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  • एसजीपीजीआई के पूर्व न्यूरोलॉजिकल विभागाध्यक्ष का जागरूकता अभियान

    युवाओं में भी तेजी से फैल रही पार्किंसन बीमारी- डॉ. सुनील प्रधान

    लखनऊ। पार्किंसन बीमारी को लेकर अक्सर कई तरह की बातें सुनने को मिलती हैं, जिनका सच आम आदमी खुद से नहीं जान पाता है। ऐसे में इस बीमारी को लेकर अधिक जागरूकता फैलाने के लिए डॉ. प्रधान न्यूरोलॉजिकल क्लीनिक ने बुधवार को एक जागरूकता अभियान का आयोजन किया। इस अभियान में वह तमाम जरूरी बातें बताई गईं, जिनसे इस बीमारी की पहचान समय रहते की जा सकती है।

    बहुत चिंताजनक विषय

    कुछ बीमारियां वयस्कों को अधिक प्रभावित करती हैं इन्हीं में से एक है पार्किंसन। यह बड़े लोगों को अपनी चपेट में जल्दी लेती है हालांकि अब यह परेशानी युवाओं में भी देखने को मिल रही है जो की बहुत चिंताजनक विषय है। यह जानकारी एसजीपीजीआई के न्यूरोलॉजिकल विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील प्रधान ने दी। डॉ. प्रधान ने कहा कि इस वर्ष विश्व पार्किंसन दिवस को इंटीग्रेटेड हेल्थ केयर थीम के तहत सेलिब्रेट किया जा रहा है। इस बीमारी में दिमाग की विशिष्ट मस्तिष्क कोशिकाओं में नुकसान होने के कारण मूवमेंट प्रभावित होने लगता है। हाथ-पैरों में कंपन होता रहता है, मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं, शारीरिक संतुलन बनाने में मुश्किलें आती हैं। इस बीमारी को संतुलन में रखने के लिए विभिन्न तरह की दवाइयां दी जाती हैं, जिनका सेवन बिना डॉक्टर के सलाह के बिल्कुल नहीं करना चाहिए।

    डाइट में कुछ बदलाव

    उन्होंने कहा कि डाइट में कुछ बदलाव लाकर भी इस बीमारी को मैनेज किया जा सकता है। कई तरह की खाद्य सामग्री जैसे एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थ, फिश ऑयल, विटामिन बी 1, सी, डी से भरपूर चीज इस बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति को खाने मे देना चाहिए, जिससे पार्किंसन के लक्षणों को कंट्रोल किया जा सकता है। साथ ही इन लोगों को अधिक चीनी, नमक, प्रोसेस्ड फूड, हाई कोलेस्ट्रॉल, सैचुरेटेड फैट आदि बिल्कुल भी खाने के लिए नहीं देना चाहिए। जागरूक यूता अभियान में डॉक्टर विक्रम, सुभाष तिवारी, अनिल, योगेश, कृष्णा, नीरज आदि लोग उपस्थित रहे।

  • विरोधी बौद्धिक लाबी ने बचकाना उत्साह दिखाने में बाकी नहीं रखीबीकोई कसर

    ईवीएम मुकद्दमे में सुप्रीम कोर्ट के जजों की नसीहत का तोड़ क्यों नहीं विरोधी खेमे के पास?

    ~केपी सिंह जालौन टाइम्स (लेखक बुंदेलखंड क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार हैं)

    ईवीएम को लेकर एडीआर व अन्य संस्थाओं द्वारा उच्चतम न्यायालय में दायर याचिकाओं की सुनवाई दो सदस्यीय खंडपीठ कर रही है, जिसमें जस्टिस संजीव खन्ना व जस्टिस दीपांकर दत्ता शामिल हैं। भारत में हाल में कुछ उच्च न्यायालयों द्वारा प्रदर्शित विचित्रताओं को छोड़ दें तो कुल मिलाकर देश की न्याय पालिका का रिकार्ड पूर्वाग्रहों से परे होकर कानून, नियम, प्रक्रियाओं व न्याय के मूलभूत सिद्धातों के आधार पर निष्कर्ष प्रतिपादित करने का रहा है। फिर भी न्यायपालिका के रूख के निर्णायक रूप में सामने आने के पहले ही पक्षकारों द्वारा अपनी-अपनी सोच के मुताबिक उसके विनिश्चय को चित्रित करने की चेष्टाएं शुरू कर दी जाती हैं। ईवीएम को लेकर हो रही सुनवाई के संदर्भ में भी मोदी सरकार की विरोधी बौद्धिक लाबी ने ऐसा ही बचकाना उत्साह दिखाने में कोई कसर बाकी नहीं रखी थी लेकिन मंगलवार को सुनवाई कर रहे जजों की याचिकाकर्ता संगठनों के वकीलों की दलीलों पर टिप्पणी ने प्याले के इस तूफान पर ठंडा पानी डाल दिया है। सुनवाई कर रहे जजों ने स्पष्ट कर दिया है कि ईवीएम से जुड़े सभी मुद्दों पर ठंडे दिमाग से मनन करने की पूरी क्षमता न्यायपालिका में है और उसका संतुलित रूख इस बात की गवाही नहीं दे रहा कि सरकार के खिलाफ न्यायपालिका बेवजह कोई क्रांतिकारी रूख अख्तियार कर ले।

    इकतरफा हैं याचिकाएं!

    दरअसल इस संबंध में दायर याचिकाओं में जिन मांगों को शामिल किया गया है वे इकतरफा हैं। जजों ने याचिकाकर्ता के वकीलों से कहा कि आखिर उन्हें एक सिस्टम में काम करना पड़ेगा भले ही हर सिस्टम में गड़बड़ी की जाने की आशंका है। प्रशांत भूषण द्वारा जर्मनी के उदाहरण को दिए जाने पर जस्टिस दीपांकर दत्ता ने कहा कि वे मशीन की जगह बैलेट पेपर से काम करा सकते हैं क्योंकि जर्मनी में केवल छह करोड़ के करीब आबादी है, जो उनके गृह राज्य पश्चिम बंगाल से भी कम है। लेकिन भारत में 97 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं। सोचिये उनके लिए मत पत्रों से चुनाव कराने में कितना ज्यादा तामझाम करना पड़ेगा जो बहुत खर्चीला भी होगा। इसके अलावा मत पत्रों से चुनाव जब होते थे तो धांधलियों की पराकाष्ठा थी। जजों ने प्रशांत भूषण से कहा कि आपको तो इस बारे में अच्छी तरह मालूम है। जजों की बात सही है। वर्ष 1967 में जब उत्तर प्रदेश में विपक्ष के विधायक बड़ी तादात में चुन गये थे तो कहा जाता है कि मैडम यानी इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री निवास से कई जिलों के कलेक्टरों को फोन कराया। उस समय जागरूकता की कमी थी। कई विधायक निर्वाचन का प्रमाण पत्र लिये बिना जुलूस लेकर निकल गये। कलेक्टर ने उनके क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी का पुनर्मतगणना का प्रार्थना पत्र लिया और रिकाउंटिंग कराकर उसे विजयी घोषित कर दिया। बिहार में मत पत्रों से चुनाव कैसे होते थे, यह तो बुजुर्गी की ओर आगे दर आगे बढ़ती जा रही पीढ़ी अच्छी तरह जानती है। उत्तर प्रदेश में भी जसवंत नगर में 1991 में मुलायम सिंह ने पूरे बूथ लुटवा लिये थे। कहने का तात्पर्य यह है कि सत्ताधारी दल को मत पत्रों से चुनाव में भी पूरी गड़बड़ी कराने की पूरी गुंजाइश रहती है और ईवीएम में भी। इसलिए ईवीएम को हटाकर पुनः मत पत्रों से चुनाव की ओर लौटने की मांग का कोई औचित्य नहीं है।

    वरिष्ठ पत्रकार केपी सिंह

    लोकतंत्र के प्रति आस्था करनी होगी मजबूत

    लोगों में लोकतंत्र के प्रति आस्था मजबूत करनी होगी जो आजादी के बाद से अभी तक नहीं किया जा सका। यह हमारे राष्ट्र निर्माताओं की बहुत बड़ी विफलता है। एक समय था जब माना जाता था कि वर्ण व्यवस्था में मिले प्रभुत्व का फायदा जो जातियां उठाती हैं उनके नेता इसे कायम रखने के लिए लोकतंत्र की सुचारू व्यवस्था नहीं बनने देते। सामाजिक न्याय के सिद्धांत ने जोर पकड़ा तो लगा कि वंचित जातियां सत्ता के सिंहद्वार में पहुंचकर लोकतंत्र को धांधलियों से बचाएंगी, पर वंचित जातियों के नेता ज्यादा बड़े फासिस्ट साबित हुए। उन्होंने समाज के परिशोधन की मशीनरी को फेल कर दिया। इस तरह लोकतंत्र के एक परिवर्तनकारी चक्र का दुखांत हो गया। फिर उम्मीद जगी कि धर्म की दुहाई देने वाले लोगों को अवसर दिया जायेगा तो समाज में चारित्रिक उत्थान के प्रयास मजबूत होंगे जिससे स्वच्छ लोकतांत्रिक व्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी। भाजपा की ही बात करें तो अटल युग में इसके प्रतिमान स्थापित हुए, जिससे सकारात्मक वातावरण को मजबूती मिली लेकिन परिवर्तन का यह चक्र भी मोदी युग आते-आते ढ़हने को अभिशप्त हो गया।

    दोराहे पर खड़े हैं मोदी युग में लोग


    मोदी युग में लोग दोराहे पर खड़े हैं। वर्तमान सरकार ने एक ओर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत को एक बड़ी ताकत के रूप में स्थापित किया है, विकास के मोर्चे पर इन्फ्रास्ट्रक्चर के मामले में देश की प्रगति को नए पंख लगा दिये हैं, भारतीयों के आत्मविश्वास को उस बुलंदी पर पहुंचा दिया है जिसकी कल्पना हाल के वर्षों में वे नहीं कर पा रहे थे। दूसरी ओर यह निजाम सारी मर्यादाओं और शील को तिलांजलि देने में लगा हुआ है, जिसमें इसने मध्य युगीन बर्बर आक्रांताओं की शहजोरी को भी पीछे छोड़ने का प्रण ले लिया है। साथ ही साथ देश के बहुसंख्यक गरीब बेरोजगारों के लिए इसका क्रोनी कैप्टलिज्म विनाशकारी साबित हो रहा है। इसके परिणाम आने वाले कुछ वर्षो में और ज्यादा स्पष्ट रूप से सामने आयेंगे तो कैसी विभीषिका उपस्थित होगी इसका अनुमान सिहरन पैदा कर देता है। बहुसंख्यक आबादी गुलामी से ज्यादा बदतर जिंदगी के अंधेरे में धकेली जा सकती है।

    निरंकुशता पर लगाम के लिए तैयार नहीं

    आश्चर्य यह है कि इसके बावजूद आम जनता पर मोदी सरकार का सम्मोहन इस कदर तारी है कि उसकी निरंकुशता पर किसी तरह की लगाम के लिए वह तैयार नहीं हो रहा है। एबीवीपी सी वोटर का ताजा सर्वे सामने आया है जिसके मुताबिक भारतीय जनता पार्टी अकेले 373 सीटें जीतने की स्थिति में है जबकि विपक्ष केवल 155 सीटों पर सिमट जाने को मजबूर है। मोदी विरोध में अंधे लोग इस सर्वे को नकार सकते हैं। वे अभी तक भाजपा को स्पष्ट बहुमत न मिल पाने के स्वप्न लोक में विचरण कर रहे हैं। एबीवीपी सी वोटर जैसी एजेंसियों के सर्वे को ये लोग यह कहकर ठुकरा देते हैं कि भारतीय जनता पार्टी से इन एजेंसियों को फंडिंग होती है जिसके लालच में मतदाता का मनोबल गिराने के लिए ऐसे निष्कर्ष इन लोगों को जारी कर दिये जाते हैं। ऐसे लोग ये नहीं मानते कि इन एजेंसियों को अपने साख की चिंता करनी पड़ती है जिसकी वजह से किसी पार्टी के कहने से इनके द्वारा काम करना संभव नहीं है। फिर अतीत का इनका रिकार्ड भी बताता है कि इस एजेंसी के सर्वे काफी हद तक सही साबित होते हैं।

    विपक्ष का मारक कौशल कमजोर

    विचारणीय यह नहीं है कि इस इस सर्वे को नकारा जाए। मुद्दा यह है कि लोकतंत्र को इन चुनौतियों के बीच पटरी पर रखने का पराक्रम विपक्ष कैसे दिखाए। ईवीएम से गड़बड़ी की एक सीमा है। अगर सत्तारूढ़ पार्टी की तानाशाही के खिलाफ विपक्ष इतनी वितृष्णा लोगों में भर सके कि भाजपा के उम्मीदवार एक लाख से अधिक वोटों से पिछड़ सकें तो ईवीएम कुछ नहीं कर सकती। क्या विपक्ष का मारक कौशल इतना है कि यह लक्ष्य वह पूरा कर सके। इस पर वह विचार करेगा तो स्पष्ट हो जायेगा कि उसका मारक कौशल कमजोर है। उसमें मतदाताओं की ऐसी कमजोर नस को छूने का माद्दा नहीं है जिससे वे बगावत पर आमादा हो जायें। क्या उज्जवल लोकतंत्र के लिए बेहतर प्रतिज्ञाएं विरोधी खेमे के पास हैं या वह जातिवाद, परिवारवाद और वीर भोग्या वसुंधरा की कारा से बाहर निकलने को तत्पर नहीं हैं। आर्थिक नीतियों को लेकर क्या उसके पास कारपोरेट से लड़कर मानवीय खाके पर आधारित नया माडल प्रतिपादित करने की क्षमता है?

    राहुल के कायल बहुसंख्यक

    मोदी और उनकी टीम राहुल गाधी को व्यक्तिगत तौर पर कितनी ही निकंम्मा और भौंदा युवराज साबित करने की कोशिश करें लेकिन देश का बहुसंख्यक उनकी ईमानदारी के सोच का कायल है और मोदी के विकल्प में उन्हीं को निहारता है। पर क्या राहुल देश को एक खुदमुख्तार विकल्प देने में सक्षम हैं। वे बदलाव के लिए उन क्षेत्रीय शक्तियों पर निर्भर हैं, जिनका एजेंडा खुद और अपने परिवार के लिए सत्ता हासिल करने पर है। ऐसे में अगर मोदी अपनी तमाम मनमानियों के बावजूद सत्ता में फिर से वापिसी के लिए अग्रसर हैं तो इसमें आश्चर्य क्या है?

  • इस बार बीजेपी 400 पार नहीं बल्कि 400 हार

    पश्चिमी यूपी से हो जाएगा बीजेपी का सफाया: अखिलेश

    बीजेपी ने किसानों को दिया धोखा: सपा अध्यक्ष

    बिजनौर। पश्चिम यूपी से इस बार बीजेपी का सफाया होने जा रहा है। उन्होंने किसान को धोखा दिया है। किसानों की आय दोगुनी करने का दावा और एमएसपी देने में भी सरकार विफल रही। इस बार उनकी 400 पार नहीं बल्कि 400 हार होने जा रही है।

    पार्टी प्रत्याशी पूर्व जज मनोज कुमार के समर्थन में नजीबाबाद में जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्य मंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि यह पहले भी कहा, अब फिर कह रहा हूं। ”भाजपा भ्रष्टाचारियों का गोदाम बन गई है, सारे भ्रष्टाचारी अब वहीं हैं। यह सरकार संस्थानों के साथ खेल रही है। अगर संस्थाएं कमजोर होती हैं तो लोकतंत्र भी कमजोर होता है।” अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि सड़कें, अस्पताल, पुलिस विभाग समेत अन्य बहुत सी सुविधाएं सपा सरकार ने लोगों को दी हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ आप सांसद सिंह भी पहुंचे थे।

    विशाल जनसभा में मुख्य रूप से मंच पर आप सांसद संजय सिंह के अलावा कई नेता मौजूद रहे। अध्यक्षता जाहिद अंसारी ने की, जबकि संचालन आयोजक विधायक तसलीम अहमद और अख़लाक़ अहमद पप्पू ने संयुक्त रूप से किया। मंच पर जिलाध्यक्ष अनिल यादव, राष्ट्रीय सचिव डॉ. रमेश तोमर, शेरबाज पठान, मनोज पारस, नईमउल हसन, अरशद खान, यशवीर सिंह, ओमवती, मोअज्जम खान, भोलू कुरैशी, कमरुल इस्लाम, अब्दुल मन्नान, जावेद अख्तर, आरके सिंह, तेजपाल सिंह, शेख आबिद, जमील अंसारी, मेराज अहमद, याक़ूब राईन, हाजी फैसल, जगमीम जीत आदि मौजूद रहे।

    थम गया चुनाव प्रचार

    बुधवार शाम को चुनाव प्रचार थम गया। पिछले तीन दिन से बिजनौर और नगीना लोकसभा क्षेत्र में भाजपा, सपा और बसपा के दिग्गजों का जमावड़ा लगा रहा। सभी दलों के बड़े नेताओं ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक डाली। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, पूर्व मुख्यमंत्री बसपा सुप्रीमो मायावती, डिप्टी सीएम, प्रदेशाध्यक्ष समेत कई बड़े नेताओं ने दोनों लोकसभा क्षेत्र में रैलियों को संबोधित किया।

  • राजनीति

    हिंदू महासभा के मुद्दों को धार देती भाजपा का अगला प्लान क्या?

    पिछले दिनों अखबारों में छपी एक खबर पर नजर पड़ी। खबर थी अखिल भारत हिंदू महासभा द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से देश की पहली किन्नर महामंडलेश्वर हिमांगी सखी को चुनाव मैदान में उतारा गया। करीब 10 दिन बाद ही हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चक्रपाणि महाराज ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में हिमांगी सखी की प्रत्याशिता वाराणसी से वापस लेने वाली एक पोस्ट वायरल की। नरेंद्र मोदी के खिलाफ अखिल भारत हिंदू महासभा द्वारा प्रत्याशी खड़ा करने का निर्णय तो सामान्य था लेकिन प्रत्याशिता वापस लेने की पोस्ट खास महसूस हुई। आप सोचेंगे इसमें खास क्या है? खासियत जानने के लिए लौटना होगा इतिहास की ओर।

    इसकी तह में पहुंचने के लिए अखिल भारत हिंदू महासभा का इतिहास जान लेना जरूरी है। वैसे तो हिंदू महासभा 1915 में महामना मदन मोहन मालवीय के नेतृत्व में स्थापित हुई। तीन तैयारी सत्रों (हरिद्वार, लखनऊ और दिल्ली) के बाद अप्रैल 1915 में राजा मणींद्र चंद्र नाथ महासभा के प्रथम अध्यक्ष बने। कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच हुए समझौते और 1926 में प्रांतों के प्रथम निर्वाचन में मुसलमान के लिए विशेष क्षेत्र रिजर्व किए जाने का भी महासभा ने ही तीव्र विरोध किया। 1937 में वीर सावरकर के अध्यक्ष बनने के बाद महासभा हिंदू हितों के लिए खास तौर पर जानी-पहचानी जाने लगी।

    जनसंघ ने छोड़ दिए हिंदुत्व के कई मुद्दे

    नाथूराम गोडसे और वीर सावरकर पर महात्मा गांधी की हत्या के आरोप के बाद महासभा का राजनीतिक अस्तित्व खतरे में आ गया। महासभा के अध्यक्ष रह चुके श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ नाम से एक नया राजनीतिक दल बनाया। महासभा के अधिकतर नेता-कार्यकर्ता भारतीय जनसंघ में शामिल तो हो गए लेकिन हिंदुत्व के कई मुद्दे छोड़ दिए। इतिहास भी यही है कि जनसंघ ने मंदिरों; खासकर काशी विश्वनाथ, राम जन्मभूमि और कृष्ण जन्मभूमि के पुनरुद्धार के लिए कभी कोई आंदोलन नहीं किया।

    हिंदू महासभा और भारतीय जनसंघ के बीच राजनीतिक मनमुटाव

    यहीं से हिंदू महासभा और भारतीय जनसंघ के बीच राजनीतिक मनमुटाव की शुरुआत भी हुई। जनसंघ ने हिंदू महासभा द्वारा उठाए गए कश्मीर में धारा 370 आदि मुद्दे तो अपने एजेंडे में शामिल किए लेकिन हिंदुओं का सैनिकीकरण, संस्कृत को राष्ट्रभाषा बनाने, ब्रिटिश राष्ट्रमंडल से संबंध विच्छेद, मंदिरों का पुनरुद्धार आदि मुद्दों को विवादित या गए जरूरी समझकर तिलांजल दे दी। इसी वजह से हिंदू महासभा राजनीति के मैदान में भारतीय जनसंघ की मुखालफत करती रही। हिंदू महासभा ने 1967 के चौथे आम चुनाव के अपने घोषणा पत्र में यहां तक लिखा कि कम्युनिस्ट पार्टी और जनसंघ दोनों ही सत्ता लोलुप हैं और कांग्रेस के विरुद्ध देशभर में उभर रहे मानसिक क्षोभ का लाभ उठाने के लिए प्रयत्नशील। घोषणा पत्र की यह इबारत महत्वपूर्ण है- ‘जनसंघ और स्वतंत्र पार्टी पश्चिमी ढंग के पूंजीवाद में विश्वास रखते हैं और उन दोनों के ही मन में भारत के हिंदू विरोधी तत्वों और पाकिस्तान के प्रति सदाशयता है क्योंकि वह धर्मनिरपेक्षता के पुरस्कर्ता हैं।’

    विपक्षी एकता का विघटन और जनसंघ की जगह भाजपा का जन्म

    पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ विपक्षी एकता के विघटन के बाद जनसंघ की जगह भाजपा का जन्म हुआ। भाजपा ने महासभा के हिंदू मंदिरों के पुनरुद्धार के मुद्दे को अपना चुनावी एजेंडा बनाया और प्रधानमंत्री मोदी ने इस एजेंडे को अंजाम तक पहुंचाया। मंदिरों का पुनरुद्धार एक तरह से हिंदू महासभा का ही मुद्दा था। महात्मा गांधी की हत्या के बाद महासभा से निकले जिन नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जनसंघ को जन्म दिया, उसी जनसंघ ने मंदिरों के पुनरुद्धार समेत हिंदू महासभा के कई मुद्दों को  छोड़ दिया था।

    किन्नर महामंडलेश्वर हिमांगी सखी का नाम वापस

    यही वजह थी कि महासभा ने जनसंघ का कभी साथ नहीं दिया और राजनीतिक रूप से उसे कम्युनिस्ट की श्रेणी में ही खड़ा किया लेकिन भाजपा ने उसके इस प्रमुख एजेंडे को पूरा कर दिया। इसीलिए संभवत: हिंदू महासभा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ उतारे गए देश के पहले किन्नर महामंडलेश्वर हिमांगी सखी का नाम बतौर प्रत्याशी वापस लेने की घोषणा की है। हालांकि हिंदू महासभा के अभी कई ऐसे मुद्दे हैं, जिन्हें भारतीय जनता पार्टी से भी कोई तवज्जो नहीं मिली है। देखना होगा कि हिंदू महासभा के अन्य मुद्दों को लेकर भाजपा का भविष्य में क्या प्लान है? भाजपा उसके मुद्दों को लेकर आगे बढ़गी या सत्ता में बने रहने के लिए अपनी राजनीति का कोई नया एजेंडा तय करेगी।

    -गौरव अवस्थी
    स्वतंत्र पत्रकार
    9415034340

  • पत्र सूचना शाखा
    (मुख्यमंत्री सूचना परिसर)
    सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, उ0प्र0

    रामनवमी पर प्रदेश वासियों को मुख्यमंत्री की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

    लखनऊ : 16 अप्रैल, 2024

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामनवमी के पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। आज यहां जारी एक सन्देश में मुख्यमंत्री ने कहा कि रामनवमी भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव है। रामनवमी के पर्व के साथ ही चैत्र नवरात्रि का पूजन भी सम्पन्न होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम ने हमें धर्म का अनुसरण करते हुए जीवन जीने की प्रेरणा दी। उनका सम्पूर्ण जीवन हमें भारतीय संस्कृति के उदात्त गुणों-श्रद्धा, भक्ति, शक्ति, शान्ति, शील तथा सदाचार की प्रेरणा प्रदान करता है।

    त्याग, मर्यादाओं के पालन और कर्तव्य परायणता की सीख

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम का चरित्र जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अनुकरणीय आदर्श प्रस्तुत करता है। उनका जीवन चरित्र आदर्श जीवन के साथ ही आचरण की शुद्धता के लिए प्रेरित करता है। मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में भगवान श्रीराम का जीवन हम सभी को त्याग, मर्यादाओं के पालन और कर्तव्य परायणता की सीख देता है। उनके महान चरित्र की उच्च वृत्तियां जन मानस को शान्ति और आनन्द प्रदान करती हैं। उनके चरित्र में पग-पग पर मर्यादा, त्याग, प्रेम और लोक व्यवहार के दर्शन होते हैं।

    संकल्पित होने का अवसर

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रामनवमी का पर्व मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के संदेशों को अपने व्यक्तित्व में उतारने के लिए संकल्पित होने का अवसर है। उत्तर प्रदेश के लिये यह अत्यन्त गौरवपूर्ण है कि भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या यहीं पर है। प्रत्येक वर्ष रामनवमी के अवसर पर देश के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां आते हैं। रामनवमी के पावन अवसर पर भगवान श्रीराम के जन्म को श्रद्धा और भक्तिभाव से मनाने के साथ ही, हमें इस तथ्य का भी बोध होना चाहिए कि प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने आचरण में उतारने की आवश्यकता है।

  • कांग्रेस सपा बसपा के गठजोड़ ने समाज को जाति के नाम पर बांटा

    आपका एक वोट तकदीर और तस्वीर बदलने की रखता है ताकत

    सपा कांग्रेस के रहते राम जन्म भूमि का भी देना पड़ा प्रमाण

    अब माफिया, गुंडों व दंगाइयों का इलाज राम-राम सत्य: योगी आदित्यनाथ

    बिजनौर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस और सपा की नीतियों के चलते भगवान राम की जन्म भूमि का भी प्रमाण यहां के लोगों को देना पड़ा। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार में समस्याओं को रखते नहीं बल्कि उनको समाधान तक पहुंचाते हैं। दुनिया में भारत को आज सम्मान के रूप में देखा जाता है।

    नहटौर में कोतवाली देहात मार्ग स्थित मैदान में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा सरकार ने दलितों को सबसे अधिक सम्मान दिया है। बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर से जुड़े पांच स्थानों को पंच तीर्थ के रूप में विकसित किया है और संत गुरु रविदास की पावन धरा पर उनकी 25 फीट ऊंची प्रतिमा क्षेत्र को विकसित किया है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगीना लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी ओम कुमार के समर्थन में नहटौर में आयोजित जनसभा में कहा कि देश में आतंकवाद नक्सलवाद खत्म हुआ है। सपा कांग्रेस ऐसी पार्टी है, जिसने बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को भी चुनाव हराने का काम किया था। पूर्व में प्रदेश में सपा की सरकार आते ही दलित विभूतियों के स्मारकों को तुड़वाने की बात भी कही गई। मोदी जी ने बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के पंच तीर्थ का निर्माण कराया और संत गुरु रविदास की पावन जन्मभूमि गोवर्धन में भव्य स्मारक बनवाते हुए उनकी 25 फीट की प्रतिमा बनवाई। भाजपा सरकार में दलितों को सम्मान मिला है। कांग्रेस सपा बसपा के गठजोड़ ने समाज को जाति के नाम पर बांटा है। कांग्रेस की सरकार ने चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न नहीं दिया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भारत रत्न देकर किसानों का सम्मान किया है। 80 करोड़ लोगों को अन्न योजना का लाभ भाजपा सरकार में मिला है। 50 करोड़ लोग जनधन, 12 करोड़ लोग किसान सम्मान निधि, 12 करोड़ लोग घरों में शौचालय, 10 करोड़ लोग उज्जवला गैस योजना और 4 करोड़ लोग प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित हुए हैं। भाजपा के संकल्प पत्र में आगे भी 3 करोड़ आवास बनाने की और 5 वर्ष तक फ्री राशन, आयुष्मान कार्ड का लाभ और किसान सम्मान निधि का लाभ दिया जाएगा। बिजनौर में फोरलेन मार्ग और महात्मा विदुर के नाम एक मेडिकल कॉलेज देकर क्षेत्र की समस्या को दूर किया है। किसानों के लिए नलकूप फ्री बिजली का लाभ दिया है। आपका एक वोट तकदीर और तस्वीर बदलने की ताकत रखता है। इसलिए 19 अप्रैल को बढ़ चढ़कर मतदान करें। चुनावी जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपने 2014 से पहले का भारत देखा है। आज का नया भारत भी आपके सामने है। पिछले 10 वर्षों में कोई देश किस कदर तेजी से विकास के पद पर अग्रसर हो सकता है, दुनिया में इसका उदाहरण भारत है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने प्रदेश में सुरक्षा का माहौल देने का काम किया, जबकि विपक्षी पार्टियां खास कर सपा के राज में माफिया को गले का हार बनाया जाता था। अब माफिया, गुंडों व दंगाइयों का इलाज राम-राम सत्य के रूप में हो रहा है। उन्होंने तीसरी बार मोदी को देश का प्रधानमंत्री बनने के लिए ओम कुमार को सांसद बनाने का आह्वान किया।

    ये रहे उपस्थित

    कार्यक्रम का संचालन महेंद्र धनौरिया ने किया। क्षेत्रीय भाजपा अध्यक्ष सतेंद्र सिसोदिया, क्षेत्रीय महामंत्री एवं जिला प्रभारी हरिओम शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष भूपेंद्र चौहान बॉबी, रालोद जिलाध्यक्ष नागेंद्र सिंह, विधायक अशोक राणा, एमएलसी गोपाल अंजान, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह, पूर्व एमएलसी सुबोध पाराशर, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि, भाजपा महिला मोर्चा जिला उपाध्यक्ष शोभा रानी, किरतपुर ब्लॉक प्रमुख अंकित चौधरी, नहटौर ब्लॉक प्रमुख राकेश चौधरी, नूरपुर ब्लॉक प्रमुख आकांक्षा चौहान, अल्हैपुर ब्लॉक प्रमुख क्षमा हेमलता चौहान, सत्यपाल सैनी, अनूप बाल्मीकि, पूर्व सांसद शीशराम रवि, जिला महामंत्री मुकेन्द्र त्यागी, डीसीबी चेयरमैन दिनेश कुमार, रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष महावीर सिंह, प्रियंकर राणा, महेंद्र प्रताप सिंह व एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा मंत्र के प्रतिपालक बाबा फुलसन्दे वाले आदि मौजूद रहे।

  • पदोन्नति में आरक्षण संशोधन विधेयक की प्रतियां सपा ने फाड़ी: मायावती

    बीएसपी सुप्रीमो ने गन्ना किसानों को भरमाया

    बीजेपी के राज में मुस्लिम व अन्य अल्पसंख्यकों की बुरी हालत: मायावती

    बिजनौर में मायावती के निशाने पर रहे भाजपा सपा

    बिजनौर। लोकसभा चुनाव के पहले चरण में 19 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले बिजनौर पहुंची पूर्व मुख्यमंत्री बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने बीजेपी सहित विपक्षी दलों को निशाने पर रखा। बिजनौर सीट से पार्टी प्रत्याशी चौधरी विजेंदर सिंह और नगीना प्रत्याशी सुरेन्द्र पाल को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की।

    बसपा सुप्रीमो मायावती ने समाजवादी पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब वह राज्यसभा सांसद थीं तो पदोन्नति में आरक्षण के लिए संशोधन विधेयक लाया गया। सपा ने इसका विरोध किया और इस बिल को पास नहीं होने दिया। इसकी कॉपी तक फाड़ दी। इस समाजवादी पार्टी को हराने की जिम्मेदारी आपकी है। कांग्रेस, भाजपा या किसी भी दल के साथ गठबंधन न कर बीएसपी अकेले अपने बलबूते यह लोकसभा चुनाव लड़ रही है। बीजेपी और उसके सहयोगी दल केंद्र व काफी राज्यों में काबिज हैं। अपनी जातिवादी, पूंजीवादी, संकीर्ण और द्वेषपूर्ण नीतियों के कारण बीजेपी फिर आसानी से सत्ता में आने वाली नहीं है। बीजेपी के राज में मुस्लिम व अन्य अल्पसंख्यकों की बुरी हालत है। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि इस बार के चुनाव में जुमलेबाजी, नाटकबाजी और गारंटी काम आने वाली नहीं है। सरकार ने गरीबों और मेहनत करने वाले लोगों के लिए अच्छे दिन के वायदे किए थे, कागजी गारंटी का जमीनी हकीकत में एक चौथाई हिस्सा भी पूरा नहीं हुआ है। भाजपा पूंजीपतियों को अधिक मालामाल करने और उन्हें बचाने में लगी है। भाजपा ने भी कांग्रेस की तरह जांच एजेंसियों का राजनीतिकरण कर दिया है। बीएसपी सुप्रीमो ने गन्ना किसानों को भरमाते हुए कहा कि जब जब हमारी पार्टी की सरकार रही, किसान भाइयों के हितों का ध्यान रखा। उनकी फसल गन्ना का भुगतान पिछली और वर्तमान सरकार से ज्यादा दिया। सभा में भीड़ जमकर उमड़ी।

    नगीना (सुरक्षित) लोकसभा सीट:

    नगीना (सुरक्षित) लोकसभा सीट से बसपा के सुरेन्द्र पाल चुनाव मैदान में हैं। सपा-कांग्रेस अलायंस की तरफ से भूतपूर्व जज मनोज कुमार उम्मीदवार हैं। वहीं भीम आर्मी चीफ खुद चंद्रशेखर चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि बीजेपी से ओम कुमार को प्रत्याशी हैं।

    जमकर नाची महिला कार्यकर्ता

  • कन्नड लेखक- नं श्रीकंठ कुमार
    हिंदी अनुवाद- करुणालक्ष्मी.के.एस.
    मैसूरु

    प्रभु श्री रामचंद्र जी की वंशावली

    सौजन्य से ~ गौरव अवस्थी रायबरेली (वरिष्ठ पत्रकार, लेखक व सामाजिक चिंतक)

    सनातनियों के लिए अयोध्या, मथुरा, माया, काशी, कांची, आवंतिपुरी और द्वारकापुरी मोक्षदायक सप्त क्षेत्र  माने जाते  हैं। इनमें अयोध्या प्रथम पुण्यक्षेत्र है। कहा जाता है कि सरयू नदी के किनारे स्थित धन-धान्य से समृद्ध कोसल नामक विशाल राज्य की प्रजा उत्तरोत्तर अभिवृद्धि पाते हुए आनंद से निवास करती थी। अयोध्या नामक लोकप्रसिद्ध नगर उसकी राजधानी था। यह प्रतीति है कि मनु नामक चक्रवर्ती ने अयोध्या नगर का निर्माण किया। माना जाता है कि वह महानगर बारह योजन लंबा और तीन योजन चौड़ा था। नगर में बड़े बड़े रास्ते थे। उन सुंदर रास्तों को हर रोज बुहारकर पानी छिड़क कर स्वच्छ करके उन पर फूल बिछाए जाते थे। अयोध्या नगरी देवेंद्र की नगरी के समान सुंदर द्वारों, तोरणों से नित्य सुशोभित होती थी। नगर में दुकान आदि क्रमबद्ध थे। अयोध्या में नाना प्रकार के कुशल कलाओं में निपुण शिल्पी लोग बसे हुए थे। अनेक प्रकार के युद्धोपयोगी यंत्र, आयुध भरे हुए थे। हाथी, घोड़ा, गाय, बैल, ऊँट आदि प्राणी विशेष रूप से पाले जाते थे। सामंत राजा अयोध्या के महाराजा को अर्पित करने के लिए उपहारों को लेकर प्रतीक्षा करते थे। नाना देशों से वणिज आकर व्यापार किया करते थे। विस्मय से भरी अयोध्या चतुरंग की तरह विन्यस्त थी। सात मंजिल वाले विमान नामक गृह पंक्तियों में सिद्ध पुरुष, सज्जन वास करते थे। ऐसी अयोध्या सुमनोहर थी। कहा जाता है कि वहां सफेद चावल समृद्ध रूप से मिल रहा था। इतना ही नहीं, नगर में गन्ने के रस जैसा मीठा पानी हमेशा मिलता था। दुंदुभि, तबला, मृदंग, वीणा, आदि वाद्यों की मधुर ध्वनि से भरी अयोध्या पुरी सारी पृथ्वी में अत्युत्तम नगरी मानी जाती थी। अयोध्या शस्त्रास्त्र विशारद और महारथी वीर योद्धाओं से रक्षित थी। ऐसे ही अहिताग्नि, शम दमादि गुणशाली, वेद वेदांगों के पारंगत, दानशील, सत्यशील, ब्राह्मण श्रेष्ठ, ऋषि, महर्षि वहां के निवासी थे। वे अपनी अपनी संपत्ति से तृप्त थे, पराए धन का लोभ उन्हें नहीं था। यह ध्यातव्य है कि अयोध्या में कामुक, क्रूरी, विद्याहीन अथवा नास्तिक नहीं थे। अयोध्या सत्यनगरी भी कही जाती थी। सभी स्त्री पुरुष धर्मशील, इंद्रियों को अपने वश में रखनेवाले थे, सौजन्य सदाचारी होकर, संतुष्ट रहने वाले, परिशुद्ध हृदयी थे। यह विशेष बात थी कि हर कोई कानों में कुंडल पहनता था। सारी प्रजा राजभक्ति संपन्न थी।

    वंशावली

    माना जाता है कि अगोचर ब्रह्मवस्तु से अनादि, नाशरहित, परिणामरहित ब्रह्माजी का आविर्भाव हुआ। ब्रह्माजी के वंशस्थ होने पर भी श्री सूर्यनारायण देव के आराधक मरीचि के वंशजों में उंनचालीस महापुरुष, राजा-महाराजा, चक्रवर्तियों ने अयोध्या को राजधानी बनाकर कोसल राज्य पर राज किया था। प्रथम रूप से श्री ब्रह्माजी के श्रेष्ठ पुत्र महर्षि मरीचि के पुत्र कश्यप, बाद में विवस्वत मनु, काकुत्थ्स्य, इक्श्वाकु महाराज, कुक्षी, विकुक्षी, बाण, अनरण्य, पृथु, त्रिशंकु महाराज, धुंधुमार, युवनाश्व, मांधातृ चक्रवर्ती, सुसंधि, ध्रुवसंधि, भरत चक्रवर्ती, असीत, सगर महाराज, असमंज, अंशुमंत, दिलीप चक्रवर्ती, भगीरथ महर्षि, काकुत्थ्स्य, रघु चक्रवर्ती, प्रवृद्ध, शंखण, सुदर्शन, अग्निवर्ण, श्रीव्रग, मरु, प्रशश्रुक, अंबरीष महाराज, नहुष चक्रवर्ती, ययाति, नाभाग, अज महाराज, दशरथ चक्रवर्ती, प्रभु श्रीरामचंद्र महाराज और उनके पुत्र लव-कुश ने अयोध्या पर राज किया।  इसकी जानकारी  महर्षि वाल्मीकीजी ने श्रीमद्वाल्मीकि रामायण में विस्तृत रूप से दी है। इनमें ऋषि श्रेष्ठ कश्यप जी, त्रिशंकु महाराज, मनु चक्रवर्ती, सगर चक्रवर्ती, दिलीप चक्रवर्ती, महर्षी भगीरथ, रघु चक्रवर्ती, अंबरीष महाराज, दशरथ महाराज, श्रीरामचंद्र प्रभु प्रमुख हैं।महा तेजस्वी मनु धर्म का पालन करते हुए प्रजाओं की रक्षा करते थे। उसके सैनिक अग्नि के समान तेजस्वी थे। साथ ही वे प्रजाओं से सौजन्यपूर्ण बर्ताव करते थे। कहा जाता है कि वे युद्ध तंत्र में परिणत थे। त्रिशंकु सत्यवादी के रूप में ख्यात थे। जानकारी के अनुसार, बड़े धर्मनिष्ठ, उदारशील इनसे ही इक्ष्वाकु वंश का प्रारंभ हुआ। एक बार त्रिशंकु को सशरीर स्वर्ग में जाने की प्रबल इच्छा हुई। उन्होंने अपनी यह इच्छा अपने कुल गुरु वशिष्ठ जी से निवेदित की, पर वशिष्ठ जी ने असंभव कहकर इस प्रस्ताव को तिरस्कृत किया। उसके बाद वशिष्ठ जी के पुत्र के पास जाकर अपनी यह अभिलाषा प्रकट करने पर उन्होंने क्रोधित होकर त्रिशंकु को श्राप दिया। श्रापित त्रिशंकु को देखकर उस पर तरस खाकर महर्षि विश्वामित्र ने उन्हें अपने पास आसरा देकर यज्ञ की तैयारी करके यज्ञ में हविर्भाग ग्रहण करने के लिए समस्त देवताओं को आमंत्रित किया। कोई देवता हविस स्वीकार करने  के लिए यज्ञ में नहीं आया। इससे क्रोधित होकर विश्वामित्रजी के त्रिशंकु महाराज को अपने तपोबल से सशरीर होकर स्वर्ग जाने के लिए कहने पर त्रिशंकु सशरीर स्वर्ग में गए। त्रिशंकु के देवलोक में प्रवेश करने पर अन्य देवताओं के साथ आकर देवेंद्र ने उनका रास्ता रोका और अधोमुख होकर वापस जाने  के लिए कहा। तुरंत त्रिशंकु नीचे गिरने लगे और त्राहि त्राहि कहते हुए विश्वामित्र को पुकारने लगे। विश्वामित्र ने तुरंत वहीं पर रुकने का आदेश देकर उन्हें  आसमान में ही रोक दिया। इतना ही नहीं, सप्तर्षि मंडल की सृष्टि करके उसके अनुरूप नक्षत्रों की पंक्ति की रचना की। तब ऋषि, देवासुर भीत होकर विश्वामित्र से विनती करने लगे। इस पर विश्व्वामित्र जी ने कहा कि जब तक यह जग रहेगा, तब तक अपने द्वारा निर्मित सारे नक्षत्र, उनके बीच त्रिशंकु उल्टा लटकते हुए प्रकाशित होते हुए स्थिर रहेंगे।

    आगे सगर नामक धर्मात्मा राजा ने अधिपति बनकर अयोध्या में राज किया। सगर चक्रवर्ती समुद्र को खुदवाकर उसे सागर नाम आने के लिए कारण बने। उनकी पहली पत्नी विदर्भ राजा की बेटी केशनी थी और दूसरी पत्नी कश्यप ऋषि की बेटी सुमति थी। केशनी का एक पुत्र हुआ। उसका नाम असमंज रखा गया। असमंज ने अयोध्या में कई साल राज किया। कालानंतर असमंज को अंशुमंत नामक पुत्र का जन्म हुआ। वह महारथी, वीर, प्रियंवद होकर सब लोगों का प्रीतिपात्र था। अंशुमंत को दिलीप नामक पुत्ररत्न का जनन हुआ। अंशुमंत कई सालों तक राज्यभार करते हुए बाद में अपने पुत्र दिलीप को राज्याधिकार सौंपकर हिमालय शिखर पर तपस्या करके स्वर्गस्थ हुआ। उत्तम रूप से राज्यभार करनेवाले दिलीप अपने पितामहों को तर्पण न देने के कारण बहुत चिंतित थे। धर्ममार्ग पर चलनेवाले दिलीप को भगीरथ नामक पुत्र हुआ। दिलीप अपने अंतिम दिनों में भगीरथ का राज्याभिषेक करके स्वर्गस्थ हुआ। भगीरथ कई वर्षों तक राज्यभार करके राज्य को मंत्रियों के वश में देकर देवगंगा को भूमि पर लाने का अचल संकल्प लिए दीर्घ तप करने लगे। तपस्या से सुप्रीत होकर समस्त देवताओं के साथ दर्शन देकर ब्रह्माजी ने उनसे अभीष्ट वर मांगने के लिए कहा। तब भगीरथ ने तप के फल के रूप में अपने पूर्वज सगर के पुत्रों को तर्पण देने का वर प्रदान करने की विनती की। उन महात्माओं के भस्म पर गंगा प्रवाह बहाकर अपने प्रपितामहों को स्वर्ग की प्राप्ति होने का और अपने लिए पुत्र संतान का वर मांगा। उसके बाद वे अयोध्या लौटे। आगे अज महाराज के पुत्र राजा दशरथ ने चक्रवर्ती बनकर अयोध्या पर राज किया। वे वेदवेदार्थों के ज्ञाता, विद्वानों, शूर वीरों के प्रोत्साहक थे। वे दीर्घदर्शी तथा तेजस्वी होकर सभी के प्रीतिपात्र थे। दस हजार महारथियों के साथ अकेले युद्ध करने की सामर्थ्यवाले अतिरथी थे। कहा जाता है कि दशरथजी के पास चतुरंग सेना थी। देवेंद्र के समान, कुबेर के समान वे धन-कनक से समृद्ध तथा जितेंद्रिय थे। दशरथजी के वश में कांबोज, बाह्लीक, वनायु और सिंधु देशों के श्रेष्ठ अश्व थे। उनके पास महान बलशाली पर्वताकार के विशालकाय हाथियों का समूह था। उनमें कई विंध्य पर्वत, हिमवत्पर्वत में जन्मे हुए थे। दशरथ के दरबार में दृष्टि, जयंत, विजय, सिद्धार्थ, अर्थसाधक, अशोक, मंत्रपाल और सुमंत नामक आठ अमात्य थे, जो गुणशाली तथा राजकार्यों में दक्ष थे। वे दूसरों के इंगित जानने में निपुण, राजा को प्रिय और हितकर कार्यों में सदा निरत रहते थे। वे सभी निष्कपट रीति से महाराजा में अनुरक्त होकर क्रम से राजाज्ञा का परिपालन करते थे। वशिष्ठ और वामदेव नामक दो व्यक्ति उनके मुख्य पुरोहित थे। प्रभावी राजा दशरथ को अपने कुलोद्धारक पुत्र संतान न होने की वजह से चिंता थी। वशिष्ठ महर्षि जी की सलाह के अनुसार उन्होंने सरयू नदी के किनारे पर वेदपारंगत महर्षि ऋष्यशृन्ग जी को आमंत्रित करके उनके नेतृत्व में पुत्रकामेष्टि यज्ञ आयोजित किया। यज्ञ के लिए देव देवादियों को आमंत्रित करके, महाविष्णु जी की स्तुति करते हुए उनसे लोकहित के लिए दशरथ महाराजा का पुत्र बनकर अवतरित होने की प्रार्थना करने लगे। यज्ञकुंड में से प्रजापत्य पुरुष आविर्भूत होकर दशरथ को पायस देकर उसे अपनी पत्नियों में बांटने के लिए कहा और उन्होंने यह भी सूचना दी कि यज्ञ के फलस्वरूप दशरथ को पुत्रों की प्राप्ति होगी। इस तरह दशरथ के मनोरथ के पूर्ण करने के बारहवें महीने चैत्रमास शुक्ल पक्ष के नवमी तिथि के पुनर्वसु नक्षत्र में रवि, कुज, गुरु और शुक्र ग्रहों के उच्च स्थान में रहने के सुमुहूरत में महारानी कौशल्या देवी के गर्भ से सर्वलोक पूजित, दिव्य लक्षण संयुत श्री रामचंद्र जी का जन्म हुआ। उसके बाद साक्षात महाविष्णुजी के एक अंश वाले भरत कैकई के तथा लक्ष्मण-शत्रुघ्न सुमित्रा के पुत्र बनकर आश्लेष नक्षत्र कर्काटक लग्न में जन्मे।

    मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीरामचंद्र

    मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीरामचंद्र ने राष्ट्र की आत्मा बनकर, राष्ट्र धर्म निरूपक बनकर, कोशल प्रदेश पर अयोध्या से राज किया। आज भी श्री रामचंद्र प्रभुजी के राज्यभार की रीति  को रामराज्य के रूप में स्मरण किया जाता है। बाद में श्री रामचंद्र प्रभुजी के पुत्र लव-कुश ने वंश को आगे बढाया।  कहा जाता है कि श्री रामचंद्र प्रभुजी के जन्मस्थान अयोध्या में कुश ने पहली बार भव्य दिव्य मंदिर की स्थापना की। इस तरह त्रेतायुग में इक्ष्वाकु वंशजों ने सुभिक्ष रूप से राज्यभार किया। वे सभी  प्रशासन दक्षता में सार्वकालिक श्रेष्ठ माने जाते हैं। यह जानकारी संस्कृत भाषा में आदिकवि वाल्मीकीजी ने विस्तार से दी है।

  • 7th pay commission : सरकारी कर्मचारियों के 06 प्रकार के भत्तों में इजाफा, अधिसूचना जारी

    सरकारी कर्मचारी उठाएं 06 प्रकार के भत्तों का लाभ

    सातवें वेतन आयोग ने उन सभी भत्तों की समीक्षा की, जो केंद्र सरकार के कर्मचारियों को दिए गए थे। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए लागू भत्ते जिन्हें संशोधित किया गया है वे इस प्रकार हैं: मार्च 2024 में डीए में बढ़ोतरी की गई थी। बढ़ोतरी के साथ, 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप अन्य सभी संबंधित भत्ते जैसे मकान किराया भत्ता, दैनिक भत्ता, ग्रेच्युटी सीमा और छात्रावास सब्सिडी में वृद्धि की गई है।

    कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने हाल ही में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए उपलब्ध संशोधित भत्तों को अधिसूचित किया। मार्च 2024 में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) 04 फीसदी बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया गया है। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पहले के 46 प्रतिशत से 04 प्रतिशत की अतिरिक्त महंगाई राहत (डीआर) को भी मंजूरी दे दी।

    1. महंगाई भत्ता

    महंगाई भत्ता या डीए जीवन यापन की लागत समायोजन भत्ता है, जो केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के अपने वर्तमान और सेवानिवृत्त सदस्यों को प्रदान करती है। पिछले महीने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (डीए) 04 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया गया था। केंद्र सरकार के पेंशन भोगियों के लिए महंगाई राहत (डीआर) में भी 04 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई, जो 50 फीसदी तक पहुंच गई है। ये समायोजन 01 जनवरी, 2024 से प्रभावी हैं। बढ़े हुए महंगाई भत्ते से लगभग 49.18 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों और 67.95 लाख पेंशन भोगियों को लाभ होगा।

    2. बाल शिक्षा भत्ता

    केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए भत्ते को मूल भत्ते के 25 प्रतिशत तक संशोधित किया गया है जो पहले 50 प्रतिशत निर्धारित था। हालाँकि, बाल शिक्षा भत्ता या छात्रावास सब्सिडी अधिकतम दो बच्चों तक सीमित है, जिसकी सब्सिडी दर प्रति माह 6,750 रुपए है। ऐसी स्थितियों में जहां केंद्र सरकार के किसी कर्मचारी का बच्चा विकलांग है, उनके बाल शिक्षा भत्ते पर विशेष ध्यान दिया जाता है और इसे मानक दर से दोगुना समायोजित किया जाता है।

    अधिसूचना में कहा गया है कि “सरकारी कर्मचारी के दिव्यांग बच्चों के लिए सीईए की प्रतिपूर्ति सीईए की सामान्य दर से दोगुनी यानी 4500/- रुपये प्रति माह पर देय होगी। ऐसे मामले में जहां दिव्यांग बच्चा स्कूल जाने में सक्षम नहीं है, शिक्षा का लाभ उठाने के लिए सीईए की प्रतिपूर्ति /निवास पर विशेष शिक्षा, शिक्षक/प्रशिक्षक आदि द्वारा प्राप्त भुगतान की प्रस्तुति और केंद्र सरकार के कर्मचारी द्वारा अपने निवास पर अपने बच्चे की शिक्षा प्राप्त करने के लिए स्व-प्रमाणन के अधीन सीईए की सामान्य दरों से दोगुनी दर पर की जाएगी।

    3. जोखिम भत्ता

    यह भत्ता खतरनाक कर्तव्यों में लगे केंद्र सरकार के कर्मचारियों को प्रदान किया जाता है या जिनके काम से समय के साथ उनके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। मुआवजा संरचना के भीतर वर्गीकरण में स्पष्टता सुनिश्चित करने के लिए डीओपीटी ने कहा कि जोखिम भत्ते को किसी भी उद्देश्य के लिए “वेतन” नहीं माना जाता है।

    4. रात्रि ड्यूटी भत्ता

    7वें वेतन आयोग के संशोधित मानदंडों के अनुसार, रात्रि ड्यूटी भत्ते (एनडीए) में समायोजन किया गया है। रात्रि ड्यूटी को रात 10 बजे से सुबह 06 बजे तक की समय-सीमा के रूप में परिभाषित किया गया है। एक कर्मचारी एनडीए के लिए तब पात्र हो जाता है जब वह 43,600 रुपए की मूल मासिक वेतन सीमा प्राप्त कर लेता है।

    प्रति घंटा एनडीए दर की गणना इस सूत्र के उपयोग के माध्यम से होती है: [(मूल वेतन + महंगाई भत्ता)/200], इस फॉर्मूले में, मूल वेतन और महंगाई भत्ता दोनों 07वें केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा निर्धारित उनकी वर्तमान दरों से प्राप्त होते हैं। प्रत्येक व्यक्ति की एनडीए राशि की गणना किसी भी रात्रि ड्यूटी प्रदर्शन दिवस पर उस कर्मचारी द्वारा अर्जित विशिष्ट मूल वेतन पर निर्भर करती है।

    5. ओवरटाइम भत्ता

    विभागों और मंत्रालयों को ‘ऑपरेशनल स्टाफ’ के रूप में वर्गीकृत कर्मियों के लिए एक रजिस्टर तैयार करने का कर्तव्य सौंपा गया है। इस प्रक्रिया में ओवरटाइम भत्ता दरों में कोई वृद्धि शामिल नहीं होनी चाहिए। मानक कामकाजी घंटों से परे कर्तव्यों के निर्धारण में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से, ओवरटाइम भत्ते के समावेश को बायोमेट्रिक उपस्थिति निगरानी प्रणालियों के साथ जोड़ा जा सकता है। 

    6. विशेष भत्ता

    विकलांग महिला कर्मचारियों, विशेष रूप से छोटे बच्चों वाली महिलाओं और विकलांग बच्चों को अतिरिक्त लाभ प्रदान करने के लिए, विशेष भत्ता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। 07वें वेतन आयोग के तहत संशोधित इस व्यवस्था के तहत दिव्यांग महिलाओं को 3000 रुपए प्रति माह मिलेंगे। यह भत्ता बच्चे के जन्म से लेकर उसके दो साल का होने तक दिया जाएगा।

    संसद सहायकों के लिए विशेष भत्ता

    सत्र के दौरान संसद के कर्तव्यों में पूरी तरह से लगे व्यक्तियों को दिए जाने वाले विशेष भत्ते में 50 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। सहायकों और यूडीसी के लिए पिछली दरें क्रमशः 1500 रुपए और 1200 रुपए थीं। अब इसे बढ़ाकर 2,250 रुपए और 1,800 रुपए कर दिया गया है।

    यह भत्ता प्रत्येक कैलेंडर माह के लिए पूर्ण दरों पर दिया जाएगा, जिसमें संसद कम से कम 15 दिनों के लिए बुलाई जाएगी। हालाँकि, छोटे सत्र वाले महीनों के लिए भत्ता निर्धारित दरों से आधा होगा। इसके अलावा, जिन कैलेंडर महीनों में संसद सत्र चल रहा है, उनके लिए संसद सहायकों को कोई ओवर टाइम भत्ता (ओटीए) का भुगतान नहीं किया जाएगा। (एजेंसी)

  • How to withdraw money after death of account holder without nominee? बिना नॉमिनी वाले खाताधारक की मृत्यु के बाद कैसे निकालें पैसे? नॉमिनी मृतक व्यक्ति के खाते से पैसे निकाल सकता है, लेकिन क्या होगा अगर कोई नॉमिनी नहीं है? जानिए कि पैसे की निकासी कैसे हो सकती है?यदि आपने कभी बैंक खाता खोला है, […]

    बिना नॉमिनी वाले खाताधारक की मृत्यु के बाद कैसे निकालें पैसे?
  • बसपा सुप्रीमो ने कार्यकर्ताओं में भरा नया जोश 

    बिजनौर सीट से बसपा प्रत्याशी चौधरी विजेंद्र सिंह ने मंच से भरी हुंकार

    मुजफ्फरनगर रैली में बिजनौर सीट को भी साध गईं मायावती


    मवाना। मुजफ्फरनगर में हुई बसपा की महारैली में बसपा सुप्रीमो मायावती ने बिजनौर और मुजफ्फरनगर के प्रत्याशियों के लिए वोट की अपील की। उन्होंने कहा कि बिजनौर सीट पर बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी चौधरी विजेंद्र सिंह बहुत बड़े अंतर से जीतने वाले हैं। उन्होंने भाजपा पर जमकर निशाना साधा और भाजपा को कॉर्पोरेट की सरकार बताया।

    बसपा सुप्रीमो मायावती के संबोधन से पहले बिजनौर से प्रत्याशी चौधरी विजेंन्द्र सिंह ने मंच से हुंकार भरते हुए केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया और द्वेष की राजनीति से परे सामाजिक समरसता और एकता का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपनी 10 साल की सरकार में जुमलों और झूठे वादों के अलावा जनता को कुछ नहीं दिया, अतः सभी मिलकर झूठी सरकार को बदलने के लिए वोट दें।

    बसपा सुप्रीमो मायावती ने सरकार और मुख्य विपक्षी दलों को जमकर खरी खोटी सुनाई और कहा हम सत्ता के भूखे नहीं हैं, लेकिन सामाजिक परिवर्तन के लिए सत्ता में आना जरुरी है। वक़्त आ गया है ज़ब सर्वसमाज को एकजुट होकर बाबा साहेब अम्बेडकर जी के विचारों और संविधान की रक्षा का जिम्मा उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यदि इस बार भी भाजपा की सरकार बन गई तो बाबा साहेब के संविधान को नष्ट कर दिया जाएगा।

    बाबा साहब की जयंती पर मुजफ्फरनगर में बसपा सुप्रीमो की रैली का असर देखने को मिला। लाखों की संख्या में भीड़ मायावती को सुनने पहुंची। राजनीतिक हलकों में भी इस रैली को लेकर चर्चाएं रहीं। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि बसपा सुप्रीमो की इस रैली से मुजफ्फरनगर और बिजनौर सीट पर बसपा प्रत्याशियों की स्थिति मजबूत होगी।

  • किसानों तक पहुंचती रहेगी किसान सम्मान निधि: नायब सिंह सैनी

    चंदन चौहान के समर्थन में बिजनौर पहुंचे हरियाणा के सीएम और आरएलडी अध्यक्ष

    चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न पर विपक्ष के पेट में हुआ दर्द: नायब सिंह सैनी

    बिजनौर। लोकसभा सीट बिजनौर से राष्ट्रीय लोकदल के प्रत्याशी चन्दन चौहान के समर्थन में हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी व अध्यक्ष जयंत चौधरी ने जनता से वोटों की अपील की।

    नुमाइश ग्राउंड में आयोजित जनसभा में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भारत माता की जयकारे के साथ अपनी बात शुरू की। उन्होंने कहा कि आरएलडी और बीजेपी ने चंदन चौहान को आपके बीच में उम्मीदवार बनाकर भेजा है, उनको जिताने का काम करें। अबकी बार बीजेपी आरएलडी के गठबंधन प्रत्याशी चंदन चौहान को भारी मतों से विजयी बनाना है। आरएलडी प्रत्याशी चंदन चौहान को 19 अप्रैल को भारी मतों से विजयी बनाने के लिए नल का बटन दबाकर वोट देने का काम करें।

    उन्होंने उपस्थित लोगों और बिजनौर की धरती को नमन करते हुए राम मंदिर बनने पर सभी को बधाई दी। कहा कि भारत का नाम जिसने पूरी दुनिया में रौशन किया है, उनका नाम नरेंद्र मोदी है। जब नरेंद्र मोदी ने चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिया तो विपक्ष के पेट में दर्द हो रहा था। इन दस वर्षो के अंदर नरेंद्र मोदी ने गरीबी हटाने का काम किया है। साल 2015~16 की बात है जब मैं मंत्री था लोगों ने मुझे पकड़ लिया कहा गुंडागर्दी खत्म कर दीजिए। मैंने कहा फूल पर मोहर लगा दो, गुंडागर्दी खत्म हो जाएगी। आयुष्मान कार्ड बनाकर मोदी सरकार ने गरीब का फायदा किया। विपक्षी गठबंधन ने देश को बदनाम करने का काम किया है। धारा 370 की बात हो या विकास की बात हो, देश ऊंचाइयों को छू रहा है।

    हरियाणा के सीएम ने कहा कि एक संकल्प लेकर आपके बीच में आया हूं कि तीसरी बार नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाना है। मोदी जी ने संकल्प लिया है कि किसान सम्मान निधि किसानों तक पहुंचती रहेगी। आप एक एक वोट बिजनौर के उम्मीदवार चंदन चौहान को दे दो। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव हमेशा इस फिराक में रहते हैं कि वह कैसे जीतें और फिर से एक बार उत्तर प्रदेश में गुंडागर्दी का आलम हो। 

    अखिलेश को दिखाएंगे शतरंज की ढाई चाल

    आरएलडी अध्यक्ष जयंत चौधरी ने अखिलेश के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अखिलेश ने मेरी कीमत 1 रुपया लगाई है; अखलेश जी मैं आपको शतरंज की ढाई चाल से एक बार फिर से शिकस्त देने का काम करूंगा।

  • वन्दे विष्णुम भवभयहरं सर्व लोकेकनाथम। ॐ नमोः नारायणाय नमः। ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय नमः

    वन्दे विष्णुम भवभयहरं सर्व लोकेकनाथम। ॐ नमोः नारायणाय नमः। ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय नमः
  • उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला

    03 साल के दौरान हुई प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री की होगी बड़ी जांच पड़ताल

    लखनऊ। पूरे उत्तर प्रदेश में 03 साल के दौरान हुई प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री की जांच पड़ताल कराई जाएगी। उन रजिस्ट्री की जांच होगी जो रजिस्ट्री उत्तर प्रदेश में कहीं पर भी भौतिक स्टांप पेपर के द्वारा हुई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह जांच होगी। पिछले 03 साल से उत्तर प्रदेश में ई-स्टाम्प के द्वारा प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री हो रही है।

    उत्तर प्रदेश में हुआ स्टांप का फर्जीवाड़ा

    हाल ही में उत्तर प्रदेश में स्टांप पेपर का बड़ा फर्जीवाडा पकड़ा गया। गोरखपुर, देवरिया व कुशीनगर के रहने वाले आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने स्टांप छापने वाली मशीन, एक करोड़ 52 लाख 30 हजार रुपए के फर्जी स्टांप के साथ ही यूपी, बिहार के गैर न्यायिक स्टांप, रसीदी टिकट आदि बरामद किए थे। यही नहीं, इनके पास से ब्रिटिश काल के स्टांप का भी एक बंडल पाया गया। इनमें ज्यादातर 25 पैसे, 50 पैसे के स्टांप शामिल थे। आशंका जताई जा रही है कि जालसाजों द्वारा इनका इस्तेमाल बड़े शहरों की काफी पुरानी कीमती संपत्तियों को लेकर न्यायालयों में चलने वाले वादों को उलझाने या इनमें अपना पक्ष मजबूत करने के लिए फर्जी वसीयत बनाने में किया जाता होगा। इस मामले में अब तक आठ लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। एआइजी स्टांप प्रदीप राणा ने कहा कि शासन की ओर से तीन साल पहले तक हुई उन सभी संपत्तियों की रजिस्ट्री के जांच के आदेश हुए है, जिनमें भौतिक स्टांप का प्रयोग हुआ है। यद्यपि, इनकी संख्या बहुत ज्यादा नहीं है। पहले ऐसी रजिस्ट्री की सूची तैयार की जाएगी फिर एक-एक स्टांप के नंबर जांचे जाएंगे और उसकी अलग सूची बनाई जाएगी। फिर इसे कोषागार कार्यालय को भेजा जाएगा, जिससे पता चलेगा कि संबंधित नंबरों वाले स्टांप वहां से ही जारी किए गए हैं या नहीं!

    खुलेंगे सारे राज

    उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले से स्टांप पेपर के द्वारा होने वाले फर्जी वाडे के सारे राज खुल जाएंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश का निबंधन (रजिस्ट्री विभाग) जांच के काम में जुट गया है। जानकारों का कहना है कि पूरे उत्तर प्रदेश में इस जांच का काम जल्दी ही पूरा कर लिया जाएगा।

  • बसपा प्रत्याशी बोले, बिजनौर की दशा और दिशा बदलने के लिए आया हूं

    संविधान नहीं बदलने देंगे: चौ. विजेन्द्र सिंह

    बिजनौर। बाबा साहब ने शोषित वंचित पिछड़ा वर्ग अति पिछड़ा वर्ग के लिए समानता के अधिकार का प्रावधान किया और इस वर्ग को उनके अधिकार दिलवाए। आज के समय में संविधान को बदलने के प्रयास किया जा रहे हैं जिनको बहन मायावती जी के नेतृत्व में ऐसा कभी हम होने नहीं देंगे। यह बात बिजनौर लोक सभा सीट से बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी चौ. विजेन्द्र सिंह ने अंबेडकर जयंती पर कही।

    चौधरी विजेंद्र ने कहा कि बहन मायावती जी की सरकार में जैसा सुशासन था, वह आज कहीं भी नहीं दिख रहा आज उत्तर प्रदेश में कोई सर्व समाज को साथ लेने वाला नहीं है, सर्व समाज की एकमात्र नेता बहन मायावती जी हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन कमजोर तबके के कल्याण में लगा दिया। जब बसपा की सरकार थी, तो समाज के हर वर्ग को न्याय मिलता था लेकिन आज हमारे पास यह चुनौती है कि समाज का एक वर्ग अभी भी अपने अधिकारों की अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहा है। अल्पसंख्यक पिछड़ा अति पिछड़ा दलित और कमजोर समाज इस चुनौती का सामना कर रहा है। हमें मिलकर इस लड़ाई को साथ लड़ना है।

    चौधरी विजेंद्र सिंह ने कहा कि मैं बिजनौर की दशा और दिशा बदलने के लिए आया हूं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि यदि आप लोगों ने मुझे चुना तो मैं बिजनौर के विकास के सर्वांगीण प्रयास करूंगा और आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं एक-एक गांव के एक-एक व्यक्ति की संसद में आवाज बनेगा। उन्होंने अपील की कि आप निर्भय होकर मतदान करें और ऐसे व्यक्ति को चुनें जो आपकी हर समस्या के लिए सड़क पर संघर्ष कर सके यदि आपने मुझे चुना तो मैं यह भरोसा दिलाता हूं कि मैं हमेशा आपके बीच रहूंगा।

  • सैंपलिंग के नाम पर व्यापारियों का शोषण

    फूड इंस्पेक्टर पर रिश्वत मांगने का आरोप, व्यापारियों का हंगामा

    व्यापारियों का आरोप है कि बिजनौर में तैनात फूड इंस्पेक्टर रामवीर सिंह सैंपलिंग के नाम पर फूड इंस्पेक्टर व्यापारियों का शोषण करते हैं और रात में भी सैंपल लेने प्रतिष्ठानों पर पहुंच जाते हैं। आरोप है अनाज मंडी स्थित एक व्यापारी के प्रतिष्ठान पर पहुंचे फूड इंस्पेक्टर रामवीर सिंह ने लाइसेंस में खामियों के नाम पर धमकाया।

    बिजनौर। व्यापारियों ने फूड इंस्पेक्टर पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। मामले की शिकायत डीएम से की गई है।

    शहर की सब्जी मण्डी में व्यापारी साहिल अग्रवाल की अग्रवाल सेल्स कार्पोरेशन के नाम से दुकान है। आरोप है कि शनिवार देर शाम फूड इंस्पेक्टर रामवीर सिंह ने सैम्पल भरने के नाम पर रिश्वत की मांग की और न देने की स्थिति में सैम्पल भरकर सख्त कार्यवाही करने की चेतावनी भी दी। फूड इंस्पेक्टर की इस नाजायज मांग पर व्यापारी साहिल अग्रवाल ने अन्य व्यापारियों को सूचित कर अपने प्रतिष्ठान पर बुला लिया।

    काफी देर नोंकझोंक के बाद आखिर में फूड इंस्पेक्टर को पकड़कर पैदल ही एसडीएम कार्यालय ले जाया गया। व्यापारियों ने एसडीएम मनोज कुमार के समक्ष आरोप लगाया कि फूड इंस्पेक्टर रिश्वत लेने के लिए परेशान करता है। सैंपल लेने का समय शाम छह बजे तक का है, जबकि ये साढ़े सात बजे के बाद प्रतिष्ठान पर आते हैं। बताया कि फूड इंस्पेक्टर लाइसेंस बनाने के नाम पर भी रिश्वत मांगते है, बिना रिश्वत के लाइसेंस बन ही नहीं सकता है।

    व्यापारियों ने चेताया कि अगर फूड विभाग के अफसर नहीं सुधरे तो आंदोलन किया जाएगा। बाद में पीड़ित व्यापारी साहिल अग्रवाल ने डीएम को इस संबंध में शिकायती पत्र सौंपा। पत्र में फूड इंस्पेक्टर रामवीर सिंह पर सैम्पल भरने के नाम पर अवैध वसूली करने का आरोप लगाते हुए कार्यवाही की मांग की गई है।

  • राजा सुरथ और वैश्य को देवी का वरदान

    श्री दुर्गा सप्तशती तेरहवाँ अध्याय

    महर्षि मेधा ने कहा- हे राजन्! इस प्रकार देवी के उत्तम माहात्म्य का वर्णन मैंने तुमको सुनाया। जगत को धारण करने वाली इस देवी का ऐसा ही प्रभाव है, वही देवी ज्ञान को देने वाली है और भगवान विष्णु की इस माया के प्रभाव से तुम और यह वैश्य तथा अन्य विवेकीजन मोहित होते हैं और भविष्य में मोहित होंगे। हे राजन्! तुम इसी परमेश्वरी की शरण में जाओ। यही भगवती आराधना करने पर मनुष्य को भोग, स्वर्ग तथा मोक्ष प्रदान करती है। मार्कण्डेय जी ने कहा-महर्षि मेधा की यह बात सुनकर राजा सुरथ ने उन उग्र व्रत वाले ऋषि को प्रणाम किया और राज्य के छिन जाने के कारण उसके मन में अत्यन्त ग्लानि हुई और वह राजा तथा वैश्य तपस्या के लिये वन को चले गये और नदी के तट पर आसन लगाकर भगवती के दर्शनों के लिये तपस्या करने लगे।

    दोनों ने नदी के तट पर देवी की मूर्ति बनाई और पुष्प, धूप, दीप तथा हवन द्वारा उसका पूजन करने लगे। पहले उन्होंने आहार को कम कर दिया। फिर बिलकुल निराहार रहकर भगवती में मन लगाकर एकाग्रतापूर्वक उसकी आराधना करने लगे। वह दोनों अपने शरीर के रक्त से देवी को बलि देते हुए तीन वर्ष तक लगातार भगवती की आराधना करते रहे। तीन वर्ष के पश्चात जगत का पालन करने वाली चण्डिका ने उनको प्रत्यक्ष दर्शन देकर कहा, देवी बोली-हे राजन्! तथा अपने कुल को प्रसन्न करने वाले वैश्य! तुम जिस वर की इच्छा रखते हो वह मुझसे माँगो, वह वर मैं तुमको दूँगी क्योंकि मैं तुम पर अत्यन्त प्रसन्न हूँ।

    मार्कण्डेय जी कहते हैं-यह सुन राजा ने अगले जन्म में नष्ट न होने वाला अखण्ड राज्य और इस जन्म में बलपूर्वक अपने शत्रुओं को नष्ट करने के पश्चात अपना पुन: राज्य प्राप्त करने के लिये भगवती से वरदान माँगा और वैश्य ने भी जिसका चित्त संसार की ओर से विरक्त हो चुका था, भगवती से अपनी ममता तथा अहंकार रूप आसक्ति को नष्ट कर देने वाले ज्ञान को देने के लिए कहा। देवी ने कहा-हे राजन्! तुम शीघ्र ही अपने शत्रुओं को मारकर पुन: अपना राज्य प्राप्त कर लोगे, तुम्हारा राज्य स्थिर रहने वाला होगा फिर मृत्यु के पश्चात आप सूर्यदेव के अंश से जन्म लेकर सावर्णिक मनु के नाम से इस पृथ्वी पर ख्याति को प्राप्त होगें।

    हे वैश्य! कुल में श्रेष्ठ आपने जो मुझसे वर माँगा है वह आपको देती हूँ, आपको मोक्ष को देने वाले ज्ञान की प्राप्ति होगी। मार्कण्डेय जी कहते हैं-इस प्रकार उन दोनों को मनोवांछित वर प्रदान कर तथा उनसे अपनी स्तुति सुनकर भगवती अन्तर्धान हो गई और इस प्रकार क्षत्रियों में श्रेष्ठ वह राजा सुरथ भगवान सूर्यदेव से जन्म लेकर इस पृथ्वी पर सावर्णिक मनु के नाम से विख्यात हुए।

    श्री दुर्गा सप्तशती के पाठ के बाद “सिद्धकुंजिका स्तोत्र” का पाठ अवश्य करना चाहिए, इससे सभी मनोरथ पूरे होते हैं.

  • दुर्गा सप्तशती अध्याय 12  – देवी-चरित्रों के पाठ का माहात्म्य

    ॥ध्यानम्॥

    ॐ विद्युद्दामसमप्रभां मृगपतिस्कन्धस्थितां भीषणां कन्याभिः करवालखेटविलसद्धस्ताभिरासेविताम्। हस्तैश्‍चक्रगदासिखेटविशिखांश्‍चापं गुणं तर्जनीं बिभ्राणामनलात्मिकां शशिधरां दुर्गां त्रिनेत्रां भजे॥

    ध्यान~ मैं तीन नेत्रों वाली दुर्गादेवी का ध्यान करता (करती) हूँ। उनके श्री अंगो की प्रभा बिजली के समान है। हाथों में तलवार और ढाल लिये, अनेक कन्याएँ उनकी सेवा में खड़ी हैं। वे अपने हाथों में, चक्र, गदा, तलवार, ढाल, बाण, धनुष, पाश और तर्जनी मुद्रा धारण किये हुए हैं। उनका स्वरूप अग्रिमय है तथा वे माथे पर, चन्द्रमाका मुकुट धारण करती हैं।

    माँ दुर्गा, देवताओं को, सप्तशती पाठ के लाभ बताती हैं

    देवी बोली- हे देवताओं! जो पुरुष इन स्तोत्रों द्वारा एकाग्रचित्त होकर मेरी स्तुति करेगा उसके सम्पूर्ण कष्टों को नि:संदेह हर लूँगी। मधुकैटभ के नाश, महिषासुर के वध और शुम्भ तथा निशुम्भ के वध की जो मनुष्य कथा कहेंगे, मेरे महात्म्य को अष्टमी, चतुर्दशी व नवमी के दिन एकाग्रचित्त से भक्तिपूर्वक सुनेंगे, उनको कभी कोई पाप न रहेगा, पाप से उत्पन्न हुई विपत्ति भी उनको न सताएगी, उनके घर में दरिद्रता न होगी और न उनको प्रियजनों का बिछोह होगा, उनको किसी प्रकार का भय न होगा। इसीलिए प्रत्येक मनुष्य को भक्तिपूर्वक मेरे इस कल्याणकारक माहात्म्य को सदा पढ़ना और सुनना चाहिए। मेरा यह माहात्म्य महामारी से उत्पन्न हुए सम्पूर्ण उपद्रवों को एवं तीन प्रकार के उत्पातों को शान्त कर देता है। जिस घर व मंदिर में या जिस स्थान पर मेरा यह स्तोत्र विधि पूर्वक पढ़ा जाता है, उस स्थान का मैं कभी भी त्याग नहीं करती और वहाँ सदा ही मेरा निवास रहता है।

    बलिदान, पूजा, होम तथा महोत्सवों में मेरा यह चरित्र उच्चारण करना तथा सुनना चाहिए। ऐसा हवन या पूजन मनुष्य जानकर या बिना जाने करे, मैं उसे तुरन्त ग्रहण कर लेती हूँ और शरद काल में प्रत्येक वर्ष जो महापूजा की जाती है उनमें मनुष्य भक्तिपूर्वक मेरा यह माहात्म्य सुनकर सब विपत्तियों से छूट जाता है और धन, धान्य तथा पुत्रादि से सम्पन्न हो जाता है और मेरे इस माहात्म्य व कथाओं इत्यादि को सुनकर मनुष्य निर्भय हो जाता है और माहात्म्य के श्रवण करने वालों के शत्रु नष्ट हो जाते हैं तथा कल्याण की प्राप्ति होती है और उनका कुल आनन्दित हो जाता है, सब कष्ट शांत हो जाते हैं तथा भयंकर स्वप्न दिखाई देना तथा घरेलू दु:ख इत्यादि सब मिट जाते हैं। बालग्रहों में ग्रसित बालकों के लिए यह मेरा माहात्म्य परम शान्ति देने वाला है। मनुष्यों में फूट पड़ने पर यह भली भाँति मित्रता करवाने वाला है।

    मेरा यह माहात्म्य मनुष्यों को मेरी जैसी सामर्थ्य की प्राप्ति करवाने वाला है। पुष्प, अर्ध्य, धूप, गन्ध, दीपक इत्यादि सामग्रियों द्वारा पूजन करने से, ब्राह्मण को भोजन करा के हवन कर के प्रतिदिन अभिषेक कर के नाना प्रकार के भोगों को अर्पण कर के और प्रत्येक वर्ष दान इत्यादि कर के जो मेरी आराधना की जाती है और उससे मैं जैसी प्रसन्न हो जाति हूँ, वैसी प्रसन्न मैं इस चरित्र के सुनने से हो जाती हूँ। यह माहात्म्य श्रवण करने पर पापों को हर लेता है तथा आरोग्य प्रदान करता है, मेरे प्रादुर्भाव का कीर्तन दुष्ट प्राणियों से रक्षा करने वाला है, युद्ध में दुष्ट दैत्यों का संहार करने वाला है। इसके सुनने से मनुष्य को शत्रुओं का भय नहीं रहता।

    हे देवताओं! तुमने जो मेरी स्तुति की है अथवा ब्रह्माजी ने जो मेरी स्तुति की है, वह मनुष्यों को कल्याणमयी बुद्धि प्रदान करने वाली है। वन में सूने मार्ग में अथवा दावानल से घिर जाने पर, वन में चोरों से घिरा हुआ या शत्रुओं द्वारा पकड़ा हुआ, जंगल में सिंहों से, व्याघ्रों से या जंगली हाथियों द्वारा पीछा किया हुआ, राजा के क्रुद्ध हो जाने पर मारे जाने के भय से, समुद्र में नाव के डगमगाने पर भयंकर युद्ध में फँसा होने पर, किसी भी प्रकार की पीडा से पीड़ित, घोर बाधाओं से दुखी हुआ मनुष्य, मेरे इस चरित्र को स्मरण करने से संकट से मुक्त हो जाता है।

    मेरे प्रभाव से सिंह, चोर या शत्रु इत्यादि दूर भाग जाते हैं और पास नहीं आते। महर्षि ने कहा-प्रचण्ड पराक्रम वाली भगवती चण्डिका यों कहने के पश्चात सब देवताओं के देखते ही देखते अन्तर्धान हो गई और सम्पूर्ण देवता अपने शत्रुओं के मारे जाने पर पहले की तरह यज्ञ भाग का उपभोग करने लगे और उनको अपने अधिकार फिर से प्राप्त हो गये तथा युद्ध में देवताओं के शत्रुओं शुम्भ व निशुम्भ के देवी के हाथों मारे जाने पर बाकी बचे हुए राक्षस पाताल को चले गये। हे राजन्! इस प्रकार भगवती अम्बिका नित्य होती हुई भी बार-बार प्रकट होकर इस जगत का पालन करती है, इसको मोहित करती है, जन्म देती है और प्रार्थना करने पर समृद्धि प्रदान करती है।

    हे राजन्! भगवती ही महाप्रलय के समय महामारी का रुप धारण करती है और वही सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में व्याप्त है और वही भगवती समय-समय पर महाकाली तथा महामारी का रूप बनाती है और स्वयं अजन्मा होती हुई भी सृष्टि के रूप में प्रकट होती है, वह सनातनी देवी प्राणियों का पालन करती है और वही मनुष्य के अभ्युदय के समय घर में लक्ष्मी का रूप बनाकर स्थित हो जाती है तथा अभाव के समय दरिद्रता बनकर विनाश का कारण बन जाती है। पुष्प, धूप और गन्ध आदि से पूजन करके उसकी स्तुति करने से वह धन एवं पुत्र देती है और धर्म में शुभ बुद्धि प्रदान करती है।

    इस प्रकार श्रीमार्कंडेयपुराण में सावर्णिक मन्वंतर की कथा के अंतर्गत देवीमाहाम्य में फलस्तुति नामक बारहवां अध्याय पूरा हुआ। (साभार astrodisha)

  • नवरात्रि पर्व: सातवें दिन दुर्गा माता के सातवें स्वरूप माँ कालरात्रि की पूजा

    नवरात्रि पर्व के सातवें दिन दुर्गा माता के सातवें स्वरूप माँ कालरात्रि की पूजा अर्चना की जाती है। मान्यता है इस दिन पूरी श्रद्धा के साथ माता की आराधना करने और व्रत रखने से अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है। मां कालरात्रि को गुड़ का भोग प्रिय है।

    एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
    लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥
    वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा।
    वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयंकरी॥

    देवी कालरात्रि मां दुर्गा का सप्तम रूप है। माता अत्यंत दयालु-कृपालु हैं। यह देवी सर्वत्र विजय दिलाने वाली, मन एवं मस्तिष्क के समस्त विकारों को दूर करने वाली है। यह मां दुर्गा की सातवीं शक्ति तथा कालरात्रि के नाम से जानी जाती है अर्थात जिनके शरीर का रंग घने अंधकार की तरह एकदम काला है। इनका रूप भयानक है। सिर के बाल बिखरे हुए हैं और गले में विद्युत की तरह चमकने वाली माला है।  अंधकारमय स्थितियों का विनाश करने वाली शक्ति हैं कालरात्रि। काल से भी रक्षा करने वाली यह शक्ति है। इस देवी के तीन नेत्र हैं। ये तीनों ही नेत्र ब्रह्मांड के समान गोल हैं। इनकी सांसों से अग्नि निकलती रहती है। ये गर्दभ की सवारी करती हैं। ऊपर उठे हुए दाहिने हाथ की वर मुद्रा भक्तों को वर देती है। दाहिनी ही तरफ का नीचे वाला हाथ अभय मुद्रा में है। यानी भक्तों हमेशा निडर, निर्भय रहो। बाईं तरफ के ऊपर वाले हाथ में लोहे का कांटा तथा नीचे वाले हाथ में खड्ग है। इनका रूप भले ही भयंकर हो लेकिन ये सदैव शुभ फल देने वाली मां हैं। इसीलिए ये शुभंकरी कहलाईं अर्थात् इनसे भक्तों को किसी भी प्रकार से भयभीत या आतंकित होने की कतई आवश्यकता नहीं। उनके साक्षात्कार से भक्त पुण्य का भागी बनता है। कालरात्रि की उपासना करने से ब्रह्मांड की सारी सिद्धियों के दरवाजे खुलने लगते हैं और तमाम आसुरी शक्तियां उनके नाम के उच्चारण से ही भयभीत होकर दूर भागने लगती हैं। इसलिए दानव, दैत्य, राक्षस और भूत-प्रेत उनके स्मरण से ही भाग जाते हैं। ये ग्रह बाधाओं को भी दूर करती हैं और अग्नि, जल, जंतु, शत्रु और रात्रि भय दूर हो जाते हैं। इनकी कृपा से भक्त हर तरह के भय से मुक्त हो जाता है। (साभार)

  • अग्निशमन सेवा स्मृति दिवस: सेवा सुरक्षा सप्ताह शुरू

    लखनऊ/बिजनौर। “अग्निशमन सेवा स्मृति दिवस” आज रविवार 14 अप्रैल को मनाया जा रहा है। इस अवसर पर पश्चिम उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर में पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने अग्निशमन सेवा सुरक्षा सप्ताह (14 अप्रैल से 20 अप्रैल) का हरी झण्डी दिखाकर शुभारम्भ किया। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम अर्ज व मुख्य अग्निशमन अधिकारी उपस्थित रहे।

    शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह का शुभारंभ किया गया। अग्निशमन वाहनों की रैली कार्यालय पुलिस अधीक्षक बिजनौर से शुरू होकर नुमाईश ग्राउण्ड, जजी चौक, रोडवेज बस स्टैंड, सिविल लाईन, शक्ति चौक, कोतवाली तिराहा, जानी के चौराहे, झालू रोड काली के मन्दिर, सेन्ट मैरी चौराहे, चक्का चौराहा से होते हुए वापस फायर स्टेशन पर समाप्त हुई।

    इस वर्ष की थीम: “अग्नि सुरक्षा सुनिश्चित करें, राष्ट्र निर्माण में योगदान दें”

    मुख्य अग्निशमन अधिकारी बिजनौर के नेतृत्व में फायर स्टेशन बिजनौर पर दिवंगत अग्निशमन कर्मियो को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अग्निशमन विभाग ने इस बार “अग्नि सुरक्षा सुनिश्चित करें, राष्ट्रीय निर्माण में योगदान दें” स्लोगन जारी किया है। इस वर्ष की थीम है “Ensure Fire Safety, Contribute towards Nation Building” “अग्नि सुरक्षा सुनिश्चित करें, राष्ट्र निर्माण में योगदान दें”। इसका मकसद अधिक से अधिक लोगों को अग्नि सुरक्षा से बचाव के तरीके सिखाकर अग्निकांड की घटनाओं व उससे होने वाले नुकसान में कमी लाना है। इस अवसर पर फायर स्टेशन बिजनौर पर आयोजित स्मृति दिवस परेड के अवसर पर प्रभारी अग्निशमन अधिकारी बिजनौर सहित अग्निशमन तथा आपात सेवा बिजनौर के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे। मुख्य अग्निशमन अधिकारी बिजनौर द्वारा जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक नगर / ग्रामीण, जनपद बिजनौर सहित अन्य अधिकारीगणों को पिन फ्लैग लगाए गए।

    इसी प्रकार फायर स्टेशन नगीना / नजीबाबाद / चान्दपुर / धामपुर पर भी स्मृति दिवस परेड का आयोजन किया गया जिसमें दिवंगत अग्निशमन कर्मियो को पुष्पचक्र चढा कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अग्निशमन रैली में समस्त चौराहों पर वाहनों को रोककर आम नागरिकों में अग्नि सुरक्षा प्रचार-प्रसार किया तथा अग्नि निरोधक पम्पलेट वितरित किए गए।

    20 तक मनाया जाएगा अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह

    आज से 20 अप्रैल तक मनाए जाने वाले अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत शिक्षा संस्थानों में अग्नि सुरक्षा विषय पर निबंध, चित्रकला व व्याख्यान का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा भवनों, व्यावसायिक प्रतिष्ठान व सभागारों का निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरुक कर अग्नि निवारण, जीवन संरक्षा एवं अग्निशमन व्यवस्थाओं की जांच एवं मॉक ड्रिल अभियान चलाया जाएगा। आग से बचाव और रोकथाम के प्रति जागरूकता लाने को दमकल कर्मी रैली निकालेंगे।

    66 अग्निशमन कर्मियों की स्मृति में मनाते हैं दिवस

    14 अप्रैल 1944 को मुंबई बंदरगाह पर मालवाहक जहाज फोर्ट स्टीकेन में आग लग गई थी। इस आग पर काबू पाने के प्रयास में 66 दमकलकर्मी शहीद हो गए थे। तभी से शहीदों की याद में हर साल 14 अप्रैल को अग्निशमन सेवा दिवस मनाया जाता है।

  • क्या है व्रत मुहूर्त, पूजन सामग्री, पूजन विधि

    23 अप्रैल, मंगलवार को हनुमान जन्मोत्सव

    हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को हनुमान जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। वर्ष 2024 में हनुमान जन्मोत्सव 23 अप्रैल, मंगलवार को है। ऐसा माना जाता है कि हनुमान जी का जन्म सूर्योदय के समय हुआ था।

    हनुमान जन्मोत्सव पर्व के दिन भक्त बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए विधि-विधान से पूजा करते हैं और उपवास रखते हैं। हनुमान जन्मोत्सव के दिन मंदिरों में प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में आध्यात्मिक प्रवचनों का आयोजन किया जाता है, जो सूर्योदय के साथ ही समाप्त हो जाते हैं।

    हनुमान जन्मोत्सव पर बन रहा अद्भुत संयोग :

    हनुमान जन्मोत्सव पर वर्ष 2024 में सालों बाद अद्भुत संयोग बन रहा है। शास्त्रों में मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित माना गया है और 2024 में हनुमान जन्मोत्सव के दिन भी मंगलवार पड़ रहा है। मंगलवार के दिन हनुमान जन्मोत्सव होने के कारण इस दिन का महत्व और बढ़ रहा है।

    हनुमान जन्मोत्सव 2024 शुभ मुहूर्त-

    पूर्णिमा तिथि प्रारंभ 23 अप्रैल 2024 को सुबह 03 बजकर 25 मिनट से शुरू होकर 06 24 अप्रैल 2023 को सुबह 05 बजकर 18 मिनट पर समाप्त होगी।

    हनुमान जन्मोत्सव की आवश्यक सामग्री-

    सिंदूर, लाल फूल, जनेऊ, कलश, चमेली का तेल, लाल कपड़ा या लाल लंगोट, गंगाजल, गंगाजल, इत्र, घी, धूप, अगरबत्ती, दीप, पंचामृत, नारियल, चंदन, फल, मिठाई, तुलसी पत्र, मोतीचूर का लड्डू, पान, पूजा की चौकी व अक्षत आदि।

    हनुमान जी की पूजा विधि –

    1. हनुमान जन्मोत्सव व्रत की पूर्व रात को जमीन पर सोने से पहले भगवान राम और माता सीता के साथ-साथ हनुमान जी का स्मरण करें।
    2. प्रात: जल्दी उठकर दोबारा राम-सीता एवं हनुमान जी को याद करें।
    3. अब हाथ में गंगाजल लेकर व्रत का संकल्प करें।
    4. इसके बाद, पूर्व की ओर भगवान हनुमान जी की प्रतिमा को स्थापित करें।
    5. अब भावपूर्ण बजरंगबली की प्रार्थना करें।
    6. विधि विधान से श्री हनुमानजी की आराधना करें।

    हनुमान जन्मोत्सव से जुड़ी पौराणिक कथा

    पौराणिक कथाओं के अनुसार, अंजना एक अप्सरा थीं। श्राप के कारण उनका जन्म पृथ्वी पर हुआ था। यह श्राप उन पर से तभी हट सकता था, जब वे एक संतान को जन्म देतीं। वाल्मीकि रामायण के अनुसार महाराज केसरी बजरंगबली जी के पिता थे। वे सुमेरू के राजा थे और केसरी बृहस्पति के पुत्र थे। अंजना ने संतान प्राप्ति के लिए 12 वर्षी तक भगवान शिव की घोर तपस्या की। परिणाम स्वरूप उन्होंने संतान के रूप में हनुमानजी को प्राप्त किया। हनुमान जी को भगवान शिव का ही अवतार माना जाता है।

    रावण को प्रदान किया मोक्ष

    विष्णु जी के राम अवतार के बाद रावण को दिव्य शक्ति प्रदान हो गई। रावण ने अपनी मोक्ष प्राप्ति हेतु शिवजी से कोई उपाय बताने की प्रार्थना की। तब शिवजी ने राम के हाथों मोक्ष प्रदान करने के लिए लीला रची। शिवजी की लीला के अनुसार उन्होंने हनुमान के रूप में जन्म लिया ताकि रावण को मोक्ष दिलवा सकें। इस कार्य में रामजी का साथ देने हेतु स्वयं शिवजी के अवतार हनुमान जी आए थे, जो कि सदा के लिए अमर हो गए। वरदान के अनुसार रावण को मृत्यु के साथ साथ मोक्ष भी दिलवाया।

  • डॉ. अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर बरेली में हुआ कार्यक्रम

    लोकप्रिय कवि दीपक मुखर्जी ‘दीप’ को भीम स्मृति सम्मान -2024

    बरेली। साहित्यिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए लोकप्रिय कवि दीपक मुखर्जी ‘दीप’ को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर संस्था द्वारा भीम स्मृति सम्मान -2024 से अलंकृत किया गया

    साहित्यिक संस्था- कवि गोष्ठी आयोजन समिति के तत्वावधान में स्थानीय पांचालपुरी में संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ.भीमराव अंबेडकर की 134 वीं जयंती की पूर्व संध्या पर सरस कवि गोष्ठी एवं सम्मान कार्यक्रम समाजसेवी योगेश जौहरी के संयोजन में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि रणधीर प्रसाद गौड़ ‘धीर’ ने की, मुख्य अतिथि साहित्यकार डॉ. महेश मधुकर रहे। माँ शारदे एवं अंबेडकर जी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान साहित्यिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए लोकप्रिय कवि दीपक मुखर्जी ‘दीप’ को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर संस्था द्वारा भीम स्मृति सम्मान -2024 से अलंकृत किया गया। इस अवसर पर संस्था के सचिव उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट ने अंबेडकर जयंती पर अपनी रचना प्रस्तुत करते हुए कहा कि-

    संविधान के निर्माता के, सुंदर कथन- वचन,
    काम कर गए इतने ऊँचे, बौना लगे गगन;
    आओ उनके आदर्शों को, हम सब अपनाएंँ,
    करें जयंती पर उनको हम,सौ-सौ बार नमन।

    सम्मानित साहित्यकार डॉ. महेश मधुकर ने बाबा साहेब को समर्पित अपनी रचना इस प्रकार प्रस्तुत की-

    विधिवेत्ता, शिक्षाविद, दर्शन, राजनीति के ज्ञानी थे।
    विषय अछूता रहा न कोई, बाबा अद्भुत प्रानी थे।।

    साहित्यकार रणधीर प्रसाद गौड़ “धीर” ने अपनी रचना के माध्यम से कहा कि …

    भीम राव का जन्मदिन सुबह सुहानी शाम।। अटल रही अविचल रही कर्मठता अविराम।।

    सरस कवि गोष्ठी में कवियों ने भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार बाबा साहेब को अपनी रचनाओं के माध्यम से याद किया और उनकी महिमा का गुणगान किया।

    कार्यक्रम में मुख्य रूप से अतुल सक्सेना, सुभाष रावत, राहत बरेलवी, बृजेंद्र तिवारी अकिंचन, रामकुमार भारद्वाज, अफरोज, उमेश अद्भुत, अश्वनी कुमार तन्हा, राजकुमार अग्रवाल एवं रीतेश साहनी आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मनोज दीक्षित टिंकू ने किया। अंत में आभार कार्यक्रम संयोजक योगेश जौहरी ने सभी के प्रति प्रकट किया।

  • योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट बिजनौर की मुहिम

    जिला कारागार बिजनौर में योग का जन आंदोलन

    बिजनौर। योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट बिजनौर अध्यक्ष योगेश कुमार की टीम योगाचार्य राम सिंह पाल, डॉक्टर सुनील राजपूत, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सक डॉक्टर गजेंद्र कुमार शर्मा जिला अस्पताल बिजनौर, सोमदत्त शर्मा योग एवं प्राकृतिक चिकित्सक,
    डॉ. नरेंद्र सिंह आहार आयुर्वेदाचार्य प्राकृतिक चिकित्सक योगाचार्य के द्वारा जिला कारागार में कैदियों एवं जिला कारागार के स्टाफ को योग आसन और प्राणायाम कराया गया।

    इस दौरान सूर्य नमस्कार, ग्रीवा संचालन, स्कंद चालन, कटि संचालन, घुटना संचालन, वृक्ष आसन, तिर्यक आसन, कोणासन, मंडूकासन, गोमुखासन, मर्जरी आसन, पश्चिमोत्तानासन, उत्तानपादासन, सर्वांगासन, हलासन, उष्ट्रासन, पद्मासन, मयूरी आसन, मयूरासन, प्राणायाम में अनुलोम विलोम, भ्रामरी गीत, भस्त्रिका, कपालभाति एवं चक्रों का जागरण एवं ध्यान कराया गया।

    डॉ नरेंद्र सिंह ने कहा कि पाप बड़ा होता है पापी नहीं। आंखें एक ही होती है परंतु नजरिया बदल जाता है। ईश्वर सर्वव्यापक है, मंदिर में मस्जिद में गुरुद्वारे में चर्च में सभी जगह एक ही ईश्वर का निवास है। सभी जीवों के अंदर एक ही परमपिता परमात्मा का निवास है। हमें मानव के कल्याण के लिए, राष्ट्र के निर्माण के लिए कार्य करना है। डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने कैदियों से कहा कि जिला कारागार से बाहर जाने के बाद अच्छे कार्य करें, अपने परिवार के लिए कार्य करें। समाज के लिए कार्य करें। राष्ट्र के लिए कार्य करें और ऐसे कार्य करें कि पुनः इस कारागार में आने की नौबत ना आए।

    इस अवसर पर मुख्य अतिथि जिला जेलर रविंद्र कुमार का फूल मालाओं से स्वागत किया गया। कार्यक्रम के अंत में जेलर रविंद्र कुमार द्वारा कैदियों को योग कराने के लिए सभी योगाचार्य को हार्दिक धन्यवाद दिया तथा जलपान कराया।

  • अखिलेश यादव ने निंदनीय बताया

    काशी विश्वनाथ मंदिर में पुजारी के वेश में पुलिसकर्मियों की तैनाती

    वाराणसी (एजेंसी)। काशी विश्वनाथ मंदिर में पुजारी के वेश में पुलिसकर्मियों की तैनाती पर अखिलेश यादव भड़क गए हैं। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में पुजारियों की पोशाक में पुलिसकर्मियों को तैनात करने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने मंदिर में पुजारियों की पोशाक में पुलिसकर्मी तैनात करने का आदेश देने वाले अधिकारी को निलंबित करने की मांग की है। बताया गया है कि वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के आदेश पर मंदिर में पुजारी की पोशाक में पुरुष और महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पुरुष पुलिसकर्मी धोती-कुर्ता पहने हुए हैं, वहीं महिला पुलिसकर्मी सलवार कुर्ता पहने हुए हैं।

    अखिलेश यादव ने निंदनीय बताया: अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि ‘पुजारी के वेश में पुलिसकर्मियों का होना किस ‘पुलिस मैन्युअल’ के हिसाब से सही है? इस तरह का आदेश देने वालों को निलंबित किया जाए। कल को इसका लाभ उठाकर कोई भी ठग भोली-भाली जनता को लूटेगा तो उत्तर प्रदेश शासन-प्रशासन क्या जवाब देगा, निंदनीय है ये।’

    काशी विश्वनाथ में तैनात पुलिस

    वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट का फैसला 

    विदित हो कि काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या रिकॉर्ड तोड़ बढ़ रही है। इसे लेकर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से काशी विश्वनाथ के गर्भगृह में पुलिसकर्मियों की ड्रेस पुजारियों की तरह रखने का फैसला लिया गया। गेरुआ वेशभूषा में तैनात इन सुरक्षाकर्मी के गले में रुद्राक्ष, माथे पर त्रिपुंड होगा। पुलिस के अनुसार, जिस तरह मंदिर में पुलिसकर्मी तैनात होते हैं, इससे दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को धक्का-मुक्की का भी सामना करना पड़ा रहा था। साथ ही उनके साथ दुर्व्यवहार जैसी शिकायतें भी मिल रही थीं। इसी बात का संज्ञान लेते हुए यह फैसला लिया गया।

    काशी विश्वनाथ में तैनात पुलिस

    क्या बोले वाराणसी पुलिस कमिश्नर

    वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बताया कि मंदिर में ड्यूटी अन्य जगहों से अलग है क्योंकि पुलिस को यहां विभिन्न प्रकार की भीड़ का प्रबंधन करना पड़ता है। यहां भीड़ कानून और व्यवस्था की समस्या पैदा करने के लिए नहीं है। पुलिस यहां लोगों को आसान दर्शन सुनिश्चित करने और उनकी सहायता और मार्गदर्शन करने के लिए है। उन्होंने कहा, “पुलिसकर्मियों द्वारा धक्का दिए जाने पर भक्तों को चोट लगती है, अगर यही बात पुजारी करते हैं तो वे इसे सकारात्मक तरीके से लेते हैं। नो टच पॉलिसी का पालन करते हुए, पुजारियों की पोशाक में पुलिसकर्मियों को तैनात किया जा रहा है।” इसके अलावा ऐसा नहीं है कि सभी पुलिसकर्मी पुजारी के ही वेश में रहेंगे। कुछ पुलिसकर्मी अपनी वर्दी में तैनात रहेंगे और महिला पुलिसकर्मी महिलाओं को दर्शन के बाद आगे बढ़ते रहने के लिए अपील करती रहेंगी। वीआईपी मूवमेंट के समय पुलिसकर्मी आमतौर पर श्रद्धालुओं को हटा देते हैं। इससे उनको ठेस पहुंचती है और वह नकारात्मक सोच लेकर मंदिर से जाते हैं।

    काशी विश्वनाथ में तैनात पुलिस

    बकायदा 03 दिन की होगी ट्रेनिंग

    मंदिर में ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों को बकायदा 3 दिन की ट्रेनिंग दी जाएगी। थानों पर ड्यूटी से बिल्कुल अलग मंदिर पर ड्यूटी करना होता है। मंदिर में जो पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, उन्हें मृदुभाषी होने के साथ-साथ दूसरी भाषाओं का थोड़ा-थोड़ा ज्ञान दिया जाएगा ताकि दूसरे राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को समझा सकें। इसके लिए प्रशासन की ओर से एक हेल्प डेस्क की व्यवस्था मंदिर में की जा रही है।ट्रेनिंग के दौरान पुलिसकर्मियों को काशी के प्रमुख स्थलों के बारे में भी बताया जाएगा और उनको श्रद्धालुओं को देने के लिए पर्चा भी दिया जाएगा ताकि वे श्रद्धालुओं की जिज्ञासा को पूरी तरह से शांत कर सकें।

  • महर्षि कात्यायन के यहां महिषासुर मर्दिनी ने लिया था जन्म

    मां कात्यायनी की कथा

    महर्षि कात्यायन ने देवी आदिशक्ति की घोर तपस्या की थी। इसके परिणामस्वरूप उन्हें देवी उनकी पुत्री के रूप में प्राप्त हुई थीं। देवी का जन्म महर्षि कात्यायन के आश्रम में हुआ था। इनकी पुत्री होने के चलते ही इन्हें कात्यायनी पुकारा जाता है। देवी का जन्म जब हुआ था उस समय महिषासुर नाम के राक्षस का अत्याचार बहुत ज्यादा बढ़ गया था। असुरों ने धरती के साथ-साथ स्वर्ग में त्राहि त्राहि मचा दी थी। त्रिदेवों के तेज देवी ने ऋषि कात्यायन के घर अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन जन्म लिया था। इसके बाद ऋषि कात्यायन ने मां का पूजन तीन दिन तक किया। इसके बाद दशमी तिथि के दिन महिषासुर का अंत मां ने किया था। इतना ही नहीं, शुम्भ और निशुम्भ ने स्वर्गलोक पर आक्रमण कर दिया था। वहीं, इंद्र का सिंहासन भी छीन लिया था। सिर्फ इतना ही नहीं नवग्रहों को बंधक भी बना लिया था। असुरों ने अग्नि और वायु का बल भी अपने कब्जे में कर लिया था। स्वर्ग से अपमानित कर असुरों ने देवताओं को निकाल दिया। तब सभी देवता देवी के शरण में गए और उनसे प्रार्थना की कि वो उन्हें असुरों के अत्याचार से मुक्ति दिलाए। मां ने इन असुरों का वध किया और सबको इनके आतंक से मुक्त किया।

    !! देवताओं का देवी की स्तुति करना और देवी का देवताओं को वरदान देना !!

    महर्षि मेधा कहते हैं-दैत्य के मारे जाने पर इन्द्रादि देवता अग्नि को आगे कर के कात्यायनी देवी की स्तुति करने लगे, उस समय अभीष्ट की प्राप्ति के कारण उनके मुख खिले हुए थे। देवताओं ने कहा-हे शरणागतों के दु:ख दूर करने वाली देवी! तुम प्रसन्न होओ, हे सम्पूर्ण जगत की माता! तुम प्रसन्न होओ। विन्ध्येश्वरी! तुम विश्व की रक्षा करो क्योंकि तुम इस चर और अचर की ईश्वरी हो। हे देवी! सम्पूर्ण जगत की आधार रूप हो क्योंकि तुम पृथ्वी रूप में भी स्थित हो और अत्यन्त पराक्रम वाली देवी हो, तुम विष्णु की शक्ति हो और विश्व की बीज परम माया हो और तुमने ही इस सम्पूर्ण जगत को मोहित कर रखा है। तुम्हारे प्रसन्न होने पर ही यह पृथ्वी मोक्ष को प्राप्त होती है।

    हे देवी! सम्पूर्ण विद्याएँ तुम्हारे ही भिन्न-भिन्न स्वरुप हैं। इस जगत में जितनी स्त्रियाँ हैं वह सब तुम्हारी ही मूर्त्तियाँ हैं। एक मात्र तुमने ही इस जगत को व्याप्त कर रखा है। तुम्हारी स्तुति किस प्रकार हो सकती है क्योंकि तुम परमबुद्धि रूप हो और सम्पूर्ण प्राणिरूप स्वर्ग और मुक्ति देने वाली हो। अत: इसी रूप में तुम्हारी स्तुति की गई है। तुम्हारी स्तुति के लिए इससे बढ़कर और क्या युक्तियाँ हो सकती हैं, सम्पूर्ण जनों के हृदय में बुद्धिरुप होकर निवास करने वाली, स्वर्ग तथा मोक्ष प्रदान करने वाली हे नारायणी देवी! तुमको नमस्कार है। कलाकाष्ठा आदि रुप से अवस्थाओं को परिवर्तन की ओर ले जाने वाली तथा प्राणियों का अन्त करने वाली नारायणी तुमको नमस्कार है।

    हे नारायणी! सम्पूर्ण मंगलों के मंगलरुप वाली! हे शिवे, हे सम्पूर्ण प्रयोजनों को सिद्ध करने वाली! हे शरणागतवत्सला, तीन नेत्रों वाली गौरी! तुमको नमस्कार है, सृष्टि, स्थिति तथा संहारव की शक्तिभूता, सनातनी देवी गुणों का आधार तथा सर्व सुखमयी नारायणी तुमको नमस्कार है! हे शरण में आये हुए शरणागतों दीन दुखियों की रक्षा में तत्पर, सम्पूर्ण पीड़ाओं को हरने वाली हे नारायणी! तुमको नमस्कार है। हे नारायणी! तुम ब्रह्माणी का रूप धारण करके हंसों से जुते हुए विमान पर बैठती हो तथा कुश से अभिमंत्रित जल छिड़कती रहती हो, तुम्हें नमस्कार है, माहेश्वरी रूप से त्रिशूल, चन्द्रमा और सर्पों को धारण करने वाली हे महा वृषभ वाहन वाली नारायणी! तुम्हें नमस्कार है।

    मोरों तथा मुक्कुटों से घिरी रहने वाली, महाशक्ति को धारण करने वाली हे कौमारी रूप धारिणी! निष्पाप नारायणी! तुम्हें नमस्कार है। हे शंख, चक्र, गद फर श्रांग धनुष रूप आयुधों को धारण करने वाली वैष्णवी शक्ति रूपा नारायणी! तुम हम पर प्रसन्न होओ, तुम्हें नमस्कार है। हे दाँतों पर पृथ्वी धारण करने वाली वाराह रूपिणी कल्याणमयी नारायणी! तुम्हे नमस्कार है। हे उग्र नृसिंह रुप से दैत्यों को मारने वाली, त्रिभुवन की रक्षा में संलग्न रहने वाली नारायणी! तुम्हें नमस्कार है। हे मस्तक पर किरीट और हाथ में महावज्र धारण करने वाली, सहस्त्र नेत्रों के कारण उज्जवल, वृत्रासुर के प्राण हरने वाली ऎन्द्रीशक्ति, हे नारायणी! तुम्हें नमस्कार है, हे शिवदूती स्वरुप से दैत्यों के महामद को नष्ट करने वाली, हे घोररुप वाली! हे महाशब्द वाली! हे नारायणी! तुम्हें नमस्कार है।

    दाढ़ो के कारण विकराल मुख वाली, मुण्डमाला से विभूषित मुण्डमर्दिनी चामुण्डारूपा नारायणी! तुम्हें नमस्कार है। हे लक्ष्मी, लज्जा, महाविद्या, श्रद्धा, पुष्टि, स्वधा, ध्रुवा, महारात्रि तथा महाविद्यारूपा नारायणी! तुमको नमस्कार है। हे मेधा, सरस्वती, सर्वोत्कृष्ट, ऎश्वर्य रूपिणी, पार्वती, महाकाली, नियन्ता तथा ईशरूपिणी नारायणी! तुम्हें नमस्कार है। हे सर्वस्वरूप सर्वेश्वरी, सर्वशक्तियुक्त देवी! हमारी भय से रक्षा करो, तुम्हे नमस्कार है। हे कात्यायनी! तीनों नेत्रों से भूषित यह तेरा सौम्यमुख सब तरह के डरों से हमारी रक्षा करे, तुम्हें नमस्कार है। हे भद्रकाली! ज्वालाओं के समान भयंकर, अति उग्र एवं सम्पूर्ण असुरों को नष्ट करने वाला तुम्हारा त्रिशूल हमें भयों से बचावे, तुमको नमस्कार है। हे देवी! जो अपने शब्द से इस जगत को पूरित कर के दैत्यों के तेज को नष्ट करता है वह आपका घण्टा इस प्रकार हमारी रक्षा करे जैसे कि माता अपने पुत्रों की रक्षा करती है। हे चण्डिके! असुरों के रक्त और चर्बी से चर्चित जो आपकी तलवार है, वह हमारा मंगल करे! हम तुमको नमस्कार करते हैं।

    हे देवी! तुम जब प्रसन्न होती हो तो सम्पूर्ण रोगों को नष्ट कर देती हो और जब रूष्ट हो जाती हो तो सम्पूर्ण वांछित कामनाओं को नष्ट कर देती हो और जो मनुष्य तुम्हारी शरण में जाते हैं उन पर कभी विपत्ति नहीं आती। बल्कि तुम्हारी शरण में गये हुए मनुष्य दूसरों को आश्रय देने योग्य हो जाते हैं। अनेक रूपों से बहुत प्रकार की मूर्तियों को धारण कर के इन धर्मद्रोही असुरों का तुमने संहार किया है, वह तुम्हारे सिवा कौन कर सकता था? चतुर्दश विद्याएँ, षटशास्त्र और चारों वेद तुम्हारे ही प्रकाश से प्रकाशित हैं, उनमें तुम्हारा ही वर्णन है और जहाँ राक्षस, विषैले सर्प शत्रुगण हैं वहाँ और समुद्र के बीच में भी तुम साथ रहकर इस विश्व की रक्षा करती हो।

    हे विश्वेश्वरि! तुम विश्व का पालन करने वाली विश्वरूपा हो इसलिए सम्पूर्ण जगत को धारण करती हो. इसीलिए ब्रह्मा, विष्णु, महेश की भी वन्दनीया हो। जो भक्तिपूर्वक तुमको नमस्कार करते हैं, वह विश्व को आश्रय देने वाले बन जाते हैं. हे देवी! तुम प्रसन्न होओ और असुरों को मारकर जिस प्रकार हमारी रक्षा की है, ऎसे ही हमारे शत्रुओं से सदा हमारी रक्षा करती रहो। सम्पूर्ण जगत के पाप नष्ट कर दो और पापों तथा उनके फल स्वरूप होने वाली महामारी आदि बड़े-2 उपद्रवों को शीघ्र ही दूर कर दो। विश्व की पीड़ा को हरने वाली देवी! शरण में पड़े हुओं पर प्रसन्न होओ। त्रिलोक निवासियों की पूजनीय परमेश्वरी हम लोगों को वरदान दो।

    देवी ने कहा-हे देवताओं! मैं तुमको वर देने को तैयार हूँ। आपकी जेसी इच्छा हो, वैसा वर माँग लो मैं तुमको दूँगी। देवताओं ने कहा-हे सर्वेश्वरी! त्रिलोकी के निवासियों की समस्त पीड़ाओं को तुम इसी प्रकार हरती रहो और हमारे शत्रुओं को इसी प्रकार नष्ट करती रहो। देवी ने कहा-वैवस्वत मन्वन्तर के अट्ठाईसवें युग में दो और महा असुर शुम्भ और निशुम्भ उत्पन्न होगें। उस समय मैं नन्द गोप के घर से यशोदा के गर्भ से उत्पन्न होकर विन्ध्याचल पर्वत पर शुम्भ और निशुम्भ का संहार करूँगी, फिर अत्यन्त भयंकर रूप से पृथ्वी पर अवतीर्ण होकर मैं वैप्रचित्ति नामक दानवों का नाश करूँगी। उन भयंकर महा असुरों को भक्षण करते समय मेरे दाँत अनार पुष्प के समान लाल होगें, इसके पश्चात स्वर्ग में देवता और पृथ्वी पर मनुष्य मेरी स्तुति करते हुये मुझे रक्त दन्तिका कहेंगी फिर जब सौ वर्षों तक वर्षा न होगी तो मैं ऋषियों के स्तुति करने पर आयोनिज नाम से प्रकट होऊँगी और अपने सौ नेत्रों से ऋषियों की ओर देखूँगी। अत: मनुष्य शताक्षी नाम से मेरा कीर्तन करेगें। उसी समय मैं अपने शरीर से उत्पन्न हुए प्राणों की रक्षा करने वाले शाकों द्वारा सब प्राणियों का पालन करूँगी और तब इस पृथ्वी पर शाकम्भरी के नाम से विख्यात होऊँगी और इसी अवतार में मैं दुर्ग नामक महा असुर का वध करूँगी और इससे मैं दुर्गा देवी के नाम से प्रसिद्ध होऊँगी। इसके पश्चात जब मैं भयानक रूप धारण कर के हिमालय निवासी ऋषियों महर्षियों की रक्षा करूँगी तब भीमा देवी के नाम से मेरी ख्याति होगी और जब फिर अरुण नामक असुर तीनों लोकों को पीड़ित करेगा तब मैं असंख्य भ्रमरों का रूप धारण कर के उस महा दैत्य का वध करूँगी तब स्वर्ग में देवता और मृत्युलोक में मनुष्य मेरी स्तुति करते हुए मुझे भ्रामरी नाम से पुकारेगें। इस प्रकार जब-जब पृथ्वी राक्षसों से पीड़ित होगी तब-तब मैं अवतरित होकर शत्रुओं का नाश करूँगी।

    । । श्रीमार्कण्डेयपुराणे सावर्णिके मन्वन्तरे देवीमाहात्म्ये नारायणिस्तुतिर्नाम एकादशोऽध्यायः सम्पूर्णं । ।

  • मां दुर्गा के नौ रूपों में कात्यायनी देवी का है छठा रूप

    चैत्र नवरात्रि के छठे दिन होती है मां कात्यायनी की पूजा

    मां दुर्गा के नौ रूपों में छठा रूप कात्यायनी देवी का है, यजुर्वेद में प्रथम बार ‘कात्यायनी’ नाम का उल्लेख मिलता है। आदि शक्ति मां दुर्गा के नौ रूपों में छठा रूप कात्यायनी देवी का है। आपको बता दें कि यजुर्वेद में प्रथम बार ‘कात्यायनी’ नाम का उल्लेख मिलता है। माना जाता है कि देवताओं का कार्य सिद्ध करने के लिए आदि शक्ति देवी के रूप में महर्षि कात्यायन के आश्रम में प्रकट हुई थीं। महर्षि ने देवी को अपनी कन्या माना था, तभी से उनका नाम ‘कात्यायनी’ पड़ गया। कात्यायनी की पूजा- अर्चना करने से व्यक्ति को अपनी सभी इंद्रियों को वश में करने की शक्ति प्राप्त होती है। कात्यायनी मां को दानवों, असुरों और पापियों का नाश करने वाली देवी कहा गया है। मां कात्यायनी की चार भुजाएं हैं और इनकी सवारी सिंह है। महिषासुर नामक दैत्य का वध करने वाली माता भी यही हैं।

    पूजा- विधि, मंत्र और आरती…

    पूजा विधि:

    भक्तों को सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि से निवृत होकर स्वच्छ कपड़े पहनने चाहिए। फिर लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मां कात्यायनी (दुर्गा मां) की मूर्ति स्थापित करें। मां को रोली और सिंदूर का तिलक लगाएं। फिर मंत्रों का जाप करते हुए कात्यायनी देवी को फूल अर्पित करें और शहद का भोग लगाएं। घी का दीपक जलाकर दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। बाद में दुर्गा चालीसा का पाठ कर, आरती करें और मां से सुख- समृद्धि की कामना करें। साथ ही आखिर में प्रसाद सभी लोगों में बांट दें।

    पौराणिक कथा

    पौराणिक कथाओं अनुसार महर्षि कात्यायन ने भगवती जगदम्बा को पुत्री के रूप में प्राप्त करने के लिए कठिन तपस्या की थी। कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर महर्षि कात्यायन के यहां देवी ने पुत्री के रूप में जन्म लिया, जिससे वह मां कात्यायनी कहलायीं। मां ने कई राक्षसों का वध कर, संसार को भय मुक्त कराया। कहा जाता है कि नवरात्रि के छठवें दिन इनकी पूजा करने से साधक का मन आज्ञा चक्र में स्थित रहता है।

    मां कात्यायनी की आरती

    जय जय अम्बे, जय कात्यायनी।

    जय जगमाता, जग की महारानी।

    बैजनाथ स्थान तुम्हारा।

    वहां वरदाती नाम पुकारा।

    कई नाम हैं, कई धाम हैं।

    यह स्थान भी तो सुख धाम है।

    हर मंदिर में जोत तुम्हारी।

    कहीं योगेश्वरी महिमा न्यारी।

    हर जगह उत्सव होते रहते।

    हर मंदिर में भक्त हैं कहते।

    कात्यायनी रक्षक काया की।

    ग्रंथि काटे मोह माया की।

    झूठे मोह से छुड़ाने वाली।

    अपना नाम जपाने वाली।

    बृहस्पतिवार को पूजा करियो।

    ध्यान कात्यायनी का धरियो।

    हर संकट को दूर करेगी।

    भंडारे भरपूर करेगी।

    जो भी मां को भक्त पुकारे।

    कात्यायनी सब कष्ट निवारे।


    इन मंत्रों का करें जाप:

    1. ॐ देवी कात्यायन्यै नमः॥

    2. या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता।

    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

    3. ‘चंद्र हासोज्ज वलकरा शार्दूलवर वाहना। कात्यायनी शुभंदद्या देवी दानव घातिनी॥

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    गर्मियों में गुड़हल के पौधे में डालें ठंडे खाद, फूलों से भर जाएगी डाली

    ~(Her Zindagi)

    गर्मी के दस्तक देते ही इंसान हो या पेड़-पौधे सभी की परेशानी बढ़ने लगती है। आज हम बात कर रहे हैं गुड़हल के पौधे की, जो अधिक गर्मी से मुरझाने लगते हैं और इसमें फूल खिलने भी बंद हो जाते हैं। ऐसे में आज हम आपको गुड़हल के पौधों में गर्मी में डाले जाने वाले खाद के बारे में बताने वाले हैं, जो प्लांट्स को ठंडक देने के साथ-साथ उसे हरा-भरा बनाने में भी आपकी मदद करेंगे। इस खाद की खास बात यह है कि इसे घर पर ही बिना केमिकल के तैयार कर सकते हैं और आपको बहुत ज्यादा खर्च करने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। दरअसल आज हम आपको गुड़हल के पौधे में केले के छिलके को सुखाकर खाद बनाने की टिप्स बताने वाले हैं। यह न केवल आपके गुड़हल के पौधे को पोषक तत्व प्रदान करेगा, बल्कि गर्मियों में इसे ठंडा रखने में भी मदद कर सकता है।

    गुड़हल या जवाकुसुम वृक्षों के मालवेसी परिवार से संबंधित एक फूलों वाला पौधा है। इसका वनस्पतिक नाम है- हीबीस्कूस् रोज़ा साइनेन्सिस। इस परिवार के अन्य सदस्यों में कोको, कपास, भिंडी और गोरक्षी आदि प्रमुख हैं। यह विश्व के समशीतोष्ण, उष्णकटिबंधीय और अर्द्ध उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है।

    गुड़हल के पौधे के लिए ठंडा खाद बनाने की आवश्यक सामग्री

    02 से 03 केले के छिलके
    सूखा और धूप वाला स्थान
    पीसने के लिए मिक्सर या सिलवट
    गुड़हल के पौधे के लिए कैसे बनाएं ठंडा खाद?
    इसके लिए सबसे पहले आपको केले के छिलकों को धोकर पतले-पतले टुकड़ों में काट लें।
    इसके बाद, 4-5 दिनों तक छिलकों को धूप में पूरी तरह सूखने दें। तब तक सुखाएं जब तक छिलकों से पूरी नमी सूख न जाए।
    फिर, इस सूखे छिलकों को मिक्सर या ग्राइंडर में पीसकर बारीक पाउडर बना लें।
    इस पाउडर को आप एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करके रख सकते हैं।

    केले के छिलकों से बने खाद का कैसे करें इस्तेमाल?

    गुड़हल के पौधे के पास वाली मिट्टी में एक मुट्ठी केले के छिलके का पाउडर मिला दें।
    फिर, मिट्टी में हल्का पानी डालें।
    हर 03 सप्ताह में इस प्रक्रिया को दोहराएं।
    आप देखेंगे कि मुरझाए हुए पौधे में फिर से जान आ गई है।

    केले के छिलकों के खाद के फायदे
    केले के छिलके को पोटेशियम का अच्छा स्रोत माना जाता है, जो फूलों की वृद्धि और विकास को बढ़ावा देने में मदद करता है।
    केले के छिलके में कार्बन, नाइट्रोजन और अन्य पोषक तत्व होते हैं, जो मिट्टी को पोषक तत्व प्रदान करता है।
    केले के छिलके मिट्टी में कार्बनिक पदार्थों को जोड़ते हैं, जो पानी को बेहतर ढंग से बनाए रखने में सहायक होता है।
    यह मिट्टी के ऊपर एक आवरण बना देते हैं, जो कि गर्मियों में मिट्टी के तापमान को कम रखने में मदद करता है।

  • पूजा करने से होती है ज्ञान और शुभ फलों की प्राप्ति

    मां दुर्गा का पांचवां स्वरूप हैं स्कंदमाता

    नवरात्रि के पांचवें दिन स्‍कंदमाता की पूजा की जाती है। स्कंदमाता मां दुर्गा का पांचवां स्वरूप है। स्कंदमाता की पूजा करने पर संतान प्राप्ति की मनोकामना पूर्ण होती है। भगवती पुराण के अनुसार नवरात्र के पांचवें दिन स्‍कंदमाता की पूजा करने से ज्ञान और शुभ फलों की प्राप्ति होती है। स्कंदमाता को केले का भोग अति प्रिय है, इसके अलावा मां भगवती को खीर का प्रसाद भी अर्पित करना चाहिए। स्कंदमाता चार भुजाधारी कमल के पुष्प पर बैठती हैं, इसलिए इनको पद्मासना देवी भी कहा जाता है।

    माँ स्कंदमाता की उपासना से भक्त की समस्त इच्छाएँ पूर्ण हो जाती हैं। इस मृत्युलोक में ही उसे परम शांति और सुख का अनुभव होने लगता है। उसके लिए मोक्ष का द्वार स्वमेव सुलभ हो जाता है। स्कंदमाता की उपासना से बालरूप स्कंद भगवान की उपासना भी स्वमेव हो जाती है। यह विशेषता केवल इन्हीं को प्राप्त है, अतः साधक को स्कंदमाता की उपासना की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए।

    स्कंदमाता की पूजा के लिए शुभ समय
    चैत्र नवरात्र के पांचवें दिन पंचमी तिथि है। पंचमी तिथि में स्कंदमाता की पूजा की जाएगी। पंचमी तिथि 12 अप्रैल 2024 दिन शुक्रवार को शाम 04 बजकर 50 मिनट से आरंभ हो रही है, जो 13 अप्रैल 2024 दिन शनिवार को 03 बजकर 55 मिनट तक रहेगी। नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा करने के लिए शुभ समय सुबह 05 बजकर 28 मिनट से 11 बजे तक है।
    मां स्कंदमाता को इन चीजों का लगाएं भोग
    स्कंदमाता को केले का भोग अति प्रिय है, इसके अलावा मां भगवती को खीर का प्रसाद भी अर्पित करना चाहिए। स्कंदमाता की पूजा में फल, मिठाई, लौंग, इलाइची, अक्षत, बताशा, पान, सुपारी, लौंग, धूप, लाल फूल, दीप और केले का फल अर्पित करें। मां स्कंदमाता को सफेद रंग काफी पसंद है, इस दिन सफेद रंग पहनना शुभ माना जाता है। इसलिए सफेद रंग का वस्त्र धारण करके ही मां स्कंदमाता की पूजा करें। स्कंदमाता की पूजा करने से सभी सुखों की प्राप्ति होती है।

    मां स्‍कंदमाता का स्‍वरूप
    नवरात्रि की पांचवीं देवी को स्‍कंदमाता कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव की अर्द्धांगिनी के रूप में मां ने स्‍वामी कार्तिकेय को जन्‍म दिया था। स्‍वामी कार्तिकेय का दूसरा नाम स्‍कंद है, इसलिए मां दुर्गा के इस स्वरूप को स्‍कंदमाता कहा गया है, जो कि प्रेम और वात्‍सल्‍य की मूर्ति हैं। स्‍कंदमाता चार भुजाओं वाली देवी हैं, जो कि स्‍वामी कार्तिकेय को अपनी गोद में लेकर शेर पर विराजमान हैं। स्‍कंदमाता के दोनों हाथों में कमल शोभायमान हैं, इस रूप में मां समस्त ज्ञान, विज्ञान, धर्म, कर्म और कृषि उद्योग सहित पंच आवरणों से समाहित विद्यावाहिनी दुर्गा भी कहलाती हैं।

    मां स्कंदमाता के स्वयं सिद्ध बीज मंत्र
    ह्रीं क्लीं स्वमिन्यै नम:।

    मां स्कंदमाता का पूजन मंत्र

    ॐ ऐं ह्रीं क्लीं स्कन्दमातायै नम:।

    या देवी सर्वभू‍तेषु माँ स्कंदमाता रूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

    मां स्कंदमाता की आरती
    जय तेरी हो स्कंद माता। पांचवा नाम तुम्हारा आता।।
    सब के मन की जानन हारी। जग जननी सब की महतारी।।
    तेरी ज्योत जलाता रहूं मैं। हरदम तुम्हें ध्याता रहूं मैं।।
    कई नामों से तुझे पुकारा। मुझे एक है तेरा सहारा।।
    कही पहाड़ो पर हैं डेरा। कई शहरों में तेरा बसेरा।।
    हर मंदिर में तेरे नजारे। गुण गाये तेरे भगत प्यारे।।
    भगति अपनी मुझे दिला दो। शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो।।
    इंद्र आदी देवता मिल सारे। करे पुकार तुम्हारे द्वारे।।
    दुष्ट दत्य जब चढ़ कर आएं। तुम ही खंडा हाथ उठाएं।।
    दासो को सदा बचाने आई। ‘चमन’ की आस पुजाने आई।।

  • श्री दुर्गा सप्तशती: नवम एवं दशम अध्याय

    चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के स्कंदमाता स्वरूप की पूजा की जाती है। मां दुर्गा के सभी रूपों में स्कंदमाता का रूप ममतामयी है। इनकी पूजा करने से बुद्धि का विकास होता है और ज्ञान की प्राप्ति होती है। स्कंद कुमार अर्थात स्वामी कार्तिकेय की माता होने के कारण मां के पांचवे स्वरूप को स्कंदमाता कहा जाता है।

    स्कंदमाता (संस्कृत: स्कंदमाता) महादेवी के नवदुर्गा रूपों में पांचवां है। उनका नाम स्कंद से आया है, जो युद्ध के देवता कार्तिकेय और माता का एक वैकल्पिक नाम है, जिसका अर्थ है माँ। नवदुर्गा में से एक के रूप में स्कंदमाता की पूजा नवरात्रि के पांचवें दिन होती है।


    । ध्यानम् ।
    ॐ बन्धूककाञ्चननिभं रुचिराक्षमालां, पाशाङ्कुशौ च वरदां निजबाहुदण्डै: ।
    बिभ्राणमिन्दुशकलाभरणं त्रिनेत्र- मर्धाम्बिकेशमनिशं वपुराश्रयामि । ।

    श्री दुर्गा सप्तशती: नवम अध्याय
    !! निशुम्भ वध !!

    राजा ने कहा-हे ऋषिराज! आपने रक्तबीज के वध से संबंध रखने वाला वृतान्त मुझे सुनाया। अब मैं रक्तबीज के मरने के पश्चात क्रोध में भरे हुए शुम्भ व निशुम्भ ने जो कर्म किया, वह सुनना चाहता हूँ। महर्षि मेधा ने कहा-रक्तबीज के मारे जाने पर शुम्भ और निशुम्भ को बड़ा क्रोध आया और अपनी बहुत बड़ी सेना का इस प्रकार सर्वनाश होते देखकर निशुम्भ देवी पर आक्रमण करने के लिए दौड़ा, उसके साथ बहुत से बड़े-बड़े असुर देवी को मारने के वास्ते दौड़े और महापराक्रमी शुम्भ अपनी सेना सहित चण्डिका को मारने के लिए बढ़ा, फिर शुम्भ और निशुम्भ का देवी से घोर युद्ध होने लगा और वह दोनो असुर इस प्रकार देवी पर बाण फेंकने लगे जैसे मेघों से वर्षा हो रही हो, उन दोनो वो के चलाए हुए बाणों को देवी ने अपने बाणों से काट डाला और अपने शस्त्रों की वर्षा से उन दोनो दैत्यों को चोट पहुँचाई, निशुम्भ ने तीक्ष्ण तलवार और चमकती हुई ढाल लेकर देवी के सिंह पर आक्रमण किया, अपने वाहन को चोट पहुँची देखकर देवी ने अपने क्षुरप्र नामक बाण से निशुम्भ की तलवार व ढाल दोनो को ही काट डाला।

    तलवार और ढाल कट जाने पर निशुम्भ ने देवी पर शक्ति से प्रहार किया। देवी ने अपने चक्र से उसके दो टुकड़े कर दिए। फिर क्या था दैत्य मारे क्रोध के जल भुन गया और उसने देवी को मारने के लिए उसकी ओर शूल फेंका, किन्तु देवी ने अपने मुक्के से उसको चूर-चूर कर डाला, फिर उसने देवी पर गदा से प्रहार किया, देवी ने त्रिशूल से गदा को भस्म कर डाला, इसके पश्चात वह फरसा हाथ में लेकर देवी की ओर लपका। देवी ने अपने तीखे वाणों से उसे धरती पर सुला दिया। अपने पराक्रमी भाई निशुम्भ के इस प्रकार से मरने पर शुम्भ क्रोध में भरकर देवी को मारने के लिये दौड़ा। वह रथ में बैठा हुआ उत्तम आयुधों से सुशोभित अपनी आठ बड़ी-बड़ी भुजाओं से सारे आकाश को ढके हुए था। शुम्भ को आते देख कर देवी ने अपना शंख बजाया और धनुष की टंकोर का भी अत्यन्त दुस्सह शब्द किया, साथ ही अपने घण्टे के शब्द से जो कि सम्पूर्ण दैत्य सेना के तेज को नष्ट करने वाला था सम्पूर्ण दिशाओं में व्याप्त कर दिया।

    इसके पश्चात देवी के सिंह ने भी अपनी दहाड़ से जिसे सुन बड़े-बड़े बलवानों ला मद चूर-चूर हो जाता था, आकाश, पृथ्वी और दसों दिशाओं को पूरित कर दिया, फिर आकाश में उछलकर काली ने अपने दाँतों तथा हाथों को पृथ्वी पर पटका, उसके ऎसा करने से ऎसा शब्द हुआ, जिससे कि उससे पहले के सारे शब्द शान्त हो गये, इसके पश्चात शिवदूती ने असुरों के लिए भय उत्पन्न करने वाला अट्टहास किया जिसे सुनकर दैत्य थर्रा उठे और शुम्भ को बड़ा क्रोध हुआ, फिर अम्बिका ने उसे अरे दुष्ट! खड़ा रह!!, खड़ा रह!!! कहा तो आकाश से सभी देवता ‘जय हो, जय हो’बोल उठे। शुम्भ ने वहाँ आकर ज्वालाओं से युक्त एक अत्यन्त भयंकर शक्ति छोड़ी जिसे आते देखकर देवी ने अपनी महोल्का नामक शक्ति से काट डाला।

    हे राजन्! फिर शुम्भ के सिंहनाद से तीनों लोक व्याप्त हो गये और उसकी प्रतिध्वनि से ऎसा घोर शब्द हुआ, जिसने इससे पहले के सब शब्दों को जीत लिया। शुम्भ के छोड़े बाणों को देवी ने और देवी के छोड़े बाणों को शुम्भ ने अपने बाणों से काट सैकड़ो और हजारों टुकड़ो में परिवर्तित कर दिया। इसके पश्चात जब चण्डीका ने क्रोध में भर शुम्भ को त्रिशूल से मारा तो वह मूर्छित होकर पृथ्वी पर गिर पड़ा, जब उसकी मूर्छा दुर हुई तो वह धनुष लेकर आया और अपने बाणों से उसने देवी काली तथा सिंह को घायल कर दिया, फिर उस राक्षस ने दस हजार भुजाएँ धारण करके चक्रादि आयुधों से देवी को आच्छादित कर दिया, तब भगवती दुर्गा ने कुपित होकर अपने बाणों से उन चक्रों तथा बाणों को काट डाला, यह देखकर निशुम्भ हाथ में गदा लेकर चण्डिका को मारने के लिए दौडा, उसके आते ही देवी ने तीक्ष्ण धार वाले ख्ड्ग से उसकी गदा को काट डाला।

    उसने फिर त्रिशूल हाथ में ले लिया, देवताओं को दुखी करने वाले निशुम्भ त्रिशूल हाथ में लिए हुए आता देखकर चण्डिका ने अपने शूल से उसकी छाती पर प्रहार किया और उसकी छाती को चीर डाला, शूल विदीर्ण हो जाने पर उसकी छाती में से एक उस जैसा ही महा पराक्रमी दैत्य ठहर जा! ठहर जा!! कहता हुआ निकला। उसको देखकर देवी ने बड़े जोर से ठहाका लगाया। अभी वह निकलने भी न पाया था किन उसका सिर अपनी तलवार से काट डाला। सिर के कटने के साथ ही वह पृथ्वी पर गिर पड़ा। तदनन्तर सिंह दहाड़-दहाड़ कर असुरों का भक्षण करने लगा और काली शिवदूती भी राक्षसों का रक्त पीने लगी। कौमारी की शक्ति से कितने ही महादैत्य नष्ट हो गए। ब्रह्माजी के कमण्डल के जल से कितने ही असुर समाप्त हो गये।

    कई दैत्य माहेश्वरी के त्रिशूल से विदीर्ण होकर पृथ्वी पर गिर पड़े और बाराही के प्रहारों से छिन्न-भिन्न होकर धराशायी हो गये। वैष्णवी ने भी अपने चक्र से बड़े-बड़े महा पराक्रमियों का कचमूर निकालकर उन्हें यमलोक भेज दिया और ऎन्द्री से कितने ही महाबली राक्षस टुकड़े-2 हो गये। कई दैत्य मारे गए, कई भाग गए, कितने ही काली शिवदूती और सिंह ने भक्षण कर लिए ।

    । । श्री मार्कण्डेयपुराणे सावर्णिके मन्वन्तरे देवीमाहात्म्ये निशुम्भवधो नाम नवमोऽध्यायः सम्पूर्णं । ।

    श्री दुर्गा सप्तशती: दशम अध्याय

    !! शुम्भ वध !!
    महर्षि मेधा ने कहा- हे राजन्! अपने प्यारे भाई को मरा हुआ तथा सेना को नष्ट हुई देखकर क्रोध में भरकर दैत्यराज शुम्भ कहने लगा- दुष्ट दुर्गे! तू अहंकार से गर्व मत कर क्योंकि तू दूसरों के बल पर लड़ रही है। देवी ने कहा- हे दुष्ट! देख मैं तो अकेली ही हूँ। इस संसार में मेरे सिवा दूसरा कौन है ? यह सब मेरी शक्तियाँ हैं। देख, यह सब की सब मुझ में प्रविष्ट रही हैं। इसके पश्चात ब्राह्मणी आदि सब देवियाँ उस देवी के शरीर में समा गई और देवी अकेली रह गई तब देवी ने कहा- मैं अपनी ऐश्वर्य शाक्त से अनेक रूपों में यहाँ उपस्थित हुई थी। उन सब रूपों को मैंने समेट लिया है अब अकेली ही यहाँ खड़ी हूँ, तुम भी यहीं ठहरो । महर्षि मेधा ने कहा-तब देवताओं तथा राक्षसों के देखते-2 देवी तथा शुम्भ में भयंकर युद्ध होने लगा। अम्बिका देवी ने सैकड़ों अस्त्र-शस्त्र छोड़े, उधर दैत्यराज ने भी भयंकर अस्त्रों का प्रहार आरम्भ कर दिया। देवी के छोड़े हुए सैकड़ो अस्त्रों को दैत्य ने अपने अस्त्रों द्वारा काट डाला, इसी प्रकार शुम्भ ने जो अस्त्र छोड़े उनको देवी ने अपनी भयंकर हुँकार के द्वारा ही काट डाला।

    दैत्य ने जब सैकड़ो बाण छोड़कर देवी को ढक दिया तो क्रोध में भर कर देवी ने अपने बाणों से उसका धनुष नष्ट कर डाला। धनुष कट जाने पर दैत्येन्द्र ने शक्ति चलाई लेकिन देवी ने उसे भी काट कर फेंक दिया फिर दैत्येन्द्र चमकती हुई ढाल लेकर देवी की ओर दौड़ा किन्तु जब वह देवी के समीप पहुँचा तो देवी ने अपने तीक्ष्ण वाणों से उसकी चमकने वाली ढाल को भी काट डाला फिर दैत्येन्द्र का घोड़ा मर गया, रथ टूट गया, सारथी मारा गया तब वह भयंकर मुद्गर लेकर देवी पर आक्रमण करने के लिए चला किन्तु देवी ने अपने तीक्ष्ण बाणों से उसके मुद्गर को भी काट दिया। इस पर दैत्य ने क्रोध में भरकर देवी की छाती में बड़े जोर से एक मुक्का मारा, दैत्य ने जब देवी को मुक्का मारा तो देवी ने भी उसकी छाती में जोर से एक थप्पड़ मारा, थप्पड़ खाकर पहले तो दैत्य पृथ्वी पर गिर पड़ा किन्तु तुरन्त ही वह उठ खड़ा हुआ फिर वह देवी को पकड़ कर आकाश की ओर उछला और वहाँ जाकर दोनों में युद्ध होने लगा, वह युद्ध ऋषियों और देवताओं को आश्चर्य में डालने वाला था ।
    देवी आकाश में दैत्य के साथ बहुत देर तक युद्ध करती रही फिर देवी ने उसे आकाश में घुमाकर पृथ्वी पर गिरा दिया। दुष्टात्मा दैत्य पुनः उठकर देवी को मारने के लिए दौड़ा तब उसको अपनी ओर आता हुआ देखकर देवी ने उसकी छाती विदीर्ण कर के उसको पृथ्वी पर पटक दिया। देवी के त्रिशूल से घायल होने पर उस दैत्य के प्राण पखेरू उड़ गए और उसके मरने पर समुद्र, द्वीप, पर्वत और पृथ्वी सब काँपने लग गये। तदनन्तर उस दुष्टात्मा के मरने से सम्पूर्ण जगत प्रसन्न व स्वस्थ हो गया तथा आकाश निर्मल हो गया। पहले जो उत्पात सूचक मेघ और उल्कापात होते थे वह सब शान्त हो गये। उसके मारे जाने पर नदियाँ अपने ठीक मार्ग से बहने लगी। सम्पूर्ण देवताओं का हृदय हर्ष से भर गया और गन्धर्वियाँ सुन्दर गान गाने लगी । गन्धर्व बाजे बजाने लगे और अप्सराएँ नाचने लगी, पपवित्र वायु बहने लगी, सूर्य की कांति स्वच्छ हो गई, यज्ञशालाओं की बुझी हुई अग्नि अपने आप प्रज्वलित हो उठी तथा चारों दिशाओं में शांति फैल गई।

    । । श्री मार्कण्डेयपुराणे सावर्णिके मन्वन्तरे देवीमाहात्म्ये निशुम्भवधो नाम दशम सम्पूर्णं । ।

    श्री दुर्गा सप्तशती: नवम एवं दशम अध्याय

  • माता कात्यायिनी: सर्वकामप्रदायिनी देवी

    नवरात्रि: छठवें दिन कात्यायिनी रूप में माता पार्वती की पूजा 

    नवरात्रि के छठवें दिन माता पार्वती की पूजा कात्यायिनी रूप में होती है। उमा, गौरी, काली, हेेमावती व ईश्वरी आदि इन्हीं के अन्य नाम हैं। देवी भगवत की एक कथा के अनुसार एक बार ऋषि कात्यायन ने देवी भगवती की प्रसन्नता हेतु घोर तपस्या की। देवी भगवती ने प्रसन्न होकर उनको दर्शन देकर वरदान माँगने को कहा। कात्यायन ऋषि ने देवी से उनकी पुत्री रूप में जन्म लेने की प्रार्थना की। भक्त की प्रसन्नता के लिए देवी ऋषि कात्यायन के घर में पुत्री रूप में प्रकट हुईं। तभी से कात्यायन ऋषि की पुत्री होने के कारण देवी भगवती कात्यायिनी कहलाईं। एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार , जब समस्त देवताओं के तेज से देवी भगवती का प्राकट्य हुआ । तब सभी देवताओं और ऋषियों ने देवी की स्तुति और पूजन किया। इनमें सबसे पहले कात्यायन ऋषि ने देवी का पूजन किया।कात्यायन ऋषि द्वारा पुत्रीभाव से देवी का पूजन स्तवन करने के कारण वे उनका एक नाम कात्यायिनी पड़ा।

    दुर्गा सप्तशती के अनुसार गोपराज नन्द, जिनके घर भगवान श्रीकृष्ण का पालन हुआ था, उनके घर यही देवी महामाया बनकर प्रकट हुई थीं। कंस द्वारा पटक कर मारे जाने के प्रयास में देवी विद्युत की तरह उसके हाथ से छूट गईं और भयभीत कर देने वाले अट्टहास के साथ कंस को भगवान श्रीकृष्ण के आगमन की सूचना दी । इसी कारण ये नन्दा अथवा गोपसुता भी कहलाती हैं।

    देवी का स्वरूप
    देवी कात्यायिनी का स्वरूप सौम्य और सुंदर है। उनका सुवर्ण के समान दैदीप्यमान वर्ण है। इनकी चार भुजाएँ है । दाहिने भाग के एक हाथ को अभयमुद्रा में ऊपर उठाएँ हुए हैं और दूसरा हाथ अपने भक्तों के कल्याण हेतु वरद‌मुद्रा धारण किए हुए हैं। बाईं तरफ़ एक हाथ में आर्त जनों के रक्षार्थ चंद्रहास नामक खड्ग धारण किए हैं , और एक हाथ में सुख-समृद्धि-शांति का प्रतीक कमल-पुष्प शोभायमान है। वे रक्तवर्ण के वस्त्र धारण किए हुए हैं। देवी अपने प्रिय वाहन सिंह पर सवार हैं।

    विवाह के लिए कात्यायिनी देवी की उपासना
    देवी कात्यायिनी शीघ्र प्रसन्न होकर वरदान देने वाली हैं। वे अपने भक्तों की मनोकामनाओं को शीघ्र पूर्ण करती हैं । श्रीमद्‍ भागवत की कथा के अनुसार , गोपियों ने श्रीकृष्ण को पति रूप में पाने के लिए इन्हीं कात्यायिनी देवी की तपस्या की थी और मनोवांछित वरदान पाया था। इसीलिए आज भी उत्तम जीवन साथी पाने के लिए युवक-युवती भगवती कात्यायिनी देवी की उपासना करते हैं।

    जिन कन्याओं के विवाह में विलम्ब हो रहा हो, उन्हे इस दिन माँ कात्यायनी की उपासना अवश्य करनी चाहिए, जिससे उन्हे मनोवान्छित वर की प्राप्ति होती है।

    कन्याओं के विवाह के लिये कात्यायनी मन्त्र–

    ॐ कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरि ।

    नंदगोपसुतम् देवि पतिम् मे कुरुते नम:॥

    ~श्रीमद्‍ भागवत

    विवाह योग्य युवकों को देवी की उपासना इस मंत्र से करनी चाहिए ~

    पत्नी मनोरमा देहि मनोवृत्तनुसारिणीम्।

    तारिणीं दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम्॥

    ~श्री दुर्गासप्तशती

    कात्यायिनी देवी की उपासना का फल
    कात्यायिनी देवी भक्तों के रोग-शोक-व्याधि का नाश कर आनंद प्रदान करती हैं । ये देवी प्रसन्न होने पर चारों पुरुषार्थों धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष प्रदायिनी हैं। इसीलिए वे सर्वकामप्रदा भी कहलाती हैं।

    कात्यायिनी देवी को प्रणाम करने का मंत्र
    ऊँ कात्यायिनी देव्यै नम:।

    या देवी सर्व भूतेषु कात्यायिनी रूपेण संस्थिता।

    नमस्तस्यै,नमस्तस्यै,नमस्तस्यै नमोनम:॥

    कात्यायिनी देवी की स्तुति करने का मंत्र
    चन्द्र हासोज्ज्वलकरा शार्दूलवर वाहना।

    कात्यायनी शुभं दद्यांद्देवी दानवघातिनी ।।

  • बिजनौर में जामा मस्जिद पर पहुंचे बसपा प्रत्याशी

    क्षेत्र के लोगों को ईद पर दी मुबारकबाद

    बसपा प्रत्याशी विजेंद्र सिंह के साथ कार्यकर्ताओं ने प्रचार में झोंकी ताकत

    बिजनौर/मवाना। आगामी 19 अप्रैल को होने वाले लोस चुनाव को लेकर प्रत्याशियों के प्रचार में और तेजी आ गई है। इसी क्रम में बसपा प्रत्याशी गुरूवार को बिजनौर की जामा मस्जिद पहुंचे और मुस्लिम समाज के लोगों को ईद की मुबारकबाद दी।

    उनके अलावा पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने भी ईदगाह मवाना, मीरापुर, चांदपुर, पुरकाजी, बहसूमा, ईदगाह सैफपुर कर्मचंदपुर आदि पर पहुंचकर ईद की मुबारकबाद दी। कई स्थानों पर मुस्लिम समाज के लोगों ने बसपा प्रत्याशी का जोरदार स्वागत किया और चुनाव में जीत का भरोसा दिलाया।

    ईद के मौके पर बसपा प्रत्याशी चौधरी विजेंद्र सिंह ने रात्रि में बिजनौर में प्रवास किया और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। सुबह के समय वह ईद की नमाज के समय बिजनौर शहर की जामा मस्जिद पहुंचे और शहर काजी के साथ ही समस्त मुस्लिम समाज के लोगों को ईद की मुबारकबाद दी।

    उसके बाद उन्होंने जमालपुर पठानी में डा मंसूर प्रधान के निवास पर और मंडावर में चेयरमैन आसिफ के निवास पर पहुंचकर मुबारकबाद दी।

    इसके अलावा बुरहानद्दीनपुर आदि गांवों में पहुंचकर लोगों को एकता और सामाजिक समरसता बनाए रखते हुए उन्हें वोट देने की अपील की। हर गांव में बसपा प्रत्याशी का जोरदार स्वागत हुआ। जोश में भरे पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने भी पूरे क्षेत्र में पहुंचकर ईद की बधाई दी और बसपा प्रत्याशी को जिताने की अपील की।

    बाद में बसपा प्रत्याशी चांदपुर कस्बे में पहुंचे और पूर्व विधायक मोहम्मद इकबाल के आवास पर पहुंचे और उन्हें ईद की मुबारकबाद दी।

    बसपा प्रत्याशी के अलावा गजेंद्र सिंह नीलकंठ, सुरजीत धनकड़, हस्तिनापुर के पूर्व चेयरमैन अरुण कुमार, बहसूमा की पूर्व चेयरमैन राजेश कुमारी आदि ने भी जनसंपर्क कर चौधरी विजेंद्र सिंह को वोट देने की अपील की।

  • पूजा अर्चना में चाहिए क्या सामग्री

    क्या खा सकते हैं और क्या नहीं

    नवरात्रि विशेष: कब और कैसे पढ़ें कितने अध्याय

    नवरात्रि में माता की पूजा-अर्चना में शंख, सिंदूर, रोली, मौली, कपूर, धूप, लाल पुष्प या पुष्पहार, साबुत सुपारी, हल्दी की गांठ, पटरा, आसन, चौकी, पंचमेवा, जायफल, जावित्री, कमलगट्टा, नैवेद्य, बताशा, मधु, शक्कर, नारियल, गंगाजल आदि की आवश्यकता पड़ती है।

    चैत्र नवरात्रि में कलश स्थापना के लिए मुख्य रूप से पीतल, तांबे या मिट्टी का कलश, मिट्टी का पात्र, कलावा, नारियल, छोटी लाल चुनरी, आम के पत्ते, जौ, सिंदूर, जल, दीपक, बालू या रेत, तिल का तेल या घी, मिट्टी आदि सामग्री की आवश्यकता होती है।

    सात्विक भोजन और सोना है जमीन पर

    जो लोग नवरात्रि के 09 दिन उपवास रखते हैं, वे सुबह-शाम पूजा करें। दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। जमीन पर सोएं और सात्विक भोजन ग्रहण करें। व्रत रखने वालों को बिस्तर पर नहीं सोना चाहिए, बल्कि जमीन पर सोए। नवरात्रि में शुद्ध और सात्विक भोजन ही करना चाहिए। इस दौरान तामसिक भोजन, प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा, शराब आदि का सेवन करना गलत है।

    नवरात्रि में 9 दिन क्या खाएं

    नवरात्रि में 9 दिन बहुत से घरों में सात्विक भोजन बनता है और प्याज-लहसुन खाने से बचा जाता है। ऐसे में कई बार ये मुश्किल काम होता है कि नौ दिन, क्या बनाएं और क्या खाएं? क्योंकि एक ही चीज को बार-बार खाकर आपका मन भर सकता है। साथ ही नाश्ता, स्नैक्स और  दिन-रात के खाने के बारे में भी सोचना होता है। ऐसे में बनाए क्या?

    1. पहले दिन- कुट्टू की पकौड़ी
    नवरात्रि में सात्विक भोजन करना होता है और अनाज से परहेज किया जाता है। ऐसे में आप कुट्टू की पकौड़ी खा सकते हैं। इसे बनाने के लिए आपको कुट्टू के आटे में आलू को मैश कर लेना है। इसमें हरी, धनिया और मिर्च काटकर मिला लें। थोड़ा सा सेंधा नमक नमक डालें और इसका लुत्फ उठाएं।

    2. दूसरे दिन-कसूरी आलू और कुट्टू पूड़ी
    कसूरी आलू और पूड़ी बहुत टेस्टी होता है। साथ ही इसे बनाना भी बेहद आसान है। तो, आलू उबाल लें और फिर फ्राई पैन में थोड़ा सा सरसों का तेल जीरा, हरी मिर्च और कसूरी मेथी डालकर इसे भून लें। हरी धनिया डालें। अब कुट्टू के आटे की पूड़ी बनाएं। दोनों को साथ में खाएं।

    3. तीसरे दिन-लौकी का हलवा
    लौकी का हलवा आपके लिए मीठे का एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। इसे बनाने के लिए लौकी को घिसकर इसे घी में भून लें। फिर इसमें थोड़ा सा चीनी और दूध मिलाएं। अच्छे से पकाएं और ड्राई फ्रूट्स मिलाकर खाएं।

    4. चौथे दिन-कुट्टू का हलवा
    चौथे दिन आप कुट्टू का हलवा खा सकते हैं। ये बहुत टेस्टी होता है। आपको करना ये है कि घी में कुट्टू के आटे को भून लें और फिर इसे दूध में अच्छी तरह से पका लें। ऊपर से ड्राई फ्रूट्स मिलाएं और इसे खाएं।

    5. पांचवां दिन-राजगीरा की खीर और रोटी
    राजगीरा की खीर और रोटी व्रत के लिए परफेक्ट भोजन हो सकता है। तो, आपको करना ये है कि राजगीरा लें और इसे दूध में पकाकर खीर बना लें। फिर इस खीर में ड्राई फ्रूट्स से गार्मिश करें और रोटी के साथ इसे खाएं।

    6. छठां दिन-सिंघाड़े की कढ़ी
    सिंघाड़े की कढ़ी बहुत टेस्टी होती है। आपको करना ये है कि बस रेगुलर कढ़ी में जैसे बेसन का इस्तेमाल करते हैं उसकी जगह सिंघाड़े के आटे का प्रयोग करना है। इसमें आप बस राई का तड़का लगा सकते हैं।

    7. सातवें दिन-मखाने की सब्जी और पूड़ी
    मखाने की सब्जी और पूड़ी आपके लिए दो समय का खाना हो सकता है। इस सब्जी को बनाने के लिए आपको दही और मूंगफली की ग्रेवी बना सकते हैं और फिर इसमें मखाने को मिलाकर पका सकते हैं। साथ ही अपने अनुसार मसाला और सेंधा नमक डालें। फिर इस सब्जी को पूड़ी के साथ खाएं।

    8. आठवें दिन-समा के चावल के पुलाव
    समा के चावल का पुलाव बहुत टेस्टी होता है। इसे आप घी, जीरा और काजू के साथ मिलाकर बना सकते हैं। इसके अलावा आप इसे कई प्रकार की सब्जियों के साथ आराम से बैठकर खा सकते हैं। 

    9. नौवां दिन-समा आलू डोसा
    समा आलू डोसा बहुत टेस्टी होता है। इसमें आपको डोसा के बैटर के लिए समा के चावल को पीसकर इस्तेमाल करना है। इसके बाद आप इसमें आलू भरकर डोसा तैयार कर सकते हैं और इसे कभी भी खा सकते हैं। कुल मिलाकर नवरात्रि के नौ दिन आप इन चीजों को अपने भोजन का हिस्सा बना सकते हैं।

  • संत सुरक्षा मिशन के प्रदेश अध्यक्ष स्वामी अंश चैतन्य महाराज के विचार

    योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने से बढ़ा संतों का सम्मान

    बिजनौर। संत सुरक्षा मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी राजेंद्र देव जी महाराज फरीदाबाद से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं।प्रदेश अध्यक्ष संत सुरक्षा मिशन, हिंदू युवा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष, संस्थापक संचालक मां आदिशक्ति कामाख्या पीठ विदुर कुटी जनपद बिजनौर, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी स्वामी अंश चैतन्य महाराज ने उक्त जानकारी देते हुए कहा कि यह बहुत खुशी की बात है। योगी आदित्यनाथ जी के मुख्यमंत्री बनने से सभी संतों का सम्मान बढ़ा है। जो लोग संतों के लिए अपशब्द बोलते थे, संतों का अपमान करते थे, वह लोग भी सुधर गए।

    उन्होंने कहा कि योगी जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद सनातन धर्म की जय जयकार होने लगी। उन्होंने हिंदू युवा सेवा के सभी कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि आदरणीय महाराज जी के लिए प्रचार प्रसार करें और सहयोग करें। साथ ही चुनाव प्रचार में चलने के लिए भी तैयार रहें। उन्होंने कहा कि सभी संतों और धार्मिक व्यक्तियों को महाराज जी का सहयोग करने की आवश्यकता है। ज्यादा से ज्यादा संत अगर संसद में जाएंगे तभी भ्रष्टाचार बंद होगा। महाराज जी की भी योजना है कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगे। मैं महाराज जी के ही प्रेरणा से आंदोलन चल रहा हूं। महाराज जी का पूर्ण आशीर्वाद प्राप्त है।

  • भाजपा के भारतेंद्र को पछाड़ कर नागर ने कब्जाई थी सीट

    गठबंधन फार्मूले पर आरएलडी के खाते में है लोकसभा सीट

    बिजनौर सीट पर अब होगा दिलचस्प मुकाबला

    बिजनौर। पांच विधान सभा सीट शामिल किए बिजनौर लोकसभा सीट पर अब दिलचस्प मुकाबला होने के संकेत हैं।गठबंधन फार्मूले के तहत यह लोकसभा सीट आरएलडी के खाते में है। यहां पूर्व दिवंगत सांसद सांसद संजय चौहान के सुपुत्र मीरापुर विधायक चंदन चौहान चुनाव मैदान में हैं। गुरुवार सुबह वर्तमान सांसद मलूक नागर के बीएसपी छोड़ कर आरएलडी में शामिल होने के बाद समीकरणों में भारी भरकम बदलाव आया है।

    बिजनौर लोक सभा सीट पर फिलहाल बहुजन समाज पार्टी के मलूक नागर का कब्जा है। बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री चौधरी नारायण सिंह के पोते श्री चौहान को चुना, जो भी गुर्जर समुदाय से हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में, श्री चौहान समाजवादी पार्टी के उन तीन उम्मीदवारों में से एक थे, जिन्होंने आरएलडी के प्रतीक पर चुनाव लड़ा था। चंदन चौहान के पिता संजय चौहान ने 2009 में आरएलडी के टिकट पर बिजनौर का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन उनकी मृत्यु के बाद जब पूर्व आरएलडी सुप्रीमो अजीत सिंह ने अपने बेटे के बजाय जयाप्रदा को चुना, तो श्री चौहान अखिलेश यादव की ओर चले गए। हालाँकि, 2022 की जीत के बाद, जब रालोद अध्यक्ष ने श्री चौहान को पार्टी के युवा मामलों का प्रभारी बनाया, तो इसे युवा गुर्जर चेहरे को सपा से दूर करने के एक कदम के रूप में देखा गया।

    बिजनौर लोक सभा क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा की 05 सीटें आती हैं, जिनमें मीरापुर, बिजनौर, हस्तिनापुर, चांदपुर और पुरकाजी शामिल हैं।

    बिजनौर लोक सभा सीट का इतिहास: वर्ष 1957 में हुए पहले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के अब्‍दुल लतीफ ने इस सीट पर कब्‍जा जमाया था। इसके बाद 1967 से 71 तक इस सीट पर कांग्रेस का ही कब्‍जा बना रहा। वर्ष 1977 में बीएलडी के मिहीलाल और 1980 में जेएनपी के मंगल राम सांसद बने।इसके बाद 1984 में कांग्रेस के गिरधारी लाल, 1989 में BSP की मायावती, 1991 से 1996 तक भाजपा के मंगलराम प्रेमी जीते। वर्ष 1998 में सपा की ओमवती देवी, 1999 में भाजपा के शीशराम रवि, 2004 में रालोद के मुंशीराम और 2009 में भी रालोद के ही संजय सिंह चौहान सांसद रह चुके हैं। वर्ष 2014 के चुनाव में लोकसभा सीट बिजनौर पर भाजपा उम्‍मीदवार भारतेंद्र ने बाजी मारी थी, उन्‍हें 4,86,913 वोट मिले थे। वहीं, समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार शाहनवाज राणा 2,81,139 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे थे। वर्ष 2019 के चुनाव में बीएसपी के मलूक नागर ने भाजपा के भारतेंद्र सिंह को पराजित कर इस सीट पर कब्जा जमाया।

    Bijnor Lok Sabha Election Results 2019

    दोनों लोकसभा सीट पर हारी थी भाजपा

    बिजनौर और नगीना दोनों लोकसभा सीटें वर्ष 2019 के चुनाव में बसपा के खाते में गईं थी। तभी से भाजपा इन सीटों पर कब्जा जमाने की जुगत में है। इस बार भाजपा ने प्रदेश की सभी 80 सीटों पर जीत का लक्ष्य निर्धारित किया है। उसी के तहत नामांकन के साथ ही भाजपा में अपना चुनावी प्रचार अभियान जोर शोर से शुरू कर दिया था। अभी तक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से लेकर मुख्यमंत्री तक तीन कार्यक्रम कर चुके हैं, जबकि उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जनसभा को संबोधित कर चुके हैं। कुल मिलाकर बदले हुए हालात में बसपा के सामने अपनी पूर्व में जीती गई बिजनौर और नगीना सीटों को बचाने की चुनौती है तो वहीं सपा में भाजपा के प्रदेश की सभी 80 सीटों पर जीत के सपने को तोड़ने की छटपटाहट!

    सूरमाओं की होने वाली हैं रैलियां

    भाजपा गठबंधन के लिए जयंत चौधरी 12 और 15 अप्रैल को बिजनौर लोकसभा क्षेत्र में जनसभाएं करेंगे। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव नगीना लोकसभा क्षेत्र के नहटौर में 13 अप्रैल को जनसभा करने वाले हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती का 16 अप्रैल को बिजनौर और नगीना में जनसभा का कार्यक्रम है।

  • 18 साल बाद गुरुवार सुबह ही परिवार संग किया था बीएसपी से किनारा

    250 करोड़ के मलूक नागर RLD में शामिल

    नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी के सांसद मलूक नागर पार्टी छोड़ कर जयंत चौधरी के राष्ट्रीय लोकदल में शामिल हो गए हैं। पश्चिमी यूपी के सबसे अमीर सांसद मलूक नागर के घर में ईडी भी छापेमारी कर चुकी है। चुनाव से ठीक पहले उन्होंने पार्टी बदल ली है। मलूक नागर ने कहा कि वह पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर हैं। उनका परिवार लंबे समय से बीएसपी का हिस्सा रहा है। वह खुद दो बार बीएसपी के टिकट पर चुनाव हारने के बाद सांसद बने, लेकिन अब उन्होंने पाला बदल कर आरएलडी का दामन थाम लिया है।

    17वीं संसद में उठाए सबसे ज्यादा मुद्दे 

    17वीं संसद में सबसे ज्यादा 854 मुद्दों को उठाने वाले मलूक नागर का जन्म हापुड़ के शकरपुर में हुआ। उन्होंने 1980 में हाईस्कूल और 1985 में बीएससी की डिग्री करने के बाद बिजनेस शुरू किया।

    आयकर विभाग ने मारा था छापा

    उत्तर प्रदेश के बड़े कारोबारियों में शामिल मलूक नागर ने 2019 के चुनावी हलफनामे में अपनी कुल संपत्ति करीब 250 करोड़ रुपए बताई थी। इसमें 115 करोड़ की अचल संपत्ति शामिल थी। उनके ऊपर 101 करोड़ रुपए का बैंक कर्ज था। एसबीआई ने उनके और उनके भाई के खिलाफ 54 करोड़ रुपए का वसूली नोटिस भी जारी किया। इसके बाद आयकर विभाग ने उनके कुछ ठिकानों पर छापेमारी की थी।

    चौधरी चरण सिंह और टिकैत को भारत रत्न देने की उठाई थी मांग

    बसपा सासंद मलूक नागर ने किसानों के मसीहा कहे जाने वाले चौधरी चरण सिंह, किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत, महानायक कांशीराम, स्वतंत्रता सेनानी विजय पथिक और कांग्रेस नेता राजेश पायलट को भारत रत्न दिए जाने की मांग उठाई थी। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने यह भी कहा था कि रालोद जिसकी साथ चली जाएगी, वह जीत जाएगा। वहीं जयंत चौधरी के एनडीए में जाने के बाद और चौधरी साहब को भारत रत्न दिए जाने के बाद वह मुबारकबाद देने भी गए थे। तभी से ही कयास लगाए जा रहे थे कि वह रालोद में शामिल हो सकते हैं!

  • परिवार समेत बहुजन समाज पार्टी को कहा अलविदा

    मलूक नागर ने भाई व पत्नी समेत बीएसपी से दिया इस्तीफा

    लोकसभा चुनाव से पहले माया के सांसद ने दिया तगड़ा झटका 

    नई द‍िल्‍ली। लोकसभा चुनाव में पहले चरण के मतदान से ठीक 08 दिन पहले बिजनौर से सांसद मलूक नागर ने बीएसपी से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी ने इस बार बिजनौर सीट से नागर का टिकट काटकर ऐन चुनाव के वक्त लोकदल छोड़कर आए चौधरी विजेंदर सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है। मलूक नागर ने पार्टी सुप्रीमो मायावती को अपना इस्तीफा भेज दिया है।

    सांसद मलूक नागर ने एक्‍स पर जानकारी देते हुए ल‍िखा, ”मौजूदा हालातों और राजनीतिक माहौल को देखकर, आज मैं, मेरे बड़े भाई श्री लखीराम नागर, (पूर्व मंत्री, उ.प्र. सरकार), मेरी धर्मपत्नी श्रीमती सुधा नागर, (पूर्व ज़िला पंचायत अध्यक्ष) हम सभी, बहुजन समाज पार्टी को छोड़ रहे है।”

    सांसद ने मायावती के नाम ल‍िखा पत्र

    सांसद ने बसपा प्रमुख मायावती के नाम एक अन्‍य पत्र में ल‍िखा, ”हमारे पर‍िवार में करीब प‍िछले 39 वर्षों से लगातार कांग्रेस व बसपा द्वारा कई बार ब्‍लॉक प्रमुख व कई बार चेयरमैन ज‍िला पर‍िषद/अध्‍यक्ष ज‍िला पंचायत व कई बार व‍िधायक (M.L.A/M.L.C) व उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री व देश में सांसद लगातार रहते आ रहे हैं, इस करीब 39 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ क‍ि हम व‍िधायक भी नहीं लड़ पाए और सांसद भी नहीं लड़ पाए। हमने द‍िसंबंर 2006 में आपके आशीर्वाद से बहुजन समाज पार्टी की सदस्‍यता ग्रहण की थी, आपके आशीर्वाद से हम कई पदों पर रहे, इसके ल‍िए हम हमेशा आपके आभारी रहेंगे, हमारे पर‍िवार की राज‍नीति‍क हैसि‍यत और सामाजि‍क हैस‍ियत या देश स्‍तर पर पहचान वाला कोई भी व्‍यक्‍त‍ि नहीं जो हमारे ज‍ितना लंबे समय के ल‍िए बसपा में रहा हो, उसे कुछ सालों में पार्टी द्वारा न‍िकाल द‍िया गया या वह खुद बसपा छोड़कर चला जाता है। मैं दावे से कह सकता हूं क‍ि मैं व मेरा पर‍िवार इतने लंबे समय तक कई बार उतार-चढाव देखने के बाद भी बसपा में ही रहे। श्री नागर ने लिखा कि मैं 2019 में जब ब‍िजनौर लोकसभा से बसपा, सपा, आरएलडी के साथ उम्‍मीदवार के रूप में सांसद बना, तो आपने मुझे सदन में उपनेता भी बनाया। प‍िछले पांच सालों में, मैंने हमेशा क‍िसानों, दल‍ितों, प‍िछड़ों, गरीबों, मजदूरों की लड़ाइयां लड़ी। मैंने लोकसभा में 864 मुद्दों को उठाया, या ये कहे क‍ि 17वीं लोकसभा में सबसे अधि‍क मुद्दों को उठाया। हमने बाबा अंबेडकर साहब, कांशीराम साहब, चौधरी चरण स‍िंह व सभी जात‍ि धर्म में जन्‍मे महापुरुषों की आवाज भी उठाई। बि‍जनौर लोकसभा और पूरे देश के हर ह‍िस्‍से में क‍िसानों, दलितों, प‍िछड़ों, गरीबों की आवाज संसद में उठाई। आज के पर‍िवेश व कई राज‍नीति‍क कारणों से हम बसपा पार्टी की सदस्‍यता से इस्‍तीफा देते हैं।

    यूपी के सबसे अमीर सांसदों में शुमार

    यूपी के सबसे अमीर सांसदों में शुमार मलूक नागर की गिनती मायावती के भरोसेमंद नेताओं में होती रही है। वर्ष 2009 और 2014 में मेरठ व बिजनौर सीट से चुनाव हारने के बाद भी बीएसपी सुप्रीमो ने उन पर भरोसा जताया था और 2019 में फिर बिजनौर से प्रत्याशी बनाया था। सपा के साथ गठबंधन का फायदा मिलने की वजह से उन्हें जीत मिली और वो संसद में पहुंचे।

  • भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर पदयात्रा पर निकले विजय हिंदुस्तानी

    बेड़ियों में जकड़े सभी का ध्यान आकर्षित कर रहा है युवा हिन्दुस्तानी

    ~(नरेन्द्र मारवाड़ी)

    बिजनौर, 11अप्रैल 2024 |  भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव को शहीदों का दर्जा दिये जाने की मांग को लेकर विजय हिंदुस्तानी भारत भ्रमण पर निकले हैं। नंगे बदन, खुद को बेड़ियों में जकड़े हुए, एक हाथ में झंडा दूसरे हाथ में शहीदों को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग का पोस्टर लिए हुए वह 2 मार्च से पदयात्रा पर निकले हुए हैं | युवा हिंदुस्तानी ने अपने बदन पर 267 शहीद सैनिकों के नाम गुदवाये हुए हैं। अपनी क्रांतिकारी वेशभूषा में वे हर आमों शख्स का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं |

    बातचीत में उन्होंने बताया कि बिजनौर उनका 20वा जिला है| वह हर जिले में पहुंचकर राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन जिले के डीएम को देते हैं, जिसमें तीनों क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु तथा सुखदेव को शहिद का दर्जा दिए जाने की मांग शामिल है। उन्होंने बताया कि वह देश भ्रमण पर निकले हैं तथा इस मांग के प्रति जन जागरण कर रहे हैं। बिजनौर के बाद वह अमरोहा, फिर मुरादाबाद पहुंचेंगे |

    02 मार्च को शामली से यात्रा शुरू करने वाले विजय हिंदुस्तानी अब तक लगभग 1300 से 1400 किलोमीटर की यात्रा कर चुके हैं | लोग विजय हिंदुस्तानी को इस भेष में देखकर सेल्फी लेते हैं। वह जिज्ञासुओं से बात भी करते हैं तथा उन्हें अपने ध्येय के बारे में वह जानकारी देते हैं | विजय हिंदुस्तानी ने कहा कि वह इस बात को लेकर दु:खी हैं कि देश आजाद हुए 07 दशक से ऊपर हो गए, पर इन क्रांतिकारियों को आज तक शहीद का दर्जा सरकार द्वारा नहीं दिया गया है |

  • मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर, क्या है मंदिर और मंदिर के महंत के चमत्कारों की कहानी? जानें धाम से सम्बंधित सभी जानकारी 

    आस्था और विश्वास का केंद्र बना मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर

    ~शैली, शालिनी सक्सेना

    खाटू श्याम का वास्तविक मंदिर राजस्थान के खाटू नामक शहर में स्थित है। इस मंदिर में ही खाटू श्याम के कटे हुए शीश की पूजा की जाती है। हम जिस खाटू श्याम मंदिर की बात कर रहे हैं, वह बरेली जिले के आँवला शहर में स्थित है। इसे “मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर” के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर खाटू श्याम और उन्ही के भक्त ओमेंद्र चौहान की वजह से आज बरेली और देश में काफी लोकप्रिय हो रहा है।

    आज आप इस ब्लॉग में खाटू श्याम मंदिर और मंदिर के महंत के चमत्कारों के बारे में जानेंगे। आप यहां किस प्रकार से पहुंच सकते हैं? आप कहां रुकें? और भी बहुत सी महत्वपूर्ण जानकारी …

    कहां स्थित है मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर ?

    मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के बरेली जिले के आँवला शहर के एक छोटे से गांव मनौना में स्थित है। यह मंदिर बरेली से 44 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। बरेली से मनौना धाम तक की दूरी को आप आराम से सड़क मार्ग द्वारा कम्पलीट कर सकते हैं।

    मनौना धाम का इतिहास

    बरेली और उससे जुड़े हुए कुछ शहरों का इतिहास बहुत ही पुराना रहा है। आँवला और उससे जुड़े कुछ जगहों के बारे में कहा जाता है की यह जगह पांडवों से जुड़ी हुई रही है। पांडवों ने अपने वनवास के दौरान एक साल का एकांतवास भी काटा था। महाभारत काल से जुड़े होने कारण ही इस जगह का काफी महत्व रहा है। मनौना धाम और यहां बने मंदिर का इतिहास ज्यादा पुराना नहीं है। इस मंदिर का अस्तित्व 2022 में आया, जब इस मंदिर के महंत ओमेंद्र चौहान के द्वारा लोगों के कष्ट का निवारण शुरू हुआ। बताया जाता है कि ओमेंद्र चौहान जी के द्वारा बहुत से भक्त अपनी बीमारी से छुटकारा पा चुके हैं।

    मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर की कहानी

    बताया जाता है कि मनौना में खाटू श्याम के एक परम भक्त ओमेंद्र चौहान हर वर्ष राजस्थान में स्थित खाटू श्याम मंदिर में बाबा के दर्शन के लिए जाया करते थे। जब 2019 के आखिर में भारत में कोरोना की शुरुआत हुई, तब कोरोना के केस बढ़ने के कारण पूरे भारत में लॉक डाउन लगा दिया गया। लॉक डाउन की वजह से महंत जी बाबा के दर्शन के लिए राजस्थान नहीं जा सके। इस कारण महंत जी बहुत दु:खी हुए और अपने घर में ही बाबा की पूजा और उनके दर्शन करने की इच्छा लिए हर वक़्त बाबा से प्रार्थना करने लगे। एक रात महंत जी के सपने में आकर खाटू श्याम उनके घर के पास में ही मंदिर बनाने के लिए कहते हैं और अपने भक्तों के कष्ट निवारण का ज्ञान बताते हैं। उसके बाद महंत ओमेंद्र चौहान ने यह बात अपने घर में बताई और मंदिर का निर्माण शुरू कराया और यहां आने वाले लोगों के कष्टों और बीमारियों को ठीक करना शुरू किया। ऐसे ही धीरे धीरे इस धाम के प्रति लोगों की आस्था गहरी होती चली गई। अब इस धाम में एक मेले जैसी रौनक रहती है और यहां लोग दूर दूर से खाटू श्याम के दर्शन करने और महंत जी का आशीर्वाद लेने आते हैं।

    क्यों प्रसिद्ध है मनौना धाम ?

    मनौना धाम यहां बने मंदिर और मंदिर के महंत ओमेंद्र चौहान जी की वजह से प्रसिद्ध है। यहां आने वाले श्रद्धालु बताते हैं कि महंत जी पर खाटू श्याम जी की कृपा है, जिसके कारण वे धाम में आने वाले श्रद्धालु, जो किसी न किसी बीमारी से ग्रसित हैं, उन्हें ठीक कर देते हैं। लोगों का मानना है कि महंत जी द्वारा बहुत से मरीजों की बीमारी ठीक हुई हैं, जिस वजह से मनौना धाम इतना प्रसिद्ध हो रहा है। यहां महंत जी से मिलने के लिए भक्तों की बहुत लम्बी लाइन लगती है। अब इन बातों में कितनी सच्चाई है, इस बारे में हम पूर्णत: नहीं कहे सकते हैं।

    मंदिर आने का सबसे अच्छा समय

    इस मंदिर में दर्शन करने के लिए आप कभी भी आ सकते हैं। इस मंदिर की सबसे ज्यादा रौनक खाटू श्याम के जन्मदिन के दिन रहती है। यहां आप किसी भी मौसम में आ सकते हैं, अधिकतर मौसम अच्छा ही रहता है। गांव होने के कारण यहां कुछ ज्यादा ठण्ड रहती है तो ऐसे में गर्म कपड़े अपने साथ जरूर रखें।

    मंदिर खुलने का समय

    मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर में सुबह 5 बजे से भक्तों की भीड़ लगना शुरू हो जाती है। यह मंदिर सुबह 4 बजे से शाम में 10 बजे तक खुला रहता है, तो आप इस समय कभी भी खाटू श्याम के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर लगी रेलिंग, जिसके द्वारा भक्त मंदिर तक जाते हैं, उस पर लोग मन्नतों की डोरी बांधते हैं।

    मनौना धाम आने पर कहां रुकें ?

    मनौना धाम का अभी उस प्रकार से विस्तार नहीं हुआ है तो आपको यहाँ पर रुकने के लिए एक दो के अलावा कोई भी धर्मशाला या होटल्स नहीं मिलेंगे। आप मनौना धाम में न रुक कर आँवला मुख्य शहर में रुकें। यदि आप बरेली डिस्ट्रिक्ट के बाहर से आ रहे हैं तो आप बरेली में एक रात रुक कर फिर अगले दिन से मनौना धाम में दर्शन के लिए जा सकते हैं। या फिर आप मनौना धाम में दर्शन के पश्चात आँवला से निकलकर बरेली में आकर एक रात रुक सकते हैं।

    बस द्वारा मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर कैसे पहुंचें?

    मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर बरेली के आँवला शहर में है। बरेली मुख्य शहर से मंदिर तक की दूरी 44 किलोमीटर है और मंदिर तक की दूरी 44 किलोमीटर है। सरकारी रोडवेज बस आपको मुख्य सड़क पर आँवला में छोड़ देती है। उसके बाद मंदिर तक की दूरी को टेम्पो और रिक्शा द्वारा पूरा करना होगा। दिल्ली से बरेली की दूरी 286 किलोमीटर की है। दिल्ली ISBT से निरंतर बरेली के लिए बस चलती रहती हैं। इसके बाद बरेली से मंदिर तक की दूरी को बस द्वारा तय किया जा सकता है।

    ट्रेन द्वारा मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर कैसे पहुंचे?

    मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर के सबसे निकट आँवला रहतुइया रेलवे स्टेशन है। यह स्टेशन मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर से 7.6 किलोमीटर की दूरी पर है, जिसे पूरा करने में आपको वहां के लोकल वाहन द्वारा लगभग 20 मिनट लगेंगे। आँवला रहतुइया रेलवे स्टेशन बरेली जिला और उत्तर प्रदेश के काफी स्टेशन से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। यदि आँवला रेलवे स्टेशन के लिए सीधे ट्रेन नहीं मिलती हैं तो पहले बरेली आ सकते हैं। बरेली रेलवे स्टेशन से आँवला के लिए आसानी से ट्रेन मिल जाएंगी।

    फ्लाइट द्वारा मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर कैसे पहुंचे?

    अगर आप फ्लाइट से यहाँ आने के लिए सोच रहे हैं तो मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर के सबसे निकट एयरपोर्ट बरेली एयरपोर्ट है। यह एयरपोर्ट 08 मार्च 2021 में शुरू हुआ। आप एयरपोर्ट से प्राइवेट गाड़ी द्वारा बरेली बस अड्डा आ सकते हैं, जहाँ से आँवला के लिए सरकारी बस मिल जाएगी। आँवला बस स्टैंड से प्राइवेट गाड़ी द्वारा आप मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर तक पहुंच सकते हैं।

    मनौना धाम की कुछ महत्वपूर्ण बातें

    धाम के महंत जी से मिलने के लिए आपको अर्ज़ी लगानी होती है जो कि मनौना धाम पहुंच कर ही लगाई जाती है।
    मनौना धाम में रुकने के लिए एक या दो ही धर्मशालाए हैं तो आपका बरेली या आँवला मुख्य शहर में रुकना सही रहेगा।
    आप मंदिर में दर्शन करने के लिए जल्दी ही जाएं, क्यूंकि यहां दिन निकलते ही भक्तों की भीड़ लगना शुरू हो जाती है।
    मुख्य सड़क पर मनौना धाम के द्वार से मंदिर अंदर 01 से 1.5 किलोमीटर की दूरी पर है, जिसे आप पैदल या ऑटो द्वारा पूरा कर सकते हैं। यह मंदिर सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है इसलिए आपको यहाँ पहुंचने में कोई भी दिक्कत नहीं होगी।

    (Disclaimer: लेख में दी गई जानकारियां विभिन्न स्रोतों से प्राप्त की गई हैं। newsdaily24 इस संबंध में कोई दावा नहीं करता है।)

  • चौधरी विजेंदर सिंह ने हर दरवाजे तक पहुंचा दिया चुनाव प्रचार अभियान

    आम आदमी पार्टी से पूर्व मेजर कैप्टन जोगेंद्र सिंह बीएसपी में शामिल

    बिजनौर/मवाना। लोकसभा चुनाव का पहला चरण जैसे जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे वैसे बसपा के बिजनौर लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी चौधरी विजेंदर सिंह ने अपने चुनाव प्रचार अभियान को हर दरवाजे तक पहुंचा दिया है।

    आज इसी कड़ी में चौधरी विजेंन्द्र सिंह ने अपने कार्यकर्ताओं व बसपा पदाधिकारियों के साथ मवाना विधानसभा क्षेत्र स्थित चुनाव कार्यालय में समीक्षा बैठक की और चुनावी तैयारीयों का जायजा लिया। उसके बाद वे बिजनौर विधानसभा पहुंचे जहां, लगभग दर्जन भर गांवों का दौरा किया और लोगों को जागरूक करते हुए वोट की अपील की।चौधरी विजेंदर सिंह किसानों द्वारा दिए जाने वाले टैक्स का मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि टैक्स देते तो हैं किसान लेकिन उन्हें लेकर दिल्ली नहीं जा सकते तो क्यों नहीं डबल इंजन की सरकार पिछले 10 साल का सारा टैक्स का पैसा वापस कर दे!
    उन्होंने आगे कहा की जो सुगमता शहरों में गाड़ी के लोन पर होती है, वही किसानों के ट्रेक्टर लेने पर क्यों नहीं! जहां भी चौधरी विजेंदर सिंह गए वहीं उनका भव्य स्वागत हुआ। सभी कार्यकर्ता और पदाधिकारी जोश में दिखे।

    चौधरी विजेंदर सिंह किसानों द्वारा दिए जाने वाले टैक्स का मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि टैक्स देते तो हैं किसान लेकिन उन्हें लेकर दिल्ली नहीं जा सकते तो क्यों नहीं डबल इंजन की सरकार पिछले 10 साल का सारा टैक्स का पैसा वापस कर दे!

    उन्होंने आगे कहा की जो सुगमता शहरों में गाड़ी के लोन पर होती है, वही किसानों के ट्रेक्टर लेने पर क्यों नहीं! जहां भी चौधरी विजेंदर सिंह गए वहीं उनका भव्य स्वागत हुआ। सभी कार्यकर्ता और पदाधिकारी जोश में दिखे।

    इससे पहले मवाना स्थित बसपा चुनाव कार्यालय पर आम आदमी पार्टी से पूर्व मेजर कैप्टन जोगेंद्र सिंह पार्टी में शामिल हुए। उन्होंने चौधरी विजेंदर सिंह को मजबूती से चुनाव लड़ाने का संकल्प किया।

  • वीआईपी भ्रमण कार्यक्रम के दृष्टिगत कार्यक्रम स्थल, हैलीपेड, पार्किंग व अन्य तैयारियों का निरीक्षण

    पुलिस व अर्द्धसैनिक बल के साथ एसपी ने किया एरिया डोमिनेशन

    बिजनौर। लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 को शांतिपूर्वक/निर्विघ्न/निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में सम्पन्न कराए जाने के दृष्टिगत बिजनौर पुलिस कृत संकल्पित है। पुलिस अधिकारी लगातार जनपद के विभिन्न स्थानों पर भ्रमण कर रहे हैं।

    इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने आमजन में सुरक्षा की भावना जागृत करने के उद्देश्य से स्थानीय पुलिस व अर्द्धसैनिक बल के साथ कस्बा नहटौर में एरिया डोमिनेशन किया।

    वहीं पुलिस अधीक्षक ने आगामी वीआईपी भ्रमण कार्यक्रम के दृष्टिगत थाना नहटौर क्षेत्रान्तर्गत कार्यक्रम स्थल, हैलीपेड, पार्किंग व अन्य तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य बिन्दुओं पर सर्व संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान क्षेत्राधिकारी, धामपुर मौजूद रहे।

  • भाजपा की महिला विधान परिषद सदस्य के पति के बागी सुर

    एमएलसी पति का वीडियो वायरल!  

    सांसद अनुराग शर्मा के लिए बजी खतरे की घंटी

    झाँसी | भाजपा की महिला विधान परिषद सदस्य के पति के बागी सुरों ने चुनाव के मद्देनजर सांसद अनुराग शर्मा के लिए खतरे की घंटी बजा दी है | उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वे सजातियों को सांसद के खिलाफ भड़काते सुने जा रहे हैं हालांकि जालौन टाइम्स इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता | एमएलसी सदस्य पति से उक्त वीडियो  के बारे में वर्जन लेने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन वे उपलब्ध नहीं हुए |

    विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन मूल रूप से जालौन जिले की निवासी हैं | पहली बार वे सपा के नेतृत्व से तार जोड़ कर राज्य के उच्च सदन में पहुंची थी | बाद में जब सपा सत्ता से अपदस्थ हो गई तो पाला बदल कर वे भाजपा में आ गईं और एक बार फिर विधान परिषद में स्थान पाने में सफल रहीं |

    रमा निरंजन के पति आरपी निरंजन झांसी में राजकीय पालीटेक्निक कालेज में प्रवक्ता रहे हैं, इसलिए उन्होंने अपना एक आवास झांसी में भी बनवा रखा है | सेवानिवृत्त होने के बाद पत्नी के जन संपर्क का मोर्चा वे ही सम्हालते हैं । वहीं उद्योगपति से सांसद बने अनुराग शर्मा के बारे में यह आम शिकायत है वे लोगों से जुड़ने के लिए उपलब्ध नहीं रह पाते | भाजपा नेतृत्व को भी इसके कारण सांसद के प्रति उनके क्षेत्र में लोगों में जबरदस्त असंतोष की खबर रही है, जिसको देखते हुए आरपी निरंजन ने उनके स्थान पर पार्टी की उम्मीदवारी झटकने का प्रयास किया था लेकिन बुंदेलखंड के सामाजिक समीकरणों और अनुराग शर्मा के धन बल के ग्लैमर के कारण उनका टिकट कटना संभव नहीं हो पाया !

    इसके चलते आरपी निरंजन बौखलाहट में आपा खो बैठे | उन्होंने टहरौली में सजातियों के बीच एक सभा में अनुराग शर्मा को लक्ष्य करते हुए कहा कि वे साढे 4 वर्ष हमें गाली दें और अब वोट मागने लगें, यह नहीं चलेगी | अगर उन्हें वोट लेना है तो हमारे यहाँ नाक रगड़े | अगर इस तरह का वायरल वीडिओ सही है तो आरपी निरंजन ने अनुराग विरोधी अपनी मुहिम को कुर्मी बिरादरी के स्वाभिमान से जोड़ने में कसर बाकी नहीं रखी है | वैसे भी बुंदेलखंड में इस बार राजनीतिक हवा बदली हुई है | कभी यह इलाका बसपा का गढ़ था लेकिन वर्तमान चुनाव में इस अंचल की चारों सीटों पर अभी तक वह लड़ाई से बाहर नजर आ रही है और उसका कोर वोटर बहुतायत में इंडि गठबंधन में शिफ्ट हो रहा है | झांसी में तो गठबंधन प्रत्याशी प्रदीप जैन को पीपुल्स कनेक्ट का महारथी माना जाता है, जिसके चलते पहले दिन से ही उनका चुनाव अभियान चौकड़ी भर रहा है | हालांकि भाजपा के सूत्र कह रहे हैं कि आरपी निरंजन की कथित बयानबाजी अनुराग शर्मा के लिए वरदान साबित हो रही है | आरपी निरंजन के भाषण से भड़के ब्राह्मण अनुराग शर्मा के साथ लामबंद हो उठे हैं जिससे उनके चुनाव की फिजा बदलने के आसार बन गए हैं | ~(साभार)

  • गठबंधन प्रत्याशी मनोज कुमार एवं विधायक नगीना पूर्व मंत्री मनोज कुमार पारस ने शाहबपुर रतन में किया डोर टू डोर जनसंपर्क एवं नुक्कड़ सभा

    जगह जगह हुई फूलों की बारिश

    अकेला ही चला था जानिब ए मंजिल, मगर लोग आते गए और कारवां बढ़ता गया

    बिजनौर। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस व पीडीए, इंडी गठबंधन से नगीना लोकसभा क्षेत्र से संयुक्त प्रत्याशी मनोज कुमार (पूर्व अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश) ने नगीना विधायक एवं पूर्व मंत्री मनोज कुमार पारस को साथ लेकर नगीना विधानसभा क्षेत्र के ग्राम शादीपुर में डोर टू डोर जनसंपर्क एवं मोहम्मद रईस भाई की बैठक पर एक नुक्कड़ सभा का आयोजन किया।

    सभा की अध्यक्षता वर्तमान ग्राम प्रधान प्रेम सिंह ने की, जबकि संचालन भूरे सिंह एससी एसटी प्रकोष्ठ एवं लोकसभा नगीना चुनाव प्रभारी समाजवादी पार्टी ने किया। भारी भीड़ की मौजूदगी में सभी ने मिलकर मनोज कुमार को फूलों से लाद दिया। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस पार्टी (INDI गठबंधन) के प्रत्याशी मनोज कुमार ने आने वाली 19 अप्रैल 2024 को साइकिल के सामने वाला बटन दबाकर भारी मतों से कामयाब बनाने की अपील की। इस अवसर पर जयपाल सिंह, ओम प्रकाश सिंह, राजेश सिंह, उमेश सिंह, नरेश कुमार, छोटे सिंह, मोहम्मद इस्लाम, चौधरी नरपाल सिंह, वसीम अहमद, हाजी मकबूल अहमद आदि ग्रामवासियों ने एकजुट होकर गठबंधन के पक्ष में वोट करने का एलान किया। इस दौरान शेख मोहम्मद जाहिद विधानसभा अध्यक्ष समाजवादी पार्टी, विजयपाल सिंह एससी एसटी प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष समाजवादी पार्टी, जयप्रकाश चंदेल प्रदेश सचिव एससी एसटी बाबा अंबेडकर वाहिनी समाजवादी पार्टी, ज्ञानेश्वर राजपूत उर्फ नीटू भाई जिला उपाध्यक्ष समाजवादी पार्टी, नजाकत अली कांग्रेस नेता कंभौर आदि पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी मनोज कुमार को भारी मतों से कामयाब बनाने की अपील की।

  • एक आरोपी फरार, तलाश में जुटी पुलिस

    बाइक सवार दो हमलावरों ने 28 मार्च को गोली मारकर की थी बाबा की हत्या

    पुलिस मुठभेड़ में मारा गया बाबा तरसेम सिंह का हत्यारा

    हरिद्वार। उत्तराखंड के नानकमत्ता डेरा प्रमुख जत्थेदार बाबा तरसेम सिंह की हत्या का मुख्य आरोपी शार्प शूटर अमरजीत उर्फ बिट्टू एनकाउंटर में मारा गया। उत्तराखंड एसटीएफ और हरिद्वार पुलिस ने थाना भगवानपुर क्षेत्र में मुठभेड़ में उसे मार गिराया। उधम सिंह नगर के श्री नानकमत्ता गुरुद्वारे में दो बाइक सवार हमलावरों ने 28 मार्च को गोली मारकर बाबा तरसेम सिंह की हत्या कर दी थी। घटना के समय बाबा रोज की तरह डेरे पर बैठे हुए थे। इस वारदात के बाद से बदमाश अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टू फरार चल रहा था। वहीं दूसरा आरोपी फरार हो गया। उसकी तलाश में STF और पुलिस जुटी हुई है।


    बाबा तरसेम सिंह लंबे समय से उधमसिंह नगर के प्रसिद्ध श्री नानकमत्ता साहिब गुरुद्वारे के कार सेवा प्रमुख थे। डीजीपी उत्तराखंड अभिनव कुमार ने बताया कि 28 मार्च की सुबह नानकमत्ता डेरा के प्रमुख तरसेम सिंह की हत्या कर दी गई थी। सोमवार देर रात उत्तराखंड पुलिस और STF को सूचना मिली कि बिट्टू अपने साथी के साथ उत्तराखंड से UP भागने की फिराक में है। इस इनपुट पर STF-पुलिस ने भगवानपुर क्षेत्र में उसकी घेराबंदी की। आरोपी ने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में बिट्टू को गोली लग गई। बिट्टू का एक साथी मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश की जा रही है।

    पूर्व आईएएस अधिकारी समेत 03 पर एफआईआर

    बताया गया है कि हत्या के लिए पूर्व आईएएस अधिकारी हरबंश सिंह चुघ के अलावा प्रीतम सिंह और बाबा अनूप सिंह के खिलाफ नानकमत्ता पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज है। कार सेवा के एक सेवादार जसबीर सिंह ने आरोप लगाया कि हरबंश सिंह चुघ और दो अन्य लोगों ने कार सेवा प्रमुख की हत्या की साजिश रची थी। उन्होंने यह भी कहा कि हत्या की साजिश में इन तीनों के अलावा और भी लोग शामिल हैं।

    ये आरोपी पुलिस गिरफ्त में

    नानकमत्ता पुलिस ने बाबा तरसेम सिंह की हत्या की साजिश रचने के आरोप में पीलीभीत के तुलापुर, बिलसंडा निवासी परगट सिंह को शनिवार देर रात खटीमा के मेलाघाट रोड, झनकईया से गिरफ्तार किया गया। वहीं, बाजपुर के केशोवाला मोड़ निवासी जसपाल सिंह भट्टी को रामपुर जेल रोड और बाजपुर के बन्नाखेड़ा निवासी सुखदेव सिंह गिल उर्फ सोनू गिल रविवार को बाजपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

    दोनों मुख्य आरोपी अमरजीत सिंह और सरबजीत सिंह फरार थे। पुलिस ने इन पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। हत्या की इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। अमरजीत सिंह बाइक पर पीछे बैठा था जबकि सरबजीत सिंह बाइक चला रहा था।

  • डिप्टी एसपी व आरआई होंगे जिम्मेदार

    यूपी के डीजीपी ने जारी किया आदेश

    अस्वस्थ या नशे के आदी पुलिसकर्मी से न कराएं स्कॉर्ट या गार्ड ड्यूटी

    लखनऊ। बीमार और नशेड़ी पुलिसकर्मी से स्कॉर्ट ड्यूटी लेने पर डिप्टी एसपी व आरआई जिम्मेदार होंगे। ऐसे पुलिसकर्मियों को शस्त्र देकर ड्यूटी न करवाई जाए। अस्वस्थ या नशे के आदी किसी पुलिसकर्मी से अगर स्कॉर्ट या गार्ड ड्यूटी कराई गई तो डिप्टी एसपी, पुलिस लाइंस और प्रतिसार निरीक्षक (आरआई) जिम्मेदार होंगे। डीजीपी प्रशांत कुमार ने इस बाबत मातहतों को आदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि सशस्त्र गार्ड ड्यूटी अत्यंत महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील होती है। इसमें कोई भी लापरवाही घातक हो सकती है।

    डीजीपी प्रशांत कुमार द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि बीते दिनों कुछ ऐसे प्रकरण सामने आए हैं, जहां महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील स्थलों पर लगाई गई सुरक्षा गार्ड/स्कॉर्ट ड्यूटी में तैनात कर्मियों की अनुशासनहीनता एवं असंतुलित व्यवहार से अप्रिय स्थिति उत्पन्न हुई। ऐसी घटनाओं से पुलिस की छवि धूमिल होती है। वहीं रक्षक के भक्षक हो जाने से जनता में असुरक्षा की भावना पनपती है। उन्होंने निर्देश दिया कि मानसिक रूप से परेशान किसी भी पुलिसकर्मी को अन्य पुलिसकर्मियों के साथ शस्त्र सहित ड्यूटी न लगाई जाए तथा बंदियों के साथ भी ड्यूटी लगाने में सतर्कता बरती जाए। ड्यूटी पर लगाने से पहले आरआई द्वारा गार्ड/स्कॉर्ट की संख्या, उनकी मानसिक स्थिति, व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्या आदि पता कर ली जाए। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि ड्यूटी करने वाला पुलिसकर्मी नशे का आदी न हो। यदि कोई कर्मी अस्वस्थ या किसी अन्य कारण से परेशान है तो उसे ड्यूटी से हटाकर उसकी समस्या का निराकरण कराया जाए।

  • लूट की योजना बनाते पुलिस ने धर दबोचा

    दो बदमाश, एक सिपाही घायल

    एनकाउंटर में पुलिस ने पकड़े चार बदमाश

    बिजनौर। थाना किरतपुर पुलिस व स्वाट सर्विलांस टीम ने मुठभेड़ के दौरान लूट की योजना बनाते 04 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ में दो बदमाश व एक सिपाही घायल हुए हैं। बदमाशों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 02 मोटरसाइकिल, 03 अवैध शस्त्र, 02 अवैध चाकू व ₹ 28,000 /- नगदी बरामद की गई।

    जानकारी के अनुसार रविवार रात लगभग 8:00 बजे नजीबाबाद रोड पर स्थित अमन कॉलोनी में कुछ बदमाश लूट की योजना बना रहे थे। इस सूचना पर थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह और स्वाट टीम प्रभारी जयवीर सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। वहां पहले से मौजूद बदमाशों ने पुलिस कर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस टीम की जवाबी फायरिंग में दो बदमाश घायल हो गए, जबकि स्वाट टीम के हेड कांस्टेबल परविंदर के दाएं हाथ में गोली लगी। वहीं थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह की बुलेट प्रूफ जैकेट में एक गोली लगी। पुलिस ने घेराबंदी कर पांचों बदमाशों को गिरफ्तार लिया। मुठभेड़ में घायल दोनों बदमाशों और घायल सिपाही को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन और एसपी सिटी संजीव वाजपेई तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे और घायल सिपाही परविंदर के स्वास्थ्य की जानकारी ली। पकड़े गए बदमाशों के नाम सोमपाल पुत्र मुंशीराम, श्याम पुत्र कमल, धारा पुत्र कमल, सूरज पुत्र राजकुमार निवासी अहमदगढ़ थाना झिंझाना जिला शामली तथा बंटी पुत्र बृजलाल निवासी थानूडेरा थाना झिंझाना जनपद शामली हाल निवासी गांव बल्दिया थाना हल्दौर बिजनौर बताए गए हैं। पुलिस की गोली से सोमपाल व बंटी घायल हुए हैं। पकड़े गए बदमाशों के खिलाफ कई थानों में काफी संख्या में मुकदमे दर्ज हैं। बदमाशों के कब्जे से अवैध तमंचे कारतूस चाकू, अन्य सामान व ₹ 28,000 /- नकदी बरामद हुए हैं।

    पूछताछ में उगली कई वारदात

    पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि उनके द्वारा दिनांक 29 मार्च 2024 को थाना अमरोहा नगर जनपद अमरोहा व दिनांक 06 मार्च 2024 को कस्बा व थाना धनौरा जनपद बिजनौर से महिला से चेन छीनी थी। दिनांक 28 मार्च 2024 को थाना धामपुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम जैतरा के निकट स्कूटी सवार महिला से रास्ता पूछने के बहाने से चेन झपटी थी। उक्त सम्बन्ध में थाना धामपुर पर मु०अ०सं० 161/24 धारा 392 भादवि पंजीकृत है। घटना में प्रयुक्त स्पलेन्डर मोटरसाइकिल उनके द्वारा जनपद पानीपत (हरियाणा) से चोरी की गई थी। अभियुक्त सोमपाल शातिर किस्म का अपराधी है, जिसके विरुद्ध उ0प्र0 सहित अन्य राज्यों के विभिन्न थानों पर लूट/चोरी सहित गम्भीर धाराओं में करीब एक दर्जन अभियोग पंजीकृत हैं। इनके अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है।

    ये हैं अभियुक्त

    1. सोमपाल पुत्र मुंशीराम निवासी ग्राम खेरी जुनारदार अहमदगढ थाना झिंझाना जनपद शामली।

    2. बन्टी पुत्र ब्रजलाल निवासी थानूडेरा थाना झिंझाना जनपद शामली हाल निवासी ग्राम बल्दिया थाना हल्दौर जनपद बिजनौर।

    3. श्याम पुत्र कमल सिंह निवासी थानूडेरा थाना झिंझाना जनपद शामली हाल निवासी ग्राम बल्दिया थाना हल्दौर जनपद बिजनौर।

    4. सूरज पुत्र रामकुमार निवासी थानूडेरा थाना झिझाना जनपद शामली हाल निवासी ग्राम बल्दिया थाना हल्दौर जनपद बिजनौर।

    5. बाल अपचारी (पुलिस अभिरक्षा में)

    अभियुक्त सोमपाल का आपराधिक इतिहास

    1. मु0अ0सं0 184/2023 धारा 392/411 भादवि थाना कोठी भार जनपद महाराजगंज।

    2. मु0अ0सं0 441/2023 धारा 3(1) गैंगस्टर एक्ट थाना कोठी भार जनपद महाराजगंज।

    3. मु0अ0सं0 152/23 धारा 3/25 आयुध अधिनियम थाना हल्दी जनपद बलिया।

    4. मु0अ0सं0 149/23 धारा 307/411/34 भादवि थाना हल्दी जनपद बलिया।

    5. मु0अ0सं0 348/23 धारा 379 भादवि थाना रसडा जनपद बलिया।

    6. मु0अ0सं0 410/23 धारा 379 भादवि थाना कोतवाली जनपद बलिया।

    7. मु0अ0सं0 375/23 धारा 392 भादवि थाना कोतवाली जनपद गाजीपुर।

    8. मु0अ0सं0 340/23 धारा 379 भादवि थाना चांदनीबाग जनपद पानीपत हरियाणा।

    9. मु0अ0सं0 161/24 धारा 392 भादवि थाना धामपुर जनपद बिजनौर।

    10. मु0अ0सं0 165/24 धारा 379 भादवि थाना अमरोहा नगर जनपद अमरोहा।

    गिरफ्तार करने वाली टीम –

    1. उदयप्रताप थानाध्यक्ष थाना किरतपुर जनपद बिजनौर।

    2. नि0 योगेश मावी थाना किरतपुर जनपद बिजनौर।

    3. उ0नि0 शिवकुमार कस्बा इंचार्ज थाना किरतपुर जनपद बिजनौर

    4. उ0नि0 जयप्रकाश सिंह भनेड़ा चौकी इंचार्ज थाना किरतपुर जनपद बिजनौर

    5. हे0 कां0 रुपक मलिक थाना किरतपुर जनपद बिजनौर।

    6. हे0 कां0 कपिल कुमार थाना किरतपुर जनपद बिजनौर।

    7. हे0 कां0 शाने आलम थाना किरतपुर जनपद बिजनौर।

    8. हे0 कां0 अमित कुमार थाना किरतपुर जनपद बिजनौर।

    9. कां0 सहदेव कुमार थाना किरतपुर जनपद बिजनौर

    स्वाट / सर्विलांस टीम –

    1. उ0नि0 जयवीर सिंह प्रभारी सर्विलांस टीम जनपद बिजनौर।

    2. हे0 कां० जोगेन्द्र कुमार सर्विलांस टीम जनपद बिजनौर।

    3. कां० विशाल चिकारा सर्विलांस टीम जनपद बिजनौर।

    4. कां0 सूजीत तोमर सर्विलांस टीम जनपद बिजनौर।

    5. हे0 कां0 परवेन्द्र चौधरी स्वाट टीम जनपद बिजनौर।

    6. कां० अचिन स्वाट टीम जनपद बिजनौर।

    7. कां० आकाश यादव स्वाट टीम जनपद बिजनौर।

    8. कां० अनिल कुमार स्वाट टीम जनपद बिजनौर।

    9. कां० हरेन्द्र स्वाट टीम जनपद बिजनौर।

  • बढ़ते भ्रष्टाचार को रोकने के लिए एकजुट होने की आवश्यकता

    संसद में तैयार हो कानून, बनाया जाए आयोग

    भ्रष्टाचार मुक्त भारत की मुहिम छेड़ेंगे स्वामी अंश चैतन्य महाराज

    बिजनौर। आदि शक्ति कामाख्या शक्ति पीठ महात्मा विदुर कुटी धाम के संस्थापक संचालक, राष्ट्रीय अध्यक्ष हिंदू युवा सेना, प्रदेश अध्यक्ष संत सुरक्षा मिशन एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी स्वामी अंश चैतन्य महाराज ने कहा कि भारत में बढ़ते भ्रष्टाचार को रोकने के लिए एकजुट होने की आवश्यकता है। 

    आप सभी लोगों के सहयोग से ही यह भ्रष्टाचार मुक्त भारत हो सकता है। उन्होंने कहा कि जिस अधिकारी के ऊपर 10 से 15 शिकायत हैं ,या दर्ज हो जाएं, उसको सरकार तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दे। इससे युवाओं को रोजगार भी मिलेगा और भ्रष्टाचार से मुक्ति भी मिलेगी। भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने के लिए आप सभी के सहयोग की आवश्यकता है। सब लोग सहयोग करें और अपने-अपने क्षेत्र के विधायकों और सांसदों से इस बात की मांग करें कि संसद में यह कानून पास हो कि जिस भी अधिकारी के ऊपर भ्रष्टाचार से संबंधित 10 से 15 शिकायत दर्ज हो जाएं, उसे तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले को लेकर वह राष्ट्रपति महोदय से मिलने के लिए समय लेंगे। राष्ट्रपति जी से मिलकर उनसे आग्रह करेंगे और ज्ञापन देंगे। एक आयोग तैयार हो, जिसमें आम जनता अपनी शिकायत दर्ज करवा सके और अपने शिकायत में सबूत दे सके।

  • पुलिस ने पकड़ा किराने का सामान तो सैंपल लेने पहुंची खाद्य विभाग की टीम

    सब कुछ पुलिस ही करे! खाद्य विभाग करेगा क्या?

    बिजनौर। कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस पर है। इसके बावजूद अन्य विभाग अपनी जिम्मेदारी सही से नहीं निभा रहे। इन्हीं में से एक है खाद्य विभाग।

    जानकारी के अनुसार मंडावली पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ई-रिक्शा में भरे किराने का सामान पकड़ लिया। नकली होेने के संदेह पर पुलिस सामान से भरी ई-रिक्शा को थाने ले गई। सूचना पर पहुंची खाद्य विभाग की टीम ने जांच के लिए कई खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए। बताया गया है कि मंडावली थाना के सामने एसआई हरिओम गौतम ने मुखबिर की सूचना पर एक ई-रिक्शा में भरे किराने के सामान को जब्त कर लिया। पुलिस सामान के नकली होने की आशंका पर मिर्जापुर सैद अहमद किराने स्टोर पर जा रहे नौ कट्टे मिल्क पाउडर, 10 बैग कृष्ण भोग आटा, मयूर वनस्पति के पांच डब्बों को जब्त कर थाने ले गई। किराना स्टोर स्वामी नजीबाबाद ओम इंटरप्राइजेज से सामान ई-रिक्शा में भरकर ला रहा था। सूचना पर खाद्य निरीक्षक संजीव सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश यादव मंडावली थाने पहुंचे और जांच के लिए मिल्क पाउडर, कृष्ण भोग आटा, मयूर वनस्पति के सैंपल लिए। खाद्य विभाग की टीम ने कहा कि सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। नकली सामान होने पर ही कार्रवाई की जाएगी। सैंपल लेने के बाद सामान किराना स्टोर स्वामी को सौंप दिया गया।

  • विभिन्न सुधार गृहों में रह रहे हैं 196 बच्चे

    पश्चिम बंगाल की जेलों में महिला कैदी हो रहीं प्रेग्‍नेंट


    कलकत्ता हाईकोर्ट में दायर एक रिपोर्ट में बताया गया कि पश्चिम बंगाल की जेलों में गर्भवती महिला कैदियों की तादाद लगातार बढ़ रही है। आंकड़ों के मुताबिक, 2023 तक जेल में बंद महिला कैदियों ने 196 बच्चों को जन्म दिया। केंद्र और तमाम राज्य सरकारें महिला सुरक्षा के लंबे-चौड़े दावे करती रही हैं।

    कोलकाता (एजेंसी)। पश्चिम बंगाल की जेलों में महिला कैदियों के प्रेग्‍नेंट होने का मुद्दा कोर्ट तक पहुंच गया है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस मामले को आपराधिक खंडपीठ को स्थानांतरित करने का आदेश दिया, जिसमें न्याय मित्र ने दावा किया था कि पश्चिम बंगाल के सुधार गृहों में बंद कुछ महिला कैदी गर्भवती हो रही हैं और 196 बच्चे इस तरह के विभिन्न सुधार गृहों में रह रहे हैं।

    वकील तापस कुमार भांजा को जेलों में कैदियों की अधिक संख्या पर 2018 के स्वत: संज्ञान मामले में अदालत द्वारा न्यायमित्र नियुक्त किया गया था। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष इन मुद्दों और सुझावों वाला एक ज्ञापन दाखिल किया। पीठ ने कहा; न्यायमित्र ने दावा किया है कि महिला कैदी हिरासत में गर्भवती हो रही हैं। ज्ञापन में कहा गया कि पश्चिम बंगाल की विभिन्न जेल में लगभग 196 बच्चे रह रहे हैं। तापस कुमार ने सुधार गृहों के पुरुष कर्मचारियों के महिला कैदियों की जेल में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का सुझाव दिया। खंडपीठ में न्यायमूर्ति सुप्रतिम भट्टाचार्य भी शामिल थे। मुख्य न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि इस संबंध में उचित आदेश के लिए मामला उनके समक्ष रखा जाए।
    अदालत ने निर्देश दिया, “इन सभी मामलों पर प्रभावी निर्णय लेने के लिए, हम इसे उचित मानते हैं कि मामले को आपराधिक रोस्टर निर्धारण वाली माननीय डिवीजन बेंच के समक्ष रखा जाना चाहिए।” मुख्य न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि इस संबंध में उचित आदेश के लिए मामला उनके समक्ष रखा जाए।

  • हिन्दू नव वर्ष पूजा-पाठ की दृष्टि से माना जाता है बहुत ही महत्वपूर्ण

    चैत्र शुक्ल प्रतिपदा मंगलवार 09 अप्रैल 2024 को नव वर्ष 2081 शुरू

    09 दिन तक मां दुर्गा की पूर्ण श्रद्धा से की जाएगी पूजा

    हिंदू धर्म में नव वर्ष विक्रम संवत चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि से आरंभ होता है. इस बार आज 09 अप्रैल से नव विक्रम संवत्सर 2081 आरंभ हो गया है। साथ ही इस दिन से ही चैत्र नवरात्रि भी आरंभ है। इस नवसंवत्सर 2081 को काल युक्त नामक संवत्सर के रूप में जाना जाएगा।

    हिंदू नववर्ष का प्रारंभ चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से माना जाता है। इसे हिंदू नव संवत्सर या नया संवत भी कहते हैं। ऐसी मान्यता है कि भगवान ब्रह्मा ने इसी दिन से सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी। इसी दिन से विक्रम संवत के नए साल की शुरुआत होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार हिंदू नववर्ष की शुरुआत मंगलवार 09 अप्रैल 2024 से हो रही है।

    हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा अर्थात मंगलवार 09 अप्रैल 2024 को नव वर्ष 2081 शुरू हो गया है।
    ब्रह्म पुराण के अनुसार, ब्रह्मा जी ने सृष्टि का आरंभ इसी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन से किया था। महापराक्रमी सम्राट विक्रमादित्य ने अपने नाम से संवत्सर का प्रारंभ भी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन से किया, इसलिए इस संवत्सर को विक्रमी संवत्सर भी कहा जाता है।
    हमारे धार्मिक कार्यों में सूर्य का बहुत ही प्रमुख स्थान माना गया है तो वहीं चंद्रमा का स्थान भी कम महत्वपूर्ण नहीं है। जीवन के मुख्य आधार वनस्पतियों को चंद्रमा से ही सोमरस की प्राप्ति होती है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के लिए चंद्र की कला का प्रथम (परेवा) दिन होता है, इसलिए हमारे ऋषियों ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन को नव वर्ष के लिए सर्वथा उपयुक्त माना है। भगवान श्रीराम ने चैत्र शुक्ल की नवमी के दिन जन्म लिया था, जिससे इस माह का और भी महत्व बढ़ जाता है। ज्योतिष गणना के अनुसार, हिन्दू नव वर्ष का पहला दिन जिस भी दिवस पर पड़ता है, पूरा साल उस ग्रह का स्वामित्व माना जाता है। हिन्दू नव वर्ष पूजा-पाठ की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। हिन्दू नव वर्ष की शुरुआत चैत्र महीने में होती है और बसंत ऋतु का आगमन होता है। चैत्र माह और हिन्दू नव वर्ष का पहला त्योहार नवरात्रि पड़ता है, जिसमें 9 दिन तक मां दुर्गा की पूर्ण श्रद्धा से पूजा की जाती है।

  • Panchang: हिंदू नववर्ष, चैत्र नवरात्रि आज से शुरू

    हिंदू नववर्ष: चैत्र नवरात्रि के पहले दिन शैलपुत्री की पूजा

    कलश स्थापना मुहूर्त, राहुकाल, दिशाशूल

    चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि मंगलवार 09 अप्रैल 2024 को हिन्दू नववर्ष है। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से हिंदू नव वर्ष की शुरुआत होती है। यह विक्रम संवत् 2081 है, इसके राजा मंगल और मंत्री शनि हैं।
    कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त हैं। एक मुहूर्त सूर्योदय के समय सुबह 06:02 से प्रारंभ है।
    आज का पंचांग 9 अप्रैल 2024: आज चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि से हिंदू नववर्ष का प्रारंभ हो गया है। यह विक्रम संवत् 2081 है, इसके राजा मंगल और मंत्री शनि हैं। आज से चैत्र नवरात्रि का प्रारंभ हुआ है। आज चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि, रेवती नक्षत्र, वैधृति योग, किंस्तुघ्न करण, उत्तर दिशाशूल और मंगलवार का दिन है। आज कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की पूजा होती है। पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त हैं। एक मुहूर्त सूर्योदय के समय से ही यानी 06:02 से प्रारंभ है, जबकि दूसरा मुहूर्त दिन में अभिजीत मुहूर्त में है।

    शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करने के साथ ही मां दुर्गा का आह्वान करते हैं। उसके बाद से शैलपुत्री की पूजा करें। जो लोग सोमवार का व्रत थे, वे सूर्योदय के बाद तुलसी के पत्ते खाकर पारण कर लें। उसके बाद नवरात्रि का व्रत प्रारंभ कर लें। इस बार मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर आई हैं, इससे सत्ता परिवर्तन के संकेत हैं। इस बार की चैत्र नवरात्रि 9 दिन की है। राम नवमी के दिन ही पारण और हवन होगा।

    मंगलवार के दिन हनुमान जी की भी पूजा करते हैं। वीर हनुमान जी को लड्डू का भोग लगाएं और सिंदूर का चोला अर्पित करें। हनुमान चालीसा का पाठ करें। बजरंगबली की कृपा से आपके जीवन के सभी संकट दूर होंगे। मंगलवार का व्रत और हनुमान जी की पूजा करने से कुंडली का मंगल दोष भी दूर होता है। पंचांग से जानते हैं आज का शुभ मुहूर्त, योग, सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, चंद्रास्त, राहुकाल, दिशाशूल आदि.

    आज का पंचांग, 9 अप्रैल 2024
    आज की तिथि- प्रतिपदा – 08:30 शाम तक, फिर द्वितीया तिथि। आज का नक्षत्र- रेवती – 07:32 सुबह तक, उसके बाद अश्विनी – 05:06 सुबह, 10 अप्रैल तक। आज का करण- किंस्तुघ्न – 10:08 सुबह तक, बाद में बालव। आज का पक्ष- शुक्ल। आज का योग- वैधृति – 02:18 दोपहर तक, फिर विष्कम्भ। आज का दिन- मंगलवार। चंद्र राशि- मीन – 07:32 सुबह तक, फिर मेष राशि में।

    सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय- चंद्रास्त
    सूर्योदय- 06:02 सुबह। सूर्यास्त- 06:44 शाम। चन्द्रोदय- 06:14 सुबह। चन्द्रास्त- 07:34 शाम। अभिजीत मुहूर्त- 11:57 सुबह  से 12:48 दोपहर तक। ब्रह्म मुहूर्त- 04:31 सुबह से 05:17 सुबह तक।

    चैत्र नवरात्रि 2024 के शुभ मुहूर्त और योग
    कलश स्थापना मुहूर्त सुबह 06:02 से सुबह 10:16 तक। कलश स्थापना मुहूर्त दोपहर 11:57 बजे से 12:48 बजे तक। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 07:32 से सुबह 05:06 तक, 10 अप्रैल अमृत सिद्धि योग: सुबह 07:32 बजे से कल सुबह 05:06 बजे तक। गजकेसरी योग सुबह 07:32 बजे से।

  • मानवाधिकार परिषद ने किया कैदियों और बंदियों को जरूरत का सामान वितरित

    जेल में बंद सभी लोग दोषी नहीं होते: मौलाना अनवारुल हक

    बिजनौर। मानवाधिकार परिषद ने पूर्व वर्ष की तरह इस साल भी जिला कारागार बिजनौर में कैदियों और बंदियों को जरूरत का सामान वितरित किया। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष मौलाना अनवारुल हक ने कहा कि जेल में बंद सभी लोग दोषी नहीं होते, यह अदालत तय करती है कि कौन दोषी है कौन निर्दोष!

    मौलाना अनवारुल हक ने कहा कि जेल के बाहर हम अपने हैसियत अनुसार मदद करते हैं, लेकिन जेल में बंद लोगों की कोई मदद नहीं करता, जबकि हमारी मदद के सबसे ज्यादा हकदार जेलों में बंद लोग हैं। विश्व मानवाधिकार परिषद देशभर में कैदियों की मदद के साथ-साथ निर्दोष बंदियों के नि:शुल्क मुकदमे लड़ने का कार्य भी करता है। उन्होंने कहा कि अदालत से रिहा होने के बाद भी कुछ लोग जेलों में लंबे समय से सिर्फ इसलिए बंद है क्योंकि वह जुर्माना अदा नहीं कर सके और ऐसे लोगों की देश में बड़ी तादाद है, मगर लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। अगर सब लोग मिलकर कोशिश करें तो उनको रिहा कराना कोई मुश्किल काम नहीं है। प्रदेश सचिव ठेकेदर शहाबुद्दीन प्रधान ने कहा कि जेल में बंद व्यक्ति के लिए मदद के सभी रास्ते बंद होते हैं। हमें चाहिए कि हम के प्रशासन से मिलकर जो भी सहयोग हो सके वह करते रहें। जिला महासचिव एडवोकेट मोहम्मद मोहसिन ने कहा कि हम रमजान के पवित्र माह में ईद की तैयारी करते हैं, मगर जेल में बंद लोगों को और विशेष तौर पर उनके परिवार वालों को भूल जाते हैं कि उनका भी हमारे ऊपर कोई हक है या नहीं।

    इस मौके पर जेल अधीक्षक आदिति श्रीवास्तव, जेलर रविन्द्रनाथ, संगठन के मुरादाबाद मंडल यूथ अध्यक्ष मोहम्मद अदिल, शाहिद प्रधान, कारी मोहम्मद अजमल, विवेक चौधरी, हारुन अंसारी, अखिलेश वर्मा, मोहम्मद अशफ़, कारी शाहनवाज, कृष्णा चौधरी, कारी मोहम्मद नदीम मोहम्मद वसीम, मास्टर मो. राशिद वकार अहमद, मो. अशरफ, मो. अफ़ज़ल, मौलाना गुलफाम, शफीक बिजनौरी, शाह आलम, सुलेमान ठेकेदार हाफ़िज़ आमिल आदि मौजूद रहे।

  • सपा में अनवरत जारी है टिकट बदलने का खेल

    लखनऊ में भी जोरों पर है प्रत्याशी बदलने की सुगबुगाहट

    कार्यकर्ता तक कंफ्यूज: आखिरकार प्रत्याशी कौन?

    लखनऊ। समाजवादी पार्टी में लखनऊ में भी प्रत्याशी बदलने की सुगबुगाहट जोरों पर है! हाल ही में पार्टी ने रामपुर, मुरादाबाद और मेरठ में इतनी बार टिकट बदले कि उसके कार्यकर्ता अब तक कंफ्यूज हैं कि उनका प्रत्याशी आखिरकार है कौन और कौन हो जाएगा? अब सूत्र दावा कर रहे हैं कि सपा मुखिया अखिलेश यादव लखनऊ प्रत्याशी भी बदलने की फिराक में हैं।

    लोकसभा चुनाव नजदीक होने के बावजूद समाजवादी पार्टी में टिकट बदलने का खेल जारी है। हालत ये हो गई है कि सपा में कब, किसका टिकट कट जाए और कटकर दोबारा मिल जाए और फिर काट कर किसी और को थमा दिया जाए, कोई पक्का भरोसा नहीं है। हाल ही में सपा ने रामपुर, मुरादाबाद और मेरठ में इतनी बार टिकट बदले कि उसके कार्यकर्ता अब तक कंफ्यूज हैं कि आखिरकार उनका प्रत्याशी है कौन? अब लखनऊ का प्रत्याशी बदलने की अटकलें लगाई जा रही हैं!

    सूत्रों का दावा है कि लखनऊ के सपा प्रत्याशी रविदास मेहरोत्रा से पार्टी मुखिया अखिलेश यादव नाराज हैं। वजह ये बताई जा रही है कि रविदास मेहरोत्रा अपने लोकसभा क्षेत्र में सही तरीके से प्रचार नहीं कर रहे हैं। उनकी जगह लव भार्गव समेत कई नाम रेस में हैं।

    टिकट बदलने का खेल अनवरत जारी

    सपा ने मेरठ में पहले दलित चेहरा भानु प्रताप को उम्मीदवार बनाया। उसके बाद सपा विधायक अतुल प्रधान को टिकट दिया और उसके कुछ ही घंटों बाद योगेश वर्मा की पत्नी सुनीता वर्मा को टिकट दे दिया। वहीं बागपत में जाट बिरादरी के मनोज चौधरी को टिकट दिया, फिर काटकर अमरपाल शर्मा को टिकट दिया। बदायूं में पहले धर्मेंद्र यादव और बाद में शिवपाल यादव को टिकट दिया गया। अब शिवपाल के बेटे आदित्य यादव के नाम की चर्चा है। गौतमबुद्ध नगर से पहले महेंद्र नागर को प्रत्याशी बनाया फिर उनकी जगह राहुल अवाना को टिकट दिया। बाद में फिर से महेंद्र नागर को उम्मीदवार बना दिया। 24 मार्च को मुरादाबाद से एसटी हसन को टिकट दिया। उन्होंने 26 को पर्चा भी भर दिया।अगले ही दिन आजम खान गुट की रुचि वीरा को सिंबल देकर नामांकन करवा दिया गया। इसी तरह रामपुर सीट पर पहले आजम के करीबी असीम राजा को टिकट की चर्चा थी, लेकिन बाद में दिल्ली पार्लियामेंट स्ट्रीट जामा मस्जिद इमाम मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी को टिकट दे दिया गया।

    यूपी में है सपा-कांग्रेस गठबंधन

    उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में गठबंधन है। इसमें सपा 63 और कांग्रेस 17 सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस अभी तक सभी सीटों पर प्रत्याशी नहीं उतार पाई है, वहीं सपा में बार-बार प्रत्याशी बदले जा रहे हैं।

  • नहटौर, धामपुर एवं स्योहारा क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न मतदान केन्द्रों का निरीक्षण

    लोकसभा चुनाव को लेकर भ्रमण पर डीएम एसपी

    बिजनौर। जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल व पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 के दृष्टिगत रविवार को भ्रमण पर निकले। दोनों अधिकारियों ने थाना नहटौर, धामपुर एवं स्योहारा क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न मतदान केन्द्रों का भ्रमण/निरीक्षण किया । इस दौरान सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित कराए जाने के संबंध में संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही क्षेत्रीय लोगों से वार्ता की गई। इस दौरान अन्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

    यूपी यूके के पुलिस अधिकारियों की बैठक

    अपर पुलिस अधीक्षक नगर संजीव कुमार वाजपेई द्वारा कोटद्वार में लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 की तैयारियों के परिप्रेक्ष्य में उ0प्र0 और उत्तराखण्ड राज्य के सीमावर्ती जनपद के पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय गोष्ठी आयोजित कर संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

  • रिजर्व पुलिस लाइन्स में तीन दिवसीय अन्तर्जनपदीय खेल प्रतियोगिताओं का समापन

    बरेली जोन के सभी 08 जनपदों की टीमों ने किया प्रतिभाग

    विजेता अब जोनल प्रतियोगिता में दिखाएंगे दमखम

    जीते अन्तर्जनदीय, अब जोनल प्रतियोगिता की तैयारी

    पुरुष वॉलीबाल में बिजनौर, पुरुष टेबल टेनिस में अमरोहा और महिला टेबल टेनिस में मुरादाबाद की टीम ने फहराई विजय पताका 

    बिजनौर। रिजर्व पुलिस लाइन्स में आयोजित तीन दिवसीय अन्तर्जनपदीय खेल प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने अपना दमखम दिखाया। पुरुष वॉलीबाल में बिजनौर, पुरुष टेबल टेनिस में अमरोहा और महिला टेबल टेनिस में मुरादाबाद की टीम ने विजय पताका फहराई। अब तैयारी जोनल प्रतियोगिता की है।

    रिजर्व पुलिस लाइन्स बिजनौर में 05 से 07 अप्रैल 2024 तक आयोजित तीन दिवसीय अन्तर्जनपदीय खेल प्रतियोगिताओं का समापन डीआईजी मुरादाबाद ने किया।

    बरेली जोन बरेली वर्ष-2024 की इन खेल प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने अपने हुनर और काबिलियत का लोहा मनवा दिया।

    पुरुष वॉलीबाल में बिजनौर, पुरुष टेबल टेनिस में अमरोहा और महिला टेबल टेनिस में अमरोहा की टीम ने विजय पताका फहराई।

    रिजर्व पुलिस लाइन में अन्तर्जनपदीय खेल प्रतियोगिताओं के दौरान वॉलीबाल, बास्केटबाल, हैण्डबाल, टेबिल टेनिस, सेपक टकरा एवं योगा प्रतियोगताओं का आयोजन किया गया।

    प्रतियोगताओं में बरेली जोन के सभी 08 जनपदों की टीमों ने भाग लिया। इनमें प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों की संख्या कुल 150 रही।

    कुशल निर्णायकों एवं चयन समिति की संस्तुति के आधार पर जोनल प्रतियोगिता हेतु जनपदों से खिलाड़ियों का चयन उनकी प्रतिभा एवं कुशलता को दृष्टिगत रखते हुए किया गया।

    पुरुष वॉलीबाल में बिजनौर अव्वल

    पुरुष वॉलीबाल का प्रथम मैच जनपद बिजनौर व मुरादाबाद के बीच फाइनल मैच खेला गया। इसमें बिजनौर की टीम ने 03-00 से विजय प्राप्त की।

    अमरोहा ने पुरुष टेबल टेनिस में बाजी मारी

    पुरुष टेबल टेनिस का फाइनल मैच जनपद अमरोहा व बरेली के बीच खेला गया। इसमें कड़े मुकाबले के बीच अमरोहा की टीम ने विजय प्राप्त की।

    महिला टेबल टेनिस में मुरादाबाद को मिली विजय

    महिला टेबल टेनिस का प्रथम मैच जनपद मुरादाबाद व बरेली के बीच खेला गया। इसमें मुरादाबाद ने विजय प्राप्त की।

  • योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट एवं इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन की मुहिम

    जेल में कैदियों, बंदियों, स्टाफ ने किया योगासन और प्राणायाम

    बिजनौर। योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट एवं इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन इकाई जनपद बिजनौर के द्वारा जिला कारागार में कैदियों, बंदियों एवं समस्त स्टाफ को योगासन और प्राणायाम कराया गया।

    सोमदत्त शर्मा ने वॉकिंग जोकिंग एवं एक्सरसाइज कराई। ओपी शर्मा जिला अध्यक्ष इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन ने हास्यासन एवं प्राकृतिक चिकित्सा के बारे में विस्तार से वर्णन किया। पतंजलि प्रभारी राम सिंह पाल ने प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम, अनुलोम विलोम, उज्जाई प्राणायाम, अग्निसार कराया। डॉक्टर गजेंद्र कुमार शर्मा ने अनावश्यक दवाइयां का प्रयोग हानिकारक बताते हुए कहा कि दवाई किसी एक्सपर्ट चिकित्सक की देखरेख में लेनी चाहिए। अनावश्यक दवाई जीवन के लिए हानिकारक हो सकती है, इसलिए किसी अच्छे चिकित्सक से परामर्श कर दवाइयां का प्रयोग करना चाहिए।

    योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट एवं इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ नरेंद्र सिंह ने सूर्य नमस्कार, वृक्षासन, ताड़ासन, पश्चिमोत्तानासन, स्कंद आसान, अर्ध मत्स्येंद्रासन, उत्तानपादासन, हल आसान, भुजंगासन, धनुरासन, मयूरासन, मार्जरी आसन एवं चक्रों का जागरण ध्यान कराया। डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने कहा कि पाप बुरा होता है पापी नहीं। उन्होंने कैदियों से कहा कि जिस गलती के कारण आप यहां आए हैं, वह गलती दोबारा नहीं होनी चाहिए। यहां से बाहर जाने के बाद अपने परिवार का अपने समाज का अपने राष्ट्र का कार्य करना चाहिए। इस अवसर पर जिला जेलर रविंद्रनाथ ने सभी योगाचार्य को कैदियों एवं जेल के स्टाफ को योग कराने के लिए धन्यवाद दिया।

  • राजपत्रित अधिकारी/थाना प्रभारियों को कड़े निर्देश

    चुनाव और त्योहारों को लेकर सतर्क रहे पुलिस: एसपी

    बिजनौर। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन के सभागार कक्ष में जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारी/थाना प्रभारियों के साथ लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 के दृष्टिगत गोष्ठी आयोजित की गई।

    गोष्ठी में एसपी ने निरोधात्मक कार्यवाही, हिस्ट्रीशीटर का सत्यापन, मतदान केन्द्रों का भ्रमण/निरीक्षण, अन्तर्राज्यीय बैरियर चेकिंग, आगामी त्योहारों आदि की समीक्षा कर सर्वसंबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

    पुलिस ने जारी किया हेल्प लाइन नंबर 9258994566

    इस बीच Bijnor Police द्वारा आगामी लोकसभा सामान्य निर्वाचन 2024 के दृष्टिगत सर्वसाधारण के लिए सूचना जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि दिनांक 16 मार्च 2024 से आदर्श आचार संहिता लागू हुई है। इस संबंध में बिजनौर पुलिस द्वारा हेल्पलाइन नम्बर 9258994566 जारी किया गया है। यदि किसी भी व्यक्ति को चुनाव के दृष्टिगत आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने वाला कोई आपत्तिजनक एसएमएस या व्हाट्सएप मैसेज प्राप्त होता है, तो हेल्पलाइन नम्बर 9258994566 पर फॉरवर्ड/व्हाट्सएप कर सकते हैं तथा कॉल करके अवगत करा सकते हैं। आपकी शिकायत को अत्यन्त गंभीरता से लिया जायेगा तथा उस पर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। शिकायत दर्ज कराने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।

  • बिना अनुमति चुनावी सभा करने का आरोप

    मुरादाबाद के सिविल लाइंस थाने में दर्ज हुआ केस

    गठबंधन प्रत्याशी रुचि वीरा के खिलाफ मुकदमा दर्ज

    मुरादाबाद। बढ़ापुर संसदीय क्षेत्र से सपा कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी रुचि वीरा के खिलाफ थाना सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज किया गया है।
    रुचि वीरा पर आरोप है कि उन्होंने थाना सिविल लाइन अंतर्गत चौराहा डिप्टी गंज बलदेव इंटर कॉलेज के निकट उमाकांत गुप्ता के आवास पर बिना अनुमति एक सभा की जिसमें 50 से 60 लोग उपस्थित थे।

    फाइल फोटो

    रुचि वीरा पर दर्ज किए गए मुकदमे के विषय में जानकारी देते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि सपा प्रत्याशी द्वारा सिविल लाइन थाना क्षेत्र में रात्रि के समय 50-60 लोगों को साथ लेकर सभा की जा रही थी। सूचना मिलने पर जब पुलिस प्रशासन की टीम वहां पहुंची तो सपा प्रत्याशी रुचि वीरा उपस्थित लोगों को संबोधित कर रही थीं। पूछने पर पता चला कि उनके पास सभा की अनुमति भी नहीं थी। इसे आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस प्रशासन पर इसके तमाम प्रमाण मौजूद हैं। उसी के आधार पर उनके खिलाफ चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किए जाने का मुकदमा दर्ज किया गया है।

    जिला निर्वाचन अधिकारी मानवेंद्र सिंह ने सभी प्रत्याशियों से अनुरोध किया है कि वह चुनाव आचार संहिता का कड़ाई से पालन करना सुनिश्चित कर लें ,अन्यथा शिकायत मिलने पर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से भी अनुरोध किया है कि यदि किसी भी प्रत्याशी द्वारा चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने से संबंधित कोई सूचना है तो तत्काल व्हाट्सएप के माध्यम से जानकारी दें। एफएसटी प्रभारी उमेश कुमार त्रिवेदी की तहरीर पर सपा प्रत्याशी रुचि वीरा पर मुकदमा दर्ज किया गया है। उमेश कुमार त्रिवेदी ने बताया कि जब वहां टीम पहुंची तो सपा प्रत्याशी उपस्थित लोगों को संबोधित कर रही थीं और वहां कुछ लोग खाने के इंतजाम में जुटे हुए थे।

  • बिल्डर की दबंगई से उपजा गुस्सा, लोकसभा चुनाव बहिष्कार का ऐलान!

    मेरठ में भाजपा प्रत्याशी का भारी विरोध, जमकर हंगामा

    मेरठ। पल्लवपुरम में भाजपा प्रत्याशी अरुण गोविल का जमकर विरोध हुआ। पल्लवपुरम वासियों ने अरुण गोविल और अमित अग्रवाल मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए जमकर हंगामा किया। साथ ही प्रत्याशी अरुण गोविल के प्रचार रथ के आगे पोस्टर लेकर खड़े हो गए।

    रोड शो के दौरान प्रचार रथ पर भाजपा प्रत्याशी के साथ कैंट विधायक अमित अग्रवाल, मेयर हरिकांत अहलूवालिया, एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज सवार थे। सभी ने अक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं था। बीजेपी प्रत्याशी अरुण गोविल अपने काफिले के साथ जनसंपर्क और प्रचार करने कैंट विधानसभा क्षेत्र पल्लवपुरम पहुंचे थे। बताया गया है कि पल्लवपुरम वासियों ने लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का भी ऐलान किया!

    वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने भी हंगामा और नारेबाजी कर रहे लोगों को खूब समझाया लेकिन वो नहीं माने। काफी मशक्कत के बाद जैसे-तैसे लोगों को हटा कर प्रचार रथ को आगे भेजा जा सका।

    आरोप है कि पल्लवपुरम इलाके में एक बिल्डर जबरन दीवार तोड़कर रास्ता बना रहा है। इसको लेकर सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसाइटी का एक महीने से धरना चल रहा है। वहां के लोगों ने बताया कि जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों से भी बात की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इसी बात को लेकर नाराजगी उपजी। इसी कारण जगह जगह लोकसभा चुनाव बहिष्कार के पोस्टर लगाने शुरू कर दिए गए!

  • बिजनौर के चांदपुर और नगीना में मुख्यमंत्री ने की चुनावी जनसभा

    किसानों को ही बना देंगे चीनी मिलों का मालिक: योगी आदित्यनाथ

    अब UP में नहीं होता दंगा : योगी आदित्यनाथ

    बिजनौर। मुख्यमंत्री ने बिजनौर को महात्मा विदुर की धरती के नाम से संबोधित कर नमन करते हुए कहा कि यह वर्षों से उपेक्षित थी, जिसका एनडीए गठबंधन ने विकास किया। यहां का पौराणिक महाभारतकालीन इतिहास हमारी भारतीय संस्कृति की पहचान है। गंगा मैय्या यहां विराजमान है। गंगा हमारी आत्मा है। इसकी शुद्धि के लिए हमने नमामि गंगे अभियान चलाया और हमने खुद बिजनौर से बलिया तक यात्रा निकाली। 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजनौर लोकसभा के चांदपुर और नगीना में चुनावी जनसभाओं को संबोधित करते हुए भाजपा गठबंधन के लिए मतदान की अपील की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा और रालोद का गठबंधन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीसरी बार देश की बागडोर सौंपने के लिए हुआ है। पिछले दस वर्षों में देश में जो विकास कार्य और ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं, उनका डंका पूरा विश्व में बज रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में ऐसा पहली बार हो रहा है जब किसान किसी सरकार के एजेंडे में शामिल हैं। किसानों की ऋण माफी, सम्मान निधि के साथ साथ तमाम किसान हित की योजनाएं चलाई जा रही है। प्रधानमंत्री ने किसानों के मसीहा को भारत रत्न देकर किसानों को सम्मान दिया है। पहले किसानों को कोई सुविधा नहीं मिलती थी। गन्ने का भुगतान दस दस वर्षों में होता था। आज प्रदेश की 120 में से 105 मिलें सात दिन में गन्ना मूल्य का भुगतान कर रही हैं। बाकि 15 मिलों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। जो मिलें किसानों का भुगतान नहीं करेंगी उन्हें नीलाम करके किसानों को ही उनका मालिक बना दिया जाएगा।

    योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में दंगा नहीं होता न ही कोई खतरा है। पांच साल पहले गुंडे बदमाशों के डर से बेटी, व्यापारी और नागरिक प्रदेश से पलायन करते थे आज गुंडे बदमाश प्रदेश से पलायन कर गए हैं। उन्होंने कहा यदि प्रदेश में सुरक्षा का माहौल चाहिए, दंगे नहीं चाहिए, तो भाजपा का साथ आपको पकड़े रखना होगा। पांच साल पहले किसी ने नहीं सोचा था कि कश्मीर आतंक मुक्त हो जाएगा। अयाेध्या में राम मंदिर बन जाएगा। लेकिन ये सब भाजपा ने साकार कर दिया। इस कायाकल्प और शक्ति का आधा्र आपका एक वोट है। वैश्विक मंच पर रोजाना भारत का नाम छाया रहता है। पुलवामा हमले के बाद भारत की एयर स्ट्राइक को ब्रिटेन के प्रमुख समाचार पत्र द गार्डियन ने अब प्रकाशित किया है। कहा है कि पाकिस्तान में दो साल पहले बीस आतंकवादी मारे गए थे। भारत की आतंकवाद के विरुद्ध जीरो टालरेंस नीति को अब दुनिया के तमाम देश अपना रहे हैं। सभा का संचालन पूर्व विधायक कमलेश सैनी ने किया। भाजपा लोकदल गठबंधन प्रत्याशी चंदन चौहान, पश्चिम क्षेत्र अध्यक्ष सतेंद्र सिसौदिया, पूर्व मंत्री और एमएलसी अशोक कटारिया, एमएलसी वंदना चौहान, कैबिनेट मंत्री अनिल सिंह आदि ने भी जनसभा को संबोधित किया।

    भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल

    सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा था। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बिजनौर लोकसभा प्रत्याशी चंदन चौहान और नगीना लोकसभा प्रत्याशी ओम कुमार के समर्थन में वोट करने की अपील की। उन्होंने चांदपुर के हिंदू इंटर कॉलेज के मैदान में सभा को संबोधित किया। सीएम के आने की तैयारियों को लेकर पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हुए थे।

  • बीएसपी के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर ने कई मुद्दों पर मोदी सरकार को घेरा

    मुफ्त अनाज स्कीम सबूत है कि रोजगार नहीं दे पा रही सरकार

    घर से ही होगी समाज को एक करने की शुरुआत: चौधरी विजेंन्द्र सिंह

    ‘धन्ना सेठ के पैसे पर नहीं अपने बल पर चलाते हैं पार्टी’: आकाश आनंद

    बिजनौर। बीएसपी के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद ने उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा सीट से अपने चुनावी दौरों का आगाज कर दिया। उन्होंने कहा कि बीएसपी एक मात्र ऐसा राजनैतिक दल है जो धन्ना सेठों के पैसों से नहीं बल्कि अपने कार्यकर्ताओं के पैसे से चलती है। देश की सभी राष्ट्रीय पार्टियों में बीएसपी सबसे बड़ी पार्टी है, जिसने इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए एक रुपया भी चुनावी चंदे के तौर पर नहीं लिया।

    उन्होंने उत्तर प्रदेश में लगातार हो रहे पेपर लीक और युवाओं के गिरते कौशल और बेरोजगारी पर हाल में आई रिपोर्ट पर भी बयान दिया। बीएसपी के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद ने कहा कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार देने न सिर्फ नाकाम रही है बल्कि पूरी तरह से लापरवाह भी बनी हुई है। जिस तरह से पुलिस भर्ती के पेपर लीक हुए हैं, उससे साफ है कि यूपी की सरकार प्रशासन चलाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो चुकी है। मोदी सरकार के मुफ्त राशन योजना पर बीजेपी को आड़े हाथ लेते हुए बीएसपी नेता ने कहा कि देश के 80 करोड़ लोगों को मिल रहे मुफ्त अनाज की स्कीम इस बात का सबूत है कि सरकार रोजगार नहीं दे पा रही है। रोजगार नहीं दे पाने की वजह से सरकार मुफ्त राशन दे कर गरीबों के स्वाभिमान को खरीदना चाहती है। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव 2024 में पहले चरण में जिले की बिजनौर और नगीना सुरक्षित सीट पर 19 अप्रैल को मतदान होगा।

    नगीना लोकसभा में बसपा के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद की अध्यक्षता में आज शनिवार को आयोजित विशाल जनसभा के मंच से बिजनौर लोकसभा सीट से पार्टी प्रत्याशी चौधरी विजेंन्द्र सिंह ने अपनी गर्जना से सत्ताधारियों को ललकारा। उन्होंने कहा कि जब समाज मजबूत होगा, तभी आने वाली पीढ़ियां अपने भविष्य के लिए लड़ पाएंगी। अपने जोशीले भाषण के दौरान उन्होंने मौजूद सभी लोगों को एकजुट होकर मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा वक़्त कम है और काम ज्यादा, कुछ को मैं जगाता हूं, कुछ को आप जगा दो, जो बचे हैं, उन्हें क़ायनात जगा देगी। इससे पहले पार्टी पदाधिकारियों, नेताओं, कार्यकर्ताओं व प्रत्याशी चौधरी विजेंद्र सिंह ने नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद का स्वागत किया।

  • सुप्रीम कोर्ट के फैसले से 17 लाख मुस्ल‍िम छात्रों को राहत

    यूपी मदरसा एक्ट को रद्द करने का मामला

    चलती रहेगी मदरसों में पढ़ाई-लिखाई

    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के 16000 मदरसों के 17 लाख छात्रों को बड़ी राहत दी है. कोर्ट के आदेश के अनुसार, फिलहाल 2004 के कानून के तहत मदरसों में पढ़ाई चलती रहेगी. सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है.

    प्रतीकात्मक चित्र

    यूपी मदरसा एक्ट को रद्द करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच सुनवाई कर रही है. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यूपी सरकार से पूछा कि क्या हम यह मान लें कि राज्य ने हाईकोर्ट में कानून का बचाव किया है? इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने यूपी बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन एक्ट 2004 को असंवैधानिक करार दिया था. इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी.

    उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से ASG केएम नटराज ने कहा कि हमने हाईकोर्ट में इसका बचाव किया था, लेकिन हाईकोर्ट के कानून को रद्द करने के बाद हमने फैसले को स्वीकार कर लिया है. जब राज्य ने फैसले को स्वीकार कर लिया है तो राज्य पर अब कानून का खर्च वहन करने का बोझ नहीं डाला जा सकता.

    हाईकोर्ट का अधिकार नहीं बनता: सिंघवी

    यूपी मदरसा बोर्ड की तरफ से सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि हाईकोर्ट का अधिकार नहीं बनता कि वो इस एक्ट को रद्द करे. इस फैसले से राज्य में चल रहे करीब 25000 मदरसे में पढ़ने वाले 17 लाख छात्र प्रभावित हुए हैं. 2018 मे यूपी सरकार के आदेश के मुताबिक इन मदरसों में विज्ञान, पर्यावरण, मैथ यानी गणित जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं. मदरसों की तरफ से वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि यहां कुरान एक विषय के तौर पर पढ़ाया जाता है. सिंघवी ने कहा कि अगर आप अधिनियम को निरस्त करते हैं तो आप मदरसों को अनियमित बना देते हैं, लेकिन 1987 के नियम को नहीं छुआ जाता. हाईकोर्ट का कहना है कि यदि आप धार्मिक विषय पढ़ाते हैं तो यह धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत के खिलाफ है. जबकि सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि धार्मिक शिक्षा का अर्थ धार्मिक निर्देश नहीं है. सिंघवी ने कहा कि आज कई गुरुकुल भी प्रसिद्ध हैं. वे अच्छा काम कर रहे हैं तो क्या हमें उन्हें बंद कर देना चाहिए और कहना चाहिए कि यह हिंदू धार्मिक शिक्षा है? क्या 100 साल पुरानी व्यवस्था को खत्म करने का ये आधार हो सकता है? कर्नाटक के शिमोगा जिले में एक ऐसा गांव है जहां पूरा गांव संस्कृत में ही बात करता है. वहां भी ऐसी संस्थाएं हैं. मुझे उम्मीद है कि इसके बारे मे कोर्ट को पता होगा.

    उन्होंने आगे कहा, ‘सिर्फ इसलिए कि मैं हिंदू धर्म या इस्लाम आदि पढ़ाता हूं तो इसका मतलब यह नहीं है कि मैं धार्मिक शिक्षा देता हूं. इस मामले में अदालत को अरुणा रॉय फैसले पर गौर करना चाहिए. राज्य को धर्मनिरपेक्ष रहना होगा. उसे सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए और उनके साथ समान व्यवहार करना चाहिए. राज्य अपने कर्तव्यों का पालन करते समय किसी भी तरह से धर्मों के बीच भेदभाव नहीं कर सकता. चूंकि शिक्षा प्रदान करना राज्य के प्राथमिक कर्तव्यों में से एक है, इसलिए उसे उक्त क्षेत्र में अपनी शक्तियों का प्रयोग करते समय धर्मनिरपेक्ष बने रहना होगा. वह किसी विशेष धर्म की शिक्षा, प्रदान नहीं कर सकता या अलग-अलग धर्मों के लिए अलग-अलग शिक्षा प्रणाली नहीं बना सकता.’ मदरसों की तरफ से वकील मुकुल रोहतगी ने भी कहा कि ये संस्थान विभिन्न विषय पढ़ाते हैं. कुछ सरकारी स्कूल हैं, कुछ निजी हैं. यहां आशय यह है कि यह पूरी तरह से राज्य द्वारा सहायता प्राप्त स्कूल है, कोई धार्मिक शिक्षा नहीं. सीनियर एडवोकेट हुजैफा अहमदी ने कहा कि धार्मिक शिक्षा और धार्मिक विषय दोनों अलग अलग मुद्दे हैं. इसलिए हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगानी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई जुलाई के दूसरे हफ्ते में होगी.

    मदरसों की तरफ से वकील मुकुल रोहतगी ने भी कहा कि ये संस्थान विभिन्न विषय पढ़ाते हैं. कुछ सरकारी स्कूल हैं, कुछ निजी हैं. यहां आशय यह है कि यह पूरी तरह से राज्य द्वारा सहायता प्राप्त स्कूल है, कोई धार्मिक शिक्षा नहीं. सीनियर एडवोकेट हुजैफा अहमदी ने कहा कि धार्मिक शिक्षा और धार्मिक विषय दोनों अलग अलग मुद्दे हैं. इसलिए हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगानी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई जुलाई के दूसरे हफ्ते में होगी.

  • चूस रहे हैं अभिभावकों का खून..!!

    सरकार व सरकार के नुमाइंदों का क्यों नहीं जाता इस ओर ध्यान..!!

    बिल्डिंग फीस से लेकर स्कूल बैग, बच्चों की ड्रेस के नाम पर जमकर उगाही

    कब कैसे और कौन लगाएगा इन पर लगाम..!!

    ~तस्लीम बेनक़ाब

    उत्तर प्रदेश में योगी सरकार शिक्षा को लेकर हर रोज सार्थक प्रयास करने की कोशिश कर रही है लेकिन शिक्षा माफिया भी अपनी हठधर्मिता से बाज नहीं आ रहे हैं। यदि हम प्राइवेट पब्लिक स्कूलों की बात करें तो इन्होंने अभिभावकों से मनमाने तरीके से रुपए एंठने के मामले में हद कर रख दी है। हर चीज में रुपए बढ़ा रहे हैं तथा अपनी दुकानदारी चला रहे हैं। इन पर लगाम कसने के लिए सरकार ने कोई ऐसी गाइडलाइन भी जारी नहीं कर रखी है और न ही अभी तक उस पर कोई ध्यान दिखाई दे रहा है।

    जिलों में बैठे संबंधित अधिकारी भी इस मामले में अभी कोई गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं, जिसका परिणाम यह है कि पब्लिक स्कूल वाले नया साल शुरू होते ही बेलगाम होकर वसूली कर रहे हैं। बिल्डिंग फीस से लेकर स्कूल बैग, बच्चों की ड्रेस के नाम पर जमकर उगाही की जा रही है। अभिभावक शिकायत करके थक चुके हैं लेकिन कहीं भी कोई हल नहीं हो पा रहा है। एडमिशन हो रहे हैं, लेकिन देख कर लगता है कि यह शिक्षा ना होकर पूरी तरीके से व्यापार हो गया हो। शिक्षा के इस बाजारीकरण में आम आदमी की कमर तोड़ कर रख दी है। जिला स्तर पर किसी भी प्रकार की कोई लगाम इन पर नहीं है। पब्लिक स्कूल वाले अपने तरीके से अपनी मनमानी और हठधर्मिता चलाते हैं, किसी का भी इन पर कोई अंकुश नहीं है। एक गरीब परिवार एवं मध्यमवर्गीय इसमें पूरी तरीके से पिसकर रह गया है। बेहतर हो कि योगी सरकार तत्परता के साथ इन पर लगाम कसने के अपने फार्मूले पर पूरी गंभीरता दिखाएं शायद तभी सुधार की कोई गुंजाइश दिखाई दे। फिलहाल अभी तक कहीं कोई भी सुधार होते हुए दिखाई नहीं दे रहा है! अभिभावक लंबी लंबी लाइनों में लगकर शोषण का शिकार हो रहे हैं। कभी एडमिशन के नाम पर जो कभी किसी और चीज के नाम पर शोषण हो रहा है।

    जिले के जिलाधिकारी यदि अपने स्तर से अभी भी जांच कराएं और पब्लिक स्कूल वालों की मनमानी का नजारा देखें तो सारी सच्चाई और वास्तविकता सामने आ जाएगी। इसी वजह से शिक्षा का पूरी तरह बाजारीकरण हो गया है! इन पर अंकुश लगना हर प्रकार से जनहित में है। शिक्षा विभाग के अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं। उनका कहना है कि उन्हें इस मामले में बहुत ज्यादा अधिकार नहीं मिले हुए हैं। इस कारण यह पब्लिक स्कूल वाले अपनी मर्जी के हिसाब से वसूली कर रहे हैं। यदि इनकी वसूली पर नजर डाली जाए तो बहुत ही चौंकाने वाले तथ्य सामने आते हैं। यह मनमानी फीस के साथ बिल्डिंग फीस, बच्चों की ड्रेस तथा कई अन्य प्रकार की फीस भी वसूल रहे हैं, जिसका कोई सरोकार ही नहीं है। साथ ही इन्होंने अपनी सुविधा और अपने फायदे के अनुसार दुकानदारों को सैट करके रखा हुआ है। कौन सी किताब चलेगी, कौन सी नहीं चलेगी; इसका निर्धारण यह स्कूल वाले स्वयं करते हैं। महंगे कोर्स के नाम पर जबरदस्त वसूली होती है। इतना ही नहीं किस कपड़े वाले के यहां से कौन सा कपड़ा और ड्रेस खरीदनी है; यह भी स्कूल वाले ही निर्धारित करते हैं। इनका बस नहीं चलता वरना यह बच्चों के खाने पीने की चीज भी अपने हिसाब से अपने दुकानदारों को फिक्स कर दें! बेहतर हो इस मामले में सरकार गंभीरता के साथ ध्यान दें। इनकी इंतहा इस कदर हो चुकी है कि अभिभावकों के सर से ऊपर पानी की तरह गुजर रही है! आर्थिक मार के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक मार का सामना भी करना पड़ रहा है। पब्लिक स्कूल वालों का हाल यह है कि यह बहुत कम समय में बहुत ज्यादा अमीर और कई गुना अपने स्कूल का विस्तार कर लेते हैं। बहुत लंबे समय से यह बात हो रही है कि अभिभावकों के साथ ज्यादती हो रही है। अब योगी सरकार को कुछ अच्छे फैसले लेने होंगे, लेकिन यह फैसले जब तक पूरी तरह लागू नहीं किए जाएंगे तब तक सुधार की बात भी बेमानी ही मानी जाएगी।

  • लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत अभियान

    कानून व्यवस्था चाक चौबंद बनाए रखने को एसपी का निरीक्षण

    बिजनौर। आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था चाक चौबंद बनाए रखने को पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने वीवीआईपी भ्रमण कार्यक्रम के दृष्टिगत निरीक्षण किया। वहीं ड्यूटी में व्यवस्थापित किए गए समस्त पुलिस बल को ब्रीफ किया।

    पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने वीवीआईपी भ्रमण कार्यक्रम के दृष्टिगत थाना चांदपुर तथा थाना नगीना क्षेत्रान्तर्गत कार्यक्रम स्थल, हैलीपेड, बैरियर, पार्किंग व अन्य तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य बिन्दुओं पर सर्व संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। इस दौरान अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

    दूसरी ओर पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने थाना चांदपुर तथा थाना नगीना क्षेत्रान्तर्गत आगामी वीवीआईपी कार्यक्रम के दृष्टिगत ड्यूटी में व्यवस्थापित किए गए समस्त पुलिस बल को ब्रीफ किया। उन्होंने सर्वसंबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

  • लोकसभा क्षेत्र का धुआंधार दौरा कर रहे बसपा प्रत्याशी चौधरी विजेंन्द्र सिंह

    देश की जनता मोदी सरकार की वादाखिलाफी को नहीं भूलेगी: चौधरी विजेंन्द्र सिंह

    भाजपा ने महंगाई और बेरोजगारी बढ़ाई: चौधरी विजेंन्द्र सिंह

    बिजनौर। लोकसभा क्षेत्र बिजनौर के विधानसभा क्षेत्र चाँदपुर में बसपा प्रत्याशी चौधरी विजेंन्द्र सिंह का प्रचार अभियान चलाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं आम जनता उपस्थित रही।

    सिर्फ मैं नहीं, क्षेत्र का हर कार्यकर्ता प्रत्याशी

    चौधरी विजेंन्द्र सिंह ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि बिजनौर लोकसभा का प्रत्याशी सिर्फ मैं नहीं, क्षेत्र का हर कार्यकर्ता प्रत्याशी है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने मुझ जैसे जमीनी कार्यकर्ता को टिकिट दिया है, जो मेरे लिए गर्व की बात है, मुझ जैसे कार्यकर्ता को टिकिट मिली है इसका मतलब बिजनौर के हर छोटे बड़े कार्यकर्ता को टिकिट मिली है। हम सभी मिलकर इस चुनाव में बहुजन समाज पार्टी को विजय बनाकर यह संदेश देंगे कि पार्टी का हर कार्यकर्ता मजबूत होता है और मेहनत करता है। चौधरी विजेंन्द्र सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा ने महंगाई और बेरोजगारी बढ़ाई है। देश की जनता मोदी सरकार की वादाखिलाफी को नहीं भूलेगी।

    जनसंपर्क कार्यक्रम के तहत ग्राम सैदाबाद, रेहरा, शादाबाद, पीपली जट, हीमपुर दीपा, धनसूरपुर, बसेड़ा, बसेड़ी समेत दर्जनों गांवों में चौधरी विजेंन्द्र सिंह अपने दर्जनों पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे। हर जगह उनका भव्य स्वागत किया गया।

    चौधरी विजेंन्द्र सिंह को मिला पूर्व विधायक मो. इक़बाल का साथ

    बसपा प्रत्याशी चौधरी विजेंन्द्र सिंह शुक्रवार को अपने तूफ़ानी चुनाव प्रचार के दौरान चाँदपुर विधानसभा क्षेत्र पहुंचे। शिष्टाचार मुलाक़ात के दौरान पूर्व विधायक मो. इक़बाल ने अपना पूर्ण समर्थन बसपा प्रत्याशी चौधरी विजेंन्द्र सिंह को दिया और कहा कि मैं और मेरी पूरी टीम विजेंन्द्र सिंह के लिए संकलपित है और इस सीट को जिताने में अपनी पूरी ताकत झोंक देंगे।

    चौधरी विजेंन्द्र सिंह ने भी उन्हें अपना बड़ा भाई बताते हुए पूरे चुनाव प्रचार को अपने कुशल नेतृत्व में मार्गदर्शन कराने का आग्रह किया, जिसे मो. इक़बाल ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।

  • पुलिस लाइन में अन्तर्जनपदीय खेल प्रतियोगिताएं

    आईजी मुनिराज जी ने किया शुभारंभ

    बिजनौर। बरेली जोन, बरेली वर्ष-2024 की खेल प्रतियोगिताएं शुरू हो गई हैं। मुरादाबाद परिक्षेत्र, मुरादाबाद के पुलिस उपमहानिरीक्षक मुनिराज जी ने रिजर्व पुलिस लाइन बिजनौर में अन्तर्जनपदीय वॉलीवाल, बास्केटबाल, हैण्डबाल, टेबल टेनिस, सेपक टकरा एवं योगा प्रतियोगिता का शुभारम्भ किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन व अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे ।

    खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम

    प्रतियोगिता के पहले दिन बिजनौर के खिलाड़ियों को दबदबा रहा। जनपद बिजनौर व रामपुर के बीच खेले गए बास्केटबाल के प्रथम मैच में बिजनौर ने 21- 02 से विजय प्राप्त की। दूसरा मैच मुरादाबाद व बरेली के बीच हुआ। इसमें मुरादाबाद ने 06-04 से विजय प्राप्त की। बिजनौर व मुरादाबाद के बीच खेले गए फाइनल मैच में बिजनौर ने 06-04 से जीत हासिल कर प्रथम स्थान हासिल किया। हैंडबाल का प्रथम मैच बिजनौर व बरेली के बीच हुआ। इसमें बिजनौर ने 09- 01 से विजय प्राप्त की। दूसरा मैच मुरादाबाद व रामपुर के बीच हुआ। इसमें मुरादाबाद ने 05-02 से विजय प्राप्त की। फाइनल मैच बिजनौर व मुरादाबाद के बीच हुआ। इसमें बिजनौर ने 08-00 से विजय प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।

    महिला बास्केटबॉल में जीता बिजनौर

    महिला बास्केटबाल का प्रथम मैच जनपद बिजनौर व रामपुर के बीच खेला गया, जिसमें बिजनौर की टीम ने विजय प्राप्त की। दूसरा मैच जनपद बरेली व मुरादाबाद के बीच खेला गया, जिसमें बरेली की टीम ने विजय प्राप्त की। फाइनल मैच जनपद बिजनौर व बरेली के बीच खेला गया, जिसमें बिजनौर ने 06-01 से विजय प्राप्त कर प्रथम स्थान पाया।

    बिजनौर-मुरादाबाद ने जीते वॉलीबाल मैच

    पुरुष वॉलीबाल

    वॉलीबाल का प्रथम मैच जनपद बिजनौर व रामपुर के बीच खेला गया, जिसमें बिजनौर की टीम ने विजय प्राप्त की, दूसरा मैच जनपद बरेली व मुरादाबाद के बीच खेला गया, जिसमें मुरादाबाद की टीम ने विजय प्राप्त की, फाइनल मैच जनपद बिजनौर व मुरादाबाद के बीच खेला जाना है।

    महिला वॉलीबाल

    वॉलीबाल का प्रथम मैच जनपद बिजनौर व रामपुर के बीच खेला गया, जिसमें बिजनौर की टीम ने विजय प्राप्त की, दूसरा मैच जनपद बरेली व मुरादाबाद के बीच खेला गया, जिसमें बरेली की टीम ने विजय प्राप्त की, फाइनल मैच जनपद बिजनौर व बरेली के बीच खेला जाना है।

    महिला सेपक टकरा

    सेपक टकरा का प्रथम मैच जनपद बरेली व मुरादाबाद के बीच खेला गया, जिसमें बरेली की टीम ने विजय प्राप्त की, दूसरा मैच जनपद बिजनौर व रामपुर के बीच खेला गया, जिसमें बिजनौर की टीम ने विजय प्राप्त की, तीसरा मैच जनपद बिजनौर व बरेली के बीच खेला गया जिसमें बरेली की टीम ने विजय प्राप्त की।

    पुरुष हैण्डबॉल

    हैण्डबाल का प्रथम मैच जनपद बिजनौर व बरेली के बीच खेला गया, जिसमें बिजनौर ने 09-01 से विजय प्राप्त की, दूसरा मैच मुरादाबाद व रामपुर के बीच खेला गया, जिसमें मुरादाबाद ने 05-02 से विजय प्राप्त की, फाइनल मैच जनपद बिजनौर व मुरादाबाद के बीच खेला गया, जिसमें बिजनौर ने 08-00 से विजय प्राप्त कर प्रथम स्थान पर रही व मुरादाबाद ने द्धितीय स्थान प्राप्त किया।

  • रालोद, सुभासपा, अपना दल और निषाद पार्टी के साथ मिलकर चुनावी मैदान में

    UP की 80 लोकसभा सीट और बीजेपी

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों पर सभी की नजर है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी इस लोकसभा चुनाव में रालोद, सुभासपा, अपना दल और निषाद पार्टी के साथ मिलकर चुनावी मैदान में है। वाराणसी से पीएम नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार मैदान में हैं। लखनऊ से राजनाथ सिंह फिर से सांसदी लड़ने जा रहे हैं।

    क्रम लोकसभा सीट बीजेपी+
    1 सहारनपुर राघव लखनपाल
    2 कैराना प्रदीप कुमार
    3 मुजफ्फरनगर संजीव बालियान
    4 बिजनौर चंदन चौहान (RLD)
    5 नगीना (अ.जा.) ओम कुमार
    6 मुरादाबाद सर्वेश सिंह
    7 रामपुर घनश्याम लोधी
    8 सम्भल परमेश्वर लाल सैनी
    9 अमरोहा कंवर सिंह तंवर
    10 मेरठ अरुण गोविल
    11 बागपत राजकुमार सांगवान (RLD)
    12 गाजियाबाद अतुल गर्ग
    13 गौतम बुद्ध नगर महेश शर्मा
    14 बुलंदशहर (अ.जा) डॉ भोला सिंह
    15 अलीगढ़ सतीश गौतम
    16 हाथरस (अ.जा) अनूप वाल्‍मीकि
    17 मथुरा हेमा मालिनी
    18 आगरा (अ.जा) एसपी सिंह बघेल
    19 फतेहपुर सीकरी राजकुमार चाहर
    20 फिरोज़ाबाद
    21 मैनपुरी
    22 एटा राजवीर सिंह
    23 बदायूं दुर्विजय सिंह शाक्‍य
    24 आंवला धर्मेंद्र कश्यप
    25 बरेली छत्रपाल सिंह गंगवार
    26 पीलीभीत जितिन प्रसाद
    27 शाहजहांपुर अरुण सागर
    28 खीरी अजय मिश्रा टेनी
    29 धौरहरा रेखा वर्मा
    30 सीतापुर राजेश वर्मा
    31 हरदोई (अ०जा०) जयप्रकाश रावत
    32 मिश्रिख (अ०जा०) अशोक कुमार रावत
    33 उन्नाव साक्षी महाराज
    34 मोहनलालगंज (अ०जा०) कौशल किशोर
    35 लखनऊ राजनाथ सिंह
    36 रायबरेली
    37 अमेठी स्मृति इरानी
    38 सुल्तानपुर मेनका गांधी
    39 प्रतापगढ़ संगम लाल गुप्ता
    40 फर्रूखाबाद मुकेश राजपूत
    41 इटावा (अ०जा०) रामशंकर कठेरिया
    42 कन्नौज सुब्रत पाठक
    43 कानपुर रमेश अवस्‍थी
    44 अकबरपुर देवेंद्र सिंह भोले
    45 जालौन (अ०जा०)
    46 झांसी अनुराग शर्मा
    47 हमीरपुर पुष्पेंद्र सिंह चंदेल
    48 बांदा आरके सिंह पटेल
    49 फतेहपुर साध्वी निरंजन ज्योति
    50 कौशाम्बी (अ०जा०)
    51 फूलपुर
    52 प्रयागराज
    53 बाराबंकी (अ०जा०) राजरानी रावत
    54 फैजाबाद लल्लू सिंह
    55 अम्बेडकरनगर रितेश पांडेय
    56 बहराइच (अ०जा०) डॉ अरविंद गोंड
    57 कैसरगंज
    58 श्रावस्ती साकेत मिश्रा
    59 गोंडा कीर्तिवर्धन सिंह
    60 डुमरियागंज जगदंबिका पाल
    61 बस्ती हरीश द्विवेदी
    62 सन्त कबीर नगर प्रवीण निषाद
    63 महाराजगंज पंकज चौधरी
    64 गोरखपुर रवि किशन
    65 कुशीनगर विजय कुमार दुबे
    66 देवरिया
    67 बांसगांव (अ०जा०) कमलेश पासवान
    68 लालगंज (अ.जा.) नीलम सोनकर
    69 आज़मगढ़ दिनेश यादव निरहुआ
    70 घोसी अरविंद राजभर (सुभासपा)
    71 सलेमपुर रवींद्र कुशवाहा
    72 बलिया
    73 जौनपुर कृपाशंकर सिंह
    74 मछलीशहर (अ.जा)
    75 गाजीपुर
    76 चन्दौली महेंद्र नाथ पांडेय
    77 वाराणसी नरेंद्र मोदी
    78 भदोही
    79 मिर्जापुर अनुप्रिया पटेल (अपना दल)
    80 राबर्ट्सगंज (अ.जा)

  • 05 और 06 अप्रैल को बारिश होने की संभावना

    11 जिलों में गरज चमक से साथ बारिश का अलर्ट, आंधी का खतरा

    लखनऊ (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश में इस हफ्ते एक बार फिर बारिश की संभावना जताई गई है। दरअसल यहां लगातार मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी बारिश तो, कभी गर्मी का सितम जोरों पर है।

    पश्चिमी विक्षोभ का असर!

    उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने 05 और 06 अप्रैल को यूपी में बारिश होने की संभावना जताई है। इस दौरान तेज आंधी के साथ बरसात होगी। साथ ही 25 से 35 किलोमीटर की स्पीड से तेज हवाएं चलेंगी। जानकारी के अनुसार 05 अप्रैल को सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, मथुरा, अलीगढ़, मुरादाबाद, ज्योतिबाफुले नगर और बिजनौर में बारिश की संभावना है। इसके साथ ही 06 अप्रैल को सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बरेली, पीलीभीत, मुरादाबाद बिजनौर में बारिश होने के आसार हैं।

    तापमान बढ़ने से भीषण गर्मी

    मौसम विभाग के अनुसार बारिश के बाद तापमान बढ़ने के साथ ही भीषण गर्मी पड़ने लगेगी। फिलहाल प्रदेश में सुबह के वक्त सुहावना मौसम बना हुआ है। तो वहीं, दोपहर के समय जोरदार धूप का असर हो रहा है। सोमवार को राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं हरदोई में अधिकतम तापमान 37.5 न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कानपुर में अधिकतम तापमान 37 न्यूनतम 20.8 डिग्री सेल्सियस, इटावा में अधिकतम तापमान 35 न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस, लखीमपुर खीरी में अधिकतम तापमान 33.8 न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    अगले दो दिन का हाल!

    बदलते मौसम की वजह से उत्तर प्रदेश में लोग परेशान हैं। यहां कभी गर्मी और कभी बारिश का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इस दौरान बच्चों और बुजर्गों को बुखार और सर्दी सता रही है। प्रदेश में अगले दो दिन बारिश की संभावना जताई गई है।

  • पीस कमेटी के सदस्यों व आबकारी, डिस्टिलरीज के अधिकारियों/संचालकों संग बैठक

    वीवीआईपी भ्रमण कार्यक्रम के दृष्टिगत निरीक्षण

    लोकसभा चुनाव: अत्यधिक सतर्कता बरत रहा है पुलिस प्रशासन

    बिजनौर। लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 व आगामी त्योहारों को सकुशल संपन्न कराने हेतु पुलिस प्रशासन अत्यधिक सतर्कता बरत रहा है। डीएम एसपी ने कई बैठकें कर के और विभिन्न स्थानों पर भ्रमण कर न सिर्फ सभी तैयारियों का जायजा लिया बल्कि संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।

    इसी क्रम में जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल व पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने कलेक्ट्रेट परिसर के महात्मा विदुर सभागार कक्ष में जनपद के पीस कमेटी के सदस्यों के साथ गोष्ठी की। उन्होंने संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान पुलिस/प्रशासनिक एवं अन्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

    इसके अलावा डीएम एसपी ने जनपद की डिस्टिलरीज के अधिकारियों/संचालकों एवं आबकारी विभाग के अधिकारियों के साथ गोष्ठी की। इस दौरान डिस्टिलरीज में कंट्रोल रूम को आधुनिक करने, मॉक ड्रिल करने, पुलिस वेरिफिकेशन कराने आदि निर्देश दिए गए।

    विभिन्न तैयारियों का निरीक्षण

    जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल व पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने वीवीआईपी भ्रमण कार्यक्रम के दृष्टिगत थाना चांदपुर क्षेत्रान्तर्गत कार्यक्रम स्थल, हैलीपेड, बैरियर, पार्किंग व अन्य तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य बिन्दुओं पर सर्व संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मौजूद रहे।

    डीएम व एसपी ने लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 के दृष्टिगत थाना चांदपुर क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न मतदान केन्द्रों का भ्रमण/निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाओं को समय से सुनिश्चित कराए जाने के संबंध में संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    निडर होकर करें मतदान: एसपी

    इसके अलावा पुलिस अधीक्षक ने लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 को शांतिपूर्वक एवं भयमुक्त वातावरण में सम्पन्न कराये जाने के दृष्टिगत तथा आमजन में सुरक्षा की भावना जागृत करने के उद्देश्य से स्थानीय पुलिस बल के साथ थाना नूरपुर क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न गांवों में एरिया डोमिनेशन किया। उन्होंने एरिया डोमिनेशन के दौरान आमजन से संवाद किया तथा सभी को निडर होकर मतदान करने के लिए प्रेरित किया।

    वहीं एसपी ने पुलिस कार्यालय पर जनसुनवाई के दौरान कुल 42 शिकायतों को सुना और समस्त प्रार्थना पत्र (शिकायतों) पर प्रभावी कार्यवाही हेतु सम्बन्धित स्टाफ को निर्देशित किया।

  • रामपुर और मुरादाबाद सीट पर टिकी हुई हैं लोगों की निगाहें

    दांव पर अखिलेश यादव और आजम खां की प्रतिष्ठा

    रामपुर। सपा में टिकटों को लेकर चल रही खींचतान के बीच लोकसभा चुनाव के पहले चरण में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की रामपुर और आजम खां की मुरादाबाद में प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। रामपुर सीट से चुनाव लड़ने का आजम का प्रस्ताव ठुकराकर अखिलेश ने मौलाना मोहिब्बुल्लाह नदवी को उम्मीदवार बनाया है। वहीं आजम खां ने मुरादाबाद सीट से सांसद डॉ. एसटी हसन का टिकट कटवा कर रुचि वीरा को प्रत्याशी बनवाया है।

    पश्चिमी यूपी की रामपुर और मुरादाबाद लोकसभा सीट इन दिनों प्रदेश में सुर्खियों में है। इसकी वजह सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और सीतापुर जेल में बंद पूर्व मंत्री आजम खां हैं। दोनों रामपुर और मुरादाबाद सीट पर प्रत्याशियों के चयन को लेकर आमने-सामने आ गए थे। मुरादाबाद मंडल में प्रत्याशियों के नामों पर मुहर लगाने से पहले अखिलेश यादव ने आजम खां से सीतापुर जेल में मुलाकात की थी। आजम खां ने अखिलेश यादव को रामपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था। साथ ही मुरादाबाद सीट से बिजनौर की पूर्व विधायक रुचि वीरा को प्रत्याशी बनाने की सिफारिश की थी। अखिलेश यादव ने उनके प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद आजम खां ने रामपुर में लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का एलान कर दिया। इस खींचतान के बीच अखिलेश यादव ने आजम की पसंद को दरकिनार कर दिल्ली पार्लियामेंट्री स्ट्रीट की मस्जिद के इमाम मौलाना मोहिब्बुल्लाह नदवी को रामपुर से उम्मीदवार घोषित कर दिया। यहीं नहीं मौजूदा सांसद डॉ. एसटी हसन को मुरादाबाद प्रत्याशी बना दिया। डॉ. एसटी हसन ने मुरादाबाद सीट से नामांकन भी दाखिल कर दिया। सियासी तकरार बढ़ने पर नामांकन के चौबीस घंटे बाद अखिलेश यादव ने डॉ. एसटी हसन का टिकट काटकर मुरादाबाद के लिए रुचि वीरा को सिंबल थमा दिया और आजम खां को बैलेंस करने की कोशिश की। लेकिन रामपुर सीट से प्रत्याशी में कोई बदलाव नहीं किया गया। नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मौलाना मोहिब्बुल्लाह नदवी रामपुर और रुचि वीरा मुरादाबाद लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं। ऐसी परिस्थितियों में इन प्रत्याशियों की हार-जीत अखिलेश और आजम की प्रतिष्ठा से जुड़ी है। फिलहाल रामपुर में मोहिब्बुल्लाह को संगठन के पदाधिकारियों और आजम खां के करीबियों के साथ तालमेल बैठाने में मुश्किल हो रही है। वहीं मुरादाबाद में रुचि वीरा के सामने संगठन के साथ-साथ सांसद डॉ. एसटी हसन के समर्थकों को साधना चुनौती बन रही है।

    2009 में जयाप्रदा की जीत नहीं रोक पाए थे आजमः वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव में अभिनेत्री जयाप्रदा की रामपुर की सियासत में एंट्री हुई थी। आजम खां की सरपरस्ती में सपा के टिकट पर वह सांसद बनीं। 2009 के लोकसभा चुनाव से पहले दोनों के रिश्ते बिगड़ गए। आजम खां जयाप्रदा को रामपुर से दोबारा प्रत्याशी बनाने के पक्ष में नहीं थे। लेकिन अमर सिंह के प्रभाव के आगे उनकी नहीं चली।

  • मुरादाबाद सीट पर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा

    रुचि वीरा के विरोध में हसन समर्थक पार्षद का हंगामा

    मुरादाबाद। सांसद डॉ. एसटी हसन के समर्थन में कांग्रेस के पार्षद ने सपा प्रत्याशी रुचि वीरा का विरोध करते हुए जमकर हंगामा किया। इस दौरान सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने पार्षद से माइक छीन लिया। बीच बचाव करने पर माहौल और उग्र हो गया।

    कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष अनुभव अग्रवाल ने सपा प्रत्याशी के समर्थन में अपने पार्टी कार्यालय पर सोमवार की रात एक नुक्कड़ सभा का आयोजन किया था। इस दौरान प्रत्याशी रूचि वीरा समेत काफी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के पार्षद सद्दाम ने बोलने के लिए माइक लिया। उन्होंने कहा कि सांसद एसटी हसन हमारे परिवार से ताल्लुक रखते हैं। हम उनकी काफी इज्जत करते हैं। उनके लिए हम कुछ भी कर सकते हैं। उनका अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।

    दरअसल मुरादाबाद सीट पर सपा में टिकट बदले जाने के बाद कार्यकर्ताओं में भी विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। सांसद एसटी हसन समर्थकों ने प्रत्याशी रुचि वीरा की बैठक के दौरान विरोध कर दिया। इससे स्थिति असहज हो गई है। इसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। काफी उठापटक के बाद सपा की तरफ से आजम खां की करीबी पूर्व विधायक रुचि वीरा ने बीते बुधवार को नामांकन कराया था। इससे पहले सांसद एसटी हसन ने पर्चा दाखिल किया था। नामांकन दाखिल करने के बाद पूर्व विधायक रुचि वीरा ने कहा कि वही मुरादाबाद से गठबंधन की प्रत्याशी हैं और पूरे दमखम के साथ चुनाव लड़ेंगीं। डॉ. एसटी हसन बड़े भाई हैं। टिकट कटने के बारे में उन्होंने स्पष्ट कुछ नहीं कहा। पार्टी का सिंबल मिलने के बाद गुस्साए सपा के कुछ समर्थकों ने रुचि वीरा वापस जाओ का नारा लगाते हुए फैजगंज चौराहे पर उनका पुतला फूंका था।

    बसपा से भी रुचि वीरा का रहा है नाताः पार्टी के लोगों का कहना है कि 2022 में रुचि वीरा बिजनौर में 2014 से 17 तक सपा की विधायक रहीं। इसके बाद वह 2022 में बसपा से चुनाव लड़ीं लेकिन हार गई थीं। 2023 में बसपा ने रुचि वीरा को बाहर का रास्ता दिखा दिया। इसके बाद उन्होंने फिर सपा का दामन थाम लिया। रुचि वीरा को आजम खां का सबसे करीबी माना जाता है।

  • मुरादाबाद व बागपत की तरह मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर भी बदला प्रत्याशी

    अतुल प्रधान ने दी इस्तीफे की धमकी

    सपा ने फिर प्रत्याशी बदलकर सुनीता वर्मा को उतारा

    मेरठ (नरपाल सिंह)। समाजवादी पार्टी ने मुरादाबाद व बागपत की तरह मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर भी प्रत्याशी को लेकर असहज स्थिति पैदा कर दी है। दरअसल सपा ने मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर फिर प्रत्याशी बदल दिया है। अब पूर्व विधायक योगेश वर्मा की पत्नी व पूर्व महापौर सुनीता वर्मा को टिकट दिया गया है। आज गुरुवार को वह नामांकन दाखिल करेंगी। वहीं टिकट काटे जाने पर अतुल प्रधान ने इस्तीफे की धमकी दी है।

    पहले प्रत्याशी थे एडवोकेट भानु प्रताप

    सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर दो सप्ताह पहले अधिवक्ता भानु प्रताप को प्रत्याशी घोषित किया था। भानु प्रताप को बाहरी बताते हुए पार्टी के पदाधिकारियों ने विरोध शुरू कर दिया और कुछ ने त्यागपत्र भी दे दिया। बाद में उनका टिकट काटकर अतुल प्रधान को उम्मीदवार बनाया गया। बुधवार को अतुल प्रधान के नामांकन दाखिल करते ही पूर्व विधायक योगेश वर्मा समर्थक सक्रिय हो गए। अंततः पूर्व विधायक योगेश वर्मा की पत्नी व पूर्व महापौर सुनीता वर्मा को प्रत्याशी बना दिया गया। वह आज गुरुवार को नामांकन करेंगी।

    बताया गया है कि नामांकन के बाद अतुल प्रधान लखनऊ पहुंच गए। सपा का कोई भी पदाधिकारी इस प्रकरण में खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। वहीं अतुल प्रधान का दावा है कि वही प्रत्याशी हैं। टिकट कटने पर उन्होंने इस्तीफे की धमकी भी दी है।

    मुरादाबाद की तरह बागपत सीट पर भी बदला

    समाजवादी पार्टी ने बागपत सीट पर भी बुधवार को मनोज चौधरी का टिकट काटकर अमरपाल शर्मा को प्रत्याशी घोषित कर दिया था। वहीं मुरादाबाद में पहले डॉ. एसटी हसन को अधिकृत प्रत्याशी बनाया। बाद में प्रत्याशी बदलते हुए रुचिवीरा का नाम घोषित कर दिया।

  • सपा कांग्रेस गठबंधन के सामने उतारा मुस्लिम उम्मीदवार

    माया ने कर दिया राजनाथ सिंह का रास्ता साफ!

    लखनऊ (शादाब अनवर)। बहुजन समाज पार्टी ने लखनऊ संसदीय सीट पर मुस्लिम कार्ड खेलकर सपा कांग्रेस गठबंधन की मुश्किलें बढ़ाने के साथ ही बीजेपी का रास्ता आसान कर दिया है। इस सीट पर बीजेपी से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जीत की हैट्रिक बनाने के लिए मैदान में हैं। समाजवादी पार्टी कांग्रेस गठबंधन से लखनऊ मध्य विधानसभा सीट से सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा उम्मीदवार हैं। बीएसपी ने सरवर मलिक को चुनाव मैदान में उतारा है।

    गठबंधन के तहत लखनऊ की सीट सपा के खाते में गई है। मुस्लिम मतों को परम्परागत मत मानकर सपा का गुणा-भाग यह था कि चुनाव में कांग्रेस की तरफ झुकाव रखने वाले मुस्लिम भी गठबंधन के साथ आ गए तो चुनाव परिणाम उनके पक्ष में आ सकता है। इस बीच बुधवार को बसपा ने सरवर मलिक को मैदान में उतारकर सपा के मंसूबों पर पानी फेर दिया। दरअसल बसपा को भी मुस्लिम मतों के अलावा परम्परागत मतों पर भी पूरा भरोसा है।

    2004 में भी बसपा ने खेला था यही दांव

    सपा से गठबंधन के कारण बसपा ने 2019 लोकसभा चुनाव में लखनऊ संसदीय सीट से उम्मीदवार नहीं उतारा था। इससे पहले 2014 चुनाव में बसपा के नकुल दुबे को 64,449 मत मिले थे। वर्ष 2009 के चुनाव में बसपा के डा. अखिलेश दास गुप्ता ने 1,33,610 मत हासिल किए। वर्ष 2004 में बसपा के नासिर अली सिद्दीकी को 53,566 मत मिले थे। 1999 में बसपा के इजाहुलहक को 43,948 मत मिले थे। सपा और कांग्रेस के रणनीतिकार भी मानते हैं कि पहले भी बसपा ने मुस्लिम उम्मीदवारों को उतारकर कांग्रेस और सपा के मतों में सेंधमारी ही की थी।

    हैट्रिक लगाने को राजनाथ सिंह मैदान में

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जीत की हैट्रिक बनाने के लिए मैदान में हैं। समाजवादी कांग्रेस गठबंधन से रविदास मेहरोत्रा उम्मीदवार हैं। रविदास मध्य विधानसभा सीट से सपा के विधायक भी हैं।

    कौन हैं सरवर मलिक ?

    सरवर मलिक राजधानी के शिया कालेज से उपाध्यक्ष का चुनाव लड़ चुके हैं। वर्ष 2014 लोकसभा चुनाव में आल इंडिया तृणुमूल कांग्रेस के टिकट पर 1486 वोट हासिल किए थे। वर्ष 2022 में लखनऊ उत्तर विधानसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर 18 हजार वोट पाए। वर्तमान में बसपा के लखनऊ महानगर अध्यक्ष हैं।

    1991 से है बीजेपी का कब्जा

    पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी बाजपेई इस सीट से आठ बार चुनाव लड़े। पहली बार उन्होंने 1955 में उपचुनाव लड़ा और तीसरे स्थान पर रहे। फिर वह 1957 और 1962 में दूसरे स्थान पर रहे। इन 3 हार के बाद, उन्होंने 1991, 1996, 1998, 1999 और 2004 में लगातार पांच बार सीट जीती।

  • हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र में हुआ बूथ अध्यक्ष सम्मेलन

    बिजनौर लोकसभा की सह प्रभारी लीना सिंघल पहुंचीं हस्तिनापुर

    बिजनौर। लोकसभा चुनाव को लेकर सभी दलों के प्रत्याशियों के समर्थन में सभाओं और रैलियों का दौर तेजी पकड़ता जा रहा है। इसी क्रम में हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र के बूथ अध्यक्ष सम्मेलन में बिजनौर लोकसभा की सह प्रभारी श्रीमती लीना सिंघल पहुंचीं। उन्होंने सभी को चुनाव संबंधी टिप्स दिए।

    बिजनौर लोकसभा की हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र में बूथ अध्यक्ष सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और बूथ अध्यक्ष सेक्टर प्रभारियों की उपस्थिति रही।

    बिजनौर लोकसभा की सह प्रभारी श्रीमती लीना सिंघल ने उनको संबोधित और मार्गदर्शन करते हुए कहा कि आम मतदाताओं तक अपनी पहुंच को बरकरार रखें। कार्यक्रम में विधानसभा प्रभारी विकास पंवार व नगर पंचायत चेयरमैन सुनील आदि उपस्थित रहे।

    बीजेपी का सिटिंग प्लान

    गौरतलब है कि भाजपा प्रत्येक बूथ पर 370 प्लस वोट बढ़ाकर विजय का कीर्तिमान बनाने की दिशा में काम कर रही है। इस लक्ष्य की पूर्ति और उत्तर प्रदेश में 80 लोकसभा सीटों पर जीत सुनिश्चित कराने के लिए भाजपा ने बाकायदा सिटिंग प्लान तैयार किया है।

    बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन में सिटिंग प्लान के तहत प्रत्येक कुर्सी पर अंकित बूथ नंबर पर संबंधित बूथ के अध्यक्ष को बैठाकर उसे यह अहसास कराया जाता है कि इस बूथ को जीतने की जिम्मेदारी उन पर है।

    सिटिंग प्लान के तहत प्रदेशभर में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बूथ अध्यक्षों को बूथ से जोड़ने का यह अभिनव प्रयोग भाजपा ने पहली बार शुरू किया है। पार्टी की रणनीति बूथ केंद्रित है। इसलिए भाजपा ने सिटिंग प्लान का नया प्रयोग किया है। पार्टी ने प्रत्येक बूथ पर 370 अधिक वोट प्राप्त करने का जो लक्ष्य तय किया है।

  • समाचार पत्रों में प्रकाशित होते हैं जनपद के समाचार? जिला सूचना अधिकारी ने पूछा; आपका अखबार छपता भी है या नहीं? लखनऊ। देवरिया के जिला सूचना अधिकारी ने कई अखबारों के ब्यूरो प्रमुख / जिला संवाददाता से पूछा है कि आपका अखबार छपता भी है या नहीं। यह भी पूछा कि समाचार पत्रों में जनपद […]

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  • लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 को लेकर तत्पर पुलिस

    एसपी ने किया शराब की 02 डिस्टलरी का आकस्मिक निरीक्षण

    आमजन में सुरक्षा की भावना जगाने एसपी मैदान में

    बिजनौर। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 के दृष्टिगत थाना कोतवाली शहर क्षेत्रान्तर्गत शराब की 02 डिस्टलरी का आकस्मिक निरीक्षण/भ्रमण किया।

    उन्होंने सर्वसंबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान क्षेत्राधिकारी नगर संग्राम सिंह व आबकारी विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।

    इसके अलावा लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 को शांतिपूर्वक एवं भयमुक्त वातावरण में सम्पन्न कराने के दृष्टिगत तथा आमजन में सुरक्षा की भावना जागृत करने के उद्देश्य से स्थानीय पुलिस व अर्द्धसैनिक बल के साथ पुलिस अधीक्षक ने थाना हल्दौर क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न गांवों में एरिया डोमिनेशन किया।

    एसपी ने एरिया डोमिनेशन के दौरान आमजन से संवाद करने के साथ ही सभी को निडर होकर मतदान करने के लिये प्रेरित किया। इस दौरान क्षेत्राधिकारी नगर संग्राम सिंह भी मौजूद रहे।

    जनसुनवाई के दौरान मिली शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश

    पुलिस अधीक्षक ने पुलिस कार्यालय पर जनसुनवाई के दौरान कुल 40 शिकायतों को सुना। उन्होंने समस्त प्रार्थना पत्र (शिकायतों) पर प्रभावी कार्यवाही हेतु सम्बन्धित को निर्देशित किया।

  • भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर “दिव्यांग मतदाता जागरुकता अभियान”

    मतदाता जागरूकता रैली को डीएम एसपी ने हरी झण्डी दिखा कर किया रवाना

    बिजनौर।दिव्यांग मतदाता जागरुकता अभियान” के तहत मंगलवार दिनांक 02 अप्रैल 2024 को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल व पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने मतदाता जागरूकता रैली को हरी झण्डी दिखा कर रवाना किया।

    इस अवसर पर सभी को मताधिकार के प्रयोग की शपथ दिलाई गई। इस दौरान अन्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

    विदित हो कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर दिव्यांग मतदाताओं की निर्वाचन प्रक्रिया में शत प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु राज्य, जिला एवं विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के स्तर पर चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। इस कड़ी में मतदान केंद्रों पर दिव्यांग मतदाताओं के लिए रैंप, व्हील चेयर, परिवहन सुविधा समेत कई व्यवस्थाएं की जा रही हैं। दिव्यांग मतदाताओं की चुनाव प्रक्रिया में सहभागिता सुनिश्चित करने की दिशा में प्रमडंलीय आय़ुक्त को भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा एक्सेसिबिलिटी आब्जर्वर के तौर पर नामित किया गया है। वे दिव्यांग मतदाताओं की पहचान, निर्वाचक नामावली में उनके नाम की प्रविष्टि और उन्हें उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं से संबंधित विषयों का पर्यवेक्षण करेंगे।

    सहयोग के लिए वोलेंटियर्स रहेंगे मौजूद

    सभी मतदान केंद्रों पर दिव्यांग मतदाताओं को सहयोग करने के लिए वोलेंटियर्स मौजूद रहेंगे। भारत निर्वाचन आयोग के प्रावधानों के अंतर्गत वोलेंटियर्स की उम्र 18 साल से कम होगी। वोलेंटियर्स के रुप में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), भारत स्काउट एंड गाइड और नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट्स स्वैच्छिक सेवा देंगे. मतदाताओं की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1950 जारी किया गया है। इस हेल्पलाइन नंबर का ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि लोग इसके उपयोग से अवगत हो सकें। कोई भी व्यक्ति एंड्रायड मोबाइल के गूगल प्ले स्टोर और आईफोन से वोटर हेल्पलाइन को डाउनलोड कर सकता है।

    स्वीप के तहत किया जा रहा जागरुक

    स्वीप (सिस्टमेटिक वोटर्स एजुकेशन एंड ईलेक्टोरल पार्टिसिपेशन) के तहत दिव्यांग मतदाताओं को शिक्षित व प्रेरित करने के लिए विशेष शिविर, क्षेत्रीय, सरल भाषा, साइन लैंग्वेजेज या ब्रेल लिपि में प्रचार सामग्री की व्यवस्था की गई है। दृष्टि बाधित मतदाताओं के लिए मतदाता मार्गदर्शिका, मतदाता पर्ची और डमी बैलेट पेपर ब्रेल लिपि में उपलब्ध कराया जाएगा। दिव्यांग मतदाताओं को दी जाने वाली सुविधाओं के मॉनिटरिंग हेतु अधिकारियों को प्रतिनियुक्त करते हुए विशेष तौर पर प्रशिक्षित भी किया जा रहा है। जिला स्तर पर दिव्यांग मतदाताओं से संबंधित सभी कार्यों को संपादित करने के लिए जिला स्तरीय डीएमसीएई (डिस्ट्रिक्ट मॉनिटरिंग कमिटी आन एक्सेसबल इलेक्शन) औऱ विधानसभा क्षेत्र स्तर पर एसीसीएई (असेंबली आन एक्सेसबल इलेक्शन) का गठन किया गया है।

    दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं

    -मतदान केंद्रों पर दिव्यांग मतदाताओं के लिए रैंप, व्हील चेयर, मतदान के दिन पृथक कतार समेत उचित प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय औऱ शेड समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी।
    -दिव्यांग मतदाताओं को घर से मतदान केंद्र तक लाने व पहुंचाने के लिए निःशुल्क परिवहन उपलब्ध कराई जाएगी।
    -दिव्यांग मतदाताओं के लिए मतदान केंद्र के लिए उचित पहुंच पथ के साथ मानक निदेशक सूचकों के साथ मतदान कक्ष के मार्ग पर संकेतक लगा रहेगा।
    – दिव्यांगजनों को घर- घर तक वोटर पर्ची का वितरण और मतदान के पूर्व उनके मतदान केंद्र का लोकेशन बताया जाएगा।
    -दृष्टिबाधित मतदाताओं के लिए ईवीएम में ब्रेल लिपि में सुविधा प्रदान की जाएगी। 

  • समाज को शिक्षित व जागरूक करने की जरूरत: आरएन यादव

    यादव पारिवारिक होली मिलन समारोह में प्रतिभाशाली बच्चों का सम्मान

    लखनऊ। यादव विकास सेवा संस्थान ने सदर कैंट लखनऊ में चतुर्थ यादव पारिवारिक होली मिलन समारोह व मेधावी सम्मान समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम का संचालन राम सजीवन यादव ने किया। हाल ही में भारतीय सांख्यकीय सेवा में 25 वें स्थान पर चयनित हुए अंकित यादव को भी सम्मानित किया गया।

    होली मिलन समारोह को संबोधित करते हुए यूपी राजकीय निर्माण निगम के पूर्व प्रबंध निदेशक आरएन यादव ने कहा कि यादव समाज को शिक्षित व जागरूक करने की जरूरत है। आज समाज को सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक रूप से सशक्त होना होगा। साथ ही समाज के पिछड़े हुए लोगों की मदद के लिए हम सभी को आगे आना होगा, क्योंकि यूपी में यादवों की आबादी 19.20 फीसदी है। इसी आबादी से आज हजारों की संख्या में यादव समाज के लोग सेना, पुलिस व खेलों में शामिल होकर यादव समाज को गौरवान्वित कर रहे हैं। आज पीसीएस जैसी कठिन परीक्षा में भी तमाम यादव बच्चे सेलेक्ट होकर समाज को एक दिशा दिखा रहे हैं। 

    संरक्षक सुरेश यादव ने कहा कि पहले जहां यादव समाज के लड़के सेना व पुलिस में जाना पसंद करते थे, वहीं अब इन लड़कों का रुझान आईएएस व पीसीएस में हो रहा है। अब समाज की महिलाओं में शिक्षा का प्रतिशत बहुत तेजी से बढ़ा है। हमें समाज की और अधिक महिलाओं को शिक्षित करना होगा, जिससे समाज अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सके।

    इस अवसर पर अमित यादव, सुरेश यादव, अनुज यादव, सुनील यादव, राजेश यादव, आकाश यादव, रमेश यादव, रामसमुझ यादव, आलोक यादव एडवोकेट, आरआर यादव, भूपेंद्र सिंह यादव, किरण यादव, ममता यादव, सुनीता यादव, प्रमोद यादव, चंद्रभान यादव, रीता कृष्ण मोहन आदि उपस्थित रहे।

  • पत्रकारिता से रहा है शाहिद सिद्दीकी का नाता

    आरएलडी को अलविदा के बाद अब किस दल का थामेंगे दामन?

    नई दिल्ली। आरएलडी को अलविदा के बाद शाहिद सिद्दीकी के अगले कदम की ओर सबकी निगाहें हैं। राजनैतिक गलियारों में सोमवार दिन भर यह सवाल तैरता रहा कि अब वह किस दल का दामन थामेंगे ?

    सिद्दीकी ने अपना राजनीतिक करियर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से शुरू किया और 1997-99 तक इसके अल्पसंख्यक सेल के प्रमुख रहे। बाद में वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए और 2002 से 2008 तक इसके राष्ट्रीय महासचिव और 19 जुलाई 2008 को समाजवादी पार्टी छोड़ने और इसके कट्टर प्रतिद्वंद्वी, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में शामिल होने तक इसके राज्यसभा सदस्य रहे। वर्ष 2009 में जब उन्हें लगा कि पार्टी उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजेगी तो वह बसपा में चले गए और बिजनौर से चुनाव लड़े थे। 14 दिसंबर 2009 को उन्हें बसपा नेता मायावती के खिलाफ बोलने के कारण पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। वह 12 अप्रैल 2010 को राष्ट्रीय लोक दल में शामिल हो गए। उन्होंने रालोद में शामिल होने का कारण हरित प्रदेश राज्य के निर्माण की रालोद प्रमुख अजित सिंह की मांग को अपना समर्थन बताया। 2012 के उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव से पहले, सिद्दीकी ने कांग्रेस पार्टी के साथ गठबंधन के विरोध में आरएलडी से इस्तीफा दे दिया और समाजवादी पार्टी में लौट आए। बिजनौर से चुनाव हारने के बाद उनकी बसपा से रुखसती हो गई तो उन्होंने फिर रालोद का दामन थामा लेकिन विधानसभा चुनाव के मौके पर वह आठ जनवरी 2012 को अनुराधा चौधरी के साथ फिर से सपा में पहुंच गए।

    समाजवादी पार्टी से निष्कासन

    गोधरा कांड के बाद अल्पसंख्यक विरोधी दंगों पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का साक्षात्कार लेने के लिए उन्हें जुलाई 2012 में समाजवादी पार्टी से निष्कासित कर दिया गया, जिसके लिए मोदी पर समय पर नियंत्रण करने में विफल रहने का आरोप है। उस इंटरव्यू में मोदी ने कहा था, ”अगर मैं दोषी हूं तो मुझे फांसी दे दो। ”कवर-पेज साक्षात्कार छह पृष्ठों का था और इसमें गुजरात में मुसलमानों की स्थिति, गोधरा के बाद के दंगे और अन्य संवेदनशील मुद्दे शामिल थे।सिद्दीकी ने उन्हें अस्वीकार करने के समाजवादी पार्टी के रुख को महज एक मजाक करार देते हुए कहा, “मैं मुलायम सिंह यादव सहित समाजवादी पार्टी के सभी प्रमुख नेताओं की उपस्थिति में पार्टी में शामिल हुआ था। इसलिए यह मजाक वास्तव में दु:खद है।” मीडिया में बताया गया कि समाजवादी पार्टी से उनके निष्कासन ने मुस्लिम नेतृत्व को नाराज कर दिया है। इसके बाद वह एक बार फिर रालोद में पहुंचे।

    पत्रकारिता में परिवार की पृष्ठभूमि

    शाहिद सिद्दीकी का जन्म 1951 में पत्रकारों और लेखकों के परिवार में हुआ था। उनके पिता मौलाना अब्दुल वहीद सिद्दीकी एक पत्रकार और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के नेता थे। शाहिद अपने भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। उनके सबसे बड़े भाई अहमद मुस्तफा सिद्दीकी राही एक लेखक और नई दुनिया सहित कई उर्दू दैनिक समाचार पत्रों के संपादक थे। उनके भाई खालिद मुस्तफा सिद्दीकी उर्दू पत्रिका हुमा और पाकीज़ा आंचल और हिंदी पत्रिका महकता आंचल के संपादक थे। जब वह बारह वर्ष के थे तब उन्होंने उर्दू भाषा में लिखने में रुचि दिखाई। उन्होंने जाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज (तब दिल्ली कॉलेज के नाम से जाना जाता था) में राजनीति विज्ञान का अध्ययन किया और 1971 में, कॉलेज में केवल एक वर्ष में, उन्होंने वाकियात नामक एक उर्दू पाक्षिक शुरू किया। सिद्दीकी अपने विश्वविद्यालय के दिनों में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के नेता थे। वाकियात 1973 में बंद हो गया और सिद्दीकी ने विश्वविद्यालय के छात्र रहते हुए ही उसी वर्ष दैनिक समाचार पत्र नई दुनिया को एक साप्ताहिक पत्रिका के रूप में पुनर्जीवित किया। उन्होंने 1974 से 1986 तक देशबंधु कॉलेज में राजनीति विज्ञान पढ़ाया।

    1986 में, सिद्दीकी अब निरस्त अधिनियम TADA के तहत गिरफ्तार होने वाले पहले पत्रकार बने। खालिस्तान आंदोलन के संस्थापक जगजीत सिंह चौहान के साथ एक साक्षात्कार प्रकाशित करने के लिए उन्हें 15 दिनों के लिए जेल में डाल दिया गया था।

    आरएलडी ने 04 मार्च को की थी उम्मीदवारों की घोषणा जयंत चौधरी के नेतृत्व वाली आरएलडी आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर 2 मार्च को औपचारिक रूप से एनडीए गठबंधन में शामिल हुई थी। आरएलडी ने बिजनौर लोकसभा सीट से चंदन चौहान को टिकट दिया है। वहीं, बागपत से राजकुमार सांगवान को प्रत्याशी बनाया है। वहीं विधान परिषद के लिए आरएलडी ने योगेश नौहार (चौधरी) पर विश्‍वास जताया। इस घोषणा से उन्होंने साफ कर दिया था कि वह खुद और उनकी पत्नी चारु चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।

  • राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से शाहिद सिद्दीकी का इस्तीफा

    भाजपा के नेता भी अटल जी के राज धर्म को बचाने के लिए आगे आएं

    लोकसभा चुनाव से पहले RLD को बड़ा झटका

    नई दिल्ली। राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शाहिद सिद्दीकी ने आगामी लोकसभा चुनाव से पहले ही सोमवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। सिद्दीकी ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफार्म एक्‍स पर ल‍िखा; मैंने अपना त्यागपत्र राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष जयंत चौधरी को भेज दिया है। मैं ख़ामोशी से देश के लोकतांत्रिक ढांचे को समाप्त होते नहीं देख सकता। मैं जयंत सिंह जी और आरएलडी मैं अपने साथियों का आभारी हूं।

    सिद्दीकी ने कहा, ”कल मैंने रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद और उसकी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। मैं और मेरा परिवार इंदिरा के आपातकाल के खिलाफ खड़े हुए थे और आज उन सभी संस्थानों को कमजोर होते हुए चुपचाप नहीं देख सकते, जिन्होंने एकजुट होकर भारत को दुनिया के महान देशों में से एक बनाया है।”

    https://x.com/shahid_siddiqui/status/1774664435317219698?t=I8D4r3mOe8usjSL0W9Z3CA&s=09

    सोशल मीड‍िया प्‍लेटफार्म एक्‍स पर उन्होंने लिखा कि कल मैंने राष्ट्रीय लोक दल की सदस्यता और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की पोस्ट से अपना त्यागपत्र राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जयंत सिंह जी को भेज दिया है। आज जब भारत के संविधान और लोकतांत्रिक ढाँचा ख़तरे मैं है ख़ामोश रहना पाप है । मैं जयंत जी का आभारी हूँ पर भारी मन से आरएलडी से दूरी बनाने…
    — shahid siddiqui (@shahid_siddiqui) April 1, 2024

    सिद्दीकी ने कहा, ”आज जब भारत के संविधान और लोकतांत्रिक ढांचा खतरे मैं है, खामोश रहना पाप है। मैं जयंत जी का आभारी हूं, पर भारी मन से आरएलडी से दूरी बनाने के लिए मजबूर हूं। भारत की एकता, अखंडता विकास और भाईचारा सर्वप्रिए है। इसे बचाना हर नागरिक की ज‍िम्मेवारी और धरम है।”

    भाजपा के नेताओं से भी विनती

    उन्होंने कहा कि आज सवाल किसी एक दल का नहीं भारत के लोकतंत्र और राज धर्म को सुरक्षित करने का है। मैं भाजपा के नेताओं से भी विनती करूँगा की आप अटल जी के राज धर्म को बचाने के लिए आगे आएं।

    जयंत चौधरी को संदेश…

    इस्‍तीफे में शाहिद सिद्दकी ने लिखा है कि हमने पिछले छह वर्षों तक एक साथ काम किया है। एक-दूसरे का हम सम्‍मान करते हैं। मैं आपको अपना छोटा भाई मानता हूं। हम महत्‍वपूर्ण मुद्दों पर और विभिन्‍न समुदायों के बीच भाईचारे और सम्‍मान का माहौल बनाने में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हुए हैं। हम दोनों धर्मनिरपेक्षता और जिन संवैधानिक मूल्‍यों को संजोते हैं उनके प्रति आपकी प्रतिबद्धता पर कोई संदेह नहीं कर सकता। आपके दिवंगत दादा, भारत रत्‍न चौधरी चरण सिंह जी, आपके दिवंगत पिता अजीत सिंह जी और आपके समय से, आप सभी और वास्‍तव में आपके द्वारा बनाई गई पार्टी इन मूल्‍यों के लिए खड़ी रही है।

  • पांच सवारियां घायल, एक की हालत गंभीर

    मुजफ्फरनगर जा रही बस दुर्घटनाग्रस्त

    बिजनौर। थाना कोतवाली शहर क्षेत्रान्तर्गत गंगा बैराज के निकट बिजनौर से मुजफ्फरनगर जा रही बस अनियंत्रित होकर खाई में चली गई। अप्रैल के पहले दिन ही सुबह के समय हुई इस दुर्घटना में कुल पांच सवारियों के घायल होने की सूचना है। इनमें से एक की हालत गंभीर बताई गई है।

    प्रतीकात्मक चित्र

    बैराज चौकी पुलिस व थाना कोतवाली शहर पुलिस द्वारा मौके पर पहुंच कर घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। दुर्घटना के बाद यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस मौके पर तैनात है।

    क्षेत्राधिकारी नगर ने बताया कि इस संबंध में पुलिस अग्रिम वैधानिक कार्यवाही कर रही है। घायलों को जिला अस्पताल में चल रहा है।

  • राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के होली मिलन समारोह में पहुंचे कौशल किशोर

    देश में चार सौ सीटों से अधिक जीतेगी भाजपा: राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनिवास

    मलिहाबाद, लखनऊ। राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व भाजपा लखनऊ जिला अध्यक्ष रामनिवास यादव के नेतृत्व में मलिहाबाद माल रोड स्थित सियाराम नर्सरी में होली मिलन समारोह मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केन्द्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर सहित अन्नदाता यूनियन के हजारों कार्यकर्ता व समर्थक मौजूद रहे।

    इस मौके पर केन्द्रीय राज्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि सन 2047 तक देश; विकसित देश की श्रेणी में आ जायेगा।

    वहीं यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनिवास ने कहा इस बार देश में भाजपा चार सौ सीटों से अधिक जीतेगी। विपक्षियों का सूपड़ा साफ हो जायेगा। राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के सभी सदस्य व कार्यकर्ता व समर्थक 2024 के लोकसभा चुनाव में जिताने का काम करेंगे।

    इस मौके पर कार्यक्रम के मुख्य आयोजक सियाराम व यूनियन के पदाधिकारी भईया लाल यादव, संतोष सिंह, गुलजारी, उमाशंकर, राजेश रावत, अनिल यादव, रामनरेश, ज्वाला प्रधान, राजवीर, लवकुश, मलिहाबाद प्रधान संघ अध्यक्ष अंजू सिंह सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

  • चैक की सुरक्षा व्यवस्था एवं बंदियों को मिलने वाली सुविधाएं

    डीजे, डीएम, एसपी ने किया जेल का आकस्मिक निरीक्षण

    बिजनौर। न्यायिक, प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने जिला कारागार का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जेल की सुरक्षा व्यवस्था एवं बंदियों को मिलने वाली सुविधाओं को परखा गया।

    जनपद न्यायाधीश मदनपाल सिंह, जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल व पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने रविवार 31 मार्च को संयुक्त रूप से जिला कारागार बिजनौर का आकस्मिक निरीक्षण किया।

    निरीक्षण के दौरान जेल की सुरक्षा व्यवस्था एवं बंदियों को मिलने वाली सुविधाओं को चैक किया गया। साथ ही संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान एसपी सिटी संजीव वाजपेई, एसपी ग्रामीण राम अर्ज, जेल अधीक्षक अदिति श्रीवास्तव, जेलर समेत अन्य स्टाफ मौजूद रहा।

  • सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर हुआ था वायरल

    एक नामजद व 03~04 अज्ञात आरोपियों को तलाश रही पुलिस

    युवक की पिटाई कर वीडियो वायरल करने का आरोपी शिकंजे में

    बिजनौर। युवक की पिटाई कर वीडियो वायरल करने का एक आरोपी नहटौर पुलिस के शिकंजे में फंस गया है। एक नामजद व 03~04 अज्ञात आरोपियों को पुलिस तलाश रही है।

    दूसरी तरफ लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 के दृष्टिगत गोष्ठी का आयोजन रिजर्व पुलिस लाइन के सभागार कक्ष में किया गया।

    गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन द्वारा  निरोधात्मक कार्यवाही, हिस्ट्रीशीटर का सत्यापन, मतदान केन्द्रों का भ्रमण/निरीक्षण, अन्तर्राज्यीय बैरियर चेकिंग आदि की समीक्षा कर सर्वसंबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। इस दौरान जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारी/थाना प्रभारी मौजूद रहे।

    वहीं सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर वायरल एक वीडियो को लेकर थाना नहटौर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। थाना नहटौर के प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया कि वायरल वीडियो में कुछ व्यक्ति एक युवक के साथ मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय पुलिस द्वारा वायरल वीडियो का तत्काल संज्ञान लेकर जांच शुरु की गई, तो उक्त वीडियो दिनांक 13 मार्च 2024 का होना पाया गया। इसका घटनास्थल थाना नहटौर क्षेत्रान्तर्गत जंगल ग्राम बच्चेवाला स्थित हड्डी फैक्ट्री था। पुलिस द्वारा घटना में शामिल 02 अभियुक्त जैद पुत्र शमशाद एवं इम्तियाज पुत्र इमामुद्दीन निवासी ग्राम चक गोवर्धन थाना नहटौर जनपद बिजनौर को चिन्हित किया गया।

    इस संबंध में उ0नि0 जितेन्द्र सिंह द्वारा थाना नहटौर पर मु0अ0सं0 141/2024 आईपीसी की धारा 147/323/341/504/506 के तहत जैद व इम्तियाज तथा 03~04 अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध पंजीकृत कराया गया। पुलिस द्वारा तत्परता से कार्यवाही करते हुए अभियुक्त इम्तियाज पुत्र इमामुद्दीन निवासी ग्राम चक गोवर्धन थाना नहटौर जनपद बिजनौर को गिरफ्तार किया गया है। विधिक कार्यवाही की जा रही है। घटना में शामिल अन्य अभियुक्तों को चिन्हित किया जा रहा है, जिनकी शीघ्र गिरफ्तारी की जायेगी। अभियुक्त इम्तियाज को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना नहटौर के प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र सिंह सोलंकी के साथ उ0नि0 जितेन्द्र सिंह, कां0 राहुल तथा कां0 आकाश यादव शामिल रहे।

  • कलेक्ट्रेट में हुई राजनैतिक दलों के प्रत्याशियों के प्रतिनिधियों की बैठक

    जाफराबाद बैरियर पर संदिग्ध व्यक्ति/वाहनों की चैकिंग

    निष्पक्ष निर्विघ्न चुनाव संपन्न कराने को जुटे पुलिस प्रशासनिक अधिकारी

    बिजनौर। लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 के दृष्टिगत कलेक्ट्रेट के महात्मा विदुर सभागार कक्ष में  विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रत्याशियों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई।

    इस दौरान चुनाव प्रेक्षक व व्यय प्रेक्षक (लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र बिजनौर व नगीना), जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन द्वारा सर्वसंबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। गोष्ठी में अन्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारीगण मौजूद रहे।

    दूसरी तरफ जनपद बिजनौर व उत्तराखण्ड के सीमावर्ती जनपदों के पुलिस/प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 के दृष्टिगत व्यापक अभियान चलाया गया।

    इस दौरान थाना नजीबाबाद क्षेत्रान्तर्गत जाफराबाद बैरियर पर संदिग्ध व्यक्ति/वाहनों की सघन चेकिंग की गई तथा सर्वसंबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये।

  • इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन ने कराया कार्यक्रम

    कैदियों और जेल स्टाफ ने उठाया भरपूर लाभ

    जिला कारागार बिजनौर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का शंखनाद

    बिजनौर। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2024 के कार्यक्रम के लिए जिला कारागार बिजनौर में शंख बजा कर डॉ. नरेंद्र सिंह योगाचार्य ने योग का शंखनाद किया। इस दौरान कैदियों और जेल स्टाफ ने चिकित्सा की इस भारतीय पद्धति का भरपूर लाभ उठाया।

    इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन के जिला अध्यक्ष ओपी शर्मा, सचिव सोमदत्त शर्मा, संयुक्त सचिव प्रभोद रंजन, उपाध्यक्ष डॉ. गजेंद्र कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव डॉक्टर सुधीर कुमार सीटी स्कैन सेंटर जिला अस्पताल बिजनौर, योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष योगेश कुमार के संयुक्त तत्वाधान में जिला कारागार में कैदियों एवं समस्त स्टाफ को योग कराया गया।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रविंद्र नाथ जिला जेलर बिजनौर रहे। इस अवसर पर सूर्य नमस्कार, स्कंद संचालन, ताड़ासन, वृक्ष आसन, पश्चिमोत्तानासन, मयूरासन, भुजंगासन, धनुरासन, उत्तानपादासन, हलासन, सर्वांगासन आदि आसन कराए गए। इसके अलावा प्राणायाम में अग्निसार, अनुलोम विलोम, भस्त्रिका भ्रामरी, कपालभाति के साथ ही चक्र का जागरण एवं ध्यान कराया गया।

    इस अवसर पर डॉ. नरेंद्र सिंह ने कहा कि हमें अच्छे कर्म करने चाहिए, जिससे हमें जेल में आने की नौबत ना पड़े। हमें अपने परिवार की, समाज की और राष्ट्र की सेवा करनी है। राष्ट्र के लिए जिएं, राष्ट्र के लिए मरे। मानव के कल्याण के लिए और राष्ट्र के निर्माण के लिए कार्य करें। कार्यक्रम के अंत में जिला जेलर रविंद्र नाथ ने सभी योगाचार्य को हार्दिक धन्यवाद दिया।

  • बिजनौर लोकसभा चुनाव 2024 (Bijnor Lok Sabha Election 2024)

    बिजनौर उत्तर प्रदेश का एक महत्वपूर्ण लोकसभा क्षेत्र और जिला है. वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक बिजनौर की जनसंख्या लगभग 36 लाख थी और इसका क्षेत्रफल 4,561 वर्ग किमी है. बिजनौर लोकसभा सीट पर कुल15 लाख से अधिक वोटर हैं, जिनमें 848606 पुरुष और 713459 महिला वोटर हैं. जनगणना के अनुसार, बिजनौर में कुल 55.18 % हिंदू और 44.04% मुस्लिम लोग हैं.

    बिजनौर लोकसभा क्षेत्र में कुल 5 विधानसभा सीटें आती हैं. इनमें दो बिजनौर जिले, दो मुजफ्फरनगर जिले और एक मेरठ जिले से हैं. ये सीटें पुरकाजी, मीरापुर, बिजनौर, चांदपुर और हस्तिनापुर हैं.

    बिजनौर को जहां एक ओर महाराजा दुष्यंत, सम्राट भरत, संत ऋषि कण्व और महात्मा विदुर की कर्मभूमि होने का गौरव प्राप्त है, वहीं आर्यजगत के प्रकाश स्तंभ स्वामी श्रद्धानंद. वैज्ञानिक डॉ. आत्माराम, भारत के पहले इंजीनियर राजा ज्वाला प्रसाद की जन्मभूमि होने का सौभाग्य भी प्राप्त है.

    साहित्य के क्षेत्र में भी बिजनौर ने कई महत्वपूर्ण मानदंड स्थापित किए हैं. कालिदास ने अपने लिखे नाटक अभिज्ञान शाकुंतलम में यहां बहने वाली मालिनी नदी को आधार बनाया है. उर्दू साहित्य में भी जिला बिजनौर का गौरवशाली स्थान है.

    बिजनौर लोकसभा सीट पश्चिमी उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण सीटों में से एक है, यही कारण है कि इसका इतिहास भी बहुत दिलचस्प रहा है. मेरठ, नगीना, मुजफ्फरनगर जैसे शहरों से जुड़ी इस सीट पर शुरुआत में कांग्रेस का दबदबा रहा था. देश में हुए पहले चुनाव यानी 1952 से लेकर 1971 तक ये सीट कांग्रेस के खाते में ही रही. फिर इमरजेंसी के दौर के बाद कांग्रेस का मोहभंग हुआ तो 1977 और 1980 में इस सीट पर जनता दल ने जीत हासिल की. हालांकि, एक बार फिर ये सीट कांग्रेस के पास गई थी. साल 1989 में बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने जीत दर्ज की थी. उसके बाद हुए इस सीट पर 2014 तक कुल 7 चुनाव में चार बार भारतीय जनता पार्टी, दो बार राष्ट्रीय लोकदल और एक बार समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की.

    2019 का जनादेश

    बिजनौर लोकसभा सीट पर कुल 13 उम्मीदवार मैदान में थे. बीजेपी ने भारतेंद्र सिंह पर ही भरोसा जताते हुए उन्हें मैदान में उतारा था. गठबंधन से बीएसपी के मलूक नागर मैदान में थे. कांग्रेस ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी को उतारा था. 2019 चुनाव में इस साट से बीएसपी के मलूक नागर ने जीत हासिल की, उन्हें 5,56,556 वोट मिले थे. वहीं बीजेपी के भारतेंद्र सिंह 4,86,362 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे और कांग्रेस के नसीमुद्दीन सिद्दीकी 25,833 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे.

    2014 लोकसभा चुनाव के नतीजे

    कुंवर भारतेंद्र सिंह, भारतीय जनता पार्टी, कुल वोट मिले 486913, 45.9%

    शाहनवाज राना, समाजवादी पार्टी, कुल वोट मिले 281136, 26.5%

    मलूक नागर, बहुजन समाज पार्टी, कुल वोट मिले 230124, 21.7%

    जयाप्रदा, राष्ट्रीय लोकदल, कुल वोट मिले 23348, 2.3%

    (साभार)

  • एनकाउंटर में पकड़ा बदमाश हथकड़ी समेत अस्पताल से फरार

    Sambhal में दरोगा समेत 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड

    अभिनव माथुर
    ~Report by Abhinav Mathur
    संभल जिले में पुलिस ने एक बदमाश को मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया. इलाज के लिए पुलिस उसे अस्पताल लेकर गई तो वो मौका पाकर फरार हो गया.
    संभल: मुठभेड़ में घायल बदमाश पुलिस के सामने से फरार

    लखनऊ। यूपी के संभल जिले में पुलिस ने एक बदमाश को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया. उसके पैर में गोली लगी थी, लेकिन पुलिस जब उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंची, तो वो मौका पाकर फरार हो गया. इस घटना में पुलिसवालों की लापरवाही सामने आने के बाद एसपी ने एक्शन लिया. उन्होंने तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है. फिलहाल, फरार बदमाश की तलाश के लिए टीमें लगा दी गई हैं. 

    दरअसल, 09 मार्च को बहजोई थाना इलाके के चोपा शोभापुर गांव में बदमाशों ने परिवार को गन पॉइंट पर लेकर घर में लाखों रुपए की डकैती की घटना को अंजाम दिया था. 17 मार्च को बहजोई थाना पुलिस ने थाना इलाके के टिकटा रोड पर मुठभेड़ के दौरान डकैती की घटना को अंजाम देने वाले गैंग के मुख्य बदमाश चांद बाबू को गोली लगने से घायल होने के बाद गिरफ्तार कर लिया. घायल बदमाश चांद बाबू को संभल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 18 मार्च को बहजोई थाना पुलिस के दरोगा सत्येंद्र कुमार और दो सिपाहियों ने बदमाश चांद बाबू का एक्स-रे कराया और जिला अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर ले जाने की तैयारी में थे. इसी बीच चांद बाबू अस्पताल से फरार हो गया. अस्पताल से बाहर जाते समय वो सीसीटीवी में कैद हो गया. घटना में पुलिस कर्मियों की लापरवाही सामने आने के बाद एसपी ने एक्शन लिया. उन्होंने दरोगा समेत तीन पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है. फिलहाल, फरार बदमाश की तलाश के लिए टीमें लगा दी गई हैं. 

  • आजाद भारत की कहानी

    विकास और वोटिंग के बीच का विरोधाभास

    इसमें कोई दोराय नहीं कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र  अपने देश भारत ने हर क्षेत्र में काफी तरक्की की है। हर क्षेत्र में कई गुना बढ़ोतरी विश्व के तमाम देशों में गर्व से रहने का अवसर देती है, लेकिन मतदान प्रतिशत के मामले में हम आज भी कई छोटे-छोटे देशों से पीछे हैं। 72 वर्षों में मतदान प्रतिशत में अभी तक अधिकतम 22% की वृद्धि ही हुई है। वह भी स्थाई नहीं। सेंसेक्स की तरह इसमें चुनाव-दर-चुनाव उतार-चढ़ाव देखे गए हैं।

    आजाद भारत का पहला चुनाव अक्टूबर 1951 से फरवरी 1952 के बीच हुआ। तब देश में 17.32 करोड़ मतदाता थे और आबादी करीब 30 करोड़। उस वक्त देश में लोगों को मतदान प्रक्रिया समझाने की जरूरत थी। तब की सरकार ने देश भर के 3000 सिनेमा घरों में मतदान प्रक्रिया समझाने के लिए मूवी चलवाई। अखबारों में विज्ञापन  दिए। अनुभवविहीनता के बावजूद पहले आम चुनाव में 44.5% वोटरों ने मतदान किया। बाद की सरकारों ने भी मतदान प्रतिशत बढ़ाने के अनेक उपाय किए। इन उपायों का नतीजा ही था कि तीसरे आम चुनाव में वोटों में करीब 10% की एक साथ वृद्धि हुई।

    वर्ष 2011 में चुनाव आयोग के स्थापना दिवस 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस पूरे देश में मनाने की शुरुआत हुई। पहले राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर मतदान का महत्व बताने के लिए देशभर के साढ़े आठ लाख मतदान केंद्रों के अतिरिक्त देश भर के 40 हजार शिक्षण संस्थानों में सेमिनार, गोष्ठियां और रैलियां आयोजित की गईं। यह काम आज भी जारी है। इधर कुछ वर्षों से मतदान बढ़ाने के लिए चर्चित हस्तियों को ब्रांड एंबेसडर बनाने का काम भी चल रहा है, लेकिन मतदान प्रतिशत में अपेक्षित बढ़ोतरी के परिणाम नहीं निकल सके।

    परिस्थितियां ज्यादा जिम्मेदार

    अभी तक के चुनावी इतिहास में अधिकतम मतदान 2019 के चुनाव में 67.40% तक ही पहुंचा है। इसमें भी मतदाता जागरूकता का कारण कम परिस्थितियां ज्यादा जिम्मेदार हैं। मसलन, इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देशभर में उपजी सहानुभूति लहर के बीच हुआ 1984 का चुनाव हो या 2014 में मोदी के चेहरे पर लड़ा गया चुनाव। 2014 के मोदी मैजिक ने मतदान प्रतिशत में करीब 8 प्रतिशत वृद्धि की छलांग तो लगाई, लेकिन 1962 के आम चुनाव की बढ़ोतरी का रिकॉर्ड; यह मैजिक भी तोड़ नहीं पाया। 62 के चुनाव में मतदान प्रतिशत में 9.98 % की वृद्धि दर्ज की गई थी। 18वीं लोकसभा के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने 70% मतदान का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए व्यापक प्लानिंग भी है।

    सामने रखें ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण

    यह अफसोसनाक है कि सात दशक की लंबी अवधि में अभी हम सिक्के के एक पहलू पर ही केंद्रित हैं। दूसरा पहलू देखना ही बाकी है। आर्थिक तरक्की की दौड़ और अमेरिका और यूरोपीय देशों के बराबर पहुंचने की अंधी होड़ में माल्टा जैसे छोटे देशों के मतदाताओं की परिपक्वता को दरकिनार कर देते हैं, जहां मतदान 91% तक पहुंच चुका है। इस मामले में हम सिंगापुर जैसे छोटे देश को भी नजर नजरअंदाज करते हैं। सिंगापुर के 2020 के आम चुनाव में 95.81% मतदान हुआ था। मतदान प्रतिशत के मामले में ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण भी हमें सामने रखना चाहिए। 2016 के संघीय चुनाव में ऑस्ट्रेलिया में प्रतिनिधि सभा के लिए 91% और सीनेट के लिए 95 प्रतिशत मतदान हुआ था।

    नहीं बढ़ा अपेक्षा के अनुरूप मतदान प्रतिशत

    आज देश की आबादी 140 करोड़ से ऊपर है और मतदाताओं की संख्या करीब 97 करोड़। यानी मतदाता और आबादी आजादी के वक्त से करीब 5 गुना अधिक। आजादी के वक्त भारत की अर्थव्यवस्था केवल 2.7 लाख करोड़ की ही थी। आज देश की अर्थव्यवस्था 272 का लाख करोड़ रुपए से आगे बढ़ चुकी है। आंकड़े कहते हैं कि आजादी के बाद भारत की अर्थव्यवस्था का आकार 100 गुना बढ़ा। आजादी के समय देश में प्रति व्यक्ति आय 60 डाॅलर से बढ़कर 2200 डाॅलर तक पहुंच चुकी है। इन वर्षों में साक्षरता दर भी बढ़ी और इंफ्रास्ट्रक्चर भी। चुनाव खर्च भी 60 पैसे प्रति मतदाता से बढ़कर 72 रुपए प्रति मतदाता पहुंच गया, लेकिन अपेक्षा के अनुरूप मतदान प्रतिशत नहीं बढ़ा।

    जागरूकता जरूरी

    यह गौर करने लायक बात है कि जब हर क्षेत्र में भारत ने कई पायदान चढ़कर तरक्की के नए इतिहास लिखे हैं तो मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी के मामले में हम इतने पिछड़े क्यों है? किसी ने सही ही कहा है कि किसी भी देश की तरक्की का असली अक्स मतदान प्रतिशत में ही देखा जाना चाहिए। मतदाता जितने जागरूक होंगे उतना ही लोकतंत्र स्वस्थ होगा और तरक्की की इबारत भी उतनी ही मजबूत। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के राजनीतिक वैज्ञानिक एडम बोनिका एवं माइकल मैकफाॅल बहुत पहले कह चुके हैं- ‘जब अधिक लोग मतदान करते हैं, तो लोकतंत्र बेहतर प्रदर्शन करता है।’

    मतदान न करने वाले 03 महीने बैंक से नहीं निकाल सकते रकम

    इसके लिए जरूरी है कि मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया जर्मनी, फ्रांस एवं स्पेन की तरह आसान की जाए और ऑस्ट्रेलिया की तरह अनिवार्य। ऑस्ट्रेलिया में मतदाता पंजीकरण और मतदान केंद्र पर उपस्थिति अनिवार्य है। फ्रांस और स्पेन में 18 वर्ष से अधिक उम्र का प्रत्येक नागरिक का नाम आटोमैटिक मतदाता सूची में दर्ज हो जाता है।  बोलीविया में तो मतदान नहीं करने पर बैंक में 3 महीने पैसा निकालने पर रोक लग जाती है।

    ताकि बढ़ सके दुनिया में अपने लोकतंत्र की प्रतिष्ठा

    कम मतदान एक ऐसा अहम मसला है, जिस पर हमारे राजनेताओं और राजनीतिक दलों ने कोई गंभीर विमर्श आज तक धरातल पर किया ही नहीं। यहां भी पुरानी कहावत ही लागू है- मर्ज कुछ और – इलाज कुछ और। ऐसे में सवाल है कि कम मतदान के असली कारण खोजने की कोशिश अमृतकाल में शुरू नहीं होगी तो कब होगी? 5 ट्रिलियन की इकोनॉमी दुनिया में भारत का मान तो बढ़ा सकती है, पर स्वस्थ लोकतंत्र नहीं बना सकती। जहां एक बड़ी आबादी मतदान में भाग लेती ही न हो उस देश की सरकार से समग्र विकास की उम्मीद भी बेमानी ही समझी जानी चाहिए। अब समय आ गया है कि देश के हर वर्ग, धर्म, दल के चिंतकों-विचारकों और विकासवादी नेताओं को इस मुद्दे पर अपना मौन तोड़कर मतदान प्रतिशत बढ़ाने का नया तोड़ निकालने के संयुक्त जतन शुरू करने चाहिए। इससे दुनिया में अपने लोकतंत्र की प्रतिष्ठा ही बढ़ेगी। इसके बिना हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र तो हो सकते हैं लेकिन परिपक्व लोकतंत्र की मिसाल नहीं कायम कर सकते। हालांकि वर्तमान हालात में जब सभी दलों को अपनी-अपनी ही पड़ी हो, तब यह बात दूर की कौड़ी ही लगती है।

    -गौरव अवस्थी
    Mo. 9415034340
    ईमेल-gaurav.awasthi@gmail.com

  • पुलिस की निष्पक्ष कार्रवाई और कार्यशैली की खूब सराहना

    जिलाध्यक्ष की गाड़ी का हूटर उतरते ही उपजी थी राष्ट्रीय किसान यूनियन में नाराजगी

    बिजनौर पुलिस की आमजन भी कर रहा तारीफ

    ट्रैफिक पुलिस ने उतरवा डाला विधायक एवं वर्तमान लोकसभा प्रत्याशी की गाड़ी का हूटर

    बिजनौर। आचार संहिता लगते ही बिजनौर ट्रैफिक पुलिस ने मीरापुर विधायक एवं वर्तमान लोकसभा प्रत्याशी चंदन चौहान की गाड़ी का हूटर उतरवा डाला। हालांकि इससे पहले राष्ट्रीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष हेमेंद्र सिंह की गाड़ी से हूटर उतरवाने के बाद स्थिति बिगड़ते हुए बची। बिजनौर पुलिस की इस कार्रवाई पर आमजन भी तारीफ कर रहा है।

    आचार संहिता लगने के बाद पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन के सख्त निर्देश पर बिजनौर पुलिस ने जनपद भर में वाहनों की सघन चेकिंग का अभियान चला रखा है। सेंट मैरीज स्कूल के पास चक्कर रोड पर यातायात सुरक्षा / प्रभारी उपनिरीक्षक बलराम सिंह सहित ट्रैफिक पुलिस बिजनौर के मुख्य मार्गों पर सघन चेकिंग कर रहे थे।

    इस दौरान राष्ट्रीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष हेमेंद्र सिंह सहित कई गाड़ियों को ट्रैफिक पुलिस ने रोक कर उनका हूटर उतरवा दिया। इस पर काफी किसान नाराज भी हो गए। इसी बीच रालोद भाजपा गठबंधन प्रत्याशी चंदन चौहान की गाड़ी उक्त मार्ग से गुजरी। उसमें उनकी धर्मपत्नी बैठी हुई थीं।पुलिस ने गाड़ी को तुरंत रोक कर हूटर उतरवाया। इस कार्रवाई से पहले पुलिस के खिलाफ लामबंद किसान यूनियन के लोग शांत हो गए।

    लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस ने पारदर्शिता एवं ईमानदारी के साथ वाहन चेकिंग अभियान चलाकर आचार संहिता लगने का सभी को एहसास कराया। इस कारण बिजनौर पुलिस की कार्यशैली की खूब सराहना हो रही है। लोगों का तो यहां तक कहना है कि एसपी नीरज कुमार जादौन के नेतृत्व में बिजनौर पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करने में लगी है। इस कारण पुलिस का इकबाल बुलंद हो रहा है। वाहन चेकिंग अभियान में उप निरीक्षक प्रदीप कुमार, सिपाही पिंटू सिंह, प्रदीप कुमार, सचिन कुमार आदि शामिल रहे।

  • स्कूल कालेजों स्थित मतदान केन्द्रों का भ्रमण/निरीक्षण

    एसपी ने की बॉर्डर पर लगे सीसीटीवी कैमरों की चैकिंग

    थानों में पीस कमेटी के सदस्यों तथा क्षेत्र के सम्भ्रांत व्यक्तियों के साथ गोष्ठी

    फोर्स के ठहरने हेतु चिन्हित स्कूल/कॉलेजों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा

    चप्पे चप्पे पर पुलिस अफसरों की निगाहें

    बिजनौर। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 के दृष्टिगत थाना बढ़ापुर क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न मतदान केन्द्रों का भ्रमण/निरीक्षण किया। वहीं बाहर से आने वाले फोर्स के ठहरने हेतु चिन्हित स्कूल/कॉलेजों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं को चैक किया। उन्होंने सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित कराए जाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    इसके अलावा उन्होंने उत्तराखण्ड अन्तर्राज्यीय बॉर्डर चेक पोस्ट का आकस्मिक निरीक्षण कर बॉर्डर पर लगे सीसीटीवी कैमरों को चैक किया। एसपी ने संदिग्ध व्यक्ति/वाहन आदि की चेकिंग एवं अन्य बिन्दुओं पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों व सर्वसंबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान क्षेत्राधिकारी नगीना व प्रभारी निरीक्षक थाना बढ़ापुर मौजूद रहे।

    इधर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 की आदर्श आचार संहिता के दृष्टिगत यातायात पुलिस द्वारा नगर बिजनौर में वाहन चैकिंग अभियान चलाया गया। चैकिंग के दौरान 02 गाड़ियों में हूटर लगे हुए पाए गए। उक्त गाडियों के हूटर को उतरवाकर कब्जे में लेने के साथ ही नियमानुसार कार्यवाही की गई।

    दूसरी ओर अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम अर्ज द्वारा लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 के दृष्टिगत थाना हीमपुर दीपा क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न मतदान केन्द्रों का भ्रमण/निरीक्षण किया गया। उन्होंने सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित कराए जाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके अलावा अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने आगामी त्योहारों व लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत स्थानीय पुलिस बल के साथ थाना हीमपुर दीपा क्षेत्रान्तर्गत अपराध नियंत्रण/शांति एवं कानून व्यवस्था तथा आमजन में सुरक्षा का भाव जागृत करने के उद्देश्य से पैदल गश्त की।

    इधर अपर पुलिस अधीक्षक नगर, उपजिलाधिकारी सदर व क्षेत्राधिकारी नगर ने लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत थाना कोतवाली शहर क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न मतदान केन्द्रों का भ्रमण/निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित कराए जाने के संबंध में संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने राजकीय कन्या इण्टर कॉलेज मतदान केन्द्र का भ्रमण/निरीक्षण भी किया।

    इसी प्रकार अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी ने आगामी त्योहारों व लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत क्षेत्राधिकारी धामपुर एवं स्थानीय पुलिस बल के साथ थाना नहटौर क्षेत्रान्तर्गत अपराध नियंत्रण/शांति एवं कानून व्यवस्था तथा आमजन में सुरक्षा का भाव जागृत करने के उद्देश्य से पैदल गश्त की।थाना नहटौर परिसर में पीस कमेटी के सदस्यों तथा क्षेत्र के सम्भ्रांत व्यक्तियों के साथ गोष्ठी की गई। इसके अलावा क्षेत्राधिकारी अफजलगढ के साथ थाना शेरकोट क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न मतदान केन्द्रों का भ्रमण/निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित कराए जाने के संबंध में संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं थाना शेरकोट परिसर में आगामी त्योहारों व लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 के दृष्टिगत पीस कमेटी के सदस्यों तथा क्षेत्र के सम्भ्रांत व्यक्तियों के साथ गोष्ठी की गई। की गई। इसके अलावा क्षेत्राधिकारी अफजलगढ के साथ थाना शेरकोट क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न मतदान केन्द्रों का भ्रमण/निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित कराए जाने के संबंध में संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं थाना शेरकोट परिसर में आगामी त्योहारों व लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 के दृष्टिगत पीस कमेटी के सदस्यों तथा क्षेत्र के सम्भ्रांत व्यक्तियों के साथ गोष्ठी की गई।

    क्षेत्राधिकारी धामपुर ने लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत थाना धामपुर क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न मतदान केन्द्रों का भ्रमण/निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित कराए जाने के संबंध में संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    इसी प्रकार क्षेत्राधिकारी अफजलगढ़ द्वारा थाना अफजलगढ परिसर में आगामी त्योहारों व लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत पीस कमेटी के सदस्यों तथा क्षेत्र के सम्भ्रांत व्यक्तियों के साथ गोष्ठी की गई।

    पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने रिजर्व पुलिस लाइन के सभागार कक्ष में उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस सीधी भर्ती के प्रारम्भिक प्रशिक्षण के उपरान्त जनपद बिजनौर को आवंटित प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों की गोष्ठी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 

  • DM साहब ने ग़ज़ब स्टाइल में पत्रकारों को…

    DM साहब ग़ज़ब स्टाइल में पत्रकारों से कह रहे हैं कि ये धमकी भी है और सुझाव भी…? आप और आपके अनियंत्रित साथियों को…

    ये ग़ाज़ियाबाद के DM इंद्र विक्रम सिंह हैं. DM साहब ग़ज़ब स्टाइल में पत्रकारों से कह रहे हैं कि आपके हाथ में दोधारी तलवार है.

    पीसीएस से प्रमोट होकर बने IAS

    PCS अफसर इंद्र विक्रम सिंह ने जून 2022 में गाजियाबाद के डीएम का पदभार ग्रहण किया था। फतेहपुर के रहने वाले इंद्र विक्रम सिंह को पीसीएस पास करने के बाद पहली पोस्टिंग अलीगढ़ में मिली। वर्ष 2011 में उनको अलीगढ़ डेवलपमेंट अथॉरिटी में सचिव के पद पर तैनाती मिली। उन्‍हें पीसीएस से आईएएस में प्रमोटी कर दिया गया। वह बलिया और शामली के भी डीएम रहे हैं।

    इंद्र विक्रम सिंह अपने सख्‍त स्‍वभाव की वजह से जाने जाते हैं। अलीगढ़ में तैनाती के दौरान एक किसान ने उनसे शिकायत की, कि निर्धारित दर से ज्‍यादा कीमत पर यूरिया खाद का बैग बेचा जा रहा है। इस पर उन्‍होंने महिला अफसर को तत्‍काल सस्‍पेंड कर दिया था। साथ ही उर्वरक विक्रय लाइसेंस को भी सस्‍पेंड कर दिया गया था।

    आखिर क्या है वायरल वीडियो में…?

    इस वीडियो में मीडियाकर्मियों से डीएम इंद्र विक्रम सिंह कहते नजर आ रहे हैं -‘एक जिम्‍मेदार और शहरी नागरिक होने के नाते आप लोगों से अपील है और आपके बहुत सारे अनियंत्रित साथियों से भी अपील है कि वो बिना सोचे विचारे झूठी सूचनाओं को आगे नहीं फैलाएं क्‍योंकि आपके हाथ में दोधारी तलवार है। उसका खामियाजा आपको भी भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने आगे कहा कि यह धमकी भी है और सुझाव भी। आप बचे रहो इसलिए मैं सुझाव दे रहा हूं और आप अगर करोगे तो धमकी है कि मैं आपको छोड़ूंगा नहीं। आप अगर पकड़ में आओगे तो कार्रवाई हो जाएगी। आप से मतलब आपके अनियंत्रित साथियों से है। अगर आप भी इस लिस्‍ट में शामिल हैं तो संभल जाइए।

  • Homemade Pack For Glowing Skin:

    Rub this special thing mixed with mustard oil on your face before sleeping at night.

    हफ्ते में लगाएं सिर्फ 3 बार, दिखने लगेगी 10 दिन में ही चमक

    ~By shalie

    स्किन को चमकदार बनाने के लिए दादी-नानी का पुराना नुस्खा हमेशा से प्रभावी रहा है. आपको बस सरसों के तेल में कुछ चीजों को मिलाकर अप्लाई करना है. निश्चित ही 2 हफ्ते बाद आप खुद का ग्लो देख हैरान हो जाएंगे.

    चेहरे पर सरसों का तेल लगाने से गजब के फायदे मिलते हैं. सरसों का तेल किचन में एक आम सामग्री है. इसका उपयोग खाना पकाने के साथ-साथ कई अन्य रूप में भी किया जाता है. सरसों के तेल (Mustard Oil) में विटामिन ई, ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड के साथ-साथ एंटीऑक्सिडेंट्स भी होते हैं, जो स्किन में बड़ा रोल प्ले करते हैं. जब इसे चेहरे पर लगाया जाता है, तो यह स्किन को पोषण देता है, चेहरे की चमक बढ़ाता है और स्किन प्रॉब्लम से बचाता है, हालांकि बहुत कम लोगों को पता होता है कि ग्लोइंग स्किन के लिए सरसों के तेल में क्या मिलाकर लगाना कमाल कर सकता है. अगर आप ग्लोइंग स्किन के लिए घरेलू नुस्खों (Glowing Skin Home Remedies) पर विश्वास करते हैं तो यहां हम बता रहे हैं कि कैसे चमकदार त्वचा के लिए सरसों का तेल चमत्कार कर सकता है.

    1. हल्दी और सरसों का तेल
    हल्दी में एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जो स्किन को हेल्दी बनाते हैं. थोड़ी सी हल्दी को सरसों के तेल के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा में चमक आती है.

    2. बेसन और सरसों का तेल
    बेसन स्किन को साफ करने और डेड स्किन को हटाने में सहायक होता है. इसे सरसों के तेल के साथ मिलाकर एक पेस्ट बनाएं और चेहरे पर लगाएं. यह मिश्रण त्वचा को पोषण देता है और चमक लाता है.

    3. दही और सरसों का तेल
    दही में प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो स्किन के लिए अच्छे होते हैं. सरसों के तेल के साथ दही मिलाकर लगाने से स्किन की ड्राइनेस कम होती है और चेहरे पर नेचुरल ग्लो आता है.

    4. नींबू का रस और सरसों का तेल
    नींबू का रस विटामिन सी से भरपूर होता है, जो त्वचा के लिए एंटीऑक्सिडेंट का काम करता है. इसे सरसों के तेल के साथ मिलाकर लगाने से त्वचा के दाग-धब्बे कम होते हैं और चेहरे पर चमक आती है.

    उपयोग करने का तरीका:
    सामग्री को सरसों के तेल के साथ सही मात्रा में मिलाएं.
    इस मिश्रण को अपने चेहरे पर समान रूप से लगाएं.
    इसे लगभग 15-20 मिनट के लिए चेहरे पर रहने दें.
    बाद में ठंडे पानी से चेहरा धो लें.
    सरसों का तेल और इन सामग्रियों का मिश्रण स्किन को न केवल पोषण देता है बल्कि इसे हेल्दी और चमकदार भी बनाता है. हालांकि, किसी भी नए ट्रीटमेंट को आजमाने से पहले एक पैच टेस्ट करें, खासकर अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है तो.

    (अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. newsdaily24 इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

  • डीएम एसपी की मुख्य मार्गों, बाजारों एवं भीड़ वाले स्थानों पर पैदल गश्त

    IP कैमरों व महत्वपूर्ण मुख्य चौराहों के सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड चैक

    लोकसभा चुनाव की तैयारियों व अपराध नियन्त्रण की समीक्षा

    त्योहारों व लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत पुलिस प्रशासन तत्पर

    बिजनौर। आगामी त्योहारों व लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 के दृष्टिगत पुलिस प्रशासन फुल एक्शन में है। डीएम व एसपी ने शनिवार को मुख्य मार्गों, बाजारों एवं अन्य भीड़ वाले स्थानों पर पैदल गश्त की। इसके अलावा एसपी द्वारा सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड चैक की गई। उन्होंने विभिन्न मतदान केन्द्रों का भ्रमण/निरीक्षण भी किया। साथ ही लोकसभा चुनाव की तैयारियों व अपराध नियन्त्रण की समीक्षा कर सर्व संबंधित को आवश्यक दिशा- निर्देश दिए।

    जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने कन्ट्रोल रुम का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण में जनपद के विभिन्न स्थानों पर लगाये गये IP कैमरों व महत्वपूर्ण मुख्य चौराहों के सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड को चैक किया गया। साथ ही सम्बन्धित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।

    वहीं पुलिस अधीक्षक द्वारा लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 के दृष्टिगत थाना हल्दौर क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न मतदान केन्द्रों का भ्रमण/निरीक्षण किया गया। उन्होंने सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित कराए जाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    इसी क्रम में जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल व पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने स्थानीय पुलिस बल के साथ नगर बिजनौर में लोकसभा सामान्य निर्वाचन – 2024 के दृष्टिगत शांति एवं कानून व्यवस्था तथा आमजन में सुरक्षा का भाव जागृत करने के उद्देश्य से मुख्य मार्गों, बाजारों एवं अन्य भीड़ वाले स्थानों पर पैदल गश्त की। इस दौरान अन्य पुलिस/प्रशासनिक अधिकारीगण भी मौजूद रहे।

    दूसरी ओर पुलिस अधीक्षक ने रिजर्व पुलिस लाइन सभागार कक्ष में जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारियों/थाना प्रभारियों के साथ बैठक की। इस दौरान आगामी त्योहारों व लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 के दृष्टिगत की गई तैयारियों व अपराध नियन्त्रण की समीक्षा कर सर्व संबंधित को आवश्यक दिशा- निर्देश दिए।

  • सोता रहा आबकारी विभाग, जीएसटी टीम को मिली कामयाबी

    चाय पत्ती और सरसों तेल के फर्जी बिलों पर हो रही थी तस्करी

    झारखंड ले जाते 43 लाख रुपए की अंग्रेजी शराब पकड़ी

    बिजनौर। पंजाब से तस्करी कर झारखंड ले जाई जा रही 43 लाख रुपए कीमत की अंग्रेजी शराब पकड़ी गई है। जीएसटी की टीम ने एक ट्रक से शराब की 603 पेटियां बरामद की। चाय पत्ती और सरसों के तेल के फर्जी बिलों पर पूरा खेल चल रहा था। चांदपुर थाना क्षेत्र में पकड़े गए शराब से भरे इस ट्रक के चालक परिचालक फरार होने में कामयाब हो गए। शराब का ट्रक पुलिस और आबकारी टीम को सौंप दिया।

    चांदपुर-नूरपुर मार्ग स्थित जीएसटी कार्यालय के पास जीएसटी की सहायक आयुक्त राज्य कर सीमा, मनोज झा और देवेन्द्र कुमार ने गुरुवार शाम चेकिंग के दौरान सामान से भरा एक ट्रक रोका। जीएसटी टीम ने चालक से संबंधित सामान का बिल मांगा। चालक ने चायपत्ती और सरसों के तेल का बिल अधिकारियों को दे दिया। चालक और क्लीनर पर शक हुआ तो जीएसटी टीम ने ट्रक की तलाशी ली। उसमें चायपत्ती के बोरे लदे हुए थे। अधिकारियों ने उन बोरों को उतरवाया तो भारी मात्रा में कई ब्रांड की अंग्रेजी शराब बरामद हुई। सूचना पर सीओ भरत सोनकर और आबकारी इंस्पेक्टर चांदपुर अभय सिंह मौके पर पहुंचे और ट्रक को कब्जे में ले लिया। सीओ ने बताया कि ट्रक में विभिन्न ब्रांड की 603 पेटियां बरामद की गई है, इनमें 9996 बोतलें हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 43 लाख रुपए बताई गई है।

    24 घंटे पहले पकड़ा था मामला?

    चांदपुर क्षेत्र और पुलिस में चर्चा है कि ट्रक नूरपुर थाना क्षेत्र से पकड़ कर चांदपुर थाना क्षेत्र में लाकर खड़ा कर दिया गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच वार्ता का दौर शुरू हुआ, लेकिन बात नहीं बन पाई। इसी बीच चालक और क्लीनर मौका देखकर फरार हो गए?

  • चुनाव आयोग की घोषणा के बाद आदर्श आचार संहिता लागू

    यूपी में सात चरणों में लोकसभा चुनाव

    19 अप्रैल से 07 चरणों में चुनाव, मतगणना 04 जून को

    नई दिल्ली/लखनऊ। लोकसभा चुनाव 2024 के कार्यक्रमों की घोषणा कर दी गई है। नई दिल्‍ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त राजीव कुमार के साथ दोनों नए चुनाव आयुक्‍त के अलावा आयोग के सभी अफसर मौजूद थे। सीईसी ने बताया कि मौजूदा लोकसभा का कार्यकाल 16 जून 2024 को समाप्‍त हो रहा है। सीईसी ने बताया कि देश में इस बार 07 चरणों में चुनाव होगा। मतगणना पूरे देश में एक साथ 04 जून को कराई जाएगी। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि 85 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं के घर जाकर मतदान करवाया जाएगा।

    Uttar Pradesh Lok Sabha Election Schedule: चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव 2024 का कार्यक्रम जारी कर दिया है। यूपी में छह से सात चरणों में चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। इसको लेकर तैयारियों को पूरा करा लिया गया है। चुनाव आयोग की घोषणा के बाद आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।

    भारत निर्वाचन आयोग ने नई दिल्ली में शनिवार 16 मार्च, 2024 को दोपहर 03 बजे आगामी लोकसभा चुनाव का एलान कर दिया। उत्तर प्रदेश में आम चुनाव सभी सात चरणों में होंगे, सभी 80 लोकसभा सीटों के लिए मतदान होगा। चुनाव की घोषणा के साथ ही प्रदेश और देश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। मतदान प्रक्रिया पूरी होने और रिजल्ट प्रकाशन के बाद आदर्श आचार संहिता हटाई जाएगी। लोकसभा चुनाव के दौरान शांतिपूर्ण और स्वच्छ माहौल में वोटिंग को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आयोग की ओर से चुनाव को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इस बार देश में 85 वर्ष आयु वर्ग से अधिक आयु वर्ग के मतदाताओं के घर तक पहुंच कर वोट डालने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सभी चरणों के चुनाव संपन्न होने के बाद 04 जून को मतगणना कराई जाएगी।

    लोकसभा चुनाव सात चरणों में होंगे और 543 सीटों के लिए 19 अप्रैल, 26 अप्रैल, सात मई, 13 मई, 20 मई, 25 मई व एक जून को मतदान होगा। चार जून को मतगणना होगी। मतदाता सूची में 85 साल से अधिक उम्र के 82 लाख और सौ साल से अधिक उम्र के 2.18 लाख मतदाता शामिल हैं, इनमें 85 वर्ष से अधिक उम्र के जितने भी मतदाता हैं, उनके घर जाकर मतदान करवाया जाएगा। मौजूदा लोकसभा का कार्यकाल 16 जून को खत्म हो रहा है और नयी लोकसभा का गठन उससे पहले होना है। आंध्र प्रदेश, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और ओडिशा में विधानसभाओं का कार्यकाल जून में अलग-अलग तारीखों पर खत्म हो रहा है।

    यूपी में लोकसभा चुनाव:

    01. पहला चरण : लोकसभा सीट ~ सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, नगीना, मुरादाबाद, रामपुर और पीलीभीत।

    पहले चरण के चुनाव का कार्यक्रम: नामांकन शुरू 20 मार्च
    नामांकन भरने की अंतिम तिथि~ 27 मार्च
    नामांकन पत्रों की जांच~ 28 मार्च
    नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि ~ 30 मार्च
    मतदान की तारीख~ 19 अप्रैल

    02. दूसरा चरण : लोकसभा सीट~ अमरोहा, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़ और मथुरा।

    दूसरे चरण के चुनाव का कार्यक्रम: नामांकन शुरू~ 28 मार्च
    नामांकन भरने की अंतिम तिथि ~ 04 अप्रैल
    नामांकन पत्रों की जांच~ 05 अप्रैल
    नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि~ 08 अप्रैल
    मतदान की तारीख~ 26 अप्रैल

    03. तीसरा चरण : लोकसभा सीट~ संभल, हाथरस, आगरा, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, बदायूं, आंवला और बरेली।

    तीसरे चरण के चुनाव का कार्यक्रम: नामांकन शुरू ~ 12 अप्रैल
    नामांकन भरने की अंतिम तिथि~ 19 अप्रैल
    नामांकन पत्रों की जांच~ 20 अप्रैल
    नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि ~ 22 अप्रैल
    मतदान की तारीख~ 07 मई

    04. चौथा चरण : लोकसभा सीट~ शाहजहांपुर, खीरी, धौरहरा, सीतापुर, हरदोई, मिश्रिख, उन्नाव, फर्रुखाबाद, इटावा, कानपुर, अकबरपुर और बहराइच।

    चौथे चरण के चुनाव का कार्यक्रम: नामांकन शुरू~ 18 अप्रैल
    नामांकन भरने की अंतिम तिथि~ 25 अप्रैल
    नामांकन पत्रों की जांच~ 26 अप्रैल
    नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि ~ 29 अप्रैल
    मतदान की तारीख~ 13 मई

    05. पांचवां चरण : लोकसभा सीट~ मोहनलालगंज, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, जालौन, झांसी, हमीरपुर, बांदा, फतेहपुर, कौशांबी, बाराबंकी, फैजाबाद, कैसरगंज और गोंडा।

    पांचवें चरण के चुनाव का कार्यक्रम: नामांकन शुरू~ 26 अप्रैल
    नामांकन भरने की अंतिम तिथि ~ 03 मई
    नामांकन पत्रों की जांच~ 04 मई
    नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि~ 06 मई
    मतदान की तारीख~ 20 मई

    06. छठा चरण : लोकसभा सीट~

    छठे चरण के चुनाव का कार्यक्रम: नामांकन शुरू ~ 29 अप्रैल
    नामांकन भरने की अंतिम तिथि~ 06 मई
    नामांकन पत्रों की जांच~ 07 मई
    नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि ~ 09 मई
    मतदान की तारीख~ 25 मई

    07. सातवां चरण : लोकसभा सीट~

    सातवें चरण के चुनाव का कार्यक्रम:
    चुनाव की अधिसूचना, नामांकन शुरू ~ 07 मई
    नामांकन भरने की अंतिम तिथि~ 14 मई
    नामांकन पत्रों की जांच~ 15 मई
    नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि ~ 17 मई
    मतदान की तारीख~ 01 जून

    सभी चरणों की मतगणना एक साथ

    प्रदेश की सभी 80 सीटों पर लोकसभा चुनाव की मतगणना एक साथ कराई जाएगी। इसके लिए जिला स्तर पर काउंटिंग सेंटर बनाए जाएंगे। इन काउंटिंग सेंटर पर प्रशासनिक स्तर पर विशेष रूप से सुरक्षा बलों की तैनाती रहेगी। चुनाव के विभिन्न चरणों की वोटिंग के बाद काउंटिंग सेंटर पर ईवीएम को कड़ी सुरक्षा के बीच रखा जाएगा।

  • नगीना सीट से पहले सांसद बने थे इंजी. यशवीर सिंह

    सपा प्रत्याशी को लेकर आमजन ही नहीं पार्टी पदाधिकारी भी असमंजस में!

    बिजनौर। समाजवादी पार्टी के बिजनौर लोक सभा सीट से प्रत्याशी यशवीर सिंह को लेकर आमजन ही नहीं बल्कि जिला स्तर के पार्टी पदाधिकारी भी असमंजस में हैं।

    बताया गया है कि वर्ष 2009 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर इंजी. यशवीर सिंह नगीना से सांसद बने थे। बिजनौर से चुनाव लड़े दूसरे डा. यशवीर सिंह पांचवें स्थान पर रहे थे।

    लखनऊ से मिली जानकारी के अनुसार नगीना से सांसद रह चुके इंजी. यशवीर सिंह को बिजनौर लोक सभा सीट पर टिकट दिया गया है। बिजनौर के गांव (महमूदपुर) सहसपुर निवासी पेशे से कृषक और राजनीतिज्ञ यशवीर सिंह बीटेक हैं। बिजनौर लोक सभा क्षेत्र से काट कर 2009 में नगीना लोकसभा सीट का गठन किया गया था। अस्तित्व में आने के बाद इस सीट पर पहली बार हुए चुनाव में सपा के टिकट पर यशवीर सिंह सांसद बने थे। उन्होंने बसपा की मंत्री रहीं ओमवती के पति आरके सिंह को पराजित किया था। संसद में बहस के दौरान सोनिया गांधी के हाथ से प्रमोशन में आरक्षण का विधेयक फाड़ कर यशवीर सिंह पूरे देश में चर्चा में आ गए थे। मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी माने जाने वाले यशवीर सिंह 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के चलते भाजपा के डॉक्टर यशवंत सिंह के हाथों अपनी सीट गंवा बैठे थे। वहीं सपा से गठबंधन के कारण वर्ष 2019 के चुनाव में नगीना सीट बसपा के खाते में चली गई और गिरीश चंद्र ने जीत हासिल की। इसके बाद यशवीर सिंह भाजपा में चले गए, हालांकि फिर सपा में लौट आए।

  • सुबह 09 बजे तक निपटा लें पानी भरने जैसे जरूरी काम

    उच्च क्षमता के तार बदलने के कारण आपूर्ति रहेगी बाधित

    फीडर के अंतर्गत कोतवाली से बाबा प्लाजा तक, शक्ति चौराहे से जजी रोड, हॉट एंड स्पाइसी तक का क्षेत्र होगा प्रभावित 

    17 से 19 मार्च तक 07 घंटे बिजली कटौती

    बिजनौर। नगर में रविवार दिनांक 17 मार्च 2024 से 19 मार्च 2024 तक सुबह 09 बजे से 04 बजे तक विद्युत आपूर्ति में कटौती की जाएगी।

    विभाग द्वारा उक्त जानकारी देते हुए बताया गया है कि बुख़ारा नंबर – 09 बिजनौर बिजली घर से निर्गत 11 केवी फीडर टाउन 02 की विद्युत आपूर्ति उच्च क्षमता के तार बदलने के कारण बाधित रहेगी। फीडर के अंतर्गत कोतवाली से बाबा प्लाजा तक, शक्ति चौराहे से जजी रोड, हॉट एंड स्पाइसी तक का क्षेत्र आता है। असुविधा के लिए खेद जताते हुए सभी विद्युत उपभोक्ताओं से पानी भरने जैसे आवश्यक कार्य सुबह 09 बजे तक निपटाने की अपील की गई है।

  • बिजनौर। आगामी लोकसभा सामान्य निर्वाचन -2024 को लेकर पुलिस प्रशासन मुस्तैद हो गया है। जिलाधिकारी अंकित अग्रवाल व पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन लगातार विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों के साथ बैठक कर रहे हैं। साथ ही समाज के प्रत्येक वर्ग के वरिष्ठ लोगों से वार्ता भी कर रहे हैं।

    इसी क्रम में जिलाधिकारी अंकित अग्रवाल व पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने आगामी लोकसभा सामान्य निर्वाचन -2024 को सकुशल संपन्न कराने हेतु कलक्ट्रेट परिसर में नामांकन स्थल व बैरिकेडिंग व्यवस्था का निरीक्षण किया।

    वहीं जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने थाना कोतवाली शहर क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न पोलिंग पार्टी रवाना स्थल का निरीक्षण/भ्रमण किया गया।

    इसी प्रकार दोनों अफसरों ने लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत स्ट्रांग रुम व मतगणना स्थल (वेयर हाउस) का निरीक्षण/भ्रमण किया गया। उन्होंने वेयर हाउस पर सीसीटीवी कैमरे, वाहन पार्किंग, बैरिकेडिंग आदि व अन्य सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में सर्वसंबधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। इस दौरान अन्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारीगण भी मौजूद रहे।

  • ब्रेकिंग बिजनौर…..

    बसपा प्रत्याशी चौधरी विजेंद्र सिंह की सभा में हुआ हंगामा। मुस्लिम नेताओं ने लगाया मुस्लिम वोटरों की अनदेखी का आरोप। मान्यवर काशीराम के जन्मदिन के उपलक्ष्य में बसपा  कार्यालय पर आयोजित सभा में हुआ हंगामा। वर्तमान व पूर्व नगर अध्यक्ष में हुई तीखी झड़प!

    गौरतलब है कि बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम की 90वीं जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।अध्यक्षता दिलीप कुमार उर्फ पिंटू जिला अध्यक्ष ने जबकि संचालन नंदराम प्रजापति जिला महासचिव व नाजिम अहमद अल्वी जिला उपाध्यक्ष ने किया। मुख्य अतिथि रणविजय सिंह की मौजूदगी में ही हंगामा शुरू हो गया। मुस्लिम नेताओं ने मुस्लिम वोटरों की अनदेखी का आरोप लगाया तो बखेड़ा खड़ा हो गया

  • मुख्य मार्गों, बाजार एवं अन्य भीड़ वाले स्थानों पर पैदल गश्त

    आमजन में सुरक्षा का भाव जगाने सड़कों पर उतरी पुलिस

    बिजनौर। जुम्मे की नमाज, शांति एवं कानून व्यवस्था तथा आमजन में सुरक्षा का भाव जागृत करने के उद्देश्य से अपर पुलिस अधीक्षक नगर संजीव वाजपेई ने स्थानीय पुलिस बल के साथ बिजनौर शहर के मुख्य मार्गों, बाजार एवं अन्य भीड़ वाले स्थानों पर पैदल गश्त की। इस दौरान क्षेत्राधिकारी नगर व प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली शहर मौजूद रहे।

    वहीं क्षेत्राधिकारी अफजलगढ द्वारा स्थानीय पुलिस बल व अर्द्धसैनिक बल के साथ कस्बा अफजलगढ में मुख्य मार्गों, बाजार एवं अन्य भीड़ वाले स्थानों पर पैदल गश्त की गई।