पूर्व इंचार्ज/क्राइम रिपोर्टर दैनिक जागरण उरई (जालौन), मेरठ, बिजनौर, धामपुर, मुजफ्फरनगर। समाचार संपादक दैनिक प्रयाण हरिद्वार। पूर्व महामंत्री श्रमजीवी पत्रकार यूनियन। अध्यक्ष ऑल मीडिया एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने लिया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा
(भुवन राजपूत)
बिजनौर। तहसील चांदपुर क्षेत्र ब्लॉक जलीलपुर क्षेत्र के गांव में बाढ़ की स्थिति है। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने सबसे अधिक बाढ़ प्रभावित गांव रायपुर खादर व मीरापुर सीकरी का दौरा कर ग्रामीणों से कहा कि वह अपनी जान खतरे में ना डालें। सरकार द्वारा बनाये गए राहत शिविरों में जाकर रहें।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने विकास खंड जलीलपुर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव रायपुर खादर व मीरापुर सीकरी का दौरा किया। जिलाधिकारी नाव में सवार होकर गांव रायपुर पहुंचे और सबसे पहले उन्होंने बाढ़ के पानी में डूबे करण सिंह के घर पहुंच कर उसके परिवार वालों को सांत्वना दी। उन्होंने बताया कि मृतक के परिवार को राहत के तौर पर 4 लाख उनके खाते में भेज दिए गए हैं।
डीएम ने गांव में कई घरों पर जाकर लोगों की समस्या जानी और उनसे बाढ़ राहत शिविरों में जाने का आह्वान किया। डीएम ने ग्रामीणों को बताया कि बाढ़ राहत केंद्रों में बाढ़ पीड़ितों की समस्या के निराकरण के लिए अधिकारी मौजूद है।
ग्राम सीकरी में पहुंचकर ग्रामीणों से किसी समस्या होने पर संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। उनके साथ उपजिलाधिकारी रितु रानी, पुलिस क्षेत्राधिकारी सर्वम सिंह, खंड विकास अधिकारी ओमवीर सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।
कमिश्नरेट पुलिस का सराहनीय कार्य: गुमशुदा बच्ची को चंद समय में किया उनके परिजनों को सुपुर्द
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के कमिश्नरेट काकोरी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दुगौली निवासी संजीत यादव की पुत्री दीपाली (8 वर्ष) सोमवार शाम करीब 5 बजे घर से भटक कर महमूद नगर में काका ढाबा के करीब पहुंच गई। वहां राहगीरों व अन्य मौजूद लोगों ने उसे देख कर डायल 112 पर सूचना दी।
सूचना पर पीआरवी 0513 पर तैनात हेड कांस्टेबल पंकज यादव, हेड कांस्टेबल सर्वेश कुमार वर्मा, चालक शकूर अली मौके पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने कोतवाली प्रभारी काकोरी राजवीर सिंह की मौजूदगी में मोटी नीम चौराहा पर बच्ची को सकुशल उनके परिजनों को सुपुर्द कर दिया। इस अवसर पर उपनिरीक्षक चंद्रभान सिंह, उपनिरीक्षक सुधीर भारद्वाज, हे0 का0 संतोष यादव, का0 उत्तम सिंह, का0 राजीव, महिला का0 रानी, महिला का0 रेखा, का0 कृपाल सिंह मौजूद रहे।
कोरोना काल में लखनऊ जिला जेल से पेरोल पर छोड़े गए 43 कैदी रफूचक्कर हो गए हैं। पुलिस इन्हें खोज रही है या नहीं, वो जाने। बहरहाल जेल प्रशासन इनकी गिरफ्तारी के लिए पत्र लिख~लिख कर थक गया है।
पेरोल पर छूटे 43 कैदियों को तलाश नहीं पा रही यूपी पुलिस
लखनऊ। कोरोना काल में जिला जेल से पेरोल पर छोड़े गए 43 कैदी रफूचक्कर हो गए हैं। जेल प्रशासन इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस विभाग को हर दो महीने में पत्र लिख रहा है। बावजूद इसके दो साल से लापता कैदियों को पुलिस अभी तक तलाश नहीं पाई है। अब एक बार फिर से लापता कैदियों की गिरफ्तारी के लिए जेल प्रशासन ने कवायद शुरू की है। कैदियों की तलाश के लिए वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा है।
गौरतलब है कि कोरोना संकट के दौरान कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार को जेलों में बंद सात साल तक की सजा वाले सजायाफ्ता कैदियों को पेरोल पर छोड़ने के निर्देश दिए थे। इस पर शासन में गठित हाई पावर कमेटी की संस्तुति पर 20 मई 2021 को राजधानी की जिला जेल में बंद 122 कैदियों को 90 दिन की पेरोल पर छोड़ा था।
बताया जाता है कि बाद में शासन ने आदेश जारी कर 20 जुलाई 2021 तक सभी को जेल में वापस दाखिल करने के निर्देश दिए। पेरोल की अवधि पूरी होने पर सिर्फ 79 कैदी ही लौटकर आए, जबकि दो साल बाद अब तक 43 कैदी गायब हैं। जेल प्रशासन की रिपोर्ट पर लापता कैदियों की गिरफ्तारी के लिए शासन की ओर से पुलिस को कई बार निर्देश दिए गए लेकिन मामला शून्य बटा सन्नाटा ही है। लखनऊ जिला जेल के जेलर राजेंद्र सिंह ने बताया कि लापता कैदियों की गिरफ्तारी के लिए शासन के साथ ही संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि हर दो महीने में पुलिस विभाग को पत्र भेजा जाता है।
नई मशीन की कार्यक्षमता 125 प्रतिशत अधिक और चलाना आसान
मुख्य विकास अधिकारी ने किया धान रोपण मशीन का शुभारंभ
90 मिनट में एक एकड़ धान की रोपाई करती है नई मशीन
बिजनौर। ग्राम हरगनपुर में शरद कुमार सिंह के यहां आई नई धान रोपण मशीन का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कृषि विभाग के अधिकारी सहित बड़ी संख्या में प्रगतिशील कृषक उपस्थित रहे।
शरद कुमार सिंह ने बताया कि नई मशीन से पूर्व भी वह धान की रोपाई दस साल पूर्व भी मशीन से करते थे। वह मशीन से रोपाई करने वाले उत्तर प्रदेश के पहले कृषक थे। पुरानी मशीन को हाथों से पकड़ कर पीछे पीछे चलना पड़ता था, जबकि नई मशीन को बैठकर चलाया जाता है। पुरानी मशीन की अपेक्षा नई मशीन की कार्यक्षमता 125 प्रतिशत अधिक और चलाना आसान है। यह मशीन 90 मिनट में एक एकड़ धान की रोपाई करती है।
मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा ने शरद कुमार की प्रसंशा करते हुए कहा कि अब कृषि लागत घटाने के लिए कृषि में अधिक से अधिक मशीनों का प्रयोग करना आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा धान की खेती में लागत कम करने के लिए यह मशीन बहुत उपयोगी है। अत: अधिक से कृषकों को इसे अपनाना चाहिए।
इस अवसर पर उप कृषि निदेशक गिरीश चंद्र, जिला कृषि रक्षा अधिकारी मनोज रावत, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डा केके सिंह, योगेन्द्र पाल सिंह योगी, हरज्ञान सिंह, विरेंद्र सैनी, प्रेम वीर त्यागी, अक्षत देवरा, लक्ष्य त्यागी आदि बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।
घंटों तक झुक कर करनी पड़ती है रोपाई
गौरतलब है कि किसानों के लिए धान की खेती करना काफी मेहनत भरा काम है। किसानों को सबसे पहले धान की नर्सरी तैयार करनी होती है। नर्सरी तैयार हो जाने के बाद खेतों में धान के पौधों की रोपाई करवाने में काफी ज्यादा समय लग जाता है। मजदूरों द्वारा घंटों तक झुक कर रोपाई हाथ से ही की जाती है। साथ ही मजदूरों को मजदूरी देने में काफी ज्यादा पैसे भी खर्च हो जाते हैं। वर्तमान समय में मजदूरों की काफी कमी है, क्योंकि खेती-किसानी में फसलों के सीजन के मुताबिक खेतों में काम करने वाले मजदूरों की ज़रूरत बढ़ती घटती रहती है। नियमित काम और आय नहीं होने से कई बार मजदूरों की कमी देखने को मिलती है। अब आज के इस आधुनिक युग में कुछ ऐसे कृषि यंत्र भी आ गए हैं, जिनके इस्तेमाल से किसान न सिर्फ अपना समय बचाएंगे, बल्कि इससे पैसे और श्रम की भी बचत कर सकते हैं।
RBI के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका
2000 के नोट बिना ID proof के बदले जाते रहेंगे
नई दिल्ली। बिना आईडी प्रूफ 2 हजार रुपए के नोट बदले जाते रहेंगे। RBI के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है। भाजपा नेता व वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दाखिल इस याचिका में बिना आईडी प्रूफ के 2 हजार रुपए के नोट बदले जाने के RBI के आदेश को चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये RBI का पॉलिसी डिसीजन है।
RBI ने 19 मई को किया था नोट वापस लेने का ऐलान
भारतीय रिजर्व बैंक ने 19 मई को 2 हजार का नोट सर्कुलेशन से वापस लेने का ऐलान किया था। 23 मई से देशभर के बैंकों में इस नोट को बदलने की प्रक्रिया प्रोसेस शुरू हो गई। लोग बैंकों में 2 हजार के नोट बदलने के लिए पहुंच रहे हैं। नोट बदलने की आखिरी तारीख 30 सितंबर है।
भाजपा नेता व वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने याचिका में भारतीय रिजर्व बैंक व भारतीय स्टेट बैंक की अधिसूचना को चुनौती देते हुए कहा था कि बड़ी संख्या में 2,000 रुपए के नोट या तो व्यक्तिगत लॉकर में पहुंच चुके हैं अथवा उन्हें अलगाववादियों, आतंकियों, नक्सलियों, ड्रग तस्करों, खनन माफिया व भ्रष्ट लोगों ने जमा कर लिया है।
2016 में आया था 2 हजार का नोट
2016 में 2 हजार का नोट मार्केट में आया था। तब पीएम नरेंद्र मोदी ने 500 और 1 हजार के नोट बंद किए थे। इसकी जगह नए पैटर्न में 500 का नया नोट और 2 हजार का नोट जारी किया गया था। जब पर्याप्त मात्रा में दूसरे डिनॉमिनेशन के नोट मार्केट में आ गए तो 2018-19 में 2 हजार रुपए के नोटों की छपाई बंद कर दी गई थी।
‘क्या सब्जी वाला आपसे मांगेगा आईडी प्रूफ’
सुप्रीम कोर्ट ने अश्विनी उपाध्याय से सवाल किया कि मान लीजिए आप सब्जी वाले को 2000 का नोट देते हैं, तो क्या वो आपसे ID प्रूफ मांगेगा। ये शासन का मसला है। इस तरह से बहुत बड़े पैमाने पर ट्रांजेक्शन हो रहा है। क्या आप कहेंगे कि सभी अवैध हैं? “गौरतलब है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने 29 मई को फैसले में कहा था कि ये RBI का पॉलिसी डिसीजन है। इसमें अदालत को दखल नहीं देना चाहिए।”अश्विनी उपाध्याय ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से 2 बार अर्जेंट हियरिंग की अपील भी की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
करीब 76 प्रतिशत नोट आ चुके हैं वापस
RBI के मुताबिक 30 जून तक बैंकों में 2 हजार के 76 प्रतिशत नोट वापस आ गए हैं। नोटों की वैल्यू 2.72 लाख करोड़ है। RBI के सर्कुलेशन से वापस मिले 2 हजार के बैंक नोटों में से लगभग 87 प्रतिशत डिपॉजिट के रूप में हैं और बाकी लगभग 13 प्रतिशत को अन्य मूल्य वर्ग के बैंक नोटों में बदल दिया गया है।
30 सितंबर से पहले बदल लें नोट
RBI ने लोगों से एक बार फिर अनुरोध किया है कि वे 2 हजार के नोट को 30 सितंबर 2023 से पहले बदल लें। किसी भी तरह की भीड़ और परेशानी से बचने के लिए आखिरी समय का इंतजार ना करें।
पौधरोपण के समय और छह माह बाद पेड़ों के साथ ली जाएगी सेल्फी
सभी परिषदीय विद्यालयों में 17 से 22 जुलाई तक वन महोत्सव
लखनऊ। प्रदेश के सभी परिषदीय विद्यालयों में 17 से 22 जुलाई तक वन महोत्सव और जागरूकता सप्ताह मनाया जायेगा। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने इसे लेकर सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किया है।
संयुक्त शिक्षा निदेशक गणेश कुमार की ओर से जारी पत्र के अनुसार पौधरोपण करते समय पेड़ों के साथ सेल्फी ली जाएगी और उसे सुरक्षित रखेंगे। इसके अलावा छह महीने बाद फिर पेड़ों के साथ सेल्फी लेकर बेसिक शिक्षा विभाग को भेजेंगे। दोनों तब तक सेल्फी सुरक्षित रखी जाएगी, जब तक रोपित पौधे साल भर से अधिक नहीं हो जाते। आम, नीबू, सहजन, अमरूद, जामुन, आंवला आदि के पौधे रोपित किए जाने का निर्देश दिया गया है।
कार्यक्रम के तहत 17 जुलाई को प्रभात फेरी, शपथ, 18 को जन जागरुकता के तहत निबंध, पेंटिग, वाद विवाद प्रतियोगिता, 19 को वन संरक्षण पर नाटक, 20 को शिक्षक और कर्मचारियों द्वारा पौधरोपण, 21 को अभिभावकों के साथ बैठक आदि के निर्देश दिए गए हैं। 22 जुलाई को सम्पूर्ण दिवस वन महोत्सव में सहभागिता रहेगी। आदेश के तहत सभी प्रधानाध्यापकों और इंचार्ज प्रधानाध्यापक को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस अभियान के तहत स्कूल अपनी ओर से भी कार्यक्रम कर सकते हैं।
17 से 31 जुलाई तक प्रदेश में मनाया जाएगा सड़क सुरक्षा पखवाड़ा
प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देश के क्रम में सड़क सुरक्षा पखवाड़ा दिनांक 17 जुलाई से 31 जुलाई, 2023 तक मनाया जाएगा। इसके लिए तिथिवार कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। सड़क सुरक्षा पखवाड़ा के कार्यक्रम को सफल बनाए जाने हेतु संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि जनमानस को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाए जाने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा से जुड़े समस्त विभाग परिवहन विभाग, गृह विभाग, लोक निर्माण विभाग, चिकित्सा विभाग एवं शिक्षा विभाग द्वारा समेकित रूप से कार्य योजना बनाकर सड़क सुरक्षा सप्ताह के स्थान पर सड़क सुरक्षा पखवाड़ा का आयोजन किया जाए।
दूसरी बार बिना हेलमेट ऑफिस पहुंचे तो लग जाएगी एब्सेंट
सड़क सुरक्षा से जुड़े विभागों का भी होगा समन्वय उद्घाटन में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर लोगों को किया जाएगा जागरूक विभागों में दूसरी बार बिना हेलमेट कार्यालय आने वालों को माना जाएगा अनुपस्थित विगत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष मार्ग दुर्घटनाओं व मृत्यु में हुई बढ़ोतरी
लखनऊ। प्रदेश में 17 से 31 जुलाई तक सड़क सुरक्षा पखवाड़ा चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य मार्ग दुर्घटनाओं में कमी लाना व आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है। वहीं मार्ग दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सरकार ने अब सख्त रवैया भी अपनाया जाएगा। विभागों में दूसरी बार बिना हेलमेट कार्यालय आने वाले कर्मचारियों का प्रवेश निषिद्ध मानते हुए उन्हें अनुपस्थित माना जाएगा। वहीं पखवाड़े के तहत जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक भी आयोजित की जाएगी। इसमें जनपदीय रोड सेफ्टी एक्शन प्लान तैयार कराकर पखवाड़े के अंत तक परिवहन आयुक्त को प्रेषित की जाएगी। पखवाड़े के अंतर्गत 15 दिन की कार्ययोजना भी तैयार कर ली गई है।
सड़क सुरक्षा से जुड़े विभागों की कार्ययोजना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सड़क सुरक्षा पखवाड़े के तहत इससे जुड़े विभाग-परिवहन, गृह, लोक निर्माण विभाग, चिकित्सा व शिक्षा विभाग की कार्ययोजना के आधार पर आयोजन किया जाएगा। पिछले वर्ष की तुलना में सड़क दुर्घटना में 5.5 प्रतिशत व दुर्घटना के मृतकों की संख्या में 4.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सड़क दुर्घटना में दोपहिया वाहन चालकों की मृत्यु अधिक हुई है। यह स्थिति काफी चिंताजनक है। सरकार का विशेष ध्यान है कि मार्ग दुर्घटनाओं में कमी आए और लोग जागरूक हों। इसी क्रम में यह अभियान शुरू किया जा रहा है।
15 दिन की कार्ययोजना तैयार
सड़क सुरक्षा पखवाड़ा मनाने के लिए 15 दिन की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार उद्घाटन समारोह में सांसद, विधायक आदि जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। वहीं संबंधित विभागों के अफसरों को भी सम्मिलित किया जाएगा। परिवहन से जुड़े बस, ट्रक, ऑटो यूनियन, एनजीओ के पदाधिकारियों को बुलाया जाएगा और उनसे भी राय ली जाएगी। वहीं स्कूलों में भी प्रार्थना के उपरांत छात्रों को सड़क सुरक्षा की जानकारी देते हुए नियमों के पालन की शपथ दिलाई जाएगी।
दूसरी बार बिना हेलमेट कार्यालय आने वालों को माना जाएगा अनुपस्थित
यातायात नियमों की अवहेलना करने वाले कर्मचारियों पर योगी सरकार काफी सख्त है। निर्देश दिया गया है कि समस्त विभागों के कार्यालय परिसर में बिना हेलमेट लगाए आने वाले समस्त कार्मिकों को सार्वजनिक रूप से सचेत किया जाएगा। कार्यालय परिसर में चेतावनी सूचक बोर्ड लगाया जाएगा। भविष्य में दो पहिया वाहन पर बिना हेलमेट लगाए कार्मिकों का प्रवेश निषिद्ध करते हुए उन्हें अनुपस्थित माना जाएगा। पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से सड़क सुरक्षा का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाएगा।
कार्यशाला, सेव लाइफ फाउंडेशन की ओर से प्रशिक्षण
सड़क सुरक्षा पखवाड़े के तहत इस अवधि में सेव लाइफ फाउंडेशन के सहयोग से सभी 75 जनपदों में चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग व फर्स्ट रेसपांडर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। चिकित्सा शिक्षा विभाग की तरफ से मेडिकल कॉलेज के सर्जरी व हड्डी रोग विभाग की तरफ से मेडिकल व पैरामेडिकल छात्रों के लिए बेसिक व एडवांस लाइफ सपोर्ट से संबंधित कार्यशाला आयोजित की जाएगी। उत्कृष्ट कार्य करने वाले ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। परिवहन विभाग के सहयोग से स्कूली वाहनों के चालकों की आंखों व स्वास्थ्य का भी परीक्षण होगा। प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी के माध्यम से बेसिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण कराया जाएगा। स्कूलों में रंगोली व पोस्टर प्रतियोगिता के जरिए जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा भी कई कार्यक्रम होंगे।
30 जुलाई को नारी शक्ति पेंशन अधिकार महासम्मेलन, 01 अक्तूबर को “दिल्ली चलो” पेंशन शंखनाद रैली की तैयारियां
लखनऊ। बलरामपुर चिकित्सालय, लखनऊ में पुरानी पेंशन बहाली तथा निजीकरण भारत छोड़ो आंदोलन की जागरूकता एवं सदस्यता सहयोग महाअभियान का आगाज आज दिनांक १५ जून को विजय कुमार बन्धु जी (राष्ट्रीय अध्यक्ष NMOPS/प्रदेश अध्यक्ष अटेवा) के नेतृत्व में किया गया।
इस महाअभियान में बलरामपुर अस्पताल के तमाम चिकित्सक, नर्सेज, पैरामेडिकल एवं अन्य कर्मचारियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और अटेवा की सदस्यता ग्रहण कर अभियान की बेहतरीन शुरुआत की गई। साथ ही ३० जुलाई २०२३ को समय १० बजे नारी शक्ति पेंशन अधिकार महासम्मेलन, स्थान- कृषि भवन, मदन मोहन मालवीय मार्ग, लखनऊ एवं १ अक्टूबर २०२३ को “दिल्ली चलो” पेंशन शंखनाद रैली में भी अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचकर रैली को कामयाब बनाने की अपील की गई। कार्यक्रम में अशोक कुमार महामंत्री राजकीय नर्सेज संघ उत्तर प्रदेश, श्रर्वण सचान, सर्वेश पाटिल, सुनील कुमार, कपिल वर्मा, रजत वर्मा, अमिता रौस, गितांशु वर्मा, स्मिता मौर्या, आईनिस चार्ल्स, गरिमा वर्मा, आमिर इत्यादि लोग शामिल हुए।
डाक विभाग के इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में मात्र ₹299 में होगा 10 लाख का दुर्घटना बीमा – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव
वाराणसी। महंगे प्रीमियम पर बीमा करवाने में असमर्थ लोगों के लिए डाक विभाग का इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक एक विशेष सामूहिक दुर्घटना सुरक्षा बीमा लेकर आया है, जिसमें वर्ष में महज 299 और 399 रुपए के प्रीमियम के साथ लाभार्थी का 10 लाख रुपए का बीमा होगा। एक साल खत्म होने के बाद अगले साल यह बीमा रिन्यू करवाना होगा। इसके लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में लाभार्थी का खाता होना अनिवार्य है। उक्त जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने दी।
पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और टाटा ए.आई.जी के मध्य हुए एक एग्रीमेंट के तहत 18 से 65 वर्ष आयु के लोगों को यह सामूहिक दुर्घटना बीमा सुरक्षा मिलेगी। इसके तहत, दोनों प्रकार के बीमा कवर में दुर्घटना से मृत्यु, स्थाई या आंशिक पूर्ण अपंगता, अंग विच्छेद या पैरालाइज्ड होने पर 10 लाख रुपए का कवर मिलेगा। साथ ही साथ इस बीमा में दुर्घटना से हॉस्पिटल में भर्ती रहने के दौरान इलाज हेतु 60,000 रुपए तक का आई.पी.डी खर्च और ओ.पी.डी में 30,000 रुपए तक का क्लेम मिलेगा। वहीं, 399 रुपए के प्रीमियम बीमा में उपरोक्त सभी लाभों के अलावा दो बच्चों की पढ़ाई के लिए एक लाख तक का खर्च, दस दिन अस्पताल में रोजाना का एक हजार खर्च, किसी अन्य शहर में रह रहे परिवार हेतु ट्रांसपोर्ट का 25,000 रूपए तक का खर्च और मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए 5,000 तक का खर्च मिलेगा। इस सामूहिक दुर्घटना बीमा सुविधा में पंजीकरण के लिए लोग अपने नजदीकी डाकघर में संपर्क कर सकते हैं।
गलखा माता मंदिर पर कटान का जायजा लेने पहुंचे मंत्री व प्रशासन के आलाधिकारी, जनता ने लगाए नारे… हमारी भूल कमल का फूल
सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है वीडियो
मंत्री के सामने लगे नारे, हमारी भूल कमल का फूल
By~मुकेश कुमार
बिजनौर। मंडावर क्षेत्र में चंद्रभान किशोरपुर (मिर्ज़ापुर) में महाभारत कालीन प्राचीन अम्बिका देवी गलखा माता मंदिर गंगा किनारे पर स्थित है। इस बार गंगा ने अपना रुख मंदिर की ओर करते हुए कटान किया, जिसके कारण मंदिर बिल्कुल गंगा के किनारे पर आ गया है। इसे रोकने के लिए प्रशासन द्वारा कई प्रकार के अस्थाई प्रयास किये जा रहे हैं। पेड़ों को काट कर, मिट्टी के कट्टे भर कर, जियो ट्यूब, बल्लियाँ लगाकर, लेकिन गंगा का कटान थमने का नाम नहीं ले रहा।
उसी के चलते शनिवार को गंगा तट पर गलखा माता मंदिर पर केंद्रीय मंत्री कपिल देव, सदर विधायक सूची चौधरी पति ऐश्वर्य मौसम चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. बीरबल सिंह के साथ ही जिले का समस्त प्रशासन भी आया। सभी ग्रामीण एकत्र होकर नारे लगाने लगे, हमारी भूल कमल का फूल।
इस पर विधायक पति ने कहा कि यह जो 63 करोड़ रुपए मंजूर हुए हैं, सब आप लोगों के लिए गंगा तट पर ही लगाए जाएंगे। तभी ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह के काम का क्या फायदा जो लगने के बाद भी व्यर्थ हो रहा है? मौसम चौधरी और लोगों के बीच काफी समय तक नोकझोंक होती रही। लेकिन ग्रामीणों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाया और वह हमारी भूल कमल का फूल, नारे लगते रहे। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि समेत अन्य भाजपा नेता लाचार और बेबस खड़े रहे। पूरे मामले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है।
प्रभारी मंत्री ने किया जिले के बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण
गलखा देवी मंदिर को गंगा कटान से बचाने के लिए मजदूरों के साथ चलाया फावड़ा
बाढ़ से डेबलगढ़ बचाने को खर्च होंगे रुपए 63 करोड़
बिजनौर। राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग/प्रभारी मंत्री जिला बिजनौर कपिल देव अग्रवाल द्वारा अपने भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सकेंद्र प्रताप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी सदर मोहित कुमार, नोडल अधिकारी बाढ़ नियंत्रण, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, तहसीलदार, उपाधीक्षक पुलिस सहित अन्य विभागीय अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि मौजूद थे। राज्यमंत्री व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग श्री अग्रवाल ने बाढ़ प्रभावित ग्राम डेबलगढ़ पहुंचकर बारीकी के साथ गंगा कटान का विस्तृत रूप से निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने नोडल अधिकारी बाढ़ नियंत्रण को निर्देशित किया कि उक्त क्षेत्र को गंगा के कटान से सुरक्षित रखने के लिए शासन द्वारा स्वीकृत योजना के अनुसार यथाशीघ्र कार्य तथा भविष्य में उक्त क्षेत्र में गंगा कटान की समस्या के स्थाई निराकरण के लिए ग्राम गौसपुर से यहां तक पत्थर वाले स्टडट्स का निर्माण कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने इस अवसर पर गांव में आयोजित चौपाल में उपस्थित ग्रामीण बंधुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर उन्हें आपके द्वार पर भेजा गया है, ताकि आपकी समस्याओं का गुणवत्ता के अनुरूप निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उक्त क्षेत्र को गंगा कटान से सुरक्षित रखने के लिए 2200 मीटर लंबी 63 करोड़ रुपए की योजना स्वीकृत की गई है। उक्त क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए परक्यूपइन स्टडट्स का निर्माण कराया जाएगा ताकि उक्त क्षेत्र को बाढ़ से पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने नोडल अधिकारी बाढ़ को निर्देशित किया कि पानी उतरने पर यथाशीघ्र परक्यूपइन स्टडट्स के निर्माण कराएं और उसमें प्रयोग होने वाली सभी सामग्री का उपयोग पूर्ण मानक के अनुसार करना सुनिश्चित करें। ग्राम वासियों की मांग पर उन्होंने बाढ़ नियंत्रण अधिकारी को निर्देश दिए कि उक्त स्थान पर पत्थर वाले स्टडट्स के निर्माण की कार्य योजना तैयार करें तथा उसकी स्वीकृति के लिए उन के माध्यम से शासन को पत्र प्रेषित करें। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीण वासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार आपकी समस्याओं से भली-भांति परिचित है और उनकी समस्याओं का पूर्ण गुणवत्ता के आधार पर निस्तारण करने के लिए भी गंभीर एवं वचनबद्ध है।
विभागीय कार्य में बर्दाश्त नहीं होगी किसी भी प्रकार की ढिलाई
कार्यभार संभालने के साथ ही बताई अपनी प्राथमिकताएं
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और सफाई पर रखेंगे विशेष ध्यान: डीपीआरओ
बिजनौर (रोहित सिंह)। नवागत डीपीआरओ ने अपनी प्राथमिकताएं बताते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा। प्रधानों की अगर कोई समस्या है तो उनका शीघ्र ही निस्तारण करने का प्रयास किया जाएगा।मिर्जापुर से स्थानांतरित होकर आए जिला पंचायत राज अधिकारी अरविंद जायसवाल ने कार्यभार संभालने के साथ ही अपनी प्राथमिकताएं भी बता दीं हैं।
जिला पंचायत राज अधिकारी अरविंद जायसवाल
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य कराए जाएंगे। चौपाल लगाकर ग्रामवासियों को स्वच्छता के बारे में जागरूक करने का अभियान भी चलाया जाएगा। इसके अतिरिक्त जो विकास कार्य रुके हुए या किसी कारणवश पूरे नहीं हुए हैं, उनका निस्तारण कर शीघ्र ही क्रियान्वित किया जाएगा। उनका प्रयास रहेगा कि विभाग में आने वाले शिकायतकर्ता का सम्मान हो और उसकी शिकायत का शीघ्र समाधान किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विभागीय कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विदित हो कि 2013 बैच के डीपीआरओ श्री जायसवाल की प्रथम नियुक्ति जिला सुल्तानपुर में हुई। लगभग 2 वर्ष के कार्यकाल के बाद उन्हें शाहजहांपुर में तैनात किया गया। यहां से लगभग डेढ़ वर्ष बाद उनका स्थानांतरण मिजार्पुर कर दिया गया। लगभग साढ़े चार वर्ष बाद अब अरविंद जायसवाल की तैनाती जनपद बिजनौर में हुई है।
बिजनौर (भुवन राजपूत)। ब्लॉक जलीलपुर क्षेत्र के गांव कमालपुर में फर्जी तरीके से चलाया जा रहा शर्मा डेंटल क्लीनिक केयर दांतों का अस्पताल सील कर दिया गया है। शिकायत पर जांच के दौरान डॉक्टर कोई डिग्री तक नहीं दिखा पाया।
चांदपुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ब्लॉक जलीलपुर के कमालपुर में शर्मा डेंटल क्लीनिक केयर दांतों का अस्पताल फर्जी पाए जाने पर सील कर दिया गया। इस संबंध में सीएचसी स्याऊ अस्पताल प्रभारी डा. केपी सिंह ने बताया कि शाहपुर भसौड़ी निवासी रिंकू कुमार ने सीएमओ से जलीलपुर क्षेत्र के गांव कमालपुर में फर्जी चल रहे शर्मा डेंटल क्लीनिक केयर दांतों का अस्पताल की शिकायत की थी। सीएमओ के आदेश पर अपनी टीम के साथ कमालपुर दुकान पर पहुंचे तो वहां पर दांतों का एक अस्पताल चलता पाया गया। मांगने पर डॉक्टर कोई डिग्री नहीं दिखा सका। इस कारण दांतों का अस्पताल फर्जी पाया गया और सील कर दिया गया है।
भारी वर्षा के कारण जलभराव की स्थिति एवं फसल की क्षति के आंकलन को पहुंचे कादराबाद
राजकीय कृषि बीज संवर्धन प्रक्षेत्र, कादराबाद अफजलगढ़ का निरीक्षण
प्रक्षेत्र अधीक्षक को तत्काल पानी की निकासी करते हुए धान बुवाई कार्य अतिशीघ्र पूरा कराने के निर्देश
धान रोपाई करने श्रमिकों के साथ जुट गए जिला कृषि अधिकारी
बिजनौर। जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया व उनकी टीम द्वारा श्रमिकों के साथ धान रोपाई का किया गया। दरअसल वह भारी वर्षा के कारण जलभराव की स्थिति एवं फसल की क्षति के आंकलन हेतु कादराबाद, अफजलगढ़ क्षेत्र में भ्रमण पर पहुंचे थे।
जनपद में हो रही भारी वर्षा के कारण जलभराव की स्थिति एवं फसल की क्षति के आंकलन हेतु शुक्रवार 14 जुलाई 2023 को जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने मय दलबल के राजकीय कृषि बीज संवर्धन प्रक्षेत्र, कादराबाद, अफजलगढ़ का निरीक्षण किया।
उन्होंने देखा कि कई प्लाटों में अधिक जलभराव होने के कारण धान रोपाई का कार्य नहीं हो पा रहा है। इस क्रम में उन्होंने प्रक्षेत्र अधीक्षक को निर्देशित किया कि तत्काल पानी की निकासी करते हुए धान बुवाई का कार्य अतिशीघ्र पूरा कराया जाए।
इस दौरान कुछ प्लाटों में धान रोपाई का कार्य चलता पाया गया। जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया व उनकी टीम द्वारा श्रमिकों के साथ धान रोपाई का कार्य भी किया गया। इस दौरान रजत चौधरी सनी आदि स्टाफ उपस्थित रहा।
पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में लगातार बारिश से उफान पर गंगा व मालन नदी
लोगों की सुरक्षा को पुलिस ने मोर्चा संभाला
मालन नदी के पुल पर आया पानी, बिजनौर मंडावर यातायात बंद
~मुकेश कुमार, मंडावर
बिजनौर। कई दिनों से पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश से गंगा व मालन नदी अपने उफान पर है। गंगा का जल स्तर बढ़ने से क्षेत्र मे तबाही मची हुई है।
शुक्रवार को मालन नदी का पानी खेतों में घुसकर फसल को बर्बाद करते हुए मंडावर से बिजनौर जाने वाले मार्ग पर बने पुल की बिजनौर वाली साइड में सड़क पर आ गया।
इस कारण आवाजाही करने वाले यात्रियों को दिक्क़त का सामना करना पड़ रहा है। देखते ही देखते मालन नदी ने अपना विकराल रूप धारण कर लिया, जिसे देख लोग दंग रह गए।
पानी का इतना तेज बहाव होने के कारण सड़क पर चलना तो दूर की बात खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा। मंडावर थाना प्रभारी संजय कुमार अपनी पूरी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मोर्चा संभाला।
पानी में फंसे वाहनों को मंडावर पुलिस और राहगीरों द्वारा बाहर निकाला गया। सभी लोगों को पानी में आवागमन न करने की हिदायत दी गई। वहीं दूसरी साइड बिजनौर पुलिस भी मौके पहुंच गई।
बोर्ड ने 12 जून को निकाला था प्रकाशकों के लिए टेंडर
छात्रों को खरीदनी पड़ रहीं महंगी किताबें
एनसीईआरटी: बाजार में नहीं हैं कक्षा 9 से 12 तक की किताबें
लखनऊ। यूपी बोर्ड का सत्र शुरू होने के इतना समय बीतने के बावजूद जिले में कक्षा नौ से 12 तक के करीब दो लाख छात्र-छात्राओं को पढ़ने के लिए किताबें नहीं मिल पा रही हैं। प्रदेश में यह संख्या एक करोड़ से अधिक है।
अफसर स्कूलों का निरीक्षण कर रहे हैं और प्रधानाचार्यों, शिक्षकों को छात्र संख्या बढ़ाने और टाइम टेबल के हिसाब से पढ़ाने का दबाव बना रहे हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जून में एनसीईआरटी की किताबों की टेंडर प्रकिया शुरू की थी, पर अभी तक किताबें बाजार में नहीं पहुंची हैं। शिक्षकों के सामने असमंजस की स्थिति है कि वह बच्चों को कौन सी किताबें खरीदने का सुझाव दें? फिलहाल पुरानी किताबों से पढ़ा रहे हैं। राजकीय, एडेड स्कूलों के प्रधानाचार्यों का कहना है कि किताबें बाजार में नहीं मिल रही हैं।
लखनऊ के राजकीय व वित्तविहीन स्कूलों में करीब दो लाख बच्चे पंजीकृत हैं। अधिकारियों ने बीते साल निजी प्रकाशकों की किताबें बच्चों को खरीदने के लिए निर्देश जारी किया था। यूपी बोर्ड द्वारा नामित किताबों से ही पढ़ाने के निर्देश थे, लेकिन बाजार में पुरानी किताबें भी नहीं हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने 12 जून को किताबों के लिए प्रकाशकों का टेंडर निकाला था। इसमें 36 विषयों की 70 किताबें एनसीईआरटी और हिन्दी, संस्कृत और उर्दू की 12 किताबें नॉन एनसीईआरटी की शामिल हैं।
हर साल किताबें बच्चों को देर से मिलती हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। सरकार को सत्र शुरू होने से पहले ही किताबें उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि बच्चे किताबें खरीदकर पढ़ाई शुरू सकें।- डॉ. आरपी मिश्रा, उप्र. माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रादेशिक उपाध्यक्ष
माध्यमिक स्कूलों में नियमित कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। अभी तक माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से किताबों को लेकर कोई दिशा निर्देश नहीं मिले हैं। जैसे ही कोई आदेश मिलेगा। उसका पालन कराया जाएगा। – राकेश पाण्डेय, डीआईओएस
सचिव ने तय किए तीन प्रकाशकों के नाम
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिब्यकांत शुक्ला ने कक्षा नौ से 12 की किताबों के प्रकाशन एवं वितरण के लिए तीन प्रकाशकों के नाम तय किये हैं। इन प्रकाशकों के नाम व किताबों की सूची व रेट जारी भी किये हैं। इनमें राजीव प्रकाशन प्रयागराज, जनरल ऑफसेट प्रिटिंग प्रेस प्रा. लि. नैनी प्रयागराज और डायनामिक टेक्स्ट बुक्स प्रिंटर्स प्रा. लि. झांसी शामिल हैं। इन्हें किताबों की छपाई से लेकर वितरण की जिम्मेदारी दी गई है। किताबों की कीमतें निजी प्रकाशकों की तुलना में 10 गुना कम है।
ऐप के माध्यम से स्कूलों के बीच की दूरी तय होगी और उसके आधार पर बनाया जाएगा केंद्र
बोर्ड परीक्षा 2024 के लिए परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ तथा पारदर्शी बनाने की कवायद
विकसित किया गया एपीआई आधारित नया मोबाइल ऐप
नए मोबाइल ऐप की मदद से तय होंगे यूपी बोर्ड परीक्षा के केंद्र
प्रयागराज। यूपी बोर्ड की वर्ष 2024 की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के केंद्र निर्धारण के लिए नया एप बनवाया गया है। इस एप के माध्यम से स्कूलों के बीच की दूरी तय होगी और उसके आधार पर केंद्र बनाया जाएगा। बोर्ड सचिव दिब्यकांत शुक्ल के अनुसार 2024 की बोर्ड परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ तथा पारदर्शी बनाने के लिए एपीआई आधारित नया मोबाइल एप विकसित किया गया है। स्कूलों के बीच परस्पर दूरी के निर्धारण के लिए उनकी जिओ-लोकेशन लेने के उद्देश्य से नवीन मोबाइल एप विकसित किया गया है, जिसे प्रधानाचार्य अपने एंड्रायड फोन में यूपी बोर्ड की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। इस नए एप के माध्यम से प्रधानाचार्य स्कूल परिसर से स्कूल की फोटो क्लिक करेंगे। फोटो क्लिक करते ही स्कूल की फोटो के साथ ही जिओ-लोकेशन (अर्थात स्कूल का अक्षांश एवं देशान्तर) बोर्ड के सर्वर पर अपने आप अपलोड हो जाएगा।
2024 की बोर्ड परीक्षा के केंद्र निर्धारण के लिए प्रदेश के सभी स्कूलों की आधारभूत सूचनाओं को वेबसाइट www. upmsp. edu. in पर अपलोड एवं अपडेट करने के लिए वेबसाइट क्रियाशील कर दी गई है।
10 अगस्त तक डीआईओएस अपडेट करेंगे सूचना
राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की विकास खंडवार गठित समिति के सदस्य स्कूल में पहुंचकर प्रधानाचार्य के स्तर से वेबसाइट पर अपलोड आधारभूत सूचनाओं का भौतिक सत्यापन करेंगे। समिति सत्यापन आख्या जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में 28 जुलाई तक प्रस्तुत करेंगे। वहीं 10 अगस्त तक डीआईओएस सूचना अपडेट करेंगे।
बॉर्डर नजदीक होने के कारण नेपाल जाकर भारतीय खरीद रहे हैं सस्ती सब्जियां और टमाटर
25 रुपए प्रति किलो टमाटर ख़रीदने के लिए दौड़े लोग
नई दिल्ली (एजेंसी)। आजकल भारत में टमाटर की कीमतें आसमान पर पहुंच गई हैं, तो उसके विपरीत नेपाल में सामान्य हैं। इसीलिए, नेपाल का सस्ता टमाटर पिथौरागढ़ से चम्पावत तक के लोगों और व्यापारियों को बहुत भा रहा है।
पूरे भारत में पिछले एक महीने से टमाटर की कीमतें आसमान पर पहुंच गई हैं। कई जगहों पर टमाटर के दाम 200 रुपए के पार चले गए हैं। ऐसे में नेपाल बॉर्डर नजदीक होने के कारण भारत के लोग वहां जाकर सस्ती सब्जियां और टमाटर खरीद रहे हैं। वहीं नेपाल के सब्जी कारोबारी इस मौके का फायदा उठाकर अपने देश के मुकाबले भारत के लोगों को थोड़ी महंगी बेचकर मोटी कमाई कर रहे हैं। उसके बाद भी भारत के लोगों को नेपाल से भारत के मुकाबले सस्ता सामान मिल रहा है।
भारतीय बाजारों में बढ़ी टमाटर की कीमतें
नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र में खेती के मामलों में अधिक संसाधन होने की वजह से, भारतीयों को कई सस्ती चीजें खरीदने को मिलती हैं। मौजूदा समय नेपाल में टमाटर की कीमत 25 से 30 रुपए प्रति किलो है, जबकि भारत के पिथौरागढ़ शहर में यह ग्रेडिंग के आधार पर 100 से 120 रुपए प्रति किलो है। भारत के दूरस्थ इलाकों में इस कीमत को 150 रुपए प्रति किलो तक पहुंचने के पीछे बारिश की वजह से बिगड़ी हुई सड़कों और महंगाई को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। वहीं नेपाल में, टमाटर की कीमत ग्रेडिंग के अनुसार केवल 25 से 35 रुपए प्रति किलो है।
नेपाली टमाटर की बढ़ी मांग
नेपाल के बाजार में टमाटर 25 से 30 रुपए प्रति किलो है। अधिकांश भारतीय व्यापारी नेपाल से टमाटर खरीद कर बेच रहे हैं। कई लोग ऐसे हैं जो नेपाल नहीं जाते हुए भी वहां का सस्ता टमाटर खरीद रहे हैं। झूला घाट व्यापार संघ के महासचिव हरी बल्लभ भट्ट ने बताया कि अब हालात बदल गए हैं। पहले नेपाल भारत से टमाटर का आयात करता था, लेकिन अब नेपाल से भारत में हर दिन करीब 5 टन टमाटर का निर्यात हो रहा है।
टमाटर की कीमतों का तुलनात्मक विवरण
मिल रहे हैं टमाटर आधी कीमत पर
बॉर्डर के करीब धारचूला और बनबसा के रहने वाले लोग टमाटर के लिए नेपाल जा रहे हैं, जिनकी कीमत भारत में मौजूदा कीमत से लगभग आधी है। भारत में टमाटर 120 रुपए से 130 रुपए प्रति किलो बिक रहे हैं, जबकि इनकी कीमत लगभग 100 रुपए से 110 रुपए नेपाली रुपए (भारत में 62 रुपए से 69 रुपए) है। कुल मिलाकर नेपाल के कारोबारी सब्जियों से दोगुनी आय कमा रहे हैं। वहां के किसानों को पता है कि मानसून आमतौर पर भारत में सब्जियों की कीमतें बढ़ा देता है।
नेपाल सरकार की योजना
पिछले कुछ वर्षों में, सरकार ने किसानों को ‘अपनी फसलों में विविधता लाने’ के लिए प्रोत्साहित किया। लोगों से अनाज के बजाय सब्जियां उगाने के लिए कहा। नेपाल सरकार ने किसान ग्रुप बनाए, उन्हें बीज, उर्वरक और पॉलीहाउस उपलब्ध कराए और उन्हें कई कृषि सब्सिडी दी। अब, कई नेपाली किसान टमाटर सहित मौसमी और गैर-मौसमी सब्जियां उगाते हैं और अब भारत में फसल की ऊंची कीमतों से लाभान्वित हो रहे हैं। ये किसान फूलगोभी और पालक उगा रहे हैं और जब भी कमी होती है या कीमत बढ़ती है तो भारतीय बाजारों में सप्लाई करते हैं। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों में सीमा पार व्यापार आम बात है, जो नेपाल बॉर्डर के करीब हैं। दोनों तरफ के लोग दूसरे देश के बाजारों में जाने के लिए पुल पार करते हैं।
थोक में खरीदे जा रहे हैं टमाटर
पिथौरागढ़ के झूलाघाट व्यापारी संघ के प्रमुख सुरेंद्र कुमार ने कहा कि रेजिडेंट्स के अलावा, व्यापारियों ने भी नेपाल से टमाटर खरीदना शुरू कर दिया है। कुछ स्थानीय व्यापारियों ने हाल ही में 40 रुपए प्रति किलोग्राम की थोक दर पर थोक में टमाटर खरीदे। आम तौर पर आलू, प्याज आदि भारत से नेपाल भेजे जाते हैं क्योंकि हम इनकी अधिक खेती करते हैं।टमाटर खरीदने के लिए नेपाल जा रहे भारतीयो से नेपाली व्यापारी भारतीय रुपए में कारोबार करना पसंद करते हैं क्योंकि उनके लिए यह वैल्यू ज्यादा रखता है। पिथौरागढ़ की डीएम रीना जोशी ने कहा कि दोनों तरफ के लोग आमतौर पर बॉर्डर पार करते हैं और रोजमर्रा की जरूरत की चीजें खरीदते हैं। सुरक्षा एजेंसियां इन सामान की जांच करती हैं।
फर्जी ट्रेजरी अधिकारी बन कर करते थे ठगी, तीन आरोपियों को साइबर पुलिस ने लखनऊ से किया गिरफ्तार, तीन पर इनाम घोषित
लखनऊ/वाराणसी। फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बनाकर खुद को ट्रेजरी अधिकारी बताकर पुलिस पेंशनर्स से ठगी करने वाले तीन अंतर्राज्यीय गैंग के तीन सदस्यों को साइबर थाना वाराणसी की पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार किया है। इस प्रकरण में 9 अभियुक्तों की गिरफ्तारी पूर्व में ही की जा चुकी है। एसपी साइबर क्राइम उत्तर प्रदेश द्वारा गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को ₹ 10 हजार का इनाम दिया गया है। पकड़े गए तीनों आरोपियों से पूछताछ के बाद उम्मीद है कि ठगी करने वालों का एक बड़ा गैंग जल्द पुलिस की गिरफ्त में होगा।
साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक विजय नारायण मिश्र ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अफजल आलम निवासी सोनबरसा थाना हरसिद्धि पूर्वी चंपारण, सुशील कुमार निवासी भवानीपुर शिवरतनगंज अमेठी और मोहम्मद इरशाद निवासी जगदीशपुर गया बिहार के रूप में हुई है। इनके पास से कुटरचित पैन कार्ड, आधार कार्ड और अन्य उपकरण बरामद हुए हैं। गिरफ्तार आरोपी अफजल आलम ने पुलिस को बताया कि उसके द्वारा नौ फर्जी वेबसाइट बनाकर प्रत्येक दिन हजारों की संख्या में फर्जी पैन और आधार कार्ड बनाकर लोगों से ठगी की जा रही थी। एक वेबसाइट से प्रत्येक वर्ष 75-80 लाख रुपए की कमाई की जाती है।
तीन पर इनाम की घोषणा
प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम थाना वाराणसी ने बताया कि विवेचना के क्रम में फर्जी वेबसाइट बनाने और उसमें लगी API को उपलब्ध कराने में तीन लोगों का नाम प्रकाश में आया है, जो अभी भी फरार हैं। तीनों साइबर अपराधी हरिओम, आकाश तथा सुजीत के ऊपर एसपी साइबर क्राइम द्वारा 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। अभियुक्तों को गिरफ्तार करने वालों में हेड कांस्टेबल आलोक कुमार सिंह, कांस्टेबल प्रभात द्विवेदी, हेड कांस्टेबल रविकांत जायसवाल, कांस्टेबल चंद्रशेखर और चालक विजय कुमार शामिल रहे।
3 साल में बनाए 4 लाख फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड?
पिछले साल वाराणसी साइबर थाने पर शिकायत मिली कि ट्रेजरी अधिकारी बनकर पुलिस विभाग के रिटायर्ड अफसरों से ठगी की जा रही है। वाराणसी साइबर टीम ने जांच के बाद दो एफआईआर दर्ज की और 9 लोग गिरफ्तार किए। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद पता चला कि फर्जी नाम पता से पैन कार्ड और आधार कार्ड बनाकर साइबर अपराधियों के द्वारा ठगी के लिए खोले जा रहे बैंक खातों का पूरा एक रैकेट चल रहा है। यह गैंग फर्जी वेबसाइट के जरिए फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बना रहा था। इनसे बरामद रजिस्टर में पैसों का लेनदेन देख आशंका है कि यह गैंग 03 साल में लगभग 04 लाख फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बनाकर साइबर अपराधियों को दे चुका है।
अफजल आलम ने कई डाटा सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों से कस्टमर के डाटा खरीद रखे थे। जब भी कोई व्यक्ति आधार कार्ड या पैन कार्ड बनवाने के लिए इसकी वेबसाइट पर लॉगिन करता तो किसी भी दूसरे व्यक्ति का आधार कार्ड नंबर इनके सामने होता, जिसमें व्यक्ति अपना नाम फोटो और फर्जी पता डाल देता. जिसके बाद उसे यूआईडीआई की तरह की फर्जी आधार कार्ड की कॉपी निकल आती.
फर्जी दस्तावेंजों से खोलते थे खाते
एसपी साइबर थाना त्रिवेणी सिंह के अनुसार अमूमन ऐसे फर्जी नाम पता वाले आधार कार्ड से साइबर अपराधी बैंक खाता खोलते थे। जब उनके द्वारा ठगी की रकम इस फर्जी नाम पता वाले बैंक खाते में जमा होती और पुलिस किसी केस की जांच करते बैंक खाते तक पहुंचती तो पता चलता खाताधारक का नाम फोटो पता सब फर्जी था। इस तरह फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बनाने के इस गोरखधंधे का इस्तेमाल साइबर अपराधियों की ठगी की रकम के लिए बैंक खाता खोलने में किया जा रहा था। यह गैंग इस फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड का प्रिंट लेने के लिए फीस भी बहुत मामूली लेता और वह भी ऑनलाइन। हर आधार कार्ड के लिए गेटवे के जरिए ₹20 का पेमेंट और पैन कार्ड ₹19 का पेमेंट लेकर प्रिंट कर देता था।
सीएमओ कार्यालय की कृपा से बदस्तूर जारी है गोरखधंधा
बिना पंजीकरण का नवीनीकरण कराए ही संचालित हो रहे अधिकांश अस्पताल
बिजनौर। जनपद में अधिकांश अस्पताल बिना पंजीकरण का नवीनीकरण कराए ही संचालित किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट यूपी health.in पर नवीनीकरण आवेदन करने के बाद सभी आवश्यक अभिलेख की हार्ड कॉपी सीएमओ कार्यालय में 31 मई तक जमा करवानी थी। खास बात यह है कि नवीनीकरण न होने पर अस्पताल का पंजीकरण भी निरस्त करने का प्रावधान किया गया। इसके बावजूद बिजनौर सीएमओ कार्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों की कृपा से सब गोरखधंधा बदस्तूर जारी है।
महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के पत्र के अनुसार जनपद में 50 बेड से कम निजी चिकित्सा इकाइयां, नर्सिंग होम, हॉस्पिटल व पैथोलॉजी सेंटर का रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन पोर्टल up-health.in के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए संबंधित चिकित्सक या नर्सिंग होम संचालक को up-health.in पोर्टल पर चिकित्सकीय संस्था के लिए मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपलोड करना होगा।वहीं 50 बेड से अधिक के अस्पतालों, नर्सिंग होम या अन्य संस्थानों को दूसरे पोर्टल पर ऑनलाइन किया जाएगा। इस तरह के चिकित्सा संस्थानों को अपने सभी दस्तावेज clinicalestablishment.gov.in पर अपडेट व अपलोड करना है।
उत्तर प्रदेश के निजी अस्पताल, क्लीनिक संचालकों को नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के अनुसार 50 बेड या उससे कम बेड वाले निजी अस्पताल संचालक अपने अस्पताल या क्लीनिक के पंजीकरण का नवीनीकरण अवश्य करा लें, नहीं तो अस्पताल का पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा। इसके लिए 31 मई तक समय निर्धारित किया गया। इस अवधि के भीतर उन्हें पंजीकरण कराना अनिवार्य बताया गया था। इसके बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह आदेश सभी चिकित्सा पद्धति के अस्पतालों में एक्सरे, अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लिए मान्य होगा।
नवीनीकरण आवेदन स्वास्थ्य विभाग की ओर से निर्धारित पूर्व की वेबसाइट यूपी health.in पर करना था। नियमानुसार ऑनलाइन आवेदन हो जाने के बाद सभी आवश्यक अभिलेख संचालक या प्रबंधन का शपथपत्र, बायोमेडिकल वेस्ट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा अग्निशमन का अनापत्ति प्रमाण पत्र की हार्ड कॉपी सीएमओ ऑफिस के पंजीकरण इकाई में उपलब्ध कराना अनिवार्य है।
इसके बावजूद बिजनौर सीएमओ कार्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों की कृपा से सब गोरखधंधा बदस्तूर जारी है। जनपद में हजारों की संख्या में निजी अस्पताल, क्लीनिक, अल्ट्रा साउंड सेंटर, शिक्षण संस्थान आदि संचालित किए जा रहे हैं और विभाग आंख मूंद कर बैठा है। आरोप है कि इस संबंध में जारी शासन के आदेश की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आरोप तो यहां तक हैं कि सेटिंग गेटिंग के खेल में माहिर खिलाड़ियों के बलबूते ही शासन को भारी राजस्व की क्षति पहुंचाई जा रही है।
लगातार हो रही बारिश के कारण लोगों में पैदा हो गया है खौफ
पहले ही होने राहत कार्य को बरसात में करने पर उठ रहे सवाल
नकटा नदी का तांडव रोकने में नाकाम रहा सिंचाई विभाग!
बिजनौर। बढ़ापुर के भजडावाला में नकटा नदी द्वारा मचाए जा रहे तांडव को रोकने में सिंचाई विभाग नाकाम रहा है। भले ही स्टड बनाकर नदी की धार को आबादी से दूर करने के लिए नहर खोदने का कार्य जारी हो, लेकिन खतरा जस का तस कायम है। जो काम बरसात के पहले ही किया जाना चाहिए था, वो विभाग नहीं कर सका। वहीं बुधवार दोपहर से लगातार हो रही बारिश के कारण लोगों में खौफ पैदा हो गया है।
पहाड़ी एवं मैदानी इलाकों में बीते चार दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण नकटा का सैलाब लगातार कटान कर रहा है। बढ़ापुर नगर के पश्चिम दिशा में बहने वाली नकटा नदी भारी कटान करते हुए मुहल्ला भजड़ावाला में आबादी के समीप पहुंच गई। मंगलवार को नकटा नदी के जल प्रलय में चुन्नी वाला मंदिर की भूमि सहित आधा दर्जन लोगों के प्लॉट और घर बह गए तब कहीं जाकर राजस्व विभाग द्वारा उप जिलाधिकारी नगीना शैलेंद्र सिंह को अवगत कराया गया। तब उन्होंने सिंचाई विभाग के अवर अभियंता को मौके पर पहुंचकर लोगों के घरों को बचाने के निर्देश दिए। इस पर सिंचाई विभाग के अवर अभियंता और तहसीलदार नगीना जयेंद्र सिंह ने मौके पर पहुंच कर बचाव कार्यों की तैयारी शुरू की। सबसे पहले कटान वाले स्थान पर चार जेसीबी लगाकर धार बदलने के लिए नदी में ही एक नहर खुदाई का काम शुरू किया और कटान वाले स्थान पर रेत के बोरे डालकर स्टड बनाने का काम शुरू कर दिया। इसका कोई फायदा नहीं हुआ। वहीं बुधवार दोपहर से लगातार हो रही बारिश के कारण नदी में पानी आने के डर से लोगों में खौफ पैदा हो गया है। लोगों का कहना है कि नदी के विकराल रूप को देख कर उन्हे रात को किसी भी पल नींद नहीं आ रही है। हर समय जान खतरे में दिखाई पड़ रही है। अगर यह कदम सिंचाई विभाग पहले उठा लेता तो इतना नुकसान से बच जाते।
छोटा बड़ा कोई भी वाहन लेकर नारनौर पुल से जाने की न करें कोशिश
एसडीएम चांदपुर रितु रानी ने किया भौतिक निरीक्षण
हस्तिनापुर पुल पर मवाना की ओर से न आए कोई
बिजनौर। भारी बारिश के कारण उत्तराखंड ही नहीं उत्तर प्रदेश में भी आम जनमानस प्रभावित है। भीमगोड़ा से गंगा में पानी छोड़े जाने के बाद जनपद बिजनौर के कई तहसील क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा है। जिला प्रशासन ने पूरी सतर्कता बरतते हुए गंगा किनारे बसे गांवों के लोगों को एहतियात बरतने को कहा है।
इसी क्रम में चांदपुर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव रायपुर खादर, खानपुर खादर, सुजातपुर खादर, दतियाना का उप जिलाधिकारी रितु रानी ने भौतिक निरीक्षण किया। ग्राम वासियों को सचेत किया कि वह पानी से प्रभावित क्षेत्र में न जाएं। अपने बच्चों को भी समझाएं। कोई भी बच्चा गंगा नदी के पानी में नहाने या तैरने ना जाए। गंगा नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। नदी अपने निर्धारित जल स्तर से ज्यादा बह रही है। उप जिलाधिकारी चांदपुर द्वारा सभी से अपील की गई कि सुरक्षित रहें, घर पर रहें। उप जिलाधिकारी चांदपुर रितु रानी ने गंगा नदी पर बने हस्तिनापुर पुल का निरीक्षण किया। मौके पर देखा कि पुल की अप्रोच पूरी तरह टूट चुकी है। आवागमन पूर्णत: बाधित हो चुका है। इस पर उन्होंने मवाना के उप जिलाधिकारी व क्षेत्राधिकारी से वार्ता की। कहा कि किसी भी यात्री को मवाना की ओर से पुल से न आने दिया जाए। किसी भी प्रकार की जनहानि न हो, इसलिए छोटा बड़ा कोई भी वाहन लेकर नारनौर पुल से जाने की कोशिश न करें।
बिजनौर। उत्तर प्रदेश शासन पंचायती राज अनुभाग ने जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार का स्थानांतरण बिजनौर से पंचायती राज निदेशालय के लिए कर दिया है। उनके स्थान पर जनपद मिर्जापुर के डीपीआरओ अरविन्द कुमार को भेजा गया है।
पंचायती राज अनुभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह द्वारा स्थानान्तरण आदेश जारी किया गया है। सतीश कुमार ने जनपद में अपने चार साल चार महीने के कार्यकाल में 2048 स्कूलों के साथ ही 1600 आंगनबाड़ी केन्द्रों का कायाकल्प कराया। इसके अलावा 399 नए पंचायत भवनों का निर्माण कराया एवं 724 पुराने पंचायत भवनों का कायाकल्प कराया। जनपद की पंचायतों में 724 से ज्यादा लाइब्रेरी बनवाईं, 1123 सामुदायिक शौचालय बनवाए। वहीं 5000 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण पंचायतों में कराया। 49 ग्राम पंचायतों में ओडीएफ प्लस के अंतर्गत कार्य गुणवत्ता पूर्वक कराकर उनको मॉडल गांव बनवाया। विभागीय लोगों का कहना है कि 15 वें वित्त आयोग एवं राज्य वित्त आयोग की धनराशि से कराए जाने वाले कार्यो को उन्होंने गुणवत्ता के साथ कराया। अपने मधुर व्यवहार और मिलनसार व्यक्तित्व के चलते जिले में उन्होंने खासी पहचान बनाई। सतीश कुमार ने डीपीआरओ के रूप में जनता से मिलने वाली सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया। ग्राम पंचायतों में सफाई की व्यवस्था पर खासा ध्यान दिया।
कटान रोकने के लिए पेड़ और जियो ट्यूब किया जा रहा प्रयोग
खतरे के निशान से ऊपर बह रहा गंगा का पानी
बिजनौर/मंडावर। गंगा का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। बालावाली से बैराज तक किनारे बसे हुए गांव के लोगों को गंगा के उस पार ना जाने की हिदायत दी गई है। कई गांव का जिला मुख्यालय से भी सम्पर्क टूट गया है।
मैदानी व पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण गंगा का जल स्तर लाल निशान से ऊपर पहुंच गया है। वहीं बालावाली से बैराज तक गंगा किनारे बसे हुए गांव के लोगों को गंगा के उस पार ना जाने की हिदायत दी गई है। जल स्तर लाल निशान से ऊपर पहुंच गया है। कई गांव का जिला मुख्यालय से भी सम्पर्क टूट गया है। लगातार बारिश होने से भी लोग चिंतित हैं। कई दिन से गांव चंद्रभानपुर किशोर में कटान कर रही गंगा महाभारत कालीन माता अम्बिका गलखा मंदिर के पास पहुंच गई है। मंदिर को हानि से बचाने के लिए जियो ट्यूब का कार्य भी चल रहा है। बताया जा रहा है कि काम में तेजी लाने को डीएम द्वारा आदेश दिए गए हैं। गंगा का तेज बहाव कम करने को पेड़ कटवाकर किनारे डाले जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पेड़ डालने से गंगा रुकती तो सीमला कलां गांव का कटान ना होता। यह पूरा गंगा मे समा गया था। जब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए जायेंगे, तब तक कटान होता रहेगा। अधिकारी आते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं।
बैराज पर दो लाख क्यूसेक से अधिक प्रवाह की संभावना
समन्वय अधिकारी बाढ़/ अधिशासी अभियन्ता अफजलगढ़ सिंचाई खण्ड, धामपुर ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में निरंतर हो रही वर्षा के कारण गंगा नदी का जल स्तर निरंतर बढ़ रहा है आज दिनांक 11.07.2023 को 3:00 pm पर भीम गौड़ा बैराज हरिद्वार से 170192 क्यूसेक निसरण पास किया गया। इसके अतिरिक्त अन्य सहायक नदियों के कारण भी जल स्तर निरंतर बढ़ रहा है। मध्यगंगा बैराज से 3:00 pm पर 163628 क्यूसेक निसरण पास किया जा रहा है। इस कारण अगले कुछ घण्टों में बिजनौर बैराज पर 2,00,000 क्यूसेक से अधिक प्रवाह की संभावना है। बिजनौर जनपद की तहसील नजीबाबाद, सदर बिजनौर एवं चांदपुर में जल प्लवन की समस्या आ सकती है। उन्होंने बताया कि उक्त क्षेत्रों के समस्त ग्रामवासियों को सतर्क रहने एवं डूब क्षेत्र से पर्याप्त दूरी बनाए रखने हेतु चेतावनी जारी की गई है।
दिल्ली हाई कोर्ट में खारिज हुई पेप्सिको की याचिका, FC5 का पेटेंट रद्द करने के फैसले के खिलाफ कंपनी ने की थी अपील, लेज चिप्स बनाने में काम आती है FC5 नामक आलू की किस्म
नई दिल्ली (एजेंसियां)। थोड़ी सी भूख लगने पर सबसे पहले दिमाग में चिप्स जैसी चीज़ें आती हैं। पहले तो ये घरों में ही बनाई जाती थीं। इन्हें बनाकर रख लिया जाता और भूख लगने पर तुरंत तल कर खा लेते थे। आप में से कईयों ने घर पर आलू के चिप्स बनाने की कोशिश भी की होगी। एक किलो आलू में ही खूब सारे चिप्स बन जाते हैं, लेकिन वो मजा नहीं आता। समय बदला और ये पैकेट्स में बंद बाज़ार में मिलने लगे, लेकिन 10 रुपए के पैकेट में निकलते हैं कुल 5-7 सात चिप्स और खूब सारी हवा। लेज के चिप्स में जो स्वाद आता है, वो घर पर बने चिप्स में कभी नहीं मिलता। तो आखिर लेज किस खेत के आलू से बनाता है चिप्स? Lays भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में लोगों की पसंद बना हुआ है। लेकिन इन्हें बनाने के लिए एक खास किस्म का आलू इस्तेमाल किया जाता है। भारत में आलू की इसी किस्म को लेकर विवाद बना हुआ है।
पेप्सिको को दिल्ली हाईकोर्ट का झटका
लेज, पेप्सिको (PepsiCo) अमेरिका की बड़ी फूड कंपनी का प्रोडक्ट है। दिल्ली हाईकोर्ट ने पेप्सिको की लेज चिप्स में काम आने वाले आलू की किस्म के पेटेंट को रद्द करने के एक आदेश के खिलाफ की गई अपील को खारिज कर दिया है। पौधों की विविधता और किसानों के अधिकार संरक्षण प्राधिकरण (PPVFR) ने 2021 में पेप्सिको की एफसी5 आलू किस्म के पेटेंट को रद्द कर दिया था। प्राधिकरण ने कहा था कि भारत के नियम बीज किस्मों पर पेटेंट की अनुमति नहीं देते हैं।
पेप्सिको का आलू की किस्म पर दावा
अमेरिका के स्नैक्स और ड्रिंक मेकर पेप्सिको ने वर्ष 1989 में भारत में अपना पहला आलू चिप्स प्लांट लगाया था। पेप्सिको किसानों के एक ग्रुप को FC5 बीजों की सप्लाई करता था, जो बदले में अपनी उपज कंपनी को एक तय दाम में बेचते थे। पेप्सिको का दावा है कि उसने विशेष किस्म के आलू FC5 को डेवलप किया और 2016 में इसे रजिस्टर करवाया। सिर्फ चिप्स बनाने के ही काम आने वाले इस आलू की खासियत यह है कि इसमें पानी की मात्रा कम होती है, इसीलिए बढ़िया क्रिस्पी चिप्स बनते हैं।
किसानों पर दायर किया मुकदमा
वर्ष 2019 में पेप्सिको ने कुछ भारतीय किसानों पर एफसी5 आलू किस्म की खेती करने के लिए मुकदमा दायर किया था। कंपनी ने किसानों पर इसके पेटेंट का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। कंपनी ने कथित पेटेंट उल्लंघन के लिए प्रत्येक किसान से 1,21,050 डॉलर से अधिक की मांग की थी। हालांकि, मई 2019 में कंपनी ने किसानों के विरोध के बाद इन मुकदमों को बिना शर्त वापस ले लिया था। पेप्सिको ने इस समय अपने बयान में कहा था, “हम कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए मजबूर हैं। ये हमारे हज़ारों किसानों के हितों के लिए आखिरी उपाय है, जो हमारी आलू की खेती से जुड़े हुए हैं।”
दिल्ली हाईकोर्ट ने रद्द की याचिका
किसानों को लेकर काम करने वाली एक्टिविस्ट कविता कुरुगंती ने इस मामले पर पौधा किस्म और किसान अधिकार संरक्षण प्राधिकरण में एक आवेदन दायर किया था। इस पर सुनवाई करते हुए प्राधिकरण ने कंपनी का पीवीपी प्रमाण पत्र रद्द करने का फैसला सुनाया था। इसके बाद पेप्सिको ने PPVFR के फैसले के विरोध में दिल्ली हाई कोर्ट में अर्जी लगाई। कंपनी की याचिका को रद्द करते हुए जज नवीन चावला ने कहा कि “इस अपील में कोई योग्यता नहीं मिली, इसलिए इसे खारिज किया जाता है। “दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के बाद ये साफ हो गया है कि भारत में FC5 पर पेप्सिको का पेटेंट नहीं है और कोई भी किसान इसकी खेती कर सकता है। हालांकि, अभी भी पेप्सिको के पास सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाने का विकल्प है।
जालौन। प्रतिबंध के बावजूद अधिकारियों की मिली भगत से मछली का शिकार जारी है। कुठौंद पुलिस द्वारा पकड़ी कई कुंटल मछली के दोषियों पर मामूली धाराओं में कार्यवाही पर सवाल उठना शुरू हो गए हैं। इस बीच कानूनी रोक के बावजूद मछली का शिकार कराने वालों के साथ ही दोषी अधिकारियों आदि के विरुद्ध कार्यवाही करने की मांग तेज हो गई है।
गौरतलब है कि इन दिनों मछलियों के प्रजनन का समय होता है। इसके बावजूद पूरे जिले में प्रतिदिन क्विटंलों मछलियां पकड़ कर लोग खूब मुनाफा कमा रहे हैं। बताया गया है कि थाना कुठौंद पुलिस ने चेकिंग के दौरान माधौगढ़ तिराहे से शनिवार सुबह प्रतिबंधित मछली से भरी पिकअप को पकड़ लिया था। गाड़ी में 12 गत्तों में बर्फ में लगी मछली बरामद की गई। पुलिस ने गाड़ी में सवार बिजुआपुर निवासी आनंद निषाद, चालक कुटरा मुस्तिकल निवासी कन्हैलालाल को हिरासत में ले लिया था। वहीं सूचना पर पहुंचीं मत्स्य अधिकारी दीपमाला सिंह, डॉ. मुनीष, प्रभारी निरीक्षक अखिलेश द्विवेदी की देखरेख में मछली की नीलामी 25 हजार रुपए में भानू निषाद के नाम कर दी गई। वहीं पुलिस ने पकड़े गए लोगों का चालान मामूली धाराओं में कर दिया। इन्हीं दोनों बातों को लेकर संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही करने की मांग तेज हो गई है।
विभागीय अधिकारियों पर ठेकेदार का आरोप
ठेकेदार गंभीर सिंह ने विभागीय अधिकारियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विभाग की मिलीभगत से प्रजनन के समय भी प्रतिदिन क्विटंलों की संख्या में मछलियां पकड़ी जा रही है। जो रुपए देते हैं, उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
बिजनौर। आबकारी व पुलिस विभाग की टीम द्वारा देसी मदिरा दुकान शेरगढ़ पर 130 पौवा नकली / फर्जी क्यूआर कोड युक्त अवैध शराब की बरामदगी की गई है। मौके से पकड़े गए सेल्समैन व फरार दुकान अनुज्ञापी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम व आईपीसी की सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। इस दुकान के निलंबन / निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश शासन एवं आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश के आदेश के क्रम में जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिला आबकारी अधिकारी वरुण कुमार के नेतृव में अवैध शराब की बिक्री/निर्माण/परिवहन पर पूर्णतः अंकुश लगाने के लिए निरंतर प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। आबकारी दुकानों की निरंतर रैंडम आधार पर चेकिंग की जा रही है।
जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि जनपद के सभी आबकारी दुकानों के अनुज्ञापियों को नियमानुसार दुकानों के संचालन किए जाने हेतु निर्देशित किया गया है। यदि किसी भी दुकान पर अनियमितताएं पाई जाती हैं तो नियमानुसार विक्रेता व अनुज्ञापियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। यह भी निर्देश दिया गया कि सभी दुकानों पर सीसीटीवी कैमरा निरंतर सक्रिय रहेंगे।
नाम व पता गिरफ्तार अभियुक्त-
~मौके पर गिरफ्तार अभियुक्त अखिलेश पुत्र अशोक कुमार निवासी ग्राम शेरगढ़ थाना अफजलगढ़ जिला बिजनौर।
नाम व पता वांछित अभियुक्त-
~दुकान के अनुज्ञापी व संचालक का नाम लव कुमार पुत्र विजय पाल सिंह निवासी ग्राम रायपुर पोस्ट व थाना रेहड़ बिजनौर हाल पता ग्राम सीरवासु चंद्र थाना अफजलगढ़ तहसील धामपुर जिला बिजनौर।
अभियुक्त अखिलेश सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि शेरगढ़ देशी शराब दुकान के मालिक लव कुमार पुत्र विजयपाल सिंह, निवासी ग्राम रामपुरी, थाना- रेहड़, तहसील- धामपुर, जिला- बिजनौर हाल पता ग्राम-सीरवासुचन्द, थाना- अफजलगढ़ जिला बिजनौर है। लव कर द्वारा देशी शराब दुकान शेरगढ़ पर फर्जी अवैध क्यू आर कोड युक्त शराब की पेटियों को पहुँचाया और बिकवाया जाता है। जैसे ही अवैध / फर्जी क्यू आर कोड युक्त पेटियाँ खत्म हो जाती हैं मालिक / अनुज्ञापी लव कुमार अवैध क्यू आर कोड वाली फर्जी पेटियों को देशी शराब दुकान-शेरगढ़ पर भिजवा देता है। लव कुमार अवैध शराब के व्यापार में पूर्व से ही संलिप्त है। वह 2018 में थाना काशीपुर प्रांत उत्तराखण्ड में भी अवैध शराब के साथ पकड़ा गया था, जिसमें उसके विरुद्ध थाना काशीपुर में मुकदमा पंजीकृत है।
सभी के ढक्कन पर लगे क्यू आर कोड का नम्बर एक समान
बरामद किसी भी पौवे का क्यू आर कोड नकली / फर्जी होने के कारण स्कैन नहीं हो सका। उक्त बरामद 130 पौवों का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया गया तो सभी के ढक्कन पर लगे क्यू आर कोड का नम्बर एक समान है, जिससे स्पष्ट है कि सभी पौवे अवैध हैं। उन पर फर्जी क्यू आर कोड चस्पा किये गये हैं। सभी क्यू आर कोड फर्जी रूप से तैयार किये गये हैं।
छापामारी में शामिल आबकारी व पुलिस टीम के अधिकारी/कर्मचारी~
आबकारी निरीक्षक उपेन्द्र कुमार शुक्ल जनपद बिजनौर, उ0नि0 सोहन सिंह पुण्डिर थाना अफजलगढ जनपद बिजनौर, आबकारी हे० का० राहुल कुमार जनपद बिजनौर, आबकारी का0 प्रेमपाल जनपद बिजनौर, आबकारी का0 योगेन्द्र कुमार जनपद बिजनौर, आबकारी का0 इमानदार सिंह जनपद बिजनौर एवं का0 333 ललित कुमार थाना अफजलगढ जनपद बिजनौर।
विधायक बढा़पुर से विवाद में भी काफी चर्चित रहा है लव कुमार
फरार अभियुक्त लव कुमार पिछले दिनों विधायक बढा़पुर से हुए विवाद में भी काफी चर्चित रहा है, जिसने अमानगढ़ सफारी के निकट बिना परमिशन के रिसोर्ट बनाने का प्रयास किया था। इस मामले में भाजपा विधायक सुशांत सिंह के प्रतिनिधि ने वन विभाग की बिना परमिशन निर्माण करने की शिकायत डीएफओ से की थी। विधायक प्रतिनिधि ने डीएफओ से काफी अभद्र व्यवहार किया था, जिसके बाद डीएफओ व विधायक के बीच काफी तनाव बन गया था। ये मामला शासन तक पहुंचा और डीएफओ पटेल को निलम्बित कर दिया गया था। लव कुमार के बारे में बताया जाता है कि इसके द्वारा एक बच्चा जेल मुरादाबाद में संचालित है वहीं पत्नी के नाम पर सरकारी कोटे की दुकान भी है। लव कुमार वर्तमान में भाजपा से जुड़ा रहा है, पहले बसपा सरकार में लव कुमार क्षेत्र में दबदबा रखता था।
मामा के घर आया हुआ था पीड़ित युवक, आरोपी को बिजली विभाग ने नौकरी से निकाला
मौके पर पहुंचे डीआईजी, गांव में भारी पुलिस बल तैनात
दबंग लाइनमैन ने दलित युवक को पीटा, फिर चप्पल पर थूककर चटवाया
एक दबंग संविदा लाइनमैन ने दलित युवक को न सिर्फ पीटा बल्कि थूककर अपनी चप्पल भी चटवाई। इतने से मन नहीं भरा तो उसकी खूब बेइज्जती की। इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में दलित युवक को पीटने और थूक कर चप्पल चटवाने के आरोपी संविदाकर्मी लाइनमैन तेजबली सिंह पटेल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में एससी/एसटी एक्ट सहित कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं बिजली विभाग ने उसे नौकरी से निकाल दिया है। इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। शाहगंज के बालडीह गांव में सपा के प्रतिनिधिमंडल के अलावा डीआईजी आरपी सिंह भी पीड़ित के घर पहुंचे। गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव और सांसद संजय सिंह ने योगी सरकार पर निशाना साधा है।
नाराज लाइनमैन ने चप्पल पर थूक कर चटवाया
पीड़ित युवक राजेन्द्र चमार पुत्र श्रीराम के अनुसार वह ग्राम बहुआर थाना राबर्टसगंज का निवासी है और अनुसूचित जाति का है। 06 जुलाई को अपने मामा नन्दू पुत्र दुलारे निवासी बालडीह थाना शाहगंज के घर आया हुआ था। मामा के घर की बिजली खराब थी, मैं शाम 4 बजे घर के अन्दर और बाहर फाल्ट चेक कर रहा था। इसी बीच शाहगंज पावर हाउस पर नियुक्त संविदा कर्मचारी तेजबली सिंह पटेल पुत्र रामधनी सिंह निवासी ओड़हथा थाना शाहगंज आकर मुझे अकारण गाली देने लगे। इतना ही नहीं जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मारपीट की और अपने चप्पल पर थूक कर चटवाया। कान पकड़कर उठक बैठक भी लगवाई। पिटाई से अंदरुनी चोटें भी आई हैं। आसपास के लोग बीच बचाव में आए तो वह छोड़कर भाग गया।
सीओ घोरावल अमित कुमार ने बताया कि पीड़ित युवक को बिजली ठीक करता देख कर आरोपी तेजबली सिंह इतना नाराज हुआ कि, उसने अपनी चप्पल पर थूक कर युवक से चटवाया। संविदा लाइनमैन के इस घृणित कृत्य पर एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।
अखिलेश यादव व संजय सिंह ने साधा निशाना
अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, ‘सोनभद्र की घटना, मप्र के सीधी से कम नहीं है। ऐसे दोषियों को देखकर बुलडोजर क्यों पंक्चर हो जाता है। देखते हैं इस पीड़ित की चरण वंदना का नाटक कब खेला जाता है। भाजपाई दलित उत्पीड़न का इतिहास रच रहे हैं।’ सांसद संजय सिंह ने ट्वीट कर लिखा, ‘ये यूपी का सोनभद्र है। एक दलित युवक से एक हैवान अपनी चप्पल चटवा रहा है। तुम्हारे राज में दलितों को इंसान नहीं माना जाता, तुम समान नागरिक संहिता की बात कैसे करते हो भाजपाईयों।’
लखनऊ की एक कंपनी की ओर से जारी किया गया नियुक्ति पत्र
मेडिकल कॉलेज में बिना भर्ती के थमा दिया नियुक्ति पत्र
बिजनौर। महात्मा विदुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती के नाम पर लोगों के साथ ठगी चालू हो गई है। यह खुलासा मेडिकल प्रशासन के पास पहुंचे एक पत्र के बाद हुआ। मामले को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। बताया गया है कि लखनऊ की एक कंपनी की ओर से एक व्यक्ति को नियुक्ति पत्र जारी किया गया है, जो देखने से ही फर्जी प्रतीत हो रहा है।
जानकारी के अनुसार महात्मा विदुर स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज में अभी चिकित्सकों की भर्ती प्रकिया चल रही है। इसके अलावा किसी भी पद के लिए भर्ती नहीं की जा रही।किसी कंपनी को कर्मचारियों की भर्ती के लिए आउट सोर्सिंग का ठेका भी नहीं दिया गया है।
इस बीच मेडिकल कॉलेज में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले लोगों का गैंग सक्रिय हो गया है। इतना ही नहीं लोगों को फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिए जा रहे हैं। लखनऊ स्थित हर्ष इंटरप्राइजेज के नाम से वार्ड ब्वाय को नियुक्ति पत्र भेजा है। इसमें वार्ड ब्वाय को तैनाती की तारीख तीन जुलाई दी गई है। पत्र में यह भी लिखा है कि इस पद पर नियुक्ति तीन साल के लिए दी गई है। पत्र मिलने के बाद संबंधित कर्मचारी ने मेडिकल प्रशासन से संपर्क साधा तो उसे बताया गया कि अभी कोई भर्ती की जा रही है, पत्र फर्जी है।
नियुक्ति पत्र में गलत लिखा है मेडिकल कॉलेज का नाम
मेडिकल कॉलेज का अंग्रेजी में पूरा नाम महात्मा विदुर ऑटोनोमस स्टेट मेडिकल कॉलेज बिजनौर है। वहीं नियुक्ति पत्र में मेडिकल कॉलेज का अंग्रेजी में पूरा नाम महात्मा विदुर स्वशासी स्टेट मेडिकल कॉलेज, बिजनौर लिखा हुआ है, इससे भी साफ पता चल रहा है कि नियुक्ति पत्र फर्जी है।
ये लिखा है पत्र में….
Full and Final settlements will be processed as per Exit Process, ie, on receipt of Resignation acceptance from reporting manager and submission of No Dues Certificate from all stake holders. Notice Pay is recovered from his or her Settlement Amount
You will be governed by the rules, regulations, service conditions, employee handbook, notices. circulars, instructions, practices and policies of the Company etc., which are in force at present and as may be amended /formulated/invoked/introduced by HARSH ENTERPRISES from time to time as applicable on deputation to “Mahatma Vidur Swashi State Medical College, Bijnor”. It is understood that any or all the terms and conditions of you reemployment are subject to revision at anytime at the sole discretion of the Management:
Please return the copy of the Offer Letter enclosed after affixing your signature at the appropriate place on the Office Copy in token of your having read, agreed, fully understood and accepted the terms and conditions of appointment. In case we do not receive your acknowledgement copy within a period of 15 days from the date of joining, your assignment at Harsh Enterprises with the acceptance of your first salary from Harsh Enterprises, will be conclusive proof of your acceptance In accordance of terms and conditions.
ENDORSEMENT
TARA SINGH, Vipin Kumar have carefully read and understood the terms and conditions of my appointment as mentioned hereinabove, and I agree and undertake to abide by them.
~For Harsh Enterprises Ravi Prakash Srivastava (General Manager)
विशेष काउंटर पर मात्र दो घंटे बेचे जाएंगे सस्ते टमाटर
टमाटर खरीदने से पहले रजिस्टर में दर्ज होगा मोबाइल नंबर और नाम
देहरादून। टमाटर के आसमान छूते दामों से आम आदमी परेशान है। 20 से 30 रुपए किलो बिकने वाला टमाटर 150 रुपए तक पहुंच गया है। इससे आम आदमी का बजट गड़बड़ा गया है। यह देखते हुए उत्तराखंड मंडी परिषद ने आम आदमी की जेब का बोझ कम करने के लिए एक नई पहल की है। इसके तहत टमाटर अब 50-70 रुपए किलो में उपलब्ध हो रहा है।
दो घंटे बेचे जाएंगे सस्ते टमाटर
देहरादून स्थित निरंजनपुर सब्जी मंडी में सुबह 10 बजे से 12 बजे तक मात्र दो घंटे के लिए सस्ते टमाटर की बिक्री शुरू हो गई है। देहरादून मंडी में फरीद एंड कंपनी, वर्मा एंड कंपनी, अवतार फ्रूट कंपनी और रवींद्र कुमार जग्गी की दुकान पर फुटकर काउंटर लगाए गए हैं। ऋषिकेश और रुड़की मंडी समिति ने भी दो काउंटर लगाकर 50 से 70 रुपये प्रति किलो के दाम पर टमाटर बिक्री शुरू कर दी।
रजिस्टर में दर्ज होगा नाम और मोबाइल नंबर
कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिव विजय थपलियाल ने बताया कि देहरादून स्थित निरंजनपुर सब्जी मंडी में चार दुकानों पर फुटकर काउंटर लगाए गए हैं। इन काउंटरों पर लोगों को 50-70 रुपए प्रति किग्रा की दर पर टमाटर मिलेंगे। एक व्यक्ति को दो किलो से ज्यादा टमाटर नहीं मिलेंगे। बार-बार टमाटर खरीदने वालों पर नजर रखने के लिए हर व्यक्ति का मोबाइल नंबर और नाम रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है।
क्यों बढ़े टमाटर के दाम
उत्तराखंड में हाल ही में हुई बारिश के चलते टमाटर की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई। खासकर, पहाड़ी इलाकों में सड़कें बंद होने से टमाटर की कीमतें बढ़ गईं और चार धाम यात्रा के मार्ग पर टमाटर 160 से 180 रुपए तक बिकने लगे। ऐसे में मंडी परिषद की यह पहल आम आदमी के लिए राहत भरी साबित हो रही है।
pressure cooker tips: इन महत्वपूर्ण टिप्स को करें फॉलो
कुकर में बनाते वक्त सीटी से पानी के साथ बहती है दाल ?
जल्दी कुकिंग के लिए किचन में ज्यादातर प्रेशर कुकर का इस्तेमाल किया जाता है। अक्सर प्रेशर कुकर में दाल बनाते वक्त सीटी आने पर स्टीम के साथ दाल का पानी भी बाहर आ जाता है। इससे गैस चूल्हा और किचन गंदी हो जाती है। जानिए कुछ ऐसी टिप्स, जिन्हें फॉलो करने से प्रेशर कुकर से पानी या दाल बाहर नहीं आएगी और गैस चूल्हा बिल्कुल क्लीन रहेगा।
कुकर से पानी निकलने पर क्या करें ?
1~कुकर की सीटी में खाना फंस जाता है, अच्छे से साफ नहीं होने पर अक्सर पानी निकलने की समस्या होती है। ऐसे में कुकर की सीटी को निकालकर अच्छे से साफ करें और फिर लगाएं। कुकर की सीटी को कुछ देर गर्म पानी में डाल कर रखें और फिर इसे साबुन से साफ करें। 2~प्रेशर कुकर के ढक्कन में लगी रबड़ (गास्केट) ढीली होने के कारण भी पानी निकलने की समस्या होती है। समय समय पर अपने प्रेशर कुकर की रबड़ चेक करते रहें। रबड़ खराब होने पर प्रेशर कुकर फटने का डर भी रहता है। कुकर की रबड़ हर 2 से 3 महीने में बदलनी चाहिए। 3~कुकर के ढक्कन पर तेल लगाने से भी इसमें बना खाना भाप के साथ बाहर नहीं निकलता। 4~कुकर में दाल या चावल बनाते वक्त पानी को नाप पर डालें। अक्सर ज्यादा पानी डालने के कारण वह कुकर से सीटी के साथ निकलता है। 5~प्रेशर कुकर को हमेशा धीमी आंच पर ही गैस पर रखें। तेज आंच में कुकर से पानी निकलने की समस्या ज्यादा होती है। 6~प्रेशर कुकर से पानी निकले तो तुरंत इसे गैस से हटाकर खोलें और फिर ढक्कन को अच्छे से साफ करें और धीमी आंच पर दोबारा खाना बनाएं।
लोकतान्त्रिक युवा शक्ति पार्टी के जिलाध्यक्ष बने सर्वेद्र कुमार
~Report by Mukesh Kumar
मंडावर/बिजनौर। लोकतांत्रिक युवा शक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार बाजपेयी ने ग्राम मोहम्मदपुर देवमल के सरवेंद्र कुमार को बिजनौर जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें उनके पद का प्रमाण पत्र देकर बधाई दी व उनके उज्जवल भविष्य की कामना भी की।
नव नियुक्त जिलाध्यक्ष सर्वेद्र कुमार ने बताया कि पार्टी द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी को वह बखूबी निभाएंगे। साथ ही जिले के दबे कुचले शोषित लोगों को साथ जोड़ कर पार्टी को मजबूत बनाएंगे।
पूरे गोरखधंधे में बैंककर्मियों की मिलीभगत की जांच शुरू
नोएडा पुलिस ने दबोचा 23 करोड़ की ठगी करने वाला बिजनौर का जालसाज
बिजनौर। नोएडा पुलिस ने 23 करोड़ की ठगी करने वाले जालसाज तथाकथित पत्रकार को गिरफ्तार किया है। जनपद बिजनौर के गांव पेदी निवासी इस जालसाज ने फर्जी आईडी के जरिए कई कंपनियां खोली। ईपीएफओ में एंप्लॉई के अकाउंट भी खोले। उसके बाद अलग-अलग बैंकों से करीब 23 करोड़ लोन लेकर हजम कर गया। बताया गया है कि आरोपी फर्जी पत्रकार ने पुलिस प्रशासन में अपनी पकड़ मजबूत बना रखी थी।
एडीसीपी शक्ति अवस्थी ने बताया कि मिली शिकायतों के बाद रफीक पुत्र सद्दीक नाम के इस जालसाज को सेक्टर-10 नोएडा शिवानी फर्नीचर के पास से गिरफ्तार किया गया। इसने फर्जी नामों से आधार कार्ड बनवाए और पैन कार्ड बनवा कर आरओसी में कंपनी रजिस्टर कराई। अलग-अलग व्यक्तियों की आईडी से प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां बनाई। इसके अलावा बैंकों में आधार कार्ड के जरिए फर्जी खाते भी खुलवाए। इन खातों में फर्जी कंपनी के खाते से सैलरी के रूप में धन ट्रांसफर किया और उसे वापस एटीएम से निकाल लिया। इसी तरह कई महीनों तक पैसा निकाला और खातों में ट्रांसफर किया, ताकि सीबिल स्कोर बेहतर बन सके। उन्होंने बताया कि 6 से 7 महीने तक ऐसा करने से खाता धारक को लोन मिल सकता है। इसके बाद ऑनलाइन लोन के लिए अप्लाई करके कई तरह की फाइनेंस कंपनियों से कार, मोबाइल व अन्य वस्तुएं फाइनेंस कराई। एचडीएफसी सहित अन्य बैंक से लगभग 23 करोड़ रुपए लोन के रूप में लेकर वापस नहीं किए। ईपीएफओ में कंपनी के कर्मचारी के खाते खुलवा कर समय-समय पर पैसा जमा किया गया, जिससे कंपनी का अस्तित्व सही प्रतीत हो और लोन लेते समय किसी को शक न हो। लोन के रुपयों को एटीएम के माध्यम से निकालकर व फाइनेंस की वस्तुओं का गबन करके बैंक को वापस नहीं किया जाता था।
उसके कब्जे से फिंगरप्रिंट डिवाइस (सगेम कंपनी) व डाटा केबल, 01 आई स्कैनर बरामद किया गया है। जीएचसीएल नामक फर्जी कंपनी में फ्रॉड का काम इसने सेक्टर-119 में एक फ्लैट किराए पर लेकर किया। इस पूरे गोरखधंधे में बैंककर्मियों की मिलीभगत की जांच की जा रही है।
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प्राकृतिक चिकित्सा शिविर योग केंद्र शिव मंदिर देव लोक कॉलोनी पर हुआ आयोजन
इसी प्रकार बिना दवाई के रोगियों का उपचार करते रहें: समाज कल्याण अधिकारी जागेश्वर सिंह
शिविर में नि:शुल्क हुईं 40 प्रकार की जांच
बिजनौर। योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान साकेत कॉलोनी सिविल लाइंस सेकंड, शिव मंदिर देव लोक कॉलोनी पर प्राकृतिक शिविर का आयोजन हुआ। इस अवसर पर रोगियों की 40 प्रकार की जांचों का परीक्षण नि:शुल्क किया गया।
शिव मंदिर के प्रबंधक एवं संरक्षक देवेंद्र चौहान का सम्मान
इस दौरान प्राकृतिक उपचार के द्वारा मिट्टी चिकित्सा, एक्यूप्रेशर चिकित्सा, मसाज चिकित्सा, आहार परिवर्तन के माध्यम से 55 रोगियों की समस्याओं का निदान किया गया। शिविर का उद्घाटन मंदिर के प्रबंधक एवं संरक्षक देवेंद्र चौहान एवं समाज कल्याण अधिकारी जागेश्वर सिंह ने किया। ट्रस्ट की ओर से उनका फूल मालाओं से स्वागत किया गया। समाज कल्याण अधिकारी जागेश्वर सिंह ने कहा इसी प्रकार बिना दवाई के रोगियों का उपचार करते रहें। देवेंद्र चौहान ने आश्वस्त किया कि संगठन का जो भी खर्च होगा तथा जो जांच की मशीनें आएंगी वह स्वयं खर्च उठाएंगे। उन्होंने संगठन को बॉडी एनालाइजर एवं कंप्यूटर भेंट किया। इस अवसर पर डॉ. नरेंद्र सिंह, इंटरनेशनल नेचरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन के जिला अध्यक्ष ओपी शर्मा, उपाध्यक्ष रामनाथ सिंह, बीआईटी कॉलेज बिजनौर के डॉक्टर रवि कुमार ने रोगियों का परीक्षण किया तथा उपचार किया।
थाना समाधान दिवस पर पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन पहुंचे मंडावली
जनसमस्याओं को सुनकर हो गुणवत्तापूर्ण, त्वरित निस्तारण: एसपी
बिजनौर। मंडावली में थाना समाधान दिवस के दौरान पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने जनसमस्याओं को सुनकर उनके गुणवत्तापूर्ण व त्वरित निस्तारण के लिए सम्बन्धित अधिकारी कर्मचारी को निर्देशित किया। साथ ही लापरवाही बरतने पर कार्यवाही की चेतावनी भी दी।
जिले के समस्त थानों पर समाधान दिवस का आयोजन शनिवार को किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने थाना मंडावली में जनसुनवाई की। उन्होंने राजस्व से सम्बन्धित प्रकरणों में पुलिस एवं राजस्व टीम के सहयोग से मामलों के निस्तारण कराने हेतु समस्याओं को गंभीरता से लेने और समयबद्ध निराकरण के निर्देश समस्त अधिकारियों को दिए। इस दौरान क्षेत्राधिकारी, उपजिलाधिकारी, थाना प्रभारी, लेखपाल आदि पुलिस व प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारीगण मौजूद रहे।
थाने के रजिस्टरों की जांच कर लिया फीडबैक
थाने के शिकायत रजिस्टर का अवलोकन कर निस्तारित हो चुकी शिकायतों के संबंध में फीडबैक लिया गया। इसी क्रम में जनपद के सभी थानों पर राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों द्वारा अपने-अपने सर्किल थानों पर थाना समाधान दिवस आयोजित कर जनता की समस्याओं को सुना गया। साथ ही प्राप्त प्रार्थना पत्रों की जांच करते हुए उनका त्वरित व विधिक निस्तारण कराया गया।
15 में से 10 शिकायतों का मौके पर ही समाधान
धामपुर कोतवाली परिसर में उपजिलाधिकारी मनोज कुमार सिंह व एसपी पूर्वी धर्म सिंह मार्छाल ने लोगों की शिकायतों को सुनकर समाधान कराया। प्राप्त 15 में से 10 शिकायतों का मौके पर ही समाधान करा दिया गया। अन्य शिकायतों के निस्तारण कराने के लिए संयुक्त टीमें बनाकर मौके पर भेजा गया। इस अवसर पर तहसीलदार जयेंद्र सिंह, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली अनुज कुमार तोमर, इंस्पेक्टर क्राइम अता मोहम्मद सहित सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
कांवड़ यात्रा सकुशल सम्पन्न कराने के लिए यातायात डायवर्जन प्लान लागू
बिजनौर। कांवड़ यात्रा को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए दिनांक 09.07.2023 की प्रातः से जनपद बिजनौर में यातायात डायवर्जन प्लान लागू कर दिया गया है। यह दिनांक 17.07.2023 तक जारी रहेगा। पुलिस कार्यालय द्वारा इस संबंध में विस्तृत एडवायजरी जारी की गई है।
1. हरिद्वार की तरफ जाने व आने वाले कांवडियों के हल्के वाहन वाया बिजनौर से मंडावर चौराहा, भागूवाला, चिडियापुर होते हुए हरिद्वार जाएंगे। भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेंगे।
2. जनपद मुरादाबाद से हरिद्वार आने व जाने वाले कावंडियों के सभी हल्के वाहन वाया छजलैट, नूरपुर होते हुए बिजनौर आएंगे। यदि कांवडियों की संख्या बढती है तो जनपद मुरादाबाद से आने वाले हल्के वाहन वाया जसपुर टी~पाइन्ट से अफजलगढ, शेरकोट, धामपुर, नहटौर, गंगा बैराज होते हुए बिजनौर आएंगे एवं इसी मार्ग से वापस आएंगे।
3. जनपद मेरठ से हरिद्वार आने व जाने वाले कावंडियों के हल्के वाहन गंगा बैराज पुल, बिजनौर से भागूवाला, चिडियापुर होते हुए हरिद्वार जाएंगे तथा इसी मार्ग से वापस आएंगे।
4. जनपद मेरठ की ओर से कोटद्वार व पौडी जाने वाले हल्के व भारी मालवाहक वाहन गंगा बैराज पुल बिजनौर से जलालाबाद (नजीबाबाद) देव पेट्रोल पम्प, समीपुर नहर से कोटद्वार होते हुए जनपद पौड़ी जायेंगे तथा इसी मार्ग से वापस आएंगे।
5. हरिद्वार की तरफ से कोटद्वार व पौडी जाने वाले हल्के वाहन चिडियापुर बॉर्डर, समीपुर नहर से डायवर्जन कर चौकी गंगनहर नजीबाबाद से कोटद्वार जनपद पौडी जाएंगे।
6. जनपद मेरठ/मुजफ्फरनगर की ओर से मुरादाबाद काशीपुर (उधमसिंह नगर) की तरफ से जाने वाले भारी वाहन गंगा बैराज पुल बिजनौर वाया नहटौर- धामपुर- अफजलगढ-रेहड़ से जसपुर को भेजे जाएंगे और इसी से वापस आएंगे।
श्रावण मास मेला 2023 के दौरान जनपद बिजनौर से रोडवेज बसों का संचालन निम्न मार्ग से रहेगा…
1. बिजनौर से मुरादाबाद जाने वाली रोडवेज बसें वाया नहटौर, धामपुर, शेरकोट, अफजलगढ, जसपुर होते हुए मुरादाबाद जाएंगी व इसी मार्ग से वापस आएंगी।
2. बिजनौर से दिल्ली जाने वाली रोडवेज बसें वाया गंगा बैराज से गाजियाबाद होते हुए दिल्ली जाएंगी।
3. बिजनौर से हरिद्वार जाने वाली रोडवेज बसें वाया मंडावर चौराहा, मंडावली, भागूवाला, चिडियापुर होते हुए हरिद्वार जाएंगी।
4. बिजनौर से देहरादून जाने वाली रोडवेज बसें वाया मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, गंगा बैराज से होते हुए देहरादून जाएंगी एवं सभी रोडवेज बसें इसी रूट से वापस आएंगी।
श्रावण मास – 2023 के दौरान जनपद बिजनौर के निम्न मार्गो पर भारी वाहनों का आवागमन पूर्ण रूप से प्रतिबन्धित रहेगा…
1. नजीबाबाद, नगीना, धामपुर, स्योहारा, सहसपुर मार्ग पर कांवडियों के वाहनों के अतिरिक्त समस्त हल्के / भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेंगे।
2. बिजनौर से चांदपुर मार्ग पर भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेंगे।
3. बिजनौर से नूरपुर, दौलतपुर मार्ग पर भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेंगे।
4. चिडियापुर बॉर्डर से भागूवाला चौकी वालिया तिराहा कट से मोटा महादेव, नजीबाबाद, कोतवाली देहात, नहटौर, नूरपुर, शिवालां कला, नौगावा सादात मार्ग पर कावंडियों के वाहनों के अतिरिक्त समस्त हल्के / भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेंगे।
5. बिजनौर से हरिद्वार की तरफ जाने वाले मार्गों पर कावंडियों के वाहनों के अतिरिक्त हल्के/भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेंगे।
पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन, एएसपी सिटी डा. प्रवीण रंजन सिंह, एएसपी ग्रामीण राम अर्ज, एसपी पूर्वी डा. धर्म सिंह मार्छल ने आमजनमानस से अपील की है कि कृपया असुविधा से बचने के लिए बिजनौर पलिस द्वारा जारी ट्रैफिक एडवायजरी का पालन करें।
पांच टीम ने की छापामारी, जांच के लिए भेजे गए बीज के नमूने
31 दुकानों का निरीक्षण, एक बीज विक्रेता का लाइसेंस निलम्बित
बिजनौर। तहसील स्तर पर पांच टीम ने एक साथ खाद बीज की 31 दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान 09 बीज के नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे। वहीं एक दुकान के प्रपत्र अपूर्ण पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर लाइसेंस निलम्बित कर दिया गया है।
शासन के निर्देश एवं जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में उप कृषि निदेशक गिरीश चंद्र एवं जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह की संयुक्त टीम ने तहसील धामपुर, जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता राजवीर सिंह की संयुक्त टीम ने तहसील बिजनौर, जिला कृषि रक्षा अधिकारी मनोज रावत एवं जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अजय कुमार द्वारा चांदपुर तथा अपर जिला कृषि अधिकारी अमित कुमार एवं सहायक निदेशक मत्स्य, संतोष कुमार द्वारा तहसील नजीबाबाद एवं नगीना में बीज विक्रेता के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार की कार्रवाई की गई।
छापामार कार्रवाई के दौरान कुल 31 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण एवं अभिलेखों के अनुसार उपलब्ध स्टाक का मिलान किया गया तथा कुल 09 बीज के नमूने लिए गए। कार्रवाई के दौरान अभिलेख अपूर्ण पाए जाने पर 01 विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए बीज लाइसेंस निलंबित किया गया। निरीक्षण के दौरान सभी उर्वरक विक्रेताओं को कृषकों की तत्कालीन आवश्यकता के अनुसार बीजों का वितरण निर्धारित दर पर किए जाने के निर्देश दिए गए।
कृषक प्राप्त कर सकते हैं आवश्यकता के अनुसार यूरिया उर्वरक
जनपद में पहुंचा 5200 मीट्रिक टन यूरिया
बिजनौर। जनपद में खरीफ सीजन हेतु यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता है। कृषक अपनी वर्तमान आवश्यकता के अनुसार यूरिया उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं।
जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने बताया कि मेसर्स इफको विनिर्मित यूरिया की एक रैक मात्रा 2600 मीट्रिक टन एवं मेसर्स कृभको लिमिटेड विनिर्मित यूरिया की एक रैक मात्रा 2600 मीट्रिक टन, कुल 5200 मीट्रिक टन जनपद को प्राप्त हुई है।
उन्होंने बताया कि प्राप्त यूरिया को सहकारी एवं गन्ना समितियों के साथ-साथ एग्री जंक्शनो पर प्रेषित कराया जा रहा है। जनपद में खरीफ सीजन हेतु यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता है तथा माह जुलाई में आगे भी लगातार यूरिया उर्वरक की रैक आवंटन प्लान के अनुसार आवक बनी रहेगी। उन्होंने कृषक भाइयों से अपील की है कि वे अपनी वर्तमान आवश्यकता के अनुसार यूरिया उर्वरक प्राप्त कर फसलों में संस्तुति के अनुसार प्रयोग करें।
मुंबई (एजेंसियां)। रोजमर्रा की जिदंगी में सड़क, फुटपाथ, बस अड्डा और रेलवे स्टेशन समेत अन्य जगहों पर भिखारियों को देखा जाता है, जो कि भीख मांगकर अपना जीवन यापन करते हैं। दो वक्त की रोटी के लिए मेहनत कर रहे इन भिखारियों को देखकर कुछ लोग इन्हें पैसे देकर मदद भी करते हैं। …लेकिन आपको यह बात जानकर बड़ी हैरानी होगी कि कुछ लोगों ने भीख मांगने के फायदे को अपना पेशा बना लिया है। क्या आप जानते हैं कि दुनिया का सबसे अमीर भिखारी कौन है और कहां रहता है?
मुंबई में रहता है दुनिया का अमीर भिखारी! मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दुनिया के सबसे अमीर भिखारी का नाम भरत जैन है जो कि मुंबई में रहता है। यह मुंबई की सड़कों पर भीख मांगता है। गरीबी के कारण बचपन में भरत जैन की पढ़ाई पूरी न हो पाई और उन्होंने मुंबई में भीख मांगने का काम शुरू कर दिया। यह अमीर भिखारी शादीशुदा है और उसके परिवार में पत्नी, दो बच्चे, एक भाई और उनके पिता हैं। भरत जैन चाहते थे कि उनके बच्चे एजुकेशन प्राप्त करें और उनके दोनों बच्चों ने सफलतापूर्वक अपनी शिक्षा पूरी कर ली है।
कितनी है कुल संपत्ति? भारत जैन की कुल संपत्ति 7.5 करोड़ बताई गई है। वह भीख मांगकर प्रतिमाह 60,000 से 75,000 रुपए कमाता है। रिपोर्ट्स की मानें तो, भरत जैन के पास मुंबई में 1.4 करोड़ रुपए के दो फ्लैट हैं। उन्होंने ठाणे में दो दुकानें भी खरीदी हैं, जिससे उन्हें 30,000 रुपए की मासिक किराए की इनकम होती है। भरत जैन को मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस या आजाद मैदान इलाके में भीख मांगते देखा जाता है। एक ओर जहां आदमी 12 से 14 घंटे भी काम करते हैं, इसके बाद उन्हें महीने के 8 से 10 हजार रुपए मिलते हैं तो वहीं भरत जैन अपने भीख मांगने के इस काम से एक ही दिन में दो से ढ़ाई हजार रुपए कमा लेते हैं। भरत जैन और उनका परिवार परेल में 1बीएचके डुप्लेक्स में रहते हैं। परिवार वाले भरत जैन को भीख न मांगने की सलाह देते हैं, लेकिन वह मानते नहीं है और यह काम जारी रखे हुए हैं।
बिजनौर। प्रेस क्लब झालू के उपाध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार मुसव्वर हुसैन (40 वर्ष) का बीती शाम हृदय गति रुकने से इंतकाल हो गया। यह खबर सुनते ही पूरे परिवार एवं नगर के साथ-साथ पत्रकारों में भी शोक की लहर दौड़ गई। झालू के मोहल्ला मौलवियान स्थित उनके आवास पर पहुंचकर सभी ने शोक प्रकट किया। उन्हें जुमे की नमाज़ के बाद सुपुर्दे खाक किया गया।
गुरुवार देर शाम सीने में दर्द के बाद परिजन चिकित्सक के यहां बिजनौर लाए, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। वर्तमान में वह दैनिक सद्भावना का प्रतीक के जिला प्रभारी थे, जबकि पूर्व में सांध्य दैनिक प्रयाण सहित कई समाचार पत्रों में अपनी सेवाएं दे चुके थे। अपनी लेखनी के बल पर उनकी गिनती तेजतर्रार पत्रकारों में होती थी। समाज के प्रत्येक वर्ग में उनकी अलग पहचान थी।
Update : मेरठ में बेगमपुल पर राजीव कपूर की ज्वैलरी शॉप है। 2 बदमाश आए। मालिक के हाथ-पैर बांधकर डाल दिए और पूरी ज्वेलरी शॉप लूटकर फरार हो गए। जब स्टाफ पहुंचा, तब लूट की जानकारी हुई।
कांवड़ यात्रा चल रही है, आज जुमा भी है। IG, SSP से लेकर PAC-RAF सड़कों पर है, फिर भी शहर में लूट… https://t.co/isdSlWOfTN
मेरठ। बेगम पुल पर राजीव कपूर की ज्वैलरी शॉप पर 2 बदमाश आए। मालिक के हाथ-पैर बांधकर डाल दिए और पूरी ज्वेलरी शॉप लूटकर फरार हो गए। जब स्टाफ पहुंचा, तब लूट की जानकारी हुई। व्यापारियों का कहना है कि कांवड़ यात्रा चल रही है, आज जुमा भी है। IG, SSP से लेकर PAC-RAF सड़कों पर है, फिर भी शहर में लूट की बड़ी वारदात हो गई। समाचार लिखे जाने तक मौके पर गहमा गहमी है। पुलिस ने कड़ी नाकाबंदी करने के साथ ही कई टीम लगा दी हैं। सीसीटीवी फुटेज के जरिए सूत्र तलाशे जा रहे हैं।
इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन की धार्मिक मुहिम
भोले बाबा के 55 भक्तों का जत्था लेकर नि:शुल्क बस रवाना
बिजनौर। इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन की अगुवाई में गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी बाबा अमरनाथ जी के दर्शन के लिए नि:शुल्क बस भोले बाबा के 55 भक्तों का जत्था लेकर रवाना हो गई।
इंटरनेशनल नेचरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन इकाई जनपद बिजनौर, योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान के संरक्षक एवं जिला बार एसोसिऐशन के अध्यक्ष एसके बबली एडवोकेट के द्वारा भोले बाबा बर्फानी के भक्तों का जत्था नगर पालिका चौक से हरी झंडी दिखा कर रवाना किया गया। भोले बाबा के भक्तों को लेकर यह नि:शुल्क बस लगातार गत वर्षों से अमरनाथ यात्रा एवं 5 देवियों के दर्शन हेतु जाती रही है। इस अवसर पर काफी संख्या में उपस्थित भक्तों ने जय भोले बाबा बर्फानी की जय जयकार कर बस को रवाना किया। इस वर्ष 55 भक्तों को धर्म यात्रा का लाभ प्राप्त हुआ है।
बिहार की महिला का शव बरामद, घायल अज्ञात व्यक्ति ने दम तोड़ा
बिजनौर। अफजलगढ़़ थाना क्षेत्र के गांव सीरवासुचंद में आम के बाग के नजदीक महिला का शव मिलने से सनसनी फैल गई। महिला की पहचान बिहार निवासी ललिता के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है। वहीं नगीना में मिले घायल अज्ञात व्यक्ति की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
अफजलगढ़़ थाना क्षेत्र के गांव सीरवासुचंद में गुरुवार सवेरे नरेश के बाग के पास 55 वर्षीय महिला का शव मिलने से गामीणों में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष हम्बीर सिंह जादौन, एसएसआई आशीष कुमार तोमर, हलका इंचार्ज जुगेंद्र सिंह तेवतिया ने महिला का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल बिजनौर भिजवा दिया। मृतका की पहचान ललिता देवी के रूप में हुई, जो मूल रूप से बिहार की रहने वाली है। उसकी शादी गांव रसूलपुर आबाद में हुई थी। उसका एक पुत्र बिहार में रहता है, जबकि एक पुत्री रेखा की शादी गांव सीरवासुचंद में रवि कुमार के साथ हुई है। परिजनों ने बताया कि महिला मानसिक रूप से बीमार चल रही थी। वह एक सप्ताह पूर्व घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। बीती रात कादराबाद क्षेत्र में अज्ञात वाहन की चेपट में आकर ललिता देवी चोटिल हो गई थी। परिजन उसे घर ले गए थे। गुरुवार की सुबह फिर घर से बिना बताए चली गई। पुत्री रेखा को भी उसकी मौत के बारे में कुछ पता नही हैं। मौत की सूचना मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उधर थानाध्यक्ष हम्बीर सिंह ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल बिजनौर भेजे जाने की बात कही है।
नगीना में मिले घायल अज्ञात व्यक्ति की उपचार के दौरान मृत्यु
नगीना। एक अज्ञात व्यक्ति (उम्र लगभग 58 वर्ष) कोतवाली मार्ग पर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र से चोटिल अवस्था में 01 जून को मिला। उसे नगीना सीएचसी में उपचार हेतु भर्ती कराया गया था, हालत गंभीर होने से उसे जिला अस्पताल बिजनौर के लिए रेफर कर दिया गया था। उक्त व्यक्ति की मृत्यु 04 जून 2023 हो गई। पुलिस द्वारा पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया जा चुका है। किसी को इस व्यक्ति की जानकारी हो तो उप निरीक्षक श्याम पाल सिंह नगीना के मोबाइल नंबर 8433452324 व थाना प्रभारी निरीक्षक रविंद्र कुमार वशिष्ठ 9454403136 पर जानकारी दें। अज्ञात व्यक्ति का हुलिया लंबाई लगभग 7.6 इंच रंग गेहूंआ इकहरा बदन, सफेद दाढ़ी, जामनी रंग का कुर्ता पहने हुए था।
कांवड़ यात्रा पर पैनी निगाह रखते हुए प्रमुख स्थानों पर हो सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था: एसपी
शिवभक्तों को सुरक्षित आवागमन देने के पुलिस को निर्देश
अफजलगढ़़/बिजनौर। एसपी नीरज कुमार जादौन ने रामगंगा भूतपुरी पुल पर पहुंचकर कांवड़ यात्रा मार्गों का निरीक्षण किया। एसपी ने शिवभक्तों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में सुरक्षित आवागमन देने के पुलिस को निर्देश दिए।
बुधवार देर रात पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने एसपी पूर्वी धर्म सिंह मार्छाल, सीओ भरत कुमार सोनकर व थानाध्यक्ष हम्बीर सिंह के साथ भूतपुरी रामगंगा पुल सहित भूतपुरी तिराहे क्षेत्र से सावन कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों के आवागमन रास्तों का निरीक्षण किया। एसपी ने रामगंगा पुल के समीप एक मंदिर और शेरगढ़ तिराहे सहित अन्य क्षेत्रों का पैदल निरीक्षण कर यात्रा मार्ग का अवलोकन किया। एसपी ने पुलिस को कांवड़ यात्रा मार्ग को अतिक्रमण मुक्त रखने, कांवड़ यात्रा मार्गाें पर पुलिस पिकेट आदि तैनात करने, पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही कांवड़ यात्रा पर पैनी निगाह रखते हुए प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था के भी निर्देश दिए। एसपी ने भूतपुरी तिराहे सहित अनेक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की बेहतर व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष हम्बीर सिंह की सराहना करते हुए और बेहतर व्यवस्था करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि सावन कांवड़ यात्रा के दौरान क्षेत्र से बड़ी संख्या में दूरदराज के शिवभक्त पवित्र गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार पहुंचते हैं। पैदल कांवड़ यात्रा के साथ बड़ी संख्या में डाक कांवड़ वाहन भी क्षेत्र से गुजरते हैं। इस अवसर पर एसएसआई आशीष कुमार तोमर, एसआई अनोखेलाल गंगवार, मुकेश कुमार, जीत सिंह पुंडीर, नवनीत कुमार, हेड कांस्टेबल विकास बाबू, सचिन कुमार तथा कांस्टेबल मुनेश कुमार आदि उपस्थित रहे।
कटान के बाद बची 170 गज के प्लाट में से मात्र 10 गज भूमि
नाला बनाकर नदी का रुख बदलने की तैयारी शुरू
नदी से कटान की खबरों पर पहुंचे चेयरमैन व राजस्व विभाग की टीम
बढ़ापुर (बिजनौर)। नकटा नदी द्वारा मोहल्ला भजड़ावाला में किये जा रहे कटान की खबरें समाचार पत्रों में प्रमुखता से छपने के बाद राजस्व विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण कर उपजिलाधिकारी को अवगत कराया। उपजिलाधिकारी नगीना द्वारा सिंचाई विभाग से वार्ता के बाद अस्थाई स्टड लगवाने की बात कही गई है। वहीं दूसरी गुलाः नदी ने भी आबादी के नजदीक कटान करना शुरू कर दिया जिसके चलते गुरुवार को चेयरमैन दिलशाद अंसारी व राजस्व विभाग की टीम ने मौके का मुआयना कर नाला बनाकर नदी का रुख बदलने की तैयारी शुरू कर दी है।
नकटा नदी द्वारा नगर के मोहल्ला भजड़ावाला में किये जा रहे कटान के कारण मोहल्लेवालों की नींद उड़ चुकी है। वहीं गुरुवार को सवेरे से ही मैदानी सहित पहाड़ी इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश के बाद नकटा नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ मोहल्लेवासियों के दिलों की धड़कने बढ़ने लगी। देखते ही देखते नदी ने कई फिट कटान कर डाला। बताया जा रहा है कि मोहल्ला भजड़ावाला निवासी मोहम्मद इरशाद ने करीब 170 गज का एक प्लाट मकान बनाने के लिये खरीदा था परन्तु नकटा नदी के कटान के कारण गुरुवार को इरशाद के 170 गज के प्लाट में से केवल मात्र 10 गज भूमि ही मौके पर बच पाई।
गुरुवार को समाचार पत्रों में नकटा नदी के कटान की खबरें प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद तहसील प्रशासन में हड़कम्प मच गया। इसके बाद राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुँच गई। राजस्व निरीक्षक नेतराम सिंह, लेखपाल अरुण काम्बोज, सचिन कुमार द्वारा मौके पर पहुंच कर स्थलीय निरीक्षण किया गया। साथ ही उपजिलाधिकारी नगीना को अवगत कराते हुए तत्काल कटान को रोकने के उचित प्रबंध की बात कही गई। चेयरमैन डॉ. दिलशाद अंसारी भी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए और राजस्व विभाग की टीम से मोहल्ला भजड़ावाला को बचाने के लिये उचित प्रबंध करने की बात कही। बताया जा रहा है कि अभी नकटा नदी के कटान से मोहल्ला भजड़ावाला के लोग अभी उभर भी नहीं पाए थे कि वहीं दूसरी ओर मोहल्ला नौमी में नगर के पूर्व दिशा में बहने वाली गुलाः नदी ने भी आबादी को अपनी जद में लेने के लिये जद्दोजहद शुरू कर दी। इसके चलते हुए गुलाः नदी के कटान से आबादी को बचाने के लिये पंचायत प्रशासन द्वारा बनाई गई सुरक्षा दीवार भी दरकने लगी। गुरुवार को मोहल्ला भजड़ावाला में स्थलीय निरीक्षण करने पहुंची राजस्व विभाग की टीम भी मोहल्ला नौमी पहुंच गई। यहां पर नदी के रुख को देखते हुए राजस्व विभाग की टीम व चेयरमैन डॉ दिलशाद अंसारी ने रुख बदलने के लिये नदी में दूसरी ओर नहर नुमा नाला बनाकर नदी का रुख बदलने के लिये कवायद शुरू कर दी। नगर पंचायत प्रशासन द्वारा दोनों नदियों में जेसीबी लगाकर काम शुरू करने को कहा गया। इस बाबत जब उपजिलाधिकारी नगीना शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि मामला उनका संज्ञान में आ चुका है। राजस्व टीम को मौके पर भेजा गया है। साथ ही सिंचाई विभाग से अस्थाई स्टड लगाने की बात की जा रही है। सिंचाई विभाग द्वारा जल्द ही स्टड लगवाए जाएंगे।
कांवड़ यात्रा के चलते मेरठ में सभी स्कूल 10 से 16 जुलाई तक बंद
मेरठ। कांवड़ यात्रा के चलते मेरठ में सभी स्कूल 10 से 16 जुलाई तक बंद रहेंगे। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
मेरठ के डीएम दीपक मीणा ने बताया कि कांवड़ यात्रा के चलते 10 जुलाई से 16 जुलाई तक सभी स्कूल बंद रहेंगे। सभी स्कूल संचालकों और प्रधानाचार्य को इसकी जानकारी दे दी गई है। कांवड़ यात्रा के चलते 10 जुलाई के बाद कांवड़ियों की आवाजाही बढ़ जाएगी। सभी स्कूल संचालकों से भी जानकारी मांगी गई है कि उनके यहां पर कोई परीक्षा तो नहीं, ताकि किसी भी छात्र-छात्रा को परीक्षा से वंचित न होना पड़े।
चेकिंग के दौरान पुलिस पर फायरिंग, दो बदमाश गिरफ्तार, दो फरार
~भुवन राजपूत
बिजनौर। चांदपुर में मुठभेड़ के दौरान पुलिस पर फायरिंग कर भागे चार बदमाशों में से दो को गिरफ्तार कर लिया गया।दो अन्य फरार बदमाशों की तलाश में पुलिस का अभियान जारी है।
चांदपुर में शुगर मिल चौकी पर पुलिस द्वारा चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। सामने से आ रही सलेटी कलर की i20 कार UP16Z4857 को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। इस पर कार में बैठे बदमाश पुलिस पर फायर करते हुए फरार हो गए। बाद में पुलिस ने धर पकड़ अभियान चला कर 2 बदमाशों को पकड़ लिया जबकि अन्य दो बदमाश रात के अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहे।
पकड़े गए बदमाशों के नाम अनुज वर्मा पुत्र शशि वर्मा निवासी पीतल नगरी जनपद मुरादाबाद तथा धनु कुमार पुत्र सिपाही राय निवासी सारन खोडाईवध बताए गए हैं। बदमाशों ने अपने साथियों का नाम हनी वर्मा पुत्र प्रेम वर्मा निवासी पीतल नगरी जनपद मुरादाबाद तथा अंगद पांडेय निवासी आजमगढ़ बताया है। पुलिस के अनुसार बदमाशों का लंबा अपराधिक इतिहास है। दोनों बदमाशों से ₹45000 के अलावा तमंचे और कारतूस भी बरामद हुए हैं।
मंदिर से जुड़ा हुआ है भगवान श्री कृष्ण और रुक्मणी का इतिहास
गंगा में न समा जाए माता अंबिका का गलखा मंदिर
~मुकेश कुमार
मंडावर (बिजनौर)। महाभारत कालीन अंबिका माता के गलखा मंदिर का अस्तित्व खतरे में दिखाई दे रहा है। गंगा दिन प्रतिदिन कटान करती हुई मंदिर की ओर बढ़ रही है। मंदिर से भगवान श्री कृष्ण और रुक्मणी का इतिहास जुड़ा हुआ है। आसपास के गांव के लोग बढ़ते कटान को देखकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं। किसानों की बहुत सी जमीन भी गंगा नदी में समाती दिखाई दे रही है।
पिछले कई दिनों से कटान करती हुई गंगा की धारा माता अंबिका के गलखा मंदिर की ओर बढ़ रही है, जिसके चलते मंदिर को खतरा बढ़ने लगा है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रशासन से गंगा द्वारा किए जा रहे कटान को रुकवाने की व्यवस्था करने की मांग की है। बताया गया है कि एक सप्ताह पूर्व गंगा का जलस्तर बढ़ने पर उप जिलाधिकारी ने टीम के साथ गंगा से हो रहे खेतों के कटान का निरीक्षण कर अधिकारियों को जल्द ही रोकने की बात कही थी। बाद में सिंचाई विभाग द्वारा गंगा किनारे लकड़ी की झाड़ियां लगाकर खेतों में हो रहे कटान को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन वह गंगा की तेज धार में बह गई। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्दी ही कटान रोकने की व्यवस्था नहीं की गई तो जल्द ही गंगा मंदिर तक पहुंच जाएगी।
एसपी, एएसपी सिटी व एएसपी ग्रामीण ने स्टार लगाकर दी बधाई
प्रमोशन पाकर इंस्पेक्टर बने हरीश कुमार
~विमल कुमार शर्मा
बिजनौर। थाना हल्दौर में एसएसआई के पद पर तैनात हरीश कुमार को उपनिरीक्षक से निरीक्षक के पद पर प्रोन्नत होने पर एसपी नीरज कुमार जादौन, एएसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह व एएसपी ग्रामीण राम अर्ज ने स्टार लगाकर बधाई दी तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। वहीं पुलिस अधिकारियों तथा मीडिया कर्मियों व उनके चाहने वालों ने बधाई दी। हरीश कुमार ने कहा कि निरीक्षक के पद पर प्रोन्नत होने पर जिम्मेदारी और बढ़ गई है, जिसको ईमानदारी निष्ठा तथा लगन के साथ निभाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि उपनिरीक्षक से निरीक्षक के पद पर प्रोन्नत हुए हरीश कुमार ईमानदार, तेजतर्रार तथा व्यवहार कुशल अधिकारी हैं। जनपद बिजनौर में वह जहां भी तैनात रहे, वहीं अपनी छाप छोड़ चुके हैं। मधुर भाषा के धनी हरीश कुमार से जो एक बार मिल लेता है फिर वह उनका कायल हो जाता है। हरीश कुमार आबकारी चौकी प्रभारी, शेरकोट कस्बा इंचार्ज, स्योहारा कस्बा इंचार्ज, झालू चौकी प्रभारी रह चुके हैं। वर्तमान में थाना हल्दौर में एसएसआई के पद पर तैनात हैं।
हरीश कुमार के उपनिरीक्षक से निरीक्षक के पद पर प्रोन्नत होने पर एसपी नीरज कुमार जादौन, एएसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह व एएसपी ग्रामीण राम अर्ज ने स्टार लगा कर बधाई दी तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इस दौरान निरीक्षक हरीश कुमार ने बताया उपनिरीक्षक से निरीक्षक के पद पर प्रोन्नत होने पर और अधिक ऊर्जावान महसूस कर रहा हूं। इसका श्रेय परिवार, साथियों एवं मित्रगणों को है। अब और जिम्मेदारी बढ़ गई है, लेकिन जैसे ईमानदारी से कार्य को अंजाम दे रहा था, उसी तरह उच्चाधिकारियों के आदेशों का पालन करते हुए ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य को अंजाम दूंगा। विभागीय लोगों का कहना है कि हरीश कुमार की कार्यशैली की प्रशंसा हर जगह होती है।
गुरु पूर्णिमा पर इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन ने किया यज्ञ
बिजनौर। इंटरनेशनल नेचरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन जनपद बिजनौर योग केंद्र शिव मंदिर देवलोक कॉलोनी (कलक्ट्रेट के पीछे) बिजनौर संरक्षक एवं प्रबंधक देवेंद्र चौहान जिला अध्यक्ष ओपी शर्मा के द्वारा गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर यज्ञ का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि समाज कल्याण अधिकारी बिजनौर जागेश्वर सिंह, आईएनओ प्रदेश उपाध्यक्ष डॉक्टर नरेंद्र सिंह एवं मंदिर के प्रबंधक देवेंद्र चौहान द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ कराया गया।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2023 के कार्यक्रम को जनपद बिजनौर के विभिन्न क्षेत्रों में कराने के लिए जिला अध्यक्ष ओपी शर्मा को समाज कल्याण अधिकारी द्वारा प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने कहा कि समाज के कल्याण के लिए, राष्ट्र के निर्माण के लिए हमें एकजुट होकर कार्य करना चाहिए अपने अपने गुरु का सम्मान करना चाहिए। गुरु ही अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। इसलिए प्रत्येक जीव के अंदर परमात्मा के दर्शन करना चाहिए। वास्तव में इस विश्व के अंदर एक ही गुरु परमपिता परमात्मा है। हमें उसी का ध्यान करना चाहिए, हमें उसी की शरण में जाना चाहिए। ईश्वर शरणम गच्छामि।
इस अवसर पर पतंजलि प्रभारी राम सिंह पाल, बीआर पाल, अपूर्व चौहान, सुधा देवी, मोनी चौहान, आरोग्य भारती के प्रांत संरक्षक वेद अजय गर्ग, श्रीमती अनीता देवी, रामेंद्र सिंह, मंदिर के पंडित रामअवतार शर्मा उपस्थित रहे। उन्होंने सभी को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं तथा प्रसाद वितरण किया।
बिजनौर। डॉक्टर्स डे के अवसर पर इनर व्हील क्लब सतरंग की संरक्षिका डॉक्टर लिपिसेन वर्मा एवं डॉ मनोज कुमार वर्मा को सम्मानित करते हुए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वर्मा मेटरनिटी नर्सिंग होम में मौजूद सभी मरीजों को ताजे फलों का वितरण किया गया। क्लब के सदस्यों ने इनरव्हील क्लब की संरक्षिका डॉक्टर लिपिसेन वर्मा को दुशाला ओढ़ा कर सम्मानित किया।
डॉक्टर लिपिसेन वर्मा ने कहा कि डॉक्टर्स की सेवा वास्तविकता में मानव की सच्ची सेवा है। उन्होंने डॉक्टर्स डे मनाने के संबंध में जानकारी दी। साथ ही आगामी कार्यक्रमों के चर्चा की गई। कार्यक्रम में क्लब की अध्यक्ष पर्ल रस्तोगी, सचिव सुरभि जैन, पदाधिकारी मानसी गुप्ता, मोनिका सिंघल, किरण बाछुका, अंजलि रस्तोगी, बबीता रस्तोगी, नेहा, प्रियंका गर्ग, गिन्नी अग्रवाल, सृष्टि पुष्पक, नीना शर्मा, दीप्ति जैन, अंजू जैन आदि मौजूद रही।
वन विभाग बिजनौर के तत्वाधान में वन महोत्सव का शुभारंभ
इस वर्ष रोपे जायेंगे 75 लाख पौधे: प्रभागीय वन निदेशक
बिजनौर। वन विभाग के तत्वावधान में वन महोत्सव का शुभारंभ गंगा बैराज घाट पर माँ गंगा की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर व पौधारोपण कर किया गया। मुख्य अतिथि सदर विधायक सूची चौधरी, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, प्रभागीय वन निदेशक अरुण कुमार सिंह, उप प्रभागीय वनाधिकारी ज्ञान सिंह, उप प्रभागीय वनाधिकारी अंशुमन मित्तल, जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्रा, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी वीके सिंह, जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र कुमार ने पौधारोपण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
सदर विधायक सूची चौधरी ने वन महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत किये जा रहे पौधारोपण के साथ साथ पौधों का संरक्षण करने का भी आह्वान किया। वन महोत्सव कार्यक्रम में गुरुकुल की छात्रों ने लघु नाटिका प्रस्तुत कर पौधारोपण करने हेतु सन्देश दिया व वनों को न काटने को भी प्रेरित किया। प्रभागीय वन निदेशक ने बताया कि जनपद बिजनौर में इस वर्ष 75 लाख पौधारोपण का लक्ष्य है, जिसकी पूर्ति हेतु अनेक विभागों को जिम्मेदारी है। जनपद में पौधों का लक्ष्य पूर्ण करने हेतु जन आंदोलन की तरह कार्य करना है। उप प्रभागीय वनाधिकारी बिजनौर ने वन महोत्सव कार्यक्रम की रूपरेखा को स्पष्ट करते हुए बताया कि गंगा बैराज घाट पर वृहद वृक्षारोपण अभियान 2023 के अंतर्गत वन महोत्सव के अवसर पर 2023 पौधे रोपित कर वृक्षारोपण अभियान का शुभारम्भ किया जा रहा है। मुख्य अतिथि सदर विधायक एवं जिलाधिकारीटी द्वारा गुरुकुल के बच्चों तथा वन विभाग के प्रभागीय निदेशक एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति में विशिष्ट प्रजातियों, पारिजात, कल्प वृक्ष, रुद्राक्ष, पीपल, पाकड़, बरगद, आम, नीम, महुआ, जामुन आदि के 223 पौधे मौके पर ही रोपित किये गए। साथ ही हरिशंकरी वाटिका की स्थापना की गई। इस अवसर पर ज्ञान सिंह एसडीओ बिजनौर ने मत्स्य पुराण में वर्णित वृक्षों के महत्त्व के बारे में बताते हुए कहा कि “दस कुओं के बरावार एक बावड़ी, दस बावड़ी के बराबर एक तालाब और दस तालाबों के बरावर एक पुत्र और दस पुत्रों के बरावर एक वृक्ष को मान्यता प्रदान कि गई है। वनों से ही पृथ्वी के कल्याण की परिकल्पना की गई है, अतः सभी आम जन विद्यार्थी इस वृक्षारोपण जन आंदोलन में भागीदार बने। इस वर्षाकाल में सभी लोग कम से कम 1 पौधा रोपित कर उसकी सुरक्षा, संरक्षा करें ताकि हमारे पृथ्वी के बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने में हम सभी सहभागी बन सके तथा आने वाली पीढ़ी को एक बेहतर प्लेनेट की परिकल्पना साकार हो सके। उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त प्रभागीय निदेशक अरुण कुमार सिंह ने हरसिंगार प्रजाति का पौधा स्मृति स्वरूप भेंट कर, इसे रोपित कर इसकी सुरक्षा करने का आह्वान किया। वृक्ष के महत्व पर आधारित लघु नाटिका प्रस्तुत कर वनों को लगाने तथा उन्हें बचाने हेतु किया गया मंचन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस हेतु सभी छात्रों का धन्यवाद व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का संचालन नमामि गंगे जिला कार्यक्रम अधिकारी पुलकित जाग्रवाल द्वारा किया गया।
बिजनौर। अफजलगढ़़ क्षेत्र में गुलदार के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। एक तरफ वन विभाग गुलदार को पकड़ने की हर संभव कोशिश में जुटा है, वहीं गुलदार लगातार स्थानीय लोगों को शिकार बना रहा है। शनिवार को एक 13 वर्षीय किशोरी को गुलदार से बचाने के दौरान माता पिता अपनी जान हथेली पर रखकर भिड़ गए। गुलदार किशोरी को जख्मी हालात में छोड़ कर जंगल में भाग निकला। परिजनों ने उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया है।
गांव आलमपुर गांवड़ी निवासी सोमपाल सिंह अपनी पत्नी प्रवेश देवी और 13 वर्षीय बेटी आकांक्षा को साथ लेकर दोपहर एक बजे जंगल में अपने पशुओं को चारा लेने गया था। पति पत्नी से कुछ दूर आकांक्षा चारा काट रही थी। अचानक खेत से निकलकर गुलदार ने आकांक्षा पर झपट्टा मार दिया। सोमपाल सिंह व प्रवेश देवी ने घास काटने की दरांती से गुलदार को डराने का प्रयास किया और शोर मचाया। इस पर गुलदार किशोरी को छोड़कर भाग निकला। बच्ची के दोनों पांव घायल हो गए। परिजन किशोरी को तुरंत सीएचसी अफजलगढ़़ लेकर पहुंचे।
हांका लगाओ, खेत पर बच्चे न ले जाओ
क्षेत्र में लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में गुलदार का भय व्याप्त है ग्रामीण अकेले-दुकेले खेतों पर भी जाने से घबरा रहे हैं। इस समय लगातार क्षेत्र के कई गांवो में गुलदार का आतंक छाया हुआ है। रेहड़ व अफजलगढ़ थाना क्षेत्र में गुलदार महिला सहित पांच लोगों को मौत के घाट उतार चुका है। वहीं कई लोगों को जख्मी भी कर दिया। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से गुलदार को पकड़ कर वन क्षेत्र में छुड़वाने की मांग की है। इस संबंध में वन दरोगा सुनील राजौरा ने बताया कि टीम भेजी जा रही है। उन्होंने लोगों से सतर्कता बरतने और हांका लगा कर खेत में काम करने को कहा साथ ही उन्होंने सलाह दी कि छोटे बच्चों को खेतों पर न ले जाएं।
नेशनल पोस्टल वर्कर्स डे (1 जुलाई): डाक कर्मियों की भूमिका में हो रहे तमाम परिवर्तन
डाक ही नहीं, बैंकिंग व आधार सेवाएं भी घर बैठे उपलब्ध करा रहा डाकिया – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव
चिट्ठी-पत्री बाँटने वाला डाकिया हुआ स्मार्ट, हाथ में स्मार्ट फोन व बैग में डिजिटल डिवाइस के साथ नई भूमिका
विश्व भर में डाक सेवाओं में आमूल चूल परिवर्तन आए हैं। फिजिकल मेल से डिजिटल मेल के इस दौर में डाक सेवाओं में विविधता के साथ कई नए आयाम जुड़े हैं। डाककर्मी सरकारों और आमजन के बीच सेवाओं को प्रदान करने वाले एक अहम कड़ी के रूप में उभरे हैं। ऐसे में 1 जुलाई को पूरी दुनिया में ‘नेशनल पोस्टल वर्कर्स डे’ के दिन डाककर्मियों का आभार व्यक्त करने का प्रचलन उभरा है। वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि ‘नेशनल पोस्टल वर्कर डे’ की अवधारणा अमेरिका से आई, जहाँ वाशिंगटन राज्य के सीऐटल शहर में वर्ष 1997 में कर्मचारियों के सम्मान में इस विशेष दिवस की शुरुआत की गई। धीरे-धीरे इसे भारत सहित अन्य देशों में भी मनाया जाने लगा। यह दिन दुनिया भर में डाककर्मियों द्वारा की जाने वाली सेवा के सम्मान में मनाया जाता है।
‘डाकिया डाक लाया’ के साथ अब ‘डाकिया बैंक लाया’
वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाककर्मियों की भूमिका में तमाम परिवर्तन आए हैं। ‘डाकिया डाक लाया’ के साथ ‘डाकिया बैंक लाया’ भी अब उतना ही महत्वपूर्ण है। पत्रों व पार्सल के साथ-साथ आधुनिक दौर में लोगों के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण चीजें पोस्टमैन ही घर-घर वितरित करता है। आधार कार्ड, पासपोर्ट, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक चेक बुक, एटीएम जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ-साथ विभिन्न मंदिरों के प्रसाद, दवाईयां और रक्षाबंधन पर्व पर राखियाँ भी डाकियों द्वारा ही पहुँचायी जा रही हैं। वाराणसी परिक्षेत्र में दो हजार से ज्यादा पोस्टमैन लोगों के दरवाजे पर हर रोज दस्तक लगाते हैं, जिनके द्वारा औसतन प्रति माह 6 लाख स्पीड पोस्ट व पंजीकृत पत्र और 13 लाख साधारण पत्रों का वितरण किया जा रहा है। ई-कामर्स को बढ़ावा देने हेतु कैश ऑन डिलीवरी, लेटर बाक्स से नियमित डाक निकालने हेतु नन्यथा मोबाईल एप एवं डाकियों द्वारा एण्ड्रोयड बेस्ड स्मार्ट फोन आधारित डिलीवरी और वित्तीय सेवाएं प्रदान करना जैसे तमाम कदम डाक विभाग की अभिनव पहल हैं।
डाक विभाग का सबसे मुखर चेहरा है डाकिया
पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग का सबसे मुखर चेहरा डाकिया है। डाकिया की पहचान चिट्ठी-पत्री और मनीऑर्डर बाँटने वाली रही है, पर अब डाकिए के हाथ में स्मार्ट फोन और बैग में डिजिटल डिवाइस भी है। इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से आर्थिक और सामाजिक समावेशन के तहत पोस्टमैन चलते-फिरते एटीएम के रूप में नई भूमिका निभा रहे हैं और जन सुरक्षा योजनाओं से लेकर आधार, डीबीटी, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, ई-श्रम कार्ड, वाहन बीमा, डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तक की सुविधा प्रदान कर रहे हैं। घर-घर जाकर आईपीपीबी के अंतर्गत डाकियों द्वारा घर बैठे 5 वर्ष तक के बच्चों का आधार बनाने, आधार में मोबाइल नंबर अपडेट करने के तहत प्रति माह 20,000 लोगों का आधार नामांकन/अद्यतनीकरण का कार्य किया जा रहा है, वहीं 18,000 लोगों को आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से घर बैठे उनके विभिन्न बैंक खातों से नगदी उपलब्ध करायी जा रही है। आज भी डाककर्मी जाड़ा, गर्मी, बरसात की परवाह किये बिना सुदूर क्षेत्रों तक डाक सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं।
मेडिकल कालेज के गरीब मरीजों और उनके तीमारदारों को भोज, बांटा फल। बच्चों को खिलौना और गुब्बारा।
जन्मदिन पर 49 पेड़ लगाने का लिया संकल्प
सेवा दिवस के रुप में मनाया गया समाजसेवी अब्दुल वहीद का जन्मदिन
लखनऊ। ऐसे तो सभी लोगों का जन्मदिन साल में एक बार उनके अपने तौर-तरीकों के साथ मनाया जाता है लेकिन समाजसेवी अब्दुल वहीद का जन्मदिन मनाने का अपना एक अलग ही अंदाज है। इस बार अपने 49 वें जन्मदिन पर उन्होंने मेडिकल कालेज में विजय फाउंडेशन के प्रसादम सेवा के माध्यम से असाध्य रोगों से पीड़ित मरीजों के तीमारदारों के बीच जाकर उन्हें भोजन वितरण किया।
इस अवसर पर लगभग 300 लोगों ने भोजन, फल मिष्ठान प्राप्त किया और अब्दुल वहीद को उनके जन्मदिन पर बधाई और दुआएं दी। कर्मठ समाजसेवी अब्दुल वहीद ने आज अपने 49 वे जन्मदिन को सेवा दिवस के रुप में मनाया। जरुरतमंदों को भोज कराने के साथ ही गांधी वार्ड के सामने बने रैन बसेरे समेत 4 रैन बसेरे में जरूरतमंदो को अपने हाथों से हलवे का वितरण किया। तीमारदारों के बीच प्रसादम सेवा के संचालक विशाल सिंह ने अब्दुल वहीद का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया और उन्हें मुबारकबाद देने के साथ ही सम्मान पत्र देकर और पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया।
इस बार के जन्मदिन पर विशेष बात यह रही कि उन्होंने महानगर सेक्टर D 2 पार्क में बने हुए आदर्श स्कूल, जो कि झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले बच्चों की शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र है, वहां पर बच्चों को बैग, बिस्कुट, नमकीन, फल आदि का वितरण किया। उपहार पाकर बच्चे बहुत खुश हुए और उनको जी भर के दुआएं दी। बच्चों ने कहा कि हमारे लिए बहुत खुशी का मौका है कि हमको आप अपने जन्मदिन में शामिल कर रहे हैं। ईश्वर आपको लंबी उम्र दे और ऐसे ही आप सेवा की भावना के साथ सभी जरूरतमंद लोगों का सहयोग करते रहें।
इस अवसर पर संरक्षक विजयश्री फाउंडेशन एवं महासचिव उत्तर प्रदेश जिला मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन अब्दुल वहीद ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि दूसरों की सेवा करने में ही सच्ची खुशी मिलती है। उन्होंने कहा कि इस पुनीत कार्य में सहभागी बन नर सेवा नारायण सेवा विचार को बढ़ाने की बड़ी पहल का साझेदार बनना मेरे लिए काफी अनमोल पल है। उन्होंने कहा कि ये सेवा संस्कार मुझे मेरे माता-पिता से विरासत में मिले हैं। हमें नि:शक्त व असहायों की सेवा से सच्ची ख़ुशी मिलती है और स्कूल में हमारे गुरुजनों से भी यही शिक्षा मिली है। उन्होंने आगे कहा कि समाज के प्रबुद्ध तबके को भी नर सेवा नारायण सेवा पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर सहभागी बनना चाहिए।
इस बारे में फ़ूडमैन विशाल सिंह बताते हैं कि अब्दुल वहीद सेवा विचार व व्यक्तित्व के धनी है और असहायो की मदद के लिए सतत कार्य करते रहते हैं, इसलिए उन्होंने आज अपना जन्मदिन सेवा दिवस के रुप में मनाया। उन्होंने कहा कि आज समाज में अब्दुल वहीद जैसे सार्थक ऊर्जावान सेवादार साथियों की जरूरत है, जिसके माध्यम से इस पुनीत कार्य को आगे बढ़ाया जा सके।
इस आयोजन में समाजसेवी मुरलीधर आहूजा, उत्तर प्रदेश जिला मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन के चेयरमैन अजीज सिद्दीकी, एनपीटीआई चेयरमैन नजम अहसन, डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी, तौसीफ़ हुसैन, परवेज अख्तर, जावेद बेग, आरजे जमशेद, सज्जाद, तौहीद आलम, अब्दुल मोईद, अवधेश सोनकर, सुरेंद्र सोनकर, महेश दीक्षित आदि मौजूद थे। इससे पूर्व श्री वहीद ने कैसरबाग स्थित अपने आवास पर भी आने वाले गरीब, असहाय लोगों को बकरीद का उपहार और वस्त्र देकर मदद की। उल्लेखनीय है कि समाजसेवी अब्दुल वहीद समय-समय पर लोगों की मदद के लिए तत्पर रहते हैं। लॉकडाउन में भी उन्होंने जरूरतमंदो की भरपूर मदद की थी।
नाकामी छिपाने के लिये ही गरीबों को मुफ्त राशन देने जैसे टोटके करती है सरकार
सरकार ने बनाया हर सेवा को बनिया की दुकान
कभी-कभी भली-सी क्यों लगती है इमरजेंसी!
~केपी सिंह
इमरजेंसी की चर्चा की प्रासंगिकता जिस कारण से है वह चीज विमर्श से नदारद रहती है। वर्तमान सत्ता के लिये यह सुविधाजनक भी नहीं है कि ऐसे विमर्श को प्रोत्साहन दे फिर भी जून का महीना आते ही सत्ता बिरादरी के लिये इमरजेंसी का आलाप शुरू कर देना रिवाज जैसा हो गया है। सत्ता में रहते हुये 9 वर्ष व्यतीत हो जाने के बावजूद सत्ताधारियों के पास ऐसा कोई एजेण्डा नहीं है जिसे वे वैचारिक बहस में आगे बढ़ाने की जरूरत महसूस कर सकें हालांकि यह कहीं न कहीं सत्तारूढ़ बिरादरी की दिशाहीनता का आभास कराने वाला तथ्य है जिसका एहसास शायद उसे नहीं है। इमरजेंसी की चर्चा करके वे कांग्रेस को फिर प्रतिरक्षा की स्थिति में धकेलते हैं जबकि अब उन्हें सकारात्मक दिशा में चलना चाहिए और ऐसे हथकंडों का सहारा लेने की बजाय सामाजिक परिवर्तन के लिये जिन कदमों को उठाने की योजना है उनके लिये जनमत तैयार करने में अपनी ऊर्जा लगानी चाहिये।
हर साल इस महीने में देश को फिर कभी इमरजेंसी की पुनरावृत्ति न होने देने के लिये दृढ़ प्रतिज्ञ किया जाता है जबकि यह औचित्यहीन है। जिस लोकतंत्र की सुरक्षा की दुहाई में इसके लिये बांहे सिकोड़ी जाती हैं वह कितना लोक का तंत्र है आखिर इस पर भी तो विचार होना चाहिये। अगर यह तंत्र देश की पूरी सामाजिक आर्थिक सत्ता पर काबिज लोगों की सेवा में समर्पित हो गया है जो कि वास्तविक लोक के अस्तित्व की कीमत पर किया जा रहा है तो ऐसे छद्म लोकतंत्र को बचाने में लोग दिलचस्पी क्यों लें। अगर आज जागरूकता की कमी के कारण कुलीन तंत्र को लोकतंत्र समझकर इसके प्रति समर्पण की हुंकार लोग भर भी रहे हैं तो जब इसकी नियति उन्हें बर्बाद कर डालने की है तो एक दिन तो उनका इससे मोह भंग होना ही है।
लोकतंत्र का पैमाना अगर लोगों को अधिकार सम्पन्न कर देने से नापा जाता है तो मौजूदा व्यवस्था में लोगों के अधिकारों की सुरक्षा की क्या हालत है इसका जायजा लिया जाना चाहिये। संविधान में लोगों को अधिकार सम्पन्न बनाने के तकाजे के तहत मौलिक अधिकारों की गारंटी की गयी है, लेकिन व्यवहार के स्तर पर देखें तो इसका हश्र एकदम स्पष्ट है। मौलिक अधिकारों के लिये हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की जरूरत होती है। लेकिन आम आदमी को आवश्यकता पड़ जाये तो इन दरवाजों पर वह फटक तक नहीं सकता। इन दरवाजों के अंदर गुहार के लिये जिन वकीलों की उसे जरूरत होगी वे उसकी हैसियत के बाहर है।
उनकी महंगी फीस देना आम आदमी के लिये कतई संभव नहीं है। दूसरी ओर अपने खिलाफ सरकार के किसी भी जायज कदम को वे लोग तत्काल रोक देंगे जिनके पास योग्य वकीलों की फौज अदालत के सामने खड़ी करने के लिये दौलत की कोई कमी नहीं है। कानून के सामने सभी की समानता के सिद्धांत की व्यवहारिक स्थिति तो यही है। इमरजेंसी में मिलावटियों, जमाखोरों, टैक्स चोरों और काला धन रखने वालों पर डंडा चलाया गया था लेकिन आज सरकार क्या इस स्थिति में है कि ऐसे प्रभावशाली तत्वों से टकरा सके। इस नाम पर अपवाद के तौर पर होने वाली कार्रवाइयों को गिनाने का कोई फायदा नहीं है क्योंकि उसके पीछे के कारणों को लोग अच्छी तरह जानते हैं। अगर सरकार इजारेदारों के आगे नतमस्तक न होती तो आंकड़े कोरोना में भी उनकी दौलत में इजाफे की गवाही न देते।
निहित स्वार्थों की समानान्तर सत्ता के आगे सरकार पस्त न हो तो देश की पूरी दौलत एक प्रतिशत काॅर्पोरेटरों के पास न पहुंच पाती। संसाधनों और संपत्ति का न्यायपूर्ण वितरण जो कि संवैधानिक लक्ष्य है किस तरह सरकार की कुब्बत से बाहर की चीज है पूंजी के केंद्रीयकरण के आंकड़े इसको उजागर कर देते हैं। अपनी नाकामी छिपाने के लिये ही सरकार गरीबों को मुफ्त राशन देने जैसे टोटके करती रहती है। अगर लाभ का न्याय संगत बटवारा सुनिश्चित हो तो सरकार को उनपर ऐसी मेहरबानी करने की जरूरत ही न पड़े। आज लोग दीनहीन हैं तो इसलिये कि मुनाफाखोर प्रभावशाली तबके पर उसका कोई जोर नहीं रह गया है। गरीबों पर यह मेहरबानी भी एक फरेब है क्योंकि दूसरों के अलावा सरकार भी उसे लूटने में लगी है ताकि अपना अस्तित्व बचाने के लिये संसाधन जुटाती रह सके।
आंकड़े बताते हैं कि तथाकथित टैक्सपेयर देश की व्यवस्था को चलाने का श्रेय अपने को देते हैं जो कि एकदम फर्जी बात है। आंकड़े बताते हैं कि इनसे नाम मात्र का करसंग्रह होता है जबकि व्यवस्था चलती है आम आदमी के द्वारा की जाने वाली अदायगियों से क्योंकि उसके पास कर देने के नाम पर चोर गली से निकल जाने का कोई रास्ता नहीं होता। उदाहरण जीएसटी है। वह जब बाजार में सामान खरीदने जाता है तो दुकानदार उससे तो जीएसटी ऐंठ ही लेता है यह दूसरी बात है कि सरकार के खजाने में जमा नहीं करता। आयकर के बारे में भी यही बात है। संपन्न वर्ग जितना टैक्स नहीं देता उससे कई गुना ज्यादा फर्जी हिसाब किताब तैयार करवाकर मार जाता है। जो टैक्स देता भी है उसे वापिस ले लेने की भी पूरी तरकीब उसके पास है।
इस देश में जितने टैक्स वसूले जाते हैं उतना शायद ही किसी देश में लोगों को देना पड़ता हो। गरीब आदमी भी अगर छोटा मोटा प्लाट खरीदे तो भरपूर फीस उसे देनी पड़ती है। मकान का नक्शा पास कराने का भी टैक्स हर शहर में भारी भरकम हो गया है। कदम कदम पर लोगों को टैक्स भरना पड़ता है, जिसमें आम आदमी के सामने राहत टटोलने का कोई रास्ता नहीं होता जबकि पेशेवर तो हर मद में टैक्स गोल करना जानते हैं। अब तो बैंक में पैसा जमा करने वाले से भी सरकार वसूली पर आमादा है। उसने हर सेवा को बनिया की दुकान बना दिया है। रोडवेज का किराया तय होगा तो सरकार मुनाफा के हिसाब से तय करेगी।
कोरोना में एक यात्री से दो यात्रियों का किराया वसूल करने का आदेश इस नाम पर कर दिया गया था कि कोरोना के कारण ज्यादा यात्रियों को टिकट दिये नहीं जा सकते लेकिन कोरोना खत्म होने के बाद में भी बढ़ा किराया जारी है। रेलवे प्लेटफाॅर्म और बस अड्डों के भीतर जाने के लिये भी टैक्स देना पड़ेगा। ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने की दर मनमानी कर दी गयी है। चालान भी मुंह देखकर होते हैं। अगर कोई चलते पुर्जा बिना हेलमेट के मोटरसाइकिल से जा रहा है तो ट्रैफिक वाले उसे टोकते तक नहीं हैं। जबकि किसान और मजदूर का चालान सारी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भी कर दिया जाता है।
यह वसूली न तो आम आदमी के फायदे के विकास के लिये हो रही है और न सेना को संसाधन देने के लिये। विकास कार्य हों या सप्लाई अथवा सरकारी खरीद कमीशन का परसेंटेज पिछले कुछ सालों में 50 प्रतिशत से भी ज्यादा बढ़ गया है। सरकार लोगों से उनका खून चूसकर टैक्स वसूल रही है और यह पैसा अधिकारियों, नेताओं व दलालों की जेब में जा रहा है इसलिये कितना भी टैक्स ले लिया जाये सरकार की पूर्ति नहीं होने वाली। नेताओं और अधिकारियों की सुख सुविधा पर भी बेतहाशा खर्च हो रहा है और यह लोगों से वसूले जाने वाले टैक्स की कमाई से।
सही बात यह है कि पानी सर के ऊपर हो चुका है। कोई भी परिवर्तनवादी सरकार अगर इस स्थिति को बदलना चाहे तो उसे जामे से बाहर हो चुके तत्वों पर डंडा चलाना ही पड़ेगा भले ही इसके लिये कुछ समय तक तथाकथित लोकतंत्र को स्थगित कर इमरजेंसी लगानी पड़े। इमरजेंसी की ज्यादतियों के तमाम किस्सों के बावजूद ढाई वर्ष में ही लोग इंदिरा गांधी को फिर सिर आंखों पर बैठाकर सत्ता में वापिस ले आये थे। इसके कारण पर विचार होना चाहिये। जनता पार्टी का शासन आज की तरह ही अराजक शासन था, जिसमें जिसकी लाठी वह भैंस हांके ले जा रहा था।
ऐसे में उसे इमरजेंसी के दिन सुहाने लगे होंगे जब नेता भले ही जेल में बंद रहें हो लेकिन समय से ट्रेन चलने लगी थी, दफ्तरों में रिश्वतखोरी पर बहुत हद तक अंकुश हो गया था, जमाखोरी और मिलावट बंद हो गयी थी जिससे आम जनता को बहुत सुकून था और इसका पुरस्कार उसने 1980 में अपना फैसला पलटकर कांग्रेस को देने का इरादा जता दिया था। वर्तमान सरकार के लिये भी अवसर है कि इमरजेंसी के मामले में वह अपनी रची कारा का अपने को बंदी न बनाकर सही लोकतंत्र की स्थापना के लिये सीमित समय का आपातकाल लगाने की सोचें।
केपी सिंह राजनीतिक विश्लेषक हैं. उनसे संपर्क bebakvichar2012@gmail.com के जरिए किया जा सकता है.
निलंबन बहाली के बाद रविन्द्र नाथ को भेजा गया जिला कारागार बिजनौर
तैनाती स्थल पर समय पूर्ण होने के कारण किया गया सात जेलर का तबादला
तबादला नीति 2023~24 के तहत यूपी जेल विभाग में 17 जेलर के तबादले
लखनऊ। उत्तर प्रदेश तबादला नीति 2023-24 के तहत जेल विभाग में बड़े स्तर पर तबादले किए गए हैं। गुरुवार देर रात जेल महानिदेशक एसएन साबत ने 17 जेलर का तबादला आदेश जारी किया। विभागीय सूची के अनुसार सतीश चंद्र त्रिपाठी को बस्ती से इटावा, पंकज कुमार सिंह को लखीमपुर खीरी से आदर्श जेल लखनऊ, राजेश कुमार सिंह को आगरा से जिला कारागार मुजफ्फरनगर, शैलेंद्र प्रताप सिंह को जिला कारागार बिजनौर से जिला कारागार प्रयागराज, राजेश कुमार राय को जिला कारागार शाहजहांपुर से जिला कारागार प्रतापगढ़, कमलेंद्र प्रताप सिंह को केंद्रीय कारागार बरेली से जिला कारागार अलीगढ़, अजय कुमार को जिला कारागार लखनऊ से जिला कारागार जौनपुर, वीरेंद्र कुमार वर्मा को जिला कारागार बांदा से जिला कारागार सुल्तानपुर भेजा गया है।
इसी क्रम में रंजीत कुमार सिंह को केंद्रीय कारागार नैनी से जिला कारागार संत कबीर नगर, अपूर्वव्रत पाठक को जिला कारागार बरेली से जिला कारागार बस्ती, राजेश कुमार को जिला कारागार सुल्तानपुर, योगेश कुमार मुख्यालय से बांदा, राजीव कुमार सिंह को उन्नाव से जिला कारागार गौतमबुद्धनगर, कुलदीप सिंह भदौरिया को गाजियाबाद से जिला कारागार शाहजहांपुर में तैनाती मिली है।
तैनाती स्थल पर समय पूर्ण होने के कारण बस्ती, खीरी, आगरा, बिजनौर, शाहजहांपुर, बरेली व लखनऊ समेत सात जेलर का तबादला किया गया है। वहीं निलंबन से बहाली के बाद रविन्द्र नाथ को जिला कारागार बिजनौर भेजा गया है। कुल 10 जेलर ऐसे भी हैं जिन्हें प्रशासनिक आवश्यकता के कारण स्थानांतरित किया गया।
पौड़ी / लैंसडाउन। जनपद पौड़ी के अंतर्गत अंग्रेजों का बसाया लैंसडाउन जल्दी ही जसवंतगढ़ नाम से जाना जाएगा। छावनी परिषद ने वर्षों पुराने छावनी नगर का नाम बदलने का प्रस्ताव पारित किया है। इस प्रस्ताव को कैंट के प्रमुख संपदा अधिकारी मध्य कमान लखनऊ के माध्यम से रक्षा मंत्रालय को भेजा गया है।
जनपद पौड़ी के अंतर्गत अंग्रेजों के बसाए लैंसडाउन का नाम परिवर्तित कर जसवंतगढ़ करने का सुझाव रक्षा मंत्रालय को भेजा गया है। रक्षा मंत्रालय ने पूर्व में छावनी बोर्ड से नाम बदलने संबंधी सुझाव मांगा था। अब तीन दिन पहले हुई छावनी बोर्ड की बैठक में लैंसडाउन का नाम वीर शहीद जसवंत सिंह के नाम से जसवंतगढ़ करने का प्रस्ताव पारित किया गया। छावनी बोर्ड की कार्यालय अधीक्षक विनीता जखमोला ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि छावनी बोर्ड के अध्यक्ष ब्रिगेडियर विजय मोहन चौधरी की अध्यक्षता में तीन दिन पहले हुई बैठक में लैंसडाउन नगर का नाम हीरो ऑफ द नेफा महावीर चक्र विजेता शहीद राइफलमैन बाबा जसवंत सिंह रावत के नाम पर जसवंतगढ़ करने का प्रस्ताव पारित किया गया है। इस प्रस्ताव को कैंट के प्रमुख संपदा अधिकारी मध्य कमान लखनऊ के माध्यम से रक्षा मंत्रालय को भेजा है।
प्रस्ताव में यह भी उल्लेख है कि आम जनता चाहती है कि यदि इस नगर का नाम बदलना है तो भारत-चीन युद्ध के महानायक वीर जसवंत सिंह के नाम पर जसवंतगढ़ किया जाना तर्कसंगत होगा। बोर्ड बैठक में बोर्ड सचिव शिल्पा ग्वाल, बोर्ड के मनोनीत सदस्य अजेंदर रावत आदि शामिल रहे।
चीनियों को रोका था उन्हीं के हथियार से
पौड़ी जिले के बीरोंखाल ब्लॉक के दुनाव ग्राम पंचायत के बाड़ियूं गांव में 19 अगस्त, 1941 को जसवंत सिंह रावत का जन्म हुआ था। उनके पिता गुमान सिंह रावत और माता लीला देवी थीं, जिस समय वे शहीद हुए उस समय वह गढ़वाल राइफल्स की चौथी बटालियन में सेवारत थे। 1962 का भारत-चीन युद्ध अंतिम चरण में था। चीनी सैनिक अरुणाचल प्रदेश के तवांग से आगे तक पहुंच गए थे। भारतीय सैनिक भी चीनी सैनिकों का डटकर मुकाबला कर रहे थे। जसवंत सिंह रावत सेला टॉप के पास की सड़क के मोड़ पर तैनात थे। इस दौरान वह चीनी मीडियम मशीन को खींचते हुए वह भारतीय चौकी पर ले आए और उसका मुंह चीनी सैनिकों की तरफ मोड़कर उनको तहस-नहस कर दिया। 72 घंटे तक चीनी सेना को रोककर अंत में 17 नवंबर, 1962 को वह वीरगति को प्राप्त हुए। मरणोपरांत वह महावीर चक्र से सम्मानित हुए।
लैंसडाउन का मूल नाम था कालूडाण्डा, यानि “काले पहाड़”
लैंसडाउन पहाड़ी क्षेत्र में के हरे-भरे प्राकृतिक वातावरण में स्थित है और इसे सन् 1887 में ब्रिटिश काल में बसाया गया।उस समय के वायसराय ऑफ इंडिया लॉर्ड लैंसडाउन के नाम पर ही इसका नाम रखा गया। इस स्थान का मूल नाम कालूडाण्डा था, जिसका गढ़वाली भाषा में अर्थ “काले पहाड़” है। समुद्र तल से इसकी ऊँचाई 1706 मीटर है। दिल्ली से यह हिल स्टेशन काफी नजदीक है और 5-6 घंटे में लैंसडाउन पहुँचा जा सकता है। बाइक से लैंसडाउन जाने के लिए आनंद विहार के रास्ते दिल्ली से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने के बाद मेरठ, बिजनौर और कोटद्वार होते हुए लैंसडाउन पहुँच सकते हैं। यह पूरा क्षेत्र सेना के अधीन है और गढ़वाल राइफल्स का गढ़ भी है। आप यहां गढ़वाल राइफल्स वॉर मेमोरियल और रेजिमेंट म्यूजियम देख सकते हैं। गढ़वाल राइफल्स से जुड़ी चीजों की झलक पा सकते हैं।
प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है इलाका
प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस इलाके में देखने लायक काफी कुछ है। प्राकृतिक छटा का आनन्द लेने के लिए टिप इन टॉप जाया जा सकता है। यहां से बर्फीली चोटी और मनोरम दृश्य देखा जा सकता है। दूर-दूर तर फैले पर्वत और उनके बीच छोटे-छोटे कई गाँव आसानी से देखे जा सकते हैं। इनके पीछे से उगते सूरज का नजारा अद्भुत प्रतीत होता है। साफ मौसम में तो बर्फ से ढके पहाड़ों की लम्बी श्रृंखला दिखती है। पास में ही 100 साल से ज्यादा पुराना सेंट मैरीज़ चर्च भी है। यहां की भुल्ला ताल बहुत प्रसिद्ध है। यह एक छोटी-सी झील है जहाँ नौकायन की सुविधाएँ उपलब्ध हैं। शाम को सूर्यास्त का खूबसूरत नजारा संतोषी माता मंदिर से दिखता है। यह मंदिर लैंसडाउन की ऊँची पहाड़ी पर बना हुआ है। वैसे, यहां से कुछ किलोमीटर की दूरी पर ताड़केश्वर मंदिर भी है। यह भगवान शिव का प्राचीन मंदिर है। इसे सिद्ध पीठ भी माना जाता है। यह पहाड़ पर 2092 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। पूरा मंदिर ताड़ और देवदार के वृक्षों से घिरा है। यह पूरा इलाका खूबसूरत होने के साथ-साथ शान्त भी है। सैलानी यहां पहाड़ चढ़ने, बाइकिंग, सायकलिंग जैसे साहसी खेलों के लिए भी आते हैं।
राजधानी दिल्ली से है 270 किमी दूरी
भारत की राजधानी दिल्ली से लैंसडाउन करीब 270 कि॰मी॰ की दूरी पर है। यहां विभिन्न मार्गों से पहुंचा जा सकता है…
सड़क मार्ग से लैंसडाउन आसानी से पहुँचा जा सकता है। यह कई शहरों से जुड़ा हुआ है। निजी और सरकारी बसें कोटद्वार तक जाती हैं। यहां से लैंसडाउन करीब 40 कि॰मी॰ की दूरी पर है। रेलवे: नजदीकी रेलवे स्टेशन कोटद्वार में है। यहां से टैक्सी या सरकारी बस आदि से लैंसडाउन पहुँचा जा सकता है। हवाई अड्डा: यहां का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा जौलीग्राँट एयरपोर्ट है, जो लैंसडाउन से करीब 152 कि॰मी॰ की दूरी पर है।
केंद्र सरकार ने 27 जून को नोटिफिकेशन जारी कर रजिस्ट्रार जनरल (RGI) कार्यालय को देश में जन्म और मृत्यु पंजीकरण के दौरान आधार प्रमाणीकरण (Aadhaar Authentication) करने की अनुमति तो दी है, लेकिन ऐसे रजिस्ट्रेशन के लिए आधार को अनिवार्य नहीं किया है।
केंद्र सरकार के आदेश के बाद…अब जरूरी नहीं आधार
नई दिल्ली (एजेंसी)। जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र (Birth and Death Certificate) के लिए रजिस्ट्रेशन कराने में आधार नंबर की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है। इससे पहले केंद्र सरकार ने बिना आधार कार्ड के सर्टिफिकेट नहीं देने का आदेश जारी किया था। इसमें बदलाव करते हुए अब सरकार ने रजिस्ट्रार जनरल (RGI) कार्यालय को देश में जन्म और मृत्यु पंजीकरण के दौरान आधार प्रमाणीकरण (Aadhaar Authentication) करने की अनुमति तो दी है, लेकिन ऐसे रजिस्ट्रेशन के लिए आधार को अनिवार्य नहीं किया है।
मंगलवार 27 जून, 2023 को जारी एक नोटिफिकेशन के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ( MEiTY) ने RGI को जन्म और मृत्यु पंजीकरण प्रक्रिया में आइडेंटिटी वेरिफिकेशन के लिए आधार डेटाबेस के इस्तेमाल की अनुमति दी है। इसमें कहा गया है कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के तहत नियुक्त रजिस्ट्रार को रिपोर्टिंग फॉर्म में मांगे गए अन्य विवरणों के साथ एकत्र किए जा रहे आधार नंबर के सत्यापन के लिए स्वैच्छिक आधार पर Yes or No का ऑप्शन दिया जाएगा। अर्थात अब इस काम को बिना आधार कार्ड के भी आसानी से किया जा सकता है।
रिपोर्ट के बाद पुलिस ने एक नाबालिग समेत पकड़े पांच हुड़दंगी, एक फरार
दूल्हे के यारों ने ताऊ भाई को पीटा तो दुल्हन ने बैरंग लौटाई बारात
बढ़ापुर/बिजनौर। बारात में आए युवकों ने डीजे पर डांस करने से मना करने पर दुल्हन के ताऊ और भाइयों के साथ मारपीट की, तो दुल्हन ने बारात को उल्टे पांव लौटा दिया। काफी मिन्नतें करने के बाद भी दुल्हन नहीं मानी और शादी से इंकार कर दिया।
बढ़ापुर थाना क्षेत्र के गांव इनायतपुर में आई बारात को उस वक्त लौटना पड़ा जब ताऊ व भाइयों से मारपीट के बाद दुल्हन ने शादी से इंकार कर दिया। ग्राम इनायतपुर में शादी कार्यक्रम में डीजे पर उत्पात मचाने से रोकने पर बाराती युवकों ने दुल्हन के ताऊ व भाईयों पर हमला कर घायल कर दिया। इसी विवाद के चलते बारात को बिना दुल्हन लिए वापस लौटना पड़ा। इस मामले में दुल्हन के पिता की ओर से वधु पक्ष से मारपीट करने वाले छह बाराती युवकों के खिलाफ जानलेवा हमले व अन्य धाराओं में घटना का केस दर्ज कराया गया है। पुलिस ने पांच आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, इनमें एक नाबालिग भी शामिल है जबकि एक आरोपी फरार है।
जानकारी के अनुसार बुधवार को थाना क्षेत्र के ग्राम इनायतपुर में नत्थू सिंह की पुत्री किरण की बारात मंडावली थाना क्षेत्र के गांव शेखुपुरा से आयी थी। बारात चढ़त में शामिल युवकों ने डीजे की धुन पर डांस के दौरान जमकर उत्पात मचाया। बारात की चढ़त के बाद विवाह स्थल पर यह युवक डीजे पर आपा खोकर नाचने लगे तो दुल्हन के ताऊ हरि सिंह ने बाराती युवकों को ऐसा करने से रोका तो डांस कर रहे युवक आग बबूला हो गए और गुस्से में आकर उन्होंने दुल्हन के ताऊ हरि सिंह के साथ जमकर मारपीट कर दी। अपने ताऊ के साथ बारातियों द्वारा मारपीट होती देख दुल्हन के भाई राजवीर सिंह व राजीव कुमार एवं एक अन्य ग्रामीण हरिश्चंद्र वहां बीच बचाव करने पहुंचे तो बाराती युवकों ने इन लोगों के साथ भी जमकर मारपीट की। युवकों पर तमंचे से फायर करने का भी आरोप है।
सूचना पर पहुंचे डायल 112 के पुलिसकर्मियों ने दुल्हन के घायल ताऊ हरि सिंह, दुल्हन के भाई राजवीर सिंह व राजीव कुमार और एक अन्य ग्रामीण हरिश्चंद्र को उपचार के लिए नगीना सीएचसी पहुंचाया। बताया जाता है कि बाराती युवकों की दुल्हन के ताऊ व भाईयों के साथ की गई मारपीट से क्षुब्ध दुल्हन ने दूल्हे के साथ फेरे लेने से साफ इंकार कर दिया। वर पक्ष ने खूब मिन्नतें की लेकिन मामला बढ़ता गया और कोई बात नहीं बनने पर बारात को बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा। बढ़ापुर पुलिस ने दुल्हन के पिता नत्थू सिंह की तहरीर पर उसके परिजनों के साथ मारपीट करने वाले बारात में शामिल छह लोगों के विरुद्ध जानलेवा हमले समेत कई धाराओं में केस दर्ज कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि दूल्हा पक्ष द्वारा करीब 7 लाख रुपए का चेक दूल्हन पक्ष को देने के साथ पांच दिनों में रकम देने का वादा कर अपना पीछा छुड़ाया गया है।
एक नाबालिग समेत पांच गिरफ्तार
थानाध्यक्ष सुदेश पाल सिंह ने बताया कि घटना में नामजद आरोपी मंडावली निवासी प्रशांत कुमार, सुमित, प्रिंस, नीटू चौहान व एक नाबालिग किशोर को गिरफ्तार कर संबंधित धारा में चालान किया गया है, जबकि एक नामजद आरोपी हनी शर्मा अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिये प्रयास जारी है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में तबादलों का दौर शुरू हो गया है। 18 जिलों में नये सीएमओ तैनात किये गये हैं। वहीं बस्ती जिला चिकित्सालय में नये प्रमुख अधीक्षक की तैनाती हुई है। फतेहपुर, हमीरपुर, हरदोई, सोनभद्र, औरैया, बागपत, मैनपुरी, अयोध्या, अमेठी, गाजीपुर, फिरोजाबाद, मुरादाबाद, सीतापुर, मीरजापुर, मऊ, अमरोहा, ललितपुर और श्रावस्ती को नये सीएमओ मिले हैं। वहीं बस्ती जिला चिकित्सालय में नये प्रमुख अधीक्षक की तैनाती की गयी है।
उत्तर प्रदेश शासन चिकित्सा अनुभाग~2 के विशेष सचिव डा मन्नान अख्तर ने बुधवार देर रात तबादला सूची जारी की।
सूची के अनुसार डॉ. अशोक कुमार को फतेहपुर, डॉ. गीतम सिंह को हमीरपुर, डॉ. रोहतास कुमार को हरदोई, डॉ. अश्वनी कुमार को सोनभद्र, डॉ. सुनील कुमार वर्मा को औरैया, डॉ. महावीर सिंह को बागपत, डॉ. रमेश चंद्र गुप्ता को मैनपुरी, डॉ. संजय जैन को अयोध्या, डॉ. अंशुमान सिंह को अमेठी, डॉ. देश दीपक पाल को गाजीपुर, डॉ. रामबदल राम को फिरोजाबाद, डॉ. राजीव अग्रवाल को मुरादाबाद, डॉ. हरपाल सिंह को सीतापुर, डॉ. सीएल वर्मा को मीरजापुर, डॉ. नंद कुमार को मऊ, डॉ. सत्यपाल सिंह को अमरोहा, डॉ. अजय प्रताप सिंह को श्रावस्ती का सीएमओ बनाया गया है।
इसके अलावा सीएमओ अयोध्या डॉ. अजय राजा को मंडलीय सर्विलांस अधिकारी प्रयागराज, सीएमओ मऊ डॉ. नरेश अग्रवाल को वरिष्ठ परामर्शदाता जिला चिकित्सालय बस्ती, सीएमओ अमरोहा डॉ. राजीव सिंघल को वरिष्ठ परामर्शदाता जिला चिकित्सालय मेरठ, सीएमओ मीरजापुर डॉ. राजेंद्र गुप्ता को वरिष्ठ परामर्शदाता टीबी सप्रु चिकित्सालय प्रयागराज, सीएमओ फतेहपुर डॉ. सुनील भारतीय को अपर निदेशक लखनऊ मंडल, सीएमओ सीतापुर डॉ. मधु गैरोला को अपर निदेशक कानपुर मंडल, सीएमओ गाजीपुर डॉ. हरगोविंद सिंह को अपर निदेशक आजमगढ़ मंडल, सीएमओ बागपत डॉ. दिनेश कुमार को अपर निदेशक मुरादाबाद मंडल, सीएमओ श्रावस्ती डॉ. शारदा प्रसाद तिवारी को वरिष्ठ परामर्शदाता जिला चिकित्सालय जौनपुर, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी आगरा डॉ. पवन कुमार अरुण को अपर निदेशक अयोध्या मंडल बनाया गया है।
जानमाल सुरक्षा के दृष्टिगत गंगा नदी में न जाने की ग्रामवासियों को दी सलाह
बाढ़ संभावित डेबलगढ़ क्षेत्र का DM, SP ने किया निरीक्षण
बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा तहसील सदर स्थित बाढ़ संभावित डेबलगढ़ क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन, अफजलगढ़ सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
निरीक्षण के दौरान प्रकाश में आया कि नदी द्वारा कुछ स्थलों पर कटान किया जा रहा है। उन्होंने मौके पर मौजूद अफजलगढ़ सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए कि उक्त कटान रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने जिस स्थान पर गंगा कटान हो रहा है, उसके आसपास के क्षेत्र को कटान से रोकने के लिए आवश्यक उपाय करने को सिंचाई विभाग के अधिकारियों निर्देश दिए।
इस अवसर पर उन्होंने सभी ग्राम वासियों का आह्वान करते हुए कहा कि अपनी जान माल की सुरक्षा के दृष्टिगत किसी भी अवस्था में गंगा में प्रवेश न करें और ना ही अपने मवेशियों को गंगा के पानी में ले जाएं। उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन बाढ़ संभावित क्षेत्रों में पैनी निगाह रखे हुए हैं और जान माल की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सजग एवं प्रतिबद्ध है, जिसके लिए पूर्व में ही सभी आवश्यक सुरक्षात्मक कार्यवाही कर ली गई है।
जनपद बिजनौर को मिला माह मई 2023 में संपूर्ण उत्तर प्रदेश में दूसरा स्थान
थाना नगीना को जनपद में दूसरा स्थान, मोनू धीमान को प्रशस्ति पत्र
बिजनौर। थाना नगीना को जनपद में दूसरा स्थान प्राप्त होने पर पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन की ओर से अपर पुलिस अधीक्षक नगर डा प्रवीण रंजन सिंह द्वारा कम्प्यूटर ऑपरेटर मोनू धीमान को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
जनपद बिजनौर को माह मई 2023 में संपूर्ण उत्तर प्रदेश में दूसरा स्थान, जबकि थाना नगीना को जनपद में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। अपर पुलिस अधीक्षक नगर डा. प्रवीण रंजन सिंह द्वारा थाना नगीना के कम्प्यूटर ऑपरेटर मोनू धीमान को उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य किये जाने पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
जानमाल सुरक्षा के दृष्टिगत गंगा नदी में न जाने की ग्रामवासियों को दी सलाह
बाढ़ संभावित डेबलगढ़ क्षेत्र का DM, SP ने किया निरीक्षण
बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा तहसील सदर स्थित बाढ़ संभावित डेबलगढ़ क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन, अफजलगढ़ सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
निरीक्षण के दौरान प्रकाश में आया कि नदी द्वारा कुछ स्थलों पर कटान किया जा रहा है। उन्होंने मौके पर मौजूद अफजलगढ़ सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए कि उक्त कटान रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने जिस स्थान पर गंगा कटान हो रहा है, उसके आसपास के क्षेत्र को कटान से रोकने के लिए आवश्यक उपाय करने को सिंचाई विभाग के अधिकारियों निर्देश दिए।
इस अवसर पर उन्होंने सभी ग्राम वासियों का आह्वान करते हुए कहा कि अपनी जान माल की सुरक्षा के दृष्टिगत किसी भी अवस्था में गंगा में प्रवेश न करें और ना ही अपने मवेशियों को गंगा के पानी में ले जाएं। उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन बाढ़ संभावित क्षेत्रों में पैनी निगाह रखे हुए हैं और जान माल की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सजग एवं प्रतिबद्ध है, जिसके लिए पूर्व में ही सभी आवश्यक सुरक्षात्मक कार्यवाही कर ली गई है।
यूपी में कारागार प्रशासन ने मंगलवार देर रात अयोध्या से लेकर आगरा तक 11 जेल अधीक्षकों को इधर से उधर कर दिया। ताबदले में बाराबंकी, गोरखपुर, गाजीपुर, सुलतानपुर, बरेली जैसे बड़ी जिला जेल शामिल हैं।
यूपी में 11 जेल अधीक्षकों/ वरिष्ठ जेल अधीक्षकों के तबादले
लखनऊ। शासन ने चार वरिष्ठ जेल अधीक्षकों और सात अधीक्षकों का मंगलवार देर रात तबादला कर दिया।
विभागीय सूत्रों के अनुसार अयोध्या जेल के अधीक्षक शशिकांत मिश्रा को मेरठ जेल भेजा गया है। केंद्रीय कारागार आगरा के वरिष्ठ अधीक्षक राधा कृष्ण मिश्रा को जेल मुख्यालय में तैनात किया गया है। बाराबंकी जेल के वरिष्ठ अधीक्षक पीपी सिंह को मुरादाबाद जेल, हरदोई जेल के वरिष्ठ अधीक्षक उदय प्रताप मिश्रा को अयोध्या जेल में तैनात किया है। अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय को गोरखपुर जिला कारागार, कारागार मुख्यालय से अटैच वरिष्ठ अधीक्षक विनोद कुमार को बरेली जिला कारागार, सुल्तानपुर जेल के अधीक्षक उमेश सिंह को वाराणसी केंद्रीय कारागार, बलरामपुर जेल के अधीक्षक कुंदन कुमार को बाराबंकी जेल में तैनात किया गया है। इसी क्रम में गोरखपुर जेल अधीक्षक ओम प्रकाश कटियार को केंद्रीय कारागार आगरा, आगरा जिला कारागार में तैनात प्रेमचंद्र सलोनिया को लखीमपुर खीरी जेल और गाजीपुर जेल में तैनात हरिओम शर्मा को जिला कारागार आगरा का अधीक्षक बनाया गया है।
श्री हिंदी पुस्तकालय समिति डींग (भरतपुर) के 97 वें समारोह के पुरस्कार
उरई की कवयित्री को राजस्थान में मिलेगा ग्यासीराम गोयल सम्मान
उरई (जालौन)। जिले की बेटी व प्रसिद्ध कवयित्री शिखा गर्ग को श्री हिंदी पुस्तकालय समिति डींग (भरतपुर) ने अपने 97 वें समारोह के लिए घोषित पुरस्कारों में ग्यासीराम गोयल सम्मान देने की घोषणा की है। यह सम्मान उन्हें 27 जुलाई को एक भव्य समारोह में डींग (राजस्थान) में दिया जाएगा।
गौरतलब है कि श्री हिंदी पुस्तकालय 97 साल से हिंदी सेवा कर रहा है। इस दौरान अनेक विभूतियों के नाम पर नामित पुरस्कार प्रतिवर्ष प्रदान किए जाते रहे हैं। बदरिया वेदना की खंड काव्य रचना की रचयिता शिखा को इस साल ग्यासीलाल गोयल सम्मान के लिए चुना गया है। शिखा को इसके पूर्व मानस संगम व साहित्य श्री सम्मान भी मिल चुका है। शिखा को सम्मान मिलने की घोषणा पर जिले के जाने माने कवि व वरिष्ठ साहित्यकार यज्ञदत्त त्रिपाठी, सुरेश त्रिपाठी, डॉ. रामशंकर भारती, वरिष्ठ कवि विनोद गौतम, कुमार गुप्त आदि कवि और साहित्यकारों ने उन्हें बधाई दी है। ~Report by Shaakir Ali
दो दिन से रिपोर्ट दर्ज कराने को भटक रहा वृद्ध पिता!
गांव की लड़की को डेढ़ लाख रुपए समेत ले गया युवक
बिजनौर। थाना कोतवाली शहर क्षेत्र अंतर्गत एक गांव की लड़की घर से डेढ़ लाख रुपए लेकर गायब हो गई है। लड़की के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में ग्राम ठेहरी थाना नूरपुर के युवक पर आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस ने पीड़ित वृद्ध को मामला गंज चौकी क्षेत्र का बताते हुए टरका दिया। रविवार रात की इस घटना की रिपोर्ट अभी दर्ज नहीं हुई है।
पीड़ित के अनुसार रविवार रात्रि करीब 11~12 बजे उसकी पुत्री घर से डेढ़ लाख रुपए लेकर गायब हो गई। उसे ग्राम ठेहरी थाना नूरपुर के युवक संजीव पुत्र सत्यपाल पर शक है। पहले भी गांव में अपने मामा के घर आया हुआ उक्त युवक उसकी पुत्री से कई बार मोबाइल फोन पर बात कर अनैतिक संबंध बनाने को दबाव डालता रहता था। जानकारी होने पर उन्होंने उसे डांटा डपटा भी था। पीड़ित लोक लाज के डर से सब कुछ सहन करता चला आ रहा था। किन्तु अब उसको डर है कि आरोपी अपनी मंशा में कामयाब हो सकता है तथा कोई भी अप्रिय घटना घटित कर सकता है। वृद्ध पिता ने आरोपी के खिलाफ कठोर कार्यवाही करते हुए अपनी व पुत्री की जानमाल की सुरक्षा, साथ ही पुत्री की अतिशीघ्र बरामदगी की मांग की है।
मामला रिश्तेदारी का, हो चुकी है कोर्ट मैरिज: इंचार्ज गंज चौकी
वहीं गंज चौकी इंचार्ज संदीप चौधरी ने बताया कि मामला रिश्तेदारी का है। शिकायतकर्ता की लड़की बालिग है और उसके भाई की लड़की के देवर के साथ गई है। उन्होंने बताया कि लड़के के गांव के प्रधान का कहना है कि दोनों की कोर्ट मैरिज हो चुकी है। रिपोर्ट दर्ज न करने के आरोप के जवाब में कहा कि दोनों ही पक्ष रिपोर्ट नहीं लिखाना चाहते।
वारदात को अंजाम देने वाले सात शातिरों में से एक ज्वेलर्स व तीन नाबालिग
अफजलगढ़़ पुलिस ने किया 48 घंटे में लाखों की चोरी का खुलासा
बिजनौर। अफजलगढ़़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मियांजी मौखा में एक घर में लाखों की चोरी की घटना का खुलासा पुलिस ने 48 घंटे में कर दिया है। घटना को अंजाम देने वाले सात शातिर चोर गिरफ्तार किए गए हैं। पूछताछ में चोरों ने चोरी की चार वारदातों को कबूल किया है। गिरफ्तार आरोपियों से गहने, लैपटॉप, नकदी, सब्बल सरिया और दो अवैध चाकू बरामद हुए हैं।
मंगलवार को कोतवाली प्रांगण में थानाध्यक्ष हम्बीर सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि 24 जून की रात मोहल्ला मियां जी मौखा निवासी शेख अनीश के घर में चोरी हुई थी। वारदात का खुलासा करने के लिए टीम प्रभारी एसएसआई आशीष कुमार तोमर व कस्बा इंचार्ज सोहन सिंह पुंडीर पुलिस टीम के साथ चोरी की घटनाओं का खुलासे करने में लग गए। सोमवार को पुलिस जसपुर तिराहे अफजलगढ़़ पर वाहन चेकिंग कर रही थी। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर अफजलगढ़़ राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज की नई बिल्डिंग के पीछे चोरी के सामान व रुपए का बंटवारा कर रहे सात शातिर चोरों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों से 12500 रुपए की नकदी, सोने-चांदी के गहने, एक लैपटॉप, सब्बल सरिया, दो टूटे हुए ताले सहित दो अवैध चाकू बरामद किए।
दिन में घूमकर मोहल्लों में रेकी, रात में चोरी
थानाध्यक्ष ने बताया कि मोहल्ला आदर्श कालोनी किला निवासी अनश उर्फ मुल्ला पुत्र आलम, मोहल्ला नायक सराय निवासी मोहसिन पुत्र मकबूल, मोहल्ला गड्ढा कॉलोनी किला निवासी वाजिद पुत्र शराफत, मोहल्ला चिरंजीलाल निवासी रविकांत वर्मा पुत्र स्व: दिनेश वर्मा के अलावा अलग-अलग मोहल्लों के तीन नाबालिगों सहित सात शातिर चोरों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वह दिन में ऐसे मकानों को चिह्नित करते थे, जिन पर ताला लगा होता था। रेकी कर रात के वक्त चोरी की घटना को अंजाम देते थे। घटना में शामिल सुनार रविकांत वर्मा ने चोरों से सोना चांदी खरीद कर उसे गला दिया था। बाकी आरोपियों ने नगर में अलग-अलग स्थानों पर चार चोरियों को कबूल किया है। पुलिस ने चार चोरों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया वहीं तीन बाल अपचारियों को बाल सुधार केन्द्र मुरादाबाद में भेजा गया। इस अवसर पर गिरफ्तार करने वाली टीम में एसएसआई आशीष कुमार तोमर के आलावा कस्बा इंचार्ज सोहन सिंह पुंडीर, एसआई अनोखेलाल गंगवार, हेड कांस्टेबल अकील अहमद, विकास बाबू, जाबिर अली, विजय तोमर, कांस्टेबल शैलेन्द्र कांत आदि उपस्थित रहे।
अनावश्यक दबाव से ग्राम पंचायत सचिव हो रहे अवसादग्रस्त
सीडीओ के साथ काम करने को तैयार नहीं हैं ग्राम पंचायत सचिव!
बिजनौर। जिले में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी अनावश्यक दबाव से परेशान होकर मानसिक तनाव झेल रहे हैं। यही नहीं एक और बड़ी समस्या ये है कि जिला स्तरीय एक वरिष्ठ अधिकारी अधीनस्थों के साथ गाली-गलौच मारपीट तक करने पर उतारू रहते हैं। ऐसे में विकास कार्य से जुड़े इस विभाग के खेवनहार हतप्रभ भी हैं और अवसादग्रस्त भी। दो दिन पहले इस संबंध में ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति का गठन करते हुए जिलाधिकारी से मिलकर अपनी व्यथा सुनाने का निर्णय लिया गया था।
इसी क्रम में ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति की ओर से मंगलवार को जिलाधिकारी उमेश मिश्रा को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में ग्राम पंचायत सचिवों को कार्यों के क्रियान्वयन में आ रही परेशानियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही उनके निदान की मांग की गई। डीएम ने प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को गंभीरता से सुना और निस्तारण का आश्वासन भी दिया।
ज्ञापन में विशेषकर तीन मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। कहा गया कि मुख्य विकास अधिकारी बिजनौर द्वारा क्षेत्र में अधीनस्थों के साथ गाली-गलौच मारपीट की जाती है, उक्त परिस्थितियों में सचिव उनके साथ कार्य करने में समर्थ नहीं हैं। गौशाला में कार्याधिकता होने के कारण गौशाला वाली पंचायत पर एक पूर्णकालिक सचिव की तैनाती की जानी चाहिए। इसके अलावा ज्ञापन में बताया गया कि धनाभाव / प्रशिक्षण के अभाव के बावजूद उच्चाधिकारियों द्वारा कार्य का दवाब बनाया जाता है, जिससे सचिव मानसिक अवसादग्रस्त हो रहे हैं। जिलाधिकारी से उक्त समस्याओं के समाधान की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में समन्वय समिति के अध्यक्ष धीरज सिंह, मंत्री अक्षय कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गौरव पोरस, ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के जिला अध्यक्ष कुलदीप राजपूत, जिला मंत्री संजय सिंह, ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष एकेश्वर सुंदरियाल, जिला मंत्री अरविंद आदि शामिल थे।
गौरतलब है कि निरीक्षण के वक्त रामपुर चाठा पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी को थप्पड़ मारने का आरोप सीडीओ पूर्ण वोरा पर लगा था। ग्राम विकास अधिकारी को थप्पड़ जड़ने और कान पकड़ कर उठक बैठक लगवाने के इस घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हुई। इसी घटना को लेकर ग्राम पंचायत अधिकारियों और सचिवों ने एक हफ्ते पहले मुख्य विकास अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। विकास भवन और कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन तक किया गया। आंदोलनकारी; सीडीओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और ट्रांसफर की मांग पर अड़ गए थे। अंततोगत्वा डीएम उमेश मिश्रा के हस्तक्षेप के बाद मामला किसी हद तक शांत तो हुआ, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि चिंगारी अभी भी सुलग रही है।
ग्राम विकास अधिकारी एवं ग्राम पंचायत अधिकारी समन्वय समिति का गठन
बिजनौर। विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे ग्राम विकास अधिकारियों एवं ग्राम पंचायत अधिकारियों ने समन्वय समिति का गठन किया है। साथ ही समस्या समाधान के लिए जिलाधिकारी को मांग पत्र सौंपने का निर्णय लिया है।
विकास खंड मोहम्मदपुर देवमल के प्रांगण में ग्राम विकास अधिकारी एवं ग्राम पंचायत अधिकारी समन्वय समिति की एक बैठक धीरज सिंह समन्वय समिति के अध्यक्ष की अध्यक्षता में की गई। बैठक में साथियों के सामने आ रही समस्याओं पर चर्चा हुई। बैठक में सर्वसम्मति से जिलाधिकारी से वार्ता हेतु एक समिति का गठन किया गया। साथ ही निर्णय लिया गया कि साथियों के सामने वर्तमान में आ रही समस्याओं के समाधान हेतु दो दिन बाद अपना मांग-पत्र जिलाधिकारी को प्रस्तुत किया जाएगा। बैठक में एकेश्वर सिंह (ग्राम विकास अधिकारी संघ जिला अध्यक्ष), मुनेन्द्र, सौकेंद्र, अरविंद, गौरव पोरस, अक्षय कुमार, संजय सिंह आदि उपस्थित रहे।
सीडीओ को लेकर हुआ था बवाल
गौरतलब है कि निरीक्षण के वक्त रामपुर चाठा पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी को थप्पड़ मारने का आरोप सीडीओ पूर्ण वोरा पर लगा था। ग्राम विकास अधिकारी को थप्पड़ जड़ने और कान पकड़ कर उठक बैठक लगवाने के इस घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हुई। इसी घटना को लेकर ग्राम पंचायत अधिकारियों और सचिवों ने एक हफ्ते पहले मुख्य विकास अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। विकास भवन और कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन तक किया गया। आंदोलनकारी; सीडीओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और ट्रांसफर की मांग पर अड़ गए थे। अंततोगत्वा डीएम उमेश मिश्रा के हस्तक्षेप के बाद मामला किसी हद तक शांत तो हुआ, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि चिंगारी अभी भी सुलग रही है।
ग्रामवासियों को गंगा पार अथवा नदी में न जाने की हिदायत
पहाड़ों पर भारी बारिश के चलते अलर्ट मोड में प्रशासन
गलखा मंदिर के करीब तीव्र कटान कर रही गंगा
बिजनौर। गलखा मंदिर के करीब गंगा नदी द्वारा तीव्र गति से कटान को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है। सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों के अमले ने मंडावर क्षेत्र में गंगा किनारे बसे गांवों का सघन भ्रमण किया। ग्रामवासियों को गंगा पार अथवा नदी में न जाने की हिदायत दी गई है। गंगा किनारे बसे सभी ग्रामों के लेखपाल व राजस्व निरीक्षकों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
उपजिलाधिकारी बिजनौर, नायब तहसीलदार मण्डावर, राजस्व निरीक्षक मण्डावर, खानपुर माधो व राजस्व टीम द्वारा पर्वतीय क्षेत्र व तहसील क्षेत्र में हो रही अतिवर्षा के दृष्टिगत गंगा नदी के किनारे बसे ग्रामों चन्द्रभानपुर किशोर, डैबलगढ़, कुंवरपुर चतरभोज, सीमला व सीमली आदि का सघन भ्रमण किया गया। ग्राम चन्द्रभानपुर किशोर स्थित गलखा मन्दिर से लगभग 150 मीटर दूर गंगा नदी द्वारा तीव्र कटान किया जा रहा है।
उपजिलाधिकारी, बिजनौर द्वारा कटान रोकने हेतु सिंचाई विभाग को पत्र जारी किया गया तथा ग्रामवासियों को निर्देशित किया गया, कि गंगा पार अथवा नदी में न जाये। गंगा नदी के किनारे बसे सभी ग्रामों के लेखपाल व राजस्व निरीक्षकों को निर्देशित किया गया कि वह गंगा नदी के बहाव व नदी द्वारा किये जा रहे कटान पर नजर बनाये रखें। कोई भी अप्रिय घटना होने पर उच्चाधिकारियों को तत्काल सूचित करें व ग्राम में मुनादी करवा दें कि कोई भी ग्रामवासी गंगा नदी में न जाये। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में उपलब्ध नावों को भी ठीक कराने हेतु ग्राम प्रधानों को निर्देशित कर दिया गया है।
तहसील बिजनौर क्षेत्रान्तर्गत बनाई गईं कुल 07 बाढ़ चौकियां
तहसीलदार बिजनौर द्वारा बताया गया कि तहसील बिजनौर क्षेत्रान्तर्गत कुल 07 बाढ़ चौकियां बनायी गयी हैं, जिनमें नोडल अधिकारी के साथ-साथ कर्मचारियों की नियुक्ति भी कर दी गयी है। इसी के साथ अप्रिय स्थिति के दृष्टिगत गोताखोरों की सूची भी बना ली गयी है एवं उपलब्ध नावों व नाविकों की सूची व उनके मोबाईल नम्बर भी अपडेट कर लिये गये हैं।
कृषि विभाग के अफसरों की उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर छापामारी
अभिलेख अपूर्ण पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस, लाइसेंस निलंबित
बिजनौर। कृषि विभाग के अफसरों ने जिले भर में उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर छापामारी की। इस दौरान 41 प्रतिष्ठानों पर छापमारी कर 22 उर्वरकों के नमूने लिए गए।
उपकृषि निदेशक गिरीश चंद्र एवं जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह की संयुक्त टीम द्वारा तहसील बिजनौर, जिला कृषि अधिकारी डॉ अवधेश मिश्र एवं सहायक आयुक्त व सहायक निबंधक सहकारिता प्रदीप सिंह की संयुक्त टीम द्वारा तहसील नजीबाबाद, जिला कृषि रक्षा अधिकारी मनोज रावत एवं उद्यान निरीक्षक अरविंद कुमार द्वारा चांदपुर तथा अपर जिला कृषि अधिकारी अमित कुमार एवं सहायक निदेशक मत्स्य संतोष कुमार द्वारा तहसील धामपुर एवं नगीना में उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
छापामार कार्रवाई के दौरान कुल 41 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण एवं पीओएस मशीन व अभिलेखों के अनुसार उपलब्ध स्टाक का मिलान किया गया तथा कुल 22 उर्वरक के नमूने लिए गए। इस कार्रवाई के दौरान मै. श्री निधांश कृषक सेवा केंद्र बेगावाला, मै. अंश बीज भंडार बेगावाला तथा मै. कान्हा खाद एवं बीज भंडार तिमरपुर के अभिलेख अपूर्ण पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उनके उर्वरक लाइसेंस को निलंबित किया गया है।
अफजलगढ़। आजकल कम उम्र में ही बाल सफेद होना एक समस्या बन गई है। बहुत से लोग इस समस्या से परेशान हैं लेकिन किसी के पास सही जवाब नहीं है कि कम उम्र में सफेद बाल क्यों हो रहे हैं। हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक बढ़ता पॉल्यूशन, खानपान में गड़बड़ी व तनाव बालों पर नेगेटिव असर डालते हैं। आमतौर पर बाल 50 की उम्र के बाद ही सफेद होते हैं लेकिन इन दिनों 20 से कम उम्र के बच्चों के बाल भी सफेद हो रहे हैं एक्सपर्ट का कहना है कि उम्र बढ़ने के साथ बालों के रोम छिद्र में रंग का उत्पादन कम हो जाता है, जिसकी वजह से ही इस तरह की परेशानी होती है।
डॉ. केके सैनी
बालों की समस्या को लेकर अफजलगढ़ (बिजनौर) स्थित फार्मा क्लीनिक एंड जच्चा बच्चा केंद्र के डॉ. केके सैनी ने बताया कि बालों के रोम वर्णक में यानी रंगों का उत्पादन करने वाली कोशिकाएं रहती है, ये मेलेनिन नाम का केमिकल बनाती हैं। यह केमिकल बालों को काला करने का काम करता है, जब उम्र बढ़ने लगती है तो ये कोशिकाएं भी मरने लगती है, मेलेनिन की कमी से बालों में प्रॉब्लम होने लगती है, इसी प्रॉब्लम से बाल सफेद या ग्रे होने लगते हैं। बाल कई कारणों से सफेद हो सकते हैं जैसे जेनेटिक कारण, विटामिल बी12 की कमी, न्यूरोफ्राइबोमेटोसिस, ऐसी बीमारियां जो आनुवांशिक तौर पर मिली हैं और नशा हड्डियों और स्किन को प्रभावित करती हैं। विटिलिगो की प्रॉब्लम, मतलब मेलानोसाइट्स का रंग खोना, एलोपेसिया एसरिडी की समस्या से बाल झड़ते हैं और सफेद होते हैं।
23 साल पहले कताई मिल हुई बंद फिर भी राशन की दुकान बदस्तूर जारी
जिले के अंदर प्रति यूनिट बांटा जा रहा 4 किलो से साढ़े 4 किलो खाद्यान्न
अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा ने खिलाफत में खोला मोर्चा
मुफ्त राशन योजना और भ्रष्टाचार मुक्त शासन के दावों को पूर्ति विभाग लगा रहा पलीता!
बिजनौर। अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष कॉमरेड शमशाद हुसैन ने आरोप लगाया है कि 23 साल पहले बंद हुई नगीना की कताई मिल के नाम पर राशन की दुकान आज भी बदस्तूर जारी है। उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी से सूचना के अधिकार के अंतर्गत नगीना कताई मिल में काम करने वाले मजदूरों के लिए आवंटित की गई राशन की दुकान के संबंध में सूचना मांगी है। शमशाद हुसैन का कहना है कि श्रीमती अंजू के नाम से कताई मिल नगीना एनएच~74 हाईवे तहसील नगीना जिला बिजनौर में राशन की दुकान का आवंटन किया गया था। इससे मिल में काम करने वाले परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराना था। लगभग 23 वर्ष पूर्व कताई मिल बंद हो चुकी है और उसमें काम करने वाले मजदूर भी इधर उधर चले गए हैं। कामरेड शमशाद हुसैन का कहना है कि अब वहां पर कोई नहीं रहता, लेकिन आज भी दुकान का संचालन जारी है। जब वहां वो उपभोक्ता नहीं रहे, जिनके लिए दुकान का आवंटन किया गया था तो अभी तक उस दुकान का संचालन बंद क्यों नहीं किया गया?
उन्होंने बताया कि दुकान से जिन उपभोक्ताओं को राशन दिया जा रहा है उनमें मोहल्ला लाल सराय और आजाद कॉलोनी के भी कुछ लोग शामिल हैं। उनके कार्ड इस दुकान पर भी बने हुए हैं। यह 01 जनवरी 2022 से 24 जून 2023 तक वितरित खाद्यान्न के सेल रजिस्टर की प्रमाणित प्रतिलिपि से स्पष्ट हो रहा है।
पूर्ति निरीक्षक मांगते हैं ₹ पांच हजार महीना!
कॉमरेड शमशाद हुसैन ने आरोप लगाया कि पूर्ति निरीक्षक नगीना विनीत कुमार द्वारा राशन डीलरों पर कम राशन देने को दबाव डाला जा रहा है और उनसे वह हर महीने ₹5000 की अवैध वसूली कर रहे हैं। जो डीलर पूरा राशन उपभोक्ताओं को दे रहा है अगर वह ₹5000 देने से इंकार करता है तो पूर्ति निरीक्षक विनीत कुमार उसकी दुकान को निरस्त कराने की धमकी देते हैं। कुछ दुकानदार ऐसे भी हैं जिन्हें विनीत कुमार मानसिक रूप से बहुत परेशान कर रहे हैं। इसकी भी जांच कराई जाए। शासन प्रशासन के द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे खाद्यान्न संबंधी शासनादेश की प्रतिलिपि भी मांगी गई है क्योंकि जिले के अंदर प्रति यूनिट 4 किलो, साढ़े 4 किलो खाद्यान्न दिया जा रहा है। यह तहसीलों के सभी पूर्ति निरीक्षक करा रहे हैं। कामरेड शमशाद हुसैन ने कहा कि प्रधानमंत्री की मुफ्त राशन योजना और मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने के दावों को पूर्ति विभाग पूरी तरीके से पलीता लगा रहा है। गरीबों के खाद्यान्न पर डाका डाला जा रहा है। इसके विरोध में अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करेगी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत करा कर भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।
त्वचा साफ सुथरी हो तो सभी को अच्छा महसूस होता है, लेकिन थोड़े भी दाग-धब्बे तनाव का कारण बन जाते हैं। प्रदूषण, संक्रमण के कारण शरीर पर फोड़े-फुंसी हो जाते हैं और कई बार दर्द, जलन व खुजली भी होती है। फोड़ा या फुंसी त्वचा पर गांठ की तरह होता है जो कि पिम्पल जैसा दिखता है। फोड़े-फुंसी का इलाज करने के लिए आप कई तरह के घरेलू उपचार अपना सकते हैं। आइए जानते हैं इन घरेलू उपचार के बारे में-
नारियल का तेल और टी ट्री ऑयल
फोड़े-फुंसी से छुटकारा पाने के लिए नारियल का तेल इस्तेमाल कर सकते हैं। इस तेल में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाया जाता है, जो फुंसी का इलाज करने में प्रभावी माना जाता है। अगर आप फोड़े और फुंसी से राहत पाना चाहते हैं तो नारियल के तेल में टी ट्री ऑयल मिक्स करके इसे प्रभावित हिस्से पर लगाएं। टी ट्री ऑयल में एंटीमाइक्रोबियल और एंटीसेप्टीक गुण होते हैं। दोनों को मिलाकर मिश्रण बनाएं और दिन में तीन-चार बार प्रभावित क्षेत्र में लगाएं। इस प्रक्रिया को सप्ताह भर दोहराएंगे तो फायदा मिलेगा।
एलोवेरा और हल्दी से पाएं राहत
फोड़े-फुंसी का इलाज करने के लिए एलोवेरा जेल काफी प्रभावी हो सकता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाया जाता है, जो फोड़े-फुंसी में होने वाली सूजन को कम कर सकता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए एलोवेरा जेल में हल्दी मिक्स करके पीस लें। इससे फोड़े-फुंसी का इलाज किया जा सकता है। सिर्फ हल्दी में पानी या दूध मिलाकर प्रभावित स्थान पर लगाने से फायदा होगा।
तुलसी करे इलाज
फोड़े-फुंसी की परेशानी से छुटकारा पाने के लिए तुलसी का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण पाया जाता है जो फोड़े-फुंसी से छुटकारा दिलाने में आपकी मदद कर सकता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए तुलसी की पत्तियों को पीस लें। अब इस लेप को फोड़े-फुंसियों पर लगाएं। इससे आपको काफी लाभ मिलेगा।
नीम से पाएं राहत
फोड़े-फुंसी का इलाज करने के लिए नीम काफी गुणकारी हो सकता है। नीम का एंटी वायरल और एंटी फंगल गुण फोड़े-फुंसी सही करने में मदद करता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए नीम की पत्तियों को पीसकर इसका पेस्ट तैयार कर लें। अब इस पेस्ट को फुंसी पर लगा लें। करीब 20 मिनट बाद इसे धो लें। इस उपाय को दिन में तीन-चार बार कर सकते हैं। इससे आपको कुछ ही दिनों में राहत मिल सकती है।
सेंधा नमक और गर्म पानी
सेंधा नमक में गर्म पानी मिलाकर प्रभावित त्वचा को करीब 20 से 30 मिनट उसमें रखें। यह प्रक्रिया फोड़े फुंसी से होने वाले दर्द में भी राहत देती है।
बेकिंग सोडा, नमक और पानी का मिश्रण
बेकिंग सोडा के साथ नमक मिलाकर मिश्रण बनाकर फोड़े फुंसी को पकाने और उसका पस निकालने में मदद मिलती है। इन्हें मिलाकर पानी के साथ पेस्ट बनाएं और करीब 20 मिनट रहने दें। फिर पेस्ट हटाने से पहले हल्का सा दबाकर पस को निकालें। दिन में एक बार ही इस प्रक्रिया को करें। बेकिंग सोडा एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियल गुणों के कारण संक्रमण से बचाता है।
साइबर अपराधियों ने पिछले तीन दिन में एक वकील और एक डांस टीचर को करीब 12 लाख रुपए का चूना लगा दिया। दोनों ही मामलों में सीआईडी साइबर क्राइम ब्रांच ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साइबर अपराधियों ने वकील और डांस टीचर को लगाया 12 लाख का चूना
रांची। झारखंड में साइबर अपराधियों ने पिछले तीन दिन में एक वकील और एक डांस टीचर को करीब 12 लाख रुपए का चूना लगा दिया। दोनों ही मामलों में सीआईडी साइबर क्राइम ब्रांच ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वकील के अकाउंट से उड़ाए ₹9.64 लाख
राजधानी रांची सिविल कोर्ट के वकील विनय कुमार ने सीआईडी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। बताया कि 21 जून को उनके बेटे प्रतीक आनंद के दोस्त शुभांग मिश्रा ने ओएलएक्स पर अपनी पुरानी किताब बेचने के लिए विज्ञापन डाला था। कंपनी की तरफ से किताब खरीदने की बात कही गई और उसके भुगतान के लिए शुभांग से बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर मांगा। शुभांग के पास अकाउंट नहीं होने पर उसने प्रतीक का नंबर दे दिया। इसके बाद साइबर अपराधियों ने एक अनजान नंबर से प्रतीक को फोन कर किताब के पैसे भेजने के लिए एक क्यूआर कोड भेजा। प्रतीक ने क्यूआर कोड को स्कैन कर दिया। थोड़ी ही देर बाद प्रतीक के खाते से 9.64 लाख गायब हो गए। पीड़ित के अनुसार उसने मेडिकल की पढ़ाई के लिए यह रकम अपने अकाउंट में रखी थी।
डांस टीचर को लगाया ढ़ाई लाख का चूना
दूसरी तरफ रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र निवासी डांस टीचर अशोक कुमार के खाते से साइबर अपराधियों ने ढ़ाई लाख रुपए उड़ा लिए। डांस टीचर अशोक कुमार ने अपनी शिकायत में लिखा कि उन्होंने एक कुरियर मंगवाया था, कुरियर समय पर नहीं पहुंचने की वजह से उन्होंने कंपनी की वेबसाइट से एक नंबर निकाल कर फोन किया था और वह साइबर अपराधियों के जाल में फंस गए। हालांकि साइबर अपराधियों द्वारा धन निकासी की जानकारी मिलते ही डांस टीचर ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दे दी। इस वजह से आनन-फानन में साइबर अपराधियों का खाता फ्रीज कर दिया गया। साइबर अपराधी खाते से मात्र 5 हजार रुपए ही निकाल पाए थे। डांस टीचर का बाकी पैसा रिकवर करने की कोशिश पुलिस कर रही है।
त्वचा साफ सुथरी हो तो सभी को अच्छा महसूस होता है, लेकिन थोड़े भी दाग-धब्बे तनाव का कारण बन जाते हैं। प्रदूषण, संक्रमण के कारण शरीर पर फोड़े-फुंसी हो जाते हैं और कई बार दर्द, जलन व खुजली भी होती है। फोड़ा या फुंसी त्वचा पर गांठ की तरह होता है जो कि पिम्पल जैसा दिखता है। फोड़े-फुंसी का इलाज करने के लिए आप कई तरह के घरेलू उपचार अपना सकते हैं। आइए जानते हैं इन घरेलू उपचार के बारे में-
नारियल का तेल और टी ट्री ऑयल
फोड़े-फुंसी से छुटकारा पाने के लिए नारियल का तेल इस्तेमाल कर सकते हैं। इस तेल में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाया जाता है, जो फुंसी का इलाज करने में प्रभावी माना जाता है। अगर आप फोड़े और फुंसी से राहत पाना चाहते हैं तो नारियल के तेल में टी ट्री ऑयल मिक्स करके इसे प्रभावित हिस्से पर लगाएं। टी ट्री ऑयल में एंटीमाइक्रोबियल और एंटीसेप्टीक गुण होते हैं। दोनों को मिलाकर मिश्रण बनाएं और दिन में तीन-चार बार प्रभावित क्षेत्र में लगाएं। इस प्रक्रिया को सप्ताह भर दोहराएंगे तो फायदा मिलेगा।
एलोवेरा और हल्दी से पाएं राहत
फोड़े-फुंसी का इलाज करने के लिए एलोवेरा जेल काफी प्रभावी हो सकता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाया जाता है, जो फोड़े-फुंसी में होने वाली सूजन को कम कर सकता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए एलोवेरा जेल में हल्दी मिक्स करके पीस लें। इससे फोड़े-फुंसी का इलाज किया जा सकता है। सिर्फ हल्दी में पानी या दूध मिलाकर प्रभावित स्थान पर लगाने से फायदा होगा।
तुलसी करे इलाज
फोड़े-फुंसी की परेशानी से छुटकारा पाने के लिए तुलसी का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण पाया जाता है जो फोड़े-फुंसी से छुटकारा दिलाने में आपकी मदद कर सकता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए तुलसी की पत्तियों को पीस लें। अब इस लेप को फोड़े-फुंसियों पर लगाएं। इससे आपको काफी लाभ मिलेगा।
नीम से पाएं राहत
फोड़े-फुंसी का इलाज करने के लिए नीम काफी गुणकारी हो सकता है। नीम का एंटी वायरल और एंटी फंगल गुण फोड़े-फुंसी सही करने में मदद करता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए नीम की पत्तियों को पीसकर इसका पेस्ट तैयार कर लें। अब इस पेस्ट को फुंसी पर लगा लें। करीब 20 मिनट बाद इसे धो लें। इस उपाय को दिन में तीन-चार बार कर सकते हैं। इससे आपको कुछ ही दिनों में राहत मिल सकती है।
सेंधा नमक और गर्म पानी
सेंधा नमक में गर्म पानी मिलाकर प्रभावित त्वचा को करीब 20 से 30 मिनट उसमें रखें। यह प्रक्रिया फोड़े फुंसी से होने वाले दर्द में भी राहत देती है।
बेकिंग सोडा, नमक और पानी का मिश्रण
बेकिंग सोडा के साथ नमक मिलाकर मिश्रण बनाकर फोड़े फुंसी को पकाने और उसका पस निकालने में मदद मिलती है। इन्हें मिलाकर पानी के साथ पेस्ट बनाएं और करीब 20 मिनट रहने दें। फिर पेस्ट हटाने से पहले हल्का सा दबाकर पस को निकालें। दिन में एक बार ही इस प्रक्रिया को करें। बेकिंग सोडा एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियल गुणों के कारण संक्रमण से बचाता है।
दुकानदारों को पहले मिला 33 फिट का नोटिस, अब चस्पा किया 49 फिट का
फंसा पेंच: सड़क के मध्य से दोनों ओर पीडब्ल्यूडी की भूमि कितनी?
बिजनौर। स्योहारा में धामपुर मुख्य मार्ग पर मिल तिराहे के पास लोक निर्माण विभाग की सड़क पर अतिक्रमण को लेकर चिन्हिकरण का मामला फंस गया है। लोक निर्माण विभाग सड़क के मध्य से 49 फिट तक अपनी संपत्ति मान रहा है जबकि दुकानदारों का कहना है कि उनको 33 फिट का नोटिस दिया गया था, जिसको हटा लिया गया। अब पेंच 16 फिट को लेकर फंसा हुआ है। जेई का कहना है कि दो बार नोटिस दिया जा चुका है, अब शीघ्र ही अभियान चला कर इसको हटाया जाएगा।
जानकारी के अनुसार शनिवार को सीओ धामपुर शुभ सुचित, एई नजीबाबाद एके शर्मा, जेई अवनीश वर्मा, स्योहारा थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव चौधरी, कस्बा लेखपाल बिजेंद्र चौहान आदि टीम धामपुर मुख्य मार्ग पर मिल तिराहे के पास अतिक्रमण को लेकर चिन्हिकरण करने पहुंची। लोक निर्माण विभाग सड़क के मध्य से 49 फिट तक अपनी संपत्ति मान रहा है। यहां तक कि लोक निर्माण विभाग दुकानदारों को दो बार नोटिस देकर अतिक्रमण हटाने को कह चुका है। दुकानदारों का आरोप है कि विभाग द्वारा दिये गये नोटिस में ये भी नहीं लिखा हुआ है कि किस दुकानदार ने कितना अतिक्रमण कर रखा है। स्थानीय दुकानदारों ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से मानक स्थिति साफ करने को कहा है।
दूसरी तरफ लोक निर्माण विभाग के जेई अवनीश वर्मा ने बताया कि नगर भर में अलग-अलग मानकों के अनुरूप भू स्वामियों को नोटिस दिया गया था, ताकि वह अपने अवैध कब्जे को हटा ले, परंतु इतना समय बीत जाने के बाद भी कुछ लोगों द्वारा अपना अवैध कब्जा नहीं हटाया गया है। इसलिए अभियान चला कर इसको शीघ्र हटाया जाएगा। वहीं दुकानदारों का कहना है कि उनको 33 फिट का नोटिस दिया गया था, जिसको हटा लिया गया, लेकिन अब जो नोटिस चस्पा किए गए 49 फिट के हैं।
महिला-पुरुष के खून में कितना हीमोग्लोबिन होना चाहिए? पुरुष के शरीर में जो RBC होता है, उसमें 13.2-16.6 ग्राम प्रति डेसीलीटर हीमोग्लोबिन होना चाहिए. 2. महिला के शरीर में जो RBC होता है, उसमें 11.6-15.0 ग्राम प्रति डेसीलीटर हीमोग्लोबिन होना चाहिए।
हीमोग्लोबिन क्या है – कम होने का कारण, लक्षण और उपचार
हीमोग्लोबिन एक प्रकार का प्रोटीन है जो लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाता है। हीमोग्लोबिन में कमी होने के कारण शरीर में खून की मात्रा घट जाती है। खून की मात्रा घटने पर एनीमिया का खतरा बढ़ जाता है। कुछ मामलों में एनीमिया जानलेवा भी साबित हो सकता है।
डॉक्टर के मुताबिक, हीमोग्लोबिन के कारण एनीमिया का खतरा बढ़ सकता है। अगर परीक्षण के दौरान पुरुषों में हीमोग्लोबिन की मात्रा 13.5 ग्राम / डीएल और महिलाओं में 12 ग्राम / डीएल से कम आता है तो इस स्थिति को मेडिकल भाषा में एनीमिया कहते हैं। गर्भवती महिलाओं और बूढ़े लोगों में हीमोग्लोबिन की कमी होने का खतरा अधिक होता है। डॉक्टर का कहना है कि हेल्दी डाइट का सेवन कर हीमोग्लोबिन की कमी के खतरे को दूर किया जा सकता है।
जानिए हीमोग्लोबिन कम होने के कारण, लक्षण और उपचार के बारे में विस्तार से…
हीमोग्लोबिन कम होने के कारण~ शरीर में प्रोटीन की मात्रा उचित नहीं होने पर हीमोग्लोबिन की समस्या पैदा होती है। आमतौर पर गर्भधारण करने के बाद एक महिला के शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो जाता है।
अनेक ऐसी स्थितियां है जिनके कारण हीमोग्लोबिन का स्तर कम होता है। इसमें शामिल हैं:-
कैंसर एड्स लिंफोमा हाइपोथायरायडिज्म हमेशा रक्तदान करना सिकल सेल एनीमिया घाव से खून निकलना मूत्राशय से खून निकलना आनुवंशिक असामान्यता पीरियड्स में अधिक रक्तस्राव ~ऊपर दिए गए कारणों को ध्यान में रखते हुए कुछ सावधानियां बरतकर शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी के खतरे को कम किया जा सकता है।
हीमोग्लोबिन कम होने के लक्षण~ शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम होने पर आप खुद में अनेक लक्षणों को अनुभव कर सकते हैं। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:-
सांस फूलना चक्कर आना घबराहट होना कमजोरी होना चिड़चिड़ापन होना थकान महसूस होना ध्यान लगाने में कमी होना हाथ और पैर ठंडा होना अगर आप ऊपर दिए गए लक्षणों को खुद में अनुभव करते हैं तो आपको जल्द से जल्द डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।
हीमोग्लोबिन की कमी से होने वाली समस्याएं~ शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी के कारण अनेक समस्याएं पैदा हो सकती हैं जैसे कि:- सीने में दर्द हीमोग्लोबिन का निदान कैसे होता है? शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी का निदान करने के लिए डॉक्टर सबसे पहले मरीज का शारीरिक परीक्षण करते हैं। साथ ही, मरीज से उसकी मेडिकल हिस्ट्री और शराब की लत से संबंधित कुछ सामान्य प्रश्न पूछ सकते हैं।
उसके बाद, डॉक्टर ब्लड टेस्ट और दूसरे जांच करने का सुझाव दे सकते हैं जिसमें शामिल हैं:-
कम्प्लीट ब्लड काउंट विशेष ब्लड टेस्ट मूत्र परीक्षण खून में आयरन की कमी की जांच विटामिन बी 12 और विटामिन बी 9 की जांच इन सभी जांचों के परिणामों के आधार पर हीमोग्लोबिन की कमी के सटीक कारण का पता चलता है। उसके बाद, डॉक्टर उपचार के माध्यम का चयन करके इलाज की प्रक्रिया शुरू करते हैं।
हीमोग्लोबिन की कमी का उपचार~ हीमोग्लोबिन का उपचार कई तरह से किया जा सकता है जो उसके कारण पर निर्भर करता है। आवश्यकता के अनुसार हीमोग्लोबिन का उपचार करने के लिए डॉक्टर अनेक तरकीब अपना सकते हैं।
अगर किसी व्यक्ति के शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी है तो उसके उपचार के तौर पर डॉक्टर हर महीने विटामिन का इंजेक्शन लगवाने की सलाह दे सकते हैं। साथ ही, टेबलेट की खुराक लेने का भी सुझाव दे सकते हैं। शरीर में विटामिन बी 12 की मात्रा कम होने पर डॉक्टर बी 12 का इंजेक्शन लगाने की सलाह देते हैं। विटामिन बी 12 की अत्यधिक कमी होने पर मुंह या इंजेक्शन के माध्यम से विटामिन दिया जा सकता है। अगर शरीर में आयरन की कमी है तो डॉक्टर आयरन के सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं। आमतौर पर गर्भावस्था के दौरान एक महिला में आयरन के साथ-साथ दूसरे पोषक तत्वों की कमी होती है, ऐसे में डॉक्टर उसे सप्लीमेंट्स लेने की सलाह देते हैं। अगर हीमोग्लोबिन में कमी का कारण पोषक तत्व है तो डॉक्टर डाइट में बदलाव लाने और विटामिन से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करने का सुझाव देते हैं।
टमाटर खाएं~ सलाद के लिए टमाटर सबसे बेहतर होता है. सब्जियों में भी आप टमाटर को मिलाकर खा सकते हैं. इसे खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी आसानी से पूरी होती है. टमाटर में विटामिन ई, विटामिन बी6, फॉस्फोरस और कॉपर जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. साथ ही टमाटर फाइबर, पोटेशियम और मैग्नीज का भी बेहतर सोर्स होता है. आपको बता दें खून बढ़ाने के लिए ये सारी चीजें जरूरी होती हैं.
चुकंदर, अंजीर~ शरीर में होने वाली खून की कमी को दूर करने के लिए आप चुकंदर खा सकते हैं. इसमें मौजूद आयरन रेड ब्लड सेल्स को बढ़ाते हैं. चुकंदर की तासीर ठंडी होती है. इसे सर्दी-गर्मी कभी भी खाया जा सकता है. आप चाहें तो सलाद में चुकंदर घिसकर खा सकते हैं. इसके साथ ही अंजीर भी शरीर में हीमोग्लोबिन लेवल को बढ़ाने के लिए बहुत लाभकारी होता है. अंजीर में विटामिन ए, बी1, बी2, कैल्शियम, आयरन, सोडियम, पोटेशियम और क्लोरीन होता है जो हीमोग्लोबिन के स्तर को तेजी से बढ़ाता है.
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बिजनौर में अवैध कालोनियों पर प्रशासन की बड़ी कार्यवाही शुरू
प्रशासन ने लगवाए कालोनी अवैध होने के बोर्ड
बिना लेआउट पास कराए, ग्रीन बेल्ट, कृषि क्षेत्र में निर्मित अवैध कालोनियों को एसडीएम सदर के निर्देशन में नायब तहसीलदार और जेई विनियमित क्षेत्र ने किया ध्वस्त।
बिजनौर। अवैध कालोनियों के खिलाफ प्रशासन ने ध्वस्तीकरण कार्रवाई शुरू कर दी है। अभी तक आधा दर्जन से ज्यादा स्थानों पर पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी मशीन से अवैध निर्माण ध्वस्त किए जा चुके हैं। इसी के साथ कालोनी अवैध होने के बोर्ड भी लगवाए गए हैं।
उपजिलाधिकारी बिजनौर मोहित कुमार ने बताया कि कृषिक क्षेत्रफल पर अथवा विनियमित क्षेत्र एवं ग्रीन बेल्ट के अन्तर्गत बिना ले-आऊट पास कराये अवैध रूप से डेवलप की जा रही कालोनियों पर कड़ी कार्यवाही करने के लिए एक टीम बनाई गयी है। इसमें नायब तहसीलदार बिजनौर व भारत सिंह अवर अभियन्ता विनियमित क्षेत्र शामिल हैं। इस टीम के द्वारा विनियमित क्षेत्र तथा ग्रीन बेल्ट क्षेत्र व कृषिक क्षेत्रफल पर, में बिना ले-आऊट पास कराए अवैध रूप बनायी गयी कालोनियों को ध्वस्त करने की कार्यवाही की जा रही है। उपजिलाधिकारी बिजनौर द्वारा बनायी गयी टीम द्वारा अवैध कालोनियों में कालोनी अवैध होने के बोर्ड भी लगवा दिये गये हैं।
उपजिलाधिकारी ने बताया कि विनियमित क्षेत्र व ग्रीन बेल्ट में किसी भी दशा में अवैध कालोनियों का निर्माण नहीं होने दिया जायेगा। यदि कोई व्यक्ति अथवा कालोनाईजर अवैध रूप से कालोनी डेवलप करता है, तो उसके विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी।
जनता को सुविधा के लिए व्यवस्था~ सर्वसाधारण को यह भी सूचित किया गया है कि जनसामान्य का कोई भी व्यक्ति किसी भी कॉलोनी के सम्बन्ध में, कार्यालय उपजिलाधिकारी (विनियमित क्षेत्र) से कॉलोनी के वैध अथवा अवैध होने की जानकारी प्राप्त कर सकता है। साथ ही सम्बन्धित कॉलोनी का ले-आऊट की प्रति भी प्राप्त कर सकता है।
ठग गिरोह ने दिया तीस हजार रुपए प्रतिमाह वेतन का लालच
नटराज कम्पनी के प्रोडक्ट्स घर बैठकर पैकिंग करने का झांसा देकर महिला से हजारों की ठगी
बढ़ापुर/बिजनौर। नटराज कम्पनी के प्रोडक्ट्स को घर बैठकर पैकिंग करने व तीस हजार रुपए प्रतिमाह वेतन का लालच देकर एक महिला से करीब पचास हजार रुपए की ऑनलाइन ठगी हो गई। मामला उस समय प्रकाश में आया जब महिला ने जिला साइबर क्राइम अधिकारी को लिखित शिकायत देकर पैसे वापस कराने की गुहार लगाई।
बढ़ापुर थाना क्षेत्र के ग्राम कांशीवाला निवासी महिला कमलजीत कौर ने जिला साइबर क्राइम अधिकारी को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया। इसमें बताया गया कि गत 17 जून 2023 को कमलजीत के पास कॉल आई। कॉल करने वाले ने बताया कि वह नटराज कम्पनी से बात कर रहा है। उसको पेन पेंसिल पैकिंग का कार्य मिलेगा, जिसके बदले कम्पनी उसे तीस हजार रुपए प्रति माह वेतन भी देगी। तीस हजार प्रति माह वेतन के लालच में महिला ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गई। इसके बाद महिला द्वारा फोन पर बताए जा रहे निर्देश का पालन करते हुए जॉब कार्ड के नाम पर बताई गई 620 रुपए की फीस का ऑनलाइन भुगतान कर दिया। इसके बाद फ़ोटो व आधार कार्ड भेजने के लिये कहा गया तो महिला ने अपने पति व अन्य परिजनों को बताए बिना ही भेज दिया। अगले दिन 17 जून को महिला के पास वापस फोन आया कि आपका माल कम्पनी से निकल चुका है तथा डिलीवरी के तैयार है जो कि इस समय मुजफ्फरनगर जनपद के मीरापुर में है। हमारा जीपीएस सिस्टम काम नहीं कर रहा है, जिस कारण हम आप तक पहुंचने में असमर्थ हैं। पहले दिन कॉल करने वाले राजीव नामक व्यक्ति ने कम्पनी में फोन करने के लिये कहा। तब महिला ने कम्पनी के नम्बर पर फोन किया तो विपिन गुप्ता नामक व्यक्ति द्वारा महिला को बताया गया कि माल की डिलिवरी के लिये आपको एक ईमेल औऱ 3150 रुपए का तत्काल भुगतान करना होगा, जिसके बाद माल डिलीवर हो जाएगा। माल के लालच में महिला ने बिना कुछ सोचे समझे 3150 का ऑनलाइन भुगतान कर दिया।
इसके बाद महिला को बताया गया कि आप भुगतान करने में लेट हो चुकी हैं यदि अभी भी आप माल को प्राप्त करना चाहती हैं तो एक बार पुनः 3150 की धनराशि का भुगतान कर दो, महिला ने दोबारा भी ऑनलाइन भुगतान कर दिया। अबकी बार भी महिला को फोन पर वही जवाब मिला कि आपने देरी कर दी है। इसी प्रकार महिला से इन लोगों ने करीब पचास हजार रुपए की रकम ठग ली। महिला को जब अपनी गलती का एहसास हुआ तो उसने अपने पति सहित परिजनों को इस धोखाधड़ी से अवगत कराया। इस पर महिला के पति ने ऑनलाइन ठगी के शिकार होने वाले लोगों के लिए जारी हेल्पलाइन पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। साथ ही गुरुवार को महिला ने जिला साइबर क्राइम अधिकारी को लिखित शिकायत देकर उसके साथ धोखाधड़ी करने वाले राजीव, अनुराग व विपिन गुप्ता नामक व्यक्तियों के खिलाफ कार्यवाही करने व उसकी रकम वापस दिलाने की गुहार लगाई। थाना बढ़ापुर पर साइबर हेल्पडेस्क पर तैनात उपनिरीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि इस संबंध में साइबर पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत प्राप्त हुई है, जांच कर विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
डीएम ने जूनियर नेशनल हाकी प्रतियोगिता स्वर्ण-रजत पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को किया सम्मानित
बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने अपने कैम्प कार्यालय में जिले के तीन खिलाड़ियों को सम्मानित किया। बताया गया है कि राष्ट्रीय जूनियर नेशनल हाकी प्रतियोगिता में पंकज सैनी पुत्र अमर सिंह निवासी मोहल्ला काजीपाड़ा जिला बिजनौर ने उत्तर प्रदेश हाकी टीम की तरफ से खेलकर स्वर्णपदक जीता। प्रतियोगिता 18 मई 2023 से 28 मई 2023 तक उड़ीसा के राउरकेला में आयोजित हुई।
इसी क्रम में विक्रान्त सिंह पुत्र राजपाल सिंह निवासी कुटिया कालोनी बिजनौर द्वारा लगातार राष्ट्रीय सब जूनियर हाकी प्रतियोगिता में स्वर्णपदक, राष्ट्रीय जूनियर हाकी प्रतियोगिता रजत पदक खेलो इण्डिया यूथ गेम्स में वर्ष 2020 से लगातार स्वर्ण पदक जीतने की उपलब्धि हासिल की। विक्रान्त सिंह की इन उपलब्धियों पर खेलो इण्डिया योजना के अर्न्तगत 10 हजार रुपए प्रति माह की स्कॉलरशिप तथा उत्तर प्रदेश सरकार की एकलव्य क्रीड़ा कोष योजना के अन्तर्गत 50 हजार रुपए प्रति वर्ष प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त देश में खेलों का स्तर ऊंचा उठाने के लिए वर्ष-2022 से ओएनजीसी द्वारा 15 हजार रुपए प्रतिमाह स्कॉलरशिप प्रदान की जा रही है। कु0 राखी पुत्री जगदीश निवासी मौ० जाटान बिजनौर ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर में दिनाँक 8 जून 2023 से 12 जून 2023 तक आयोजित 66 वी स्कूल नेशनल (अण्डर 19) हाकी प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश की टीम से प्रतिभाग कर जिला बिजनौर का नाम रौशन किया। जिलाधिकारी ने इस उपलब्धि पर उक्त खिलाड़ियों व उनकी कोच श्रीमती चित्रा चौहान को भी सम्मानित किया तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर जिला क्रीड़ा अधिकारी जयवीर सिंह मौजूद थे।
“स्वच्छता एवं सर्वाइकल कैंसर” से जागरुकता को लगाया शिविर
बिजनौर। उ० प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बिजनौर के मार्गदर्शन में सचिव/ अपर जनपद न्यायाधीश जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बिजनौर श्रीमती नीलू मैनवाल द्वारा जिला कारागार बिजनौर में “स्वच्छता एवं सर्वाइकल कैंसर (बच्चादानी कैंसर)” के सम्बन्ध में जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर को सम्बोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बिजनौर की सचिव / श्रीमती नीलू मैनवाल ने महिलाओं को स्वच्छता संबंधी जानकारी दी, उन्होंने कहा कि स्वच्छता से आप बहुत सारी बीमारीयों एवं संक्रमण से अपने आप को सुरक्षित रखते हुए स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकती हैं। चीफ लीगल एण्ड डिफेन्स काउन्सिल प्रवीण सिंह देशवाल ने फ्री लीगल एण्ड कानूनी सहायता के सम्बन्ध में महिलाओं को जानकारी दी। साथ ही बच्चेदानी में होने वाली बीमारी कैंसर आदि के कारण और इससे बचने के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी।
इस अवसर पर डॉ० मनोज सैन ने सर्वाइकल कैंसर पर चिकित्सीय प्रणाली के साथ-साथ उसके कारणों एवं बचाव के लिये जरुरी एहतियात के प्रति जागरुक करते हुए सैनेटरी नैपकिन के इस्तेमाल पर बल दिया। जिला अस्पताल की चीफ मैट्रन पुष्पा निगम ने महिलाओं को सैनेटरी पैड के इस्तेमाल व उसके डिस्पोजल के तरीके बताए। शिविर में लायन्स क्लब के जयवीर सिंह राठी, पारस अग्रवाल व अमित अग्रवाल द्वारा क्लब की ओर से सैनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराये गए। सचिव/ अपर जिला जज श्रीमती नीलू मैनवाल, जेल अधीक्षक डा0 अदिति श्रीवास्तव, डा0 मनोज सैन, डिप्टी जेलर अरविन्द सिंह, जेल अस्पताल के डा0 महेन्द्र सिंह, डा० राहुल कुमार, लीगल असिस्टेंट महिमा भटनागर व कमाल अजीम ने महिलाओं को सैनेटरी नैपकिन वितरित किये।
कांवड़ मेला 2023: कांवड़ियों के लिए इस बार क्यूआर कोड की सुविधा, मिलेंगे कई लाभ
कांवड़ मेला 2023 शिवभक्तों के लिए क्यू आर कोड की सुविधा इसके जरिए रुट डायवर्जन, पार्किंग की स्थिति, खोया पाया और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकेगी।
हरिद्वार। पुलिस ने कांवड़ मेले में आने वाले शिवभक्तों के लिए क्यू आर कोड की सुविधा उपलब्ध कराई है। इसके जरिए कांवडियों को रुट डायवर्जन, पार्किंग की स्थिति, खोया पाया और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकेगी। इसका प्रचार प्रसार पुलिस ने शुरु कर दिया है। कांवड़ मेला चार जुलाई से शुरु होने जा रहा है। हरिद्वार पुलिस ने क्यू आर कोड की जानकारी दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और अन्य प्रदेशों से आने वाले जनपदों को भेज दी है, ताकि शिव भक्त इसका प्रयोग कर सकें।
क्यूआर कोड में क्या—क्या मिलेगी सुविधा?
1-रियल टाइम पार्किंग- पार्किंग तक आसान पहुंच के लिए रूट की समस्त जानकारी आपको आसानी से घर बैठे मिल पाएगी और जिस समय क्लिक किया जाएगा उस समय real-time पार्किंग की स्थिति नजर आएगी।
2- डायवर्जन- भीड़ का दबाव बढ़ने पर यदि रूट प्लान को चेंज कर डायवर्जन लागू किया जाता है तो उसकी जानकारी आपको QR Code स्कैन कर मिल जाएगी।
3- खोया-पाया- खोया पाया में गुमशुदा बच्चों की जानकारी एवं उनके परिजनों की जानकारी भी दी जाएगी जिसे स्कैन कर अपने किसी परिचित के खोने पर उसे आसानी से तलाश किया जा सकेगा।
4- सोशल मीडिया प्लेटफार्म- इस प्लेटफार्म के माध्यम से आप आसानी से कांवड़ मेले के दौरान सरकार, पुलिस द्वारा जारी गाइडलाइंस एवं अन्य निर्देशों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
5- फोटो वीडियो गैलरी- यहां आप कांवड़ मेले के दौरान ली गई भोले के भक्तों की आकर्षक तस्वीरें और वीडियो देख पाएंगे।
6- जिला दूरभाष संपर्क सूची- यहां पर आपको जनपद के सभी महत्वपूर्ण अधिकारीगण के मोबाइल नंबर एवं अन्य जानकारी बेहद आसानी से उपलब्ध हो जाएगी।
केंद्र से मांगी गई पैरामिलिट्री फोर्स
केंद्र सरकार से अर्ध सैनिक बलों की 12 कंपनी मांगी गई हैं, हालांकि उत्तराखंड के तमाम जिलों की पुलिस को भी कांवड़ मेला क्षेत्रों में तैनाती दी जाएगी। कांवड़ मेला क्षेत्र में बम निरोधक दस्ता और खोजी कुत्तों को भी तैनात किया जाएगा। इस बार जिला प्रशासन डाक कांवड़ की पहले से ही मॉनिटरिंग करेगा ताकि हरिद्वार में जाम की स्थिति ना हो। हरिद्वार जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल के अनुसार अन्य राज्यों से साथ कोओर्डिनेट कर उनसे रिक्वेस्ट की जाएगी कि वो डाक कांवड़ को लेकर पहले ही सूचना मुहैया कराते रहें।
गाड़ी में लदे डीजे बॉक्स गिरने से उसके नीचे दबे बच्चे
नानी के यहां आए बच्चे की हादसे में मौत
बढ़ापुर (बिजनौर)। गाड़ी में लदे डीजे के बॉक्स (कॉलम) गिरने से उसमें दबकर एक आठ वर्षीय बालक की मौत हो गई जबकि अन्य बच्चे घायल हो गए। घटना से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। मृतक बच्चा अफजलगढ़ थाना क्षेत्र का रहने वाला है जो कि अपनी नानी के यहां आया हुआ था।
बताया जा रहा है कि नगर के मोहल्ला नौमी निवासी संजय कुमार पुत्र ऋषिपाल की बहन लक्ष्मी की शादी अफजलगढ़ थाना क्षेत्र के गांव उधोवाला में हुई थी। भाई के यहां पर पुत्री के जन्म के कारण बहन अपने बच्चों सहित अपने मायके आई हुई थीं, जिसमें उसका पुत्र गुरजीत (8 वर्ष) पुत्र सोनू मामा के यहां रह कर गर्मी की छुट्टियों का आनन्द ले रहा था। गुरुवार को पड़ोस का ही अनिल नामक व्यक्ति एक छोटा हाथी में डीजे भरकर थाना क्षेत्र के गांव छाँयली में एक बारात में चढ़त के लिये जा रहा था। इस कारण अनिल ने चेक करने के लिए मोहल्ले में ही डीजे बजाना शुरू कर दिया। वहीं बच्चे डीजे की गाड़ी के पीछे पीछे डांस करते हुए चलने लगे। जब डीजे लदी गाड़ी मोहल्ला नौमी में नवनीत की चक्की के पास पहुचीं तो वहाँ पर ढलान के चलते गाड़ी नहीं चढ़ पाई, उल्टे गाड़ी में लदे डीजे के डिब्बे (कॉलम) जिस रस्सी से बंधी थी वह टूट गई। इस कारण डीजे के डिब्बे (कॉलम) गाड़ी के पीछे डांस करते चल रहे गुरजीत, जय (6 वर्ष), नैतिक (7 वर्ष) और एक अन्य पर गिर पड़े। डीजे का शोर भी बच्चों की चीख पर दबकर रह गया। एकाएक हुए हादसे से मोहल्ले में कोहराम मच गया। चारों बच्चों की चीख पुकार सुनकर मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा डिब्बों को हटाकर बच्चों को निकाला गया। गुरजीत को छोड़कर अन्य बच्चों के चोट ज्यादा नहीं आई। गुरजीत के सिर व सीने में चोट के कारण उसको चिकित्सक के पास ले जाया गया परंतु खून अत्यधिक बहने के कारण बच्चे को बचाया नहीं जा सका। चिकित्सक द्वारा गुरजीत को मृत घोषित करते ही परिजनों में कोहराम मच गया। घटना की सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष सुदेशपाल सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँच गये। समाचार लिखे जाने तक मृतक किशोर के पिता का आने का इंतजार किया जा रहा था। उनके आने के बाद ही कानूनी कार्यवाही की बात की जा रही है। थानाध्यक्ष सुदेशपाल सिंह ने बताया कि अभी तक घटना की कोई तहरीर नहीं मिल पाई है। यदि मृतक के परिजनों की ओर से तहरीर दी जाती है तो विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय 6, लाजपत राय भवन कैसरबाग, लखनऊ पर मोहनलालगंज विधानसभा की बैठक आयोजित की गयी। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष जयसिंह ‘जयन्त’ ने एवं संचालन निवर्तमान जिला महासचिव शब्बीर अहमद खान ने किया।
बैठक को सम्बोधित करते हुए पूर्व सांसद सुशीला सरोज ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशनुसार विधानसभा मोहनलालगंज में सेक्टर प्रभारियों एवं जोन प्रभारियों का तत्काल गठन कर लोकसभा चुनाव 2024 के लिए अभी से तैयार रहना होगा, जिससे हम मजबूती से लोकसभा चुनाव लड़ सकें। सेक्टर प्रभारियों एवं जोन प्रभारियों की कमेटियां जल्द से जल्द गठित कर जिला संगठन को सूचित करें। प्रत्येक पोलिंग स्टेशन पर पहुंचकर उसका भौतिक सत्यापन, पुनर्गठन तथा नई बिल्डिंगों की पहचान करने के साथ ही जो पोलिंग स्टेशन 3-4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं उन्हें भी चिन्हित किये जाने के निर्देश दिये गये। विधानसभा क्षेत्र मोहनलालगंज में अधिक से अधिक युवा मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने एवं गलत नामों को कटवाने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जाना नितान्त आवश्यक है।
बैठक में मुख्य रूप से पूर्व सांसद सुशीला सरोज, पूर्व विधायक अम्ब्रीश सिंह पुष्कर, पूर्व मंत्री आर0के0 चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष आशिक अली, महताब सिंह यादव, नागेन्द्र सिंह, बृजेश यादव, अनिल पासी, नवनीत सिंह, कुलदीप सिंह यादव, रमेश सिंह ‘रवि’, मायाराम वर्मा, उमाशंकर वर्मा, अरविन्द कुमार गौतम ‘सुनील’, रामसमुझ रावत, विजय यादव, रमेश राही, ज्ञानेन्द्र बहादुर सिंह, राजू रावत, नितुल शर्मा, इन्द्राणी रावत, शमसेर सिंह, अर्चना रावत, समरपाल यादव, चन्द्रशेखर गौतम, आनन्द यादव, मो0 शकील, मो0 इमरान खान, गजराज यादव, शीवांसु यादव, मोहन लाल एवं जाकिर अली के साथ अन्य पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ का काला फीता आन्दोलन जारी
लखनऊ। चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर गुरुवार को तीसरे दिन भी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बलरामपुर चिकित्सालय लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में काला फीता आन्दोलन किया गया। प्रान्तीय चिकित्सा संघ, राजकीय नर्सेज संघ, राजपत्रित डिप्लोमा फार्मेसी एसोसिएशन, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन, चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश, सहायक प्रयोगशाला संघ, एक्स-रे टेक्नीशियन एशोसिएशन, डार्क रूम असिस्टेंट एशोसिएशन उत्तर प्रदेश, टी० वी० कन्ट्रोल इम्प्लॉइज एशोसिएशन, ईसीजी टेक्नीशियन, इलेक्ट्रिशियन एसोसिएशन, मिनिस्ट्रीयल एशोसिएशन स्वास्थ्य भवन, इत्यादि के समस्त अधिकारियों,कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों ने भाग लिया।
महानिदेशालय का अड़ियल रवैया बड़े आन्दोलन के लिए कर रहा बाध्य
चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रधान महासचिव अशोक कुमार ने बताया कि आज के आंदोलन में कर्मचारियों ने चिकित्सालय के ओपीडी ब्लाक में मौजूद मरीजों को अपनी समस्याओं से अवगत कराया और सहयोग मांगा। लखनऊ जिले के श्यामा प्रसाद मुखर्जी चिकित्सालय, राज नारायण लोकबन्धु चिकित्सालय, ठाकुरगंज टी बी चिकित्सालय, महानगर सिविल चिकित्सालय, वीरांगना बाई महिला चिकित्सालय, झलकारी बाई चिकित्सालय एवं रानी लक्ष्मीबाई चिकित्सालय सहित अधीन मुख्य चिकित्सा आधिकारी के समस्त चिकित्सालयों में सभी संवर्गों के अधिकारियों/कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में काला फीता बाँध कर कार्यक्रम में भाग लिया। महासचिव ने कहा कि जल्द ही महासंघ की बैठक कर नई रणनीति पर चर्चा होगी क्योंकि महा निदेशालय का अड़ियल रवैया बड़े आन्दोलन के लिए बाध्य कर रहा है।
यूपी में दो वर्ष के लिए कानूनी सहायता रक्षा परामर्श प्रणाली (एलएडीसीएस) लागू
LADCS: अब आमजन को मिलेगी फ्री कानूनी सहायता
लखनऊ (एजेंसी)। प्रदेश की जनता को फ्री कानूनी सहायता देने और छोटे-छोटे विवादों को समझौते के आधार पर निपटाने के लिए योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत दो वर्ष के लिए कानूनी सहायता रक्षा परामर्श प्रणाली (एलएडीसीएस) लागू कर दी है। योगी सरकार ने प्रदेश की जनता को इसका अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है ताकि आपराधिक मामलों में सार्वजनिक रक्षक प्रणाली की तर्ज पर आम जन को कानूनी सहायता प्रदान की जा सके। एलएडीसीएस प्रणाली में चीफ, डिप्टी एवं असिस्टेंट काउंसिल की सेवाओं के माध्यम से आम जन को कानूनी सहायता प्रदान की जाएगी।
समाज के कमजोर वर्ग को प्रभावी कानूनी सेवाएं देना उद्देश्य
योगी सरकार का एलएडीसीएस लागू करने का उद्देश्य समाज के कमजोर और निर्बल वर्गों को प्रभावी और कुशल कानूनी सेवाएं प्रदान करने के लिए न्यायालय आधारित कानूनी सेवाओं को मजबूत करना है। साथ ही पात्र व्यक्तियों को आपराधिक मामलों में गुणात्मक और सक्षम कानूनी सेवाएं प्रदान करेगा। इसका लाभ अनुसूचित जाति और जनजाति के सदस्य उठा सकते हैं। किसी व्यक्ति द्वारा किए जा रहे अवैध व्यापार से पीड़ित इसका सीधा लाभ ले सकेगा।
कौन उठा सकेगा एलएडीसीएस का लाभ? – प्रदेश की पीड़ित की महिलाएं, बेटियां और बच्चे। – दृष्टिहीनता, कुष्ठ रोग, बहरेपन, दिमागी कमजोरी आदि निर्योग्यता से ग्रस्त व्यक्ति एवं खानाबदोश व्यक्ति। – सामूहिक आपदा, जातीय हिंसा, वर्गीय अत्याचार, बाढ़, अकाल, भूकम्प अथवा औद्योगिक आपदा से पीड़ित व्यक्ति। – औद्योगिक कामगार। – किशोर अपचारी अर्थात 18 वर्ष तक की आयु के बालक। – अभिरक्षा में निरुद्ध व्यक्ति। – सुरक्षा गृह, मानसिक अस्पताल अथवा नर्सिंग होम में भर्ती मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति। – ऐसा व्यक्ति जिसकी वार्षिक आय ₹3,00,000/- से कम हो।
ले सकेंगे ये लाभ~ – एलएडीसीएस मुख्यतः जिले अथवा मुख्यालय में आपराधिक मामलों में विशेष रूप से कानूनी सहायता प्रदान करने का कार्य करता है। सभी सत्र न्यायालयों, विशेष न्यायालयों, मजिस्ट्रेट न्यायालयों तथा कार्यकारी न्यायालयों में सभी विविध कार्यों सहित प्रतिनिधित्व, परीक्षण और अपील कर सकेंगे। – जिला न्यायालय/कार्यालय में उपस्थित होने वाले व्यक्तियों को उनकी प्रतिरक्षा के लिए कानूनी सलाह और सहायता प्रदान करना। – नालसा स्कीम के तहत गिरफ्तारी से पूर्व अवस्था में कानूनी सहायता प्रदान करना। – फौजदारी मामलों में गिरफ्तारी पश्चात् रिमांड स्तर पर, जमानत, विचारण तथा अपील दाखिल करने के लिए।
खनन माफियाओं के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश, बढ़ापुर पुलिस ने मौके पर बुलाया थाना नगीना देहात से अतिरिक्त पुलिस बल
खो नदी के गहरे कुंड में डूबने से 8 वर्षीय बालक की मौत
बिजनौर। बढ़ापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली खो नदी में गहरे कुंड में डूबने से एक 8 वर्षीय बालक की मौत हो गई। घटना से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि खो नदी में अवैध रूप से जेसीबी व पॉर्कलेन से किये गए खनन के कारण नदी में जगह जगह गहरे कुंड बन गए हैं, जो कि जानलेवा है। बीते वर्ष भी हमजा नामक एक किशोर की पानी मे डूब कर दर्दनाक मौत हो गई थी। खनन माफियाओं के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश को देखते हुए थाना बढ़ापुर पुलिस द्वारा थाना नगीना देहात से अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। समाचार लिखे जाने तक परिजन एवं ग्रामीण किशोर के शव को मौके पर रखकर ही खनन माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही की मांग कर रहे थे।
बताया जा रहा है कि थाना क्षेत्र के गांव शाहअलीपुर कोटरा उर्फ गांवड़ी निवासी मोहम्मद शहजाद का 8 वर्षीय पुत्र इम्तियाज बुधवार को दोपहर करीब 2 बजे अपने दादा फिरोज व शहजोर को खाना देने के लिये गया था। वह लोग अपनी कृषि भूमि पर खड़ी फसल को पानी लगा रहे थे। किशोर के दादा जब खाना खाने लगे इतने में ही इम्तियाज अपने साथी अहद के साथ पास में खो नदी पहुंच गया। जहां पर पानी के गहरे कुंड में डूब कर उसकी मौत हो गई। अहद द्वारा घटना की सूचना किशोर के दादा फिरोज को मिली। पास में मछली पकड़ रहे युवकों ने भी शोर मचाया। आनन फ़ानन में किशोर को गहरे कुंड से बाहर निकाला गया परन्तु तब तक इम्तियाज की मौत हो चुकी थी। मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया। इम्तियाज की माता व अन्य परिजनों के साथ सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुँच गये औऱ खो नदी में खनन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही की मांग करने लगे। आक्रोशित ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए थानाध्यक्ष बढ़ापुर सुदेशपाल सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे औऱ आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करने लगे। साथ ही थानाध्यक्ष द्वारा थाना नगीना देहात से अतिरिक्त पुलिस बल भी मौके पर बुला लिया गया। दोनों थानों की टीमों के मौके पर पहुंचने के साथ ही पूर्व ग्राम प्रधान मोहम्मद राशिद द्वारा पुलिस को आश्वासन दिया गया कि यह उनके परिवार का बच्चा है वह हर सम्भव प्रयास करेंगे तथा मामले पटाक्षेप कराएंगे। इस बाबत थानाध्यक्ष सुदेशपाल सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों से बात की गई। उनको तहरीर देने को कहा गया है, अभी तक तहरीर नहीं मिल पाई है।
समाज कल्याण अधिकारी जागेश्वर सिंह ने किया योग केंद्र का उद्घाटन
प्रदेश उपाध्यक्ष डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने कराया योग आसन और प्राणायाम
बिजनौर। योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान शिव मंदिर देवलोक कॉलोनी पर इंटरनेशनल नेचरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन इकाई जनपद बिजनौर प्रदेश उपाध्यक्ष डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने योग कराया। योग केंद्र का उद्घाटन जिला समाज कल्याण अधिकारी जागेश्वर सिंह ने किया। डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने समाज कल्याण अधिकारी एवं काफी संख्या में आई भीड़ को योगासन और प्राणायाम कराए। जिला अध्यक्ष ओपी शर्मा द्वारा सारी व्यवस्था की गई। मंदिर के प्रबंधक देवेंद्र चौहान द्वारा आश्वासन दिया गया कि योग केंद्र के लिए पूर्ण सहयोग करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने ग्रीवा संचालन स्कंद खिंचाव स्कंद चालन अर्ध कटिचक्रासन पादहस्तासन वृक्षासन पश्चिमोत्तानासन धनुरासन शलभासन गोमुखासन अर्धमत्स्येंद्रासन उष्ट्रासन उत्तानपादासन अर्ध हलासन पूर्ण हलासन सवासन हास्य आसन प्राणायाम में अनुलोम विलोम भस्त्रिका शीतली प्राणायाम शीतकारी प्राणायाम उज्जाई प्रणायाम भ्रमरी प्राणायाम विपस्सना चक्रों का जागरण ध्यान कराया।
इस अवसर पर डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने कहा कि हम योगासन और प्राणायाम से अपने को, अपने परिवार को, अपने समाज को, अपने राष्ट्र को बिना किसी दवाई के स्वस्थ रख सकते हैं। स्वस्थ रहने के लिए हमें अपनी भारतीय संस्कृति पर आना होगा। आज दुनिया में लोग भारतीय संस्कृति योगासन और प्राणायाम के महत्व को जानने लगे हैं और इस ओर अग्रसर होने लगे हैं। मुख्य अतिथि समाज कल्याण अधिकारी ने संगठन को बधाई दी और आशा व्यक्त की, कि इसी प्रकार संगठन नि:स्वार्थ भाव से समाज की सेवा करता रहेगा। संगठन की ओर से समाज कल्याण अधिकारी का फूल मालाओं से स्वागत किया गया। श्रीमती राजपाल सिंह, रामेंद्र सिंह, अनीता, निशू, वंश, नरेंद्र, आनंद स्वरूप, शौर्य, प्रणव भारद्वाज, रमेश माहेश्वरी, विजय पाल सिंह चौहान, अनीता, रामनाथ सिंह उपस्थित रहे।
हजारों लोगों ने योग दिवस का उठाया लाभ
अंतर्राष्ट्रीय महा योग दिवस जनपद बिजनौर में इंटरनेशनल नैचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन इकाई जनपद बिजनौर द्वारा 23 जगह पर योगाभ्यास कराया गया।
इंटरनेशनल नेचरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन इकाई जनपद बिजनौर द्वारा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों जिला कारागार में डॉक्टर नरेंद्र सिंह, ओपी शर्मा, पुलिस लाइन बिजनौर सोमदत्त शर्मा, डॉक्टर सुनील राजपूत, नेहरू स्टेडियम अश्वनी निगम, सुरेंद्र पाल सिंह, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज चांदपुर कुंवरसेन गौतम, ताजपुर से प्रकाश, स्योहारा से अंजू अरोरा, आजमगढ़ से यशपाल आर्य, जयपुर से मनोज मेहरा, इस्लामपुर दास से राकेश, विदुर कुटी गंज से सुखराम, डॉ लीना तोमर, रामनाथ, गंज से गोपी राणा, इंद्रलोक कॉलोनी बिजनौर ओपी शर्मा, महावीर स्कूल बिजनौर बीआर पाल, आर्य समाज कैलाश शर्मा, नांगल निजामुद्दीन सैफी, चांदपुर रूपराम, गामड़ी देवेंद्र चौहान, मंदिर प्रबंधक एवं संरक्षक शिव मंदिर देवलोक कॉलोनी राम सिंह पाल ने जनपद के विभिन्न स्थानों पर लगभग 12996 साधकों को योग कराया। जिला कारागार में डॉक्टर नरेंद्र सिंह ओपी शर्मा, रामनाथ सिंह पत्रकार एवं सोमदत्त शर्मा ने योग कराया, जिसमें समस्त स्टाफ कैदियों सहित लगभग 900 लोगों ने योग किया। जिला कारागार में मुख्य अतिथि अदिति श्रीवास्तव अधीक्षक, शैलेंद्र प्रताप कारापाल, अरविंद कुमार उप कारापाल, श्रीमती लक्ष्मी देवी उप कारापाल, राजेश कुमार कुशवाहा वरिष्ठ सहायक, डॉक्टर केके राहुल, परामर्शदाता सुधीर कुमार फार्मेसिस्ट, मुख्य अतिथि एसीजेएम शिवानंद गुप्ता, वरिष्ठ जज मनुमेनवाल ने योग आसन प्राणायाम किया। इंटरनेशनल नेचरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन जनपद बिजनौर के द्वारा सभी अधिकारियों का फूल मालाओं, शॉल भेंट कर एवं पट्टा डाल कर सम्मानित किया गया।
बरेली (एजेंसी)। राजेंद्र नगर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र की एक महिला ने हार्लेक्विन इक्थियोसिस नामक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बच्ची को जन्म दिया। हालांकि बीते गुरुवार को पैदा हुई बच्ची गर्भ में ही दम तोड़ चुकी थी। बीमारी का कारण जानने के लिए चिकित्सकों ने स्किन बायोप्सी और केरिया टाइमिन जांच के लिए सैंपल लेकर सुरक्षित रख लिया है।
बताया गया है कि बच्ची सात माह ही गर्भ में रही। बच्चे के शरीर में तेल बनाने वाली ग्रंथियां न होने से स्किन फटती है। बच्ची का शरीर पूरी तरह सफेद, त्वचा जगह-जगह से फटी हुई और आंख की पलकें पलटी थीं। होंठ का विकास पूरी तरह नहीं हुआ था। मुंह में ऊपर के कई दांत भी निकले हुए थे। डॉक्टर के मुताबिक, ऐसे बच्चों को हार्लेक्विन इक्थियोसिस बेबी कहा जाता है। बरेली में वर्षों पहले इस तरह के बच्चे का जन्म हो चुका है।
30 लाख जन्में बच्चों में से एक दुर्लभ केस~ एक रिसर्च के अनुसार करीब 30 लाख जन्में बच्चों में से एक हार्लेक्विन इक्थियोसिस से पीड़ित होता है। अभी तक पूरी दुनिया में करीब ढाई सौ मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे बच्चों की दो से चार दिन या फिर कुछ घंटों में ही बाद मृत्यु हो जाती है। कोई कारगर इलाज न होने के कारण ऐसे बच्चों के जीने की संभावना न के बराबर होती है। इनके शरीर में प्रोटीन और म्यूकस मेंबरेन के न होने से इनकी त्वचा सख्त, मोटी और सफेद हो जाती है।
दतिया के गद्दार राजा की वजह से फांसी पर चढ़े मोरोपंत तांबेया लक्ष्मीबाई के पिता मोरोपंत तांबे के शौर्य को भी न भूलें हम।
प्रथम स्वाधीनता संग्राम में अंग्रेजों को नाकों चने चबाने वाली झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के साहस शौर्य और बलिदान को हमेशा ही याद किया जाता है। दक्षिण ब्राह्मण विष्णु भट्ट गोडसे वरसाईकर ने मराठी में लिखी अपनी पुस्तक ‘माझा प्रवास’ में ग़दर का आंखों देखा इतिहास लिखा है। इस पुस्तक का हिंदी में अनुवाद चर्चित लेखक अमृतलाल नागर ने ‘आंखों देखा गदर’ शीर्षक पुस्तक में किया है। यह किताब झांसी राज्य और रानी लक्ष्मी बाई के संघर्ष को विस्तार से जानने वालों के लिए बहुत उपयोगी है।
आज 165वें बलिदान दिवस पर झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के कुछ अनछुए पहलुओं को जाना-समझा जाना जरूरी है। मात्र 4 वर्ष की अवस्था में मां की छाया से महरूम होने वाली सबकी प्यारी-दुलारी ‘छबीली’ के लक्ष्मीबाई बनने की कथा सब जानते ही हैं। लाड़-दुलार से बेटी को पाल-पोस कर बड़ा करने वाले पिता मोरोपंत तांबे ब्रह्मावर्त के श्रीमंत की होमशाला के ऋत्विज के शिष्य स्वरूप थे। लक्ष्मी बाई नाना साहब पेशवा के साथ ही बचपन में खेला करती थीं। पुरुष खेल खेलने से ही उनमें पुरुषोचित गुण भी पनप गए। झांसी के राजा गंगाधर राव की पत्नी के निधन के बाद मोरोपंत तांबे के पास विवाह का प्रस्ताव आया। विवाह पश्चात वह भी झांसी राज्य में ही आकर रहने लगी। रहने के लिए उन्हें हवेली दी गई। अंग्रेज सरकार से अनबन के बाद हुए युद्ध के 11वें दिन पराजय के बाद रानी लक्ष्मीबाई के अपने विश्वासपात्र सरदारों, सैनिकों और दासी मंदरा के साथ कालपी (उरई जालौन) की तरफ कूच करते समय गोरों से युद्ध हुआ। उनकी सेना तितर-बितर हुई। पिता मोरोपंत तांबे भी अलग-थलग पड़े। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की शौर्य गाथा तो खूब गाई जाती है लेकिन पिता मोरोपंत तांबे के शौर्य की चर्चा इतिहास में बहुत कम ही हुई है। मोरोपंत ने भी रानी लक्ष्मी बाई के साथ झांसी छोड़ते वक्त अंग्रेज सरकार के सैनिकों से भयंकर युद्ध किया था। तलवार से एक पैर कट जाने के बावजूद वह 20 किलोमीटर तक घोड़े पर सवारी करते हुए दतिया तक पहुंचे। दतिया के गद्दार राजा ने उन्हें अंग्रेज सरकार के हवाले कर दिया। अंग्रेज सरकार ने उन्हें सरकारी हवेली के सामने ही फांसी पर लटका दिया था। युद्ध का आंखों देखा हाल लिखने वाले विष्णु भट्ट गोडसे लिखते हैं -‘ उस रात लक्ष्मीबाई के पिता मोरोपंत तांबे का पैर किसी शत्रु पक्ष की तलवार के वार से कट गया। फिर भी वो वैसे ही घोड़े की रकात पर मार देकर घोड़ा दौड़ाते हुए दतिया तक पहुंच गए। सारा शरीर खून से लथपथ था। कपड़े लाल हो गए थे। उस रात ब्राह्मण का शरीर जवाब दे रहा था। मोरोपंत तांबे शहर के फाटक के पास गए। वहां एक तंबोली अपनी दुकान लगाए बैठा था। उसे देखकर वह किसी तरह घोड़े पर से उतरे और उस तंबोली को कुछ मोहरें देकर शरण मांगी। तंबोली ने मोरोपंत को अपने घर में लाकर रखा और उसके बाद राजा से जाकर सारी बात बता दी। दतिया राजा के लोग आकर मोरोपंत को पकड़ ले गए। बाद में दतिया वाले राजा ने उन्हें अंग्रेज सरकार के हवाले कर दिया। अंग्रेज सरकार उन्हें डोली पर लादकर झांसी लाई और सरकारी हवेली के सामने उन्हें फांसी दे दी गई।
युद्ध के बीच लक्ष्मीबाई का वह स्वप्न: शकुन या अपशकुन?
विष्णुभट्ट लिखते हैं-‘ अंग्रेजी सेना से युद्ध में खुद ही मोर्चा संभालने वाली रानी लक्ष्मीबाई थक कर चूर हो रहीं थीं। आठवें दिन लालू भाई देकरें और भैया उपासने ने सलाह दी कि राव साहब की ओर से जल्दी सहायता आ जाए, इसलिए गणपति के मंदिर में अनुष्ठान बैठाया जाए। लक्ष्मीबाई ने मंजूरी दे दी। दीवान खाने में थोड़ी देर के लिए लेटने गई लक्ष्मी बाई ने तभी एक सपना देखा-‘एक गौर वर्ण की मध्यम वय की रूपवती स्त्री खड़ी है। उसकी नासिका सीधी, कपाल प्रशस्त, नेत्र काले और विशाल शरीर पर मोती के अलंकार, लाल रंग की साड़ी और रेशमी चोली पहने हुए आंचल से कमर को कस कर किले के बुर्ज पर खड़ी है और बड़ी कठोर मुद्रा के साथ तोप के लाल-लाल गोले फैला रही है। गोले फैलाते-फैलाते उसके हाथों में काले-काले ठिक्कर पड़ गए हैं। बाई साहब को दिखाकर उसने कहा मैं अभी यह गोले फैला रही हूं।’ सपना देखते ही बाई साहब अचकचाकर उठ बैठीं और सबको यह सपना सुनाया। सभी को आश्चर्य हुआ।
गोरों ने घास के गट्ठरों पर चढ़कर जीता झांसी का किला
विष्णु भट्ट लिखते हैं -युद्ध के 11वें दिन एक भेदिए ने रानी लक्ष्मीबाई को आकर खबर दी कि दो-ढाई लाख रुपयों का गोला बारूद खर्च करके भी अंग्रेज सरकार को विजय मिलती दिखाई नहीं दे रही। उनका गोला बारूद भी अब चुक गया है। कल पहर भर लड़ाई लड़ने के बाद उनका लश्कर उठ जाएगा। यह खबर सुनकर लक्ष्मीबाई उस रात दो बजे के लगभग निश्चिंत होकर गहरी नींद में सो गई। पौ फटने के समय शहर के दक्षिण बाजू की तोप बंद हो गई। यह खबर मिलने पर रानी हड़बड़ा कर उठीं। तब तक देर हो चुकी थी। अंग्रेजों ने शहर पर कब्जा कर लिया था। विष्णु भट्ट लिखते हैं कि छठी मंजिल पर जाकर मैं खुद नजारा देखने लगा। देखा कि हजारों मजदूर सिर पर घास के गट्ठर लेकर आगे-आगे थे और पीछे-पीछे गोरे सिपाही किले की दीवार पर चढ़े चले आ रहे थे। मजदूरों ने घास के गट्ठर एक पर एक फेंककर सीढ़ी सी बना दी और गोरे सिपाही किले पर चढ़ आए। उसी के कारण पराजय का रास्ता साफ हो गया।
अश्व परीक्षा में अद्वितीय थी लक्ष्मी बाई
विष्णु भट्ट के मुताबिक, हिंदुस्तान (मराठा क्षेत्र के लोग गदर के समय उत्तर भारत को इसी नाम से पुकारते थे) में अश्व परीक्षा में तीन ही आदमियों का नाम लिया जाता था। नाना साहब पेशवा दूसरे बाबा साहब आपके ग्वालियर वाले और लक्ष्मी बाई झांसी वाली। उन्होंने लिखा है-‘ एक दिन एक सौदागर दो घोड़े लेकर आया। घोड़े देखने में बड़े सुंदर, गठे हुए और चतुर थे। लक्ष्मीबाई ने दोनों पर सवारी की और चक्कर लगाकर एक की कीमत 1000 ठहराई और दूसरे की 50। उन्होंने कहा कि दूसरा घोड़ा देखने में तो बहुत उम्दा और चतुर लगता है लेकिन उसकी छाती फूटी हुई है। इसलिए वह निकम्मा है। उसी समय सौदागर ने लक्ष्मीबाई की कुशलता की तारीफ करके यह कबूल किया कि इस घोड़े को मैंने उत्तम मसाले देकर दिखाऊ बनाया है। इसकी परीक्षा के लिए मैं जगह-जगह घूमा लेकिन उनकी कीमत न हो सकी। लक्ष्मी बाई ने वह दो घोड़े ठहराई हुई कीमत पर खरीद लिए और सौदागर को बख़्शीश देकर विदा किया। ‘माझा प्रवास’ में ही लिखा गया है कि युद्ध में पराजय के बाद लक्ष्मीबाई जिस घोड़े पर सवार होकर कालपी के लिए निकली थीं वह एकदम सफेद था और ढाई हजार रुपए में खरीदा गया था। राजरत्न के समान ही उसका राज्य में आदर था। उस घोड़े पर बैठकर पीछे रेशमी दुपट्टे में अपने 12 वर्ष के दत्तक पुत्र को बांधकर वह किले से कूच की थीं।
वृद्ध सरदार के कहने पर लक्ष्मीबाई ने आत्महत्या का विचार त्यागा
अंग्रेजी सेना ने शहर में मारकाट मचा रही थी। झांसी के हलवाईपूरा में आग लगा दी गई। चीख-पुकार रोना पीटना सुनकर लक्ष्मीबाई का हृदय द्रवित हो गया। उन्होंने सोचा कि मैं महापातिकी हूं। दीवान खाने में सब लोगों को बुलाकर उन्होंने कहा कि मैं महल में गोला बारूद भरकर इसी में आग लगाकर मर जाऊंगी। आप लोग रात होते ही किले को छोड़कर चले जाएं और अपने प्राण की रक्षा के उपाय करें। एक वृद्ध सरदार उन्हें दीवान खाने में ले गया और समझाया कि आप शांत हो जाए ईश्वर ही शहर पर यह दु:ख लाए हैं, मनुष्य उसका कोई इलाज नहीं कर सकता, आत्महत्या करना बड़ा पाप है। दु:ख में धैर्य धारण करके गंभीरतापूर्वक सोचना चाहिए। इसके बाद उन्होंने आत्महत्या का विचार त्याग दिया और रात में ही कालपी की ओर कूच करने का निर्णय लिया था।
बलिदान दिवस पर रानी लक्ष्मीबाई को कोटि-कोटि नमन!-गौरव अवस्थी रायबरेली (उ.प्र.) 91-9415-034-340
यूजर्स की जासूसी करने के आरोप में Google ने प्ले स्टोर से हटाए ये ऐप्स, अपने फोन से भी जल्द करें डिलीट
यूजर्स की जासूसी के आरोप में गूगल ने प्ले स्टोर से करीब 101 एंड्रॉइड ऐप्स को हटा दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इन ऐप्स को कुल 42 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है.
यूजर्स की जासूसी के आरोप में गूगल ने प्ले स्टोर से करीबन 101 एंड्रॉइड ऐप्स को हटा दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इन ऐप्स को कुल 421,290,300 बार डाउनलोड किया जा चुका है. सिक्योरिटी रिसर्चर डॉ. वेब ने हाल ही में पाया कि कुछ Android ऐप्स में नया स्पाईवेयर पाया गया है. इनमें से कई ऐसे ऐप हैं जो काफी लोकप्रिय हैं और पहले ये Google Play Store पर भी मौजूद थे. लोगों के निजी डेटा को गलत हाथों में लगने से बचाने के लिए ही गूगल ने इन ऐप्स को प्ले स्टोर से हटा दिया है. अगर आपके स्मार्टफोन पर भी ये ऐप्स मौजूद हैं तो इन्हें जल्द डिलीट कर दें.
जो ऐप्स गूगल प्ले स्टोर से हटाई गई हैं, उनमें ‘SpinOK’ स्पाईवेयर मॉड्यूल मौजूद था, यानी कि उनकी मदद से यूजर्स टारगेट डिवाइस की जासूसी की जा सकती थी और उनकी हर ऐक्टिविटी को ट्रैक किया जा सकता था. ये ऐप्स वैसे तो आम फंक्शनैलिटीज के साथ आती हैं लेकिन बैकग्राउंड में स्पाइवेयर की मदद से जासूसी करती रहती हैं.
noizz इस ऐप ने Google Play Store पर 100,000,000 डाउनलोड के आंकड़े को पार कर लिया है. जैसा कि नाम से पता चलता है कि ऐप कई तरह के एडिटिंग टूल्स और फीचर्स के साथ आता है. ऐप अपने एआई एल्गोरिदम की मदद से बेस्ट फिल्टर, इफेक्ट्स और म्यूजिक की पेशकश करने का भी दावा करता है.
Zapya: File Transfer, Share: यह ऐप अलग-अलग प्लैटफॉर्म्स पर इजी फाइल ट्रांसफर की पेशकश करने का दावा करता है. 100,000,000 से अधिक डाउनलोड के साथ ऐप यूजर्स को किसी भी डिवाइस से फ़ाइलें ट्रांसफर करने की अनुमति देता है, जिसमें वेब ब्राउज़र है.
VFly: Video Editor & Video Maker: 50,000,000 से अधिक बार डाउनलोड के साथ, यह ऐप यूजर्स को अपने वीडियो एडिट करने और उनमें अलग-अलग स्पेशल इफेक्ट्स जोड़ने की अनुमति देता है.
MVBit: MV Video Status Maker: यह वीडियो एडिटिंग ऐप कई एडिटिंग टूल प्रोवाइड करता है और इसके प्ले स्टोर 50,000,000 से अधिक डाउनलोड हैं.
Biugo: Video Maker & Video Editor: यह ऐप यूजर्स को मज़ेदार और मल्टी-थीम वाले वीडियो बनाने की अनुमति देता है. यूजर्स मैजिक टेम्प्लेट और प्रभावों का उपयोग करके अपने वीडियो को एडिट भी कर सकते हैं. ऐप के प्ले स्टोर लगभग 50,000,000 डाउनलोड हैं.
Crazy Drop: क्रेज़ी ड्रॉप एक ऐसा गेम है जिसकी लत काफी आसानी से लग जाती है. इस बोर्ड गेम में बहुत सारे पेग्स और बाधाएं मौजूद हैं. इस ऐप के प्ले स्टोर पर कुल 10,000,000 डाउनलोड हैं.
Cashzine: Earn Money Reward: इस ऐप के प्ले स्टोर पर 10,000,000 डाउनलोड हैं. यह ऐप यूजर्स को ऐप पर आर्टिकल्स और नोवेल्स पढ़कर सोने का सिक्का पुरस्कार अर्जित करने की अनुमति देता है. PayPal और GCash जैसे पेमेंट मेथड के माध्यम से इन सोने के सिक्कों को जल्दी से कैश में बदला जा सकता है.
Fizzo Novel: Reading Offline: यह ऑफ़लाइन पढ़ने वाला ऐप नोवेल्स और कहानियों का विविध लाइब्रेरी प्रोवाइड करता है. प्ले स्टोर पर ऐप के 10,000,000 डाउनलोड हैं.
टक्कर मार कर डंपर ने 100 मीटर घसीटी बाइक, चालक की जिंदा जलकर मौत
महोबा (एजेंसी)। तेज रफ्तार डंपर; बाइक में टक्कर मारने के बाद 100 मीटर तक घसीटता ले गया। आग लगने से बाइक चालक की जिंदा जल कर मौत हो गई। दुर्घटना के बाद चालक डंपर छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंची फायरबिग्रेड ने आग पर काबू पाया। एसपी, अपर एसपी व सीओ ने घटनास्थल की जांचकर चालक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित की हैं।
कोतवाली क्षेत्र के गांव किड़ारी निवासी विजय रैकवार (19 वर्ष) शहर की कांशीराम कालोनी में रहकर मेहनत-मजदूरी का काम करता था। गुरुवार को वह अपने मामा मन्नू के घर गांव बिलवई गया था। शाम करीब पांच बजे वह बाइक से घर वापस लौट रहा था। तभी बिलवई मार्ग पर नगर पालिका के कूड़ाघर के पास तारकोल लदे डंपर ने बाइक में पीछे से टक्कर मार दी। बताया गया है कि दुर्घटना के बाद डंपर चालक ने रफ्तार और बढ़ा दी। बाइक व चालक डंपर के अगले हिस्से में फंसकर 100 मीटर तक घसिटते चले गए। इसी दौरान बाइक की टंकी फटने से आग लग गई। तब डंपर चालक ने वाहन बैक कर भागने का प्रयास किया, लेकिन राहगीरों की भीड़ एकत्र होती देख आरोपी डंपर को छोड़कर मौके से भाग निकला। आग से धूं-धूंकर जल रही बाइक व चालक को देखकर मामले की सूचना तत्काल फायर बिग्रेड व पुलिस प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही एसपी अपर्णा गुप्ता, अपर एसपी सत्यम, सीओ रामप्रवेश राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए, लेकिन तब तक बाइक चालक विजय की जलकर मौत हो गई।
पुलिस ने डंपर को कब्जे में लेकर शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। एसपी ने बताया कि आरोपी डंपर चालक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित की गई हैं। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्जकर कार्रवाई की जाएगी।
योग केंद्र देवलोक कॉलोनी शिव मंदिर पर योग और भंडारे का आयोजन
बिजनौर। इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन इकाई जनपद बिजनौर संरक्षक देवेंद्र चौहान, तारेश्वरी देवी, राजीव चौहान, हुकम सिंह चौहान, अभिषेक कौशिक के द्वारा योग केंद्र देवलोक कॉलोनी शिव मंदिर पर योग और भंडारे का आयोजन किया गया। लगभग 300 लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
मंदिर पर योग का कार्यक्रम प्रातः 6:00 से 7:00 प्रत्येक दिन कराया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कार्यक्रम के लिए जनपद बिजनौर के विभिन्न क्षेत्रों में योग कराने के लिए इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन जनपद बिजनौर के द्वारा विचार गोष्ठी का आयोजन चल रहा है, जिससे प्रत्येक गांव एवं जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में योग कराया जा सके।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कार्यक्रम की तैयारियां
नगीना, धामपुर, अफजलगढ़, विदुर कुटी, गंगा बैराज, चांदपुर, ताजपुर, किरतपुर, स्योहारा, जिला मुख्यालय बिजनौर, जिला कारागार के लिए डॉक्टर नरेंद्र सिंह को नियुक्त किया गया है। विभिन्न क्षेत्रों के लिए योग प्रशिक्षक नियुक्त कर दिए गए हैं। प्रदेश के उपाध्यक्ष डॉक्टर नरेंद्र सिंह इस कार्य में पूरी मेहनत से लगे हुए हैं।
कार्यक्रम की सफलता को जुटी टीम
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए साथ में जिला अध्यक्ष ओपी शर्मा, रामनाथ सिंह, सुखराम, जसवीर सिंह, राजपाल सिंह, कृष्ण कुमार, मंदिर के प्रबंधक देवेंद्र कुमार, डॉक्टर सुनील राजपूत, कुमारी लीना तोमर, सुरेंद्र पाल, ओपी राणा, विकास भवन से जागेश्वर सिंह समाज कल्याण अधिकारी, जिला कारागार से कारापाल शैलेंद्र प्रताप सिंह लगातार अपनी सेवाएं एवं सहयोग दे रहे हैं।
पार्सल एवं स्पीड पोस्ट वितरण, आधार नामांकन एवं अद्यतनीकरण, डाक जीवन बीमा, पार्सल राजस्व, स्पीड पोस्ट एवं कॉमन सर्विस सेंटर, इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक व ग्रामीण डाक जीवन बीमा व्यवसाय क्षेत्र में पुरस्कार
डाक सेवाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने किया सम्मानित
वाराणसी। डाक सेवाओं में गत वित्तीय वर्ष में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विभिन्न मण्डलों के अधीक्षकों को क्षेत्रीय डाक कार्यालय, वाराणसी में आयोजित एक कार्यक्रम में वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने सम्मानित किया। वाराणसी पूर्वी मंडल के प्रवर डाक अधीक्षक राजन राव को पार्सल एवं स्पीड पोस्ट वितरण, आधार नामांकन एवं अद्यतनीकरण, डाक जीवन बीमा एवं पार्सल राजस्व के लिए सम्मानित किया गया, वहीं वाराणसी पश्चिमी मंडल के डाक अधीक्षक हेमंत कुमार को स्पीड पोस्ट एवं कॉमन सर्विस सेंटर के व्यवसाय में उत्कृष्टता हेतु पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव द्वारा सम्मानित किया गया। इसके साथ ही जौनपुर मण्डल को इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक व ग्रामीण डाक जीवन बीमा व्यवसाय हेतु और बलिया मण्डल को सर्वाधिक बचत खाते खोलने हेतु सम्मानित किया गया।
मंडलों के साथ-साथ उपमंडल स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। इनमें सहायक अधीक्षक जमानिया परमानन्द कुमार को आईपीपीबी आधार इनेबल्ड पेमेंट भुगतान, सहायक अधीक्षक, जौनपुर विपिन यादव को डाक जीवन बीमा, डाक निरीक्षक सैदपुर शशिभूषण यादव को आईपीपीबी खाता, डाक निरीक्षक मछलीशहर नित्यानन्द तिवारी को ग्रामीण डाक जीवन बीमा, डाक निरीक्षक केंद्रीय बलिया रविन्द्र कुमार साह को डाकघर बचत खाता में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने सम्मानित किया। डेवलेपमेंट ऑफिसर (डाक जीवन बीमा) सर्वेश पाण्डेय एवं डायरेक्ट एजेंट निशान्त पाण्डेय को भी सम्मानित किया गया।
बचत बैंक सेवाओं से प्राप्त हुआ करीब 80 करोड़ का राजस्व
इस अवसर पर पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाकघर में एक ही छत के नीचे पत्र-पार्सल, धन अंतरण, बचत, बीमा, डिजिटल बैंकिंग, आधार, सीएससी जैसी तमाम सेवाएँ उपलब्ध हैं। वाराणसी परिक्षेत्र के डाकघरों में वित्तीय वर्ष 2022-23 में 5.18 लाख नए बचत खाते, 1.20 लाख इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक खाते, 50 हजार इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक प्रीमियम खाते, 45 हजार सुकन्या समृद्धि खाते खोले गए। 8.45 लाख लोगों ने डाकघरों तथा इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से आधार सेवाओं का लाभ उठाया। वाराणसी परिक्षेत्र में बचत बैंक सेवाओं से 61.55 करोड़, आईपीपीबी से 7.58 करोड़, स्पीड पोस्ट से 6.32 करोड़, पार्सल से 2.23 करोड़ रुपये और व्यवसाय विकास सेवाओं से 2.34 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। डाक जीवन बीमा में 34.04 करोड़ व ग्रामीण डाक जीवन बीमा में 13.82 करोड़ रुपये का कुल प्रीमियम जमा हुआ। वाराणसी परिक्षेत्र में अभी तक 835 गांंवों को ‘सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम’ और 379 गांंवों को ‘सम्पूर्ण बीमा ग्राम’ बनाया गया। पोस्टमास्टर जनरल द्वारा इस अवसर पर समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए उत्साह और लगन के साथ वित्तीय वर्ष 2023-24 में आवंटित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु प्रोत्साहित किया गया।
इस समारोह में सहायक निदेशक राम मिलन, बृजेश शर्मा, अधीक्षक डाकघर विनय यादव, कृष्ण चंद्र, लेखाधिकारी प्लाबन नस्कर, संतोषी राय, सहायक अधीक्षक अजय कुमार, डाक निरीक्षक श्रीकान्त पाल, दिलीप पाण्डेय, डाक सहायक श्रीप्रकाश गुप्ता, राहुल वर्मा सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
बिजनौर। सिविल लाइंस स्थित श्रीमती मंजू शर्मा के आवास पर भगवान श्री कृष्ण जी के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल का जन्मदिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित महिला संगीत कार्यक्रम में सुंदर भजन कीर्तन से वातावरण भक्तिमय हो उठा। बाद में इस घर परिवार के सबसे छोटे सदस्य “शिवाय” के हाथों से केक कटवाया गया। साथ ही प्रसाद वितरण किया गया।
परिवार की मुखिया श्रीमती मंजू शर्मा ने बाल गोपाल श्री लड्डू गोपाल को घर में सदस्य की तरह रखने और उनके लालन पालन के विषय में विस्तारपूर्वक वर्णन किया….
लड्डू गोपाल श्रीकृष्ण का बाल स्वरूप हैं, ऐसे में उनको एक बच्चे की तरह रखना होता है…
1. रोजाना नियम से कराएं स्नान 2. रोजाना वस्त्र बदलें लड्डू गोपाल को स्नान कराने के बाद एक बच्चे की तरह तैयार करें 3. दिन में चार बार लगाएं भोग 4. रोज पूजा-अर्चना करें 5. झूला झुलाएं 6. कभी न छोड़ें अकेला
उन्होंने बताया कि माना जाता है, जिस घर में लड्डू गोपाल मौजूद होते हैं, वहां विपत्ति नहीं आती है। साथ ही वहां सुख-शांति का माहौल कायम रहता है। लड्डू गोपाल को कान्हा, ठाकुर जी और बाल कृष्ण के रूप में भी जाना जाता है। मान्यतानुसार लड्डू गोपाल की पूजा संतान सुख, संतान के उत्तम भविष्य और धन-वैभव की कामना से की जाती है। सुबह 6 से 7 के बीच में उठ कर बिना स्नान किए ही लड्डू गोपाल को पहला भोग लगा सकता है। लड्डू गोपाल को स्नान कराने के लिए दूध, दही, शहद, गंगाजल, घी का इस्तेमाल करना चाहिए। शंख में दूध, दही, गंगाजल और घी डालकर स्नान कराना चाहिए। बाल गोपाल को स्नान के बाद एक शिशु की तरह तैयार करना चाहिए। उनके नियमित रूप से वस्त्र बदलने चाहिए। यदि आप ऐसा न कर सकें तो पुराने वस्त्रों को धोकर पहनाएं और इसके बाद चंदन का टीका लगाएं।
नियमित भोग लगाएं लड्डू गोपाल या बाल गोपाल को को नियमित रूप से 4 बार भोग लगाना चाहिए। भगवान श्री कृष्ण को सात्विक भोजन ही कराएं। रसोई में जो भी सात्विक भोजन पकाएं, उसका भोग लड्डू गोपाल को जरूर लगाएं। वैसे माखन-मिश्री, बूंदी के लड्डू, खीर और हलवे का प्रसाद भी चढ़ा सकते हैं। श्री कृष्ण को खीर आति प्रिय है। लड्डू गोपाल को दूध का भोग लगाने से पूर्व घंटी बजा कर उठाएं। उठाने के बाद उन्हें चम्मच से दूध पिलाएं।
रोजाना करें आरती बाल गोपाल की नियमित रूप से आरती भी जरूर करें। बाल गोपाल को बेले के फूल और केला अति प्रिय हैं आरती करते वक्त आप लड्डू गोपाल को यह चीजें जरूर अर्पित करें। दिन में चार बार लड्डू गोपाल की आरती करना अनिवार्य है।
कार्यक्रम में श्रीमती मंजू शर्मा, श्रीमती उषा बंसल, श्रीमती शैली सक्सेना, रामावतार, श्रीमती प्रीति, बॉबी, नरेश शर्मा, श्रीमती निधि, पीहू, प्रिंसी, जीतू, श्रीमती नेहा, परी, श्रीमती प्राची, कुंज, नितिक, श्रीमती पूजा शर्मा, परी, सोना, शिवाय शामिल हुए।
निर्धारित स्थान के अलावा अन्य जगह भी पोकलेन से जमकर खनन
14 बीघा की जगह किया 45 बीघा खनन
डीएम एसपी के आदेश खनन माफिया के ठेंगे पर
~ by Shahid Raja Khan
बिजनौर/बढ़ापुर। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक के आदेश भी खनन माफियाओं के लिए कोई मायने नहीं रखते।रायपुर सादात खो नदी में हो रहे खनन को देखकर तो ऐसा ही लगता है।
शासन की ओर से नगीना तहसील के शाहलीपुर कोटरा मौजे में खाता संख्या 2/65, 2/67 व 2/158 में लगभग 14 बीघा भूमि में पट्टा आवंटित हुआ था।दीपांशु ढाका निवासी नई मंडी मुज़फ्फर नगर के नाम 6 माह की समयावधि के लिए पट्टा आवंटित किया गया था। जिलाधिकारी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर 20 अप्रैल को पट्टा धारक पर अर्थ दंड भी लगाया था। जानकारी के अनुसार पट्टा धारक ने निर्धारित स्थान के अलावा अन्य स्थान पर भी पोकलेन से जमकर खनन किया। मालूम रहे कि उपरोक्त खाता संख्या की भूमि लगभग 45 बीघा है, जो तीन भाइयों के नाम है, जबकि आवंटित पट्टा सिर्फ इस भूमि में लगभग 14 बीघे का ही है। इसके अलावा डेढ़ दर्ज़न किसानों की भूमि से भी अवैध खनन किया गया है। किसानों पर पट्टा धारक की इतनी दहशत है कि कोई किसान खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। आज हालात यह है कि हट बचकर अब भी अवैध खनन होता रहता है। सूत्रों ने बताया कि रात्रि तीन बजे से सुबह 6 बजे तक बेखौफ होकर खनन किया जा रहा है।अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए रात्रि में किए खनन के गड्ढों को सुबह होने से पहले भर दिया जाता है।
माफिया की फुल प्रूफ सिक्योरिटी
पट्टा धारक ने क्षेत्र में इतनी दहशत पैदा कर रखी है कि परिंदा भी पर न मार सके। उसने पट्टे स्थल पर जाने के लिए एक बैरियर लगा रखा है। कोई अवैध खनन के फोटो न ले ले इसलिए बैरियर पर नाम व पता लिखा जाता है। उसके बाद वहां पर बैठे लोग फोन से अनुमति लेते हैं। अनुमति के आधार पर आगे जाने दिया जाता है।
किसानों को धमकियां?
किसानों को भी अपने खेतों पर जाने के लिए इसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। नाम न छापने की शर्त पर शाहलीपुर के एक किसान ने बताया की पट्टा धारक ने उसकी भूमि ठेके पर ली थी। उसकी भूमि से पूरी तरह खनन सामग्री उठा ली है। अब पट्टाधारक ठेके के पैसे नहीं दे रहा है। पैसे मांगने पर धमकी देता है। ऐसा हाल कई किसानों का है।
फैक्ट चेक: क्या गुड मॉर्निंग मैसेज भेजने से किसी की निजी बैंकिंग जानकारी उजागर होती है?
लेखिका: अदिति चट्टोपाध्याय (फैक्ट चेकर) भारत, 21 जुलाई 2020 2:42 पूर्वाह्न जीएमटी संपादक : भरत नायक क्रिएटिव : अभिषेक एम
लॉजिकल इंडियन फैक्ट चेक टीम इस दावे की जांच कर रही है कि चीन में हैकर्स ने गुड मॉर्निंग इमेजेज में “फिशिंग कोड” छिपाए हैं, प्राप्त करने से किसी की निजी जानकारी उजागर हो जाएगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक संदेश प्रसारित किया जा रहा है जिसमें कहा गया है कि व्हाट्सएप पर “गुड मॉर्निंग” भेजने से उपयोगकर्ता को फिशिंग का खतरा हो सकता है।
यह आगे दावा करता है कि गुड मॉर्निंग एचडी तस्वीरें, गुड नाइट कोट्स भेजना, मुख्य रूप से कुछ ‘पूर्व-निर्मित’ हैकर्स द्वारा फ़िशिंग कोड के साथ एम्बेड किया गया है।
नीचे पूरा संदेश है:
द लॉजिकल इंडियन को दावे की तथ्य जांच के लिए कई अनुरोध प्राप्त हुए।
यह दावा पिछले साल भी वायरल हुआ था…
कृपया शुभ प्रभात शुभकामनाएं/संदेश न भेजें। कृपया चीन से आने वाली इस चेतावनी को शंघाई इंटरनेशनल न्यूज से पढ़ें, आज इसने सभी ग्राहकों को एक एसओएस भेजा (यह तीसरा रिमाइंडर है) कि विशेषज्ञ … https://t.co/8q8jVynPdT
– किमबेरी ली (@ prettyvase932) 15 नवंबर, 2019
“कृपया सुप्रभात शुभकामनाएं/संदेश न भेजें”। मैं इस बिंदु पर शपथ लेता हूं कि मैं अपना फोन बिन में फेंकने जा रहा हूं। pic.twitter.com/lqwyFXOXsj
चीन में हैकर्स ने गुड मॉर्निंग इमेज में “फ़िशिंग कोड” छिपाए हैं, प्राप्त करने से किसी की निजी जानकारी उजागर हो जाएगी।
तथ्यों की जांच: दावा झूठा है।
इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम या सीईआरटी-इन की ओर से इस स्पष्ट खतरे के बारे में कोई आधिकारिक चेतावनी नहीं दी गई है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत CERT-In को भारतीयों को साइबर खतरों से बचाने का काम सौंपा गया है।
नीचे इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की वेबसाइट का स्क्रीनशॉट है। मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नवीनतम ज्ञापनों को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। इनमें से कोई भी वायरल फॉरवर्ड से मेल नहीं खाता। 👇
फिशिंग अटैक क्या है?
फ़िशिंग साइबर हमले के सबसे पुराने रूपों में से एक है जो प्रच्छन्न ईमेल को एक हथियार के रूप में उपयोग करता है। लक्ष्य ईमेल प्राप्तकर्ता को यह विश्वास दिलाना है कि संदेश कुछ ऐसा है जो उन्हें चाहिए या चाहिए। यह उनके बैंक का अनुरोध या उनकी कंपनी के किसी व्यक्ति का नोट हो सकता है
बचाव के लिए आप क्या कदम उठा सकते हैं? साइबर सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, लोगों को अवांछित ईमेल में अटैचमेंट नहीं खोलना चाहिए, भले ही वे ज्ञात संपर्कों से आए हों।
किसी अवांछित ईमेल में URL पर क्लिक नहीं करना चाहिए, भले ही लिंक सौम्य लगता हो।
हमलों के विश्लेषण और कार्रवाई करने के लिए लॉग और ईमेल हेडर के साथ किसी भी असामान्य गतिविधि या हमले की सूचना तुरंत incident@cert-in.org.in पर दी जानी चाहिए।
इसके अलावा, यह संदेश, जो पिछले कुछ वर्षों से प्रसारित हो रहा है, व्याकरण संबंधी त्रुटियों से भरा हुआ है, जो किसी आधिकारिक विज्ञप्ति में नहीं मिलेगा।
चेतावनी में प्रासंगिक विवरण भी शामिल नहीं है जैसे कि कौन सी वेबसाइटें या मोबाइल ऐप प्रभावित हैं, या तकनीकी दृष्टिकोण से हमला कैसे काम करता है।
संदेश ‘शंघाई चाइना इंटरनेशनल न्यूज’ को चेतावनी देता है। हालांकि, ऐसा कोई मीडिया आउटलेट नहीं मिला।
मिलते-जुलते नाम वाले मीडिया पोर्टल हैं:
शंघाई आई , चाइना प्लस न्यूज , साउथ चाइना सी न्यूज , चाइना डेली एशिया , शाइन (शंघाई डेली)।
मलेशिया स्थित एक समाचार पोर्टल, द स्टार ने 2 साल पहले इसी भ्रामक संदेश की रिपोर्ट की थी और इसे नकली बताया था।
डिजिटल स्टेग्नोग्राफ़ी However, malware or phishing URLs can be attached to an image in a concealed manner, but such URLs may not necessarily just be restricted to good morning and good night messages.
The process of sharing malware in the form of image video or other digital sources is called ‘digital steganography’. Most conventional malware detecting tools overlook such malware.
Through the method of Digital steganography, file, message, image or video can be concealed within another file, message, image or video.
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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2023 को योग कराने के लिए विचार विमर्श
नि:शुल्क योग प्राकृतिक चिकित्सा शिविर में उपचार कराया
बिजनौर। योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान साकेत कॉलोनी सिविल लाइन द्वितीय बिजनौर में अध्यक्ष योगेश कुमार के द्वारा नि:शुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर लगाया गया।
चिकित्सा शिविर से पहले यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ का आयोजन राम सिंह पाल, ओपी शर्मा, डॉक्टर नरेंद्र सिंह, सुरेंद्र पाल के द्वारा किया गया। उसके उपरांत चिकित्सा शिविर प्रारंभ हुआ। इसमें रोगियों को स्टीम बाथ, एक्यूप्रेशर, मसाज, मिट्टी चिकित्सा, जल चिकित्सा, मर्म चिकित्सा की गई।
इस अवसर पर धामपुर से अकरम, सलमा, बिजनौर से अनीता, रामेंद्र सिंह दक्ष, संगीता, सविता, हिमांशु, गौरव, मिथिलेश, अंश, वकीला, शैदान, सहाना, सानिया, अकरम, सलमा, जुनेद, सोनू ने प्राकृतिक उपचार कराया। शिविर में देवेंद्र सिंह योगाचार्य उपस्थित रहे। शिविर के उपरांत गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2023 को योग कराने के लिए विचार विमर्श किया गया।
सुबह पांच बजे ही खोल देता है शराब की दुकान, आबकारी विभाग की दबिश
विजय मोदी, इंदौर। सुबह पांच बजे शराब दुकान खुलने के मामले में आबकारी विभाग को शिकायत की गई तो टीम ने वहां दबिश दी। बंगाली चौराहे स्थित अंग्रेजी शराब दुकान में शटर में छेद करके दुकान संचालक जगदीश लखवानी अपने कर्मचारियों से सुबह-सुबह शराब बिकवाता है।
तय समय से पहले शराब दुकान खुलने के मामले में लोगों ने आबकारी विभाग से शिकायत की तो आबकारी की टीम आज सुबह ही दुकान पर जा धमकी। सुबह 6 बजे ही शराब खरीदने के लिए शराबियों की भीड़ देखी गई। आबकारी विभाग की टीम को देख दुकान के कर्मचारी ने शटर के छेद को बंद कर दिया। शटर खटखटाने के बाद भी कोई कर्मचारी बाहर नहीं आया।आबकारी विभाग द्वारा दुकान संचालक जगदीश लखवानी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की गई है।
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