पूर्व इंचार्ज/क्राइम रिपोर्टर दैनिक जागरण उरई (जालौन), मेरठ, बिजनौर, धामपुर, मुजफ्फरनगर। समाचार संपादक दैनिक प्रयाण हरिद्वार। पूर्व महामंत्री श्रमजीवी पत्रकार यूनियन। अध्यक्ष ऑल मीडिया एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन।
किराना स्टोर में भीषण आग से लाखों का सामान जलकर राख
~(भुवन राजपूत)
बिजनौर। ब्लॉक जलीलपुर क्षेत्र अंतर्गत शिवम किराना स्टोर के गोदाम में आग से लाखों का सामान जलकर राख हो गया। घंटों की मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड व ग्राम वासियों ने आग पर काबू पाया। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
तहसील चांदपुर क्षेत्र के ग्राम ब्लॉक जलीलपुर में सीतामढ़ चौकी से लगभग 100 मीटर की दूरी पर रात्रि 9:00 बजे उस वक्त अफरातफरी मच गई जब अचानक शिवम किराना स्टोर के गोदाम में आग लग गई। आग लगी देख मोहल्ले के सैकड़ों लोग मौके पर एकत्र हो गए और फायर ब्रिगेड को फोन किया। जब तक फायर ब्रिगेड पहुंची, तब तक गोदाम में रखा सारा सामान जलकर राख हो चुका था। घंटों की मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड व ग्राम वासियों ने आग पर काबू पाया। शिवम किराना स्टोर के मालिक शानू अग्रवाल के अनुसार गोदाम में लाखों रुपए के कागज से निर्मित दोना पत्ता व मोबाईल का सामान भरा हुआ था। आग लगने के कारण सारा सामान जलकर राख हो गया। मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी, सीतामढ़ चौकी इंचार्ज एसआई यशपाल सिंह व चौकी स्टाफ मौजूद रहा।
बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ के संस्कृत विभाग में मनाया गया विश्व संस्कृत-सप्ताह
देश-विदेश के विद्वान हुए सम्मिलित
लखनऊ। बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग में विश्व संस्कृत-सप्ताह मनाया गया। संस्कृत एवं वैदिकाध्ययन विभाग, बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर केन्द्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ में आयोजित इस महोत्सव में भारत एवं विदेश के नामचीन विद्वानों नें संस्कृत विषयक अपनें मन्तव्य प्रस्तुत किया।
प्रथम दिन अम्बेडकर सामाजिक अध्ययन संस्थान के सभागार में ऑफ लाइन उद्घाटन सत्र वैदिक एवं लौकिक मंगलाचरण के साथ प्रारम्भ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में नव नालन्दा महाविहार के संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रोफ़ेसर विजय कुमार कर्ण का ‘संस्कृतस्य विकास यात्रा पन्थाह्वानं समाधानञ्च (संस्कृत की विकास यात्रा: चुनौतियां एवं समाधान) विषय पर व्याख्यान हुआ।
कार्यक्रम में संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. रिपुसूदन सिंह, शिक्षा शास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. हरिशंकर सिंह, प्रो. राजशरण शाही, प्रो. सुभाष मिश्र आदि की उपस्थिति रही। इस अवसर पर संकायाध्यक्ष प्रो संजय कुमार का आशीर्वचन सन्देश प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में विभागीय छात्रों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। कार्यक्रम का संयोजन विभागीय आचार्य डा. बिपिन कुमार झा एवं डा. रमेशचन्द्र नैलवाल ने किया।
इसी प्रकार द्वितीय दिन MOOCS की उपादेयता पर LIVE DEMONSTRATION के साथ CENTRAL SANSKRIT UNIVERSITY HEAD QUARTER की MOOCS COORDINATOR DR. AMRITA KAUR का व्याख्यान हुआ। तृतीय दिन “भारतीय ज्ञान परम्परायां (IKS) वाद परम्परा” विषय पर कवि कुलगुरु कालिदास संस्कृत विश्वविद्यालय के भूतपूर्व कुलपति प्रो. मधुसूदन पेन्ना का व्याख्यान हुआ।
चतुर्थ दिन “संस्कृत साहित्य दृशा स्त्री विमर्शः” विषय पर आर्य कन्या-स्नातकोत्तर-महाविद्यालय, लखीमपुर खीरी की संस्कृत विभागाध्यक्षा डा. गीता शुक्ला का महनीय विश्लेषणात्मक व्याख्यान हुआ। पांचवें दिन “सङ्गणकीयसंस्कृतस्यानुप्रयोगः श्रीमद्भगवद्गीता” विषय पर केन्द्रीय संस्तकृत विश्वविद्यालय की सहायकाचार्या डा. प्रीति शुक्ला का सङ्गणकीयं संस्कृत पर प्रायोगिक व्याख्यान हुआ। छठे दिन लोयोला महाविद्यालय मद्रास के संस्कृत विभागाध्यक्ष डा. सुमन केएस का “प्रस्तुतकाले संस्कृत भाषान्तरस्य आवश्यकता” विषय पर व्याख्यान हुआ।
इसके साथ निबन्ध, भाषण, संस्कृतं विज्ञानं एवं क्विज स्पर्धा का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्रों ने प्रतिभाग किया। सातवें दिन के समापन सत्र में कोलम्बो विश्वविद्यालय के आचार्य प्रो. असंग तिलकरत्ने (RELEVENCE OF INDIAN KNOWLEDGE SYSTEMS FOR CONTEMPRORY WORLD) एवं ओस्मानिया विश्वविद्यालय हैदराबाद के प्रो. सुखबीर सिंह (RELEVENCE OF YOGA FOR STUDENTS) का उद्बोधन एवं विविधस्पर्धा के पुरस्कारों की घोषणा की गई।
गौरतलब है कि शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार ने सन 1969 में संस्कृत दिवस मनाने का निर्देश दिया था। कालान्तर में यह विश्व संस्कृत सप्ताह के रूप में मनाया जाने लगा। इसे ऋषियों के स्मरण तथा समर्पण का पर्व माना जाता है। वैदिक साहित्य में इसे श्रावणी कहा जाता था। इस सप्ताह को मनाने का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परम्परा में निहित ज्ञान-विज्ञान को जनमानस तक पहुँचाना है, जिससे हम सभी अपने राष्ट्र की संस्कृति पर गर्व कर सकें तथा राष्ट्र को समसामयिक ज्ञान-विज्ञान से जोड़ कर समुत्कर्ष की दिशा में वैश्विक स्तर पर कदम से कदम मिला सकें। विभिन्न विश्वविद्यालय, संस्थान, गुरुकुल आदि अलग-अलग तरीके से विश्व संस्कृत सप्ताह का आयोजन करते हैं। इस दौरान विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
रामपुर के जिलाधिकारी बने रहेंगे रविंद्र कुमार मंदार
शासन ने किया आईएएस अधिकारियों के तबादला आदेश में संशोधन
अब अंकित कुमार अग्रवाल होंगे बिजनौर के डीएम
बिजनौर। शासन ने आईएएस अधिकारियों के तबादला आदेश में संशोधन किया है। रामपुर से जिला बिजनौर भेजे गए रविन्द्र मंदार का तबादला रद्द कर दिया है। वहीं एटा से रामपुर भेजे गए अंकित अग्रवाल अब बिजनौर के डीएम बनाए गए हैं।
रविंद्र कुमार मंदार रामपुर के जिलाधिकारी बने रहेंगे। एक दिन पहले ही उन्हें बिजनौर के डीएम पद पर भेजा गया था। उनके स्थान पर अंकित अग्रवाल को एटा से रामपुर भेजा गया था। अब आदेश में संशोधन करते हुए अंकित अग्रवाल बिजनौर के डीएम बनाए गए हैं। वहीं अभी तक बिजनौर में पदस्थ उमेश कुमार मिश्रा को कुशीनगर का जिलाधिकारी बनाया गया है।
2012 बैच के आईएएस अफसर अंकित कुमार अग्रवाल मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। 20 अगस्त 1986 को जन्मे अंकित अग्रवाल ने बीई तक पढ़ाई की है।
दरअसल, योगी सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए शुक्रवार, 1 सितंबर को 9 जिलों के जिलाधिकारियों का तबादला किया था।
गन्ने के खेत में दिखाई दिया गुलदार, लोगों में दहशत का माहौल
~(भुवन राजपूत)
बिजनौर। चांदपुर क्षेत्र के ग्राम हिलालपुर उर्फ बहावलपुर में गन्ने के खेत में गुलदार दिखाई देने से लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
बताया गया है कि गांव बहावलपुर निवासी विक्की सिंह और राहुल चौहान अपनी वैगन आर गाड़ी से बीती रात्रि 8 बजे के लगभग चांदपुर से अपने गांव बहावलपुर को जा रहे थे। जैसे ही गांव के समीप पहुंचे गन्ने के खेत में इन्हें गुलदार दिखाई दिया। इन्होंने अपनी गाड़ी रोक कर गुलदार की वीडियो बनाई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे पूर्व प्रधान मनोज कुमार ने भी गुलदार देखे जाने की पुष्टि की। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों को देख गुलदार मौके से भाग गया। गुलदार देखे जाने से ग्राम वासियों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
सूत्रों के अनुसार बीती रात्रि जिस गन्ने के खेत में गुलदार दिखाई दिया था, उससे कुछ दूरी पर ही लोकेश कुमार का घेर बना हुआ है। वहां लोकेश कुमार के पशु बंधे रहते हैं। रविवार की शाम लगभग 4:30 बजे लोकेश कुमार के बछड़े पर गुलदार ने हमला कर दिया, जिससे ग्राम वासियों में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्राम वासियों का कहना है कि गुलदार गांव में घुसकर घरों में भी हमला कर सकता है। पूर्व प्रधान मनोज कुमार, विक्की चौहान, राहुल चौहान आदि ने वन विभाग से पिंजरा लगवा कर गुलदार को पकड़ने की मांग की है।
बिजनौर। वन विभाग के पिंजरे में एक और गुलदार कैद हो गया है। जिले भर में लोग लगातार गुलदार के आतंक से परेशान हैं। ऐसे में गुलदार पकड़े जाने से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।
थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव लालपुर के जंगल में एक और गुलदार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। गुलदार पकड़े जाने से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर गुलदार को रेस्क्यू किया और अपने साथ ले गई।
एम्स ऋषिकेश के तत्वावधान में विधिवत शुरू हुआ 6वां राष्ट्रीय पोषण सप्ताह दिवस
स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं, जंक फूड से दूरी बनाएं
ऋषिकेश। 6वां राष्ट्रीय पोषण सप्ताह दिवस विधिवत शुरू हो गया है। एम्स ऋषिकेश के तत्वावधान में आयोजित इस मिशन में जनमानस को स्वस्थ भोजन प्रथाओं और उचित पोषण के महत्व को लेकर जागरूक किया गया।
एम्स ऋषिकेश की ओर से शहीद सैनिक श्री नरपाल सिंह अटल उत्कृष्ट विद्यालय, थानों में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह दिवस का आयोजन किया गया। इसके तहत विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवन शैली में पौष्टिक आहार व उचित पोषण का महत्व बताया गया। बताया गया कि आम जनमानस के बीच स्वस्थ जीवन के लिए जरुरी पौष्टिक आहार अपनाने के लिए जन जागरूकता के लिए भारत देश में सितंबर के प्रथम सप्ताह को राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के रूप में मनाया जाता है।
इस अवसर पर अटल उत्कृष्ट विद्यालय, थानों में “सभी के लिए किफायती स्वस्थ आहार” विषय पर प्रदर्शनी-पोषण मेला आयोजित किया, जिसमें विभिन्न स्कूलों के प्रतिनिधि शिक्षकों व छात्र छात्राओं ने प्रतिभाग किया। राष्ट्रीय पोषण सप्ताह प्रदर्शनी का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि एम्स संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डॉ. मीनू सिंह, संकायाध्यक्ष अकादमिक प्रोफेसर डॉ. जया चतुर्वेदी व सामुदायिक और पारिवारिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष प्रो. वर्तिका सक्सेना ने किया। मुख्य अतिथि संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डॉ. मीनू सिंह ने प्रदर्शनी में उपस्थित कक्षा छह, सात व आठवीं के बच्चों को पौष्टिक आहार के बारे में जागरुक किया और साथ ही उन्हें सलाह दी गई कि वह स्वस्थ जीवनशैली को अपनाएं तथा इसके लिए जंक फूड से दूरी बनाए रखें। उन्होंने कहा कि बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं, लिहाजा उन्हें पौष्टिक आहार लेने एवं अच्छे कॅरियर के लिए बेहतर ढंग से पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए।
जंक फूड के दुष्प्रभावों को लेकर जागरुकता
इस दौरान संस्थान की डीन एकेडमिक प्रो. जया चतुर्वेदी ने सभी बच्चों को जंक फूड के दुष्प्रभावों को लेकर जागरुक किया और उन्हें मैदे से बनी मैगी आदि वस्तुओं को कम से कम लेने की सलाह दी। इस अवसर पर सामुदायिक और पारिवारिक चिकित्सा विभाग की प्रमुख प्रो. वर्तिका सक्सेना ने बच्चों को इंद्रधनुष के रंगों के समान थाली में सतरंगी भोजन लेने के बारे में बताया।
इंटर स्कूल क्विज़ – “न्यूट्रीक्विज़”
प्रदर्शनी में लगाए गए 7 स्टॉल्स में बीएमआई काउंटर, बाजरा काउंटर, पोषण थाली, खाद्य पिरामिड, श्रव्य-दृश्य स्टॉल, जंक फूड का विकल्प व आयुष विभाग का स्टॉल शामिल थे। प्रदर्शनी में इंटर स्कूल क्विज़ – “न्यूट्रीक्विज़” प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। परिणामों की घोषणा राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के अंतिम दिन की जाएगी।
14 सितंबर तक फ्री में अपडेट कराएं आधार! उसके बाद देने होंगे पैसे
आधार कार्ड को फ्री में अपडेट करने का अंतिम मौका 14 सितंबर तक है। इसके बाद शुल्क चुकाना होगा। यह सर्विस सिर्फ myAadhaar पोर्टल पर फ्री है। बाकी केंद्रों पहले की तरह चार्ज लिया जाएगा। वहीं 15 सितंबर, 2023 से myAadhaar पोर्टल पर भी फीस वसूली जाएगी।
कई सरकारी योजनाओं में आधार कार्ड की जरूरत पड़ती है, क्योंकि आज के समय में आधार कार्ड बेहद अहम दस्तावेजों में से एक है। वहीं अब आधार कार्ड से जुड़ा एक अहम अपडेट लोगों को जानना काफी जरूरी है। आधार कार्ड में अगर आप कुछ अपडेट कराना चाहते हैं तो 14 सितंबर तक फ्री में करा सकते हैं। इसके बाद अपडेट कराने पर पैसे लगेंगे। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार डिटेल्स और दस्तावेजों को अपलोड करने की सुविधा मुहैया कराई है। पहले ये फ्री सर्विस सिर्फ 14 जून 2023 तक थी, लेकिन बाद में इसे सितंबर की तारीख तक बढ़ा दिया गया था।
आधार नंबर सभी लोगों के लिए यूनिक होता है। देश के सभी निवासियों के लिए आधार नामांकन निःशुल्क है। यह नंबर लाइफ टाइम वैलिड रहता है। आधार नंबर निवासियों को उचित समय पर बैंकिंग, मोबाइल फोन कनेक्शन और अन्य सरकारी और गैर-सरकारी सेवाओं का फायदा उठाने में काम आता है।
10 साल पुराना आधार कार्ड करें अपडेट
UIDAI से मिली जानकारी के अनुसार, जिन आधार यूजर्स ने 10 साल से अपना आधार अपडेट नहीं कराया है। उन्हें जल्द से जल्द अपना आधार अपडेट करा लेना चाहिए। अगर कोई यूजर्स अपना आधार अपडेट नहीं कराते हैं तो उन्हें भविष्य में सरकारी सुविधाओं का फायदा उठाने में कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। यह फ्री सर्विस सिर्फ myAadhaar पोर्टल पर मौजूद है। अगर फिजिकल तौर पर आधार केंद्रों पर जाकर अपडेट करवाया जाता है तो आधार केंद्रों पर लोगों को जरूरी शुल्क का भुगतान करना होगा। ऐसे में लोग फ्री में 14 सितंबर तक ऑनलाइन तरीके से आधार कार्ड में अपडेट करवा सकते हैं।
2 – पता अपडेट करने के लिए आगे बढ़ें ऑप्शन को सेलेक्ट करें।
3 – ओटीपी रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आएगा।
4 – ‘डॉक्यूमेंट अपडेट’ पर क्लिक करना होगा। निवासी की मौजूदा डिटेल सामने आ जाएगी।
5 – आधार यूजर्स को अपनी डिटेल वेरिफाई करना होगा। अगर सही पाया जाता है, तो अगले हाइपरलिंक पर क्लिक करें।
6 – अगले स्टेप में ड्रॉप डाउन लिस्ट से पहचान का प्रमाण और पते के प्रमाण के दस्तावेजों को सेलेक्ट करना होगा।
7 – एड्रेस प्रूफ की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी। ‘सबमिट’ बटन पर क्लिक करना होगा। अपने दस्तावेजों को अपडेट करने के लिए उसकी कॉपी अपलोड करना होगा।
8 – आखिर में आधार अपडेट अनुरोध स्वीकार कर दिया जाएगा और 14 अंकों का अपडेट रिक्वेस्ट नंबर (URN) जेनरेट होगा।
ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से आधार में अपलोड करें अपने दस्तावेज़
यह सेवा सितम्बर 14, 2023 तक https://t.co/Z9YUKLJabw पर निःशुल्क उपलब्ध है। pic.twitter.com/3YnjUbRkyS
— Aadhaar (@UIDAI) August 2, 2023
आधार कार्ड के लिए आवेदन कैसे करें नया आधार कार्ड आवेदन करने के लिए आपको अपने निकटतम आधार नामांकन केंद्र जा कर एप्लीकेशन फॉर्म भरना होगा। पहचान प्रमाण और पते के प्रमाण के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपनी बायोमेट्रिक जानकारी जमा करनी होगी। सभी दस्तावेज स्वीकार हो जाने के बाद अपना बायोमीट्रिक डेटा, जिसमें उंगलियों के निशान और आँखों की पुतलियों की पहचान भी शामिल है, उन्हें जमा करें। आपकी तस्वीर भी आधार के लिए ली जाती है। आपको रसीद मिलेगी जिस पर 14 डिजिट का एनरोलमेंट न० लिखा होगा। इसका उपयोग आधार कार्ड का स्टेटस जानने के लिए किया जाता है। जब तक आप अपना आधार कार्ड प्राप्त नहीं कर लेते, तब तक रसीद न० सुरक्षित रूप से रखी जानी चाहिए
आधार कार्ड आवेदन करने के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
पासपोर्ट पैन कार्ड राशन या PDS फोटोकार्ड वोटर ID कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस भारत सरकार द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र सेवा फोटो ID कार्ड जो एक PSU द्वारा जारी किए जाते हैं।
कैसे चेक करें आधार कार्ड स्टेटस ? अपनी एक्नोलेजमेंट स्लिप पर मौजूद 14 अंकों के एनरोलमेंट नंबर के ज़रिए आधार कार्ड एनरोलमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। ऑनलाइन UIDAI की वेबसाइट या ऑफलाइन भी अपने आधार कार्ड का स्टेटस चेक किया जा सकता है।
अपर जनपद न्यायाधीश जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बिजनौर श्रीमती नीलू मैनवाल ने किया जिला कारागार का निरीक्षण
बिजनौर। उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के आदेशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बिजनौर मदन पाल सिंह के निर्देशन में सचिव / अपर जनपद न्यायाधीश जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बिजनौर श्रीमती नीलू मैनवाल ने जनपद मुख्यालय स्थित जिला कारागार बिजनौर का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन बन्दियों को चिन्हित किया गया, जिनकी जमानत न्यायालय से हो चुकी है किन्तु जमानती के अभाव में जिला कारागार, बिजनौर से रिहा नहीं हो पाए हैं। कुछ बन्दी ऐसे पाये गए जिनके प्राइवेट अधिवक्ता हैं। बन्दियों से कहा गया कि अपने अधिवक्ता से कूलिंग एप्लीकेशन लगवाएं। बन्दियों को निःशुल्क अधिवक्ता के बारे में जानकारी दी गई कि जिन बन्दियों को निःशुल्क अधिवक्ता चाहिए तो वह अपना प्रार्थना पत्र जिला कारागार के माध्यम से कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बिजनौर में भेजा जाना सुनिश्चित करें। निरीक्षण के दौरान उपजेलर अरविन्द कुमार उपस्थित रहे।
पीएम की अमृत सरोवर योजना के तहत बनवा दिए 900 से अधिक तालाब
मिशन समर्थ चला कर कराई 61 दिव्यांग बच्चों की सर्जरी
शासन ने डीएम रामपुर रविंद्र कुमार को सौंपी है बिजनौर की कमान
बिजनौर। देश की कठिन परीक्षाओं में से एक UPSC की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले बहुत से कैंडिडेट्स ऐसे भी हैं जो आईएएस आईपीएस बनने से पहले जितनी मेहनत करते हैं, पद पर आने के बाद भी उतना ही कठिम परिश्रम करते हैं। ऐसी ही कहानी है रामपुर से बतौर डीएम बिजनौर भेजे गए IAS रविंद्र कुमार मंदार की। उन्होंने मिशन समर्थ चला कर 61 दिव्यांग बच्चों की सर्जरी कराई। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बेघरों को घर दिलाए और बनवाए। यही नहीं 900 से अधिक तालाब बनवाकर जल संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
Prime Minister’s Awards for Excellence in Public Administration (file photo)
रविंद्र कुमार मंदार 2013 में IAS पद के लिए चुने गए थे। उनकी ट्रेनिंग 2015 तक मसूरी में हुई। 2015-17 तक फिरोजबाद में जॉइंट मजिस्ट्रेट रहे। 2017-2019 तक आगरा में चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर रहे। 2019-21 में उत्तर प्रदेश म्युनिसिपल कमिश्नर, म्युनिसिपल कार्पोरेशन, वृदावन-मथुरा में रहे। इसके बाद 2021 में रामपुर में DM & कलेक्टर के पद पर भेजा गया।
बचपन में झेली थी जल की समस्या
बचपन में रविंद्र कुमार मंदार ने देखा था कि उनकी माता बिलासी देवी 1 किलोमीटर दूर से पानी लाया करती थीं। ऐसी स्मृतियां रविंद्र कुमार के जेहन में आज तक ताजा हैं। उसी समय रविंद्र कुमार ने संकल्प ले लिया था कि जब भी वह सक्षम स्थिति में होंगे तो जल संरक्षण का कार्य करेंगे। अपने उसी संकल्प को लेकर रविंद्र कुमार ने जल संरक्षण के लिए अथक प्रयास शुरू कर दिए।
उन्होंने रामपुर में अपने कार्यकाल के दौरान 900 से अधिक तालाब बनवाकर जल संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। जो पूर्णतः जल से भरे हुए हैं। इससे क्षेत्र में जल स्तर लगभग 5 मीटर ऊपर आ गया। किसी भी क्षेत्र में जल स्तर 5 मीटर ऊपर आने का अर्थ क्या होता है और यह कितना ज्यादा महत्वपूर्ण है। यह कृषि से जुड़े लोग भली भांति समझ सकते हैं। उन्होंने तालाब बनवाने का काम ‘अमृत सरोवर योजना’ के तहत किया। इसके साथ की नदियों पर डैम भी बनवाए। उन्होंने मिशन समर्थ चला कर 61 दिव्यांग बच्चों की सर्जरी कराई। घाटमपुर स्कूल के स्टूडेंट वसीम को तो अमेरिका से मंगवाकर छह लाख कीमत के हाथ लगवाए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बे-घरों को घर दिलाने और बनवाने में बहुतों की मदद की। उन्होंने शाहबाद के यूसुफपुर गांव के राम रहीस का घर जनसहयोग से बनवाया। अपने इसी व्यवहार से लोगों का दिल जीतने वाले इस IAS ऑफिसर को अपने इन्हीं सब नेक extra ordinary व innovative कामों के लिए Prime Minister’s Awards for Excellence in Public Administration भी मिल चुका है।
नदियों का जीर्णोद्धार रविंद्र कुमार ने नदी संरक्षण पर भी काफी ध्यान दिया। रामपुर की बल्लाह और सजनी नामक नदी पर खास कार्य के अलावा विभिन्न नदियों पर डैम आदि बनाने का कार्य भी काफी तेजी से जारी है। इस प्रकार रविंद्र कुमार ने वास्तव में अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए अपने क्षेत्र को एक अनमोल धरोहर जल प्रदान किया और भविष्य की पीढ़ी के लिए जल को संरक्षित भी किया। उनका यह कार्य प्रशंसनीय होने के साथ ही अनुकरणीय भी है।
40,000 से अधिक लोगों को मिला रोजगार
जब समाज का कोई एक व्यक्ति किसी उद्देश्य को लेकर के बाहर निकलता है और उस पर ईमानदारी के साथ कार्य करता है तो उस व्यक्ति के साथ-साथ उसके आसपास के सभी लोगों का भी विकास होना शुरू हो जाता है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है रविंद्र कुमार का जल संरक्षण अभियान, जिसके तहत लगभग 40000 लोगों को रोजगार मिला।
बिजनौर वासियों के मन में जागी उम्मीद
ऐसे आईएएस के हाथों बिजनौर की कमान आने के बाद लोगों को आशा है कि यहां भी काया पलटने में अब देर नहीं लगेगी। जिले भर में सैकड़ों तालाबों पर कब्जा है। यहां तक कि डीएम बंगले के ठीक सामने मिशन कंपाउंड का तालाब कूड़ाघर बना हुआ है। सड़कों पर अतिक्रमण है। चौड़ी सड़कें संकरी गलियों सी होकर रह गई हैं। झोलाछाप डॉक्टर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। वनों का अवैध कटान जारी है। अवैध शराब, खनन, पशु कटान का धंधा जोरों पर है। मिलावटखोर इंसानी जिंदगी लीलने में जुटे हुए हैं। सरकारी विभागों में तो कोई भी काम बिना रिश्वत के होता ही नहीं। और भी बहुत कुछ है सुधार के लिए, बस एक प्रयास जरूरी है।
दौरे पड़ने का इलाज कर रहे थे इटावा, जयपुर व कानपुर के चिकित्सक
नगीना रेंज के गांव दयालपुरा से रेस्क्यू कर 27 अगस्त को लाया गया था
बिजनौर के गुलदार की इटावा सफारी में मौत
लखनऊ। बिजनौर के नगीना रेंज से इटावा सफारी भेजे गए एक नर गुलदार (तेंदुए) की गुरुवार रात मौत हो गई। सफारी प्रशासन के अनुसार तेंदुए को दौरे पड़ने लगे थे। इटावा, जयपुर व कानपुर के चिकित्सकों ने गुलदार का इलाज किया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
सामाजिक वानिकी प्रभाग बिजनौर के नगीना रेंज के गांव दयालपुरा से रेस्क्यू कर 27 अगस्त को तेंदुए को इटावा सफारी भेजा गया था। जांच के दौरान उस समय वह पूरी तरह स्वस्थ था। सफारी के डॉ. रॉबिन यादव उसकी सघन निगरानी व देखभाल कर रहे थे। सफारी के सूत्रों का कहना है कि 30 अगस्त की दोपहर 4.15 बजे तेंदुए को अचानक दौरे आने लगे। जयपुर प्राणि उद्यान के पशु चिकित्सक डॉ. अरविन्द माथुर, कानपुर चिड़ियाघर के पशु चिकित्सक मो. नासिर तथा इटावा सफारी पार्क के पशु चिकित्सक डॉ. रॉबिन यादव उसके इलाज में जुट गए। 31 अगस्त की रात 8.50 बजे तेंदुए ने दम तोड़ दिया। सफारी की निदेशक दीक्षा भंडारी ने बताया कि वन्यजीव चिकित्सकों के सुझाव पर पोस्टमार्टम के लिए तेंदुए के शव को आईवीआरआई बरेली भेजा गया है।
गांव महसनपुर सुआवाला में दो दिन पहले पकड़ा गया था गुलदार
एक ही जगह दूसरा गुलदार दिखने से फैली दहशत
बिजनौर। अफजलगढ़ के गांव महसनपुर सुआवाला के जंगल में लगे पिंजरे के आसपास गुलदार को चक्कर लगाते देख ग्रामीणों के होश उड़ गए हैं। दो दिन पहले यहीं एक गुलदार पकड़ा भी जा चुका है। वहीं तहसील चांदपुर क्षेत्र के हीमपुर दीपा में गुलदार ने बछिया को निवाला बना लिया। कुल मिलाकर जिले में गुलदार की दहशत बरकरार है। ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने की मांग की है।
गुलदार की दहशत के बीच अफजलगढ़ के गांव महसनपुर सुआवाला के जंगल में वन विभाग ने पिंजरा लगाया था। बुधवार को गुलदार के कैद होने के बाद ग्रामीण और वन विभाग के अफसर समस्या खत्म होने की संभावना जता रहे थे। इसके बावजूद समस्या जस की तस है। सुखदेव सिंह के खेत में लगे पिंजरे में कुत्ते को बांधा गया है। कुत्ते की आवाज सुन कर ग्रामीण समझे कि एक और गुलदार फंस गया, लेकिन टार्च की रोशनी में देखा तो होश उड़ गए। पिंजरे के बाहर ईंट के पास एक बड़ा गुलदार बैठा दिखाई दिया। छिप कर बैठे ग्रामीणों ने दावा किया कि गुलदार तीन बार पिंजरे की तरफ गया लेकिन अंदर नहीं घुसा। गुलदार की लगातार आमद से ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया है।
हीमपुर दीपा में गुलदार ने बछिया को बनाया निवाला (भुवन राजपूत)
~(भुवन राजपूत)
तहसील चांदपुर क्षेत्र के हीमपुर दीपा में लगातार 25 दिन से दिख रहे गुलदार की वजह से किसानों में भय का माहौल व्याप्त है। इसी बीच एक बछिया का अधखाया शव खेत में पड़ा मिलने से हड़कंप मचा हुआ है। खेत में छपे गुलदार के पैरों के निशान भी देखे गए हैं। क्षेत्र में गुलदार की चहलकदमी के बाद से ग्रामीणों ने खेतों की ओर बिना पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के जाना कम कर दिया था। बताया गया है कि बछिया कल शाम तक खेत के आसपास घूम रही थी। संभावना है कि उसे आज शुक्रवार तड़के सुबह ही निवाला बनाया गया है।
गैर पुलिस कमिश्नर प्रणाली वाले जिलों को लेकर प्रदेश सरकार का प्लान
शासन ने सभी डीएम व कमिश्नरों को भेजा आदेश
जिलों में मुख्य विकास अधिकारी होंगे सीएम – डैशबोर्ड के नोडल अधिकारी
अब कानून व्यवस्था की मीटिंग लिया करेंगे डीएम
लखनऊ। गैर पुलिस कमिश्नर प्रणाली वाले जिलों में कानून-व्यवस्था की बैठक का जिम्मा जिलाधिकारियों को दे दिया गया है। सभी एसएसपी को डीएम की बैठक से पहले कानून व्यवस्था की बैठक करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं पुलिस कमिश्नर प्रणाली वाले जिलों में कानून-व्यवस्था की बैठक की जिम्मेदारी पुलिस आयुक्त की होगी।
शासन ने गैर पुलिस कमिश्नर प्रणाली वाले जिलों में कानून-व्यवस्था की बैठक की जिम्मेदारियां जिलाधिकारियों को सौंपने संबंधी आदेश हाल ही में सभी डीएम व कमिश्नरों को भेज दिया है। कानून व्यवस्था की बैठक डीएम की अध्यक्षता में पुलिस लाइन में होगी। बैठक में जिले के एसएसपी या एसपी, एडीएम प्रशासन, अपर पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक व वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी व सभी थानाध्यक्ष शामिल होंगे। वहीं जिन जिलों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू है, वहां कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक पुलिस आयुक्त की अध्यक्षता में की जाएगी। इसमें अपर पुलिस आयुक्त, संयुक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस उप आयुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त, वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी, डीजीसी एवं सभी थानाध्यक्ष शामिल होंगे।
मुख्य सचिव ने कानून व्यवस्था एवं विकास कार्यों की बैठक पृथक-पृथक बुलाने को कहा है। यह बैठकें प्रत्येक माह मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर मासिक रैंकिंग के प्रकाशन के एक सप्ताह के भीतर की जाएं। विकास कार्यों की समीक्षा के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक की जाएगी। इसके लिए जिलों में मुख्य विकास अधिकारी सीएम – डैशबोर्ड के नोडल अधिकारी होंगे तथा कानून व्यवस्था के लिए जिले में अपर पुलिस अधीक्षक / पुलिस उपायुक्त नोडल अधिकारी होंगे। राजस्व सम्बन्धी प्रोजैक्टों की समीक्षा करने के लिए अपर जिलाधिकारी (वि0/रा०) सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है।
एसआईटी की निष्पक्षता पर यूपी बार कौंसिल ने उठाया सवाल
शुक्रवार को भी न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे वकील
प्रयागराज/मेरठ (एजेंसी) उत्तर प्रदेश के हापुड़ में वकीलों पर पुलिस के लाठीचार्ज की जांच के लिए सरकार की ओर से गठित एसआईटी की निष्पक्षता पर यूपी बार कौंसिल ने सवाल उठाया है। यूपी बार कौंसिल के अध्यक्ष शिवकिशोर गौड़ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर एसआईटी में एक न्यायिक अधिकारी, बार कौंसिल अध्यक्ष व उपाध्यक्ष सहित दो गैर पुलिस अधिकारियों को भी शामिल करने की मांग की है।
इस मामले को लेकर कौंसिल के सदस्य सचिव जय नारायण पांडेय की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि मांग नहीं मानी गई तो अधिवक्ता जांच में सहयोग नहीं करेंगे। हापुड़ की घटना से जुड़े आंदोलन के दौरान प्रदेश में वकीलों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को वापस लेने की भी मांग करते हुए कहा कि वह अपने स्तर पर हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच कराएंगे। बार कौंसिल अध्यक्ष की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र की कॉपी भारत के मुख्य न्यायाधीश व इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भी भेजी गई है। पत्र में कहा गया है कि सोशल मीडिया से संज्ञान में आया है कि राज्य सरकार ने हापुड़ की घटना को लेकर मंडलायुक्त मेरठ की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी में आईजी मेरठ व डीआईजी मुरादाबाद को शामिल किया है।
गुरुवार को जांच के लिए सार्वजनिक सूचना जारी की है। सार्वजनिक सूचना के अनुसार कोई भी व्यक्ति जांच टीम के समक्ष घटना के विषय में साक्ष्य समेत जानकारी दे सकता है।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए कमिश्नर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया है। मुख्यमंत्री ने सात दिन में इसकी रिपोर्ट मांगी है। इस बीच पुलिस द्वारा गुरुवार को अधिवक्ताओं पर दो और मामले दर्ज करने के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है। अधिवक्ताओं पर कैदियों को भगाने का प्रयास, हवालात पर पहुंचकर तोड़फोड़ और पुलिस से मारपीट का आरोप लगाया गया है। इन्हें मिलाकर अब तक अधिवक्ताओं पर कुल तीन मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। दूसरी ओर यूपी वेस्ट के अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को भी न्यायिक कार्यों से विरत रहने का एलान कर दिया है।
प्रदेश व देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए आशीर्वाद
स्वामी अंश महाराज ने रक्षा बंधन पर की सबकी मंगल कामना
बिजनौर। हिंदू युवा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेशाध्यक्ष संत सुरक्षा मिशन, संस्थापक एवं संचालक मां कामाख्या शक्तिपीठ विदुर कुटी बिजनौर स्वामी अंश चैतन्य जी महाराज ने रक्षा बंधन के पावन पर्व पर शक्ति स्वरूपा मां कामाख्या देवी की पूजा अर्चना करते हुए सभी के मंगल की कामना की।
रक्षा बंधन पर महाराज जी ने भक्तों के लिए मां भगवती, मां कामाख्या, मां काली से सबको खुश रख के सबकी परेशानी दूर करने की मंगल कामना की। एक संदेश में महाराज ने समस्त प्रदेश व देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए आशीर्वाद प्रदान किया।
नहटौर के गांव फिरोजपुर में किसान के खेत के पास बरामद हुआ शव
वन विभाग की टीम ने शुरू की जांच
जंगल में भिड़े गुलदार, एक की मौत
बिजनौर। नहटौर क्षेत्र के जंगल में आपसी संघर्ष के दौरान एक गुलदार की मौत हो गई। गुलदार का शव मिलने की सूचना पर आसपास के सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। वन विभाग की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। गुलदार के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
नहटौर थाना क्षेत्र के गांव फिरोजपुर में गुरुवार सुबह किसान वीरेंद्र सिंह के खेत के पास चकरोड पर कुछ लोगों ने गुलदार का शव पड़ा देखा। गुलदार की सूचना पर हड़कम्प मच गया, आसपास के सैकड़ों लोगों की भीड़ मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों ने वन विभाग को अवगत कराया। वन विभाग के रेंजर गोविंद राम गंगवार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए और गुलदार के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्राथमिक जांच में शव के शरीर पर चोटों के कई निशान मिले हैं। इस आधार पर गुलदार की मौत आपसी संघर्ष से होने की आशंका जताई जा रही है। रेंजर गंगवार ने बताया कि लगभग 6 से 8 महीने की मादा गुलदार का शव मिला है। उसके शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
वन विभाग के पिंजरे में अब तक फंस चुके हैं 26 गुलदार
कानपुर और गोरखपुर भेजे जा रहे हैं बिजनौर से गुलदार
बिजनौर। वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरों में अलग-अलग स्थानों पर दो गुलदार फंसे हैं। इनमें से एक गुलदार को कानपुर जू, जबकि दूसरे को गोरखपुर स्थित वन्य जीव अभ्यारण्य भेजा जा रहा है। पिछले कुछ माह में वन विभाग की टीम रेस्क्यू करके जिले से 26 गुलदार पकड़ चुकी है।
जिले में आतंक का पर्याय बने गुलदार इस साल 15 इंसानों के अलावा कई पशुओं को निवाला बना चुके हैं। गुलदारों को पकड़ने के लिए वन विभाग ने जिले में अलग अलग स्थानों पर पिंजरे लगा रखे हैं।
वन विभाग के सूत्रों के अनुसार बुधवार सुबह बिजनौर वन प्रभाग नजीबाबाद की कौड़िया रेंज के ग्राम बीरुवाला के जंगल में एक गुलदार वन विभाग के पिंजरे में फंस गया। इस गुलदार को गोरखपुर स्थित वन्य जीव अभ्यारण्य भेजा जाएगा तो वहीं मंगलवार को रात अफजलगढ़ विकास खण्ड के गांव सुआवाला के कासमपुर राजस्व मौजे में वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में गुलदार कैद हो गया।
एसडीओ अंशुमान मित्तल ने बताया कि अफजलगढ़ क्षेत्र में पकड़े गए गुलदार को कानपुर जू भेजा जाएगा। वहीं नजीबाबाद क्षेत्र में पकड़े गए गुलदार को गोरखपुर स्थित वन्य जीव अभ्यारण्य भेजने की तैयारी है। हालांकि जिले में दो गुलदार पकड़ने से वन विभाग के अफसरों ने राहत की सांस ली है, लेकिन खतरा अभी भी बरकरार है। आबादी वाले क्षेत्रों में गुलदार के हमले लगातार बढ़ने से लोगों के बीच दहशत का माहौल है। बताया कि पिछले कुछ माह में वन विभाग की टीम रेस्क्यू करके जिले से 26 गुलदार पकड़ चुकी है।
अभियंताओं के नवीन तैनाती हेतु उनकी ज्येष्ठता के क्रम में ऐच्छिक विकल्प लिए गए, जिसके आधार पर तैनाती आदेश जारी किया गया।
निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत अभियंताओं को मिली तैनाती- स्वतंत्र देव सिंह
लखनऊ। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता से अधिशासी अभियंता के पद पर नव प्रोन्नत 32 अधिशासी अभियंताओं (सिविल) को उनकी पसंद के आधार पर मनचाही तैनाती दी गयी। अभियंताओं के नवीन तैनाती हेतु उनकी ज्येष्ठता के क्रम में ऐच्छिक विकल्प लिए गए, जिसके आधार पर तैनाती आदेश जारी किया गया।
उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की अध्यक्षता में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुख्यालय में बैठक का आयोजन किया गया। जलशक्ति मंत्री ने कहा कि सिंचाई विभाग के नवप्रोन्नत 32 अधिशासी अभियंताओं (सिविल) के पारदर्शी पदस्थापना हेतु वरिष्ठता के क्रम में अभियंताओं से ऐच्छिक विकल्प लिए गए, जिसके आधार पर उन्हें पदस्थापन किया गया। पूरी पारदर्शिता के साथ अभियन्ताओं को उनकी पसन्द के आधार पर तैनाती दी गयी, इससे अभियन्ताओं में सन्तुष्टि के साथ उनकी कार्य क्षमता को भी बढ़ावा मिलेगा। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से पदस्थापना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में है। भर्ती से लेकर तैनाती तक की पूरी प्रक्रिया में कहीं पर भी किसी प्रकार की अनियमितता नहीं होने दी जाएगी। जलशक्ति मंत्री ने समस्त पदस्थापित अभियन्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि आप सभी ईमानदारी से कार्य करते हुए प्रदेश के विकास में अपना योगदान दें। सभी अभियंता अपने तैनाती स्थल पर ग़रीबों की खुशहाली के लिए पूर्ण मनोयोग से कार्य करें।
किसानों की आय बढ़ाना होनी चाहिए पहली प्राथमिकता
जल शक्ति मंत्री ने कहा कि अभियंता अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करते हुए अन्नदाता किसानों को खुशहाल बनाएं, किसानों की आय बढ़ाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए, यदि किसान खुशहाल होंगे तो देश एवं प्रदेश की तरक्की होगी। इस अवसर पर जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद, प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग अनिल गर्ग, प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, प्रमुख अभियन्ता (यांत्रिक) देवेन्द्र अग्रवाल, प्रमुख अभियंता परिकल्प एवं नियोजन आलोक जैन, प्रमुख अभियन्ता (परियोजना) के साथ अन्य सम्बंधित अधिकारी उपस्थित थे।
“एक्स सर्विसमेन वेलफेयर एसोसिएशन” को सेवा भाव का सम्मान
एसपी ने पूर्व सैनिकों को दिया पुलिस मित्र का पहचान पत्र
बिजनौर। जिले के पूर्व सैनिकों की एकमात्र मजबूत सक्रिय प्रभावी और प्रगतिशील संगठन “एक्स सर्विसमेन वेलफेयर एसोसिएशन” द्वारा पूर्व सैनिकों की सेवा में समर्पित भाव से सदैव तत्पर तथा पूर्व सैनिकों की विभिन्न प्रकार की समस्याओं का समाधान कराए जाने पर पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने पूर्व सैनिकों की पुलिस संबंधी समस्याओं के निस्तारण और मान सम्मान बनाए रखने हेतु एसोसिएशन के कर्मठ और सक्रिय पदाधिकारियों को पुलिस मित्र बनाते हुए उन्हें पहचान पत्र दिया ताकि इन पूर्व सैनिक पुलिस मित्रों द्वारा संबंधित पुलिस स्टेशन अथवा चौकियों पर समन्वय स्थापित कर उनकी सेवा सहायता और समस्या समाधान किया जा सके।
इनमें पूर्व सैनिक केशव सिंह जिलाध्यक्ष को पुलिस स्टेशन बिजनौर शहर, अरविंद कुमार लाम्बा संयोजक तहसील चांदपुर को पुलिस स्टेशन चांदपुर, नरेश कुमार जिला उपाध्यक्ष को थाना हीमपुर दीपा, मनोज कुमार जिला महासचिव को थाना नजीबाबाद, योगेंद्र पाल सिंह सारंक्षक तहसील धामपुर को थाना धामपुर, कल्याण सिंह तहसील अध्यक्ष धामपुर को थाना सिओहरा, हेमेंद्र पाल सिंह अध्यक्ष तहसील नगीना को थाना नगीना, विजय सिंह राणा अध्यक्ष तहसील नजीबाबाद को थाना नांगल सोती और रविंद्र काकरान को थाना मंडावली और पुलिस चौकी साहनपुर नियुक्त गया।
एक्स सर्विसमेन वेलफेयर एसोसिएशन बिजनौर जिलाध्यक्ष केशव सिंह ने कहा कि यदि किसी भी पूर्व सैनिक को पुलिस संबंधी कोई समस्या है तो वो उपरोक्त में से अपने थाना अंतर्गत पूर्व सैनिक पुलिस मित्रों से सम्पर्क कर पुलिस विभाग द्वारा मान सम्मान के साथ अपनी समस्या समाधान कराएं। कोई भी पुलिस मित्र केवल और केवल पूर्व सैनिक के अतिरिक्त किसी अन्य के साथ उनकी समस्या समाधान के लिए अधिकृत नहीं है। जो भी पूर्व सैनिक उपरोक्त थाना अंतर्गत नहीं है तो वो जिलाध्यक्ष केशव सिंह से संपर्क कर सकते हैं।
अनूप सिंह तथा पुलकित सिंह को प्रदान किया प्रशस्ति पत्र
डीएम व कृषि विभाग के अधिकारी पहुंचे ग्रीन साॅइल एनर्जीस मौहम्मदपुर मण्डावली
“बायो पैलेटस” उत्पादन प्लांट के प्रोपराइटर्स का सम्मान
गन्ने की पत्ती, पराली व पेड़-पौधों की पत्तियों जैसे फसल अवशेष से प्रतिदिन 8 टन “बायो पैलेटस” का उत्पादन
बिजनौर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फसल अवशेष प्रबन्धन के लिए सर्वथा नवीन एवं अद्भुत प्रयास के तहत ग्राम- मौहम्मदपुर मण्डावली में ग्रीन साॅइल एनर्जीस फर्म में “बायो पैलेटस” का उत्पादन किया जा रहा है। इसके लिए जिलाधिकारी ने अनूप सिंह तथा पुलकित सिंह को सम्मानित किया।
गौरतलब है कि एग्री स्टार्टअप के लिए प्रधानमंत्री के आह्वान, फसल अवशेष को न जलाने के लिए एन0जी0टी0 के निर्देश तथा जिलाधिकारी बिजनौर की प्रेरणा से अनूप सिंह पुत्र नरदेव सिंह तथा पुलकित सिंह पुत्र सुन्दर सिंह ग्राम- मौहम्मदपुर मण्डावली द्वारा ग्रीन साॅइल एनर्जीस फर्म को स्थापित किया गया है। इसके द्वारा गन्ने की पत्ती, पराली व पेड़-पौधों की पत्तियों जैसे फसल अवशेष से प्रतिदिन 8 टन “बायो पैलेटस” का उत्पादन किया जा रहा है। बायो पैलेटस के उपयोग से देश की आयातित कोयले पर निर्भरता कम होगी, ऊर्जा सुरक्षा में सुधार, फसल अवशेषों के लिए एक नया बाजार तथा फसल अवशेष प्रबन्धन का विविधीकरण हो सकेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फसल अवशेष प्रबन्धन के लिए यह सर्वथा नवीन एवं अद्भुत प्रयास है।
बुधवार को जिलाधिकारी ने अनूप सिंह तथा पुलकित सिंह को उक्त उल्लेखित कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि फसल अवशेष जलाने को रोकना एक बड़ी चुनौती है, जिसका पर्यावरण एवं मृदा स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। प्रत्येक तहसील पर एक बायो पैलेटस यूनिट की स्थापना के साथ-साथ हर 25-30 ग्राम पंचायत पर एक फसल अवशेष खरीद केन्द्र की स्थापना कराई जाये ताकि सामाजिक व आर्थिक स्थिरता हेतु इस महत्वपूर्ण कार्य को प्रारम्भ किया जा सके। इस दौरान उप कृषि निदेशक गिरीश चंद, जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया, जिला कृषि रक्षा अधिकारी मनोज रावत, उमेन्द्र सिंह, रोहिताश कुमार, रजत चौधरी, सचिन कुमार उपस्थित रहे।
सीओ बने इंस्पेक्टर दोहरे और वर्मा को स्टार लगाकर एसपी एएसपी ने दी बधाई
एसपी, एएसपी सिटी/ग्रामीण ने स्टार लगाकर दी बधाई
बिजनौर में इंस्पेक्टर दोहरे और वर्मा बने सीओ
बिजनौर। जनपद में नियुक्त निरीक्षक कृष्ण मुरारी दोहरे व निरीक्षक रविंद्र कुमार वर्मा की पदोन्नति पुलिस उपाधीक्षक के पद पर हो गई है। गौरतलब है कि सोमवार को उत्तर प्रदेश में निरीक्षक के पद पर तैनात 117 कर्मियों को पुलिस उपाधीक्षक के पद पर प्रोन्नत किया गया है।
निरीक्षक कृष्ण मुरारी दोहरे को स्टार लगाते एसपी व एएसपी ग्रामीण निरीक्षक रविंद्र कुमार वर्मा को स्टार लगाते एसपी व एएसपी सिटी
दोनों अधिकारियों के निरीक्षक पद से पुलिस उपाधीक्षक के पद पर प्रोन्नत होने पर पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन, अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ. प्रवीण रंजन सिंह तथा अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम अर्ज द्वारा स्टार लगाकर बधाई दी गई। साथ ही उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई।
एएसपी सिटी डॉ. प्रवीण रंजन सिंह, एएसपी ग्रामीण राम अर्ज, निरीक्षक कृष्ण मुरारी दोहरे, निरीक्षक रविंद्र कुमार वर्मा व एसपी नीरज जादौन
एएसपी ग्रामीण को सौंपी जांच, 7 दिन में देंगे रिपोर्ट
अवैध हिरासत में रखने पर दरोगा निलंबित
बिजनौर। पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन ने एक व्यक्ति को अवैधानिक तरीके से हिरासत में रखने के मामले में दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम अर्ज को देने के साथ ही 07 दिवस में जांच पूर्ण कर आख्या प्रेषित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार थाना कोतवाली शहर पर नियुक्त उ0नि0 राजेन्द्र सिंह के विरुद्ध थाना प्रभारी को० शहर द्वारा रिपोर्ट प्रेषित की गई थी। रिपोर्ट में अंकित तथ्य के अनुसार उ0नि0 राजेन्द्र सिंह द्वारा एक व्यक्ति को अवैधानिक तरीके से हिरासत में रखने के कारण आमजन में पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई है।
इस पर अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही, उदासीनता व स्वेच्छाचारिता का परिचय दिये जाने के फलस्वरूप पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन ने उ0नि0 राजेन्द्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम अर्ज को इस निर्देश के साथ दी गई है कि 07 दिवस में जांच पूर्ण कर आख्या प्रेषित करें। पुलिस अधीक्षक ने जनपद के समस्त पुलिस अधिकारी तथा कर्मचारियों को चेतावनी दी हैं कि ऐसा कोई कृत्य न करें जो विधि के प्रतिकूल हो। विधि के प्रतिकूल कृत्य, तथ्य संज्ञान में आने पर सम्बन्धित के विरुद्ध कड़ी दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन
बताया गया है कि थाना कोतवाली शहर में तैनात उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह एक ठगी के मामले की जांच कर रहे थे। दरोगा ने नूरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भूतपुरी निवासी एक किशोर को रविवार रात हिरासत में ले लिया। कोतवाली शहर में कई घंटों तक थाने में बैठाए रखा। सोमवार सुबह किशोर के परिजनों ने मामले की जानकारी भाकियू नेताओं को दी। भाकियू नेताओं ने थाने पहुंच कर किशोर को अवैध हिरासत में रखने पर नाराजगी जताई। हालांकि शहर कोतवाल के निर्देश पर किशोर को छोड़ दिया गया। वहीं मामले का पता चलने पर एसपी नीरज जादौन ने शहर कोतवाली से इस मामले में रिपोर्ट मांग ली। शहर कोतवाल जीत सिंह की रिपोर्ट के बाद दरोगा राजेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया।
भ्रम में न पड़ें, 30 को नहीं, 31 अगस्त को है रक्षाबंधन
आजकल एक नया ट्रेंड चल रहा है कि हर त्योहार 2 दिन मनाया जाने लगा है, हालांकि कुछ वर्ष पूर्व ऐसा नहीं होता है। कुछ विद्वानों का कहना है कि जिन लोगों को हिन्दू धर्म, शास्त्र और तिथियों का सही ज्ञान नहीं है, वो लोग भ्रमित कर देते हैं। जैसे कि इस वर्ष कहा जा रहा है कि रक्षाबंधन पूर्व निर्धारित 31 अगस्त की जगह 30 अगस्त को है, जो कि सरासर गलत है। हिन्दू धर्म में त्योहार उदया तिथि (यानी सूर्य उदय के समय जो तिथि होती है वो पूरे दिन मानी जाती है) के अनुसार मनाए जाते हैं और उदया तिथि के अनुसार रक्षा बंधन 31 अगस्त को ही मानना उचित रहेगा। पूर्णिमा 30 अगस्त को सुबह 10:58 (यानी सूर्य उदय के बाद) से शुरू होकर 31 को सुबह 7:05 बजे तक रहेगी। 30 अगस्त को ही सुबह भद्रा लग जाएगी, जो कि 30 की शाम 9 बजे तक रहेगी। (हालांकि इसमें भी मतभेद है। कुछ पोस्ट में कहा जा रहा है कि पूर्णिमा 30 को 12:27 बजे से अगले दिन 31 अगस्त को 8:35 तक है।) इसलिए लोगों का कहना है कि पूर्णिमा में रक्षाबंधन मनाया जाता है। अतः 30 को मनाना चाहिए, लेकिन भद्रा के कारण 30 को दिन में नहीं मना सकते इसलिये 30 की शाम से शुरू होगा, जो कि 31 की सुबह तक ही रहेगा। तो ऐसे में उदया तिथि को महत्व दिया जाता है और उदया तिथि के अनुसार सही मुहूर्त 31 अगस्त को ही है। हिंदू धर्म में उदया तिथि को खास महत्व दिया गया है।
ज्यादातर ज्योतिष उदया तिथि से शुरू होने वाले व्रत और त्योहार को मनाने की सलाह देते हैं, चाहे उस व्रत या त्योहार की तिथि एक दिन पहले ही क्यों न शुरू हो चुकी हो। उदया तिथि का मतलब है, जो तिथि सूर्योदय के साथ शुरू हो। ये तिथि चाहे कभी भी लगे, लेकिन इसकी गणना सूर्योदय के आधार पर की जाती है क्योंकि पंचांग के अनुसार भी सूर्योदय के साथ ही दिन बदलता है। ऐसे में जो तिथि सूर्योदय के साथ शुरू होती है, उसका प्रभाव पूरे दिन रहता है, चाहे बेशक उस दिन कोई दूसरी तिथि क्यों न लग जाए। जैसे मान लीजिए कि आज सूर्योदय के समय दशमी तिथि है और वो सुबह 10ः32 बजे खत्म हो जाएगी और एकादशी तिथि लग जाएगी, तो भी दशमी तिथि का प्रभाव पूरे दिन रहेगा और एकादशी का व्रत अगले दिन ही रखा जाएगा क्योंकि सूर्योदय के वक्त एकादशी तिथि होगी, ऐसे में चाहे अगले दिन में द्वादशी क्यों न लग जाए, लेकिन पूरे दिन एकादशी तिथि का प्रभाव माना जाएगा। इसी प्रकार इस वर्ष रक्षाबंधन है जो कि उदया तिथि के अनुसार 31 अगस्त को सुबह उदया तिथि में पूर्णिमा है, जो कि पूरे दिन मानी जायेगी। इस लिये 30 की शाम से रक्षाबंधन मनाना हिन्दू धर्म के अनुसार उचित नहीं है। इसलिये रक्षाबंधन 31 अगस्त को ही मनाना हिन्दू धर्म के अनुसार उचित है।
31 अगस्त की रात्रि 12 बजे तक महिलाओं को परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा करने की छूट
प्रमुख सचिव परिवहन विभाग IAS एल० वेंकटेश्वर लू ने जारी किया रक्षाबंधन आदेश
उत्तर प्रदेश में रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को आज 29 अगस्त की रात्रि 12 बजे से 31 अगस्त की रात्रि 12 बजे तक परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा करने की छूट। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर दिया यह आदेश।
पिछले साल की तरह इस बार भी योगी सरकार ने राखी पर बहनों के लिए बस में फ्री यात्रा करने की सौगात दी है। आज यानी 29 अगस्त की रात 12 बजे से 31 अगस्त की रात 12 बजे तक उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में महिलाओं के लिए पूरी तरह से छूट रहेगी। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में 2017 से ही रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है, ताकि वे आसानी से भाइयों के घर पहुंच सकें।
14 शहरों की सिटी बसों में भी नि:शुल्क यात्रा
लखनऊ के साथ ही 14 शहरों कानपुर, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, गाजियाबाद, मथुरा-वृंदावन, शाहजहांपुर, झांसी, मुरादाबाद, गोरखपुर, अलीगढ़ एवं बरेली में संचालित सीएनजी व इलेक्ट्रिक बसों में महिलाएं नि:शुल्क सफर कर सकती हैं।
इस आदेश के बाद अब रक्षाबंधन के पावन पर्व पर महिलाओं को अपने भाई के घर आने-जाने में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस आदेश के बाद बड़ी संख्या में महिलाएं राखी के दिन भाई से मिल सकेंगी। त्योहार को देखते हुए यूपी सरकार की ओर से उठाया गया ये कदम बेहद सराहनीय है।
हत्यारे गुलदार को दबोचने के लिए वन विभाग ने लगाया पिंजरा
~(भुवन राजपूत)
बिजनौर। तहसील चांदपुर के ग्राम मुंदरा खुर्द में दस भेड़ों को मौत के घाट उतारने और दो भेड़ों को उठाकर ले जाने वाले गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग ने बाड़े के आगे पिंजरा लगा दिया है। वहीं दो भेड़ों को उठा ले जाने से संभावना जताई जा रही है कि गुलदार एक से ज्यादा हो सकते हैं।
तहसील चांदपुर के ग्राम मुंदरा खुर्द का रामकिशन भेड़ों के व्यापार से अपने परिवार की आजीविका अर्जित करता है। रामकिशन ने भेड़ों के पालन को गांव के बाहर बाड़ा बनाकर पचास भेड़ें पाल रखी हैं। भेड़ पालक के अनुसार सोमवार / मंगलवार की रात्रि में गुलदार ने बाड़े में घुस कर दस भेड़ों को मार डाला और दो भेड़ें उठाकर ले गए। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर जांच की व दो भेड़ों की तलाश में जंगल छान डाला, परन्तु कोई सुराग हाथ नहीं लगा। गुलदार को कैद करने के लिए वन विभाग की ओर से मंगलवार को भेड़ों के बाड़े के आगे पिंजरा लगा दिया गया। दो भेड़ों को उठा ले जाने से प्रतीत हो रहा है कि गुलदार एक से ज्यादा हो सकते हैं।
एक दिन पहले मार डाला था बालक, पूरे इलाके के ग्रामीण ख़ौफ़ज़दा
लगातार दूसरे दिन गुलदार का आतंक, महिला घायल
बिजनौर। बढ़ापुर थाना क्षेत्र के गांव में आदमखोर गुलदार ने हमला कर एक 35 वर्षीय महिला को गंभीर रूप से घायल कर दिया। गुलदार द्वारा इलाके में दो दिन में यह दूसरी घटना है। इस कारण पूरे इलाके में ग्रामीण ख़ौफ़ज़दा हैं। घटना की सूचना वन विभाग सहित प्रशासनिक अधिकारियों को दे दी गई है। समाचार लिखे जाने तक किसी भी विभाग के कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंच पाए थे।
थाना क्षेत्र के ग्राम चंपातपुर चकला मंगलवार को आदमखोर गुलदार ने खेत में काम कर रही एक महिला पर हमला कर गम्भीर रूप से घायल कर दिया। बताया जा रहा है कि जंगीर कौर (35 वर्ष) पत्नी प्रीतम सिंह का घर गांव से निकलते ही खेत में बना हुआ है। मंगलवार को देर शाम जंगीर कौर खेत मे काम कर रही थीं। घात लगाए बैठे गुलदार ने महिला पर हमला कर दिया। चीख पुकार सुनकर परिजन व आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। तब तक गुलदार जंगीर कौर के गले पर हमला कर गम्भीर रूप से घायल कर चुका था। महिला की हालत चिंताजनक बनी हुई है। परिजन उचित उपचार के लिये हायर सेंटर ले जाने की तैयारी कर रहे थे। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि घटना की सूचना वन विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों को दिए जाने के बाद भी काफी समय तक कोई भी अधिकारी व कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इस कारण वन विभाग के लोगों में आक्रोश है।
विदित हो कि सोमवार को गांव भोगपुर में देर रात गुलदार ने एक 13 वर्षीय किशोर को मौत के घाट उतार दिया था। वहीं मंगलवार को जंगीर कौर पर हमला करने के कारण ग्रामीण खौफजदा हैं। दो दिन में दो घटनाओं से पूरा इलाका दहशत में है। इस बाबत जब रेंजर मोतीलाल पुष्पक से बात करनी चाही तो उनका फोन बंद था। समाचार लिखे जाने तक वन विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था।
आंदोलन को डिप्टी सीएम/स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने लिया संज्ञान
सीएमओ से 03 दिन में मांगी वृहद रिपोर्ट
डिप्टी सीएम के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित, सीएमओ कार्यालय में धरना समाप्त
बिजनौर। डिप्टी सीएम के आश्वासन पर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने अपना आंदोलन स्थगित करते हुए सीएमओ कार्यालय में चल रहा धरना समाप्त कर दिया है। वहीं डिप्टी सीएम/स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने आंदोलन का संज्ञान लेते हुए सीएमओ से 03 दिन में वृहद रिपोर्ट मांगी है।
सीएमओ के कथित संरक्षण में स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की गूंज आखिरकार शासन तक पहुंच गई। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के आंदोलन को डिप्टी सीएम/स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने संज्ञान ले लिया है। उन्होंने युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं पर सीएमओ से वृहद रिपोर्ट मांग ली है। सीएमओ को रिपोर्ट सौंपने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। श्री पाठक ने भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक को सार्वजनिक मंच से भरोसा दिया कि इस प्रकरण में न्यायोचित कार्यवाही की जाएगी। जो भी विभागीय अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी। डिप्टी सीएम के आश्वासन पर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया और सीएमओ कार्यालय में चल रहा धरना समाप्त कर दिया।
चौधरी दिगंबर सिंह ने कहा कि शासन प्रशासन अच्छे से जान ले कि उनका आंदोलन केवल स्थगित हुआ है समाप्त नहीं हुआ। अगर शासन या प्रशासन वादाखिलाफी करता है तो सीएमओ कार्यालय उनसे दूर नहीं है, पुनः स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया जाएगा और फिर किसी भी नेता अथवा अधिकारी की नहीं सुनी जाएगी। उधर जिले के स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर पूर्व में भी कई बार आवाज़ उठी, लेकिन आवाज उठाने वालों में दम कम होने के कारण कोई फर्क नहीं पड़ सका, लेकिन इस बार भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाला दिगंबर सिंह जैसा बड़ा चेहरा है, जिसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। मात्र 24 घंटे के भीतर जिले से लेकर मंडल और राजधानी लखनऊ तक यह मामला पहुंच गया और हर स्तर पर जांच प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई। एक दिन पूर्व सीएमओ कार्यालय में धरना दे रहे किसानों के बीच एसडीएम सदर पहुंचे थे, जिनके समक्ष चौधरी दिगंबर सिंह ने अपनी बात रख दी थी और ठोस कार्यवाही होने तक धरना समाप्त करने से इंकार कर दिया था।
डीएम के सामने खोली सीएमओ की पोल!
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को जिलाधिकारी ने चौधरी दिगंबर सिंह आदि को वार्ता के लिए बुलाया। किसान नेताओं ने वार्ता के दौरान डीएम कार्यालय में मौजूद सीएमओ को आड़े हाथों लिया और उनकी जमकर पोल खोली। सूत्रों का कहना है कि डीएम ने सीएमओ के कार्यशाली पर नाराजगी जताई तथा जांच कराकर कार्यवाही करने की बात कही। इतना ही नहीं डीएम ने एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार के नेतृत्व में टीम गठित कराकर आरोपों की जांच शुरू करने के आदेश दिए हैं।
कमिश्नर ने भी शुरू कराई जांच
धरने के दौरान हुई वार्ता के बाद कमिश्नर ने भी मंडल स्तर की कमेटी गठित कर स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार की जांच शुरू कर दी है। एक तरफ डिप्टी सीएम/ स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक की नाराजगी और दूसरी तरफ मंडल व जिला स्तर की अलग-अलग जांच कमेटियों के फेर में सीएमओ बुरी तरह फंसे हुए दिखाई दे रहे हैं। लोग इस बात को कहने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं कि इस बार सीएमओ का बिजनौर जनपद से बिस्तर बनना लगभग तय है। लोगों का कहना है कि जिले में स्वास्थ्य विभाग भ्रष्टाचार की बड़ी जड़ बन चुका है। विभिन्न कार्यों के नाम पर अवैध उगाही होती है। इस उगाही में अप्रत्यक्ष रूप से सीएमओ पर उंगली उठती रही है। लोग दबी जुबान से सीएमओ पर कार्यालय में काम समय देने और अपने आवास पर हिसाब किताब करने के अधिक समय देने के आरोप लगते रहे हैं। शायद यही कारण है कि भ्रष्टाचार पर रोक लगने की जगह यह भ्रष्टाचार दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की कर रहा था, लेकिन इस बार यह भ्रष्टाचार सीएमओ के लिए गले की फांस बन गया है। अब देखने वाली बात होगी कि जांच कमेटियां क्या नतीजा देती हैं?
बिजनौर में तैयार हो रहे भूसे एवं वेस्ट से बायपेलेट, मशरूम और ड्रैगन फ्रूट की खेती
खाद्य पदार्थों के आउटलेट से कृषकों को उपलब्ध कराए जा रहे समस्त प्रकार के ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थ एवं अन्य सामग्री
डीएम ने किया जिले के नवोंनमेषी कृषकों/ उद्यमियों के फॉर्म/ प्रतिष्ठानों का निरीक्षण
जिले के नवोंनमेषी कृषकों/ उद्यमियों के फॉर्म/ प्रतिष्ठानों में बदलाव की बयार बह रही है। यहां ग्रीन एनर्जी के रूप में प्रयोग होने वाले भूसे एवं वेस्ट से बायपेलेट तैयार किए जा रहे हैं तो मशरूम उत्पादन कर पड़ोसी जनपदों को आपूर्ति भी की जा रही है। यही नहीं ऑर्गेनिक ड्रैगन फ्रूट की खेती भी हो रही है। साथ ही ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थों के आउटलेट से समस्त प्रकार के ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थ एवं अन्य सामग्री एक ही स्थान से कृषकों को उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जनपद के नवोंनमेषी कृषकों/ उद्यमियों के फॉर्म/ प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भूसे एवं वेस्ट से बायपेलेट तैयार करने का संयंत्र, मशरूम उत्पादन, ऑर्गेनिक ड्रैगन फ्रूट की खेती के अलावा ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थों का आउटलेट देखा। उनके साथ कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
सर्वप्रथम ग्राम पैदा स्थित ग्रीन सायल एनर्जी का निरीक्षण किया। वहां भूसे एवं वेस्ट से बायपेलेट बनाए जा रहे हैं। इनका प्रयोग ग्रीन एनर्जी के रूप किया जाता है। साथ ही मे. एमरूम एग्रो फार्म सुनगढ़ नूरपुर का निरीक्षण किया। यहां प्रतिदिन 3 कुं0 मशरूम का उत्पादन किया जाता है, जिसको शाहजहांपुर, मुरादाबाद, बरेली आदि जगह सप्लाई किया जाता है।
तत्पश्चात जिलाधिकारी ने मे. उमरी ऑर्गेनिक फार्म, उमरी बिजनौर का निरिक्षण किया, जहाँ ऑर्गेनिक ड्रैगन फ्रूट की खेती की जा रही है। साथ ही मे. सत्यम ऑर्गेनिक फॉर्म सीकरी बुजुर्ग का भी निरीक्षण किया।यहां ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थों का आउटलेट तैयार किया गया है, जिसमें समस्त प्रकार के ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थ एवं अन्य सामग्री एक ही स्थान से कृषकों को उपलब्ध कराई जा रही हैं।
भ्रमण के दौरान साथ में जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया, उप कृषि निदेशक गिरीश चंद, जिला कृषि रक्षा अधिकारी मनोज रावत आदि उपस्थित रहे।
बहुत फायदेमंद होता है ड्रैगन फ्रूट
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार एनीमिया की शिकायत वाले लोगों को ड्रैगन फ्रूट खाने की सलाह दी जाती है। एनीमिया के कारण थकान और कमजोरी महसूस होती है, जो ड्रैगन फ्रूट में मिलने वाले भरपूर आयरन से दूर हो सकती है, ड्रैगन फ्रूट में मिलने वाले विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट की भरपूर मात्रा से बॉडी में इम्यूनिटी को बढ़ावा मिलता है। ड्रैगन फ्रूट एक ठंडा फल है। विटामिन सी, बी1, बी2 और बी3 की प्रचुर मात्रा के कारण ड्रैगन फ्रूट गर्भावस्था के लिए अच्छा है। इसमें कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, प्रोटीन और नियासिन पाया जाता है। गर्भावस्था में ड्रैगन फ्रूट खाने से प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है।
खाईखेड़ी पहुंच कर जिला कृषि अधिकारी ने किया प्राकृतिक खाद का अवलोकन
प्राकृतिक खाद का अवलोकन करते जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया
गोमूत्र एवं वेस्ट से तैयार प्राकृतिक खाद फसलों के लिए वरदान: तेवतिया
बिजनौर। गोमूत्र एवं वेस्ट से प्राकृतिक खाद तैयार कर किसान अपनी फसल से अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। यह विचार जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने ग्राम खाईखेड़ी में कृषक योगेश कुमार एवं बाबूराम तोमर मण्डल अध्यक्ष भाकियू के आवास पर व्यक्त किए।
गौरतलब है कि ग्राम खाईखेड़ी में कृषक योगेश कुमार एवं भाकियू के मण्डल अध्यक्ष बाबूराम तोमर देसी गाय के मूत्र को एकत्रित करके प्राकृतिक खाद बनाकर अपने खेतों में प्रयोग कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं।
इसी क्रम में जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने कृषक बाबू राम तोमर एवं योगेश कुमार के घर पहुंचकर उनके द्वारा बनाए जा रहे प्राकृतिक खाद का अवलोकन किया। साथ ही सभी किसान भाइयों से अपील की कि वे भी गोमूत्र एवं वेस्ट से प्राकृतिक खाद तैयार कर अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रकृति से प्राप्त एक वरदान है।
बिजनौर। नजीबाबाद डिवीजन की साहूवाला रेंज के गांव भोगपुर में झाड़ियों में छिपे गुलदार ने लघुशंका करने गए 13 वर्षीय किशोर को मार डाला। जिले में गुलदार द्वारा किया गया यह 15वां इंसानी शिकार बताया जा रहा है। कुछ समय पहले गुलदार घटना स्थल से कुछ दूर एक मवेशी को शिकार बना चुका है।
सोमवार की शाम नगीना तहसील क्षेत्र के गांव भोगपुर में करन (13 वर्ष) पुत्र अमर सिंह घर के पास ही लघुशंका के लिए गया था। वहां झाड़ियों में पहले से ही घात लगाकर बैठे गुलदार ने उस पर हमला कर दिया और खींचकर ले जाने लगा। इस दौरान किसी परिजन ने गुलदार को देख कर शोर मचा दिया। इस पर गुलदार किशोर को छोड़कर जंगल में भाग गया, लेकिन बालक की मौत हो चुकी थी। सूचना मिलते ही घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों से सूचना मिलने पर एसडीएम नगीना, वन एवं पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। ग्राम प्रधान मंगत कांबोज ने बताया कि घटना को लेकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। सभी को अपनी और मवेशियों के जीवन की चिंता सता रही है। उन्होंने पिंजरा लगा कर गुलदार को पकड़ने की मांग की है।
टीम समेत एसडीओ मौके पर: डीएफओ
वन प्रभाग नजीबाबाद के डीएफओ आशुतोष पांडेय ने कहा कि वह अवकाश पर हैं। सूचना मिलते ही तत्काल एसडीओ राजीव कुमार और टीम को मौके पर भेजा गया है। उन्होंने ग्रामीणों को जंगल क्षेत्र व खेत पर अकेले न जाने की सलाह दी है।
15वां इंसानी शिकार
बताया गया है कि कुछ समय पहले गुलदार ने साहूवाला रेंज में घटना स्थल से कुछ दूर एक मवेशी को शिकार बनाया था। अब तक गुलदार अफजलगढ़़ ब्लाक क्षेत्र में छह लोगों की जान ले चुके हैं, जबकि बिजनौर जनपद में 15वीं जान गुलदार द्वारा ली गई है।
बास्टा क्षेत्र के ग्राम बुंदरा खुर्द में रविवार रात्रि गुलदार का तांडव
घटनास्थल गांव के बीचों बीच होने से अफरातफरी और भय का माहौल
नौ भेड़ों को मारकर एक को खा गया गुलदार
~अलीशेर बास्टा
बिजनौर। चांदपुर सर्किल अंतर्गत बास्टा क्षेत्र के ग्राम बुंदरा खुर्द में रविवार की रात्रि भेड़शाला में घुसकर गुलदार ने तांडव मचा दिया। उसने नौ भेड़ों को मौत के घाट उतार दिया जबकि एक को खा गया। घटनास्थल गांव के बीचों बीच होने से अफरातफरी और भय का माहौल है।
चांदपुर सर्किल अंतर्गत बास्टा क्षेत्र के ग्राम बुंदरा खुर्द में रविवार की रात्रि को कालू गडरिए की भेड़शाला में घुसकर गुलदार ने तांडव मचा दिया। गुलदार ने पांच बच्चों सहित नौ भेड़ों को मार डाला जबकि एक को निवाला बना लिया। बताया गया है कि गुलदार दीवार के सहारे पशु घर में पहुंचा था। घटना के बाद गांव में अफरातफरी और भय का माहौल है। ग्राम पंचायत के दोनों विद्यालयों में छोटे बच्चे जाने से घबरा रहे हैं। घटनास्थल गांव के बीचों-बीच स्थित है।
जानकारी मिलने पर आसपास के लोगों का घटना स्थल देखने के लिए तांता लग गया। वहीं वन विभाग की टीम ने जांच की और पुलिस ने भी दौरा किया। लेखपाल ने भी मौके पर पहुंच कर जांच शुरू कर दी है। पिछले कई दिनों से क्षेत्र में गुलदार देखे जाने की चर्चा तो थी, मगर किसी भी व्यक्ति पर हमला नहीं किया। क्षेत्र में यह पहली घटना है। गुलदार को गांव के जंगल में भी देखा गया था, जो अपने दो शावक के साथ घूम रहा था। लोगों का अनुमान है कि एक से ज्यादा गुलदारों ने घटना को अंजाम दिया है। भेड़ पालक ने करीब पचास हजार का नुक़सान बताया है। इससे 8 वर्ष पूर्व ग्राम बाड़ी वाला के लोकेश सैनी के मकान में गुलदार घुस गया था। उसे वन विभाग की टीम पकड़ कर अपने साथ ले गई थी। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में पिंजरा लगाने की मांग की है।
लखनऊ। प्रदेश में कार्यरत 117 निरीक्षकों को पुलिस उपाधीक्षक के पद पर पदोन्नति प्रदान की गई है।
प्रमुख सचिव, गृह ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार को उत्तर प्रदेश में निरीक्षक के पद पर तैनात 117 कर्मियों को पुलिस उपाधीक्षक के पद पर प्रोन्नत किया गया है।
पुलिस उपाधीक्षक के पद पर प्रोन्नति पाने वाले निरीक्षक सर्वश्री अतुल कुमार अग्निहोत्री, सच्चिदानन्द त्रिपाठी, राम शंकर तिवारी, सुधाकर मिश्र, संजीव कुमार त्यागी, लक्ष्मी सिंह चौहान, रवीन्द्र कुमार वर्मा, अनुज कुमार, कृष्ण मुरारी दोहरे, उदय प्रताप सिंह, आदेश कुमार, राजेश श्रीवास्तव, संजीव कुमार, जयकरन, मो० शारिक खाँ, अजय सिंह, संजय सिंह, शिव कुमार गौड़, एहतिशामुद्दीन सिद्दीकी, विवेक शर्मा, कु० अनीता चौहान, आलोक कुमार पाठक, राजवर्धन, राजीव कुमार गुप्ता, राजेश सिंह, बाबर रजा जैदी, संजय कुमार सिंह, श्याम सिंह, अवधेश कुमार सिंह, कु० सीमा जादौन, अजय प्रताप सिंह, श्रीमती अन्जू सिंह, अरूण कुमार राय, प्रद्युम्न कुमार सिंह, दीपक चतुर्वेदी, संयज कुमार जायसवाल, मुनेन्द्र पाल सिंह, प्रमोद कुमार सिंह, विजय कुमार सिंह तोमर, अजय कुमार श्रोत्रिया, पवन कुमार चौधरी, दिनेश दत्त मिश्र, संजय गुप्ता, अजय कुमार त्रिवेदी, यशपाल सिंह, अजय कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह, संजय कुमार मिश्रा, विजय कुमार सिंह, अनिल कुमार पाण्डेय, हर शरन शर्मा, पंकज लवानिया, सैयद नजमुल हुसैन नकवी, अभितोष त्रिपाठी, हर्ष कुमार शर्मा, मो० जावेद खॉ, विनोद कुमार, राम सेन सिंह, धर्मेन्द्र कुमार राय, शशि प्रकाश शर्मा, राकेश प्रताप सिंह, योगेश शाह, आदित्य प्रकाश, राजेश कुमार सिंह, मंजय सिंह, शमशेर बहादुर सिंह, अतुल कुमार सिंह, अरूण कुमार सिंह, श्रीमती सरोज पाण्डेय, अर्चना गौतम, जय सिंह, प्रमोद कुमार राय, अर्चना सिंह, मधुप कुमार सिंह, सुनील कुमार सिंह, अनिल कुमार सिंह, अंजय कुमार सिंह, प्रफुल्ल कुमार गुप्ता, श्रीमती प्रतिमा सिंह, यादवेन्द्र बहादुर पाल, मनोज कुमार शर्मा, जय राम सिंह, संजीव कुमार शर्मा, सुशील कुमार सिंह, राजाराम, राजेश कुमार श्रीवास्तव, दीपक शुक्ल, महेश कुमार गोले, प्रभात कुमार तिवारी, धर्मेन्द्र सिंह, श्रीमती आसमा माजिद, ईश्वर चन्द्र प्रधान, किरण पाल सिंह, विनोद कुमार सिंह, श्यामवीर सिंह चाहर, रूपेन्द्र कुमार गौड़, कृष्ण कुमार तिवारी, सतानन्द पाण्डेय, सरफराज अहमद, अरूण कुमार राय, मो० फाजिल सिद्दीकी, रवीन्द्र सिंह, धनंजय सिंह, अनिल कुमार वर्मा, अरूण कान्त सिंह, प्रमोद कुमार दूबे, सुरेश पाल, बृह मोहन राय, प्रदीप कुमार त्रिपाठी, संजय कुमार सिंह, अशोक कुमार सिंह, राजाराम यादव, अभय नाथ मिश्रा, होरी लाल सिंह, जगमोहन सिंह बिष्ट, राम दुलार यादव व राजवीर सिंह परिहार शामिल हैं।
बिजनौर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व विभाग प्रमुख मयंक मयूर को एक कार्यक्रम में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। जनपद और जनपद से बाहर के हजारों महिला व पुरुष कार्यक्रम स्थल काकरान वाटिका पहुंचे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व विभाग प्रमुख मयंक मयूर का दिनांक 17 अगस्त को लंबी बीमारी के उपरांत निधन हो गया था। उनकी याद में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कार्यक्रम काकरान वाटिका में किया गया। श्रद्धांजलि देने के लिए जनपद और जनपद से बाहर के हजारों महिला व पुरुष कार्यक्रम स्थल पहुंचे। सर्वप्रथम भजनों के माध्यम से भजन गायकों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। उसके बाद उन जीवन पर बनाये गये वृत चित्र के माध्यम से उनके व्यक्तित्व को दर्शाया गया।
श्रद्धांजलि देते वक्ताओं द्वारा उनके जीवन के संस्मरण सुनाते हुए वक्ताओं ने कहा कि हंसमुख, सरल निश्चल होने के साथ साथ दृढ निश्चयी, समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता, दूसरे के प्रति आदर व प्रेमभाव बिना किसी भेदभाव के रखना तथा एक दो मुलाकात में ही उसे अपना बना लेना ही उन्हें एक अलग इंसान बनाता था, जो छोटे से कार्यकर्ता को बड़ा बनाता था। संघ के कार्य को ईश्वरीय कार्य मानने वाले मयंक मयूर राष्ट्र हित को सर्वोपरी मानते हुए हमेशा संघ कार्य बढाने की सोचते रहते थे, जिसका परिणाम था कि हजारों स्वयं सेवक उनके द्वारा बनाये गये। सभी वक्ताओं का मानना था ऐसे कार्यकर्ता के रिक्त स्थान की भरपाई होना संभव नहीं है। श्रद्धाजलि देने वालों में समाज का हर वर्ग शामिल रहा। उनका व्यक्तित्व कुछ ऐसा था कि जो उनसे मिल लिया वो उनका हो जाता था। विचार रखने वालों में महामंडलेश्वर अवधूत मण्डल हरिद्वार रूपेन्द्र प्रकाश, मोहित बेनीवाल, अशोक कटारिया, जसवंत सैनी, ईश्वर दयाल क्षेत्र धर्म प्रचार प्रमुख, डा. पदम, विभाग सर संघचालक महेश, विभाग प्रचारक विनीत कौशल, जिला प्रचारक प्रिंस, वीर पाल सिंह निर्वाल जिला पंचायत मुजफ्फरनगर, चौधरी साकेन्द्र प्रताप सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष बिजनौर, राजेश कुमार पूर्व जिला प्रचारक बिजनौर, सीताराम राणा आदि शामिल रहे। श्रद्धांजलि सभा का संचालन क्रीड़ा भारती के जिला अध्यक्ष योगेन्द्र पाल सिंह योगी द्वारा किया गया
अपने आवास पर चिकित्सकों से प्रतिदिन उगाही का हिसाब लेते हैं सीएमओ: चौधरी दिगंबर सिंह
सफाई कर्मचारी कर रहे मरीजों का उपचार, लगा रहे बोतल
स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ भाकियू अराजनैतिक युवा विंग का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन
भ्रष्ट सरकारी चिकित्सक अवैध उगाही में व्यस्त: चौधरी दिगंबर सिंह
बिजनौर। भ्रष्ट सरकारी चिकित्सक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कार्य करने की जगह अवैध उगाही में व्यस्त हैं। मरीजों का उपचार सफाई कर्मचारी कर रहे हैं। सोमवार सुबह सीएमओ कार्यालय में धरना देकर बैठे भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के युवा विंग प्रदेश अध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह ने यह आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार स्वास्थ्य विभाग को दीमक की तरह चाट रहा है।
सोशल मीडिया पर धरना प्रदर्शन की जानकारी डालने के कारण बड़ी संख्या में समर्थक भी सीएमओ कार्यालय पहुंच कर चौधरी दिगंबर सिंह के कंधे के साथ कंधा मिलाकर बैठ गए। किसान संगठन के धरने के चलते सीएमओ व अन्य अधिकांश स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से गायब हो गए।
धरने को संबोधित करते हुए चौधरी दिगंबर सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार तमाम प्रयास कर रही है लेकिन जिले के सीएमओ तथा अन्य स्वास्थ्य अधिकारी भ्रष्टाचार के कारण जनपद वासियों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। जनपद भर में झोलाछापों व अल्ट्रासाउंड सेंटरों से अवैध उगाही की जा रही है। इस उगाही को करने के लिए सीएमओ ने कई चिकित्सकों को लगा रखा है। बिना रिश्वत दिए दिव्यांगों को मेडिकल सर्टिफिकेट तक नहीं मिलते। कार्यालय में बैठने की जगह सीएमओ अपने आवास पर इन चिकित्सकों को बुला कर प्रतिदिन उगाही का हिसाब लेते हैं। भ्रष्ट चिकित्सक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कार्य करने की जगह अवैध उगाही में अधिक विश्वास रखते हैं, जिस कारण जनपद में स्वास्थ्य सेवाएं बेहाल हैं। स्वास्थ्य केंद्रों पर तो दूर की बात जिला अस्पताल में भी चिकित्सक मिलने को तैयार नहीं है। हालात यह है कि मरीज का उपचार सफाई कर्मचारियों से कराया जा रहा है। इतना ही नहीं मरीज को बोतल तक सफाई कर्मचारी लगा रहे हैं। दिगंबर सिंह ने कहा कि धामपुर में होने वाली महापंचायत में बड़ा फैसला लिया जाएगा और स्वास्थ्य विभाग के साथ ईंट से ईंट बजाने का काम किया जाएगा। जब तक कमिश्नर के स्तर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक सीएमओ कार्यालय में धरना जारी रहेगा।
दिगंबर सिंह ने कहा कि उन्होंने अपनी खाट सीएमओ कार्यालय में मंगवा ली है। रात को वह मच्छरदानी लगवा कर यहीं पर सोएंगे। जब तक जनपद वासियों के साथ न्याय नहीं होता तब तक उनका दिन भी सीएमओ कार्यालय में निकलेगा और रात भी यहीं होगी। धरने पर जिला अध्यक्ष नितिन सिरोही, शिवम, अंकित निर्वाल, उदयवीर सिंह, अतुल कुमार, प्राशू, राकेश प्रधान, सोहन सिंह, याकूब, दुष्यंत राणा, विजय सिंह, महबूब व सोहित आदि मौजूद रहे।
सीएमओ का मोबाइल स्विच ऑफ
इस संबंध में सीएमओ डा विजय कुमार यादव से उनका पक्ष जानने का प्रयास कई बार किया गया, लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ था।
नहीं मिल सकता परमात्मा के ध्यान के लिए इससे अच्छा अवसर: डॉ. नरेंद्र सिंह
वृद्ध सेवा आश्रम विदुर कुटी पर लगाया योग और प्राकृतिक चिकित्सा शिविर
बिजनौर। इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन तथा योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट द्वारा वृद्ध सेवा आश्रम विदुर कुटी पर योग और प्राकृतिक चिकित्सा का शिविर लगाया गया। इस दौरान वृद्धों के लाभ को मानसिक तनाव से स्वस्थ रहने, निरोग रहने के लिए योग प्राणायाम चक्रों का जागरण एवं ध्यान कराया गया।
जिलाधिकारी बिजनौर उमेश मिश्रा के दिनांक 20 अगस्त 2023 के मौखिक आदेशानुसार वृद्ध सेवा आश्रम विदुर कुटी पर योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।
इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन इकाई जनपद बिजनौर के जिला अध्यक्ष ओपी शर्मा, उपाध्यक्ष रामनाथ सिंह, योगाचार्य प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ नरेंद्र सिंह, योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष योगेश कुमार के द्वारा प्रातः 6:00 बजे से 7:00 बजे तक वृद्ध सेवा आश्रम विदुर कुटी पर योग और प्राकृतिक चिकित्सा का शिविर लगाया गया। इसमें वृद्धों के लाभ को मानसिक तनाव से स्वस्थ रहने, निरोग रहने के लिए योग प्राणायाम चक्रों का जागरण एवं ध्यान कराया गया। स्वस्थ रहने के लिए हास्य आसान ओपी शर्मा ने कराया। उस पर प्रकाश डालते हुए डॉ. नरेंद्र सिंह ने प्राणायाम कराया। उन्होंने कहा कि हमें अच्छे कर्म करने चाहिए, जिससे आगे के लिए हमारा जीवन सफल हो, परमात्मा को अभ्यास और वैराग्य के द्वारा ही पाया जा सकता है। परमपिता परमात्मा ने आप लोगों को खाने, रहने, स्वास्थ्य की सभी सुविधाएं उपलब्ध करा रखी हैं। परमात्मा के ध्यान के लिए इससे अच्छा अवसर नहीं मिल सकता। परमात्मा के इस आशीर्वाद को स्वीकार करते हुए हमें उसका धन्यवाद करना चाहिए। हमें राष्ट्र निर्माण में और मानव के कल्याण के लिए कार्य करना चाहिए।
इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाज कल्याण अधिकारी जागेश्वर सिंह को अंग वस्त्र पहनाकर स्वागत करते हुए योग एवं नेचुरोपैथी की पुस्तक भेंट की गई। समाज कल्याण अधिकारी ने ढकिया वामन सराय एवं वृद्ध सेवा आश्रम विदुर कुटी के लिए नि:स्वार्थ भाव से नि:शुल्क किए गए कार्यों के लिए सभी योगाचार्यो को धन्यवाद दिया तथा सभी को प्रशस्ति पत्र भेंट किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इसी प्रकार समाज की सेवा करते रहेंगे।
पी0ओ0एस0 मशीन से उर्वरक की फर्जी बिक्री रोकने की कवायद
उर्वरक बिक्री में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं: जसवीर सिंह तेवतिया
बिजनौर। कृषकों को उर्वरक बिक्री में किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने कड़े निर्देश जारी किए हैं।
वर्तमान में खरीफ अभियान 2023-24 के अन्तर्गत मुख्य फसल धान में कृषकों द्वारा यूरिया की टाॅप ड्रेसिंग का कार्य तीव्र गति से किया रहा है। उर्वरक प्रदायकर्ता कम्पनियों द्वारा यूरिया, डी0ए0पी0, एन0पी0के0, एस0एस0पी0 एवं अन्य उर्वरकों की शीघ्र बिक्री/पी0ओ0एस0 सेल करने पर विक्रेताओं को इन्सेटिव देने का प्रलोभन दे रही है, जिस कारण फुटकर/थोक उर्वरक विक्रेताओं द्वारा उर्वरकों की बिना वास्तविक बिक्री के ही कृषकों की बायोमैट्रिक/अंगूठा लगवाकर पी0ओ0एस0 मशीन से फर्जी (फेक) बिक्री करने की पूर्ण सम्भावना रहती है।
जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने उक्त के क्रम में समस्त थोक/फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि कृषकों को उनके आधार कार्ड पर उनकी जोत बही/खतौनी में अंकित भूमि/रकबे के अनुसार ही पी0ओ0एस0 मशीन से उर्वरकों की बिक्री करें तथा बोरी पर अंकित/निर्धारित विक्रय दर पर ही उर्वरकों की बिक्री करें। साथ ही पी0ओ0एस0 मशीन से निकलने वाली पर्ची/रसीद कृषक को अनिवार्य रूप से अवश्य उपलब्ध करायी जाए तथा उर्वरकों की बिक्री, स्टाक एवं विक्रय रजिस्टर में भी अंकित की जाए। निरीक्षण के दौरान किसी भी उर्वरक विक्रेता द्वारा उर्वरकों की वास्तविक बिक्री न कर पी0ओ0एस0 मशीन से अनियमित रूप से बिक्री करते हुए पाया जाता है अथवा उक्त के सम्बन्ध में शिकायत प्राप्त होती है तो सम्बन्धित उर्वरक विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियन्त्रण आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत प्रभावी विधिसंगत कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जायेगी। जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने जनपद के समस्त फुटकर/थोक उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि अपने-अपने प्रतिष्ठानों पर लगे स्टाक/रेट बोर्डो पर पक्के पेंट से अधिकतम विक्रय दर अंकित कराएं तथा साथ ही यूरिया उर्वरक के साथ जबरन किसी भी प्रकार के अन्य उर्वरक/उत्पादों की टैंगिग न कि जाए, यदि किसी भी दशा में कोई उर्वरक विक्रेता अन्य उर्वरकों/उत्पादों की टैगिंग करके उर्वरक बिक्री करता पाया जायेगा, तो उसके विरूद्ध उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) नियन्त्रण आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 मे निहित प्राविधानों के अन्तर्गत विधिक कार्यवाही की जाएगी।
चांदपुर पुलिस ने झोलाछाप डॉक्टर को गिरफ्तार कर भेजा जेल
~(भुवन राजपूत)
बिजनौर। चांदपुर के अस्पताल में ऑपरेशन से हुई डिलीवरी के बाद महिला की मौत के मामले में पुलिस ने एक झोलाछाप डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में नामजद आरोपी महिला झोलाछाप चिकित्सक समेत दो फरार हैं।
चांदपुर नगर के संगम सिनेमा वाइटल हॉस्पिटल के सामने श्री राम कालोनी में बीते शुक्रवार को अवैध रूप से चल रहे अनमोल हेल्थ केयर सेंटर में ऑपरेशन से हुई डिलीवरी के बाद ग्रामीण महिला की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया था। हंगामे को लेकर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ और मृतका के पति यशवीर और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जलीलपुर के प्रभारी /नोडल अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने अवैध अस्पताल के तीन झोलाछाप फर्जी चिकित्सकों के विरुद्ध धारा 304/419/420 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था। इस मामले में पुलिस ने झोलाछाप चिकित्सक हरीश कुमार को जेल भेज दिया। इस मामले में दो आरोपी चिकित्सक पिंकी चंद्रावल और संजय फरार बताए जा रहे हैं।
गुस्साए ग्रामीणों का वन विभाग के खिलाफ धरना प्रदर्शन
गुलदार ने महिला का सिर किया धड़ से अलग
शव कब्जे में लेने के लिए पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
बिजनौर। अफजलगढ़़ थाना क्षेत्र के गांव शाहपुर जमाल के जंगल में गुलदार ने एक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला का सिर धड़ से अलग कर मौत के घाट उतार दिया। गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन पर ग्रामीणों को शांत किया जा सका। बड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। ग्रामीणों ने गुलदारों को पकड़कर जंगल में छुड़वाने की मांग की है।
रविवार की सुबह गांव शाहपुर जमाल निवासी गोमती देवी (65 वर्ष) पत्नी यशपाल सिंह गांव के ही ग्रामीणों के साथ शाहपुर जमाल के जंगल में चारा काटने के लिए गई हुई थी। अन्य ग्रामीण चारा काटकर जंगल से अपने गांव शाहपुर जमाल पहुंच गए थे, लेकिन बुजुर्ग महिला गोमती देवी अपने घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने गोमती देवी को गांव में काफी तलाश किया लेकिन नहीं मिली तो ग्रामीणों के साथ लाठी डंडे लेकर जंगल की ओर ढूंढने निकल पड़े। जैसे ही ग्रामीण गांव शाहपुर जमाल के जंगल में पहुंचे तो उन्हें ऋषिपाल सिंह के खेत पर महिला का सिर धड़ से अलग पड़ा मिला तो परिजन सहित ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष हम्बीर सिंह, सीओ भारत कुमार सोनकर, एसडीएम धामपुर मोहित कुमार ने ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली और उन्हें मदद का आश्वासन दिया। वहीं गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया कि वन विभाग के अधिकारियों को तीन घंटे पहले सूचना दी। मगर इसके बाद भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। वहीं ग्रामीणों ने बुजुर्ग महिला का शव नहीं उठाने दिया और गुलदारों से निजात दिलाने के लिए अधिकारियों से मांग पर अड़ गए। बड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। एसडीएम धामपुर मोहित कुमार, सीओ भरत कुमार सोनकर तथा थानाध्यक्ष हम्बीर सिंह ने ग्रामीणों की बात को सुना और उच्च अधिकारियों को अवगत कराने का आश्वासन दिया।
बताया गया है कि अफजलगढ़़ ब्लाक क्षेत्र में गुलदार अब तक छह लोगों की जान ले चुके हैं, जबकि बिजनौर जनपद में अब तक चौदहवी जान गुलदार द्वारा ली गई है।
एकल अभियान: थाना प्रभारी, सुरक्षाकर्मियों को बांधी राखी
थाना मंडावर में एकल अभियान द्वारा मनाया गया रक्षाबंधन का पर्व
~Mukesh Kumar, Mandawar
बिजनौर। एकल अभियान के अंतर्गत थाना मंडावर में एकल विद्यालय मंच द्वारा रक्षाबंधन महापर्व उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम में आचार्यों के द्वारा थाना प्रभारी हरीश कुमार सहित सुरक्षाकर्मियों को राखी बांधी गई। थाना प्रभारी व सिपाहियों को तिलक लगाकर मिठाई खिलाकर उनकी लंबी आयु व उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हुए सभी की कलाइयों पर राखी बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया।
अंचल अभियान प्रमुख नीरज कुमार ने एकल अभियान के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अभियान पंचमुखी शिक्षा के माध्यम से गांव में जन जागरण का कार्य करता है। एकल अभियान में आचार्यों द्वारा गांव में बच्चों को नि:शुल्क प्राथमिक शिक्षा दी जाती है। प्राथमिक शिक्षा के साथ ही संस्कार शिक्षा, स्वाभिमान जागरण शिक्षा, आरोग्य शिक्षा व ग्राम विकास के बारे में गांव में रह रहे लोगों को कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूक करने व समाज की मुख्यधारा में शामिल करने का कार्य किया जाता है। इस अवसर पर थाना प्रभारी हरीश कुमार, सुरक्षाकर्मी व पदाधिकारीगण मौजूद रहे ।
लम्बे समय से भोले भाले लोगों की जिंदगी से कर रहा खिलवाड़
बिजनौर (मुकेश कुमार)। कस्बा मंडावर में एक दबंग झोलाछाप चिकित्सक के प्रतिष्ठान पर चिकित्सा विभाग की टीम ने छापामारी की। बताया गया है कि चिकित्सक से कोई संतोष जनक जबाब न मिलने व दवाईयों का बिना जानकारी के प्रयोग करने पर चिकित्सालय व उसके पुत्र का क्लीनिक सील कर दिया गया। कार्यवाही के दौरान चिकित्सक व उसका पुत्र टीम से अभद्रता करने लगे, लेकिन पुलिस के मौके पर होने उनके मनसूबे कामयाब नहीं हो सके। कस्बा मंडावर में जगजीवन चिकित्सालय मोती झारा व टाईफाईड विशेषज्ञ डा. रजनीश राजपूत के प्रतिष्ठान पर चिकित्सा विभाग के एसीएमओ डा.अशोक विश्वकर्मा, डा.अनिल कुमार, नोड़ल अधिकारी डा. देवेन्द्र ने मंडावर पुलिस के साथ छापामारी की। झोलाछाप चिकित्सक अपने क्लीनिक व मेडिकल पर रखी प्रतिबंधित दवाई के विषय में जानकारी नहीं दे सका। इस पर टीम ने प्रतिष्ठान को सीज कर दिया। उसके बराबर में चिकित्सा का काम कर रहे झोलाछाप के भतीजे चिकित्सक के क्लीनिक को भी टीम ने सील कर दिया।
छापामार कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम व पुलिसछापामार कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम व पुलिस
बताया गया है कि झोलाछाप चिकित्सक टाईफाईड व मोतीझारे दवाईयों के नाम पर मरीजों से पैसे कमाता था। मंडावर में झोलाछाप चिकित्सक की छवि दबंग के रूप में है। वह मरीजों से मनमर्जी पैसे लेता है और कहता कि उक्त दवाई उसने स्वयं बनाई है। इसलिये वह किसी से डरता नहीं, मेरा बेटा मान्यता प्राप्त चिकित्सक है। मैं जो इलाज करता हूँ, वह कोई और नहीं कर सकता है।… लेकिन छापामारी ने उसकी अकड़ निकाल दी है।
रक्षा बंधन पर बहनों के लिए दो दिन रोडवेज बस में यात्रा फ्री
लखनऊ। यूपी सरकार ने रक्षाबंधन पर प्रदेश की महिलाओं को खास तोहफा दिया है। प्रदेश की महिलाएं यूपी रोडवेज की बसों में रक्षाबंधन के मौके पर दो दिन फ्री में यात्रा कर सकेंगी। इसी के साथ रक्षाबंधन के मौके पर योगी सरकार ने प्रदेश भर में यूपी रोडवेज की अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की है। UPSRTC के अधिकारियों ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है।
उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में रक्षा बंधन से एक दिन पहले यानि 29 अगस्त से रोडवेज बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे। इसी के साथ अतिरिक्त बसों को भी चलाया जाएगा। ऐसा इसलिए किया है जिससे कि महिलाओं को रक्षाबंधन त्योहार में आने जाने में किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो। महिलाएं बिना किसी परेशानी के भाइयों के पास तक रक्षाबंधन मनाने पहुंच सकें। इसको लेकर यूपी रोडवेज ने सभी जिलों में पूरी तैयारी कर ली है। त्योहार दो दिन 30 व 31 अगस्त को मनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। पहले यूपी सरकार की ओर से एक दिन के लिए यूपी रोडवेज बस में महिलाओं को रक्षा बंधन पर फ्री में यात्रा करने की सुविधा दी गई थी। वर्ष 2022 में यूपी में 22 लाख महिलाओं ने रक्षाबंधन पर फ्री में बसों से यात्राएं की थीं। इस साल इनकी संख्या अधिक हो सकती है।उससे पहले साल 2017 व 2018 में 11-11 लाख महिलाओं ने रक्षाबंधन पर यूपी रोडवेज बस की फ्री सुविधा का लाभ उठाया था। योगी सरकार साल 2017 से रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए फ्री में बस सुविधा का लाभ दे रही है।
बुजुर्ग माता-पिता पर अत्याचार किया तो संपत्ति से होंगे बेदखल
नियमावली में संशोधन पर सरकार कर रही विचार
लखनऊ (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश में अब बूढ़े माता-पिता या वरिष्ठ नागरिकों पर अत्याचार करने पर वारिस उनकी संपत्ति से बेदखल किए जा सकते हैं। इसके लिए प्रदेश सरकार माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण पोषण तथा कल्याण नियमावली-2014 में संशोधन करने पर विचार कर रही है। इस बारे में समाज कल्याण विभाग की ओर से मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुतिकरण दिया गया प्रदेश सरकार प्रस्तावित संशोधनों पर महाधिवक्ता की सलाह लेकर आगे बढ़ेगी। उत्तर प्रदेश में केंद्र सरकार के माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 को स्वीकार करते हुए वर्ष 2014 में नियमावली लागू की गई। राज्य सप्तम् विधि आयोग ने इस नियमावली में संशोधन की सिफारिश की है। आयोग का मानना है कि यह नियमावली, केंद्रीय अधिनियम के उद्देश्यों को हासिल करने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हो रही है। अभी नियमावली के तहत बुजुर्गों का ध्यान न रखने पर प्रतिमाह अधिकतम 10 हजार रुपए भरण-पोषण भत्ता देने या एक माह की सजा का प्रावधान है।
बुढ़ापे में अगर बेटे, बहू या संतान करे प्रताड़ित तो कानून में इसका भी उपाय अगर बुढ़ापे में बेटे, बेटी या परिजन देखभाल नहीं करें तो उन्हें घर से बेदखल कर सकते हैं बुजुर्ग मैंटिनेंस ऐंड वेल्फेयर ऑफ पैरेंट्स ऐंड सीनियर सिटिजंस ऐक्ट, 2007 बुजुर्गों के लिए है बड़ा कानूनी ढाल
इसलिए सप्तम विधि आयोग ने नियमावली के नियम-22 में तीन उप धाराएं जोड़ने की सिफारिश की है। इसमें वरिष्ठ नागरिकों का ध्यान न रखने पर बच्चों या नातेदारों को उस संपत्ति से बेदखल करने के प्रावधान की बात की गई है, जिस पर वरिष्ठ नागरिकों का कानूनी अधिकार हो। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित संशोधन के लिए कैबिनेट की मंजूरी आवश्यक होगी।
बेदखली के लिए प्रस्तावित संशोधन
वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं की सुनवाई के लिए हर तहसील में एसडीएम की अध्यक्षता में अधिकरण और जिले में डीएम की अध्यक्षता में अपील अधिकरण है।
प्रस्तावित संशोधनों में कहा गया है कि वरिष्ठ नागरिक अपनी संपत्ति से किसी की बेदखली के लिए अधिकरण को आवेदन दे सकते हैं। अगर वरिष्ठ नागरिक स्वयं आवेदन करने में असमर्थ हैं तो कोई संस्था भी उनकी ओर से ऐसा आवेदन दाखिल कर सकती है।
-तथ्यों से संतुष्ट होने पर अधिकरण बेदखली का आदेश कर सकता है। संबंधित पक्ष को तीन दिन के भीतर वरिष्ठ नागरिक की संपत्ति से बेदखली के आदेश का पालन करना होगा।
-ऐसा न किए जाने पर पुलिस की मदद से संपत्ति से बेदखल करने की प्रक्रिया पूरी कर संपत्ति वरिष्ठ नागरिक को सौंप दी जाएगी।
-अधिकरण के आदेश के खिलाफ वरिष्ठ नागरिक अपील अधिकरण में 60 दिन के भीतर अपील भी कर सकता है।
मैंटिनेंस ऐंड वेल्फेयर ऑफ पैरेंट्स ऐंड सीनियर सिटिजंस ऐक्ट, 2007 एक कानूनी ढाल
बुढ़ापे में मां-बाप को परेशानी न हो, गरिमा के साथ जीवन का उनका अधिकार सुनिश्चित हो इसके लिए 2007 में एक महत्वपूर्ण कानून बना था- मैंटिनेंस ऐंड वेल्फेयर ऑफ पैरेंट्स ऐंड सीनियर सिटिजंस ऐक्ट, 2007। इस कानून में बच्चों/रिश्तेदारों के लिए माता-पिता/वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल करना, उनकी सेहत का ध्यान रखना, रहने-खाने जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करना अनिवार्य है। मैंटिनेंस ऐंड वेल्फेयर ऑफ पैरेंट्स ऐंड सीनियर सिटिजंस ऐक्ट, 2007 में ये भी प्रावधान है कि अगर किसी बुजुर्ग ने अपनी जायदाद को बच्चों या रिश्तेदारों के नाम किया है, गिफ्ट के तौर पर या किसी भी अन्य वैध तरीके से तो जिनके नाम संपत्ति की गई है, उनकी जिम्मेदारी है कि वे बुजुर्ग की बुनियादी जरूरतों का खयाल रखें। वे इस जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो प्रॉपर्टी ट्रांसफर भी रद्द हो सकता है। प्रॉपर्टी ट्रांसफर रद्द होने का मतलब है कि संपत्ति फिर से बुजुर्ग के नाम हो जाएगी। उसके बाद अगर वह चाहे तो बेटे, बेटियों को अपनी संपत्ति से बेदखल भी कर सकते हैं। बुजुर्गों के लिए कानून का ये प्रावधान बहुत ही राहत वाला है।
कानून के मुताबिक, वे माता-पिता जो अपनी आय या संपत्ति के जरिए खुद की देखभाल करने में सक्षम नहीं हैं और उनके बच्चे या रिश्तेदार उनका ध्यान नहीं रख रहे तो वे भरण-पोषण का दावा कर सकते हैं। उन्हें प्रति महीने 10 हजार रुपए तक का गुजारा-भत्ता मिल सकता है। गुजारे-भत्ते की रकम केस के आधार पर तय होगा और ट्राइब्यूनल या जज के विवेक पर निर्भर करेगा। भरण-पोषण के आदेश का 30 दिनों के भीतर पालन करना अनिवार्य है। 60 वर्ष से ऊपर के ऐसे शख्स जिनकी कोई संतान न हो, और उनके रिश्तेदार/ संपत्ति के वारिस उनकी देखभाल नहीं कर रहे हों तो ऐसे बुजुर्ग भी भरण-पोषण का दावा कर सकते हैं। ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए मैंटिनेंस ट्राइब्यूनल और अपीलेट ट्राइब्यूनल की व्यवस्था की गई है। ज्यादातर जिलों में ये ट्राइब्यूनल हैं। बुजुर्ग से शिकायत मिलने के बाद ट्राइब्यूनल को 90 दिनों के भीतर यानी 3 महीने के भीतर उस पर फैसला सुनाना होता है ताकि मामला लंबा न खिंचे।
इसके अलावा सीआरपीसी 1973 की धारा 125 (1) (डी) और हिंदू अडॉप्शन ऐंड मैंटिनेंस ऐक्ट 1956 की धारा 20 (1 और 3) के तहत भी मां-बाप अपनी संतान से भरण-पोषण के अधिकारी हैं।
इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन ने किया भंडारे का आयोजन
बिजनौर। इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन इकाई जनपद बिजनौर के संरक्षक देवेंद्र चौहान व उनकी पत्नी तारेश्वरी देवी द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया। शिव मंदिर देवलोक कॉलोनी में आयोजित भंडारे सैकड़ों में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ नरेंद्र सिंह, जिला अध्यक्ष ओपी शर्मा ने प्रसाद वितरण किया। अभी हाल ही में जनपद बिजनौर को उत्तर प्रदेश में योग और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में कार्य करने के लिए मेरठ में सम्मानित किया गया था। इस उपलक्ष्य में संरक्षक देवेंद्र चौहान ने भंडारे का आयोजन किया।
अनाउंसमेंट कराकर ग्रामीणों को खेतों पर अकेले न जाने की हिदायत
नगर के करीब गुलदार ने किया दिनदहाड़े बछड़े का शिकार
गुलदार पकड़ने को वन विभाग ने लगाया पिंजरा
बिजनौर। गुलदार की चहल कदमी से परेशान ग्रामीणों की गुहार पर वन विभाग ने अफजलगढ़ क्षेत्र में पिंजरा लगवा दिया है। इसी के साथ पुलिस ने अनाउंसमेंट कराकर ग्रामीणों को खेतों पर चारे आदि के लिये अकेले न जाने की हिदायत दी है।
अफजलगढ़ कोतवाली क्षेत्र के गांव कादराबाद निवासी ग्रामीण राजे सिंह, रवि प्रकाश, राकेश नेगी, रामनाथ सिंह, अमर सिंह व ग्राम प्रधान कैलाशचंद चौधरी आदि का कहना है कि कई माह से गुलदार ने गन्ने के खेतों में डेरा जमा रखा है। गुलदार आएदिन पालतू पशुओं को निवाला बना रहा है। रात में सड़क पर डाक बंगले के आसपास विजयनगर व चंडिका मार्ग पर चहलकदमी करता दिखाई देता है, जिससे लोगों में भय वयाप्त है। ग्रामीण चारे आदि की व्यवस्था के लिये भी खेतों में जाने से डर रहे हैं। अब ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिये पिंजरा लगवाया है। वन दरोगा सुनील राजौरा ने बताया कि गांव प्रेमपुरी में सप्ताह भर पूर्व पिंजरा लगवाया गया था जिसमे गुलदार न आने पर ग्रामीणों की मांग के चलते कादराबाद में पिंजरा लगवाया गया है। पिंजरे को झाड़ियों व पेड़ पौधों से ढक कर उसमें रात को कुत्ता बांध कर गुलदार को पकड़ने का प्रयास किया जायेगा। वहीं पुलिस के माध्यम से अनाउंसमेंट करा कर ग्रामीणों को खेतों में अकेले न जाने की हिदायत दी गई है।
दिन दहाड़े बछड़े का शिकार
दूसरी तरफ अफजलगढ़ नगर में स्थित फैजी कॉलोनी के नजदीक हसन अहमद की पशुशाला में गुलदार ने बछड़े को अपना निवाला बना लिया। लोगों ने वन विभाग से पिंजरे लगाकर गुलदार को पकड़वाने की मांग की है। मोहल्ला मियांजी मौखा निवासी हसन अहमद की पशुशाला फैजी कॉलोनी के समीप है। पशुशाला के नजदीक गाय और बछडा चारा चर रहे थे। शुक्रवार की दोपहर गुलदार ने अचानक झाड़ियों में से निकलकर बछड़े को अपना निवाला बना डाला। पीड़ित हसन अहमद ने 112 पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे कस्बा इंचार्ज गोपाल सिंह ने घटना की जानकारी ली। नगरवासी हसन अहमद, इरफान अहमद, सुल्तान तथा इकबाल अहमद आदि ने बताया कि फैजी कॉलोनी के आसपास गुलदार रोज दिखाई दे रहा है। एक बछड़े पर हमला कर उसे निवाला बना लिया है जिससे नगरवासियों में भय व्याप्त होने लगा है। नगरवासियों ने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है। उधर वन विभाग दरोगा सुनील राजौरा का कहना है कि गुलदार को पकड़ने के लिए शीघ्र ही पिंजरा लगाया जायेगा।
लड़का पैदा होने की सूचना देकर लिया ईनाम, दी गई लड़की
हंगामे पर पहुंची पुलिस, डॉक्टर फरार, अस्पताल सील
झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से जच्चा की मौत
बिजनौर (भुवन राजपूत)। चाँदपुर थाना क्षेत्र के अनमोल हेल्थ केयर अस्पताल में डॉक्टर की लापरवाही से जच्चा की मौत हो गई। परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि लड़का पैदा होने की सूचना दी गई, ईनाम भी ले लिया और दी गई लड़की। फिलहाल हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है। वहीं अस्पताल सील कर दिया गया है। डॉक्टर फरार हो गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार चाँदपुर नगर के सरगम सिनेमा, वाइटल हॉस्पिटल के सामने श्री राम कॉलोनी गली नंबर 2 मे स्थित अनमोल हेल्थ केयर नामक हॉस्पिटल में डिलीवरी के लिए आई महिला की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। गांव लदुपूरा निवासी महिला ओमवती पत्नी जसवीर सिंह के परिजनों का कहना है कि डॉक्टर ने लापरवाही बरती है, जिससे जच्चा की मौत हो गई। डॉक्टर ने ऑपरेशन के बाद लड़का होना बताया था, जिसका ईनाम भी लिया गया था, लेकिन परिजनों को लड़की दी गई। जच्चा के ऑपरेशन के बाद ही नाक से खून निकलने की बात भी कही गई है। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जाँच पड़ताल की कार्यवाही शुरू कर दी है। डॉक्टर मौके से फरार हो गया है। अस्पताल को सील कर दिया गया है।
मेडिकल स्टोर के लाइसेंस पर चल रहे अस्पताल
बताया गया है कि ऐसे डॉक्टरों की नगर में कमी नहीं है, जो कि मेडिकल की दुकान के लाइसेंस पर अस्पताल चला रहे हैं। इस वजह से आएदिन इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। ये भी एक जाँच का विषय है। स्वास्थ्य विभाग को इस ओर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी को पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने भेंट किया डाक टिकटों का प्रथम सेट
भारतीय डाक विभाग ने जी-20 कल्चर मिनिस्टर्स मीटिंग के दौरान ‘संस्कृति कार्य समूह’ पर जारी किया डाक टिकट
वाराणसी। भारत की अध्यक्षता में जी-20 के आयोजन के क्रम में भारतीय डाक विभाग ने ‘संस्कृति कार्य समूह’ पर एक डाक टिकट जारी किया। वाराणसी में जी- 20 कल्चर मिनिस्टर्स मीटिंग के दौरान इसे जारी किया गया। वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी को डाक टिकटों का प्रथम सेट भेंट किया। केन्द्रीय संस्कृति एवं संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय विदेश एवं संस्कृति राज्य मंत्री श्रीमती मीनाक्षी लेखी, संस्कृति मंत्रालय के सचिव गोविन्द मोहन, पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक किशोर के. बासा सहित विभिन्न देशों के संस्कृति मंत्री और प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में यह डाक टिकट जारी हुआ।
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने डाक विभाग द्वारा जारी डाक टिकट की सराहना करते हुए कहा कि डाक टिकट किसी भी राष्ट्र की संस्कृति और विरासत को अन्य देशों से जोड़कर सांस्कृतिक आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान करता है और सांस्कृतिक संदर्भ स्थापित करता है। एक प्रतिष्ठित सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में संस्कृति कार्य समूह पर जारी यह डाक टिकट हमारी सांस्कृतिक भावना को मजबूत करने के साथ वैश्विक संबंधों को एक डोर में बाँधने का प्रयास है। काशी में बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत व काशी की कला-संस्कृति और विरासत को विश्व पटल पर वृहद् पहचान दिलाने का प्रयास है।
पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि यह कस्टमाइज़्ड माई स्टैम्प,अपने सुविचारित – सुरुचिपूर्ण डिजाइन और प्रतीकात्मकता के माध्यम से सहयोग और परस्पर सम्मान की भावना को बढ़ाने की दिशा में संस्कृति के महत्त्व को रेखांकित करता है। ‘सकल एकता की सूत्र है संस्कृति’ (‘कल्चर यूनाइट्स आल’) थीम पर आधारित इस माई स्टैंप की 5 हजार शीट्स मुद्रित की गयीं हैं, जिनमें 60 हजार डाक टिकट उपलब्ध हैं।
पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि ‘कल्चर यूनाइट्स आल’ माई स्टैम्प को एक विशिष्ट प्रतीक के रूप में तैयार किया गया है। इसमें बायीं ओर टेराकोटा पृष्ठभूमि में सफेद रंग में वर्ली कला की मूर्तियाँ हैं, जिसमें एक वृत्त में हाथ मिलाती हुई मुद्रा में संयुक्त आकृतियाँ हैं, जो शक्ति और अंतर्संयोजनात्मकता का संकेत देती हैं। दाईं ओर, नीले रंग की वृत्ताकार पृष्ठिभूमि पर सफेद रंग का भंवर चक्र अंकित है, जो रिड्यूस, रियूज और रिसाइकिल की पारिस्थितिक केन्द्रित अवधारणा को दर्शाता है। वस्तुत: यह डिज़ाइन सभी के लिए स्वच्छ और हरित भविष्य हेतु ‘जीवन के लिए संस्कृति’ (पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली) के विचार को प्रदर्शित करता है।
गौरतलब है कि जी-20 संस्कृति कार्य समूह की वाराणसी में आयोजित चौथी बैठक में जी-20 के साथ ही नौ आमंत्रित देशों के साथ विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के 170 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसका लक्ष्य नीति-निर्माण के केंद्र में संस्कृति को रखकर कारगर परिणाम प्राप्त करना है। इसमें संस्कृतियों के माध्यम से एकजुटता का सन्देश देने के क्रम में विशेष डाक टिकट जारी किया गया। इस बैठक में सांस्कृतिक सम्पदा का संरक्षण व पुनर्स्थापना, सतत भविष्य को मौजूदा विरासत का उपयोग, सांस्कृतिक गठजोड़ से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना, संस्कृति को सहेजने में डिजिटल तकनीक का लाभ इत्यादि विषयों पर मंथन हुआ।
स्टूडेंट संग ‘ताल से ताल’ मिलाते दिखे सरकारी स्कूल के मास्टर जी, लोग बोले- पक्का DElEd करके टीचर बने हैं Teacher Ka Dance: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें पुरुष शिक्षक बच्चियों को डांस सिखाते नजर आ रहा है। टीचर के साथ छात्राएं फेमस बॉलीवुड गाने ‘ताल से ताल मिला’ पर खूबसूरती से थिरकती नजर आईं।
स्कूल में पढ़ाई-लिखाई के साथ दूसरे एक्टिविटी भी कराए जाते हैं। प्राइवेट स्कूलों में डांस, म्यूजिक, स्विमिंग सहित कई अलग-अलग एक्टिविटी के लिए अलग से टीचर्स होते हैं। लेकिन, सरकारी विद्यालय में ऐसी सुविधाएं नहीं होती हैं। यहां बच्चों की पढ़ाई ही ढंग से हो जाए यही बहुत है, क्योंकि शिक्षक खुद लापरवाह होते हैं। बहुत कम स्कूल का हाल अच्छा होता है। सोशल मीडिया एक वीडियो वायरल हो रहा जिसमें सरकारी स्कूल की छात्राओं को टीचर फेमस बॉलीवुड गाने ‘ताल से ताल मिला’ पर डांस सिखाते नजर आ रहा है। इससे पहले गुड-टच और बैड बैड-टच सिखाती एक शिक्षिका का वीडियो सामने आया था, जिसकी लोगों ने खूब सराहना की थी।
ट्विटर पर वायरल क्लिप को प्रिया सिंह (@priyarajputlive) नाम के अकाउंट से पोस्ट किया गया है। कैप्शन में लिखा है- कमाल की वीडियो है। सरकारी स्कूलों के शिक्षक अगर ठान ले तो तस्वीर बदल सकती है। इस टीचर को देखिए, कैसे बच्चों को फुल एनर्जी में डांस सिखा रहे हैं। 24 अगस्त को शेयर किए गए इस 58 सेकंड के क्लिप को देखकर आपके यकीनन खुश हो जाएंगे। इसमें देखा जा सकता है कि कैसे पूरे जोश के साथ टीचर, बच्चियों को एक-एक स्टेप सिखा रहा है। छात्राएं भी मन लगाकर कला को सीख रही हैं।
ऊंचाहार रायबरेली के इस वीडियो को सोशल प्लेटफॉर्म पर खूब पसंद किया जा रहा है। खबर लिखे जाने तक इसे 15 हजार से ज्यादा व्यूज मिले हैं। वहीं, यूजर्स कमेंट कर अपने रिएक्शन दे रहे हैं। एक ने लिखा- यह मास्टर साहब पक्का डीएलएड करके शिक्षक बने हैं, क्योंकि DElEd में यह सब सिखाया जाता है। यह भी शिक्षण अधिगम की एक विधि है। दूसरे ने कमेंट किया- गजब कॉपी पेस्ट। वहीं, एक अन्य यूजर ने कहा- कमाल की वीडियो। खैर, कोई कुछ भी कहे लेकिन सरकारी स्कूलों का ऐसा वीडियो देखकर खुशी होती है। इस बारे में आप क्या सोचते हैं? कमेंट कर हमें अपने रिएक्शन बताएं।
प्रिया सिंह के बारे में प्रिया सिंह डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर प्रिया सिंह पिछले 3 साल से पत्रकारिता में अपना वर्चस्व बनाई हुई हैं। उन्होंने ग्रेजुएशन के बाद अपने करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से की। इसके बाद इंडिया टीवी में काम किया। बतौर कंटेंट राइटर प्रिया को लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट बीट की अच्छी समझ है। किताबें पढ़ना, म्यूजिक और गार्डनिंग उनकी हॉबी है।
सविता समाज युवा संस्थान के पूर्व अध्यक्ष अनूप वर्मा की पुण्यतिथि मनाई गई
सुंदरकांड में बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
लखनऊ। सविता समाज युवा संस्थान के संस्थापक एवं अध्यक्ष रहे अनूप वर्मा की तीसरी पुण्यतिथि पर जननायक कर्पूरी ठाकुर पार्क अलीगंज में सुंदरकांड का आयोजन किया गया। इस अवसर सविता समाज युवा संस्थान की वर्तमान अध्यक्षा राधा रानी वर्मा ने बताया कि यह आयोजन पिछले तीन वर्षों से हमारे कर्मठ साथी अनूप वर्मा जी की पुण्य स्मृति में किया जाता है।आज इस मौके पर सुंदरकांड पाठ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
इस अवसर पर संरक्षक शिवदत्त वर्मा ने बताया कि हमारे सविता समाज के गौरव जननायक कर्पूरी ठाकुर की मूर्ति की स्थापना इस पार्क में की गई है। हर वर्ष उनकी स्मृति में 24 जनवरी को भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज द्वारा किया जाता है। हमारे समाज की यह मांग है कि इस पार्क का सुन्दरीकरण और जीर्णउद्धार सरकार द्वारा कराया जाए, मूर्ति पर छतरी लगे और जाली को ठीक करवाया जाए। पार्क की प्रकाश व्यवस्था भी ठीक नहीं है, उसमें भी समुचित सुधार करवाया जाए।
इस मौके पर सविता समाज के उपाध्यक्ष पंकज वर्मा, प्रभात वर्मा, महासचिव बुद्ध प्रकाश, विजय वर्मा मोनू, सचिव राम सुमिरन, कोषाध्यक्ष प्रमोद कुमार, संगठन मंत्री कौशल किशोर, अभिजीत वर्मा, महामंत्री रंजन, शिवकुमार, प्रचार मंत्री गुलाब शर्मा, अरविंद शर्मा, विधि सलाहकार एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद, घनश्याम शर्मा एम.डब्ल्यू.ओ. प्रान्तीय अध्यक्ष-अमेठी, अरविंद प्रसाद सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और सहयोगी साथी उपस्थित रहे।
राखी के धागों की अहमियत बरकरार, डाकघरों से देश के साथ-साथ विदेशों में भी भाईयों के लिए बहनें भेज रही राखियाँ
वाराणसी परिक्षेत्र के डाकघरों से देश-विदेश में भेजी गईं 75 हजार राखियाँ – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव
विदेशों में भी राखी का क्रेज : डाकघरों द्वारा अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर, खाड़ी देशों सहित तमाम देशों में भेजी जा रही राखियाँ
वाराणसी। रेशम के धागों ने सोशल मीडिया पर चल रही वर्चुअल राखियों को बौना साबित कर दिया है। वाट्सएप, फेसबुक, स्काइप, टेलीग्राम जैसे बड़े सोशल प्लेटफॉर्म को छोडकर बहनें, भाईयों की कलाइयाँ सजाने के लिए डाक से रंग-बिरंगी राखियाँ भेजना पसंद कर रही हैं । डाक विभाग भी इसके लिए मुस्तैद है और तमाम तैयारियाँ किए हुए है।
वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र से अब तक 75 हजार से ज्यादा राखियाँ विभिन्न डाकघरों से देश-विदेश में भेजी गईं। रक्षाबंधन के दिन भी डाक वितरण के विशेष प्रबंध किए गए हैं, ताकि किसी भाई की कलाई सूनी न रहे।
राखी का क्रेज देश से बाहर विदेशों में भी खूब है। पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि वाराणसी से विदेशों के लिए भी स्पीड पोस्ट और रजिस्टर्ड डाक द्वारा राखियाँ भेजी जा रही हैं। लगभग 800 राखियाँ वाराणसी के डाकघरों द्वारा विदेशों के लिए बुक की गईं। इनमें ज्यादातर राखियाँ संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, जर्मनी, सऊदी अरब, फ़्रांस, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, कनाडा, ओमान इत्यादि देशों में भेजी गई हैं। वहीं विदेशों में रह रही बहनें भी वाराणसी में अपने भाईयों को राखी भेज रही हैं, जो डाक विभाग के माध्यम से तुरंत वितरित हो रही हैं। विदेशों में राखियाँ भेजने के लिए बहनें पहले से ही तैयारी करने लगती हैं, ताकि सही समय पर भाईयों को राखी पहुँच जाये और उनकी कलाई सूनी न रहे।
पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग ने राखी डाक की बुकिंग के साथ-साथ स्पेशल सॉर्टिंग और इनके त्वरित वितरण हेतु डाकघरों से लेकर रेलवे मेल सर्विस और नेशनल सॉर्टिंग हब तक में विशेष प्रबंध किये गए हैं। चिट्ठियों के माध्यम से खुशियां बिखेरते रहने वाले डाक विभाग ने रिश्तों के इस त्योहार को भी एक नया आयाम दिया है।
बिजनौर। नजीबाबाद पुलिस ने फाइनेंस कंपनी के एजेंट से एक लाख रुपए की लूट का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटी गई नगदी, मोबाइल, तमंचा और लूट में प्रयुक्त बाइक बरामद करने का दावा किया है।
21 अगस्त की शाम नजीबाबाद तहसील के गढ़मलपुर नहर क्षेत्र में सुभाष नगर स्थित फ्यूजन फाइनेंस कंपनी के एजेंट मनीष कुमार से एक लाख रुपए से अधिक की नगदी और मोबाइल लूट की वारदात को बाइक सवार तीन युवकों ने अंजाम दिया था। सूचना मिलते ही एसपी नीरज जादौन और एएसपी सिटी डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने घटनास्थल का दौरा किया।
बताया गया है कि इस मामले में पुलिस ने कुंजेटा बढ़ापुर के मोहित, ब्राह्मणवाला नगीना देहात के अभिषेक व पुरनपुर देहात के ललित उर्फ लक्की को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से लूटे गए एक लाख 960 रुपए नगद, मोबाइल, लूट में प्रयुक्त बाइक, तमंचा व दो कारतूस बरामद किए गए हैं। पूछताछ में तीनों ने फाइनेंस कंपनी के एजेंट की रेकी कर लूट की घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। सीओ गजेंद्र पाल सिंह, थाना प्रभारी राधेश्याम, अपराध निरीक्षक राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में बदमाशों को गिरफ्तार करने वाली टीम में एसआई रामवीर शर्मा, मनीष कुमार, सर्वेश, स्वॉट टीम प्रभारी शौकत अली शामिल रहे।
सिविल लाइंस पेट्रोल पंप, महावीर स्कूल और इसके बाहर दुकानों का हाल
बिजनौर। जिला मुख्यालय पर बरसात में सड़कों गलियों में नाव चलाने की तैयारी है। कम से कम हालात देख कर तो ऐसा ही लगता है। दरअसल भारी बारिश ने बिजनौर नगर पालिका परिषद की सफाई व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है।
भारी बारिश के चलते जिला मुख्यालय की हालत दयनीय हो गई है। जगह जगह जलभराव से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। लोगों के घरों और दुकानों में पानी भरने से जहां सामान खराब हुआ वहीं सड़कों गलियों के गड्ढों में गिरकर राहगीर और वाहन सवार घायल भी हुए। वर्षा ने नगर पालिका परिषद के नाला सफाई अभियान की भी पोल खोल कर रख दी। बरसात का पानी नालों से बाहर निकलकर सड़कों पर बहने लगा। नगर में कई स्थानों पर सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। मुख्य सड़कों, गलियों में पानी एकत्र होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सिविल लाइंस में नीलकमल रोड
बारिश का पानी लोगों के घरों और दुकानों में भरने से जहां सामान खराब हुआ वहीं सड़कों गलियों के गड्ढों में गिरकर राहगीर और वाहन सवार घायल भी हुए।पालिका परिषद की ओर से इस बार नालों की सफाई का काम भी अब तक भी पूरा नहीं किया जा सका है। नालों की सफाई के कार्य में मुट्ठी भर सफाई कर्मचारी लगाए गए। कुल मिला कर बारिश से पालिका के नाला सफाई अभियान की पोल खुल गई है और अभी बारिश बाकी है। पालिका के अधिशासी अधिकारी ने बताया कि पालिका की ओर से नाला सफाई का काम तेजी से कराया जा रहा है।
जनता का जीना हुआ दुश्वार
बारिश रुकने के बाद सड़कों गलियों पर एकत्र पानी धीरे धीरे निकल तो जाता है, लेकिन कूड़ा करकट छोड़ जाता है जो जनता के लिए मुसीबत का सबब बनता है। वहीं इससे उठने वाली दुर्गंध जीना दुश्वार कर देती है।
स्वामी अंश चैतन्य महाराज ने की बिजनौर पुलिस की प्रशंसा
सीओ नजीबाबाद गजेंद्र पाल सिंह
बिजनौर। आम जनमानस में अपनी छवि के बिल्कुल विपरीत बिजनौर पुलिस ने बेहतरीन और अनुकरणीय कार्य किया है। इसके लिए न सिर्फ पुलिस कप्तान नीरज जादौन की कुशल नेतृत्व क्षमता प्रमाण है बल्कि सहयोगी और अधीनस्थ स्टाफ की कार्यशैली परिणाम। यह कहना है स्वामी अंश चैतन्य महाराज का…
स्वामी अंश चैतन्य महाराज
हिंदू युवा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेशाध्यक्ष संत सुरक्षा मिशन, संचालक एवं संस्थापक मां कामाख्या शक्ति पीठ महात्मा विदुर कुटी धाम जनपद बिजनौर तथा पूर्व लोकसभा प्रत्याशी बिजनौर स्वामी अंश चैतन्य महाराज ने बिजनौर पुलिस की प्रशंसा की है। उन्होंने बताया कि श्रावण मास में तीर्थ नगरी हरिद्वार से कांवड़ लेकर आने वालों की सुरक्षा को लेकर बिजनौर पुलिस बेहद संजीदा होकर सेवा कार्य में लगी है। आपबीती बताते हुए कहा कि उनका छोटा भाई सचिन कांवड़ लेने हरिद्वार गया था। वहां से मुरादाबाद आते समय स्वयंभू मोटा महादेव के नाम से प्रसिद्ध भगवान भोलेनाथ के मंदिर के समीप उसकी तबीयत खराब हो गई। जानकारी मिलने पर उन्होंने सहयोग के लिए मोबाइल फोन से एसएचओ व अन्य कई से संपर्क करने का प्रयास किया। दुर्भाग्य से किसी से भी संपर्क नहीं हो सका। इस पर उन्होंने सीओ नजीबाबाद गजेंद्र पाल सिंह को कॉल की। सौभाग्य रहा कि बात हो गई और उनके सहयोग से उनके भाई को जीवनदान मिल गया। सीओ नजीबाबाद ने उनके भाई के प्राथमिक उपचार के साथ ही उसे घर तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की। स्वामी जी ने कहा कि बिजनौर पुलिस की प्रशंसा करते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश के डीजीपी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को ट्वीट भी किया है। यहां की पुलिस के सेवाभाव से अन्य को भी प्रेरणा लेना चाहिए।
दादा की संपत्ति पर पोते का कितना है अधिकार? grandfathers property: दादा को विरासत में मिली संपत्ति पर जन्म के बाद से ही पूरा अधिकार होता है। विरासत में मिली संपत्ति में पुश्तैनी जमीन, पुश्तैनी मकान, पुश्तैनी चल संपति आदि भी शामिल है।
नई दिल्ली (एजेंसियां)। भारत में पूर्वजों की संपत्ति (Property) का बंटवारा एक बहुत जटिल प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया में देश के लाखों लोग सालों साल मुकदमेबाजी का सामना करते रहते हैं और अपना कीमती समय बर्बाद करते हैं। इस हिसाब से जरूरी है कि आपको कुछ बातों की जानकारी होनी चाहिए। अगर बात दादा की संपत्ति पर पोते के हक की करें तो पोते या पोती का दादा को विरासत में मिली संपत्ति पर जन्म के बाद से ही पूरा अधिकार होता है। इसमें पोते/पोती के पिता या दादा की मृत्यु से कोई संबंध नहीं है। कोई पोता-पोती अपने जन्म के साथ ही अपने दादा की संपत्ति में हिस्सेदार हो जाता है।
दादा की पैतृक संपत्ति
ऐसी संपत्ति जो किसी पिता द्वारा अपने पिता, दादा या परदादा आदि से विरासत में मिली है, पैतृक संपत्ति कही जाती है। पैतृक या पुश्तैनी संपत्ति में हिस्सेदारी का अधिकार जन्म से ही हो जाता है, जो विरासत के अन्य तरीके से अलग होता है। संपत्ति के अधिकार के अन्य तरीके में वारिस का अधिकार प्रॉपर्टी मालिक की मृत्यु होने के बाद खुलता है।
पैतृक संपत्ति में अधिकार
पैतृक या पुश्तैनी संपत्ति में अधिकार प्रति भूभाग के आधार पर निर्धारित किया जाता है, प्रति व्यक्ति नहीं। इसलिए हर पीढ़ी का हिस्सा पहले निर्धारित किया जाता है और बाद में अगली पीढ़ी के लिए उस हिस्से का उप-विभाजन किया जाता है जो उनके पूर्ववर्तियों द्वारा विरासत में मिली है।
नाती-पोते का हक़
पैतृक संपत्ति में नाती-पोते की समान हिस्सेदारी होती है। अगर कोई पोता दादा के नाती को संपत्ति में हिस्सा देने से मना करता है तो नाती अंतरिम राहत के लिए याचिका के साथ घोषणा और विभाजन के लिए एक दीवानी मामला दर्ज कर सकता है। कानून में दिए गए अधिकारों से किसी को वंचित नहीं किया जा सकता।
दादा की खुद कमाई गई संपत्ति पर
एक पोते का अपने दादाजी की खुद कमाई गई संपत्ति पर जन्मसिद्ध अधिकार नहीं है। यदि वह संपत्ति पोते के पिता को परिवार के विभाजन के समय कानूनी उत्तराधिकारी के रूप में आवंटित कर दी गयी हो, तब उस पर पोते का अधिकार बनेगा। हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 के तहत हमवारिस के तौर पर उसे इस पर दावा करने का हक नहीं है। दादा इस संपत्ति को किसी भी व्यक्ति को दे सकता है।
वसीयत नहीं है तब?
यदि दादा बिना किसी वसीयत के मर जाते हैं, तो केवल उनकी पत्नी, पुत्र और बेटी का इस संपत्ति पर अधिकार होगा। मृतक की पत्नी, पुत्र और पुत्रियों द्वारा विरासत में मिली संपत्तियों को उनकी निजी संपत्ति माना जाएगा और उस संपत्ति में किसी अन्य का दावा नहीं होगा।
फाइनेंस कंपनी कर्मचारी से रुपयों से भरा बैग लूट के मामले में नजीबाबाद पुलिस ने एक व्यक्ति को लिया हिरासत में
बढ़ापुर। जनपद बिजनौर के नजीबाबाद थाना क्षेत्र में फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी से रुपयों से भरा बैग लूटने के मामले में नजीबाबाद पुलिस ने बढ़ापुर थाना क्षेत्र के एक गांव से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति की बाइक बदमाशों ने लूट में प्रयोग की थी।
सोमवार की शाम नजीबाबाद थाना क्षेत्र में जहानाबाद के समीप नहर की पटरी पर नजीबाबाद स्थित फ्यूजन माइक्रो फाइनेंस कंपनी लिमिटेड में कलेक्शन कर्मी अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव कल्लूवाला निवासी मनीष कुमार पुत्र जयराम के साथ लूट हुई थी। घटना के संबंध में नजीबाबाद पुलिस बढ़ापुर थाना क्षेत्र के गांव कुंजैटा पहुंची, जहां से पुलिस गांव निवासी मोहित पुत्र धर्मपाल को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई है। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने लूट की घटना में जो बाइक इस्तेमाल की है उसका मालिक कुंजैटा निवासी मोहित है।
चांदपुर धनोरा मार्ग का 5 किलोमीटर मार्ग दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र घोषित
बिजनौर। चांदपुर धनोरा मार्ग का 5 किलोमीटर का मार्ग दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र घोषित किया गया है। बिजनौर पुलिस कप्तान नीरज कुमार जादौन के निर्देश अनुसार चांदपुर पुलिस द्वारा सावधान धीरे चलने के 8 बोर्ड लगाए गए। इस दौरान सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावितों की मदद करने वाले उत्तर प्रदेश के गुड समरिटन व शिवसेना जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह साथ रहे। चौधरी वीर सिंह ने कहा कि इस मार्ग पर पिछले 3 माह में हुईं करीब 36 दुर्घटनाओं में 16 से 18 मौत हो चुकी हैं। उन्होंने पुलिस व अपने साथियों की मदद से दुर्घटनाओं के शिकार 27 लोगों को निजी व सरकारी अस्पताल पहुंचा कर उनकी जान बचाई।
बिजनौर। नजीबाबाद क्षेत्र में सोमवार की शाम बाइक सवार तीन बदमाश फाइनेंस कंपनी के कलेक्शन एजेंट से रुपए भरा बैग व मोबाइल लूट कर फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक व अपर पुलिस अधीक्षक नगर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव कल्लूवाला निवासी मनीष कुमार पुत्र जयराम नजीबाबाद स्थित फ्यूजन माइक्रो फाइनेंस कंपनी लिमिटेड में कलेक्शन का कार्य करता है। बताया गया है कि सोमवार की शाम करीब 4:30 बजे वह ग्रामीण क्षेत्र से कलेक्शन कर बुंदकी रोड स्थित छोटी नहर से गुजर रहा था। तभी नहर की पुलिया के पास तीन बाइक सवार बदमाशों ने उसे धमकाते हुए रोक लिया। इसके बाद तमंचों के दम पर रुपयों से भरा थैला, एक मोबाइल व बाइक की चाबी लूट कर फरार हो गए। पीड़ित ने बताया कि बैग में करीब 75 से 80 हजार रुपए की नगदी थी। सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस ने मौके पर पहुंच कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी। वहीं पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन व अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉक्टर प्रवीण रंजन सिंह भी भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। मामले की जानकारी हासिल करने के साथ ही उन्होंने पुलिस को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। पीड़ित से वारदात के संबंध में सिलसिलेवार पूछताछ की जा रही है। पुलिस हर पहलू पर गंभीरता से जांच में जुटी हुई है।
पहले भी लग चुकी है आग, फिर भी नहीं था अग्निशमन यंत्र
मेरठ नमकीन भंडार में आग से लाखों का माल स्वाहा
मेरठ (एजेंसियां)। देश ही नहीं विदेश में भी प्रसिद्ध सौ साल पुराने मेरठ नमकीन भंडार में अज्ञात कारणों से आग लग गई। आसपास के लोगों की सूचना पर दुकान मालिक, पुलिस और दमकल विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका लेकिन तब तक लाखों का माल जलकर राख हो चुका था। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। बताया गया है कि इस दुकान में पहले भी एक बार आग लग चुकी है। इसके बावजूद खाद्य सामग्री की इस दुकान में आग बुझाने का कोई यंत्र नहीं था।
कोतवाली थाना क्षेत्र के बुढ़ाना गेट पर मेरठ नमकीन भंडार के नाम से करीब सौ साल पुरानी दुकान है। दुकान मालिक ब्रजनंदन रविवार रात्रि दुकान बंद कर अपने घर चले गए थे। सोमवार सुबह दुकान में भयंकर आग लग गई। धुएं और लपटों को देखकर आसपास के लोगों ने मामले की जानकारी दुकान मालिक को दी। घटना स्थल पर परिवार के साथ मौके पर पहुंचे दुकान मालिक और कोतवाली पुलिस ने दमकल विभाग को सूचना दी।
इस पर दमकल विभाग की करीब आधा दर्जन गाड़ियां पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन तब तक लाखों का माल जलकर राख हो चुका था। दुकान मालिक के अनुसार रात्रि में दुकान बंद करते समय वह फ्रिज बंद करना भूल गए थे। हो सकता है फ्रिज में शॉर्ट सर्किट होने के कारण आग लगी हो।
अग्निशमन अधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम 3 गाड़ियां लेकर पहुंची। टीम ने दुकान का शटर खोला, आग काफी भयंकर थी और तेज धुंआ निकल रहा था। एहतियात के तौर पर आसपास के मकानों को भी खाली कराया गया। आग पर काबू पाने में करीब आधा घंटा लगा। मामले की जांच की जा रही है।
नैनो उर्वरक जागरूकता अभियान सह पीओएस मशीन वितरण कार्यक्रम
बिजनौर। जिला सहकारी बैंक सभागार में सहकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम सह pos मशीन वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक राजबीर सिंह द्वारा की गई। मुख्य अतिथि जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह, विशिष्ट अधिकारी मुख्य कार्यपालक अधिकारी डीसीबी प्रवीण सिंह एवं 95 सहकारी समिति के सचिव उपस्थिति रहे।
कार्यक्रम में सर्वप्रथम उपमहा प्रबंधक शैलेंद्र सिंह द्वारा सभी का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत की गई। सर्वप्रथम जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से रसायनिक उर्वरकों के प्रयोग को कम करने के साथ ही जैविक उर्वरक प्रयोग करने की अपील की। साथ ही उपस्थित सचिव को pos मशीन के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया। सभी लोगों से शत प्रतिशत वितरण pos मशीन से करने के लिए बोलने के साथ ही कहा गया कि जैसे ही उर्वरक की प्राप्ति होती है तत्काल उसे pos मशीन में प्राप्त करते हुए मशीन से ही बिक्री करें। यह भी कहा कि सभी किसानों को उनके जोत के अनुसार ही उर्वरक दिया जाए और किसानों को प्राप्ति रसीद अवश्य दिए जाने के निर्देश दिए गए।
तत्पश्चात सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक राजबीर सिंह द्वारा सभी गणमान्य सचिवों से नैनो आधारित उर्वरक को किसानों के बीच अधिक से अधिक प्रचार करते हुए अधिक बिक्री करने के निर्देश दिए गए, जिससे कि हमारे किसान भाइयों की लागत कम करके अधिक उत्पादन और विष मुक्त अनाज प्राप्त कराया जा सके। साथ ही सब्सिडी के रूप में भारी धनराशि जो विदेशों में जाती है उसे कम करके उस धनराशि से विकास कार्य किया जा सके। मुख्य कार्यपालक प्रवीण सिंह द्वारा समितियों के उद्धार हेतु समिति से अधिक से अधिक ऋण वितरण करने के निर्देश दिए गए। अंतिम कड़ी में क्षेत्र अधिकारी शिवम तिवारी द्वारा उपस्थित गणमान्य को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम का अंतिम रूप दिया गया।
Legal Heir Certificate क्या है और इसे कैसे बनवाएं ?
लीगल हायर सर्टिफिकेट एक ऐसा महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसके लिए आवेदक का मृत व्यक्ति से संबंध होना आवश्यक है। वारिस प्रमाण पत्र पेंशन, पीएफ, सर्विस आदि के लाभ से सम्बंधित एक ऐसा दस्तावेज है जो केंद्र या राज्य सरकार की सेवा करने वाले व्यक्ति का बनता है। मान लीजिये आप अपने परिवार के मुखिया हैं और आपकी अचानक से किसी कारण मृत्यु हो जाती है और आपके द्वारा किसी को अपना नॉमिनी नहीं बनाया गया है तो इस स्थिति में Legal Heir Certificate (उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र) काम आता है।
Legal Heir Certificate क्या है ? कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र या Legal Heir Certificate एक ऐसा दस्तावेज होता है जो किसी मृत व्यक्ति से उसके उत्तराधिकारी के संबंध को प्रूफ करता है। सरकार द्वारा वारिस प्रमाण पत्र को उन लोगों को दिया जाता है जिनके घर के मुखिया जैसे पति या माता -पिता की मृत्यु हो गयी हो। वारिस प्रमाण पत्र या लीगल हेयर सर्टिफिकेट मृत व्यक्ति (deceased person) के साथ आपके संबंध को साबित करने के क़ानूनी दस्तावेज है। वारिस प्रमाण पत्र कैसे बनवाएं ?
क़ानूनी उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र बनवाने के लिए सबसे पहले अपने क्षेत्र के तहसीलदार या District Civil Court में जाना होगा। आप अपने जिला सिविल कोर्ट या तहसील में जाकर वारिस प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए तहसीलदार या डिस्ट्रिक्ट सिविल कोर्ट से application form प्राप्त करें। इस application form में मांगी गयी सभी महत्वपूर्ण जानकारियों को भरें। आपको अपने एप्लीकेशन फॉर्म को भर लेने के बाद इसके साथ कुछ जरुरी दस्तावेजों को लगाना है। सभी प्रक्रिया हो जाने के बाद आपको भरे गए एप्लीकेशन फॉर्म को तहसील या District Civil Court में जमा करना है। आपके जमा किये गए इस application form को क्षेत्र के रेवेन्यू अधिकारी, ग्राम प्रशासनिक अधिकारी या SDM द्वारा सत्यापित किया जायेगा। आपके आवेदन पत्र के वेरिफाई हो जाने के 2 हफ्ते से 4 हफ्ते बाद आपको Legal Heir Certificate वारिस प्रमाण पत्र मिल जायेगा। Benefits Of Legal Heir Certificate (फायदे) लीगल हेयर सर्टिफिकेट आपके मृत व्यक्ति के साथ क्या संबंध है इसका प्रूफ देता है। क़ानूनी उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र की सहायता से आवेदक उत्तराधिकारी, मृत व्यक्ति से सम्बंधित सभी इन्शुरन्स (Insurance), प्रोविडेंट फण्ड (Pf), रिटायरमेंट फण्ड (Retirement funds) आदि के लिए भी हकदार होते हैं। इस प्रमाणपत्र की सहायता से भारत सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ लिया जा सकता है। यदि कोई मृत व्यक्ति सरकारी नौकरी करता था तो उसका उत्तराधिकारी Legal Heir Certificate की सहायता से government जॉब के लिए claim कर सकता है।
Application form for legal heir certificate
फॅमिली पेंशन (Family Pension) टेलीफोन, इलेक्ट्रिसिटी कनेक्शन ट्रांसफर करने के लिए (Telephone, Electricity Connection Transfer) प्रोविडेंट फण्ड (Provident Fund) ग्रेच्युटी (Gratuity) हाउस टैक्स (House Tax) इन्शुरन्स क्लेम के लिए (Insurance Claim) बैंक अकाउंट ट्रांसफर करने के लिए (Bank Account Transfer) सैलरी एरियर (Salary Arrear) सर्विस बेनिफिट्स (Service benefits) पट्टा ट्रांसफर करने के लिए (Patta Transfer) अनुकम्पा नियुक्ति (Compassionate Appointment) लीगल हायर सर्टिफिकेट मिलने में कितना समय लगता है ? कानूनी वारिस सर्टिफिकेट मिलने में 1 से 2 महीने का समय लग सकता है। आपके फिजिकल डाक्यूमेंट्स को एप्लीकेशन फॉर्म जमा करने के बाद जिला मजिस्ट्रेट ऑफिस का अधिकारी वेरिफिकेशन के लिए क़ानूनी उत्तराधिकारी (Legal Heir) के दिए गए पते पर विजिट करेगा। आवेदक क़ानूनी उत्तराधिकारी के वेरिफिकेशन के लिए अपने किन्हीं दो पड़ोसियों को गवाह के तौर पर उनकी आईडी और एड्रेस प्रूफ के साथ तैयार रखें।
अधिकारी द्वारा आपके गवाहों यानी आपके पड़ोसियों की आईडी या एड्रेस प्रूफ की कॉपी मांगी जा सकती है। जिस समय अधिकारी द्वारा आपका वेरिफिकेशन किया जायेगा अधिकारी आपके physical documents को अपने साथ लेकर आएगा। इसके बाद सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वेरिफिकेशन होने के बाद आपको 1 से 2 माह के भीतर Legal Heir Certificate प्रदान किया जायेगा।
क़ानूनी उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र हेतु आवश्यक दस्तावेज (Document) बनवाने के लिए आपको कुछ जानकारी साझा करनी होती है। इसके लिए आपको वारिस प्रमाण पत्र आवेदन करते समय मरने वाले का नाम, मृत व्यक्ति से आपका रिश्ता, परिवार के सभी सदस्यों का नाम, हस्ताक्षर, एड्रेस आदि सभी जानकारी देनी होगी।
विधिवत रूप से भरा हुआ आवेदन पत्र उत्तराधिकारी के आईडी प्रूफ (पैन कार्ड, आधार कार्ड) मृत व्यक्ति की आईडी प्रूफ और एड्रेस प्रूफ की कॉपी Legal Heir Certificate के मामले में आवेदक व्यक्ति के साथ साथ सभी जीवित परिवार के सदस्यों का हलफ़नामा। सभी जरुरी दस्तावेज जैसे id प्रूफ और एड्रेस प्रूफ की कॉपी का आवेदक द्वारा स्व सत्यापन होना आवश्यक है। कौन बनवा सकता है Legal Heir Certificate? मृत व्यक्ति के परिवार में कोई भी सदस्य क़ानूनी उत्तराधिकारी सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कर सकता है। परिवार के यह सभी सदस्य इस प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं – मृत व्यक्ति का बेटा या बेटी मृत व्यक्ति की पत्नी या पति, पिता
क़ानूनी उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र और Succession Certificate में अंतर क़ानूनी उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र के लिए मृत व्यक्ति के परिवार का कोई भी सदस्य आवेदन कर सकता है। Succession Certificate केवल उसी व्यक्ति द्वारा बनवाया जा सकता है जो मृत व्यक्ति के बाद उसकी किसी भी प्रकार की प्रॉपर्टी के लिए कानूनी उत्तराधिकारी हो। इस Legal Heir Certificate को छोटी जगहों जैसे इन्शुरन्स आदि में ही उपयोग में लाया जाता है। इस सर्टिफिकेट को security, पेमेंट, property transfer में उपयोग किया जाता है। वारिस प्रमाणपत्र को बनने में 14 दिन से लेकर से 1 या 2 महीना लग सकता है। इस प्रमाणपत्र को बनाने में आपको काफी इंतजार करना पड़ सकता है। यह 5 से 7 महीने के अंदर बनता है। इस सर्टिफिकेट को बनवाने के लिए आपको बहुत कम शुल्क देना होता है। Succession Certificate में अधिक खर्च आता है। इस सर्टिफिकेट को क्षेत्रीय Revenue Department या SDM से बनाया जाता है। यह प्रमाणपत्र कोर्ट से ही बनता है। वारिस प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन (Legal Heir Certificate Online Apply) क़ानूनी उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र (Legal Heir Certificate) को district court से प्राप्त किया जा सकता है। Legal Heir Certificate मृत व्यक्ति और क़ानूनी उत्तराधिकारी के बीच संबंध स्थापित करने और प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने के लिए आवश्यक दस्तावेज है।
स्टेप -1 स्वयं को पोर्टल पर रजिस्टर करें –
सबसे पहले आपको Legal Heir Certificate बनवानें के लिए आप serviceonline.gov.in पर विजिट करना होगा। वेबसाइट का होम पेज ओपन होगा आपको यहाँ से सबसे पहले पोर्टल पर रजिस्टर करना है। registration के लिए आपको होम पेज पर ऊपर की ओर दिए register बटन पर क्लिक करना है। रेजिस्टर पर क्लिक के बाद आपकी स्क्रीन पर रजिस्टर फॉर्म खुलेगा यहाँ आपको अपना नाम ,ईमेल आईडी मोबाइल नंबर आदि डालना है। legal heir certificate मोबाइल नंबर डालने पर आपको नंबर पर एक otp प्राप्त होगा इसे दर्ज करें। अब आपको अपने राज्य को चुन लेना है इसके बाद कैप्चा कोड डालें। submit पर क्लिक करें आप पोर्टल पर रजिस्टर हो चुके हैं। step -2 लॉगिन करें पंजीकृत हो जाने के बाद आपको पोर्टल पर लॉगिन के लिए अपना यूजर आईडी और पासवर्ड डालना है। आपके द्वारा पंजीकरण के दौरान बनाये गए पासवर्ड को डालना है। अब login के बटन पर क्लीक करें। लॉगिन के बाद आप पोर्टल पर Legal Heir Certificate के लिए आवेदन कर सकते हैं। स्टेप -3 Apply For Services पर क्लिक करें।
लॉगिन के बाद आपकी स्क्रीन पर पोर्टल का डेशबोर्ड खुलता है। डेशबोर्ड में आपको Apply For Services पर क्लिक करना है। अब आपको View all Available Services पर क्लिक करना है। अब आपकी स्क्रीन पर एक फार्म ओपन होगा जिसमें आपको सभी पूछी गयी जानकारियों को भरना है। जरुरी दस्तावेजों को अपलोड करें अंत में सभी जानकारियों को भर लेने के बाद submit बटन पर क्लिक करें। अब आपकी स्क्रीन पर एक acknowledgement खुलेगा जिसे आप डाउनलोड कर सकते हैं। इस प्रकार से आप heir certificate के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। Legal Heir Certificate से सम्बंधित अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)- उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र के लिए क्या करना होगा ? आप कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र के लिए अपने नगर पालिका /तालुका या तहसील कार्यालय में जाकर आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। यहाँ आपको फॉर्म में सभी जानकारियों को भरना है और जरुरी दस्तावेज सबमिट करने होंगे। आपके दस्तावेजों का अधिकारियों द्वारा सत्यापन होने के बाद आपको Legal Heir Certificate जारी किया जाता है।
क़ानूनी उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र के लिए कितना शुल्क लगता है ? यदि आप लीगल हायर सर्टिफिकेट के लिए आवेदन करते हैं तो आपको इसके लिए स्टाम्प खरीदने हेतु 2 रुपए और शपथ पत्र के लिए स्टाम्प पेपर हेतु 20 रुपए का भुगतान करना होगा।
How to withdraw money after death of account holder without nominee? बिना नॉमिनी वाले खाताधारक की मृत्यु के बाद कैसे निकालें पैसे?
नॉमिनी मृतक व्यक्ति के खाते से पैसे निकाल सकता है, लेकिन क्या होगा अगर कोई नॉमिनी नहीं है? जानिए कि पैसे की निकासी कैसे हो सकती है? यदि आपने कभी बैंक खाता खोला है, तो आपको आवेदन पत्र में ‘नॉमिनी’ लिखा मिला होगा। क्या आपने कभी सोचा है कि यह क्या है और इसकी आवश्यकता क्यों है?
कौन होता है नॉमिनी? नॉमिनी वह व्यक्ति होता है जिसे खाता धारक द्वारा खाता धारक की मृत्यु के बाद देय बैंक खाते की शेष राशि प्राप्त करने के लिए नियुक्त किया जाता है। इसलिए, खाताधारक की मृत्यु के बाद, नॉमिनी बैंक को इसके बारे में सूचित करके, जरूरी दस्तावेज़ (नामित व्यक्ति का आईडी प्रूफ और खाता धारक का मृत्यु प्रमाण पत्र) प्रस्तुत कर धनराशि निकालकर, खाता बंद कर सकता है।
हालांकि, अगर कोई नॉमिनी नहीं है, तो निकासी में परेशानी हो सकती है। प्रक्रिया इस प्रकार है: संयुक्त खाते के साथ~ यदि बैंक खाता संयुक्त नामों से है, तो प्रक्रिया सरल है। मृतक का नाम बस खाते से हटा दिया जाता है। ऐसा करने के लिए, जीवित खाताधारक मृत खाताधारक की मृत्यु के बारे में बताते हुए बैंक के समक्ष अनुरोध प्रस्तुत करता है। इसमें मृत्यु प्रमाण पत्र की भी आवश्यकता होती है। तब मृत व्यक्ति का नाम खाते से हटा दिया जाता है, और खाते को उस जीवित संयुक्त खाता धारक को स्थानांतरित कर दिया जाता है। उसके बाद खाताधारक द्वारा आसानी से पैसा निकाला जा सकता है।
व्यक्तिगत खाते के साथ~ व्यक्तिगत खाते के लिए, मृत खाताधारक के कानूनी उत्तराधिकारियों को पैसे निकालने के लिए दावा करना होता है। इसलिए, उनके दावे का समर्थन करने के लिए एक वास्तविक उत्तराधिकार प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है।
उत्तराधिकार प्रमाण पत्र अदालत द्वारा जारी एक दस्तावेज़ है, जो मृतक के कानूनी उत्तराधिकारी के रूप में दावेदार की पहचान स्थापित करता है। कानूनी उत्तराधिकारी बैंक को खाताधारक की मृत्यु के बारे में सूचित कर सकता है, और संबंधित दस्तावेज़ जमा कर सकता है, जैसे….
1. खाताधारक के मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रति 2. कानूनी उत्तराधिकारी का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र। 3. दावेदार का आईडी प्रूफ। 4. बैंक दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि करेगा और सफल सत्यापन के बाद, दावेदार को बैंक खाते से पैसे निकालने की अनुमति दी जाएगी।
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यदि मृतक द्वारा कोई वसीयत छोड़ी गई है, और वसीयत में उस लाभार्थी का नाम लिखा होता है जो राशि निकाल सकता है, तो उत्तराधिकार प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होगी।इस प्रकार, मृत व्यक्ति के बैंक खाते से राशि निकालना संभव है।
इसलिए, यदि आप नामित कर रहे हैं, तो नॉमिनी को भी सूचित करें, ताकि जब आप न हों तो वह आपके बैंक खाते पर दावा कर सके।
बेखौफ अपराधी अदालती मुकदमों के गवाहों को बना रहे टारगेट
बेगूसराय/अररिया (एजेंसियां)। बिहार में अपराधी बेखौफ होकर पूर्व से चल रहे अदालती मुकदमों के गवाहों को टारगेट बना रहे हैं। हाल में ही अररिया जिले में एक पत्रकार की गोली मारकर हत्या कर दी गयी। वहीं अब बेगूसराय में एक रिटायर शिक्षक को बदमाशों ने निशाना बनाया और गोली मारकर हत्या कर दी। कारण बस इतना था कि वह भी पत्रकार विमल यादव की तरह एक मर्डर केस के गवाह थे। वह भी अपने बेटे के मर्डर केस में। वह अपने बेटे के हत्यारे को सजा दिलाना चाहते थे। इस कारण अपराधियों ने दिनदहाड़े उन्हें गोली मार दी। घटना के बाद इलको में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। इधर, सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन में जुट गई।
2 साल पहले छोटे बेटे की हुई थी हत्या : घटना बछवारा थाना क्षेत्र के फतेहा हॉल्ट के पास समीप की है। मृतक की पहचान फतेहा निवासी जवाहर चौधरी के रूप में की गई है। 2 वर्ष पूर्व सेवानिवृत शिक्षक के छोटे पुत्र की भी अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। ग्रामीणों के अनुसार जमीनी विवाद में अपराधियों द्वारा घटना को अंजाम दिया गया है। पुलिस के अनुसार, अपराधियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। आरोप यह भी है कि पुत्र के हत्यारे ने वारदात को अंजाम दिया है। इस एंगल को गंभीरता से लिया गया है। जांच की जा रही है। कुछ संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
मॉर्निंग वॉक पर निकले थे जवाहर चौधरी: परिजनों का कहना है कि जवाहर चौधरी मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। इसी दौरान बाइक सवार अपराधी आए और गोली मार दी। गोली लगने ही वह जमीन पर गिर गए। घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पुत्र की हत्या के मामले में उनकी गवाही होनी थी और। इस वजह से अपराधियों ने इस घटना को अंजाम दिया है। लोगों का कहना है कि दिनदहाड़े मर्डर से इलाके में दहशत का माहौल है। इस वारदात के बाद लोग पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस मामले में शामिल सभी अपराधियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
दो दिन पहले पत्रकार विमल यादव की हत्या : अररिया के रानीगंज में दिनदहाड़े दैनिक अखबार के पत्रकार विमल यादव (36) की हत्या कर दी गई। अपराधियों ने घर के दरवाजे पर चढ़कर मेन गेट खुलवाया। जैसे ही पत्रकार गेट पर आए वैसे ही सीने में गोली दाग दी। परिजनों का कहना है कि सुपौल जेल में बंद रूपेश ने ही हत्या की साजिश रची थी। उसने जेल से ही हत्या की सुपारी दी थी। गवाही के बाद आरोपी को डर था कि उसे उम्रकैद की सजा न हो जाए इसलिए बचने के लिए उसने ऐसा किया।
मात्र 600 रुपये में 10 लाख का दुर्घटना बीमा एवं इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक का प्रीमियम खाता
आजादी का अमृत महोत्सव अंतर्गत डाकघरों में घर बैठे सामाजिक सुरक्षा की विशेष पहल
वाराणसी। आजादी का अमृत महोत्सव अंतर्गत क्षेत्र के डाकघरों में घर बैठे सामाजिक सुरक्षा की विशेष पहल डाक विभाग ने की है। महंगे प्रीमियम पर बीमा कराने में असमर्थ लोगों के लिए डाक विभाग सामाजिक सुरक्षा के तहत ‘जश्न ए आजादी’ अभियान चलाया गया है। डाक विभाग के इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के तहत मात्र 600 रुपये में 10 लाख का बजाज ग्रुप एक्सीडेंटल गार्ड का दुर्घटना बीमा एवं इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक का प्रीमियम खाता दिया जा रहा है।
इसके तहत घर बैठे ग्रामीण डाक सेवक और पोस्टमैन लोगों को सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। इन्हें प्रोत्साहित करने के लिए विभाग म्यूजिक सिस्टम से लेकर डफल ट्रॉली बैग, पेन ड्राइव, लंच बॉक्स, हॉट पॉट तक पुरस्कार में दे रहा है। वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव के निर्देश पर 6 जिलों (वाराणसी, भदोही, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर व बलिया) में 26 अगस्त तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। पोस्टमास्टर जनरल ने कहा कि डाक विभाग ने आमजन की सुविधाओं के लिए तमाम सेवाओं का विस्तार किया है। सभी डाकघरों में सामूहिक दुर्घटना बीमा और इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के प्रीमियम खातों की सुविधा उपलब्ध है। इस योजना के तहत मात्र ₹600 रुपये में 10 लाख का बजाज ग्रुप एक्सीडेंटल गार्ड का दुर्घटना बीमा एवं इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक का प्रीमियम खाता दिया जाएगा। दुर्घटना बीमा मात्र एक वर्ष के लिए होगा। एक साल खत्म होने के बाद अगले साल यह बीमा रिन्यू कराना होगा। इसके लिए मात्र 258 और 396 रुपये के प्रीमियम देय होंगे। इसके लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में लाभार्थी का खाता होना अनिवार्य है। प्रीमियम खाता मात्र 200 रुपये में प्राप्त किया जा सकता है। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए ग्राहक का आधार नंबर एवं मोबाइल नंबर होना अनिवार्य है। ग्राहक का खाता बिना किसी दस्तावेज के दिए केवल बायोमेट्रिक के आधार पर तुरंत खुल जाता है। साथ ही, दुर्घटना बीमा का भी लाभ बिना किसी दस्तावेज जमा कराए लिया जा सकता है।
प्रीमियम खाता में किसी भी प्रकार का डोर स्टेप चार्ज नहीं देना होगा। जीवन प्रमाण पत्र बनवाने पर 50% छूट प्राप्त होगा। इसके साथ ही बिजली बिल भुगतान और कैशबैक भी प्राप्त किया जा सकता है। घर बैठे आईपीपीबी एप के माध्यम से सुकन्या, पीपीएफ, आरडी, पीएलआई आदि का ऑनलाइन भुगतान भी संभव है। कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और बजाज ग्रुप एक्सीडेंट गार्ड के मध्य हुए एक एग्रीमेंट के तहत 18 से 65 वर्ष आयु के लोगों को यह सामूहिक दुर्घटना बीमा सुरक्षा मिलेगी। इसके तहत, दोनों प्रकार के बीमा कवर में दुर्घटना से मृत्यु, स्थाई या आंशिक पूर्ण अपंगता, अंग विच्छेद या पैरालाइज्ड होने पर 10 लाख रुपये का कवर मिलेगा।
इस बीमा में दुर्घटना से हॉस्पिटल में भर्ती रहने के दौरान इलाज के लिए 60,000 रुपये तक का आईपीडी खर्च और ओपीडी में 30,000 रुपये तक का क्लेम मिलेगा। वहीं, 396 रुपये के प्रीमियम बीमा में उपरोक्त सभी लाभों के अलावा दो बच्चों की पढ़ाई के लिए एक लाख तक का खर्च, दस दिन अस्पताल में रोजाना का एक हजार खर्च, किसी अन्य शहर में रह रहे परिवार के लिए ट्रांसपोर्ट का 25,000 रुपये तक का खर्च और मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए 5,000 तक का खर्च भी मिलेगा। वाराणसी क्षेत्र के इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के चीफ मैनेजर बृज किशोर ने बताया कि इस सामूहिक दुर्घटना बीमा सुविधा में पंजीकरण के लिए लोग अपने नजदीकी डाकघर में संपर्क कर सकते हैं।
इस पोर्टल से अनक्लेम्ड डिपॉजिट्स को लेकर सही इनपुट के साथ अलग-अलग बैंकों के डिपॉजिटर की जानकारी मिल सकेगी।
नई दिल्ली। क्या आपका, आपके परिवार का या फिर बुजुर्गों का कोई खाता दस साल या उससे ज्यादा समय से निष्क्रिय पड़ा है और उनमें जमा राशि नहीं निकाल पाए है तो ये खबर आपके काम की है। क्योंकि बैंकों में ऐसे हजारों खाते हैं जो निष्क्रिय पड़े हैं और उनमें जमा रकम पर कास्टमर्स अभी तक कोई दावा नहीं कर सके हैं। RBI की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक बैंकों में ऐसा करीब 35,000 करोड़ रुपये का अनक्लेम्ड डिपॉजिट पड़ा है। अब ऐसे पैसे को निकालने के लिए RBI ने एक सुविधा शुरू की है। यदि आपका भी पैसा बैंकों में पड़ा है और उसे निकालना भूल गए हैं तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इसके लिए UDGAM पोर्टल लॉन्च किया है।
बैंकों में जमा लावारिस राशि का पता लगाना अब आसान हो जाएगा. इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जिनके दादा-परदादा या अन्य परिजन पैसे जमा करके भूल गए या क्लेम नहीं कर पाए। इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च कर दिया है, RBI के अनक्लेम्ड डिपॉजिट- गेटवे टू एक्सेस इंफॉर्मेशन पोर्टल (UDGAM Portal) के जरिए एक स्थान पर तमाम बैंकों में जमा बिना दावे की लावारिस रकम की तलाश की जा सकती है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा सेंट्रलाइज्ड वेब पोर्टल उद्ग्म (UDGAM) लॉन्च करने का उद्देश्य दरअसल, बैंकों में लंबे समय से जमा अनक्लेम्ड अमाउंट का पता लगाना है, जिसे उसके असली हकदार तक पहुंचाया जा सके। केंद्रीय बैंक के मुताबिक, इस पोर्टल को रिजर्व बैंक सूचना प्रौद्योगिकी प्राइवेट लिमिटेड (REBIT) और भारतीय वित्तीय प्रौद्योगिकी और संबद्ध सेवाओं (IFTCS) ने मिलकर बनाया है फिलहाल ग्राहक पोर्टल पर सूचीबद्ध सात बैंकों में मौजूद अपनी लावारिस जमा के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं। RBI गवर्नर शक्तिकांत दास द्वारा लॉन्च किए गए UDGAM Portal के लिए घोषणा केंद्रीय बैंक ने बीते 06 अप्रैल, 2023 को की थी। अब जाकर इसे लॉन्च कर दिया है। अलग-अलग सरकारी बैंकों में हजारों करोड़ रुपये की अनक्लेम्ड रकम का कोई दावेदार नहीं है। इस वेब पोर्टल के माध्यम से इस पैसे को कानूनी हकदारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स की मदद से डिजाइन किए गए इस पोर्टल से अनक्लेम्ड डिपॉजिट्स को लेकर सही इनपुट के साथ अलग-अलग बैंकों के डिपॉजिटर की जानकारी मिल सकेगी।
UDGAM पोर्टल व्यक्तियों को उनके भूले हुए पैसों का पता लगाने में सहायता करेगा। जब भी कोई बैंक अकाउंट 10 सालों तक इनएक्टिव पड़ा रहता है तो उसमें जमा रकम को अनक्लेम्ड डिपॉजिट माना जाता है। यही नियम फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और रेकरिंग डिपॉजिट (RD) पर भी लागू होता है।
इन बैंकों की मिल सकेगी डिटेल आरबीआई (RBI) की तरफ से शुरू किये गए इस पोर्टल पर फिलहाल भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India), धनलक्ष्मी बैंक (Dhanlaxmi Bank Ltd), साउथ इंडियन बैंक (South Indian Bank Ltd) , डीबीएस बैंक इंडिया (DBS Bank India Ltd) और सिटी बैंक (Citi Bank) में बिना दावे वाली जमा के बारे में जानकारी उपलब्ध है।
15 अक्टूबर तक जोड़े जाएंगे अन्य बैंक केंद्रीय बैंक द्वारा बताया गया कि उद्गम पोर्टल आने से उपयोगकर्ताओं को अपने लावारिस जमा/खातों की पहचान करने में मदद मिलेगी और वे या तो जमा राशि का क्लेम कर सकेंगे या अपने जमा खातों को अपने संबंधित बैंकों में चालू कर सकेंगे। लॉन्च के साथ ही उपयोगकर्ता वर्तमान में पोर्टल पर उपलब्ध 7 बैंकों के संबंध में अपनी लावारिस जमा राशि का विवरण प्राप्त करने में सक्षम होंगे। वहीं पोर्टल पर दूसरे बैंकों की जानकारी भी चरणबद्ध तरीके से 15 अक्टूबर, 2023 तक उपलब्ध करा दी जाएगी।
क्या होती है अनक्लेम्ड डिपॉजिट? अलग-अलग बैंक सालाना आधार पर अकाउंट्स रिव्यू करते हैं। इसमें ये पता भी लगाया जाता है कि ऐसे कौन-कौन से बैंक अकाउंट हैं, जिनमें किसी तरह का कोई लेन-देन (Bank Transaction) नहीं हुआ है। जब किसी डिपॉजिटर्स की ओर से बीते 10 साल के दौरान किसी अकाउंट में न तो कोई फंड डाला जाता है और न ही इसमें से कोई रकम निकाली जाती है तो इस दौरान अकाउंट में पड़ी रकम को अनक्लेम्ड डिपॉजिट माना जाता है। इसके बाद बैंक इन ग्राहकों से संपर्क करने की कोशिश भी करते हैं।
चांदपुर में जगदंबा फैक्ट्री में संदिग्ध परिस्थितियों में मजदूर की मौत
बिजनौर। चांदपुर थाना क्षेत्र स्थित जगदंबा प्लाई फैक्ट्री में बीती रात एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रात में ही पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के परिजनों ने सुबह फैक्ट्री पहुंचकर विरोध जताया। असंतुष्ट परिजन मामले में इंसाफ मांग रहे हैं।
जानकारी के अनुसार थाना चांदपुर क्षेत्र अंतर्गत हल्दौर मार्ग पर शुगर मिल के पास जगदंबा प्लाई फैक्ट्री है। नितिन पुत्र जयपाल सैनी (22 वर्ष) निवासी ग्राम गल्ला खेड़ी थाना स्योहारा इसी फैक्ट्री में काम करता था। बीती रात युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सुबह सूचना मिलने पर मृतक के परिजन मौके पर पहुंचे और फैक्ट्री प्रशासन से मौत का कारण पूछा। परिजनों के मुताबिक उसकी मौत सांप का काटना बताया गया। इस पर परिजन संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने फैक्ट्री के गेट के सामने एक चार पहिया वाहन खड़ा कर विरोध जताया। परिजनों का आरोप है कि जब घटना रात में हुई तो उस वक्त क्यों नहीं बुलाया गया और कह रहे हैं कि रात में उंगली में सांप ने काटा है। वह जानना चाहते हैं कि ऐसा कौन सा सांप था कि उंगली में काटते ही 2 घंटे में मौत हो गई? उन्हें मामले में इंसाफ चाहिए। वहीं मामले में फैक्ट्री के मालिक ने बात करने की जगह कहीं मीटिंग में व्यस्त होना बताया। यही नहीं बाद में कॉल करने की बात करते हुए फोन काट दिया। करीब 2 घंटे तक उन्होंने अपना पक्ष रखने के लिए फोन नहीं किया। इस मामले में सीएससी प्रभारी केपी सिंह ने बताया कि रात में एक युवक को कुछ लोग लाए थे, जो मृत अवस्था में था। पानी में भीगा होने से उसके कोई निशान दिखाई नहीं दिया। पुलिस के लिए इंफॉर्मेशन भेजी थी। सीओ चांदपुर सर्वम सिंह ने बताया कि सुबह लोग आए थे। मौत का सही कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है।
कहीं पेड़ पर चढ़ा, तो कहीं घर के दरवाजे पर दस्तक दे रहा गुलदार!
बिजनौर। एक गांव में पेड़ पर बैठे गुलदार को देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों का शोर सुनकर गुलदार खेतों में भाग गया। वहीं दूसरे गांव में घर के दरवाजे पर गुलदार पहुंच गया। किसान की टॉर्च की तेज रोशनी से वह वापस भाग खड़ा हुआ। जिले में गुलदार की चहल कदमी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
नहटौर क्षेत्र के गांव मिर्जापुर में तालाब के किनारे एक पेड़ पर कुछ ग्रामीणों ने गुलदार बैठा हुआ देखा। पेड़ पर गुलदार बैठे होने की सूचना पर ग्रामीणों में हड़कंप बच गया दर्जनों की संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। शोर शराबा सुनकर गुलदार पेड़ से कूदकर खेतों की ओर भाग गया। उधर गांव में गुलदार आने की खबर से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण अकेले जंगल जाने से भी डर रहे हैं। किसानों का कहना है कि जंगल में गुलदार आने से खतरा बना हुआ है इसलिए किसान एकजुट होकर चारा आदि लेने के लिए जंगल जा रहे हैं।
वहीं हल्दौर क्षेत्र के गांव नवादा तुल्लाका गुलदार देखे जाने से ग्रामीणों में भय में व्याप्त हो गया। रात्रि में ही ग्रामीणों ने वन रेंजर के साथ जंगलों में कांबिंग की लेकिन गुलदार नहीं मिला। ग्रामीणों में गुलदार की वजह से भय बना हुआ है।
किसान शुभम चौधरी का मकान गांव के पास जंगल में है।बुधवार की रात्रि को वह अपने घर पर सो रहा था। वह लघु शंका के लिए उठा तो उसे ऐसा लगा कि खेतों में पशु फसल रौद रहे हैं। उसने अपनी टॉर्च उठाई और दरवाजा खोला तो उसके सामने गुलदार खड़ा हुआ था। उसने टॉर्च गुलदार के मुंह से नहीं हटाई तब कहीं जाकर गुलदार वहां से भाग खड़ा हुआ। तब शुभम चौधरी ने शोर मचा दिया। शोर सुनकर ग्रामीण इकट्ठा हो गए। रात्रि में ही उन्होंने वन रेंजर महेश गौतम को सूचना दी। मौके पर पहुंचे वन रेंजर महेश गौतम ने ग्रामीणों के साथ रात भर कॉबिंग की लेकिन गुलदार नहीं मिल पाया। ग्रामीणों में गुलदार का भय बना हुआ है।
बिजनौर। चांदपुर में एक तेज रफ्तार ट्रक ने 5 वर्षीय बच्ची को रौंद कर मौत की नींद सुला दिया। पुलिस ने आरोपी ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया है। वहीं दूसरी ओर चांदपुर में ही रेलवे ट्रैक पर शव बरामद होने से हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव की शिनाख्त कराने के साथ ही परिजनों को सूचित किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मामले का खुलासा हो सकेगा।
प्राप्त समाचार के अनुसार चांदपुर में एक तेज रफ्तार ट्रक ने 5 वर्षीय बच्ची को रौंद दिया। बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया है कि बच्ची अपने परिजनों के साथ दरगाह के लिए गई थी। रास्ते में ई-रिक्शा से नीचे उतर कर खड़ी थी कि पीछे से आए ट्रक ने बच्ची को कुचल दिया। पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ट्रक को कब्जे में लेने के साथ ही चालक को हिरासत में ले लिया। सूत्रों के अनुसार बच्ची माही नूर पुत्री सद्दाम चांदपुर के मोहल्ला सराय रफी फीना कॉलोनी निवासी थी। वह अपनी मां, दादी व पिता के साथ ई रिक्शा में बैठकर अमरोहा जनपद के फंदेड़ी गांव में एक दरगाह पर जा रही थी। प्यास लगने के कारण रिक्शा रुकवा कर पानी पीने के लिए नीचे उतरी ही थी कि अचानक पीछे से आ रहे ट्रक ने बच्ची को कुचल दिया।
चांदपुर में रेलवे ट्रैक पर मिला युवक का शव चांदपुर में रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति की लाश मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान चाँदपुर कस्बा निवासी संजय के रूप में हुई है। घटना चांदपुर से धनोरा की ओर जाने वाले रेलवे ट्रैक की है। स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, हालांकि मौत के कारणों की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। चांदपुर से धनोरा की ओर जाने वाले रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति का शव मिलने से शहर में सनसनी फैल गई। देखने के लिए घटनास्थल पर भीड़ जमा हो गई। स्थानीय पुलिस ने जांच पड़ताल की और शव की शिनाख्त कराई। पहचान चांदपुर कस्बे के संजय (50 वर्ष) पुत्र जीवन के रूप में हुई। घटनास्थल चांदपुर रेलवे स्टेशन के आउटर सिग्नल के बाहर था। इसलिए पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बिलाई में उर्वरक प्रतिष्ठान बंद कर भागे दो लोगों को कारण बताओ नोटिस
आकस्मिक छापामार कार्रवाई से जिले भर में मचा हड़कंप
बिजनौर। उर्वरक विक्रेता के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार कार्रवाई से जिले भर में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के क्रम में कुल 41 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान प्रतिष्ठान/गोदाम में उपलब्ध यूरिया, डीएपी, एनपीके आदि उर्वरकों के स्टॉक का मिलान पीओएस मशीन व अभिलेखों के अनुसार किया गया तथा कुल 09 उर्वरकों के नमूने लिए गए। बिलाई में उर्वरक प्रतिष्ठान बंद कर भाग जाने पर दो लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
बिजनौर, नजीबाबाद, धामपुर, चांदपुर, नगीना में अधिकारियों का छापा
उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश एवं जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया एवं राजवीर सिंह, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, बिजनौर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील बिजनौर व नजीबाबाद एवं गिरीश चंद, उप कृषि निदेशक, बिजनौर एवं पीएन सिंह, जिला गन्ना अधिकारी, बिजनौर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील चांदपुर एवं मनोज रावत, जिला कृषि रक्षा अधिकारी मनोज रावत एवं जितेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी की संयुक्त टीम द्वारा तहसील नगीना एवं अमित कुमार, अपर जिला कृषि अधिकारी एवं सहायक निदेशक मत्स्य, बिजनौर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील धामपुर में उर्वरक विक्रेता के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार की कार्रवाई की गई।
अधिकारियों की टीम ने किया 41 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण
छापामार कार्रवाई के दौरान कुल 41 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान/गोदाम में उपलब्ध यूरिया, डीएपी, एनपीके आदि उर्वरकों के स्टॉक का मिलान पीओएस मशीन व अभिलेखों के अनुसार किया गया तथा कुल 09 उर्वरकों के नमूने लिए गए। साथ ही मै. विवेक ट्रेडर्स, बिलाई एवं मै0 किसान खाद एवं बीज भंडार, बिलाई द्वारा उर्वरक प्रतिष्ठान बंद कर भाग जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। निरीक्षण के दौरान पीओएस मशीन से उर्वरकों का वितरण होते हुए पाया गया और पीओएस मशीन में अवशेष स्टाक एवं गोदाम में भंडारित स्टॉक में कोई अंतर नहीं मिला। छापामार कार्रवाई के दौरान ओवर रेटिंग एवं मुख्य उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग आदि का कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया। निरीक्षण के दौरान सभी उर्वरक विक्रेताओं को कृषकों की तत्कालीन आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरकों, विशेषकर यूरिया उर्वरक का वितरण निर्धारित दर पर किए जाने के निर्देश दिए गए तथा किसी भी दशा में यूरिया उर्वरक की बिक्री बल्क में न किये जाने के सख्त निर्देश दिए गए।
खेत पर गया युवक संदिग्ध परिस्थिति में लापता, गुलदार की तलाश में कांबिंग
प्रशांत कुमार
कोतवाली देहात। मोटरसाइकिल द्वारा खेत पर गया एक युवक संदिग्ध परिस्थिति में लापता हो गया। युवक की मोटरसाइकिल सड़क के किनारे पड़ी मिली तथा पास के ही गन्ने के खेत में युवक की चप्पल मोबाइल पड़ा मिला। परिजनों ने युवक को गुलदार द्वारा जंगल में खींच ले जाने आशंका व्यक्त करते हुए पुलिस व वन विभाग को सूचना दी। सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस व वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के साथ मिलकर कई घंटे युवक की तलाश की। ड्रोन कैमरे की भी मदद ली गई लेकिन युवक का कुछ पता नहीं चला। कोतवाली थाना क्षेत्र के गांव बेगमपुर शादी उर्फ रामपुर निवासी रामकुमार का 22 वर्षीय पुत्र ललित लगभग 11:00 बजे मानपुर मंगोलपुर मार्ग पर स्थित अपने खेत पर मोटरसाइकिल द्वारा गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार खेत से कुछ दूरी पर उसकी मोटरसाइकिल गिरी पड़ी थी, जबकि चप्पल व मोबाइल ईख के खेत में पड़ा था। बताया गया है कि इस क्षेत्र में गुलदार का काफी विचरण है आशंका व्यक्त की जा रही है कि युवक को नरभक्षी गुलदार जंगल में खींच कर ले गया।
जंगल में काम कर रहे हैं मानपुर के किसानों ने युवक के परिजनों को सूचना दी। इस पर ग्रामीणों का भीड़ एकत्रित हो गई। मौके पर थाना प्रभारी जयवीर सिंह अपनी टीम के साथ एवं वन विभाग के एसडीओ ज्ञान सिंह अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। युवक की जंगल में कई घंटे तलाश की गई, लेकिन किसी भी प्रकार की कोई सफलता नहीं मिली। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। बताया जा रहा है युवक की शादी लगभग दो माह पूर्व जून में हुई थी।
कम्पोजिट विद्यालय में अध्यापकों और बच्चों ने बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया स्वतंत्रता दिवस
लखनऊ (हरदोई/संडीला)। पूरे देश में 77 वां स्वतंत्रता दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। उसी क्रम में कम्पोजिट स्कूल गोसवा डोंगा संडीला में भी बड़े हर्षोल्लास के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। इस विशेष अवसर पर प्रधानाध्यापिका कहकशा खां ने बताया कि पूरा देश कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक देश आज अपनी आजादी का जश्न मना रहा है। वीरेंद्र कुमार सिंह सहायक अध्यापक ने इसी कड़ी में कहा कि बच्चों आप और आप सभी के अध्यापक एक साथ मिलकर आज इस खास पर्व को मना रहे हैं। सहायक अध्यापिका दीपक ज्योति ने तिरंगे झण्डे के रंग के महत्व के बारे में विस्तार पूर्वक बच्चों को बताया । विद्यालय की सीनियर शिक्षिका शकुंतला ने कहा, कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झण्डे को नीचे से रस्सी द्वारा खींचकर ऊपर ले जाया है, फिर खोल कर फहराया जाता है जिसे ध्वजारोहण कहा जाता है। संविधान में इसे अंग्रेजी में फ्लैग होस्टिंग (ध्वजारोहण) कहा जाता है। बच्चे व उनके अभिभावक की उपस्थिति में बड़े हर्ष के साथ आजादी का अमृत महोत्सव मनाया गया। बच्चों ने विद्यालय में गुड़हल व रातरानी के पेड़ लगाए। बच्चों ने देश भक्ति के गीत गाये, देश भक्ति के गानों पर नाचे, देश भक्ति के डायलॉग बोले और देश भक्ति के भाषण दिए। कक्षा चार के एक बच्चे ने बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का रूप बनाकर परिचय दिया और सभी बच्चे एवं उनके अभिभावक गण देकर प्रफुल्लित हुए।बच्चों में काफ़ी उत्साह देखने को मिला। इस दौरान ग्राम के उत्कृष्ट बच्चों को सम्मानित किया गया। तत्पश्चात प्रधानाध्यापिका कहकशा खां द्वारा ध्वजारोहण कर सभी बच्चों में प्रसाद वितरण किया गया। इस खास अवसर पर कहकशा खां, वीरेंद्र कुमार सिंह, शकुंतला, रश्मि शुक्ला, अंजली वर्मा, सरिता सिंह, कंचन सिंह, राघवेंद्र पांडे, सुखदेवी, दीपा, ज्योति आदि टीचर स्टॉफ, गांव के सम्मानित सदस्यगण, विद्यालय प्रबंध समिति के सम्मानित सदस्य गण, बाल संसद में विजई हुए बच्चों के अभिभावक गण, सभी रसोइया स्टॉफ व बच्चे उपस्थित रहे।
बिजनौर। मंडावर किरतपुर मार्ग पर गांव मोहंडिया के पास बुधवार की शाम सरकारी नलकूप के सामने सड़क पर बैठे गुलदार को देख दोनों ओर लंबी लाइन लग गई। राहगीरों के शोर मचाने पर गुलदार खेतों की ओर भाग गया।
बुधवार की शाम गांव मोहंडिया के सामने मंडावर किरतपुर मार्ग पर सरकारी नलकूप के सामने गुलदार आकर बैठ गया। गुलदार को सड़क पर बैठा देख किसी भी राहगीर की सड़क पार करने की हिम्मत नहीं हुई। इस दौरान सड़क पर दोनों ओर राहगीरों की लंबी लाइन लग गई। राहगीरों के शोर मचाने पर गुलदार खेतों की और भाग गया। गुलदार के चले जाने के बाद ही सड़क की दोनों ओर खड़े राहगीर अपने गंतव्य को रवाना हुए।
ऑक्सफोर्ड पब्लिक सीनियर सेकेण्डरी स्कूल में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम
बिजनौर। सी0बी0एस0ई0, नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त नहटौर के ऑक्सफोर्ड पब्लिक सीनियर सेकेण्डरी स्कूल के प्रबंधतंत्र, अध्यापकों, स्टाफ एवं छात्र -छात्राओं द्वारा धूमधाम से राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि धामपुर नगर पालिका की पूर्व चेयरमैन तथा विद्यालय की प्रबंध निदेशिका श्रीमती लीना सिंघल द्वारा ध्वजारोहण किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष इं0 आशीष सिंघल, प्रधानाचार्य इदरीस अहमद तथा विशिष्ट अतिथि नृत्यांगना कु0 शिप्रिया अग्रवाल तथा कॉर्डिनेटर तब्बसुम जै़दी आदि उपस्थित रहे।
डीएफओ को गुलदार पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने के निर्देश
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने ग्रामवासियों द्वारा गांव के पास स्थित पुलिया पर निरन्तर रूप से गुलदारों को बैठे अथवा चलते-फिरते देखे जाने की सूचना को गंभीरता से लेते हुए डीएफओ को तत्काल उनको पकड़ने के लिए टीम को सतर्क करने तथा पिंजरा स्थापित करने के दिए निर्देश
बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा विकास खण्ड अफजलगढ़ के गुलदार प्रभावित ग्राम पंचायत शाहपुर जमाल में वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया एवं वन विभाग द्वारा की जा रही कार्यवाही का आकस्मिक रूप से निरीक्षण किया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए समुचित रणनीति बनाएं और सर्चिंग टीम सजगता और सतर्कता के साथ गुलदार को पकड़ने की कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा गुलदार को पकड़ने वाली टीमों की सुरक्षा एवं कार्य की सुगमता के यथासंभव सामग्री अथवा संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं ताकि जिले के लोगों को गुलदार के आतंक से सुरक्षित रखा जा सके। ग्रामवासियों की मांग पर उन्होंने डीएफओ को गांव के आसपास गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने के भी निर्देश दिए।
आदमखोर गुलदार को पकड़ना नितांत आवश्यक
उन्होंने कहा कि जिले में आदमखोर गुलदार का आतंक बना हुआ है, उसको पकड़ना नितांत आवश्यक है ताकि जनसामान्य में उसके भय का अंत हो सके और लोग खेतों में आसानी के साथ आवागमन कार्य कर सकें। उन्होंने टीम के सदस्यों को निर्देश दिए कि गुलदार की ट्रैकिंग अथवा कांबिंग के लिए टीम के सदस्य किसी भी अवस्था में बिना हेलमेट, गर्दन एवं चेस्ट कवर के बिना क्षेत्र में जाने का साहस न करें क्योंकि गुलदार का वार सिर, गर्दन एवं सीने पर ही अधिकतर होता है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि गुलदार से बचाव के लिए व्यापक रूप से प्रचार प्रसार करें और पंपलेट आदि का वितरण कराएं। ग्रामवासियों द्वारा गांव के पास स्थित पुलिया पर अधिकतर रूप से गुलदारों को बैठे अथवा चलते-फिरते देखे जाने की सूचना को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने डीएफओ को तत्काल उनको पकड़ने के लिए पिंजरा स्थपित करने के निर्देश दिए।
…ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि का खतरा न होने पाए
जिलाधिकारी श्री मिश्रा ने इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीण बंधुओं का आह्वान किया कि जंगल में किसी भी अवस्था में अकेले न जाएं और जरूरत पड़ने पर ही खेतों में लाठी-डंडे लेकर ग्रुप के साथ जाएं ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि का खतरा न होने पाए। उन्होंने ग्राम वासियों को सलाह दी कि जंगल, खेत में जाते वक्त हेलमेट, गर्दन व सीने के बचाव के लिए कवर का प्रयोग करें ताकि गुलदार के अचानक किए गए हमले से उनकी जान सुरक्षित रहे। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि गुलदार को पकड़ने के लिए जिला प्रशासन द्वारा की जाने वाली कार्रवाइयों में सहयोग प्रदान करें और गुलदार से सुरक्षित रहने के लिए भी सुरक्षात्मक उपायों का प्रयोग करें। इस अवसर पर डीएफओ अरूण कुमार, उप जिलाधिकारी धामपुर मोहित कुमार ,एसडीओ वन ज्ञान सिंह, वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के सदस्य सहित वन एवं पुलिस विभाग के अधिकारी तथा ग्रामीण मौजूद थे।
— Varanasi Postal Region (@pmg_varanasi) July 3, 2023
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मां भारती के वीर सपूत बना रहे हैं, हर घर तिरंगा अभियान को सफल
100 वर्ष के ईश्वरलाल नारणलाल दवे, 18 साल की उम्र में स्वाधीनता संग्राम के आंदोलन में शामिल हुए थे। भारतीय डाक विभाग ने श्री ईश्वरलाल नारणलाल जी को तिरंगा भेंट किया, मां भारती के वीर सपूत बना रहे हैं, हर घर तिरंगा अभियान को सफल।
100 वर्ष के ईश्वरलाल नारणलाल दवे,18 साल की उम्र में स्वाधीनता संग्राम के आंदोलन में शामिल हुए थे। भारतीय डाक विभाग ने श्री ईश्वरलाल नारणलाल जी को तिरंगा भेंट किया, मां भारती के वीर सपूत बना रहे हैं हर घर तिरंगा अभियान को सफल 🇮🇳🇮🇳
चर्चित साहित्यकार और पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव के जन्मदिन पर हुआ पौधारोपण, वाराणसी में लगाए गए 46 पौधे
प्रकृति को श्रृंगारित करके मनाया गया पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव का जन्मदिन, 46 वें जन्मदिन पर हुआ 46 पौधों का रोपण
जन्मदिन व वर्षगांठ जैसे महत्वपूर्ण दिनों पर पौधारोपण कर दी जा सकती है समाज को नई दिशा – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव
वाराणसी। पर्यावरण की रक्षा के लिए जरुरी है कि हम इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने के साथ पौधारोपण को जीवन के विभिन्न महत्वपूर्ण दिनों से जोड़ें। भारतीय परंपरा में पेड़-पौधों को परमात्मा का प्रतीक मान कर उनकी पूजा का विधान बनाया गया है। हमारी साँसें चलती रहें, इसके लिए ऑक्सीजन बेहद जरुरी है। ऐसे में जन्मदिन व विवाह वर्षगांठ जैसे जीवन के महत्वपूर्ण दिनों को विशेष बनाने के लिए पौधारोपण कर समाज को नई दिशा दी जा सकती है। उक्त उद्गार चर्चित ब्लॉगर, साहित्यकार एवं वाराणसी क्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने स्वदेशी समाज सेवा समिति द्वारा अपने 46वें जन्मदिन पर वाराणसी में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में व्यक्त किये।
स्वदेशी समाज सेवा समिति, फिरोजाबाद के तत्त्वावधान में वाराणसी में मकबूल आलम रोड स्थित पी. एंड टी. कॉलोनी में आयोजित उक्त कार्यक्रम में रुद्राक्ष, तुलसी, बादाम, नीम, शरीफा, नींबू, आंवला, आम, अमरुद, बेल, गूलर, इमली इत्यादि के फलदार, औषधीय, छायादार वृक्षों, बेल व पुष्प सहित 46 पौधों का रोपण कर धरा को हराभरा एवं पर्यावरण को शुद्ध बनाने का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर कार्यकारी अध्यक्ष प्रो अजब सिंह ने कहा कि, वर्तमान परिस्थितियों में जब वन क्षेत्र का निरंतर ह्रास होता जा रहा है तब संपूर्ण समाज को इस तरह के आयोजनों से सीख लेने की आवश्यकता है। संगठन मंत्री श्री कमल किशोर यादव ने कहा कि सम्पूर्ण धरा और प्रकृति को सुरक्षित व संतुलित रखने हेतु हमें पौधारोपण के प्रति लोगों को सजग बनाना होगा।
स्वदेशी समाज सेवा समिति के संस्थापक सचिव विवेक यादव ‘रुद्राक्ष मैन’ ने कहा कि मानवीय जीवन में आ रहे बदलाव ने एक बार फिर से लोगों को पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण के प्रति सचेत किया है। इस अवसर पर श्रीमती सरला यादव, कमल किशोर, शुभकांत, सर्वेश, पुनीत, विवेक यादव, श्रीकांत पाल, अखिलेश यादव सहित तमाम पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।
घंटों चले तलाशी अभियान के बावजूद हत्थे नहीं चढ़ा गुलदार
गुलदार को दबोचने के लिए वन विभाग ने लगाया पिंजरा
~भुवन राजपूत
बिजनौर। तहसील चांदपुर क्षेत्र के ग्राम मंसूरपुर में गुलदार देखे जाने की सूचना पर तत्परता दिखाते हुए जंगल में पहुंच कर वन विभाग की टीम ने तलाशी अभियान चलाया। आसपास जंगल में काफी तलाश के बावजूद गुलदार को तलाशा न जा सका। गुलदार के न मिलने पर चांदपुर वन रेंजर दुष्यंत सिंह ने अपनी टीम के साथ ग्राम मंसूरपुर के जंगल में पिंजरा लगा दिया।
विभागीय सूत्रों के अनुसार गुलदार को पकड़ने के लिये रात्रि तकरीबन 11:30 बजे पिंजरा लगाया गया। वन रेंजर दुष्यंत सिंह के साथ दरोगा राजा, फॉरेस्ट गार्ड बबलू सादिक, गौरव व अवनीश आदि मौजूद रहे। वन रेंजर दुष्यंत सिंह ने बताया कि जंगलों में गुलदार को तलाश किया, न मिलने पर पिंजरा लगाकर उसको पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
गलत नंबर लिखे होने से मंजिल की तलाश में भटकते हैं मरीज और तीमारदार
कुछ ऐसा है ऋषिकेश एम्स का हाल…!
ऋषिकेश। करोड़ों रुपए की लागत से बने एम्स का हाल बेहाल है। सर्वर ठप होने से परेशान मरीज और उनके तीमारदार जांच रिपोर्ट हासिल करने के लिए कई कई दिन भटकते रहते हैं। वहीं बद इंतजामी का शिकार शौचालयों का प्रयोग करना किसी के लिए भी दूभर हो गया है। प्रत्येक मंजिल पर नंबर गलत लिखे होने से लोग हैरान परेशान रहते हैं। मंजिल दो पर तीन, तीन पर चार आदि गलत लिखा होने से अधिकांश लोग भ्रमित होकर मंजिल की तलाश में भटककर अपना बेशकीमती वक्त बर्बाद करते हैं।
सूरत ए हाल बयां करने को है काफी
ऋषिकेश में करोड़ों रुपए की लागत से बने एम्स का हाल बेहाल हो गया है। यहां आने वाले मरीज और उनके तीमारदार अनेक तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं। शिकायत सुनने वाला कोई नहीं है।
बद इंतजामी का शिकार शौचालयों का प्रयोग करना किसी के लिए भी दूभर हो गया है। यहां प्रत्येक मंजिल पर शौचालय हैं, लेकिन अधिकांश टूटे फूटे पड़े हैं। वाश बेसिन तो हैं, बस टोंटियों से पानी नहीं निकलता।
वाश बेसिन तो हैं, बस टोंटियों से पानी नहीं निकलता12:19 pm
अधिकांश ठप रहता है सर्वर
सर्वर ठप होने से परेशान मरीज और उनके तीमारदार जांच रिपोर्ट हासिल करने के लिए कई कई दिन भटकते रहते हैं। बताया गया है कि अपनी जांच रिपोर्ट हासिल करने के लिए लोग परेशान रहते हैं। लापरवाही भी हद पार कर चुकी है। अभी हाल ही में मुरादाबाद की एक महिला के अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के साथ ही महीनों से चल रहे इलाज के पर्चे व अन्य कागजात आश्चर्यजनक रूप से गायब हो गए। डिपार्टमेंट ऑफ रेडियो डायोग्नोसिस एंड इमेजिंग में तैनात कर्मचारी महिला को लगातार टहला रहे हैं। महिला इस बात को लेकर परेशान है कि पुराना रिकार्ड आखिर लाए तो लाए कहां से?
01:15 pm
एक्स – रे, अल्ट्रा साउंड, सीटी स्कैन, एमआरआई की स्थिति ऑन स्क्रीन देखने को लोग तरस जाते हैं। कर्मचारी लगातार सर्वर डाउन होने की दुहाई देकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। रिपोर्ट ऑन लाइन हासिल करना भी टेढ़ी खीर है। एम्स की साइट खोलते खोलते लोग थक हार कर बैठ जाते हैं।
04:35 pm
मंजिल की तलाश में भटकते हैं मरीज और तीमारदार
प्रत्येक मंजिल पर नंबर गलत लिखे होने से लोग हैरान परेशान रहते हैं। मंजिल दो पर तीन, तीन पर चार आदि गलत लिखा होने से अधिकांश लोग भ्रमित होकर मंजिल की तलाश में अपना बेशकीमती वक्त बर्बाद करते हैं। यही नहीं लगभग हरेक बिल्डिंग में लगी लिफ्ट भी सही हालत में नहीं हैं। लोगों को सीढ़ियों का उपयोग करना पड़ता है।
पार्किंग का हल
दुर्दशा का शिकार वाहन पार्किंग स्थल
इसी तरह वाहन पार्किंग स्थल भी दुर्दशा का शिकार है। ड्यूटी पर मौजूद गार्ड की फौज भी यहां लाचार है। लोग बेतरतीब तरीके से अपने वाहन खड़े कर निकल लेते हैं और जरूरत पर अन्य लोगों को अपना वाहन वहां से निकालने के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ता है।
पार्किंग का हालपार्किंग का हाल
चिकित्सा अधीक्षक के आदेश, निर्देश का भी पालन नहीं
चिकित्सा अधीक्षक द्वारा अस्पताल के सभी संकाययण / रेजीडेंटस डाक्टर्स / नर्सिंग आफिसर्स व अन्य स्टाफ को दिए गए आदेश, निर्देश का भी पालन नहीं किया जा रहा। स्पष्ट कहा गया है कि वे वार्डों व अस्पताल के अन्य स्थानों पर कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करें। अस्पताल के रोगी से सम्बन्धित क्षेत्रों व भीड़भाड़ क्षेत्रों वाली जगहों में मास्क प्रयोग करना, सामाजिक दूरी बनाए रखना, साबुन / सेनेटाइजर से हाथ की सफाई नियमित रूप से करें तथा ओपीडी क्षेत्रों में मरीज के रिश्तेदारों से दूरी बनाए रखें। इसके बावजूद अधिकांश बिना मास्क पहने देखे जा सकते हैं।
किसी काम की नहीं संवाद डेस्क
मरीजों और उनके तीमारदारों की सुविधा के लिए संचालित संवाद डेस्क भी किसी काम की नहीं। कई जगहों पर इस पर संपर्क के लिए मोबाइल और व्हाट्सएप नंबर +91 72170 14336 अंकित है। इसके बावजूद संपर्क करने पर कोई रिस्पॉन्स नहीं मिलता। यही नहीं अस्पताल का मोबाइल नंबर 084750 00144 या तो व्यस्त मिलेगा या फिर कॉल रिसीव नहीं की जाएगी। इस संबंध में पीआरओ एम्स हरीश थपलियाल से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
आनन – फानन में गड्ढा खुदवा कर अधिकारियों ने गोवंश को दबाया
जलीलपुर गोशाला में सात गोवंश की मौत, भाजपाइयों का हंगामा
~भुवन राजपूत
बिजनौर। चांदपर तहसील क्षेत्र के ब्लॉक जलीलपुर गोशाला में सात गोवंशों की मौत होने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर पहुंचे विकास खंड अधिकारियों ने आनन – फानन में गड्ढा खुदवा कर गोवंश के शवों को दबा दिया।
50 बीघा भूमि में चारा होने के बावजूद भूख से दम तोड़ रहे हैं गोवंश
जलीलपुर गोशाला में सात गोवंश की मौत होने से गोशाला की व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। तीन दिन तक मृतक गोवंश गोशाला में पड़े रहे, लेकिन किसी ने उन्हें देखना गवारा नहीं समझा। भाजपा नेताओं ने हंगामा किया तो प्रशासनिक अमले की नींद टूटी। बीडीओ जलीलपुर गोशाला की ओर दौड़ पड़े। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रशासन ने जलीलपुर में 70 बीघा जमीन खाली कराकर उसमें गोशाला का निर्माण कराया। वर्तमान में 100 गोवंश संरक्षित हैं। 50 बीघा भूमि में चारा होने के बावजूद गोवंश भूख से दम तोड़ रहे हैं।
हंगामे की सूचना पर पहुंचे बीडीओ
हंगामे की सूचना पर पहुंचे खंड विकास अधिकारी ओमवीर सिंह, पशु चिकित्सक डा. मुनेंद्र कुमार व एडीओ पंचायत अनिल कुमार ने आनन फानन में गड्ढे खुदवाकर मृत गोवंश को दबा दिया। हंगामा करने वालों में धर्मेंद्र प्रजापति, दुष्यंत चौहान, जितेंद्र चौधरी, नवनीत प्रजापति, सुभाष चौहान, सौरभ त्यागी व कमल सिंह आदि भाजपा कार्यकर्ता शामिल रहे।
थाने पहुंच कर पिता बोला- ‘मैंने बेटे को मार दिया है, मुझे गिरफ्तार कर लो’
मैनपुरी में पत्रकार बेटे की गोली मारकर हत्या
लखनऊ। जिला मैनपुरी में पिता ने अपने पत्रकार बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। औंछा थाना क्षेत्र के अकबरपुर गांव में घटी इस घटना से सनसनी फैल गई। हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। परिजनों में कोहराम मच गया। इस बीच आरोपी पिता ने थाने पहुंच कर पुलिस से कहा कि मैंने बेटे को मार दिया है। इसके बाद पुलिस उसे लेकर घर पहुंची और साक्ष्य जुटा कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी।
कृषि विभाग से रिटायर होने के बाद विजयपाल यादव कस्बे में ही घर बनाकर बेटे के साथ रह रहे हैं। बेटा राजीव यादव शिक्षामित्र के साथ-साथ अमर उजाला के पत्रकार भी था।सुबह करीब पौने नौ बजे राजीव और उनके पिता में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इस पर पिता विजयपाल गुस्से में आकर अपनी रायफल निकाल लाए और राजीव पर फायरिंग कर दी। गोली राजीव की गर्दन को पार कर गई। घर में कोहराम मच गया। परिजन और ग्रामीण आनन-फानन राजीव को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसी बीच विजयपाल ने थाने पहुंच कर पुलिस से कहा कि मैंने बेटे को मार दिया है, मुझे गिरफ्तार कर लो। इसके बाद पुलिस उसे लेकर घर पहुंची और साक्ष्य जुटा कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी। ग्रामीणों ने बताया कि विजयपाल काफी समय मानसिक रूप से परेशान है। परेशानी में ही उसने यह कदम उठा लिया।
मंडावर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मोहम्मदपुर देवमल के मेन बाजार की घटना
बिजली की लाइन में फाल्ट से दुकान में लगी आग, लाखों का नुकसान
~by Mukesh Kumar
बिजनौर। मंडावर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मोहम्मदपुर देवमल के मेन बाजार स्थित एक दुकान में लगी आग से लाखों रुपए कीमत का सामान जलकर राख हो गया। आग लगने का कारण दुकान की मेन लाईन में फाल्ट होने से निकली चिंगारी को बताया जा रहा है।
ग्राम मोहम्मदपुर देवमल निवासी नवीन कुमार ने कस्बे के ही मेन बाजार में 7~8 वर्ष से परचून की दुकान चलाते हैं। बताया गया है कि दोपहर करीब 2 बजे नवीन कुमार अपनी दुकान पर छोटे बच्चे को बैठाकर किसी जरूरी कार्य से कस्बा मंडावर गए थे। इसी बीच दुकान में बिजली के मीटर की लाईन में फाल्ट हो गया और उससे निकली चिंगारी ने भयानक आग का रूप ले लिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया।
आसपास के दुकानदारों ने यह देख किसी तरह आग बुझाई और दुकान मालिक नवीन कुमार को सूचना दी। इस पर वापस पहुंचे नवीन कुमार ने बताया कि काफी सामान जल चुका है और डेढ़ से दो लाख रुपए का नुकसान हो चुका है।
कोर्ट के आदेश पर हीमपुर दीपा पुलिस ने दिया कार्रवाई को अंजाम
अवैध तरीके से जमा की गई संपत्ति को पुलिस ने किया कुर्क
बिजनौर। थाना हीमपुर दीपा अंतर्गत ग्राम राजपुर परसु में लूट व हत्या जैसे जघन्य अपराधों में शामिल गैंगस्टर एक्ट के अभियुक्तों द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्ति को कोर्ट के आदेश के बाद गांव में ढोल बजवा कर कुर्क कर लिया गया।
जानकारी के अनुसार थाना हीमपुर दीपा के ग्राम राजपुर परसु निवासी करन व हरिओम उर्फ छोटू पुत्रगण रामपाल की अवैध तरीके से अर्जित की गई संपत्ति को पुलिस ने कुर्क कर लिया है। इस दौरान ग्रामीणों के सामने ही ढोल बजाकर कार्रवाई के विषय में अवगत कराया गया। साथ ही इस बाबत मकान पर पोस्टर भी चस्पा किया गया। कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई के दौरान कुर्क किए गए मकान की कीमत करीब 12 लाख 64 हजार 600 रुपए आंकी गई है। पुलिस के अनुसार उपरोक्त दोनों अभियुक्तों के खिलाफ करीब 18 मुकदमे दर्ज हैं। न्यायालय के आदेश के बाद सीओ सर्वम सिंह के नेतृव में हीमपुर दीपा पुलिस ने आरोपियों की लाखों की संपत्ति को अपने कब्जे में ले लिया है।
चांदपुर तहसील के गांव में गुलदार दिखाई देने से दहशत का माहौल
कोतवाली देहात के हाजीपुर के निकट गुलदार देखे जाने से ग्रामीण भयभीत
चांदपुर और कोतवाली देहात क्षेत्र में देखा गया गुलदार
चांदपुर से भुवन राजपूत, कोतवाली देहात से प्रशांत कुमार और मंडावर से मुकेश कुमार की रिपोर्ट
बिजनौर। चांदपुर और कोतवाली देहात क्षेत्र में गुलदार देखे जाने के बाद ग्रामीणों में दहशत पैदा हो गई है। बताया गया है कि चांदपुर तहसील के गांव शाहपुर भसोड़ी और कोतवाली देहात के हाजीपुर के निकट गुलदार को देखा गया। मामलों की सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दे दी गई है। इधर मंडावर थाना क्षेत्र के कई गांवों में गुलदार देखे जाने की सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी ने टीम के साथ जंगल में सर्च अभियान चलाया।
गुलदार के पद चिन्ह
शहतूत के पेड़ के नीचे दिखाई दिया गुलदार
चांदपुर तहसील के गांव शाहपुर भसोड़ी में सोमवार की शाम किसान सीटू पुत्र जय लाल सिंह अपने घर पर जब पशुओं को देखने गए तो शहतूत के पेड़ के नीचे उसको गुलदार दिखाई दिया। किसान किसी तरह वहां से अपनी जान बचाकर भागा। उसने शोर मचा कर ग्रामीणों को सूचना दी। लाठी डंडों से लैस ग्रामीण इकट्ठा होकर मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को देख गुलदार वहां से भाग निकला। ग्रामीणों ने प्रशासन से गुलदार को जल्द से जल्द पकड़वाने की गुहार लगाई है।
गुलदार की तलाश में जंगलों में की गई कांबिंग
कोतवाली देहात क्षेत्र अंतर्गत हाजीपुर के निकट गुलदार देखे जाने से ग्रामीण भयभीत हो गए हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कांबिंग की लेकिन गुलदार हाथ नहीं आया। सिकंदरपुर, मखवाड़े और तेलीपुरा में आदमखोर द्वारा तीन लोगों के मारे जाने के बाद से वन विभाग की टीम क्षेत्र में गुलदार को तलाश रही है। मंगलवार सुबह गुलदार को हाजीपुर के पास देखा गया। इसके बाद ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम को सूचित किया। सिकंदरपुर के ग्राम प्रधान विजयपाल सिंह सहित दर्जनों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। वन विभाग की टीम द्वारा गुलदार को तलाशा गया लेकिन कुछ पता नहीं लगा। वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पिंजरा लगाने की बात कही है। गुलदार आसपास के क्षेत्र में ही घूम रहा है। सोमवार को गुलदार ने मचान के पास बंधी बकरी को निवाला बना लिया था।
गुलदार की तलाश में वन क्षेत्राधिकारी ने टीम के साथ जंगल में चलाया सर्च अभियान
मंडावर थाना क्षेत्र के ग्राम पदमपुर, करीमपुर, नगली शहबाजपुर आदि में गुलदार होने की सूचना वन विभाग को मिली थी। इस पर वन क्षेत्राधिकारी महेश गौतम ने वन कर्मियों के साथ जंगलों में गुलदार की तलाश में कांबिंग की।
बच्चों को छोड़ने और लेने जाएं अभिभावक
कांबिंग के दौरान स्कूली बच्चों की छुट्टी होने पर क्षेत्राधिकारी महेश गौतम ने अपनी अभिरक्षा में स्कूली बच्चों को उनके गांव तक छोड़ा। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि अभी कुछ समय तक वह अपने बच्चों को साथ में छोड़ने और लेने विद्यालय आएं।
धामपुर तहसील क्षेत्र में काफी दिनों से मचा रखा था आतंक
पद चिन्हों के सैंपल से पकड़े गए गुलदार की कराई जाएगी पहचान
आखिरकार पिंजरे में कैद हुआ एक गुलदार
बिजनौर। धामपुर तहसील क्षेत्र में काफी दिनों से आतंक का पर्याय बना एक गुलदार वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया है। उसे देखने के लिए मौके पर ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी।
जानकारी के अनुसार रेहड़ थाना के क्षेत्र गांव सादकपुर के पास जंगल में गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग द्वारा पिंजरा लगाया गया था। सोमवार देर रात किसी समय पिंजरे में एक गुलदार फंस गया। सुबह खेत पर पहुंचे किसानों ने सूचना वन विभाग को दी। वहीं गुलदार के पिंजरे में बंद होने की सूचना क्षेत्र में जंगल की आग की तरह फैल गई। थोड़ी ही देर में गुलदार को देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ लग गई।
सूचना पर डीएफओ अरुण कुमार सिंह, वन्य जीव विशेषज्ञ डा. आरके सिंह आदि अधिकारी मौके पर पहुंच गए। डीएफओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पिंजरे में कैद गुलदार की उम्र लगभग दो वर्ष के आसपास है। गुलदार को अमानगढ़ के कहरीपुर स्थित कार्यालय ले जाया जा रहा है। वहां वन्यजीव विशेषज्ञों द्वारा भटपुरा स्थित पहले की घटनाओं के बाद लिए गए गुलदार के पद चिन्हों के सैंपल से पकड़े गए गुलदार की पहचान कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि अग्रिम कार्रवाई उच्चाधिकारियों के आदेश पर ही की जाएगी।
गौरतलब है कि उक्त स्थान से लगभग आधा किलोमीटर दूर स्थित गांव भटपुरा में गत 30 जुलाई को गुलदार ने 18 वर्षीय युवती जमुना देवी को मार डाला था। इस पर वन विभाग ने दो अगस्त को भटपुरा से करीब पांच सौ मीटर की दूरी पर गांव सादकपुर में किसान सर्वेश चौहान के गन्ने के खेत में पिंजरा लगाया था। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई दिन से गुलदार को पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजरा खाली चल रहा था। गांव के कुछ लोगों ने सोमवार रात एक कुत्ते को पिंजरे में बंधवा दिया। मंगलवार सुबह गुलदार उसमें कैद मिला। बताया गया है कि 19 अप्रैल को गुलदार के हमले की पहली घटना अफजलगढ़ में हुई थी, जब गुलदार ने एक बुजुर्ग को मार डाला था। इसके बाद जिलेभर में अलग-अलग स्थानों पर गुलदार के हमलों में अब तक 13 लोगों की जान जा चुकी है।
खेत गए मां बेटे के साथ मारपीट, एक युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
फार्म हाउस पर तोड़फोड़ के मामले में चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
बिजनौर। बढ़ापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक फार्म हाउस पर तोड़फोड़ करने वाले चार लोगों के खिलाफ बढ़ापुर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी है।वहीं खेत पर काम करने गए मां बेटे के साथ मारपीट की घटना में भी रिपोर्ट दर्ज की गई है।
थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम वीरभान वाला में जनपद हापुड़ के थाना पिलखुआ निवासी सतीश कुमार पुत्र भोपाल सिंह का कृषि फार्म है। सतीश कुमार द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर में बताया गया है कि उक्त फार्म की देखभाल के लिए उन्होंने गुलफाम एवं दिलबाग नाम के दो नौकर रखे हुए हैं। दिनांक 21 जुलाई 2023 को रात्रि करीब 11:00 बजे चार लोग फार्म हाउस पर आए और तोड़फोड़ करने लगे। नौकर के विरोध करने पर उसकी पिटाई व जान से मारने की धमकी देकर चले गए। पता करने पर पता चला कि उसमें एक व्यक्ति लब्बी पुत्र बाज सिंह निवासी मदपुरी चाहड़वाला व गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी पुत्र मांगा सिंह निवासी वीरभान वाला व दो अज्ञात लोग थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष बढ़ापुर द्वारा सतीश कुमार की तहरीर पर नामजद दो आरोपियों व दो अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 323,427,504 भादवी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। बढ़ापुर पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज होने की पुष्टि की गई है।
दूसरी तरफ खेत पर काम करने गए मां बेटे के साथ मारपीट के मामले में एक युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। थाना क्षेत्र के ग्राम जलालपुर निवासी मेवाराम पुत्र मान सिंह द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर में बताया गया है कि बीते शनिवार 5 अगस्त को उसकी पत्नी अनीता अपने पुत्र प्रिंस के साथ खेत पर काम करने के लिये गई थी। जब दोनों माँ बेटे खेत पर काम रहे थे उसी समय गांव का काकू पुत्र बिट्टू भी खेत पर आ गया और प्रिंस के साथ गाली गलौज करने लगा। अनीता द्वारा समझाने और बीच बचाव का प्रयास किया गया। आरोप है कि काकू ने लाठी डंडे सहित ईंट से अनीता पर हमला कर दिया। हमले में अनीता के चहेरे, कन्धे व पैर पर चोट आई और वह बेहोश हो गई। इतने में गांव के लोग मौके पर आ गए और उन्होंने आरोपी से बचाया। उसके भाई हरिओम ने अनीता को सरकारी अस्पताल नगीना में भर्ती कराया। पुत्र से सूचना मिलने पर वह देहरादून से आ कर थाना बढ़ापुर पुलिस से शिकायत करने आया है। घायल महिला के पति की तहरीर पर बढ़ापुर पुलिस ने आरोपी युवक काकू के खिलाफ धारा 323,504,308 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी है।
31 अगस्त तक ही एम्स में ड्यूटी कर सकेगा 400 आउटसोर्स नर्सिंग स्टाफ
एम्स ऋषिकेश को मिलने वाला है 289 नर्सिंग स्टाफ
ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश को करीब 289 नर्सिंग स्टाफ मिलने वाले हैं। इसके लिए दो माह पहले नर्सिंग ऑफिसर रिक्रूटमेंट कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट के जरिए नोडल एम्स दिल्ली ने भर्ती परीक्षा कराई थी। दूसरी तरफ आउटसोर्सिंग से तैनात बी और सी ग्रुप के नर्सिंग स्टाफ को अनुबंधित कंपनी द्वारा सेवा समाप्ति का नोटिस जारी करने के बाद कर्मचारी आंदोलित हो गए हैं।
बताया गया है कि एम्स में आउटसोर्सिंग से तैनात बी और सी ग्रुप के नर्सिंग स्टाफ को अनुबंधित कंपनी ने सेवा समाप्ति का नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस के अनुसार कर्मचारी 31 अगस्त के बाद एम्स में सेवाएं नहीं दे पाएंगे। नोटिस मिलते ही आउटसोर्स कर्मचारी आंदोलित हो गए। गुरुवार को आक्रोशित कर्मचारियों ने एम्स चिकित्सा अधीक्षक और कार्यकारी निदेशक कार्यालय पर धरना दिया। एम्स में प्रिंसिपल सिक्योरिटी आउटसोर्स कंपनी के माध्यम से करीब 400 से अधिक बी और सी ग्रुप के नर्सिंग स्टाफ तैनात है।आउटसोर्स कंपनी ने उक्त सभी नर्सिंग कर्मियों को 31 अगस्त के बाद सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया। इस पर सभी आउटसोर्स नर्सिंग स्टाफ एम्स चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गए, लेकिन चिकित्सा अधीक्षक से वार्ता न होने पर उक्त सभी कर्मी कार्यकारी निदेशक प्रो. (डा.) मीनू सिंह के कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठे और नारेबाजी की। कर्मचारियों ने कहा कि वह वर्षों से यहां सेवाएं दे रहे हैं। कोरोनाकाल में खुद की जान की परवाह किए बगैर दूसरों की जान बचाई। अब आउटसोर्स कंपनी और एम्स प्रशासन ने उन्हें बाहर करने का नोटिस थमा दिया है।
रिपोर्ट लेने को लगी लाइन
प्रिसिंपल आउटसोर्स कंपनी के उत्तराखंड मैनेजर चंदन कुमार मेहरा के अनुसार एम्स प्रशासन के नियमित नर्सिंग स्टाफ की तैनाती होने पर आउटसोर्सिंग स्टाफ की आवश्यकता नहीं होगी। इसलिए नर्सिंग आउटसोर्स कर्मियों को 31 अगस्त के बाद सेवा समाप्ति का नोटिस दिया गया है।
सर्वर डाउन होने का बहाना…
सोमवार को अधिकांश काउंटर पर मरीजों और तीमारदारों की भीड़ लगी रही। कोई काउंटर 8 बजे खुलना था तो कोई 9 और 10 बजे। लंबी लाइन में समय बीतने का इंतजार करते लोगों को हड़ताल की जगह बहाना बनाकर बताया गया है सर्वर डाउन है। खैर देर से ही सही काउंटर पर कामकाज शुरू हुआ तो लोगों ने राहत की सांस ली।
सभी एम्स में नर्सिंग स्टाफ की भर्ती नर्सिंग ऑफिसर रिक्रूटमेंट कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट के जरिए होती है, जिसके लिए एम्स दिल्ली को नोडल बनाया गया है। दो माह पहले हुई भर्ती परीक्षा के जरिए एम्स ऋषिकेश को करीब 289 नर्सिंग स्टाफ मिलने हैं। एम्स में जो भी नर्सिंग स्टाफ आउटसोर्स से तैनात हैं, उनकी तैनाती स्वीकृत पदों के सापेक्ष हुई है। नियमित स्टाफ मिलने पर आउटसोर्स को रखना संभव नहीं है। – हरीश थपलियाल, पीआरओ एम्स
आखिरकार क्यों नहीं रुक रही खाद्य पदार्थों में मिलावट
दूध, घी, मावा, धनिया, मिर्च पाउडर, जिंजर पाउडर, बेसन, बूंदी के लड्डू और आन्टी स्वीटी सुपारी तक शामिल
खाद्य पदार्थों के नमूने फेल निकलने पर 28 मुकदमों में जुर्माना ₹ 16 लाख
बिजनौर। जुलाई माह में खाद्य पदार्थों के नमूने फेल निकलने पर 28 मुकदमों में 16 लाख 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। अपर जिलाधिकारी कोर्ट से इन वादों के निस्तारण में यह अर्थदंड लगाया गया।
जिले में खाद्य विभाग की ओर से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाते हैं। विभाग की ओर से लिए गए इन खाद्य पदार्थों के नमूने की जांच रिपोर्ट समय-समय पर आती रहती है। इनमें अधोमानक से लेकर मिसब्रांडेड तक के मामलों में अलग-अलग अर्थदंड का निर्धारण किया जाता है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजीव सिंह के अनुसार अय्यूब भोगनवाला के अधोमानक मावे के लिए 25 हजार रुपए और अधोमानक बेसन के लिए 30 हजार रुपए, महबूब भोगनवाला के अधोमानक दूध के लिए 25 हजार व बूंदी के लड्डू के लिए 30 हजार, शकील नई बस्ती बिजनौर के अधोमानक दूध के लिए एक लाख रुपए, जुल्फकार निवासी जुलाहान बिजनौर व विक्रम सेल्स बरेली तथा एसकेबी इंडस्ट्रीज इंदौर पर मिसब्रांडेड आन्टी स्वीटी सुपारी के लिए 2 लाख 15 हजार रुपए, रंजा पुत्र यूसुफ निवासी गनौरा कोतवाली देहात पर अधोमानक मावे के लिए 25 हजार रुपए, शबूर आलम शेरकोट पर अधोमानक कचरी व मिर्च पाउडर के लिए 50- 50 हजार रुपए, दीपांकर अग्रवाल निवासी जाटान बिजनौर व पुष्प ब्रांड इंदौर पर जिंजर पाउडर में नियमों के उल्लंघन में एक लाख रुपए जुर्माना किया गया है।
यामीन नगीना पर धनिया पाउडर के लिए 20 हजार रुपए, मोहम्मद बिलाल कोतवाली देहात पर अधोमानक मिक्स दूध के लिए 20 हजार रुपए, मोहम्मद अकील चांदपुर पर अधोमानक मिक्स दूध के लिए 60 हजार रुपए, अधोमानक घी निकलने पर मोहम्मद तबरेज हल्दौर तथा वितरक विष्णु एंड कंपनी हल्दौर व निर्माता वीआरएस फूड्स लिमिटेड बुलंदशहर पर 3 लाख 50 हजार रुपए जुर्माना किया गया है।
आखिरकार क्यों नहीं रुक रही खाद्य पदार्थों में मिलावट
बावजूद विभागीय छापामारी, आम जनमानस के दिलो दिमाग में यह सवाल कौंधता रहता है कि आखिरकार खाद्य पदार्थों में मिलावट रुकने का नाम क्यों नहीं ले रही है। इसका एक कारण ये है कि बहुत सी चीजों की मांग इतनी बढ़ गई है कि उसकी पूर्ति सम्भव नहीं है। जब पूर्ति सम्भव नहीं तो मात्रा बढ़ाने के लिए मिलावट का सहारा लिया जाता है। दूसरी बात ये है कि लोग सस्ते सामान पसंद करते हैं। मिलावट करके दुकानदार सस्ती चीजें दे देते हैं। सरकार को खाद्य पदार्थों की समय-समय पर जांच करवाना चाहिए। यही नहीं लोक स्वास्थ्य से जुड़ा होने के कारण सरकार को इस विषय पर गंभीर होकर सोचना चाहिए। भ्रष्ट अफसरों पर भी कार्रवाई करनी चाहिए, जो महज खानापूर्ति करके दोषियों को सरंक्षण देते हैं।
जनशिकायतों के निस्तारण में बिजनौर को मिला प्रदेश में प्रथम स्थान
अफजलगढ़ क्षेत्राधिकारी भरत कुमार सोनकर व नूरपुर थाना प्रभारी संजय कुमार तोमर को प्रशस्ति पत्र
बिजनौर। मुख्यमंत्री उ0प्र0 के बिजनौर में भ्रमण कार्यक्रम को सकुशल सम्पन्न कराने व माह जुलाई में I.G.R.S पर प्राप्त जनशिकायतों के निस्तारण में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन ने अफजलगढ़ क्षेत्राधिकारी भरत कुमार सोनकर को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया। इसी प्रकार नूरपुर थाना प्रभारी संजय कुमार तोमर को पुलिस अधीक्षक नीरज जौदान ने प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर एसपी सिटी प्रवीण रंजन सिंह, एसपी ग्रामीण राम अर्ज, अपर पुलिस अधीक्षक धर्म सिंह मार्छल सिंह आदि मौजूद रहे।
पिछले कई माह से बिजनौर जिले की रैंकिंग में लगातार सुधार हो रहा है। शासन के साथ-साथ एसपी नीरज कुमार जादौन की प्राथमिकताओं में जनसुनवाई शामिल है। सुबह दस बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक लगातार जन सुनवाई करने वाले एसपी के सभी थाना प्रभारियों को भी गुणवत्तापूर्वक निस्तारण के निर्देश हैं। इसके चलते जुलाई माह में बिजनौर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सम्मानित करने के मौके पर एसपी सिटी प्रवीण रंजन सिंह, एसपी ग्रामीण राम अर्ज, अपर पुलिस अधीक्षक धर्म सिंह मार्छल सिंह आदि मौजूद रहे।
अफजलगढ़ क्षेत्राधिकारी भरत कुमार सोनकर को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित करते एसपी नीरज जादौन
प्रथम स्थान हासिल करने वाले जिले ~ जोन अंतर्गत जिला स्तर पर बदायूं, पीलीभीत, मुरादाबाद, अमरोहा, रामपुर व बिजनौर ने प्रथम स्थान हासिल किया है। वहीं बरेली व संभल को संयुक्त रूप से 34वां स्थान मिला।सबसे खराब प्रदर्शन शाहजहांपुर का रहा, उसे 57वां स्थान मिला।
नूरपुर थाना प्रभारी संजय कुमार तोमर को सम्मानित करते पुलिस अधीक्षक नीरज जौदान
गौरतलब है कि जनसुनवाई पोर्टल (आइजीआरएस) पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में बरेली जोन ने एक बार फिर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। बरेली रेंज पहले से 14वें स्थान पर पहुंच गया जबकि मुरादाबाद रेंज ने प्रथम स्थान पर अपनी स्थिति बरकरार रखी है। समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आइजीआरएस) के जुलाई माह की रैंकिंग बुधवार को जारी हुई थी। एडीजी जोन पीसी मीना के अनुसार जुलाई में बरेली जाेन में प्राप्त कुल 140 शिकायतों में से 139 का निस्तारण कर दिया गया। इसी के चलते जोन ने प्रथम स्थान हासिल किया।
बिजनौर। खेत पर जाते समय मोबाइल पर तेज आवाज़ में फिल्मी स्टोरी या कव्वाली सुनने जैसी सलाहों के खास मायने हैं। वन विशेषज्ञों का कहना है कि शोर शराबा सुनकर गुलदार सामने नहीं आता। कुछ इसी तर्ज पर उर्वरकों का छिड़काव करने के लिए एक किसान ने खेत पर ढोल नगाड़े बजवा दिए। सोशल मीडिया पर ये वीडियो क्लिप जमकर वायरल हो रहा है।
बताया गया है कि शनिवार को बुंदकी क्षेत्र अंतर्गत एक गांव के किसान को अपने खेत में उर्वरकों का छिड़काव करना था। गुलदार के डर से मजदूर जाने को तैयार नहीं हुए तो किसान ने वन विशेषज्ञों की सलाह को ध्यान में रखकर ढोल नगाड़े बजवाए। उर्वरक के साथ-साथ ढोल बजाने वालों को भी खेत पर ले जाया गया। खेत में घुसने से पहले ही ढोल बजवाए गए, जिससे अगर गुलदार खेत में हो तो भाग जाए। कुल मिलाकर तरकीब काम कर गई और उर्वरकों का छिड़काव निर्विघ्न संपन्न हो गया। इस दौरान कई ग्रामीण लाइसेंसी असलहे और भाले, बरछी भी लिए रहे।
जिले में तैनात वन विभाग के अधिकारियों के मोबाइल नंबर …
नोएडा, एनसीआर और गाजियाबाद के यात्री कृपया ध्यान दें
हाई स्पीड कार चालकों पर नकेल कसने के लिए एक योजना तैयार
एक्सप्रेस~वे: कार का मीटर पहुंचा 100 के पार, तो सरकार वसूलेगी ₹ 1000
नई दिल्ली। अगर एक्सप्रेस वे और हाईवे पर रोड एक्सीडेंट की रिपोर्ट निकाली जाए तो पता चलेगा कि सबसे ज्यादा सड़क हादसे ओवरस्पीड की वजह से हुए हैं। अब ओवर स्पीड पर लगाम लगाने के लिए बेंगलुरु पुलिस डिपार्टमेंट ने एक नई योजना तैयार की है। रिपोर्ट के अनुसार बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेस~वे पर हाई स्पीड कार चालकों पर नकेल कसने के लिए एक योजना तैयार की गई है। इसके मुताबिक अगर कोई भी गाड़ी 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज चलेगी तो सीधे उसके फास्टैग से पैसे कट जाएंगे। बेंगलुरु पुलिस डिपार्टमेंट में इसकी पूरी रिपोर्ट बनाकर एनएचएआई यानी कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को भेज दी है। इस प्रस्ताव पर बहुत जल्द बैठक होने की बात चल रही है।
सरकार के खाते में सीधे जाएंगे जुर्माने और Fasteg के पैसे
बताया गया है कि सड़क सुरक्षा और यातायात के एडिशनल डायरेक्टर आलोक कुमार ने एनएचएआई से कहा है कि ऐसे मामलों में सीधा Fasteg से पैसे काटे जाने चाहिए, जिससे सीधा जुर्माने की राशि सरकार के अकाउंट में ट्रांसफर की जाए। अभी राशि सीधा सरकार के अकाउंट में नहीं जाती है। नई योजना आने के बाद जुर्माने और Fasteg के पैसे सीधे सरकार के खाते में जाएंगे। बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेस~वे पर नोएडा, एनसीआर और गाजियाबाद के हजारों लोग सफर करते हैं।
कटेगा ₹1000 का चालान
बेंगलुरु पुलिस के प्रस्ताव पर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता, लेकिन इस प्रस्ताव के पास होने के बाद बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेस~वे पर ओवरस्पीड वाहन चलाने वालों की संख्या बेहद कम हो जाएगी। बेंगलुरु पुलिस ने मैक्सिमम स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा रखी है, लेकिन अगर उसके बावजूद भी तेज रफ्तार में वाहन चलेंगे तो ₹1000 का चालान काटा जाएगा। इससे सड़क हादसे में मरने वाले लोगों की संख्या में कमी आएगी।
ग्रामीणों की भीड़ देखकर गन्ने के खेत में भागा गुलदार
अस्थाई गौशाला में घुसकर गुलदार ने किया गाय पर हमला
सूर्यास्त के बाद गुलदार प्रभावित क्षेत्र में न जाने की सलाह
मालिक को बचाने के लिये गुलदार से भिड़ कर कुत्ते ने गंवाई जान
बिजनौर। रेहड़ थाना क्षेत्र के गांव हरकिशनपुर में गुलदार के चंगुल से अपने मालिक को छुड़ाते कुत्ते की जान चली गई। आबादी के नजदीक हुई इस घटना से ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया है।
रेहड़ थाना क्षेत्र के गांव हरकिशनपुर निवासी भूदेव सिंह पुत्र नन्हे सिंह शुक्रवार शाम त्रिखुंटी मंदिर जा रहा था। इस दौरान भूदेव सिंह का जर्मन शेफर्ड प्रजाति का पालतू कुत्ता भी आगे चल रहा था। मंदिर के निकट किसान महीपाल सिंह के खेत से निकलकर आए गुलदार ने भूदेव पर हमला कर दिया। भूदेव के चिल्लाने पर कुत्ता गुलदार पर टूट पड़ा और अपने मालिक को गुलदार के चंगुल से छुड़ा लिया। इस बीच शोर सुनकर लाठी डंडे लेकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों की भीड़ को देखकर गुलदार गन्ने के खेत में भाग गया। इधर गुलदार के हमले में गंभीर घायल कुत्ते ने दम तोड़ दिया। घायल भूदेव को भी निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
सूर्यास्त के बाद गुलदार प्रभावित क्षेत्र में न जाने की सलाह
ग्राम प्रधान हुकुम सिंह, मदनपाल सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, हेतराम सिंह, बनवारी सिंह आदि ने बताया कि आबादी के पास अक्सर गुलदार देखा जा रहा है। आरोप लगाया कि सूचना देने के बाद भी वन विभाग के कर्मचारी ने मौके पर पहुंचना गवारा नहीं समझते। ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार को शीघ्र पकड़ने की मांग की। उधर घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुचे उपक्षेत्रीय वनाधिकारी सरोप सिंह रावत व सेक्शन इंचार्ज जगत सिंह राणा ने शीघ्र पिंजरा लगाकर गुलदार पकड़ने का आश्वासन देते हुए सूर्यास्त के बाद गुलदार प्रभावित क्षेत्र में न जाने की सलाह दी है।
इस बीच थाना नांगल क्षेत्र के ग्राम तिसोतरा के समीप रात्रि में बाइक से अपनी रिश्तेदारी में गौसपुर जा रहे युवक पर गुलदार ने हमला कर दिया। नांगल क्षेत्र में कई लोगों पर गुलदार के हमले की घटनाएं पूर्व में भी ही चुकी हैं। वहीं मंडावर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बादशाहपुर के समीप पेड़ के नीचे बैठे गुलदार का वीडियो ग्रामीणों ने बना लिया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों ने जांच पड़ताल शुरू कर दी।
अस्थाई गौशाला में घुसकर गुलदार ने किया गाय पर हमला
इसके अलावा राजा का ताजपुर क्षेत्र के ग्राम पोटी की अस्थाई गौशाला में गुलदार ने गाय को अपना निशाना बनाकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। आवाज सुनकर गौशाला में गाय की देखभाल करने वाले नितिन, सुनील, अनिल कुमार ने गुलदार को देखकर कर शोर शराबा मचाया तो गुलदार जंगल की ओर भाग गया। गांव वाले लाठी डंडे लेकर गौशाला पर पहुंचे। पशु चिकित्साक को बुला कर गाय का इलाज शुरू करा दिया गया। क्षेत्र में गुलदार के घूमने से दहशत का माहौल बना हुआ है
क्योंकि क्षेत्र के गांव मुजाहिदपुर, पोटा मुस्सेपुर रोड, सौलान पोटी के जंगल में आधा दर्जन से ज्यादा गुलदार को देखा गया है। गुलदार के देखे जाने से किसानों में डर का मौहाल बना हुआ है। महिला बच्चों ने घरों से बाहर निकलना बिल्कुल बंद कर दिया है। ग्राम प्रधान पुत्र राशीद अहमद ने गुलदार की सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी।
तीन बच्चों समेत करीब 10 घायल, सूचना मिलने पर पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी
नजीबाबाद क्षेत्र के गांव दरियापुर का मामला
झुग्गी-झोपड़ियों में घुसकर गुलदार का हमला
बिजनौर। नजीबाबाद क्षेत्र के गांव दरियापुर में शनिवार तड़के तीन बजे गुलदार ने झुग्गी-झोपड़ियों पर हमला बोल दिया। हमले में तीन बच्चों समेत करीब दस लोगों के घायल होने की सूचना है। सभी का प्राथमिक उपचार कराया गया। सूचना मिलने पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने मौका मुआयना किया।
जिले में गुलदार का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। अलग अलग स्थानों पर गुलदार द्वारा किए जा रहे हमलों से दहशत का माहौल है। शनिवार तड़के तीन बजे गुलदार ने नजीबाबाद क्षेत्र के गांव दरियापुर में झुग्गी-झोपड़ियों पर हमला बोल दिया। अचानक गांव में चीख पुकार मचने से ग्रामीण सकते में आ गए।
बताया गया है कि गुलदार के हमले में तीन बच्चों समेत करीब दस लोग घायल हो गए हैं। सभी को प्राथमिक उपचार के लिए ले जाया गया। सूचना मिलने पर एसडीएम रम्या आर, सीओ गजेंद्र पाल सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में मिले पंजों की जांच की। वन विशेषज्ञों ने घटनास्थल के पास मिले पगमार्क लकड़बग्घा के होने का दावा किया है। वहीं क्षेत्रवासी प्रथम दृष्टया गुलदार का शावक होने की बात कह रहे हैं।
गुलदार के बाद अब लकड़बग्घा हमलावर?
उधर लोगों की चिंता इस बात को लेकर और बढ़ गई है कि जिले में लकड़बग्घा की मौजूदगी पहले ही पता चल चुकी थी। गुलदार के बाद अब लकड़बग्घा के हमलावर होने से नई परेशानी सामने आ गई है।
मोटा फीलगुड करने के बाद छोड़ने का मामला बना चर्चा का विषय
आरक्षित वन क्षेत्र में बिना अनुमति किसी भी व्यक्ति की एंट्री पर है रोक
जंगल में मंगल करते पकड़ा गया प्रेमी युगल
बिजनौर। आरक्षित वन क्षेत्र के भीतर प्रेमालाप कर रहे एक प्रेमी युगल को वन विभाग की टीम द्वारा पकड़कर मोटा फीलगुड करने के बाद छोड़ने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
शुक्रवार को देर शाम बढ़ापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव निवासी एक प्रेमिका अपने प्रेमी के साथ बढ़ापुर वन रेंज कार्यालय के समीप आरक्षित वन क्षेत्र में प्रेमालाप कर रही थी कि उसी समय एक वन विभाग के कर्मचारी की उन पर नजर पड़ गई। बताया जा रहा है कि कर्मचारी द्वारा तत्काल उच्च अधिकारी को इसकी जानकारी दी गई, जिसके बाद बढ़ापुर वन रेंज के उक्त अधिकारी ने मौके पर पहुंच कर प्रेमालाप कर रहे प्रेमी युगल को पकड़ लिया। प्रेमी युगल द्वारा परिवार सहित गांव बिरादरी में बदनामी का हवाला देकर छोड़ने की मिन्नतें की गई, परन्तु प्रेमी युगल की कोई सुनवाई नहीं की गई।
बताया जा रहा है कि इसके बाद प्रेमी युगल ने अपनी गलती की सजा बतौर जुर्माना देने की पेशकश की, जिस पर वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी तैयार हो गए और मोटा फीलगुड करने के बाद प्रेमी युगल को छोड़ दिया गया। प्रेमी युगल से मोटी रकम ऐंठने का मामला नगर में चर्चा का विषय बन गया। इस बाबत जब बढ़ापुर वन रेंज के रेंजर जितेंद्र यादव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस प्रकार की कोई घटना उनकी जानकारी में नहीं है। उन पर लगे सारे आरोप निराधार हैं।
गौरतलब है कि बढ़ापुर नगर की सीमा से सटे आरक्षित वन क्षेत्र में प्रेमी युगल द्वारा प्रेमालाप करने का मामला आम हो गया है। सूरज ढलने के साथ ही बढ़ापुर कोटद्वार मार्ग पर प्रेमालाप करते हुए प्रेमी युगल के दो पहिया व चार पहिया वाहनों को खुलेआम देखा जा सकता है। एक ओर जहां वन विभाग आरक्षित वन क्षेत्र में बिना अनुमति किसी भी व्यक्ति के न जाने की बात करता है, वहीं दूसरी ओर यह प्रेमी युगल लगातार अपनी जान जोखिम में डालकर प्यार की पींगे बढ़ाते नजर आते हैं।
बादशाहपुर में पुलिस के हत्थे चढ़े छह सदस्य, पांच बाइक सीज
खुलेआम फायरिंग, छात्राओं से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को आएदिन देते थे अंजाम
~मुकेश कुमार, मंडावर
बिजनौर। मंडावर पुलिस ने आएदिन खुलेआम फायरिंग, छात्राओं से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को अंजाम देने वाले बाइकर्स गैंग के छह सदस्यों को पकड़ कर चालान कर दिया है। गुरुवार शाम ग्रामीणों द्वारा मंडावर पुलिस को सूचना मिली कि दर्जनों मोटरसाइकिल पर सवार होकर कुछ युवक इनामपुर से बादशाहपुर गांव की ओर गए हैं।
पुलिस ने देरी न करते हुए गांव बादशाहपुर में बाइक सवार युवकों को रोक लिया, पुलिस को देख कुछ युवक अपनी मोटरसाइकिल मौके पर छोड़ खेतों की ओर फरार हो गए। पुलिस ने मौके से पांच मोटरसाइकिल के साथ दो युवकों को पकड़ लिया। सभी बाइक ट्रैक्टर ट्राली पर लाद कर पुलिस आरोपियों को भी अपने साथ थाने ले गई। बाद में पूछताछ कर अन्य को भी हिरासत में लिया गया। ग्रामीणों के अनुसार युवकों ने अपनी मोटरसाइकिल की नंबर प्लेट पर कपड़ा बांध रखा था। बताया गया है कि पिछले काफी दिनों से मंडावर चंदक क्षेत्र में बाइकर्स गैंग ने आतंक मचा रखा है। बाइकर्स गैंग आएदिन खुलेआम फायरिंग, छात्राओं से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को अंजाम देता रहता है।
ट्रैक्टर ट्राली पर लाद कर थाने ले जाई गईं पांच बाइक
इस मामले में थानाध्यक्ष मंडावर हरीश कुमार ने बताया कि पांच मोटरसाइकिल के साथ 6 युवकों को पकड़ा गया है। बाईकों को सीज करने के साथ ही शुक्रवार को उक्त युवकों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया है।
आरोपी युवकों के नाम रवि पुत्र ऋषिपाल (22 वर्ष) ग्राम सीमला कलां थाना मंडावर, भोले पुत्र धर्मवीर (20 वर्ष) ग्राम गुर्जरापुर थाना कोतवाली शहर, अमन पुत्र चेतराम (20 वर्ष) ग्राम डुंगराजट थाना हल्दौर, सचिन पुत्र देवेंद्र सिंह (19 वर्ष) ग्राम शहबाजपुर थाना मंडावर, विकीन पुत्र शीशपाल सिंह, (21 वर्ष) निवासी अमाननगर थाना किरतपुर तथा मयंक पुत्र ओमवीर सिंह (19 वर्ष) ग्राम खेड़ा थाना हीमपुर दीपा बताए गए हैं।
ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद नहीं हुई अनियमितता और भ्रष्टाचार की जांच
बोले बीडीओ…धराशायी दीवार व द्वार का निर्माण स्वयं अपनी जेब से करेगा कार्यदायी
निर्माणाधीन गौशाला का गेट व दीवार गिरने के बाद भी कर दिया भुगतान
बिजनौर। किरतपुर के गांव बहादरपुर में निर्माणाधीन नंदी गौशाला का मुख्य द्वार और दीवार गिरने के बावजूद ठेकेदार को साढ़े 6 लाख लाख रुपए का भुगतान कर दिया गया। वहीं बीडीओ का कहना है कि भुगतान रोकने का कोई औचित्य नहीं है। धराशायी हुई दीवार व द्वार का निर्माण कार्यदायी स्वयं अपनी जेब से करेगा।
गत माह, जुलाई में किरतपुर के गांव बहादरपुर में निर्माणाधीन नंदी गौशाला का मुख्य द्वार और दीवार धराशाई हो गयी थी। ग्रामीणों ने ठेकेदार पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए उसके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी। बताया गया है कि इसके बावजूद बीडीओ कार्यालय से ठेकेदार को 6 लाख 60 हजार 285 रुपए का भुगतान कर दिया गया है। आरोप है कि गांव बहादरपुर में निर्माणधीन नंदी गौशाला की धराशायी हुई दीवार व मुख्य द्वार अनियमितता और भ्रष्टाचार की दास्तां बयां कर रहे हैं।
प्रतीकात्मक चित्र
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा मंडावर मार्ग स्थित मालन नदी के किनारे गांव बहादरपुर में सौ बीघा से अधिक भूमि पर नंदी गौशाला का निर्माण किया जा रहा है। गौशाला में निराश्रित गोवंशीय पशुओं के रहने और चारे की व्यवस्था की गई है। निर्माण कार्य अभी जारी है, गौशाला की दीवार व मुख्य द्वार को बने एक माह का समय बीता था कि वह पहली बरसात भी नहीं झेल पाए। अनियमितता एवं भ्रष्टाचार की जांच किये बिना बीडीओ कार्यालय से कार्यदायी को 3 अगस्त 2023 को 6 लाख 60 हजार 285 रुपए का भुगतान कर दिया गया है।
भुगतान रोकने का कोई औचित्य नहीं: इस संबंध में बीडीओ श्री जायसवाल का कहना है कि धराशायी हुई दीवार व द्वार का निर्माण कार्यदायी स्वयं अपनी जेब से करेगा। उसका भुगतान रोकने का कोई औचित्य नहीं है।
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