरा थाने में सुबह 9:51 पर इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दुर्घटना में मौत की धाराओं में राजवीर उर्फ रज्जू और भूप सिंह उर्फ गोलू के खिलाफ यह मामला दर्ज हुआ. बताया गया है कि ग्राम ढकिया खादर के संजय सिंह ने अपने पिता जगपाल की मौत के मामले में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई. तहरीर में बताया कि आरोपियों के खेत में लगे बिजली के तार के करंट से संजय सिंह के पिता की मौत हो गई.

    इस तहरीर पर दर्ज हुई पहली FIR

    अमरोहा जिले के थाना रहरा निवासी संजय सिंह ने पुलिस में तहरीर दी कि उसके पिता जगपाल उर्फ मंगला 01 जुलाई की सुबह लगभग 6.30 बजे अपने खेत में धान की रोपाई करने गए थे. उनके खेत के बराबर में राजवीर का ईख का खेत है. राजवीर और उसके लड़के भूप सिंह ने खेत में बिजली के तार लगा रखे हैं, जिसका करंट खेत में फैला रहता है. इन्हीं तारों की वजह से फैले करंट में उनके पिता चपेट में आ गए. पिता को फौरन उपचार के लिए निजी अस्पताल ले गए, वहां डॉक्टरों ने उपचार के दौरान उन्हें मृतक घोषित कर दिया.

  • एक जुलाई से लागू हुआ नया नियम

    अब 18 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थियों को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों के बीच सरकार ने बड़ा फैसला किया है। अब प्रदेश में एक जुलाई से 18 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थियों को दोपहिया और चारपहिया वाहन के लिए पेट्रोल पंप से डीजल या पेट्रोल नहीं मिलेगी। इसके लिए प्रदेश सरकार ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को सख्त निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही पेट्रोल पंपों पर इस संबंध में नोटिस भी चस्पा होगा।

    राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डा. शुचिता चतुर्वेदी ने माध्यमिक और बेसिक शिक्षा निदेशक, पुलिस महानिदेशक, खाद्य रसद विभाग के आयुक्त, परिवहन आयुक्त व अपर पुलिस महानिरीक्षक को दिशा निर्देश जारी किया है।

    गौरतलब है कि 18 वर्ष से कम आयु के छात्र-छात्राएं यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए बगैर ड्राइविंग लाइसेंस के सड़कों पर वाहन दौड़ाते अकसर नजर आते हैं। ऐसे में आएदिन सड़क हादसे भी हो रहे हैं। बीते दिनों राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बैठक आयोजित कर नाबालिगों के कारण हो रही दुर्घटनाओं को लेकर चिंता जताई थी। आयोग ने इसे लेकर सभी विभागों के साथ छह जून को बैठक की थी।

    एडमिशन के समय अभिभावकों से भरवाएंगे शपथ पत्र

    माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया है कि वह सरकारी और निजी विद्यालयों में प्रवेश के समय अभिभावकों से शपथ पत्र भरवाएं कि वह अपने नाबालिग बच्चे को ट्रैफिक नियमों के विपरीत वाहन चलाने की अनुमति नहीं देंगे।

  • आरटीओ, एआरटीओ, प्राविधिक निरीक्षक व पीटीओ भी शामिल

    परिवहन विभाग में बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले

    लखनऊ। परिवहन विभाग में रविवार रात में आरटीओ सहित बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले किए गए हैं।

    जानकारी के अनुसार आरटीओ प्रशासन मीरजापुर के पद पर तैनात संजय कुमार तिवारी को संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) प्रशासन लखनऊ बनाया गया है। यहां तैनात उदयवीर सिंह को समान पद पर मीरजापुर भेजा गया है। आरटीओ प्रशासन रहे आरपी द्विवेदी के सेवानिवृत्त होने के बाद अपर सचिव राज्य परिवहन प्राधिकरण उदयवीर सिंह को आरटीओ प्रशासन लखनऊ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। वहीं संजय कुमार तिवारी लखनऊ में एआरटीओ रह चुके हैं। बांदा के आरटीओ प्रवर्तन अनिल कुमार को पदोन्नत कर परिवहन मुख्यालय में उप परिवहन आयुक्त यात्री कर का पद सौंपा गया है। अलीगढ़ के आरटीओ प्रशासन हरिशंकर सिंह को उप परिवहन आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र बनाया गया है।

    इसी तरह से एआरटीओ, प्राविधिक निरीक्षक व पीटीओ भी बदले हैं। जालौन में तैनात रहे एआरटीओ सौरभ कुमार का प्रयागराज, आजमगढ़ के राधेश्याम को परिवहन मुख्यालय भेजा गया है। लखनऊ में पीटीओ रहे योगेंद्र यादव का तबादला संभल किया गया है। वहीं, प्राविधिक निरीक्षक के पद पर राजधानी में सूर्य प्रताप सिंह की तैनाती हुई है।

  • पुलिस विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों पर जमकर साधा निशाना

    पत्रकारों से सूत्र पूछने का पुलिस को कोई अधिकार नहीं- सुप्रीम कोर्ट

    नई दिल्ली। सूत्रों के हवाले से खबर लिखने वाले पत्रकारों के लिए अच्छी खबर है। सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर से पुलिस विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों पर जमकर निशाना साधा है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ की बेंच ने पुलिस को भारतीय संविधान के आर्टिकल 19 और 22 की याद दिलाई है।

    चीफ जस्टिस ने कहा कि, ‘पत्रकारों के मौलिक अधिकारों की स्वतंत्रता के खिलाफ पुलिस किसी भी पत्रकार से उनकी खबरों के लिए सूत्र नहीं पूछ सकती है। यहां तक कि कोर्ट भी उन्हें ऐसा करने के लिए बाध्य नहीं कर सकता।’ चीफ जस्टिस ने कहा कि, ‘आजकल ये देखने को मिल रहा है कि बिना किसी ठोस सबूत और बिना जांच के पत्रकारों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर लिए जाते हैं। श्रेष्ठ बनने के चक्कर में पुलिस, पत्रकारों की स्वतंत्रता का हनन कर रही है।’
    आपको बता दें कि सूत्रों के हवाले से चलने वाली खबरों के कई मामले कोर्ट में जा चुके हैं। कोर्ट भी पत्रकारों से खबरों के सूत्र बताने का आदेश भी दे चुके हैं, लेकिन चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के इस फैसले के बाद मीडिया जगत में उत्साह है।

    जानकारी के लिए बता दें कि हमारे देश में किसी विशेष कानून के जरिए पत्रकारों को अधिकार हासिल नहीं हैं। पत्रकारों के लिए अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार बाकी नागरिकों की तरह संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (a) के अंतर्गत ही मिले हुए हैं। पत्रकारों को अपने सूत्र को गोपनीय रखने का अधिकार प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया एक्ट 1978 के तहत मिला हुआ है। इसमें 15 (2) सेक्शन में साफ तौर पर लिखा हुआ है कि किसी भी पत्रकार को खबरों के सूत्र की जानकारी बताने के लिए कोई बाध्य नहीं कर सकता, लेकिन प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के नियम कानून कोर्ट में लागू नहीं होते हैं। इसके आधार पर कोर्ट में किसी तरह की छूट की मांग नहीं की जा सकती है।

  • Train Fair Reduced

    सोमवार से इस रूट का किराया ₹ 45 नहीं बल्कि मात्र रह गया ₹ 20

    आधा हुआ लखनऊ से कानपुर तक मेमू का किराया

    दो दर्जन ट्रेन और बढ़ने से रेल यात्रियों को मिलेगी बड़ी सहूलियत

    पुराने नंबर से दौड़ेंगी 24 मेमू व पैसेंजर स्पेशल ट्रेन

    यात्रीगण कृपया ध्यान दें…किराया हुआ आधा

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से कानपुर तक के सफर के लिए रेल गाड़ियों के किराये में कमी की गई है।सोमवार एक जुलाई 2024 से उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की 24 पैसेंजर और मेमू ट्रेन को उनके पूर्व नंबर से चलाया जाएगा। इसमें लखनऊ की 16 पैसेंजर व मेमू ट्रेन शामिल हैं।

    कोरोना काल के बाद से रेलवे मेमू और स्पेशल ट्रेन को शून्य नंबर बढ़ाकर स्पेशल के रूप में चला रहा था। इस कारण यात्रियों से पैसेंजर की जगह एक्सप्रेस ट्रेन का किराया वसूला जा रहा था। पुराना नंबर मिलने से किराया अब करीब 50 प्रतिशत तक सस्ता हो जाएगा। इसलिए स्पेशल ट्रेन के नंबर से संचालित मेमू का लखनऊ से कानपुर का किराया अब 45 रुपए की जगह 20 रुपए हो जाएगा। इसी तरह बालुरघाट – बठिंडा फरक्का एक्सप्रेस का पुराना नंबर 13413/13483 बदल कर 15733/15743 हो जाएगा। वहीं बठिंडा – बालुरघाट फरक्का एक्सप्रेस का पुराना नंबर 13414/13484 बदल कर अब 15734/15744 होगा।

    ये होगा किराए में अंतर
    बाराबंकी 30 रुपए – 10 रुपए, अयोध्या 60 रुपए – 30 रुपए, कानपुर 45 रुपए – 20 रुपए, रायबरेली 45 रुपए – 20 रुपए, हरदोई 50 रुपए – 25 रुपए और उन्नाव 45 रुपए – 20 रुपए।

    बदल गया इन ट्रेन का नंबर

    01. कानपुर-लखनऊ मेमू पुराना नंबर 04214 नया नंबर 64214,

    02. अयोध्या कैंट-लखनऊ मेमू 04203 64215,

    03. लखनऊ-अयोध्या कैंट मेमू 04204 64216,

    04. उतरेटिया-कानपुर मेमू 04297 64255,

    05. शिवपुर-उतरेटिया मेमू 04107 64281,

    06. उतरेटिया-शिवपुर मेमू 04108 64282,

    07. लखनऊ-कानपुर मेमू 04213 64203,

    08. कानपुर-लखनऊ मेमू 04296 64204,

    09. लखनऊ-कानपुर मेमू 04295 64211,

    10. कानपुर-लखनऊ मेमू 04298 64212,

    11. प्रयागराज संगम-लखनऊ पैसेंजर 04255 54253,

    12. लखनऊ-प्रयागराज संगम पैसेंजर 04256 54254,

    13. लखनऊ-बालामऊ पैसेंजर 04355 54331,

    14. बालामऊ-लखनऊ पैसेंजर 04356 54332,

    15. लखनऊ-शाहजहांपुर पैसेंजर 04319 54337,

    16. शाहजहांपुर-लखनऊ पैसेंजर 04320 54338.

  • हत्या का मतलब धारा 302 नहीं, बल्कि धारा 101 और धोखाधड़ी का मतलब धारा 420 नहीं, बल्कि धारा 316 होगा अपराध और न्याय प्रणाली से जुड़े भारत के 3 कानूनों में होने जा रहा है बड़ा बदलाव राजद्रोह खत्म और नहीं मिलेगी तारीख पर तारीख नई दिल्ली (एजेंसियां)। हत्या मतलब धारा 302 और धोखाधड़ी मतलब […]

    एक जुलाई से बदल जाएगा भारत का कानून
  • कवियों ने अपने सरस काव्य पाठ से दिया सद्भाव एवं सौहार्द्र का संदेश

    गज़लराज के गज़ल संग्रह का बरेली में लोकार्पण

    बरेली। वरिष्ठ लेखिका निरुपमा अग्रवाल के आवास पर शायर राजशुक्ल गज़लराज के गज़ल संग्रह बारहगाह का लोकार्पण एवं कवि गोष्ठी का आयोजन रविवार को स्थानीय प्रभात नगर में किया गया। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार रणधीर प्रसाद गौड़ ‘धीर’ ने की। मुख्य अतिथि हिमांशु श्रोत्रिय निष्पक्ष एवं विशिष्ट अतिथि मशहूर शायर नबी अहमद मंसूरी एवं राममूर्ति गौतम गगन रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ शारदे के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। संचालन गीतकार उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट ने किया।

    ग़ज़लराज का उक्त ग़ज़ल संग्रह उनकी शिष्या सुमन सुमंगला “सुमी” ने उनके जन्मदिन पर भेंट स्वरूप प्रकाशित करवा के उन्हें प्रदान किया। इस अवसर पर शायर राज शुक्ल ग़ज़लराज के ग़ज़ल संग्रह बारगाह ए ग़ज़ल का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया। पुस्तक की सारगर्भित समीक्षा इंद्रदेव त्रिवेदी ने प्रस्तुत की। कवि गोष्ठी में कवियों ने अपने सरस काव्य पाठ से सद्भाव एवं सौहार्द्र का संदेश दिया।

    इस अवसर पर दीपक मुखर्जी दीप, उमेश अद्भुत, डॉ. दीपंकर गुप्त, डॉ. मुकेश शर्मा मीत, रामकुमार भारद्वाज अफरोज, बृजेंद्र तिवारी अकिंचन, अभिषेक अग्निहोत्री, सत्यवती सिंह सत्या उपस्थित रहे। ग़ज़लराज ने अपना दूसरा ग़ज़ल संग्रह भी अपने उस्ताद श्री विनय सागर जायसवाल जी को समर्पित किया। अंत में निरुपमा अग्रवाल ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया।

  • दोनों के ऑडियो वायरल होने पर मचा हड़कंप

    एसपी की कड़ी कार्रवाई, जांच करेंगे सीओ क्राइम

    रिश्वत मांगने पर सब इंस्पेक्टर व कांस्टेबल निलम्बित

    बिजनौर। दूसरे व्यक्ति से अनुचित लाभ की मांग के मामले में एसपी ने एक सब इंस्पेक्टर व एक कांस्टेबल को निलम्बित कर दिया है। मामले की जांच सीओ क्राइम को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस द्वारा किसी काम के बदले रुपए की उगाही की बातें किसी से छिपी नहीं हैं। मामला पकड़ में आने पर वरिष्ठ अधिकारी ऐसे कर्मचारियों की खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी करते हैं। हाल के मामला भी कुछ ऐसा ही है। सोशल मीडिया पर 02 ऑडियो वायरल हुए हैं, जिसमें 01 ऑडियो में थाना कोतवाली देहात की चौकी चंडी देवी पर तैनात सब इंस्पेक्टर विनोद कुमार पांडे व दूसरे ऑडियो में कांस्टेबल अमित कुमार द्वारा फोन कॉल पर वार्ता करते हुए दूसरे व्यक्ति से अनुचित लाभ की मांग की जा रही है। उक्त दोनों वायरल ऑडियो का तत्काल संज्ञान लेकर पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने सब इंस्पेक्टर विनोद पांडे व कांस्टेबल अमित कुमार को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया।

    सीओ क्राइम की जांच रिपोर्ट के बाद होगी कड़ी कार्रवाई

    इस सम्बंध में क्षेत्राधिकारी, अपराध को 03 दिवस में जांच पूर्ण कर आख्या प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। आख्या प्राप्त होने के पश्चात विभागीय कार्यवाही/भ्रष्टाचार अधिनियम के अन्तर्गत कार्यवाही की जायेगी। पुलिस अधीक्षक द्वारा जनपद के समस्त पुलिस अधिकारी, कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि कोई भी पुलिसकर्मी ऐसा कोई कृत्य न करें, जिससे पुलिस जैसे अनुशासित विभाग की छवि धूमिल हो अन्यथा सम्बन्धित के विरुद्ध कड़ी दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी ।

  • सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों में मचा हड़कंप

    सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक खुलेंगे दफ्तर

    नौकरी करनी है, तो सुबह 10 बजे पहुंचना होगा ऑफिस

    भोपाल। मध्यप्रदेश के सरकारी दफ्तर अब सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक दफ्तर खुलेंगे। राज्य सरकार के इस आदेश के बाद कर्मचारियों व अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। ये निर्देश मध्यप्रदेश में लागू हो गया है। जहां राज्य सरकार ने ऑफिस टाइम को लेकर बड़ा फैसला लिया है। कार्मिक (सामान्य प्रशासन विभाग) विभाग ने आदेश जारी कर दिया है।

    सरकारी दफ्तरों के समय को लेकर दिल्ली की तर्ज पर अब मध्यप्रदेश सरकार भी सख्त हो गई है। सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रदेश के सभी सरकारी कर्मचारियों के ड्यूटी समय को लेकर आदेश जारी किया है। इस आदेश में कहा गया है कि प्रदेश के सभी सरकारी कर्मचारियों को अब ऑफिस समय पर पहुंचना अनिवार्य होगा। आदेश के अनुसार अब सभी कर्मचारियों को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक ऑफिस में ड्यूटी पर रहना होगा।

    जिला कलेक्टर और कार्यालयों के प्रमुख को निर्देश

    सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश में प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर और कार्यालयों के प्रमुखों को समय पर ऑफिस में हाजिर होने का कहा गया है। निर्देश दिए गए हैं, कि वे देखें कि शासकीय कर्मचारी समय पर आएं और समय पर जाएं, ताकि शासकीय काम सुचारू रूप से हो सके। इससे पहले कोरोना काल में सरकारी ऑफिसों का समय सप्ताह में 5 दिन किया गया था। सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों को पांच दिन काम करना होता था, शनिवार और रविवार को छुट्टी मिलती थी। कोरोना काल वाली टाइमिंग में एक घंटा ज्यादा समय किया गया था। इसके बाद भी अधिकारी कर्मचारी लेट आते हैं व जल्दी चले जाते हैं, जिससे सरकारी काम भी प्रभावित होता है और विभागों पर भी दवाब बढ़ता है। सरकारी अफसरों के इस व्यवहार पर मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार के इस नए आदेश को कड़ा एक्शन माना जा रहा है।

  • गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका

    40 जिलों में हो सकती है आज और कल बहुत भारी बारिश

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विभिन्न अंचलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी हुआ है। मौसम विभाग ने रविवार 30 जून और सोमवार पहली जुलाई को उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है। गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।

    बहुत भारी बारिश

    कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीरनगर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अम्बेडकरनगर, सहारनपुर, मथुरा, आगरा, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत व आसपास के इलाके।

    भारी बारिश की आशंका

    बांदा, चित्रकूट, बस्ती, गोंडा, सीतापुर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, फिरोजाबाद, अमरोहा, शाहजहांपुर व आसपास के क्षेत्र।

    इन इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की संभावना

    सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, गाजीपुर, मऊ, बलिया, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर, आजमगढ़, देवरिया, संत कबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, अम्बेडकरनगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, बिजनौर, अमरोहा, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं व आसपास।

    इन इलाकों में आगे बढ़ा मानसू

    आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के बाकी बचे हिस्सों और पश्चिमी अंचल के कुछ और इलाकों में मानसून आगे बढ़ गया। शनिवार को मानसून की लाइन जैसलमेर, चुरु, भिवानी, दिल्ली, अलीगढ़, हरदोई, मुरादाबाद, उना, पठानकोट, जम्मू से होकर गुजर रही थी। अगले दो-तीन दिनों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ और इलाकों में मानसून के आगे बढ़ने की अनुकूल स्थितियां बन रही हैं। एक चक्रवातीय दबाव बिहार से सटे पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना हुआ है। इस वजह से राज्य में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है।

  • पुलिस ने चंद घंटे में ही किया वृद्धा से लूट का खुलासा

    आर्थिक तंगी से परेशान होकर दिया लूट को अंजाम

    मेरठ। आर्थिक तंगी से परेशान होकर तीन अभियुक्तों ने रेलवे थाना क्षेत्र स्थित न्यू प्रेमपुरी में दिनदहाड़े बुजुर्ग महिला से लूट की घटना को अंजाम दिया था। यह खुलासा पुलिस ने घटना के चंद घंटों के भीतर दो अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के बाद किया है।

    रेलवे थाना क्षेत्र स्थित न्यू प्रेमपुरी में दिनदहाड़े बुजुर्ग महिला को गन पॉइंट पर बंधक बनाकर लूटपाट करने की वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि पकड़े गए दोनों बदमाशों के नाम आमिर उर्फ पकौड़ी व मोनू हैं। आमिर उर्फ पकौड़ी रेलवे रोड का रहने वाला है जो कि फिलहाल हापुड़ रोड पर रहता है। दूसरा आरोपी मोनू खरखोदा में रहता है।

    एसपी सिटी ने बताया कि दोनों के पास से लूट का सामान दो मोबाइल फोन, दो सोने की अंगूठियां व लौंग और करीब 28 हजार नगद रुपए भी बरामद हुए हैं। पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि वह आर्थिक तंगी से परेशान थे, जिसके चलते उन्होंने लूट की वारदात को अंजाम दिया। बताया गया है कि आरोपी आमिर उर्फ पकौड़ी पहले भी चोरी की वारदात में जेल जा चुका है। एसपी सिटी ने बताया कि इनका एक साथी अभी फरार चल रहा है, जिसकी तलाश जारी है।

  • सिविल लाइंस जैसे पॉश इलाके में दुकान चलाना दुश्वार

    पुलिस से जान माल व इज्जत की दुहाई, रिपोर्ट दर्ज

    शराबी युवकों ने की महिला दुकानदार से बदसलूकी

    बिजनौर। सिविल लाइंस जैसे पॉश इलाके में दुकान चलाने वाली महिला को शराबी युवकों से जान माल व इज्जत का खतरा बना हुआ है। महिला की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी तीन युवकों की तलाश शुरू कर दी है।

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सिविल लाइंस में एक महिला की दुकान है। 27 जून 2024 रात्रि 8.30 बजे शराब के नशे में धुत एक युवक अपने दो साथियों के साथ दुकान पर आया और अश्लील बातें करने लगा। विरोध करने पर बुरी नीयत से हाथ पकड़ लिया। महिला दुकानदार के शोर मचाने पर तीनों आरोपी अपनी गाड़ी लेकर भागे। इस दौरान तेज टक्कर मार कर उसकी स्कूटी क्षतिग्रस्त कर दी। बताया गया है कि उक्त युवक पहले भी इसी तरह की हरकत कर चुके हैं, जिसकी महिला थाना में शिकायत की गई थी। कोई कार्रवाई न होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हैं। वहीं महिला को शराबी युवकों से जान माल व इज्जत का खतरा बना हुआ है। खास बात ये है कि समीप स्थित एक शॉपिंग मॉल की गली में रोजाना काफी लोग शराब पीते हैं। महिला की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी तीन युवकों की तलाश शुरू कर दी है।

  • एक दिन पहले शास्त्री नगर में हुई थी लूट

    सुबह तड़के घर में वृद्धा को बंधक बनाकर लाखों की लूट

    मेरठ। एक दिन पहले शास्त्री नगर में हुई लूट का पुलिस अभी तक खुलासा भी नहीं कर पाई थी कि शनिवार सुबह फिर बेखौफ बदमाशों ने रेलवे रोड के न्यू प्रेमपुरी में लूट की वारदात को अंजाम दे दिया। यहां अकेली रहने वाली बुजुर्ग महिला को बंधक बनाकर नकाबपोश बदमाश जेवरात और नकदी समेट कर ले गए। सूचना पाकर पुलिस में हड़कंप मच गया है। एसएसपी डॉक्टर विपिन ताडा ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। बदमाशी की घर पकड़ के लिए टीमों को लगाया गया है। सूत्रों से पता चला है कि पुलिस बदमाशों तक पहुंच गई है और जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जायेगा।

    मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली प्रतिमा मंडल पुत्री योगेश मंडल रेलवे रोड थाना क्षेत्र के न्यू प्रेमपुरी में रहती हैं। उनके पिता आर्मी से रिटायर हैं। उनकी पेंशन के सहारे ही वह अपना गुजारा करती हैं। सुबह करीब 5:00 बजे छत के रास्ते बदमाश उनके घर में घुसे और महिला को बंधक बना लिया। मुंह में कपड़ा ठूंसने के बाद बदमाशों ने उनके हाथ पैर बांध दिए और पूरा घर खंगाल दिया। बदमाशों ने घर में से नकदी और जेवरात समेत लिये। इस दौरान बदमाशों ने महिला से मारपीट भी की। बाद में बदमाश उनके हाथ पैर बांधकर गोली मारने की धमकी देते हुए फरार गए। बदमाशों के जाने के बाद महिला ने किसी तरह खुद को बंधनमुक्त किया और पड़ोसी को सूचित किया। इसके बाद आसपास के लोग वहां एकत्र हो गए। प्रतिमा बहुत डरी हुई थी। लोगों ने तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसके बाद रेलवे रोड इंस्पेक्टर मौके पर पहुंच गए। दिन निकलते ही लूट की वारदात की सूचना पाकर एसएसपी विपिन ताडा भी मौके पर पहुंचे और पीड़िता से बातचीत की। फिलहाल बदमाशों की संख्या तीन बताई जा रही है। पुलिस ने क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। बताया जाता है की महिला के घर के ठीक सामने सेना का फार्म हाउस है, जहां काफी समय से अनैतिक गतिविधियों देखने को मिल रही हैं।एसएसपी ने तीन टीमों का गठन करते हुए बदमाशों की तलाश में लगा दिया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि बदमाशों का पता लगा लिया गया है।

    बदमाश करीब डेढ़ लाख रुपये की नकदी व जेवरात ले गए हैं। सीसीटीवी के जरिये बदमाशों का पता लगाया जा रहा है। टीमें उनके करीब पहुंच गई हैं। घटना का अनावरण जल्द ही किया जाएगा ~ विपिन ताडा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ।

  • एक जुलाई से लागू होने वाले हैं नए कानून

    IPC, CRPC में हो जाएगा बदलाव

    नए कानूनों का पाठ पढ़ कर दरोगाओं ने दी परीक्षा

    बिजनौर। एक जुलाई से लागू होने वाले नए कानूनों को लेकर प्रशिक्षण उपरान्त परीक्षा का आयोजन पुलिस लाइन बिजनौर के परेड ग्राउंड में किया गया। इसमें कुल 143 निरीक्षक व उप निरीक्षकों ने प्रतिभाग किया।

    गौरतलब है कि ब्रिटिशकाल से चले आ रहे भारतीय दंड संहिता (Indian Penal Code),भारतीय साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) और भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) में बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं। इन कानूनों के नए नाम भी होंगे। अब भारतीय कानून संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता नए नाम हो जाएंगे। ये तीन कानून भारत की पुलिस और न्याय व्यवस्था की धुरी हैं। अपराध संबंधी विवेचना से लेकर कानूनी प्रक्रिया तक इनका उपयोग होता है। सामान्य नागरिक भी इन कानूनों की धाराओं से परिचित है और प्रमुख अपराधों से संबंधित धाराओं के बारे में जागरूक है, लेकिन इस बड़े बदलाव के बाद पूरी न्यायिक प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने मिलेगा।

    नए कानूनों को लेकर पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन के निर्देशन में प्रत्येक थाना प्रभारी/शाखाओं में कार्यरत निरीक्षक व उप निरीक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया था।

    इसी क्रम में पुलिस लाइन बिजनौर के परेड ग्राउंड में भारतीय न्याय संहिता-2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता -2023 एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम- 2023 को लागू किये जाने के संबंध में प्रशिक्षण उपरान्त परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा में प्रत्येक थाना प्रभारी/शाखाओं में कार्यरत कुल 143 निरीक्षक व उप निरीक्षकों ने प्रतिभाग किया।

  • अन्य आईपीएस के दिलों की बढ़ गई हैं धड़कनें

    वेटिंग में भेजे गए बलरामपुर के एसपी केशव कुमार 

    UP में एक बार फिर आईपीएस अधिकारियों के तबादले

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक बार फिर आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। अभी तक चार अधिकारियों को इधर से उधर किए जाने की सूचना है। देर रात तक इनकी संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। वहीं बाकी बचे आईपीएस के दिलों की धड़कनें बढ़ गई हैं।

    फिलहाल तीन जिलों के कप्तान बदले गए हैं। इससे पहले 25 जून को 08 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए थे। कुल मिलाकर पिछले कुछ दिनों में ही 12 आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया जा चुका है।

    मिली जानकारी के अनुसार आईपीएस विकास कुमार को बलरामपुर का एसपी बनाया गया है। वहीं बलरामपुर के एसपी रहे केशव कुमार को वेटिंग में भेज दिया गया। आईपीएस आलोक प्रियदर्शी अब फर्रुखाबाद के एसपी होंगे, जबकि बृजेश सिंह को बदायूं का एसपी बनाया गया है। 

    हाल ही में इनका हुआ तबादला

    हाल ही में 08 आईपीएस अफसरों के तबादले किए गए थे। सहारनपुर के एसएसपी विपिन टाडा को मेरठ का एसएसपी, हेमराज मीना को आजमगढ़ का एसपी, बरेली एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान को एसएसपी एसटीएफ, आजमगढ़ एसपी अनुराग आर्य को बरेली एसएसपी, मेरठ एसएसपी रोहित सिंह सजवान को सहारनपुर का एसएसपी, प्रतापगढ़ के एसपी सतपाल को मुरादाबाद का एसएसपी, चंदौली एसपी डॉ. अनिल कुमार द्वितीय को प्रतापगढ़ का एसपी और एसपी रेलवे आगरा आदित्य लांगहे को चंदौली का एसपी नियुक्त किया गया था।

  • बिजनौर लोकसभा सीट से 2024 के लोकसभा चुनाव में रहे प्रत्याशी

    अभी आगामी रणनीति का नहीं किया खुलासा

    चौधरी विजेंद्र सिंह का बसपा के सभी पदों से इस्तीफा

    मेरठ। बिजनौर लोकसभा सीट से 2024 के लोकसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी रहे चौधरी विजेंद्र सिंह ने बसपा को अलविदा कह दिया है। उन्होंने अपने सभी पदों से इस्तीफा भी बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती को भेज दिया है।

    उनका यह कदम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। इसके पीछे इन्होंने अपने कुछ निजी कारण बताए हैं। साथ ही कहा है कि बहुजन समाज पार्टी की मुखिया ने उनको बिजनौर लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया, जिसको लेकर वह सदैव उनके आभारी रहेंगे। चौधरी विजेंद्र सिंह लगातार किसान मजदूर और दलितों की आवाज को बुलंद करते चले आ रहे हैं।

    चौधरी विजेंद्र सिंह ने अभी तक किसी अन्य पार्टी में जाने का खुलासा नहीं किया है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही अपने समर्थकों के साथ बातचीत करके अगला कदम उठाएंगे।

  • 42 सदस्यों के दल को पटका पहनाकर किया रवाना

    अंतर्राष्ट्रीय कायस्थ परिवार का सामाजिक कार्यक्रम

    बाबा अमरनाथ के दर्शन को जा रहे जत्थे का स्वागत 

    बरेली। अंतर्राष्ट्रीय कायस्थ परिवार के तत्वावधान में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट के नेतृत्व में बरेली जंक्शन पर बाबा अमरनाथ यात्रा पर जा रहे जत्थे को पटका पहनाकर एवं तिलक लगाकर रवाना किया गया। साथ ही उनकी सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएँ दीं।

    इस अवसर पर नीरज सक्सेना एवं अतुल सक्सेना सहित जत्थे में शामिल 42 सदस्यों का दल आज बरेली जंक्शन से अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हो गया। नीरज सक्सेना ने बताया कि वह 10 वर्षों से नियमित सैकड़ों भक्तों को अपने साथ बाबा अमरनाथ के दर्शन को ले जाते रहे हैं। प्रदेश उपाध्यक्ष योगेश जौहरी ने जत्थे में शामिल सभी भक्तों को पटका पहनाकर स्वागत किया।

    इस अवसर पर भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश संगठन मंत्री शंकर लाल, पूर्व पार्षद महेश पंडित, कुलदीप वर्मा, शेफाली सक्सेना, शंकर स्वरूप सक्सेना, आदेश सैनी एवं अनुज सक्सेना आदि सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

  • राज्य ललित कला अकादमी का अभूतपूर्व आयोजन

    चित्रकला कार्यशाला के समापन पर सम्मान समारोह

    उत्कृष्ट चित्रकला प्रदर्शन पर मेडल एवं प्रशस्ति पत्र

    बरेली (एड. उपमेंद्र सक्सेना)। राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में ग्रीष्म कालीन चित्रकला कार्यशाला, चित्रकला प्रदर्शनी एवं सम्मान समारोह का आयोजन एडवोकेट कुलदीप वर्मा के संयोजन में हुआ। कार्यक्रम साहू रामस्वरूप धर्मार्थ ट्रस्ट द्वारा संचालित स्थानीय चंद्रावती सूरज औतार पब्लिक स्कूल में किया गया। मुख्य अतिथि सीए मनोज मंगल (सचिव साहू रामस्वरूप धर्मार्थ ट्रस्ट, बरेली) रहे। विशिष्ट अतिथिगण प्रधानाचार्या डॉ. अर्चना जौहरी, हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट  डॉ. गीता अग्रवाल, कवि रोहित राकेश, गीतकार एवं अधिवक्ता उपमेंद्र सक्सेना, संगीतज्ञ नीलिमा रावत व प्रदीप रावत, डॉ. धीरेंद्र शर्मा (प्रधानाचार्य शान्ति अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज, बरेली), उद्यमी शांतनु सिंह रहे।

    कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना एवं माँ शारदे के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
    इस अवसर पर मुख्य प्रशिक्षक कमल किशोर शर्मा एवं प्रेरणा चौहान, एकाउंटेंट सीमा पाठक एवं अनुज कुमार सहित सभा में उपस्थित सभी अतिथियों एवं गणमान्य व्यक्तियों को अंग वस्त्र, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।

    20 दिवसीय कार्यशाला में उत्तम सहयोग के लिए चंद्रावती सूरज औतार पब्लिक स्कूल के स्टाफ सहित कार्यशाला में  प्रतिभाग करने वाले सभी बच्चों को उनके उत्कृष्ट चित्रकला प्रदर्शन पर मंच द्वारा मेडल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

    इस अवसर पर नवीन कुमार, अंसुल, रवि जेम्स दयाल, अभिषेक नमन, अनमोल, अभिषेक अग्निहोत्री, आरोही रावत, चित्रकार प्रिया सक्सेना एवं दीपशिखा सक्सेना, सूरज पाल मौर्य एडवोकेट, बिंदू पटेल, अनुष्का सिंह, सिद्धांत प्रताप गुप्ता, अलिशिवा आदि भारी संख्या में छात्र छात्राएं एवं अभिभावकगण उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम का संचालन ज्योतिषाचार्य भारत सक्सेना ने किया। अंत में कार्यक्रम संयोजक कुलदीप वर्मा द्वारा ललित कला अकादमी के प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम, निदेशक डॉ. श्रद्धा शुक्ला व संस्कृति निदेशालय के निदेशक शिशिर की ओर से सभी के प्रति आभार प्रकट किया गया।

  • विधायक के घर के पास कपड़ा कारोबारी के घर पर बदमाशों का धावा

    बुजुर्ग दंपति को बंधक बनाकर लूटी लाखों की नगदी व जेवरात

    नए एसएसपी को बदमाशों की खुली चुनौती, दिनदहाड़े लूट 

    मेरठ। नौचंदी थाना क्षेत्र अंतर्गत पॉश कॉलोनी शास्त्री नगर में आज दिनदहाड़े कपड़ा कारोबारी के घर पर लाखों की लूट हो गई। सरकारी कर्मचारी बनकर घुसे दो बदमाशों ने बुजुर्ग दंपति व उनकी रिश्तेदार को गन पॉइंट पर बंधक बनाकर लूटपाट की।

    खास बात ये है कि घटनास्थल सरधना विधायक अतुल प्रधान के घर के पास ही बताया गया है। यहां पुलिस सुरक्षा गार्ड की तैनाती के अलावा दिन रात लोगों की आवाजाही रहती है। नवांगतुक एसएसपी विपिन टाडा से शिकायत के बाद पुलिस अचानक एक्शन मोड में आ गई है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार सरकारी कर्मचारी बनकर घर में घुसे दो बदमाशों ने बुजुर्ग दंपति व उनकी महिला रिश्तेदार को गन पॉइंट पर बंधक बना लिया! बुजुर्ग ने अपनी जान की भीख मांगी तो बदमाशों ने तीनों को एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद लाखों की नगदी व जेवरात लूट कर फरार हो गए। बंधकों ने तमाम कोशिश की लेकिन पड़ोसियों तक उनकी आवाज नहीं पहुंच सकी। काफी देर बाद पड़ोस की ही एक महिला ने सुनकर और लोगों को बुलाकर दरवाजा खुलवाया। मौके पर पहुंची पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि बदमाशों ने पूरे घर को तलाशने तक तीनों को कमरे में घंटों तक बंद रखा। पीड़ित बुजुर्ग चंद्रमोहन गोयल ने इसकी शिकायत एसएसपी विपिन टाडा से की है। एसएसपी ने पीड़ित दंपति को बदमाशों को पकड़ने का आश्वासन दिया है। बुजुर्ग दंपति के बच्चे विदेश में रहते हैं।

  • मारपीट के मुकदमे में एफआर लगाने को मांगी थी रिश्वत 20 हजार

    सरुरपुर थाने की खिवाई चौकी पर इंचार्ज है दरोगा

    शिकायत पर एंटी करप्शन की टीम ने दरोगा को किया गिरफ्तार

    …और अब रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए दरोगा जी

    मेरठ। एंटी करप्शन की टीम ने यूपी पुलिस के दरोगा को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। दरोगा का नाम आशुतोष है और वह सरुरपुर थाने की खिवाई चौकी पर इंचार्ज है। उसने एक व्यक्ति से मुकदमे में एफआर लगाने के नाम पर 20 हजार रुपए मांगे थे। एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

    एंटी करप्शन टीम ने आज सरुरपुर थाने की खिवाई चौकी इंचार्ज आशुतोष को 20 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दरोगा ने मारपीट के मुकदमे में एफआर लगाने के एवज में रिश्वत मांगी थी। एंटी करप्शन टीम ने रोहटा थाने में दरोगा पर मुकदमा दर्ज कराया है।

    खिवाई चौकी इंचार्ज आशुतोष

    पीड़ित मकबूल ने बताया कि गांव में कुछ झगड़ा हुआ था। 11 जून को इसमें मुकदमा लिखा गया। दरोगा आशुतोष ने एफआर लगाने के लिए 20 हजार रुपए मांगे। पैसे देने से मना किया तो एफआर लगाने से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद पीड़ित ने एंटी करप्शन से शिकायत की।

    पीड़ित मकबूल

    पीड़ित मकबूल के अनुसार उसका साला किसी लड़की को लेकर कहीं चला गया था। इस मामले में लड़की पक्ष ने बेवजह मुकदमा करा दिया। बाद में उससे डेढ़ लाख रुपए भी ले लिए। मकबूल ने पुलिस से शिकायत की तो उन लोगों ने कुछ रुपए तो वापस कर दिए लेकिन बाकी नहीं दिए। इस बात की शिकायत पीड़ित लगातार कर रहा था। पुलिस की हीलाहवाली के चलते 11 जून को उन लोगों ने मारपीट भी कर दी।

  • चरखारी थाना क्षेत्र अन्तर्गत ग्राम गुढ़ा में हुआ हादसा

    आकाशीय बिजली की चपेट में आकर दो की मौत एक घायल

    महोबा। चरखारी थाना क्षेत्र अन्तर्गत ग्राम गुढ़ा में आकाशीय बिजली गिरने से दो चरवाहों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को इलाज के लिए जिला चिकित्सालय रेफर किया गया है।

    जानकारी के अनुसार आज गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे गांव गुढ़ा निवासी हरीकिशन पुत्र दुर्जन (60 वर्ष), सुखलाल अहिरवार पुत्र संतराम (60 वर्ष) एवं सन्तराम पुत्र रामस्वरूप राजपूत अपने खेतों के पास ही बकरी चरा रहे थे। तभी अचानक आकाशीय बिजली गिरने से तीनों लोग चपेट में आ गए। हरीकिशन व सुखलाल अहिरवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सन्तराम गंभीर रूप से झुलस गया। ग्रामीण व परिजन घायल को तत्काल ही इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। चिकित्सकों ने घायल को फिलहाल खतरे से बाहर बताया है। घटना की सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक चरखारी गणेश प्रसाद गुप्ता तथा नायब तहसीलदार अनिल मिश्रा अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घटना के संबंध में हासिल जानकारी उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दी है। एक साथ दो लोगों की मौत से परिवारों में कोहराम मचा हुआ है तथा गांव में भी शोक का माहौल है।

  • ब्रह्मपुरी के इंदिरानगर में हुए हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा

    सुनीता मिश्रा को किसी गैर ने नहीं छोटे भाई ने ही उतारा था मौत के घाट

    मेरठ। ब्रह्मपुरी पुलिस ने इंदिरानगर में हुए सुनीता मिश्रा हत्या व लूटकांड का सनसनीखेज खुलासा किया है। सुनीता की हत्या किसी गैर ने नहीं बल्कि दिल्ली में सिक्योरिटी गार्ड उसके ही छोटे भाई उपेंद्र मिश्रा ने की थी। हत्या के बाद उपेंद्र ने घर में रखे लाखों रुपए और जेवरात लूटे फिर बस से दिल्ली चला गया। कड़ी से कड़ी जोड़ती पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे। इसके बाद पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से लूटी गई रकम और जेवरात बरामद कर लिए गए हैं।

    Sunita murder case Meerut: Police arrested the murderer brother, read full story

    बागपत रोड स्थित कैलाश अस्पताल में ओटी टेक्नीशियन राधेश्याम मूलरूप से सुलतानपुर जिले के अमाऊ जासरपुर गांव के रहने वाले हैं। वह ब्रह्मपुरी के इंदिरानगर की गली नंबर दो में रहते हैं। बेटा गुरुग्राम में जॉब करता है। बेटी ने हाल ही में प्रेम विवाह किया था। शुक्रवार 21 जून की रात राधेश्याम ड्यूटी पर अस्पताल चले गए जबकि उनकी पत्नी सुनीता मिश्रा घर पर थीं। शनिवार सुबह घर पहुंचे राधेश्याम को सुनीता का शव नीचे पड़ा हुआ मिला। कनपटी पर दाएं तरफ गोली लगी थी, जबकि राधेश्याम की लाइसेंसी रिवाल्वर सुनीता के हाथ में रखी हुई थी। सिर पर भी चोट का निशान था। घर से बुलेट बाइक गायब थी। पुलिस को सूचना दी गई।

    सीसीटीवी फुटेज ने खोल डाला राज

    मौका मुआयना के दौरान पुलिस के सामने साफ हो गया कि कातिल को घर के बारे में पूरी जानकारी थी। रिवाल्वर और डीवीआर कहां पर रखी है। कातिल का पहले से घर में आना जाना था। आसपास के सीसीटीवी फुटेज में खुलासा हुआ कि रात करीब 12 एक नकाबपोश दरवाजा खुलवाकर घर में दाखिल हुआ और रात करीब 12.26 बजे घर से निकला। इसके बाद घर में खड़ी राधेश्याम की बाइक ले गया। बाइक को दिल्ली चुंगी के पास छोड़ दिया। इसके बाद मेट्रो प्लाजा से एक ई-रिक्शा में बैठ गया। ई-रिक्शा बेगमपुल की ओर गया। भैंसाली डिपो के आसपास आरोपी गायब हो गया। पुलिस ने फुटेज से आरोपी की कद काठी का मिलान किया, अन्य साक्ष्य जुटाए। फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर सुनीता के भाई उपेंद्र मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया।

  • सावन में बन रहा शुभ संयोग, इस बार पड़ रहे हैं पांच सोमवार

    72 साल बाद सोमवार से शुरू और समाप्त होगा सावन

    पहला सोमवार 22 जुलाई, दूसरा 29 जुलाई, तीसरा 05 अगस्त, चौथा 12 अगस्त और पांचवां व अंतिम सोमवार 19 अगस्त को

    भीलवाड़ा: भगवान शिव के भक्तों के लिए सावन का पवित्र महीना विशेष महत्व रखता है. इस पूरे महीने में, भक्त श्रद्धा और भक्तिभाव से भगवान शिव की पूजा करते हैं. इस बार, सावन की शुरुआत और समाप्ति दोनों ही सोमवार से हो रही है. यह घटना करीब 72 साल बाद घट रही है, जो इसे और भी खास बनाती है. इस बार सावन में पांच सोमवार होंगे, जो भगवान शिव की पूजा के लिए अति उत्तम माने जाते हैं. वहीं इस बार सावन माह में 5 सोमवार होने वाले हैं.

    इस बार सावन की शुरुआत 22 जुलाई से होगी. इस दिन सुबह से शाम तक प्रीति योग रहेगा. सावन माह 19 अगस्त को संपन्न होगा. सावन की शुरुआत और समापन सोमवार से होना दुर्लभ संयोग है. पंडित कमलेश व्यास जी के अनुसार 72 साल बाद सावन में ऐसा योग बन रहा हैं, जिसमें सावन की शुरुआत और समापन भी सोमवार से हो रही है. इस बार सावन माह 29 दिनों का होने वाला है. पहला सोमवार 22 जुलाई, दूसरा 29 जुलाई, तीसरा 05 अगस्त, चौथा 12 अगस्त और पांचवां व अंतिम सोमवार 19 अगस्त को पड़ेगा. पिछले साल सावन में आठ सोमवार पड़े थे. ऐसा अधिक मास होने से हुआ था. चातुर्मास भी चार की जगह पांच माह का रहा था.

    मां मंगला गौरी के चार व्रत

    सावन में अमूमन तीन मंगलवार पड़ते हैं. इस दिन मां मंगला गौरी का व्रत होता है. इस बार मंगला गौरी व्रत चार होंगे. पहला व्रत 23 जुलाई, दूसरा 30 जुलाई, तीसरा 06 अगस्त व चौथा 13 अगस्त को होगा.

    15 जुलाई से लगेगा ये मुहूर्त

    आषाढ़ मास शुरू हो चुका है. इसके साथ ही जुलाई से विवाह के मुहूर्त भी प्रारंभ हो जाएंगे. इस माह भडल्या नवमी अबूझ मुहूर्त के साथ 06 अन्य मुहूर्त हैं. भडल्या नवमी 15 जुलाई को है. उसके बाद 17 जुलाई को देवशयनी एकादशी है. इस कारण मांगलिक कार्यों पर प्रतिबंध लग जाएगा. मई और जून में शुभ मुहूर्त नहीं थे. जुलाई में 09, 10, 11, 12, 13, 14 और 15 तारीख को शादी-ब्याह के मुहूर्त हैं.

    17 से लगेगा चातुर्मास

    देवशयनी एकादशी के बाद चातुर्मास के कारण 17 जुलाई से 25 नवंबर तक शुभ लग्न नहीं है. 26 नवंबर को देव उठनी एकादशी से विवाह आयोजन प्रारंभ होंगे. नवंबर में 12, 13, 16,17, 18, 2 23, 25, 26, 28 और 29 तारीख को विवाह की शुभ घड़ी हैं. दिसंबर में 4, 5, 9, 10, 14 व 15 तारीख को मुहूर्त है. (साभार)

  • जल निगम के रिटायर्ड इंजीनियर के घर में दिया था वारदात को अंजाम

    घर में कुछ दिन पहले काम करने आई लेवर पर सच निकला शक

    मुठभेड़ में दबोचे गए हत्या व लूट के आरोपी दो बदमाश

    मेरठ। कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम ने रिटायर्ड इंजीनियर के घर हत्या और लूट में शामिल दो बदमाशों को देर रात मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। इनमें से एक को गोली लगी है। बदमाशों के कब्जे और निशानदेही पर इंजीनियर के घर से लूट का माल, सोने, चांदी की ज्वैलरी, तमंचा और एक बिना नंबर की बाइक बरामद की गई है। मास्टरमाइंड अभी भी फरार है।

    पुलिस के अनुसार 16 जून को कोतवाली थाना क्षेत्र के स्वामीपाड़ा में जल निगम के रिटायर्ड इंजीनियर के घर में तीन बदमाशों ने धावा बोल दिया था। इंजीनियर की बेटी अंजू की गला रेतकर हत्या करने के साथ ही बदमाशों ने उनकी पत्नी सविता को भी मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बाद घर में रखी नगदी सहित 25 लाख कीमत की सोने, चांदी की ज्वैलरी लूट कर फरार हो गए। छोटी बेटी ने घर पहुंचने पर बहन की लाश देखी तो पुलिस, पड़ोसियों को बुलाया। पुलिस का पहला शक घर में कुछ दिन पहले काम करने आई लेवर पर गया। शक सही निकला और पुलिस को बदमाशों का सुराग लग गया। मुखबिर की सूचना पर कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम ने परतापुर क्षेत्र में नाकाबंदी कर दी। इसी दौरान बाइक पर सवार दो युवक आते दिखे तो उन्हें रुकने का इशारा किया गया। इस पर बदमाश पुलिस टीम पर फायरिंग कर फरार होने का प्रयास करने लगे। पुलिस टीम ने जवाबी फायरिंग की। एक गोली बदमाश के पैर में लगी और बाइक लड़खड़ा कर गिर गई। घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया गया।

    पकड़े गए आरोपियों के नाम समर पुत्र लियाकत निवासी काशी गांव मेरठ और अयान पुत्र इमरान निवासी इंचौली मेरठ बताए गए हैं। मुठभेड़ के दौरान समर के पैर में गोली लगी है । इनके खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बदमाशों के कब्जे और निशानदेही पर इंजीनियर के घर से लूट का माल, सोने, चांदी की ज्वैलरी, तमंचा और एक बिना नंबर की बाइक बरामद की है।मास्टरमाइंड उमर अभी फरार है, पुलिस टीम उसकी तलाश में हैं।  

  • पितरों की नाराजगी के मुख्य संकेत

    आषाढ़ अमावस्या पर दु:खों से मुक्ति पाने के लिए करें पितरों को प्रसन्न

    डेस्क। सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का बेहद खास महत्व बताया गया है। हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के अगले दिन अमावस्या का पर्व मनाया जाता है। वर्ष 2024 में आषाढ़ अमावस्या 05 जुलाई को होगी। इस दिन नाराज पितरों के आशीर्वाद से घर और पूरे परिवार की उन्नति प्राप्त करने के लिए उनको खुश करते हैं। पितरों की नाराजगी के कारण परिवार की तरक्की रुक जाती है। अमावस्या पर भगवान विष्णु व पितरों की पूजा और गंगा स्नान करने का विधान है। इसके बाद सूर्य देव को जल अर्पित कर पितरों की उपासना करने के साथ ही पितृ स्तोत्र का पाठ करना शास्त्र सम्मत है। अंत में श्रद्धा अनुसार गरीब लोगों में दान करें। ऐसा करने से इंसान को सुख-शांति की प्राप्ति होती है और पितरों का आशीर्वाद मिलता है। 

    ।।पितृ स्तोत्र का पाठ।।

    अर्चितानाममूर्तानां पितृणां दीप्ततेजसाम् ।

    नमस्यामि सदा तेषां ध्यानिनां दिव्यचक्षुषाम्।।

    इन्द्रादीनां च नेतारो दक्षमारीचयोस्तथा ।

    सप्तर्षीणां तथान्येषां तान् नमस्यामि कामदान् ।।

    मन्वादीनां च नेतार: सूर्याचन्दमसोस्तथा ।

    तान् नमस्यामहं सर्वान् पितृनप्युदधावपि ।।

    नक्षत्राणां ग्रहाणां च वाय्वग्न्योर्नभसस्तथा ।

    द्यावापृथिवोव्योश्च तथा नमस्यामि कृताञ्जलि:।।

    देवर्षीणां जनितृंश्च सर्वलोकनमस्कृतान् ।

    अक्षय्यस्य सदा दातृन् नमस्येहं कृताञ्जलि: ।।

    प्रजापते: कश्पाय सोमाय वरुणाय च ।

    योगेश्वरेभ्यश्च सदा नमस्यामि कृताञ्जलि: ।।

    नमो गणेभ्य: सप्तभ्यस्तथा लोकेषु सप्तसु ।

    स्वयम्भुवे नमस्यामि ब्रह्मणे योगचक्षुषे ।।

    सोमाधारान् पितृगणान् योगमूर्तिधरांस्तथा ।

    नमस्यामि तथा सोमं पितरं जगतामहम् ।।

    अग्रिरूपांस्तथैवान्यान् नमस्यामि पितृनहम् ।

    अग्रीषोममयं विश्वं यत एतदशेषत: ।।

    ये तु तेजसि ये चैते सोमसूर्याग्रिमूर्तय:।

    जगत्स्वरूपिणश्चैव तथा ब्रह्मस्वरूपिण: ।।

    तेभ्योखिलेभ्यो योगिभ्य: पितृभ्यो यतामनस:।

    नमो नमो नमस्तेस्तु प्रसीदन्तु स्वधाभुज ।।

    ।।पितृ कवच का पाठ।।

    कृणुष्व पाजः प्रसितिम् न पृथ्वीम् याही राजेव अमवान् इभेन।

    तृष्वीम् अनु प्रसितिम् द्रूणानो अस्ता असि विध्य रक्षसः तपिष्ठैः॥

    तव भ्रमासऽ आशुया पतन्त्यनु स्पृश धृषता शोशुचानः।

    तपूंष्यग्ने जुह्वा पतंगान् सन्दितो विसृज विष्व-गुल्काः॥

    प्रति स्पशो विसृज तूर्णितमो भवा पायु-र्विशोऽ अस्या अदब्धः।

    यो ना दूरेऽ अघशंसो योऽ अन्त्यग्ने माकिष्टे व्यथिरा दधर्षीत्॥

    उदग्ने तिष्ठ प्रत्या-तनुष्व न्यमित्रान् ऽओषतात् तिग्महेते।

    यो नोऽ अरातिम् समिधान चक्रे नीचा तं धक्ष्यत सं न शुष्कम्॥

    ऊर्ध्वो भव प्रति विध्याधि अस्मत् आविः कृणुष्व दैव्यान्यग्ने।

    अव स्थिरा तनुहि यातु-जूनाम् जामिम् अजामिम् प्रमृणीहि शत्रून्। 

    क्यों लगता है पितृ दोष ?

    अमावस्या या पितृ पक्ष के समय में तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध कर्म आदि न करने से पितर क्रोधित होते हैं। वे अतृप्त होने से दु:खी हो जाते हैं। इसके कारण परिवार को पितृ दोष लगता है। शास्त्रों में पितरों की नाराजगी से संबंधित कुछ संकेतों के बारे में बताया गया है…

    1. यदि आपके पितर नाराज होते हैं तो उस परिवार के वंश की वृद्धि नहीं होती है। उस परिवार के सदस्य संतानहीन होते हैं। इस वजह से उस परिवार की अगली पीढ़ी खत्म हो जाती है। संतान दोष को पितरों की नाराजगी का एक कारण माना जाता है। कई बार पितृ दोष के कारण विवाह में भी बाधा आती है या दांपत्य जीवन कष्टकारी हो जाता है।

    2. यदि आपके कार्यों में लगातार बाधाएं आती हैं, जो भी काम शुरु करते हैं, वह बीच में ही अटक जाता है। किसी भी कार्य में सफलता नहीं मिलती है तो यह भी पितरों की नाराजगी का कारण माना जाता है।

    3. यदि घर के आंगन में पीपल का पौधा उग जाता है तो इसे अशुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितरों की नाराजगी के कारण घर के अंदर पीपल का पौधा उगता है।

    4. घर में हमेशा अशांति बनी रहती है। परिवार के सदस्यों के बीच छोटी-छोटी बातों पर वाद विवाद या झगड़े की स्थिति बन जाती है तो यह पितरों की नाराजगी का संकेत होता है।

    5. घर का कोई न कोई सदस्य अचानक दुर्घटना का शिकार हो रहा हो या फिर किसी रोग से पीड़ित हो रहा हो तो इसे भी पितरों की नाराजगी का संकेत माना जाता है।

    6. पितरों की नाराजगी के कारण अचानक धन हानि हो सकती है। बिजनेस में लगातार घाटा होना भी इसी का संकेत है। आर्थिक संकट में फंसे रहना भी नाराज पितरों का संकेत माना जाता है।

    7. घर के मांगलिक कार्यों जैसे विवाह, उनपयन संस्कार आदि में पितरों की पूजा न करने, उनका तिरस्कार करने से भी वे नाराज हो जाते हैं।

    इस संकेतों की मदद से पितर बताना चाहते हैं कि उनके वंश के लोग उन्हें तृप्त करें। उनके लिए तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध, पंचबलि कर्म आदि करें, जिससे वे तृप्त हों, उनको मुक्ति मिल सके।

    (अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं।)

  • अनिवार्य की गई ई-केवाईसी

    01 जुलाई से इन लोगों को नहीं मिलेगा फ्री का राशन!

    नई दिल्ली। सरकार ने राशन कार्ड का लाभ लेने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी है। ई-केवाईसी यानी इलेक्ट्रॉनिक-नो योर कस्टमर (electronic know your customer). यह प्रक्रिया राशन कार्ड धारकों की जानकारी को अपडेट और सत्यापित करने में मदद करती है। अगर आप ई-केवाईसी नहीं करवाते हैं, तो 01 जुलाई से आपको राशन कार्ड का लाभ मिलना बंद हो सकता है।

    राशन कार्ड की ई-केवाईसी एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। यह न केवल आपके राशन कार्ड को अपडेट रखती है, बल्कि सरकारी योजनाओं का सही लाभ पाने में भी मदद करती है। इसलिए, अगर आपने अभी तक अपने राशन कार्ड की ई-केवाईसी नहीं कराई है, तो जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी कर लें। याद रखें, सही जानकारी और समय पर अपडेट किया गया राशन कार्ड आपको और आपके परिवार को लंबे समय तक लाभ पहुंचाएगा।

    ई-केवाईसी के फायदे

    ई-केवाईसी से आप अपने परिवार के सदस्यों का नाम आसानी से राशन कार्ड में जोड़ या हटा सकते हैं। इससे नए सदस्यों को भी तुरंत लाभ मिलना शुरू हो जाता है। यह प्रक्रिया पारदर्शिता लाती है और गलत जानकारी को रोकती है।

    आवश्यक दस्तावेज

    ई-केवाईसी करवाने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज चाहिए होते हैं। इनमें शामिल हैं:
    1. मुखिया और सभी सदस्यों का आधार कार्ड
    2. राशन कार्ड
    3. पैन कार्ड
    4. जाति और निवास प्रमाण पत्र
    5. आय प्रमाण पत्र
    6. पासपोर्ट साइज फोटो
    7. मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी

    दो तरीकों से कराई जा सकती है ई-केवाईसी

    1. जन सेवा केंद्र पर:
    – सभी दस्तावेजों के साथ जन सेवा केंद्र जाएं।
    – जोड़ने या हटाने वाले सदस्य की जानकारी दें।
    – केंद्र संचालक आपकी जानकारी अपडेट करेगा।
    – सभी सदस्यों की फिंगरप्रिंट लेकर ई-केवाईसी पूरी की जाएगी।

    2. राशन डीलर के पास:
    – राशन कार्ड लेकर उचित मूल्य की दुकान पर जाएं।
    – डीलर सभी सदस्यों की बायोमेट्रिक ई-केवाईसी करेगा।

    सावधानियां और सुझाव

    ई-केवाईसी कराते समय कुछ बातों का ध्यान रखें:
    1. सभी दस्तावेज साथ लेकर जाएं।
    2. सही और सटीक जानकारी दें।
    3. अगर कोई समस्या आए तो तुरंत संबंधित अधिकारी से संपर्क करें।
    4. ई-केवाईसी की पावती जरूर लें और उसे संभालकर रखें।

    राशन कार्डधारकों को आपूर्ति विभाग और खाद्य व रसद विभाग की तरफ से ई-केवाईसी करवाने की आखिरी तारीख 30 जून 2024 दी गई है। सभी राशन डीलर्स को इस तारीख तक ई-केवाईसी करवाने का लक्ष्य दिया गया है।

  • अभी और अधिकारियों के ट्रांसफर की तैयारी!

    08 आईपीएस अधिकारियों का तबादला, कई जिलों के डीएम भी बदले

    लखनऊ। लोक सभा चुनाव 2024 के बाद उत्तर प्रदेश में अफसरों के ट्रांसफर और पोस्टिंग की चर्चा शुरू हो गई थी. इसी बीच 08 आईपीएस और कई जिलों के डीएम बदल दिए गए हैं. सूत्रों का कहना है कि अभी और सूचियां निकाली जाएंगी! शासन स्तर पर तैयारियां चल रही हैं।

    अपर पुलिस महानिदेशक, कार्मिक द्वारा जारी सूची के अनुसार सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विपिन टाडा अब मेरठ, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  मुरादाबाद हेमराज मीना पुलिस अधीक्षक आजमगढ़, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली घुले सुशील चंद्रभान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ, पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ अनुराग आर्य अब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ रोहित सिंह सजवान अब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर, पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ सतपाल  अब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुरादाबाद, अनिल कुमार द्वितीय पुलिस अधीक्षक चंदौली अब प्रतापगढ़ और पुलिस अधीक्षक रेलवे आगरा आदित्य लांग्हे को चंदौली में तैनाती दी गई है।

    इसी प्रकार रवीश गुप्ता को डीएम बस्ती, नागेंद्र सिंह को डीएम बाँदा, अनुज कुमार को डीएम मुरादाबाद, राजेंद्र पैसिया को डीएम संभल, अजय द्विवेदी को डीएम श्रावस्ती की जिम्मेदारी सौंपी गई है. आईएएस मेधा रूपम कासगंज की डीएम बनाई गईं हैं. मानवेंद्र सिंह को विशेष सचिव आयुष जबकि बस्ती के डीएम आंद्रा वामसी को विशेष सचिव स्टाम्प एवं पंजीयन एवं एआईजी पंजीयन बनाया गया है.

  • नगरीय क्षेत्र व आसपास के गांवों का मानचित्र तैयार 

    एडीएम के सभी नियत प्राधिकारी व तहसीलदारों को प्रस्ताव भेजने के निर्देश

    अब बनेगा बिजनौर विकास प्राधिकरण, सर्वे शुरू

    बिजनौर। प्रशासन ने बिजनौर मुख्यालय समेत जिले के अन्य तहसील शहरों में भी विकास प्राधिकरण बनाने का खाका तैयार कर लिया है। मतलब ये कि लंबे समय से उठी आ रही विकास प्राधिकरण की मांग अब पूरी होने की उम्मीद जगी है। अब शहर में आम आदमी का अच्छा घर बनाने का सपना जल्द पूरा होगा। साथ ही आम आदमी की जेब पर कालोनाइजरों की मनमानी नहीं चलेगी।

    बताया जा रहा है कि जिला मुख्यालय के चारों ओर कालोनियां विकसित हो रही हैं। कालोनियों में बिक्री का कोई मानक नहीं है, यानि कालोनी काटने वाले अपनी मनमानी से प्लाट का मूल्य वसूल रहे हैं। अब ऐसा नहीं होगा। वजह, विकास प्राधिकरण का गठन होने जा रहा है। विकास प्राधिकरण के लिए मानचित्र तैयार हो गया है। एडीएम प्रशासन विनय कुमार सिंह ने जिला मुख्यालय समेत सभी तहसील के अधिकारियों को नगरीय क्षेत्र व आसपास के राजस्व ग्रामों को सम्मिलित करने को कहा। कहा कि प्रशासन दृष्टिकोण से प्रस्तावित नगरीय क्षेत्र तथा राजस्व ग्रामों की सूची सहित प्रस्ताव तैयार कर विनियमित क्षेत्र कार्यालय में जमा करें। अफसरों के अनुसार प्राधिकरण से प्राप्त राजस्व का उपयोग संबंधित क्षेत्रों के विकास में व्यय किया जाएगा। नक्शे स्वीकृत करने, भवन योजना आदि कार्य होंगे।

    विकास प्राधिकरण के लिए सर्वे का कार्य शुरू करा दिया है। इससे शहर के विकास को रफ्तार मिलेगी। प्राधिकरण से अच्छी कालोनियां विकसित होंगी और सड़कों का निर्माण होगा। – मनोज कुमार, एसडीएम सदर बिजनौर।

    बिजनौर विकास प्राधिकरण में विनियमित क्षेत्र बिजनौर की सीमा में आने वाले क्षेत्र के अतिरिक्त अन्य नगर निकायों व राजस्व ग्रामों को सम्मिलित किया जाएगा। सभी नियत प्राधिकारी, एसडीएम एवं तहसीलदारों को दो सप्ताह के अंदर सर्वे आदि कार्य कर प्रस्ताव देने के निर्देश दिए गए हैं।
    – विनय कुमार सिंह, एडीएम प्रशासन बिजनौर।

  • विज्ञान ने किया दुनिया का सबसे बड़ा कमाल

    अब “मरे हुए पूर्वजों से बात” करना संभव !

    क्या कभी आप सोच भी सकते हैं कि मरे हुए व्यक्तियों से बात करना संभव है, शायद नहीं…मगर अब विज्ञान और तकनीकि ने इसे भी संभव बना दिया है। अब कोई भी व्यक्ति अपने मर चुके पूर्वजों से वीडियो कॉलिंग पर बात कर सकेगा और उनका हालचाल जान सकेगा। हालांकि यह दावा आपको बेहद चौंकाने वाला लग सकता है। मगर एआइ की वजह से यह संभव है।

    कैनबरा (पीटीआई)। विज्ञान के विकास और तकनीकि के तजुर्बे ने अब वह भी संभव कर दिखाया है, जिसकी कल्पना तक कर पाना संभव नहीं था। क्या आप कभी सोच भी सकते थे कि सैकड़ों वर्ष पहले मर चुके अपने पूर्वजों से बात करना संभव है?….शायद नहीं। मगर वैज्ञानिकों ने अब इस असंभव को संभव कर दिया है। द कन्वरसेशन की रिपोर्ट के मुताबिक अब विज्ञान और तकनीकि के बल पर आप भी अपने मरे हुए पूर्वजों से आमने-सामने बैठकर बात कर सकते हैं। उन्हें अपनी बातें बता सकते हैं, उनका सारा हालचाल जान सकते हैं। पूर्वज आपके हर सवाल का जवाब भी देंगे और आपको जीवन में आगे बढ़ने के लिए मर चुका होने के बाद भी सामने से आकर आशीर्वाद देंगे। यह सुनकर ही आपके होश उड़ गए होंगे। मगर चौंकिये मत आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस (एआइ) और कुछ अन्य तकनीकियों की वजह से अब मरे हुए लोगों से बात करना संभव हो गया है। हालांकि यह सुनने में बेहद डरावना और जोखिम भरा लग सकता है, लेकिन अब विज्ञान ने दुनिया का सबसे बड़ा चमत्कार कर डाला है। वैज्ञानिकों का यह दावा भले ही आपको शायद एक आभासी वास्तविकता (वीआर) हेडसेट के माध्यम से  काल्पनिक फिल्म में कदम रखने जैसा लग रहा हो, जो रोमांचकारी भी है और थोड़ा डरावना भी। मगर डिजिटल दुनिया में अब ये संभव हो गया है।

    कैसे होगी पूर्वजों से वीडियो पर बात

    जैसे ही आप इस डिजिटल बातचीत शुरू करेंगे। आप खुद को एक भावनात्मक रोलरकोस्टर पर पाएंगे। फिर आप उन रहस्यों और कहानियों को उजागर करेंगे, जिन्हें आप कभी नहीं जानते थे, जिससे वास्तविक व्यक्ति को याद करने का आपका तरीका बदल जाता है। यह कोई दूर की बात या काल्पनिक परिदृश्य नहीं है। अब यह डिजिटल आफ्टरलाइफ़ उद्योग की वजह से संभव हो गया है, जो तेजी से विकसित हो रहा है। कई कंपनियां मृत व्यक्तियों के डिजिटल पदचिह्नों के आधार पर उनका आभासी पुनर्निर्माण करने का वादा करती हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) चैटबॉट और वर्चुअल अवतार से लेकर होलोग्राम तक, यह तकनीक आराम और व्यवधान का एक अजीब मिश्रण प्रदान करती है। यह हमें गहरे व्यक्तिगत अनुभवों में खींच सकता है जो अतीत और वर्तमान, स्मृति और वास्तविकता के बीच की रेखाओं को धुंधला कर देता है।

    डिजिटल आफ्टरलाइफ उद्योगों की आएगी बाढ़

    आपको अपने पूर्वजों से वीडियो कॉलिंग पर बात कराने के लिए अब डिजिटल आफ्टरलाइफ़ उद्योग बढ़ने लगा है, हालांकि यह कई महत्वपूर्ण नैतिक और भावनात्मक चुनौतियां खड़ी करता है। इनमें सहमति, गोपनीयता और जीवन पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव के बारे में चिंताएं भी शामिल हैं। डिजिटल आफ्टरलाइफ़ उद्योग क्या है? वीआर और एआई प्रौद्योगिकियां हमारे प्रियजनों के आभासी पुनर्निर्माण को संभव बना रही हैं। इस विशिष्ट उद्योग में कंपनियां डिजिटल व्यक्तित्व बनाने के लिए सोशल मीडिया पोस्ट, ईमेल, टेक्स्ट संदेश और वॉयस रिकॉर्डिंग से डेटा का उपयोग करती हैं जो जीवित लोगों के साथ बातचीत कर सकती हैं, हालाँकि यह अभी उतना व्यापक नहीं है। डिजिटल आफ्टरलाइफ़ उद्योग में ऐसे लोगों की संख्या बढ़ रही है। हेयरआफ्टर उपयोगकर्ताओं को उनके जीवनकाल के दौरान कहानियों और संदेशों को रिकॉर्ड करने की क्षमता देता है, जिसे बाद में उनके प्रियजनों द्वारा मरणोपरांत एक्सेस किया जा सकता है।

    मौत के बाद भी पूर्वजों का आएगा संदेश

    यह बात और अधिक कौतूहल पैदा करने वाली है और हैरान करने वाली भी…कि मरने के बाद क्या कोई व्यक्ति आपको मोबाइल पर संदेश भेज सकता है? आपको फिलहाल भरोसा तो नहीं होगा, मगर अब इसका उत्तर हां हो सकता है। दरअसल माईविशिज जीवित लोगों के जीवन में उपस्थिति बनाए रखते हुए मौत के बाद पूर्व-निर्धारित संदेश भेजने की क्षमता प्रदान करता है। हैनसन रोबोटिक्स ने रोबोटिक बस्ट बनाए हैं जो मृतक की यादों और व्यक्तित्व लक्षणों का उपयोग करके लोगों के साथ संवाद करते हैं। प्रोजेक्ट दिसंबर उपयोगकर्ताओं को उन लोगों के साथ पाठ-आधारित बातचीत में संलग्न होने के लिए तथाकथित “डीप एआई” तक पहुंच प्रदान करता है, जिनकी मौत हो चुकी है। जनरेटिव एआई डिजिटल आफ्टरलाइफ़ उद्योग में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ये प्रौद्योगिकियाँ अत्यधिक यथार्थवादी और इंटरैक्टिव डिजिटल व्यक्तित्व के निर्माण को सक्षम बनाती हैं।

    सुविधा के साथ खतरे भी अधिक

    यह तकनीकि सुविधा के साथ खतरे भी लेकर आई है। यथार्थवाद का उच्च स्तर वास्तविकता और अनुकरण के बीच की रेखा को धुंधला कर सकता है। यह उपयोगकर्ता के अनुभव को बढ़ा सकता है, लेकिन भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक संकट भी पैदा कर सकता है। डिजिटल आफ्टरलाइफ़ प्रौद्योगिकियाँ मृतक के साथ निरंतरता और संबंध प्रदान करके शोक प्रक्रिया में सहायता कर सकती हैं। किसी प्रियजन की आवाज़ सुनने या उनकी समानता देखने से आराम मिल सकता है और नुकसान से उबरने में मदद मिल सकती है। हममें से कुछ के लिए, ये डिजिटल अमर चिकित्सीय उपकरण हो सकते हैं। वे हमें सकारात्मक यादों को संरक्षित करने और प्रियजनों के निधन के बाद भी उनके करीब महसूस करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन दूसरों के लिए, भावनात्मक प्रभाव गहरा नकारात्मक हो सकता है, जो दु:ख को कम करने के बजाय और बढ़ा सकता है। यदि प्रियजनों के साथ अवांछित बातचीत होती है तो प्रियजनों को मनोवैज्ञानिक नुकसान होने की संभावना होती है। यह अनिवार्य रूप से “डिजिटल खौफ” का कारण बन सकता है।

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद की गहन समीक्षा

    उत्तर प्रदेश में सभी परिवारों की बनेगी यूनिक आईडी

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सभी परिवारों की यूनिक आईडी बनाई जाएगी। यूनिक आईडी को ‘परिवार आईडी’ का नाम दिया गया है।

    बेहद खास है नई पहल

    उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में रहने वाले सभी परिवारों की परिवार आईडी यानी की परिवार पहचान पत्र बनवाएगी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश सरकार की इस पहल की खुद गहन समीक्षा की है। समीक्षा के बाद सीएम योगी ने प्रदेश के अधिकारियों को खास निर्देश भी जारी किए।

    उत्तर प्रदेश सरकार की परिवार आईडी योजना

    उत्तर प्रदेश में “एक परिवार एक पहचान” योजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश में प्रत्येक परिवार को एक विशिष्ट नंबर जारी किया जा रहा है, जिससे राज्य के परिवारों का एक व्यापक डेटाबेस बनेगा। इससे लाभार्थियों के लिए योजनाओं के बेहतर प्रबंधन, पारदर्शी संचालन और योजना का शत-प्रतिशत लाभ मिलेगा। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में रहने वाले लगभग 3.60 करोड़ परिवार के 15.07 करोड़ लोग राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ ले रहे हैं। इन परिवारों की राशनकार्ड संख्या ही फैमिली आईडी है, जबकि 01 लाख से अधिक गैर राशन कार्ड धारकों को फैमिली आईडी कार्ड जारी किया जा चुका है। ऐसे परिवार जो कि राशन कार्ड धारक नहीं है, उनके लिए familyid.up.gov. in पर पंजीयन कर परिवार आईडी प्राप्त करने की व्यवस्था बनाई गई है। इस योजना का ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि राज्य में कोई भी परिवार इससे वंचित न रहे।

    उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार संचालित 76 योजनाओं/सेवाओं को फैमिली आईडी से लिंक किया जा चुका है और बाकी बची योजनाओं को परिवार आईडी से आगे जोड़ा जाएगा। केन्द्र सरकार के सहयोग से संचालित समस्त योजनाओं का डेटाबेस प्राप्त कर उसे परिवार कल्याण पासबुक और फैमिली आईडी से लिंक कर दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने यह भी फैसला लिया है कि सरकार की सभी योजनाओं के लाभार्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन में आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा। उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के समय आधार ऑथेंटिकेशन कराना होगा और इसे भी फैमिली आईडी से जोड़ा जाएगा। 

    • आवेदक को (familyid.up.gov.in) पर लॉगइन करना होगा।
    • मुख्य पेज पर रजिस्ट्रेशन टैब पर क्लिक करने पर पेज खुलेगा जिस पर आपको नाम और आधार मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी बटन पर क्लिक करना होगा।
    • पंजीकरण के बाद पेज पर नीचे की ओर दिए गए साइन इन पर क्लिक करना होगा।
    • साइन इन करते ही एक पेज खुलेगा जिसमें मोबाइल नंबर डालकर फिर से सेंड ओटीपी पर क्लिक करना होगा।
    • इसके बाद आवेदन का फार्म एसडीएम और बीडीओ स्तर पर जांच के लिए पहुंच जाएगा। जांच के बाद फैमिली आईडी जारी कर दी जाएगी।
  • स्वाति शर्मा को मिली महिला थाना बिजनौर की कमान

    अब महिला थाना संभालेंगी लेडी सिंघम

    बिजनौर। एंटी रोमियो अभियान में सड़क छाप मजनूओं की धूल उतारने वाली लेडी सिंघम स्वाति शर्मा को महिला थाने की कमान मिली है। एसपी ने उन्हें महिला थाना बिजनौर का प्रभारी बनाया है।

    महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए स्थापित किए गए महिला थानों पर पुलिस अधिकारियों का विशेष ध्यान रहता है। शासन क मंशानुसार महिलाओं को त्वरित न्याय मिल सके, इसके लिए महिला थानों की कमान चुस्त दुरुस्त और साहसी पुलिस अफसर के हाथ में दी जाती है। इसी के चलते पुलिस अधीक्षक ने महिला थाना बिजनौर की प्रभारी पद पर फेरबदल की है। उन्होंने स्वाति शर्मा को महिला थाना का प्रभारी बनाया है।

    वर्तमान में स्वाति शर्मा वन स्टॉप सेंटर की कमान थामे हुए हैं। इससे पहले वह एंटी रोमियो स्क्वाड में रहते हुए महिलाओं को परेशान करने वाले सड़क छाप मजनूओं की धूल उतार चुकी हैं। उनके नेतृत्व में एंटी रोमियो टीम इतनी सक्रिय थी कि स्कूल, कालेज तथा बाजारों में लड़कियों व महिलाओं पर छींटाकशी करने वाले सड़क छाप मजनू लगभग गायब से हो गए थे। उन्होंने सड़क छाप मजनू को सबक सिखाकर उन्हें वर्दी की ताकत का अहसास कराया था, इस कारण उन्हें लेडी सिंघम कहा जाने लगा था। अब स्वाति शर्मा को महिला थाना बिजनौर की कमान मिलने से उम्मीद जताई जा रही जा रही है कि थाने में आने वाली महिलाओं को त्वरित न्याय मिलेगा तथा उन्हें पुलिस की छत्रछाया दी जाएगी।

  • पहले मझोले फिर छोटे अखबारों को मारेगी सरकार!

    छोटे और मझोले अखबारों को खत्म करने की तैयारी लखनऊ तीसरा (विकल्प न्यूज़- ब्यूरो) – भारत सरकार ने एक सोची समझी रणनीति के तहत एक नई पालिसी को तैयार किया है। लोकसभा चुनाव से पहले इस पालिसी को इसलिए लागू नहीं किया गया क्योंकि सरकार को इसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ सकते थे। अगर ये पालिसी चुनाव से पहले लागू की जाती तो ज़मीन पर काम करने वाले अखबार मालिक सरकार को उसकी ज़मीन दिखा देते। हो सकता है कि सत्ता परिवर्तन भी हो जाता। इस पालिसी के लागू होने के बाद देश में सिर्फ 2 प्रतिशत अखबार ही जीवित रहेंगे। छोटे अखबार, जिनकी प्रसार संख्या 25000 से कम होगी उन्हें कोई विज्ञापन नहीं मिलेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि 98 प्रतिशत अखबार इसी केटेगरी में आ जाएँगे। सरकार एक रणनीति के तहत पहले मझोले अखबारों को मारेगी। फिर नीचे वालों को। छोटे अखबारों की हैसियत से सरकार बखूबी वाकिफ़ है। वह जानती है कि ये कभी एक नहीं हो सकते। रही बार मीडिया ऑर्गेनाइजेशनों की तो वह पहले से ही निष्क्रिय है। सब अपनी अपनी राजनीति चमकाने में व्यस्त है। भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित इस पालिसी में एक से एक नये नये बिंदु डाले गये हैं कि कहीं से भी कोई

    लखनऊ (तीसरा विकल्प न्यूज़- ब्यूरो) – भारत सरकार ने एक सोची समझी रणनीति के तहत एक नई पालिसी को तैयार किया है। लोकसभा चुनाव से पहले इस पालिसी को इसलिए लागू नहीं किया गया क्योंकि सरकार को इसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ सकते थे। अगर ये पालिसी चुनाव से पहले लागू की जाती तो ज़मीन पर काम करने वाले अखबार मालिक सरकार को उसकी ज़मीन दिखा देते। हो सकता है कि सत्ता परिवर्तन भी हो जाता। इस पालिसी के लागू होने के बाद देश में सिर्फ 2 प्रतिशत अखबार ही जीवित रहेंगे। छोटे अखबार, जिनकी प्रसार संख्या 25000 से कम होगी उन्हें कोई विज्ञापन नहीं मिलेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि 98 प्रतिशत अखबार इसी केटेगरी में आ जाएँगे।

    सरकार एक रणनीति के तहत पहले मझोले अखबारों को मारेगी। फिर नीचे वालों को। छोटे अखबारों की हैसियत से सरकार बखूबी वाकिफ़ है। वह जानती है कि ये कभी एक नहीं हो सकते। रही बार मीडिया ऑर्गेनाइजेशनों की तो, वह पहले से ही निष्क्रिय हैं। सब अपनी अपनी राजनीति चमकाने में व्यस्त है। भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित इस पालिसी में एक से एक नये नये बिंदु डाले गये हैं कि कहीं से भी कोई निकल ना पाए। मिसाल के तौर पर सर्कुलेशन वेरिफिकेशन के लिये अपनी स्वयं की प्रेस होने के अलावा अब कोई विकल्प नहीं रहेगा प्लेस ऑफ पब्लिकेशन अगर एक वर्ष के बीच में बदला गया है तो आप अपने अखबार की वेरिफिकेशन नहीं करा सकते अख़बार वितरण से होने वाली आय 24-48 घंटों के भीतर बैंक खाते में जमा की जानी चाहिए अब से सिर्फ डेस्क ऑडिट होगा। अब से आप अखबार छापो या मत छापो। सिर्फ कागज पूरे करके डिपार्टमेंट में जमा कर दो। फिजिकल वेरफिकेशन नहीं की जाएगी। मशीन रूम रिटर्न का प्रारूप प्रस्तावित आर. ऐन. आई. के हिसाब से ही होना चाहिए। मिनट दर मिनट रिपोर्ट करना होगा। कब प्लेट लगाई, कब मशीन का बटन दबाया, कब पेपर फटा, कितनी स्पीड पर मशीन चली, मशीन पर 8 घंटे में कितने अख़बार छपते हैं। मशीन का मेक और मॉडल कौन सा है। रील का वज़न कितना है, उसमें से पेपर कितना निकला, गत्ता कितना निकला, वेस्टेज कितनी हुई। हर चीज़ का वजन आर. ऐन. आई. द्वारा प्रस्तावित प्रारूप में भरना होगा प्रिंटिंग प्रेस में काग़ज़ का स्टॉक कितना है। उसे रील टू रील, प्रति ग्राम के हिसाब से लिखना होगा।

    कुल मिलाकर 4 कर्मचारी प्रेस वाला इसी में लगाएगा कि वह हर डिटेल भरे। हर चीज़ का वजन करे। उसे एम.आर.आर. मैकेनिक रूम रिटर्न में अंकित करे। अगर आपकी स्वयं प्रेस नहीं है तो मान के चलिए आप इस प्रक्रिया को पूरा करना तो दूर, इस प्रक्रिया से गुज़र भी नहीं पायेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रिंटिंग प्रेस वाले के पास आर. ऐन. आई. द्वारा एक पत्र भेजा जाएगा, जिसमें छपाई से जुड़ा प्रारूप होगा। इसमें छपाई के जीएसटी बिल, प्रिंटिंग शेड्यूल, मशीन की क्षमता, प्रेस का मासिक बिजली बिल अथवा जनरेटर और डीजल बिल, प्रेस पर छपने वाले सभी अखबारों के नाम, उनकी प्रसार संख्या, काग़ज़ पार्टी द्वारा उपलब्ध करवाया गया है या प्रेस द्वारा, काग़ज़ के बिल, पूरे महीने में इस्तेमाल की जाने वाली इंक (शाई) की कुल खपत के अलावा कई और पैरामीटर शामिल किए गए हैं और ये सारी जानकारी एक प्रेस वाले को बाकायदा एफिडेविट पर देनी होगी। अब आप स्वयं हो सोच लीजिए कि कितने प्रिंटर इसके लिए राजी होंगे? ये तो भारत सरकार की प्रस्तावित पालिसी के कुछ अंश भर है। एक बार आप स्वयं बढ़ लें। हम सभी लोग समाचार पत्रों – के व्यवसाय से लगभग 30-40 सालों से जुड़े हुए हैं। यकीन मानिए की अगर ये पालिसी लागू हो गई तो देश में सिर्फ 2 प्रतिशत ही अख़बार बचेंगे। वह भी सिर्फ हिंदुस्तान टाइम्स या टाइम्स ऑफ़ इंडिया जैसे। ये पूरी इंडस्ट्री खत्म हो जाएगी। कुछ लोग अगर ये सोच रहे हैं कि हम तो अपने अखबार स्मॉल केटेगरी में रख लेंगे। तो आप ये मत भूलिए कि पालिसी कभी किसी एक व्यक्ति या संस्था विशेष के लिए नहीं बनती। ये एक सोची समझी रणनीति के तहत लोकतंत्र को खत्म करने की ओर बढ़ाया गया एक और कदम है। एक पुरानी कहावत है कि बकरा कब तक खैर मनाएगा। इसके अलावा गौर करने योग्य पहलू कौन सा प्रिंटर आपका अखबार छापने को तैयार होगा? न्यूज़पेपर इंडस्ट्री से लाखों लोग रातों रात सड़क पर आ जाएंगे पीआईबी डीआईपी कार्ड सहित पत्रकारों को मिलने वाली सभी सुविधाएं समाप्त हो जायेंगी देश भर के प्रेस क्लब सहित पत्रकारों के हितों के लिए बनी संस्थाएँ, एडिटर्स एसोसिएशन इत्यादि अपने आप ही समाप्त हो जायेगी। अभी आर. ऐन. आई. की एनुअल रिटर्न ही नहीं भरी जा पा रही। इसके लिए हर पब्लिशर धक्के खा रहा है। इसके साथ ही सरकार एक और कुठाराघात करने की तैयारी कर चुकी है। सिर्फ ऊपर के आकाओं से निर्देश मिलने का इंतज़ार है। सरकार अखबार के काग़ज़ की खपत के बिल माँगे, इंक के बिल माँगे। ये सब समझ में आता है लेकिन इतनी सारी फ़ॉर्मेलिटीज लगाना असल में अखबार वालों का मनोबल तोड़ने का उद्देश्य है। ज़्यादातर अखबार वाले इतनी सारी काग़ज़ी कार्यवाही से ही डरकर हथियार डाल देंगे। यही सरकार चाहती है। बहरहाल, अगर इस पालिसी को लागू होने से नहीं रोका गया तो अखबारों को इतिहास का हिस्सा बनते देर नहीं लगेगी।

  • उन्नाव जिले की बीघापुर सर्किल में पोस्टेड डिप्टी एसपी कृपाशंकर कन्नौजिया को डिमोट किया गया है। कानपुर के होटल में महिला सिपाही संग रंगरेलियां मनाते पकड़े जाने के बाद विभागीय कार्रवाई के तहत उन्हें प्रथम पद कांस्टेबल पर वापस भेजा गया। गोरखपुर PAC में बतौर कांस्टेबल नई पोस्टिंग मिली है।

    आशिकी के चक्कर में फिर सिपाही बना दिए गए CO साहब

    उन्नाव के बीघापुर सर्किल में पोस्टेड थे डीएसपी कृपाशंकर
    सहयोगी महिला सिपाही के साथ उनका इश्क परवान चढ़ा
    कानपुर के होटल में पकड़े गए तो पुलिस विभाग का ऐक्शन
    गोरखपुर पीएसी में बतौर प्रथम कांस्टेबल वापस भेजा गया।

    लखनऊ/उन्नाव (अंकुर तिवारी): छुट्टी लेकर कानपुर में महिला सिपाही के साथ आशिक मिजाजी एक साहब को इस कदर भारी पड़ेगी उन्होंने सोचा न था। रंगरेलियां मनाते हुए रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद हुई विभागीय जांच के नतीजे ने उन्हें साहब से सीधे सिपाही बना दिया। साहब गोरखपुर स्थित पीएसी की जिस 26वीं वाहिनी में डिप्टी कमांडेंट के पद पर तैनात थे। अब वहीं उनकी ड्यूटी सिपाही के रूप में वाहिनी व्यवस्था में लगा दी गई है।

    घर में काम बताकर ली छुट्टी लेकिन घर नहीं पहुंचे

    बात जुलाई 2021 की है। साहब से सिपाही बने डिप्टी एसपी कृपाशंकर कन्नौजिया उस दौरान उन्नाव जिले की बीघापुर सर्किल में तैनात थे। सहयोगी महिला सिपाही के साथ उनका इश्क परवान चढ़ा। इश्क में डूबे सीओ साहब ने घर में जरूरी काम बताकर छह जुलाई को अपने कप्तान से छुट्टी ली, लेकिन घर नहीं पहुंचे। घरवालों ने उनके फोन पर संपर्क किया लेकिन बात नहीं हो पाई। घबराई पत्नी ने अनहोनी की आशंका जताते हुए उन्नाव के एसपी से संपर्क किया। डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारी की गुमशुदगी की सूचना ने साहब को चिंता में डाल दिया। उनकी तलाश के लिए जिले की सर्विलांस टीम के साथ अन्य पुलिस टीमों को लगा दिया गया।

    कानपुर में मिली थी लोकेशन

    सर्विलांस टीम ने पड़ताल शुरू की तो पता चला कि उनकी आखिरी लोकेशन कानपुर के माल रोड में आई है। सर्विलांस टीम सीओ को तलाशते हुए माल रोड के एक होटल में पहुंची। वहां उनकी फोटो दिखाकर मैनेजर से पूछा कि क्या ये यहां आए थे। मैनेजर ने बताया कि साहब किसी महिला के साथ होटल के कमरे में ही रुके हुए हैं। टीम ने सीओ साहब से संपर्क कर कहा कि घरवाले परेशान हैं वह पत्नी से बात कर लें।

    डीजीपी मुख्यालय ने लिया ऐक्शन

    सीओ ने पत्नी को वीडियो कॉल करके बताया कि वह किसी शादी समारोह में शामिल होने के लिए कानपुर आए हैं, लेकिन सीओ साहब की पूरी पोल पट्टी खुल गई। डीजीपी मुख्यालय ने सीओ को निलंबित करते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद उन्हें डिमोट करके उनके मूल पद पर भेज दिया गया है।

    लेखक के बारे में
    ऐश्वर्य कुमार राय
    ऐश्वर्य कुमार राय नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में बतौर प्रिंसिपल डिजिटल कॉन्टेंट प्रड्यूसर कार्यरत। गृहनगर पूर्वी उत्तर प्रदेश का गोरखपुर, जहां जन्म से लेकर स्कूल तक शिक्षा-दीक्षा हुई। ग्रैजुएशन दिल्ली यूनिवर्सिटी से करने के बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पत्रकारिता में पीजी-डिप्लोमा की पढ़ाई। पेशेवर सफर देश की एकमात्र त्रिभाषीय एजेंसी UNI-वार्ता से शुरू हुआ। फिर NBT के साथ आगे की यात्रा। दिल्ली और लखनऊ कर्मभूमि। यात्रा, सिनेमा, दर्शन, इतिहास में दिलचस्पी।

  • शहर अध्यक्ष ने किया फल वितरण व पौधारोपण

    जिलाध्यक्ष ने केक काटकर मनाया राहुल गांधी जन्मदिवस

    दो गुटों में बंटी कांग्रेस ने अलग-अलग तरीके से मनाया राहुल गांधी का जन्मदिन

    उरई (जालौन)। कांग्रेस जिलाध्यक्ष धीरेन्द्र शुक्ला व शहर कांग्रेस अध्यक्ष रेहान सिद्दीकी के बीच गुटबाजी आएदिन सामने दिखाई देने लगी है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष कोई कार्यक्रम करते हैं तो शहर अध्यक्ष शामिल नहीं होते! अगर शहर अध्यक्ष रेहान सिद्दीकी कोई कार्यक्रम करते हैं तो जिलाध्यक्ष व उनकी टीम शामिल नहीं होती।

    अभी पश्चिम बंगाल के ट्रेन हादसे में हुई मौत पर मृतकों को श्रृद्धांजलि देने के लिए जिलाध्यक्ष धीरेन्द्र शुक्ला ने अपनी टीम के साथ  कैंडिल मार्च निकाला था। उसके दूसरे दिन शहर कांग्रेस अध्यक्ष रेहान सिद्दीकी ने अपनी टीम के साथ श्रृद्धांजलि देने को कैंडिल मार्च निकाला। बुधवार को प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद राहुल गांधी का जन्मदिन मनाया जाना सुनिश्चित किया गया था। दोनों गुटों के कांग्रेसजनों ने अपने-अपने तरीके से राहुल गांधी का जन्मदिन मनाया। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष धीरेंद्र शुक्ला ने शहीद भवन रामनगर जिला कार्यालय में अपनी टीम के साथ केक काटकर राहुल गांधी का जन्मदिन मनाया, तो वहीं दूसरी ओर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रेहान सिद्दीकी ने अपनी टीम के साथ पौधारोपण एवं अस्पताल में मरीजों को फल वितरण कर मनाया राहुल गांधी का जन्मदिन। सूत्रों का कहना है कि दो गुटों में बंटी कांग्रेस से संगठन की भी हालत पतली होती जा रही है और जो लोग कांग्रेस से जुड़ना भी चाहते हैं तो वह भी गुटबाजी को देखकर छिटकते दिखाई देने लगे हैं। वैसे तो जनपद जालौन में कांग्रेस पार्टी का संगठन धरातल पर ही नजर आ रहा है और जो रहा सहा है उसे आपस की गुटबाजी निपटाए दे रही है!

    जय कांग्रेस विजय कांग्रेस

    सैय्यद फिराक रिजवी ने फेसबुक पर कमेंट किया कि भाई जब शहर और जिले की कार्यकारणी अलग अलग है तो अपने अपने स्तर से दोनों काम कर रहे हैं। इसमें काँग्रेस कमज़ोर कहाँ से हुई? जिला अध्यक्ष ने शहीद भवन में राहुल जी का जन्मदिन केक काट के मनाया। शहर अध्यक्ष ने पौधे और पेड़ लगा कर मरीज़ों को फल वितरण करके।… ये तो अच्छी बात हुई। दोनों ही काँग्रेस के सच्चे सिपाही हैं। हमें काँग्रेस को जिले में मज़बूत करना है। इसको गुटबाज़ी नाम न दो दाऊ साहब जय कांग्रेस विजय कांग्रेस।

    जबकि राजीव मिश्रा ने फेसबुक पर कमेंट किया कि जब शहर और जिला अलग-अलग संगठन है अपने – अपने कार्यक्रम तो करना ही चाहिए। तभी दोनों की ताकत का एहसास होता है। इसलिए अलग-अलग कार्यक्रम करना कमजोरी नहीं; जय कांग्रेस विजय कांग्रेस।

  • कला कुटुम्ब फाउंडेशन जयपुर का 28 वा इंटरनेशनल इंस्पायर्ड ऑनलाइन आर्ट कम्पटीशन- 2024

    इंटरनेशनल अवार्ड से नवाजी गई बिजनौर की कृतिका चौहान

    बिजनौर। चित्रकार श्रीमती कृतिका चौहान को चित्रकला के क्षेत्र में इंटरनेशनल चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लेकर शानदार पेंटिंग बनाने पर प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया है।इस बात को लेकर उनके परिजनों में हर्ष व्याप्त हैं।

    डॉ. केएस चौहान की सुपुत्री व पुलकित शर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती कृतिका चौहान चित्रकला की एक होनहार चित्रकार हैं। गत दिनों उन्होंने कला कुटुम्ब फाउंडेशन जयपुर द्वारा आयोजित 28 वें इंटरनेशनल इंस्पायर्ड ऑनलाइन आर्ट कम्पटीशन- 2024 में भाग लिया। इसमें उनके अलावा दुनिया भर के हजारों चित्रकारों ने भी भाग लिया था।

    प्रतियोगिता में कृतिका चौहान को आदिवासी जनजीवन विषय पर पेंटिंग बनानी थी। उनके द्वारा वर्किंग वूमेंन विद हर चाइल्ड इन ट्रीबल एरिया की शानदार पेंटिंग बनाने के लिए उन्हें फाउंडेशन द्वारा प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया।

    फाउंडेशन द्वारा उनको एक सर्टिफिकेट और ट्रॉफी प्रदान की गई हैं। इससे उनके परिवार में खुशी का माहौल है। कृतिका चौहान इससे पूर्व भी चित्रकला के क्षेत्र में कई नामचीन नेशनल व इंटरनेशनल अवार्ड प्राप्त कर चुकी हैं।

  • सख्त एसपी की बेहद कड़ी कार्रवाई

    अब रेड लेबल दारू मांगने में नापे गए दरोगा जी

    बिजनौर। काम के बदले भाजपा नेता से महंगी शराब की बोतलें मांगने के मामले में कस्बा प्रभारी नाप दिए गए हैं। दरअसल मामले का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस जैसे अनुशासित विभाग की फजीहत होते देखना एसपी नीरज कुमार जादौन को गवारा न हुआ। उन्होंने दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया।

    दिनांक 19 जून 2024 को सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ। इसमें थाना मण्डावर पर नियुक्त सब इंस्पेक्टर धर्मेन्द्र गिरि द्वारा फोन कॉल पर वार्ता करते हुए दूसरे व्यक्ति से अनुचित मांग की जा रही है। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने वायरल ऑडियो का तत्काल संज्ञान लेकर एसआई धर्मेन्द्र गिरि को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी (अपराध) को 02 दिवस में जांच पूर्ण कर आख्या प्रेषित जांच प्रेषित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के साथ पुलिस अधीक्षक द्वारा जनपद के समस्त पुलिस अधिकारी/कर्मचारीगणों को निर्देशित किया गया है कि कोई भी पुलिसकर्मी ऐसा कोई कृत्य न करें, जिससे पुलिस जैसे अनुशासित विभाग की छवि धूमिल हो अन्यथा सम्बन्धित के विरुद्ध कड़ी दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।

    कस्बा प्रभारी से भाजपा नेता की उक्त बातचीत पिछले साल नवंबर की बताई जा रही है। दरोगा धर्मेंद्र गिरी ने फोन पर बीजेपी नेता मोहम्मद अजमल उमर से रेड लेबल शराब की दो बोतल की मांग की थी। जब दरोगा उम्मीद पर खरे नहीं उतरे तो ऑडियो को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर वायरल कर दिया गया। गौरतलब है कि दो दिन पूर्व ही एसपी ने चांदपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बास्टा पुलिस चौकी पर तैनात दो सिपाहियों हिमांशु भड़ाना व हेमंत को एक व्यक्ति के साथ मारपीट के मामले में एसपी ने निलंबित कर दिया था।

  • जांच जारी होने के बावजूद पीड़ित ने सोशल मीडिया पर रोया दुखड़ा

    एसएसपी ने किया निलंबित, अब सीओ पर लटकी कार्रवाई की तलवार

    सीओ ने हेड कांस्टेबल से मांगा एसी और होम थियेटर !

    बरेली। सीओ लाइन पर एसी लगवाने का आरोप लगाने वाले हेड कांस्टेबल को एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने निलंबित कर दिया है। वहीं सीओ लाइन पर कार्रवाई लगभग तय है!

    जानकारी के अनुसार बरेली में मुख्य आरक्षी (हेड कांस्टेबल) धर्मेंद्र कुमार ने सीओ लाइन प्रियतोष त्रिपाठी पर एसी व होम थिएटर लगवाने का आरोप लगाया था! एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान के आदेश पर मई में जांच शुरू हुई। इस मामले में तीन दिन पहले हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार की शिकायत सोशल मीडिया पर वायरल हुई! इसकी जांच एसएसपी ने एसपी दक्षिणी मानुष पारीक को सौंप दी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर धर्मेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया। एसएसपी ने कहा कि भ्रष्टाचार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसलिए अब सीओ लाइन पर शिकंजा कसना लगभग तय माना जा रहा है।

    विभाग की छवि हुई धूमिल

    धर्मेंद्र ने खरीदारी कराने के दौरान इसकी शिकायत न तो आरआई से की और न किसी अन्य अधिकारी से। जब उसे पद से हटा दिया गया तो उसने शिकायतें कीं। इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि शिकायत पर जब उच्च स्तरीय अधिकारी जांच कर रहे थे तो इसे सोशल मीडिया पर डालकर अनावश्यक तूल दिया गया। इससे विभाग की छवि धूमिल हुई।

    फ्री में ले चुके हैं फ्रीज और डिश का कनेक्शन

    मामले को कदाचार की श्रेणी में माना गया है, क्योंकि संभव है कि यदि उसे पद से न हटाया जाता तो यह शिकायत कभी नहीं की जाती। पुलिस लाइन के मुख्य आरक्षी धमेंद्र कुमार ने आरोप लगाया था कि उसने आरआई के मौखिक निर्देश पर सीओ के सरकारी आवास में एसी लगवाया। जब वह एसी के अनुमति पत्र पर हस्ताक्षर कराने गया तो सीओ ने कहा कि इसे एडजस्ट करो। यह भी आरोप है कि इससे पहले सीओ फ्रीज और डिश का कनेक्शन भी ले चुके हैं, जिसका भुगतान नहीं किया गया। अब वह 46 हजार रुपए के होम थियेटर की मांग कर रहे थे। जब उसने मना किया तो सीओ ने उसे स्टोर इंचार्ज के पद से हटा दिया।

  • नई व्यवस्था लागू, पीडीएस डीलर्स की धांधली रोकने को कवायद

    अब 01 दिन में सिर्फ 03 लोगों को मिलेगा राशन

    पहले फिंगर प्रिंट और फिर ओटीपी के माध्यम से ही राशन मिलता था, लेकिन कई बार पोश मशीन में फिंगर प्रिंट नहीं लगने से कई राशन कार्ड धारक राशन से वंचित रह जाते थे. इसके बाद विभाग ने आंखों की पुतली स्कैन कर राशन देने का नया तरीका निकाला.

    जयपुर (एजेंसी)। खाद्य सुरक्षा योजना में गड़बड़ी रोकने के लिए सरकार ने ओटीपी योजना शुरू की थी, लेकिन इसमें भी गड़बड़ी होती रही तो इसमें फिर बदलाव किया गया है. अब डीलर एक दिन में केवल तीन ही लाभार्थियों को राशन दे सकेगा. इनके बीच; यानि राशन देने के बीच 30 मिनट से ज्यादा का समय होना जरूरी है. इसके अलावा फिंगर प्रिंट और आइज़ स्कैन की प्रक्रिया पहले की तरह ही रहेगी.

    फिंगर प्रिंट नहीं तो ओटीपी

    राशन कार्ड धारकों को पोश मशीन के आधार पर राशन दिया जाता है, लेकिन कई बार लाभार्थी के हाथ की रेखाएं घिसने या स्किन संबंधी कोई परेशानी होने पर मशीन उसका फिंगर प्रिंट नहीं ले पाती. ऐसे में लाभार्थी के परिवार के किसी सदस्य के हाथों के निशान या रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजकर उसे कन्फर्म करके राशन दिया जाता है.

    बाजार में बेचते हैं राशन

    जनाधार या आधार कार्ड से जुड़े फोन नंबर पर ओटीपी भेजकर राशन डीलर गड़बड़ी कर रहे हैं. ऐसी शिकायतें विभाग को लगातार मिल रही हैं कि जो उपभोक्ता राशन का गेहूं नहीं उठाते डीलर उनके फोन नंबर पर ओटीपी भेजते हैं। फिर उसे कन्फर्म कर उनके हिस्से का बाजार में बेच रहे हैं. ये धांधली रोकने के लिए विभाग ने फिलहाल प्रायोगिक तौर पर एक दिन में सिर्फ तीन ओटीपी भेजकर राशन देने का फैसला किया है.

    OTP के बाद आइज़ स्कैन

    पहले फिंगर प्रिंट और फिर ओटीपी के माध्यम से ही राशन मिलता था, लेकिन कई बार पोश मशीन में फिंगर प्रिंट नहीं लगने से कई राशन कार्ड धारक राशन से वंचित रह जाते थे. इसके बाद विभाग ने आंखों की पुतली स्कैन कर राशन देने का नया तरीका निकाला, जो अब लागू है. अब लाभार्थियों के लिए विंग मशीन विद आइज़ स्कैनर भी मुहैया कराई गई है. इससे लाभार्थी की आंख की पुतली को स्कैन कर जानकारी कन्फर्म की जा सकती है.

  • राम नाम का 1008 बार जप के साथ ही भगवान विष्णु के मंत्र ‘ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय नमः’ का भी जप

    निर्जला एकादशी और बड़ा मंगल के दुर्लभ संयोग में करें ये कार्य

    निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु और बड़ा मंगल के दिन भगवान विष्णु के अवतार श्री राम के परम भक्त हनुमान जी की पूजा की जाती है। ऐसे में निर्जला एकादशी और बड़ा मंगल का एक ही दिन होना बेहद दुर्लभ संयोग माना जा रहा है। साल 2024 में ये दुर्लभ संयोग 18 जून को बन रहा है। इस दिन निर्जला एकादशी व्रत भी है और बड़ा मंगल भी। ऐसे में इस दिन कुछ कार्य आपको जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिला सकते हैं।

    भगवान विष्णु की पूजा के बाद ही हनुमान चालीसा का पाठ

    निर्जला एकादशी का व्रत रखने वालों को इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ भी अवश्य करना चाहिए। ध्यान रखें कि भगवान विष्णु की पूजा समाप्त करने के बाद ही हनुमान चालीसा का पाठ करें। हनुमान जी विष्णु भगवान के अवतार राम जी के भक्त हैं, ऐसे में वो विष्णु जी के भी भक्त हुए और भगवान से पहले भक्त की पूजा करना धार्मिक रूप से शुभ नहीं माना जाता।
    बड़ा मंगल के दिन हनुमान जी की पूजा का तो लाभ मिलता ही है, लेकिन बड़ा मंगल के साथ ही अगर एकादशी तिथि भी आ जाए तो इस दिन राम जी की पूजा भी करनी चाहिए। अगर आप इस दिन किसी हनुमान मंदिर में जाकर, लाल रंग के आसन पर बैठें और राम नाम का 1008 बार जप करें तो जीवन की सभी समस्याओं का अंत हो सकता है। राम नाम के जप के साथ ही भगवान विष्णु के मंत्र ‘ ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय नमः’ का भी जप करना चाहिए।
    एकादशी तिथि के दिन विष्णु जी की पूजा के साथ ही दान का भी बड़ा महत्व है। हनुमान जी भी उन लोगों से प्रसन्न होते हैं जो जरूरतमंद लोगों की मदद करते हैं। इसलिए अपने सामर्थ्य के अनुसार इस दिन दान अवश्य करना चाहिए। तांबे से बनी चीजें, दूध, चावल, जल आदि का दान करने से भगवान विष्णु और हनुमान जी आपको सुख-समृद्धि प्रदान करेंगे।

    सुंदरकांड का पाठ

    अगर आपके जीवन में शनि, मंगल या राहु-केतु जैसे ग्रहों के कारण परेशानियां चल रही हैं तो निर्जला एकादशी और बड़ा मंगल के दुर्लभ संयोग के दिन घर में रामचरितमानस का पाठ करना चाहिए। अगर पूरी रामचरितमानस पढ़ना संभव न हो तो सुंदरकांड का पाठ  कर सकते हैं।

    इन उपायों से भी होगा लाभ

    ~गुरुजनों को पुस्तक, पेन आदि वस्तुएं उपहार में दें।
    ~किसी अनाथालय या वृद्धाश्रम में जाकर दान करें।
    ~राहगीरों को शरबत पिलाएं।
    ~किसी मंदिर में जाकर कम से कम 11 लोगों को भोजन करवाएं। (साभार)

    (Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।)

  • देश और कौम की खुशहाली के लिए अल्लाह ताला की इबादत

    हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ईद उल अजहा का पर्व

    बिजनौर। जिले भर में ईद उल अजहा का पर्व हर्षोल्लास एवं शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न हुआ। सोमवार को बड़ी संख्या में मुसलमानों ने ईदगाह पर नमाज अदा की। बिजनौर, नजीबाबाद, धामपुर, नगीना, नहटौर, चांदपुर, हल्दौर, नूरपुर आदि जगहों पर बकरीद की नमाज अदा की गई।

    इस दौरान देश और कौम की खुशहाली के लिए अल्लाहताला की इबादत की गई। बाद में लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद उल अजहा की बधाई दी। पुलिस प्रशासन की व्यवस्था चाक चौबंद रही।

    बिजनौर ईदगाह पर एसपी नीरज कुमार जादौन, एएसपी सिटी संजीव वाजपेई, एसडीएम सदर मनोज कुमार सिंह, सीओ सिटी संग्राम सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

    धामपुर में नगीना मार्ग स्थित ईदगाह पर शहर इमाम मुफ्ती मोहम्मद कमर कासमी ने ईद की नमाज अदा कराई। पुलिस प्रशासन ने किसी को भी ईदगाह से बाहर सड़क पर नमाज अदा करने की इजाजत नहीं दी।

    इस अवसर पर एएसपी धर्म सिंह, एसडीएम रितु रानी, सीओ सरवम कुमार, कोतवाल किशन अवतार, एलआईयू इंस्पेक्टर विनेश सिंह आदि पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे।

  • विभाग की छवि धूमिल करने पर एसपी ने की कड़ी कार्रवाई

    कमजोर को सताने में नापे गए दो पुलिसकर्मी

    बिजनौर। चांदपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बास्टा पुलिस चौकी पर तैनात दो सिपाहियों को एक व्यक्ति के साथ मारपीट के मामले में एसपी ने निलंबित कर दिया है।

    जानकारी के अनुसार विनोद पुत्र चरण सिंह निवासी मानपुर द्वारा सीयूजी नंबर पर पुलिस अघीक्षक नीरज कुमार जादौन को सूचना दी गई कि आरक्षी हिमांशु भड़ाना व हेमंत ने अनावश्यक रुप से मारपीट की है। प्रकरण की जांच प्रभारी निरीक्षक चांदपुर से कराई गई तो आरोप सत्य पाए गए। प्रभारी निरीक्षक थाना चांदपुर की प्रेषित रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अघीक्षक ने आरक्षी हिमांशु भड़ाना व हेमंत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पीड़ित का मेडिकल परिक्षण कराकर विधिक कार्यवाही की जा रही है।

  • आयुष विभाग, जिला प्रशासन व क्रीड़ा भारती का संयुक्त आयोजन

    दशम अन्तर्राष्ट्रीय योग सप्ताह: इंदिरा पार्क में हुआ योगाभ्यास

    बिजनौर। आयुष विभाग, जिला प्रशासन व क्रीड़ा भारती द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किए जा रहे दशम अन्तर्राष्ट्रीय योग सप्ताह के अन्तर्गत तीसरे दिन इंदिरा पार्क बिजनौर में  योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अतिथि गणों का स्वागत क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा अधिकारी डा. राकेश कुमार द्वारा किया गया।

    प्रशांत महर्षि द्वारा प्रोटोकॉल के अनुसार योग क्रियाएं कराई गई। डॉ. विमल कुमार द्वारा योग साधकों का आभार व्यक्त किया गया एवं उन्होंने बताया कि इस बार योग का थीम योग स्वयं व समाज के लिए रखा गया है, अतः समाज के अन्य लोगों को भी योग के लिए प्रेरित करना जरूरी है। कल्याण मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। योगाभ्यास में नगर वासियों ने सैकड़ों की संख्या में प्रतिभाग किया।

    कार्यक्रम सफल बनाने में क्रीड़ा भारती के स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस अवसर पर विकास लाठियां, अरविंद अहलावत, राजेन्द्र सोलंकी, संजय कटार आदि उपस्थित रहे।

  • लंबे समय से व्यापार और नौकरी में नहीं मिल रही सफलता, तो जरुर करें कपूर के ये उपाय

    अगर आप मनचाही नौकरी पाना चाहते हैं तो नियमित रूप से स्नान करने के बाद पूजा घर में कपूर के कुछ ज्योतिषीय उपाय करना चाहिए. आइए जानते है कपूर के उपाय…

    सुख शांति और समृद्धि को जरूर करें कपूर के ये उपाय

    कपूर के टोटके: हिंदू धर्म में कपूर को अत्यंत शुद्ध पदार्थ माना जाता है, इसका मुख्य उपयोग पूजा-पाठ में होता है, लेकिन यह घर के वास्तु दोष निवारण और नकारात्मकता दूर करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. कपूर की धुनी देने से घर का वातावरण शुद्ध और सकारात्मक होता है. इसके अलावा, यदि किसी व्यक्ति को नौकरी से संबंधित समस्याएं हो रही हैं, तो कपूर के उपाय काफी प्रभावी साबित हो सकते हैं. आज हम जानेंगे कपूर से जुड़े कुछ उपाय के बारे में, जो आपकी नौकरी में तरक्की ला सकती हैं और आपको मनचाही नौकरी प्राप्त करने में मदद करेगा.

    मनचाही नौकरी प्राप्त करने के उपाय
    अगर आप मनचाही नौकरी पाना चाहते हैं तो नियमित रूप से स्नान करने के बाद पूजा घर में कपूर जलाकर भगवान से अपनी जॉब के लिए प्रार्थना करें. यह बेहद सरल उपाय है और इसे लगातार करने पर आपकी कुंडली में जल्द ही मनचाही नौकरी प्राप्त होने का योग बनेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कपूर की शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा से आपके जीवन में नई संभावनाओं के द्वार खुल सकते हैं. अपने करियर में सफलता और मनचाही नौकरी पाने के लिए इस उपाय को आजमाएं.

    नौकरी और व्यापार में मिलेगी तरक्की
    यदि आप नौकरी और व्यापार में तरक्की पाना चाहते हैं, तो तेज पत्ता के साथ कपूर जलाने से लाभ हो सकता है. इसके लिए तेज पत्ता पर कपूर रखकर नियमित रूप से जलाएं. यह उपाय आपकी पेशेवर और व्यावसायिक सफलता में मददगार साबित हो सकता है. नियमित पालन से आप जल्दी ही सकारात्मक परिणाम देख सकते हैं.

    घर में आ रही परेशानियों के लिए करें ये उपाय
    घर में आ रही विभिन्न समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए कपूर और लौंग को एक साथ जलाना अत्यंत शुभ माना गया है, इसके लिए एक मिट्टी के दीए में कपूर के ऊपर तीन लौंग रखकर जलाएं. इसके धुएं को घर के चारों तरफ दिखाने से घर में शांति बढ़ती है और परिजनों में आपसी प्रेम बना रहता है.

    परिजनों में वाद-विवाद के उपाय
    अगर आपके घर में परिजनों के बीच अक्सर वाद-विवाद की स्थिति बनी रहती है, तो नियमित रूप से घी में भिगोकर कपूर जलाने से घर में उत्पन्न तनाव धीरे-धीरे खत्म हो सकता है. इस सरल उपाय से आप परिवार में शांति और सामंजस्य की भावना को बढ़ा सकते हैं, जिससे विवाद की स्थिति से छुटकारा मिल सकता है.

    शाम के समय करें ये उपाय
    शाम के समय चांदी की कटोरी में कपूर के साथ लौंग जलाने से व्यक्ति को जीवन में अद्भुत लाभ देखने को मिल सकते हैं. इस उपाय को रोजाना करने से व्यक्ति को धन की कमी नहीं रहती. वहीं गृह क्लेश की स्थिति से छुटकारा पाने के लिए कपूर और लौंग को जलाकर उसका धुआं पूरे घर में दिखाएं.

    (डिस्क्लेमर: यहां पर दी गई जानकारियां विभिन्न स्रोतों से प्राप्त कर प्रस्तुत की गई हैं, newsdaily24 इस संबंध में कोई दावा नहीं करता.)

  • ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश

    ईद-उल-अज़हा के अवसर पर चौकन्नी पुलिस की कवायद

    सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत पुलिस अधिकारियों ने किए भ्रमण व निरीक्षण

    बिजनौर। ईद-उल-अज़हा के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत जनपदीय पुलिस के अधिकारियों ने भ्रमण व निरीक्षण किए। इस दौरान बैरियर आदि को चेक कर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही स्थानीय लोगों से वार्ता भी की।

    पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने ईद-उल-अज़हा के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत थाना कोतवाली शहर क्षेत्रान्तर्गत ईदगाह का भ्रमण/निरीक्षण किया। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को चेक कर संबंधित को दिशा-निर्देश दिए गए। सभी को ईद-उल-अज़हा की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

    अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी धर्म सिंह मार्छल ने ईद-उल-अज़हा के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत थाना शेरकोट क्षेत्रान्तर्गत ईदगाह का भ्रमण व निरीक्षण किया। उन्होंने बैरियर आदि को चेक कर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

    वहीं अपर जिला अधिकारी प्रशासन व अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम अर्ज ने थाना नूरपुर क्षेत्रान्तर्गत ईदगाह का भ्रमण/निरीक्षण किया। साथ ही ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को चेक कर संबंधित को दिशा-निर्देश दिए।

    इसी प्रकार क्षेत्राधिकारी अफजलगढ सुनीता दहिया द्वारा थाना अफजलगढ क्षेत्रान्तर्गत ईदगाह का भ्रमण व निरीक्षण किया गया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को चेक कर संबंधित को दिशा-निर्देश दिए।

    दूसरी ओर अपर पुलिस अधीक्षक नगर संजीव वाजपेई द्वारा ईद-उल-जुहा पर्व के दृष्टिगत थाना कोतवाली शहर क्षेत्रान्तर्गत ईदगाह की सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत भ्रमण/निरीक्षण कर सम्बन्धित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये तथा स्थानीय लोगों से वार्ता की गई।

  • बसंती माता मंदिर पर पहुंच श्रद्धालुओं ने लगाए कुंडारे। आषाढ़ मास के तीसरे मेले में पूजन को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। दुकानदारों ने लगाईं खिलौनों व प्रसाद आदि की दुकानें। बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। प्रतिवर्ष आषाढ़ मास में बसंती माता मंदिरों पर लगाने वाले मेले कोरोना महामारी के चलते न लगाए जाने के बावजूद तीसरे […]

    बसंती माता मंदिर पर उमड़े श्रद्धालु
  • कुवैत में हुए अग्नि हादसे में मृत गोरखपुर के दो कामगारों के परिजन को दी पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता

    जम्मू के शिवखोड़ी में हुए आतंकी हमले में घायलों को दी एक-एक लाख रुपये की मदद

    पीड़ितों की वेदना में सीएम योगी में लगाया आर्थिक मदद व संवेदना का मरहम

    गोरखपुर, 16 जून। दु:ख और विपदा की घड़ी में हर व्यक्ति के साथ एक अभिभावक जैसे खड़े रहना, उसकी वेदना में संवेदना के साथ भरपूर मदद करना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली की विशिष्ट पहचान है। पीड़ितों के प्रति उनकी संवेदनशीलता और आत्मीयता का सजीव दर्शन रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में एक बार फिर देखने को मिला। बीते दिनों कुवैत में हुए एक अग्नि हादसे में जान गवाने वाले गोरखपुर के दो कामगारों के परिजनों और जम्मू के शिवखोड़ी में आतंकी हमले में घायल श्रद्धालुओं से मिलकर सीएम योगी ने न केवल उनकी पीड़ा पर संवेदना का मरहम लगाया बल्कि आर्थिक सहायता देकर उन्हें आश्वस्त किया कि उनके रहते किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है।

    गत दिनों कुवैत में एक बहुमंजिला भवन में आग लगने से करीब चार दर्जन लोगों की मौत हो गई थी। इनमें गोरखपुर के सदर तहसील क्षेत्र के जटेपुर उत्तरी निवासी अंगद गुप्ता और कैम्पियरगंज तहसील क्षेत्र के भम्मौर निवासी जयराम गुप्ता भी शामिल थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विदेश मंत्रालय और कुवैत में भारतीय दूतावास से संपर्क कर उनके शव को सम्मानपूर्वक उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था कराई। शनिवार को दोनों मृतकों के शव घर आए और ससम्मान अंतिम संस्कार किया गया। रविवार सुबह मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर में दोनों मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदना प्रकट की और ढांढस बंधाते हुए उन्हें आत्मीय संबल प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने अंगद गुप्ता की पत्नी रीता देवी और जयराम गुप्ता की पत्नी सुनीता को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक भी प्रदान किया। इस दौरान उन्होंने दोनों परिवारों से कहा कि दु:ख की इस घड़ी में वह उनके साथ खड़े हैं।

    सीएम योगी ने जम्मू के शिवखोड़ी में पिछले दिनों आतंकी हमले में घायल गोरखपुर के पुर्दिलपुर निवासी राजेश, रिकसोना, भैरोपुर निवासी गायत्री और सोनी को भी एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक दिया। रिकसोना की आर्थिक सहायता का चेक उनके पति राजेश ने प्राप्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इन सभी घायलों के स्वास्थ्य लाभ की जानकारी ली और कहा कि सरकार इलाज में कोई कमी नहीं आने देगी। उल्लेखनीय है कि शिवखोड़ी में हुए आतंकी हमले की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की टीम को घायलों के इलाज और वहां फंसे श्रद्धालुओं को सकुशल उनके घर वापस लाने के लिए लगाया था।

  • योग दिवस का ध्येय वाक्य: स्वयं एवं समाज के लिए योग

    दशम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का शुभारंभ

    बिजनौर। इंदिरा बाल भवन में दशम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस सप्ताह का शुभारंभ चांदपुर विधायक स्वामी ओमवेश, जिलाधिकारी अंकित अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा व नगर पालिका परिषद अध्यक्ष श्रीमती इंदिरा सिंह द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

    इस बार योग दिवस का ध्येय वाक्य स्वयं एवं समाज के लिए योग रखा गया है। कार्यक्रम का संचालन तिलकराज सिंह द्वारा एवं योग क्रियाएं प्रशांत महर्षि द्वारा कराई गई। इस अवसर पर नगर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

    हर वर्ष के भांति इस वर्ष भी आयुष विभाग, जिला प्रशासन व क्रीड़ा भारती बिजनौर द्वारा संयुक्त रूप से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

    कार्यक्रम को सफल बनाने में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक व यूनानी चिकित्सा अधिकारी, जिला होम्योपैथिक अधिकारी, योगेंद्र पाल सिंह योगी अध्यक्ष क्रीड़ा भारती बिजनौर, श्रीमती सुधा राठी गायत्री परिवार, राकेश शर्मा गोविंद क्लब, संदीप तोमर वरिष्ठ नागरिक समिति, विक्रांत शर्मा पर्यावरण प्रहरी, जयवीर सिंह जिला क्रीड़ा अधिकारी व एमपी सिंह गुड मॉर्निंग क्लब आदि का भरपूर सहयोग रहा।

  • बदमाश की फायरिंग में बाल बाल बचे एसएसआई

    जवाबी फायरिंग में घायल हुआ बदमाश

    पुलिस टीम को 25 हजार इनाम की घोषणा

    प्रॉपर्टी डीलर सुशील का हत्यारोपी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार

    बिजनौर। थाना कोतवाली शहर पुलिस एवं स्वाट सर्विलांस टीम ने प्रॉपर्टी डीलर सुशील की हत्या में वांछित अभियुक्त को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। बदमाश ने पुलिस पार्टी पर 05 राउंड फायर किए। एक गोली एसआईआई मृदुल कुमार की पहनी बुलेट प्रुफ जैकेट पर लगी। पुलिस टीम की 02 राउंड जवाबी फायरिंग में बदमाश घायल हो गया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने मौका मुआयना किया और पुलिस टीम के सराहनीय कार्य हेतु 25,000/- रुपए के इनाम की घोषणा की है।

    फायरिंग और जवाबी फायरिंग

    सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार दिनांक 15 जून 2024 को देर रात कोतवाली शहर पुलिस एवं स्वाट/सर्विलांस टीम को सूचना प्राप्त हुई कि सुशील की हत्या करने में शामिल एक बदमाश चांदपुर की तरफ से काले रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर किसी से मिलने बिजनौर आ रहा है। चेकिंग के दौरान मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति को रोकने का प्रयास किया गया तो वह नहर की पटरी-पटरी बैराज की तरफ भागने लगा। इस दौरान मोटरसाईकिल गिर गई। बदमाश ने पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से 05 राउंड फायर किये। एक गोली वरिष्ठ उप निरीक्षक मृदुल कुमार की पहनी बुलेट प्रुफ जैकेट पर लगी। पुलिस टीम ने खुद को बचाते हुए आत्मरक्षार्थ 02 राउंड जवाबी फायरिंग की। बाएं पैर में एक गोली लगने से बदमाश घायल हो गया। पुलिस ने उसे तत्काल हिरासत में लिया और जिला अस्पताल में भर्ती कराया।

    पुलिस के अनुसार पूछताछ पर बदमाश ने अपना नाम केशव उर्फ कमल पुत्र गोविन्द निवासी म. न. डी-5875 राजीव नगर शमसाबाद पलवर हरियाणा बताया। अभियुक्त के कब्जे से एक तमंचा 315 बोर व 02 जिंदा कारतूस तथा घटनास्थल से 05 खोखा कारतूस एवं स्प्लेन्डर मोटरसाइकिल बरामद की गयी। घायल बदमाश को उपचार हेतु जिला चिकित्सालय, बिजनौर में भर्ती कराया गया है। विधिक कार्यवाही प्रचलित है।

    09 पहले ही किए जा चुके गिरफ्तार

    उपरोक्त अभियुक्त थाना कोतवाली शहर पर पंजीकृत मु.अ.सं. 453/24 धारा 302/120-B/34 भादवि में वांछित है। थाना कोतवाली शहर पुलिस एवं स्वाट सर्विलांस टीम द्वारा उपरोक्त अभियोग का अनावरण करते हुए षडयंत्र रचने वाले 09 अभियुक्त 1. वसीम, 2. अतुल चौधरी, 3. नईमुद्दीन, 4. शुभम चौधरी, 5. अरनव तोमर, 6. हसीन, 7. फैजान, 8. सालिक व 9. अजीज को पूर्व में ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

    ढाई लाख रुपए की ली थी सुपारी, मारने थे 02 और …

    पुलिस के अनुसार विस्तृत पूछताछ करने पर अभियुक्त कमल ने बताया कि उसे व एक अन्य शूटर को सालिक ने जनपद बिजनौर के प्रॉपर्टी डीलर सुशील की हत्या करने के लिए बुलाया था और इस काम के लिये 2.5 लाख रुपए दिलवाए थे। योजनानुसार दिनांक 29 मई 2024 को उसने अपने एक अन्य साथी शूटर के साथ मिलकर प्रॉपर्टी डीलर की हत्या कर दी थी। यह भी बताया कि जनपद बिजनौर में ही दो अन्य लोगों की हत्या करने का भी प्लान था।

    पुलिस टीम को 25 हजार इनाम: पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने पुलिस टीम के सराहनीय कार्य हेतु 25,000/- रुपए के इनाम की घोषणा की है।

    गिरफ्तार अभियुक्त से बरामदगी: एक तमंचा 315 बोर व 02 जिंदा कारतूस तथा घटनास्थल से 05 खोखा कारतूस, स्प्लेन्डर मोटरसाइकिल, एक मोबाइल फोन व 500 रुपए नगद।

    गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में कोतवाली शहर जनपद बिजनौर के थाना प्रभारी उदय प्रताप, जयवीर सिंह प्रभारी सर्विलांस सैल, एसएसआई मृदुल कुमार, सब इंस्पेक्टर सुमित राठी, एसआई मीरहसन, स्वाट टीम से मुख्य आरक्षी प्रवेन्द्र सिंह व आरक्षी आकाश कुमार, सर्विलांस टीम से मुख्य आरक्षी जोगेन्द्र कुमार, आरक्षी विशाल चिकारा, आरक्षी सुजीत तोमर, आरक्षी मोनू कुमार, थाना कोतवाली शहर से आरक्षी विशाल, आरक्षी विजय देशवाल, आरक्षी विजय तोमर तथा आरक्षी शुभम सरोहा शामिल रहे।

  • जागरूक नागरिकों ने की जिलाधिकारी से लिखित शिकायत

    गौशाला में संदिग्ध परिस्थितियों में कई गौवंश की मौत !

    बिजनौर। नगर पालिका परिषद बिजनौर द्वारा संचालित गौशाला में संदिग्ध परिस्थितियों में कई गौवंश की मौत हो जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। नुमाइश ग्राउण्ड में स्थित इस गौशाला के मामले को लेकर एक अधिवक्ता सहित दर्जनों जागरूक नागरिकों ने जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल से लिखित शिकायत की है।

    शिकायत में कहा गया है कि नुमाइश ग्राउंड स्थित नगर पालिका परिषद बिजनौर द्वारा संचालित गौशाला में दिनांक 12 जून 2024 को भूख प्यास के चलते 35 से 40 गौवंशों की एक साथ मृत्यु हो गई। यह भी आरोप लगाया कि गौवंशों के मृत शरीर को साफ-सुथरे स्थान पर न दबाकर पालिका परिषद के ग्राम गंगदासपुर स्थित कूड़ा ट्रीटमेन्ट प्लांट में कुछ को कूड़े के अंदर ही दबा दिया और कुछ को कूड़े के ढेर पर डाल दिया गया, जिनके शरीर का कुछ हिस्सा कुत्तों ने खा लिया। शिकायत में कहा गया कि इस प्रकरण से हिन्दू धर्म प्रेमियों की भावनाएं आहत हुई हैं।

    गंभीर आरोप ?

    पूरे मामले का आरोपी नगर पालिका परिषद बिजनौर के एक वरिष्ठ अधिकारी एवं एक कनिष्ठ अधिकारी को ठहराते हुए आरोप लगाया कि उक्त दोनों ही जहां-जहां नियुक्त रहे, वहां वहां इन पर भ्रष्टाचार व अवैध धन की वसूली के आरोप लगे हैं। ये बदनाम अधिकारी हैं और पालिका परिषद बिजनौर में भी भ्रष्टाचार में इतने लिप्त हैं कि यह भूल गए कि वह खुद भी हिन्दू है। हिन्दू धर्म की आस्था गौ माता में है। उक्त दोनों अधिकारी अपने अधिकारों का नाजायज फायदा उठाकर सरकारी धन का बंदरबांट करते हैं। लालच इतना बढ़ गया है कि गौ माता के चारे के नाम पर भी सरकारी धन का गबन करने लगे। जिलाधिकारी से उक्त दोनों आरोपियों की सरकारी सेवा तुरन्त समाप्त करने एवं इनकी सम्पत्ति कुर्क करके पूर्व में गबन कर कमाए गए धन की रिकवरी करने की मांग की गई।

    शिकायत करने वालों में कुलदीप कुमार (एड०) पुत्र जय प्रकाश निवासी मोहल्ला जाटान बिजनौर, राधेश्याम, अमरदीप, विकास, सुनील कुमार, रवि सूद, रवि कुमार, रोहताश, विश्वास, देव मेहरा, भूपेंद्र, सुरेंद्र, टिंकू सिंह, दिनेश, निखिल, विशाल शामिल रहे।

    …लेकिन !

    वहीं कुछ सूत्रों का कहना है कि मृत गौवंशों की संख्या कई गुना बढ़ाकर बताई जा रही है। शवों को पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पोस्टमार्टम के बाद दफनाया गया! संबंधित विभागों के अधिकारियों के सम्पूर्ण समाधान दिवस में व्यस्त होने के कारण उनके पक्ष नहीं प्राप्त हो सके।

  • लाखों के जेवरात और नकदी बरामद

    रेहड़ पुलिस ने किया चोरी की वारदात का खुलासा, पकड़े हिस्ट्रीशीटर समेत 02 बदमाश

    बिजनौर। थाना रेहड़ पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर सहित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर चोरी की वारदात का खुलासा किया है। साथ ही चोरी किए गए करीब एक लाख रुपए कीमत के आभूषण, नगदी, मोबाइल फोन आदि एवं एक अवैध शस्त्र व चाकू सहित गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

    जानकारी के अनुसार थाना व कस्बा रेहड़ निवासी अनीस अहमद पुत्र अब्दुल रशीद ने दिनांक 13 जून 2024 को थाना पुलिस को तहरीर दी, कि 12/13 जून 2024 की रात्रि में उनके घर से सोने व चांदी के आभूषण, नगदी एवं मोबाइल फोन चोरी कर लिया गया है। तहरीर के आधार पर थाना रेहड़ पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना शुरू कर दी। कार्यवाही के दौरान थाना व कस्बा रेहड़ निवासी राशिद पुत्र बुन्दू शाह, शाकिब पुत्र शाहिद तथा दिलशाद उर्फ दिल्ला पुत्र अली हुसैन के नाम प्रकाश में आए। इसी क्रम में पुलिस ने राशिद और शाकिब को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर चोरी किए गए आभूषण, नगदी व मोबाइल फोन बरामद हो गए। इसके अलावा उनके कब्जे से एक जिन्दा कारतूस समेत 315 बोर का अवैध तमंचा तथा चाकू भी बरामद किया गया। अवैध शस्त्र/चाकू की बरामदगी के संबंध में धारा 3/4/25 आयुध अधिनियम दर्ज किया गया।

    कब्रिस्तान में छिपा दिया था चोरी का सामान

    पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने पुलिस को बताया कि उक्त तीनों ने मिलकर अपने गांव रेहड़ निवासी अनीस अहमद के घर से ज्वैलरी, नगदी, पर्स, टूटी गुल्लक आदि जो एक थैले में रखे थे तथा 12, 000 रुपए चोरी किए। रुपए आपस में बांटने के साथ ही चोरी के सामान को कब्रिस्तान में छिपा दिया था। तीनों ने मिलकर पहले भी कई चोरियां की।

    बेहद शातिर हैं अभियुक्त

    प्रभारी निरीक्षक धीरज सिंह सोलंकी ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों राशिद व शाकिब का विस्तृत आपराधिक इतिहास है। उनके विरुद्ध चोरी, गैंगस्टर आदि विभिन्न गम्भीर धाराओं में स्थानीय थाने पर अभियोग पंजीकृत हैं। राशिद हिस्ट्रीशीट संख्या 31ए का हिस्ट्रीशीटर अभियुक्त है। दिलशाद उर्फ दिल्ला की शीघ्र गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। आपराधिक इतिहास –

    हिस्ट्रीशीटर अभियुक्त राशिद उपरोक्त –

    1. मु0अ0सं0 156/2020 धारा 3/25 शस्त्र अधिनियम थाना रेहड जनपद बिजनौर 2. मु0अ0सं0 131/2020 धारा 380/457/411 भादवि थाना रेहड जनपद बिजनौर

    3.मु0अ0सं0 25/2021 धारा 60 (1) आबकारी अधिनियम थाना रेहड जनपद बिजनौर

    4.मु0अ0सं0 359/2021 धारा 8/20 एनडीपीएस अधिनियम थाना अफजलगढ जनपद बिजनौर

    5. मुअ0सं0 75/2024 धारा 457/380/411/413/414 भादवि थाना रेहड जनपद बिजनौर

    6.मु0अ0सं0 76/2024 धारा 3/4/25 आयुध अधिनियम थाना रेहड जनपद बिजनौर

    अभियुक्त शाकिब उपरोक्त –

    1. मु0अ0सं0 156/2020 धारा 3/25 शस्त्र अधिनियम थाना रेहड जनपद बिजनौर

    2. मु0अ0सं0 100/2021 धारा 4/25 आयुध अधिनियम थाना रेहड जनपद बिजनौर

    3.मु0अ0सं0 43/2022 धारा 4/25 आयुध अधिनियम थाना रेहड जनपद बिजनौर

    4. मु0अ0सं0 97/2022 धारा 380/411 भादवि थाना रेहड जनपद बिजनौर

    5. मु0अ0सं0 98/2022 धारा 380/411 भादवि थाना रेहड जनपद बिजनौर

    6.मु0अ0सं0 99/2022 धारा 411/413 भादवि व 41/102 सीआरपीसी थाना रेहड जनपद बिजनौर

    7.मु0अ0सं0 122/2022 धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट थाना रेहड जनपद बिजनौर

    8.मु0अ0सं0 117/2023 धारा 411 भादवि0 व 41/102 सीआरपीसी थाना रेहड जनपद बिजनौर

    9. मुअ0सं0 75/2024 धारा 457/380/411/413/414 भादवि थाना रेहड जनपद बिजनौर

    10.मु0अ0सं0 76/2024 धारा 3/4/25 आयुध अधिनियम थाना रेहड जनपद बिजनौर

    गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना रेहड जनपद बिजनौर के प्रभारी निरीक्षक धीरज सिंह सोलंकी, उप निरीक्षक प्रवीण कुमार, हेड कांस्टेबल श्यामवीर सिंह, कांस्टेबल ललित कुमार व कांस्टेबल सतेन्द्र कुमार शामिल रहे।

    आपराधिक इतिहास –

    हिस्ट्रीशीटर अभियुक्त राशिद

    1. मु. अ. संख्या 156/2020 धारा 3/25 शस्त्र अधिनियम थाना रेहड़ जनपद बिजनौर

    2. मु. अ. संख्या 131/2020 धारा 380/457/411 भादवि थाना रेहड़ जनपद बिजनौर

    3. मु. अ. संख्या 25/2021 धारा 60 (1) आबकारी अधिनियम थाना रेहड़ जनपद बिजनौर

    4. मु. अ. संख्या 359/2021 धारा 8/20 एनडीपीएस अधिनियम थाना अफजलगढ़ जनपद बिजनौर

    5. मु. अ. संख्या 75/2024 धारा 457/380/411/413/414 भादवि थाना रेहड़ जनपद बिजनौर

    6. मु. अ. संख्या 76/2024 धारा 3/4/25 आयुध अधिनियम थाना रेहड़ जनपद बिजनौर

    अभियुक्त शाकिब के खिलाफ थाना रेहड़ पर कुल 10 मुकदमे हैं दर्ज

    1. मु. अ. संख्या 156/2020 धारा 3/25 शस्त्र अधिनियम।

    2. मु. अ. संख्या 100/2021 धारा 4/25 आयुध अधिनियम।

    3. मु. अ. संख्या 43/2022 धारा 4/25 आयुध अधिनियम।

    4. मु. अ. संख्या 97/2022 धारा 380/411 आईपीसी।

    5. मु. अ. संख्या 98/2022 धारा 380/411 आईपीसी।

    6. मु. अ. संख्या 99/2022 धारा 411/413 आईपीसी व 41/102 सीआरपीसी।

    7. मु. अ. संख्या 122/2022 धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट।

    8. मु. अ. संख्या 117/2023 धारा 411 आईपीसी व 41/102 सीआरपीसी।

    9. मु. अ. संख्या 75/2024 धारा 457/380/411/413/414 आईपीसी।

    10. मु. अ. संख्या 76/2024 धारा 3/4/25 आयुध अधिनियम।

    गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना रेहड जनपद बिजनौर के प्रभारी निरीक्षक धीरज सिंह सोलंकी, उप निरीक्षक प्रवीण कुमार, हेड कांस्टेबल श्यामवीर सिंह, कांस्टेबल ललित कुमार व कांस्टेबल सतेन्द्र कुमार शामिल रहे।

  • बिजनौर के नजीबाबाद तहसील का एक लेखपाल चढ़ा एंटी करप्शन की भेंट

    नजीबाबाद तहसील का एक लेखपाल रिश्वतखो़री के मामले में एंटी करप्शन की टीम ने पकड़ा

    उक्त लेखपाल नजीबाबाद में पहले से ही रहा है विवादों में

    लेखपाल का नाम है डेविड चौहान

  • मात्र एक दिन में 2679 लोगों का दुर्घटना बीमा करके वाराणसी परिक्षेत्र ने उत्तर प्रदेश में बनाया रिकॉर्ड

    उत्तर प्रदेश में एक दिन में सर्वाधिक दुर्घटना बीमा कर वाराणसी डाक परिक्षेत्र ने बनाया नया कीर्तिमान

    वाराणसी। डाक विभाग के उपक्रम रूप में स्थापित इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक ने पाँच वर्षों के अपने सफर में ‘आपका बैंक, आपके द्वार’ को प्रोत्साहित करते हुए तमाम नए आयाम स्थापित किये हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन और डिजिटल इण्डिया के क्षेत्र में आज इसकी अहम् भूमिका है। समाज के अंतिम वर्ग के लोगों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने हेतु विभिन्न कंपनियों से एग्रीमेंट के तहत सस्ती दरों पर बीमा का लाभ भी आईपीपीबी द्वारा प्रदान किया जा रहा है। उक्त उद्गार वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक द्वारा क्षेत्रीय कार्यालय, वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किये।

    गौरतलब है कि वाराणसी परिक्षेत्र ने 13 जून को मात्र एक दिन में 2679 लोगों का दुर्घटना सुरक्षा बीमा करके उत्तर प्रदेश परिमंडल में एक दिन में सर्वाधिक बीमा करने का नया कीर्तिमान स्थापित किया, जिसके सापेक्ष साढ़े ग्यारह लाख रूपये का प्रीमियम जमा किया गया। यही नहीं, जीआई सर्वसुरक्षा अभियान के तहत पहले ही दिन प्रदत्त लक्ष्य के सापेक्ष 329 फीसदी सफलतापूर्वक प्राप्त कर वाराणसी परिक्षेत्र ने पूरे भारत में भी प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके उपलक्ष्य में इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने आईपीपीबी के चीफ मैनेजर श्री बृज किशोर और प्रवर डाक अधीक्षक श्री राजीव कुमार के संग केक काटकर लोगों से खुशियाँ बाँटी एवं डाक विभाग के ग्रामीण डाक सेवक, पोस्टमास्टर्स, निरीक्षक, सहायक अधीक्षक, मण्डलाधीक्षक और आईपीपीबी मैनेजर्स सहित समस्त स्टाफ को शुभकामनाएँ देते हुए भविष्य में नए कीर्तिमान स्थापित करने हेतु हौसलाअफ़जाई की।

    पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि आईपीपीबी की परिवर्तनकारी उपस्थिति ने बैंकिंग परिदृश्य को नया आकार दिया है, जो डोर-स्टेप बैंकिंग की पेशकश करता है एवं सुलभ सेवाओं का प्रतीक है जो परिवर्तन को प्रज्ज्वलित करता है। आईपीपीबी के माध्यम से डाकिया और ग्रामीण डाक सेवक आज एक चलते फिरते बैंक के रूप में कार्य कर रहे हैं। सीईएलसी के तहत घर बैठे बच्चों का आधार बनाने, मोबाइल अपडेट करने, डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट, डीबीटी, बिल पेमेंट, एईपीएस द्वारा बैंक खाते से भुगतान, वाहनों का बीमा, स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना जैसी तमाम सेवाएं आईपीपीबी द्वारा डाकिया के माध्यम से घर बैठे मुहैया कराई जा रही हैं। आईपीपीबी में खाता होने पर डाकघर की सुकन्या, आरडी, पीपीएफ, डाक जीवन बीमा में भी ऑनलाइन जमा किया जा सकता है। आईपीपीबी उन तमाम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनके पास बीमा और अन्य वित्तीय सेवाओं तक आसान पहुंच नहीं है।

    इस अवसर पर सहायक निदेशक बृजेश शर्मा, लेखाधिकारी प्लाबन नस्कर, सहायक अधीक्षक पल्लवी मिश्रा, निरीक्षक अनिकेत रंजन, दिलीप पांडेय, सहायक लेखाधिकारी संतोषी राय, मनीष मिश्रा, श्रीप्रकाश गुप्ता, आनंद प्रधान, राकेश कुमार सहित तमाम कर्मी उपस्थित रहे।

  • उपलब्धि

    – यह नया शोध उन लोगों के लिए वरदान साबित होगा जो रक्त परीक्षण से डरते हैं

    – यूरिन आधारित टेस्ट स्ट्रिप से ग्लूकोज मॉनिटरिंग अधिक सुलभ होगी

    – दौलतपुर गांव के रहने वाले विभव शुक्ला नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी रायपुर से कर रहे हैं शोध

    रायबरेली के छात्र ने डेवलप की यूरिन से शुगर जांचने वाली स्ट्रिप

    रायबरेली। शरीर में शुगर की जांच के लिए अब ब्लड सैंपल निकालना जरूरी नहीं होगा। शुगर लेवल की जांच यूरिन (पेशाब) से भी की जा सकेगी। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रायपुर में जनपद के शोध छात्र विभव शुक्ला ने ब्लड की जगह यूरिन से शुगर मापने वाल टेस्ट स्ट्रिप विकसित की है। उनका यह नया शोध उन लोगों के लिए वरदान साबित होगा जो रक्त परीक्षण से डरते हैं।

    यह नवाचार ग्लूकोज मॉनिटरिंग को बदलने का वादा करता है, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो डरते हैं। संस्थान के केमिस्ट्री डिपार्टमेंट में एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर कफील अहमद सिद्दिकी के निर्देशन में शोध कर रहे पीएचडी छात्र विभव शुक्ल सरेनी क्षेत्र के दौलतपुर गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता विनय कुमार शुक्ल हरिवंश लाल शुक्ल इंटर कॉलेज ऊँचगॉंव-उन्नाव में प्रधानाचार्य के रूप में कार्य का कार्यरत हैं। 

    विभव ने बताया कि पारंपरिक रूप से ग्लूकोज स्तर को डायबिटीज जैसी स्थितियों की निगरानी के लिए रक्त नमूनों का उपयोग करके मापा जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग, रक्त परीक्षण से डर और गलतफहमियों के कारण बचते हैं। वे मानते हैं कि एक बूंद खून बनने में एक साल लगता है।

    शुगर लेवल जांचने के लिए विभव नए शोध पर काम कर रहे थे। उनका लक्ष्य ऐसी टेस्ट स्ट्रिप्स बनाना था जो सस्ती और आसानी से उपलब्ध हो। जैसे, गर्भावस्था परीक्षण स्ट्रिप्स। उनका उद्देश्य यह है कि आम लोग अपने घर में बिना किसी इंजेक्शन या रक्त के अपने शुगर स्तर की सही जांच यूरिन के माध्यम से कर सकें। उनका कहना है कि शोध में ऐसी टेस्ट स्ट्रिप्स का विकास हुआ, जो इन ग्लूकोज सांद्रताओं पर एक विशिष्ट रंग परिवर्तन दिखाती हैं। उनका कहना है कि यूरिन-आधारित टेस्ट स्ट्रिप से ग्लूकोज मॉनिटरिंग अधिक सुलभ और कम डरावनी हो जाएगी।

    विभव शुक्ला ने बताया कि  उनका यह शोध प्रसिद्ध जर्नल ‘मटेरियल्स टुडे केमिस्ट्री’ में प्रकाशित भी हुआ है। विभव का यह शोध ग्लूकोज डिटेक्शन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतिनिधित्व करता है। दुनिया भर में उच्च शुगर स्तर से प्रभावित लाखों लोगों के साथ, यह नवाचार डायबिटीज प्रबंधन और समग्र स्वास्थ्य परिणामों में सुधार के लिए अपार संभावनाएं रखता है।

    शोध में ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क का उपयोग

    विभव शुक्ला ने अपने अनुसंधान में आयरन डोप्ड जिंक-बेस्ड मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क का उपयोग किया, जिसमें उन्होंने क्रिएटिनिन, क्रिएटिन, यूरिया, ग्लूकोज आदि सहित यूरिन के विभिन्न घटकों का परीक्षण किया। उन्होंने पाया कि आयरन डोप्ड जिंक-बेस्ड मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क जब ग्लूकोज के संपर्क में आता है, तो यूवी लाइट के तहत हरा रंग प्रदर्शित करता है, जबकि अन्य घटक कोई अलग रंग नहीं दिखाते। इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन के अनुसार, 2019 में लगभग 463 मिलियन वयस्क डायबिटीज से पीड़ित थे। वर्ष 2045 तक यह संख्या 700 मिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है।

    गांव में ही हुई विभव की प्रारंभिक शिक्षा

    गंगा किनारे बसे दौलतपुर में जन्मे विभव ने प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही प्राप्त की। सरस्वती विद्या मंदिर, उंचगाँव, उन्नाव से कक्षा 12 की पढ़ाई के बाद फिरोज गांधी कॉलेज से बीएससी और डीएवी कॉलेज-कानपुर से एमएससी की डिग्री प्राप्त की। 2019 में उन्होंने रसायन विज्ञान विषय में CSIR, NET/JRF परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 52 हासिल की और साथ ही GATE परीक्षा भी पास की। वर्तमान में, विभव शुक्ला नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रायपुर में पीएचडी कर रहे हैं।

  • ग्राम मथुरापुर मोर में खनन अनुज्ञा पत्र की शर्तों का उल्लंघन

    स्वीकृत खनन क्षेत्र के बाहर उपखनिजों का अवैध खनन

    अवैध खनन: पट्टाधारक पर 14 लाख रुपए जुर्माना

    बिजनौर। ग्राम मथुरापुर मोर में पट्टाधारक ने खनन अनुज्ञा पत्र की शर्तों का उल्लंघन किया। लिहाजा जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने रुपए 13,77,140/- जुर्माना लगाते हुए नोटिस निर्गत किया है। इसे जमा करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।

    प्रतीकात्मक चित्र

    जिलाधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम मथुरापुर मोर स्थित गाटा संख्या 98मि रकबा 1.140 हे0 में एकत्रित बालू/मौरम/बजरी/ बोल्डर को हटाकर कृषि योग्य बनाए जाने हेतु तीन माह का पट्टा तेजपाल सिंह पुत्र मनफूल निवासी ग्राम मथुरापुर मोर को हुआ था। स्थलीय निरीक्षण कराये जाने पर पाया गया कि परमिटधारक द्वारा बार-बार खनन अनुज्ञा पत्र की शर्तों का उल्लघंन कर स्वीकृत खनन क्षेत्र के बाहर उपखनिजों का अवैध खनन किया गया। ऐसी स्थिति में अवैध खनन पाए जाने पर कुल धनराशि रुपए 13,77,140/- परमिटधारक पर अधिरोपित करते हुए एक सप्ताह के भीतर राजकीय कोष में जमा करने हेतु नोटिस निर्गत किया गया है। ऐसा न करने की स्थिति में परमिटधारक को जारी की गई अनुज्ञा/अनुमति निरस्त कर दी जायेगी।

  • कार्रवाई न होने पर पीड़ित और परिजन भयभीत

    विकास अधिकारी कृषि पर गोली चलाने का आरोपी पुलिस पकड़ से दूर

    शामली। कांधला शामली में तैनात सहायक विकास अधिकारी कृषि पर गोली चलाने के आरोपी को पुलिस पकड़ नहीं पाई है। घटना के 88 दिन बीतने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने से पीड़ित व परिजन भयभीत हैं।

    कांधला में तैनात सहायक विकास अधिकारी कृषि जयदेव कुमार ने पुलिस अधीक्षक शामली को प्रार्थना पत्र दे कर अवगत कराया कि दिनांक 17 मार्च 2024 को रात्रि लगभग 08:30 बजे आरोपी मोनू कुमार पुत्र रामनिवास ग्राम भीमला जनपद शामली ने गोली चलाई थी। इस संबंध में थाना कांधला पर अभियोग संख्या 68/2024 पंजीकृत है। आरोप है कि तब से अब तक आरोपी को गिरफ्तार करने में पुलिस नाकामयाब रही है। कार्यालय खण्ड विकास अधिकारी कांधला में सहायक विकास अधिकारी कृषि (कृषि विभाग) पर पदेन कार्यरत जयदेव कुमार ने अवगत कराया कि उक्त आरोपी की गिरफ्तारी न होने के कारण वह और उनका परिवार लगातार मानसिक पीड़ा में हैं। वह अपने दैनिक राजकीय कार्यों का निष्पादन पूर्ण मनोयोग से नहीं कर पा रहे। परिवार भययुक्त जीवन व्यतीत करने को मजबूर है व घर से पलायन की स्थिति में है।

  • नूरपुर और चांदपुर बैरियर पर चेकिंग

    पुलिस लाइंस परेड ग्राउंड में सलामी और निरीक्षण

    बिजनौर। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन, बिजनौर के परेड ग्राउंड में शुक्रवार परेड की सलामी लेकर परेड का निरीक्षण किया गया। उन्होंने अनुशासन व एकरूपता बनाए रखने के लिए टोलीवार ड्रिल करवायी। तथा यूपी-112 वाहनों/ड्रोन कैमरा, क्वार्टर गार्द आदि का निरीक्षण कर सर्वसंबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। परेड के दौरान क्षेत्राधिकारी नगर संग्राम सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

    वहीं अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम अर्ज द्वारा थाना नूरपुर क्षेत्रान्तर्गत पुलिस चौकी गोरक्षधाम/ताजपुर बैरियर तथा थाना चांदपुर क्षेत्रान्तर्गत बैरियर पर डयूटीरत पुलिसकर्मियों को चेक कर सर्व संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गए। साथ ही संदिग्ध व्यक्ति/वाहनों की चेकिंग कराई गई।

  • चांदपुर में आमने सामने आए वाल्मीकि और दलित समाज

    पूरी न हुई मांग तो अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे सफाई कर्मचारी

    बिजनौर। चांदपुर में वाल्मीकि और दलित समाज आमने सामने आ गए हैं। आरोप है कि पूर्वजों की भूमि पर चारदीवारी कर रहे वाल्मीकि समाज के लोगों के साथ दलित समाज के लोगों द्वारा मारपीट की गई! वहां डॉ० भीम राव अम्बेडकर जी की मूर्ती भी स्थापित कर दी गई। जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर मांग पूरी न होने पर नगर पालिका चांदपुर के समस्त सफाई कर्मचारी 14 जून 2024 से अनिश्चितकालीन हड़ताल करने जा रहे हैं। 

    वाल्मीकि समाज के दर्जनों लोगों द्वारा जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर अवगत कराया गया कि 08 जून को वह लोग अपनी आराजी में निर्माण कार्य (चारदीवारी) करा रहे थे। तभी अचानक मोहल्ले के कुछ शातिर किस्म के व्यक्ति व महिलाएं मौके पर पहुंचे और उन्होंने गाली गलौच करते हुए मारपीट शुरू कर दी। लेवर के द्वारा किया गया निर्माण कार्य तोड़ दिया गया। वहां पर रखे सीमेन्ट के कट्टे, तस्ले, फावड़े व ईंटे उठाकर ले गए। उक्त हमलावरों ने प्लॉट पर डॉ० भीम राव अम्बेडकर जी की मूर्ती स्थापित कर दी। मामले की शिकायत रात्रि लगभग 08 बजे थाना चांदपुर पुलिस को दी गई थी। ज्ञापन में बताया कि उक्त आराजी उनके पूर्वजों के द्वारा खरीदी गई है। प्रार्थीगण के पास माननीय न्यायालय का निर्माण कार्य कराने संबंधी आदेश भी है। ज्ञापन में कहा गया कि उनके प्लॉट से उक्त मूर्ती को तुरंत हटाया जाए और मुल्जिमानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जाए। यदि 14 जून 2024 तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो सभी कर्मचारी हड़ताल पर जायेंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी।

    ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्य मंत्री, पुलिस निदेशक, जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक बिजनौर, उपजिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी एवं थाना प्रभारी चांदपुर को भेजी गई हैं। ज्ञापन देने वालों में रंजीत पुत्र जीवन, विशाल सैलानी पुत्र ओमप्रकाश, विकास पुत्र राम सिंह, प्रेम पुजारी पुत्र ओमप्रकाश नि० मोहल्ला शाहचन्दन कस्बा व थाना चान्दपुर जिला बिजनौर शामिल रहे।

  • कांग्रेस 18 बार जीत चुकी है चुनाव

    राहुल की जीत से रायबरेली में कांग्रेस बनी ‘बालिग’ 

    18वीं लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन में बेहतर सुधार के बाद ‘जननायक’ के रूप में देखे जा रहे कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के नाम यूपी में दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज करने का रिकॉर्ड दर्ज हुआ है। जीत के मामले में रायबरेली लोकसभा सीट से कांग्रेस को ‘बालिग’ बनाने का श्रेय भी राहुल गांधी को गया है। राहुल गांधी की जीत के साथ ही रायबरेली देश की इकलौती लोकसभा सीट बन गई है, जहां कांग्रेस 18 बार चुनाव जीत चुकी है। इस जीत में 15 आम चुनाव और तीन उपचुनाव शामिल हैं। देश में ऐसा कोई दूसरा उदाहरण मिलना मुश्किल है, जहां एक पार्टी एक सीट से 18 बार जीती हो।

    फिरोज गांधी से हुई थी शुरुआत

    रायबरेली के कांग्रेसियों के अनुरोध पर प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अपने दामाद और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पति फिरोज गांधी को 1952 में हुए देश के पहले आम चुनाव में प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ाया था। 1957 में दोबारा जीत दर्ज करने के बाद 1960 में फिरोज गांधी का असामयिक निधन हो गया। उनके निधन के बाद हुए उपचुनाव में कांग्रेस के टिकट पर राजेंद्र प्रताप सिंह जीते थे।

    इंदिरा गांधी की वजह से चर्चा में आई
    लोकसभा क्षेत्रों के परिसीमन में 1962 में रायबरेली सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गई। कांग्रेस ने यहां दो सदस्य सीट से फिरोज गांधी के साथ सांसद रह चुके बैजनाथ कुरील को चुनाव लड़ाया। उन्होंने जनसंघ की तारावती को हराकर कांग्रेस की जीत का रिकॉर्ड कायम रखा। 1967 में रायबरेली सीट सामान्य हो गई और इंदिरा गांधी ने पति की सीट को अपनी कर्मभूमि बनाया। 1967 और 1971 के दो चुनाव उन्होंने लगातार जीते। आपातकाल के बाद 1977 हुए चुनाव में राजनारायण के हाथों हार और 1980 में हुए मिड टर्म पोल में यहां बदला चुकाकर उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।

    सोनिया गांधी ने जीते पांच चुनाव
    इंदिरा गांधी की हत्या के बाद खानदान के अरुण नेहरू और शीला कौल ने दो-दो बार कांग्रेस के टिकट पर रायबरेली की नुमाइंदगी की। वर्ष 1999 में कैप्टन सतीश शर्मा कांग्रेस के टिकट पर ही चुने गए। इसके बाद गांधी परिवार की बहू सोनिया गांधी अमेठी छोड़कर 2004 में रायबरेली से चुनाव लड़ीं। उन्होंने एक उपचुनाव (2006) के साथ पांच बार इस सीट से जीत दर्ज की। इस सीट पर सबसे अधिक वोट शेयर (उपचुनाव में 80.49%) और सर्वाधिक मतों से जीत का रिकॉर्ड अभी तक सोनिया गांधी के नाम ही दर्ज है।

    बालिग बनाने का श्रेय राहुल के नाम
    सोनिया गांधी के सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने के बाद 18वीं लोकसभा के चुनाव में गांधी परिवार ने रायबरेली से राहुल गांधी को चुनाव लड़ने भेजा। राहुल के चुनाव लड़ने के पहले रायबरेली में 20 चुनाव हुए और 17 चुनाव में कांग्रेस जीत चुकी थी। 2024 का चुनाव राहुल गांधी ने 389341 मतों के बड़े अंतर से जीत कर 103 साल पुरानी पार्टी को जीत के मामले में एक ही चुनाव क्षेत्र में बालिग बना दिया। राहुल गांधी की यह जीत रायबरेली से कांग्रेस की 18वीं जीत है।

    तीन बार जीत चुके हैं विरोधी नेता

    नि:संदेह रायबरेली कांग्रेस का मजबूत किला है। इस किले को पहली बार भारतीय लोकदल के टिकट पर समाजवादी नेता राजनारायण ने इंदिरा गांधी को 1977 में हराकर भेदा था। इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या के बाद गांधी परिवार ने सक्रिय राजनीति से अपने को दूर रखा। इसीलिए वर्ष 1996 और 1998 में अशोक सिंह भाजपा से दो बार सांसद चुने गए। इसके बाद से विपक्ष की सभी कोशिशें बेकार सिद्ध हुई हैं।

    -गौरव अवस्थी

  • कांग्रेस के प्रति बढ़ा है वोटर्स का विश्वास

    कांग्रेस के सामने वोटर्स के बढ़े विश्वास को बढ़ाने की चुनौती

    आंकड़ों की लीला अजीब होती है। आंकड़े डराते हैं और सुखद अहसास भी कराते हैं। बशर्ते आंकड़े बदलने के लिए कड़ा पसीना बहाया गया हो आंकड़ों में जरा सा हेरफेर आसान है लेकिन हकीकत कठिन। पिछले दो चुनावों के आंकड़े कुछ ऐसे ही थे लेकिन इस बार आंकड़ों में हल्का सा उलट-पुलट कांग्रेस में नई जान डालने वाला साबित हुआ है।

    याद कीजिए, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़े गए 2014 के आम चुनाव में कांग्रेस को स्वतंत्रता के बाद हुए चुनाव में सबसे कम 44 सीटें मिलीं थीं। 2019 में कांग्रेस की सूरत थोड़ी ही बदली। हाल कमोबेश पहले जैसा ही था। कांग्रेस के इस हालात पर बड़े-बड़े राजनीतिक विश्लेषकों चिंतकों और मूर्धन्य पत्रकारों ने कांग्रेस के खत्म होने की भविष्यवाणी और प्रधानमंत्री मोदी ने तो कांग्रेस मुक्त भारत की कल्पना ही कर डाली। आपको याद होगा 2014 में करारी हार के बाद राहुल गांधी के अचानक एक महीने अज्ञातवास पर चले जाने को भी न जाने किस-किस चश्मे से देखा गया। उन्हें पलायनवादी बता दिया गया। कुछ विद्वानों ने तो कांग्रेस नेतृत्व को ‘अविश्वासी’ तक कहने में संकोच नहीं किया।

    वोट शेयर के आइने में आपको बहुत बदलाव नजर नहीं आएगा लेकिन कुल मिले वोटो का तुलनात्मक अध्ययन से कांग्रेस के प्रति वोटरों के बढ़ते विश्वास को आप महसूस कर सकेंगे। 2014 और 2019 के चुनाव में चुनाव में कांग्रेस को क्रमशः 10,69,35942 (19.53%) और 11,04,95214 (19.47%) वोट मिले। 2014 के मुकाबले 2019 में .06% वोट कम मिलने के बावजूद कांग्रेस के आठ सांसद ज्यादा जीते और करीब 36 लाख वोट अधिक मिले। वर्ष 2024 के आम चुनाव में 1.72% की वृद्धि के साथ कांग्रेस के खाते में 21.19% मत आए हैं। मामूली सी लगने वाली इस वृद्धि से कांग्रेस से 47 सांसद अधिक चुने गए हैं।

    इस चुनाव में कांग्रेस को 13,67,59,064 वोट मिले हैं। 2019 के मुकाबले इस बार के चुनाव में कांग्रेस के 1,72,63,850 वोट अधिक हैं। इसका साफ मतलब है कि कांग्रेस के प्रति वोटरों का विश्वास बढ़ा है लेकिन इन वोटरों का विश्वास बनाए रखते हुए वोट शेयर और बढ़ाने की चुनौती कांग्रेस के सामने अभी भी खड़ी है। यह भी सही है कि 40 साल बाद कांग्रेस 12 करोड़ वोटों से आगे के सफर पर निकली है। आप याद कीजिए, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी 2024 के चुनाव के 2 साल पहले वातानुकूलित कमरे छोड़कर भारत जोड़ो यात्रा पर कन्याकुमारी से कश्मीर तक पैदल चले। समय लगाया। पसीना बहाया। धूप देखी न बारिश। हवा न बर्फबारी। मणिपुर से मुंबई तक भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर निकले। इस मेहनत का अंजाम आंकड़ों में देखेंगे तो बहुत फर्क नजर नहीं आएगा लेकिन सांसदों की संख्या दोगुने के करीब पहुंच गई और नए वोटर जुड़ने का आंकड़ा सुखद एहसास कराने वाला है लेकिन इसका यह मतलब कतई नहीं है कि कांग्रेस चुपचाप बैठ जाए।

    अभी कांग्रेस और भाजपा के बीच करीब 10 करोड़ वोटों का फासला बना हुआ है। भाजपा को 24 के आम चुनाव में 23 करोड़ से ज्यादा वोट मिले हैं। इस फासले को खत्म करने के लिए अभी कांग्रेस या कह लीजिए इंडि गठबंधन को 5 करोड़ वोटरों को अपने पाले में लाने की चुनौती बरकरार है। इस उपलब्धि पर कांग्रेस या इंडि गठबंधन का इतराना आत्मघाती होगा। इसका सीधा मतलब है कि एनडीए को देश पर शासन करने के और मौके मयस्सर कराना।
    गौरव अवस्थी

  • 30 जून तक हो सकेंगे तबादले

    यूपी में नई तबादला नीति लागू

    लखनऊ। लोकसभा चुनाव के चलते लगी आचार संहिता हटने के बाद योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को नई तबादला नीति को मंजूरी दे दी। इस नीति के तहत विभागाध्यक्ष 30 जून तक तबादला कर सकेंगे। इसके बाद तबादला करने के लिए मुख्यमंत्री से अनुमति लेनी होगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में यह फ़ैसला हुआ। बैठक में नई ट्रांसफर नीति समेत 41 प्रस्तावों पर मुहर लगी। इसमें से 26 प्रस्ताव जल संसाधन मंत्रालय के हैं।

    आठ जून को हुई मंत्रियों की बैठक में दोनों डिप्‍टी सीएम दिल्‍ली में होने के चलते शामिल नहीं हो पाए थे। मंगलवार की बैठक में डिप्‍टी सीएम ब्रजेश पाठक मौजूद रहे जबकि डिप्‍टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य इस बार भी शामिल नहीं हुए। बताया जा रहा है कि वह अभी भी दिल्‍ली में हैं।

    कैबिनेट से तबादला नीति मंजूर होने के बाद आज ही शासनादेश जारी करने की तैयारी है। इस बार विभागाध्यक्षोंं को सिर्फ 19 दिन ही तबादले का अधिकार रहेगा, जो सभी विभागाध्यक्ष 30 जून तक ही कर सकेंगे। जिले में तीन और मंडल में सात साल वाले तबादले के दायरे में आएंगे। नई नीति के तहत समूह ‘क’ और ‘ख’ कर्मचारियों की कुल संख्या के अधिकतम 20 प्रतिशत तक तबादले किए जा सकेंगे। वहीं समूह ‘ग’ और ‘घ’ के कार्मिकों की संख्या के अधिकतम 10 प्रतिशत तक तबादले करने की अनुमति होगी। नई नीति में यह भी प्रावधान किया गया है कि अगर कोई विभाग समूह ग और घ में निर्धारित 10 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों का तबादला करना चाहता है, तो इसके लिए विभागीय मंत्री की इजाजत लेनी होगी।

    इसमें अधिकतम 20 प्रतिशत कर्मचारियों का तबादला किया जा सकेगा। इन तबादलों में उन कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी जो लंबे समय से एक ही जगह पर तैनात हैं। तबादला नीति में कहा गया है कि समूह ख और ग कर्मचारियों के ट्रांसफर में जहां तक संभव हो सके मेरिट बेस्ड ऑनलाइन ट्रांसफर सिस्टम से किया जाए। नीति के तहत असमर्थ दिव्यांग बच्चों के माता-पिता से तैनाती के लिए विकल्प लिया जाए। ऐसे कर्मचारियों का तबादला उन जगहों पर किया जाए, जहां उनकी उचित देखभाल हो सके और इलाज किया जा सके।

  • राहुल गांधी की जिम्मेदारी अब और ज्यादा

    रायबरेली में राहुल के लिए ‘पहला प्यार’ मां सोनिया से भी बड़ा

    रायबरेली से राहुल गांधी जीत गए। उन्हें जीतना था। रायबरेली के मतदाता पहली बार में ही इतने बड़े अंतर से जीत दिलाएंगे, इसका भरोसा तमाम कांग्रेसियों को भी नहीं रहा होगा। उन नेताओं को भी नहीं रहा होगा जो बाहर से यहां आकर राहुल गांधी के लिए प्रचार कर रहे थे। रायबरेली ने गांधी परिवार से अपने रिश्तों पर एक बार फिर मोहर लगाई है लेकिन इस मोहर की इंक सोनिया गांधी के नाम पर लगाई गई स्याही से ज्यादा गाढ़ी है।

    आप पूछेंगे कैसे? आइए! आंकड़ों की तरफ चलते हैं। सोनिया गांधी ने अपनी सास की कर्मभूमि को 2004 में अपनाया था। अपने के पहले अपने परिवार के हनुमान कहे जाने वाले कैप्टन सतीश शर्मा को 1999 में यहां चुनाव लड़ने के लिए भेजा। कैप्टन सतीश शर्मा ने येन केन प्रकारेन रायबरेली और गांधी परिवार के पारंपरिक रिश्ते को अपनी जीत के आधार पर प्रमाणित किया। इसके बाद सोनिया गांधी रायबरेली में पहला चुनाव लड़ने के लिए 2004 में आईं।

    राहुल गांधी को रायबरेली ने हाथों हाथ लिया

    गांधी परिवार की की बहू सोनिया गांधी पर भी रायबरेली ने पहली बार अपना प्यार लुटाया था लेकिन इतना नहीं जितना अपने बेटे सरीखे राहुल गांधी पर। 2004 के चुनाव में सोनिया गांधी को 378107 मत मिले थे यह कुल पड़े मतों का 58.75% था। सोनिया गांधी के के प्रति रायबरेली का यह पहला प्यार था। सोनिया गांधी के सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने पर रायबरेली से पहली बार चुनाव लड़ने आए राहुल गांधी को रायबरेली ने हाथों हाथ लिया और मां सोनिया गांधी से 10% अधिक मत पहले चुनाव में प्रदान किए। 10% मतों का अंतर बहुत बड़ा होता है इसीलिए मैं कह रहा हूं कि रायबरेली ने राहुल पर अपना पहला प्यार मां से अधिक बरसाया है। यह भी सच है कि उन्होंने 2019 में मां सोनिया गांधी के जीत के अंतर को सबसे कम करने वाले भाजपा उम्मीदवार दिनेश प्रताप सिंह के वोट शेयर में 10% की कमी लाकर मां का बदला ले लिया है।

    करनी होगी काफी मशक्कत

    हालांकि वर्ष 2009 के दूसरे चुनाव में सोनिया गांधी को 72% से अधिक मत मिले थे। दोहरे लाभ के पद के आरोप लगने के बाद सोनिया गांधी द्वारा दिए गए स्थिति पर वर्ष 2006 में हुए उपचुनाव में सोनिया को रिकॉर्ड 80% वोट मिले। राहुल गांधी को वोट शेयर के मामले में अभी मां सोनिया गांधी के रिकॉर्ड को छूने में काफी मशक्कत रायबरेली के विकास को लेकर करनी होगी, वह भी तब; जब राज्य और केंद्र में उनकी अपनी सरकार होने की संभावना अभी नहीं के बराबर है। कोई चमत्कार हो जाए समीकरण बदल जाए और कुछ नए साथी मिल जाए तो हो सकता है भले ही केंद्र में गठबंधन की सरकार बन जाए और राहुल गांधी महत्वपूर्ण भूमिका में आ जाए लेकिन यह इतना आसान भी नहीं।

    शुरू करें रिटर्न गिफ्ट की तैयारी

    कुछ भी हो राहुल गांधी को अब रायबरेली को रिटर्न गिफ्ट देने की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। वह कैसे होगा इसका ताना-बाना तो गांधी परिवार को ही बुनना पड़ेगा। रायबरेली के विकास में अब कोई अगर मगर नहीं चलेगा क्योंकि सोनिया गांधी के स्वास्थ्य को देखते हुए रायबरेली में उनकी 5 साल गैर मौजूदगी को सिरे से नजरअंदाज करके अपनी परिवारिकता को एक बार फिर प्रकट किया है। इसलिए भी राहुल गांधी की जिम्मेदारी अब और ज्यादा हो जाती है।

    -गौरव अवस्थी

  • अमेठी में आखिर हुआ वही जो होना था

    स्मृति ईरानी: राहुल-राहुल रटते-रटते छूटी रे अमेठिया!

    2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी में आखिर वही हुआ जो होना था। भाजपा की दमदार उम्मीदवार केंद्रीय मंत्री और अमेठी की संसद स्मृति ईरानी को पराजय का स्वाद गांधी परिवार के उस करीबी किशोरी लाल शर्मा से चखना पड़ा, जिन्हें उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उन्होंने गांधी परिवार का ‘चपरासी’ कहा था। उनके इस बड़बोलेपन का जवाब जनता ने ईवीएम का बटन दबा कर दिया। उन्होंने राहुल गांधी को 2019 के चुनाव में जितने वोटो से हराया था उससे दोगुनी से ज्यादा वोट से गांधी परिवार के करीबी किशोरी लाल शर्मा ने उन्हें परास्त कर दिया।

    नकारात्मक छवि हुई नाराजगी में तब्दील

    चुनाव परिणाम जानने के बाद लोगों की जिज्ञासा अब यह जानने में हो गई है कि अमेठी में आखिर ऐसा चमत्कार हुआ तो कैसे हुआ? इसके एक नहीं अनेक कारण माने और गिनाए जा सकते हैं। पहले तो यह कि स्मृति ईरानी को यह अंदाजा नहीं था कि राहुल गांधी अमेठी छोड़ देंगे। इसीलिए वह अमेठी में अपने काम गिनाने के बजाय 5 साल तक गांधी परिवार और खास तौर से राहुल गांधी को कोसने में ही लगी रहीं। अमेठी के लोगों में इसी से उनकी नकारात्मक छवि बनी और चुनाव आते-आते यह नकारात्मक छवि नाराजगी में तब्दील हो गई। वोटरों की इस नाराजगी को ईरानी और उनके प्रबंधक आखिर तक पहचान ही नहीं पाए। मतदान के पहले और मतदान के बाद भी ईरानी के लोगों की मनमानी जारी रही। किशोरी लाल शर्मा समेत कई लोगों पर दबाव बनाकर एफआईआर दर्ज कराई गईं। इनमें दो तो यूट्यूबर थे।

    स्मृति ईरानी की अपनी गलतियां

    दरअसल गांधी परिवार को पढ़ने में उनसे यहीं चूक हो गई। चुनाव दर चुनाव दुर्दशा के बावजूद गांधी परिवार देश का सबसे बड़ा राजनीतिक परिवार आज भी माना ही जाता है। गांधी परिवार को हल्के में लेना स्मृति ईरानी की रणनीतिक भूल रही। गांधी परिवार ने 40 साल से रायबरेली-अमेठी के लोगों के अपने माध्यम से सेवा कर रहे किशोरी लाल शर्मा की छवि और काम को आगे करके स्मृति ईरानी को जवाब देने की रणनीति बनाई और प्रियंका गांधी ने उस रणनीति को अपने धुआंधार प्रचार से धार दी। यह नोट करने वाली बात है कि प्रियंका गांधी ने जितना समय भाई के लिए रायबरेली में दिया उतना ही समय अपने परिवार की प्रतिष्ठा से जुड़ी सीट अमेठी में पार्टी प्रत्याशी किशोरी लाल शर्मा के लिए भी दिया। किशोरी लाल शर्मा ने भी अपने प्रचार के दौरान गांधी परिवार से रिश्तों और विकास की कहानी ही बताई स्मृति ईरानी का एक बार नाम भी नहीं लिया। चुनाव में उनकी अपनी यह रणनीति कारगर रही। मतदाताओं ने उनके इस व्यवहार को पसंद भी किया। प्रियंका गांधी की एग्रेसिव कैंपेनिंग तो काम आई ही साथ ही स्मृति ईरानी की अपनी गलतियां भी उनको पराजय के द्वार तक ले जाने में मददगार बनीं। 2019 में राहुल गांधी को हराने वाली ईरानी मदमस्त हो गई। संगठन को दरकिनार करके दूसरे दलों के एक वर्ग विशेष के नेताओं को तवज्जो देना भी उनके लिए चुनाव में घातक साबित हुआ। इन बड़े स्थानीय नेताओं से घिरे रहने की वजह से अमेठी के आम लोग उनसे दूर ही होते गए।

    अमेठी की ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान हमने यह खुद महसूस किया कि आम लोग ईरानी से केवल इसलिए नाराज थे कि वह बड़े लोगों को ही पहचानती हैं। उन्हीं के घर आती जाती हैं और आम लोगों से उनका कोई वास्ता नहीं। उनके इसी व्यवहार ने भाजपा के कट्टर समर्थकों तक को पार्टी से दूर कर दिया। ऐसा एक बड़ा वर्ग इस बार ईरानी को सबक सिखाने के लिए ही किशोरी लाल शर्मा या कांग्रेस के पक्ष में खुद-ब -खुद चला गया। ईरानी की हार में उनके प्रतिनिधि विजय गुप्ता भी एक बड़ा कारण बने। विजय गुप्ता का अहंकार ईरानी से भी बड़ा था। अमेठी के लोग तो यह भी कहते हैं कि ईरानी उसी से बात करती थी, जिसकी तरफ विजय गुप्ता इशारा करते थे। अमेठी में उनके पतन की एक अन्य वजह गैर सरकारी संगठन ‘उत्थान’ भी रहा। ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान लोगों और दबी जुबान भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस संगठन के बारे में भी जो बातें बताईं, वह अविश्वसनीय लगी लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद उन बातों पर गौर करना मजबूरी सा लग रहा है। अमेठी में यह चर्चा आम थी कि ईरानी के सरकारी और सांसद निधि के सारे काम उत्थान संस्था के मार्फत ही होते थे। अब इसमें कितनी सच्चाई है? यह पता करने वाली बात है।

    पूरे 5 साल स्मृति ईरानी आम जनता से तो दूर रहीं ही साथ ही अमेठी की उस परंपरा को भी वह नजरअंदाज कर गईं जो गैर गांधी परिवार के उम्मीदवार के लिए घातक साबित होती रही है। यह परंपरा है गैर गांधी परिवार के उम्मीदवार को दोबारा मौका न देने की। आम जनता इस चुनाव में इस इतिहास को डंके की चोट पर इतिहास कह-सुन रही थी, लेकिन स्मृति ईरानी और उनके इलेक्शन मैनेजर वह आवाज  नहीं सुन पाए। अगर जनता की इस बात को ही ईरानी के मैनेजरों ने गंभीरता से लिया होता तो परिणाम आज ऐसा न होता। अमेठी की जनता ने गैर गांधी परिवार के राजेंद्र प्रताप सिंह को 1977 कैप्टन सतीश शर्मा को 1996 संजय सिंह को 1998 और स्मृति ईरानी को 2019 में अवसर दिया। इतिहास है कि इन सभी को अमेठी की जनता ने दोबारा जीत का अवसर नहीं दिया। इनमें कैप्टन सतीश शर्मा तो कांग्रेस के ही टिकट पर जीते थे और गांधी परिवार के हनुमान कहे जाते थे लेकिन जनता ने उन्हें भी दोबारा आम चुनाव में अवसर नहीं दिया।

    -गौरव अवस्थी

  • तबादले की जद में आए कुल 11 इंस्पेक्टर और 06 सब इंस्पेक्टर

    दो कोतवाल समेत 04 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

    बिजनौर। लोकसभा चुनाव परिणाम आने के कुछ ही घंटों में पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने पुलिस महकमे में व्यापक फेरबदल कर दिया है। दो प्रभारी निरीक्षक, एक थानाध्यक्ष व एक उपनिरीक्षक समेत चार पुलिस कर्मियों को लाइंस भेज दिया गया है। कुल 11 इंस्पेक्टर और 06 सब इंस्पेक्टर तबादले की जद में आए हैं।

    पुलिस कार्यालय से जारी बयान के अनुसार विभागीय कार्यवाही में दोषी पाए जाने के कारण थाना नूरपुर के प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार और थाना नगीना के प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार को पुलिस लाइंस भेज दिया है। थाना साइबर क्राइम के निरीक्षक धीरेंद्र कुमार गंगवार अब प्रभारी निरीक्षक थाना नूरपुर का दायित्व संभालेंगे। वहीं क्राइम ब्रांच इन्वेस्टिंग विंग में तैनात निरीक्षक प्रवेश कुमार को प्रभारी निरीक्षक नगीना की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली शहर सुशील कुमार को थाना बढ़ापुर की कमान सौंपी गई है। वहीं बढ़ापुर के प्रभारी निरीक्षक कोमल सिंह को क्राइम ब्रांच इन्वेस्टिंग विंग भेजा गया है। प्रभारी निरीक्षक एएचटीयू श्रीमती पुष्पा को थाना हीमपुर दीपा का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है जबकि एएचटीयू में निरीक्षक प्रेमपाल सिंह अब एएचटीयू में ही प्रभारी निरीक्षक का कार्यभार संभालेंगे। थाना नूरपुर के निरीक्षक अपराध माधो सिंह बिष्ट को इसी पद पर थाना स्योहारा भेजा गया है। निरीक्षक अपराध थाना स्योहारा नरेशपाल सिंह को इसी पद पर थाना नूरपुर में तैनाती दी गई है। इनके अलावा थानाध्यक्ष नगीना देहात के अस्वस्थ होने के चलते 30 दिवस उपार्जित अवकाश पर होने के कारण अग्रिम आदेश तक निरीक्षक अजीत सिंह रोरिया कार्यवाहक थाना प्रभारी नगीना देहात के दायित्वों का निर्वहन करेंगे।

    इसी प्रकार 11 उप निरीक्षकों में से थानाध्यक्ष किरतपुर उदय प्रताप को थानाध्यक्ष कोतवाली शहर, थानाध्यक्ष शिवाला कलां तेजपाल सिंह को थानाध्यक्ष किरतपुर, प्रभारी चौकी अम्हेड़ा हल्दौर ब्रजकिशोर शर्मा को थानाध्यक्ष शिवाला कलां, थानाध्यक्ष हीमपुर दीपा श्रीमती अन्नू कुमारी एवं थाना चांदपुर से राजेंद्र कुमार को पुलिस लाइंस भेजा गया है।

  • सतीश मिश्र ‘अचूक’ को ज्ञान स्वरूप ‘कुमुद’ साहित्य शिरोमणि सम्मान

    राम किशोर वर्मा को ‘कुमुद’ साहित्य रत्न सम्मान

    ज्ञान स्वरूप ‘कुमुद’ की जयंती पर साहित्यकार सम्मानित

    बरेली। साहित्यकार ज्ञान स्वरूप ‘कुमुद’ स्मृति- सम्मान समिति, बरेली के तत्वावधान में कुमुद- जयंती पर स्थानीय लोक खुशहाली सभागार में उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट के संयोजन में कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। अध्यक्षता रामपुर के वरिष्ठ साहित्यकार जितेंद्र कमल आनंद ने की। मुख्य अतिथि समाजसेवी डॉ. विनोद पागरानी एवं विशिष्ट अतिथिगण लखनऊ से पधारे वरिष्ठ कवि कमलेश मौर्य ‘मृदु’ एवं सीता रसोई के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल रहे। कार्यक्रम का संचालन कवि रोहित राकेश ने किया।

    माँ शारदे एवं ‘कुमुद’ जी के चित्र पर माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा किया गया। इस अवसर पर साहित्यिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पूरनपुर से पधारे वरिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार सतीश मिश्र ‘अचूक’ को ज्ञान स्वरूप ‘कुमुद’ साहित्य शिरोमणि सम्मान एवं जयपुर के वरिष्ठ कवि राम किशोर वर्मा को कुमुद साहित्य रत्न सम्मान से विभूषित किया गया। सम्मान स्वरूप उत्तरीय, प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह कार्यक्रम- संयोजक उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट, संस्थाध्यक्ष करुणा निधि गुप्ता, रणधीर प्रसाद गौड़ ‘धीर’ एवं डॉ. महेश मधुकर ने प्रदान किया।

    ‘कुमुद’ जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. महेश मधुकर ने कहा कि ‘कुमुद’ जी ने वर्ष 1982 में कवि गोष्ठी आयोजन समिति की स्थापना की और जनपद के कवियों को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया। वरिष्ठ एवं नवोदित कवियों को एक साथ मंच उपलब्ध कराया। ‘कुमुद’ जी एक अच्छे साहित्यकार होने के साथ ही एक अच्छे इंसान भी थे। आज उनकी जयंती पर हम उन्हें उन्हीं की इन पंक्तियों के साथ नमन करते हैं-
    जीवन तो मेरा दास हुआ, मैं जीवन का दास नहीं
    मैंने तो चलना सीखा है, रुकने का अभ्यास नहीं।
    कवि सम्मेलन में नगर एवं बाहर के कवियों ने अपनी  रचनाओं के माध्यम से ‘कुमुद’ जी को याद किया।

    कार्यक्रम में डॉ. एमएन अग्रवाल, विशाल मेहरोत्रा, दिलीप कुमार अग्रवाल, ज्ञान देवी सत्यम् , इंद्रदेव त्रिवेदी, डॉ. दीपंकर गुप्त, डॉ. मुकेश मीत, पीएस भारती, निर्भय सक्सेना, राजबाला धैर्य, किरण प्रजापति दिलवारी, शैफाली सक्सेना, पूनम सक्सेना, प्रीती सक्सेना, अतुल सक्सेना, उत्पल स्वरूप, शंकर स्वरूप एवं योगेश जौहरी आदि बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

  • नहीं खोल पाई खाता, वोट शेयर भी गिर कर रह गया 9.39 प्रतिशत

    लोकसभा चुनाव: नतीजों से बसपा के अस्तित्व पर संकट

    लखनऊ (फुरकान)। लोकसभा चुनाव में यूपी की 80 सीटों के नतीजों ने दलितों की पार्टी बसपा के अस्तित्व पर ही संकट खड़ा कर दिया है।

    2024 के लोकसभा चुनाव मायावती की बहुजन समाज पार्टी उत्तर प्रदेश में खाता तक नहीं खोल पाई। इससे भी बड़ी बात यह है कि बसपा का वोट शेयर 2009 के 27.42 प्रतिशत से गिरकर इस चुनाव में मात्र 9.39 प्रतिशत ही रह गया है। बसपा के वोट शेयर में 18 प्रतिशत गिरावट ने बसपा के अस्तित्व पर ही संकट खड़ा कर दिया है। मतलब साफ है कि बसपा का कोर वोटर जाटव भी पार्टी से खिसक गया है।पिछले दस वर्ष में बसपा सुप्रीमो मायावती की राजनीति तथा कार्यशैली ने मुसलमानों को पूरी तरह आश्वस्त कर दिया कि मायावती जेल जाने के डर से भाजपा के निर्देश पर काम कर रही हैं और इसीलिए वह विपक्ष के इंडी गठबंधन में शामिल नहीं हुई। इन परिस्थितियों को भांप कर मुसलमानों ने सपा कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवारों को जमकर वोट दिया। नगीना सीट अपवाद रही।

    चुनाव के बीच आकाश आनंद को हटाना पड़ा भारी !

    बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर बसपा का नेशनल कोऑर्डिनेटर बना दिया था। युवा व ऊर्जावान आकाश आनंद के व्यक्तित्व और उनकी भाषण शैली से न केवल दलित समाज के युवाओं में ऊर्जा भर रही थी बल्कि मुसलमान भी आकाश आनंद को राजनीति में लंबी रेस का घोड़ा मान रहा था। आकाश आनंद ने अपनी राजनीति की शुरूवात नगीना से की। पांच अप्रैल को उन्होंने नगीना लोकसभा सीट के बसपा प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह के समर्थन में अपनी पहली चुनावी जनसभा को संबोधित किया। आकाश आनंद ने सीधे भाजपा पर ताबड़तोड़ हमले कर संकेत दिया कि भाजपा का मुकाबला केवल बसपा ही कर सकती है। उसके बाद भी आकाश आनंद ने अपनी अन्य चुनावी जनसभाओं में भी भाजपा पर ताबड़तोड़ हमले जारी रखे, लेकिन मायावती ने आनन फानन में आकाश आनंद को बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक, बसपा के स्टार प्रचारक समेत तमाम पदों से हटा दिया और उनकी चुनावी जनसभाओं पर रोक लगा दी। मायावती द्वारा बीच चुनाव में लिए गए इस फैसले से जनता में संदेश गया कि जेल जाने के डर से मायावती भाजपा की कठपुतली बन गई हैं। भाजपा की बी टीम बन चुकी मायावती की बसपा दलितों और मुसलमानों का कोई भला नहीं करेंगी?

    राजनैतिक गलतियों से नहीं लिया सबक

    बसपा सुप्रीमो मायावती ने 2019 का लोकसभा चुनाव सपा के साथ मिलकर लड़ा था। मायावती को इसका फायदा ये हुआ कि 2014 के लोकसभा चुनावों में एक भी सीट न जीत पाने वाली बसपा 2019 के लोकसभा चुनावों में यूपी में 10 सीटें जीत गई थी। हालांकि गठबंधन का सपा को कोई फायदा नहीं हुआ और सपा के मात्र पांच उम्मीदवार ही जीत पाए थे, लेकिन 2022 के विधानसभा चुनावों से पूर्व मायावती ने सपा से गठबंधन तोड़ दिया। वह अकेले चुनाव मैदान में उतरीं और यूपी की 403 विधानसभा सीटों में से मात्र एक सीट पर ही जीत दर्ज कर सकीं। जानकारों का कहना है कि मायावती ने अपनी राजनैतिक गलतियों से सबक नहीं लिया। 2024 के लोकसभा चुनावों में मायावती ने विपक्षी इंडी गठबंधन में शामिल होने से साफ इंकार कर अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया। इधर भाजपा के बड़े नेता लगातार संविधान बदलने की बात कर रहे थे, तो मुसलमान बसपा से पूरी तरह टूट गया और संविधान बदले जाने पर आरक्षण खत्म हो जाने के भय से दलितों ने भी किनारा कर लिया। मुसलमान और दलित सपा कांग्रेस गठबंधन के साथ चले गए इसलिए बसपा का वोट शेयर घट कर मात्र 9.39 प्रतिशत रह गया और बसपा का खाता तक भी नहीं खुल सका।

  • धामपुर शुगर मिल का कार्यक्रम

    शिवसेना जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह का सम्मान

    बिजनौर। धामपुर शुगर मिल के अधिकारियों द्वारा तोमर बैंक्विट हॉल बागड़पुर में एक किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चांदपुर क्षेत्र के किसान व मिल के अधिकारियों ने भाग लिया।

    गोष्ठी के उपरांत मिल के अधिकारियों धामपुर गन्ना प्रबंधक ओमवीर सिंह व मुजफ्फरनगर गन्ना शोध संस्थान के डॉक्टर अवधेश डागर, यूनिट हेड निष्काम गुप्ता, करुण अग्रवाल, लाल बहादुर व किसान यूनियन के पूर्व जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह ने समाजसेवी गुड सेमिटर्न उत्तर प्रदेश शिवसेना जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह को सामाजिक कार्य करने व दुर्घटनाओं में घायलों की तत्काल मदद करने पर शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। 

  • UP: दलितों का फर्जी जाति प्रमाण बनाकर आरक्षण का लाभ लेने का आरोप, तहसीलदार सहित आठ पर मुकदमा दर्ज

    नगीना तहसील से जारी हुआ एससी सर्टिफिकेट और शिकायतकर्ता विश्व दलित परिषद के अध्यक्ष भूपेंद्र चमार
    नगीना तहसील से जारी हुआ एससी सर्टिफिकेट और शिकायतकर्ता विश्व दलित परिषद के अध्यक्ष भूपेंद्र चमार

    विश्व दलित परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बिजनौर के नगीना थाने में दर्ज कराई एफआईआर

    उत्तर प्रदेश। यूपी के बिजनौर जिले में फर्जी अनुसूचित जाति (एससी) जाति प्रमाण पत्र बनवाकर आरक्षण का लाभ लेने का मामला सामने आया है। विश्व दलित परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस मामले में तहसीलदार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। इस मामले में नगीना पुलिस ने तहसीलदार सहित आठ लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। यह एफआईआर धोखाधड़ी और एससी-एसटी समेत अन्य धाराओं में दर्ज कराई गई है।

    नगीना तहसील से जारी हुआ एससी सर्टिफिकेट

    दरअसल पूरा मामला बिजनौर के नगीना का है। विश्व दलित परिषद के अध्यक्ष व आंबेडकर कॉलोनी के रहने वाले भूपेंद्र पाल सिंह पुत्र गंगाराम ने एसपी नीरज कुमार जादौन को प्रार्थना पत्र दे कर बताया था कि नगीना देहात थाना क्षेत्र के गांव साबूवाला निवासी जसवंत सिंह पुत्र मदन सिंह ने तहसीलदार और स्टाफ से हमसाज होकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 24 सितंबर 2002 को मूल जाति को छिपाकर अपना एससी का फर्जी प्रमाण पत्र बनावाया था। प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सभी को जसवंत सिंह ने मोटी रकम भी दी थी। भूपेंद्र पाल सिंह ने बताया कि, “मैं दलित होने के कारण अनुसूचित जाति समाज व अन्य समस्त गरीबों, महिलाओं, मजदूरों की आवाज अपने सामाजिक संगठन, विश्व दलित परिषद (वर्ल्ड दलित काउंसिल) के माध्यम से उठता हूँ। मेरा संगठन भारत में गरीबों, एससी एसटी महिलाओं पिछड़ों, किसानों पर हो रहे उत्पीड़न के खिलाफ एवं फर्जी, बोगस कूटरचित एससी, एसटी, ओबीसी सर्टिफिकेट्स पर अवैध रूप से विधि विरुद्ध लाभ लेने पर संवैधानिक व न्यायोचित तरीके से कानूनी कार्यवाही कराकर व शांतिपूर्वक आंदोलन, धरना प्रदर्शन, भूख हडताल कर पीड़ितों को न्याय दिलाता रहता है। इस तरह हजारों फर्जी, बोगस, कूटरचित एससी, एसटी, ओबीसी सर्टिफिकेट्स निरस्त कराए गए। इनमें से कुछ के विरुद्ध मुकदमा भी दर्ज कराया है।”

    फर्जी सर्टिफिकेट बनवाकर लाभ लेने वालों की संख्या बढ़ रही

    भूपेंद्र आगे बताते हैं, “भारत में अनुसूचित जाति का सर्टिफिकेट बनवाकर आरक्षण का लाभ लेने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रत्येक जिले में अनुमानित 1000-1500, 2000 फर्जी एससी, एसटी, ओबीसी सर्टिफिकेट्स धारक हैं और देश में अनुमानित इनकी संख्या 10 लाख के लगभग है। केंद्र सरकार, राज्य सरकारें, राजनीतिक पार्टियां व राजनीतिक लोग, एमसी, एसटी, ओबीसी समाज के पढ़े लिखे शिक्षित तथा कथित इंटेलेक्चुअल लोग अन्य सामाजिक संगठन, एक – दो संगठनों को छोड़कर अन्य लाखों संगठनों के पदाधिकारी भी इसमें विशेष रुचि नहीं लेते हैं, क्योंकि यह जोखिम व लंबा संघर्ष करने वाला कार्य है।”

    शिकायतकर्ता, भूपेंद्र चमार अध्यक्ष विश्व दलित परिषद

    भूपेंद्र के अनुसार, जसवंत सिंह पुत्र मदन सिंह निवासी ग्राम साबूवाला, तहसील – नगीना, जिला-बिजनौर, उत्तर प्रदेश, मूल निवासी ग्राम बैजनाथपुर, परगना व तहसील ठाकुरद्वारा जिला मुरादाबाद ने कूट रचनाकर, कूटरचित कागजातों के आधार पर व झूठे शपथ पत्र देकर, अपनी मूल जाति छिपाकर व तत्कालीन हलका लेखपाल कानूनगो, नाजिर लिपिक व तहसीलदार नगीना व अन्य तहसील कर्मचारियों नाम व पता अज्ञात से मिली भगत कर मोटी रिश्वत देकर भ्रष्टाचार के बल पर दिनांक 24 सितंबर 2024 को अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र संख्या 2480 नगीना तहसील से बनवा लिया और अनुसूचित जाति के लाभ ले रहा है।

    21 साल बाद गठित हुई जांच टीम

    भूपेंद्र बताते हैं, “विश्व दलित परिषद के लंबे संघर्ष एवं आंदोलन के 21 वर्ष बाद, जिलाधिकारी, बिजनौर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र स्कूटनी कमिटी ने 24 जनवरी 2024 को प्रमाण पात्र निरस्त कर दिया। इसके बाद जसवंत सिंह व उनके साथ दो व्यक्तियों ने रास्ते में रोककर गाली गलौज की व जान से मारने की धमकी दी।”

    फिलहाल एसपी नीरज जादौन के निर्देश पर नगीना पुलिस ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र के लाभार्थी जसवंत सिंह तत्कालीन तहसीलदार, हलका लेखपाल, कानूनगो, नाजिर, लिपिक समेत आठ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और एससी-एसटी समेत कई संगीना धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।