पूर्व इंचार्ज/क्राइम रिपोर्टर दैनिक जागरण उरई (जालौन), मेरठ, बिजनौर, धामपुर, मुजफ्फरनगर। समाचार संपादक दैनिक प्रयाण हरिद्वार। पूर्व महामंत्री श्रमजीवी पत्रकार यूनियन। अध्यक्ष ऑल मीडिया एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन।
लखनऊ/इलाहाबाद। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इस बार प्रदेश के 7864 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित कराने की तैयारी है। यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। हालांकि, अभी तक बोर्ड ने परीक्षा की तारीखों का ऐलान नहीं किया है। इसी बीच माध्यमिक शिक्षा परिषद ने सभी जिलों के प्रस्तावित एग्जाम सेंटर्स की लिस्ट जारी कर दी है। इस बार प्रदेश के 7864 केंद्रों पर 10वीं और 12वीं की परीक्षा आयोजित करने की तैयारी है। केंद्रों की सूची वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। इसके लिए संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षक को आईडी और पासवर्ड दिए गए हैं।
गुरुवार को जारी केंद्रों की सूची के अनुसार, इस बार 1017 राजकीय स्कूल, 3537 एडेड विद्यालयों और 3310 वित्तविहीन स्कूलों को सेंटर बनाया गया है। बोर्ड परीक्षा 2024 के लिए करीब 55,08,206 छात्र-छात्राओं ने रजिस्ट्रेशन किया है। इनमें हाईस्कूल के 29,47,324 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, जिसमें छात्रों की संख्या 15,71,686 और छात्राओं की संख्या 13,75,638 है। वहीं, इंटरमीडिएट के लिए 25,60,882 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, जिसमें 14,12,806 छात्र और 11,48,076 छात्राएं शामिल हैं।
स्कूलों के प्रधानाचार्यों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी
22 नवंबर को यूपी बोर्ड सचिव कार्यालय की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है, “सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि वर्ष 2024 की इण्टरमीडिएट प्रयोगात्मक परीक्षा के आयोजन की तिथि 25 जनवरी, 2024 घोषित की जा चुकी है।” नोटिस में आगे लिखा है, “प्रयोगात्मक परीक्षा पूर्णतया शुचितापूर्ण एवं निर्विघ्न सम्पादित हो सके, इस हेतु समस्त प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया जाता है कि माध्यमिक शिक्षा परिषद् की वेबसाइट upmsp.edu.in पर उनके द्वारा अपने-अपने विद्यालयों में कार्यरत् शिक्षकों के जो विवरण अपलोड कराये गये हैं, उनकी एक बार पुनः पूरी सतर्कता एवं गहनता से जांच कर लें।” बोर्ड ने कहा, “शिक्षकों की अर्हता, हाईस्कूल अथवा इण्टरमीडिएट के जिस विषय के अध्यापन हेतु उनकी नियुक्ति की गयी है, उस विषय का विषय कोड एवं विषय के नाम की सावधानीपूर्वक जांच कर ली जाए, जिससे कोई भी शिक्षक किसी गलत विषय में परीक्षक नियुक्त न हो सके और न ही कोई अनर्ह शिक्षक परीक्षक नियुक्त हो सके।”
प्रैक्टिकल शुरू होंगे 25 जनवरी से…
यूपी बोर्ड प्रैक्टिकल एग्जाम के लिए तारीखों की घोषणा कर चुका है। नोटिस के मुताबिक, प्रायोगिक परीक्षाएं 25 जनवरी से 9 फरवरी तक दो चरणों में आयोजित होंगी। पहला चरण 25 जनवरी से 1 फरवरी तक होगा। दूसरे चरण की परीक्षा 2 से 9 फरवरी के मध्य होगी। पहले चरण में आगरा, सहारनपुर, बरेली, लखनऊ, झांसी, चित्रकूट, फैजाबाद, आजमगढ़, देवीपाटन और बस्ती मण्डलों में परीक्षाएं होंगी। दूसरे चरण में वाराणसी व मीरजापुर मंडल को शामिल किया गया है। वहीं हाईस्कूल की प्रैक्टिकल परीक्षाएं पिछले वर्ष की तरह विद्यालय स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन (प्रोजेक्ट कार्य) के आधार पर कराई जाएंगी।
बिजनौर (किरतपुर)। भट्ठा मजदूरों द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र कार्रवाई करते हुए लेबर इंस्पेक्टर ने भट्ठे पर छापा मारकर आगे की कार्यवाही शुरू की।
प्राप्त जानकारी अनुसार ग्राम चिड़ियापुर रोड पर जलालपुर में आजाद देश ब्रिक्स के नाम से ईंट भट्ठा है। गुरुवार की दोपहर लेबर इंस्पेक्टर अरविंद कुमार, एएन त्रिपाठी, नायब तहसीलदार जितेंद्र सिंह व लेखपाल सुभाष कुमार ठाकुर पुलिस के साथ भट्ठे पर पहुंचे और उन्होंने भट्ठा मजदूरों के नाम पता दर्ज किये। लेबर इंस्पेक्टर अरविंद कुमार ने बताया कि इन मजदूरों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर भट्ठा स्वामी पर मजदूरी न देने व उन्हें बंधक बनाने का आरोप लगाया था। इसका संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी के आदेश पर टीम यहां पहुंची।
दूसरी ओर भट्टा स्वामी शमीम अंसारी ने बताया कि उन्होंने मजदूरों को बंधक नहीं बनाया है और ना ही उनकी मजदूरी रोकी है। उन्होंने बताया कि केरना निवासी मुस्तकीम ठेकेदार को मजदूरों का ठेका दिया हुआ है, जिसमें लगभग ₹6 लाख रुपए मुस्तकीम दिए हुए हैं। ठेकेदार इन मजदूरों को छोड़कर भाग गया है।
महिला आरक्षी का बुखार में इलाज के दौरान मेरठ में निधन
बिजनौर। किरतपुर थाने में तैनात महिला आरक्षी का बुखार में इलाज के दौरान मेरठ में निधन हो गया। वह अपने पीछे पुत्र वैभव और पुत्री निशी को छोड़ गई है।
महिला आरक्षी सीमा रानी (फाइल फोटो)
किरतपुर थाने में तैनात महिला आरक्षी सीमा रानी (36 वर्ष) को चार दिन पहले बुखार आया था। उसकी हालत बिगड़ने पर मंगलवार की सायं मेरठ के प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। इलाज के दौरान उसका निधन हो गया। महिला आरक्षी के निधन की खबर सुन थाने में शोक व्याप्त हो गया। महिला आरक्षी सीमा रानी पत्नी संदीप ग्राम अब्दुत्तलपुर थाना चिलकाना जनपद सहारनपुर की निवासी थी। 2011 बैच की आरक्षी सीमा रानी किरतपुर थाने में जनवरी 2022 से तैनात थी। वह अपने पीछे पुत्र वैभव और पुत्री निशी को छोड़ गई है, सबका रो रो कर बुरा हाल है।
3 दिसंबर को नुमाइश ग्राउंड में किया जाएगा नि:शुल्क कंबल, ट्राई साइकिल, व्हील चेयर, कैलिपर्स, बैसाखी, सिलाई मशीन का रजिस्ट्रेशन- एमआर पाशा
सभी दिव्यांगजन, वृद्ध, विधवा, गरीब महिलाएं एवं गरीब वर्ग अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर रजिस्ट्रेशन करा कर लाभ उठाएं- एमआर पाशा
बिजनौर। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी एक नि:शुल्क विशाल कैंप का आयोजन किया जाएगा। कैंप में भारी मात्रा में कंबल, लिहाफ, सिलाई मशीन, ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, कैलीपर्स, बैसाखी आदि का नि:शुल्क वितरण किया जाएगा। यह जानकारी राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एमआर पाशा ने प्रेस वार्ता के दौरान दी।
राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एमआर पाशा
राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एमआर पाशा ने सभी दिव्यांगजनों, गरीब वर्गों, विधवाओं, महिला वर्गों से अपील की है कि 3 दिसंबर 2023 को अधिक से अधिक संख्या में नुमाइश ग्राउंड बिजनौर पहुंच कर अपना रजिस्ट्रेशन कराएं। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन के आधार पर इन वर्गों को भारी मात्रा में सभी सामान नि:शुल्क वितरण किया जाएगा।
पांटून पुल पर आवागमन शुरू होने से किसानों ने जताई खुशी
~मुकेश कुमार, मंडावर
बिजनौर। पांटून पुल पर आवागमन शुरू होने से किसानों ने काफी खुशी जताई है। अब किसानों को गंगा पार जाने के लिए किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा।अपनी बैलगाड़ी और ट्रैक्टर ट्राली के माध्यम से किसान अपने खेतों से गन्ना लेकर आ रहे हैं, क्योंकि बालावाली से लेकर रावली तक के दर्जनों गांवों के किसानों को इसका लाभ मिलता है।
बताया गया है कि बिना पुल के किसानों को नाव का सहारा लेना पड़ता है। इस कारण किसानों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। सरकार ने तीन वर्ष पहले दर्जनों से अधिक गांव वालों और किसानों की परेशानी को देखते हुए गांव डेवलगढ राजारामपुर के सामने गंगा नदी पर पीपे यानि पांटून पुल को बनवाया था। यह पांटून पुल बरसात के माह में हटा लिया जाता है और सर्दियों के दौरान फिर बांध दिया जाता है। ताकि किसानों को किसी भी तरह की कोई दिक्कत न हो और गंगा पार अपने खेतों में जाने के लिए परेशानी न हो। तीन वर्ष पहले प्रभारी मंत्री कपिल देव, सदर विधायक सूचि चौधरी, भाजपा नेता ऐश्वर्या चौधरी ने विधी विधान के साथ पांटून पुल का शुभारंभ किया था। इससे किसानों और मजदूरों को काफी लाभ मिला।
किसानों को मिलेगा काफी लाभ
पुल ठेकेदार प्रफुल्ल सिंह ने बताया कि पांटून पुल पर आवागमन शुरू हो गया है। किसानों को काफी लाभ मिलेगा। अबकी बार पांटून पुल को पहले वर्ष की अपेक्षा जल्दी लगा दिया गया है। किसान अपने खेतों पर आ जा रहे हैं और फसलों को आसानी से लेकर आ रहे हैं।
पत्नी ने पति के खिलाफ दस दिन पूर्व दर्ज कराया था मुकदमा
मारपीट के मुकदमे में वांछित व्यक्ति की पुलिस हिरासत में संदिग्ध मौत!
~शाहिद रजा बढ़ापुर
बिजनौर। बढ़ापुर थाना क्षेत्र के एक गांव में पत्नी के साथ मारपीट के मुकदमे में वांछित व्यक्ति की पुलिस हिरासत में संदिग्ध मौत हो गई! पुलिस का कहना है कि उक्त व्यक्ति थाने पहुंचा ही नहीं था, जबकि परिजनों का कहना है कि मंगलवार सायं पुलिस उसे घर से उठाकर ले गई थी।
बताया जाता है कि थाना क्षेत्र के गांव शाहअलीपुर कोटरा निवासी नीटू (40 वर्ष) पुत्र प्रताप सिंह ट्रक चालक था। पति पत्नी में अक्सर झगड़ा होता रहता था, जिसके चलते नीटू की पत्नी सरिता ने गत 12 नवंबर 2023 को थाना बढ़ापुर पहुंचकर अपने पति के विरुद्ध मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही नीटू घर से फरार हो गया था। बताया जाता है कि घटना के 10 दिन बाद मंगलवार को नीटू गांव पहुंचा। उसके गांव पहुंचने की सूचना मिलने पर मंगलवार की सायं साढ़े सात बजे बढ़ापुर पुलिस मुकदमे में वांछित चल रहे नीटू को गिरफ्तार करने उसके घर पहुंची वह नशे में धुत्त था तथा वह जोर-जोर से चीख कर कह रहा था कि उसने शराब पीने के अलावा जहर भी खा रखा है और कुछ देर बाद उसकी मौत हो जाएगी। नीटू की बात सुनकर पुलिस कर्मियों ने उसको वहीं छोड़ दिया। बताया जाता है कि नीटू की पत्नी सरिता ने पुलिस कप्तान को फोन करने की धमकी दी तो मजबूरन पुलिसकर्मी उसको अपने साथ ले आए। सूत्र बताते हैं कि रास्ते में नीटू की हालत खराब होने पर पुलिसकर्मी उसे सीएचसी नगीना ले गए जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया परन्तु रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस अभिरक्षा में ही देर रात उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद से मृतक के घर पर कोई मौजूद नहीं है। बताया जाता है कि पुलिस उसके परिजनों को बिजनौर पोस्टमार्टम हाउस ले गई है।
जहर खाने से हुई मौत: सीओ
घटना के संबंध में सीओ नगीना संग्राम सिंह ने बताया कि मृतक नीटू नशेड़ी किस्म का व्यक्ति था। पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य के साथ मारपीट करता रहता था। उसकी पत्नी ने थाना बढ़ापुर में उसके विरुद्ध मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था। जहर खाने से उसकी मौत हुई है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
-दो बाइकों की आमने सामने की टक्कर में एक युवक की मौत – हादसे के बाद मौके पर लगी भारी भीड़ -दूसरा बाइक सवार अपनी बाइक मौके पर ही छोड़कर हुआ फरार -मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा -युवक की मौत से परिजनों में मचा कोहराम -बिजनौर के मंडावर मार्ग पर मंडावली सैदू के पास का मामला
मृतक की पुत्री ने कराई रिपोर्ट दर्ज, हत्या में प्रयुक्त डंडा बरामद
चाचा को मौत के घाट उतारने वाले भतीजे का चालान
बिजनौर। बढ़ापुर में शराब के नशे में धुत भतीजे द्वारा सगे चाचा को मौत के घाट उतार दिए जाने के बाद मृतक की पुत्री व हत्यारे की चचेरी बहन की तहरीर पर बढापुर पुलिस ने हत्यारोपी भतीजे के खिलाफ धारा 304 में रिपोर्ट दर्ज कर हत्या में इस्तेमाल किए गए डंडे को आरोपी की निशानदेही पर बरामद कर हत्यारोपी का सम्बन्धित धारा में चालान कर न्यायालय के समक्ष पेश किया है।
बताया जा रहा है कि थाना क्षेत्र के ग्राम इस्लामाबाद में बीती रात शराब पीने के दौरान शुरू हुई मारपीट में भतीजे द्वारा सगे चाचा को मौत के घाट उतार दिया गया था। सोमवार को देर रात्रि मगन पुत्र सोहन सिंह आयु 65 वर्ष अपने भतीजे ओमपाल पुत्र बत्तू सिंह के साथ शराब की दुकान से नाइट किंग नामक शराब खरीद कर लाए थे। जिसको दोनों चाचा भतीजे एक साथ मिलकर मगन के घर मे ही बैठकर पी रहे थे। शराब पीने के दौरान हुई कहासुनी में ओमपाल ने एक डंडा उठाकर चाचा मगन सिंह के सर पर दे मारा जिस कारण मगन सिंह की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मगन सिंह की मौत से परिवार में हड़कंप मच गया जिसकी सूचना मगन सिंह की पुत्री मनोज कुमारी को दी गई सूचना पर पहुंची मनोज कुमारी ने अपने तहरे भाई ओमपाल के खिलाफ थाना बढ़ापुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई मृतक की पुत्री मनोज कुमारी की तहरीर पर बढ़ापुर पुलिस द्वारा धारा 304 में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार करने के साथ साथ हत्यारे की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल हुआ डंडा भी बरामद कर लिया। मंगलवार को बढ़ापुर पुलिस द्वारा हत्यारोपी का सम्बंधित धारा में चालान कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। बताते चलें कि हत्यारोपी ओमपाल पर शराब पीकर गुंडागर्दी, घर में घुसकर मारपीट करने सहित गम्भीर धाराओं के कुल 5 मुकदमे दर्ज हैं।
नशे में हुई वारदात, नहीं थी कोई रंजिश
इस संबंध में पुलिस उपाधीक्षक नगीना द्वारा बताया गया कि शराब पीने के दौरान दोनों चाचा भतीजे में मारपीट हुई थी जिसमें भतीजे द्वारा चाचा के सिर में डंडा मार कर मौत के घाट उतारा गया है। जांच में पता चला है कि दोनों में कोई रंजिश नहीं थी।
शराब पीने के दौरान डंडा मारकर भतीजे ने चाचा को मौत के घाट उतारा
बिजनौर। बढ़ापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम इस्लामाबाद में शराब पीने के दौरान शुरू हुई मारपीट में भतीजे ने चाचा के सिर में डंडा मारकर मौत के घाट उतार दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया साथ ही आरोपी भतीजे को गिरफ्तार कर लिया गया है।
थाना क्षेत्र के ग्राम इस्लामाबाद निवासी ओमपाल पुत्र बत्तू सिंह व मदन पुत्र सोहन सिंह आपस में सगे चाचा भतीजे हैं। दोनों के घर आसपास ही हैं। सोमवार देर रात करीब 10 बजे चाचा भतीजे गांव के समीप ठेके से नाइट किंग नामक शराब खरीद कर लाए और एक साथ बैठकर पीने लगे। शराब पीने के दौरान दोनों में किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। थोड़ी ही देर में बहस गाली गलौच में तब्दील होने के साथ साथ मारपीट में बदल गई। शराब के नशे में धुत भतीजे ओमपाल ने चाचा मगन के सिर में डंडा मारकर मौत के घाट उतार दिया। चाचा भतीजे के खूनी संघर्ष की सूचना ग्रामीणों द्वारा पुलिस को दी गई। सूचना पर पहुँची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। साथ ही हत्यारोपी भतीजे को गांव से ही गिरफ्तार कर लिया।
थानाध्यक्ष सुमित राठी द्वारा बताया गया कि शराब पीने के दौरान हुई मारपीट में ओमपाल द्वारा अपने सगे चाचा मदन सिंह के सिर में डंडा मार कर मौत के घाट उतार दिया गया था। आरोपी भतीजे को गिरफ्तार कर लिया गया है। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।
उर्वरक विक्रेता के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामारी
बिजनौर। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश एवं जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया व राजवीर सिंह सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता बिजनौर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील धामपुर एवं नगीना, गिरीश चंद उप कृषि निदेशक बिजनौर एवं पीएन सिंह जिला गन्ना अधिकारी बिजनौर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील बिजनौर, जिला कृषि रक्षा अधिकारी मनोज रावत एवं सहायक निदेशक मत्स्य बिजनौर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील नजीबाबाद, अमित कुमार अपर जिला कृषि अधिकारी एवं जितेंद्र कुमार जिला उद्यान अधिकारी बिजनौर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील चांदपुर में उर्वरक विक्रेता के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार की कार्रवाई की गई।
छापामार कार्रवाई के दौरान कुल 57 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान/गोदाम में उपलब्ध यूरिया, डीएपी, एनपीके आदि उर्वरकों के स्टॉक का मिलान पीओएस मशीन व अभिलेखों के अनुसार किया गया तथा कुल 24 उर्वरकों के नमूने लिए गए। साथ ही मै. चौधरी पेस्ट कंट्रोल झालू एवं मै0 बालाजी फर्टिलाइजर्स झालू द्वारा उर्वरक प्रतिष्ठान पर उपस्थित न होने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। छापामार कार्रवाई के दौरान ओवर रेटिंग एवं मुख्य उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग आदि का कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया।
निरीक्षण के दौरान जसवीर सिंह तेवतिया उर्वरक निरीक्षक/ जिला कृषि अधिकारी बिजनौर द्वारा सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि कृषकों की तत्कालीन आवश्यकता के अनुसार ही फास्फेटिक उर्वरकों, विशेषकर डीएपी, एनपीके, उर्वरक का वितरण निर्धारित दर पर किया जाए। साथ ही यह भी निर्देशित किया कि बिना पोस (pos) मशीन के उर्वरकों का वितरण न किया जाए। किसी भी दशा में उर्वरकों की बिक्री बल्क में न की जाए। कृषक को उनकी जोतबही/खतौनी एवं फसलवार संस्तुति के अनुसार उर्वरकों का वितरण किया जाए। यदि कोई भी उर्वरक विक्रेता निर्धारित दर से अधिक दर पर बिक्री करता हुआ एवं प्रचलित उर्वरकों के साथ-साथ अन्य उर्वरकों की टैगिंग करता हुआ पाया जाता है, तो संबंधित उर्वरक विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के अंतर्गत विधिक कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।
यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट 2024 की प्रयोगात्मक परीक्षाओं का शेड्यूल हुआ जारी।
दो चरणों में आयोजित होगी प्रयोगात्मक परीक्षाएं।
पहला चरण 25 जनवरी से 1 फरवरी 2024 तक आयोजित होगा।
पहले चरण में आगरा, सहारनपुर, बरेली, लखनऊ, झांसी, चित्रकूट, फैजाबाद,आजमगढ़, देवीपाटन और बस्ती मंडलों में प्रयोगात्मक परीक्षाएं होंगी आयोजित।
द्वितीय चरण 2 फरवरी से 9 फरवरी के बीच होगा।
दूसरे चरण में अलीगढ़, मेरठ, मुरादाबाद, कानपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर,वाराणसी और गोरखपुर मंडल में प्रयोगात्मक परीक्षाएं आयोजित होंगी।
प्रयोगात्मक परीक्षाओं को लेकर आवश्यक जानकारी और परीक्षकों को नियुक्ति की सूचना संबंधित क्षेत्रीय कार्यायलयों से दी जाएगी।
शुचितापूर्ण और पारदर्शी ढंग से प्रयोगात्मक परीक्षाएं सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगी।
सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग और डीवीआर प्रधानाचार्य द्वारा सुरक्षित रखा जाएगा।
मांगे जाने पर उसे संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों और यूपी बोर्ड को उपलब्ध कराना होगा।
हाई स्कूल की प्रायोगात्मक परीक्षाएं पिछले वर्ष की तरह विद्यालय स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन यानी प्रोजेक्ट कार्य के आधार पर संपादित होगी।
हाईस्कूल के व्यक्तिगत परीक्षार्थी अपने अग्रसारण केंद्र के प्रधानाचार्य से संपर्क कर प्रयोगात्मक परीक्षा में सम्मिलित होने की कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे।
हाई स्कूल की प्रयोगात्मक परीक्षा आंतरिक मूल्यांकन नैतिक खेल एवं शारीरिक शिक्षा के आधार पर होगा।
इंटरमीडिएट की खेल एवं शारीरिक शिक्षा के प्राप्तांक विद्यालयों के प्रधानाचार्य के माध्यम से यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड किए जाएंगे।
विद्यालय स्तर पर आयोजित कराई जाने वाली कक्षा 9 एवं 11 की वार्षिक परीक्षाएं और कक्षा 10 एवं 12 की प्री बोर्ड की लिखित परीक्षाएं 13 जनवरी 2024 से 22 जनवरी 2024 के बीच प्रधानाचार्यों द्वारा आयोजित की जायेंगी।
यूपी बोर्ड के सचिव दिब्य कांत शुक्ला ने विज्ञप्ति जारी कर दी जानकारी।
पक्का तटबंध लगवाने के लिए जिलाधिकारी से ग्रामीणों ने लगाई गुहार
बिजनौर। मंडावर क्षेत्र के ग्राम कुंदनपुर, टीप, फतेहपुर सभाचंद, सैफपुर खादर, चंद्रभान पुर किशोर उर्फ मिर्जापुर खादर आदि ग्रामों के सैकड़ों ग्रामीणों ने कुंदनपुर और टीप ग्राम के सामने कटान रोकने को लगाए जा रहे कच्चे तटबंध को विरोध करते हुए रुकवा दिया। ग्रामीणों की मांग थी कि इस कच्चे तटबंध से कुछ नहीं होगा। इसके बदले पत्थर वाले पक्के तटबंध का निर्माण कराया जाए।
कुन्दनपुर के सामने गंगा नदी पर सिंचाई विभाग द्वारा कच्चा तटबंध लगाने का काम चल रहा है। किसानों का कहना है कि उनकी कृषि भूमि व फसलों को नुकसान हो रहा है। इस कारण सभी ग्रामवासियों में रोष व्याप्त है। इसे लेकर ग्रामीण इकट्ठा होकर जिलाधिकारी से मिले और ज्ञापन देते हुए अपनी मांग रखी। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देते हुए कहा कि गंगा नदी पर पत्थर वाले पक्का स्टड लगवाए जाएं, स्थायी सुधार वाला कार्य सम्पन्न कराया जाए। साथ ही यहां पर पूर्व में बने हुए पक्के स्टड की भी मरम्मत कराई जाए। ज्ञापन देने वालों में ग्राम प्रधान पति साजिद, नीतीश प्रधान, चंद्रपाल प्रधान, संजय सिंह, अंतरपाल सिंह, नाते सिंह, राम अवतार सिंह, सुरेंद्र सिंह, नंदराम, रामपाल सिंह, मूलचंद, धर्मपाल सिंह, मदन सिंह सैनी, करण सिंह सैनी, नवबहार सिंह, जय सिंह, कृपाराम, चमन सिंह, इनाम अली, अब्दुल लतीफ, गौरव कुमार, कपिल कुमार, राजेंद्र कुमार, नीरज कुमार, दलबीर सिंह, संजय कुमार, शीशराम, मुशर्रफ, डॉक्टर कय्यूम अहमद अंसारी आदि शामिल रहे।
साजिद अहमद ने जिलाधिकारी के सामने रखी मांग
ग्राम सैफपुर खादर ग्राम प्रधान पति साजिद अहमद ने जिलाधिकारी के सामने मांग रखते हुए कहा कि हमारे गांव हर साल गंगा की चपेट में आ जाते है और गंगा हर साल कटान करती है, हजारों बीघे फसल और नष्ट कर देती है। ग्रामवासी इस समस्या का स्थाई हल और पक्के तटबंध लगाने की मांग करते हैं। इस संबंध में एक्सईएन से बात की तो उन्होंने बताया कि ये 2016 की परियोजना है और इसको इस तरह बंद नहीं किया जा सकता। पक्के स्टड के लिए अलग से परियोजना बनानी होगी।
जिलाधिकारी ने दिया आश्वासन
ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए जिलाधिकारी ने जल्द ही समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
व्यापारी की पत्नी और उसके पुराने मित्र की मिलीभगत आई सामने
चंद घंटों में बिजनौर पुलिस ने किया खुलासा
फर्जी साबित हुई गैंग रेप और डकैती की वारदात
बिजनौर। पुलिस ने नगीना देहात में हुई गैंगरेप और डकैती की घटना का खुलासा चंद घंटों में कर दिया है। पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन द्वारा जनपद में अपराध की रोकथाम व वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के क्रम में आज दिनांक 16 नवंबर 2023 को थाना नगीना देहात पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 231/ 23 वांछित अभियुक्त पुष्पेन्द्र चौधरी पुत्र राजपाल निवासी ग्राम छितावर थाना किरतपुर हाल निवासी आदर्श नगर थाना कोतवाली शहर जनपद बिजनौर को लूटे गये सामान सहित गिरफ्तार किया गया है। दरअसल पूरी वारदात ही फर्जी साबित हुई है।
पूछताछ में हुआ वारदात का खुलासा
अभियुक्त पुष्पेन्द्र चौधरी से पूछताछ में यह तथ्य प्रकाश में आये कि पिछले 10-12 साल से अभियुक्त पुष्पेन्द्र चौधरी के पीड़िता के साथ संबंध थे। वह पीडिता से फोन पर निरंतर बात करते रहते थे। पीड़िता द्वारा ही पुष्पेन्द्र चौधरी को दिनांक 14 नवंबर 2023 को शाम 06.00 बजे फोन करके बताया कि आज परिवार वाले धामपुर जायेगे और 04-05 घंटे में वापस आयेंगे। शाम को पीड़िता ने पुष्पेन्द्र चौधरी को घर पर बुलाया और घर का सामान (सोने चांदी के आभूषण, नगदी, एलईडी, घड़िया, स्कूटी) उसके सुपुर्द कर दिया। इसके बाद अभियुक्त बिजनौर आ गया। विवेचना में यह तथ्य भी प्रकाश में आए कि अभियुक्त पुष्पेन्द्र के उपर काफी कर्जा है, जिसको चुकाने के लिये उसने पीड़िता के साथ मिलकर घटना की है। विवेचना के क्रम में यह भी तथ्य प्रकाश में आया कि जो चोट पीड़िता को आई उसने स्वयं की है। अभी तक की विवेचना में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुयी है। विवेचना में वैज्ञानिक पद्यतियों का प्रयोग करके शीघ्र आरोप पत्र लगाया जायेगा। न्यायालय में पैरवी करके इनको कड़ी से कड़ी सजा दिलायेगे। पुष्पेन्द्र व पीड़िता पहले दोनों अध्यापक थे। इसी दौरान दोनों में मित्रता हुई। इसके बाद पुष्पेन्द्र ने शेयर बाजार में पैसे लगाये, जिससे उसके उपर कर्जा हो गया था। अभी तक यह तथ्य प्रकाश में आये हैं कि घटना को पुष्पेन्द्र के द्वारा ही अंजाम दिया गया है। हर पहलू से गहनता से जांच की जा रही है। विवेचना के क्रम में यह भी प्रकाश में आया कि 19 अक्तूबर 2023 को भी पुष्पेन्द्र चौधरी घर पर आया था और 40 हजार रुपये चोरी करके ले गया था।
गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व पता:-
पुष्पेन्द्र चौधरी पुत्र राजपाल निवासी ग्राम छितावर थाना किरतपुर हाल निवासी आदर्श नगर थाना कोतवाली शहर जनपद बिजनौर
बीज विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार कार्रवाई
छापामार कार्रवाई के दौरान कुल 65 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण
02 बीज विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस/ निलंबन
प्रतिष्ठान बंद कर भागे बीज व्यापारी
बिजनौर। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश एवं जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में जिला कृषि अधिकारी एवं सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता बिजनौर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील बिजनौर व अपर जिला कृषि अधिकारी एवं सहायक निदेशक मत्स्य, बिजनौर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील नगीना व नजीबाबाद एवं गिरीश चंद, उप कृषि निदेशक, बिजनौर एवं पीएन सिंह, जिला गन्ना अधिकारी, बिजनौर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील धामपुर एवं मनोज रावत, जिला कृषि रक्षा अधिकारी मनोज रावत एवं जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, बिजनौर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील चांदपुर में बीज विक्रेता के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार की कार्रवाई की गई।
छापामार कार्रवाई के दौरान कुल 65 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान/गोदाम में उपलब्ध बीजों में से कुल 51 के नमूने लिए गए। साथ ही मै. किसान खाद भंडार, मुकीमपुर पदार्थ उर्फ चितावर एवं चौधरी खाद एवं बीज भंडार, चितावर द्वारा बीज प्रतिष्ठान बंद कर भाग जाने पर कुल 02 बीज विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस/ निलंबन जारी किया गया।
25 तोले सोने के आभूषण, दो किलो चांदी और करीब डेढ़ लाख रुपये नकदी ले गए बदमाश
एसपी, एएसपी देहात ने किया मौका मुआयना
व्यापारी की पत्नी को बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म, डकैती
बिजनौर। नगीना देहात थाना क्षेत्र के एक प्रमुख थोक व्यापारी के घर में घुसे पांच बदमाशों ने खूब तांडव मचाया। घर में अकेली व्यापारी की पत्नी को बंधक बनाकर जलती सिगरेट से दागकर यातनाएं दीं और सामूहिक दुष्कर्म किया। बेहोश पीडिता (35 वर्ष) को कमरे में बंद कर बदमाश 25 तोले सोने के आभूषण, दो किलो चांदी और करीब डेढ़ लाख रुपये नकदी लूटकर फरार हो गए। पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन, अपर पुलिस अधीक्षक (देहात) राम अर्ज ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस सनसनीखेज वारदात के खुलासे के लिए एसपी ने पुलिस की तीन टीमों का गठन किया है, जबकि नगीना देहात थाना प्रभारी विकास कुमार को कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। प्रथम दृष्टया पुलिस का मानना है कि इस संगीन वारदात को अंजाम देने में पीड़ित परिवार का कोई जानकर शामिल है।
नगीना देहात के एक गांव निवासी थोक व्यापारी ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि वह अपनी मां और बच्चों संग मंगलवार की शाम दवाई लेने धामपुर गए थे। बुधवार को भाई दूज होने के कारण धामपुर में अपनी बहन के घर रुक गया। घर में उनकी पत्नी अकेली थी। शाम साढ़े सात बजे हथियारबंद पांच बदमाश पड़ोसी की छत से होकर उसके घर में घुसे। बदमाशों ने उसकी पत्नी को मारपीट कपड़े से नशा सुंघाकर बेहोश कर दिया। कुछ देर बाद होश आने पर उनको बांध दिया। आरोप है कि बदमाशों ने सामने बैठकर शराब और सिगरेट पी और जलती सिगरेट से पत्नी के हाथ को दागते हुए यातनाएं दीं। सभी बदमाशों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। महिला ने बताया कि दो बदमाश कमरे में थे जबकि अन्य आंगन में थे। बदमाशों ने घर की अलमारियों के ताले तोड़े, जो ताले नहीं टूटे, उनको कटर से काटकर 25 तोले सोने के आभूषण, दो किलो चांदी और करीब डेढ़ लाख रुपये नकद, एक स्कूटी और एक एलईडी लूट ले गए। घर में बुधवार की सुबह कोई हलचल न होने पर पड़ोसियों ने व्यापारी को सूचना दी।
हम्वीर सिंह को थाना प्रभारी बनाया
बिजनौर। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने सूचना मिलते ही घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। खुलासे के लिए तीन टीमों का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि लापरवाही पर नगीना देहात थाना प्रभारी विकास लाइन हाजिर कर हम्वीर सिंह को थाना प्रभारी बनाया गया है।
गोल्ड मेडलिस्ट रूमा रेहान को पत्रकार प्रेस महासंघ ने किया सम्मानित
~भुवन राजपूत, चांदपुर।
बिजनौर। पत्रकार प्रेस महासंघ इकाई जनपद बिजनौर के सदस्यों ने महात्मा ज्योतिबा फुले विश्वविद्यालय बरेली से बीएएलएलबी में सर्वोच्च अंक व गोल्ड मैडल प्राप्त करने वाली छात्रा रूमा रेहान को शाल ओढ़ाकर व प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर परिजनों व शुभचिंतकों को मिठाई खिलाकर छात्रा की हौसला अफजाई व उज्जवल भविष्य की कामना की गई।
जनपद बिजनौर के तहसील चांदपुर के मुफ्ती सराय निवासी रूमा रेहान पुत्री मोहम्मद रेहान एडवोकेट ने विवेक कॉलेज बिजनौर से बीएएलएलबी की परीक्षा देते हुए महात्मा ज्योतिबा फुले विश्वविद्यालय बरेली में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर कुलाधिपति महामहिम राज्यपाल से दिनांक 10 नवंबर 2023 को गोल्ड मेडल प्राप्त कर न सिर्फ अपने माता-पिता के नाम में चार चांद लगाए हैं बल्कि क्षेत्र का नाम भी रौशन किया है। इस उपलब्धि पर पत्रकार प्रेस महासंघ इकाई जनपद बिजनौर के सदस्यों द्वारा मोहल्ला मुफ्ती सराय स्थित निवास पहुंच कर रूमा रेहान को शाल ओढ़ाकर व प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हाई स्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा फादर सन पब्लिक स्कूल से टॉप कर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व गुरुजनों को देखते हुए बताया कि वह वर्तमान में जामिया यूनिवर्सिटी दिल्ली से एलएलएस की पढ़ाई करने के साथ पीसीएसजे की तैयारी कर रही हैं। हौसला अफजाई करने वालों में अध्यक्ष विकास शर्मा, नगर अध्यक्ष निजामुद्दीन सैफी, डॉ मुनेश चंद शर्मा, अजमल अंसारी, आफताब आलम, अतीक अहमद, मोहम्मद तारिख, इरफान अंसारी, रईस अहमद, मोहम्मद रहमान, राकेश कुमार, मोहम्मद दानिश आदि मौजूद रहे।
बिजनौर। धामपुर थाना क्षेत्र में सियालदह एक्सप्रेस ट्रेन से उतरते समय रेलवे ट्रैक पर गिरी एमबीबीएस की छात्रा। छात्रा आधे घंटे तक रेलवे ट्रैक पर घायल अवस्था में तड़पती रही। देर से पहुंची एंबुलेंस। डॉक्टरों ने छात्रा को सीएचसी में मृत किया घोषित। घटना से परिजनों का रो रो कर बुरा हाल।
जनपद बिजनौर के थाना धामपुर क्षेत्र के धामपुर रेलवे स्टेशन पर एमबीबीएस की छात्रा अदीबा सियालदह एक्सप्रेस ट्रेन से उतरते समय रेलवे ट्रैक पर गिर गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार छात्रा आधे घंटे तक रेलवे ट्रैक पर घायल अवस्था में तड़पती रही। देरी से पहुंची एंबुलेंस से घायल छात्रा को सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना से परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्रा के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है और मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
तीन नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर चलाई गोली, मचा हडकम्प
बिजनौर। थाना चाँदपुर क्षेत्र के ग्राम घनसुरपुर में बीती रात्रि लगभग नौ बजे तीन नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर गोली चलाई। गनीमत रही गोली किसी को नहीं लगी, लेकिन गोली दरवाजे को चीरते हुए कमरे में रखी गेंहू भरने की टीन की टंकी को भी पार कर दीवार में जा लगी। घटना से ग्रामीणों में अफरातफरी का माहौल बन गया। पीड़ित ने डायल 112 को कई बार कॉल की, लेकिन सम्पर्क नहीं हो सका। तब पीड़ित ने 1076 पर सम्पर्क किया, जिसके माध्यम से पुलिस को सूचना दी गई। खबर भेजे जाने तक इस मामले में पीड़ित की ओर से पुलिस को तहरीर नहीं दी गई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके की जांच पड़ताल की। फिलहाल पुलिस गम्भीरता से जाँच में जुटी हुई है।
जनपद बिजनौर के थाना चांदपुर इलाके के गांव घंसुरपुर में तीन नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर गोली चलाकर गांव में दहशत फैला दी। वारदात को अंजाम देकर बदमाश मौके से फरार हो गए। पीड़ितों ने बताया कि घर के सभी सदस्य छत पर बने कमरे में सो रहे थे। कमलेश और प्रदीप ने बताया कि वह लघुशंका करने गए थे। अचानक गोली चलने से वह डर गए। उन्होंने बताया गोली दो बार चली, जो कमरे के किवाड़ को पार कर अंदर रखी गेंहू भरने वाली टीन की टंकी को पार कर दीवार में जा लगी। गोली चलने से इलाके में हड़कम्प मच गया। मौके पर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। परिजनों द्वारा डायल 112 और जलीलपुर पुलिस को घटना के बारे में सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की। समाचार भेजे जाने तक पीड़ितों की और से पुलिस को कोई शिकायती पत्र नहीं दिया गया है। परिजनों का कहना है कि गाँव के ही एक व्यक्ति से जमीन को भी लेकर विवाद चला आ रहा है। हालांकि पीड़ितों का कहना है कि बदमाश अपने चेहरे पर नकाब पहने हुए थे, जिसकी वजह से उनकी पहचान नहीं हो सकी है।
कलियुग के जीवित देवता माने जाने वाले केसरी नंदन श्रीहनुमान जी के जन्म की पुराणों में विभिन्न प्रकार की कथाएं पाई जाती हैं। ऐसी ही एक कथा में कार्तिक मास की चतुर्दशी हनुमान जयंती के रूप में मानी जाती है। आज कार्तिक मास की चतुर्दशी है एल। इस दृष्टि से आज हनुमान जयंती है।
वैसे, कोई-कोई श्रावण मास की एकादशी को हनुमान जी का जन्म मानते हैं। माना जाता है कि उस दिन श्रवण नक्षत्र में कमलनयनी अंजना माई ने सूर्योदय के समय कानों में कुंडल और यज्ञोपवीत धारण किए हुए कौपीन पहने सुवर्ण के समान रंग वाले सुंदर पुत्र हनुमान को जन्म दिया। श्री हनुमान जी के अवतरण से संबंधित एक कथा है -‘एक समय शिव जी ने भगवान विष्णु का मोहिनी रूप देखा। उन्होंने श्री राम के कार्य की संपन्नता को दृष्टि में रखकर अपना वीर्यपात किया। शिवजी से प्रेरित सप्तर्षियों ने उसको माता अंजनी में कर्ण मार्ग से प्रवेश कराया। उस वीर्य से महाबली और महापराक्रमी वानर शरीर वाले हनुमान रूप में शिव अवतरित हुए। इसीलिए उन्हें 11वें रुद्र के रूप में भी माना जाता है। श्री हनुमान जी को शिव के प्रमुख गण नंदी के रूप में भी वर्णित किया गया है। गीता प्रेस के श्री हनुमान अंक में श्री रामलाल द्वारा लिखित लेख-‘श्री रूद्र रूप हनुमान’ के मुताबिक, ‘हनुमत्तसहस्रनाम’ के 89वें श्लोक में श्री हनुमान जी का एक नाम नंदी भी कहा गया है। इससे संबंधित प्रसंग इस तरह है-‘एक बार कैलाश पर्वत पर पुष्पक विमान की गति को अवरुद्ध देखकर राक्षस राज रावण ने दृष्टि दौड़ाई तो उसे पर्वत शिखर पर वानर रूप में स्थित नंदी दीख पड़े। उन्हें देखकर रावण खिलखिला कर हंस पड़ा। तब नंदी ने रावण को श्राप देते हुए कहा- दशग्रीव इस पर्वत पर स्वयं भगवान शंकर क्रीड़ा कर रहे हैं। तुम विमान द्वारा उस स्थान के निकट जा रहे हो और साथ ही मेरा उपहास भी कर रहे हो। उन्होंने श्राप दिया कि प्रजापति पुलह के वंश में तुम्हारा विनाश करने के लिए मेरे ही मुख से मुख वाले महापराक्रमी में भयंकर वानर उत्पन्न होंगे।
उनके मुताबिक, विष्णुधर्मोत्तरपुराण में उपर्युक्त श्राप के क्रम में रुद्रांश का हनुमदरूप में प्रकट होने का संकेत मिलता है और इसका स्पष्टीकरण पुराणों में भी प्राप्त है। इसीलिए नंदी की गणना 11हवें रुद्र के रूप में की गई है। भगवान विष्णु के अंशु सहित श्री राम रूप में प्रकट होने पर उनके कार्य की संपत्ति संपन्नता के लिए ही नंदी हनुमान के रूप में अवतरित हुए- शिलादतनयो नन्दी शिवस्यानुचर: प्रिय: । यो वै चैकादशो रुद्रो हनूमान से महाऋषि:।। अवतीर्ण: सह्ययार्थ विष्णोरमिततेजस: (स्कंदपुराण माहेश्वर केदार. ८/९९-१००)
लेख के ही मुताबिक, महाराज भोज ने स्वरचित ‘चंपू रामायण’ में लिखा है कि रावण समीर पुत्र हनुमान को अपने सम्मुख उपस्थित देखकर आश्चर्यचकित हो गया। उसे कैलाश उठाने के अपराध में नंदीश्वर ने जो श्राप दिया था, उसका उसे स्मरण हो आया और उसने समझ लिया कि शिव पार्षद नंदी स्वयं वानर रूप में यहां आ गए हैं। इसी तरह महाकवि गिरधर कृत गुजराती रामायण में भी वर्णन किया गया है कि केसरी की पत्नी अंजनी की तपस्या से प्रसन्न होकर रूद्र ने उसे वर मांगने के लिए कहा। भगवान शंकर ने प्रसन्न होकर वरदान दिया कि तुम्हारे उदर से 11हवें रूद्र प्रकट होंगे- शंकर कहे धन्य अंजनी तने पुत्र थाशे नेट। रुद्र जे अगियारमा, ते प्रगटशे तुज पेट।। (गिरधर रामायण, बालकाण्ड १२/२७)
अवधी भाषा में रामकथा के प्रथम गायक हनुमान जी
कल्याण के हनुमान अंक में स्वामी श्री सीतारामशरण जी महाराज के लेख-‘ त्रेता युग में श्री हनुमान जी द्वारा अवधी भाषा में श्री राम कथा का शुभारंभ’ में माना गया है कि लोक भाषा में सबसे पहले श्रीहनुमान जी ने ही राम कथा का शुभारंभ त्रेता युग में कर दिया था। वह लिखते हैं कि जगज्जननी माता सीता को अपना परिचय देने के समय श्रीहनुमान जी ने विचार किया कि यदि मैं मां जानकी के समक्ष संस्कृत भाषा में वार्तालाप करता हूं तो रावण जानकर वह मुझसे भयभीत हो जाएंगी। इसलिए मुझे उनके साथ मनुष्य की भाषा में ही वार्तालाप करना चाहिए। उनके मुताबिक, श्री गोविंदराज जी लिखते हैं कि ‘मानुषं वाक्यम’। मनुष्य वाक्य का अर्थ है -कौशल देशवासी मनुष्य की भाषा, क्योंकि माता सीता इसी भाषा से परिचित हैं। उन्होंने लिखा है कि वेद एवं व्याकरण आदि के ज्ञाता होने पर भी श्रीहनुमान जी ने अवधी भाषा में माता जानकी को कथा सुनाई। इस तरह त्रेता युग में ही हनुमान जी ने लोक भाषा में श्री राम कथा का शुभारंभ कर दिया। श्री हनुमान जी और माता जानकी के बीच के इस वार्तालाप को रामकीर्तन कहा गया है ( रामकीर्तन हर्षिता ५/३३/१४)
राज मुद्राओं में श्रीहनुमान..
हनुमान अंक में एक लेख- ‘राज-मुद्राओं पर श्री हनुमदाकृति का अंकन’ डॉक्टर विश्वंभर शरण जी पाठक तथा कुमारी श्री मञजु भारती का है। लेख में कहा गया है कि प्राय: उत्तर भारत में स्वामी श्रीरामानंद जी के कारण हनुमान जी की उपासना के विशेष प्रचार की बात सामने आती है लेकिन इस तथ्य के पुरातात्विक साक्ष्य पर्याप्त हैं कि इससे काफी पहले दसवीं शताब्दी में ही हनुमान जी की मूर्ति उत्तर भारत में प्रतिष्ठित हो चुकी थी। सबसे प्राचीन मूर्ति खजुराहो की एक मठिया में प्रतिष्ठित है। इसे 922 ई. का माना जाता है। राजमुद्रा पर हनुमान जी के चित्र का अंकन सबसे पहले रत्नपुर (छत्तीसगढ़) के कलचुरि नरेश कलिंगराज और उनके पुत्र कमलराज ने किया। उन्होंने श्री हनुमान मुद्रा की परंपरा 11वीं शताब्दी में प्रारंभ की। इस राजवंश के जाजल्लदेव प्रथम और पृथ्वीदेव ने भी यह परंपरा बनाए रखी। जाजल्लदेव की ताम्रमुद्रा पर राक्षस को पददलित करते हुए द्विभुज हनुमानजी का स्पष्ट अंकन है किंतु पृथ्वीदेव की मुद्राओं पर श्री हनुमान का चतुर्भुज रूप वर्णित मिलता है। चंदेल राजवंश की राजमुद्राओं पर भी श्रीहनुमान का अंकन है। इसका प्रारंभ चंदेल नरेश सल्लक्षण वर्मा ने किया। उनके बाद जय वर्मा, पृथ्वी वर्मा और मदन वर्मा की मुद्राओं में भी यह परंपरा जारी रही। लेख के अनुसार, कर्नाटक महाराष्ट्र क्षेत्र के देवगिरी के यादवों का राजांङक भी ‘गरुड़सहित हनुमान’ रहा है। मध्यकाल में कर्नाटक श्रीहनुमान भक्ति का प्रमुख क्षेत्र दिखाई पड़ता है। यहां के राजाओं एवं राज्य प्रसाद में भी वानर आकृति प्रयुक्त होती थी। यादव नरेशों की राजमुद्रा हनुमान की आकृति वाली है।
सभी क्षेत्रवासियों को दीपावली व गंगा स्नान की हार्दिक शुभकामनाएं
ग्राम प्रधान आशा देवी प्रधान पति हुकम सिंह ग्राम पंचायत प्रतापपुर विकासखण्ड नजीबाबाद..
इंडेन गैस एजेंसी (स्व. हरिराज सिंह) प्रो. रोहित राज सिंह, मैनेजर खेमचंद सिंह व समस्त स्टाफ़ सिटी मार्केट हरिद्वार रोड नजीबाबादग्राम प्रधान ओजेश राजपूत उर्फ बिट्टू ग्राम पंचायत बाकरपुर विकासखण्ड नजीबाबादऋषि पाल सिंह राजस्व निरीक्षक ब्लॉक नजीबाबादसोनू कुमार ब्लॉक नजीबाबादसचिन कुमार ग्राम प्रधान फरीदपुर मान उर्फ पमड़ावलीविकास चौधरी युवा प्रदेश अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन चढूनीमनोज अरोड़ा, अरोड़ा स्वीट्स कॉर्नर
केमिस्ट एसोसिएशन किरतपुर की ओर से दीपावली, भैया दूज, गंगा स्नान की हार्दिक शुभकामनाएं
सचिन शर्मा अध्यक्ष केमिस्ट एसोसिएशन किरतपुरकेमिस्ट एसोसिएशन किरतपुरकोषाध्यक्ष/मुकेश कुमार केमिस्ट एसोसिएशन किरतपुरसचिव/अंशुल राजपूत, केमिस्ट एसोसिएशन किरतपुरबबीता पत्नि रविंद्र कुमार राशन डीलर ग्राम पंचायत- कुंवरपुर चतरभोज उर्फ कोहरपुर ब्लॉक मौ. पुर देवमल मंडावर बिजनौरमास्टर दिनेश कुमार (राजारामपुर वाले) भारतीय जीवन बीमा निगम के बीमा करने के 26 वर्षीय अनुभवी बीमा सलाहकार सम्पर्क सूत्र 9758063721रोहित कुमार ग्राम- कुंवरपुर चतरभोज (कोहरपुर) भीम आर्मी जिला सचिव बिजनौरसतेंद्र कुमार मनरेगा रोजगार सेवक दयालवाला मंडावर बिजनौरडॉ. अखिलेश कुमार (प्रबंधक नारायण पब्लिक इंटर कॉलेज दयालवाला) एवं नारायण डेंटल केयर मंडावरशरण सिंह राशन डीलर ग्राम पंचायत मोहिनुद्दीनपुर ब्लॉक मौ. पुर देवमल मंडावर बिजनौर
अपहरण और दुष्कर्म में सलमान को आजीवन कारावास की सजा
बिजनौर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट पारुल जैन ने अपहरण एवं दुष्कर्म का दोषी पाते हुए सलमान को आजीवन कारावास और 26 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि में से 23 हजार रुपए पीड़िता को दिए जाने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा पीड़िता को एक लाख की धनराशि विधिक सेवा प्राधिकरण से दिए जाने की संस्तुति की है।
शासकीय अधिवक्ता भालेंद्र सिंह राठौर के अनुसार नजीबाबाद की एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 25 फरवरी 2020 की शाम करीब चार बजे वह बाजार से सामान खरीदने गई थी। घर पर उसकी पुत्री अकेली थी। इस दौरान उसकी नाबालिग पुत्री को तकियेवाली गली जलालाबाद निवासी सलमान बहला फुसलाकर भाग ले गया। जब वह नहीं मिली तो रिपोर्ट लिखाई थी। पुलिस ने लड़की को बरामद किया। कोर्ट में लड़की ने उसे बहला फुसलाकर ले जाने एवं सलमान द्वारा दिल्ली में उसके साथ दुष्कर्म किए जाने की पुष्टि की थी। इस पर कोर्ट ने सलमान को अपहरण एवं दुष्कर्म का दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
हैरतअंगेज: एक कहता पेट में गैस, दूसरे ने बताया फट चुकी है आंत
मुरादाबाद। दो अलग अलग अल्ट्रासाउंड सेंटर की रिपोर्ट में अंतर को लेकर मरीज और परिजन हैरान परेशान हैं। एक अल्ट्रासाउंड सेंटर की रिपोर्ट में मरीज के पेट में गैस बनना बताया गया जबकि दूसरे अल्ट्रासाउंड सेंटर की रिपोर्ट में बताया गया कि मरीज की आंत फट चुकी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी से लिखित शिकायत कर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
पंचमुखी हनुमान मंदिर, झांझनपुर, थाना सिविल लाइन जनपद मुरादाबाद निवासी महेंद्र जायसवाल को पेट में दर्द की शिकायत थी। इस पर 31 अक्तूबर 2023 को रामगंगा विहार में डाक्टर शिवम भारद्वाज से अल्ट्रासाउंड कराया गया। वहां बताया गया कि पेट में गैस बन रही है। उसके बाद दिनांक 01 नवंबर 2023 डॉक्टर सिद्धार्थ मल्होत्रा के यहां सिद्ध हॉस्पिटल में अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन कराया। उन्होंने बताया कि आंत फट चुकी है। दोनों रिपोर्ट को लेकर मरीज और परिजन परेशान हो गए।
महेंद्र जायसवाल की पत्नी पूजा जायसवाल ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से इस मामले में लिखित शिकायत की है। उन्होंने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय सूर्य उपासना ट्रस्ट के संस्थापक और अध्यक्ष, हिंदू युवा सेना के अध्यक्ष श्री श्री स्वामी अंश चैतन्य जी महाराज ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ को इस संदर्भ में शिकायती पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों पर स्वास्थ्य विभाग को कड़ी नजर रखनी होगी।
बिलाई मिल का क्रय केंद्र हटवाने की मांग को लेकर आंदोलन
नौवें दिन भी धरने पर बैठे रहे किसान
~प्रशांत कुमार, कोतवाली देहात।
बिजनौर। बिलाई मिल के क्रय केंद्र को हटवाने की मांग को लेकर ग्राम शादीपुर के किसान लगातार नौवे दिन धरने पर बैठे रहे। इस दौरान किसानों ने गन्ना नहीं तुलवाया।
ग्राम शादीपुर में क्रय केंद्र ए पर बिलाई मिल का कांटा लगा है। किसान पिछले 1 वर्ष से लगातार धामपुर मिल का कांटा लगवाने का प्रयास कर रहे है। किसानों ने आरोप लगाया कि बिलाई मिल द्वारा गन्ने का भुगतान बेहद देरी से किया जाता है। इसलिए किसान बिलाई मिल को गन्ना नहीं देंगे। इस सत्र में बिलाई मिल का कोई भी क्रय केंद्र नहीं काटा गया है। इस कारण गुस्साए किसान मिल को गन्ना देने से इनकार कर रहे हैं। ग्राम शादीपुर क्रय केंद्र पर पंकज मौर्य के नेतृत्व में किसान धरने पर बैठे हैं। लगातार 9 दिन से किसान धरने पर हैं। इस दौरान किसानों ने क्रय केंद्र पर तौल नहीं होने दी है।पिछले 9 दिन से क्रय केंद्र पर तौल बंद है। किसानों ने मिल प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। धरना स्थल पर ब्रज बहादुर सिंह, लाल बहादुर सिंह, बृजपाल सिंह, राकेश चौधरी, धर्मेंद्र सिंह, हिमांशु चौधरी आदि मौजूद रहे।
अधिक गुणवत्ता युक्त उत्पादन हेतु विभाग द्वारा किया जा रहा वितरण
किसानों को सरसों बीज की नि:शुल्क मिनी किटों का वितरण
बिजनौर। विकास खंड हल्दौर एवं नहटोर में किसानों को सरसों बीज की नि:शुल्क मिनी किटों का वितरण जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया द्वारा किया गया।
नि:शुल्क मिनी किट वितरण के समय जिला कृषि अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि यह नि:शुल्क मिनी किट किसानों को अधिक गुणवत्ता युक्त उत्पादन हेतु विभाग द्वारा वितरण किया जा रहे हैं।
साथ ही किसानों से भी अनुरोध किया कि उक्त मिनी किटों की बुवाई करें। किट वितरण के समय काफी संख्या में किसान, सहायक विकास अधिकारी कृषि हल्दौर नरेंद्र मलिक एवं समस्त क्षेत्रीय स्टाफ आदि मौजूद रहे।
एक लाख रुपए तक जुर्माना, उल्लंघन पर रोजाना ₹10 हजार
बिना मान्यता प्राप्त स्कूलों पर सख्त एक्शन के मूड में यूपी सरकार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिना मान्यता प्राप्त चल रहे विद्यालयों पर योगी सरकार सख्त एक्शन लेने जा रही है। इसके लिए पूरे प्रदेश में सघन अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान जो विद्यालय बिना मान्यता प्राप्त या मान्यता रद होने के बाद भी संचालित होते पाए जाएंगे उन पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें दंड के साथ ही एक लाख रुपए तक जुर्माने का प्राविधान है।
इस संबंध में बेसिक शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। साथ ही 22 नवंबर तक सभी जिलों से अभियान के तहत की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी तलब की गई है। उल्लेखनीय है कि यूपी में 14 वर्ष तक के बच्चों की शिक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा परिषदीय प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूल, सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल, मान्यता प्राप्त प्रारंभिक एवं जूनियर हाईस्कूल संचालित किए जा रहे हैं। नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम में स्पष्ट रूप से प्राविधान किया गया है कि बिना मान्यता प्राप्त किए कोई स्कूल न तो स्थापित किया जा सकता है और न ही संचालित किया जा सकता है। सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। निर्देश में कहा गया है कि सभी खंड शिक्षा अधिकारी समस्त ब्लॉकों में सघन अभियान चलाएं और यदि कोई विद्यालय बिना मान्यता प्राप्त संचालित हो रहा है तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करें।
इसके साथ ही संयुक्त शिक्षा निदेशक (बेसिक) गणेश कुमार ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से इस आशय का प्रमाण पत्र निदेशालय को उपलब्ध कराने को भी कहा है कि उनके ब्लॉक में कोई भी विद्यालय बिना मान्यता प्राप्त किए संचालित नहीं हो रहा है और जिन विद्यालयों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए, उसकी विद्यालयवार सूची 22 नवंबर तक निदेशक बेसिक शिक्षा को उपलब्ध कराएं। निर्देश में ये भी कहा गया है कि बिना मान्यता प्राप्त किए कोई स्कूल न तो स्थापित किया जा सकता है और न ही संचालित किया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति बिना मान्यता प्राप्त किए कोई स्कूल संचालित करता है तो उसके विरुद्ध एक लाख रुपए तक का जुर्माना लग सकता है और उल्लंघन जारी रहने की दशा में प्रत्येक दिन के हिसाब से दस हजार रुपए तक का जुर्माना देय होगा।
इस बार दो दिन चलेगा लेजर शो, सांस्कृृतिक कार्यक्रम भी दो दिन
विदुर कुटी पर गंगा स्नान मेला की तैयारियां जोरों पर
फाइल फोटो
बिजनौर। विदुर कुटी पर कार्तिक पूर्णिमा को लगने वाले गंगा स्नान मेले की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। इस बार न सिर्फ लेजर शो दो दिन तक होगा, बल्कि सांस्कृृतिक कार्यक्रम भी दो दिन तक चलेंगे। मेला स्थल तक पहुंचने के लिए दो रास्ते बना दिए गए हैं जबकि अंदर के रास्तों को बनाने के लिए काम चल रहा है।
जिला पंचायत की ओर से मेला आयोजन के लिए तैयारियां की जा रही हैं। मेला 23 नवंबर से शुरू हो जाएगा, जबकि विधिवत तरीके से शुभारंभ 24 नवंबर को होगा। मेला स्थल तक पहुंचने के लिए विदुरकुटी से तीन किलोमीटर लंबा रास्ता बनकर तैयार हो गया है, एक रास्ता गंज से भी बनाया गया है। दो रास्तों से मेले में पहुंचा जा सकेगा। जाम से बचने के लिए ऐसा किया है।
चार लाख वर्ग मीटर रहेगा मेला क्षेत्र
पिछले साल के मुकाबले करीब पचास हजार वर्ग मीटर ज्यादा क्षेत्र में मेला लगेगा। यानि कि इस बार मेला चार लाख वर्ग मीटर में रहेगा। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि मेला स्थल पर श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए ज्यादा जगह मुहैया हो सके और लोगों को डेरा बनाने के लिए आसानी हो।
सांस्कृतिक कार्यक्रम चलेंगे दो दिन तक
इस बार सांस्कृतिक कार्यक्रम दो दिन तक चलेंगे, लेजर शो भी दो दिन तक होगा। इससे मेले की भव्यता और अधिक बढ़ जाएगी। पिछले साल केवल एक दिन ही सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए थे।
चप्पे चप्पे पर नजर रखने को सीसीटीवी
दीपावली के तुरंत बाद पथ प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी।मेला स्थल पर नजर रखने के लिए सभी चौराहों पर सीसीटीवी लगाए जा रहे हैं। कंट्रोल रूम में बैठे ही हर जगह की सटीक जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल रास्ते बनाए जा रहे हैं।
शाहजहां की हत्या का पुलिस ने एक हफ्ते में किया खुलासा
छह साल अफेयर के बाद प्रेमिका का मर्डर
~(भुवन राजपूत)
बिजनौर। अवैध संबंधों का भेद खुलने के बाद नौबत तलाक तक पहुंची तो प्रेमी ने अपनी शादीशुदा प्रेमिका को मौत के घाट उतार दिया। इस तरह करीब पांच छह वर्ष तक चले प्रेम प्रसंग का दुखांत हो गया। पुलिस व सर्विलांस टीम ने हफ्ते भर में हत्या की घटना का खुलासा करते हुए हत्यारोपी को उसकी मां और पत्नी समेत गिरफ्तार कर लिया है।
जनपद बिजनौर के चांदपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत थाना शिवाला कलां में दिनांक 01 नवंबर 2023 को इसरार पुत्र भूरे शाह निवासी ग्राम मालवा ने थाना शिवालाकलां पर तहरीर दी कि उसकी पत्नी शाहजहां (उम्र 45 वर्ष) अपने घर से पशुओं के लिये चारा लेने जंगल गयी थी। परिजनों द्वारा शाहजहां के जंगल से वापस न आने पर तलाश किया गया। शाहजहां का शव गन्ने के खेत में मिला। पुलिस ने तहरीर के आधार पर और मोबाइल फोन सर्विलांस पर लगाकर मिली जानकारी के आधार पर तसलीम पुत्र नसीम, खातून पत्नी नसीम, नन्ही पत्नी तसलीम पुत्र नसीम निवासी ग्राम मालवा थाना शिवालाकलां को गिरफ्तार कर लिया। घटना में प्रयुक्त आला कत्ल अवैध तमंचा 315 बोर, मोबाइल फोन व एक अन्य तमंचा 12 बोर बरामद किया। पूछताछ पर अभियुक्त तसलीम ने बताया कि उसका शाहजहां से करीब पांच छह वर्ष से प्रेम प्रसंग था। इस बात की जानकारी होने पर घरवालों ने निकाह नन्ही से कर दिया लेकिन वह नन्ही से ज्यादा शाहजहां से प्यार करता था। शाहजहां से प्रेम प्रसंग का पता चलने पर नन्ही ने रोजाना विवाद कर दिया और तलाक की नौबत आ गयी। इसी कारण उसने अपनी पत्नी को संतुष्ट करने के लिये अपनी मां व पत्नी के साथ मिलकर शाहजहां को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। योजना अनुसार उसने शाहजहां को फोन करके खेत में बुला लिया, और तमंचे से सीने व सिर में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद घटना में प्रयुक्त तमंचा अपनी पत्नी व मां को देकर बैंगलोर चला गया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल के निर्देशों के अनुपालन में अवैध खनन परमिट धारकों के विरुद्ध की गई स्थलीय जांच, 03 दिवस के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए नोटिस निर्गत
बिजनौर। अवैध खनन की शिकायत पर नगीना देहात क्षेत्र में एसडीएम एवं पुलिस अधीक्षक (देहात) के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासनिक टीम ने पट्टे के अतिरिक्त हो रहे खनन क्षेत्र की पैमाइश की, जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई। पट्टा धारकों को तीन दिन में अपना पक्ष 03 दिवस के भीतर प्रस्तुत करने के लिए नोटिस निर्गत किये गये हैं।
जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल के निर्देशों के अनुपालन में उपजिलाधिकारी नगीना, क्षेत्राधिकारी पुलिस नगीना, खान अधिकारी बिजनौर, थानाध्यक्ष बढापुर व राजस्व टीम द्वारा ग्राम शाहअलीपुर कोटरा में संचालित 02 परमिट गाटा संख्या 2/41/ 3 व गाटा सं0 2/65, 2/67/2, 2 / 158 भूमि पर संयुक्त स्थलीय जांच की गयी। जांच में ग्राम शाहअलीपुर कोटरा के गाटा सं0 70मि से 360 घन०मी० अवैध खनन परमिट धारक प्रो० शाहिद मै० अलफलाह कन्सट्रक्शन व गाटा सं0 2 / 66 से 718 घन०मी० उपखनिजों का अवैध खनन परमिट धारक दीपांशु ढाका द्वारा किया जाना पाया गया। इस सम्बन्ध में परमिट धारक को अपना पक्ष 03 दिवस के भीतर प्रस्तुत करने के लिए नोटिस निर्गत किये गये हैं, जिसमें नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।
फाइल फोटो
बताया गया है कि नगीना देहात क्षेत्र के कई ग्रामों के ग्रामीणों ने खनन में लगे डंपर से खराब हुए रास्ते को ठीक कराने की मांग की थी। शिकायत के बाद एसडीएम नगीना शैलेंद्र कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक (देहात) राम अर्ज, पुलिस क्षेत्राधिकारी संग्राम सिंह के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। मौके पर पट्टे के अतिरिक्त क्षेत्र में खनन होता पाए जाने पर पैमाइश कराई गई। इसी के साथ मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।
पानी की निकासी न होने के कारण गंदगी तथा रोग फैलने की आशंका
इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन ने लगाया शिविर
कुष्ठ आश्रम में दी गई बिना दवाई के स्वस्थ रहने की जानकारी
बिजनौर। इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन इकाई जनपद बिजनौर द्वारा कुष्ठ आश्रम में प्राकृतिक चिकित्सा कैंप लगाया गया। इस दौरान बिना दवाई के स्वस्थ रहने की जानकारी दी गई। इस अवसर पर कुष्ठ आश्रम प्रेमियों ने भजन गीत प्रस्तुत कर आए हुए पदाधिकारियों का स्वागत किया।
आरोग्य भारती के प्रांत संरक्षक वैद्य अजय गर्ग, इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन के पदाधिकारियों एवं योगी अनंत प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट बिजनौर द्वारा फल तथा दान दिया गया। कुष्ठ आश्रम के लोगों ने आए हुए पदाधिकारियों को बताया कि यहां पर पानी की निकासी नहीं है, जिस कारण गंदगी तथा रोग फैलने की आशंका है। उन्होंने इस समस्या के समाधान हेतु उच्च अधिकारियों से वार्तालाप करने का निवेदन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने विश्वास दिलाया कि इस समस्या का समाधान उच्च अधिकारियों से कराने का प्रयास करेंगे। कार्यक्रम के अंत में कुष्ठ आश्रम की ओर से सभी को धन्यवाद किया गया।
इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन इकाई जनपद बिजनौर के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ नरेंद्र सिंह, जिला अध्यक्ष ओपी शर्मा, उपाध्यक्ष रामनाथ सिंह, महासचिव राकेश कुमार, सचिव सोमदत्त शर्मा, संयुक्त सचिव डॉक्टर कैलाश संरक्षक एवं आरोग्य भारती के प्रांत संरक्षक वैद्य अजय गर्ग सुभाष चक्की वाले उपस्थित रहे।
प्रभाष जोशी जी आज होते तो 85 वें वर्ष में प्रवेश कर रहे होते। 11 बरस हो गए आज ही के दिन काल के क्रूर हाथों में विरल-सरल सहज-स्वभाव के प्रभाष जी को हम सबसे छीन लिया। प्रभाष जी हिंदी के ऐसे श्रेष्ठ पत्रकार थे, जिनका नाम भारतीय भाषा के देश के श्रेष्ठ 10 पत्रकारों में गिना जाता है। बात याद आती है, महाप्रयाण के 2 वर्ष पहले वर्ष 2007 में रायबरेली आगमन की। हम सबने आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी युग प्रेरक सम्मान उन्हें समर्पित करने का संकल्प लिया। इस संकल्प को “सिद्ध” प्रभाष जी ने रायबरेली पधार कर किया था। लखनऊ एयरपोर्ट पर हम लोग उन्हें लेने गए। “मालवा के मान” माने जाने वाले प्रभाष जी इनसाइक्लोपीडिया तो थे ही। चलती फिरती पाठशाला भी थे।
आमतौर पर आचार्य द्विवेदी स्मृति दिवस में पधारने वाले अतिथियों को रिसीव करने हम कार्यों की व्यस्तता के चलते लखनऊ नहीं जा पाते लेकिन प्रभाष जी के नाम और काम के प्रभाव में उस दिन हम ही उन्हें रिसीव करने एयरपोर्ट गए। एयरपोर्ट पर बाहर निकलते ही उनका आशीर्वाद ग्रहण किया और रायबरेली की यात्रा प्रारंभ हो गई। प्रभाष जी के साथ वह यात्रा हमारे ज्ञान का वर्धन और नाम की नई व्याख्या करने वाली साबित हुई। प्रभाष जी ने सामान्य बातचीत में इतिहास के उस पक्ष को बताना शुरू किया, जिसे हम अपनी अल्पबुद्धि से कभी महसूस ही नहीं कर सकते थे। अवध के इस अंचल में अधिकांश गांवों के नाम के आगे “गंज” या “खेड़ा” लगा होता है। बातों-बातों में ही प्रभाष जी ने साफ किया के गंज मुसलमान शासकों के बसाए हुए हैं और खेड़ा मराठा शासकों के राज्य विस्तार के प्रतीक हैं। इतिहास, साहित्य और पत्रकारिता की बातें करते-करते वह हमारे नाम पर आए। बहुत ही सहज तरीके से उन्होंने कहा कि अगर मालवे में होते तो आपके नाम का उच्चारण गौरव नहीं “गऊ-रब” होता। अपने नाम की नई व्याख्या सुनकर मन प्रफुल्लित हुआ। अभी तक तो गौरव नाम की व्याख्या गर्व से ही सुनता-पढ़ता आया था। कई विशिष्ट जनों की शुभ और मंगलकामनाएं भी इस नाम के अनुरूप प्राप्त होती रही हैं। इन शुभकामनाओं से मन ही मन गर्व की अनुभूति भी.. लेकिन प्रभाष जी से मिली नई व्याख्या ने मन में कुछ नए भाव ही पैदा किए। प्रभाष जी यही थे। हमेशा नया सोचने और करने वाले। प्रभात की पहली किरण से.. पत्रकारिता और समाज के सूर्य की तरह न जाने कितने वर्ग, धर्म, जाति, संप्रदाय और गरीबों-शोषितों में उन्होंने रोशनी बिखेरी। रायबरेली की वह यात्रा हम ही नहीं हमारे तमाम मित्रों और आचार्य द्विवेदी के अनुयायियों के लिए आज भी यादगार है। याद आता है, उनका वह विनोदी स्वभाव भी, जिसने हमारे जैसे पता नहीं कितनों को अपना दीवाना बना रखा था, है और बना रहेगा.. हमें याद है वसुंधरा गाजियाबाद वाले आवास पर एक बार मिलने जाने का संयोग बना। उस यात्रा में अनुज विनय द्विवेदी भी साथ थे। पहुंचने पर प्रभाष जी ने अपने ही अंदाज में जिस तरह आदरणीय चाची जी (श्रीमती ऊषा जोशी) को आवाज दी थी, वह शब्द आज भी मन में गूंजते रहते हैं-“अरे देखो! तुम्हारे मायके वाले आए हैं” चाची जी कानपुर की हैं और हम मूल रूप से उन्नाव के। कर्मभूमि रायबरेली। इसके पहले वह वर्ष 2005 में अपने गुरु डॉ. शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ की आवक्ष प्रतिमा का अनावरण करने भी हम लोगों के अनुरोध पर पधार चुके थे। उन्हें पता था उन्नाव और कानपुर एक है। उनकी वह आवाज और चाची जी का अतिशय प्रेम आज भी भुलाए भूलता नहीं है..। कुछ वर्षों के सानिध्य और फिर उनकी याद में दिल्ली में प्रभाष परंपरा न्यास की ओर से होने वाले आयोजनों में सहभागिता के बाद हम लोगों को असल एहसास हुआ कि प्रभाष जी आखिर थे क्या.. क्योंकि उनकी सहजता से आम आदमी उनके उस विराट व्यक्तित्व का अंदाजा नहीं कर पाता। अंदाज न कर पाने की सामर्थ्य न होने से ही वह सामान्य का सामान्य ही बना रह जाता है। हमारे आराध्य भगवान राम भी तो सहज और सामान्य की प्रतिमूर्ति थे। प्रभाष जी ऐसे सभी सामान्य जनों और खासकर हम पत्रकारों के एक तरह से “राम” ही थे। सामान्य जन के लिए सोचना, सामान्य जन के लिए करना और सामान्य जन के लिए लड़ना.. यही तो प्रभाष जी की खासियत थी। उनके इसी स्वभाव और कर्म ने उन्हें देश का वरिष्ठ पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता बनाया। उनकी सहजता इतनी थी कि हम डॉ. सुमन की आवक्ष प्रतिमा के अनावरण का अनुरोध उनसे करने गए थे और वह अपने साथ “असली अतिथि” के रूप में डॉ. नामवर सिंह को लेकर उन्नाव पधारे। हमें आज भी याद है, उन्नाव की उस यात्रा में भी लखनऊ एयरपोर्ट रिसीव करने हम ही गए थे। पीछे की सीट पर देश के तीन धुरंधर-प्रभाष जोशी जी, डॉ नामवर सिंह जी एवं श्री राम बहादुर राय जी-विराजे थे और थोड़ी देर के “अर्दली” के रूप में मैं अकिंचन। लखनऊ एयरपोर्ट से उन्नाव की उस यात्रा के बीच में डॉ नामवर सिंह ने राय साहब से कहा कि प्रभाष जोशी जी की 75 वीं सालगिरह पहले ही मना ली जाए। उनके मन में यह प्रेरणा ईश्वर की कृपा से ही आई और प्रस्ताव राय साहब के सामने रखा। बात तब आई गई हो जरूर गई थी लेकिन सच यह है कि प्रभाष जी की 75वीं सालगिरह मनाने से हम सब वंचित ही रह गए। उसके पहले ही उन्होंने इस दुनिया से विदा ले ली आज ही के दिन 14 वर्ष पहले। ऐसे प्रभाष जोशी जी की आज पुण्यतिथि है। उनकी स्मृतियों को हम आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के अनुयाई प्रणाम करते हुए ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि प्रभाष जी के रूप में श्रेष्ठ व्यक्तियों का धरा पर अवतरण होता रहे ताकि सामान्य जनों के हित और हक की लड़ाई कभी मंद न पड़े.. जय पत्रकारिता!! जय प्रभाष!!
नियमों का पाठ पढ़ाने के लिए प्रतिदिन चेकिंग अभियान चलाएगी पुलिस
यातायात व्यवस्था सुधारने को सड़कों पर उतरी पुलिस
~शाहिद रजा खान, बढ़ापुर।
बिजनौर। यातायात माह के अंतर्गत सड़क पर फर्राटा भर रहे वाहन चालकों ओवरलोडिंग और बिना हेलमेट चलने वाले लोगों को पुलिस ने चालान काट कर चेतावनी दी है। चेकिंग के दौरान मिल में गन्ना लेकर जा रहे ओवरलोडिंग ट्रकों के भी चालान किये गए।
यातायात माह शुरू होते ही पुलिस प्रशासन द्वारा सड़क पर बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले, सड़क पर फर्राटे भरने वाले, विभिन्न प्रकार के स्लोगन लिखकर लोगों को भ्रमित करने वाले, बिना सीट बेल्ट लगाकर गाड़ी चलाने वाले लोगों को सबक सिखाने के लिए थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम इस्लामाबाद चौराहा, थाना बढ़ापुर,आर्य इंटर कॉलेज चौराहा आदि स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाकर दर्जनों लोगों के चालान काटे गए। आमजन में यातायात के नियमों का पालन करने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष नवंबर माह को यातायात माह के रूप में मनाया जाता है, जिसके चलते हुए वाहन चालकों को यातायात के नियमों का पाठ पढ़ाया जाता है। परंतु नियमों के अनदेखी करने वाले लोगों पर पुलिस चालान का चाबुक जमकर चला रही है। इसी क्रम में चलाए गए अभियान के दौरान गांव इस्लामाबाद चौराहे पर स्थानीय पुलिस द्वारा मिल में गन्ना लेकर जा रहे ओवरलोड ट्रकों का भी चालान किया गया। मिल में गन्ना लेकर जा रहे हैं ट्रकों का चालान काटने की बात सुनकर मिल के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। बताते चलें कि ओवरलोड गन्ना भरकर ले जाने वाले यह ट्रक कई बार हादसों का सबब बन जाते हैं। थाना बढ़ापुर पुलिस द्वारा नवंबर माह में लोगों को यातायात के नियमों का पाठ पढ़ाने के लिए प्रतिदिन चेकिंग अभियान चलाने की बात कही गई है।
चेयरमैन नितिन प्रताप मौर्य का ऐलान, जब तक बिलाई मिल का क्रय केंद्र उखड़ कर धामपुर मिल का क्रय केंद्र नहीं लगेगा किसान गन्ना नहीं तौलेंगे
निर्णय: बिलाई मिल को गन्ना नहीं देंगे किसान
~प्रशांत कुमार, कोतवाली देहात।
बिजनौर। ग्राम शादीपुर में बिलाई मिल के क्रय केंद्र के स्थान पर धामपुर मिल के क्रय केंद्र की मांग कर रहे किसानों ने क्रय केंद्र पर धरना प्रदर्शन करते हुए बिलाई मिल को गन्ना न देने का ऐलान किया।
ग्राम शादीपुर स्थित क्रय केंद्र “ए” पर बिलाई मिल का कांटा लगा है। किसान इस क्रय केंद्र को बदलवा कर धामपुर मिल का क्रय केंद्र लगवाना चाह रहे हैं। इस संबंध में किसानों ने गन्ना मंत्री को ज्ञापन भी भेजा था। इसके बावजूद बिलाई मिल का कोई भी कांटा नहीं काटा गया। लगभग एक सप्ताह पूर्व गांव में बिलाई मिल का कांटा लग गया है लेकिन किसान क्रय केंद्र पर गन्ना नहीं डाल रहे हैं। मंगलवार को दो दर्जन से अधिक किसान क्रय केंद्र पर पहुँचे और बिलाई मिल को गन्ना न देने का ऐलान किया। किसानो को संबोधित करते हुए चेयरमेन नितिन प्रताप मौर्य ने कहा ने कि यदि बिलाई मिल का क्रय केंद्र रहा तब भी किसान बिलाई मिल को गन्ना नहीं देंगे। इस दौरान नितिन मौर्य, पंकज मौर्य, महेंद्र चौधरी, हिमांशु चौधरी, अतुल, चतर सिंह, मोहित मौर्य, नाथे सिंह, महावीर पाल आदि किसान मौजूद रहे।
जेपीएसडी इंटरनेशनल स्कूल में नई शिक्षा नीति पर आधारित सेमिनार
रटाने के स्थान पर करने चाहिए बच्चों को समझाने के प्रयास: डॉ. सीमा विश्वास
~प्रशांत कुमार, कोतवाली देहात।
बिजनौर। विवेकानंद सहोदय विद्यालय की नई शिक्षा नीति पर आधारित एक सेमिनार ग्राम बांकपुर स्थित जेपीएसडी इंटरनेशनल स्कूल में संपन्न हुई। इस दौरान बच्चों को सीखने की आदत डालने के लिए प्रेरित किया गया।
ग्राम बांकपुर स्थित जेपीएसडी इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए संगठन की अध्यक्ष डॉ. सीमा विश्वास ने कहा कि बच्चों को रटाने के स्थान पर समझाने के प्रयास करने चाहिए और समझाने की तकनीक को खेल के माध्यम से समझाया जाए। इससे बच्चे अधिक सीख सकेंगे। कक्षा नर्सरी से लेकर यूकेजी को बाल वाटिका कहकर संबोधित किया जाए। उन्होंने सभी प्राचार्य से आग्रह किया कि बच्चों के प्रवेश के समय बच्चों के आयु संबंधित कोई ना कोई दस्तावेज अवश्य जमा कराएं। उन्होंने आह्वान किया कि सभी विद्यालयों के पुस्तकालय में अच्छी पुस्तक रखें और बच्चों को कहानी सुनाएं तथा उनसे उन्हें कहानियों को लिखाने का अभ्यास कराएं। सेमिनार में विद्यालय की प्रधानाचार्य अर्चना गौतम ने सभी का आभार व्यक्त किया। सेमिनार में वसीम अहमद, मनोज कुमार आर्य, मेराजुद्दीन, दीपिका चौहान,अनुपम शर्मा, जितेंद्र कुमार पाल आदि ने भाग लिया ।
देश में पीएम मोदी से बेहतर हैं और भी बहुत से लोग: जयंत चौधरी
संभल। आरएलडी अध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि राजस्थान में अधिक सीटें मिलने की उम्मीद थी। अभी और सीटों की मांग करेंगे। जयंत चौधरी संभल के हजरतनगर गढ़ी में किसान कमेरा सम्मेलन में पहुंचे थे। अखिलेश यादव के कांग्रेस को चालू बताने के सवाल पर कहा कि उन्होंने मध्यप्रदेश चुनाव के संदर्भ में बोला है।
आरएलडी अध्यक्ष ने कहा कि देश में पीएम मोदी से और भी बहुत से लोग बेहतर हैं। उन्होंने कहा कि यूपी में सीटों का अभी बंटवारा नहीं हुआ है। गटबंधन में अभी पीएम के चेहरे पर चर्चा नहीं हुई। बोले पहले सरकार बनानी है।
आरोप लगाया कि आजम खान को पूरी तरह से घेरा जा रहा है। उनके खिलाफ पूरी सरकारी मशीनरी लगा दी गई है। आरएलडी अध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि किसान और आम जनता की मजबूती हमारी पहचान है। वह किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ते रहेंगे।
बिजनौर। शिवसेना जिला प्रमुख एवं समाजसेवी चौधरी वीर सिंह स्वस्थ्य होकर अपने घर पहुंच गए हैं। वह डेंगू बुखार व पेट के इंफेक्शन से पीड़ित चल रहे थे। हालचाल पूछने उनके घर कई हस्तियां पहुंचीं।
अस्पताल से डिस्चार्ज होकर अपने आवास ग्राम बागडपुर पहुंचने पर उनसे मिलने वरिष्ठ नेताओं, समाजसेवियों का जमावड़ा लगा रहा। इस अवसर पर भाजपा नेता डॉ. अनिल सिंह चेयरमैन भगवंत ग्रुप, नवदीप सिंह चौहान जिला अध्यक्ष अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, डॉक्टर दीप सौरभ सिंह सदस्य हिंदुस्तानी अकादमी भाषा आयोग उत्तर प्रदेश, संजय सिंह जिला संयोजक बजरंग दल व पुखराज सैनी नगर अध्यक्ष भाजपा चांदपुर आदि ने उनका हाल चाल पूछा व भगवान से उनके जल्दी स्वस्थ होने की कामना की।
आश्वासन के बावजूद तहसीलदार पर न्याय न देने का आरोप
न्याय न मिलने पर मृतक प्रत्याशी की पत्नी ने पुत्री समेत अपने ऊपर उड़ेला पेट्रोल
लखनऊ। जनपद अमरोहा क्षेत्र के हसनपुर में सभासद चुनाव के प्रत्याशी मधुसूदन उर्फ मधुवा की हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। फरियाद लेकर समाधान दिवस में पहुंची मृतक की पत्नी ने अपनी पुत्री समेत अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेल लिया। महिला ने तहसीलदार पर न्याय का भरोसा दिए जाने के बाद भी मदद के नाम पर हाथ खड़े करने का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के अमरोहा नगर के मोहल्ला कायस्थान निवासी वार्ड ~14 से सभासद प्रत्याशी मधुसूदन उर्फ मधुवा तीन मई को वार्ड के ब्लॉक परिसर में घर-घर जाकर चुनाव प्रचार कर रहे थे। परिवार जनों का आरोप है कि इस दौरान पीट-पीट कर मधुवा की हत्या कर दी गई। मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर एसडीएम के अर्दली एवं बेटे समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। वहीं एसडीएम के ड्राइवर को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया गया। इसके बाद भी मृतक की पत्नी सुमित्रा को न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही थी।
बताया गया है कि संपूर्ण समाधान दिवस में मृतक की पत्नी सुमित्रा ने अपनी मासूम पुत्री चेष्टा समेत अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेल लिया। सुमित्रा ने तहसीलदार पर न्याय का भरोसा दिए जाने के बाद भी हाथ खड़े कर देने का आरोप लगाया। वहीं मौके पर कोतवाल विनय कुमार समेत पुलिस बल ने पुत्री समेत महिला को नगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती करा दिया। प्राथमिक उपचार देकर चिकित्सकों ने पीड़िता को घर भेज दिया। पुलिस मामले की अग्रिम कार्रवाई में जुटी हुई है।
पार्किंग व्यवस्था न होने से फुटपाथ पर खड़े रहते हैं वाहन
सिविल लाइंस स्थित पीएनबी के बाहर का नजारा
बिजनौर। नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही के चलते सिविल लाइंस में पैदल चलना दुश्वार हो गया है। वजह यह है कि फुटपाथ पर दुकानदारों ने अतिक्रमण कर रखा है। उनके खुद के और उनके यहां आने वाले ग्राहकों के वाहन इसी फुटपाथ पर खड़े रहते हैं। इस कारण पैदल चलना टेढ़ी खीर हो गया है। शिकायतों पर ध्यान न देना नगर पालिका प्रशासन की आदत में शामिल है।
सिविल लाइंस स्थित पीएनबी के बाहर का नजारा महावीर स्कूल के बाहर दुकानदारों द्वारा किया गया अतिक्रमण
पार्किंग व्यवस्था न होने से फुटपाथ पर खड़े रहते हैं वाहन
सिविल लाइंस में पेट्रोल पंप के बराबर में फुटपाथ पर खड़े वाहन
सिविल लाइंस में वाहन पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। मुख्य डाकघर से लेकर शक्ति चौक (एसआरएस) तक फुटपाथ गायब हो गए हैं। लाखों रुपए खर्च कर सड़क के दोनों ओर बनाए गए फुटपाथ पर वाहन खड़े रहते हैं। इस कारण मजबूरी में सड़क पर पैदल चलना पड़ता है।
फुटपाथ पर दुकानदारों ने कर रखा है अतिक्रमण
फुटपाथ पर दुकानदारों ने अतिक्रमण कर रखा है। ग्राहकों के ध्यानाकर्षण के लिए वह अपने सामान फुटपाथ पर ही रखते हैं।
दुर्घटनाओं का सबब बना कोने पर खड़ा ठेला
नीलकमल रोड की ओर से आने वाले और सिविल लाइंस से इस रोड की ओर जाने वालों में भिड़ंत होना आम बात हो गई है। कारण….? दरअसल सड़क के ठीक कोने पर खड़े गुटका, सिगरेट बिक्री के ठेले के कारण दोनों ही तरफ दिखाई नहीं देता। यही वजह है कि दोनों ही तरफ से आने जाने वाले वाहन चालकों को एक दूसरा नहीं दिखाई पड़ता और भिड़ंत हो जाती है।
उस पर यहां जुटने वाली भीड़ और उनके बेतरतीब तरीके से खड़े वाहन सड़क को लगभग जाम कर देते हैं। इसी कारण अक्सर लोगों में विवाद भी होता रहता है। आसपास के लोगों और दुकानदारों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद नगर पालिका प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं देता।
यूक्रेन रूस के युद्ध क्षेत्र से बचाकर पोलैंड तक रेस्क्यू कर दिया योगदान
बिजनौर के महबूब अहमद को मेडिकल शिक्षा क्षेत्र में सेवाएं देने पर मेनका गांधी ने एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया
मेनका गांधी से महबूब अहमद को मिला एक्सीलेंस अवार्ड
~मुबीन हसन, मंडावली
बिजनौर। कस्बा जलालाबाद निवासी महबूब अहमद को दिल्ली के इंटरनेशनल कल्चर सेंटर में लोकसभा सदस्य मेनका गांधी द्वारा एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया। ये अवार्ड यूरेशिया एजुकेशन लिंक को मेडिकल शिक्षा क्षेत्र में भारतीय बच्चों को विदेश में बेहतर सर्विस देने व यूक्रेन में पढ़ रहे भारतीय बच्चों को यूक्रेन रूस के युद्ध क्षेत्र से बचाकर पोलैंड तक रेस्क्यू करने में योगदान देने पर दिया गया।
महबूब अहमद यूरेशिया एजुकेशन लिंक के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। वह अपने छोटे भाई सीईओ डॉ. मसरूर भारत के साथ-साथ विदेशों में भी सस्ती चिकित्सा शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। इस अवसर पर महबूब अहमद ने कहा हम छात्रों को विदेशी भूमि पर अकेला नहीं छोड़ते। जब भी वे बुरी परिस्थितियों का सामना कर रहे होते हैं, तो उन्हें समर्थन देने के लिए उन पर नज़र रखते हैं। हमारे लिए वे सिर्फ महत्वाकांक्षी छात्र नहीं हैं, बल्कि अपने माता-पिता के प्यारे बच्चे हैं और वे विदेशों में देखभाल के पात्र हैं। इसीलिए हमने अपने छात्रों को यूक्रेन में अकेला नहीं छोड़ा। जैसे ही युद्ध विराम होता था, तभी हम सवेरे ही बच्चों को निकाल कर पोलैंड तक पहुँचा देते थे। उन्होंने आगे बताया कि यूरेशिया एजुकेशनल लिंक ने छात्रों को उनकी पाठ्यक्रम, यात्रा के दौरान सहयोग प्रदान करने और उन्हें विदेश में सर्वश्रेष्ठ कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में प्रवेश पाने में मदद करने की पहल की है। ये काम यूरेशिया एजुकेशन लिंक की अत्यधिक अनुभवी परामर्शदाता व टीम विदेश में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे छात्रों की व भारत में अभिभावकों की शिक्षा व वित्तीय सहायता कर समन्वय स्थापित करते हैं।
इसी क्रम में महबूब अहमद को दिल्ली के इंटरनेशनल कल्चर सेंटर में लोकसभा सदस्य मेनका गांधी द्वारा एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया। यूरेशिया एजुकेशन लिंक को भारत और विदेश में सर्वश्रेष्ठ एमबीबीएस सलाहकार माना जाता है। पूरे भारत में अपनी 38 शाखाओं से, यूरेशिया ने 20,000 से अधिक छात्रों को दुनिया भर के शीर्ष चिकित्सा विश्वविद्यालयों में शिक्षा हासिल करने में भारतीय बच्चों की मदद की है।
जिगर की मौत के बाद तीन दिन में तीन गुलदार हुए पिंजरे में कैद
पिंजरों में कैद गुलदारों को मारना चाहती थी ग्रामीणों की भीड़
खत्रीवाला के जंगल में दो पिंजरों में कैद हुए दो गुलदार
~शाहिद रज़ा खान, बढ़ापुर
बिजनौर। बढ़ापुर थाना क्षेत्र के गांव हसनअलीपुर धर्मा उर्फ खत्री वाला में गुरुवार को जिगर नामक किशोर को मार कर खाने वाले गुलदार के पकड़े जाने के बाद भी गुलदार के देखे जाने के कारण विभाग ने गांव के समीप लगाए गए तीन पिंजरों में से दो में बीती रात दो गुलदार कैद हो गए। मौके पर पहुंची ग्रामीणों की भीड़ पिंजरों में कैद गुलदारों को मारना चाहती थी। किसी तरह सामाजिक वानिकी की टीम गुलदारों को वहां से निकाल कर ले गई।
तीन दिन पहले थाना क्षेत्र के गांव हसनअलीपुर धर्मा उर्फ खत्री वाला में एक गुलदार रात के समय गांव निवासी पदम सिंह के 13 वर्षीय पुत्र जिगर को घर से सोते समय उठाकर ले गया था। अगले दिन उसके घर के समीप ही गन्ने के खेत में जिगर के अवशेष पड़े हुए मिले थे। मासूम जिगर को गुलदार बुरी तरह से नोच नोच कर खा गया था। जिगर के शव को क्षत- विक्षत अवस्था में देख कर आक्रोशित ग्रामीण उसे पिंजरे में ही मारने की मांग पर अड़ गए थे। सामाजिक वानिकी की टीम ने जिगर के शव के अवशेष पड़े होने के स्थान के पास पिंजरा लगा दिया था। 24 घंटे के भीतर गुलदार उस पिंजरे में कैद हो गया था, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी, किंतु उक्त गुलदार पकड़े जाने बाद से क्षेत्र में और भी गुलदार दिखाई दे रहे थे।
ग्रामीणों की मांग पर लगाए गए थे पांच पिंजरे
ग्रामीणों की मांग पर शनिवार को ही सामाजिक वानिकी नगीना ने तीन पिंजरे ग्राम खत्री वाला व दो पिंजरे खत्री वाला से सटे गांव धर्मोवाला में लगाए थे। रविवार को सवेरे सामाजिक वानिकी के कर्मचारियों ने पिंजरों को जाकर देखा तो गांव धर्मोवाला में लगाए गए दो पिंजरों में दो गुलदार कैद मिले। पिंजरों में गुलदारों के कैद होने की सूचना मिलते ही आसपास के गांव के सैकड़ों ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए और गुलदारों को मारने के प्रयास में लग गए। सामाजिक वानिकी के कर्मचारियों द्वारा तुरंत ही सूचना पुलिस एवं उच्च अधिकारियों को दिए जाने के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों गुलदारों को वहां से वाहन में लाद कर ले गए।
अब तक पकड़े गए 38 गुलदार
वन विभाग व सामाजिक वानिकी अब तक जनपद में 38 गुलदारों को पकड़ चुका है। इसके बावजूद भी गुलदारों का आतंक समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। आएदिन गुलदारों द्वारा लोगों पर हमले किए जाने की सूचना से जनपदवासी दहशत में है। गांव धर्मोवाला में दो गुलदारों को पकड़े जाने की पुष्टि करते हुए। डीएफओ बिजनौर अरुण कुमार ने बताया कि गांव खत्रीवाला व उसके समीप शनिवार को तीन पिंजरे लगाए गए थे। दो पिंजरों में दो गुलदार कैद हुए हैं। गुलदार के पकड़े जाने की सूचना विभागीय उच्चअधिकारियों को भेजी जा चुकी है। उनके आदेश के बाद अग्रिम कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
4 दोस्तों के साथ खाना खाने ढाबे में पहुंचा था युवक
कानपुर देहात में रनियां थाना क्षेत्र के सेंगर साहब के ढाबे पर हुई वारदात
ढाबे पर बिल पेमेंट के विवाद में युवक की गोली मारकर हत्या
लखनऊ। ढाबा में खाना खाने के बाद बिल भुगतान को लेकर हुए विवाद में रायफल से गोली मार कर युवक की हत्या कर दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच ढाबे के गार्ड व गोली चलाने के आरोपी को हिरासत में लिया है। सूचना पर एसपी, एएसपी समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। मामला कानपुर देहात में रनियां थाना क्षेत्र के उमरन ढाबा का है।
जानकारी के अनुसार रनियां निवासी योगेश पारिक (35) शनिवार देर रात 01:40 बजे स्कॉर्पियो गाड़ी से अपने चार साथियों अजय राजावत, नीरज साहू, शिवम शर्मा और आसिम खान के साथ हाईवे स्थित सेंगर साहब के उमरन ढाबा पर खाना खाने पहुंचा था। खाने के बिल पेमेंट को लेकर स्टाफ से विवाद होने लगा। आरोप है कि इसी दौरान गुनौली थाना, अछल्दा जिला औरैया निवासी पुष्पेंद्र ने समझाने का प्रयास किया, तो योगेश ने गालियां दे दीं। इस पर पुष्पेंद्र ने पास बैठे गार्ड से रायफल छीन कर योगेश को गोली मार दी।
सूचना पर एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, एएसपी राजेश पांडेय भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। एसपी के अनुसार योगेश को इलाज के कानपुर भेजा गया, हैलट (लाला लाजपत राय अस्पताल) पहुंचने पर मौत हो गई। आरोपी पुष्पेंद्र व गार्ड को हिरासत में लिया गया है। तहरीर के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। साथ ही राइफल का लाइसेंस निरस्त करने की भी कार्रवाई की जाएगी।
कल करेंगे न्यायिक कार्य बहिष्कार करते हुए शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन
पुराने वाद के निस्तारण में वकीलों और प्रशासन में अनबन
मलिहाबाद (लखनऊ)। एसडीएम, तहसीलदार, नायब और वकीलों से पुराने वाद के निस्तारण के संबध में वार्ता बेनतीजा सिद्ध हुई। इसके बाद बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने विभिन्न जमीनी वाद के मामले में बैक डेट में आदेश पारित करने का आरोप लगाते हुए कार्य से विरत रहने की बात कही है।
वकीलों के अनुसार नियत पत्रावली जो माह जुलाई से अक्टूबर माह तक आदेश हेतु सुरक्षित की गयी हैं, उन पत्रावलियों में आदेश देने की फर्द एहकाम पर नहीं लिखी गयी है। यही नहीं बैक डेट में आदेश पारित किये जा रहे हैं। इस कारण अधिवक्ताओं में काफी रोष हैं क्योंकि समय मियाद निकल जाने के बाद वादकारियों को अपील, रिवीजन, रिट आदि करने में समय-सीमा की बाधा आ रही है। सभी अधिवक्ता सोमवार को तहसील परिसर में विशेष सभा आयोजित करेंगे। इस दौरान अग्रिम रणनीति तय कर, शासन व प्रशासन को पत्राचार के माध्यम से अवगत कराते हुए न्यायिक कार्य बहिष्कार करते हुए शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करेंगे।
एसडीएम ने नकारे आरोप
उपजिलाधिकारी मीनाक्षी पांडेय ने बताया शासन की स्वच्छ मंशा के अनुरूप पुराने लंबित वाद का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। इन मामलों के निस्तारण में किसी भी प्रकार का दबाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी भी मामले में बैक डेट नहीं दी जा रही है। सभी वाद की तारीख ऑनलाइन है। कोर्ट में वादकारियों की सीधे सुनवाई कर उनके पुराने मामले का निस्तारण किया जा रहा है।
ऑक्सफोर्ड पब्लिक सीनियर सेकेण्डरी स्कूल नहटौर का 20वाँ स्थापना दिवस
बचपन की यादें हो जाती हैं ताजी: एएसपी ग्रामीण राम अर्ज
आज का युवा देश का भविष्य: डीएम अंकित कुमार अग्रवाल
बिजनौर। ऑक्सफोर्ड पब्लिक सीनियर सेकेण्डरी स्कूल नहटौर का 20वाँ स्थापना दिवस विद्यालय प्रांगण में धूमधाम से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल, अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राम अर्ज तथा धामपुर की पूर्व चेयरपर्सन एवं विद्यालय की प्रबंध निदेशक लीना सिंघल ने संयुक्त रूप से माँ सरस्वती की मूर्ति के सम्मुख दीप प्रज्जवलन से किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने कहा कि नहटौर जैसे ग्रामीण स्थान पर ऑक्सफोर्ड जैसे विद्यालय की स्थापना करके संस्थापक प्रेमशंकर अग्रवाल, कुसुम लता अग्रवाल, अध्यक्ष इंजी. आशीष सिंघल तथा प्रबंध निदेशक लीना सिंघल ने क्षेत्र की जनता को बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके माध्यम से हजारों छात्र – छात्राओं का भविष्य बन गया है। इनमें से कई सौ छात्र – छात्राएं डाक्टर, इंजीनियर, सरकारी अधिकारी, पुलिस, फौज, व्यवसाय आदि क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि आज का युवा देश का भविष्य है, हमें अपने लक्ष्य को निर्धारित कर कड़ी मेहनत और अनुशासन से उसकी प्राप्ति तक रुकना नहीं है। आजादी के 75वें वर्ष में आज भारत पूरे विश्व में बहुत आगे जा चुका है। हम सबको अपने देश की सेवा किसी भी माध्यम से अवश्य करनी चाहिए।
विशिष्ट अतिथि अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राम अर्ज ने सभी को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की और कहा कि मैं ऑक्सफोर्ड विद्यालय में कई बार आ चुका हूं और हर बार यहां आकर बचपन की यादें ताजी हो जाती हैं। यहां का वातावरण, अध्यापक, छात्र – छात्राएं सभी कड़ी मेहनत करते हैं।
कार्यक्रम संयोजक प्रबंध निदेशक लीना सिंघल ने सभी अतिथियों, अभिभावकों तथा छात्र – छात्राओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि 20 वर्ष बहुत लंबा समय होता है। हमारे प्रबंधतंत्र तथा शिक्षकों ने लगातार कड़ी मेहनत से उच्च शिक्षा का स्तर बनाए रखा है। आगे भी इसी प्रकार हमारा विद्यालय समाज को अच्छे नागरिक देता रहेगा।
कार्यक्रम में विशेष रूप से पूर्व प्रधानाचार्य विनीता शर्मा, रंजन त्यागी एवं वर्तमान प्रधानाचार्य इदरीस अहमद तथा वर्ष 2022 – 23 के कक्षा 12वीं के टॉपर छात्र – छात्राओं मनस्वी चौधरी, हर्षिता त्यागी, गुलफीशा, आकांक्षा चौधरी, विशाल कुमार, बॉबी भारती, अशरफ मेहदी, हंषिका चौधरी, अफीफा अंसारी, अंकित राजपूत तथा कक्षा 10वीं के टॉपर छात्र – छात्राओं दीपिका चौहान, दीपांशु, अनुष्का त्यागी, अभय भारती, भूमिका राजपूत, जतिन त्यागी, गर्वित कुमार आदि को जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, लीना सिंघल तथा अध्यक्ष आशीष सिंघल ने संयुक्त रूप से सभी को अलग – अलग शॉल पहना कर, प्रशस्ति पत्र तथा पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया। इनके अलावा विद्यालय की स्थापना के समय आशीर्वाद देने के लिए उपस्थित अरूण अग्रवाल, सतपाल चावला, शिवेन्द्र अग्रवाल को विशेष रूप से मंच पर बुलाकर विधि विधान से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ छात्राओं एना, परी, निशा, गरिमा, रीवा, स्नेहा, जाह्नवी, हर्षिका, अपूर्व आदि ने अध्यापिका मोनिका शर्मा द्वारा तैयार सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर किया।संगीत अध्यापक सचिन कुमार द्वारा तैयार सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम प्रभु गीत गाकर अफीफा, परिधि, शिफान, अलिजा, हिदाया, अनम, तनवी, शिवन्या, एंजल, आस्था, रेहमानी, हर्षल, मानवी, माही, वेदांश, अनन्या आदि ने ईश्वर की पूजा अर्चना की। अध्यक्ष इं. आशीष सिंघल ने स्वागत भाषण से सभी अतिथियों का स्वागत किया। इसके उपरान्त छात्र-छात्राओं ने रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। सरस्वती वंदना, स्वागत गीत, स्कूल ऑर्केस्ट्रा की विशेष प्रस्तुति, हनुमान चालीसा, दुर्गा डांस, नृत्य, योगा डांस, नव रस नृत्य, युगल गीत, भांगडा, आठ राज्यों के नृत्य गीत, लघु नाटक व जादू के विभिन्न कार्यक्रम मुख्य रहे। मुरादाबाद से आई विश्व विख्यात जादूगर सुरेन्द्र गुप्ता का मैजिक शो समारोह का मुख्य आकर्षण रहा।
टॉपर बच्चों, पूर्व प्रधानाचार्यों, विश्व प्रसिद्ध जादूगर, पूर्व छात्रा, विद्यालय के संस्थापक का सम्मान
धूमधाम से मनाया गया ऑक्सफोर्ड पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल का 20 वां स्थापना दिवस
बिजनौर। नहटौर स्थित ऑक्सफोर्ड पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल का 20 वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर 10 वीं और 12 वीं के टॉपर बच्चों, पूर्व प्रधानाचार्यों, विश्व प्रसिद्ध जादूगर, पूर्व छात्रा, विद्यालय के संस्थापक को सम्मानित किया गया।
नहटौर स्थित ऑक्सफोर्ड पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल के 20 वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस अवसर पर विद्यालय के 10 वीं और 12 वीं के टॉपर बच्चों, पूर्व प्रधानाचार्यों तथा मुरादाबाद से पधारे विश्व प्रसिद्ध जादूगर वैश्य समाज के जिलाध्यक्ष डॉक्टर सुरिंदर गुप्ता उर्फ जुगनू जादूगर, पूर्व छात्रा एसीसीए पूर्णा सिंघल एवं विद्यालय के संस्थापक श्री प्रेम शंकर अग्रवाल और श्रीमती कुसुम लता अग्रवाल को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी अंकित अग्रवाल, अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राम अर्ज तथा पूर्व चेयरपर्सन धामपुर वैश्य समाज महिला उत्तर प्रदेश की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती लीना सिंघल ने सम्मानित किया।
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा ने किया महामंडलेश्वर श्री कैलाशानंद गिरि जी का स्वागत
~प्रशांत कुमार, कोतवाली देहात।
बिजनौर। अखिल भारतीय ब्राह्मण महा सभा रा0 के प्रदेश प्रवक्ता लोकेश भारद्वाज के निवास पर महामण्डलेश्वर श्री कैलाशानन्द गिरी जी महाराज जी ने अपना आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर ब्राह्मण समाज के लोगों ने गुरु जी का स्वागत किया। पंडित लोकेश भारद्वाज ने गुरू जी को भगवान परशुराम जी का चित्र भेट किया। गुरू जी का आशीर्वाद पाकर सभी सम्मानित बन्धु प्रसन्न हुए।
कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष राजवीर शर्मा, मंडल संयोजक सुबोध शर्मा, सर्वेश शर्मा, ऋषभ शर्मा, अमित शर्मा, गिरमान दत्त शर्मा, नरेंद्र शर्मा, शोभित शर्मा, चंद्रभान शर्मा, निखिलेश शर्मा, सुनिल शर्मा, रोहित शर्मा, रविन्द्र शर्मा, विशंभर शर्मा, इन्द्रेश शर्मा, अभिषेक भारद्वाज, धर्मेंद्र सिंह, विपिन, गंगाराम आदि शुभचिंतक उपस्थित रहे। अखिल भारतीय ब्राह्मण महा सभा रा0 के प्रदेश प्रवक्ता लोकेश भारद्वाज ने कार्यक्रम के लिए सरपरस्त बड़े भाई डाक्टर अनिल शर्मा व कोतवाल राजकुमार शर्मा का ह्रदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने हमारा सम्मान बढ़ाया, हमारा परिवार ह्रदय से धन्यवाद ज्ञापित करता है।
गुलदार को मारने की मांग पर अड़ गए आक्रोशित ग्रामीण
वन विभाग कर्मियों के उड़े होश, बमुश्किल गांव से बाहर निकाला पिंजरा
अबोध बालक का शिकार करने वाला आदमखोर गुलदार पिंजरे में हुआ कैद
~शाहिद रजा खान, बढ़ापुर
बिजनौर। एक दिन पहले गांव हसन अलीपुर धर्मा उर्फ खत्री वाला में 13 वर्षीय अबोध बालक का शिकार करने वाला गुलदार शुक्रवार को वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया है। गुलदार के पकड़े जाने से आक्रोशित ग्रामीण गुलदार को मारने की मांग करने लगे। सूचना पर पहुँची पुलिस व वन विभाग के कर्मचारियों ने बमुश्किल पिंजरे में बंद गुलदार को गांव से बाहर निकाला। गुलदार के पकड़े जाने की खबर से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।
थाना क्षेत्र के गांव खत्री वाला में गुरुवार को पदम सिंह के 13 वर्षीय पुत्र जिगर को गुलदार घर से उठा कर ले गया था। घर के पीछे गन्ने के खेत में ले जाकर उसके शव को नोंच कर खा लिया था। सूचना पर पहुँचे अधिकारियों को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा था। भीड़ को समझाने के बाद जिगर के अवशेष को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने के बाद वन विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पिंजरा लगा दिया था। गुरुवार की रात्रि उक्त गुलदार वापस किशोर के शव को खाने के लिए उसी स्थान पर पहुंचा और वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया। सवेरे गुलदार को पिंजरे में कैद देख ग्रामीणों ने गुलदार को पिंजरे में ही मारने की बात कहनी शुरू कर दी। पिंजरे में बंद गुलदार को मारने की बात सुनकर वन विभाग कर्मचारियों के होश उड़ गए। इसके बाद कर्मचारियों ने बढ़ापुर पुलिस को सूचना दी। थानाध्यक्ष सुमित कुमार राठी तत्काल मौके पर पहुँचे और ग्रामीणों को समझाने में जुट गए। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए वन विभाग के कर्मचारी आनन-फानन में मौका मिलते ही पिंजरे में बंद गुलदार को तुरंत ही वाहन में लादकर ले गए। गुलदार के पकड़े जाने से क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
इस संबंध में डीएफओ अरुण कुमार ने बताया कि पिंजरे में कैद होने वाला गुलदार वही है, जिसने बालक जिगर को अपना शिकार बनाया है। गुलदार के पकड़े जाने की सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। परमिशन मिलने पर अग्रिम कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
श्री ब्राह्मण सभा समिति (रजि.) ने किया था श्री परशुराम द्वार बनवाने हेतु आग्रह
अल्प समय में ही हो गया निर्माण कार्य पूरा
ब्राह्मण समाज के मान सम्मान पर आने नहीं दी जाएगी आंच: अशोक राणा
~विभूतिकांत शर्मा, धामपुर
बिजनौर। ब्राह्मण समाज के मान सम्मान पर कभी कोई आंच नहीं आने दी जाएगी। यह वचन विधायक अशोक राणा ने दिया।
श्री ब्राह्मण सभा समिति (रजि.) द्वारा कुछ समय पहले विधायक अशोक कुमार राणा से विकास खण्ड अल्लैहपुर धामपुर के सामने मुरादाबाद रोड पर श्री परशुराम द्वार बनवाने हेतु आग्रह किया गया था। विधायक द्वारा अल्प समय में ही उक्त द्वार बनवा दिया गया। इसी के निमित्त श्री ब्राह्मण सभा समिति (रजि.) द्वारा विधायक श्री राणा के निवास पर उनको स्मृति चिह्न भेंट कर धन्यवाद व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर विधायक अशोक कुमार राणा ने कहा कि ब्राह्मण हमारे समाज का एक महत्वपूर्ण अंग है, ब्राह्मणों ने सदैव समाज का सही मार्गदर्शन किया है। साथ ही वचन दिया कि ब्राह्मण समाज के मान सम्मान पर कभी कोई आंच नहीं आने दी जाएगी। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष विभूतिकांत शर्मा, मंत्री संजय शर्मा बिल्लू, गुरु श्री हरिओम शर्मा और मनमोहन भारद्वाज आदि मौजूद रहे।
घर के आंगन से उठाकर गन्ने के खेत में किशोर को गुलदार ने उतारा मौत के घाट
मौके पर पहुंचे अधिकारियों को करना पड़ा ग्रामीणों के आक्रोश का सामना
~शाहिद रजा खान, बढ़ापुर
बिजनौर। घर के आंगन में सो रहे 14 वर्षीय किशोर को गुलदार ने घर से उठाकर गन्ने के खेत मे ले जाकर मौत के घाट उतार दिया। गुलदार द्वारा किशोर को मौत के घाट उतारने से गांव में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंचे पुलिस के आला अधिकारी, उप जिलाधिकारी व वन विभाग के कर्मचारियों को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा।
बताया जाता है कि बढ़ापुर थाना क्षेत्र के ग्राम हसन अलीपुर उर्फ खत्री वाला में गांव के बीचों बीच पदम सिंह का मकान है। देर रात्रि घर के आंगन में सो रहे उसके 14 वर्षीय पुत्र जिगर को गुलदार उठा कर पास ही गन्ने के खेत में ले गया और मौत के घाट उतार कर उसके शरीर को खा लिया। सवेरे आंगन में किशोर को न पाकर परिजनों ने ग्रामीणों के साथ आसपास तलाश किया गया तो घर के पीछे गन्ने के खेत में जिगर का गुलदार द्वारा खाया हुआ शरीर पड़ा मिला। किशोर की दर्दनाक मौत को देखकर ग्रामीणों में हड़कंप के साथ-साथ वन विभाग के प्रति आक्रोश उत्पन्न हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी नगीना शैलेंद्र कुमार, कार्यवाहक पुलिस उपाधीक्षक नजीबाबाद गजेंद्र पाल सिंह, थानाध्यक्ष बढ़ापुर सुमित कुमार राठी, थानाध्यक्ष नगीना रविंद्र वशिष्ठ व नजीबाबाद, कोतवाली देहात आदि के अलावा अन्य थानों से भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। मौके पर पहुँचे अधिकारियों को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि ग्रामीणों द्वारा घटना की सूचना बढ़ापुर वन रेंज के रेंजर सहित साहुवाला वन रेंज के रेंजर आदि को दी गई लेकिन वन विभाग अफसरों द्वारा सामाजिक वानिकी का क्षेत्र बताते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया गया।
मौके पर पहुंचे सामाजिक वानिकी बिजनौर डीएफओ अरुण कुमार ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि दो दिन में पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपए मुआवजा दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। वहीं गुलदार को पकड़ने के लिए गांव जंगल में पिंजरा भी लगा दिया गया है। गांव में पिंजरा लग जाने व पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने के डीएफओ के आश्वासन के बाद ग्रामीणों का आक्रोश कम हुआ।
ट्रैफिक हेड कांस्टेबल ने हासिल की माह अक्तूबर में उपलब्धि
बिजनौर। ट्रैफिक पुलिस में तैनात हेड कांस्टेबल सूर्य प्रताप सिंह ने एक महीने में 2045 चालान काट कर वाहन चालकों में हड़कंप मचा दिया है। उनकी इस उपलब्धि का उच्चाधिकारियों ने भी संज्ञान लिया और एक हजार रुपए नकद पुरस्कार से नवाजा।
चांदपुर में तैनात हेड कांस्टेबल सूर्य प्रताप सिंह ने अक्टूबर के महीने में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के 2045 चालान किए, जबकि 37 हजार रुपए का समन शुल्क वसूला। चालान और उनसे वसूला गया समन शुल्क बिजनौर जनपद में सबसे ज्यादा बताया गया है। इस उपलब्धि पर हेड कांस्टेबल सूर्य प्रताप सिंह को एसपी सिटी डॉ. प्रवीण रंजन द्वारा 1 हजार रुपए का पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।सूर्य प्रताप सिंह का कहना है कि कानून का उल्लंघन करने वाले लोगों की उनके खाते में कोई बख्शीश नहीं है। ऐसा करने वाला व्यक्ति कोई भी हो वह उसको छोड़ेंगे नहीं।
सेवानिवृत्ति पर चीफ फार्मासिस्ट गजेंद्र शर्मा का सम्मान
बिजनौर। जिला चिकित्सालय सभागार में आयोजित सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह में चीफ फार्मासिस्ट गजेंद्र शर्मा को बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। अपने स्वागत से अभिभूत श्री शर्मा ने अपने सभी अधिकारियों और साथियों के प्रति कृतज्ञता व आभार व्यक्त किया।
03 फरवरी 1986 से 31 अक्टूबर 2023 तक लंबी विभागीय सेवा करने के उपरांत उत्तर प्रदेश डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष गजेंद्र शर्मा की सेवानिवृत्ति पर विभागीय सेवा एवं संगठन के नेतृत्व में किए गए संघर्षो की सराहना की गई। उन्हें फूल मालाओं से लादते हुए सम्मान पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय बिजनौर की प्रधानाचार्या डॉ. उर्मिला कार्या ने की एवं संयुक्त संचालन डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष राजेश कुमार रवि एवं सतेन्द्र कुमार अमौली ने किया।
विभागीय सेवा एवं संगठन के नेतृत्व में किए गए संघर्षो की सराहना
सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह में सीएमएस डॉ. मनोज सैन, अटेवा प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रहास सिंह, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा, सेवानिवृत्त चीफ फार्मासिस्ट कुलदीप सिंह, हरि राम वर्मा, जसवंत सिंह, डॉ रजनीश शर्मा, डॉ राजीव रस्तोगी, डॉ संजय शंकर, डॉ संजय सिंह, डॉ बीआर त्यागी, डॉ ओपी सिंह, डॉ रामकुमार, डा आरके डबरे, डॉ शुभम, आरपी सेमवाल, पुष्पा निगम, रजनी शर्मा, आनंद प्रकाश, सुधीर कुमार, अशोक भंडारी, रोहित कुमार, खूब सिंह, सुभाष सिंह, मनोज शर्मा लेखपाल सैनी, प्रेमचंद शर्मा, प्रीतम लाल, राजकुमार, अवनीश त्यागी, सुदेश रानी, बबीता, मधुलिका, जसकरन कौर, विशाखा त्यागी, प्रभा बहुगुणा, कपिल सैनी, मुजाहिद अली, देवेन्द्र शर्मा, नीरज कुमार, अंशुमन, गोविंद सिंह, अमर सिंह, प्रीति शर्मा, श्रुति शर्मा, नेहा शर्मा, नंदनी शर्मा एवं गौरव शर्मा आदि उपस्थित रहे। सभी ने फार्मासिस्ट गजेंद्र शर्मा को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए विभागीय सेवा एवं संगठन के नेतृत्व में किए गए संघर्षो की सराहना की। साथ ही उनके स्वस्थ रहने एवं दीर्घायु होने की कामना की। newsdaily24 की तरफ से भी शुभकामनाएं।
विधानसभा अध्यक्ष से प्रधानाचार्यों ने कहा… हमें आप पर गर्व है
अध्यक्ष के आमंत्रण पर विधानसभा पहुंचा प्रधानाचार्यों का दल
जनता के प्रति जवाबदेही विधायक की: विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्याय पालिका, विधायिका और कार्यपालिका की अपनी भूमिकाएं होती हैं।सबकी अपनी सीमाएं भी निर्धारित होती हैं, लेकिन जनता से विधायक का सीधा संपर्क होने के कारण उसके प्रति सबसे बड़ी जवाबदेही विधायक की ही होती है। विधानसभा अध्यक्ष श्री महाना के आमंत्रण पर उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के प्रधानाचार्यों का दल पहुंचा था।
विधानसभा अध्यक्ष श्री महाना ने कहा कि जनता जिसे चुनकर विधानसभा भेजती है तो उसका अपने विधायक से सवाल करने का भी अधिकार होता है, लेकिन पिछले कुछ दशकों में विधायिका के प्रति नकारात्मक धारणा बनाई गयी। जिसे बदलने का प्रयास कर रहा हूं। मेरा प्रयास है कि जनता इस बात को समझ सके कि उसके क्षेत्र के विधायक की विधानसभा में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षो से जनता का विधानसभा से कभी कोई सम्पर्क ही नहीं बना उसे भी दूर करने का प्रयास कर रहा हूं। जिससे वह अपने विधायक की भूमिका को जान सकें। धीरे धीरे अब जनता को इस बात का अहसास होने लगा है कि लोकतंत्र में विधायिका की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है। अब वह अपने विधायक की भूमिका को जान रही है। यही कारण है कि पिछले कुछ समय से आम जनमानस में विधायिका के प्रति नकारात्मक धारणा खत्म होती दिख रही है।
कई प्रधानाचार्यो ने विधानसभा के बारे में विधानसभा अध्यक्ष से सवाल किए तो श्री महाना ने उन्हें बताया कि नियमों के तहत ही कोई सदस्य सदन में बोल सकते हैं। इसके अलावा अब विधानसभा में विधायकों के सवालों को आनलाइन लिए जाने की व्यवस्था की गयी है। सदन में उठाए गए मामले संबंधित विभाग को तुरंत भेजे जाते हैं, पर पहले ऐसे मामलों में उदासीनता देखने को मिलती थी। यहीं नहीं विधानसभा में उठाए गए मामलों को सम्बन्धित समितियों को भेजा जाता है, जिससे जनहित में उन पर शासन कार्रवाई करता है। श्री महाना ने प्रधानाचार्यो को विधानसभा के गौरवमयी इतिहास, सदन की कार्यवाही, संचालन एवं पुस्तकालय आदि के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि आप लोग यहां से जाकर छात्र छात्राओं को इसके बारे में बताएं। यहीं नहीं उन सबको यहां भ्रमण कराने का कार्य करें, जिससे वह अपनी विधानसभा पर गर्व कर सकें।
विधानसभा अध्यक्ष श्री महाना के आमंत्रण पर उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के तत्वावधान में प्रधानाचार्यों के दल में 30 प्रधानाचार्य शामिल थे, जिनमें 10 महिला प्रधानाचार्य भी शामिल थीं। इस मौके पर पर परिषद के मंडल अध्यक्ष डा. गिरीश कुमार मिश्र, जिला अध्यक्ष डा. मनप्रीत सिंह तथा महामंत्री धर्मेश अवस्थी समेत अन्य पदाधिकारियों ने विधानसभा अध्यक्ष श्री महाना के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हुए विधानसभा में हुए बदलावों को लेकर उनकी सराहना की और कहा कि हम सबको आप पर गर्व है।
उपखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीष तिवारी का स्वागत और सम्मान
सालासर पैदल यात्रियों की सेवा हेतु उपलब्ध कराई पूरे रतनगढ़ क्षेत्र में नि:शुल्क चिकित्सा सहायता
जयपुर। राजस्थान के जिला चुरू अंतर्गत सालासर पैदल यात्रियों की सेवा हेतु पूरे रतनगढ़ क्षेत्र में नि:शुल्क चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने पर उपखंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मनीष तिवारी का कार्यालय में माला पहनाकर स्वागत किया गया। उन्हें श्री राम दरबार की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित भी किया गया। वहीं मिष्ठान वितरण किया गया।इस अवसर पर मां आथ आश्रम फाउंडेशन जिला अध्यक्ष कमला प्रजापत, नीतू सोनी संस्थापक सुभाष सोनी, जिला अध्यक्ष बबलू सोनी, हीरालाल जी सोनी, विजू पूनिया, विकास सोनी, ललित सोनी आदि उपस्थित रहे।
ज्ञातव्य हो कि सालासर बालाजी भगवान हनुमान के भक्तों के लिए एक धार्मिक स्थल है। राजस्थान के चुरू जिले में स्थित सालासर धाम में वर्ष भर में असंख्य भारतीय भक्त दर्शन के लिए जाते हैं। हर वर्ष चैत्र पूर्णिमा और आश्विन पूर्णिमा पर बड़े मेलों का आयोजन किया जाता है।
By Shalie Saxena, Lucknow | 11am IST | 31 October 2023
उत्तर प्रदेश में करवा चौथ व्रत 2023 का शुभ मुहूर्त सुबह 6:36 से रात 8:26 बजे तक है। करवा चौथ की पूजा शाम 5:36 मिनट से शाम 6:54 मिनट तक है और चंद्रोदय का समय रात 8 बजकर 5 मिनट दिन बुधवार 1 नवंबर 2023 है।
हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखने वाले करवा चौथ के व्रत में सुहागन अपने पति की लंबी उम्र और उत्तम स्वास्थ्य के लिए कठोर निर्जला व्रत रखती हैं। यह व्रत प्रातः सूर्योदय से प्रारंभ होता है, जो रात में चंद्रमा पूजन के बाद पति के हाथों से खुलता है। इस बीच महिलाएं किसी भी प्रकार का जल, अन्न, फल ग्रहण नहीं करतीं।
करवा चौथ व्रत करवा चौथ के व्रत की शुरुआत सास के हाथ से सरगी लेकर की जाती है, जिसके बाद प्रातः ही स्नान-ध्यान के पश्चात व्रत का संकल्प लिया जाता है। पूरा दिन निर्जला व्रत रहें। इस बीच संपूर्ण पूजन सामग्री इकट्ठा कर लें। गाय के गोबर या मिट्टी से गौर गणेश बना लें, जिसके बाद माता गौरी का आह्वान करें। उन्हें सुहाग का संपूर्ण श्रृंगार चढ़ाएं। करवा में गेहूं और उसके ढक्कन में चीनी का बूरा रखें। रोली से करवा पर स्वास्तिक बनाएं। शाम के समय गौरी और गणेश की पूजा करें और कथा सुनें। रात्रि में चंद्रमा को देख पति से आशीर्वाद लें और व्रत का पारण करें।
क्या होती है सरगी ? सास द्वारा अपनी बहू को दिया जाने वाला सुहाग का आशीर्वाद सरगी होता है। सरगी के थाल में 16 श्रृंगार की सभी सामग्री, फल, मिष्ठान, सूखे मेवे आदि होते हैं। सरगी को ग्रहण करके ही करवा चौथ का व्रत प्रारंभ करने की प्रथा है। सास न होने की स्थिति में जेठानी अथवा बहन के हाथों इस रस्म को शुरू करने का विधान भी शास्त्र सम्मत है।
सरगी सेवन का शुभ मुहूर्त ज्योतिषविद् कहते हैं कि ब्रह्ममुहूर्त में सरगी का सेवन शुभ होता है। सूर्योदय से पूर्व ब्रह्म मुहूर्त में 4-5 बजे तक ही सरगी संबंधी संपूर्ण गतिविधियां की जानी चाहिए। गलती से भी तेल व मसालों से संबंधित चीजें सरगी में शामिल नहीं करनी चाहिए। इससे व्रत का फल नहीं मिलता।
व्रत और पारण का भोग करवा चौथ के भोग और व्रत के पारण के लिए अपनी सुविधा अनुसार भोग बनाया जा सकता है, जैसे पूड़ी, हलवा, चूरमा, दाल, कढ़ी, खीर सब्जी इत्यादि। इन भोगों में लहसुन-प्याज का प्रयोग नहीं किया जाता। इस व्रत में 56 प्रकार का भोग भी लगाया जा सकता है।
व्रत का मुहूर्त
उत्तर प्रदेश में करवा चौथ व्रत 2023 का शुभ मुहूर्त सुबह 6:36 से रात 8:26 बजे तक है। करवा चौथ की पूजा शाम 5:36 मिनट से शाम 6:54 मिनट तक है और चंद्रोदय का समय रात 8 बजकर 5 मिनट दिन बुधवार 1 नवंबर 2023 है।
कलश और थाली का प्रतीकात्मक महत्व करवाचौथ की पूजा में मिट्टी या तांबे के कलश से चन्द्रमा को अर्घ्य देने की परंपरा है। पुराणों के अनुसार कलश को सुख-समृद्धि और मंगल कामनाओं का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार कलश में ब्रह्मा, विष्णु, महेश, सभी नदी, सागर, सरोवर एवं ३३ कोटि देवी-देवता विराजते हैं। पूजा की थाली में रोली, चावल, दीपक, फल, फूल, बताशा, सुहाग का सामान और जल से भरा कलश रखा जाता है। करवा के ऊपर मिटटी के बड़े दीपक में जौ या गेहूं रखे जाते हैं। जौ समृद्धि, शांति, उन्नति और खुशहाली का प्रतीक होते हैं।
महत्वपूर्ण हैं सींक करवा चौथ व्रत की पूजा में सींक मां करवा की शक्ति का प्रतीक है। पौराणिक कथा के अनुसार मां करवा के पति का पैर मगरमच्छ ने पकड़ लिया था। तब वह कच्चे धागे से मगर को बांध कर यमराज के पास पहुंच गईं। वे उस समय भगवान चित्रगुप्त के खाते देख रहे थे। करवा ने सात सींक लेकर उन्हें झाड़ना शुरू किया। इस कारण खाते आकाश में उड़ने लगे। करवा ने यमराज से अपने पति की रक्षा करने की प्रार्थना की, तब उन्होंने मगरमच्छ का वध कर करवा के पति की जान बचाई और उन्हें लंबी उम्र का वरदान दिया। एक अन्य कथा के अनुसार करवा ने मगरमच्छ को सूती धागे से बांध दिया और यम (मृत्यु के देवता) से मगरमच्छ को नरक भेजने के लिए कहा। यम ने मना कर दिया। इस पर करवा ने यम को शाप देने और उसे नष्ट करने की धमकी दी। पतिव्रता (समर्पित) पत्नी द्वारा श्राप दिए जाने के डर से यम ने मगरमच्छ को नरक भेज दिया और करवा के पति को लंबी उम्र का आशीर्वाद दिया।
करवा चौथ व्रत कथा:
साहूकार के सात लड़के, एक लड़की की कहानी
करवा चौथ की पौराणिक व्रत कथा श्री गणेशाय नमः !
एक साहूकार के सात लड़के और एक लड़की थी। एक बार कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सेठानी सहित उसकी सातों बहुओं और उसकी बेटी ने भी करवा चौथ का व्रत रखा। रात्रि के समय जब साहूकार के सभी लड़के भोजन करने बैठे तो उन्होंने अपनी बहन से भी भोजन कर लेने को कहा। इस पर बहन ने कहा- भाई, अभी चांद नहीं निकला है। चांद के निकलने पर उसे अर्घ्य देकर ही मैं आज भोजन करूंगी। साहूकार के बेटे अपनी बहन से बहुत प्रेम करते थे, उन्हें अपनी बहन का भूख से व्याकुल चेहरा देख बेहद दु:ख हुआ। साहूकार के बेटे नगर के बाहर चले गए और वहां एक पेड़ पर चढ़ कर अग्नि जला दी। घर वापस आकर उन्होंने अपनी बहन से कहा- देखो बहन, चांद निकल आया है। अब तुम उन्हें अर्घ्य देकर भोजन ग्रहण करो। साहूकार की बेटी ने अपनी भाभियों से कहा- देखो, चांद निकल आया है, तुम लोग भी अर्घ्य देकर भोजन कर लो। ननद की बात सुनकर भाभियों ने कहा- बहन अभी चांद नहीं निकला है, तुम्हारे भाई धोखे से अग्नि जलाकर उसके प्रकाश को चांद के रूप में तुम्हें दिखा रहे हैं।
साहूकार की बेटी अपनी भाभियों की बात को अनसुनी करते हुए भाइयों द्वारा दिखाए गए चांद को अर्घ्य देकर भोजन कर लिया। इस प्रकार करवा चौथ का व्रत भंग करने के कारण विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश साहूकार की लड़की पर अप्रसन्न हो गए। इस कारण उस लड़की का पति बीमार पड़ गया और घर में बचा हुआ सारा धन उसकी बीमारी में लग गया। साहूकार की बेटी को जब अपने किए हुए दोषों का पता लगा तो उसे बहुत पश्चाताप हुआ। उसने गणेश जी से क्षमा प्रार्थना की और फिर से विधि-विधान पूर्वक चतुर्थी का व्रत शुरू कर दिया। उसने उपस्थित सभी लोगों का श्रद्धानुसार आदर किया और तदुपरांत उनसे आशीर्वाद ग्रहण किया।
इस प्रकार उस लड़की के श्रद्धा-भक्ति को देखकर एकदंत भगवान गणेश जी उसपर प्रसन्न हो गए और उसके पति को जीवनदान प्रदान किया। उसे सभी प्रकार के रोगों से मुक्त करके धन, संपत्ति और वैभव से युक्त कर दिया। करवा चौथ माता की जय !
करवा माता की आरती
ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया। जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया.. ओम जय करवा मैया।
सब जग की हो माता, तुम हो रुद्राणी। यश तुम्हारा गावत, जग के सब प्राणी.. ओम जय करवा मैया।
कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, जो नारी व्रत करती। दीर्घायु पति होवे, दुख सारे हरती.. ओम जय करवा मैया।
होए सुहागिन नारी, सुख संपत्ति पावे। गणपति जी बड़े दयालु, विघ्न सभी नाशे.. ओम जय करवा मैया।
करवा मैया की आरती, व्रत कर जो गावे। व्रत हो जाता पूरन, सब विधि सुख पावे.. ओम जय करवा मैया।
दिव्यांगों की सुविधा के लिए नीचे शिफ्ट किए जाएं एसडीएम और डूडा विभाग के कार्यालय
भ्रष्ट लेखपालों के खिलाफ दिव्यांग जनों की अधिक आय बनाने पर कार्रवाई की मांग
~भुवन राजपूत
बिजनौर। राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन की बैठक सोमवार को तहसील चान्दपुर जिला बिजनौर उत्तर प्रदेश में हुई। अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष एमआर पाशा तथा संचालन युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अरबाज अंसारी ने किया। जुलूस प्रदर्शन करते हुए तहसील चांदपुर पहुंचे दिव्यांगजनों ने एसडीएम कार्यालय का घेराव किया और धरना शुरू कर दिया। बाद में मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के नाम ज्ञापन उपजिलाधिकारी चांदपुर को सौंपा।
सरकारी विभागों में सम्मान दिया जाए: पाशा
राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एमआर पाशा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में दिव्यांगों की संख्या दो करोड़ तथा पूरे भारतवर्ष में 11 करोड़ है, लेकिन उनके लिए कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। आरोप लगाया कि दिव्यांगजनों का सरकारी कार्यालयों व पुलिस विभाग में बहुत उत्पीड़न होता है। सभी सरकारी अधिकारी व पुलिस विभाग दिव्यांगजनों को हीन भावना की नजरों से देखते हैं। हमारे देश में संविधान में सब को एक समान अधिकार दिया गया है, तो फिर दिव्यांगों के साथ इतना अन्याय क्यों, इनको सम्मान क्यों नहीं मिलता। उन्होंने दिव्यांगजनों को समस्त सरकारी कार्यालयों में सम्मान देने की मांग की।
सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने को मांग
राष्ट्रीय अध्यक्ष एमआर पाशा ने कहा कि बिजनौर में डूडा विभाग तीसरी मंजिल पर है, जहां पर दिव्यांगजन नहीं जा सकता। वह डूडा विभाग में प्रचलित योजना का लाभ नहीं ले पाता। उन्होंने डूडा विभाग नीचे शिफ्ट करने की मांग की। साथ ही कहा कि चांदपुर तहसील में एसडीएम कार्यालय दूसरी मंजिल पर है, इस कारण वहां पर दिव्यांगजन नहीं जा सकता, इसलिए एसडीएम कार्यालय नीचे शिफ्ट किया जाए, सभी गरीब दिव्यांग जनों के अंत्योदय कार्ड बनवाए जाएं, मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत दिव्यांग जनों के आवास बनने थे लेकिन अभी तक नहीं बन पाए। सभी दिव्यांग जनों के मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास बनवाए जाएं, दिव्यांग जनों को शौचालय का लाभ दिया जाए, दिव्यांगों की पेन्शन 1000 से 5000 की जाए, सभी गरीब दिव्यांग जनों का बिजली का बिल माफ किया जाए, रोडवेज चालक परिचालक द्वारा दिव्यांग जनों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। दिव्यांग जनों को देखकर बस नहीं रोकी जाती।दिव्यांग जनों को देखकर बस रुकवाई जाए व अभद्र व्यवहार रुकवाया जाए, दिव्यांग जनों को राशन की दुकान आवंटित की जाए तथा उसमें आरक्षण कोटा लागू किया जाए।
दिव्यांग जनों को ऋण दें ताकि वह अपना रोजगार कर सके
राष्ट्रीय अध्यक्ष एमआर पाशा ने कहा कि दिव्यांगजन को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऋण दिया जाए। शाखा प्रबंधक दिव्यांग जनों को ऋण नहीं देते सभी शाखा प्रबंधकों को निर्देश दिया जाए कि दिव्यांग जनों को ऋण दें ताकि वह अपना रोजगार कर सके और वह समाज में सम्मानजनक जीवन यापन कर सके। उन्होंने कहा कि तहसील चांदपुर में दिव्यांग जनों की सभी समस्याओं का समाधान किया जाए सभी के राशन कार्ड व अन्य सभी समस्याओं का समाधान किया जाए। उन्होंने भ्रष्ट लेखपालों के खिलाफ दिव्यांग जनों की अधिक आय बनाने पर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि विकलांग, वृद्ध, विधवा, गरीब वर्गों के आय प्रमाण पत्र ग्रामीण क्षेत्रों में 46 हजार रुपए तथा शहरी क्षेत्र में 54 हजार रुपए बनवाए जाएं।
इस मौके पर मौ अरबाज अन्सारी, इकबाल उस्मानी, राम सिंह, सुबोध शर्मा बढ़ापुर, विपिन कुमार, बलराज सिंह, मोहम्मद फारूक, रोहित कुमार, देवेंद्र सिंह, फिरोज आलम, मास्टर शहजाद अली, सुशील कुमार, ऋषि पाल सिंह, तुलसी सिंह, मोहम्मद अरशद, नीतू, मंजू, विमला देवी, कृष्णा देवी, शकुंतला देवी, मुन्नी देवी, बंदिया, रानी, रेखा, अवधेश कुमार शमशेर अली, सतीश कुमार आदि मौजूद रहे।
अवकाशों के मध्य प्रश्नपत्र तैयार करने, मुद्रण, परीक्षा एवं मूल्यांकन की है बड़ी चुनौती
अर्द्धवार्षिक परीक्षा 31 अक्तूबर से और 11 मार्च से वार्षिक परीक्षाएं, बेसिक शिक्षा विभाग ने जारी किया विस्तृत कार्यक्रम
लखनऊ/प्रयागराज (एजेंसियां)। बेसिक शिक्षा परिषद ने कक्षा एक से आठ तक की अर्द्धवार्षिक व वार्षिक परीक्षाओं की विस्तृत समय-सारिणी जारी कर दी है। परिषदीय व मान्यता प्राप्त विद्यालयों में वार्षिक परीक्षाएं 11 मार्च से प्रस्तावित हैं, जबकि अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं 31 अक्तूबर से 10 नवंबर तक होंगी। सभी बीएसए को इसी के अनुसार कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं विद्यालय स्तर पर प्रधानाध्यापक की देखरेख में 31 अक्तूबर से 10 नवंबर तक होंगी। बीएसए इस तिथि के बीच में सुविधानुसार परीक्षाएं कराएंगे। वार्षिक परीक्षा के लिए 26 फरवरी तक जिलों में समय सारिणी व निर्देश जारी किए जाएंगे। प्रश्नपत्र चार मार्च तक छपवाकर आठ मार्च तक स्कूलों में पहुंचाने होंगे। वार्षिक परीक्षाएं 11 से 15 मार्च के बीच होंगी। कॉपियों का मूल्यांकन 20 मार्च तक करके 26 मार्च को परीक्षाफल व विद्यार्थियों की प्रगति रिपोर्ट कार्ड जारी करना होगा। इस बार वार्षिक परीक्षाओं के बाद 31 मार्च की बजाए 26 मार्च को परीक्षा फल की घोषणा एवं रिपोर्ट कार्ड का वितरण होगा।
बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव प्रताप सिंह बघेल के अनुसार वार्षिक परीक्षाएं दो पालियों में होंगी। परीक्षा 50 अंकों की होगी। मौखिक परीक्षा की प्रश्नोत्तरी विद्यालय स्तर पर प्रधानाध्यापक की देखरेख में तैयार होगी।
शिक्षक इस पर कर रहे हैं आश्चर्य व्यक्त
उधर, सचिव का आदेश जारी होने के बाद शिक्षक इस पर आश्चर्य व्यक्त कर रहे हैं। तर्क दिया जा रहा है कि यदि छमाही परीक्षा करानी ही थी तो इसका आदेश पहले भी जारी किया जा सकता था ताकि आयोजन के लिए समय मिल जाता। खास बात ये है कि 28 एवं 29 अक्तूबर को अवकाश के बाद 31 अक्तूबर को भी परिषदीय स्कूलों में अवकाश है। बीएसए की देखरेख में महज कुछ दिनों में प्रश्नपत्रों का निर्माण, मुद्रण, परीक्षा एवं मूल्यांकन का कार्य कैसे होगा, यह बड़ा सवाल है। प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने कहा कि 31 अक्तूबर तक विद्यालयों में छुट्टी है। इतने कम समय में अर्द्धवार्षिक परीक्षा का कार्यक्रम जारी करना समझ से परे है।
गिरफ्तार आरोपियों में नकल गिरोह के सरगना, कक्ष निरीक्षक और सॉल्वर शामिल
प्रतापगढ़ के कुंडा से नकल गिरोह का सरगना और सॉल्वर दीपक कुमार पटेल गिरफ्तार
UP STF ने दबोचे PET परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस का प्रयोग करते 10 मुन्नाभाई एवं सॉल्वर
लखनऊ (एजेंसियां)। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की प्रारंभिक पात्रता परीक्षा (PET Exam 2023) के दौरान स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को बड़ी सफलता हाथ लगी है. यूपी एसटीएफ ने अलग अलग जिलों से 10 मुन्ना भाइयों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों में नकल गिरोह के सरगना, नकल करानेवाले कक्ष निरीक्षक और सॉल्वर शामिल हैं. सॉल्वर वास्तविक अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा दे रहे थे. यूपी एसटीएफ ने प्रतापगढ़, प्रयागराज, उन्नाव, बांदा, वाराणसी, कानपुर, गौतम बुद्ध नगर और मथुरा में कार्रवाई की. परीक्षा केंद्रों पर ब्लूटूथ डिवाइस के इस्तेमाल की भी जानकारी सामने आई है. प्रतापगढ़ के कुंडा से नकल गिरोह का सरगना और सॉल्वर दीपक कुमार पटेल गिरफ्तार हुआ है.
STF ने धर दबोचे 10 मुन्ना भाई
प्रयागराज के सोरांव से गिरफ्तार सॉल्वर की पहचान अजय कुमार पटेल के रूप में हुई है. उन्नाव के माउंट लिट्रा जी स्कूल परीक्षा केंद्र से भी एक नकलची पकड़ा गया. प्रयागराज निवासी सुजीत कुमार इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की मदद से प्रश्न पत्र हल कर रहा था. बांदा के भगवत प्रसाद मेमोरियल इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र से पंकज कुमार को पकड़ा गया. वाराणसी के सुधाकर महिला इंटर कॉलेज खजुरी पांडेयपुर परीक्षा केंद्र पर भी एसटीएफ की नजर थी.
परीक्षा केंद्र से मुन्ना भाई जितेंद्र कुमार वर्मा को गिरफ्तार किया गया. कानपुर के आयशा सिद्दीकी गर्ल्स इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र से अनुराग कुमार के रूप में मुन्ना भाई की गिरफ्तारी हुई. गौतम बुद्ध नगर भारतीय आदर्श इंटर कॉलेज तिलपता थाना सूरजपुर से सॉल्वर रविंद्र सिंह को एसटीएफ ने धर दबोचा. मथुरा से उदयवीर सिंह को परीक्षा में नकल करते पकड़ा गया. वाराणसी के चौबेपुर से कक्ष निरीक्षक विनय कुमार पटेल को भी पकड़ लिया गया.
कान में ब्लूटूथ लगाकर दे रहे थे परीक्षा
मुन्ना भाइयों के कब्जे से चार ब्लूटूथ डिवाइस, 8 मोबाइल फोन, चार एडमिट कार्ड और एक कूटरचित आधार कार्ड जब्त हुआ है. गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की पात्रता के लिए प्रारंभिक परीक्षा का आज दूसरा दिन था. 35 जिलों में कुल 1058 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे. 28 अक्टूबर और 29 अक्टूबर को परीक्षा दो~दो पालियों में संपन्न हुई।
UP STF द्वारा PET परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस का प्रयोग करने वाले मुन्नाभाई एवं सॉल्वर गिरफ्तार किए गए।
1. सुजीत कुमार पुत्र श्याम बहादुर Roll No 00445447 Reg No 30304816988 परीक्षा केंद्र – माउंट लिटेरा जी स्कूल उन्नाव 2. पंकज कुमार मौर्य पुत्र राम लखन मौर्य Roll No 00034181 Reg No 30323819569 परीक्षा केंद्र – भगवत प्रसाद मेमोरियल इंटर कालेज, चिल्ला रोड, बाँदा 3. जितेंद्र कुमार वर्मा पुत्र रमेश कुमार वर्मा Roll No 00715239 Reg No 30317886367 परीक्षा केंद्र – सुधाकर महिला इण्टर कॉलेज, खजुरी पाण्डेयपुर, वाराणसी 4. दीपक कुमार पटेल पुत्र जीतलाल पटेल निवासी मण्ड़ल भसऊ, कोराही, प्रतापगढ़ (पूरे गिरोह का सरगना) 5. अजय कुमार पटेल उर्फ गामा पुत्र रामेश्वर प्रसाद निवासी जगदीशपुर मेदी सौराव प्रयागराज
बस्ती, महोबा, मुरादाबाद, बिजनौर, उन्नाव और संभल में मिले सबसे ज्यादा फर्जी छात्र
यूपी में कुल 359659 छात्रों ने किया था आवेदन
अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति के 14 हजार आवेदक निकले फर्जी
लखनऊ (एजेंसियां)। केंद्रीय अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति में प्रदेश के 14 हजार आवेदक फर्जी निकलने से हड़कंप मचा हुआ है। आधार प्रमाणीकरण कराने के दौरान इस गड़बड़झाले की पोल खुली। सबसे ज्यादा फर्जी छात्र बस्ती, मुरादाबाद, महोबा, उन्नाव, संभल और बिजनौर में मिले हैं। केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय ने 2022-23 में छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन करने वाले छात्रों का बायोमेट्रिक सत्यापन करने का निर्देश सभी राज्यों को दिया था।
उत्तर प्रदेश में कुल 359659 छात्रों ने आवेदन किया था। इसमें से 2,62,196 विद्यार्थियों ने ही प्रमाणीकरण कराया। कई बार मौका दिए जाने के बावजूद 97,463 विद्यार्थी प्रमाणीकरण कराने नहीं आए। वहीं इन छात्रों का डाटा अग्रसारित करने वाले संस्थानों ने अब इनको अपना छात्र मानने से इन्कार कर दिया है। केंद्रीय अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति के राज्य नोडल अधिकारी एसएन पाण्डेय के अनुसार प्रमाणीकरण के दौरान 17,473 छात्रों का नाम आधार में दिए गए नाम से अलग मिला, जबकि 11,377 छात्रों का आधार सत्यापन फेल हो गया। 93 आवेदकों की मृत्यु हो गई है। मोबाइल नंबर अपडेट होने या नाम बदलने के कारण 8,466 आवेदकों का डाटा का मिलान नहीं हो पाया है। वहीं 2510 आवेदनों में आधार का विकल्प ही नहीं मिला है। 41,468 आवेदक अब संस्थान छोड़कर जा चुके हैं। जांच में करीब 14 हजार आवेदक फर्जी मिले। अब संस्थान इनके बारे में कोई जानकारी नहीं दे पा रहे हैं, जबकि इन्हीं संस्थानों ने ही इन छात्रों का डाटा अग्रसारित किया था। प्रदेश सरकार जल्द ही पूरी रिपोर्ट केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय को भेजेगी। इसके बाद ही उन शिक्षण संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जहां से इन छात्रों ने आवेदन किया था।
सोशल मीडिया पर ऑडियो वायरल होने से हुआ खेल का पर्दाफाश
डेंगू: मरीज से जंबो पैक को लेकर खुलेआम सौदेबाजी
बिजनौर। एक ओर जहां डेंगू से त्राहिराम मचा हुआ है वहीं कुछ लोग ऐसे मजबूर लोगों को लूटने में जुटे हुए हैं। डेंगू से जान बचाने के लिए चिकित्सक जंबो पैक चढ़ाने की सलाह दे रहे हैं। वहीं कुछ बड़े अस्पतालों में काम करने वाले कर्मचारी दलाल खुले आम इस मौके को भुना रहे हैं! जंबो पैक की सौदेबाजी कर रहे एक यूनिट जंबो पैक के बदले में ₹28000 हजार वसूले जा रहे हैं?
गुरुवार देर रात्रि से एक ऐसी सौदेबाजी का ऑडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इसके बाद से खलबली मची हुई है। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अपनी जान बचाने में जुटे हैं। ऑडियो के मुताबिक जंबो पैक का दलाल खुद को लाइफ लाइन अस्पताल में सौदेबाजी को बुला रहा है।
डेंगू बुखार से जिला मुख्यालय सहित सभी कस्बे व अधिकांश गांव में लोग पीड़ित हैं। इनमें अधिकांश लोगों की प्लेटलेट्स कम हो रही है, जिससे लोग भयभीत है। जान जाने की संख्या भी अधिक होती जा रही है। इस स्थिति में जान बचाने के लिए चिकित्सक जंबो पैक चढ़ाने की सलाह दे रहे हैं और विभिन्न निजी अस्पतालों में काम कर रहे कुछ दलाल इसका जमकर लाभ उठा रहे हैं। ये लोग जंबो पैक की मनमानी कीमत खुलेआम वसूल रहे हैं। इस खेल का पर्दाफाश इंटरनेट मीडिया पर 1:13 मिनट की ऑडियो वायरल होने पर हुआ है। ऑडियो में एक बुखार पीड़ित परिजन अपने मरीज को लेकर जंबो पैक के बारे में बात कर रहा है। दूसरी ओर से खुद को मंडावर रोड स्थित लाइफ लाइन अस्पताल का कर्मचारी बताने वाला उनसे जंबो पैक दिलाने की बात कर रहा है। वह एक यूनिट जंबो पैक के लिए 28000 रुपए मांग रहा है। मरीज के परिजन दो-तीन यूनिट ब्लड देने की बात कह रहे हैं। इस पर सौदेबाजी कर रहे कर्मचारी ने मना करते हुए कहा कि ऐसा नहीं होता। उनके पास डोनर है, वह 10 हजार रुपए लेगा, उसी से उन्हें जंबो पैक दिला सकता है। इस मामले में लाइफलाइन अस्पताल के प्रबंधक से बात करने का प्रयास किया गया तो कॉल रिसीव नहीं हुई।
सख्त कार्यवाही की जाएगी: सीएमओ
सीएमओ डॉ विजय कुमार गोयल ने बताया कि जंबो पैक का काला धंधा करने वालों पर कड़ी कार्यवाही होगी। मामला संज्ञान में आने पर एक टीम गठित कर दी गई है, 2 दिन में रिपोर्ट आने पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।
कोतवाली देहात स्थित केेo एसo चिल्ड्रेंस एकेडमी और ओम इंटरनेशनल स्कूल में हुए कार्यक्रम
हर्षोल्लास के साथ मनाई गई महर्षि वाल्मीकि की जयंती
~प्रशांत कुमार, कोतवाली देहात।
बिजनौर। कोतवाली देहात स्थित केेo एसo चिल्ड्रेंस एकेडमी स्कूल में महर्षि वाल्मीकि जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य इंद्रपाल सिंह, शिक्षक व शिक्षिकाओं ने महर्षि वाल्मीकि को श्रद्धापूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही सीoबीoएसoईo की ओर से वित्तीय साक्षरता एवं डिजिटल टूल के प्रयोग पर एक दिवसीय ट्रेनिंग का आयोजन किया गया। अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य इंद्रपाल सिंह ने की।
लेनदेन करते समय बरतनी चाहिए सतर्कता
सीoबीoएसoईo की ओर से उपस्थित विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित नवनीत वर्मा ने कहा कि डिजिटलाइजेशन के युग में हम सबको लेनदेन करते समय सतर्कता बरतनी चाहिए, किसी इंसान के लिए अपने वित्त या रुपए का प्रबंध करने के लिए बजट बनाना सबसे मूल पहलू है। उन्होंने हमें समझाया कि हम विभिन्न प्रकार से अपने रुपए को विनियोजित कर अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकते हैं।
केेo एसo चिल्ड्रेंस एकेडमी, कोतवाली देहात
इसी प्रकार कोतवाली देहात स्थित ओम इंटरनेशनल स्कूल में महर्षि वाल्मीकि की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर लघु नाटिका प्रस्तुत की गई। ओम इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में कक्षा चार के छात्र चिराग ने महर्षि वाल्मीकि का चरित्र निभाया। इस अवसर पर प्रस्तुत लघु नाटिका के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला गया। महर्षि वाल्मीकि द्वारा रामायण की रचना तथा लवकुश से जुड़ी कहानियों को दर्शाया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. सरजीत सिंह ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा उनके द्वारा रचित रामायण को जनमानस तक पहुंचने वाला ग्रंथ बताया। कार्यक्रम में अंजना शर्मा,कंचन प्रताप, रवि प्रताप आदि का सहयोग रहा।
बिजनौर। पट्टा हमारा, अवैध खनन तुम्हारा? कम से कम फिलहाल के हालात तो कुछ यही बयां कर रहे हैं। जिला प्रशासन अवैध खनन पर अंकुश लगाते हुए वैध खनन के लिए परमिट जारी कर सरकार को राजस्व का लाभ दिला रहा है। दूसरी ओर अवैध रूप से खनन करने वाले माफिया पट्टाधारकों को परेशान करते हुए ग्रामीणों से हंगामा करा रहे हैं।
जिला प्रशासन द्वारा सरकार को राजस्व का लाभ पहुंचाने के लिए पट्टों का आवंटन किया गया है। वहीं सरकार के आदेश पर जनपद की जनता को निर्माण कार्य के लिए सस्ते दामों पर बालू बजरी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। बताया जा रहा है कि रात के अंधेरे में कुछ माफिया अवैध खनन का कार्य कर रहे हैं। यही नहीं वैध खनन करने वालों के लिए रोज नई समस्या पैदा करते हुए लोगों को पट्टाधारकों से लड़ा रहे हैं। इस कारण पट्टाधारकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला हाल ही में ग्राम शहादरपुर कोटला में हुआ, जिससे 6 माह के लिए खनन परमिट होने के बाद भी पट्टाधारकों को काम चलाने में समस्या पैदा हो रही है। आरोप है कि कुछ ग्रामीणों द्वारा अपने ट्रैक्टर ट्राली व जेसीबी मशीन द्वारा रात के अंधेरे में अवैध खनन किया जा रहा है।
पट्टाधारकों का मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न!
पट्टाधारक दीपांशु ढाका ने बताया कि वह पट्टाधारक हैं तथा सरकार की फीस भरकर काम करने के लिए परमिट बनवाया है। काम करने के लिए प्रशासन का सहयोग तो मिल रहा है लेकिन कुछ अवैध खनन करने वाले लोग परेशान करते हुए हमारा मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न कर रहे हैं। उन्होंने जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल से अवैध खनन करने वालों को चिन्हित करते हुए उन पर कार्यवाई करने की मांग की है। वहीं इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए जांच कर कार्यवाही शुरू कर दी है।
बैंकों द्वारा कर्जा वसूली को लेकर RBI ने बनाए सख्त नियम, लोन नहीं भरने वाले जान लें…
वसूली एजेंट शाम 7 बजे के बाद नहीं कर पाएंगे कॉल
RBI – अगर आपने भी बैंक से कर्ज ले रखा है और वसूली वाले एजेंट के दिन-रात फोन से परेशान हैं तो ये खबर आपको जरूर पढ़ लेनी चाहिए। दरअसल बैंकों द्वारा कर्जा वसूली को लेकर आरबीआई ने सख्त नियम बनाए हैं। रिजर्व बैंक कर्ज की वसूली वाले मानकों को लेकर काफी सख्त हो गई है। अब से वसूली एजेंट आपको शाम को 7 बजे के बाद फोन नहीं कर पाएंगे…
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बकाया कर्ज की वसूली के लिए मानकों को सख्त करने का बृहस्पतिवार को प्रस्ताव रखा है। इसके तहत वित्तीय संस्थान और उनके वसूली एजेंट कर्जदारों को सुबह आठ बजे से पहले और शाम सात बजे के बाद फोन नहीं कर सकते हैं।
नियमों का किया जाना चाहिए पालन-
आरबीआई के ‘जोखिम प्रबंधन और आचार संहिता पर मसौदा निर्देश’ में कहा गया है कि बैंकों और NBFC जैसी विनियमित संस्थाओं (RE) को मुख्य प्रबंधन कार्यों को आउटसोर्स नहीं करना चाहिए। इन कार्यों में नीति निर्माण और केवाईसी मानदंडों के अनुपालन का निर्धारण और लोन की मंजूरी भी शामिल हैं।
बनाए जाएगी आचार संहिता-
आरबीआई ने कहा कि आरई को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था से ग्राहकों के प्रति उनकी जिम्मेदारी कम न हो। RBI के मुताबिक, बैंकों एवं गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) को प्रत्यक्ष बिक्री एजेंटों (DSA), प्रत्यक्ष विपणन एजेंटों (DMA) और वसूली एजेंटों के लिए आचार संहिता बनानी चाहिए। विनियमित इकाइयों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि डीएसए, डीएमए और वसूली एजेंट को उचित रूप से प्रशिक्षित किया जाए ताकि वे अपनी जिम्मेदारी संवेदनशीलता के साथ निभा सकें।
वसूली एजेंट किसी कर्जदार को नहीं दे सकते धमकी-
केंद्रीय बैंक ने कहा कि आरई और उनके वसूली एजेंट कर्ज वसूलने के लिए किसी भी व्यक्ति के खिलाफ मौखिक या शारीरिक रूप से किसी भी प्रकार की धमकी या उत्पीड़न का सहारा नहीं लेंगे।
कर्जदारों को अपमानित नहीं कर सकेंगे एजेंट-
इसके साथ ही वसूली एजेंट, कर्जदारों को सार्वजनिक रूप से अपमानित नहीं कर सकते हैं और न ही उनकी गोपनीयता में हस्तक्षेप कर सकेंगे।
By Pinku Yadav | Oct 28, 2023, 05:48 IST HR Breaking News, Digital Desk- Reserve Bank of India Rules For Recovery Agents:
गंगा बैराज बिजनौर पर शनिवार 28 अक्तूबर 2023 को होगी गंगा महाआरती
बिजनौर बैराज पर शनिवार को होगी गंगा महाआरती
प्रतीकात्मक चित्र
बिजनौर। गंगा बैराज बिजनौर पर 28/10/2023 शनिवार को गंगा महाआरती का आयोजन किया जाएगा।
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग, जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार, गंगा नदी एवं उसकी सहायक नदियों की अविरलता, निर्मलता तथा संरक्षण हेतु जन समुदाय में जागरूकता के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना है। इनमें नमामि गंगे नुक्कड़ नाटक, रंगोली, गंगा शपथ, दीपदान, संस्कृतिक कार्यक्रम, श्रमदान व घाट स्वच्छता अभियान शनिवार 28 अक्टूबर 2023 को प्रातः 11 बजे से होगा। गंगा महाआरती शाम 5 बजे होगी। समस्त कार्यक्रम गंगा घाट बैराज बिजनौर में आयोजित होंगे। कार्यक्रम आयोजक मुख्य विकास अधिकारी/नोडल अधिकारी नमामि गंगे पूर्ण बोरा, सामाजिक वानिकी प्रभाग बिजनौर पुलकित जाग्रवाल जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे, अरुण कुमार सिंह प्रभागीय निदेशक सा. वा. प्रभाग सदस्य/सचिव जिला गंगा समिति, अंकित कुमार अग्रवाल जिलाधिकारी/अध्यक्ष जिला गंगा समिति हैं।
पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर से किशनगंज (बिहार) जा रही थी बस
दौलताबाद के निकट प्राइवेट बस पलटी, 4 की हालत गंभीर
~प्रशांत कुमार, कोतवाली देहात।
बिजनौर। कोतवाली देहात क्षेत्र में पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर से किशनगंज (बिहार) जा रही एक प्राइवेट बस अनियंत्रित होकर पलट गई। दुर्घटना नेशनल हाईवे पर ग्राम हुसैनाबाद उर्फ दौलताबाद के निकट हुई। हादसे में बस में सवार लगभग एक दर्जन सवारियां घायल हो गई। घायलों में चार की हालत गंभीर बताई जा रही है।
श्रीनगर (गढ़वाल) से प्राइवेट बस नंबर यूके 14 पी-ए 0247 सवारी लेकर किशनगंज बिहार जा रही थी। थाना क्षेत्र कोतवाली देहात के गांव हुसैनाबाद उर्फ दौलताबाद के निकट अगले टायर में पंचर होने के कारण बस अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे में एक दर्जन लोग घायल हो गए। घायलों को एंबुलेंस द्वारा नजीबाबाद पहुंचाया गया। इनमें से जतन पुत्र रामलाल निवासी किशनगंज व अन्य चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। सूचना पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राम अर्ज सिंह, थाना प्रभारी जयवीर सिंह ने पुलिसकर्मियों के सहयोग से अन्य यात्रियों को एक ढाबे पर रुकने की व्यवस्था कराई। बस में सवार किशनगंज निवासी नासिर, नाहिद, उमेद, आलम, मोहम्मद राजा, शाहनाज बानो आदि ने बताया उक्त गाड़ी हफ्ते में दो बार श्रीनगर से किशनगंज जाती है।
बिजनौर। सिविल लाइंस में मौत सड़क पर दौड़ रही है। जी हां सच है ये। इन फोटोज़ को देख कर कोई भी ये बात समझ सकता है। सिविल लाइंस फर्स्ट पेट्रोल पंप के सामने बीकानेर स्वीट्स वाली गली का ये नजारा है।
यहां रहने वालों और गुजारने वालों के सिर पर वास्तव में खतरा मंडरा रहा है। तमाम शिकायतों के बावजूद विद्युत विभाग को किसी अनहोनी का इंतजार है। लोगों का कहना है कि जेई, एई के फोन रिसीव नहीं होते, इनसे बड़े अधिकारी का मिजाज माशा अल्लाह! वहीं एक्सियन ने कहा कि आज ही समस्या का समाधान किया जायेगा।
किसी के कानों से खिंच गया कुंडल, कोई गंवा बैठी मोबाइल
सत्ता के मद में चूर भाजपाइयों को दिखाई दिया भविष्य के लिए आइना
लुट गईं शहनाई बैंक्वेट हॉल में साड़ी लेने पहुंची महिलाएं
बिजनौर। नारी शक्ति वंदन महिला सम्मेलन में मची साड़ियों की लूट, किसी महिला के कुंडल खिंच गई तो कोई मोबाइल से हाथ धो बैठी। शहनाई बैंक्वेट हॉल में मौके पर मचा हाहाकार देख कर कुछ लोगों का दबी जुबान में कहना था कि साड़ी थी कम और भीड़ हो गई ज्यादा इसलिए अव्यवस्था हो गई। बहरहाल सत्ता के मद में चूर भाजपाइयों को आज के इस कार्यक्रम ने भविष्य के लिए आइना दिखा दिया है।
देश व प्रदेश में सत्ता पर काबिज़ भारतीय जनता पार्टी की ओर से शहनाई बैंक्वेट हॉल में नारी शक्ति वंदन महिला सम्मेलन का आयोजन शनिवार को किया गया था। कार्यक्रम स्थल पर निर्धारित समय से पहले ही महिलाओं की भीड़ जुटना शुरू हो गई। मुख्य अतिथि लोक निर्माण विभाग मंत्री बृजेश सिंह के अलावा भाजपाइयों की पूरी की पूरी फौज ने मोर्चा संभाला हुआ था।
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि कार्यक्रम स्थल पर भाजपा जिला अध्यक्ष भूपेंद्र उर्फ़ बॉबी, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष इंदिरा सिंह, समाजसेवी डॉ. बीरबल सिंह, विधायक सूची चौधरी, विधायक पति एडवोकेट मौसम चौधरी, नगर अध्यक्ष संजीव गुप्ता, मानव सचदेवा, अंकुर गौतम, पूर्व मंत्री अनुराधा चौधरी आदि की मौजूदगी में अफरातफरी मच गई। मौके पर जुटी महिलाओं की भीड़ के सामने साड़ियां काम पड़ गईं तो लूट तंत्र हावी हो गया। जिसके हाथ में जो, जितना आया; ले कर निकल लें। आरोप है कि आलम ये हो गया कि कई महिलाओं के कानों के सोने के कुंडल निकाल लिए गए वहीं कइयों के मोबाइल फोन भी चोरी हो गए। हालांकि ये भी बताया गया है कि कुछ अतिथियों के आने के पहले ही बखेड़ा खड़ा हो गया। वहीं एक दो ऐसे भी थे जिन्होंने मौका ए वारदात को समझ कर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने की जहमत ही नहीं उठाई?
देश व प्रदेश में सत्ता पर काबिज़ भारतीय जनता पार्टी की ओर से शहनाई बैंक्वेट हॉल में नारी शक्ति वंदन महिला सम्मेलन का आयोजन शनिवार को किया गया था। कार्यक्रम स्थल पर निर्धारित समय से पहले ही महिलाओं की भीड़ जुटना शुरू हो गई।
मुख्य अतिथि लोक निर्माण विभाग मंत्री बृजेश सिंह के अलावा भाजपाइयों की पूरी की पूरी फौज ने मोर्चा संभाला हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि कार्यक्रम स्थल पर भाजपा जिला अध्यक्ष भूपेंद्र उर्फ़ बॉबी, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष इंदिरा सिंह, समाजसेवी डॉ. बीरबल सिंह, विधायक सूची चौधरी, विधायक पति एडवोकेट मौसम चौधरी, नगर अध्यक्ष संजीव गुप्ता, मानव सचदेवा, अंकुर गौतम, अनुराधा चौधरी आदि की मौजूदगी में अफरातफरी मच गई।
मौके पर जुटी महिलाओं की भीड़ के सामने साड़ियां काम पड़ गईं तो लूट तंत्र हावी हो गया। जिसके हाथ में जो, जितना आया; ले कर निकल लें। आरोप है कि आलम ये हो गया कि कई महिलाओं के कानों के सोने के कुंडल निकाल लिए गए वहीं कइयों के मोबाइल फोन भी चोरी हो गए।
केमिस्ट बनाए रखें धैर्य और करें समय का इंतज़ार: सुबोध चौधरी
ड्रग कर्मी के खिलाफ कुछ क्यों नहीं कर पा रहा जिला प्रशासन
जनहित में अभी आंदोलन नहीं करेंगे केमिस्ट
बिजनौर। औषधि अनुभाग के कर्मचारी के विरुद्ध थाना शहर कोतवाली में आय से अधिक संपत्ति के मामले में रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। केमिस्ट एसोसिएशन ने जिला प्रशासन को अवगत करा कर निलंबित करने की मांग भी की, लेकिन दो हफ्ते से अधिक समय बीतने के बावजूद अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। आश्चर्य का विषय है कि आखिरकार इतना बड़ा भ्रष्टाचार उजागर होने पर भी प्रसाशन मौन क्यों है?
इस मामले को लेकर अध्यक्ष सुबोध चौधरी ने केमिस्ट भाइयों को पत्र जारी कर कहा है कि दो तीन दिन से कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों और जनपद के केमिस्टों के सुझाव ओर फोन आ रहे हैं कि केमिस्ट एसोसिएशन इस मामले मे कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठा रही! नि:संदेह उनका सुझाव सही है और विचारणीय है। उन भाइयों के सुझाव पर गंभीरता से विचार किया, कुछ सुझाव भी लिए। श्री चौधरी ने जनपद के समस्त केमिस्टों से निवेदन किया कि हमारा संगठन निसंदेह एक शक्तिशाली संगठन है। एक दिन के आंदोलन से प्रशासन तिलमिला उठेगा, लेकिन सोचने की बात ये है कि इस समय जिले में भयंकर बीमारी चल रही है जिसका प्रकोप गांव देहात में बहुत जोरों पर है। अगर हमने कोई आंदोलनात्मक कदम उठा लिया तो नि:संदेह जनहानि हो सकती है। अगर ऐसा हुआ तो वह अपनेआप को कभी माफ़ नहीं कर सकेंगे। इसलिए उन्होंने जनपद के समस्त केमिस्टों से निवेदन किया कि अपना धैर्य बनाए रखें। समय का इंतज़ार करें, जो होगा केमिस्ट हित में ही होगा। संगठन हर परिस्थिति पर ध्यान रखे हुए है।
राजकीय कृषि बीज संवर्धन प्रक्षेत्र कादराबाद अफजलगढ़ पहुंची विभागीय टीम
धान फसल की क्रॉप कटिंग कराई
बिजनौर। राजकीय कृषि बीज संवर्धन प्रक्षेत्र कादराबाद अफजलगढ़ पर धान फसल की क्रॉप कटिंग कराई गई।
जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने बताया कि प्रक्षेत्र पर उत्पादन हुए धान का वितरण कृषकों को बीज के रूप में अनुदान पर किया जाएगा।
क्रॉप कटिंग के दौरान क्रॉप कटिंग कमेटी के अध्यक्ष उप कृषि निदेशक (कृषि रक्षा) मुरादाबाद प्रशांत कुमार, जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया, अपर जिला कृषि रक्षा अधिकारी सुरेंद्र कुमार, हलका लेखपाल एवं ओम सिंह राणा प्रक्षेत्र अधीक्षक आदि उपस्थित रहे।
भाजपा नेता व पूर्व चेयरपर्सन पति सलीम अंसारी एडवोकेट ने लगाए आरोप
कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध रूप से भूमाफिया कर रहे कब्जे
सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे रोक पाने में नगर पालिका प्रशासन विफल
बिजनौर। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों को रोक पाने में नगर पालिका प्रशासन विफल साबित हो रहा है। यह आरोप अफजलगढ़ नगर स्थित बेगम सराय में अपने आवास पर भाजपा नेता व पूर्व चेयरपर्सन पति सलीम अंसारी एडवोकेट ने प्रेस वार्ता के दौरान लगाए। उन्होंने कुछ भूमाफियाओं पर कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध रूप से कब्जे करने का भी आरोप लगाया।
शुक्रवार को नगर में स्थित मौहल्ला बेगम सराय में अपने आवास पर भाजपा नेता व पूर्व चेयरपर्सन पति सलीम अंसारी एडवोकेट ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि सभासद पति अजहर अहमद सहित मोहल्ले वासियों ने मोहल्ला जैनुलआबेदीन में स्थित कब्रिस्तान की भूमि पर कब्जा करने की शिकायत उच्च अधिकारियों से की थी। कब्रिस्तान की पैमाइश होने पर कुछ भू माफियाओं का कब्जा सरकारी पैमाइश में हो जाने के बावजूद नगर पालिका प्रशासन जमीन खाली नहीं करा रहा है। इससे लोगों में नाराजगी है और कब्रिस्तान के रखरखाव से जुड़े लोगों ने मुख्यमंत्री से लेकर नगर विकास मंत्री तक शिकायत भेजी है। इस दौरान कब्रिस्तान की जमीन की पैमाइश कई बार हो चुकी है, लेकिन राजस्व विभाग ने पैमाइश की। इस संयुक्त रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से लिखा है कि कब्रिस्तान के एक बड़े हिस्से पर अवैध कब्जाधारियों ने कब्जा कर रखा हैं। उन्होंने डीएम से कब्रिस्तान की भूमि को भू माफियाओं से खाली कराने सहित भू माफियाओं को चिन्हित किये जाने की मांग की है।
पूर्व चेयरपर्सन पति सलीम अंसारी एडवोकेट ने कहा कि कब्रिस्तान की भूमि पर कब्जे करने के विरोध में नगरवासियों ने डीएम से लेकर एसडीएम तक सभी अफसरों से शिकायत की, लेकिन फिर भी नगर पालिका अफजलगढ़ प्रशासन की मिलीभगत से कब्जा जारी है। इससे आने वाले दिनों में मुस्लिम समाज के सामने संकट खड़ा हो जाएगा। प्रेस वार्ता के दौरान इस अवसर पर सभासद मुकीब खां सूरी, सभासद चांद, कादिर अंसारी, पूर्व सभासद अफजाल अंसारी एडवोकेट, शाहिद हुसैन तथा मेहर आलम एडवोकेट आदि मौजूद रहे।
…तो होगी कार्रवाई: एसडीएम
एसडीएम धामपुर मोहित कुमार सिंह का कहना है कि कब्रिस्तान की भूमि पर अगर भू माफियाओं ने कब्जा कर रखा हैं, तो उसे खाली कराया जायेगा। भू माफियाओं को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
सचिव बने निपेन्द्र सिंह और संयुक्त सचिव नरेश कुमार
जिला रेवेन्यू बार एसो0 बिजनौर के अध्यक्ष बने एड.अरविन्द चौधरी
बिजनौर। जिला रेवेन्यू बार एसो0 बिजनौर के अध्यक्ष पद पर एड.अरविन्द चौधरी को चुना गया है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी हरदीप चौधरी एडवोकेट को पराजित किया। इनके अलावा सचिव पद पर निपेन्द्र सिंह और संयुक्त सचिव पद पर नरेश कुमार की ताजपोशी हुई है।
जिला रेवेन्यू बार एसो0 बिजनौर के वर्ष 2023-2024 के वार्षिक चुनाव हेतु मतदान हुआ। एसोसिएशन के कुल 167 मतदाताओं में से 158 द्वारा अपने मताधिकार का प्रयोग किया गया। अध्यक्ष पद पर हरदीप चौधरी एडवोकेट व अरविन्द चौधरी एडवोकेट के बीच कड़ा मुकाबला रहा। हरदीप चौधरी एडवोकेट को 72 मत तथा अरविंद चौधरी को 84 मत प्राप्त हुए। चुनाव अधिकारी ने अध्यक्ष पद पर अरविन्द चौधरी एड को विजयी घोषित किया।
इनके अलावा सचिव पद पर दुष्यंत कुमार को 01 मत, निपेन्द्र सिंह एड0 को 88 मत तथा सोनू सैनी 69 मत प्राप्त हुए। सचिव पद पर निपेन्द्र कुमार को विजयी घोषित किया गया। संयुक्त सचिव पद पर नरेश कुमार को 116 तथा मयंक गुप्ता को 41 मत प्राप्त हुए। संयुक्त सचिव पद पर नरेश कुमार को विजयी घोषित किया गया। अध्यक्ष पद पर 02 मत तथा संयुक्त सचिव पद पर 01 मत निरस्त हुआ।
डेंगू बुखार (Dengue fever) हमेशा से ही ध्यान खींचने वाला मामला रहा है। एक प्रसिद्ध कहावत है जो कहती है कि “यदि आप मानते हैं कि प्रभाव डालने के लिए आप बहुत छोटे हैं, तो आपने मच्छरों के साथ रात नहीं बिताई है।” इसलिए, अपनी सेहत को सुरक्षित रखने के लिए डेंगू के बारे में समझ होना बहुत जरूरी है। तो इस ब्लॉग में हम डेंगू और इसके विभिन्न पहलुओं जैसे कि लक्षण, कारण, निदान, उपचार, और इस छोटे लेकिन शक्तिशाली शत्रु से खुद को बचाने के उपाय के बारे में जानेंगे।
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डेंगू बुखार क्या है (Dengue Fever)? डेंगू बुखार (Dengue fever) एक जानलेवा मच्छरों के संक्रमण से होने वाली बीमारी है। यह बीमारी डेंगू वायरस द्वारा प्रसारित होती है, जिसे एडिस मच्छर (Aedes mosquito) के काटने से व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करता है। डेंगू बुखार जनस्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा प्रदर्शित करता है, खासकर उष्णकटिबंधीय (tropical regions) और अर्ध-उष्णकटिबंधीय (subtropical regions) क्षेत्रों में। डेंगू वायरस में चार अलग-अलग सीरोटाइप शामिल हैं, और यह फ्लेवीवायरिडी (Flaviviridae) परिवार का हिस्सा होता है। संक्रमित मच्छर द्वारा काटने पर, वायरस रक्तमांश (bloodstream) में प्रवेश करता है और कई लक्षणों (dengue ke lakshan in hindi) का कारण बनता है।
डेंगू कैसे फैलता है? मच्छर के काटने से संक्रमण (Transmission through the mosquito bite): डेंगू बुखार प्रमुखतः ऐसे मच्छरों के काटने के माध्यम से प्रसारित होता है जो डेंगू वायरस को लेकर आते हैं, मुख्यतः एडीस एजिप्टी मच्छर। वायरस मच्छर के शरीर में प्रवेश करता है और इसके मध्यगुटिका में वृद्धि करता है, और इसके बाद अन्य ऊतकों (tissues) में, साथ ही थूकने वाले ग्रंथियों में भी फैल जाता है। इस प्रक्रिया को “एक्सट्रिंसिक इन्क्यूबेशन पीरियड” (EIP) कहा जाता है, जिसमें वायरस को प्रसारणशील बनने में लगभग 8-12 दिन लगते हैं। तापमान, वायरस के प्रकार और प्रारंभिक वायरल संघटन की धारावाहिकता जैसे एक्सट्रिंसिक इन्क्यूबेशन पीरियड की अवधि पर प्रभाव डाल सकते हैं। एक बार जब मच्छर संक्रामक हो जाता है, तो वह अपने पूरे जीवन के लिए वायरस को प्रसारित कर सकता है। इंसानों से मच्छरों में संक्रमण (Human-to-Mosquito Transmission): जिन लोगों के खून में डेंगू का वायरस होता है, उन्हें काटने से मच्छर संक्रमित हो सकते हैं। किसी व्यक्ति में लक्षण विकसित होने से 2 दिन पहले और बुखार कम होने के 2 दिन बाद तक संचरण हो सकता है। जिन लोगों के रक्त में वायरस का स्तर अधिक होता है और तेज बुखार होता है, उनमें मच्छरों के संक्रमित होने का खतरा अधिक होता है। DENV- विशिष्ट एंटीबॉडी वाले व्यक्तियों में वायरस को मच्छरों तक पहुँचाने का जोखिम कम होता है। अधिकांश लोग लगभग 4-5 दिनों तक विक्षिप्त रहते हैं, लेकिन यह 12 दिनों तक भी रह सकता है। मातृ संक्रमण (Maternal Transmission): हालांकि, यह दुर्लभ है, लेकिन एक गर्भवती माँ से उसके बच्चे तक मातृ संक्रमण के प्रमाण हैं। वर्टिकल ट्रांसमिशन की दर, मां से बच्चे तक दुर्लभ दिखाई देती है। गर्भावस्था के दौरान डेंगू संक्रमण (dengue in pregnancy) का समय प्रसारण के जोखिम पर प्रभाव डाल सकता है। गर्भावस्था के दौरान डेंगू संक्रमण बच्चे के लिए जटिलताएं पैदा कर सकता है, जैसे- समय से पहले जन्म, जन्म के समय कम वजन और भ्रूण संकट।
संचरण के अन्य तरीके (Other Transmission Modes): डेंगू रक्त पदार्थों, अंगदानों और प्रतिस्थापनों के माध्यम से प्रसारित हो सकता है, हालांकि ये मामले दुर्लभ होते हैं। संक्रमित मच्छर ट्रांसोवेरियल ट्रांसमिशन के माध्यम से वायरस को अपनी संतानों तक पहुंचा सकते हैं।
डेंगू बुखार के लक्षण (Dengue Symptoms): अचानक तेज बुखार (40°C/104°F) गंभीर सिरदर्द जोड़ों और मांसपेशियों में गंभीर दर्द आँखों के पीछे दर्द सूजी हुई लिम्फ ग्रंथियां जी मिचलाना उल्टी करना खुजली थकान आमतौर पर, मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली वाले व्यक्ति डेंगू बुखार से एक सप्ताह से 10 दिन के भीतर स्वस्थ हो जाते हैं। हालांकि, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए लक्षण बिगड़ सकते हैं और जानलेवा भी हो सकते हैं। यह प्रगति गंभीर डेंगू, डेंगू हेमोरेजिक (Dengue Hemorrhagic Fever) बुखार या डेंगू शॉक सिंड्रोम (Dengue Shock Syndrome) की ओर ले जा सकती है।
जब बुखार उतर जाता है, आमतौर पर एक से दो दिन बाद, तो अतिरिक्त लक्षण (additional dengue symptoms in hindi) सामने आ सकते हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं:
मसूड़ों या नाक से खून आना मल, पेशाब या उल्टी में खून की मौजूदगी त्वचा के नीचे खून का बहाव, जो खरोंच के रूप में दिखाई दे सकता है गंभीर पेट दर्द लगातार उल्टी होना डीहाइड्रेशन सुस्ती या कन्फ़्यूज़न ठंडे या चिपचिपे हाथ-पैर तेजी से वजन कम होना बेचैनी थकान
डेंगू की पहचान कैसे की जाती है (Dengue Diagnosis)?
डेंगू संक्रमण की पहचान के लिए डॉक्टर कई परीक्षण कर सकते हैं। डेंगू बुखार का पता लगाने के लिए प्रयोग किए जाने वाले परीक्षण प्रक्रियाएं कुछ इस प्रकार हैं:
डेंगू NS1 एंटीजन टेस्ट (dengue NS1 antigen test): यह टेस्ट डेंगू वायरस के NS1 अंश की जांच करता है। डेंगू के लक्षणों (dengue fever infection) के पहले सप्ताह के दौरान यह परीक्षण बहुत उपयोगी है। डेंगू के लिए एंटीबॉडी टेस्ट (dengue antibody test): आईजीएम एंटीबॉडी टेस्ट (IgM Antibody Test): यह जांच कुछ एंटीबॉडीज (संक्रमण से लड़ने वाले अणु) की तलाश करती है जो शरीर डेंगू बुखार होने पर बनाता है। आमतौर पर लक्षणों के तीन से पांच दिन बाद पॉजिटिव होता है, और यह कुछ हफ्तों तक ऐसा रह सकता है।
आईजीजी एंटीबॉडी टेस्ट (IgG antibody test): यह टेस्ट अलग-अलग एंटीबॉडी की खोज करता है जो बाद में बीमारी में उभरता है और कई महीनों से वर्षों तक बने रह सकते हैं।
RT-PCR परीक्षण (RT-PCR test): आरटी-पीसीआर परीक्षण का अर्थ होता है रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन-पोलीमरेज़ चेन रिएक्शन। RT-PCR डेंगू वायरस की आनुवांशिक सामग्री (RNA) की पहचान के लिए एक शानदार परीक्षण है। यह परीक्षण बीमारी के शुरुआती दौर में किया जाता है, जब यह सबसे प्रभावी होता है। गंभीर डेंगू बुखार के लक्षणों के मामले में चिकित्सक अन्य अंगों में डेंगू संक्रमण (dengue fever infection) के प्रसार को जानने के लिए अन्य रक्त परीक्षण और रेडियोलॉजी इमेजिंग परीक्षण का सुझाव दे सकते हैं। ये निम्नलिखित हो सकते हैं:
लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT): LFT में सीरम बिलीरुबिन, उच्च ट्रांसएमिनेस, और सीरम एल्ब्यूमिन के स्तर की जांच की जाती है। यह जांच यकृत विफलता के लक्षणों को पहचानने में मदद करती है, जो डेंगू संक्रमण के कारण हो सकती है। रीनल फंक्शन टेस्ट (RFT): RFT में सीरम क्रिएटिनिन स्तर की जांच की जाती है। यह जांच विभिन्न गुर्दे की बीमारियों के कारण होने वाली समस्याओं को पहचानने में मदद करती है, जैसे कि नेफ्रोटिक सिंड्रोम, ट्यूबलर नेक्रोसिस, एक्यूट रीनल फेल्योर, हाइपोटेंशन, हेमोलिटिक यूरेमिक सिंड्रोम, हेमोलिसिस, रबडोमायोलिसिस, प्रोटीनुरिया, या ग्लोमेरुलोपैथी। चेस्ट एक्स-रे (Chest X-ray): यह टेस्ट प्ल्यूरल इफ्यूजन (फेफड़ों में तरल भराव) और पेरिकार्डियल इफ्यूजन (दिल के चारों ओर तरल पदार्थ का इकट्ठा होना) की जांच करने के लिए किया जाता है। इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफी (ECG): डेंगू संक्रमण से हृदय की विद्युत गतिविधि की जांच करने के लिए किया जाता है। कई मरीजों में डेंगू संक्रमण के कारण पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट के असामान्यताओं के कारण ईसीजी पर विचित्रताएं देखी जाती हैं, जैसे साइनस ब्रैडीरिथिमिया, वेंट्रिकुलर ऐसिस्टोल, साइनस टेकीअरिथमिया, सुप्रावेंट्रिकुलर टैचीकार्डिया (एसवीटी) और स्टी-और टी-वेव परिवर्तन। अल्ट्रासाउंड एब्डोमेन (USG): मुख्य रूप से डेंगू बुखार के संक्रमण के कारण होने वाली सेरोसाइटिस, पेट में तरल पदार्थ, पित्ताशय की थैली में सूजन, पेरिकोलेसिस्टिक द्रव, जलोदर (आपके पेट के भीतर रिक्त स्थान में द्रव का निर्माण) जैसी स्थितियों की जांच करने के लिए किया जाता है। 2डी इकोकार्डियोग्राफी (2D Echo): 2D Echo हृदय की मांसपेशियों की जांच के लिए एक प्रकार का परीक्षण है। गंभीर डेंगू बुखार हृदय को संरचनात्मक और कार्यात्मक रूप से प्रभावित करता है। डेंगू वायरस के संक्रमण से होने वाली कार्डियक जटिलताओं में स्व-सीमित अतालता से लेकर गंभीर मायोकार्डियल इन्फ्रक्शन तक भिन्न होता है, जिससे हाइपोटेंशन, पल्मोनरी एडिमा और कार्डियोजेनिक शॉक होता है। डी-डाइमर (D-dimer): रक्त में डी-डाइमर स्तर की जांच की जाती है। डी-डाइमर एक प्रोटीन का टुकड़ा होता है जो शरीर में रक्त के थक्कों के घुलने पर उत्पन्न होता है। डेंगू संक्रमण से रक्त में डी-डाइमर का स्तर बढ़ सकता है और इसके परिणामस्वरूप शरीर में दर्द, सीने में तेज दर्द, तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी और हाथ या पैर की त्वचा के रंग में बदलाव हो सकता है। फाइब्रिनोजेन परीक्षण (fibrinogen test): फाइब्रिनोजेन के स्तर की जांच करने के लिए यह परीक्षण किया जाता है। फाइब्रिनोजेन एक रक्त प्रोटीन होता है जो लीवर में उत्पन्न होता है और रक्त के थक्कों को जमने में मदद करता है। फाइब्रिनोजेन की कमी के कारण रक्त को थक्का जमना मुश्किल हो जाता है। जटिल डेंगू रक्तस्रावी बुखार के रोगियों में अत्यधिक रक्तस्राव हो सकता है, इसलिए डॉक्टर आपके फाइब्रिनोजेन स्तरों की जांच के लिए इस परीक्षण का उपयोग करते हैं। फाइब्रिन डिग्रेडेशन उत्पाद रक्त परीक्षण (FDP): यह एक रक्त परीक्षण है जिसका उपयोग एफडीपी स्तरों की जांच के लिए किया जाता है। एफडीपी एक पदार्थ होते हैं जो रक्त में थक्कों के घुलने के परिणामस्वरूप उत्पन्न होते हैं। जटिल डेंगू रक्तस्रावी बुखार के कारण एफडीपी स्तरों में वृद्धि हो सकती है, जो प्राथमिक या द्वितीयक फाइब्रिनोलिसिस (थक्का-घुलने की गतिविधि) के संकेत के रूप में देखा जा सकता है। अगर आपको डेंगू बुखार का संदेह हो या आपके लक्षण डेंगू से मेल खाते हों, तो एक डॉक्टर की सलाह लेना महत्वपूर्ण है। वो आपको सही निदान दे सकते हैं और आपकी स्थिति के लिए सही सलाह प्रदान कर सकते हैं।
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डेंगू बुखार का इलाज कैसे किया जाता है ?
डेंगू बुखार के इलाज में रोगियों को बेहतर महसूस करने और ठीक होने में मदद करने के लिए कई विकल्प शामिल हैं,
हाइड्रेशन: डेंगू बुखार से निपटने के दौरान हाइड्रेटेड रहना महत्वपूर्ण है। बहुत सारे तरल पदार्थ जैसे पानी, नारियल पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स वाले पेय पीना महत्वपूर्ण है। यह शरीर के खोए हुए तरल पदार्थ को भरने में मदद करता है, वायरस के खिलाफ आपकी लड़ाई का समर्थन करता है और आपकी वसूली में सहायता करता है। आराम करें: भरपूर आराम करके अपने शरीर को मरम्मत के लिए आवश्यक समय दें। इसे आराम से लेने और खुद को आराम करने देने से आपके शरीर को डेंगू वायरस से लड़ने पर ध्यान केंद्रित करने और ताकत हासिल करने में मदद मिलती है। दर्द निवारक दवाएं: डेंगू बुखार तेज बुखार और बेचैनी पैदा कर सकता है। एसिटामिनोफेन (पैरासिटामोल) जैसी ओवर-द-काउंटर दवाएं बुखार को कम कर सकती हैं और दर्द या बेचैनी को कम कर सकती हैं। एस्पिरिन या इबुप्रोफेन से बचें, क्योंकि वे रक्तस्राव के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन (गंभीर मामलों में): गंभीर डेंगू के मामलों में प्लेटलेट काउंट में महत्वपूर्ण गिरावट आ सकती है। प्लेटलेट के स्तर को फिर से भरने के लिए प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन आवश्यक हो सकता है, शरीर को थक्का जमाने में मदद करता है और अत्यधिक रक्तस्राव को रोकता है। सहायक देखभाल: डेंगू बुखार में मतली, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण हो सकते हैं। उचित द्रव संतुलन और इलेक्ट्रोलाइट स्तर बनाए रखना महत्वपूर्ण है। हेल्थकेयर प्रदाता आपको हाइड्रेटेड रखने और शरीर के संतुलन को बनाए रखने के लिए अंतःशिरा (IV) तरल पदार्थ या मौखिक पुनर्जलीकरण समाधान प्रदान कर सकते हैं।
इन उपचार विकल्पों पर विचार करके और निवारक उपायों का पालन करके, आप डेंगू बुखार से ठीक होने की संभावना बढ़ा सकते हैं और अपने स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव को कम कर सकते हैं। उचित निदान, व्यक्तिगत देखभाल और विशेषज्ञ सलाह के लिए हमेशा हेल्थ एक्सपर्ट से मार्गदर्शन लें।
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डेंगू बुखार के जोखिम कारक (Risk Factors for Dengue Fever)
डेंगू बुखार के लिए हर कोई अतिसंवेदनशील होता है, लेकिन कुछ चीजें हैं जो डेंगू की संभावना को और भी बढ़ा सकती हैं। डेंगू बुखार के लिए कुछ प्रमुख जोखिम कारक नीचे सूचीबद्ध हैं:
स्थान: उन क्षेत्रों में यात्रा करना या रहना जहाँ डेंगू फैलाने वाले मच्छर आम हैं, जोखिम बढ़ा सकते हैं। इसलिए यदि आप खुद को उष्णकटिबंधीय या उपोष्णकटिबंधीय जलवायु में पाते हैं तो मच्छरों के काटने से बचने के लिए अतिरिक्त कदम उठाना महत्वपूर्ण है क्योंकि ये मच्छर वहां पनपते हैं। मच्छरों के संपर्क में आना: मच्छरों की अधिक आबादी वाली जगहों पर समय बिताने से डेंगू वायरस ले जाने वाले मच्छर द्वारा काटे जाने का खतरा बढ़ जाता है। सुबह-सुबह और देर दोपहर में मच्छर सबसे अधिक सक्रिय होते हैं, इसलिए सावधानी बरतना आपके जोखिम को कम कर सकता है। मच्छर नियंत्रण का अभाव: आपके आस-पास मच्छरों को नियंत्रित करने के लिए अपर्याप्त उपाय मच्छरों के प्रजनन और डेंगू के प्रसार के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। रुका हुआ पानी, जैसे कि खुले कंटेनर या फेंके गए सामान में मच्छरों के प्रजनन के लिए उपयुक्त ठहराव स्थल प्रदान करते हैं। उचित स्वच्छता सुनिश्चित करने और स्थिर पानी को खत्म करने से जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली: कुछ विशेष चिकित्सा स्थितियों या कीमोथेरेपी जैसे उपचारों के तहत रहने वाले लोगों में प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो सकती है, जिनको डेंगू बुखार के प्रति अधिक संवेदनशीलता हो सकती है। उनके शरीर में वायरस के खिलाफ लड़ाई में संकट हो सकता है, जिस वजह से डेंगू बीमारी के गंभीर रूपों से उन्हें और भी ख़तरा हो सकता है। पिछला डेंगू संक्रमण: यदि आप पहले डेंगू बुखार का अनुभव कर चुके हैं, तो यदि आप फिर से संक्रमित हो जाते हैं तो आपको गंभीर डेंगू होने का खतरा बढ़ जाता है। डेंगू वायरस के चार संस्करण होते हैं, और अलग-अलग संस्करण के साथ आगामी संक्रमण से गंभीर लक्षणों का खतरा बढ़ सकता है। आयु: हालांकि डेंगू बुखार सभी आयु वर्ग के व्यक्तियों को प्रभावित कर सकता है, शिशुओं, छोटे बच्चों और बुजुर्गों में रोग के गंभीर रूपों का सामना करने की संभावना अधिक होती है। उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली उतनी लचीली नहीं हो सकती है, जिससे उनके शरीर के लिए वायरस का मुकाबला करना अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इन जोखिम कारकों (Risk factors for Dengue Fever) को समझना आपको उचित सावधानी बरतने, अपनी सुरक्षा करने और डेंगू बुखार के अनुबंध की संभावना को कम करने के लिए सशक्त बना सकता है। सूचित रहना, निवारक उपायों को लगन से लागू करना और अपनी भलाई को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
डेंगू बुखार की रोकथाम (Prevention of Dengue Fever)।
मच्छर नियंत्रण: अपने घर के आसपास स्थिर पानी और संभावित प्रजनन स्थलों को हटा दें। खिड़कियों और दरवाजों पर मच्छरदानी और स्क्रीन का प्रयोग करें।
सुरक्षात्मक कपड़े: बाहर जाते समय लंबी बाजू के कपड़े, पैंट और मोज़े पहनें। हल्के रंग के कपड़े भी मच्छरों को भगाने में मदद कर सकते हैं। कीट विकर्षक: उजागर त्वचा और कपड़ों पर DEET, पिकारिडिन, या लेमन यूकेलिप्टस के तेल के साथ मच्छर विकर्षक लगाएँ। पीक एक्टिविटी से बचें: सुबह जल्दी और देर दोपहर के दौरान बाहरी गतिविधियों को सीमित करें जब मच्छर सबसे अधिक सक्रिय होते हैं। स्वच्छ परिवेश: अपने रहने की जगह को साफ रखें और कचरे का उचित तरीके से निपटान करें। मच्छरों के आराम करने वाले क्षेत्रों को कम करने के लिए झाड़ियों और झाड़ियों को ट्रिम करें। सामुदायिक प्रयास: मच्छरों को नियंत्रित करने के लिए सामुदायिक पहलों में शामिल हों, जैसे सफाई अभियान और बेहतर स्वच्छता प्रथाओं की वकालत करना। सूचित रहें: सुनिश्चित करें कि आप वाई में डेंगू बुखार के बारे में नवीनतम सूचनाओं के साथ अद्यतित हैं। हमारे स्थानीय क्षेत्र, और स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा प्रदान किए गए मार्गदर्शन का पालन करें। यदि आप रोग से संबंधित किसी भी लक्षण का सामना करते हैं तो एक चिकित्सकीय पेशेवर से परामर्श करने की सलाह दी जाती है। इन सरल निवारक उपायों का पालन करके आप स्वयं को और अपने समुदाय को डेंगू बुखार से बचाने में मदद कर सकते हैं। मच्छरों को दूर रखने और इस मच्छर जनित बीमारी के जोखिम को कम करने के लिए रोकथाम महत्वपूर्ण है। निष्कर्ष(Conclusion): डेंगू बुखार के खिलाफ लड़ाई में सही ज्ञान होना और निवारक उपाय करना महत्वपूर्ण है। लक्षणों को पहचानकर, कारणों को जानकर, जोखिम कारकों को समझकर, निदान, उपचार और निवारक रणनीतियों को लागू करके हम इस घातक बीमारी से खुद को बचा सकते हैं। जब पेशेवर मार्गदर्शन और परामर्श लेने की बात आती है, तो फेलिक्स हॉस्पिटल (Felix Hospital) एक विश्वसनीय और भरोसेमंद विकल्प है। अनुभवी डॉक्टरों और उन्नत चिकित्सा सुविधाओं से सशक्त की हमारी टीम डेंगू बुखार और अन्य चिकित्सा स्थितियों के लिए व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह सुसज्जित है। व्यक्तिगत और विशेषज्ञ देखभाल प्राप्त करने के लिए फ़ेलिक्स अस्पताल के साथ परामर्श करने में संकोच न करें।
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!! देवताओं का देवी की स्तुति करना और देवी का देवताओं को वरदान देना !!।
महर्षि मेधा कहते हैं-दैत्य के मारे जाने पर इन्द्रादि देवता अग्नि को आगे कर के कात्यायनी देवी की स्तुति करने लगे, उस समय अभीष्ट की प्राप्ति के कारण उनके मुख खिले हुए थे। देवताओं ने कहा-हे शरणागतों के दुख दूर करने वाली देवी! तुम प्रसन्न होओ, हे सम्पूर्ण जगत की माता!तुम प्रसन्न होओ। विन्ध्येश्वरी! तुम विश्व की रक्षा करो क्योंकि तुम इस चर और अचर की ईश्वरी हो। हे देवी! सम्पूर्ण जगत की आधार रूप हो क्योंकि तुम पृथ्वी रूप में भी स्थित हो और अत्यन्त पराक्रम वाली देवी हो, तुम विष्णु की शक्ति हो और विश्व की बीज परममाया हो और तुमने ही इस सम्पूर्ण जगत को मोहित कर रखा है। तुम्हारे प्रसन्न होने पर ही यह पृथ्वी मोक्ष को प्राप्त होती है।
हे देवी! सम्पूर्ण विद्याएँ तुम्हारे ही भिन्न-भिन्न स्वरुप हैं। इस जगत में जितनी स्त्रियाँ हैं वह सब तुम्हारी ही मूर्त्तियाँ हैं। एक मात्र तुमने ही इस जगत को व्याप्त कर रखा है। तुम्हारी स्तुति किस प्रकार हो सकती है क्योंकि तुम परमबुद्धि रूप हो और सम्पूर्ण प्राणिरूप स्वर्ग और मुक्ति देने वाली हो। अत: इसी रूप में तुम्हारी स्तुति की गई है। तुम्हारी स्तुति के लिए इससे बढ़कर और क्या युक्तियाँ हो सकती हैं, सम्पूर्ण जनों के हृदय में बुद्धिरुप होकर निवास करने वाली, स्वर्ग तथा मोक्ष प्रदान करने वाली हे नारायणी देवी! तुमको नमस्कार है। कलाकाष्ठा आदि रुप से अवस्थाओं को परिवर्तन की ओर ले जाने वाली तथा प्राणियों का अन्त करने वाली नारायणी तुमको नमस्कार है।
हे नारायणी! सम्पूर्ण मंगलो के मंगलरुप वाली! हे शिवे, हे सम्पूर्ण प्रयोजनों को सिद्ध करने वाली! हे शरणागतवत्सला, तीन नेत्रों वाली गौरी! तुमको नमस्कार है, सृष्टि, स्थिति तथा संहारव की शक्तिभूता, सनातनी देवी< गुणों का आधार तथा सर्व सुखमयी नारायणी तुमको नमस्कार है! हे शरण में आये हुए शरणागतों दीन दुखियों की रक्षा में तत्पर, सम्पूर्ण पीड़ाओं को हरने वाली हे नारायणी! तुमको नमस्कार है। हे नारायणी! तुम ब्रह्माणी का रूप धारण करके हंसों से जुते हुए विमान पर बैठती हो तथा कुश से अभिमंत्रित जल छिड़कती रहती हो, तुम्हें नमस्कार है, माहेश्वरी रूप से त्रिशूल, चन्द्रमा और सर्पों को धारण करने वाली हे महा वृषभ वाहन वाली नारायणी! तुम्हें नमस्कार है।
मोरों तथा मुक्कुटों से घिरी रहने वाली, महाशक्ति को धारण करने वालीहे कौमारी रूपधारिणी! निष्पाप नारायणी! तुम्हें नमस्कार है। हे शंख, चक्र, गद फर श्रांग धनुष रूप आयुधों को धारण करने वाली वैष्णवी शक्ति रूपा नारायणी! तुम हम पर प्रसन्न होओ, तुम्हें नमस्कार है। हे दाँतों पर पृथ्वी धारण करने वाली वाराह रूपिणी कल्याणमयी नारायणी! तुम्हे नमस्कार है। हे उग्र नृसिंह रुप से दैत्यों को मारने वाली, त्रिभुवन की रक्षा में संलग्न रहने वाली नारायणी! तुम्हें नमस्कार है। हे मस्तक पर किरीट और हाथ में महावज्र धारण करने वाली, सहस्त्र नेत्रों के कारण उज्जवल, वृत्रासुर के प्राण हरने वाली ऎन्द्रीशक्ति, हे नारायणी! तुम्हें नमस्कार है, हे शिवदूती स्वरुप से दैत्यों के महामद को नष्ट करने वाली, हे घोररुप वाली! हे महाशब्द वाली! हे नारायणी! तुम्हें नमस्कार है।
दाढ़ो के कारण विकराल मुख वाली, मुण्डमाला से विभूषित मुण्डमर्दिनी चामुण्डारूपा नारायणी! तुम्हें नमस्कार है। हे लक्ष्मी, लज्जा, महाविद्या, श्रद्धा, पुष्टि, स्वधा, ध्रुवा, महारात्रि तथा महाविद्यारूपा नारायणी! तुमको नमस्कार है। हे मेधा, सरस्वती, सर्वोत्कृष्ट, ऎश्वर्य रूपिणी, पार्वती, महाकाली, नियन्ता तथा ईशरूपिणी नारायणी! तुम्हें नमस्कार है। हे सर्वस्वरूप सर्वेश्वरी, सर्वशक्तियुक्त देवी! हमारी भय से रक्षा करो, तुम्हे नमस्कार है। हे कात्यायनी! तीनों नेत्रों से भूषित यह तेरा सौम्यमुख सब तरह के डरों से हमारी रक्षा करे, तुम्हें नमसकर है। हे भद्रकाली! ज्वालाओं के समान भयंकर, अति उग्र एवं सम्पूर्ण असुरों को नष्ट करने वाला तुम्हारा त्रिशूल हमें भयों से बचावे, तुमको नमस्कार है। हे देवी! जो अपने शब्द से इस जगत को पूरित कर के दैत्यों के तेज को नष्ट करता है वह आपका घण्टा इस प्रकार हमारी रक्षा करे जैसे कि माता अपने पुत्रों की रक्षा कार्ती है। हे चण्डिके! असुरों के रक्त और चर्बी से चर्चित जो आपकी तलवार है, वह हमारा मंगल करे! हम तुमको नमस्कार करते हैं। हे देवी! तुम जब प्रसन्न होती हो तो सम्पूर्ण रोगों को नष्ट कर देती हो और जब रूष्ट हो जाती हो तो सम्पूर्ण वांछित कामनाओं को नष्ट कर देती हो और जो मनुष्य तुम्हारी शरण में जाते हैं उन पर कभी विपत्ति नहीं आती। बल्कि तुम्हारी शरण में गये हुए मनुष्य दूसरों को आश्रय देने योग्य हो जाते हैं। अनेक रूपों से बहुत प्रकार की मूर्तियों को धारण कर के इन धर्मद्रोही असुरों का तुमने संहार किया है, वह तुम्हारे सिवा कौन कर सकता था? चतुर्दश विद्याएँ, षटशास्त्र और चारों वेद तुम्हारे ही प्रकाश से प्रकाशित हैं, उनमें तुम्हारा ही वर्णन है और जहाँ राक्षस, विषैले सर्प शत्रुगण हैं वहाँ और समुद्र के बीच में भी तुम साथ रहकर इस विश्व की रक्षा करती हो।
हे विश्वेश्वरि! तुम विश्व का पालन करने वाली विश्वरूपा हो इसलिए सम्पूर्ण जगत को धारण करती हो. इसीलिए ब्रह्मा, विष्णु, महेश की भी वन्दनीया हो। जो भक्तिपूर्वक तुमको नमस्कार करते हैं, वह विश्व को आश्रय देने वाले बन जाते हैं. हे देवी! तुम प्रसन्न होओ और असुरों को मारकर जिस प्रकार हमारी रक्षा की है, ऎसे ही हमारे शत्रुओं से सदा हमारी रक्षा करती रहो। सम्पूर्ण जगत के पाप नष्ट कर दो और पापों तथा उनके फल स्वरूप होने वाली महामारी आदि बड़े-2 उपद्रवों को शीघ्र ही दूर कर दो। विश्व की पीड़ा को हरने वाली देवी! शरण में पड़े हुओं पर प्रसन्न होओ। त्रिलोक निवासियों की पूजनीय परमेश्वरी हम लोगों को वरदान दो।
देवी ने कहा-हे देवताओं! मैं तुमको वर देने को तैयार हूँ। आपकी जेसी इच्छा हो, वैसा वर माँग लो मैं तुमको दूँगी। देवताओं ने कहा-हे सर्वेश्वरी! त्रिलोकी के निवासियों की समस्त पीड़ाओं को तुम इसी प्रकार हरती रहो और हमारे शत्रुओं को इसी प्रकार नष्ट करती रहो। देवी ने कहा-वैवस्वत मन्वन्तर के अट्ठाईसवें युग में दो और महा असुर शुम्भ और निशुम्भ उत्पन्न होगें। उस समय मैं नन्द गोप के घर से यशोदा के गर्भ से उत्पन्न होकर विन्ध्याचल पर्वत पर शुम्भ और निशुम्भ का संहार करूँगी, फिर अत्यन्त भयंकर रूप से पृथ्वी पर अवतीर्ण होकर मैं वैप्रचित्ति नामक दानवों का नाश करूँगी। उन भयंकर महा असुरों को भक्षण करते समय मेरे दाँत अनार पुष्प के समान लाल होगें, इसके पश्चात स्वर्ग में देवता और पृथ्वी पर मनुष्य मेरी स्तुति करते हुये मुझे रक्तदन्तिका कहेगें फिर जब सौ वर्षों तक वर्षा न होगी तो मैं ऋषियों के स्तुति करने पर आयोनिज नाम से प्रकट होऊँगी और अपने सौ नेत्रों से ऋषियों की ओर देखूँगी।
अत: मनुष्य शताक्षी नाम से मेरा कीर्तन करेगें। उसी समय मैं अपने शरीर से उत्पन्न हुए प्राणों की रक्षा करने वाले शाकों द्वारा सब प्राणियो का पालन करूँगी और तब इस पृथ्वी पर शाकम्भरी के नाम से विख्यात होऊँगी और इसी अवतार में मैं दुर्ग नामक महा असुर का वध करूँगी और इससे मैं दुर्गा देवी के नाम से प्रसिद्ध होऊँगी। इसके पश्चात जब मैं भयानक रूप धारण कर के हिमालय निवासी ऋषियों महर्षियों की रक्षा करूँगी तब भीमा देवी के नाम से मेरी ख्याति होगी और जब फिर अरुण नामक असुर तीनों लोकों को पीड़ित करेगा तब मैं असंख्य भ्रमरों का रूप धारण कर के उस महा दैत्य का वध करूँगी तब स्वर्ग में देवता और मृत्युलोक में मनुष्य मेरी स्तुति करते हुए मुझे भ्रामरी नाम से पुकारेगें। इस प्रकार जब-जब पृथ्वी राक्षसों से पीड़ित होगी तब-तब मैं अवतरित होकर शत्रुओं का नाश करूँगी।
तंबाकू मिश्रित गुटके का बड़े पैमाने पर किया जा रहा अवैध व्यापार
फतेहपुर के धाता क्षेत्र में संचालित कर रखी है फैक्ट्री
खागा तहसील व बाँदा, कौशांबी जनपद के इलाकों में बेचा जा रहा प्रतिबंधित गुटखा
खाद्य सुरक्षा विभाग व पुलिस की मिली भगत से संचालित हो रहा अवैध कारोबार
व्यापारी नेता का चोला ओढ़ अवैध धंधे को अंजाम दे रहा किशनपुर का कारोबारी
~विकास त्रिवेदी राहुल
लखनऊ। फतेहपुर जनपद का किशनपुर क़स्बा इन दिनों नशीले पदार्थो के अवैध कारोबार को लेकर काफी सुर्खियों में छाया हुआ है। सूत्र बताते हैं कि व्यापारी नेता का चोला ओढ़े एक व्यक्ति तंबाकू मिश्रित अवैध गुटके का व्यापार कई वर्षों से बिना भय के धड़ल्ले से करता चला आ रहा है।
यह अवैध व्यापार खागा तहसील क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में तेजी के साथ परवान चढ़ रहा है और ग्रामीण क्षेत्र की लगभग प्रत्येक दुकान में तंबाकू मिश्रित गुटके की बिक्री की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि उक्त व्यापारी नेता ने अवैध गुटका निर्माण की फैक्ट्री धाता क्षेत्र में संचालित कर रखी है, जहां से निर्माण करने के बाद अवैध गुटखा खागा तहसील क्षेत्र के विभिन्न इलाकों समेत पड़ोसी जनपद बांदा व कौशांबी में भी सप्लाई किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस अवैध कारोबार को संचालित करने के पीछे कई सफेदपोश नेताओं व खाद्य सुरक्षा विभाग के साथ-साथ क्षेत्रीय पुलिस का भरपूर संरक्षण प्राप्त होता है। इसी वजह से यह कारोबार उक्त इलाकों में दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करता दिख रहा है। सूत्रों का कहना रहा की अवैध गुटके की सप्लाई को लेकर कई बार कुछ लोगों से उक्त व्यापारी की नोक-झोंक भी होती रहती है, किन्तु सेटिंग-गेटिंग में माहिर उक्त व्यापारी नेता अपने अवैध कारोबार को बिना भय के तेजी से बढ़ाने में लगा है।
कार्रवाई की भनक लगते ही फरार हो गए छह दुकानदार, नोटिस जारी
उर्वरक प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार कार्रवाई
बिजनौर। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश एवं जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में अपर जिला कृषि अधिकारी अमित कुमार व सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता बिजनौर राजवीर सिंह की संयुक्त टीम द्वारा तहसील बिजनौर एवं नजीबाबाद। उप कृषि निदेशक बिजनौर गिरीश चंद एवं जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह की संयुक्त टीम द्वारा तहसील चांदपुर तथा जिला कृषि रक्षा अधिकारी मनोज रावत एवं जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र कुमार की संयुक्त टीम द्वारा तहसील नगीना एवं धामपुर में उर्वरक विक्रेता के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार कार्रवाई की गई।
छापामार कार्रवाई के दौरान कुल 36 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान/गोदाम में उपलब्ध यूरिया, डीएपी, एनपीके आदि उर्वरकों के स्टॉक का मिलान पीओएस मशीन व अभिलेखों के अनुसार किया गया तथा कुल 11 उर्वरकों के नमूने लिए गए।
कार्रवाई की भनक लगते ही मै. प्रधान कृषि सेवा केंद्र सहसपुर, मै. जनता कृषि सेवा केंद्र सहसपुर, मै. श्री बालाजी ट्रेडर्स मंडावर, मै. किसान खाद भंडार रावटी, मै. चौधरी फर्टिलाइजर रावटी एवं मोहन बीज भंडार छाछरी मोड़ अपने उर्वरक प्रतिष्ठान बंद कर भाग गए। इस पर कुल 06 उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। निरीक्षण के दौरान पीओएस मशीन से उर्वरकों का वितरण होते हुए पाया गया। छापामार कार्रवाई के दौरान ओवर रेटिंग एवं मुख्य उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग आदि का कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया।
निरीक्षण के दौरान सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए गए कि उर्वरकों की तत्कालीन आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरकों, विशेषकर यूरिया, डीएपी, एनपीके उर्वरक का वितरण निर्धारित दर पर संस्तुत मात्रा के अनुसार किया जाए। किसी भी दशा में उर्वरकों की बिक्री बल्क में न की जाए। यदि कोई भी उर्वरक विक्रेता उक्त कार्य करता पाया गया तो संबंधित के विरुद्ध विधिक/दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
अनियमितता पाये जाने पर ड्रग इंस्पेक्टर ने मेडिकल किया सील
~शाहिद रजा खान, बढ़ापुर।
बिजनौर। बढ़ापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक गांव में अनियमितता पाए जाने पर एक मेडिकल स्टोर को ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा सील कर दिया गया। मेडिकल स्टोर के सील होने की सूचना पर इलाके के मेडिकल स्टोर स्वामियों में हड़कंप मचा हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा जिले भर में लगातार अभियान चलाकर झोलाछाप चिकित्सकों में अवैध रूप से संचालित मेडिकल स्टोर पर शिकंजा कसा जा रहा है। इसके चलते जिले भर में कई अस्पताल में मेडिकल स्टोर पहले ही सील किये जा चुके हैं। बताया जा रहा है कि थाना क्षेत्र के ग्राम भोगपुर में अविनाश मेडिकल स्टोर के नाम से डॉक्टर रोशन लाल उर्फ मंगल पुत्र हंसराज निवासी ग्राम भोगपुर ने मेडिकल स्टोर खोला हुआ है। ड्रग इंस्पेक्टर उमेश कुमार भारती द्वारा ग्राम भोगपुर पहुंचकर मेडिकल स्टोर पर जांच की गई तो भारी अनियमितता पाई गई। इस पर ड्रग इंस्पेक्टर उमेश कुमार भारती द्वारा उक्त मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया। मेडिकल स्टोर के सील होने की सूचना इलाके में आग की तरह फैल गई। इसके बाद ड्रग इंस्पेक्टर के क्षेत्र में आने व मेडिकल स्टोर सील करने की बात सुनकर मेडिकल स्टोर स्वामी अपने मेडिकल स्टोर में ताले लगाकर फरार हो गए। ड्रग इंस्पेक्टर उमेश कुमार भारती द्वारा मेडिकल स्टोर सील किए जाते समय थाना बढ़ापुर से उप निरीक्षक ललित कुमार, हेड कांस्टेबल कृष्ण कुमार, कॉन्स्टेबल विजेंद्र सिंह भी टीम के रूप में मौजूद रहे।
सूचना विभाग का अदना सा कर्मचारी बन बैठा सर्वेसर्वा
फर्जी पत्रकारों की शह पर हो रहा खेल!
कारनामा: मोदी योगी के पोस्टर पड़े हैं कूड़े के ढेर में…!
बिजनौर। पश्चिम उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर से सरकारी लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दरअसल जनता में प्रचार प्रसार के लिए केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों, उपलब्धियों संबंधी पोस्टर, पैंपलेट आदि कूड़े के ढेर में पड़े हुए हैं। एक अदने से कर्मचारी की बदौलत देश प्रदेश के सर्वेसर्वा निपटने को मजबूर हो गए हैं।
अर्से से यहां तैनात अफसरों कर्मचारियों की लापरवाही का आलम तो देखिए कि कार्यालय के भीतर ढेर के रूप में पड़ी उक्त सरकारी प्रचार सामग्री पर किसी की नजर तक नहीं गई? या देख, जान कर भी अंजान हैं, अथवा कहानी कुछ और है?
बिजनौर के जिला सूचना कार्यालय के भीतर कूड़े में पड़ी केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियों, नीतियों संबंधी प्रचार सामग्री
डीएम तक हैं लाचार?
सूत्रों का दावा है कि बरसों से एक विभागीय कर्मी की सरपरस्ती में ही सभी कामकाज का संचालन होता आया है। अधिकारी से भी अव्वल दर्ज की हैसियत वाले उक्त कर्मी की कई शिकायतें अनसुनी पड़ी हैं। यहां तक कि निवर्तमान और वर्तमान जिलाधिकारी भी कोई कार्रवाई करने की सोच ही नहीं सकते? कुल मिलाकर जनता, समाज में सिर्फ यही संदेश जा रहा है कि जिले के डीएम तक उक्त कर्मचारी के सामने लाचार हैं!
फर्जी पत्रकारों की शह पर हो रहा खेल!
बिजनौर में फर्जी पत्रकारों की बाढ़ आ गई है। इन्हीं जैसों की शह पर खेल किया जा रहा है। ऐसे लोगों की काकस के चक्रव्यूह में पदस्थ अधिकारी न सिर्फ फंस जाते हैं बल्कि बिलबिला कर रह जाते हैं।
सरकारी विज्ञापनों के नाम पर खेला?
बिजनौर में सरकारी विज्ञापनों के नाम पर जबरदस्त खेला हो रहा है? पुराने अखबारों के बीच के अगले पिछले पेज किसी भी प्रिंटिंग प्रेस में छपवा कर लाखों करोड़ों की रकम डकारी जा रही है।
जेल से डा० कृष्णकान्त राहुल को भेजा गया सीएचसी हल्दौर
बिजनौर। जिला कारागार में तैनात डा० कृष्णकान्त राहुल का स्थानांतरण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हल्दौर कर दिया गया है। सीएचसी हल्दौर में चिकित्साधिकारी का पद रिक्त चल रहा था। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० विजय कुमार गोयल ने आदेश का अनुपालन अविलंब सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जिला कारागार में तैनात डा० कृष्णकान्त राहुल को स्सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हल्दौर कर दिया गया है। सीएचसी हल्दौर में चिकित्साधिकारी का पद रिक्त चल रहा था। डा० कृष्णकान्त राहुल को निर्देशित किया गया है कि वह तत्काल कार्यमुक्त होते हुए अपने नवीन तैनाती स्थान, सामु०स्वा० केन्द्र, हल्दौर में योगदान करना सुनिश्चित करें। साथ ही प्रभार प्रमाण पत्र उनके कार्यालय एवं सम्बधित अधिकारियों को प्रेषित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० विजय कुमार गोयल ने बताया कि जिलाधिकारी से हुई वार्ता के क्रम में जनहित में तत्काल प्रभाव से जिला कारागार बिजनौर से डा० कृष्णकान्त राहुल का स्थानांतरण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हल्दौर में रिक्त चिकित्साधिकारी के पद पर कर दिया गया है।
चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के स्कंदमाता स्वरूप की पूजा की जाती है। मां दुर्गा के सभी रूपों में स्कंदमाता का रूप ममतामयी है। इनकी पूजा करने से बुद्धि का विकास होता है और ज्ञान की प्राप्ति होती है। स्कंद कुमार अर्थात स्वामी कार्तिकेय की माता होने के कारण मां के पांचवे स्वरूप को स्कंदमाता कहा जाता है।
स्कंदमाता (संस्कृत: स्कंदमाता) महादेवी के नवदुर्गा रूपों में पांचवां है। उनका नाम स्कंद से आया है, जो युद्ध के देवता कार्तिकेय और माता का एक वैकल्पिक नाम है, जिसका अर्थ है माँ। नवदुर्गा में से एक के रूप में स्कंदमाता की पूजा नवरात्रि के पांचवें दिन होती है।
राजा ने कहा-हे ऋषिराज! आपने रक्तबीज के वध से संबंध रखने वाला वृतान्त मुझे सुनाया। अब मैं रक्तबीज के मरने के पश्चात क्रोध में भरे हुए शुम्भ व निशुम्भ ने जो कर्म किया, वह सुनना चाहता हूँ। महर्षि मेधा ने कहा-रक्तबीज के मारे जाने पर शुम्भ और निशुम्भ को बड़ा क्रोध आया और अपनी बहुत बड़ी सेना का इस प्रकार सर्वनाश होते देखकर निशुम्भ देवी पर आक्रमण करने के लिए दौड़ा, उसके साथ बहुत से बड़े-बड़े असुर देवी को मारने के वास्ते दौड़े और महापराक्रमी शुम्भ अपनी सेना सहित चण्डिका को मारने के लिए बढ़ा, फिर शुम्भ और निशुम्भ का देवी से घोर युद्ध होने लगा और वह दोनो असुर इस प्रकार देवी पर बाण फेंकने लगे जैसे मेघों से वर्षा हो रही हो, उन दोनो वो के चलाए हुए बाणों को देवी ने अपने बाणों से काट डाला और अपने शस्त्रों की वर्षा से उन दोनो दैत्यों को चोट पहुँचाई, निशुम्भ ने तीक्ष्ण तलवार और चमकती हुई ढाल लेकर देवी के सिंह पर आक्रमण किया, अपने वाहन को चोट पहुँची देखकर देवी ने अपने क्षुरप्र नामक बाण से निशुम्भ की तलवार व ढाल दोनो को ही काट डाला।
तलवार और ढाल कट जाने पर निशुम्भ ने देवी पर शक्ति से प्रहार किया। देवी ने अपने चक्र से उसके दो टुकड़े कर दिए। फिर क्या था दैत्य मारे क्रोध के जल भुन गया और उसने देवी को मारने के लिए उसकी ओर शूल फेंका, किन्तु देवी ने अपने मुक्के से उसको चूर-चूर कर डाला, फिर उसने देवी पर गदा से प्रहार किया, देवी ने त्रिशूल से गदा को भस्म कर डाला, इसके पश्चात वह फरसा हाथ में लेकर देवी की ओर लपका। देवी ने अपने तीखे वाणों से उसे धरती पर सुला दिया। अपने पराक्रमी भाई निशुम्भ के इस प्रकार से मरने पर शुम्भ क्रोध में भरकर देवी को मारने के लिये दौड़ा। वह रथ में बैठा हुआ उत्तम आयुधों से सुशोभित अपनी आठ बड़ी-बड़ी भुजाओं से सारे आकाश को ढके हुए था। शुम्भ को आते देख कर देवी ने अपना शंख बजाया और धनुष की टंकोर का भी अत्यन्त दुस्सह शब्द किया, साथ ही अपने घण्टे के शब्द से जो कि सम्पूर्ण दैत्य सेना के तेज को नष्ट करने वाला था सम्पूर्ण दिशाओं में व्याप्त कर दिया।
इसके पश्चात देवी के सिंह ने भी अपनी दहाड़ से जिसे सुन बड़े-बड़े बलवानों ला मद चूर-चूर हो जाता था, आकाश, पृथ्वी और दसों दिशाओं को पूरित कर दिया, फिर आकाश में उछलकर काली ने अपने दाँतों तथा हाथों को पृथ्वी पर पटका, उसके ऎसा करने से ऎसा शब्द हुआ, जिससे कि उससे पहले के सारे शब्द शान्त हो गये, इसके पश्चात शिवदूती ने असुरों के लिए भय उत्पन्न करने वाला अट्टहास किया जिसे सुनकर दैत्य थर्रा उठे और शुम्भ को बड़ा क्रोध हुआ, फिर अम्बिका ने उसे अरे दुष्ट! खड़ा रह!!, खड़ा रह!!! कहा तो आकाश से सभी देवता ‘जय हो, जय हो’बोल उठे। शुम्भ ने वहाँ आकर ज्वालाओं से युक्त एक अत्यन्त भयंकर शक्ति छोड़ी जिसे आते देखकर देवी ने अपनी महोल्का नामक शक्ति से काट डाला।
हे राजन्! फिर शुम्भ के सिंहनाद से तीनों लोक व्याप्त हो गये और उसकी प्रतिध्वनि से ऎसा घोर शब्द हुआ, जिसने इससे पहले के सब शब्दों को जीत लिया। शुम्भ के छोड़े बाणों को देवी ने और देवी के छोड़े बाणों को शुम्भ ने अपने बाणों से काट सैकड़ो और हजारों टुकड़ो में परिवर्तित कर दिया। इसके पश्चात जब चण्डीका ने क्रोध में भर शुम्भ को त्रिशूल से मारा तो वह मूर्छित होकर पृथ्वी पर गिर पड़ा, जब उसकी मूर्छा दुर हुई तो वह धनुष लेकर आया और अपने बाणों से उसने देवी काली तथा सिंह को घायल कर दिया, फिर उस राक्षस ने दस हजार भुजाएँ धारण करके चक्रादि आयुधों से देवी को आच्छादित कर दिया, तब भगवती दुर्गा ने कुपित होकर अपने बाणों से उन चक्रों तथा बाणों को काट डाला, यह देखकर निशुम्भ हाथ में गदा लेकर चण्डिका को मारने के लिए दौडा, उसके आते ही देवी ने तीक्ष्ण धार वाले ख्ड्ग से उसकी गदा को काट डाला।
उसने फिर त्रिशूल हाथ में ले लिया, देवताओं को दुखी करने वाले निशुम्भ त्रिशूल हाथ में लिए हुए आता देखकर चण्डिका ने अपने शूल से उसकी छाती पर प्रहार किया और उसकी छाती को चीर डाला, शूल विदीर्ण हो जाने पर उसकी छाती में से एक उस जैसा ही महा पराक्रमी दैत्य ठहर जा! ठहर जा!! कहता हुआ निकला। उसको देखकर देवी ने बड़े जोर से ठहाका लगाया। अभी वह निकलने भी न पाया था किन उसका सिर अपनी तलवार से काट डाला। सिर के कटने के साथ ही वह पृथ्वी पर गिर पड़ा। तदनन्तर सिंह दहाड़-दहाड़ कर असुरों का भक्षण करने लगा और काली शिवदूती भी राक्षसों का रक्त पीने लगी। कौमारी की शक्ति से कितने ही महादैत्य नष्ट हो गए। ब्रह्माजी के कमण्डल के जल से कितने ही असुर समाप्त हो गये।
कई दैत्य माहेश्वरी के त्रिशूल से विदीर्ण होकर पृथ्वी पर गिर पड़े और बाराही के प्रहारों से छिन्न-भिन्न होकर धराशायी हो गये। वैष्णवी ने भी अपने चक्र से बड़े-बड़े महा पराक्रमियों का कचमूर निकालकर उन्हें यमलोक भेज दिया और ऎन्द्री से कितने ही महाबली राक्षस टुकड़े-2 हो गये। कई दैत्य मारे गए, कई भाग गए, कितने ही काली शिवदूती और सिंह ने भक्षण कर लिए ।
। । श्री मार्कण्डेयपुराणे सावर्णिके मन्वन्तरे देवीमाहात्म्ये निशुम्भवधो नाम नवमोऽध्यायः सम्पूर्णं । ।
श्री दुर्गा सप्तशती: दशम अध्याय
!! शुम्भ वध !!
महर्षि मेधा ने कहा- हे राजन्! अपने प्यारे भाई को मरा हुआ तथा सेना को नष्ट हुई देखकर क्रोध में भरकर दैत्यराज शुम्भ कहने लगा- दुष्ट दुर्गे! तू अहंकार से गर्व मत कर क्योंकि तू दूसरों के बल पर लड़ रही है। देवी ने कहा- हे दुष्ट! देख मैं तो अकेली ही हूँ। इस संसार में मेरे सिवा दूसरा कौन है ? यह सब मेरी शक्तियाँ हैं। देख, यह सब की सब मुझ में प्रविष्ट रही हैं। इसके पश्चात ब्राह्मणी आदि सब देवियाँ उस देवी के शरीर में समा गई और देवी अकेली रह गई तब देवी ने कहा- मैं अपनी ऐश्वर्य शाक्त से अनेक रूपों में यहाँ उपस्थित हुई थी। उन सब रूपों को मैंने समेट लिया है अब अकेली ही यहाँ खड़ी हूँ, तुम भी यहीं ठहरो । महर्षि मेधा ने कहा-तब देवताओं तथा राक्षसों के देखते-2 देवी तथा शुम्भ में भयंकर युद्ध होने लगा। अम्बिका देवी ने सैकड़ों अस्त्र-शस्त्र छोड़े, उधर दैत्यराज ने भी भयंकर अस्त्रों का प्रहार आरम्भ कर दिया। देवी के छोड़े हुए सैकड़ो अस्त्रों को दैत्य ने अपने अस्त्रों द्वारा काट डाला, इसी प्रकार शुम्भ ने जो अस्त्र छोड़े उनको देवी ने अपनी भयंकर हुँकार के द्वारा ही काट डाला।
दैत्य ने जब सैकड़ो बाण छोड़कर देवी को ढक दिया तो क्रोध में भर कर देवी ने अपने बाणों से उसका धनुष नष्ट कर डाला। धनुष कट जाने पर दैत्येन्द्र ने शक्ति चलाई लेकिन देवी ने उसे भी काट कर फेंक दिया फिर दैत्येन्द्र चमकती हुई ढाल लेकर देवी की ओर दौड़ा किन्तु जब वह देवी के समीप पहुँचा तो देवी ने अपने तीक्ष्ण वाणों से उसकी चमकने वाली ढाल को भी काट डाला फिर दैत्येन्द्र का घोड़ा मर गया, रथ टूट गया, सारथी मारा गया तब वह भयंकर मुद्गर लेकर देवी पर आक्रमण करने के लिए चला किन्तु देवी ने अपने तीक्ष्ण बाणों से उसके मुद्गर को भी काट दिया। इस पर दैत्य ने क्रोध में भरकर देवी की छाती में बड़े जोर से एक मुक्का मारा, दैत्य ने जब देवी को मुक्का मारा तो देवी ने भी उसकी छाती में जोर से एक थप्पड़ मारा, थप्पड़ खाकर पहले तो दैत्य पृथ्वी पर गिर पड़ा किन्तु तुरन्त ही वह उठ खड़ा हुआ फिर वह देवी को पकड़ कर आकाश की ओर उछला और वहाँ जाकर दोनों में युद्ध होने लगा, वह युद्ध ऋषियों और देवताओं को आश्चर्य में डालने वाला था । देवी आकाश में दैत्य के साथ बहुत देर तक युद्ध करती रही फिर देवी ने उसे आकाश में घुमाकर पृथ्वी पर गिरा दिया। दुष्टात्मा दैत्य पुनः उठकर देवी को मारने के लिए दौड़ा तब उसको अपनी ओर आता हुआ देखकर देवी ने उसकी छाती विदीर्ण कर के उसको पृथ्वी पर पटक दिया। देवी के त्रिशूल से घायल होने पर उस दैत्य के प्राण पखेरू उड़ गए और उसके मरने पर समुद्र, द्वीप, पर्वत और पृथ्वी सब काँपने लग गये। तदनन्तर उस दुष्टात्मा के मरने से सम्पूर्ण जगत प्रसन्न व स्वस्थ हो गया तथा आकाश निर्मल हो गया। पहले जो उत्पात सूचक मेघ और उल्कापात होते थे वह सब शान्त हो गये। उसके मारे जाने पर नदियाँ अपने ठीक मार्ग से बहने लगी। सम्पूर्ण देवताओं का हृदय हर्ष से भर गया और गन्धर्वियाँ सुन्दर गान गाने लगी । गन्धर्व बाजे बजाने लगे और अप्सराएँ नाचने लगी, पपवित्र वायु बहने लगी, सूर्य की कांति स्वच्छ हो गई, यज्ञशालाओं की बुझी हुई अग्नि अपने आप प्रज्वलित हो उठी तथा चारों दिशाओं में शांति फैल गई।
। । श्री मार्कण्डेयपुराणे सावर्णिके मन्वन्तरे देवीमाहात्म्ये निशुम्भवधो नाम दशम सम्पूर्णं । ।
चौथे दिवस चार पाठ; पंचम, षष्ठ, सप्तम व अष्टम पढ़ने का विधान बताया गया है…
श्री दुर्गा सप्तशती: अष्टम अध्याय
!! रक्तबीज वध !!
महर्षि मेधा ने कहा-चण्ड और मुण्ड नामक असुरों के मारे जाने से और बहुत सी सेना के नष्ट हो जाने से असुरों के राजा, प्रतापी शम्भु ने क्रोध युक्त होकर अपनी सम्पूर्ण सेना को युद्ध के लिये तैयार होने की आज्ञा दी। उसने कहा-अब उदायुध नामक छियासी असुर सेनापति अपनी सेनाओं के साथ युद्ध के लिये जायें और कम्बू नामक चौरासी सेनापति भी युद्ध के लिये जाएँ और कोटि वीर्य नामक पचास सेनापति और धौम्रकुल नाम के सौ सेनापति प्रस्थान करें, कालक, दौहृद, मौर्य और कालकेय यह दैत्य भी मेरी आज्ञा से सजकर युद्ध के लिए कूच करें, भयानक शासन करने वाला असुरों का स्वामी शुम्भ इस प्रकार आज्ञा देकर बहुत बड़ी सेना के साथ युद्ध के लिए चला। उसकी सेना को अपनी ओर आता देखकर चण्डिका ने अपनी धनुष की टंकोर से पृथ्वी और आकाश के बीच का भाग गुँजा दिया।
हे राजन्! इसके पश्चात देवी के सिंह ने दहाड़ना आरम्भ कर दिअय और अम्बिका के घंटे के शब्दों ने उस ध्वनि को और भी बढ़ा दिया, धनुष की टंकोर, शेर की दहाड़ और घण्टे के शब्द से पृथ्वी और आकाश के बीच का भाग गूँज उठा और इसके साथ ही देवी ने अपने मुख को और भी भयानक बना लिया। ऎसे भयंकर शब्द को सुनकर राक्षसी सेना ने देवी तथा सिंह को चारों ओर से घेर लिया। हे राजन्! उस समय दैत्यों के नाश के लिए और देवताओं के हित के लिए ब्रह्मा, शिव, कार्तिकेय, विष्णु तथा इन्द्र आदि देवों की शक्तियाँ जो अत्यंत पराक्रम और बल से सम्पन्न थी, उनके शरीर से निकल कर उसी रूप में चण्डिका देवी के पास गई। जिस देवता का जैसा रूप था, जैसे आभूषण थे और जैसा वाहन था, वैसा ही रूप, आभूषण और वाहन लेकर उन देवताओं की शक्तियाँ दैत्यों से युद्ध करने के लिए आई।
हंस युक्त विमान में बैठकर और रुद्राक्ष की माला तथा कमण्डलु धारण कर के ब्रह्माजी की शक्ति आई, वृषभ पर सवार होकर, हाथ में त्रिशूल लेकर, महानाग का कंकण पहन कर और चन्द्ररेखा से भूषित होकर भगवान शंकर की शक्ति माहेश्वरी आई और मोर पर आरूढ़ होकर, हाथ में शक्ति लिये दैत्यों से युद्ध करने के लिये कार्तिकेय जी की शक्ति उन्हीं का रूप धारण करके आई। भगवान विष्णु की शक्ति गरुड़ पर सवार होकर शंख, चक्र, श्रांग गदा, धनुष तथा खंड्ग हाथ में लिये हुए आई। श्रीहरि की शक्ति वाराही, वाराह का शरीर धारण करके आई और नृसिंह के समान शरीर धारण करके उनकी शक्ति नारसिंही भी आई, उसकी गर्दन के झटकों से आकाश के तारे टूट पड़ते थे और इसी प्रकार देवराज इन्द्र की शक्ति ऎंन्द्री भी ऎरावत के ऊपर सवार होकर आई, पश्चात इन देव शक्तियों से घिरे हुए भगवान शंकर ने चंडिका से कहा-मेरी प्रसन्नता के लिये तुम शीघ्र ही इन असुरों को मारो।
इसके पश्चात देवी के शरीर में से अत्यन्त उग्र रूप वाली और सैकड़ों गीदड़ियों के समान आवाज करने वाली चण्डिका शक्ति प्रकट हुई, उस अपराजिता देवी ने धूमिल जटा वाले भगवान श्रीशंकर जी से कहा-हे प्रभो! आप मेरी ओर से दूत बनकर शुम्भ और निशुम्भ के पास जाइए और उन अत्यन्त गर्वीले दैत्यों से कहिये तथा उनके अतिरिक्त और भी जो दैत्य वहाँ युद्ध के लिए उपस्थित हों, उनसे भी कहिये-जो तुम्हें अपने जीवित रहने की इच्छा हो तो त्रिलोकी का राज्य इन्द्र को दे दो, देवताओं को उनका यज्ञ भाग मिलना आरम्भ हो जाये और तुम पाताल को लौट जाओ, किन्तु यदि बल के गर्व से तुम्हारी लड़ने की इच्छा हो तो फिर आ जाओ, तुम्हारे माँस से मेरी योगिनियाँ तृप्त होंगी, चूँकि उस देवी ने भगवान शंकर को दूत के कार्य में नियुक्त किया था, इसलिए वह संसार में शिवदूती के नाम से विख्यात हुई।
भगवान शंकर से देवी का सन्देश पाकर उन दैत्यों के क्रोध का कोई आर-पार न रहा और वह जिस स्थान पर देवी विराजमान थी वहाँ पहुँचे, और जाने के साथ ही उस पर बाणों और शक्तियों की वर्षा करने लगे। देवी ने उनके फेंके हुए बाणों, शक्तियों, त्रिशूल और फरसों को अपने वाणों से काट डाला और काली देवी उस देवी के साथ आगे खड़ी होकर शत्रुओं को त्रिशूल से विदीर्ण करने लगी और खटवांग से कुचलने लगी, ब्राह्मणी जिस तरफ दौड़ती थी, उसी तरफ अपने कमण्डलु का जल छिड़क कर दैत्यों के वीर्य व बल को नष्ट कर देती थी और इसी प्रकार माहेश्वरी त्रिशूल से, वैष्णवी चक्र से और अत्यन्त कोपवाली कौमारी शक्ति द्वारा असुरों को मार रही थी और ऎन्द्री के बाजू के प्रहार से सैकड़ों दैत्य रक्त की नदियाँ बहाते हुये पृथ्वी पर सो गये।
वाराही ने कितने ही राक्षसों को अपनी थूथन द्वारा मृत्यु के घाट उतार दिया, दाढ़ो के अग्रभाग से कितने ही राक्षसों की छाती को चीर डाला और चक्र की चोट से कितनों ही को विदीर्ण करके धरती पर डाल दिया। बड़े-2 राक्षसों को नारसिंही अपने नखों से विदीर्ण करकेव भक्षण कर रही थी और सिंहनाद से चारों दिशाओं को गुंजाती हुई रणभूमि में विचर रही थी, शिवदूती के प्रचण्ड अट्टहास से कितने ही दैत्य भयभीत होकर पृथ्वी पर गिर पड़े और उनके गिरते ही वह उनको भक्षण कर गई।
इस तरह क्रोध में भरे हुए मातृगणों द्वारा नाना प्रकार के उपायों से बड़े-बड़े असुरों को मरते हुए देखकर राक्षसी सेना भाग खड़ी हुई और उनको इस प्रकार भागता देखकर रक्तबीज नामक महा पराक्रमी राक्षस क्रोध में भरकर युद्ध के लिये आगे बढ़ा। उसके शरीर से रक्त की बूँदे पृथ्वी पर जैसे ही गिरती थी तुरंत वैसे ही शरीर वाला तथा वैसा ही बलवान दैत्य पृथ्वी से उत्पन्न हो जाता था। रक्तबीज गदा हाथ में लेकर ऎन्द्री के साथ युद्ध करने लगा, जब ऎन्द्रीशक्ति ने अपने वज्र से उसको मारा तो घायल होने के कारण उसके शरीर से बहुत सा रक्त बहने लगा और उसकी प्रत्येक बूँद से उसके समान ही बलवान तथा महा पराक्रमी अनेकों दैत्य भयंकर रूप से प्रकट हो गये, वह सबके सब दैत्य बीज के समान ही बलवान तेज वाले थे, वह भी भयंकर अस्त्र-शस्त्र लेकर देवियों के साथ लड़ने लगे। जब ऎन्द्री के वज्र प्रहार से उसके मस्तक पर चोट लगी और रक्त बहने लगा तो उसमें से हजारों ही पुरूष उत्पन्न हो गये।
वैष्णवी ने चक्र से और ऎन्द्री ने गदा से रक्तबीज को चोट पहुँचाई और वैष्णवी के चक्र से घायल होने पर उसके शरीर से जो रक्त बहा, उससे हजारों महा असुर उत्पन्न हुए, जिनके द्वारा यह जगत व्याप्त हो गया, कौमारी ने शक्ति से, वाराही ने खड्ग से और माहेश्वरी ने त्रिशूल से उसको घायल किया। इस प्रकार क्रोध में भरकर उस महादैत्य ने सब मातृ शक्तियों पर पृथक-पृथक गदा से प्रहार किया, और माताओं ने शक्ति तथा शूल इत्यादि से उसको बार-बार घायल किया, उससे सैकडो़ माहदैत्य उत्पन हुए और इस प्रकार उस रक्रबीज के रुधिर से उत्पन्न हुए असुरों से सम्पूर्ण जगत व्याप्त हो गया जिससे देवताओं को भय हुआ, देवताओं को भयभीत देखकर चंडिका ने काली से कहा-हे चामुण्डे! अपने मुख को बड़ा करो और मेरे शस्त्रघात से उत्पन्न हुए रक्त बिन्दुओं तथा रक्त बिन्दुओं से उत्पन्न हुए महा असुरों को तुम अपने इस मुख से भक्षण करती जाओ। इस प्रकार रक्त बिन्दुओं से उत्पन्न हुए महादैत्यों को भक्षण करती हुई तुम रण भूमि में विचरो। इस प्रकार रक्त क्षीण होने से यह दैत्य नष्ट हो जाएगा, तुम्हारे भक्षण करने के कारण अन्य दैत्य नहीं होगे।
काली से इस प्रकार कहकर चण्डिका देवी ने रक्तबीज पर अपने त्रिशूल से प्रहार किया और काली देवी ने अपने मुख में उसका रक्त ले लिया, तब उसने गदा से चण्डिका पर प्रहार किया, प्रहार से चंडिका को तनिक भी कष्ट न हुआ, किंतु रक्तबीज के शरीर से बहुत सा रक्त बहने लगा, लेकिन उसके गिरने के साथ ही काली ने उसको अपने मुख में ले लिया। काली के मुख में उस रक्त से जो असुर उत्पन्न हुए, उनको उसने भक्षण कर लिया और रक्त को पीती गई, तदनन्तर देवी ने रक्तबीज को जिसका कि खून काली ने पिया था, चण्डिका ने उस दैत्य को बज्र, बाण, खड्ग तथा ऋष्टि इत्यादि से मार डाला। हे राजन्! अनेक प्रकार के शस्त्रों से मारा हुआ और खून से वंचित वह महादैत्य रक्तबीज पृथ्वी पर गिर पड़ा। हे राजन्! उसके गिरने से देवता अत्यन्त प्रसन्न हुए और माताएँ उन असुरों का रक्त पीने के पश्चात उद्धत होकर नृत्य करने लगी ।
चौथे दिवस चार पाठ; पंचम, षष्ठ, सप्तम व अष्टम पढ़ने का विधान बताया गया है…
श्री दुर्गा सप्तशती: सप्तम अध्याय
!! चण्ड और मुण्ड का वध !!
महर्षि मेधा ने कहा- दैत्यराज की आज्ञा पाकर चण्ड और मुण्ड चतुरंगिनी सेना को साथ लेकर हथियार उठाये हुए देवी से लड़ने के लिए चल दिये। हिमालय पर्वत पर पहुँच कर उन्होंने मुस्कुराती हुई देवी जो सिंह पर बैठी हुई थी देखा, जब असुर उनको पकड़ने के लिए तलवारें लेकर उनकी ओर बढ़े तब अम्बिका को उन पर बड़ा क्रोध आया और मारे उनका मुख काला पड़ गया, उनकी भृकुटियाँ चढ़ गई और उनके ललाट में से अत्यंत भयंकर तथा अत्यंत विस्तृत मुख वाली, लाल आँखों वाली काली प्रकट हुई जो कि अपने हाथों में तलवार और पाश लिये हुए थी, वह विचित्र खड्ग धारण किये हुए थी तथा चीते के चर्म की साड़ी एवं नरमुण्डों की माला पहन रखी थी। उसका माँस सूखा हुआ था और शरीर केवल हड्डियों का ढाँचा था और जो भयंकर शब्द से दिशाओं को पूर्ण कर रही थी, वह असुर सेना पर टूट पड़ी और दैत्यों का भक्षण करने लगी ।
वह पार्श्व रक्षकों, अंकुशधारी महावतों, हाथियों पर सवार योद्धाओं और घण्टा सहित हाथियों को एक हाथ से पकड़ 2 कर अपने मुँह में डाल रही थी और इसी प्रकार वह घोड़ों, रथों, सारथियों व रथों में बैठे हुए सैनिकों को मुँह में डालकर भयानक रूप से चबा रही थी, किसी के केश पकड़कर, किसी को पैरों से दबाकर और किसी दैत्य को छाती से मसलकर मार रही थी, वह दैत्य के छोड़े हुए बड़े-2 अस्त्र-शस्त्रों को मुँह में पकड़कर और क्रोध में भर उनको दाँतों में पीस रही थी, उसने कई बड़े-2 असुर भक्षण कर डाले, कितनों को रौंद डाला और कितनी उसकी मार के मारे भाग गये, कितनों को उसने तलवार से मार डाला, कितनों को अपने दाँतों से समाप्त कर दिया और इस प्रकार से देवी ने क्षण भर में सम्पूर्ण दैत्य सेना को नष्ट कर दिया।
यह देख महा पराक्रमी चण्ड काली देवी की ओर पलका और मुण्ड ने भी देवी पर अपने भयानक बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी और अपने हजारों चक्र उस पर छोड़े, उस समय वह चमकते हुए बाण व चक्र देवी के मुख प्रविष्ट हुए इस प्रकार दिख रहे थे जैसे मानो बहुत से सूर्य मेघों की घटा में प्रविष्ट हो रहे हों, इसके पश्चात भयंकर शब्द के साथ काली ने अत्यन्त जोश में भरकर विकट अट्टहास किया। उसका भयंकर मुख देखा नहीं जाता था, उसके मुख से श्वेत दाँतों की पंक्ति चमक रही थी, फिर उसने तलवार हाथ में लेकर “हूँ” शब्द कहकर चण्ड के ऊपर आक्रमण किया और उसके केश पकड़कर उसका सिर काटकर अलग कर दिया चण्ड को मरा हुआ देखकर मुण्ड देवी की ओर लपखा परन्तु देवी ने क्रोध में भरे उसे भी अपनी तलवार से यमलोक पहुँचा दिया।
चण्ड और मुण्ड को मरा हुआ देखकर उसकी बाकी बची हुई सेना वहाँ से भाग गई। इसके पश्चात काली चण्ड और मुण्ड के कटे हुए सिरों को लेकर चण्डिका के पास गई और प्रचण्ड अट्टहास के साथ कहने लगी- हे देवी! चण्ड और मुण्ड दो महा दैत्यों को मारकर तुम्हें भेंट कर दिया है, अब शुम्भ और निशुम्भ का तुमको स्वयं वध करना है।
महर्षि मेधा ने कहा- वहाँ लाये हुए चण्ड और मुण्ड के सिरों को देखकर कल्याणकायी चण्डी ने काली से मधुर वाणी में कहा – हे देवी! तुम चूँकि चण्ड और मुण्ड को मेरे पास लेकर आई हो, अत: संसार में चामुण्डा के नाम से तुम्हारी ख्याति होगी ।
चौथे दिवस चार पाठ; पंचम, षष्ठ, सप्तम व अष्टम पढ़ने का विधान बताया गया है…
श्री दुर्गा सप्तशती – षष्ठम अध्याय !
!! धूम्रलोचन वध !!
महर्षि मेधा ने कहा- देवी की बात सुनकर दूत क्रोध में भरा हुआ वहाँ से असुरेन्द्र के पास पहुँचा और सारा वृतान्त उसे कह सुनाया । दूत की बात सुन असुरेन्द्र के क्रोध का पारावर न रहा और उसने अपने सेनापति धूम्रलोचन से कहा- धूम्रलोचन! तुम अपनी सेना सहित शीघ्र वहाँ जाओ और उस दुष्टा के केशों को पकड़कर उसे घसीटते हुए यहाँ ले आओ। उसकी रक्षा के लिए कोई दूसरा खड़ा हो, चाहे वह देवता, य गन्धर्व ही क्यों न हो, उसको तुम अवश्य मार डालना । महर्षि मेधा ने कहा- शुम्भ के इस प्रकार आज्ञा देने पर धूम्रलोचन साठ हजार राक्षसों की सेना को साथ लेकर वहाँ पहुँचा और देवी को देख ललकार कर कहने लगा-‘अरी तू अभी शुम्भ और निशुम्भ के पास चल! यदि तू प्रसन्नता पूर्वक मेरे साथ न चलेगी तो मैं तेरे केशों को पकड़ घसीटता हुआ तुझे ले चलूँगा।’ देवी बोली-‘असुरेन्द्र का भेजा हुआ तेरे जैसा बलवान यदि बलपूर्वक मुझे ले जावेगा तो ऐसी दशा में मैं तुम्हारा कर ही क्या सकती हूँ?”
महर्षि मेधा ने कहा- ऐसा कहने पर धूम्रलोचन उसकी ओर लपका, किन्तु देवी ने उसे अपनी हुंकार से ही भस्म कर डाला। यह देखकर असुर सेना क्रुद्ध होकर देवी की ओर बढ़ी, परन्तु अम्बिका ने उन पर तीखें बाणों, शक्तियों तथा फरसों की वर्षा आरम्भ कर दी इतने में देवी का वाहन भी अपनी ग्रीवा के बालों को झटकता हुआ और बड़ा भारी शब्द करता हुआ असुर सेना में कूद पड़ा, उसने कई असुर अपने पंजों से, कई अपने जबड़ों से और कई को धरती पर पटककर अपनी दाढ़ों से घायल कर के मार डाला, उसने कई असुरों के अपने नख से पेट फाड़ डाले और कई असुरों का तो केवल थप्पड़ मारकर सिर धड़ से अलग कर दिया।
कई असुरों की भुजाएँ और सिर तोड़ डाले और गर्दन के बालों को हिलाते हुए उसने कई असुरों को पकड़कर उनके पेट फाड़कर उनका रक्त पी डाला। इस प्रकार देवी के उस महा बलवान सिंह ने क्षणभर में असुर सेना को समाप्त कर दिया। शुम्भ ने जब यह सुना कि देवी ने धूम्रलोचन असुर को मार डाला है और उसके सिंह ने सारी सेना का संहार कर डाला है तब उसको बड़ा क्रोध आया। उसके मारे क्रोध के ओंठ फड़कने लगे और उसने चण्ड तथा मुण्ड नामक महा असुरों को आज्ञा दी – हे चण्ड ! हे मुण्ड ! तुम अपने साथ एक बड़ी सेना लेकर वहाँ जाओ और उस देवी के बाल पकड़कर उसे बाँधकर तुरन्त यहाँ ले आओ। यदि उसको यहाँ लाने में किसी प्रकार का सन्देह हो तो अपनी सेना सहित उससे लड़ते हुए उसको मार डालो और जब वह दुष्टा और उसका सिंह दोनों मारे जावें, तब भी उसको बाँधकर यहाँ ले आना ।
।। श्रीमार्कण्डेयपुराणे सावर्णिके मन्वन्तरे देवीमाहात्म्ये धूम्रलोचनवधो नाम षष्ठोऽध्यायः सम्पूर्णं ।।
पिताजी खाना खाने बैठते तो एक निवाला तोड़ कर थाली के चारों ओर घुमाते और फिर उसे किनारे रख कर थाली को प्रणाम करते और खाना खाना शुरू करते।
मैं उन्हें ऐसा करते हुए देखता और सोचता कि पिताजी ऐसा क्यों करते हैं? बहुत हिम्मत करके एक दिन मैंने उनसे पूछ लिया कि पिताजी, आप रोज एक निवाला अलग करके, खाने की थाली को प्रणाम क्यों करते हैं?
पिताजी मेरी ओर देख कर मुस्कुराने लगे। फिर उन्होंने कहा कि मैं खाने से पहले ईश्वर को धन्यवाद कहता हूं। धन्यवाद इस बात के लिए कि उन्हें खाना खाने को मिला। धन्यवाद इस बात के लिए भी कि वो खाना खाने के योग्य हैं। धन्यवाद इस बात के लिए भी कि खाना खाने योग्य है। मैं बहुत छोटा था, समझ नहीं पा रहा था कि खाना तो मां ने बनाया है, फिर इसमें ईश्वर कहां से आ गए?
शायद पिताजी ने मेरी आंखों में सवाल को पढ़ लिया था। उन्होंने मुझसे बहुत धीरे से कहा कि खाना बहुत अच्छा बना है, इसलिए अभी तुम्हारी मां यहां आएगी तो मैं उसे भी धन्यवाद कहूंगा।
मुझे कायदे से ये बात याद नहीं रहनी चाहिए थी। पर मुझे याद रह गई। कारण? जिस दिन मां दम तोड़ रही थी, उससे कुछ देर पहले उसने इशारे से पिताजी को अपने पास बुलाया था और कहा था कि आप मेरे मुंह में तुलसी का एक पत्ता और थोड़ा सा पानी डाल दीजिए। पिताजी ने ऐसा ही किया था। पिताजी ने जैसे ही मां के मुंह में चम्मच से पानी डाला, मां मुस्कुराने लगी। उसने अपने दोनों हाथ जोड़े और फुसफुसाते हुए पिताजी को धन्यवाद कहा था।
मां जा रही थी। पूरा परिवार मां के बिस्तर के सामने खड़ा था। मां के चेहरे पर ज़रा भी शिकन नहीं नहीं थी। मां जाते हुए पिताजी का धन्यवाद करते हुए गई।
धन्यवाद इतने दिन साथ निभाने के लिए। धन्यवाद कैंसर जैसी बीमारी में सेवा करने के लिए। बहुत ग़जब का था मां का संसार।
मां की मृत्यु के बाद जीवन से मेरा मोह भंग हो चला था। मेरी समझ में नहीं आ रहा था कि मुझे क्या करना है। मैं बहुत छोटा था। इतना छोटा कि मृत्यु का अर्थ भी ठीक से नहीं समझता था। ऐसे में एक दिन पिताजी ने मुझे अपने पास बिठाया और कहने लगे कि तुम्हें उदास नहीं होना चाहिए। तुम्हें ज़िंदगी को समझने की कोशिश करनी चाहिए। तुम्हें यह समझना चाहिए कि तुम्हारी मां तुम्हारे साथ इतने वर्षों तक रही।
फिर पिताजी बताने लगे कि उनके पिताजी की जब मृत्यु हुई थी, तब उनकी उम्र तीन साल थी। कई चीजें ईश्वर जब तय करते हैं, तो उनकी अपनी योजना होती है। हमें ईश्वर के हर फैसले को स्वीकार करना चाहिए और उसका धन्यवाद कहना चाहिए कि वो हमारे लिए हर पल कुछ सोच रहे हैं।
मैंने पिताजी से कहा कि मां हमें छोड़ कर चली गई, इसमें धन्यवाद जैसी क्या बात हो सकती है? मुझे नहीं याद कि पिताजी को कहां से मेरी डायरी मिल गई थी, जिसमें मैंने लिखा था कि हे भगवान मेरी मां को मृत्यु दे दो। पिताजी मुझे मेरी डायरी का वो पन्ना दिखाने लगे और उन्होंने कहा कि मां को कष्ट से मुक्ति मिली।
इसके लिए भी तुम्हें धन्यवाद कहना चाहिए। इस संसार में बहुत से लोग इस बीमारी में बहुत कष्ट सहते रहते हैं। वो ईश्वर से मृत्यु की कामना करते हैं, ऐसे में मां चली गई, इसका अफसोस चाहे जितना हो, पर तुम्हें ईश्वर के प्रति आभार जताना चाहिए।
पिताजी ने जितना कुछ समझाया था, उसका निचोड़ इतना ही था कि हमें अपने भीतर धन्यवाद कहने का भाव विकसित करना चाहिए। हमें धन्यवाद कहना सीखना चाहिए। हम स्वस्थ हैं। हमें दोनों वक्त खाना मिलता है। हमारे सिर पर छत है। हमारे पास बहुत सी ऐसी चीजें हैं, जो बहुत से लोगों के पास नहीं। हमें इसके लिए धन्यवाद कहना चाहिए। हमें धन्यवाद इसलिए कहना चाहिए क्योंकि इसी संसार में बहुत से लोग ऐसे भी हैं, जिनके पास वो नहीं, जो हमारे पास है। इस संसार में बहुत से लोगों के पास ऐसी चीजें हैं, जो हमारे पास नहीं। इसके लिए मन में मलाल रखने की जगह जो है, उसके लिए धन्यवाद कहना सीखना अधिक महत्वपूर्ण है।
मैंने कभी पिताजी को उदास नहीं देखा। मैंने पिताजी से एक बार पूछा था कि क्या आप कभी दु:खी नहीं होते, तो पिताजी ने मुझे एक फिल्मी गीत गुनगुना कर जीवन के सत्य को समझाया था- “मुझे ग़म भी उनका अज़ीज है कि ये उन्हीं की दी हुई चीज़ है।”
पिताजी ने इस गीत को गुनगुनाते हुए मुझे समझाया था कि ज़िंदगी बहुत आसान हो जाती है, अगर हम घटने वाली घटनाओं को ईश्वरीय विधान मान लें तो। वो मुझे समझाते थे कि बहुत छोटी-छोटी बातों में भी तुम अच्छाई ढूंढ सकते हो। एक बार अच्छाई ढूंढने की आदत पड़ जाती है, तो ज़िंदगी आसान हो जाती है। हमेशा शुकराना करना चाहिए..!!
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“हद हो गई, चाय रखी तो बताया क्यों नहीं? नई सफ़ेद ट्राउज़र्स (पतलून) गई,” मैंने तेज गुस्से से कहा। “मैंने तो बताया था, आप फोन में जाने कैसे खोए थे ! मेरा दूध उबल रहा था तो मुझे भागना पड़ा,” सुनीता रुआंसी होकर बोली। चाय ट्राउज़र्स पर जरूर गिरी, मगर गलती उसकी न थी, यह जान कर भी मैं बड़बड़ाता रहा। सुनीता दूसरी ट्राउज़र्स लेकर आई, पहनने में मदद की और सुनती भी रही। मूड बिगड़ने की शुरुआत कुछ एैसी हुई कि सारे दिन की सैटिंग उसी से हो गई। एक के बाद एक, जैसे चेन रिएक्शन हो— कैब में ड्राइवर से, बिल्डिंग में लिफ्टमैन से, ऑफिस में रिसेप्शनिस्ट से और हद देखिए, जिसकी मैंने हर बार मदद की, अपनी प्रोग्रैमर, दिव्या, उससे भी; ये सब जैसे कि एक दूसरे से जुड़ गए थे, और मैं, लॉक्ड-इन एवरीथिंग। फिर बॉस ने भी एक पुरानी बात को लेकर सुना दिया। जवाब दे सकता था, आखिर हर काम आत्मविश्वास और संज़ीदगी से करता था मैं। लेकिन चुप ही रहा, उसी चेन रिएक्शन को याद करके। घर भी जाने का मन न था। ऑफिस से निकल कर अनमने ढंग से टहलते हुए जा रहा था कि एक छोटी सी बच्ची टकरा गई। उसके हाथ में पकड़ा गैस का गुब्बारा छूट गया और ये जा, वो जा!
मुझे लगा ये रोएगी, लेकिन वह बच्ची गुब्बारे को आसमान में जाते देख तालियाँ बजा कर खुश होने लगी। मुझे भी अच्छा लगा, वह अपनी चीज खोने पर भी खुश थी। मैंने पास खड़े गुब्बारे वाले से उसे गुब्बारा दिलवा दिया। वह हँसते हुए चली गई। आसपास कुछ और बच्चे भी यह दृश्य देख रहे थे। मैंने इशारे से उन्हें बुलाया, वे दौड़े आए और गुब्बारे लेकर खिलखिलाते हुए चले गए। मेरा भी मन प्रफुल्लित हो उठा। एक सीख भी मिली थी, उस छोटी बच्ची से! नकारात्मक चेन रिएक्शन से बचिए, ऐसे माहौल से बचने की आदतें बनाइये आज से, अभी से !!
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बिजनौर। थाना बढ़ापुर क्षेत्र के अंतर्गत मौजा बेगमपुर जानी में छप्पर डालकर निवास करने वाले एक किसान के डेरे में आग लगने से हजारों रुपए का सामान जलकर राख हो गया। सूचना पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुँच गई। घटना की सूचना हलका लेखपाल को दे दी गई है। समाचार लिखे जाने तक राजस्व विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा था।
प्रतीकात्मक चित्र
बताया जा रहा है कि थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मौजा बेगमपुर जानी में किसान कय्यूम के खेत में किसान सलीम पुत्र मोहम्मद उमर ने गन्ने के लिये भूमि ठेके पर ले रखी है। मंगलवार को अज्ञात कारणों से डेरे में आग लग जाने के कारण वहां रखा सामान जलकर राख हो गया। किसान सलीम द्वारा बताया जा रहा है कि उसके डेरे पर रोशनी के लिये सोलर पैनल, बैटरा, लिहाफ, गद्दे, कुर्सी, खाद्यान सहित अन्य सामान जलकर राख हो गया। आग लगी देख सलीम डेरे पर आग बुझाने के लिये भागा परन्तु जब तक आग सब कुछ जलाकर राख कर चुकी थी। सलीम द्वारा बताया जा रहा है कि उसे आग लगने का कारण पता नहीं चल सका है। उक्त डेरा आरक्षित वन क्षेत्र की सीमा से सटा होने के कारण वन विभाग को जब इसकी सूचना मिली तो वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुँच गई, परन्तु तब तक आग पर काबू पाया जा चुका था। आग से किसान को करीब अस्सी हजार रुपए का नुकसान बताया जा रहा है। घटना की सूचना हलका लेखपाल को दे दी गई है। समाचार लिखे जाने तक राजस्व विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा था।
सरदारपुर छाँयली के गांव बेहड़ी में भी लगी थी आग
इससे पहले थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत सरदारपुर छाँयली के गांव बेहड़ी में रविवार को देर रात अज्ञात कारणों से किसान जगदीश के डेरे में आग लग गई थी। आग से डेरे में रखे पानी लगाने के लिये प्लास्टिक के पाइप, पशुओं का चारा, खाद्यान्न आदि के अतिरिक्त डेरे पर रखी करीब 60 हजार रुपए की नकदी भी आग में जलकर राख हो गई। इसके अलावा डेरे पर बंधी एक भैंस भी आग की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गई। बताया गया है कि ग्राम पंचायत के कई किसानों ने अपनी कृषि भूमि में छप्पर के डेरे डालकर अपना व पशुओं का आवास बनाया हुआ है।
सिलेंडर रिफलिंग करते समय हुआ धमाके से मचा इलाके में हड़कंप
नहीं रुकी अवैध रिफलिंग तो होते रहेंगे सिलेंडर में धमाके
बिजनौर। जिले में घरेलू गैस सिलेंडर की अवैध रिफलिंग पर रोक नहीं लग पा रही है। यही कारण है कि कांशीराम कॉलोनी में रिफलिंग करते समय सिलेंडर का पाइप फट गया। जबरदस्त धमाके से मकान का दरवाजा तक टूट गया। हादसे में घायल महिला व एक अन्य को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
प्रतीकात्मक चित्र
थाना शहर कोतवाली क्षेत्र के बैराज रोड स्थित कांशीराम कॉलोनी में सोमवार को एक घर में बड़े गैस सिलेंडर से छोटे गैस सिलेंडर में रिफिलिंग करने के दौरान अचानक तेज धमाका हो गया। धमाका इतना तेज था कि मकान में लगा दरवाजा व अन्य सामान टूट गया।
धमाके की तेज आवाज से आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास के काफी लोग मौके की ओर दौड़ पड़े। बताया गया कि सिलेंडर का पाइप अचानक फट गया। हादसे में पूजा नामक महिला सहित दो लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। गनीमत रही कि हादसे में कोई जन हानि नहीं हुई वरना कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था। सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई। वहीं लोगों का कहना है कि अवैध रिफलिंग पर रोक लगाने के किसी प्रकार के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। ऐसे में किसी भी दिन बड़े हादसे को रोका नहीं जा सकेगा। वाहनों, दुकानों, होटल, ढाबों में खुलेआम घरेलू गैस सिलेंडर प्रयोग में लाए जाते हैं। संबंधित विभाग साल छह महीने में एक आध बार जागता है और कर्तव्य की इतिश्री कर फिर कुंभकर्णी नींद सो जाता है।
श्री दुर्गा सप्तशती: चतुर्थ दिवस मां दुर्गा के चौथे स्वरूप कुष्मांडा माता की उपासना
नवरात्रि पर्व के दौरान चतुर्थ दिवस मां दुर्गा के चौथे स्वरूप कुष्मांडा माता की पूजा-अर्चना की जाती है। मां कुष्मांडा अष्टभुजाओं की देवी कहलाती है। मान्यता है कि जो साधक नवरात्रि के चौथे दिन माता रानी की पूजा करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती है सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही जातक का बु्द्धि, विवेक और यश बढ़ता है।
महर्षि मेधा ने कहा-पूर्वकाल में शुम्भ निशुम्भ नामक असुरों ने अपने बल के मद से इन्द्र का त्रिलोकी का राज्य और यज्ञों के भाग छीन लिये और वह दोनों इसी प्रकार सूर्य, चन्द्रमा, धर्मराज और वरुण के अधिकार भी छीन कर स्वयं ही उनका उपयोग करने लगे। वायु और अग्नि का कार्य भी वही करने लगे और इसके पश्चात उन्होंने जिन देवताओं का राज्य छीना था, उनको अपने-अपने स्थान से निकाल दिया। इस तरह से अधिकार छिने हुए दैत्यों तथा दैत्यों द्वारा निकाले हुए देवता अपराजिता देवी का स्मरण करने लगे कि देवी ने हमको वर दिया था कि मैं तुम्हारी सम्पूर्ण विपत्तियों को नष्ट कर के रक्षा करूँगी।
ऎसा विचार कर सब देवता हिमालय पर गये और भगवती विष्णुमाया की स्तुति करने लगे। देवताओं ने कहा-देवी को नमस्कार है, शिव को नमस्कार है। प्रकृति और भद्रा को नमस्कार है। हम लोग रौद्र, नित्या और गौरी को नमस्कार करते हैं। ज्योत्सनामयी, चन्द्ररूपिणी व सुख रूपा देवी को निरन्तर नमस्कार है, शरणागतों का कल्याण करने वाली, वृद्धि और सिद्धिरूपा देवी को हम बार-2 नमस्कार करते हैं और नैरऋति, राजाओं की लक्ष्मी तथा सर्वाणी को नमस्कार है, दुर्गा को, दुर्ग स्थलों को पार करने वाली दुर्गपारा को, सारा, सर्वकारिणी, ख्याति कृष्ण और घूम्रदेवी को सदैव नमस्कार है। अत्यन्त सौम्य तथा अत्यन्त रौद्ररूपा को हम नमस्कार करते हैं। उन्हें हमारा बारम्बार प्रणाम है।
जगत की आधारभूत कृति देवी को बार-बार नमस्कार करते हैं। जिस देवी को प्राणीमात्र विष्णुमाया कहते हैं उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, जो देवी सम्पूर्ण प्राणियों में चेतना कहलाती है उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, जो देवी सम्पूर्ण प्राणियों में बुद्धिरूप से स्थित है उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, जो देवी सब प्राणियों में निद्रा रूप से विराजमान है उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, जो देवी सम्पूर्ण प्राणियों में क्षुधा रुप से विराजमान है उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, जो देवी सम्पूर्ण प्राणियों में छाया रूप से स्थित है उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, जो देवी सब प्राणियों में शक्ति रूप से स्थित है, उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है।
जो देवी सम्पूर्ण प्राणियों में तृष्णा रूप से स्थित है उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, जो देवी सब प्राणियों में शांति रूप से स्थित है उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, जो देवी सब प्राणियों में जातिरुप से स्थित है उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, जो देवी सब प्राणियों में लज्जा रूप से स्थित है उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है।
जो देवी सम्पूर्ण प्राणियों में श्रद्धा रूप से स्थित है उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, जजो देवी सम्पूर्ण प्राणियों में कान्ति रूप से स्थित है, जो देवी सब प्राणियों में लक्ष्मी रूप से स्थित है उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, जो देवी सम्पूर्ण प्राणियों में वृत्ति रूप से स्थित है उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, जो देवी सब प्राणियों में स्मृति रूप से विराजमान है उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, जो देवी सब प्राणियों में दयारूप से स्थित है व, उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, जो देवी सब प्राणियों में तुष्टि रूप से स्थित है उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है।
जो देवी सम्पूर्ण प्राणियों में मातृरुप से स्थित है उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, जो देवी सम्पूर्ण प्राणियों में भ्रान्ति रुप से स्थित है उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, जो देवी सम्पूर्ण प्राणियों में नित्य व्याप्त रहती है उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, जो देवी चैतन्य रूप से इस सम्पूर्ण संसार को व्याप्त कर के स्थित है उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है, उसको नमस्कार है।
पूर्वकाल में देवताओं ने अपने अभीष्ट फल पाने के लिए जिसकी स्तुति की है और देवराज इन्द्र ने बहुत दिनों तक जिसका सेवन किया है वह कल्याण की साधनाभूता ईश्वरी हमारा कल्याण और मंगल करे तथा सारी विपत्तियों को नष्ट कर डाले, असुरों के सताये हुए हम सम्पूर्ण देवता उस परमेश्वरी को इस समय नमस्कार करते हैं तथा जो भक्ति पूर्वक स्मरण किए जाने पर तुरन्त ही सब विपत्तियों को नष्ट कर देती है वह जगदम्बा इस समय भी हमारा मंगल कर के हमारी समस्त विपत्तियों को दूर करें।
महर्षि मेधा ने कहा-हे राजन्! इस प्रकार जब देवता स्तुति कर रहे थे तो उसी समय पार्वती देवी गंगा में स्नान करने के लिए आई, तब उनके शरीर से प्रकट होकर शिवादेवी बोली-शुम्भ दैत्य के द्वारा स्वर्ग से निकले हुए और निशुम्भ से हारे हुए यह देवता मेरी स्तुति कर रहे हैं। पार्वती के शरीर से अम्बिका निकली थी, इसलिए उसको सम्पूर्ण लोक में कौशिकी कहते हैं। कौशिकी के प्रकट होने के पश्चात पार्वती देवी के शरीर का रंग काला हो गया और वह हिमालय पर रहने वाली कालिका देवी के नाम से प्रसिद्ध हुई।
फिर शुम्भ और निशुम्भ के दूत चण्डमुण्ड वहाँ आये और उन्होंने परम मनोहर रूप वाली अम्बिका देवी को देखा। फिर वह शुम्भ के पास जाकर बोले-महाराज! एक अत्यन्त सुन्दर स्त्री हिमालय को प्रकाशित कर रही है, वैसा रंग रूप आज तक हमने किसी स्त्री में नहीं देखा, हे असुरेश्वर! आप यह पता लगाएँ कि वह कौन है और उसको ग्रहण कर ले। वह स्त्री स्त्रियों में रत्न है, वह अपनी कान्ति से दसों दिशाओं को प्रकाशित करती हुई वहाँ स्थित है, इसलिए आपका उसको देखना उचित है।
हे प्रभो! तीनों लोकों के हाथी, घोड़े और मणि इत्यादि जितने रत्न हैं वह सब इस समय आपके घर में शोभायमान हैं। हाथियों में रत्न रूप ऎरावत हाथी और उच्चैश्रवा नामक घोड़ा तो आप इन्द्र से ले आये हैं, हंसों द्वारा जुता हुआ विमान जो कि ब्रह्माजी के पास था, अब भी आपके पास है और यह महापद्म नामक खजाना आपने कुबेर से छीना है, समुद्र ने आपको सदा खिले हुए फूलों की किंजल्किनी नामक माला दी है, वरुण का कंचन की वर्षा करने वाला छत्र आपके पास है, रथों में श्रेष्ठ प्रजापति का रथ भी आपके पास ही है, हे दैत्येन्द्र! मृत्यु से उत्क्रांतिका नामक शक्ति भी आपने छीन ली है और वरुण का पाश भी आपके भ्राता निशुम्भ के अधिकार में है और जो अग्नि में न जल सकें, ऎसे दो वस्त्र भी अग्निदेव ने आपको दिये हैं।
हे दैत्यराज! इस प्रकार सारी रत्नरूपी वस्तुएँ आप संग्रह कर चुके हैं तो फिर आप यह कल्याणकारी स्त्रियों में रत्नरूप अनुपम स्त्री आप क्यों नहीं ग्रहण करते? महर्षि मेधा बोले-चण्ड मुण्ड का यह वचन सुनकर शुम्भ ने विचारा कि सुग्रीव को अपना दूत बना कर देवी के पास भेजा जाये।
प्रथम उसको सब कुछ समझा दिया और कहा कि वहाँ जाकर तुम उसको अच्छी तरह से समझाना और ऎसा उपाय करना जिससे वह प्रसन्न होकर तुरन्त मेरे पास चली आये, भली प्रकार समझाकर कहना। दूत सुग्रीव, पर्वत के उस रमणीय भाग में पहुँचा जहाँ देवी रहती थी। दूत ने कहा-हे देवी! दैत्यों का राजा शुम्भ जो इस समय तीनों लोकों का स्वामी है, मैं उसका दूत हूँ और यहाँ तुम्हारे पास आया हूँ। सम्पूर्ण देवता उसकी आज्ञा एक स्वर से मानते हैं। अब जो कुछ उसने कहला भेजा है, वह सुनो। उसने कहा है, इस समय सम्पूर्ण त्रिलोकी मेरे वश में है और सम्पूर्ण यज्ञो के भाग को पृथक-पृथक मैं ही लेता हूँ और तीनों लोकों में जितने श्रेष्ठ रत्न हैं वह सब मेरे पास हैं, देवराज इन्द्र का वाहन ऎरावत मेरे पास है जो मैंने छीन लिया है, उच्चै:श्रवा नामक घोड़ा जो क्षीरसागर मंथन करने से प्रकट हुआ था उसे देवताओं ने मुझे समर्पित किया है।
हे सुन्दरी! इनके अतिरिक्त और भी जो रत्न भूषण पदार्थ देवताओं के पास थे वह सब मेरे पास हैं। हे देवी! मैं तुम्हें संसार की स्त्रियों में रत्न मानता हूँ क्योंकि रत्नों का उपभोग करने वाला मैं ही हूँ। हे चंचल कटा़ओं वाली सुन्दरी! अब यह मैं तुझ पर छोड़ता हूँ कि तू मेरे या मेरे भाई महापराक्रमी निशुम्भ की सेवा में आ जाये। यदि तू मुझे वरेगीतो तुझे अतुल महान ऎश्वर्य की प्राप्ति होगी, अत: तुम अपनी बुद्धि से यह विचार कर मेरे पास चली आओ। महर्षि मेधा ने कहा-दूत के ऎसा कहने पर सम्पूर्ण जगत का कल्याण करने वाली भगवती दुर्गा मन ही मन मुस्कुराई और इस प्रकार कहने लगी। देवी ने कहा-हे दूत! तू जो कुछ कह रहा है वह सत्य है और इसमें किंचित्मात्र भी झूठ नहीं है शुम्भ इस समय तीनों लोकों का स्वामी है और निशुम्भ भी उसी की तरह पराक्रमी है किन्तु इसके संबंध में मैं जो प्रतिज्ञा कर चुकी हूँ उसे मैं कैसे झुठला सकती हूँ? अत: तू, मैंने जो प्रतिज्ञा की है उसे सुन।
जो मुझे युद्ध में जीत लेगा और मेरे अभिमान को खण्डित करेगा तथा बल में मेरे समान होगा, वही मेरा स्वामी होगा। इसलिए शुम्भ अथवा निशुम्भ यहाँ आवे और युद्ध में जीतकर मुझसे विवाह कर ले, इसमें भला देर की क्या आवश्यकता है! दूत ने कहा-हे देवी! तुम अभिमान में भरी हुई हो, मेरे सामने तुम ऎसी बात न करो। इस त्रिलोकी में मुझे तो ऎसा कोई दिखाई नहीं देता जो कि शुम्भ और निशुम्भ के सामने ठहर सके। हे देवी! जब अन्य देवताओं में से कोई शुम्भ व निशुम्भ के समान युद्ध में ठहर नहीं सकता तो तुम जैसी स्त्री उनके सामने रणभूमि में ठहर सकेगी?
जिन शुम्भ आदि असुरों के सामने इन्द्र आदि देवता नहीं ठहर सके तो फिर तुम अकेली स्त्री उनके सामने कैसे ठहर सकेगी? अत: तुम मेरा कहना मानकर उनके पास चली जाओ नहीं तो जब वह तुम्हें केश पकड़कर घसीटते हुए ले जाएंगे तो तुम्हारा गौरव नष्ट हो जाएगा इसलिए मेरी बात मान लो। देवी ने कहा-जो कुछ तुमने कहा ठीक है। शुम्भ और निशुम्भ बड़े बलवान है लेकिन मैं क्या कर सकती हूँ क्योंकि मैं बिना विचारे प्रतिज्ञा कर चुकी हूँ इसलिए तुम जाओ और मैंने जो कुछ भी कहा है वह सब आदरपूर्वक असुरेन्द्र से कह दो, इसके पश्चात जो वह उचित समझे करें ।
बिजनौर जिले में तैनात पुलिस अफसरों की कार्यप्रणाली की सराहना
थाना नगीना देहात में मिशन शक्ति के चौथे चरण का शुभारंभ
ऐसे एसपी के रहते अन्याय होने की संभावना ही नहीं: मोनिका चौधरी
बिजनौर। मिशन शक्ति के चौथे चरण का शुभारंभ थाना नगीना देहात में मुख्य अतिथि मोनिका चौधरी एडवोकेट पूर्व जिला पंचायत सदस्य, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रामअर्ज, पुलिस क्षेत्राधिकारी संग्राम सिंह, थाना प्रभारी विकास कुमार, जोन प्रभारी अपना दल (एस) शैलेंद्र चौधरी एडवोकेट द्वारा दीप प्रज्जवलित करके किया गया।
इस अवसर पर मोनिका चौधरी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश सरकार नारियों के सम्मान में नारी सशक्तिकरण के लिए मिशन शक्ति अभियान चला रही है। उन्होंने नारी सुरक्षा, नारी सम्मान, नारी स्वावलंबन के संबंध में कहा; बेटियां हैं देश की शान, उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य का रखें पूरा ध्यान। कहा कि राष्ट्रीय पोषण मिशन के तहत छोटे बच्चों महिलाओं एवं किशोरियों को हो रही कुपोषण की कमियों को दूर करने के उद्देश्य से आंगनबाड़ी के माध्यम से गेहूं चना एवं तेल आदि प्रत्येक माह वितरित किया जाता है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में 85 लाख से अधिक ग्रामीण महिला जुड़ी हैं। ग्रामीण महिलाओं को संगठित सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए 7.65 लाख स्वयं सहायता समूह ग्राम संगठन एवं 2636 संकुल स्तरीय संघ से जोड़ा गया है। महिला स्वयं सहायता समूह को कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत सदस्य मोनिका चौधरी एडवोकेट ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, निर्धन परिवार की बेटियों की शादी के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक योजना संचालित है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत जननी और उसके बच्चे की देखभाल के लिए ₹6000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। पहले चरण में ₹1000 दूसरे चरण में ₹2000 और तीसरे चरण में ₹2000 और अंत में ₹1000 दिए जाते हैं। प्रत्येक थाने में महिला रिपोर्टिंग पुलिस चौकी, परामर्श केंद्र, महिला साइबर सेल, मिशन शक्ति हेतु महिला अपराध पर त्वरित कार्यवाही, महिला बीट पुलिस अधिकारी की तैनाती है।
जिले में तैनात पुलिस अफसरों की कार्यप्रणाली की सराहना
मोनिका चौधरी ने जिले में तैनात पुलिस अफसरों की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि वास्तव में उत्तर प्रदेश के नारी सशक्तिकरण को सबसे ज्यादा जनपद बिजनौर में महत्वपूर्ण रूप से प्रभावी किया जा रहा है। यह भी कहा पुलिस क्षेत्राधिकारी नगीना संग्राम सिंह बेहद ही सक्रिय हैं और मधुर वाणी का प्रयोग करते हैं, महिलाओं के सम्मान में त्वरित कार्यवाही करने का कार्य करते हैं। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रामअर्ज के लिए उन्होंने कहा कि नवरात्रों में दुर्गा माता से शक्ति और लक्ष्मी माता से लक्ष्मी की मांग की जाती है। साथ ही एसपी ग्रामीण से महिलाओं की सुरक्षा की मांग की जाती है। इतना ही नहीं उन्होंने पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन को भी जिले का सबसे ईमानदार अफसर बताते हुए कहा कि न्याय की दृष्टि से ऐसे पुलिस अधीक्षक जनपद बिजनौर में निरंतर बने रहेंगे तो किसी के साथ अन्याय होने की संभावना नहीं है।
नवरात्रि के तीसरे दिन का महत्व: मां चंद्रघंटा की पूजा करने से जातक के शरीर को तेज प्राप्त होता है। आत्मविश्वास की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि मां चंद्रघंटा की मुद्रा सदैव युद्ध के लिए अभिमुख रहने से भक्तों के कष्ट का निवारण शीघ्र कर देती हैं।
श्री दुर्गा सप्तशती – चतुर्थ अध्याय ! – श्री ज्योतिर्मणि पीठ
महर्षि मेधा बोले – देवी ने जब पराक्रमी दुरात्मा महिषासुर को मार गिराया और असुरों की सेना को मार दिया तब इन्द्रादि समस्त देवता अपने सिर तथा शरीर को झुकाकर भगवती की स्तुति करने लगे-जिस देवी ने अपनी शक्ति से यह जगत व्याप्त किया है और जो सम्पूर्ण देवताओं तथा महर्षियों की पूजनीय है, उस अम्बिका को हम भक्तिपूर्वक नमस्कार करते हैं, वह हम सब का कल्याण करे, जिस अतुल प्रभाव और बल का वर्णन भगवान विष्णु, शंकर और ब्रह्माजी भी नहीं कर सके, वही चंडिका देवी इस संपूर्ण जगत का पालन करे और अशुभ भय का नाश करे।
पुण्यात्माओं के घरों में तुम स्वयं लक्ष्मी रूप हो और पापियों के घरों में तुम अलक्ष्मी रूप हो और सत्कुल में उत्पन्न होने वालों के लिए तुम लज्जा रूप होकर उनके घरों में निवास करती हो, हम दुर्गा भगवती को नमस्कार करते हैं। हे देवी!इस विश्व का पालन करो, हे देवी! हम तुम्हारे अचिन्त्य रूप का किस प्रकार वर्णन करें। असुरों का नाश करने वाले भारी पराक्रम तथा समस्त देवताओं और दैत्यों के विषय में जो तुम्हारे पवित्र-चरित्र हैं उनका हम किस प्रकार वर्णन करें। हे देवी! त्रिगुणात्मिका होने पर भी तुम सम्पूर्ण जगत की उत्पत्ति का कारण हो। हे देवी! भगवान विष्णु, शंकर आदि किसी भी देवता ने तुम्हारा पार नहीं पाया, तुम सबकी आश्रय हो, यह सम्पूर्ण जगत तुम्हारा ही अंश रूप है क्योंकि तुम सबकी आदि भूत प्रकृति हो।
हे देवी! तुम्हारे जिस नाम के उच्चारण से सम्पूर्ण यज्ञों में सब देवता तृप्ति लाभ करते हैं, वह ‘स्वाहा’ तुम ही हो। इसके अतिरिक्त तुम पितरों की तृप्ति का कारण हो, इसलिए सब आपको ‘स्वधा’ कहते हैं। हे देवी! वह विद्या जो मोक्ष को देने वाली है, जो अचिन्त्य महाज्ञान, स्वरूपा है, तत्वों के सार को वश में करने वाले, सम्पूर्ण दोषों को दूर करने वाले, मोक्ष की इच्छा वाले, मुनिजन जिसका अभ्यास करते हैं वह तुम ही हो, तुम वाणीरूप हो और दोष रहित ऋग तथा यजुर्वेदों की एवं उदगीत और सुन्दर पदों के पाठ वाले सामवेद की आश्रय रूप हो, तुम भगवती हो। इस विश्व की उत्पत्ति एवं पालन के लिए तुम वार्त्ता के रूप में प्रकट हुई हो और तुम सम्पूर्ण संसार की पीड़ा हरने वाली हो, हे देवी! जिससे सारे शास्त्रों को जाना जाता है, वह मेधाशक्ति तुम ही हो और दुर्गम भवसागर से पार करने वाली नौका भी तुम ही हो।
लक्ष्मी रूप से विष्णु भगवान के हृदय में निवास करने वाली और भगवान महादेव द्वारा सम्मानित गौरी देवी तुम ही हो, मन्द मुसकान वाले, निर्मल पूर्णचन्द बिम्ब के समान और उत्तम, सुवर्ण की मनोहर कांति से कमनीय तुम्हारे मुख को देखकर भी महिषासुर क्रोध में भर गया, यह बड़े आश्चर्य की बात है और हे देवी! तुम्हारा यही मुख जब क्रोध से भर गया तो उदयकाल के चन्द्रमा की भाँति लाल हो गया और तनी हुई भौंहों के कारण विकराल रूप हो गया, उसे देखकर भी महिषासुर के शीघ्र प्राण नहीं निकल गये, यह बड़े आश्चर्य की बात है। आपके कुपित मुख के दर्शन करके भला कौन जीवित रह सकता है, हे देवी! तुम हमारे कल्याण के लिए प्रसन्न होओ! आपके प्रसन्न होने से इस जगत का अभ्युदय होता है और जब आप क्रुद्ध हो जाती हैं तो कितने ही कुलों का सर्वनाश हो जाता है। यह हमने अभी-अभी जाना है कि जब तुमने महिषासुर की बहुत बड़ी सेना को देखते-2 मार दिया है।
हे देवी! सदा अभ्युदय !! प्रताप !! देने वाली तुम जिस पर प्रसन्न हो जाती हो, वही देश में सम्मानित होते हैं, उनके धन यश की वृद्धि होती है। उनका धर्म कभी शिथिल नहीं होता है और उनके यहाँ अधिक पुत्र-पुत्रियाँ और नौकर होते हैं। हे देवी! तुम्हारी कृपा से ही धर्मात्मा पुरुष प्रतिदिन श्रद्धापूर्वक यज्ञ करता है और धर्मानुकूल आचरण करता है और उसके प्रभाव से स्वर्गलोक में जाता है क्योंकि तुम तीनों लोकों में मनवाँछित फल देने वाली हो। हे माँ दुर्गे! तुम स्मरण करने पर सम्पूर्ण जीवों के भय नष्ट कर देती हो और स्थिर चित्त वालों के द्वारा चिन्तन करने पर उन्हें और अत्यन्त मंगल देती हो। हे दारिद्रदुख नाशिनी देवी! तुम्हारे सिवा दूसरा कौन है, तुम्हारा चित्त सदा दूसरों के उपकार में लगा रहता है।
हे देवी! तुम शत्रुओं को इसलिए मारती हो कि उनके मारने से दूसरों को सुख मिलता है। वह चाहे नरक में जाने के लिए चिरकाल तक पाप करते रहे हों, किन्तु तुम्हारे साथ युद्ध करके सीधे स्वर्ग को जायें, इसीलिए तुम उनका वध करती हो, हे देवी! क्या तुम दृश्टिपात मात्र से समस्त असुरो को भस्म नहीं कर सकती? अवश्य ही कर सकती हो! किन्तु तुम्हारा शत्रुओं को शस्त्रों के द्वारा मारना इसलिए है कि शस्त्रों के द्वारा मरकर वे स्वर्ग को जावें। इस तरह से हे देवी! उन शत्रुओं के प्रति भी तुम्हारा विचार उत्तम है।
हे देवी! तुम्हारे उग्र खड्ग की चमक से और त्रिशूल की नोंक की कांति की किरणों से असुरों की आँखें फूट नहीं गई। उसका कारण यह था कि वे किरणों से शोभायमान तुम्हारे चन्द्रमा के समान आनन्द प्रदान करने वाले सुन्दर मुख को देख रहे थे। हे देवी! तुम्हारा शील बुरे वृतान्त को दूर करने वाला है और सबसे अधिक तुम्हारा रूप है, जो न तो कभी चिन्तन में आ सकता है और न जिसकी दूसरों से कभी तुलना ही हो सकती है। तुम्हारा बल व पराक्रम शत्रुओं का नाश करने वाला है। इस तरह तुमने शत्रुओं पर भी दया प्रकट की है। हे देवी! तुम्हारे बल की किसके साथ बराबरी की जा सकती है तथा शत्रुओं को भय देने वाला इतना सुन्दर रूप भी और किस का है?
हृदय में कृपा और युद्ध में निष्ठुरता यह दोनों बातें तीनों लोकों में केवल तुम्हीं में देखने में आई है। हे माता! युद्ध भूमि में शत्रुओं को मारकर तुमने उन्हें स्वर्ग लोक में पहुँचाया है। इस तरह तीनों लोकों की तुमने रक्षा की है तथा उन उन्मत्त असुरों से जो हमें भय था उसको भी तुमने दूर किया है, तुमको हमारा नमस्कार है। हे देवी! तुम शूल तथा खड्ग से हमारी रक्षा करो तथा घण्टे की ध्वनि और धनुष की टंकोर से भी हमारी रक्षा करो। हे चण्डिके! आप अपने शूल को घुमाकर पूर्व, पश्चिम, उत्तर तथा दक्षिण दिशा में हमारी रक्षा करो। तीनों लोकों में जो तुम्हारे सौम्य रूप हैं तथा घोर रुप हैं, उनसे हमारी रक्षा करो तथा इस पृथ्वी की रक्षा करो। हे अम्बिके! आपके कर-पल्लवों में जो खड्ग, शूल और गदा आदि शस्त्र शोभा पा रहे हैं, उनसे हमारी रक्षा करो।
महर्षि बोले कि इस प्रकार जब सब देवताओं ने जगत माता भगवती की स्तुति की और नन्दवन के पुष्पों तथा गन्ध अनुलेपों द्वारा उनका पूजन किया और फिर सबने मिलकर जब सुगंधित व दिव्य धूपों द्वारा उनको सुगन्धि निवेदन की, तब देवी ने प्रसन्न होकर कहा-हे देवताओं! तुम सब मुझसे मनवाँछित वर माँगो। देवता बोले-हे भगवती! तुमने हमारा सब कुछ कार्य कर दिया अब हमारे लिए कुछ भी माँगना बाकी नहीं रहा क्योंकि तुमने हमारे शत्रु महिषासुर को मार डाला है। हे महेश्वरि! तुम इस पर भी यदि हमें कोई वर देना चाहती हो तो बस इतना वर दो कि जब-जब हम आपका स्मरण करें, तब-तब आप हमारी विपत्तियों को हरण करने के लिए हमें दर्शन दिया करो। हे अम्बिके! जो कोई भी तुम्हारी स्तुति करे, तुम उनको वित्त समृद्धि और वैभव देने के साथ ही उनके धन और स्त्री आदि सम्पत्ति बढ़ावे और सदा हम पर प्रसन्न रहें।
महर्षि बोले-हे राजन्! देवताओं ने जब जगत के लिए तथा अपने लिये इस प्रकार प्रश्न किया तो बस “तथास्तु” कहकर देवी अन्तर्धान हो गई। हे भूप! जिस प्रकार तीनों लोकों का हित चाहने वाली यह भगवती देवताओं के शरीर से उत्पन्न हुई थी, वह सारा वृतान्त मैने तुझसे कह दिया है और इसके पश्चात दुष्ट असुरों तथा शुम्भ निशुम्भ का वध करने और सब लोकों की रक्षा करने के लिए जिस प्रकार गौरी, देवी के शरीर से उत्पन्न हुई थी वह सारा व्रतान्त मैं यथावत वर्णन करता हूँ ।
योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान का अभियान
वृद्ध सेवा आश्रम विदुर कुटी पर योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा शिविर
बिजनौर। योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान साकेत कॉलोनी सिविल लाइन सेकंड की ओर से वृद्ध सेवा आश्रम विदुर कुटी गंज पर योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। संस्थान अध्यक्ष योगेश कुमार एवं उनकी टीम के डॉक्टर नरेंद्र सिंह, ओपी शर्मा, रामनाथ सिंह द्वारा जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल के निर्देशन एवं जिला समाज कल्याण अधिकारी जागेश्वर सिंह के सहयोग से उक्त आयोजन किया गया।
सर्वप्रथम डॉक्टर नरेंद्र सिंह द्वारा योग कराया गया। इसके उपरांत वृद्ध जनों की जांच एवं प्राकृतिक उपचार, एक्यूप्रेशर, मसाज चिकित्सा, आहार परिवर्तन एवं योग आसन प्राणायाम के माध्यम से स्वस्थ रहने की जानकारी दी गई। शिविर में सभी वृद्ध पुरुष एवं महिलाएं आदि उपस्थित रहे।शिविर में श्रीमती लक्ष्मी देवी, रोहतास कुमार, गौरव जोशी आदि का सहयोग रहा।
30 हजार रुपए से ज्यादा जमा होने पर बंद हो जाएगा बैंक अकाउंट!
नई दिल्ली। बैंक खाताधारकों के लिए एक जरूरी खबर है।दरअसल इन दिनों फिर से जमकर वायरल हो रहे मैसेज में दावा किया जा रहा है कि आरबीआई ने ग्राहकों के बैंक बैलेंस को लेकर नए नियमों की घोषणा की है। इन नियमों के अनुसार यदि आपके खाते में 30,000 रुपए से अधिक बैलेंस बचता है, तो आपका खाता बंद कर दिया जाएगा।
बैंकिंग कार्यों के संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक समय-समय पर कई दिशानिर्देश जारी करता है। इस बीच आजकल एक मैसेज वायरल हो रहा है, जो बैंक खाते में जमा राशि के बारे में जानकारी दे रहा है। वायरल मैसेज में कहा गया है कि RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने ग्राहकों के बैंक बैलेंस को लेकर नए नियमों की घोषणा की है। मैसेज में कहा गया है कि यदि आपके खाते में 30,000 रुपए से अधिक बैलेंस बचा है, तो आपका खाता बंद कर दिया जाएगा। खबर की वजह से परेशान हो बहुत से लोग इसकी सच्चाई जानने के लिए अपने बैंकों के चक्कर काटने लगे।
जून 2023 में भी हुआ था वायरल, आरबीआई ने बताया फर्जी
PIB Fact Check में सामने आई ये बात
दरअसल माह जून में भी यही मैसेज सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। तब फर्जी मैसेज का भंडाफोड़ करते हुए PIB Fact Check ने उपरोक्त दावा फर्जी बताया था। PIB ने कहा कि आरबीआई ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है। ट्वीट किया, ‘एक खबर में दावा किया जा रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने बैंक खातों को लेकर अहम ऐलान किया है कि अगर किसी खाताधारक के खाते में 30 हजार रुपए से ज्यादा हैं, तो उसका खाता बंद कर दिया जाएगा। यह खबर फर्जी है, आरबीआई ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है।’
RBI के Cash Deposit Rule
RBI के अनुसार बैंक खाता में Cash Deposit Rule के अनुसार एक Savings बैंक खाता में 1 साल के अंदर 10 लाख रुपए से ज्यादा का Cash Deposit नहीं होना चाहिए, अगर 10 लाख से ज्यादा Cash Deposit 1 साल के अंदर होता हैं तो उन्हें Tax अथॉरिटीज को इसकी जानकारी जरूर देनी हैं। वहीं Current की कोई भी लिमिट नहीं हैं, पर आप जितना भी Cash अपने करंट खाते में जमा करेंगे आपको उन सब चीजों की जानकारी अपनी ITR फाइल फील करते समय जरूर देनी हैं।
फेक मैसेज की जांच के लिए PIB से साधें संपर्क
यदि आपको ऐसा कोई संदेहास्पद संदेश मिलता है, तो आप इसकी जांच करा सकते हैं कि समाचार वास्तविक है या यह नकली। इसके लिए आपको https://factcheck.pib.gov.in पर मैसेज करना होगा। वैकल्पिक रूप से आप तथ्य की जांच के लिए +918799711259 पर WhatsApp संदेश भी भेज सकते हैं। इसके अलावा आप अपना संदेश pibfactcheck@gmail.com पर भी भेज सकते हैं। फैक्ट चेक की जानकारी https://pib.gov.in पर भी उपलब्ध है।
साहूवाला वन रेंजर की तहरीर पर बढ़ापुर पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट
हराभरा आम का बाग काटने पर ठेकेदार व किसान के खिलाफ F.I.R.
बिजनौर। आम के हरेभरे बाग को काटने वाले ठेकेदार व खेत स्वामी के खिलाफ साहूवाला वन रेंजर की तहरीर पर बढ़ापुर पुलिस ने संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है। इस बीच दो दिन पहले आम के बाग को अवैध रूप से काटने वाले ठेकेदार कटी हुई लड़कियों को छुपाने की तैयारी में जुटे हुए हैं।
बढ़ापुर नगर की सीमा से सटे मौजा कोटज्वाना में आम का बाग ‘दबंग ठेकेदार‘ ने काट दिया था। मामला मीडिया की सुर्खियां बनने के बाद वन विभाग कुम्भकर्णी नींद से जागा।रविवार को साहूवाला वन रेंज के रेंजर मोतीलाल ने थाना बढ़ापुर में ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिये लिखित तहरीर दी। तहरीर में बताया गया कि दिनांक 12 अक्टूबर 2023 को लगभग 11 बजे हरजीत पुत्र गुरदयाल निवासी ग्राम कोटज्वाना द्वारा अपने खेत के आम के एक हरे वृक्ष का अवैध पातन तथा 13 आम के वृक्षों की शाख तरासी गई। इस कार्य को राशिद पुत्र सईद निवासी तिबड़ी मंझेडा थाना धामपुर जिला बिजनौर के सहयोग से किया गया। इस पर वन रेंज केस संख्या 20/ साहुवाला 28-24 दर्ज किया गया था। दिनांक 14 अक्टूबर को लगभग 5:30 बजे कटान की सूचना मिलने पर वह विभागीय कर्मी विनोद सिंह के साथ हरजीत सिंह के खेत पर पहुंचे तो देखा कि आम के अन्य छह वृक्ष काटकर प्रकाष्ठ मौके से खुर्द बुर्द किया जा चुका था, जबकि साक्ष्य छिपाने के लिए जड़ खुदान कर गड्ढा पाटन किया गया तथा 7 आम के वृक्ष अभी भी खेत में खड़े हैं। वन रेंजर की तहरीर पर पुलिस ने हरजीत सिंह व ठेकेदार राशिद के विरुद्ध वृक्ष संरक्षण अधिनियम 1976 की धारा 4/10, उत्तर प्रदेश अभिवहन नियमावली 1978 की धारा 3/28 तथा साक्ष्य छुपाने की आईपीसी की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली। थाना बढ़ापुर पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज करने की पुष्टि की गई है।
साहुवाला वन रेंजर ने कर ली चंद पेड़ों का जुर्माना काट कर अपने कार्य की इतिश्री
वन संरक्षक मुरादाबाद ने कहा मामले की जांच कर होगी उचित कार्रवाई
दबंग ठेकेदार ने काट डाला आम का हरा भरा बाग
~शाहिद रजा खान, बढ़ापुर
बिजनौर। नगर बढ़ापुर की सीमा से सटे मौजा कोटज्वाना में एक ठेकेदार ने दबंगई दिखाते हुए आम के एक हरे भरे बाग को काट डाला। सूचना पर पहुँची वन विभाग की टीम ने ठेकेदार के नाम चन्द पेड़ों का जुर्माना काट कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली। इस बाबत वन संरक्षक मुरादाबाद द्वारा जांच कर उचित कार्यवाही की बात कही गई है।
नजीबाबाद वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाली साहुवाला वन रेंज में न वन्य जीव सुरक्षित है न ही वन सम्पदा। वन विभाग के कर्मचारियों के संरक्षण के चलते वन माफियाओं के हौसले अब इतने बुलन्द हो चुके हैं कि यह माफिया किसान के खेतों में खड़े हरे भरे पेड़ों को भी काटने से नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामला मौजा कोटज्वाना का बताया जा रहा है, जहां पर किसान सरदार बलकार सिंह द्वारा अपने खेत में आम के करीब 40 पेड़ों का एक बाग लगाया गया था। किसी कारणवश किसान सरदार बलकार सिंह ने अपनी कृषि भूमि, जिस पर आम का हरा भरा बाग खड़ा था, उसको अर्जुन पुत्र स्व0 उमेश यादव व उसके एक साथी को बेच दिया। गुरुवार को नगीना धामपुर मार्ग पर पड़ने वाले गांव तिबड़ी के एक ठेकेदार द्वारा उक्त बाग में खड़े आम के हरे भरे फलदार पेड़ों को काट दिया गया। सूचना मिलने पर अर्जुन यादव मौके पर पहुंचे और ठेकेदार से बात की तो वह बगले झांकने लगा। इसके बाद पता चला कि अर्जुन के पार्टनर द्वारा बाग को बेचा गया है। ठेकेदार की दबंगई का आलम यह था कि उसके द्वारा न तो पेड़ों का परमिट बनवाया गया न ही रवन्ना निकासी और पेड़ों पर आरा चलवाकर जमीदोंज कर दिया गया। सूचना पर पहुँची वन विभाग की टीम में शामिल वन रक्षक इरफान व विनोद, आरोपी ठेकेदार को रेंज कार्यालय ले गए। विभागीय सूत्रों की माने तो रेंज कार्यालय पर साहुवाला वन रेंजर मोतीलाल ने ठेकेदार पर चन्द पेड़ों का जुर्माना काट कर अपने कार्य की इतिश्री कर डाली। इसके चलते ठेकेदार के हौसले इतने बुलंद हैं कि किसी भी तरह के हरे भरे पेड़ों को काटने की खुलेआम चुनोती दे रहे हैं।
इस बाबत जब वन संरक्षक मुरादाबाद रमेशचन्द्रा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है, यदि इस प्रकार का मामला है तो जांच कर उचित कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
परिषदीय विद्यालयों के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की योजना पर कार्य
ब्लाक संसाधन केंद्र मलिहाबाद पर किया गया टेबलेट वितरण
लखनऊ। मलिहाबाद ब्लाक के परिषदीय विद्यालयों के लिए बेसिक शिक्षा विभाग से प्राप्त टेबलेट वितरण खण्ड शिक्षा अधिकारी के संयोजन में ब्लाक संसाधन केंद्र मलिहाबाद पर किया गया।
मुख्य अतिथि ब्लाक प्रमुख निर्मल कुमार वर्मा का स्वागत शिक्षक संघ के अध्यक्ष अवधेश कुमार एआरपी सत्य प्रकाश पाण्डेय ने किया। मुख्य अतिथि निर्मल कुमार वर्मा ने ग्राम प्रधान जितेंद्र गौतम की उपस्थिति में बेसिक विद्यालय रूसैना की शिक्षिका प्रमिला सिंह, मिर्जागंज के आलोक सिंह, बुधड़िया की इंचार्ज अमिता गुप्ता, भदेसर मऊ की पूनम डेविड, प्राथमिक विद्यालय गुलाब खेड़ा की प्रधानाध्यापक अपर्णा आदि को अपने कर कमलों से टेबलेट वितरण किया। ब्लाक में कुल 256 टेबलेट का वितरण किया जाना है।
ब्लाक प्रमुख निर्मल वर्मा ने अपने सम्बोधन में आह्वान किया कि सभी शिक्षक मिलकर मलिहाबाद ब्लाक को निपुण बनाने में पूरे मनोयोग से कार्य करें, जिससे मलिहाबाद ब्लाक सबसे पहले निपुण लक्ष्य प्राप्त कर सके।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षक संघ के अध्यक्ष अवधेश कुमार ने किया। टेबलेट वितरण में शिक्षक वीरेन्द कुमार, सर्वेश तिवारी, धीरेन्द्र यादव, जय शंकर, रितेश शुक्ला, दिनेश पाण्डेय, दिनेश चौधरी ने सहयोग प्रदान किया।
जारी रहेगा आरटीई की शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए संघर्ष: आशुतोष पाण्डेय “आशू”
लखनऊ। संपूर्ण उत्तर प्रदेश के वित्तविहीन मान्यता प्राप्त स्कूलों में शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 12(1)(ग) के अन्तर्गत अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के परिवार के अध्ययनरत बच्चों की शुल्क प्रतिपूर्ति की पिछले शैक्षिक सत्र 2022~23 तक की बकाया संपूर्ण धनराशि का भुगतान नहीं हो रहा है। इस कारण विद्यालयों को विभिन्न प्रकार की आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
इसे लेकर अखण्ड भारतीय विद्यालय प्रबंधक शिक्षक/महासंघ, उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष एवं श्री सुदर्शन एकेडमी इण्टर कॉलेज, अटारी माल, लखनऊ के प्रबंधक आशुतोष पाण्डेय “आशू” के नेतृत्व में उनका संगठन लगातार संघर्ष कर रहा है। आशुतोष पाण्डेय “आशू” ने बताया कि उक्त प्रकरण को लेकर भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, बेसिक शिक्षा मंत्री, महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा उत्तर प्रदेश (DG) विजय किरन आनंद, निदेशक माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा डाo महेंद्र देव के साथ ही अन्य कई वरिष्ठ अधिकारियों और विभागीय कर्मचारियों से पत्राचार के माध्यम से अवगत कराया गया है, व्यक्तिगत रूप से मुलाकात भी की गई है। इसके बावजूद अभी तक स्कूलों की शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान नहीं हो पाया है। आशुतोष पाण्डेय ने बताया कि संगठन वित्तविहीन मान्यता प्राप्त स्कूलों की अन्य समस्याओं के लिए भी लगातार संघर्ष कर रहा है। अभी हाल ही में यूपी बोर्ड की मान्यता की शर्तें एवं बेसिक शिक्षा परिषद की मान्यता की शर्तों को भी बहुत ही जटिल कर दिया गया है, उनका संगठन इन शर्तों को शिथिल करने हेतु भी लगातार संघर्षरत है।
एक महायुद्ध आतंकवाद के खिलाफ जरूरी: श्रीनिवास राष्ट्रवादी
लखनऊ। भारत रक्षा दल ट्रस्ट के संस्थापक श्रीनिवास राष्ट्रवादी ने विगत दिनों इजरायल में हुए वीभत्सतम आतंकवादी हमले के बाद के हालात पर गहन चिंतन करते हुए अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि आज पूरे विश्व स्तर पर एक बार फिर से इस प्रकार की सोच व कुसंस्कृति का बहुत तेजी से विकास हो रहा है। यह आदि अनादि काल के राक्षसी प्रवृत्ति की याद दिलाता है, जो अपनी क्रूरता के बल पर लोगों में अपने प्रति डर का माहौल बनाकर अपना साम्राज्य स्थापित करने में जुटे हैं। इसका ताजा उदाहरण इजराइल की घटना है। जिन लोगों को मारा गया, उनका अपराध केवल इतना था कि वह इजरायली नागरिक थे। इन मानवता के दुश्मनों ने कंस से भी बड़ी क्रूरता का नया काला इतिहास लिख दिया, जब इन नर पिशाचों ने एक महिला के पेट को चीरकर उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को भी तलवार से काट दिया। जो इस धरती पर आने के लिए अपने दिन का इंतजार कर रहा था।
श्री राष्ट्रवादी ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चिंतनीय बात यह है कि इतने क्रूरतम कृत्य करने वालों को भी अनेक देशों के राष्ट्रध्यक्ष अनेक देशों की कुछ विपक्षी पार्टियां अपना समर्थन दे रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आतंक की जड़े बहुत गहरी हैं। इसलिए मेरा विश्व के तमाम अमन पसंद, सुख शांति के साथ जीवन जीने की चाहत रखने वाले देशों से यही कहना है कि अब वक्त आ गया है कि एक महायुद्ध आतंकवाद के खिलाफ होना चाहिए।
लखनऊ। सूदखोरों का आतंक इस कदर हावी हो गया है कि अब लोग अपने जीवन से ही पीछा छुड़ाने को अंतिम विकल्प मान बैठे हैं। ताजा मामला पश्चिम उत्तर प्रदेश के जिला मुजफ्फरनगर से है, जहां सूदखोर से परेशान महिला ने जहर खा लिया। हालत गंभीर होने पर उसे मेरठ हायर सेंटर रेफर किया गया है। महिला का आरोप है सूदखोर 5℅ बताकर 80% का ब्याज लेता है और वह 20 हजार के बदले 1.5 लाख रुपए जमा कर चुकी है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मल्लूपुरा का है। बताया गया है कि सूदखोरों का जाल पड़ोसी जिलों तक फैला हुआ है। ब्याज और मूलधन की उगाही करने सूदखोर की टीम हर महीने की एक निश्चित तारीख को संबंधित जिले में जा धमकती है।
मिली जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत मल्लूपुरा में सूदखोर से परेशान महिला ने जहर खा लिया। गंभीर हालत होने पर उसे मेरठ हायर सेंटर रेफर किया गया है। महिला का आरोप है कि उसने सूदखोर से 5℅ ब्याज पर 20 हजार रुपए लिए थे। अब तक वह 20 हजार के बदले 1.5 लाख रुपए जमा कर चुकी है। इसके बावजूद सूदखोर उसे परेशान कर रहा है। पुलिस ने अभी इस मामले में कोई तहरीर मिलने से इंकार किया है।
गौरतलब है कि सूदखोर से परेशान होकर इसी जिले के मीरापुर कस्बे के मोहल्ला मुश्तर्क निवासी आस मोहम्मद ने 11 जनवरी को जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। मेरठ के थाना भावनपुर के गांव जेई नंगला निवासी मृतक के साले आकिल ने मीरापुर थाने में सूदखोर होटल मालिक महकार सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। कस्बे में परचून की दुकान पर नौकरी करने वाले आस मोहम्मद ने चार साल पूर्व मीरापुर निवासी होटल मालिक महकार सिंह भडाना से 13 हजार रुपए सूद पर लिये थे और 30 हजार रुपए अदा भी कर दिए थे। इसके बाद भी आरोपी सूदखोर 13 हजार रुपए बकाया का तकादा कर रहा था।
आंखे मूंदे बैठे हैं अधिकारी
बताया गया है कि मुजफ्फरनगर के हर गली मोहल्लों में ऐसे सूदखोर मिल जायेंगे। कुछ वर्ष पूर्व इस तरह के सूदखोरों पर तत्कालीन जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने पूरी तरह नकेल कस दी थी। उनके ट्रांसफर के बाद फिर किसी अधिकारी ने सूदखोरों पर कोई कार्यवाही नहीं की। इस कारण अब फिर तथाकथित सूदखोर बेलगाम हो चले हैं।
पड़ोसी जिलों तक फैला हुआ है सूदखोरों का जाल, कहलाते हैं किश्ती
सूदखोरों का जाल पड़ोसी जिलों तक फैला हुआ है। ब्याज और मूलधन की उगाही करने सूदखोर की टीम हर महीने की एक निश्चित तारीख को संबंधित जिले में जा धमकती है। सूत्रों का कहना है कि टीम के सदस्य पहले से महिनाबंदी पर लिए हुए खास कमरों में रुकते हैं। ये कमरे किसी होटल, धर्मशाला अथवा गली मोहल्ले के मकानों और कालोनियों के फ्लैट तक हो सकते हैं। इनके खाने पीने का जिम्मा भी पूर्व निर्धारित होता है। ब्याज पर रुपए लेने वाले को किश्त देने यहीं पहुंचना होता है।
विद्युत ट्रांसफार्मर में स्पार्किंग के कारण खेत में आग लगने का आरोप
विद्युत विभाग के कर्मचारियों के विरुद्ध तहरीर
गन्ने के खेत में लगी आग से 2 एकड़़ फसल जलकर राख
~(भुवन राजपूत,चांदपुर)
बिजनौर। चांदपुर थाना क्षेत्र के गांव शादीपुर में अचानक आग लगने से लगभग 2 एकड़ गन्ने की फसल जलकर राख हो गई। सूचना पर पहुंचे खेत मालिक व ग्रामीण ने बामुश्किल आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। खेत मालिक ने पुलिस को तहरीर देकर विद्युत विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि विद्युत ट्रांसफार्मर में स्पार्किंग के कारण खेत में आग लगी। पीड़ित ने विद्युत विभाग के कर्मचारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार तहसील चांदपुर क्षेत्र के ग्राम शादीपुर निवासी खेत मालिक लोकेश कुमार पुत्र विक्रम सिंह ने थाना चांदपुर पर शिकायती पत्र देते हुए बताया कि विद्युत ट्रांसफार्मर में स्पार्किंग के कारण खेत में आग लग गई। उन्होंने बताया कि बीते वर्ष भी ट्रांसफॉर्मर में स्पार्किंग के कारण खेत में आग लगी थी। तब भी आग से फसल जलने से काफी नुकसान हुआ था। विद्युत विभाग में शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई थी। इस बार भी विद्युत ट्रांसफॉर्मर में स्पार्किंग होने के कारण दो एकड़ गन्ने की फसल जलकर राख हो गई। खेत मालिक लोकेश कुमार ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बाद भी विद्युत विभाग का कोई कर्मचारी, अधिकारी खेत पर हुआ नुकसान देखने तक नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विद्युत विभाग की घोर लापरवाही का ही नतीजा है। शिकायत पर विद्युत विभाग के कर्मचारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की।
बिजनौर। वास्तव में पुरानी कहावत सही है कि एक मछली सारे तालाब को गंदा करती है। ऐसे लोगों की वजह से ईमानदार लोग नाहक ही बदनाम होते हैं। ऐसे ही मानवता को तार तार करने वाली एक शर्मनाक घटना जिला मुख्यालय पर कुछ ही अर्से पहले खुले एक अत्याधुनिक अस्पताल में घटी। मृत घोषित कर दिए गए बुखार की चपेट में आए एक वृद्ध को मोटी रकम कमाने के चक्कर में यहां भर्ती कर लिया गया। परिजनों की जागरूकता के चलते पोल खुली तो हंगामा शुरू हो गया। आखिरकार मामला दबाने के लिए अस्पताल प्रबंधन को रकम वापस लौटानी पड़ी।
प्रतीकात्मक चित्र
जानकारी मिली है कि जिला मुख्यालय बिजनौर के मोहल्ला चाहशीरी निवासी मोहम्मद अमी (72) बुखार की चपेट में आ गया। परिजनों ने बीमार को इलाज के लिए एक चिकित्सक के यहां दिखाया। बुधवार शाम अचानक बीमार वृद्ध ने दम तोड़ दिया। चिकित्सक द्वारा हार्ट फेल होने से उसे मृत घोषित करने के बावजूद परिजन विश्वास न कर सके। फिर बड़ी आस लेकर परिजन उसे कुछ ही अर्से पहले खुले एक अत्याधुनिक अस्पताल ले गए। आरोप है कि शुरुआती परीक्षण किया गया और आनन फानन में बेहतर इलाज के लिए करने का झांसा देकर मरीज के शव को भर्ती कर लिया गया। यही नहीं हॉस्पिटल के नियमों का हवाला देकर भर्ती करने की निर्धारित फीस भी जमा करा ली।
… लेकिन मानवता अभी तक है जिंदा
तालाब की मछली वाली कहावत की ही तरह एक और है कि इंसानियत अभी मरी नहीं, जिंदा है। बताया गया है कि अस्पताल स्टाफ के एक व्यक्ति की अंतरात्मा जाग उठी और उसने परिजनों के सामने असलियत बयां कर दी। इसके बाद तीमारदारों ने ईसीजी की रिपोर्ट मांगी तो अस्पताल प्रबंधन टालमटोल करने लगा। वहीं जानकारी मिलते ही मोहल्ले के सैकड़ों लोगों ने अस्पताल पहुंच कर हंगामा शुरू कर दिया। आखिरकार अस्पताल प्रबंधन को बैकफुट पर आना पड़ा और जमा कराई गई रकम वापस लौटाने के साथ ही मृत व्यक्ति का शव परिजनों को सौंप दिया।
जांच कर होगी कार्रवाई: डिप्टी सीएमओ
इस मामले में डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेंद्र विश्वकर्मा ने मामला संज्ञान में नहीं होने की बात कहते हुए जांच कर कार्रवाई की बात कही है।
क्या सीएमओ या उच्च स्तर से जांचे जाएंगे अस्पताल के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, भर्ती करने से लेकर फीस जमा कराने, दवाइयों आदि के पर्चे, बिल आदि बहुत कुछ है खुलासा करने को? परिजनों आदि के भी बयान? कहानी अभी बाकी है…
स्कॉच में पानी मिलाकर पीने से बढ़ जाता है टेस्ट और फ्लेवर
शराब का एक पैग बढ़ा सकता है आपकी क्रिएटिविटी, जानिए शोधकर्त्ताओं की रिपोर्ट
अगर आप भी शराब से परहेज करते हैं तो ये खबर आपके लिए है. हाल ही में आई विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार देखा गया है कि शराब का एक पैग लेने से हमारे माइंड की क्रिएटिविटी बढ़ जाती है. शराब को लेकर काफी शोध किए गए हैं सब के नतीजे अलग-अलग हैं. अगर आप भी इनके बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं तो नीचे की खबर को पूरा पढ़ें…
व्हिस्की लवर्स जिस बात पर सदियों से बहस करते आ रहे हैं, स्विडिश वैज्ञानिकों ने एक शोध के जरिए उस बहस को खत्म कर दिया गया है। अक्सर व्हिस्की का सेवन करने वाले इस बात पर झगड़ते रहते हैं कि यह नीट ज्यादा अच्छी लगती है या पानी के साथ।
शोध में सामने आया है कि स्कॉच में पानी मिलाकर (Scotch mixed with water) पीने से टेस्ट तो बढ़ ही जाता है साथ ही फ्लेवर भी बढ़ जाता है। हालांकि इसमें व्यक्तिगत पसंद एक अलग विषय है।
एक जनरल में प्रकाशित इस रिपोर्ट में कहा गया है कि स्कॉच में पानी मिलाने से व्हिस्की के फ्लेवर कंपाउंड्स बूस्ट होते हैं। साथ ही पानी के कारण ये कंपाउंड्स आपके पैग के सरफेस पर जमा हो जाते हैं, जिससे इसका फ्लेवर नीट की तुलना में बेहतर हो जाता है और इसकी खूशबू भी ज्यादा अच्छी हो जाती है।
स्वीडन लिनेअस यूनिवर्सिटी के केमिस्ट कार्लसन और शोध के को-ऑथर रैन फ्राइडमैन का कहना है कि ‘हममें से कोई भी व्हिस्की लवर या डेली ड्रिंकर नहीं है लेकिन हमें केमिस्ट्री में इंट्रस्ट है। इसलिए इस शोध को तरजीह दी गई। हम जानना चाहते थे कि क्या वाकई व्हिस्की में पानी मिलाकर लेने से इसका टेस्ट और खूशबू बढ़ जाते हैं?’
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि व्हिस्की बनाने की प्रक्रिया में अनाज कई प्रॉसेस से गुजरता है। इस दौरान इसे डाइल्यूट भी किया जाता है। शुद्ध व्हिस्की में करीब 70 प्रतिशत तक एल्कॉहॉल होता है, जब इसे बैरल में रखा जाता है। लेकिन कई बार पकाने और पैकिंग के दौरान कुछ एल्कॉहॉल का वाष्पीकरण हो जाता है।
ऐसे में इसमे एल्कोहॉल की मात्रा 55 से 65 प्रतिशत तक ही रह जाती है। इसलिए व्हिस्की को बॉटल पैक करने से पहले एकबार फिर पानी मिलाकर डाइल्यूट किया जाता है। इस प्रॉसेस को कटिंग कहा जाता है।
स्कॉच व्हिस्की असोसिएशन के डेविड विलियमसन का कहना है कि ‘व्हिस्की में पानी मिलाने से जीभ और नाक पर एल्कॉहॉल सेंसैशन कम हो जाता है। व्हिस्की का टेस्ट अच्छा हो जाता है, साथ ही पानी एल्कॉहॉल खुशबू पर बहुत ही आसानी से मास्किंग भी कर देता है।’
हालांकि शोध में पानी की कोई निश्चित मात्रा नहीं बताई गई है कि विस्की में कितनी मात्रा में पानी मिलाना चाहिए। ऐसे में यही कहा जा सकता है कि ज्यादा स्वाद के चक्कर में ज्यादा पानी मिलाकर टेस्ट का कचरा न करने में ही समझदारी होगी।
बस एक पैग बढ़ा सकता है आपकी क्रिएटिविटी
एक अन्य रिसर्च में सामने आया है कि वाइन का एक पैग आपकी क्रिएटिविटी बढ़ाने में मददगार है। ज्यादातर कामयाब और प्रख्यात क्रिएटिव लोगों का ड्रिंक से नाता रहा है। इसी बात को आधार बनाकर यह शोध किया गया।
शोध को लीड करने वाले डॉक्टर मैथिस बेनेडेक का कहना है कि रिसर्च में यह बात सामने आई है कि एक छोटी ड्रिंक वाकई आपकी क्रिएटिवटी को नए आयाम देने में मददगार होती है। हालांकि इससे ज्यादा पीने पर आपको फोकस करने में दिक्कत हो सकती है।
हैवानियत की शिकायत पुलिस पर पहुंची तो बैकफुट पर आया प्रबंधन
स्कूल में प्रिंसिपल ने छात्राओं को एक दूसरे से पिटवाया
काशीपुर (उत्तराखंड)। एक निजी स्कूल में कॉपी (नोट बुक) लेकर न आने वाली छात्राओं को एक दूसरे से पिटवाने का मामला प्रकाश में आया है। एक अभिभावक द्वारा पुलिस को तहरीर दी गई तो स्कूल प्रबंधन सभी अभिभावकों से माफी मांगकर मामले को रफा दफा करने की फिराक में है।
जानकारी के अनुसार गिरीताल कालोनी निवासी एडवोकेट संजीव कुमार आकाश ने पुलिस को तहरीर देकर लिटिल स्कॉलर स्कूल प्रतापपुर की शिकायत दर्ज कराई। इसमें बताया कि उनकी पुत्री अदिति उक्त स्कूल में कक्षा 12वीं की छात्रा है। कल स्कूल में कॉपी न ले जाने पर उनकी पुत्री अदिति व अन्य छात्राओं को विद्यालय की अध्यापिका ने कक्षा से बाहर खड़ा कर दिया। यही नहीं विद्यालय की प्रधानाचार्या ने सभी छात्राओं को एक दूसरे को पीटने का हुक्म सुना दिया। छात्राओं को एक दूसरे से पिटवाने के बाद भी जब मन नहीं भरा तो प्रधानाचार्या ने खुद छात्राओं की पिटाई करते हुए उन्हें अपने माता-पिता से शिकायत न करने की धमकी दी।
पीड़ित छात्रा ने स्कूल में छात्राओं पर बर्बरता की जानकारी एडवोकेट पिता संजीव कुमार आकाश को दी। इस पर उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर विद्यालय प्रबंधन व प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। वहीं मामला बिगड़ता बिगड़ता देख स्कूल प्रबंधन बैक फुट पर आ गया। प्रधानाचार्य ने सभी अभिभावकों को बुलाकर गलती की माफी मांगते हुए भविष्य में घटना की पुनरावृत्ति न होने का भरोसा दिलाया। इधर स्कूल में बच्चों को दी गई दर्दनाक सजा क्षेत्रवासियों की जुबान पर है। लोग ऐसे स्कूल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
जमीन मुआवजा घोटाले में 2 PCS अधिकारियों पर केस दर्ज
SDM आरडी राम व SDM अशोक कनौजिया पर दर्ज हुआ मुकदमा
किसानों को मनमाने तरीके से मुआवजे देने का आरोप
डीएम अमेठी ने जांच के बाद हजारों किसानों को भेजा नोटिस
लखनऊ (एजेंसियां)। अमेठी में अरबों रुपए का घोटाला सामने आया है। हाईवे चौड़ीकरण के नाम पर अरबों रुपए एसडीएम हजम कर गए। इस संबंध में कानूनगो सुरेंद्र कुमार श्रीवास्तव की तहरीर पर दो एसडीएम आरडी राम और अशोक कुमार कनौजिया समेत अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया गया है। अधिकारी जांच के बाद आगे की कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
आखिर क्या है पूरा मामला?
वर्ष 2014 में केंद्र सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद अमेठी में एनएच-56 के चौड़ीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई थी। निर्माण से पहले एनएचएआई के अनुरोध पर राजस्व विभाग ने सड़क चौड़ीकरण के अलावा जगदीशपुर और मुसाफिरखाना में कस्बे में लोगों को जाम से राहत देने के लिए शहर के बाहर बाईपास का सर्वे किया। आरोप है कि सर्वे के बाद अफसरों ने गलत तरीके से कृषि योग्य भूमि का मुआवजा सर्किल रेट का चार गुना निर्धारित करने के बजाय एनएच से सटी जमीन का सर्किल रेट कई गुना अधिक के बराबर बना दिया। मुआवजा निर्धारण और वितरण में गड़बड़ी के सामने आने के बाद अमेठी जिलाधिकारी ने पूरे मामले की जांच कराई तो 384 करोड़ का घोटाला सामने आया।
2020 में जारी हुआ नोटिस
अमेठी जिला प्रशासन ने जांच टीम की ओर से तैयार रिपोर्ट को शासन को भेजा था। अमेठी की मुसाफिरखाना तहसील में दो बाईपास के लिए अवार्ड और मुआवजा वितरण की कार्रवाई एसडीएम आरडी राम के कार्यकाल में शुरू हुई। आरडी राम 23 फरवरी 2015 से 18 सितंबर 2015 तक सात महीने मुसाफिरखाना के एसडीएम रहे। इसके बाद उनके स्थान पर 19 सितंबर 2015 को अशोक कुमार कनौजिया की तैनाती हुई और वह 25 मार्च 2016 तक एसडीएम रहे। अशोक कुमार कनौजिया का भी जमीन अवार्ड करने में अहम रोल रहा है। 2020 में मामले के खुलासे के बाद नोटिस जारी हुई थी। इसके बाद अफसरों ने मुआवजा वितरण पर रोक लगा दी थी। कानूनगो की रिपोर्ट पर दर्ज हुआ केस
कानूनगो की रिपोर्ट पर दर्ज हुआ केस
इस मामले में रजिस्ट्रार कार्यालय मुसाफिरखाना में तैनात कानूनगो सुरेंद्र कुमार श्रीवास्तव की तहरीर पर मुसाफिरखाना तहसील के दो एसडीएम आरडी राम और अशोक कुमार कनौजिया समेत अज्ञात के खिलाफ गबन और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस का कहना है विवेचना जारी है। साक्ष्य के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सुलतानपुर में भी हो चुकी है 200 करोड़ की अनियमितता
वर्ष 2018 में सुलतानपुर में भी एनएच-56 के जमीन अधिग्रहण में 200 करोड़ का घोटाला सामने आया था। एनएच 56 पर कुल 5 बाईपास बनने थे, जिसमें 75 में से 38 गांव प्रभावित हो रहे थे। इन 38 गांव पर न ही कोई नेशनल हाइवे है और न ही स्टेट हाइवे। बावजूद इसके इन 38 गांव के करीब 6 हजार काश्तकारों को करीब 200 करोड़ से ज्यादा का भुगतान कर दिया गया। इस मामले में तत्कालीन डीएम विवेक ने शासन से सीबीआई जांच तक की सिफारिश की थी, हालाकि यह मामला आज भी कोर्ट में लंबित है और बाईपास निर्माण अधर में होने से सुलतानपुर से वाराणसी मार्ग अधूरा है।
सर्किल रेट एनएच किनारे की जमीन का होता है ज्यादा
जमीन अधिग्रहण के बाद मुआवजे की राशि सर्किल रेट के आधार पर तय किया जाता है। जिला मजिस्ट्रेट चार तरह के मानक पर इसका निर्धारण करते हैं। राष्ट्रीय या राजकीय राजमार्ग के किनारे की भूमि का सर्किल रेट सबसे ज्यादा होता है। इसके बाद संपर्क मार्ग, फिर चकरोड और उसके बाद ऐसे चक जिस पर जाने का कोई साधन न हो।
“तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जिन दो अफसरों के नाम है, उनके बारे में बताया जा रहा है कि एक रिटायर हो चुके हैं, जबकि एक शासन में तैनात है। इससे ज्यादा अभी जानकारी नहीं मिल पाई है।” ~विनोद कुमार सिंह कोतवाल मुसाफिरखाना
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