पूर्व इंचार्ज/क्राइम रिपोर्टर दैनिक जागरण उरई (जालौन), मेरठ, बिजनौर, धामपुर, मुजफ्फरनगर। समाचार संपादक दैनिक प्रयाण हरिद्वार। पूर्व महामंत्री श्रमजीवी पत्रकार यूनियन। अध्यक्ष ऑल मीडिया एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन।
उत्तरोत्तर (द्विवेदी मेला के संस्मरणों पर आधारित पुस्तक) प्रकाशक: आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति न्यास, रायबरेली मुद्रक: इंडियन प्रेस, प्रयागराज
छप गई..छप गई..छप गई…
इंडियन प्रेस प्रयागराज की नींव बांग्ला भाषी बाबू चिंतामणि घोष ने रखी| संपादक आचार्य रामानंद चट्टोपाध्याय के सुझाव पर उन्होंने वर्ष 1900 में हिंदी की मासिक पत्रिका ‘सरस्वती’ का प्रकाशन प्रारंभ किया| उनके उत्तराधिकारी बाबू हरि केशव घोष (पटल बाबू) ने इंडियन प्रेस और सरस्वती को निरंतर प्रकाशित करने में अपनी अत्यधिक ऊर्जा लगाई|
आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी ने 1903 से 1920 तक अपनी अथक मेहनत से सरस्वती को उत्तरोत्तर उन्नति के पथ पर पहुंचाया|
आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान के रजत पर्व पर रायबरेली और दौलतपुर में 11-12 नवंबर 2022 को आयोजित दो दिवसीय द्विवेदी मेला में देशभर के दस से अधिक राज्यों के करीब 80 लेखक, साहित्यकार, कवि और पत्रकार पधारे थे|
मेले की स्मृतियां, पुस्तक रूप में प्रकाशित करने का संकल्प आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति न्यास ने लिया| करीब दो दर्जन आगंतुक कलमकारों ने मेले के संस्मरण लिपिबद्ध किए|
संस्मरणों पर आधारित पुस्तक ‘उत्तरोत्तर’ नि:शुल्क प्रकाशित कर ऐतिहासिक इंडियन प्रेस (प्रयागराज) के वर्तमान स्वामी श्री सुप्रतीक घोष एवं श्री अरिंदम घोष ने आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान को एक नया आयाम प्रदान किया है| पुस्तक प्रकाशन में सरस्वती संपादक श्री अनुपम परिहार का भी अप्रतिम योगदान रहा|
आचार्य जी की स्मृतियों को अक्षुण्ण बनाने के लिए संस्मरण लिपिबद्ध करने वाले सभी लेखकों, इंडियन प्रेस के यशस्वी स्वामियों और संपादक के प्रति आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति न्यास एवं आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति, रायबरेली कृतज्ञता ज्ञापित करती है।🌹
∆ गौरव अवस्थी संयोजक, आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान
आजाद: सही जन्मतिथि और स्थान से कब तक बेखबर रहेंगे हम?
भारत की आजादी के लिए सशस्त्र क्रांति के सूत्रधार अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद कब और कहां पैदा हुए? इन सवालों के जवाब से आजाद आज भी आजाद हैं| उनका अभी तक न तो जन्म स्थान निश्चित हो पाया है और न ही जन्म तिथि| प्रमाणिक जानकारी के अभाव में यह अब भी असंभव बना हुआ है| यही कारण है कि भाबरा (मध्य प्रदेश), भौंती (कानपुर) और बदरका ( उन्नाव) के लोग उन्हें अपना मानकर प्रतिवर्ष मेला और जलसा आयोजित करके अपने दावे को मजबूत करते रहते हैं| बदरका का भव्य आजाद स्मारक अपने इस दावे को वर्ष, प्रतिवर्ष और मजबूत करता ही जा रहा है|
आजाद से जुड़े अनेक मिथकों पर पिछले वर्ष एक नई किताब आई-‘चंद्रशेखर आजाद मिथक बनाम यथार्थ’| पुस्तक के प्रथम दो अध्याय जन्म स्थान और जन्मतिथि पर ही केंद्रित हैं| किताब का शीर्षक उम्मीद जगाता है कि आजाद के जन्मस्थान और जन्मतिथि का निर्धारण निश्चित हो गया होगा लेकिन किताब के लेखक आईपीएस अधिकारी प्रताप गोपेंद्र की गहन खोज भी निर्णायक मुकाम पर नहीं पहुंचा पाती| यह पुस्तक ब्रिटिश हुकूमत के सरकारी अभिलेखों, अखबारी कतरनों, आजाद के साथियों के संस्मरणों और सुनी सुनाई बातों के ईद गिर्द ही घूमती है| इस पुस्तक में उन्हीं सब बातों की चर्चा है जो पहले विभिन्न संस्मरणात्मक पुस्तकों और अभिलेखों में पढ़े जा चुके हैं| हां, पुस्तक की एक खासियत यह है कि आजाद के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें और उपलब्ध आधे अधूरे प्रमाण एक ही छतरी (पुस्तक) के नीचे मिल जाते हैं| इससे और कुछ नहीं तो आपको अपना मत निर्धारित करने में मदद जरूर मिलती है|
कोई आजाद का जन्म स्थान भाबरा मानता है तो कोई बदरका| किसी को भरोसा है कि आजाद का जन्म लखनऊ के काकोरी के पास ईटगांव में हुआ था और कोई ब्रिटिश हुकूमत के दौरान चले मुकदमों में खुद आजाद द्वारा लिखाए गए तथ्यों को ही प्रमाण मानकर उनका जन्म बनारस के बैजनाथ मोहल्ले का मानता है| कुछ विद्वान और आजाद के अधिकतर साथी आजाद का जन्म मध्य प्रदेश के भाबरा में ही मानते हैं| प्रमाणिक जानकारी के अभाव में आज तक यह तक तय कर पाना मुश्किल है कि आजाद के पिता कहां के रहने वाले थे? कई इतिहासकार उनके पिता पंडित सीताराम तिवारी को भौंती-प्रतापपुर (कानपुर) का मानते हैं और कोई कोई उन्हें बदरका का| कहीं-कहीं उनके पिता का नाम पंडित बैजनाथ या स्वतंत्र शर्मा भी मिलता है|
प्रताप गोपेंद्र अपनी पुस्तक में कई तरह के हवाले देते हैं लेकिन उनकी फाइनल फाइंडिंग आजाद के परिवार के वर्षों तक निकट रहे मनोहर लाल त्रिवेदी की सूचनाओं पर ही आधारित है| पुस्तक का अंश है-‘ इस प्रकार हम देखते हैं कि श्री मनोहर लाल त्रिवेदी के अलावा श्री सीताराम तिवारी तथा स्वर्गीय जगरानी देवी के संपर्क में इतने दिन कोई नहीं रहा| श्री सदाशिव और मास्टर रुद्र नारायण ने आजाद के पुरखों पर कुछ नहीं लिखा है| ऐसे में हमें श्री मनोहर लाल त्रिवेदी की बातों को प्रमाणिक मानना चाहिए’| पुस्तक में श्री गोपेंद्र यह हवाला-‘ श्री मन्मथनाथ गुप्त ने लिखा है- श्री चंद्रशेखर आजाद अत्यंत विराट मिथकों के खंडहर के नीचे- जो प्रतिवर्ष बढ़ता ही गया है- में इतने दब चुके हैं कि असली आजाद को सामने रखना कठिन ही नहीं बल्कि असंभव है’ देकर पाठक के सामने विरोधाभासी उद्धरण प्रस्तुत कर देते हैं| इससे पाठक स्पष्ट होने के बजाय सूचनाओं के फेर में फिर फंस जाता है|
यही हाल आजाद की जन्म तिथि को लेकर भी है| उनकी जन्म तिथि का भी निर्धारण कर पाना इतिहासकारों के लिए इसलिए मुश्किल है कि आजादी के दीवाने आजाद ने ब्रिटिश फौजों से बचने के लिए अपनी सही जानकारी कभी बताई या दर्ज कराई ही नहीं| हालांकि लेखक प्रताप गोपेंद्र अपने एक अध्याय में आजाद की जन्म तिथि मां स्व. जगरानी देवी द्वारा झांसी प्रवास के दौरान भगवान दास माहौर को बताई गई हिंदी तिथि (सावन सुदी दूज सोमवार) के आधार पर 23 जुलाई 1906 मानने पर ही जोर देते हैं| इसके प्रमाण में अपनी वह खोज पुस्तक में प्रस्तुत करते हैं जो उन्होंने गूगल पर प्रोकेरला (prokerala.com) के माध्यम से जुटाई है| इस पुस्तक में ऐसी खोज का एक चार्ट भी प्रकाशित किया गया है| हालांकि उन्नाव वाले आजाद की जन्मतिथि 7 जनवरी मानते हैं| इसके लिए उनके अपने तर्क और आधार हैं| बदरका में आजाद की जयंती मनाने की परंपरा 1943 से चली आ रही है| यह आज भी कायम है और वृहत मेले का रूप ले चुकी है| इसमें कोई दो राय नहीं कि प्रताप गोपेंद्र की पुस्तक नए तथ्यों की ओर पाठक का ध्यान आकृष्ट करती है लेकिन असल सवाल फिर वहीं अटक जाता है कि आखिर चंद्रशेखर आजाद का जन्म कहां का माना जाए और उनकी जन्मतिथि क्या है?
यह तो सभी को पता है कि 27 फरवरी 1931 को प्रयागराज के अल्फ्रेड पार्क (अब आजाद पार्क) में ब्रिटिश हुकूमत के हाथ आने के पहले चंद्रशेखर आजाद ने कनपटी पर गोली मार कर अपना प्राणांत करके अपने उस प्रण को पूरा किया था, जो अक्सर वह अपने साथियों के समक्ष इन शब्दों में व्यक्त किया करते थे-‘मेरी रिवाल्वर में आठ गोली हैं| एक मैगजीन अतिरिक्त| 15 गोली अंग्रेज आततायियों पर दागूंगा और सोलहवीं खुद पर|’ इसे उन्होंने आखिरी सांस में पूरा भी किया|उनकी शहादत के 93 साल बीत चुके हैं| 7 वर्षों बाद हम सब चंद्रशेखर आजाद की शहादत की शताब्दी मना रहे होंगे| ऐसे में अहम सवाल यही है कि आजाद भारत की सरकारें आज तक आजाद का जन्मस्थान और जन्म तारीख प्रमाणित करने की कोशिश तक क्यों शुरू नहीं कर पाईं? जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु के रहस्योद्घाटन के लिए आयोग पर आयोग बन सकते हैं तो चंद्रशेखर आजाद की जन्मतिथि और जन्मस्थान पता करने के लिए क्यों नहीं?
केवल ‘शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले..’ से ही शहीदों के प्रति श्रद्धा प्रकट नहीं की जा सकती| आजाद के जीवन से जुड़े सही तथ्यों को जानना आजाद भारत के हर नागरिक का अधिकार है और सरकारों का कर्तव्य| इसलिए बलिदान की इस बेला पर हर देश प्रेमी और आजाद के अनुयायी को अपना अधिकार पाने के लिए सरकार से यह सवाल जरूर पूछने या करने का कर्तव्य निभाना ही चाहिए ताकि शहादत की शताब्दी तक सही तथ्य सामने अवश्य आ जाएं|
प्रेरणा स्थल में निर्माणाधीन कार्यों का औचक निरीक्षण
लखनऊ। मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बसंत कुंज योजना स्थित (प्रेरणा स्थल) में चल रहे निर्माणाधीन कार्यों का औचक निरीक्षण किया। मौके पर लखनऊ विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष इंद्रमणि त्रिपाठी, सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
मंडलायुक्त ने लखनऊ विकास प्राधिकरण के संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि मैन पावर व मशीनरी की संख्या में बढ़ोतरी करते हुए प्रेरणास्थल के संपूर्ण निर्माणधीन कार्य युद्ध स्तर पर कराया जाए। उन्होंने कहा कि हॉर्टिकल्चर, वाक-वे, लाइटिंग व मूर्ति के कार्य गुणवत्ता पूर्वक कराते हुए कार्य में तेजी लाएं।
निरीक्षण के दौरान प्रेरणा स्थल में कैफ़ेट एरिया, योगा सेंटर व टॉयलेट एरिया के सिविल कार्य पूर्ण पाए गए। मौके पर निर्माणाधीन म्यूजियम का कार्य भी तेजी से होते हुए पाया गया।
मंडलायुक्त ने लखनऊ विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष को निर्देश देते हुए कहा कि निर्माणाधीन सम्पूर्ण सिविल कार्य निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्वक पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। इसके पश्चात उन्होंने बताया कि बटर पैलेस के बगल में झुग्गी झोपड़ियों में रह रहे लोग व कुकरैल नदी के बगल रह रहे लोगों के लिए अलग-अलग टावर चिन्हित करते हुए उन्हें बसंत कुंज (प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना) में पुनर्स्थापित किया जा रहा है। साथ ही उक्त स्थान से आए हुए लोग शिफ्ट भी हो रहे हैं।
सपा विधायक इरफान सोलंकी राज्यसभा चुनाव में डाल नहीं सकेंगे वोट
महाराजगंज जेल में वर्ष 2022 से बंद हैं कानपुर विधायक
समाजवादी पार्टी को लगा तगड़ा झटका!
UP Politics:
लखनऊ। जेल में बंद सपा विधायक इरफान सोलंकी राज्यसभा चुनाव में वोट डाल नहीं सकेंगे। कोर्ट के आदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए मतदान से पहले समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका लगा है।
अदालत ने कानपुर से सपा विधायक इरफान सोलंकी को राज्यसभा चुनाव में वोट करने से रोक दिया है। इसी के साथ सपा के लिए अपने तीसरे उम्मीदवार को जिताना और भी ज्यादा मुश्किल हो गया है। इससे पहले सुहेलदेव समाज पार्टी के विधायक अब्बास अंसारी को भी अदालत ने मतदान में शामिल होने की अनुमति नहीं दी थी। सरकारी वकील भास्कर मिश्रा ने कोर्ट में दलील दी कि इरफान की याचिका पैरोल या शॉर्ट टर्म बेल जैसी प्रतीत हो रही है। इसके बारे में निर्णय करने का अधिकार ट्रायल कोर्ट को नहीं है। उनके खिलाफ एक महिला ने प्लाट पर कब्जा करने की मंशा से आगजनी करने का आरोप लगाया था। उन पर कई अन्य आरोपों में भी मामले दर्ज हैं।
आखिर माजरा है क्या?
कई गंभीर आरोप में सपा विधायक इरफान सोलंकी महाराजगंज जेल में वर्ष 2022 से बंद हैं। समाजवादी पार्टी राज्यसभा में अपनी मजबूती के लिए रणनीति बना रही है। एक राज्य सभा प्रत्याशी की जीत के लिए 37 विधानसभा सदस्यों की जरूरत होती है। कोर्ट के आदेश के बाद तीसरे प्रत्याशी की जीत अब अधर में नजर आ रही है। बताया गया है कि कानपुर से सपा विधायक इरफान सोलंकी ने वकील के माध्यम से कानपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट में वोट डालने को लेकर अर्जी दाखिल की थी। सपा विधायक इरफान सोलंकी की राज्यसभा में वोट करने की अर्जी को न्यायालय ने खारिज कर दिया है।
राज्यसभा चुनाव के लिए सपा ने जया बच्चन, रामलालजी सुमन और आलोक रंजन समेत तीन प्रत्याशियों को उतारा है। वहीं बीजेपी के 08 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। अब 10 सीट पर 11 प्रत्याशियों के चलते सभी पर मतदान होगा!
वकील मोहम्मद आसिफ खान ने एमपी एमएलए में अर्जी दाखिल कर मांग की थी कि विधायक इरफान सोलंकी को राज्यसभा चुनाव में वोट डालने की अनुमति प्रदान की जाए। उदाहरण के तौर पर विधायक इरफान के वकील ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का उदा।हरण पेश किया था कि ईडी की हिरासत में होने के बावजूद विश्वास प्रस्ताव पर मतदान करने के लिए सोरेन को विधानसभा भेजा गया था, लेकिन कोर्ट ने वकील की इस दलील को दरकिनार कर सपा विधायक इरफान सोलंकी की अनुमति अर्जी को खारिज कर दिया।
कूड़ेदान में पड़े रसगुल्ले के डिब्बे पर लिखा था “ॐ”
हिंदू ही नहीं जानते ॐ शब्द का अर्थ ?
संसार में भूत, भविष्य और वर्तमान काल में एवं इनसे भी परे जो हमेशा हर जगह मौजूद है, वो ॐ है। यानी ॐ इस ब्रह्मांड में हमेशा से था, है और रहेगा।
लखनऊ। चित्र में दिखाया गया मिठाई का डिब्बा रसगुल्ले का है। इस पर आगे, पीछे, ऊपर, नीचे, दाहिने और बाएं किसी भी स्थान पर कंपनी, दुकान, शहर, प्रदेश का नाम नहीं लिखा है (हालांकि जानकारी जरूर मिली है कि ये जिला पश्चिम उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का है)। यही नहीं, डिब्बे पर वजन और कीमत तक का उल्लेख भी नहीं किया गया है। किसी ने खरीद कर किसी को भेंट किया और वहां रसगुल्लों का उपभोग कर डिब्बा कूड़ेदान के हवाले कर दिया गया। देने और लेने वाले किसी अन्य समाज, बिरादरी के होते तो बात समझ में भी आती, लेकिन जब सनातन धर्मी हिंदू परिवारों में ही ऐसा होगा तो यह नासमझी और पतन के रास्ते का बेहद खास उदाहरण ही कहा जाएगा?
डिब्बे पर अंग्रेजी में लिखा है कि KEEP BENGALI SWEETS IN REFRIGERATED CONDITION AND CONSUME SAME DAY (बंगाली मिठाइयों को फ्रिज में रखें और उसी दिन खाएं)
डिब्बे पर अंग्रेजी में लिखा है कि KEEP BENGALI SWEETS IN REFRIGERATED CONDITION AND CONSUME SAME DAY (बंगाली मिठाइयों को फ्रिज में रखें और उसी दिन खाएं)
अनन्त शक्ति का प्रतीक है ॐ
ओम सिर्फ एक पवित्र ध्वनि ही नहीं, बल्कि अनन्त शक्ति का प्रतीक है। ॐ शब्द तीन अक्षरों से मिलकर बना है… अ, उ व म। “अ” का अर्थ होता है उत्पन्न होना, “उ” का अर्थ होता है उठना यानी विकास और “म” का अर्थ होता है मौन हो जाना यानी कि ब्रह्मलीन हो जाना। ॐ शब्द इस दुनिया में किसी न किसी रूप में सभी मुख्य संस्कृतियों का प्रमुख भाग है।
उस एक के मुख से निकलने वाला पहला शब्द
ओ३म् (ॐ) या ओंकार परमात्मा, ईश्वर, उस एक के मुख से निकलने वाला पहला शब्द है, जिसने इस संसार की रचना में प्राण डाले। ॐ, ओम की तीन मात्राएं हैं। अकार, उकार, और मकार, जो प्रकृति के तीन गुणों को बताती हैं। अकार सतोगुण को, उकार रजोगुण को तथा मकार तमोगुण की प्रतीक है।
ॐ शब्द का उच्चारण क्या है?
ॐ मात्र एक शब्द नहीं बल्कि अपने आप में एक पूर्ण मंत्र है। यह लगता आसान है पर उतना ही मुश्किल इसका उच्चारण है। ॐ बोलने पर ‘अ’ से निचले भाग (नाभि के हिस्से में) में कंपन होता है, ‘ऊ’ से शरीर के मध्य भाग (छाती के क़रीब) में कंपन होता है और ‘म’ से शरीर के ऊपरी भाग (गले) में कंपन उत्पन्न होता है।
कैसे हुई ॐ शब्द की उत्पत्ति?
कुछ मान्यताओं के अनुसार ॐ की उत्पत्ति शिव के मुख से हुई। हालांकि ऋग्वेद और यजुर्वेद से लेकर कई उपनिषदों में ॐ का जिक्र मिलता है। मंडूक उपनिषद में कहा गया है कि संसार में भूत, भविष्य और वर्तमान काल में एवं इनसे भी परे जो हमेशा हर जगह मौजूद है, वो ॐ है। यानी ॐ इस ब्रह्मांड में हमेशा से था, है और रहेगा।
आखिर क्या है ॐ
ॐ एक पवित्र ‘मंत्र’ है। इसे एक सार्वभौमिक ध्वनि माना जाता है, जो किसी विशिष्ट धर्म या भगवान के संदर्भ के बिना सभी शब्दों का बीज है। बिग बैंग सिद्धांत के अनुसार, ओम वह ब्रह्मांडीय ध्वनि है, जिसने ब्रह्मांड के निर्माण की शुरुआत की । यह पवित्र शब्दांश केवल एक ध्वनि नहीं है, यह वास्तव में तीन हैं।
इसे हिंदू धर्म में पूजा, ध्यान और जप के लिए उपयोग किया जाता है। ओम एक संस्कृत शब्द है, जिसे तीन ध्वनियों के एक संयोजन से बनाया जाता है – अ, उ और म। अर्थात, इसे ऐसे उच्चारित किया जाता है – ओ३म्। इसका अर्थ है – ब्रह्म।
वास्तविक अर्थ
सांस और ध्वनि के लुप्त हो जाने पर हमारे पास जो अवशेष या ऊर्जा बचती है। शांति से उत्पन्न होना, स्थिरता द्वारा बनाए रखा जाना और वापस शांति में लुप्त हो जाना… ओम इस तथ्य का प्रतिनिधित्व करता है कि सब कुछ लगातार बदलता रहता है – गति से शांति में, ध्वनि से शांति में; जीवन का अंतहीन चक्र ….
राम और ॐ में क्या है अंतर
वैसे तो ॐ और राम में कोई भेद नहीं है दोनो को अगर देर तक उच्चारण करें तो पाएंगे एक ही ध्वनि स्फुरित हो रही है , परंतु ॐ शब्द उकार , इकार , मकार से जबकि राम शब्द रकार , अकार , मकार से बना है । ॐ त्रिगुणात्मक है (सत रज तम ) जबकि राम शब्द त्रिगुणातीत है ।
एक्शन, रोमांस, कॉमेडी और फैमिली ड्रामा से भरपूर है संग्राम सिंह पटेल की फिल्म
25 फरवरी को रिलीज़ होगा “इश्क नचाए बीच बाजार” का ट्रेलर
लखनऊ। अभिनेता संग्राम सिंह पटेल की फिल्म “इश्क नचाए बीच बाजार” का ट्रेलर 25 फरवरी को सुबह 07 बजे “अवध गंगा म्यूजिक” यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया जाएगा। फिल्म में संग्राम मुख्य भूमिका में हैं।
उन्होंने बताया कि ट्रेलर के बाद म्यूजिक और फिर फिल्म भी जारी होगी, लेकिन उससे पूर्व फिल्म सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जायेगी। यह फिल्म पूर्ण रूप से पारिवारिक और मनोरंजक है। इसमें दर्शकों को भरपूर एक्शन, रोमांस, कॉमेडी और फैमिली ड्रामा देखने को मिलेगा। ट्रेलर से ही दर्शकों को फिल्म का अंदाजा हो जाएगा। उत्तर प्रदेश के सीतापुर शहर के लहरपुर सहित विभिन्न खूबसूरत व मनोरम स्थलों पर दृश्यों को फिल्माया गया है, जो आकर्षक व देखने योग्य हैं। संग्राम सिंह पटेल के साथ अभिनेत्री प्रतिष्ठा ठाकुर ने अभिनय किया है। अवध गंगा, संग्राम सिंह पटेल का होम प्रोडक्शन है, जिसमें वे लगातार काम कर रहें हैं। भोजपुरी फिल्मों का गीत संगीत हमेशा ही लोकप्रिय रहता है, जो इस फिल्म में भी देखने को मिलेगा। फिल्म के निर्देशक सचिन यादव, संगीतकार साजन मिश्रा, लेखक मनोज पांडेय, गीतकार आज़ाद सिंह और प्यारे लाल यादव, एक्शन डायरेक्टर अरुण सिंह, कोरियोग्राफर संतोष सर्वदर्शी और डीओपी डी के शर्मा हैं।
अन्य प्रमुख कलाकार अयाज खान, अनूप अरोड़ा, संतोष पहलवान, विनीत विशाल, बबलू यादव, सत्य प्रकाश सिंह, मदन चंद, अभिषेक मिश्रा, रंजीत राज, सतवीर राणा, रुचि सिंह, प्रिया वर्मा, रितिक वर्मा, राम सिंह, धर्मेंद्र श्रीवास्तव और स्वर्गीय बृजेश त्रिपाठी हैं। ज्ञात रहे कि फिल्म आगमी माह में बिहार, मुंबई और उत्तरप्रदेश के सिनेमाघरों में रिलीज़ की जाएगी।
आईटी पेशेवर से फिल्म निर्माता बने प्रदीप श्रीवास्तव की प्रस्तुति
“संदेह द डाउट” 01 मार्च को होगी रिलीज़
मुंबई। मित्तल एडवरटाइजिंग व डिस्ट्रीब्यूशन के द्वारा 01 मार्च को हिंदी फिल्म “संदेह द डाउट” सम्पूर्ण भारत के सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। फिल्म का ट्रेलर और म्यूजिक यूट्यूब पर रिलीज किया जा चुका है।
इंपल्स सिने एंटरटेनमेंटस प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले निर्मित फिल्म 01 मार्च को पूरे भारत में रिलीज होने वाली है। फिल्म के निर्माता प्रदीप श्रीवास्तव हैं। उनके दोस्त और बिजनेस पार्टनर संजय राय ने उनके सपने को साकार करने में अपना साथ दिया। फिल्म का निर्देशन युवा निर्देशक अयाज़ खान ने किया है और श्वेता श्रीवास्तव फ़िल्म की लेखिका हैं। यह फिल्म कॉलेज के कुछ छात्रों की युवाओं पर आधारित है, जो यात्रा पर जाते हैं और उनके साथ घटित कुछ घटनाओं की श्रृंखला उनके जीवन को पूरी तरह से बदल देती है।
फिल्म “संदेह द डाउट” के निर्माता प्रदीप श्रीवास्तव सॉफ्टवेयर इंजीनियर और अभिनेता भी हैं। प्रदीप श्रीवास्तव का जन्म उत्तर प्रदेश के छोटे से कस्बे सीतापुर में एक कायस्थ परिवार में हुआ। संस्कारों और सुसंस्कृत वातावरण में पले-बढ़े वे एक आईटी पेशेवर बने और अपनी जीवन यात्रा शुरू की, लेकिन और अधिक की ख्वाहिश थी और बॉलीवुड ने उन्हें बहुत ज्यादा लुभाया। अन्य लोगों की तरह उनकी बॉलीवुड में प्रवेश की कहानी भी आसान नहीं थी और वह केवल कुछ बॉलीवुड फिल्मों और वेब सीरीज में ही भूमिकाएँ हासिल कर सके। ऑनस्क्रीन अपना हुनर दिखाने के अलावा वह ऑफस्क्रीन भी कुछ फिल्मों के लिए कार्यकारी निर्माता के रूप में काम करते रहे।
गौरतलब है कि अंधेरी (वेस्ट) मुम्बई स्थित इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के प्रेक्षागृह में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान अभिनेता अनिल धवन, फिल्मकार राजेश मित्तल, अरुण बख्शी, राजू श्रेष्ठ, कल्याणजी जाना, और बॉलीवुड के कई नामचीन हस्तियों की उपस्थिति में फिल्म निर्माता प्रदीप श्रीवास्तव की हिंदी फिल्म ‘संदेह द डाउट’ का ट्रेलर जारी किया गया और फिल्म में शामिल गानों की स्क्रीनिंग भी की गई। इस अवसर पर अनिल धवन, राजू श्रेष्ठ, कल्याणजी जाना, अरुण बख्शी सहित कई अतिथियों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इम्पल्स सिने एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के संजय राय द्वारा प्रस्तुत की जा रही इस फिल्म को, पिछले 50 वर्षों से सिनेजगत में क्रियाशील लगभग 150 फिल्मों का निर्माण व वितरण कर चुके फिल्मकार राजेश मित्तल द्वारा संचालित मुम्बई की चर्चित फिल्म वितरण संस्था ‘मित्तल एडवरटाइजिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन द्वारा 01 मार्च को सभी सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा। इस फिल्म के मुख्य कलाकार रिया कपूर, पुलकित रायजादा, पवन विक्रम, नीतीश भलुनी, गौरव कुमार, प्रदीप श्रीवास्तव, रितिका गुप्ता, सोनम सैनी, दुष्यंत सिंह, शिवानी सौम्या, लोकेश मोहन खट्टर और संजय रायजादा आदि हैं।
शादी के दिन एक अटैची की तरफ इशारा करती नवविवाहित दुल्हन ने अपने पति से वादा लिया था कि वह उस अटैची को कभी नहीं खोलेंगे। उसके पति ने भी उससे वादा किया कि वह बिना उसके परमिशन के उस अटैची को कभी नहीं खोलेगा।
शादी के पचासवें साल में, जब पत्नी बिस्तर पर ज़िंदगी की आखरी साँसे ले रही थी तो पति ने अपनी पत्नी को उस अटैची की याद दिला दी।
पत्नी बोली: अब इस अटैची का राज़ खोलने का वक़्त आ गया है, अब आप इस अटैची को खोल सकते हो।
पति ने जब अटैची को खोला तो उससे दो गुड़िया और एक लाख रुपए बाहर निकले। पति ने पूछा तो, पत्नी ने जवाब दिया… “मेरी माँ ने मुझे सफल शादी का राज़ दिया, उसने सलाह दी कि गुस्सा पीना बहुत अच्छा है। माँ ने मुझे ये तरीका बताया कि जब भी उसे अपने पति की किसी गलत बात पर ग़ुस्सा आए तो पति पर गुस्सा होने के बजाय एक गुड़िया सिल लिया करना।
इसलिए जब भी तुम्हारे बारे में किसी गलत बात पर ग़ुस्सा आता तो मैं एक गुड़िया सी लिया करती थी,
पति दो गुड़ियों को देखकर बहुत खुश हुआ कि उसने अपनी पत्नी को कितना खुश रखा हुआ है, सफल दाम्पत्य जीवन के पचास वर्ष पूरे होने के बाद उसकी पत्नी ने सिर्फ दो गुड़िया बनाई।
जिज्ञासा में पति ने अटैची में रखे करीब एक लाख रुपए के बारे में पूछा तो पत्नी बोली, “मैंने ये एक लाख रुपए गुडिया बेचकर इकठ्ठा किए हैं”
इतना सुनते ही पति को अपनी सभी गलतियों का एहसास हुआ और उसने अपनी पत्नी से सिर झुकाते हुए माफी मांगी। पत्नी का दिल इतना बड़ा था कि उसने माफ कर दिया।
Note:- जीवन की खुशियों के लिए पति-पत्नी के रिश्ते को प्यार, विश्वास और समझदारी के धागों से मजबूत बनाना पड़ता है, छोटी-छोटी बातें इग्नोर करनी होती हैं, मुश्किल वक्त के समय में एक-दूसरे का सहारा बनना पड़ता है। पति-पत्नी का रिश्ता इस दुनिया का सबसे खास रिश्ता होता है।
पति पत्नी के रिश्ते में विश्वास होना चाहिए आपस में एक दूसरे के प्रति होने वाले विश्वास को कभी न डगमगाने दे,
पति पत्नी के रिश्ते में एक दूसरे के प्रति सम्मान होना जरुरी है, पति-पत्नी के रिश्ते में क्रोध और घमंड के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए,
पति-पत्नी के रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए एक दूसरे को समय दें, एक दूसरे की इच्छाओं का आदर करें, एक दूसरे की भावनाओ को समझें, एक-दूसरे के प्रति अपने प्यार को कभी कम न होने दें,
हमेशा मिलजुल कर अपने प्यार को बढ़ाने के लिए कुछ न कुछ खास करना चाहिए, सबसे अहम बात दोनों को अपनी जिंदगी में एक दूसरे को बराबर समझना चाहिए
गरीब नवाज मस्जिद मदरसा मछरिया में हिफ्ज का है छात्र
मदरसे का छात्र पांच माह से लापता
प्रतीकात्मक चित्र
कानपुर (विनय प्रकाश मिश्रा)। बाबू पुरवा स्थित साबिर के मैदान में रहने वाले मोहम्मद राशिद का 16 वर्षीय पुत्र सैफ उर्फ (मुन्ना) 01 अक्टूबर 2023 से लापता है। सैफ के परिवार वालों ने पिछले पांच माह में रिश्तेदारों से लेकर सभी जगह बहुत तलाश कर लिया, किंतु कुछ पता नहीं चला।
बेटे के गम में बिल्कुल टूट चुकी है मां
सैफ उर्फ (मुन्ना) की मां बेटे के गम में बिल्कुल टूट चुकी है, और रो-रो कर उसका बुरा हाल है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उनका बेटा गरीब नवाज मस्जिद मदरसा मछरिया में हाफिज की पढ़ाई कर रहा था, परंतु मदरसे वाले कहते हैं कि सैफ उर्फ (मुन्ना) 01 अक्टूबर 2023 को मदरसे से गया और वापस नहीं आया। पीड़ित परिवार को अंदेशा है कि उनके बच्चे के साथ कोई अप्रिय घटना व दुर्घटना तो नहीं हो गई।
बीते दिन सैफ उर्फ (मुन्ना) के पिता मोहम्मद राशिद ने थाना बाबू पुरवा पुलिस को तहरीर सौंपी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लापता बच्चे की तलाश में छानबीन शुरू कर दी है। बहरहाल, अब मामला बाबू पुरवा थाने में दर्ज हो चुका है। अब जो भी कार्रवाई होगी, पुलिस करेगी। पीड़ित परिवार को पुलिस प्रशासन पर पूरा भरोसा है कि उसके साथ न्याय होगा।
लखनऊ/बिजनौर। साइबर ठगों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि यूपी के डीजीपी प्रशांत कुमार को भी न छोड़ा। डीजीपी की फोटो लगाकर कुछ साइबर ठग वाट्सअप पर लोगों से पैसों की अनुचित मांग कर रहे हैं। मामला वायरल होने पर इसे लेकर पुलिस ने लोगों को सचेत करते हुए बयान जारी किया है।
साइबर अपराध बढ़ते जा रहे हैं। साइबर ठग अब नए-नए तरीके से ठगी कर रहे हैं। ठग आम जनता को तो ठग लेते थे लेकिन अब वह IAS और IPS अधिकारियों को भी नहीं छोड़ रहे हैं। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के पुलिस मुखिया प्रशांत कुमार की फोटो वाट्सअप की डीपी में लगाकर कुछ साइबर ठगों द्वारा लोगों से पैसों की अनुचित मांग करने का बताया जा रहा है।
पुलिस ने जारी की चेतावनी
पुलिस कार्यालय द्वारा जारी चेतावनी में बताया गया है, यह संज्ञान में आया है कि पुलिस महानिदेशक महोदय की बावर्दी फोटो का दुरुपयोग कर अपने व्हाट्सएप की डीपी में लगाकर कुछ अराजक तत्त्वों द्वारा कतिपय मोबाइल नंबरों से कुछ व्यक्तियों से अनुचित मांग की जा रही है। इस संबंध में अवगत कराना है कि डीजीपी महोदय द्वारा अपने निजी अथवा सरकारी नंबर पर अपनी व्हाट्सएप की डीपी में बावर्दी फ़ोटो का प्रयोग नहीं किया जा रहा है और ना ही व्हाट्सएप के माध्यम से किसी से कोई मांग की गई है। इस सम्बन्ध में आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
सतर्क रहें और सूचित करें
पुलिस विभाग के अनुसार “कृपया किसी भी व्यक्ति द्वारा इस प्रकार के कुत्सित प्रयास की सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें या @uppolice पर हमें सूचना देने का कष्ट करें।”
इससे पहले भी देश में साइबर ठगों की इसी प्रकार की करतूतें सामने आती रही हैं। इनमें से कुछ…
जून 2022 में उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार की फोटो लगे फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट के जरिए साइबर ठगों ने लोगों को शिकार बनाने की कोशिश की।
अगस्त 2022 में राजस्थान पुलिस के डीजीपी एमएल लाठर की तस्वीर का गलत तरीके से इस्तेमाल करते हुए व्हाट्सएप पर डीपी लगा आईपीएस अफसरों को मैसेज भेज कैश और अमेजॉन गिफ्ट कार्ड की डिमांड की जा चुकी है। उस दौरान बीते कुछ माह में प्रदेश सरकार के 08 से भी ज्यादा मंत्रियों के अलावा 10 से भी ज्यादा आईपीएस और आईएएस अफसरों के नाम से रुपए मांग कर ठगी का प्रयास किया गया था।
अक्टूबर 2022 में बिहार के डीजीपी एसके सिंघल का फोटो लगाकर व्हाट्सएप पर पदाधिकारियों से रुपए मांगने का मामला सामने आया था। दरअसल व्हाट्सएप पर डीजीपी के नाम का एक फेक अकाउंट बनाया गया। गलत तरीके से उनके नाम का इस्तेमाल कर डीपी में उनकी फोटो भी लगाई गई। फिर इस अकाउंट के जरिए कई पुलिस अफसरों को मैसेज भी किया गया और पैसे की मांग की गई।
जनवरी 2024 में साइबर ठगों के निशाने पर आईएएस अधिकारी डॉक्टर मनीराम शर्मा आ गए। उनका फोटो व्हाट्सएप प्रोफाइल पर लगाकर उनके कुछ जानकारों से पैसे की मांग की गई। पंचकूला के रहने वाले आईएएस अधिकारी ने ऐसे फ्रॉड लोगों से सावधान रहने व किसी प्रकार की कोई राशि न भेजने की अपील की।
क्या कर सकती है पुलिस ?
इस तरह के केस में किसी भी राज्य की पुलिस सिर्फ दो ही काम कर सकती है। पहला, ठगों द्वारा सोशल मीडिया पर मैसेज भेजने में इस्तेमाल किए जा रहे नंबर को ब्लॉक करवाना। वहीं दूसरा विदेश में स्थित सोशल मीडिया कंपनी के सर्वर व कंपनी के प्रतिनिधि को मेल कर इसकी जानकारी देना। हालांकि इन दोनों ही तरीकों से बात बनना आसान नहीं है और पुलिस का शातिर ठगों तक पहुंच पाना मुश्किल।
अर्पित वर्मा को बनाया सपा लोहिया वाहिनी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
लखनऊ। आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर समाजवादी पार्टी अपनी यूथ इकाइयों का विस्तार करते हुए संगठन को धार देने में लगी हुई है। लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के चयन के साथ ही साथ संगठन में पदाधिकारियों की भी घोषणा सिलसिलेवार ढंग से चालू है। इसी क्रम में समाजवादी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक यादव ने अम्बेडकर नगर निवासी एडवोकेट अर्पित वर्मा को समाजवादी लोहिया वाहिनी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर बड़ी जिम्मेदारी दी है।
अंबेडकर नगर में जन्मे अर्पित वर्मा (एडवोकेट) दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक है एवं दिल्ली विवि से ही विधि की पढ़ाई कर वर्तमान में इलाहाबाद हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच में वकालत कर रहे हैं। भारत देश के सर्वोच्च सदन में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ संसद में आयोजित वार्षिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में विधिक सलाहकार के रूप में भी काम कर चुके हैं, वर्तमान में अर्पित वर्मा विकासखंड बसखारी के वार्ड नंबर 73 बढ़ियानी कलां से क्षेत्र पंचायत सदस्य भी हैं।
अर्पित वर्मा छात्रों, गरीबों, मजलूमों के हितों के लिए संघर्ष करते रहे हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी द्वारा चलाई गई देश बचाओ देश बनाओ साईकिल यात्रा में हजारों किलो मीटर साईकिल चलाई एवं पार्टी द्वारा चलाए गए अन्य कार्यक्रमों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते रहे हैं।
इनके राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने पर पूर्व एमएलसी विशाल वर्मा, जिला अध्यक्ष जंग बहादुर यादव, पूर्व मंत्री/विधायक राम मूर्ति वर्मा, त्रिभुवन दत्त, पूर्व एमएलसी अतहर खां, हीरालाल यादव, जिला महासचिव मुजीब अहमद सोनू, पूर्व प्रमुख विजय वर्मा, शेषकुमार वर्मा, उत्तम चौधरी, विधानचंद्र चौधरी, अखिलेश यादव, संदीप वर्मा, सिद्धार्थ मिश्र, एडवोकेट हैदर अब्बास, प्रद्युमन यादव, अंकुश पटेल, मो सईम, अंकित वर्मा, राम फूल गौतम, निखिल जैसवाल, विनोद कन्नौजिया, संजय गुप्ता, इंद्र देव मौर्य, विनय चौधरी, प्रकाश चंद्र पटेल, संतोष यादव, रणदीप वर्मा, प्रमोद चौरसरिया, फूलचंद वर्मा, आत्मा मौर्य, मो. अहमद, मो. परवेज, शिखर ने बधाई दी।
निभा चुके हैं लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी
समाजवादी छात्रसभा के राष्ट्रीय सचिव बने कुंवर अतीक अहमद
लखनऊ। समाजवादी पार्टी की छात्रसभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर ईमरान इदरीस ने फ्रंटल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित की है। लखनऊ के कुंवर अतीक अहमद को अहम जिम्मेदारी देते हुए राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है।
2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी समाजवादी पार्टी ने अपने फ्रंटल संगठनों को चुस्त-दुरुस्त करते हुए एक के बाद एक राष्ट्रीय कार्यकारिणी को घोषित करना शुरू कर दिया है। साथ ही सभी को जनता के बीच जाकर वोट मांगने की अपील करने को कहा है।
कुंवर अतीक अहमद
लखनऊ के अमीनाबाद निवासी कुंवर अतीक अहमद इससे पहले लोहिया वाहिनी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में राष्ट्रीय सचिव रहे हैं। विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान बतौर राष्ट्रीय सचिव पार्टी के लिए जमीनी तौर पर काम किया था, जिसके मद्देनजर पार्टी ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देते हुए छात्र सभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह दी है। कुंवर अतीक अहमद ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का धन्यवाद करते हुए कहा कि पार्टी द्वारा दी गई जिम्मेदारी को आगे भी पूरी मेहनत और लगन के साथ उठाते रहेंगे और आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी को बूथों पर मजबूत करने का काम करेंगे।
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट एग्जाम की सभी तैयारियां पूरी कर ली है। बोर्ड द्वारा 10 वीं व 12 वीं परीक्षा का आयोजन 22 फरवरी से 09 मार्च तक किया जाएगा। यह परीक्षा सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक और दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 तक होगी।
22 फरवरी से शुरू होगी 10वीं और 12वीं की परीक्षा 55 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी देंगे बोर्ड परीक्षा प्रदेश में 8265 परीक्षा केंद्रों पर होगी बोर्ड परीक्षा 2 लाख 75 हजार शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई बोर्ड परीक्षा की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम बना कॉपियां सुरक्षित रखने के लिए हर जिले में स्ट्रॉन्ग रूम QR कोड और क्रमांक युक्त कॉपी तैयार की गई है 10वीं में 29 लाख 99 हजार 507 परीक्षार्थी पंजीकृत 12वीं में 25 लाख 25 हजार 801 परीक्षार्थी पंजीकृत
12 दिन में संपन्न हो जाएंगी परीक्षाएं
यूपी बोर्ड परीक्षा 22 फरवरी से शुरू हो रही हैं। ये परीक्षा 12 कार्य दिवसों में पूर्ण होकर 09 मार्च को समाप्त होगी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित 10 वीं और 12 वीं कक्षा की परीक्षा 22 फरवरी से शुरू होगी। बोर्ड परीक्षाएं दो पालियों में होंगी। पहली सुबह 8.30 से 11.45 तक और दूसरी दोपहर 2 बजे से शुरू होकर शाम 5.15 बजे खत्म होगी। यूपी बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस साल यूपी बोर्ड ने पेपर लीक और नकल जैसी घटनाओं को रोकने के लिए एंटी चीटिंग प्लान तैयार किया है। यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्र पर इस बार सख्ती बरती जाएगी।
05 स्तरीय एंटी चीटिंग प्लान, नकल रोकने के लिए तगड़ी सुरक्षा
यूपी बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन तरीके से आयोजित करवाने के लिए 05 स्तरीय एंटी चीटिंग प्लान बनाया गया है। इस साल 10 वीं और 12 वीं के 55,25,308 स्टूडेंट्स ने यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है। इन छात्रों के लिए पूरे राज्य में 8265 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 566 राजकीय विद्यालय, 3479 सवित्त और 4220 वित्तविहीन विद्यालय शामिल हैं।
सभी पांचों क्षेत्रीय कार्यालयों में एक-एक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना
इस बार की बोर्ड परीक्षा में छात्रहित में कई नवीन व्यवस्थाएं की गई हैं। इनमें परीक्षाओं के व्यवधानरहित सुचारू संचालन हेतु मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से परीक्षा केंद्र व्यवस्थापकों को प्रशिक्षण दिया गया है। कक्ष निरीक्षकों के लिए क्यूआर कोड एवं क्रमांक युक्त Computerised परिचय पत्र भी तैयार किया गया है। इसके अलावा उत्तर पुस्तिकाओं की अदला-बदली रोकने के लिए उत्तर पुस्तिकाओं पर सुरक्षात्मक क्यूआर कोड, क्रमांक और लोगो भी लगाए हैं। परीक्षा केंद्रों में नकल की घटनाओं और अन्य किसी प्रकार की अवांछित गतिविधि रोकने के लिए परिषद मुख्यालय प्रयागराज और सभी पांचों क्षेत्रीय कार्यालयों मेरठ, बरेली, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर में एक-एक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना की गई है।
परीक्षा केंद्रों में स्ट्रांगरूम की 24×7 ऑनलाइन निगरानी
नकलविहीन और शांतिपूर्ण परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्रों में स्ट्रांगरूम की 24×7 ऑनलाइन निगरानी की व्यवस्था की गई है। 8265 परीक्षा केंद्रों के लगभग 1.35 लाख परीक्षा कक्षों और परिसर में 2.90 लाख से अधिक वॉयस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। लखनऊ में भी निगरानी के लिए एक कमांड एंड कंट्रोल रूम सेंटर स्थापित किया गया है। अधिकारियों की टीमों का गठन कर स्ट्रांगरूम का रात में निरीक्षण कराए जाने के भी आदेश दिए गए हैं। परीक्षाओं में नकल की शिकायत के लिए टोल फ्री नम्बर 18001805310 और 18001805312, व्हाट्सएप, ट्विटर और फेसबुक जैसे सूचना माध्यमों की भी व्यवस्था की गई है।
16 अति संवेदनशील जनपद चिन्हित
परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण के लिए 1297 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 430 जोनल मजिस्ट्रेट, 75 राज्य स्तरीय पर्यवेक्षक और 416 फ्लाइंग स्क्वाड का भी गठन किया गया है। प्रदेश के 16 जनपद जिसमें मथुरा, बागपत, अलीगढ़, मैनपुरी, एटा, हरदोई, आज़मगढ़, बलिया, मऊ, प्रयागराज, कौशाम्बी, चंदौली, जौनपुर, गाज़ीपुर, देवरिया और गोंडा अतिसंवेदनशील जनपद चिन्हित किए गए हैं।
दंडनीय और गैर जमानती अपराध
यहीं नहीं इस बार की यूपी बोर्ड की परीक्षा समाप्त होने से पूर्व यदि उस विषय का कोई प्रश्न पत्र या उसके किसी भाग को या उसके हल को व्हाट्सएप या किसी सोशल मीडिया या अन्य किसी माध्यम से संचारित करने का प्रयास किया गया तो ऐसा कृत्य उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 1998 की धारा 4/10 के अंतर्गत दंडनीय अपराध और गैर जमानती अपराध होगा।
सड़क दुर्घटना में गाजियाबाद के तीन लोगों की मौके पर ही मौत
बिजनौर। अनियंत्रित होकर पलटे तेज रफ्तार कंटेनर के नीचे दबकर छोटा हाथी गाड़ी (टाटा मैजिक) में सवार तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने राहगीरों की मदद से मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। पुलिस द्वारा गाजियाबाद जनपद के गांव भोजपुर निवासी तीनों मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है।
मंगलवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे बैराज रोड स्थित माउंट लिटेरा स्कूल के पास एक कंटेनर संख्या यूपी 81 बी-टी 6389 बिजनौर से मुजफ्फरनगर की ओर जा रहा था।
इसी दौरान अचानक अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे छोटा हाथी गाड़ी संख्या यूपी 14 के-टी 1123 के ऊपर पलट गया। बताया गया है कि छोटा हाथी गाड़ी में सवार तीन लोग उसी में दब गए।
सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। क्रेन की मदद से कंटेनर को ऊपर से हटाया और छोटा हाथी में फंसे तीनों लोगों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इस दर्दनाक हादसे में मरने वालों के नाम रविन्द्र पुत्र ओमप्रकाश, दिनेश शर्मा पुत्र किशन और मोनू बताए गए हैं। तीनों गाजियाबाद जनपद के गांव भोजपुर के रहने वाले थे। पुलिस द्वारा मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है।
बिजनौर। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने मनमानी तरीके से विवेचना करने पर थाना स्योहारा के एक दरोगा और कोतवाली शहर के दो सिपाहियों को अवकाश समाप्ति के बाद भी ड्यूटी पर न आने के कारण सस्पेंड कर दिया है। तीनों पुलिस कर्मियों की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
नीरज कुमार जादौन एसपी बिजनौर
पुलिस कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना स्योहारा पर नियुक्त उ.नि. तनवीर अहमद को कई बार निर्देशित किये जाने के उपरान्त भी विवेचनाओं का विधिक निस्तारण नहीं किया जा रहा था। इस पर मनमानी तरीके से विवेचना करने तथा बरती गई लापरवाही के संबंध में क्षेत्राधिकारी धामपुर द्वारा आख्या प्रेषित की गई थी। इस आधार पर पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने उ.नि. तनवीर अहमद को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया है। इस संबंध में 07 दिवस में जांच पूर्ण कर आख्या प्रेषित करने के निर्देश क्षेत्राधिकारी अफजलगढ को दिए गए हैं।
वहीं थाना कोतवाली शहर पर नियुक्त मुख्य आरक्षी अजय कुमार द्वारा 3 दिवस अवकाश पर रवाना होने के उपरान्त अवकाश समाप्ति के बाद समय से अपने कर्तव्य पर उपस्थित न होकर राजकीय कार्यों से बचने के उद्देश्य से बिना अनुमति अवकाश के अनाधिकृत रुप से अनुपस्थित हो जाने पर सस्पेंड किया गया। थाना कोतवाली शहर पर ही नियुक्त आरक्षी राहुल कुमार द्वारा 15 दिवस अवकाश पर रवाना होने के उपरान्त अवकाश समाप्ति के बाद भी ड्यूटी पर उपस्थित न होने पर सस्पेंशन की कार्यवाही की गई है। इन दोनों के मामलों में जांच क्षेत्राधिकारी, नजीबाबाद को इस निर्देश के साथ दी गयी है कि 07 दिवस में जांच पूर्ण कर आख्या प्रेषित करें।
“जनपद के समस्त पुलिस अधिकारी/कर्मचारीगणों को निर्देशित किया गया है कि कोई भी पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों/दायित्वों के प्रति उदासीनता/शिथिलता न बरते अन्यथा सम्बन्धित के विरुद्ध कड़ी दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी” ~नीरज कुमार जादौन पुलिस अधीक्षक बिजनौर।
“दिशा” समिति की बैठक में सांसद ने उठाया मिशन के तालाब का मुद्दा
बिजनौर। विकास भवन सभागार कक्ष में सांसद नगीना ग्रीश चंद्र की अध्यक्षता एवं सांसद बिजनौर मलूक नागर की सह अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति “दिशा” की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिलाधिकारी अंकित अग्रवाल व पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने प्रतिभाग किया। अन्य अधिकारीगण भी मौजूद रहे ।
बैठक में बिजनौर सांसद मलूक नागर ने जिलाधिकारी आवास के ठीक सामने स्थित मिशन कंपाउंड के तालाब के मुद्दे को जोर शोर से उठाया। जिलाधिकारी ने इस मामले में आवश्यक कार्यवाही की बात कही है। गौरतलब है कि डीएम बंगले के सामने मिशन कंपाउंड है, जहां चर्च के बराबर से थोड़ा आगे चलकर तालाब है। आसपास के घरों का गंदा पानी और कूड़ा यहीं एकत्र होता है। तालाब से सांप, बिच्छू, मक्खी, मच्छर, तरह तरह के पक्षी, जीव जन्तु लोगों के यहां घुसते हैं। दुर्गंध भी फैलती है। मिशनरीज वाले अपनी जमीन, अपना तालाब बताकर यहां सफाई कार्य नहीं होने देते।
विवादित स्थल के रूप में कुख्यात
प्रदेश में सरकार किसी भी पार्टी की रही हो, लेकिन आज तक इसकी सफाई की सुध किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने नहीं ली। दरअसल कथित तौर पर विवादित स्थल के रूप में कुख्यात इस स्थान की ओर किसी भी राजनीतिक दल का नुमाइंदा तक ध्यान नहीं देता। बताया जाता है कि जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह यहां एक सोसायटी में बरसों रहे हैं, जबकि उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष कपिल सर्राफ यहीं पास में ही रहते हैं। मंडावर क्षेत्र के एक गांव के कई बार के प्रधान का घर भी तालाब के एक किनारे है। ..और भी दर्जनों घरों में सैकड़ों लोग रहते तो हैं लेकिन या तो सबकी आदत हो चुकी है, अथवा उच्चाधिकारियों से शिकायत करना नहीं चाहते?
स्योहारा में महिला पर गुलदार का हमला, पैजनिया में ग्रामीणों ने गुलदार को घेरा
बिजनौर। स्योहारा में महिला पर गुलदार ने हमला कर दिया, जबकि पैजनिया में ग्रामीणों ने गुलदार को घेर लिया। वन विभाग और पुलिस टीम मौके पर मौजूद है।
स्योहारा क्षेत्र के ग्राम गंगाधर पुर में बीती रात शादी में शामिल होने जा रही एक महिला को पीछे से गुलदार में दबोच लिया। जानकारी के अनुसार ग्राम गंगाधर पुर निवासी कृष्णा देवी (45) बीती रात बाइक पर बैठकर शादी में जा रही थी। तभी गांव से बाहर आते ही घात लगाए गुलदार ने पीछे से कृष्णा देवी को दबोच लिया और कई जगह से काटकर गंभीर घायल कर दिया। शोर सुनकर किसी तरह ग्रामीणों ने उसको बचाया। महिला को इलाज के लिए मकसूद पुर ले जाया गया जहां गंभीर हालत को देखते हुए उसको रेफर कर दिया गया, घटना को लेकर ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।
वहीं चांदपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम पैजनिया में ग्रामीणों ने खेत में टहल रहे एक गुलदार को चारों ओर से घेर लिया। सूचना पर वन विभाग की टीम और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और खेत में पिंजरा लगाकर उसके चारों ओर जाल लगा दिया गया। गुलदार की सूचना पर मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ मौके पर इकट्ठा हो गई।
ग्राम पैजनिया निवासी राजपाल व देशराज, सेलपुरा बमनौला मार्ग पर स्थित अपने खेत में पानी चलाने गए थे। इसी बीच ईख में गुलदार को बैठा देख राजपाल व देशराज पाल उल्टे पांव वहां से भाग लिए और आसपास के किसानों को सूचना दी। किसानों ने हाथो में लाठी डंडे लेकर खेत को चारों ओर से घेर लिया तथा वन विभाग को मामले से अवगत कराया। गुलदार को घेरने की सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी चांदपुर दुष्यंत कुमार अपनी टीम के साथ पिंजरा और जाल लेकर मौके पर पहुंच गए। वन विभाग की टीम ने खेत में पिंजरा लगा कर उसके चारों ओर जाल लगा दिया। गुलदार एक बार जाल की ओर आया लेकिन भीड़ देखकर फिर से ईख में घुस गया। पिछले दो माह से गुलदार ने पैजनिया और उसके आसपास के क्षेत्र डेरा डाल रखा है। ग्रामीणों ने इस संबंध में कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत कराया लेकिन कोई कार्यवाई नहीं हुई। समाचार लिखे जाने तक ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने खेत को घेर रखा था। मौके पर राहुल कुमार, रमन कुमार, कल्याण त्यागी, संजय कुमार, मुकुल कुमार रक्षित त्यागी, अवनीश, कार्तिक बंटी, विपिन, विवेक, भूपेंद्र शर्मा, बशेश्वर दयाल, सिद्धांत त्यागी, अनुज कुमार, सुमित त्यागी, लिटिल त्यागी, शोभित कुमार, जगनेश पाल, यशपाल, देवेंद्र कुमार आदि सैकड़ों ग्रामीण एकत्र हो गए।
विधवा प्रेमिका की हत्या कर खुद भी फांसी पर झूल गया प्रेमी
बिजनौर। थाना किरतपुर क्षेत्रांतर्गत शेखपुर लाला में एक व्यक्ति ने गला घोंट कर विधवा प्रेमिका की हत्या कर दी। बाद में खुद भी फांसी लगाकर जान दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने भी मौका मुआयना कर अधीनस्थ स्टाफ को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
बताया गया है कि सोमवार दिनांक 19 फरवरी 2024 को थाना किरतपुर पर सूचना प्राप्त हुई कि लक्ष्मण (उम्र करीब 43 वर्ष) पुत्र बाबूराम निवासी शेखपुर लाला थाना किरतपुर जनपद बिजनौर ने अपने गांव की ही रहने वाली विधवा महिला (उम्र 45 वर्ष) का गला घोंट दिया, जिससे महिला की मृत्यु हो गई तथा बाद में स्वयं भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
सूचना पर क्षेत्राधिकारी नजीबाबाद ने स्थानीय पुलिस एवं फील्ड यूनिट टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को कब्जे में लिया। पुलिस टीम ने साक्ष्य संकलन व शवों के पंचायतनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।स्थानीय लोगों से जानकारी पर ज्ञात हुआ कि लक्ष्मण सिंह व धर्मवती की काफी समय से मित्रता थी। सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और अधीनस्थ स्टाफ को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। पुलिस प्रत्येक बिंदु पर जांच कर रही है।
सफेद बालों को काला करने के घरेलू उपाय : सफेद होते बालों की परेशानी को दूर करने के लिए हम कई तरह के तेल और केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स का प्रयोग करते हैं, लेकिन इन प्रोडक्ट्स से बेहतर रिजल्ट नहीं मिल पाता है। ऐसे में कई बार बालों को नुकसान पहुंचने का भी खतरा रहता है। इसलिए सफेद बालों की परेशानी को कम करने के लिए नैचुरल उपायों का सहारा लेना ही बेस्ट माना जाता है। अगर आप चाहते हैं कि आपके सफेद बाल कुछ ही दिनों में काले और घने हो, तो इसके लिए आप कुछ नैचुरल उपायों का सहारा ले सकते हैं। आज इस लेख में हम आपको इन्हीं उपायों के बारे में बताएंगे।
नारियल तेल हमारे बालों के लिए सबसे अधिक प्रभावी माना जाता है। इस तेल से बालों को गहराई से पोषण मिलता है। साथ ही इससे बालों की नमी बरकरार रहती है। अगर आप नियमित रूप से नारियल तेल को लगाते हैं, तो इससे कई तरह की परेशानी कम होती है। इसके साथ आप कुछ चीजों को मिक्स करके लगा सकते हैं, इससे बालों को दोगुना फायदा पहुंच सकता है। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से-
नारियल तेल में मिलाएं मेथी के दाने
सफेद होते बालों की परेशानी को दूर करने के लिए मेथी का दाना काफी ज्यादा प्रभावी होता है। यह आपके झड़ते बालों की समस्याओं को दूर कर सकता है। इससे बालों को जड़ों से मजबूती मिलती है। साथ ही इसमें मौजूद गुण बालों को काला कर सकता है।
मेथी के बीजों को अच्छी तरह से पीस लें। इसके बाद करीब 3 से 4 चम्मच नारियल के तेल में 1 चम्मच मेथी के पाउडर को डालकर अच्छी तरह से उबाल लें। इसके बाद इसे ठंडा करके सप्ताह में कम से कम 2 बार बालों में लगाएं। इससे सफेद बालों की परेशानी को दूर किया जा सकता है।
नारियल तेल और करी पत्ता
सफेद बालों की समस्याओं को कम करने के लिए नारियल तेल काफी हद तक फायदेमंद हो सकता है। इसमें आप करी पत्ता डालकर बालों में एप्लाई करते हैं, तो इससे आपके बालों को दोगुना फायदा पहुंच सकता है।
इसे बालों में लगाने के लिए सबसे पहले 01 कटोरी नारियल का तेल लें, इसमें मुट्ठीभर करी पत्ता डालकर इसे अच्छी तरह से गर्म करें। जब तेल अपना रंग बदल दे, तो इसे ठंडा करके बालों में लगाएं। इससे आपके बालों को काला करने में मदद मिल सकती है। ध्यान रखें कि इस तेल को रात में सोने से पहले लगाएं और सुबह अपने बालों को धोएं। इससे अच्छा रिजल्ट मिलेगा।
बेकार पड़े आलू के छिलके से सफेद बालों को करें काला, सप्ताह में 2 बार इस तरह करें इस्तेमाल
फल हो या फिर सब्जी का छिलका, हम इसे बेकार समझकर बाहर फेंक देते हैं, लेकिन ये सभी छिलके कहीं न कहीं और किसी न किसी तरह से आपके लिए काफी हेल्दी साबित होते हैं। फलों का छिलका खाने से स्वास्थ्य को लाभ होता है। वहीं, सब्जियों के छिलके का प्रयोग भी कई तरह से कर सकते हैं। इन छिलकों में आलू के छिलके की बात करें, तो इसका प्रयोग सफेद बालों को काला करने के लिए किया जा सकता है। जी हां, आलू का छिलका स्वास्थ्य के लिए काफी ज्यादा हेल्दी होता है। वहीं, इस छिलके के इस्तेमाल से सफेद बालों को काला करने में मदद मिल सकती है। आइए जानते हैं बालों को काला करने के लिए आलू के छिलके के फायदे और कैसे करें इसका प्रयोग?
बालों को काला करने में कैसे फायदेमंद है आलू का छिलका? सफेद होते बालों की परेशानी को दूर करने के लिए आलू के छिलकों का प्रयोग किया जा सकता है। दरअसल, आलू के छिलके में पॉलीफेनोल ऑक्सीडेज नामक एंजाइम होता है, जो सफेद बालों को काला करने के लिए प्रभावी होता है। इससे आपके बालों को गहराई से पोषण मिलता है। इसके अलावा आलू के छिलकों में कई अन्य जरूरी पोषक तत्व होते हैं। इन पोषक तत्वों में जिंक, आयरन, पोटैशियम, कॉपर, कैल्शियम, नियासिन और मैग्नीशियम इत्यादि शामिल है। इससे आपके बालों को पोषण प्राप्त होता है। साथ ही यह बालों का काला करने में प्रभावी हो सकता है।
आवश्यक सामग्री
सफेद बालों को करना है काला तो सरसों के तेल में मिलाकर लगाएं किचन में रखी ये 2 चीजें, हेयर डाई की नहीं पड़ेगी जरूरत बिना डाय काले करने हैं अपने सफेद बाल तो नारियल तेल में मिलाएं ये 1 चीज, किसी को पता नही चलेगा कि आपने किया है हेयर कलर किस विटामिन की कमी से सफेद होने लगते हैं बाल, जानिए बालों के लिए कौन-कौन से पोषक तत्व हैं जरूरी
साफ सूती कपड़ा आलू के छिलके – आधी कटोरी पानी – 2-3 कप गुलाब जल – 1 चम्मच विधि:
बालों का काला करने के लिए आलू के छिलकों का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले 1 पैन लें। इसे गैस स्टोव पर चढ़ाएं, इसके बाग इसमें पानी डालकर इसके करीब 3 से 4 मिनट तक उबालें। जब पानी अच्छे से उबल जाए, तो इसमें आलू के छिलकों को डालकर इसे ढक दें और करीब 20 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं। अब इसे एक सूती कपड़े की मदद से छानें। इस आलू के छिलके से निकले पानी को एक कटोरी में डालें और फिर इसमें गुलाबजल मिक्स कर लें। तैयार पानी को एक स्प्रे बोतल में स्टोर करें
कैसे करें इसका प्रयोग? आलू के छिलकों से तैयार मिश्रण को आप शैंपू के बाद अपने बालो में कर सकते हैं। इसके लिए बालों को शैंपू से धो लें। फिर इसे अच्छे से सूखने दें और बालों को दो से तीन हिस्सों में बांटकर इसपर आलू के छिलके से बने पानी को स्प्रे करें। इससे बालों को काला करने में काफी हद तक मदद मिल सकती है।
सफेद बालों को करना है काला तो सरसों के तेल में मिलाकर लगाएं किचन में रखी ये 2 चीजें, हेयर डाई की नहीं पड़ेगी जरूरत White hair Remedies: सफेद बालों को काला करने के लिए आप सरसों के तेल में किचन में रखी ये दो चीजें मिलाकर लगा सकते हैं। आइए, जानते हैं इस नुस्खे के बारे में विस्तार से –
बालों के सफेद होने की समस्या आज के समय में काफी आम हो गई है। उम्र बढ़ने के साथ बालों का सफेद होना सामान्य बात है। लेकिन आजकल कम उम्र में ही लोगों के बाल सफेद हो रहे हैं। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे प्रदूषण, गलत खानपान, खराब जीवनशैली, तनाव और केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने की वजह से बाल जल्दी सफेद हो सकते हैं । अपनी सफेद होते बालों को काला करने के लिए ज्यादातर लोग हेयर डाई, मेहंदी और कलर का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन इनमें हानिकारक केमिकल्स मौजूद होते हैं जो बालों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में, बालों को नैचुरल तरीके से काला करने के लिए आप कुछ घरेलू चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इन्हीं चीजों में सरसों का तेल भी शामिल है। जी हां, सरसों का तेल बालों को मजबूत बनाने के साथ-साथ काला करने में भी प्रभावी होता है। तो आइए, जानते हैं सफेद बालों को काला करने के लिए कैसे करें इसका प्रयोग?
सफेद बालों को काला करने के लिए सरसों के तेल में मेथी और लहसुन मिलाकर बनाएं हेयर ऑयल आवश्यक सामग्री 1 कटोरी सरसों का तेल 1 चम्मच मेथी 4-5 लहसुन की कली
विधि सबसे पहले एक चम्मच मेथी दाना को एक गिलास पानी में भिगोकर रात भर के लिए रख दें। अगले दिन इसे पीसकर पेस्ट बना लें। अब एक पैन में एक कटोरी सरसों का तेल गर्म करें। इसमें मेथी दाना का पेस्ट और 4-5 लहसुन की कली को कूटकर डालें और थोड़ी देर गर्म होने दें। अब इसे एक सूती कपड़े की मदद से छान लें।
इस तरह करें अप्लाई इस तेल को अपने बालों में लगाएं और हल्के हाथों से मसाज करें। इसे रातभर बालों में लगा रहने दें। सुबह किसी माइल्ड शैंपू की मदद से बालों को धो लें। सप्ताह में एक बार इस मिश्रण के प्रयोग से आपके बाल काले हो सकते हैं। साथ ही, बालों की ग्रोथ भी बेहतर होगी।
बालों के लिए सरसों के तेल के फायदे सरसों के तेल में एंटीऑक्सीडेंट्स, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण मौजूद होते हैं, जो ड्राई स्कैल्प को पोषण देते हैं और डैंड्रफ के दूर करते हैं। यह स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है, जिससे बालों को काला करने में मदद मिलती है।
बालों के लिए मेथी के फायदे मेथी दाना विटामिन-सी और प्रोटीन से भरपूर होते हैं, जो स्कैल्प को हेल्दी रखने में मदद करते हैं। इसमें आयरन भी पाया जाता है, जो स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है। इससे न सिर्फ बाल लंबे और घने होते हैं, बल्कि काले भी होते हैं।
बालों के लिए लहसुन के फायदे बालों के लिए लहसुन बहुत फायदेमंद होता है। इसमें सल्फर और सेलेनियम भरपूर मात्रा में होते हैं, जो बालों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। इसके अलावा, इसमें एंटी-माइक्रोबियल और एंटी-बैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं, जो स्कैल्प की गंदगी को साफ करने और सफेद बालों की परेशानी को दूर करने में मदद करते हैं।
सफेद होते बालों को काला करने के लिए ये उपाय काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं। हालांकि, ध्यान रखें कि अगर आपको इनमें से किसी भी सामग्री से कोई एलर्जी है, तो इसका इस्तेमाल न करें।
स्टीम बाथ, मिट्टी चिकित्सा, एक्यूप्रेशर चिकित्सा, शिरोधारा का उठाया लाभ
आहार परिवर्तन के माध्यम से किया आम जनमानस का उपचार
बिजनौर। नि:शुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर का आयोजन शिव मंदिर देवलोक कॉलोनी बिजनौर में किया गया।
योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा ट्रस्ट साकेत कॉलोनी अध्यक्ष योगेश कुमार के द्वारा नि:शुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर लगाया गया। इसमें रोगियों को स्टीम बाथ, मिट्टी चिकित्सा, एक्यूप्रेशर चिकित्सा, शिरोधारा की गई। आहार परिवर्तन के माध्यम से आम जनमानस का उपचार किया गया।
उपचार कराने वालों में मुजफ्फरनगर से रुक्मिणी देवी, रविंद्र सिंह बिजनौर से संजीव कुमार, सुशीला कौशिक, इमरती देवी, रोहिताश सिंह, पंडित छोटन शर्मा गिनी, जसवीर सिंह, सविता, रामपुर से श्री दयानंद पुलिस इंस्पेक्टर, बैराज से पायल, अरुण, रिंकी ने प्राकृतिक उपचार कराया। ओपी शर्मा ने बॉडी एनालाइजर मशीन से रोगों का परीक्षण किया। उपचार करने वालों में सर्वश्री रामनाथ सिंह, श्रीमती सुनीता, सोमदत्त शर्मा, डॉ नरेंद्र सिंह ने बिना दवाई के प्राकृतिक उपचार किया। शिविर से पहले यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ में राम सिंह पाल, राजवीर सिंह,ओपी शर्मा, डॉक्टर नरेंद्र सिंह उपस्थित रहे।
बिजनौर। पत्रकार परिषद, चांदपुर की नवीन कार्यकारिणी घोषित कर दी गई है।
अध्यक्ष मो. अजमल ने बताया कि सर्वश्री गोविन्द मित्तल, नरेश जावा, पवन कुमार शर्मा व राजीव अग्रवाल को संरक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अजय कुमार कौशिक महामंत्री, सचिन शर्मा उपाध्यक्ष, जितेन्द्र शर्मा जीतू कोषाध्यक्ष, श्याम बाबू गुप्ता कार्यालय मंत्री, राम अवतार सिंह सचिव, गौरव त्यागी सह सचिव, सुभाष जावा एडवोकेट आडिटर, डा एम के कटारिया संगठन मंत्री एवं मनोज शर्मा सहसंगठन मंत्री बनाए गए हैं।
तहसीलदार व सीओ ने पकड़े अवैध खनन में लगे तीन डम्पर
बिजनौर। अवैध खनन की सूचना पर नायब तहसीलदार व सीओ अफजलगढ ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए सड़क पर मिट्टी से भरे हुए डम्पर को पकड़ कर थाना शेरकोट पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया।
फाइल चित्र
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सीओ अफजलगढ अर्चना सिंह व नायब तहसीलदार ममता यादव ने हरेवली चौराहे पर मिट्टी से भरे हुए जा रहे डंपरों को रोककर उनके चालकों से मिट्टी से सम्बन्धित जानकारी की। डम्पर चालक कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। इस पर दोनों अधिकारियों ने तीनों डंपरों को थाने में खड़ा करा दिया। सीओ अफजलगढ अर्चना सिंह ने बताया कि मिट्टी से भरे इन डंपरों की जांच कर रिपोर्ट खनन विभाग को भेजी जाएगी। उसके आधार पर ही मुकदमे की कार्रवाई की जाएगी।
बिजनौर। धामपुर तहसील क्षेत्र के गांव पुट्ठा-पुट्ठी में मादा गुलदार की मौत आपसी संघर्ष में हुई थी। मादा गुलदार का शव चारागाह की भूमि के पास शुक्रवार को मिला था। गुलदार के शव का धामपुर रेंज कार्यालय में चिकित्सकों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। बिसरा जांच को भेजा गया है।
वन क्षेत्राधिकारी गोविंद राम गंगवार ने बताया कि गांव पुट्ठा-पुट्ठी में गोशाला के पास चारागाह की भूमि है। शुक्रवार शाम कुछ ग्रामीण जंगल से लौटते हुए वहां से गुजर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने चारागाह की भूमि के पास एक गुलदार मृत अवस्था में पड़ा देखा। ग्रामीणों की सूचना पर धामपुर के रेंजर गोविंद राम गंगवार, डिप्टी रेंजर हरदेव सिंह और वन दारोगा लक्ष्मीचंद मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि शव मादा गुलदार का था, जिसकी उम्र लगभग डेढ़ वर्ष थी। शनिवार को पशु चिकित्सकों की टीम ने गुलदार का पोस्टमार्टम किया। वन अधिकारियों के अनुसार गुलदार की मौत आपसी संघर्ष में हुई थी।
सीसीटीवी कैमरा, यातायात व अन्य समस्त व्यवस्थाएं की चैक
पुलिस सीधी भर्ती – 2023 के परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे एसपी, एएसपी ग्रामीण
Bijnor: पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन द्वारा आरक्षी नागरिक पुलिस सीधी भर्ती – 2023 के पदों पर लिखित परीक्षा के दृष्टिगत थाना कोतवाली शहर, थाना किरतपुर एवं नजीबाबाद क्षेत्रान्तर्गत परीक्षा केन्द्रों का भ्रमण किया गया। इस दौरान उन्होंने सीसीटीवी कैमरा, यातायात व अन्य समस्त व्यवस्थाओं को चैक किया। साथ ही परीक्षा ड्यूटी में लगे पुलिस बल व अन्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण राम अर्ज सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।
इसी प्रकार अपर पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण राम अर्ज द्वारा आरक्षी नागरिक पुलिस सीधी भर्ती – 2023 के पदों पर लिखित परीक्षा के दृष्टिगत थाना कोतवाली शहर, थाना हल्दौर एवं कस्बा झालू क्षेत्रान्तर्गत परीक्षा केन्द्रों का भ्रमण कर सीसीटीवी कैमरा, यातायात व अन्य समस्त व्यवस्थाओं को चेक किया गया तथा परीक्षा ड्यूटी में लगे पुलिस बल व अन्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।
मुस्लिम बाहुल्य सीटों पर जातीय समीकरण साध रही बसपा
लखनऊ। लोकसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी पिछली बार से अधिक सीटें जीतने का गणित बैठा रही है।बसपा ने पिछले चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करते हुए कुल 10 सीटें जीती थीं। बसपा सुप्रीमो की नजर प्रदेश की उन मुस्लिम बाहुल्य 13 सीटों पर है, जहां पिछले चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया था।
13 मुस्लिम बाहुल्य सीट में से जीती थीं पांच
वर्ष 2019 का लोकसभा चुनाव बसपा ने सपा से गठबंधन कर लड़ा था। पार्टी ने अपने हिस्से में आईं 38 सीट में से 10 पर जीत हासिल की थी। इनमें से मुस्लिम बाहुल्य 13 सीटों में पांच पर जीत दर्ज की। इनमें बिजनौर से मलूक नागर, अमरोहा से कुंवर दानिश अली, सहारनपुर से हाजी- फजलुर रहमान, नगीना से गिरीश चंद्र और श्रावस्ती से राम शिरोमणी जीते थे। मेरठ में बसपा के हाजी महमूद याकूब दूसरे नंबर पर रहे थे। अन्य सीटों पर सपा व उसके कोटे पर रालोद उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था।
एससी व मुस्लिम गठजोड़ का समीकरण
इस बार बसपा जातीय समीकरण को आधार बनाकर मुस्लिम बाहुल्य सीटों पर मुस्लिम या दलित उम्मीदवार को मैदान में उतारने की योजना पर काम कर रही है। इसी आधार पर को~आर्डिनेटरों से उम्मीदवारों का पैनल भी मांगा गया है। बसपा सुप्रीमो मायावती का मानना है कि दलित और मुस्लिमों को साथ आने में किसी तरह का कोई गुरेज नहीं होगा। इसलिए दोनों साथ आ गए तो इस बार पिछली की अपेक्षा अधिक सीटों पर सफलता प्राप्त की जा सकती है।
दलबदल देखते हुए चेहरे बदलना भी मजबूरी
बसपा के कई सांसद या पिछली बार के प्रत्याशी दूसरी पार्टियों के संपर्क में बताए जा रहे हैं। इसलिए पार्टी लोकसभा की अधिकतर सीटों पर उम्मीदवार बदलने का प्रयोग करेगी! यही कारण होगा कि अधिकतर सीटों पर नए चेहरों को चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है।
लोकसभा चुनाव से पूर्व फ्रंटल संगठनों को चुस्त-दुरुस्त करने की कवायद
दीपांशु यादव बने सपा लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव
लखनऊ। समाजवादी पार्टी की लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक यादव ने फ्रंटल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित की है। लखनऊ के दीपांशु यादव को अहम ज़िम्मेदारी देते हुए राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है। 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी समाजवादी पार्टी ने अपने फ्रंटल संगठनों को चुस्त-दुरुस्त करते हुए एक के बाद एक राष्ट्रीय कार्यकारिणी को घोषित करने शुरू कर दिया है। साथ ही सभी फ्रंटलों को जनता के बीच जाकर वोट की अपील करने को कहा है।
बीबीएयू सेंट्रल यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र व लखनऊ के ग्राम बेहसा निवासी दीपांशु यादव ने इससे पहले लोहिया वाहिनी की प्रदेश कार्यकारिणी में विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान बतौर प्रदेश सचिव पार्टी के लिए जमीनी तौर पर काम किया था, जिसके मद्देनजर पार्टी ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देते हुए राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह दी। दीपांशु यादव ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का धन्यवाद करते हुए कहा कि पार्टी द्वारा दी गई जिम्मेदारी को आगे भी पूरी मेहनत और लगन के साथ उठाते रहेंगे और आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी को बूथों पर मजबूत करने का काम करेंगे। इस अवसर पर ललित यादव, अधिवक्ता मुकुल सिंह, संग्राम सिंह, बदल यादव सम्राट, कैश शेख आदि ने दीपांशु को नई जिम्मेदारी पर बधाई दी।
पकड़ा गया बिहार निवासी अभियुक्त रेलवे में है तैनात
पुलिस भर्ती परीक्षा में पकड़ा गया सॉल्वर
बिजनौर। थाना कोतवाली शहर क्षेत्रान्तर्गत नूरपुर रोड पर आरक्षी नागरिक पुलिस सीधी भर्ती 2023 के रुट्स इंटरनेशनल स्कूल परीक्षा केन्द्र पर फिंगरप्रिंट की जांच करते समय सॉल्वर को गिरफ्तार किया गया है। बताया गया है कि पकड़ा गया युवक अभिनव आलोक पुत्र अनिल कुमार सिन्हा निवासी बरहरवा सिवान थाना ढाका जनपद पूर्वी चम्पारण (बिहार) है, जो वर्तमान में रेलवे में ट्रैकमैन (ग्रुप – डी) के पद पर तैनात है।
पुलिस से मिली जानकारी अनुसार अभिनव आलोक थाना कोतवाली शहर क्षेत्रान्तर्गत नूरपुर रोड पर आरक्षी नागरिक पुलिस सीधी भर्ती 2023 के रुट्स इंटरनेशनल स्कूल परीक्षा केन्द्र पर आशीष कुमार पुत्र विनोद कुमार निवासी रामपुर फूना पोस्ट औरंगाबाद उर्फ सिकंदरपुर थाना शिवालाकलां जनपद बिजनौर के स्थान पर परीक्षा देने आया हुआ था। स्थानीय पुलिस द्वारा चेकिंग के दौरान अभियुक्त अभिनव आलोक को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। अभियुक्त के कब्जे से फर्जी दस्तावेज, प्रपत्र व आईड़ी कार्ड बरामद हुए है। इस संबंध में थाना कोतवाली शहर पर अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।
गिरफ्तार अभियुक्त का नाम पता – अभिनव आलोक पुत्र अनिल कुमार सिन्हा निवासी बरहरवा सिवान थाना ढाका जनपद पूर्वी चम्पारण बिहार
मूल अभ्यर्थी का नाम व पता – आशीष कुमार पुत्र विनोद कुमार निवासी रामपुर फूना पोस्ट औरंगाबाद उर्फ सिकन्दरपुर थाना शिवालाकलां जनपद बिजनौर
थाना कोतवाली शहर पुलिस द्वारा अन्य अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने आये अभियुक्त की गिरफ्तारी व स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही वैधानिक कार्यवाही के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक, नगर जनपद बिजनौर की बाइट…
दूसरी ओर जिलाधिकारी अंकित अग्रवाल व पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन द्वारा आरक्षी नागरिक पुलिस सीधी भर्ती – 2023 के पदों पर लिखित परीक्षा के दृष्टिगत थाना कोतवाली शहर क्षेत्रान्तर्गत राजा ज्वाला प्रसाद आर्य इंटर कॉलेज परीक्षा केन्द्र का भ्रमण कर सीसीटीवी कैमरा, यातायात व्यवस्था व अन्य समस्त व्यवस्थाओं को चेक किया गया तथा परीक्षा ड्यूटी में लगे पुलिसबल व अन्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। इस दौरान संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।
वहीं पुलिस अधीक्षक, नीरज कुमार जादौन ने थाना नगीना क्षेत्रान्तर्गत, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम अर्ज ने थाना कोतवाली शहर क्षेत्रान्तर्गत परीक्षा केन्द्रों का भ्रमण कर सीसीटीवी कैमरा, यातायात व अन्य समस्त व्यवस्थाओं को चेक किया। इस दौरान उन्होंने परीक्षा डयूटी में लगे पुलिस बल व अन्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। एसपी के साथ में क्षेत्राधिकारी नगीना मौजूद रहे।
UP Politics: लोकसभा चुनाव से पहले बसपा सुप्रीमो मायावती को बड़ा झटका देने की तैयारी में लालगंज से बसपा सांसद
BJP में शामिल हो कर मायावती को बड़ा झटका दे सकती हैं बीएसपी सांसद!
नई दिल्ली (PTI)। लोकसभा चु्नाव में अकेले उतरने का एलान कर चुकी बसपा सुप्रीमो मायावती की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। चुनाव से पहले मायावती को बड़ा झटका लग सकता है। दानिश अली के बाद अब यूपी की लालगंज लोकसभा सीट से सांसद संगीता आजाद पार्टी को छोड़ सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक़ वो इसी महीने बीजेपी ज्वाइन कर सकती हैं।
चुनाव से पहले संगीता आज़ाद का बसपा छोड़कर बीजेपी में शामिल होना लगभग तय हो गया है। बस इसका एलान होना बाक़ी है। वो इसी महीने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर लेंगी। केंद्रीय नेतृत्व की ओर उन्हें हरी झंडी मिल गई है। अब बस सही समय का इंतज़ार है। संगीता आज़ाद के बीजेपी में शामिल होने से आज़मगढ़ और पूर्वांचल की राजनीति पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है। साथ ही उनके पति और पूर्व बसपा विधायक अरिमर्दन सिंह का भी भाजपा में शामिल होना तय माना जा रहा है।
संगीता आज़ाद का बीजेपी में जाना बसपा के लिए बड़ा झटका होगा। इसकी वजह ये है कि उनके ससुर गांधी आज़ाद बसपा के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं। वो पूर्वांचल के बड़े दलित नेता माने जाते थे। यहाँ के लोगों में उनके प्रति आस्था रही है। उन्होंने बसपा में रहकर कई बड़े पदों पर काम किया था। वो बसपा के राज्यसभा सांसद होने के साथ-साथ पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव भी रह चुके हैं। संगीता आज़ाद के पति अरिमर्दन आज़ाद भी लालगंज से बसपा के विधायक रह चुके हैं। उनकी सास मीरा आज़ाद दो बार जिला पंचायत अध्यक्ष रही हैं।
संगीता आज़ाद ने पिछले दिनों संसद सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाक़ात की थी। इसकी तस्वीरें भी उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की थी, जिसके बाद से ही उनके बीजेपी में जाने की ख़बरों ने ज़ोर पकड़ना शुरू कर दिया था। हालांकि इस मुलाक़ात को उन्होंने औपचारिक मुलाक़ात बताया था। वो कई बार बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ़ भी कर चुकी हैं। यही नहीं पिछले काफ़ी समय से वो बसपा के कार्यक्रमों में भी नजर नहीं आ रही हैं।
गौरतलब है कि लालगंज सुरक्षित क्षेत्र से गठबंधन प्रत्याशी संगीता आजाद ने भाजपा की प्रत्याशी व सांसद नीलम सोनकर को 1,61,597 मतों से पराजित किया था। सपा बसपा गठबंधन की प्रत्याशी संगीता आजाद को कुल 5,18,820 मत जबकि भाजपा की नीलम सोनकर को 3,57,223 मत मिले। सुभासपा के दिलीप कुमार 17,927 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहे। चौथे स्थान पर 17,700 मत हासिल कर कांग्रेस के पंकज मोहन सोनकर रहे थे।
गांधी परिवार के उत्तराधिकारी को उसी तरह हाथों-हाथ लेंगे रायबरेली के लोग
कायम रहेगा रायबरेली से परिवार का रिश्ता: सोनिया
सोनिया की भावुक अपील से उठेगी सहानुभूति की लहर
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष एवं सांसद सोनिया गांधी द्वारा राजस्थान से राज्यसभा के लिए पर्चा दाखिल करने के बाद रायबरेली लोकसभा क्षेत्र से नेहरू गांधी खानदान की एक और पीढ़ी की विदाई की इबारत लिख गई| पूरी तरह से विदाई के पहले सोनिया गांधी ने रायबरेली वालों के नाम एक भावुक अपील जारी की है| इस अपील में परिवार के पीढ़ियों पुराने संबंधों की याद दिलाते हुए परिवार के नए सदस्यों का साथ देने का आग्रह भी शामिल है लेकिन सवाल यह है कि क्या इस भावुक अपील से सोनिया गांधी या गांधी परिवार के प्रति रायबरेली में सहानुभूति की लहर अगले चुनाव में उठेगी?
इस अपील में उन्होंने दो दशक के चुनावी सफर में दिए गए सहयोग के प्रति आभार जताते हुए कहा कि रायबरेली से परिवार का रिश्ता कायम रहेगा| पत्र का मजमून है-‘ स्वास्थ्य और बढ़ती उम्र के चलते अगला लोकसभा चुनाव लड़ने में अक्षम हूं| अब रायबरेली की सीधी सेवा का अवसर नहीं मिलेगा लेकिन मेरा मन रायबरेली में ही रहेगा| रायबरेली के बिना मेरा परिवार अधूरा है| रायबरेली से पीढ़ियों पुराना रिश्ता है| श्वसुर फिरोज गांधी और सास इंदिरा गांधी की तरह ही रायबरेली के लोग चट्टान की तरह मेरे साथ भी खड़े रहे| यह अहसान कभी भूल नहीं सकते| पिछले दो चुनाव में जिस तरह विपरीत परिस्थितियों में आपने हमारा साथ दिया है| हमें विश्वास है कि इस तरह परिवार के अन्य सदस्यों को भी अपना प्यार दुलार देते रहेंगे| ‘ इसमें कोई दो राय नहीं है कि सोनिया गांधी ने अपने श्वसुर फिरोज गांधी और सास श्रीमती इंदिरा गांधी की तरह ही अपने दो दशक के प्रतिनिधित्व काल में रायबरेली के विकास की चिंता की| इस चिंता का एक आधार यह भी हो सकता है कि दोहरी आय के आरोप पर सांसदी से इस्तीफा देने के बाद वर्ष 2006 के उपचुनाव में उन्होंने कुल पड़े मतों का 80% वोट हासिल कर इंदिरा गांधी की लोकप्रियता को भी पीछे छोड़ दिया था| जनता के इस प्यार को उन्होंने विकास के रूप में लौटने की कोशिश भी अपने दो दशक के कार्यकाल में पूरी शिद्दत से की| दो दशक में करीब 15000 करोड़ की परियोजनाएं रायबरेली के लिए मंजूर कराई| रेल कोच कारखाना, रेल पहिया कारखाना, आयुर्विज्ञान संस्थान, राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईएफटी), 5-5 राजमार्गों की स्वीकृति, रायबरेली लखनऊ फोरलेन, लखनऊ अमेठी रेललाइन दोहरीकरण आदि विकास के कार्य सोनिया गांधी की ही देन हैं|
जानने वाले जानते हैं कि सोनिया गांधी रायबरेली में सांसद के रूप में कम नेहरू-गांधी परिवार की बहू के रूप में में ही ज्यादा आती जाती रहीं| जब तक उनका स्वास्थ्य साथ देता रहा, वह अपने लोकसभा क्षेत्र में हर तीन महीने में एक बार भ्रमण के रिवाज को जारी रखे रहीं| बहुत कम मौके ऐसे आए होंगे जब सोनिया को सार्वजनिक सभा में सर पर पल्लू के बिना किसी ने देखा या सुना होगा| उनकी संजीदगी यहां के आम लोगों के दिलों पर राज करती है| आम लोगों के दु:ख-दर्द को जिस तरह से उन्होंने समझा और उसके निराकरण की कोशिश की, उसका प्रभाव भी यहां देखने को मिलता है लेकिन पिछले चुनाव के बाद से क्षेत्र में न आना विरोधी भाजपा को चुनाव के लिए मुद्दा जरूर देता है| पर्चा दाखिले के बाद से ही स्थानीय भाजपा नेता हमलावर हैं| भाजपा नेता इसे पराजय के डर से मैदान छोड़ना कहकर प्रचारित करना शुरू कर चुके हैं| विरोध को देखते हुए इस बात के कयास ज्यादा हैं क्या सोनिया गांधी की भावुक अपील गांधी परिवार के नए उत्तराधिकारी के प्रति सहानुभूति की लहर उठा पाएगी? इसका जवाब कांग्रेस के मीडिया प्रभारी विनय द्विवेदी देते हैं-‘ रायबरेली के लोगों की गांधी परिवार के साथ सहानुभूति पहले भी थी और परिवार की मुखिया सोनिया गांधी की भावुक अपील के बाद सहानुभूति की लहर उठेगी और जरूर उठेगी| रायबरेली के लोग गांधी परिवार के उत्तराधिकारी को उसी तरह हाथों-हाथ लेंगे जिस तरह उन्होंने सोनिया गांधी को दो दशक पहले लिया था|’ अब यह आने वाला लोकसभा चुनाव परिणाम बताएगा कि इस भावुक अपील का असर हुआ या बीजेपी का प्रचार परवान चढ़ा|
नोएडा टॉप पर, दूसरे व तीसरे स्थान पर हैं गाजियाबाद और मेरठ
खपत में आधा योगदान दे रहे देसी पीने वाले
115 करोड़ रुपए से अधिक की दारू रोजाना गटक रहे यूपी वाले
लखनऊ (एजेंसी)। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में लोग अब ज्यादा शराब पी रहे हैं। पिछले कुछ साल के दौरान तो शराब की खपत में रिकॉर्ड वृद्धि देखी गई है। राज्य के आबकारी विभाग के आंकड़े बताते हैं कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हर रोज शराब की खपत 10-10 करोड़ रुपए से ज्यादा की है। इनमें पश्चिमी यूपी का शहर नोएडा टॉप पर है, जबकि दूसरे व तीसरे स्थान पर गाजियाबाद और मेरठ हैं।
राज्य में तेजी से बढ़ी शराब की खपत
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के लोग हर रोज 115 करोड़ रुपए की शराब और बीयर गटक रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि पूरे राज्य में शायद ही कोई ऐसा जिला है, जहां शराब और बीयर की डेली बिक्री ढाई-तीन करोड़ रुपए से कम की है। पिछले कुछ साल के दौरान राज्य में शराब की खपत तेजी से बढ़ी है। सिर्फ 02 साल पहले राज्य में शराब की औसत खपत हर रोज करीब 85 करोड़ रुपए की थी। अब वो 35-40 करोड़ रुपए ज्यादा हो गई है।
आबकारी विभाग के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि राज्य में कई ऐसे जिले हैं, जहां शराब की डेली खपत 12-15 करोड़ रुपए है। सबसे ज्यादा शराब की खपत करने वाले जिलों को देखें तो नोएडा और गाजियाबाद सबसे ऊपर है। इन दो जिलों में हर रोज 13 से 14 करोड़ रुपए की शराब व बीयर की खपत हो रही है। पर्यटकों से गुलजार रहने वाला आगरा जिला भी बहुत पीछे नहीं है, यहां औसत रोजाना खपत 12-13 करोड़ रुपए की है। लखनऊ जिले में यह खपत 10-12 करोड़ रुपए रोजाना है। इसी तरह मेरठ और कानपुर भी दहाई अंकों का आंकड़ा रखते हैं। मेरठ के लोग हर रोज करीब 10 करोड़ रुपए की शराब पी रहे हैं, तो वहीं कानपुर में हर रोज 08 से 10 करोड़ रुपए की शराब की खपत हो रही है। वाराणसी भी 06-08 करोड़ रुपए की शरब की रोज खपत कर रहा है।
यूं बढ़ रही है शराब की डिमांड
आबकारी विभाग का दावा है कि पिछले 02- 03 साल के दौरान राज्य के लगभग सभी जिलों में शराब और बीयर की खपत बढ़ी है। मजेदार बात यह है कि शरब की खपत के कुल आंकड़े में 45 से 50 फीसदी योगदान देसी पीने वाले दे रहे हैं। अधिकारी का कहना है कि कई कारण हैं, जो शाब की खपत को बढ़ा रहे हैं. लोगां की कमाई बढ़ रही है और उनके जीने के स्तर में सुधार हो रहा है। धीरे-धीरे शराब की सामाजिक स्वीकार्यता बढ़ रही है और आबकारी विभाग की सख्ती से तस्करी पर अंकुश है।
पूरे देश में बढ़ी है बिक्री
इससे पहले ईटी की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान भारत में लोगों ने करीब 40 करोड़ शराब की पेटियों की खरीदारी की। इसका औसत निकालें तो मतलब यह निकलता है कि वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान शराब के शौकीनों ने 750 एमएल की करीब 4.75 अरब बोतलें खरीद ली। बिक्री के आंकड़े बताते हैं कि शराब की मांग हर कैटेगरी में आई। चाहे व्हिस्की हो या रम, ब्रांडी हो या जिन अथवा वोदका… । हर तरह की शराबें खूब बिकीं। इनमें भी प्रीमियम यानी अधिक कीमत वाली शराब की बिक्री ज्यादा रही।
03 महीने में अब तक 26 गांव में आयोजित की जा चुकी हैं जनचौपाल
बिजनौर। थानाध्यक्ष नगीना देहात हम्बीर सिंह जादौन द्वारा जन चौपाल का आयोजन कर ग्रामवासियों की समस्याओं के बारे में चर्चा की जाती है। इस दौरान वह अपराध नियंत्रण में स्थानीय पुलिस का सहयोग करने, साइबर अपराध/महिला सुरक्षा आदि के संबंध में जागरूक करते हैं। इसी प्रकार अपराध नियंत्रण में उनका कोई सानी नहीं है। हालात ये हैं कि उनकी सख्ती के चलते अपराधों पर तो अंकुश लगा ही है, वहीं अपराधियों ने भी क्षेत्र छोड़ने में अपनी भलाई समझी है। मूलरूप से जिला अलीगढ़ के ग्राम मंडला निवासी हम्बीर सिंह जादौन वर्ष 2013 बैच के पुलिस इंस्पेक्टर हैं। उनकी पहली पोस्टिंग मेरठ में हुई। इसके बाद बुलंदशहर, गाजियाबाद, ओरैया और मुरादाबाद में सेवाएं देने के बाद फिलहाल जनपद बिजनौर के थाना नगीना देहात में पारी खेल रहे हैं। उनके अभी तक के कार्यकाल में कई ऐसे केस खोले गए, जो पुलिस के लिए चुनौती रहे। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह जादौन की गुड बुक में शामिल हम्बीर सिंह भी अपनी काबिलियत का लोहा मनवाने में जुटे हुए हैं।
दो दिन पूर्व ही थाना नगीना देहात क्षेत्र के गांव तेलीपाड़ा में “जन चौपाल” का आयोजन कर ग्राम के संभ्रांत व्यक्ति, भूतपूर्व सैनिक, महिला, बच्चियों व अन्य ग्राम वासियों से गांव की मूलभूत समस्याओं के समाधान हेतु योजना बनाई गई तथा चौपाल में उपस्थित लोगों से गांव में शराब, जुआ, भांग आदि नशे से बचाव पशु आदि चोरी के अपराध रोकथाम, यातायात नियमों का पालन करने, साइबर अपराध से बचाव, मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत महिला सुरक्षा आदि के संबंध में जागरूक किया गया। सभी से स्थानीय पुलिस को सहयोग करने एवं गांव में अधिक से अधिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरा लगाने की अपील की गई। इसके अतिरिक्त आगामी लोकसभा निर्वाचन के संदर्भ में मतदान केंद्र का भौतिक सत्यापन किया गया तथा सभी से शांतिपूर्ण मतदान की अपेक्षा की गई। अब तक 26 गांव में इसी प्रकार की जन चौपाल का आयोजन 03 महीने में किया जा चुका है। इसी कड़ी में नगीना देहात पुलिस ने नशे की रोकथाम के लिए चलाए गए अभियान के अंतर्गत चेकिंग के दौरान अभियुक्त रवि कुमार पुत्र ऋषिपाल सिंह निवासी ग्राम हरगनपुर थाना नगीना देहात जनपद बिजनौर को प्रतिबंधित नशीली 220 गोलियां तथा 360 कैप्सूल सहित गिरफ्तार किया है।
इसी प्रकार थाना बढ़ापुर क्षेत्र की एक डकैती में सजा पाए एक व्यक्ति को नगीना देहात पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। अभियुक्त 37 वर्षों से फरार चल रहा था। हाई कोर्ट के वारंट पर नगीना देहात पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। हाशिम पुत्र बल्लू निवासी ग्राम आसाफपुर सैदपुर उर्फ बनोवाला थाना नगीना देहात को डकैती के एक मामले में बढ़ापुर पुलिस ने करीब 40 साल पहले गिरफ्तार किया था। उसके विरुद्ध न्यायालय बिजनौर ने 07 वर्ष की सजा सुनाई थी। सत्रवाद संख्या 309/1979 तथा फौजदारी अपील संख्या 580/1981 धारा 395, 412 में हाशिम को 07 वर्ष की सजा हुई। सजा के उपरांत प्रयागराज हाईकोर्ट से अपील पर हाशिम छूट गया था। अपील विचाराधीन है, करीब 37 वर्षों से हाशिम फरार चल रहा था। हाई कोर्ट के वारंट को गंभीरता से लेते हुए सब इंस्पेक्टर बबलू कुमार आदि की टीम को साथ लेकर थानाध्यक्ष हम्बीर सिंह जादौन ने आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त कर ली। आरोपी के विरुद्ध थाना नजीबाबाद, थाना बछरायूं, मुरादाबाद तथा थाना बढ़ापुर में संगीन धाराओं में मुकदमे पंजीकृत हैं। थानाध्यक्ष हम्बीर सिंह जादौन ने बताया आरोपी का वारंट के आधार पर चालान कर दिया गया है।
गौरव गाथा शीर्षक “हे रूद्र! तीसरा नेत्र खोल” की सराहना
“योगी गौरव गाथा” काव्य कृति का उप मुख्यमंत्री ने किया विमोचन
मेरठ। कवि शान्ति स्वरुप गुप्त ‘ओजस्वी’ द्वारा रचित काव्य कृति “योगी गौरव गाथा” का विमोचन प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किया। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने योगी गौरव गाथा शीर्षक “हे रूद्र! तीसरा नेत्र खोल” की सराहना की और काव्य कृति के रचयिता वरिष्ठ कवि शांति स्वरूप गुप्त ‘ओजस्वी’ को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ कवि ललित तारा ने उप मुख्यमंत्री को फूलों का गुलदस्ता भेंट किया।
इस अवसर पर संपर्क प्रभारी मेरठ मंडल विकास पंडित, डॉ एके सिंघल चिकित्सा प्रकोष्ठ संयोजक, अखिल भारतीय सर्व वैश्य एकता महासभा के अध्यक्ष नवनीत गुप्ता, प्रणव गोयल, ब्रॉडवे मिडिया लिंक्स मेरठ के निदेशक मयंक अग्रवाल, मयंक लोधी आदि उपस्थित रहे। अनेक सामाजिक संस्थाओं ने कवि शान्ति स्वरुप गुप्त ‘ओजस्वी’ को बधाई दी।
एटीएस में एएसपी राहुल श्रीवास्तव सस्पेंड, विभागीय जांच के आदेश
एटीएस में एएसपी राहुल श्रीवास्तव सस्पेंड, विभागीय जांच के आदेश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस के मीडिया प्रभारी और एटीएस में तैनात एएसपी राहुल श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं। शासन ने ये कार्रवाई एएसपी पर रेप का मुकदमा दर्ज होने के बाद पूर्व डीजीपी विजय कुमार की सिफारिश पर की है। एएसपी राहुल श्रीवास्तव पर एक युवती ने रेप व अबॉर्शन कराने का आरोप लगाया था। युवती ने शिकायत डीजीपी व मुख्यमंत्री से की थी, जिसके बाद गोमती नगर विस्तार थाने में राहुल के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो सकी थी।
29 नवंबर 2023 को लखनऊ की रहने वाली UPSC की तैयारी कर रही एक युवती ने महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन में शिकायत की थी कि, यूपी एटीएस में तैनात एएसपी राहुल श्रीवास्तव ने उससे फेसबुक के माध्यम से मुलाकात की थी। इसके बाद अफसर ने उसे UPSC एग्जाम पास करवाने का भरोसा दिया था। इसी दौरान नोट्स देने के बहाने अफसर कई बार उससे मुलाकात करने लगा और वर्ष 2019 में अफसर ने उसे नोट्स देने के बहाने होटल में बुलाया और वहां नशीला पदार्थ खिला उसके साथ शारीरिक संबंध बना लिए। इस बीच वह गर्भवती भी हुई, जिस पर दबाव डालते हुए उसका गर्भपात भी करवा दिया गया। पीड़िता के मुताबिक, अफसर ने उसकी कुछ अश्लील तस्वीरें भी खींच ली थी, जिसके आधार पर वह उसे ब्लैक मेल करता था।
पीड़िता ने कई बार थाने में एएसपी के खिलाफ शिकायत की थी, लेकिन उसकी सुनवाई नही हुई। इसके बाद पीड़िता ने डीजीपी, मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई थी तब जाकर गोमती नगर विस्तार थाने में एएसपी राहुल श्रीवास्तव व उनकी पत्नी समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। वहीं पूर्व डीजीपी ने इस पूरे मामले की जांच महिला एवं बाल संगठन को सौंपी थी. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उन्होंने शासन को रिपोर्ट भेज दी थी, जिसमें राहुल श्रीवास्तव को निलंबित करने की सिफारिश की थी ताकि उनके खिलाफ होने वाली विभागीय जांच व मुकदमे की विवेचना में वो किसी भी प्रकार की दखल न दें सकें।
पट्टा अवधि खत्म होने के बावजूद अन्य स्थानों पर खनन जारी
आधा दर्जन पोर्कलेन मशीनों द्वारा निकाली जा रही खनन सामग्री
ग्रामीणों की शिकायत पर हुई जांच में हुआ खुलासा
बिजनौर। हल्दौर थाना के गांव कान्हा नंगला में अवैध खनन करने पर चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इससे अवैध खनन करने वालों में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों की शिकायत पर हुई जांच के बाद अवैध खनन के खेल का खुलासा हुआ। विभाग ने सिर्फ दो खेतों से मिट्टी उठाने की परमिशन दी थी।
खनन विभाग के खान निरीक्षक शिवम कुमार ने थाना हल्दौर में मुरादाबाद के थाना मंझौला के गांव शाहपुर तिगरी निवासी सत्येंद्र सिंह, हल्दौर के गांव कान्हा नंगला निवासी पवन व हुकम सिंह और परमेंद्र कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में बताया कि नवंबर 2023 में परवेंद्र ने खेत से एनओसी प्राप्त की थी। गौरतलब है कि खनन माफिया मानकों के विपरीत अवैध खनन कर रहे हैं। निर्धारित खनन पट्टे की सीमा से सैकड़ों मीटर दूरी तक कई-कई पोर्कलेन मशीन खनन करने में लगी हुई हैं। संबंधित विभाग के अधिकारी मात्र जांच की बात कहकर इतिश्री कर लेते हैं।
जिला प्रशासन द्वारा हल्दौर थाना क्षेत्र निवासी खनन ठेकेदार को नगीना तहसील क्षेत्र के ग्राम शाह अलीपुर कोटरा स्थित खो नदी में अल फलाह कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर के नाम खनन पट्टा आंवटित किया गया था। बताया गया है कि लगभग चार महीने से छह से ज्यादा पोर्कलेन मशीनों के द्वारा खनन सामग्री निकाली जा रही है।जिला प्रशासन द्वारा आवंटित खनन पट्टा क्षेत्र से लगभग दो माह पहले ही ठेकेदार द्वारा खनन सामग्री की निकासी कर ली गई थी। इसके बाद से खनन माफिया दूसरे स्थानों से अवैध खनन कर रहा है। शिकायत पर खनन अधिकारी शिवदयाल सिंह हमेशा छापेमारी कर जांच करने की बात कहते हैं।
देर रात भी चालू रहता है खनन कार्य
देर रात तक भी खनन पट्टा धड़ल्ले से चलाया जा रहा है।नियम के अनुसार सुबह सूरज निकलने के बाद खनन कार्य शुरू कर शाम को सूरज छिपने तक किया जाना चाहिए। इसके बावजूद बेखौफ खनन माफिया सुबह सूरज निकलने से पहले ही लगभग चार बजे से नदी में खनन सामग्री की निकासी शुरू कर देते हैं और देर रात लगभग नौ बजे तक अनवरत जारी रहता है। दूसरी ओर जिन रास्तों से खनन वाहन गुजरते हैं, वहां के ग्राम अलीपुरा, नरोलोपुर, रायपुर आदि गांव के लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर किसी अधिकारी ने ध्यान देना गंवारा तक नहीं किया। इन रास्तों से वाहन निकालना तो दूर की बात, पैदल निकलना भी दूभर हो गया है।
किसी को रिवाॅल्वर, देशी कट्टा या पिस्टल लेनी हो तो संपर्क करें यह मैसेज सुनकर भले ही विश्वास नहीं हो, लेेकिन यह हकीकत सोशल मीडिया की है। हथियार तस्कर ऐसे विज्ञापन सोशल मीडिया पर खुलेआम पोस्ट कर रहे हैं। फेसबुक पर हथियार तस्कर वाट्सऐप नंबर उपलब्ध करा रहे हैं।
गैंगस्टर Durlabh Kashyap के नाम से facebook पर चल रही कट्टा-पिस्टल की बिक्री
कट्टा रिवाल्वर पिस्टल की खुलेआम होम डिलीवरी
उज्जैन (सोशल मीडिया)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में गैंगस्टर दुर्लभ कश्यप भले ही गैंगवार में मारा जा चुका हो, लेकिन उसके गुर्गे एक्टिव हैं। गैंग के सदस्य फेसबुक के जरिए कट्टा पिस्टल की बिक्री कर रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर पेज बनाया गया है। हथियारों की नुमाइश करते वीडियो शेयर किया गया है। इस पर लिखा हुआ है कि कोहिनूर ग्रुप उज्जैन देशी कट्टा पिस्टल ऑनलाइन होम डिलीवरी। इस पर मोबाइल नंबर भी दिया गया है। फिलहाल, इस मामले में अब पुलिस ने कार्रवाई की बात कही है।
गैंग के गुर्गों ने फेसबुक पर लोगों को धमकाने का काम शुरू कर दिया है। फेसबुक पर क्या दुर्लभ कश्यप जिंदा है टाइटल के नाम से पेज बनाया गया है। इसमें दुर्लभ कश्यप की फोटो लगाई गई है। 23 अप्रैल 2023 को फेसबुक पर पेज पर वीडियो के साथ विज्ञापन अपलोड किया गया है। इसके साथ दो वीडियो भी है, इसमें हथियारों की नुमाइश की जा रही है। पहले वीडियो में युवक का चेहरा तो दिखाई नहीं दे रहा है, लेकिन उसकी कमर में पिस्टल-कट्टा और कारतूस लटके हुए हैं। बैकग्राउंड में म्यूजिक भी बज रहा है और युवक हथियार को घुमा रहा है. दूसरे वीडियो में पिस्टल दिखाई दे रही है। टेबल पर रखी पिस्तौल दिखाई दे रही है। पिस्टल को उठाकर कोई दिखाता भी है, फिर वापस रख देता है। इस पेज के करीब 3 हजार फॉलोअर्स हैं। इसके साथ ही पेज पर उज्जैन पंवासा बदमाशों का क्षेत्र लिखा हुआ है।
गैंगवार में हो चुकी है दुर्लभ की मौत
दुर्लभ बहुत कम उम्र में कई बड़े अपराधों को अंजाम दे चुका था। दुर्लभ कश्यप सितंबर 2020 में अपने कुछ साथियों के साथ बाइक से उज्जैन के हेलावाड़ी क्षेत्र में चाय पीने पहुंचा था। यह इलाका पूर्व से ही KKC गैंग का था. गैंग का लीडर रमीज हेलावाड़ी था। जिस दुकान में दुर्लभ चाय पीने गया, उसका मालिक रमीज का भाई अमन भूरा था। भूरा ने दुर्लभ को पहचान लिया था। इसके बाद दोनों गैंग के बीच गैंगवार शुरू हो गई। आरोपियों ने दुर्लभ पर चाकू से 30 से ज्यादा वार किए, जहां पर दुर्लभ की मौके पर ही मौत हो गई थी।
कमेंट में ही हथियार का मोलभाव
वहीं आलम यह है कि सोशल मीडिया पर हथियार तस्कर ग्रुप व पेज बनाकर लगातार हथियार बिक्री की पोस्ट कर रहे हैं। कमेंट में ही हथियार का मोलभाव तक हो रहा है। हथियार की क्वालिटी के बारे में भी पूछा जा रहा है। यह पोस्ट ज्यादातर उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश के इलाकों से की जा रही है। कई मामलों में लड़कियों की फर्जी प्रोफाइल बनाकर भी हथियार बेचे जा रहे हैं। इन नम्बरों पर सम्पर्क करने पर तस्कर राजस्थान समेत अन्य प्रदेशों में हथियार पहुंचाने को तैयार हैं। मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा समेत अन्य प्रदेशों के तस्कर घर बैठे हथियारों की डिलीवरी दे रहे हैं। इसके लिए 20 प्रतिशत भुगतान अग्रिम और शेष भुगतान हथियार डिलीवर होने पर देने को कहा जा रहा है।
पुलिस अभी किसी भी बड़े हथियार सप्लायर को दबोच नहीं पाई है। इन नंबरों की हकीकत जानने के लिए पत्रिका संवाददाता ने वाट्सऐप पर मैसेज करके संपर्क किया। हथियार के विज्ञापन डालने वाले ने काफी देर चैटिंग की और हथियारों के फोटोज व कीमत शेयर की। इसके बाद आरोपी ने वाट्सऐप कॉल किया और उसने खुद को उज्जैन का रहने वाला बताया।
तस्कर ने कुछ यूं दिए जवाब…
संवाददाता- हथियार उपलब्ध है क्या तस्कर- कौन सा चाहिए मिल जाएगा सवाल- पिस्टल चाहिए 7.65 एमएम तस्कर – हथियार की फोटो भेजी है बताओ कौन सा चाहिए संवाददाता- एक पिस्टल की फोटो का चयन करता है। रेट क्या है तस्कर- यह 18500 रुपए का है। इसमें पिस्टल, 24 बुलेट और दो लोडेड मैगजीन साथ में मिलेगा संवाददाता- डिलीवरी कहां होगी तस्कर- आपकी लोकेशन पर। मेरा आदमी आएगा डिलीवर करने। संवाददाता- पेमेंट कैसे करना है तस्कर – डिलीवरी करने पर कैश दे दीजिएगा। 20 प्रतिशत एडवांस दे दीजिएगा। संवाददाता- पूरा पेमेंट डिलीवरी के बाद दूंगा। दो पिस्टल चाहिए। तस्कर- अपनी लोकेशन भेजो संवाददाता- मेरा आदमी आपसे संपर्क करेगा।
प्रेस विज्ञप्तियों के सहारे लड़ी जा रही लोकसभा चुनाव की जंग
भीड़ का मतलब कभी भी वोट नहीं होता
मोदी के मास्टर स्ट्रोक से बिलबिला उठे राजनैतिक दल
बिजनौर। लोकसभा चुनाव को लेकर राजनैतिक दलों की सरगर्मियां अनवरत बढ़ती जा रही हैं। हरेक दल हर समाज को अपने पक्ष में करने की कवायद में जुटा है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मास्टर स्ट्रोक ने अन्य राजनैतिक दलों के अरमानों पर वज्रपात कर दिया। किसानों के मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से नवाज कर किसानों, खासतौर पर जाट समुदाय को एकतरफा अपने पक्ष में कर लिया है। उनके इस कदम से अन्य राजनैतिक दल ठगे से रह गए हैं।
भाजपा के अलावा अन्य राजनैतिक दलों में लगभग मातम की स्थिति हो गई है। क्या करें और क्या न करें की जद्दोजहद में फंसे राजनेता किंकर्तव्य विमूढ हो गए हैं। बचा खुचा खेल जयंत चौधरी ने खत्म कर दिया। किसानों के मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो खेल खेला, जयंत चौधरी कह उठे कि उन्हें किस मुंह से मना करूं? दिल जीत लिया है मोदी जी ने।
Indi एलायंस में गठन के बाद से ही इससे जुड़े दलों के मुखियाओं की अतिमहत्वाकांक्षा हावी रही। यही कारण रहा कि एक मजबूत विपक्ष बनने की मनोकामना धराशाई हो गई। लोकतंत्र में सत्ताधारी दल के विपरित विरोधी दल की भूमिका हमेशा से ही सर्वोपरि रही है। सत्ताधारी दल खुद को सर्वेसर्वा न समझ कर लोकहित, जनहित के कार्य करे और उससे किसी को नुकसान न हो, यह देखने और करने की जिम्मेदारी विपक्ष में बैठे राजनैतिक दल की होती है। यदि वही पंगु हो जाए तो कुछ नहीं हो सकता। फिलहाल स्थिति यही हो चुकी है। विपक्ष भले ही सरकार के कामकाज, नीतियों पर उंगली उठा ले, लेकिन मजबूती से कुछ कर पाने की स्थिति में नहीं है।
उधर कश्मकश इस कदर हावी है कि लोकसभा चुनाव की जंग प्रेस विज्ञप्तियों के सहारे लड़ी जा रही है। जाट समाज के हितैषी होने की दुहाई देकर चुनाव पूर्व रैलियां कर रहे अन्य छद्म नामी दल रोजाना गांव, नुक्कड़ों पर अपने समर्थन में भीड़ जुटाने का दावा तो कर रहे हैं लेकिन असलियत इससे कोसों दूर है। यह बात वह खुद भी समझते हैं, लेकिन मतदाताओं को लुभाने, भरमाने की कवायद जारी है।
दरअसल भीड़ का मतलब कभी भी वोट नहीं होता। हर एक राजनैतिक दल की सभाओं में लोगों की भीड़ जुटती दिखाई देती है। स्टार नेताओं की सभाओं में तो भाड़े की भीड़ जुटाने की बात जग जाहिर है। ऐसा ही कुछ अन्य राजनैतिक दल भी अभी से कर रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम में बहुजन समाज पार्टी एक किनारे खड़े होकर तमाशा देख रही है, ऐसा बहुत से लोगों का मानना है। … लेकिन ऐसा कुछ है नहीं। राजनीति के जानकारों का दावा है कि बीएसपी जितनी मजबूती से चुनाव लड़ेगी, उतना ही बड़ा फायदा प्रत्यक्ष (अप्रत्यक्ष नहीं) रूप से भाजपा को ही मिलने जा रहा है!
उनकी शैली ने बहाई शैल श्रृंखला तोड़कर प्रतिभा की प्रखर धारा
द्विवेदी जी की तरह निराला जी ने भी ”छद्म नामों’ से लिखी रचनाएं
जिस तरह आचार्य द्विवेदी ने सरस्वती को प्रतिष्ठा दिलाई, उसी तरह होश वाले जोश, जुनून और अपने असीमित ज्ञान की बदौलत निराला जी ने भी मतवाला को लोकप्रिय बनाया। ‘द्विवेदी पथ’ का अनुसरण करते हुए निराला जी ने भी मतवाला में छद्म नामों से कविताएं, लेख और समालोचनाएं लिखकर आधुनिक हिंदी का मार्ग प्रशस्त किया। आचार्य द्विवेदी ने खड़ी बोली हिंदी को प्रतिष्ठापित करने के लिए 14 छद्म नाम से रचनाएं लिखीं और निराला जी ने 3-4 छद्म नाम से लेख, कविता और समालोचनाएं लिखीं।
“समन्वय” का संपादन छोड़ने के बाद निराला जी मतवाला मंडल से जुड़े। मतवाला साप्ताहिक पत्र 26 अगस्त 1923 को कोलकाता से प्रकाशित होना शुरू हुआ। इसके प्रकाशक और संपादक महादेव सेठ थे।मतवाला मंडल में सेठ जी के साथ-साथ मुंशी नवजादिक लाल श्रीवास्तव, निराला जी और आचार्य शिवपूजन सहाय शामिल थे। निराला जी की काव्य साधना का महत्वपूर्ण बिंदु मतवाला ही बना। मतवाला के प्रथम अंक के मुख्य पृष्ठ पर दो कविताएं छपी इसमें एक ‘रक्षाबंधन’ के रचयिता का नाम ‘पुराने महारथी’ और दूसरी कविता के रचयिता का नाम निराला छपा था। माना जाता है कि दोनों कविताएं निराला जी ने ही लिखी थीं, तब उनका नाम निराला नहीं था।
सरस्वती की समालोचना निराला जी ने मतवाला में ‘गरगज सिंह वर्मा साहित्य शार्दूल’ छद्म नाम से प्रकाशित की थीं। इसके अलावा उन्होंने जनाब अली, हथियार छद्म नाम से भी लिखा। आचार्य शिवपूजन सहाय लिखते हैं कि जिस तरह का सम्मान आचार्य द्विवेदी को बाबू चिंतामणि घोष से प्राप्त हुआ वैसा ही सम्मान निराला जी को महादेव प्रसाद सेठ से प्राप्त हुआ। मतवाला के प्रकाशन का एक साल पूरा होने पर महादेव सेठ ने आत्मकथन में स्वीकार किया- ‘मतवाला ने जो अपूर्व युगांतर उपस्थित किया, उसमें बंधुवर निराला का पूरा हाथ रहा। उनकी कृतियों ने क्रांति की लहर उमड़ाई। उनकी शैली ने शैल श्रृंखला तोड़कर प्रतिभा की प्रखर धारा बहाई। उनकी दी हुई विशेषता के बल पर मतवाला सर्वसाधारण के समक्ष योग परिवर्तन का दृश्य उपस्थित कर सका।’
टैगोर की टक्कर में नाम ही जंचा ‘निराला’ :
निराला अकस्मात निराला नहीं बने। इसके पीछे उनकी कठोर साधना परिलक्षित होती है। निराला जी के कवि जीवन का आरंभ 1920 से हुआ। बसंत पर उन्होंने अपने बचपन के सुर्ज कुमार तेवारी नाम से पहला गीत जननी जन्मभूमि लिखा। इस गीत का एक बंद यूं है- वन्दू मैं अमल कमल चिर सेवित चरण युगल शोभामय शांति निलय पाप ताप हारी मुक्त बंध घनानंद मुद मंगलकारी सुर्ज कुमार नाम उन्हें पसंद नहीं आया तो फिर नाम सूर्य कुमार तेवारी रखा। यह नाम भी उन्हें बंकिम चंद्र चटर्जी और टैगोर के टक्कर का नहीं लगा। तब उन्होंने अपना नाम सूर्यकांत त्रिपाठी रख लिया। मतवाला के 98 अंक में ‘जुही की कली’ नामक कविता प्रकाशित हुई| उसमें उनका पूरा नाम पंडित सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ पहली बार छपा। इसके पहले मतवाला में वह केवल निराला नाम से कई कविताएं खुद छाप चुके थे। बाद में वह निराला उपनाम से प्रसिद्ध होते चले गए और आज दुनिया उन्हें सूर्यकांत त्रिपाठी से कम निराला नाम से ज्यादा जानती है। निराला जी की रचनाओं का पहला संग्रह महादेव सेठ ने ही अनामिका नाम से निकाला था। अनामिका संग्रह की भूमिका में निराला जी ने स्वीकार किया है कि मेरा उपनाम निराला मतवाला के ही अनुप्रास पर आया।
बेटी के विवाह से तोड़ा अंधविश्वास और रूढ़ियां : बेटी सरोज के निधन के बाद निराला जी द्वारा लिखी गई सरोज स्मृति कविता का रचनाकाल 1936 है। बेटी के असामयिक निधन से पिता के दिल में उपजे दर्द से भरा यह गीत दुनिया का महानतम शोक गीत माना जाता है। इसमें कठोर जीवन की गाथा है और प्रिय पुत्री के स्मृति चित्र। साहित्य के हर विद्यार्थी को सरोज स्मृति नामक यह कविता रटी ही होगी, लेकिन याद करने की बात यह है कि निराला जी ने रूढ़ियों और अंधविश्वास को तोड़कर सरोज के हाथ अपने पैतृक गांव गढाकोला में पीले किए थे। बिना दान-दहेज के। उन दिनों ब्राह्मणों में बिना दहेज की शादी की कल्पना ही बेमानी थी। वह महीना सावन था और ‘शुक्र‘ डूबा था। सब जानते हैं कि ऐसे दिनों विवाह तो दूर कोई शुभ काम हिंदू परिवारों में नहीं होता विद्रोही निराला जी ने इस रूढ़ि को तोड़ा। बैंड बाजा न बारात और न ही मंडप। पड़ोसी गांव के राधा रमन बाजपेई आदि ने मंडप छाया। पंडित की आन कहानी पर निराला जी ने खुद मंत्र भी पढ़े। निराला जी चाहते थे कि हिंदू खासकर ब्राह्मण इन कुप्रथाओं से बाहर निकले।
सिर्फ वोटर नहीं हैं हम: अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण महासभा
भाजपा के प्रति बढ़ रही ब्राह्मणों की नाराजगी!
बिजनौर। जिला और पश्चिम उत्तर प्रदेश में सम्मान न मिलने से ब्राह्मणों में नाराजगी पनप रही है। दोनों ही अध्यक्षों के बार-बार आश्वासन देने के बाद भी किसी ब्राह्मण को कार्यकारिणी में उचित स्थान नहीं दिया गया है। अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण महासभा में इस तथ्य को लेकर गंभीर स्तर पर मंथन चल रहा है कि क्या भाजपा इसी प्रकार से ब्राह्मण वोट को इस्तेमाल करती रहेगी।
इष्ट देव भगवान परशुराम का जन्मोत्सव मई में मनाएंगे
अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण महासभा के आह्वान पर जनपद में संचालित सभी ब्राह्मण संगठनों के पदाधिकारियों की एक आवश्यक बैठक स्थानीय बाल भारती जूनियर हाई स्कूल नई बस्ती के प्रांगण में आयोजित की गई। पंडित जितेंद्र शर्मा की अध्यक्षता एवं डॉ सत्येंद्र शर्मा अंगिरस के संचालन में आयोजित बैठक में ब्राह्मण महासभा, क्षेत्रीय ब्राह्मण कल्याण सभा एवं ब्राह्मण जागृति फाउंडेशन के पदाधिकारियों की उपस्थिति में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अपने इष्ट देव भगवान परशुराम जन्मोत्सव को मई 2024 में जनपद के विभिन्न ब्राह्मण संगठन एक जुटता के साथ संयुक्त रूप से मनाएंगे। इस अवसर पर बिजनौर के अलावा अन्य जनपदों के ब्राह्मण बंधु भी शामिल होंगे।
कार्यक्रम में सम्मेलन एवं शोभायात्रा की रूपरेखा तैयार करने के लिए आगामी रविवार, 18 फरवरी 2024 को जनपद के सैकड़ों मुख्य ब्राह्मण बंधु एक विशेष बैठक करेंगे। इस बैठक में कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए 21 लोगों की एक समिति गठित की जाएगी। बैठक का निश्चित स्थान दो दिन पूर्व तय कर सूचित किया जाएगा।
सिर्फ वोटर नहीं है ब्राह्मण
बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि ब्राह्मणों को जिला और पश्चिम उत्तर प्रदेश में कहीं कोई सम्मान नहीं मिल रहा है। दोनों अध्यक्षों द्वारा बार-बार आश्वासन देने के बाद भी जनपद बिजनौर के किसी ब्राह्मण को कार्यकारिणी में उचित स्थान नहीं दिया गया है। क्या ब्राह्मण वोट को भाजपा इसी प्रकार से इस्तेमाल करती रहेगी। इस पर भी विचार किया जाना चाहिए।
भगवान परशुराम जन्मोत्सव के लिए चंदा लेना गलत
बैठक को संबोधित करते हुए पंडित कृष्ण वीर शर्मा फौजी ने कहा कि जनपद में कुछ ब्राह्मण युवकों ने निर्णय लेकर भगवान परशुराम जन्मोत्सव तैयारी के लिए चंदा लेना शुरू कर दिया है, जो किसी भी प्रकार से उचित नहीं है। न ही उन्होंने किसी ब्राह्मण संगठन की सहमति अथवा मार्गदर्शन लिया है। जबकि रसीद बुक में निवेदक में जनपद ब्राह्मण समाज लिखवा दिया गया है। ये लोग ब्राह्मण समाज को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं। ब्राह्मण समाज को ऐसे लोगों से सावधान रहना होगा। समाज के किसी भी बड़े कार्यक्रम को करने के लिए मुख्य लोगों की राय लेने के लिए विशेष समिति बनाई जानी चाहिए थी। समाज को आगे बढ़ाने के लिए अथवा अपनी पहचान बनाने के लिए एक दूसरे का सम्मान करना, अपना अभिमान छोड़ना और बुजुर्गों से सलाह लेना आवश्यक होता है। पंडित राकेश शर्मा ने कहा कि बुजुर्गों के आशीर्वाद बिना हम सफलता के विषय में सोच भी नहीं सकते हैं। बड़ों का तजुर्बा, ज्ञान और मार्गदर्शन ही हम लोगों को अच्छी राह पर चलने की प्रेरणा देता है। पंडित ब्रह्मदेव शर्मा, अमरपाल शर्मा, महेश चंद शर्मा, जितेंद्र शर्मा, राजेंद्र शर्मा, डॉ. रोशन लाल शर्मा, सुमन शर्मा, दीपक वशिष्ठ, राजीव शर्मा, प्रमोद मिश्रा, डीके कौशिक, पंडित संजय शर्मा एडवोकेट, सुभाष चंद्र शर्मा, विभोर कौशिक एडवोकेट, विपुल शर्मा एवं सुनील शर्मा ने भी अपने-अपने संबोधन में युवाओं के लिए बड़ों के मार्गदर्शन की आवश्यकता पर जोर दिया और भगवान परशुराम जन्मोत्सव जनपद की विभिन्न संगठन इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में मनाए जाने पर सहमति प्रकट की। इसके लिए आगामी 18 फरवरी, रविवार को एक निर्णायक बैठक का आयोजन किया जाएगा।
जनकवि बृजलाल गुप्त सुपंथी जी की जयंती पर बरेली में हुआ आयोजन
सुपंथी साहित्य सम्मान से रणधीर गौड़ अलंकृत
बरेली। कवि गोष्ठी आयोजन समिति एवं अखिल भारतीय सुपंथी साहित्य परिषद के संयुक्त तत्वावधान में जनकवि बृजलाल गुप्त सुपंथी जी की जयंती पर गुलाब नगर स्थित रानी साहिब की बगिया वाले मंदिर परिसर में हास्य व्यंग्यकार उमेश त्रिगुणायत ‘अद्भुत’ के संयोजन में सरस काव्य संध्या एवं सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यकार रणधीर प्रसाद गौड़ धीर ने की। मुख्य अतिथि वरिष्ठ हास्य व्यंग्यकार पीके दीवाना एवं विशिष्ट अतिथि राम शंकर शर्मा प्रेमी रहे। संचालन राज शुक्ल गजलराज ने किया।
इस अवसर पर अखिल भारतीय सुपंथी साहित्य परिषद के अध्यक्ष वरिष्ठ गीतकार डॉ दीपंकर गुप्त, कार्यक्रम संयोजक उमेश अद्भुत एवं गीतकार उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट द्वारा साहित्यिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए वरिष्ठ साहित्यकार रणधीर प्रसाद गौड़ ‘धीर’ को शाल ओढ़ाकर, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सुपंथी साहित्य सम्मान से अलंकृत किया गया। सरस कवि गोष्ठी में कवियों ने अपनी एक से बढ़कर एक रचनाएँ प्रस्तुत कर सद्भाव और सौहार्द्र का संदेश दिया।
कार्यक्रम में संस्था के सचिव उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट, डॉ दीपंकर गुप्त, उमेश अद्भुत, दीपक मुखर्जी, शिव रक्षा पांडेय, मनोज दीक्षित टिंकू, बृजेंद्र तिवारी अकिंचन, रामधनी निर्मल, रामकुमार, अफरोज, राम प्रकाश सिंह ओज, प्रताप मौर्य मृदुल, अनुज चौहान वत्स, रजत कुमार, राजकुमार अग्रवाल एवं रीतेश साहनी आदि ने काव्य पाठ किया।
राम मंदिर को लेकर पार्टी नेताओं पर साध रहे थे निशाना
06 साल के निष्कासन पत्र ने आसान कर दी भाजपा के साथ जाने की राह
आचार्य प्रमोद कृष्णम v/s कांग्रेस: टूटा 39 साल का नाता
नई दिल्ली/लखनऊ। कांग्रेस ने आचार्य प्रमोद कृष्णम को पार्टी की विपरीत गतिविधियों में लिप्त रहने के आरोप में अगले 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इसी के साथ जहां कांग्रेस से उनका 39 साल का नाता टूटा, वहीं बीजेपी में जाने का रास्ता भी खुल गया है। वहीं कांग्रेस से निष्कासित किए जाने के बाद आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि राम और “राष्ट्र” पर “समझौता” नहीं किया जा सकता। शनिवार को कांग्रेस द्वारा की गई कार्रवाई के बाद पूर्व कांग्रेस नेता अपने सोशल मीडिया के एक्स प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने पोस्ट को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को टैग किया है।
वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम और कांग्रेस का 39 साल पुराना साथ नाता टूट गया है। वहीं कई महीने से कांग्रेस छोड़ने की अटकलों पर भी शनिवार को विराम लगने के साथ ही उनकी भाजपा के साथ राजनीतिक पारी की नई शुरूआत करने का रास्ता साफ हो गया। हालांकि आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अभी तक इस मुद्दे पर स्पष्ट कुछ नहीं कहा है।
प्रियंका गांधी के करीबी माने जाने वाले प्रमोद कृष्णम ने 1993 में कांग्रेस से संभल सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए नामांकन भी किया था लेकिन वापस लेना पड़ा। फिर कौसर खां को टिकट दिया गया और आचार्य प्रमोद कृष्णम ने चुनाव लड़ाया। हालांकि कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। इस सीट पर भाजपा के प्रत्याशी सत्यप्रकाश गुप्ता विजयी हुए थे। इसके अलावा वर्ष 2014 में संभल लोकसभा और वर्ष 2019 में लखनऊ से कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। दरअसल आचार्य प्रमोद कृष्णम ने छात्र जीवन में 1985 के बाद से ही कांग्रेस की सक्रिय राजनीति में कदम रख दिया था। उन्होंने यूथ कांग्रेस में भी जिम्मेदारी निभाई। वह पिछले कुछ समय से कांग्रेस की नीतियों का काफी विरोध कर रहे थे। इसे कांग्रेस कमेटी ने अनुशासनहीनता माना है।
कल्कि धाम का महोत्सव में कांग्रेस से दूरी
बताया गया है कि वर्षों से ऐंचोड़ा कंबोह में श्री कल्कि धाम का महोत्सव आयोजित होता आया है। इसमें कांग्रेस के कई मुख्यमंत्री और अन्य बड़े नेता शामिल होते रहे हैं, लेकिन इस बार शिलान्यास कार्यक्रम का निमंत्रण पत्र इन नेताओं को दिया गया या नहीं, ऐसी भी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 फरवरी को शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे हैं। भाजपा के तमाम बड़े नेताओं को शिलान्यास का न्यौता देकर भी कांग्रेस से दूरी बनाने का संकेत आचार्य प्रमोद कृष्णम दे चुके थे।
आचार्य प्रमोद कृष्णम के निष्कासन का पत्र मिला है। वह छात्र जीवन से ही कांग्रेस के साथ जुड़े थे। पार्टी की ओर से कार्रवाई की गई है। इसमें मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है।-विजय शर्मा, जिलाध्यक्ष कांग्रेस संभल उत्तर प्रदेश
कांग्रेस नेताओं को बताते रहे हिंदू विरोधी
आचार्य प्रमोद कृष्णम कांग्रेस के नेताओं पर लगातार निशाना साध रहे थे। अयोध्या में श्री राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण पत्र ठुकराने वाले नेताओं पर वह खूब भड़के। वह उनके बयानों से खफा थे और इसलिए ही उन्होंने कांग्रेस के कई नेताओं को हिंदू विरोधी भी बताया था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस में कुछ बड़े नेता ऐसे हैं, जिन्हें हिंदू शब्द से ही नफरत है। कुछ कांग्रेसी ऐसे नेता हैं, जिन्हें राम मंदिर से ही नहीं, बल्कि भगवान राम से भी नफरत है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता होने के बाद भी अपनी ही पार्टी का खुलकर विरोध शुरू किया तो कयास लगाए जाने लगे थे कि अब वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि शिलान्यास कार्यक्रम में ही उनके भाजपा में शामिल होने की घोषणा हो सकती है। कांग्रेस की कार्रवाई के बाद उनके लिए राह आसान हो गई है।
क्या लिखा है निष्कासन पत्र में ?
“अनुशासनहीनता की शिकायतों और पार्टी के खिलाफ बार-बार बयानबाज़ी को ध्यान में रखते हुए माननीय कांग्रेस अध्यक्ष ने श्री प्रमोद कृष्णम को तत्काल प्रभाव से छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित करने के उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।”
सहारनपुर। यहां एक अनोखा वाकया सामने आया है। एक अज्ञात युवक को अपना मरा बेटा समझकर एक परिवार ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। मगर, इसके 8वें दिन शुक्रवार को परिवार वालों का असली बेटा जिंदा लौट आया। ये देखकर घरवालों के साथ ही मोहल्ले वाले भी हैरान रह गए। गांव वाले प्रमोद को देखते ही ‘भूत-भूत’ चिल्लाने लगे। वहीं, मां की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बेटे को जिंदा देखकर मां की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। दरअसल, 31 जनवरी को मुजफ्फरनगर में प्रमोद की शक्ल की तरह दिखने वाले एक मृत युवक का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद घरवालों ने हाथ और आंख पर चोट के निशान से उसकी पहचान अपने बेटे प्रमोद के रूप में की। फिर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। मामला बड़गांव थाना क्षेत्र का है।
ये है पूरा मामला….घर वालों ने प्रमोद का मान लिया अज्ञात शव
गांव चिराऊ में चंद्र प्रजापति का परिवार रहता है। उनके तीन बेटे हैं। इनमें प्रमोद कुमार दूसरे नंबर का है। 29 जनवरी को प्रमोद घर पर हरिद्वार में किसी ढाबे पर नौकरी करने की बात कहकर निकला था। इसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला। घरवाले उसके बारे में पता करने की पूरी कोशिश कर रहे थे। घरवाले प्रमोद के नंबर पर बार-बार फोन भी कर रहे थे, लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा था। इससे घरवाले परेशान हो गए और उन्हें किसी अनहोनी की आशंका होने लगी। इसी बीच मुजफ्फरनगर में प्रमोद की तरह दिखने वाले एक युवक का शव मिला।
हाथ-आंख के निशान से की पहचान
इसके बाद प्रमोद की फोटो को लेकर परिजन मुजफ्फरनगर मॉर्च्युरी में पहुंचे। शव की दाईं आंख के ऊपर कट का निशान और हाथ में PK लिखा हुआ दिखाई दिया। इसके बाद उन्होंने शव की शिनाख्त अपने बेटे प्रमोद के रूप में की और शव लेकर गांव आ गए। फिर घरवालों ने शव का अंतिम संस्कार किया। उसकी फोटो भी खिंचवाई। रस्म पगड़ी 5 फरवरी को होनी थी। घरवालों ने उसकी तैयारी कर ली थी। रस्म पगड़ी भी कर ली गई थी।
गांव पहुंचा प्रमोद, तो डर गए गांव वाले
उधर, रस्म पगड़ी वाले दिन प्रमोद कुमार अपने गांव पहुंच गया। कई लोग उसे देखकर ‘भूत-भूत’ चिल्लाने लगे। एक दुकानदार ने तो उसे भूत समझकर कोल्ड ड्रिंक तक देने से मना कर दिया। वह दुकान के अंदर जाकर छुप गया। लेकिन, जब उसके जीवित होने की खबर गांव में फैली, तो उसको देखने के लिए ग्रामीणों का तांता लग गया। इसी के साथ प्रमोद के जिंदा होने की खबर उसके घरवालों तक पहुंची। वे लोग भी उसको देखने के लिए दौड़ पड़े।
फोटो पर माला देख गुस्सा हुआ प्रमोद
प्रमोद के परिजन उसे घर लेकर गए। वहां उसकी मां बोहती देवी, जो पिछले सात दिनों से लगातार रो रही थी। उसके आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। मगर, बेटे को जिंदा देखकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मां ने कहा-बेटा तू कहां चला गया था? तेरा फोन भी नहीं लग रहा था। हमने सोचा यही मेरा बेटा है, जिसका शव मॉर्च्युरी में मिला। वहीं, फोटो पर माला देखकर प्रमोद नाराज हो गया। उसने माला उतार कर फेंक दी।
भारत रत्न: बिजनौर में खुशी का माहौल, मिष्ठान वितरण
बिजनौर। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव व डॉ. एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न देने दिए जाने पर जिले भर में खुशी का माहौल है। नेता, जनता सभी केंद्र सरकार, खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
जिला मुख्यालय पर भाजपाइयों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस फैसले का स्वागत किया। भाजपाइयों ने राजनीति के माध्यम से देश के विभिन्न क्षेत्रों में अतुल्य योगदान देने के लिए देश की इन विभूतियों को सम्मान दिए जाने पर केंद्र के भाजपा सरकार का आभार जताया। नगर पालिका परिषद बिजनौर की चेयरपर्सन इंदिरा सिंह, भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ बीरबल सिंह, जिला महामंत्री विनय राणा, नगर अध्यक्ष आशीष अग्रवाल, नगर महामंत्री मंदीप चौधरी, मानव सचदेवा, हिमांशु शर्मा, सुनील राजपूत, सूरज भान सिंह, रामपाल सिंह, सत्यवीर त्यागी, हुकम सिंह, अमित ठाकुर, राजवीर, सुमित कुमार, शैली, घनश्याम दास गुप्ता आदि मौजूद रहे।
चेयरपर्सन इंदिरा सिंह के कार्यालय पर भी एक दूसरे को मिठाई खिलाकर भारत रत्न सम्मान के फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया गया।
लोकेन्द्र चौधरी चेयरमैन नगर पंचायत झालू
हर वर्ग व सम्प्रदाय के लिए काम कर रहे हैं मोदी: लोकेन्द्र चौधरी
झालू चेयरमैन लोकेन्द्र चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए खुशी का इजहार किया। कहा कि प्रधानमंत्री जी ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देकर जाटों का दिल जीत लिया है, करोड़ों लोगों की मांग पूरी करने का काम किया है। आज देशभर में जश्न मनाया जा रहा है। देश के कोने कोने से एक ही आवाज आ रही है कि प्रधानमत्री नरेन्द्र मोदी हर वर्ग व हर सम्प्रदाय के लिए काम कर रहे हैं। उधर शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष मा. गिरीराज सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, प्रसून चौधरी, राजकुमार व सलभ, नवीन चौधरी आदि ने भी भारत रत्न दिये जाने का स्वागत किया है।
ब्लॉक प्रमुख चौधरी तपराज सिंह के कार्यालय में मिष्ठान वितरण
नजीबाबाद: ब्लॉक प्रमुख चौधरी तपराज सिंह देशवाल के नेतृत्व में उनके कार्यालय में मिष्ठान वितरण कर एक दूसरे को बधाई दी गई। प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया गया। ब्लॉक प्रमुख चौधरी तपराज सिंह देशवाल ने कहा कि किसानों के अग्रणी नेता, पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न सम्मान मिलना अत्यंत हर्ष का विषय तो है ही साथ ही किसानों व खेती किसानी से जुड़े लोगों के आर्थिक- सामाजिक सशक्तिकरण के उनके अथक व अभूतपूर्व कार्यों को सच्ची श्रद्धांजलि है।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से एडवोकेट बृजराज सिंह देशवाल, जिला मीडिया प्रभारी विक्रांत चौधरी, मंडल अध्यक्ष जुगनेश चौधरी, प्रधान संघ जिला अध्यक्ष प्रशांत चौधरी, चौधरी सुनील कुमार युवा जिला अध्यक्ष बीकेयू अराजनीतिक, सुखविंदर सिंह गोल्डी, ग्राम प्रधान चौधरी धीर सिंह, सतविंदर सिंह पोप, अर्पण अहलावत, नर्वेल सिंह, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष पिंकू रघुवंशी, कृष्ण कुमार सिंह राणा, निखिल कुमार, नरेंद्र कुमार, मौ आसिफ आदि उपस्थित रहे।
काजी तारिक अली ने बांटी मिठाई
किरतपुर। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न मिलने की घोषणा पर किरतपुर में रालोद कार्यकर्ताओं ने मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। रालोद के मंडल मुरादाबाद अध्यक्ष काजी तारिक अली ने कार्यकर्ताओं के साथ खुशी साझा करते हुए कहा कि चौधरी चरण सिंह ना सिर्फ किसानों के मसीहा थे बल्कि वास्तव में देश के रत्न थे। इस दौरान कल्लू सिंह सारंग, सऊद खां, चौधरी यशपाल, सुरेश आदि रालोद नेता मौजूद रहे।
चांदपुर में भारत रत्न से खुशी की लहर
चांदपुर। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौ. चरण सिंह की प्रतिमा स्थल पर पहुंचे तथा प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। खुशी में एक दूसरे का मुंह मीठा कराया। इस अवसर पर चन्द्रपाल सिंह, चौ. वीरेन्द्र सिंह, शैलेन्द्र सिंह, बब्बू हनी तोमर, डा. लाखन सिंह, डा. महेन्द्र मलिक, इं. अनिल सिंह, डा. सुभाष सिंह, डा. विकास तोमर आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर हनुमान मंदिर के नजदीक पंकज चौधरी, मनोज शर्मा, सतीश शर्मा, सुक्खे सैनी, ओमप्रकाश अग्रवाल, विवेक ठाकुर आदि ने भी एक दूसरे का मुंह मीठा कराकर जश्न मनाया।
केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि विचारधारा थे चौधरी चरण सिंह
बिजनौर। राष्ट्रीय लोकदल महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय महासचिव आशू राणा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि रालोद का प्रत्येक कार्यकर्ता केंद्र सरकार के इस कदम की सराहना करता है। किसान व मजदूर के सम्मान को सरकार ने बढ़ाया है। चौधरी साहब ने किसानों के लिए पूरे जीवन संघर्ष किया। किसानों को खेतों का मालिकाना हक दिलवाया तथा जमीदारी उन्मूलन कानून लाकर जमीदारी प्रथम नष्ट की। चौधरी चरण सिंह केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि विचारधारा थे।
बिजनौर। राष्ट्रीय लोकदल कार्यालय पर जिलाध्यक्ष नागेंद्र पंवार के नेतृत्व में पदाधिकारियों द्वारा एक दूसरे को मिठाई खिला कर खुशी मनाई गई। इस दौरान पूर्व विधानसभा प्रत्याशी डाक्टर नीरज चौधरी, जिलाध्यक्ष नागेंद्र पवार, प्रदेश महासचिव अशोक चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव महिला प्रकोष्ठ आशु राणा, पूर्व चेयरमैन शमशाद अंसारी, चौधरी ब्रजवीर सिंह आर्य, चौधरी अलवेल सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, कुलदीप चिकारा, पारितोष चंदेल, परम सिंह, जबरपाल सिंह, आकाश वर्मा, सनी चौधरी, विपिन चौधरी, कपिल चौधरी, धनगर पियूष चंदेल आदि उपस्थित रहे।
खेत, खलिहान की पगडंडी से होकर गुजरता है देश की तरक्की का रास्ता
बिजनौर। जिला पंचायत अध्यक्ष चौधरी साकेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि किसानों के सच्चे मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव व डॉ. एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न देने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भाजपा सरकार बधाई की पात्र है। प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने कहा था कि देश की तरक्की का रास्ता खेत, खलिहान की पगडंडी से होकर गुजरता है। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्त सम्मान देश के लिए उनके अतुलनीय योगदान को समर्पित है। उन्होंने किसानों, पिछड़ों के लिए बहुत काम किया है। वैसे तो उन्होंने सभी वर्गों के कल्याण व किसानों के अधिकार के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया है।
देश की भावना समझते हैं मोदीः मंदीप
बिजनौर भाजपा नगर महामंत्री मंदीप चौधरी ने प्रधानमंत्री का हार्दिक आभार प्रकट करते हुए कहा कि देश के धरती पुत्रों को जो सम्मान भाजपा सरकार दे रहीं है, वो आजतक किसी भी सरकारों ने नहीं दिया। अन्य सरकारों में ऐसे सम्मान भी परिवारवाद की भेट चढ़ जाते थे। पूरे देश के लिए आज एक बहुत बड़ा दिन है, मेरे लिए भावुक और यादगार पल भी है। मोदी जी ने यह साबित किया है कि वे देश की मूल भावना को समझते हैं।
10 साल वनवास के बाद अब भाजपा के सहारे ही पार होगी चुनावी वैतरणी
लखनऊ। सपा-बसपा के साथ मजबूत गठबंधन भी रालोद को पिछली बार चुनावी वैतरणी पार नहीं करा पाया था। हालात ये रहे कि रालोद 2014 की तरह 2019 में भी एक बार फिर शून्य पर सिमट गई। न तो छोटे चौधरी मुजफ्फरनगर में सीट निकाल सके और न ही जयंत चौधरी को बागपत में अपनी राजनैतिक विरासत सौंपने की उनकी हसरत पूरी हो सकी। मथुरा में हेमा मालिनी ने करीब दो लाख 90 हजार वोट से रालोद उम्मीदवार कुंवर नरेंद्र सिंह के खिलाफ एकतरफा जीत हासिल की थी।
मुजफ्फरनगर दंगे के बाद 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में रालोद की सियासी जमीन खिसक चुकी थी और कांग्रेस के साथ चुनाव लड़ा और उसका एक भी प्रत्याशी नहीं जीत पाया। वर्ष 2019 में सपा-बसपा का मजबूत गठबंधन और कांग्रेस का अघोषित समर्थन रालोद के साथ था। चौधरी अजित सिंह अपनी परंपरागत सीट बागपत को छोड़कर मुजफ्फरनगर से चुनाव मैदान में थे, जबकि उनके पुत्र जयंत चौधरी बागपत में अपने पिता की विरासत संभालने के लिए मैदान में थे। मथुरा में कुंवर नरेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाया गया था। गठबंधन में यही तीनों सीटें रालोद के खाते में आईं, लेकिन इन तीनों ही सीट पर शिकस्त के बाद रालोद की गठबंधन के सहारे चुनावी वैतरणी पार करने की हसरत परिणाम घोषणा के साथ ही दम तोड़ बैठी।
भाजपा के साथ मुफीद रहा गठबंधन
रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह के लिए 2009 में भाजपा के साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ना सबसे ज्यादा फायदेमंद रहा। सात सीटों पर चुनाव लड़ कर रालोद ने पांच पर जीत दर्ज की थी। बागपत से चौधरी अजित सिंह, बिजनौर से संजय चौहान, अमरोहा से देवेंद्र नागपाल, हाथरस से सारिका बघेल और मथुरा से जयंत चौधरी सांसद बने थे। इससे पहले 2004 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से गठबंधन के बावजूद मात्र तीन प्रत्याशी ही जीत पाए। बागपत में स्वयं रालोद मुखिया, कैराना में अनुराधा चौधरी और बिजनौर में मुंशीराम पाल सांसद बने थे। वहीं 2014 के चुनाव में सभी समीकरण बदल गए क्योंकि 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगे और मोदी लहर ने अन्य दलों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। ऐसे में रालोद की जमीन भी जाती रही। कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के बावजूद रालोद एक भी सीट नहीं जीत पाई। वर्ष 2019 में बसपा-सपा के साथ 03 सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन एक भी सीट नहीं मिली।
लोकसभा चुनाव में रालोद की स्थिति वर्ष लड़ा जीते 1999 15 02 2004 32 03 2009 09 05 2014 10 00 2019 03 00
विधानसभा चुनाव के आंकड़े-
यूपी विधानसभा चुनाव वर्ष 2002 में रालोद, बीजेपी के साथ 38 सीटों पर चुनावी मैदान में उतरी और 2.48% वोट लेकर 14 पर विजयी रही। वर्ष 2007 में रालोद अकेले 254 सीटों पर चुनाव लड़कर सिर्फ 10 पर जीत हासिल कर सकी, उसे कुल मत में से 3.70% वोट मिले। वर्ष 2012 में कांग्रेस के साथ 46 सीटों पर चुनाव लड़ कर रालोद को 9 पर विजय हासिल हुई। उस चुनाव में रालोद को 2.33 फीसदी वोट मिले, फिर 2017 में रालोद ने अकेले चुनाव लड़ा और 277 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, लेकिन 1.78 फीसदी वोट के साथ सिर्फ 1 सीट ही मिल सकी। इसके बाद 2022 में सपा के साथ रालोद ने 33 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव लड़ा, उसे 2.85 फीसदी वोटों के साथ 8 सीटों पर सफलता मिली।
लोकसभा चुनाव
वर्ष 1999 में 15 सीटों पर अकेले लोकसभा चुनाव लड़ने वाली रालोद सिर्फ 02 सीट पर जीत सकी और उसे 0.37 फीसदी वोट मिले। वहीं 2004 में रालोद ने सपा के साथ गठबंधन कर 10 सीटों पर भाग्य आजमाया और 4.49 फीसदी वोटों के साथ 03 सीटों पर जीत हासिल की। वर्ष 2009 में रालोद ने बीजेपी के साथ 07 सीटों पर चुनाव लड़ा और 01 फीसदी वोट के साथ 05 सीटों पर जीत हासिल की। इसके बाद वर्ष 2014 में कांग्रेस के साथ 08 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली रालोद का 0.50 फीसदी वोट के साथ खाता भी नहीं खुल सका। वर्ष 2019 में रालोद ने बसपा-सपा के साथ 03 सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ा और 1.7 फीसदी वोट हासिल कर एक भी लोकसभा सीट नहीं जीत पाई।
2022 विधानसभा चुनाव में सपा-रालोद गठबंधन का प्रदर्शन
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा-रालोद गठबंधन ने शामली जिले की सभी तीन सीट, मुरादाबाद की 6 में से 5, मुजफ्फरनगर की 6 में 4, संभल की 4 में से 3, मेरठ की 7 में से 4, रामपुर की 5 में से 3 और फिरोजाबाद की 5 में से 3, बिजनौर की 8 में से 4 सीट, अमरोहा की 4 में से 2, बदायूं की 6 में से 3 और मैनपुरी की 4 में से 2 सीट पर विजय का परचम फहरा कर भाजपा को कांटे की टक्कर दी थी।
आईओसी के महाप्रबंधक को केंद्रीय सूचना आयोग ने किया तलब
आरटीआई कार्यकर्ता को थमा दीं भ्रामक सूचनाएं
गैस एजेंसियों ने जांच के बहाने कस्टमर्स से वसूले करोड़ों रुपए
रामपुर। गैस एजेंसियों ने अनिवार्य जांच के नाम पर 50 हजार उपभोक्ताओं से करोड़ों रुपए वसूल लिए। शिकायत पर एजेंसी संचालक टालमटोल करते रहे। आरटीआई कार्यकर्ता की शिकायत पर इंडियन आयल कार्पोरेशन के लोक सूचना अधिकारी ने भ्रामक सूचनाएं थमा दीं। अब आईओसी के महाप्रबंधक को केंद्रीय सूचना आयोग ने सुनवाई के लिए 20 फरवरी 2024 को तलब कर लिया है। मामला टांडा नगर स्थित इंडियन आयल कार्पोरेशन के तहत संचालित दो गैस एजेंसियों का है।
श्री इकबाल अहमद वरिष्ठ आरटीआई कार्यकर्ता
रामपुर के टांडा नगर में इंडियन आयल कार्पोरेशन के तहत संचालित दो गैस एजेंसियां है। इन दोनों गैस एजेंसियों पर लगभग पचास हजार उपभोक्ताओं के गैस कनेक्शन हैं। मई 2022 में इन दोनों गैस एजेंसी संचालकों ने रसोई की अनिवार्य जांच के नाम पर 177/ रुपए प्रति उपभोक्ता वसूलने प्रारम्भ कर दिए। उपभोक्ताओं से वसूली गई रकम लगभग एक करोड़ रुपए हो गई। जांच करने वाली टीम में गुंडे जैसे दिखने वाले लगभग दस या बारह लोग थे। जब एजेंसी संचालकों से इस संबंध में बात की तब स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। तब नगर के आरटीआई कार्यकर्ता इकबाल अहमद ने इंडियन आयल कार्पोरेशन के लोक सूचना अधिकारी से कई बिंदुओं पर सूचना मांगी। आरोप है कि लोक सूचना अधिकारी ने भ्रामक व तथ्यों से परे सूचना थमा दी। इसके उपरांत श्री अहमद ने नियमानुसार विभाग के प्रथम अपीलीय अधिकारी के यहां प्रथम अपील प्रस्तुत की। प्रथम अपीलीय अधिकारी ने कॉल बाधित होने का बहाना बना कर प्रथम अपील खारिज कर दी। फिर श्री अहमद केंद्रीय सूचना आयोग की शरण में गए। वहां उनकी अपील को मंजूर कर लिया गया। श्री अहमद को आयोग से मिले पत्र के अनुसार इंडियन आयल कार्पोरेशन के नोएडा स्थित कार्यालय के महाप्रबंधक को आयोग में सुनवाई के लिए 20 फरवरी 2024 को तलब कर लिया गया है। श्री अहमद को भी आयोग में अपना पक्ष रखने के लिए रामपुर स्थित एनआइसी मे बुलाया है, जहां वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए केंद्रीय सूचना आयोग के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।
बिजनौर/बागपत। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित करने के एलान के बाद राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने पहली प्रतिक्रिया यह कहते हुए दी कि अब किस मुंह से मोदी जी को मना करूं, उन्होंने दिल जीत लिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोशल मीडिया X की पोस्ट पर जवाब देते हुए जयंत ने पहले लिखा- दिल जीत लिया! उसके कुछ समय बाद अपने आवास पर मीडिया से कहा कि बरसों पुरानी मांग को पूरा किया गया है, जो काबिले तारीफ है। एक सवाल पर जयंत चौधरी ने कहा कि बीजेपी खरीद फरोख्त नहीं करती, दिल जीत लेती है। गठबंधन के सवाल पर कहा कि अब किस मुंह से मोदी जी को मना करूं, उन्होंने दिल जीत लिया है।
कई दिन से राजनैतिक गलियारों में चर्चा चल रही थी कि indi गठबंधन को एक और बड़ा झटका लगना तय है। वो किसानों के मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने की घोषणा के साथ ही सच साबित हो गया। अब रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी एनडीए में शामिल होंगे। दरअसल भाजपा पश्चिमी यूपी में मुस्लिम बाहुल्य सीटों के लिए रालोद को साधना चाहती है। वहीं रालोद को सीट देने के बावजूद सपा की मंशा थी कि कैराना, मुजफ्फरनगर और बिजनौर में प्रत्याशी सपा का हो। बताते हैं कि रालोद ने कैराना और बिजनौर सीट सपा के प्रत्याशियों को देने पर सहमति भी दे दी थी, लेकिन मुजफ्फरनगर और हाथरस सीट को लेकर दोनों दलों के बीच दूरियां बन गईं। मुजफ्फरनगर सीट पर रालोद ने दावा किया था। इस सीट पर पिछले चुनाव में दिवंगत अजीत सिंह महज छह हजार मतों से हार गए थे। सीट रालोद को मिली, लेकिन पूर्व सीएम अखिलेश यादव यहां से हरेंद्र मलिक को चुनाव लड़ाना चाहते थे। रालोद ने इस पर नाराजगी जताई। दूसरी ओर हरेंद्र मलिक और उनके बेटे चरथावल से विधायक पंकज मलिक लोगों के बीच चुनाव की तैयारी में भी जुट गए। इसी दौरान रालोद अध्यक्ष की भाजपा से गठबंधन की बात होने की चर्चा शुरू हो गई।
चर्चाओं ने जोर पकड़ा तो सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी बहुत सुलझे हुए इंसान हैं। वो बहुत पढ़े लिखे हैं। वे राजनीति को समझते हैं। मुझे उम्मीद है कि किसानों की लड़ाई के लिए जो संघर्ष चल रहा है, वे उसे कमजोर नहीं होने देंगे। इससे पहले शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि जयंत चौधरी हमारे साथ हैं। वह कहीं नहीं जा रहे हैं। भाजपा के लोग अफवाह उड़ा रहे हैं। दूसरी ओर सपा मुखिया के बयान के जवाब में रालोद के X अकाउंट पर पोस्ट में लिखा कि हमारे किसान भोले जरूर हैं पर मूर्ख नहीं हैं। वे बहुत समझदार हैं और सशक्त हैं।
भारत रत्न: एलान के साथ गठबंधन का खेल एक झटके में तहस नहस
बिजनौर। पूर्व प्रधानमंत्री किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न के एलान के साथ ही उत्तर प्रदेश में आगामी लोकसभा चुनाव के लिए सपा रालोद के बीच गठबंधन का सारा खेल एक ही झटके में ही तहस नहस हो गया। पिछले महीने दोनों दलों के अध्यक्षों ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर फोटो शेयर कर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के खिलाफ चुनाव लड़ने का दम भी भरा…लेकिन अब सब खत्म।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने जनवरी में दोनों दलों के बीच अलायंस पर पुष्टि की थी। यही नहीं दोनों ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर भी फोटो शेयर कर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के खिलाफ चुनाव लड़ने का दम भी भरा था। फिर शुरू हुई सीटों के बंटवारे को लेकर खींचतान। सपा चाहती थी कि कैराना, मुजफ्फरनगर और बिजनौर में प्रत्याशी सपा का हो, जो रालोद के चुनाव चिह्न पर मैदान में उतरे। रालोद ने सपा के समक्ष मुजफ्फरनगर सीट पर दावा ठोका था, जहां बीते चुनाव में दिवंगत अजीत सिंह महज छह हजार मतों से हार गए थे।
बताते हैं कि रालोद ने कैराना और बिजनौर सीट सपा के बताए प्रत्याशियों को देने पर सहमति भी दे दी थी लेकिन मुजफ्फरनगर और हाथरस सीट को लेकर दोनों दलों के बीच दूरियां बन गईं। इसी दौरान चर्चा शुरू हुई कि रालोद अध्यक्ष की भाजपा से गठबंधन की बात हुई है। जयंत के एनडीए में शामिल होने की चर्चा शुरू हुई तो अखिलेश ने उम्मीद जताई कि कि जयंत किसानों की लड़ाई कमजोर नहीं पड़ने देंगे तो वहीं दूसरी ओर रालोद खेमा चुप्पी साधे रहा। हालांकि किसी भी ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई।
इस बीच शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न का एलान हो गया और खेल खत्म। या यूं कहिए कि तस्वीर साफ हो गई कि अब हम साथ साथ हैं। गौरतलब है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 10-12 लोकसभा सीटों पर जाटों का प्रभाव है। लगभग 11 जिलों में जाट वोटर निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं। मुजफ्फरनगर, मेरठ, अमरोहा, बागपत, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा बिजनौर और आगरा जिले में जाट वोटर हैं। पश्चिम यूपी की कुल करीब साढ़े पांच करोड़ की आबादी में 17 प्रतिशत आबादी जाटों की है। जानकारों के अनुसार राज्य में विधानसभा की करीब 50 सीटों का फैसला जाट समुदाय के हाथ में है।
चौधरी चरण सिंह, नरसिम्हा राव और वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न
नई दिल्ली (एजेंसियां)। किसानों के मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव और देश में हरित क्रांति के जनक वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न दिया जाएगा। पीएम मोदी ने खुद एक्स पर पोस्ट करते हुए यह एलान किया है।
चौधरी चरण सिंह भारत के किसान राजनेता एवं पाँचवें प्रधानमंत्री थे। उन्होंने यह पद 28 जुलाई 1979 से 14 जनवरी 1980 तक संभाला। चौधरी चरण सिंह ने अपना संपूर्ण जीवन भारतीयता और ग्रामीण परिवेश की मर्यादा में जिया। जन्म 23 दिसंबर 1902, हापुड़। मृत्यु 29 मई 1987, नई दिल्ली
पीएम मोदी ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर कहा, ‘हमारी सरकार का यह सौभाग्य है कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी को भारत रत्न से सम्मानित किया जा रहा है। यह सम्मान देश के लिए उनके अतुलनीय योगदान को समर्पित है। उन्होंने किसानों के अधिकार और उनके कल्याण के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हों या देश के गृहमंत्री और यहां तक कि एक विधायक के रूप में भी, उन्होंने हमेशा राष्ट्र निर्माण को गति प्रदान की। वे आपातकाल के विरोध में भी डटकर खड़े रहे। हमारे किसान भाई-बहनों के लिए उनका समर्पण भाव और इमरजेंसी के दौरान लोकतंत्र के लिए उनकी प्रतिबद्धता पूरे देश को प्रेरित करने वाली है।’
विदित हो कि रालोद मुखिया जयंत सिंह के दादा और किसानों के मसीहा तथा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने की मांग काफी समय से उठ रही थी। पीएम के एलान पर जयंत चौधरी ने पोस्ट करते हुए लिखा, ‘दिल जीत लिया!’
कांग्रेस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव
पामुलापति वेंकट नरसिंह राव (जन्म- 28 जून 1921, मृत्यु- 23 दिसम्बर 2004) भारत के 09 वें प्रधानमंत्री के रूप में जाने जाते हैं।
कांग्रेस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव को भारत रत्न देने का ऐलान करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारे पूर्व प्रधान मंत्री श्री पीवी नरसिम्हा राव गरू को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा। एक प्रतिष्ठित विद्वान और राजनेता के रूप में, नरसिम्हा राव गरू ने विभिन्न क्षमताओं में भारत की बड़े पैमाने पर सेवा की। उन्हें आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और कई वर्षों तक संसद और विधानसभा सदस्य के रूप में किए गए कार्यों के लिए समान रूप से याद किया जाता है। उनका दूरदर्शी नेतृत्व भारत को आर्थिक रूप से उन्नत बनाने, देश की समृद्धि और विकास के लिए एक ठोस नींव रखने में सहायक था।’ पीएम मोदी ने आगे लिखा, ‘प्रधानमंत्री के रूप में नरसिम्हा राव गारू का कार्यकाल महत्वपूर्ण कदम उठाने के रूप में जाना जाता है जिन्होंने भारत को वैश्विक बाजारों के लिए खोल दिया, जिससे आर्थिक विकास के एक नए युग को बढ़ावा मिला। इसके अलावा, भारत की विदेश नीति, भाषा और शिक्षा क्षेत्रों में उनका योगदान एक ऐसे नेता के रूप में उनकी बहुमुखी विरासत को रेखांकित करता है, जिन्होंने न केवल महत्वपूर्ण बदलावों के माध्यम से भारत को आगे बढ़ाया बल्कि इसकी सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को भी समृद्ध किया।’
हरित क्रांति के जनक एमएस स्वामीनाथन
मनकोम्बु संबासिवन स्वामिनाथन (जन्म: 7 अगस्त 1925, 28 सितंबर 2023) कुम्भकोणम 28 सितम्बर 2023) भारत के आनुवांशिक-विज्ञानी (आनुवंशिक वैज्ञानिक) थे। उन्हें भारत की हरित क्रांति का जनक माना जाता है। उन्होंने 1966 में मैक्सिको के बीजों को पंजाब की घरेलू किस्मों के साथ मिश्रित करके उच्च उत्पादकता वाले गेहूं के संकर बीज विकिसित किए। उन्हें विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा सन 1972 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।
पीएम ने पोस्ट में लिखा कि भारत सरकार कृषि और किसानों के कल्याण में हमारे देश में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. एमएस स्वामीनाथन जी को भारत रत्न से सम्मानित कर रही है। उन्होंने चुनौतीपूर्ण समय के दौरान भारत को कृषि में आत्मनिर्भरता हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और भारतीय कृषि को आधुनिक बनाने की दिशा में उत्कृष्ट प्रयास किए।
मां कामाख्या शक्तिपीठ, महात्मा विदुर कुटी धाम पर अनवरत जारी
जगद्गुरु एवं महामंडलेश्वर के स्वास्थ्य लाभ हेतु सुंदरकांड का पाठ व यज्ञ
बिजनौर। देहरादून में भर्ती जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी एवं 05 फरवरी से अस्पताल में भर्ती महामंडलेश्वर गोपाल दास जी महाराज के जल्दी स्वस्थ होने के लिए महंत श्री जयराम दास जी महाराज तथा आदिशक्ति मां कामाख्या शक्तिपीठ के स्वामी अंश चैतन्य महाराज जी के द्वारा प्रतिदिन महामृत्युंजय मंत्र जाप के साथ ही सुंदरकांड का पाठ मां कामाख्या शक्तिपीठ, महात्मा विदुर कुटी धाम पर किया जा रहा है। साथ ही उनके यथाशीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए यज्ञ भी किया जा रहा है।
स्वामी अंश चैतन्य महाराज विशिष्ट प्रतिनिधियों के साथ देहरादून पहुंचकर श्री रामभद्राचार्य जी एवं श्री गोपाल दास जी महाराज के दर्शन कर स्वास्थ्य की जानकारी लेंगे।
मीडिया प्रभारी विपिन सुमन एवं राजेश कुमार ने संयुक्त रूप से उक्त जानकारी देते हुए बताया कि मां आदिशक्ति कामाख्या शक्तिपीठ, महात्मा विदुर कुटी धाम जनपद बिजनौर पर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम निर्बाध गति से चल रहा है, जिसकी पूर्णाहुति 14 फरवरी को होगी। विराट संत सम्मेलन भी उसी तिथि में प्रस्तावित है। उन्होंने समस्त भक्तजनों से पुण्यलाभ प्राप्त करने का आग्रह किया है।
कांग्रेस का अंतिम विकेट मैं स्वयं गिराऊंगा~ आचार्य
तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रायबरेली से लड़ेंगे चुनाव
सोनिया गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे परमहंस आचार्य
अयोध्या। तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य सोनिया गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। यह जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हम साधु-संत कांग्रेस से बहुत दु:खी हैं। बोले, कांग्रेस का अंतिम विकेट मैं गिराऊंगा।
तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने रायबरेली से लोकसभा चुनाव लड़ने का एलान किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी करते हुए कहा है कि वे रायबरेली सीट से सोनिया गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने कुछ दिन पहले कांग्रेस मुक्त भारत का नारा दिया था। हम साधु-संत कांग्रेस से बहुत दु:खी हैं। सात नवंबर 1966 को कांग्रेस की सरकार थी। तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी थीं। उस समय गोहत्या बंद कराने के लिए धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी के नेतृत्व में देश के कोने-कोने से नौजवान, किसान, माताएं, बहनें, बुजुर्ग सब दिल्ली संसद भवन पहुंचे थे, जहां इन पर गोलियां बरसाई गई थीं। इसलिए कांग्रेस मुक्त भारत के लिए चुनाव मैदान में उतर रहा हूं। कांग्रेस का अंतिम विकेट मैं स्वयं गिराऊंगा। अब वक्त आ गया है भारत कांग्रेस मुक्त हो।
मिलेगा केन्द्र और प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ
यूपी में अब होगा हर फैमिली का अपना आईडी कार्ड
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही फैमिली आईडी कार्ड के नाम से एक नया कार्यक्रम शुरू करेगी। इस कार्यक्रम के तहत हर परिवार का अपना एक कार्ड होगा। इस कार्ड के जरिये केन्द्र और प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाया जाएगा जो अभी तक इन योजनाओं के लाभ से वंचित रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के इस नए कार्यक्रम की घोषणा बुधवार को विधानसभा में की। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उन्होंने कहा कि इनमें मुख्य रूप से सात योजनाओं पर फोकस किया जा रहा है। योजना का काम प्रगति पर है और अब तक 6 करोड़ 64 लाख परिवारों के ब्यौरे की फीडिंग की जा चुकी है। इस कार्यक्रम के तहत प्रदेश के हर परिवार के एक सदस्य को रोजगार सुनिश्चत किया जाएगा।
पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी बन रहा उत्तर प्रदेश
अयोध्या तीर्थ विकास परिषद, श्रीदेवीपाटन तीर्थ विकास परिषद, ब्रज तीर्थ विकास परिषद, विंध्य धाम तीर्थ विकास परिषद, शुक्रतीर्थ विकास परिषद, चित्रकूटधाम तीर्थ एवं नैमिषारण्य धाम तीर्थ विकास परिषद का गठन कर धार्मिक स्थलों के विकास को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रीकाशी विश्वनाथ धाम कॉरीडोर पूरा हो चुका है। मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा का 100 साल बाद पुनः प्रतिष्ठापन हुआ है। सोरों-सूकर क्षेत्र का विकास आदि अद्भुत कार्य हुए हैं। साथ ही रामायण परिपथ, बौद्ध परिपथ, आध्यात्मिक परिपथ, शक्तिपीठ परिपथ, कृष्ण-ब्रज परिपथ, बुंदेलखंड परिपथ, महाभारत परिपथ पर सरकार कार्य कर रही है। इसी का परिणाम है कि पिछले साल 6.30 करोड़ श्रद्धालुओं ने श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के दर्शन किए।
तेज धमाके से फटी वाशिंग मशीन में लगी आग, चपेट में आकर मौत
बिजनौर। अफजलगढ़ में शॉर्ट सर्किट से धमाके के साथ फटी वाशिंग मशीन में आग लगने से उसकी चपेट में आए गृह स्वामी की झुलस कर मौत हो गई।
आकाश (फाइल फोटो)
बताया गया है कि कालागढ़ स्थित मार्केट में रहने वाले आकाश गोयल पुत्र हरिकिशन गुप्ता के निवास स्थान पर बुधवार की सायं लोगों ने तेज धमाके की आवाज के साथ आग की लपटें उठती देखीं। लोगों ने जब घर के भीतर जाकर देखा तो आकाश बुरी तरह झुलसा हुआ जमीन पर तड़प रहा था और पास ही रखी वाशिंग मशीन के चिथड़े उड़े हुए थे। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस जब तक आकाश को अस्पताल पहुंचती, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। आकाश की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। आकाश के पिता कालागढ़ स्थित इंटर कॉलेज के सेवानिवृत अध्यापक हैं। थानाध्यक्ष कालागढ़ अमरजीत सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया है। प्रथम दृष्टया घटना वाशिंग मशीन फटने का कारण बिजली शॉर्ट सर्किट हो सकता है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
“बैठे भाग्य भरोसे हैं जो, देते बुरे समय को न्योता”
बरेली। पूर्व विधायक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं मशहूर शायर स्व. श्योराज बहादुर सक्सेना जी के भूड़ स्थित आवास पर कवि सम्मेलन, मुशायरे एवं लोकार्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार उत्पल स्वरूप सक्सेना एवं विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ कवि राम कुमार कोली रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज कुमार अग्रवाल ने की। इस अवसर पर क्रांतिकारी छात्र परिषद के रजत कुमार द्वारा रचित बीसवीं कृति “व्यापारी और प्रेमी” का लोकार्पण वरिष्ठ साहित्यकार उत्पल स्वरूप सक्सेना के कर कमलों से हुआ।
कार्यक्रम के दौरान गीतकार उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट ने अपनी रचना इस प्रकार प्रस्तुत की- बैठे भाग्य भरोसे हैं जो, देते बुरे समय को न्योता पीर पराई हो या अपनी, सदा रहा कंधों पर ढोता। मुख्य अतिथि उत्पल स्वरूप सक्सेना ने अपनी रचना के माध्यम से कहा कि…सभ्यता के जंगलों के मध्य, व्यवस्थाएँ पी गईं व्यक्तित्व। अजगरों के जाल में फँसकर, भावनाओं का मिटा अस्तित्व। राम प्रकाश सिंह ओज ने अपनी रचना इस प्रकार प्रस्तुत की- हम गरीब हैं इसलिए हर कोई हमें, जिसके मन में जो आता है कह लेता है।
कार्यक्रम में राम कुमार अफरोज, रामधनी निर्मल, जगदीश निमिष्, गांधी मोहन सक्सेना, मनोज दीक्षित टिंकू, दीपक मुखर्जी दीप, मेराज, रीतेश साहनी, नीरज कश्यप, मृदुल कुमार सक्सेना, अक्षय कश्यप एवं रमेश रंजन आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रख्यात हास्य-व्यंग्यकार हरीश शर्मा यमदूत जी के निधन पर दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धांजलि दी गई।
यूनिक अल्ट्रासाउंड सेंटर की मशीन व केंद्र किया सील
डीएम के निर्देश पर नूरपुर क्षेत्र में छापामारी अभियान
ताले डाल भागे अल्ट्रासाउंड सेंटर वाले, एक सील
बिजनौर। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम चांदपुर व नोडल अफसर पीसीपीएनडीटी की टीम ने नूरपुर क्षेत्र में छापामारी अभियान चलाया। इस दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर एक अल्ट्रासाउंड सेंटर सील कर दिया गया। वहीं छापामारी की भनक लगते ही कई अन्य अपने सेंटर बंद कर खिसक गए।
एसडीएम चांदपुर मनोज सिंह व नोडल अफसर पीसीपीएनडीटी/ एसीएमओ डा. देवीदास ने डिप्टी सीएमओ डा. केके राहुल, पटल सहायक विनोद कुमार, अवनीश कुमार आदि की टीम के साथ बुधवार दोपहर नूरपुर में यूनिक अल्ट्रासाउंड सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे। नोडल डा. देवीदास ने बताया कि अनियमितताएं पाए जाने पर यूनिक अल्ट्रासाउंड सेंटर की मशीन व केंद्र को सील कर दिया गया है। इसके अलावा सीजर नोट तैयार कर सील मशीन संचालक पक्ष के सुपुर्द कर दी गई। दूसरी ओर टीम अन्य अल्ट्रासाउंड सेंटर का भी निरीक्षण करती, इससे पहले भनक लगते ही संचालक ताले डाल कर रफूचक्कर हो गए।
आदिशक्ति पीठ विदुर कुटी में माँ कामाख्या की अष्टधातु की मूर्ती की प्राण प्रतिष्ठा
१४ फरवरी २०२४ तक चलेंगे नौ दिवसीय अनुष्ठान कार्यक्रम
पंडित श्री अधीर कौशिक जी को मिली कार्यक्रम संयोजक की जिम्मेदारी
श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के अध्यक्ष के सानिध्य में होगी प्राण प्रतिष्ठा
बिजनौर। आदिशक्ति पीठ विदुरकुटी में आदिशक्ति माँ कामाख्या की अष्टधातु की प्राण प्रतिष्ठा में पंडित श्री अधीर कौशिक जी (अध्यक्ष) श्री अखंड परशुराम अखाड़ा ने महंत श्री जयराम दास जी महाराज और श्री अंश चैतन्य जी महाराज को ०६ फरवरी २०२४ से १४ फरवरी २०२४ तक चलने वाले कार्यक्रम में पूर्ण रूप से समर्पित होकर अर्थात् तन–मन व धन से कार्यक्रम की जड़ें मजबूत करने के लिए आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम संयोजक के रूप में संपूर्ण अनुष्ठान को सफल बनाने का पूर्ण प्रयास करेंगे।
मीडिया प्रभारी विपिन सुमन ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि महंत श्री जयराम दास जी महाराज और श्री अंश चैतन्य जी महाराज ने १४ फरवरी २०२४ को माता रानी के दर्शन एवं संत सम्मेलन के संयोजक के रूप में पंडित श्री अधीर कौशिक जी से अधीक्षा करने के लिए अनुरोध किया, जिसको पंडित श्री अधीर कौशिक जी द्वारा स्वीकार कर लिया गया। पंडित श्री अधीर कौशिक ने हरिद्वार के साथ-साथ सभी धर्माचार्यों को निमंत्रण देकर कार्यक्रम को विधिवत रूप से पूर्ण करने व सभी संत जनों के सम्मान में सप्रेम भेंट देने का आश्वासन दिया है।
विदित हो कि मां आदिशक्ति कामाख्या शक्तिपीठ महात्मा विदुर कुटी धाम जनपद बिजनौर में 06 फरवरी 2024 से प्राण प्रतिष्ठा का नौ दिवसीय कार्यक्रम शुरू हो गया है। मीडिया प्रभारी विपिन सुमन ने सभी भक्तों से अनुरोध किया है कि अपने परिवार सहित माता रानी के प्राण प्रतिष्ठा पूजन में सम्मिलित हो कर पुण्य लाभ उठाएं। साथ ही बताया कि सभी भक्तजन सनातन धर्म प्रेमियों को आमंत्रित किया जा रहा है। मां भगवती की कृपा जिस पर होगी, उसे ही प्राण प्रतिष्ठा में, तन मन धन से माता रानी कीबीसेवा करने का सौभाग्य प्राप्त होगा। प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम जन सहयोग से किया जा रहा है।
जिन भक्तों के द्वारा जितना भी धन सहयोग किया गया है। उन सभी के नाम की घोषणा 14 फरवरी को संत सम्मेलन में होगी। कृपया ध्यान रखें कि आश्रम में जो सहयोग भेज रहे हैं। वह डायरेक्ट बैंक में जमा करें, किसी को धन सहयोग देने का प्रयास न करें। सभी भक्तों को मां सरस्वती मां लक्ष्मी मां कामाख्या का आशीर्वाद मिले, इसके लिए आश्रम परिवार व गुरुजन अर्जी लगा रहे हैं। A/C 31403522066 SBI bank Ansh Chaitanya Maharaj ifce. SBIN 0003640 Surya upasana asram trust A/C 0327000100383157 PNB Bank ifce. PUNB0032700. Google pay 9917651358
सपा से आरएलडी का गठबंधन टूटने की अटकलों पर सामने आई प्रतिक्रिया
आरएलडी बीएसपी जिधर, जीत उसकी: मलूक नागर
जहां जयंत चौधरी जाएंगे, जहां RLD जाएगी या जहां BSP जाएगी, बिल्कुल एक तरफा सीटें जीतती चली जाएगी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जिसका होगा उत्तर प्रदेश उसका होगा और जिसका उत्तर प्रदेश होगा.. देश उसका होगा: मलूक नागर BSP सांसद बिजनौर
बिजनौर हस्तिनापुर लोकसभा सीट से सांसद मलूक नागर बेहद आत्मविश्वास से यह दावा इसलिए करते हैं क्योंकि पश्चिम उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ है, यहां की नब्ज वो पहचानते हैं, तासीर को पहचानते हैं। पिछले 38 साल से प्रमुख पदों एमएलए, एमएलसी, अध्यक्ष जिला बोर्ड, उत्तर प्रदेश सरकार मिनिस्टर, एमपी लगातार वह एवं उनके भाई राजवीर नागर रहते आ रहे हैं।
नई दिल्ली/बिजनौर। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल के अलायंस की संभावनाओं के बीच बहुजन समाज पार्टी के नेता और सांसद मलूक नागर की अहम प्रतिक्रिया सामने आई है। श्री नागर कहते हैं कि उनके सामने सीधा जातिगत आंकलन है। पूरे पश्चिम उत्तर प्रदेश में 27 एमपी और 143 विधानसभा की सीट हैं। यहां दलित, मुस्लिम, जाट और गुर्जर हैं। यह जातियां सबसे ज्यादा हैं और इकट्ठा जिधर भी चली जाती हैं, उधर ही एक तरफा जीत होती चली जाएगी। इसलिए जयंत चौधरी जहां चले जाएंगे, आरएलडी जहां चली जाएगी या बीएसपी या कुमारी बहन मायावती जी चली जाएंगी, बिल्कुल एक तरफ पश्चिम में जीत होती चली जाएगी।
पश्चिम उत्तर प्रदेश है सबसे महत्वपूर्ण
पहले वोटिंग पश्चिम उत्तर प्रदेश की 10 सीटों से होती है यानी कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, देश का चुनाव कहां जाएगा कौन यूपी जीतेगा, कौन देश जीतेगा इससे नींव डालती है इसलिए आज की तारीख में सेंटर में बिल्कुल पूरी तरीके से आरएलडी या बीएसपी आ गई हैं। दोनों के बीच समझौता नहीं हो पाने की वजह उन्हें नहीं पता लेकिन बताया जा रहा है कि कांग्रेस दबाव डाल कर दानिश अली के लिए अमरोहा चाहती थी और जयंत जी उस सीट को किसी भी कीमत पर छोड़ना नहीं चाहते थे। बसपा सांसद ने उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार में कांग्रेस का नीतीश भारद्वाज, बंगाल में ममता बनर्जी का साथ टूटा, पंजाब और हरियाणा, दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के साथ टूटने की बात हो रही है।
कांग्रेस ने दिया जाट समाज को धोखा
जाट समाज के दिमाग में है कि चौधरी चरण सिंह पिछड़े समाज से थे और 1913 से 1947 तक, जब अंग्रेजों का राज था और जब यह लेजिसलेचर सिस्टम शुरू हुआ कोलकाता में और 1947 के बाद आजादी से आज 2024 तक एक ही बार पिछड़ों में से जाट प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी बने। किसान उन्हें अपना मसीहा, देवता मानते हैं। चौधरी चरण सिंह जी को भी कांग्रेस ने धोखा देकर तीन महीने में कुर्सी गिरा दी थी। यह बात भी जयंत चौधरी के कहीं ना कहीं दिमाग में है। उन्होंने कहा कि indi गठबंधन में ऐसी स्थिति हो जाएगी कि पिछली बार तो अकेली सोनिया गांधी जी जीती थी। अबकी बार अगर पश्चिम में मुसलमान, गूजर के साथ मिलकर लड़ाई लड़ने वाले जयंत, आरएलडी, जाट, किसान समाज बीजेपी के साथ मिल गया तो यूपी में कांग्रेस की एक सीट नहीं आएगी, यहां तक कि सोनिया गांधी जी भी नहीं जीत पाएंगी, जीरो पर आएगी। अब खेल असली सामने आएगा। जिधर हम जाएंगे तब ऊपर पलड़ा निकल सकता है, वैसे बहन जी कह चुकी हैं कि चुनाव अकेले लड़ेंगे।
दूसरा देखता रह जाएगा~ उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल के अलायंस की संभावनाओं के बीच बहुजन समाज पार्टी के नेता और सांसद मलूक नागर ने अहम प्रतिक्रिया दी है। बसपा सांसद ने कहा कि पिछले सालों में कई बार कह चुका हूं कि आरएलडी और चौधरी जयंत या बीएसपी जिधर चली जाएगी, बिल्कुल सीट एकतरफा जीतते जाएंगे, दूसरा देखता रह जाएगा।
बिजनौर। अफजलगढ़ थाना क्षेत्र के गांव प्रेमपुरी में गन्ने के खेत में मादा गुलदार का शव पड़ा मिला है। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम गुलदार के शव को उठाकर पोस्टमार्टम के लिए बिजनौर ले गई। अफसरों का दावा है कि प्रथम दृष्टया मादा गुलदार की मौत बीमारी से होना प्रतीत हो रहा है।
अफजलगढ़ थाना क्षेत्र के गांव प्रेमपुरी निवासी गुरूदेव सिंह पुत्र बलवंत सिंह का गांव के ही नजदीक में गन्ने का खेत है। क्षेत्र के ही मजदूर मंगलवार सुबह खेत में गन्ना छीलने गए हुए थे। जैसे ही उन्होंने गन्ने की छिलाई शुरू की उन्हें गन्ने के खेत में एक गुलदार मृत अवस्था में पड़ा दिखाई दिया। मजदूरों की सूचना पर किसान ने वन विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया। इस बीच गुलदार को देखने के लिए काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। वहीं वन दरोगा सुनील राजौरा विभागीय टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम पोस्टमार्टम के लिए गुलदार के शव को बिजनौर स्थित वन विभाग की नर्सरी ले गई। ग्रामीणों की सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप कुमार, सीओ अर्चना सिंह, कोतवाल राजकुमार सरोज मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से मृत मादा गुलदार के शव के बारे में जानकारी ली। वन दरोगा सुनील कुमार राजौरा ने बताया कि मादा गुलदार के शरीर पर घाव के निशान नहीं हैं। प्रथम दृष्टया मादा गुलदार की मौत बीमारी से होना प्रतीत हो रही है। मृत मादा गुलदार की उम्र लगभग डेढ़ से दो साल है। गुलदार की मृत्यु एक-दो दिन पूर्व होना बताया है। मृत मादा गुलदार का शव पोस्टमार्टम के लिए बिजनौर भेज दिया गया है। वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
बिजनौर। धामपुर पुलिस ने नौ दिन से लापता महेंद्र की हत्या का खुलासा कर दिया है। उसकी पत्नी ने ही अपने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या कराई थी। आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस ने महेंद्र की लाश गटर से बरामद की है।
पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने बताया कि गांव हकीमपुर मेघा निवासी शिवचरण ने 30 जनवरी को धामपुर कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उनका 45 वर्षीय पुत्र महेंद्र सिंह चौहान 29 जनवरी से लापता है। पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की तो प्रकाश में आया कि महेंद्र की पत्नी कमलेश के गांव तीबड़ी निवासी मनोज पुत्र राजपाल से अनैतिक संबंध थे। इसका महेंद्र विरोध करता था। इस पर कमलेश ने प्रेमी मनोज और उसके एक अन्य साथी के साथ मिलकर महेंद्र की हत्या करा दी और उसके शव को महाराणा प्रताप स्कूल के शौचालय के गटर में फेंक दिया। पुलिस ने मनोज को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने सब कुछ उगल दिया। पुलिस ने मनोज की निशानदेही पर मंगलवार शाम महेंद्र के शव को गटर से बरामद कर लिया। हत्या में प्रयुक्त आला कत्ल और उसके जले हुए कपड़े, मोबाइल भी बरामद किया। आरोपी कमलेश और उसके प्रेमी मनोज को गिरफ्तार कर लिया गया है, तीसरे आरोपी की तलाश पुलिस कर रही है।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम~ हत्यारोपी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक किशन अवतार, निरीक्षक अपराध अता मौहम्मद, उपनिरीक्षक हरेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल राजेश कुमार, कांस्टेबल रविमान, आकाश व धर्मेन्द्र आदि शामिल रहे।
सख्ती की तो उगला राज~ सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी मनोज मंगलवार देर शाम लगभग साढ़े सात बजे पुलिस को धामपुर में गांव बगदाद अंसार मार्ग स्थित महाराणा प्रताप स्कूल लेकर पहुंचा। वहां उसकी निशानदेही पर लापता महेंद्र सिंह का शव शौचालय के गटर से बरामद हो गया।
पुलिस को दो दिन किया गुमराह~ चतुर और शातिर दिमाग हत्यारोपी मनोज दो दिन से पुलिस गुमराह कर रहा था। मनोज ने पहले पुलिस को बताया कि उसने हत्या करने के बाद महेंद्र के शव को बालावाली के पास गंगा में फेंक दिया है। पुलिस आरोपी मनोज को लेकर दिनभर बालावाली में महेंद्र के शव को बरामद करने का प्रयास करती रही। थक हार के शाम को पुलिस वापस आई तो अगले दिन वह क्षेत्र में बहने वाली नहर में शव डालने की बात कहने लगा, जहां सारे दिन पुलिस ने शव की तलाश की, लेकिन कोई सफलता न मिली। बाद में मंगलवार देर शाम महाराणा प्रताप कालेज में बने गटर से आरोपी ने शव बरामद कराया।
इसी स्कूल में करता था नौकरी~ एसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि हत्यारोपी मनोज चौहान महाराणा प्रताप स्कूल में नौकरी करता था। उसने कुछ दिन पहले ही स्कूल से नौकरी छोड़ दी। इसलिए उसने स्कूल में घटना को अंजाम देने की प्लानिंग बनाई। आरोपी के आपराधिक इतिहास को पुलिस खंगाल रही है।
21 वर्ष पहले हुई थी महेंद्र की शादी~ परिवार के लोगों के अनुसार महेंद्र चौहान बहुत ही मिलनसार स्वभाव का व्यक्ति था। उसकी गांव में किसी से कोई रंजिश नहीं थी। उसकी 21 साल पहले शादी हुई थी। महेंद्र और हत्यारोपी मनोज के खेत भी पास-पास बताए गए हैं। महेंद्र सिंह एक पुत्र और एक पुत्री है। बेटा इंटरमीडिएट का छात्र है, जबकि बेटी 9वीं कक्षा की छात्रा है।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव) के निर्देश पर गठित की टीम
सफलता हासिल करने में टीम को लगे दो दिन
छापामारी: 06 तस्करों से 679 कछुआ बरामद
लखनऊ। प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्य जीव, उ0प्र0, लखनऊ के निर्देश पर वन विभाग, एस०टी०एफ० व राजस्व अभिसूचना निदेशालय के समन्वय से गठित संयुक्त टीम ने छापामारी अभियान में 06 तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 679 कछुआ बरामद किए हैं।
पहले दिन टीम द्वारा चारबाग रेलवे स्टेशन के पास होटल पंचमुखी गणेश, अपोजिट दूध मण्डी, गुरुनानक मार्केट, लखनऊ के रूम नं० 101 में औचक रूप से छापामार कार्यवाही की गई। इस दौरान विश्वजीत नियोगी पुत्र सी०आर० नियोगी, निवासी जनाफूल नार्थ – 24 परगना पश्चिम बंगाल से 309 कछुवा वन्य जीव बरामद किये गये। इनमें से 293 कछुवा, वन्य जीव (इण्डियन टेंट टर्टल) तथा 16 कछुवा वन्य जीव (इण्डियन रूफ्ड टर्टल) प्रजाति के पाये गये।
अवैध रूप से कछुवा वन्य जीवों के अपराधों पर प्रभावी रोकथाम हेतु अर्न्तविभागीय कार्यशाला का आयोजन होटल बी०बी०डी०, फॉर्च्यून, नियर दैनिक जागरण चौराहा लखनऊ में मंगलवार को किया गया था। इसी क्रम में अभियान चलाया गया
इसी प्रकार दूसरे दिन उक्त संयुक्त टीम द्वारा गुप्त सूचना के आधार पर सरोजनीनगर रेंज अंतर्गत शहीद पथ स्थित लूलू मॉल के पास सर्विस रोड के किनारे स्विफ्ट डिजायर वाहन संख्या यू०पी0-70–सी0एफ0-8345 को रोककर तलाशी ली गयी। वाहन में 370 कछुवा वन्य जीव 05 अभियुक्तों से बरामद किये गये। इनमें से 360 कछुवा वन्य जीव (इण्डियन टेंट टर्टल), 04 कछुवा वन्य जीव (इण्डियन रूफ टर्टल) एवं 06 कछुवा वन्य जीव (इण्डियन ब्राउन रुफ्ड टर्टल) हैं। इस कार में सवार जिला सुल्तानपुर के पोस्ट भादा, थाना कोतवाली देहात अंतर्गत गांव पकड़ी निवासी मुकेश कुमार पुत्र लंगड़ा बाबू और विजय कुमार पुत्र प्रेम कुमार, जिला फर्रुखाबाद के थाना कमालगंज अंतर्गत ग्राम आजाद नगर निवासी दिलदार अली उर्फ आशिफ पुत्र जाहिद अली और शादाब अली पुत्र शाहिद अली के अलावा जमुना प्रसाद यादव पुत्र स्व० रामसुचित यादव, निवासी ग्राम पूरे काशीराम थाना कोतवाली देहात, पोस्ट भादा, जिला सुल्तानपुर को गिरफ्तार कर लिया गया।
बताया गया है कि वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1976 यथासंशोधित में निहित प्राविधानों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही करते हुए अभियुक्तों को न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने की कार्यवाही की जा रही है। बरामद किये गये कछुवा वन्य जीवों को सुरक्षित मय वाहन सरोजनीनगर रेंज परिसर में सुरक्षित रखा गया है।
BJP के बड़े नेताओं से मुलाकात और मंत्री पद का ऑफर!
सीट को लेकर अखिलेश जयंत के बीच खटास!
जयंत चौधरी का अगला पड़ाव NDA?
लखनऊ (डेस्क)।लोकसभा चुनाव में सीटों को लेकर अखिलेश, जयंत के बीच खटास के कयास लगाए जा रहे हैं! फिलहाल गठबंधन के तहत सपा ने आरएलडी को सात सीटें दे रखी हैं। वहीं सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में जयंत चौधरी की बीजेपी के बड़े नेताओं से मुलाकात हुई है और बीजेपी ने आरएलडी को एनडीएम में शामिल होने का ऑफर दिया है। यह भी दावा किया जा रहा है कि बीजेपी पश्चिम यूपी की चार से पांच सीटें आरएलडी को देने को तैयार है। यही नहीं जयंत चौधरी को केंद्र और राज्य में मंत्री पद का भी ऑफर है। पिछले दिन से मीडिया में तैरती इन संभावनाओं पर अभी किसी पार्टी की ओर से स्पष्टीकरण नहीं आया है।
हम साथ साथ हैं! सपा-आरएलडी ने किया थाएलान
राजनैतिक जानकारों का मानना है कि जयंत चौधरी कोई बड़ा फैसला लेते हैं तो ये indi गठबंधन के लिए बड़ा झटका होगा। जनवरी में समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल में लोकसभा चुनाव 2024 के लिए औपचारिक गठबंधन की घोषणा हो चुकी है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल साइट पर जयंत चौधरी के साथ तस्वीर पोस्ट करते हुए कहा था कि राष्ट्रीय लोकदल और सपा के गठबंधन की सभी को बधाई, जीत के लिए सभी एकजुट हो जाएं। इस पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए जयंत चौधरी ने लिखा था कि राष्ट्रीय, संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर, हमारे गठबंधन के सभी कार्यकर्ताओं से उम्मीद है, अपने क्षेत्र के विकास और खुशहाली के लिए कदम मिलाकर आगे बढ़ें। इस बीच इस मुलाकात ने सियासी पारा चढ़ा दिया है।
मुजफ्फरनगर सीट पर फंसा है पेंच
पश्चिमी यूपी की मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर पेंच फंसा हुआ है। इस सीट पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। यही वजह है कि सीटों को लेकर चल रहे विवाद के कारण इस एलायंस को छोड़ जयंत एनडीए में भी जा सकते हैं। दरअसल सपा मुखिया अखिलेश यादव और आरएलडी के मुखिया जयंत चौधरी के साथ बैठक में सीट बंटवारे पर सहमति बनी थी। सपा ने कैराना, मुजफ्फरनगर और बिजनौर में प्रत्याशी अपना और निशान रालोद का रहने की शर्त रखी। रालोद कैराना और बिजनौर पर तो राजी है, लेकिन मुजफ्फरनगर पर नहीं। वजह यह है कि चौधरी अजित सिंह मुजफ्फरनगर सीट पर पिछला चुनाव मात्र साढ़े छह हजार वोटों से भाजपा के डॉ. संजीव बालियान से हारे थे। इस लोस सीट के अंतर्गत आने वाली पांच विधासनभा सीटों में से दो बुढ़ाना और खतौली पर रालोद का कब्जा है। खतौली सीट रालोद ने उपचुनाव में जीती थी। इसके अलावा रालोद ने अपने हिस्से की सीटें बढ़ाने की भी बात रखी।
विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा ने सदन में उठाया मुद्दा
पत्रकारों का बीमा, आवास और कैशलेस इलाज की हो व्यवस्था: सिन्हा
पत्रकारों को प्रति माह मिले गुजारा भत्ता
पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर बनाया जाए कानून: सिन्हा
लखनऊ/वाराणसी। सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने सरकार का ध्यान आकृष्ट करते हुए पत्रकारों की सुरक्षा एवं उन्हें मूलभूत सुविधाएं प्रदान किए जाने का मुद्दा सदन में उठाया है।
आशुतोष सिन्हाविधान परिषद सदस्य
विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा ने कहा कि पत्रकारों द्वारा सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं अराजक तत्वों के विरुद्ध खबरों को उजागर करने में उन्हें निरंतर धमकियां मिलती रहती हैं और उनके साथ मारपीट एवं अन्य कई दुर्घटनाएं भी होती हैं, जिससे कई कलमकार अपनी जान गवां चुके हैं।
इसके साथ ही उनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय होती है, जिसके कारण उन्हें अपना व परिजनों का गुजारा करने में भी काफ़ी असुविधाओं का सामना करना पड़ता है, इसलिए पत्रकारों की सुरक्षा हेतु पत्रकार सुरक्षा कानून को लागू करना अति आवश्यक है।
सपा एमएलसी ने कहा कि पत्रकारों का बीस लाख तक का कैशलैस इलाज, नए पत्रकारों को ₹10,000 एवं 20 वर्ष तक कार्य कर चुके वरिष्ठ पत्रकारों को ₹25,000 प्रति माह गुजारा भत्ता, एक करोड़ तक का जीवन बीमा, उन्हें अन्य योजना से लाभान्वित करना एवं आवास विकास व विकास प्राधिकरण के माध्यम से नो प्रॉफिट नो लॉस के आधार पर भवन/प्लॉट उपलब्ध कराया जाना जनहित में है।
हरदा (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के हरदा में पटाखा फैक्ट्री में मंगलवार सुबह ब्लास्ट के बाद आग लग गई। जानकारी के अनुसार 12 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। 50 से ज्यादा घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दुर्घटना पर संज्ञान लेकर उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। आग पर काबू पाने की कोशिशें जारी हैं।
मध्य प्रदेश के हरदा में मगरदा रोड स्थित बैरागढ़ रेहटा नामक जगह पर स्थित पटाखा फैक्ट्री में मंगलवार सुबह आग लग गई। इसके बाद भयानक विस्फोट होने लगे। ब्लास्ट इतने तेज थे कि आसपास की इमारतों को भी उन्होंने हिला दिया। कुछ इमारतों के गिरने की सूचना है। आग ने आसपास के घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। इससे कई लोगों के मारे जाने की सूचना है। पुष्टि अब तक नहीं हुई है। 100 के लगभग घायल बताए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरदा ब्लास्ट को लेकर आपात बैठक बुलाई। साथ ही मंत्री उदय प्रताप सिंह के साथ वरिष्ठ अधिकारियों को हरदा रवाना होने के निर्देश दिए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया है। फायर ब्रिगेड भी आग बुझाने के लिए पहुंच गई। ब्लास्ट होने का सिलसिला थम नहीं रहा, जिससे राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हो रहे हैं। एंबुलेंस से घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आग लगने के समय 30 से अधिक मजदूर फैक्ट्री में काम कर रहे थे। घायलों और मृतकों में बच्चों और महिलाओं के होने की भी आशंका व्यक्त की जा रही है।
बिजनौर। थाना हीमपुर दीपा पुलिस ने किसानों के खेत से गन्ना चुराने के आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 13.90 कुन्तल गन्ना बरामद भी हुआ। आरोपी पहले भी गन्ना चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। शातिर दिमाग ये आरोपी हर बार नए लड़कों को साथ रखता है।
पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन के निर्देशन में अपराध की रोकथाम व चोरी में संलिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना हीमपुर दीपा पुलिस को ये सफलता मिली।
बताया गया है कि एक दिन पूर्व थाना हीमपुर दीपा क्षेत्रांतर्गत ग्राम झाल निवासी ओमकार सिंह पुत्र राजपाल सिंह ने अपने व पड़ोसी मनोज कुमार के खेत से गन्ना चोरी होने की तहरीर पुलिस को दी थी। तहरीर के आधार पर थाना हीमपुर दीपा पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 379 में मु.अ.सं. 09/2024 दर्ज कर लिया था। पुलिस की विवेचनात्मक कार्यवाही के दौरान इस मामले में ग्राम झाल के बिट्टू पुत्र छोटन उर्फ सुल्ताना का नाम प्रकाश में आया।
निशानदेही पर बरामद किया 13.90 कुन्तल गन्ना
पुलिस के अनुसार मुखबिर की सूचना पर अभियुक्त बिट्टू को एक अवैध चाकू व गन्ना चोरी कर बिक्री से प्राप्त ₹ 1280 /- बरामद किए गए। वहीं उसकी निशानदेही पर प्राप्त रसीद के आधार पर 13.90 कुन्तल गन्ना कोल्हू से बरामद किया गया है। अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। बरामदगी के आधार पर अभियोग में आईपीसी की धारा 411 व 4/25 आर्म्स एक्ट की वृद्धि की गई है।
कई वारदातों को दे चुका है अंजाम
अभियुक्त ने पूछताछ पर बताया कि उसने करीब 8-10 दिन पहले ग्राम पीपलीजट से गन्ना चुराकर कोल्हू में 2,000 /- रुपए में बेच दिया था। इसके अलावा दो दिन पूर्व अपने गांव के ओमकार सिंह व ग्राम उलेढा के मनोज कुमार के खेत से गन्ना चोरी कर के सुभाष चन्द के कोल्हू पर बेच दिया था। गन्ना उठाने के लिए वह नए लड़कों को मजदूरी पर ले लेता है, जिससे यह मालूम न हो सके कि वह गन्ना किसके खेत से उठवा रहा है।
गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व पता –
बिट्टू पुत्र छोटन उर्फ सुल्ताना निवासी ग्राम झाल थाना हीमपुर दीपा जनपद बिजनौर
बरामदगी –
₹ 1280/- व 13.90 कुन्तल गन्ना
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम –
उपनिरीक्षक रणवीर सिंह व कांस्टेबल अजय कुमार थाना हीमपुर दीपा बिजनौर
मुठभेड़ में इनामी हिस्ट्रीशीटर समेत दो बदमाश गिरफ्तार
बिजनौर पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन के नेतृत्व में जनपद पुलिस नित नए आयाम स्थापित कर रही है। इसी कड़ी में आज नगीना देहात पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। इनमें से एक 25 हजार का इनामी हिस्ट्रीशीटर भी है। दोनों बदमाश उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड में भी वारदातों को अंजाम देते रहे हैं।
बिजनौर। नगीना देहात पुलिस ने सोमवार को 25 हजार रुपए के इनामी हिस्ट्रीशीटर शहजाद उर्फ मैगी तथा शहजाद को एक मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया है। घेराबंदी करने पर बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाश घायल हो गए। मुठभेड़ में हेड कांस्टेबल अमित कुमार को भी चोट आई। बदमाशों के पास से 315 बोर के दो अवैध तमंचे, चार जिंदा कारतूस, तीन खोके कारतूस, एक स्पलेंडर प्लस बाइक व जानवर काटने के उपकरण बरामद हुए हैं।
नगीना देहात थाना के प्रभारी निरीक्षक व मुठभेड़ करने वाली पुलिस टीम का नेतृत्व करने वाले इंस्पेक्टर हंबीर सिंह जादौन ने बताया कि सोमवार रात डेढ़ बजे वह टीम के साथ संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की चैकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर ग्राम टांडा माईदास के जंगल में पूर्वी गंग नहर पर बने डैम के पास स्प्लेंडर प्लस बाइक पर आ रहे दो व्यक्तियों को रोकने का प्रयास किया। फरार होने के चक्कर में बदमाशों ने बाइक को रेस लगा दी, जो रजवाहे पर बनी पुलिया से टकराकर गिर गई।
इसके बाद दोनों बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस पार्टी ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश के दाहिने व दूसरे बदमाश के बाएं पैर में गोली लगी। दोनों घायल बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया। अभियुक्त की गिरफ्तारी के दौरान मुख्य आरक्षी अमित कुमार के गिर जाने जाने के कारण हाथ व पैर में चोट आई है। मुख्य आरक्षी को उपचार हेतु सीएचसी नगीना ले जाया गया। वहीं गिरफ्तार अभियुक्तों को सीएचसी नगीना में प्राथमिक उपचार के बाद 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल बिजनौर में भर्ती कराया गया है। कोतवाल हंबीर सिंह जादौन ने बताया कि पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किए गए बदमाशों के खिलाफ सुसंगत अपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और न्यायालय में पेश किया जाएगा।
ये है पुलिस टीम ~ पुलिस टीम में एसआई श्रीपाल सिंह, मुख्य आरक्षी अमित कुमार, आरक्षी आशीष धामा, आरक्षी विनय कुमार, आरक्षी अमित कुमार, आरक्षी जितेंद्र कुमार शामिल रहे।
दोनों शातिरों पर दर्ज हैं 23 मुकदमे
अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राम अर्ज ने बताया कि नजीबाबाद थाना क्षेत्र के मोहल्ला जाफ्तागंज पठानपुरा निवासी शहजाद उर्फ मैगी पुत्र मोहसिन बेहद शातिर व खतरनाक अपराधी है। पुलिस अधीक्षक ने उस पर 25000 रुपए का इनाम घोषित किया हुआ है। इसके खिलाफ उत्तराखंड के पौढ़ी गढ़वाल जनपद की थाना कोतवाली कोटद्वार में गंभीर अपराधिक घटनाओं के 5 मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा यूपी के जनपद बिजनौर के नजीबाबाद व नगीना देहात थानों में 10 मुकदमे दर्ज हैं। दूसरे गिरफ्तार बदमाश के खिलाफ 8 मुकदमे दर्ज हैं। अभियुक्तों के कब्जे से 2 अवैध तमंचे 315 बोर मय तीन खोका व चार जिंदा कारतूस तथा एक बाइक स्पलेंडर प्लस, जिसमें जानवर काटने के उपकरण रखे थे, बरामद किए गए हैं।
एक बार चकमा देकर फरार हो चुका है मैगी
शहजाद उर्फ मैगी ने पूछताछ में बताया कि पुलिस ने पूर्व में भी उसे तीन अन्य साथियों गुलजार, सोनू बिहारी उर्फ इरफान और वाहिद उर्फ टल्ली के साथ लूट की योजना बनाते हुए पकड़ने का प्रयास किया था, लेकिन चकमा देकर फरार हो गया था।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई सूर्य ग्रहण की फर्जी सूचना
सूर्य ग्रहण को लेकर लोग फंसे असमंजस में
नई दिल्ली (एजेंसियां)। सोमवार 05 फरवरी वर्ष 2024 को सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse 2024) की सूचनाएं सोशल मीडिया पर वायरल होने से लोग संशय में हैं। असलियत में यह सूचना फर्जी है।
इस साल 08 अप्रैल, 2024 को लगने वाला सूर्य ग्रहण एक पूर्ण सूर्यग्रहण होगा जिसे खग्रास सूर्य ग्रहण भी कहते हैं। ये तब होता जब सूरज और पृथ्वी के बीच से चंद्रमा गुजरता है। ऐसा इसलिए होता है क्यों धरती सूरज का चक्कर लगाती है तो चंद्रमा पृथ्वी का चक्कर लगाता है।
… तो फिर कब?
विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बार साल का पहला सूर्य ग्रहण चैत्र अमावस्या के दिन लगेगा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण राहु और केतु के कारण लगता है जो कि अमावस्या के दिन ही होता है। दरअसल वर्ष 2024 में पहला सूर्य ग्रहण आठ अप्रैल को लगेगा। सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। यह अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा के कुछ इलाकों में नजर आएगा। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अनुसार सबसे पहले यह मेक्सिको के प्रशांत तट पर सुबह 11 बजकर 7 मिनट पर दिखेगा। इसका अधिकतम समय 4 मिनट 28 सेकंड का होगा। इसके बाद सूर्य का कुछ भाग धीरे-धीरे नजर आने लगेगा। चांद पूरी तरह से सूरज को ढंक लेगा, तो दिन में रात जैसा नजारा होगा। अमेरिका के 13 राज्यों में यह पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखेगा। इसके अलावा सूर्य ग्रहण दक्षिण-पश्चिम यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, पश्चिम एशिया, दक्षिणी अमेरिका, उत्तरी अमेरिका, प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर, उत्तरी ध्रुव, दक्षिणी ध्रुव, इंग्लैंड के उत्तर पश्चिम क्षेत्र और आयरलैंड में देखा जा सकेगा।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है, newsdaily24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
प्रथम दृष्टया पारिवारिक तनाव बताया जा रहा आत्महत्या का कारण
रिटायर्ड कानूनगो ने लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर की आत्महत्या
बिजनौर। धामपुर में रिटायर्ड कानूनगो ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या का कारण प्रथम दृष्टया पारिवारिक तनाव बताया जा रहा है। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। क्षेत्राधिकारी, धामपुर सर्वम सिंह ने भी घटनास्थल पर पहुंच कर मामले की जानकारी हासिल की और अधीनस्थ स्टाफ को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
सर्वम सिंह क्षेत्राधिकारी, धामपुर
जानकारी के अनुसार धामपुर थानांतर्गत स्योहारा चुंगी स्थित स्टेट बैंक कॉलोनी निवासी रिटायर्ड कानूनगो रतिराम सिंह ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
नगीना तहसील से बीते वर्ष सेवानिवृत्त हुए लगभग 61 वर्षीय कानूनगो रतिराम सिंह पुत्र दीवान सिंह अपने परिवार के साथ धामपुर की स्टेट बैंक कॉलोनी में निवास करते थे। उनके दो पुत्र और एक पुत्री है। मूलरूप से क्षेत्र के ग्राम पाडली मांडू निवासी रतिराम सिंह कई वर्षों तक धामपुर तहसील में लेखपाल के पद पर कार्यरत रहे। वर्ष 2001 में धामपुर की स्टेट बैंक कॉलोनी में अपना निजी मकान बना कर परिवार के साथ रहते थे। धामपुर से उनका स्थानांतरण नगीना तहसील के लिए हो गया था, जहां से वह पिछले वर्ष कानूनगो के पद से सेवानिवृत हुए थे।
रतिराम सिंह का फाइल फोटो
रतिराम सिंह की पत्नी विमला देवी के अनुसार गुजरात में नौकरी के दौरान दुर्घटना में उनके एक पुत्र उमेश कुमार का हाथ कट गया था। इसके बाद उमेश का अपनी पत्नी से तलाक हो गया था। तभी से उनके पति बहुत परेशान चल रह थे। वह शुगर तथा ब्लड प्रेशर के भी मरीज थे और रात में कभी भी जाग जाते थे। बीती रात लगभग एक बजे भी वह अचानक हड़बड़ा कर उठे और कहने लगे कि मेन गेट पर कोई है, शायद घर में चोर घुस आए हैं। उन्होंने पड़ोसियों से भी यह बात बताई, पुष्टि न होने पर वापस कमरे में जाकर सो गए, जहां उनकी पत्नी विमला देवी भी मौजूद थी। रविवार प्रातः लगभग 6:30 बजे रतिराम सिंह ने दूसरे कमरे में जाकर लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। परिजन उनको उपचार हेतु एंबुलेंस से मुरादाबाद ले जा रहे थे, रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही धामपुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक किशन अवतार भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर परिजनों से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है।
10 दिन में सर्वे करने आने वाली है हैदराबाद की कंसल्टेंट कंपनी
जल्दी ही शुरू होगा गोल चौराहा से रामादेवी तक एलिवेटेड रोड निर्माण
कानपुर (एजेंसी)। गोल चौराहा से रामादेवी तक 10.85 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड निर्माण के लिए चयनित हैदराबाद की कंसल्टेंट कंपनी 10 दिन के भीतर सर्वे करने आने वाली है। कंसल्टेंट कंपनी एलिवेटेड रोड संबंधित स्थानों का निरीक्षण कर निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर कर डीपीआर तैयार करेगी। शहर के बीच से निकल रही जीटी रोड पर अनवरगंज से मंधना तक 18 रेलवे क्रॉसिंग हैं। इस कारण लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ता है।
फाइल चित्र
शहर के बीचों-बीच जाम को खत्म करने के लिए पीडब्ल्यूडी एनएच (राष्ट्रीय राजमार्ग) ने गोल चौराहा से रामादेवी तक एलीवेटेड रोड बनाये जाने की योजना तैयार की थी। केंद्र सरकार ने केंद्रीय बजट 2022 के तहत एलिवेटेड सड़क के निर्माण के लिए 1000 करोड़ का बजट आवंटित किया था। सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसका शिलान्यास भी कर दिया था। जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने एलिवेटेड रोड के प्रस्ताव को वित्तीय वर्ष 2022-23 की कार्य योजना में शामिल करने के लिए पीडब्ल्यूडी मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा था। इसके बाद एलिवेटेड रोड की डीपीआर तैयार करने के लिए टेंडर प्रक्रिया की शुरूआत की गई। टेंडर प्रक्रिया में हैदराबाद की हेक्सा कंपनी को डीपीआर तैयार करने के लिए दिल्ली मुख्यालय से चयन किया गया था। फिलहाल दिल्ली मुख्यालय में कंपनी की एग्रीमेंट प्रक्रिया अंतिम चरण में है। एग्रीमेंट होते ही करीब 10 दिनों के भीतर कंपनी शहर आने वाली है। कंसल्टेंट टीम शहर में एलिवेटेड रोड गुजरने वाले स्थानों का सर्वेक्षण करेगी। कौन से स्थानों पर पर्याप्त जगह है और कहां जगह की आवश्यकता है, इसका निर्धारण किया जाएगा। साथ ही प्रभावित होने वाले जन सुविधाओं से जुड़े संसाधनों के स्थानांतरण के लिए संबंधित विभागों से शिफ्टिंग एस्टीमेट भी मांगेगी।
प्रतीकात्मक चित्र
कंसल्टेंट कंपनी के एग्रीमेंट की कार्रवाई लगभग अंतिम चरण में है। 10 दिन के भीतर कंसल्टेंट टीम के शहर आने की संभावना है। टीम के आते ही एलिवेटेड रोड के कार्य में तेजी लाई जाएगी। ~अरुण कुमार जयंत, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी (एनएच)
बिजनौर (एसएमसी)। जिले की पुलिस ने सर्विलांस सेल की मदद से लोगों का विश्वास जीतने में सफलता पाई है। सर्विलांस टीम ने महज जनवरी माह में 24 मोबाइल सेट खोज निकाले हैं। यह मोबाइल खो गए थे, या फिर चोरी हुए थे। इनकी शिकायत लगातार पुलिस महकमे को मिल रही थी। अब संबंधित लोगों को बुलाकर उनके मोबाइल फोन सौंपे जा रहे हैं। अपना खोया मोबाइल हासिल करने वाले खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन के निर्देशन में जनपद का सर्विलांस सेल उन लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है जो अपने फोन खो चुके हैं। सर्विलांस सेल ने जनवरी माह में 290000 रुपए कीमत के 24 मोबाइल बरामद किए हैं। पुलिस विभाग की ओर से संबंधित लोगों को सूचित कर उनके मोबाइल वापस किए जा रहे हैं।
एसपी सिटी संजीव वाजपेई ने बताया कि जिन लोगों के मोबाइल बरामद किए गए हैं उनमें राहुल गर्ग निवासी मौ० शान्ति नगर थाना कोतवाली शहर बिजनौर, टेकचन्द्र पुत्र प्यारे लाल निवासी मौ० श्यामली थाना नजीबाबाद, संदीप पुत्र नरेश कुमार निवासी ग्रा० चन्दपुरी थाना कोतवाली शहर बिजनौर, अफजाल पुत्र इरफान निवासी ग्रा० तरीकमपुर थाना कोतवाली शहर बिजनौर, अंकित शर्मा पुत्र विनीत कुमार नि० मौ० चौधरियान थाना को० शहर बिजनौर, बलवन्त सिंह पुत्र राम सिंह निवासी ग्रा० कादरपुर थाना को० शहर बिजनौर, शिव कुमार पुत्र अमरपाल निवासी कस्बा उझारी थाना व जनपद अमरोहा, नदीम अहमद पुत्र नसीम अहमद नि० बादशाहपुर थाना को० शहर बिजनौर, राजेन्द्र सिंह निवासी मौ० बुखारा थाना कोतवाली शहर बिजनौर, उदयराज पुत्र हरकेश निवासी मौ० शिवाजीनगर थाना को० शहर बिजनौर, पंकज पुत्र अमर सिंह निवासी ग्रा० विजय नगर थाना को० शहर बिजनौर, नीरज कुमार पुत्र राजेश कुमार निवासी ग्रा० साहुवाला थाना बढापुर,
रोहताश पुत्र प्रताप सिंह निवासी कस्बा व थाना नहटौर, राजकुमार निवासी वसुंधरा विहार कॉलोनी थाना को० शहर बिजनौर, आश मोहम्मद पुत्र मो० मतीन निवासी ग्रा० रहीमपुर थाना को० शहर बिजनौर, इल्मा पुत्री शारिक निवासी मौ० झण्डा कस्बा व थाना किरतपुर, साजिदा पत्नी आजम निवासी ग्रा० जन्दरपुर थाना कोतवाली शहर बिजनौर, गुलजार पुत्र अन्जार निवासी मौ० नौमी कस्बा व थाना बढापुर, अजय कुमार पुत्र कलवा सिंह निवासी ग्रा० बुखारा थाना को० शहर बिजनौर, रफीउल्ला पुत्र शफीक अहमद मौ० भुड्डी बसी थाना किरतपुर, अर्पित कुमार पुत्र मुनीश कुमार नि० ग्रा० फजलपुर थाना अफजलगढ, गौरव पुत्र रामलखन निवासी कस्बा व थाना अफजलगढ, आरक्षी 262 अंकुर कुमार रिजर्व पुलिस लाइन जनपद बिजनौर, राज तोमर निवासी आवास विकास कॉलोनी थाना कोतवाली शहर बिजनौर शामिल हैं। पुलिस विभाग की ओर से संबंधित लोगों को सूचित कर उनके मोबाइल वापस किए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर मिली शिकायत का 7 से 8 मिनट में रिस्पॉन्स देने की भी हिदायत
हर कॉल रिसीव कर जवाब दिया करें अफसर: डीजीपी
लखनऊ (पंचदेव यादव)। फोन कॉल रिसीव न करने वाले पुलिस अधिकारियों को प्रत्येक कॉल का जवाब देने के निर्देश यूपी पुलिस के नए मुखिया प्रशांत कुमार ने दिए हैं। इसी के साथ सोशल मीडिया पर मिलने वाली किसी भी प्रकार की शिकायत पर 7 से 8 मिनट में रिस्पॉन्स देने की भी हिदायत दी है।
उत्तर प्रदेश पुलिस के कार्यवाहक डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि लोकसभा चुनाव की प्रारंभिक तैयारी कर ली गई है। चुनाव के बाद 2025 में महाकुंभ के आयोजन को लेकर भी तैयारी चल रही है। साइबर क्राइम पर फोकस करते हुए इनहाउस ट्रेनिंग भी दी जा रही है। इसे लेकर 57 साइबर थाने बनाए गए हैं। हर जिले में एक स्पेशल साइबर थाना भी है और हर थाने में Cyber Help Desk बनाई गई है। उन्होंने बताया कि कि हमारी कोशिश है कि हर इंफॉर्मेशन पर नजर रख कर व्यक्ति तक मदद पहुंचाई जाए।
वाराणसी के मामले को लेकर कहा कि वहां कानून-व्यवस्था संबंधी कोई प्रॉब्लम नहीं है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। पर्याप्त मात्रा में पुलिस फोर्स मौजूद है। सीनियर अफसर खुद मॉनिटर कर रहे हैं। डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में operation conviction के तहत 25 हजार अभियुक्तों को सजा दिलाई गई है। आने वाले समय में Artificial Intelligence को डेली यूज में शामिल करने की योजना है। साथ ही डायल 112 में 3200 चार पहिया वाहन खरीदे जाएंगे।
डीजीपी के अनुसार यूपी एटीएस की कार्यक्षमता में वृद्धि का नतीजा है कि छिपकर काम करने वाले कई मॉड्यूल को पकड़ा गया। इसके अलावा ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत 10 लाख 49 हजार कैमरे लगाए गए हैं। इनसे घटनाओं के खुलासे में मदद मिल रही है। देश में महिला अपराध में सजा दिलाने में यूपी पहले नंबर पर है। एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, महिला अपराध में सजा दिलाने में यूपी नेशनल एवरेज से 180 फीसदी अधिक है।
प्रमुखता से उठाए छोटे उद्यमियों, किसानों और हाईकोर्ट बैंच जैसे मुद्दे
मौका था अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने का
संसद में पश्चिम यूपी की पैरवी करने में जुटे मलूक नागर
नई दिल्ली। छोटे उद्यमियों के हित की योजनाएं बनाने, पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना, किसानों के लिए रिसर्च इंस्टिट्यूट खोलने और ट्रेनिंग सेंटर मेरठ में खोलने जैसे ज्वलंत मुद्दों को बिजनौर लोकसभा क्षेत्र से सांसद मलूक नागर ने उठाया है।
बसपा सांसद मलूक नागर ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि संसद की 17वी लोकसभा के “अंतरिम बजट सत्र” पर दिनांक 02 फरवरी 2024 को संसद की कार्यवाही का पहला दिन था। उससे पहले महामहिम राष्ट्रपति का अभिभाषण हुआ, और दूसरे दिन बजट पेश हुआ यानी तीसरे दिन, कार्यवाही का पहला दिन था और अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने का मौका मिला। इस दौरान उन्होंने उक्त मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
स्मॉल स्केल इंडस्ट्री पर भी ध्यान दे सरकार
धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए सांसद श्री नागर ने कहा कि छोटे कारखाने, छोटी कंपनियां, स्मॉल स्केल इंडस्ट्री वाले लोगों पर सरकार और ज्यादा ध्यान दे। टैक्स में इन पर भी कुछ छूट, इंसेंटिव मिले तो बिल्कुल जमीनी स्तर से उठकर वह लोग तरक्की करेंगे, देश की तरक्की को आगे बढ़ाएंगे और देश की इकोनॉमी को मजबूत करेंगे।
मेरठ में हाईकोर्ट की बेंच की स्थापना
इसके अलावा कहा कि आज सबसे बड़ा प्रदेश, उत्तर प्रदेश है। वर्ष 1953 में चौधरी ब्रह्म प्रकाश जी दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री ने कहा, 1955 में जो बाबा अंबेडकर साहब ने एक रैली में कहा, 1989 में केसी त्यागी जी ने एक चिट्ठी लिखी और 2012 में कुमारी बहन मायावती जी ने प्रस्ताव पास करके भेजा कि यह बड़ा प्रदेश है। इसको चार हिस्सों में बांटा जाए। यहां के लोगों को अपने मुकदमों के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए पश्चिम उत्तर प्रदेश में और खासकर के मेरठ में हाईकोर्ट की बेंच की भी एक स्थापना की जाए तो बहुत अच्छा रहेगा।
किसानों के हित में रिसर्च इंस्टिट्यूट और ट्रेनिंग सेंटर
उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में और देश में बहुत-बहुत बड़ी इंडस्ट्री में रिसर्च इंस्टीट्यूट पर बहुत खर्चा होता है। रिसर्च का एक अलग डिवीजन होता है। किसान की फसल को हाईटेक तरीके से करने के लिए पश्चिम उत्तर प्रदेश में एक रिसर्च इंस्टिट्यूट खुले और खासतौर पर मेरठ में ट्रेनिंग सेंटर भी बनाया जाए, जिससे किसान बढ़िया तरीके से अपनी खेती कर सके।
कोटद्वार/बिजनौर। कोटद्वार के नजीबाबाद रोड स्थित एचडीएफसी बैंक के निकट अंबे कांप्लेक्स में चरक पैथोलॉजी लैब का शुभारंभ 04 फरवरी रविवार को होने जा रहा है।
यह जानकारी देते हुए लैब संचालक डॉ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि 04 फरवरी 2024 को प्रातः 11.00 बजे लैब का शुभारंभ जिला बार एसोसिएशन बिजनौर के अध्यक्ष एसके बबली एडवोकेट और कोटद्वार बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय पंत एडवोकेट संयुक्त रूप से करेंगे।
डॉ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि चरक पैथोलॉजी लैब कोटद्वार में खुलने से मरीजों को लाभ मिलेगा। यहां मुख्य रूप से एफएनएसी और हारमोन से संबंधित सभी जांचे होंगी। इनकी रिपोर्ट उसी दिन मरीज को उपलब्ध कराई जाएंगी। इन टेस्टों की रिपोर्ट के लिए मरीजों को एक दिन का इंतजार करना होता था, लेकिन चरक पैथोलॉजी लैब कोटद्वार में खुल जाने के बाद सभी टेस्टों की रिपोर्ट मरीज को उसी दिन उपलब्ध करा दी जाएगी। लैब में सभी प्रकार के शारीरिक रोगों जैसे, हार्ट, शुगर, थायराइड, हार्मोन, विटामिन, जोड़ों का दर्द, पेट रोग एवं संपूर्ण शरीर के बीमारियों की खून की जांच सुविधा उपलब्ध होगी।
गौरतलब है कि बिजनौर में रोडवेज के पास पिछले 25 वर्ष से संचालित चरक पैथोलॉजी लैब अपनी विश्वसनीयता बरकरार बनाए हुए है।
70-80 के दशक में बुलेट और घोड़े से चलने वाला आरोपी लल्लन पुराने लखनऊ में गब्बर सिंह नाम से रहा कुख्यात
गब्बर सिंह ने दिनदहाड़े तीन को उतारा मौत के घाट!
~By Panchdev Yadav
लखनऊ। मलिहाबाद के मोहम्मद नगर इलाके में शुक्रवार दोपहर जमीन की पैमाइश के दौरान पिता-पुत्र और महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। फायरिंग के दौरान गोली लगने से महिला का पति भी घायल हो गया। हत्या का आरोप मृतक महिला के सगे चाचा पर लगा है। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीम बनाई गई हैं।
मलिहाबाद के मोहम्मद नगर निवासी फरहीन (35) का सगे चाचा लल्लन से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।शुक्रवार को दोनों पक्ष जमीन की पैमाइश के लिए जुटे थे। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि काली थार कार पर सवार होकर पहुंचे लल्लन पक्ष के लोगों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग के दौरान गोली मुनीर (55), उनके बेटे हंजाल (16), फरहीन और उनके पति फरीद को लगी। अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग से दहशत फैल गई। गोली लगने से मुनीर, फरहीन और हंजाल की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी फरार हो गए।दिनदहाड़े ट्रिपल मर्डर की सूचना मिलते ही मौके पर डीसीपी पश्चिम राहुल राज सहित अन्य अधिकारी भी पहुंच गए। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल फरीद को इलाज के लिए ट्रामा सेंटर भर्ती कराया गया है। फिलहाल पुलिस के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और छानबीन की जा रही है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि 70-80 के दशक में बुलेट और घोड़े से चलने वाला आरोपी लल्लन पुराने लखनऊ में गब्बर सिंह नाम से कुख्यात रहा है। उस दौर में हिस्ट्रीशीटर लल्लन पर कई हत्याकांड को अंजाम देने के आरोप भी लगे। मलिहाबाद में ट्रिपल मर्डर को अंजाम देने के आरोपी लल्लन की उम्र मौजूदा समय करीब 70 वर्ष बताई जा रही है। आरोपी लल्लन के नेत्रहीन भाई सगीर की घर में ही संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से पूर्व में मौत हुई थी। इसका आरोप उसके बेटे पर लगा था।
मामूली बात पर पत्नी की हत्या तो वहीं दोस्तों ने जिगरी यार का सिर कुचल कर किया मर्डर
मेरठ में रिश्ते नातों को शर्मसार करने वाली दो ह्रदय विदारक घटनाएं
मेरठ। नाते रिश्तों को शर्मसार करने वाली दो ह्रदय विदारक घटनाएं पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ से सामने आई हैं। एक व्यक्ति ने मामूली सी बात पर अपनी पत्नी को मौत के घाट उतार डाला, तो वहीं दोस्तों ने अपने जिगरी यार का सिर कुचल कर हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया।
बताया गया है कि शास्त्री नगर एल ब्लाक के कमल अरोड़ा की शादी सत्रह साल पहले डिंपल से हुई थी। उनके पंद्रह और नौ साल के दो बेटे हैं। सुबह किसी बात पर कहासुनी के बाद कमल ने डिंपल का गला घोंट दिया। बाद में धारदार हथियार से काट भी डाला। इसके बाद कमल ने पत्नी के शव को कमरे में बंद कर दिया और दोनों बेटों को अपनी बहन बीना भाटिया के घर मोदीपुरम छोड़ कर चला गया। बहन के पूछने पर भी बिना कुछ नहीं बोला।
शक होने पर बहन ने अपने अन्य भाइयों से बात की और पूरा मामला बताया। उन्होंने खुद 12 बजे मौके पर पहुंच कर पुलिस को भी सूचना दी। पुलिस ने कमरे का दरवाजा खोला तो अंदर डिंपल अरोड़ा की लाश पड़ी हुई थी। बताया गया है कि कमल छह भाइयों में पांचवें नंबर का है और कोई काम धंधा नहीं करता। तीन मंजिला मकान किराये पर चढ़ा रखा है और खुद नीचे रहता है। इससे ही घर का खर्च चलता है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजने के साथ ही फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया। इंस्पेक्टर महेश राठौर के अनुसार महिला पर धारदार हथियार से भी वार किए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
दूसरा मामला शराब पीने के दौरान अपने ही दोस्त की हत्या का है। पुलिस के अनुसार जगन्नाथपुरी निवासी प्रवीण टेलर का काम करता था। परिजनों का आरोप है कि गुरुवार रात करीब 10 बजे प्रवीण को उसके तीन दोस्त घर से अपने साथ ले गए थे। शुक्रवार सुबह गरीब 11:30 बजे प्रवीण का शव ट्रांसपोर्ट नगर में खून से लथपथ पड़ा हुआ बरामद हुआ। शव के पास शराब की बोतल और नमकीन के पैकेट भी पड़े थे।
आरोप है कि गाली-गलौज के बाद साथियों ने ईंट से कुचलकर प्रवीण की हत्या कर दी। मामले की जानकारी मिलने पर टीपी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मृतक के दोस्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ ही हिरासत में पूछताछ शुरू कर दी है।
लखनऊ। ग्राहकों से अधिक से अधिक राजस्व वसूलने के लिए बिजली विभाग की टीम अब उपभोक्ताओं के घर घर जाकर चैकिंग करेगी। खासतौर पर लोगों के घर में लगे एसी का ब्यौरा जुटाया जाएगा। इस आधार पर जांच और फिर विद्युत भार बढ़ाने का काम कंपनियां करेंगी। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने यह प्रस्ताव किया है।
ग्रामीण क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा लाइन लॉस
मध्यांचल के निदेशक वाणिज्य योगेश कुमार ने निदेशक आईटी को पत्र भेजकर कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिना मीटर अथवा मीटर बाईपास कर एसी चलाने की प्रवृत्ति बढ़ी है। इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों में लाइन लॉस लगातार बढ़ रहा है। बिलिंग मास्टर में एसी लगे परिसरों का कोई फ्लैग नहीं होने से अधिकारियों को इन परिसरों के संबंध में कोई जानकारी नहीं हो पाती है। बिलिंग मास्टर में फ्लैग लगा होने पर खपत और स्वीकृत भार को जांचा जा सकता है। खपत अधिक पाए जाने पर लोड बढ़ाया जा सकेगा, जिससे फिक्स चार्ज के रूप में मिलने वाले राजस्व में वृद्धि होगी।
इंस्पेक्टर राज का विरोध करेगी उपभोक्ता परिषद
उपभोक्ताओं को परेशान करने के लिए बिजली कंपनियां इंस्पेक्टर राज की तरफ जाने की कोशिश कर रही हैं। इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। यह कहना है उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा का। उन्होंने कहा कि किसी उपभोक्ता के घर में चार एसी लगे हो सकते हैं। जरूरी नहीं है कि उपभोक्ता सभी एसी का उपभोग कर रहा हो। संभव है एक भी एसी न चल रहा हो। एडवांस तकनीकी के मीटर उपभोक्ता के परिसर में लगे हैं तो एसी चलने पर उसका भार अपने आप मीटर में रिकार्ड होगा। मध्यांचल के इस प्रस्ताव के आधार पर ही अन्य बिजली कंपनियां भी इस दिशा में आगे बढ़ेंगी। बिजली कंपनियां गरीब बिजली उपभोक्ताओं को निशाने पर ले रही हैं। पहले टैरिफ में एसी पर अलग चार्ज का प्रावधान था, उपभोक्ताओं का शोषण बढ़ने पर यह व्यवस्था समाप्त की गई। मीटर में जो भी भार या यूनिट रिकार्ड होगा उसी के आधार पर बिल की व्यवस्था दी गई है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत हुआ कार्यक्रम
गायत्री परिवार ने कराया 25 जोड़ों का विवाह
बिजनौर। नगर पालिका परिषद बिजनौर के ऐजाज अली हॉल प्रांगण में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत 25 जोड़ों का विवाह गायत्री परिवार बिजनौर द्वारा शांतिपूर्ण ढंग से पूर्ण रीति-रिवाज के साथ सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर पालिका अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा सिंह, सभासद, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक गोविन्द चौधरी, अवर अभियन्ता (सिविल) यशवंत कुमार, समस्त राजस्व निरीक्षक, शमीम अहमद, ऋषिपाल सिंह, अभिनव कुमार आदि समस्त अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। पालिका अध्यक्ष द्वारा नव दम्पत्तियों को प्रमाण पत्र वितरित करते हुए आशीर्वाद प्रदान किया गया।
अब खेल में भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे छात्र : अभिषेक चौरसिया
सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल में क्रिकेट अकादमी का उद्घाटन
लखनऊ। बुद्धेश्वर आदर्श विहार स्थित सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल में क्रिकेट अकादमी का उद्घाटन सोमवार को किया गया। मैनेजर श्रीमती शीला सिंह के द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर सिद्धार्थ अकादमी के कोच अभिषेक चौरसिया ने तारीफ करते हुए बताया कि स्कूल अभी तक शिक्षा के स्तर पर उच्च स्थान पर था। अब खेल में भी बेहतर प्रदर्शन छात्र करेंगे, जिससे वह अपने स्कूल का नाम प्रदेश स्तर पर व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी करेंगे। हाल ही में अभिषेक चौरसिया लखनऊ विश्वविद्यालय क्रिकेट टीम के सदस्य रहे। ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी पिछले वर्ष खेले कोच अभिषेक चौरसिया ने बताया क्रिकेट अकादमी खुलने से छात्रों को व प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा
अकादमी के शुभारंभ पर प्रिंसिपल श्रीमती रितु धमीजा व पत्रकार चंद्रभान यादव मौजूद रहे। उन्होंने खिलाड़ियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए सभी खिलाड़ियों को बधाई दी।
धामपुर शुगर मिल में बहुत धूमधाम से मनाया गया 75 वॉ गणतंत्र दिवस
सभी मिलकर भारत की सर्वश्रेष्ठ यूनिट के रूप में स्थापित करेंगे DSM
बिजनौर। धामपुर शुगर मिल परिसर में श्रमिकों, कर्मचारियों, किसानों, ट्रांसपोर्टर्स, यूनियन के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए गौरव गोयल एवं सुभाष पांडेय (यूनिट हेड) के द्वारा सभी को 75 वे गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं एवं बधाई दी गई। उन्होंने कहा कि सभी को मिलकर धामपुर शुगर मिल को भारत की सर्वश्रेष्ठ यूनिट के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए हर क्षेत्र में प्रबंधन के निर्देशानुसार कदम से कदम मिलाकर के एक टीम के रूप में काम करना है ताकि धामपुर चीनी मिल, डिस्टलरी, पावर एक्सपोर्ट, देसी मदिरा के उत्पादन में अधिकतम उत्पादन करके कीर्तिमान स्थापित कर सके।
उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रशस्ति पत्र, शील्ड तथा पुरस्कार
इस मौके पर उपस्थित श्रमिकों व कर्मचारियों ने यूनिट के प्रबंध निदेशक एवं अध्यक्ष को कंधे से कंधा मिलाकर के सहयोग देने का आश्वासन दिया। गणतंत्र दिवस के मौके पर लगभग 120 श्रमिकों, कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रशस्ति पत्र, शील्ड तथा पुरस्कार प्रदान किया गया।
शॉल उढा कर, माला पहना कर सम्मान
श्री रवि शंकर अग्रवाल, रामगंगा फॉर्म को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए 75 वर्ष पूरा करने के अवसर पर संयुक्त रूप में कुं0 गौरव गोयल एवं सुभाष पांडेय के द्वारा शॉल उढा करके तथा माला पहना कर के सम्मानित किया गया।
श्रीमती रश्मि रेखा को बेस्ट अकादमिक अचीवमेंट
पुष्प निकेतन स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती रश्मि रेखा को श्रीमती प्रियांजलि गोयल के द्वारा उनके बेस्ट अकादमिक अचीवमेंट, पुष्प निकेतन स्कूल को बिजनौर जिले में प्रथम स्थान लाने, बाल दिवस के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति महामहिम द्रौपदी मुर्मू से दो बच्चों के साथ मुलाकात करने तथा 20 दिसंबर 2023 को कनफेडरेशन आफ यूनियन यूनिवर्सिटीज के 20वे स्थापना दिवस पर एकेडमिक प्राइज और स्कूल के एग्जांपलरी एक्सीलेंसी के लिए प्रशस्ति पत्र पाने पर शील्ड देकर तथा शाल उढ़ा कर तथा माला पहनाकर सम्मानित किया गया ।
पुरस्कार तथा प्रशस्ति पत्र
पुरस्कार तथा प्रशस्ति पत्र पाने वालों में गन्ना विभाग के लाल बहादुर सिंह, ओम प्रकाश सिंह, पदम,आजेंद्र सिंह, धर्मेंद्र, योगेश, प्रोसेस विभाग के बेस्ट टीम अवार्ड के लिए उपेंद्र तोमर अनुज कुमार, एक शिफ्ट में सर्वाधिक चीनी उत्पादन करने के लिए कौशल चौहान, लवकुश राणा, अजीत उपाध्याय, इंजीनियरिंग विभाग के सबसे कम बगास पोल के लिए सुनील सिंह, सुरेश सिंह, संजीव, अंकित परविंदर, कम से कम समय में टिप्स को बदलने के लिए मोहम्मद ताहिर, भूपेंद्र, साजिद हुसैन तथा बिजली विभाग के दलबीर सिंह, लवकुश चौहान, सुरेंद्र सिंह, शुभम को सम्मानित किया गया। वहीं सभी क्रेन ऑपरेटर को भी सम्मानित किया गया।
केमिकल यूनिट के श्रमिकों कर्मचारियों को जितेश गुप्ता के द्वारा अरविंद, मूलचंद, इशरत जमाल, कपिल देव, अर्पण सैनी, पप्पू मलिक, राजीव गांधी, अधिकतम ट्रेनिंग के लिए संजय चौधरी, लेखा विभाग से अनिल कुमार शैलेंद्र शर्मा, सिविल विभाग के सुशील शर्मा हाउस कीपिंग टीम के राजेंद्र सुपरवाइजर, राजेश पप्पू, सिक्योरिटी विभाग के विकास सिंह गार्ड, गोदाम के रखरखाव के लिए मुनीश कुमार, अवधेश कुमार तथा सोहेल शर्मा एवं रवि प्रकाश आदि को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर धामपुर शुगर मिल के गन्ना महाप्रबंधक ओमवीर सिंह ने गन्ना विभाग से संबंधित योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम में श्रमिकों और कर्मचारियों के अलावा इंजीनियरिंग विभाग के डी.एस.रेड्डी, उपेंद्र तोमर, जितेश गुप्ता, मुकेश कश्यप लायक राम, विवेक सिंह यादव, विवेक तोमर, सतवीर सिंह, मनोज शुक्ला दिल्ली ऑफिस से अक्षत कपूर, पुलकित राणा, सुनील कुमार और व्यंकटेश, संजय त्यागी, उज्जवल सिंह, शरद गहलोत, राजेश कश्यप, विनीत, लव कुश कपिल, हारून खान, मनोज चौहान, विशेष शर्मा यूनियन की ओर से प्रीतम सिंह उत्तम सिंह, शिखर चंद, मोहम्मद शमीम, ओम प्रकाश सिंह धर्मेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।
गणतंत्र दिवस कार्यक्रम का संचालन कारखाना प्रबंधक विजय कुमार गुप्ता तथा पुरस्कार एवं सम्मान समारोह का संचालन टीपीएम कोऑर्डिनेटर तरुण राणा ने किया।
माहौल बिगड़ने से पहले पुलिस ने तीन को किया गिरफ्तार
“हम राम मंदिर तोड़ेंगे, फिर से बाबरी मस्जिद बनाएंगे”
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में राम मंदिर और धर्म विशेष पर युवक ने आपत्तिजनक बयानबाजी की। सोशल मीडिया पर युवक का वीडियो वायरल होने के बाद लोगों का गुस्सा भड़क उठा। विश्व हिंदू परिषद सहित कुछ हिंदू संगठनों की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी युवक और उसके साथ विवादित वीडियो शूट करने वाले दो और युवकों को भी गिरफ्तार कर लिया। तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में युवक राम मंदिर और धर्म विशेष पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहा है। वह कहता है- “हम राम मंदिर तोड़ेंगे और फिर से बाबरी मस्जिद बनाएंगे.” इसके साथ ही युवक ने और भी कई आपत्तिजनक बातें कहीं। वीडियो सामने आने के बाद लोग भड़क उठे। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आरोपी युवक को उसके दो साथियों सहित गिरफ्तार कर लिया।
फेसबुक पर धामपुर का युवक
मिली जानकारी के अनुसार 25 जनवरी को धामपुर के मोहल्ला नई सराय निवासी इरशाद अहमद ने अपनी फेसबुक आईडी पर एक वीडियो पोस्ट किया। उसमें वह राम मंदिर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हुए धर्म विशेष को गालियां देते जा रहा था। इसी के साथ वह अयोध्या में राम मंदिर तोड़ कर बाबरी मस्जिद बनाने की बात भी कह रहा था। वीडियो देख कर हिंदू संगठनों ने पुलिस को सूचना दी। माहौल बिगड़ने की संभावना को भांपते हुए पुलिस ने फेसबुक आईडी चलाने वाले आरोपी युवक इरशाद को तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए आरोपी इरशाद ने यह वीडियो अपने ही मोहल्ले के रहने वाले भूरे की छत पर बनाया और वीडियो बनाने में अजमल ने भी उसका साथ दिया। वीडियो बनाने के बाद ही उन्होंने फेसबुक आईडी पर पोस्ट किया। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर धारा 153 ए/295ए/505 (1) सी 502 व आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत मुकदमा भी दर्ज कर लिया है। ~सर्वम सिंह, सीओ धामपुर
राष्ट्रपति के हाथों दोनों अफसर 26 जनवरी को होंगे सम्मानित
DG प्रशांत कुमार और DIG मंजिल सैनी को Gallantry Award
UP के दो जांबाज पुलिस अफसरों को वीरता पुरस्कार
शौर्य और विशिष्ट सेवा के लिए दिए जाने वाले गैलेंट्री अवॉर्ड का एलान साल में दो बार किया जाता है। गणतंत्र दिवस यानि 26 जनवरी और दूसरा 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ये पुरस्कार दिए जाते हैं।
वीरता पदक प्राप्त करने वाले डीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार को इससे पहले तीन बार वीरता के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक प्राप्त हो चुका है, जो उन्हें क्रमश: 2020, 2021 व 2022 में दिया गया। डीजी प्रशांत कुमार व डीआईजी मंजिल सैनी को वर्ष 2017 में मेरठ में हुई एक साहसिक मुठभेड़ के मामले में वीरता पदक दिया गया है।
लखनऊ (एजेंसियां)। उत्तर प्रदेश के दो जांबाज IPS अफसरों को गणतंत्र दिवस के अवसर पर गैलेंट्री अवॉर्ड (Gallantry Award) से अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। इनमें एक अफसर डीजी प्रशांत कुमार और दूसरी हैं DIG मंजिल सैनी। राष्ट्रपति के हाथों वीरता पुरस्कार से यह दोनों अफसर 26 जनवरी को सम्मानित होंगे। गृह मंत्रालय की ओर से यह जानकारी मीडिया को दी गई है।
यूपी पुलिस के ‘सिंघम’ प्रशांत कुमार
प्रशांत कुमार
यूपी पुलिस में ‘सिंघम’ नाम से विख्यात बिहार में जन्मे प्रशांत कुमार 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उनके कार्यकाल में कुख्यात अपराधियों और माफियाओं का खात्मा हुआ। वहीं, वर्ष 2005 बैच की आईपीएस अफसर NSG की DIG मंजिल सैनी ने ग्रेजुएशन दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से ग्रेजुएशन किया है। पहले ही प्रयास में यूपीएससी एग्जाम क्रैक करने में कामयाब मंजिल सैनी लखनऊ और रामपुर में बतौर एसएसपी की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। लखनऊ के एसएसपी का पद संभालने वाली वो पहली महिला अफसर रहीं।
डॉक्टर को किडनैप कर मांगे गए थे 05 करोड़
मंजिल सैनी
जुलाई 2017 में दिल्ली स्थित प्रीत विहार के मेट्रो हार्ट एवं कैंसर हास्पिटल के डॉक्टर श्रीकांत गौड़ को किडनैप कर 05 करोड़ की फिरौती मांगी गई थी की। उस समय प्रशांत कुमार एडीजी जोन मेरठ और मंजिल सैनी SSP मेरठ थीं। दिनदहाड़े हुई इस किडनैपिंग की जानकारी दिल्ली पुलिस ने दी। दिल्ली पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर अपराधियों की लोकेशन ट्रेस की गई। तब मेरठ में कांवड़ मेला शिखर पर था। उस दौरान मुठभेड़ में डॉक्टर श्रीकांत को सकुशल बरामद करने के साथ ही फिरौती की मांग करने वाले चार अपहरणकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया गया था। उनके कब्जे से पिस्टल, राइफल, कारतूस आदि बरामद हुए।
पदक, मैडल, पुरस्कार और प्रशांत कुमार
प्रशांत कुमार का यह चौथा पदक है। उन्हें मुख्यमंत्री द्वारा पांच लाख के इनामी कुख्यात अपराधी उदयभान यादव को मुठभेड में मार गिराने पर 03 लाख का नकद इनाम मिल चुका है। उस दौरान एक पिस्टल के अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था। इसके अलावा उन्हें 03 नगद पुरस्कार के साथ-साथ अब तक कुल 109 कमंडेशन /प्रशस्ति पत्र उच्च स्तर से प्रदान किए गए हैं।
15 कुंतल प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त, जुर्माना वसूला ₹ 25 हजार
गाजियाबाद। प्लास्टिक मुक्त अभियान अंतर्गत गाजियाबाद नगर निगम ने सनराइज पैकिंग फैक्ट्री स्टील कंपाउंड साहिबाबाद से 15 कुंतल प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त की है।टीम ने मौके से 25 हजार रुपए का जुर्माना वसूला। जांच में प्लास्टिक 50 माइक्रोन से भी नीचे की पाई गई।
गाजियाबाद नगर निगम का प्लास्टिक मुक्त अभियान बुधवार को वसुंधरा जोन में चला। स्वास्थ्य विभाग, ईटीएफ टीम, वसुंधरा जोन की टीम तथा पॉल्यूशन बोर्ड की टीम ने मिलकर संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित प्लास्टिक को जब्त किया। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के लैब असिस्टेंट मदन गोपाल द्वारा जांच करने पर पता हुआ कि प्लास्टिक 50 माइक्रोन से भी नीचे है। कार्रवाई करते हुए जोनल प्रभारी एसके राय द्वारा जुर्माना भी वसूला गया। साथ ही आगे से प्रतिबंधित प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने की हिदायत भी दी गई। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग से हिमांशु भारद्वाज तथा दीपक शरण प्रवर्तन दल प्रभारी भी उपस्थित रहे। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि शहर को शत प्रतिशत प्लास्टिक मुक्त करने की मंशा से गाजियाबाद नगर निगम प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ अभियान चला रहा है। रोस्टर के अनुसार पांचों जोन में जोनल प्रभारी वृहद स्तर पर कार्यवाही कर रहे हैं। इसकी रोज मॉनिटरिंग की जा रही है। कई जगह व्यापारियों ने भी इस अभियान में सहयोग दिया है।
दोनों दांत बताए जा रहे सुरक्षित, मौके पर ही किया गया पोस्टमार्टम
साहुवाला वन रेंज में हाथी का शव मिलने से अधिकारियों में मचा हड़कंप
~शाहिद रजा खान, बढ़ापुर
बिजनौर। वन विभाग की साहुवाला रेंज के आरक्षित वन क्षेत्र में एक नर हाथी का शव मिलने से वन अधिकारियों में हड़कंप मच गया। हाथी के दोनों दांत सुरक्षित बताए जा रहे हैं। सूचना मिलने पर वन विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पशु चिकित्सकों के पैनल ने मौके पर पहुंच कर हाथी के शव का पोस्टमार्टम किया। प्रथम दृष्टया हाथी की मौत का कारण दम घुटना बताया गया है।
नजीबाबाद डिवीजन की बढ़ापुर एवं साहुवाला रेंज में हाथियों की मौत का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला साहुवाला वन रेंज का है। रेंजर आरपी ध्यानी को मंगलवार रात रेंज के कक्ष संख्या 11 शाहनगर कुराली बीट में एक हाथी का शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई। इस पर वह टीम सहित मौके पर पहुंचे। हाथी का शव एक गड्ढे में मुंह के बल पड़ा था, शव का पिछला भाग यानी केवल दोनों पैर ही दिखाई दे रहे थे। हाथी का शव मिलने की सूचना उच्च अधिकारियों को दी गयी। सूचना मिलने पर बुधवार को वन संरक्षक मुरादाबाद रमेश चंद्र, मुख्य वन संरक्षक वी प्रभाकर, डीएफओ नजीबाबाद आशुतोष पांडे, एसडीओ राजीव सिंह व बढ़ापुर वन रेंज के रेंजर जितेंद्र यादव मौके पर पहुंचे। एसडीओ राजीव सिंह बताते हैं कि साहू वाला वन रेंज की शाहनगर कुराली बीट में एक गड्ढे के भीतर मुंह के बल गिरे हाथी का शव फंसा हुआ मिला। हाथी के शव को जेसीबी की मदद से काफी मशक्कत के बाद गड्ढे से बाहर निकाला गया तत्पश्चात देखा गया कि मृत हाथी नर है।
उसके दोनों दांत सुरक्षित होने का दावा करते हुए एसडीओ राजीव सिंह ने बताया कि शायद पैर फिसलने के कारण हाथी मुंह के बल गड्ढे में गिर गया और फिर बाहर न निकल पाने के कारण दम घुटने से उसकी मौत हुई है। पशु चिकित्सक डॉ कौशल किशोर बढ़ापुर, डॉक्टर अंकित चौहान नांगल सोती व डॉक्टर एसपी सिंह कासमपुर गढ़ी के पैनल ने मौके पर पहुंच कर हाथी के शव का पोस्टमार्टम किया। पशु चिकित्सकों के पैनल ने बिसरा सुरक्षित रखते हुए प्रथम दृष्टया माना कि दम घुटने के कारण हाथी की मौत हुई है। साहुवाला वन रेंज के रेंजर आरपी ध्यानी ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद जेसीबी से खड्डा खुदवा कर मृत हाथी के शव को वहीं दबा दिया गया है।
परेड का फुल ड्रेस रिहर्सल, एसपी ने किया निरीक्षण, तैयारियों का जायजा
गणतंत्र दिवस को भव्यतम रूप से मनाने की तैयारियां
बिजनौर। गणतंत्र दिवस को भव्यतम रूप से मनाने की तैयारियां पुलिस लाइन परेड ग्राउण्ड में जोरशोर से चल रही हैं।
पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने पुलिस लाइन परेड ग्राउण्ड में आगामी गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाली परेड का फुल ड्रेस रिहर्सल का निरीक्षण करने के साथ ही तैयारियों का जायजा लिया।
उन्होंने परेड को और अधिक भव्य एवं आकर्षक बनाने हेतु संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक नगर/ग्रामीण व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
~स्वामी अंश चैतन्य जी महाराज, राष्ट्रीय अध्यक्ष संस्थापक एवं संचालक हिन्दू युवा सेना एवं माँ आदिशक्ति कमाख्या शक्ति पीठ, विदुर कुटी बिजनौर उत्तर प्रदेश
🪷🛕 कुछ. खास. अनुरोध.
🚩🛕🪔आप सभी से निवेदन है कि 22 जनवरी का कोई भी समाचार पत्र, जो आपके घर आया हो तो उसे संभाल कर रख दें क्योंकि वह अंक भगवान श्री राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का है। उसमें हमारे राजा राम हैं। उस अखबार को कचरे में न जाने दें। आने वाली पीढ़ी के लिए ये अखबार इतिहास का हिस्सा है और हमारे लिए भी। जब भी श्रीराम मंदिर का जिक्र होगा, ये अखबार गवाह होगा। इसको संभाल कर रखें। साथ ही ये पोस्ट आगे से आगे भेजें, ताकि लोग अखबार को संभाल कर रखें।👏
हिन्दू युवा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष संस्थापक एवं संचालक, माँ आदिशक्ति कमाख्या शक्ति पीठ, बिजनौर स्वामी अंश चैतन्य महाराज ने उक्त निवेदन करते हुए कहा कि अब हिंदुस्तान में खुशहाली की बहार आई है। इसी के साथ कहा कि माँ आदिशक्ति की अष्टधातु मूर्ति की स्थापना एवं संत सम्मेलन कार्यक्रम 05 से 14 फरवरी 2024 को महात्मा विदुर कुटी बिजनौर उत्तर प्रदेश में आयोजित किया जा रहा है।
स्वामी जी ने सभी को परिवार सहित सादर निमंत्रण देते हुए अनुरोध किया कि आप अपने सभी मित्रों, परिवार आदि को व्हाट्सएप, सोशल मीडिया के साथ निमंत्रण भेज करके कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएं। माता रानी की सेवा में यदि आप कुछ दान पुण्य करना चाहते हैं तो बारकोड अकाउंट नंबर उसमें अंकित है। आप सहयोग भेज सकते हैं।
हर लोकसभा, विधानसभा और ब्लॉक मंडल से भक्तों को ले जाने की योजना
एक हजार रुपए में अयोध्या आने-जाने, रहने-खाने और दर्शन की सुविधा
लखनऊ। अयोध्या में भगवान राम के नए मंदिर के उद्घाटन और प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहले ही दिन लाखों लोगों की भीड़ भगवान राम के दर्शन पाने के लिए पहुंची। भक्तों की इसी भावना को देखते हुए उन्हें केवल एक हजार रुपए में अयोध्या आने-जाने, रहने-खाने और दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यह योजना बनाई है भारतीय जनता पार्टी ने।
सभी सांसदों, विधायकों, मंत्रियों और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों को निर्देश
बताया गया है कि भाजपा ने अपने सभी सांसदों, विधायकों, मंत्रियों और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र से भगवान राम के दर्शन के इच्छुक सभी लोगों को अयोध्या ले जाने की व्यवस्था करें। दरअसल 23 जनवरी से शुरू यह योजना 25 मार्च तक चलेगी। पूरे देश के हर लोकसभा क्षेत्र, हर विधानसभा क्षेत्र और हर ब्लॉक स्तरीय मंडल से लोगों को अयोध्या ले जाने की तैयारी है। अनुमान है कि इस योजना के के साथ साथ अपने स्तर पर लगभग एक करोड़ राम भक्त 25 मार्च तक रामलाल के दर्शन करेंगे। उत्तर प्रदेश भाजपा और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं को इस बीच लोगों को अयोध्या में प्रशासनिक सुविधाओं में सहयोग करने का निर्देश दिया गया है।
की जाएगी अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था
भारतीय जनता पार्टी के सूत्रों के अनुसार दिल्ली के सभी सात लोकसभा क्षेत्रों से अयोध्या के लिए सात ट्रेनें ले जाई जा रही हैं। यदि भक्तों की संख्या ज्यादा होगी, तो इसके लिए अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था की जाएगी। बिहार से 29 जनवरी से ट्रेनें चलनी शुरू हो जाएंगी और यह 25 मार्च तक चलती रहेंगी। इसी प्रकार पूरे देश के सभी राज्यों से राम भक्तों को अयोध्या ले जाकर उन्हें दर्शन कराने की तैयारी है। दूसरी ओर विश्व हिंदू परिषद अपने स्तर पर लगभग 5000 कार्यकर्ताओं को अयोध्या ले जाकर भगवान राम के दर्शन करने की योजना बना रहा है।
शेष खर्च देंगे पार्टी नेता या सांसद-विधायक
बताया जा रहा है कि ₹ 01 हजार की धनराशि निर्धारित करने का उद्देश्य ये है कि केवल गंभीर लोग ही भगवान राम के दर्शनों के लिए इस योजना का लाभ उठाएं। दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के सुदूर राज्यों से अयोध्या तक आने में ही कई हजार रुपए खर्च हो जाते हैं। इस यात्रा पर आने वाला शेष खर्च पार्टी नेता या सांसद-विधायकों के द्वारा वहन किया जाएगा। माना जा रहा है कि भाजपा की इस योजना का उद्देश्य लोकसभा चुनाव 2024 के अंतर्गत एक लहर बनाना भी है।
बिजनौर। जिला मुख्यालय बिजनौर से सटे सिरधनी रोड पर देर शाम गुलदार का एक जोड़ा चहलकदमी करते देखे जाने का दावा किया गया है। अपने खेतों से काम कर घर लौट रहे कुछ लोगों ने गुलदार को देखकर शोर मचाया। इस पर गुलदार गन्ने के खेत में घुस गए। घनी आबादी के आसपास गुलदार का जोड़ा देखे जाने से लोगों में खौफ का माहौल है।
जिला मुख्यालय बिजनौर के चान्दपुर की चुंगी से कुछ दूरी पर ही सिरधनी रोड है। शुरुआत में घनी शहरी आबादी है, लेकिन नहर के आसपास के क्षेत्र में बनी कॉलोनियों में थोड़ी दूर दूर पर घर हैं। वहीं नहर के पास गुलदार का जोड़ा देखा गया। शादाब नामक चश्मदीद युवक के अनुसार रविवार देर शाम जब वो काम से जा रहा था तो नहर के पास एक गुलदार घूमता हुआ दिखा। शादाब ने जब गौर से देखा तो उसके कुछ दूरी पर एक और गुलदार था। वहां से गुजर रहे कुछ लोगों को शादाब ने रोका और शोर मचाया तो दोनों गुलदार खेत में भाग गए। चिंता का ये विषय है कि अब तक गुलदार ग्रामीण क्षेत्रों में ही आतंक का पर्याय बना हुआ था, लेकिन इस घटना के बाद शहरी क्षेत्र में भी गुलदार की दस्तक से लोगों में खौफ का माहौल है।
दूसरी ओर स्योहारा क्षेत्र अंतर्गत गांव पालनपुर के एक खेत में गुलदार का शव बरामद हुआ जबकि जट नगला की पुलिया पर बाइक सवार गुलदार के हमले में बाल बाल बचा।
खेत में मिला गुलदार का शव
स्योहारा क्षेत्र के ग्राम पालनपुर के एक खेत में गुलदार का शव पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मंगलवार सुबह ग्रामीणों को बलवीर सिंह के खेत में गुलदार का शव पड़ा दिखाई दिया। ग्राम प्रधान की सूचना पर वन विभाग के एसडीओ अंशुमन मित्तल, रेंजर गोविंद राम गंगवार, वन दरोगा विजय भारत मौके पर पहुंचे और जांच की। एसडीओ ने बताया कि मृत नर गुलदार की उम्र लगभग 3 वर्ष है।
बाइक सवार पर गुलदार का हमला
स्योहारा क्षेत्र के ग्राम गल्ला खेड़ी निवासी आरएसपी इंटर कॉलेज में लैब असिस्टेंट हैं। मंगलवार शाम 04 बजे रोहतास कॉलेज से बाइक द्वारा गांव आ रहा था। जट नगला की पुलिया के पास गुलदार ने उसकी बाइक पर हमला कर दिया। उसने बाइक तेज रफ्तार से दौड़ा कर अपनी जान बचाई।
स्टेज पर जीवंत अभिनय देख कोई भी न लगा सका हादसे का अंदाजा
भिवानी में घटी दु:खद घटना: अयोध्या में श्री राम मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में आयोजित रामलीला में हनुमान बने कलाकार ने त्यागे प्राण, श्री राम का गुणगान करते हुए हनुमान परलोक सिधार गए, राम उनको उठाते रह गए। डॉक्टरों के मुताबिक कलाकार को हार्ट अटैक से हुई मौत।
हनुमान बने कलाकार ने प्रभु राम के चरणों में त्यागे प्राण
हरियाणा। भिवानी में रामलीला के मंचन के दौरान हनुमान का रोल निभा रहे कलाकार की हृदयाघात से मौत हो गई। स्टेज पर मौजूद लोगों में से कोई भी कलाकार का जीवंत अभिनय देख हादसे का अंदाजा नहीं लगा सका। जब काफी देर तक उठाने पर भी वे न उठे तो हिला डुला कर देखा गया और आनन फानन में अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अयोध्या में भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले देश भर में कई आयोजन शुरू हो गए थे, कई जगह रामलीला का आयोजन किया जा रहा था। हरियाणा के भिवानी में रामलीला मंचन के दौरान हनुमान का रोल निभा रहे कलाकार हरीश मेहता को राम के चरणों में प्रणाम करते हुए दिखाया जा रहा था। इसी दौरान हरीश मेहता वंदन करने अपने राम के चरणों में झुके। फिर उठाने की लाख कोशिशों के बावजूद न उठे। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत से पूरे शहर में शोक व्याप्त हो गया। रामलीला समिति ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।
बिजली विभाग में जेई के पद से हुए थे सेवानिवृत्त
हरीश मेहता भिवानी के मेसी कॉलोनी के रहने वाले थे। उनकी उम्र 55 साल थी। वह हरियाणा बिजली निगम भिवानी (HVPNL) से जूनियर इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त थे, और पिछले 25 वर्षों से भिवानी रामलीला में हनुमान का रोल अदा कर रहे थे। वह एक अनुभवी कलाकार थे और उन्होंने कई फिल्मों और टीवी शो में भी काम किया था।
उठो हनुमान, कहते रहे श्री राम…
बताया जा रहा है कि स्टेज पर मौजूद लोगों में से कोई भी कलाकार का जीवंत अभिनय देख हादसे का अंदाजा नहीं लगा सका। श्री राम बने कलाकार काफी देर तक उठो हनुमान कहते रहे। तालियों की गड़गड़ाहट होती रही और वो न उठे। इसके बाद अन्य लोगों के उठाने पर भी वे न उठे तो हिला डुला कर देखा गया और आनन फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
24 घंटे के आठों पहर में होगी रामलला की अष्टयाम सेवा
आरती में शामिल होने के लिए जारी होंगे पास
रोजाना छह बार होगी रामलला की आरती
अयोध्या (एजेंसियां)। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को पीला, शुक्रवार को क्रीम, शनिवार के बाद अब उनकी पूजा और आरती में भी बदलाव होने जा रहा है। पूरी पद्धति को व्यवस्थित किया गया है। अब रामलला की 24 घंटे के आठों पहर में अष्टयाम सेवा होगी। इसके अलावा रामलला की छह बार आरती होगी। आरती में शामिल होने के लिए पास जारी होंगे। अब तक रामलला विराजमान की दो आरती होती थीं।
रामलला के पुजारियों के प्रशिक्षक आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण ने कहा, अब रामलला की मंगला, श्रृंगार, भोग, उत्थापन, संध्या व शयन आरती होंगी। संभव है उत्थापन आरती पुजारी खुद कर लें और फिर दर्शन के लिए पर्दा खोलें। इसे लेकर ट्रस्ट ही घोषणा करेगा। उत्थापन आरती में उतरेगी नजर, मंगला आरती भगवान को जगाने होती है। श्रृंगार आरती में उन्हें सजाया जाता है। भोग आरती में पूड़ी-सब्जी-खीर का भोग लगाया जाता है। उत्थापन आरती रामलला की नजर उतारने के लिए की जाती है। सांध्या आरती शाम के वक्त होती है और फिर भगवान को सुलाने से पहले शयन आरती। दोपहर में रामलला को पूड़ी-सब्जी, रबड़ी खीर के भोग के अलावा हर घंटे दूध, फल व पेड़े का भी भोग लगेगा। रामलला सोमवार को सफेद, मंगलवार को लाल, बुधवार को हरा, बृहस्पतिवार को नीला व रविवार को गुलाबी रंग वस्त्र पहनेंगे। विशेष दिनों में वे पीले वस्त्र धारण करेंगे।
सुबह छह बजे से दर्शन
नए मंदिर में सुबह 3:30 से 4:00 बजे पुजारी मंत्र से रामलला को जगाएंगे, फिर मंगला आरती होगी। 5:30 बजे श्रृंगार आरती व 6 बजे से दर्शन शुरू होंगे। दोपहर में मध्याह्न भोग आरती होगी। फिर उत्थापन, संध्या आरती व भगवान को सुलाते वक्त शयन आरती होगी। यह पहला मौका होगा जब रामलला की भोग-सेवा सभी मानक पद्धतियों से होगी। 40 दिन तक रोज रामलला का शेष अभिषेक होगा। पूरे 60 दिन तक कलाकार स्वरांजलि देंगे।
नोएडा। लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर सभी दलों की तैयारियां तेज हो गई हैं। खास तौर से सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के नेता सबसे ज्यादा सक्रिय हैं। इस बार बीजेपी का उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक फोकस पश्चिमी यूपी में है। इसे लेकर बीजेपी ने पश्चिम उत्तर प्रदेश के लोकसभा प्रभारी एवं लोकसभा संयोजक की घोषणा कर दी। इस सूची में 14 लोकसभा प्रभारी और 14 लोकसभा संयोजक बनाए गए हैं। इनमें पूर्व मंत्री और विधायक नवाब सिंह नागर को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। नवाब सिंह नागर को सहारनपुर का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, अनिल सिसोदिया को गौतमबुद्ध नगर का प्रभारी बनाया गया है।
पश्चिमी यूपी बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती यूपी में बीजेपी के लिए पश्चिमी यूपी एक बड़ी चुनौती के तौर पर रहा है। यहां समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल और बहुजन समाज पार्टी समेत कांग्रेस सक्रिय रहते हैं। इसके अलावा कई सीटों पर इन दलों का वोटबैंक मजबूत है। ऐसे में बीजेपी इसी क्षेत्र से प्रचार की शुरुआत करती है ताकि विपक्ष को यहां पटखनी दी जा सके। इसलिए इस बार बीजेपी का उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक फोकस पश्चिमी यूपी में है। पिछले लोक सभा चुनाव में बीजेपी ने यूपी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सबसे पहली रैली मेरठ में की थी। इस बार प्लान था कि पीएम की पहली रैली अलीगढ़ में हो, हालांकि अब ऐसा नहीं होगा। प्रस्ताव दिया गया कि पीएम की रैली बुलंदशहर में कराई जाए। रैली की तैयारी के लिए 12 मंत्रियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। माना जा रहा है कि पीएम मोदी ने एक बार फिर यूपी की कमान अपने हाथ में ले ली है। इसे ध्यान में रखते हुए रविवार सुबह बीजेपी ने पश्चिम उत्तर प्रदेश के नवनियुक्त लोकसभा प्रभारी एवं लोकसभा संयोजक की घोषणा कर दी।
इन्हें दी गई लोक सभा प्रभारी की जिम्मेदारी
गाजियाबाद लोकसभा का संयोजक अजय शर्मा, बुलंदशहर का संयोजक देवेंद्र लोधी, गौतमबुद्ध नगर का प्रणीत भाटी, रामपुर का सुरेश गंगवार, मेरठ कमल दत्त शर्मा, बागपत जीतेन्द्र सतवाई, मुजफ्फरनगर देवव्रत त्यागी, कैराना प्रमोद सैनी अट्टा, मुरादाबाद विशेष गुप्ता, संभल पंकज गुप्ता, अमरोहा बृजेश चौधरी, नगीना महेंद्र धनौरिया, सहारनपुर बिजेंद्र कश्यप और कमलेश सैनी को बिजनौर का संयोजक बनाया गया है।
इन्हें बनाया गया लोक सभा संयोजक
गौतमबुद्ध नगर का प्रभारी अनिल सिसोदिया को बनाया गया है। मुजफ्फरनगर के प्रभारी की जिम्मेदारी नीरज शर्मा को दी गई। कैराना लोकसभा प्रभारी मनोज सिवाच को बनाया गया। मुरादाबाद लोकसभा प्रभारी अशोक पाल को बनाया गया है। संभल लोकसभा की जिम्मेदारी राकेश सिंह को दी गई है। अमरोहा लोकसभा प्रभारी राजीव सिसोदिया को नियुक्त किया गया। नगीना लोकसभा का प्रभारी गोपाल अंजान को बनाया गया है। सहारनपुर का लोकसभा प्रभारी नवाब सिंह नागर को बनाया गया है। बिजनौर की जिम्मेदारी सुनील भराला को दी गई है। रामपुर लोकसभा की जिम्मेदारी हरि सिंह ढिल्लो को सौंपी गई है। गाजियाबाद लोकसभा सीट का प्रभारी विजय शुक्ला को बनाया है। बुलंदशहर का लोकसभा प्रभारी की जिम्मेदारी जयपाल सिंह को दी गई है।
सोशल मीडिया पर थानेदार के घटिया कमेंट पर हुई कार्रवाई
सीएम का औचक निरीक्षण, SP ने बंधवा दिए थानेदार के बोरिया बिस्तर, सस्पेंड कर भेजा घर
सीएम भजनलाल शर्मा के थाने के औचक निरीक्षण पर भीलवाड़ा के प्रताप नगर थानाधिकारी महावीर प्रसाद मीणा की ओर से सोशल मीडिया में की गई अमर्यादित टिप्पणी उनको भारी पड़ गई. भीलवाड़ा एसपी श्याम सिंह ने थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।
पुलिस इंस्पेक्टर महावीर प्रसाद मीणा
जयपुर। सीएम भजनलाल शर्मा के थाने के औचक निरीक्षण को लेकर सोशल मीडिया पर टिप्पणी करना भीलवाड़ा के प्रतापनगर थानाधिकारी महावीर प्रसाद मीणा को भारी पड़ गया. पुलिस अधीक्षक श्याम सिंह ने थाना प्रभारी की इस टिप्पणी को अमर्यादित मानते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. मामले की जांच भीलवाड़ा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है. थानाधिकारी की अमर्यादित टिप्पणी सामने आते ही वह वह सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी.
दरअसल सीएम भजनलाल शर्मा ने तीन दिन पहले राजधानी जयपुर के सदर थाने का आधी रात को औचक निरीक्षण किया था. सीएम शर्मा बिना किसी लाव लश्कर के शहर के हालात जानने के लिए आधी रात को जयपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे. उसके बाद वे वहां पास ही में स्थित सदर थाने पहुंच गए. वहां उन्होंने थाना स्टाफ से बातचीत की और गश्त आदि के बारे में पूछा.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने थाने में रखे रजिस्टर्स देखे और रोजनामचे के बारे में भी जानकारी ली. सीएम के आधी रात को अचानक थाने पहुंचने की खबर मिलते ही कई आलाधिकारी भी वहां दौड़े. सीएम शर्मा इस दौरान रैन बेसरे में भी गए और वहां के हालात देखे. उन्होंने वहां कंबल वितरण भी किया. सीएम शर्मा का थाने का औचक दौरा सोशल मीडिया में भी काफी चर्चा में रहा.
पुलिस महकमे में मचा हड़कंप सीएम के इस औचक निरीक्षक को लेकर भीलवाड़ा के प्रताप नगर थाना प्रभारी महावीर प्रसाद मीणा ने सोशल मीडिया में एक टिप्पणी कर दी, जो टिप्पणी वायरल हो गई. पुलिस के आलाधिकारियों के सामने यह टिप्पणी आते ही हड़कंप मच गया. इस पर पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से थाना प्रभारी मीणा को सस्पेंड कर दिया.
एसपी ने पुलिसकर्मियों को दी सख्त हिदायत इसके साथ ही एसपी ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अनुशासनहीनता के मामलों को लेकर आगे भी जीरो टॉलरेंस रहेगी. कोई भी पुलिसकर्मी ऐसी कोई टिप्पणी करता है, जिससे विभाग की छवि धूमिल होती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
अंतरिक्ष से भव्य राम मंदिर की पहली झलक जारी हुई हैं।भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने स्वदेशी उपग्रहों का उपयोग करके ये जारी की हैं. इनमें 2.7 एकड़ में फैला राम मंदिर (Ram Mandir), दशरथ महल और सरयू नदी साफ नजर आ रही है. नव पुनर्निर्मित अयोध्या रेलवे स्टेशन भी इसमें दिखाई दे रहा है. भारतीय रिमोट सेंसिंग सीरीज (Indian Remote Sensing series) के सैटेलाइट के जरिए राम मंदिर की ये तस्वीरें ली गई है. अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर की ये तस्वीरें पिछले साल 16 दिसंबर को ली गई थीं. इसके बाद कोहरे के कारण तस्वीरें नहीं ली जा सकीं।
वर्तमान में भारत के अंतरिक्ष में 50 से अधिक उपग्रह हैं. उनमें से कुछ का रिज़ॉल्यूशन एक मीटर से भी कम है. इन तस्वीरों को भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी के हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग सेंटर ने प्रोसेस्ड किया है.
मंदिर के निर्माण के लिए इसरो प्रौद्योगिकियों का उपयोग किया गया है. इस भव्य परियोजना में एक बड़ी चुनौती भगवान राम की मूर्ति लगाने के लिए सटीक स्थान की पहचान करना था. राम मंदिर ट्रस्ट चाहता था कि मूर्ति को 3 फीट X 6 फीट की जगह पर रखा जाए, जहां माना जाता है कि भगवान राम का जन्म हुआ था.
राम मंदिर प्रोजेक्ट से करीब से जुड़े विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार के अनुसार 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद, 40 फीट मलबे ने उस स्थान को ढक दिया था, जहां माना जाता है कि भगवान राम का जन्म हुआ था. इस मलबे को हटाना पड़ा और स्थान को सुरक्षित करना पड़ा ताकि नई मूर्ति ठीक उसी स्थान पर हो. यह कहना जितना आसान था, करना उतना आसान नहीं था क्योंकि मंदिर का निर्माण विध्वंस के लगभग तीन दशक बाद शुरू हुआ था. ऐसे में इसरो ने मदद की. सटीक स्थान की पहचान करने के लिए निर्माण फर्म लार्सन एंड टुब्रो के इंजीनियर्स ने सबसे परिष्कृत डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस)-आधारित co-ordinates का उपयोग किया, जिसकी मदद से लगभग 1-3 सेंटीमीटर तक सटीक जगह की पहचान की गई. उन्होंने मंदिर के गर्भ गृह या गर्भगृह में मूर्ति की स्थापना का आधार बनाया.
रेंज के पांचों जिलों में चला पुलिस का ताबड़तोड़ चैकिंग अभियान
मुरादाबाद। श्रीराम जन्मभूमि, तीर्थ क्षेत्र अयोध्या में श्रीरामलला की मूर्ति स्थापना (प्राण प्रतिष्ठा) तथा मंदिर उद्घाटन कार्यक्रम के दृष्टिगत जनपदों में सुरक्षा/शान्ति/ कानून व्यवस्था बनाए को ताबड़तोड़ चैकिंग अभियान चलाया गया। भीषण सर्दी, शीत लहर और कोहरे के बीच चले “अभियान” के अन्तर्गत 348 स्थानों पर चैकिंग की गई। कुल 835 वाहन, 01 ट्रेन, 130 संदिग्ध व्यक्तियों को चैक किया गया। वहीं 46 वाहनों का चालान (अन्तर्गत एमवीएक्ट) करने के साथ ही 05 अभियुक्तगण गिरफ्तार किये गए।
पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र, मुनिराज जी के निर्देशन में दिनांक – 22 जनवरी 2024 को प्रस्तावित श्रीराम जन्मभूमि, तीर्थ क्षेत्र अयोध्या में श्रीरामलला की मूर्ति स्थापना (प्राण प्रतिष्ठा) तथा मंदिर उद्घाटन कार्यक्रम के दृष्टिगत जनपदों में सुरक्षा/शान्ति/ कानून व्यवस्था बनाये रखने हेतु दिनांक- 20/21 जनवरी 2024 की रात्रि समय 24.00 बजे से प्रातः 05.00 बजे तक विशेष “चैकिंग अभियान” चलाया गया।
इसके अन्तर्गत मुरादाबाद परिक्षेत्र के समस्त जनपदों द्वारा पुलिस टीमें बनाकर अपराध की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण/संवेदनशील स्थानों, रेलवे/बस स्टेशनों, होटल/रेस्टोरेन्टों/ढाबों, धार्मिक स्थलों आदि को चैक कर संदिग्ध व्यक्ति/वाहनों की चैकिंग की गई।
1. जनपद मुरादाबाद पुलिस द्वारा 128 स्थानों पर संदिग्ध व्यक्ति/वाहनों की चैकिंग की गयी। चैकिंग के दौरान 226 वाहन चैक किये गये तथा 03 वाहनों का चालान किया गया।
2. जनपद बिजनौर पुलिस द्वारा 54 स्थानों पर संदिग्ध व्यक्ति/वाहनों की चैकिंग की गयी। चैकिंग के दौरान 01 ट्रेन, 130 वाहन व 145 व्यक्ति चैक किये गये।
3. जनपद अमरोहा पुलिस द्वारा 66 स्थानों पर संदिग्ध व्यक्ति/वाहनों की चैकिंग की गयी। चैकिंग के दौरान जनपद क्षेत्रान्तर्गत रेलवे परिसर, ट्रेन, होटल, ढाबा, मुख्य चौराहों आदि पर संदिग्ध व्यक्ति वाहनों की चैकिंग की गयी, जिसमें किसी प्रकार की कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई।
4. जनपद रामपुर पुलिस द्वारा 51 स्थानों पर संदिग्ध व्यक्ति/वाहनों की चैकिंग की गयी। चैकिंग के दौरान 23 वाहनों का चालान, 34 नग खैर की लकड़ी, 01 पिकअप बरामद की गयी तथा 02 अभियुक्तगणों को गिरफ्तार किया गया, जिनसे 02 अदद तमंचा व 02 जिन्दा कारतूस बरामद हुए।
5. जनपद सम्भल पुलिस द्वारा 49 स्थानों पर संदिग्ध व्यक्ति/वाहनों की चैकिंग की गयी। चैकिंग के दौरान 478 वाहनों को चैक करने के साथ ही 20 वाहनों का चालान किया गया तथा 02 अभियुक्तगण गिरफ्तार किये गए। इनसे 20 लीटर अवैध कच्ची शराब व 01 अभियुक्त के कब्जे से 01 नाजायज चाकू बरामद किया गया एवं 03 संदिग्ध व्यक्तियों को अन्तर्गत धारा 151/107/116 सीआरपीसी गिरफ्तार किया गया।
इस प्रकार परिक्षेत्र के जनपदों में चलाये गए “चैकिंग अभियान” के अन्तर्गत 348 स्थानों पर चैकिंग की गई जिसमें 835 वाहन, 01 ट्रेन, 130 संदिग्ध व्यक्तियों को चैक किया गया, 46 वाहनों का चालान (अन्तर्गत एमवीएक्ट) किया गया तथा 05 अभियुक्तगण गिरफ्तार किये गए, जिनसे 20 लीटर कच्ची अवैध शराब, 02 अदद तमंचा, 02 जिंदा कारतूस, 01 नाजायज चाकू व 34 नग खैर की लकडी बरामद की गयी तथा 03 संदिग्ध व्यक्तियों को अन्तर्गत धारा 151/107/116 सीआरपीसी गिरफ्तार किया है। उनके विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
रामलीला ग्राउण्ड पहुंचे एसपी नीरज कुमार जादौन
इससे पहले पुलिस अधीक्षक, जनपद बिजनौर नीरज कुमार जादौन द्वारा अयोध्या जी में श्री रामलला प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दृष्टिगत थाना कोतवाली शहर क्षेत्रान्तर्गत रामलीला ग्राउण्ड में आयोजित होने वाले कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। उन्होंने कमेटी के सदस्यों से वार्ता की तथा सर्वसंबंधित को आवश्यक दिशा – निर्देश दिए।
कोतवाल लाइन हाजिर, दो सस्पेंड के अलावा दो पर दर्ज हुआ था केस
आखिरकार पुलिस कस्टडी से फरार बाइक चोर गिरफ्तार
~चेतना गुप्ता
बिजनौर। पुलिस अभिरक्षा से फरार बाइक चोरी के आरोपी को अफजलगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने कोतवाल को लाइन हाजिर करने के साथ ही कस्बा इंचार्ज व हेड मोहर्रिर को सस्पेंड कर दिया था, जबकि हेड कांस्टेबल व होमगार्ड पर केस दर्ज कराया गया था।
दो सप्ताह पूर्व अफजलगढ़ पुलिस ने गांव कादराबाद निवासी निशांत राघव पुत्र जगवीर सिंह को बाइक चोरी करने के मामले में गिरफ्तार कर लिया था। इस दौरान हेड कांस्टेबल अकील अहमद व होमगार्ड सतपाल सिंह बाइक चोर निशांत राघव का मेडिकल कराने के लिए सीएचसी अफजलगढ़ ले गए थे। इस दौरान सीएचसी में भीड़ का फायदा उठाकर आरोपी बाइक चोर फरार हो गया था। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में कोतवाल योगेन्द्र सिंह चौधरी को एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया। इस दौरान कस्बा इंचार्ज गोपाल कुमार, हेड मोहर्रिर राजबहादुर को सस्पेंड कर दिया गया जबकि हेड कांस्टेबल अकील अहमद सहित होम होमगार्ड सतपाल सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
एसपी नीरज कुमार जादौन ने पुलिस कस्टडी से फरार बाइक चोर निशांत राघव को पकड़ने के लिए सीओ अर्चना सिंह, कोतवाल राजकुमार सरोज, कोतवाल रेहड़ धीरज सिंह सोलंकी, क्राइम इंस्पेक्टर राजेश चौहान व अफजलगढ़ कस्बा इंचार्ज सुमित राठी के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की थी। पुलिस टीम में शामिल कस्बा इंचार्ज सुमित राठी, कांस्टेबल जाबिर खान व कांस्टेबल राहुल कुमार ने लगातार आरोपी निशांत राघव की तलाश में कांबिंग कर रहे थे। मुखबिर की सूचना पर इस टीम ने गांव सुआवाला नहर के नजदीक शनिवार की देर रात धर दबोच लिया। बाइक चोर निशांत राघव के पकड़े जाने पर पुलिस ने राहत की सांस ली।
पिक अप गाड़ी से तस्करी कर ले जाई जा रही अवैध लकड़ी पकड़ी
अफजलगढ़ पुलिस ने किया आरोपी को गिरफ्तार, एक फरार
~चेतना गुप्ता
बिजनौर। मुखबिर की सूचना पर अफजलगढ़ कोतवाल राजकुमार सरोज के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कटारमाल नवाबपुरा मार्ग पर स्थित कादराबाद के समीप एक पिक अप गाड़ी में अवैध रूप से भरी ढाक, रोहणी,महुआ की हजारों रुपयों की लकड़ियों के साथ आरोपी ड्राईवर को धर दबोचा। पुलिस ने गाड़ी को सीज कर आरोपी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोतवाल राजकुमार सरोज ने जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार की देर रात एसएसआई श्रीपाल सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा अपराधियों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इस दौरान मुखबिर की सूचना पर एसएसआई श्रीपाल सिंह ने कटारमाल नवाबपुरा मार्ग पर स्थित कादराबाद के समीप एक पिक अप गाड़ी को रोकने का इशारा किया तो गाड़ी लेकर आरोपी ड्राइवर भागने का प्रयास करने लगे पुलिस टीम ने गाड़ी को अवैध रूप से भरी ढाक, रोहणी, महुआ की लकड़ियों सहित ड्राईवर को धर दबोचा, जबकि एक आरोपी फरार हो गया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना छिन्दर पुत्र हरनेक सिंह निवासी गांव चम्पतपुर चकला थाना बढ़ापुर जनपद बिजनौर बताया। पुलिस ने गाड़ी को सीज कर आरोपी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया गया है कि आरोपी द्वारा वन क्षेत्र साहूवाला रेंज से लड़कियों को चोरी कर ठाकुरद्वारा के पास बेचा जा रहा था। सूत्रों का कहना है कि वन क्षेत्र साहूवालारेंज में हर रोज आरोपी सहित उसके साथियों द्वारा लाखों रुपए की लकड़ियां चोरी कर बेची जा रही हैं। लकड़ियों को चोरी कर कटवाने में कुछ वन कर्मियों का भी हाथ बताया जा रहा है।
उधर वन दरोगा सुनील राजौरा ने बताया कि ढाक, रोहणी, महुआ लकड़ियों को आरोपी बेचने जा रहे थे। बाजार में एक कुंटल लकड़ियों की कीमत पांच सौ रुपए के लगभग है। आरोपियों के पास से 25 कुंटल ढाक, रोहणी, महुआ की लकड़ियां बरामद हुई है, जिसकी कीमत लगभग साढ़े बारह हजार रूपए है। इस दौरान गिरफ्तार करने वाली टीम में हल्का इंचार्ज एसएसआई श्रीपाल सिंह, कांस्टेबल शुभम चौधरी तथा राजपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
प्रथम महिला प्रधानमंत्री का पद 22 जनवरी 1966 को संभाला
इसलिए भी याद की जानी चाहिए 22 जनवरी
…जिस साल उसकी पैदाइश हुई वह साल रूसी क्रांति का था। जिस महीने में वह पैदा हुई उसी महीने में लेनिन ने उस महान क्रांति को शुरू किया, जिससे रूस और साइबेरिया की कायापलट हो गई। यह याद दिलाते हुए पिता जवाहर लाल नेहरू ने खत लिखकर कहा था-‘मैं कामना करता हूं कि तुम बड़ी होकर भारत की सेवा के लिए एक बहादुर सिपाही बनो’ और सचमुच वह बहादुर सिपाही ही नहीं अपनी बहादुरी, नेतृत्व के गुण, कौशल और ज्ञान से भारत की पहली और अब तक की एकमात्र महिला प्रधानमंत्री बनीं। भूतो न भविष्यित..!
19 नवंबर 1917 को संपन्न नेहरू परिवार में जन्मी इंदिरा नेहरू गांधी को यह पद तोहफे में नहीं ‘कद’ के हिसाब से मिला था। तब गांधी थे न नेहरू और न ही उनके आदर्श लाल बहादुर शास्त्री। ताशकंद में 11 जनवरी को शास्त्री जी की असमय मृत्यु। पार्टी के अंदर 19 जनवरी को प्रधानमंत्री पद की जोर आजमाइश। सामने कद्दावर मोरारजी देसाई। इंदिरा को वोट मिले 355 और देसाई पाए 169। और 186 वोट से पीएम पद का रास्ता साफ हुआ। उन्होंने 22 जनवरी 1966 को प्रथम महिला प्रधानमंत्री का पद संभाला। यह वही इंदिरा थी जो अपने पुणे के प्यूपिल्स ओन स्कूल के माॉक पार्लियामेंट वाले आयोजन में भी प्रधानमंत्री बन चुकी थी। वह उनका रिहर्सल था और यह असल। तब उन्हें पिता के उसे पत्र की याद आई, जिसमें लिखा गया था-”तुम बहादुर बनो बाकी चीजें तुम्हारे पास अपने आप आती जाएंगी। हमें सूरज को अपना दोस्त बनाना चाहिए और रोशनी में काम करना चाहिए।”
दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में इतने महत्वपूर्ण पद पर महिला की ताजपोशी से बाहरी दुनिया हैरान हुई। सबसे ज्यादा हैरान हुआ संयुक्त राज्य अमेरिका। सिर्फ दो माह बाद ही दौरे पर गई इंदिरा को अमेरिका में आश्चर्य से देखा गया। तमाम भौंडे प्रचार (समाचार) अखबार में छपे। संवाददाताओं ने ऊल-जुलूल सवाल पूछे। संयत इंदिरा ने बस इतना ही कहा-‘ मैं अपने को औरत नहीं व्यक्ति समझती हूं, जिसे काम करना है। मेरी इस स्थिति से भारत की बुनियादी सच्चाई में न तो कोई वृद्धि होती है और न कमी क्योंकि भारत में नारी पूजी जाती रही है। हमारे यहां तो शक्ति शिव से भी बड़ी है।’ यह इंदिरा के व्यक्तित्व का जादू ही था कि उस समय के अमेरिकी राष्ट्रपति जॉनसन भारत के राजदूत द्वारा दिए गए रात्रि भोज में बिना निमंत्रण पहुंचे। दावत की पोशाक न पहने होने के बावजूद खाने की मेज पर बैठकर सारा समय वार्ता और इंदिरा गांधी के साथ ही रात्रि भोज।
यह साहसी इंदिरा ही थीं जो 1967 की आम चुनाव में उड़ीसा में नाक पर वार (पत्थर फेंक कर मारा गया) के बावजूद घंटे भर भाषण देती रहीं। पश्चिम बंगाल का दौरा टाला नहीं। दिल्ली आने के बाद नाक की सर्जरी और चिंतित बुआ को मज़ाक़िया अंदाज में दिया गया जवाब-”होश में आते ही मैंने डॉक्टर से पूछा-”प्लास्टिक सर्जरी करके मेरी नाक को सुंदर तो बना दिया है न? आप तो जानती ही हैं कि मेरी नाक कितनी लंबी है; उसे खूबसूरत बनाने का एक मौका अनायास हाथ लग गया था लेकिन कमबख्त डॉक्टर ने कुछ न किया और मैं वैसी की वैसी ही रह गई!” वह भी इंदिरा ही थीं जो पहले केंद्रीय मंत्री की हैसियत से पाकिस्तान द्वारा छेड़े गए युद्ध में मोर्चे पर डटे जवानों का हौसला बढ़ाने कश्मीर गई।
पीछे मुड़कर देखें तो तस्वीर और साफ होती है। वह तब 4 बरस की ही तो थीं जब दादा और पिता को विदेशी वस्तु के बहिष्कार में अंग्रेज पुलिस घर से गिरफ्तार कर ले गई। अदालत में बिना सुनवाई दोनों को 6 माह की कैद और ₹500 जुर्माने की सजा। इतने से भी मन नहीं भरा तो दूसरे दिन कीमती कालीन ज़ब्त करने जब पुलिस घर पहुंची। तब इंदिरा गुस्से में पैर पटकते हुए चिल्ला कर बोली-”तुम इन चीजों को नहीं ले जा सकते, यह हमारी हैं।” वही तो थी जो घूंसा तानकर अंग्रेज दरोगा पर झपट पड़ी।
स्वाधीनता संग्राम में दादा-पिता, मां, बुआ को जेल जाते देखते हुए बड़ी हुई इंदिरा को सारी सीख जेल के सीखचों के पीछे से पिता द्वारा लिखे गए पत्रों से ही मिली। इन्हीं पत्रों से उन्हें यह भी सीख मिली थी-‘विचार तभी सार्थक हैं, जब वह कर्म में प्रकट हो। कर्म ही विचार की अंतिम परिणिति है।’ जब 5 साल की थी तब पिता जवाहर ने जेल से पहला खत लिखा था-‘ खत लिखना सीख लो। मुझसे मिलने के लिए जेल में ही मुलाकात करने आना पड़ेगा।” जेल से जवाहर लाल नेहरू द्वारा लिखे गए ”पिता के पत्र पुत्री के नाम” आज इतिहास भी हैं और साहित्य भी।
स्वाधीनता संग्राम में पूरे परिवार की आहुतियों के चलते ही इंदिरा की परवरिश और पढ़ाई बस ऐसी ही रही लेकिन गुणी, ज्ञानी और तेजतर्रार इंदिरा जहां गई वहां सबकी प्रिय ही रही। भले ही पिता जवाहर और मां कमला नेहरू दादा मोतीलाल के अपनी मां का नाम देने की इच्छा के आगे उसे अपना मनपसंद नाम ‘प्रियदर्शनी’ न दे पाए हों। कहते हैं यथा नाम तथा गुण..। इंदिरा की परदादी का नाम भी इंदिरा था। और बकौल बुआ (कृष्णा हठीसिंग) वह भी दबंग और दृढ़ इच्छाशक्ति वाली महिला थीं और भतीजी इंदिरा भी।
अबोध इंदिरा के मन मस्तिष्क पर माहौल का पूरा असर था। उसे घर में गुड्डे-गुड़िया के साथ जलसे-जुलूस वाले राजनीतिक खेल ही खेलने पसंद थे। गुड़ियों की एक कतार लाठी के साथ बनाती और बंदूकधारी गुड्डे सिपाहियों के सामने खड़ा कर देती। किसान वेशधारी गुड़ियों के हाथ में कागज के कांग्रेसी झंडा पकड़ाती और नेता बनकर उनके आगे भाषण करती।
गुड्डे-गुड़ियों से आगे महज 15 की उम्र में घर में सभी महिला-पुरुष, बड़े-छोटे की गिरफ्तारी के बाद अकेली रह गई इंदिरा ने मोहल्ले के सैकड़ों बच्चे घर के पीछे लान में जमा किए। बाल सेवा दल (जिसे बाद में वानर सेना कहा गया) बनाया। वानर सेना नाम उसने खुद रामायण कथा से लिया। स्वाधीनता संग्राम को रामकाज माना और अपने को हनुमान। वानर सेना के यह सदस्य रात में सभाओं के पोस्टर चिपकाते। लिफाफे पर पते लिखते। जुलूस में स्वयंसेवकों को पानी पिलाते। एक दल का संदेश दूसरे दल तक पहुंचाते। भेदिए का काम करते। इन सबकी नेता थी इंदिरा। पता चलने पर मोतीलाल ने जेल से 16 जुलाई 1930 को इंदिरा को चिट्ठी लिखी- ‘मेरा सुझाव है कि वानर सेवा के हर मेंबर के दुम होनी चाहिए। पद के हिसाब से दुम लंबी और छोटी हो। बिल्ले पर हनुमान की छाप ठीक है मगर हनुमान के हाथ में गदा का न रहना ही ठीक है। गदा का मतलब है हिंसा और हम अहिंसक फौज हैं।
जन्म के समय दादी स्वरूप रानी नेहरू द्वारा बिदकाए गए मुंह और कहे गए शब्द-‘ अरे! होना तो लड़का ही चाहिए था’ पर जवाहरलाल नेहरू द्वारा दिए गए जवाब वाले शब्दों-‘देखना तो सही जवाहर की यह बेटी हजारों बेटों से सवाई होगी’ को इंदिरा ने अपने हौसले और बहादुरी से सच साबित करके ही दिखा दिया। भारत के लोकतंत्र में ‘इंदिरा युग’ एक इतिहास भर नहीं है। एक लकीर है और नज़ीर भी।
दुनिया का इकलौता ऐसा मंदिर, जहां बिना भगवान राम के सुशोभित हैं माता जानकी
एक इतिहास यह भी
परि-हरि: यहां नहीं राम का कोई काम…
राम सर्वत्र हैं। राम मंदिर सर्वत्र हैं। अयोध्या में भव्य- दिव्य राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की गूंज दुनिया भर में सुनाई दे रही है, पर अयोध्या से मात्र दो सौ किलोमीटर की दूरी पर एक ऐसी भी जगह है, जहां राम का कोई काम नहीं है। यहां जनकनंदिनी मां जानकी का मंदिर है। उनके वीर पुत्र लव और कुश की पुत्र रूप प्रतिमाएं हैं, पर राम नहीं हैं। यह दुनिया का इकलौता ऐसा मंदिर है, जहां जानकी बिना भगवान राम के सुशोभित हैं।
परि-हरि का मतलब है परित्याग। कथानुसार, भगवान राम ने माता सीता का यहीं परित्याग किया। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर यह स्थान अपभ्रंश रूप में अब परियर के रूप में जाना जाता है। गंगा के किनारे बसे इस स्थान पर ही महर्षि वाल्मीकि का आश्रम था। प्रजा के कहने पर परित्याग के बाद मां जानकी को महर्षि वाल्मीकि ने अपने इसी आश्रम में आश्रय दिया। माना जाता है कि यहीं मां जानकी ने लव और कुश को जन्म दिया। इसी आश्रम में रहते हुए ही वह पले और बढ़े। यहीं आश्रम में शिक्षा प्राप्त की और युद्ध कला का प्रशिक्षण भी। इस स्थान की महत्ता केवल इतनी ही नहीं है। भगवान राम के अश्वमेध यज्ञ के घोड़े को सूर्यवंशी लव और कुश द्वारा पकड़ कर बांधने की कथा भी यहीं से जुड़ी बताई जाती है। अश्वमेध यज्ञ के घोड़े को पकड़े जाने पर भगवान राम के अनुज लक्ष्मण और उनकी सेना से लव-कुश का युद्ध पास के ही बंधावा गांव के मैदान में हुआ माना जाता है। यज्ञ के घोड़े को बांधने के कारण ही इस गांव का नाम ही बंधावा पड़ा। युद्ध में भगवान राम की सेना परास्त हुई। यहीं भगवान राम का भी अपने पुत्रों से युद्ध में आमना-सामना हुआ।
जहां बांध दिया महाबली हनुमान
इस स्थान पर स्थापित मंदिर में मां जानकी के साथ लव और कुश की प्रतिमाएं स्थापित हैं। महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा के साथ-साथ इस स्थान का 112 वर्ष पहले जीर्णोद्धार करने वाले बाबा रामशरण दास की प्रतिमा भी स्थापित है। आश्रम में मंदिर के ठीक सामने वह विशाल वटवृक्ष आज भी है, जिसमें लव और कुश ने महाबली हनुमान को भी पकड़ कर बांध दिया था। मान्यता है कि तब माता जानकी ने ही रामभक्त हनुमान की महत्ता बताते हुए उन्हें बंधन मुक्त कराया था। करीब 50 मीटर का फैलाव लिए हुए यह वटवृक्ष अपनी अतिप्राचीनता और पौराणिकता का प्रमाण देता है। वटवृक्ष के नीचे लगा एक बोर्ड हनुमान को इसी पेड़ से बांधने की कथा को दोहराता चलता है। फाल्गुनी एकादशी पर कानपुर के बिठूर धाम की चौदह कोसी परिक्रमा इसी वटवृक्ष से प्रारंभ होती है। मंदिर के बगल में स्थित जानकी कुंड भी दर्शनीय है। यहां प्रतिदिन मां जानकी और उनके पुत्रों की पूजा, स्तुति और वंदना होती है। जानकी जयंती पर मंदिर में उत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। माता सीता के परित्याग से जुड़े इस स्थान पर रोज सैकड़ो भक्तों का आना-जाना होने लगा है। गंगा पर पुल बन जाने की वजह से उस पार बिठूर से भी तमाम भक्त परियर तीर्थ स्थल पर माथा टेकने आते हैं।
हनुमान जी की विशाल प्रतिमा पर राम की नहीं
कभी उपेक्षित से महसूस होने वाला यह वाल्मीकि आश्रम अब अब काफी विकसित हो चुका है। मंदिर के विशाल परिसर में भक्तों के लिए गदाधारी हनुमान जी की 20 मीटर ऊंची विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है। भक्तों के लिए यह प्रतिमा आकर्षण का केंद्र है और दूसरे अर्थों में सेल्फी प्वाइंट भी। दूसरे कोने पर भगवान राम के आराध्य भगवान शिव का मंदिर भी स्थापित किया गया है पर जैसे यहां भगवान राम की प्रतिमा का निषेध है।
बिठूर में भी है वाल्मीकि आश्रम और जानकी मंदिर
गंगा के एक तरफ परियर का वाल्मीकि आश्रम है और दूसरी तरफ बिठूर में भी मां जानकी और लवकुश के मंदिर के साथ-साथ एक प्राचीन किले पर वाल्मीकि मंदिर, सीता रसोई और मां जानकी के पाताल प्रवेश का स्थान है। हालांकि, इसे अब बंद कर दिया गया है। यहां भक्त फूल, प्रसाद और दक्षिणा जरूर चढ़ाते हैं। गंगा के दोनों किनारों पर माता सीता के परित्याग से जुड़े स्थान भक्तों को थोड़ा अचरज में डालते हैं लेकिन श्रद्धा भाव में डूबे रहने वाले भक्त कोई सवाल नहीं उठाते।
22 जनवरी को जानकी मंदिर भी जगमगाएगा
भले ही परियर के वाल्मीकि आश्रम में भगवान राम की प्रतिमा न हो लेकिन 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के वक्त वाल्मीकि आश्रम और जानकी मंदिर भी जगमगाएगा। मंदिर के पुजारी रमाकांत तिवारी बताते हैं कि जानकी के बिना राम अधूरे हैं और राम के बिना जानकी। इसलिए प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान मंदिर को रोशनी से जगमग किया जाएगा। प्राण प्रतिष्ठा के दिन विशेष उत्सव की तैयारी है।
हार्दिक आभार १. दैनिक अमृत विचार साप्ताहिक परिशिष्ट लोकदर्पण में हार्दिक आभार अग्रज एवं प्रधान संपादक आदरणीय शंभू दयाल बाजपेई जी के प्रति २. हिंदी दैनिक देश रोज़ाना हरियाणा संपादक श्री अशोक मिश्र जी के प्रति ३. दैनिक भास्कर लखनऊ श्री मनीष अवस्थी जी के प्रति
गठबंधन पर नए सिरे से मुहर के बावजूद अभी नहीं बनी अंतिम सहमति
रालोद के सिंबल पर सपा के उम्मीदवार को लेकर अटकी बात!
लखनऊ (एजेंसी)। लोकसभा चुनाव के लिए सपा- रालोद गठबंधन पर नए सिरे से मुहर लगने के बावजूद मुजफ्फरनगर पर अभी अंतिम सहमति नहीं बनी है। रालोद के सिंबल पर सपा के उम्मीदवार को लेकर बात अटक गई है। कैराना, बागपत और मथुरा रालोद के हिस्से में जा रही हैं।
बताया गया है कि कैराना में रालोद के सिंबल पर सपा प्रत्याशी को मैदान में उतारा जाएगा। एक दिन पहले सपा-रालोद गठबंधन की शुरूआती सहमति में रालोद को सात सीटें दी गई, लेकिन सपा दो से तीन सीट पर अपने प्रत्याशी उतारना चाहती है। ऐसा हुआ तो रालोद के हिस्से में चार या पांच सीट ही रह जाएगी। मथुरा, बागपत और कैराना पर रालोद का सिंबल रहेगा, लेकिन मुजफ्फरनगर पर मामला उलझा हुआ है। रालोद नेतृत्व ने फिलहाल नल के सिंबल पर सपा के उम्मीदवार को इन्कार कर दिया है। यह भी संभव है कि मुजफ्फरनगर सीट पर सपा अपने ही सिंबल पर प्रत्याशी उतारे और बिजनौर सीट रालोद के हिस्से में चली जाए। इसी वजह से अंतिम फैसला नहीं हो सका। बागपत और मथुरा में रालोद के प्रत्याशी ही मैदान में उतरेंगे।
जयंत सिंह या चारू चौधरी ?
रालोद के रणनीतिकार पार्टी अध्यक्ष जयंत सिंह के लिए बागपत से बेहतर विकल्प मुजफ्फरनगर को बता रहे हैं। लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जयंत सिंह चुनाव लड़ेंगे या नहीं? उनकी पत्नी चारू चौधरी को भी प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा है। प्रत्याशी का समीकरण चुनाव नजदीक आने के बाद ही स्पष्ट होगा। अगर गठबंधन दलों के अध्यक्षों ने चुनाव लड़ा तो जयंत सिंह के मैदान में उतरने की संभावना है।
मुजफ्फरनगर और शामली
आसन्न लोकसभा चुनाव में मुजफ्फरनगर सीट से सपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य हरेंद्र मलिक टिकट की दावेदारी कर रहे थे। रालोद के खाते में सीट जाने पर प्रत्याशी को लेकर सवाल खड़ा हो गया है। बताया जाता है कि पूर्व मंत्री योगराज सिंह के पिता चौधरी जगबीर सिंह की हत्या के मुकदमे में भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत आरोपित थे। गत वर्ष जुलाई महीने में अदालत से चौधरी नरेश टिकैत बरी हो गए। वहीं हाल ही में पूर्व मंत्री योगराज सिंह और टिकैत परिवार के बीच समझौता हुआ था। समझौता होने के दौरान योगराज सिंह ने कहा था कि जयन्त चौधरी के निर्देश और समाज की बात को मानते हुए उन्होंने यह निर्णय लिया। इसी को लेकर कयास लगाया जा रहा है कि योगराज सिंह लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। इनके अलावा शामली से रालोद विधायक प्रसन्न चौधरी के नाम पर राजनैतिक जानकारों में चर्चा है।
नगीना आसपा के हिस्से में !
दोनों दलों के बीच हुई बातचीत के बाद यह भी चर्चा है कि आसपा अध्यक्ष चंद्रशेखर सुरक्षित सीट नगीना से चुनाव लड़ेंगे। संभवत: यही वजह है कि सपा और रालोद ने अपनी बातचीत में नगीना सीट को शामिल नहीं किया। वहीं बिजनौर लोकसभा सीट पर भी पेंच फंस गया है। यहां पर दोनों दलों ने अपना दावा ठोका है। मुजफ्फरनगर सीट सपा को मिली तो बिजनौर सीट रालोद के हिस्से में चली जाएगी। अभी इन सीटों पर फैसला नहीं हुआ है। बिजनौर सीट पर नीरज चौधरी व चंदन चौहान रालोद से, रूचि वीरा सपा से और इमरान मसूद कांग्रेस से टिकट मांग रहे हैं।
CBSE बोर्ड: 2025 में छात्रों को मिलेगा दो बार परीक्षा देने का विकल्प
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) वर्ष 2025 की परीक्षा जेईई मेन की तर्ज पर दो बार में देने का विकल्प देने की तैयारी कर रहा है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 से छात्रों को साल में दो बार परीक्षा देने के तहत दाखिला मिलेगा। सत्र 2024-25 में पहली बोर्ड परीक्षा का आयोजन नवंबर-दिसंबर 2024 में किया जाएगा, वहीं दूसरी बोर्ड परीक्षा फरवरी-मार्च 2025 में होने की संभावना है। इन दोनों में प्राप्त सर्वश्रेष्ठ अंकों से मेरिट लिस्ट और रिजल्ट तैयार किया जाएगा। वहीं, नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क के तहत आगामी शैक्षणिक सत्र तक सभी कक्षाओं की नए पाठ्यक्रम की किताबें मुहैया कराएगी।
दरअसल, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि अब साल में दो बार परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसकी शुरुआत अगले शैक्षणिक सत्र 2024-25 में की जाएगी। ऐसे में जो स्टूडेंट अभी 9वीं और 11वीं की परीक्षा में शामिल होंगे वो अगले सत्र में 10वीं और 12वीं के लिए दो बार बोर्ड परीक्षा देंगे। केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार दो बार परीक्षा में सेमेस्टर नहीं होगा। पढ़ाई और कक्षाएं पूरी होने के बाद छात्रों को दो बार परीक्षा का मौका मिलेगा। इनमें बेस्ट स्कोर के आधार पर रिजल्ट की मेरिट बनेगी। नया सत्र शुरू होने से पहले साल में दो बार परीक्षा का खाका तैयार हो जाएगा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) पहले सिर्फ एक ही बार बोर्ड परीक्षा का आयोजन किया करता था, लेकिन अब नए सत्र से दो बार परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। हालांकि साल 2021 में कोविड के कारण परीक्षा को दो भागों में विभाजित करना पड़ा था।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की लड़कियों को स्मार्टफोन
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की मेधावी छात्राओं को ऑनलाइन पढ़ाई से जोड़े रखने के लिए स्मार्टफोन देने की योजना बना रही है। हालांकि, इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
विकल्प चुनने का अवसर
दसवीं और बारहवीं कक्षा के लिए साल में दो बार बोर्ड परीक्षा की नई प्रणाली अनिवार्य नहीं होगी। इस प्रणाली का उद्देश्य उन छात्रों पर तनाव कम करना है जो एक भी अवसर चूक जाने से डरते हैं। यदि कोई उम्मीदवार तैयार है और परीक्षा के एक सेट में प्राप्तांक से संतुष्ट है, तो वह अगली परीक्षा में शामिल न होने का विकल्प चुन सकता है।
रोल नंबर सही करने का आखिरी मौका
राजधानी के सरकारी स्कूलों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में उपस्थित होने वाले छात्रों के रोल नंबर ठीक करने का आखिरी अवसर दिया गया है। छात्रों के रोल नंबर ऑनलाइन अपलोड करने के लिए मॉड्यूल खोले जाने की जानकारी निदेशालय (डीओई) ने परिपत्र जारी कर दी है। सभी स्कूल प्रमुखों को 31 जनवरी तक सभी त्रुटियों को ठीक करना होगा। इसके बाद मॉड्यूल को बंद कर दिया जाएगा। मॉड्यूल में स्कूलों को रोल नंबर में सुधार और संपादन का विकल्प दिया गया है।
दरअसल, कई स्कूलों में छात्रों के रोल नंबर गलत आने की समस्या सामने आ रही थी। ऐसे में सुधार का मौका देने का फैसला लिया गया। निदेशालय ने स्कूलों को सूचित किया है कि वे छात्रों के रोल नंबर, नवीनतम पता और मोबाइल नंबर समेत कई अन्य जरूरी जानकारी अपडेट करें। इसके बाद मौका नहीं मिल सकेगा। जोनल स्तर और संबंधित जोनल डीडीई को यह सुधार कार्य समय सीमा के भीतर पूरा करवाने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें डीडीई की ओर से लापरवाही बरतने की शिकायत पर निदेशालय कार्रवाई करेगा।
नेता और कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में जाएं और ज्यादा से ज्यादा लोगों को पार्टी से जोड़ें: मायावती
जनता को बसपा सरकार में किए गए कार्यों के बारे में अवगत कराएं: बसपा सुप्रीमो
बसपा मुख्यालय पर हुई यूपी और उत्तराखंड के वरिष्ठ पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं की बैठक
लोकसभा की सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी बसपा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव को लेकर indi एलायंस का एक सीट, एक उम्मीदवार फॉर्मूला फेल हो गया है। चुनावी मैदान में अब भाजपा के खिलाफ एक गठबंधन और दूसरा बहुजन समाज पार्टी से दो उम्मीदवार उतरेंगे।
पार्टी सुप्रीमो मायावती ने लोकसभा चुनाव को लेकर शनिवार को बसपा मुख्यालय पर यूपी और उत्तराखंड के वरिष्ठ पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं की एक बैठक बुलाई। मीटिंग में लोकसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान मायावती ने सभी को लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाने के लिए कहा। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी सभी लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों को उतारेगी। बैठक में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को चुनाव संबंधित दिशा निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि सभी नेता और कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में जाएं और ज्यादा से ज्यादा लोगों को पार्टी से जोड़ें और जनता को बसपा सरकार में किए गए कार्यों के बारे में अवगत कराएं।
गौरतलब है कि यूपी की पूर्व सीएम और बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने 68वें जन्मदिन पर भारतीय जनता पार्टी को मकर संक्रांति का तोहफा देते हुए इस साल होने वाले लोकसभा चुनाव मैदान में अकेले उतरने का ऐलान किया था। साथ ही कहा था उनकी पार्टी किसी भी गठबंधन अथवा दल के साथ गठजोड़ करते हुए लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ेगी। गठबंधन से बसपा को नुकसान पहुंचता है। इसलिए लोकसभा चुनाव में बसपा एकला चलो की राह पर चलेगी।
बिजनौर। हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के जलालपुर हसना गांव में अपने घर पर सो रहे एक वृद्ध को गुलदार ने मौत के घाट उतार दिया।
जानकारी के अनुसार गांव जलालपुर हसना में शुक्रवार रात्रि करीब 09 बजे चंद्रप्रकाश (65) वर्ष अपने घर पर टीन पड़ी छत के नीचे सोने चला गया। घर के सदस्य अंदर सोने चले गए। रात्रि में किसी समय गुलदार ने चंद्रप्रकाश को अपना शिकार बना लिया। चंद्रप्रकाश मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करता था। उसके चार पुत्र में से एक रात्रि लगभग दो बजे जागा था, उस समय वह सो रहे थे। शनिवार सुबह पांच बजे चंद्रप्रकाश का बेटा रितेश चाय देने पहुंचा तो पिता का क्षतविक्षत शव देखकर शोर मचाया। आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचे। गुलदार उसके चेहरे, गर्दन और छाती को नोचकर खा गया था। ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार लगातार गांव के आसपास देखा जा रहा था। शुक्रवार शाम भी कई ग्रामीणों ने आसपास गुलदार दिखाई देने का दावा किया।
सूचना पर वन विभाग के अधिकारी और थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पूछताछ के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
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