पूर्व इंचार्ज/क्राइम रिपोर्टर दैनिक जागरण उरई (जालौन), मेरठ, बिजनौर, धामपुर, मुजफ्फरनगर। समाचार संपादक दैनिक प्रयाण हरिद्वार। पूर्व महामंत्री श्रमजीवी पत्रकार यूनियन। अध्यक्ष ऑल मीडिया एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन।
बिजनौर। स्योहारा क्षेत्र में रामगंगा नहर में गिरी स्कूली बस दरअसल जुगाड़ वाहन है। एआरटीओ की जांच में यह बात सामने आई है। कुल मिलाकर विभागीय हीलाहवाली और स्कूल प्रबंधन की धनलिप्सा के चलते इस वाहन में मासूम बच्चे ढोए जा रहे थे।
एआरटीओ गौरीशंकर अपनी टीम के साथ रामगंगा नहर में गिरी स्कूली बस की जांच करने पहुंचे। खुलासा हुआ तो बस जुगाड़ वाहन निकला, जो खुद से तैयार कराया गया था। बस की लम्बाई-चौडाई भी मानकों से हटकर थी। बस का रजिस्ट्रेशन नहीं है। वाहन पर दिल्ली का फर्जी नम्बर प्रयोग किया जा रहा था।
गौरतलब है कि स्योहारा थाना क्षेत्र के ग्राम सदाफल में एनएस इंटरनेशनल स्कूल की बस रामगंगा नहर में गिर गई थी। बुधवार को छुट्टी के बाद घर जाते समय हुए इस हादसे में एक बच्चे की मौत हो गई थी और कई मासूम बच्चे घायल हो गए थे। पुलिस प्रशासन को रोड पर जाम लगाए ग्रामीणों को समझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। इसी क्रम में शुक्रवार को एआरटीओ गौरीशंकर ने अपनी टीम के साथ थाने पहुंचकर स्कूली बस की जांच की। इस दौरान खुलासा हुआ कि बस का रजिस्ट्रेशन ही नहीं है। एआरटीओ ने बयाया कि दिल्ली का फर्जी नम्बर बस पर प्रयोग किया जा रहा था। स्कूली बस जुगाड़ वाहन है, जो खुद से तैयार कराया गया था। बस की लम्बाई-चौडाई भी मानकों से हटकर थी। जांच टीम में एआरटीओ गौरीशंकर के साथ आरआई सुरेंद्र सिंह मौजूद थे।
डीएम के निर्देश भी ताक पर रख कर काम करने के आदी हुए अधिकारी
डीएम उमेश मिश्रा ने पिछले दिनों निर्देश दिए थे कि विद्यालयों के वाहनों की फिटनेस जांच कराने के साथ स्कूलों में बच्चों को सड़क सुरक्षा नियमों के विषय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएं। शत प्रतिशत स्कूली बसों के फिटनेस की जांच पूर्ण कराने के सख्त निर्देश देते हुए ये भी कहा था कि किसी भी दशा में अनफिट स्कूली वाहनों का संचालन न हो। उन्होंने संबंधित अधिकारी को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए आगामी बैठक में कराए गए कार्यों की रिपोर्ट फोटो के साथ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसी के साथ जिला विद्यालय निरीक्षक को जनपद के सभी स्कूलों के मैनेजर व प्रिंसिपल के साथ सड़क सुरक्षा की बैठक कर सभी नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के भी सख्त निर्देश दिए थे। इसके बावजूद आज का हादसा स्पष्ट संकेत देता है कि बिजनौर के अधिकारी अपने बॉस जिलाधिकारी के निर्देश भी ताक पर रख कर काम करने के आदी हो चुके हैं।
अभिभावकों की लापरवाही या मजबूरी!
कुल मिलाकर यह बात साफ हो गई है कि विभागीय हीलाहवाली और स्कूल प्रबंधन की धनलिप्सा के चलते इस वाहन में मासूम बच्चे ढोए जा रहे थे। कुछ लोग इसमें अभिभावकों की गलती और लापरवाही भी मानते हैं तो कई ऐसे भी हैं, जिनका मानना है… स्कूल प्रबंधन से अभिभावक लड़ नहीं सकते। उन्हें अपने बच्चों को स्टाफ द्वारा उत्पीड़ित किए जाने का डर सताता रहता है।
बिजनौर स्वास्थ्य विभाग को भनक तक नहीं थी या फिर किन्हीं कारणों से मूंदी हुई थीं आंखें?
चलती मिली डेढ़ साल पहले सील की गई अल्ट्रासाउंड मशीन
पूरी प्लानिंग के साथ किया अल्ट्रासाउंड सेंटर का भंडाफोड़
हरियाणा की टीम ने बिजनौर में किया अस्पताल सील: भ्रूण परीक्षण का खेल उजागर
बिजनौर। जिले में अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर धड़ल्ले से भ्रूण परीक्षण का खेल चल रहा है। यह खुलासा हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की टीम की छापामार कार्रवाई में हो गया। शुक्रवार को बिजनौर के स्वास्थ्य विभाग ने हरियाणा की टीम के साथ नहटौर में संचालित एक अस्पताल को सील कर दिया। यहां पर लिंग निर्धारण की जांच के सबूत हरियाणा की टीम ने पहले ही जुटा लिए थे। हैरत की बात यह है कि डेढ़ साल पहले सील की गई अल्ट्रासाउंड मशीन भी चलती मिली। अब जांच का विषय ये भी है कि बिजनौर स्वास्थ्य विभाग को इसकी भनक तक नहीं थी या फिर किन्हीं कारणों से आंखें मूंदी हुई थीं?
जानकारी के अनुसार, हरियाणा के अंबाला की एक महिला ने एक अगस्त को नहटौर स्थित सिटी हॉस्पिटल में लिंग निर्धारण की जांच कराई थी। मामले की सूचना हरियाणा के डिप्टी सीएमओ डॉ. बी सोढी ने बिजनौर स्वास्थ्य विभाग को दी। इसके बाद शुक्रवार को 10 सदस्यीय टीम ने अल्ट्रासाउंड सेंटर सील कर दिया। एक अगस्त को लिंग निर्धारण की जांच कराने वाली महिला ने कार्रवाई के दौरान बताया कि उसका अल्ट्रासाउंड किस कमरे में किया गया था। यहां डेढ़ साल पहले सील की गई अल्ट्रासाउंड मशीन भी चलती मिली, जबकि कागजों में यह मशीन आज भी सील बताई जा रही है। सील तोड़कर मरीजों के अल्ट्रासाउंड किए जा रहे थे। इसी के साथ पुलिस ने मौके से अस्पताल प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया। बाद में थाना नहटौर में अस्पताल प्रबंधक के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट, अल्ट्रासाउंड मशीन की सील तोड़कर काम करने सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज करा दी गई।
हरियाणा की टीम ने महिला से पहले कराई थी रेकी
पूरा छापामारी कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था। नहटौर के सिटी हॉस्पिटल में जिस महिला का अल्ट्रासाउंड किया गया, वह हरियाणा के अंबाला की रहने वाली है। उसे वहां के स्वास्थ्य विभाग ने रेकी के लिए हायर किया था। इसी प्लानिंग के अनुसार महिला ने अपना अल्ट्रासाउंड कराया और लिंग निर्धारण जांच का भंडाफोड़ हो गया।
छापामार टीम में ये रहे शामिल
हरियाणा की टीम से डिप्टी सीएमओ डॉ. बी सोढी, मेडिकल अफसर, जांच कराने वाली महिला, दो पुलिसकर्मी रहे, जबकि बिजनौर से डिप्टी सीएमओ डॉ. देवीदास, दो पुलिसकर्मी, एक स्वास्थ्यकर्मी शामिल रहे।
नहटौर के सिटी हॉस्पिटल में लिंग निर्धारण जांच की सूचना पर हरियाणा टीम के साथ अस्पताल सील करने की कार्रवाई की गई। थाना नहटौर में अस्पताल प्रबंधक के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट, अल्ट्रासाउंड मशीन की सील तोड़कर काम करने सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
कोतवाली देहात से रेहड़ तक 12 टीम तैनात, हर टीम में होंगे 12 सदस्य
अलीपुरजट के पास ट्रेस हुआ गुलदार, ग्रामीणों के शोर से हुआ फरार
चिकित्सक ने साध लिया था निशाना, अंतिम समय में निकल भागा गुलदार
बिजनौर। नगीना-कोतवाली देहात के बीच गांव अलीपुर जट में गुरुवार को टीम ने गुलदार को ट्रेस कर लिया था। पूरा इंतजाम हो गया था और चिकित्सक ने ट्रैंक्यूलाइज गन को भी लोड कर लिया। निशाना भी लगभग साध लिया था। जैसे ही निशाना लगाते, ग्रामीणों का शोर सुनकर गुलदार भाग गया। गुरुवार शाम करीब चार बजे विशेषज्ञों की टीम पगचिह्नों का पीछा करते हुए गांव अलीपुरा जट के तिराहे पर पहुंच गई। वहां आहट हुई तो समझने में देर न लगी कि गुलदार छिपा हुआ है। टीम ने सभी तैयारी पूरी कर ली, वहीं इस दौरान ग्रामीणों को भी गुलदार के वहां होने की खबर मिल गई। उधर, गुलदार को बेहोश करने की तैयारी हो रही थी, वहीं ग्रामीण डंडे लेकर उधर की ओर चल दिए। निशाना लगाने से पहले ही गुलदार शोर सुनकर भाग गया। सिकंदरपुर में 200 मीटर तक मिले नरभक्षी के पगचिह्न इस बार वन विभाग की टीम को एक सफलता और मिल गई है। एसडीओ वन विभाग ज्ञान सिंह ने बताया कि बुधवार को सिकंदरपुर में विशेषज्ञों की टीम ने घटना स्थल के आसपास जांच की। वहां एक गुलदार के पगचिह्न मिले हैं। करीब 200 मीटर तक पगचिह्नों का पीछा किया गया। वह एक झील या तालाब जैसी जगह तक पहुंचे। अब जहां गुलदार ने वृद्ध को मारा था, वहां खुले में बकरी बांधी गई है। उसके आने के इंतजार में वहां मचान भी बनाने की तैयारी हो रही है
12 संवेदनशील जगह, 12 टीम, घात लगाकर इंतजार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक पहुंचे बिजनौर
कोतवाली देहात से रेहड़ तक 12 टीम तैनात, हर टीम में तैनात होंगे 12 सदस्य
गुलदार की घेराबंदी के लिए तेज हुआ अभियान, बिजनौर पहुंच रहे हैं पीसीसीएफ
बिजनौर। अब कोतवाली देहात से रेहड़ तक एक साथ गुलदार की घेराबंदी की तैयारी है। करीब 50 किलोमीटर की दूरी में 12 संवेदनशील स्थान चिह्नित कर वहां पर 12 टीम तैनात की जा रही हैं। सभी टीम में वन अफसर, पुलिसकर्मी, चिकित्सक, राजस्व कर्मी भी तैनात होंगे। टीम हथियार, ट्रैंक्यूलाइज गन, जाल और पिंजरों के साथ गुलदार को पकड़ने का काम करेंगी। लखनऊ से पीसीसीएफ एसके शर्मा भी बिजनौर पहुंच रहे हैं।
कोतवाली देहात से रेहड़ तक गुलदार सात माह में 13 लोगों को मौत के घाट उतार चुका है। विशेषज्ञों ने कोतवाली देहात से रेहड़ तक लगभग 50 किलोमीटर क्षेत्र में 12 ऐसी जगह चिह्नित की हैं, जहां पर गुलदार की चहलकदमी सबसे ज्यादा है। इसके लिए 12 टीम बनाने के साथ ही हर टीम में 12 सदस्य शामिल किए गए हैं। इनमें दो पुलिसकर्मी, दो राजस्वकर्मी, एक ट्रैंक्यूलाइज विशेषज्ञ चिकित्सक, एक रेंजर, एक वाचर तैनात रहेंगे। इसके अलावा टीम के पास दो हथियार, एक ट्रैक्यूलाइज गन, एक ड्रोन कैमरा, जाल भी रहेगा। टीम ने इन संवेदनशील जगहों पर मचान बनानी शुरू कर दी है।
आदमखोर गुलदार को पकड़ने के लिए वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया एवं वन विभाग के अधिकारियों ने डेरा डाला
आदमखोर गुलदार को पकड़ने के लिए सामग्री, संसाधन उपलब्ध कराएगा प्रशासन
बिजनौर। जिले में आदमखोर गुलदार को पकड़ने के लिए वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया एवं वन विभाग द्वारा की जा रही कार्यवाही का जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा आकस्मिक रूप से निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट द्वारा गुलदार को ट्रैक कर उसे पकड़ने के लिए किस भी प्रकार की समुचित रणनिति न बनाए जाने तथा ट्रेंकुलाइजर के लिए अपेक्षित संख्या में डॉक्टर्स न होने तथा अन्य संसाधन का अभाव पाए जाने पर उन्होंने असंतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए समुचित रणनीति बनाएं और सक्रिय टीमों की संख्या में भी वृद्धि करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन उनको भरपूर सहयोग करने के लिए तत्पर है, उनको जिस सामग्री अथवा संसाधन की आवश्यकता होगी उसकी सूची उन्हें उपलब्ध कराएं ताकि उनका यथाशीघ्र प्रबंध किया जा सके।
परफेक्ट स्ट्रेटजी बना कर ड्रोन और फिक्स कैमरों का भी आवश्यक रूप से करें प्रयोग
जिलाधिकारी श्री मिश्रा गुरुवार को ग्राम जलालपुर सुल्तान स्थित शिव मंदिर में कैम्प किए हुए वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया एवं वन विभाग के अधिकारियों द्वारा आदमखोर गुलदार को पकड़ने के लिए अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि जिले में आदमखोर गुलदार का आतंक बना हुआ है, उसको पकड़ना नितांत आवश्यक है ताकि जनसामान्य में उसके भय का अंत हो सके और लोग खेतों में आसानी के साथ आवागमन कार्य कर सकें। उन्होंने वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया की टीम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि आदमखोर गुलदार को पकड़ने के लिए परफेक्ट स्ट्रेटजी बनाएं और ड्रोन कैमरों का भी आवश्यक रूप से प्रयोग करें, इसके अलावा फिक्स कैमरे भी जगह जगह ट्रैकिंग के लिए लगाए जाएं। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि टीमों की संख्या बढ़ाएं और हर टीम के साथ एक वेटरनरी डॉक्टर को भी शामिल करें ताकि वह ट्रेंकुलाइजर गन में प्रयोग किए जाने वाले ट्रेंकुलाइजर की समुचित मात्रा का निर्धारण कर सके। उन्होंने टीम के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी भी अवस्था में गुलदार की ट्रैकिंग अथवा कांबिंग के लिए टीम के सदस्य हेलमेट, गर्दन एवं चेस्ट कवर के बिना क्षेत्र में जाने का साहस न करें क्योंकि गुलदार का वार सिर, गर्दन एवं सीने पर ही अधिकतर होता है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि गुलदार से बचाव के लिए व्यापक रूप से प्रचार प्रसार करें और पंपलेट आदि का वितरण कराएं।
ग्राम सुरक्षा समितियों को क्रियाशील करने के निर्देश
उन्होंने उप जिलाधिकारी एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी को निर्देशित किया कि ट्रस्ट द्वारा जो भी टीमें बनाई जाए उसमें पुलिस एवं राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों को निश्चित रूप से शामिल किया जाए और जिस पुलिसकर्मी को भी टीम में रखा जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि उप जिलाधिकारी ग्राम सुरक्षा समितियों को क्रियाशील करें और उन्हें गुलदार से बचाव का प्रशिक्षण उपलब्ध कराएं तथा टीम के सदस्यों के सहयोग के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी उपलब्ध कराएं।
जंगल, खेत में जाते वक्त हेलमेट, गर्दन व सीने के बचाव के लिए प्रयोग करें कवर
जिलाधिकारी श्री मिश्रा द्वारा इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीण बंधुओं का आह्वान किया गया कि जंगल में किसी भी अवस्था में अकेले न जाएं और जरूरत पड़ने पर ही खेतों में लाठी-डंडे लेकर ग्रुप के साथ जाएं ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि का खतरा न होने पाए। उन्होंने ग्राम वासियों को सलाह दी कि जंगल, खेत में जाते वक्त हेलमेट, गर्दन व सीने के बचाव के लिए कवर का प्रयोग करें ताकि गुलदार के अचानक किए गए हमले से उनकी जान सुरक्षित रहे। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि गुलदार को पकड़ने के लिए जिला प्रशासन द्वारा की जाने वाली कार्रवाइयों में सहयोग प्रदान करें और गुलदार से सुरक्षित रहने के लिए भी सुरक्षात्मक उपायों का प्रयोग करें। इस अवसर पर डीएफओ मुरादाबाद सूरज कुमार, उप जिलाधिकारी नगीना शैलेंद्र कुमार, सीओओ पुलिस संग्राम सिंह एसडीओ वन ज्ञान सिंह, वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के सदस्य सहित वन एवं पुलिस विभाग के अधिकारी तथा ग्रामीण मौजूद थे।
इंकम टैक्स विभाग ने कई भ्रष्ट IAS व अन्य अधिकारियों का काला चिट्ठा मज़बूत सबूत समेत चीफ सेक्रेट्री DS मिश्रा को भेजा,CM योगी को CS सौंपेंगेसैकड़ों पन्ने की रिपोर्ट, मामला अत्यंत गंभीर है, नामों का खुलासा जल्द किया जायेगा !!
भ्रष्ट आईएएस-आईपीएस अफसरों का काला चिट्ठा तैयार!
UP में भ्रष्ट आईएएस-आईपीएस अफसरों का काला चिट्ठा तैयार हो गया है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ जल्द ही गोपनीय रिपोर्ट के आधार पर एक्शन ले सकते हैं।
लखनऊ (एजेंसी)। योगी आदित्यनाथ सरकार में माफिया, अवैध कब्जेदारों के खिलाफ बुलडोजर चलाने के बाद अब भ्रष्ट आईएएस, आईपीएस अफसरों की बारी आ गई है। इनका काला चिट्ठा तैयार हो चुका है। इंकम टैक्स विभाग ने कई भ्रष्ट आईएएस और अन्य अधिकारियों का काला चिट्ठा तैयार कर मुख्य सचिव डीएस मिश्रा को रिपोर्ट भेज दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए 100 से ज्यादा पन्नों की यह रिपोर्ट CM योगी को सौंपी जानी है। सूत्रों के हवाले से गुरुवार को ये बड़ी खबर सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार तमाम शिकायतों के बाद शासन द्वारा यूपी में तैनात अफसरों की गोपनीय जांच कराई गई थी। प्रारंभिक जांच के बाद ऐसे अफसरों की सूची तैयार कर उनके बारे में साक्ष्य एकत्रित करने की जिम्मेदारी इंकम टैक्स विभाग को सौंपी गई।
इसके बाद इंकम टैक्स विभाग की कई टीमों ने यूपी में तैनात आईएएस, आईपीएस, पीसीएस और पीपीएस अफसरों की 100 पन्नों से अधिक की रिपोर्ट तैयार की है। बताया गया है कि इसमें कई बड़े आईएएस अफसरों और आईपीएस अफसरों का भी नाम शामिल है। विभाग द्वारा चीफ सेक्रेटरी DS मिश्रा को पत्र के साथ साक्ष्य सौंपे गए हैं। अब सेक्रेटरी इस पूरे मसले को मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे। इसके बाद कई बड़े अफसरों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
गुलदार को आरक्षित वन्य जीव की श्रेणी से बाहर निकाला जाए ताकि आत्मरक्षा के लिए गुलदार को मारने पर लोगों पर मुकदमे ना लिखे जाएं।
~भाकियू
ब्लॉक प्रमुख प्रदीप कुमार बबली को सौंपा क्षेत्रीय विधायक कुंवर सुशांत सिंह के नाम ज्ञापन
चिंता:अगर जिले में पांच सौ मादा गुलदार होंगी तो आने वाले वर्ष में इनकी संख्या हो जायेगी तीन हजार।~भाकियू
भाकियू ने गुलदार को मारने की छूट मांगी
बिजनौर। भारतीय किसान यूनियन के अफजलगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष सरदार महल सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र में गुलदार से निजात दिलाने के मामले में क्षेत्रीय विधायक कुंवर सुशांत सिंह के नाम एक ज्ञापन ब्लॉक प्रमुख प्रदीप कुमार बबली को सौंपा।
गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन के ब्लॉक अध्यक्ष सरदार महल सिंह के नेतृत्व में किसान यूनियन के कार्यकर्ता ब्लॉक कासमपुर गढ़ी में एकत्र हुए। उन्होंने ब्लॉक प्रमुख प्रदीप कुमार बबली को क्षेत्र में गुलदार से निजात दिलाने के लिए क्षेत्रीय विधायक कुंवर सुशांत सिंह के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ब्लॉक अध्यक्ष महल सिंह ने कहा कि गुलदार को आरक्षित वन्य जीव की श्रेणी से बाहर निकाला जाए ताकि आत्मरक्षा के लिए गुलदार को मारने पर लोगों पर मुकदमे ना लिखे जाएं। उन्होंने बताया कि अगर जिले में पांच सौ मादा गुलदार होंगी तो आने वाले वर्ष में इनकी संख्या करीब तीन हजार हो जाएगी। इसलिए गुलदार से निजात दिलाने का एकमात्र हल है कि विशेष अध्यादेश के तहत गुलदार को मारने की छूट दी जाए। इस मौके पर किसान यूनियन के कुलविंदर सिंह के अलावा बलवीर सिंह, गजराज सिंह, अनिल त्यागी, मंगल सिंह, सुरेंद्र सिंह, सरदूल सिंह, मुस्तकीम अहमद, रविकांत चतर सिंह, सद्दाम आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
चांदपुर तहसील क्षेत्र में गुलदार ने युवक पर किया हमला
~(भुवन राजपूत)
बिजनौर। चांदपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम चौधेड़ी निवासी युवक पर गुलदार ने हमला कर दिया। युवक किसी तरह जान बचाकर भागा, उसके पैर में गुलदार के पंजे के जख्म हो गए। मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने गुलदार को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए वन क्षेत्राधिकारी दुष्यंत सिंह को ज्ञापन दिया।
जानकारी के अनुसार चांदपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम चौधेड़ी निवासी मुरसलीन पुत्र मुस्तकीम और फिरोज पुत्र खुर्शीद किसी काम से चांदपुर जा रहे थे। रास्ते में गुलदार ने हमला कर दिया। दोनों बड़ी मुश्किल से जान बचाकर भागने में कामयाब हुए। हमले में मुदस्सिर के पैर में गुलदार के पंजे के जख्म हो गए। घटना की सूचना पर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ब्लॉक जलीलपुर संगठन के लोग गांव में पहुंचे। जिला सचिव मोहम्मद याकूब ने वन क्षेत्राधिकारी चांदपुर दुष्यंत सिंह को गुलदार के हमले के मामले से अवगत कराया। सूचना मिलते ही रेंजर चांदपुर मौके पर पहुंचे और ग्राम वासियों को गुलदार से बचने के टिप्स दिए। इस संबंध में जिला अध्यक्ष नितिन सिरोही ने वन रेंजर, क्षेत्राधिकारी चांदपुर से वार्ता की। रेंजर ने ग्राम वासियों को शाम तक पिंजरा लगाने का आश्वासन दिया। इस मौके पर संगठन मंत्री मनोज शर्मा, न्याय पंचायत अधिकारी मोनिस खान, ग्राम अध्यक्ष चौधरी सतपाल सिंह, मीडिया प्रभारी मोहम्मद हनीफ, ग्राम अध्यक्ष अली वारिस, ग्राम अध्यक्ष जैनुद्दीन आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ब्लॉक संसाधन केंद्र मलिहाबाद पर समेकित शिक्षा के अंतर्गत हुआ आयोजन
मेडिकल एसेसमेंट कैंप में शामिल हुए 66 दिव्यांग बच्चे
लखनऊ। ब्लॉक संसाधन केंद्र मलिहाबाद पर गुरुवार को समेकित शिक्षा के अंतर्गत मेडिकल एसेसमेंट कैंप का आयोजन खण्ड शिक्षा अधिकारी के निर्देशन में संपन्न हुआ। कैंप में विकासखंड मलिहाबाद के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के 66 दिव्यांग बच्चों ने प्रतिभाग किया।
मेडिकल बोर्ड में डाक्टर आरसी गुप्ता आर्थो, डाक्टर रंजना आई सर्जन, डॉक्टर राकेश कुमार ईएनटी, डॉक्टर लवकुश सिकेट्रिस्ट, गरिमा सिंह क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट एवं आदित्य सिंह यादव ऑडियोलॉजिस्ट द्वारा 50 दिव्यांगत प्रमाणपत्र जारी किए गए।
समेकित शिक्षा की जिला समन्वयक मीनू तिवारी, फिजियोथैरेपिस्ट अमरेश सिंह, स्पेशल एजुकेटर अरविन्द दत्त शर्मा बीआरसी मलिहाबाद, संजीव मिश्र, अरुण मिश्र काकोरी, संतोष सिंह, मनीष कुमार और योगेंद्र सिंह नगर क्षेत्र द्वारा मेडिकल कैम्प को सफल बनाने में अपना अभूतपूर्व योगदान दिया गया। कैम्प को सुचारू रूप से संचालित करने का कार्य एआरपी सत्यप्रकाश पांडे, स्वतंत्र कुमार और यादवेंद्र पांडे द्वारा किया गाय।
अदालत के माध्यम से हुई रिहाई के बाद पांचों पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों में हर्ष का माहौल
2 रुपए की वसूली करते हुए पकड़े गए पांच पुलिसकर्मी 37 साल बाद…
पटना। पुलिस अधीक्षक द्वारा बेगूसराय जनपद की लाखो पोस्ट पर आती-जाती गाड़ियों से चेकिंग के दौरान दो रुपए की अवैध वसूली करते हुए रंगे हाथ पकड़े गए पांच पुलिसकर्मी साक्ष्य के अभाव में 37 साल बाद अदालत द्वारा बरी कर दिए गए हैं। अदालत के माध्यम से हुई रिहाई के बाद पांचों पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों में हर्ष का माहौल दिखाई दिया। दरअसल वर्ष 1986 की 10 जून को बिहार के बेगूसराय जनपद की लाखो पोस्ट पर तैनात किए गए पांच पुलिसकर्मी जब आते जाते वाहनों की चेकिंग कर रहे थे तो किसी व्यक्ति ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक को वाहनों से अवैध वसूली किए जाने की सूचना दे दी थी।
जानकारी पाकर मौके पर पहुंचे तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ने पुलिस के जवानों को दो रुपए की अवैध वसूली करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया था। भ्रष्टाचार के मामले में रंगे हाथ पकड़े गए सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुफस्सिल थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। भागलपुर की निचली अदालत में कई बार इस मामले की सुनवाई की गई। आखिरकार 37 साल बाद राम रतन शर्मा, कैलाश शर्मा, गयानी शंकर, योगेश्वर महतो तथा रामबालक राय को अदालत द्वारा साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है। हालांकि मौजूदा समय में पांचों पुलिसकर्मी जमानत पर बाहर आए हुए हैं। यह मामला भागलपुर कोर्ट में चल रहा था।
2 रुपए की वसूली करते हुए पकड़े गए पांच पुलिसकर्मी 37 साल बाद..
बोले किसान; जंगल में जाकर मरने से अच्छा है कि कलक्ट्रेट में धरना देकर बैठ जाएं, जान तो बची रहेगी
गुलदार मुक्त बिजनौर के लिए भाकियू का अनिश्चितकालीन धरना शुरू
बिजनौर। गुलदार मुक्त बिजनौर के लिए भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट ने गुरुवार से कलक्ट्रेट अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संगठन के कार्यकर्ता सुबह से ही कलक्ट्रेट में पहुंचना शुरू हो गए और जिला प्रशासन पर गुलदार प्रकरण में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया। वक्ताओं ने कहा कि जंगल में जाकर मरने से अच्छा है कि कलक्ट्रेट में धरना देकर बैठ जाए, यहां कम से कम जान तो बची रहेगी। धरने में मंडल अध्यक्ष बाबूराम तोमर, जिला अध्यक्ष सत्यवीर सिंह सोनू, दिनेश कुमार, नरदेव सिंह, नागेंद्र सिंह, संदीप त्यागी, अतुल कुमार, ठाकुर राम अवतार सिंह, महेंद्र सिंह, जय सिंह, अजीत, विवेक वालियान आदि मौजूद रहे।
नरभक्षी गुलदार को जल्द से जल्द पकड़ने के आश्वासन पर जाम खुलवा सके अफसर
अब तक 13 व्यक्तियों को निवाला बना चुका गुलदार
गुलदार ने किसान को उतारा मौत के घाट, आक्रोशित ग्रामीणों ने लगाया जाम
~(प्रशांत कुमार, कोतवाली देहात)।
बिजनौर। गुलदार को लेकर जिले में दहशत का माहौल बना हुआ है। बुधवार को एक बार फिर गुलदार ने एक किसान को अपना निवाला बना लिया। अपने पशुओं का चारा लेने जंगल गए कोतवाली देहात के ग्राम सिकंदरपुर निवासी किसान को गुलदार ने मौत के घाट उतार दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को नेशनल हाईवे पर रख कर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने नरभक्षी गुलदार को जल्द से जल्द पकड़ने का आश्वासन देकर काफी मशक्कत के बाद जाम खुलवाया।
कोतवाली देहात के ग्राम सिकंदरपुर निवासी ब्रह्मपाल सिंह (60 वर्ष) बुधवार को अपने पशुओं के लिए चारा लेने जंगल गए थे। उनके साथ 4 मजदूर भी थे। घर वापसी के समय मजदूर आगे निकल गए लेकिन धर्मपाल सिंह थोड़ा पीछे रहे गए। घर पहुंच कर मजदूरों ने कुछ देर बाद देखा कि चौधरी साहब नहीं आए। इस पर परिवार वाले धर्मपाल सिंह को देखने गए तो खेत में एक साइड उनका गुलदार का खाया हुआ शव पड़ा मिला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गुलदार ने किसान का चेहरा, गला व सीने का काफी हिस्सा खा लिया था। शव देखने वालों का कलेजा मुंह को आ गया।
घटना से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शव को नेशनल हाईवे पर रख कर जाम लगा दिया। सूचना पर क्षेत्राधिकारी नगीना, एसडीएम नजीबाबाद, तहसीलदार नजीबाबाद, किसान नेता नितिन चौधरी, वन विभाग की टीम एवं थानाध्यक्ष कोतवाली देहात जयवीर सिंह पुलिस फोर्स के साथ सिकंदरपुर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। काफी मशक्कत के बाद उन्होंने ग्रामीणों को समझाबुझा कर नरभक्षी गुलदार को जल्द से जल्द पकड़ने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
वहीं गुलदार को लेकर जिले में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि जिले भर में आदमखोर गुलदार अब तक 13 व्यक्तियों को निवाला बना चुके हैं। इसके अलावा गुलदार निरीह पशुओं का भी शिकार कर रहे हैं। हमलों में घायल होने वाले लोगों की संख्या भी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
गंभीर रूप से घायल कई बच्चे निजी अस्पतालों में भर्ती
हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने किया थाने का घेराव
30 बच्चों समेत स्कूल बस नहर में गिरी, एक की मौत
~By आकाश तोमर
बिजनौर। स्योहारा के अलियापुर में एक स्कूल बस नहर में गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई। बस में 30 बच्चे सवार थे। 10 गंभीर रूप से घायल बच्चों को उपचार के लिए अलग अलग अस्पतालों में ले जाया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। घटना के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। हादसा पोषक नहर के अलियापुर गांव का है।
जानकारी के अनुसार एनएस इंटरनेशनल स्कूल सदाफल की बस के साथ जिस वक्त हादसा हुआ उस दौरान उसमें लगभग 30 बच्चे सवार थे। रोजाना की तरह बस ड्राइवर स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चों को घर छोड़ने जा रहा था। जब बस पोषक नहर के पास अलियापुर गांव के लिए मुड़ी तो गड्ढे से बचाते समय खटारा बस कई फिट नीचे नहर में जा गिरी। घटना के बाद बस में सवार बच्चों में चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद राहगीर व ग्रामीणों ने मामले की जानकारी अन्य ग्रामीणों व पुलिस को दी। घटना की सूचना मिलते ही अलियापुर गांव के ग्रामीण सहित आसपास के गांव के ग्रामीण भी मौके की ओर दौड़ पड़े।
सूचना पाकर थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव चौधरी पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से बचाव कार्य करते हुए सभी घायल बच्चों को बाहर निकलवाया। घटना में लगभग 10 बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें आनन-फानन में अलग-अलग अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। बताया जाता है कि घटना में गंभीर रूप से घायल हुए गांव अलियापुर निवासी 9 वर्षीय छात्र लक्की पुत्र महेश उर्फ कलवा की उपचार को ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। छात्र की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया वहीं अन्य गंभीर रूप से घायल बच्चों का अस्पतालों में उपचार चल रहा है। घटना के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस वक्त यह हादसा हुआ उस समय बस का ड्राइवर नशे में था और उसी की लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ है। हादसे में घायल हुए बच्चों के परिजनों ने पुलिस को तहरीर सौंप कर मामले की जांच कर कार्यवाही करने की मांग की। एनएस इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंधक से जब घटना के बारे में जानकारी लेने के लिए संपर्क साधा गया तो उन्होंने फोन उठाना भी गवारा नहीं समझा। वहीं थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव चौधरी का कहना है कि परिजनों द्वारा तहरीर मिलने पर मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसकेे खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
बच्चों की जान खतरे में डाल रहे स्कूल वाहन
विद्यालयों के बाहर स्कूल वाहनों की कतार आम है। यह कितने फिट हैं इसका कोई लेखा जोखा नहीं है। आधे से ज्यादा स्कूल वाहन जुगाड़ पर निर्भर हैं। किसी को घरेलू सिलेंडर से चलाया जा रहा तो किसी में बच्चों को ठूंसकर बैठाया जाता है। किसी भी स्कूल वैन में बच्चे सुरक्षा बेल्ट लगाए नहीं मिलते हैं। इनकी तरफ न तो स्कूल प्रबंधन ध्यान दे रहा और न परिवहन विभाग। किसी भी स्कूल के बाहर कोई विभागीय अफसर वाहनों की जांच के लिए आता नहीं दिख रहा। सुरक्षित यातायात के नियमों का पालन कराने के लिए भी जिम्मेदार मौजूद नहीं हैं।
डीएम एसपी समेत मौके पर पहुंचे कई अधिकारी
हादसे की सूचना मिलने पर डीएम उमेश मिश्रा, एसपी नीरज कुमार जादौन, एसडीएम धामपुर मोहित कुमार, एसपी पूर्वी धर्म सिंह मार्छल, सीओ धामपुर शुभसुचित सिंह, सीओ अफजलगढ सरवम सिंह समेत कई अधिकारी व चांदपुर, धामपुर, नूरपुर थानों की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
परिजनों ने किया थाने का घेराव
अलियापुर में हुए स्कूल बस हादसे के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया। हादसे से गुस्साए बच्चों के परिजनों व सैकड़ों लोगों ने लकी के शव को थाने पर रखकर घंटों जमकर हंगामा किया। थाने पर हंगामा कर रहे लोगों ने पुलिस से हादसे में दोषी सभी आरोपियों को मौके पर बुलाने की मांग की। थाने पर लोगों का आक्रोश देख पुलिस के हाथ पांव फूल गए।
डीएम के आदेश भी ठेंगे पर!
डीएम उमेश मिश्रा ने पिछले दिनों निर्देश दिए थे कि विद्यालयों के वाहनों की फिटनेस जांच कराने के साथ स्कूलों में बच्चों को सड़क सुरक्षा नियमों के विषय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएं। शत प्रतिशत स्कूली बसों के फिटनेस की जांच पूर्ण कराने के सख्त निर्देश देते हुए ये भी कहा था कि किसी भी दशा में अनफिट स्कूली वाहनों का संचालन न हो। उन्होंने संबंधित अधिकारी को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए आगामी बैठक में कराए गए कार्यों की रिपोर्ट फोटो के साथ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसी के साथ जिला विद्यालय निरीक्षक को जनपद के सभी स्कूलों के मैनेजर व प्रिंसिपल के साथ सड़क सुरक्षा की बैठक कर सभी नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के भी सख्त निर्देश दिए थे। इसके बावजूद आज का हादसा स्पष्ट संकेत देता है कि बिजनौर के अधिकारी अपने बॉस जिलाधिकारी के निर्देश भी ताक पर रख कर काम करने के आदी हो चुके हैं।
सरकारी नंबर भी बंद रखते हैं आरटीओ!
सरकार ने सभी विभागों के अधिकारियों को विशेष मोबाइल नंबर अलॉट कर निर्देश दिए हुए हैं कि ये हमेशा ऑपरेट होने चाहिए। इसके बावजूद आरटीओ/एआरटीओ का सरकारी नंबर ही नहीं प्राइवेट नंबर भी स्विच ऑफ था। मतलब साफ है कि शासन प्रशासन और यहां तक कि जनता के प्रति संबंधित अधिकारियों का कोई लेना नहीं है।
जिले के एक स्कूल में वाहन में भरी जा रही घरेलू गैस
गुलदार पकड़वाने को ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
चांदपुर से भुवन राजपूत और कोतवाली देहात से प्रशांत कुमार की रिपोर्ट
बिजनौर। गुलदार की दहशत से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। किसानों को लाठी-डंडों, भाले से लैस होकर जंगल जाना पड़ रहा है। चांदपुर नगर के समीप ग्राम स्याऊ स्थित झारखंडी शिव मंदिर के समीप गुलदार ने युवक को खदेड़ दिया तो कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम हरदासपुर माडे में गुलदार ने एक निराश्रित गोवंश को निवाला बना लिया। हालात इस कदर खराब हो चुके हैं कि एक किसान के लिए 4 किसान मिलकर चारा काटते हैं, जबकि लाठी डंडों से लैस 4 किसान पहरा देते हैं। चांदपुर में तो ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान स्याऊ अमित कुमार के साथ एसडीएम को ज्ञापन देकर इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की।
चांदपुर नगर के समीप ग्राम स्याऊ स्थित झारखंडी शिव मंदिर पर स्थानीय शिवभक्त ठाकुर हर्षित कुमार आर्य श्रावण मास का सोमवार होने के कारण प्रसाद चढ़ाने के लिए गए हुए थे। वहां से वापस लौटते समय गुलदार ने 500 मीटर तक ठाकुर हर्षित का पीछा किया। युवक के शोर मचाने पर अन्य शिव भक्तों ने गुलदार को भगाया। इस घटना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान स्याऊ अमित कुमार के साथ एसडीएम को ज्ञापन देकर बताया गया कि पहले ग्राम पंचायत स्याऊ के जंगलों में गुलजार देखे जाने की घटना सुनने को मिलती थी, जो अब आएदिन की बात हो गई है। उन्होंने गुलदार को पकड़वाने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में ग्राम प्रधान अमित कुमार, मीनू राजपूत महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष, संदीप कुमार, मुकुल राजपूत, पिंटू, सोनू, कपिल, नागेंद्र सिंह राजपूत आदि मौजूद रहे।
इस बीच कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम हरदासपुर माडे में गुलदार ने एक निराश्रित गोवंश को निवाला बना लिया। क्षेत्र के ग्राम हरदासपुर माडे में घूम रहे एक निराश्रित गोवंश पर गुलदार ने सोमवार की रात्रि हमला करके अपना निवाला बना लिया। गोवंश मृत अवस्था में गांव के ही दयाराम सिंह के खेत पर पड़ा मिला। उसके गर्दन पर गहरे निशान थे तथा गोवंश के शरीर का काफी हिस्सा गुलदार द्वारा खा लिया गया था। उधर ग्राम शादीपुर निवासी हरवीर सिंह अपने खेत पर गुलदार देख कर गांव की ओर दौड़ पड़े। शोर मचाने पर गुलदार भाग गया, जबकि हरवीर चौधरी दहशत से बेहोश हो गए।
4 किसान मिलकर काटते हैं एक का चारा, लाठी डंडों से लैस होकर 4 किसान देते हैं पहरा
क्षेत्र में लगातार गुलदार दिखाई दिए जाने से किसान भयभीत हैं। ग्रामीण बेहद चौकन्ने हो गए हैं। वन विभाग द्वारा कहा गया है कि गुलदार के साथ रहना सीखना होगा। क्षेत्र के ग्राम मखवाड़ा में महिला गुड्डी देवी तथा ग्राम तेलीपुरा में युवक संदीप को गुलदार द्वारा मारे जाने के बाद से किसान समूह बनाकर जंगल में जा रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के ब्लॉक अध्यक्ष ग्राम तेलीपुरा निवासी चौधरी बलजीत सिंह ने बताया कि किसानों ने गुलदार का सामना करने के लिए रणनीति बनाई है। किसान लाठी-डंडों तथा भाले से लैस होकर जंगल जा रहे हैं। इस दौरान किसान साथ में मिलकर काम कर रहे हैं। यदि एक किसान को चारा काटना है तब उक्त किसान का चारा 4 किसान मिलकर कटवाते हैं और 4 किसान लाठी डंडे के साथ पहरा देते हैं। किसान सुनील कुमार ने बताया कि वह अपना लाइसेंसी हथियार हर समय साथ लेकर जंगल जाते हैं। वह खेतों में काम करने के दौरान सतर्क रहते हैं और अपना लाइसेंसी हथियार हमेशा साथ रखते हैं। किसान राम भजन सिंह, अमित कुमार, अवनीश कुमार, यशपाल सिंह, नितिन कुमार, कामेन्द्र सिंह आदि ने बताया कि गुलदार आसपास ही घूम रहा है। 5 किलोमीटर के दायरे में गुलदार कई स्थानों पर देखा जा चुका है। रविवार को गांव के बाहर पड़े रेत के ढेर पर गुलदार के पंजों के निशान देखे गए। किसान बेहद चौंकाने होकर जंगल को जा रहे हैं।
चार अलग-अलग स्थानों पर हमले
रविवार को गुलदार ने क्षेत्र में चार अलग-अलग स्थानों पर हमले किए। ग्राम बेगमपुर शादी और ग्राम सराय डूडूम्बर में कुत्ता, ग्राम दयालपुर में एक बकरी पर हमला कर उन्हें मार दिया। वहीं क्षेत्र के ग्राम लल्लावाला में चारा लेकर आ रही दो महिलाओं पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया।
लोहार से बनवा रहे हैं नुकीले भाले
किसान नगीना तथा अकबराबाद में लोहारों से लोहे के नुकीले भाले बनवा रहे हैं। इसके लिए ठोस लोहा लेकर जाते हैं। लोहार अस्सी से 120 रुपए लेकर लोहे को नुकीला कर लाठी के आगे लगा देते हैं, जिससे भाला तैयार हो जाता है।
पिजड़े की ओर नहीं आया गुलदार
ग्राम तेलीपुरा में लगे पिंजरे की ओर गुलदार नहीं आया है।वन विभाग द्वारा पिंजरे के साथ-साथ ट्रेम्प कैमरे भी लगाए गए हैं लेकिन गुलदार पिंजरे की ओर नहीं आया।
हरीश कुमार ने संभाला थाना मंडावर प्रभारी निरीक्षक का कार्यभार
थाने पर हर पीड़ित की तत्काल प्रभाव से होगी सुनवाई: हरीश कुमार
मंडावर (मुकेश कुमार)। बिजनौर पुलिस कप्तान नीरज जादौन के आदेश अनुसार मंडावर थाने में हल्दौर से स्थानांतरित होकर आए हरीश कुमार ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इसी साथ अपनी प्राथमिकताएं बताते हुए उन्होंने कहा कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। थाने आने वाले हर पीड़ित की तत्काल प्रभाव से सुनवाई की जाएगी।
परिचय ~
जिला बागपत के मूल निवासी हरीश कुमार 29 सितंबर 1997 को सहारनपुर में सिपाही के पद पर भर्ती हुए तथा वर्ष 2011 में हेड कांस्टेबल के पद पर पदोन्नति प्राप्त की। 26 मई 2013 को दरोगा के पद पर पदोन्नति हुई तथा 3 जुलाई 2023 को उनकी पदोन्नति इंस्पेक्टर के पद पर हुई है।
मंगलवार सुबह उन्होंने मंडावर थाना प्रभारी निरीक्षक पद पर कार्यभार ग्रहण किया। नवनियुक्त इंस्पेक्टर हरीश कुमार ने बताया कि उनकी प्राथमिकता कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने की रहेगी। अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। हर पीड़ित की तत्काल प्रभाव से सुनवाई की जाएगी।
अब कलक्ट्रेट बिजनौर में डिप्टी कलेक्टर होंगे मनोज कुमार सिंह
विजय वर्धन तोमर बने एसडीएम सदर, मोहित कुमार को भेजा धामपुर
बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जनपद में तैनात चार उप जिलाधिकारियों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया है। एसडीएम सदर मोहित कुमार को धामपुर तहसील क्षेत्र का उप जिलाधिकारी बनाया गया है जबकि नजीबाबाद के एसडीएम विजय वर्धन तोमर को एसडीएम सदर बनाया गया है।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कार्य एवं जनहित दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 23 (2) के अंतर्गत जिले के चार डिप्टी कलक्टर/उप जिला मजिस्ट्रेट के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया है। उपजिलाधिकारी बिजनौर मोहित कुमार को इसी पद पर धामपुर भेजा गया है। वहीं उपजिलाधिकारी नजीबाबाद विजय वर्धन तोमर को उपजिलाधिकारी बिजनौर पद की कमान सौंपी गई है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सुश्री रम्या आर. को उपजिलाधिकारी नजीबाबाद के पद पर भेजा गया है। वहीं उपजिलाधिकारी धामपुर मनोज कुमार सिंह को कलक्ट्रेट बिजनौर में डिप्टी कलेक्टर बनाया गया है। उक्त आदेश जारी कर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने तत्काल प्रभाव से संबंधित अधिकारियों से अपनी नवीन तैनाती स्थान पर कार्यभार ग्रहण कर अनुपालन से अवगत कराने के आदेश दिए हैं।
Tide जैसे रंगरूप की पैकिंग में खुलेआम बेचा जा रहा है Tied
बिजनौर। दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाला डिटर्जेंट ब्रांड Tide 100 रुपए में 4 किलो बिक रहा है। शहर में गाड़ी से घूम कर इसकी बिक्री की जा रही है। सस्ते के चक्कर में लोग इसे खरीद भी रहे हैं।
दरअसल ये असली Tide नहीं, बल्कि असली जैसी पैकिंग में नकली माल है। असली जैसे रंगरूप वाली पैकिंग पर Tide की जगह Tied लिखा हुआ है। हालांकि खरीदकर, घर ले जा कर चैक करने वाले लोग अपना सिर पीट ले रहे हैं। कुछेक ने वापस कर अपने रुपए भी वसूल लिए। एक ग्राहक ने बताया कि पाउडर को पानी के साथ काफी देर तक रगड़ने के बाद भी झाग नाम की कोई चीज बनी ही नहीं।
गाड़ी में Tied बेचता युवक
दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाला डिटर्जेंट ब्रांड है Tide
गौरतलब है कि Tide लॉन्ड्री डिटर्जेंट का एक अमेरिकी ब्रांड है, जो प्रॉक्टर एंड गैंबल द्वारा निर्मित और विपणन किया जाता है। यह 1946 में पेश किया गया और वैश्विक बाजार में अनुमानित 14.3 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाला डिटर्जेंट ब्रांड है। यह विभिन्न क्वालिटी और वैरायटी में सौ रुपए से लेकर दो सौ रुपए किलो तक में बिकता है।
ग्रामीणों की सुरक्षा को पिंजरा लगाने की तैयारी में वन विभाग
गुलदार देखे जाने से गांव बादशाहपुर में खौफ का माहौल
बिजनौर (मुकेश कुमार)। मंडावर क्षेत्र में गुलदार की आमद दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। हर रोज़ कहीं न कहीं गुलदार देखे जाने की खबर सुनने को मिल रही है। मंडावर से गांव बादशाहपुर जाने वाली रोड पर आरिफ खां के खेत पर गुलदार देखा गया है। उसे देखकर उनके ट्रैक्टर ड्राइवर चंद्रू ने शोर मचा दिया। शोर सुनकर आसपास के काफी लोग मौके पर पहुंच गए। वहीं शोर शराबा सुनकर गुलदार खेतों की ओर भाग गया। सूचना वन विभाग को दी गई। मौके पर पहुंचे रेंजर महेश गौतम व वन दरोगा रूचित ने मामले की जानकारी ली। लोगों ने रेंजर को बताया कि काफी समय से गुलदार कस्बे के आसपास देखा जा रहा है। वन दरोगा ने जल्दी ही पिंजरा लगवाने की बात कही है।
तीन दिन पूर्व मंडावर के किशनबास, नई बस्ती के निकट गुलदार ने चरवाहे की एक बकरी को अपना शिकार बनाया था। उससे थोड़ा आगे खानपुर दुल्ली में पठानों वाले बाग में रखवाले पर गुलदार ने हमला करने की कोशिश की। गनीमत ये रही कि पास में एक ट्रैक्टर पर कुछ किसान आ गए, जिसको देखकर गुलदार भाग गया अन्यथा अनहोनी हो जाती। बताया गया है कि खानपुर दुल्ली में अक्सर गुरुद्वारे के पास, नई बस्ती के निकट, सलीम के फार्म के निकट, पठानों वाले बाग में गुलदार देखे जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र में कई गुलदार हैं और अब आक्रामक होने लगे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि छोटी मोटी घटनाएं तो रोज होती हैं लेकिन अब किसानों ने डर के कारण खेत पर जाना भी कम कर दिया है।
ब्लॉक हल्दौर अंतर्गत ग्राम मोमिनपुर दर्गो का मामला
गांव की राजनीति में नहीं बन पा रहा पक्का मकान
बिजनौर। ब्लॉक हल्दौर अंतर्गत मोमिनपुर दर्गो के एक परिवार की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं। इनकी दु:ख भरी दास्तान सुन कर किसी का भी दिल पसीज जाए। …लेकिन मोटी तनख्वाह लेने वाले सरकारी नुमाइंदों के कान पर जूं तक नहीं रेंग सकी। बीमार पति और दो छोटे बच्चों का पालन पोषण करने के लिए महिला पर गंदी नजर रखने वाले गांव के ही कुछ लोग शोषण करने को किसी भी हद तक जाने को उतारू हैं।
ब्लॉक हल्दौर अंतर्गत मोमिनपुर दर्गो में रहने वाली चमार रविदास बिरादरी की पायल को सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल रहा। प्रदेश सरकार के पक्का मकान देने की घोषणा यहां दम तोड़ती दिखाई देती है। बताया गया है कि पंचायत के ग्राम पेदी में भी 5 मकान बने हैं, लेकिन इस परिवार का नंबर नहीं आ रहा। महिला का आरोप है कि मकान की लिस्ट में परिवार का नाम शामिल नहीं किया। गांव के ही कुछ लोग उनसे रंजिश रखते हैं और उसका मकान नहीं बनने दे रहे। पहले वह ससुराल में थी, लेकिन वहां से मारपीट कर निकाल दिया गया इस कारण वह यहां आकर रहने लगे। लगभग 10 साल से परिवार यहां रह रहा है। हादसे में घायल पति कामधाम करने से लाचार है। पति की सेवा और बच्चों की पढ़ाई लिखाई के लिए मजबूरन उसे मेहनत मजदूरी करनी पड़ती है। पायल ने बताया कि बरसात में घर की छत से पानी टपकता है। इससे सामान खराब हो रहा है। महिला ने शासन प्रशासन से उसकी समस्या का समाधान करने की मांग की है।
प्रयास करेंगे: पंचायत सेक्रेट्री मोहित
पंचायत के सेक्रेट्री मोहित ने बताया कि महिला पायल ने उनसे संपर्क किया था। विभागीय साइट कई साल से खुली तक नहीं है। योजना के खुलते ही उसे आवास योजना का लाभ दिलाने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने किसी के भी बहकावे में आकर कोई भी कार्य न करने की बात कही।
इंदौर को साफ सुथरा बनाए रखने में नगर निगम के 11 हजार सफाई कर्मचारियों के साथ साथ नगर में रहने वाले 30 लाख लोगों का भी योगदान है।
इंदौर को साफ सुथरा बनाए रखने का सबसे कारगर मंत्र तीन आर-रिड्यूस, रीयूज एवं रिसाइकिल है। कूड़ा उठाने वाले वाहनों से प्रख्यात गायक शान की आवाज में एक गीत रोज बजता है-‘इंदौर हुआ है नंबर एक-इंदौर रहेगा नंबर एक’
1 अगस्त: विनोबा ने आज ही इंदौर में रोपा था सफाई का बीज
इंदौर देश का सबसे साफ सुथरा शहर है। स्वच्छता सर्वेक्षण में लगातार छठवीं बार उसे इस साल भी पहला स्थान मिला। इंदौर की बदौलत ही राज्यों की रैंकिंग में मध्य प्रदेश भी पहले नंबर पर है। इंदौर को साफ सुथरा बनाए रखने में नगर निगम के 11 हजार सफाई कर्मचारियों के साथ साथ नगर में रहने वाले 30 लाख लोगों का भी योगदान है। करीब 6000 करोड़ के वार्षिक बजट वाले इंदौर नगर निगम की 25 फीसदी धनराशि सफाई पर खर्च होती है। कूड़ा उठाने के लिए 1500 वाहनों का बेड़ा है। ऐसे वाहनों की मॉनिटरिंग के लिए जीपीएस, कंट्रोल रूम और हर जोन के लिए अलग-अलग टीवी स्क्रीन भी लगे हैं। नगर के बाहर 148 एकड़ का डंपिंग ग्राउंड। 150 आदर्श यूरिनल और हर 200 मीटर पर एक सार्वजनिक शौचालय। इंदौर में रोज 1900 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। अहमदाबाद की एक कंपनी ने यहां देश का सबसे बड़ा ट्रीटमेंट प्लांट लगा रखा है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से साफ किए गए गंदे पानी से नगर की 2200 किलोमीटर आंतरिक सड़क रोज साफ की जाती हैं। अभी इंदौर में प्रति व्यक्ति 402 ग्राम कचरा पैदा होता है। इसे 298 ग्राम स्तर पर लाने का लक्ष्य लेकर इंदौर निगम कार्य कर रहा है। इंदौर ही देश में अकेला ऐसा नगर है, जहां अब तक दो बार जीरो वेस्ट इवेंट हो चुके हैं। 29 हजार घरों में गीले कचरे से घरेलू खाद बनाने का कार्य हो रहा है। शहर के 27 बाजार पूरी तरह प्लास्टिक फ्री हो चुके हैं। शौचालयों-मूत्रालयों से लेकर 3000 सड़क किनारे डिब्बे और इनकी लाइव ट्रैकिंग प्रणाली साफ-सुथरा बनाए रखने में कारगर है। देशभर के 600 नगर निगम के अधिकारी इंदौर की सफाई व्यवस्था के अध्ययन के लिए समय-समय पर यहां आते रहते हैं। इंदौर को साफ सुथरा बनाए रखने का सबसे कारगर मंत्र तीन आर-रिड्यूस, रीयूज एवं रिसाइकिल है। इंदौर में कूड़ा उठाने वाले वाहनों से प्रख्यात गायक शान की आवाज में एक गीत रोज बजता है-‘इंदौर हुआ है नंबर एक-इंदौर रहेगा नंबर एक’
साफ-सुथरे इंदौर की यह आधुनिक कहानी कर्णप्रिय है लेकिन इसका आधार क्या है ? क्या आपको इंदौर में सफाई की पुरानी कहानी का जरा सा भी इल्म है। शायद ही कोई ‘हां’ में जवाब दे पाए। पुरानी पीढ़ी को भले यह इतिहास पता हो। याद तो उन्हें भी नहीं रह गया होगा। इस कहानी को जानने के लिए 63 वर्ष पीछे चलिए। यह कहानी जानने के लिए हमें अभी हाल ही में राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित हुई ‘विनोबा दर्शन’ नामक पुस्तक से गुजरना होगा। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष पद्मश्री राम बहादुर राय के निर्देशन, वरिष्ठ पत्रकार मनोज मिश्र के संपादन एवं कमलेश सेन के संकलन से प्रकाशित यह पुस्तक महात्मा गांधी के आध्यात्मिक पुत्र आचार्य विनोबा भावे द्वारा 24 जुलाई 1960 से 40 दिनों तक इंदौर यात्रा से जुड़ी है। ‘नई दुनिया‘ अखबार के मालिक और संपादक के विशेष आग्रह पर आचार्य विनोबा भावे के इस इंदौर प्रवास की दिन प्रतिदिन आंखों देखी रिपोर्टिंग देश के प्रख्यात पत्रकार रहे प्रभाष जोशी ने की थी। तब उनकी उम्र केवल 23 वर्ष की ही थी। ‘विनोबा दर्शन‘ नाम की यह पुस्तक प्रभाष जोशी की 39 रिपोर्टिंग का संग्रह है। इस पुस्तक को पढ़कर आप विनोबा के दर्शन से परिचित तो हो ही सकते हैं, नई और पुरानी पीढ़ी के पत्रकार रिपोर्टिंग की रीति-नीति भी सीख सकते हैं।
इसी पुस्तक के पृष्ठ संख्या-37 में इंदौर की सफाई का संक्षिप्त इतिहास दर्ज है। आचार्य विनोबा भावे ने अपनी यात्रा में इंदौर में एक अगस्त 1960 से सफाई सप्ताह शुरू करने का निर्णय लिया और रत्नागिरी महाराष्ट्र के अप्पा साहब पटवर्धन के नेतृत्व में सफाई समिति भी गठित की। आप पूछ सकते हैं कि आचार्य भावे ने सफाई सप्ताह के लिए एक अगस्त की तारीख ही क्यों चुनी? प्रभाष जी की रिपोर्टिंग में ही इसका जवाब निहित है। रिपोर्टिंग बताती है कि एक अगस्त लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि है। इसीलिए आचार्य विनोबा भावे ने सफाई सप्ताह के लिए इस तारीख को चुना। यात्रा के दूसरे दिन (26 जुलाई 1960) को संत विनोबा भावे ने यात्रा के बीच ही सफाई समिति की बैठक कर सफाई सप्ताह के कार्यान्वयन पर विचार किया था। इस बैठक में इंदौर के तत्कालीन मेयर सरदार शेर सिंह, पूर्व में ईश्वर चंद जैन, मध्य प्रदेश हरिजन सेवक संघ और गांधी निधि के संचालक श्री दाते, मध्यप्रदेश खादी ग्रामोद्योग के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह चौहान, नगर अध्यक्ष कांतिलाल पटेल, हीराबाई बोर्डिया, श्रीमती चौहान, शिक्षा उप संचालक श्री जोशी, श्री महेंद्र त्रिवेदी तथा अन्य कई महत्वपूर्ण व्यक्ति उपस्थित थे। आचार्य विनोबा भावे द्वारा शुरू किया गया यह सफाई सप्ताह केवल नगर निगम के सफाई कर्मचारियों के भरोसे नहीं था। संत विनोबा भावे ने कहा था कि नागरिक और नगर निगम के कामगार दोनों मिलकर सफाई सप्ताह सफल बनाएं। उनका स्पष्ट मानना था कि हमें सफाई के लिए जनमानस तैयार करना है। इस तत्व से यह कार्य करना है कि बाबा (विनोबा भावे) के जाने के बाद भी यह कार्य चलता रहे और लोगों के मन की भावना उत्तरोत्तर बढ़ती जाए। इसीलिए उन्होंने तय किया कि सफाई सप्ताह में काम करने वाले स्वयं प्रेरणा से काम करें और इसके लिए खुद अपना नाम लिखाएं। इसके लिए सफेद कोठी पर एक अस्थाई कार्यालय भी खोला गया। उनके प्रवचन और प्रार्थना के बाद भी ऐसे स्वयंसेवकों के नाम लिखने की परंपरा रही। आचार्य विनोबा भावे ने इस बैठक में यह भी कहा था कि यह सप्ताह किसी संस्था विशेष के नेतृत्व में नहीं मनेगा। सभी संस्थाएं इसमें सहयोग देंगी और यह नागरिकों का सप्ताह होगा। वह मानते थे कि अंग्रेजों ने हमें मुक्त कर दिया लेकिन जब तक मेहतरों को उनके काम से मुक्त नहीं करते, तब तक आजादी सच्ची नहीं हो सकती। इस इतिहास से गुजरते हुए आप सहज ही समझ सकते हैं कि इंदौर साफ सफाई में देश में नंबर वन क्यों है? साफ है कि इंदौर को साफ सुथरा बनाने का बीजारोपण आज से 63 वर्ष पहले 1960 में आचार्य विनोबा भावे ने अपनी यात्रा के दौरान ही कर दिया था। समय पर खाद पानी पाकर सफाई की यह मनोवृत्ति हरा-भरा वृक्ष बनकर आप सबके सामने एक नए उदाहरण के साथ प्रस्तुत है। इंदौर की सफलता में पवित्र संकल्प का बहुत महत्वपूर्ण योगदान है। उस इतिहास की अनदेखी कर वर्तमान की उपलब्धियों का बखान अपने पूर्वजों का ‘अपमान’ ही होगा।
सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोपी गिरफ्तार
बिजनौर। सोशल मीडिया प्लेटफार्म (व्हाट्सएप) पर हिंदू देवी-देवताओं के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोपी को बढ़ापुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक द्वारा जनपद में अपराध की रोकथाम व वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के क्रम में थाना बढापुर पुलिस द्वारा वांछित अभियुक्त फैज पुत्र रियासत निवासी मौ0 नौमी कस्बा व थाना बढापुर जनपद बिजनौर को गिरफ्तार किया गया है।
बताया गया है कि शुभमपाल पुत्र धन सिंह द्वारा थाना बढापुर पर फैज पुत्र रियासत द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफार्म (व्हाट्सएप) पर हिंदू देवी-देवताओं के संबंध में आपत्तिजनक ऑडियो मैसेज भेजने के संबंध में मु0अ0सं0 175/23 धारा 295ए / 505 भादवि व धारा 66 आई0टी0 एक्ट बनाम फैज उपरोक्त पंजीकृत कराया गया था।
बरेली में बलवाई कावड़ियों पर लाठीचार्ज करने वाले एसएसपी प्रभाकर चौधरी का ट्रांसफ़र कर दिया गया है, उन्होंने लाठीचार्ज के बाद बयान दिया था “कावड़ियों में कुछ लोग शराब के नशे में थे और उनके पास अवैध हथियार थे”
बरेली में कांवड़ियों पर लाठीचार्ज के बाद SSP प्रभाकर चौधरी पर गिरी गाज, इंस्पेक्टर समेत दो निलंबित
सीतापुर के एसपी घुले सुशील चंद्रभान को एसएसपी तैनात किया गया
बरेली (संजय सक्सेना)। शहर के जोगी नवादा में रविवार को कांवड़ियों पर लाठीचार्ज के बाद शासन ने एसएसपी प्रभाकर चौधरी को हटा दिया है। सीतापुर के एसपी घुले सुशील चंद्रभान को एसएसपी तैनात किया गया है।
बरेली में पुराना शहर के मोहल्ला जोगी नवादा में कांवड़ यात्रा के दौरान रविवार को एक बार फिर बवाल हो गया था। पुलिस द्वारा कांवड़ियों पर लाठीचार्ज को शासन ने गंभीर मानते हुए एसएसपी प्रभाकर चौधरी को हटा कर 32वीं पीएसी (लखनऊ) भेज दिया है। सीतापुर के एसपी घुले सुशील चंद्रभान को एसएसपी तैनात किया गया है। वहीं बारादरी थाने के इंस्पेक्टर अभिषेक सिंह और जोगी नवादा चौकी प्रभारी अमित कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
बताया गया है कि रविवार सुबह से जारी रस्साकसी के बीच शाम पांच बजे एसएसपी प्रभाकर चौधरी के नेतृत्व में पुलिस ने पहले सख्ती दिखाते हुए भीड़ को बलपूर्वक हटाया, फिर लाठीचार्ज कर दिया। एसएसपी का दावा था कि अराजकतत्वों ने हवाई फायरिंग की, इस कारण लाठीचार्ज करना पड़ा। डीएम शिवाकांत द्विवेदी की मौजूदगी में हुए लाठीचार्ज में कांवड़ियों समेत कुछ महिलाएं भी घायल हुईं। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर डीजे जब्त कर लिया गया।
मजूबर होकर चलवाई लाठी: एसएसपी एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने कहा कि एक पक्ष को समझा दिया गया था। वह लोग गलियों में 150 मीटर अंदर चले गए थे। दूसरा पक्ष नई परंपरा शुरू करना चाहता था। मजबूरी में भीड़ को लाठी चलवाकर खदेड़ना पड़ा। पूरे घटनाक्रम का वीडियो व फुटेज मौजूद है। इसके आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
एक हफ्ते भी हुआ था बवाल: जोगी नवादा में कांवड़ यात्रा के दौरान पिछले रविवार को दो समुदाय के लोग आमने सामने आने के साथ ही पत्थरबाजी भी हुई थी। इस रविवार को चक महमूद से इसी इबादत स्थल के पास से होकर कांवड़ियों का जत्था निकालने की योजना थी। सुबह नौ बजे से ही तनातनी की माहौल बन गया। कांवड़िये डीजे के साथ इसी रास्ते से निकलने पर अड़े हुए थे तो दूसरे समुदाय ने नई परंपरा बताकर विरोध शुरू कर दिया। अधिकारी दोनों पक्षों को मनाने में जुटे रहे। बताया गया है कि शाम को दूसरे समुदाय के लोग इस बात पर राजी हो गए कि इबादत स्थल के पास डीजे बंद कर दिया जाएगा। इसके बावजूद कांवड़िये तैयार नहीं हुए। उनके साथ मौजूद महिलाओं ने पीलीभीत बाईपास पर धरना शुरू कर दिया। जाम लगने पर पहुंचे तो एसपी सिटी ने उन्हें मना भी लिया था। पुलिस ने जोगी नवादा की घटना के बाद मौके से कुछ कांवड़ियों व हंगामा करने वालों को हिरासत में लिया था। बारादरी थाने में करीब छह सात लोग पकड़ कर पूछताछ की जा रही थी। भाजपा सांसद गंगवार, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल आदि ने उन्हें छुड़वा लिया था।
डीएम ने की अपील: जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने कहा कि बगैर अनुमति कांवड़िये जिस मार्ग से जत्था निकालना चाहते थे, उस पर दूसरा पक्ष सहमत नहीं था। समझाने पर दूसरा पक्ष बगैर डीजे बजाए जत्था निकालने पर मान गया था, पर कांवड़िये उसी मार्ग से डीजे बजाते हुए जाना चाहते थे। संगठन के पदाधिकारियों की बात भी नहीं मानी। अराजक होते माहौल में शांति व्यवस्था के लिए हल्का बल प्रयोग करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सावन शिव आराधना का पवित्र माह है। परंपरागत तरीके से धार्मिक आयोजन हों और जत्थे निकाले जाएं। प्रयास रहे कि किसी की भावनाएं आहत न हों।
दूसरे पक्ष से दरोगा इसरार व ललित ने की वार्ता
दरोगा इसरार अली व ललित कुमार ने दूसरे पक्ष के साथ बैठक की। पूर्व पार्षद शराफत अल्वी, सलीम अल्वी, साबिर और जुल्फिकार अल्वी आदि ने बताया कि इस तरह बड़ा जत्था और डीजे यहां से कभी नहीं निकला, हो सकता है कि कुछ लोग बाइक से कभी निकल गए हों या फिर बंद होकर डीजे चला गया हो। यह जत्था निकला तो नई परंपरा पड़ जाएगी जो इलाके की शांति व्यवस्था को प्रभावित करेगी।बाद में एसपी सिटी और सीओ तृतीय ने भी लोगों को समझाने की कोशिश की। ।
14 आईपीएस का तबादला, बरेली समेत दस जिलों के बदले कप्तान
प्रभाकर चौधरी को भेजा 32वीं पीएसी, अमरोहा कप्तान आदित्य लांग्हे भी हटाए गए
लखनऊ (संजय सक्सेना)। राज्य सरकार ने रविवार को 14 आईपीएस का तबादला कर दिया, जिसमें 10 जिलों के पुलिस कप्तान शामिल हैं। प्रभाकर चौधरी को 32वीं पीएसी भेजा गया है। वहीं, लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में तैनात विनीत जायसवाल को चंदौली का एसपी बनाया गया है।
प्रभाकर चौधरी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली को सेनानायक 32 वी वाहिनी पीएससी लखनऊ, अमरोहा एसपी आदित्य लगेह को पुलिस अधीक्षक रेलवे आगरा, राठौर किरीट कुमार हरिभाई पुलिस अधीक्षक अपराध मुख्यालय पुलिस महानिदेशक लखनऊ को सेनानायक 35 वी वाहिनी पीएससी लखनऊ, धुले सुशील चन्द्रभान पुलिस अधीक्षक सीतापुर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली, संतोष कुमार मिश्र पुलिस अधीक्षक मिर्जापुर को पुलिस अधीक्षक अपराध मुख्यालय पुलिस महानिदेशक लखनऊ, कुंवर अनुपम सिंह पुलिस अधीक्षक कन्नौज को पुलिस अधीक्षक अमरोहा, अभिनन्दन पुलिस अधीक्षक बांदा से पुलिस अधीक्षक मिर्जापुर, विनित जासवाल पुलिस उपायुक्त पुलिस कमिश्नर लखनऊ को पुलिस अधीक्षक चन्दौली, मो. मुशताक पुलिस अधीक्षक रेलवे आगरा को पुलिस अधीक्षक ललितपुर, अमित कुमार आनंद पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ नगर से पुलिस अधीक्षक कन्नौज, अंकुर अग्रवाल पुलिस अधीक्षक चन्दौली को पुलिस अधीक्षक बांदा, चक्रेश मिश्र पुलिस अधीक्षक सम्भल को पुलिस अधीक्षक सीतापुर, अभिषेक कुमार अग्रवाल पुलिस अधीक्षक ललितपुर को पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ नगर, कुलदीप सिंह गुनावत को पुलिस अधीक्षक अलीगढ़ से सम्भल भेजा गया है।
नगीना क्षेत्र के ग्राम तेलीपुरा में गुलदार के हमले में हो चुकी है युवक की मौत
वन विभाग ने लखीमपुर खीरी से बुलाई हैं दो हथिनी
अब गुलदार का शिकार बनी युवती, कांबिंग कर लौटीं हथिनियां
बिजनौर (संजय सक्सेना)। रेहड़ के गांव भटपुरा में गुलदार ने युवती को मार डाला। परिवार समेत वह बनैली नदी के पुल के पास पशु चारा काटने गई थी। इससे पहले गुरुवार शाम नगीना क्षेत्र के ग्राम तेलीपुरा में गुलदार के हमले में युवक की मौत हो चुकी है। वन विभाग ने लखीमपुर खीरी से दो हथिनी बुलाई हैं। हालांकि करीब एक घंटे तक जंगल में 03 किलोमीटर कांबिंग करने के बाद दोनों हथिनी वापस लौट आई। अब सोमवार को फिर से सर्च अभियान चलाया जाएगा।
रेहड़ के गांव भटपुरा में गुलदार के हमले में युवती की मौत
बनैली नदी के पुल के पास पशु चारा काटने गई थी युवती
मृतका जमुना पुत्री शमशेर के परिवार में मचा कोहराम
परिवार के अन्य सदस्य भी जंगल से लेने गए थे घास
अफजलगढ़़। रेहड़ थाना क्षेत्र के गांव भटपुरा के जंगल में परिजनों के साथ चारा लेने गई एक 18 वर्षीय युवती को गुलदार ने हमला कर मार डाला। घटना से युवती के परिजनों में कोहराम मचा है। वहीं ग्रामीणों में रोष है। अफजलगढ़ क्षेत्र में यह पहली घटना नहीं है, इससे पहले गुलदार अलग-अलग गांवों में पांच लोगों की जान ले चुका है। वहीं वन विभाग की कई टीम मिलकर भी गुलदार को अभी तक नहीं पकड़ पाई थी। रविवार की शाम रेहड़ थाना क्षेत्र के गांव भटपुरा के जंगल में गांव भटपुरा निवासी जमुना (उम्र 18 वर्ष) पुत्री शमशेर अपने परिजनों के साथ बनेली नदी के पुल के नजदीक पशुओं का चारा लेने के लिए गई थी। जब वह चारा को काट रही थी, तो अचानक गन्ने के खेत से निकलकर एक गुलदार ने जमुना पर हमला कर दिया मौके पर ही युवती की मौत हो गई। गुलदार ने युवती की गर्दन पर वार किया है। घटना से युवती के परिजनों में कोहराम मच गया वहीं ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। घटना के बाद परिजनों सहित सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना पर स्थानीय पुलिस सहित वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। ग्रामीणों से आवश्यक जानकारी हासिल की। इस संबंध में नगीना रेंजर प्रदीप शर्मा का कहना है कि मौके पर टीम को भेज दिया गया है। गुलदार को पकड़ने के प्रयास चल रहे हैं। उन्होंने पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा दिलाने का प्रयास किए जाने की बात कही है।
हमलावर गुलदार की तलाश में दोनों हथिनी ने खंगाला ३ किमी जंगल, नहीं मिली सफलता
इस बीच नगीना क्षेत्र के ग्राम तेलीपुरा में गुलदार के हमले में युवक की मौत के बाद हमलावर गुलदार को चिन्हित करने के लिए दुधवा नेशनल पार्क से नगीना पहुंची दो हथिनियों ने रविवार की सुबह अपना काम प्रारंभ कर दिया। हालांकि करीब 1 घंटे तक जंगल में 3 किलोमीटर कांबिंग करने के बाद दोनों हथिनी वापस लौट आई। अब सोमवार को फिर से सर्च अभियान चलाया जाएगा। गुरुवार की शाम नगीना क्षेत्र के ग्राम तेलीपुरा में गुलदार के हमले में 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी। ग्रामीणों व किसान यूनियन के नेताओं के आक्रोश को भांपते हुए हरकत में आए वन विभाग ने हमलावर गुलदार को चिन्हित करने के लिए लखीमपुर खीरी से दो हथिनी बुलाई हैं।
कैमरे फेल, मैदान में उतरीं सात टीम
नगीना से करीब 9 किलोमीटर दूर तेलीपुरा गांव में पैदल चलकर पहुंची दोनों हथिनी रविवार को सिर्फ 3 किलोमीटर ही जंगल में कांबिंग कर पाई। हालांकि इस दौरान कोई सफलता नहीं मिली। वन विभाग के आला अधिकारियों ने गुलदार को पकड़ने व चिन्हित करने के लिए 7 टीमों को भी मैदान में उतार दिया है। गुलदार की हलचल कैद करने के लिए लगाए गए कैमरों में भी अभी तक कुछ नहीं आया है।
जिले भर में उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार कार्रवाई
डीएम के निर्देश पर अधिकारियों की टीम ने किया 46 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण
एग्रो एजेंसी हल्दौर का मालिक प्रतिष्ठान बंद कर भागा! कारण बताओ नोटिस जारी
बिजनौर (संजय सक्सेना)। उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर जिले भर में आकस्मिक छापामार कार्रवाई की गई। डीएम के निर्देशों के क्रम में अधिकारियों की टीम ने कुल 46 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान/गोदाम में उपलब्ध यूरिया, डीएपी, एनपीके आदि उर्वरकों के स्टॉक का मिलान पीओएस मशीन व अभिलेखों के अनुसार किया गया। कुल 11 उर्वरकों के नमूने भी लिए गए। वहीं मै. एग्रो एजेंसी हल्दौर के मालिक/संचालक के उर्वरक प्रतिष्ठान बंद कर भागने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश एवं जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया एवं राजवीर सिंह सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता की संयुक्त टीम द्वारा तहसील धामपुर व नगीना एवं गिरीश चंद उप कृषि निदेशक एवं पीएन सिंह जिला गन्ना अधिकारी बिजनौर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील बिजनौर एवं मनोज रावत जिला कृषि रक्षा अधिकारी मनोज रावत एवं जितेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी की संयुक्त टीम द्वारा तहसील नजीबाबाद एवं अमित कुमार, अपर जिला कृषि अधिकारी एवं सहायक निदेशक मत्स्य की संयुक्त टीम द्वारा तहसील चांदपुर में उर्वरक विक्रेता के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार की कार्रवाई की गई।
छापामार कार्रवाई के दौरान कुल 46 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान/गोदाम में उपलब्ध यूरिया, डीएपी, एनपीके आदि उर्वरकों के स्टॉक का मिलान पीओएस मशीन व अभिलेखों के अनुसार किया गया। इसके साथ ही कुल 11 उर्वरकों के नमूने लिए गए।
जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने बताया कि मै. एग्रो एजेंसी हल्दौर का मालिक संचालक उर्वरक प्रतिष्ठान बंद कर भाग गया। इस पर उसको कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। निरीक्षण के दौरान पीओएस मशीन से उर्वरकों का वितरण होते हुए पाया गया और पीओएस मशीन में अवशेष स्टाक एवं गोदाम में भंडारित स्टॉक में कोई अंतर भी नहीं मिला।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि छापामार कार्रवाई के दौरान ओवर रेटिंग एवं मुख्य उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग आदि का कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया।
निरीक्षण के दौरान सभी उर्वरक विक्रेताओं को कृषकों की तत्कालीन आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरकों, विशेषकर यूरिया उर्वरक का वितरण निर्धारित दर पर किए जाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि किसी भी दशा में यूरिया उर्वरक की बिक्री बल्क में न किये जाने के सख्त निर्देश सभी को दिए गए हैं।
जल्लाद दादी ने पोते को उतारा था मौत के घाट, गिरफ्तार
बिजनौर। थाना शहर कोतवाली पुलिस ने 26 जुलाई को 8 वर्धीय मासूम बच्चे समद की हत्या के आरोप में उसकी दादी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
कोतवाली शहर के सदर बाजार में उस समय हड़कंप मच गया था, जब 8 साल के बच्चे समद की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। समद अपनी दादी बुंदिया के पास रहता था। उसके पिता आरिफ दिल्ली में रहते हैं। उसकी माँ शमा परवीन से उसके पिता का 4 साल से विवाद चल रहा था। इसके चलते वह अपने दो बच्चों को दादी के यहाँ छोड़कर मायके में रह रही थी।
मृतक बच्चे की मां शमा परवीन और मामा शहनवाज का आरोप था कि समद का पिता आरिफ दिल्ली में नौकरी कर पैसे भिजवाता था। उक्त रकम समद की दादी बुंदिया होटलों पर खाना खाकर उड़ाती थी और पोतों को भूखा रखती थी। खाना मांगने पर उनके साथ मारपीट करती थी। कभी खाना दे देती थी, तो कभी बच्चों को भूखा सोना पड़ता था। आरोप है कि दादी बुंदिया अक्सर कई दिन के लिए बच्चों को घर में बंद कर चली जाती है। दोनों बच्चे भूखे प्यासे घर में बन्द रहते हैं। घटना केनचार दिन पहले भी दादी बच्चों को कमरे में बंद कर कहीं चली गई थी। बच्चे भूखे प्यासे थे, जिसके चलते 8 साल के समद की मौत हो गई।
मृतक बच्चे के परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस ने बड़ा खुलासा किया तो सुनने वालों का दिल दहल गया। पुलिस के अनुसार दादी ने किलस कर (परेशान होकर) अपने ही पोते का गला दबा दिया था। इस कारण उसकी हो गई थी। पुलिस ने आरोपी दादी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
कोर्ट के आदेश पर फर्जी वोट मामले में 46 के खिलाफ मुकदमा दर्ज बीएलओ मण्डावली क्षेत्र के परिषदीय विद्यालय में है तैनात
मुख्य षड्यंत्रकारी बीएलओ मण्डावली क्षेत्र के परिषदीय विद्यालय में है तैनात
फर्जी वोटर के सहारे प्रधान चुना गया था शहजाद अनवर!
बिजनौर। फर्जी वोटर के सहारे किरतपुर क्षेत्र के गांव शाहजहांपुर रोशन उर्फ गड़ीकपुरा का प्रधान चुने गए शहजाद अनवर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पराजित प्रत्याशी के चुनाव को निरस्त करने की मांग पर अदालत ने वाद को स्वीकार करने के साथ ही किरतपुर थाना पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने के आदेश पारित किए। इस पर किरतपुर थाने में 46 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बताया गया है कि इस पूरे षड्यंत्र में मुख्य आरोपी बीएलओ मण्डावली क्षेत्र के परिषदीय विद्यालय में तैनात है।
वर्ष 2021 में हुए ग्राम पंचायत चुनाव में इकबाल अहमद ने शाहजहांपुर रोशन से चुनाव लड़ा था। चुनाव में शहजाद अनवर जीत गया, जबकि इकबाल अहमद पराजित। चुनाव परिणामों को गलत ठहराते हुए इकबाल अहमद ने अदालत में चुनौती दी। आरोप लगाया कि बीएलओ सचिन ने शहजाद अनवर से हमसाज होकर लगभग 44 वोट फर्जी बनवाए, जिन लोगों के वोट बनवाए, वह नाबालिग हैं। इसी को आधार बनाकर इकबाल ने बीएलओ और अन्य के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बिजनौर की अदालत में वाद दायर किया। इकबाल अहमद ने दावा किया कि फर्जी वोटों की वजह से वह मात्र 15 वोट से चुनाव हार गए। बताया गया है कि बीएलओ सचिन वर्तमान में थाना मण्डावली क्षेत्रान्तर्गत एक परिषदीय विद्यालय में तैनात है। थाना प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि अदालत के आदेश पर मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी गई
संविधान बचाओ ट्रस्ट उत्तर प्रदेश, वर्ल्ड दलित काउंसिल/विश्व दलित परिषद एवं अखिल भारतीय चमार महार जाटव महासभा व सेवा न्याय उत्थान फाउंडेशन के अथक प्रयास एवं लगातार किए गए संघर्ष व बड़ी मेहनत के लगभग 1 वर्ष 6 माह बाद थाना किरतपुर पर एफआईआर रजिस्टर्ड की गई है। ~भूपेंद्र पाल सिंह चमार, अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष
दो आबकारी निरीक्षकों ने नांगल जट देशी शराब की दुकान के सेल्समैन को पीटा
जिलाधिकारी से पीड़ितों ने की लिखित में शिकायत
आबकारी अधिकारी का दावा, शराब सिंडिकेट बना रहा बेजा दबाव
आबकारी विभाग के अधिकारियों पर लगे रिश्वत और महीना बंदी के आरोप
बिजनौर। जिले के दो आबकारी निरीक्षकों पर नांगल जट देशी शराब की दुकान के सेल्समैन से गाली गलौच करने और मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। दिनांक 24-7-2023 की इस घटना के पीछे एक ग्राहक द्वारा शराब का एक पव्वा खरीदने के बाद उसमें मक्खी निकलने की शिकायत करना बताया जा रहा है। बहरहाल पीड़ित के साथ ही अन्य कई सेल्समैन ने महीना बंदी और रिश्वत वसूलने की शिकायत जिलाधिकारी को लिखित शिकायती प्रार्थना पत्र सौंप कर की है। उधर जिला आबकारी अधिकारी ने आरोपों से इंकार करते हुए दावा किया कि शराब सिंडिकेट द्वारा बेजा दबाव बनाने की नीयत से प्रोपेगेंडा किया जा रहा है। डीएम से मिलने वाले सेल्समैन ओवररेट की शिकायतों के बाद हटाए जा चुके हैं। वह किसी भी सूरत में शराब के ठेकों पर धांधली और अनियमितता नहीं होने देंगे।
विभागीय उत्पीड़न से त्रस्त अंग्रेजी व देशी शराब, बीयर की दुकानों के कई सेल्समैन ने कलक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा को अपनी आपबीती बताई। इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा गया। नांगल जट देशी शराब की दुकान पर सेल्समैन संदीप कुमार शर्मा पुत्र पूरनदत्त शर्मा निवासी मो० जोशियान कस्बा व थाना नहटौर ने जिलाधिकारी को बताया कि दिनांक 24-7-2023 की एक व्यक्ति ने उसकी दुकान से शराब का एक पव्वा खरीदा। कुछ देर बाद वह आधा पव्वा लेकर आया और बोला कि इसमें मक्खी है। सेल्समैन द्वारा मना करने के बावजूद वह नहीं माना। उक्त व्यक्ति ने झूठी शिकायत आबकारी विभाग में कर दी।
पीड़ित सेल्समैन संदीप कुमार शर्मा
आरोप लगाया कि इस पर आबकारी उपनिरीक्षक हरि नारायण यादव क्षेत्र बिजनौर व उपनिरीक्षक अभ्यप्रताप सिंह क्षेत्र चांदपुर उसकी दुकान पर पहुंचे और आते ही मां बहन की गन्दी गन्दी गालियां देना शुरू कर दिया। यह भी कहने लगे कि सालों समय पर हमारा कमीशन देते नहीं और हम लोगों को दिक्क व परेशान अलग से कराते हैं। इसके बाद उप निरीक्षकों ने गाली गलौच करते हुए उसे मारना पीटना शुरू कर दिया। उसने अपनी जान बचाने के लिए शोर मचाया। इस पर पड़ोसी बीयर की दुकान पर कार्य करने वाले ऋषभ कुमार पुत्र अरजेन्द्र सिंह व वरुण कुमार पुत्र दयाराम सिंह आ गए, जिन्होंने उसको उप निरीक्षकों से बचाया। यह भी आरोप लगाया कि उक्त उपनिरीक्षक गण पूर्व में भी अन्य शराब की दुकानों पर सेल्समैन के साथ अभद्र व्यवहार कर चुके हैं। प्रार्थना पत्र में अवगत कराया कि उक्त घटना दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। उक्त घटना से सभी सेल्समैन बहुत ही परेशान हैं तथा आएदिन उपनिरीक्षकों के व्यवहार से परेशान हैं। डीएम से मिलने वालों में सेल्समैन पवन सैनी, सुरेंद्र चौधरी, अवनीश कुमार, अशोक सैनी, संजीव चौधरी, नीरज चौधरी, जितेंद्र व अजय आदि शामिल थे। डीएम ने उन्हें यथोचित कार्रवाई का भरोसा देते हुए चेताया भी कि ओवर रेटिंग नहीं होनी चाहिए, आबकारी अधिकारी से भी पूछा जाएगा।
केस निपटाने को ली ₹40 हजार रिश्वत, महीना बंदी अलग से ?
सबसे गंभीर बात ये है कि विभागीय अधिकारियों पर रिश्वत और महीना बंदी के आरोप लगे हैं। नांगल जट स्थित बीयर शॉप के सेल्समैन ऋषभ कुमार द्वारा एक ऑडियो उपलब्ध कराते हुए बताया गया है कि जब वह दुकान पर नहीं था, तब 10 रुपए ओवर रेट का मामला पकड़ा गया। इंस्पेक्टर ने खुद बात न कर के आबकारी विभाग के कर्मचारी केपी सिंह से बात कराई। मामला निपटाने के एवज में उससे 40 हजार रुपए लिए और प्रतिमाह ₹6000 रिश्वत ली जा रही है। वहीं ऑडियो क्लिप में किसी ओवर रेट के मामले को रफा-दफा करने के लिए भी ₹20000 की मांग की जा रही है। ऑडियो किस कर्मचारी की है, यह भी जांच का विषय है? बहरहाल उक्त ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और लोग विभागीय अधिकारियों की कथित करतूतों को चटखारे ले कर प्रचारित कर रहे हैं।
ठेकेदार ही बिकवाते हैं ओवर रेट पर शराब!
ओवर रेट पर शराब बिकवाने के आरोप ठेकेदारों पर ही लगाए गए हैं। चक्कर रोड स्थित दुकान के सेल्समैन ने आरोप लगाया कि शराब ठेकेदार राकेश कर्णवाल, सुबोध शर्मा आदि उनसे 10 रुपए ओवर रेट पर शराब बेचने का दबाव बनाते हैं। इसमें से तीन रुपए उन्हें जमा करने होते हैं। हरेक क्वाटर पर 01 रुपए 25 पैसे कटिंग के अलग से लिए जाते हैं। उन्हें दो सौ रुपए वेतन में 12 घंटे से ज्यादा की ड्यूटी करनी पड़ती है। यहां तक कि ठेके पर चोरी जैसी घटना न हो जाए, इसके लिए रात में वहीं पर सोने को कहा जाता है।
नहीं होने देंगे धांधली और अनियमितता: जिला आबकारी अधिकारी
उधर जिला आबकारी अधिकारी वरुण कुमार ने आरोपों से इंकार करते हुए दावा किया कि शराब सिंडिकेट द्वारा बेजा दबाव बनाने की नीयत से प्रोपेगेंडा किया जा रहा है। डीएम से मिलने वाले सेल्समैन ओवररेट की शिकायतों के बाद हटाए जा चुके हैं। वह किसी भी सूरत में शराब के ठेकों पर धांधली और अनियमितता नहीं होने देंगे।
गांव में पेयजल टंकी के निर्माण का विरोध कर रहे हैं दबंग
ग्रामीणों के गले नहीं उतर रही विभागीय अधिकारियों की चुप्पी
दबंगों के हमले में गो रक्षा समिति के जिला उपाध्यक्ष की मां घायल
बिजनौर। तहसील व थाना धामपुर अंतर्गत ग्राम पाडली मांडू में कुछ दबंग व्यक्ति पेयजल टंकी बनने का विरोध कर रहे हैं। दूसरी तरफ गांव में पानी की टंकी के निर्माण की पैरवी करने वालों को प्रताड़ित और उनके साथ मारपीट करते हैं। सरकारी कामकाज में बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ विभागीय अधिकारियों द्वारा पुलिस प्रशासन में शिकायत न करना ग्रामीणों के गले नहीं उतर रहा है। इस बीच दबंगों ने एक परिवार पर हमला कर दिया। घटना में गो रक्षा समिति के जिला उपाध्यक्ष की माता जी घायल हो गई। मामले की शिकायत पुलिस से की गई है।
धामपुर तहसील व थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पाडली मांडू में प्रधानमंत्री पेयजल मिशन अंतर्गत टंकी स्वीकृत हुई थी। बताया गया है कि लगभग एक वर्ष से कुछ दबंग व्यक्ति पेयजल टंकी बनने का विरोध कर रहे हैं। गुरुवार को लेखपाल इस मामले को लेकर गांव के लोगों के साथ पंचायत कर रहे थे तो उक्त दबंगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। आरोप है कि कुछ ही देर बाद उन्होंने टंकी के समर्थन में आवाज उठाने वाले एक परिवार पर हमला कर दिया।
हमले में घायल विनीता शर्मा पत्नी युगल किशोर शर्मा ने पुलिस को दी लिखित शिकायत में बताया कि दोपहर लगभग 2 बजे वह अपने घर के पास में खडी हुई थी। उसी समय अर्जुन पुत्र सौराज, जितेन्द्र व धीरज पुत्रगण अर्जुन, ओमप्रकाश, राजेश, सोम, शुभम, सुमित आदि गाली गलौच करते हुए उसके पास आए। उन्हें मना किया तो सबने मिलकर लाठी डन्डे व ईंट पत्थरों से हमला कर दिया। शोर सुनकर पति युगल किशोर शर्मा व पुत्र नीरज कुमार शर्मा बचाने आए तो उन पर भी हमलावर हो गए। बताया कि ग्राम प्रधान, लेखपाल तथा अन्य ग्रामीणों के सामने भी दबंग हमलावर गाली गलौच करते हुए लात घूंसों से मारपीट करते रहे। आसपास के लोगों ने आकर बीच बचाव किया। इसके बावजूद भी परिवार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि मुकेश कुमार सैनी ने धमकी दी कि उसके पुत्र नीरज को सुपारी देकर मरवा देंगे!
मामले की शिकायत करतीं ग्रामीण महिलाएं
इस मामले में गांव निवासी गो रक्षा समिति के जिला उपाध्यक्ष नीरज ने बताया कि गांव में पानी की टंकी बन रही है। जिस जमीन पर टंकी का निर्माण होना है, उस पर गांव के कुछ दबंग लोगों ने अवैध कब्जा किया हुआ है। इस कारण टंकी का निर्माण अधर में लटका पड़ा है। गुरुवार को लेखपाल इस मामले को लेकर पंचायत कर रहे थे तो उक्त दबंगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि इसी दौरान उनकी माता जी और बीच बचाव करने पर उनके घर पर हमला किया गया। घटना में उनकी मां विनीता शर्मा घायल हो गई। मामले की शिकायत पुलिस से की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जुलाई 2014 और उसके बाद भी अक्सर किया जाता रहा है सोशल मीडिया पर वायरल
टाटा मोटर्स ने आम जनता को फर्जी प्रमोशन विज्ञापनों के प्रति किया सावधान
मुंबई। सोशल मीडिया पर एक एप्लिकैड संदेश वायरल हो रहा है जिसमें लकी स्टूडियो को टाटा नेक्सॉन पेश करने का वादा किया गया है। जब क्लिक किया जाता है, तो लिंक पर एक संदेश लिखा होता है, “टाटा मोटर्स ग्रुप हेडक्वार्टर प्रमोशन, प्रश्नावली के माध्यम से, आपके पास टाटा नेक्सन प्राप्त करने का मौका होगा।” इस पर 10 जुलाई 2014 को टाटा मोटर्स ने संभावित ग्राहकों और आम जनता को धोखाधड़ी वाले प्रचार प्रस्तावों और विज्ञापनों के बारे में सावधान किया था, जिसमें अन्य चीजों के अलावा, व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह आम जनता से कुछ निर्दिष्ट बैंकों में गलत तरीके से नकद जमा की मांग कर रहा है। ये लोग जनता को इस जाल में फंसाने के लिए टाटा मोटर के पंजीकृत ट्रेडमार्क का भी गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।
टाटा मोटर्स यह बताना चाहेगी कि ये संचार पूरी तरह से आम जनता को धोखा देने के इरादे से किए गए हैं और टाटा मोटर्स ने किसी भी व्यक्ति को किसी भी भुगतान/नकद जमा की आवश्यकता के लिए अधिकृत नहीं किया है। कंपनी ने लोगों को सलाह दी है कि वे सावधानी बरतें और टाटा मोटर्स की ओर से भेजे जाने वाले कथित/दावा किए गए ऐसे किसी भी धोखाधड़ी वाले प्रमोशनल ऑफर का शिकार न बनें। कंपनी ने पहले ही पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है और जनता से आग्रह किया है कि वे ऐसे किसी भी संचार से गुमराह न हों जो किसी प्रचार योजना के हिस्से के रूप में भुगतान या अन्यथा की मांग करता हो।
हाल के दिनों में, धोखेबाजों ने ईमेल/एसएमएस/बेईमान समाचार पत्र/टेलीविजन विज्ञापनों के माध्यम से सावधानी राशि जमा करने पर टाटा मोटर्स का वाहन जैसे पुरस्कार देने का वादा किया है। इन धोखेबाजों द्वारा अपनाई जाने वाली सामान्य कार्यप्रणाली संभावित खरीदारों/ग्राहकों से पुरस्कार या लकी ड्रा का लाभ उठाने के लिए कुछ भुगतान करने के लिए कहना है। एक विज्ञापन भी जारी किया गया था जिसमें दर्शकों को कुछ फिल्मस्टारों की पहचान करने के लिए आमंत्रित किया गया था और जवाब देने पर उन्हें वाहन के पंजीकरण और हस्तांतरण के लिए राशि जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया था और उसके बाद वाहन लेने के लिए टाटा मोटर्स की सुविधा के लिए निर्देशित किया गया था।
इसके अलावा, कंपनी के नाम- टाटा मोटर्स लिमिटेड के अनधिकृत उपयोग और उसके वाहनों के संरक्षित नामों, अर्थात्- ‘टाटा सफारी’ का उपयोग करके टाटा मोटर्स के बौद्धिक संपदा अधिकारों का दुरुपयोग किया गया है, जबकि जनता के निर्दोष सदस्यों को इस जाल में फंसाने के लिए ऐसे बेईमान समाचार पत्र विज्ञापन दिए गए हैं।
टाटा मोटर्स ने जनता से पुरस्कार या लकी ड्रा जीतने के लिए किसी भी तरह की कॉशन मनी मांगे जाने पर स्थानीय पुलिस अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज करने का आग्रह किया।
असल की जांच टाटा मोटर्स ग्रुप मुख्यालय प्रोमोशन असली का नकली? यहां पर लोकप्रिय हो रहे टाटा नेक्सन को अवॉर्ड के तौर पर पेश किए जाने वाले प्रचार विज्ञापन के तथ्य की जांच की जा रही है। एक यात्री ने जवाब देते हुए कहा कि टाटा मोटर्स ने साझीदारी जारी की है और कहा है कि उन्होंने ऐसी किसी भी प्रतियोगिता की घोषणा नहीं की है और वे ऐसी मंजूरी को किसी भी तरह के दायरे से बाहर कर देते हैं। टाटा मोटर्स ने कहा, “हम दृढ़ता से सुझाव देते हैं कि इस तरह के धोखाधड़ी वाले संदेश को सोशल मीडिया पर शामिल नहीं किया जाना चाहिए। कृपया क्लिक करें या संलग्न होने से अनुमति दें।” ~सनी रोड्रिक्स
टाटा मोटर्स के बारे में
टाटा मोटर्स भारत की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी है, जिसका समेकित राजस्व रु। 2012-13 में 1,88,818 करोड़ ($ 34.7 बिलियन)। सहायक कंपनियों और सहयोगी कंपनियों के माध्यम से, टाटा मोटर्स का संचालन यूके, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड, दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया में है। इनमें जगुआर लैंड रोवर भी शामिल है, इस व्यवसाय में दो प्रतिष्ठित ब्रिटिश ब्रांड शामिल हैं। इसका भारत में फिएट के साथ एक औद्योगिक संयुक्त उद्यम भी है। भारत में चलने वाले 8 मिलियन से अधिक टाटा वाहनों के साथ, टाटा मोटर्स वाणिज्यिक वाहनों में देश के बाजार में अग्रणी और यात्री वाहनों में शीर्ष पर है। यह दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा ट्रक निर्माता और चौथा सबसे बड़ा बस निर्माता भी है। टाटा कारों, बसों और ट्रकों का विपणन यूरोप, अफ्रीका, मध्य पूर्व, दक्षिण एशिया, दक्षिण पूर्व एशिया, दक्षिण अमेरिका, सीआईएस और रूस के कई देशों में किया जा रहा है।
ढकरिया बीट में अवैध रूप से काटे गए यूकेलिप्टस के 57 पेड़ों में संलिप्त दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी: डीएफओ
काशीवाला में नर्सरी के निरीक्षण के दौरान कमी पाए जाने पर डीएफओ ने जताई नाराजगी
वन रक्षक सस्पेंड जबकि वन दरोगा पर वरिष्ठ अधिकारी अब तक मेहरबान!
बिजनौर/बढ़ापुर। आरक्षित वन क्षेत्र से काटे गए पेड़ों की जांच करने मौके पर पहुँचे प्रभागीय वनाधिकारी ने साहुवाला वन रेंज के अंतर्गत आने वाली कांशीवाला नर्सरी का निरीक्षण कर कमी पाए जाने पर नाराजगी जताते हुए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए।
बढ़ापुर वन रेंज के आरक्षित वन क्षेत्र में बीती करीब दो सप्ताह पहले काटे गए यूकेलिप्टस के पेड़ों की जांच करने के लिये प्रभागीय वनाधिकारी आशुतोष पांडे व उप प्रभागीय वनाधिकारी राजीव चौधरी ढकरिया बीट के कक्ष संख्या एक में पहुँचे और घटना का स्थलीय निरीक्षण किया। बताते चलें कि ढकरिया बीट के कक्ष संख्या एक में यूकेलिप्टस के 57 पेड़ों का कटान विभाग क़बूल कर रहा है, जबकि विभागीय सूत्रों की माने तो उक्त स्थान से यूकेलिप्टस के 130 पेड़ों का कटान किया गया है, जिसमें बीट पर तैनात वन रक्षक व वन दरोगा संलिप्त है। इसके चलते हुए विभाग द्वारा जांच करने व उसमें दोषी पाए जाने पर वन रक्षक को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि वन दरोगा पर वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अभी तक मेहरबान हैं। फ़िलहाल पेड़ों की यह संख्या विभागीय पोल खोलने के लिये काफी है कि रक्षक ही भक्षक बन चुके हैं। पेड़ों के अवैध रुप से कटान किये जाने की जांच को दोनों अधिकारियों ने नजीबाबाद वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाली साहुवाला वन रेंज की कांशीवाला नर्सरी का निरीक्षण किया। बताते चलें कि नर्सरी तक पहुचने के लिये ही दोनों अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कच्चे मार्ग के कारण कीचड़ से भरे रास्तों से होते हुए जब दोनों अधिकारी नर्सरी पहुँचे और वहां पर नर्सरी से संबंधित रजिस्टर मांगा तो साहुवाला रेंजर बगले झांकते नजर आए। नर्सरी इंचार्ज के मौके पर न मिलने के कारण प्रभागीय वनाधिकारी खफा हो गये। निरीक्षण करते हुए पौध के सही से रख रखाव न होने के कारण प्रभागीय वनाधिकारी को गुस्सा आ गया, जिसके चलते हुए पूरी नर्सरी का निरीक्षण किया गया। साथ ही पौधों के रख रखाव व उनके सही तरीके से रोपड़ के लिये विभाग द्वारा बताई गई तकनीक के आधार पर ही रोपड़ करने के लिये आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए।
प्रभागीय वनाधिकारी आशुतोष पांडे से बात करने पर उन्होंने बताया कि बढ़ापुर वन रेंज के ढकरिया बीट के कक्ष संख्या एक में 57 पेड़ों के अवैध रूप से कटान का मामला सही पाया गया है। मौके से काटे गए 15 पेड़ों का प्रकाष्ठ बरामद किया जा चुका है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
पीएम-किसान योजना की 14 वीं किस्त के रूप में 8.8 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 17 हजार करोड़ से अधिक की राशि का हस्तान्तरण
वीडियो कान्फ्रेन्स से पीएम-किसान सम्मेलन में जुटे जनपदीय अधिकारी
यूरिया गोल्ड-सल्फर कोटेड यूरिया का शुभारम्भ
1.25 लाख प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र राष्ट्र को समर्पित
बिजनौर। पीएम-किसान सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वीडियो कान्फ्रेन्स के माध्यम से 1.25 लाख प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों का राष्ट्र को समर्पण, यूरिया गोल्ड-सल्फर कोटेड यूरिया का शुभारम्भ एवं पीएम-किसान की 14 वीं किस्त के रूप में 8.8 करोड से अधिक किसानों के खातों में 17 हजार करोड़ से अधिक की राशि का हस्तान्तरण किया गया।
जनपद में कृषि भवन सभागार बिजनौर में प्रधानमंत्री के उद्बोधन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमती इन्दिरा सिंह अध्यक्ष नगर पालिका परिषद बिजनौर, संजीव मलिक जिला पंचायत सदस्य बिजनौर, गिरीश चन्द उप कृषि निदेशक बिजनौर, जसवीर सिंह तेवतिया जिला कृषि अधिकारी बिजनौर एवं मनोज रावत जिला कृषि रक्षा अधिकारी बिजनौर के द्वारा प्रतिभाग किया गया।
प्रधानमंत्री द्वारा अपने उद्बोधन में बताया गया कि प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों पर किसानों को खेती में जरूरत की सभी वस्तुएं एक ही जगह पर उपलब्ध कराई जायेगी जैसे-बीज, उर्वरक, कीटनाशक एवं खेती से जुड़े सभी औजार/मशीनें तथा खेती से सम्बन्धित समस्त जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
साथ ही जिला कृषि अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद बिजनौर में अभी तक 104 प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र स्थापित कराए गए हैं, जिन पर जनपद के किसानों को समस्त प्रकार के कृषि निवेश उपलब्ध कराए जायेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जनपद में प्रचार-प्रसार हेतु प्रचार वाहन को मुख्य अतिथि एवं अधिकारियों द्वारा हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया।
क्रीड़ा भारती एवं आरआर पब्लिक स्कूल नूरपुर ने संयुक्त रुप से किया आयोजन
इंटर स्कूल बास्केटबॉल प्रतियोगिता में डीडीपीएस बना विजेता
बिजनौर। आरआर पब्लिक स्कूल नूरपुर में जनपद स्तरीय इन्टर कालेज बास्केटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। आयोजन क्रीड़ा भारती विकास खण्ड नूरपुर एवं आरआर पब्लिक स्कूल नूरपुर द्वारा संयुक्त रुप से किया। प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि योगेन्द्र पाल सिंह योगी, अध्यक्ष क्रीड़ा भारती जनपद बिजनौर एवं विशिष्ट अतिथि प्रणय मनु गुप्ता प्रधानाचार्य द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। आयोजक सचिव संजीव डवास ने बताया कि प्रतियोगिता में 8 टीमों के द्वारा प्रतिभाग किया गया।
प्रतियोगिता के प्रथम सेमी फाइनल में डीएडीपीएस बिजनौर ने सेंट मेरिज स्कूल नजीबाबाद को 41- 26 से तथा दूसरे सेमी फाइनल में आरआर पब्लिक स्कूल नूरपुर द्वितीय को मूलचन्द एकेडमी नजीबाबाद ने 21-26 से हराया। प्रतियोगिता का फाइनल बहुत ही रोमांचक रहा, जिसमें दोनों टीम अतिरिक्त टाइम व गोल्ड बास्केट में भी बराबर रही। उसके बाद शूट आउट के द्वारा डीडीपीएस ने मूलचन्द एकेडमी को 3-2 से हराया। अधिक स्कोर के लिए पुनीत कुमार व अभिनव कुमार को भी सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता के निर्णायक अशोक त्यागी, राजेश चौहान, भावना सिंह व अरविंद अहलावत रहे।
विजेता व उप विजेता टीम को मुख्य अतिथि योगेन्द्र पाल सिंह “योगी” व विद्यालय के चेयरमैन मनुजेंद्र गुप्ता द्वारा संयुक्त रुप से ट्राफी व मेडल देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय चेयरमैन द्वारा सभी का आभार व खिलाडियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। प्रतियोगिता के सफल आयोजन में संजीव डवास आयोजक सचिव व अध्यक्ष क्रीड़ा भारती विकास खण्ड नूरपुर, टीकम सिंह, चंचल कटारिया, विनय तितोरिया, विक्रांत त्यागी, अतुल कुमार, कपिल चौधरी, हर्ष ढिलानिया, वर्णित रवि, पुनीत कुमार, बासु, आदित्य आदि का सहयोग रहा।
तीन आरोपियों ने की थी घर में घुसकर महिला के साथ छेड़छाड़
बन्द होते दिख रहे अभियुक्त के बचाव के रास्ते
रामपुर। टांडा में एक घर में घुसकर कथित रूप से महिला के साथ छेड़खानी के तीन आरोपियों के बचाव के रास्ते बंद होते दिख रहे हैं। इनमें से एक को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
पुलिस के अनुसार एक महिला ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 28 मई 2023 को परिवार के सभी लोग वैवाहिक कार्यक्रम में हल्द्वानी गए हुए थे। वह घर पर अकेली थी। देर शाम करीब 09.00 बजे कस्बा टाण्डा के मौ0 आजाद नगर निवासी इनाम अली पुत्र दायम अली, अनस पुत्र अब्दुल मलिक व फईम अख्तर ने घर में घुसकर उसके साथ छेड़खानी की, विरोध करने पर आरोपियों ने गाली गलौज की। महिला के शोर मचाने पर आरोपी धमकी देकर चले गए। पुलिस ने पीड़ित महिला की तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर एक आरोपी अनस को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि अन्य दो फरार हो गए।
पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी इनाम अली ने न्यायालय जनपद रामपुर अदालत में राहत हेतु अग्रिम जमानत प्रथम प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया जो दिनांक 16/06/2023 एवं द्वितीय अग्रिम जमानती प्रार्थना पत्र 06/07/2023 को खारिज कर दिया गया था। बताया गया है कि इसी बीच विवेचक ने तथ्य जुटा कर धारा 376(2)(N) की बढ़ोतरी की, जबकि अग्रिम कारवाई प्रचलित है। उसके बाद अभियुक्त ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद का रुख किया और अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। दिनांक 24/07/2023 को मेरिट के आधार पर अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज हो गया, जिस कारण अभियुक्त के बचाव के रास्ते बन्द होते दिख रहे हैं। अभियुक्त की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत है। फहीम ने भी हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया है मगर अभी पेंडिंग है। वहीं महिला का यह भी आरोप है कि अपने आप को वकील बताने वाले इनाम अली नाम के इस दलाल के पास न तो कोई चेंबर है और न ही कोई डिग्री।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी से की गई शिकायत
अवैध ट्रैक्टर ट्रालों में 500 कुंतल से अधिक वजन लाद कर लगा रहे राजस्व को चूना
7 कुंटल लोड पर पास ट्रांसपोर्ट वाहन कर रहे 30 कुंटल तक ओवरलोडिंग
गन्ना मिल महाप्रबंधक चहेते ट्रैक्टर ट्राला ठेकेदारों को कर रहे प्रमोट!
बिजनौर। अपना दल (एस) के जोन प्रभारी एवं प्रधान शैलेंद्र चौधरी एडवोकेट एवं नजीबाबाद पब्लिक कैरियर वेलफेयर एसोसिएशन ने गन्ना मिल महाप्रबंधक पर अपने चहेते ट्रैक्टर ट्राला ठेकेदारों को प्रमोट करने का आरोप लगाया है। इस सिलसिले में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी से शिकायत की गई है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी से राजधानी लखनऊ पहुंच कर अपना दल (एस) के जोन प्रभारी एवं प्रधान शैलेंद्र चौधरी एडवोकेट ने शिष्टाचार भेंट की। उनके साथ में नजीबाबाद पब्लिक कैरियर वेलफेयर एसोसिएशन (ट्रक यूनियन) का एक प्रतिनिधिमंडल भी शामिल था। शैलेंद्र चौधरी एडवोकेट ने यूनियन की समस्या को प्रदेश अध्यक्ष के सामने रखा।
ट्रक यूनियन की ओर से दिए गए ज्ञापन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को बताया कि 7 कुंटल लोड पर पास ट्रांसपोर्ट वाहन 30 कुंटल तक ओवरलोडिंग कर रहे हैं। आरोप लगाया कि नजीबाबाद गन्ना मिल के महाप्रबंधक गन्ने के सेंटरों से ढुलान के लिए जानबूझकर व सोच समझकर नाजायज फायदा कमाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा अधिकृत वाहन ट्रक वालों को दरकिनार कर अपने चहेते ट्रैक्टर ट्रालों वाले ठेकेदारों को प्रमोट कर रहे हैं।
यह आरोप भी लगाया कि दस टायरा ट्रक में 180 कुंतल माल लाया जा सकता है लेकिन अवैध ट्रैक्टर ट्रालों से 500 कुंतल से अधिक वजन लाकर सरकार को राजस्व की हानि पहुंचाई जा रही है। उन्होंने नजीबाबाद सहकारी चीनी मिल में ट्रक यूनियन से अधिकृत लोकल गाड़ियों को प्राथमिकता देने की मांग की।
अपना दल (एस) के जोन प्रभारी एवं प्रधान शैलेंद्र चौधरी एडवोकेट
प्रदेश अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि जो भी सरकारी नियमों का उल्लंघन करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। हमारी सरकार जीरो टॉलरेंस पर कार्य कर रही है। अपना दल (एस) के जोन प्रभारी एवं प्रधान शैलेंद्र चौधरी एडवोकेट के साथ में सरदार रक्षपाल पूर्व प्रधान, रईस अहमद, सचिव मुस्तकीम भाई, शहजाद अहमद, मोहम्मद इदरीश कोषाध्यक्ष, सूर्य प्रताप सिंह, अनिल कुमार बाबू, त्यागी जी, गुलबहार भाई एवं अन्य मौजूद रहे।
बेगमपुल पर 14 मीटर की गहराई पर निर्मित रीट्रिविंग शाफ्ट से बाहर निकल आई टनल बोरिंग मशीन सुदर्शन 8.2
लगभग 5.5 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में आने और जाने के लिए तीन समानांतर टनलों का निर्माण महज 15 महीने में पूरा
दिल्ली-गाज़ियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर पर भूमिगत सेक्शन में टनलिंग कार्य पूरा
मेरठ (एजेंसियां)। दिल्ली-गाज़ियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर पर भूमिगत सेक्शन में टनलिंग का कार्य पूरा कर एनसीआरटीसी ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है। भैंसाली से बेगमपुल के बीच निर्मित इस छठी और आखिरी टनल का निर्माण कर रही टनल बोरिंग मशीन, सुदर्शन 8.2, 14 मीटर की गहराई पर बेगमपुल पर निर्मित रीट्रिविंग शाफ्ट से बाहर निकल आई। इसी के साथ मेरठ में टनलिंग का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।
आरआरटीएस कॉरिडोर पर मेरठ के भूमिगत सेक्शन में तीन स्टेशन हैं, मेरठ सेंट्रल, भैंसाली और बेगमपुल । इन तीनों स्टेशनों को आपस में जोड़ने के लिए तीन भाग में कुल छह टनलों का निर्माण किया गया है। भैंसाली और बेगमपुल को जोड़ने वाली यह छठी और आखिरी टनल लगभग एक किलोमीटर लंबी है। मेरठ में लगभग 5.5 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में आने और जाने के लिए तीन समानांतर टनलों को महज 15 महीने के समय में पूरा कर लिया गया है। मेरठ की पहली टनल का निर्माण अक्टूबर 2022 में पूरा पूरा कर लिया गया था और अब जुलाई 2023 में छठी टनल के पूर्ण होने के साथ ही टनलिंग का कार्य संपन्न हो गया है। अब निर्मित हो चुकी टनलों में ट्रैक बिछाने और ओएचई इंस्टॉलेशन का कार्य प्रगति में है। सभी छह टनल के निर्माण में लगभग 35000 प्री-कास्ट सेग्मेंट्स का प्रयोग किया गया है। टनलिंग की प्रक्रिया में, सात सेग्मेंट्स को जोड़कर एक टनल रिंग का निर्माण किया गया है। इन सेग्मेंट्स और रिंग्स को बोल्ट्स की सहायता से जोड़ा जाता है। रैपिडएक्स टनलों का व्यास 6.5 मीटर है जो 180 किमी प्रति घंटे की समान डिजाइन गति के साथ चौड़े एवं ऊँचे रोलिंग स्टॉक के लिए विश्व में निर्मित अन्य टनलों के वैश्विक बेंचमार्क की तुलना में काफी अनुकूलित है। देश में अन्य रेल- आधारित शहरी सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों की तुलना में, यह पहली बार है, जब इतने बड़े आकार की सुरंग का निर्माण किया जा रहा है।
घनी आबादी व नाले के नीचे से निकाली सुरंग
इस सेक्शन में निर्मित टनलें शहर के बहुत घनी आबादी वाले इलाकों को पार करते हुए, बेगमपुल नाले के नीचे से गुजरते हुए बेगमपुल स्टेशन पहुची हैं। सुदर्शन 8.2 (टीबीएम) द्वारा नाले को पार करने के लिए नवीनतम तकनीकों का उपयोग किया गया और टनल विशेषज्ञों द्वारा अत्यधिक सावधानी बरती गई। इस सेक्शन में 600 मीटर रेडियस का एक बहुत ही तीखा मोड़ भी था, जहाँ टीबीएम द्वारा टनलिंग करना एक कठिन काम था। इन तमाम कठिनाइयों के बावजूद, टीम एनसीआरटीसी ने पूरी तत्परता और सावधानी से इसे सफलतापूर्वक संभव बनाया।
रैपिड व मेट्रो दोनों की सुविधा
इन भूमिगत स्टेशनों में मेरठ सेंट्रल और भैंसाली मेरठ मेट्रो की सुविधा प्रदान की जाएगी, वहीं बेगमपुल स्टेशन मेट्रो एवं रैपिडएक्स, दोनों सुविधाएँ मुहैया कराएगा। ज्ञातव्य है कि एनसीआरटीसी 23 किलोमीटर के क्षेत्र में 13 स्टेशनों के साथ, आरआरटीएस कॉरिडोर पर ही स्थानीय मेट्रो की सुविधा प्रदान करने की पहल कर रहा है। इस पूरे कॉरिडोर को 2025 तक जनता के लिए संचालित करने का लक्ष्य है। यात्रियों को एक आधुनिक, कुशल और आरामदायक यात्रा साधन उपलब्ध कराने के साथ यह परियोजना मेरठ के शहरी परिवहन परिदृश्य में एक क्रांति लेकर आएगी।
मां और मामा का आरोप बच्चों को घर में बंद कर दादी चली गई थी बाहर
घर से निकाले जाने के बाद चार साल से मायके में रह रही है मां
चार दिन से घर में बंद 8 साल के बच्चे की भूख प्यास से मौत!
बिजनौर। चार दिन से घर में बंद 8 साल के बच्चे की भूख प्यास से मौत हो गई! मृतक बच्चे के ननिहाल पक्ष के लोगों ने बच्चे की दादी पर कमरे में बंद कर कहीं जाने का आरोप लगाया है। सूचना पर सीओ व शहर कोतवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जानकारी के अनुसार शहर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत डाकघर चौराहे के समीप पामर गंज निवासी आरिफ की शादी 12 साल पहले मोहल्ला जुलाहान की शमा परवीन से हुई थी। दोनों के दो पुत्र हैं। बताया गया है कि 4 साल पहले आरिफ ने मारपीट कर शमा को घर से निकाल दिया था। तभी से शमा अपने मायके में रह रही है, जबकि उसके दोनों बच्चे समद (8 वर्ष) और अर्श (12 वर्ष) दादी और पिता के पास ही रह रहे थे। मृतक बच्चे की मां शमा परवीन और मामा शहनवाज ने बताया कि आरिफ दिल्ली में होटल पर नौकरी करता है और बच्चे अपनी दादी के पास रहते हैं। बच्चों के मामा शहनवाज ने आरोप लगाया कि दादी बुंदिया अक्सर कई दिन के लिए बच्चों को घर में बंद कर चली जाती है। दोनों बच्चे भूखे प्यासे घर में बन्द रहते हैं। चार दिन पहले भी दादी बच्चों को कमरे में बंद कर कहीं चली गई थी। बच्चे भूखे प्यासे थे, जिसके चलते 8 साल के समद की मौत हो गई है।
बच्चे के मामा ने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले उसका पिता आरिफ घर पर आया हुआ था, उसने और दादी ने बच्चे की पिटाई भी की थी! बच्चे की मौत की खबर सुनकर आसपास के काफी लोगों की भीड़ मौके पर एकत्र हो गई। वहीं मृतक बच्चे की दादी बुंदिया ने लोगों के पूछने पर सफाई दी कि बच्चा बेहोश हो गया था, उसे डॉक्टर के पास दिखाया गया था, तभी उसकी मौत हो गई।
मामा शहनवाज
घटना की सूचना पर सीओ सिटी अनिल सिंह, शहर कोतवाल जीत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बच्चे के पिता को हिरासत में ले कर पूछताछ की जा रही है। शहर कोतवाल जीत सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, मामले की जांच की जा रही है।
पिता ने ससुरालियों के आरोप को ठहराया झूठा
मृतक बच्चे के पिता को पूछताछ के लिए ले जाती पुलिस
इस मामले में बच्चे के पिता आरिफ ने कहा कि वह दिल्ली में रहकर काम करता है। उसी के पैसों से घर का गुजारा चलता है। मंगलवार दोपहर समद की तबियत खराब हुई, तो उसकी मां बुंदिया (बच्चे की दादी) ने उपचार के लिए जिला अस्पताल भर्ती कराया और उसको भी सूचना दी। मंगलवार शाम उपचार के दौरान समद की मौत हो गई। आरिफ ने कहा कि उसके ससुराल वालों के सभी आरोप झूठे हैं। आरिफ का आरोप है कि समद और अर्श की मां चंद कदमों की दूरी पर अपने मायके में रहती है, लेकिन पिछले चार साल में बच्चों से मिलने तक नहीं आती थी। उसकी 65 वर्षीय मां ही बच्चों का ध्यान रखती थी।
मोदीनगर। गांव बिसोखर स्थित नाले में मंगलवार देर रात लगभग चार फुट लंबा व तीन फुट चौड़ा कछुआ बहता हुआ आ गया। विशालकाय कछुआ नाले के कबाड़ में फंस गया। मौके पर एकत्र ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद कछुए को नाले से निकाला और ठेले में रखकर गोविंदपुरी चौकी ले गए। कछुए को देखने के लिए चौकी पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम कछुए को मिनी ट्रक में रखकर मोदीनगर क्षेत्रीय वन कार्यालय मुरादनगर गंगनहर पर ले गई।
मोदीनगर के गांव बिसोखर के ग्रामीणों को मंगलवार रात वहां से गुजरने वाले नाले में कुछ अजीब सा जीव दिखाई दिया। टॉर्च की रोशनी की गई तो लगभग 4 फुट लंबा व तीन फुट चौड़ा कछुआ देखकर ग्रामीण आश्चर्यचकित रह गए। नाले के समीप रहने वाले झुग्गी वासियों और ग्रामीणों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद कबाड़ में फंसे कछुए को बाहर निकाला और गोविंदपुरी चौकी ले गए। ग्रामीण शाहिद और शानू ने बताया कि कछुए ने दो लोगों को काट लिया। वन दरोगा संजीव कुमार ने बताया कि कछुए की उम्र 60 के आसपास है। प्रजाति जानने के लिए वन जीव विशेषज्ञों के पास फोटो भेजे गए हैं। आमतौर पर इस प्रकार के कछुए नदी में पाए जाते हैं। इसे भी नदी में छोड़ दिया जाएगा।
जिला कृषि अधिकारी ने राजकीय कृषि निवेश भंडार, जलीलपुर में किया वितरण
श्री अन्न मिलेट्स योजना अंतर्गत किसानों को निःशुल्क मिनी किट वितरित
बिजनौर। राजकीय कृषि निवेश भंडार, जलीलपुर में कृषकों को श्री अन्न मिलेट्स योजना के अंतर्गत (मोटा अनाज) की मिनी किट का निःशुल्क वितरण किया गया।
जिला कृषि अधिकारी, जसवीर सिंह तेवतिया द्वारा कृषक महावीर सिंह मीरापुर को बाजरा, दयाराम सिंह ग्राम नवादा एवं हरपाल सिंह ग्राम खानपुर खादर को उड़द तथा श्रीमती नीता ग्राम नवादा को बाजरा की नि:शुल्क मिनी किट का वितरण किया गया। साथ ही कृषकों से अनुरोध किया गया कि सभी कृषक उक्त मिनी किट को अपने खेतो में बुआई कर उत्पादन करें। साथ ही अपने उपयोग में लाएं। इस अवसर पर संजीव कुमार सहायक विकास अधिकारी (कृषि) जलीलपुर, नमेश कुमार प्रभारी कृषि निवेश भंडार जलीलपुर एवं अन्य प्राविधिक सहायक उपस्थित रहे।
दिन में कब-कब चार्ज करना चाहिए फोन? कोई लगा लेता है 30% पर तो कोई 40% पर, आधे से ज्यादा लोग करते हैं गलती
अगर आपको नहीं मालूम है कि 20-80 रूल क्या है तो जान लीजिए कि 20 यानी कि 20% तक बैटरी ड्रेन होने पर चार्जिंग पर लगाएं और 80 का मतलब है 80% होने पर चार्जिंग को निकाल लेना सही होता है। यानी कि अगर आपका फोन दिन में दो बार 20% तक पहुंच जाता है तो आप दो बार चार्जिंग पर लगाना होगा, उससे ज्यादा बार नहीं।
Phone Charging Mistakes: अगर आप भी फोन को बार-बार चार्जिंग पर लगा देते हैं तो आपके लिए ज़रूरी सलाह है. वह इसलिए क्योंकि फोन को चार्जिंग पर लगाने का एक सही तरीका है. अगर आप उसे फॉलो नहीं करते हैं तो आपकी बैटरी की सेहत के लिए खराब हो सकती है.
Phone Charging Rule: फोन की बैटरी अगर जल्दी-जल्दी ड्रेन होने लगती है तो बहुत गुस्सा आता है. बैटरी डेड हो जाना मतलब अच्छे खासे फोन का कबाड़ बन जाना. ये तो हम सभी ने नोटिस किया होता कि नए स्मार्टफोन की देखभाल हम बहुत प्यार से करते हैं. लेकिन जहां फोन थोड़ा पुराना होने लगता है, इसे लेकर हम कई तरह की लापरवाही बरतने लगते हैं.
बात चार्जिंग की आती है तो कुछ लोग ऐसे भी हैं कि जब भी उनका फोन थोड़ा सा भी डिस्चार्ज होता है तो वह तुरंत चार्जिंग पर लगा देते हैं. साथ ही कई लोग ऐसे भी हैं जो फोन चार्जिंग पर लगाने के थोड़ी ही देर बाद फिर से उसे निकाल लेते हैं, और ये सिलसिला चलता रहता है.
लेकिन क्या आपको पता है कि लोगों की इन आदतों के चलते फोन में खराबी आने लगती है. फोन को चार्जिंग पर लगाने का एक सही तरीका है. अगर आप बार-बार फोन चार्ज पर लगाते रहेंगे तो फोन की बैटरी समय के साथ खराब हो जाएगी. इसलिए जान लीजिए कि दिन में कितनी बार फोन को चार्ज पर लगाना चाहिए…
बैटरी को 20% या उससे ज़्यादा कम न होने दें और बैटरी को पूरी तरह से डिस्चार्ज होने से बचाएं. 80% (या उससे कम) और 100% के बीच बैटरी लेवल हो जाए, तभी फोन को चार्जर से अनप्लग कर दें. अपने फोन को ज़्यादा देर तक 100% लेवल पर न रहने दें, यानी पूरी तरह चार्ज होने के बाद चार्जर से हटा दें.
ज़्यादातर लोग 20-80 रूल को अपनाने की सलाह देते हैं, जिसका आप भी निश्चित रूप से पालन कर सकते हैं. अगर आपको नहीं मालूम है कि 20-80 रूल क्या है तो हम आपको बता दें कि 20 यानी कि 20% तक बैटरी ड्रेन होने पर चार्जिंग पर लगाएं, और 80 का मतलब है 80% होने पर चार्जिंग को निकाल लेना सही होता है. यानी कि अगर आपका फोन दिन में दो बार 20% तक पहुंच जाता है तो आप दो बार चार्जिंग पर लगाना होगा, उससे ज्यादा बार नहीं.
आपने ध्यान दिया होगा कि आपके फोन की बैटरी जब 20% होती है, तभी ‘Low Battery’ का अलर्ट फोन पर आ जाता है. इसका मतलब उससे पहले तक फोन को आराम से चलाया जा सकता है. इसके अलावा आप 45-75 रूल को भी फॉलो कर सकते हैं.
दंपति/दंपती एक ऐसा शब्द है जिसने मुझे पत्रकारिता में आने के साथ ही परेशान करना शुरू कर दिया था। ख़बरों में दंपति/दंपती शब्द आता और हमारे सीनियर हमें बता नहीं पाते कि क्या सही है क्योंकि शब्दकोश में दोनों शब्द दिए रहते।
पति-पत्नी के लिए सही क्या – दंपति, दंपती या दंपत्ति?
दंपति, दंपती या दंपत्ति? जब इसके बारे में फ़ेसबुक पर पोल किया गया तो 73% ने कहा, दंपति सही है जबकि 27% ने दंपती पर मुहर लगाई। कुछ ने कहा – दोनों ग़लत हैं, सही है दंपत्ति। आइए, जानते हैं – सही क्या है और क्यों है।
सबसे पहले तो आपत्ति का निपटारा। दंपत्ति ग़लत है, 100% ग़लत है। लेकिन दंपति और दंपती में कौनसा सही है, जेजे इसका जवाब मुझे देना है और मैं बहुत मुश्किल में हूँ कि किसे सही बताऊँ क्योंकि शब्दकोशों में कोई दंपति को सही बताता है, कोई दंपती को और कोई दोनों को (देखें चित्र)।
लेकिन मेरा ख़्याल है कि दोनों को सही मानने से बात बनेगी नहीं। हमें इस शब्द की गहराई में जाना होगा और तब शायद कोई निष्कर्ष निकलेगा।
दंपति/दंपती एक ऐसा शब्द है जिसने मुझे पत्रकारिता में आने के साथ ही परेशान करना शुरू कर दिया था। ख़बरों में दंपति/दंपती शब्द आता और हमारे सीनियर हमें बता नहीं पाते कि क्या सही है क्योंकि शब्दकोश में दोनों शब्द दिए रहते। फिर किसी ने बताया कि संस्कृत में दंपती है। तब से मैंने दंपती को ही अपनाना शुरू कर दिया यह सोचकर कि जिस संस्कृत से यह शब्द आया है, अगर वहीं दंपती है तो हिंदी में भी दंपती ही होना चाहिए।
लेकिन कुछ साल पहले विद्वानों से संपर्क हुआ और उनसे चर्चा करके जो ज्ञान मिला, उसके आधार पर हम कह सकते हैं कि हिंदी में दंपती नहीं, दंपति होना चाहिए। ऐसा क्यों, यह मैं नीचे डिस्कस करूँगा लेकिन उससे पहले यह जानना लाभदायक होगा कि यह दंपति/दंपती शब्द बना कैसे और यहाँ दम् का क्या मतलब है। मैंने अपने भाषामित्र योगेंद्रनाथ मिश्र से पिछले साल इसके बारे में पूछा था और उन्होंने एक पोस्ट के माध्यम से जो जवाब दिया, वह नीचे बहुत मामूली से संपादन के साथ पेश कर रहा हूँ।
आलिमजी ने दम्पति/दम्पती शब्द की विस्तार से व्याख्या करने के लिए कहा है।
इसमें अपनी बुद्धि लगाने या यों कहें कि अपनी होशियारी दिखाने का कोई अवकाश नहीं है।
सर मॉनियर विलियम्ज़ की संस्कृत-इंग्लिश-डिक्शनरी में जो कुछ दिया है, उसे अपने ढंग से प्रस्तुत करने की कोशिश कर रहा हूँ –
दम् का प्रयोग ऋग्वेद से होता आ रहा हे।
‘दम्’ धातु (क्रिया) भी है और संज्ञा भी।
‘दम्’ का मूल अर्थ है ‘घर’। मूल अर्थ पत्नी या स्त्री नहीं है। स्त्री तो बिल्कुल नहीं। ‘दम्’ का स्वतंत्र प्रयोग नहीं मिलता।
‘दम्’ के साथ पति द्वंद्व समास के रूप में जुड़ता है। मज़े की बात यह कि वह आगे-पीछे दोनों तरफ जुड़ता है – दम्पति तथा पतिदम्। ये दोनों रूप कोश में दिए गए हैं।
दम्पति का मूल अर्थ है – घर का स्वामी। दम् यानी घर। पति यानी स्वामी।
चूँकि घर के स्वामी पति तथा पत्नी दोनों होते हैं (या उस जमाने में होते रहे होंगे)। इसलिए आगे चलकर दम्पति का अर्थ हो गया पत्नी-पति (पति-पत्नी)। ‘दम्’ यानी पत्नी।
और आगे चलकर पाणिनि काल में दम्पति का समास-विग्रह किया गया – जाया च पतिश्च दम्पतिः।
फिर सवाल यह हो सकता है कि विग्रह में दम् क्यों नहीं आया? जाया क्यों आया?
इसका जवाब मेरी अल्पमति से यह हो सकता है कि चूँकि ‘दम्’ शब्द का स्वतंत्र प्रयोग नहीं होता और विग्रह में स्वतंत्र शब्द चाहिए, इसलिए ‘दम्’ के पर्याय जाया (पत्नी) का प्रयोग ‘दम्’ के स्थान पर हुआ होगा।
सर मॉनियर विलियम्ज़ के कोशग्रंथ के सहारे अपनी अल्पमति से मैंने यह व्याख्या की है।
यानी योगेंद्र जी के पोस्ट से यह स्पष्ट हो गया कि दंपति/दंपती में जो दम् शब्द है, उसका अर्थ पत्नी है और बाद का शब्द तो पति है ही। अगर ऐसा है तो दोनों को मिलाकर जो नया शब्द बना, उसके अंत में भी पति ही होना चाहिए, वह पती किस तरह से हो सकता है? मसलन राष्ट्र और कवि से मिलकर कोई शब्द बने तो वह राष्ट्रकवि ही होगा, राष्ट्रकवी तो नहीं हो जाएगा! लेकिन यहाँ दम् (पत्नी) और पति से मिलकर जो शब्द बन रहा है, वह (कम-से-कम संस्कृत में) दंपति नहीं, दंपती हो रहा है। आख़िर क्यों?
इसके लिए संस्कृत का व्याकरण समझना होगा। हिंदी में दो वचन होते हैं – एकवचन और बहुवचन। संस्कृत में तीन वचन होते हैं, एकवचन, द्विवचन और बहुवचन। हिंदी में एक पति की बात होगी तो भी लिखेंगे पति (उसने अपने पति को फ़ोन किया) और दो या उससे अधिक पति होंगे तो भी लिखेंगे पति (द्रौपदी के पाँच पति थे)। पति, पति ही रहा। लेकिन संस्कृत में यदि दो पति होंगे तो लिखा जाएगा पती। एकवचन में पतिः, द्विवचन में पती। (नीचे तस्वीर देखें)।
अब आते हैं दंपति/दंपती पर। चूँकि दंपति/दंपती में पति-पत्नी दोनों हैं (यानी दो व्यक्ति हैं) सो संस्कृत में इसे द्विवचन माना गया और शब्द में पति की जगह पती कर दिया गया क्योंकि संस्कृत में द्विवचन में पतिः का पती हो जाता है। यानी संस्कृत में शब्द है दंपती। वहाँ दंपति है ही नहीं।
लेकिन हिंदी में तो एक पति हो तो भी पति और दो पति हों तो भी पति और पाँच पति हों तो भी पति, इसलिए हिंदी में क्या दंपति नहीं लिखा जाना चाहिए? यह दलील है उन लोगों की जो दंपति के पक्षधर हैं और मानते हैं कि हिंदी अपने शब्द चाहे जहाँ से ले, व्याकरण उसका अपना ही चलना चाहिए। उनकी दलील को समझने के लिए हमें संस्कृत का ही एक और शब्द लेना होगा – कवि जो हिंदी में भी इस्तेमाल होता है। संस्कृत में एकवचन में तो कविः होता है मगर दो कवि हों तो कवी हो जाता है। अब अगर हिंदी में आपको लिखना हो कि ‘वहाँ दो कवि बात कर रहे थे’ तो क्या आप ‘दो कवि बात कर रहे थे’ लिखेंगे या ‘दो कवी बात कर रहे थे’ लिखेंगे? निश्चित रूप से कवि।
लेकिन दूसरी और वे लोग हैं जो मानते हैं कि यह शब्द संस्कृत से आया है और जिस रूप में आया है, हमें उसे उसी (तत्सम) रूप में लिखना चाहिए – वहाँ दंपती है तो हम दंपती ही लिखेंगे।
चूँकि इस विवाद का कोई हल अब तक नहीं निकला है, इसीलिए शब्दकोश भी दोनों को अपने पन्नों पर जगह दे रहे हैं। मैं हालाँकि अब दंपति के साथ हो गया हूँ लेकिन जो दंपती के पक्ष में हैं, उनकी बात में भी ‘दम’ नज़र आता है, पत्नी वाला दम् नहीं, ज़ोर वाला दम।
जिला कृषि अधिकारी, जसवीर सिंह तेवतिया ने दी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी
2022-23 खरीफ एवं रबी मौसम में कुल 7046 कृषकों द्वारा कराया गया बीमा
1420 कृषकों को 21.52 लाख रुपए की धनराशि से किया गया लाभान्वित
बिजनौर। भारत अमृत महोत्सव अंतर्गत जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला मानीटरिंग समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डीएम द्वारा बीमित कृषकों की क्षतिपूर्ति की प्रगति तथा योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विस्तृत समीक्षा की गई।
सर्वप्रथम जिला कृषि अधिकारी, जसवीर सिंह तेवतिया ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अद्यतन प्रगति से अवगत कराते हुए यह जानकारी दी कि विगत वर्ष 2022-23 खरीफ एवं रबी मौसम में कुल 7046 कृषकों द्वारा बीमा कराया गया और 1420 कृषकों को 21.52 लाख रुपए की धनराशि से लाभान्वित किया गया। वर्तमान खरीफ 2023 मौसम में जनपद हेतु धान, उर्द एवं मूंगफली की फसलें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत आच्छादित हैं। बीमित धनराशि का 2 प्रतिशत प्रीमियम कृषक द्वारा देय है।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि, उप कृषि निदेशक एवं कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों को योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी द्वारा जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक एवं समस्त बैंक समन्वयक को निर्देशित किया गया कि उनके बैंक शाखा के जो ऋणी कृषक योजना में सम्मिलित नहीं होना चाहते, उन्हें अन्तिम तिथि से 07 दिन पहले तक आप्ट-आउट फार्म जमा करने संबंधी सूचना देना सुनिश्चित करें। शेष ऋणी किसानों के अधिसूचित फसलों का योजना की निर्धारित गाइड लाइंस के अनुसार प्रीमियम धनराशि की कटौती करते हुए समस्त वांछित सूचनाएं पोर्टल पर 15 अगस्त 2023 तक अवश्य दर्ज करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि नामित बीमा कम्पनी से इस संबंध में कोई सहयोग अपेक्षित हो तो तत्काल अवगत कराएं। योजना का कवरेज बढाने के साथ-साथ बीमित किसानों को अधिक से अधिक क्षतिपूर्ति के भुगतान सुनिश्चित करने की अपेक्षा की गई।
जिलाधिकारी द्वारा रबी वर्ष 2022-23 में बीमित कृषकों की क्षतिपूर्ति की प्रगति तथा योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विस्तृत समीक्षा की गई और खरीफ-2023 में आपदा से प्रभावित किसानों को क्षतिपूर्ति का भुगतान समय से किये जाने के निर्देश दिये गये। साथ ही निर्देशित किया गया कि बीमित किसानों को चिन्हित करते हुए उन्हें नोडल बीमा कम्पनी एवं कृषि विभाग के क्षेत्रीय कार्मिकों के द्वारा योजना की विस्तार से जानकारी उपलब्ध कराते हुए यह भी अवगत कराया जाए कि आपदा की स्थिति में यदि बीमित फसलें प्रभावित होती हैं तो किस प्रकार बीमा का अधिकतम व समय से लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा बैठक में उपस्थित निपेन्द्र सिंह, राजेश सिंह, राजवीर सिंह, केहर सिंह, रामौतार, केहर सिंह, कल्याण सिंह आदि कृषकों को ज्वार, उर्द, मूंग, कोदो एवं मूंगफली के मिनी किट का निःशुल्क वितरण किया गया।
एक हिंदी अखबार ने आयोजन की पूरी खबर समेट दी 6 लाइन में, जबकि दूसरे ने दीं मात्र 17 लाइन
जागरण ने जरूर डबल कॉलम खबर फोटो के साथ देकर अपना कुछ कर्ज चुकाने की कोशिश की
हिंदी अखबारों में अपनों का तिरस्कार..अंग्रेजी का अपनापा
हमारे तीन दशक के पत्रकारीय जीवन में यह पहला अवसर था, जब लखनऊ में पद और जीवन दोनों से कूच कर गए अलमस्त और सदैव सजग संपादक रहे स्मृतिशेष सुनील दुबे जी की स्मृति में प्रकाशित संस्मरणात्मक पुस्तक ‘सुनील दुबे- कुसुमादपि कोमल वज्रादपि कठोर’ के विमोचन अवसर पर बड़ी संख्या में पत्रकार सेंट जोसेफ स्कूल सीतापुर रोड में जुटे। दुबे जी जागरण में अपनी सेवाएं देने के बाद राष्ट्रीय सहारा और हिंदुस्तान के लखनऊ में संस्थापक संपादक रहे। उनकी कार्यशैली, उनके स्वभाव-प्रभाव-दबाव की उनके शागिर्दों ने खुलकर चर्चा की। गुण तो गाए ही गए। किन्हीं-किन्हीं ने दुबे जी के स्वभाव के कमजोर पक्ष भी यह कहते हुए सामने रखे कि पीठ पीछे की सब हरकतें जानकारी में होने के बाद भी दुबे जी ने किसी का अहित नहीं किया। कचोटतब पैदा हुई जब हिंदी पत्रकारिता को अपना सर्वस्व और सर्वश्रेष्ठ देने वाले दुबे जी की स्मृति से जुड़े इस कार्यक्रम को हिंदी अखबारों में ही वह महत्व नहीं मिला, जिसके वह हकदार थे। उन अखबारों में भी नहीं जिन अखबारों को उन्होंने लखनऊ में लांच किया और आम अभिरुचि का अखबार निकालकर लोकप्रियता के शिखर पर भी पहुंचाया। एक हिंदी अखबार ने आयोजन की पूरी खबर 6 लाइन में दी है और दूसरे ने 17 लाइनें। जागरण ने जरूर डबल कॉलम खबर फोटो के साथ देख कर अपना कुछ कर्ज चुकाने की कोशिश की।
अब विडंबना देखिए, पूरी उम्र हिंदी पत्रकारिता में बिताने वाले दुबे जी के इस स्मृति समारोह को अंग्रेजी अखबारों ने हिंदी से ज्यादा महत्व दिया। हिंदुस्तान टाइम्स हो या टाइम्स ऑफ इंडिया। इस पोस्ट के साथ हिंदी और अंग्रेजी अखबारों की खबर चस्पा कर रहा हूं। आप खुद ही देख और समझ सकते हैं। चाहे तो मन मसोस भी सकते हैं। हिंदी पत्रकारिता की अपने ही स्वनामधन्य संपादक के प्रति यह बेरुखी भविष्य की हिंदी पत्रकारिता के अपने पूर्वजों को याद रखने के अध्याय के और काला होते जाने का ही अहसास कराती है। संकेत देती है।
इसलिए जरूरी है कि ‘रोबोट’ सी हो रही हिंदी पत्रकारिता में अब जरूरत से ज्यादा अपना सिर खपाने और पसीना बहाने की जरूरत ही नहीं रह गई है। आपके उत्तराधिकारी पता नहीं किस लक्ष्मण रेखा से बांधे गए हों! त्रेता युग में माता सीता (महिला या मातृशक्ति जो शब्द दें) लक्ष्मण रेखा लांघने का मन और साहस कर सकती हैं लेकिन कलयुग में मर्दों से ऐसी मर्दानगी की उम्मीद बेमानी है। बेवकूफी है।
दूसरी ओर, इलीट क्लास तक सीमित बताई जाने वाली अंग्रेजी पत्रकारिता इस माने में हिंदी से कहीं ज्यादा बेहतर स्थिति में है। संपादक स्वतंत्र है। हर घटना को अपने पाठकों तक पहुंचाने का प्रवाह अंग्रेजी में बना हुआ है। भले ही वह अपनी ही बिरादरी से जुड़ी खबर और हलचल ही क्यों ना हो? सारे जहां की खबरें और सूचनाएं देने वाले पत्रकारों की अपने बीच की कोई हलचल खबर क्यों नहीं बनती? सूचना क्यों नहीं समझी जाती? इसे नए सिरे से सोचने की जरूरत है।
इन सब परिस्थितियों-स्थितियों के बीच श्री दिनेश पाठक जी के संपादन और श्री अविनाश जी के संकल्प और मेहनत की बदौलत अपने दिवंगत पूर्वज के प्रति ऐसा श्रद्धाभाव प्रकट करना एक नई सामाजिक चेतना है। नई लकीर है और परंपरा भी। इसके लिए आप दोनों समेत पुस्तक के प्रति समर्पण भाव से सहयोग करने वाले सभी पत्रकारों का हृदय से अभिनंदन-वंदन। हिंदी पत्रकारिता भले ही पतन की राह में हो पर पत्रकार अपनी संवेदना के साथ हर जगह उपस्थित है। इसका जीता जागता प्रमाण सुनील दुबे जी पर आई पुस्तक ‘सुनील दुबे- कुसुमादपि कोमल वज्रादपि कठोर’ है। उत्तर प्रदेश में पूर्वज पत्रकार की याद में सिर्फ पत्रकारों की उपस्थिति के बीच पत्रकारों द्वारा पत्रकारों के लिए यह एक नया स्तुत्य प्रयास सामने आया है। आयोजक पत्रकार चाहते तो इस पुस्तक लोकार्पण के अवसर पर तमाम राजनेता, साहित्यकार और दूसरे वर्ग के श्रेष्ठजन अपनी उपस्थिति दे सकते थे। तब निश्चित रूप से कार्यक्रम का प्रभाव तो बढ़ जाता। नेता-मंत्री की फोटो देखकर अखबारों (खासकर हिंदी) में खबर का स्थान भी बढ़ जाता, पर पत्रकार और पत्रकारिता का भाव न बचता। आयोजकों का इसे सिर्फ और सिर्फ पत्रकार बिरादरी और उनके परिवार के बीच सीमित रखने का भाव इसलिए प्रणम्य है, क्योंकि सुनील दुबे जी ने अवकाश के दिनों में पत्रकार और उनके परिवार को मिलाकर ‘बड़ा परिवार’ बनाने का एक नया जनजागरण किया था। बाद में उनके उत्तराधिकारी बने नवीन जोशी जी ने इस परंपरा को जारी रखा लेकिन अब यह लुप्तप्राय है। यह आयोजन उस परंपरा का लघु रूप नजर आया, जो सुनील दुबे जी ने स्थापित की थी। ऐसे सफल-सजग और सरल संपादक सुनील दुबे जी की स्मृति को एक बार फिर कोटि-कोटि नमन…
SHO और दो ASI को जान से मारने की धमकी देने वाले गैंगस्टर पर भी केस
नौकरानी को थर्ड डिग्री टॉर्चर करने पर 2 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR
गुरदासपुर। गुरदासपुर में एक महिला जज के घर चोरी के बाद पुलिस द्वारा संदेह के आधार पर घर की नौकरानी को कथित तौर पर थर्ड डिग्री टॉर्चर करने के आरोपों के चलते पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 2 पुलिस अधिकारियों, ASI अश्विनी शर्मा और मंगल सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की है। महिला जज ने 26 जून को नौकरानी के खिलाफ चोरी की शिकायत दर्ज करवाई थी। नौकरानी ने पुलिस पूछताछ के बाद अधिकारियों पर कथित तौर पर थर्ड डिग्री टॉर्चर करने के आरोप लगाए थे।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक घरेलू नौकरानी पर जज की अनुपस्थिति में घर से सोने के गहने और 20,000 रुपए नकद लेकर भागने के आरोप लगाए गए थे। इस मामले में पहले SHO गुरमीत सिंह और 2 ASI और एक गनमैन को सस्पेंड कर दिया गया था। इसी मामले में अब पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए ASI अश्विनी शर्मा और ASI मंगल सिंह के खिलाफ IPC की धारा 330 और 348 के तहत FIR दर्ज की गई है। थाना सिटी SHO इंस्पेक्टर करिश्मा ने पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की पुष्टि कर दी है। बता दें कि कुछ ईसाई व किसान संगठनों द्वारा आरोपी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग को लेकर पुलिस को 25 जुलाई तक का समय दे रखा था व कार्रवाई न होने की सूरत में आंदोलन करने की चेतावनी दे रखी थी। इस मामले में उस समय एक नया मोड़ आया था जब लड़की के हक में बोलते हुए एक गैंगस्टर ने SHO और दोनों ASI को जान से मारने की धमकी दी थी। एसएचओ गुरमीत सिंह ने गैंगस्टर के खिलाफ शिकायत भी दर्ज करवाई है। ~साभार (न्यूज़ लिंकर्स ब्यूरो)
वृक्षारोपण कर महाअभियान में सहभागी बना प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक
बिजनौर। प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक ने वृक्षारोपण कर प्रदेश सरकार के महा अभियान में उत्साहपूर्वक अपनी सहभागिता दर्ज़ कराई। बैंक के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक राजेन्द्र सिंह ने ग्रामीण बैंक परिवार सहित बैंक के सामने पौधारोपण किया।
ज्ञातव्य है कि प्रदेश में इस साल 35 करोड़ पौधे लगाने का महाअभियान शुरू हुआ है। एक ही दिन में 30 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया, जबकि 5 करोड़ पौधे आगामी 15 अगस्त को लगाए जाएंगे। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के हरित आवरण को 9 से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।
वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक राजेन्द्र सिंह ने बताया कि विगत वर्षों में प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक द्वारा लगाए गए पौधे स्वतंत्र वृक्षों का रूप ले चुके हैं और बैंक कर्मियों की शासकीय नीतियों के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। वृक्षारोपण के इस महाअभियान में प्रथमा यू पी ग्रामीण बैंक के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक राजेन्द्र सिंह के अतिरिक्त अनेक अन्य बैंक अधिकारी/स्टाफ जगदीश सरकार, विनीत कुमार, स्वतंत्रवीर सिंह, विशेष कुमार, राहुल देशवाल, लोकेन्द्र कुमार व जितेन्द्र कुमार आदि उपस्थित थे।
लोक कवि हलधर नाग अब किसी पहचान को मोहताज नहीं हैं। उन्हें भारत सरकार का प्रतिष्ठित पद्म सम्मान ‘पद्मश्री’ सम्मान भी प्राप्त है, पर ईश्वर प्रदत्त गुणों से उनकी पहचान इस सम्मान से बहुत बड़ी है। प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण न होने के बावजूद उन्हें अपने लिखे 20 महाकाव्य ज्यों के त्यों याद हैं। ओडीशा की उप लोकभाषा कोसलपुरी में अपने साहित्य को रचने वाले हलधर नाग की कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। ‘लोक’ को पूरी तरह से समर्पित उनके महाकाव्यों को हिंदी भाषी समाज से परिचित कराने का गुरुतर दायित्व श्रेष्ठ अनुवादक एवं साहित्यकार श्री दिनेश कुमार माली ने उठा रखा है। अब तक वह हलधर नाग के साहित्य पर तीन अनुवादित पुस्तकें समाज को समर्पित कर चुके हैं।
कृष्ण चरित्र पर नए तर्क-नए भाव के साथ लिखे गए महाकाव्य को हिंदी में अनुवाद करके ‘प्रेम पहचान’ शीर्षक से नई पुस्तक हम सबके समक्ष प्रस्तुत करने का स्तुत्य कार्य श्रीमाली ने हाल ही में किया है। ‘प्रेम पहचान’ नाम से आई इस पुस्तक में अपनी सम्मति देने का अवसर श्रीमाली ने हमें प्रदान किया। हिंदी में अनुवाद होकर आई ‘प्रेम पहचान’ पुस्तक के कवर पेज पर हमारी समिति को श्रीमाली और प्रकाशक संस्था ने स्थान दिया है। आप भी इसका अवलोकन करिए। हमारी गुजारिश है कि इस पुस्तक को आप पढ़िए भी। हमें पूरा विश्वास है कि आप हलधार नाग के इस महाकाव्य को पढ़ते हुए एक नए अनुभव से गुजरेंगे। कृष्ण चरित्र को नए ढंग से देख और समझ पाएंगे। श्री दिनेश माली जी एवं प्रकाशक संस्था को हृदय से आभार🙏🌹
मेरी प्यारी गौरैया मुहिम व लखनऊ वन रेंज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ कार्यक्रम
पौधारोपण कर छात्र छात्राओं ने ली पर्यावरण संरक्षण की शपथ
लखनऊ। मेरी प्यारी गौरैया मुहिम व लखनऊ वन रेंज अवध वन प्रभाग के संयुक्त तत्वावधान में आर.डी पब्लिक स्कूल में आयोजित वन महोत्सव कार्यक्रम में रेंजर सोनम दीक्षित, मेरी प्यारी गौरैया मुहिम संचालक पक्षी प्रेमी महेश साहू, प्रबंधक जयशंकर बाजपेई, नीलम बाजपेई, समाजसेवी मनीष गुप्ता, आयुष बाजपेई, रचित मौर्या व छात्र छात्राओं ने अमरूद, केशिया सेमिया, कचनार के दो दर्जन पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली।
लखनऊ वन रेंज की क्षेत्रीय वनाधिकारी सोनम दीक्षित ने छात्र छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड जैसी हानिकारक गैस को अवशोषित करने का काम धरती पर मौजूद पेड़ ही करते हैं और वह उन हानिकारक गैस को अवशोषित करके हमें शुद्ध अक्सीजन प्रदान करते हैं। हालांकि पेड़ इसके अलावा भी कई प्रकार से हमारे लिए फायदेमंद होते हैं। वृक्षों के द्वारा ही हमें शुद्ध हवा मिलती है, इसके अलावा पेड़ों के द्वारा ही हमें ताजे ताजे फल खाने को मिलते हैं, साथ ही हम पढ़ाई लिखाई करने के लिए जिन किताबों का इस्तेमाल करते हैं वह भी पेड़ों के द्वारा बनाए गए कागज से ही हमें प्राप्त होती है। इसलिए हम सबको पौधारोपण कर उसकी रक्षा करनी चाहिए।
वहीं मेरी प्यारी गौरैया मुहिम संचालक पंक्षी प्रेमी महेश साहू ने उपस्थित छात्र छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि हम और आप जो खुली हवा में सांस ले ले पा रहे हैं उस खुली हवा के पीछे सबसे बड़ा योगदान अगर किसी का है तो वह है पेड़, हालांकि इंसान धीरे-धीरे अब पेड़ों का महत्व भूलता जा रहा है परंतु पेड़ कभी भी अपने कर्तव्य को नहीं भूलते हैं, वह हमेशा से ही इंसानों को विभिन्न तरीके से फायदा पहुंचा रहे हैं। जब गर्मी के मौसम में अत्यधिक गर्मी पड़ने के कारण व्यक्ति पसीने से तरबतर हो जाता है तो उसे किसी पेड़ की छाया में ही आराम मिलता है। पक्षी भी पेड़ की छाया में ही अपना घोंसला बनाते हैं। इसके अलावा पेड़ से हमें कई प्रकार की औषधियां भी प्राप्त होती हैं।
प्रबंधक जयशंकर बाजपेई ने कहा कि ईश्वर ने मनुष्य को ही बुद्धि/विवेक का गुण प्रदान किया है। यदि इस बुद्धि का प्रयोग हम विकास के नाम पर प्रकृति को नुकसान पहुँचाने में करते रहे तो यह मनुष्य के विवेक पर धब्बा होगा। आइए हम सब मिलकर संकल्प लें कि हम अपने लिए ही नहीं बल्कि पूरी प्रकृति के लिए पेड़ों के संरक्षण पर कार्य करेंगे और इस धरा को हरा-भरा करेंगे। इस अवसर पर वन दरोगा शिवम यादव, विनोद कुमार, मंगटू प्रसाद, वन रक्षक दीपक कनौजिया, शैलेन्द्र सिंह समाजसेवी बबलू गुप्ता विद्यालय के छात्र यश, अंशु गुप्ता व छात्रा सानिया, अंशिका, तृप्ती, नेहा रावत ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के दौरान गणमान्य लोग अध्यापक, अध्यापिकाएं व सैकड़ों छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
प्रशासन ने जेसीबी मशीन से रेस्क्यू कर 40 यात्रियों को बचाया
मंडावली के कोटावाली नदी में फंसी रूपईडीहा डिपो की बस
बिजनौर। नजीबाबाद भागूवाला अंतर्गत यूपी-उत्तराखंड बॉर्डर पर स्थित कोटावाली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से पानी के तेज बहाव में एक रोडवेज बस फंस गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने क्रेन से बस को पटलने से रोका और रेस्क्यू कर 40 यात्रियों को सकुशल निकाला।
शनिवार सुबह मंडावली थाना क्षेत्र के भागूवाला की कोटावाली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। सुबह 09 बजे यात्रियों को नजीबाबाद से लेकर हरिद्वार जा रही रूपईडीहा डिपो की बस UP 40 T 9003 अचानक कोटावाली नदी के रपटे पर बीचों बीच जाकर बन्द हो गई। पानी का तेज बहाव देख यात्रियों में चीख पुकार मच गई।
मौके पर पहुंची मंडावली पुलिस ने क्रेन मंगवाकर राहत व बचाव कार्य शुरु किया। क्रेन की सहायता से बस को पानी में पलटने और बहने से रोका गया। यात्रियों को बचाने के लिए प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। जेसीबी मशीन के सहारे सभी यात्रियों को उफनती धारा में फंसी बस से सुरक्षित निकाल लिया गया। पुलिस के अनुसार बस में 40 यात्री सवार थे।
मौके पर एसडीएम विजय वर्धन तोमर, एसपी सिटी डा. प्रवीण रंजन सिंह, सीओ गजेंद्र पाल सिंह, मंडावली थानाध्यक्ष, जल पुलिस सहित अधिकारियों का पूरा अमला मौजूद रहा। विदित हो कि वर्ष 2016 में पिलर बैठने से कोटावली नदी का पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। तब से सभी प्रकार के वाहन पुल के नीचे स्थित रपटे से ही उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश करते हैं। भारी बरसात में हर साल इस नदी का जलस्तर बढ़ जाता है।
मंडावली पुलिस पर लापरवाही का आरोप
लोगों का कहना था कि कावड़ यात्रा के दौरान तो रपटे के दोनों ओर पुलिस देखने को मिली, लेकिन कावड़ यात्रा खत्म होने के बाद से पुलिस भी गायब है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही भारी वर्षा से कोटावाली नदी उफान पर है। अभी कुछ दिन पहले भी रपटे पर पानी की तेज धार में कई वाहन नदी में फंस गए थे। इसके बावजूद मंडावली पुलिस ने कोई ध्यान नहीं दिया। मंडावली पुलिस की लापरवाही से ही आज फिर यात्रियों से भरी यह बस रपटे पर पानी के तेज धार में फंस गई। बरसात के समय मंडावली पुलिस को नदी के दोनों ओर बैठना चाहिए, ताकि नदी का जलस्तर बढ़ने पर वाहनों को रोका जाए, और कोई हादसा न हो।
रोजाना सुबह 10 बजे से शाम 05 बजे तक किसान कर सकते हैं संपर्क
01342-262282 पर प्राप्त प्राप्त शिकायतों का त्वरित गति से होगा निस्तारण
अपर जिला कृषि अधिकारी अमित कुमार को बनाया कन्ट्रोल रूम प्रभारी एवं सहयोगी के तौर पर कनिष्ठ सहायक सरताज अहमद की तैनाती
खरीफ अभियान 2023-24 के लिए कन्ट्रोल रूम की स्थापना
बिजनौर। खरीफ अभियान 2023-24 के अन्तर्गत उर्वरकों की आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था की सतत् निगरानी रखने तथा जनपद के कृषकों की उर्वरक मांग के सापेक्ष उपलब्धता एवं वितरण से सम्बन्धित समस्याओं के निराकरण के उद्देश्य से जनपद मुख्यालय पर कन्ट्रोल रूम की स्थापना की गई है। इसी क्रम में अपर जिला कृषि अधिकारी अमित कुमार को कन्ट्रोल रूम प्रभारी एवं कनिष्ठ सहायक सरताज अहमद को सहयोगी कर्मचारी नियुक्त किया गया है।
जिला कृषि अधिकारी, जसवीर सिंह तेवतिया ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि प्रभारी एवं सहयोगी प्रत्येक कार्य दिवस में प्रातः 10.00 बजे से सायं 5.00 बजे तक कन्ट्रोल रूम नम्बर-01342-262282 पर प्राप्त उर्वरक से सम्बन्धित शिकायतों को पंजिका में तिथिवार पूर्ण विवरण अंकित कराएंगे। किसानो से प्राप्त शिकायतों का त्वरित गति से निस्तारण किया जाएगा।
पूरे उत्तर प्रदेश में कुल 35 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने विदुर कुटी से शुरू किया वृक्षारोपण महाअभियान
बिजनौर। वृक्षारोपण महाअभियान के तहत 22 जुलाई 2023 का शुभारंभ करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार सुबह 11:00 बजे बिजनौर के विदुर कुटी आश्रम पहुंचे। वृक्षारोपण के तहत पेड़ लगाते हुए उन्होंने महाअभियान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में आज 30 करोड़ और 5 करोड़ पौधे 15 अगस्त को लगाए जाएंगे। कुल 35 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसे पूरे उत्तर प्रदेश में इस अभियान के चलते पूर्ण करेंगे। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मां गंगा नदी उत्तराखंड के बाद सबसे पहले बिजनौर की धरती को छूती हैं, इसीलिए मैंने यह अभियान बिजनौर से शुरू किया। मुख्यमंत्री ने बिजनौर को 246 करोड़ की सौगात देते हुए एक संस्कृत महाविद्यालय का भी शुभारंभ महात्मा विदुर कुटी के पास किया। 12:30 पर वह हेलीकाप्टर से शुक्रताल मुजफ्फरनगर के लिए रवाना हो गए।
मगरमच्छ को देख चीख पड़ी महिला, चारपाई से उठकर बचाई जान, ग्रामीणों ने हिम्मत से किया ये काम
घर के बरामदे में मगरमच्छ को टहलता देख कर उड़े होश
बिजनौर। नांगलसोती के गांव हरचंदपुर में तालाब से निकलकर मगरमच्छ एक घर में घुस गया। जैसे ही वह चारपाई तक पहुंचा तो उसे देखकर महिला की चीख निकल गई। उसने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। वहीं, घर में मगरमच्छ होने से परिवार में हड़कंप मच गया। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने मगरमच्छ को तालाब की ओर खदेड़ा।
नांगलसोती के गांव हरचंदपुर में आबादी के निकट एक तालाब है। गुरुवार की रात्रि लगभग 12 बजे सात फीट लंबा मगरमच्छ जसराम सिंह के घर में घुस गया। मगरमच्छ जिस चारपाई के पास पहुंचा, उस पर जसराम की पुत्रवधू सो रही थी। चारपाई के पास कुछ आहट होने पर महिला नींद से जागी। उसने चारपाई के पास मगरमच्छ को देखा तो उसके होश उड़ गए। उसने भागकर अपनी जान बचाई। परिवार में हड़कंप मच गया। महिला के चिल्लाने की आवाज सुनकर परिवार और आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने मगरमच्छ को लाठी-डंडों से बामुश्किल तालाब की ओर खदेड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से तालाब में एक मगरमच्छ रह रहा है। कई बार मगरमच्छ आबादी में भी आ चुका है। आरोप लगाया कि सामाजिक वानिकी विभाग को सूचना देकर मगरमच्छ को पकड़वाने की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
दलदल से निकाले गए हाथी की मौत, 16 घंटे की मशक्कत के बाद निकाला गया था बाहर
बिजनौर। भागूवाला में दलदल से निकाले गए हाथी की शुक्रवार तड़के मौत हो गई। हाथी की मौत से वन विभाग में हड़कंप मचा है। भागूवाला में धान के खेत में गुरुवार तड़के एक हाथी फंस गया था। वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाकर 16 घंटें बाद हाथी को दलदल से बाहर निकाला था।
दलदल से निकलने के बाद हाथी कुछ देर तो मूर्छित अवस्था में पड़ा रहा। करीब एक घंटे बाद हाथी लड़खड़ा कर चला और पास से गन्ने के खेत में जाकर बैठ गया। गन्ने के खेत में भी जलभराव होने के कारण हाथी एक बार फिर दलदल में फंस गया। वन विभाग की टीम ने दो-तीन घंटे का रेस्क्यू अभियान चलाकर ट्रैक्टर के माध्यम से हाथी को दलदल से बाहर निकाला। राजगढ़ वन क्षेत्र के रेंजर प्रिंस कुमार की देखरेख में हाथी को उपचार दिलाया गया। रेंजर प्रिंस कुमार के अनुसार हाथी शुक्रवार सुबह 4:30 बजे तक जिंदा था। करीब छह बजे हाथी की अचानक मौत हो गई। हाथी के पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
आर्ट ऑफ लिविंग संस्था ने रामेश्वर वाटिका में किया वृक्षारोपण
उरई (जालौन)। आर्ट ऑफ लिविंग संस्था द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन रामेश्वर वाटिका में किया गया। इस अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग की टीचर सीमा श्रीवास्तव ने कहा कि इस संस्था के संस्थापक श्री श्री रविशंकर जी हैं। ये एक लाभकारी संस्था है, जो कि 180 से भी ज्यादा देशों में मौजूद है। इस संस्था का उदृदेश्य मानवता के कल्याण के लिये कार्य करना है। साथ ही संस्था स्वास्थ्य शान्ति और खुशी के लिये कार्यक्रम कर रही है। इस अवसर पर संस्था द्वारा फल-फूल और छायादार पौधे लगाए गए।
आर्ट ऑफ लिविंग की टीचर सीमा श्रीवास्तव ने कहा कि आगामी 8 से 13 अगस्त तक आनन्द महोत्सव का आयोजन टाइनी सीडस एकेडमी (पुरानी जीजीआईसी) के पीछे किया जाएगा। इसमें विश्व प्रसिद्व सुदर्शन क्रिया सिखाई जाएगी।कार्यक्रम में अनिरूद्व सिंह, आकाश श्रीवास्तव, आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से भारती श्रीवास्तव, माधुरी श्रीवास्तव, शशी, सोमेन्द्र सिंह, टीना गिरहोत्रा, मीरा वंशल, नम्रता वंशल, लीना वंशल, गीता गुप्ता, ऊषा गुप्ता, प्रिया गुप्ता, श्वेता अग्रवाल, मधु वंशल, रजनी सिंह के अलावा नरेन्द्र प्रजापति, विनय श्रीवास्तव का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन आदर्श श्रीवास्तव ने किया।
22 जुलाई को सभी जनपदों में रोपे जायेंगे 35 करोड़ पौधे
35 करोड़ पौधों की लागत बताई जा रही है 3000 करोड़ रुपए
यूपी के सभी मंत्रियों को सौंपी गई 22 जुलाई को सभी जनपदों में वृक्षारोपण अभियान की जिम्मेदारी
लखनऊ। प्रदेश में इस बार 35 करोड़ पौधे रोपने का लक्ष्य है। इसमें से 30 करोड़ पौधे 22 जुलाई को और 5 करोड़ पौधे 15 अगस्त को रोपे जाएंगे। इसके लिए सरकार के सभी मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। 22 जुलाई को सभी जनपदों में वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। सीएम योगी बिजनौर और मुजफ्फरनगर से महा अभियान की शुरुआत करेंगे। 35 करोड़ पौधों की लागत 3000 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
उत्तर प्रदेश को हरा भरा करने और ग्लोबल वार्मिंग को कम करने के लक्ष्य के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पौधारोपण अभियान की शुरुआत करते हुए एक दिन में 30 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा करेंगे। पर्यावरण एवं वन मंत्री अरुण सक्सेना ने निर्देश जारी किए हैं।
जानकारी के अनुसार बिजनौर, मुजफ्फरनगर में मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, प्रयागराज, कौशांबी में डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य, रायबरेली, बाराबंकी में डिप्टी CM ब्रजेश पाठक, अयोध्या, अमेठी में मंत्री सूर्यप्रताप शाही, गोरखपुर, लखनऊ में मंत्री सुरेश खन्ना, झांसी, जालौन में मंत्री बेबी रानी मौर्य, अलीगढ़, हाथरस में मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, मैनपुरी, फिरोजाबाद में मंत्री जयवीर सिंह, मेरठ, बागपत में मंत्री धर्मपाल सिंह, कानपुर, कानपुर देहात में मंत्री नंदगोपाल, वाराणसी, चंदौली में मंत्री अनिल राजभर, मुरादाबाद, संभल में मंत्री जितिन प्रसाद, बांदा, चित्रकूट में मंत्री राकेश सचान, आगरा, मथुरा में मंत्री अरविंद शर्मा, कन्नौज, फर्रुखाबाद में मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, लखीमपुर, सीतापुर में मंत्री आशीष पटेल, बहराइच, श्रावस्ती में मंत्री संजय निषाद, प्रतापगढ़, जौनपुर में नितिन अग्रवाल, हापुड़ में मंत्री कपिल देव अग्रवाल, मऊ, गाजीपुर में मंत्री रविंद्र जायसवाल, एटा, कासगंज में मंत्री संदीप सिंह, बदायूं में मंत्री गुलाब देवी, अंबेडकरनगर, बस्ती में मंत्री गिरीश चंद्र, सिद्धार्थनगर तथा बलरामपुर में धर्मवीर प्रजापति को वृक्षारोपण अभियान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एक पौधा लगाने में 67 से 100 रुपए का खर्च आएगा। 35 करोड़ पौधों की लागत 3000 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
प्रोसेस में Agent का नहीं कोई रोल, रिफंड पोर्टल में निवेशक खुद कर सकेंगे Apply,
सहारा के निवेशकों को डेढ़ माह में वापस मिल जाएगा पैसा
नई दिल्ली। सहारा इंडिया रिफंड पोर्टल के जरिए अपनी डिपॉजिट की गई राशि निवेशक आसानी से वापस पा सकेंगे। इसके लिए उन्हें घर बैठे ही मोबाइल या लैपटॉप के जरिए आवेदन देना होगा। आवेदन देने के बाद 45 दिन में आपके पैसे रिफंड होकर एकाउंट में पहुंच जाएंगे।
सहारा इंडिया के निवेशकों को अपने निवेश का रिफंड मिलने में एक दशक से भी ज्यादा समय बीत रहा है। अब सरकार ने इन निवेशकों के पैसे वापस करने के लिए सहारा रिफंड पोर्टल लॉन्च किया। इसके जरिए निवेशक आसानी से अपना जमा पैसा वापस निकाल सकेंगे। खास बात यह है कि इस प्रोसेस के लिए किसी एजेंट की जरूरत नहीं पड़ेगी।
पहले 10 हजार तक होगा रिफंड
सहारा इंडिया रिफंड पोर्टल के जरिए करीब 4 करोड़ निवेशकों को पैसा वापस मिलना है, जिनके निवेश की मैच्योरिटी हो चुकी है। हालांकि सरकार ने रिफंड होने वाले पैसों पर 10 हजार रुपए की सीमा निर्धारित की है। यानि पहले चरण में उन निवेशकों की जमा राशि लौटाई जाएगी, जिनका निवेश 10 हजार रुपए है। जिन निवेशकों का निवेश 10 हजार से ज्यादा का है, तो उन्हें उनके कुल निवेश में से भी 10 हजार रुपए तक ही लौटाए जाएंगे। इस तरह से करीब 5 हजार करोड़ रुपए की रकम लौटाने की तैयारी की गई है।
वैरीफिकेशन होगा 30 दिन में
सहारा रिफंड पोर्टल के जरिए निवेशकों को 45 दिन में पैसे वापस करने का दावा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि सहारा ग्रुप की समितियां निवेशक के दस्तावेजों का वैरीफिकेशन 30 दिनों में पूरा करेंगी, जिसके बाद पैसा रिफंड होगा। पोर्टल के जरिए जिन निवेशकों को आवेदन देने में समस्या आती है तो उन्हें इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए नजदीकी सीएससी सेंटर जाना पडे़गा।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में सहारा-सेबी रिफंड खाते से 5,000 करोड़ रुपए सहकारी समितियों के केंद्रीय पंजीयक (CRCS) को ट्रांसफर करने का आदेश दिया था। जिसके बाद सरकार ने 29 मार्च 2023 को कहा था कि चारों सहकारी समितियों के 10 करोड़ निवेशकों का पैसा 9 महीने के भीतर लौटा दिया जाएगा। चार सहकारी समितियों- सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड में लगभग 2.5 करोड़ लोगों के 30,000 रुपये तक जमा हैं।
केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहारा रिफंड पोर्टल लॉन्च करते हुए कहा कि पहले चरण में 5,000 करोड़ रुपए डिपॉजिटर्स को वापस करने के बाद सरकार सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर कर ज्यादा धनराशि जारी करने का अनुरोध करेगी। जिससे ऐसे निवेशकों जिन्होंने ज्यादा रकम डिपॉजिट किया हुआ है, उन्हें उनका पूरा पैसा रिफंड किया जा सके। अमित शाह ने बताया कि पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए सेवा केंद्र होंगे जो डिपॉजिटर्स की मदद करेंगे।
उमरे पर जाने के लिए एक दिन पहले ही घर में लाकर रखी थी रकम
मकान की खिड़की तोड़कर लाखों रुपए की नकदी चोरी
बिजनौर। बढ़ापुर में अज्ञात चोरों द्वारा मकान की खिड़की तोड़कर लाखों रुपए की नकदी साफ कर दी गई। सवेरे घर में चोरी होने की जानकारी से परिजनों में हड़कंप मच गया। मकान स्वामी ने लाखों रुपए की रकम उमरे पर जाने के लिए एक दिन पहले ही घर में लाकर रखी थी। गांव में करीब पांचवी चोरी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
थाना क्षेत्र के ग्राम तारापुर निवासी याकूब पुत्र उमर का सड़क किनारे मकान है। याकूब ने सऊदी अरब में उमरा करने का प्लान बनाया था, जिस कारण याकूब व उसका परिवार पूरी तरह से तैयारी में लगा था। उमरे पर जाने के लिये एजेंट द्वारा आगामी 30 जुलाई की तिथि तय की गई थी, जिसके लिये याकूब को एजेंट ने 19 जुलाई को करीब दो लाख रुपए की रकम ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने के लिये कहा था। परन्तु बुधवार को ट्रांजेक्शन न हो पाने के कारण याकूब ने रकम ले जाकर घर के एक कमरे में रखी सेफ (अलमारी) में रख दी। बुधवार को देर रात किसी समय अज्ञात चोर याकूब की बैठक की खिड़की तोड़कर घर में दाखिल हो गए औऱ बैठक के जरिये घर के कमरे में पहुँच कर ताला तोड़कर सेफ में रखी करीब तीन लाख रुपए की नकदी चोरी कर ले गए। सवेरे याकूब ने जब कमरे का ताला टूटा और अलमारी को खुला पाया तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। याकूब द्वारा घटना की लिखित सूचना थाना बढ़ापुर में दे दी गई है।
चार माह में चार घरों को चोरों ने बनाया अपना निशाना
याकूब द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर में देर रात गांव में सवारी लेने आई एक गाड़ी, जिसमें दो व्यक्ति सवार थे तथा गांव के ही दो लोगों पर चोरी का शक होने की बात कही गई है। इस बाबत जब ग्रामीणों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बीते करीब चार माह में गांव में चार घरों को चोरों ने अपना निशाना बनाया है। पहली चोरी यामीन पुत्र रमजानी, दूसरी नसीम पुत्र मीनू, तीसरी अशफर, चौथी चोरी स्व0 रईस पुत्र सुक्खे तथा पांचवी चोरी बुधवार की रात्रि याकूब पुत्र उमर के यहां हुई। चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल व्याप्त है। थाना बढ़ापुर पुलिस द्वारा तहरीर मिलने की पुष्टि की गई है।
मौके पर मिले टाइगर के पदचिन्ह, गुर्राने की आवाज सुनकर भाग खड़ी हुई टीम
बढ़ापुर वन रेंज में हाथी के बच्चे को टाइगर ने बनाया अपना निवाला
टाइगर ने किया हाथी के बच्चे का शिकार
~शाहिद रज़ा खान
बिजनौर। बढ़ापुर वन रेंज के आरक्षित वन क्षेत्र में एक बार फिर एक हाथी के बच्चे का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि हाथी के बच्चे को टाइगर ने अपना निवाला बना लिया। आनन-फानन में मौके पर पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने मृत हाथी के शव के पोस्टमार्टम की तैयारी शुरू कर दी थी। परन्तु टाइगर द्वारा एक बार फिर मौके पर आ धमकने के कारण वन विभाग के कर्मचारियों को चिकित्सकों के पैनल को लेकर बैरंग वापस लौटना पड़ा। इसके बाद देर शाम पोस्टमार्टम कराया गया।
गुरुवार को बढ़ापुर वन रेंज के आरक्षित वन ढकरिया बीट के कक्ष संख्या तीन में एक हाथी के बच्चे का अधखाया हुआ शव पड़ा मिलने की सूचना ने वन विभाग में हड़कम मचा कर रख दिया। सूचना पर बढ़ापुर वन रेंज के रेंजर जितेंद्र सिंह यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और विभागीय अधिकारियों को घटना से अवगत कराया। विभागीय अधिकारियों के दिशा निर्देश पर रेंजर द्वारा हाथी के बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराने की तैयारियां शुरू कर दी गई। इसके बाद चिकित्सकों के एक पैनल को मौके पर बुलाया गया। चिकित्सकों का पैनल अभी पोस्टमार्टम की तैयारियां कर ही रह था कि मौके पर एक टाइगर के आ जाने से अफरातफरी मच गई औऱ वन विभाग के कर्मचारी चिकित्सकों के पैनल के साथ मौके से भाग खड़े हुए।
बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर हाथी के बच्चे का शव पड़ा हुआ था उसके आसपास टाइगर के पदचिन्ह पाए गये हैं। साथ ही हाथी के बच्चे के खाये हुए शव को देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि टाइगर ने उसे अपना निवाला बनाया है। इस कारण गुरुवार को टाइगर अपनी भूख मिटाने के लिये एक बार उसी स्थान पर पहुचा, जहां पर उसने शिकार किया था। टाइगर के गुर्राने की आवाज को सुनकर वन विभाग के कर्मचारी के साथ साथ चिकित्सक भी सहम उठे। इस कारण सभी ने मौके से भागने में ही अपनी भलाई समझी। देर शाम टाइगर के जाने के बाद चिकित्सकों के पैनल ने मृत हाथी के बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कर बिसरा सुरक्षित रख लिया।
परिवार से बिछड़ा होगा हाथी का बच्चा
इस बाबत जब रेंजर जितेंद्र सिंह यादव से बात की गई उन्होंने बताया कि गश्त के दौरान हाथी के बच्चे का अधखाया शव पड़ा मिला, जो कि नर हाथी प्रतीत हो रहा है। उसकी उम्र करीब तीन से चार वर्ष रही होगी। चिकित्सकों के पैनल द्वारा शव का पोस्टमार्टम कर दिया गया है। मौके से टाइगर के पदचिन्ह मिले हैं, जिस कारण ऐसा लग रहा है कि परिवार से बिछड़े हाथी के बच्चे को टाइगर ने अपना निवाला बनाया है।
गोकशी के दो आरोपियों के दो मकानों को कुर्क कर किया गया सील
बढ़ापुर (बिजनौर)। गोकशी के दो आरोपियों द्वारा आपराधिक क्रियाकलापों से अवैध धन एकत्रित कर बनाये गए दो मकान जिनकी कीमत करीब आठ लाख रुपये आंकी गई थी स्थानीय पुलिस एवं तहसीलदार की मौजूदगी में दोनों मकानों को कुर्क कर सील कर दिया गया है। कुर्की की प्रक्रिया के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।
बताया जा रहा है कि नगर के मोहल्ला झोझीयान/ कस्साबान निवासी वसीम पुत्र अ0 गफूर व शहजाद पुत्र सुक्के को बीते कुछ समय पहले स्थानीय पुलिस द्वारा गोकशी के आरोप में जेल भेजा गया था। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने विभागीय उच्च अधिकारियों के दिशा निर्देश पर गोकशी के आरोपियों पर कार्यवाही करते हुए गैंगस्टर की कार्यवाही कर दी थी। इसके चलते हुए जिला मजिस्ट्रेट द्वारा वाद संख्या 202313160001533/48 व 202313160001533/49 सरकार बनाम वसीम पुत्र गफूर कस्बा व शराफत पुत्र सुक्के थाना बढ़ापुर जनपद बिजनौर में पारित आदेश दिनांकित 11-07-2023 के अनुपालन में थाना बढ़ापुर के मु0अ0स0 112/2023 की धारा 3(1)2(ख)(17) गैंगस्टर अधिनियम थाना बढ़ापुर जनपद बिजनौर विवेचनाधीन से सम्बंधित आरोपियों शहजाद व वसीम के द्वारा आपराधिक क्रिया कलापों से अर्जित धन से बनाये गए दोनों के मकानों को कुर्क किया गया। गुरुवार को थानाध्यक्ष सुदेशपाल सिंह व तहसीलदार नगीना जयेन्द्र कुमार की के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ मोके पर पहुँच कर दोनों अधिकारियों द्वारा दोनों आरोपियों के घरों पर सील लगाकर बंद कर दिया गया। तहसीलदार नगीना जयेन्द्र कुमार ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर गोकशी के आरोपी शहज़ाद व वसीम निवासी कस्साबान कस्बा व थाना बढ़ापुर के खिलाफ कुर्की के आदेश के बाद दोनों आरोपियों के घरों को बंद कर सील किया गया है।
खरीफ मौसम योजना में भागीदारी की अन्तिम तिथि 31 जुलाई
धान, उर्द, मूंगफली तथा गेहूं, राई/सरसों, मसूर एवं आलू हैं अधिसूचित फसलें
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना को जनपद में संचालित करने हेतु इफको-टोकियो जनरल इन्श्योरेंस कम्पनी लिमिटेड नामित
बिजनौर में 7046 कृषकों ने कराया अपनी फसल का बीमा
इफको-टोकियो जनरल इन्श्योरेंस कम्पनी करेगी फसल बीमा
बिजनौर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना को जनपद में संचालित करने हेतु इफको-टोकियो जनरल इन्श्योरेंस कम्पनी लिमिटेड को नामित किया गया है।
जिला कृषि अधिकारी बिजनौर जसवीर सिंह तेवतिया ने बताया कि शासन द्वारा वर्ष 2023-24, 2024-25, 2025-26 खरीफ व रबी मौसम मे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना की कार्य योजना को जारी किया गया है। योजना को जनपद में संचालित करने हेतु इफको-टोकियो जनरल इन्श्योरेंस कम्पनी लिमिटेड को नामित किया गया है। योजना के अन्तर्गत प्रतिकूल मौसमीय स्थितियों से अधिसूचित फसलों खरीफ मौसम हेतु धान, उर्द, मूंगफली तथा रबी मौसम हेतु अधिसूचित फसलें गेहूं, राई/सरसों, मसूर एवं आलू हैं। फसल की बुवाई न कर पाना, असफल बुवाई, फसल की मध्य अवस्था में क्षति, खड़ी फसल को प्राकृतिक आपदाओं, रोगों, कीटों से क्षति, ओलावृष्टि, जलभराव, बादल फटना, भूस्खलन, बिजली गिरने से क्षति, फसल कटाई के उपरान्त आगामी 14 दिन की अवधि तक खेत में सुखाई हेतु रखी हुई फसल को ओलावृष्टि, चक्रवात, बेमौसम वर्षा, चक्रवाती वर्षा से नुकसान के जोखिम को कवर किया गया है।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2022-23 रबी एवं खरीफ मौसम के अन्तर्गत जनपद के 7046 कृषकों द्वारा अपनी फसल का बीमा का कराया गया है। यह योजना स्वैच्छिक आधार पर लागू की गयी है। यदि ऋणी कृषक योजना में शामिल नहीं होना चाहते हैं तो ऐसी स्थिति में अपने बैंक शाखा स्तर पर बीमा कराने की अन्तिम तिथि से 7 दिन पहले तक योजनान्तर्गत प्रतिभागिता नहीं करने के सम्बन्ध मे लिखित रूप से अवगत कराना होगा। गैर ऋणी कृषक अपना पहचान पत्र, आधार कार्ड, फसल बुवाई का घोषणा पत्र, खतौनी की नकल, बैंक खाते का विवरण, आई0एफ0एस0सी0 कोड के साथ निकट के काॅमन सर्विस सेन्टर अथवा बैंक शाखा से फसल पर देय प्रीमियम अंश को जमा करते हुए अपनी फसल का बीमा करा सकते हैं। खरीफ मौसम योजना में भागीदारी की अन्तिम तिथि 31 जुलाई, 2023 है। अतः निर्धारित तिथि 31 जुलाई, 2023 से पूर्व ही जमा की गई प्रीमियम पर ही क्षति पूर्ति की धनराशि देय है, इसके बाद जमा की गई धनराशि पर फसल बीमित नहीं हो सकेगी व क्षति पूर्ति की धनराशि देय नहीं होगी।
वेटिंग लिस्ट लंबी बताकर रोगियों को भेजते थे निजी लैब, बदले में पाते थे कमीशन
कमीशनखोरी में टाटा अस्पताल के अधिकारी कर्मचारी समेत 11 गिरफ्तार
मुंबई (एजेंसी)। कैंसर रोगियों को कमीशन के लिए निजी प्रयोगशालाओं में रेफर करने के आरोप में शहर के टाटा मेमोरियल अस्पताल के कुछ कर्मचारियों सहित 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
परमाणु ऊर्जा विभाग के तहत आने वाले अस्पताल को कैंसर के उपचार और अनुसंधान के लिए जाना जाता है और देशभर से यहां रोगी आते हैं। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि कुछ कर्मचारी रोगियों को जांच के लिए निजी इमेजिंग सेंटर और प्रयोगशालाओं में भेजते थे और इसके पीछे अस्पताल में लंबी प्रतीक्षा सूची होने की वजह बताते थे। आरोपियों में एक सहायक प्रशासनिक अधिकारी, वॉर्ड ब्वॉय, आया, चपरासी और सफाई कर्मचारी शामिल हैं।
अधिकारी के मुताबिक इन्हें कथित रूप से निजी प्रयोगशालाओं से कमीशन मिलता था। इन जांच प्रयोगशालाओं की जांच की दरें अस्पताल से अधिक हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह आरोपियों ने रोगियों के साथ ही सरकार को भी लाखों रुपए का नुकसान पहुंचाया। अस्पताल के एक अधिकारी की शिकायत पर 16 जुलाई को एक निजी प्रयोगशाला के कर्मचारी समेत 21 लोगों के खिलाफ भोइवाड़ा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गयी और 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया। मामले में आगे जांच जारी है।
बूढ़ा हो या जवान, उन्हें हर कोई पुकारता था ‘‘भाई साहब”
उरई (जालौन)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पार्टी के दिवंगत पूर्व अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह यादव की त्रयोदशी पर आगामी 21 जुलाई को यहां पहुंचेंगे। इस अवसर पर राधिका गार्डन में शांति भोज होगा। सैफई से चलकर अखिलेश यादव राधिका गार्डन में इंद्रजीत सिंह जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। इंद्रजीत सिंह जी के सुपुत्र आनंद यादव और अन्य परिजनों को ढाढस बंधाते हुए उनकी कुशलक्षेम पूछेंगे। लखनऊ प्रस्थान के पहले वे पत्रकारों से भी संक्षिप्त वार्ता कर सकते हैं।
15 साल तक जिलाध्यक्ष पद पर बने रहे इंद्रजीत सिंह यादव
स्व. इंद्रजीत सिंह यादव
15 साल तक लगातार जिलाध्यक्ष रहे इंद्रजीत सिंह यादव प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के बेहद खास माने जाते थे। वह समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य थे। जब जनता दल बना, तब मुलायम सिंह यादव ने उन्हें 1980 में जिलाध्यक्ष बनाया और 6 अक्टूबर 1992 में समाजवादी पार्टी का गठन होने के बाद उन्हें संस्थापक सदस्य के साथ-साथ जिलाध्यक्ष नियुक्त किया था। इसके बाद वह लगातार 15 साल तक समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष रहे। समाजवाद के इस सच्चे सपूत की सरलता और सादगी के जीवंत उदाहरण के रूप में मिसाल दी जाती थी। कोई बूढ़ा हो जवान उन्हें हर कोई ‘‘ भाई साहब” ही कहकर पुकारता था। भाई साहब के राजनीतिक सफर की बात करें तो सरलता सादगी के प्रतीक इंद्रजीत सिंह यादव वर्ष 1980 तक कांग्रेस कमेटी जालौन के अध्यक्ष रहे।
विचारधारा में कभी आड़े नहीं आई दोस्ती
पार्टी ने सुरेश पालीवाल को उरई विधानसभा से टिकट दिया तो खिन्न होकर वह लोकदल में शामिल हो गए। फिर उन्होंने कांग्रेस की तरफ मुड़कर नहीं देखा वह समाजवाद की अलख जगाते रहे। मित्रता के मामले में उनका कोई सानी नहीं रहा। विचारधाराएं चाहें अलग रही पर पूर्व मंत्री स्व चौ शंकर सिंह, स्व बाबूराम एमकॉम की जोड़ी साथ रही लेकिन विचारधारा दोस्ती में कभी आड़े नहीं आई। वैसे भाई साहब की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं ज्यादा नहीं रही फिर भी पार्टी ने उन्हें 15 वर्ष सपा का जिलाध्यक्ष बनाये रखा। भाई साहब ने उरई को मेडिकल कॉलेज व जोल्हूपुर कदौरा की सड़क का तोहफा दिया। इन दोनों मांगों पर सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह ने कहा था कि तुम अपने लिये कम समाज के लिये ज्यादा मांगे हो, सच्चे समाजवादी की मांग हम कैसे टाल सकते हैं। वह पिरौना इंटर कॉलेज के प्रबंधक अध्यक्ष भी रहे और उन्हीं के कार्यकाल मे कृभको चेयरमैन डॉ चन्द्रपाल सिंह यादव बतौर शिक्षक अपनी सेवाएं देते रहे। इसके अलावा जब मुलायम सिंह यादव पहली बार मुख्यमंत्री बने तो उन्हें जल निगम बोर्ड का अध्यक्ष बनाकर राज्यमंत्री का दर्जा दिया था। इंद्रजीत यादव को बुंदेलखंड का गांधीवादी नेता कहा जाता था। सरल सौम्य होने के कारण विरोधी पार्टी के लोग भी उनका सम्मान करते थे। उनके निधन से समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं में गहरा दु:ख व्याप्त है।
पत्रकारों, खासकर नई पीढ़ी के पत्रकारों को यह जानना जरूरी है कि मिशनरी पत्रकारिता का ‘लोक’ कित्ता बड़ा होता जाता है? उसे नापना-मापना किसी के बस का नहीं। यह भी एक तरह का ‘शोध’ कार्य ही है।
परंपरा ऐसे ही बनती है, बचती है और बढ़ती भी। अक्सर देखा जाता है कि नाम के फेर में काम पीछे छूट जाते हैं। इसमें कोई दो राय नहीं कि काम करने वालों को नाम बताने की जरूरत नहीं पड़ती।
चित चोर चित्तौड़-चहुं ओर प्रभाष..
चौदह बरस की निरंतरता कम नहीं होती। दिल्ली, इंदौर होते हुए ‘यादों की बारात’ इस साल चित्तौड़ पहुंच रही थी। प्रसंग वही प्रभाष जोशी जी की यादों से जुड़ने का। 15 जुलाई (प्रभाष जी की जयंती) को देश का ‘दिल’ दिल्ली जब पूरी तरह जागी भी नहीं थी, तब हिमाचल भवन के सामने उनके (प्रभाष जी) अनुयायियों की तरुणाई अंगड़ाई ले चुकी थी। एक-एक कर लोग पहुंच रहे थे। कई तो समय से पहले ही जम गए। इन्हीं में एक यह अकिंचन भी था। प्रभाष प्रसंग में जाने वालों में तीन पीढ़ियां- पहली, जिन्होंने उनके संग सत्संग या सत्कार्य किए। दूसरी, वह जो कुछ समय के लिए ही सही उनका सानिध्य सुख प्राप्त और तीसरी, नाम-काम-धाम से प्रभावित। तीन वर्ग-पुरुष, महिला और बच्चे। बस से जाने वालों में प्रभाष जी के पुत्र संदीप और पुत्रवधू श्रीमती उमा जोशी भी। दोनों उन्हीं की तरह अहम-वहम से दूर।
बसों की प्रतीक्षा बरबस हर वाहन की घर्र-घर्र पर हमारी ही क्या सभी की निगाह आड़ी-तिरछी कर देती। बस यात्रियों की इसी भीड़ के बीच एक कम वजनी (अंडर वेट) महिला बेझिझक पेट के लिए सभी से ‘वजन’ तुलवाने का अनुरोध कम गिड़गिड़ा सी ज्यादा रही थी। उधर, एक एकांत में कलाकार आदित्य अपनी कला को निखारने की मौन साधना में रमे थे। यह हमें पता भी न चलता अगर युगवार्ता और नवोत्थान के संपादकीय विभाग के सदस्य छोटे कद और बड़े संकल्प वाले तिवारी जी (पूरा नाम नहीं पता) यह कहकर ध्यान आकर्षित न करते- ‘आपकी फोटो बन गई..’ कुरूप हो या सुरूप। अपनी फोटो के लालच से भला कौन ऊपर? चाय की चुस्कियों के बीच भाई राकेश सिंह ने सूचना दी- बस थोड़ी देर और! खैर, इंतजार खत्म हुआ और दो बसें आ पहुंची। जाने और जानने की जल्दी में जल्दी-जल्दी सबने सामान धरा और बस में स्थापित। दस मिनट में प्रक्रिया पूरी और शुरू हो गई प्रभाष प्रसंग से जुड़ी एक और यादगार बनने वाली चित्तौड़ यात्रा। बच्चों में प्रभाष स्मृति का बीजारोपण और हम जैसों को खाद-पानी का सुयोग। यात्रा के अर्द्ध भाग में बस के अंदर सर्वोदयी रमेश चंद शर्मा के सर्वोदय गीत-‘हिम्मत से पतवार संभालो फिर क्या दूर किनारा ओ माझी’ और ग्राम दान से बन जाएगा गोकुल अपना गांव रे.. की मनमोहक प्रस्तुति ने कुछ और ही माहौल बना दिया। होते-करते रात 11 बजे हम सब चित्तौड़ मेवाड़ विवि के परिसर में दाखिल हो ही गए। 12 घंटे से अधिक इस यात्रा की थकान बड़ों में न छोटों में। पुरुषों में न स्त्रियों में। कमरे में सामान रख, मुंह हाथ धोकर सब उसी दिशा में बढ़ चले, जिधर अन्नपूर्णा माई का वास था। बिल्कुल वैसे ही जैसे- चल पड़े उधर ही कोटि पग..।
रात में अन्नपूर्णा माई से मुलाकात के वक्त ही नाश्ते के लिए सुबह साढ़े आठ बजे की ताकीद कर दी गई थी। सो, सब तैयार। भरपेट स्वादिष्ट नाश्ते के बाद शुरू हुआ सिलसिला प्रभाष प्रसंग का। विवि के महाराणा प्रताप सभागार में सबसे पहले वही ‘कबीर गायन’ जो प्रभाष जी की पसंद था और जीवन का आधार भी। पहले विश्वविद्यालय के फाइन आर्ट विभाग के अध्यक्ष डॉ. त्रिगुनातीत जैमिनी, हरिओम गंधर्व व रोशनी कसौधन की प्रभावी प्रस्तुति और बाद में भीलवाड़ा की सांस्कृतिक संस्था रसधारा के कलाकारों की प्रार्थनाएं । मुख्य समारोह के पहले लोक गायक प्रहलाद सिंह टिपानिया ने कबीर के पद सुंदर और मधुर वाणी में सुनाकर एकबार फिर मंत्र मुग्ध कर दिया। यह वही टिपानिया हैं, जिन्हें प्रभाष जी ने ही पहचान दिलाई और सही-सच्चे मुकाम तक पहुंचाया।
चित्तौड़ की अपनी यह पहली यात्रा थी। मेरी ही तरह पता नहीं कितनों की होगी? चित्तौड़ की लड़ाइयां विश्व प्रसिद्ध हैं। मौर्यवंशी, गुहिलवंशी, राजपूताना, मुगलों और गुजरात के सोलंकी शासकों के अधीन रह चुके चित्तौड़ की गाथाएं तो खूब हैं पर पन्ना धाय का अध्याय वाकई में चित्त चुरा लेता है। इतिहास में ऐसा कोई दूसरा अध्याय कहां? इस समृद्ध इतिहास के बावजूद चित चोर चित्तौड़ की इस यात्रा में चहुं ओर प्रभाष जी ही थे। बलिया के सांसद वीरेंद्र सिंह हों या पूर्व सांसद महेश चंद्र शर्मा या केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान या पद्मश्री विजय दत्त श्रीधर। सब उन्हीं गुणों का गान कर रहे थे, जो प्रभाष जी के सरल-तरल-विरल व्यक्तित्व में समाए थे।
चूंकि किसी काम को करने के लिए एक नाम जरूरी है। कहने के लिए इस सब आयोजन का करता-धरता तो प्रभाष परंपरा न्यास है पर मेरुदंड तो राम बहादुर राय जी ही हैं। प्रभाष जी की तरह ही नाम से ज्यादा काम पर ध्यान। यकीन न हो तो 13हवें प्रसंग में बीएचयू के प्रो. सदाशिव कुमार द्विवेदी के प्रभाष जोशी स्मारक व्याख्यान की उस मुद्रित ‘पुस्तिका’ पर गौर फरमाएं, जिसमें नाम न परंपरा न्यास का है, न राम बहादुर राय या अन्य किसी का। परंपरा ऐसे ही बनती है, बचती है और बढ़ती भी। अक्सर देखा जाता है कि नाम के फेर में काम पीछे छूट जाते हैं। इसमें कोई दो राय नहीं कि काम करने वालों को नाम बताने की जरूरत नहीं पड़ती।
आयोजन के लिए चित्तौड़ के चुनाव पर कुछ सवाल उठे। यह भी राय साहब के संबोधन से ही सबको या कहें खासतौर से हमें मालूम चला। इसीलिए प्रभाष प्रसंग चित्तौड़ में क्यों? का जवाब राय साहब को देना ही था। राय साहब ने दिया भी-‘इसलिए कि मेवाड़ विवि के कुलाधिपति डॉ अशोक कुमार गदिया जोशीले हैं और जिद्दी भी। उन्होंने अपने विवि के गांधी संग्रहालय को प्रभाष जी की स्मृति से जोड़ा है। प्रभाष जोशी स्मृति गांधी संग्रहालय का उद्घाटन प्रभाष प्रसंग के कार्यक्रम के अवसर पर ही संपन्न कराने का उनका संकल्प था। कई वर्षों से यह संकल्प अधूरा था। इसलिए उनकी इच्छा पर ही इस बार का प्रभाष प्रसंग चित्तौड़ में।’ प्रभाष जी की स्मृतियों से जुड़े इस संग्रहालय की बाहरी दीवार पर संग्रहकर्ता कलाकार सिद्दीक अहमद मंसूरी ने गांधी जी के 151 चित्र बनाकर न केवल अपनी कला बल्कि अपनी गांधीवादिता का प्रमाण भी दिया है। देश और दुनिया में गांधी जी से जुड़े तमाम संग्रहालय हैं पर अपनी तरह का यह अनूठा संग्रहालय है। यहां द स्टेट्समैन में 1948 का वह अंक भी संजो कर रखा गया है जिसमें बापू के शहीद होने की खबर छपी थी। हमने कौसानी का वह गांधी संग्रहालय भी देखा है, जहां गांधी जी ने कई दिन बिताए थे। इसमें और उसमें मूलभूत फर्क यह दिखा कि वहां चित्र संजोए गए हैं और यहां बनाए। विवि के संग्रहालयों की देखरेख करने वाली महानिदेशक डॉ चित्रलेखा सिंह को भी इसके लिए खूब सराहना मिलना भी इस बात का प्रमाण है कि अच्छे काम के कद्रदान समाज में आज भी हैं। यह भी प्रभाष परंपरा ही है। अपने संबोधन में विजय दत्त श्रीधर ने उनके इस गुण की चर्चा करके इसे प्रमाणित भी किया। इस पूरे आयोजन में प्रभाष जी की सहधर्मिणी श्रीमती ऊषा जोशी की मौन उपस्थिति भी यह बताने के लिए काफी है कि जिस तरह उन्होंने प्रभाष जी का ताजिंदगी साथ दिया, उसी तरह प्रभाष परंपरा न्यास का साथ और सानिध्य देने को वह तत्पर हैं। इस यात्रा की एक बड़ी उपलब्धि ‘विनोबा दर्शन’ पुस्तक है, जिसमें विनोबा दर्शन की झलक प्रभाष जी की उन 39 रिपोर्ट से मिलती है जो उन्होंने 1960 में विनोबा के इंदौर प्रवास के वक्त नई दुनिया के लिए लिखीं थीं। प्रभाष जी का पहला लेखन 63 वर्ष बाद पुस्तकाकार रूप में आया है तो इसके पीछे भी अपने पूर्वज के प्रति आस्था और कर्म के प्रति निष्ठा ही है।
इस पुस्तक की जरूरत डॉ रामाशंकर कुशवाहा द्वारा प्रभाष जी के जीवन पर लिखी गई किताब ‘लोक का प्रभाष’ से निकली। लोक का प्रभाष तो प्रभाष जी के जीवन को समझा देती है पर प्रभाष जी का लोक बहुत बड़ा है। यह बताने और समझाने के लिए भी एक किताब की जरूरत महसूस हो रही है। प्रभाष जी को गए 14 बरस बीत गए। हर आयोजन में नए-नए चेहरे बताते हैं कि उनका पूरा ‘लोक’ एक आयोजन में समेटना मुश्किल ही नहीं असंभव है। इसीलिए ऐसी किताब भी हम जैसों को जरूरी लगती है। पत्रकारों खासकर नई पीढ़ी के पत्रकारों को यह जानना जरूरी है कि मिशनरी पत्रकारिता का ‘लोक’ कित्ता बड़ा होता जाता है? उसे नापना-मापना किसी के बस का नहीं। यह भी एक तरह का ‘शोध’ कार्य ही है।
फिर लौटते हैं विनोबा दर्शन पर। इसके संकलनकर्ता हैं हाल ही में दिवंगत नई दुनिया के इंदौर संस्करण के लाइब्रेरियन रहे कमलेश जैन। उन्होंने ही प्रभाष जी की वह रिपोर्ट सुरक्षित रखीं और सुरक्षित हाथों तक पहुंचाई भी। वरिष्ठ पत्रकार और प्रभाष परंपरा के वाहक श्री मनोज मिश्र के संपादन में निकली यह किताब नई पीढ़ी के पत्रकारों के लिए तो उपयोगी है ही, हम जैसे अधकचरे पत्रकारों के लिए भी कम प्रेरणादायक सिद्ध नहीं होगी।
लखनऊ। जनपद सहारनपुर में 8 से 26 अगस्त तक अग्निवीर भर्ती रैली का आयोजन किया जा रहा है। भर्ती रैली डॉ. आंबेडकर स्टेडियम में होगी। इसमें प्रदेश के 13 जनपदों के अभ्यर्थी भाग लेंगे।
सहारनपुर कलक्ट्रेट सभागार में अग्निवीर भर्ती की तैयारियों को लेकर संबंधित अधिकारियों एवं सेना के अधिकारियों की बैठक हुई। जिलाधिकारी डा.दिनेश चन्द्र ने सभी विभागीय अधिकारियों को उचित व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों को पेयजल, साफ-सफाई, बेरीकेटिंग, लाइट, मोबाइल शौचालय, एम्बुलेंस आदि की उचित व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। परिवहन विभाग को पर्याप्त मात्रा में बसों को संचालन करने एवं अग्निशमन विभाग को रैली स्थल पर किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए समुचित व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा पुलिस विभाग को सुरक्षा के मद्देनजर पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल की तैनाती करने के निर्देश दिए।
बताया गया कि भर्ती में जनपद रामपुर, मुरादाबाद, गौतमबुद्धनगर, हापुड, गाजियाबाद, बिजनौर, बागपत, मेरठ, अमरोहा, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, शामली और सहारनपुर के अभ्यर्थी भाग लेंगे। भर्ती रैली डॉ. आंबेडकर स्टेडियम में होगी। भर्ती रैली में युवाओं की दौड़, छाती, लंबाई, ऊंची कूद आदि का परीक्षण होने के बाद सभी शैक्षणिक व अन्य कागजातों की जांच होगी। इसके बाद मेडिकल परीक्षण होगा। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रजनीश कुमार मिश्र, एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक, एसपी यातायात सिद्धार्थ वर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट गजेन्द्र कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक योगराज सिंह सहित संबंधित अधिकारीगण एवं सेना भर्ती के अधिकारी मौजूद रहे।
फर्जी नंबर प्लेट लगाकर दो वर्ष से घूम रहा था खुलेआम
ससुराल में रह रहा दामाद हरियाणा से चोरी बाइक के साथ गिरफ्तार
बढ़ापुर (बिजनौर)। ससुराल में रह रहे एक दामाद को बढ़ापुर पुलिस ने दो वर्ष पहले हरियाणा के थाना सधोरा जिला यमुना नगर से चोरी की गई एक स्प्लेंडर बाइक के साथ गिरफ्तार किया है।
नगर के अंतिम छोर पर ग्राम रामजीवाला जाने वाले मार्ग पर सोमवार देर शाम नगर पुलिस चौकी इंचार्ज वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार अपने हमराही सिपाही अंकित कुमार, मोबाइल चैकिंग सिपाही नीटू व बिजेंद्र कुमार के साथ छोटे नाले के पास पुलिया पर वाहन चैकिंग कर रहे थे। इसी दौरान वहां से गुजरी काले रंग की एक स्प्लेंडर बाइक की नम्बर प्लेट पर अंकित नम्बर को मोबाइल एप्प पर चैक किया गया। उक्त बाइक अजित कुमार पुत्र अशोक कुमार निवासी थाना छजलैट के नाम पर आई। इसके बाद स्प्लेंडर बाइक के चेसिस नं की जांच की गई तो उक्त बाइक का सही नं HR31B3983 आया जो कि अशोक कुमार पुत्र फूलचंद निवासी झुर माजरा थाना व पोस्ट सधोरा जिला यमुना नगर आया। इस पर बढ़ापुर पुलिस द्वारा हरियाणा पुलिस से सम्पर्क किया गया तो पता चला कि उक्त बाइक सधोरा बस स्टैंड से करीब दो वर्ष पहले चोरी हो गई थी। इस सम्बंध में थाना सधोरा पर बाइक स्वामी अशोक कुमार द्वारा गत 20 जून 2021 को एफआईआर दर्ज कराई गई थी। बढ़ापुर ने पूरी तसल्ली के बाद चोरी की बाइक के साथ पकड़े गए व्यक्ति से पूछताछ की तो उसने अपना नाम सरकार अली पुत्र औरंगजेब निवासी रणजीत नगर थाना विलासपुर जिला यमुनानगर हाल निवासी ग्राम रामजीवाला बताया। उक्त व्यक्ति ने बताया कि ग्राम रामजीवाला में उसकी ससुराल है। सरकार अली ने बाइक चोरी की बात कबूल करते हुए बताया कि वह दो वर्ष पहले सधोरा बस स्टैंड से बाइक चोरी कर रामजीवाला ले आया था। बाद में एक फर्जी नम्बर प्लेट बनवाई और उस पर UP21BT1586 अंकित कराया। उसके बाद वह उक्त बाइक को बेखौफ होकर चलाता रहा, परन्तु चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने चोरी की बाइक कब्जे में लेते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर देर रात ही सम्बंधित धारा में रिपोर्ट दर्ज कर विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी।
थानाध्यक्ष सुदेशपाल सिंह ने बताया कि चेकिंग के दौरान बाइक पकड़ी गई थी। खोजबीन करने पर पता चला कि उक्त बाइक हरियाणा से चोरी हुई थी। बाइक स्वामी व हरियाणा पुलिस से तस्दीक के बाद आरोपी सरकार अली के खिलाफ धारा 420,465,468,471,411 IPC में रिपोर्ट दर्ज कर उसका चालान किया गया है।
भारी बारिश: कई स्थानों पर धंसने व टूटने के कारण बंद होने को है बढ़ापुर- कोटद्वार मार्ग
(शाहिद रज़ा खान)
बढ़ापुर (बिजनौर)। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नगर में नकटा एवं गूला नदियों द्वारा किए जा रहे कटान के अलावा अब पड़ोसी राज्य उत्तराखंड को जोड़ने वाले एकमात्र बढ़ापुर- कोटद्वार मार्ग भी कई स्थानों पर धंसने व टूटने के कारण आवागमन के लिए बंद होने वाला है।
पर्वतीय एवं मैदानी क्षेत्रों में हो रही लगातार भारी बारिश अब क्षेत्रवासियों के लिए मुसीबत का सबब बनती जा रही है। नगर से सटकर बहने वाली नकटा एवं गूला नदियों ने मोहल्ला भजड़ावाला व नौमी में भारी कटान करके मकानों को बहाने के साथ ही लोगों की नींद उड़ा रखी है। इन नदियों के अलावा ऊनी नदी त्य्योपुर के समीप काशीवाला मार्ग को तोड़ने के बिल्कुल करीब पहुंच चुकी है। क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांव के लोग इस मार्ग को लेकर चिंतित है परंतु सिंचाई विभाग इसकी अनदेखी कर रहा है। उधर नगीना- बढापुर मार्ग पर खो नदी भी लगातार कटान करते हुए मार्ग के समीप पहुंचती जा रही है। बात पड़ोसी राज्य उत्तराखंड को जोड़ने वाले एकमात्र मार्ग बढ़ापुर-कोटद्वार की जाए तो भारी बारिश के चलते उक्त मार्ग भी बढ़ापुर पाखरों के बीच कई स्थानों पर धंसने व कटने के कारण आवागमन बंद होने की स्थिति में पहुंच चुका है। इस मार्ग को कहीं भी नदी से तो कोई नुकसान नहीं पहुंच रहा है किंतु भारी बारिश ही इसके धंसने और कटने का सबब बनती जा रही है। मार्ग पर मिट्टी धंसने व कटान के कारण यह वाहनों के आवागमन के लिए खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका है परंतु इसके बावजूद भी लोक निर्माण विभाग कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है। उक्त मार्ग पर कोटद्वार के अलावा अपने खेतों पर आने जाने वाले किसान मार्ग बंद होने की स्थिति से भारी चिंतित है और लोक निर्माण विभाग से शीघ्र ही मार्ग की मरम्मत कराने की मांग कर रहे है।
वारदात को अंजाम देने वाली भांजी, प्रेमी संग गिरफ्तार
अवैध संबंधों का राज खुलने से नाराज होकर की थी बुजुर्ग महिला की गला घोंटकर हत्या
बिजनौर। खारी क्षेत्र में वृद्ध महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने हत्यारोपी महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है। अपने अवैध संबंधों का राज खुलने से नाराज होकर दोनों ने बुजुर्ग महिला की गला घोंटकर हत्या कर दी थी।
एसपी नीरज कुमार ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि हल्दौर थाना क्षेत्र के खारी गांव में 15 जुलाई को जरीना खातून (55 वर्ष) का 4 दिन पुराना शव घर के कमरे में मिला था। मृतका के बेटे यूनुस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई थी। पुलिस ने हल्दौर थाना क्षेत्र के मोहल्ला रईसान निवासी शाहिद व मोहल्ला सराय की कमरुन्निशा को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी महिला ने बताया कि उसका पति हनीफ 6 साल पहले लकवे का शिकार हो गया था। कमरुन्निशा लोगों से जकात लेकर परिवार की गुजर-बसर कर रही थी, लेकिन इसी दौरान वह जाहिद के संपर्क में आई और प्रेम संबंध होने पर दोनों चोरी-छिपे साथ रहने लगे। उसने बताया कि इस दौरान यह बात हनीफ की मौसी खारी निवासी जरीना खातून ने सभी रिश्तेदारों को बता दी। इसके बाद उन्होंने कमरुन्निशा को जकात यानी चंदा देकर मदद करना बंद कर दिया। इसी से नाराज होकर कमरुन्निशा, जाहिद के साथ 12 जुलाई को गांव खारी पहुंची। जरीना घर पर अकेली थी। दोनों गेट खोलकर अंदर चले गए। पुलिस का दावा है कि प्रेमी और प्रेमिका ने मिलकर चुनरी से बुजुर्ग महिला की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद घर के बाहर से ताला लगाकर दिल्ली चले गए और रास्ते में घर की चाबी गंगा में फेंक दी।चर्चा यह भी है कि दोनों ने गुपचुप तरीके से निकाह कर लिया है।
गुरु द्रोणाचार्य आश्रम में खड़ा सैकड़ों साल पुराना पेड़ धराशायी
पीपल के पेड़ की चपेट में आकर शनिदेव मंदिर भी हुआ ध्वस्त
बिजनौर। लगातार हो रही बारिश के चलते चाँदपुर स्थित गुरु द्रोणाचार्य आश्रम में खड़ा सैकड़ों साल पुराना पीपल का पेड़ जड़ से उखड़ कर गिर पड़ा। पेड़ की चपेट में आकर शनिदेव मंदिर भी ध्वस्त हो गया। पास से गुजर रही बिजली लाइन के पोल भी क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत रही कि हादसे के वक्त किसी के वहां नहीं होने से किसी की जान की हानि नहीं हुई।
पुरातत्व सर्वेक्षण में चांदपुर क्षेत्र स्थित गांव सैंद्वार में गुरु द्रोणाचार्य का आश्रम होने की पुष्टि हुई थी। यहां गुरु द्रोणाचार्य ने कौरव और पांडवों को शिक्षा-दीक्षा दी थी। आश्रम में ग्राम देवता, चामुंडा देवी, काली देवी सहित कई छोटे मंदिर है। यहां एक विशालकाय पुराना पीपल का पेड़ था। बुजुर्ग ग्रामीणों के अनुसार यह पेड़ सैकड़ों साल पुराना था। पिछले करीब पंद्रह दिन से हो रही बारिश के चलते सोमवार-मंगलवार रात यह पेड़ जड़ से उखड़कर गिर पड़ा। दो साल पहले शनिदेव मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया था। पेड़ ने शनिदेव मंदिर को अपनी चपेट में ले लिया। पास से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के पोल भी पेड़ की चपेट में आ गए। शनिदेव मंदिर स्थित प्राचीन पेड़ के गिरने के बाद ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चा चल रही है। मंगलवार को पेड़ के गिरने की सूचना वन विभाग को दे दी गई है। (भुवन राजपूत)
नजीबाबाद। भारी बारिश व तेज हवा चलने से मजार पर खड़ा एक बहुत पुराना पीपल का पेड़ अचानक भरभरा कर गिर पड़ा। पेड़ पास के एक मकान पर जा गिरा। आवाज सुनकर परिवार ने मकान से निकलकर जान बचाई।
मंगलवार की सुबह तड़के नगर के मोहल्ला जाब्तागंज के फाटक नम्बर 3 पर स्थित एक मजार पर खड़ा बहुत पुराना पीपल का पेड़ अचानक भरभरा कर गिर गया। पेड़ पास में रहने वाले इरफान के मकान पर जा गिरा। पेड़ की आवाज सुनकर इरफान के परिवार ने मकान से निकलते हुए भाग कर अपनी जान बचाई। पेड़ गिरने से इरफान का काफी नुकसान हुआ है। मोहल्लेवासियों ने बताया कि पेड़ की उम्र लगभग 100 साल है। जड़ भी काफी मजबूत थी, लेकिन तेज आंधी तूफान और भारी बारिश के कारण अचानक गिर गया, गनीमत रही कि जान का कोई नुकसान नही हुआ है। एक तरह से बड़ा हादसा टल गया। उधर पेड़ को देखने के लिए मोहल्लेवासियों को भीड़ उमड़ पड़ी।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने लिया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा
(भुवन राजपूत)
बिजनौर। तहसील चांदपुर क्षेत्र ब्लॉक जलीलपुर क्षेत्र के गांव में बाढ़ की स्थिति है। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने सबसे अधिक बाढ़ प्रभावित गांव रायपुर खादर व मीरापुर सीकरी का दौरा कर ग्रामीणों से कहा कि वह अपनी जान खतरे में ना डालें। सरकार द्वारा बनाये गए राहत शिविरों में जाकर रहें।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने विकास खंड जलीलपुर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव रायपुर खादर व मीरापुर सीकरी का दौरा किया। जिलाधिकारी नाव में सवार होकर गांव रायपुर पहुंचे और सबसे पहले उन्होंने बाढ़ के पानी में डूबे करण सिंह के घर पहुंच कर उसके परिवार वालों को सांत्वना दी। उन्होंने बताया कि मृतक के परिवार को राहत के तौर पर 4 लाख उनके खाते में भेज दिए गए हैं।
डीएम ने गांव में कई घरों पर जाकर लोगों की समस्या जानी और उनसे बाढ़ राहत शिविरों में जाने का आह्वान किया। डीएम ने ग्रामीणों को बताया कि बाढ़ राहत केंद्रों में बाढ़ पीड़ितों की समस्या के निराकरण के लिए अधिकारी मौजूद है।
ग्राम सीकरी में पहुंचकर ग्रामीणों से किसी समस्या होने पर संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। उनके साथ उपजिलाधिकारी रितु रानी, पुलिस क्षेत्राधिकारी सर्वम सिंह, खंड विकास अधिकारी ओमवीर सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।
कमिश्नरेट पुलिस का सराहनीय कार्य: गुमशुदा बच्ची को चंद समय में किया उनके परिजनों को सुपुर्द
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के कमिश्नरेट काकोरी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दुगौली निवासी संजीत यादव की पुत्री दीपाली (8 वर्ष) सोमवार शाम करीब 5 बजे घर से भटक कर महमूद नगर में काका ढाबा के करीब पहुंच गई। वहां राहगीरों व अन्य मौजूद लोगों ने उसे देख कर डायल 112 पर सूचना दी।
सूचना पर पीआरवी 0513 पर तैनात हेड कांस्टेबल पंकज यादव, हेड कांस्टेबल सर्वेश कुमार वर्मा, चालक शकूर अली मौके पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने कोतवाली प्रभारी काकोरी राजवीर सिंह की मौजूदगी में मोटी नीम चौराहा पर बच्ची को सकुशल उनके परिजनों को सुपुर्द कर दिया। इस अवसर पर उपनिरीक्षक चंद्रभान सिंह, उपनिरीक्षक सुधीर भारद्वाज, हे0 का0 संतोष यादव, का0 उत्तम सिंह, का0 राजीव, महिला का0 रानी, महिला का0 रेखा, का0 कृपाल सिंह मौजूद रहे।
कोरोना काल में लखनऊ जिला जेल से पेरोल पर छोड़े गए 43 कैदी रफूचक्कर हो गए हैं। पुलिस इन्हें खोज रही है या नहीं, वो जाने। बहरहाल जेल प्रशासन इनकी गिरफ्तारी के लिए पत्र लिख~लिख कर थक गया है।
पेरोल पर छूटे 43 कैदियों को तलाश नहीं पा रही यूपी पुलिस
लखनऊ। कोरोना काल में जिला जेल से पेरोल पर छोड़े गए 43 कैदी रफूचक्कर हो गए हैं। जेल प्रशासन इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस विभाग को हर दो महीने में पत्र लिख रहा है। बावजूद इसके दो साल से लापता कैदियों को पुलिस अभी तक तलाश नहीं पाई है। अब एक बार फिर से लापता कैदियों की गिरफ्तारी के लिए जेल प्रशासन ने कवायद शुरू की है। कैदियों की तलाश के लिए वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा है।
गौरतलब है कि कोरोना संकट के दौरान कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार को जेलों में बंद सात साल तक की सजा वाले सजायाफ्ता कैदियों को पेरोल पर छोड़ने के निर्देश दिए थे। इस पर शासन में गठित हाई पावर कमेटी की संस्तुति पर 20 मई 2021 को राजधानी की जिला जेल में बंद 122 कैदियों को 90 दिन की पेरोल पर छोड़ा था।
बताया जाता है कि बाद में शासन ने आदेश जारी कर 20 जुलाई 2021 तक सभी को जेल में वापस दाखिल करने के निर्देश दिए। पेरोल की अवधि पूरी होने पर सिर्फ 79 कैदी ही लौटकर आए, जबकि दो साल बाद अब तक 43 कैदी गायब हैं। जेल प्रशासन की रिपोर्ट पर लापता कैदियों की गिरफ्तारी के लिए शासन की ओर से पुलिस को कई बार निर्देश दिए गए लेकिन मामला शून्य बटा सन्नाटा ही है। लखनऊ जिला जेल के जेलर राजेंद्र सिंह ने बताया कि लापता कैदियों की गिरफ्तारी के लिए शासन के साथ ही संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि हर दो महीने में पुलिस विभाग को पत्र भेजा जाता है।
नई मशीन की कार्यक्षमता 125 प्रतिशत अधिक और चलाना आसान
मुख्य विकास अधिकारी ने किया धान रोपण मशीन का शुभारंभ
90 मिनट में एक एकड़ धान की रोपाई करती है नई मशीन
बिजनौर। ग्राम हरगनपुर में शरद कुमार सिंह के यहां आई नई धान रोपण मशीन का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कृषि विभाग के अधिकारी सहित बड़ी संख्या में प्रगतिशील कृषक उपस्थित रहे।
शरद कुमार सिंह ने बताया कि नई मशीन से पूर्व भी वह धान की रोपाई दस साल पूर्व भी मशीन से करते थे। वह मशीन से रोपाई करने वाले उत्तर प्रदेश के पहले कृषक थे। पुरानी मशीन को हाथों से पकड़ कर पीछे पीछे चलना पड़ता था, जबकि नई मशीन को बैठकर चलाया जाता है। पुरानी मशीन की अपेक्षा नई मशीन की कार्यक्षमता 125 प्रतिशत अधिक और चलाना आसान है। यह मशीन 90 मिनट में एक एकड़ धान की रोपाई करती है।
मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा ने शरद कुमार की प्रसंशा करते हुए कहा कि अब कृषि लागत घटाने के लिए कृषि में अधिक से अधिक मशीनों का प्रयोग करना आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा धान की खेती में लागत कम करने के लिए यह मशीन बहुत उपयोगी है। अत: अधिक से कृषकों को इसे अपनाना चाहिए।
इस अवसर पर उप कृषि निदेशक गिरीश चंद्र, जिला कृषि रक्षा अधिकारी मनोज रावत, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डा केके सिंह, योगेन्द्र पाल सिंह योगी, हरज्ञान सिंह, विरेंद्र सैनी, प्रेम वीर त्यागी, अक्षत देवरा, लक्ष्य त्यागी आदि बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।
घंटों तक झुक कर करनी पड़ती है रोपाई
गौरतलब है कि किसानों के लिए धान की खेती करना काफी मेहनत भरा काम है। किसानों को सबसे पहले धान की नर्सरी तैयार करनी होती है। नर्सरी तैयार हो जाने के बाद खेतों में धान के पौधों की रोपाई करवाने में काफी ज्यादा समय लग जाता है। मजदूरों द्वारा घंटों तक झुक कर रोपाई हाथ से ही की जाती है। साथ ही मजदूरों को मजदूरी देने में काफी ज्यादा पैसे भी खर्च हो जाते हैं। वर्तमान समय में मजदूरों की काफी कमी है, क्योंकि खेती-किसानी में फसलों के सीजन के मुताबिक खेतों में काम करने वाले मजदूरों की ज़रूरत बढ़ती घटती रहती है। नियमित काम और आय नहीं होने से कई बार मजदूरों की कमी देखने को मिलती है। अब आज के इस आधुनिक युग में कुछ ऐसे कृषि यंत्र भी आ गए हैं, जिनके इस्तेमाल से किसान न सिर्फ अपना समय बचाएंगे, बल्कि इससे पैसे और श्रम की भी बचत कर सकते हैं।
RBI के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका
2000 के नोट बिना ID proof के बदले जाते रहेंगे
नई दिल्ली। बिना आईडी प्रूफ 2 हजार रुपए के नोट बदले जाते रहेंगे। RBI के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है। भाजपा नेता व वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दाखिल इस याचिका में बिना आईडी प्रूफ के 2 हजार रुपए के नोट बदले जाने के RBI के आदेश को चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये RBI का पॉलिसी डिसीजन है।
RBI ने 19 मई को किया था नोट वापस लेने का ऐलान
भारतीय रिजर्व बैंक ने 19 मई को 2 हजार का नोट सर्कुलेशन से वापस लेने का ऐलान किया था। 23 मई से देशभर के बैंकों में इस नोट को बदलने की प्रक्रिया प्रोसेस शुरू हो गई। लोग बैंकों में 2 हजार के नोट बदलने के लिए पहुंच रहे हैं। नोट बदलने की आखिरी तारीख 30 सितंबर है।
भाजपा नेता व वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने याचिका में भारतीय रिजर्व बैंक व भारतीय स्टेट बैंक की अधिसूचना को चुनौती देते हुए कहा था कि बड़ी संख्या में 2,000 रुपए के नोट या तो व्यक्तिगत लॉकर में पहुंच चुके हैं अथवा उन्हें अलगाववादियों, आतंकियों, नक्सलियों, ड्रग तस्करों, खनन माफिया व भ्रष्ट लोगों ने जमा कर लिया है।
2016 में आया था 2 हजार का नोट
2016 में 2 हजार का नोट मार्केट में आया था। तब पीएम नरेंद्र मोदी ने 500 और 1 हजार के नोट बंद किए थे। इसकी जगह नए पैटर्न में 500 का नया नोट और 2 हजार का नोट जारी किया गया था। जब पर्याप्त मात्रा में दूसरे डिनॉमिनेशन के नोट मार्केट में आ गए तो 2018-19 में 2 हजार रुपए के नोटों की छपाई बंद कर दी गई थी।
‘क्या सब्जी वाला आपसे मांगेगा आईडी प्रूफ’
सुप्रीम कोर्ट ने अश्विनी उपाध्याय से सवाल किया कि मान लीजिए आप सब्जी वाले को 2000 का नोट देते हैं, तो क्या वो आपसे ID प्रूफ मांगेगा। ये शासन का मसला है। इस तरह से बहुत बड़े पैमाने पर ट्रांजेक्शन हो रहा है। क्या आप कहेंगे कि सभी अवैध हैं? “गौरतलब है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने 29 मई को फैसले में कहा था कि ये RBI का पॉलिसी डिसीजन है। इसमें अदालत को दखल नहीं देना चाहिए।”अश्विनी उपाध्याय ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से 2 बार अर्जेंट हियरिंग की अपील भी की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
करीब 76 प्रतिशत नोट आ चुके हैं वापस
RBI के मुताबिक 30 जून तक बैंकों में 2 हजार के 76 प्रतिशत नोट वापस आ गए हैं। नोटों की वैल्यू 2.72 लाख करोड़ है। RBI के सर्कुलेशन से वापस मिले 2 हजार के बैंक नोटों में से लगभग 87 प्रतिशत डिपॉजिट के रूप में हैं और बाकी लगभग 13 प्रतिशत को अन्य मूल्य वर्ग के बैंक नोटों में बदल दिया गया है।
30 सितंबर से पहले बदल लें नोट
RBI ने लोगों से एक बार फिर अनुरोध किया है कि वे 2 हजार के नोट को 30 सितंबर 2023 से पहले बदल लें। किसी भी तरह की भीड़ और परेशानी से बचने के लिए आखिरी समय का इंतजार ना करें।
पौधरोपण के समय और छह माह बाद पेड़ों के साथ ली जाएगी सेल्फी
सभी परिषदीय विद्यालयों में 17 से 22 जुलाई तक वन महोत्सव
लखनऊ। प्रदेश के सभी परिषदीय विद्यालयों में 17 से 22 जुलाई तक वन महोत्सव और जागरूकता सप्ताह मनाया जायेगा। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने इसे लेकर सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किया है।
संयुक्त शिक्षा निदेशक गणेश कुमार की ओर से जारी पत्र के अनुसार पौधरोपण करते समय पेड़ों के साथ सेल्फी ली जाएगी और उसे सुरक्षित रखेंगे। इसके अलावा छह महीने बाद फिर पेड़ों के साथ सेल्फी लेकर बेसिक शिक्षा विभाग को भेजेंगे। दोनों तब तक सेल्फी सुरक्षित रखी जाएगी, जब तक रोपित पौधे साल भर से अधिक नहीं हो जाते। आम, नीबू, सहजन, अमरूद, जामुन, आंवला आदि के पौधे रोपित किए जाने का निर्देश दिया गया है।
कार्यक्रम के तहत 17 जुलाई को प्रभात फेरी, शपथ, 18 को जन जागरुकता के तहत निबंध, पेंटिग, वाद विवाद प्रतियोगिता, 19 को वन संरक्षण पर नाटक, 20 को शिक्षक और कर्मचारियों द्वारा पौधरोपण, 21 को अभिभावकों के साथ बैठक आदि के निर्देश दिए गए हैं। 22 जुलाई को सम्पूर्ण दिवस वन महोत्सव में सहभागिता रहेगी। आदेश के तहत सभी प्रधानाध्यापकों और इंचार्ज प्रधानाध्यापक को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस अभियान के तहत स्कूल अपनी ओर से भी कार्यक्रम कर सकते हैं।
17 से 31 जुलाई तक प्रदेश में मनाया जाएगा सड़क सुरक्षा पखवाड़ा
प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देश के क्रम में सड़क सुरक्षा पखवाड़ा दिनांक 17 जुलाई से 31 जुलाई, 2023 तक मनाया जाएगा। इसके लिए तिथिवार कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। सड़क सुरक्षा पखवाड़ा के कार्यक्रम को सफल बनाए जाने हेतु संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि जनमानस को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाए जाने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा से जुड़े समस्त विभाग परिवहन विभाग, गृह विभाग, लोक निर्माण विभाग, चिकित्सा विभाग एवं शिक्षा विभाग द्वारा समेकित रूप से कार्य योजना बनाकर सड़क सुरक्षा सप्ताह के स्थान पर सड़क सुरक्षा पखवाड़ा का आयोजन किया जाए।
दूसरी बार बिना हेलमेट ऑफिस पहुंचे तो लग जाएगी एब्सेंट
सड़क सुरक्षा से जुड़े विभागों का भी होगा समन्वय उद्घाटन में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर लोगों को किया जाएगा जागरूक विभागों में दूसरी बार बिना हेलमेट कार्यालय आने वालों को माना जाएगा अनुपस्थित विगत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष मार्ग दुर्घटनाओं व मृत्यु में हुई बढ़ोतरी
लखनऊ। प्रदेश में 17 से 31 जुलाई तक सड़क सुरक्षा पखवाड़ा चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य मार्ग दुर्घटनाओं में कमी लाना व आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है। वहीं मार्ग दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सरकार ने अब सख्त रवैया भी अपनाया जाएगा। विभागों में दूसरी बार बिना हेलमेट कार्यालय आने वाले कर्मचारियों का प्रवेश निषिद्ध मानते हुए उन्हें अनुपस्थित माना जाएगा। वहीं पखवाड़े के तहत जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक भी आयोजित की जाएगी। इसमें जनपदीय रोड सेफ्टी एक्शन प्लान तैयार कराकर पखवाड़े के अंत तक परिवहन आयुक्त को प्रेषित की जाएगी। पखवाड़े के अंतर्गत 15 दिन की कार्ययोजना भी तैयार कर ली गई है।
सड़क सुरक्षा से जुड़े विभागों की कार्ययोजना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सड़क सुरक्षा पखवाड़े के तहत इससे जुड़े विभाग-परिवहन, गृह, लोक निर्माण विभाग, चिकित्सा व शिक्षा विभाग की कार्ययोजना के आधार पर आयोजन किया जाएगा। पिछले वर्ष की तुलना में सड़क दुर्घटना में 5.5 प्रतिशत व दुर्घटना के मृतकों की संख्या में 4.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सड़क दुर्घटना में दोपहिया वाहन चालकों की मृत्यु अधिक हुई है। यह स्थिति काफी चिंताजनक है। सरकार का विशेष ध्यान है कि मार्ग दुर्घटनाओं में कमी आए और लोग जागरूक हों। इसी क्रम में यह अभियान शुरू किया जा रहा है।
15 दिन की कार्ययोजना तैयार
सड़क सुरक्षा पखवाड़ा मनाने के लिए 15 दिन की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार उद्घाटन समारोह में सांसद, विधायक आदि जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। वहीं संबंधित विभागों के अफसरों को भी सम्मिलित किया जाएगा। परिवहन से जुड़े बस, ट्रक, ऑटो यूनियन, एनजीओ के पदाधिकारियों को बुलाया जाएगा और उनसे भी राय ली जाएगी। वहीं स्कूलों में भी प्रार्थना के उपरांत छात्रों को सड़क सुरक्षा की जानकारी देते हुए नियमों के पालन की शपथ दिलाई जाएगी।
दूसरी बार बिना हेलमेट कार्यालय आने वालों को माना जाएगा अनुपस्थित
यातायात नियमों की अवहेलना करने वाले कर्मचारियों पर योगी सरकार काफी सख्त है। निर्देश दिया गया है कि समस्त विभागों के कार्यालय परिसर में बिना हेलमेट लगाए आने वाले समस्त कार्मिकों को सार्वजनिक रूप से सचेत किया जाएगा। कार्यालय परिसर में चेतावनी सूचक बोर्ड लगाया जाएगा। भविष्य में दो पहिया वाहन पर बिना हेलमेट लगाए कार्मिकों का प्रवेश निषिद्ध करते हुए उन्हें अनुपस्थित माना जाएगा। पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से सड़क सुरक्षा का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाएगा।
कार्यशाला, सेव लाइफ फाउंडेशन की ओर से प्रशिक्षण
सड़क सुरक्षा पखवाड़े के तहत इस अवधि में सेव लाइफ फाउंडेशन के सहयोग से सभी 75 जनपदों में चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग व फर्स्ट रेसपांडर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। चिकित्सा शिक्षा विभाग की तरफ से मेडिकल कॉलेज के सर्जरी व हड्डी रोग विभाग की तरफ से मेडिकल व पैरामेडिकल छात्रों के लिए बेसिक व एडवांस लाइफ सपोर्ट से संबंधित कार्यशाला आयोजित की जाएगी। उत्कृष्ट कार्य करने वाले ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। परिवहन विभाग के सहयोग से स्कूली वाहनों के चालकों की आंखों व स्वास्थ्य का भी परीक्षण होगा। प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी के माध्यम से बेसिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण कराया जाएगा। स्कूलों में रंगोली व पोस्टर प्रतियोगिता के जरिए जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा भी कई कार्यक्रम होंगे।
30 जुलाई को नारी शक्ति पेंशन अधिकार महासम्मेलन, 01 अक्तूबर को “दिल्ली चलो” पेंशन शंखनाद रैली की तैयारियां
लखनऊ। बलरामपुर चिकित्सालय, लखनऊ में पुरानी पेंशन बहाली तथा निजीकरण भारत छोड़ो आंदोलन की जागरूकता एवं सदस्यता सहयोग महाअभियान का आगाज आज दिनांक १५ जून को विजय कुमार बन्धु जी (राष्ट्रीय अध्यक्ष NMOPS/प्रदेश अध्यक्ष अटेवा) के नेतृत्व में किया गया।
इस महाअभियान में बलरामपुर अस्पताल के तमाम चिकित्सक, नर्सेज, पैरामेडिकल एवं अन्य कर्मचारियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और अटेवा की सदस्यता ग्रहण कर अभियान की बेहतरीन शुरुआत की गई। साथ ही ३० जुलाई २०२३ को समय १० बजे नारी शक्ति पेंशन अधिकार महासम्मेलन, स्थान- कृषि भवन, मदन मोहन मालवीय मार्ग, लखनऊ एवं १ अक्टूबर २०२३ को “दिल्ली चलो” पेंशन शंखनाद रैली में भी अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचकर रैली को कामयाब बनाने की अपील की गई। कार्यक्रम में अशोक कुमार महामंत्री राजकीय नर्सेज संघ उत्तर प्रदेश, श्रर्वण सचान, सर्वेश पाटिल, सुनील कुमार, कपिल वर्मा, रजत वर्मा, अमिता रौस, गितांशु वर्मा, स्मिता मौर्या, आईनिस चार्ल्स, गरिमा वर्मा, आमिर इत्यादि लोग शामिल हुए।
डाक विभाग के इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में मात्र ₹299 में होगा 10 लाख का दुर्घटना बीमा – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव
वाराणसी। महंगे प्रीमियम पर बीमा करवाने में असमर्थ लोगों के लिए डाक विभाग का इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक एक विशेष सामूहिक दुर्घटना सुरक्षा बीमा लेकर आया है, जिसमें वर्ष में महज 299 और 399 रुपए के प्रीमियम के साथ लाभार्थी का 10 लाख रुपए का बीमा होगा। एक साल खत्म होने के बाद अगले साल यह बीमा रिन्यू करवाना होगा। इसके लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में लाभार्थी का खाता होना अनिवार्य है। उक्त जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने दी।
पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और टाटा ए.आई.जी के मध्य हुए एक एग्रीमेंट के तहत 18 से 65 वर्ष आयु के लोगों को यह सामूहिक दुर्घटना बीमा सुरक्षा मिलेगी। इसके तहत, दोनों प्रकार के बीमा कवर में दुर्घटना से मृत्यु, स्थाई या आंशिक पूर्ण अपंगता, अंग विच्छेद या पैरालाइज्ड होने पर 10 लाख रुपए का कवर मिलेगा। साथ ही साथ इस बीमा में दुर्घटना से हॉस्पिटल में भर्ती रहने के दौरान इलाज हेतु 60,000 रुपए तक का आई.पी.डी खर्च और ओ.पी.डी में 30,000 रुपए तक का क्लेम मिलेगा। वहीं, 399 रुपए के प्रीमियम बीमा में उपरोक्त सभी लाभों के अलावा दो बच्चों की पढ़ाई के लिए एक लाख तक का खर्च, दस दिन अस्पताल में रोजाना का एक हजार खर्च, किसी अन्य शहर में रह रहे परिवार हेतु ट्रांसपोर्ट का 25,000 रूपए तक का खर्च और मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए 5,000 तक का खर्च मिलेगा। इस सामूहिक दुर्घटना बीमा सुविधा में पंजीकरण के लिए लोग अपने नजदीकी डाकघर में संपर्क कर सकते हैं।
गलखा माता मंदिर पर कटान का जायजा लेने पहुंचे मंत्री व प्रशासन के आलाधिकारी, जनता ने लगाए नारे… हमारी भूल कमल का फूल
सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है वीडियो
मंत्री के सामने लगे नारे, हमारी भूल कमल का फूल
By~मुकेश कुमार
बिजनौर। मंडावर क्षेत्र में चंद्रभान किशोरपुर (मिर्ज़ापुर) में महाभारत कालीन प्राचीन अम्बिका देवी गलखा माता मंदिर गंगा किनारे पर स्थित है। इस बार गंगा ने अपना रुख मंदिर की ओर करते हुए कटान किया, जिसके कारण मंदिर बिल्कुल गंगा के किनारे पर आ गया है। इसे रोकने के लिए प्रशासन द्वारा कई प्रकार के अस्थाई प्रयास किये जा रहे हैं। पेड़ों को काट कर, मिट्टी के कट्टे भर कर, जियो ट्यूब, बल्लियाँ लगाकर, लेकिन गंगा का कटान थमने का नाम नहीं ले रहा।
उसी के चलते शनिवार को गंगा तट पर गलखा माता मंदिर पर केंद्रीय मंत्री कपिल देव, सदर विधायक सूची चौधरी पति ऐश्वर्य मौसम चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. बीरबल सिंह के साथ ही जिले का समस्त प्रशासन भी आया। सभी ग्रामीण एकत्र होकर नारे लगाने लगे, हमारी भूल कमल का फूल।
इस पर विधायक पति ने कहा कि यह जो 63 करोड़ रुपए मंजूर हुए हैं, सब आप लोगों के लिए गंगा तट पर ही लगाए जाएंगे। तभी ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह के काम का क्या फायदा जो लगने के बाद भी व्यर्थ हो रहा है? मौसम चौधरी और लोगों के बीच काफी समय तक नोकझोंक होती रही। लेकिन ग्रामीणों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाया और वह हमारी भूल कमल का फूल, नारे लगते रहे। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि समेत अन्य भाजपा नेता लाचार और बेबस खड़े रहे। पूरे मामले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है।
प्रभारी मंत्री ने किया जिले के बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण
गलखा देवी मंदिर को गंगा कटान से बचाने के लिए मजदूरों के साथ चलाया फावड़ा
बाढ़ से डेबलगढ़ बचाने को खर्च होंगे रुपए 63 करोड़
बिजनौर। राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग/प्रभारी मंत्री जिला बिजनौर कपिल देव अग्रवाल द्वारा अपने भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सकेंद्र प्रताप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी सदर मोहित कुमार, नोडल अधिकारी बाढ़ नियंत्रण, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, तहसीलदार, उपाधीक्षक पुलिस सहित अन्य विभागीय अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि मौजूद थे। राज्यमंत्री व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग श्री अग्रवाल ने बाढ़ प्रभावित ग्राम डेबलगढ़ पहुंचकर बारीकी के साथ गंगा कटान का विस्तृत रूप से निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने नोडल अधिकारी बाढ़ नियंत्रण को निर्देशित किया कि उक्त क्षेत्र को गंगा के कटान से सुरक्षित रखने के लिए शासन द्वारा स्वीकृत योजना के अनुसार यथाशीघ्र कार्य तथा भविष्य में उक्त क्षेत्र में गंगा कटान की समस्या के स्थाई निराकरण के लिए ग्राम गौसपुर से यहां तक पत्थर वाले स्टडट्स का निर्माण कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने इस अवसर पर गांव में आयोजित चौपाल में उपस्थित ग्रामीण बंधुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर उन्हें आपके द्वार पर भेजा गया है, ताकि आपकी समस्याओं का गुणवत्ता के अनुरूप निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उक्त क्षेत्र को गंगा कटान से सुरक्षित रखने के लिए 2200 मीटर लंबी 63 करोड़ रुपए की योजना स्वीकृत की गई है। उक्त क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए परक्यूपइन स्टडट्स का निर्माण कराया जाएगा ताकि उक्त क्षेत्र को बाढ़ से पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने नोडल अधिकारी बाढ़ को निर्देशित किया कि पानी उतरने पर यथाशीघ्र परक्यूपइन स्टडट्स के निर्माण कराएं और उसमें प्रयोग होने वाली सभी सामग्री का उपयोग पूर्ण मानक के अनुसार करना सुनिश्चित करें। ग्राम वासियों की मांग पर उन्होंने बाढ़ नियंत्रण अधिकारी को निर्देश दिए कि उक्त स्थान पर पत्थर वाले स्टडट्स के निर्माण की कार्य योजना तैयार करें तथा उसकी स्वीकृति के लिए उन के माध्यम से शासन को पत्र प्रेषित करें। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीण वासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार आपकी समस्याओं से भली-भांति परिचित है और उनकी समस्याओं का पूर्ण गुणवत्ता के आधार पर निस्तारण करने के लिए भी गंभीर एवं वचनबद्ध है।
विभागीय कार्य में बर्दाश्त नहीं होगी किसी भी प्रकार की ढिलाई
कार्यभार संभालने के साथ ही बताई अपनी प्राथमिकताएं
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और सफाई पर रखेंगे विशेष ध्यान: डीपीआरओ
बिजनौर (रोहित सिंह)। नवागत डीपीआरओ ने अपनी प्राथमिकताएं बताते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा। प्रधानों की अगर कोई समस्या है तो उनका शीघ्र ही निस्तारण करने का प्रयास किया जाएगा।मिर्जापुर से स्थानांतरित होकर आए जिला पंचायत राज अधिकारी अरविंद जायसवाल ने कार्यभार संभालने के साथ ही अपनी प्राथमिकताएं भी बता दीं हैं।
जिला पंचायत राज अधिकारी अरविंद जायसवाल
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य कराए जाएंगे। चौपाल लगाकर ग्रामवासियों को स्वच्छता के बारे में जागरूक करने का अभियान भी चलाया जाएगा। इसके अतिरिक्त जो विकास कार्य रुके हुए या किसी कारणवश पूरे नहीं हुए हैं, उनका निस्तारण कर शीघ्र ही क्रियान्वित किया जाएगा। उनका प्रयास रहेगा कि विभाग में आने वाले शिकायतकर्ता का सम्मान हो और उसकी शिकायत का शीघ्र समाधान किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विभागीय कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विदित हो कि 2013 बैच के डीपीआरओ श्री जायसवाल की प्रथम नियुक्ति जिला सुल्तानपुर में हुई। लगभग 2 वर्ष के कार्यकाल के बाद उन्हें शाहजहांपुर में तैनात किया गया। यहां से लगभग डेढ़ वर्ष बाद उनका स्थानांतरण मिजार्पुर कर दिया गया। लगभग साढ़े चार वर्ष बाद अब अरविंद जायसवाल की तैनाती जनपद बिजनौर में हुई है।
बिजनौर (भुवन राजपूत)। ब्लॉक जलीलपुर क्षेत्र के गांव कमालपुर में फर्जी तरीके से चलाया जा रहा शर्मा डेंटल क्लीनिक केयर दांतों का अस्पताल सील कर दिया गया है। शिकायत पर जांच के दौरान डॉक्टर कोई डिग्री तक नहीं दिखा पाया।
चांदपुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ब्लॉक जलीलपुर के कमालपुर में शर्मा डेंटल क्लीनिक केयर दांतों का अस्पताल फर्जी पाए जाने पर सील कर दिया गया। इस संबंध में सीएचसी स्याऊ अस्पताल प्रभारी डा. केपी सिंह ने बताया कि शाहपुर भसौड़ी निवासी रिंकू कुमार ने सीएमओ से जलीलपुर क्षेत्र के गांव कमालपुर में फर्जी चल रहे शर्मा डेंटल क्लीनिक केयर दांतों का अस्पताल की शिकायत की थी। सीएमओ के आदेश पर अपनी टीम के साथ कमालपुर दुकान पर पहुंचे तो वहां पर दांतों का एक अस्पताल चलता पाया गया। मांगने पर डॉक्टर कोई डिग्री नहीं दिखा सका। इस कारण दांतों का अस्पताल फर्जी पाया गया और सील कर दिया गया है।
भारी वर्षा के कारण जलभराव की स्थिति एवं फसल की क्षति के आंकलन को पहुंचे कादराबाद
राजकीय कृषि बीज संवर्धन प्रक्षेत्र, कादराबाद अफजलगढ़ का निरीक्षण
प्रक्षेत्र अधीक्षक को तत्काल पानी की निकासी करते हुए धान बुवाई कार्य अतिशीघ्र पूरा कराने के निर्देश
धान रोपाई करने श्रमिकों के साथ जुट गए जिला कृषि अधिकारी
बिजनौर। जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया व उनकी टीम द्वारा श्रमिकों के साथ धान रोपाई का किया गया। दरअसल वह भारी वर्षा के कारण जलभराव की स्थिति एवं फसल की क्षति के आंकलन हेतु कादराबाद, अफजलगढ़ क्षेत्र में भ्रमण पर पहुंचे थे।
जनपद में हो रही भारी वर्षा के कारण जलभराव की स्थिति एवं फसल की क्षति के आंकलन हेतु शुक्रवार 14 जुलाई 2023 को जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने मय दलबल के राजकीय कृषि बीज संवर्धन प्रक्षेत्र, कादराबाद, अफजलगढ़ का निरीक्षण किया।
उन्होंने देखा कि कई प्लाटों में अधिक जलभराव होने के कारण धान रोपाई का कार्य नहीं हो पा रहा है। इस क्रम में उन्होंने प्रक्षेत्र अधीक्षक को निर्देशित किया कि तत्काल पानी की निकासी करते हुए धान बुवाई का कार्य अतिशीघ्र पूरा कराया जाए।
इस दौरान कुछ प्लाटों में धान रोपाई का कार्य चलता पाया गया। जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया व उनकी टीम द्वारा श्रमिकों के साथ धान रोपाई का कार्य भी किया गया। इस दौरान रजत चौधरी सनी आदि स्टाफ उपस्थित रहा।
पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में लगातार बारिश से उफान पर गंगा व मालन नदी
लोगों की सुरक्षा को पुलिस ने मोर्चा संभाला
मालन नदी के पुल पर आया पानी, बिजनौर मंडावर यातायात बंद
~मुकेश कुमार, मंडावर
बिजनौर। कई दिनों से पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश से गंगा व मालन नदी अपने उफान पर है। गंगा का जल स्तर बढ़ने से क्षेत्र मे तबाही मची हुई है।
शुक्रवार को मालन नदी का पानी खेतों में घुसकर फसल को बर्बाद करते हुए मंडावर से बिजनौर जाने वाले मार्ग पर बने पुल की बिजनौर वाली साइड में सड़क पर आ गया।
इस कारण आवाजाही करने वाले यात्रियों को दिक्क़त का सामना करना पड़ रहा है। देखते ही देखते मालन नदी ने अपना विकराल रूप धारण कर लिया, जिसे देख लोग दंग रह गए।
पानी का इतना तेज बहाव होने के कारण सड़क पर चलना तो दूर की बात खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा। मंडावर थाना प्रभारी संजय कुमार अपनी पूरी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मोर्चा संभाला।
पानी में फंसे वाहनों को मंडावर पुलिस और राहगीरों द्वारा बाहर निकाला गया। सभी लोगों को पानी में आवागमन न करने की हिदायत दी गई। वहीं दूसरी साइड बिजनौर पुलिस भी मौके पहुंच गई।
बोर्ड ने 12 जून को निकाला था प्रकाशकों के लिए टेंडर
छात्रों को खरीदनी पड़ रहीं महंगी किताबें
एनसीईआरटी: बाजार में नहीं हैं कक्षा 9 से 12 तक की किताबें
लखनऊ। यूपी बोर्ड का सत्र शुरू होने के इतना समय बीतने के बावजूद जिले में कक्षा नौ से 12 तक के करीब दो लाख छात्र-छात्राओं को पढ़ने के लिए किताबें नहीं मिल पा रही हैं। प्रदेश में यह संख्या एक करोड़ से अधिक है।
अफसर स्कूलों का निरीक्षण कर रहे हैं और प्रधानाचार्यों, शिक्षकों को छात्र संख्या बढ़ाने और टाइम टेबल के हिसाब से पढ़ाने का दबाव बना रहे हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जून में एनसीईआरटी की किताबों की टेंडर प्रकिया शुरू की थी, पर अभी तक किताबें बाजार में नहीं पहुंची हैं। शिक्षकों के सामने असमंजस की स्थिति है कि वह बच्चों को कौन सी किताबें खरीदने का सुझाव दें? फिलहाल पुरानी किताबों से पढ़ा रहे हैं। राजकीय, एडेड स्कूलों के प्रधानाचार्यों का कहना है कि किताबें बाजार में नहीं मिल रही हैं।
लखनऊ के राजकीय व वित्तविहीन स्कूलों में करीब दो लाख बच्चे पंजीकृत हैं। अधिकारियों ने बीते साल निजी प्रकाशकों की किताबें बच्चों को खरीदने के लिए निर्देश जारी किया था। यूपी बोर्ड द्वारा नामित किताबों से ही पढ़ाने के निर्देश थे, लेकिन बाजार में पुरानी किताबें भी नहीं हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने 12 जून को किताबों के लिए प्रकाशकों का टेंडर निकाला था। इसमें 36 विषयों की 70 किताबें एनसीईआरटी और हिन्दी, संस्कृत और उर्दू की 12 किताबें नॉन एनसीईआरटी की शामिल हैं।
हर साल किताबें बच्चों को देर से मिलती हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। सरकार को सत्र शुरू होने से पहले ही किताबें उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि बच्चे किताबें खरीदकर पढ़ाई शुरू सकें।- डॉ. आरपी मिश्रा, उप्र. माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रादेशिक उपाध्यक्ष
माध्यमिक स्कूलों में नियमित कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। अभी तक माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से किताबों को लेकर कोई दिशा निर्देश नहीं मिले हैं। जैसे ही कोई आदेश मिलेगा। उसका पालन कराया जाएगा। – राकेश पाण्डेय, डीआईओएस
सचिव ने तय किए तीन प्रकाशकों के नाम
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिब्यकांत शुक्ला ने कक्षा नौ से 12 की किताबों के प्रकाशन एवं वितरण के लिए तीन प्रकाशकों के नाम तय किये हैं। इन प्रकाशकों के नाम व किताबों की सूची व रेट जारी भी किये हैं। इनमें राजीव प्रकाशन प्रयागराज, जनरल ऑफसेट प्रिटिंग प्रेस प्रा. लि. नैनी प्रयागराज और डायनामिक टेक्स्ट बुक्स प्रिंटर्स प्रा. लि. झांसी शामिल हैं। इन्हें किताबों की छपाई से लेकर वितरण की जिम्मेदारी दी गई है। किताबों की कीमतें निजी प्रकाशकों की तुलना में 10 गुना कम है।
ऐप के माध्यम से स्कूलों के बीच की दूरी तय होगी और उसके आधार पर बनाया जाएगा केंद्र
बोर्ड परीक्षा 2024 के लिए परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ तथा पारदर्शी बनाने की कवायद
विकसित किया गया एपीआई आधारित नया मोबाइल ऐप
नए मोबाइल ऐप की मदद से तय होंगे यूपी बोर्ड परीक्षा के केंद्र
प्रयागराज। यूपी बोर्ड की वर्ष 2024 की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के केंद्र निर्धारण के लिए नया एप बनवाया गया है। इस एप के माध्यम से स्कूलों के बीच की दूरी तय होगी और उसके आधार पर केंद्र बनाया जाएगा। बोर्ड सचिव दिब्यकांत शुक्ल के अनुसार 2024 की बोर्ड परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ तथा पारदर्शी बनाने के लिए एपीआई आधारित नया मोबाइल एप विकसित किया गया है। स्कूलों के बीच परस्पर दूरी के निर्धारण के लिए उनकी जिओ-लोकेशन लेने के उद्देश्य से नवीन मोबाइल एप विकसित किया गया है, जिसे प्रधानाचार्य अपने एंड्रायड फोन में यूपी बोर्ड की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। इस नए एप के माध्यम से प्रधानाचार्य स्कूल परिसर से स्कूल की फोटो क्लिक करेंगे। फोटो क्लिक करते ही स्कूल की फोटो के साथ ही जिओ-लोकेशन (अर्थात स्कूल का अक्षांश एवं देशान्तर) बोर्ड के सर्वर पर अपने आप अपलोड हो जाएगा।
2024 की बोर्ड परीक्षा के केंद्र निर्धारण के लिए प्रदेश के सभी स्कूलों की आधारभूत सूचनाओं को वेबसाइट www. upmsp. edu. in पर अपलोड एवं अपडेट करने के लिए वेबसाइट क्रियाशील कर दी गई है।
10 अगस्त तक डीआईओएस अपडेट करेंगे सूचना
राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की विकास खंडवार गठित समिति के सदस्य स्कूल में पहुंचकर प्रधानाचार्य के स्तर से वेबसाइट पर अपलोड आधारभूत सूचनाओं का भौतिक सत्यापन करेंगे। समिति सत्यापन आख्या जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में 28 जुलाई तक प्रस्तुत करेंगे। वहीं 10 अगस्त तक डीआईओएस सूचना अपडेट करेंगे।
बॉर्डर नजदीक होने के कारण नेपाल जाकर भारतीय खरीद रहे हैं सस्ती सब्जियां और टमाटर
25 रुपए प्रति किलो टमाटर ख़रीदने के लिए दौड़े लोग
नई दिल्ली (एजेंसी)। आजकल भारत में टमाटर की कीमतें आसमान पर पहुंच गई हैं, तो उसके विपरीत नेपाल में सामान्य हैं। इसीलिए, नेपाल का सस्ता टमाटर पिथौरागढ़ से चम्पावत तक के लोगों और व्यापारियों को बहुत भा रहा है।
पूरे भारत में पिछले एक महीने से टमाटर की कीमतें आसमान पर पहुंच गई हैं। कई जगहों पर टमाटर के दाम 200 रुपए के पार चले गए हैं। ऐसे में नेपाल बॉर्डर नजदीक होने के कारण भारत के लोग वहां जाकर सस्ती सब्जियां और टमाटर खरीद रहे हैं। वहीं नेपाल के सब्जी कारोबारी इस मौके का फायदा उठाकर अपने देश के मुकाबले भारत के लोगों को थोड़ी महंगी बेचकर मोटी कमाई कर रहे हैं। उसके बाद भी भारत के लोगों को नेपाल से भारत के मुकाबले सस्ता सामान मिल रहा है।
भारतीय बाजारों में बढ़ी टमाटर की कीमतें
नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र में खेती के मामलों में अधिक संसाधन होने की वजह से, भारतीयों को कई सस्ती चीजें खरीदने को मिलती हैं। मौजूदा समय नेपाल में टमाटर की कीमत 25 से 30 रुपए प्रति किलो है, जबकि भारत के पिथौरागढ़ शहर में यह ग्रेडिंग के आधार पर 100 से 120 रुपए प्रति किलो है। भारत के दूरस्थ इलाकों में इस कीमत को 150 रुपए प्रति किलो तक पहुंचने के पीछे बारिश की वजह से बिगड़ी हुई सड़कों और महंगाई को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। वहीं नेपाल में, टमाटर की कीमत ग्रेडिंग के अनुसार केवल 25 से 35 रुपए प्रति किलो है।
नेपाली टमाटर की बढ़ी मांग
नेपाल के बाजार में टमाटर 25 से 30 रुपए प्रति किलो है। अधिकांश भारतीय व्यापारी नेपाल से टमाटर खरीद कर बेच रहे हैं। कई लोग ऐसे हैं जो नेपाल नहीं जाते हुए भी वहां का सस्ता टमाटर खरीद रहे हैं। झूला घाट व्यापार संघ के महासचिव हरी बल्लभ भट्ट ने बताया कि अब हालात बदल गए हैं। पहले नेपाल भारत से टमाटर का आयात करता था, लेकिन अब नेपाल से भारत में हर दिन करीब 5 टन टमाटर का निर्यात हो रहा है।
टमाटर की कीमतों का तुलनात्मक विवरण
मिल रहे हैं टमाटर आधी कीमत पर
बॉर्डर के करीब धारचूला और बनबसा के रहने वाले लोग टमाटर के लिए नेपाल जा रहे हैं, जिनकी कीमत भारत में मौजूदा कीमत से लगभग आधी है। भारत में टमाटर 120 रुपए से 130 रुपए प्रति किलो बिक रहे हैं, जबकि इनकी कीमत लगभग 100 रुपए से 110 रुपए नेपाली रुपए (भारत में 62 रुपए से 69 रुपए) है। कुल मिलाकर नेपाल के कारोबारी सब्जियों से दोगुनी आय कमा रहे हैं। वहां के किसानों को पता है कि मानसून आमतौर पर भारत में सब्जियों की कीमतें बढ़ा देता है।
नेपाल सरकार की योजना
पिछले कुछ वर्षों में, सरकार ने किसानों को ‘अपनी फसलों में विविधता लाने’ के लिए प्रोत्साहित किया। लोगों से अनाज के बजाय सब्जियां उगाने के लिए कहा। नेपाल सरकार ने किसान ग्रुप बनाए, उन्हें बीज, उर्वरक और पॉलीहाउस उपलब्ध कराए और उन्हें कई कृषि सब्सिडी दी। अब, कई नेपाली किसान टमाटर सहित मौसमी और गैर-मौसमी सब्जियां उगाते हैं और अब भारत में फसल की ऊंची कीमतों से लाभान्वित हो रहे हैं। ये किसान फूलगोभी और पालक उगा रहे हैं और जब भी कमी होती है या कीमत बढ़ती है तो भारतीय बाजारों में सप्लाई करते हैं। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों में सीमा पार व्यापार आम बात है, जो नेपाल बॉर्डर के करीब हैं। दोनों तरफ के लोग दूसरे देश के बाजारों में जाने के लिए पुल पार करते हैं।
थोक में खरीदे जा रहे हैं टमाटर
पिथौरागढ़ के झूलाघाट व्यापारी संघ के प्रमुख सुरेंद्र कुमार ने कहा कि रेजिडेंट्स के अलावा, व्यापारियों ने भी नेपाल से टमाटर खरीदना शुरू कर दिया है। कुछ स्थानीय व्यापारियों ने हाल ही में 40 रुपए प्रति किलोग्राम की थोक दर पर थोक में टमाटर खरीदे। आम तौर पर आलू, प्याज आदि भारत से नेपाल भेजे जाते हैं क्योंकि हम इनकी अधिक खेती करते हैं।टमाटर खरीदने के लिए नेपाल जा रहे भारतीयो से नेपाली व्यापारी भारतीय रुपए में कारोबार करना पसंद करते हैं क्योंकि उनके लिए यह वैल्यू ज्यादा रखता है। पिथौरागढ़ की डीएम रीना जोशी ने कहा कि दोनों तरफ के लोग आमतौर पर बॉर्डर पार करते हैं और रोजमर्रा की जरूरत की चीजें खरीदते हैं। सुरक्षा एजेंसियां इन सामान की जांच करती हैं।
फर्जी ट्रेजरी अधिकारी बन कर करते थे ठगी, तीन आरोपियों को साइबर पुलिस ने लखनऊ से किया गिरफ्तार, तीन पर इनाम घोषित
लखनऊ/वाराणसी। फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बनाकर खुद को ट्रेजरी अधिकारी बताकर पुलिस पेंशनर्स से ठगी करने वाले तीन अंतर्राज्यीय गैंग के तीन सदस्यों को साइबर थाना वाराणसी की पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार किया है। इस प्रकरण में 9 अभियुक्तों की गिरफ्तारी पूर्व में ही की जा चुकी है। एसपी साइबर क्राइम उत्तर प्रदेश द्वारा गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को ₹ 10 हजार का इनाम दिया गया है। पकड़े गए तीनों आरोपियों से पूछताछ के बाद उम्मीद है कि ठगी करने वालों का एक बड़ा गैंग जल्द पुलिस की गिरफ्त में होगा।
साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक विजय नारायण मिश्र ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अफजल आलम निवासी सोनबरसा थाना हरसिद्धि पूर्वी चंपारण, सुशील कुमार निवासी भवानीपुर शिवरतनगंज अमेठी और मोहम्मद इरशाद निवासी जगदीशपुर गया बिहार के रूप में हुई है। इनके पास से कुटरचित पैन कार्ड, आधार कार्ड और अन्य उपकरण बरामद हुए हैं। गिरफ्तार आरोपी अफजल आलम ने पुलिस को बताया कि उसके द्वारा नौ फर्जी वेबसाइट बनाकर प्रत्येक दिन हजारों की संख्या में फर्जी पैन और आधार कार्ड बनाकर लोगों से ठगी की जा रही थी। एक वेबसाइट से प्रत्येक वर्ष 75-80 लाख रुपए की कमाई की जाती है।
तीन पर इनाम की घोषणा
प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम थाना वाराणसी ने बताया कि विवेचना के क्रम में फर्जी वेबसाइट बनाने और उसमें लगी API को उपलब्ध कराने में तीन लोगों का नाम प्रकाश में आया है, जो अभी भी फरार हैं। तीनों साइबर अपराधी हरिओम, आकाश तथा सुजीत के ऊपर एसपी साइबर क्राइम द्वारा 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। अभियुक्तों को गिरफ्तार करने वालों में हेड कांस्टेबल आलोक कुमार सिंह, कांस्टेबल प्रभात द्विवेदी, हेड कांस्टेबल रविकांत जायसवाल, कांस्टेबल चंद्रशेखर और चालक विजय कुमार शामिल रहे।
3 साल में बनाए 4 लाख फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड?
पिछले साल वाराणसी साइबर थाने पर शिकायत मिली कि ट्रेजरी अधिकारी बनकर पुलिस विभाग के रिटायर्ड अफसरों से ठगी की जा रही है। वाराणसी साइबर टीम ने जांच के बाद दो एफआईआर दर्ज की और 9 लोग गिरफ्तार किए। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद पता चला कि फर्जी नाम पता से पैन कार्ड और आधार कार्ड बनाकर साइबर अपराधियों के द्वारा ठगी के लिए खोले जा रहे बैंक खातों का पूरा एक रैकेट चल रहा है। यह गैंग फर्जी वेबसाइट के जरिए फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बना रहा था। इनसे बरामद रजिस्टर में पैसों का लेनदेन देख आशंका है कि यह गैंग 03 साल में लगभग 04 लाख फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बनाकर साइबर अपराधियों को दे चुका है।
अफजल आलम ने कई डाटा सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों से कस्टमर के डाटा खरीद रखे थे। जब भी कोई व्यक्ति आधार कार्ड या पैन कार्ड बनवाने के लिए इसकी वेबसाइट पर लॉगिन करता तो किसी भी दूसरे व्यक्ति का आधार कार्ड नंबर इनके सामने होता, जिसमें व्यक्ति अपना नाम फोटो और फर्जी पता डाल देता. जिसके बाद उसे यूआईडीआई की तरह की फर्जी आधार कार्ड की कॉपी निकल आती.
फर्जी दस्तावेंजों से खोलते थे खाते
एसपी साइबर थाना त्रिवेणी सिंह के अनुसार अमूमन ऐसे फर्जी नाम पता वाले आधार कार्ड से साइबर अपराधी बैंक खाता खोलते थे। जब उनके द्वारा ठगी की रकम इस फर्जी नाम पता वाले बैंक खाते में जमा होती और पुलिस किसी केस की जांच करते बैंक खाते तक पहुंचती तो पता चलता खाताधारक का नाम फोटो पता सब फर्जी था। इस तरह फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बनाने के इस गोरखधंधे का इस्तेमाल साइबर अपराधियों की ठगी की रकम के लिए बैंक खाता खोलने में किया जा रहा था। यह गैंग इस फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड का प्रिंट लेने के लिए फीस भी बहुत मामूली लेता और वह भी ऑनलाइन। हर आधार कार्ड के लिए गेटवे के जरिए ₹20 का पेमेंट और पैन कार्ड ₹19 का पेमेंट लेकर प्रिंट कर देता था।
सीएमओ कार्यालय की कृपा से बदस्तूर जारी है गोरखधंधा
बिना पंजीकरण का नवीनीकरण कराए ही संचालित हो रहे अधिकांश अस्पताल
बिजनौर। जनपद में अधिकांश अस्पताल बिना पंजीकरण का नवीनीकरण कराए ही संचालित किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट यूपी health.in पर नवीनीकरण आवेदन करने के बाद सभी आवश्यक अभिलेख की हार्ड कॉपी सीएमओ कार्यालय में 31 मई तक जमा करवानी थी। खास बात यह है कि नवीनीकरण न होने पर अस्पताल का पंजीकरण भी निरस्त करने का प्रावधान किया गया। इसके बावजूद बिजनौर सीएमओ कार्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों की कृपा से सब गोरखधंधा बदस्तूर जारी है।
महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के पत्र के अनुसार जनपद में 50 बेड से कम निजी चिकित्सा इकाइयां, नर्सिंग होम, हॉस्पिटल व पैथोलॉजी सेंटर का रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन पोर्टल up-health.in के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए संबंधित चिकित्सक या नर्सिंग होम संचालक को up-health.in पोर्टल पर चिकित्सकीय संस्था के लिए मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपलोड करना होगा।वहीं 50 बेड से अधिक के अस्पतालों, नर्सिंग होम या अन्य संस्थानों को दूसरे पोर्टल पर ऑनलाइन किया जाएगा। इस तरह के चिकित्सा संस्थानों को अपने सभी दस्तावेज clinicalestablishment.gov.in पर अपडेट व अपलोड करना है।
उत्तर प्रदेश के निजी अस्पताल, क्लीनिक संचालकों को नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के अनुसार 50 बेड या उससे कम बेड वाले निजी अस्पताल संचालक अपने अस्पताल या क्लीनिक के पंजीकरण का नवीनीकरण अवश्य करा लें, नहीं तो अस्पताल का पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा। इसके लिए 31 मई तक समय निर्धारित किया गया। इस अवधि के भीतर उन्हें पंजीकरण कराना अनिवार्य बताया गया था। इसके बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह आदेश सभी चिकित्सा पद्धति के अस्पतालों में एक्सरे, अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लिए मान्य होगा।
नवीनीकरण आवेदन स्वास्थ्य विभाग की ओर से निर्धारित पूर्व की वेबसाइट यूपी health.in पर करना था। नियमानुसार ऑनलाइन आवेदन हो जाने के बाद सभी आवश्यक अभिलेख संचालक या प्रबंधन का शपथपत्र, बायोमेडिकल वेस्ट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा अग्निशमन का अनापत्ति प्रमाण पत्र की हार्ड कॉपी सीएमओ ऑफिस के पंजीकरण इकाई में उपलब्ध कराना अनिवार्य है।
इसके बावजूद बिजनौर सीएमओ कार्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों की कृपा से सब गोरखधंधा बदस्तूर जारी है। जनपद में हजारों की संख्या में निजी अस्पताल, क्लीनिक, अल्ट्रा साउंड सेंटर, शिक्षण संस्थान आदि संचालित किए जा रहे हैं और विभाग आंख मूंद कर बैठा है। आरोप है कि इस संबंध में जारी शासन के आदेश की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आरोप तो यहां तक हैं कि सेटिंग गेटिंग के खेल में माहिर खिलाड़ियों के बलबूते ही शासन को भारी राजस्व की क्षति पहुंचाई जा रही है।
लगातार हो रही बारिश के कारण लोगों में पैदा हो गया है खौफ
पहले ही होने राहत कार्य को बरसात में करने पर उठ रहे सवाल
नकटा नदी का तांडव रोकने में नाकाम रहा सिंचाई विभाग!
बिजनौर। बढ़ापुर के भजडावाला में नकटा नदी द्वारा मचाए जा रहे तांडव को रोकने में सिंचाई विभाग नाकाम रहा है। भले ही स्टड बनाकर नदी की धार को आबादी से दूर करने के लिए नहर खोदने का कार्य जारी हो, लेकिन खतरा जस का तस कायम है। जो काम बरसात के पहले ही किया जाना चाहिए था, वो विभाग नहीं कर सका। वहीं बुधवार दोपहर से लगातार हो रही बारिश के कारण लोगों में खौफ पैदा हो गया है।
पहाड़ी एवं मैदानी इलाकों में बीते चार दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण नकटा का सैलाब लगातार कटान कर रहा है। बढ़ापुर नगर के पश्चिम दिशा में बहने वाली नकटा नदी भारी कटान करते हुए मुहल्ला भजड़ावाला में आबादी के समीप पहुंच गई। मंगलवार को नकटा नदी के जल प्रलय में चुन्नी वाला मंदिर की भूमि सहित आधा दर्जन लोगों के प्लॉट और घर बह गए तब कहीं जाकर राजस्व विभाग द्वारा उप जिलाधिकारी नगीना शैलेंद्र सिंह को अवगत कराया गया। तब उन्होंने सिंचाई विभाग के अवर अभियंता को मौके पर पहुंचकर लोगों के घरों को बचाने के निर्देश दिए। इस पर सिंचाई विभाग के अवर अभियंता और तहसीलदार नगीना जयेंद्र सिंह ने मौके पर पहुंच कर बचाव कार्यों की तैयारी शुरू की। सबसे पहले कटान वाले स्थान पर चार जेसीबी लगाकर धार बदलने के लिए नदी में ही एक नहर खुदाई का काम शुरू किया और कटान वाले स्थान पर रेत के बोरे डालकर स्टड बनाने का काम शुरू कर दिया। इसका कोई फायदा नहीं हुआ। वहीं बुधवार दोपहर से लगातार हो रही बारिश के कारण नदी में पानी आने के डर से लोगों में खौफ पैदा हो गया है। लोगों का कहना है कि नदी के विकराल रूप को देख कर उन्हे रात को किसी भी पल नींद नहीं आ रही है। हर समय जान खतरे में दिखाई पड़ रही है। अगर यह कदम सिंचाई विभाग पहले उठा लेता तो इतना नुकसान से बच जाते।
छोटा बड़ा कोई भी वाहन लेकर नारनौर पुल से जाने की न करें कोशिश
एसडीएम चांदपुर रितु रानी ने किया भौतिक निरीक्षण
हस्तिनापुर पुल पर मवाना की ओर से न आए कोई
बिजनौर। भारी बारिश के कारण उत्तराखंड ही नहीं उत्तर प्रदेश में भी आम जनमानस प्रभावित है। भीमगोड़ा से गंगा में पानी छोड़े जाने के बाद जनपद बिजनौर के कई तहसील क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा है। जिला प्रशासन ने पूरी सतर्कता बरतते हुए गंगा किनारे बसे गांवों के लोगों को एहतियात बरतने को कहा है।
इसी क्रम में चांदपुर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव रायपुर खादर, खानपुर खादर, सुजातपुर खादर, दतियाना का उप जिलाधिकारी रितु रानी ने भौतिक निरीक्षण किया। ग्राम वासियों को सचेत किया कि वह पानी से प्रभावित क्षेत्र में न जाएं। अपने बच्चों को भी समझाएं। कोई भी बच्चा गंगा नदी के पानी में नहाने या तैरने ना जाए। गंगा नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। नदी अपने निर्धारित जल स्तर से ज्यादा बह रही है। उप जिलाधिकारी चांदपुर द्वारा सभी से अपील की गई कि सुरक्षित रहें, घर पर रहें। उप जिलाधिकारी चांदपुर रितु रानी ने गंगा नदी पर बने हस्तिनापुर पुल का निरीक्षण किया। मौके पर देखा कि पुल की अप्रोच पूरी तरह टूट चुकी है। आवागमन पूर्णत: बाधित हो चुका है। इस पर उन्होंने मवाना के उप जिलाधिकारी व क्षेत्राधिकारी से वार्ता की। कहा कि किसी भी यात्री को मवाना की ओर से पुल से न आने दिया जाए। किसी भी प्रकार की जनहानि न हो, इसलिए छोटा बड़ा कोई भी वाहन लेकर नारनौर पुल से जाने की कोशिश न करें।
बिजनौर। उत्तर प्रदेश शासन पंचायती राज अनुभाग ने जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार का स्थानांतरण बिजनौर से पंचायती राज निदेशालय के लिए कर दिया है। उनके स्थान पर जनपद मिर्जापुर के डीपीआरओ अरविन्द कुमार को भेजा गया है।
पंचायती राज अनुभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह द्वारा स्थानान्तरण आदेश जारी किया गया है। सतीश कुमार ने जनपद में अपने चार साल चार महीने के कार्यकाल में 2048 स्कूलों के साथ ही 1600 आंगनबाड़ी केन्द्रों का कायाकल्प कराया। इसके अलावा 399 नए पंचायत भवनों का निर्माण कराया एवं 724 पुराने पंचायत भवनों का कायाकल्प कराया। जनपद की पंचायतों में 724 से ज्यादा लाइब्रेरी बनवाईं, 1123 सामुदायिक शौचालय बनवाए। वहीं 5000 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण पंचायतों में कराया। 49 ग्राम पंचायतों में ओडीएफ प्लस के अंतर्गत कार्य गुणवत्ता पूर्वक कराकर उनको मॉडल गांव बनवाया। विभागीय लोगों का कहना है कि 15 वें वित्त आयोग एवं राज्य वित्त आयोग की धनराशि से कराए जाने वाले कार्यो को उन्होंने गुणवत्ता के साथ कराया। अपने मधुर व्यवहार और मिलनसार व्यक्तित्व के चलते जिले में उन्होंने खासी पहचान बनाई। सतीश कुमार ने डीपीआरओ के रूप में जनता से मिलने वाली सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया। ग्राम पंचायतों में सफाई की व्यवस्था पर खासा ध्यान दिया।
कटान रोकने के लिए पेड़ और जियो ट्यूब किया जा रहा प्रयोग
खतरे के निशान से ऊपर बह रहा गंगा का पानी
बिजनौर/मंडावर। गंगा का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। बालावाली से बैराज तक किनारे बसे हुए गांव के लोगों को गंगा के उस पार ना जाने की हिदायत दी गई है। कई गांव का जिला मुख्यालय से भी सम्पर्क टूट गया है।
मैदानी व पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण गंगा का जल स्तर लाल निशान से ऊपर पहुंच गया है। वहीं बालावाली से बैराज तक गंगा किनारे बसे हुए गांव के लोगों को गंगा के उस पार ना जाने की हिदायत दी गई है। जल स्तर लाल निशान से ऊपर पहुंच गया है। कई गांव का जिला मुख्यालय से भी सम्पर्क टूट गया है। लगातार बारिश होने से भी लोग चिंतित हैं। कई दिन से गांव चंद्रभानपुर किशोर में कटान कर रही गंगा महाभारत कालीन माता अम्बिका गलखा मंदिर के पास पहुंच गई है। मंदिर को हानि से बचाने के लिए जियो ट्यूब का कार्य भी चल रहा है। बताया जा रहा है कि काम में तेजी लाने को डीएम द्वारा आदेश दिए गए हैं। गंगा का तेज बहाव कम करने को पेड़ कटवाकर किनारे डाले जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पेड़ डालने से गंगा रुकती तो सीमला कलां गांव का कटान ना होता। यह पूरा गंगा मे समा गया था। जब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए जायेंगे, तब तक कटान होता रहेगा। अधिकारी आते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं।
बैराज पर दो लाख क्यूसेक से अधिक प्रवाह की संभावना
समन्वय अधिकारी बाढ़/ अधिशासी अभियन्ता अफजलगढ़ सिंचाई खण्ड, धामपुर ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में निरंतर हो रही वर्षा के कारण गंगा नदी का जल स्तर निरंतर बढ़ रहा है आज दिनांक 11.07.2023 को 3:00 pm पर भीम गौड़ा बैराज हरिद्वार से 170192 क्यूसेक निसरण पास किया गया। इसके अतिरिक्त अन्य सहायक नदियों के कारण भी जल स्तर निरंतर बढ़ रहा है। मध्यगंगा बैराज से 3:00 pm पर 163628 क्यूसेक निसरण पास किया जा रहा है। इस कारण अगले कुछ घण्टों में बिजनौर बैराज पर 2,00,000 क्यूसेक से अधिक प्रवाह की संभावना है। बिजनौर जनपद की तहसील नजीबाबाद, सदर बिजनौर एवं चांदपुर में जल प्लवन की समस्या आ सकती है। उन्होंने बताया कि उक्त क्षेत्रों के समस्त ग्रामवासियों को सतर्क रहने एवं डूब क्षेत्र से पर्याप्त दूरी बनाए रखने हेतु चेतावनी जारी की गई है।
दिल्ली हाई कोर्ट में खारिज हुई पेप्सिको की याचिका, FC5 का पेटेंट रद्द करने के फैसले के खिलाफ कंपनी ने की थी अपील, लेज चिप्स बनाने में काम आती है FC5 नामक आलू की किस्म
नई दिल्ली (एजेंसियां)। थोड़ी सी भूख लगने पर सबसे पहले दिमाग में चिप्स जैसी चीज़ें आती हैं। पहले तो ये घरों में ही बनाई जाती थीं। इन्हें बनाकर रख लिया जाता और भूख लगने पर तुरंत तल कर खा लेते थे। आप में से कईयों ने घर पर आलू के चिप्स बनाने की कोशिश भी की होगी। एक किलो आलू में ही खूब सारे चिप्स बन जाते हैं, लेकिन वो मजा नहीं आता। समय बदला और ये पैकेट्स में बंद बाज़ार में मिलने लगे, लेकिन 10 रुपए के पैकेट में निकलते हैं कुल 5-7 सात चिप्स और खूब सारी हवा। लेज के चिप्स में जो स्वाद आता है, वो घर पर बने चिप्स में कभी नहीं मिलता। तो आखिर लेज किस खेत के आलू से बनाता है चिप्स? Lays भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में लोगों की पसंद बना हुआ है। लेकिन इन्हें बनाने के लिए एक खास किस्म का आलू इस्तेमाल किया जाता है। भारत में आलू की इसी किस्म को लेकर विवाद बना हुआ है।
पेप्सिको को दिल्ली हाईकोर्ट का झटका
लेज, पेप्सिको (PepsiCo) अमेरिका की बड़ी फूड कंपनी का प्रोडक्ट है। दिल्ली हाईकोर्ट ने पेप्सिको की लेज चिप्स में काम आने वाले आलू की किस्म के पेटेंट को रद्द करने के एक आदेश के खिलाफ की गई अपील को खारिज कर दिया है। पौधों की विविधता और किसानों के अधिकार संरक्षण प्राधिकरण (PPVFR) ने 2021 में पेप्सिको की एफसी5 आलू किस्म के पेटेंट को रद्द कर दिया था। प्राधिकरण ने कहा था कि भारत के नियम बीज किस्मों पर पेटेंट की अनुमति नहीं देते हैं।
पेप्सिको का आलू की किस्म पर दावा
अमेरिका के स्नैक्स और ड्रिंक मेकर पेप्सिको ने वर्ष 1989 में भारत में अपना पहला आलू चिप्स प्लांट लगाया था। पेप्सिको किसानों के एक ग्रुप को FC5 बीजों की सप्लाई करता था, जो बदले में अपनी उपज कंपनी को एक तय दाम में बेचते थे। पेप्सिको का दावा है कि उसने विशेष किस्म के आलू FC5 को डेवलप किया और 2016 में इसे रजिस्टर करवाया। सिर्फ चिप्स बनाने के ही काम आने वाले इस आलू की खासियत यह है कि इसमें पानी की मात्रा कम होती है, इसीलिए बढ़िया क्रिस्पी चिप्स बनते हैं।
किसानों पर दायर किया मुकदमा
वर्ष 2019 में पेप्सिको ने कुछ भारतीय किसानों पर एफसी5 आलू किस्म की खेती करने के लिए मुकदमा दायर किया था। कंपनी ने किसानों पर इसके पेटेंट का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। कंपनी ने कथित पेटेंट उल्लंघन के लिए प्रत्येक किसान से 1,21,050 डॉलर से अधिक की मांग की थी। हालांकि, मई 2019 में कंपनी ने किसानों के विरोध के बाद इन मुकदमों को बिना शर्त वापस ले लिया था। पेप्सिको ने इस समय अपने बयान में कहा था, “हम कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए मजबूर हैं। ये हमारे हज़ारों किसानों के हितों के लिए आखिरी उपाय है, जो हमारी आलू की खेती से जुड़े हुए हैं।”
दिल्ली हाईकोर्ट ने रद्द की याचिका
किसानों को लेकर काम करने वाली एक्टिविस्ट कविता कुरुगंती ने इस मामले पर पौधा किस्म और किसान अधिकार संरक्षण प्राधिकरण में एक आवेदन दायर किया था। इस पर सुनवाई करते हुए प्राधिकरण ने कंपनी का पीवीपी प्रमाण पत्र रद्द करने का फैसला सुनाया था। इसके बाद पेप्सिको ने PPVFR के फैसले के विरोध में दिल्ली हाई कोर्ट में अर्जी लगाई। कंपनी की याचिका को रद्द करते हुए जज नवीन चावला ने कहा कि “इस अपील में कोई योग्यता नहीं मिली, इसलिए इसे खारिज किया जाता है। “दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के बाद ये साफ हो गया है कि भारत में FC5 पर पेप्सिको का पेटेंट नहीं है और कोई भी किसान इसकी खेती कर सकता है। हालांकि, अभी भी पेप्सिको के पास सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाने का विकल्प है।
जालौन। प्रतिबंध के बावजूद अधिकारियों की मिली भगत से मछली का शिकार जारी है। कुठौंद पुलिस द्वारा पकड़ी कई कुंटल मछली के दोषियों पर मामूली धाराओं में कार्यवाही पर सवाल उठना शुरू हो गए हैं। इस बीच कानूनी रोक के बावजूद मछली का शिकार कराने वालों के साथ ही दोषी अधिकारियों आदि के विरुद्ध कार्यवाही करने की मांग तेज हो गई है।
गौरतलब है कि इन दिनों मछलियों के प्रजनन का समय होता है। इसके बावजूद पूरे जिले में प्रतिदिन क्विटंलों मछलियां पकड़ कर लोग खूब मुनाफा कमा रहे हैं। बताया गया है कि थाना कुठौंद पुलिस ने चेकिंग के दौरान माधौगढ़ तिराहे से शनिवार सुबह प्रतिबंधित मछली से भरी पिकअप को पकड़ लिया था। गाड़ी में 12 गत्तों में बर्फ में लगी मछली बरामद की गई। पुलिस ने गाड़ी में सवार बिजुआपुर निवासी आनंद निषाद, चालक कुटरा मुस्तिकल निवासी कन्हैलालाल को हिरासत में ले लिया था। वहीं सूचना पर पहुंचीं मत्स्य अधिकारी दीपमाला सिंह, डॉ. मुनीष, प्रभारी निरीक्षक अखिलेश द्विवेदी की देखरेख में मछली की नीलामी 25 हजार रुपए में भानू निषाद के नाम कर दी गई। वहीं पुलिस ने पकड़े गए लोगों का चालान मामूली धाराओं में कर दिया। इन्हीं दोनों बातों को लेकर संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही करने की मांग तेज हो गई है।
विभागीय अधिकारियों पर ठेकेदार का आरोप
ठेकेदार गंभीर सिंह ने विभागीय अधिकारियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विभाग की मिलीभगत से प्रजनन के समय भी प्रतिदिन क्विटंलों की संख्या में मछलियां पकड़ी जा रही है। जो रुपए देते हैं, उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
बिजनौर। आबकारी व पुलिस विभाग की टीम द्वारा देसी मदिरा दुकान शेरगढ़ पर 130 पौवा नकली / फर्जी क्यूआर कोड युक्त अवैध शराब की बरामदगी की गई है। मौके से पकड़े गए सेल्समैन व फरार दुकान अनुज्ञापी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम व आईपीसी की सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। इस दुकान के निलंबन / निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश शासन एवं आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश के आदेश के क्रम में जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिला आबकारी अधिकारी वरुण कुमार के नेतृव में अवैध शराब की बिक्री/निर्माण/परिवहन पर पूर्णतः अंकुश लगाने के लिए निरंतर प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। आबकारी दुकानों की निरंतर रैंडम आधार पर चेकिंग की जा रही है।
जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि जनपद के सभी आबकारी दुकानों के अनुज्ञापियों को नियमानुसार दुकानों के संचालन किए जाने हेतु निर्देशित किया गया है। यदि किसी भी दुकान पर अनियमितताएं पाई जाती हैं तो नियमानुसार विक्रेता व अनुज्ञापियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। यह भी निर्देश दिया गया कि सभी दुकानों पर सीसीटीवी कैमरा निरंतर सक्रिय रहेंगे।
नाम व पता गिरफ्तार अभियुक्त-
~मौके पर गिरफ्तार अभियुक्त अखिलेश पुत्र अशोक कुमार निवासी ग्राम शेरगढ़ थाना अफजलगढ़ जिला बिजनौर।
नाम व पता वांछित अभियुक्त-
~दुकान के अनुज्ञापी व संचालक का नाम लव कुमार पुत्र विजय पाल सिंह निवासी ग्राम रायपुर पोस्ट व थाना रेहड़ बिजनौर हाल पता ग्राम सीरवासु चंद्र थाना अफजलगढ़ तहसील धामपुर जिला बिजनौर।
अभियुक्त अखिलेश सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि शेरगढ़ देशी शराब दुकान के मालिक लव कुमार पुत्र विजयपाल सिंह, निवासी ग्राम रामपुरी, थाना- रेहड़, तहसील- धामपुर, जिला- बिजनौर हाल पता ग्राम-सीरवासुचन्द, थाना- अफजलगढ़ जिला बिजनौर है। लव कर द्वारा देशी शराब दुकान शेरगढ़ पर फर्जी अवैध क्यू आर कोड युक्त शराब की पेटियों को पहुँचाया और बिकवाया जाता है। जैसे ही अवैध / फर्जी क्यू आर कोड युक्त पेटियाँ खत्म हो जाती हैं मालिक / अनुज्ञापी लव कुमार अवैध क्यू आर कोड वाली फर्जी पेटियों को देशी शराब दुकान-शेरगढ़ पर भिजवा देता है। लव कुमार अवैध शराब के व्यापार में पूर्व से ही संलिप्त है। वह 2018 में थाना काशीपुर प्रांत उत्तराखण्ड में भी अवैध शराब के साथ पकड़ा गया था, जिसमें उसके विरुद्ध थाना काशीपुर में मुकदमा पंजीकृत है।
सभी के ढक्कन पर लगे क्यू आर कोड का नम्बर एक समान
बरामद किसी भी पौवे का क्यू आर कोड नकली / फर्जी होने के कारण स्कैन नहीं हो सका। उक्त बरामद 130 पौवों का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया गया तो सभी के ढक्कन पर लगे क्यू आर कोड का नम्बर एक समान है, जिससे स्पष्ट है कि सभी पौवे अवैध हैं। उन पर फर्जी क्यू आर कोड चस्पा किये गये हैं। सभी क्यू आर कोड फर्जी रूप से तैयार किये गये हैं।
छापामारी में शामिल आबकारी व पुलिस टीम के अधिकारी/कर्मचारी~
आबकारी निरीक्षक उपेन्द्र कुमार शुक्ल जनपद बिजनौर, उ0नि0 सोहन सिंह पुण्डिर थाना अफजलगढ जनपद बिजनौर, आबकारी हे० का० राहुल कुमार जनपद बिजनौर, आबकारी का0 प्रेमपाल जनपद बिजनौर, आबकारी का0 योगेन्द्र कुमार जनपद बिजनौर, आबकारी का0 इमानदार सिंह जनपद बिजनौर एवं का0 333 ललित कुमार थाना अफजलगढ जनपद बिजनौर।
विधायक बढा़पुर से विवाद में भी काफी चर्चित रहा है लव कुमार
फरार अभियुक्त लव कुमार पिछले दिनों विधायक बढा़पुर से हुए विवाद में भी काफी चर्चित रहा है, जिसने अमानगढ़ सफारी के निकट बिना परमिशन के रिसोर्ट बनाने का प्रयास किया था। इस मामले में भाजपा विधायक सुशांत सिंह के प्रतिनिधि ने वन विभाग की बिना परमिशन निर्माण करने की शिकायत डीएफओ से की थी। विधायक प्रतिनिधि ने डीएफओ से काफी अभद्र व्यवहार किया था, जिसके बाद डीएफओ व विधायक के बीच काफी तनाव बन गया था। ये मामला शासन तक पहुंचा और डीएफओ पटेल को निलम्बित कर दिया गया था। लव कुमार के बारे में बताया जाता है कि इसके द्वारा एक बच्चा जेल मुरादाबाद में संचालित है वहीं पत्नी के नाम पर सरकारी कोटे की दुकान भी है। लव कुमार वर्तमान में भाजपा से जुड़ा रहा है, पहले बसपा सरकार में लव कुमार क्षेत्र में दबदबा रखता था।
मामा के घर आया हुआ था पीड़ित युवक, आरोपी को बिजली विभाग ने नौकरी से निकाला
मौके पर पहुंचे डीआईजी, गांव में भारी पुलिस बल तैनात
दबंग लाइनमैन ने दलित युवक को पीटा, फिर चप्पल पर थूककर चटवाया
एक दबंग संविदा लाइनमैन ने दलित युवक को न सिर्फ पीटा बल्कि थूककर अपनी चप्पल भी चटवाई। इतने से मन नहीं भरा तो उसकी खूब बेइज्जती की। इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में दलित युवक को पीटने और थूक कर चप्पल चटवाने के आरोपी संविदाकर्मी लाइनमैन तेजबली सिंह पटेल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में एससी/एसटी एक्ट सहित कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं बिजली विभाग ने उसे नौकरी से निकाल दिया है। इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। शाहगंज के बालडीह गांव में सपा के प्रतिनिधिमंडल के अलावा डीआईजी आरपी सिंह भी पीड़ित के घर पहुंचे। गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव और सांसद संजय सिंह ने योगी सरकार पर निशाना साधा है।
नाराज लाइनमैन ने चप्पल पर थूक कर चटवाया
पीड़ित युवक राजेन्द्र चमार पुत्र श्रीराम के अनुसार वह ग्राम बहुआर थाना राबर्टसगंज का निवासी है और अनुसूचित जाति का है। 06 जुलाई को अपने मामा नन्दू पुत्र दुलारे निवासी बालडीह थाना शाहगंज के घर आया हुआ था। मामा के घर की बिजली खराब थी, मैं शाम 4 बजे घर के अन्दर और बाहर फाल्ट चेक कर रहा था। इसी बीच शाहगंज पावर हाउस पर नियुक्त संविदा कर्मचारी तेजबली सिंह पटेल पुत्र रामधनी सिंह निवासी ओड़हथा थाना शाहगंज आकर मुझे अकारण गाली देने लगे। इतना ही नहीं जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मारपीट की और अपने चप्पल पर थूक कर चटवाया। कान पकड़कर उठक बैठक भी लगवाई। पिटाई से अंदरुनी चोटें भी आई हैं। आसपास के लोग बीच बचाव में आए तो वह छोड़कर भाग गया।
सीओ घोरावल अमित कुमार ने बताया कि पीड़ित युवक को बिजली ठीक करता देख कर आरोपी तेजबली सिंह इतना नाराज हुआ कि, उसने अपनी चप्पल पर थूक कर युवक से चटवाया। संविदा लाइनमैन के इस घृणित कृत्य पर एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।
अखिलेश यादव व संजय सिंह ने साधा निशाना
अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, ‘सोनभद्र की घटना, मप्र के सीधी से कम नहीं है। ऐसे दोषियों को देखकर बुलडोजर क्यों पंक्चर हो जाता है। देखते हैं इस पीड़ित की चरण वंदना का नाटक कब खेला जाता है। भाजपाई दलित उत्पीड़न का इतिहास रच रहे हैं।’ सांसद संजय सिंह ने ट्वीट कर लिखा, ‘ये यूपी का सोनभद्र है। एक दलित युवक से एक हैवान अपनी चप्पल चटवा रहा है। तुम्हारे राज में दलितों को इंसान नहीं माना जाता, तुम समान नागरिक संहिता की बात कैसे करते हो भाजपाईयों।’
लखनऊ की एक कंपनी की ओर से जारी किया गया नियुक्ति पत्र
मेडिकल कॉलेज में बिना भर्ती के थमा दिया नियुक्ति पत्र
बिजनौर। महात्मा विदुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती के नाम पर लोगों के साथ ठगी चालू हो गई है। यह खुलासा मेडिकल प्रशासन के पास पहुंचे एक पत्र के बाद हुआ। मामले को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। बताया गया है कि लखनऊ की एक कंपनी की ओर से एक व्यक्ति को नियुक्ति पत्र जारी किया गया है, जो देखने से ही फर्जी प्रतीत हो रहा है।
जानकारी के अनुसार महात्मा विदुर स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज में अभी चिकित्सकों की भर्ती प्रकिया चल रही है। इसके अलावा किसी भी पद के लिए भर्ती नहीं की जा रही।किसी कंपनी को कर्मचारियों की भर्ती के लिए आउट सोर्सिंग का ठेका भी नहीं दिया गया है।
इस बीच मेडिकल कॉलेज में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले लोगों का गैंग सक्रिय हो गया है। इतना ही नहीं लोगों को फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिए जा रहे हैं। लखनऊ स्थित हर्ष इंटरप्राइजेज के नाम से वार्ड ब्वाय को नियुक्ति पत्र भेजा है। इसमें वार्ड ब्वाय को तैनाती की तारीख तीन जुलाई दी गई है। पत्र में यह भी लिखा है कि इस पद पर नियुक्ति तीन साल के लिए दी गई है। पत्र मिलने के बाद संबंधित कर्मचारी ने मेडिकल प्रशासन से संपर्क साधा तो उसे बताया गया कि अभी कोई भर्ती की जा रही है, पत्र फर्जी है।
नियुक्ति पत्र में गलत लिखा है मेडिकल कॉलेज का नाम
मेडिकल कॉलेज का अंग्रेजी में पूरा नाम महात्मा विदुर ऑटोनोमस स्टेट मेडिकल कॉलेज बिजनौर है। वहीं नियुक्ति पत्र में मेडिकल कॉलेज का अंग्रेजी में पूरा नाम महात्मा विदुर स्वशासी स्टेट मेडिकल कॉलेज, बिजनौर लिखा हुआ है, इससे भी साफ पता चल रहा है कि नियुक्ति पत्र फर्जी है।
ये लिखा है पत्र में….
Full and Final settlements will be processed as per Exit Process, ie, on receipt of Resignation acceptance from reporting manager and submission of No Dues Certificate from all stake holders. Notice Pay is recovered from his or her Settlement Amount
You will be governed by the rules, regulations, service conditions, employee handbook, notices. circulars, instructions, practices and policies of the Company etc., which are in force at present and as may be amended /formulated/invoked/introduced by HARSH ENTERPRISES from time to time as applicable on deputation to “Mahatma Vidur Swashi State Medical College, Bijnor”. It is understood that any or all the terms and conditions of you reemployment are subject to revision at anytime at the sole discretion of the Management:
Please return the copy of the Offer Letter enclosed after affixing your signature at the appropriate place on the Office Copy in token of your having read, agreed, fully understood and accepted the terms and conditions of appointment. In case we do not receive your acknowledgement copy within a period of 15 days from the date of joining, your assignment at Harsh Enterprises with the acceptance of your first salary from Harsh Enterprises, will be conclusive proof of your acceptance In accordance of terms and conditions.
ENDORSEMENT
TARA SINGH, Vipin Kumar have carefully read and understood the terms and conditions of my appointment as mentioned hereinabove, and I agree and undertake to abide by them.
~For Harsh Enterprises Ravi Prakash Srivastava (General Manager)
विशेष काउंटर पर मात्र दो घंटे बेचे जाएंगे सस्ते टमाटर
टमाटर खरीदने से पहले रजिस्टर में दर्ज होगा मोबाइल नंबर और नाम
देहरादून। टमाटर के आसमान छूते दामों से आम आदमी परेशान है। 20 से 30 रुपए किलो बिकने वाला टमाटर 150 रुपए तक पहुंच गया है। इससे आम आदमी का बजट गड़बड़ा गया है। यह देखते हुए उत्तराखंड मंडी परिषद ने आम आदमी की जेब का बोझ कम करने के लिए एक नई पहल की है। इसके तहत टमाटर अब 50-70 रुपए किलो में उपलब्ध हो रहा है।
दो घंटे बेचे जाएंगे सस्ते टमाटर
देहरादून स्थित निरंजनपुर सब्जी मंडी में सुबह 10 बजे से 12 बजे तक मात्र दो घंटे के लिए सस्ते टमाटर की बिक्री शुरू हो गई है। देहरादून मंडी में फरीद एंड कंपनी, वर्मा एंड कंपनी, अवतार फ्रूट कंपनी और रवींद्र कुमार जग्गी की दुकान पर फुटकर काउंटर लगाए गए हैं। ऋषिकेश और रुड़की मंडी समिति ने भी दो काउंटर लगाकर 50 से 70 रुपये प्रति किलो के दाम पर टमाटर बिक्री शुरू कर दी।
रजिस्टर में दर्ज होगा नाम और मोबाइल नंबर
कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिव विजय थपलियाल ने बताया कि देहरादून स्थित निरंजनपुर सब्जी मंडी में चार दुकानों पर फुटकर काउंटर लगाए गए हैं। इन काउंटरों पर लोगों को 50-70 रुपए प्रति किग्रा की दर पर टमाटर मिलेंगे। एक व्यक्ति को दो किलो से ज्यादा टमाटर नहीं मिलेंगे। बार-बार टमाटर खरीदने वालों पर नजर रखने के लिए हर व्यक्ति का मोबाइल नंबर और नाम रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है।
क्यों बढ़े टमाटर के दाम
उत्तराखंड में हाल ही में हुई बारिश के चलते टमाटर की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई। खासकर, पहाड़ी इलाकों में सड़कें बंद होने से टमाटर की कीमतें बढ़ गईं और चार धाम यात्रा के मार्ग पर टमाटर 160 से 180 रुपए तक बिकने लगे। ऐसे में मंडी परिषद की यह पहल आम आदमी के लिए राहत भरी साबित हो रही है।
pressure cooker tips: इन महत्वपूर्ण टिप्स को करें फॉलो
कुकर में बनाते वक्त सीटी से पानी के साथ बहती है दाल ?
जल्दी कुकिंग के लिए किचन में ज्यादातर प्रेशर कुकर का इस्तेमाल किया जाता है। अक्सर प्रेशर कुकर में दाल बनाते वक्त सीटी आने पर स्टीम के साथ दाल का पानी भी बाहर आ जाता है। इससे गैस चूल्हा और किचन गंदी हो जाती है। जानिए कुछ ऐसी टिप्स, जिन्हें फॉलो करने से प्रेशर कुकर से पानी या दाल बाहर नहीं आएगी और गैस चूल्हा बिल्कुल क्लीन रहेगा।
कुकर से पानी निकलने पर क्या करें ?
1~कुकर की सीटी में खाना फंस जाता है, अच्छे से साफ नहीं होने पर अक्सर पानी निकलने की समस्या होती है। ऐसे में कुकर की सीटी को निकालकर अच्छे से साफ करें और फिर लगाएं। कुकर की सीटी को कुछ देर गर्म पानी में डाल कर रखें और फिर इसे साबुन से साफ करें। 2~प्रेशर कुकर के ढक्कन में लगी रबड़ (गास्केट) ढीली होने के कारण भी पानी निकलने की समस्या होती है। समय समय पर अपने प्रेशर कुकर की रबड़ चेक करते रहें। रबड़ खराब होने पर प्रेशर कुकर फटने का डर भी रहता है। कुकर की रबड़ हर 2 से 3 महीने में बदलनी चाहिए। 3~कुकर के ढक्कन पर तेल लगाने से भी इसमें बना खाना भाप के साथ बाहर नहीं निकलता। 4~कुकर में दाल या चावल बनाते वक्त पानी को नाप पर डालें। अक्सर ज्यादा पानी डालने के कारण वह कुकर से सीटी के साथ निकलता है। 5~प्रेशर कुकर को हमेशा धीमी आंच पर ही गैस पर रखें। तेज आंच में कुकर से पानी निकलने की समस्या ज्यादा होती है। 6~प्रेशर कुकर से पानी निकले तो तुरंत इसे गैस से हटाकर खोलें और फिर ढक्कन को अच्छे से साफ करें और धीमी आंच पर दोबारा खाना बनाएं।
लोकतान्त्रिक युवा शक्ति पार्टी के जिलाध्यक्ष बने सर्वेद्र कुमार
~Report by Mukesh Kumar
मंडावर/बिजनौर। लोकतांत्रिक युवा शक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार बाजपेयी ने ग्राम मोहम्मदपुर देवमल के सरवेंद्र कुमार को बिजनौर जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें उनके पद का प्रमाण पत्र देकर बधाई दी व उनके उज्जवल भविष्य की कामना भी की।
नव नियुक्त जिलाध्यक्ष सर्वेद्र कुमार ने बताया कि पार्टी द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी को वह बखूबी निभाएंगे। साथ ही जिले के दबे कुचले शोषित लोगों को साथ जोड़ कर पार्टी को मजबूत बनाएंगे।
पूरे गोरखधंधे में बैंककर्मियों की मिलीभगत की जांच शुरू
नोएडा पुलिस ने दबोचा 23 करोड़ की ठगी करने वाला बिजनौर का जालसाज
बिजनौर। नोएडा पुलिस ने 23 करोड़ की ठगी करने वाले जालसाज तथाकथित पत्रकार को गिरफ्तार किया है। जनपद बिजनौर के गांव पेदी निवासी इस जालसाज ने फर्जी आईडी के जरिए कई कंपनियां खोली। ईपीएफओ में एंप्लॉई के अकाउंट भी खोले। उसके बाद अलग-अलग बैंकों से करीब 23 करोड़ लोन लेकर हजम कर गया। बताया गया है कि आरोपी फर्जी पत्रकार ने पुलिस प्रशासन में अपनी पकड़ मजबूत बना रखी थी।
एडीसीपी शक्ति अवस्थी ने बताया कि मिली शिकायतों के बाद रफीक पुत्र सद्दीक नाम के इस जालसाज को सेक्टर-10 नोएडा शिवानी फर्नीचर के पास से गिरफ्तार किया गया। इसने फर्जी नामों से आधार कार्ड बनवाए और पैन कार्ड बनवा कर आरओसी में कंपनी रजिस्टर कराई। अलग-अलग व्यक्तियों की आईडी से प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां बनाई। इसके अलावा बैंकों में आधार कार्ड के जरिए फर्जी खाते भी खुलवाए। इन खातों में फर्जी कंपनी के खाते से सैलरी के रूप में धन ट्रांसफर किया और उसे वापस एटीएम से निकाल लिया। इसी तरह कई महीनों तक पैसा निकाला और खातों में ट्रांसफर किया, ताकि सीबिल स्कोर बेहतर बन सके। उन्होंने बताया कि 6 से 7 महीने तक ऐसा करने से खाता धारक को लोन मिल सकता है। इसके बाद ऑनलाइन लोन के लिए अप्लाई करके कई तरह की फाइनेंस कंपनियों से कार, मोबाइल व अन्य वस्तुएं फाइनेंस कराई। एचडीएफसी सहित अन्य बैंक से लगभग 23 करोड़ रुपए लोन के रूप में लेकर वापस नहीं किए। ईपीएफओ में कंपनी के कर्मचारी के खाते खुलवा कर समय-समय पर पैसा जमा किया गया, जिससे कंपनी का अस्तित्व सही प्रतीत हो और लोन लेते समय किसी को शक न हो। लोन के रुपयों को एटीएम के माध्यम से निकालकर व फाइनेंस की वस्तुओं का गबन करके बैंक को वापस नहीं किया जाता था।
उसके कब्जे से फिंगरप्रिंट डिवाइस (सगेम कंपनी) व डाटा केबल, 01 आई स्कैनर बरामद किया गया है। जीएचसीएल नामक फर्जी कंपनी में फ्रॉड का काम इसने सेक्टर-119 में एक फ्लैट किराए पर लेकर किया। इस पूरे गोरखधंधे में बैंककर्मियों की मिलीभगत की जांच की जा रही है।
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प्राकृतिक चिकित्सा शिविर योग केंद्र शिव मंदिर देव लोक कॉलोनी पर हुआ आयोजन
इसी प्रकार बिना दवाई के रोगियों का उपचार करते रहें: समाज कल्याण अधिकारी जागेश्वर सिंह
शिविर में नि:शुल्क हुईं 40 प्रकार की जांच
बिजनौर। योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान साकेत कॉलोनी सिविल लाइंस सेकंड, शिव मंदिर देव लोक कॉलोनी पर प्राकृतिक शिविर का आयोजन हुआ। इस अवसर पर रोगियों की 40 प्रकार की जांचों का परीक्षण नि:शुल्क किया गया।
शिव मंदिर के प्रबंधक एवं संरक्षक देवेंद्र चौहान का सम्मान
इस दौरान प्राकृतिक उपचार के द्वारा मिट्टी चिकित्सा, एक्यूप्रेशर चिकित्सा, मसाज चिकित्सा, आहार परिवर्तन के माध्यम से 55 रोगियों की समस्याओं का निदान किया गया। शिविर का उद्घाटन मंदिर के प्रबंधक एवं संरक्षक देवेंद्र चौहान एवं समाज कल्याण अधिकारी जागेश्वर सिंह ने किया। ट्रस्ट की ओर से उनका फूल मालाओं से स्वागत किया गया। समाज कल्याण अधिकारी जागेश्वर सिंह ने कहा इसी प्रकार बिना दवाई के रोगियों का उपचार करते रहें। देवेंद्र चौहान ने आश्वस्त किया कि संगठन का जो भी खर्च होगा तथा जो जांच की मशीनें आएंगी वह स्वयं खर्च उठाएंगे। उन्होंने संगठन को बॉडी एनालाइजर एवं कंप्यूटर भेंट किया। इस अवसर पर डॉ. नरेंद्र सिंह, इंटरनेशनल नेचरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन के जिला अध्यक्ष ओपी शर्मा, उपाध्यक्ष रामनाथ सिंह, बीआईटी कॉलेज बिजनौर के डॉक्टर रवि कुमार ने रोगियों का परीक्षण किया तथा उपचार किया।
थाना समाधान दिवस पर पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन पहुंचे मंडावली
जनसमस्याओं को सुनकर हो गुणवत्तापूर्ण, त्वरित निस्तारण: एसपी
बिजनौर। मंडावली में थाना समाधान दिवस के दौरान पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने जनसमस्याओं को सुनकर उनके गुणवत्तापूर्ण व त्वरित निस्तारण के लिए सम्बन्धित अधिकारी कर्मचारी को निर्देशित किया। साथ ही लापरवाही बरतने पर कार्यवाही की चेतावनी भी दी।
जिले के समस्त थानों पर समाधान दिवस का आयोजन शनिवार को किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने थाना मंडावली में जनसुनवाई की। उन्होंने राजस्व से सम्बन्धित प्रकरणों में पुलिस एवं राजस्व टीम के सहयोग से मामलों के निस्तारण कराने हेतु समस्याओं को गंभीरता से लेने और समयबद्ध निराकरण के निर्देश समस्त अधिकारियों को दिए। इस दौरान क्षेत्राधिकारी, उपजिलाधिकारी, थाना प्रभारी, लेखपाल आदि पुलिस व प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारीगण मौजूद रहे।
थाने के रजिस्टरों की जांच कर लिया फीडबैक
थाने के शिकायत रजिस्टर का अवलोकन कर निस्तारित हो चुकी शिकायतों के संबंध में फीडबैक लिया गया। इसी क्रम में जनपद के सभी थानों पर राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों द्वारा अपने-अपने सर्किल थानों पर थाना समाधान दिवस आयोजित कर जनता की समस्याओं को सुना गया। साथ ही प्राप्त प्रार्थना पत्रों की जांच करते हुए उनका त्वरित व विधिक निस्तारण कराया गया।
15 में से 10 शिकायतों का मौके पर ही समाधान
धामपुर कोतवाली परिसर में उपजिलाधिकारी मनोज कुमार सिंह व एसपी पूर्वी धर्म सिंह मार्छाल ने लोगों की शिकायतों को सुनकर समाधान कराया। प्राप्त 15 में से 10 शिकायतों का मौके पर ही समाधान करा दिया गया। अन्य शिकायतों के निस्तारण कराने के लिए संयुक्त टीमें बनाकर मौके पर भेजा गया। इस अवसर पर तहसीलदार जयेंद्र सिंह, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली अनुज कुमार तोमर, इंस्पेक्टर क्राइम अता मोहम्मद सहित सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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