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update रहें…हर दम, हर पल

  • जिला पंचायत सदस्य अतरसिंह पाल ने समाज के लोगों के साथ दी विजयश्री की बधाई

    जल्द ही नगर उरई में बनेगा अहिल्याबाई चौराहा-विजय चौधरी

    उरई (जालौन)। बहुजन समाज पार्टी से नवनिर्वाचित उरई नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती गिरजा चौधरी के सुपुत्र एवं प्रतिनिधि तथा पूर्व पालिकाध्यक्ष विजय चौधरी से जिला पंचायत सदस्य अतर सिंह पाल ने समाज के साथियों सहित मुलाकात कर जीत की बधाई दी।

    पाल समाज के प्रतिनिधि मंडल ने उरई नगर के चौराहे पर लोक माता अहिल्या बाई की प्रतिमा लगाने की मांग की। इस पर विजय चौधरी ने आश्वासन दिया कि जल्द ही चौराहे का नाम अहिल्या बाई होलकर रखने के साथ ही स्टेचू लगाई जाएगी। अतर सिंह पाल ने पूर्व अध्यक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा कि जिन नेताओं ने मंच के माध्यम से वादा किया था कि लोकमाता अहिल्या बाई की प्रतिमा कालपी रोड या चुर्खी रोड चौराहे पर लगाएंगे, पांच साल बीत जाने के बाद भी कार्य नहीं करा सके। जिन्होंने झूठे वादे किए थे, ऐसे लोगों को पाल समाज ने सबक सिखाने का कार्य किया। विजय चौधरी के आश्वासन पर पाल समाज में खुशी की लहर है। इस मौके पर प्रमुख रूप से जलील भाई मुम्बई, देवनारायण पाल पूर्व सभासद प्रत्याशी, सुरेश पाल प्रधान, सुनील पाल बघौरा, पूरन पाल, श्रीपाल सिंह पाल, विनोद कुमार, सुदामा नेता सहित काफी संख्या में लोगों ने नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि विजय चौधरी को फूल माला पहनाकर शुभकामनाएं दी।

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  • क्षेत्र भर में गांवों के मंदिरों पर सुंदरकांड और भंडारों का आयोजन

    जेष्ठ के प्रत्येक मंगलवार को भक्तों द्वारा हनुमानजी को नए वस्त्र और श्रृंगार की व्यवस्था

    बड़े मंगल चिंताहरण हनुमानजी का श्रृंगार, आरती के साथ पूजन

    मलिहाबाद, लखनऊ। रहीमाबाद से लेकर मलिहाबाद तक ज्येष्ठ माह के दूसरे मंगलवार को क्षेत्र के लगभग सभी गांवों में आयोजित होने वाले कार्यक्रम धूमधाम के साथ मनाए गए।

    बड़े मंगलवार को क्षेत्र के गोपेश्वर गोशाला में राजा स्वरूप में विराजमान चिंताहरण हनुमान जी के दरबार में ब्रह्म मुहूर्त में दिव्य और मनमोहक श्रृंगार कर आरती उतारी गई। पंडित लवकुश बाजपेई ने सुबह प्रथम पूजन के बाद मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिए।

    गोशाला परिवार के प्रबंधक उमाकांत गुप्ता ने बताया कि इस अवसर पर गोशाला में पल रही गायों की पूजा के साथ ही बड़ा मंगल मनाया गया। गोशाला परिवार के पंकज गुप्ता, शैलेन्द्र पांडेय, विश्वनाथ गुप्ता, सोनू सिंह ने प्रातःकाल में गोपूजन के साथ ही गो भंडारा भी आयोजित किया। साथ ही क्षेत्र भर में गांवों के मंदिरों पर सुंदरकांड और भंडारों का आयोजन किया गया।

    अभिषेक गुप्ता ने बताया कि जेष्ठ के प्रत्येक मंगलवार को भक्तों द्वारा हनुमानजी को नए वस्त्र और श्रृंगार की व्यवस्था की गई है, जिसमें बारी बारी से भक्त अपने मंगलवार का इंतजार कर रहे हैं। जेष्ठ माह के सभी चारों मंगल को भगवान के श्रृंगार बुक हो चुके हैं।

  • नि:शुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर का लोगों ने उठाया लाभ

    बिजनौर। नि:शुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर का आयोजन शिव मंदिर देवलोक कॉलोनी बिजनौर में किया गया।
    आजादी का अमृत महोत्सव के क्रम में योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट बिजनौर साकेत कॉलोनी अध्यक्ष योगेश कुमार के द्वारा नि:शुल्क प्राकृतिक चिकित्सा लगाया गया। प्राकृतिक चिकित्सक ओपी शर्मा, सोमदत्त शर्मा ने मिट्टी चिकित्सा, स्टीम चिकित्सा, स्टीम बाथ एक्यूप्रेशर चिकित्सा, मसाज चिकित्सा के द्वारा रोगियों का उपचार किया।

    इससे पहले प्रातः 6:00 से 8:00 तक डॉक्टर नरेंद्र सिंह, भारत स्वाभिमान से श्रीराम सिंह पाल, ओपी शर्मा ने यज्ञ किया। डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने कहा परमपिता परमात्मा ने मनुष्य को सर्वश्रेष्ठ बुद्धि दी है। पशु जानवर अन्य जीवों को यह बुद्धि प्रदान नहीं की है। इसलिए जीव किसी अपराध के लिए दोषी नहीं है, परंतु परमपिता परमात्मा ने मनुष्य को कर्म करने का अधिकार मनुष्य को दिया है। इसलिए मनुष्य को अपने विवेक के अनुसार अच्छे कर्म करने चाहिए। परमपिता परमात्मा किसी को दंड नहीं देते। मानव अपने कर्मों का फल अपने आप पाता है।

    प्राकृतिक चिकित्सा शिविर में उपचार कराने वालों में कुमारी एलिस, संजय ग्राम विकास अधिकारी किरतपुर से महिमा, महबूब, मुमताज, बिजनौर से वर्षा अग्रवाल, गुड्डू धनोरा जिला अमरोहा से मुन्नी देवी शामिल थे। शिविर में प्राकृतिक चिकित्सा संगठन के पदाधिकारी श्रीराम सिंह पाल, वैशाली देवी, अनंत कुमार, श्रीमती सुनीता आदि उपस्थित रहे।

  • भोपाल यात्रा: हर कण-हर क्षण को नमन-गौरव अवस्थी रायबरेली

    भोपाल, हरदा, हुशंगाबाद। इन जगहों से गुजरना तो हुआ पर जाना कभी नहीं। आचार्य जी के जीवन वृत्त से गुजरते और स्मृति संरक्षण की दिशा में की जा रही कोशिशों के बीच मन को यह बात रह-रहकर मथती थी कि जिस धरती ने उनमें साहित्य के रुचि जागृत की। जहां उन्होंने पिंगल का पाठ पढ़ा, उस धरती को नमन करने का अवसर न जाने कब मिलेगा? मिलेगा भी या नहीं। कहते हैं सच्चे मन की पुकार ऊपरवाला सुनता ही सुनता है। वही हुआ। मन की पुकार ने इस बार भोपाल पहुंचा दिया‌ तो हरदा-हुशंगाबाद भी कभी न कभी पहुंचाएगी ही। भोपाल पहुंचाया, वह भी सामान्यत: नहीं। विशेष तौर पर, आचार्य जी की विस्मृत यादों के स्मरण के बहाने।

    दरअसल, आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के जीवन में मध्यप्रदेश काफी महत्वपूर्ण रहा है। मात्र 17 वर्ष की आयु में रेलवे की मुलाजिमत शुरू करने वाले आचार्य जी अजमेर-मुंबई के बाद हरदा और हुशंगाबाद रहे। फिर झांसी। अनुमानतः हरदा और हुशंगाबाद में 1890 के दशक में उनका रहना हुआ होगा। हुशंगाबाद में रहते हुए भारतेंदु हरिश्चंद्र के कविवचन सुधा और गोस्वामी राधाचरण के मासिक पत्र पढ़कर उनके कवित्त कहने के अनुराग में वृद्धि हुई। कचहरी में कार्यरत बाबू हरिश्चंद्र कुलश्रेष्ठ से उन्होंने पहले-पहल पिंगल का पाठ यहीं पढ़ा।

    आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान का रजत जयंती वर्ष धूमधाम से मनाने की तैयारी तो बड़ी थी पर तैयारियों में भोपाल नहीं था। होता भी कैसे? अपने सीमित साधन। सीमित संपर्क। पर होनी को कौन टाले..होनी थी, तो आयोजन हो गया। क्या संयोग है? रजत पर्व का मुख्य आयोजन “द्विवेदी मेला” 11-12 नवंबर 2022 को दौलतपुर-रायबरेली में धूमधाम से मना। महीना भले मई का हो पर तारीखें वहीं, जो रायबरेली वाली थीं।

    रायबरेली के द्विवेदी मेले में भोपाल के आयोजन की जैसे नींव पड़ गई। उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की प्रधान संपादक और वरिष्ठ साहित्यकार डॉ अमिता दुबे दौलतपुर अपनी साहित्यकार मित्र श्रीमती डॉ स्नेहलता के साथ पधारीं थीं। मेला संपन्न होने के बाद हमने डॉ अमिता दुबे से लखनऊ में मन-बेमन रजत पर्व का समापन भोपाल में आयोजित करने की इच्छा व्यक्ति की। उन्होंने सहज ही हामी भर ली और गाड़ी चल पड़ी। सप्रे संग्रहालय के संस्थापक पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर जी की भी मौखिक सहमति मिल गई।

    देखते-देखते 11-12 मई आ गई। भोपाल कार्यक्रम के लिए मन ही मन लड्डू फूटने लगे। इसलिए नहीं कि श्रीधर जी ने अपन को सम्मानित करने का आदेश सुना दिया था। बल्कि इसलिए कि ढाई दशक में वह दिन आने ही वाला था जो हरदा-हुशंगाबाद की धरती के नजदीक है। याने, भोपाल। अपनी सरजमीं से 700 किलोमीटर दूर अपने मन की बात को साकार होते देखना अपने आप में क्या कम सम्मान और गर्व की बात है? फिर आचार्य जी की स्मृतियों से जुड़कर अगर आप “निर्मोही” नहीं बन पाए तो इसका मतलब है कि उनकी यादों को सहेजने का काम एक ढकोसला भर है। सच्चा अनुयाई तो वही है जो प्रशस्त पथ पर चले। इसलिए सम्मान की चाह में नहीं, कई दशकों बाद मध्यप्रदेश की धरती में आचार्य जी के नाम और काम के स्मरण के एक विशिष्ट अवसर का प्रतिभागी बनने का मौका हमारे लिए खास था। मन में उत्साह था। विद्वानों का सानिध्य मिलने का। कृती-वृती पंडित माधव राव सप्रे के जीवन को और अधिक नजदीक से जानने का।

    रायबरेली रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पकड़ते वक्त मन में बार-बार यही कह रहा था-“बिनु हरि कृपा मिलहि नहिं संता”। बिना आचार्य जी और सप्रे जी की कृपा के यह संभव कहां? मनहि मन कीन्ह प्रनाम..के भाव में डूबे ही थे कि एक अपने अध्यक्ष विनोद कुमार शुक्ल की आवाज से ध्यानावस्था टूटी-“कहीं गाड़ी लेट न हो जाए।” रेल गाड़ियों की लेटलतीफी तो जगजाहिर ही है। साथी यात्री सुनील अवस्थी रामू की राय भी विनोद की हां में हां वाली। डर दोगुना। उनका यह वाक्य कुभाग ही लगा। भोपाल में सुबह 10 बजे प्रचारित कार्यक्रम और गाड़ी के पहुंचने का समय 8:30। मन ही मन महावीर जी को याद किया। कुभाग को सुभाग में बदलने का सबसे आसान तरीका अपने आराध्य की चरण-शरण ही है। जीवन का सब भार तुम्हारे हाथों में..भजते हुए पतवार उन्हीं को सौंप दी।

    गाड़ी डेढ़ घंटे लेट सुबह 10 ही बजे रेलवे स्टेशन पहुंची।‌ डॉ अमिता दुबे ने बाद में साफ किया कि कार्यक्रम 10:30 से है। स्टेशन पर उतरते ही श्रीधर जी के फोन पर फोन-“कहां पहुंचे।” “ड्राइवर से कहिए तेज गाड़ी चलाए। राज्यपाल निकल चुके हैं।” बिना नहाय-खाय, जैसे-तैसे महामहिम के पहुंचने के दो-तीन मिनट पहले ही हम सब स्टेशन से सीधे संग्रहालय पहुंच पाए। धन्य भाग हमारे..हम सब को राष्ट्रीय संगोष्ठी में उद्घाटन सत्र से सम्मिलित होने का सौभाग्य मिल ही गया।

    सप्रे संग्रहालय में “आचार्य-सप्रे युगीन प्रवृतियां एवं सरोकार” विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में तमाम विद्वान वक्ताओं के वक्तव्यों ने मध्य प्रांत की उस विशिष्ट परंपरा के दर्शन और सानिध्य का सुअवसर वैसे ही हमें भी दिया, जैसे कभी हमारे पूर्वज आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी को बाबू हरिश्चंद्र कुलश्रेष्ठ जी से मिला था।

    आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के साथ-साथ पंडित माधव राव सप्रे, दादा माखनलाल चतुर्वेदी, पंडित बनारसीदास चतुर्वेदी आदि महापुरुषों के जीवन के साथ विभिन्न ज्वलंत विषयों पर राज्यपाल महामहिम मंगु भाई पटेल, पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति श्री केजी सुरेश, श्री सुखदेव प्रसाद दुबे, श्री श्रीकांत सिंह, डॉ अमिता दुबे, वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल, वीणा मासिक पत्रिका के संपादक श्री राकेश शर्मा, डॉ मंगला अनुजा, वरिष्ठ पत्रकार श्री अजय बोकिल, डॉ विकास दवे, श्री शैलेंद्र कुमार शर्मा, श्री लाजपत आहूजा, श्रीप्रकाश हिंदुस्तानी, श्री आनंद सिन्हा, सुश्री संयुक्ता बनर्जी, श्रीमती इंदिरा दांगी और श्रीमती इंदिरा त्रिवेदी के विचारों से लाभान्वित होना कम उपलब्धि तो नहीं।

    सुश्री ममता यादव, शिवकुमार विवेक और सुश्री वन्या चतुर्वेदी के सधे संचालन में संपन्न विभिन्न सत्र छात्र छात्राओं के लिए उपयोगी तो रहे ही, हम लोगों के लिए भी। फिल्म समीक्षक श्री विनोद नागर का धन्यवाद ज्ञापन भी एक तरह का प्रेरक उद्बोधन ही रहा। अग्रज डॉ कृपा शंकर चौबे की अनुपस्थिति कदम-दर-कदम सालती रही।

    इस विचार गंगा में बुजुर्ग साहित्यकार श्री रत्नेश मिश्रा, बाल साहित्यकार श्री महेश सक्सेना, डॉ जवाहर कर्नावट, वरिष्ठ पत्रकार श्री सुधीर सक्सेना, श्री शैलेंद्र तिवारी, डॉ. कृपा शंकर चौबे जी के प्रतिनिधि के तौर पर वर्धा से पधारे शोध छात्र भाई चंद्रमणि, स्वतंत्र पत्रकार श्री दीपक पगारे, सुश्री मंजुलता सराठे से मिलना भी स्मृतियों की पोटली को सुखद अहसासों से भरने वाला ही रहा। ऐसे धीर-गंभीर लोग अब कम ही मिलते हैं। सप्रे संग्रहालय की साधना जी एवं कनिष्ठ वरिष्ठ जनों की निष्ठा और समर्पण और हिंदी संस्थान के भाई रामजन्म दिवाकर और अकबर जी की सक्रियता काबिल-ए-तारीफ रही।

    रजत पर्व की धूम के लिए इस बार आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति न्यास एवं आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति ने मिलकर दो सांस्कृतिक कार्यक्रम विशेष रूप से तैयार किए या अनुरोध पूर्वक कराए। एक, आचार्य जी के जीवन पर केंद्रित नाटक। दो, द्विवेदी अभिनंदन ग्रंथ के लिए राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के भाई सियाराम शरण गुप्त द्वारा “पूजन” शीर्षक से लिखे गए गीत की नृत्य एवं संगीतमय प्रस्तुति। दौलतपुर में इन दोनों सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोहा था। इसलिए समापन समारोह में इनकी प्रस्तुतियों का भी खाका खींचा गया लेकिन नृत्य एवं संगीतमय प्रस्तुति कलाकारों की व्यस्तता के चलते संभव नहीं हो पाई।

    समय निकालकर इप्टा-रायबरेली के रंगकर्मी कष्टसाध्य यात्रा करके श्री रमेश श्रीवास्तव, श्रीमती साधना शर्मा, श्री संतोष चौधरी, श्री रमेश यादव, श्री जनार्दन मिश्रा, श्री अमित यादव, श्री राहुल यादव एवं श्री लवकुश अपने निर्देशक श्री संतोष डे जी के नेतृत्व में सब काम धाम छोड़कर भोपाल साथ ही पहुंचे। रंग कर्मियों द्वारा प्रस्तुत नाटक “हमारे आचार्य जी” छोटे-बड़े सभी दर्शकों पर अपना प्रभाव छोड़ने में सफल रहा या असफल, हम नहीं जानते। भोपाल से आ रही प्रतिक्रियाएं और व्हाट्सअप मैसेज बता रहे हैं कि प्रस्तुति अच्छी रही।

    हमें और हमारे साथियों किसी को “हमारे आचार्य जी” नाटक के महत्व का कोई अंदाज नहीं था। इस महत्व से परिचित कराया भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार और राज्यसभा टेलीविजन के कार्यकारी निदेशक रह चुके श्री राजेश बादल ने। उन्होंने कहा कि अपने चार-पांच-दशक के पत्रकारीय जीवन में हमने किसी साहित्यकार के जीवन वृत्त पर केंद्रित नाटक अब तक नहीं देखा। श्री बादल खुद भी 8-10 बरस थिएटर कर चुके हैं। उनके मुताबिक, साहित्यकार के कथा-कहानी पर तो नाटक बने हैं पर उनके जीवन पर नहीं।

    यह कहने के साथ श्री बादल का यह संकल्प हमें और बल देने वाला था कि हम भी पंडित माधव राव सप्रे एवं माखनलाल चतुर्वेदी के जीवन वृत्त पर नाटक इन्हीं कलाकारों (रायबरेली वाले) से तैयार कराएंगे। उनके इस वाक्य से चौगुनी हो गई कि हमारा रास्ता सही है। अगर राजेश बादल की बातों में सच्चाई है तो हमारे लिए यह संतोष की बात है कि “हमारे आचार्य जी” नाटक किसी साहित्यकार के जीवन वृत्त पर बना पहला नाटक है।

    भोपाल का ताल ताल, बाकी सब तलैया..की कहावत समेटे राजा भोज की इस नगरी और यहां के प्रबुद्ध नागरिकों को नजदीक से देखने, सुनने और गुनने का जो अवसर भाग्य से अपने पास आया, वह हमारे जीवन की एक अनमोल और स्थाई संपत्ति है। स्मृति भवन में यह धरोहर हम ही नहीं हमारी पीढ़ियां सुरक्षित भी रखेंगी, ऐसा हमें विश्वास है।

    भोपाल के हिंदी भवन और गांधी भवन के बड़े अहाते यह बताने के लिए काफी हैं कि मातृ और राष्ट्रभाषा के प्रति भोपाल आज से नहीं सदियों से सजग और सतर्क है। हिंदी भवन के सेवक तिवारी जी (पूरा नाम नहीं पता) एक आश्चर्य हैं। 12 तारीख की सुबह अपने हाथ की बनी चाय पिलाकर साथियों की तलब मिटाने वाले तिवारी जी ने थोड़ी ही देर में अपने अंदर के साहित्यकार से जो हम सबका परिचय कराया, वह उन्हें सेवक से साहित्यकार की श्रेणी में खड़ा करने के लिए काफी है। ईश्वर ऐसे सेवक हर संस्था, देश-प्रदेश, समाज को दें, वैसे वाले नहीं।

    और हां! मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रहालय देखना, मध्य प्रदेश के संपूर्ण आदिवासी जीवन से गुजरना है। एक परिसर में आदिवासी संस्कृति के संपूर्ण दर्शन करने हों तो जनजातीय संग्रहालय बस देख लीजिए। इस संग्रहालय की कल्पना और साकार रूप देने वाले कला मर्मज्ञ हरिचंदन सिंह भट्टी से चलते-चलते मिलना और उनकी चाय मयस्सर होना भी हमारी भोपाल यात्रा का एक बहुमूल्य उपहार है।
    दिल से भोपाल के हर कण-हर क्षण को नमन है..

    अथ यात्रा समाप्तम।।

  • निकाय चुनाव में भारी किरकिरी के बाद बीएसपी में कार्यवाही का सिलसिला शुरू

    पिछले दिनों घर वापसी के बाद अब प्रशांत गौतम पर सबसे पहले गिरी गाज

    हाथी से उतारकर पूर्व मंडल प्रभारी को दिखाया बाहर का रास्ता

    मेरठ। नगर निकाय चुनाव में भारी किरकिरी के बाद बहुजन समाज पार्टी में नेताओं पर कार्यवाही का सिलसिला शुरू हो गया है। ताजातरीन मामले में मंडल प्रभारी को हाथी से उतार कर बसपा से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। मंगलवार को बहुजन समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष मोहित आनंद ने इस संबंध में निष्कासन पत्र जारी किया है। पूर्व मंडल प्रभारी प्रशांत गौतम को पार्टी गतिविधियों में लिप्त रहने और अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
    निष्कासन पत्र में कहा गया है कि बहुजन समाज पार्टी मेरठ जिला यूनिट द्वारा पूर्व मंडल प्रभारी मेरठ मंडल प्रशांत गौतम को पार्टी में अनुशासनहीनता अपनाने व पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने की जानकारी दी गई है। विभिन्न स्तरों से छानबीन करने के बाद यह रिपोर्ट तैयार कर उन्हें सौंपी गई है। इसी रिपोर्ट के आधार पर प्रशांत गौतम को बीएसपी से निष्कासित किया गया है।

    निष्कासन पत्र के अनुसार मंडल प्रभारी रहे प्रशांत गौतम को पहले भी अनुशासनहीनता अपनाने व पार्टी गतिविधियों में लिप्त रहने के कारण कई बार चेतावनी भी दी जा चुकी है।इसके बावजूद भी उनकी गतिविधियों और कार्यशैली में सुधार नहीं आया। इसलिए पार्टी मूवमेंट हित में इन्हें निष्कासित कर दिया गया है।

    गौरतलब है कि प्रशांत गौतम को पहले भी बसपा से बाहर का रास्ता दिखाया गया था। वहीं पिछले दिनों ही पार्टी हाईकमान ने इनकी घर वापसी कराई थी। अब नगर निगम चुनाव में करारी हार के बाद सबसे पहले प्रशांत गौतम पर ही गाज गिरी है। इसके अलावा अन्य कई नेताओं की भी जांच जारी है, शीघ्र ही उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।

  • राजकीय वाहन चालक संघ चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की बैठक में उठे विभिन्न मुद्दे

    बिजनौर। राजकीय वाहन चालक संघ चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उ0प्र0 जनपद शाखा बिजनौर की बैठक में विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की मांग करते हुए निदान की मांग की गई। बाद में संबंधित ज्ञापन मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंपा गया।

    वाहन बाहर, गैराजों में रखा है लिपिकों का सामान

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी परिसर में सरकारी वाहन खड़े करने हेतु गैराज बनाये गये थे। बताया गया है कि उन गैराजों में कुछ लिपिकों का सामान रखा हुआ है। बैठक में उक्त गैराजों को खाली कराने की मांग करते हुए कहा गया कि यदि खाली होना सम्भव न हो तो टीन शेड के गैराज बनवाए जाएं, ताकि वाहनों को बरसात में न खड़ा करना पड़े।

    15 वर्ष पुराने ऑफ रोड खड़े वाहनों को करें नीलाम

    बैठक में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, बिजनौर के समस्त वाहन चालकों को शासनादेश संख्या 1551/18-02-12-47 एम0पी0/10 के अनुसार ग्रीष्म कालीन वर्दी एवं शीत कालीन वर्दी जूता/कम्बल/छाता सभी वाहन चालकों को दिलाने की मांग की गई। इसी के साथ सीएमओ से अनुरोध किया गया कि महानिदेशालय के पूर्व प्रेषित परिपत्र संख्या 12फ/1112-14 दिनांक 21-06-2012 एवं परिपत्र संख्या-12फ/1364-249 दिनांक 19-07-2012 का अवलोकन करने का कष्ट करें। जनपद बिजनौर के प्रा०स्वा० केन्द्र / सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र/जिला क्षय रोग अधिकारी के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश सरकारी ड्राईवर सेवा नियमावली (द्वितीय संशोधन) 2011 में निहित प्राविधानों के अन्तर्गत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद से वाहन चालक के पद पर 20 प्रतिशत पदों पर पदोन्नति करने की कृपा करें। बैठक में यह भी कहा गया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बिजनौर के अधीन 15 वर्ष पुराने ऑफ रोड खड़े वाहनों को निष्प्रयोज्य कराने की कार्यवाही की जाए। साथ ही उन्हें नीलाम कराते हुए नए वाहनों को लाने हेतु विभागीय कार्यवाही की जाए। इसके अलावा वाहन चालकों को वाहनों से सम्बन्धित 25 लॉग बुक दिलाने की मांग की गई।

    बैठक में महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं उ0प्र0 लखनऊ के कार्यालय ज्ञाप संख्या 12फ / 151-3 दिनांक 28-06-2013 एवं शासनादेश संख्या वे-आ0-02-1140/10-2017-14/2001 टी०सी० दिनांक 23-01-2008 के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर कार्यरत वाहन चालक नरेश कुमार को 09 वर्ष पर मिलने वाले द्वितीय ग्रेड प्रोन्नति वेतनमान अनुमान्य कराने की मांग की गई। मांगों के क्रम में वाहन चालकों को ग्रेड प्रोन्नति वेतनमान का एरियर का भुगतान शीघ्र कराने, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नगीना पर कार्यरत सुशील कुमार वाहन चालक को 15 वर्ष पर मिलने वाला तृतीय ग्रेड प्रोन्नति वेतनमान अनुमान्य कराने, श्रीराम पाल सिंह सेवानिवृत्त वाहन चालक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नगीना के सामान्य भविष्य निधि खाता संख्या एम०ई०डी० 465375 के 90 प्रतिशत का भुगतान शीघ्र कराने की मांग की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष मानवीर सिंह ने की जबकि संचालन जिला मंत्री नरेन्द्र कुमार ने किया। बैठक में फ्रैंक आसकिन, मनचंदा, नरेंद्र, अमित मल्होत्रा, मानवीर, जबर सिंह, राजीव, प्रदीप, ललित, वीर सिंह, हरपाल, विजयपाल सिंह वाहन चालक संघ कार्यालय अध्यक्ष समेत जनपद बिजनौर के अधिकांश/सदस्यों तथा पदाधिकारियों द्वारा भाग लिया गया।

  • आर्यन ने 97% अंक के साथ किया मारिया स्कूल जसपुर टॉप

    बिजनौर। समीपवर्ती ग्राम सालमाबाद निवासी विनय कुमार के पुत्र आर्यन ने आईएससी कक्षा 12 पीसीएम वर्ग में 97% अंक के साथ मारिया स्कूल जसपुर टॉप कर अपने माता-पिता, गुरुजनों का जिला बिजनौर का नाम रौशन किया है।

    आर्यन

    आर्यन के पिता विनय कुमार सिंचाई विभाग कालागढ़ में स्टोर कीपर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि आर्यन शुरू से ही लगनशील व मेहनती है। वह अपने गुरुजनों, माता पिता का बहुत सम्मान करता है। वहीं आर्यन ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता व गुरुजनों को दिया है।

  • झोपड़ी में गुजर बसर करते परिवार की संस्था ने की मदद

    एक साल पूर्व बच्चों के पिता की बीमारी से हो गई थी मौत

    सारथी हम: बिजनौर की संस्था ने निर्धन बच्चों को दिया पक्का मकान

    बिजनौर। एक साल पूर्व एक परिवार के मुखिया की बीमारी से मौत होने के बाद परिवार को “सारथी हम” संस्था ने पक्का मकान बनवाकर दिया। अभी तक परिवार एक झोपड़ी में रह रहा था। सूचना मिलने पर संस्था ने उक्त परिवार की मदद का निर्णय लिया और रविवार को उक्त मकान बच्चों को सुपुर्द किया।

    थाना मंडावर क्षेत्र के ग्राम बहादरपुर जट में एक साल पूर्व गौतम कुमार (40 वर्ष) की बीमारी के कारण मौत हो गई थी। पत्नी राजवती तीन बच्चे पायल (12 वर्ष), आयुषी (8 वर्ष), हर्षित (4 वर्ष) को रोता बिलखते रह गए। परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, रहने को छत नहीं थी। टूटी फूटी झोंपड़ी का सहारा था। यह जानकारी सामाजिक संस्था “सारथी हम” को मिली तो पदाधिकारियों ने परिवार के लिए पक्का मकान बनवाने का निर्णय लिया। संस्था ने परिवार के लिए दो कमरे का एक पक्का मकान बनवाया।

    रविवार को मुख्य अतिथि संस्था के प्रबंधक डाक्टर नीरज चौधरी ने बच्चों को मकान सुपुर्द किया। इस दौरान संस्था के उप प्रबंधक डाक्टर निरुपमा चौधरी, महासचिव आशीष तोमर, कोषाध्यक्ष मोहित चौधरी, उपाध्यक्ष सुशील कुमार, सचिव विकास राणा, सचिव विपिन डोडवाल, नागेंद्र सिंह, निपेंदर सिंह, सचिन तोमर, योगेश कुमार, संजीव कुमार, अनिल कुमार, गोले प्रधान आदि मौजूद रहे। संस्था के अध्यक्ष डाक्टर दीपेंद्र सिंह ने बताया कि संस्था द्वारा जिले में अनाथ व निर्धन बच्चों के लिए पांच मकान बनवा दिए हैं। संस्था आगे भी जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए हमेशा त्यार रहेगी।

  • भोपाल के सप्रे संग्रहालय सभागार में 11-12 मई को हुआ आयोजन

    आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान के रजत जयंती वर्ष का समापन

    भोपाल। आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान के रजत जयंती वर्ष का समापन समारोह पूर्वक संपन्न हुआ। समारोह का आयोजन भोपाल के सप्रे संग्रहालय सभागार में 11-12 मई को माधव राव सप्रे समाचार पत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान और उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान लखनऊ की ओर से संयुक्त रूप से किया गया।

    उद्घाटन समारोह के दौरान मध्य प्रदेश के राज्यपाल महामहिम मंगु भाई पटेल, सप्रे संग्रहालय के संस्थापक संयोजक पद्मश्री विजय दत्त श्रीधर एवं माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति केजी सुरेश को रीवा के कलाकार दुर्गेश जी द्वारा सुपारी से बनाए गए महावीर (हनुमान जी) की चित्ताकर्षक प्रतिमा प्रतीक चिन्ह के रूप में भेंट की गई। सुपारी के हनुमानजी मध्य प्रदेश के रीवा की लोक कला का अप्रतिम उदाहरण हैं।

    सभी महानुभावों को निफ्ट रायबरेली के निदेशक डॉक्टर भारत शाह द्वारा वर्ष 2018 में पुन: प्रकाशित कराई गई “विज्ञान वार्ता” पुस्तक (कथा सम्राट प्रेमचंद द्वारा संपादित आचार्य द्विवेदी के विज्ञान और तकनीक पर आधारित लेखों और निबंधों का संग्रह) आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति न्यास रायबरेली की ओर से भी भेंट में दी गई।

  • लगातार छठवीं बार सभासद बने घनश्याम दास गुप्ता

    बिजनौर। नगर पालिका परिषद चुनाव में जीतने के बाद घर पहुंचने पर वार्ड नंबर 23 से भाजपा प्रत्याशी घनश्याम दास गुप्ता का जोरदार स्वागत किया गया। जीत की शुभकामनाएं देने के लिए मोहल्ले वासियों का लगा तांता लग गया। घनश्याम दास गुप्ता के घर पहुंचे लोगों ने मिठाई खिलाकर और पटाखे फोड़ कर स्वागत किया। गुप्ता जी ने लगातार छठवीं बार जिताने पर वार्ड वासियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मेरी जीत सभी वार्ड वासियों की जीत है। किसी के सम्मान में कमी नहीं होने दी जाएगी। सभी वार्ड वासी खुद को सभासद समझें।

  • बिजनौर सीट पर स्वाति वीरा महाजन के अलावा सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त

    इंदिरा सिंह ने स्वाति वीरा को दी 4,282 मतों से शिकस्त

    बिजनौर। नगर पालिका परिषद बिजनौर के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की इंदिरा सिंह ने 4,282 मतों से जीत हासिल की है। उन्होंने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी की स्वाति वीरा महाजन को शिकस्त दी। बीजेपी की इंदिरा सिंह को 25190 जबकि समाजवादी पार्टी की स्वाति वीरा महाजन को 20908 मत हासिल हुए। स्वाति वीरा महाजन को छोड़कर सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई है।

    बिजनौर नगर पालिका अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों को प्राप्त कुल मत

    बीजेपी- इंदिरा सिंह- 25190

    समाजवादी- स्वाति वीरा- 20908

    आरएलडी- रुखसाना परवीन- 7906

    बीएसपी- नाजिया सुल्तान- 4268

    AIMIM- शमा परवीन- 1039

    कांग्रेस- एकता रानी- 999

    निर्दलीय- फरजाना परवीन- 861

    निर्दलीय- नरगिस जहां- 859

    निर्दलीय- पवन- 652

    निर्दलीय- सारिका वर्मा- 566

    आप- ममता अग्रवाल- 214

    निर्दलीय- शबाना परवीन- 202

    सुभाष पार्टी- अर्चना चौधरी- 95

    निर्दलीय- शहनाज बानो- 63

    निर्दलीय- मंजू लता- 53

    भाजपा की इंदिरा सिंह को 4,282 मतों से जीत हासिल

    स्वाति वीरा महाजन को छोड़कर सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त

  • निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के प्रहलाद कुशवाहा (9087 मत) को 6526 मतों से किया पराजित। ताहिरा बेगम को प्राप्त हुए 15613 वोट

    नगीना नगर निकाय चुनाव में निर्दलीय ताहिरा बेगम की ऐतिहासिक जीत

    बिजनौर। नगर निकाय चुनाव में नगीना नगर पालिका परिषद की चेयरपर्सन पद पर एक बार फिर ताहिरा बेगम ने 15613 मत हासिल कर अपनी ऐतिहासिक जीत दर्ज कराई है। इसी के साथ उन्होंने पाँचवी बार नगर पालिका परिषद नगीना की कमान संभालने के तैयारी शुरू कर दी है। हिन्दू इंटर कालेज नगीना में स्थापित मतगणना केंद्र पर वोटों की गिनती का कार्य भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ।

    नगर पालिका परिषद की निवर्तमान चेयरपर्सन ताहिरा बेगम (निर्दलीय) पत्नी पूर्व चेयरमैन शेख़ खलीलुर्रहमान ने अपने प्रतिद्वंद्वी भाजपा के प्रहलाद कुशवाहा (9087 मत) को 6526 मतों से पराजित किया। ताहिरा बेगम को 15613 मत प्राप्त हुए। वहीं समाजवादी पार्टी प्रत्याशी रुहूल इस्लाम उर्फ रोशन (6586 मत) को तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा। ताहिरा बेगम की इस ऐतिहासिक जीत से उनके आवास पर जश्न का माहौल है।
    नगर के पच्चीस वार्डो में सभासद प्रत्याशियों में कुछ के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। समस्त वार्डो व चेयरमैन पद के लिये मत गणना को 19 टेबिल लगाई गई थी।

    उधर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा व पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने नगर निकाय निर्वाचन-2023 की मतगणना के दृष्टिगत मतगणना स्थल हिन्दू इण्टर कॉलेज नगीना का भ्रमण किया। उन्होंने मतगणना ड्यूटी में लगे कर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

  • यूपी निकाय चुनाव में मेयर की सभी 17 सीट पर भाजपा का क्लीनस्वीप

    अपना खाता भी नहीं खोल पाए सपा, बसपा, कांग्रेस

    सीट विजेता
    लखनऊ – सुषमा खर्कवाल
    गोरखपुर – डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव
    वाराणसी – अशोक तिवारी
    प्रयागराज – गणेश चंद्र उमेश केसरवानी
    अयोध्या – गिरीश पति त्रिपाठी
    कानपुर – प्रमिला पांडेय
    अलीगढ़ – प्रशांत सिंघल
    मेरठ – हरिकांत अहलूवालिया
    झांसी – बिहारी लाल आर्य
    शाहजहांपुर – अर्चना वर्मा
    सहारनपुर – अजय सिंह
    मुरादाबाद – विनोद अग्रवाल
    मथुरा-वृंदावन -विनोद अग्रवाल
    गाजियाबाद – सुनीता दयाल
    बरेली – उमेश गौतम
    फिरोजाबाद – कामिनी राठौर
    आगरा – हेमलता दिवाकर

  • बिजनौर। निकाय चुनाव में मतगणना स्थल पर जमकर हंगामा हुआ। सपा प्रत्याशी के पति और भाजपा प्रत्याशी के एजेंट के बीच धक्का-मुक्की के बाद दोनों के समर्थक भिड़ गए। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ कर दोनों पक्षों को हड़काते हुए मामला शांत कराया। पुलिस ने सपा उम्मीदवार के पति को अलग ले जाकर बैठा दिया।

    आरजेपी इंटर कॉलेज में निकाय चुनाव की मतगणना के दौरान शनिवार शाम करीब पांच बजे सपा प्रत्याशी स्वाति वीरा महाजन के पति और भाजपा प्रत्याशी इंदिरा सिंह के एजेंट के बीच कहासुनी हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों के बीच गाली-गलौज के बाद दोनों ही पक्षों के कई एजेंट मौके पर एकत्र हो गए। इसी के साथ धक्का-मुक्की और गाली गलौज शुरू हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को खदेड़ कर दोनों पक्षों को हड़काते हुए मामला शांत कराया। समाचार लिखे जाने तक मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई है।

  • भोपाल में आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान के रजत जयंती वर्ष का समापन

    महेश गुप्ता सृजन सम्मान से सम्मानित किए गए गौरव अवस्थी

    रायबरेली। जनपद के पत्रकार एवं आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की स्मृतियों को जीवंत बनाने में जुटे गौरव अवस्थी को भोपाल के सप्रे संग्रहालय में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में महेश गुप्ता सृजन सम्मान से सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने श्री अवस्थी को सम्मान स्वरूप शॉल, श्रीफल, कलम और नगद राशि प्रदान की।

    भोपाल के सप्रे संग्रहालय में गौरव अवस्थी को सम्मानित करते मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगु भाई पटेल‌, माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल के कुलपति केजी सुरेश और विजय दत्त श्रीधर।

    श्री अवस्थी बीते तीन दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। एक हिंदी दैनिक में कार्यरत श्री अवस्थी ने महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान 25 वर्ष पहले प्रारंभ किया था। आज यह अभियान विदेशों तक पहुंच चुका है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि महावीर प्रसाद द्विवेदी युग निर्माता के साथ-साथ समाज सुधारक भी थे। उन्होंने स्वदेश प्रेम और ग्रामोद्योग को भी बढ़ावा दिया। ग्राम सरपंच के रूप में स्वच्छता आंदोलन की शुरुआत की। उनके जीवन से जुड़े इस महत्वपूर्ण पक्ष को भी प्रकाश में आना जरूरी है।
    कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगु भाई पटेल‌ ने कहा कि भाषा में समाई बौद्धिक क्षमता से विचारों का आदान प्रदान बढ़ेगा।

    तीन दशक से पत्रकारिता में सक्रिय श्री गौरव अवस्थी

    कार्यक्रम में राज्यपाल को पुस्तक ज्ञान तीर्थ सप्रे संग्रहालय और चित्र भेंट किए गए। उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान लखनऊ और माधव राव सप्रे संग्रहालय की ओर से भोपाल में आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान के रजत जयंती वर्ष के समापन अवसर पर द्विवेदी सपने युगीन पंक्तियां और सरोकार विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई है। उद्घाटन सत्र में स्वागत सप्रे संग्रहालय के संस्थापक अध्यक्ष पद्मश्री विजय दत्त श्रीधर ने किया। संस्थान के प्रधान संपादक अमिता दुबे और आचार्य द्विवेदी समिति के अध्यक्ष विनोद शुक्ल ने भी संबोधित किया।

  • एक कदम रंगकर्म की ओर…

    आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान का रजत पर्व

    यह सच है कि जीवन में कभी जो सोचा नहीं था, वह घटित होते जा रहा है~गौरव अवस्थी

    एक कदम रंगकर्म की ओर…

    वह क्षण जैसे जैसे नजदीक आ रहा था, दिल की धड़कन तेज होती जा रही थी। मन में तरह तरह के विचार उमड़ने घुमड़ने लगे। कर पाऊंगा या नहीं। कहीं हमारी वजह से पूरे किए धरे पर पानी न फिर जाए। पहली बार नाट्य प्रस्तुति में छोटी सी सही एक भूमिका निभानी थी। प्रैक्टिस की थी पर मंचीय प्रस्तुति आसान नहीं होती। कहना सरल होता है पर करना कठिन।

    बहरहाल, जिनके नाम की प्रस्तुति (आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी) थी, मन ही मन उन्हीं को याद करके ताकत बटोरी और कूद पड़े गंगा में। रपट पड़े..तो कतई नहीं कहेंगे। ओखली में सिर खुद जो डाला था। जैसे-तैसे अपनी तय एक ग्रामीण की भूमिका निभाई। कितनी अच्छी, कितनी खराब, यह तो दर्शक ही जानें या बताएं पर साथी कलाकार तो नंबर बढ़ा-चढ़ाकर दे रहे थे। अपने तो अपनाइयत दिखाएंगे ही। इसमें कुछ नया न गलत। एक बात तो सौ फीसदी सच है। नया नया होता है। उसका असर पड़ेगा ही। उम्र और अनुभव कितना ही हो?

    यह सच है कि जीवन में कभी जो सोचा नहीं था, वह घटित होते जा रहा है। वह पत्रकारिता हो। आचार्य स्मृति संरक्षण अभियान हो या अब रंगकर्म। बस संतोष यही है कि शुरुआत आचार्यश्री के जीवन वृत्त पर केंद्रित नाटक ‘हमारे आचार्य जी’ से ही हुई। वही आचार्य जी, जिनने जीवन की दिशा बदल दी। दृष्टि बदल दी। दिशा-दृष्टि बदलेगी तो दशा अपने आप बदलेगी ही।

    आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान के रजत पर्व मना रहे राष्ट्रीय स्मारक समिति से जुड़े सभी साथियों को इस बात पर संतोष होना चाहिए कि भोपाल के आचार्य- सप्रे युगीन प्रवृत्तियों और सरोकार विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के आयोजन में जितने भी विद्वान साहित्यकारों- पत्रकारों ने हमारे आचार्य जी नाटक देखा, उनका यह मत रहा कि महान साहित्यकारों के साहित्य पर नाटकों का मंचन तो हुआ। खूब हुआ पर किसी साहित्यकार के जीवन पर खेला गया यह नाटक पहली बार ही देखा। अब विद्वानों की बात सच है या ग़लत, इसे प्रमाणित तो दूसरे विद्वान ही करेंगे। फिलहाल, हम तब तक अपने मुंह मियां मिट्ठू बने रहते हैं।

    -गौरव अवस्थी
    रायबरेली
    91-9415-034-340

  • विशेष सचिव, संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मतगणना प्रक्रिया को सुव्यस्थित एवं पारदर्शी रूप से सम्पन्न कराने के लिए एनआईसी कक्ष में मतगणना संबंधी रेंडमाइजेशन का किया गया अवलोकन तथा बिजनौर एवं धामपुर स्थित मतगणना स्थलों का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

    प्रेक्षक ने किया मतगणना संबंधी रेंडमाइजेशन का अवलोकन

    बिजनौर। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरीय निकाय सामान्य निर्वाचन-2023 को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं स्वतंत्र रूप से संपन्न कराने के लिए नामित प्रेक्षक, अमरनाथ उपाध्याय द्वारा आज स्थानीय एनआईसी कक्ष में मतगणना संबंधी रेंडमाइजेशन का अवलोकन किया गया। आयोग के निर्देशन में तथा उनके द्वारा मतगणना प्रक्रिया को सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्मिक मतगणना ड्यूटी बड़ी जिम्मेदारी के साथ अंजाम दें किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतें तथा मतगणना संबंधी पूरी जानकारी समय से आयोग को प्रेषित करना सुनिश्चित करें।

    प्रेक्षक श्री उपाध्याय द्वारा पूर्वान्ह में स्थानीय आरजेपी इन्टर कॉलेज तथा धामपुर स्थित मतगणना स्थल का निरीक्षण किया गया, जहां सभी व्यवस्थाएं दुरूस्त पाई गईं। धामपुर स्थित मतगणना स्थल के0एम0 इन्टर कॉलेज के निरीक्षण के दौरान उन्होंने मतगणना स्थल के बाहर जन सामान्य के लिए टीनशेड, शीतल पेयजल एवं अस्थाई शौचालय की व्यवस्था करने के निर्देश दिए ताकि उन्हें गर्मी के दृष्टिगत किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए।
    इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा, परियोजना निदेशक डीआरडीए ज्ञानेश्वर तिवारी, लाईजनिंग ऑफिसर/एआईजी रजिस्ट्रेशन/सहायक आयुक्त स्टाम्प आशुतोष जोशी, जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी शक्ति सरण, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी नंद किशोर सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

  • घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    बिजनौर रोडवेज परिसर का मामला

    मामूली कहासुनी पर रोडवेज कर्मचारियों ने यात्री को जमकर पीटा

    बिजनौर। मामूली कहासुनी के बाद रोडवेज कर्मचारियों ने यात्री की जमकर पिटाई कर दी। पीड़ित यात्री की तहरीर पर थाना कोतवाली पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है। वहीं घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है।

    जानकारी के अनुसार थाना कोतवाली शहर बिजनौर के रोडवेज बस अड्डे पर शुक्रवार शाम यात्री से मामूली कहासुनी को लेकर कर्मचारी आग बबूला हो गए।

    प्रत्यक्षदर्शियों में से किसी ने पूरी घटना की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। इसमें रोडवेज कर्मी एक यात्री को घेरकर पिटाई कर रहे हैं। यही नहीं उसे घसीट कर रोडवेज परिसर के एक कमरे में ले जा रहे हैं। यात्री छटपटाता हुआ हमलावर रोडवेज कर्मचारियों के चंगुल से छूटने का प्रयास कर रहा है।

    रोडवेज परिसर में मौजूद कई लोग अपने मोबाइल फोन से घटना की वीडियो बना रहे हैं लेकिन पीड़ित को बचाने का प्रयास कोई नहीं कर रहा।
    पीड़ित यात्री ने घटना की तहरीर थाना कोतवाली पुलिस को दी है। पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है।

  • गर्मियों में जेब में प्याज रखकर बाहर निकलने से नहीं लगती लू! सच या झूठ? ~the sutra

    मई की गर्मी एकदम तीखे तेवर दिखा रही है। तापमान लगातार बढ़ता ही जा रहा है और गर्म हवाओं के थपेड़ों से लोग परेशान हो रहे हैं। किसी न किसी के मुंह से आपने ये जरूर सुना होगा कि जेब में एक प्याज रखकर घर से बाहर निकलने से लू नहीं लगती। क्या वाकई ऐसा है? क्या जेब में रखी एक प्याज आपको लू से बचा सकती है। हम आपको बता रहे हैं कि ये दावा सच है या झूठ…

    पुराने जमाने में वाहन आदि की सुविधा इतनी ज्यादा नहीं हुआ करती थी, लोगों को लंबी दूरी चलकर तय करनी पड़ती थी। इस वजह से गर्मियों में लोग जेब में प्याज रखकर चलते थे, क्योंकि इसमें वॉलटाइल ऑइल होते हैं, जो शरीर के तापमान को सामान्य करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, सिर्फ पॉकेट में इसे रखकर चलने से लू से बच पाना संभव नहीं है।

    लू से नहीं बचा सकती जेब में रखी प्याज

    डॉक्टर्स का कहना है कि गर्मियों में जेब में प्याज रखने से आपको किसी तरह का कोई फायदा नहीं होता है। जेब में रखी प्याज आपको लू से नहीं बचा सकती। हालांकि कच्चे प्याज का सेवन करने से आप लू से काफी हद तक बच सकते हैं। गर्मियों में गहरे लाल रंग के प्याज के सेवन से आपका शरीर ठंडा बना रहता है। प्याज में क्वेरसेटिन नाम का एक तत्व होता है, जिसमें एंटी-हिस्टामाइन का प्रभाव होता है। प्याज का वॉलटाइल ऑयल शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है।

    लू लगने के लक्षण

    • तेज बुखार
    • पैरों के तलवे में जलन
    • बेहोशी
    • चक्कर
    • सिरदर्द
    • जी-मिचलाना
    • आंखों में जलन
    • कमजोरी

    लू से बचने में प्याज किस तरह से फायदेमंद

    लू से बचने के लिए कच्चे प्याज का सेवन करना चाहिए। लू लगने पर लाल प्याज के रस को निकालकर सिर, छाती और कान के पीछे लगाना चाहिए। इससे लू के खतरे से बचा जा सकता है। सलाद के अलावा प्याज की भुर्जी बनाकर भी इसका सेवन कर सकते हैं।

    लू लगने पर क्या खाएं?

    • लू लगने पर खीरा, तरबूज, खरबूज, तोरई और लौकी का सेवन करना चाहिए। इनसे शरीर ठंडा रहेगा।
    • ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए।
    • ग्लूकोज का सेवन करना चाहिए।
    • नारियल पानी पीना चाहिए।

    रोज खाएं ये चीजें

    • संतरा, अनानास, तरबूज, अंगूर जैसे फलों का सेवन करें।
    • प्याज, मिंट और खीरे से बना सलाद भी शरीर को हाईड्रेंट करेगा।
    • रोज 1 से 2 गिलास ताजे फलों का रस पी सकते हैं।
    • दही, छाछ और लस्सी को डाइट का हिस्सा बनाएं। इनसे शरीर ठंडा और डाइजेशन दुरुस्त रहेगा।

    जेब में न रख कर सेवन करें प्याज का

    अब तो आप समझ ही गए होंगे कि गर्मी के मौसम में प्याज जेब में रखने से लू से नहीं बचा सकता। इसलिए जेब में रखी हुई प्याज को जेब से बाहर निकालें और काटकर खा लें। प्याज खाने से जरूर आप लू से बच सकते हैं। वहीं लू लगने पर तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ने लगे तो फौरन बिना किसी देरी के डॉक्टर को दिखाएं। 

  • एनडीआर‌एफ ने डीडीएम‌ए के साथ शुरू की विशेष पहल: नदियों के तटीय क्षेत्र के गांवों में डूबने से बचाव और बाढ़ बचाव का दिया जा रहा है प्रशिक्षण

    गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में नदियों का संजाल है जिसमें मुख्य रुप से गंगा, घाघरा, राप्ती इत्यादि नदियां विद्यमान हैं। इन नदियों के तटीय क्षेत्र में बहुत सारे गांव बसे हुए हैं। नदियों के समीप बसे हुए गांव के बच्चे ग्रीष्मकाल में नदियों में नहाने के लिए जाते हैं और खेल-खेल में अपनी जान गवां बैठते हैं। उपर्युक्त तराई बेल्ट में प्रत्येक वर्ष सैकड़ों लोगों की नदी में डूबने के कारण मौत हो जाती है।

    उपर्युक्त घटनाओं को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने प्रत्येक जिले में सक्रिय आपदा सलाहकारों से डूबने की घटनाओं का आंकड़ा इकट्ठा किया।जहां पर सबसे ज्यादा डूबने की घटना घटित हुई हैं, उन स्थानों को रेड जोन में रखा गया है। इन क्षेत्रों में कम से कम ऐसी घटना घटित हो, इसके लिए 11वीं एनडीआरएफ के डीआईजी मनोज कुमार शर्मा के दिशा-निर्देशन में लोगों को जागरूक करने के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया गया है।

    इसके अंतर्गत जनपद गोरखपुर के तहसील सहजनवा के कोलिया ग्राम सभा के लोगों को जागरूक करने के लिए ग्राम प्रधान राजेंद्र निषाद के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाया गया।

    इस अभियान के अंतर्गत निरीक्षक सुधीर कुमार एवं प्रशिक्षक टीम ने गांव वालों को बताया कि घरेलू सामान से तैरने वाली वस्तु, स्ट्रेचर को कैसे तैयार किया जाता है और इसका इस्तेमाल कैसे किया जाता है। सर्प दंश के दौरान क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए। आकाशीय बिजली से बचाव का तरीका, डूबते हुए व्यक्ति को बचाने का तरीका एवं  पानी निकालने का तरीका, सी.पी.आर पद्धति के बारे में प्रदर्शन के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही गांव के लोगों को उपयुक्त प्रशिक्षण का अभ्यास कराया गया। बाढ़ से पहले बाढ़ के दौरान एवं बाढ़ के उपरांत क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए; इसके बारे में विस्तृत जानकारी ग्रामीणों को दी गई। डीडीएमए से अंकित कुमार एवं राणा प्रताप सिंह मौजूद रहे।

  • कांग्रेस प्रत्याशी जीनत पठान और एक अन्य की गिरफ्तारी पर 15 मई तक रोक

    कांग्रेस जिला अध्यक्ष शेरबाज पठान लखनऊ में गिरफ्तार

    लखनऊ। जिला बिजनौर के कांग्रेस जिला अध्यक्ष शेरबाज पठान को लखनऊ पार्टी कार्यालय से गिरफ्तार किया गया है। चार मई को निकाय चुनाव मतदान के दौरान बिजनौर जिले के चांदपुर में कांग्रेस और भाजपा प्रत्याशी/समर्थकों के बीच मारपीट हुई थी। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज किया था। तभी से शेरबाज पठान फरार चल रहे थे।
    बताया गया है कि थाना चांदपुर के वरिष्ठ उप-निरीक्षक के नेतृत्व में चार सदस्यीय पुलिस टीम कल से लखनऊ में डेरा डाले हुए थी। गुरुवार दोपहर करीब दो बजे कांग्रेस कार्यालय के पास बिजनौर जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान एक पान की दुकान पर पान खाने के लिए पहुंचे, तभी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। एसपी ग्रामीण रामअर्ज ने शेरबाज पठान की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

    04 मई को बिजनौर के चांदपुर में निकाय चुनाव मतदान के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी जीनत पठान के पति शेरबाज पठान और भाजपा प्रत्याशी विकास गुप्ता उर्फ राकी के बीच मारपीट और जानलेवा हमले के मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया था। हाईकोर्ट इलाहाबाद ने कांग्रेस प्रत्याशी जीनत पठान और एक अन्य की गिरफ्तारी पर 15 मई तक रोक लगा दी है। अब जीनत पठान मतगणना में उपस्थित रह सकेंगी। विकास गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने प्रत्याशी जीनत पठान उनके पति सहित 31 लोगों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।

  • आधार कार्ड से जाहिर हुई शख्स की असली पहचान

    हर की पौड़ी: भोजनालय चलाते पकड़ा गया मुनीर का बेटा चुन्नू

    हरिद्वार: उत्तराखंड में हर की पौड़ी के पास पहचान छिपाकर भोजनालय चलाते एक शख्स को पकड़ा गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह शख्स हर की पौड़ी के पास एक हिंदू नाम रखकर तीर्थयात्रियों के लिए भोजनालय चला रहा था। हिंदू धार्मिक स्थलों का प्रबंधन देखने वाले निकाय के अधिकारी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आधार कार्ड देखने के बाद शख्स की असली पहचान जाहिर हो गई।

    ‘आधार कार्ड पर लिखा था पिता का नाम मोहम्मद मुनीर’

    हर की पौड़ी का मैनेजमेंट देखने वाली गंगा सभा के पदाधिकारी उज्ज्वल पंडित ने बताया कि शख्स को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के उपनियमों के अनुसार हर की पौड़ी क्षेत्र में गैर-हिंदू प्रवेश नहीं कर सकते हैं। पंडित ने दावा किया कि आरोपी ने अपनी धार्मिक पहचान छुपाने के लिए हिंदू नाम ‘चुन्नू’ रखा था लेकिन उसके आधार कार्ड में उसके पिता का नाम मोहम्मद मुनीर लिखा था। उन्होंने बताया कि आधार कार्ड से पता चला कि वह उत्तर प्रदेश के मऊ जिले का रहने वाला है।पुलिस अधीक्षक (नगर) स्वतंत्र कुमार ने कहा कि व्यक्ति हिरासत में है और मामले की जांच की जा रही है।

    पहले भी पकड़े गए कई गैर हिंदू

    इसके पहले भी हर की पौड़ी क्षेत्र में कई गैर हिंदुओं को पहचान छिपाकर दुकान चलाते पकड़ा गया है। पिछले महीने गंगा सभा के पदाधिकारियों ने 3 ऐसे लोगों को पकड़ा था। पूछने पर उन्होंने अपने हिंदू नाम बताए लेकिन जब उनके आधार कार्ड की जांच की गई तो एक का नाम अजमल, दूसरे का नाम आसिफ और तीसरे का नाम कल्लन अहमद निकला। बाद में गंगा सभा के लोगों ने तीनों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

  • रात्रि विश्राम, शहर भ्रमण के बाद मुजफ्फरनगर को रवाना

    खेलो इण्डिया यूनिवर्सिटी गेम्स मशाल रैली का बिजनौर में भव्य स्वाग

    बिजनौर। खेलो इण्डिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2022 के तृतीय संस्करण का आयोजन माह 25 मई से 05 जून 2023 तक किया जा रहा है। उक्त गेम्स के प्रचार-प्रसार हेतु 04 मशाल रैली प्रचार वाहन के साथ अलग-अलग दिशाओं में दिनांक 05 मई 2023 को इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान लखनऊ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कर कमलों द्वारा मशाल प्रज्वलित कर रवाना किया गया है। मशाल रैली मंगलवार 9 मई 2023 की सायं 7.00 बजे बिजनौर पहुंची। इसका स्वागत मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा, जिला कीड़ाधिकारी बिजनौर, हाकी खिलाड़ी अनमोल सक्सेना, स्टेडियम के कोच, खेल संघों के पदाधिकारियों व खिलाड़ियों द्वारा जजी चौराहे पर किया गया।

    मशाल रैली का जनपद बिजनौर में शुभारम्भ दिनांक 10 मई 2023 को प्रातः 9 बजे जिला विद्यालय निरीक्षक रामाज्ञा द्वारा निरीक्षण भवन से हरी झंडी दिखा कर किया गया। मशाल रैली जजी चौराहा होते हुए शक्ति चौराहे पर पहुंची। यहां पर वीर शिरोमणी महाराणा प्रताप की मूर्ति पर खेलो इण्डिया से आये टीम इन्चार्ज प्रदुमन सिंह व खिलाड़ियों द्वारा माल्यार्पण किया गया। मशाल रैली सिविल लाईन होते हुए पुलिस कार्यालय पहुंची जहां पुलिस अधीक्षक द्वारा रैली का स्वागत किया गया। उन्होंने खेलो इण्डिया यूनिवर्सिटी गेम्स- 2022 में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी।

    खेलो इण्डिया के वालंटियर प्रदुमन द्वारा कलक्ट्रेट पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा को मशाल भेंट की गयी। इसके उपरान्त जिलाधिकारी ने रैली के साथ मशाल लेकर के०पी०एस० कन्या इन्टर कालेज तक मार्च किया। रैली में सम्मलित खिलाड़ियों को खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ने और जनपद, राज्य व देश का नाम रौशन करने की शुभकामनाएं दी। के०पी०एस० कन्या इन्टर कालेज बिजनौर में टीम के सदस्यों व खिलाड़ियों का स्वागत करने के साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

    सायं 5.00 बजे मशाल को नेहरू स्पोर्टस स्टेडियम से मुजफ्फरनगर के लिए रवाना किया गया। इस अवसर पर क्रीड़ा भारती के अध्यक्ष योगेन्द्र पाल योगी, राजेन्द्र सोलंकी, प्रभात कुमार, अनमोल सक्सेना, युनस, चित्रा चौहान, अजीत कुमार इत्यादि उपस्थित रहे।

  • फीकल स्लज (मल गाद) प्रबंधन को-ट्रीटमेंट संयंत्र और मॉडल कंटेनमेंट साइट के भ्रमण को पहुंची टीम

    राजस्थान के अधिकारियों ने की बिजनौर की सराहना

    बिजनौर। राजस्थान से एसबीएम (ग्रामीण) और यूनिसेफ के अधिकारियों ने बिजनौर में फीकल स्लज (मल गाद) प्रबंधन के लिए बनाए गए को-ट्रीटमेंट संयंत्र और मॉडल कंटेनमेंट साइट का भ्रमण किया। यात्रा के दौरान, अधिकारियों ने स्थानीय हितधारकों के साथ सार्थक चर्चा की, शहर में एफएसएसएम (FSSM) के लिए एक सक्षम वातावरण बनाने में आने वाले मुद्दों और चुनौतियों की उत्सुकता से जानकारी ली। टीम ने एसटीपी और को ट्रीटमेंट यूनिट दोनों के स्वच्छ रखरखाव और संचालन की भी सराहना की।

    इनके अलावा, अधिकारियों ने यूएलबी और सीएसई द्वारा प्रचारित मॉडल-कंटेनमेंट साइट का भी दौरा किया जहाँ आदर्श सेप्टिक टैंक और ट्विन-पिट डिजाइन पर स्थानीय राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षित किया किया जाता है। इसके पूर्व अधिकारिओं ने सूखे मल-कीचड़ के लिए पुन: उपयोग की प्रक्रिया को भी जाना जिसमें अधिशासी अधिकारी विकास कुमार ने सभी को साझा करते हुए दिखाया किस तरह सूखी मल कीचड़ को बिजनौर शहर में बनी गौशाला से उत्पन्न गोबर खाद से मिलाकर विकृत किया जाता है।

    राजस्थान निकट भविष्य में समान सह उपचार प्रथाओं को दोहराने और लागू करने के लिए सक्रिय कदम उठा रहा है। उपचार के लिए एसटीपी के 10-15 किमी के दायरे में आस-पास के गांवों में उत्पन्न एफएसएस को लक्षित करने पर ध्यान दिया जाएगा। यह आगे की सोच स्थायी अपशिष्ट प्रबंधन प्रथाओं को बढ़ावा देने और राजस्थान के लोगों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ रहने की स्थिति सुनिश्चित करने में एक लंबा रास्ता तय करेगी। सह उपचार जैसे अपशिष्ट मल-गाद प्रबंधन के सफल मॉडल की नकल करने के लिए एसबीएम की प्रतिबद्धता सराहनीय है, और उनके प्रयास निस्संदेह अन्य क्षेत्रों के लिए एक मूल्यवान संदर्भ बिंदु के रूप में कार्य करेंगे जो स्थायी अपशिष्ट प्रबंधन प्रथाओं को अपनाने की मांग कर रहे हैं।

    इस यात्रा ने बहुमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान की है कि बिजनौर में सह उपचार कैसे अपनाया जा रहा है और नि:संदेह इस क्षेत्र में टिकाऊ अपशिष्ट मल-गाद प्रबंधन प्रथाओं को बढ़ावा देने के भविष्य के प्रयासों को सूचित करेगा। पिछले 4 वर्षों से नगर पालिका परिषद बिजनौर के साथ मिलकर काम कर रहे एवं तकनीकी सहायता दे रहे सीएसई के प्रतिनिधि हर्ष यादव के ईमानदार प्रयासों से एक्सपोजर विज़िट को सुविधा और सुचारू रूप से आयोजित किया गया। इसके अलावा, दिल्ली कार्यालय से सीएसई के प्रतिनिधियों के रूप में ज्योतिप्रसाद दाधीच और उमरा अनीस दौरे में शामिल रहे। ज्योतिप्रसाद ने अपशिष्ट जल एवं मल-गाद प्रभंधन में उत्तर प्रदेश सरकार को सीएसई के सहयोग द्वारा किए जाने वाले विभिन्न कार्यों के बारे में जानकारी दी।

    यात्रा में नगर पालिका परिषद् बिजनौर से अधिशासी अधिकारी विकास कुमार के द्वारा किए गए प्रयास और स्थानीय स्तर पर विषय का ज्ञान प्रदान करने के लिए उनका उत्साह देखकर सभी आगन्तुक प्रेरित हुए और स्वीकार किया कि यदि सही दिशा में प्रयास किया जाए तो राजस्थान भी इसी प्रकार के परिणाम प्राप्त कर सकता है। राजस्थान ग्रामीण के सहायक अभियंता बलवीर सिंह बिजनौर शहर के अधिकारियों के उत्साह को देखकर मंत्रमुग्ध हो गए एवं आने वाले समय राजस्थान की पालिकाओं से अधिशासी अधिकारियों एवं अन्य सफाई विभाग के अधिकारियों को बिजनौर नगर से मल कीचड़ प्रबन्धन की दिशा में सीख लेने को एक्सपोज़र विजिट्स को आयोजित करने की बात साझा की। एसबीएम डीपीएम जिला- बिजनौर, हरीश गंगवार ने सभी आगंतुकों को आने वाले समय में मल कीचड़ प्रबंधन की दिशा होने वाले कार्यों का ब्यौरा दिया।

  • जितेंद्र त्यागी उर्फ वसीम रिजवी ने बनाई बंगाल के हालात पर फिल्म, ममता सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

    जितेंद्र त्यागी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हालात ऐसे हैं कि वहां रहने वाले हिंदुओं का कट्टरपंथी मुसलमानों द्वारा उत्पीड़न किया जा रहा हैं. बंगाल अब दूसरा कश्मीर बन रहा है.

    सत्य घटनाओं पर आधारित हिन्दी फिल्म ‘दि डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल’ का फर्स्ट लुक जारी होते ही बवाल मच गया है. इस फ़िल्म के फर्स्ट लुक के पोस्टर पर लोगों को समझ में नहीं आ रहा है कि इस पर किस तरह की प्रतिक्रिया दी जाए. फ़िल्म ‘दि डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल’ के फर्स्ट लुक में दो तस्वीरें लुक आउट हुई हैं और दोनों ही लुक अपने आप में विवादास्पद बताए जा रहे हैं. वसीम रिजवी फिल्म्स प्रेजेंट्स फ़िल्म दि डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल के निर्माता जितेंद्र नारायण सिंह हैं. इस फ़िल्म के लेखक निर्देशक जाने-माने फ़िल्म निर्देशक सनोज मिश्रा हैं. फ़िल्म के को प्रोड्यूसर तापस मुखर्जी व अचिन्तया बोष हैं. फिल्म में एआर दत्ता ने संगीत दिया है और गीत सनोज मिश्रा व अशोक सिंह ने लिखे हैं.

    …और अब The diary of West Bengal

    लखनऊ। अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले जितेंद्र त्यागी उर्फ वसीम रिजवी इन दिनों पश्चिम बंगाल के हालात और वहां की राजनीति की बदलती हुई स्थिति पर एक हिंदी फीचर फिल्म तैयार कर रहे हैं. इस फिल्म का टाइटल है ‘द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल’ (The diary of West Bengal), जिसका ट्रेलर लखनऊ में लॉन्च किया गया. इस मौके पर जितेंद्र त्यागी ने कहा कि पिछले कुछ सालों में पश्चिम बंगाल के हालात बेहद खतरनाक होते जा रहे हैं. वहां पर बड़े स्तर पर बांग्लादेश के कट्टरपंथी संगठन रोहिंग्या मुसलमानों को बसाया जा रहा है.

    जितेंद्र त्यागी उर्फ वसीम रिजवी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की हुकूमत रोहिंग्याओं को अपना वोट बैंक बनाकर उनका आधार कार्ड और वोटर लिस्ट में नाम डलवा रही हैं. इस वजह से पश्चिम बंगाल में खास करके बांग्लादेश के बॉर्डर से सटे हुए क्षेत्रों में एक बहुत बड़ी रोहिंग्या मुसलमानों की मुस्लिम आबादी बनती जा रही हैं. ये रोहिंग्या मुसलमान पश्चिम बंगाल से आईडी बनवा कर पूरे देश में फैल रहे हैं और इन्हें विदेशी आतंकी संगठन खास मकसद के लिए पूरे हिंदुस्तान में पश्चिम बंगाल की ममता हुकूमत के माध्यम से फैला रहे हैं.

    ममता सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

    जितेंद्र त्यागी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हालात ऐसे हैं कि वहां रहने वाले हिंदुओं का उत्पीड़न कट्टरपंथी मानसिकता रखने वाले मुसलमानों द्वारा किया जा रहा हैं. ममता हुकूमत बंगाल के हिंदुओं की बर्बादी का सबब बनती जा रही है. वो पश्चिम बंगाल में हिंदुओं के लिए औरंगजेब का रूप धारण कर चुकी हैं, पश्चिम बंगाल के हिंदू अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर हो रहे हैं. इस वजह से पश्चिम बंगाल अब हिंदुओं के लिए दूसरा कश्मीर बनता जा रहा है. हिंदू लड़कियों के साथ में कट्टरपंथी मानसिकता रखने वाले मुसलमान बलात्कार कर रहे हैं. हिंदुओं के घरों को, उनकी आबादियों में आग लगाई जा रही हैं.

    जितेंद्र त्यागी ने कहा, पश्चिम बंगाल में हिंदुओं के साथ में जो जुल्म किया जाता है. पिछले कुछ सालों से की गई बहुत सी ऐसी घटनाएं हैं जो मीडिया में या देश दुनिया के सामने नहीं आ सकी हैं. ऐसे बहुत से हिंदू परिवार हैं जो कट्टरता के शिकार हो चुके हैं. ऐसे बहुत से हिंदू युवा हैं, जिन्हें जबरन जेलों में डाल दिया गया है. वो अपनी फिल्म में बंगाल की इसी सच्चाई को दिखाएंगे. उन्होंने कहा कि 2023 में ही इस फिल्म को रिलीज किया जाएगा. (साभार/एजेंसी)

  • स्टोन क्रेशर ऑनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने की उत्तराखंड से आने वाले ओवरलोड खनन वाहनों पर रोक लगाने की मांग, डीएम एसपी को सौंपा ज्ञापन

    उत्तराखंड से आ रहे ओवरलोड खनन वाहन!

    बिजनौर। स्टोन क्रेशर ऑनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने डीएम एसपी से जनपद में उत्तराखंड से आने वाले खनन सामग्री के ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाने की मांग की है। एसोसिएशन के सदस्यों ने अधिकारियों को ज्ञापन देकर आरोप लगाया कि उक्त वाहन बिना प्रपत्रों के जनपद में प्रवेश कर रहे हैं।

    फाइल फोटो

    स्टोन क्रेशर ऑनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और एसपी नीरज जादौन को ज्ञापन दिया गया। बताया गया कि पुलिस अधीक्षक के आदेश पर 28 अप्रैल 2023 से खनन सामग्री के ओवरलोड वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी गई थी। इस कारण ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल होने से स्टोन क्रेशर बंद हो गए।

    फाइल फोटो

    आरोप लगाया कि इसके बावजूद उत्तराखंड के काशीपुर से ओवरलोड और बिना प्रपत्रों के खनन वाहनों का संचालन जारी है। ज्ञापन में थाना रेहड़, अफजलगढ, शेरकोट, स्योहारा और नूरपुर पुलिस को निर्देश देकर उक्त वाहनों का संचालन बंद कराने मांग की गई।

    फाइल फोटो

    ज्ञापन देने वालों में संजीव बंसल, तालिब अहमद, रफीक अंसारी, धर्मेंद्र, राजदीप, कुलवीर, वीर सिंह, राजीव चौहान आदि शामिल थे। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और एसपी नीरज जादौन ने इस मामले में समुचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

  • संत निरंकारी सत्संग भवन बिजनौर से बसों द्वारा प्रस्थान करेंगे निरंकारी श्रद्धालु

    संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल समालखा हरियाणा में 13 मई को समर्पण दिवस का आयोजन

    बिजनौर। आगामी दिनांक 13 मई दिन शनिवार को संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल समालखा हरियाणा में सतगुरु बाबा हरदेव सिंह जी महाराज की याद में निरंकारी मिशन की सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज व राज पिता रमित जी के पावन सानिध्य में शाम 5:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक समर्पण दिवस का आयोजन किया जा रहा है। संत निरंकारी मंडल ब्रांच बिजनौर के संयोजक बाबूराम निरंकारी, महात्मा डीके सागर निरंकारी व मीडिया प्रभारी भूपेंद्र निरंकारी पत्रकार ने संयुक्त रूप से यह जानकारी दी।

    बताया कि स्थानीय संत निरंकारी सत्संग भवन बिजनौर से दोपहर 12:00 से बसों द्वारा निरंकारी श्रद्धालु प्रस्थान करेंगे तथा सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की असीम रहमतों के पात्र बनेंगे। इसीलिए सभी समय से पहुंचकर सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज व राज पिता जी की असीम रहमतों के पात्र बने।

  • जेष्ठ माह के सभी मंगलवार को बुक हो चुके हैं श्रृंगार, भक्त कर रहे हैं अपनी बारी का इंतजार

    हनुमान जी के दरबार में हुआ विशाल संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन

    चिंताहरण हनुमानजी के श्रृंगार के साथ ही गूंजे जयकारे और लगे भण्डारे

    मलिहाबाद/लखनऊ। सेवा ही धर्म को चरितार्थ करते हुए श्री गोपेश्वर गौशाला परिवार बड़े ही धूमधाम के साथ जेष्ठ माह के मंगलवार मना रहा है। ज्येष्ठ माह के प्रथम मंगलवार को क्षेत्र के दर्जनों जगहों पर भंडारा आयोजित किया गया। बड़े मंगलवार को क्षेत्र में गोपेश्वर गौशाला में राजा स्वरूप विराजमान चिंताहरण हनुमान जी के दरबार में विशाल संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर चिंताहरण हनुमानजी का दिव्य और मनमोहक श्रृंगार किया गया और फिर हनुमत भण्डारे का आयोजन किया गया, जो देर रात तक चलता रहा। इस अवसर पर वहाँ पर पल रही गायों की पूजा की गई। क्षेत्र भर में गांवों के मंदिरों पर सुंदरकांड और भण्डारे का आयोजन किया गया।

    पाठकगंज में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी भंडारे का आयोजन किया गया। कस्बे में आम आढ़तियों ने विशाल भंडारे का आयोजन किया। इसी तरह भतोईया गांव में विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया। क्षेत्र में सैकड़ों जगह पर प्रसाद का वितरण हुआ। गोपेश्वर गौशाला में सुन्दरकाण्ड पाठ सहित विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। सैकड़ों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। बड़े मंगल के अवसर पर श्री गोपेश्वर गौशाला में गायों को हरा चारा देकर गोभोज जीव भोज की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए जिला गौसेवा प्रमुख व गौशाला प्रबंधक उमाकांत गुप्ता, पंकज गुप्ता परिवार सहित सम्मिलित हुए। उमाकांत गुप्ता ने बताया कि जेष्ठ के प्रत्येक मंगलवार को भक्तों द्वारा हनुमानजी को नए वस्त्र और श्रृंगार की व्यवस्था की जा रही है। बारी बारी से भक्त अपने मंगलवार का इंतजार कर रहे हैं। जेष्ठ माह के सभी मंगलवार को श्रृंगार बुक हो चुके हैं। प्रत्येक मंगलवार को सुंदरकांड पाठ और दिव्य भंडारा आयोजित कर हनुमत वंदना की जाएगी।

  • हजरत राहत अली शाह की जियारत पर उनकी याद में कव्वाली का आयोजन

    इल्म की रोशनी से देख रात भी सुबह नजर आयेगी

    बिजनौर। हजरत राहत अली शाह की जियारत पर उनकी याद में कव्वाली का आयोजन किया गया। कव्वाली का उद्घाटन समाजसेवी नईम अहमद एडवोकेट व ग्राम प्रधान पति के भांजे शाहरुख़ फरीदी ने संयुक्त रूप से फीता काट कर किया।

    राजा का ताजपुर के मोहल्ला खद्दर बाजार में हर साल की तरह इस बार भी हजरत राहत अली शाह की जियारत पर उनकी याद में कव्वाली का आयोजन किया गया। रात भर चले कव्वाली मुकाबले में खूब वाहवाही लूटी गई। इकबाल साबरी ने देश भक्ति कव्वाली सुना कर लोगों का दिल जीत लिया। उन्होंने कहा कि अंधेरे चिरागों से ना दूर हुए हैं ना होंगे इल्म की रोशनी से देख रात भी सुबह नजर आयेगी। फरीदा परवीन ने कहा बहेक जाने दे मुझे मेरे मुल्क की मोहब्बत में, ये वो नशा है जो मेरे सर से कभी उतरता नहीं, मुल्ला क्यों अजान देता है, पुजारी क्यूं घंटा टनटनता है, हैवानों की बस्ती है यहां पर फरियाद कौन सुनता है।

    नईम अहमद एडवोकेट ने बताया कि हजरत राहत अली शाह के मजार पर सैकड़ों सालों से कव्वाली का आयोजन किया जाता है, जिसमें सभी धर्मों के लोग अपनी मुरादे मांगते हैं। यहां पर उनकी हर मुराद पूरी होती है। हजरत अली शाह की जियारत एकता भाईचारे की एक मिसाल है। हजरत अली शाह सात भाई थे, जिनके जियारत ताजपुर क्षेत्र के अलग-अलग जगह पर हैं। यह लोग अच्छे नेक बुजुर्गों में थे, जिन्होंने अपनी करामात से लोगों को ईमान में दाखिल किया। इसलिए सैकड़ों साल के बाद भी उनको याद किया जाता है। इस मौके पर अफजाल फरीदी, साबिर सिद्दीकी, आसिफ सिद्दीकी, फारुख सिद्दीकी, समाजसेवी शुभम वालिया आदि कमेटी के लोग मौजूद रहे।

  • शराब की बिक्री बढ़ी तो बियर की मांग में भी इजाफा

    कई जिलों में हर दिन बिकती है 12 से 15 करोड़ रुपए की शराब-बियर

    रोजाना तीन अरब रुपए की शराब गटक रहे यूपी वाले

    लखनऊ। यूपी में पिछले दो वर्षों में शराब पीने वालों की संख्या बढ़ी है। प्रदेश में डेली करोड़ों में नहीं बल्कि अरबों में शराब की बिक्री हो रही है। आपको भी जानकर हैरानी होगी कि यूपी में हर रोज तीन अरब रुपए की शराब बिक रही है। आबकारी महकमे के सांख्यिकी विभाग के विश्लेषण में यह आंकड़े सामने आए हैं।
    सबसे ज्यादा बिकती है देसी शराब~
    आंकड़ों के अनुसार, देसी शराब लोगों की सबसे ज्यादा पसंद है। सबसे ज्यादा बिक्री भी इसी की होती है। लगभग सभी जिलों में बियर के साथ देसी शराब की बिक्री में इजाफा हुआ है। इतना ही नहीं कई जिलों में प्रीमियम शराब की दुकानों की ओपनिंग भी की गई है।
    शराब की बिक्री में टॉप पर ये जिले~
    शराब की सबसे ज्यादा बिक्री नोएडा और गाजियाबाद में होती है। दोनों ही जिलों में डेली लगभग 13 से 14 करोड़ रुपए की शराब बिक जाती है। लखनऊ में रोज 10 से 12 करोड़ रुपए के शराब की खपत हो रही है। शराब बिक्री के मामले में आगरा, लखनऊ से आगे है। यहां डेली 12 से 13 करोड़ रुपए के शराब की बिक्री होती है। इसी तरह मेरठ और कानपुर में लगभग 10 करोड़ की शराब की बिक्री होती है। धर्म नगरी वाराणसी और प्रयागराज भी इसमें पीछे नही हैं। वाराणसी में 5 से 7 करोड़ और प्रयागराज में 4 से 5 करोड़ रुपए के शराब की खपत है।

    पिछले 2 साल में हुआ शराब पीने वालों की संख्या में इजाफा~
    शराब पीने वालों की संख्या में यह इजाफा पिछले 2 साल में हुआ है। ऐसा नहीं कि सिर्फ शराब की ही बिक्री बढ़ी है। बियर की मांग में भी इजाफा हुआ है। बताया जा रहा है कि नये क्षेत्रों में शराब की दुकानों के विस्तार की वजह से उनकी संख्या बढ़ी है। इसलिए बिक्री में भी इजाफा हुआ है।
    2 साल पहले डेली एक अरब रुपये की बिक्री~
    देखा जाए तो 2 साल पहले प्रदेश में डेली करीबन एक अरब रुपए की शराब और बियर की खपत थी। ऐसा नहीं कि शराब और बियर की बिक्री किसी विशेष जिलों में ज्यादा हो रही है। कमोबेश सभी जिलों में इनकी बिक्री में इजाफा हुआ है। कई जिले तो ऐसे हैं, जिनमें हर दिन 12 से 15 करोड़ रुपए की शराब-बियर बिक रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश भर में लगभग डेली ढाई से तीन अरब रुपए की शराब-बियर बिक रहे हैं।

  • देश के कोने कोने से पहुंचे प्रतिभागी

    सफलता पूर्वक संपन्न हुआ Purwar Achievers Foundation का 16वां सम्मान समारोह व फैशन शो

    नई दिल्ली। पुरवार अचीवर्स फाउंडेशन (दिल्ली), Empowered Womens Forum India व सहयोगी संस्था एकता फाउंडेशन द्वारा दिल्ली में majestic crown banquet में 16वे राष्ट्रीय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि बीजेपी दिल्ली के उपाध्यक्ष राजन तिवारी, celebrity Guest- Bollywood actor Ronne Shah व जुनैद खान, एकता फाऊंडेशन की डायरेक्टर कार्यक्रम में सहयोगी किरन सिंह, supporter — vip guest में Djewel India के chairman पी शर्मा, डा. पिंकी चौधरी, kerabon professional उस्मान खान, पटियाला जूती के फाउंडर नवनीत सिंह, इवेंट की ब्रांड एंबेसडर शैली बिंद्रा, अंकुश गोयल, हरियाणवी सिंगर सुशील मस्ताना, एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर वीएस तोमर, मोंटू मस्त पंजाबी पॉप सिंगर रहे। गेस्ट ऑफ ऑनर अंजली कपूर धमीजा, आरती मल्होत्रा, अंशिका वर्मा, गौरव शर्मा, मॉडल दीपिका गुप्ता, सुस्षिता कंवर, स्नेहलता भारद्वाज व अन्य अतिथिगण उपस्थित रहे। मंच को शानदार तरीके से संभाला स्मृति महाजन व शिल्पी बहादुर ने।

    इस कार्यक्रम में देश के कोने कोने से अलग-अलग क्षेत्रों से अलग-अलग कार्यों में कार्यरत 51 प्रोफाइल सिलेक्ट किए गए, जिसमें 11 मीडिया पर्सनेलिटी को भी प्राइड ऑफ भारत सम्मान से सम्मानित किया गया, मोंटू मस्त पंजाबी पॉप सिंगर, सुशील मस्ताना व शिव कुमार कोहली ने अपनी सिंगिंग से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। मालूम हो कि संस्था द्वारा 15 राष्ट्र स्तरीय कार्यक्रम सफलतापूर्वक पहले भी किए जा चुके हैं। संस्था द्वारा, राष्ट्र रतन अवार्ड, राष्ट्र गौरव अवार्ड, नारी गौरव सम्मान, EWF- Global Woman Power Award, Pride of Bharat के लिए नॉमिनेशन पूरे इंडिया से मंगवाए गए। कुल 51 प्रोफाइल्स को संस्था द्वारा सम्मानित किया गया। इस दौरान 11 मीडिया personality को भी Pride of Bharat award से सम्मानित किया गया।

    पुरवार अचीवमेंट फाउंडेशन इस समय दिल्ली/एनसीआर ही नहीं पूरे भारत में अपनी एक अलग पहचान बना चुकी है। संस्था द्वारा किए जाने वाले सम्मान समारोह में देश भर से लोग अलग अलग जगह से आकर सम्मिलित होते हैं। इस कार्यक्रम में Fashion Show व Cultural Show का भी शानदार आयोजन किया गया , जिसमें special children द्वारा rampwalk जिसका title – we are not disabled, we are just differently abled था। इसमें प्रतीक स्पेशल स्कूल व राइडर आमिर के स्कूल के बच्चों ने व कुछ और special बच्चों ने rampwalk किया। इस cause के लिए bollywood celebrities, celebrity models व social activist व कार्यक्रम में आए काफी अतिथिगण तथा आर्गनाइजर अनीता पुरवार, मनोज पुरवार, श्रेयांश व श्रेया व किरन सिंह ने भी रैंप वॉक किया।
    चेतना एनजीओ के बच्चों के डांस परफॉर्मेंस व श्रेया पुरवार, सिद्धि सूरी सभी ने अपनी परफॉर्मेंस से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। अंत में कार्यक्रम के आर्गनाइजर डा मनोज पुरवार व डा अनीता पुरवार ने अपनी पूरी टीम के साथ सभी अतिथियों व समस्त मीडिया का धन्यवाद किया।

  • मजलिसों की तैयारी के लिए दरगाह कमेटी ने की बैठक

    नजफ -ए-हिंद जोगीरम्पुरी में चार रोजा सालाना मजलिस 25 से

    बिजनौर। नजीबाबाद क्षेत्र अंतर्गत नजफ -ए-हिंद जोगीरम्पुरी की चार रोजा सालाना मजलिस 25 मई से शुरू होंगी। मजलिसों की तैयारी के लिए दरगाह कमेटी ने बैठक की। जोगीरम्पुरी दरगाह कमेटी के अध्यक्ष इरम अली जैदी, सचिव मोहम्मद अब्बास की उपस्थिति में 25 मई से 28 मई तक दरगाह परिसर में सालाना मजलिसों की तैयारी के संबंध में कमेटी सदस्यों ने विचार विमर्श किया।

    मौलाना कसीम अब्बास के संचालन में आयोजित समीक्षा बैठक में मजलिस के दौरान जायरीनों के ठहरने और उन्हें जियारत के दौरान जरूरी सामान उपलब्ध कराने की व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। चार रोजा मजलिस को खिताब करने के लिए आने वाले उलमाओं के ठहरने और मजलिस के संबंध में कमेटी ने आवश्यक व्यवस्थाएं जुटाने का निर्णय लिया। खाद्य एवं पेय पदार्थों के ठेके देने का भी निर्णय लिया गया। मौलाना कसीम अब्बास के संचालन में आयोजित बैठक में मौलाना अली गाजी, मरगूब आलम, वकार आब्दी, जाहिरूल हसन, अली रजा बब्लू, नुसरत अब्बास, कमर अब्बास, मीर सादिक, मोहम्मद असलम, काशिफ, नकी हसन, शहंशाह हैदर आदि मौजूद रहे।

  • 159 वीं जयंती (9 मई) पर विशेष

    सरस्वती के संपादक आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी

    हिंदी की एक चर्चित मसल है-सब तज, हरि भज। अधिकांश के लिए इस मसल का अर्थ सब काम धाम छोड़कर ईश्वर की उपासना ही है लेकिन हिंदी के प्रथम आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के लिए इस मसल के माने सिर्फ माला फेरना नहीं है। कर्मयोगी आचार्य द्विवेदी के लिए ‘सब तज, हरि भज’ मसल नहीं आदर्श वाक्य है। सूत्र है, अपना काम निष्ठा, लगन और ईमानदारी से करने के लिए प्रेरित करने वाला।
    2 मई 1933 को काशी नागरी प्रचारिणी सभा द्वारा अभिनंदन ग्रंथ प्रदान करने के वक्त दिए गए अपने ‘आत्म निवेदन’ में वह कहते हैं -‘रेलवे की नौकरी छोड़ने पर मेरे मित्रों ने कई प्रकार से मेरी सहायता करने की इच्छा प्रकट की पर मैंने सबको अपनी कृतज्ञता की सूचना दे दी और लिख दिया कि अभी मुझे आप के सहायता की विशेष आवश्यकता नहीं। मैंने सोचा अव्यवस्थित चित्त मनुष्य की सफलता में सदा संदेह रहता है। क्यों न मैं अंगीकृत कार्य ही में अपनी सारी शक्ति लगा दूं? प्रयत्न और परिश्रम की बड़ी महिमा है। अतएव ‘सब तज, हरि भज’ की मसल को चरितार्थ करता हुआ इंडियन प्रेस द्वारा प्रदत्त काम में ही मैं अपनी शक्ति खर्च करने लगा।’ सब जानते हैं कि उन्होंने अपना सारा जीवन संपादन और भाषा सुधार में खपा दिया।

    सरस्वती का संपादन संभालते वक्त उन्हें पत्रिकाओं के अनियमित प्रकाशन संबंधी बातें यत्र तत्र पढ़ने को मिलती थी। इसीलिए उन्होंने अपने लिए पांच आदर्श- वक्त की पाबंदी, मालिकों का विश्वासपात्र, पाठकों के हानि लाभ का ख्याल, न्याय पथ से कभी विचलित न होने और ज्ञान में सतत प्रयासरत रहने के निश्चित किए। उन्होंने आजीवन इन्हीं आदर्शों पर अमल किया।

    अपने ‘आत्म निवेदन’ में वह कहते भी हैं-‘सरस्वती में प्रकाशित मेरे लघु लेखों और आलोचनाओं से ही पता लगा सकते हैं कि मैंने कहां तक न्याय मार्ग का अवलंबन किया। जानबूझकर मैंने कभी अपनी आत्मा का हनन नहीं किया, न किसी के प्रसाद की प्राप्त की आकांक्षा की, न किसी के कोप से विचलित ही हुआ।’ वह कहते हैं-‘मैंने अपनी इस जिम्मेदारी का निर्वाह जी जान होम कर किया। चाहे पूरा का पूरा अंक मुझे ही क्यों न लिखना पड़ा हो पर कापी प्रेस को हमने समय पर ही भेजी।’

    आचार्य द्विवेदी की कार्य के प्रति लगन और निष्ठा का प्रमाण सरस्वती 1903 के समस्त अंक हैं। लेखकों की कमी और कुछ मूर्धन्य लेखकों के सरस्वती के बहिष्कार के चलते आचार्य द्विवेदी को संपादन के प्रथम वर्ष में अधिकतर लेख खुद लिखने पड़े। आचार्य द्विवेदी पर लखनऊ विश्वविद्यालय से 1948 में पहला शोध करने वाले डॉ. उदयभानु सिंह के मुताबिक वर्ष 1903 के सरस्वती के सभी अंकों में कुल रचनाएं 109 प्रकाशित हुई थी और इनमें 70 द्विवेदी जी की थी। इसके बाद सबसे ज्यादा लेट पंडित गिरजा दत्त बाजपेई और फिर अन्य के लेख थे। ऐसा नहीं है कि पहले वर्ष में लेख आए नहीं थे लेकिन उनमें संशोधन की बहुत जरूरत थी। अगर संशोधन किए जाते तो उनका पूरा मजमून ही बदल जाता।

    सरस्वती का संपादन करते हुए द्विवेदी जी एक बार बीमार पड़े। उनके बचने की आशा नहीं रही। इस पर उन्होंने 3 महीने की सामग्री इंडियन प्रेस को भेजी और लिखा कि मेरे मरने के बाद भी इसी से सरस्वती प्रकाशित करते रहें, तब तक कोई न कोई संपादक मिल ही जाएगा। वर्ष 1920 में सरस्वती का संपादन छोड़ते वक्त भी उन्होंने तमाम लेख उत्तराधिकारी को सौंपे, ताकि सरस्वती के प्रकाशन में कोई व्यवधान न आए। ऐसे संपादक थे द्विवेदी जी।
    संपादन के प्रथम वर्ष में लेखकों की कमी के चलते ही उन्होंने कमला किशोर त्रिपाठी, गजानन गणेश गर्व खंडे, भुजंग भूषण भट्टाचार्य, श्रीकंठ पाठक एमए, नियम नारायण शर्मा आदि छद्म नामों से कई लेख लिखे। यह क्रम तब तक जारी रहा जब तक सरस्वती में लिखने के लिए लेखकों की नई जमात तैयार नहीं हो गई।

    व्याकरण सम्मत भाषा निर्माण के लिए उनके अपने समय के लेखक- संपादक से ‘लट्ठम-लट्ठ’ भी हुआ। इसके एक नहीं कई किस्से हैं। ऐसा ही एक चर्चित किस्सा भारत मित्र के संपादक बालमुकुंद गुप्त और आचार्य द्विवेदी के बीच अस्थिर एवं अनस्थिर शब्द को लेकर हुए वाद-विवाद का है। यह विवाद बरसों चला। उस पर विस्तार की जरूरत नहीं। अनस्थिर शब्द की प्रामाणिकता पर आचार्य द्विवेदी ने 21 अक्टूबर 1927 को एक लंबा लेख लिखा। लेख का यह अंश कम लोगों ने ही पढ़ा होगा-‘कुछ लोगों ने अनस्थिरता को अशुद्ध और अस्थिरता को शुद्ध बताया था। अनस्थिरता हिंदी भाषा का वैसा ही शब्द है जैसा अनगिनत, अनबन, अनबोला अनमोल आदि। परंतु यदि अनस्थिरता संस्कृत भाषा का शब्द मान भी लिया जाए तो संस्कृत व्याकरण के अनुसार भी वह शुद्ध ही है। यथा, न विद्यते अस्थिरं यस्मात तत अनस्थिरं, तस्य भाव: अनस्थिरता। अर्थात जिससे बढ़कर अस्थिर वस्तु और कोई है ही नहीं, उसे अनस्थिर कहना चाहिए। उसी से अत्यंत अस्थिर का भाव सूचित होता है। ऐसे कई प्रयोग संस्कृत भाषा में पाए जाते हैं। देखिए, गंगातीरमनुत्तमं ही सफलं तत्रापि काश्युत्तमा। यह एक प्रसिद्ध श्लोक का पहला चरण है। इसमें अनुत्तम शब्द का अर्थ अत्यंत उत्तम है। विवादियों ने अपनी अज्ञानता के कारण इस शब्द को अशुद्ध बताकर व्यर्थ ही अपना और दूसरों का समय नष्ट किया था। (आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के श्रेष्ठ निबंध संपादक विनोद तिवारी पृष्ठ 128)

    इस विवाद का पटाक्षेप भी नाटकीय तरीके से हुआ। इसके लिए हमें केदारनाथ पाठक के द्विवेदी अभिनंदन ग्रंथ’ में ‘श्रद्धांजलि’ शीर्षक से पृष्ठ संख्या 532 पर प्रकाशित लेख से गुजरना होगा। यह लेख पढ़कर आप उस विवाद के नाटकीय अवसान को जान सकते हैं।
    लेख के अंश हैं-लाला बालमुकुंद गुप्त अपने जीवन के अंतिम दिनों में कानपुर के प्रसिद्ध उर्दू मासिक पत्र जमाना के संपादक मुंशी दया नारायण निगम के साथ द्विवेदी जी से मिलने जूही गए। निगम महाशय के परिचय कराते ही गुप्तजी द्विवेदी जी के चरणों पर गिर गए। एक अपरिचित को इस प्रकार चरणों पर माथा टेकते देखकर द्विवेदी जी ने उठाकर हृदय से लगा लिया। तब निगम महाशय ने बताया कि आप भारत मित्र के संपादक लाला बालमुकुंद गुप्त हैं। गुप्तजी ने अश्रुधारा बहाते हुए कहा- मैं अपराधी हूं और आपके सामने अपने उन अभद्रता पूर्ण व्यवहारों के लिए क्षमा मांगने और प्रायश्चित करने आया हूं। आप विद्या में गुरु बृहस्पति, स्नेह में ज्येष्ठ भ्राता तथा करुणा में बुद्ध के सदृश हैं। आपके चरणों पर मैं बार-बार अपना सिर रखता हूं।

    भाषा या सिद्धांत को लेकर उनकी भिड़ंत सिर्फ बालमुकुंद गुप्त से ही हुई हो, ऐसा नहीं है। ‘हिंदी भाषा और उसके साहित्य’ लेख में सरस्वती में पहले प्रकाशित हो चुके अपने लेखों की चर्चा न होने पर अयोध्या प्रसाद खत्री से भी उनका विवाद हुआ। द्विवेदी जी ने उन्हें लिखा कि छोटी-छोटी बातों पर नुक्ताचीनी करना छोड़ दीजिए। इस पर उन्होंने इसी शीर्षक से कई पत्र-पत्रिकाओं में लेख प्रकाशित कराए और पंफलेट भी छपवाया। सरस्वती में एक लेख नहीं छापने पर बीएन शर्मा ने वेंकटेश्वर समाचार में द्विवेदी जी को लेकर अनुचित बातें लिखीं। द्विवेदी जी के ‘आर्य शब्द की व्युत्पत्ति’ की आलोचना करते हुए शर्मा जी ने उन पर आर्यमित्र पत्र में व्यक्तिगत आक्षेप किए। काफी प्रतीक्षा के बाद भी जब श्री शर्मा ने क्षमा याचना नहीं की तब द्विवेदी जी ने उन्हें मानहानि का नोटिस भेजा। इस पर बीएन शर्मा ने उनसे क्षमा प्रार्थना की और द्विवेदी जी ने उन्हें माफ कर दिया।

    यह सोचने और समझने की बात है कि शिक्षा के लिए पीठ पर आटा-दाल-चावल की गठरी रखकर 13 वर्ष का जो बालक 16 कोस पैदल जाता हो। आर्थिक अड़चनों से जिसकी प्रारंभिक शिक्षा तक पूरी नहीं हो पाई, उसी ने स्वाध्याय और अपनी लौह लेखनी के बल पर दो दशक तक 10 करोड़ हिंदी भाषियों का साहित्यिक अनुशासन किया। लखनऊ विश्वविद्यालय से 1948 में हिंदी और आचार्य द्विवेदी पर प्रथम शोध करने वाले डॉ उदयभानु सिंह लिखते हैं-‘शैशव से लेकर स्वर्गवास तक उनका संपूर्ण जीवन प्रतिकूल परिस्थितियों के विरुद्ध घोर संग्राम था। मतभेदों, विरोधों, प्रतिद्वंद्वियों और आपत्तियों की आंधी-तूफान और बवंडर भी उन्हें उनके प्रशस्त पथ से तनिक भी डिगा नहीं सके।’
    आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की आज 159वीं जयंती है। उनका जन्म रायबरेली जनपद के गंगा के किनारे बसे गांव दौलतपुर में 9 मई 1864 को हुआ। उन्होंने रायबरेली शहर में 21 दिसंबर 1938 को अंतिम सांस ली।

    आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी को शत् शत् नमन

    गौरव अवस्थी
    रायबरेली (उप्र)
    91-9415-034-340
  • फर्जीवाड़ा रोकने और गुड गवर्नेंस की कवायद

    UP Board Exam 2023: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (UP Board) ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कक्षाओं में रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है। बोर्ड ने रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरने में बदलाव किया है। अब नौंवी से 12वीं तक रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आधार नंबर एंटर करना होगा।

    यूपी बोर्ड परीक्षा में आधार होगा अनिवार्य

    लखनऊ। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल होने के लिए आधार नंबर को अनिवार्य किया जाएगा। फर्जीवाड़ा रोकने और गुड गवर्नेंस के उद्देश्य से छात्र-छात्राओं के आधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है।

    महानिदेशक स्कूली शिक्षा विजय किरन आनंद की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए गए निर्णय के क्रम में सबसे पहले 2023-24 सत्र में प्रवेश ले चुके कक्षा 10 व 12 के छात्र-छात्राओं का आधार प्रमाणीकरण कराया जाएगा।
    साथ ही कक्षा नौ व 11 में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के आधार को भी प्रमाणित करेंगे, ताकि अगले साल बोर्ड परीक्षा का फॉर्म भरते समय आधार नंबर को अनिवार्य किया जा सके। यूपी बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया है कि 10वीं-12वीं में प्रवेश ले चुके विद्यार्थियों की आधार संख्या, नाम की स्पेलिंग, जन्मतिथि, जेंडर व अन्य विवरणों का मिलान यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड विवरणों से 20 मई तक कर लें। मिलान और आवश्यक संशोधन के लिए बोर्ड की वेबसाइट 11 मई से चालू हो जाएगी।

    यूपी बोर्ड की अड़चन हुई दूर ~
    शासन से अनुमति मिलने के बाद यूपी बोर्ड के लिए कक्षा 9 से 12 तक के पंजीकरण में आधार अनिवार्य करने की अड़चन दूर हो गई है। पिछले साल बोर्ड ने कक्षा 9 से 12 तक के पंजीकरण में आधार अनिवार्य किया था। वहीं शासन की अनुमति न होने और दबाव बढ़ने के बाद अनिवार्यता को समाप्त करना पड़ा था।

  • मां की गोद है हिंदी, पिता का प्यार है हिंदी..
    आयोजन
    -आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की अमेरिका इकाई की ओर से संपन्न हुआ ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय बाल कवि सम्मेलन
    – भारत और अमेरिका के 21 बच्चों ने कविताएं सुनाकर जीता सभी का दिल

    आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की अमेरिका इकाई की ओर से आयोजित अंतर्राष्ट्रीय बाल कवि सम्मेलन शानदार रहा। भारत और अमेरिका के बच्चों ने स्वरचित कविताएं सुनाकर श्रोताओं का दिल जीत लिया। कई बच्चों ने राष्ट्र कवि सोहनलाल द्विवेदी समेत कई स्वनामधन्य कवियों की कविताएं भी सुनाईं। मुख्य अतिथि प्रख्यात कवयित्री सरिता शर्मा ने सभी बच्चों की हौसला अफजाई की।

    ऑनलाइन हुए इस कवि सम्मेलन में भारत और अमेरिका के 21 बाल कवियों ने काव्य पाठ किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्जवलन एवं अमेरिका में रह रहीं तृषा वर्मा द्वारा प्रस्तुत की गई सरस्वती वंदना से हुई। सबसे पहले नोएडा की वैभवी सिंह ने अपनी स्वरचित कविता- भारत में रचा हुआ रंगों का संसार यहां, मेरा भारत हर पल रचता उन्नति का त्योहार यहां, सुनाई। पूजा यादव ने पढ़ा-मैं खुद से ज्यादा अपने वतन से प्यार करती हूं। शिकागो की अयाति ओझा ने राजेंद्र वर्मा द्वारा रचित खनक उठी तलवार बहुत ही ओजपूर्ण ढंग से प्रस्तुत की।

    कैलिफोर्निया की तान्या ने अपनी कविता-जिंदगी यूं ही रंग बदलती रहेगी, आज का बनाया कल खो जाएगा, आगे बढ़ते जाना विघ्नों से न घबराना- सुनाकर सभी का दिल जीत लिया। बीकानेर की कुनिका कौशिक ने पढ़ा-मेरे सपनों के भारत में कोई नहीं भूखा होगा, बापू ने जो सपना देखा उसका रखेंगे सब मान। राजस्थान के अर्चित सिंहवी ने पानी बचाने का संदेश देने वाली कविता-पानी को बचाना है, पृथ्वी को स्वस्थ बनाना है, पानी का सदुपयोग करो, धरती को स्वच्छ करो-सुनाकर सभी का दिल जीत लिया।

    श्रवण मिश्र ‘अज्ञात’ ने अपना परिचय रायबरेली के पहचान गीत से दिया। उनकी माता-पिता को समर्पित कविता-हमारा देश ज्ञान-विज्ञान के उत्थान का पथ है, मगर मां बाप से बढ़कर न कोई मंदिर है न तीरथ है- काफी सराही गई। उन्नाव के रजत द्विवेदी ने भारतीय सेना के युद्ध कौशल को दर्शाने वाली कविता सुनाई। उन्नाव की ही छात्रा ओजस्वी यादव ने हिंदी की महिमा इस तरह गाई-सरलता है सहजता है सहज संस्कार है हिंदी, मां की गोद है हिंदी पिता का प्यार है हिंदी।कैलिफोर्निया की 12 वर्षीय तृषा वर्मा ने अपनी माँ श्रीमती दीप्ती वर्मा द्वारा रचित ‘सैनिक की दोस्त को चिट्ठी सुना कर सबको भावुक कर दिया।

    अंतरराष्ट्रीय बाल कवि सम्मेलन में न्यू जर्सी के 8 वर्षीय इशांक और कैलिफोर्निया के अर्जुन और भारत की आर्या तिवारी ने राष्ट्रकवि सोहनलाल द्विवेदी, वैभव त्रिपाठी ने भारतरत्न अटल बिहारी बाजपेई, हर्षित तिवारी ने कवि विनय महाजन की कविताएं प्रस्तुत कीं। 11 वर्ष के ओम तिवारी ने प्रकृति गीत पर्वत और समुद्र प्रस्तुत किया। लक्ष्मी तिवारी ने पढ़ा-विमल हिंद की विशाल किरणें प्रकाश तेरा बता रही है। लास एंजलिस अमेरिका से जुड़ीं 8 साल की आशना अग्रवाल और स्पेशल नीड किड शुभम ने पियानो बजा कर देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया। भारत के नन्हे कथावाचक कृष्णमोहन को इंटरनेट की समस्या की वजह से हम नहीं सुन सके।

    अमेरिका इकाई की अध्यक्ष श्रीमती मंजु मिश्रा ने सभी का स्वागत और सदस्य ममता कांडपाल त्रिपाठी ने अमेरिका इकाई के सफर पर विस्तार से प्रकाश डाला। अमेरिका इकाई के वरिष्ठ सदस्य श्रीमती रचना श्रीवास्तव ने संचालन और समिति के संयोजक गौरव अवस्थी ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में भारत इकाई के अध्यक्ष विनोद शुक्ला, वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती शकुंतला बहादुर (अमेरिका), डॅा० जगदीश व्योम (दिल्ली), श्रीमती वत्सला पांडेय (लखनऊ), श्रीमती पुष्पा राजगोपाल (चेन्नई), डॉ नीलम सिंह (रायबरेली), संगीता द्विवेदी (उन्नाव) आदि ऑनलाइन उपस्थित रहीं।

    पिता के आने पर चूल्हे में फेंकनी पड़ी थी कविता : सरिता शर्मा

    अंतर्राष्ट्रीय बाल कवि सम्मेलन की मुख्य अतिथि प्रख्यात कवयित्री डॉक्टर सरिता शर्मा ने कविताएं प्रस्तुत करने वाले सभी बच्चों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज हिंदी और कविता को लेकर स्थिति भी बदली है और माता-पिता की सोच भी। अपना संस्मरण सुनाते हुए उन्होंने बताया कि पिता चाहते थे कि हम पढ़-लिख कर डॉक्टर बने लेकिन हमें बचपन से ही कविता का शौक चढ़ गया था। एक बार पिता के अचानक सामने आ जाने पर उन्हें अपनी लिखी कविता चूल्हे में जलानी पड़ी थी। उन्होंने विदेशों में हिंदी को बचाने और बढ़ाने की हो रही कोशिशों की तारीफ की और कहा कि हिंदी को तरक्की से कोई रोक नहीं सकता।

    बच्चों के लिए कविता कार्यशाला होगी~
    आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की अमेरिका इकाई की अध्यक्ष श्रीमती मंजु मिश्रा ने बच्चों में कविताओं के प्रति प्रेम को देखते हुए मुख्य अतिथि के सामने कविता कार्यशाला का प्रस्ताव रखा। इस पर डॉ शर्मा ने सहज स्वीकृति दे दी। श्रीमती मिश्रा ने बताया कि अगले माह से ऑनलाइन कविता कार्यशाला के आयोजन शुरू किए जाएंगे।

  • प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों के बच्चों के लिए भेजे जाने थे 12 सौ रुपए

    DBT बेसिक शिक्षा: 38 दिन बाद भी खातों तक नहीं पहुंचा स्कूल ड्रेस, जूते-मोजे का पैसा

    लखनऊ। प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों में नया सत्र शुरू हुए 38 दिन बीत गए हैं लेकिन बच्चों के माता-पिता के खातों में ड्रेस, जूते-मोजे और बैग के 1200 रुपए अभी तक नहीं पहुंचे हैं। नियमानुसार सत्र शुरू होने से पहले या सत्र के शुरुआती दिन में उक्त रकम भेजने का प्रावधान है ताकि बच्चे पहले दिन से नए ड्रेस, जूते-मोजे में नए बैग के साथ आ सकें। यह रकम प्रदेश के कक्षा एक से आठ तक के 1.87 करोड़ छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को दी जानी थी।

    प्रदेश के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों के कक्षा एक से आठ तक के बच्चों के लिए सरकार उनके माता-पिता के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफार (डीबीटी) के माध्यम से 1200 रुपए भेजती है। बताया जा रहा है कि एक अप्रैल से सत्र शुरू हुआ और मई के भी आठ दिन बीत गए लेकिन अभी तक छात्र-छात्राओं के माता-पिता के खाते में रकम नहीं पहुंच सकी है।

    सत्र शुरू होते ही जब बच्चे नए ड्रेस, जूते-मोजे व बैग लेकर स्कूल आते हैं तो उनके मन में उत्साह रहता है। समय से पैसे नहीं भेजे जाने से इसका असर सत्र के शुरुआती दिनों से ही दिख रहा है। स्कूल ड्रेस नहीं होने से काफी बच्चे स्कूल आने में आनाकानी करते हैं। इस समय प्रदेश में  प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कुल 1.87 करोड़ बच्चे हैं।

    किसके लिए मिलता है पैसा!

    दो सेट यूनिफार्म, जूता मोजा, बैग व स्टेशनरी खरीदने के लिए 1200 रुपए दिए जाते हैं। इनमें 1100 रुपए में दो सेट यूनिफार्म, एक स्वेटर, एक सेट जूता मोजा, एक बैग व 100 रुपए स्टेशनरी के होते हैं।

  • चोरों ने गल्ले में रखी नगदी सहित अन्य सामान पर किया हाथ साफ

    प्लास्टिक क्रॉकरी के शोरूम में कुम्बल लगाकर चोरी

    बिजनौर। स्योहारा स्थित प्लास्टिक क्रॉकरी के शोरूम में कुम्बल लगाकर चोरी कर ली गई। चोरों ने गल्ले में रखी नगदी सहित अन्य सामान पर हाथ साफ कर दिया। शिकायत पर पहुंची पुलिस जांच में जुट गई है।

    नगर के मुरादाबाद मार्ग स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के सामने सागर ट्रेडर्स नाम से प्लास्टिक क्रॉकरी का शोरूम है। रात्रि किसी समय अज्ञात चोरों ने शोरूम में साइड से कुम्बल लगाकर चोरी की घटना को अंजाम दिया। सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव चौधरी ने पुलिस के साथ पहुंच कर मौका मुआयना किया। शोरूम स्वामी सागर जैन पुत्र शरद जैन किसी फंक्शन में गए हुए थे। मोहित जैन ने जानकारी देते हुए बताया यह शोरूम उनके भतीजे सागर जैन का है। वह आउट ऑफ स्टेशन गए हुए हैं। सुबह जब वर्कर शोरूम खोलने आये तो उन्होंने घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मौका मुआयना किया। थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव चौधरी ने बताया घटना की जांच की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।

  • जंगल से भटक कर बस्ती में घुस आया बारहसिंघे का बच्चा

    बिजनौर। सोमवार की सुबह स्योहारा के मोहल्ला मिलकियांन में जंगल से भटक कर बस्ती में घुस आए एक बारहसिंघे के बच्चे को कुत्तों ने घेर लिया।

    उसकी जान बचाने के लिए नगर पालिका कर्मचारी मोहम्मद शान आगे आए। उन्होंने पशु प्रेमी और इंसानियत का पैगाम देते हुए किसी तरह उस बेजुबान को खूंखार कुत्तों से बचाकर अपने घर पनाह दी। साथ ही उसकी सेवा करने के बाद वन विभाग को सूचना दी। इसके बाद अनिल कुमार व अन्य वन कर्मियों ने बारहसिंघे के बच्चे को ले जाकर जंगल में सकुशल छोड़ दिया।

  • शादी के टैंट में आग लगने से लाखों का सामान जलकर राख, महिला ने थाने पर तहरीर देकर की कार्यवाही की मांग

    मलिहाबाद, लखनऊ। शादी समारोह में लगाए गए टैंट में आग लगने से लाखों का सामान जलकर राख हो गया। महिला ने आग लगाए जाने का अंदेशा जताते हुए थाने पर तहरीर देकर कार्यवाही की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    जानकारी के मुताबिक गौरयन खेड़ा बदौरा की रहने वाली रेखा पत्नी मोहनलाल परिवार का पेट पालने के लिए रेखा लाइट एंड टैंट हाउस का संचालन करती है। सहालग के चलते कई जगहों पर टैंट का काम लगा हुआ था। रहिमाबाद के भटूइया में जगदीश अवस्थी के यहाँ शादी समारोह में रेखा का टैंट लगा हुआ था। शादी समारोह 8 मई को होना था। टैंट का सारा सामान जगदीश अवस्थी के यहाँ इकट्टा किया गया था। आराेप है कि बीती रात किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा टैंट में आग लगा दी गई। आग से मेज, कुर्सियां, जनरेटर, लाइट व अन्य लगभग 4 लाख का सामान जलकर खाक हो गया। सुबह जगदीश अवस्थी के घर से फोन आने के बाद घटना की जानकारी हुई। रेखा ने मौके पर जाकर देखा तो सारा सामान जलकर राख हो चुका था। उसके व पति द्वारा आरोपी व्यक्ति का पता लगाने की कोशिश की गई, मगर उसका पता नहीं चल सका। पीड़िता ने भविष्य में उसके व उसके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए थाने पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ तहरीर देकर कार्यवाही की मांग की है। थाना प्रभारी अख्तयार अंसारी के मुताबिक पीड़ित महिला ने थाने पर तहरीर दी है, पुलिस मामले की जांच कर रही है।

  • एनडीआरफ, जिला आपदा विशेषज्ञ, सिविल डिफेंस नियंत्रक, सहायक उप नियंत्रक, चीफ वार्डन, डिप्टी चीफ वार्डन, एसडीआरएफ, आपदा मित्र/ सखी, स्वयंसेवक, गोरखपुर विश्वविद्यालय के आपदा प्रबंधन के छात्र छात्राओं सहित अन्य लोग हुए अभियान में शामिल

    पर्यावरण संरक्षण के अंतर्गत विभिन्न संस्थानों के साथ चलाया स्वच्छता अभियान

    गोरखपुर। जनपद गोरखपुर के दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय कैंपस में एडीएम (एफआर) राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में स्वच्छता अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद में कार्यरत सभी एजेंसियों ने प्रतिभाग किया।

    अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह, महापौर प्रत्याशी मंगलेश श्रीवास्तव, एनडीआरएफ से इंस्पेक्टर सुधीर कुमार, उपनिरीक्षक राम दयाल सिंह एवं एनडीआरफ की टीम, जिला आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता, सिविल डिफेंस नियंत्रक सत्य प्रकाश सिंह, सहायक उप नियंत्रक वेद प्रकाश यादव, चीफ वार्डन डॉ. संजीव गुलाटी, डिप्टी चीफ वार्डन डॉ. शरद श्रीवास्तव, एसडीआरएफ से उप निरीक्षक विवेकानंद तिवारी एवं उनकी टीम, आपदा मित्र/ सखी, स्वयंसेवक, गोरखपुर विश्वविद्यालय के आपदा प्रबंधन के छात्र छात्राओं सहित अन्य लोग इस अभियान में शामिल हुए।

  • लाखों रुपए कीमत की पांच गाड़ियां स्क्रैप व अन्य सामान जलकर राख

    मेरठ रोड स्थित शाकुंभरी ऑटोमोबाइल शो रूम में हुआ हादसा

    मारुति शोरूम की वर्कशॉप में लगी भयंकर आग

    बिजनौर। मारुति कार के शोरूम की वर्कशॉप में आग लगने से पांच गाड़ियां और स्क्रैप जल गया। सूचना पर पहुंची दमकल विभाग की दो गाड़ियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

    जानकारी के अनुसार मेरठ रोड पर मारुति कंपनी का शाकुंभरी ऑटोमोबाइल नाम से शो रूम है। रविवार सुबह लगभग 8 बजे शोरूम के पिछले हिस्से में बनी वर्कशॉप में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने कई गाड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया और गाड़ियां धू-धू कर जलने लगीं। आग की ऊंची ऊंची लपटों को देख हड़कंप मच गया।सूचना पर पहुंची दमकल विभाग की दो गाड़ियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब तक वर्कशॉप में सर्विस के लिए आई पांच गाड़ियां और लाखों रुपए का स्क्रैप व अन्य सामान जल चुका था। आग लगने के कारण का पता नहीं चल सका है।

    सीएफओ अजय शर्मा ने बताया कि सुबह लगभग 8 बजे एक बाइक सवार ने सूचना दी कि मेरठ रोड स्थित शाकुंभरी ऑटोमोबाइल मारुति शोरूम की वर्कशॉप में आग लगी है। तत्काल दो फायर टेंडर मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया। पांच गाड़ियां और पास में कुछ स्क्रैप भी जल गया है। नुकसान और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

  • शिकायत दर्ज कर पुलिस ने की जांच शुरू

    थाना मंडावली अंतर्गत ग्राम भागूवाला स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम का मामला

    एटीएम से ग्राहक को लगा रुपए 50 हजार का चूना

    By, mubin hasan dhara news

    बिजनौर। थाना मंडावली अंतर्गत ग्राम भागूवाला स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम से ग्राहक को 50 हजार रुपए का चूना लग गया। पीड़ित ने मामले की शिकायत थाना पुलिस से की है। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार थाना मंडावली अंतर्गत ग्राम भागूवाला स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम बूथ से अंकित कुमार पुत्र घनश्याम सिंह निवासी रफीपुर मोहन अपने पंजाब नेशनल बैंक ब्रांच भागुवाला से जारी कार्ड से शनिवार सुबह लगभग 9:30 बजे रुपए निकालने के लिए गए। अंकित कुमार का कहना है कि जब उन्होंने एटीएम मशीन में एटीएम कार्ड लगाया और रुपए निकालने की कोशिश की तो निकासी नहीं हुई। उसके बाद वह अपने घर पहुंच गए। थोड़ी ही देर बाद खाते से ₹25000 कटने का मैसेज उनके फोन पर आया। जब तक अंकित ने इसकी सूचना पंजाब नेशनल बैंक को दी, तब तक उनके खाते से ₹25000 और कट चुके थे। अंकित कुमार ने बताया कि मामले की एफआईआर दर्ज करा दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इससे पहले भी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ग्राम भागुवाला के उपभोक्ता देवेंद्र शर्मा साइबर क्राइम ठगों का शिकार होकर ₹110000 रुपए गंवा चुके हैं।

  • नगर में धूमधाम से निकाली गई प्रभात फेरी

    महात्मा बुद्ध के जीवन दर्शन पर विस्तार से प्रकाश डाला

    बिजनौर। मोहल्ला बुखारा स्थित बुध विहार मंदिर में बुद्ध पूर्णिमा पूरी धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर बुद्ध वंदना, क्षमा वंदना, संघ वंदना आदि कार्यक्रम आयोजित किए गए। वक्ताओं ने महात्मा बुद्ध के जीवन दर्शन पर विस्तार से प्रकाश डाला।

    भारतीय बौद्ध महासभा उत्तर प्रदेश पंजीकृत शाखा बिजनौर के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम से पहले मास्टर चंदू सिंह जिला महामंत्री, तिलक राज बौद्ध प्रांतीय उपाध्यक्ष, गुरुदयाल बौद्ध कोषाध्यक्ष, गजेंद्र सिंह बौद्ध प्रांतीय सदस्य, गंगा राम बौद्ध, प्रोफ़ेसर धन सिंह रवि, डॉक्टर नेतराम सिंह, नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में बोधिसत्व प्राइमरी अंबेडकर विद्यालय के छात्र छात्राओं ने शहर में प्रभात फेरी निकाली, जो बुध विहार मंदिर से शुरू होकर अंबेडकर भवन, बुद्ध विहार, बुखारा, शक्ति चौराहा, डाकखाना चौराहा, चाहशीरी, मछली बाजार, रविदास मंदिर होते हुए मंदिर पर जाकर ही संपन्न हुई। कार्यक्रम में बोधिसत्व प्राइमरी अंबेडकर विद्यालय बुखारा की प्रधानाध्यापिका मोनिका रानी निरंजन, बौद्ध नकुल गौतम, जितेंद्र एडवोकेट, तीरथ राम, धर्म सिंह मैनेजर, आनंद वैद्य, प्रकाश, बबीता, सुधा राज, संजय शर्मा, रामप्रकाश, प्रबुद्ध राज, मास्टर राजवीर सिंह सहित अनेक छात्र छात्राएं व गणमान्य लोग शामिल हुए।

  • epfo में higher pension का विकल्प किसके लिए बेहतर और किसके लिए नहीं?

    आपके काम की खबर: ज्यादा पेंशन का विकल्प चुनना चाहिए या नहीं, जानिए हायर पेंशन का विकल्प किनके लिए बेहतर और किनके लिए नहीं?

    Sunil Shukla, the sutra

    BHOPAL. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने योग्य सदस्यों को हायर पेंशन का विकल्प चुनने की समय सीमा बढ़ाकर 26 जून 2023 कर दी है। यदि आप रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी पेंशन योजना यानी EPS-1995 (Employees Penssion Scheme 1995) के तहत ज्यादा पेंशन चाहते हैं तो इसके लिए EPFO की वेबसाइट https://www.epfindia.gov.in या https://unifiedportal-mem.epfindia.gov.in/memberinterface/ पर 26 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। लेकिन विकल्प चुनने की जानकारी और प्रक्रिया स्पष्ट न होने से EPFO के कई सदस्य तय नहीं कर पा रहे हैं कि वे ज्यादा पेंशन के लिए आवेदन करें या अधिकतम 15 हजार रुपए पेंशन योग्य सैलरी वाली व्यवस्था में ही बने रहें। आइए समझने की कोशिश करते हैं कि ऐसे कर्मचारी जिनकी सैलरी से ईपीएफ और ईपीएस की राशि कटती है उन्हें ज्यादा पेंशन का विकल्प चुनना चाहिए या नहीं।

    क्या है EPS की मौजूदा व्यवस्था

    EPS-1995 की वर्तमान व्यवस्था के अनुसार आपके मूल वेतन और महंगाई भत्ते (DA) का 12 फीसदी EPF में जमा होता है। यदि आपको DA नहीं मिलता तो मूल वेतन का 12 फीसदी ईपीएफ में जाता है। इतनी ही राशि यानी 12 फीसदी आपका नियोक्ता (employer) भी आपके अकाउंट में जमा कराता है, लेकिन नियोक्ता के योगदान का एक हिस्सा EPS में चला जाता है। ये हिस्सा बेसिक सैलरी का 8.33 फीसदी या अधिकतम 1250 रुपए होता है। यानी नियोक्ता हर महीने अधिकतम 15 हजार रुपए वेतन (पेंशन योग्य वेतन की सीमा) का 8.33 फीसदी ही आपके EPS अकाउंट में जमा करा सकता है, भले ही आपका वेतन इससे कितना भी ज्यादा क्यों न हो।

    पेंशन योग्य सैलरी (pensionable salary) की सीमा

    केंद्र सरकार द्वारा 22 अगस्त 2014 में किए गए बदलाव के बाद 1 सितंबर 2014 से पेंशन योग्य वेतन की सीमा 15 हजार रुपए तय की गई। यानी इस हिसाब से आपके ईपीएस अकाउंट में हर महीने जमा होने वाली राशि 1 हजार 250 रुपए तय की गई। इससे पहले यानी 8 अक्टूबर 2001 से 31 अगस्त 2014 तक ये सीमा 6 हजार 500 रुपए यानी ईपीएस में जमा होने वाली मासिक राशि 541 रुपए और 16 नवंबर 1995 से 7 अक्टूबर 2001 के बीच 5 हजार रुपए यानी ईपीएस में जमा होने वाली मासिक राशि 417 रुपए थी।

    आखिर कहां फंसा पेंच?

    16 मार्च 1996 से पहले ये बात स्पष्ट थी कि EPS में योगदान और पेंशन की गणना अधिकतम पेंशन योग्य सैलरी के हिसाब से होगी। लेकिन 16 मार्च 1996 से EPFO सदस्यों को पेंशन योग्य वेतन के अतिरिक्त वास्तविक सैलरी (actual salary) पर EPS में योगदान और पेंशन पाने का विकल्प भी दिया गया। इसके लिए EPS-1995 में पैराग्राफ 11(3) जोड़ा गया, जिसके तहत कर्मचारी नियोक्ता की सहमति से वास्तविक वेतन पर EPS में अंशदान कर सकते हैं, भले ही वे पेंशन योग्य वेतन की निर्धारित सीमा से अधिक हो, लेकिन 1 सितंबर 2014 से लागू संशोधन में इस पैराग्राफ को हटा दिया गया। हालांकि इस संशोधन में भी उन EPFO सदस्यों को वास्तविक वेतन के हिसाब से अंशदान का विकल्प चुनने के लिए 6 महीने के अंदर आवेदन करने का मौका दिया गया था, जो उस समय EPS में अंशदान कर रहे थे। कुछ खास स्थितियों में इसे 6 महीने के लिए और बढ़ाया गया, लेकिन जानकारी और नियमों में स्पष्टता नहीं होने से ज्यादातर पात्र EPFO सदस्य इस विकल्प को नहीं ले पाए।

    EPFO हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

    केंद्र सरकार ने 2014 के संशोधन में ये निर्देश भी दिया कि यदि आप वास्तविक सैलरी के हिसाब से EPS में योगदान करते हैं तो 15 हजार रुपए पेंशन योग्य वेतन की सीमा के ऊपर EPS में जो भी योगदान होगा उस पर EPFO सदस्य को EPS में 1.16 फीसदी की दर से अतिरिक्त योगदान करना होगा। केंद्र के इस फैसले के खिलाफ केरल, दिल्ली और राजस्थान हाईकोर्ट में कई मुकदमे लगे। इन अदालतों ने कर्मचारियों के पक्ष में फैसला दिया, लेकिन ईपीएफओ इसके विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया।

    सुप्रीम कोर्ट ने 2014 के संशोधन को अवैध बताया

    सुप्रीम कोर्ट ने अपने 4 नवंबर 2022 के निर्णय में EPFO को निर्देश दिया कि वो अपने सदस्यों को ज्यादा पेंशन यानी वास्तविक वेतन के हिसाब से EPS में योगदान का विकल्प चुनने के लिए एक और अवसर दे। साथ ही कोर्ट ने सितंबर 2014 के उस संशोधन को अवैध करार दिया, जिसके अनुसार EPFO के सदस्यों को 15 हजार रुपए के पेंशन योग्य वेतन के 8.33 फीसदी से ज्यादा अंशदान पेंशन योजना में करने पर 1.16 फीसदी का अतिरिक्त योगदान करना होगा। लेकिन इसके लिए कोर्ट ने EPFO को 6 महीने की मोहलत दी है ताकि इस अवधि में EPFO वैकल्पिक व्यवस्था कर सके। सुप्रीम कोर्ट के इसी दिशा-निर्देश के अनुरूप EPFO ने अपने सदस्यों को हायर पेंशन का विकल्प चुनने के लिए एक और मौका दिया है। EPFO के पात्र सदस्य अपने नियोक्ता के साथ मिलकर 26 जून 2023 तक इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।

    हायर पेंशन के लिए कौन-कौन कर सकते हैं आवेदन?

    सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश के मुताबिक जो कर्मचारी 1 सितंबर 2014 से पहले EPS के सदस्य थे और उसके बाद भी EPS के सदस्य रहे हैं, वे हायर पेंशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसी तरह जो सदस्य 1 सितंबर 2014 से पहले 6 हजार 500 रुपए और 5 हजार रुपए से ज्यादा के पेंशन योग्य वेतन पर EPS में योगदान कर रहे थे, वे भी ज्यादा पेंशन के लिए आवेदन करने के योग्य हैं। ऐसे सदस्य भी ज्यादा पेंशन के लिए आवेदन कर सकते हैं, जो 1 सितंबर 2014 से पहले रिटायर हो गए थे। लेकिन जिन्होंने पैरा 11(3) के तहत वास्तविक वेतन के आधार पर पेंशन के चुनाव के लिए जॉइंट ऑप्शन का इस्तेमाल किया था, लेकिन इसे EPFO ने ठुकरा दिया था।

    ऐसे लोग नहीं कर सकते आवेदन

    हायर पेंशन के लिए ऐसे लोग आवेदन नहीं कर सकते जो 1 सितंबर 2014 से पहले रिटायर हो गए और जिन्होंने वास्तविक सैलरी के आधार पर पेंशन के चुनाव के लिए जॉइंट ऑप्शन का इस्तेमाल नहीं किया था। ईपीएफओ के ऐसे सभी पेंशनर ज्यादा पेंशन के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं। इनके अलावा 1 सितंबर 2014 के बाद EPS के सदस्य बनने वाले भी ज्यादा पेंशन के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं।

    ऐसे करें EPS में अपने अंशदान और पेंशन का कैलकुलेशन

    यदि आप अपनी वास्तविक सैलरी के हिसाब से ईपीएस में ज्यादा योगदान का विकल्प का चुनते  हैं तो आपके मूल वेतन का 8.33 हिस्सा EPS में जमा होगा न कि 15 हजार रुपए के पेंशन योग्य वेतन की सीमा के मुताबिक अधिकतम 1250 रुपए। ज्यादा पेंशन का विकल्प चुनने के बाद बाद कर्मचारी को 58 साल की उम्र के बाद मिलने वाली पेंशन का कैलकुलेशन भी बदल जाएगा। नए नियम के अनुसार अब उनके अंतिम 60 महीनों के औसत मूल वेतन के आधार पर पेंशन का निर्धारण किया जाएगा, न कि अधिकतम 15 हजार रुपए के पेंशन योग्य वेतन के आधार पर।

    अपनी पेंशन कैसे कैलकुलेट करें-

    ईपीएस में पेंशन राशि, सदस्य के पेंशन योग्य वेतन और पेंशन योग्य सेवा यानी कुल कितने साल नौकरी की है, इस पर निर्भर करती है। सदस्य की मासिक पेंशन राशि का कैलकुलेशन नीचे दिए गए फॉर्मूला के अनुसार किया जाता है-

    कर्मचारी का पेंशन योग्य वेतन X पेंशन योग्य सेवा/70 = मासिक पेंशन राशि

    रिटायरमेंट के बाद कितनी पेंशन मिलेगी, खुद करें कैलकुलेट?

    इसे कैलकुलेट करने के लिए एक फॉर्मूला है… पेंशन योग्‍य वेतन x नौकरी के साल/70..मान लीजिए आपकी बेसिक सैलरी + डीए 20 हजार रुपए है और आपने 30 साल तक नौकरी की तो इस हिसाब से पेंशन मासिक 8 हजार 571 रुपए होगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इसके फॉर्मूले में बदलाव करते हुए नौकरी के अंतिम 60 महीने यानी पिछले 5 साल के औसत वेतन को पेंशन योग्‍य सैलरी करार दिया है। इस हिसाब से नौकरी के आखिरी 60 महीने का औसत वेतन (बेसिक + DA) 25 हजार रुपये है तो फिर इस राशि में नौकरी के कुल साल (30 वर्ष) को गुणा करना है,और फिर उसमें 70 से भाग किया जाएगा। इस तरह से हर महीने 10 हजार 714 रुपए पेंशन बनेगी। यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी + डीए 50 हजार रुपए है तो फिर इस फॉर्मूले से पेंशन 21 हजार 428 रुपए हर महीने मिलेगी। ये 15 हजार रुपए बेसिक वाले से फॉर्मूले से 15 हजार रुपए ज्‍यादा है। 15 हजार बेसिक फॉर्मूले से हर महीने 6 हजार 428 रुपए पेंशन बनती है।

    इस तरह से होगा पेंशन का कैलकुलेशन

    मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 50 हजार रुपए है। पुरानी व्यवस्था के हिसाब से कर्मचारी पेंशन योग्य बेसिक सैलरी यानी 15 हजार रुपए  का 12 फीसदी यानी 1800 रुपए EPF में जाएंगे। इसमें नियोक्ता भी इतना ही अंशदान करेगा लेकिन उसमें से 1249 रुपए  EPS में और 551 रुपए EPF में जमा होंगे।

    अब यदि नई व्यवस्था यानी वास्तविक वेतन के आधार पर अंशदान जमा कराया जाए तो 50 हजार रुपए के मूल वेतन पर कर्मचारी के हिस्से का योगदान 12 फीसदी यानी 6 हजार रुपए ईपीएफ में जमा होगें। नियोक्ता का योगदान भी 6 हजार रुपए होगा, लेकिन अब वास्तविक मूल वेतन यानी 50 हजार रुपए का 8.33 फीसदी अर्थात 4165 रुपए पेंशन फंड (EPS) में जमा होंगे जबकि EPF में सिर्फ 1 हजार 835 रुपए जमा होंगे।

    जानें 50 हजार सैलरी पर कितनी पेंशन मिलेगी?

    अब ये भी समझ लीजिए कि पेंशन कितनी मिलेगी। यदि ईपीएफओ के सदस्य के रूप में आपके EPS फंड में 10 साल तक अंशदान जमा होता है तो आपको 58 साल की उम्र के बाद पेंशन मिलेगी। ईपीएफओ के नियमों में 50 साल की उम्र के बाद भी 4 फीसदी सालाना कटौती के साथ पेंशन लेने का प्रावधान है। ज्यादा पेंशन यानी वास्तविक वेतन के आधार पर पेंशन का विकल्प चुनने के बाद कर्मचारी के आखिरी 60 महीनों के औसत मूल वेतन में नौकरी के कुल साल से गुणा कर दिया जाएगा। इस तरह मिली संख्या को 70 से भाग करने पर मिला आंकड़ा ही कर्मचारी की पेंशन होगी।

    उदाहरण के तौर पर यदि आपकी सर्विस के आखिरी 60 महीनों में औसत मूल वेतन 50 हजार रुपए है तो 35 साल तक EPS में अंशदान करने पर आपको हर महीने 25 हजार रुपए पेंशन मिलेगी। यदि आप पुरानी व्यवस्था में ही रहते हैं तो आपको अधिकतम 7 हजार 500 रुपए महीना पेंशन मिलेगी क्योंकि मौजूदा नियमों के मुताबिक पेंशन योग्य वेतन की अधिकतम सीमा 15 हजार रुपए है। अभी पेंशन की मौजूदा गणना की व्यवस्था में अंतिम 60 महीने के औसत मूल वेतन को आधार बनाया जाता है। 15 हजार रुपए पेंशन योग्य वेतन में अधिकतम अंशदान की सीमा होने के कारण 35 साल नौकरी करने वाले व्यक्ति को 7 हजार 500 रुपए महीने की पेंशन ही मिलेगी।

    नई व्यवस्था में ध्यान रखें ये बेहद महत्वपूर्ण बात

    यदि अब आप नई व्यवस्था के तहत ज्यादा पेंशन का विकल्प चुनते हैं तो एक बेहद महत्वपूर्ण बात ध्यान रखनी होगी। आपने जिस साल से EPS में अंशदान शुरू किया है, उस समय से पेंशन योग्य वेतन की सीमा से अधिक राशि आपके EPF खाते से EPS खाते में ट्रांसफर होगी। यदि आपके EPF खाते में पर्याप्त रकम नहीं है तो आपको अलग से EPS में राशि जमा करानी होगी।

    अब आप क्या करें?

    अंशदान और पेंशन के कैलकुलेशन स्पष्ट होता है कि यदि आप वास्तविक सैलरी के हिसाब से EPS में योगदान करते हैं तो आपको रिटायरमेंट के बाद ज्यादा पेंशन मिलेगी। लेकिन आपको ज्यादा पेंशन का विकल्प चुनने से पहले कई दूसरी जरूरी बातों का भी ध्यान रखना होगा।

    बेसिक सैलरी जितनी ज्यादा, पेंशन भी उतनी ज्यादा

    यदि आप हायर पेंशन का विकल्प चुनते हैं तो मौजूदा फॉर्मूले के हिसाब से अंतिम 60 महीनों यानी 5 साल का आपका मूल वेतन जितना ज्यादा होगा, आपकी पेंशन भी उतनी ही ज्यादा बनेगी, लेकिन पेंशन की राशि इस बात पर भी निर्भर करेगी कि आपने EPS में कितनी अवधि (पेंशन योग्य सेवा) के लिए अंशदान किया है। ध्यान देने वाली बात ये भी है कि पेंशन की गणना में पेंशन योग्य सेवा की अवधि अधिकतम 35 वर्ष ही मानी जाएगी, भले ही आपने इससे ज्यादा अवधि के लिए EPS में योगदान किया हो। ध्यान रहे कि आपने नौकरी के अंतिम 5 साल से पहले EPS में ज्यादा योगदान किया मगर किसी कारणवश आपके अंतिम 5 सालों में औसत मूल वेतन कम रहता है या आपकी नौकरी छूट जाती है तो आपकी पेंशन कम बनेगी।

    ईपीएस की राशि पर नहीं मिलता ब्याज

    आपके EPS खाते में जो राशि जमा होती है, वो 58 साल की उम्र तक जुड़ती है और 58 साल पूरे होने के बाद आपकी मंथली पेंशन के रूप में मिलनी शुरू होती है। यानी कुल 10 वर्ष तक योगदान के बाद आप EPS में जमा धनराशि को न तो रिटायरमेंट के बाद और न पहले निकाल सकते। जबकि EPF में जमा धनराशि को आप रिटायरमेंट से पहले भी जरूरत पड़ने पर निकाल सकते हैं। यदि आप ईपीएस में ज्यादा अंशदान करेंगे, आपके EPF खाते में उतनी ही कम राशि जाएगी। EPF की राशि पर सरकार ब्याज भी देती है। मौजूदा वित्त वर्ष के लिए सरकार EPF पर 8.15 फीसदी ब्याज दे रही है। EPS क्योंकि एक पेंशन स्कीम है इसलिए इस पर कोई ब्याज नहीं मिलता।

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    सर्विस के आखिरी 5 साल में सैलरी ज्यादा तो हायर पेंशन का विकल्प बेहतर

    रिटायर होने के बाद EPF की राशि ब्याज सहित जो आपको मिलती है उस पर आपको कोई टैक्स नहीं देना होता है, लेकिन EPS से मिलने वाली पेंशन पर आपको सैलरी की तरह टैक्स चुकाना होगा। यदि आपने कई संस्थानों में काम किया है और EPF का पैसा निकाल लिया है तो भी अंशदान की अवधि कम होगी। इस स्थिति में आपके पेंशन के कैलकुलेशन पर असर पड़ेगा। यदि आपने कुल 10 साल तक EPS में योगदान नहीं किया है तो आप इसमें जमा धनराशि निकाल सकते हैं। लेकिन ईपीएफओ के जानकार बताते हैं कि चूंकि EPS एक पेंशन स्कीम है इसलिए इस पर ब्याज और रिटायरमेंट से पहले विड्रॉल की बात करना बेमानी है। यदि आपकी नौकरी की अवधि लंबी है, साथ ही रिटायरमेंट के आखिरी 5 सालों में आपकी सैलरी ज्यादा रहती है तो आपको रिटायरमेंट के बाद EPS से जो पेंशन मिलेगी, वो मार्केट में उपलब्ध अन्य पेंशन स्कीम से बेहतर हो सकती है, बशर्ते सरकार योगदान और पेंशन के कैलकुलेशन के मौजूदा फॉर्मूले में भविष्य में कोई बदलाव न करे। इस पेंशन स्कीम के पक्ष में एक बात ये भी जाती है इस स्कीम में डिफॉल्ट का कोई खतरा नहीं है क्योंकि ये एक सरकारी स्कीम है।

  • स्कूलों की छुट्टियों के समय सड़कों पर लगने वाले जाम से जनता हल्कान

    लखनऊ की तरह होने चाहिए कड़े निर्देश

    वाहन पार्किंग की व्यवस्था क्यों नहीं करते स्कूल कॉलेज?

    प्रतीकात्मक चित्र

    स्कूलों में एक घंटा पहले होगी बच्चों की एंट्री, बनेगा ट्रैफिक कंट्रोल रूम

    बिजनौर। स्कूलों की छुट्टियों के समय सड़कों पर लगने वाले जाम से जनता हल्कान है। स्कूल प्रबंधन द्वारा पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण सड़कों पर रोजाना दिन में भयंकर जाम लगता है और जनता भारी परेशानी से जूझती है। इमरजेंसी में कहीं जाना टेढ़ी खीर साबित होता है। उस पर जाम में फंसे वाहनों के हॉर्न की आवाज पर्यावरण में ध्वनि प्रदूषण को बढ़ा रही है।

    जनपद बिजनौर में स्कूलों की छुट्टियों के समय सड़कों पर निकलना आम व्यक्ति के लिए टेढ़ी खीर से कम नहीं है। किसी भी स्कूल प्रबंधन द्वारा पार्किंग की कोई व्यवस्था न किए जाने के कारण लगने वाले जाम से जनता हल्कान है। रोजाना दिन में लगने वाले भयंकर जाम से जनता को भारी परेशानी से जूझना पड़ता है। इमरजेंसी में कहीं जाने वाले का तो ऊपर वाला ही मालिक। जाम में फंसे वाहनों के हॉर्न की आवाज से पर्यावरण में ध्वनि प्रदूषण को बढ़ावा मिल रहा है।

    प्रतीकात्मक चित्र

    बिल्ली के गले में घंटी बांधे कौन!

    बिजनौर में भी प्रदेश की राजधानी की तरह ही स्कूल प्रबंधन को कड़े निर्देश देकर व्यवस्था सुचारू करानी चाहिए। इस संबंध में जिले की आम जनता को जिला प्रशासन से गुहार लगानी चाहिए। …लेकिन समस्या बेहद बड़ी है कि बिल्ली के गले में घंटी बांधे कौन! अभिभावकों को डर सताता है कि स्कूल वाले नाराज हो गए तो उनके बच्चे का भविष्य न खराब कर दिया जाए। सिर्फ पार्किंग ही एक समस्या नहीं है। एडमिशन फीस, कॉपी किताबों का खर्च, ड्रेस आदि सब कुछ उन्हें स्कूल से या फिर उनकी बताई गई जगह से ही खरीदना मजबूरी है। हालात इस कदर खराब हैं कि छोटे~छोटे बच्चों की पढ़ाई का खर्चा भयावय रूप ले चुका है।

    हाइवे पर बसे हैं बड़े लोगों के स्कूल

    अधिकतर स्कूल कॉलेज नेशनल हाईवे किनारे संचालित किए जा रहे हैं। यह सभी सामाजिक, राजनैतिक और आर्थिक रूप से बड़े लोगों में शुमार हैं। इसलिए इनसे पंगा लेने से सभी डरते हैं। इनमें नुमाइश ग्राउंड से मेरठ रोड, सिविल लाइंस से नजीबाबाद~हरिद्वार और कोटद्वार रोड, नूरपुर मुरादाबाद रोड आदि पर स्कूलों के कारण जाम एक आम समस्या है।

    मजबूर है मीडिया?

    जनसमस्या को उजागर करने और उसके निदान तक अंजाम तक पहुंचाने वाला मीडिया खामोश है। वजह साफ है, बड़े ग्रुप विज्ञापनों के नाम पर इन स्कूल कॉलेज से भारी भरकम रकम उगाहते हैं। आखिरकार इसी उगाही गई रकम से स्टाफ को तनख्वाह दी जाती है। छोटे स्तर वाले, अपने स्तर के हिसाब से ही इन लोगों के हाथों की कठपुतलियां बने रहते हैं?

    प्रतीकात्मक चित्र

    लखनऊ में क्या हुई व्यवस्था?

    दरअसल पिछले महीने लखनऊ के जिलाधिकारी सूर्य पाल गंगवार ने एक अनूठी पहल करते हुए सभी स्कूलों को निर्देश दिया कि वे अपने परिसरों में ट्रैफिक नोडल अधिकारियों की देखरेख में ट्रैफिक कंट्रोल रूम स्थापित करें ताकि उनके संस्थानों के बाहर ट्रैफिक जाम न हो। डीएम ने स्कूलों को यातायात व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए मास्टर प्लान बनाकर उसका अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा।
    स्कूलों की खुलने और छुट्टी के समय लगने वाले जाम की समस्या को दूर करने के लिए डीएम सूर्यपाल गंगवार ने कलक्ट्रेट स्थित सभागार में दस स्कूलों के ट्रैफिक नोडल अधिकारियों के साथ बैठक की। डीएम ने कहा कि सभी स्कूलों से ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए मास्टर प्लान मांगा गया था, प्लान तो दिया गया लेकिन इसका अनुपालन नहीं कराया गया।

    स्कूलों से आए इस तरह के प्रेजेंटेशन~

    जयपुरिया स्कूल द्वारा बताया गया कि उनके विद्यालय के बाहर सुबह 7.20 से 7.30 बजे तक कुल 10 मिनट जाम लगता है और अपराह्न 2 बजे से 2.30 बजे तक 30 मिनट जाम लगता है। विद्यालय में तीन गेट हैं। प्रत्येक गेट पर एक एक नोडल और सपोर्टिंग स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है। क्राइस्ट चर्च की प्रेजेंटेशन से साफ हुआ कि विद्यालय के अंदर पर्याप्त जगह होने के बाद भी वाहन बाहर पार्क किये जाते हैं। इन्हें निर्देश दिए गए कि सभी वाहनों को विद्यालय परिसर के अंदर पार्क किया जाए। सेंट फ्रांसिस की प्रेजेंटेशन में ज्ञात हुआ कि स्टाफ के वाहन तो विद्यालय के अंदर पार्क किये जाते हैं लेकिन वैन बाहर पार्क होती हैैं। इस पर निर्देश दिए गए कि स्टाफ के वाहन, पूल्ड वाहन, अभिभावकों के वाहन व वैन इत्यादि परिसर के अंदर पार्क किए जाएं। सीएमएस द्वारा बताया गया कि उनके विद्यालय में लगभग 1735 प्राईवेट वाहन आते हैं। परिसर के अंदर पार्किंग के लिए कोई प्लेस नहीं है। विद्यालय द्वारा नियर बाई पार्किंग प्लेस की व्यवस्था को सुनिश्चित करने के साथ ही निर्देश दिए कि विद्यालय अभिभावकों को स्कूल बस से अपने बच्चों को भेजने के लिए प्रेरित करें।

    स्कूलों को ये कदम उठाने होंगे~ 1-नोडल अधिकारी की तैनाती। 2-स्कूल के सभी गेट पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती। 3-स्टूडेंट्स के स्कूल आने के साधनों का विवरण। 4-हर स्कूल में सेंट्रलाइज्ड एनाउंसमेंट सिस्टम। 5-सभी गेट्स पर सीसीटीवी। 6-स्कूल पार्किंग में पैरेंट्स के वाहन भी पार्क कराए जाएं। 7-स्कूलों के बाहर बिना ड्राइवर गाड़ी न पार्क की जाए, वरना चालान। 8-बच्चों को 15 मिनट पहले नहीं, एक घंटा पहले स्कूल में एंट्री की सुविधा।


    लॉरेटो कॉन्वेंट प्रतिनिधि को फटकार~

    बैठक में उपस्थित लॉरेटो कांवेंट स्कूल, लखनऊ के प्रतिनिधि द्वारा कोई भी जानकारी उपलब्ध न कराने पर उन्हें कड़ी फटकार लगाई गई एवं निर्देशित किया गया कि समुचित कार्य योजना के साथ संबंधित व्यक्ति को ही बैठक में भेजा जाए। सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल गोमतीनगर के प्रतिनिधि को कठोर चेतावनी के साथ निर्देशित किया गया कि पैरेंट्स के वाहन भी परिसर के अंदर ही खड़े कराए जाएं अन्यथा विद्यालय कि एनओसी वापस लेने के संबंध में नियमानुसार एक्शन होगा।

  • 38 फीसदी की मांग के बावजूद बढ़ोत्तरी हुई 28 प्रतिशत

    परिवहन कर्मियों ने मुख्यमंत्री से मांगा राज्य कार्मिकों के बराबर महंगाई भत्ता

    लखनऊ। परिवहन निगम के कार्मिकों ने मुख्यमंत्री से राज्य कार्मिकों के बराबर महंगाई भत्ते का भुगतान करने की मांग की है। रोडवेज कर्मचारी संगठनों द्वारा काफी दिनों से यह मांग की जा रही है। इसके बावजूद निगम प्रशासन की ओर से एक जनवरी 2023 से मूल वेतन के 28 फीसदी की दर से महंगाई भत्ते के भुगतान की मंजूरी दी गई।

    वहीं राज्य सरकार के कर्मियों को 38 फीसदी और पड़ोसी राज्य उत्तराखंड परिवहन निगम अपने कर्मियों को 38 फीसदी डीए के तौर पर भुगतान कर रहा है। विदित हो कि परिवहन निगम में पेंशनभोगी और नियमित कर्मियों की संख्या लगभग 20 हजार है।

    गौरतलब है कि विभाग की अध्यक्षता में गठित इम्पावर्ड कमेटी ने 11 फीसदी महंगाई भत्ता और देने की मंजूरी मार्च में दी थी। कमेटी के इस निर्णय से महंगाई भत्ता 28 फीसदी हो गया। यह भत्ता जनवरी 2023 से आगामी वेतन के साथ जुड़कर अधिकारियों और कर्मचारियों के खाते में पहुंचना शुरू हुआ। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री गिरीश चंद्र मिश्र का कहना है कि 17 फीसदी महंगाई भत्ता मिल रहा था। परिषद की ओर से राज्य कर्मियों की भांति 38 फीसदी महंगाई भत्ते की मांग की गई थी। कमेटी ने 11 फीसदी महंगाई भत्ते का प्रस्ताव स्वीकृत किया। इससे कर्मचारियों के वेतन में ₹2500 से ₹8000 तक प्रतिमाह की बढ़ोत्तरी हुई ।

  • यज्ञ से समाप्त हो जाएंगे सारे वायरस, बैक्टीरिया: डॉक्टर नरेंद्र सिंह

    शिव मंदिर देवलोक कॉलोनी में हुआ आयोजन

    आजादी का अमृत महोत्सव अंतर्गत पूर्णमासी पर यज्ञ

    बिजनौर। इंटरनेशनल नेचरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन इकाई जनपद बिजनौर अध्यक्ष ओपी शर्मा के द्वारा शिव मंदिर देवलोक कॉलोनी पर पूर्णमासी के अवसर पर यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ में विभिन्न प्रकार की बूटियों का प्रयोग किया गया। संगठन का उद्देश्य बिना किसी दवाई के समाज को स्वस्थ करना है।

    इस अवसर पर इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने कहा कि यज्ञ से सभी जीवधारी पशु पक्षी जानवर कीड़े मकोड़े परमपिता परमात्मा की बनाई हुई वनस्पतियां तथा अन्य जीवों को सभी को लाभ होता है, सभी निरोगी होते हैं। अतः सभी लोग अपने अपने घरों में गाय के शुद्ध घी, वनस्पतियों तथा बूटियों से यज्ञ करें तो सारे वायरस, बैक्टीरिया समाप्त हो जाएंगे। यह चिकित्सा पद्धति आज की नहीं है, पौराणिक है। प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में किसी भी दवाई देने का प्रश्न ही नहीं उठता। प्रकृति लोगों को अपने आप ठीक करती है। हमें तो प्रकृति के कार्यों में सहयोग करना है। परमपिता परमात्मा के बताए रास्ते पर चलना है।

    यज्ञ के दौरान भारत स्वाभिमान के जिला प्रभारी बीआर पाल कोषाध्यक्ष, राम सिंह पाल, रामगोपाल, आरोग्य भारती के प्रांत अध्यक्ष वैद्य अजय गर्ग, इंटरनेशनल नेचरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन के संरक्षक राजपाल सिंह, जेपी शर्मा, रामगोपालश, जसवीर सिंह, पंडित राम अवतार शर्मा, योगेश कुमार, अनंत कुमार, अरुण कुमार आदि उपस्थित रहे।

    इस अवसर पर आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2023 के लिए गोष्ठी का आयोजन किया गया तथा योग की क्लास को चालू रखने के लिए दिशा निर्देश दिए गए अंत में सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।

  • अवकाश के बावजूद खुले स्कूल शिकायत पर कराए बंद

    बीएलओ की लापरवाही के चलते भटकते रहे मतदाता

    मतदाताओं को रुपए बांटते नहटौर पुलिस ने दो पकड़े रंगेहाथ

    जिले में हुआ कुल 58.89% मतदान

    भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ मतदान

    बिजनौर। जिले में निकाय चुनाव की वोटिंग गुरुवार की सुबह 7 बजे से शुरू हुई। मतदान केंद्रों पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स को तैनात रहा। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी मतदान केंद्रों पर नजर रखी गई।
    जिले के सभी 12 नगर पालिका व 6 नगर पंचायत के अध्यक्ष व सभासद के प्रत्याशियों के मतदान की प्रक्रिया गुरुवार की सुबह 7 बजे से शुरू हुई। जिले भर में 12 नगर पालिका व 6 नगर पंचायत अध्यक्ष के अलावा 392 वार्ड में सभासद के प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मत पेटियों में बन्द हो गया। 26 जोन, 56 सेक्टर में बांटे गए 257 मतदान केंद्र व 927 बूथ में 119 अतिसंवेदनशील व 25 अतिसंवेदनशील प्लस मतदान केंद्रों पर पैरामिल्ट्री फोर्स की तैनाती रही। दरोगा – 266, सिपाही – 916, महिला कांस्टेबल – 214, होमगार्ड – 900, पीएसी की दो कंपनी व दो प्लाटून अर्धसैनिक बल की एक कम्पनी तैनात रही। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा व पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन जिले में विभिन्न स्थानों पर पहुंचे और व्यापक दिशा निर्देश दिए।

    बीएलओ की लापरवाही के चलते मतदाताओं को मतदान केन्द्र, बूथ संख्या, मतदाता क्रमांक व नाम से संबंधित पर्ची घर न पहुंचने पर काफी परेशानी उठानी पड़ी। कई वार्ड में अनेक परिवारों को बीएलओ द्वारा पर्चियां नहीं पहुंचाई गई। इस कारण मतदाता अपना बूथ व मतदाता क्रमांक जानने के लिए प्रत्याशियों के बस्तों पर भटकते रहे। एक वार्ड में वहां के सभासद प्रत्याशी ने पर्ची मतदाताओं तक पहुंचाने की बात कह कर बीएलओ से ले लीं। आरोप है कि जिन मतदाताओं से अपने पक्ष में वोट नहीं मिलने का संदेह था, उन तक पर्ची नहीं पहुंचाई गईं। वोट डालने पहुंचे मतदाताओं को प्रत्याशियों के बस्तों पर रखी मतदाता सूची में देखकर पर्ची बनवानी पड़ी।

    अवकाश के बावजूद खोले स्कूल

    नजीबाबाद। जनपद में नगर निकाय चुनाव को देखते हुए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने 4 मई को जिले के समस्त स्कूलों में अवकाश घोषित किया था। इसके बावजूद तहसील नजीबाबाद के ग्राम ढाकी हुसैनपुर स्थित महर्षि दयानंद इंटर कॉलेज व डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर इंटर कॉलेज खोले गए। सूचना मिलने पर अभिभावक वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष पंकज विश्नोई एडवोकेट ने स्कूल पहुंचकर मैनेजमेंट से वार्ता की। बाद में इन दोनों स्कूलों में अवकाश किया गया। एडवोकेट पंकज विश्नोई ने डीएम व जिला विद्यालय निरीक्षक को यह जानकारी देते हुए इन स्कूलों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

    धामपुर। प्रातः 7 बजे सभी बूथों पर मतदाताओं की लंबी लग गई। दोपहर 11 बजे तक लगभग 33 मतदान हो चुका था। सुबह के समय मतदान का प्रतिशत अच्छा दिखाई दे रहा था लेकिन सूरज के तेजी पकड़ते ही मतदान धीमा हो गया। दोपहर करीब 12:00 बजे मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें हल्की हो गई। मतदान शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन के पुख्ता इंतजाम रहे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदाताओ ने पोलिंग बूथ पर जाकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

    झालू। नगर में सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें लग गई। नगर में 6 मतदान स्थल पर 23 बूथ बनाए गए थे।दोपहर के बाद मतदान में गति धीमी हो गई। लगभग 12.30 बजे तक 45 प्रतिशत मतदान हो सका था। पुलिस प्रशासन तथा सेक्टर मजिस्ट्रेट जगह जगह बूथों पर अपनी पैनी नजर लगाए रहे। सुरक्षा की दृष्टि से हल्दौर थानाध्यक्ष उदय प्रताप व झालू चौकी प्रभारी सुमित राठी लगातार गश्त करते हुए मतदान स्थलों की जांच करते रहे।

    मतदाताओं को रुपए बांटते दो रंगेहाथ पकड़े

    नहटौर। कस्बा इंचार्ज धीरज सिंह ने बीती रात मुखबिर की सूचना पर मोहल्ला पंचायती मंदिर निवासी राहुल अग्रवाल पुत्र अशोक अग्रवाल को मतदाताओं को रुपए बांटते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। जामा तलाशी में उससे 9500 रुपए बरामद हुए। पूछताछ में उसने वोटरों को लुभाने के लिये वार्ड 16 से सभासद पद के प्रत्याशी मौ. अफगानान निवासी मुकेश चंद्र गुप्ता के पैसे बांटने की बात स्वीकार की। वहीं टीम ने वार्ड 20 से प्रत्याशी मौ. अफगानान निवासी मौ. शमी पुत्र कयामुद्दीन को भी मुखबिर की सूचना पर डैमो बैलट पेपर व रुपए बांटते हुए रंगेहाथों पकड़ लिया। तलाशी में उसके पास से कुल 13500 रुपए बरामद हुए। पुलिस ने दोनों ही मामलों में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरु कर दी है।

    अफजलगढ़। नगर पालिका परिषद के लिए 32 मतदान केंद्र पर अध्यक्ष एवं 25 वार्ड सदस्यों के निर्वाचन हेतु मतदान कराया गया। जोनल मजिस्ट्रेट नीरज कुमार त्यागी, सेक्टर मजिस्ट्रेट राजेन्द्र सिंह, डा. धीरेन्द्र कुमार, जयदीप कुमार सतत निगरानी रखे रहे। उप जिलाधिकारी मनोज कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक धर्म सिंह मार्च्छाल, पुलिस क्षेत्राधिकारी, तहसीलदार एवं सम्बन्धित रिटर्निंग ऑफिसर एवं एआरओ आदि मतदान को शान्तिपूर्ण ढ़ंग से सम्पादित कराने हेतु पल-पल की जानकारी लेते रहे।

    स्योहारा। अपर पुलिस निदेशक बरेली जोन पीसी मीणा, डीआईजी मुरादाबाद शलभ माथुर मतदान बूथों एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने सभी बिंदुओं पर बारीकी से निरीक्षण करते हुए अपने अधीनस्थों को जरूरी दिशा निर्देश देते हुए शांति एवं सहयोग की अपील की। नगर निकाय चुनाव के प्रथम चरण के अंतर्गत मतदान के लिए प्रशासन व पुलिस अधिकारी पूर्ण रूप से अलर्ट और मुस्तैद रहे। एसपी पूर्वी धर्म सिंह मार्छल, सीओ व थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव चौधरी गश्त करते रहे। 10 मतदेय स्थलों व 54 बूथों पर सुबह से ही वोटरों की भीड़ दिखाई दी। चुनाव शांतिपूर्ण रूप से कराने के लिए एसपी पूर्वी, सीओ, थाना प्रभारी निरीक्षक बूथों पर निरीक्षण करते रहे। सहसपुर में भी 8 मतदेय स्थलों पर बने 28 बूथों पर 8 प्रत्याशियों के लिए शांतिपूर्ण रूप से मतदान हुआ।

    बिजनौर जनपद में हुए मतदान की स्थिति~

    बिजनौर – 50.37%
    हल्दौर- 68.68 %
    धामपुर- 61.97%
    नहटौर- 60.01%
    स्योहारा- 64.72%
    शेरकोट- 63.31%
    अफजलगढ़- 68.04%
    नजीबाबाद- 50.25 %
    किरतपुर- 55.04%
    नगीना- 59.77%
    नूरपुर- 62.76%
    चांदपुर- 59.75%
    झालू- 66.43%
    मण्डावर- 61.96%
    जलालाबाद- 62.82
    साहनपुर- 65.28%
    सहसपुर- 68.81%
    बढा़पुर- 62.93%


    जिले में हुआ कुल 58.89% मतदान

    776407 कुल मतदाताओं में से 457249 मतदाताओं ने अपने मत का किया उपयोग।

  • चंद्र ग्रहण के दिन लाल किताब के इन उपाय से मिलेगी हर कष्ट से मुक्ति

    चंद्र ग्रहण के दिन करें लाल किताब के ये उपाय, मिलेगी हर कष्ट से मुक्ति
    5 मई दिन शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा पर साल का पहला चंद्र ग्रहण तुला राशि में लगने जा रहा है और इस दिन भद्रा का भी साया रहेगा। चंद्र ग्रहण रात 8 बजकर 45 मिनट से शुरू होगा औऱ रात 1 बजे तक रहेगा और इस ग्रहण का सूतक काल 9 बजे से शुरू हो जाएगा। ज्योतिष शास्त्र में चंद्र हो या सूर्य ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता और इसका नकारात्मक प्रभाव सभी मनुष्यों पर पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र में इन नकारात्मक प्रभावों को दूर करने के लिए कई तरह के उपायों का जिक्र किया गया है। ऐसी मान्यता है कि इस समय किए गए उपाय बहुत जल्दी सिद्ध होते हैं। लाल किताब में चंद्र ग्रहण के दौरान ग्रह दोष मुक्ति, धन लाभ समेत कई उपायों के बारे में बताया गया है। अगर इन्हें सही विधि से किया जाए, तो व्यक्ति की समस्याएं जल्द दूर हो जाती हैं। लाल किताब में इसी नकारात्मक प्रभाव को दूर करने और कुंडली में मौजूद ग्रह दोष को दूर करने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं। इन उपायों के करने से हर कष्ट दूर होता है और ग्रहण दोष भी खत्म होता है…
    चंद्र ग्रहण के समय करें इन मंत्रों का जप

    नौकरी व व्यापार में उन्नति के लिए चंद्र ग्रहण के समय ‘ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:’ मंत्र का जप करना चाहिए। ऐसा करने से कारोबार और करियर में तरक्की के योग बनते हैं और सम्मान भी बढ़ता है। वहीं लक्ष्मी प्राप्ति के लिए ‘ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं ॐ स्वाहा:’ मंत्र का जप करना फायदेमंद रहेगा।

    इस उपाय से दूर होगा ग्रहण दोष~
    लाल किताब के अनुसार, चंद्र ग्रहण के बाद आने वाले पहले सोमवार का व्रत रखकर शिवजी की पूजा करें और घर में केसर की खीर बनवाकर लक्ष्मी माता का भोग लगाएं और फिर कन्याओं को खिलाएं। इसके बाद सफेद वस्त्र और चावल का भी दान करें। ऐसा करने से ग्रहण दोष दूर होता है और कुंडली में चंद्रमा की स्थिति भी मजबूत होती है।

    इस उपाय हर कष्ट होगा दूर~
    चंद्र ग्रहण के दिन यानी शुक्रवार को पानी या फिर दूध को साफ बर्तन में डालकर सिरहाने रखकर सो जाएं। इसके बाद अगले दिन सुबह यानी शनिवार सुबह कीकर के वृक्ष की जड़ में डाल दें। ऐसे करने से कुंडली में अगर ग्रहण योग है तो वह दूर हो जाएगा और आसानी से सभी कार्य पूरे होने लगेंगे। साथ ही जीवन में सकारात्मकता आएगी, जो आपको सफलता के मार्ग पर पहुंचाएगी।

    ग्रहण से पहले चंद्रमा को ऐसे दें अर्घ्य~
    अगर आप दाढ़ी या चोटी रखते हैं तो चंद्र ग्रहण से एक दिन पहले ही उसको हटा दें। यानी की ग्रहण के समय ये नहीं होनी चाहिए। साथ ही ग्रहण से पहले चांदी के लोटे में गंगाजल, चावल, शक्कर और दूध मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें और ग्रहण के समय मानसिक तौर पर जप-तप व दान करें।

    पूरे होंगे सभी काम~
    लाल किताब के अनुसार, चंद्र ग्रहण के दिन पानीदार नारियल लें और उसे अपने सिर पर से 21 बार वार लें। फिर उसे बहते हुए पानी में प्रवाहित कर दें। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जाएं आपसे दूर रहती हैं और आप जीवन में जिन समस्याओं से चिंतित थे, वे समस्याएं भी दूर हो जाएंगी। साथ ही कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है, जिससे मन शांत रहता है और कार्य भी पूरे होते हैं।

    करें इन चीजों का दान~
    ग्रहण के अशुभ प्रभाव को दूर करने के लिए चंद्र ग्रहण के समय और बाद में चंद्रमा से संबंधित चीजें जैसे चावल, सफेद कपड़े, सफेद फूल, चीनी, बैल, मोती, शंख, दही, शक्कर आदि चीजों का दान करना चाहिए। ऐसा करने से कुंडली में चंद्र की स्थिति मजबूत होती है और धन धान्य में वृद्धि होती है।

    कुंडली में चंद्रमा की स्थिति होगी मजबूत~
    लाल किताब के अनुसार चंद्र ग्रहण के समय कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत करने के लिए तुलसी को मुंह में रखकर चंद्रमा के बीज मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है।

    नकारात्मक प्रभाव होगा कम~
    चंद्र ग्रहण के समय चंद्रमा के वैदिक मंत्र “ऊँ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः” और “ऊँ सों सोमाय नमः” का अधिक से अधिक बार जाप करना चाहिए। इससे चंद्रमा का नकारात्मक प्रभाव कम हो जाता है।

    समस्याओं से मिलेगी मुक्ति~
    लाल किताब के अनुसार चंद्र ग्रहण के दिन नारियल लें और उसे अपने सिर पर से 21 बार उतार लें। फिर उसे बहते हुए पानी में प्रवाहित कर दें। इससे सभी परेशानियां दूर हो जाएंगी।

    धन लाभ के लिए~
    चंद्र ग्रहण के समय मां लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए चांदी का एक टुकड़ा, दूध और गंगाजल में मिलाकर बाहर रख दें। ग्रहण खत्म होने के बाद इस टुकड़े को उठाकर तिजोरी में रख दें। इससे धन लाभ के योग बनने लगेंगे।

    चंद्र ग्रहण दोष के उपाय~
    कुंवारी कन्याओं को सफेद वस्त्र और खीर भेंट करें.

    गायत्री और मृत्युंजय मंत्र का जाप करें.

    पूर्णिमा के दिन व्रत करें और चंद्रमा को अर्घ्य दें.

    सोमवार को अन्न दान करें.

    हर सोमवार को ॐ चन्द्राय नमः का 108 बार जाप करें.

    सभी सोमवार को निश्चित समय पर जरूरतमंद लोगों को दूध का दान करें.

    विष्णु और शिव स्तोत्र का जप करें क्योंकि विष्णु सूर्य पर शासन करते हैं और शिव चंद्रमा पर शासन करते हैं.

    पूर्णिमा की रात चांदी के बर्तन में रखे दूध में हल्दी और शहद मिलाकर पिएं.

    नोट : यह तमाम जानकारी जनरुचि को ध्यान में रखकर दी जा रहा है, ज्योतिष और धर्म के उपाय और सलाहों को अपनी आस्था और विश्वास पर आजमाएं। कंटेंट का उद्देश्य मात्र आपको बेहतर सलाह देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।

  • सपा बसपा कांग्रेस की नीतियाँ किसान विरोधी एवं किसानों के साथ छलावा: रामनिवास यादव

    राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन द्वारा उत्तर प्रदेश के नगरीय निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को समर्थन

    लखनऊ। आज 3 मई 2023 को राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन की हाईपावर कमेटी के निर्णय को बताते हुए यूनियन के अध्यक्ष रामनिवास यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नगरीय निकाय विकास संकल्प पत्र, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी एवं कांग्रेस पार्टी की नीतियों पर जब हाई पावर कमेटी ने तुलनात्मक विचार किया तो सपा बसपा एवं कांग्रेस की नीतियाँ किसान विरोधी एवं किसानों के साथ छलावा दिखीं। पहले जब सपा बसपा एवं कांग्रेस की सरकारें थीं तो सबसे ज्यादा दुर्दशा किसानों की थी, जिससे इनकी नीतियों के कारण प्रतिवर्ष हजारों किसान आत्महत्या को मजबूर होते थे। किसान खेती का काम छोड़कर मजदूरी करने को मजबूर था क्योंकि किसानों को न समय से खाद मिलती थी न ही बिजली पानी; उल्टे अपने फायदों के लिए किसानों की जमीनों का जबरदस्ती अधिग्रहण कर लिया जाता था एवं किसानों को सालों मुआवजा भी नहीं दिया जाता था। कई बार जब किसान विरोध करते थे उन पर लाठी एवं गोलियां चलाई जाती थी। यही हाल अखिलेश यादव की सरकार में था। इनके पार्टी के कार्यकर्ता ही किसानों की जमीनों पर जबरदस्ती कब्जा कर लेते थे। किसान जब पुलिस से शिकायत करता था तो उल्टे उस पर ही पुलिस द्वारा दबाव बनाकर जमीन औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर किया जाता था। यही कारण है कि भाजपा सरकार के पिछले कार्यकाल एवं संकल्प पत्र में की गयी नयी घोषणाओं को देखते हुए आगामी नगरीय निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को समर्थन देने का एलान एवं किसान भाईयों से भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में वोट करने की अपील किया है।

    राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के अध्यक्ष रामनिवास यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने अच्छी कानून व्यवस्था, नगरों में भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन एवं नगरीय निकायों के विकास पर ध्यान दिया है और किसानों के हितों को ध्यान में रख कर जो नगरीय निकाय संकल्प पत्र जारी किया, वह प्रदेश के किसानों का काफी फायदा देने वाला है जिस प्रकार से शहरी क्षेत्रों में किसानों को अपने वाहन ले जाने की छूट एवं किसानों को सिंचाई हेतु मुफ्त बिजली देने के साथ ही गन्ना किसानों के भुगतान को 14 दिनों में करने एवं समय से भुगतान न होने पर ब्याज देने का काम किया है, उससे लाखों गन्ना किसानों को काफी फ़ायदा हो रहा है। यह स्वागत योग्य निर्णय है। अगले पाँच वर्षों में एम.एस.पी. पर लगातार बढोत्तरी कर रिकार्ड फसल खरीदी जा रही है एवं किसान सम्मान निधि दोगुना करने की प्रक्रिया प्रारम्भ की गयी। असहाय, गरीब एवं बुजुर्ग किसानों को 1500रू प्रतिमाह पेंशन देने इसके साथ ही सभी किसानों को आयुष्मान भारत योजना में 5 लाख तक स्वास्थ लाभ दिया गया। चार हजार नये एफ.पी.ओ. गठित कर अठ्ठारह लाख तक वित्तीय मदद करना, उत्तर प्रदेश में 6 मेगा फूड पार्क बनाना, किसानों को सस्ती दर पर खाद उपलब्ध कराना, गरीब किसानों को पक्का आवास देना, गरीब किसान की बेटी की शादी में एक लाख रुपए अनुदान देना। पच्चीस हजार करोड़ से सरकार बल्लभ भाई पटेल कृषि इन्फ्राइंस्ट्रक्चर बनाना, जिसमें कोल्ड चेन, गोदाम, फूड प्रोसिसिंग सेन्टर का निर्माण कर किसानों की फसलों को बर्बादी से रोकने एवं उचित मूल्य दिलाने का निर्णय, एक हजार करोड़ का भामा शाह कोष बनाकर किसानों की फसलों को दैवीय आपदा से होने वाले नुकसान से बचाने का काम किया, वह बहुत ही सराहनीय है। पच्चीस हजार करोड़ से गन्ना मिलों का नवीनीकरण एवं नई चीनी मिलों का निर्माण करना, एक हजार करोड़ की लागत से दुग्ध उत्पादन को बढावा देने के लिए “नन्द बाबा यादव दुग्ध मिशन” के अन्तर्गत गांव में ही दूध खरीदने की व्यवस्था एवं शहरी क्षेत्रों में बेचने की सुविधा करना एवं मछुवारा समाज के लिए “निषाद राज बोट सब्सिडी योजना” का आरम्भ करना, जिसमें नाव खरीदने पर 40% सब्सिडी देने एवं 6 अल्ट्रा माँडल मत्स्य मंडी स्थापित करना। निश्चित रूप से भाजपा के नगरीय निकाय विकास संकल्प पत्र के लागू होने पर किसानों की आमदनी दोगुनी हो जायेगी।

  • पुलिस के साथ पीएसी और अर्धसैनिक बल भी तैनात

    पहले चरण के मतदान के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

    लखनऊ (एजेंसी)। नगर निकाय चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय के चुनाव प्रकोष्ठ ने गुरुवार को होने वाली मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रदेश के समस्त जनपदों के मतदान केंद्रों में अति संवेदनशील प्लस तथा अति संवेदनशील मतदान केंद्रों एवं मतदेय स्थलों का चिन्हीकरण करते हुए प्रबंध किए हैं।

    नगर निकाय चुनाव को लेकर पुलिस ने कमर कस ली है। सुरक्षा को लेकर सारे बंदोबस्त पूरे कर लिए गए हैं। पुलिस के साथ पीएसी और अर्धसैनिक बल भी तैनात किए गए हैं।सुपर, जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट की ड्यूटी भी लगाई गई है।
    प्रथम चरण में 33 जनपदों व चार पुलिस कमिश्नरेट में मतदान होना है। समस्त अति संवेदनशील प्लस व अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर जिला निर्वाचन अधिकारी से समन्वय स्थापित कर आवश्यकतानुसार वेब कास्टिंग, वीडियोग्राफी एवं सीसीटीवी आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। लाइसेंसी शस्त्र धारकों का सत्यापन तथा स्क्रीनिंग कमेटी का गठन कर शस्त्र जमा कराए गए हैं। अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ अभियान चलाया गया है। स्पेशल डीजी कानून-व्यवस्था एवं अपराध प्रशांत कुमार ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में फ्लैग मार्च, फुट पेट्रोलिंग तथा घुड़सवार पुलिस नियमित पेट्रोलिंग कर रही है। राजपत्रित अधिकारियों के नेतृत्व में समस्त मतदान केंद्रों का निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय पर राजपत्रित अधिकारी के नेतृत्व में चुनाव प्रकोष्ठ तथा चुनाव कंट्रोल रूम का गठन कर लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। सोशल मीडिया सेल लगातार आपत्तिजनक पोस्ट, अफवाहों आदि पर कार्रवाई कर रही है।

    निरोधात्मक कार्रवाई को अभियान~
    समस्त जनपदों में अभियान चलाकर अब तक 15,698 गैर जमानती वारंटियों, 6354 वांछित अभियुक्तों तथा 281 पुरस्कार घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। रासुका की कार्रवाई 14 अभियुक्तों पर की गयी है। गैंगस्टर एक्ट के तहत 1101 अभियुक्तों पर मुकदमा दर्ज करने के साथ ही इनमें से 831 को गिरफ्तार किया गया है। गुण्डा अधिनियम के तहत 7337 अभियुक्तों का चालान कर 2012 को जिला बदर कराया गया। करीब 4000 अवैध शस्त्र, 4500 से ज्यादा कारतूस, 3470 किलो विस्फोटक बरामद किया गया है। अवैध शराब के 1700 से ज्यादा कारोबारियों को दबोचा गया। शांति भंग की आशंका में 5.50 लाख से अधिक लोगों पर कार्रवाई की गयी है, जबकि 6.50 लाख लोगों को पाबंद कराया गया है। करीब 8.20 लाख वाहनों का चालान और 7426 वाहनों को सीज किया गया है।

    प्रथम चरण के मतदान केंद्र~
    कुल मतदान केंद्र – 7372
    मतदेय स्थल – 23,614
    अति संवेदनशील प्लस – 720
    अति संवेदनशील – 1913
    कुल संवेदनशील – 2633
    सामान्य मतदान केंद्र – 4721
    संवेदनशीलता का प्रतिशत – 35.80

    आवंटित पुलिस बल~
    – 19,880 निरीक्षक एवं उप निरीक्षक
    – 1,01,477 मुख्य आरक्षी एवं आरक्षी
    – 47,985 होमगार्डस स्वयंसेवक
    – 86 कंपनी, दो प्लाटून अर्द्धसैनिक बल
    – 35 कंपनी केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल
    – 7500 प्रशिक्षणाधीन उप निरीक्षक 

    लखनऊ में पुलिस की तगड़ी व्यूह रचना~

    पुलिस कमिश्नर एसबी शिरडकर ने लखनऊ पुलिस लाइन में चुनाव को लेकर ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक की। यहां चार अप्रैल को वोटिंग होनी है।

    यहां 114 मतदान केंद्र संवेदनशील, 145 अति संवेदनशील और 75 केंद्र अतिसंवेदनशील प्लस की श्रेणी में हैं। हर बूथ पर पुलिस वालों की ड्यूटी लगाई गई है। मतदान केंद्रों पर 178 इंस्पेक्टर, 1371 दरोगा, 350 ट्रेनी दरोगा, 9225 सिपाही, 5498 होमगार्ड, 5 कंपनी व एक प्लाटून पीएसी तैनात की गई है। गैर जनपद से 291 दरोगा, 208 सिपाही भी बुलाए गए हैं। प्रत्येक थाने पर दो-दो के हिसाब से 94 क्यूआरटी मतदान के वक्त इलाके में गश्त करेगी। वहीं 133 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 35 जोनल मजिस्ट्रेट और 12 सुपर नोडल मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा 10 डीसीपी, 11 एडीसीपी, 23 एसीपी और एक कंपनी बीएसएफ और अर्धसैनिक बल भी तैनात रहेंगे। शराब व बीयर की दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। पुलिस कमिश्नर ने सभी अधिकारियों को चुनाव से 24 घंटे पहले से ही एक्टिव रहने और इलाके में गश्त करने की हिदायत दी है। साथ ही मतदान के दौरान किसी भी तरह की किसी भी शिकायत पर फौरन उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

  • वर्तमान और पूर्व मंत्री के करीबी बागी शामिल

    27 कार्यकर्ता छह वर्ष के लिए भाजपा से निष्कासित

    प्रयागराज। भाजपा ने बागियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। निकाय चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने पर भाजपा महानगर इकाई ने सात पूर्व पार्षद समेत 27 कार्यकर्ताओं को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। इसमें प्रदेश सरकार में मंत्री नन्दगोपाल गुप्ता नंदी व पूर्व मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के करीबी भी शामिल बताए गए हैं।

    बागियों पर सख्त हुई भाजपा
    भारतीय जनता पार्टी के इस कार्रवाई के बाद कार्यकर्ताओं में खलबली मची है। बता दें कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में नगरीय निकाय चुनाव में कूदे बागी नेताओं से भाजपा सख्ती से निपट रही है। प्रदेश के अलग-अलग जिले में बागियों के खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई की जा रही है।

    पार्टी से बाहर किए जाने वाले पूर्व पार्षदों में अखिलेश सिंह, कुसुमलता गुप्ता, राजेश कुशवाहा, गिरधारी सिंह, नीलम यादव, जगमोहन गुप्ता व आनंद सिंह शामिल हैं। इस बार टिकट नहीं मिलने पर ये सभी पार्टी से बगावत करके चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा के महानगर मीडिया प्रभारी राजेश केसरवानी के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी एवं क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप सिंह पटेल के निर्देश पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण यह कार्रवाई की गई है। इनके अलावा विश्वास श्रीवास्तव, राजकुमार, बलवंतराव, अमित तिवारी, पवन पासी, मुकेश तिवारी, अवशेष सिंह सोनू, आशीष द्विवेदी, शिवमूरत गुप्ता गोले, जितेंद्र सारस्वत जीतू, अशोक साहू, पवन पासी, मुकेश द्विवेदी, अभिषेक राय, रामजी मिश्रा, नीरज टंडन, ऋषभ टंडन, राजेश केसरवानी बबलू, सुनील पांडे व सचिन जायसवाल को पार्टी से निकाला गया है।

  • सोशल मीडिया पर किए जा रहे अप्रत्याशित जीत के दावे

    प्रचार युद्ध में जीत रहे सभी प्रत्याशी

    बिजनौर। नगर निकाय चुनाव में सभी प्रत्याशी भारी मतों से जीत दर्ज करने वाले हैं। कम से कम सोशल मीडिया पर किए जा रहे अप्रत्याशित जीत के दावों से तो यही लग रहा है।निकाय चुनाव का बिगुल बजते ही गली-मोहल्ले में चुनावी चर्चा भी शुरू हो चुकी हैं। सभी दावेदार अपनी चुनावी गुणा-गणित सेट करने में जुटे हुए हैं। प्रत्याशी चाहे किसी राजनैतिक दल के बल पर चुनाव मैदान में उतरा हो या फिर निर्दलीय ताल ठोक रहा हो। जीत हासिल करना, सभी का सपना है। हर सीट पर जीतना तो सिर्फ और सिर्फ केवल एक ही प्रत्याशी को है, लेकिन जोर तो सभी ने मारना ही चाहिए। …लेकिन कुछ ऐसे भी हैं, जिनके खासमखास सोशल मीडिया के धुरंधर साबित होने की फिराक में हैं। ऐसों ने सोशल मीडिया पर कई अकाउंट खोल कर अघोषित युद्ध छेड़ रखा है। रोजाना हजारों की संख्या में पोस्ट फेंक कर जीत के दावों का प्रोपेगेंडा किया जा रहा है।

    जागरूक मतदाता भी नहीं कर रहा किसी को निराश

    चाल, चरित्र और चेहरा देखते हुए आम मतदाता अब खूब जागरूक भी हो चुका है। वह अब किसी के बहकावे में नहीं आने वाला। यही कारण है कि वो अपने दर पर मत्था टेकने वाले किसी भी प्रत्याशी को निराश नहीं करता। वह सभी को उसके पक्ष में वोट और सपोर्ट का दिलासा दे रहा है। इसके लिए उसे चेहरे पर छह इंची लंबी मुस्कान लेकर प्रत्याशी को टीका लगाने और फूल मालाओं से लादने में भी कोई गुरेज नहीं। मतदाता हरेक टोपी पहनने वाले को मजे से टोपी पहना रहा है।

    मीडिया से रिश्तेदारी, पड़ न जाए भारी?

    कुछ तो ऐसे भी हैं जो किसी मीडिया कर्मी या ग्रुप को अपना खास करीबी रिश्तेदार बता कर प्रकाशित विज्ञापन को उनका सहयोग बताते हुए नहीं अघा रहे। वो निर्वाचन आयोग के इस आदेश को भूल रहे हैं या दरकिनार कर रहे हैं, कि ऐसा कुछ भी चुनाव खर्च में जोड़ा जायेगा। हालांकि प्रेस फोटोग्राफर और खबरनवीसों को उपकृत कर इसका तोड़ भी निकाला गया है! इससे बेहतरीन कवरेज मिलेगी और चुनाव आयोग के दिशा निर्देश के दायरे में आने से बचाव भी हो जायेगा! 

    नजर रखने को उड़नदस्ता, स्टेटिक टीम~
    सकुशल चुनाव कराने के लिए उड़नदस्ता स्टेटिक टीम का भी गठन हो चुका है। चुनाव आयोग के मुताबिक अगर कोई प्रत्याशी निर्धारित सीमा से अधिक रुपए खर्च करता है तो उसका चुनाव भी रद्द किया जा सकता है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने उम्मीदवारों के खर्च की निगरानी के लिए टीम गठित की है।

  • वर्तमान और पूर्व मंत्री के करीबी बागी शामिल

    27 कार्यकर्ता छह वर्ष के लिए भाजपा से निष्कासित

    प्रयागराज। भाजपा ने बागियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। निकाय चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने पर भाजपा महानगर इकाई ने सात पूर्व पार्षद समेत 27 कार्यकर्ताओं को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। इसमें प्रदेश सरकार में मंत्री नन्दगोपाल गुप्ता नंदी व पूर्व मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के करीबी भी शामिल बताए गए हैं।

    बागियों पर सख्त हुई भाजपा
    भारतीय जनता पार्टी के इस कार्रवाई के बाद कार्यकर्ताओं में खलबली मची है। बता दें कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में नगरीय निकाय चुनाव में कूदे बागी नेताओं से भाजपा सख्ती से निपट रही है। प्रदेश के अलग-अलग जिले में बागियों के खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई की जा रही है।

    पार्टी से बाहर किए जाने वाले पूर्व पार्षदों में अखिलेश सिंह, कुसुमलता गुप्ता, राजेश कुशवाहा, गिरधारी सिंह, नीलम यादव, जगमोहन गुप्ता व आनंद सिंह शामिल हैं। इस बार टिकट नहीं मिलने पर ये सभी पार्टी से बगावत करके चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा के महानगर मीडिया प्रभारी राजेश केसरवानी के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी एवं क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप सिंह पटेल के निर्देश पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण यह कार्रवाई की गई है। इनके अलावा विश्वास श्रीवास्तव, राजकुमार, बलवंतराव, अमित तिवारी, पवन पासी, मुकेश तिवारी, अवशेष सिंह सोनू, आशीष द्विवेदी, शिवमूरत गुप्ता गोले, जितेंद्र सारस्वत जीतू, अशोक साहू, पवन पासी, मुकेश द्विवेदी, अभिषेक राय, रामजी मिश्रा, नीरज टंडन, ऋषभ टंडन, राजेश केसरवानी बबलू, सुनील पांडे व सचिन जायसवाल को पार्टी से निकाला गया है।

  • प्याज और गुड़ मिला कर खाने से मिलते हैं ये 6 फायदे

    प्लेटलेट्स बढ़ाने में मददगार

    डेंगू (Dengue) की बीमारी होने पर प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं, लेकिन डेंगू की शिकायत होने पर अगर आप प्याज और गुड़ का सेवन करते हैं, तो इससे प्लेटलेट्स बढ़ाने में मदद मिलती है।

    इम्यूनिटी होती है मजबूत

    प्याज और गुड़ पोषक तत्वों का भंडार होते हैं, इसलिए अगर आप इस मिश्रण का सेवन करते हैं, तो इससे इम्यूनिटी (Immunity) मजबूत होती है। जिससे आप वायरस और बैक्टीरिया की चपेट में आने से बच सकते हैं।

    ब्लड प्रेशर रहता है कंट्रोल

    ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) की समस्या होने पर प्याज और गुड़ का सेवन फायदेमंद साबित होता है। इस मिश्रण में पोटेशियम और मैग्नीशियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है।

    पाचन से जुड़ी समस्या

    पाचन (Digestion) से जुड़ी समस्या होने पर प्याज और गुड़ के मिश्रण का सेवन लाभकारी साबित होता है। जी हां, क्योंकि इस मिश्रण का सेवन करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और कब्ज, अपच और एसिडिटी की समस्या दूर होती है।

    खून की कमी होती है दूर

    प्याज और गुड़ के मिश्रण का सेवन खून की कमी को दूर करने में मदद करता है। क्योंकि इसमें आयरन (Iron) पाया जाता है, जो हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने में मददगार साबित होता है।

    पीलिया में फायदेमंद

    पीलिया (Jaundice) की बीमारी होने पर प्याज और गुड़ के मिश्रण का सेवन लाभकारी साबित होता है। क्योंकि यह लिवर के कार्य को बेहतर बनाने में मदद करता है, जिससे पीलिया की बीमारी को ठीक करने में मदद मिलती है।

    अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। newsdaily24 इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

  • शुद्ध शाकाहारी भोजन के अलावा टंगड़ी कवाब और बिरयानी का जायका

    कच्ची, देशी दारू के साथ ही इंग्लिश शराब की व्यवस्था

    प्रत्याशियों ने खोले लंगर, दारू भी बांट रहे भरपूर

    विज्ञापन, प्रचार का पेमेंट न करने वाले भी खड़े हाथ जोड़े

    बिजनौर। निकाय चुनाव में उतरे महारथियों ने खुलकर लंगर चालू कर दिए हैं। यही नहीं कच्ची और देशी दारू के अलावा अंग्रेजी शराब की भी भरपूर व्यवस्था की गई है। कुछ ने तो निजी भवनों, विवाह गृह स्थलों तक को किराए पर ले लिया है। इसी के साथ वेज और नॉन वेज व्यंजनों के लिए पर्ची सिस्टम लागू किया गया है। प्रत्याशियों ने अपने कुछ खास नुमाइंदों को इसका इंचार्ज बना रखा है, जो फरमाइश के हिसाब से मतदाता को किसी होटल की पर्ची थमा देते हैं।

    चुनाव के दौरान किसी खास राजनैतिक दल अथवा प्रत्याशी के प्रति मतदान करने के लिए मतदाता को किसी भी प्रकार के प्रलोभन न देने के साफ निर्देश हैं। चुनाव आचार संहिता के प्रावधानों के तहत संबंधित जिला प्रशासन भी इस मौके पर कड़े निर्देश जारी करता है। इस पर प्रभावी निगरानी और कार्रवाई के लिए व्यापक स्तर पर इंतजाम भी किए जाते हैं।इसके बावजूद राजनैतिक दल से चुनाव मैदान में उतरा प्रत्याशी हो या निर्दलीय; कोई न कोई तरीका निकाल ही लेते हैं। कुछ यही हाल इस निकाय चुनाव में भी दिखाई पड़ रहा है। निकाय चुनाव में उतरे महारथियों ने खुलकर लंगर चालू कर दिए हैं। कच्ची और देशी दारू के अलावा अंग्रेजी शराब भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए कुछ ने निजी भवनों, विवाह गृह स्थलों तक को किराए पर ले लिया है। बताया जाता है कि वेज और नॉन वेज व्यंजनों के लिए पर्ची सिस्टम लागू किया गया है। प्रत्याशियों के चुने हुए नुमाइंदे, मतदाता को उसकी फरमाइश के हिसाब पहले से निर्धारित होटल की पर्ची थमा रहे हैं। इन आश्रय स्थलों पर उमड़ी भीड़ की मारामारी देर रात तक देखी जा सकती है। यह बात विचारणीय है कि इन व्यवस्थाओं से जब आम मतदाता, जनता वाकिफ है तो पुलिस प्रशासन कैसे अनजान है?

    गौरतलब है कि पिछले विधान सभा चुनाव में आबकारी विभाग की अलग-अलग टीमों ने आठों विधानसभा क्षेत्रों में एक महीने अभियान चला कर एक करोड़ से ज्यादा की 52 हजार लीटर अवैध शराब पकड़ी थी। आयोग ने चुनाव में शराब परोसे जाने की प्रबल आशंका को लेकर पहले ही दिशा निर्देश जारी कर दिए थे। खादर इलाकों में दबिश देकर कच्ची शराब की भट्ठियां नष्ट कराने के साथ ही अवैध शराब बरामद की गई। उत्तराखंड की सीमा पर भी शराब की तस्करी को रोकने के लिए खास इंतजाम किए गए। हाईवे के साथ साथ उत्तराखंड से जोड़ रहे कच्चे रास्तों पर भी टीमों की निगाह रही।

  • चुनावी चकल्लस

    ~हर्यश्व सिंह सज्जन

    ….और बदल गए देवर के तेवर

    निकाय चुनाव में मतदान का दिन जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, नए-नए रंग देखने को मिल रहे हैं। एक दावेदार को जब टिकट नहीं मिला तो पति समेत पाला बदल दूसरे दल का दामन थाम प्रत्याशी बन गई। सामने उनके पति की पूर्व राजनीतिक आका की पुत्री उनकी मूल पार्टी से टिकट पाने में कामयाब रही। बात यहीं खत्म नहीं होती, बल्कि यहां से शुरू होती है। औरों को तो छोड़िए, उनका देवर ही अब उनके खिलाफ खड़ा है। देवर अपनी मूल पार्टी की प्रत्याशी को दिल-ओ- जान से चुनाव लड़ा रहा है। लोग कह रहे हैं कि प्रत्याशी पति का भाई ही घर में विभीषण हो गया है। एक भाई जहां एक राजनीतिक दल का हत्था पकड़कर चेयरपर्सन पति बनने का सपना देख रहा है, वहीं सगा दूसरा भाई उस सपने को रौंदने पर लगा है। खुलकर दूसरे प्रत्याशी का चुनाव लड़ा रहा है। प्रत्याशी पति ने तो उसको भाई तक मानने से इनकार कर उसको अपने पिता की दूसरी औलाद घोषित कर दिया। लेकिन, प्रत्याशी अपने देवर के इस बदले हुए रुख से भौचक बताई जा रही हैं। उधर, शहर के लोग कह रहे हैं कि जो अपने घर को ही नहीं जोड़ पाया, वो पूरे शहर को कैसे जोड़ेगा?

    तुम तो ठहरे परदेशी, साथ क्या निभाओंगे…

    जिले में एक निकाय में एक प्रत्याशी मैदान में है। पिछली बार भी नगर पालिका चेयरमैनी उनके घर में ही थी। लेकिन, जीतते ही वर्तमान प्रत्याशी नगर छोड़कर अपने कारोबार के सिलसिले में विदेश में जा बसे। नगरवासी होली, दिवाली, ईद, गुरुपर्व, क्रिसमस पर तरसी निगाहों से उनकी बांट जोहती रही, लेकिन पूरे पांच साल वह नजर नहीं आए। ऊपर से उनके घर के बाहर लगा एक बोर्ड भी लोगों के बीच सुर्खियां बना हुआ है। उनकी इस छवि को देखते हुए और ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर उनकी पार्टी हाइकमान ने उनसे किनारा कर दूसरे को टिकट दे दिया। लेकिन, वह अन्य दल से टिकट पाने में सफल होकर मैदान में आ डटे। अब हर सभा में बताते फिर रहे है कि इस बार मैं ही मैदान में हूं, मेरे परिजन नहीं। जीतने के बाद यहीं रहूंगा। लेकिन, जनता उन पर यकीन करने को तैयार नहीं है। इससे पहले भी यह बात उनके सामने आई थी, तब भी उन्होंने यही कहा था। सामने सब हां-हां कर रहे हैं, लेकिन उनकी पीठ पर ही अल्ताफ रजा का गाना गुनगुना देते हैं कि तुम तो ठहरे परदेशी….

    तीर्थयात्रा पर गए निवर्तमान चेयरमैन, समर्थक मौन

    जिले के एक निकाय में निवर्तमान चेयरमैन और उनकी पत्नी दोनों टिकट के दावेदार थे। पत्नी पार्टी में पदाधिकारी भी है। उनको अपने पांच साल में कराए गए कामों के चलते यकीन था कि इस बार भी चेयरमैनी उनके घर में ही रहेगी। लेकिन, अंदरुनी राजनीति के चलते सबसे प्रबल दावेदार होने के बावजूद उनका टिकट काटकर एक पुरानी चेयरपर्सन को दे दिया गया। पुरानी चेयरपर्सन पार्टी से बगावत कर पार्टी के खिलाफ भी चुनाव लड़ चुकीं हैं। लेकिन, संबंधों के आधार पर पार्टी में वापस जगह बनाने में सफल हो गई थी। ऐसे में निवर्तमान चेयरमैन अपने परिवार और कुछ खास समर्थकों के साथ तीर्थयात्रा के लिए देशाटन पर निकल गए हैं। सोशल मीडिया के सहारे उनके पर्यटन की खबरें नगर के लोगों के बीच पहुंच रही हैं। उनके समर्थक कार्यकर्ता दिखावे के लिए चुनाव में लगे हैं और कट्टर समर्थक अभी तक उनके इशारे का इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि अपने नेता को टिकट ना मिलने का बदला वह विपक्षी प्रत्याशी को वोट देकर ले सकते हैं।

  • ~Avnish Tyagi, @targettv

    स्थानीय निकाय चुनाव और भ्रष्ट लोकतंत्र

    स्थानीय निकाय चुनाव देश के लोकतंत्र की महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है। यह चुनाव नागरिकों को मुख्य नेताओं और नगर परिषदों के मंडलों का चयन करने का मौका देते हैं। इन नगर परिषदों का अध्यक्ष क्षेत्र के विकास के लिए नीतियों का निर्धारण करता है, सार्वजनिक मुद्दों के लिए पुख्ता प्रतिनिधित्व उपलब्ध करवाता है और संचार प्रणाली को सुधारने के लिए नीतियों को लागू करता है। इन सभी कार्यों के लिए स्थानीय निकाय के चुनाव बहुत महत्वपूर्ण होते हैं।

    कम होता जा रहा विश्वास~ लोकतंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होने के बावजूद भारत में स्थानीय निकाय चुनाव अक्सर भ्रष्टाचार से ग्रसित होते हुए देखे जाते हैं। नेताओं का भ्रष्ट व्यवहार, घोटालों और आरोपों के कारण नागरिकों का इन पर विश्वास कम होता जा रहा है। यह नकारात्मक प्रभाव न केवल स्थानीय निकायों के विकास को रोकता है, बल्कि उनकी उपयोगिता भी कम होती है।

    तकनीक बने सुअवसर~ भ्रष्टाचार से ग्रसित स्थानीय निकाय चुनावों को नई तकनीक के जरिए लोकतंत्र के स्तर को सुधारने का अवसर बनाया जा सकता है। इलेक्शन फ्रॉड मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे सामाजिक मीडिया प्लेटफार्म या ऑनलाइन कुंजिका शुरू करके लोगों को निकायों के कार्यों के प्रति संवेदनशील कर सकते हैं।


    शिक्षण कार्यक्रम~ एक महत्वपूर्ण उपाय यह हो सकता है कि चुनाव आयोग स्थानीय निकाय चुनावों के लिए अधिक आवश्यक नेतृत्व प्रदान करे। इसके लिए, चुनाव आयोग नियमों और अनुशासन का पालन करने के लिए स्थानीय निकाय नेताओं के लिए वैध रूप से शिक्षा कार्यक्रम आयोजित कर सकता है, ताकि भ्रष्टाचार जैसे अपराध को कम किया जा सके।

    ईमानदारी जरूरी~ स्थानीय निकाय चुनाव और भ्रष्ट लोकतंत्र के बारे में सम्मति है कि अगर स्थानीय निकाय नेताओं को पारदर्शिता, संपादकीय स्वतंत्रता, निर्भय योजनाएं और कार्यों का निष्पक्ष नियंत्रण मिला तो भारत की स्थानीय संस्थाओं में विकास देखा जा सकता है। इसलिए, देश में स्थानीय निकाय चुनावों को निर्देशित करने वाले लोगों को सशक्त और ईमानदार होना चाहिए, ताकि देश की जनता के श्रद्धा के भार से महत्वपूर्ण फैसलों को निर्धारित कर सकें।

  • जिला बिजनौर के पूर्व आरएलडी जिलाध्यक्ष राहुल चौधरी और पूर्व युवा क्षेत्र अध्यक्ष सचिन अहलावत भी शामिल

    सपा से छह बार के विधायक पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह यादव पहुंचे भाजपा

    उपेक्षा का दंश झेल रहे नेता ने बेटी, बेटे समेत जताई बीजेपी में आस्था

    उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने गृहण कराई पार्टी की सदस्यता

    मुलायम सिंह यादव के खास लोगों में गिने जाने वाले पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह यादव ने बदली परिस्थितियों में खुद को उपेक्षित महसूस करते हुए भाजपा की सदस्यता ले ली है। नरेंद्र सिंह यादव का भाजपा में जाना आलू पट्टी में सपा के लिए बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है।

    लखनऊ। फर्रुखाबाद से छह बार के विधायक और पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह यादव ने अपनी बेटी जिला पंचायत अध्यक्ष मोना यादव और बेटे सचिन यादव के साथ भाजपा की सदस्यता ले ली है। वहीं जिला बिजनौर में राष्ट्रीय लोकदल के पूर्व जिला अध्यक्ष राहुल चौधरी और पूर्व युवा क्षेत्र अध्यक्ष सचिन अहलावत कई समर्थकों के साथ बीजेपी में शामिल हो गए।उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने सभी को भाजपा की सदस्यता दिलाई।

    नरेंद्र सिंह यादव की सैफई परिवार से रिश्तेदारी भी बताई जाती है। वह यदुकुल पुनर्जागरण मिशन से भी जुड़े रहे और शिवपाल सिंह यादव ने उन्हें मिशन में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी थी। इससे पहले फिरोजाबाद से पूर्व विधायक हरिओम यादव और पूर्व विधायक ओम प्रकाश भी सपा छोड़ चुके हैं। वहीं शाहजहांपुर में पार्टी की दिग्गज नेता और महापौर पद की प्रत्याशी अर्चना वर्मा ऐन मौके पर पाला बदलकर भाजपा की प्रत्याशी बन गई।

    इसी क्रम में पश्चिम उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर से राष्ट्रीय लोकदल के पूर्व जिला अध्यक्ष राहुल चौधरी और पूर्व युवा क्षेत्र अध्यक्ष सचिन अहलावत कई समर्थकों के साथ बीजेपी में शामिल हो गए।

  • पत्रकारों ने शोक सभा कर अर्पित की श्रद्धांजलि

    वरिष्ठ पत्रकार व शायर सैय्यद हसनैन नक़वी का निधन

    बिजनौर। दैनिक इंक़लाब उर्दू के जिला प्रभारी सैय्यद हसनैन नक़वी का ह्रदय गति रुकने से देहांत हो गया है। उनके देहांत से मीडिया जगत में शोक व्याप्त हो गया। प्रेस क्लब ने साथी के अचानक चले जाने पर आपातकालीन सभा कर अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
    मूलरूप से अमरोहा जिले के रहने वाले हसनैन नक़वी एक लम्बे समय से बिजनौर के मोहल्ला क़ाज़ीपाडा में रह रहे थे। वह पत्रकार के साथ अच्छे शायर भी थे। बीती रात वह अलीगढ़ गए थे, जहां अचानक उनकी तबियत बिगड़ी और ह्रदय गति रुकने से मौत हो गयी। वह अपनी बेटी को अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय में प्रवेश परीक्षा दिलाने के लिए गए थे।

    वरिष्ठ पत्रकार व शायर सैय्यद हसनैन नक़वी (फाइल फोटो)

    इस संबंध में पालिका बाजार में प्रेस क्लब की एक सभा ज्योति लाल शर्मा की अध्यक्षता व वसीम अख्तर के संचालन में संपन्न हुई। इस दौरान श्री नकवी के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त करते हुए पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया गया। शोक सभा में अनुज शर्मा, कमरूदीन फारूकी, मरगूब रहमानी, इफ्तखार मलिक, रमन खन्ना, गौरव वर्मा, शकील अहमद, मुनव्वर सोनू, कमल कुमार, संजीव भुईयार, आबिद रज़ा, राजनारायण कौशिक, तुषार वर्मा, फईम शेख, नीरज कुमार पाल, अनुज चौधरी, नसीम मलिक, मुशब्बर झालू समेत तमाम पत्रकारों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

  • मई दिवस की भारतीय शताब्दी पर विशेष

    मजदूर वर्ग में चेतना जागृत करने वाले महावीर प्रसाद और माधव राव सप्रे हिंदी के पहले लेखक

    भारत में मजदूर दिवस मनाए जाने का यह शताब्दी वर्ष है। मई दिवस की शुरुआत 01 मई 1886 को अमेरिका से हुई थी लेकिन 1923 में भारत में आज ही के दिन चेन्नई से मई दिवस मनाए जाने की परंपरा प्रारंभ हुई थी। इसकी औपचारिक शुरुआत भारतीय मजदूर किसान पार्टी के नेता कामरेड सिंगरावेलु चेट्टियार ने की थी। पहले-पहल इसे मद्रास दिवस के रूप में प्रमाणित किया गया। इस दिन मद्रास हाईकोर्ट के सामने आयोजित प्रदर्शन में यह संकल्प पारित किया गया कि इस दिवस को भारत में भी ‘कामगार दिवस’ के रुप में मनाया जाए। श्रमिकों को अवकाश प्रदान किया जाए।

    आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी

    आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी और कृती-वृती पंडित माधव राव सप्रे हिंदी के पहले लेखक थे, जिन्होंने अपने लेखों के माध्यम से मजदूर वर्ग की चेतना जागृत करने का प्रयास शुरू किया था। दोनों ही मजदूर संगठन की समस्या से चिंतित थे और मजदूरों के संगठन बनाने पर जोर दे रहे थे। आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी ने “सरस्वती” में मजदूर वर्ग के लिए खुद भी लेख लिखे और वर्ष 1907 में माधव राव सप्रे का लेख ‘हड़ताल’ भी सरस्वती में प्रकाशित किया।
    ‘महावीर प्रसाद द्विवेदी और हिंदी नवजागरण’ में डॉ रामविलास शर्मा लिखते हैं-अपने साहित्यिक जीवन के आरंभिक काल में ही द्विवेदी जी ने राजनीतिक और आर्थिक समस्याओं का अध्ययन किया। शुरू से ही मजदूरों के संगठित होने की समस्या से उन्हें गहरी दिलचस्पी थी। उन्होंने मांगों को लेकर मजदूरों द्वारा किए जा रहे संघर्ष के साथ-साथ पूंजी और श्रम के द्वंद को हल करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर पर्याप्त लेखनी चलाई।
    बीसवीं सदी के आरंभ में ही मजदूर हड़ताल कर चुके थे। यह हड़ताल सीधे अंग्रेजी राज के विरुद्ध मजदूरों का संघर्ष थी। द्विवेदी जी ने अपनी महत्वपूर्ण पुस्तक संपत्ति शास्त्र में मजदूरों के संगठन पर जोर दिया। उन्होंने सरस्वती में माधव राव सप्रे के अतिरिक्त जनार्दन भट्ट का लेख वर्ष 1914 में ‘हमारे गरीब किसान और मजदूर’ भी प्रकाशित किया।
    आचार्य द्विवेदी और पंडित माधव राव सप्रे चाहते थे कि पश्चिमी देशों की तरह ही भारत में भी मजदूरों के ट्रेड यूनियन बनें ताकि श्रमिक वर्ग को उनके वाजिब अधिकार प्राप्त हों। दोनों को ही यह विश्वास था कि मजदूरों के हक की रक्षा के लिए किसी न किसी दिन भारत में भी ट्रेड यूनियन जरूरी स्थापित होंगी। उस समय तब बिरादरी के पुराने आधार पर चौधरी लोग ही जहां-तहां मजदूरों के मुखिया बने हुए थे।

    पंडित माधव राव सप्रे

    अपने लेख “हड़ताल” में माधव राव सप्रे ने इस बात को महत्वपूर्ण तरीके से रेखांकित किया कि मजदूरों को अपने स्वत्व की रक्षा करने का पूरा अधिकार है। मजदूरों के संघर्ष को नैतिक दृष्टि से समर्थन देते हुए उन्होंने लिखा-‘नीति दृष्टि से हड़ताल के लिए मजदूर तब तक दोषी नहीं कहे जा सकते, जब तक और लोगों की स्वाधीनता भंग न करें’। दोनों ही मानते थे कि स्वाधीनता आंदोलन की सफलता के लिए किसानों और मजदूरों का संगठन और संघर्ष आवश्यक है लेकिन स्वाधीनता आंदोलन के अगुआ इस पक्ष में नहीं थे।
    आचार्य द्विवेदी और माधव राव सप्रे दोनों ने ही पूंजीपतियों और मजदूरों के बीच के झगड़े समाप्त करने के लिए सुझाव भी अपने-अपने लेखों के माध्यम से सुझाए थे। दोनों ही मानते थे कि जब तक पूंजीपति रहेंगे, मुनाफा रहेगा, तब तक वर्ग विरोध भी रहेगा। इसलिए पूंजीवादी उत्पादन के लिए मजदूरों द्वारा सहकारिता के आधार पर उत्पादन का समर्थन करना चाहिए। सहोद्योग (सहकारिता) रीति से व्यापार व्यवसाय करने में किसी तरह का हित विरोध नहीं होगा। इससे संपत्ति की उत्पत्ति और उसके विभाग में भी बहुत लाभ होगा।

    भारत में भले ही मई दिवस का प्रारंभ दक्षिण भारत के प्रमुख नगर चेन्नई से हुआ हो लेकिन हिंदी भाषा-भाषी समाज में मजदूरों की एकता और संघर्ष के सवाल को बीसवीं सदी के आरंभ में महावीर प्रसाद द्विवेदी और माधव राव सप्रे ने उठाया था। इस लिहाज से भारत के कामगारों और कामगार संगठनों को दोनों ही लेखकों और संपादकों एक प्रति कृतज्ञ रहना ही नहीं बल्कि दिखना भी चाहिए।

    – गौरव अवस्थी
    रायबरेली (उ. प्र)

  • अपने बूते जीतने की गलतफहमी में जी रहे कुछ जनप्रतिनिधि

    भाजपा संगठन के कुछ पदाधिकारी और नेताओं को भी है यही गलतफहमी

    पार्टी प्रत्याशियों को ही हराने में जुटे भाजपाई!

    उरई (जालौन)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुनामी के चलते जिले के ज्यादातर जनप्रतिनिधि चुनाव जीत के आए हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद उनमें से कुछ को यह गलतफहमी हो गई है कि वह अपने बलबूते पर चुनाव जीते हैं और वह जिसे चाहे हरा और जिता सकते हैं। जबकि सच्चाई यह है यदि मोदी की सुनामी ना होती तो अधिकांश जनप्रतिनिधि चुनाव हार गए होते और पार्टी की आखिरी लाइन में बैठे होते। सत्ता में होने के कारण यही गलतफहमी भाजपा संगठन के कुछ पदाधिकारी और नेताओं को भी है, जिसका परिणाम है जालौन जिले की चारों नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद की सीटों पर भाजपा नेतृत्व ने जिन नेताओं को प्रत्याशी बनाया है, उन्हें कुछ जनप्रतिनिधि और भाजपा संगठन के कुछ नेता गोपनीय ढंग से उन्हें हराने की साजिश में जुटे हुए हैं, जबकि इन नेताओं को यह पता नहीं है कि इस समय स्थानीय निकाय के चुनाव में अपने कुछ साहसिक कारनामों की वजह से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का तूफान चल रहा है। इसलिए यदि योगी आदित्यनाथ का तूफान और जनता का भाव यदि भाजपा नेतृत्व द्वारा चयनित प्रत्याशियों के पक्ष में हो जाता है तो फिर यह कुछ जनप्रतिनिधि और भाजपा संगठन के कुछ नेता किसी भी हालत में अपनी साजिश और मंसूबों में सफल नहीं हो पाएंगे।

    बात उरई नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद की करें तो भाजपा नेतृत्व में भाजपा की जिला उपाध्यक्ष रेखा वर्मा को अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया है। वह कोरी बिरादरी की हैं, जो कई दशकों से भाजपा का आभार वोट रहा है। भाजपा के कुछ जनप्रतिनिधि और कुछ संगठन के नेता यह नहीं चाहते कि रेखा वर्मा चुनाव जीते क्योंकि पूरी बिरादरी होने के कारण यदि वह चुनाव जीत जाती हैं तो आगे कुछ जनप्रतिनिधियों के लिए खतरा बन सकती हैं। इसीलिए भाजपा के कुछ जनप्रतिनिधि और संगठन के नेता अच्छे और समर्पित किंतु गरीब कार्यकर्ताओं की सही बात को अनसुना करके रेखा वर्मा के खिलाफ साजिश और षड्यंत्र करने में लगे हुए हैं लेकिन योगी आदित्यनाथ का तूफान उनके मंसूबों को धराशाई करने के लिए काफी है।

    इसी तरह कालपी नगर पालिका के अध्यक्ष पद पर भाजपा नेतृत्व ने पहली बार अपने कर्मठ कार्यकर्ता व नेता रमेश तिवारी को अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया है। उनके नाम की घोषणा होते ही सबसे पहले वैश्य समाज के वरिष्ठ नेता नवीन गुप्ता ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया जबकि वैश्य समाज के ही एक अन्य वैभव विश्नोई; विद्रोही प्रत्याशी के रूप में निर्दलीय रूप से नामांकन कर चुनाव मैदान में हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में क्योंकि भाजपा नेतृत्व ने पूर्व विधायक छोटे सिंह चौहान को अपने सहयोगी संगठन निषाद पार्टी से टिकट दिया था और वह चुनाव हार गए। उन्हें समाजवादी पार्टी के विनोद चतुर्वेदी ने पराजित किया, जिसके चलते कुछ जनप्रतिनिधि और भाजपा संगठन के नेता गोपनीय ढंग से यह प्रचार कर रहे हैं कि ब्राह्मणों का वोट पार्टी को नहीं मिला था इसलिए सहयोगी दल का प्रत्याशी चुनाव हारा। इसलिए हम लोग भाजपा प्रत्याशी रमेश तिवारी को आसानी से पालिका अध्यक्ष नहीं बनने देंगे, लेकिन हकीकत यह है कि योगी का तूफान और प्रधानमंत्री मोदी की छवि पूरे सवर्ण समाज और ओबीसी को एकजुट करने में सफल हुई है, जिसके चलते अपने को बड़ा मानने वाले भाजपा के कुछ जनप्रतिनिधि और संघ भाजपा संगठन के कुछ अहंकारी नेता भले ही गोपनीय रूप से साजिश रच रहे हों लेकिन भाजपा के प्रति प्रतिबद्ध मतदाता उनके मंसूबे को हवा में उड़ाने में सक्षम है।

    वहीं कोंच नगर पालिका में भाजपा नेतृत्व ने अध्यक्ष पद के लिए पार्टी के कर्मठ और मृदुभाषी नेता प्रदीप गुप्ता को प्रत्याशी बनाया है। यहां विज्ञान विशारद सिरोठिया निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। बजरंग दल के नेता आकाश उदैनिया भाजपा प्रत्याशी को हराने और विज्ञान विशाल सिरोठिया को जिताने में गोपनीय तौर पर लगे हुए थे। इसकी शिकायत पहुंचने पर उदैनिया को भाजपा से हटा दिया गया, जिसके बाद वे खुलकर अब विज्ञान विशारद सिरोठिया को जिताने में अपने साथियों के साथ जुट गए हैं। इसी तरह भाजपा संगठन के कुछ नेता अपने प्रत्याशी प्रदीप गुप्ता की जगह अन्य प्रत्याशी को जिताने में व अपने ढंग से भितरघात करने में लगे हुए हैं।

    इसी तरह जालौन में नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद के भाजपा ने श्रीमती नेहा मित्तल को प्रत्याशी बनाया है। उनकी भाजपा और संघ कार्यकर्ताओं के साथ साथ आमजन में भी अच्छी छवि है। उन्हें हराने के लिए भाजपा के एक प्रमुख नेता ही भितरघात करने में लगे हुए हैं क्योंकि वह अपने किसी करीबी को टिकट दिलवाना चाहते थे। लेकिन सत्ता के मद में डूबे हुए भाजपा के यह कुछ नेता भूल गए हैं कि उन्हें सत्ता, पद और वैभव पर किसी ने बैठाया है तो वह मोदी और योगी की सुनामी ने बैठाया है। अगर वह संगठन के साथ दगाबाजी करेंगे तो भाजपा का शीर्ष नेतृत्व उन्हें इतिहास के कूड़ेदान में फेंकने में देर नहीं करेगा।

  • चुनावी चकल्लस

    चेयरपर्सन पति, पापा और मम्मी के बाद अब चेयरपर्सन खालू के पास जाएगा कौन!

    ~हर्यश्व सिंह सज्जन

    बिजनौर में आम जनता के बीच आजकल एक चर्चा जोर पर है। सीट दूसरी बार महिला के लिए आरक्षित हुई है। ऐसे में नेताओं ने अपनी पत्नियों को आगे कर दिया है। रिकॉर्ड बताता है कि पंचायत और नगर निकायों में ऐसी स्थिति पर एक अंसवैधानिक पद अपने आप सृजित हो जाता है, जिसे ग्राम प्रधान पति या चेयरपर्सन पति कहा जाता है। आपको इसके बारे में अधिक जानकारी चाहिए तो पंचायत के नाम से आई वेबसीरीज देखिए। रघुवीर यादव और नीना गुप्ता के अभिनय ने इस वेबसीरीज में जान डाल दी है। इसके दो पार्ट आए हैं। …खैर, वर्तमान में चुनाव पर लौटते हैं। बिजनौर नगर पालिका इस बार भी महिला के लिए आरक्षित की गई है। यहां इन दिनों चेयरपर्सन पति की चर्चा खूब हो रही है। इसी के साथ चेयरपर्सन पापा की भी चर्चा है। लेकिन, ज्यादा चर्चा चेयरपर्सन मम्मी की है। मम्मी का राजनीतिक कद पापा से बड़ा रहा है। बात यहीं खत्म नहीं हो जाती। चेयरपर्सन मम्मी से भी बड़ा एक पद है, चेयरपर्सन अंकल का। इनको चेयरपर्सन खालू भी कहा जा रहा है। यह चेयरपर्सन खालू जिले के बड़े चाणक्यों में शुमार होते है। कुछ दिन पहले तक प्रदेश के एक बड़े नेता के घर के बाहर लाइन में लगे हुए इनका वीडियो भी वायरल हुआ था। जनता का कहना है कि चेयरपर्सन तक जाने के लिए पहले चेयरपर्सन खालू फिर चेयरपर्सन मम्मी तक जाना होगा। चेयरपर्सन मम्मी का आदेश ही चेयरपर्सन मानेगी। ऐसे में तीन कड़ियों से गुजरने से अच्छा है कि दो या एक कड़ी वाले को ही चेयरपर्सन चुन लिया जाए।

    सत्ता की चाबी मिस्टर ट्वेंटी पर्सेंट के पास

    नगर पालिका चेयरमैन नगर का प्रथम नागरिक होता है। इस सम्मान के प्रतीक स्वरूप उसके पास नगर की चाबी होती है। कहा जा रहा है कि इस बार बिजनौर नगर पालिका की चाबी मिस्टर ट्वेंटी पर्सेंट के पास है। यह मिस्टर एक नेता हैं। सुनने में आया है कि इनके पास हर काम का रेट फिक्स है। काम के अनुसार यह अपना रेट तय करते हैं। इसलिए पार्टी में इनको यह नाम दिया गया है। यह अपनी पार्टी से अपने एक विरोधी की पत्नी के टिकट की पैरवी कर उसको प्रत्याशी बनवाकर लाए हैं। अब कमीशन के खेल में अंदरखाने दूसरी पार्टी को सपोर्ट कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि वह इस खेल से दो निशाने साध रहे हैं। एक तो अपनी पार्टी में अपने विरोधी को सदा के लिए चित कर देने की जुगत भिड़ाए हैं, दूसरे अपनी पर्सेंट छवि को बनाए रखने की चाल भी चल दी है। फिलहाल इनका रुख अभी तक पार्टी विरोधी दो प्रत्याशियों के पक्ष में झूलता दिख रहा है। …लेकिन, कहा जा रहा है कि ऐन मौके पर इन्होंने जिसको इशारा कर दिया, वही सत्ता की चाबी ले जाएगा।

  • रेस्क्यू उपकरणों से लैस गुलदार सुरक्षा एक्सप्रेस करेगी चहल कदमी

    06 रैपिड रिस्पांस टीम में 30 सदस्य शामिल

    गुलदार से निपटने को जंगलों में उतरी वन विभाग की फौज

    बिजनौर। जनपद में बढ़ रही मानव गुलदार संघर्ष की स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने एवं जनमानस में जन जागरूकता बढ़ाने हेतु रेस्क्यू उपकरणों से सुसज्जित एवं प्रचार सामग्री के साथ बिजनौर वन प्रभाग की गुलदार सुरक्षा एक्सप्रेस रवाना की गई।

    जनपद की सभी रेंज -बिजनौर, चांदपुर, नजीबाबाद, धामपुर, नगीना एवं अमानगढ़ हेतु 06 गुलदार सुरक्षा एक्सप्रेस रवाना की गई। इन सभी गुलदार सुरक्षा एक्सप्रेस में पांच पांच सदस्य की 06 रैपिड रिस्पांस टीम तैनात की गई हैं। इन टीम को मानव वन्यजीव द्वन्द से निपटने में कारगर उपकरण जैसे बॉडी प्रोटेक्टर, हेलमेट, सर्च लाइट, स्मार्ट स्टिक, खावड़, ख़ुखरी एवं कैमरा ट्रैप, रस्सी जाल आदि से सुसज्जित किया गया है। यह टीम गुलदार की सूचना पर अपने-अपने क्षेत्रों में कार्रवाई करेंगे।

    गुलदार सुरक्षा एक्सप्रेस रवाना करते हुए प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी बिजनौर द्वारा रेस्क्यू दलों को ब्रीफिंग की। उन्होंने कहा कि इस समय गन्ना एवं गेहूं की कटाई अंतिम चरण में है। ग्रामीण लोग शाम के समय खेतों में काम करने के लिए जा रहे हैं। इसी दौरान वन्य जीव भी अपने स्वभाव के अनुसार रात्रि में विचरण हेतु निकलते हैं, जिस कारण कई जगहों पर मानव वन्य जीव द्वन्द की समस्या उत्पन्न हो रही है। ऐसी स्थितियों में लोगों को वन्यजीव संघर्ष की स्थितियों से निपटने हेतु उनको पंपलेट वितरण कर तथा लोगों के साथ बैठकर करके मंदिर मस्जिद से अनाउंस करा कर मुनादी कराकर जागरूक किया जाना आवश्यक है। इस दिशा में सभी दल प्रभावी रूप से कार्य करें। प्रभागीय निदेशक द्वारा एक कण्ट्रोल रूम स्थापित किया गया, जो 24×7 संचालित रहेगा साथ ही सभी रेंज अधिकारियों के मोबाइल न सार्वजनिक किये गए।
    इस अवसर पर ज्ञान सिंह एसडीओ बिजनौर, अंशुमान मित्तल एसडीओ नजीबाबाद, रेंज अधिकारी बिजनौर तथा नजीबाबाद उपस्थित रहे।

  • 11 प्रेरणा कैन्टीन का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूर्ण होने पर प्रशस्ति पत्र से सम्मान

    बिजनौर। उ०प्र० राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन जनपद में नित नये नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उपायुक्त (स्वतः रोजगार) ज्ञान सिंह ने बताया कि उ०प्र० राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के आजीविका संवर्द्धन, महिला सशक्तिकरण तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर मरीजों को शुद्ध भोजन एवं नाश्ना उपलब्ध कराने हेतु 11 प्रेरणा कैन्टीन के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूर्ण करते हुए संचालन प्रारम्भ करा दिया गया है। जनपद को इस उपलब्धि के लिए मिशन निदेशक ग्राम्य विकास, उ०प्र० ने प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया है। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा व मुख्य विकास अधिकारी ने उपायुक्त को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।

    जनपद में मिशन योजनान्तर्गत 14 हजार महिला समूह चल रहे हैं। हर समूह से कम से कम दस महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इन महिलाओं को सशक्त बनाने हेतु जनपद स्तर पर यथासंभव प्रयास किये जा रहे हैं।

  • 29 अप्रैल से लेकर 1 मई तक गरज चमक के साथ बारिश तथा धूल भरी हवाएं चलने का अलर्ट

    63 जिलों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा

    लखनऊ। मौसम विभाग ने राजधानी लखनऊ समेत यूपी के 63 जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने की आशंका जताई है। मौसम विभाग ने यह आशंका कानपुर, उन्नाव, रायबरेली, लखीमपुर खीरी, बाराबंकी, बहराइच, शाहजहांपुर सहित 63 जिलों के लिए जारी की है। साथ ही गरज चमक के साथ बारिश तथा बिजली गिरने की भी आशंका जाहिर की है।

    मौसम विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में हुआ है। उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में 29 अप्रैल से लेकर 1 मई तक गरज चमक के साथ बारिश तथा धूल भरी हवाएं चलने का अलर्ट जारी हुआ है।

    कई राज्यों में भी बारिश संभव~
    मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक विदर्भ, मराठवाड़ा, तेलंगाना के कुछ हिस्सों, कर्नाटक, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, केरल और जम्मू कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं गए भारी बारिश संभव है। वहीं, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश संभव है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा के कुछ हिस्सों, पंजाब और दिल्ली में हल्की बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।

  • भाजपा और सपा को लेकर बुद्धिजीवियों के इस वर्ग में हुआ दोफाड़

    ब्राह्मण समाज: एक कहता नहीं विकल्प, दूसरा ले रहा खिलाफत का संकल्प?

    बिजनौर। निकाय चुनाव में सिंबल रूपी शस्त्र लेकर उतरे सूरमाओं के सामने निहत्थे मतदाताओं के हाथ में भले ही 04 मई को ब्रह्मास्त्र आ पाए, …लेकिन उन्होंने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। फिलहाल बात ब्राह्मण समाज की….! टिकट वितरण को लेकर पनपी नाराजगी के चलते जोरशोर से भाजपा प्रत्याशी के विरोध का बिगुल फूंक दिया गया था। अब एक दिन पहले इनकी एकजुटता तार तार होने की दो खबरें सामने आई हैं। एक धड़ा कह रहा है कि भाजपा को वोट देने के सिवाय उनके सामने कोई अन्य विकल्प है ही नहीं, जबकि दूसरा गुट खुलकर समाजवादी पार्टी के पाले में जा खड़ा हुआ है।

    एक गुट का कहना, भाजपा के अलावा नहीं कोई विकल्प

    पहली खबर पूर्व एमएलसी सुबोध पाराशर के निवास स्थान पर आयोजित ब्राह्मण समाज की बैठक से जुड़ी हुई है। गुरुवार को इस बैठक में भाजपा प्रत्याशी इंदिरा देवी पत्नी डॉ बीरबल सिंह को समर्थन देने का ऐलान किया गया। सुबोध पाराशर के नेतृत्व एवं डॉ. अरविन्द शास्त्री की अध्यक्षता तथा डॉ. पंकज भारद्वाज के संचालन में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि उनके सामने भाजपा के अलावा कोई विकल्प नहीं है। बैठक में डॉ. बीरबल सिंह एवं जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप का फूल मालाओं एवं शाल ओढ़ा कर उनका भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर सुबोध पाराशर एवं अरविंद शास्त्री ने नगर के विकास को लेकर कुछ मांगे भाजपा प्रत्याशी के पति डॉ बीरबल के सामने रखी। इस पर डॉ बीरबल सिंह ने सभी मांगों को स्वीकार करते हुए वादा किया कि श्रीमती इंदिरा देवी चेयरपर्सन बनी तो नगर का भरपूर विकास कराया जाएगा। साथ ही बिजनौर शहर को विकसित नगर बनाने अपनी पूरी शक्ति लगा देंगे। उन्होंने बैठक में मौजूद सुबोध पाराशर, अरविन्द शास्त्री, पंकज भारद्वाज व ब्राह्मण समाज के अन्य सभी सदस्यों आभार व्यक्त किया। बताया गया है कि इस बैठक में मुख्य रूप से विजय वशिष्ठ, पण्डित दिनेश शास्त्री, पण्डित अमर पाल शर्मा, योगेश शर्मा, सतेन्द्र शर्मा, महेश चन्द्र शर्मा, मनोज शर्मा, पण्डित सुशील शर्मा, मयंक पाराशर, हर्ष पाराशर, आशीष शर्मा, पण्डित अमरीश शर्मा, संजीव शर्मा, मोहित शर्मा, पवन शर्मा, आलोक भारद्वाज, अर्जुन गौड़, दिव्य सोती, राजेन्द्र शर्मा आदि ब्राह्मण समाज के प्रमुख लोग उपस्थित थे।

    दूसरे गुट ने स्वाति वीरा से कहा…विजयी भव:

    वहीं ब्राह्मण समाज के दूसरे गुट ने सर्वसम्मति से सपा प्रत्याशी स्वाति वीरा को विजयी भव: का आशीर्वाद दे डाला। ब्राह्मण समाज के स्वाति वीरा के पक्ष में लामबंद होने का दावा भी किया गया।
    दरअसल वीरा कॉलेज के सभागार में बिजनौर के ब्राह्मण समाज ने एक मंच पर एकत्रित होकर नगर पालिका चुनाव में अध्यक्ष पद हेतु स्वाति वीरा को समर्थन देकर विजई भव: कह कर आशीर्वाद दिया। साथ ही स्वाति वीरा एवं उनकी माताश्री पूर्व विधायक रुचि वीरा का तिलक लगाकर और भगवान परशुराम का पटका पहना कर स्वागत भी किया। इस अवसर पर सपा प्रत्याशी ने भगवान परशुराम चौक का नामकरण एवं भगवान परशुराम जी मूर्ति की स्थापना को लेकर ब्राह्मण समाज की अनेक वर्ष से चली आ रही मांग को प्राथमिकता से पूर्ण कराने का आश्वासन दिया।
    इस बैठक में पंडित चंद्रप्रभा गौतम, एमसी शर्मा, कृष्ण कुमार शर्मा, प्रदीप कौशिक, विजय शर्मा, उमेश गौतम, सुनील भारद्वाज, आचार्य विनोद गोस्वामी, अशोक शर्मा, पवन शर्मा अजय उपधाय शिव कुमार आदि उपस्थित बताए गए।

    अब इन दोनों दावों की सच्चाई तो चुनाव परिणाम ही बताएंगे, लेकिन माहौल अचानक बेहद रोचक हो गया है। कुछ इसी तरह का दोफाड़ सैनी समाज में भी होने की खबरें सामने आ रही हैं। (क्रमश:)

    जो न हुए अपनों के, क्या होंगे हमारे? https://wp.me/pcjbvZ-6ME

  • 23 मई को स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे शिक्षक

    मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों का डाटा अपडेट करने की तिथि तीन मई

    स्थानान्तरण या समायोजन की सारी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से ऑनलाइन

    शिक्षकों के अन्तरजनपदीय तबादलों की प्रक्रिया शुरू

    लखनऊ। प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं के अन्त: जिला स्थानान्तरण एवं समायोजन की प्रक्रिया आज 28 अप्रैल 2023 से शुरू हो जाएगी। विभाग ने मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों का डाटा अपडेट करने की तिथि तीन मई तय कर दी है। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से इस संबंध में बुधवार को शासनादेश जारी कर दिया गया है।
    परिषद के अधिकृत सूत्रों के अनुसार उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से जारी दिशा-निर्देश में कहा गया है कि अन्त: जिला स्थानान्तरण / समायोजन एवं पारस्परिक स्थानान्तरण की प्रक्रिया उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र लखनऊ के माध्यम से 28 अप्रैल से प्रारम्भ की जाएगी।स्थानान्तरण या समायोजन की सारी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से ऑनलाइन होंगी।

    विभाग की ओर से पूर्व में जारी सूचना के अनुसार शिक्षकों के जिले के अंदर तबादला की समय सारिणी के अनुसार 28 अप्रैल को एनआईसी की ओर से इसका पोर्टल लाइव किया जाएगा। शिक्षक मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड विवरण में कमी होने पर एक से आठ मई तक आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। इसका निस्तारण बीएसए 16 मई तक करेंगे। अधिक व कम शिक्षक वाले विद्यालयों की सूची 22 मई को जारी होगी, जबकि शिक्षक 23 मई को स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करेंगे।

    स्थानांतरण प्रक्रिया में मानव संपदा पोर्टल पर अंकित विवरण का प्रयोग करने को सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने हाल ही में आदेश जारी किया है। बताया गया है कि जिला स्तर पर विवरण में काफी कमियां हैं। शिक्षकों के पदनाम गलत हैं, उनके मोबाइल नंबर एक से अधिक बार अंकित हैं, शिक्षक का विषय वर्ग विवरण नहीं अंकित है। उनका जेंडर गलत है या भरा ही नहीं गया है। ऐसे में सभी बीएसए इस डाटा का परीक्षण कर उसकी कमियां ठीक कर इसे तीन मई तक अपडेट करें।

  • अनुपस्थित रहने वाले मतदान कार्मिकों के विरूद्व विभागीय कार्यवाही के साथ एफआईआर भी होगी दर्ज

    मतदान को निर्बाध रूप से सम्पन्न कराने के लिए प्रशिक्षण अति महत्वपूर्ण,

    सभी मतदान कार्मिक ध्यानपूर्वक और गम्भीरता से प्रशिक्षण प्राप्त करें- जिला निर्वाचन अधिकारी उमेश मिश्रा

    प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहले दिन 58 मतदान कार्मिक अनुपस्थित

    बिजनौर। जिला निर्वाचन अधिकारी उमेश मिश्रा ने नगर निकाय सामान्य निर्वाचन-2023 को सुचारू निष्पक्ष और निर्बाध रूप से संपन्न कराने के लिए मतदान कार्मिकों के द्वितीय चरण के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान निर्देश दिए कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने वाले मतदान कार्मिकों के विरूद्व एफआईआर दर्ज करा कर उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि ऐसे सभी अनुपस्थित मतदान कार्मिक जो आज किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो पाए, आगामी दिवस में उपस्थित होकर प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग करना सुनिश्चित करें, अन्यथा अनुपस्थिति की स्थिति में उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही के साथ-साथ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता का प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
    जिलाधिकारी श्री मिश्रा गुरुवार को नगर निकाय सामान्य निर्वाचन 2023 के अंतर्गत मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से सम्पन्न कराने के लिए स्थानीय विवेक कालेज, बिजनौर में आयोजित पीठासीन अधिकारी सहित मतदान कार्मिकों के द्वितीय चरण के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम दिवस के अवसर पर निर्देश दे रहे थे। जिलाधिकारी ने कहा कि नगर निकाय सामान्य निर्वाचन-2023 को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए पीठासीन अधिकारी एवं मतदान अधिकारी द्वितीय चरण के इस प्रशिक्षण को पूरी गंभीरता के साथ सुने और देखें। अगर कोई बात समझ में नहीं आई या किसी चीज को समझने में दुविधा हो तो उपस्थित मास्टर ट्रेनर से अपनी सभी शंकाओं का समाधान करा लें ताकि मतदान के अवसर पर किसी भी प्रकार की असुविधा एवं अवरोध उत्पन्न ना होने पाए। उन्होंने बताया कि प्रत्येक कक्ष में 3-3 मास्टर ट्रेनर एवं प्रोजेक्टर लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
    उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण अति महत्वपूर्ण है। उन्होंने समस्त पीठासीन अधिकारी/मतदान अधिकारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि पूरी निष्पक्षता, निर्भीकता, पारदर्शिता और स्वतंत्रता के साथ अपने दायित्वों का अनुपालन सुनिश्चित करें, उनकी सुरक्षा एवं सुविधा के लिए पूरा जिला प्रशासन प्रतिबद्व है।

    मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा/प्रभारी अधिकारी (कार्मिक एवं प्रशिक्षण) द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सभी 15 कक्षों में चल रहे प्रशिक्षण कार्य का निरीक्षण किया गया और कार्मिकों से यह अपेक्षा की गई कि सभी लोग गहनता से प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी दक्षता, निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ करना सुनिश्चित करें।
    सहायक प्रभारी (कार्मिक एवं प्रशिक्षण) परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी द्वारा सभी मास्टर ट्रेनर को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया था। उन्हीं के द्वारा प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर द्वारा कार्मिकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। द्वितीय चरण के प्रथम दिवस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 58 मतदान कार्मिक अनुपस्थित रहे।
    इस अवसर पर परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरण यादव सहित अन्य विभागीय अधिकारी, मास्टर ट्रेनर एवं मतदान कार्मिक मौजूद थे।

  • निकाय चुनाव को लेकर एक बार फिर से छिड़ी बहस

    यक्ष प्रश्न! जो न हुए अपनों के, क्या होंगे हमारे?

    लखनऊ (शादाब अनवर)। चुनाव कोई भी हो, चाहे लोकसभा हो या फिर विधानसभा अथवा ग्राम पंचायत और निकाय चुनाव! आम मतदाता के सामने एक यक्ष प्रश्न हमेशा खड़ा हो जाता है कि उसे करना क्या चाहिए? कुछ ऐसा ही अब भी है। निकाय चुनाव को लेकर मतदाताओं में एक बार फिर विचार मंथन शुरू हो गया है कि आखिरकार मतदान किसके पक्ष में किया जाए? पार्टी सिंबल देख कर या प्रत्याशी का चेहरा देखकर?

    व्यवस्थाओं का परिणाम

    यह बात हर कोई भली भांति जानता है कि कोई भी एक संस्थान अथवा राजनैतिक दल निश्चित व्यवस्थाओं के तहत चलता है। कार्यकर्ताओं की एक लंबी चौड़ी फेहरिस्त होती है ऊपर लेकर नीचे तक या कह लीजिए नीचे से ऊपर तक। सबके अपने काम, अपनी जिम्मेदारियां। बस खास बात ये होती है कि उन्हीं में से एक उनका मुखिया, बाकी सब नीचे। … लेकिन होता टीम वर्क है। मुखिया का साथ संभालने को कुछ और सहयोगी भी अन्य के मुकाबले ज्यादा जिम्मेदारियों का बोझ उठाते हैं। इसके बावजूद सब कुछ अनवरत, निरंतर, निर्विघ्न चलता रहता है। लोकतंत्र की मूल अवधारणाओं में से एक है ये। यही कारण है कि कोई ये नहीं कहता कि अपने ही बीच के किसी एक की नुमाइंदगी में काम क्यों करें?

    छवि किसकी, पार्टी या प्रत्याशी की?

    कई बार प्रत्याशी अच्छी छवि का होता है लेकिन वह जिस पार्टी से चुनाव मैदान में उतरता है, उसकी छवि निर्विवाद नहीं होती। इसके विपरित प्रत्याशी कमजोर अथवा विवादित छवि का है और उस पर भरोसा जताने वाला दल खुद में सर्व स्वीकार्य है। ऐसे में मतदाता का पसोपेश में पड़ जाना स्वाभाविक है। इसलिए मतदाता की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वह अपने अमूल्य मताधिकार का प्रयोग सोच समझ कर करे।

    हिकारत भरी नजर से देखा जाता है दल बदलने वाला

    दल बदलने वाले को हमेशा हिकारत भरी नजर से ही देखा जाता है। आम मतदाता ही नहीं संगठन, पार्टी से जुड़े जमीनी लोग भी इनको दिल से तवज्जो नहीं देते। मतदाता सोचता है कि कितने समय तक अमुक व्यक्ति जिनके साथ जुड़ा हुआ था, उसकी तारीफ के कसीदे काढ़ते थकता नहीं था। टिकट न मिलने पर अचानक उसकी आस्थाओं के केंद्र बदल गए? तब ऐसे व्यक्ति पर विश्वास भला क्यों और किन कारणों से किया जाए। वहीं जिस पार्टी में दल बदलू पहुंचता है, उसके कार्यकर्ता के मन में सवाल उठता है कि हमारी बरसों की मेहनत का परिणाम यह हुआ कि बाहरी व्यक्ति को ऊपर थोप दिया गया।

    निर्दलीय भी कमजोर नहीं

    पार्टी से इतर निर्दलीय भी खुद में कई जगह पावरफुल साबित होते हैं। पावरफुल का मतलब बाहुबलि नहीं निकाला जाना चाहिए। बाहुबलियों को तो बिल्कुल ही नकार देना चाहिए। जहां किसी पार्टी का प्रत्याशी जनता की मनोभावनाओं पर खरा उतरता न हो, वहां साफ सुथरी छवि के निर्दलीय पर ही विश्वास जताना चाहिए। इसमें भी ध्यान देने वाली बात यह है कि उक्त प्रत्याशी भी कहीं अपनी पिछली आस्थाओं को लात मारकर न आया हो!

    विशेष~(विभिन्न राजनैतिक दलों, संस्थाओं, व्यक्तियों से वार्ता पर आधारित)

  • कायस्थों के कोड 21 से अलग बंगाली कायस्थों को दिया कोड संख्या 205

    राष्ट्रीय कायस्थ महापरिषद ने जताया विरोध, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन

    जातीय गणना में कायस्थों के लिए दो कोड स्वीकार्य नहीं

    अररिया। बिहार में जातीय गणना की शुरुआत हो चुकी है, इसके लिए सभी जातियों के लिए एक कोड आवंटित किया गया है, परन्तु कायस्थ समाज के लिए दो-दो कोड आवंटित किए गए हैं। राष्ट्रीय कायस्थ महापरिषद ने इस पर आपत्ति जताई है। महापरिषद के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हरिहर सिन्हा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सुमन कुमार मल्लिक और युवा संभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद सिंहा ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री के कार्यालय में ज्ञापन देकर इसमें सुधार का अनुरोध किया है।

    प्रतिनिधिमंडल में शामिल इन नेताओं का कहना है कि कायस्थ समाज को जातीय गणना में दो-दो कोड का आवंटन किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं है। इससे आपस में ही भ्रम की स्थिति बन जायेगी। इन नेताओं ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को दिए गए ज्ञापन में बताया कि जाति जनगणना में कायस्थ समाज का मूल कोड संख्या 21 आवंटित किया गया है, परन्तु सूची के अवलोकन से पता चलता है कि बंगाली कायस्थ के लिए एक संवर्ग तथा एक भिन्न कोड 205 आवंटित किया गया है।


    नेताओं के अनुसार इसका कोई औचित्य प्रतीत नहीं होता है और श्री चित्रगुप्त के सभी वंशज कायस्थ है। इनमें कोई विभेद नहीं है चाहे वे किसी भी देश या प्रदेश में निवास करते हों। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी सूची में श्रीवास्तव, दर्जी और लाला को अलग से सूचीबद्ध कर दिया गया था, जिसे बाद में संशोधित किया गया।

    महापरिषद ने अपने ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि जातीय गणना में कोड संख्या 205 को निरस्त एवं विलोपित करके, कायस्थों के लिए सिर्फ एक ही कोड संख्या 21 को ही स्थायी रूप से कोड के रूप में संशोधित किये जाने की पहल करें।

    जातियों के कोड में 205 नंबर ‘बंगाली कायस्थ’

    15 अप्रैल को बख्तियारपुर स्थित अपने पैतृक आवास पर बिहार में जातीय जन-जगणना की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुलकर कहा कि यह जातियों की गणना है, उपजातियों की नहीं। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद भागलपुर-पूर्णिया और पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में कायस्थ जाति के लोग प्रगणकों को पकड़ कर पूछ रहे हैं कि जातियों के कोड में 205 नंबर ‘बंगाली कायस्थ’ लिखा है। यह क्या है? कायस्थ की उपजाति श्रीवास्तव और टाइटल लाल व लाला को हिंदू दर्जी में लिखे होने पर ‘कायस्थ समाज’ ने आवाज उठाई तो उसे हटाया गया, लेकिन अब कायस्थों में 205 नंबर कोड से गुस्सा है।

    क्यों हो रहा विरोध, कौन हैं बंगाली कायस्थ

    दरअसल, मुख्यमंत्री भी इसे जाति गणना कह रहे हैं लेकिन इसके लिए जातियों का कोड निर्धारित किए जाते समय जानकारी के अभाव या किसी सोच के तहत कई उप जातियों को जाति के रूप में दिखा दिया गया है। बंगाली बोलने वाले और बंगाल से बिहार में आकर सदियों पहले बसे कायस्थों को बिहार में कायस्थ समाज के बीच आम कायस्थों की तरह दर्जा दिया जाता है। परंपराओं और संस्कृति में अंतर के कारण शादी-ब्याह में गतिरोध की जानकारी भी एक समय आती थी, लेकिन अब नहीं।

    जाति कायस्थ, कोड 21 ही रखेंगे, मगर…

    ऐसे में बंगाली कायस्थ खुद को कायस्थ से अलग मानने के लिए तैयार नहीं है, लेकिन जातियों के लिए जारी कोड में इन्हें कायस्थों के कोड 21 से अलग कोड संख्या 205 दिया गया है। बंगाली कायस्थों का कहना है कि भगवान चित्रगुप्त की संतान सभी एक हैं, इसलिए वह कोड 21 के अलावा किसी तरफ ध्यान नहीं देंगे। लेकिन, कायस्थ समाज यह भी अपील कर रहा है कि इस संशय के लिए जिम्मेदार लोगों पर मुख्यमंत्री कार्रवाई करें।

    By~ Sanket Shrivastava, kayasthasetu

  • 20 साल पुराने ताज कॉरिडोर घोटाला मामले में एक्शन

    सीबीआई को मिली एनपीसीसी के तत्कालीन एजीएम महेंद्र शर्मा के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति

    बसपा सुप्रीमो मायावती पर सीबीआई का शिकंजा कसना शुरू

    लखनऊ (एजेंसी)। बसपा सुप्रीमो मायावती पर सीबीआई ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस कारण उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि सीबीआई ने 20 साल पुराने ताज कॉरिडोर घोटाला मामले में एक्शन लेना शुरू कर दिया है। इस घोटाले में सीबीआई को पहली अभियोजन स्वीकृति मिली है। इसको लेकर अब एनपीसीसी के तत्कालीन एजीएम पर केस चलेगा और 22 मई को मामले में सुनवाई होगी।

    ताज कॉरिडोर घोटाले से जुड़े 20 साल पुराने मामले में बसपा सुप्रीमो मायावती और तत्कालीन मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी फंस गए हैं। सीबीआई को महेंद्र शर्मा के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति मिली है। महेंद्र शर्मा नेशनल प्रोजेक्ट्स कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन लिमिटेड के तत्कालीन एजीएम थे। वर्ष 2002 में मायावती ने ताजमहल और उसके आसपास के इलाके को कॉरिडोर के रूप में विकसित करने के लिए इस परियोजना की शुरुआत की थी।

    तब 175 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट के लिए 17 करोड़ रुपए जारी किए गए थे। इन परियोजना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हुई थी, जिसके बाद जांच हुई थी। सीबीआई ने धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार, साजिश समेत तमाम धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। नेशनल प्रोजेक्ट्स कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन लिमिटेड को इस कॉरिडोर का निर्माण करने का ठेका दिया गया था।

  • मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही राहत एजेंसियों के अधिकारी कर्मचारी

    जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी वार्ड में अचानक लगी आग

    गोरखपुर। जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी वार्ड में आज दिनांक 26 अप्रैल 2023 को अचानक आग लग गई। इस कारण पूरे वार्ड में चारों तरफ धुआं फैल गया। सूचना मिलते ही मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही राहत एजेंसियों के अधिकारी कर्मचारी पहुंचे।

    मौके पर यूपीएसडीएमए, वीसी, ब्रिगेडियर, पीके सिंह (सेवानिवृत्त), एडीएम राजेश कुमार सिंह, डीडीयू के समन्वयक डॉ. जितेंद्र कुमार, सीएमओ आशुतोष कुमार गोरखपुर, सीएफओ अरविंद कुमार सिंह, संतोष कुमार डिप्टी कमांडेंट 11 एनडीआरएफ, एसी/एमओ विवेक सिंह व प्रतिनिधि अपने सहयोगी कर्मचारियों के साथ पहुंचे।

    जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण गोरखपुर की मीडिया सेल की ओर से बताया गया कि उक्त घटना अग्नि से सुरक्षा विषय पर आयोजित मॉकड्रिल कार्यक्रम का हिस्सा थी।

    अस्पताल किसी भी जनपद के लिए लाइफ लाइन बिल्डिंग होती है। यदि किसी प्रकार की घटना अस्पताल में घटित होती है तो वहां पर उपस्थित मरीज जो कि स्वयं से अपनी मदद नहीं कर सकते हैं, उन को सुरक्षित बाहर निकाला जाना एक चुनौती होती है। साथ ही यदि कोई बड़ी घटना घटित होती है तो किस प्रकार समस्त को चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, इस संबंध में कार्रवाई की गई।

    मौके पर उपस्थित राहत एजेंसियों के कर्मियों ने मरीजों को सकुशल अन्य वार्ड में ट्रांसफर किया और अग्निशमन विभाग ने आग पर काबू प्राप्त किया।

    ब्रिगेडियर पीके सिंह ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से अपेक्षा वयक्त की है कि अस्पताल की आपदा प्रबंधन योजना को आज की ड्रिल के आधार पर अद्यतन कर उसकी प्रति उपलब्ध कराएं।

  • शहरनामा पार्ट~1

    दरअसल टूटी उखड़ी सड़कें, खड़ंजे के अलावा नालों, नालियों की गंदगी, उनसे उठने वाली दुर्गंध, बीमारियां फैलाने वाले मच्छर आदि नगर वासियों की नियति बन कर रह गई हैं। अब फिर पालिका परिषद अध्यक्ष और सभासद पदों पर चुनाव होने को हैं। हरेक प्रत्याशी चाहे किसी भी राजनैतिक दल से चुनाव मैदान में उतरा हो, या फिर निर्दलीय। सब अपनी अपनी डफली बजाते हुए अपना अपना राग अलाप रहे हैं। अब एक बार फिर बाजी जनता के हाथ में है। चुनावी मैदान में उतरे महारथियों के एक एक कदम पर आम मतदाता बड़ी ही पैनी नजर गड़ाए हुए है। खासतौर पर दिल बदल कर, दल बदल करने वाले निशाने पर हैं। उनके जेहन में बस एक ही सवाल है कि ऐसा कौन सा प्रत्याशी चुना जाए जो नगर के हित में काम करे, दिल से…

    बिजनौर। नगर पालिका परिषद द्वारा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के बाहर लगवाई गई शुद्ध शीतल जल की मशीन अर्से से खराब पड़ी है।

    जीजीआईसी के बाहर सड़क के दोनों तरफ गन्दगी, नगर पालिका परिषद की मेहरबानी से होती नहीं सफाई

    यहां यह मशीन लगवाने का मकसद था कि कॉलेज की छात्राओं, उनके परिजनों और स्टाफ आदि को पानी की तलाश में भटकना न पड़े। इसी के साथ जिला कारागार में निरुद्ध कैदियों, बंदियों आदि से मिलने आने वालों को भी लाभ पहुंचे। देखरेख के अभाव के चलते उक्त पानी की मशीन खराब पड़ी है। यहां तक कि टोंटी (नल) के नीचे जंगली पौधे उग आए हैं।

    जीजीआईसी के बाहर नगर पालिका परिषद ने लगवाई थी ठंडे पानी की मशीन, जो बरसों से पड़ी है खराब
    जीजीआईसी के बाहर नगर पालिका परिषद ने लगवाई थी ठंडे पानी की मशीन, जो बरसों से पड़ी है खराब
    जेल परिसर के गेट के बाहर फैली पड़ी गंदगी

    वहीं इस क्षेत्र में गंदगी का भी साम्राज्य फैला हुआ है। पालिका परिषद की तरफ से यहां सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है।

    किसी अधिकारी के आगमन पर होगी सफाई?
    शुद्ध शीतल जल की मशीन पर उगे हुए पौधे बयां कर रहे अपनी दास्तान

    (कहानी अभी बाकी है…)

  • प्रदेश अध्यक्ष पद पर राकेश मोहता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अखिल डागा व प्रदेश मंत्री सुभाषचन्द्र बाहेती की ताजपोशी

    पश्चिमी उत्तर प्रदेश माहेश्वरी सभा के चुनाव में निर्विरोध चुने गए सभी पदाधिकारी

    अलीगढ़। पश्चिमी उत्तर प्रदेश माहेश्वरी सभा के चुनाव में प्रदेश अध्यक्ष राकेश मोहता अलीगढ़, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अखिल डागा बिजनौर, प्रदेश मंत्री सुभाषचन्द्र बाहेती बिल्सी बदायूं समेत सभी 12 पदाधिकारी निर्विरोध चुने गए। चुनाव प्रक्रिया अलीगढ़ के ग्रीन व्यू रिसोर्ट में संपन्न हुई।

    मुख्य चुनाव अधिकारी विजय कुमार माहेश्वरी मुजफ्फरनगर, सह चुनाव अधिकारी रघुवंश राठी अलीगढ़ तथा सह चुनाव अधिकारी महेश चंद्र माहेश्वरी सहसवान की देखरेख में 8 अप्रैल से चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई। अलीगढ़ के ग्रीन व्यू रिसोर्ट में 14 अप्रैल को नामांकन दाखिल किए गए। 15 अप्रैल को जांच हुई 16 अप्रैल को नाम वापसी थी। इसी दिन वैध नामांकनों का प्रकाशन हुआ।

    चुनाव में राकेश मोहता प्रदेश अध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अखिल डागा बिजनौर, उपाध्यक्ष गिरिराज माहेश्वरी मुजफ्फरनगर, उपाध्यक्ष अजय दीवान मथुरा, उपाध्यक्ष राजकुमार जाखेटिया कासगंज, प्रदेश मंत्री सुभाषचंद्र बाहेती, संयुक्त मंत्री मुकेश माहेश्वरी कांठ मुरादाबाद, मनोज दुजारी आगरा, सुशील माहेश्वरी गाजियाबाद, संगठन मंत्री मुकेश माहेश्वरी सहसवान, कोषाध्यक्ष नवनीत माहेश्वरी छर्रा अलीगढ़, प्रचार मंत्री संजीव गोदानी अलीगढ़, सभी पदाधिकारी निर्विरोध चुने गए। केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक श्रीमती विनीता बियानी ने निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष कमलेंद्र माहेश्वरी की मौजूदगी में सभी 12 पदाधिकारियों के निर्विरोध चुने जाने की घोषणा की। साथ ही श्रीमती विनीता बयानी ने सभी पदाधिकारियों को प्रमाण पत्र देते हुए चुनाव निर्विरोध होने पर बधाई दी ।

    कोठारी बंधुओं की स्मृति में 200 करोड़ की लागत से 65 एकड़ भूमि पर होगा भवन निर्माण

    इस अवसर पर अखिल भारत वर्षीय माहेश्वरी महासभा के उपसभापति अशोक जी सोमानी, पूर्व उपसभापति राधा कृष्ण सोमानी भी उपस्थित रहे। अशोक जी सोमानी ने कहा कि अयोध्या में कोलकाता माहेश्वरी समाज के बंधु शरद कोठारी तथा राम कोठारी बलिदान हो गए थे। अखिल भारत वर्षीय माहेश्वरी महासभा इन दोनों की स्मृति में 65 एकड़ भूमि पर भवन का निर्माण कराएगी, जिस पर 200 करोड़ रुपए लागत आएगी, 175 करोड़ रुपए इकट्ठे हो गए हैं चार टावरों में 400 कमरों का निर्माण होगा तथा 1000 एवं 600 की क्षमता वाले दो ऑडिटोरियम होंगे इस शौर्य भवन में गौशाला भी होगी।

    पुष्कर में भी 65 एकड़ भूमि पर 70 करोड़ की लागत से दूसरा भवन

    माहेश्वरी सेवा सदन पुष्कर भी 65 एकड़ भूमि पर 70 करोड़ रुपए की लागत से एक दूसरा भवन बना रहा है। प्रदेश अध्यक्ष राकेश मोहता ने आए हुए सभी प्रतिनिधियों का आभार प्रकट किया। सुबीन कुमार माहेश्वरी बिल्सी ने अतिथियों के स्वागत में काव्य पाठ किया। राम कुमार सादानी ने कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की।

    इस अवसर पर अखिल भारत वर्षीय माहेश्वरी महासभा के संयुक्त मंत्री विनीत जी केला, अभय माहेश्वरी, सतीश माहेश्वरी एलएनटी, अशोक कुमार गांधी, योगेश माहेश्वरी, मनीष चांडक अलीगढ़, शिव कुमार माहेश्वरी नजीबाबाद, विनीत माहेश्वरी अफजलगढ़, विजय कुमार माहेश्वरी कोटद्वार, अजय माहेश्वरी चांदपुर, अशोक माहेश्वरी बिजनौर, कुलभूषण माहेश्वरी धामपुर, मनोज माहेश्वरी धामपुर, संदीप माहेश्वरी अफजलगढ़, नवनीत माहेश्वरी दारानगर गंज, सुशील माहेश्वरी मोहम्मदपुर देवमल, साकार माहेश्वरी बिजनौर, गौरव माहेश्वरी दारानगर गंज, अनिरुद्ध शारदा मीरापुर, विजेन्द्र डागा मीरापुर, राजन माहेश्वरी मीरापुर, पंकज शारदा मीरापुर, नीरज शारदा मीरापुर, राजीव माहेश्वरी मीरापुर, संजीव कुमार लाहौटी नगीना, आशुतोष डागा बिजनौर, संजीव माहेश्वरी चांदपुर, महेंद्र चांडक, हरवंश शरण झवर, घनश्याम मूना, सुमंत गांधी, सुधीर सोमानी, सतीश चंद्र माहेश्वरी, दीपक माहेश्वरी, मुकुल मालपानी, सुबीन माहेश्वरी, उमेश तोषनीवाल, राकेश माहेश्वरी, केडी चांडक, शिव कुमार माहेश्वरी, राहुल लड्ढा, विनय बाहेती, मनोज बाहेती, केके माहेश्वरी, ममतेश माहेश्वरी, शरद माहेश्वरी, सचिन माहेश्वरी, विनय माहेश्वरी, मनोज माहेश्वरी, आदि 170 सदस्य उपस्थित रहे।

  • पुलिस की फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वायड की टीम ने की मौके पर जांच

    गन्ने के खेत में मिला अज्ञात महिला का शव

    बिजनौर। नजीबाबाद के नांगलसोती थाना क्षेत्र के एक गांव में गन्ने के खेत से महिला का शव बरामद हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। महिला का शव लगभग 10 से 15 दिन पुराना बताया जा रहा है। घटना की जानकारी से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।

    नांगलसोती थाना क्षेत्र के गांव कामराजपुर में आबादी के समीप नसरुद्दीन का गन्ने का खेत है। मंगलवार सुबह नसरुद्दीन के साथ अमीर हसन खेत पर काम करने पहुंचा। इसी बीच खेत में दुर्गंध महसूस होने पर अमीर हसन ने खेत में खड़े गन्ने के बीच जाकर देखा। वहां एक महिला का सड़ा गला शव साड़ी में लिपटा पड़ा मिला।

    खेत स्वामी नसरुद्दीन ने पुलिस को इसकी सूचना दी। सीओ गजेंद्र पाल सिंह व नांगलसोती थानाध्यक्ष श्यामवीर सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से घटना के संबंध में जानकारी ली और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस की फील्ड यूनिट की टीम और डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर जांच शुरू कर दी है।

    वहीं एसपी सिटी डॉ. प्रवीण रंजन का कहना है कि महिला का शव 10 से 15 दिन पुराना है और महिला की उम्र करीब 40 वर्ष है। उन्होंने थानाध्यक्ष को महिला के शव का डीएनए सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। एसपी सिटी ने बताया कि मामले की बारीकी से जांच की जा रही है, जल्दी खुलासा किया जाएगा। ग्रामीणों से पूछताछ के बावजूद शव की शिनाख्त नहीं हो सकी।

  • 25 अप्रैल से 27 अप्रैल तक कई राज्यों में गरज के साथ बारिश होने या ओलावृष्टि होने का पूर्वानुमान

    अगले सात दिन तक देश के कई हिस्सों में नहीं चलेगी लू

    नई दिल्ली (एजेंसी)। भीषण गर्मी के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने संभावना जताई है कि अगले सात दिन तक देश के कई हिस्सों में लू नहीं चलेगी। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान 36 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा, जबकि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को छोड़ कर देश के शेष हिस्सों में यह 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में यह 15 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। आईएमडी ने मध्य महाराष्ट्र, तेलंगाना और मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ के दक्षिणी जिलों में 25 अप्रैल से 27 अप्रैल तक गरज के साथ बारिश होने या ओलावृष्टि होने का भी पूर्वानुमान जताया है।

    दिल्ली में गर्मी से कुछ राहत~ भारत के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से लू की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 37 डिग्री के आसपास चल रहा था, लेकिन पिछले हफ्ते बारिश और ओलावृष्टि से शहर को गर्मी से कुछ राहत मिली।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को कहा कि देश के अधिकांश हिस्सों में अगले 7 दिनों तक लू नहीं चलेगी। मौसम विभाग ने अपने अपडेट में कहा कि शुक्रवार से उत्तर पश्चिम क्षेत्र में फिर से बारिश होने की उम्मीद है। इस महीने की शुरुआत में आईएमडी ने अप्रैल-जून के दौरान उत्तर-पश्चिम और प्रायद्वीपीय भारत को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक अधिकतम तापमान की भविष्यवाणी की थी।

    रविवार को उत्तर पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान 36-39 डिग्री सेल्सियस के बीच था, जबकि देश के बाकी हिस्सों में यह 30-35 डिग्री दर्ज किया गया। हिमालय क्षेत्र में यह 15-25 डिग्री के बीच रिकॉर्ड हुआ। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने नवीनतम बुलेटिन में कहा, “अगले सात दिनों के दौरान देश में लू की कोई स्थिति नहीं होने की संभावना है।”

    बुधवार से बारिश की संभावना~
    आईएमडी ने अपने बुलेटिन में कहा, ‘पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बुधवार से और उत्तर पश्चिमी मैदानी इलाकों में शुक्रवार से बारिश होने की संभावना है। मंगलवार-गुरुवार के बीच मध्य महाराष्ट्र, तेलंगाना और दक्षिणी मध्य प्रदेश में आंधी की भविष्यवाणी की गई है। तमिलनाडु और केरल जैसे दक्षिणी राज्यों में अगले तीन-चार दिनों तक बारिश होने की संभावना है।
    महाराष्ट्र में 15 जून तक स्कूल बंद~
    महाराष्ट्र में चिलचिलाती गर्मी के बीच राज्य बोर्ड से संबद्ध सभी स्कूलों को 15 जून तक बंद कर दिया गया है, जबकि विदर्भ क्षेत्र में गर्मी की छुट्टियां 30 जून तक बढ़ा दी गई है।

  • बसपा सुप्रीमो नहीं करेंगी किसी भी जिले में चुनावी रैली

    दूसरे चरण के लिए बीएसपी ने जारी की महापौर पद के सात प्रत्याशियों की सूची

    लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी ने नगर निकाय चुनाव के दूसरे चरण के लिए महापौर पद के सात प्रत्याशियों की सूची सोमवार को जारी कर दी। सूची के अनुसार लखनऊ नगर निगम में महापौर के लिए रंजन निषाद पार्टी उम्मीदवार होंगे जबकि मेरठ में हसमत अली, शाहजहांपुर में शागुफ्ता अंजुम, अयोध्या में राममूर्ति यादव, गाजियाबाद में निसारा खान, अलीगढ़ में सलमान शाहिद और बरेली नगर निगम में युसुफ खान को महापौर पद का प्रत्याशी बनाया गया है।

    नगर निकाय चुनाव के प्रचार अभियान से बसपा सुप्रीमो मायावती दूर ही होंगी। ऐसा माना जा रहा है कि वह किसी भी जिले में रैली नहीं करेंगी। इस बार उत्तर प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल और समन्वयक पूरी तरह से सक्रिय रहेंगे। वैसे भी बसपा प्रदेश अध्यक्ष के लिए यह चुनाव अग्नि परीक्षा है, क्योंकि वह चुनाव पहली बार कर रहे हैं।

    गौरतलब है कि पहले चरण के चुनाव के लिए नामांकन हो चुके हैं। पहले चरण के लिए प्रत्याशियों की तस्वीर साफ हो गई है। बसपा ने महापौर पद पर 60 प्रतिशत मुस्लिम प्रत्याशी घोषित कर अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है। बसपा मुस्लिम-दलित गठजोड़ के आंकड़े से ही मैदान में हैं। चुनाव के लिए प्रचार भी शुरू हो गए हैं।

  • हार्ट, लग्स व गंभीर बीमारियों के जरूरतमंद मरीजों को होगा फायदा

    अमृता वेलफेयर सोसायटी द्वारा धर्मार्थ निःशुल्क ओपीडी

    बिजनौर। अमृता वेलफेयर सोसायटी द्वारा धर्मार्थ निःशुल्क ओपीडी 25 अप्रैल 2023 से कचहरी रोड निकट रोडवेज बस स्टैंड के पास हार्ट एवं लग्स क्रिटिकल सेंटर पर होगी। यह हार्ट, लग्स व गंभीर बीमारियों के जरूरतमंद मरीजों के लिए प्रतिदिन के लिए शुरू हो रही है। दीपक वशिष्ठ ने बताया कि निःशुल्क ओपीडी में डा. अवधेश वशिष्ठ, डा. मिताली आत्रेय, डा. अमित कुमार सिंह, डा. मौ. दानिश, डा. रिजवान सैफी समेत तमाम चिकित्सक उपस्थित होकर प्रतिदिन सुबह 9 बजे से एक बजे तक व शाम 5 बजे से रात्रि 8 बजे मरीजों की जांच करेंगे व उनके परामर्श देंगे।

    मन की बात में डा. अवधेश वशिष्ठ व डा. दानिश को निमंत्रण

    राजभवन लखनऊ में 30 अप्रैल को प्रातः 10 बजे प्रसार भारती द्वारा आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बिजनौर से डा. अवधेश वशिष्ठ व उनकी टीम के सदस्य डा. मौ. दानिश को निमंत्रण दिया गया है। जनपद के लिए ये गर्व की बात है। पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम में पहले भी युवा चिकित्सक अवधेश वशिष्ठ उत्साहवर्धन कर चुके हैं, जिसके फलस्वरूप डा. आत्रेय ने हार्ट एवं लग्स क्रिटिकल सेंटर पर निःशुल्क परामर्श चिकित्सा का निर्णय लिया है। डा. अवधेश वशिष्ठ ने पीएम मोदी के निमंत्रण का धन्यवाद देते हुए कहा कि ये उनके लिए बड़े सौभाग्य की बात है कि प्रधानमंत्री ने उन्हें इस लायक समझा।

  • 25 अप्रैल को दोपहर 1.30 बजे घोषित होगा यूपी बोर्ड का रिजल्ट

    उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPSMP) ने यूपी हाई और इंटरमीडिएट परीक्षा के रिजल्ट की तारीखों की घोषणा कर दी है। अब 58 लाख से अधिक छात्रों का इंतजार समाप्त हो जायेगा। यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं के परिणाम 25 अप्रैल को दोपहर 1.30 बजे घोषित किए जाएंगे। ये जानकारी बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ला ने ट्वीटर से दी है।
    यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं के छात्र अपना रिजल्ट UPMSP की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपीएसएमपी) यूपी बोर्ड परिणाम 2023 की घोषणा upresults.nic.in पर ऑनलाइन करेगी।
    यूपी बोर्ड परिणाम 2023 देखने के चरण:
    यूपी बोर्ड का रिजल्ट ऑनलाइन up result.nic.in पर जारी होगा। छात्रों की सुविधा के लिए यूपी बोर्ड 2023 का रिजल्ट (यूपी बोर्ड 2023 रिजल्ट) आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर भी वैकल्पिक जांच करेगा। रिजल्ट चेक करने के लिए छात्रों को अपना रोल नंबर और स्कूल कोड नामांकन करने की आवश्यकता होगी।

    यूपी बोर्ड रिजल्ट 2023 को देखने के लिए इस चार्ट को फॉलो करें:~
    चरण-1: उम्मीदवार सबसे पहले यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट upresults.nic.in पर जाएं
    स्टेप-2 : अब यूपी बोर्ड 10वीं/12वीं रिज्यूम रिज्यूमे लिंक पर क्लिक करें
    चरण-3 : मांगे गए विवरण को दर्ज करें
    चरण-4 : अब आपके सामने रिजल्ट ओपन होगा
    स्टेप-5: रिजल्ट में अपना रोल नंबर चेक करें
    यूपी बोर्ड रिजल्ट 2023 मोबाइल से कैसे चेक करें?
    यूपी बोर्ड के छात्र अपना रिजल्ट एसएमएस के माध्यम से भी चेक कर सकते हैं इसके लिए छात्रों के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करना होगा।

  • 50 रक्तदाताओं को बिजनौर ब्रांच की तरफ से दिए गए प्रमाण पत्र

    संत निरंकारी सत्संग भवन पर हुआ भव्य आयोजन

    मानव एकता दिवस के अवसर पर विशाल रक्तदान शिविर व साध संगत

    बिजनौर। संत निरंकारी मंडल ब्रांच बिजनौर के तत्वाधान में मानव एकता दिवस के अवसर पर स्थानीय संत निरंकारी सत्संग भवन पर एक विशाल रक्तदान शिविर व साध संगत का आयोजन किया गया। इसमें करीब 50 यूनिट रक्तदान हुआ। रक्तदान शिविर का उद्घाटन सुभाष वाल्मीकि व जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह ने किया। इस अवसर पर उन्होंने संयुक्त रूप से कहा कि रक्तदान महादान है, इससे किसी की भी जान बचाई जा सकती है। रक्तदान करना एक बहुत ही पुण्य का कार्य है। नर सेवा नारायण सेवा, हमें हमेशा इंसानियत की मिसाल कायम करते हुए आपस में बहुत ही प्रेम भाव के साथ रहना चाहिए।

    इंसानियत धर्म सबसे बड़ा धर्म है मानव को मानव प्यारा एक दूजे का बने सहारा, हमें एक दूसरे का सहारा बनना है। निरंकारी मिशन एक बहुत ही बड़ा मिशन है, जो सामाजिक कार्यों में हमेशा बढ़-चढ़कर भाग लेता है, चाहे वह रक्तदान शिविर हो, बाढ़ग्रस्त क्षेत्र हो या अन्य कार्य। सभी में निरंकारी मिशन का बहुत बड़ा योगदान रहता है। निरंकारी मिशन ने कोरोना काल में भी बहुत बड़ा योगदान दिया। निरंकारी मिशन की सद्गुरु सुदीक्षा जी महाराज का बहुत बड़ा योगदान है। उनकी जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है।

    इसके अलावा मुरादाबाद से पधारे महात्मा मनुज धींगरा ने गुरु गद्दी से साध संगत को निहाल करते हुए कहा कि हमें हमेशा सेवा सत्संग सुमिरन करते रहना चाहिए तभी हमारी भक्ति पूरी होगी। एक को जानो एक को मानो एक हो जाओ हमें आपस में बहुत ही प्यार और सत्कार के साथ रहना चाहिए कहते हैं कि प्यार सजाता है गुलशन को और नफरत वीरान करें। आज समय की सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज हमारा बेड़ा पार कर रहे हैं। हमें गुरु के वचनों को मानकर भक्ति करनी है तभी हमारा बेड़ा पार होगा अन्यथा नहीं। जो गुरु का ध्यान करते हैं गुरु उनका ध्यान करते हैं जो गुरु की बात मानते हैं गुरु उनकी बात मानते हैं। जो गुरु का काम करते हैं गुरु उनका काम करते हैं। आज मानव एकता दिवस है, जो बाबा गुरबचन सिंह की याद में मनाया जाता है। अगर हमें गुरु को खुश करना है तो गुरु के वचनों को मानना होगा। हमें हमेशा गुरु के भाने में रहना है। बाबा गुरबचन सिंह के साथ ही चाचा प्रताप जी भी शहीद हुए थे उन्होंने भी अपना बलिदान दिया था। उनका भी निरंकारी मिशन में बहुत बड़ा योगदान था। हमें वह काम करना चाहिए जो गुरु को भाता है जो गुरु के प्यारे होते हैं वह पर्वत को भी लांघ जाते हैं।

    जिला अस्पताल के डॉक्टर जैस्मीन, डॉक्टर अंशुला, लैब टेक्नीशियन विनोद कुमार, लैब टेक्नीशियन योगेंद्र कुमार शर्मा, स्टाफ से पंकज, मनोज, प्रदीप, धर्मेंद्र, बबली आदि उपस्थित रहे।

    रक्तदान करने वालों में प्रियांशी, नेहा, तुषार, लकी, संध्या, मंजू, रणबीर, देवेंद्र प्रजापति नगीना, रणवीर, भोलू, जिया आदि सहित करीब 50 रक्तदाता शामिल रहे। इस अवसर पर बिजनौर ब्रांच की तरफ से उन्हें प्रमाण पत्र भी दिए गए। रक्तदान शिविर व सत्संग कार्यक्रम में बिजनौर ब्रांच के संयोजक बाबूराम निरंकारी, संचालक विनोद कुमार, एडवोकेट डीके सागर निरंकारी, मीडिया प्रभारी भूपेंद्र निरंकारी पत्रकार, शिक्षक आदित्य सोनू, राजवीर सिंह, हिमांशु सचदेवा मुरादाबाद, हल्दौर ब्रांच के मुखी मास्टर महेंद्र कुमार शर्मा, बृजेश सागर एडवोकेट आशीष गोलू, रूपल सिंह, मोनू, पार्वती, चरण सिंह, महेश, गीता, सुधा, शिक्षिका कलावती, दीपा, लकी, पुष्पा, सुशीला, अश्विंदर कौर, आशु, सुरेंद्र, लक्की, आराधना, हर्ष, दीपक शर्मा, दीपक खेड़की, सुशीला निरंकारी कॉलोनी, किरण, कविता, मदन पाल सिंह, ध्रुव, अमित, पारुल, रमेश, रौनक, जाह्नवी, मानवी, खुशी, सर्वेश आदि सहित निरंकारी मिशन के अनेक अनुयाई उपस्थित रहे।

    इस अवसर पर लंगर का आयोजन भी किया गया जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लंगर का प्रसाद ग्रहण किया। सेवादल के संचालक विनोद कुमार एडवोकेट, शिक्षक आदित्य सोनू, व शिक्षिका कलावती के नेतृत्व में सेवा दल के सदस्यों का बहुत बड़ा योगदान रहा। उन्होंने बहुत ही मेहनत से कार्यक्रम के दौरान अनुशासन बनाए रखा। कार्यक्रम के अंत में संयोजक बाबूराम निरंकारी ने सभी रक्त दान करने वालों व अतिथियों का स्वागत सत्कार किया, उन्हें बधाई दी। इससे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप व भाजपा जिलाध्यक्ष का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। उनके साथ राजीव पहलवान, धर्मेंद्र सहित कई लोग उपस्थित रहे।

  • योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान ने कराया आयोजन

    नि:शुल्क प्राकृतिक चिकित्सा कैंप में लोगों ने उठाया लाभ

    बिजनौर। आजादी का अमृत महोत्सव अंतर्गत योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान साकेत कॉलोनी सिविल लाइन सेकंड बिजनौर अध्यक्ष योगेश कुमार के द्वारा नि:शुल्क प्राकृतिक चिकित्सा कैंप लगाया गया।

    शिविर का उद्घाटन जिला कृषि अधिकारी बिजनौर अवधेश मिश्र एवं समाज कल्याण अधिकारी जागेश्वर सिंह ने फीता काटकर किया। शिविर में फुल बॉडी चेकअप डॉक्टर सुखराम द्वारा नि:शुल्क किया गया। साथ में उपस्थित उपाध्यक्ष राकेश कुमार इंटरनेशनल नेचरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन, महासचिव ओपी राणा योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान से कोषाध्यक्ष, श्रीमती सुनीता ने प्राकृतिक चिकित्सा से रोगियों का उपचार किया।

    उपचार कराने वालों में हरिद्वार से कपिल कुमार, ज्योति रानी, प्रियांशु रानी, बिजनौर से कुमारी प्रिया अंशु, जिला कृषि अधिकारी डॉ अवधेश मिश्र, श्रीमती रंजना मिश्र, श्रीमती आशा देवी, श्रीमती रेखा देवी, करण सिंह, कुमारी पूजा, करण सिंह, अखिलेश अरोरा, सतपाल, मुनेश देवी ग्राम गाजीपुर डोली, उमेश कुमार ने नि:शुल्क प्राकृतिक उपचार कराया।

    शिविर से पहले यज्ञ का आयोजन डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने किया। डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने संगठन के सभी पदाधिकारियों से समाज के कल्याण के लिए राष्ट्र के निर्माण के लिए नि:शुल्क समाज सेवा के लिए आगे आने के लिए निवेदन किया और कहा कि हम बिना दवाई के कैसे स्वस्थ हो सकते हैं, इस बारे में लोगों को घर-घर तक जानकारी देनी है। आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून के लिए सभी योगाचार्य से निवेदन किया अपने अपने क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारी में लग जाएं।

  • 24 अप्रैल को किया जा रहा है विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन

    संत निरंकारी मंडल ब्रांच बिजनौर ने निकाली रक्तदान जागरूकता रैली

    बिजनौर। संत निरंकारी मंडल ब्रांच बिजनौर के तत्वाधान में स्थानीय संत निरंकारी सत्संग भवन पर होने वाले विशाल रक्तदान शिविर को लेकर एक रक्तदान जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। स्थानीय सत्संग भवन से शुरू होकर रैली रामलीला ग्राउंड, जानी का चौराहा, बुल्ला का चौराहा, पोस्ट ऑफिस चौराहा, नुमाइश ग्राउंड तक निकाली गई, जो वापस सत्संग भवन पर आकर समाप्त हुई।

    संत निरंकारी चेरिटेबल फाउण्डेशन की ओर से विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन 24 अप्रैल को किया जा रहा है।

    रक्तदान जागरूकता रैली संयोजक बाबूराम निरंकारी, संचालक विनोद कुमार एडवोकेट, शिक्षक आदित्य निरंकारी, मनोज कुमार व शिक्षिका कलावती के नेतृत्व में निकाली गई। इस दौरान सेवा दल के सदस्यों ने रक्तदान महादान, नर सेवा नारायण सेवा, रक्त नालियों में नहीं जैसे नारे लगाए। इस दौरान सेवा दल के सदस्यों ने बैनर व तख्तियां ले रखी थी। उनका उत्साह देखते ही बन रहा था।

    इस अवसर पर मीडिया प्रभारी भूपेंद्र निरंकारी पत्रकार, निर्दोष कुमार, डा जितेंद्र कुमार, बृजेश सागर, एडवोकेट दीपक शर्मा, चंद्रपाल सिंह, विक्रांत मोंटी, दीपक खेड़की, नितिन, श्वेता, पुष्पा, नेहा, गीता, पारुल, अंजलि, प्रियांशी, विमला, संध्या, अरविंदर कौर, आशु, सुधा, आराधना, किरण, सुशीला, दयाराम आदि सहित निरंकारी मिशन के अनेक अनुयाई उपस्थित रहे। सेवा दल के सदस्यों का विशेष योगदान रहा।

  • सपा प्रत्याशी स्वाति वीरा को मिल रहा भारी समर्थन

    बिजनौर। समाजवादी पार्टी से बिजनौर नगर पालिका अध्यक्ष पद की प्रत्याशी स्वाति वीरा व पूर्व विधायक कुँवरानी रुचि वीरा को नगर के कई मोहल्लों से आशीर्वाद व समर्थन मिला

    स्वाति वीरा ने आवास विकास, मोहल्ला जाटान, वसुंधरा विहार, मिशन कम्पाउंड से समर्थन मिलने पर सभी मोहल्लों वासियों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि वह जन आकांक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगी।

    इसी के साथ स्वाति वीरा ने बिजनौर नगर में तूफानी दौरा किया। मोहल्ला नई बस्ती, दयालकुंज, नई बस्ती बी ~14, 21,22,पंचवटी कॉलोनी, पंजाबी कालोनी, मिशन कंपाउंड, सिविल लाइन, पुराने पंजाब सिंध बैंक वाली गली, गुप्ता चक्की सहित दर्जनों मोहल्लों से स्वाति वीरा को समर्थन मिला।

    वहीं बक्शीवाला में पूर्व विधायक रुचि वीरा ने दौरा किया। बक्शीवाला में हकीम सरफराज व फैसल खान पत्रकार के आवास पर अपनी बेटी स्वाति वीरा के लिए अपील करने पहुंची रूचि वीरा को जनता ने जीत दिलाने का आश्वासन दिया।

  • धार्मिक स्थल जिंदगी में सुकून देते हैं और आत्मविश्वास को बढ़ाते भी हैं। मुझे भले पूजा पाठ में ज्यादा रुचि न हो लेकिन ईश्वर के प्रति मेरी श्रद्धा हमेशा से रही है और आखिरी सांस तक रहेगी। पत्रकारिता में जब आप रिपोर्टिंग से जुड़े हों तब आपके पास दूसरे शहरों में जा कर धार्मिक स्थल देखने का मौका कम मिलता है, लेकिन जब भी मुझे मौका मिला मैंने इसे दिल की गहराइयों तक बसा लिया। हाल के दिनों में मैं अपने मित्र अमन अग्रवाल और वरिष्ठ जेल अधीक्षक राकेश कुमार के साथ अल्मोड़ा मार्ग पर स्थित नींब करोली बाबा के मंदिर कैंची धाम दर्शन करने गया था। सुबह छह बजे हल्की बारिश में जब सफर शुरू किया तो मन बहुत प्रसन्न था। हापुड़, मुरादाबाद, रामपुर, उधम सिंह नगर, रुद्रपुर, भीमताल होते हुए भवाली पहुंच कर सुरम्य पहाड़ियों पर स्थित मंदिर पहुंचा था। मंदिर के नीचे कोसी नदी पत्थरों से टकरा कर अठखेलियां करती हुई निकलती है। मैंने जब शिवानी के उपन्यास कैंजा को पढ़ा था तब उसमें अल्मोड़ा का जिक्र था और कोसी नदी का खूबसूरत वर्णन था। मेरी आंखों के सामने उपन्यास के वो अंश आ गए थे।

    जब मैंने मंदिर में प्रवेश किया तब लगा नींब करोली महाराज कितने सिद्ध पुरुष थे, जिनके पास आकर लोगों को मानसिक शांति मिलती होगी। मंदिर में प्रवेश के साथ सबसे पहले बाबा के दर्शन किए और बगल में समाधि को नमन किया। इसके बाद हनुमानजी, शिवजी और विंध्यवासिनी देवी के दर्शन किए। मंदिर में मौजूद भक्त सुंदर काण्ड और हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। शांत और सुरम्य स्थल पर स्थित मंदिर को लेकर तमाम मान्यताएं हैं। लोग अपनी मुरादें लेकर आते हैं और मन की शांति के लिए विश्वास की डोर को मजबूत भी करते हैं। मंदिर में दर्शन के बाद मेरठ की ओर वापसी की। वही हरे भरे पहाड़, रास्ते में पड़ने वाली भीम ताल झील, जिसके बारे में कहा जाता है कि भीम के एक प्रहार से झील बन गई थी। रास्ते में सोच रहा था दुनिया की सारी सुख सुविधाओं को भोगने वाले क्रिकेटर विराट कोहली जैसे लोग जब शांति के लिए आ सकते हैं फिर आम लोग क्यों नहीं ?ईश्वर सब पर एक ही तरह की ममता और कृपा रखते हैं।

    ~GYAN PRAKASH
    April 22, 2023

  • भाजपा के लिए काम कर रहे हैं पार्टी पदाधिकारी: हसीन यासीन

    निकाय चुनाव के बीच पार्टी कार्यकताओं में बढ़ रहे आरोप- प्रत्यारोप

    बसपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष के इस्तीफे से मची खलबली

    मेरठ। बसपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष हसीन यासीन ने पार्टी से इस्तीफा देकर खलबली मचा दी है। हसीन यासीन ने आरोप लगाया कि पार्टी में भाजपा के लिए काम हो रहा है, जिसे वो बर्दाश्त नहीं कर सकते।

    निकाय चुनाव के बीच विभिन्न राजनीतिक दलों में कार्यकर्ताओं में आपसी खटास खुलकर सामने आ रही है। शुक्रवार को दिन भर बसपा के हशमत मलिक और कांग्रेस से मेयर कैंडिडेट नसीम कुरैशी का टिकट कैंसिल होने की चर्चा बनी रही। इसी बीच मेरठ में पूर्व जिला उपाध्यक्ष ने इस्तीफा देते हुए पार्टी पदाधिकारियों पर तमाम आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पार्टी पदाधिकारी भाजपा के लिए काम कर रहे हैं। हसीन यासीन का कहना है कि उन्होंने पार्टी के लिए तन-मन धन से कार्य किया। मौजूदा समय में जिला कमेटी पूरी तरह से भाजपा काम कर रही है उन्होंने कहा कि मेरे कहने के बावजूद निष्ठावान कार्यकर्ता को टिकट नहीं दिया गया। पूर्व में भी बसपा द्वारा कमजोर प्रत्याशी उतारने पर यहां से भाजपा की जीत हुई थी।

    हसीन यासीन

    मेरठ विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी हसीन यासीन ने कहा कि यह सब संज्ञान में लाने के बावजूद पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता को टिकट नहीं दिया गया। उन्होंने आलाकमान को भेजे इस्तीफे में कहा है कि अगर जिला कमेटी को भंग नहीं किया जाता तो इसका खामियाजा पार्टी को उठाना पड़ेगा। जब तक कमेटी भंग नहीं होती, तब तक पार्टी से इस्तीफा दे रहा हूं।

  • सभासद पद के कुछ प्रत्याशियों की निष्ठा भी संदेह के घेरे में

    बीजेपी को भारी पड़ने वाली है नाराजगी। सभी को मनाने में भाजपा नेता कामयाब हो पाएंगे, संशय बरकरार!

    ब्राह्मण के अलावा सैनी भी भाजपा से नाराज! 

    बिजनौर। अंकित सैनी हत्याकांड में रिपोर्ट दर्ज कराने को लेकर धरना प्रदर्शन करने वालों पर ही मुकदमा दर्ज करना नया गुल खिला सकता है। सैनी समाज ने बाकायदा बैठक कर भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलने का एलान कर दिया है। वहीं टिकट न मिलने से ब्राह्मण समाज की नाराजगी भी बीजेपी को भारी पड़ने वाली है। इसके अलावा पार्टी के टिकट पर सभासद पद के लिए चुनाव मैदान में उतरे कुछ प्रत्याशियों की निष्ठा भी संदेह के घेरे में है। भाजपा का विरोध न केवल निकाय चुनाव में होने के कयास हैं बल्कि यह आगामी लोकसभा चुनावों में भी देखने को मिल सकता है। संशय है कि सभी को मनाने में भाजपा नेता कामयाब हो पाएंगे!

    गले की फांस बना अंकित सैनी हत्याकांड

    दरअसल चांदपुर के मोहल्ला गोकुल नगर सैनी धर्मशाला में सैनी समाज ने बैठक कर भाजपा के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। अध्यक्षता करते हुए सुभाष सैनी व संचालनकर्ता सत्य सैनी ने कहा कि बीते दिनों दिनदहाड़े अंकित सैनी की हत्या होने पर सैनी समाज के नेता व मोहल्ले से काफी संख्या में लोग इकट्ठा होकर रिपोर्ट दर्ज कराने थाने गए। मृतक के माता-पिता बहन व अन्य लोग थाने के सामने धरने पर बैठ गए। पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट तो दर्ज कर ली लेकिन मृतक की हमदर्दी में पहुंचे परिवार, मोहल्ले व शहर के लोगों के खिलाफ ही रोड जाम का आरोप लगाते हुए मुकदमे दर्ज कर दिए। नगर व क्षेत्र के सैनी समाज के नेताओं ने कहा अगर झूठे मुकदमे वापस नहीं हुए तो हर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी का विरोध करेंगे। यहां तक कि बैठक में मौजूद पूर्व सभासद रूप सिंह सैनी, सतपाल सैनी, नरेश सैनी, मेंबर चंदू, प्रधान सैनी, परम सिंह सैनी, रामलाल सैनी, ओम प्रकाश सैनी, ऋषि पाल सैनी, सुरेश सैनी एडवोकेट, प्रदीप सैनी, श्याम लाल सैनी आदि ने कहा कि मुकदमे वापस नहीं हुए तो नगर पालिका के साथ ही आने वाले लोकसभा चुनाव में भी सैनी समाज द्वारा भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी का बहिष्कार किया जाएगा।

    कड़ा निर्णय लेने को मजबूर हुआ ब्राह्मण समाज

    दूसरी ओर जिले की किसी भी सीट पर ब्राह्मण को प्रत्याशी न बनाए जाने पर भाजपा के प्रति काफी असंतोष पनप गया है। सर्व ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल शर्मा एड. का कहना है कि शीघ्र ही ब्राह्मण समाज इस विषय को लेकर कड़ा निर्णय ले सकता है। अनिल शर्मा एड. का कहना है कि निकाय चुनाव में हमेशा ब्राह्मण टिकट मांगता है, उसे टिकट नहीं दिया जाता है। जबकि ब्राह्मण समाज हमेशा भाजपा की मजबूती में अपना अहम योगदान देता है। कोई भी चुनाव हो, उसकी भूमिका आगे रहती है। लोकसभा, विधानसभा तथा अन्य चुनावों में भाजपा के पक्ष में ही एकतरफा वोट डालता है। इस बार बिजनौर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सीट पर ब्राह्मण समाज की महिला प्रत्याशी की मजबूत दावेदारी थी। इसके बाद भी टिकट नहीं दिया गया। इस कारण जिले भर का ब्राह्मण वर्ग नाराज है।

    अब भी सर्व स्वीकार्य नहीं हो सके भाजपा जिलाध्यक्ष !

    भाजपा हाई कमान ने सुभाष वाल्मीकि की ताजपोशी बतौर जिलाध्यक्ष इसलिए की थी कि इनके माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग को आसानी से जोड़ा जा सकता है।… लेकिन जिलाध्यक्षी संभाले हुए इतना लंबा अरसा बीतने के बावजूद वह सर्व समाज को स्वीकार्य नहीं हो सके हैं। ऐसा पार्टी के ही कई वरिष्ठ नेताओं का मानना है। एक बात होती है अपनी पहचान अपने दम पर बनाना, दूसरा किसी संगठन, बैनर के बल पर। इसमें पहली बात ज्यादा कारगर तो होती है, लेकिन इसके लिए मेहनत भी खूब करनी पड़ती है।

  • सौहार्द्र और भाईचारे का प्रतीक है ईद-उल-फितर: जिलाधिकारी उमेश मिश्रा

    जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने दीं  ईद-उल-फितर की हार्दिक शुभकामनाएं

    बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जिलावासियों को ईद-उल-फितर की शुभकामनाएं और बधाई देते हुए कहा कि पवित्र रमजान के महीने में रोजेदारों की ओर से की गई इबादतों से उनके घर-परिवार के साथ-साथ प्रदेश और देश में शान्ति और समृद्धि आए।

    उन्होंने कहा कि ईद का यह पर्व परस्पर प्रेम, सौहार्द्र और भाईचारे का प्रतीक है। यह पर्व हमें ऊंच-नीच, छोटे-बड़े का भेदभाव भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाने का संदेश देता है। ईद, वास्तव में सामाजिक समरसता का त्योहार है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि ईद-उल-फितर का पवित्र त्योहार समाज में अमन-चैन, भाईचारा, साम्प्रदायिक सद्भाव को और अधिक बलवती बनाएगा।

  • इतना आसान भी नहीं पार करना चुनावी वैतरणी

    सपा प्रत्याशी की चरण वंदना में जुटा एक कथित बड़ा नेता?

    अनुशासित कही जाने वाली बीजेपी में मचा हुआ है घमासान


    बिजनौर। अनुशासित कही जाने वाली बीजेपी में घमासान मचा हुआ है। टिकट हासिल करने की चाह में मन मसोस कर बैठने वालों ने पहले तो खुले तौर पर बगावत की, लेकिन अब ऊपरी दबाव में अंदुरूनी घात लगाए बैठे हैं? वहीं कई बड़े नेता एक अन्य प्रत्याशी की चरण वंदना में जुटे हुए हैं? ऐसे में डा. बीरबल सिंह की पत्नी और भारतीय जनता पार्टी से बिजनौर नगर पालिका अध्यक्ष पद की प्रत्याशी इन्दिरा सिंह के लिए चुनावी वैतरणी पार करना इतना आसान भी नहीं रह गया है।

    घमासान की शुरुआत दो वरिष्ठ नेताओं के इस्तीफे से हुई। दरअसल भाजपा की पश्चिमी क्षेत्र की क्षेत्रीय मंत्री हरजिंदर कौर और भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष नीरज शर्मा ने पालिका अध्यक्ष का टिकट न मिलने पर पार्टी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। हरजिंदर कौर अपने लिए और नीरज शर्मा अपनी पत्नी के लिए टिकट मांग रहे थे। इस बीच हाई कमान से टिकट हासिल करने के बाद बिजनौर नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए भाजपा प्रत्याशी इंदिरा देवी ने नामांकन करा दिया। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इन बगावतियों को मना लिया गया है।

    वहीं सभासद पद के लिए टिकट न मिलने पर पार्टी के ही उम्मीदवारों के सामने एकतरफा दर्जन से अधिक महत्वाकांक्षी ने नामांकन करा दिया। जानकारी मिलने पर पार्टी नेता; निर्दलीय के तौर पर उतरे ऐसे उम्मीदवारों के मान मनौव्वल में जुट गए। अंततः भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि द्वारा इन सभी को मनाने का दावा भी किया जा रहा है।

    बीजेपी से ब्राह्मण है नाराज!

    इधर सर्व ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल शर्मा एड. ने कहा कि जिले की किसी भी सीट पर ब्राह्मण उम्मीदवार को प्रत्याशी न बनाए जाने पर भाजपा के प्रति काफी असंतोष है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही ब्राह्मण समाज इस विषय को लेकर कड़ा निर्णय ले सकता है। एक बयान में अनिल शर्मा एड. ने कहा कि ब्राह्मण समाज हमेशा भाजपा की मजबूती में अपना अहम योगदान देता आता है। कोई भी चुनाव हो, उसकी भूमिका आगे रहती है। लोकसभा, विधानसभा तथा अन्य चुनावों में भाजपा के पक्ष में ही एकतरफा वोट डालता है। किंतु निकाय सीट में हमेशा टिकट मांगता है, उसे टिकट नहीं दिया जाता है। इस बार बिजनौर सीट पर ब्राह्मण समाज की महिला प्रत्याशी की मजबूत दावेदारी थी। इसके बाद भी वहां टिकट नहीं दिया गया। ऐसे में जिले भर का ब्राह्मण वर्ग नाराज है। श्री शर्मा ने कहा कि शीघ्र ही इस संबंध में ठोस कदम उठाने के लिए निर्णय लिया जाएगा।

  • 08 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बालकवि कर सकेंगे काव्यपाठ

    07 मई, 2023 रविवार को बाल काव्यपाठ का आयोजन

    आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति, अमेरिका इकाई का बाल कवि सम्मेलन

    भारत और अमेरिका के बालकवि कर सकते हैं प्रतिभाग

    आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान के रजत जयंती वर्ष पर आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मारक समिति की अमेरिका इकाई की ओर से 07 मई, 2023 रविवार को एक बाल काव्यपाठ का आयोजन किया जा रहा है। आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति, अमेरिका इकाई की ओर से बताया गया कि इस बाल काव्यपाठ में 8 से 18 वर्ष आयु वर्ग के भारत और अमेरिका के बालकवि प्रतिभाग कर सकते हैं।
    कविता का विषय कोई भी हो पर हिंदी में ही होनी चाहिए।
    ऑनलाइन होने वाले इस कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति से बच्चों का उत्साहवर्धन करें।
    कार्यक्रम की तारीख : May 7th, रविवार 2023
    कार्यक्रम का समय :
    भारत में – रात 8.00 pm
    कैलिफोर्निया अमेरिका में – सुबह 7.30 am (PST)

    प्रतिभाग के लिए ऑनलाइन फार्म भरकर अवश्य भेजें।
    फॉर्म भरने की अंतिम तारीख 01 मई 2023 है।

    कार्यक्रम में प्रतिभाग करने के लिए इस लिंक के माध्यम से अपनी जानकारी भरें—https://forms.gle/cP9QgVFVQ5x3RpB88

  • नगर निगम चुनाव: पार्टी प्रत्याशियों पर भारी निर्दलीय अमित कुमार यादव

    तख्ता पलट उम्मीदवारों के रूप में उभर रहे हैं निर्दलीय प्रत्याशी

    लखनऊ। न्यू हैदरगंज वार्ड 20 नगर निगम चुनाव में इन दिनों निर्दलीय प्रत्याशी तख्ता पलट उम्मीदवारों के रूप में उभर रहे हैं। जहां एक ओर हर वार्ड में चुनावी दंगल शुरू हो गया हैं, वहीं दूसरी ओर पार्टी उम्मीदवारों के लिए निर्दलीय प्रत्याशी बड़ी समस्या बने हैं। नगर निगम चुनाव में इस बार का परिणाम क्या रहेगा। यह कयास अभी से लगने शुरू हो गए हैं।

    जहां कुछ दिन पहले तक समाजवादी पार्टी किसको टिकट देगी, चर्चाएं थी लेकिन पार्टी ने न्यू हैदरगंज से पार्टी ने किसी को भी साईकल का सिम्बल नहीं दिया है वहीं अब भाजपा भी टक्कर में आ चुकी है। टिकट वितरण के बाद बदले समीकरणों से अब मुकाबला कहीं भी आसान नहीं रह गया है। कांटे की टक्कर में कोई भी बाजी मार सकता है। निर्दलीय प्रत्याशी अमित यादव को जहां कुछ वार्डों में बागियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं भाजपा को थोड़े ज्यादा वार्डोंं में बागियों की मुसीबत झेलनी पड़ रही है। कुल मिलाकर यह माना जा रहा है कि पार्टी प्रत्याशियों को इस बार निर्दलियों से कड़ी टक्कर मिल रही है और चुनाव मैदान में डटे बागी उम्मीदवार पार्टी प्रत्याशियों के समीकरण बिगाड़ सकते हैं। न्यू हैदरगंज तृतीय वार्ड नं-20 की जनता का दावा है कि सबसे जोरदार निर्दलीय प्रत्याशी अमित यादव की सीधे टक्कर भाजपा के प्रत्याशी विनोद यादव से दिखाई पड़ रही है।

  • भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने किया प्रसाद ग्रहण

    ढोल नगाड़ों की थाप पर शहर में निकाली गई शोभा यात्रा

    श्री बाबा हरिहर की समाधि पर मनाया गया वार्षिक उत्सव

    बिजनौर। श्री श्री 1008 श्री बाबा हरिहर की समाधि का वार्षिक उत्सव मनाया गया। इस दौरान आयोजित भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इससे पूर्व ट्रस्ट के अध्यक्ष नीरज शर्मा, उपाध्यक्ष मनोज खन्ना, वरिष्ठ भाजपा नेता अनूप खन्ना व डॉक्टर आकाश अग्रवाल के नेतृत्व में शहर में एक शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें अनेक साधु महाराज भी शामिल थे। शोभा यात्रा ढोल नगाड़ों की थाप पर निकाली गई, जिसका मंदिर से शुरू होकर मंदिर पर आकर ही समापन हुआ।

    मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष नीरज शर्मा ने बताया कि जो भी बाबा हरिहर जी की समाधि पर 40 दिन तक लगातार दीपक जलाता है तो उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह बिल्कुल सत्य है न जाने कितने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण हुई हैं। बाबा हरिहर जी बहुत ही महान संत थे।

    ट्रस्ट के उपाध्यक्ष मनोज खन्ना ने कहा कि हरिहर बाबा ने जीवित समाधि ली थी उधर वह समाधि ले रहे थे वहीं दूसरी ओर हरिद्वार में अपने भक्तों को दर्शन दे रहे थे। भक्तों की बाबाजी में अटूट श्रद्धा है। दीपक खन्ना ने कहा कि जो भी उनकी समाधि पर दीपक जलाता है तो उनकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। ट्रस्ट के महामंत्री व कोषाध्यक्ष दीपक महर्षि ने कहा कि यह एक बहुत ही प्राचीन मंदिर है। इसकी बहुत मान्यता है। यहां दूरदराज के क्षेत्रों से आकर भक्त बाबा जी की समाधि पर तथा चढ़ाते हैं, मन्नत मांगते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, यह बिल्कुल सत्य है।

    डॉक्टर शूरवीर सिंह ने की सहयोग राशि अर्पित

    इस अवसर पर आयोजित भंडारे में भाजपा से नगर पालिका अध्यक्ष पद की प्रत्याशी श्रीमती इंदिरा सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ बीरबल सिंह, शांतनु राणा, कार्तिक चौधरी, कमल गुप्ता, देव चौधरी, आलोक चौधरी, वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ शूरवीर सिंह, नीरज विश्नोई, हर्ष चौधरी, एडवोकेट शैलेंद्र, वीर सिंह ओम धारा नर्सरी, सुषमा शर्मा, प्रोमिला शर्मा, आशीष अग्रवाल, शेखर चौधरी, अनिकेत, राजू खन्ना, वरिष्ठ पत्रकार भूपेंद्र निरंकारी व अधिकार भारती यूट्यूब चैनल के संपादक रत्नेश पोषण भी उपस्थित रहे। वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉक्टर शूरवीर सिंह ने मंदिर को अपनी तरफ से सहयोग राशि अर्पित करते हुए आगे भी सहयोग देते रहने का आश्वासन दिया।

  • बस होना चाहिए अपने भगवान पर पूर्ण विश्वास: देवी हरिप्रिया

    बाबा हरिहर हनुमान मंदिर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत गीता का समापन

    हमें किसी का ऋण नहीं रखना चाहिए: देवी हरिप्रिया

    बिजनौर। स्थानीय मोहल्ला खत्रियान में स्थित बाबा हरिहर हनुमान मंदिर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत गीता का बुधवार को समापन हुआ।

    इस अवसर पर श्री वृंदावन धाम से पधारी श्रीमद्भागवत गीता कथावाचक परम पूज्य देवी हरिप्रिया ने सातवें दिन समापन के अवसर पर भगवान श्री कृष्ण व उनके परम मित्र सुदामा का जिक्र करते हुए कथा सुनाई।

    उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण जी व सुदामा जी बचपन के मित्र थे तथा वे दोनों संदीपन मुनि के गुरुकुल में रहकर एक साथ शिक्षा ग्रहण की सुदामा जी ब्राह्मण थे। कहते हैं कि हमें किसी का ऋण नहीं रखना चाहिए। एक बार संदीपन मुनि ने सुदामा जी से जंगल से लकड़ी लाने के लिए कहा। भगवान श्री कृष्ण ने सुदामा जी से कहा कि मित्र मैं भी आपके साथ चलूंगा। दोनों जंगल में लकड़ी बीनने के लिए चल दिए। जब वह जंगल में पहुंच गए तो भगवान श्री कृष्ण ने कहा कि सुदामा जी आप इस पेड़ के नीचे बैठ जाओ, मैं लकड़ी बीन कर लाता हूं। इतना कहकर श्री कृष्ण जी लकड़ी बीनने के लिए चले गए। जंगल में जाने से पहले गुरु माता ने उन दोनों को खाने के लिए अपने अपने हिस्से के चने दिए थे। जब सुदामा जी को भूख लगी तो उन्होंने एक मुट्ठी चने खा लिए, जब उनकी भूख शांत नहीं हुई तो उन्होंने भगवान श्री कृष्ण जी के हिस्से के चने खा लिए। जब भगवान श्री कृष्ण लकड़ी लेकर सुदामा जी के पास आए तो उन्होंने कहा कि भैया चने लाओ, मुझे बड़े जोर की भूख लगी है। सुदामा जी विचार करने लगे की इनके हिस्से के चने तो मैंने खा लिए हैं, अब मैं क्या करूं। मैं भगवान श्री कृष्ण को क्या जवाब दूं। भगवान तो अंतर्यामी होते हैं, घट घट की जानने वाले होते हैं। वह सुदामा की मनो:स्थिति को जान गए तथा सुदामा जी ने भी सच्चाई बता दी। यह बात सुनकर भगवान श्रीकृष्ण नाराज हो गए और सुदामा जी को श्राप देते हुए कहा कि हक पराए को जो कोई खावे, जो दरिद्र ही तेर बुलावे। इतना कहने के बाद उन्होंने सुदामा से कहा कि जब तुम अति दरिद्र दीन व हीन हो जाओ तो मेरे पास आ जाना। मुझे वहां ज्यादा कुछ नहीं चाहिए… पत्र पुष्प तंदुल चाहूं, ना चाहूं धन और माल, जब तू आवे द्वारिका तो कर दूं मालामाल। इतना कहकर भगवान श्री कृष्ण जी अंतर्ध्यान हो गए।

    समय बीतने पर भगवान श्री कृष्ण जी द्वारिका नगरी के राजा बने सुदामा जी की धर्मपत्नी सुशीला ने कहा कि द्वारिका के राजा भगवान श्री कृष्ण आपके परम मित्र हैं। आप मदद के लिए उनके पास चले जाओ। पत्नी के बार बार कहने पर सुदामा जी द्वारिका के लिए चल दिए। कहते हैं कि उनकी धर्मपत्नी ने उन्हें चलने से पहले उनके मित्र श्री कृष्ण के लिए तीन मुट्ठी चावल दिए थे। वे भी अलग-अलग तरह के थे, जब भगवान श्री कृष्ण ने पहली मुट्ठी चावल खाए तो एक लोक की संपत्ति, दूसरी मुट्ठी चावल खाए तो दो लोक की संपत्ति, जैसे ही तीसरी मुट्ठी खाने के लिए हुए तो भगवान श्री कृष्ण की धर्मपत्नी रुक्मणी ने भगवान श्री कृष्ण का हाथ पकड़ लिया और कहा कि भगवन आपने सब कुछ तो सुदामा जी को दे दिया अब कुछ अपने लिए भी छोड़ेंगे कि नहीं? तब भगवान मंद मंद मुस्कुराए और कहा कि देवी सच्ची मित्रता ऐसी ही होती है और जब भगवान देना शुरू करते हैं तो रखने को जगह कम पड़ जाती है। बस अपने भगवान पर पूर्ण विश्वास होना चाहिए।

    कथा के समापन के अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष नीरज शर्मा, कोषाध्यक्ष दीपक महर्षि, सुषमा शर्मा, प्रोमिला शर्मा, राहुल शर्मा, स्वाति वीरा, कंचन खन्ना, उज्जवल शर्मा, नेहा शर्मा, दर्शना शर्मा, प्रबोध रंजन, मंदिर के पुजारी पंडित श्याम उपाध्याय, बृजवासी स्नेह लता शर्मा, शशि प्रभा, राहुल शर्मा, आराध्या परी, पंडित मुकेश वर्मा, पंडित दिनेश शर्मा, पंडित सोनू शर्मा, पंडित पवन शर्मा वृंदावन सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

  • आजादी का अमृत महोत्सव, अमावस्या पर किया गया यज्ञ

    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2023 के लिए योगा टीचर ट्रेनिंग का शुभारंभ

    बिजनौर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2023 के लिए योगा टीचर ट्रेनिंग का शुभारंभ किया गया। कलक्ट्रेट के पीछे देवलोक कॉलोनी स्थित शिव मंदिर में इस दौरान यज्ञ के द्वारा परमात्मा से प्रार्थना की गई। साथ ही आगामी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए आयोजित गोष्ठी में सभी संगठनों ने एक साथ मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

    इंटरनेशनल नेचरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन जनपद के जिला अध्यक्ष ओपी शर्मा, भारत स्वाभिमान के जिला प्रभारी बीआर पाल एवं कोषाध्यक्ष राम सिंह पाल, आरोग्य भारती के प्रांत संरक्षक वैध अजय गर्ग एवं जिला अध्यक्ष ओपी राणा के द्वारा आगामी 21 जून 2023 के लिए योगा टीचर तैयार करने तथा योग क्लास प्रारंभ करने के लिए यज्ञ द्वारा परमात्मा से प्रार्थना की गई। आने वाले अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए एक गोष्ठी की गई, जिसमें सभी संगठनों ने एक साथ मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया और कहा यदि हम सब लोग एक साथ मिलकर कार्य करेंगे तो और अच्छे परिणाम मिलेंगे।

    इस अवसर पर इंटरनेशनल नेचरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने कहा कि सभी धार्मिक संगठनों का उद्देश्य समाज को बिना किसी औषधि के स्वस्थ करना है। हमें आपस में मतभेद भुलाकर एक साथ मिलकर कार्य करना है। सभी का उद्देश्य एक है। आज के कार्यक्रम में जेपी शर्मा, प्रीतम सिंह, कुमारी नेहा सहरावत, पंडितराम, अवतार शर्मा उपस्थित रहे।

    अंत में मंदिर के प्रबंधक एवं इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन के संरक्षक देवेंद्र चौहान द्वारा प्रसाद वितरण किया गया तथा आश्वासन दिया गया कि योग और प्राकृतिक चिकित्सा के लिए तन मन धन से पूरा सहयोग करेंगे। इस अवसर पर उनकी पत्नी तारेशवरीदेवी भी उपस्थित रही।

  • गाजियाबाद में लोहिया नगर निवासी मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत युवक हुआ शिकार

    कार लोन कराने का झांसा देकर दो शातिरों ने ठगे पांच लाख रुपए

    गाजियाबाद। बैंक ऑफ बड़ौदा से कार लोन कराने का झांसा देकर फाइनेंस कंपनी एजेंट बने दो शातिरों ने पांच लाख रुपए की ठगी कर ली। ठगी का शिकार लोहिया नगर निवासी मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत एक युवक है। पीड़ित ने अपने साथ हुई ठगी की लिखित तहरीर साइबर सेल को दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    सीसीटीवी में कैद गाजियाबाद के लोहिया नगर में पैदल जाते कथित फाइनेंस कंपनी एजेंट

    साइबर सेल को दी शिकायत में गाजियाबाद के लोहिया नगर निवासी निखिल भटनागर ने बताया कि वह मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत है। उसने कार लेने के लिए शाइन हुंडई शोरूम में संपर्क किया था। वहां उसने कार बुक करने की फीस के एवज में 11 हजार रुपए जमा कर दिए। शोरूम स्टाफ ने कार लोन कराने की बात कही। वहां पर कार हैंडओवर होने में देरी के कारण उसने दूसरे शो रूम से संपर्क साधा, लेकिन वहां भी डिलिवरी में देरी की बात बताई गई। इस बीच 07 अप्रैल को एक व्यक्ति ने 8920394589 से निखिल के मोबाइल पर कॉल की। उसने अपना नाम महेश बताते हुए कहा कि वह बैंक ऑफ बड़ौदा में फाइनेंस का काम देखता है और कार लोन करा देगा। निखिल के अनुसार उसे उक्त व्यक्ति पर किसी प्रकार का शक नहीं हुआ। 12 अप्रैल को उसी व्यक्ति ने व्हाट्सएप पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, सैलरी स्लिप और बैंक स्टेटमेंट मांगा, जो उसे भेज दिया गया।

    पीड़ित के अनुसार 14 अप्रैल को दो लोग एड्रेस वेरिफिकेशन और डॉक्यूमेंट कलेक्ट करने के लिए गाजियाबाद के लोहिया नगर स्थित उसके घर आए। इसके बाद उन्होंने आधार कार्ड, पैन कार्ड, सैलरी स्लिप और एचडीएफसी बैंक के तीन चैक लिए। इनमें से एक क्रॉस चैक था और बाकी दोनों में ढ़ाई ढ़ाई लाख रुपए की रकम भरी गई थी। इसके अलावा व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर एक एप डाउनलोड कराया। अगले दिन लोन अप्रूव होने की बात कहकर वो लोग चले गए।

    बकौल निखिल भटनागर, 17 अप्रैल की सुबह उसका मोबाइल नंबर बंद हो गया। कस्टमर केयर से पता चला कि नंबर बार्ड हो गया है। शक होने पर अपना अकाउंट चैक किया तो मालूम हुआ कि उसके बैंक खाते से पांच लाख रुपए निकाले जा चुके हैं। इस पर कथित महेश के मोबाइल नंबर 8920394589 पर कॉल की तो वह स्विच ऑफ था। मामले की लिखित तहरीर गाजियाबाद कमिश्नरेट के साइबर सेल को दे दी गई। पुलिस एवं व्यक्तिगत रूप से की गई जांच में पता चला है कि उक्त पांच लाख रुपए की रकम राजस्थान के जयपुर स्थित आईसीआईसीआई बैंक की एक शाखा से निकाली जा चुकी हैं। पीड़ित के घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में उक्त दोनों ठग पैदल ही कॉलोनी के बाहर की तरफ जाते दिखाई दे रहे हैं। अब अन्य सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगालकर उनके द्वारा मौके से फरार होते समय प्रयोग में लाए गए वाहन की जानकारी जुटाई जा रही है।

    सिर्फ क्रॉस चैक पर लिए थे साइन~ पीड़ित निखिल भटनागर ने बताया कि कथित महेश नामक ठग और उसके साथी की बातचीत के लहजे और पहनावे से उन पर बिल्कुल भी शक नहीं हुआ। उन लोगों ने मोबाइल पर किसी से कहा कि यह कार लोन वह करा रहे हैं। निखिल ने बताया कि उसने एक क्रॉस चैक पर अपने हस्ताक्षर किए थे। जिन दो चैक में ढ़ाई~ढ़ाई लाख रुपए की रकम भरी थी, उन पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।

    क्लोन कर लिया फोन? संभावना जताई जा रही है कि शातिर ठगों ने निखिल का मोबाइल क्लोन कर लिया। जयपुर के बैंक में जब चैक लगाने पर कंफर्मेशन कॉल आई होगी तो उन लोगों ने ही रिसीव की होगी। इसी तरह रकम निकासी का मैसेज भी ठगों के पास हो पहुंचा होगा।

    लोन कराने की बात ठगों को कैसे पता? विचारणीय प्रश्न यह है कि कार खरीदने के लिए लोन कराने की बात ठगों को कैसे पता चली? संभावना जताई जा रही है कि शाइन हुंडई मोटर शोरूम के किसी कर्मचारी की मिलीभगत से इस धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दिया गया होगा? जब कार लेने वाले ने लोन कराने के लिए किसी बैंक से संपर्क ही नहीं किया तो उक्त ठगों को कैसे पता चला! फाइल शाइन हुंडई मोटर शोरूम पर ही बनी थी। हालांकि शोरूम वाले इस बात से पल्ला झाड़ रहे हैं, लेकिन पुलिस की कड़ी पूछताछ में पूरा षड्यंत्र खुल जायेगा।

  • पार्टी और जन आकांक्षाओं पर शत प्रतिशत खरा उतरने का दावा

    तेजी पकड़ता जा रहा लीना सिंघल का जनसंपर्क अभियान

    बिजनौर। धामपुर नगर पालिका से अध्यक्ष पद पर भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी श्रीमती लीना सिंघल का जनसंपर्क अभियान तेजी पकड़ता जा रहा है। मोहल्ला लोहियान, अफगानान और बक्कालान में जनसंपर्क के दौरान जनता ने उन्हें भारी मत एवं समर्थन देकर चुनाव जिताने का भरोसा दिलाया। इस दौरान श्रीमती लीना सिंघल ने कहा कि पार्टी ने एक बार फिर उन्हें धामपुर वासियों की सेवा करने का अवसर दिया है। वह पार्टी और जन आकांक्षाओं पर शत प्रतिशत खरा उतरेंगी।

    विदित हो कि धामपुर में भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर लीना सिंघल पर भरोसा जताया है। इससे पहले वह वर्ष 2006 में भाजपा से इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

  • मतदान को निर्बाध रूप से सम्पन्न कराने के लिए प्रशिक्षण अति महत्वपूर्ण, सभी मतदान कार्मिक ध्यानपूर्वक और गम्भीरता से प्रशिक्षण प्राप्त करें- जिला निर्वाचन अधिकारी उमेश मिश्रा

    प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने वाले मतदान कार्मिकों के विरूद्व एफआईआर दर्ज करा कर उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी अमल में लाई जाएगी: जिला निर्वाचन अधिकारी उमेश मिश्रा

    प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुपस्थित मतदान कार्मिकों के विरूद्व होगी एफआईआर

    बिजनौर। जिला निर्वाचन अधिकारी उमेश मिश्रा ने नगर निकाय सामान्य निर्वाचन-2023 को सुचारू निष्पक्ष और निर्बाध रूप से संपन्न कराने के लिए मतदान कार्मिकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने वाले मतदान कार्मिकों के विरूद्व एफआईआर दर्ज करा कर उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि ऐसे सभी अनुपस्थित मतदान कार्मिक जो आज किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो पाए, आगामी दिवस में उपस्थित होकर प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग करना सुनिश्चित करें तथा इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता का प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
    जिलाधिकारी श्री मिश्रा बुधवार को नगर निकाय सामान्य निर्वाचन 2023 के अंतर्गत मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से सम्पन्न कराने के लिए स्थानीय विवेक कालेज, बिजनौर में आयोजित पीठासीन अधिकारी सहित मतदान कार्मिकों के प्रथम प्रशिक्षण कार्यक्रम दिवस के अवसर पर निर्देश दे रहे थे।
    प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि नगर निकाय सामान्य निर्वाचन-2023 को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए पीठासीन अधिकारी एवं मतदान अधिकारी का प्रथम प्रशिक्षण दिनांक 19 व 20 अप्रैल 2023 को दो पालियों में कराया जा रहा है। प्रथम पाली में पूर्वान्ह 10ः00 से 12.30 बजे तक एवं द्वितीय पाली में अपरान्ह 2.30 बजे से अपरान्ह 5ः00 बजे तक विवेक कालेज बिजनौर के 15 कक्षो में गहन प्रशिक्षण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक कक्ष में 3-3 मास्टर ट्रेनर, प्रोजेक्टर लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक पाली में 603 कार्मिकों को ट्रेनिंग के लिए बुलाया जा रहा है, इस प्रकार दो दिनों में 2412 कार्मिक प्रशिक्षित किए जाएंगे।
    उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण अति महत्वपूर्ण है, इसलिए समस्त संबंधित अधिकारी ध्यानपूर्वक और गम्भीरता से प्रशिक्षण प्राप्त करें और अपनी शंकाओं का समाधान उपस्थित मास्टर ट्रेनरों के माध्यम से मौके पर ही करा लें ताकि मतदान के समय किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो सके। उन्होंने समस्त पीठासीन अधिकारी/मतदान अधिकारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि पूरी निष्पक्षता, निर्भीकता, पारदर्शिता और स्वतंत्रता के साथ अपने दायित्वों का अनुपालन सुनिश्चित करें, उनकी सुरक्षा एवं सुविधा के लिए पूरा जिला प्रशासन प्रतिबद्व है।

    मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा/प्रभारी अधिकारी (कार्मिक एवं प्रशिक्षण) द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सभी 15 कक्षों में चल रहे प्रशिक्षण कार्य का अवलोकन किया गया और कार्मिकों से यह अपेक्षा की गई कि सभी लोग गहनता से प्रशिक्षण प्राप्त करें।
    सहायक प्रभारी (कार्मिक एवं प्रशिक्षण) परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी द्वारा सभी मास्टर ट्रेनर को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया था। उन्हीं के द्वारा प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर द्वारा कार्मिकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
    इस अवसर पर परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरण यादव सहित अन्य विभागीय अधिकारी, मास्टर ट्रेनर एवं मतदान कार्मिक मौजूद थे।

  • मिनिमम सैलरी 18 हजार रुपये से बढ़कर हो जाएगी 26 हजार!

    कर्मचारियों को मिलने वाला महंगाई भत्ता 42 से बढ़कर हो सकता है 46 फीसदी

    एक करोड़ से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा लाभ!

    DA में इजाफे के बाद बड़े फैसले के मूड में केंद्र सरकार!

    नई दिल्ली। केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को एक और बड़ी खुशखबरी देने की तैयारी कर रही है। जल्द ही कर्मचारियों की सैलरी में इजाफा देखने को मिल सकता है। अभी हाल ही में केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते में 4 फीसदी की बढ़ोतरी की है, जिससे कर्मचारियों को मिलने वाला महंगाई भत्ता 42 फीसदी हो चुका है।
    वहीं कुछ रिपोर्ट में कहा गया है कि जुलाई में सरकार 4 फीसदी और DA बढ़ा सकती है, जिसके बाद कर्मचारियों को मिलने वाला महंगाई भत्ता 46 फीसदी हो जाएगा। इससे एक करोड़ से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही सरकार कर्मचारियों को एक और खुशखबरी देने का प्लान कर रही है।

    सैलरी बढ़ाने के लिए क्या करने के बारे में विचार कर रही है सरकार?

    क्या बदलाव करने की तैयारी में सरकार
    कर्मचारियों की सैलरी में अच्छा इजाफा कुछ वर्षों या इसी साल हो सकता है, क्योंकि मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि बेसिक सैलरी में संशोधन शुरू हो चुका है। सरकार आगामी वर्षों में 7वें वेतन आयोग को खत्म कर सकती है और वेतन की गणना के लिए नया फॉर्मूला पेश कर सकती है। हालांकि अभी तक अधिकारिक एलान नहीं किया गया है।


    बदल सकेंगे अपना फिटमेंट फैक्टर
    केंद्र सरकार के कर्मचारी काफी समय से मांग कर रहे हैं कि उनके फिटमेंट फैक्टर की समीक्षा की जाए और उसे बढ़ाकर 3.68 फीसदी किया जाए। वर्तमान में फिटमेंट फैक्टर कारक 2.57 फीसदी है। इस नए बदलाव से कर्मचारियों को अपना फिटमेंट फैक्टर बदलने की अनुमति होगी। हालांकि अभी फिटमेंट फैक्टर में दो तरह के बदलाव की चर्चा हो रही है।

    कितनी बढ़ जाएगी सैलरी
    सरकार पहली चर्चा के तहत फिटमेंट फैक्टर को बढ़ा सकती है, जिससे कर्मचारियों की सैलरी 3000 रुपये या उससे ज्यादा बढ़ जाएगी। वहीं अगर दूसरा बदलाव फिटमेंट फैक्टर 3.68 फीसदी पर 7वां वेतन आयोग लागू किया जाता है तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में 8 हजार रुपये की बढ़ोतरी होगी। इसका मतलब है कि मिनिमम सैलरी 18 हजार रुपये से बढ़कर 26 हजार रुपये हो जाएगी।

  • लहसुन के सम्मान के तौर पर हर साल 19 अप्रैल को राष्ट्रीय लहसुन दिवस मनाया जाता है। पूरी दुनिया में लहसुन की करीब 300 से किस्में पाई जाती है…

    19 अप्रैल को क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय लहसुन दिवस?

    भारतीय व्यंजन अपने लाजवाब स्वाद के कारण दुनिया भर में मशहूर हैं। भारतीय खाने में कई तरह की सामग्रियों का उपयोग किया जाता है, जिसमें से एक बहुत ही जरूरी सामग्री लहसुन है। यह व्यजंन में अपने गंध और अद्भुत स्वाद के कारण जाना जाता है। इसके अलावा लहसुन को औषधीय गुण के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। इसके इतने सारे फायदे होने के कारण लहसुन के सम्मान के तौर पर हर साल 19 अप्रैल को राष्ट्रीय लहसुन दिवस मनाया जाता है।

    लहसुन के रोचक तथ्य
    पुराने समय से ही लहसुन का इस्तेमाल सबसे अधिक किया जा रहा है। जनजातियों में लहसुन का उपयोग भूत और चुडैलों को भगाने के लिए करते हैं। इसके अलावा इसका इस्तेमाल मच्छरों, दीमकों और कीटों को भी मारने के लिए किया जाता है।
    पूरे विश्व में लहसुन की 300से अधिक किस्में पाई जाती हैं।
    लहसुन को सबसे पहले चीन में उगाया गया था और बाद में चीन ने इसकी खेती को पूरी दुनिया में फैला दिया।

    लहसुन के फायदे~
    लहसुन का सेवन करने से व्यक्ति को कई तरह के लाभ मिलते हैं, क्योंकि लहसुन में प्रोटीन, वसा, कार्बोज, रेशा, कैल्शियम, फॉस्फोरस, लौह तत्व, थायेमीन, रिबोफ्लेविन, नियासिन, विटामिन C, अमीनो ऐसिड भी पाए जाते हैं। पाचक बैक्टीरिया को ठीक रखने के लिए लहसुन में प्रोबायोटिक इन्युलिन भी मौजूद होता है।
    सुबह खाली पेट लहसुन का सेवन करने से व्यक्ति को कई रोगों से मुक्ति मिलती है। खासतौर पर इसके सेवन से दिल से संबंधित बीमारियां दूर होती हैं। इसके अलावा लहसुन किडनी के संक्रमण की भी रोकथाम करता है।
    सर्दी खांसी जुकाम के लिए लहसुन किसी वरदान से कम नहीं है। सर्दी खांसी होने पर लहसुन को हल्का भूनकर खाना चाहिए। लहसुन हड्डियों को मजबूत बनाता है और साथ ही यह मधुमेह रोगियों के लिए बेहद लाभकारी है।

  • लिवर शरीर का पावर हाउस, इसका रखें ख्याल

    विश्व लिवर डे (19 अप्रैल) पर विशेष

    लिवर को मानव शरीर का पावर हाउस माना जाता है। यदि पावर हाउस ही ठीक नहीं रहेगा तो व्यक्ति को कई तरह की बीमारियां घेर लेती है। लिवर की देखभाल करने के लिए अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना होगा। लिवर शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में एक है। बदलती जीवनशैली और खराब खाने पीने की आदतों के कारण व्यक्ति लिवर की समस्या का शिकार हो रहा है। लिवर कमजोर होने से वह ठीक से काम नहीं करता है और जिसकी वजह से व्यक्ति फैटी लिवर, लिवर इंफेक्शन और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों का शिकार हो जाता है।

    पेट के दाहिने और उपरी हिस्से में लिवर मौजूद होता है। शरीर में जाने वाले भोजन को पचाने में भी लिवर की अहम भूमिका होती है। लिवर खराब होने से व्यक्ति की कार्यक्षमता पर बहुत बड़ा असर होता है। लिवर का मुख्य काम कार्बोहाइड्रेट, वसा और प्रोटीन का व्यवस्थित करना होता है। लिवर में ग्लूकोज का भंडार होता है। वह शुगर की कमी को दूर करता है। लिवर में समस्याओं के कारण व्यक्ति धीरे-धीरे कई तरह की शारीरिक बीमारियों का शिकार होने लगता है। लिवर संबंधी समस्याओं से बचाव के लिए सबसे पहले खानपान की आदतों में सुधार करना होगा। साथ ही योगाभ्यास का सहारा लेकर भी लिवर सम्बन्धी बीमारियों से दूर हो सकते हैं।

    लिवर इन्फेक्शन की शुरुआत में आपको पेट और पाचन से जुड़ी समस्याएं होती है। जो धीरे धीरे बढ़ती है। अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन और बहुत अधिक तेल-मसाले वाले भोजन का सेवन करने से भी लिवर सम्बन्धी समस्या हो सकती है। लिवर संबंधी बीमारियों में हेपेटाइटिस एबी सीडी और भी बीमारी शामिल है। लिवर सम्बन्धी समस्या लिवर इन्फेक्शन होने पर शुरुआत में पेट में लगातार दर्द और सूजन की समस्या हो सकती है। पीलिया की समस्या बार-बार हो सकती है। लिवर इन्फेक्शन की समस्या में स्किन पर खुजली और रैशेज सबसे कॉमन हैं। हालांकि स्किन पर रैशेज और खुजली कई कारणों से हो सकते हैं। पेशाब के रंग में बदलाव होना भी लिवर में खराबी का संकेत माना जाता है। लिवर इन्फेक्शन होने पर आपको भूख कम लगती है और खाने का मन नहीं करता है। उल्टी और मतली की समस्या भी लिवर में संक्रमण होने का संकेत है। लिवर इन्फेक्शन से बचने के उपाय शराब का सेवन न करें वजन संतुलित रखने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने कम वसा (फैट) और कम चीनी (शुगर) वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
    हेपेटाइटिस ए और बी की वैक्सीन लगवाएं। हानिकारक दवाओं और ड्रग्स के सेवन से बचें।

    लीवर की बीमारी के कारणों के बारे में जागरूकता फैलाने और इसकी रोकथाम के लिए सुझाव देने के लिए प्रतिवर्ष 19 अप्रैल को विश्व लीवर दिवस (World Liver Day) मनाया जाता है ताकि लीवर की संपूर्ण देखभाल की जा सके। लीवर मस्तिष्क के बाद शरीर का दूसरा सबसे बड़ा और दूसरा सबसे जटिल अंग है। यह शरीर के महत्वपूर्ण कार्य करता है और किसी व्यक्ति के पाचन, प्रतिरक्षा, चयापचय और पोषण भंडारण से जुड़ा होता है। जिगर रक्त शर्करा को नियंत्रित करता है, शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालता है, रक्त के थक्के में मदद करता है और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करता है।

    क्यों महत्वपूर्ण है लीवर ?


    संक्रमण और बीमारी से लड़ता है
    रक्त शर्करा को नियंत्रित करता है
    शरीर से विषैले पदार्थों को निकालता है
    कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करता है
    खून को जमने में मदद करता है
    शरीर के कई आवश्यक प्रोटीन बनाता है
    पित्त को मुक्त करता है और पाचन में सहायता करता है
    कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के निर्माण के लिए जिम्मेदार
    शराब सहित दवाओं को तोड़ता है
    शरीर में इंसुलिन और अन्य हार्मोन को तोड़ता है

    लीवर को स्वस्थ रखने के टिप्स

    जैतून के तेल का इस्तेमाल करना सेहत के लिए फायदेमंद होता है।
    लहसुन, अंगूर, गाजर, हरी पत्तेदार सब्जियां, सेब और अखरोट खाना जरूरी है।
    नींबू, नीबू का रस और ग्रीन टी लें।
    बाजरा जैसे वैकल्पिक अनाज को प्राथमिकता दें।
    गोभी, ब्रोकली और फूलगोभी जैसी क्रूस वाली सब्जियां लें।
    खाने में हल्दी का प्रयोग करना अच्छा रहेगा।